प्रयागराज के दो नाबालिग बच्चों को मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में भीख मंगवाने और फर्जी तरीके से डोनेशन लेने वाले गिरोह के चंगुल से छुड़ाया गया है। गिरोह बच्चों को मूक-बधिर और दिव्यांग बनाकर लोगों से पैसे मंगवाता था। बच्चे बारकोड के जरिए भी डोनेशन लेते थे। मामले का खुलासा तब हुआ, जब दोनों बच्चे मूक-बधिर विद्यार्थियों के स्कूल में भीख मांगने पहुंच गए। वहां उनकी पोल खुल गई। छिंदवाड़ा की बाल कल्याण समिति दोनों बच्चों को लेकर प्रयागराज पहुंची और बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश किया। दोनों बच्चे यमुनापार के जारी और घूरपुर क्षेत्र के रहने वाले हैं। फिलहाल उन्हें खुल्दाबाद स्थित बालगृह में रखा गया है। बारकोड से लेते थे डोनेशन जांच में बच्चों के पास एक बारकोड मिला, जो छिंदवाड़ा निवासी रामगोपाल दास के नाम पर पंजीकृत था। इसके बाद उसे बाल कल्याण समिति छिंदवाड़ा बुलाकर पूछताछ की गई। पूछताछ में कई शहरों और राज्यों में इसी तरह डोनेशन लेने और बच्चों से भीख मंगवाने की बात सामने आई। अमरकंटक में है आश्रम बाल कल्याण समिति की रिपोर्ट के मुताबिक, रामगोपाल दास का अमरकंटक में एक आश्रम है, जहां बड़ी संख्या में बच्चे रहते हैं। मामले की जानकारी विशेष किशोर पुलिस इकाई को दी गई है। बच्चों के बयान के आधार पर पुलिस गिरोह के नेटवर्क की जांच कर रही है। रामगोपाल दास को भी पूछताछ के लिए प्रयागराज लाया गया था। सीडब्ल्यूसी ने चाइल्डलाइन के माध्यम से दोनों बच्चों को आश्रय गृह में रखवाया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि गिरोह में कितने लोग शामिल हैं और कितने बच्चों से इस तरह भीख मंगवाई जा रही थी।
दीपावली में यूपी के 27.87 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों का बढ़ा DA-DR, अब 63 फीसदी मिलेगा भत्ता
उत्तर प्रदेश सरकार ने दीपावली के अवसर पर राज्यकर्मियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते (डीए) व महंगाई राहत (डीआर) में तीन प्रतिशत की वृद्धि की है।
Bilaspur News: आधुनिक सुविधाओं से लैस 40 रिकवरी ट्रॉलियां खरीदेगा एम्स
एम्स बिलासपुर में आपातकालीन स्थिति के दौरान मरीजों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने की व्यवस्था और सुदृढ़ होगी।
हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री आरोग्य पशुधन योजना के तहत कार्यरत पशु चिकित्सा सहायकों (पशु मित्रों) के मानदेय में बड़ी बढ़ोतरी की तैयारी है।
राजधानी लखनऊ में दिवाली से पहले वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 के पार पहुंच गया है, जिससे हवा में सांस लेना मुश्किल हो गया है।
अखिलेश यादव 12 दिसंबर को परिवार संग राम मंदिर दर्शन करने की तैयारी में हैं, जिसका उद्देश्य भाजपा के हिंदुत्व एजेंडे को चुनौती देना और सनातनी स्वीकार्यता बढ़ाना है।
Jammu-Kashmir Weather Update: मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में 10 नवंबर से मौसम में बदलाव आएगा, जिसमें 10 और 11 नवंबर को हल्की बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है।
दीपावली पर बाजारों में भीड़ और आतिशबाजी के बीच आग लगने की घटनाओं से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग ने मोर्चा संभाल लिया है। जिले में 19 प्रमुख स्थानों पर दमकल की गाड़ियां तैनात की गई हैं। वहीं, संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में तुरंत पहुंचने के लिए फायर बाइक भी लगाई गई हैं। विभाग ने पटाखों की बिक्री वाले सभी निर्धारित स्थलों पर भी एक-एक फायर टेंडर यूनिट तैनात की है। अग्निशमन विभाग ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे स्थान चुने हैं, जहां से आसपास के इलाकों में आग लगने की सूचना मिलने पर कम समय में मदद पहुंचाई जा सके। नोएडा में भंगेल पुलिस चौकी, पुलिस चौकी 12-22, सेक्टर-18 और सेक्टर-49 में दमकल की गाड़ियां तैनात रहेंगी। ग्रेटर नोएडा में जगत फार्म, दादरी और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में गौड़ सिटी पुलिस चौकी के पास फायर टेंडर मुस्तैद रहेंगे। इसके अलावा बहलोलपुर, रबूपुरा, दनकौर और जेवर समेत अन्य प्रमुख स्थानों पर भी दमकल की गाड़ियों को तैयार रखा गया है। आग लगने की सूचना मिलते ही इनकी मदद से तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सकेगा। जाम में नहीं फंसेगी दमकल, फायर बाइक से पहुंचेगी टीमत्योहार के दौरान बाजारों में भीड़ और वाहनों की आवाजाही बढ़ने से कई बार बड़ी दमकल गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने में परेशानी होती है। इसे देखते हुए विभाग ने फायर बाइक और अग्निशमन उपकरणों से लैस कर्मचारियों की तैनाती की है। इन स्थानों पर विषेश तैयारीअट्टा मार्केट और सेक्टर-62 स्थित एक मॉल में फायर बाइक मौजूद रहेगी। सर्फाबाद मार्केट में भी फायर बाइक तैनात की जाएगी। वहीं, नवादा और सेक्टर-66 में दो-दो अग्निशमन कर्मियों को उपकरणों के साथ लगाया गया है। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क और एच्छर मार्केट में भी दो-दो अग्निशमन कर्मी तैनात रहेंगे। हल्दौनी मोड़ पर भी दो कर्मचारियों को अग्निशमन उपकरणों के साथ मुस्तैद किया गया है। फायर बाइक की मदद से संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में पहुंचकर शुरुआती स्तर पर ही आग बुझाने का प्रयास किया जाएगा। पटाखा बिक्री स्थलों पर भी फायर टेंडर तैनातआतिशबाजी की बिक्री के दौरान आग लगने की आशंका को देखते हुए जिले के सभी निर्धारित पटाखा बिक्री स्थलों पर एक-एक फायर टेंडर यूनिट तैनात की गई है। इससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि दीपावली को देखते हुए विभाग की सभी टीमें अलर्ट हैं। प्रमुख बाजारों, आवासीय क्षेत्रों और आतिशबाजी बिक्री स्थलों पर सुरक्षा के लिए जरूरी संसाधनों की व्यवस्था की गई है। बाजारों में पुलिस की गश्त भी बढ़ेगीआग से सुरक्षा के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने भी विशेष इंतजाम किए हैं। सभी थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्रों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। बाजारों, प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिसकर्मियों की सक्रियता बढ़ाई जाएगी। रात में गश्त तेज करने के साथ वरिष्ठ अधिकारी भी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखेंगे।
Kangra News: हाथों की लिखावट से मोबाइल की स्क्रीन तक सिमटी शुभकामनाएं
दिवाली के साथ शुभकामनाएं देने का अंदाज भी समय के साथ बदल गया है। कभी त्योहार से कई दिन पहले घरों में रंगीन कागज, स्केच पेन और रंग लेकर बच्चे हाथों से बधाई कार्ड तैयार करने में जुट जाते थे।
झांसी में 5 करोड़ रुपए के गहने चुराने वाली महाराष्ट्र की गैंग को बाप-बेटा और भाई मिलकर चला रहे थे। बाप मारूती राजाराम पिटेकर गैंग का लीडर है। उसने बेटे अमोल और भाई लक्ष्मण को भी गैंग में शामिल कर रखा था। उसी ने बालवड़, सोलापुर और सतारा के 3 बदमाशों को तैयार किया था। 29 अक्टूबर को बदमाशों ने प्राइवेट बस से सर्राफा कारोबारी के गहने से भरे दो बैग चोरी किए और फिर महाराष्ट्र भाग गए। पुलिस ने महाराष्ट्र से अमोल मारूती पिटेकर को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि 10 दिन बीतने के बावजूद पुलिस न तो चोरी हुए 5 करोड़ के गहनों का पता नहीं लगा पाई। न ही पांचों बदमाशों को पकड़ सकी। हालांकि पुलिस महाराष्ट्र में डेरा डाले है और फरार पांचों बदमाशों को तलाश रही है। 29 अक्टूबर को सर्राफा कारोबारी गुरकीरत सिंह प्राइवेट बस में सवार होकर छतरपुर से झांसी आ रहे थे। बस मऊरानीपुर बस स्टैंड पहुंची तो 3 चोर गहनों से भरे दो बैग चुराकर स्कॉर्पियों से भाग गए थे। आरोपी अमोल ने कबूला था कि वे मध्य प्रदेश में वारदात करना चाहते थे। पता होता कि यूपी में हूं तो चोरी नहीं करता। अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए झांसी के SSP विकास कुमार ने बताया- पंजाब के अमृतसर में रहने वाले गुरकीरत सिंह बड़े सर्राफा कारोबारी हैं। वह सोने के गहने बनाकर राजस्थान, मध्य प्रदेश और यूपी में सप्लाई करते हैं। इस बार वह अमृतसर से मध्य प्रदेश आए थे। जबलपुर के बाद छतरपुर में गहनों की सप्लाई की। इसके बाद 29 अक्टूबर को छतरपुर से झांसी आने के लिए प्राइवेट बस में सवार हुए। कारोबारी आम यात्रियों की तरह साधारण थैलों में ही कीमती गहने लेकर चलते हैं। उन्होंने गहनों से भरे 5 बैग अपनी सीट के ऊपर बनी जाली पर रख दिए। इनमें से 2 बैग उनकी तरफ और 3 दूसरी तरफ रखे थे। बस में गैंग के 3 बदमाश पहले से सवार थे। मऊरानीपुर बस स्टैंड पर बस रुकते ही तीनों बदमाश गहनों से भरे 2 बैग लेकर उतर गए। CCTV फुटेज में तीनों को बैग लेकर बस से उतरते देखा गया है। इसके बाद वे सफेद रंग की स्कॉर्पियो में बैठकर फरार हो गए। चोरी हुए गहनों की कीमत करीब 5 करोड़ रुपए बताई गई है। CCTV फुटेज से आगे बढ़ी जांच SSP विकास कुमार ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए पुलिस की 8 टीमें लगाई गई थीं। यह मुश्किल मामला था, क्योंकि पुलिस के पास कोई ठोस सुराग नहीं था। सिर्फ एक धुंधला CCTV फुटेज मिला था। इसी को आधार बनाकर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने स्कॉर्पियो का पीछा करते हुए 2 हजार किलोमीटर से ज्यादा रास्ते के CCTV फुटेज दिन-रात खंगाले। इससे गाड़ी का नंबर मिला। इसके बाद फास्टैग की डिटेल के जरिए पुलिस महाराष्ट्र के गैंग तक पहुंच गई। पुलिस ने गैंग के एक आरोपी अमोल मारूती पिटेकर (29) को चोरी के पैसों के साथ गिरफ्तार किया है। वह महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के कर्जत थाना क्षेत्र के महालंगी गांव का रहने वाला है। उसके पिता का नाम मारूती राजाराम पिटेकर है। एसएसपी के मुताबिक, आरोपी को महाराष्ट्र से ट्रांजिट रिमांड पर झांसी लाया गया है। उसे कोर्ट में पेश कर पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी जाएगी। वारदात में इस्तेमाल स्कॉर्पियो अमोल के नाम पर रजिस्टर्ड है। कर्ज चुकाने के लिए पिता ने दिए थे 20 लाख एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में अमोल ने खुलासा किया कि गैंग का लीडर उसका पिता मारूती राजाराम पिटेकर है। पिता ने अपने 4 साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। सभी स्कॉर्पियो से जबलपुर होते हुए छतरपुर और फिर मऊरानीपुर पहुंचे थे। चोरी के बाद इसी रास्ते से महाराष्ट्र लौट गए। अमोल के मुताबिक, वारदात के बाद पिता ने उसे फोन करके राशिन कस्बे में बुलाया। चोरी के गहने बेचने के बाद उसे 20 लाख रुपए दिए और कर्ज चुकाने को कहा। उसने यह रकम अपने बैंक खातों में जमा कर दी थी। 3 नवंबर को वह रजिस्ट्री ऑफिस में कर्ज चुकाने जा रहा था, तभी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से 1.40 लाख रुपए नकद और दो मोबाइल बरामद किए हैं। इसके अलावा उसके तीन बैंक खातों में जमा 17.06 लाख रुपए फ्रीज कराए हैं। 5 से 7 राज्यों में कर चुके हैं वारदात एसएसपी के मुताबिक, यह गैंग मुख्य रूप से सोने के कारोबारियों को निशाना बनाता है। कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश समेत 5 से 7 राज्यों में वारदात कर चुका है।
रायपुर के कारोबारी महेंद्र गोयनका और उनके साथियों को गिरफ्तार करने के लिए कोलकाता पुलिस शनिवार को रायपुर पहुंची। गोयनका पर करीब 1,000 करोड़ रुपए की संपत्तियों और कंपनियों के शेयरों से जुड़ी कथित धोखाधड़ी का आरोप है। इसी मामले में उन्हें गिरफ्तार करने पुलिस पहुंची थी, लेकिन वह परिवार सहित फरार हो गया। कोलकाता हाईकोर्ट से आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए नया वारंट जारी हुआ था। पुलिस टीम रायपुर में उनकी तलाश कर रही है। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को कोलकाता ले जाकर सक्षम अदालत में पेश किया जाना था, जहां पुलिस रिमांड की मांग करती। धोखाधड़ी के मामले में दर्ज FIR में महेंद्र गोयनका, अभिषेक अग्रवाल, अशोक रैकवार, मनीष गोयनका, सुरेंद्र सिंह सलूजा और धनेश शिवहरे समेत महेंद्र गोयनका एंड संस और सुशील गोयनका एंड संस के नाम शामिल हैं। महेंद्र गोयनका के भाई और पत्नी पर भी घोटाले का आरोप वकील अमरेंद्र दास ने बताया कि कोलकाता पुलिस कारोबारी महेंद्र गोयनका को गिरफ्तार करने आनंदम सिटी पहुंची थी। गोयनका पर करोड़ों के घोटाले का आरोप है। उनके परिवार के HUF के खिलाफ भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। कोलकाता के 3-4 थानों में उनके खिलाफ मामले दर्ज हैं। महेंद्र गोयनका के भाई और पत्नी पर भी कई कंपनियों में धोखाधड़ी करने का आरोप है। एमपी के विधायक से करोड़ों की ठगी वकील के मुताबिक, आज जिस मामले में कोलकाता पुलिस पहुंची थी, वह बउबाजार थाने में दर्ज है। महेंद्र गोयनका ने कटनी शहर के विधायक और पूर्व मंत्री संजय पाठव की पारिवारिक कंपनी में भी करोड़ों का घोटाला किया है। इसी मामले में पुलिस रायपुर पहुंची थी, लेकिन कारोबारी फरार हो गया। वह रायपुर में ही इधर-उधर छिप रहा है। शहर के स्थानीय लोग घनश्याम अग्रवाल उसे सपोर्ट कर रहे हैं। जुलाई में भी वह 14 दिनों तक हिरासत में था। अब जानिए पूरा मामला यह मामला यूरो प्रतीक इस्पात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर कथित अवैध कब्जे से जुड़ा है। कोलकाता में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, रायपुर के कारोबारी महेंद्र गोयनका और उनके सहयोगियों पर जाली दस्तावेज, फर्जी हस्ताक्षर और कंपनी की नकली मुहरों के जरिए शेयरों का मालिकाना हक बदलने का आरोप है। 5 हजार शेयरों को अपने नाम ट्रांसफर दिखाया एफआईआर के मुताबिक, एडमिट विनट्रेड प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर गोपाल कुमार यादव ने शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि उनकी कंपनी के पास व्यू टेक मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के 5 हजार इक्विटी शेयर थे। कंपनी ने ये शेयर फ्यूचर डीलट्रेड प्राइवेट लिमिटेड से खरीदे थे। शिकायतकर्ता के मुताबिक, शेयर ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 4 फरवरी 2018 को कंपनी ने इन शेयरों को एडमिट विनट्रेड के नाम दर्ज कर दिया था। इसके मूल शेयर सर्टिफिकेट भी शिकायतकर्ता कंपनी के पास थे। पुराने रिकॉर्ड में बदलाव कर दोबारा दाखिल किया रिटर्न शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बाद में आरोपियों ने 6 जुलाई 2018 की कथित बोर्ड मीटिंग के प्रस्ताव के आधार पर वित्तीय वर्ष 2016-17 का संशोधित वार्षिक रिटर्न (MGT-7) दाखिल किया। इसमें दिखाया गया कि 9 मार्च 2017 को ही 5 हजार शेयर फ्यूचर डीलट्रेड से महेंद्र गोयनका एंड संस के नाम ट्रांसफर हो गए थे। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसकी कंपनी ने न तो शेयर बेचने की सहमति दी थी और न ही इसके बदले कोई रकम मिली थी। शेयर ट्रांसफर से संबंधित कोई दस्तावेज भी कंपनी ने हस्ताक्षर नहीं किए थे। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए पुराने रिकॉर्ड में बदलाव कर शेयरों पर कब्जा करने की कोशिश की गई। शिकायत में इसे यूरो प्रतीक इस्पात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड पर नियंत्रण हासिल करने की साजिश का हिस्सा बताया गया है। एफआईआर में महेंद्र गोयनका समेत अन्य के नाम कोलकाता के बोबाजार थाने में 30 अक्टूबर 2026 को मामला दर्ज किया गया। एफआईआर में महेंद्र गोयनका, अभिषेक अग्रवाल, अशोक रैकवार, मनीष गोयनका, सुरेंद्र सिंह सलूजा और धनेश शिवहरे समेत महेंद्र गोयनका एंड संस और सुशील गोयनका एंड संस का नाम है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की है। गिरफ्तारी के लिए रायपुर पहुंची थी पुलिस कोलकाता हाईकोर्ट से नया वारंट जारी होने के बाद शनिवार को पुलिस टीम महेंद्र गोयनका को गिरफ्तार करने रायपुर पहुंची थी। हालांकि, कार्रवाई के दौरान आरोपी फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। गिरफ्तारी के बाद उसे कोलकाता ले जाकर अदालत में पेश किया जाएगा। इसके बाद पुलिस पूछताछ के लिए रिमांड की मांग करेगी। ………………… क्राइम से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… शेयर निवेश में 1000-करोड़ की ठगी, भिलाई का CA गिरफ्तार:कोंडागांव में ठगों ने फर्जी लोन से 12 करोड़ निकाले; 43 शिक्षक बने शिकार छत्तीसगढ़ में 2 अलग-अलग ठगी के मामले सामने आए हैं। भिलाई में शेयर ट्रेडिंग और गोल्ड ETF में निवेश के नाम पर प्रदेश के 1500 लोगों से करीब 1000 करोड़ रुपए की ठगी का आरोप है। कंपनी ने लोगों को हर महीने 10% प्रॉफिट और रकम डबल करने का झांसा दिया था। पढ़ें पूरी खबर…
दिल्ली-एनसीआर में सफर का समय घटाने और सड़क पर यातायात का दबाव कम करने वाली नमो भारत अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रही है।
लुधियाना के सूफिया चौक के नजदीक शनिवार सुबह गुंडागर्दी का नंगा नाच देखने को मिला। यहां एक कार वर्कशॉप में काम करने वाली युवती का पीछा कर रहे मनचलों को रोकना वर्कशॉप मालिक को भारी पड़ गया। बौखलाए आरोपियों ने अपने करीब एक दर्जन साथियों को बुलाकर मालिक पर जानलेवा हमला कर दिया। मारपीट का CCTV फुटेज सामने आया है जिसमें आरोपी वर्कशॉप मालिक को बालों से पकड़कर बुरी तरह पीटते और लातें मारते हुए साफ नजर आ रहे हैं। घटना के बाद पुलिस ने फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। दफ्तर में घुसने से रोका तो बुला लिए साथी जानकारी देते हुए घायल वर्कशॉप मालिक की दलजीत सिंह ने बताया कि उसकी वर्कशॉप में एक युवती काम करती है। शनिवार सुबह करीब 11 बजे जब वह काम पर आई और गेट से अंदर दाखिल हुई, तो उसके पीछे-पीछे दो युवक भी जबरन अंदर घुसने लगे। जब दलजीत ने उन्हें बिना काम के अंदर आने से रोका तो उन्होंने विवाद शुरू कर दिया और फोन कर अपने अन्य गुंडे साथियों को मौके पर बुला लिया। CCTV में कैद गुंडागर्दी: बालों से घसीटा, लात-घूंसों से किया लहूलुहान देखते ही देखते करीब एक दर्जन युवकों ने दलजीत पर धावा बोल दिया। सामने आए CCTV फुटेज में साफ दिख रहा है कि हमलावरों ने दलजीत को बुरी तरह से बालों से पकड़कर पीटा और जमीन पर गिराकर जमकर लातें मारीं। बचाव के लिए दलजीत ने शोर मचाया तो आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। भीड़ जमा होती देख हमलावर जान से मारने की धमकियां देते हुए फरार हो गए। परिजनों ने घायल दलजीत को तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई है। महीनों से पीछा कर जबरन नंबर मांग रहा था मनचला वर्कशॉप में काम करने वाली पीड़ित युवती ने बताया कि मुख्य आरोपी युवक पिछले कुछ महीनों से उसे आते-जाते परेशान कर रहा है। वह लगातार उसका पीछा करता था और जबरन मोबाइल नंबर मांगता था। शनिवार सुबह भी वह पीछा करते हुए वर्कशॉप के अंदर घुसने की कोशिश कर रहा था। मालिक के रोकने पर उसने यह गुंडागर्दी की। पुलिस अब CCTV फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान कर उनकी तलाश कर रही है।
अयोध्या में शनिवार को 10वां दीपोत्सव मनाया गया। सरयू नदी के किनारे 56 घाटों पर करीब 36 लाख दीये जलाए गए। राम की पैड़ी और सरयू घाट पर लेजर शो से रामायण दिखाई गई। 2100 ड्रोन से विशेष शो किया गया। सरयू तट पर 2147 अर्चकों ने सरयू की महाआरती की। इसके बाद आतिशबाजी की गई। इसके पहले अयोध्या में करीब 3 घंटे तक शोभा यात्रा निकाली गई। इसमें 21 झांकियां शामिल रहीं। इनमें रामायण के सात कांडों को दिखाया गया था। दीपोत्सव देखने के लिए मुंबई, गुजरात और बिहार सहित देशभर से लोग पहुंचे। विदेशी पर्यटकों ने भी सरयू आरती की। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और सीएम योगी समेत कई मंत्री भी मौजूद रहे। 2 तस्वीरें देखिए- 2100 ड्रोन शो में रामायण के प्रसंग दिखाए गए आसमान में 2100 ड्रोन से रामायण के प्रसंग दिखाए गए। भगवान श्रीराम और रावण के युद्ध का दृश्य बनाया गया। भगवान रामलला की भव्य छवि देख भक्तों ने जयकारा लगाया। पुष्पक विमान पर सवार प्रभु श्रीराम के अयोध्या की ओर प्रस्थान का दृश्य आकर्षक रहा। इस प्रसंग के जरिए लंका विजय के बाद भगवान राम की अयोध्या वापसी को दिखाया गया। आतिशबाजी से आसमान जगमगाया आतिशबाजी ने उत्सव का उल्लास और बढ़ा दिया। आसमान में छूटती रंग-बिरंगी रोशनी के बीच सरयू तट और राम की पैड़ी का नजारा देखने लायक रहा। बड़ी संख्या में मौजूद लोग आतिशबाजी का फोटो-वीडियो शूट करते दिखे। आसमान रंग-बिरंगी आतिशबाजी से जगमगा उठा। राम की पैड़ी पर लाइट एंड साउंड शो हुआ। रंग-बिरंगी रोशनी से पूरा परिसर जगमगा उठा। 56 घाटों पर जले करीब 36 लाख दीये रामनगरी अयोध्या के घर-घर, मठ-मंदिर, आश्रम, चौराहों, भवनों समेत हर जगह दीप प्रज्वलित किए गए। राम की पैड़ी समेत 56 घाटों पर 36 लाख से अधिक दीये जलाए गए। इसके लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्विद्यालय, महाविद्यालयों, इंटर कॉलेजों, स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़े 35 हजार से अधिक स्वयंसेवकों ने दीये बिछाए। उनमें तेल-बाती डालकर दीये जलाने में भूमिका निभाई। वहीं देश-विदेश से आए पर्यटक भी काफी खुश दिखे। 2147 अर्चकों ने सरयू की महाआरती की उप राष्ट्रपति, सीएम योगी और 2147 अर्चकों, साधु संतों और श्रद्धालुओं ने सरयू तट पर सरयू की महाआरती की। उपराष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रशासन, कलाकारों और स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि लाखों दीपों का प्रकाश केवल अयोध्या को आलोकित नहीं कर रहा, बल्कि उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर भी दिखा रहा है। आज उत्तर प्रदेश सही मायनों में 'उत्तम प्रदेश' बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हेलिकॉप्टर से हुई पुष्प वर्षा, CM योगी ने खींचा रथ अवधपुरी में पुष्पक विमान से 'राम-लक्ष्मण और मां सीता' उतरीं तो हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की गई। मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री समेत अनेक मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने उनका रथ भी खींचा। अयोध्या में अपने राजा के प्रति श्रद्धा का यह नजारा देख श्रद्धालुओं की आंखों से खुशी की आंसू बह गए। उपराष्ट्रपति, मुख्यमंत्री और सभी मंत्रियों ने भगवान श्रीराम का राजतिलक किया और उनकी आरती उतारी। सभी ने भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी को तिलक लगाकर और उपहार देकर श्रद्धा व्यक्त की। इस दौरान पूरा परिसर ‘जय श्रीराम’ के जयकारों से गूंज उठा। 2500 कलाकारों ने लोकनृत्य किया, 21 झांकियां निकाली गईं सुबह शोभायात्रा में 21 झांकियां निकलीं। देश-विदेश और प्रदेश के 2500 से अधिक कलाकारों की प्रतिभा को रामनगरी में मंच मिला। कलाकारों ने लोकनृत्य की प्रस्तुति दी। गाजीपुर की 12 सदस्यीय टीम धोबिया, मथुरा की 15 सदस्यीय टीम मोर नृत्य, तेलंगाना की टीम गुसाड़ी और झारखंड के कलाकारों ने झाउर नृत्य पेश किया। पारंपरिक वेशभूषा और नगाड़ों की थाप पर कलाकार झांकियों के साथ आगे बढ़े। श्रद्धालु और पर्यटक फूल बरसाकर उनका स्वागत करते रहे। योगी ने क्या कहा, आगे जानिए कोपभवन में बैठे मंथरा-मारीच रच रहे अराजकता की साजिश योगी ने दीपोत्सव के मंच से विरोधियों पर हमला किया। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नया भारत आतंकवाद और नक्सलवाद को नेस्तनाबूद कर रहा है, लेकिन कोपभवन में बैठे मंथरा और मारीच फिर से आतंकवाद, नक्सलवाद और अराजकता पैदा कर देश को अस्त-व्यस्त करने की साजिश रच रहे हैं। जाति, संप्रदाय, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने वाली ताकतों को एकजुट होकर मुंहतोड़ जवाब देना होगा। रामभक्तों पर गोलियां चलवाने वाले पहले माफी मांगें योगी ने कहा कि 36 साल पहले इसी सरयू का जल रामभक्तों के रक्त से लाल हुआ था। अयोध्या की गलियों को रक्तरंजित करने और राम मंदिर निर्माण में बाधाएं खड़ी करने वाले आज फिर सिर उठाने का प्रयास कर रहे हैं। जो कभी कहते थे कि अयोध्या में परिंदा भी पर नहीं मार सकता, वे आज राम मंदिर में दर्शन करने का सपना देख रहे हैं। ऐसे लोगों को पहले रामभक्तों, कारसेवकों और संतों से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए। अपने किए पर पश्चाताप करना चाहिए। प्रभु श्रीराम करुणानिधान और भक्तवत्सल हैं। उनकी कृपा सभी पर समान रूप से होती है, लेकिन रामभक्ति के लिए सहज और सरल होना भी जरूरी है। पिछली सरकारों के सिंडिकेट ने खजाने पर डाली डकैती योगी ने पिछली सरकारों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था जर्जर थी। कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी पैसा नहीं था। पिछली सरकारों के सिंडिकेट ने प्रदेश के खजाने पर डकैती डालकर विदेशों में अपने लिए संपत्तियां खरीद ली थीं। उन्होंने कहा कि पहले दीपोत्सव में महज 25 हजार दीप जलाए गए थे। जैसे-जैसे दीपों की संख्या बढ़ी, प्रदेश की समृद्धि भी बढ़ती गई। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था 12 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। इस बार अयोध्या में 36 लाख दीप प्रज्वलित हो रहे हैं। यह प्रदेश की आर्थिक समृद्धि का भी प्रतीक है। -------------------------------- ये खबर भी पढ़िए- योगी बोले- रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले अयोध्या जरूर आएं, लेकिन माफी मांगकर जाएं सपा प्रमुख अखिलेश यादव के 12 दिसंबर को अयोध्या में रामलला के दर्शन करने को लेकर सीएम योगी ने पलटवार किया है। योगी ने कहा- रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले अयोध्या जरूर आएं। लेकिन जब वह यहां आएं, तो एक बार माफी मांगकर जाएं। प्रभु श्रीराम उन्हें माफ कर देंगे। पढ़ें पूरी खबर…
सोनीपत की गलियों में कभी सफेदी करने और स्कूल की दीवार पर सरस्वती की पहली पेंटिंग बनाने से शुरू हुआ एक युवक का सफर आज मुंबई की गगनचुंबी इमारतों तक पहुंच चुका है। कभी पांच भैंस चराने वाले इस युवक ने अपने हुनर और जुनून के दम पर ऐसी पहचान बनाई कि मुंबई की दीवारें बॉलीवुड के इतिहास की गवाह बन गईं। अमिताभ बच्चन, मधुबाला, श्रीदेवी, ऋषि कपूर, इरफान खान और लता मंगेशकर जैसी फिल्मी हस्तियों के चेहरे अब मुंबई की इमारतों पर नजर आते हैं। यह कहानी है सोनीपत के रणजीत दहिया की, जिन्होंने 2012 में बॉलीवुड आर्ट प्रोजेक्ट शुरू कर हिंदी सिनेमा की यादों को स्ट्रीट आर्ट के जरिए नई पहचान दी। सचिन तेंदुलकर की बनाई थी 300 फीट ऊंची पेंटिग अब तक 40 से अधिक बड़े म्यूरल बना चुके रणजीत की बनाई 300 फीट ऊंची सचिन तेंदुलकर की पेंटिंग भी मुंबई की पहचान बन चुकी है। खास बात यह है कि उनकी कला सिर्फ दीवारों को खूबसूरत नहीं बनाती, बल्कि शहर की संस्कृति, सिनेमा के इतिहास और उन कलाकारों की यादों को भी जिंदा रखती है, जिन्होंने पीढ़ियों को प्रभावित किया है। रणजीत ने वर्ष 2013 से 2022 तक मुंबई के NMIMS स्थित बलवंत शेठ स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर में अध्यापन किया। यहां उन्होंने टाइपोग्राफी, आर्ट, डिजाइन, पेंटिंग और ड्राइंग जैसे विषय पढ़ाए। भैंस चराने से लेकर मुंबई तक का सफर… सफेदी करते हुए हाथों में आया ब्रश: रणजीत दहिया का कलाकार बनने का सफर किसी बड़े संस्थान या सुविधाओं के बीच शुरू नहीं हुआ। 11वीं कक्षा में पढ़ाई छोड़ने के बाद वह पांच भैंस चराने जाते थे। इसके बाद उन्होंने सफेदी करने का काम शुरू किया। सोनीपत के एक निजी स्कूल में भी उन्हें सफेदी का काम मिला हुआ था। इसी दौरान स्कूल के प्रिंसिपल ने उनसे पूछा कि क्या कोई ऐसा व्यक्ति है, जो सरस्वती मां की तस्वीर बना सके। रणजीत ने यह जिम्मेदारी खुद उठाई और पहली बार करीब 6 बाय 10 फीट की पेंटिंग बनाई। यही वह मौका था, जब सफेदी करने वाले हाथों में रंगों ने अलग पहचान बनानी शुरू की। इसके बाद उन्होंने पानीपत में पेंटर का काम सीखा और धीरे-धीरे पेंटिंग को ही अपनी दुनिया बना लिया। अंग्रेजी नहीं आती थी: रणजीत ने अपनी शुरुआती पढ़ाई के बाद कला की शिक्षा हासिल करने के लिए लगातार मेहनत की। उन्होंने 1998 से 2002 तक गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ आर्ट, चंडीगढ़ से बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स (BFA) किया। इसके बाद अहमदाबाद स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) में दाखिला लेने का प्रयास किया। पहली बार परीक्षा के दौरान अंग्रेजी में कुछ पंक्तियां लिखने के लिए कहा गया, लेकिन अंग्रेजी नहीं आने के कारण वह सफल नहीं हो सके। उन्होंने हार मानने के बजाय अगले एक साल तक अखबार पढ़कर अंग्रेजी सीखी। इसके बाद दोबारा परीक्षा दी और NID में दाखिला हासिल किया। वर्ष 2003 से 2007 तक उन्होंने यहां कम्युनिकेशन डिजाइन में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। दीवारों पर सिनेमा उतारने का फैसला: रणजीत वर्ष 2008 में मुंबई पहुंचे थे। उनके मन में मुंबई की एक ऐसी तस्वीर थी, जहां हर तरफ फिल्मों के बड़े-बड़े पोस्टर और दीवारों पर फिल्मी कलाकारों की पेंटिंग दिखाई देंगी। लेकिन वहां पहुंचने पर उन्हें ऐसा माहौल नजर नहीं आया। इसी कमी ने उनके मन में एक नया विचार पैदा किया। उन्होंने तय किया कि मुंबई को उसकी फिल्मी विरासत के रंगों में रंगेंगे, ताकि शहर में आने वाले लोगों को सिर्फ इमारतें नहीं, बल्कि मुंबई की असली फिल्मी पहचान भी दिखाई दे। शुरुआत में उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से छोटी इमारतों पर पेंटिंग बनाईं। धीरे-धीरे लोगों ने उनके काम को पसंद करना शुरू किया और पहचान बढ़ने के साथ स्पॉन्सर तथा बड़े प्रोजेक्ट मिलने लगे। दीवारों पर जिंदा किया सिनेमा का इतिहास:रणजीत ने वर्ष 2012 में बॉलीवुड आर्ट प्रोजेक्ट (BAP) की शुरुआत की। इसका मकसद हिंदी सिनेमा के इतिहास और संस्कृति को स्ट्रीट आर्ट के माध्यम से संरक्षित करना है। इसके तहत मुंबई के बांद्रा सहित कई इलाकों में बड़ी-बड़ी इमारतों पर फिल्मी हस्तियों के म्यूरल बनाए गए। इन पेंटिंग में अमिताभ बच्चन, मधुबाला, राजेश खन्ना, हेलेन, वहीदा रहमान, आशा पारेख, अमरीश पुरी, दिलीप कुमार, सायरा बानो, ऋषि कपूर, श्रीदेवी, इरफान खान और लता मंगेशकर जैसी हस्तियों को जगह मिली। मुंबई की दीवारों पर बनी ये तस्वीरें अब केवल आर्टवर्क नहीं, बल्कि हिंदी सिनेमा की अलग-अलग पीढ़ियों की यादों को संजोने का माध्यम बन गई हैं। रणजीत अब तक 40 से अधिक म्यूरल बना चुके हैं। नवंबर 2025 में मुंबई एयरपोर्ट पर भी उन्होंने पेंटिंग बनाई, जिसमें मुंबई की संस्कृति को दर्शाया गया। बांद्रा में 300 फीट ऊंची सचिन की पेंटिंग:रणजीत के बड़े प्रोजेक्ट में बांद्रा में बनाई गई क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर की 300 फीट ऊंची पेंटिंग खास है। इसे उन्होंने भारत की सबसे ऊंची पेंटिंग के रूप में तैयार किया। यह वेस्टर्न हाईवे के सी-पॉइंट से दिखाई देती है और मुंबई के सी-लिंक से भी नजर आती है। रणजीत ने बताया कि इस स्थान पर पहले अमिताभ बच्चन की पेंटिंग बनाई गई थी। बाद में जी क्लासिक चैनल की ओर से सचिन तेंदुलकर की पेंटिंग बनाने का ऑफर मिला। इसके अलावा मुंबई की MTNL बिल्डिंग पर उन्होंने दादा साहब फाल्के की पेंटिंग भी बनाई थी। इन प्रोजेक्ट के जरिए उन्होंने ऐसी जगहों पर कला को पहुंचाया, जहां रोजाना हजारों लोगों की नजर पड़ती है। 100 फीट से ऊंचाई पर करते हैं काम: गगनचुंबी इमारतों पर पेंटिंग बनाना सामान्य दीवार पर रंग भरने जितना आसान नहीं है। रणजीत ने बताया कि हाईराइज बिल्डिंग पर काम शुरू करने से पहले उसका पूरा ब्लूप्रिंट तैयार किया जाता है। इसमें इमारत की ऊंचाई, लंबाई, चौड़ाई, पिलर और खिड़कियों की स्थिति सहित सभी पैरामीटर देखे जाते हैं। इसके बाद पेंटिंग का आकार तय किया जाता है, ताकि दूर से देखने पर चेहरे और तस्वीर के सभी हिस्से सही दिखाई दें। 100 फीट से अधिक ऊंचाई पर काम करने के लिए क्रेडल लिफ्ट का इस्तेमाल किया जाता है। 3 अलग-अलग कोट में काम पूरा: सबसे पहले दीवार पर ड्राइंग बनाई जाती है। इसके बाद रंग भरे जाते हैं और तीन अलग-अलग कोट में काम पूरा किया जाता है। बीच-बीच में दूर जाकर पेंटिंग का व्यू भी चेक किया जाता है, ताकि तस्वीर की बनावट और चेहरे का आकार सही नजर आए। उन्होंने बताया कि इन पेंटिंग में घरों में इस्तेमाल होने वाले सामान्य रंगों का ही प्रयोग किया जाता है। एक पेंटिंग की उम्र बिल्डिंग पर करीब 7 से 8 साल तक रहती है। उनके मुताबिक, कला बनाना अलग बात है, लेकिन इतनी ऊंचाई पर लटककर काम करना हर किसी के बस की बात नहीं है। यहां हुनर के साथ हिम्मत और सावधानी भी जरूरी है। महाराष्ट्र के 25 ब्रिज तक पहुंचेगा रंगों का सफर रणजीत का काम अब मुंबई की इमारतों तक सीमित नहीं है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में रेलवे से जुड़े महा रेल प्रोजेक्ट के तहत ब्रिज पर पेंटिंग बनाने का काम शुरू किया गया है। इस योजना में कुल 25 ब्रिज पर पेंटिंग बनाई जानी हैं। वह अब तक महा रेल के साथ दो प्रोजेक्ट पूरे कर चुके हैं। इसके अलावा नवंबर 2025 में मुंबई एयरपोर्ट पर बनाई गई पेंटिंग में शहर की संस्कृति को जगह दी गई। उनके लिए हर प्रोजेक्ट सिर्फ एक दीवार पर तस्वीर बनाने का काम नहीं, बल्कि उस स्थान की पहचान और संस्कृति को रंगों के जरिए सामने लाने का अवसर है। 26 पोस्टर की प्रदर्शनी से पेरिस तक पहुंची कला रणजीत की पेंटिंग को देश के साथ विदेशों में भी सराहना मिली है। अगस्त 2013 में दिल्ली के इंडियन इंटरनेशनल सेंटर में उनकी सोलो एग्जीबिशन 'फिल्मनगरी का सफर' आयोजित हुई। इसमें हाथ से बनाए गए 26 पोस्टर प्रदर्शित किए गए। इससे पहले बॉलीवुड के इतिहास पर आधारित उनकी 31 पेंटिंग दक्षिण अफ्रीका के डरबन और फ्रांस के ला रोशेल में प्रदर्शित हो चुकी थीं। वर्ष 2009 में पेरिस में आयोजित 'सैलून डू सिनेमा' कार्यक्रम में भी उन्होंने लाइव पेंटिंग के जरिए बॉलीवुड का प्रतिनिधित्व किया। सोनीपत से शुरू हुआ उनका यह कलात्मक सफर अब अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंच चुका है। MTV तक डिजाइनिंग के बड़े प्रोजेक्ट किए रणजीत को वेब, प्रिंट और न्यू मीडिया के क्षेत्र में 17 साल से अधिक का अनुभव है। उन्होंने रिलायंस के इंटरनेट टीवी, सोनी मैक्स के आईपीएल प्रमोशन और MTV की शॉर्ट फिल्मों के टाइटल ग्राफिक्स जैसे प्रोजेक्ट पर काम किया है। इसके अलावा ग्राफिक डिजाइन, ब्रांड आइडेंटिटी, कम्युनिकेशन स्ट्रेटजी, मोबाइल एप्लीकेशन और वेबसाइट के यूजर इंटरफेस डिजाइन करने में भी योगदान दिया है। उनकी कला का दायरा सिर्फ पेंटिंग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि डिजाइनिंग के अलग-अलग क्षेत्रों में भी उन्होंने अपनी पहचान बनाई। बिल्लियों और स्ट्रीट डॉग की करते हैं देखभाल रणजीत की जिंदगी का एक और पहलू उनके पशु-पक्षियों के प्रति प्रेम से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि मुंबई में वह अकेले रहते हैं और 30 से अधिक बिल्लियों तथा करीब 12 स्ट्रीट डॉग की देखभाल करते हैं। इनके खाने से लेकर रहने तक की व्यवस्था भी उन्होंने की हुई है। एक तरफ वह ऊंची इमारतों पर चढ़कर सिनेमा के दिग्गजों की तस्वीरें बनाते हैं तो दूसरी तरफ बेजुबान जानवरों के लिए भी समय और संसाधन निकालते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों की बिक्री के लिए बुधवार से शुक्रवार तक की मोहलत दी थी।
जम्मू-कश्मीर के बारामूला में आया भूकंप, लोगों में फैली दहशत
जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में आज सुबह हल्के तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, यह भूकंप रिक्टर पैमाने पर 3.3 तीव्रता का था। भूकंप आज सुबह 5:23:19 बजे IST पर आया।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के 12 दिसंबर को अयोध्या में रामलला के दर्शन करने जाएंगे। शनिवार को इसकी खबर आते ही सीएम योगी ने अखिलेश को घेर लिया। कहा- रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले अयोध्या जरूर आएं। लेकिन जब वह यहां आएं, तो एक बार माफी मांगकर जाएं। देर रात अखिलेश ने योगी पर पलटवार कर दिया। कहा- अयोध्यावाले मुख्यमंत्री जी से पूछ रहे हैं कि चढ़ावा-चंदा-दान’ चोरी के मामले में “दूध का दूध, पानी का पानी” कब होगा? होगा भी या नहीं होगा? सीएम योगी और अखिलेश यादव की जुबानी जंग पर देखिए खास VIDEO…
दिवाली पर मुनाफे के लिए शामली के किसानों ने परंपरागत खेती को छोड़कर कमल के फूलों की खेती करनी शुरू की। जिससे शादियों के सीजन व दिवाली पर अच्छा मुनाफा कमाया। दिवाली पर 15 दिन पहले ही कमल के फूलों को तोड़कर थर्माकोल के बॉक्स में पैक कर देते हैं और घर पर ही बने स्टोर रूम में रख देते हैं। दिवाली से दो दिन पहले इन फूलों को दिल्ली की चांदनी चौक फूल मंडी में पहुंचाते हैं। जहां इन्हें 60 रुपये किलो तक के दाम मिल जाते हैं। तीनों किसानों का नाम संजय सैनी, आकाश सैनी और रजनीश सैनी है। ये जिला मुख्यालय से करीब 37 किमी दूर सदर तहसील के कादरपुर गांव में रहते हैं। भास्कर टीम कादरपुर गांव पहुंची और किसानों से बात की। पढ़िए गांव से रिपोर्ट… दो तस्वीरें देखें अब गांव से रिपोर्ट पढ़िए कादरपुर गांव में रहने वाले संजय सैनी, आकाश सैनी और रजनीश सैनी 20-20 बीघे में खेती करते हैं। कमल के साथ तीनों किसान रजनीगंधा की खेती भी करते हैं। किसान संजय सेनी ने बताया- उन्होंने करीब 20 बीघा जमीन में कमल और रजनीगंधा की खेती शुरू की है। पहले हम लोग सब्जी की खेती करते थे। लेकिन उसमें मुनाफा नहीं होता था। जिसके चलते 5 साल पहले फूलों की खेती शुरू की। संजय बोले- सहारनपुर के किसानों से सीखा संजय बताते हैं कि मुझे सहारनपुर के किसानों से प्रेरणा मिली। वहां के किसानों को फूलों की खेती से अच्छी आमदनी करते देखकर उन्होंने भी इस दिशा में कदम बढ़ाया। इसके बाद सहारनपुर के किसानों से संपर्क कर खेती के तरीके और फसल की देखभाल की जानकारी जुटाई। संजय बताते हैं कि फूलों की खेती की शुरुआत मैंने ही की थी। इसके बाद मुनाफा हुआ तो बाकी आकाश सैनी और रजनीश को भी फूलों की खेती करने के लिए प्रेरित किया। 50-60 हजार लागत, 6 महीने में होता है दोगुना मुनाफा एक बीघे में कमल की खेती करने में करीब 50 से 60 हजार की लागत आती है। मई-जून के महीने में बुवाई करते हैं। 5 से 6 महीने मे फसल तैयार हो जाती है। अक्टूबर- नवंबर में फसल तैयार हो जाती है। दिवाली और दिवाली के बाद शादियों के सीजन में मार्केट में फूल भेज दिए जाते हैं। एक बीघे में करीब 80 हजार से एक लाख तक की कमाई होती है। आकाश बोले- नानौता ये लाया कमल के बेल-बीज आकाश सैनी ने बताया- नानौता क्षेत्र से कमल की बेल और बीज लेकर खेती की शुरुआत की। एक बेल करीब 40 से 50 रुपये में मिलती है। पहले बेल तैयार की और फिर उसे खेत में लगाया। धीरे-धीरे खेती का रकबा बढ़ाया। पिछले दो साल से कमल के फूलों के साथ रजनीगंधा की खेती भी करपने लगा हूं। दोनों से अच्छी आमदनी हो रही है। आकाश बताते हैं- सामान्य दिनों में कमल के फूल की कीमत 40 से 50 रुपये प्रति फूल तक मिलती है। शादी के सीजन में ये रेट 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाता है। दीपावली पर मांग बढ़ते ही एक-एक किलो फूल का भाव 60 रुपये तक पहुंच जाता है। वहीं, रजनीगंधा की कीमत सामान्य दिनों में करीब 80 रुपये प्रति किलो तक रहती है।शादी-विवाह के सीजन में मांग बढ़ने पर यही फूल 150 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक जाता है। ----- ये खबर भी पढ़ें दीपावली पर 10 मिनट में लक्ष्मी पूजा करने की विधि:जानिए घर, दुकान और ऑफिस में पूजा मुहूर्त; पूजन सामग्री और लक्ष्मी जी की आरती 8 नवंबर, रविवार को दिवाली पर लक्ष्मी पूजा के कुल 9 मुहूर्त रहेंगे। आप घर पर और पेशे के अनुसार ऑफिस या दुकान पर पूजा कर सकते हैं। दैनिक भास्कर बता रहा है लक्ष्मी पूजा की सही विधि। इससे 10 मिनट में लक्ष्मी–गणेश का संपूर्ण पूजन कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें
दीपावली और छठ पर्व के बाद मुंबई जाने वाले यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने गोरखपुर से लोकमान्य तिलक टर्मिनस (मुंबई) के बीच दो फेरों के लिए त्योहार स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। 05097/05098 नंबर की यह ट्रेन गोरखपुर से 11 और 18 नवंबर को चलेगी। वहीं, मुंबई से इसकी वापसी 13 और 20 नवंबर को होगी। इस ट्रेन के चलने से मुंबई और आसपास के शहरों में जाने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी। रेलवे के अनुसार 05097 गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस त्योहार स्पेशल ट्रेन 11 और 18 नवंबर को रात 8:55 बजे गोरखपुर से रवाना होगी। यह ट्रेन खलीलाबाद, बस्ती और गोंडा होते हुए लखनऊ पहुंचेगी। यहां से कानपुर सेंट्रल, उरई और वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी के रास्ते आगे बढ़ेगी। इसके बाद बीना, भोपाल, इटारसी और खंडवा होते हुए महाराष्ट्र में प्रवेश करेगी। ट्रेन तीसरे दिन भुसावल, नासिक, इगतपुरी, कल्याण और ठाणे होते हुए सुबह 8:30 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी। इस तरह गोरखपुर से मुंबई तक का सफर करीब 36 घंटे में पूरा होगा। मुंबई से दोपहर 12:30 बजे चलेगी वापसी ट्रेन वापसी में 05098 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर त्योहार स्पेशल ट्रेन 13 और 20 नवंबर को दोपहर 12:30 बजे मुंबई से रवाना होगी। यह ट्रेन ठाणे, कल्याण, इगतपुरी, नासिक और भुसावल होते हुए मध्य प्रदेश पहुंचेगी। इसके बाद खंडवा, इटारसी, भोपाल, बीना और झांसी के रास्ते कानपुर सेंट्रल और लखनऊ पहुंचेगी। ट्रेन दूसरे दिन रात 9:30 बजे गोंडा पहुंचेगी। इसके बाद बस्ती से रात 10:37 बजे और खलीलाबाद से रात 11:07 बजे छूटकर रात 11:50 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। इससे मुंबई से लौटने वाले यात्रियों को भी अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। 20 कोच के साथ चलेगी ट्रेन रेलवे ने इस स्पेशल ट्रेन में कुल 20 कोच लगाने का निर्णय लिया है। इसमें जनरेटर सह लगेजयान और एलएसएलआरडी के दो कोच, सामान्य द्वितीय श्रेणी के चार, शयनयान श्रेणी के सात और वातानुकूलित तृतीय इकोनॉमी श्रेणी के सात कोच शामिल होंगे। त्योहारों के बाद मुंबई जाने वाले यात्रियों को नियमित ट्रेनों में कंफर्म सीट मिलने में परेशानी होती है। ऐसे में रेलवे की ओर से शुरू की जा रही यह स्पेशल ट्रेन यात्रियों के लिए अतिरिक्त विकल्प होगी। खासकर लखनऊ, कानपुर, झांसी, भोपाल और नासिक जाने वाले यात्री भी इस ट्रेन का लाभ उठा सकेंगे।
28 अक्टूबर, 2026 की रात करीब 8 बजे। प्रयागराज का एक गांव…। चारों तरफ सन्नाटा पसरा था। पुलिस ने गांव की लाइट कटवा दी थी। मौका देखकर 25-30 पुलिसवाले धड़धड़ाते हुए एक घर में दाखिल हुए। घरवाले खा-पीकर सोने की तैयारी में थे। अचानक इतनी फोर्स देखकर घर की औरतों और बच्चों के हाथ-पैर फूल गए। लेकिन, मर्दों को कुछ अंदाजा हो चुका था। कुछ बातचीत के बाद पुलिसवालों ने घर के आंगन में खुदाई शुरू कर दी। अब तक घर के बाहर मजमा-सा लग गया था। इस तरह की कार्रवाई से गांववाले भी सकते में थे। चर्चा हो रही थी कि हफ्ते भर पहले दुर्गा पूजा पर जो विवाद हुआ था, खूब बवाल हुआ था, घर के लोग दरोगा से भी भिड़ गए थे। उसी चक्कर में पुलिस आई है। लेकिन, जब असली बात पता चली तो सबके होश उड़ गए। घर के आंगन में जमीन के नीचे से नोटों से भरे 3 ड्रम मिले थे। पांच-पांच सौ रुपए की 640 गड्डियां थीं। किसी ने सोचा भी नहीं था कि गांव के एक घर में जमीन के नीचे ‘खजाना’ दबा हुआ है। इस पूरे वाकये को 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक यह नहीं पता चला कि आखिर ये रुपया आया कहां से…? गांववालों के बीच इसे लेकर तीन तरह की चर्चाएं हैं- पहली- घर के मर्द पुणे की जिस कंपनी में काम करते थे, वहां छापा पड़ा। ये लोग पैसा लेकर गांव आ गए और दोबारा वापस ही नहीं गए। दूसरी- पुणे में रहते हुए किसी सोनार के यहां पैसा चोरी करके भाग आए। ब्लैक मनी की वजह से सोनार ने भी पुलिस में शिकायत नहीं की। तीसरी- परिवार की महिलाओं का दावा है कि उन्होंने दिन-रात काम करके रुपये कमाए और बचाए हैं। ये रुपए कहां से आए, इसे समझने के लिए दैनिक भास्कर की टीम उस गांव में पहुंची। आइए, जानते हैं क्या पता चला… प्रयागराज जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर ‘बरईपुर रामनगर’ गांव है। वहां पहुंचकर हमने इस बारे में गांववालों से बात करने की कोशिश की। लेकिन, लोग कुछ भी बोलने से बचते रहे। कहने लगे, उनके खिलाफ बोलेंगे तो विवाद हो जाएगा। वो लोग लड़ाई-झगड़ा करने लगते हैं। काफी समझाने और नाम न छापने की शर्त पर गांववाले भाइयों के अमीर होने की कहानी सुनाते हैं। राजेश (जिनके घर रुपए मिले) बहुत छोटी उम्र में कमाने के लिए पुणे (महाराष्ट्र) चला गया था। परिवार में कुल 10 भाई-बहन हैं, जिनमें 6 भाई और 4 बहनें हैं। सभी बहनों और दो भाइयों यानी सबसे बड़े राजेश और दूसरे नंबर के सतीश की शादी हो चुकी है। बाकी चार राकेश, लवकुश, रजनीश, छोटू अभी कुंवारे हैं। पिता किसान, ये लोग पढ़ नहीं सके, कम उम्र में कमाने लगे इन लोगों के पिता जब तक जीवित थे, खेती-किसानी और मजदूरी करके परिवार पालते थे। आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि बच्चों को पढ़ा सकें, इसलिए घर के लड़के छोटी उम्र में ही खाने-कमाने की जुगाड़ में लग गए। 2001 में राजेश 13 साल का था, उस वक्त वो मुंबई चला गया था। वहीं छोटा-मोटा काम करता रहा। कुछ वक्त के बाद पुणे चला गया। रहने-खाने के बाद जो भी बचता, उसे घर भेज देता। छोटे भाई सतीश को भी पुणे बुला लिया। दोनों ‘मार्शल ट्रेडिंग कंपनी’ में काम करने लगे। राजेश ने अपने दो और भाइयों राकेश उर्फ महाकाल और रजनीश की नौकरी भी उसी कंपनी में लगवा दी। 2013 में राजेश की शादी हो गई। सभी एक साथ पुणे में ही रहते थे। 2018-19 में राजेश ने नौकरी छोड़ दी और पुणे के ‘रास्ता पेठ’ इलाके में ‘राज फुटवेयर’ नाम से जूते-चप्पल की दुकान खोल ली। 2022 में सभी गांव लौटे और करोड़ों की प्रॉपर्टी बनाई गांववाले बताते हैं कि साल 2022 में सभी भाई अचानक गांव वापस आ गए। साथ में बहुत सा पैसा लेकर आए, भाइयों ने सबसे पहले 8 कमरों का घर बनवाया। गांव के बाहर मेंडारा चौराहा है, यहीं मेन रोड पर 25 लाख रुपए में करीब 4 बिस्वा जमीन खरीदी। करीब 50 लाख रुपए खर्च करके ‘दो मंजिल का शॉप कॉम्प्लेक्स’ बनवाया। पहले फ्लोर पर 6 दुकानें बनवाई, नीचे के पूरे हिस्से में राजेश और राकेश ने सीमेंट-बालू की दुकान खोली। एक भाई को डीजे-साउंड का बिजनेस करवाया। इसके अलावा बेहद उपजाऊ कछार एरिया में करीब 22 बीघा खेत खरीदा। गांव में मंदिर बनवाने के लिए भी रुपए दिए। गांव वाले इतना समझ चुके थे कि इन भाइयों के पास ठीक-ठीक रुपए हैं। राजेश और उसके परिवार के बारे में पता करने के बाद दैनिक भास्कर की टीम उनके घर पहुंची। यह जानकर कि मीडियावाले आए हैं, राजेश और राकेश घर से भाग गए। घर की महिलाएं बात करने से बचती रहीं, काफी मान-मनौवल के बाद वे बातचीत को तैयार हुईं। राजेश की पत्नी बोली- टैक्सी-रिक्शा चलाकर घर बनवाया, बिजनेस किया हमारी मुलाकात राजेश यादव की पत्नी पुष्पा से हुई। वे कहती हैं- हमारे पति जब छोटे थे, तभी कमाने चले गए। मुंबई में रात-दिन रिक्शा-टैक्सी चलाया। अपनी कमाई से 4 बहनों की शादी की। किसी से कर्ज नहीं लिया। उन्होंने ही घर बनवाया, फिर भाई की शादी की। पुणे से लौटकर यहां बिजनेस शुरू किया। हम लोगों का गांव में किसी से कोई झगड़ा नहीं है। सभी अपने काम-धंधे में बिजी रहते हैं। हमने पूछा कि आपके घर इतना पैसा कहां से आया? इस पर पुष्पा कहती हैं- पैसा कहां से आया हमें कुछ नहीं पता। अब हम बस यही कहते हैं कि हम लोगों को आराम से रहने दिया जाए। आखिर हम लोग कहां तक भागेंगे? बच्चे पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे ही परेशान किया जाता रहा तो जान देने के अलावा हमारे पास कोई रास्ता नहीं बचेगा। दूसरे नंबर के भाई सतीश की पत्नी पूजा भी पुष्पा की बात दोहराती हैं। वे कहती हैं- हमारे घर के लड़के इधर-उधर भाग रहे हैं। हम सरकार से कहना चाहते हैं कि उन्हें घर पर रहने दिया जाए। कोई किसी के घर कितना दिन रहेगा। वो लोग जहां हैं, वहां से भी कहा जा रहा कि अपने घर जाइए। अब जो फैसला होगा, सरकार करेगी। फुफेरा भाई बोला- पैसा लेकर आए, लेकिन इस्तेमाल नहीं पाए घर पर ही हमारी मुलाकात राजेश-राकेश के फुफेरे भाई करन यादव से हुई। करन कहता है- ये लोग पुणे की जिस कंपनी में काम करते थे, वहां मैंने भी 4 साल काम किया है। वहां लोहा काटने का काम होता था। ये लोग हमसे 5 साल पहले से ही काम कर रहे थे। हमारी नौकरी 18 हजार रुपए में लगवाई थी। ये लोग पहले से थे तो इनकी 28-30 हजार रुपए सैलरी थी। डे-नाइट शिफ्ट से अच्छा पैसा बना लेते थे। करन बताता है कि कुछ दिन पहले दुर्गा पूजा के वक्त कुछ गांववालों से विवाद हो गया था। उसी में गांव के या फिर परिवार के ही किसी आदमी ने शिकायत कर दी और रेड डलवा दी। ये पैसा कहां से आया, हमें नहीं पता। लेकिन आदमी पैसा लेकर आया और उसे इस्तेमाल भी नहीं कर पाया। जबकि, सही तरीके से कमाकर पैसा लाया। अपने घर में रखा था, अब सब चला गया। ऊपर से सताया जा रहा है, ऐसा नहीं होना चाहिए। दुर्गा विसर्जन पर पुलिस से विवाद, वही वजह बना करन ने जिस विवाद की बात की, उस बारे में जानने के लिए हम गांव के दूसरे हिस्से में पहुंचे। लोग बताते हैं कि दुर्गाजी की मूर्ति विसर्जन यात्रा निकल रही थी। उसमें इन्हीं लोगों का डीजे लगा था। डीजे को लेकर ही गांव के किसी व्यक्ति से कुछ कहासुनी हुई। विवाद बढ़ा तो राकेश और उसके भाइयों ने मारपीट शुरू कर दी। पुलिस आई तो ये लोग उनसे भी उलझ गए। पहले डायल 112 के 2-3 सिपाही आए, फिर श्रृंगवेरपुर चौकी से दरोगा और सिपाही आए। राकेश दरोगा से भी भिड़ गया। मामला संभालने के लिए नवाबगंज थाने से बड़े दरोगा और काफी फोर्स आई, तब जाकर मामला कंट्रोल हुआ। पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लिया और परिवार की पृष्ठभूमि की जांच शुरू कर दी। गांववाले बताते हैं- इसी दौरान पुलिस को इनपुट मिला कि इन्हें कहीं से बहुत सारा सोना-चांदी मिला है। उसी के दम पर लगातार संपत्ति बना रहे हैं। इसी इनपुट पर पुलिस ने 28 अक्टूबर की रात छापेमारी की। सोना-चांदी तो नहीं मिला लेकिन जमीन के नीचे नोटों से भरे 3 ड्रम मिले। आयकर विभाग भी इसमें शामिल हुआ। गिनती हुई तो पता चला कि कुल 3 करोड़ 20 लाख 93 हजार रुपए हैं। पुणे की पुलिस टीम जल्द आएगी प्रयागराज गांववाले कहते हैं कि इन लोगों ने पैसा खर्च करने में बहुत समझदारी दिखाई थी। जमीन भी कछार एरिया में खरीदी। घर में पैसा रखा ही था, इसलिए गर्मी चढ़ गई थी। इसी वजह से गांववालों से झगड़ने लगे। इनके भाई और बहनोई सब पुणे में ही रहते थे। अचानक वहां से पैसा लेकर चले आए, उन लोगों को तो पता ही रहा होगा। अब उन्हीं में से किसी ने मामला खोल दिया। फिलहाल घटना को 10 दिन बीत चुके हैं। सारा पैसा आयकर विभाग ने बैंक में जमा करवा दिया है। लेकिन, इस बात का अब तक पता नहीं चल सका कि ये पैसा कहां से आया है। पुणे की ‘मार्शल ट्रेडिंग कंपनी’ का नाम सामने आने के बाद पुणे पुलिस कमिश्नर के पास रिपोर्ट भेजी गई है। जल्द ही पुणे पुलिस की टीम प्रयागराज आकर मामले की जांच करेगी। --------------------------- ये भी पढ़ें… ‘साफ-सुथरा रहने की बीमारी’ ने स्टूडेंट की जान ली:नोट में लिखा- बुरा होने का डर रहता है; एक काम बार-बार क्यों करते हैं लोग आपने अक्सर सुना होगा कि फलां व्यक्ति को ‘सफाई करने की बीमारी’ है या फलां व्यक्ति एक ही काम को दोहराता रहता है…। दो दिन पहले इसी बीमारी की वजह से प्रयागराज की रितु शर्मा ने सुसाइड कर लिया। डेथ नोट में लिखा- मैं एक ही चीज को बार-बार दोहराती हूं। ऐसा नहीं करने पर दिमाग मुझे डराता है कि कुछ बुरा हो जाएगा। अब मैं थक चुकी हूं। आखिर क्या है ये ‘सफाई की बीमारी’ जिसने एक होनहार छात्रा को सुसाइड करने पर मजबूर कर दिया? पढ़िए यूपी एक्सप्लेनर में…
चंद्रशेखर आजाद की पूर्व गर्लफ्रेंड रोहिणी घावरी यूपी विधानसभा चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने हस्तिनापुर सीट चुनी है। आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर इस बार हस्तिनापुर से ही चुनाव लड़ना चाहते हैं। रोहिणी ने दैनिक भास्कर से कहा- चंद्रशेखर जहां से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे, मैं भी वहीं से उनके खिलाफ मैदान में उतरूंगी। उनका दावा है कि हस्तिनापुर से चुनाव लड़ने के लिए उन्हें एक बड़ी पार्टी की ओर से ऑफर भी मिला है। सिर्फ 1969 के विधानसभा चुनाव को छोड़ दें, तो 1957 से लेकर अब तक हस्तिनापुर से जिस पार्टी का विधायक चुना गया, प्रदेश में भी उसी पार्टी की सरकार बनी। यही वजह है कि इस सीट के चुनावी नतीजों को लेकर राजनीतिक दलों की दिलचस्पी रहती है। इस हफ्ते की संडे बिग स्टोरी में रोहिणी घावरी ने कैसे यूपी में चुनावी हलचल बढ़ा दी, ये पढ़िए… चंद्रशेखर ने फरवरी, 2026 में कहा था कि पार्टी उन्हें प्रदेश की जिस भी सीट से चुनाव लड़ने के लिए कहेगी, वे उसका पूरा सम्मान करेंगे। ये उन्होंने हस्तिनापुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की चर्चाओं पर कहा था। इसके बाद जून, 2026 में उन्होंने कहा कि हस्तिनापुर से चुनाव लड़ना मेरे लिए सौभाग्य की बात होगी। पार्टी सोर्स कहते हैं कि चंद्रशेखर सांसदी से इस्तीफा देकर विधानसभा चुनाव में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। चंद्रशेखर की पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अब तक दो चरणों में 87 विधानसभा प्रभारियों की घोषणा कर चुकी है। पार्टी फिलहाल बसपा की तर्ज पर संभावित प्रत्याशियों को विधानसभा प्रभारी के रूप में घोषित कर रही है। हालांकि, इन सूचियों में हस्तिनापुर का नाम शामिल नहीं है। यानी पार्टी ने अभी तक इस सीट के लिए किसी प्रभारी की घोषणा नहीं की है। घावरी बोलीं- एक बेटी को इंसाफ जरूर मिलेगा रोहिणी घावरी ने दैनिक भास्कर को बताया- जहां से भी चंद्रशेखर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे, मैं भी वहीं से चुनाव लड़ूंगी। हस्तिनापुर से उनके चुनाव लड़ने की चर्चा है। वह किस पार्टी से चुनाव लड़ सकती है? इसके जवाब में घावरी कहती हैं कि ये सही वक्त नहीं है कि मैं पार्टी का नाम बता दूं। लेकिन यूपी की एक बड़ी पार्टी से कॉल आ चुका है। सब कुछ इस पर निर्भर करेगा कि चंद्रशेखर कहां से चुनाव लड़ते हैं। रोहिणी ने कहा- हस्तिनापुर की धरती हमेशा न्याय के पक्ष में फैसला सुनाती रही है। महाभारत काल में द्रौपदी के अपमान के बाद कौरवों को इसका परिणाम भुगतना पड़ा था। अब चंद्रशेखर को भी एक बेटी के अपमान और शोषण का जवाब यहां की जनता देगी। अब समझते हैं कि क्या रोहिणी की राह हस्तिनापुर में आसान है… चंद्रशेखर की तैयारी और 3-4 महीने की 'चुप्पी' पश्चिम यूपी की राजनीति के जानकार रवींद्र सिंह राणा के अनुसार, चंद्रशेखर आजाद ने करीब 7 महीने पहले हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र में अपनी उम्मीदवारी को लेकर माहौल बनाना शुरू किया था। उनके समर्थकों द्वारा क्षेत्र में वॉल पेंटिंग (दीवार लेखन) कराई गई थी और स्थानीय लोगों के बीच उनके चुनाव लड़ने की चर्चाएं जोरों पर थीं। चंद्रशेखर के सामने आने पर ही दिखेगा 'असर' अगर चंद्रशेखर हस्तिनापुर से मैदान में उतरते हैं, तो रोहिणी घावरी का प्रभाव यहां काफी अधिक देखने को मिलेगा। चंद्रशेखर के खिलाफ उनका खुलकर सामने आना नगीना सांसद के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। चंद्रशेखर के चुनाव लड़ने की स्थिति में सपा बड़ा दांव खेल सकती है। सपा रोहिणी घावरी को खुला समर्थन दे सकती है या फिर उन्हें अपना आधिकारिक चुनाव चिन्ह देकर मैदान में उतार सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर चंद्रशेखर हस्तिनापुर से चुनाव नहीं लड़ते हैं, तो रोहिणी घावरी को इस सीट पर कोई खास राजनीतिक फायदा नहीं मिलने वाला है- ऐसी स्थिति में यह देखना होगा कि रोहिणी किस राजनीतिक दल के बैनर तले चुनाव में उतरती हैं और वहां का जातीय समीकरण उनके पक्ष में कितना बैठता है। समाजवादी पार्टी के लिए रोहिणी घावरी पहली पसंद तभी बन सकती हैं जब सामने चंद्रशेखर हों। इसकी मुख्य वजह यह है कि हस्तिनापुर में सपा के पास पहले से ही दो कद्दावर और स्थानीय चेहरे मौजूद हैं- इन दोनों नेताओं की अपनी मजबूत दावेदारी के चलते सपा बिना किसी बड़े सियासी फायदे के किसी बाहरी चेहरे पर दांव नहीं लगाना चाहेगी। चंद्रशेखर से क्या है रोहिणी घावरी की अदावत रोहिणी ने चंद्रशेखर पर आरोप लगाया कि शादीशुदा और एक बच्चे के पिता होने के बावजूद उन्होंने उनसे झूठ बोला और शादी का भरोसा दिया। उनका दावा है कि चंद्रशेखर ने उनका शारीरिक और मानसिक शोषण किया। रोहिणी के मुताबिक, उन्होंने चंद्रशेखर को राजनीति में स्थापित करने के लिए आर्थिक मदद भी की थी। दोनों ने दलित समाज को सम्मान दिलाने का सपना साथ देखा था। लेकिन, सांसद बनने के बाद उन्हें चंद्रशेखर की 'असलियत' का पता चला। रोहिणी का यह भी दावा है कि बाद में उन्हें पता चला कि उनकी तरह कई अन्य लड़कियों के साथ भी चंद्रशेखर ने इसी तरह व्यवहार किया। उन्होंने महिला आयोग और दिल्ली के रोहिणी थाने में शिकायत देने की बात कही है। उनका आरोप है कि इसके बावजूद FIR दर्ज नहीं हुई। रोहिणी ने अपने अभियान को जातिगत न्याय के सवाल से जोड़ दिया है। सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा कि एक वाल्मीकि परिवार की लड़की के मामले में आरोपी के जाटव होने के कारण FIR दर्ज हुई। कांग्रेस, आप समेत कई नेता उसके साथ खड़े हुए, जबकि मेरे साथ कोई खड़ा नहीं हुआ। क्योंकि, पीड़िता वाल्मीकि समाज की बेटी थी और आरोपी जाटव समाज का बेटा चंद्रशेखर है। भारत लौटने से पहले ही रोहिणी ने सोशल मीडिया पर लिख चुकी हैं कि अगर उन पर कोई हमला होता है तो सीधे तौर पर चंद्रशेखर और भीम आर्मी जिम्मेदार होगी। मैं अलग-अलग राज्यों में जाकर सामाजिक बैठकें करूंगी। हस्तिनापुर सीट के नतीजे पर सबकी नजर रहती है…हस्तिनापुर विधानसभा सीट का चुनावी इतिहास भी दिलचस्प रहा है। 1969 के चुनाव को छोड़ दें तो 1957 से अब तक यहां जिस पार्टी का विधायक चुना गया, प्रदेश में उसी पार्टी की सरकार बनी। 2017 में सपा सरकार में मंत्री रहे प्रभुदयाल वाल्मीकि को भी चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। वहीं, पिछले दो चुनावों से भाजपा के दिनेश खटीक विधायक हैं। वे प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री भी हैं। हालांकि, तीसरी बार चुनाव लड़ने को लेकर वे पहले ही बयान दे चुके हैं कि हस्तिनापुर द्रौपदी की श्रापित सीट है और अब वे यहां से चुनाव नहीं लड़ेंगे। हस्तिनापुर में अब तक कोई भी विधायक एक ही पार्टी से लगातार दो बार चुनाव जीतने में सफल नहीं हुआ था। यहां मतदाताओं ने कई बार विधायक बदले तो कुछ मौकों पर विधायकों ने खुद ही पार्टी बदलकर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। 1974 में इस सीट से कांग्रेस के टिकट पर रेवती शरण मौर्य विधायक चुने गए थे। 1977 के चुनाव में उन्होंने पार्टी बदलकर जनता पार्टी से चुनाव लड़ा और दूसरी बार विधायक बने। दोनों चुनावों के बाद प्रदेश में उनकी पार्टी की सरकार बनी। टिकट कटने के बाद बदली राजनीतिक तस्वीरहस्तिनापुर के चुनावी इतिहास में टिकट कटने और पार्टी बदलने के उदाहरण भी रहे हैं। 2007 में बसपा के योगेश वर्मा विधायक चुने गए थे। 2012 में वे बसपा का टिकट नहीं मिलने के बाद पीस पार्टी से चुनाव मैदान में उतरे और हार गए। यहां से सपा प्रत्याशी को जीत मिली। इस चुनाव में बसपा को सत्ता गंवानी पड़ी और प्रदेश में सपा की सरकार बनी। इसी तरह 1977 के चुनाव में भी रेवती शरण मौर्य ने कांग्रेस छोड़कर जनता पार्टी से चुनाव लड़ा था। वे चुनाव जीतकर विधायक बने और प्रदेश में जनता पार्टी की सरकार बनी। हस्तिनापुर में जो जीता, उसी की बनी सरकार हस्तिनापुर में हार-जीत तय करते हैं मुस्लिम-दलित चंद्रशेखर जिस नगीना लोकसभा सीट से सांसद हैं, वहां मुस्लिम मतदाताओं की संख्या दलित मतदाताओं से ज्यादा है। हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र में करीब 3.50 लाख मतदाता हैं। यहां मुस्लिम मतदाताओं की संख्या एक लाख से अधिक बताई जाती है। इसके बाद गुर्जर समाज के करीब 65 हजार और दलित समाज के 60 हजार से अधिक मतदाता हैं। ऐसे में चंद्रशेखर के सामने दलित-मुस्लिम समीकरण को साधने की चुनौती होगी। दलित मतदाताओं में जाटव समाज की संख्या अधिक मानी जाती है। इसके अलावा जाट, सिख, यादव और वाल्मीकि समाज के मतदाता भी चुनावी समीकरण को प्रभावित करते हैं। ब्राह्मण, त्यागी, सैनी, कश्यप, धीमर, खटीक, प्रजापति और गिरी समाज की भी यहां मौजूदगी है। द्रौपदी के श्राप से कभी मुक्त नहीं हुआ हस्तिनापुर!मान्यता है कि करीब 5 हजार साल पहले कौरवों और पांडवों के बीच जुए का खेल हुआ था। इस खेल में धर्मराज युधिष्ठिर द्रौपदी को दांव पर हार गए थे। इसके बाद कौरवों ने भरी राजसभा में द्रौपदी का अपमान किया। उन्हें बाल पकड़कर सभा में घसीटकर लाया गया। कहा जाता है कि इस अपमान से आहत द्रौपदी ने हस्तिनापुर को श्राप दिया था कि यह नगरी कभी खुशहाल नहीं रहेगी। मान्यता के अनुसार, जिस हस्तिनापुर में एक स्त्री का इस तरह अपमान हुआ, वह हमेशा बदहाली झेलेगा। स्थानीय मान्यताओं में हस्तिनापुर की राजनीतिक अस्थिरता और यहां बार-बार विधायकों के बदलने को भी द्रौपदी के इसी श्राप से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, यह धार्मिक और लोकमान्यता है। --------------------------- यह खबर भी पढ़ें- सुरेंद्र कोली जिस फांसी से बरी हुआ...उसी पर लटका मिला, जहां दुकान खोली, वहां सदाराम बनकर रहा 13 मामलों में फांसी की सजा पा चुके सुरेंद्र कोली को बरी कर दिया गया। 19 साल तक जेल में बंद रहा सुरेंद्र छूटने के बाद उत्तराखंड में अपने गांव गया। 18 सितंबर को अचानक एक खबर आई- निठारी कांड के आरोपी रहे सुरेंद्र कोली ने फंदे से लटककर जान दी। सवाल है कि आखिर उसने ऐसा क्यों किया? इनके जवाब आज की संडे बिग स्टोरी में जानते हैं…
देश के ज्यादातर हिस्सों में कार्तिक अमावस्या पर दीपावली मनाई जाती है, लेकिन उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में आदिवासी समाज की दीपपर्व से जुड़ी एक अनूठी परंपरा है।
हरियाणा के नारनौल और महेंद्रगढ़ जिले की आबोहवा दिवाली से पहले ही खराब होने लगी। मौसम में ठंडक बढ़ने के साथ वायु प्रदूषण का स्तर भी लगातार बढ़ रहा है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार जिले में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 250 के पार पहुंच गया है। इससे लोगों को खराब हवा में सांस लेने के साथ स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का खतरा बढ़ गया है। विशेषज्ञों के अनुसार पराली का धुआं, वाहनों का प्रदूषण, सड़क की धूल और निर्माण कार्य समेत कई स्थानीय व बाहरी कारण इसके लिए जिम्मेदार हैं। राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में पराली जलाने से निकलने वाला धुआं हवा के साथ हरियाणा के विभिन्न हिस्सों तक पहुंच रहा है। हवाओं की दिशा और गति में बदलाव तथा वातावरण में ठंडक बढ़ने से प्रदूषक कण निचली सतह पर अधिक समय तक बने रह सकते हैं। इसका असर महेंद्रगढ़, नारनौल समेत दक्षिणी हरियाणा के अन्य क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है। दिवाली के पटाखों का भी असर डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि दिवाली के दौरान आतिशबाजी से निकलने वाला धुआं और सूक्ष्म कण भी वायु गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से पटाखों को लेकर प्रतिबंध और नियम लागू किए गए हैं, इसके बावजूद चोरी-छिपे पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल प्रदूषण की स्थिति को और खराब कर सकता है। उन्होंने कहा कि ग्रीन पटाखे भी पूरी तरह प्रदूषण मुक्त नहीं होते। स्थानीय स्रोत भी बढ़ा रहे प्रदूषण नारनौल में प्रदूषण के लिए बाहरी क्षेत्रों से आने वाले धुएं के साथ स्थानीय स्रोत भी जिम्मेदार हैं। सड़कों पर उड़ती धूल, निर्माण कार्य, वाहनों से निकलने वाला धुआं, खुले में कचरा जलाना और अन्य गतिविधियां हवा की गुणवत्ता प्रभावित कर रही हैं। नारनौल के साथ महेंद्रगढ़, कनीना, अटेली और नांगल चौधरी में भी धूल नियंत्रण और कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। GRAP-3 की पाबंदियां लागू बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की ओर से GRAP के तहत पाबंदियां लागू की गई हैं। इसके तहत निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर सख्ती, धूल नियंत्रण, सड़कों की सफाई और पानी के छिड़काव सहित प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों की निगरानी बढ़ाने के प्रावधान हैं। डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि PM2.5 और PM10 जैसे सूक्ष्म कण स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और सांस या हृदय संबंधी समस्या वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। प्रदूषण अधिक रहने पर खुले में अनावश्यक शारीरिक गतिविधियों से बचने और AQI की स्थिति को ध्यान में रखने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ हवा के लिए प्रशासन के साथ आमजन को भी खुले में कचरा जलाने से बचना होगा और प्रदूषण नियंत्रण में अपनी भूमिका निभानी होगी।
Hamirpur (Himachal) News: गद्दा फैक्टरी के स्टोर रूम में भड़की आग, मशीनरी और सामान जला
जिला मुख्यालय के साथ लगते बजूरी क्षेत्र के दुगनेहड़ी गांव में शनिवार सुबह एक गद्दा फैक्टरी में आग लग गई।
Bilaspur News: सीर खड्ड में सड़क निर्माण की मिट्टी फेंकने से पेयजल योजनाओं पर संकट
घुमारवीं क्षेत्र के प्रमुख जलस्रोत सीर खड्ड में सड़क निर्माण कार्य की मिट्टी डंप किए जाने का मामला सामने आया है।
मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। मंत्री ने छेड़ी ‘शराबी’ वाली धुनदीपावली पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने 'झूम बराबर झूम शराबी.. झूम बराबर झूम' का तराना छेड़ दिया। यह सुनकर आपको हैरानी जरूर हो रही होगी। दरअसल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इंदौर के एक वृद्धाश्रम में बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के बीच दीपावली मनाने पहुंचे थे। यहां उन्होंने उनके साथ अंताक्षरी भी खेली। इस दौरान ऐसा अक्षर आया कि मंत्री जी को 'शराबी' वाला गाना गाना पड़ा। वैसे, मंत्री जी ने इसके अलावा भी कई गाने सुनाए। उनके गानों और भजनों पर वृद्धाश्रम में मौजूद बुजुर्ग और दिव्यांगजन झूमते नजर आए। सीएम ने की राम भजन की डिमांडदीपावली पर सीएम डॉ. मोहन यादव भी संगीत का आनंद लेते नजर आए। वे ओरछा में भगवान राम राजा सरकार के दरबार में पहुंचे थे। यहां एक कलाकार को भजन गाते देख मुख्यमंत्री उसके पास जमीन पर बैठ गए और भजन का आनंद लेने लगे। कलाकार 'ऐसी लागी लगन, मीरा हो गई मगन' भजन गा रहा था। तभी सीएम ने उसे टोकते हुए कहा कि भगवान राम के भजन भी सुना दीजिए। इसके बाद कलाकार ने भगवान राम के भजन सुनाए। मुख्यमंत्री ने बुंदेली लोकगीतों का भी आनंद लिया और झांझर बजाई। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में दुकानदारों और आम लोगों से बातचीत भी की। प्रसाद की दुकान पर कलाकंद का स्वाद लिया और कुल्हड़ में चाय की चुस्की भी लगाई। त्योहार के बहाने नेताओं का जनसंपर्कदीपावली के मौके पर मंत्री, विधायक और सांसद से लेकर पक्ष-विपक्ष के कई नेता बाजारों में नजर आए। कोई लोगों से मेल-मिलाप में जुटा रहा तो किसी ने दीयों से लेकर दीपावली की दूसरी चीजों की खरीदारी की। सीएम डॉ. मोहन यादव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री संपतिया उइके, सांसद अनिता नागर सिंह चौहान, सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी और विधायक गोपाल परमार समेत कई नेता बाजारों में लोगों के बीच नजर आए। नेताओं की खरीदारी भी हो गई और जनसंपर्क भी। वैसे भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'वोकल फॉर लोकल' का मंत्र दिया है। अब नेताओं को इसकी कैंपेनिंग भी तो करनी है। और अब अंदर की बात.. पहले पद से हटाया, फिर वापस लियाभाजपा के बड़े नेताओं के बीच तालमेल की कमी का असर अब सेकेंड लाइन लीडरशिप पर भी दिखने लगा है। मामला महिला मोर्चे की एक पदाधिकारी को पद से हटाने और फिर महज सात दिन के भीतर दोबारा जिम्मेदारी सौंपने का है। दरअसल, संगठन के निर्देश पर महिला मोर्चे की एक पदाधिकारी को पद से हटा दिया गया। हटाई गई पदाधिकारी कांग्रेस से भाजपा में आए एक वरिष्ठ नेता की करीबी थीं। उन्होंने इस फैसले की शिकायत अपने नेता से कर दी। इसके बाद नेता जी ने सीधे महिला मोर्चा अध्यक्ष से बात की और अपनी समर्थक को दोबारा पद देने की पैरवी की। मोर्चा अध्यक्ष ने इस बारे में संगठन से बात की तो वहां से भी पदाधिकारी को वापस लेने का निर्देश मिल गया। इस तरह सात दिन के भीतर पद से हटाने और फिर वापस लेने का यह पूरा घटनाक्रम अब पार्टी के सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। ये भी पढ़ें - जयवर्धन के नारे- खाली कर दो रास्ते, राजा साहब के वास्ते: मंत्री विजयवर्गीय ने बेचे किराना सामान कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह का एक नारा सुर्खियों में है। इसमें वे ये कहते सुनाई दे रहे हैं- ‘खाली कर दो रास्ते... राजा साहब के वास्ते।’ लोग सवाल उठा रहे हैं कि जयवर्धन का यह नारा महज अपने पिता के स्वागत का अंदाज था या इसके पीछे कोई सियासी संदेश भी छिपा है? पूरी खबर पढ़ें
नमस्कार, सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नहीं बनने की वजह का खुलासा किया। न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे ODI में विराट कोहली ने एक और रिकॉर्ड बनाया। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे जानिए गाजियाबाद की पुलिस चौकी में धमाका हुआ। ⏰आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर नजर रहेगी… 1. पीएम मोदी जवानों के साथ दिवाली मनाएंगे। 2. शेयर बाजार का दिवाली ट्रेडिंग मुहूर्त दोपहर 2:30 बजे से शाम 3:30 बजे तक रहेगा। कल की बड़ी खबरें… 1. अयोध्या में 30 लाख दीये जलाए, आतिशबाजी हुई, लेजर शो से रामायण दिखाई गई अयोध्या में 10वें दीपोत्सव के मौके पर सरयू नदी के किनारे 56 घाटों पर करीब 30 लाख दीये जलाए गए। राम की पैड़ी और सरयू घाट पर लेजर शो से रामायण दिखाई गई। 2100 ड्रोन के जरिए स्पेशल शो किया गया। सरयू तट पर 2147 अर्चकों ने सरयू की महाआरती की। इसके बाद आतिशबाजी की गई। इसके पहले अयोध्या में करीब 3 घंटे तक शोभा यात्रा निकाली गई। इनमें रामायण के सात कांडों को दर्शाया गया था। दीपोत्सव देखने के लिए मुंबई, गुजरात और बिहार सहित देशभर से लोग पहुंचे हैं। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और सीएम योगी समेत कई मंत्री भी मौजूद रहे। पूरी खबर पढ़ें… 2. अखिलेश 12 दिसंबर को रामलला के दर्शन करेंगे, योगी बोले- माफी मांगकर अयोध्या से जाएं सपा प्रमुख अखिलेश यादव के 12 दिसंबर को अयोध्या में रामलला के दर्शन करने को लेकर सीएम योगी ने पलटवार किया है। योगी ने कहा- रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले अयोध्या जरूर आएं। लेकिन जब वह यहां आएं, तो एक बार माफी मांगकर जाएं। प्रभु श्रीराम उन्हें माफ कर देंगे। शनिवार को 'दैनिक भास्कर' से बातचीत में पूर्व मंत्री और सपा नेता पवन पांडेय ने कहा था कि अखिलेश के साथ उनकी पत्नी डिंपल यादव और बच्चे भी अयोध्या जाएंगे। पूरा परिवार हनुमानगढ़ी में दर्शन करेगा। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा (22 जनवरी, 2024) के बाद यह पहला मौका होगा, जब अखिलेश यादव राम मंदिर में दर्शन करेंगे। अब तक भाजपा इस मुद्दे पर लगातार सपा प्रमुख को घेरती रही है। सीएम योगी के पलटवार के बाद अखिलेश ने जवाब दिया। कहा- अयोध्यावाले मुख्यमंत्री जी से पूछ रहे हैं कि चढ़ावा-चंदा-दान’ चोरी के मामले में “दूध का दूध, पानी का पानी” कब होगा? होगा भी या नहीं होगा? पूरी खबर पढ़ें 3. सोनिया ने बताया 2004 में क्यों ठुकराया था PM पद, बोलीं- राहुल और प्रियंका भी नहीं चाहते थे कि मैं प्रधानमंत्री बनूं सोनिया गांधी ने 2004 में प्रधानमंत्री पद ठुकराने पर कहा कि राहुल और प्रियंका भी नहीं चाहते थे कि मैं प्रधानमंत्री बनूं। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी से मुलाकात के 60 साल बाद भी मैं वही इंसान हूं, बस अब पहले जितना हंसती नहीं। वहीं, सोनिया ने कहा कि भारत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मेरी सोच अलग है। सोनिया ने पिछले 12 साल में देश के लोकतंत्र और संस्थाओं को हुए नुकसान पर भी चिंता जताई। दरअसल, सोनिया ने अपनी किताब ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ को लेकर ‘द हिंदू’ को इंटरव्यू दिया है। उनकी किताब 10 नवंबर को लॉन्च होगी। आपातकाल के सवाल पर क्या बोलीं सोनियां ? आपातकाल के लिए इसके लिए सिर्फ संजय गांधी जिम्मेदार नहीं थे, हालांकि आम लोगों की नजर में अक्सर उनका नाम आपातकाल का पर्याय बन गया है। इंदिरा गांधी पर उनके कुछ वरिष्ठ सहयोगियों का भी काफी दबाव था।आपातकाल के दौरान वास्तव में क्या-क्या हो रहा था और उसकी गंभीरता कितनी थी, इसका मुझे पता आपातकाल खत्म होने के बाद ही चला। पूरी खबर पढ़ें… 4. गाजियाबाद पुलिस चौकी धमाके में दिल्ली नंबर की स्कूटी मिली, कश्मीर के आतंकी संगठन ने ली जिम्मेदारी गाजियाबाद में वसुंधरा पुलिस चौकी में धनतेरस की रात हुए ब्लास्ट को लेकर कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। दावा किया जा रहा है कि एलिवेटेड रोड से विस्फोटक नीचे चौकी पर फेंका गया। वहां दिल्ली नंबर की संदिग्ध स्कूटी भी मिली है। इससे पहले, ATS-NIA, बम निरोधक दस्ते की टीम मौके पर पहुंची और सबूत जुटाए। सोशल मीडिया पर कश्मीर के आतंकी संगठन की तरफ से धमाके की जिम्मेदारी लेने के बाद आतंकी साजिश की भी जांच की जा रही है। डीआईजी एटीएस अभिषेक यादव के नेतृत्व में टीम ने जांच शुरू कर दी है। धमाका इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात करीब 9 बजे के बीच हुआ। धमाका इतना तेज था कि चौकी के कमरों की खिड़कियों के शीशे टूट गए। एसी क्षतिग्रस्त हो गए और दीवार में दरार आ गई। घटना के वक्त चौकी में एक सब-इंस्पेक्टर मौजूद था। गनीमत रही कि उसे कुछ नहीं हुआ। कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ ने बताया- बम निरोधक दस्ता, फील्ड यूनिट और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। यूपी पुलिस की अलग-अलग एजेंसियां जांच में जुटी हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि धमाका किस वजह से और किस चीज से हुआ। फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही धमाके की वजह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस चौकी एरिया को सील किया गया वसुंधरा चौकी एलिवेटेड रोड के नीचे बनी है। एलिवेटेड रोड की ऊंचाई जमीन से करीब 35 फीट है। वहीं, पुलिस चौकी से एलिवेटेड रोड के नीचे वाले हिस्से की दूरी महज 15 कदम है। पुलिस और जांच एजेंसियों ने पूरे इलाके को सील कर दिया है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि सड़क के ऊपर से किसी ने विस्फोटक सामग्री फेंकी थी। उससे ही धमाका हुआ है। एलिवेटेड रोड पर लगे CCTV की जांच की जा रही है। पढ़ें पूरी खबर 5. हार के बाद ट्रम्प ने करीबी सलाहकार सूसी को निकाला, स्टीफन मिलर को जिम्मेदारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मिडटर्म चुनाव में हार के बाद अब अपनी करीबी सलाहकार सूसी वाइल्स को चीफ ऑफ स्टाफ पद से हटा दिया है। ट्रम्प ने सूसी की जगह स्टीफन मिलर को यह जिम्मेदारी सौंपी है। मिलर इससे पहले व्हाइट हाउस में डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ थे। मिलर भारत विरोधी बयानों की वजह से कई बार चर्चा में रह चुके हैं। चुनावी हार के बाद वाइल्स से नाराज थे ट्रम्प मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद ट्रम्प वाइल्स और अपने दूसरे राजनीतिक सलाहकारों से नाराज थे। चुनाव के नतीजे आने के दौरान उन्होंने वाइल्स की आलोचना की थी। ट्रम्प को लगता था कि उनके प्रशासन से जुड़ी गोपनीय जानकारियां बाहर जा रही हैं। उन्हें यह भी शिकायत थी कि उनके राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में तेजी नहीं आ रही। ट्रम्प को शक था कि वाइल्स ही प्रशासन से जुड़ी जानकारियां बाहर पहुंचा रही हैं। इसी वजह से उन्होंने कई नियुक्तियों के फैसलों में भी वाइल्स को शामिल करना बंद कर दिया था। पूरी खबर पढ़ें… 6. विराट कोहली ने पोंटिंग का रिकॉर्ड तोड़ा, न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे कामयाब वनडे बल्लेबाज बने विराट कोहली ने ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग का रिकॉर्ड तोड़ा है। कोहली न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे में 1,978 रन बना चुके हैं। पोंटिंग के 1,971 रन हैं। 1750 रन के साथ सचिन तेंदुलकर तीसरे नंबर पर हैं। विराट के अलावा रोहित शर्मा ने पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शाहीद अफरीदी का रिकॉर्ड तोड़ा। रोहित न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे में सबसे ज्यादा 51 छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। अफरीदी ने 50 छक्के लगाए हैं। न्यूजीलैंड को लगातार दूसरा वनडे हराया वेलिंगटन में खेले गए दूसरे वनडे में भारत ने न्यूजीलैंड को डकवर्थ-लुईस (DLS) नियम से 4 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने 5 मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। वेलिंगटन में बारिश के कारण मुकाबला 47 ओवर का कर दिया गया था। टॉस जीतकर भारत ने पहले गेंदबाजी चुनी। न्यूजीलैंड की टीम 41 ओवर में 134 रन पर सिमट गई। 135 रन का पीछा करते हुए भारत ने 26 ओवर में 7 विकेट पर 113 रन बनाए थे, तभी बारिश के कारण खेल रोकना पड़ा। इस समय DLS के तहत भारत का स्कोर 109 रन के पार था। टीम 4 रन आगे थी और इसी आधार पर जीत मिली। पूरी खबर पढ़ें… 5. टेक-महिंद्रा के पूर्व एशिया हेड की 9 गोलियां मारकर हत्या, पार्किंग से गाड़ी हटाने पर पड़ोसी से विवाद हुआ था हरियाणा के फरीदाबाद में टेक महिंद्रा के पूर्व एशिया हेड परमजीत धनखड़ की 9 गोली मारकर हत्या कर दी गई। उनका पड़ोसी मोनू शर्मा ने पार्किंग और पालतू कुत्ते को पॉटी कराने और को लेकर विवाद था। परमजीत का परिवार सेक्टर-21C की बिल्डिंग नंबर 641 की पहली मंजिल पर रहता है। आरोपी मोनू का परिवार तीसरी मंजिल पर रहता है। शुक्रवार रात परमजीत जिम से लौटे और अपनी तय जगह पर खड़ी मोनू की गाड़ी हटाने को कहा तो उसने 15 राउंड फायर किए। शनिवार शाम 4 बजे आरोपी गिरफ्तार किया। भांजे की शादी में शामिल होने सिंगापुर से आए थे परिवार के मुताबिक, परमजीत सिंगापुर में रहते थे। वे 5 नवंबर को भारत आए थे। उन्हें 24 नवंबर को भांजे की शादी में शामिल होना था। पूरी खबर पढ़ें… आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. नेशनल: PM मोदी ने देशवासियों को दिवाली की शुभकामनाएं दीं: कहा- इस बार भी जवानों के साथ त्योहार मनाऊंगा; पिछले साल INS विक्रांत पर गए थे (पूरी खबर पढ़ें) 2. इंटरनेशनल: व्हाइट हाउस के पास वेनेजुएलाई युवक हथियारों के साथ गिरफ्तार: वहां के राष्ट्रपति अमेरिका में बंदी; पुलिस को बताया- ट्रम्प को मारने के ख्याल आते हैं (पूरी खबर पढ़ें) 3. केरल: CJP के मार्च में 'लेके रहेंगे आजादी' के नारे लगे:कोच्चि में दीपके बोले- पूरे देश में तिरंगा लेकर जाऊंगा, जहां चाहें, गिरफ्तार कर लें (पूरी खबर पढ़ें) 4. इंटरनेशनल: लॉरेंस गैंग से जुड़ा गैंगस्टर हैरी बॉक्सर अमेरिका में पकड़ाया: रोहित शेट्टी के घर फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी, सलमान-कपिल को भी धमकाने का आरोप (पूरी खबर पढ़ें) 5. उत्तर प्रदेश: जज से बोले आरोपी- बुलेट प्रूफ जैकेट-हथकड़ी पहनाकर यूपी भेजें: एनकाउंटर हो जाएगा; कोर्ट ने इजाजत दी, कहा- पुलिस ध्यान रखे, अनहोनी न हो (पूरी खबर पढ़ें) 6. नेशनल: वायुसेना का गजराज 13 हजार फीट की ऊंचाई पर उतरा: दुनिया का सबसे ऊंचा एयरबेस, लद्दाख की यह जगह चीन सीमा से 23km दूर (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है… खबर हटके… 60 दिन सोने के मिले ₹9.6 लाख मुंबई की जिनिया चटर्जी ने 60 दिन तक सोकर ₹9.6 लाख जीत लिए. वेकफिट की स्लीप इंटर्नशिप में 2 लाख लोगों ने आवेदन किया था। जिनिया को घूमने के लिए स्पॉन्सर्ड वेकेशन भी मिला। प्रतियोगिता में हर हफ्ते नींद से जुड़े मजेदार टास्क मिलते थे। पूरी खबर पढ़ें… फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर: क्या इजराइल में नेतन्याहू जेल जाएंगे, आइजनकोट का पीएम बनना तय; अरब पार्टियां सरकार में शामिल हुईं, तो क्या-क्या बदलेगा 2. कमल हासन@72, नाथूराम गोडसे को कहा पहला हिंदू आतंकवादी: कभी कहा- सनातन की बेड़ियां तोड़ने का हथियार शिक्षा, जानिए बड़े बयान और विवादों की कहानी 3. आपका पैसा- दिवाली के खर्चों से बिगड़ गया बजट:अपनाएं 7 दिन का मनी डिटॉक्स प्लान, एक्सपर्ट से समझें खर्चों में कहां, कैसे करें कटौती 4. जरूरत की खबर- इन 5 कारणों से लगती आग:आग लगने पर तुरंत उठाएं ये 10 जरूरी कदम, ये 8 लापरवाहियां न करें 5. भास्कर एक्सक्लूसिव: पाकिस्तानी क्रीम से खराब हो रही किडनी:महाराष्ट्र में प्रतिबंधित; MP में धड़ल्ले से बिक रही, ऑनलाइन भी उपलब्ध 6. मध्यप्रदेश एक्सप्लेनर: माफी मांगी, क्या फिर भी धीरेंद्र शास्त्री को जेल होगी: भगवान कृष्ण पर टिप्पणी से वंशज की मानहानि कैसे; शिकायतकर्ता को क्या साबित करना होगा? ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज राशिफल… कर्क राशि वालों को दिन की शुरुआत में अच्छी खबर और तुला वालों को चिंता से राहत मिलेगी। जानिए आज का राशिफल…
काशी की महिलाएं बना रहीं रेल इंजन, हस्तशिल्प और टेक्सटाइल में भी दिखा रहीं हुनर
काशी की महिलाएं अब घर की जिम्मेदारियों के साथ औद्योगिक विकास में भी अहम भूमिका निभा रही हैं।
नमस्कार, वाराणसी की कल (शनिवार) की बड़ी खबरें… दिवाली से पहले रेलवे स्टेशन पर पुलिस, RPF और GRP ने यात्रियों के बैग, पार्सल और लॉकर रूम की जांच की। डॉग स्क्वायड और बम स्क्वायड भी मौजूद रहे। उधर, परमानंदपुर मिनी स्टेडियम में करीब 410 खिलाड़ियों ने 25 हजार मिट्टी के दीप जलाए। दीपोत्सव मनाया। सिलसिलेवार पढ़िए 10 खबरें- 1- दीपावली से पहले वाराणसी जंक्शन पर चला चेकिंग अभियान, डॉग स्क्वाएड साथ रहा वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन पर दीपावली से पहले शनिवार को पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान चलाया। एसीपी चेतगंज शुभम जैन के नेतृत्व में पुलिस, RPF और GRP ने यात्रियों के बैग, पार्सल और लॉकर रूम की जांच की। डॉग स्क्वायड और बम स्क्वायड भी मौजूद रहे। एक प्लाटून PAC तैनात की गई। पुलिस ने अवैध पटाखों की खरीद-बिक्री और भंडारण रोकने के लिए यह अभियान चलाया। यात्रियों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई। पढ़ें पूरी खबर… 2- दीपावली पर 3 स्थिर लग्न में लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त, जानिए शुभ समय दीपावली पर 8 नवंबर को मां लक्ष्मी की पूजा के लिए तीन स्थिर लग्न में मुहूर्त रहेगा। ज्योतिषाचार्य श्रीराम शर्मा के मुताबिक, पहला कुंभ लग्न दोपहर 1:22 से 2:53 बजे, दूसरा वृष लग्न शाम 6 से 7:54 बजे और तीसरा सिंह लग्न रात 12:26 से 2:40 बजे तक रहेगा। गृहस्थों के लिए वृष लग्न विशेष शुभ है। पूजा में कमल का फूल, लाल वस्त्र और श्रीसूक्त पाठ का विशेष महत्व है। पढ़ें पूरी खबर... 3- अपार्टमेंट की तीसरी मंजिल पर लगी आग, महिला झुलसी, दोनों बच्चों को सुरक्षित निकाला भेलूपुर स्थित कृष्णा अपार्टमेंट में शनिवार सुबह 5 बजे तीसरी मंजिल के बंद फ्लैट में आग लग गई। लपटें डक्ट के रास्ते चौथी और पांचवीं मंजिल तक पहुंच गईं। हादसे में पांचवीं मंजिल पर रहने वाली महिला झुलस गईं। उनके दोनों बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया। दमकल और NDRF ने एक घंटे में आग पर काबू पाया। महिला को BHU ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका है। पढ़ें पूरी खबर... 4- मिनी स्टेडियम में 25 हजार दीये जलाकर मनाया दीपोत्सव, 410 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा वाराणसी के परमानंदपुर मिनी स्टेडियम में शनिवार शाम राष्ट्र के नाम दीपोत्सव आयोजित हुआ। इसमें हॉकी, हैंडबॉल, रग्बी, जूडो समेत विभिन्न खेलों के करीब 410 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। खिलाड़ियों ने मैदान और ट्रैक पर 25 हजार मिट्टी के दीप जलाए। इसके बाद आतिशबाजी की और सैकड़ों आकाशदीप आसमान में छोड़े। आयोजक डॉ. एके सिंह ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रप्रेम, एकता और सामाजिक सद्भाव की भावना मजबूत करना है। पढ़ें पूरी खबर… 5- सपा सभासद भइया लाल यादव सहित 5 पर FIR, 3 महीने पहले भी गए थे जेल वाराणसी में सपा पार्षद भइया लाल यादव और उनके परिवार के पांच लोगों पर महिला की शिकायत पर नया मुकदमा दर्ज हुआ है। महिला का आरोप है कि पहले दर्ज केस की पैरवी करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई। मारपीट कर केस से जुड़े सबूत वाला मोबाइल भी छीन लिया गया। आरोपियों में पार्षद की पत्नी मंजू, दोनों बेटे गौरव और अभिषेक तथा साला विनोद शामिल हैं। चेतगंज पुलिस मामले की जांच कर रही है। पढ़ें पूरी खबर... 6- बिस्मिल्लाह खां के परिजन बनवाएंगे घर में संग्रहालय, पोते बोले- एक फ्लोर पर बनाएंगे भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के जर्जर मकान के पुनर्निर्माण को लेकर सियासत तेज हो गई है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर कला और कलाकारों के खिलाफ होने का आरोप लगाया। उन्होंने सत्ता में आने पर उस्ताद की सांगीतिक विरासत को सहेजने के लिए संग्रहालय बनाने की बात कही। वहीं, पोते मोहम्मद सिब्तेन ने कहा कि परिवार की सहमति से निर्माण हो रहा है। एक फ्लोर पर 10x15 फीट का संग्रहालय भी बनेगा। पढ़ें पूरी खबर... 7- अन्नपूर्णा मंदिर में दूसरे दिन लगी लाइन, लाखों भक्तों ने खजाना और आशिर्वाद लिया काशी के मां अन्नपूर्णा मंदिर में शनिवार को दूसरे दिन भी श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। धनतेरस की रात तक करीब 2 लाख भक्त मां के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन कर चुके थे। शनिवार सुबह मंगला आरती के बाद कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं ने दर्शन किए और प्रसाद में सिक्के व लावा प्राप्त किया। मंदिर में 10 नवंबर तक दर्शन और खजाना वितरण होगा। अन्नकूट पर बाबा विश्वनाथ को 56 भोग अर्पित किए जाएंगे। पढ़ें पूरी खबर... 8- ट्रक से टकराई श्रद्धालुओं की टूरिस्ट बस, 20 घायल; चालक को झपकी आने से हादसा वाराणसी के मिर्जामुराद में शनिवार तड़के करीब 3 बजे NH-19 पर श्रद्धालुओं से भरी टूरिस्ट बस खड़े ट्रक से टकरा गई। हादसे में 20 यात्री घायल हो गए। बस में 50 से अधिक लोग सवार थे और सभी वृंदावन से पश्चिम बंगाल लौट रहे थे। यात्री विश्वजीत चौधरी के मुताबिक, चालक ने रास्ते में नींद आने की बात कही थी। झपकी लगने से बस अनियंत्रित होकर ट्रक से टकरा गई। छह गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पढ़ें पूरी खबर... 9- अनंत सिंह बोले- अगली बार आऊंगा, कोई नहीं रोक पाएगा; काशी में एंट्री नहीं मिली थी मोकामा विधायक अनंत सिंह ने शनिवार को वाराणसी में प्रवेश नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। प्रयागराज में उन्होंने कहा, 'इस बार नहीं आ पाए। सब जेसीबी लगाकर पता नहीं कहां भाग गए थे? अगली बार आएंगे तो कोई नहीं रोक पाएगा।' शुक्रवार को पुलिस ने धनतेरस और दिवाली पर भीड़ का हवाला देकर उनके 400 गाड़ियों के काफिले को डाफी में रोक दिया था। वह बीएचयू में महामना मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण करना चाहते थे। पढ़ें पूरी खबर... 10- बिस्मिल्लाह खां के पुश्तैनी मकान के जीर्णोद्धार पर VDA सचिव बोले- वारिस अपनी मर्जी से करा रहे निर्माण वाराणसी में भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के पुश्तैनी मकान को गिराने का मामला सोशल मीडिया पर गरमा गया है। वीडीए सचिव वेद प्रकाश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि चौक के भीखाशाह गली स्थित जर्जर मकान का नवीनीकरण उनके पौत्र मोहम्मद सिब्तैन करा रहे हैं। इसमें वीडीए या जिला प्रशासन की कोई भूमिका नहीं है। परिवार ने नए भवन में उस्ताद की याद में संग्रहालय बनाने की जानकारी भी दी है। पढ़ें पूरी खबर…
दीपावली के त्योहार पर पूरा शहर रोशनी से जगमगा उठा है। शहर के प्रमुख बाजारों से लेकर चौराहों और मंदिरों तक आकर्षक सजावट की गई है। सदर बाजार, आबूलेन, बुढ़ाना गेट, जीआईसी मैदान के आसपास समेत शहर के प्रमुख बाजारों में रंग-बिरंगी लाइटें लगाई गई हैं। कहीं झालरों से बाजारों को सजाया गया है तो कहीं अलग-अलग डिजाइन की आकर्षक लाइटें लगाई गई हैं। शहर के प्रमुख मंदिरों को भी रोशनी से सजाया गया है। प्रमुख चौराहों पर भी आकर्षक लाइटिंग की गई है। बाजारों में खरीदारी के साथ लोग सजावट देखने के लिए भी पहुंच रहे हैं। तस्वीरों में देखिए -
दीपावली पर मौसम का मिजाज राहत देने वाला रहेगा, लेकिन प्रदूषण त्योहार की खुशियों में खलल डाल सकता है। रविवार सुबह हल्की ठंडक महसूस होगी, जबकि दिन में तेज धूप निकलने से मौसम गर्म रहेगा। शाम ढलते ही तापमान में गिरावट के साथ ठंडक बढ़ने लगेगी। मौसम साफ रहने के बीच प्रदूषण का बढ़ा स्तर लोगों की परेशानी बढ़ा सकता है। खासकर सांस और आंखों से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल शहर के कल्याणपुर इलाके की हवा सबसे अधिक प्रदूषित है। उत्तर पश्चिमी हवाएं बढ़ाएंगी ठंड मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि उत्तर-पश्चिमी हवाओं के लगातार चलने से ठंडक का असर बढ़ रहा है। दीपावली के दिन अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 से 16 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। उत्तर-पश्चिम दिशा से करीब 6-7 मील प्रति घंटे की रफ्तार से हल्की हवाएं चलेंगी। सुबह और रात में गुलाबी ठंड का एहसास होगा, जबकि दोपहर में तेज धूप के चलते हल्की गर्मी रहेगी। कल्याणपुर की हवा सबसे प्रदूषित, AQI 306 शहर में प्रदूषण का स्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है। शनिवार को विभिन्न क्षेत्रों में एक्यूआई 260 से 306 के बीच दर्ज किया गया। कल्याणपुर की हवा सबसे प्रदूषित रही, जहां एक्यूआई 306 पहुंच गया। गुरुदेव पैलेस में 291, काकादेव और खलासी लाइन में 285, गुमटी नंबर पांच में 280, दबौली में 279 और गोविंद नगर में 276 एक्यूआई दर्ज किया गया। प्रदूषण बढ़ने से लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा। दीपावली पर आतिशबाजी के बीच प्रदूषण का स्तर और बढ़ने की आशंका लोगों की चिंता बढ़ा रही है। शनिवार को सुबह-शाम ठंड, दोपहर में धूप से गर्मी सीएसए की ओर से शनिवार को जारी मौसम रिपोर्ट के अनुसार अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.3 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.8 डिग्री अधिक था। सुबह और शाम ठंडी हवाओं के चलते ठंडक महसूस हुई, जबकि दोपहर में तेज धूप के कारण हल्की गर्मी का एहसास हुआ।
नमस्कार, कानपुर की कल (शनिवार) की 10 बड़ी खबरें…महाराजपुर में 26 साल की महिला बॉक्सर मंतशा कुमारी का शव मिला। वो जाजमऊ के एक जिम में ट्रेनर के रूप में काम कर रही थीं। माता-पिता ने बेटी के बॉयफ्रेंड पर हत्या करने का शक जताया। पनकी के रतनपुर में एक बेटा अपने डॉक्टर पिता की लाश के साथ 7 दिनों तक रहा। वहीं, दिवाली पर शहर के पटाखा बाजारों की रंगत पूरी तरह बदली हुई नजर आ रही है। विसलिंग चकरगिन्नी और गिटार, कार्टून कैरेक्टर वाले पटाखे भी लोग जमकर खरीद रहे हैं। ऐसे ही 10 बड़ी खबरों को देखने के लिए ऊपर VIDEO पर क्लिक करें।अब सिलसिलेवार 10 खबरें पढ़ें… 1-तेज रफ्तार थार ने स्कूटी सवार को रौंदा, लड़की ड्राइव कर रही थी, कूदकर दूसरी कार से भागी कानपुर में शनिवार की रात करीब 7:40 बजे तेज रफ्तार थार ने स्कूटी सवार को टक्कर मार दी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, थार की रफ्तार तेज थी। ड्राइवर ने स्कूटी सवार को संभलने का मौका नहीं दिया। टक्कर के बाद गाड़ी एक मकान के बाहरी गार्डन में घुस गई। थार में सवार लोग गाड़ी को छोड़कर मौके से भाग गए। स्कूटी सवार की पहचान पनकी के स्वराजनगर के रहने वाले संतोष सिंह चौहान के (55) के रूप में हुई है।पूरी खबर पढ़ें… 2- दिवाली की खरीदारी करने निकली 26 साल की बॉक्सिंग प्लेयर की हत्या, मां बोली- बॉयफ्रेंड ने मार डाला कानपुर में दीपावली की खरीदारी करने निकली 26 साल की जिम ट्रेनर की हत्या कर दी गई। मां का कहना है कि बेटी को उसके बॉयफ्रेंड ने मार डाला। जिम ट्रेनर गुरुवार को घर से निकली थी। उसे घरवालों ने काफी ढूंढा, लेकिन कहीं नहीं मिली। इसके बाद उन्नाव के गंगाघाट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस को शुक्रवार को एक लड़की का शव मिला। इसके बाद पुलिस ने उसके घरवालों को सूचना दी। शनिवार सुबह पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे घरवालों ने शव की शिनाख्त अपनी बेटी मंतशा कुमारी के रूप में की। मंतशा बॉक्सिंग की प्लेयर भी रह चुकी थी। उसने यूपी लेवल पर गोल्ड मेडल जीता था।पूरी खबर पढ़ें… 3- हाई-प्रोफाइल पब के बाहर बोतल से सिर फोड़ा:पांच सेकेंड में युवक को जड़े चार थप्पड़, VIDEO कोतवाली थाना क्षेत्र के हाई प्रोफाइल पब Studio Xo के बाहर एक मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दो पक्षों में गाली-गलौज व मारपीट होती नजर आ रही है। वहीं एक दबंग दूसरे पक्ष के युवक के सिर पर बोतल मारता दिख रहा है, जबकि अन्य एक शख्स दूसरे युवक की कॉलर पकड़ महज पांच सेकंड में एक के बाद एक चार थप्पड़ की मारते हुए दिख रहा है।पूरी खबर पढ़ें... 4- डॉक्टर पिता की लाश के साथ 7 दिन रहा बेटा, बेटी धनतेरस पर मिठाई लेकर पहुंची तो पता चला कानपुर में डॉक्टर की मौत के बाद बेटा 7 दिन तक शव के साथ फ्लैट में रहा। शुक्रवार को धनतेरस पर कार खरीदने के बाद बेटी पिता को मिठाई खिलाने पहुंची, तब घटना का पता चला। दरवाजा खटखटाने पर भाई ने गेट खोला तो अंदर तेज बदबू आई। कमरे में बेड पर पिता का सड़ा शव देखकर बेटी अर्चना चीख पड़ी। उसने आसपास के लोगों और पुलिस को बुलाया। 82 साल के डॉ. प्रेम प्रकाश की मौत कैसे हुई, फिलहाल इसका पता नहीं चला है। परिवार के मुताबिक, बेटे विजय श्रीवास्तव की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। मामला पनकी के अमन एनक्लेव का है।पूरी खबर पढ़ें… 5- तालाब की जमीन पर चला बुलडोजर:3 घंटे चली कार्रवाई, भू-माफियाओं ने प्लाटिंग की थी घाटमपुर के पतारा में भूमाफियाओं द्वारा सरकारी तालाब की जमीन पर किए गए अवैध कब्जे और प्लाटिंग के मंसूबों पर शनिवार को प्रशासन का बुलडोजर चला। कागजों में हेरफेर कर तालाब की जमीन को निजी भूमि के रूप में दर्ज कराने के बाद यहां प्लाटिंग की जा रही थी। डीएम महेंद्र सिंह तंवर के निर्देश पर हुई जांच में जमीन सरकारी तालाब की निकली थी।पूरी खबर पढ़ें... 6- माता लक्ष्मी का ₹52 लाख के नोटों से श्रृंगार, 10-500 के नोट से दीवारें सजीं, VIDEO कानपुर में परमट स्थित बाबा आनंदेश्वर मंदिर परिसर के भीतर महालक्ष्मी मंदिर में 52 लाख रुपए के नोटों से श्रृंगार किया गया है। यहां माता लक्ष्मी और कुबेर जी का मंदिर है, जहां की दीवारों से लेकर पूरे मंदिर की ऊपरी छत पर नोटों से आकर्षक सजावट की गई है। माता के दर्शन और नोटों से किए गए अनोखे श्रृंगार को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। नोटों की सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर में 5 बाउंसर तैनात किए गए हैं। इनमें महिला और पुरुष बाउंसर अलग-अलग जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। सजावट को भाई दूज तक रखा जाएगा।पूरी खबर पढ़ें... 7- दिवाली पर गूंजेगी 'विसलिंग चकरगिन्नी':आसमान में तैरेंगे पैराशूट, बच्चों में कार्टून क्रैकर्स का क्रेज त्योहारों के इस सीजन में कानपुर के पटाखा बाजारों की रंगत पूरी तरह बदली हुई नजर आ रही है। बिठूर स्थित सिंहपुर के थोक बाजार से लेकर बृजेंद्र स्वरूप पार्क, यूनियन क्लब और कल्याणपुर सहित शहर के लगभग एक हजार फुटकर बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इस बार पारंपरिक पटाखों के साथ-साथ कई नए और इनोवेटिव पटाखों की वैरायटी बाजार की शान बढ़ा रही है। पूरी खबर पढ़ें... 8- सवा करोड़ की मर्सिडीज बिकी:धनतेरस पर 250Kg सोना और 10 हजार किलो चांदी बिकी धनतेरस पर कानपुर के बाजारों में जमकर धनवर्षा हुई। ऑटोमोबाइल, सराफा, इलेक्ट्रॉनिक्स और बर्तन समेत सभी प्रमुख बाजारों में ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी। देर रात तक बाजार गुलजार रहे। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक, इस बार शहर में करीब 2,500 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ। पिछले साल धनतेरस पर करीब 2,000 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ था। यानी इस बार धनतेरस पर कारोबार ने रिकार्ड तोड़ दिया है।पूरी खबर पढ़ें... 9-रंगीन रोशनी से नहाया शहर:मेट्रो से लेकर लाल इमली तक जगमग, ऊंची इमारतों में भी सजावट कानपुर में दीपावली की रौनक पूरे शहर को रोशनी के रंगों में रंग दिया है। शाम ढलते ही कानपुर का नजारा किसी रोशनियों के शहर जैसा हो जाता है। मेट्रो स्टेशनों को आकर्षक झालरों से सजाया गया है। बड़ा चौराहा स्थित शहर का प्रमुख मॉल जेड स्क्वायर भी रंगीन रोशनी में नहाया हुआ है। शहर की विरासत लाल इमली की ऐतिहासिक इमारत पर लगी फसाड लाइट उसकी खूबसूरती में चार चांद लगा रही है। रात में इसकी चमक किसी विदेशी इमारत का एहसास कराती है।पूरी खबर पढ़ें... 10-दीपावली के दिन मेट्रो की बदली टाइमिंग:शाम 7 बजे बंद हो जाएंगी कानपुर में दीपावली के त्योहार को देखते हुए कानपुर मेट्रो रेल प्रशासन ने 8 नवंबर (रविवार) को मेट्रो ट्रेन सेवाओं के समय में बदलाव किया है। दीपावली के दिन मेट्रो का संचालन सुबह 6 बजे से शुरू होगा और शाम 7 बजे तक ही यात्रियों को सेवा मिलेगी। मेट्रो प्रशासन के अनुसार, आईआईटी कानपुर और कानपुर सेंट्रल मेट्रो स्टेशन दोनों टर्मिनल स्टेशनों से पहली ट्रेन सुबह 6 बजे रवाना होगी। वहीं, दोनों स्टेशनों से आखिरी ट्रेन शाम 7 बजे रवाना होगी। इसके बाद मेट्रो सेवाएं बंद हो जाएंगी।पूरी खबर पढ़ें…
दीपावली खुशियों, रोशनी और उल्लास का त्योहार है, लेकिन एक परिवार के लिए यह दिन जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द लेकर आया। साल 2022 में दीपावली की रात एक रॉकेट ने 4 साल की मासूम सौम्या की जिंदगी छीन ली थी। हादसे को चार साल बीत चुके हैं, लेकिन मां शशि के दिल में बेटी को खोने का दर्द आज भी ताजा है। दीपावली की रोशनी जब हर तरफ खुशियां बिखेरती है, तब इस परिवार की आंखों में सौम्या की यादें आंसू बनकर उतर आती हैं। पिता के साथ प्लाट पर दिया जलाने गई थी शहर के बनारसी दास मोहल्ला में जितेंद्र परिवार के साथ रहते हैं। 24 अक्टूबर 2022 को चार साल की सौम्या अपने पिता के साथ प्लाट पर दीपक जलाने गई थी। रात करीब 8 बजे घर में पूजा करने के बाद परिवार प्लाट पर पहुंचा था। इसी दौरान अचानक किसी ने रॉकेट छुड़ाया। रॉकेट गलत दिशा में आया और सीधे सौम्या के पेट में घुस गया। प्रशासन ने परिवार को दी थी 50 हजार की मदद घर वाले जब तक कुछ समझ पाते उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। आनन-फानन में बच्ची को जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। रॉकेट किसने छोड़ा था, यह आज तक पता नहीं चल सका। बेटी की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां ने जिस बेटी को गोद में खिलाकर भविष्य के सपने संजोए थे, वह पलभर में हमेशा के लिए दूर हो गई। प्रशासन की ओर से परिवार को 50 हजार रुपए की मदद दी गई, लेकिन बेटी को खोने के दर्द की भरपाई कोई नहीं कर सका।इलाज कराते-कराते खुद बीमार हो गई मां दैनिक भास्कर की टीम ने मां से बात की तो हादसे की यादें साझा करते हुए शशि भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि बेटी की मौत के बाद वह इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर सकीं और खुद बीमार रहने लगीं। काफी इलाज कराने के बाद उनकी तबीयत में सुधार हुआ। आज उनकी दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी 8 साल की गुल्लू और छोटी बेटी 1 साल की है। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जितेंद्र मजदूरी करके घर का खर्च चलाते हैं। आर्थिक तंगी के चलते बड़ी बेटी गुल्लू की पढ़ाई भी नहीं हो पा रही है। बेटी की मौत वाले प्लाट पर ही बना लिया आशियाना शशि बताती हैं कि हादसे के समय परिवार किराये के मकान में रहता था। जिस प्लाट पर सौम्या की जान गई, आज उसी जगह उन्होंने अपना मकान बना लिया है। घर की हर दीवार के साथ सौम्या की यादें जुड़ी हैं। जिस जमीन पर कभी बेटी के साथ दीपक जलाने पहुंची थीं, आज वहीं परिवार जिंदगी गुजार रहा है। घर बन गया, वक्त गुजर गया, परिवार में दो और बेटियां भी आ गईं, लेकिन सौम्या की कमी कभी पूरी नहीं हो सकी। मां बोली- त्योहार मां की गोद सूनी करने के लिए नहीं शशि की आंखों में आंसू और जुबां पर बस एक ही अपील है कि दीपावली पर लोग ऐसी आतिशबाजी न करें, जिससे किसी की जान पर बन आए। वह कहती हैं कि त्योहार खुशियां बांटने के लिए होते हैं, किसी मां की गोद सूनी करने के लिए नहीं। आतिशबाजी करते समय जरा सी लापरवाही किसी परिवार की पूरी जिंदगी का उजाला छीन सकती है। उनके परिवार ने जो दर्द सहा है, वह किसी दूसरे परिवार को न सहना पड़े। सौम्या अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी यादें मां के दिल में आज भी जिंदा हैं। हर दीपावली पर जलते दीपकों के बीच शशि को अपनी बेटी की याद आती है और आंखें नम हो जाती हैं।
इंदिरापुरम चौकी में विस्फोट के बाद अलर्ट:गाजियाबाद में 1200 मीटर के दायरे में जांच, दहशत फैलाना मकसद
गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र की वसुंधरा पुलिस चौकी पर 6 नवंबर की रात विस्फोट हुआ था। चौकी के पीछे और सामने दोनों तरफ सड़क है। इसके ऊपर एलिवेटेड रोड भी है, जो गाजियाबाद को दिल्ली से जोड़ती है। चौकी से करीब 1200 मीटर की दूरी पर पुलिस को एक संदिग्ध स्कूटी लावारिस हालत में मिली है। जांच एजेंसियां पता लगा रही हैं कि इस स्कूटी का विस्फोट की घटना से कोई संबंध है या इसे कोई अन्य व्यक्ति लावारिस छोड़ गया। लखनऊ से ATS के DIG अभिषेक यादव भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने टीम के साथ करीब 22 मिनट तक मौके पर जांच-पड़ताल की। जांच एजेंसियां इस पूरे मामले में मिले साक्ष्यों की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं। दहशत फैलाना तो मकसद नहीं था? जांच एजेंसियां इस आशंका पर भी काम कर रही हैं कि वसुंधरा पुलिस चौकी पर धमाके का मकसद सिर्फ दहशत फैलाना तो नहीं था। दरअसल, घटना के वक्त चौकी पर न तो ज्यादा पुलिसकर्मी मौजूद थे और न ही वहां भीड़भाड़ थी। आसपास कोई प्रमुख बाजार भी नहीं है। धमाके की तीव्रता इतनी नहीं थी कि चौकी की संरचना को बड़ा नुकसान पहुंचता। इससे सिर्फ खिड़की-दरवाजे हिले। चौकी के पीछे बने जर्जर कमरे की दीवार में दरारें आई हैं, जबकि चौकी की एक ईंट तक नहीं हिली। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फोरेंसिक जांच में अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि धमाके में किस तरह के विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ। यानी यह दिवाली के पटाखे का धमाका था या किसी अन्य विस्फोटक का, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। जिस आतंकी संगठन ने X पर पोस्ट के जरिए धमाके की जिम्मेदारी ली थी, वह अकाउंट कुछ ही घंटे में डिएक्टिवेट हो गया। ऐसे में जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं इसका मकसद दहशत फैलाना तो नहीं था। आतंकी संगठन के नाम पर भी सवाल तहरीक-उल-मुजाहिदीन आतंकी संगठनों की सूची में शामिल है। गृह मंत्रालय की ओर से सूचीबद्ध आतंकी संगठनों में भी इसका नाम है। हालांकि, इस मामले में सोशल मीडिया पर जारी लेटरहेड को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लेटरहेड पर संगठन का पूरा नाम 'तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान' लिखा है। 'हिंदुस्तान' नाम जुड़ा यह संगठन पहली बार सामने आया है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि वीडियो में धमाके की जिम्मेदारी लेने वाला व्यक्ति भारत में मौजूद है या विदेश में। यह वीडियो धमाके से पहले तैयार किया गया था या बाद में, इसकी भी जांच हो रही है। जिस 'Ghazi 2' नाम के X अकाउंट से वीडियो और लेटरहेड पोस्ट किया गया था, उसे रातोंरात बंद क्यों कर दिया गया? ऐसे कई सवाल हैं, जिनकी जांच की जा रही है। पुलिस की लापरवाही पर भी सवाल पुलिस चौकी के पास लगे यूनिपोल पर एक कैमरा खराब हालत में लटका मिला है। इससे इंदिरापुरम थाना पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। अगर कैमरा सही हालत में होता तो पुलिस और जांच एजेंसियों को सीसीटीवी फुटेज से मदद मिल सकती थी। चौकी के आसपास पुराने वाहन खड़े हैं। इसके बराबर में नई चौकी का निर्माण भी चल रहा है। इन बिंदुओं पर जांच कर रही एजेंसियां
हरियाणा में प्रदूषण का प्रकोप लगातार गंभीर बना हुआ है। 7 नवंबर शाम 4 बजे जारी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के 24 घंटे के औसत AQI बुलेटिन में हरियाणा के शहर देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में शामिल हैं। बल्लभगढ़ का AQI 409 दर्ज हुआ, जो देश के 284 शहरों में सबसे अधिक है। वहीं सिरसा 383 AQI के साथ दूसरे और पंचगांव 377 के साथ तीसरे स्थान पर रहा। बहादुरगढ़ में AQI 364 और दिल्ली में 369 दर्ज किया गया। प्रदेश के कई शहरों में 300 से ज्यादा एक्यूआई हरियाणा के हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रदेश के कई शहरों में AQI 300 के पार पहुंच चुका है। गुरुग्राम में 345, फरीदाबाद में 336, रोहतक में 320, हिसार में 316, भिवानी में 307 और सोनीपत में 304 AQI दर्ज हुआ। यानी प्रदेश के कई शहरों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है। वहीं NCR के शहरों में दिल्ली के साथ हरियाणा के औद्योगिक और शहरी क्षेत्र भी प्रदूषण की चपेट में हैं। देश के अन्य राज्यों से तुलना देश के दूसरे राज्यों के शहरों से तुलना करें तो राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के शहरों में प्रदूषण का स्तर सबसे चिंताजनक दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में AQI 277, ग्रेटर नोएडा में 281, नोएडा में 297 और हापुड़ में 307 दर्ज हुआ। राजस्थान के अलवर में 232, जयपुर में 231 और बीकानेर में 271 AQI रहा। इसके मुकाबले हरियाणा के कई शहर इनसे काफी आगे निकल गए हैं। दूसरी तरफ दक्षिण और पूर्वोत्तर के कई शहरों में हवा की स्थिति बेहतर है। आइजोल में AQI 42, गंगटोक में 33, मैसूर में 89 और चेन्नई में 74 दर्ज किया गया। यानी देश में प्रदूषण का असर एक जैसा नहीं है, लेकिन उत्तर भारत का मैदानी क्षेत्र इसकी सबसे ज्यादा मार झेल रहा है। NCR के हरियाणा वाले जिलों पर ग्रैप-3 लागू प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 6 नवंबर को पूरे दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण लागू कर दिया। इससे पहले 21 अक्टूबर को ग्रैप-1 और 2 नवंबर को ग्रैप-2 लागू किया गया था। अब गंभीर श्रेणी (AQI 401-450) के लिए निर्धारित अतिरिक्त पाबंदियां भी प्रभावी हो गई हैं। एनसीआर में ये उठाए जा रहे कदम… स्कूलों में हाइब्रिड पढ़ाई : हरियाणा के NCR क्षेत्र में गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत जैसे जिलों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। GRAP-3 के तहत निर्माण और तोड़फोड़ की धूल उड़ाने वाली गतिविधियों पर रोक, प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर सख्ती और स्कूलों में हाइब्रिड पढ़ाई जैसे कदम शामिल हैं। आवश्यक और छूट प्राप्त परियोजनाओं को निर्धारित नियमों के तहत राहत मिलेगी। ऑफिसों में 50 प्रतिशत कटौती के आदेश : इसके अलावा CAQM ने 5 से 20 नवंबर तक दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में सरकारी व निजी कार्यालयों में 50% कर्मचारियों की फिजिकल उपस्थिति और बाकी को वर्क फ्रॉम होम देने के निर्देश भी दिए हैं। यह व्यवस्था GRAP-3 से अलग एहतियाती आदेश के तहत लागू है। हरियाणा में पंचकूला सबसे ठंडा, हिसार में पारा 32.6C तक पहुंचा हरियाणा में मौसम में धीरे-धीरे ठंडक घुलने लगी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), चंडीगढ़ के अनुसार राज्य में औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से 2C अधिक दर्ज किया गया है, जबकि औसत अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है। पंचकूला में प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान 12.9C रिकॉर्ड किया गया। वहीं हिसार के केंद्र पर प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 32.6C दर्ज किया गया।
खरगोन के नावडाटोड़ी में दीपावली पर नर्मदा के उत्तरी तट पर 5 हजार से ज्यादा दीप जलाए गए। शाम को दीपों की रोशनी से नर्मदा घाट जगमगा उठे। आयोजन में 500 से ज्यादा नर्मदा भक्त सेवकों ने हिस्सा लिया। शाम 7 बजे संतों और पुजारियों की मौजूदगी में भक्तों ने दीप जलाए और मां नर्मदा की आरती की। इस दौरान नर्मदा की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखने का संदेश दिया गया। दीपावली पर नर्मदा भक्त मंडल की टीम ने घाटों पर सफाई अभियान चलाया। टीम ने घाट किनारे जमा निर्माल्य, फटे-पुराने कपड़े, पॉलिथीन और गाद हटाकर नदी किनारे से बाहर निकाली और नष्ट की। श्रद्धालुओं ने दीपदान के साथ मां नर्मदा के तटों को साफ रखने का संकल्प लिया। आयोजन में कसरावद और नावडाटोड़ी के नर्मदा भक्तों के अलावा बड़ी संख्या में संत और नर्मदा परिक्रमावासी मौजूद थे।
गणगौर घाट पर 15-16 नवंबर को सामूहिक छठ महापर्व
खंडवा| शहर में 15 और 16 नवंबर को गणगौर घाट सहित जिलेभर में बिहार और उत्तर भारत के निवासियों की ओर से छठ महापर्व प्रमुखता से मनाया जाएगा। गणगौर घाट और सूरजकुंड सहित अन्य स्थानों पर श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार, घरों में भी छठ पूजन करेंगे। गणगौर घाट पर होने वाले सामूहिक छठ महापर्व पूजन की तैयारियों को लेकर स्थानीय छठ पूजन समिति की बैठक आयोजित की गई। इसमें समिति के अध्यक्ष एसजे श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष सुधीर शर्मा, सचिव अंकित सिंह, उपाध्यक्ष संतोष शर्मा, अंकेश वर्मा, सह-सचिव आदित्य सिंह, अभिषेक सिंह और सुभाष सिंह के साथ कार्यकारिणी सदस्य आलोक तिवारी, हरेंद्रनाथ ठाकुर, रंजीत सिंह, एसएस साव, रामेश्वर चौधरी और कुलदीप पटवा को जिम्मेदारी सौंपी गई। अध्यक्ष एसजे श्रीवास्तव ने बताया इस बार भी गणगौर घाट पर सामूहिक रूप से छठ महापर्व मनाया जाएगा।
फुटपाथ दुकानों से खरीदारी कर विधायक ने दिया लोकल फॉर वोकल' का संदेश
भास्कर संवाददाता | खंडवा दीपावली के मौके पर स्थानीय व्यापारियों और छोटे व्यवसायियों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से विधायक कंचन मुकेश तनवे ने लोकल फॉर वोकल' के संकल्प के साथ बाजार पहुंचकर खरीदारी की। उन्होंने परिवार के साथ घंटाघर और आसपास के बाजार में फुटपाथ पर लगी दुकानों से दीपावली की सामग्री खरीदकर लोगों से स्थानीय दुकानदारों से ही खरीदारी करने की अपील की। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन के अनुसार, विधायक ने मां लक्ष्मी की प्रतिमा, मिट्टी के दीपक, फूलों की झालर, झाड़ू सहित दीपावली से जुड़ी अन्य सामग्री फुटपाथ दुकानों से खरीदी। इस दौरान उन्होंने दुकानदारों से बातचीत भी की और छोटे व्यापारियों व स्थानीय कारीगरों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। सुनील जैन ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल फॉर वोकल' आह्वान को आगे बढ़ाते हुए कंचन मुकेश तनवे त्योहारों पर स्वयं बाजार पहुंचकर स्थानीय दुकानों से खरीदारी करती हैं, ताकि आम नागरिक भी स्थानीय बाजार और छोटे व्यापारियों से खरीदारी के लिए प्रेरित हों। विधायक ने कहा कि स्थानीय दुकानदारों और छोटे व्यवसायियों से खरीदारी करने पर उनकी आय बढ़ती है और त्योहारों में होने वाली बिक्री उनके परिवारों की खुशियों से जुड़ी रहती है। उन्होंने कहा कि फुटपाथ और छोटी दुकानों से सामान खरीदना छोटे व्यापारियों के लिए उपहार जैसा है। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि स्वदेशी उत्पादों और स्थानीय दुकानदारों को प्राथमिकता देकर शहर की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है। उनके अनुसार दीपावली की खुशियां तभी सार्थक होंगी, जब स्थानीय दुकानदारों और कारीगरों के घरों में भी खुशियों के दीप जलें।
किशोर नगर में 20 से श्रीमद् भागवत कथा
खंडवा | किशोर नगर में 20 से 26 दिसंबर तक श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। आयोजन किशोर नगर रहवासी संघ, मनोकामनेश्वर हनुमान मंदिर प्रबंधन समिति, मनोकामनेश्वर महिला मंडल और मनोकामनेश्वर महादेव सेवा समिति के तत्वावधान में होगा। कथा वाचन प्रयागराज के स्वामी जयरामदास के साथ तय है। शुरुआत पर क्षेत्र में कलश यात्रा निकाली जाएगी।कलश यात्रा संघ अध्यक्ष प्रेमनारायण तिवारी के निर्देश में होगी। समिति प्रवक्ता निर्मल मंगवानी के अनुसार कार्यक्रम किशोर नगर स्थित हनुमान वाटिका में, पुजारी मनोज उपाध्याय के सानिध्य में होगा। कथा प्रतिदिन दोपहर 1 से शाम 5 बजे तक प्रस्तावित है।
महावीर मोक्ष कल्याणक से पहले जैन मंदिर में हुई मांडना सजाओ प्रतियोगिता
भास्कर संवाददाता | खंडवा खंडवा में भगवान महावीर स्वामी के मोक्ष कल्याणक, निर्वाण महोत्सव के पूर्व बजरंग चौक स्थित महावीर दिगंबर जैन मंदिर में गुरुवार दोपहर मांडना सजाओ प्रतियोगिता आयोजित की गई। समाज के सचिव सुनील जैन के अनुसार कार्तिक कृष्ण पक्ष अमावस्या के दिन 9 नवंबर, सोमवार को प्रातःकाल खंडवा के समस्त दिगंबर जैन मंदिरों में मोक्ष कल्याणक मनाया जाएगा। प्रतियोगिता को आस्था और कला के संगम के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें दीपावली पर घरों के भीतर और आंगन में गेरू व खड़ू से बनाए जाने वाले मांडने की परंपरा को मंदिर परिसर में प्रस्तुत किया गया। आयोजन में समाज की 10 महिलाओं ने डेढ़ बाय डेढ़ फीट के निर्धारित आकार में खड़ू और गेरू से अपनी कला व भक्ति के साथ मांडने सजाए। प्रतिभागियों में प्रियल बेनाड़ा, विजया रावका, बबीता लुहाड़िया, अर्पिता रावका, गुलिशा छाबड़ा, शिल्पी गंगवाल, उमा गंगवाल, मेघा पहाड़िया और प्रणिका बड़जात्या शामिल रहीं। समाज ने बताया कि निर्णायकों के निर्णय के अनुसार प्रतियोगिता में प्रथम स्थान सिद्धि लुहाड़िया, द्वितीय उमा गंगवाल और तृतीय स्थान टीना छाबड़ा ने प्राप्त किया। सांत्वना पुरस्कार प्रियल बेनाड़ा और प्रणिका बड़जात्या को दिया गया। आयोजन के समापन पर अध्यक्ष दिलीप पहाड़िया, सचिव सुनील जैन, संयोजक ममता कासलीवाल और प्रीति लोहाडिया ने विजेताओं व प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।
जरूरतमंद परिवारों को 1 माह का राशन दिया
भास्कर संवाददाता | खंडवा मानव सेवा को ध्येय मानकर सत्य साई सेवा समिति की ओर से दीपावली के अवसर पर शहर के जरूरतमंद और असहाय 21 परिवारों को अमृत कलश वितरित किए गए। जिलाध्यक्ष तरुण झवर ने बताया कि यह वितरण प्रतिमाह समिति के सदस्यों और शहर के दानदाताओं के सहयोग से किया जाता है, ताकि नियमित रूप से जरूरतमंद परिवारों तक एक माह का आवश्यक राशन पहुंच सके। समिति संयोजक दशरथ पटेल तथा सेवा प्रभारी सुभाष दुबे और विनय डोंगरे के अनुसार सामान्य रूप से अमृत कलश में एक माह का अनाज, राशन सामग्री, मसाले, शक्कर, तेल, घी के साथ नहाने और कपड़े धोने का साबुन शामिल रहता है। दीपावली के विशेष अमृत कलश में इसके अतिरिक्त रवा, मैदा, मिठाई, नमकीन तथा पांच दीपक, बाती और तेल भी रखे गए, ताकि संबंधित जरूरतमंद घरों को रोशन कर त्योहार अच्छे से मना सकें। झोनल अध्यक्ष भारत झवर ने बताया कि सत्य साईं बाबा के राष्ट्रीय नारायण सेवा कार्यक्रम के तहत संगठन की समितियों द्वारा हर जिले में पिछले 15 वर्षों से नियमित रूप से अमृत कलश वितरित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसमें समिति के साथ शहर के कई दानदाता भी स्वेच्छा से सहयोग करते हैं। दीपावली के अवसर पर तरुण झवर ने नागरिकों से अपील की कि यदि आसपास कोई असहाय परिवार दिखाई दे तो समिति को जानकारी दें, ताकि सामूहिक सहयोग से उन्हें भी प्रतिमाह एक माह का राशन उपलब्ध कराया जा सके और इस सेवा से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जा सके।
समागम पोर्टल पर सत्र, शिक्षकों को अपडेट रखने की सलाह
खंडवा | पीएम केंद्रीय विद्यालय खंडवा में वित्तीय साक्षरता और केवीएस के समागम पोर्टल पर जागरूकता सत्र आयोजित हुआ। शिक्षक मनीष अग्रवाल ने धन सृजन, वित्तीय अनुशासन और निवेश विकल्पों पर जानकारी दी। उन्होंने बीमा, सावधि व आवर्ती जमा, पीपीएफ के साथ डीमैट खाता और म्यूचुअल फंड जैसे आधुनिक विकल्पों पर चर्चा की। आयकर अधिनियम 2025 के प्रावधानों और आयकर पोर्टल की अद्यतन जानकारी रखने पर भी जोर दिया गया। यशदेव हाड़ा ने समागम पोर्टल के उपयोग, सावधानियों और डेटा डिजिटलीकरण की प्रक्रिया समझाई। प्राचार्य धनिराम पटेल ने पोर्टल पर सूचनाएं समय पर और त्रुटिरहित अपडेट करने के निर्देश दिए। अंत में लक्ष्मी प्रसाद चौधरी ने आभार व्यक्त किया।
दुर्गाधाम मंदिर में धनतेरस पर धन्वंतरि पूजन, महाआरती की
खंडवा | किशोर नगर जूनियर एलआईजी स्थित दुर्गाधाम मंदिर में धनतेरस पर धन्वंतरि पूजन और महाआरती आयोजित की गई। कार्यक्रम पंडित श्याम सरमंडल के सानिध्य में हुआ। प्रवक्ता निर्मल मंगवानी के अनुसार रात 9 बजे अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना के साथ माता और धन्वंतरि का पूजन कर महाआरती की गई। इसके बाद प्रसादी वितरण हुआ। संगीतमय महाआरती में भजन गायक दीपक तांबट और अशोक दुबे ने प्रस्तुति दी। देर रात तक भजन संध्या चली, जिसमें सुनील सोमानी सहित कलाकारों ने भजन सुनाए। इस मौके पर पं. प्रेमनारायण तिवारी, पं. मनोज उपाध्याय, मनोहर चंदानी, शिवनारायण लाड़, राधेश्याम राठौर, कौशल मेहरा, हेमंत मंगवानी, संजय पाठक, निर्मल मंगवानी, मां दुर्गा धाम मंदिर निर्माण समिति की नेहा कटारे, नीलम मेहरा, नेहा मंगवानी, ज्योति मंगवानी, मीरा लाड़ आदि मौजूद रहे।
दीपावली से पहले गेंदे के फूलों से महका बाजार, 50 से 60 रु. किलो तक बिके फूल
भास्कर संवाददाता|खंडवा जिले में इस बार अच्छी बारिश और अनुकूल मौसम रहने से कई गांव गेंदा के फूलों से महक रहे हैं। खेतों में फूलों की बहार है। महाराष्ट्र नहीं स्थानीय गेंदे के फूलों से बाजार महक रहा है। दीपावली से एक दिन पहले शहर में गेंदे के फूल की जमकर बिक्री हुई। पूजन के साथ ही लोगों ने घरों को सजाने के लिए गेंदे के फूलों की खरीदी की। स्थानीय गेंदे के फूलों की बाजार में अधिक आवक है। व्यापारियों के मुताबिक शहर में रोजाना 300 से 350 क्विंटल गेंदा आ रहा है। शनिवार को 50 से 60 रुपए किलो फूल बिका। फूल विक्रेताओं के अनुसार दीपावली पर गेंदे के फूल के अच्छे भाव मिलने की संभावना है। फूलमाली एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष पटेल और फूल विक्रेता आशीष माली, अशोक माली ने बताया बाजार में अभी 50 से 60 रुपए किलो गेंदा फूल बिक रहा है। कहीं-कहीं अच्छी क्वालिटी और बड़े साइज का फूल 70 रुपए किलो तक भी बिक रहा है। जिले के नहाल्दा, सुरगांव जोशी, पलकना, आवलिया, पांजरिया, टिगरिया सहित अन्य क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में फूल आ रहा है। कुछ साल पहले तक व्यापारियों द्वारा महाराष्ट्र के बुलढाना से माल बुलवाया जा रहा है। लेकिन स्थानीय स्तर पर ही फूलों की आवक अच्छी है, इससे दीपावली तक गेंदा फूल के अच्छे भाव रहने की संभावना है। गेंदे के फूलों से महका बाजार।
दीपावली आज... रोशनी से चमकी खंडवा की धरती
खंडवा| दीपावली पर खंडवा की धरती रोशनी से चमक उठी। पहली बार दीपावली पर ड्रोन से 360 डिग्री पर शहर का हर कोना रोशन नजर आया। शहरवासियों ने घरों को आकर्षक रोशनी से सजाया। छोटी दिवाली पर शहर के मध्य घंटाघर क्षेत्र से लिए इस फोटो में नगर निगम तिराहा से घंटाघर, स्टेशन रोड सहित जलेबी चौक, बजरंग चौक, कहारवाड़ी, सराफा, बुधवारा सहित आस-पास के क्षेत्र रोशनी से सराबोर दिखाई दिए। लोगों ने कार, बाइक, आभूषणों के साथ ही विभिन्न वस्तुओं की तीन दिन में जमकर खरीदी की। इससे बाजार भी ग्राहकों की भीड़ से चमक उठे। सभी बाजारों में लोगों ने जमकर खरीदी की। शहर के अलग-अलग शोरुम से 600 बाइक, 200 कार और 100 से अधिक ट्रैक्टर बिक गए। इसी तरह दो दिन में 2100 बाइक, 500 कार और 250 से ज्यादा ट्रैक्टर बिके। दीपावली के दिन भी व्यापारियों को अच्छे कारोबार होने की उम्मीद है। शहर के घंटाघर क्षेत्र से लिए फोटो में पूरा शहर जमगम नजर आ रहा है। फोटो-विकास चौहान
सीजन की सबसे ठंडी रात, पारा 15 डिग्री, 10 के बाद बढ़ेगा ठंड का असर
खंडवा| नवंबर के पहले सप्ताह के आखिरी दिनों में ठंडक का अहसास बढ़ने लगा है। रात व सुबह हल्की ठंड है तो दिन में धूप का असर दिखाई दे रहा है। शनिवार को शहर में सुबह से मौसम साफ रहा। इसके असर से तापमान में गिरावट आई है। शुक्रवार-शनिवार की रात इस सीजन की सबसे सर्द रात रही। न्यूनतम तापमान 15.0 डिग्री रहा। हालांकि अधिकतम तापमान में भी मामूली गिरावट आई। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार दीपावली के बाद धीरे-धीरे ठंडक तेज होगी। शनिवार को दिन के तापमान में 0.4 और रात में 1 डिग्री की कमी आई। दिन का तापमान 32.1 डिग्री और रात का तापमान 15.0 डिग्री रहा। आगे क्या... उत्तर से आएगी बर्फीली हवा मौसम एवं कृषि विशेषज्ञ डॉ. सौरव गुप्ता के अनुसार उत्तर भारत में गुलाबी ठंड शुरू हो चुकी है। आने वाले दिनों में वहां ठंड का दौर और तेज होगा तथा पहाड़ों पर बर्फबारी की संभावनाएं बढ़ेंगी। उत्तर भारत की बर्फबारी से 10 से 12 नवंबर के बीच ठंडी हवा का असर शुरू होगा।
स्टेशन री-डेवलपमेंट शुरू, टिकट काउंटर शिफ्टिंग के लिए तोड़ा यूनियन कार्यालय
खंडवा स्टेशन री-डेवलपमेंट (पुनर्विकास) के तहत पहले चरण का काम शुरू हो गया है। प्लेटफार्म नंबर-1 की ओर बने जनरल और रिजर्वेशन टिकट काउंटर सहित रेलवे कार्यालयों को पार्सल ऑफिस में शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए पार्सल ऑफिस के एक हिस्से में बने कर्मचारी यूनियन के कार्यालय और लायंस भवन को तोड़ा जा रहा है। 30 नवंबर से पहले पार्सल ऑफिस में रेलवे का जनरल और रिजर्वेशन टिकट काउंटर शिफ्ट होगा। इसके बाद दिसंबर से पुराने भवनों को तोड़ने का काम शुरू होगा। रेलवे विकास प्राधिकरण खंडवा स्टेशन का 346.5 करोड़ रुपए की लागत से तीन चरणों में री-डेवलपमेंट किया जाएगा। पुराने भवन को तोड़ते मजदूर। पहले चरण में 72 करोड़ रुपए की लागत से दो साल में स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 पर रेलवे ऑफिस सहित चार मंजिला व्यवसायिक भवन का निर्माण होगा। रेलवे ऑफिस के अतिरिक्त भवनों में यात्री सुविधाओं के लिए होटल, रेस्टोरेंट सहित अन्य आधुनिक व्यवस्थाएं निजी कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी। 27 एकड़ में स्टेशन का विकास किया जाएगा। फिलहाल पुराना स्टेशन 2746 वर्गमीटर में बना हुआ है। प्रस्तावित प्लान में 32,916 वर्गमीटर में स्टेशन का विकसित किया जाएगा। प्लेटफार्म पर आने के लिए यात्रियों के निकासी और प्रवेश द्वार अलग होंगे। स्टेशन पर 2 से बढ़कर 18 एस्केलेटर, 3 की जगह 21 लिफ्ट लगेगी। प्लेटफार्म नंबर-6 को जोड़ने वाली फुट ओवर ब्रिज की चौड़ा कर रुफ प्लाजा 6130 वर्गमीटर में बनेगा। प्लेटफार्म नंबर-1 की ओर जगह बढ़ाने के नए भवन डिजाइन की गई है। आरएलडी द्वारा बनाए गए स्टेशन री-डेवलपमेंट के प्लान में अभी हनुमानजी का मंदिर शामिल है लेकिन नए फुट ओवर ब्रिज को सीधा करने के लिए डीआरएम मंदिर वर्तमान जगह से विस्थापित करना चाह रहे हैं। पिछले महीने निरीक्षण पर आए डीआरएम ने मंदिर को शिफ्ट करने को लेकर स्थानीय स्तर पर समन्वय बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए थे। इसके तहत पिछले दिनों सांसद पाटिल के साथ चर्चा में अहम मुद्दा रेलवे की ओर मंदिर की शिफ्टिंग ही थी। फिलहाल रेलवे के प्लान में मंदिर को रखकर आर्किटेक्ट ने एफओबी का उतार और चढ़ाव पुराने जनरल रिजर्वेशन काउंटर की ओर दिया है। जिस पर डीआरएम ने आपत्ति ली है। ^नवंबर के आखिरी सप्ताह में जनरल व रिजर्वेशन टिकट काउंटर शिफ्ट किया जाएगा। दिसंबर से पुराने भवनों को तोड़ने काम शुरू होगा। एमके मीना, चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर, गति शक्ति विभाग, भुसावल मंडल
आगरा के बर्खास्त फायरमैन जितेंद्र राठौर ने UP-112 पर कॉल करके सीएम योगी के गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मठ में आग लगाने की धमकी दी थी। इसके बाद धमकी देने वाला जितेंद्र राठौर आगरा के थाने में थाना प्रभारी को दीवाली की मिठाई देने पहुंच गया। थाना प्रभारी ने हंसते हुए मिठाई ली। इसका वीडियो पर भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पहले बताते हैं मठ को धमकी की बातशिकोहाबाद निवासी बर्खास्त फायरमैन जितेंद्र राठौर का एक आडियो दो दिन पहले वायरल हुआ था। इसमें वो सीओ से फोन पर बात कर रहा था। जितेंद्र राठौर ने कहा- मुझे निर्धारित अवधि में जांच आख्या प्राप्त नहीं हुई तो मैं क्या करूं? मुझे जांच आख्या प्राप्त नहीं हुई तो मैं योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर मठ में जाकर आग लगा दूंगा। इस पर 112 पर बात कर रही यूपी पुलिस की महिला कर्मचारी ने कहा - सर, ऐसा कोई गलत कदम मत उठाइए। इस पर जितेंद्र राठौर ने कहा -मैं क्या करूं? रिफाइनरी के प्रवीण तिवारी मुझे गलत कदम उठाने पर विवश कर रहे हैं। और मैं 112 पुलिस को यह नहीं बताऊंगा कि मैं लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सक्रिय सदस्य भी हूं। मुझे कानून तोड़ने पर विवश न किया जाएआप रिकॉर्ड करिए मेरी बात को। मैं 112 पुलिस को नहीं बताऊंगा कि मैं लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सक्रिय सदस्य भी हूं। और यदि जांच आख्या समय पर प्राप्त नहीं हुई तो योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर मठ में जाकर आग लगा दूंगा। परिणाम चाहे कुछ भी हो। जय हिंद, जय भारत, जय समाजवाद, भारत माता की जय। मैं सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में याचिकाकर्ता भी हूं। मेरा डायरी नंबर 34554/2000 है। मुझे कानून तोड़ने पर विवश न किया जाए। UP-112 कंट्रोल रूम पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को आगरा का बर्खास्त फायरमैन जितेंद्र राठौर बताया। उसने कहा कि वह गोरखपुर मठ में आग लगा देगा। उसने मुख्यमंत्री के खिलाफ भी आपत्तिजनक बातें कहीं। न्यू आगरा थाने पहुंच मिठाई दीगोरखपुर मठ को बम से उड़ाने की धमकी देने के बाद बर्खास्त फायरमैन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें वो आगरा के न्यू आगरा थाने के बाहर खड़ा है। उसके हाथ में मिठाई का डिब्बा है। वो कहता है कि मैं फायर फाइटर जितेंद्र राठौर। इस थाने में मेरे ऊपर नकल माफिया आलोक उपाध्याय के द्वारा बलात्कार का आरोप लगाया गया। मैं थानाध्यक्ष महोदय को दीपावली की शुभकामनाएं देने जा रहा हूं। फिर वो वीडियो बनवाता हुआ, थाना प्रभारी के कक्ष में प्रवेश करता है। इसके बाद वो थाना प्रभारी को मिठाई का डिब्बा देता है। थाना प्रभारी उससे वीडियो बंद करवाने का इशारा करते हैं। वो कहता है कि कैमरामैन वीडियो बंद नहीं होना चाहिए। फिर वो थाना प्रभारी को मिठाई देता है। कहता है कि हैप्पी दीवाली सर। जय हिंद, जय भारत। कौन है जितेंद्र राठौरजितेंद्र राठौर मूल रूप से शिकोहाबाद का रहने वाला है। वह फायर सर्विस में फायरमैन के पद पर तैनात था। विभाग ने उसे लगातार अनुशासनहीनता, अधिकारियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर विवादित टिप्पणियां करने, सरकारी वर्दी पहनकर अलग-अलग शहरों में बिना अनुमति के प्रदर्शन करने और विभाग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस का 15 दिन में जवाब न देने के कारण सेवा से बर्खास्त कर दिया था। इससे पहले वर्ष 2024 में दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट की एक छात्रा से छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के आरोप में न्यू आगरा थाने में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया था। जितेंद्र का दावा है कि उसने शिक्षा माफिया के खिलाफ आवाज उठाई थी, इसलिए उसे झूठे केस में फंसाया गया। कॉकरोच बनकर पहुंचा था कचहरीसोमवार को जितेंद्र राठौर फायर सर्विस की वर्दी में मुंह पर काली पॉलीथिन लगाकर और कॉकरोच बनकर रेंगते हुए दीवानी कचहरी पहुंचा था। उसके हाथों में अखबारों की कटिंग थी। वह सीएम योगी से इंसाफ की गुहार लगा रहा था। उसने कहा था कि शिक्षा माफिया के खिलाफ आवाज उठाने पर उसके खिलाफ फर्जी रेप मुकदमा दर्ज कर दिया गया। वह दो साल से न्याय के लिए भटक रहा है। जितेंद्र ने बताया था कि उसने 12 फरवरी 2024 को एक नकल माफिया के खिलाफ हरीपर्वत में एफआईआर दर्ज कराई थी। 9 जुलाई 2024 को उसी व्यक्ति ने अपनी बेटी को सामने रखकर उस पर यौन उत्पीड़न का झूठा आरोप लगा दिया, जबकि उस दिन वह महाराजगंज में ऑन ड्यूटी था।
निचला बाजार मैदान में लगीं 87 पटाखा दुकानें, खल रही सुरक्षा प्रबंधों की कमी
भास्कर संवाददाता|बीनागंज बीनागंज के निचला बाजार स्थित मैदान में दीपावली को लेकर करीब 87 आतिशबाजी की दुकानें लगाई गई हैं। दुकानों के बीच आग की घटना से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड तैनात की गई है। आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की व्यवस्था रखी गई है। मैदान में अग्नि सुरक्षा के इंतजाम असमान नजर आए। कुछ दुकानों पर अग्निशमन यंत्र रखे मिले। रेत और पानी से भरी बाल्टियां भी दिखीं। कई दुकानों पर अग्निशमन यंत्र नहीं थे। रेत और पानी की बाल्टियां भी नहीं मिलीं। प्रशासन की ओर से सभी दुकानों पर न्यूनतम सुरक्षा मानकों के पालन पर जोर दिया जा रहा है। पुलिस ने खुले में पोटाश और दीवाल की गोलियां बेचने वालों पर कार्रवाई की। ऐसे सामान बेच रहे दुकानदारों को पटाखा बाजार के पास से हटाया गया। पुलिस ने चेतावनी दी कि आगे से खुले में पोटाश और दीवाल की गोलियां नहीं बेची जाएं। दोबारा उल्लंघन मिलने पर वैधानिक कार्रवाई की बात कही गई। त्योहार के चलते बाजार में ग्राहकों की भीड़ बढ़ रही है। प्रशासन ने दुकानदारों से नियमों का पालन करने और सुरक्षा इंतजाम पुख्ता रखने को कहा है।
दिवाली पर दौरान पटाखों से निकलने वाला धुआं और बढ़ता प्रदूषण गर्भवती महिलाओं और उनके गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। थोड़ी सी लापरवाही दोनों को खतरे में डाल सकती है। डॉक्टरों ने गर्भवती महिलाओं को पटाखों से दूरी बनाने, प्रदूषित हवा में बाहर निकलने से बचने की की सलाह दी है। पटाखों का धुआं न करें नजरअंदाज ग्रेटर फरीदाबाद सेक्टर-86 स्थित एकॉर्ड सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की स्त्री एवं प्रसूति रोग (Obstetrics and Gynecology - OB-GYN) विभाग की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. सबिता कुमारी ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को दिवाली पर पटाखे जलाने से पूरी तरह बचना चाहिए। पटाखे जलने के बाद निकलने वाला धुआं सांस के जरिए शरीर में पहुंचता है। प्रदूषण वाली जगह पर ज्यादा देर तक रहने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो सकती है। त्योहार के चक्कर में सेहत से न करें समझौता दिवाली के दौरान महिलाएं घर की जरूरत से ज्यादा भागदौड़ कर लेती हैं। ऐसा करने से बचना चाहिए। लंबे समय तक खड़े रहना, देर रात तक जागना और समय पर भोजन नहीं करना परेशानी बढ़ा सकता है। पर्याप्त आराम करें और नियमित अंतराल पर पानी पीती रहें। मिठाइयों और तली-भुनी चीजों का सेवन भी सीमित रखें। बीपी और शुगर की मरीज महिलाएं रहें ज्यादा सतर्क हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज से पीड़ित गर्भवती महिलाओं को खानपान और दवाइयों के मामले में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। उनको चाहिए कि वह नियमित दवाइयां लें और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दिनचर्या बनाए रखें। दीये जलाते समय आग से दूरी रखें और सिंथेटिक कपड़े पहनने से बचें। पटाखों की जगह दीयों से मनाएं दिवाली डॉ. सबिता ने सलाह दी कि गर्भवती महिलाएं पटाखों के बजाय दीये जलाकर परिवार के साथ त्योहार मनाएं। किसी भी तरह की परेशानी होने पर उसे सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें, बल्कि तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। दिवाली का उत्साह जरूरी है, लेकिन मां और गर्भस्थ शिशु की सुरक्षा से बढ़कर कुछ नहीं है।
कल आएंगे हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति लाहोटी
गुना| मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर के न्यायमूर्ति अमित लाहोटी 9 नवंबर को परिवार सहित गुना प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे दोपहर 12 बजे गुना पहुंचेंगे। यहां से राघौगढ़ के लिए रवाना होंगे, जहां लाहोटी परिवार द्वारा आयोजित अन्नकूट उत्सव में शामिल होकर धार्मिक आयोजन में सहभागिता करेंगे। राघौगढ़ में अन्नकूट उत्सव में शामिल होने के बाद न्यायमूर्ति अमित लाहोटी चाचौड़ा का भ्रमण करेंगे। इसके पश्चात शाम को वापस गुना पहुंचेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे 10 नवंबर की रात्रि दयोदय एक्सप्रेस से जबलपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। न्यायमूर्ति अमित लाहोटी के आगमन को लेकर जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। उनके प्रवास के दौरान सुरक्षा सहित अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि कार्यक्रम का आयोजन व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
साहित्यिक संस्था चेतना साहित्य व कला परिषद मनाएगी स्वर्ण जयंती समारोह
गुना | नगर की साहित्यिक संस्था चेतना साहित्य एवं कला परिषद का स्वर्ण जयंती समारोह रविवार को आयोजित किया जाएगा। समारोह में नगर के वरिष्ठ कवि विष्णु साथी द्वारा लिखित खंड काव्य ‘मां से बड़ा नहीं भगवान’ का विमोचन भी किया जाएगा। परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य साहित्यिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना और नगर की साहित्यिक परंपरा को आगे बढ़ाना है। परिषद ने सभी साहित्य प्रेमियों एवं रसिक श्रोताओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर समारोह की गरिमा बढ़ाने और कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की है।
हनुमंता धाम पर 19 नवंबर को होगा अन्नकूट महोत्सव
भास्कर संवाददाता | गुना आस्था, सद्भाव और सेवा के केंद्र श्री हनुमंता धाम पर इस वर्ष 31वां विशाल महा अन्नकूट महोत्सव 19 नवंबर गुरुवार को दशमी तिथि के अवसर पर धूमधाम से आयोजित किया जाएगा। आयोजन की तैयारियों को लेकर हनुमंता मंदिर परिवार के सदस्यों की महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें महोत्सव की व्यवस्थाओं, तैयारियों और दायित्वों पर विस्तार से चर्चा कर जिम्मेदारियां तय की गईं। आयोजन समिति के अनुसार नगर का यह सबसे विशाल अन्नकूट महोत्सव शाम 7 बजे से प्रारंभ होगा। इसकी विशेषता है कि सभी धर्मों, जातियों और वर्गों के हजारों श्रद्धालु एक साथ एक पंगत में बैठकर महाप्रसादी ग्रहण करेंगे। यह आयोजन सामाजिक समरसता और आपसी सद्भाव की मिसाल बनेगा। कार्यक्रम का शुभारंभ शाम 6:30 बजे भगवान श्री हनुमानजी को छप्पन भोग अर्पित करने और महाआरती के साथ होगा। इसके बाद शाम 7 बजे से अन्नकूट भंडारा शुरू होगा, जो देर रात तक निरंतर चलेगा। पूर्व विधायक एवं हनुमंता मंदिर परिवार के प्रमुख सदस्य राजेंद्र सिंह सलूजा ने बताया कि हनुमंता धाम केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आध्यात्मिक शांति और संतुष्टि का केंद्र है। यहां प्रतिवर्ष दशमी तिथि पर दानदाताओं के सहयोग से महोत्सव आयोजित किया जाता है। इसमें बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण कर धर्म लाभ लेते हैं। मंदिर समिति ने नगर वासियों और धर्म प्रेमियों से श्रद्धानुसार सहयोग कर आयोजन में शामिल होने की अपील की है।
कार्रवाई नहीं होने पर रहवासियों ने मिलकर की कॉलोनी की सफाई
भास्कर संवाददाता | गुना फुलवारी कॉलोनी में नपा की सफाई व्यवस्था की अनदेखी के चलते रहवासियों को खुद ही सफाई का जिम्मा उठाना पड़ रहा है। शनिवार सुबह कॉलोनी वासियों ने आपसी सहयोग से नवनिर्मित सड़क पर स्वच्छता अभियान चलाया। मोहल्ला सुधार समिति फुलवारी कॉलोनी के संयोजक अनिरुद्ध सिंह सेंगर ने बताया कि कॉलोनी में सफाई के लिए नपा का कोई कर्मचारी नहीं आता। ऐसे में रहवासियों ने स्वयं सड़क से कचरा हटाकर झाड़ू लगाई। सुबह 7 से 8 बजे तक चले अभियान में बनवारी लाल दीक्षित, केएल नामदेव, अम्बिका प्रसाद श्रीवास्तव, चौथमल शर्मा, रमेश कटियार और पवन कुमार सहित बड़ी संख्या में कॉलोनीवासी शामिल हुए। अनिरुद्ध सिंह सेंगर ने बताया कि एक ओर रहवासी सड़क की सफाई कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर डी टू ढाबा संचालक नवनिर्मित सड़क को खोदकर ढाबे का गंदा और बदबूदार पानी सड़क पर फैला रहा है। इससे रहवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में जनसुनवाई में लिखित शिकायत भी दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
दो पर्व,एक तिथि: रविवार को दीपावली; सोमवार को मनेगी सोमवती अमावस्या
भास्कर संवाददाता | गुना इस बार तिथियों के अनूठे संयोग के चलते दीपावली और सोमवती अमावस्या का पर्व दो अलग-अलग दिन मनाया जाएगा। पं. सतीश शास्त्री के अनुसार ज्योतिषीय गणना में सूर्योदय के समय विद्यमान तिथि को दिन की तिथि मानने की परंपरा है। दीपावली के निर्धारण में प्रदोष काल की अमावस्या का विशेष महत्व है। शनिवार को रूप चतुर्दशी यानी नरक चतुर्दशी मनाई गई। इसके लिए सुबह 10 बजकर 33 मिनट से शुरू होकर 8 नवंबर सुबह 10 बजकर 40 मिनट तक का मुहूर्त रहा। शहर के पार्लर और हेयर ड्रेसर की दुकानों पर भीड़ रही। इस मौके पर श्रृंगार के लिए महिलाएं गहने खरीदने ज्वैलर्स की दुकानों पर पहुंचीं। इसके बाद अमावस्या तिथि प्रारंभ होगी। यह 9 नवंबर सुबह 11 बजकर 21 मिनट तक रहेगी। रविवार 8 नवंबर को प्रदोष काल में अमावस्या होने से इसी दिन दीपावली मनाई जाएगी। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश के पूजन का विधान है। वहीं, सोमवार 9 नवंबर को अमावस्या तिथि में स्नान-दान का विशेष महत्व रहेगा। इसे सोमवती अमावस्या के रूप में मनाया जाएगा। इस तरह दो दिन अमावस्या रहने के बावजूद दीपावली का पर्व प्रदोष काल की गणना के आधार पर आज ही 8 नवंबर को मनाया जाएगा। लक्ष्मी पूजन के लिए विशेष मुहूर्त, शाम 5.38 से 8.15 तक दीपावली पर 8 नवंबर रविवार को महालक्ष्मी पूजन, मशीनरी और गाय पूजन प्रदोष काल में शाम 5:38 से रात 8:15 बजे तक किया जाएगा। वृषभ लग्न का श्रेष्ठ समय शाम 6:05 से 8:03 बजे तक रहेगा। सिंह लग्न में मध्यरात्रि बाद 12:36 से 2:49 बजे तक पूजन किया जा सकेगा। चौघड़िया के अनुसार शुभ, अमृत और चर का समय शाम 5:38 से रात 10:32 बजे तक रहेगा। इस दौरान ढोक उत्तर दिशा में रखने का विधान बताया गया है।
पटाखा बाजार में सुरक्षा से खिलवाड़, 11 केवी लाइन के नीचे लगाईं दुकानें
भास्कर संवाददाता | गुना शहर में प्रशासन द्वारा बीज निगम परिसर में लगाए गए पटाखा बाजार में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ी चूक सामने आई है। बाजार में कई दुकानें बिजली की 11 केवी लाइन के खंभों के नीचे लगा दी गई हैं। वहीं, दुकानदारों की दुकानें खुली होने से भी दुर्घटना का अंदेशा बना हुआ है। प्रशासन ने पूरे पटाखा बाजार को चारों तरफ से बंद बाउंड्री के अंदर व्यवस्थित किया है। ऐसे में यदि कोई दुर्घटना होती है तो बाजार के अंदर मौजूद लोगों के बाहर निकलने के लिए केवल दो गेट ही उपलब्ध रहेंगे। इससे आपात स्थिति में भगदड़ और बचाव कार्य में परेशानी की आशंका है। पटाखा बाजार के एक पुराने दुकानदार ने बताया कि एक बार बाजार हाईटेंशन लाइन के नीचे लगी दुकानों को रातों -रात शिफ्ट कराया गया था। क्योंकि अगर कोई दुर्घटना होती है तो लोगों को मौका ही नहीं मिलेगा।कई दुकानदार सुरक्षा साधनों को लेकर भी संतुष्ट नहीं दिखे। इधर, त्योहारों के दौरान पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने नागरिकों से लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं से ही पटाखे खरीदने, उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखने और बच्चों को निगरानी में आतिशबाजी कराने की अपील की। अगली बार नई जगह शिफ्ट किया जाएगा पटाखा बाजार बीज निगम परिसर में लगे पटाखा बाजार की दुकानों को दिखवाया जाएगा। वहां एमपीईबी के कर्मचारी तैनात हैं, इसलिए किसी तरह की समस्या होने पर कर्मचारी मौके पर मौजूद रहेंगे। बाजार में दो गेट के अलावा एक तरफ खुला क्षेत्र भी है, जहां से निकासी संभव है। इस मंडी के कारण इस जगह लगाया है। अगली बार से बाजार के लिए कोई नई जगह देखकर पटाखा बाजार शिफ्ट किया जाएगा। -किशोर कुमार कन्याल कलेक्टर गुना।
दीपावली-छठ पर यात्रियों को राहत, 24 स्पेशल ट्रेनों से बढ़ेंगे सफर के विकल्प
भास्कर संवाददाता | गुना दीपावली और छठ महापर्व पर घर जाने और दूसरे शहरों की यात्रा करने वाले गुना के यात्रियों को रेलवे की विशेष ट्रेनों से अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे। त्योहार के दौरान नियमित ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ के बीच भोपाल मंडल से नवंबर में 24 विशेष ट्रेनें (12 जोड़ी) चलाई जा रही हैं। इनमें निर्धारित ट्रेनों का गुना और रुठियाई स्टेशन पर ठहराव है। इससे इन ट्रेनों के निर्धारित रूट और समय के अनुसार यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त ट्रेनें मिल सकेंगी। खासकर दानापुर, रीवा, गोरखपुर, बनारस, गाजीपुर सिटी और प्रयागराज जैसे शहरों के यात्रियों के लिए इन विशेष ट्रेनों के रूट उपयोगी हो सकते हैं। भोपाल मंडल से रानी कमलापति- दानापुर, रानी कमलापति- रीवा, एलटीटी-मऊ, पुणे-गोरखपुर, एलटीटी-गोरखपुर, हडपसर-गाजीपुर सिटी, एलटीटी- बनारस, सुल्तानपुर-एलटीटी, अजमेर-रांची, जोधपुर-चेन्नई बीच, उधना-प्रयागराज और बांद्रा टर्मिनस-वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी के बीच विशेष ट्रेनें संचालित की जा रही हैं। इनका भोपाल मंडल के इटारसी, नर्मदापुरम, भोपाल, रानी कमलापति, बीना, विदिशा, गुना और रुठियाई सहित निर्धारित स्टेशनों पर ठहराव है। यात्रियों को यात्रा से पहले संबंधित ट्रेन का गुना स्टेशन पर ठहराव और समय की जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या 139 हेल्पलाइन से लेना होगा।
अग्रसेन नगर मंदिर में दीपावली पर होगी महालक्ष्मी की महाआरती
गुना| दीपावली के पावन पर्व पर अग्रसेन नगर स्थित शहर के पहले और एकमात्र ऐसे मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन किए जाएंगे, जहां मां सरस्वती और भगवान गणेश के साथ मां महालक्ष्मी विराजमान हैं। दीपावली के अवसर पर मंदिर में विशेष सजावट के साथ मां महालक्ष्मी का आकर्षक श्रृंगार किया जाएगा। इसके साथ ही रविवार 8 नवंबर को रात्रि 10:30 बजे दीपावली के महापर्व पर महामायी मां महालक्ष्मी की भव्य महाआरती आयोजित की जाएगी। मंदिर प्रबंधन समिति के कार्यकारी अध्यक्ष प्रदीप तायल ने बताया कि दीपावली के इस विशेष अवसर पर सभी सम्माननीय अग्र बंधुओं एवं मातृशक्ति को सपरिवार मंदिर पहुंचने का निमंत्रण दिया गया है। उन्होंने सभी से आयोजन में शामिल होकर मां महालक्ष्मी के दर्शन करने और पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दीपावली का यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति लेकर आए, इसी मंगलकामना के साथ आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर अधिक से अधिक लोगों की उपस्थिति प्रार्थनीय है। उन्होंने बताया कि सोमवार को दीपावली के अगले दिन पड़वा एवं गोवर्धन पूजा के अवसर पर मंदिर में भगवान को 56 भोग अर्पित करने का विशेष आयोजन भी किया जाएगा।
खेत में गए मजदूर की करंट लगने से मौत
गुना | सिरसी कला गांव में शुक्रवार शाम खेत में सिंचाई करने गए 40 वर्षीय मजदूर की करंट लगने से मौत हो गई। सरवन सिंह सहरिया खेत में बिजली के तारों की चपेट में आ गए थे। गंभीर हालत में परिजन और ग्रामीण उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार सिरसी कला निवासी सरवन सिंह पुत्र राजमल सहरिया 6 नवंबर की शाम करीब 7 बजे गांव के ही एक किसान के खेत पर मजदूरी करने गए थे। वे खेत में फसल की सिंचाई कर रहे थे। इसी दौरान खेत में मौजूद बिजली के खुले तारों की चपेट में आ गए और करंट लगने से वे बेसुध होकर गिर पड़े।
ट्रक में पीछे से भिड़ा पार्सल वाहन, चालक की हुई मौत
गुना | एबी रोड पर अलग-अलग स्थानों पर हुए दो सड़क हादसों में एक पार्सल वाहन चालक की मौत हो गई, जबकि कार सवार दंपती बाल-बाल बच गए। पहला हादसा म्याना थाना क्षेत्र के भदौरा में कनक ढाबे के पास हुआ, जहां आगे चल रहे अशोक लीलैंड वाहन के अचानक ब्रेक लगाने से पीछे से आ रहा डाक पार्सल वाहन टकरा गया। इसमें चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी इलाज के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई। दूसरे हादसे में चांचौड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम अजगरी के पास तेज रफ्तार बस ने पीछे से कार को टक्कर मार दी। कार में सवार पति-पत्नी सुरक्षित बच गए, लेकिन वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। जानकारी के अनुसार राजेंद्र विश्वकर्मा डाक पार्सल वाहन लेकर पटना से मुंबई जा रहे थे। गुरुवार रात करीब 11 बजे भदौरा के कनक ढाबे के पास आगे चल रहे अशोक लीलैंड वाहन के चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए। इससे पीछे आ रहा पार्सल वाहन उसमें जा घुसा। हादसे में राजेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची डायल 112 ने उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया।
आतिशबाजी बाजार के पास नशे में युवक ने जलाया 12 शॉट पटाखा, हडकंप मचा
गुना/फतेहगढ़ | दशहरा मैदान स्थित बीज निगम परिसर के पटाखा बाजार में 6 नवंबर की शाम एक नशे में धुत युवक ने दुकानों के बीच 12 शॉट वाला पटाखा जला दिया। लगातार धमाकों से बाजार में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि चिंगारी किसी दुकान के पटाखों तक नहीं पहुंची, वरना बड़ा अग्निकांड हो सकता था। दुकानदारों ने युवक को पकड़कर फटकार लगाई, जिसके बाद उसने कान पकड़कर माफी मांगी। दूसरी ओर फतेहगढ़ में खाटू श्याम मंदिर के पास जंगल से सटे पटाखा बाजार में भी सुरक्षा इंतजामों की कमी सामने आई है। दुकानदारों ने तत्परता दिखाते हुए युवक को मौके पर ही पकड़ लिया। लोगों की फटकार के बाद युवक ने अपनी गलती स्वीकार की और भविष्य में ऐसा नहीं करने की बात कहते हुए माफी मांगी। फतेहगढ़ ग्राम पंचायत में लगे पटाखा बाजार की सुरक्षा व्यवस्था पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बाजार वन जमीन पर लगाया है और जंगल से घिरा है। इसके बावजूद यहां आगजनी से बचाव के इंतजाम नहीं किए गए। न पानी के टैंकर खड़े हैं, न फायर ब्रिगेड की स्थायी तैनाती है। रेत से भरी बाल्टियां और अन्य अग्निशमन उपकरण भी नहीं हैं। ग्रामीणों के मुताबिक तहसीलदार ने मौके का निरीक्षण किया था, लेकिन जंगल से सटे होने के खतरे और अग्नि सुरक्षा की कमियों पर ध्यान नहीं दिया गया।
सर्वोत्तम कृषक पुरस्कार के लिए 10 तक आवेदन
गुना | कृषि क्षेत्र में नवाचार और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर बेहतर उत्पादन करने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए कृषि विस्तार सुधार कार्यक्रम चल रहा है। इसके तहत सर्वोत्तम कृषक पुरस्कार दिए जा रहे हैं। 2025-26 की गतिविधियों के आधार पर कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मछली पालन और कृषि अभियांत्रिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों का चयन किया जाएगा।
बरगद के पेड़ पर विराजे भैरवनाथ का अभिषेक, शनिदेव मंदिर में तेलार्चन
करताना| गंगेश्वरी मार्ग स्थित बरगद के पेड़ पर विराजित बाबा भैरवनाथ का चतुर्दशी पर अभिषेक हुआ। इसके बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना हुई। धार्मिक आयोजन में गांव के साथ आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने बाबा के सामने दीपक जलाया। सुख-समृद्धि की कामना की। आरती हुई। प्रसाद का वितरण किया गया। नौसर गांव के इच्छापूर्ति शनिदेव और नवग्रह मंदिर में शनिवार को विशेष आयोजन हुआ। यहां शिला स्वरूप में विराजित शनिदेव का तेल से अभिषेक किया गया।
कोहरा और हवा की धीमी रफ्तार प्रदूषण की परेशानी बढ़ा सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले दो दिन वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में रह सकती है।
दीपावली पर ठंड का असर, तापमान दो डिग्री नीचे आया
भास्कर संवाददाता | हरदा दीपावली पर ठंड का असर दिखना शुरू हो गया है। तापमान में कमी के साथ ठंड का अहसास होने लगा है। शनिवार सुबह ठंडी हवा का असर भी देखने को मिला। अधिकतम पारा एक डिग्री गिरा। न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस नीचे आ गया। अगले दो-चार दिन में रात का तापमान और नीचे जा सकता है। इस कारण तेज ठंड पड़ने के आसार बन रहे हैं। दिन में गर्मी का असर अभी कम नहीं होगा। नवंबर के आखिर तक तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। मानसून जाने के बाद ठंड से पहले इस बार अधिकतम तापमान सामान्य से ज्यादा है। नवंबर में भी अधिकतम तापमान में ज्यादा कमी नहीं आई। पारा 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। यह सामान्य से ज्यादा है। नवंबर के आखिर तक दिन में गर्मी से राहत की उम्मीद फिलहाल कम ही है। शुक्रवार को भी दिन का तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अगले दिन दिन का पारा एक डिग्री घटकर 28 डिग्री पर आ गया। रात का तापमान 18 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। रात के तापमान में कमी के साथ ठंड का असर बढ़ेगा। माह के आखिर तक न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस तक कम हो सकता है। इससे रात में ठंड का असर बढ़ेगा। ठंड बढ़ने पर रबी सीजन की बोवनी में तेजी आएगी। अब तक 30 प्रतिशत बोवनी का काम हो चुका है। इसमें सबसे कम गेहूं की बोवनी हुई है।
विदेश में उच्च शिक्षा के लिए आवेदन शुरू
हरदा| पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने वर्ष 2026-27 के लिए ‘विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना’ के तहत ऑनलाइन आवेदन शुरू कर दिए हैं। इसके तहत राज्य के ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों को विदेशों के शीर्ष शिक्षण संस्थानों में स्नातकोत्तर व शोध के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। विभागीय पोर्टल mpom.mp.gov.in पर समग्र आईडी, डिजिटल जाति, आय व मूल निवासी प्रमाण पत्र से पंजीयन कर सकते हैं। फॉर्म लॉक करने के 15 दिनों के अंदर प्रिंटआउट और स्वप्रमाणित दस्तावेज (अंकसूची, ऑफर लेटर, क्यूएस रैंकिंग) भोपाल स्थित आयुक्त कार्यालय में जमा कराने होंगे। चांदी (रेट प्रति 10 ग्राम में, जीएसटी एक्स्ट्रा) (-000) 187391 (000 ) (रेट प्रति किलोग्राम में। ) सोना मौसम में ठंडक, रात के तापमान में गिरावट के आसार ।
महालक्ष्मी, गणेश, सरस्वती, विष्णु और महाराजा अग्रसेन का नोटों से किया शृंगार
भास्कर संवाददाता | हरदा सुख, शांति, समृद्धि का महापर्व दीपावली रविवार को हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। इस दिन महालक्ष्मी, गणेशजी, सरस्वतीजी की विशेष पूजा की जाती है। महालक्ष्मी अग्रवाल समाज की कुलदेवी हैं। ऐसे में सेठ हरिशंकर अग्रवाल मांगलिक भवन स्थित जिले के एकमात्र महालक्ष्मी मंदिर के पट धनतेरस से दीपावली तक लगातार 72 घंटे खुले रहेंगे। पं. नंदकिशोर व्यास ने बताया कि मंदिर में महालक्ष्मी, महासरस्वती, गणेशजी, विष्णुजी और महाराजा अग्रसेन महाराज की मूर्तियों का विशेष रूप से नोटों से शृंगार किया गया है। वहीं दीपावली पर रविवार रात 12 बजे महाआरती की जाएगी। इसके बाद अभिमंत्रित कुबेर की पोटली दी जाएगी। लक्ष्मीजी का 10 ग्राम का सिक्का भी दिया जाएगा। वहीं पांच ब्राह्मण तीन दिनों से लगातार 24 घंटे श्रीसूक्त, कनकधारा, पुरुषसूक्त समेत अन्य पाठ कर रहे हैं। ज्योतिषाचार्य पं. मुरलीधर व्यास ने बताया कि दीपावली का त्योहार रविवार को अमावस्या, सुबह 10:30 बजे से शुरू होगा। यह सोमवार सुबह 11 बजे तक रहेगा। यह सायं-रात्रिकालीन त्यौहार है। इस कारण यह रविवार को ही बुधादित्य-आयुष्मान योग, स्वाति नक्षत्र में मनाई जाएगी। रविवार को दीपावली का आना व्यापार, व्यवसाय, किसानों के लिए शुभ संकेत है। मां लक्ष्मी का गज वाहन पर आना भी शुभ माना गया है। वहीं आयुष्मान योग के अधिपति चंद्रमा हैं। उन्हें मन, निर्णय क्षमता का कारक माना गया है। हरदा। महालक्ष्मी मंदिर में महालक्ष्मी, महासरस्वती, गणेशजी का नोटों से किया शृंगार। अनिल अग्रवाल (गप्पी), राहुल बंसल ने बताया कि करीब 20 साल पुराने भव्य मंदिर का निर्माण 2006 में हुआ। पौराणिक कथा के अनुसार समुद्र मंथन से 14 रत्न निकले। इनमें अमृत कलश लेकर भगवान धन्वंतरि निकले। लक्ष्मीजी भी प्रकट हुईं। पाञ्चजन्य शंख भी निकला। इस कारण शंख को लक्ष्मीजी का भाई माना गया है। मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि मंदिर के चारों ओर छोटे-छोटे शंख स्वत: बनते रहते हैं। कभी छोटे शंख मिलते हैं। कई बार बड़े शंख भी मिलते हैं। यहां दूर-दूर तक कोई नदी या तालाब नहीं है। आमतौर पर मंदिर निर्माण के दौरान या बाद में मूर्तियों का चयन किया जाता है। फिर उन्हें विराजित किया जाता है। यहां विराजित महालक्ष्मी की मूर्ति जयपुर से पहले ही आ गई थी।
दिवाली पर स्वदेशी सामान की जमकर हुई खरीदारी
छोटी दिवाली पर शनिवार को शहर के बाजारों में रौनक देखने को मिली। फुटपाथ पर दुकानें लगाकर कारोबार करने वाले छोटे व्यापारियों के यहां खरीदारों की भीड़ रही। लोगों ने खील-बताशे, रंगोली के रंग, मिट्टी के दिये और सजावटी सामान की जमकर खरीदारी की। इस दौरान बाजार में लोकल फॉर वोकल का असर भी नजर आया। लोग विदेशी उत्पादों के बजाय स्वदेशी सामान को प्राथमिकता देते दिखाई दिए। बाजार में 30 रुपए से लेकर 1 हजार और 2 हजार रुपए तक के सामान उपलब्ध हैं। मिट्टी के दीये, सकोरे, आर्टिफिशियल फूल-मालाएं, लक्ष्मीजी की मूर्तियां और सजावटी आइटम ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं। धनतेरस के बाद से ही बाजार में धीरे-धीरे ग्राहकों की संख्या बढ़ रही है। देसी सामग्री की अच्छी बिक्री से खिले चेहरे दुकानदार राजू ने बताया कि इस बार बाजार में चाइनीज आइटम नहीं हैं। देसी सामग्री की बिक्री अच्छी हो रही है। हालांकि, ऑनलाइन खरीदारी का असर कारोबार पर पड़ रहा है। व्यापारियों को उम्मीद है कि दीपावली तक बाजार में ग्राहकों की भीड़ बनी रहेगी। स्थानीय व्यापारियों ने लोगों से अपील की है कि वे स्वदेशी सामान खरीदकर छोटे कारोबारियों की आर्थिक मदद करें, ताकि उनके घरों में भी त्योहार की खुशियां पहुंच सकें।
नया बस स्टैंड क्षेत्र में संदिग्ध अवस्था में मिला युवक का शव मिला
भास्कर संवाददाता | हरदा सिटी कोतवाली के तहत आने वाले नया बस स्टैंड क्षेत्र में शनिवार सुबह 35 साल के युवक का शव संदिग्ध हालत में मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। टीआई रोशन लाल भारती ने बताया कि मृतक की पहचान पिंटू पिता जमाना प्रसाद कुचबंदिया निवासी टंकी मोहल्ला के रूप में हुई है। पीएम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
मेरठ की शिवशक्ति कंस्ट्रक्शन एजेंसी ने अयोध्या में राम की पैड़ी और तीन पुलों का 50 करोड़ की लागत से सुंदरीकरण किया है।
मां लक्ष्मी के स्वागत में हर दिशा रोशन:सुख-समृद्धि की कामना के साथ महापूजन आज
दीपावली पर माता महालक्ष्मी के स्वागत को उदयपुर तैयार है। प्रमाण घरों से लेकर बाजारों तक रूप चतुर्दशी पर शनिवार को दिखे प्रकाश और उल्लास ने दे दिया। हर का जर्रा-जर्रा रोशनी से नहा उठा। बापू बाजार, देहली गेट समेत वॉल सिटी के प्रमुख बाजारों से लेकर उपनगरीय इलाकों तक जबर्दस्त सजावट की गई। पानेरियों की मादड़ी स्थित परशुराम मार्ग हो या हिरण मगरी के रास्ते व शोभागपुरा, भुवाणा, आरके सर्किल... सभी जगह डेकोरेशन किया गया।
औद्योगिक शहर पानीपत में सफाई व्यवस्था पर नगर निगम हर महीने करीब 6 करोड़ रुपए खर्च कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद शहर की तस्वीर नहीं बदल रही। मुख्य सड़कों से लेकर बाजारों और रिहायशी कॉलोनियों तक जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। कई इलाकों में नियमित रूप से कचरा नहीं उठने के कारण लोगों को गंदगी और दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि लोग कई बार निगम में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा। क्रांति नगर निवासी बलराम ने बताया कि रेलवे लाइन के साथ कूड़े का अवैध डंपिंग यार्ड बन चुका है। यहां लगातार कचरा जमा हो रहा है। कई बार नगर निगम में शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। वहीं, ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया निवासी प्रवीण ने बताया कि हाली पार्क के बिल्कुल साथ बीच सड़क पर कूड़े का ढेर लगा हुआ है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कचरा नहीं उठाया जा रहा। इससे आसपास के लोगों और राहगीरों को परेशानी हो रही है। 4 जोन में सफाई के लिए 3.25 करोड़ के टेंडर नगर निगम ने शहर को चार जोन में बांटकर सफाई का जिम्मा निजी कंपनियों को सौंपा हुआ है। इन चारों जोन में सफाई कार्य के लिए करीब 3.25 करोड़ रुपए के टेंडर जारी किए गए हैं। इनमें दो टेंडर पूजा कंसल्टेशन और दो टेंडर आईएनडी (IND) कंपनी के पास हैं। इन कंपनियों के माध्यम से शहर में नियमित सफाई, कचरा उठान और अन्य संबंधित कार्य करवाए जा रहे हैं। इसके बावजूद कई इलाकों में सफाई व्यवस्था की स्थिति खराब बनी हुई है। डोर-टू-डोर कचरा उठान पर 45 लाख खर्च घरों और दुकानों से कचरा एकत्रित करने की जिम्मेदारी जेबीएम (JBM) कंपनी के पास है। इसके लिए कंपनी को हर महीने करीब 40 से 45 लाख रुपए का भुगतान किया जा रहा है। इसके बावजूद कई क्षेत्रों में डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाली गाड़ियां नियमित रूप से नहीं पहुंचने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। ऐसे में लोग कचरा सड़कों और खाली प्लॉटों में डालने को मजबूर होते हैं। कचरा प्रोसेसिंग और कर्मचारियों के वेतन पर भी खर्च शहर से एकत्रित कचरे के निस्तारण और प्रोसेसिंग के लिए नगर निगम हर महीने करीब एक करोड़ रुपए एमसी सोनीपत को ट्रांसफर करता है। इसके अलावा निगम के करीब 370 स्थायी और रोल पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों के वेतन पर हर महीने एक से डेढ़ करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। 5.65 से 6.20 करोड़ तक पहुंच रहा मासिक खर्च निजी कंपनियों के सफाई टेंडर, डोर-टू-डोर कचरा उठान, कचरा प्रोसेसिंग और सफाई कर्मचारियों के वेतन सहित निगम का कुल मासिक खर्च करीब 5.65 करोड़ से 6.20 करोड़ रुपए तक पहुंच रहा है। इतना बजट खर्च होने के बाद भी शहर में जगह-जगह कचरा जमा होना सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। डीएमसी बोले- शिकायत मिलती ही करवाते हैं सफाई गंदगी के कारण स्थानीय निवासियों और दुकानदारों को परेशानी हो रही है। कूड़े से उठने वाली दुर्गंध के साथ मच्छर-मक्खियां पनपने और मौसमी बीमारियां फैलने का खतरा भी बना हुआ है। डीएमसी अरुण भार्गव ने कहा कि नगर निगम की ओर से सफाई का काम लगातार करवाया जा रहा है। जहां से भी शिकायत मिलती है, वहां सफाई करवाई जाती है।
यमुनानगर में पश्चिमी यमुना नहर के किनारे टूटी सड़क, जगह-जगह फैली गंदगी और अव्यवस्थित पटरी के बीच अब शहर को एक नया रिवर वाटर फ्रंट मिलने जा रहा है। जिस नहर किनारे के रास्ते से गुजरना अभी लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है, उसी जगह को करीब 9 करोड़ रुपए खर्च कर सुंदर और व्यवस्थित बनाया जाएगा। दिव्य नगर योजना के तहत ओपी जिंदल पार्क के पीछे से पुराने सहारनपुर रोड स्थित फतेहपुर पुल तक करीब साढ़े चार किलोमीटर क्षेत्र का विकास किया जाएगा। इस परियोजना का सबसे अधिक फायदा नहर के नजदीक बसे आजाद नगर की हजारों की आबादी को मिलेगा। इसके अलावा शहर के अन्य हिस्सों के लोग भी यहां सुबह-शाम सैर और व्यायाम कर सकेंगे। दैनिक भास्कर ऐप ने मौके पर जांची स्थिति दैनिक भास्कर ऐप ने मौके पर मौजूदा स्थिति देखी तो नहर किनारे की पटरी वाली सड़क पूरी तरह टूटी हुई है। कई जगह रास्ता उखड़ा हुआ है और आसपास गंदगी फैली रहती है। इस कारण यहां से गुजरने वाले लोगों को परेशानी होती है। आजाद नगर की बड़ी आबादी के लिए आसपास सुबह-शाम सैर करने का भी कोई बेहतर स्थान नहीं है। ऐसे में लोग नहर किनारे ही घूमने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन टूटी पटरी और सुरक्षा के इंतजाम नहीं होने से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अब रिवर वाटर फ्रंट परियोजना से इस पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदलने की उम्मीद जगी है। भास्कर टीम ने मौके पर स्थानीय लोगों से बातचीत की तो उनके कई प्रकार के विचार सामने आए। कई साल से हो रही थी परियोजना की चर्चा, अब साकार होने की जगी उम्मीद आजाद नगर की गली नंबर-9 निवासी भविष्य ने बताया कि इस परियोजना के पूरा होने से आसपास के लोगों को काफी फायदा होगा। फिलहाल सुबह-शाम सैर करने के लिए आसपास कोई ऐसी जगह नहीं है, जहां लोग आराम से घूम सकें। ऐसे में लोगों को यमुना नहर के किनारे ही जाना पड़ता है, लेकिन वहां पटरी टूटी होने के कारण काफी परेशानी होती है। भविष्य ने बताया कि पिछले कई सालों से इस परियोजना को लेकर बातें हो रही थीं, लेकिन अब इसका शिलान्यास होने के बाद लगता है कि लोगों का यह सपना साकार होने जा रहा है। इससे क्षेत्र के लोगों को सैर करने के लिए बेहतर जगह मिलेगी। बाउंड्री बनने से हादसों की आशंका होगी कम, क्षेत्र को भी मिलेगी पहचान स्थानीय निवासी शुभम ने बताया कि अभी नहर किनारे बाउंड्री नहीं होने के कारण यहां हादसे होते रहते हैं। परियोजना के तहत नहर के किनारे सुरक्षा दीवार और जालीदार फेंसिंग बनाई जाएगी। जिससे लोगों की नहर तक सीधी पहुंच नियंत्रित होगी और हादसों की आशंका कम करने में मदद मिलेगी। शुभम ने कहा कि इस परियोजना से आसपास के क्षेत्र का विकास होगा। गंदगी की समस्या दूर होने के साथ साफ-सफाई और बेहतर वातावरण मिलेगा। इससे आजाद नगर ही नहीं, बल्कि पूरे शहर के लोगों को लाभ पहुंचेगा। फुटपाथ, पार्क और आकर्षक लाइटिंग से बदलेगा स्वरूप नगर निगम के आयुक्त महाबीर प्रसाद ने बताया कि करीब 9 करोड़ रुपए की लागत से विकसित होने वाले रिवर वाटर फ्रंट के तहत नहर किनारे करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबे और 5 मीटर चौड़े क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। इसमें 2.8 किलोमीटर लंबा फुटपाथ, लैंडस्केप एरिया, उद्यान और लोगों के बैठने के लिए 9 आधुनिक डिजाइन की बेंच केनोपी बनाई जाएंगी। इसके अलावा क्षेत्र में 120 फैंसी एवं डेकोरेटिव लाइटें लगाई जाएंगी। बारिश के दौरान जलभराव रोकने के लिए नालियों का निर्माण भी किया जाएगा। सुरक्षा के लिहाज से नहर किनारे 1050 मिलीमीटर ऊंची पत्थर की दीवार और इसके ऊपर 1200 मिलीमीटर ऊंची जालीदार फेंसिंग लगाई जाएगी। नगर निगम आयुक्त के अनुसार परियोजना को पूरा करने में करीब 13 महीने का समय लगेगा। इसके तहत वर्ष 2027 के अंत तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना पूरी होने के बाद नहर किनारे का यह क्षेत्र शहर के नए सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित हो सकेगा।
जयपुर के 300 साल पुराने परकोटे में मकान तोड़ना किसी खजाने की तलाश से कम नहीं रह गया है। एक मकान की खुदाई में चांदी की सिल्ली और पुराने सिक्के मिलने के बाद लोगों के मन में भी अपनी हवेली/मकान के नीचे सोना-चांदी दबे होने की उम्मीद जाग गई है। पुराने मकान को ध्वस्त कर नया निर्माण कराने से पहले लोग बेहद सतर्कता बरत रहे हैं। पहले जर्जर हो चुकी हवेली या मकान को गिराने का काम पहले ज्यादातर ठेकेदारों को दिया जाता था। अब मकान मालिक अपनी निगरानी में ये काम करवा रहे हैं। सीसीटीवी से मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पुराने मकानों को तोड़ने के लिए जेसीबी नहीं चल रही। मजदूरों से एक-एक दीवार, पत्थर और ईंट निकलवा रहे हैं। नतीजा- 10 दिन में पूरा होने वाला काम एक महीने तक चल रहा है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… भास्कर टीम ने चौड़ा रास्ता, तितलियों का रास्ता, धाबाई जी का रास्ता, ठठेरों का रास्ता, गोपालजी का रास्ता, घी वालों का रास्ता, जौहरी बाजार इलाके में पड़ताल की। स्थानीय मजदूर मकान मालिक के सुपरविजन में काम कर रहे थे। जेसीबी या अन्य मशीन के बजाय मजदूरों से एक–एक दीवार तुड़वाई जा रही थी। रिपोर्टर ने कुछ मकान मालिकों से बात करने की कोशिश की, लेकिन कोई भी कैमरे पर आने को तैयार नहीं हुआ। 76 साल के बुजुर्ग ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जब से एक हवेली में खुदाई के दौरान चांदी की सिल्ली और सिक्के मिले हैं, लोगों ने मकान बेचने से पहले डिमोलिश करना शुरू कर दिया है। लोग पहले खुद की मौजूदगी में मकान तुड़वा रहे हैं। ये संतुष्टि होने के बाद कि जमीन में गढ़ा हुआ खजाना नहीं है…बिल्डर या अन्य लोगों को बेच रहे हैं। 10 दिन के काम में महीना लगने लगा परकोटे में हवेलियां और पुराने मकाने में तोड़फोड़ का ठेका लेने वाले रामबाबू 20 साल से परकोटे में काम कर रहे हैं। बोले- खुदाई में चांदी निकलने के बाद से लोगों ने मकान में तोड़फोड़ कराने का तरीका बदल दिया है। पहले जेसीबी से 10 दिन में काम हो जाता था। अब हवेली मालिक मजदूरों से एक-एक पत्थर निकालने के लिए बोलते हैं। 10 दिन के काम में एक महीने से ज्यादा लग रहा है। कुछ लोग तो तोड़फोड़ के दौरान आसपास की दीवारों पर हाई क्वालिटी कैमरे पर लगवा रहे हैं, माॅनिटरिंग के लिए। सब को लगता है कि उनके भी मकान में चांदी-सोना निकलेगा। हवेली में बेसमेंट नहीं था फिर भी 20 फीट खोदी जमीन स्थानीय व्यापारी लाला राम ने बताया कि उनके परिचित ने एक लाख रुपए गज के हिसाब से 400 गज में बनी हुई हवेली खरीदी थी। बेचने वाली पार्टी ने खुद हवेली को डिमोलिश कराया। हवेली में बेसमेंट नहीं था, फिर भी खजाने की उम्मीद में जमीन को 20 फीट गहराई तक खुदवाया। क्यों है दबा हुआ खजाना मिलने की उम्मीद? जयपुर का परकोटा केवल पुरानी इमारतों, संकरी गलियों और ऐतिहासिक बाजारों का इलाका नहीं हैं। यहां की कई हवेलियां और मकान पीढ़ियों से एक ही परिवार के पास हैं। कई मकानों का निर्माण रियासतकाल में हुआ था। उस दौर में परकोटे के भीतर राजपरिवार से जुड़े लोगों, व्यापारियों, साहूकारों और अलग-अलग व्यवसायों से जुड़े परिवारों की बड़ी-बड़ी हवेलियां बनीं। तब सोना-चांदी सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं था, व्यापार और संपत्ति का भी बड़ा माध्यम था। लोगों के पास नकदी, चांदी के सिक्के, सोने के आभूषण और कीमती धातुओं की संपत्ति होना असामान्य नहीं था। इसके अलावा बैंकिंग व्यवस्था हर परिवार तक नहीं पहुंची थी। कई परिवार अपनी संपत्ति घरों में सुरक्षित रखते थे। कीमती सामान को जमीन के नीचे दबाकर रखने की परंपरा भी थी। समय के साथ मकानों का स्वरूप बदलता रहा, लेकिन उनके पुराने तहखाने, बंद कमरे और जमीन के नीचे बने हिस्से आज भी लोगों की जिज्ञासा का विषय हैं। ऐसे में एक हवेली में चांदी मिलने की घटना के बाद लोगों के मन में उम्मीद जाग गई कि हो सकता है कि उनके मकान या हवेली के नीचे भी पूर्वजों की कोई संपत्ति हो। खजाना मिल गया तो क्या होगा? सरकार को बताना होगा : आपके पूर्वजों ने घर में 100 साल पहले या सैकड़ों साल पहले भी जमीन के भीतर खजाना छिपाया हो और एक दिन अचानक आपको मिल जाए तो आपको 'इंडियन ट्रेजर ट्रोव एक्ट, 1878' के तहत सरकार को इसकी जानकारी देनी होगी। जमीन के ऊपर या खुदाई में आपको मिलने पर भी खजाना कानूनी रूप से आपका नहीं हो जाता है। खजाने पर सरकार का हक : कानूनन गड़े मिले खजाने पर सरकार का ही हक माना जाएगा। पूरे देश में 'इंडियन ट्रेजर ट्रोव एक्ट, 1878' लागू है। वहीं राजस्थान में ‘इंडियन ट्रेजर ट्रोव रूल्स 1961’ भी काम करता है। गड़ा हुआ खजाना मिलने की स्थिति में ये नियम 'इंडियन ट्रेजर ट्रोव एक्ट, 1878' के प्रावधानों को राज्य में लागू करने के लिए बनाए गए हैं। कानूनी प्रवधानों के तहत ही गड़े खजाने पर सबसे पहला हक राज्य सरकार का है। क्या खजाना जिसका हक हो, उसका हो सकता है? हां, कानून के तहत हो सकता है। शर्त यह है कि व्यक्ति साबित कर दे कि ये खजाना उसके पूर्वजों का है, भले ही 100 साल से कम पुराना हो। खजाना किसी और को मिला हो, लेकिन कोई और यदि खजाना अपने बुजुर्गों का होने के तथ्य ले आए और कानूनी जांच में साबित कर दे तो सरकार उसे सौंप सकती है। 250 साल पुरानी हवेली से निकली थी चांदी की सिल्लियां जयपुर के माणक चौक थाना इलाके में 250 साल पुरानी बंबई वालों की हवेली की दीवार से खजाने वाली दो तिजोरी निकलने का दावा किया गया था। डीसीपी नॉर्थ करन शर्मा ने बताया कि हवेली मालिक राहुल सेठी ने माणकचौक थाने में इसकी FIR दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया कि 17 जुलाई को पुराने निर्माण को तोड़ने के दौरान तिजोरी निकली। तिजोरी में खजाना था जिसे ठेकेदार लेकर चला गया। गुप्त खजाने में करीब 10 से 15 चांदी की सिल्लियां थी, जिनमें से प्रत्येक का वजन लगभग 40 से 45 किलोग्राम था। इसके अलावा 14 से 15 सोने के सिक्के और करीब 8 से 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के भी थे। पुलिस ने जांच की और महेश उर्फ छोटू खटीक ने अपने साथी अनुज, जगदीश, रजत, ओमप्रकाश उर्फ पप्पू को गिरफ्तार कर चांदी की सिल्लियां रिकवर की। …. ये खबर भी पढ़िए… घर से स्कूल-कोचिंग जाने निकलीं 156 लड़कियां गायब, 47 नाबालिग:पुलिस ढूंढकर लाई तो सामने आया सच, सोशल मीडिया से अनजान शख्स के कॉन्टैक्ट में आईं राजस्थान में लड़कियों के लापता होने की ये महज 2-3 घटनाएं नहीं। जून से अब तक 156 लड़कियां गायब हुई हैं। कई घर लौट आईं तो किसी को पुलिस ढूंढकर लाई। लेकिन चिंताजनक बात ये है कि इनमें से 47 नाबालिग हैं। पूरी खबर पढ़िए…
भगवान विष्णु के अवतार भगवान नृसिंह के साथ मां महालक्ष्मी का ऐसा अनूठा स्वरूप कम ही देखने को मिलता है, जहां वे उनके वाम अंग में निर्भय मुद्रा में विराजमान हैं। अजमेर-पुष्कर क्षेत्र स्थित कपिल कुंड की इस प्राचीन तपोस्थली पर भगवान लक्ष्मी-नृसिंह के दर्शन के साथ भक्तों को धन, ऐश्वर्य और वैभव ही नहीं, अभय और भक्ति का आशीर्वाद भी मिलता है। मान्यता है कि यह स्थान सतयुग में कपिल मुनि की तपस्या का साक्षी रहा है। मंदिर परिसर में आज भी वह पीपल का वृक्ष और धूणा मौजूद है, जहां कपिल मुनि तप किया करते थे। मंदिर के पुजारी गोविंद पाराशर बताते हैं कि नाग पहाड़ प्राचीन काल से ही देवी-देवताओं और ऋषि-मुनियों की तपोस्थली रहा है। इनमें कपिल कुंड का विशेष महत्व है। मान्यता है कि ब्रह्माजी के यज्ञ के बाद देवी-देवताओं और ऋषियों ने नाग पहाड़ तथा पुष्कर क्षेत्र को अपनी तपोभूमि बनाया। भगवान कपिल मुनि ने गंगा सागर के साथ-साथ पुष्कर के इसी क्षेत्र में भी तपस्या की थी। तभी से यह स्थान कपिल कुंड के नाम से प्रसिद्ध हुआ। पुजारी के अनुसार, कपिल कुंड जितना प्राचीन है, उतना ही पुराना यहां लक्ष्मी-नृसिंह का स्थान माना जाता है। समय के साथ मंदिर का कई बार निर्माण और जीर्णोद्धार हुआ। प्राचीन प्रतिमाओं के स्थान पर नई प्रतिमाएं भी स्थापित की गईं। भगवान नृसिंह के साथ निर्भय मुद्रा में विराजमान मां महालक्ष्मी श्री लक्ष्मी-नृसिंह मंदिर में मां महालक्ष्मी की प्रतिमा भगवान नृसिंह के सिंहासन पर उनके वाम अंग में विराजित है। धार्मिक मान्यता है कि हिरण्यकश्यप के वध के बाद भी भगवान नृसिंह के उग्र स्वरूप के कारण देवी-देवता भी पास जाने का साहस नहीं कर पाए। केवल भक्त प्रह्लाद उनके समीप पहुंचे। बाद में मां महालक्ष्मी उनके वाम अंग में विराजित हुईं। प्रतिमा की दो भुजाएं हैं। एक हाथ से वे अभय का आशीर्वाद देती हैं और दूसरे में समृद्धि का प्रतीक कमल धारण किए हैं। यह स्वरूप शक्ति, समृद्धि और निर्भयता का प्रतीक माना जाता है। कपिल कुंड के जल से होती है भगवान की सेवा-पूजा | कपिल मुनि ने तपस्या के दौरान यहां कुंड का निर्माण करवाया था। कालांतर में इसे बावड़ी का स्वरूप दे दिया गया। इसके मध्य में एक गहरा कुआं भी है, मंदिर में प्रतिदिन भगवान लक्ष्मी-नृसिंह की सेवा-पूजा इसी कुंड के जल से की जाती है। अज्ञातवास में पांडवों ने भी किए थे दर्शन; पुजारी गोविंद पाराशर बताते हैं कि अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने पांडेश्वर महादेव व पंचकुंड क्षेत्र में निवास किया था। वे कपिल कुंड भी पहुंचे थे। यहां लक्ष्मी-नृसिंह की पूजा-अर्चना व तपस्या कर राजसुख का वरदान मांगा था। दीपावली पर विशेष पूजन, नवरात्र में होता है अखंड रामायण पाठ | दीपावली के अवसर पर मंदिर में मां महालक्ष्मी का विशेष पूजन किया जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। वहीं, प्रत्येक नवरात्र में मंदिर परिसर में अखंड श्रीरामचरित मानस का पाठ का आयोजन होता है।
रोहतक के जींद रोड पर सुखपुरा चौक के ऊपर से बन रहे पुल का निर्माण कार्य अभी भी अधर पर पड़ा है, जबकि प्रशासन 31 दिसंबर तक पुल का काम पूरा होने का दावा कर रहा है। 1175 मीटर लंबे इस पुल का 70 प्रतिशत काम पूरा हो गया है, लेकिन अभी भी 9 पिलर के ऊपर लेंटर डाला जाना बाकी है। सुखपुरा चौक के ऊपर से पुल का निर्माण कार्य 2023 में हरियाणा स्टेट रोड्स एंड ब्रिज डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा शुरू किया गया, जिसे सितंबर 2024 में पूरा किया जाना था। लेकिन किसी न किसी अड़चन के कारण पुल का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका और अब भी 31 दिसंबर तक काम पूरा होने की उम्मीद नहीं है। 65.88 करोड़ की लागत से बन रहा पुल सुखपुरा चौक के ऊपर बनने वाले 1175 मीटर लंबे पुल के निर्माण पर 65.88 करोड़ रुपए की लागत आनी है, जिसका अभी तक काम पूरा नहीं हुआ। हालांकि गार्डर रख दिए गए है, लेकिन 9 पिलर के ऊपर अभी भी लेंटर आना बाकी है। जिसके बाद रोड बनाने का काम भी किया जाएगा। जुलाई 2025 में पिल्लर की गिरी पीयर कैप पुल निर्माण के दौरान जुलाई 2025 में पिल्लर के ऊपर की पीयर कैप के निर्माण के दौरान लगाई शटरिंग की वेल्डिंग खुलने व धंसने के कारण पीयर कैप नीचे आ गिरी। जिसके कारण उसे दोबारा बनाना पड़ा और काम में बाधा पैदा हो गई। ठेकेदार की सुस्ती के कारण लंबा चल रहा काम पुल निर्माण का कार्य ठेकेदार की सुस्ती के कारण लंबा चल रहा है। पहले यह काम सितंबर 2024 में पूरा होना था, फिर इसकी टाइम लाइन 31 दिसंबर 2024 की गई। काम पूरा न होने के कारण इसे 2025 के अंत तक पूरा करना था। लेकिन अब 31 दिसंबर 2026 तक का समय निर्धारित किया है, फिर भी काम पूरा होने की संभावना नहीं है। सुखपुरा चौक पर गाड़ियों का रहता है दबाव सुखपुरा चौक पर चारों तरफ से गाड़ियों का दबाव अधिक रहता है, जिसके कारण पुल का निर्माण शुरू किया गया। यहां से हिसार, जींद, भिवानी, नरवाना की तरफ से आने-जाने वालों की लाइन लगती है। जिसके कारण लोगों को जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है। 31 दिसंबर तक पुल का निर्माण होगा पूरा पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के एक्सईएन अरुण कुमार ने बताया कि सुखपुरा चौक पर बनने वाले का पुल का निर्माण कार्य 31 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। पुल बनाने वाली एजेंसी को टाइम दिया गया है। अगर ग्रैप के कारण कुछ दिन काम बंद हुआ तो उतना समय आगे बढ़ाया जाएगा। समय पर काम पूरा नहीं किया तो एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
लाल कृष्ण आडवाणी का आज 99वां जन्मदिन है। पीएम मोदी ने उनके लिए विशेष चिट्ठी लिखी है। जिसमें उन्होंने उनके व्यक्तित्व और जीवनयात्रा के बारे में लिखा है। साथ ही उन्होंने आडवाणी के बेहतर स्वास्थ्य और दीघार्यु की प्रार्थना भी की है। 8 नवंबर 1927 को देव दीपावली के दिन कराची में जन्मे आडवाणी का जीवन आधुनिक भारत के अनेक ऐतिहासिक अध्यायों का साक्षी रहा है। 1947 में विभाजन की त्रासदी ने उन्हें अपना घर और परिचित परिवेश छोड़ना पड़ा। मोदी ने लिखा- प्रभु श्रीराम और दीपोत्सव के साथ जुड़ा यह दिन इसलिए भी विशेष है कि इसी वर्ष हम जनसंघ की स्थापना के 75 वर्ष, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती मना रहे हैं। इधर, भारतीय जनता पार्टी आडवाणी के जन्मदिन पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगी। यह कार्यक्रम भाजपा मुख्यालय में होगा। कार्यक्रम की शुरुआत पूजा और हवन से होगी। पीएम के लेटर की बड़ी बातें मोदी ने बताईं 2 बातें पहली- उनकी वैचारिक स्पष्टता और बौद्धिक प्रखरता। उनके भाषण, लेखन और संसदीय हस्तक्षेप विचारों की गहराई और अभिव्यक्ति की सटीकता के उदाहरण हैं। दूसरी- छद्म धर्मनिरपेक्षता के विरुद्ध निर्भीकता से अपनी बात रखी और राष्ट्र प्रथम के विचार को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में स्थापित किया। जनसंघ से लेकर भाजपा तक उन्होंने कार्यकर्ताओं की कई पीढ़ियां तैयार कीं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। ‘उनका जीवन लोकतंत्र के लिए प्रतिबद्ध रहा’ आडवाणी जी और अटल बिहारी वाजपेयी जी की मित्रता और राजनीतिक साझेदारी भारतीय लोकतंत्र की अनूठी मिसाल है। पांच-छह दशकों तक दोनों ने परस्पर विश्वास, सम्मान और सहयोग के साथ काम किया। राजनीति के इतिहास में ऐसे उदाहरण बहुत कम मिलते हैं, जब दो बड़े कद के नेता इतने लंबे समय तक एक-दूसरे के साथ खड़े रहे हों। उनके जीवन का एक और महत्वपूर्ण आयाम लोकतंत्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता है। आपातकाल के दौरान उन्होंने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष किया। 1977 में सूचना एवं प्रसारण मंत्री के रूप में और बाद में गृह मंत्री तथा उप प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने प्रशासनिक कुशलता का परिचय दिया। राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के विरुद्ध उनका दृढ़ रुख सदैव उल्लेखनीय रहेगा। सोमनाथ से अयोध्या तक की ऐतिहासिक रथयात्रा उनके जीवन का एक निर्णायक अध्याय है। मुझे इसकी परिकल्पना, तैयारी और संचालन से जुड़ने का अवसर मिला। वर्षों बाद अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण उस संकल्प की ऐतिहासिक परिणति बना। ‘सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी, निजी जिंदगी में सादगी’ आडवाणी जी ने अपने आचरण से हमेशा सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और शुचिता का उदाहरण प्रस्तुत किया है। जबकि, सादगी और संवेदनशीलता उनका एक विशेष पक्ष है। वे अध्ययनशील हैं, इतिहास, साहित्य, सिनेमा और रंगमंच में गहरी रुचि रखते हैं। उनकी पुस्तक ‘माई कंट्री माई लाइफ’ उनके अनुभवों और ऐतिहासिक दृष्टि का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। अपनी सिंधी संस्कृति से उनका जुड़ाव और सिंधु दर्शन को लोकप्रिय बनाने में उनका योगदान भी उल्लेखनीय है। उनकी इस लंबी यात्रा में कमला आडवाणी जी का योगदान भी अविस्मरणीय है। वे हर परिस्थिति में उनकी शक्ति और संबल बनी रहीं। राष्ट्र के प्रति उनके असाधारण योगदान के लिए वर्ष 2024 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके जीवनभर के राष्ट्रसेवा के समर्पण के प्रति देश की कृतज्ञता का प्रतीक है।
राजस्थान में फिलहाल लोगों को सर्दी के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। नवंबर के दूसरे सप्ताह के बाद सर्दी जोर पकड़ने का अनुमान है। 15 नवंबर बाद हवा का पैटर्न बदलेगा और उत्तरी हवा मैदानी राज्यों में आने से पश्चिमी राजस्थान में तापमान गिरने से सर्दी बढ़ेगी। इससे पहले राज्य में मौसम साफ रहेगा। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा तापमान बाड़मेर में 37.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जबकि जैसलमेर में पारा 36.6 डिग्री रहा। वहीं, माउंअ आबू और सीकर में रात में सबसे ज्यादा सर्दी रही। रात में सर्दी बढ़ी, पारा गिरकर 12 डिग्री के करीब राजस्थान में सर्दी की स्थिति देखे तो केवल कुछ ही शहरों में रात में सर्दी का असर है। इसमें शेखावाटी के सीकर, फतेहपुर के अलावा सिरोही, उदयपुर और हिल स्टेशन माउंट आबू का एरिया है। शनिवार को सबसे ज्यादा ठंडी रात सीकर और माउंट आबू में रही। सीकर में न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस, माउंट आबू में 12.3, डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। अब आगे क्या? मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने राज्य में अगले एक सप्ताह तक आसमान साफ रहने की संभावना जताई है। इस दौरान दिनभर धूप रहने और कुछ शहरों के अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी होने की संभावना है। राजस्थान के प्रमुख शहरों में मौसम का हाल जयपुर: यहां लगातार मौसम साफ बना हुआ है। शनिवार को यहां दिनभर आसमान साफ रहा और धूप रही। दिन में धूप से हल्की गर्मी रही, अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं रात में हल्की ठंडक रहने लगी है। शनिवार को न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। कोटा:शनिवार को रात के तापमान में 2 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। वहीं, दिन के तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ। दिनभर आसमान साफ रहा। अधिकतम तापमान 34. 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। नवंबर के दूसरे सप्ताह में रात के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज होने की संभावना है। अजमेर: शनिवार को अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय हल्की ठंडक रही, जबकि दिन में धूप के कारण गर्मी का असर बना रहा। सुबह और शाम के समय ठंडक का एहसास हो रहा है। उदयपुर: सुबह और शाम के समय ठंडक बढ़ गई है। शनिवार को अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में आए इस बदलाव से दिन और रात के तापमान में करीब 19 डिग्री का अंतर आ गया है। सीकर: शनिवार दिनभर मौसम सामान्य रहा। बादलों की आवाजाही नहीं थी। इस वजह से दिनभर तेज धूप खिली। सीकर के मौसम में अभी खासा बदलाव होने की कोई संभावना नहीं है। अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री और इससे पहले सुबह का न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री दर्ज किया गया। अलवर: शनिवार को सुबह से मौसम सामान्य बना रहा। दोपहर में धूप निकलने के कारण हल्की गर्मी का अहसास हुआ। दिन का अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, रात के समय भी ठंड का असर बढ़ने लगा है। अगले दो दिन तक तापमान में हल्की बढ़ोतरी के बाद गिरावट आने की संभावना है। जोधपुर: शनिवार को अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.8 डिग्री अधिक रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया,जो सामान्य से 1.8 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान में गिरावट से सर्दी बढ़ी है और रात में हल्की ठंडक का अहसास होने लगा है।
यूपी के 52 पीसीएस अधिकारियों को पदोन्नति का तोहफा, योगी सरकार ने अफसरों का बढ़ाया ग्रेड-पे
उत्तर प्रदेश सरकार ने 52 प्रांतीय सिविल सेवा (पीसीएस) अधिकारियों को पदोन्नति दी है, जिससे उनका ग्रेड-पे 6600 से बढ़कर 7600 रुपये हो जाएगा।
उत्तर प्रदेश कृषि विभाग ने रबी सीजन में उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने के लिए 16,000 से अधिक बिक्री केंद्रों की जांच की है। अनियमितता पाए जाने पर 315 विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
बाइक से गिरकर बिजली विभाग के कर्मी की मौत
आइडिया इनफिनिटी में कार्यरत मां आनंदमयीनगर निवासी संजीव सिंह (30 वर्ष), पिता शिवशंकर सिंह की शुक्रवार की रात सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, संजीव शुक्रवार रात करीब 12 बजे अपने घर के पास बाइक से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। रिम्स ले जाने के दौरान रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
विपत्तिग्रस्त 4 परिवारों को मिलेगी 16 लाख रुपए की सहायता राशि
कवर्धा| राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत जिले के चार विपत्तिग्रस्त परिवारों को कुल 16 लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। प्रत्येक परिवार को चार-चार लाख रुपए दिए जाएंगे। माठपुर निवासी अंतुराम की तालाब में डूबने से मृत्यु होने पर उनके पुत्र आशीष को सहायता मिलेगी। ग्राम कुकदूर निवासी शंकर सिंह की नदी में डूबने से मौत पर उनकी मां अंजोरा बाई को राशि स्वीकृत की गई है। वहीं, माठपुर के छपरापारा निवासी तिजिया बाई की सर्पदंश से मौत पर उनके पति गुहिरा बैगा और पवन कुमार बैगा की सर्पदंश से मृत्यु पर उनकी पत्नी मधु को चार-चार लाख रुपए दिए जाएंगे।
दीपावली: रंग-बिरंगे परिधानों में सजीं छात्राएं कर रहीं सुआ नृत्य
भास्कर न्यूज | बारगांव दीपावली पर्व के साथ ही गांवों में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोक संस्कृति की छटा बिखरने लगी है। पर्व पर मटिया, बारगांव, बलौदी सहित आसपास के गांवों में स्कूली बच्चियां सुआ नृत्य की प्रस्तुतियां दे रही हैं। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजी बच्चियां घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों के सामने पहुंचकर सुआ गीतों पर नृत्य करती हैं और लोगों से नेग प्राप्त करती हैं। आधुनिकता के दौर में धीरे-धीरे कम होती जा रही इस परंपरा को बच्चियां अपने उत्साह से जीवित रखने का प्रयास कर रही हैं। पिपरोलडीह की हिमांशी साहू, नीलम पाल, लता निषाद, कामनी पाटिल, गीतांजलि पाटिल, खुशी यादव और मीनाक्षी यदु सुआ नृत्य की प्रस्तुतियों से गांवों में सांस्कृतिक माहौल बना रही हैं। पारंपरिक गीतों के साथ तालियों की थाप पर सामूहिक नृत्य करते हुए बच्चियां लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। बाजार और सड़कों से गुजरने वाले लोग भी रुककर उनकी प्रस्तुतियां देख रहे हैं। इन दिनों गांवों की गलियों और बाजारों में सुआ नृत्य करने वाली बच्चियों की टोलियां नजर आ रही हैं। वे घरों, दुकानों और कार्यालयों के सामने पहुंचकर पारंपरिक गीत गाती हैं और नृत्य के बाद नेग लेती हैं। दीपावली के दौरान सुआ नृत्य कर नेग मांगने की यह परंपरा छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति का पुराना हिस्सा रही है। इसे आगे बढ़ाने पहल जारी है।
नई फसल की खुशी में घर-घर गूंजते हैं रीना गीत
भास्कर न्यूज | कवर्धा पंडरिया ब्लॉक के दूरस्थ बैगा-आदिवासी गांवों में आज भी पारंपरिक तरीके से दिवाली पर्व मनाते हैं। दिवाली के साथ ही नई फसल आने की खुशियां मनाई जाती है। रीना गीत गाकर नृत्य करते हुए पर्व और नई फसल आने की खुशियां बांटते हैं। खास बात यह है कि नृत्य टोलियों के स्वागत में घर का महिला या पुरुष मुखिया खुद थाली में चावल और दीया लेकर खड़े रहते हैं। नृत्य टोली के पहुंचने पर हर सदस्य के गाल पर दीये का तेल लगाकर स्वागत करते हैं। इसके बाद टोलियों के सदस्य रीना गीत गाकर नृत्य करते हैं। इसके बाद घर का प्रमुख नृत्य टोली को धान या कुछ पैसे देकर उन्हें विदा करते हैं। ये टोली गांव के हर घर में पहुंचती हैं। यूं तो दिवाली धनतेरस से शुरु होकर भाईदूज पर खत्म हो जाती है। लेकिन बैगा-आदिवासियों की यह पर्व जनवरी-फरवरी माह तक चलता है। महिलाएं और बच्चियां ठिस्की (लोहे का बना पारंपरिक वाद्ययंत्र) बजाती हैं और नृत्य करती हैं। रीना गीत की परंपरा सुआ नृत्य से काफी अलग है। सुआ नृत्य में टोकरी में तोता (सुआ) का पुतला रखकर महिलाएं या बच्चियां समूह में ताली बजाते हुए नृत्य करती हैं। लेकिन बैगा क्षेत्र में रीना गीत गाते हैं। ठिस्की (लोहे का बना पारंपरिक वाद्ययंत्र) बजाते हैं। दान में देते हैं धान रीना गीत गाकर दिवाली के साथ नई फसल की खुशियां बांटते हैं। नृत्य करने आई टोली को धान या पैसा दान देकर विदा करते हैं। पूर्व में कोदो-कुटकी या आना (पैसा) दान में देते थे। अब जो परिवार सक्षम है, वे पैसा और चावल भी दान करते हैं।
नाबालिग ने साथियों के साथ की थी चोरी
कोरबा | सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत कोसाबाड़ी स्थित हनुमान मंदिर में एक के बाद एक लगातार दो रात में चोरी की घटना हुई थी। पहले दिन मंदिर से दो दानपेटी की चोरी हुई थी तो दूसरे दिन मूर्तियों पर चढ़े जेवर पार कर दिए गए थे। मामले में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से खरमोरा क्षेत्र से एक विधि से संघर्षरत बालक (नाबालिग) को पकड़ा। पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ मंदिर में चोरी करना स्वीकार किया। पुलिस द्वारा प्रकरण में किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं चोरी की संपत्ति की खरीद-फरोख्त के संबंध में प्राप्त सूचना पर पुलिस ने भुलसीडीह निवासी सुरेश निषाद (25) को पकड़कर उसके कब्जे से चोरी की चांदी की दो चेन बरामद की है। मामले में उसके खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
एक राष्ट्र, एक चुनाव... युवा संसद में रखी बात
भास्कर न्यूज | चिरमिरी देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने और युवाओं को राष्ट्रीय मुद्दों से जोड़ने के लिए शासकीय लाहिड़ी महाविद्यालय में विकसित भारत युवा संसद 2026-27 का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ विषय पर 200 से अधिक युवाओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने चुनावी प्रक्रिया, लोकतांत्रिक व्यवस्था, संवैधानिक प्रावधानों पर अपने तर्क और नजरिए रखे। आयोजन का उद्देश्य युवाओं में संसदीय परंपराओं की समझ बढ़ाना रहा। युवा संसद के दौरान प्रतिभागियों को संसदीय प्रक्रिया के अनुसार अपनी बात रखने का मौका मिला। अलग-अलग मुद्दों पर संवाद हुआ। ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर चर्चा में युवाओं ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने के संभावित फायदे और चुनौतियां गिनाईं। प्रतिभागियों ने कहा कि एक साथ चुनाव से चुनावी खर्च में कमी संभव है। प्रशासनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकता है। बार-बार चुनाव से होने वाली व्यवस्थागत व्यस्तता घट सकती है। नीतिगत निरंतरता पर असर और विकास कार्यों पर प्रभाव को भी चर्चा में रखा गया। कार्यक्रम में महापौर रामनरेश राय मुख्य अतिथि रहे। मेरा युवा भारत के सहायक निदेशक चहल कैलाशिया मौजूद रहे। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. आरती तिवारी शामिल रहीं। युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष अंकित शर्मा, मनीष खटीक, वीरेंद्र कुमार, प्रेमा कुजूर, अजय कुमार सोनी, राहुल सिंह, डॉ. रजनी सेठिया भी उपस्थित रहे। तार्किक सोच, नेतृत्व क्षमता बढ़ती है: वक्ता वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका अहम है। लोकतंत्र मजबूत करने संवैधानिक मूल्यों का सम्मान जरूरी है। तार्किक सोच, नेतृत्व क्षमता जरूरी है। युवाओं से समसामयिक विषयों की जानकारी रखने की बात कही गई। रचनात्मक तरीके से भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि युवा संसद जैसे आयोजन किताबों से आगे जाकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया समझाते हैं। अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने की क्षमता बढ़ती है। दूसरों के विचारों का सम्मान करना सीखते हैं। असहमति के बावजूद लोकतांत्रिक मर्यादा में संवाद करना आता है। आयोजन में मेरा युवा भारत के कार्यालय सहायक राजीव साहू की भूमिका रही।
चिन्मय स्कूल के विद्यार्थियों ने आशालता में बांटे मिट्टी के दीये
सिटी रिपोर्टर | बोकारो चिन्मय विद्यालय के विद्यार्थी शनिवार को आशालता केंद्र पहुंचे और जरूरतमंदों के बीच पर्यावरण अनुकूल मिट्टी के दीयों का वितरण किया। ईको-फ्रेंडली दिवाली : स्प्रेडिंग लाइट एंड हैप्पीनेस, अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों ने लोगों के साथ खुशियां साझा कीं और उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने हस्तनिर्मित एवं पारंपरिक मिट्टी के दीये वितरित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में दया, सहयोग, सहानुभूति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के साथ पटाखों का कम उपयोग करने तथा पर्यावरण अनुकूल दीपावली मनाने के प्रति जागरुकता बढ़ाना था। सचिव महेश त्रिपाठी ने कहा कि चिन्मय परिवार का मूल मंत्र 'कीप स्माइलिंग' है। इसी भावना के साथ विद्यालय परिवार हमेशा सामाजिक सेवा के कार्यों में सक्रिय रहता है। मौके पर प्रभारी प्राचार्य नरमेंद्र कुमार, उप प्राचार्य डॉ. रोशन शर्मा, मनोज गुप्ता, रश्मि शुक्ला, पुनीत जोशी, रणविजय ओझा, रूपाली श्रीवास्तव, प्रतिभा आदि थे।
रेनबो पब्लिक स्कूल में जिला स्तरीय बाल विज्ञान प्रदर्शनी
सिटी रिपोर्टर | बोकारो रेनबो पब्लिक स्कूल चीराचास में शनिवार को 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का आयोजन हुआ। इसमें जिले के विभिन्न विद्यालयों से आए बाल वैज्ञानिकों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, कृषि और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर शोध आधारित प्रोजेक्ट एवं मॉडल प्रस्तुत किए। उत्कृष्ट प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों का चयन राज्य स्तरीय कांग्रेस के लिए किया गया। शुभारंभ निदेशक शंकर शर्मा, प्राचार्य डॉ. विपुल कुमार सिंह, जिला समन्वयक ओम प्रकाश, निर्णायक राजेन्द्र कुमार, अमन राजन व एसके राय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के राज्य समन्वयक डॉ. अतेन्द्र कुमार उपस्थित रहे। मुख्य विषय ‘स्थिरता के लिए विज्ञान एवं नवाचार’ रहा। डॉ. अतेन्द्र ने कहा कि बाल विज्ञान कांग्रेस बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, शोध प्रवृत्ति और नवाचार की भावना विकसित करने का मंच है। जिला समन्वयक ओम प्रकाश ने सभी की प्रशंसा की।
गुरु प्रकाश पर्व पर प्रभात फेरी व लंगर से दिया सेवा का संदेश
सिटी रिपोर्टर | बोकारो गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के पावन अवसर पर गुरु गोबिंद सिंह पब्लिक स्कूल चास में प्रभात फेरी एवं लंगर का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर भक्ति, सेवा और समर्पण के भाव से सराबोर रहा। प्रभात फेरी के दौरान गुरुवाणी और भक्ति भाव से वातावरण आध्यात्मिक हो उठा। इसके पश्चात लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने सेवा और समानता की भावना के साथ प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन में गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं मानवता, प्रेम, समानता और निस्वार्थ सेवा का संदेश प्रमुखता से दिया गया। जीजीईएस के अध्यक्ष तरसेम सिंह व सचिव एसपी सिंह ने सभी को प्रकाश पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गुरु नानक देव जी की शिक्षा संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत हैं। प्राचार्या सुमन नांगिया ने भी गुरु नानक देव जी के आदर्शों को जीवन में अपनाने तथा सेवा, विनम्रता और परोपकार की भावना को आत्मसात करने का संदेश दिया।

