इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने PG और लॉ-कोर्स की नई कटऑफ जारी:10 जुलाई से शुरू होगी काउंसलिंग, देखें कटऑफ
इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश के लिए विभिन्न परास्नातक (PG) और विधि (Law) पाठ्यक्रमों की नई कटऑफ सूची जारी कर दी है। विश्वविद्यालय की ओर से एमए, एमएससी, एमकॉम, एलएलबी (ऑनर्स) और एलएलएम समेत कई पाठ्यक्रमों के लिए अभ्यर्थियों को काउंसलिंग का मौका दिया गया है। इन सभी पाठ्यक्रमों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और दस्तावेज अपलोड करने की प्रक्रिया 10 जुलाई 2026 से शुरू होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभ्यर्थियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन पंजीकरण, दस्तावेजों का सत्यापन और प्रवेश शुल्क जमा करने की अपील की है। तय समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी के दस्तावेज या शुल्क स्वीकार नहीं किए जाएंगे। प्रमुख पाठ्यक्रमों की कटऑफ नोट: जिन श्रेणियों के लिए कट-ऑफ जारी नहीं की गई है, वहां (—) दर्शाया गया है। 10 जुलाई से करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन विश्वविद्यालय ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे 10 जुलाई से निर्धारित पोर्टल पर अपने शैक्षणिक दस्तावेज अपलोड कर समय से प्रवेश प्रक्रिया पूरी करें। अंतिम तिथि के बाद किसी भी प्रकार का आवेदन, दस्तावेज या शुल्क स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को नागदा स्थित श्री ऋणमुक्तेश्वर मंदिर परिसर में बहुप्रतीक्षित उज्जैन-जावरा 4 लेन ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना का भूमिपूजन करेंगे। कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री दोपहर 2 बजे नागदा हेलीपैड पहुंचेंगे। इसके बाद दोपहर 2:10 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर हाईवे परियोजना का भूमिपूजन, विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण तथा हितग्राहियों को हेलमेट वितरण करेंगे। 98.73 किलोमीटर लंबा होगा हाईवे मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) द्वारा करीब 5017 करोड़ रुपए की लागत से 98.730 किलोमीटर लंबे उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे का निर्माण कराया जाएगा। यह परियोजना हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) पर विकसित होगी। हाईवे उज्जैन जिले के ग्राम मंगरोला से शुरू होकर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के 8 लेन इंटरचेंज से जुड़ते हुए जावरा में होटल जोयो के समीप समाप्त होगा। यह चार लेन ग्रीनफील्ड हाईवे होगा, जिसमें दोनों ओर पेव्ड शोल्डर्स की सुविधा भी रहेगी। सिंहस्थ-2028 और क्षेत्रीय विकास को मिलेगी गति इस परियोजना के पूरा होने के बाद उज्जैन, नागदा, जावरा और रतलाम के बीच आवागमन अधिक तेज और सुगम होगा। साथ ही उज्जैन का सीधा संपर्क दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर (DMIC) और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से स्थापित होने से क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। सिंहस्थ-2028 के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं और वाहनों के लिए यह हाईवे महत्वपूर्ण साबित होगा। आधुनिक सुरक्षा मानकों और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सुविधाओं से लैस इस मार्ग के बनने से यात्रा सुरक्षित और सुविधाजनक होगी। उद्योग, लॉजिस्टिक्स और कृषि को होगा लाभ ग्रीनफील्ड हाईवे बनने से क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत होगा। औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलने के साथ कृषि आधारित गतिविधियों और व्यापारिक परिवहन को भी नई गति मिलेगी। सरकार का दावा है कि यह परियोजना माल परिवहन का समय कम करेगी और उज्जैन संभाग के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
लखनऊ में लेसा के अमौसी जोन में बिजली कनेक्शन जारी करने में बड़े स्तर पर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। विभागीय जांच में तीन अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) समेत 14 कर्मचारी दोषी पाए गए हैं। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम अब सभी आरोपियों को चार्जशीट जारी कर उनसे जवाब तलब करने के साथ ही राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए जुर्माना वसूलने की तैयारी कर रहा है। जांच के मुताबिक, अमौसी जोन के ग्रामीण क्षेत्र में कनेक्शन जारी करते समय नियमों की अनदेखी की गई। जिन उपभोक्ताओं को 70 रुपये प्रति वर्गफीट योजना के तहत बिजली कनेक्शन मिलना चाहिए था, उन्हें भारी-भरकम डिपॉजिट का एस्टीमेट थमा दिया गया। वहीं, जिन मामलों में बड़े एस्टीमेट के आधार पर कनेक्शन जारी होना था, वहां मिलीभगत कर सामान्य शुल्क पर ही कनेक्शन दे दिए गए। इससे विभाग को राजस्व का नुकसान हुआ। मामले का खुलासा तब हुआ, जब विभाग ने रिजेक्ट किए गए कनेक्शनों और बाद में उसी पते पर जारी नए कनेक्शनों के रिकॉर्ड का मिलान किया। गड़बड़ी मिलने पर ऊर्जा प्रबंधन में शिकायत की गई, जिसके बाद मुख्य अभियंता राम कुमार और अधीक्षण अभियंता (कमर्शियल) की अध्यक्षता में गठित जांच समिति ने पूरे मामले की जांच की। समिति ने अनियमितताओं की पुष्टि करते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों से राजस्व नुकसान की भरपाई कराने की सिफारिश की है। अब मध्यांचल प्रबंधन सभी आरोपियों को चार्जशीट जारी कर स्पष्टीकरण मांगेगा। जवाब के आधार पर विभागीय कार्रवाई के साथ जुर्माने की वसूली भी की जाएगी। जांच के दायरे में आए कर्मचारी जांच में तत्कालीन एक्सईएन विवेक प्रकाश, नीरज और जय सिंह, एसडीओ मुश्ताक अहमद मंसूरी, अनुभव कुमार सिंह और प्रशांत कुमार गिरि, जेई दिनेश कुमार, विनीत कुमार, विजय कुमार, अरशद, राजेश कुमार, रविन्द्र कुमार और अमित भारद्वाज, तथा टीजी-2 राजेश कुमार शामिल हैं। विभाग के अनुसार, जांच में शामिल सभी कर्मचारियों का तबादला अब अमौसी जोन से अन्य स्थानों पर हो चुका है।
झांसी में राज्य वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) विभाग की टीम ने गुरुवार शाम 4 बजे एक स्लॉटर हाउस पर छापामार कार्रवाई की। विभाग के पास यहां निर्धारित संख्या से अधिक पशुओं के कटान और टैक्स चोरी की सूचना मिली थी। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर दस्तावेजों की जांच शुरू की। देर रात तक जीएसटी की कार्रवाई जारी रही है। सदर बाजार थाना क्षेत्र के भगवंतपुरा स्थित अल-मर्जिया स्लॉटर हाउस में यह कार्रवाई चल रही है। इसी नाम से दिल्ली की एक फर्म झांसी में भी पंजीकृत है। राज्य वस्तु एवं सेवाकर विभाग के डिप्टी कमिश्नर (एसआईबी) पुनीत अग्निहोत्री ने फर्म के कर भुगतान से संबंधित आंकड़ों का परीक्षण किया तो प्रारंभिक जांच में विभाग को दर्शाई गई संख्या से अधिक पशुओं के कटान की आशंका सामने आई। वहीं, इसके मुकाबले कर भुगतान भी कम पाया गया। इसी के आधार पर डिप्टी कमिश्नर पुनीत अग्निहोत्री के नेतृत्व में चार अधिकारियों की टीम गुरुवार शाम चार बजे स्लॉटर हाउस पहुंची और यहां उपलब्ध अभिलेखों एवं दस्तावेजों की जांच शुरू की। शाम करीब चार बजे से शुरू हुई कार्रवाई देर रात 12 बजे तक जारी रही। डिप्टी कमिश्नर पुनीत अग्निहोत्री ने बताया कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है। स्लॉटर हाउस से जुड़े काफी दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) की कालोनी पत्रकारपुरम के निवासियों के लिए गुरुवार का दिन काफी मुश्किलों भरा रहा। बोरिंग का मोटर खराब हो जाने से पानी का संकट उत्पन्न हो गया। दिन में किसी तरह काम चला लेकिन रात में सबकी टंकी में पानी खत्म हो गया। सभी परिवारों को नीचे आकर GDA के टैंकर से पानी भरना पड़ा। पानी के लिए उन्हें लंबी लाइन लगानी पड़ी। GDA के अधिकारियों का कहना है कि आज मोटर नहीं मिल सका। शुक्रवार को समस्या का समाधान निकाल लिया जाएगा। प्राधिकरण की ओर से राप्तीनगर विस्तार योजना के तहत पत्रकारपुरम आवासीय कालोनी विकसित की गई है। ग्राउंड प्लस 3 तल के कई टावर यहां हैं। पत्रकारपुरम के साथ ही पत्रकारपुरम विस्तार भी इसी परिसर में बना है। वर्तमान में लगभग 400 परिवार यहां निवास कर रहे हैं। गुरुवार की सुबह अचानक मोटर खराब हो गया तो लोगों ने प्राधिकरण में शिकायत की लेकिन दिन भर में मोटर ठीक नहीं हो सका। पहले प्रधानमंत्री आवास परिसर से आता था पानी जब पत्रकारपुरम में कब्जा दिया गया तो वहां बगल की कालोनी प्रधानमंत्री आवास से पानी की आपूर्ति की जाती थी। बाद में पत्रकारपुर में ही बोरिंग हो गई। लेकिन कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, जिससे मोटर खराब होने पर लोगों को समस्या का सामना करना पड़ा। पत्रकारपुरम में गुरुवार की रात को वही दृश्य था जो कभी महानगरों के कई मोहल्लों में दिखाई देता था। पुरुष, महिलाएं एवं बच्चे घरों से बाल्टी लेकर नीचे खड़े थे। प्राधिकरण की ओर से भेजे गए पानी के टैंकर के सामने लंबी लाइन लगी थी। पानी को ढोकर तीसरी मंजिल तक ले जाने में हालत खराब हो गई। पानी ढोकर घरों मे ले जाने वालों में महिलाओं एवं बच्चों की संख्या अधिक रही। शाम तक लोगों के घरों में खाना बनाने के लिए भी पानी नहीं बचा था। आज समस्या ठीक होने के आसार पानी की समस्या शुक्रवार को ठीक हो जाने की उम्मीद है। आज पूरे दिन भरोसा देने वाले GDA के अधिकारियों ने शाम को भी भरोसा दिया है कि शुक्रवार को पानी की आपूर्ति बहाल हो जाएगी। फिलहाल स्टोर किए पानी से लोग काम चला रहे हैं।
मध्यप्रदेश के रीवा जिले में तीन महीने से लापता युवक की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सतना जिले के रहने वाले 20 वर्षीय विपिन कुमार यादव की हत्या 27 मार्च को उसकी ससुराल में कर दी गई थी। जांच में सामने आया कि आरोपी ने पहले उसका गला घोंटा, फिर शव कुएं में फेंक दिया। कुछ समय बाद शव पानी में ऊपर आ गया तो उसे निकालकर अपने घर से करीब 300 मीटर दूर जमीन में दफना दिया, ताकि उस जगह पर नजर रख सके। गुरुवार शाम कार्यपालिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में खुदाई कर शव बरामद किया गया। शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। ससुराल गया था, फिर वहां से लापताविपिन कुमार यादव, सतना जिले के रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र के मोहार टोला (भगदेवरा) का रहने वाला था। उसकी शादी रीवा जिले के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के टीकर गांव में हुई थी। वह 26 मार्च को ससुराल गया था। अगले दिन उसके परिजनों से संपर्क टूट गया। 28 मार्च को उसके पिता संतू यादव ने सतना के रामपुर बघेलान थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। शुरुआती जांच में पुलिस को लगा कि युवक किसी बात से नाराज होकर चला गया होगा। रिश्तेदारों और परिचितों से पूछताछ की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पत्नी की कॉल डिटेल से हुआ खुलासाजांच के दौरान पुलिस को युवक की आखिरी मोबाइल लोकेशन गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के टीकर गांव में मिली, जो आरोपी सुनील कुशवाहा का गांव है। इसके बाद पुलिस ने वहां के लोगों और रिश्तेदारों से पूछताछ शुरू की। इसी दौरान मृतक की पत्नी की कॉल डिटेल खंगाली गई, जिसमें सुनील कुशवाहा से उसकी लगातार बातचीत सामने आई। दोनों दिन में कई बार फोन पर बात करते थे और लंबी बातचीत भी होती थी। इसी आधार पर पुलिस ने सुनील को हिरासत में लिया। घर के पास नाले से शव बरामदसुनील ने पूछताछ में हत्या करना स्वीकार किया और शव दफनाने की जगह बता दी। पुलिस ने उसे मृतक की पत्नी के घर से हिरासत में लिया था। आरोपी की निशानदेही पर गुरुवार शाम करीब चार बजे टीकर गांव में उसके घर से करीब 300 मीटर दूर नाले के पास खुदाई शुरू कराई गई। कार्यपालिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में कुछ फीट नीचे दफन शव बरामद हुआ। करीब तीन महीने जमीन में दबे रहने के कारण शव पूरी तरह डिकम्पोज हो चुका था। पकड़े जाने का डर था, इसलिए दफनायापूछताछ में आरोपी ने बताया कि हत्या के बाद उसने शव कुएं में फेंका था, लेकिन शव ऊपर आ जाने से पकड़े जाने का डर सताने लगा। इसके बाद उसने शव बाहर निकालकर दूसरी जगह दफना दिया। जिस जमीन में शव दफनाया गया, वह किसकी है, इसकी जांच के लिए राजस्व रिकॉर्ड मंगाए गए हैं। एडिशनल एसपी बोले- हत्या का केस दर्जएडिशनल एसपी संदीप मिश्रा ने बताया कि आरोपी और मृतक की पत्नी पुलिस कस्टडी में हैं। दोनों से पूछताछ जारी है। फिलहाल हत्या का मामला दर्ज है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की धाराएं बढ़ाई जाएंगी। पुलिस प्रेम-प्रसंग और अन्य संभावित कारणों को भी जांच में शामिल कर रही है।
भारतीय जनता पार्टी के नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय मुख्यालय पर गुरुवार को कानपुर लोकसभा से सांसद रमेश अवस्थी ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान कानपुर लोकसभा क्षेत्र में संगठन की मौजूदा गतिविधियों, आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और संगठनात्मक मजबूती को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कानपुर में भाजपा संगठन को और अधिक सशक्त और सक्रिय बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और संपर्क ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को जनसंपर्क अभियान तेज करने के साथ जनता के बीच पार्टी की सक्रिय मौजूदगी बनाए रखने पर जोर दिया। इन रणनीति पर भी हुई चर्चा सांसद रमेश अवस्थी ने बताया किराष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और इसके लिए कार्यकर्ता गांव, मोहल्लों और बूथ स्तर पर लगातार सक्रिय रहने को कहा। कानपुर के विकास कार्यों की जानकारी दी सांसद रमेश अवस्थी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को कानपुर में संगठनात्मक गतिविधियों, जनसंपर्क अभियानों और क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पार्टी नेतृत्व के मार्गदर्शन में कानपुर में संगठन को और अधिक मजबूत किया जाएगा तथा कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बढ़ाते हुए आगामी कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से सफल बनाया जाएगा।
गुरुग्राम में गुरुवार की देर रात पुलिस की दीपक नांदल गैंग के साथ बड़ी मुठभेड़ हो गई। दोनों तरफ से हुई क्रॉस फायरिंग में पांच बदमाशों को गोली लगी है, जिनमें से चार की मौत हो गई। एसीपी सदर धर्मवीर सिंह ने एनकाउंटर में चार शूटरों की मौत की पुष्टि की है। यह घटना सुशांत लोक ए ब्लॉक में हुई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दीपक नांदल गैंग के शूटरों ने गुरुग्राम की एसजीटी यूनिवर्सिटी के संस्थापक के बेटे विशाल बेरी को उसी के घर में बंधक बना रखा था। उससे कई करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी जा रही थी। किसी तरह पीड़ित परिवार पुलिस को सूचना देने में सफल रहे। इसके बाद पुलिस ने बदमाशों को घेर लिया और चार बदमाशों को मार गिराया, जबकि एक गोली लगने से घायल हो गया। इस मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मियों को भी गोली लगी है। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। पुलिस बदमाशों के बारे में पता लगाने में जुटी है। यहां सिलसिलेवार ढंग से जानिए कैसे हुई मुठभेड़… सुशांत लोक एरिया में बदमाशों के होने की सूचना मिली थी एसीपी सदर धर्मवीर सिंह के मुताबिक सुशांत लोक फेस-2 में यह मुठभेड़ हुई है। क्राइम ब्रांच की टीमों को पुलिस कंट्रोल रूप से एक संदिग्ध स्कॉर्पियो गाड़ी में कुछ हथियार बंद अपराधियों के होने बारे सूचना मिली थी। क्राइम ब्रांच की टीमें जब सुशांत लोक एरिया में पहुंची तो बदमाशों द्वारा एक व्यवसायी विशाल बेरी के घर पर अत्याधुनिक हथियारों से फायरिंग करनी शुरू कर दी गई थी। व्यवयायी को दीपक नांगल गैंग से मिली रही थी धमकी एसीपी सदर धर्मवीर सिंह के मुताबिक इस व्यवसायी को विदेश में बैठे गैंगस्टर दीपक नांदल से फिरौती के लिए लगातार संदेश आ रहे थे। क्राइम ब्रांच की ओर से अपराधियों को आत्मसमर्पण करने के लिए चेतावनी दी गई, परन्तु उन्होंने जानलेवा फायरिंग शुरू कर भागने की कोशिश की। पुलिस टीम ने आत्मरक्षा एवं अपराधियों को पकड़ने के उद्देश्य से जवाबी फायरिंग की गई, जिसमें सभी 5 बदमाशों को गोली लग गई। चार बदमाशों की मौके पर मौत, एक गंभीर रूप से घायल एसीपी सदर के मुताबिक इस मुठभेड़ में पांचों को बदमाश घायल हो गए, जिन्हें घेर कर पकड़ लिया गया। सभी को जब एक निजी सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां डाक्टरों ने 4 बदमाशों को मृत घोषित किया, जबकि एक का इलाज जारी है। उसकी भी हालत गंभीर बनी हुई है। इस मुठभेड़ में 3 पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हुए हैं। तीनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर इलाज कराया गया है।
कासगंज में लगातार हो रही भारी वर्षा और खराब मौसम के कारण जिलाधिकारी प्रणय सिंह के निर्देश पर 10 जुलाई 2026, शुक्रवार को जिले के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। यह आदेश नर्सरी से लेकर कक्षा 12 तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त और निजी विद्यालयों पर लागू होगा। जिला प्रशासन ने बताया कि लगातार बारिश से कई स्थानों पर जलभराव और आवागमन बाधित होने की आशंका है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है। सभी विद्यालय संचालकों और प्रधानाचार्यों को आदेश का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने तथा किसी भी स्थिति में विद्यालय संचालित न करने के निर्देश दिए गए हैं। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों को विद्यालय न भेजें और मौसम सामान्य होने तक सतर्कता बरतें। जिला प्रशासन मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे। प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
बदायूं में बिजली गिरने का रेड अलर्ट:कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल दो दिन के लिए बंद, बीएसए ने दिया आदेश
बदायूं में भारी बारिश और बिजली गिरने की प्रबल संभावना के मद्देनजर प्रशासन ने कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूलों को दो दिनों के लिए बंद करने का आदेश दिया है। यह निर्णय मौसम विभाग द्वारा जारी रेड अलर्ट के बाद विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। जिलेभर में बुधवार सुबह से रुक-रुककर बारिश हो रही है, जिससे कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने गुरुवार को वज्रपात की आशंका जताई थी। इसी को देखते हुए जिलाधिकारी अवनीश राय ने 10 और 11 जुलाई को कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया। जिलाधिकारी की अनुमति के बाद बीएसए नवीन कुमार ने गुरुवार को आदेश जारी किया। जारी आदेश के अनुसार, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित परिषदीय विद्यालयों के साथ-साथ मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त और सभी बोर्डों से संचालित कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालय 10 और 11 जुलाई को बंद रहेंगे। यह कदम छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उठाया गया है। हालांकि, 12 जुलाई को प्रस्तावित वृहद वृक्षारोपण अभियान के कारण विद्यालय खुले रहेंगे। बीएसए ने निर्देश दिए हैं कि विद्यालयों का स्टाफ 11 जुलाई को ब्लॉक स्तर पर निर्धारित पौधशालाओं से पौधे प्राप्त कर विद्यालय में सुरक्षित रखे। इसके बाद 12 जुलाई को छात्र-छात्राओं और अभिभावकों की सहभागिता से वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
पीलीभीत में ग्राम पंचायतों की वित्तीय अनियमितताओं पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। वर्ष 2017-18 की ऑडिट में गड़बड़ियां मिलने के बाद जिलाधिकारी ने 11 ग्राम पंचायतों के तत्कालीन प्रधानों और ग्राम पंचायत सचिवों से कुल 82,72,853 रुपए की सरकारी धनराशि वसूलने के आदेश जारी किए हैं। जिला लेखा परीक्षा अधिकारी द्वारा ऑडिट के दौरान वित्तीय अनियमितताएं मिलने पर संबंधित तत्कालीन प्रधानों और ग्राम पंचायत सचिवों से स्पष्टीकरण मांगा गया था। अधिकारियों के अनुसार, प्राप्त जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर जिला लेखा परीक्षा अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने वसूली की कार्रवाई के निर्देश दिए। यह वसूली ललौरीखेड़ा विकास खंड की एक तथा बिलसंडा विकास खंड की 10 ग्राम पंचायतों से की जाएगी। इनमें वारनवादा (14.70 लाख), ईटगांव (27.60 लाख), नगरिया तुलागिरि (7.01 लाख), टेहरी (6.52 लाख), अण्डाह (6.01 लाख), मरैना (5.18 लाख), इरादतपुर पगार (4.87 लाख), तिल्छी (4.71 लाख), बिहारीपुर हीरा (3.97 लाख), किशनपुर (1.83 लाख) और ओडाझार (29,500) रुपए की धनराशि शामिल है। जिलाधिकारी के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने संबंधित ब्लॉक और राजस्व अधिकारियों को वसूली की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि नियमानुसार कार्रवाई पूरी कर जल्द से जल्द वसूली की रिपोर्ट जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाए।
संभल में शादी के 9 महीने बाद एक विवाहिता की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजनों ने ससुराल पक्ष पर रस्सी से गला घोंटकर हत्या करने का आरोप लगाया है। घटना के बाद से ससुराल पक्ष के लोग फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस को निजी अस्पताल से महिला की मौत की सूचना मिली, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे। महिला की मौत गुरुवार रात 8 बजे हुई थी। यह घटना संभल जिले की चंदौसी तहसील के बहजोई थाना क्षेत्र के गांव चाटन की है। मृतक महिला की पहचान 20 वर्षीय राजकली पत्नी रवि कुमार के रूप में हुई है। गुन्नौर तहसील के धनारी थाना क्षेत्र के गांव लहरपुर निवासी नेका सिंह ने अपनी बेटी राजकली की शादी 22 नवंबर 2025 को रवि कुमार के साथ की थी। मायके पक्ष को बुधवार रात 12 बजे राजकली की तबीयत खराब होने की सूचना दी गई थी। हालांकि, मृतक के ताऊ ने इस सूचना से लगभग एक घंटे पहले ही फोन पर अपनी भतीजी से बात की थी और उसे घर लाने की बात कही थी। राजकली के भाई राजेश कुमार ने बताया कि उनके ताऊ ने बहन से बात की थी कि वे उसे लेने आ रहे हैं। इसके एक घंटे बाद उन्हें खबर मिली कि राजकली की तबीयत ठीक नहीं है। राजेश ने आरोप लगाया कि उन्हें सीधे तौर पर यह नहीं बताया गया कि उनकी बहन की मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि जब उन्हें कॉल आई, तब वे सोनीपत में थे। राजेश के अनुसार, उन्हें पहले बहजोई के कैलाश अस्पताल में राजकली की तबीयत खराब होने की जानकारी दी गई। बाद में उन्हें संभल के देविका मशीन अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिली। वहां पहुंचने पर राजेश ने अपनी बहन के गले पर दाग देखे। उन्होंने कहा कि ससुराल वाले चुन्नी से फांसी लगाने की बात कह रहे थे, लेकिन उन्हें यह रस्सी से फांसी लगाए जाने जैसा लगा। गुरुवार की रात 10:30 बजे थाना प्रभारी राजीव कुमार मलिक ने बताया कि महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों की शिकायत पर मामले की जांच की जा रही है और अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
कुशीनगर के चौराखास थाना क्षेत्र में सोमवार देर शाम हुई कथित लूट की घटना के बाद पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की है। घटना के खुलासे के बाद रात्रि गश्त, चेकिंग और ड्यूटी में लापरवाही पाए जाने पर एक उपनिरीक्षक, एक मुख्य आरक्षी और एक आरक्षी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबित पुलिसकर्मियों में चौराखास थाने में तैनात उपनिरीक्षक अवनीश कुमार, मुख्य आरक्षी विनोद कुमार और आरक्षी आयुष मौर्य शामिल हैं। मुख्य आरक्षी विनोद कुमार पीआरवी-6669 पर तैनात थे, जबकि उपनिरीक्षक अवनीश कुमार और आरक्षी आयुष मौर्य चौराखास थाने में कार्यरत थे। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, तीनों पुलिसकर्मियों पर रात्रि चेकिंग, ड्यूटी और अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने का आरोप है। जनहित और प्रशासनिक हित को देखते हुए उनके खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई की गई है। पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और पुलिस ड्यूटी के निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों की जवाबदेही तय की जाएगी और अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में 23 जून को सुर्खियों में आई शादी ने अब नया मोड़ ले लिया है। जिस दुल्हन मुस्कान ने दूल्हे संत कुमार के कथित रूप से नशे में होने के कारण मंडप में शादी से इनकार कर दिया था, उसी मुस्कान ने 16 दिन बाद संत कुमार से विवाह कर लिया है। दोनों ने मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से सात फेरे लिए। यह घटना 23 जून को चांपा थाना क्षेत्र के कोसमंदा गांव में हुई थी, जब दुल्हन मुस्कान ने कथित तौर पर नशे में धुत दूल्हे से शादी करने से मना कर दिया था। इस फैसले ने पूरे प्रदेश में सुर्खियां बटोरी थीं। जांजगीर-चांपा के पुलिस अधीक्षक विजय पांडेय ने मुस्कान के इस कदम की सराहना की थी और उन्हें परिवार परामर्श केंद्र में परामर्शदात्री सदस्य की जिम्मेदारी भी सौंपी थी। गुरुवार को मुस्कान परिवार परामर्श केंद्र में अपनी ड्यूटी पर थी। दोपहर करीब दो बजे वह केंद्र से निकली और घर जाने के बजाय सीधे संत कुमार के गांव खोखरा पहुंच गई। वहां मनका दाई मंदिर में संत कुमार और उनके परिजनों की उपस्थिति में दोनों ने विवाह संपन्न किया। बताया जा रहा है कि लड़के के परिवार को इस शादी की जानकारी पहले से थी, जबकि लड़की के परिजनों को इसकी सूचना बाद में मिली। मुस्कान और संत कुमार ने बताया कि 23 जून को शादी टूटने के बाद भी वे लगातार फोन पर संपर्क में थे। दोनों का कहना है कि शादी वाले दिन जो कुछ हुआ, वह एक साजिश का हिस्सा था। संपर्क में रहने के दौरान उनकी गलतफहमियां दूर हुईं, जिसके बाद उन्होंने एक साथ नई जिंदगी शुरू करने का फैसला किया। कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाने का आरोप संत कुमार के अनुसार, वे शराब नहीं पीते हैं। शादी के दिन उनके कोल्ड ड्रिंक में कोई नशीला पदार्थ मिला दिया गया था, जिससे लोगों को लगा कि वह नशे में हैं। बाद में दोनों के बीच बातचीत हुई। संत कुमार ने मुस्कान से माफी मांगी और दोनों के बीच की गलतफहमियां दूर हो गईं। इसके बाद दोनों ने साथ जीवन बिताने का फैसला किया। आज मनका दाई मंदिर में दोनों ने शादी कर ली है। परिवार परामर्श केंद्र से निकली मुस्कान ने संत से की शादी सीएसपी योगिता बाली खापर्डे ने बताया कि मुस्कान परिवार परामर्श केंद्र गई थी। दोपहर बाद वह वहां से निकल गई, लेकिन घर नहीं पहुंची। शाम तक उसका मोबाइल बंद आने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस और साइबर टीम ने उनकी तलाश शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि मुस्कान खोखरा गांव में संत कुमार के घर पर है। सूचना मिलने पर चांपा सीएसपी योगिता खापर्डे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंची और दोनों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली। पुलिस के मुताबिक, मुस्कान ने अपनी इच्छा से संत कुमार के साथ रहने और शादी करने की बात कही। मुस्कान और संत कुमार ने बताया कि शादी टूटने के बाद भी दोनों एक-दूसरे के संपर्क में थे। संत कुमार ने मुस्कान से माफी मांगी और आगे शराब नहीं पीने का वादा किया। दोनों का कहना है कि शादी वाले दिन जो विवाद हुआ था, उसके पीछे साजिश थी। इसके बाद दोनों ने खोखरा स्थित मनका दाई मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली। कुछ दिन पहले चर्चा में रही यह शादी अब एक बार फिर जांजगीर-चांपा जिले में सुर्खियों में है। …………………….. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… दारू पीकर पहुंचा दूल्हा, दुल्हन ने मारा थप्पड़, लौटाई बारात:बोली- नशेड़ी से शादी नहीं करूंगी, सगाई में भी नशे में आया था छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में जैसे ही दूल्हा द्वार पूजा के लिए पहुंचा, दुल्हन ने शादी से इनकार कर दिया। ग्राम कोसमंदा में 23 जून को पहुंची बारात खाली हाथ वापस लौट गई। दरअसल, दूल्हा शराब के नशे में था। वह लड़खड़ा रहा था, जिसके बाद वर-वधु पक्ष के बीच झगड़ा हो गया। पढ़ें पूरी खबर…
पीलीभीत की राजनीति में गुरुवार को उस समय हलचल तेज हो गई, जब भाजपा के वरिष्ठ नेता रत्नेश गंगवार के कार्यालय में समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव की तस्वीर दिखाई दी। इसके बाद उनके समाजवादी पार्टी में शामिल होने की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया। रत्नेश गंगवार पिछले कुछ समय से भारतीय जनता पार्टी के प्रति नाराजगी जाहिर करते रहे हैं। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र यादव समेत कई प्रमुख सपा नेताओं से मुलाकात भी की थी, जिसके बाद से उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। कुछ दिन पहले रत्नेश गंगवार ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट कहा था कि वह अब भाजपा के साथ नहीं रहेंगे। हालांकि, उन्होंने उस समय यह नहीं बताया था कि वह किस राजनीतिक दल में शामिल होंगे। गुरुवार शाम उनके कार्यालय में मुलायम सिंह यादव की तस्वीर दिखाई देने के बाद राजनीतिक गलियारों में उनके समाजवादी पार्टी में शामिल होने की अटकलें और तेज हो गई हैं। हालांकि, रत्नेश गंगवार या समाजवादी पार्टी की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। यदि रत्नेश गंगवार समाजवादी पार्टी का दामन थामते हैं, तो इसे पीलीभीत की राजनीति में भाजपा के लिए बड़ा झटका और सपा के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक बढ़त के रूप में देखा जा सकता है। फिलहाल सभी की नजर उनके अगले राजनीतिक कदम पर टिकी हुई है।
101 करोड़ भूमि मामले पर HC में हुई सुनवाई:38 बीघा जमीन पर प्रशासन का कब्जा, कल फिर सुनवाई होगी
संभल की 101 करोड़ रुपये की 38 बीघा ग्रामसभा भूमि से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में गुरुवार को एक घंटे सुनवाई हुई। यह सुनवाई प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ सात लोगों द्वारा दायर याचिका पर हुई। नगर पालिका परिषद संभल के अधिवक्ता आशुतोष कुमार ने पुष्टि की है कि इस मामले में कल फिर सुनवाई होगी। न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की कोर्ट संख्या 50 में यह सुनवाई हुई। यह पूरा मामला संभल तहसील के थाना रायसत्ती क्षेत्र के मुरादाबाद रोड स्थित गांव तख्तगोसाईन में पांच गाटा संख्या 206, 207, 238, 242/378, 279 से संबंधित है। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने 28 जून को इस बेशकीमती जमीन का निरीक्षण किया था। इसके बाद 29 जून को लेखपाल स्पर्श गुप्ता की शिकायत पर पुलिस ने 31 नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। 01 जुलाई को सीओ ने लेखपाल स्पर्श गुप्ता के साथ मिलकर मुक्त कराई गई भूमि का नक्शा तैयार किया और संबंधित बयान दर्ज किए। इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने वालों में आलम वारसी (पुत्र मकसूद हुसैन, निवासी पानी टंकी, मोहल्ला मल्ली सराय), आजम खान (पुत्र साजिद खान, निवासी जिलानी अरबी कॉलेज, मोहल्ला देहली दरवाजा), मुजाहिद (पुत्र मो. हशमत, निवासी मोहल्ला बेगम सराय), शाकिर अली (पुत्र गुलाम साबिर, निवासी नवाड़ा), मो. रफीक (पुत्र जुम्मा), मो. कासिम (पुत्र जहीर अहमद, निवासी मोहल्ला पंजू सराय) और शाकिर सबूर (पुत्र अब्दुल सबूर खान, निवासी बगीचा वाली मस्जिद, मोहल्ला चौधरी सराय, तहसील संभल) शामिल हैं। लेखपाल की जांच में सामने आया कि इस जमीन की पहले हेराफेरी की गई थी। दस्तावेजों की पड़ताल से यह भी पता चला कि वर्ष 2008 में उपसंचालक चकबंदी द्वारा इस भूमि का नामांतरण एक फर्जी व्यक्ति के नाम कर दिया गया था। यह नामांतरण फर्जी पट्टे के आधार पर किया गया था, जिस पर नगर पालिका का कोई अधिकार नहीं था। इस मामले में नगर पालिका परिषद संभल के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी राजकुमार गुप्ता (जो वर्तमान में शाहजहांपुर नगर निगम में सहायक आयुक्त हैं) को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, पालिका के रिटायर्ड मानचित्र शहाबुद्दीन और पैरोकार माजिद खान सहित अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
सीतापुर के पिसावां थाना क्षेत्र के अनंतापुर गांव में गुरुवार देर रात 10:30 बजे 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन पर कार्य के दौरान हादसा हो गया। बिजली लाइन के नीचे जाली लगाने के दौरान एक प्राइवेट लाइनकर्मी अचानक हाईवोल्टेज करंट की चपेट में आ गया। करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया और खंभे से नीचे गिर पड़ा। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिसावां पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। थानाध्यक्ष प्रभात कुमार गुप्ता ने बताया कि एलाइट इंटरप्राइजेज कंपनी के ठेकेदार सत्यपाल सिंह पुत्र महावीर सिंह, निवासी फरीदपुर थाना महोली, के अधीन क्षेत्र में 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन खींचने का कार्य चल रहा था। इसी दौरान सकरन थाना क्षेत्र के खजुरा गांव निवासी रिंकू पुत्र रामकुमार खंभे पर चढ़कर लाइन के नीचे जाली लगाने का कार्य कर रहा था। तभी अचानक लाइन में बिजली आपूर्ति शुरू हो गई और वह हाईवोल्टेज करंट की चपेट में आ गया। करंट का तेज झटका लगने से वह गंभीर रूप से झुलसकर नीचे गिर पड़ा। घटना की सूचना पर थाना प्रभारी प्रभात कुमार गुप्ता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिसावां पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल सीतापुर रेफर कर दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला कार्य के दौरान अचानक लाइन में बिजली आपूर्ति आने से हुए हादसे का प्रतीत होता है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट और संबंधित तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर देहात में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालयों में 10 जुलाई को अवकाश घोषित किया है। यह निर्णय मौसम विभाग के अलर्ट और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष पांडेय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जनपद के सभी परिषदीय, अशासकीय सहायता प्राप्त, वित्तविहीन मान्यता प्राप्त, राजकीय, सीबीएसई, आईसीएसई तथा अन्य बोर्ड से संचालित विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई 10 जुलाई को स्थगित रहेगी। सभी विद्यालयों को आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन के अनुसार, मौसम विभाग ने जिले में भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा स्कूल आने-जाने के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। जिला प्रशासन ने सभी प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों को आदेश का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अभिभावकों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने दें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। प्रशासन ने कहा है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर आगे भी परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।
कन्नौज में गुरुवार रात 10 बजे गौकशी मामले में फरार चल रहे युवक से पुलिस की मुठभेड़ हो गई। फायरिंग के दौरान एक गोली आरोपी के पैर में लग गई, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। सदर कोतवाली की जलालपुर चौकी क्षेत्र के घमाइचमऊ गांव निवासी तारिक उर्फ शाहिद के खिलाफ सदर कोतवाली में 8 जुलाई की रात गौकसी का मुकदमा दर्ज किया गया। तब से वह पुलिस को चकमा देकर भाग रहा था। गुरुवार की देर शाम पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि गौकसी का आरोपी तारिक उर्फ शाहिद अपने गांव के पास मौजूद है। ऐसे में पुलिस टीम ने गुरुवार रात 10 बजे घमाइचमऊ गांव के सामने हाइवे के ओवरब्रिज के पास उसे घेर लिया। पुलिस को घेराबंदी देखकर तारिक ने टीम पर तमंचे से फायर कर दिया। पुलिस कर्मियों ने भी जवाबी फायरिंग की। इस दौरान एक गोली उसके पैर में जा लगी। जिससे वह घायल होकर गिर गया। पुलिस कर्मियों ने उसे हिरासत में लेकर जिला अस्पताल भेज दिया। जहां पुलिस की मौजूदगी में उसका इलाज किया जा रहा। मामले को लेकर सीओ सिटी शिल्पा वर्मा ने बताया कि बीती रात गौकसी के मामले में तारिक उर्फ शाहिद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जिसकी पुलिस तलाश कर रही थी। मुठभेड़ के दौरान उसे पकड़ लिया गया।
मुजफ्फरनगर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर कक्षा 1 से 12 तक के सभी बोर्डों के सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालय बंद रहेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक हरिकेश यादव ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव है, जिससे बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी हो सकती है। गौरतलब है कि गुरुवार को भी भारी बारिश के चलते जनपद के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया था। मौसम विभाग की चेतावनी और जिले में बने बारिश के हालात को देखते हुए शुक्रवार को भी छुट्टी का फैसला लिया गया है। जिला प्रशासन ने सभी विद्यालय संचालकों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
ललितपुर में रिटायर टीचर ने कोल्ड ड्रिंक में जहरीला पदार्थ मिलाकर आत्महत्या कर ली। घटना गुरुवार दोपहर करीब 12.30 बजे की है। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बेटे अनुराग ने बताया कि उनके पिता तीन पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ गए हैं, जिसमें उन्होंने कई लोगों पर उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। मामला बार थाना क्षेत्र के चिगलौआ गांव का है। चिगलौआ गांव निवासी राजाराम गोस्वामी गुरुवार दोपहर में जहर पीकर आत्महत्या कर ली। बेटे अनुराग गोस्वामी उन्हें गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बार लेकर पहुंचे, जहां डॅाक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। परिजनों के अनुसार, राजाराम गोस्वामी ने मौत से पहले तीन पत्र सौंपे थे। इनमें उन्होंने गांव के कुछ लोगों के अलावा लखनऊ के एक सेवानिवृत्त डीजी एलवी एंटनी का नाम लेते हुए वर्षों से मानसिक उत्पीड़न और झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाया है। सुसाइड नोट में उन्होंने 2002 की एक घटना का भी उल्लेख किया है, जिसमें उन्होंने अपने साथ हुई पुलिस कार्रवाई और अपमान का जिक्र किया है। अनुराग गोस्वामी ने कहा कि जब तक उनके पिता को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक परिवार अंतिम संस्कार नहीं करेगा। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की जांच की मांग की है। बताया गया कि राजाराम गोस्वामी 8 जुलाई को एससी-एसटी एक्ट से जुड़े एक मामले में न्यायालय में पेश हुए थे। परिजनों का कहना है कि लंबे समय से चल रहे विवाद और मानसिक तनाव के कारण उन्होंने यह कदम उठाया। फिलहाल पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सुसाइड नोट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की विधिक जांच की जाएगी।
मेरठ में जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर बुधवार को प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज के बाद मामला सड़क से निकलकर सोशल मीडिया तक पहुंच गया है। एक ओर जहां कुछ लोग एसएसपी अविनाश पांडेय की कार्रवाई को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विरोधी पक्ष ने एसएसपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके स्थानांतरण की मांग कर दी है। पूरे दिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर समर्थन और विरोध की पोस्ट चर्चाओं में रहीं। पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में सामने आए लोगों का आरोप है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के बाद भी सख्ती बरती। एसएसपी अविनाश पांडेय ने पुलिस वैन में घुसकर प्रदर्शनकारी रवि गौतम एडवोकेट के साथ मारपीट की, जिसके बाद रवि गौतम ने आत्महत्या का प्रयास किया। इस घटना को लेकर विभिन्न संगठनों और समर्थकों ने सोशल मीडिया पर अभियान चलाते हुए एसएसपी को हटाने की मांग उठाई है। विरोधी पक्ष का कहना है कि पुलिस अधिकारियों को संयम बरतना चाहिए था। एसएसपी के समर्थन में आए पुलिसकर्मीगुरुवार को शाम होते होते जिले के पुलिसकर्मी भी खुलकर एसएसपी के समर्थन में उतर आए। थानेदारों, उपनिरीक्षकों, हेड कांस्टेबलों और कांस्टेबलों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर एसएसपी की कार्रवाई को उचित ठहराया। पुलिसकर्मियों का कहना था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना पुलिस का दायित्व है। वायरल पोस्ट से गर्माता रहा माहौल दिनभर सोशल मीडिया पर समर्थन और विरोध की पोस्ट वायरल होती रहीं, जिससे माहौल और गर्माता गया। दलित संगठनों के साथ अब उन संगठनों ने भी मोर्चा खोलने का ऐलान कर दिया है जो सामाजिक मुद्दों की लड़ाई अलग अलग मंच से लड़ते रहे हैं। जिस तरह के हालात तैयार हो रहे हैं, उसे देखकर प्रतीत होता है कि आने वाले दिनों में हंगामा और तेजी से बढ़ेगा। योजना या हकीकत, दो पोस्ट वायरल सोशल मीडिया पर AI की पोस्ट डाली जा रही हैं। ना केवल पक्ष बल्कि विपक्ष के लोग भी AI पोस्ट का प्रयोग कर रहे हैं। एसएसपी अविनाश पांडेय के समर्थन में जो पोस्ट डाली जा रही हैं, उनमें उन्हें हीरो दिखाया गया है। एक पोस्ट में एसएसपी को योद्धा बताते हुए उनकी कार्यनिष्ठा, ईमानदारी और सख्त प्रशासनिक छवि की सराहना की गई, जबकि दूसरी पोस्ट में उन्हें सिंघम बताया गया। पोस्ट में लिखा गया कि कानून का सम्मान कराने के लिए ऐसे ही कड़े निर्णय लेने वाले अधिकारियों की जरूरत है। सोशल मीडिया पर छिड़ी यह जंग अब जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है।
कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की सतर्कता से गुजरात से अपहृत 13 वर्षीय किशोरी सकुशल बरामद हो गई। उसके पास से करीब चार लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवर और 30 हजार रुपये नकद भी मिले। आरपीएफ ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद किशोरी को गुरुवार रात 9 बजे उसके पिता और गुजरात पुलिस को सौंप दिया। आरपीएफ को गुरुवार सुबह हेल्पलाइन के माध्यम से सूचना मिली थी कि ट्रेन संख्या 19201 के सामान्य कोच में एक संदिग्ध नाबालिग बच्ची यात्रा कर रही है। सूचना मिलते ही पोस्ट कानपुर सेंट्रल के दिवस अधिकारी उप निरीक्षक एस.के. कटियार के निर्देशन में एएसआई हरिशंकर त्रिपाठी और महिला प्रधान आरक्षक वंदना कटियार ने प्लेटफॉर्म नंबर-8 पर पहुंचकर ट्रेन की तलाशी ली। जांच के दौरान एक 13 वर्षीय किशोरी संदिग्ध अवस्था में मिली, जिसे तत्काल सुरक्षित रेस्क्यू कर आरपीएफ पोस्ट लाया गया। वहां 'मेरी सहेली' टीम की निगरानी में उससे पूछताछ की गई। पूछताछ में किशोरी ने अपना पता भावनगर, गुजरात बताया। उसकी तलाशी लेने पर बैग से 30 हजार रुपये नकद, पीली धातु के दो मंगलसूत्र, एक सोने की चेन, नाक की कील और चांदी की एक जोड़ी पायल बरामद हुई, जिनकी कुल कीमत लगभग चार लाख रुपये आंकी गई। आरपीएफ ने बरामद सामान को सुरक्षित रखते हुए तत्काल भावनगर पुलिस से संपर्क किया। जांच के दौरान पता चला कि भावनगर थाने में किशोरी के अपहरण का मुकदमा दर्ज है। गुरुवार को भावनगर पुलिस के हेड कांस्टेबल करण सिंह मनुभाई, महिला कांस्टेबल रश्मिता बहन जयसुखलाल और बच्ची के पिता गुरुवार रात कानपुर सेंट्रल पहुंचे। आरपीएफ प्रभारी एसएन पाटीदार ने बताया कि, एफआईआर और अन्य दस्तावेजों के सत्यापन के बाद सभी विधिक औपचारिकताएं पूरी कर किशोरी को उसके पास से बरामद नकदी और जेवरात सहित गुजरात पुलिस के सुपुर्द कर दिया। आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हेल्पलाइन से मिली त्वरित सूचना पर कार्रवाई के चलते अपहृत किशोरी को सुरक्षित बरामद कर उसके परिजनों तक पहुंचाया जा सका।
कल्याणपुर के हॉस्पिटल से मरीज का मोबाइल चोरी:सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ आरोपी, पुलिस ढूंढ रही
कानपुर के कल्याणपुर में गुरुवार शाम करीब चार बजे कल्याणपुर थाना क्षेत्र पुराना शिवली रोड टूटी पुलिया स्थित न्यू नीलम सरोज हॉस्पिटल में इलाज के लिए आए एक मरीज का मोबाइल फोन शातिर चोर ने पार कर दिया। पूरी वारदात अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, न्यू नीलम सरोज हॉस्पिटल में मरीज इलाज के लिए भर्ती था। इसी दौरान मौका पाकर एक युवक अस्पताल के अंदर पहुंचा और मरीज का मोबाइल फोन चोरी कर फरार हो गया। कुछ देर बाद जब मरीज ने अपना मोबाइल तलाशा तो वह गायब मिला। अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें एक संदिग्ध युवक मोबाइल चोरी कर ले जाता दिखाई दिया। पीड़ित ने तत्काल 112 नंबर डायल कर घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही कल्याणपुर थाने का फ़ोर्स पहुचा और अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। कल्याणपुर थाना प्रभारी केशव कुमार तिवारी ने बताया सीसीटीवी फुटेज़ में घटना कैद हुई है शातिर की तलाश की जा रही जल्द ही उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
सात साल पुराने रेप-पॉक्सो केस में फैसला:आरोपी विनय गौतम को 20 साल के कठोर कारावास की सजा
मेरठ की विशेष पॉक्सो अदालत ने सात साल पुराने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के एक मामले में आरोपी विनय गौतम को दोषी करार दिया है। अदालत ने उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला उत्तर प्रदेश पुलिस के 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत प्रभावी पैरवी का परिणाम माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, यह मामला 11 अगस्त 2019 का है। बिहार के गोपालगंज निवासी एक व्यक्ति ने, जो उस समय मेरठ के परतापुर क्षेत्र में रह रहे थे, अपनी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म की शिकायत थाना खरखौदा में दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर ग्राम काजीपुर निवासी विनय गौतम के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचक मुकेश कुमार ने इस मामले में साक्ष्य एकत्र किए और 27 अगस्त 2019 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। इसके बाद मामले की लगातार निगरानी की गई। 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत थाना खरखौदा पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग ने अदालत में प्रभावी ढंग से पैरवी की। इसी प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप, बृहस्पतिवार को पॉक्सो-II कोर्ट ने आरोपी विनय गौतम को दोषी ठहराया। कोर्ट ने उसे 20 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इस फैसले को नाबालिगों के खिलाफ अपराधों में न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस मुकदमे में प्रभारी निरीक्षक समय पाल सिंह, कोर्ट पैरोकार हेड कांस्टेबल हरि सिंह, कोर्ट मोहर्रिर महिला हेड कांस्टेबल सोनिया पुंडीर तथा अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी ज्योति कपूर और एडीजीसी कुलदीप मोहन ने प्रभावी पैरवी की। उनकी मेहनत से अभियोजन पक्ष आरोपी का अपराध साबित कराने में सफल रहा।
आर्म्स एक्ट के मुकदमे में MP/MLA लोअर कोर्ट ने कैबिनेट मंत्री राकेश सचान को चार साल पहले एक साल कैद की सजा सुनाई थी। जिसके खिलाफ MP/MLA सेशन कोर्ट में चल रही अपील पर गुरुवार को फैसला आ गया। विशेष न्यायाधीश विजय कुमार गुप्ता ने राकेश सचान की अपील मंजूर करते हुए उन्हें बरी कर दिया है। बता दें कि इसी मामले में सजा सुनाए जाने के बाद कैबिनेट मंत्री कोर्ट से फरार हो गए थे, उनपर कोर्ट का ऑर्डर भी ले जाने का आरोप लगा था। 13 अगस्त 1991 को नौबस्ता में दर्ज हुई थी FIR नौबस्ता में 13 अगस्त 1991 को तत्कालीन एसओ बृजमोहन उदेनिया ने लघु सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप था कि उनके पास से एक राइफल और 9 कारतूस, बरामद हुए थे, जिसका वह लाइसेंस नहीं दिखा सके थे। मामले में दिनेश चंद्र सचान और विनोद वर्मा भी आरोपी थे, लेकिन इनका फैसला हो चुका था। जबकि राकेश सचान की फाइल MP/MLA कोर्ट भेजी गई थी। इस मामले में 8 अगस्त 2022 को अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट तृतीय आलोक यादव ने राकेश सचान को एक साल कैद और 1500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के बाद कैबिनेट मंत्री राकेश कोर्ट से चले गए थे। वकीलों के हंगामे के बीच आदेश भी गयाब हो गया था। 8 अगस्त को कोर्ट में किया था सरेंडर राकेश सचान पर पर कोर्ट का आदेश ले जाने का आरोप लगा था। एफआईआर की नौबत आ गई थी तब आठ अगस्त को राकेश ने कोर्ट में सरेंडर किया था, जिसके बाद आदेश का पुर्नगठन किया गया और फिर राकेश को सजा सुनाई गई थी। अधिवक्ता गिरीश नारायण दुबे ने बताया कि इसी आदेश के खिलाफ अपील दाखिल की गई थी। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सजा को निरस्त कर राकेश को दोषमुक्त करार दे दिया।
कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र के रतनपुर में आयोजित एक इलेक्ट्रिक वाहन शोरूम के उद्घाटन समारोह में छह माह के लिए जिलाबदर किए गए एक अपराधी के खुलेआम पहुंचने का मामला सामने आया है। कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के एक स्थानीय नेता के साथ उसकी मौजूदगी की तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार रतनपुर में बीते मंगलवार को एक इलेक्ट्रिक वाहन की दुकान का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में कल्याणपुर ब्लॉक क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव लड़ चुके एक सपा नेता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। इसी दौरान नवाबगंज निवासी पुनीत त्रिवेदी भी समारोह में पहुंच गया। बताया जा रहा है कि पुनीत त्रिवेदी को प्रशासन ने 10 अप्रैल को छह माह के लिए कानपुर नगर की सीमा से जिलाबदर किया था। वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में जिलाबदर आरोपी कार्यक्रम में अन्य लोगों के साथ मौजूद दिखाई दे रहा है। वह न केवल मंच के आसपास नजर आ रहा है बल्कि लोगों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाता दिखाई दे रहा है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि जब उसके खिलाफ जिलाबदर का आदेश प्रभावी है तो वह जिले में खुलेआम कैसे घूम रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ मारपीट, बलवा और अन्य आपराधिक धाराओं में करीब पांच मुकदमे दर्ज हैं। ऐसे में जिलाबदर किए जाने के बावजूद सार्वजनिक कार्यक्रम में उसकी मौजूदगी कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जिलाबदर अपराधी बिना किसी डर के सार्वजनिक आयोजनों में शामिल हो रहे हैं तो ऐसे आदेशों का क्या औचित्य रह जाता है। घटना के सामने आने के बाद इंटरनेट मीडिया पर भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर आरोपी को किसका संरक्षण प्राप्त है और पुलिस की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है। वायरल वीडियो और तस्वीरों की जानकारी पुलिस अधिकारियों तक भी पहुंच गई है। एसीपी पनकी अमित चौरसिया ने बताया की वायरल वीडियो की जाँच पड़ताल की जा रही है। मामले में सख्त कार्रवाई की जायेगी।
देवास जिले में होशियारी और मकोडिया के बीच करीब 7 करोड़ रुपये की लागत से बना एक पुल पहली तेज बारिश में बह गया। लगभग तीन-चार माह पहले ही इसका निर्माण कार्य पूरा हुआ था, जिससे पुल की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह घटना गुरुवार को सामने आई, जब पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि करोड़ों की लागत से बना यह पुल पहली ही बारिश का दबाव नहीं झेल सका। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि जिस पुल से वर्षों तक आवागमन की उम्मीद थी, वह इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त हो गया। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और संबंधित निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने और दोषी अधिकारियों व निर्माण एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
कानपुर जू की सात साल की मादा तेंदुआ 'जेरी' को डॉक्टरों की टीम ने मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। खुद को ही नुकसान पहुंचाने की एक बेहद अजीब मानसिक बीमारी (स्टीरियोटिपिक बिहेवियर) की वजह से जेरी ने अपनी ही पूंछ चबा डाली थी। इस कारण उसके शरीर में इन्फेक्शन का लेवल बढ़कर 40,000 के पार पहुंच गया था। जो किसी भी वन्यजीव के लिए जानलेवा होता है। गुरुवार रात 8.30 पर कानपुर जू के वन्यजीव चिकित्सक डॉ. नासिर ने बताया कि, करीब एक हफ्ते तक खाना-पीना छोड़ चुकी जेरी की हालत इतनी नाजुक थी कि वह सिर्फ ड्रिप के सहारे जिंदा थी, लेकिन चौबीस घंटे की सख्त निगरानी और हाई-लेवल इलाज के बाद अब वह तेजी से रिकवर कर रही है। यह जानकारी कानपुर जू के वन्यजीव चिकित्सक डॉ. नासिर ने दी। बिजनौर के गन्ने के खेत से शुरू हुआ था सफर इस मादा तेंदुआ की कहानी भी बड़ी दिलचस्प है। साल 2019 में जेरी बिजनौर जिले के एक गन्ने के खेत में बेहद लावारिस और दूधमुही हालत में मिली थी। उस वक्त उसकी आँखें भी ठीक से नहीं खुली थीं। जू प्रशासन उसे कानपुर लाया, जहाँ डॉक्टरों और कीपरों ने उसे अपने बच्चों की तरह हाथों से दूध पिलाकर पाल-पोसकर बड़ा किया। आज उसकी उम्र करीब 7 साल हो चुकी है और वह पूरे जू की लाडली है। तनाव में आकर खुद का मांस चबाने लगी जेरी डॉ. नासिर ने बताया कि, जेरी 'स्टीरियोटिपिक बिहेवियर' नाम के एक मानसिक और व्यवहारिक विकार से पीड़ित है। इस अजीब बीमारी में जानवर अकेलेपन, ऊब या अत्यधिक तनाव में आकर खुद के ही शरीर को नुकसान पहुंचाने लगते हैं। जेरी ने भी अप्रैल महीने में खेल-खेल में अपनी पूंछ को दांतों से काटना शुरू कर दिया था। बार-बार पूंछ चबाने के कारण उसे भारी ब्लीडिंग हुई और उसके शरीर में खून की अत्यधिक कमी हो गई, जिसने बाद में एक बड़े इन्फेक्शन का रूप ले लिया। जब फेल हो गईं आम दवाइयाँ, तो काम आया 1700 का एक इंजेक्शनइलाज के दौरान डॉक्टरों के सामने सबसे बड़ी चुनौती एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस की आई। जेरी पर आम दवाइयों ने पूरी तरह असर करना बंद कर दिया था और डॉक्टरों को तीन बार दवाइयाँ बदलनी पड़ीं। हालत बिगड़ती देख जू डायरेक्टर कन्हैया पटेल के निर्देश पर डॉक्टरों ने इंसानों को दी जाने वाली बेहद हाई-लेवल एंटीबायोटिक 'मेरोपेनम' का इस्तेमाल शुरू किया। जेरी को उसके वजन के हिसाब से हर 8 घंटे में यह इंजेक्शन दिया गया, जिसकी एक वायल की कीमत करीब 1500 से 1700 रुपये आती है। इस पूरे इलाज में अब तक करीब 50 से 60 हजार रुपये का खर्च आ चुका है।अब खाने लगी है चिकन, पूरी तरह ठीक होने पर ही बाड़े में आएगीकानपुर जू के वन्यजीव चिकित्सक डॉ. नासिर ने कहा कि, हमारी टीम में डॉ.नीतीश, फार्मासिस्ट विपिन अग्निहोत्री और बायोलॉजिस्ट लक्ष्मी अवस्थी की मेहनत आखिरकार रंग लाई। जेरी का इन्फेक्शन लेवल अब 40,000 से घटकर सामान्य के करीब यानी 15,000 पर आ गया है। जेरी ने अब खाना भी शुरू कर दिया है।जहाँ दो दिन पहले तक वह कुछ ही ग्राम मांस खा रही थी, वहीं कल उसने चाव से एक किलो चिकन खाया। फिलहाल उसे डाइट में सॉफ्ट चिकन, कीमा और बोन मैरो का सूप दिया जा रहा है। हालांकि वह अभी अस्पताल के इन-वार्ड में ही रहेगी। पूंछ काटने की उसकी मानसिक बीमारी पर पूरी तरह काबू पाने और बायोलॉजिस्ट की हरी झंडी मिलने के बाद ही उसे दर्शकों के सामने बाड़े में छोड़ा जाएगा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने की व्यवस्था पर गंभीर संवैधानिक सवाल उठाए हैं। न्यायालय ने कहा है कि उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम की धारा 12(3-ए) की संवैधानिक वैधता पर विचार करना आवश्यक है। इस मामले में पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव को अगली सुनवाई पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने संजय कुमार शर्मा की जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद पारित किया। न्यायालय ने याद दिलाया कि वर्ष 2000 में प्रेम लाल पटेल बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में हाईकोर्ट ने इसी तरह के प्रावधान को संविधान के अनुच्छेद 243-ई और 243-के के विपरीत मानते हुए असंवैधानिक घोषित किया था। हालांकि, बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने उस अपील का निस्तारण करते हुए कानून के प्रश्नों को खुला छोड़ दिया था। न्यायालय ने यह भी सवाल उठाया कि क्या ग्राम प्रधान को प्रशासक नियुक्त करने से पंचायत का कार्यकाल परोक्ष रूप से बढ़ जाता है। क्या इससे राज्य निर्वाचन आयोग की संवैधानिक शक्तियों पर कोई प्रभाव पड़ता है। इन महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रश्नों पर विस्तृत सुनवाई के लिए न्यायालय ने मामले को अन्य संबंधित जनहित याचिकाओं के साथ 10 जुलाई को सूचीबद्ध किया है।
सीकर के सदर थाना क्षेत्र में रास्ते के विवाद को लेकर आधा दर्जन लोगों ने एक युवक पर जानलेवा हमला कर दिया। जयपुर के अस्पताल में इलाज के दौरान घायल युवक की मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। मृतक के पिता की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। घटना सदर थाना इलाके में गुरुवार सुबह की है। 44 वर्षीय सनाकत अली पर रोशन ठेकेदार, खादिम, तौफीक सहित अन्य लोगों ने अचानक हमला कर दिया। आरोपियों ने खेती में काम आने वाले किसी तीखे औजार (कृषि उपकरण) से सनाकत के सिर पर ताबड़तोड़ वार किए। इस हमले में सनाकत गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत इलाज के लिए सीकर के एसके (SK) अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत नाजुक होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें जयपुर रेफर कर दिया। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में तोड़ा दम जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में इलाज के दौरान सनाकत अली ने दम तोड़ दिया। मौत के बाद पुलिस की मौजूदगी में जयपुर में ही उनके शव का पोस्टमार्टम करवाया गया और फिर शव परिजनों को सौंप दिया गया। सनाकत अपने पीछे तीन बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। विदेश की नौकरी छोड़ गांव में करने लगे थे खेती ग्रामीणों ने बताया कि मृतक सनाकत अली पहले विदेश में नौकरी करते थे। कुछ समय पहले ही वह विदेश की नौकरी छोड़कर अपने वतन वापस लौटे थे और गांव में ही रहकर खेती-बाड़ी का काम करने लगे थे। लेकिन रास्ते के इस खूनी विवाद ने उनके हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया।
प्रदेश में 900 नई अदालतों के गठन की प्रक्रिया में हो रही देरी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। न्यायालय ने मुख्य सचिव को अगली सुनवाई तक शपथ पत्र दाखिल कर नई अदालतों के गठन से संबंधित शासनादेश प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने स्वतः संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद पारित किया। याचिका में प्रदेश में न्यायिक ढांचे को मजबूत करने के लिए नई अदालतों के गठन का मुद्दा उठाया गया है। सुनवाई के दौरान बताया गया कि राज्य सरकार की उच्च स्तरीय समिति ने अक्टूबर 2024 में पहले चरण में 900 नई अदालतों के गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी। इनमें 225 उच्च न्यायिक सेवा (एचजेएस) स्तर की अदालतें, 375 सिविल जज (सीनियर डिवीजन) और 300 सिविल जज (जूनियर डिवीजन) की अदालतें प्रस्तावित हैं। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सरकार अब तक हुई कार्रवाई का पूरा विवरण शपथ पत्र के माध्यम से प्रस्तुत करे, ताकि न्यायालय यह देख सके कि प्रस्तावित अदालतों के गठन की दिशा में क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।
संभल पुलिस ने अवैध क्लिनिक सील करने के बाद एक सरकारी डॉक्टर से रंगदारी मांगने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी मैराजुल हुसैन को जेल भेज दिया गया है। यह गिरफ्तारी अमरोहा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ढवारसी में तैनात चिकित्साधिकारी डॉ. शशांक चौधरी की शिकायत पर हुई है। पुलिस ने 8 जुलाई की रात 1:15 बजे रिपोर्ट दर्ज की। गुरुवार शाम 7 बजे गिरफ्तारी की जानकारी दी। मैराजुल हुसैन संभल तहसील के नखासा थाना क्षेत्र के कैशोपुर भंडी गांव का निवासी है। डॉ. शशांक चौधरी ने 8 अप्रैल 2026 को उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अमरोहा जिले के हसनपुर तहसील स्थित आदमपुर ढवारसी अड्डा पर मैराजुल हुसैन द्वारा चलाए जा रहे एक अवैध क्लिनिक को सील किया था। क्लिनिक सील होने के बाद मैराजुल ने डॉ. चौधरी को लगातार धमकियां देना शुरू कर दिया। उसने डॉक्टर को झूठे रेप केस में फंसाकर नौकरी खत्म करने और जान से मारने की धमकी दी। मैराजुल ने उनसे 50,000 रुपये की रंगदारी भी मांगी थी। अपनी छवि खराब होने और जान-माल के नुकसान के डर से डॉ. शशांक चौधरी ने मैराजुल हुसैन को 5,000 रुपये दे दिए थे। पुलिस के अनुसार, मैराजुल हुसैन एक आदतन अपराधी है, जो कई लोगों को ब्लैकमेल कर अवैध रूप से रंगदारी वसूलता है। थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि डॉक्टर की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(5) और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया गया है। ASP (दक्षिणी) मनोज रावत ने बताया कि यह साइबर बुलिंग, साइबर ब्लैकमेलिंग और एक्सटॉर्शन का अपराधी है। उन्होंने पुष्टि की कि गिरफ्तार आरोपी मिराजुल हुसैन नखासा थाना क्षेत्र का निवासी है। उसके खिलाफ कई अस्पतालों से शिकायतें मिली थीं कि वह खुद को कथित पत्रकार बताकर झूठी और भ्रामक खबरें फैलाता है और बदले में पैसे ऐंठता है।
अलवर शहर में बुजुर्ग दिनेश चंद अग्रवाल की घर में बेरहमी से हत्या कर दी गई। बदमाशों ने बुजुर्ग के हाथ-पैर और मुंह बांधकर वारदात को अंजाम दिया और घर में लूटपाट की। यह वारदात गुरुवार शाम करीब 7 बजे खदाना मोहल्ले में हुई। दिनेश चंद अग्रवाल (80) नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन अजय अग्रवाल के सगे मामा और पूर्व सीएमएचओ (CMHO) डॉ. सुबोध अग्रवाल के चचेरे भाई थे। बुजुर्ग की हत्या की खबर फैलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। दिनेश चंद का एक बेटा विकास अग्रवाल हैं, वे एमआर हैं। वे स्कीम चार में रहते हैं। पिता खदाना मोहल्ले के मकान में अकेले रहते थे। रोजाना खाना खाने आते थे बेटे के घर, नहीं पहुंचे तो किया फोन मृतक की पुत्रवधू रीमा अग्रवाल ने बताया- मेरे ससुर दिनेश चंद अग्रवाल खदाना मोहल्ले वाले मकान में अकेले रहते थे। वे स्वाभिमानी थे और बुढ़ापे में भी अपना सारा काम खुद करते थे। वे रोजाना दोपहर और रात का खाना खाने के लिए खदाना मोहल्ले से स्कीम नंबर 4 स्थित बेटे के घर आते थे। जब वे काफी देर तक गुरुवार को खाना खाने नहीं पहुंचे तो बेटे विकास ने फोन किया। उनका लैंड लाइन नंबर बंद आया। इसके बाद बेटा खदाना मोहल्ले वाले घर आया तो घर में पिता मृत पड़े मिले। पूरा सामान बिखरा हुआ मिला। पिता के हाथ पैर और मुंह भी बंधा हुआ था। चारपाई पर बंधा मिला शव परिजनों ने बताया कि देर शाम करीब साढ़े 7 बजे घर के अंदर दाखिल हुए तो उनके होश उड़ गए। कमरे में चारपाई पर दिनेश चंद अग्रवाल का शव पड़ा था। बदमाशों ने उनके हाथ, पैर और मुंह को कपड़ों से कसकर बांध रखा था, ताकि वे चिल्ला न सकें। पूरे घर की अलमारियां टूटी हुई थीं और सारा सामान बिखरा पड़ा था। लाख-डेढ़ लाख कैश रखते थे पास, बदमाशों को लग गई थी भनक! घटना की सूचना मिलते ही पूर्व चेयरमैन अजय अग्रवाल मौके पर पहुंचे और तुरंत अलवर एसपी को मामले की जानकारी दी। अजय अग्रवाल ने बताया- दिनेश जी रिश्ते में मेरे सगे मामा थे। वे बेहद स्वाभिमानी व्यक्ति थे। बुढ़ापे में भी वे बैंक से नए नोट लाकर जरूरतमंदों को देने का छोटा-मोटा काम करते थे। उनके पास हमेशा लाख-डेढ़ लाख रुपए कैश रहता था। ऐसा लगता है कि किसी नजदीकी या बदमाश को इस कैश की भनक लग गई थी। इसी वजह से बदमाशों ने रेकी कर घर में प्रवेश किया और उनकी हत्या कर दी। पुलिस जांच में जुटी सूचना मिलते ही अलवर पुलिस के मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर साक्ष्य जुटाने आसपास के लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि बदमाशों का सुराग लगाया जा सके।
राजस्थान हाईकोर्ट ने पीटीआई ग्रेड-3 भर्ती 2022 के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने कहा- भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी स्थायी डिबार आदेश को पूर्व प्रभाव से लागू कर उम्मीदवारों की नियुक्ति नहीं रोकी जा सकती। जस्टिस कुलदीप माथुर की बेंच ने राज्य सरकार और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (आरएसएसबी) को निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा- अभ्यर्थियों के वर्तमान शैक्षणिक दस्तावेजों का सत्यापन किया जाए और दस्तावेज सही पाए जाने पर मेरिट के अनुसार नियुक्ति दी जाए। ये था पूरा मामला याचिकाकर्ताओं की वर्ष 2018 की पीटीआई भर्ती में प्रस्तुत बी.पी.एड. डिग्रियां सत्यापन में वास्तविक नहीं पाई गई थीं। इसके कारण उन्हें नियुक्ति नहीं मिली थी। इसके बाद उन्होंने मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों से नई बी.पी.एड. डिग्रियां हासिल कीं और वर्ष 2022 की भर्ती परीक्षा में चयनित हो गए। हालांकि साल 2024 में उन्हें भविष्य की सभी आरएसएसबी परीक्षाओं से स्थायी रूप से डिबार कर दिया गया था। कोर्ट ने पाया कि डिबार करने से पहले अभ्यर्थियों को सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन भी नहीं हुआ। इसलिए यह डिबार आदेश वर्ष 2022 की भर्ती पर लागू नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने चार माह के भीतर दस्तावेजों का सत्यापन पूरा कर योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के निर्देश दिए हैं।
जयपुर पुलिस आयुक्तालय (कमिश्नरेट) ने गुरुवार को अपराधियों के खिलाफ बड़ा 'एरिया डॉमिनेशन' अभियान चलाते हुए पूरे शहर में कार्रवाई की। अभियान के तहत हार्डकोर अपराधियों, गैंग के सदस्यों, हिस्ट्रीशीटरों और वांछित बदमाशों पर एक साथ शिकंजा कसा गया। पुलिस ने 313 बदमाशों (अपराधियों) को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक सक्रिय गैंग के सदस्य को भी दबोचने में सफलता मिली है। पुलिस टीमों ने जयपुर उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम के सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ मोर्चा संभाला। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन जांच की गई, अपराधियों के ठिकानों पर दबिश दी गई, हिस्ट्रीशीटरों का भौतिक सत्यापन किया गया और संवेदनशील इलाकों में विशेष गश्त (पेट्रोलिंग) की गई। पुलिस की इस अचानक हुई कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया। 14 मामले दर्ज, अवैध शराब और हथियार जब्त पुलिस ने अलग-अलग थानों में कुल 14 नए मामले दर्ज किए। इनमें आबकारी अधिनियम (Excise Act) के तहत 10, आर्म्स एक्ट (हथियार कानून) के तहत 1, एनडीपीएस एक्ट (नशीले पदार्थ) के तहत 1 और आरएनसी एक्ट (RNC Act) के तहत 2 प्रकरण शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 173 पव्वे अवैध शराब भी जब्त की है। 54 बदमाशों पर निरोधात्मक कार्रवाई, वारंटियों की धरपकड़ पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत 54 व्यक्तियों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की। इसके अलावा, लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 12 स्थायी वारंटों का निस्तारण किया गया और 10 गिरफ्तारी वारंट तामील करवाकर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने खुद हार्डकोर अपराधियों, गैंग के सदस्यों और हिस्ट्रीशीटरों के ठिकानों पर जाकर उनका भौतिक सत्यापन किया और उनकी वर्तमान गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए। जयपुर पुलिस ने इस अभियान के दौरान अवैध शराब, मादक पदार्थों, अवैध हथियारों और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ चौतरफा कार्रवाई की। जिन थाना क्षेत्रों में अपराधियों की सक्रियता चिह्नित की गई थी, वहां विशेष टीमें बनाकर लगातार दबिश दी गई। खोह नागोरियान थाना क्षेत्र में बड़ा सर्च अभियान खोह नागोरियान थाना क्षेत्र में भी पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की। पुलिस आयुक्त (कमिश्नर) सचिन मित्तल और डीसीपी (पूर्व) रंजिता शर्मा के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आलोक सिंघल तथा एसीपी विनोद शर्मा के सुपरविजन में थाना प्रभारी प्रकाशराम के नेतृत्व में 12 पुलिस टीमों ने सुबह पांच बजे से सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। गिरनार अपार्टमेंट से 3 युवतियों समेत 94 संदिग्ध हिरासत में स्विगी, जोमैटो, ओला और उबर जैसी कंपनियों के गिग वर्कर्स (डिलीवरी बॉयज/राइडर्स) के साथ लगातार हो रही चोरी, लूट, छीना-झपटी और मारपीट की घटनाओं को देखते हुए आवासन मंडल की 'गिरनार अपार्टमेंट सोसायटी' में विशेष तलाशी अभियान चलाया गया। यहां बिना रेंट एग्रीमेंट (किरायानामा) और बिना पुलिस वेरिफिकेशन (सत्यापन) के रह रहे 3 युवतियों सहित कुल 94 संदिग्ध व्यक्तियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत गिरफ्तार कर पाबंद किया गया। 20 संदिग्ध वाहन जब्त सर्च ऑपरेशन के दौरान बिना नंबर प्लेट और अवैध रूप से संचालित किए जा रहे 20 संदिग्ध वाहनों को मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) एवं अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत जब्त किया गया। अवैध शराब बेचने वाली तीन महिलाओं समेत चार गिरफ्तार हाल ही में चलाए गए इस विशेष अभियान के दौरान आबकारी अधिनियम के तहत भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की गई। इस कार्रवाई में तीन महिलाओं सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ चार अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। जुआ खेलते चार आरोपी गिरफ्तार राजस्थान सार्वजनिक द्यूत (जुआ) अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 13,380 रुपये की जुआ राशि जब्त की है। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
बीजापुर में नक्सल संबंधी मामलों में जेलों में बंद निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों की रिहाई की मांग को लेकर गुरुवार को परिजनों ने विधायक विक्रम मंडावी से मुलाकात की। परिजनों ने कहा कि कई निर्दोष ग्रामीण वर्षों से जेलों में बंद हैं और उनके मामलों की निष्पक्ष समीक्षा कर रिहाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। ग्रामीणों ने तर्क दिया कि जिस तरह आत्मसमर्पण करने वाले हार्डकोर नक्सलियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लिया गया है, उसी तर्ज पर निर्दोष आदिवासियों के मामलों की भी समीक्षा कर उन्हें न्याय दिया जाना चाहिए। इस बैठक के दौरान परिजनों ने 20 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया। यह प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गृह मंत्री विजय शर्मा और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत से मुलाकात कर अपनी मांग रखेगा। विधायक विक्रम मंडावी ने एक प्रेसवार्ता में कहा कि आदिवासी समाज का एक बड़ा वर्ग कानूनी प्रक्रियाओं से अनभिज्ञ होने के कारण वर्षों तक अदालतों के चक्कर काटता रहता है। उन्होंने राज्य सरकार से बस्तर संभाग में नक्सल संबंधी मामलों में बंद निर्दोष आदिवासियों के प्रकरणों की विशेष समीक्षा कर उचित कार्रवाई करने की अपील की। बैठक के बाद ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर बीजापुर को एक ज्ञापन भी सौंपा। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष लालू राठौर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
बच्चे से कुकर्म के दोषी को 20 साल की सजा:बागपत में साबुन लाने के बहाने घर बुलाकर दिया था अंजाम
बागपत में पांच वर्षीय बच्चे से कुकर्म के मामले में न्यायालय ने बृहस्पतिवार को आरोपी को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह घटना 2020 में हुई थी, जिसके बाद से मामला न्यायालय में विचाराधीन था। आरोपी ने दुकान से साबुन लाने के बहाने बच्चे को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। इसके बाद उसने बच्चे के साथ कुकर्म की वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित परिवार ने इस संबंध में बड़ौत कोतवाली में 27 अगस्त 2020 को मुकदमा दर्ज कराया था। बच्चे ने अपनी मां को पूरी घटना बताई थी, जिसके बाद पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। न्यायालय में सभी साक्ष्यों और गवाहों की गवाही के आधार पर बिजरोल निवासी राजीव को दोषी ठहराया गया। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) नरेंद्र पवार ने बताया कि सभी सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मरवाही के ग्राम लोहारी बड़े चलचली में जमीन विवाद को लेकर एक रिटायर्ड एसईसीएल कर्मी पर जानलेवा हमला हुआ है। यह घटना 8 जुलाई 2026 की शाम करीब 7 बजे हुई, जब पीड़ित अपने हिस्से की जमीन पर घर बनवा रहे थे। इस मामले में उनके चार सगे रिश्तेदारों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, पीड़ित जब अपने घर का निर्माण करवा रहे थे, तभी उनके बड़े भाई का लड़का शंकर रैदास, छोटे भाई का लड़का शेष नारायण उर्फ मटरू, नारायण दास रैदास और छोटे भाई श्याम सुंदर रैदास मौके पर पहुंचे। उन्होंने घर बनाने का विरोध किया और पीड़ित के साथ गाली-गलौज की। विवाद बढ़ने पर चारों आरोपियों ने पीड़ित के हाथ से लोहे की कुल्हाड़ी छीन ली। शेष नारायण, नारायण रैदास और श्याम सुंदर ने पीड़ित को पकड़ लिया, जबकि शंकर रैदास ने हत्या की नीयत से कुल्हाड़ी से उनके माथे, बाएं हाथ की कोहनी के नीचे और बाएं हाथ की छोटी उंगली पर कई वार किए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के दौरान ओमप्रकाश और बालकृष्ण मौके पर मौजूद थे, जिन्होंने बीच-बचाव किया। पीड़ित की शिकायत पर मरवाही पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, गाली-गलौज और मिलकर अपराध करने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई कर रही है।
भू उपयोग परिवर्तन के पेंडिंग आवेदन के निस्तारण को लेकर गुरुवार को नगर निगम आयुक्त राहुल जैन की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में 22 प्रकरणों को अप्रूव किया गया। आयुक्त राहुल जैन ने बताया कि शहर के विभिन्न जोन में भू उपयोग परिवर्तन के लंबित आवेदनों के निस्तारण के लिए पिछले डेढ़ महीने में तीन बैठक आयोजित की जा चुकी है। इसी कड़ी में गुरुवार को बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कुल 25 प्रकरण रखे गए थे। इनमें से धिकांश प्रकरण चौपासनी हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र से संबंधित थे। सभी प्रकरणों पर समिति सदस्यों ने विस्तृत चर्चा की , जिसके बाद 22 प्रकरणों को स्वीकृति दी गई , वहीं तीन प्रकरणों को आवश्यक डॉक्यूमेंट की कमी के चलने अप्रूव नहीं किया गया था। आयुक्त ने बताया कि आगामी दो सप्ताह के भीतर उपयोग परिवर्तन समिति की एक और बैठक आयोजित की जाएगी , ताकि जल्द से जल्द लंबित प्रकरणों का निस्तारण किया जा सके। बैठक में मौजूद हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों के साथ हाउसिंग बोर्ड की फाइलों को निगम में ट्रांसफर करने की भी चर्चा की गई। बैठक में उपायुक्त अर्चना व्यास, एसटीपी जोन भूपेंद्र सिंह, निगम एसटीपी मनीष कुमार, डीटीपी गौतम माथुर , एटीपी आयुष, विधि अधिकारी मोहर सिंह सहित सभी संबंधित लिपिक मौजूद रहे। नगर निगम में हुई जनसुनवाई नगर निगम में आमजन की समस्याओं के निस्तारण के लिए जनसुनवाई हो रही है। गुरुवार को भी दोपहर 3 से शाम 4 बजे तक जनसुनवाई हुई। इसमें आयुक्त राहुल जैन ने 50 से ज्यादा लोगों की समस्या सुनी और निस्तारण को लेकर आश्वासन दिया। आयुक्त राहुल जैन ने मौके पर ही अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। आवेदकों ने बताया कि नगर निगम से जुड़े विभिन्न कार्यों को लेकर आमजन अपनी समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं और जनसुनवाई के माध्यम से उन शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया जा रहा है। एसईडी की पेटेंटेड एमवीआर तकनीक से ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज को मिलेगी नई दिशा स्प्रे इंजीनियरिंग डिवाइसेस लिमिटेड (एसईडी) की ओर से आज आयोजित एसईडी जेडएलडी (Zero Liquid Discharge) जोधपुर कॉन्क्लेव-2026 में उद्योगों के लिए सतत जल प्रबंधन और वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट के व्यावहारिक समाधानों पर व्यापक चर्चा हुई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि बढ़ती जल संकट, ऊर्जा लागत और पर्यावरणीय नियमों को देखते हुए ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज तकनीक अब उद्योगों की आवश्यकता बन चुकी है। एसईडी के एमडी विवेक वर्मा ने बताया कि कंपनी की पेटेंटेड एमवीआर (Mechanical Vapor Recompression) आधारित लो-टेम्परेचर इवेपोरेटर तकनीक उद्योगों को कम ऊर्जा खपत के साथ अधिक पानी की रिकवरी, परिचालन लागत में कमी और संयंत्रों की विश्वसनीयता बढ़ाने में मदद करती है। उन्होंने कहा कि यह तकनीक न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती है, बल्कि उद्योगों को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ भी उपलब्ध कराती है। सस्टेनेबल ऑपरेटिंग मॉडल अपनाने पर जोर एसईडी के निदेशक विमर्श वर्मा ने कहा कि उद्योग अब केवल नियमों की पालना तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि ऐसे समाधान तलाश रहे हैं जो संचालन को अधिक लाभदायक और टिकाऊ बनाएं। कंपनी की एमवीआर तकनीक इसी उद्देश्य को पूरा करती है, जिससे पानी की अधिकतम रिकवरी, कम ऊर्जा उपयोग और बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित होता है। वेस्टवॉटर प्रबंधन की चुनौतियों पर हुई तकनीकी चर्चा कॉन्क्लेव में टेक्सटाइल, स्टील सहित विभिन्न विनिर्माण क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट, प्लांट ऑप्टिमाइजेशन और ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श किया। प्रतिभागियों ने जल प्रबंधन को अधिक कुशल, पर्यावरण अनुकूल और नियमों के अनुरूप बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। 40 से अधिक देशों में सेवाएं दे रही है एसईडी प्रेस वार्ता में बताया गया कि स्प्रे इंजीनियरिंग डिवाइसेस लिमिटेड एक वैश्विक इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी कंपनी है, जो शुगर, एथेनॉल, वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट, इवेपोरेशन, ड्राइंग और रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्रों के लिए उच्च दक्षता वाले समाधान उपलब्ध करा रही है। चार दशक से अधिक के अनुभव वाली कंपनी भारत सहित 40 से अधिक देशों में अपनी सेवाएं प्रदान कर रही है तथा संसाधनों के संरक्षण और ऊर्जा दक्ष तकनीकों के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रही है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि केवल एमएसपी घोषित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सरकार को प्रभावी खरीद व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी, खासकर तब जब किसानों को खुले बाजार में समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा हो। जस्टिस मुन्नूरी लक्ष्मण और जस्टिस अनुरूप सिंघी की खंडपीठ ने ये निर्देश भारतीय किसान संघ, राजस्थान प्रांत की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। खंडपीठ ने राज्य और केंद्र सरकार को प्रदेश में एमएसपी वाली फसलों के सभी सरकारी खरीद केंद्रों, नामित खरीद एजेंसियों और उनकी कार्यप्रणाली का पूरा ब्योरा पेश करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी कोर्ट ने यह भी पूछा है कि जिन क्षेत्रों में किसानों को एमएसपी (MSP) नहीं मिल रही है, वहां खरीद की क्या व्यवस्था की गई है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 12 अगस्त को होगी। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि मंडी अधिनियम के तहत किसानों की उपज को एमएसपी से कम दाम पर बिकने से रोकना मंडी समितियों का वैधानिक दायित्व है। इसके बावजूद, प्रदेश की कई मंडियों में फसलें समर्थन मूल्य से काफी कम दाम पर बिक रही हैं। इस स्थिति पर कड़ा संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकार से तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है और किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए एक प्रभावी खरीद तंत्र सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। याचिका में क्या कहा गया? भारतीय किसान संघ की ओर से अधिवक्ता रमनदीप सिंह खरलिया ने अदालत को बताया कि 'राजस्थान कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1961' की धारा 9(2)(xii) के तहत मंडी समितियों का यह वैधानिक दायित्व है कि वे किसानों की उपज को सरकार द्वारा घोषित एमएसपी से कम मूल्य पर बिकने से रोकें। इसके बावजूद, प्रदेश की मंडियों में कई फसलों की नीलामी समर्थन मूल्य से नीचे हो रही है। याचिका में यह भी रेखांकित किया गया कि 'राजस्थान कृषि उपज मंडी नियम, 1963' के नियम 64(3) के तहत होने वाली खुली नीलामी में एमएसपी को आधार मूल्य (बेस प्राइस) नहीं बनाया जाता। इसके कारण किसानों को घोषित समर्थन मूल्य का वास्तविक लाभ नहीं मिल पाता और कानून का मूल उद्देश्य ही प्रभावित होता है। कोर्ट ने सरकारों से क्या पूछा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार की व्यवस्था के अनुसार गेहूं और धान की खरीद भारतीय खाद्य निगम (FCI) तथा अन्य फसलों की खरीद नैफेड (NAFED) व सीसीआई (CCI) सहित अन्य नामित एजेंसियों के माध्यम से की जाती है। ऐसे में राज्य सरकार यह स्पष्ट करे कि राजस्थान में इन एजेंसियों के कितने खरीद केंद्र संचालित हैं और किसानों को एमएसपी दिलाने के लिए उनकी वास्तविक धरातलीय व्यवस्था क्या है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि जिन क्षेत्रों में किसानों को एमएसपी नहीं मिल पा रही है, वहां प्रभावी सरकारी खरीद व्यवस्था कैसे उपलब्ध कराई जा रही है। इस पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों से विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।
बेलतरा बैंक सेंधमारी...पांच आरोपी गिरफ्तार:सीसीटीवी में कैद हुए चोर, पुलिस ने औजार और बाइक बरामद की
रतनपुर पुलिस ने बेलतरा ग्रामीण बैंक में सेंधमारी के पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी को रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। आरोपियों ने बैंक के एटीएम और लॉकर में तोड़फोड़ करने का प्रयास किया था, जिसकी तस्वीरें सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। यह घटना शनिवार शाम की है, जब बैंक कर्मचारी ताला लगाकर अपने-अपने घर चले गए थे। सोमवार सुबह जब बैंक खोला गया तो पीछे की दीवार में सेंध लगी हुई पाई गई। कर्मियों ने तत्काल इसकी सूचना शाखा प्रबंधक को दी। बैंक प्रबंधक के आने के बाद बैंक के अंदर और बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे को चेक किया गया। जांच में पता चला कि अंदर लगा राउटर और स्टेबलाइजर अज्ञात चोर चोरी कर ले गए थे। चोरों ने बैंक के लॉकर और एटीएम को तोड़ने की भी बड़ी कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। रतनपुर टीआई नीलेश पांडेय ने बताया कि बैंक मैनेजर की रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने वारदात की रात का सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया, जिसमें चोर वारदात को अंजाम देते नजर आ गए। आरोपियों से पूछताछ में उन्होंने बताया कि चोरी से पहले उन्होंने शराब पार्टी की थी। शराब पार्टी के बाद, वे दो बाइकों पर गैंती, टंगिया और रॉड जैसे औजार लेकर वारदात को अंजाम देने निकले थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया स्टेबलाइजर, राउटर, वारदात में इस्तेमाल की गई दो बाइकें और एटीएम व लॉकर तोड़ने में इस्तेमाल लोहे की धारदार गैंती, टंगिया आदि जब्त कर लिए हैं। कई आपराधिक मामलों में शामिल हैं आरोपी पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सुमेष कश्यप उर्फ सोनू (29 वर्ष), निवासी नेवसा, सूरज कुमार विश्वकर्मा (26 वर्ष), गिधौरी, नवीन कुमार बैसवाड़े (28 वर्ष), निवासी नेवसा, खिकराम खैरवार उर्फ विक्की (25 वर्ष), निवासी गिधौरी और प्रकाश यादव उर्फ बौना (19 वर्ष), निवासी गिधौरी शामिल हैं। सरगना पहले पकड़ाया पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान सबसे पहले सुमेष कश्यप को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर बैंक में चोरी की योजना बनाने की बात कबूल की। उसने बताया कि चोरी के इरादे से बैंक की दीवार में सेंध लगाई गई थी और लॉकर व एटीएम को तोड़ने की कोशिश की गई थी। इसके अलावा बैंक से राउटर और स्टेबलाइजर भी चोरी किए गए थे। सुमेष की निशानदेही पर पुलिस ने उसके अन्य चार साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक महिला ने देर रात तीन बच्चों को जन्म दिया। इनमें दो बेटियां और एक बेटा शामिल थे। डॉक्टरों की टीम ने सुरक्षित प्रसव कराया, लेकिन जन्म के डेढ़ घंटे बाद एक नवजात बेटी की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। शेष दो बच्चों का एसएनसीयू में इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। जटगा थाना क्षेत्र के ग्राम मुकुवा निवासी तीरथ उइके की पत्नी फूल कुंवर को मंगलवार को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। घर पर हालत बिगड़ने पर पति तीरथ ने डायल 112 की मदद ली। फूल कुंवर को एंबुलेंस से कटघोरा सीएचसी ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। मितानिन और परिजनों के साथ फूल कुंवर को मेडिकल कॉलेज लाया गया। यहां प्रसूति विभाग की डॉक्टरों की टीम ने तुरंत महिला को भर्ती कर उपचार शुरू किया। एक बच्ची की इलाज के दौरान मौत अस्पताल में फूल कुंवर ने सामान्य प्रसव के जरिए तीन बच्चों को जन्म दिया। ये तीनों बच्चे समय से पहले पैदा हुए थे। जन्म के समय दो बेटियां और एक बेटा स्वस्थ दिख रहे थे। एक साथ तीन बच्चों के जन्म से अस्पताल स्टाफ और परिजनों में खुशी का माहौल था। हालांकि, यह खुशी ज्यादा देर नहीं टिक सकी। प्रसव के करीब डेढ़ घंटे बाद एक नवजात बेटी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। मां और बच्चों की हालत खतरे से बाहर अस्पताल प्रशासन के अनुसार, बचे हुए एक बेटे और एक बेटी को विशेष निगरानी में एसएनसीयू (SNCU) में रखा गया है। दोनों को ऑक्सीजन सपोर्ट और आवश्यक दवाएं दी जा रही हैं। डॉक्टरों ने बताया कि दोनों नवजात और प्रसूता फूल कुंवर की हालत अब खतरे से बाहर है। प्रसूता के पति तीरथ उइके ने बताया कि वे बेहद डरे हुए थे, लेकिन डॉक्टरों की मेहनत से मां और दो बच्चे सुरक्षित हैं। उन्होंने एक बच्ची के जाने का गम व्यक्त किया, साथ ही दो बच्चों के जन्म की खुशी भी जताई।
ग्वालियर के किलागेट थाना क्षेत्र स्थित लोहामंडी इलाके में बीच बस्ती एक युवक द्वारा हाथ में पिस्टल लहराकर दूसरे युवक को धमकाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वीडियो सामने आते ही पुलिस हरकत में आई और कुछ ही देर में आरोपी युवक को हिरासत में लेकर उसके कब्जे से पिस्टल बरामद कर ली। हालांकि जांच के दौरान जो खुलासा हुआ, उसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। पुलिस की जांच में सामने आया कि जिस हथियार को देखकर लोग असली पिस्टल समझ रहे थे, वह दरअसल लाइटर के रूप में इस्तेमाल होने वाली नकली पिस्टल थी। जानकारी के मुताबिक आरोपी छोटू शुक्ला, निवासी खाच्चाराम लोहामंडी, का पासी मोहल्ले में रहने वाले अमन रजक उर्फ ठुल्ली से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसी विवाद का बदला लेने और अमन रजक को डराने-धमकाने के उद्देश्य से छोटू शुक्ला बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात करीब 12:45 बजे उसके घर पहुंच गया। वहां उसने हाथ में पिस्टल जैसी दिखने वाली वस्तु लहराकर धमकी देने की कोशिश की। इस दौरान अमन रजक ने घबराने के बजाय अपने मोबाइल फोन से आरोपी का वीडियो बना लिया। इसके बाद उसने यह वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। गुरुवार रात वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। वीडियो में युवक खुलेआम पिस्टल लहराता दिखाई देने से लोगों में दहशत का माहौल बन गया और मामला पुलिस तक पहुंच गया। वायरल वीडियो पुलिस के संज्ञान में आते ही किलागेट थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस ने कुछ ही समय में छोटू शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया और उसके कब्जे से बरामद पिस्टल की जांच कराई। जांच में पता चला कि वह असली अवैध हथियार नहीं, बल्कि लाइटर वाली नकली पिस्टल थी, जो देखने में बिल्कुल असली जैसी लग रही थी। पुलिस का कहना है कि भले ही बरामद वस्तु असली हथियार नहीं निकली, लेकिन उसका इस्तेमाल कर लोगों में भय और दहशत फैलाने का प्रयास किया गया। इस कारण आरोपी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए धारा 151 के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। वही यह भी पता लगाया जा रहा है कि विवाद की असली वजह क्या थी और आरोपी ने पहले भी इस तरह की हरकत की है या नहीं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने या किसी को डराने-धमकाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
कोरबा के बालको थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम डेंगूनाला पुल के नीचे नदी किनारे एक 2 वर्षीय मासूम बच्चे का शव मिला है। मृतक की पहचान रामपुर बस्ती निवासी दिनेश कुमार बरेठ के पुत्र केशव के रूप में हुई है। केशव बुधवार से लापता था और परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। जानकारी के अनुसार, मृतक केशव के माता-पिता दिहाड़ी मजदूर हैं। बुधवार को वे दोनों लाल घाट पर मजदूरी करने गए थे। उनके साथ मासूम केशव भी था। काम खत्म होने के बाद, वे नाला पार कर डेंगूनाला के पास एक पेड़ के नीचे बैठ गए। पिता कुछ आगे चले गए, जबकि मां पेड़ के नीचे बैठकर बच्चे को दूध पिलाने लगी। इसी दौरान मां को नींद आ गई। मां की आंख लगने के बाद मासूम केशव खेलते हुए वहां से निकल गया। जब मां की नींद खुली, तो बच्चा पास में नहीं था। इसके बाद माता-पिता ने आसपास काफी खोजबीन की, लेकिन केशव का कोई सुराग नहीं मिला। परिजनों को आशंका है कि मां के सो जाने के बाद मासूम खेलते-खेलते नाले के पास चला गया होगा और पानी में डूब गया। गुरुवार शाम स्थानीय लोगों ने डेंगूनाला पुल के नीचे नदी किनारे एक बच्चे का शव तैरते हुए देखा। सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर बालको थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर उसकी शिनाख्त कराई। मृतक के परिजनों ने बच्चे की पहचान केशव के रूप में की। पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बालको थाना पुलिस ने बताया कि परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। मामले की आगे जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया यह एक हादसा प्रतीत हो रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। कुछ दिन पहले भी डेंगूनाला में एक पति-पत्नी तेज बहाव में बह गए थे। उस घटना में पति की मौत हो गई थी, जबकि पत्नी किसी तरह तैरकर बाहर निकलने में सफल रही थी।
सीटीआई चौराहे का एक वीडियो गुरुवार शाम करीब सात बजे सोशल मीडिया में वायरल हुआ। एक मिनट एक सेकेंड के वायरल वीडियो में एक दबंग ई-ऑटो चालक की गर्दन पकड़कर बेरहमी से पीटता नजर आ रहा है। एक मिनट के वीडियो में दबंग ने एक के बाद एक 7 घूंसे पीठ पर मारता नजर आ रहा है। घटना गुरुवार सुबह करीब 10 बजे की बतायी जा रही है। बीच चौराहे मारपीट होता देख जब राहगीर चालक को बचाने पहुंचे तो इस बीच आरोपी ने गाल में एक जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। इतना ही नहीं आरोपी ई–ऑटो चालक को उठाकर ऑटो में जबरन बैठाता नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि, बिना टोकन मनी दिए बिना सवारियां भरने पर वसूलीबाज ने चालक को अपना शिकार बनाया। वहीं इससे पहले भी इस तरह कई चालकों के साथ मारपीट हो चुकी है, बशर्तें वीडियो अबकी वायरल हो गया। गोविंद नगर थाना प्रभारी अशोक कुमार दुबे ने बताया कि वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर आरोपी की तलाश की जा रही है।
सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर थाना क्षेत्र में एक 65 वर्षीय सेवानिवृत्त एसईसीएल कर्मचारी का शव गांव में मिला है। परिजनों से कपड़े सुखाने की बात पर हुए विवाद के बाद बुजुर्ग घर से निकल गए थे। पुलिस ने प्रथम दृष्टया जहर सेवन से मौत की आशंका जताई है और मामले की जांच कर रही है। मिली जानकारी के अनुसार, केशव नगर निवासी भारत यादव (65) एसईसीएल के सेवानिवृत्त कर्मचारी थे। पुलिस के मुताबिक, घर में कपड़े सुखाने को लेकर उनका परिजनों से विवाद हुआ था। इस विवाद के बाद वे नाराज होकर घर से निकल गए थे। अगली सुबह ग्रामीणों ने गांव में भारत यादव का शव देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची बिश्रामपुर थाना पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। शव के पास उल्टी के निशान पाए गए हैं, जिसके आधार पर पुलिस ने शुरुआती तौर पर जहर सेवन से मौत होने की आशंका व्यक्त की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
दमोह में गर्भवती महिला को समय पर एम्बुलेंस न मिलने और यात्री प्रतीक्षालय में प्रसव होने के मामले को कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने गंभीरता से लिया है। कलेक्टर ने सख्त लहजे में कहा है कि अगर स्थानीय स्तर पर एम्बुलेंस नहीं थी, तो आसपास के ब्लॉक से गाड़ी बुलवाकर महिला को दी जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने इस लापरवाही पर गहरी नाराजगी जताते हुए सीएमएचओ डॉ. राकेश राय को पूरी घटना की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जबेरा ब्लॉक के बम्होरी गांव की रहने वाली 30 साल की कविता बाई को बुधवार दोपहर प्रसव पीड़ा शुरू हुई। घरवालों ने तुरंत 108 एम्बुलेंस को फोन लगाया, लेकिन वहां से जवाब मिला कि गाड़ी आने में कम से कम एक घंटा लगेगा। महिला की हालत बिगड़ती देख रिश्तेदार उसे एक ई-रिक्शा में बैठाकर अस्पताल के लिए निकले, पर बदकिस्मत से रास्ते में बम्होरी बस स्टैंड के पास ई-रिक्शा की बैटरी डिस्चार्ज हो गई। इसके बाद मजबूरन महिला को वहीं बने यात्री प्रतीक्षालय में बैठाया गया। महिलाओं ने साड़ी का पर्दा बनाकर कराया प्रसव यात्री प्रतीक्षालय में बैठे-बैठे एक घंटा बीत गया, लेकिन एम्बुलेंस नहीं आई। जब महिला की तकलीफ बहुत ज्यादा बढ़ गई, तो परिजन ने गांव की कुछ महिलाओं को मदद के लिए बुलाया। महिलाओं ने सूझबूझ दिखाते हुए साड़ियों का पर्दा बनाया और प्रतीक्षालय के भीतर ही सुरक्षित प्रसव कराया। डिलीवरी होने के बाद बम्होरी सरपंच प्रतिनिधि रितेश राय ने इंसानियत दिखाते हुए अपनी निजी गाड़ी से जच्चा-बच्चा को तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया। भोपाल कॉल सेंटर से ली गई लोकेशन गुरुवार रात कलेक्टर ने इस मामले में एक वीडियो जारी कर जांच की बात कही। कलेक्टर के निर्देश पर सीएमएचओ ने भोपाल कॉल सेंटर फोन लगाकर एम्बुलेंस की लोकेशन का पता लगाया। वहां से जानकारी मिली कि उस समय दो एम्बुलेंस मरीजों को लेकर जबलपुर गई हुई थीं और एक एम्बुलेंस दमोह आई हुई थी। इस पर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने साफ कहा कि एम्बुलेंस व्यस्त होने की स्थिति में दूसरे ब्लॉक से व्यवस्था की जानी चाहिए थी ताकि महिला को इस तरह परेशान न होना पड़ता। उन्होंने सीएमएचओ को जांच पूरी कर जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा है।
जयपुर में सड़क हादसे में स्कूटी सवार एक युवक की मौत हो गई। वहीं दो अन्य युवक घायल हो गए। यह हादसा आमेर थाना क्षेत्र में परियों के बाग के पास गुरुवार शाम साढे़ 7 बजे हुआ। सामने से आ रही एक कार ने स्कूटी को टक्कर मार दी। आमेर थाना प्रभारी गौतम डोटासरा ने बताया- प्रारंभिक जानकारी के अनुसार स्कूटी पर सवार तीन युवक आमेर की ओर से जलमहल जा रहे थे। इसी दौरान परियों के बाग के पास सामने से आ रही कार से उनकी भिड़ंत हो गई। हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और 108 एंबुलेंस से तीनों घायलों को एसएमएस अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने एक युवक को मृत घोषित कर दिया। वहीं दो अन्य घायलों का उपचार करने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। पुलिस के अनुसार- समाचार लिखे जाने तक मृतक और घायलों की पहचान नहीं हो सकी। मृतक के शव को पहचान होने तक एसएमएस अस्पताल की मॉर्च्युरी के डीप फ्रीजर में सुरक्षित रखवाया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।मृतक और घायलों की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। सीसीटीवी में हादसे की वजह सामने आई। स्कूटी सवार तेजी से अपनी लेन से रॉन्ग साइड जाते हुए सामने से आ रही फोर्स कार से टकरा गए। इससे एक युवक हवा में उछलकर जमीन पर गिरा। बाकी युवक भी गिर गए।
मोबाइल हैक कर कारोबारी से 94.88 लाख की ठगी:साइबर थाने में जीरो एफआईआर दर्ज, जांच में जुटी पुलिस
पाली जिले के एक कारोबारी के साथ मोबाइल हैक कर 94 लाख 88 हजार 228 रुपए की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पाली साइबर थाने में जीरो नंबर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। ऑनलाइन रिपोर्ट पर दर्ज हुआ मामलासाइबर थाने के डिप्टी किशोर सिंह ने बताया कि सैय्यद राहत अली ने ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनका मोबाइल हैक कर बैंक खाते से 94 लाख 88 हजार 228 रुपए निकाल लिए। ठगी के तरीके की पड़ताल में जुटी पुलिसपुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित के विस्तृत बयान दर्ज होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि साइबर ठगों ने किस तरीके से वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल साइबर सेल पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
झुंझुनूं में दिल्ली अग्निशमन विभाग में तैनात फायरमैन की सड़क हादसे में मौत के बाद उनके बैग से करीब 26 लाख रुपए के सोने के जेवर गायब हो गए थे। मामले की जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर दी गई है, लेकिन घटना के एक महीने बाद पुलिस जेवर बरामद नहीं कर पाई है। परिजन इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। वहीं एसपी कावेंद्र सिंह सागर का कहना है कि निष्पक्ष जांच की जा रही है, दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। घटना 30 मई को हुई थी, 3 जून को परिजनों ने चोरी का मामला दर्ज कराया था। दुर्घटना से पहले ज्वेलर के पास गए थे राजेशबगड़ थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, कुलोद खुर्द निवासी राजेश कुमार 30 मई को दो सोने के हमेल और उनमें लगने वाले 10 सोने के सिक्के लेकर ज्वेलर के पास गए थे। वे इनमें नया डिजाइन लगवाने की जानकारी लेने के बाद जेवर वापस अपने पिठ्ठू बैग में रखकर लौट रहे थे। दोपहर करीब 12:19 बजे वे वहां से निकले और कुछ ही देर बाद खाजपुर पुराना के पास सड़क हादसे का शिकार हो गए। बैग मिलने पर गायब मिले जेवरचचेरे भाई कैलाश डांगी ने बताया - हादसे के बाद पुलिस ने परिजनों को राजेश का बैग सौंपा। बैग की जांच करने पर उसमें रखे दोनों हमेल और 10 सोने के सिक्के नहीं मिले। परिजनों ने जब ज्वेलर से जानकारी ली, तो उसने पुष्टि की कि राजेश जेवर अपने साथ वापस ले गए थे। मौके पर पहुंचे लोगों पर जताया संदेहरिपोर्ट में बताया गया है कि हादसे के बाद वहां वाहन ड्राइवर, एक महिला, पास की चाय की दुकान का संचालक, कुछ युवक और सड़क किनारे काम कर रहे मजदूर मौके पर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि इन्हीं में से किसी ने या अन्य किसी व्यक्ति ने बैग से जेवर निकाल लिए होंगे। चोरी गए जेवरों की वर्तमान कीमत करीब 26 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने कैलाश डांगी की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच एएसआई हजारीलाल को सौंपी गई थी। ASI हजारीलाल ने बताया- मामले की जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर दी गई है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने 27 साल पहले रिटायर हुए जिला और सत्र न्यायाधीश को ग्रेच्युटी की राशि अदा नहीं करने पर सरकार और हाईकोर्ट प्रशासन पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश मातादीन गर्ग की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता को बकाया राशि 9 फीसदी ब्याज सहित अदा करने के निर्देश दिए। याचिका में कहा गया था कि याचिकाकर्ता 81 साल के हैं। ग्रेच्युटी राशि नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दो साल तक भवन खाली करने पर काटी ग्रेच्युटी, बकाया नहीं दी मार्च 1999 में जिला और सत्र न्यायाधीश के पद से मातादीन गर्ग रिटायर हुए थे। रिटायर होने के दो साल तक सरकारी भवन खाली नहीं करने पर संपदा निदेशक ने हाईकोर्ट प्रशासन को पत्र लिखकर उनकी ग्रेच्युटी में से 57 हजार 454 रुपए काटकर शेष राशि जारी करने के लिए कहा था। इसके बावजूद भी याचिकाकर्ता को 27 साल बाद भी बकाया राशि नहीं दी गई। इसे लेकर याचिकाकर्ता की ओर से संबंधित अधिकारियों को कई बार रिप्रजेंटेशन भी दिए गए, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कोटा में निजी स्लीपर बसों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया गया। नयापुरा चौराहे और अग्रसेन चौराहे पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव गीता चौधरी, परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने हाईवे पर संचालित निजी बसों की सघन जांच की। इस दौरान कई बसों को रुकवाकर उनके दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों की बारीकी से पड़ताल की गई। जांच के दौरान बाबू ट्रैवल्स, शताब्दी ट्रैवल्स और सिमरन ट्रैवल्स सहित कई निजी स्लीपर बसों को रोका गया। जिन बसों में इमरजेंसी गेट को मॉडिफाई कर बंद किया गया था या उसके पास सीट और बर्थ बनाकर रास्ता बाधित किया गया था, उन्हें डिटेन कर उनके खिलाफ चालान की कार्रवाई की गई। गंभीर अनियमितताएं मिलने पर शताब्दी ट्रैवल्स की बस को सीज भी किया गया। जिन बसों में इमरजेंसी गेट को मॉडिफाई कर बंद किया गया था या उसके पास सीट और बर्थ बनाकर रास्ता बाधित किया गया था, डिटेन कर उन पर चालान की कार्रवाई की गई। गंभीर अनियमितता मिलने पर शताब्दी ट्रेवल्स की बस कों सीज भी किया गया। फलोदी में हुए बस हादसे के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) ने कड़ा रुख अपनाया है। रालसा द्वारा प्रदेश के सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों को दिशा-निर्देश जारी करते हुए पुलिस और परिवहन विभाग की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया है और बसों की सघन जांच के आदेश दिए गए हैं। इमरजेंसी गेट पूरी तरह कार्यशील है या नहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव गीता चौधरी ने बताया कि फलोदी हादसे के बाद सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में हाईवे पर चलने वाली बसों की सुरक्षा जांच के निर्देश दिए हैं। कोटा में अभियान चलाकर यह देखा जा रहा है कि इमरजेंसी गेट पूरी तरह कार्यशील है या नहीं। टीम गेट खोलकर उसकी जांच कर रही है, साथ ही बस की लंबाई-चौड़ाई मापकर यह भी देखा जा रहा है कि कहीं बॉडी में अवैध बदलाव तो नहीं किया गया। किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा जांच के दौरान फिटनेस, परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस, लगेज क्षमता और सीटिंग व स्लीपर बर्थ की निर्धारित संख्या का भी सत्यापन किया गया। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
बेलदार असलम खान को झटका:करोड़ों की सोने की ज्वेलरी लौटाने के जिला कोर्ट के आदेश पर हाई कोर्ट की रोक
वर्ष 2018 में लोकायुक्त के चर्चित छापे में करोड़ों रुपए की संपत्ति मिलने के बाद सुर्खियों में आए नगर निगम के तत्कालीन बेलदार असलम खान को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंट से बड़ा झटका लगा है। हाई कोर्ट ने जिला कोर्ट द्वारा जब्त सोने की ज्वेलरी लौटाने संबंधी आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। साथ ही स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय होने तक सभी आभूषण लोकायुक्त की कस्टडी में ही सुरक्षित रहेंगे। लोकायुक्त संगठन ने अगस्त 2018 में असलम खान के ठिकानों पर छापा मारकर आय से अधिक संपत्ति का खुलासा किया था। एक निम्न श्रेणी के कर्मचारी के यहां से मिली संपत्ति ने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया था। कार्रवाई के दौरान करीब दो किलोग्राम सोने के आभूषण, लगभग एक किलोग्राम सोने की सिल्लियां (बार) और अन्य कीमती संपत्ति बरामद की गई थी। इस कार्रवाई के बाद असलम खान का मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गया था। मामले में असलम खान ने जिला कोट में आवेदन प्रस्तुत कर दावा किया था कि छापे के दौरान उसकी पुत्रियों सिदरा खान, ताहेमीन खान और अलिस्बा खान और उसकी मां बिलकिस खान के निजी आभूषण भी जब्त कर लिए गए थे। आवेदन में कहा गया कि परिवार के ये सदस्य केस में आरोपी नहीं हैं, इसलिए उनकी ज्वेलरी वापस की जानी चाहिए। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्ष 2018 में जब्त आभूषणों का मूल्य करीब 58 लाख रुपये आंका गया था, लेकिन सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के चलते वर्तमान में उनकी कीमत तीन करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। 70 लाख की गारंटी पर लौटाने का दिया था आदेश जिला कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए 70 लाख रुपए की बैंक गारंटी जमा कराने की शर्त पर ज्वेलरी लौटाने के निर्देश दिए थे। साथ ही यह शर्त भी लगाई गई थी कि आभूषणों को न तो बेचा जाएगा और न ही उनमें कोई परिवर्तन किया जाएगा। उनका उपयोग केवल पहनने और सुरक्षित रखने तक सीमित रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित आभूषण न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना भी अनिवार्य होगा। हाई कोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक जिला कोर्ट के इस आदेश को चुनौती दिए जाने पर हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान अंतरिम राहत देते हुए आदेश पर रोक लगा दी। कोर्ट ने निर्देश दिया कि अंतिम सुनवाई और निर्णय होने तक जब्त की गई ज्वेलरी लोकायुक्त की कस्टडी में ही सुरक्षित रखी जाए। कोर्ट ने मामले के सभी पक्षों से जवाब भी तलब किया है। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद करोड़ों रुपये मूल्य की सोने की ज्वेलरी फिलहाल लोकायुक्त के कब्जे में ही रहेगी। मामला अब अगली सुनवाई पर है।
शहडोल कलेक्टर शीला दाहिमा ने नए पढ़ाई के साल की शुरुआत होते ही गुरुवार को बायपास रोड पर बने आदिम जाति कल्याण विभाग के छात्राओं की हॉस्टल का निरीक्षण किया। इस दौरान हॉस्टलों में कई कमियां और अव्यवस्थाएं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। कलेक्टर ने सभी इंतजामों को ठीक करने के लिए 15 दिनों का समय दिया है और साफ कहा है कि अगर तय समय में सुधार नहीं हुआ, तो जिम्मेदार अधिकारियों और हॉस्टल इंचार्ज पर कार्रवाई की जाएगी। जिला स्तरीय अनुसूचित जाति उत्कृष्ट हॉस्टल के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को कई कमियां मिलीं। उन्होंने वहां बंद पड़े शौचालयों और बाथरूम को तुरंत चालू करवाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही परिसर में रोशनी के पूरे इंतजाम करने, रोज साफ-सफाई रखने और लाइब्रेरी को ठीक से चलाने की बात कही। हॉस्टल में अव्यवस्था मिलने पर उन्होंने वहां की अधीक्षिका मिथलेश मीणा को 15 दिन में व्यवस्था सुधारने के लिए नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। लड़कियों से की बातचीत कलेक्टर ने सीनियर कन्या हॉस्टल और 50-50 सीटर हॉस्टलों का भी जायजा लिया। वहां लड़कियों की कम संख्या होने पर इंचार्ज ने बताया कि हॉस्टल अभी हाल ही में शुरू हुए हैं, इसलिए अभी सिर्फ 10 से 15 लड़कियां ही आई हैं, बाकी रजिस्टर्ड लड़कियां भी जल्द ही आ जाएंगी। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने लड़कियों से बात करके उनसे खाने-पीने, पढ़ाई और बाकी मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। लड़कियों ने गुलदस्ता देकर कलेक्टर का स्वागत भी किया। बन रही नई बिल्डिंग का जायजा लिया कलेक्टर ने इसके बाद बन रहे पिछड़ा वर्ग हॉस्टल की बिल्डिंग का भी मुआयना किया और निर्माण काम को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर विजय शाक्य, जिला शिक्षा अधिकारी यश जैन और आदिम जाति कल्याण विभाग की सहायक संचालक कामिनी पाठक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
दमोह पुलिस ने गुरुवार शाम शहर के तीन गुल्ली इलाके में संचालित एक स्पा सेंटर पर छापामार कार्रवाई की। इस कार्रवाई के दौरान स्पा सेंटर में तीन युवक और तीन युवतियां आपत्तिजनक हालत में पाए गए। पुलिस ने मौके से संचालक समेत सभी छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने दी दबिश सीएसपी एचआर पांडे ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अंजाम दी गई। पुलिस को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि इस स्पा सेंटर की आड़ में अनैतिक देह व्यापार (सेक्स रैकेट) का धंधा चलाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम ने स्पा सेंटर पर अचानक दबिश दी। जबलपुर और कोलकाता की रहने वाली हैं युवतियां छापेमारी के दौरान मौके से ग्राहक के रूप में पहुंचे तीन युवकों भगवानदास, अंकुर और पप्पू को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया। इसके साथ ही पुलिस ने मौके से कुछ आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की है। पुलिस के मुताबिक, स्पा सेंटर का संचालक रीवा निवासी मोहम्मद आफताब अली है, जिसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पकड़ी गई तीन युवतियों को महिला पुलिस की मदद से कोतवाली थाना लाया गया, जिनमें से एक जबलपुर और एक कोलकाता की रहने वाली है, जबकि तीसरी युवती के पते की जांच की जा रही है। गौरतलब है कि शहर में करीब 10 स्पा सेंटर संचालित हैं, जिन पर अक्सर ऐसे आरोप लगते रहते हैं। अनैतिक व्यापार अधिनियम के तहत मामला दर्ज पुलिस ने पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। इस पूरी कार्रवाई में तीन महिला पुलिस अधिकारियों की टीम ने मुख्य भूमिका निभाई। सीएसपी ने पांडे ने बताया- शहर में स्पा सेंटर मसाज सेंटर के रूप में ही रजिस्टर्ड होते हैं, लेकिन यदि कहीं भी नियमों के विरुद्ध गलत काम होने की शिकायत मिलेगी, तो आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
मथुरा कांग्रेस ने राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय बच्ची के साथ हुए कथित दुष्कर्म के विरोध में प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर की अध्यक्षता में गुरुवार शाम 7 बजे विकास मार्केट स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर मौन धारण किया। उन्होंने पीड़िता के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और तत्काल न्याय की मांग की। कार्यक्रम का संचालन पूर्व महानगर अध्यक्ष विक्रम बाल्मीकि ने किया। जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर ने घटना को समाज के लिए झकझोरने वाला बताया। उन्होंने कहा कि 13 वर्षीय छात्रा को एक ई-रिक्शा चालक ने कथित तौर पर पैसों के लालच में होटल मालिकों को सौंप दिया था। धनगर के अनुसार, इस घटना में पांच दिनों तक 32 आरोपी शामिल थे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय रहते किसी कर्मचारी या पुलिस को संदेह होता, तो इस घटना को रोका जा सकता था। मुकेश धनगर ने सभी 32 आरोपियों, जिनमें रिक्शा चालक, होटल मालिक और मैनेजर शामिल हैं, की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो और गैंगरेप की धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई और सार्वजनिक फांसी की मांग की, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने इस घटना को केवल एक बच्ची के साथ नहीं, बल्कि इंसानियत और समाज के साथ अन्याय बताया। इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व अध्यक्ष उमेश शर्मा, आदित्य तिवारी, ललिता देवी, रूपा लवानिया, गीता दिवाकर, अनाम धन्य तिवारी, महेश चौबे, जिलानी कादरी, रमेश कश्यप, संदीप चौधरी, हर्ष चौरसिया, योगेश यादव, पुनीत बघेल, अबरार कुरैशी, अमित राज, दुर्गेश बघेल, रूपेश धनगर सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी उपस्थित नेताओं ने पीड़िता के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और न्याय की मांग दोहराई, साथ ही प्रशासन से दोषियों को जल्द और कड़ी सजा देने की अपील की।
कन्नौज के मेहंदी घाट पर भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण के सामने युवक ने गंगा में छलांग लगाकर सुसाइड की कोशिश की। युवक का आरोप है कि उसकी जमीन को दबंग लोग जबरिया कब्जा कर रहे हैं। जिसकी शिकायत पर न अधिकारी ध्यान दे रहे और न ही मंत्री ने कोई तवज्जो दी। जिससे आहत होकर उसने सुसाइड का प्रयास किया। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के चौराचांदपुर गांव का है। यहां के रहने वाले मेवाराम की जमीन पर गांव के ही कुछ लोग जबरदस्ती कब्जा करने का प्रयास के रहे हैं। अपनी जमीन को बचाने के लिए वह 2 महीनों से अधिकारियों के चक्कर लगा रहा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। जमीन कब्जाने का प्रयास कर रहे लोग उसे मारने की धमकी भी दे रहे। न्याय न मिलने पर उसे गुरुवार की शाम मेहंदी घाट पर समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण के आने की सूचना मिली। ऐसे में वह एप्लिकेशन लेकर परिजनों के साथ वहां पहुंच गया। शाम 7 बजे के करीब उसने मंत्री असीम अरुण को प्रार्थना पत्र सौंपा। जिसे उन्होंने अपने पास रख लिया। ऐसे में युवक उनसे बात करने का प्रयास करने लगा, लेकिन वह भूमि पूजन कार्यक्रम में व्यस्त हो गए। मंत्री द्वारा शिकायती पत्र को गम्भीरता से न लेने का आरोप लगाते हुए युवक ने सुसाइड करने के लिए गंगा में छलांग लगा दी। ये नजारा देखकर वहां मौजूद दो गोताखोर भी गंगा में कूद गए और सकुशल बाहर निकाल लाए। युवक के सुसाइड का प्रयास करने के कारण वहां हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने युवक से पूछताछ की। जिसमें उसने जमीन पर कब्जे के प्रयास करने वाले दबंगो के खिलाफ शिकायत पर कार्यवाही न होने के आरोप लगाए। युवक मेवाराम ने बताया कि उसे दबंगों से लगातार मारने की धमकी मिल रही है। उनके हाथों मरने से बेहतर है कि नेताओं के सामने मर जाओ। दैनिक भास्कर से फोन पर बात करते हुए मेवाराम ने बताया कि जमीन पर कब्जा करवाने के मामले में क्षेत्रीय लेखपाल और कानून-गो की भूमिका भी संदिग्ध है। जिसकी जांच होनी चाहिए।
कोरिया जिले के ग्राम सावांरावा में जमीन विवाद को लेकर छोटे भाई ने बड़े भाई की डंडे एवं हाथ मुक्के से पिटाई कर दी। हमले में घायल बड़े भाई की इलाज के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई। जांच में मारपीट के कारण मौत होना पाये जाने पर पुलिस ने हत्या का अपराध दर्ज कर आरोपी भाई को गिरफ्तार कर लिया है। मामला पटना थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, ग्राम सावांरावा में 23 जून को जमीन को लेकर ललित कुशवाहा और उसके छोटे भाई शारदा कुशवाहा में विवाद हो गया। विवाद के बाद शारदा कुशवाहा ने डंडे एवं हाथ-मुक्के से ललित कुशवाहा की पिटाई कर दी। दूसरे दिन 24 जून को ललित कुशवाहा की हालत बिगड़ी तो उसे पटना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल में मौत, आरोपी भाई गिरफ्तार पटना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों ने ललित कुशवाहा की जांच एवं उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल बैकुंठपुर रेफर कर दिया। इलाज के दौरान 25 जून को ललित कुशवाहा की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम किया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में अंदरूनी चोट के कारण मौत होना बताया गया। पुलिस जांच में परिजनों ने जमीन विवाद को लेकर शारदा कुशवाहा द्वारा ललित कुशवाहा से मारपीट करने की जानकारी दी गई। पुलिस ने मामले में शारदा कुशवाहा के खिलाफ धारा 103 का अपराध दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी शारदा कुशवाहा (36 वर्ष ) को गिरफ्तार कर लिया है। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
गोरखपुर में भोजपुरी एसोसिएश ऑफ इंडिया 'भाई' की केंद्रीय कार्यकारिणी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश श्रीवास्तव की निर्देश पर नई नियुक्तियों की घोषणा की है। संस्था के संस्थापक और अंतरराष्ट्रीय प्रमुख अविनाश त्रिपाठी ने गुरुवार की शाम 5 बजे जानकारी देते हुए बताया कि डॉ. धर्मेंद्र सिंह को संगठन के संरक्षण और मार्गदर्शन के लिए भोजपुरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया का संरक्षक बनाया गया है। इसके अलावा डॉ. रूप कुमार बनर्जी को प्रदेश अध्यक्ष, शिवेंद्र पांडेय को गोरखपुर महानगर अध्यक्ष और ध्रुव श्रीवास्तव को क्षेत्रीय निदेशक बनाया गया है। इन सभी का कार्यकाल तीन साल के लिए प्रभावी रहेगा। अन्य जिलों में भी होगा विस्तारअविनाश त्रिपाठी ने कहा कि संगठन का उद्देश्य भोजपुरी भाषा, साहित्य, लोककला और संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए देशभर में संगठन को सशक्त बनाना है। इसीलिए जल्द ही उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों सहित विभिन्न राज्यों में भी संगठन का विस्तार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को भोजपुरी के संरक्षण के अभियान से जोड़ा जा सके। यह निर्णय संगठन को और अधिक सक्रिय और सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
धार जिले के मोहनखेड़ा में गुरुवार से कांग्रेस का दो दिवसीय बुनियादी एवं राजनीतिक प्रशिक्षण शिविर शुरू हुआ। इसमें मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार शामिल हुए। शिविर में पहुंचने से पहले उमंग सिंघार ने मोहनखेड़ा महातीर्थ में भगवान श्री आदिनाथ दादा के दर्शन-पूजन किए। उन्होंने आचार्य सम्राट राजेंद्रसूरी गुरुदेव के चरणों में वंदन किया। साथ ही प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की। उन्होंने मुनि भगवंत दिव्यचंद्र विजय महाराज और मुनि जितचंद्र विजय महाराज का आशीर्वाद भी लिया। इस दौरान बदनावर विधायक भंवर सिंह शेखावत, सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल और जिला कांग्रेस अध्यक्ष स्वतंत्र जोशी भी मौजूद रहे। इसके बाद उमंग सिंघार प्रशिक्षण शिविर पहुंचे। यहां ध्वजारोहण और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर और भगवान टंट्या मामा के चित्रों पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद प्रशिक्षण सत्र शुरू हुआ। कार्यकर्ताओं को जनता के बीच भेजकर विचारधारा से जोड़ेंगेउमंग सिंघार ने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने में ऐसे प्रशिक्षण शिविरों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय रखने, जनता के बीच लगातार संपर्क बनाए रखने और कांग्रेस की विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में प्रदेश संगठन महामंत्री डॉ. संजय कामले, प्रदेश प्रवक्ता आनंद जाट, प्रदेश सह-प्रभारी प्रोमिल मित्रा और महेंद्र जोशी ने भी कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया। उन्होंने संगठन, संविधान, सरकारी नीतियों और आगामी चुनावों की तैयारियों पर जानकारी दी। शिविर में जिले के ब्लॉक, नगर और मंडलम अध्यक्षों सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। आयोजन का उद्देश्य संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना, कार्यकर्ताओं को राजनीतिक और वैचारिक प्रशिक्षण देना तथा आगामी चुनावों के लिए तैयार करना है।
मथुरा में बिजली केबल में लगी आग:डीग गेट की नई बस्ती में आधे घंटे तक अफरा-तफरी
मथुरा के डीग गेट की नई बस्ती में गुरुवार शाम करीब 7 बजे एक विद्युत केबल में आग लग गई। इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग लगने के बाद केबल से तेज धमाकों के साथ चिंगारियां निकलने लगीं। घटना के कारण आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। एहतियातन कई परिवार अपने घरों से बाहर निकल आए। करीब आधे घंटे तक क्षेत्र में भय और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में लंबे समय से बिजली के अधिक लोड और जर्जर विद्युत केबलों की समस्या है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। निवासियों के अनुसार, पुरानी और कमजोर क्षमता वाली केबल को बदले बिना ही बिजली आपूर्ति जारी रखी गई। इसी कारण अधिक लोड पड़ने पर केबल में आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग लगने के दौरान केबल से लगातार चिंगारियां निकल रही थीं। इससे आसपास के मकानों में रहने वाले लोगों को किसी बड़े हादसे का डर सताने लगा था। गनीमत रही कि समय रहते लोग सतर्क हो गए और कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, इस घटना के कारण कुछ समय तक क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति भी बाधित रही। स्थानीय नागरिकों ने यह भी बताया कि भीषण गर्मी और बरसात के मौसम में बिजली की आंख-मिचौली तथा बार-बार होने वाली तकनीकी खराबियों से उन्हें लगातार परेशानी हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते क्षमता के अनुरूप नई केबल नहीं डाली गई, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। क्षेत्रवासियों ने विद्युत विभाग से मांग की है कि डीग गेट की नई बस्ती में जर्जर और कमजोर केबलों को तत्काल बदला जाए। उनकी मांग है कि नई एवं उच्च क्षमता वाली केबल बिछाई जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को सुरक्षित और निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
मथुरा में भूमि विवाद पर भाइयों में हिंसक झड़प:पथराव-मारपीट, दो लोग घायल
मथुरा के गोविंद नगर थाना क्षेत्र स्थित गणेश धाम कॉलोनी में बुधवार देर शाम भूमि विवाद को लेकर दो भाइयों के बीच हिंसक झड़प हो गई। दोनों पक्षों में जमकर मारपीट और पथराव हुआ, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में दो लोग घायल हो गए, जिन्हें पुलिस ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। घटना का वीडियो गुरुवार शाम 6 बजे से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस के अनुसार, गणेश धाम कॉलोनी निवासी सोहिल का डीग गेट निवासी अपने भाई आसिफ से जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। आरोप है कि बड़े भाई की पत्नी मकान अपने नाम कराने की कोशिश कर रही थीं, जिसके लिए उन्होंने अपने मायके पक्ष के लोगों को भी मौके पर बुलाया था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में पहले कहासुनी हुई, जो जल्द ही मारपीट और पथराव में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जमकर ईंट-पत्थर फेंके। पथराव के कारण क्षेत्र में दहशत फैल गई और आसपास के लोग डरकर अपने घरों के दरवाजे बंद कर अंदर दुबक गए। मौके पर चीख-पुकार मच गई और कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। घटना के दौरान मौजूद कुछ लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। वायरल वीडियो में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर पत्थर बरसाते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं, जबकि आसपास के लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आ रहे हैं। सूचना मिलने पर गोविंद नगर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। सीओ सिटी आशना चौधरी ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पुलिस को एक पक्ष से तहरीर मिली है और जांच के बाद नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा पुलिस ने बुधवार को तीन चोरों को पकड़ा है। ये बसों में हींग बेचने के बहाने चढ़ते थे और मौका पाकर यात्रियों के बैग काटकर चोरी करते थे। इनके पास 3 लाख के सोने-चांदी के जेवर मिले। पुलिस ने ये जानकारी गुरुवार को दी। 28 जून 2026 को गाडरवारा थाने में दर्ज शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। एक यात्री ने शिकायत दर्ज कराई थी कि बस स्टैंड से सफर शुरू करने के दौरान किसी चोर ने ब्लेड से उसका बैग काट दिया और अंदर रखे गहने चुरा लिए। जांच के दौरान पुलिस को खबर मिली कि कुछ संदिग्ध लोग कौड़िया रोड इलाके में घूम रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी की और तीनों आरोपियों को पकड़ा। तलाशी लेने पर उनके पास से चोरी का एक सोने का हार, अंगूठी और चांदी का कमरबंद मिला। हींग बेचने के बहाने करते थे रेकी आरोपियों ने पूछताछ में कुबूल किया कि वे हींग बेचने का नाटक करके बसों में सफर करने वाले यात्रियों की रेकी करते थे। जैसे ही यात्री का ध्यान भटकता, वे ब्लेड से उसका बैग काटकर कीमती सामान पार कर देते थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान योगेन्द्र (35 वर्ष), सत्तू (42 वर्ष) और भूपेन्द्र सिंह (27 वर्ष) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के मिर्जापुर के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों से कुल 13 ग्राम सोना और 300 ग्राम चांदी जब्त की है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है।
कवर्धा में भाजपा के नए जिला कार्यालय के उद्घाटन समारोह के दौरान एक महिला के रो-रोकर गुहार लगाने का वीडियो सामने आने के बाद सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर भाजपा सरकार की संवेदनशीलता पर सवाल उठाए हैं। भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी पीड़ित महिला की बात सुनना जरूरी नहीं समझा। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों की यह संवेदनहीनता चिंताजनक है। CM ने किया था नए जिला कार्यालय का उद्घाटन यह मामला कवर्धा में भाजपा के नवनिर्मित जिला कार्यालय के उद्घाटन समारोह का है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भवन का उद्घाटन किया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। कांग्रेस ने सरकार की प्राथमिकताओं पर उठाए सवाल इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय सरकार पार्टी कार्यालयों के निर्माण को प्राथमिकता दे रही है। कवर्धा जिला कांग्रेस कमेटी ने भी सवाल उठाया कि जिले में वर्षों से लंबित रेल लाइन परियोजना पर काम शुरू नहीं हो पाया, लेकिन भाजपा अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने में जुटी हुई है। महिला की शिकायत और उस पर नेताओं की प्रतिक्रिया को लेकर भाजपा की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
संभल में पारंपरिक जुलूस-ए-अलम निकला:मौलाना सलमान रज़ा नकवी बोले- इमाम हुसैन का संदेश इंसानियत
संभल में गुरुवार शाम करीब 7 बजे चौधरी सराय स्थित हसन पब्लिक स्कूल परिसर से पारंपरिक जुलूस-ए-अलम निकाला गया। इस जुलूस में स्थानीय मातमी अंजुमनों के साथ-साथ सुल्तानपुर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, सिरसी, नूरियो और सराय से आए अज़ादारों ने भाग लिया। सभी मातमी अंजुमनों ने कर्बला के शहीदों की याद में नोहाख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का शुभारंभ हसन अब्बास और उनके साथियों द्वारा मर्सिया-ख्वानी से हुआ। इसके बाद आयोजित मजलिस को मौलाना सलमान रज़ा नकवी ने संबोधित किया। मौलाना नकवी ने इमाम हुसैन (अलैहिस्सलाम) के जीवन और उनकी शहादत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन का संदेश इंसानियत, न्याय और सत्य के लिए संघर्ष का प्रतीक है। उनकी कुर्बानी पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जिससे आने वाली पीढ़ियां हमेशा मार्गदर्शन प्राप्त करती रहेंगी। मौलाना ने अज़ादारों से इमाम हुसैन की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने और अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि मजलिसें केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि शिक्षा और आत्मिक जागरूकता का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने लोगों से इनमें फ़र्ज़ समझकर शामिल होने का आग्रह किया, ताकि धार्मिक ज्ञान बढ़े और समाज में अच्छे विचारों का प्रसार हो सके। मजलिस के दौरान मौलाना ने कर्बला की घटना का वर्णन किया। मजलिस के समापन के बाद जुलूस-ए-अलम निकाला गया, जिसकी अज़ादारों ने ज़ियारत की। इसके उपरांत विभिन्न मातमी अंजुमनों ने नोहाख्वानी और मातम कर कर्बला के शहीदों को याद किया। इस अवसर पर सैय्यद मोहसिन रज़ा नकवी, गुफरान मोहसिन, नैय्यर अब्बास, अली सादिक, इशरत अब्बास, जहीर मोहसिन, शाने अब्बास, हसन मोहम्मद, सुहैल अब्बास, सलीम मेहंदी सहित बड़ी संख्या में अज़ादार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन काज़ी मोहम्मद नाज़िम ने किया।
जयपुर में आदर्श नगर श्मशान घाट से अदालत के आदेश के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाने के मामले में हाईकोर्ट ने नगर निगम कमिश्नर को तलब किया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने हुकुम सिंह की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिए। याचिका में कहा गया था कि हाईकोर्ट ने करीब 5 साल पहले श्मशान घाट से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। वन विभाग और नगर निगम ने इस आदेश को क्षेत्राधिकार में उलझाकर इसकी पालना नहीं की। अदालत ने पूरे क्षेत्र का नक्शा भी पेश करने का निर्देश दिया, जिसमें वन क्षेत्र और आवासीय क्षेत्र को दर्शाया गया हो। वन विभाग-निगम एक दूसरे पर डालते रहे जिम्मेदारी अधिवक्ता अखिल सिमलोट ने अदालत को बताया- हाईकोर्ट ने 15 नवंबर 2021 को आदर्श नगर स्थित अमरनाथ की बगीची पर से अवैध अतिक्रमण हाटने के निर्देश दिए थे। तत्कालीन निगम कमिश्नर ने 24 अगस्त 2023 को कोर्ट में कहा कि यह भूमि वन विभाग के अधीन आती है। इसके बाद से निगम और वन विभाग क्षेत्राधिकार का मुद्दा बनाते हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इस पर कोर्ट के आदेश से गठित कमेटी ने भी यह भूमि वन विभाग की बताई। उन्होने कहा- अवैध अतिक्रमण को केवल इसलिए जारी रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती है, क्योंकि सरकारी अधिकारी आपस में क्षेत्राधिकार को लेकर विवाद कर रहे हैं। वहीं नगर निगम कानून और इस कोर्ट के निर्देशों के तहत अतिक्रमण हटाना निगम का दायित्व था।
ग्रेटर नोएडा में 130 मीटर रोड पर पैरामाउंट सोसायटी के पास बना एक फ्लाईओवर अपनी पहली बारिश भी नहीं झेल पाया। 22 जून को लोगों की सुविधा के लिए खोला गया यह फ्लाईओवर मात्र 15 दिन में ही क्षतिग्रस्त हो गया। लगभग 100 मीटर लंबे हिस्से की सड़क टूट गई, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) फ्लाईओवर लंबे समय से निर्माणाधीन था। लगभग 1600 मीटर लंबा यह चार लेन का फ्लाईओवर कई जांचों के बाद आवागमन के लिए खोला गया था। इसके खुलने से ग्रेटर नोएडा वेस्ट, गाजियाबाद और दिल्ली जाने वाले लोगों को काफी सहूलियत मिल रही थी और उन्हें जाम की समस्या से भी निजात मिली थी। शहर में पिछले दो-तीन दिनों से हो रही बारिश के दौरान ही फ्लाईओवर की लगभग 100 मीटर सड़क टूट गई। कई जगहों पर गड्ढे हो गए और कंक्रीट उखड़ गई। इस नए बने फ्लाईओवर के इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त होने पर स्थानीय लोगों ने निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। सड़क टूटने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए डीएफसीसीआईएल (Dedicated Freight Corridor Corporation of India Limited) ने क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। गुरुवार को घटनास्थल पर बैरिकेडिंग लगाकर मरम्मत कार्य शुरू किया गया। डीएफसीसीआईएल का दावा है कि एक से दो दिन में सड़क की मरम्मत कर दी जाएगी।
आगरा के सुभाष मार्केट हादसे के बाद नगर निगम ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने मामले में प्रभारी मुख्य अभियंता अरविंद श्रीवास्तव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जबकि क्षेत्रीय अवर अभियंता (जेई) ललित अग्रवाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। अपर आयुक्त ने की थी जांचसुभाष मार्केट क्षेत्र में नाले के ऊपर बनी दुकान धंसने की घटना के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली और संपत्तियों के रखरखाव को लेकर कई सवाल खड़े हुए थे। घटना के तत्काल बाद नगर आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार को पूरे प्रकरण की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। अपर नगर आयुक्त द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि क्षेत्रीय अभियंत्रण अधिकारी की जिम्मेदारी थी कि वे समय-समय पर दुकानों और संरचनाओं की तकनीकी स्थिति का निरीक्षण कर जर्जर भवन को नोटिस जारी करते। मगर, जांच में पाया गया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा इस दिशा में अपेक्षित सतर्कता और तकनीकी निरीक्षण नहीं किया गया, जिसके कारण संरचना की स्थिति का समय रहते आकलन नहीं हो सका। रिपोर्ट में इसे गंभीर प्रशासनिक और तकनीकी लापरवाही मानते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर नगर आयुक्त ने प्रभारी मुख्य अभियंता अरविंद श्रीवास्तव को कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्धारित अवधि में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही क्षेत्रीय अवर अभियंता ललित अग्रवाल के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। अन्य अधिकारियों को भी दी चेतावनीनगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने बताया-सुभाष मार्केट की घटना अत्यंत गंभीर है। जांच रिपोर्ट में जिन अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। संरचनात्मक सुरक्षा के प्रति किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और तकनीकी परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पिपरिया में गुरुवार शाम युवा कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पचमढ़ी रोड से एक मशाल जुलूस निकाला गया। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक, राम मंदिर चंदा घोटाले और किसानों की मूंग की पूरी खरीदी न होने जैसे मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया। नगर के मुख्य मार्गों से गुजरा मशाल जुलूस यह प्रदर्शन युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया के नेतृत्व में आयोजित हुआ, जिसमें जिलेभर से आए सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। यह मशाल जुलूस पचमढ़ी रोड से शुरू होकर इतवारा बाजार, रेलवे ओवरब्रिज और मंगलवार बाजार होते हुए नगर के मुख्य चौक पर पहुंचा, जहां एक नुक्कड़ सभा की गई। जनता की आस्था और युवाओं के साथ विश्वासघात मुख्य चौक पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया ने कहा कि राम मंदिर के नाम पर चंदा चोरी जनता की आस्था के साथ विश्वासघात है। उन्होंने नीट पेपर लीक को देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए निराशाजनक कहा। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि मूंग की पूरी खरीदी न होने के कारण किसान आज दर-दर भटकने को मजबूर हैं। घनघोरिया ने चेतावनी दी कि इन मुद्दों पर भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलन लगातार जारी रहेगा। मूंग बेचने के लिए परेशान हो रहे हैं किसान युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हर्ष कटकवार ने स्थानीय समस्या को उठाते हुए कहा कि जिले के किसान सरकारी दर पर अपनी मूंग बेचने के लिए परेशान हैं, क्योंकि प्रशासन द्वारा उनकी पूरी उपज नहीं खरीदी जा रही है। उन्होंने साफ किया कि किसानों के हक के लिए जिला स्तर पर यह विरोध प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा। यह रहे उपस्थित इस प्रदर्शन में जिला और विधानसभा स्तर के पदाधिकारी राहुल सिंह राठौड़, अनुज कटकवार, पवन चौधरी, नगर युवा कांग्रेस अध्यक्ष कमलेश साहू सहित कांग्रेस और महिला कांग्रेस संगठन के कई नेता व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
भारत निर्माण कॉन्क्लेव-2026 में मां मातंगी दिव्य धाम के पीठाधीश्वर डॉ. प्रेमा साई जी महाराज को आध्यात्मिक नेतृत्व, समाज सेवा और राष्ट्रहित में किए जा रहे कार्यों के लिए राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उन्हें सम्मानित किया और उनके कार्यों की सराहना की। जानकारी के अनुसार, डॉ. प्रेमा साई जी महाराज ने बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सेवा, संस्कार और सनातन जागरण के उद्देश्य से कार्य शुरू किया। बस्तर, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर के वनांचलों में धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से जनजातीय समाज के बीच सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।घर वापसी अभियान की भी सराहना संस्था का दावा है कि उसके मार्गदर्शन में चलाए गए घर वापसी अभियान के माध्यम से अब तक 1,025 से अधिक परिवार अपनी पारंपरिक सांस्कृतिक और धार्मिक जड़ों से जुड़े हैं। वहीं मां मातंगी दिव्य धाम में आयोजित दिव्य दरबारों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आध्यात्मिक मार्गदर्शन और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचते हैं। डॉ. प्रेमा साई जी महाराज के नेतृत्व में नारायणपुर और बीजापुर में आयोजित हिन्दू जगाओ शोभायात्राओं में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रही। संस्था का कहना है कि इन आयोजनों के जरिए सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संदेश दिया गया। इसके अलावा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात आईटीबीपी के जवानों का सम्मान और उत्साहवर्धन भी किया गया।प्राचीन मंदिर के पुनर्निर्माण में सहयोग मां मातंगी दिव्य धाम की ओर से वनांचल के जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता, आवश्यक सामग्री और अन्य सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराने का कार्य भी किया जा रहा है। संस्था ने नारायणपुर के एक प्राचीन मंदिर के पुनर्निर्माण में सहयोग सहित विभिन्न धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के संचालन का भी दावा किया है।आयोजन के दौरान डॉ. प्रेमा साई जी महाराज ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह, केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव, केंद्रीय राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी, बी.एल. वर्मा, सांसद मनोज तिवारी, राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन से मुलाकात की। उन्होंने सभी को मां मातंगी दिव्य धाम की गतिविधियों की जानकारी दी और आगामी माँ कोत्रावै प्रतिमा स्थापना महोत्सव में आमंत्रित किया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्ती में 11 जुलाई 2026 को होने वाली मुख्य लिखित परीक्षा में याची सचिन को अनंतिम रूप से शामिल होने की अनुमति दे दी है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की एकलपीठ ने यह आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता सचिन सिंह ने आवेदन के दौरान कुशल/असाधारण खिलाड़ी का विकल्प चुना था। इसके समर्थन में उन्होंने वर्ष 2008 में आयोजित 54 वें राष्ट्रीय स्कूल खेलों में हैंडबॉल प्रतियोगिता में तीसरा स्थान प्राप्त करने का प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया था। आयोग ने इस प्रमाणपत्र को यह कहते हुए स्वीकार नहीं किया कि यह पांच वर्ष से अधिक पुराना है। याचिकाकर्ता ने यह भी दलील दी कि इसी प्रकार के मामले में अमित कुमार यादव बनाम राज्य सरकार एवं अन्य केस में हाईकोर्ट पहले ही समान अंतरिम राहत दे चुका है। अदालत ने मामले पर विचार आवश्यक बताते हुए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और अन्य प्रतिवादियों को चार सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसके बाद याचिकाकर्ता दो सप्ताह के भीतर प्रत्युत्तर हलफनामा दाखिल कर सकेगा। अंतरिम आदेश में हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग याचिकाकर्ता को 11 जुलाई 2026 को निर्धारित मुख्य लिखित परीक्षा में अनंतिम रूप से बैठने की अनुमति दे। साथ ही कहा गया कि दस्तावेजों के सत्यापन के समय याचिकाकर्ता आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करेगा। हालांकि, उसका अंतिम परिणाम इस रिट याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा।
बाइक गड्ढे में गिरी:महराजगंज के बरगदवा में युवक गंभीर घायल, जिला अस्पताल में भर्ती
महराजगंज के बरगदवा थाना क्षेत्र स्थित पडिया ताल के पास गुरुवार शाम एक सड़क दुर्घटना हुई। तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरी, जिससे बाइक सवार एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने घायल को तत्काल जिला अस्पताल महराजगंज पहुंचाया। घायल युवक की पहचान बरगदवा थाना क्षेत्र के ग्राम मंगलापुर निवासी अंजय पुत्र रविन्द्र के रूप में हुई है। दुर्घटना में उसे गंभीर चोटें आई हैं। जिला अस्पताल महराजगंज में चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों ने उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही अंजय के परिजन भी जिला अस्पताल पहुंच गए। दुर्घटना के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे मौजूद गड्ढे के कारण वाहन चालकों को अक्सर परेशानी होती है। लोगों ने संबंधित विभाग से सड़क की मरम्मत कराने और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
गाजियाबाद में भारी बारिश को देखते हुए कल 10 जुलाई को कक्षा एक से 12 तक के सभी स्कूलों में छुट्टी रहेगी। डीएम रविंद्र मांदड़ ने बीएसए और डीआईओएस को निर्देश दिए हैं कि आदेश का सख्ती से पालन कराया जाए। सरकारी और सभी बोर्ड के स्कूल पूरी तरह से बंद रहेंगे। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए भी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इससे पहले डीएम ने आज गुरुवार के लिए भी सुबह छुट्टी का आदेश जारी किया था। पूरे जिले में भारी बारिश से चारों तरफ जलभराव पूरे शहर में में बारिश से चारों तरफ जलभराव रहा। जहां शहर की सड़कें तालाब बन गई। नेशनल हाईवे 9 पर पानी भर गया। लोनी में दिल्ली देहरादून हाईवे पर भी पानी भरा रहा। बुधवार दोपहर से लेकर रात तक बारिश हुई। उसके बाद बुधवार पूरी रात बारिश हुई। आज गुरुवार को दोपहर 2 बजे तक बारिश रही। देखिए आज जलभराव की तस्वीरें…
फरीदाबाद में बृहस्पतिवार देर शाम शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आईं। पहली घटना सराय टोल प्लाजा के पास हुई, जहां दिल्ली की ओर से फरीदाबाद आ रही एक निशान मैग्नाइट कार में अचानक भीषण आग लग गई। प्रारंभिक जांच में इंजन में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की आशंका है। ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए कार को तुरंत सड़क किनारे रोक दिया और बाहर निकल गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। दिल्ली से फरीदाबाद आ रहा था कार सवार कार मालिक फरीदाबाद जिला कोर्ट में वकील हैं। वह अपनी निशान मैग्नाइट कार में अकेले सवार होकर दिल्ली से फरीदाबाद आ रहे थे। कार से धुआं निकलता देख उन्होंने तुरंत वाहन रोक दिया। कुछ ही क्षणों में कार आग की चपेट में आ गई। आग लगते ही सराय टोल प्लाजा पर मौजूद कर्मचारियों ने फायर सिलेंडरों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया और साथ ही फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही सेक्टर-31 फायर स्टेशन से दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। हालांकि तब तक कार का अधिकांश हिस्सा जलकर क्षतिग्रस्त हो चुका था। एटीएम में मशीन कंट्रोल पैनल लगी आग इसी दौरान दूसरी घटना एनआईटी-5 स्थित गांधी कॉलोनी में आईटीआई के पास लगे एक्सिस बैंक के एटीएम में सामने आई। एटीएम की एमसी (मशीन कंट्रोल पैनल) में अचानक शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई। धुआं और आग की लपटें उठती देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत आग बुझाने में जुट गए। लोगों की सतर्कता के चलते आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। सेक्टर-31 फायर स्टेशन के अधिकारी विनय कौशिक ने बताया कि कार में आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर भेजी गई थी। प्रारंभिक जांच में इंजन में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की आशंका है। दोनों घटनाओं में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
बरेली में उर्स-ए-आला हजरत और कांवड़ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य की अध्यक्षता में प्रशासनिक अधिकारियों व उर्स आयोजकों के साथ समन्वय बैठक हुई। बैठक में जायरिनों और कांवड़ियों की सुविधा के लिए साफ-सफाई, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, बिजली और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। जायरिनों की सुविधाओं को लेकर उठाए गए मुद्देउर्स आयोजकों ने प्रशासन के सामने इस्लामिया ग्राउंड और आसपास के उन स्कूलों के मैदानों की मरम्मत कराने की मांग रखी, जहां बाहर से आने वाले जायरिन ठहरते हैं। उन्होंने मैदानों के गड्ढे भरवाने, साफ-सफाई, हैंडपंप, शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया। बिजली, स्वास्थ्य और रेलवे सुविधाओं की मांगबैठक में कुतुबखाना मस्जिद के ऊपर बने पुल से होने वाले जलभराव की समस्या दूर कराने और उर्स के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई। इसके अलावा जिला अस्पताल की ओर से स्वास्थ्य शिविर और एम्बुलेंस की व्यवस्था करने, रेलवे स्टेशन पर अतिरिक्त टिकट खिड़कियां खोलने और ट्रेनों की समय-सारिणी प्रदर्शित करने का अनुरोध किया गया, ताकि बाहर से आने वाले जायरिनों को किसी तरह की परेशानी न हो। मथुरापुर क्षेत्र में सफाई और ट्रैफिक व्यवस्था पर जोरआयोजकों ने मथुरापुर क्षेत्र में झाड़ियों की कटाई, नाला-नालियों की सफाई और जलभराव रोकने के लिए समय से कार्य शुरू कराने की मांग रखी। साथ ही गलियों में लटक रहे बिजली के तारों को दुरुस्त कराने, बिजली के खंभों पर सुरक्षा के लिए पन्नी लपेटने और उर्स के दौरान मथुरापुर मार्ग पर बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी बात कही। डीएम ने दिए जरूरी निर्देशडीएम अविनाश सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कराई जाएं। उन्होंने कहा कि दरगाह की ओर से लगाए जाने वाले सभी वॉलंटियर्स को पहचान पत्र जारी किए जाएं। पहले की तरह निर्धारित स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था रहे, सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं पर नजर रखी जाए, कचरा निस्तारण की बेहतर व्यवस्था हो और अग्निशमन व्यवस्था भी पूरी तरह मजबूत रखी जाए। बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूदबैठक में नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, एडीएम प्रशासन पूर्णिमा सिंह, एडीएम नगर अविनाश त्रिपाठी, एडीएम न्यायिक देश दीपक, नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा, एसपी सिटी मानुष पारिक, एसपी साउथ अंशिका वर्मा, एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल खान, एसीएम, एसडीएम सदर सहित पुलिस और प्रशासन के अधिकारी तथा दरगाह आला हजरत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
रामपुर में पत्नी को मायके से वापस लाने पहुंचे एक युवक ने अपनी सास पर खाने में जहरीला पदार्थ मिलाकर देने का गंभीर आरोप लगाया है। युवक की हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, युवक की पत्नी ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। पीड़ित मनोज, जो कोयला गांव का निवासी है, ने बताया कि उसकी शादी 15 जून 2020 को थाना कैमरी क्षेत्र के सिमलिया गांव की एक युवती से हुई थी। उनका एक बच्चा है और पत्नी दूसरी संतान की गर्भवती है। मनोज राजमिस्त्री के साथ मजदूरी का काम करता है। उसका आरोप है कि उसकी पत्नी काफी समय से मायके में रह रही थी। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे मनोज अपनी पत्नी को लेने ससुराल पहुंचा था। उसका आरोप है कि इसी दौरान उसकी सास ने गुस्से में दाल-चावल में कोई जहरीला पदार्थ मिलाकर उसे खिला दिया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। हालत खराब होने पर मनोज को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। गुरुवार रात करीब आठ बजे अस्पताल में भर्ती युवक ने मीडिया के सामने अपनी आपबीती सुनाई और सास के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस मामले की शिकायत थाना भोट पुलिस से भी की गई है। उधर, युवक की पत्नी ने पति के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उसका कहना है कि उसकी मां ने खाने में कोई जहरीला पदार्थ नहीं मिलाया। पत्नी ने आरोप लगाया कि उसका पति शराब पीकर अक्सर उसके साथ मारपीट करता है, जिसके कारण वह मायके में रह रही है। उसका दावा है कि पति ने खुद ही कोई जहरीला पदार्थ खाया है और अब उसकी मां को झूठा फंसाने का प्रयास कर रहा है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। चिकित्सकीय रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी ने गुरुवार शाम शाजापुर जिले के मक्सी में निर्माणाधीन फोरलेन सड़क और रेलवे ओवरब्रिज का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। सांसद ने संबंधित अधिकारियों, ठेकेदार और सुपरवाइजर को हिदायत दी कि वे काम की गुणवत्ता से समझौता किए बिना निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करें। खुदाई से बढ़ गई थी जनता की परेशानी सांसद सोलंकी ने बताया कि बारिश के मौसम में फोरलेन निर्माण के लिए की गई खुदाई के कारण स्थानीय लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इस संबंध में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद वे खुद जमीनी हकीकत जानने पहुंचे। उन्होंने निर्माण एजेंसी के अफसरों को निर्देश दिए कि आम जनता की इस परेशानी को तुरंत दूर किया जाए और काम वाली जगहों पर सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजाम किए जाएं। दिसंबर 2026 तक पूरा होगा ओवरब्रिज का काम सांसद ने परियोजना की जानकारी देते हुए बताया कि करीब 29 करोड़ 51 लाख रुपए की लागत से बन रहे इस रेलवे ओवरब्रिज का काम दिसंबर 2023 में शुरू हुआ था, जिसका लगभग 90 फीसदी हिस्सा पूरा हो चुका है। इस ब्रिज में कुल 17 पिलर बनने हैं, जिनमें से 14 तैयार हो चुके हैं। रेलवे से जुड़े बाकी बचे कामों को पूरा कर इस पूरी परियोजना को दिसंबर 2026 तक मुकम्मल करने का लक्ष्य रखा गया है। कई जिलों और विधानसभाओं को मिलेगा फायदा इस निर्माण कार्य के पूरा होने से मक्सी के साथ-साथ देवास, शाजापुर, तराना विधानसभा और उज्जैन लोकसभा क्षेत्र के लोगों को यातायात की बेहतर सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही ब्यावरा, सुजालपुर, कालापीपल, गुना, अशोकनगर, भिंड और मुरैना जैसे कई बड़े क्षेत्रों के बीच आवाजाही बेहद आसान हो जाएगी।
रेवाड़ी में फूड कार्नर संचालक से मारपीट के तीन आरोपियों की पुलिस ने अस्पताल से झज्जर चौक तक पैद परेड़ करवाई। शहर पुलिस की इस कार्रवाई को दुकानदारों और लोगों सड़क पर खड़े होकर देखते नजर आए। गिरफ्तार किए गए सभी बदमाशों पर पहले से 2-3 केस शहर थाना में दर्ज है। एसएचओ ने पैदल परेड से इंकार करते हुए कहा कि अस्पताल में अचानक हमारी गाड़ी खराब हो गई थी। जिस कारण पैदल अस्पताल से थाने के लिए निकल पड़े। जैसे ही ERV पहुंची तो तीनों को उसमें बिठाकर थाने पहुंचाया। जबकि वह खुद ऑटो में बैठकर थाने पहुंचा। आज सुबह दर्ज किया था केस जानकारी के अनुसार वीरवार सुबह उस्मान ने पुलिस को शिकायत दी। जिसमें बताया कि वह सरकुलर रोड पर फूड कॉर्नर चलाता है। बुधवार शाम को कमल, गोविंद और गजराज उसके पास खाना खाने आए और पैसे मांगने पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट कर उसका सामान फेंक दिया। शिकायतकर्ता ने आरोपियों पर धमकी देने का भी आरोप लगाया। आरोपियों पर पहले से केस सिटी थाना एसएचओ सूबे सिंह ने कहा कि शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपियों पर पहले से शहर थाने में 2 से 3 मारपीट के केस दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद मेडिकल के लिए अस्पताल लेकर गई थी। जहां अचानक हमारी गाड़ी खराब हो गई। जिस पर मैने ERV को फोन किया और अस्पताल से पैदल थाने के लिए निकल पड़े। झज्जर चौक पर ERV पहुंचते ही तीनों आरोपियों को उसमें बिठाकर अस्पताल भेजा और खुद ऑटो में बैठकर थाने पहुंचा।
कुंभ 2031 के लिए रेलवे ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। रेलवे इसके लिए मास्टर प्लान तैयार रहा है। रेलवे की तैयारियों में प्रयागराज का छिवकी रेलवे स्टेशन सबसे अहम है। छिवकी रेलवे स्टेशन को देश के बड़े कनेक्टिविटी हब' के रूप में विकसित करने की तैयारी है। रेलवे ने छिवकी को मास्टर प्लान में शामिल किए जाने की घोषणा कर दी है। स्टेशन का रि-डेवलपमेंट होगा। नए प्लेटफार्म और अन्य सुविधाएं होंगी। नए प्लेटफार्मों को मानिकपुर तक बन रही तीसरी रेलवे लाइन से सीधे लिंक किया जाएगा। इससे मुंबई-जबलपुर की ट्रेनें सीधे आवागमन कर सकेंगी। दक्षिण भारत से आने वाली ट्रेनों को भी इसी दोनों प्लेटफार्म से चलाया जाएगा। हावड़ा-दिल्ली मुख्य लाइन पर स्थित और प्रयागराज जंक्शन के बाद शहर का यह दूसरा सबसे बड़ा स्टेशन है। मुंबई, जबलपुर समेत पूरे दक्षिण भारत से आने-जाने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को यहां की सुविधाओं का लाभ मिलेगा। यहां से श्रद्धालु सीधे अरैल स्नान के लिए जा सकेंगे और वापसी भी वहीं से होगी। प्लेटफार्मों की संख्या बढ़ने से रेलवे प्रशासन के लिए इस रूट पर नई ट्रेनों के संचालन का रास्ता साफ हो जाएगा और कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को यहां अतिरिक्त ठहराव भी दिया जा सकेगा।
राजधानी लख़नऊ के अलीगंज कोचिंग सेंटर अग्निकांड और दिल्ली समेत अन्य शहरों में सामने आए अग्निकांड व अवैध निर्माण के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। शीर्ष अदालत ने लखनऊ नगर निगम के आयुक्त को तलब किया है और उनसे शहर में अवैध निर्माण व फायर सेफ्टी नियमों के अनुपालन को लेकर उठाए गए प्रभावी कदमों की रिपोर्ट पेश करने को कहा है।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाल के अग्निकांडों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भवनों में फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं हो रहा है और संबंधित अधिकारियों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई भी नहीं की गई। अदालत ने संकेत दिए कि यदि हालात नहीं सुधरे तो जिम्मेदार अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाएगी।लखनऊ अग्निकांड का लिया संज्ञान सुप्रीम कोर्ट ने 22 जून को लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुई भीषण आग का विशेष रूप से संज्ञान लिया। इस हादसे में 15 लोगों की मौत हुई थी। प्रारंभिक जांच में भवन में फायर सेफ्टी के गंभीर उल्लंघन, आपातकालीन निकास में खामियां और अवैध निर्माण जैसी बातें सामने आई थीं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर अदालत ने मामले को व्यापक सार्वजनिक सुरक्षा के मुद्दे के रूप में देखा। नगर निगम आयुक्त से मांगी विस्तृत रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ नगर निगम आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। उनसे पूछा जाएगा कि शहर में अवैध निर्माण और फायर सेफ्टी नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए अब तक क्या ठोस और प्रभावी कार्रवाई की गई है। अदालत यह भी जानना चाहती है कि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं। दिल्ली के तीन इलाकों में ग्राउंड सर्वे का आदेश अदालत ने तत्काल प्रभाव से आईआईटी दिल्ली के दो वरिष्ठ प्रोफेसरों सहित विशेषज्ञों की टीम गठित कर दिल्ली के साकेत, लाजपत नगर और मालवीय नगर में जमीनी सर्वे कराने का आदेश दिया है। टीम भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा, फायर सेफ्टी और अवैध निर्माण की स्थिति का आकलन करेगी। कई राज्यों से भी मांगी जानकारी सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के साथ-साथ अन्य राज्यों के संबंधित अधिकारियों से भी फायर सेफ्टी और अवैध निर्माण को लेकर रिपोर्ट मांगी है। अदालत का उद्देश्य यह जानना है कि स्थानीय निकायों ने भवन सुरक्षा मानकों को लागू करने के लिए क्या कदम उठाए हैं और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने की क्या योजना है। सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पण सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब तक की कार्रवाई संतोषजनक नहीं है। अदालत ने टिप्पणी की कि यदि आवश्यक हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाएगी, ताकि केवल कागजी कार्रवाई नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर सुधार सुनिश्चित हो सके।
सीधी जिले के सर्किट हाउस में गुरुवार को एक दिव्यांग परिवार को जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल से मिलने के लिए पूरे 11 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। ग्राम कुचवाही के रहने वाले पंकज मिश्रा अपने चार दिव्यांग परिजन के साथ सुबह 11 बजे से सर्किट हाउस में बैठे थे। परिवार का आरोप है कि शाम सवा सात बजे जब प्रभारी मंत्री पहुंचे, तो उन्होंने आवेदन लेने के बजाय परिवार को अनदेखा कर दिया और आगे बढ़ गए। मौके पर मौजूद सीधी विधायक रीती पाठक ने दिव्यांग परिवार की परेशानी देखी, उनका आवेदन लिया और तुरंत कलेक्टर विकास मिश्रा को इस बात की जानकारी दी। कलेक्टर की सख्ती के बाद रात में खुला अस्पताल कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक खरे को फोन लगाया और परिवार की समस्या हल करने के निर्देश दिए। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया और रात करीब 8 बजे जिला अस्पताल खोलकर परिवार का काम शुरू किया गया। 3 महीने से बंद है पेंशन, चक्कर काट रहा परिवार पंकज मिश्रा ने बताया कि उनके परिवार में छह में से चार सदस्य दिव्यांग हैं, जिनमें से दो तो 100 फीसदी दिव्यांग हैं। पिछले तीन महीनों से उनकी दिव्यांग पेंशन बंद है। यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (UDID) नंबर न बनने के कारण उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। पंकज पिछले एक महीने से जिला अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन मेडिकल बोर्ड की बैठक न होने से काम अटका हुआ था। हर बार गाड़ी किराए पर लाने में उनके एक हजार रुपए खर्च हो रहे थे। प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम में व्यस्त रहे अधिकारी इस पूरे मामले में जब सीएमएचओ डॉ. अशोक खरे से बात की गई, तो उनका कहना था कि वे प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम में व्यस्त हैं और फिलहाल इस बारे में कोई जानकारी नहीं दे पाएंगे। पीड़ित परिवार में पंकज कुमार मिश्रा, वीणा मिश्रा, सुलेखा मिश्रा और रन्नू मिश्रा दिव्यांग हैं।
कन्नौज में मुख्यमंत्री पर्यटन स्थल विकास योजना के तहत ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले मेंहदीघाट का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। इसके लिए 8 करोड़ 48 लाख की परियोजना का गुरुवार देर शाम 7 बजे भूमि पूजन किया गया। जिसमें जिले के दोनों मंत्री मौजूद रहे। भूमि पूजन कार्यक्रम में समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण और ऊर्जा राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत, भाजपा जिलाध्यक्ष वीरसिंह भदौरिया, डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, एसपी विनोद कुमार मौजूद रहे। मंत्रियों और अधिकारियों ने संयुक्त रूप से पूजा-अर्चना कर भूमि पूजन एवं आरती की। अतिथियों ने गंगा तट पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ फावड़ा चलाकर निर्माण कार्य का शुभारम्भ किया। मंत्री असीम अरुण ने बताया कि मुख्यमंत्री पर्यटन स्थल विकास योजना के अंतर्गत घाट के जीर्णोद्धार, कल्चरल स्टेज, पर्यटक सुविधाओं एवं अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के लिए लगभग 8.48 करोड़ की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यहां कपूर एंड टीम द्वारा भजन व सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। शाम के वक्त महादेवी घाट दीपों की रोशनी से आलोकित हो उठा, जिससे सम्पूर्ण घाट का वातावरण आध्यात्मिक बन गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला पर्यटन विभाग के तत्वावधान में सम्पन्न हुआ। उन्होंने कहा कि इस घाट का महत्व प्राचीन काल से रहा है। वैज्ञानिक दृष्टि से भी यह क्षेत्र सुरक्षित एवं ऊंचा तटीय क्षेत्र होने के कारण मानव बसावट का प्रमुख केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि मान्यता है कि सम्राट हर्षवर्धन भी इस क्षेत्र से जुड़े रहे हैं। भविष्य में यहां वार्षिक साहित्य महोत्सव, भजन संध्या, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पठन-पाठन एवं अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन की संभावनाओं पर भी गंभीरता से कार्य किया जाएगा, जिससे यह स्थल धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ सांस्कृतिक पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र बन सके। इससे पहले वृक्षारोपण कार्यक्रम किया गया। जिसमें राज्य मंत्री असीम अरुण ने पीपल, राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत ने आम, जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने पाकड़, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने सहजन और जिलाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया ने आंवला का पौधा रोपित किया।
दिल्ली बार काउंसिल (बीसीडी) चुनाव में एडवोकेट पीयूष गुप्ता ने सबसे अधिक मत हासिल कर दूसरी बार सदस्य निर्वाचित होकर नया रिकॉर्ड बनाया। समर्थकों के अनुसार, वह सबसे कम उम्र में दूसरी बार बार काउंसिल के सदस्य बनने वाले अधिवक्ताओं में शामिल हो गए हैं। दिल्ली हाई कोर्ट परिसर में 21, 22 और 23 फरवरी को हुए चुनाव में 18 सामान्य, 5 महिला आरक्षित और 2 महिला सह-नामित (को-ऑप्शन) सीटों के लिए मतदान हुआ था। चुनाव में कुल 221 उम्मीदवार मैदान में थे। करीब 57 हाजर 200 मत पड़े और जीत के लिए 2 हाजर 323 मतों का कोटा निर्धारित किया गया था। 7 मार्च से शुरू हुई मतगणना में बैलेट नंबर 128 पर चुनाव लड़ रहे पीयूष गुप्ता ने सबसे अधिक मत हासिल कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया। उत्तराखंड सरकार के डिप्टी एडवोकेट जनरल की जिम्मेदारी भी निभा रहे पीयूष गुप्ता इससे पहले वर्ष 2018 में भी दिल्ली बार काउंसिल के सदस्य चुने गए थे। वह बार काउंसिल के सबसे कम उम्र के सचिव और सह-अध्यक्ष (को-चेयरमैन) भी रह चुके हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने अधिवक्ताओं के कल्याण और सहायता से जुड़े कई प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाई थी। वर्तमान में पीयूष गुप्ता दिल्ली हाई कोर्ट में भारत सरकार के स्टैंडिंग काउंसिल के रूप में कार्यरत हैं। इसके अलावा, वह सुप्रीम कोर्ट में उत्तराखंड सरकार के डिप्टी एडवोकेट जनरल की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि यह जीत अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा, पेशेवर मानकों को मजबूत करने और अनुशासन बनाए रखने के लिए किए गए उनके कार्यों का परिणाम है। उनका मानना है कि कानूनी बिरादरी ने एक बार फिर उनके नेतृत्व और कार्यशैली पर भरोसा जताया है।
बुरहानपुर में शुक्रवार 10 जुलाई को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी 11 केवी हरीरपुरा फीडर पर आवश्यक रखरखाव का कार्य करेगी। इसी कारण संबंधित क्षेत्रों में बिजली कटौती की जाएगी। इन इलाकों में रहेगी कटौतीबिजली कंपनी के अनुसार, इस दौरान सलूजा टिंबर मार्ट, आरको कॉम्प्लेक्स, ठाकुर साहब का पेट्रोल पंप, कृषि उपज मंडी, मला लाइन, हरीरपुरा, सुभाष स्कूल, राधेश्याम अस्पताल, शाह एन शाह मॉल, बीएसएनएल ऑफिस, गुरूसिख मॉल, मंगलम प्रोसेस और हजरत गोटिया पीर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। कंपनी ने बताया कि रखरखाव कार्य की आवश्यकता के अनुसार बिजली बंद रहने की अवधि कम या अधिक हो सकती है।
मेयर सुषमा खर्कवाल ने गुरुवार को स्मार्ट सिटी कार्यालय में नगर आयुक्त गौरव कुमार के साथ नगर निगम के संपत्ति विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में नगर निगम की संपत्तियों से जुड़े 88 गांव के रिकॉर्ड मांगे गए। जमीन पर कब्जा करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही बैठक में संपत्ति विभाग के कार्य की समीक्षा भी की गई। ऊसर, बंजर, चारागाह और तालाबों के हर गांव का ब्यौरा मांगा सुषमा खर्कवाल ने निर्देश दिए कि नगर निगम क्षेत्र में ऊसर, बंजर, नवीन परती, चारागाह, तालाब तथा अन्य शेष मदों में दर्ज भूमि का ग्रामवार विस्तृत विवरण तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि विभाग के पास प्रत्येक गांव और प्रत्येक श्रेणी की भूमि का स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध होना चाहिए। महापौर ने अब तक अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई भूमि का पूरा ब्यौरा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्थल की मौके पर वर्तमान स्थिति की जांच की जाए और स्पष्ट किया जाए कि कब्जामुक्त कराई गई भूमि अभी खाली एवं सुरक्षित है अथवा उस पर दोबारा अवैध कब्जा हो गया है। बाउंड्रीवॉल, तारबाड़ का फोटो सहित रिकॉर्ड मांगा महापौर ने नगर निगम की संपत्तियों को सुरक्षित करने के लिए अब तक किए गए कार्यों की अलग-अलग जानकारी मांगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन संपत्तियों पर बाउंड्रीवॉल बनाई गई है, तारबाड़ कराई गई है अथवा सूचना पट लगाए गए हैं, उनका पूरा विवरण फोटो सहित प्रस्तुत किया जाए। साथ ही शेष असुरक्षित संपत्तियों की पहचान कर उनके संरक्षण की कार्ययोजना बनाई जाए। बैठक में महापौर ने विभिन्न क्षेत्रों में नगर निगम की संपत्तियों पर अवैध कब्जे से संबंधित लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि पार्षदगणों और क्षेत्रीय नागरिकों से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि उनके क्षेत्रों में नगर निगम की संपत्तियों पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं। ऐसी शिकायतों की प्रतियां कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को भेजी जाती हैं, इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई में देरी नहीं होनी चाहिए। पर्याप्त राजस्व अमले के बावजूद कब्जे क्यों नहीं हट रहे, मांगा जवाब महापौर ने संपत्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि विभाग के पास तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, कानूनगो और लेखपाल पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं। इसके बावजूद नगर निगम की संपत्तियों को कब्जामुक्त कराकर बाउंड्रीवॉल, तारबाड़ और सूचना पट के माध्यम से सुरक्षित क्यों नहीं किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रतिदिन फील्ड में निकलकर नगर निगम की जमीनों की करें निगरानी बैठक में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो और लेखपालों को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन फील्ड में निकलें और अपने-अपने क्षेत्रों में नगर निगम की जमीनों की नियमित निगरानी करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारी केवल कार्यालयी अभिलेखों तक सीमित न रहें, बल्कि मौके पर जाकर भूमि की वास्तविक स्थिति देखें, अवैध कब्जे की पहचान करें और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। महापौर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि एक बार कब्जामुक्त कराई गई भूमि पर दोबारा अवैध कब्जा न हो, इसके लिए नियमित स्थलीय निरीक्षण और निगरानी की व्यवस्था मजबूत की जाए। संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण संपत्तियों की लगातार निगरानी करते हुए उनकी वर्तमान स्थिति का अद्यतन रिकॉर्ड रखा जाए। कार्रवाई न करने वाले मामलों के पत्र डीएम लखनऊ को भेजे जाएं मेयर सुषमा खर्कवाल ने अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव को निर्देश दिए कि जिन प्रकरणों में जिला प्रशासन के लेखपालों एवं संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए पत्र भेजे गए हैं, लेकिन उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है, ऐसे सभी लंबित पत्रों और प्रकरणों को संकलित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि इन सभी पत्रों को नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार जी के माध्यम से जिलाधिकारी लखनऊ को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा जाए, ताकि लंबित मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। 88 गांवों के पंचायत और बारात घरों का दो दिन में बने डाटा नगर निगम सीमा में सम्मिलित 88 गांवों को लेकर भी महापौर ने विशेष निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इन गांवों में स्थित पंचायत घरों और बारात घरों का पूरा डाटा दो दिन के भीतर तैयार किया जाए। संबंधित संपत्तियों की वास्तविक स्थिति और उपलब्ध अभिलेखों का भी सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। सभी संपत्तियों को रजिस्टर में दर्ज कर रिकॉर्ड करें अपडेट महापौर ने निर्देश दिए कि नगर निगम की सभी संबंधित संपत्तियों को संपत्ति रजिस्टर में अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए। अभिलेखों को नियमित रूप से अद्यतन करने के साथ ही प्रत्येक संपत्ति की वास्तविक स्थिति का स्पष्ट विवरण विभागीय रिकॉर्ड में उपलब्ध रखा जाए। सुषमा खर्कवाल ने कहा कि नगर निगम की भूमि एवं संपत्तियों का संरक्षण महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ अभिलेखों को व्यवस्थित रखें, मौके की वास्तविक स्थिति का नियमित सत्यापन करें और अवैध कब्जों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें।
महोबा में बारिश के बीच धू-धू कर जली पल्सर बाइक:कीरत सागर के पास शॉर्ट सर्किट की आशंका
महोबा में गुरुवार देर शाम तेज बारिश के बीच एक पल्सर बाइक में अचानक आग लग गई। हैरानी की बात यह रही कि मूसलाधार बारिश के बावजूद बाइक धू-धू कर जलती रही। स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बाइक पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी। जानकारी के अनुसार, शहर की हिन्द टायर वाली गली निवासी राहुल वर्मा ने करीब तीन वर्ष पहले बजाज पल्सर आरएस-200 बाइक खरीदी थी। गुरुवार शाम मौसम का आनंद लेने के लिए वह बाइक से निकले थे। इसी दौरान बारिश तेज हो गई, तो उन्होंने कीरत सागर के पास एक दुकान के निकट बाइक खड़ी कर दी। बताया गया कि बाइक खड़ी करते ही उसमें से अचानक धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते उसमें आग लग गई। कुछ ही पलों में आग ने पूरी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। तेज बारिश के बावजूद आग लगातार भड़कती रही, जिससे मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने पास के हैंडपंप से बाल्टियों में पानी लाकर आग बुझाने का प्रयास किया। काफी देर की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक बाइक पूरी तरह जल चुकी थी। फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल सका है। हालांकि, प्रारंभिक तौर पर बाइक के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
लखनऊ में दयानन्द कन्या कॉलेज हॉल का लोकार्पण:भारत विकास परिषद की लोकमान्य शाखा ने किया नवीनीकरण
लखनऊ में भारत विकास परिषद, अवध प्रान्त की लोकमान्य शाखा द्वारा दयानन्द कन्या इंटर कॉलेज के नवनिर्मित और नवीनीकृत हॉल का लोकार्पण किया गया। उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान ने यह लोकार्पण किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अवध प्रान्त के प्रांतीय अध्यक्ष देवेन्द्र स्वरूप शुक्ल ने की। इस अवसर पर परिषद के पदाधिकारी, सदस्य और शहर के कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। लोकार्पण के अवसर पर पवन सिंह चौहान ने भारत विकास परिषद के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि परिषद जैसे सामाजिक संगठन समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा और सहयोग पहुंचा रहे हैं। चौहान ने बताया कि परिषद शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार और सामाजिक सेवा के क्षेत्रों में सराहनीय कार्य कर रही है। दयानन्द कन्या इंटर कॉलेज के हॉल का नवीनीकरण भी इसी सेवा भावना का परिणाम है। संगठन की जिम्मेदारी सेवा भाव का उदाहरण चौहान ने यह भी कहा कि इस परियोजना के लिए कोई सरकारी अनुदान नहीं लिया गया। यह कार्य परिषद के सदस्यों के सहयोग, समर्पण और जनभागीदारी से पूरा हुआ है। उन्होंने इसे समाज के प्रति संगठन की जिम्मेदारी और सेवा भाव का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। लोकमान्य शाखा के अध्यक्ष शंकर सरण अस्थाना और शाखा सचिव नवीन कुमार श्रीवास्तव ने सभी सहयोगियों और उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने दोहराया कि परिषद भविष्य में भी शिक्षा और समाजहित से जुड़े ऐसे कार्य निरंतर करती रहेगी। संगठन जनकल्याण के कार्य कर रही प्रांतीय मीडिया प्रभारी प्रदीप मिश्रा ने भारत विकास परिषद को एक सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक संगठन बताया। उन्होंने जानकारी दी कि परिषद अपने सदस्यों के सहयोग से शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार, सेवा और समाजोत्थान के क्षेत्रों में जनकल्याण के कार्य करती है। दयानन्द कन्या इंटर कॉलेज के हॉल का नवीनीकरण इसी सेवा संकल्प का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कोटा में भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय ने गुरुवार को संभाग की संगठनात्मक बैठक ली। करीब 3 घंटे चली बैठक में उन्होंने जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को संदेश दिया कि भाजपा में संगठन सर्वोपरि है। हम रहें या न रहें, संगठन हमेशा रहेगा। सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय पर उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना संगठन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन ने बताया- बैठक दो चरणों में हुई। पहले सत्र में पूर्व सांसद, विधायक, जिला प्रमुख, महापौर, पूर्व प्रदेश पदाधिकारी और पूर्व जिलाध्यक्ष शामिल हुए। दूसरे सत्र में वर्तमान जनप्रतिनिधि, विधायक, प्रदेश पदाधिकारी, जिला प्रभारी, जिलाध्यक्ष, महामंत्री और मोर्चा पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिलों के पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बूथ स्तर पर सक्रिय रहें कार्यकर्ता बैठक में अजेय ने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक सक्रिय रहने, नियमित संवाद बनाए रखने और रात्रि प्रवास के जरिए से आमजन की समस्याएं जानने की बात कही। उन्होंने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में कार्यकर्ताओं से लगातार मिलते रहना चाहिए। आपस में संवाद करें, ताकि आपस में सामंजस्य बना रहे। कार्यकर्ताओं की बात को सुना जाए। कार्यकर्ताओं पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम को आमजन के साथ सुनने की अपील करते हुए कहा कि इससे नई जानकारियां मिलती हैं। समाज से जुड़ाव बढ़ता है। उन्होंने 'वोकल फॉर लोकल' का समर्थन करते हुए देश में निर्मित उत्पादों को प्राथमिकता देने की बात कही। युवाओं को पार्टी की विचारधारा से जोड़ें संगठन महामंत्री अजेय ने कहा- राष्ट्रवाद भाजपा की वैचारिक शक्ति है। युवाओं को पार्टी की विचारधारा से जोड़ने के साथ सदस्यता अभियान का विस्तार करना आवश्यक है। आगामी चुनाव के मद्देनजर बूथ समितियों को सक्रिय और प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, बूथ जीता, चुनाव जीता। बैठक में कोटा संभाग प्रभारी अलका मूंदड़ा, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, विधायक संदीप शर्मा, कालूराम मेघवाल, गोविंद रानीपुरिया, राधेश्याम बैरवा, ललित मीणा, उपाध्यक्ष छगन माहुर, प्रभारी अजीत मेहता, मानसिंह बारहठ, जिला सहप्रभारी सागर सोनी, स्नेहा काम्बोज, शंकरलाल गुर्जर, जिलाध्यक्ष कोटा देहात प्रेम गोचर, जिलाध्यक्ष बारां नरेश सिंह सिकरवार, जिलाध्यक्ष झालावाड़ हर्षवर्धन शर्मा, जिलाध्यक्ष बूंदी रामेश्वर मीणा, पूर्व मंत्री प्रभू लाल सैनी, बाबूलाल वर्मा आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।
भिंड की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में गुरुवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने स्ट्रीट फास्ट फूड दुकानों पर सघन जांच अभियान चलाया। मोबाइल फूड लैब के साथ पहुंची टीम ने दुकानों में उपयोग किए जा रहे मसाले, सॉस और फूड कलर के नमूने लेकर मौके पर ही उनकी प्रारंभिक जांच की। जांच के दौरान कई दुकानों पर खाद्य सामग्री खुले में रखी मिली और आसपास गंदगी भी पाई गई, जिस पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई। दुकानदारों को दिए स्वच्छता के निर्देशखाद्य सुरक्षा अधिकारी किरण सेंगर ने दुकानदारों को भोजन बनाने और परोसने के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक्सपायरी डेट वाले किसी भी खाद्य पदार्थ का उपयोग नहीं किया जाए और सभी प्रतिष्ठानों का फूड रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से कराया जाए। टीम ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों को रखने या पैक करने के लिए अखबार का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। फूड कलर के उपयोग को लेकर भी चेतायाअधिकारियों ने बताया कि फूड कलर का उपयोग केवल आवश्यकता होने पर और निर्धारित मात्रा में ही किया जाना चाहिए। मोबाइल फूड लैब में मसाले, सॉस और फूड कलर के नमूनों की प्राथमिक जांच की गई, जबकि संदिग्ध नमूनों को विस्तृत परीक्षण के लिए सुरक्षित रखा गया है। लोगों को मिलावट पहचानने की दी जानकारीअभियान के दौरान मानसापूर्ण हनुमान मंदिर के सामने आम लोगों को खाद्य मिलावट की पहचान के प्रति भी जागरूक किया गया। विभाग की टीम ने पंपलेट वितरित कर बताया कि घर पर भी सरल तरीकों से खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच की जा सकती है। कार्रवाई में फूड केमिस्ट आरती शिवहरे सहित खाद्य सुरक्षा विभाग का अमला मौजूद रहा।

