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यमुनानगर में सड़क हादसे में चाचा घायल, भतीजे की मौत:नाइट शिफ्ट की ड्यूटी पर जा रहे थे, सामने से दूसरी बाइक की टक्कर

यमुनानगर के थाना छछरौली क्षेत्र में एक सड़क हादसे में फैक्ट्री में काम करने जा रहे युवक की मौत हो गई, जबकि उसका चाचा गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा उस समय हुआ जब दोनों नाइट शिफ्ट के लिए मोटरसाइकिल से निकले थे। तेज रफ्तार और लापरवाही से गलत दिशा में आई एक अन्य मोटरसाइकिल ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसा होते ही घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। राहगीरों की मदद से दोनों घायलों को अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने चाचा को मरहम पट्‌टी के बाद छुट्‌टी दे दी, जबकि उसके भतीजे को मृत घोषित कर दिया। जगाधरी सदर थाना पुलिस ने चाचा के बयान पर फरार बाइक चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। नाइट शिफ्ट में काम करते थे चाचा-भतीजा शिकायतकर्ता सुबे सिंह, निवासी गांव चुहड़पुर खुर्द, थाना छछरौली ने अपने बयान में बताया कि वह योर्क फैक्ट्री, मानकपुर में कार्यरत है। उसके पास दो बेटियां हैं। उसके साथ उसका भतीजा दिपांशु पुत्र जसबीर सिंह, उम्र 18 वर्ष, पिछले लगभग एक महीने से उसी फैक्ट्री में काम कर रहा था। दोनों की नाइट शिफ्ट रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक रहती थी और वे प्रतिदिन एक साथ ड्यूटी जाते थे। शिकायतकर्ता ने बताया कि दिनांक शाम करीब 7:15 बजे जब वह ड्यूटी पर जाने लगा तो उसकी मोटरसाइकिल अचानक खराब हो गई। इस कारण वह अपने भतीजे सोहिल स्पलेंडर बाइक लेकर भतीजे दिपांशु के साथ काम पर निकला, जिसमें मोटरसाइकिल दिपांशु चला रहा था। सिर व कान में से बहने लगा खून शिकायतकर्ता के अनुसार शाम करीब 7:50 बजे जब वे गांव पजेटो में धरम पब्लिक स्कूल के सामने पहुंचे, तभी जगाधरी की ओर से एक अन्य मोटरसाइकिल तेज रफ्तार, गफलत और लापरवाही से गलत दिशा में आती हुई उनकी साइड में घुस गई और सीधी टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही दोनों मोटरसाइकिल सहित सड़क पर गिर गए। सड़क पर गिरने के कारण शिकायतकर्ता को दाहिनी टांग, दाहिनी बाजू तथा शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं, जबकि उसके भतीजे दिपांशु को सिर और कान की बाईं ओर गंभीर चोटें आईं और उसके सिर व कान से काफी खून बहने लगा। आरोपी बाइक छोड़ हुआ फरार शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने दुर्घटना के बाद दूसरी मोटरसाइकिल का नंबर देखा, जो HR-71-D-7265 था। वह मोटरसाइकिल भी स्प्लेंडर कंपनी की थी, जिसका रंग काला व नीला था। उक्त मोटरसाइकिल का चालक मौके पर ही अपनी मोटरसाइकिल छोड़कर फरार हो गया। हादसे के बाद मौके पर राहगीरों की भीड़ इकट्ठा हो गई और कुछ समय बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची, जिसने दोनों को उठाकर इलाज के लिए सिविल अस्पताल यमुनानगर पहुंचाया। शिकायतकर्ता ने आगे बताया कि अस्पताल में उसकी मरहम-पट्टी की गई, जिसके बाद उसे छुट्टी दे दी गई, जबकि उसके भतीजे दिपांशु को डॉक्टरों ने जांच के उपरांत मृत घोषित कर दिया।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:40 am

स्पा सेंटर की आड़ में चल रहा देह व्यापार:अलीगढ़ में दो सेंटरों पर छापा, बंगाल और नेपाल की युवतियां मिलीं; 14 गिरफ्तार

अलीगढ़ में स्पा-मसाज सेंटर की आड़ में चल रहे देह व्यापार के धंधे पर पुलिस ने रविवार शाम कार्रवाई की। समद रोड स्थित मंगलम कॉम्प्लेक्स में पहले और दूसरे माले पर संचालित दो स्पा सेंटरों पर संयुक्त टीम ने छापा मारकर सात युवतियों समेत कुल 14 लोगों को हिरासत में लिया है। मौके से कई आपत्तिजनक वस्तुएं भी बरामद की गई हैं। ग्राहक बनाकर भेजा था पुलिसकर्मी पुलिस को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि कॉम्प्लेक्स के पहले माले पर ‘क्लासिक’ और दूसरे माले पर ‘क्लाउड-7’ नाम से चल रहे स्पा सेंटरों में मसाज की आड़ में देह व्यापार कराया जा रहा है। अधिकारियों ने पहले एक पुलिसकर्मी को ग्राहक बनाकर भेजा। वहां मसाज के नाम पर अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और इसके लिए 2500 रुपए शुरुआती शुल्क लेने की जानकारी सामने आई। संचालक और 5 ग्राहक भी पकड़े पुख्ता सूचना मिलने के बाद सीओ तृतीय सर्वम सिंह, एसीएम दिग्विजय सिंह और सिविल लाइंस थाना प्रभारी विनोद कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों सेंटरों से कुल सात युवतियों को पकड़ा गया। इनमें कुछ बंगाल और नेपाल की बताई जा रही हैं। इसके अलावा ‘क्लाउड-7’ के संचालक पार्टनर संजय और उसका रिसेप्शनिस्ट भी हिरासत में लिया गया। वहीं, पांच ग्राहक भी मौके से पकड़े गए। आपत्तिजनक सामग्री बरामद तलाशी के दौरान दोनों सेंटरों में छोटे-छोटे कमरे बने मिले, जहां मसाज टेबल की जगह बेड लगाए गए थे। हर सेंटर में करीब छह-छह बेड थे। पुलिस ने मौके से कई संदिग्ध सामग्री और स्पा से जुड़े उत्पाद भी बरामद किए हैं। इसके बाद महिला थाना पुलिस को बुलाकर सभी को सिविल लाइंस थाने लाया गया। आरोपियों से हो रही पूछताछ कार्रवाई के दौरान क्लासिक सेंटर का एक कर्मचारी मौके से फरार हो गया। शुरुआती जांच में दोनों सेंटरों के लंबे समय से संचालित होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई में जुटी है। कुछ दिन पहले भी हुआ था खुलासा कुछ दिन पहले बन्नादेवी थाना क्षेत्र में भी पुलिस ने होटलों में चल रहे देह व्यापार के रैकेट का भंडाफोड़ किया था। वहां कई कमरों से युवक-युवतियां आपत्तिजनक हालत में पकड़े गए थे। पुलिस ने होटल संचालकों पर भी कार्रवाई की थी। आरोपियों पर होगी FIR सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि समद रोड पर दो स्पा सेंटरों पर देह व्यापार का धंधा चलते पाया गया है। मौके से सात युवतियां के अलावा एक स्पा सेंटर का संचालक, कर्मचारी और पांच ग्राहक पकड़े गए हैं। स्पा सेंटरों से आपत्तिजनक सामग्री भी मिली है। सभी का हिरासत में लिया है। पूछताछ के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:40 am

कैथल में झुनझुने को लेकर गर्माई राजनीति:विधायक हंस के समर्थन में आए सांसद जेपी, कहा-हर समय विधायक के साथ खड़े

कैथल में गुहला से कांग्रेस विधायक देंवेंद्र हंस द्वारा एसडीएम कैप्टन परमेश सिंह को झुनझुना देने का प्रयास करने का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। अब इस मामले के बाद कैथल की राजनीति गर्माई है। हिसार से सांसद जयप्रकाश जेपी अब विधायक देवेंद्र हंस के समर्थन में उतर आए हैं। सांसद जेपी ने कहा कि विधायक ने एसडीएम को झुनझुना देकर किसी सैनिक की भावना को आहत नहीं कियया। यह झुनझुना एक जन प्रतिनिधि द्वारा एक ऐसे अधिकारी को दिया गया है, जो जनप्रतिनिधि की कॉल तक रिसीव नहीं कर रहा था। उन्होंने कहा कि विधायक को जहां भी जरूरत होगी, वे साथ खड़े होंगे। सांसद जयप्रकाश ने कहा कि उन्हें पता चला था कि गुहला विधायक देवेंद्र हंस ने एसडीएम को झुनझुना दिया है। भले ही एसडीएम आर्मी कोटे से पद पर आए हैं, लेकिन इस समय वे सब डिवीजन मजिस्ट्रेट हैं। अगर कोई भी अधिकारी भ्रष्टाचार में शामिल पाया जाए तो उसका समर्थन नहीं करना चाहिए। बोले-अधिकारी काम नहीं करते तो झुनझुना ही बजाएं पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा एसडीएम का समर्थन करने के मामले पर उन्होंने कहा कि फाैजी का पद सम्मानित होता है। उन्होंने कहा कि एसडीएम का रवैया गलत था, क्योंकि उन्होंने विधायक के कॉल नहीं उठाए। जब सरकारी अधिकारी काम नहीं करेंगे तो एमएलए और एमपी तो उनको कहेंगे ही। झुनझुना देने का मायना बताते हुए सांसद जेपी ने कहा कि इसे अधिकारियों को देने का मतलब है कि अधिकारी काम तो करता नहीं, ऐसे में झुनझुना ले और इसे बजाता रहे। प्रशासनिक अधिकारी किसी जनप्रतिनिधि की बात न सुनें तो ये भी अपराध सांसद ने कहा कि जैसे बच्चों को कोई काम तो होता नहीं और परिवार के लोग उनको झुनझुना दे देते हैं। ताकि व इसे बजाता रहे और वे खुद काम कर लें। ऐसा ही काम अब सरकार में हो रहा है। विधायक ने लोगों को समझाने के लिए झुनझुना दिया है। किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए ऐसा नहीं किया गया। विधायक के खिलाफ एसडीएम द्वारा दी गई शिकायत पर उन्होंने कहा कि अगर कोई प्रशासनिक अधिकारी किसी जनप्रतिनिधि की बात न सुनें तो ये भी तो अपराध है। ये है मामला बता दें कि चीका के बीडीपीओ कार्यालय में दुकानों की लंबाई 12 से बढ़ाकर 25 फीट तक कर दी गई। इस संबंध में क्षेत्र के कुछ लोगों ने प्रशासन को शिकायत दी और विधायक के संज्ञान में भी मामला लाया गया। विधायक ने अधिकारियों को जांच के आदेश दिए। अधिकारियों द्वारा जांच के बाद विधायक को सूचना दी गई। इसके बाद विधायक बीडीपीओ कार्यालय में पहुंचे और एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विधायक को झुनझुना देने का प्रयास किया गया। अब इस मामले में एसडीएम द्वारा विधायक के खिलाफ शिकायत दी गई है। वहीं पुलिस मामले की जांच कर रही है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:40 am

12वीं पढ़ा युवक नशा तस्कर बना, दो साल बाद गिरफ्तार:रिश्तेदार के साथ मिलकर चला रहा था डोडा-अफीम का कारोबार, एएनटीएफ ने पकड़ा

12वीं तक पढ़ा-लिखा और कभी सामान्य जीवन जीने वाला एक युवक आखिरकार नशा तस्करी के आरोप में पुलिस के हत्थे चढ़ गया। परिवार की जिम्मेदारियों और जल्दी पैसा कमाने की चाह में गलत रास्ता अपनाने वाला यह युवक पिछले दो साल से फरार चल रहा था। चित्तौड़गढ़ से उसकी गिरफ्तारी के बाद साफ हो गया है कि पढ़ाई और काम के बावजूद गलत संगत किसी को भी अपराध की ओर ले जा सकती है। आरोपी पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से पुलिस की तलाश में था। ऑपरेशन न्यूनाल्प के तहत एएनटीएफ की कार्रवाई राजस्थान में मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे “ऑपरेशन न्यूनाल्प” के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने यह कार्रवाई की। एएनटीएफ की यह लगातार तीसरे दिन की कार्रवाई रही। एटीएस व एएनटीएफ के महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार ने बताया कि नशा तस्करी से जुड़े फरार आरोपियों के खिलाफ अभियान जारी है और लगातार दबिश दी जा रही है। इस कार्रवाई में एएनटीएफ मुख्यालय जयपुर और चित्तौड़गढ़ की टीम शामिल रही। कौन है गिरफ्तार किया गया इनामी आरोपी गिरफ्तार आरोपी की पहचान कमल उर्फ कमलेश पुत्र भैरूलाल गुर्जर, उम्र 29 वर्ष, निवासी लुहारिया थाना पारसोली जिला चित्तौड़गढ़ के रूप में हुई है। आरोपी एनडीपीएस एक्ट के एक गंभीर मामले में फरार था। उस पर बाड़मेर जिला पुलिस अधीक्षक की ओर से 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह राजस्थान और मध्यप्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में मादक पदार्थों की तस्करी करता था। काम की तलाश से नशा तस्करी तक पहुंचा आरोपी पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। पढ़ाई के बाद वह काम की तलाश में चित्तौड़गढ़ आया और लाइट फिटिंग का काम करने लगा। शादी के बाद खर्च बढ़ने और जल्दी पैसे कमाने की सोच के चलते वह गलत लोगों के संपर्क में आ गया। इसी दौरान उसका जुड़ाव नशा तस्करी से जुड़े लोगों से हुआ और धीरे-धीरे वह इस अवैध धंधे में शामिल हो गया। रिश्तेदार के साथ मिलकर शुरू किया अवैध धंधा जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अपने ही गांव के एक रिश्तेदार के संपर्क में आया, जो पहले से डोडा पोस्त और अफीम की तस्करी में सक्रिय था। उसी के साथ मिलकर आरोपी ने यह काम शुरू किया। दोनों चित्तौड़गढ़, बेगूं और मध्यप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों से मादक पदार्थ खरीदकर अन्य इलाकों में सप्लाई करते थे। इस काम से आरोपी को लगातार अवैध कमाई होती रही। कमाई इतनी की कि उसने अपनी एक होटल खोल ली और बड़ी-बड़ी गाड़ियां भी खरीद ली। एनडीपीएस मामले के बाद शुरू हुई फरारी साल 2024 में नागाणा थाना क्षेत्र में मादक पदार्थों से जुड़ा मामला सामने आया था। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज होने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। इसके बाद से वह अलग-अलग स्थानों पर छिपता रहा और पुलिस से बचता रहा। फरारी के दौरान भी उसने तस्करी का काम बंद नहीं किया। मधुवन कॉलोनी से की गई गिरफ्तारी एएनटीएफ को सूचना मिली थी कि आरोपी चित्तौड़गढ़ की मधुवन कॉलोनी में आता-जाता रहता है। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने निगरानी शुरू की। आरोपी के वहां पहुंचने की जानकारी मिलने पर टीम ने इलाके की घेराबंदी की। सुबह करीब 5 बजे जब आरोपी गाड़ी में बैठने की तैयारी कर रहा था, तभी उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ में जुटी पुलिस गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान नशा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई से संबंधित जानकारी मिल सकती है। एएनटीएफ ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों के खिलाफ आगे भी इसी तरह कार्रवाई जारी रहेगी।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:39 am

सरदार राव मर्डर में लॉरेंस कैसे हुआ बरी?:जांच में 9 कमियां छोड़ीं, कॉल डिटेल-पैसों का लेनदेन तक साबित नहीं कर पाई पुलिस, गवाह मुकरे

सीकर के चर्चित पूर्व सरपंच सरदार राव मर्डर केस में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को कोर्ट ने बरी कर दिया। 9 दोषियों को सजा सुनाई गई। कोर्ट ने कहा कि प्रॉसीक्यूशन (पीड़ित पक्ष के वकील) की ओर से पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं किए गए। ऐसे में साक्ष्यों के अभाव में लॉरेंस को बरी किया गया। 9 साल तक चले इस केस में पीड़ित पक्ष ने कुल 76 गवाहों के बयान और 235 दस्तावेज पेश किए थे। हत्याकांड का मास्टरमाइंड गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को ही बताया गया था। आरोप था कि उसी ने जेल में बैठकर इस हत्या की साजिश रची। फिर आखिर कौन से वो सबूत थे, जिन्हें पुलिस जुटा नहीं पाई और उसका फायदा लॉरेंस को मिला? भास्कर ने इस मामले में कोर्ट का 146 पेज का ऑर्डर पढ़ा, लॉरेंस की भूमिका और उसके सबूत की कमी से जुड़ा एक-एक फैक्ट जुटाया। पढ़िए- ये रिपोर्ट सबसे पहले जानते हैं सरदार राव मर्डर केस में चार्जशीट के अनुसार लॉरेंस बिश्नोई की भूमिका और आरोप क्या थे? अब वो आरोप, जिन्हें पुलिस साबित नहीं कर पाई और कमियां छोड़ीं 1. लॉरेंस से कोई फोन रिकवर नहीं हुआ, जिससे बात हुई हो लॉरेंस पर आरोप था कि उसने अजमेर जेल में बंद रहने के दौरान फोन के जरिए शूटर्स बुलवाए थे। पुलिस उससे फोन रिकवर नहीं कर पाई। फोन रिकवर होता तो यह अहम सबूत बन सकता था। 2. फोन नंबर लॉरेंस का, ये साबित नहीं हुआ लॉरेंस ने शूटरों से किस मोबाइल नंबर से बात की या संपर्क किया, शूटर पकड़े जाने के बाद भी कोई फोन नंबर ऐसा साबित नहीं हुआ, जिससे पता चले कि वह लॉरेंस का था। 3. एफएसएल की कोई भी रिपोर्ट पेश नहीं की गई किसी भी मर्डर में FSL अहम सबूत माना जाता है। अनुसंधान (जांच) अधिकारी ने इस मामले में FSL की रिपोर्ट पेश नहीं की, जिसमें साबित हो कि लॉरेंस और शूटरों के बीच किसी तरह की कोई बातचीत हुई हो। 4. लॉरेंस की वॉयस सैंपल रिकॉर्ड में ही नहीं लगाया 5. यतेंद्रपाल उर्फ टोपी की केस में भूमिका साबित नहीं हुई लॉरेंस के साथ इस मामले में यतेंद्रपाल उर्फ टोपी को सह अभियुक्त बनाया गया था। आरोप था कि यतेंद्रपाल उर्फ टोपी को लॉरेंस ने निर्देश दिए थे। लेकिन लॉरेंस बिश्नोई द्वारा शूटर्स को इंस्ट्रक्शन दिए गए हों या अपराध में मदद की हो, ऐसे कोई सबूत पेश नहीं किए गए। 6. हत्या के बदले पैसे की लेन-देन का सबूत नहीं कोर्ट के रिकॉर्ड में कोई ऐसे सबूत पेश नहीं किए गए, जिसमें यह तय हो कि लॉरेंस का सरदार राव की हत्या करने का कोई मोटिव था। 7. लॉरेंस के पास से पैसों की कोई रिकवरी नहीं हुई लॉरेंस ने यह हत्या पैसों के लिए की, इसका कोई सबूत पेश नहीं किया गया। लॉरेंस ने हरदेवाराम और उसके भतीजे सुभाष मूंड (सुभाष बराल) के साथ किसी प्रकार का पैसा लिया हो ऐसा कोई सबूत भी नहीं था। 8. सुभाष के साथ लॉरेंस का जेल में होने की थ्योरी कोर्ट ने नहीं मानी लॉरेंस का सरदार राव की हत्या करने का कोई मोटिव हो, ऐसा कोई साक्ष्य पुलिस नहीं जुटा पाई। चार्जशीट के अनुसार, वहां सुभाष बराल ने लॉरेंस को हत्या करवाने को कहा और लॉरेंस ने अपने शूटर को कॉल किया। लॉरेंस पक्ष के वकील के अनुसार यह आरोप इसलिए लगाया गया कि मर्डर के दौरान लॉरेंस अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में था और तब सुभाष बराल भी उसी जेल में बंदी था। कोर्ट के अनुसार दोनों का सेम टाइम पर एक जेल में होना लॉरेंस का इस हत्या में शामिल होना साबित नहीं करता। 9. जेल में लॉरेंस फोन पर बात करता था, गवाह मुकरा जांच अधिकारी ने बताया था कि अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल के हॉस्पिटल में सुभाष मूंड के कहने पर लॉरेंस ने योजना बनाई और शूटर भेजे। इसकी गवाही नर्सिंग ऑफिसर राजवीर ने दी थी। लेकिन नर्सिंग ऑफिसर राजवीर बाद में पक्ष द्रोही (मुकरा) घोषित हुआ। क्या था सरदार राव मर्डर केस? मामला 23 अगस्त 2017 का है। 9 साल पहले सीकर में राजनीतिक रंजिश के चलते पूर्व सरपंच सरदार राव को किराने कि दुकान में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मर्डर के लिए चार शूटर्स सीकर आए थे। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर चार्जशीट पेश की। चार्जशीट के अनुसार, इस मर्डर की पटकथा आनंदपाल गैंग के सुभाष बराल और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने अजमेर सेंट्रल जेल में लिखी थी। मर्डर की सुपारी देने वाला भी सुभाष बराल का चाचा हरदेवा राम था। सितंबर 2017 में जुराठड़ा ग्राम पंचायत में उप चुनाव होना प्रस्तावित था। इससे पहले जुलाई 2017 में वोटर लिस्ट में नए नाम जुड़वाने का काम चल रहा था। 28 जुलाई को सरदार राव और हरदेवा राम अपने-अपने लोगों के नाम जुड़वाने के लिए सीकर कलेक्ट्रेट की निर्वाचन शाखा पहुंचे थे। यहां हरदेवाराम और सरदार राव का आमना-सामना हुआ था। तब हरदेवा राम ने सरदार राव को धमकी दी थी- चुनाव से पहले तुम्हें देख लूंगा और मरवा दूंगा। हरदेवा राम ने अजमेर की हाई-सिक्योरिटी जेल में बंद अपने भतीजे और आनंदपाल गैंग के सदस्य सुभाष बराल को कॉल किया था। सुभाष बराल जेल में मोबाइल इस्तेमाल करता था। हरदेवा राम ने सरदार राव को रास्ते से हटाने की बात कही थी। तब सुभाष बराल ने जेल में रहते हुए ही सरदार राव को जान से मारने की प्लानिंग की थी। 9 साल सुनवाई, 13 जनवरी को दोषी करार कोर्ट ने 13 जनवरी को आरोपियों को दोषी करार दिया था। 22 जनवरी को इस केस में दोषियों को सजा सुनाई थी। कोर्ट ने सबूतों-गवाहों के आधार पर लॉरेंस और आरोपी यतेंद्र को दोषमुक्त कर दिया। 3 को आजीवन कारावास व 6 को दस-दस साल की सजा सुनाई गई। 14 को किया था गिरफ्तार, संपत नेहरा पर जांच पेंडिंग पुलिस ने मामले में सुपारी देने वाले हरदेवा राम, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, सुभाष मूंड उर्फ सुभाष बराल, ओमप्रकाश मूंड, सुनीत, भानू प्रताप, विजयपाल नागवा, शूटर अंकित व संपत नेहरा, शूटर भेजने वाला रविंद्र सिंह के अलावा मुकेश कुमार, कुलदीप उर्फ बोदू, नरेंद्र कुमार और यतेंद्र पाल को गिरफ्तार किया था। मामले में एक शूटर अंकित भादू का पहले ही पंजाब के मोहाली में एनकाउंटर हो गया था। संपत नेहरा और इस हत्याकांड के लिए गाड़ी व हथियार उपलब्ध करवाने वाला जग्गू भगवानपुरिया के खिलाफ 173(8) में जांच पेंडिंग है। विजयपाल नागवा, रेडी, रवींद्र, संपत नेहरा और जग्गू भगवान पुरिया (कुल 5 लोग) के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 173(8) में इन्वेस्टिगेशन पेंडिंग है। इन मामलों में भी लॉरेंस हो चुका है बरी लॉरेंस के वकील रघुनाथ राम सुला ने बताया- जोधपुर के शास्त्रीनगर थाना में दर्ज हुए मामले में अनमोल और हरेन्द्र से तलाशी में मोबाइल रिकॉर्डिंग मिली थी। उस मोबाइल में लॉरेंस की रिकॉर्डिंग भी थी, लेकिन सीकर वाले मामले में अनमोल और हरेन्द्र से कोई पूछताछ नहीं की गई थी। इस मामले में हरेन्द्र और लॉरेंस बिश्नोई के आपस में बात होने का आरोप लगाया गया, लेकिन जांच अधिकारी ने सबूत पेश नहीं किया। सबसे महत्वपूर्ण गवाह राजवीर पक्षद्रोही हो गया। ऐसे में लॉरेंस के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं होने पर संदेह का लाभ देकर बरी किया गया। खबर में सहयोग : सुरेंद्र माथुर, सीकर यह खबर भी पढ़ेंः गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई पूर्व सरपंच मर्डर केस में बरी:3 को उम्रकैद, 6 को 10-10 साल की सजा; दुकान में घुसकर गोलियों से भूना था

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:36 am

77वें गणतंत्र दिवस पर विधानसभा में भव्य समारोह:राज्यपाल आनंदीबेन पटेल रिकॉर्ड सातवीं बार लेंगी परेड की सलामी

देश के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधानसभा पर मुख्य राजकीय समारोह का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल रिकॉर्ड सातवीं बार गणतंत्र दिवस परेड की सलामी लेंगी। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशिष्ट रूप से मौजूद रहेंगे। उत्तर प्रदेश की थीम पर कई विशेष प्रस्तुतियां भी की जाएंगी। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के लिए यह सातवां अवसर होगा, जब वह गणतंत्र दिवस परेड की सलामी लेंगी। वर्ष 2019 में राज्यपाल पद की शपथ लेने के बाद से वह लगातार हर वर्ष विधानसभा परिसर में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में परेड की सलामी लेती रही हैं। इस बार भी परंपरा के अनुसार राज्यपाल राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद परेड का निरीक्षण करेंगी और सलामी लेंगी। सांस्कृतिक कार्यक्रम और विभागीय झांकियां होंगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी को इस समारोह में प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से खास माना जा रहा है। मुख्यमंत्री परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विभागीय झांकियों के साक्षी बनेंगे। झांकियों के माध्यम से प्रदेश की विकास योजनाओं, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सरोकारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। 22 जनवरी के रिहर्सल की 3 तस्वीरें देखिए... 9 राज्यों के कलाकार और 65 मार्चिंग टुकड़ियां शामिल जिलाधिकारी विशाख जी ने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह में देश के नौ अलग-अलग राज्यों से आए कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। इसके साथ ही सात स्थानीय सांस्कृतिक संगठनों की प्रस्तुतियां और संस्कृति विभाग द्वारा समन्वित विशेष मार्च भी कार्यक्रम में शामिल होगा।समारोह में सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक इकाइयों और लखनऊ जिले के स्कूलों से कुल 65 मार्चिंग टुकड़ियां भाग लेंगी, जो मुख्य आयोजन की भव्यता और अनुशासन को दर्शाएंगी। पुलिस परेड और विभागीय झांकियां रहेंगी मुख्य आकर्षण गणतंत्र दिवस समारोह में यूपी पुलिस, पीएसी और अन्य सुरक्षा बलों की परेड मुख्य आकर्षण होगी। इसके साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा तैयार की गई झांकियों के माध्यम से प्रदेश की उपलब्धियों, विकास कार्यों और सामाजिक संदेशों को प्रदर्शित किया जाएगा। स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम समारोह को भावनात्मक ऊंचाई देंगे। 3 जोन और 9 सेक्टर में बांटा गया परेड क्षेत्र गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर लखनऊ में अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। विधान भवन और परेड मार्ग के आसपास के क्षेत्रों को 3 जोन और 9 सेक्टर में विभाजित किया गया है। इन क्षेत्रों में एंटी-टेरर स्क्वॉड (ATS), पीएसी, आर्म्ड क्यूआरटी और नागरिक पुलिस की संयुक्त तैनाती की गई है। संवेदनशील और ऊंची इमारतों पर रूफ-टॉप ड्यूटी लगाई गई है, जबकि पूरे आयोजन क्षेत्र की ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए 24 घंटे निगरानी की जा रही है। चारबाग रेलवे स्टेशन, चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, प्रमुख बस स्टेशनों और मॉल में स्निफर डॉग और बम निरोधक दस्तों के साथ सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। 1343 पुलिसकर्मी, 3 पीएसी कंपनियां, 2 ATS टीमें मैदान में सुरक्षा व्यवस्था के तहत फील्ड डिप्लॉयमेंट में कुल 1343 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इनमें 3 पुलिस उपायुक्त, 5 अपर पुलिस उपायुक्त और 14 सहायक पुलिस आयुक्त शामिल हैं।इसके अलावा 55 निरीक्षक, 322 उप-निरीक्षक, 853 मुख्य आरक्षी व आरक्षी और 131 होमगार्ड सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। अतिरिक्त सुरक्षा के लिए 3 पीएसी कंपनियां, 2 एटीएस टीमें, 14 डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर, 2 बम निरोधक दस्ते, 1 एंटी-माइन टीम, फायर सर्विस और एलआईयू की टीमें भी तैनात की गई हैं। हजरतगंज-विधानसभा-चारबाग रूट पर भारी वाहनों की एंट्री रहेगी बंद परेड और मुख्य समारोह के दौरान यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए हजरतगंज, विधानसभा मार्ग और चारबाग की ओर जाने वाले मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। लखनऊ ट्रैफिक पुलिस द्वारा विस्तृत रूट डायवर्जन चार्ट जारी किया गया है। पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे समय से पहले वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और यातायात व सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें, ताकि गणतंत्र दिवस समारोह शांतिपूर्ण और गरिमामयी ढंग से संपन्न हो सके।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:33 am

गणतंत्र दिवस पर महिला सहित 9 कैदियों को मिलेगी आजादी:अच्छे आचरण के चलते ग्वालियर सेंट्रल जेल से होंगे रिहा; बाहर परिजन करेंगे स्वागत

ग्वालियर सेंट्रल जेल में एक बार फिर गणतंत्र दिवस के अवसर पर खुशी की लहर दौड़ने वाली है। जेल मुख्यालय के आदेश पर अच्छे आचरण के चलते एक महिला कैदी सहित 9 कैदियों को 26 जनवरी को रिहा किया जाएगा। जेल प्रशासन ने इन कैदियों के परिजनों को सूचना दे दी है और रिहाई की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। 77वें गणतंत्र दिवस के दिन जेल में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के बाद रिहा होने वाले कैदियों को भोजन कराया जाएगा। इसके बाद उन्हें शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानपूर्वक विदा किया जाएगा। जेल के बाहर उनके परिजन उनका बेसब्री से इंतजार करेंगे। केंद्रीय जेल में हर साल होती है ये परंपरा जेल अधीक्षक विदित सरवईया के अनुसार, इन कैदियों ने जेल में रहते हुए अपने साथी कैदियों की भी मदद की है। लंबे समय तक जेल में रहने के दौरान इन्होंने अपने व्यवहार से सभी को प्रभावित किया है। रिहाई के समय उनके साथी कैदी भी उन्हें भावभीनी विदाई देंगे। यह परंपरा हर साल की तरह इस साल भी जारी रहेगी, जिसमें अच्छे आचरण वाले कैदियों को गणतंत्र दिवस के अवसर पर रिहा किया जाता है। यह पहल कैदियों में सुधार और अच्छे व्यवहार को प्रोत्साहित करने का एक सकारात्मक कदम है। इन कैदियों को कल मिलेगी जेल से रिहाई, हत्या के अपराध में 14 साल की जेल काट चुके हैं सभी आरोपी

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:30 am

लखनऊ टुडे, 26 जनवरी- आपके काम की खबर:शहरभर में मनाया जाएगा गणतंत्र दिवस; मेगा रूट डायवर्जन रहेगा, प्लान देखिए

नमस्कार लखनऊ, मुस्कुराइए, आज 26 जनवरी, दिन सोमवार है... हम आपके लिए आज के इवेंट और आपसे जुड़ी काम की बातों को लेकर आए हैं। इसमें बता रहे हैं कि शहर में कहां और क्या-क्या हो रहा है। बिजली किन इलाकों में कटेगी, पानी किन इलाकों में नहीं आएगा। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट्स कहां हो रहे हैं। शहर का मौसम, सिटी का ट्रैफिक, सिनेमा, स्कूल-कॉलेज से जुड़ी जानकारियां भी हैं। पढ़िए क्या कुछ हैं, आपके काम की बातें... शहर में आपसे जुड़ी सुविधाएं और इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर- दैनिक भास्कर लखनऊ रिपोर्टिंग टीम से संपर्क करें-

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:30 am

अहमदाबाद रूट पर ब्लॉक, जोधपुर-दादर सहित 3 ट्रेनें डायवर्ट:सिग्नलिंग के काम से बदला रूट, 27 जनवरी को ट्रेनें होंगी प्रभावित

अहमदाबाद रेल मंडल पर चल रहे तकनीकी कार्य के कारण 27 जनवरी को जोधपुर से जुड़ी तीन ट्रेनें अपने निर्धारित रास्ते से नहीं चलेंगी। पश्चिम रेलवे ने सिग्नलिंग सिस्टम के काम के चलते इन गाड़ियों का रूट बदलने का फैसला किया है। सिस्टम अपग्रेडेशन का काम जोधपुर मंडल के सीनियर डीसीएम हितेश यादव ने बताया कि अहमदाबाद-वीरमगाम रेलखंड पर ब्लॉक लिया जा रहा है। यह ब्लॉक साबरमती ए केबिन और साबरमती जंक्शन के बीच ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम शुरू करने के लिए लिया गया है। इस कारण संचालन व्यवस्था में अस्थायी बदलाव किया गया है। ये ट्रेनें होंगी प्रभावित

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:30 am

युवराज मौत केस: फाइनल आग्र्यूमेंट खत्म, अगला कदम सीएम का:SIT रिपोर्ट पहुंचते ही होगा एक्शन, जिम्मेदारी तय होगी, 2–3 दिन में तय होगी कार्रवाई

युवराज मेहता की मौत के मामले में अब जांच लगभग अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी है। असली फैसला शासन स्तर पर होना है। रविवार दोपहर 12 बजे नोएडा प्राधिकरण, पुलिस और जिला प्रशासन ने अपने फाइनल आग्र्यूमेंट रख दिए। दो दिनों तक चले सवाल-जवाब और करीब 600 पन्नों के जवाबों के बाद अब एसआईटी दो से तीन दिन में अपनी अंतिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगी। SIT की रिपोर्ट केवल घटनाक्रम का ब्योरा नहीं होगी, बल्कि इसमें स्पष्ट रूप से यह बताया जाएगा कि किस स्तर पर चूक हुई और किसने फैसले लेने में लापरवाही बरती। यही रिपोर्ट मुख्यमंत्री के लिए कार्रवाई का आधार बनेगी। ऐसे संकेत हैं कि इस मामले में प्रशासनिक ढिलाई और सिस्टम फैलियर को हल्के में नहीं लिया जाएगा। दरअसल, यह मामला अब केवल एक जांच का नहीं, बल्कि सरकार की जवाबदेही से भी जुड़ गया है। युवराज की मौत के बाद उठे सवालों ने सिस्टम की कमजोरियों को उजागर किया है। ऐसे में मुख्यमंत्री के स्तर पर होने वाला फैसला यह संकेत देगा कि सरकार इस तरह की घटनाओं को लेकर कितनी सख्त है। सबसे अहम बात यह है कि जांच पूरी हो चुकी है, तर्क रखे जा चुके हैं और दस्तावेज जमा हो चुके हैं। अब न कोई सफाई बाकी है, न कोई बहाना। ऐसे में रिपोर्ट पहुंचते ही एक्शन की घड़ी शुरू होगी। युवराज की मौत के मामले में अब सबकी निगाहें इसी फैसले पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि यह मामला सिर्फ फाइलों तक सीमित रहता है या जिम्मेदारी तय होकर कार्रवाई तक पहुंचता है। सीएम तक पहुंचेगी पूरी चेन ऑफ फैलियरजांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि SIT रिपोर्ट में सिर्फ फील्ड स्टाफ नहीं, बल्कि निर्णय लेने वाली पूरी चेन का आकलन किया गया है। किस अधिकारी के पास कौन-सी जिम्मेदारी थी, किस वक्त कौन-सा फैसला लिया गया या टाला गया। इन सभी बिंदुओं को मुख्यमंत्री के सामने तथ्यों के साथ रखा जाएगा। इससे यह तय होगा कि कार्रवाई प्रतीकात्मक रहेगी या संरचनात्मक और सख्त होगी। एसआईटी नोएडा नहीं आई, लेकिन रिपोर्ट पर काम तेजहालांकि रविवार को एसआईटी की टीम नोएडा नहीं पहुंची, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि जांच की रफ्तार थमी है। टीम अब अंतिम चरण के मंथन में है और सभी विभागों के जवाबों का आपसी मिलान किया जा रहा है। जहां-जहां जवाबों में विरोधाभास है, उन्हें रिपोर्ट में अलग से चिह्नित किया जा रहा है, ताकि मुख्यमंत्री को साफ तस्वीर मिल सके। सीएम के फैसले से तय होगी कार्रवाई की सीमामुख्यमंत्री को सौंपी जाने वाली रिपोर्ट के बाद यह तय होगा कि कार्रवाई केवल विभागीय नोटिस और तबादलों तक सीमित रहेगी या निलंबन और दंडात्मक कदम भी उठाए जाएंगे। सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट में जिन अधिकारियों की भूमिका गंभीर लापरवाही के दायरे में पाई गई है, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की सिफारिश की जा सकती है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:28 am

तेरह महीने बाद एमपीपीएससी अभ्यर्थी फिर धरने पर:सड़क पर बैठे, पुलिस बोली- यातायात नहीं रोक सकते, ये हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन

अपनी दस सूत्री मांगों को लेकर एमपी पीएससी कार्यालय के सामने धरना दे रहे अभ्यर्थियों का चार दिवसीय धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। धरना 27 जनवरी तक किया जाएगा। नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन (NEYU) के संयोजक राधे जाट ने बताया कि गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को धरना स्थल पर संविधान का पाठ किया गया। वहीं आज सुबह झंडा वंदन भी किया जाएगा। जाट ने कहा कि हमारी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो हम 27 से आगे भी धरना देंगे। तेरह महीने पहले 18 से 23 दिसंबर 2024 जनवरी तक धरना दिया था। मुख्यमंत्री ने हमें चर्चा के लिए बुलाया लेकिन हमारी मांगें पूरी नहीं की। इसलिए इस बार हम हाई कोर्ट से अनुमति लेकर धरना दे रहे हैं। सड़क पर धरना देने बैठे तो पुलिस से हुज्जत पुलिस के मुताबिक धरना दे रहे स्टूडेंट को हाईकोर्ट से निर्देश हैं कि वे यातायात बाधित नहीं करेंगे, ताकि पिछली बार की तरह ट्रैफिक डायवर्ट करने की नौबत न आए। लेकिन रविवार को छात्रों की संख्या बढ़ने पर गार्डन और फुटपाथ पर धरना दे रहे स्टूडेंट सड़क तक आ गए। इसे लेकर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से उनकी बहस भी हुई। हालांकि स्टूडेंट ने कहा कि धरना पुलिस की निगरानी में दे रहे हैं। चारों ओर से आने-जाने वालों को कोई दिक्कत नहीं होने दे रहे हैं। 10 सूत्री मांगों को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन 27 जनवरी तक जारी रहेगा। धरने में कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहुंचे हैं, जिनमें छात्राएं भी शामिल हैं। अभ्यर्थियों ने आयोग परिसर के बाहर ही बिस्तर बिछा लिए हैं। अलाव जलाकर रात वहीं बिताई जा रही है। इस आंदोलन को अभ्यर्थियों ने ‘न्याय यात्रा 2.0’ नाम दिया है। जाट ने कहा कि पिछली बार के वादों से सीएम मुकर गए थे। लेकिन हमें जेल भेज दिया, केस भी दर्ज कर दिया। इससे बच्चों का सरकार से भरोसा टूटा है। अबकी बार विश्वासघात न हो इसकी हमारी पूरी तैयारी है। जाट ने आगे कहा कि हमारे धरने की बात सामने आने के बाद कोचिंग संचालकों ने जानबूझकर स्टूडेंट के टेस्ट रख लिए हैं, ताकि वे यहां शामिल नहीं हो सके। छात्रों को भी कई तरह से रोकने के प्रयास किये जा रहे हैं। लेकिन हम स्टूडेंट की मांगों को पूरा कराने के लिए अनिश्चितकालीन धरना जारी रखेंगे। रणजीत किसानवंशी, MPPSC अभ्यर्थी ने कहा कि वर्ष 2024 में उन्होंने बड़ा छात्र आंदोलन किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री और MPPSC प्रतिनिधियों से मुलाकात हुई, जहां मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया गया था। जुलाई में आयोग को रिमाइंड ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन इसके बाद उन पर एफआईआर दर्ज कर दी गई। अक्टूबर-नवंबर में दोबारा ज्ञापन दिया गया, फिर भी कोई समाधान नहीं हुआ।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:20 am

कैथल–पटियाला हाईवे फोरलेन बनने की उम्मीद:रद्द होने के बाद अब फिर 140 करोड़ का एस्टीमेट तैयार, XEN बोले-मंजूरी मिलते की काम शुरू होगा

कैथल में पहले रद्द हो चुके चीका-पटियाला स्टेट हाईवे के निर्माण को लेकर एक बार फिर उम्मीद जगी है। कैथल शहर के परशुराम चौक से लेकर चीका होते हुए टटियाना बॉर्डर तक इस मार्ग को फोरलेन किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इस सड़क की फोरलेनिंग के लिए करीब 140 करोड़ रुपए का एस्टीमेट तैयार किया है, जिसे मंजूरी के लिए विभाग के मुख्यालय भेज दिया गया है। यह मार्ग कैथल जिले से पंजाब में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों में से एक है। फोरलेनिंग कार्य को लेकर विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस एस्टीमेट को मंजूरी मिलने की संभावना है। मंजूरी मिलते ही सड़क निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस समय खराब है हाईवे की स्थिति जिले में इस समय हाईवे की स्थिति खराब है। इस पर बड़े व गहरे गड्‌ढे बने हुए हैं। लोक निर्माण विभाग ने इस सड़क का निर्माण साल 2023 के मध्य में करवाया था। इसके निर्माण पर करीब छह करोड़ रुपए खर्च किए गए थे। कैथल से चीका तक करीब 25 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर निर्माण के बाद विभाग ने देखरेख की जिम्मेदारी संबंधित निर्माण एजेंसी को दी, लेकिन बाद में इसकी कोई सुध नहीं ली गई। ऐसे में यह मार्ग आज बुरी तरह से टूटा और बदहाल है। यहां कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। हरियाणा को पंजाब से जोड़ने वाला मार्ग कैथल पटियाला स्टेट हाईवे हरियाणा को पंजाब से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग होने के कारण यहां से रोजाना हजारों की संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है। यह कैथल जिले के 80 से अधिक गांवों को पंजाब से जोड़ता है, जो कैथल से चीका होकर पंजाब के पटियाला में प्रवेश करता है। गांवों के लोगों की यहां से अपने कार्यों और खेतों में जाने के लिए रोजाना आवाजाही होती है। ऐसे में ये सभी लोग मार्ग सही न होने के कारण परेशानी झेल रहे हैं। एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय को भेजा- XEN लोक निर्माण विभाग के XEN वरुण कंसल ने बताया कि मार्ग के फोरलेनिंग कार्य के लिए 140 करोड़ रुपए का एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय को भेजा है। जल्द ही इसे अप्रूवल मिल जाएगी। उसके साथ ही इसकी कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:14 am

पद्मश्री पुरस्कार:अंतर्राष्ट्रीय भपंग वादक गफरुद्दीन मेवाती को मिलेगा पद्मश्री, 48 देशों में दे चुके हैं प्रस्तुति

कैथवाड़ा निवासी अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त भपंग वादक गफरुद्दीन मेवाती को पद्मश्री पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। जैसे ही केंद्र सरकार ने इसकी घोषणा की उनके गांव में जश्न का माहौल बन गया और इसे बृज मेवात क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि बताया गया। 26 सितम्बर 1962 को कैथवाड़ा में जन्मे गफरुद्दीन मेवाती भपंग वादन और पांडुक का कड़ा के लोकगायक है। पांडुक के कड़ा के एक मात्र कलाकार हैं। उन्हें इससे पहले राष्ट्रपति पुरस्कार के अलावा संगीत अकादमी का फैलोशिप सम्मान सहित अनेक राज्य स्तरीय पुरस्कार मिल चुके है। मेवाती ने भास्कर को बताया कि जब वे चार वर्ष के थे तो अपने पिता बुद्धसिंह जोगी के साथ गावो में जाकर अपनी शैली में विभिन्न हिंदू देवी देवताओं की पौराणिक कहानियां सुनाते थे। उनके पिता को सारंगी में महारत हांसिल थी। पांचवी तक शिक्षा गांव में पाने के बाद वे सीकरी पढ़ने आते थे क्लास 9 में स्कूल में हुए वार्षिकोत्सव में भपंग वादन की प्रस्तुति पर उन्हें पहला गोल्ड मेडल मिला इसके बाद उन्हें लगातार तीन गोल्ड मेडल मिले। उन्होंने बचपन से ही महाभारत, रामायण, भगवान श्री कृष्ण, शिवजी का ब्याहबला आदि का ज्ञान कर लिया और उसे भपंग के साथ सुनाने लगे।धीरे धीरे प्रसिद्धि बढ़ती गई और राज्य स्तर के कार्यक्रमों में बुलाया जाने लगा।उन्हें पाण्डुन का कड़ा के 2500 से अधिक दोहे याद है।वे रामायण को भी अपनी शैली में गाते है उनका कहना है कि मेवात में इसे लंका चढ़ाई के नाम से प्रसिद्धि मिली।इसके अलावा उन्होंने समाज को जागरूक करने के भी कई भजन गाए। गांव कैथवाड़ा में जश्न, पहली बार सीकरी में मिला था गोल्डमेडल 1992 में कनाड़ा में दी पहली प्रस्तुति गफरुद्दीन मेवाती अभी तक 48 देशों में अपनी प्रस्तुति दे चुके है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1992 में वे पहली बार कनाडा जाकर भपंग वादन करके आए थे।इसके बाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर का सिलसिला शुरु हो गया और फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, लंदन सहित कुल 48 देशों में जाकर इस कला को प्रस्तुत कर चुके है। राष्ट्रपति पुरस्कार से हो चुके सम्मानित मेवाती 2024 में राष्ट्रपति पुरस्कार प्रदान किया गया था। इसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान दिया था। इसके अलावा वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने उन्हें सम्मानित किया था। इसके अलावा 2024 में उन्हें संगीत अकादमी का फैलोशिप सम्मान भी मिल चुका है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:09 am

सोनीपत गणतंत्र दिवस पर मंत्री श्याम सिंह झंडा फहराएंगे:डिवीजन स्तर में 3 MLA को जिम्मेदारी; देशभक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे

सोनीपत में 77वें गणतंत्र दिवस पर जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सोनीपत की पुलिस लाइन में आज होने वाले मुख्य गणतंत्र दिवस समारोह में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा बतौर मुख्य मेहमान शिरकत करेंगे। वहीं सोनीपत की अलग-अलग डिवीजन स्तर पर स्थानीय विधायकों की जिम्मेदारी लगाई गई है। डीसी सुशील सारवान ने आमजन से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में पहुंचकर लोकतंत्र और संविधान के प्रति अपनी आस्था प्रकट करें तथा राष्ट्रीय पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाएं। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा करेंगे ध्वजारोहण डीसी सुशील सारवान ने बताया कि 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा सोनीपत में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में बतौर मुख्य मेहमान शिरकत करेंगे। इस दौरान वे राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे। मंत्री के कार्यक्रम का शेड्यूल मंत्री श्याम सिंह राणा द्वारा सबसे पहले युद्ध स्मारक पर शहीदों को 9:52 पर श्रद्धांजलि दी जाएगी। उसके बाद सोनीपत की पुलिस लाइन में 9:58 पर मंत्री का आगमन होगा। इसके बाद राष्ट्रीय ध्वज 10:00 बजे फहराया जाएगा। उसके बाद परेड का निरीक्षण होगा। वही 10:15 पर मंत्री अपना संबोधन शुरू करेंगे।वहीं इस दौरान स्वतंत्रता सेनानी और युद्ध वीरांगनाओं का सम्मान किया जाएगा। उपमंडल स्तर पर भी होंगे कार्यक्रमउन्होंने बताया कि जिले के सभी उपमंडलों में भी गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित किए जाएंगे। गोहाना उपमंडल में सोनीपत से विधायक निखिल मदान, उपमंडल खरखौदा में विधायक पवन खरखौदा तथा उपमंडल गन्नौर में विधायक देवेंद्र कादियान राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रम और झांकियां रहेंगी आकर्षण का केंद्रसमारोह के दौरान विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके अलावा विभिन्न विभागों की ओर से आकर्षक झांकियां निकाली जाएंगी, जो सरकारी योजनाओं, सामाजिक संदेशों और राष्ट्रीय मूल्यों को दर्शाएंगी।उत्कृष्ट कार्य करने वालों को मिलेगा सम्मानगणतंत्र दिवस समारोह के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, प्रतिभाशाली विद्यार्थियों, गणमान्य व्यक्तियों सहित अन्य विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा, ताकि समाज में सकारात्मक कार्यों को प्रोत्साहन मिल सके।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:09 am

भिवानी में आर्मी भर्ती 28 से:4 जिलों के 8800 युवा लेंगे भाग, जून-2025 में सीईई एग्जाम पास युवा शामिल

भिवानी के भीम स्टेडियम में 28 जनवरी से 12 फरवरी तक करीब 16 दिनों तक अग्निवीर भर्ती का आयोजन किया जाएगा। इस भर्ती प्रक्रिया में मुख्य रूप से जिला भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी के युवा भाग लेंगे। भर्ती में कुल करीब 8800 युवाओं के शामिल होने की संभावना है, जिनमें लगभग 2000 युवा प्रदेश के अन्य जिलों से भी होंगे। सेना भर्ती 2025-2026 के तहत अग्निवीर योजना और स्थायी श्रेणी में ऑनलाइन परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके उम्मीदवारों के लिए भीम स्टेडियम, भिवानी में शारीरिक दक्षता एवं मापदंड परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस दौरान अभ्यर्थियों का मेजरमेंट, दस्तावेज़ जांच, मेडिकल फिटनेस टेस्ट और दौड़ कराई जाएगी। इसके साथ ही युवाओं का ड्रग टेस्ट भी किया जाएगा। सेना भर्ती कार्यालय चरखी दादरी के निदेशक कर्नल के. संदीप ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया में भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी जिलों के युवाओं की प्रमुख भागीदारी रहेगी। कुल 8800 युवाओं के इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने की उम्मीद है, जिनमें करीब दो हजार युवा प्रदेश के अन्य विभिन्न जिलों से भी शामिल होंगे। इन पदों पर होगी भर्तीसेना भर्ती कार्यालय चरखी दादरी के अनुसार अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर क्लर्क, स्टोर कीपर टेक्निकल, अग्निवीर टेक्निकल और अग्निवीर ट्रेड्समैन में सामान्य प्रवेश परीक्षा पास कर चुके उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता एवं मापदंड परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड पर दिए गए निर्धारित समय के अनुसार भीम स्टेडियम में उपस्थित होना होगा। भर्ती में शामिल होने के लिए मूल दस्तावेजों के साथ-साथ एडमिट कार्ड भी अपने साथ लेकर आना होगा। सीईई परीक्षा पास युवा होंगे शामिल जून 2025 में जिन प्रार्थियों ने सीईई परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की, वे प्रार्थी ज्वाइनइंडियनआर्मी.एनईसी.इन से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड करके निर्धारित स्थान व समय पर पहुंचकर शारीरिक दक्षता और मापदंड परीक्षा में भाग ले सकते हैं। शारीरिक दक्षता और मापदंड परीक्षा में पास होने वाले प्रार्थियों को अगले चरण में शामिल किया जाएगा। जिन उम्मीदवारों ने एक या एक से अधिक श्रेणियों में पंजीकरण किया है और सामान्य प्रवेश परीक्षा पास की है, उनके लिए एक ही बार दौड़ में भाग लेने की अनुमति होगी। ऐसे उम्मीदवारों के लिए एक ही एडमिट कार्ड मिलेगा, जिसमें सभी श्रेणियों को दर्शाया गया है। ये दस्तावेज होंगे जरूरी सभी उम्मीदवार अपने साथ दस्तावेज का सत्यापन करने के लिए 10वीं व 12वीं पास की मार्कशीट, ऑनलाइन निवास प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र, पुलिस वेरिफिकेशन, एनसीसी, खेल प्रमाण पत्र, सेना से संबंधित प्रमाण पत्र जैसे रिलेशन सर्टिफिकेट और एडमिट कार्ड व अन्य सभी जरूरी दस्तावेज साथ लेकर आना होगा। इसकी सूचना लिखित परीक्षा में सफल हुए उम्मीदवारों के पंजीकृत ईमेल आईडी पर भी भेजी गई है। डीसी ने लगाई अधिकारियों की ड्यूटी भिवानी डीसी साहिल गुप्ता ने भी सेना भर्ती को लेकर अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। भर्ती प्रक्रिया के दौरान बिजली, पानी, सफाई व्यवस्था, परिवहन व्यवस्था और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। भर्ती में शामिल होने वाले युवाओं को भीम स्टेडियम तक आने-जाने के लिए बस स्टैंड या रेलवे स्टेशन तक बस सुविधा प्रदान की जाएगी। स्टेडियम में निर्बाध रूप से बिजली और पेयजल की आपूर्ति रहेगी। सफाई व्यवस्था का जिम्मा नगर परिषद को दिया है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:06 am

जोड़बीड़ कंजर्वेशन रिजर्व ‘की बायोडायवर्सिटी एरिया’ घोषित:रशियन रेप्टर्स रिसर्च नेटवर्क के डायरेक्टर ईगोर ने देखी साइट, भारतीय विशेषज्ञों के साथ रिसर्च करेंगे

पक्षियों और उनके आवासों के संरक्षण के लिए समर्पित 120 से अधिक देशों की एक प्रमुख वैश्विक साझेदारी संस्था बर्ड लाइफ इंटरनेशनल ने जोड़बीड़ कंजर्वेशन रिजर्व को “की बायोडायवर्सिटी एरिया’’ घोषित किया है। बीकानेर में बर्ड टूरिज्म की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण और उत्साहजनक कदम माना जा रहा है। बर्ड लाइफ इंटरनेशनल की ओर से इंपॉर्टेंट बर्डिंग एरिया (आईबीए) के साथ की बायोडायवर्सिटी एरिया (केबीए) घोषित करने से जोड़बीड़ कंजर्वेशन रिजर्व की अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर पहचान कायम हो गई है। 56.47 वर्ग किमी में फैली एशिया की सबसे बड़ी ओपन डंपिंग साइट पर इन दिनों विभिन्न प्रजातियों के करीब 9 हजार प्रवासी शिकारी पक्षियों का जमावड़ा होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इन्हें देखने के लिए चार महीने में लगभग 700 टूरिस्ट आ चुके हैं। कजाकिस्तान से जीपीएस और सेटेलाइट टैगिंग कर छोड़े गए वल्चर्स भी यहां देखे गए हैं। गौरतलब है कि जोड़बीड़ कंजर्वेशन रिजर्व (गाढ़वाला) बीकानेर जिले में स्थित एक प्रमुख संरक्षित क्षेत्र है। मृत पशुओं की ओपन डंपिंग साइट होने के कारण यह विशेष रूप से गिद्धों और शिकारी पक्षियों के भोजन का मुख्य स्रोत है। 25 नवंबर 2008 को इसे अधिसूचित किया गया था। विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों की संख्या (अनुमान) ट्रांजैक्ट मेथड से वल्चर्स, रेप्टर्स की गणना पूरी जोड़बीड़ गिद्ध संरक्षित क्षेत्र में ट्रांजेक्ट मेथड से वल्चर्स और रेप्टर्स की गणना पूरी हो गई है। वन विभाग, बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी और डूंगर कॉलेज के प्राणीशास्त्र विभाग ने संयुक्त रूप से दो दिन में यह गणना की है। डीएफओ वाइल्ड लाइफ संदीप छालानी ने बताया कि इसके आंकड़े कंपाइल किए जा रहे हैं। ऐसी ही गणना फरवरी और मार्च में भी होगी, जिससे पक्षियों की स्थिति की जानकारी पुख्ता की जा सकेगी। ट्रांजैक्ट मेथड से वल्चर्स, रेप्टर्स की गणना पूरी हो गई है। आंकड़े कंपाइल किए जा रहे हैं। जोड़बीड़ को केबीए साइट घोषित कर दिया गया है, लेकिन विभाग के पास इसकी अधिकृत सूचना नहीं है। -संदीप छालानी, डीएफओ, वाइल्ड लाइफ भास्कर एक्सपर्ट- डॉ. दाऊलाल बोहरा जोड़बीड़ में मिलती हैं संकटग्रस्त प्रजातियां : जोड़बीड़, बीकानेर (IBA) ग्लोबल A1 / KBA 46934) संरक्षण के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है। यह ग्लोबल A1 मानदंड के तहत एक महत्वपूर्ण पक्षी और जैव विविधता क्षेत्र (IBA) के रूप में योग्य है, क्योंकि यहां कई विश्व स्तर पर संकटग्रस्त शिकारी पक्षी और अन्य पक्षियों की प्रजातियां नियमित रूप से पाई जाती हैं, खासकर प्रजनन न करने और सर्दियों के मौसम में। मुख्य जैव विविधता क्षेत्र (KBA) 46934 के रूप में मान्यता प्राप्त, जोड़बीड़ अपने छोटे से क्षेत्र के बावजूद, भोजन खोजने, आराम करने और इकट्ठा होने के लिए एक महत्वपूर्ण आवास के रूप में काम करता है। वैश्विक क्षेत्रीय स्तर पर संकटग्रस्त पक्षियों की प्रजातियों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:05 am

इंदौर में आज गणतंत्र दिवस समारोह:सुबह 9 बजे उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा करेंगे ध्वजारोहण

इंदौर में गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह आज सुबह 9 बजे नेहरू स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। समारोह में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ध्वजारोहण करेंगे। कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह और कलेक्टर शिवम वर्मा ने नेहरू स्टेडियम पहुंचकर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं राष्ट्रीय पर्व की गरिमा और सुरक्षा मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं। इस दौरान नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह, आरके सिंह, अपर कलेक्टर पवार नवजीवन विजय, रोशन राय, रिंकेश वैश्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। विभिन्न प्लाटूनों ने बैंड की धुन पर मार्च पास्ट का अभ्यास किया, वहीं स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी रिहर्सल हुआ। झांकियां और मार्च पास्ट रहेंगे आकर्षणसमारोह में परेड के साथ राज्य शासन की योजनाओं, कार्यक्रमों और उपलब्धियों पर आधारित झांकियां निकाली जाएंगी। परेड का नेतृत्व सहायक पुलिस आयुक्त कुंदन मंडलोई करेंगे, जबकि उनका अनुकरण टीयूआईसी सूबेदार राजू सांवले करेंगे। परेड में आरएपीटीसी, विशेष सशस्त्र बल की विभिन्न वाहिनियां, जिला पुलिस (पुरुष-महिला), होमगार्ड, यातायात पुलिस, एनसीसी, स्काउट-गाइड, रेडक्रॉस, एसपीसी और सृजन दल सहित कई प्लाटून शामिल होंगे। समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों और संस्थाओं को सम्मानित भी किया जाएगा। गणतंत्र दिवस को लेकर शहर में हाई अलर्ट, मॉल-होटल में सघन तलाशीगणतंत्र दिवस के मद्देनजर इंदौर शहर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS) और डॉग स्क्वॉड ने क्षेत्रीय थाना स्टाफ के साथ शहर के प्रमुख मॉल, होटल और लॉज में सघन तलाशी अभियान चलाया। टीम ने सेंट्रल मॉल सहित अन्य व्यवसायिक परिसरों में दुकानों, पार्किंग और खड़े वाहनों की बारीकी से जांच की। इस दौरान डीसीपी जोन-3 राजेश व्यास और एसीपी तुषार सिंह मौके पर मौजूद रहे और पूरे अभियान की निगरानी करते रहे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गणतंत्र दिवस के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए शहर के सभी सार्वजनिक स्थलों पर इसी तरह की सघन जांच आगे भी जारी रहेगी। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या वस्तु की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:05 am

खेल विभाग को नहीं पता हरियाणवी समर ओलिंपियन की डिटेल:खेल प्रेरक की RTI में खुलासा-गलत जानकारी भेजी तो अब पहुंचे फर्स्ट अपील

हरियाणा खेल विभाग के पास अपनी समर ओलिंपियन की सही जानकारी नहीं है। रोहतक के खेल प्रेरक राजनारायण पंघाल ने विभाग से उनकी जानकारी मांगी तो उन्हें गलत व अधूरी जानकारी भेजी गई। जिस पर पंघाल अब फर्स्ट अपीलीय अधिकारी के पास पहुंच गए हैं।रोहतक निवासी राजनारायण पंघाल ने हरियाणा गठन से अब तक समर ओलिंपिक में हिस्सा लेने वाले हरियाणवी खिलाड़ियों की जानकारी मांगी थी। इसके अलावा प्रदेश के भीम अवॉर्डी और अर्जुन अवॉर्डी उन खिलाड़ियों की सूची भी मांगी, जो ओलिंपिक में हिस्सा ले चुके हैं तथा बिना ओलिंपिक में हिस्सा लिए ही जिन्हें ये अवॉर्ड मिल चुके हैं। विभाग के अधिकारी राजनारायण के सवाल ही नहीं समझ पाए। उन्होंने जिन खेलों में समर और ओलिंपिक शब्द जुड़े हुए थे, उनसे जुड़ी जानकारी पंघाल को उपलब्ध करवा दी। जो कि पूरी तरह से गलत है। गलत जानकारी मिलने के बाद अब पंघाल फर्स्ट अपीलीय अधिकारी जॉइंट डायरेक्टर खेल विभाग पंचकूला के पास पहुंच गए हैं। जहां पर उन्हें 20 जनवरी की डेट मिली थी, उस पर मौसम खराब के चलते वीसी के जरिए सुनवाई की मांग रखी थी, जिस पूरा नहीं किया गया। अब उन्हें आगामी डेट विभाग की ओर से दी जाएगी। 3 प्वाइंट में समझिए समर ओलिंपिक,भीम व अर्जुन अवार्ड... RTI मांगने वाले पंघाल कौन... पंघाल बोले: होना चाहिए पूरा रिकॉर्ड डिजिटल राजनारायाण पंघाल ने कहा कि हरियाणा खेलों में अग्रणी प्रदेश है। केंद्र सरकार हर चीज को डिजिटल करने पर फोकस कर रही है। ऐसे में हरियाणा के खेल विभाग को भी खेल से जुड़ी जानकारी को अपनी वेबसाइट पर अपडेट करना चाहिए। इसमें ओलिंपिक गेम्स, हरियाणा के ओलिंपियन, भीम अवॉर्डी विजेता, अर्जुन अवॉर्ड विजेता व खेल रत्न पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों की सूची उपलब्ध हो, जिससे कि वो अभिभावक परेशान न हों, जो अपने बच्चों को खेल की दुनिया में आगे बढ़ाना चाहते हैं।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:04 am

अफसर बोले- लेन-देन कर मामला खत्म करो, मैंने मना किया:हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने कैसे पकड़ा 26 टन गो–मांस, उस रात की पूरी कहानी

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 26 टन गौ-मांस की तस्करी के मामले ने पूरे प्रशासनिक अमले को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। इस मामले के मुख्य आरोपी असलम चमड़ा को आखिरकार पुलिस ने रिमांड पर ले लिया है और उससे यह जानने की कोशिश कर रही है कि 260 गायों के बराबर यह मांस आखिर आया कहां से? इस गिरफ्तारी से ज्यादा चौंकाने वाली कहानी उस रात की है, जब इस पूरे खेल का पर्दाफाश हुआ। जब जय भवानी हिन्दू संगठन के अध्यक्ष भानू हिन्दू और उनकी टीम ने अपनी जान पर खेलकर गौ-मांस से भरे कंटेनर को रोका, और फिर सिस्टम के झूठ से पूरी रात और अगले 20 दिन तक लड़ाई लड़ी। पहली बार, इस पूरे घटनाक्रम के मुख्य सूत्रधार भानू हिन्दू के शब्दों में उस रात की सिलसिलेवार कहानी पढ़िए। कई दिनों से थी सूचना, 17 दिसंबर की रात बजा फोनइस पूरे खेल को उजागर करने वाले भानू हिन्दू ने भास्कर रिपोर्टर को बताया, हमें काफी दिनों से भोपाल के जहांगीराबाद स्थित स्लॉटर हाउस से बड़े पैमाने पर गो-मांस की सप्लाई होने की खुफिया सूचनाएं मिल रही थीं। हमें यह भी बताया गया था कि असलम चमड़ा नाम का शख्स शहर में मृत गायों को उठाने की आड़ में एक बड़ा सिंडिकेट चला रहा है और उनका मांस अवैध रूप से सप्लाई कर रहा है। हम लगातार इस पर नजर बनाए हुए थे। वह बताते हैं, 17 दिसंबर 2025 की रात करीब 10 बजे थे। मेरे फोन की घंटी बजी। मेरे एक मुखबिर ने सूचना दी कि ट्रक नंबर (UP78-CT-7221) स्लॉटर हाउस के अंदर खड़ा है और उसमें गौ-मांस के पैकेट लोड किए जा रहे हैं। सूचना पक्की थी। नो-एंट्री खुलने का इंतजार और ट्रक का पीछाभानू हिन्दू के अनुसार, उनका अंदाजा बिल्कुल सटीक था। ट्रक के संचालक शहर में भारी वाहनों के लिए नो-एंट्री खुलने का इंतजार कर रहे थे, जो रात 11 बजे खुलती है। ठीक 11 बजे के आसपास ट्रक स्लॉटर हाउस से रवाना हुआ। मेरे साथियों ने तुरंत मुझे इसकी जानकारी दी। ट्रक आयकर भवन से होते हुए जिला कोर्ट वाली रोड पर आया और वहां से पुलिस कंट्रोल रूम तिराहे की ओर बढ़ने लगा। तब तक मैंने अपने सभी साथियों को इकट्ठा कर लिया था। मैं अपनी बाइक से तेजी से महिला थाने के सामने पहुंचा और बीच सड़क पर बाइक लगाकर ट्रक को रोकने का इशारा किया। मैंने यह भी देखा कि दो लोग बाइक पर ट्रक को पायलट कर रहे थे, यानी उसे रास्ता दिखा रहे थे। लेकिन जैसे ही उन्होंने मुझे देखा, वे बाइक घुमाकर भाग निकले। मेरा शक और गहरा हो गया। CM के काफिले का बहाना और पुलिस का ड्रामाजैसे ही ट्रक रुका, भानू ने ड्राइवर से पूछा,इसमें क्या है? ड्राइवर ने आत्मविश्वास से जवाब दिया, बफेलो मीट है। भानू ने कहा, मुझे पक्की खबर है कि इसमें गाय का मांस है। यह सुनते ही ड्राइवर ने कुछ कागजों से भरा एक लिफाफा उनकी ओर बढ़ा दिया। इसी बीच एक अप्रत्याशित मोड़ आया। उस समय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का काफिला वहां से गुजरने वाला था, जिसके कारण सड़क पर भारी पुलिस बल और चेक पॉइंट्स लगे हुए थे। ट्रक रुकते ही पुलिसकर्मी दौड़कर वहां आए। भानू बताते हैं, पुलिसवालों ने मुझसे कहा कि सीएम साहब का काफिला गुजरने वाला है, जल्दी से यहां से ट्रक हटवाएं, रास्ता जाम मत करो। वे ट्रक को वहां से जल्द से जल्द रवाना करना चाहते थे। लेकिन मैं ट्रक के सामने अड़ा रहा और उसके बम्पर पर लटक गया। मैंने कहा कि जब तक इसकी जांच नहीं होगी, मैं इसे जाने नहीं दूंगा। अफसर बोले- यह तो बफेलो मीट है, शक कैसे कर सकते हैं?मामला बढ़ता देख और भीड़ को इकट्ठा होता देख, प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। रात के लगभग 3 बजे, प्रशासन के कहने पर पशु चिकित्सकों की एक टीम को मौके पर बुलाया गया। लेकिन यहां से शुरू हुआ झूठ और मामले को दबाने का असली खेल। भानू के अनुसार, टीम ने आते ही कह दिया कि उनके पास सैंपल लेने के लिए आवश्यक उपकरण और टीम नहीं है। उन्होंने बस दूर से देखकर ही फौरी तौर पर इसे 'बफेलो मीट' बता दिया, लेकिन भवानी संगठन के कार्यकर्ता अपनी मांग पर अड़े रहे। उनका स्पष्ट कहना था कि जब तक मांस का सैंपल लेकर लैब में जांच नहीं हो जाती, वे एक इंच भी नहीं हटेंगे। पूरी रात कड़ाके की ठंड में कार्यकर्ता ट्रक की घेराबंदी करके जागते रहे। अगले दिन सुबह करीब 10:30 बजे नगर निगम की एक टीम मौके पर पहुंची। निगम की एक वरिष्ठ अधिकारी ने कार्यकर्ताओं पर ही सवाल उठा दिए। भानू ने बताया, निगम की अफसर ने हमसे कहा कि आप इस ट्रक को कैसे रोक सकते हैं? यह तो नगर निगम के आधिकारिक स्लॉटर हाउस से निकला है। इस पर संदेह का कोई आधार ही नहीं है। 20 दिन बाद रिपोर्ट और गुपचुप FIR भारी दबाव के बाद आखिरकार मांस के सैंपल लिए गए। भानू को बताया गया कि रिपोर्ट 3 दिन में आ जाएगी। लेकिन यह इंतजार 3 दिन की जगह 20 दिन लंबा हो गया। भानू बताते हैं, मैं लगभग हर दिन अरेरा हिल्स थाने जाकर पूछता था कि रिपोर्ट कब आएगी, लेकिन मुझे कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता था। हर बार मुझे टाल दिया जाता था। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि 20 दिन बाद जब रिपोर्ट आई और उसमें गौ-मांस होने की पुष्टि हुई, तब भी पुलिस ने शिकायतकर्ता भानू हिन्दू को इसकी जानकारी नहीं दी। पुलिस ने गुपचुप तरीके से FIR दर्ज की और आरोपियों की गिरफ्तारी भी कर ली। भानू कहते हैं, हमें हमारे सूत्रों से पता चला कि रिपोर्ट पॉजिटिव आई है और FIR भी हो गई है। बीच का रास्ता निकाल लो, लेन-देन कर लोभानू हिन्दू ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जिस रात उन्होंने ट्रक को रोक रखा था, उस दौरान कुछ अधिकारियों ने उन पर मामला रफा-दफा करने का दबाव बनाया। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा, मुझसे कहा गया कि बीच का रास्ता निकालकर ट्रक को जाने दें। कुछ लेन-देन करके मामला खत्म करने की भी पेशकश की गई। लेकिन, मैंने साफ इनकार कर दिया। यह हमारी आस्था का सवाल था, हम सौदा नहीं कर सकते थे। स्लॉटर हाउस बंद होने के बाद अब आदमपुर पर नजरइस बड़ी कार्रवाई के बाद जहांगीराबाद स्थित नगर निगम का स्लॉटर हाउस बंद कर दिया गया है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह नेटवर्क इतना बड़ा है कि यह अब अपना नया ठिकाना तलाश रहा है। ऐसी आशंका है कि अब यह अवैध कारोबार आदमपुर या शहर के बाहरी इलाकों में शिफ्ट हो सकता है, जहां निगरानी कम हो। फिलहाल, असलम चमड़ा पुलिस की गिरफ्त में है और कई और बड़े नामों के उजागर होने की उम्मीद है। लेकिन यह मामला सिर्फ गौ-तस्करी का नहीं है, बल्कि यह उस सिस्टम पर भी एक बड़ा सवाल है, जो व्हिसलब्लोअर को सहयोग देने के बजाय, झूठ बोलकर और जानकारी छिपाकर अपराधियों को बचाने की कोशिश करता नजर आया। ये खबर भी पढ़ें..... पुलिस, डॉक्टर, नगर निगम सभी गो-तस्कर के आगे सरेंडर:260 गायों का मांस बफेलो-मीट मानकर छोड़ा, असलम चमड़ा से पूछताछ से डर गए अफसर राजधानी भोपाल के सरकारी स्लॉटर हाऊस के ट्रक से गोमांस पकड़े जाने के बाद नगर निगम और पुलिस ने भले ही मामले की जांच शुरू कर दी है। लापरवाही बरतने वाले अफसरों को सस्पेंड कर दिया हो, लेकिन इस पूरे मामले में नगर निगम, पुलिस और डॉक्टरों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:02 am

लुधियाना के जगराओं में 92 वर्षीय बुजुर्ग की जटिल सर्जरी:बुजुर्ग के गुर्दे में थी 85MM की फूल जैसी पथरी, ऐज फेक्टर था बड़ा चैलेंज

लुधियाना के जगराओं में सुखवीन अस्पताल में डॉक्टरों ने एक जटिल सर्जरी की। 92 साल का एक बुजुर्ग पेट में दर्द और यूरिन पास न होने की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचा। डॉक्टरों ने बुजुर्ग का चेकअप किया तो पता चला कि उसके गुर्दे में 85 MM की फूल जैसी पथरी फंसी है। पथरी की वजह से बुजुर्ग का यूरिन पास नहीं हो पा रहा। डॉक्टरों के मुताबिक बुजुर्ग का यूरिन ब्लेडर पूरी तरह से भरा था और वो किसी भी समय फट सकता था। ऐसे में बुजुर्ग की सर्जरी करने के अलावा कोई चारा नहीं था। अस्पताल के डॉक्टरों ने बुजुर्ग की ओपन सर्जरी करने का फैसला किया। यूरोलॉजिस्ट डॉ दिव्यांशु ने बताया कि ऑपरेशन से पहले के प्रोटोकॉल पूरे किए गए। बीपी, हार्ट रेट चेक किए तो ऐज के मुताबिक ठीक पाए गए। फिर मरीज की कंसेंट ली गई और सर्जरी शुरू की। करीब पौने घंटे तक सर्जरी चली और मरीज के गुर्दे से पथरी निकाल दी गई। पहली बार निकाली इतनी बड़ी पथरी डॉ दिव्यांशु का कहना है कि उन्होंने इससे पहले कभी इतनी बड़ी पथरी नहीं निकाली। इससे पहले वो 30MM तक की पथरी निकाल चुके हैं। उन्होंने बताया कि सामान्यतः: लाेग 10 एमएम से ऊपर की पथर निकाल देते हैं। बुजुर्ग गरीब थे तो वो 15 साल से पथरी लेकर चल रहे थे। राम रतन 15 साल से जूझ रहे थे बुजुर्ग राम रतन सिंह अयाली कलां के रहने वाले थे। वो 15 साल से पथरी के दर्द से जूझ रहे थे। गरीबी के कारण वो समय पर इसकी जांच नहीं करवा सके और दवाइयों के सहारे काम चलाते रहे। पथरी बढ़ती गई और अब करीब 1 महीने से यूरिन पास होने में दिक्कत हो रही थी। तब जाकर वो अस्पताल में पहुंचे। आयुष्मान योजना के तहत कवर हैं बुजुर्ग डॉ. दिव्यांशु गुप्ता ने बताया कि राम रतन सिंह आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत कवर थे, जिसमें उन्हें सालाना 5 लाख रुपए का हेल्थ कवर था। अब उनकी इंश्योरेंस MMSBY में अपग्रेड हो गई है। ऐसे में बुजुर्ग की इस सर्जरी में उनका एक भी पैसा नहीं लगा। बुजुर्ग की सर्जरी इन तीन कारणों से थी जटिल, जानिए ऐज फैक्टर: डॉ दिव्यांशु ने बताया कि बुजुर्ग का ऐज फैक्टर सबसे बड़ी चुनौती थी। 92 साल की उम्र में सर्जरी करना डॉक्टरों के लिए बेहद मुश्किल हो जाता है। बीपी, शुगर और हार्ट रेट मेंटेन रखना इस उम्र में बेहद मुश्किल हो जाता है। ऑपरेशन से पहले बुजुर्ग के टेस्ट किए तो वो सर्जरी प्रोटोकॉल में थे। पथरी का साइज: डॉ दिव्यांशु बताते हैं कि इस सर्जरी में दूसरी बड़ी चुनौती पथरी का साइट था। उन्होंने बताया कि इतनी बड़ी पथरी को दूरबीन से रिमूव करना संभव नहीं था। इसे न ही यूरिन पाइप के जरिए रिमूव किया जा सकता था। ओपन सर्जरी के अलावा कोई रास्ता नहीं था। एनेस्थिसिया के बाद होश में लाना: डॉ का कहना है कि इस उम्र में एनेस्थिसिया की डोज देने के बाद उन्हें वापस होश में लाना तीसरी बड़ी चुनौती होती है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन करने के बाद बुजुर्ग को लगातार टीम ने ऑब्जर्व किया और कुछ देर बाद वो होश में आ गए। शाम तक वो बातें करने लग गए।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:02 am

कानपुर की कल की 10 बड़ी खबरें, VIDEO में:IPS बनकर ठगने वाले अरेस्ट, अजय राय बोले- CM झूठ बोल रहे; 9 सेकेंड में पहलवान को पटका

नमस्कार, कानपुर में कल (रविवार) की बड़ी खबरें… शहर में इंटरनेशनल दंगल हुआ। इसमें नेशनल मेडलिस्ट रोहतक की तन्नू और सोनीपत की शीतल आमने-सामने उतरीं। तन्नू ने सिर्फ 9 सेकेंड में शीतल को चित कर दिया। इसके अलावा, हरियाणा की स्वीटी ने रोहतक की कल्याणी को 30 सेकेंड में पटखनी दी। दंगल में पहलवान साक्षी मलिक भी पहुंची थीं। जाजमऊ क्षेत्र में टेनरी की लाइन टूटने से सड़क पर पानी भर गया। इससे कीचड़ हो गया। इससे वहां से गुजर रहे बाइक और स्कूटी सवार फिसलकर गिर रहे हैं। वहीं इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर एक युवक ने 16 साल की किशोरी से दुष्कर्म किया। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें…। अब पढ़िए सिलसिलेवार 10 खबरें 1. महिला पहलवान ने 9 सेकेंड में चित किया, VIDEO:दंगल में डिप्टी CM ने कमेंट्री की, कानपुर के अभिनायक ने इरानी पहलवान को धूल चटाई कानपुर में इंटरनेशनल दंगल हो रहा है। नेशनल मेडलिस्ट रोहतक की तन्नू और सोनीपत की शीतल आमने-सामने उतरीं। तन्नू ने सिर्फ 9 सेकेंड में शीतल को चित कर दिया। इसके अलावा, हरियाणा की स्वीटी ने रोहतक की कल्याणी को 30 सेकेंड में पटखनी दी। दंगल में ईरान के दो पहलवान हामिद, इरफान भी दांव-पेंच लड़ाएंगे। दंगल में पहलवान साक्षी मलिक भी पहुंची हैं। बिगुल बजाकर स्वागत किया गया। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कमेंट्री की। जोश से भरे अंदाज में उन्होंने कहा- मार धोबी पछाड़, मार चरखा, दांव दे पटखनी... ऐसे उत्साह भरे शब्दों से दर्शकों और पहलवानों का हौसला बढ़ाया। पढ़ें पूरी खबर 2. 'अहिल्याबाई की मूर्ति तोड़कर झूठ बोल रहे CM':कानपुर में अजय राय बोले- प्रतिमा दिखाओ हम माफी मांगेंगे, संविधान बचाओ पदयात्रा निकाली कानपुर में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में संविधान बचाओ, मनरेगा बचाओ पदयात्रा निकाली गई। मीडिया बात करते हुए उन्होंने कहा- बनारस के मणिकर्णिका घाट पर अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति तोड़कर मुख्यमंत्री झूठ बोल रहे हैं। हम चैलेंज करते हैं। मूर्ति दिखाओ। हम माफी मांगेंगे, हम सजा भुगतने के लिए तैयार हैं। लेकिन अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति जनता के सामने नहीं लाई गई। वहीं माघ मेले में शंकराचार्य का अपमान किया। उनके शिष्यों की शिखा पकड़कर खींची गई। जूतों से मारा गया। इन सभी के विरोध में प्रदेश में पदयात्रा निकाली जा रही है। पढ़ें पूरी खबर 3. इंस्टाग्राम दोस्त ने रेप किया, FIR:सचेंडी में मौसी के घर ले जाने का बहाना बनाया, रास्ते में दरिंदगी की कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती का फायदा उठाकर एक युवक ने 16 साल की किशोरी से दुष्कर्म किया। आरोपी युवक किशोरी को मौसी के घर छोड़ने का बहाना बनाकर साइकिल से किसान नगर की ओर ले गया। सुनसान जगह पर वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया। घर लौटकर किशोरी ने परिजनों को आपबीती बताई, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर 4. सड़क पर फैला कीचड़, बाइक सवार गिरे- VIDEO:कानपुर में CM ग्रिड सड़क बनी मुसीबत, टेनरी लाइन टूटने से पानी भरा कानपुर के जाजमऊ क्षेत्र में गल्लागोदाम से लालबंगला पुलिस चौकी चौराहे तक सीएम ग्रिड सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। इस दौरान टेनरी की लाइन टूटने से सड़क पर पानी भर गया। देखते ही देखते मिट्टी कीचड़ में बदल गई, जिससे यहां से गुजरना मुश्किल हो गया है। हालत यह है कि बाइक और स्कूटी सवार फिसलकर गिर रहे हैं। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक-एक कर कई दोपहिया वाहन सवार गिरते दिखाई दे रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर 5. कानपुर के ठग पूरे देश में कर रहे साइबर-ठगी:पुलिस अफसर बनकर लोगों को कॉल करते, पोर्न देखने पर जेल भेजने की धमकी देकर वसूली कानपुर के डीसीपी वेस्ट एसएम आसिम काबिदी ने पुलिस अफसर बनकर देश भर के लोगों से ठगी करने वाले सचेंडी के तीन शातिर साइबर ठगों को अरेस्ट किया है। शातिर पुलिस अफसर बनकर लोगों को कॉल करते और फिर किसी को ब्लू फिल्म देखने व पुलिस अफसर बनकर अलग-अलग तरह से झांसे में लेकर ठगी करते थे। लगातार शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच के बाद छापेमारी करके बड़े सिंडीकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस ने तीन शातिरों को अरेस्ट कर लिया। इतना ही नहीं जांच में यह भी पता चला कि कानपुर का सचेंडी अब मिली जामताड़ा के रूप में बनकर उभर रहा है, यहां पर पूरे इलाके के लोग इसी तरह से साइबर ठगी का सिंडीकेट चला रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर 6. कानपुर में सर्दी की पहली बारिश ने बदला मौसम:गलन बढ़ी, अधिकतम तापमान 2.2 डिग्री गिरा, दो दिन फिर बारिश के आसार कानपुर में शनिवार को सर्दी के सीजन की पहली बारिश हुई, जिससे शहर के मौसम में बदलाव देखने को मिला। गलन बढ़ गई है। बर्फीली हवा चल रही है। लोग अलाव के पास बैठे दिखे। शहर में कुल 4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। सीएसए की मौसम रिपोर्ट के मुताबिक, न्यूनतम पारा 13 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 5.5 डिग्री सेल्सियस अधिक है। रात और सुबह के समय हल्की ठंड बनी रही, लेकिन न्यूनतम तापमान ज्यादा रहने के कारण लोगों को कड़ाके की सर्दी से राहत मिली। पढ़ें पूरी खबर 7. रिटायर महिला दरोगा से लूटकांड का दूसरा बदमाश भी अरेस्ट:पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली मारकर दबोचा, लूट की चेन भी बरामद कानपुर के रावतपुर में सीबीसीआईडी से रिटायर्ड महिला दरोगा व डिप्टी जेलर की पत्नी से चेन लूट के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लूटकांड में शामिल दूसरे बदमाश को भी पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली मारकर दबोच लिया। जबकि बदमाश का दूसरा साथी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। पकड़े गए घायल बदमाश की पहचान शामली निवासी धनराज उर्फ विजय के रूप में हुई है। धनराज शातिर लुटेरा और पेशेवर अपराधी है। पढ़ें पूरी खबर 8. कानपुर से काशी तक…10 मिनट में वर्चुअल रोमांच का सफर:चिड़ियाघर में बैठकर गोवा स्कूबा डाइविंग का एहसास कीजिए, टिकट 80 रुपए सोचिए, गोवा की गहराइयों में स्कूबा डाइविंग, चारों ओर नीला समंदर और मछलियों के बीच तैरने का एहसास… और पलक झपकते ही देश के पवित्र तीर्थ स्थलों के दर्शन। यह अनोखा अनुभव अब कानपुर प्राणी उद्यान में हकीकत बन गया है। यहां शुरू हुए वर्चुअल रियलिटी (VR) जोन ‘मेटावर्जन 360 व्यू’ ने पर्यटकों को रोमांच से भर दिया है। बच्चे हों या बड़े, हर कोई इस रियल फील एडवेंचर का दीवाना नजर आ रहा है। पढ़ें पूरी खबर 9. जिला जेल में बंद गैंगस्टर की बीमारी से मौत:कानपुर में बेटी बोली- दो महीने पहले मिले थे, तब पापा ठीक थे कानपुर जिला कारागार में बंद गैंगस्टर के आरोपी रविंद्र कुशवाहा (56) की शनिवार देर रात तबीयत बिगड़ने पर उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर बेटी करिश्मा अस्पताल पहुंची। कहा कि दो महीने पहले जेल में मुलाकात के दौरान पिता पूरी तरह स्वस्थ थे। चकेरी थाना क्षेत्र के शिव कटरा निवासी करिश्मा ने बताया कि उनके पिता रविंद्र कुशवाहा के खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। करीब पांच महीने पहले उन्हें नवाबगंज थाने से गैंगस्टर एक्ट के तहत जेल भेजा गया था और तब से वह जिला कारागार में बंद थे। पढ़ें पूरी खबर 10. गैंगरेप पीड़िता का भाई बोला- CM से करूंगा शिकायत:20 दिन में भी 50 हजार के इनामी दरोगा को नहीं ढूंढ सकी 40 पुलिसवालों की टीम कानपुर में गैंगरेप का आरोपी 50 हजार का इनामी दरोगा अमित कुमार मौर्या पुलिस के लिए चुनौती साबित हो रहा है। वारदात को अंजाम दिए हुए 20 दिन बीत चुके है, आरोपी की तलाश में एसटीएफ समेत चार टीमें 10 जनपदों की खाक छान रही है, लेकिन नतीजा जस का तस है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि– दरोगा विभाग की कार्यशैली से भलीभांति परिचित होने के कारण टीमों की गिरफ्त में नहीं आ पा रहा है। पढ़ें पूरी खबर

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:00 am

महाराणा भूपालसिंह ने राष्ट्र भावना से चुना विलय का रास्ता:संविधान निर्माण में शामिल रहे वर्मा-मेहता, हस्ताक्षर कर स्वर्णिम इतिहास में बढ़ाया मेवाड़ का मान

भारत के गणराज्य बनने की कहानी सिर्फ आंदोलनों और संघर्षों की नहीं है, बल्कि उन रियासतों की भी है, जिन्होंने समय रहते इतिहास की दिशा पहचान ली। मेवाड़ ऐसी ही एक रियासत थी, जहां सत्ता का हस्तांतरण टकराव से नहीं, बल्कि राष्ट्र भावना से हुआ। 26 जनवरी 1950 को जब भारत ने संविधान लागू कर खुद को गणराज्य घोषित किया, तब उसके पीछे मेवाड़ के राजपरिवार विशेषकर महाराणा भूपाल सिंह का दूरदर्शी योगदान था। देश आजाद होने के बाद जब कई रियासतें विलय को लेकर विरोध के रास्ते पर थीं, तब महाराणा भूपाल सिंह ने बिना किसी राजनीतिक दबाव के भारत में विलय को स्वीकार किया। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि मेवाड़ की पहचान अब राष्ट्र के साथ जुड़े भविष्य में सुरक्षित है। उनकी सहमति से ही मेवाड़ में संवैधानिक ढांचे की राह प्रशस्त हुई। यही कारण रहा कि मेवाड़ की आवाज संविधान निर्मात्री सभा तक पहुंची। माणिक्यलाल वर्मा, बलवंत सिंह मेहता, मोहन सिंह मेहता जैसे प्रतिनिधि रियासतों के लोकतांत्रिक एकीकरण की पैरवी कर अपने हस्ताक्षर इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज कराने में अग्रणी रहे। गणतंत्र दिवस के अवसर पर यह याद रखना जरूरी है कि मेवाड़ में लोकतंत्र की नींव सत्ता संघर्ष से नहीं, बल्कि राजकीय समझ और संवैधानिक सोच से रखी गई। मेवाड़ मॉडल : जहां राजसत्ता ने खुद चुना संविधान का रास्ता मेवाड़ का योगदान भारत के गणराज्य निर्माण में इसलिए विशिष्ट माना जाता है, क्योंकि यहां सत्ता परिवर्तन का मार्ग टकराव नहीं, सहमति से तय हुआ। महाराणा भूपाल सिंह ने आजादी के बाद भारत में विलय को केवल औपचारिक दस्तावेज नहीं माना, बल्कि इसे राष्ट्रनिर्माण का नैतिक दायित्व समझा। उन्होंने न तो सत्ता बनाए रखने की जिद की और न ही विलय को सौदेबाजी का विषय बनाया।उनकी इस पहल का असर यह हुआ कि मेवाड़ में प्रशासनिक संक्रमण शांतिपूर्ण रहा। उत्तरदायी शासन की अवधारणा को स्वीकार किया गया और जनप्रतिनिधियों के लिए रास्ता खुला। इसी संवैधानिक माहौल में मेवाड़ से माणिक्यलाल वर्मा, बलवंत सिंह मेहता, मोहन सिंह मेहता जैसे नेता संविधान निर्मात्री सभा तक पहुंचे, जिन्होंने रियासतों के भारत में लोकतांत्रिक एकीकरण का समर्थन किया। हालांकि मेवाड़ प्रजामंडल आंदोलन ने जनता को राजनीतिक रूप से जागरूक किया, लेकिन निर्णायक मोड़ तब आया जब राजपरिवार स्वयं आगे बढ़ा। यही वजह है कि मेवाड़ को उन चुनिंदा रियासतों में गिना जाता है, जहां राजसत्ता ने समय रहते संविधान और गणराज्य को स्वीकार कर इतिहास की सही तरफ खड़े होने का फैसला किया।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:00 am

पानीपत में गूंजेगा गणतंत्र का जयघोष:कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार फहराएंगे तिरंगा, शहीदों को नमन करने के बाद परेड का करेंगे निरीक्षण

पानीपत में इस वर्ष का जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह स्थानीय शिवाजी स्टेडियम में पूरी गरिमा और हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया जाएगा। मुख्य अतिथि के रूप में हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार शिरकत करेंगे और राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार सुबह 10 बजे राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। ध्वजारोहण के पश्चात मुख्य अतिथि परेड की सलामी लेंगे और टुकड़ियों का निरीक्षण करेंगे। समारोह स्थल पर पहुँचने से पूर्व, मंत्री जिला सचिवालय स्थित शहीद स्मारक स्थल परिसर में जाएंगे। वहां वे अमर शहीदों की स्मृति में पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि देंगे। शिवाजी स्टेडियम देशभक्ति के रंग में रंगा होगा। प्रशासन ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे कार्यक्रम आरंभ होने से 15 मिनट पूर्व अपना स्थान ग्रहण कर लें। डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में सेशन जज फहराएंगे तिरंगाइधर, स्थानीय डिस्ट्रिक्ट कोर्ट कॉम्प्लेक्स में एक भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस गौरवशाली राष्ट्रीय पर्व पर न्यायिक परिसर में देशभक्ति और उल्लास का माहौल देखने को मिलेगा। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 08:45 बजे होगी। इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पानीपत मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे और विधिवत रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। तिरंगा फहराने के पश्चात उपस्थित जनसमूह द्वारा राष्ट्रगान का गान किया जाएगा और तिरंगे को सलामी दी जाएगी।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:00 am

दोहरीकरण पूरा, जोधपुर-रेवाड़ी और हिसार रूट की ट्रेनें बहाल:बीकानेर मंडल में काम पूरा, सालासर एक्सप्रेस सहित 6 ट्रेनें फिर अपने रूट पर लौटीं

जोधपुर मंडल के यात्रियों के लिए राहत की खबर है। बीकानेर मंडल में चल रहे रेल दोहरीकरण का काम पूरा होने के बाद रविवार से जोधपुर से जुड़ी प्रमुख ट्रेनें फिर से शुरू कर दी गई हैं। इसमें हिसार, रेवाड़ी और दिल्ली जाने वाली ट्रेनें शामिल हैं। 28 किलोमीटर का काम पूरा जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि बीकानेर मंडल के चूरू-सादुलपुर रेलखंड पर दोहरीकरण का काम चल रहा था। चूरू-आसलू-दूधवाखारा स्टेशनों के बीच करीब 28 किलोमीटर लंबे इस काम के चलते 19 से 24 जनवरी तक ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया था। यह कार्य 24 जनवरी को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। ये ट्रेनें हुई बहाल डीआरएम त्रिपाठी के अनुसार ब्लॉक के कारण ट्रेन संख्या 14823/14824 जोधपुर-रेवाड़ी-जोधपुर और ट्रेन संख्या 14891/14892 जोधपुर-हिसार-जोधपुर एक्सप्रेस के कुछ फेरे अस्थाई रूप से रद्द किए गए थे। अब इनका संचालन रविवार से वापस शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा, दिल्ली सराय रोहिल्ला से जोधपुर के बीच चलने वाली ट्रेन संख्या 22421/22422 (सालासर एक्सप्रेस) को परिवर्तित मार्ग से चलाया जा रहा था। अब यह ट्रेन भी अपने निर्धारित पुराने रूट से ही संचालित होगी। दोहरीकरण से कम होगी देरी त्रिपाठी का कहना है कि रेल लाइन के दोहरीकरण से नेटवर्क की क्षमता में वृद्धि होगी। इससे ट्रेनों का संचालन समय बचेगा और देरी की गुंजाइश नहीं रहेगी। साथ ही यात्रा अधिक सुरक्षित व विश्वसनीय होगी। यह प्रोजेक्ट क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने के साथ-साथ माल परिवहन और आर्थिक विकास को भी गति देगा।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 6:00 am

मरीजों के लिए राहत वाली:जेके लोन में 40 बेड का डे-केयर वार्ड बनेगा, सरकार ने दी अनुमति

एसएमएस मेडिकल कॉलेज से जुड़े जेके लोन अस्पताल में इलाज के लिए आने वालों के लिए राहत वाली खबर है। थैलेसीमिया और हिमोफीलिया बीमारी से पीड़ित बच्चों को आने वाले दिनों में बेड के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। अस्पताल के नेफ्रोलॉजी वार्ड की छत पर एक करोड़ रुपए की लागत से 40 बेड का डे-केयर वार्ड अगले चार माह में बन जाएगा। अस्पताल में बनने वाले डे-केयर वार्ड बनाने के लिए सरकार की ओर से अनुमति मिल चुकी है। वार्ड सीएसआर फंड के तहत रोटरी क्लब बनवाएगा। बच्चों को बेड मिलना आसान जेके लोन में रोजाना ब्लड ट्रांसफ्यूजन के लिए थैलेसीमिया के 35 से 40 और हिमोफीलिया के फेक्टर के लिए 10 से 15 मरीज आते है। ये सुबह आकर शाम तक प्रोसेस होने के बाद चले जाते है। मौजूदा स्थिति में जेके लोन में करीबन 15 बैड है। जिसके कारण इन्हे परेशानी का सामना करना पड़ता है। डे-केयर वार्ड बनने के बाद न केवल बैड मिलना बल्कि इलाज भी आसान होगा। सरकार की ओर से एनजीओ के जरिए डे-केयर वार्ड बनाने की अनुमति मिल चुकी है। अगले चार माह में बनकर पूरा हो जाएगा। मौजूदा स्थिति में बेड कम होने के कारण थैलेसीमिया और हिमोफीलिया से पीड़ित बच्चों को परेशानी होती है। -डॉ. आरएन सेहरा, अधीक्षक, जेके लोन अस्पताल

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:57 am

झांसी में 56 एनकाउंटर करने वाले SOG प्रभारी को पदक:7 टुकड़ों में काटी गई महिला के ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करने वाले SI को भी मेडल

झांसी में 56 हाफ एनकाउंटर करने वाले एसओजी प्रभारी जितेंद्र तक्खर को डीजीपी ने रजत पदक से नवाजा है। वहीं, 7 टुकड़ों में काटी गई महिला के ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करने वाले तत्कालीन टोड़ी फतेहपुर थाना प्रभारी SI अतुल कुमार को भी मेडल दिया गया है। दोनों को गणतंत्र दिवस के मौके पर मेडल दिए जाएंगे। झांसी के खाते में 9 पदक आए है। यह पदक अदम्य साहस एवं श्रेष्ठ प्रदर्शन के आधार पर दिए जाते हैं। झांसी रेंज के आईजी आकाश कुलहरि को राष्ट्रपति पुलिस पदक से नवाजा गया। इसके अलावा एसआई जितेंद्र तक्खर, अतुल कुमार, मुख्य आरक्षी मोहम्मद शरीफ को शौर्य के आधार पर पदक मिला। वहीं, निरीक्षक कुलदीप तिवारी, जीआरपी एसआई नूर मोहम्मद सिद्दिकी और जीआरपी ड्राइवर बालकृष्ण को सेवा अभिलेख के आधार पर सराहनीय सेवा सम्मान से नवाजा गया। विजिलेंस झांसी सेक्टर में तैनात किरण पाल को पुलिस पदक दिया गया है। आईजी को मिला राष्ट्रपति पदक आईजी आकाश कुलहरि को उत्कृष्ठ सेवा श्रेणी में राष्ट्रपति पुलिस पदक से नवाजा गया है। इसके पहले भी उनको पुलिस महानिदेशक पदक दिया जा चुका। 2006 बैच के आईपीएस अफसर आकाश कुलहरि प्रयागराज समेत कई जनपदों के एसएसपी रह चुके हैं। झांसी में तैनाती के दौरान जनसुनवाई की अपनी विशेष शैली के चलते वह काफी चर्चित रहे हैं। झांसी में उन्होंने तकनीकी आधारित पुलिसिंग की भी शुरूआत की। जनपद स्तर पर भी इसे अब अपनाया जा रहा है। लाश के टुकड़े कुएं और नदी में फेंके 13 अगस्त 2025 को टोड़ी फतेहपुर के किशोरपुरा गांव में एक कुएं में महिला के लाश के टुकड़े मिले थे। सिर समेत अन्य पार्ट्स गायब थे। तब टोड़ी फतेहपुर के अतुल कुमार थाना प्रभारी थे। वे अपनी टीम के साथ महिला के शव की शिनाख्त में जुट गए। 7 दिन के अंदर ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया था। सिर समेत अन्य पार्ट नदी के अंदर से बरामद हुए थे। महिला के अंधे कत्ल का खुलासा करने का अतुल को शौर्य के आधार पर पुलिस महानिदेशक सिल्वर पदक दिया गया है। 56 से अधिक मुठभेड़ करने पर जितेंद्र को सिल्वर एसओजी प्रभारी के तौर पर रिकॉर्ड मुठभेड़ करने वाले उपनिरीक्षक जितेंद्र तक्खर को पुलिस महानिदेशक के सिल्वर मेडल से नवाजा गया। जितेंद्र तक्खर के कार्यकाल के दौरान 56 से अधिक बदमाश पुलिस की गोली लगने से घायल हुए। इस दौरान 110 से अधिक बदमाश पकड़े गए। इनमें कई खूंखार एवं वांछित बदमाश भी शामिल रहे। एसओजी प्रभारी जितेंद्र तक्खर की अगुवाई में यह अधिकांश मुठभेड़ हुई। इस वजह से उनको डीजी सिल्वर मेडल के लिए चुना गया। वरिष्ठ जेल अधीक्षक को स्वर्ण झांसी जेल में आधुनिकीकरण समेत अन्य सुधार कार्य कराने के लिए वरिष्ठ जेल अधीक्षक विनोद कुमार को महानिदेशक कारागार ने स्वर्ण पदक के लिए चुना। विनोद कुमार के कार्यभार संभालने के बाद जिला कारागार के अंदर सुधार कार्य कराए गए। मॉनिटरिंग मजबूत कराए जाने के साथ साफ-सफाई समेत अन्य व्यवस्थाओं में सुधार लाया गया। पूरे प्रदेश में बरेली के साथ झांसी को ही इस श्रेणी के लिए चुना गया।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:57 am

गुमला के रोशन महतो टमाटर की खेती कर बने मिसाल‎:छत्तीसगढ़ से लाए ग्राफ्टिंग टमाटर के पौधे, अब दूसरे किसानों को दे रहे जानकारी

कृषि के क्षेत्र में पारंपरिक खेती से हटकर नए प्रयोग करने वाले किसान न केवल अपनी किस्मत बदल‎ रहे हैं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। बसिया प्रखंड के बर्रई गांव में इन दिनों एक ऐसी ही सफलता की कहानी चर्चा का‎ केंद्र बनी हुई है। किरिंगलोया निवासी रोशन महतो उर्फ छोटू महतो ने ढाई एकड़ भूमि पर ग्राफ्टिंग टमाटर (कलमी टमाटर) की खेती‎ कर पूरे प्रखंड में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने ढाई एकड़ जमीन लीज पर ली और लगभग ढाई लाख रुपए की पूंजी‎ निवेश की। उन्होंने छत्तीसगढ़ से ग्राफ्टिंग टमाटर के पौधे 14 रुपए प्रति पीस की दर से मंगाए और अक्टूबर माह में इसकी रोपाई की।‎ इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पौधे का निचला हिस्सा बैंगन का है और ऊपरी हिस्सा टमाटर का। ग्राफ्टिंग की वजह‎ से यह पौधा बीमारियों के प्रति अधिक सहनशील है और लंबे समय तक फल देने की क्षमता रखता है। आकर्षण का केंद्र है ग्राफ्टिंग खेती ​ यह खेती कुम्हारी-गुमला मुख्य‎ सड़क के किनारे होने के कारण आकर्षण का केंद्र बन गई है। वहां से गुजरने वाले लोग अक्सर अपने वाहन रोककर इस आधुनिक‎ खेती को निहारते हैं। इतना ही नहीं, रोज दस किसान रोशन महतो से ग्राफ्टिंग की विधि, खाद-पानी के प्रबंधन और लागत की‎ जानकारी ले रहे हैं। वे सहर्ष साथी किसानों को यह तकनीक सीखा रहे हैं।‎ कम लागत में बंपर मुनाफे की उम्मीद मुनाफे के गणित पर बात करते हुए रोशन महतो बताया कि पौधे, खाद, मजदूरी और जमीन का‎ किराया मिलाकर ₹2.5 लाख खर्च हुए जबकि ​अनुमानित आय ₹8 लाख तक होने की संभावना है। यह पौधा लगभग छह महीने तक‎ लगातार फल देगा। वर्तमान में टमाटर ₹50 प्रति किलो की दर से बिक रहा है, जिससे अच्छे लाभ की उम्मीद है। सही तकनीक और‎ दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो किसान कम मेहनत और सीमित संसाधनों में भी बेहतर आय अर्जित कर सकते हैं।‎ अन्य किसान आत्मनिर्भर बने इस के लिए मिलकर करेंगे खेती‎ रोशन महतो का लक्ष्य सिर्फ खुद मुनाफा कमाना नहीं है, बल्कि वे अन्य किसानों को भी आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं। उन्होंने बताया‎ कि अगले वर्ष निनई, बनतरिया, लुंगटु और बर्रई के कई किसान उनके साथ मिलकर इस तकनीक से खेती शुरू करेंगे। वे इन किसानों को तकनीकी सहयोग भी प्रदान करेंगे। ​बसिया प्रखंड के किसानों के लिए रोशन महतो का यह प्रयास गौरव की बात है।‎ जानिए... कौन हैं रोशन महतो‎ बसिया के रोशन महतो के पास अधिक जमीन नहीं है लेकिन अपनी जिजीविषा और इच्छाशक्ति के कारण किसानों के लिए‎ उदाहरण बने हैं। मि​डिल स्कूल तक पढ़े रोशन अपने पिता के साथ पारंपरिक खेती ही करते थे लेकिन अब वे व्यवसायिक अंदाज‎ में खेती करते हैं। उनकी तीन बेटियां हैं। चार अनाथ भगीने का भी लालन पालन उनके कंधों पर है। छत्तीसगढ़ घूमने के दौरान‎ उन्होंने ग्राफ्टिंग खेती की जानकारी ली। वहां के किसानों से बीज लिए और अपने यहां आकर टमाटर की खेती की। खूब मुनाफा‎ कमाया।‎

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:56 am

15000 से ज्यादा ड्राइवर्स की आंखें खराब:बिना चश्मा हाईवे पर दौड़ा रहे ट्रक; कई ऐसे, जो खिड़की से बाहर खड़ा व्यक्ति तक नहीं देख पाते

राजस्थान में 15 हजार से ज्यादा ड्राइवर कमजोर नजर के बावजूद हाईवे पर ट्रक दौड़ा रहे हैं। कुछ ऐसे ड्राइवर भी हैं, जिनको 5-6 फीट के बाद दिखना ही बंद हो जाता है। कई ड्राइवर की नजर इतनी कमजोर मिली कि उन्हें -6 नंबर का चश्मा पहनाने के बाद भी धुंधला दिखाई देता है। खिड़की से बाहर खड़ा व्यक्ति तक को नहीं देख पाते। स्वास्थ्य विभाग की 64 हजार से ज्यादा ट्रक ड्राइवर्स की आंखों की जांच में यह सच्चाई सामने आई है। एक्सपर्ट का कहना है कि कमजोर नजर के साथ ड्राइविंग बेहद खतरनाक हो सकती है। इससे सड़क हादसे बढ़ सकते हैं। मंडे स्टोरी में पढ़िए ये रिपोर्ट..... हाईवे पर भारी वाहन दौड़ा रहे ड्राइवर्स की आंखों की जांचप्रदेश में पहली बार बढ़ते सड़क हादसों के चलते स्वास्थ्य विभाग ने हाईवे पर भारी वाहन दौड़ा रहे ड्राइवर्स की आंखों की जांच का विशेष अभियान चलाया था। ये अभियान ‘मां नेत्र योजना’ के तहत चलाया गया। स्टेट और नेशनल हाईवे पर भारी वाहन चलाने वाले 64 हजार ड्राइवर्स की जांच के बाद परिणाम चौंकाने वाले हैं। 15 हजार 824 यानी करीब 25 फीसदी ड्राइवर विजन डिफेक्ट के शिकार हैं। इन ड्राइवरों की आंखों का नंबर माइनस 1 से लेकर माइनस 6 तक दर्ज किया गया है। केवल बुजुर्ग ही नहीं 30-35 साल के युवा ड्राइवरों का विजन भी काफी कमजोर पाया गया है। ये कुछ उदाहरण है... केस-1 : राम सिंह (43), जयपुर 23 साल से ड्राइविंग कर रहे राम सिंह दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे पर ट्रक चलाते हैं। कैंप के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने उनकी आंखों की जांच की। सामने आया कि इनकी दायीं आंख का विजन माइनस 4.5 नंबर है, जबकी बायीं आंख में चश्मे का नंबर माइनस 5 है। इसी तरह जोधपुर के किशनाराम (50) और अजमेर के नंदलाल जाट (58) ने जांच के दौरान टीमों को बताया कि उन्होंने कभी जांच नहीं करवाई। दोनों के चश्मे का नंबर माइनस 2.5 और 3.5 निकला। केस-2 : लाडू सिंह(26) अजमेर दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अब्बास की आंखों की जांच की। जांच में इनकी दोनों आंखों का विजन माइनस 3.75 नंबर निकला। इसी तरह उदयपुर निवासी शंकरलाल (36) की आंखों की जांच में चश्मे का माइनस नंबर 3.5 निकला। माइनस 1 से 2.50 वाले सबसे ज्यादा : सड़क-साइनबोर्ड तक नहीं देख पातेअभियान के दौरान 84 फीसदी ड्राइवर्स में माइनस 1 से 2.50 नंबर-करीब पाया गया। इन्हें दूर की चीजें थोड़ी धुंधली दिखती हैं। कई ड्राइवर ने जांच के दौरान बताया कि उन्हें सामने की सड़क तो दिखती है, लेकिन थोड़ी दूर लगे साइन बोर्ड पर लिखे अक्षर तब तक समझ नहीं आते, जब तक गाड़ी उनके करीब न पहुंच जाए। एक्सपर्ट व्यू : इस विजन के ड्राइवर्स का रात के समय रोशनी कम होने के कारण धुंधलापन बढ़ जाता है। सामने वाली गाड़ियों की हेडलाइट फैली हुई महसूस हो सकती है। तेज रफ्तार में अचानक आने वाले मोड़ या संकेतों को पहचानने में देरी हो सकती है। 10 फीट भी नहीं देख पाते हजारों ड्राइवर्सजांच के दौरान करीब 9.16 फीसदी ड्राइवर्स के चश्मे का नंबर माइनस 2.75 से माइनस 4 तक पाया गया। इस नंबर पर चश्मे के बिना सुरक्षित ड्राइविंग करना खतरनाक माना जाता है। एक्सपर्ट व्यू : डॉक्टर्स के अनुसार, माइनस 2.75 से माइनस 4 विजन वालों को 10-15 फीट के बाद की हर चीजें धुंधली दिखने लगती हैं। सड़क पर चल रहे पैदल यात्री या साइकिल सवार परछाई जैसे लग सकते हैं। सड़क की बनावट, गड्ढे या दूर से आ रही गाड़ी की सही दूरी और गति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। बिना चश्मे के ड्राइवर को अपनी आंखें सिकोड़कर देखने की कोशिश करनी पड़ती है, जिससे आंखों में दर्द और भारीपन हो सकता है। सबसे खतरनाक : 100 ड्राइवर ऐसे, जिन्हें 6 नंबर चश्मे की जरूरतकैंप में करीब 0.63 फीसदी ड्राइवर्स में माइनस 4.25 से माइनस 6.0 तक नंबर पाए गए हैं। इसमें भी 100 ड्राइवर तो ऐसे मिले हैं, जिन्हें अधिकतम नंबर माइनस 6 का चश्मा चढ़ाने की जरूरत थी। एक्सपर्ट व्यू : यह एक गंभीर स्थिति है। इतनी कमजोर नजर वाले व्यक्ति को बिना चश्मे के कुछ इंच आगे का भी साफ नहीं दिखता है। ड्राइवर को सामने वाली गाड़ी की टेल-लाइट्स तो दिखेगी, लेकिन वह केवल एक लाल रंग के धब्बे की तरह नजर आएगी। ड्राइवर को यह पता ही नहीं चलेगा कि कितनी दूरी पर कोई रुकावट है। रात के समय नाइट ब्लाइंडनेस जैसा एहसास हो सकता है, क्योंकि लाइट बहुत ज्यादा फैलती हैं और विजिबिलिटी शून्य के बराबर हो जाती है। इस स्थिति में बिना चश्मे के गाड़ी चलाना जानलेवा हो सकता है। गाड़ी का डैश बोर्ड, मैप तक दिखाई देता है धुंधला4.61 फीसदी ड्राइवर्स में प्लस 1 से लेकर प्लस 2.50 नंबर तक का आई विजन मिला है। एक्सपर्ट के अनुसार, ऐसे ड्राइवर को दिन में ड्राइविंग के दौरान ज्यादा परेशानी नहीं होती, लेकिन गाड़ी के डैशबोर्ड के मीटर, जीपीएस या मोबाइल मैप देखने में धुंधलापन महसूस होता है। 200 से ज्यादा ड्राइवर्स ऐसे मिले हैं, जिनकी आंखों में चश्मे का नंबर प्लस 2.75 से लेकर 4.0 तक मिला है। एक्सपर्ट के अनुसार, दूर का देखने मे परेशानी नहीं है। लेकिन हाईवे पर जब साइन बोर्ड तेजी से पास आते हैं, तो आंखें इतना जल्दी फोकस नहीं बदल पाती हैं। ऐसे में बोर्ड पर लिखे अक्षर धुंधले हो सकते हैं। रात में आंखों पर फोकस करने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे दूर की चीजें भी धुंधली दिखने लगती हैं। सामने से आने वाली गाड़ियों की हेडलाइट ज्यादा फैलती हुई और चुभती हुई महसूस होती है। एक्सपर्ट व्यू : नेत्र विशेषज्ञ डॉ. सोनू गोयल ने बताया कि हाईवे पर डिस्टेंस का जजमेंट करना काफी महत्वपूर्ण होता है। इसलिए ड्राइवर का विजन सही हो ये बहुत जरूरी है। अगर ड्राइवर की नजर कमजोर है, तो वह सड़क पर काफी खतरनाक हो सकता है। ड्राइवर को कोई भी वाहन या वस्तु देर से दिखेगी, तो वह ब्रेक भी देर से लगाएगा। रात के समय दूर से आ रहे वाहन की दूरी का सही अंदाजा न लगा पाना बड़े हादसों का कारण बनता है। इसके अलावा हाईवे पर मुड़ने या गति सीमा के निर्देशों को न देख पाने से भ्रम की स्थिति पैदा होती है। सबसे ज्यादा नेशनल हाईवे पर चल रहे कमजोर आंख वाले ड्राइवरदिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे स्थित मनोहरपुर-शाहपुरा स्थित सेंटर पर सबसे ज्यादा 21 हजार ट्रक ड्राइवर्स की आंखों की जांच हुई। यहां 9 हजार से ज्यादा ड्राइवर्स की आंखों की नजर कमजोर पाई गई। स्वास्थ्य विभाग ने बांटे चश्मेंस्वास्थ्य विभाग की ओर से 'मां नेत्र योजना' के तहत आंखों की जांच कर इन ड्राइवर्स को चश्मे वितरित किए गए हैं। इसके तहत चार एजेंसियों के जरिए प्रदेश में 65 डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर बनाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि पिछले साल अप्रैल से लेकर अब तक स्क्रीनिंग की गई और इस योजना में लाभार्थियों को चश्मे वितरित किए गए हैं। राजस्थान सरकार ने मां वाउचर योजना की तर्ज पर मुख्यमंत्री नेत्र वाउचर योजना शुरू की है। इस योजना के तहत बस और ट्रक ड्राइवर, नाई, दर्जी, बढ़ई, हस्तशिल्प और कारीगरों को मुफ्त चश्मे दिए जा रहे हैं।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:55 am

नारनौल में तीसरे बाईपास की तैयारी:किसानों के विरोध के बीच सर्वे शुरू, रिंग रोड बनाने की योजना से लॉजिस्टिक हब और हाईवे जुड़ेंगे

नारनौल शहर में बढ़ते यातायात दबाव और भारी वाहनों के कारण लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए एक और नए बाईपास का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस बाईपास के लिए सर्वेक्षण कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रस्तावित बाईपास शहर से सटे गांवों की भूमि से होकर गुजरेगा। यह मार्ग मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब को राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-11 और एनएच-152डी से जोड़ेगा। हालांकि इस प्रस्ताव को लेकर कई किसान विरोध जता रहे हैं। नारनौल शहर में पहले से ही दो बाईपास बने हुए हैं। इनमें से एक बाईपास नई अनाज मंडी से शुरू होकर शहर के दया नगर, कोरियावास मोड़, कुलाजपुर रोड और सिंघाना रोड से होते हुए महेंद्रगढ़ रोड को नसीबपुर के पास जोड़ता है। यह बाईपास करीब 12 वर्ष पूर्व बनाया गया था, जिसका निर्माण कांग्रेस शासनकाल के दौरान शुरू हुआ था। इसके अलावा दूसरा बाईपास गांव कांवी गांव से शुरू होता है तथा एनएच 148 बी को नेशनल हाईवे नंबर 11 व 152 डी को जोड़ता है। यह कांवी से मंढाणा, सेका, कादीपुरी, नीरपुर होते हुए लहरोदा गांव तथा वहां से रघुनाथपुरा गांव के दूसरे छोर तक जाता है। रिंग रोड बनाने की स्कीम दूसरे बाईपास को आगे बढ़ाने तथा इसको रिंग रोड बनाने के लिए नया बाईपास बनाने का प्लान किया जा रहा है। जिसके तहत प्रशासन की ओर से सर्वे का काम भी किया जा चुका है। उम्मीद है कि जल्दी ही इस बाईपास के लिए भूमि अधिग्रहण का काम किया जाएगा। भारी वाहनों को रखा जाएगा शहर से दूर इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहर के भीतर से गुजरने वाले भारी वाहनों को बाहर की ओर मोड़ना है, ताकि नारनौल में लगने वाले रोज़ाना के जाम से लोगों को राहत मिल सके। वर्तमान में लॉजिस्टिक हब तक पहुंचने के लिए भारी वाहनों को शहर के अंदर से गुजरना पड़ता है, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। मेडिकल कॉलेज के लिए होगा सुगम मार्ग यह नया मार्ग न केवल मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब को सीधे नेशनल हाईवे से जोड़ेगा, बल्कि ढोसी पर्यटन स्थल और प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज की कनेक्टिविटी भी बेहतर करेगा। इसके अलावा एनएचएआई द्वारा रघुनाथपुरा से मांदी की दिशा में सड़क को लॉजिस्टिक हब से जोड़ने की भी योजना बनाई गई है। कई किसानों में नाराजगी हालांकि इस प्रस्तावित बाईपास को लेकर किसानों में नाराजगी देखने को मिल रही है। किसानों ने इस परियोजना का विरोध शुरू कर दिया है। किसान प्रदीप यादव, भूपेंद्र यादव, अमित कुमार और सुधीर का कहना है कि पहले ही रघुनाथपुरा सहित आसपास के गांवों के किसानों की कई एकड़ भूमि हाईवे और अन्य सरकारी परियोजनाओं में अधिगृहीत हो चुकी है। अब नए बाईपास के नाम पर फिर से किसानों की जमीन ली जाएगी, जो उनके लिए बड़ा नुकसान है। तीन किलोमीटर दूरी पर पहला बाईपास किसानों का तर्क है कि पहले से ही लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर एक बाईपास मौजूद है, ऐसे में नए बाईपास की आवश्यकता समझ से परे है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि किसानों की उपजाऊ भूमि को बचाने के लिए किसी वैकल्पिक मार्ग या अन्य समाधान पर विचार किया जाए। फिलहाल प्रशासन द्वारा सर्वेक्षण कार्य जारी है, जबकि किसानों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:55 am

दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कान्फ्रेंस:आरयूएचएस में अगले माह खुलेगी एलर्जी क्लिनिक, जांच के साथ होगा सही इलाज

देश में 30 फीसदी लोग किसी ना किसी तरह की एलर्जी से प्रभावित है। तेजी से बढ़ रहे मामलों को देखते हुए प्रताप नगर स्थित आरयूएचएस अस्पताल में एलर्जी क्लिनिक अगले माह से काम करना प्रारंभ कर देगी। यह जानकारी आरयूएचएस विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.प्रमोद येवले ने रविवार को एलर्जी की दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कान्फ्रेंस के दौरान दी। उन्होंने बताया कि क्लिनिक पर मेडिसिन, चेस्ट एवं ईएनटी के डॉक्टर तैनात रहेंगे। क्लिनिक पर आने वाले मरीजों का डेटा तैयार किया जा सकेगा। साथ ही जांच से यह पता लग जाएगा कि किसी तरह की एलर्जी किसके कारण हो रही है। कान्फ्रेंस के आयोजन अध्यक्ष डॉ.मोहनिश ग्रोवर एवं साइंटिफिक के डॉ.राघव प्रकाश ने बताया कि कान्फ्रेंस में आए डॉक्टरों को देश में तेजी से बढ़ रहे एलर्जिक राइनाइटिस, अस्थमा, फूड-ड्रग एलर्जी जैसे रोगों के प्रभावी प्रबंधन की जानकारी दी। इस मौके पर कार्यक्रम के संरक्षक डॉ.विनोद जोशी, आरयूएचएस अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनिल गुप्ता उपस्थित थे। अनुभव को साझा किया कान्फ्रेंस के दौरान डॉ. हरविंदर एवं डॉ. थेवगी (मलेशिया), डॉ. सोमा (सिंगापुर), डॉ. येओन (बर्मिंघम) ने वैश्विक दृष्टिकोण, नवीनतम शोध एवं प्रमाण-आधारित एलर्जी निदान एवं प्रबंधन पर अपने अनुभव साझा किए। अकादमिक सत्रों में एलर्जी डायग्नोस्टिक्स, स्किन प्रिक टेस्टिंग, स्पाइरोमेट्री, मेडिकल मैनेजमेंट, एलर्जी में सर्जरी की भूमिका, तथा एलर्जी से जुड़े सामान्य मिथकों एवं भ्रांतियों पर चर्चा की।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:53 am

मथुरा में उमड़ी भीड़:वृंदावन -  बरसाना की गलियां हुईं पैक,5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे

गणतंत्र दिवस पर हुई छुट्टियों के चलते मथुरा के बरसाना और वृंदावन में भीड़ का सैलाब उमड़ पड़ा। यहां मंदिरों से लेकर गलियां तक श्रद्धालुओं के कारण पैक हो गयी। हर तरफ श्रद्धालु ही श्रद्धालु नजर आये। शहर के अंदर श्रद्धालुओं के चलते तो बहार गाड़ियों के कारण जाम के हालात बने रहे। बांके बिहारी के दर्शनों को उमड़ी भीड़ वीकेंड और गणतंत्र दिवस के चलते हुई छुट्टियों का असर वृंदावन और बरसाना में देखने को मिला। यहां भगवान के दर्शनों के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सबसे ज्यादा भीड़ बांके बिहारी मंदिर और उसके आसपास की गलियों में दिखाई दी। यहां स्थिति यह हो गयी कि मंदिर में भीड़ का दबाब न बने इसके लिए पुलिस होल्डिंग एरिया बनाकर वहां श्रद्धालुओं को रोक रोक कर आगे बढ़ा रही थी। दौड़ लगाते दिखे श्रद्धालु होल्डिंग एरिया से जैसे ही पुलिस कर्मी श्रद्धालुओं को आगे के लिए छोड़ते वैसे ही श्रद्धालु दौड़ लगाने लगते। बच्चे,बुजुर्ग,महिला,युवा सभी भगवान बांके बिहारी जी के दर्शनों को आतुर नजर आये। यहां स्थिति यह थी कि मंदिर की तरफ जाने वाले रास्ते,गलियां श्रद्धालुओं से भरे नजर आये। मुख्य रास्ते में पैर रखने की जगह नहीं थी। श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ के चलते स्थानीय निवासी घरों में पैक होने को मजबूर हो गए। प्रेम मंदिर पर दिखा भीड़ का सैलाब भीड़ का सैलाब बांके बिहारी ही नहीं जगद्गुरु कृपालु ट्रस्ट द्वारा बनाये गए प्रेम मंदिर पर भी दिखा। यहां नेशनल हाई वे की तरफ जाने वाला मुख्य रास्ते की एक तरफ की सड़क श्रद्धालुओं से भर गयी। जितने भक्त मंदिर के अंदर नहीं थे उससे कई गुना मंदिर के बहार सड़क पर नजर आये। यहां से निकलने वाले राहगीर भीड़ के कारण जद्दोजहद करते दिखे। निधिवन की गलियां हुई पैक भीड़ की स्थिति बांके बिहारी जी की प्राकट्य स्थली निधिवन में भी देखने को मिली। यहां उमड़ी भीड़ में महिला,बच्चे बिलखते नजर आये। निधिवन के आसपास स्थित बाजार में आलम यह हो गया कि पैर रखने की जगह नहीं बची। दर्शन को पहुंचे भक्तों को कई कई घंटे तक इंतजार करना पड़ा। भीड़ का असर उत्तर भारत के विशालतम दक्षिण भारतीय शैली के रंगनाथ मंदिर में भी देखने को मिला। यहां जब तक मंदिर के पट नहीं बंद हुए श्रद्धालुओं की भीड़ कम नहीं हुई। बरसाना श्री जी मंदिर में उमड़ी भीड़ भीड़ की स्थिति वृंदावन ही नहीं बरसाना में भी देखने को मिली। यहां ब्रह्मांचल मंदिर पर स्थित प्रसिद्ध श्री जी मंदिर में विराजमान राधा रानी की एक झलक पाने को श्रद्धालु आतुर नजर आये। मंदिर की तरफ जाने वाली सीढ़ियां भक्तों से भर गयी। रोप वे से जाने वाले श्रद्धालुओं को कई कई घंटे तक अपनी बारी आने का इंतजार करना पड़ रहा था। भीड़ की यह स्थिति मंगलवार तक बनी रहने की संभावना है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:50 am

77वें गणतंत्र दिवस पर 8 बदलाव:पहली बार 2 चीफ गेस्ट, महिला कमांडेंट के नेतृत्व में पुरुष रेजिमेंट, सेना के युद्ध का लाइव डिस्प्ले

भारत 26 जनवरी को 77वां गणतंत्र दिवस मनाएगा। राजधानी दिल्ली में कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में इस बार कई बदलाव नजर आएंगे। इनमें कुछ इतिहास में पहली बार हैं। पहली बार दो चीफ गेस्ट हैं। CRPF की पुरुष रेजिमेंट का नेतृत्व महिला अधिकारी करेंगी। सेना के युद्ध का लाइव डिस्प्ले और पशुओं की परेड भी है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:49 am

जेडीए का कारनामा:खुद की महल योजना में 25 साल पहले आवंटित भूखंडों पर निजी खातेदारी की दुकानों की लीज जारी

शहर के जगतपुरा इलाके में जेडीए का एक ऐसा कारनामा सामने आया है, जिसमें उसने खुद की महल आवासीय योजना में सालों पहले आवंटित भूखंडों पर ही निजी खातेदार के फायदे के लिए उसकी दुकानों की लीज डीड जारी कर दी। चौंकाने वाली बात यह है लीज डीड एक ही व्यक्ति रेणु अग्रवाल के नाम से जारी की है। वहीं जेडीए निजी खातेदार पर इतना मेहरबान हो गया कि दुकानों की लीज जहां पूर्व में आवंटित भूखंडों पर की तो दुकानों के लिए ग्रीन बेल्ट की जगह का इस्तेमाल करने को भी अनदेखा कर दिया। जबकि जेडीए के नक्शे में स्पष्ट तौर पर ग्रीन बेल्ट, बरसाती नाले, सड़क व आवंटित भूखंडों और निजी खातेदारी श्रीराम विहार का उल्लेख कर रखा है। लेकिन जेडीए के अफसरों की ओर से जेडीए अधिकरण में दिए जवाब में ग्रीन बेल्ट के बारे में उल्लेख नहीं किया है, जबकि जेडीए के नक्शे में ग्रीन बेल्ट मौजूद है। जेडीए ने ही वहां पौधारोपण कर उनका रख रखाव किया है। लेकिन महल आवासीय योजना की विकास समिति के जागरुक रहने के चलते फिलहाल मामला अटक कर जेडीए ट्रिब्यूनल में लंबित हो गया है। अब इस मामले में यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने भी विकास समिति के अभ्यावेदन पर जेडीए से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। ग्रीन बेल्ट पर भू-माफियाओं की नजर, बी-ब्लॉक में अतिक्रमण का खुलासा जेडीए ने जगतपुरा में महल आवासीय योजना विकसित की और साल 2000 में आवंटियों को भूखंडों का आवंटन कर दिया। इस योजना के बी ब्लॉक में भूखंड संख्या एक से लेकर 546 तक की संख्या तक के भूखंड हैं। इनमें ज्यादातर भूखंडों पर आवंटी मकान बना कर रह भी रहे हैं। लेकिन इस दौरान ही स्थानीय विकास समिति को जेडीए अधिकरण में ग्रीन बेल्ट में दुकानों की लीज डीड का मामला सामने आने का पता चला। मामले से जुड़े अधिवक्ता व विकास समिति के महासचिव संदेश खंडेलवाल ने बताया कि महल आवासीय योजना (बी-ब्लॉक) विकास समिति ने जेडीए के नक्शे में दर्शाई गई ग्रीन बेल्ट में अतिक्रमण, अवैध निर्माण व भू माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने के संबंध में जेडीए अधिकरण में रेफरेंस पेश किया था। इसमें कहा था कि ग्रीन बेल्ट जेडीए की ओर से संरक्षित है और उसमें करोड़ों रुपए खर्च कर जेडीए ने पेड़ लगाए हैं। लेकिन अब भू-माफिया ग्रीन बेल्ट की जमीन पर जबरन कब्जा कर अतिक्रमण कर रहे हैं। इसके खिलाफ जेडीए कानूनी कार्रवाई करे। जोन-9 उपायुक्त ने अधिकरण में रिकाॅर्ड के विपरीत गलत तथ्य बताए मामले की सुनवाई के दौरान जेडीए जोन-9 की उपायुक्त तारामती वैष्णव ने अपने शपथ पत्र व जवाब में कहा कि महल योजना के बी ब्लॉक का अनुमोदित नक्शा व तकनीकी शाखा की रिपोर्ट के अनुसार महल योजना के भूखंड संख्या बी-504 से 544 पर अनुमोदित योजना में श्री राम विहार की दुकान संख्या एसई-एक से एसई-37 की लीज डीड जारी की जा चुकी है। जबकि यह योजना जेडीए की ओर से अनुमोदित ना होकर जेडीए की स्वामित्व की योजना है। जोन उपायुक्त की ओर से ग्रीन बेल्ट के संबंध में अधिकरण के आदेश के पालन में जेडीए के जोन- 9 ने अपना जवाब पेश किया। जेडीसी ने मामले की जांच के निर्देश दिए जेडीसी ने अधिकरण में जोन उपायुक्त की ओर से गलत तथ्य पेश करने को गंभीरता से लेते हुए दुकानों की लीज डीड जारी करने व ग्रीन बेल्ट की मौजूदा स्थिति की जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं जोन उपायुक्त के अधिकरण में दिए गए शपथ पत्र की भी जांच के लिए कहा है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:47 am

मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ:धर्मेन्द्र-रोहित शर्मा को पद्म अवार्ड; बांग्लादेश में सोते वक्त हिंदू को जलाया, UP के शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र; शंकराचार्य बोले- हर जुल्म सहूंगा

नमस्कार, कल की बड़ी खबर ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. धर्मेन्द्र को पद्म विभूषण, रोहित शर्मा को पद्मश्री सम्मान;131 हस्तियों को पद्म पुरस्कार का ऐलान केंद्र सरकार ने 131 पद्म पुरस्कारों का ऐलान किया। इनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्मश्री शामिल हैं। दिवंगत एक्टर धर्मेंद्र को पद्म विभूषण, झारखंड के पूर्व सीएम दिवंगत नेता शिबू सोरेन और बॉलीवुड सिंगर अलका याग्निक को पद्म भूषण दिया जाएगा। रोहित, हरमनप्रीत को पद्मश्री: क्रिकेटर रोहित शर्मा, पैरा एथलीट प्रवीण कुमार, महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर, हॉकी प्लेयर सविता पूनिया और एक्टर आर माधवन को पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। पद्म पुरस्कार विजेताओं में 19 महिलाएं: जिन 131 हस्तियों को पद्म पुरस्कार दिया जाएगा। उनमें 19 महिलाएं हैं। 6 विदेशी/NRI/PIO/OCI कैटेगरी के लोग भी हैं। 16 हस्तियां ऐसी हैं, जिन्हें मरणोपरांत पुरस्कार दिए जा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें... 2. एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र: सेना के 3 अफसरों को कीर्ति चक्र, 13 को शौर्य चक्र गणतंत्र दिवस के एक दिन पहले रविवार को केंद्र सरकार ने गैलेंट्री अवॉर्ड्स और सर्विस मेडल की घोषणा की। एस्ट्रोनॉट और एयरफोर्स में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया जाएगा। वहीं तीन अधिकारियों को कीर्ति चक्र और 13 को शौर्य चक्र दिया जाएगा। शुभांशु अंतरिक्ष में 18 दिन रहे थे: शुभांशु शुक्ला भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन, टेस्ट पायलट और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अंतरिक्ष यात्री हैं। उन्होंने 25 जून, 2025 को नासा के एक्सियम मिशन के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) की यात्रा की थी। वे ISS पर 18 दिन रहे। उत्कृष्ट सेवा के लिए 982 मेडल: इस बार पुलिस, फायर ब्रिगेड, होम गार्ड, सिविल डिफेंस और करेक्शनल सर्विस से जुड़े 982 कर्मियों को बेहतरीन (उत्कृष्ट) सेवा के लिए सम्मानित किया जाएगा। इनमें 125 वीरता पदक (गैलेंट्री मेडल्स) भी शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें... 3. अविमुक्तेश्वरानंद बोले- कितने भी जुल्म कर लो, पीछे नहीं हटूंगा; डिप्टी CM प्रयागराज पहुंचे प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच 7 दिनों से विवाद जारी है। अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- हम इनकी (भाजपा) आंख की किरकिरी बन गए हैं, कितना भी परेशान करें, मैं पीछे नहीं हटूंगा। जितना हमारे ऊपर जुल्म होगा, उतनी ही मजबूती से कदम उठाऊंगा। दो दिन पहले शिविर पर इकठ्ठे हुए लोग: दरअसल शनिवार को कट्टर सनातनी सेना नाम के संगठन के 10 युवकों ने अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में घुसने की कोशिश की थी। 'योगी जिंदाबाद' के नारे लगाए। अविमुक्तेश्वरानंद ने इस घटना को अपने ऊपर हमला बताया। कहां से शुरू हुआ था विवाद: 18 जनवरी को माघ मेले में मौनी अमावस्या पर अविमुक्तेश्वरानंद पालकी में स्नान करने जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोका और पैदल जाने को कहा। विरोध करने पर शिष्यों से धक्का-मुक्की हुई। इससे नाराज अविमुक्तेश्वरानंद शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... यूपी में दो पत्नियों के बीच 'पति' का बंटवारा, एक दिन छुट्टी उत्तर प्रदेश के रामपुर में एक शख्स की दो पत्नियां हैं। विवाद को सुलझाने के लिए पंचायत ने पति का बंटवारा करने का फैसला सुनाया है। समझौते के तहत पति 3 दिन पहली और 3 दिन दूसरी पत्नी के साथ रहेगा, जबकि रविवार को उसे 'वीकली ऑफ' मिलेगा। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर: चीन के सबसे ताकतवर जनरल झांग पद से क्यों हटाए गए; अबतक दो-तिहाई टॉप ऑफिसर्स गायब या बर्खास्त, क्या जिनपिंग का तख्तापलट होगा 2. नोएडा के युवराज को सिस्टम ने मारा, 7 जिम्मेदार: 16 जनवरी को नाले में डूब गए थे; SIT का सवाल- 2 घंटे तक क्यों नहीं निकाला 3. भास्कर एक्सप्लेनर- रिपब्लिक डे पर चीफ गेस्ट की कुर्सी कितनी कीमती:पहली बार यूरोपियन यूनियन को न्योता क्यों मिला; क्या है 'मदर ऑफ ऑल डील्स' 4. 1857 के गुमनाम शहीद- 168 साल से सड़ रहे 282 शहीदों के कंकाल: अंग्रेजों ने कुएं में जिंदा दफनाया, हत्यारे अफसर के नाम पर अमृतसर में सड़क 5. संडे जज्बात- लोग भैंस, बुलडोजर आंटी कहते थे: 30 की उम्र में 92 किलो वजन था- किडनी खराब होने लगी तो 100 दिन में 20 किलो घटाया 6. जरूरत की खबर- गले में दर्द हो सकता है टॉन्सिलाइटिस: डॉक्टर से जानें ये क्या है, क्यों होता है, लक्षण और बचाव की जरूरी सावधानियां करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज मिथुन राशि वालों के लिए नए काम की शुरुआत के लिहाज से सही समय है। तुला राशि वालों के रुके काम चल पड़ेंगे। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:46 am

मैं दान-दक्षिणा के लिए साध्वी नहीं बनना चाहती:हर्षा रिछारिया बोलीं- हमें युवा पीढ़ी को तप-त्याग दिखाना चाहिए, ना कि 5 करोड़ की कारें

'मैं दान-दक्षिणा के लिए साध्वी नहीं बनना चाहती, इसलिए अब मैं धर्म प्रचार के साथ एंकरिंग भी करूंगी, ताकि मुझे आर्थिक मदद मिल सके, मैं अपने दम पर आगे सनातन के लिए काम कर सकूं।' ये कहना है प्रयागराज महाकुंभ से चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया का। उन्होंने दैनिक भास्कर से कहा- हमें युवा पीढ़ी को त्याग, साधना और तप दिखाना चाहिए। मगर आज हम उन्हें 4-5 करोड़ की लग्जरी गाड़ियां दिखा रहे हैं। इससे हम क्या संदेश देना चाहते हैं, धर्म के रास्ते पर चलो और करोड़ों कमाओ। 12 जनवरी को हर्षा ने सनातन का प्रचार छोड़ने का ऐलान किया था। VIDEO जारी करके कहा- मैंने इस एक साल में बहुत सारे विरोध का सामना किया। अब मौनी अमावस्या के बाद धर्म के रास्ते को छोड़ दूंगी और अपने पुराने प्रोफेशन (एकरिंग) में जाऊंगी। किसी लड़की के चरित्र पर सवाल उठना बहुत आसान है, लेकिन मैं सीता नहीं हूं कि जो अग्निपरीक्षा दूं। इसके बाद से वह लगातार चर्चाओं में बनी हुईं हैं। दैनिक भास्कर ने हर्षा रिछारिया से विस्तार से बातचीत की। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल : आपने धर्म प्रचार का रास्ता छोड़ने का ऐलान क्यों किया?जवाब : पिछले 1 साल में मेरा जीवन महाकुंभ से लेकर माघ मेले तक लगातार उतार-चढ़ाव से गुजरा है। इस दौरान मेरा काफी विरोध हुआ। माघ मेले से पहले मैंने अपने NGO के नाम से जमीन आवंटित करवाई थी। जैसे ही कुछ संतों को यह जानकारी मिली, वैसे ही विरोध शुरू हो गया। यहां तक कहा जाने लगा कि प्रशासन की ओर से मुझे कोई सुविधा न दी जाए। सवाल : क्या आपको मेला क्षेत्र के अधिकारियों का सपोर्ट नहीं मिला?जवाब : संतों के विरोध के बाद हालात ऐसे हो गए कि कई अधिकारियों ने मेरा फोन उठाना भी बंद कर दिया। लगातार हो रहे विरोध से थक-हारकर मैं 10 जनवरी को माघ मेला छोड़कर चली गई। मैंने सोचा कि जब मुझे काम ही नहीं करने दिया जा रहा, तो मैं कब तक अकेले लड़ती रहूंगी। कब तक अकेली ध्वज लेकर आगे चलती रहूंगी। मैं भी इंसान हूं, मैं भी अकेली पड़ सकती हूं और टूट सकती हूं। सवाल : कहा जा रहा कि आप दोबारा सनातन का प्रचार करेंगी?जवाब : मैं इस प्रचार को पूरी तरह छोड़ने वाली नहीं थी, बल्कि उस पर विराम लगाने का मन बना रही थी। मैंने अपने वीडियो में कहीं भी यह नहीं कहा कि मैं इसे हमेशा के लिए छोड़ रही हूं। आप मेरा वीडियो देखिए, मैंने सिर्फ इतना कहा था कि मैं विराम ले रही हूं। सवाल : सतुआ बाबा ने कहा कि धर्म कोई खरीदने की चीज नहीं?जवाब : उन्होंने बिल्कुल सही कहा कि धर्म खरीदने या अपनाने जैसी चीज नहीं है। मैं यह बात पिछले 5 दिनों में कई बार कह चुकी हूं कि मैं धर्म नहीं छोड़ रही हूं। मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि मुझे इस धर्म में जन्म मिला। धर्म मेरा है और मैं चाहूंगी कि ईश्वर मुझे हर जन्म इसी धर्म में दे। पहली बात मैं सिर्फ धर्म-प्रचार पर विराम ले रही थी। दूसरी बात मेरी पूरी बात उन्होंने सुनी ही नहीं। उन्होंने कहा कि सभी संत मिलकर मेरा विरोध करेंगे। लेकिन आप ही कुछ संत हैं, जो पिछले एक साल से मेरा विरोध कर रहे थे। मुझे तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। जब मैंने धर्म के रास्ते पर चलना शुरू किया था, तब भी विरोध था। अब मैं विराम ले रही हूं, तब भी विरोध हो रहा है। सवाल : माघ मेले में लग्जरी गाड़ियां दिख रही हैं?जवाब : माघ मेला कल्पवासियों का मेला है, यहां संत-सन्यासी की त्याग, साधना और तपस्या देखने को मिलती है। यहां ग्रस्त व्यक्ति भी आता है, परिवार से दूर होकर, अपनी परिवार को त्यागकर, यहां चैन-सुकून और त्याग के साथ कल्पवास करता है। वह अपनी चटाई पर बैठकर अपना पूरा दिन व्यतीत करता है, खुद भोजन बनाकर खाता है। जब एक साधक इतना त्याग करता है, तो हमारे संतों और धर्म के प्रतीक के रूप में हमें वही त्याग, साधना और तपस्या दिखानी चाहिए। लेकिन आज हम वहां चार-पांच करोड़ की गाड़ियां दिखा रहे हैं। इसका संदेश क्या है? कि धर्म के रास्ते पर चलो और करोड़ों कमाओ? सवाल : कब एहसास हुआ कि फाइनेंशियल सपोर्ट के बिना मूवमेंट नहीं चलेगा?जवाब : एक साल के बाद मुझे यह समझ में आया कि आगे बढ़ने के लिए कहीं न कहीं आर्थिक सहयोग भी जरूरी होता है। मैं कोई साधु-सन्यासी नहीं हूं कि मुझे लाखों-करोड़ों की दान-दक्षिणा मिले। जहां तक दान-दक्षिणा या आय की बात है, तो इसके लिए मुझे साध्वी बनना पड़े, ऐसा मुझे सही नहीं लगता। इसलिए मैंने यह तय किया है कि साइड-बाय-साइड मैं अपना एंकरिंग का काम भी थोड़ा-थोड़ा शुरू करूंगी, ताकि मेरी आर्थिक स्थिति संतुलित रहे और मेरे लिए आगे बढ़ना थोड़ा आसान हो सके। सवाल : सनातन का प्रचार छोड़ने के ऐलान के बाद क्या बदलाव आया?जवाब : ऐसा हुआ है, मुझे देश-विदेश से जबरदस्त समर्थन मिला। साधु-संतों, महिलाओं, युवाओं, बेटियों और मीडिया से मुझे सहयोग मिला। इस समर्थन ने मुझे अंदर से और मजबूत किया। इसके बाद मैंने तय किया कि मैं धर्म प्रचार से पीछे नहीं हटूंगी, बल्कि और तेजी से इसे आगे बढ़ाऊंगी। सवाल : लोग कहते हैं कि आप साध्वी नहीं रीलबाज हैं?जवाब : लोग मुझे रीलबाज कह रहे हैं। इस बात को मैं खुद ही स्वीकार करती हूं कि मैं साध्वी नहीं हूं। जहां तक रील बनाने की बात है, तो मैं आपसे यही पूछना चाहती हूं कि आज के दौर में सोशल मीडिया पर कौन ऐसा है, जो वीडियो नहीं बना रहा। आज की तारीख में मंत्री हों, संत हों या सामान्य व्यक्ति, लगभग सभी के सोशल मीडिया अकाउंट हैं और उनके लाखों-करोड़ों फॉलोअर्स भी हैं। फिर सिर्फ मुझे ही रीलबाज क्यों कहा जा रहा है और किस आधार पर कहा जा रहा है? मैं कोई अशोभनीय या नग्नता से जुड़ा कंटेंट तो नहीं बना रही हूं। मैं वही बातें कह रही हूं, जो अपने विचारों और अपनी आस्था के अनुसार उचित समझती हूं। सवाल : क्या आप शादी करने का प्लान कर रही हैं?जवाब : मैंने अभी यह तय नहीं किया है कि शादी कब करनी है। पिछले एक साल से मेरा जीवन कुछ इस तरह हो गया है कि मेरे मन में हर समय आगे के काम को लेकर ही विचार चलते रहते हैं। इस काम को आगे बढ़ाने में दिन-रात की मेहनत और कई तरह की कठिनाइयां आती हैं। मेरा सारा ध्यान इन्हीं चुनौतियों को पार करने में लगा रहता है। फिलहाल शादी के बारे में सोचने का समय नहीं मिलता है। सवाल : मॉडलिंग को लेकर आपके क्या विचार हैं?जवाब : नहीं, मैंने कभी मॉडलिंग नहीं की है और न ही पिछले कई सालों में इसके बारे में सोचा है। मैं एंकरिंग करती रही हूं और मुझे यह काम हमेशा बहुत पसंद रहा है। मुझे लगता है कि ईश्वर ने मुझे मेरी आवाज एक उद्देश्य के लिए दी है, मैं हमेशा अपनी आवाज के दम पर पहचान बनाना चाहती हूं। मॉडलिंग न तो कभी मेरा सपना रही है और न ही भविष्य में होगी। सवाल : किन लोगों की वजह से आप परेशान हुईं?जवाब : मेरी आंखों के आंसू बहुत कुछ कह देते हैं। जब भी उस दर्द की बात आती है, तो अपने आप आंखें भर आती हैं। ट्रोलिंग सिर्फ ट्रोलिंग तक सीमित नहीं रही। इसके साथ कुछ ऐसे इन्फ्लुएंसर हैं, जो मिर्च-मसाला लगाते हैं, उन्हें सिर्फ व्यूज दिखते हैं। उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि सामने वाले इंसान पर इसका क्या असर पड़ेगा। यह बहुत गलत है। सवाल : जिन लोगों ने कमेंट किए, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई करेंगी?जवाब : मैंने ऐसे लोगों की पूरी जानकारी जुटा ली है। मैं इस मामले में कानूनी कार्रवाई करूंगी। मेरे वकील काम कर रहे हैं। मैं ऐसा इसलिए कर रही हूं ताकि जो मेरे साथ हुआ, वह किसी और के साथ न हो। आज मेरी छवि खराब करने की कोशिश की गई, लेकिन यह सब अब यहीं नहीं रुकेगा। सवाल : क्या एक लड़की होने की वजह से आपका विरोध हो रहा?जवाब : मुझे यह समझ में नहीं आता कि अगर सिर्फ लड़की होना ही पाप है, तो फिर हम दूसरे धर्म की बेटियों को इतने सम्मान के साथ क्यों स्वीकार करते हैं। कहीं न कहीं मुझे लगता है कि आज भी समाज का एक छोटा सा हिस्सा ऐसा है, जो नहीं चाहता कि हमारे ही धर्म की कोई बेटी आगे बढ़े। वे चाहते हैं कि दूसरे धर्म के लोग आगे बढ़ें, लेकिन अपने ही धर्म की बेटियां नहीं। यह सोच बहुत तेजी से फैल रही है। हाल ही में मैं जबलपुर में थी, वहां भी मैंने एक मामला सुना, जहां एक बेटी के कथा-व्यास पर बैठने का विरोध किया गया। सवाल उठाया गया कि एक लड़की होकर वह कथावाचक कैसे बन सकती है, व्यास पीठ पर कैसे बैठ सकती है। कहीं सुनने को मिलता है कि कोई नई आचार्य महामंडलेश्वर नहीं बन सकती। सवाल : शंकराचार्य, साधु-संत, महात्मा आपको क्यों नहीं समझ रहे हैं?जवाब : शंकराचार्य, जगतगुरु का हमारी सनातन संस्कृति में बहुत सम्मान है। कोई भी उस पद पर बैठा हो, हम उनके प्रति हमेशा नतमस्तक रहते हैं। मुझे लगता है, बिना पूरी बात जाने, किसी पर आलोचना करना गलत है। दूसरी बात, अगर मैंने सुना कि किसी ने कुछ गलत कहा, तो भी हमारे शब्दों और भाषा में मर्यादा होनी चाहिए। संत पदवी पर बैठे व्यक्ति का गलत शब्द या गलत आचरण कई अन्य संतों पर भी सवाल खड़ा कर सकता है। मेरा जो भी विरोध कर रहे हैं, वे बोल सकते हैं। बड़े हैं, उनके अनुभव हैं। लेकिन नारी के बारे में बोलते समय उन्हें मर्यादित और सम्मानजनक भाषा का उपयोग करना चाहिए।-------------------------------- ये भी पढ़ें हिंदू लड़कियां अब्दुल के चक्कर में क्यों पड़े?:हर्षा रिछारिया बोलीं- डंडे से समझाने की जरूरत; माघ मेले में युवाओं का कैंपेन प्रयागराज में संगम में स्नान करके श्रद्धालु लौट रहे हैं। सामने 3 लोग चार्ट लेकर खड़े हैं। किसी में लिखा है- अपनी बेटी को लव जिहाद से बचाओ तो किसी में लिखा है कब तक हिंदू कटता रहेगा? ये बैनर लेकर खड़े लोग कहते हैं कि लोगों को हम लव जिहाद को लेकर जागरूक कर रहे। बात सिर्फ इतनी नहीं, पूरे मेले में लव जिहाद को लेकर चर्चा है। कहीं नागा साधु तो कहीं शंकराचार्य इस मामले में खुलकर बोल रहे। पढ़िए पूरी खबर....

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:46 am

गोरखपुर में खिचड़ी मेले में भारी भीड़:रविवार की छुट्टी ने बढ़ाई रौनक, उमड़ा श्रद्धालुओं का हुजूम, पुलिस प्रशासन अलर्ट

गोरखपुर के खिचड़ी मेले में रविवार को श्रद्धा और उत्साह का जबरदस्त सैलाब देखने को मिला। साप्ताहिक अवकाश होने के कारण सुबह से ही श्रद्धालुओं और सैलानियों की भारी भीड़ मंदिर परिसर की ओर उमड़ पड़ी। भीड़ का आलम यह था कि मंदिर के मुख्य गेट से लेकर मेला क्षेत्र के हर कोने तक केवल लोगों का हुजूम ही नजर आ रहा था और स्थिति ऐसी बनी कि परिसर में पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी। झूला झूलने के इंतजार करते रहे लोग मेले में आए बड़े और छोटे झूलों पर युवाओं और बच्चों का भारी उत्साह दिखा, जहां हर झूले पर लोग अपनी बारी के लिए घंटों वेटिंग में खड़े रहे। मेले के बाजार ने भी सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। खरीदारी के उमड़ा हुजूम यहां सजी दुकानों पर महिलाओं ने गृहस्थी के सामानों की खरीदारी की, तो वहीं पुरुषों और बच्चों के लिए भी विभिन्न प्रकार के स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने रहे। शॉपिंग एरिया में खरीदारों का हुजूम नजर आया। पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैदअत्यधिक भीड़ और सुरक्षा की चुनौतियों को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेला परिसर में जगह-जगह भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिसकर्मियों ने भीड़ प्रबंधन की कमान संभालते हुए श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित किया, जिससे इतनी बड़ी संख्या में लोगों के होने के बावजूद व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रही। बाबा गोरखनाथ के दरबार में आस्था और मनोरंजन का यह अद्भुत संगम देर रात तक जारी रहा।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:46 am

शंकराचार्य भगवान के लिए केशव अकेले लड़ रहे:चंद्रशेखर ने पंजे को दी पटखनी, साहब के तिरस्कार पर 2 अफसर नपे

ऊपर Video पर क्लिक करें और देखें... आज यूपी की राजनीति और सरकारी विभागों की कौन सी बात खरी है....

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:45 am

ड्रोन VIDEO में देखिए 26 जनवरी पर चमकता लखनऊ:तिरंगे के रंगों में दुल्हन जैसी सजीं इमारतें; लोगों ने सेल्फी ली, REEL बनाई

लखनऊ में 79वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। तिरंगे के रंग में शहर की प्राइवेट-सरकारी इमारतें रंगी हुई थीं। रात के अंधेरे में जगमग धरोहरों का नजारा बेहद दिलचस्प था। आकर्षक सजावट को लोग अपने मोबाइल फोन के कैमरों में कैद करते दिखे। लोगों ने खूब सेल्फी ली और रील बनाई। ड्रोन VIDEO में देखिए नजारा...

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:45 am

नाबालिग को बेचने के मामले में रेप की धारा बढ़ी:गोरखनाथ इंसपेक्टर हटाए गए; दो और गिरफ्तार

गोरखनाथ थाना क्षेत्र से नाबालिग लड़की का अपहरण कर बेचने और बंधक बनाने के मामले में पुलिस ने लड़की के बयान के आधार पर रेप की धारा बढ़ा दी है। पुलिस ने इस मामले में लड़की के इंस्टाग्राम दोस्त और स्पा नेटवर्क से जुड़े पिपराइच के आदित्य को गिरफ्तार कर लिया है। इधर, गोरखनाथ के थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर दिया गया है। उनकी जगह गुलरिहा के थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह को गोरखनाथ की जिम्मेदारी दी गई है।पुलिस मामले की जांच में जुटी है। बरामद किए जाने के बाद लड़की ने मेडिकल कराने से इनकार कर दिया था। इसलिए उसके बयान के आधार पर इस केस में रेप की धारा बढ़ाई गई है। पुलिस की पूछताछ में कई और लोगों के नाम भी सामने आए हैं। अब उनकी भी लाश चल रही है। पहले जानिए क्या है मामलागोरखनाथ थाना क्षेत्र की रहने वाली 13 साल की लड़की की दोस्ती इंस्टाग्राम के जरिए एक किशोर से हो गई थी। लगभग 6 महीने तक दोनों की बात होती रही और लड़की किशोर के बहकावे में आ गई। 5 जनवरी को लड़की घर से गायब हो गई और उसकी गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज की गई। पूछताछ में यह बात सामने आयी है कि लड़की किशोर के बहकावे में आकर उसके साथ चली गई। किशोर उसे लेकर भूमि पैलेस होटल लेकर गया। वहां लड़की से रेप करने के बाद वह भाग गया। आरोप है कि लड़की को अकेला जानकर होटल मालिक धीरेंद्र उर्फ अभय सिंह ने उसे होटल में बंधक बना लिया। आरोप है कि तीन दिनों तक अलग-अलग लोगों ने उसके साथ रेप किया। उसके बाद बड़हलगंज स्थित ग्रीन डायमंड स्पा को बेच दिया गया। वहां एक सप्ताह तक लड़की को बंधक बनाकर रखा गया। बाद में उसकी तबियत बिगड़ने पर नौसढ़ स्थित होटल पहुंचा दिया गया। यहीं से पुलिस ने उसे बरामद कर लिया। लड़की के बयान के बाद हुई गिरफ्तारी इस मामले में लड़की के बयान के आधार पर शनिवार को तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पूछताछ व जांच में होटल मालिक, मैनेजर व स्पा सेंटर के मैनेजर की मिलीभगत सामने आयी थी। तीनों को जेल भेज दिया गया है। रविवार को दो और लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बंद कराया गया स्पाबड़हलगंज स्थित ग्रीन डायमंड स्पा को बंद करा दिया गया है। होटल भूमि पैलेस की वैधता की जांच के लिए जीडीए को पत्र लिखा गया है। यदि मानक के अनुरूप निर्माण नहीं मिला तो इस होटल को सील किया जा सकता है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:45 am

9 दिन से शिविर नहीं गए, वैनिटी-वैन शंकराचार्य का घर:लग्जरी सुविधाओं से लैस, वॉशरूम से लेकर बेड तक मौजूद

प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच विवाद जारी है। पिछले 9 दिनों से शंकराचार्य ने अपने शिविर में प्रवेश नहीं किया है। उनका कहना है कि जब तक प्रशासन उनसे माफी नहीं मांगता, ससम्मान मौनी अमावस्या वाला स्नान नहीं करवाता, तब तक वह शिविर के बाहर ही रहेंगे। शंकराचार्य अपनी बात पर अटल हैं। शिविर के अंदर नहीं गए हैं। उन्होंने अब अपनी गाड़ी को ही अपना घर बना लिया है। हालांकि इस गाड़ी में वह सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो किसी व्यक्ति की जरूरत होती हैं। आज हम इसी गाड़ी की बात करते हैं.... फोर्स मोटर्स भारत की प्रमुख ऑटोमोटिव कंपनी है। यह पुणे में स्थित है। कंपनी मुख्य रूप से कामर्शियल गाड़ियां बनाती हैं। इनमें वैन, मिनी-बस और ट्रैवलर शामिल हैं। ये कंपनी मर्सिडीज-बेंज और बीएमडब्ल्यू जैसी गाड़ियों के लिए इंजन भी बनाती है। अविमुक्तेश्वरानंद के पास 17 सीटर अर्बानिया 4400 डब्ल्यूबी गाड़ी है। इस गाड़ी की शोरूम कीमत करीब 30 लाख रुपए है। इसकी कीमत राज्य और शहर के हिसाब से थोड़ी अलग हो सकती है। लेकिन, जब यही गाड़ी सड़क पर उतरती है तो इसकी कीमत 37 लाख रुपए तक हो जाती है। क्योंकि इसमें आरटीओ चार्ज के रूप में करीब 4 लाख, इंश्योरेंस के रूप में डेढ़ लाख और अन्य सुविधाओं के लिए करीब 30 हजार रुपए का खर्च आता है। यह डीजल गाड़ी है और एक लीटर में करीब 11 किलोमीटर चलती है। मॉडिफाई में 40 से 50 लाख रुपए खर्च हुएशंकराचार्य की इस गाड़ी की सीटें बीएमडब्ल्यू जैसी गाड़ियों की तरह हैं। पीछे की नॉर्मल सीटों को हटाकर प्रीमियम सोफा लगाया गया है। इंटीरियर डिजाइन ऐसा किया गया है, जैसे किसी 5 फाइव स्टार होटल की छतों में होता है। शंकराचार्य जिस सीट पर बैठते हैं, उसके ठीक बगल वैसी ही एक सीट है, जिस पर वह अपने भगवान रखते हैं। जब कभी गौमुख यात्रा पर निकलते हैं तो लोग उनके साथ भगवान के भी दर्शन करते हैं। प्रीमियम सोफा, शंकराचार्य की सीट और ऊपरी इंटीरियर तो नजर आता है, लेकिन उसके पीछे के हिस्से को इस वक्त पर्दा लगाकर ढक दिया गया है। किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं होती। अंदर क्या कुछ है, इसके बारे में कोई भी कैमरे पर बात नहीं करता। गाड़ी के अंदर शॉवर और फ्रिज भी मौजूदअर्बानिया की जितनी भी गाड़ियां मॉडिफाई होकर वैनिटी वैन बनीं, उनमें टॉयलेट, सिंक, शावर, छोटा फ्रिज और माइक्रोवेव भी जोड़ा गया है। शंकराचार्य की इस गाड़ी में भी इस तरह की सुविधाएं हैं। गाड़ी में पानी भरने के लिए 4 तरह से सुविधाएं हैं। जिस वक्त ड्राइवर इसमें पानी भर रहे थे, हमारी टीम वहीं मौजूद थी। ड्राइवर कहते हैं कि शुरुआत में एक ही तरफ से यह सुविधा थी। लेकिन, बाद में इसमें यह सुविधा बढ़ाई गई। अब 4 तरफ से पानी भरा जा सकता है। इस गाड़ी में हाईटेक कैमरे भी लगाए गए हैं। जिस जगह शंकराचार्य बैठते हैं, वहां कंट्रोल रूम पैनल बनाया गया है। वहां से वह ड्राइवर से बात कर सकते हैं। साथ ही इसमें जो स्क्रीन लगी है, उसके जरिए वह ड्राइवर को देख सकते हैं। सामने और पीछे की भी स्थिति को लगातार देख सकते हैं। बेहतर एयर कंडीशनिंग की सुविधा है। इसके लिए लगातार गाड़ी को स्टार्ट नहीं रखा जाता, बल्कि अंदर ही एक इन्वर्टर भी होता है। ऑटो मोबाइल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों से बात करने पर समझ आता है कि इस वैनिटी वैन को मॉडिफाई करवाने में 40 से 50 लाख रुपए खर्च होते हैं। मतलब जो गाड़ी 35 लाख की होती है, वह मॉडिफाई करने के बाद 80 से 85 लाख रुपए की हो जाती है। शंकराचार्य के शिविर में इसी तरह की एक और गाड़ी खड़ी है। हालांकि, उसे पर्दे के पीछे रखा गया है। वहां जाने की मनाही है। शंकराचार्य की इस गाड़ी का नंबर भी स्पेशल है। छत्तीसगढ़ की इस गाड़ी का नंबर 1008 है। मौनी अमावस्या पर स्नान नहीं करने देने से शुरू हुआ था विवादशंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच इस विवाद की शुरुआत 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन से शुरू हुई थी। शंकराचार्य पुल नंबर-2 से संगम जाने के लिए निकले थे। उस दिन यह पुल बंद था। शंकराचार्य की पालकी लेकर चल रहे लोगों ने इस पुल को खोल दिया और आगे बढ़ने लगे थे। संगम के पास जाने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया। पुलिस प्रशासन ने उनके साथ मौजूद शिष्यों, साधुओं को पकड़ा और हिरासत में लेकर चले गए। हिरासत में पुलिस ने उनके साथ मारपीट की। करीब 3 घंटे तक शंकराचार्य पालकी पर वहीं बैठे रहे। इसके बाद सादी वर्दी में पुलिस के जवान आए और शंकराचार्य की पालकी को धक्का देते हुए संगम से करीब 500 मीटर दूर अक्षयवट मार्ग पर छोड़कर चले आए। वहां वह अकेले खड़े रहे। इसके बाद प्रशासन के लोग उन्हें पुल पार कराते हुए शिविर के बाहर छोड़कर आ गए। शंकराचार्य को जहां छोड़ा गया था, वह वहीं बैठ गए। पिछले 9 दिनों से वह उसी जगह पर बैठे हैं। वहीं वैनिटी वैन खड़ी होती है। वह रात में उसमें रहते हैं। शिविर के अंदर प्रवेश नहीं करते। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें... अविमुक्तेश्वरानंद-प्रशासन विवाद का हल क्या; एक छोटी घटना कैसे बनी यूपी की सबसे बड़ी कंट्रोवर्सी माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुए विवाद ने सनातन समाज से लेकर सियासत तक को दो फाड़ कर दिया है। पालकी में गंगा स्नान की जिद, पुलिस के साथ झड़प और फिर बटुकों की पिटाई ने यूपी की सियासत में उबाल ला दिया है। पढ़ें पूरी खबर

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:44 am

खुद के विमान नहीं, किराए पर उड़ानें:स्पाइसजेट-इंडिगो की 4 फ्लाइट लीज एयरक्राफ्ट से, नतीजा- बार-बार लेट और रद्द

भारतीय एयरलाइंस कंपनियों के पास खुद के विमानों की कमी साफ नजर आने लगी है। इसी कारण एयरलाइंस विदेशी कंपनियों से लीज पर लिए गए विमानों के जरिए फ्लाइट संचालन कर रही हैं। जयपुर एयरपोर्ट पर बीते कुछ समय में ऐसे विदेशी विमानों की संख्या लगातार बढ़ी है। हालात ऐसे हैं कि यात्री जब विमान देखते हैं तो उसके डिजाइन और रंग-रोगन से चौंक जाते हैं। यात्रियों ने टिकट भारतीय एयरलाइंस की वेबसाइट से बुक की होती है, लेकिन विमान विदेशी कंपनियों के लोगो वाले होते हैं। हालांकि इससे यात्रियों की यात्रा पर सीधा असर नहीं पड़ रहा, लेकिन विमानों की कमी का असर फ्लाइट्स की नियमितता पर जरूर दिख रहा है। स्पाइसजेट की उड़ानें सबसे ज्यादा प्रभावितस्पाइसजेट की जयपुर से संचालित फ्लाइट्स आए दिन घंटों लेट या फिर ऐनवक्त पर रद्द कर दी जाती हैं। शुक्रवार को स्पाइसजेट की दुबई फ्लाइट एसजी-57 13 घंटे से ज्यादा लेट रही। यह 15 दिनों में 5 बार फ्लाइट रद्द की जा चुकी है। अन्य दिनों में 3 से 22 घंटे तक लेट रही। जयपुर से रोज 4 से 5 फ्लाइट्स विदेशी एयरलाइंस से लीज पर लिए गए विमानों के जरिए संचालित हो रही हैं। इंडिगो और स्पाइसजेट विदेशी कंपनियों से ले रहे विमान इंडिगो एयरलाइन तुर्किए की फ्री बर्ड एयरलाइन से और स्पाइसजेट ब्रिटेन की एसेंड एयरवेज से लीज पर विमान लेकर संचालन कर रही है। जयपुर से स्पाइसजेट की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय 3 फ्लाइट्स संचालित होती हैं, जिनमें से 2 फ्लाइट्स विदेशी कंपनियों के लीज्ड एयरक्राफ्ट से उड़ान भर रही हैं। जम्बोजेट विमानों का संचालन लगभग बंदजयपुर एयरपोर्ट से फ्लाइट संचालन में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अब यहां से जम्बोजेट विमानों का संचालन लगभग पूरी तरह बंद हो गया है। पहले कुआलालंपुर के लिए फ्लाइट एयरबस A-330 से संचालित होती थी। इससे पहले सिंगापुर के लिए स्कूट एयरलाइंस की फ्लाइट बोइंग 787 ड्रीमलाइनर से उड़ान भरती थी। वर्तमान में जयपुर एयरपोर्ट से केवल छोटे और मध्यम श्रेणी के एयरक्राफ्ट ही संचालित किए जा रहे हैं। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, जयपुर से कुल्लू के लिए अलायंस एयर की फ्लाइट सबसे छोटे विमान से संचालित हो रही है। यह फ्लाइट वीटी-यूडीबी विमान से उड़ान भरती है, जो 48 सीटर है और जयपुर से चलने वाली शेड्यूल्ड फ्लाइट्स में सबसे छोटा विमान है। अब जयपुर से कुआलालंपुर की फ्लाइट भी एयरबस A-330 की बजाय एयरबस A-320 विमान से संचालित हो रही है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:44 am

2027 चुनाव से पहले अखिलेश की सॉफ्ट पॉलिटिक्स:सीएम के करीबी के घर पहुंचे, वाघेला-पटनायक से मुलाकात-शंकराचार्य से बात; मायने क्या?

सपा प्रमुख अखिलेश यादव की हाल के दिनों की एक्टिविटी सियासत के गलियारों में चर्चा का विषय बनी है। मुख्यमंत्री के सबसे करीबी विनोद कुमार शाही के बेटे के निधन पर उनके घर जाना हो या फिर बिकरू कांड में आरोपी बनी नई नवेली दुल्हन की मां का इलाज का मामला। गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला से मुलाकात हो या फिर आमतौर पर भाजपा का साथ देने वाले नवीन पटनायक से भुवनेश्वर में उनके घर पर मुलाकात। जानकार इसे राजनीति में अखिलेश के बड़े होते चेहरे के रूप में देख रहे हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि क्या अखिलेश यादव अपने पारंपरिक ढर्रे को बदल रहे? या फिर 2027 के चुनाव को लेकर ये उनकी रणनीति है? क्या अखिलेश यादव पीडीए के इतर भी अपना वोटबैंक मजबूत करना चाहते हैं? भाजपा को सॉफ्ट पॉलिटिक्स के जरिए कोई संदेश देना चाहते हैं? ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम को लेकर क्या रुख है? कांग्रेस को लेकर क्या रुख है? वे अपने नेताओं को क्या नसीहत दे रहे? इस खास खबर में इन सवालों के जवाब ढूंढने की कोशिश करेंगे... पहले अखिलेश की कुछ गतिविधियों पर एक नजर मुख्यमंत्री के करीबी के घर सांत्वना देने पहुंचेअखिलेश यादव बीते दिनों अदालतों में सरकार का पक्ष मजबूती से रखने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता एएजी विनोद शाही के घर सांत्वना देने पहुंचे। विनोद शाही के 27 साल के बेटे का निधन हो गया था। अखिलेश के इस कदम ने लोगों को चौंका दिया। इसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। इससे जो अखिलेश यादव की आलोचना भी करते हैं, वे भी उनकी तारीफ करने से खुद को रोक नहीं सके। विकास दुबे की समधन का इलाज करायाबिकरू कांड में आरोपी खुशी दुबे की मां के इलाज में अखिलेश सक्रिय दिखे। खुशी दुबे, गैंगस्टर विकास दुबे की बहू है। खुशी की मां गंभीर बीमार थीं, इलाज के लिए पैसे की कमी थी। अखिलेश ने सर्जरी के लिए फंडिंग की और मदद उपलब्ध कराई। खुशी दुबे ने खुद वीडियो जारी कर अखिलेश का धन्यवाद किया। यह कदम ब्राह्मण समुदाय में सपा की इमेज सुधारने का प्रयास माना जा रहा है। शंकराचार्य से फोन पर बात कीमाघ मेले में मौनी अमावस्या के मौके पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ उपजे विवाद पर अखिलेश यादव खुलकर शंकराचार्य के साथ दिखे। साथ ही फोन पर बात कर उन्हें भरोसा भी दिलाया। इसी तरह मणिकर्णिका घाट को लेकर भी अखिलेश यादव मुख्यमंत्री पर सीधा हमला करते नजर आए। टिकट को लेकर साफ संकेत दिएअखिलेश यादव 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए टिकट मांगने वालों को भी साफ संदेश देने से नहीं बच रहे। रोज-रोज पार्टी दफ्तर आने वालों का रिकॉर्ड मेंटेन किया जा रहा है। अखिलेश यादव को पता है कि कौन क्षेत्र में मेहनत कर रहा है और कौन सिर्फ पार्टी दफ्तर के चक्कर लगा रहा? बीते दिनों ऐसे ही एक नेता की अखिलेश यादव ने जमकर क्लास लगाई थी। रिकॉर्ड मंगाया गया तो पता चला कि महीने के 17 दिन वे पार्टी ऑफिस में ही थे। ऐसे ही पूर्वांचल के एक नेता अपने सांसद को लेकर टिकट की पैरवी के लिए पहुंचे, तो उन्होंने एसआईआर को लेकर सीधा सवाल कर दिया। नेता जी बगले झांकने लगे। अखिलेश ने कहा कि सरकार तब बनेगी, जब विधायक जीतकर आएंगे। विधायक वही बनेगा, जो क्षेत्र में लोगों के बीच होगा। जो क्षेत्र में रहकर पार्टी का काम कर रहा होगा। टिकट भी उन्हें ही मिलेगा। कई राजनीतिक मुलाकात भी चर्चा में रहीं, मायने क्या?वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र कुमार कहते हैं- अखिलेश यादव ने बीते कुछ दिनों में अपने तौर-तरीके में बड़ा बदलाव किया है। अब वे तंज कसने के बजाय दो-टूक बात करने लगे हैं। अखिलेश ने बीते कुछ दिनों में अपने रवैए में काफी बदलाव किया है। वे अनावश्यक रूप से किसी से उलझने से न सिर्फ बच रहे, बल्कि सॉफ्ट राजनीति के जरिए विरोधियों को भी अपना मुरीद बना रहे। मामला कांग्रेस का हो, ओवैसी का या 2027 के चुनाव के लिए टिकटों का। वे सबको दो-टूक संदेश दे रहे। मसलन बीते दिनों सांसदों के साथ बैठक में अखिलेश ने अपने नेताओं से कहा कि एसआईआर की जिम्मेदारी सिर्फ कार्यकर्ताओं और विधायकों की नहीं, आपकी भी है। इसके साथ ही अखिलेश ने सबसे उनके क्षेत्रों की रिपोर्ट ली। इतना ही नहीं, विधानसभा चुनाव के टिकटों की पैरवी पर दो टूक कहा कि आप सब अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में हर विधानसभा क्षेत्र से तीन-तीन नाम दें। इससे दो चीजें होंगी। पहली- अखिलेश ने भार सांसदों पर डाल दिया। दूसरा- जिले में भी सांसदों की कद्र बढ़ जाएगी, जिससे पार्टी की बाउंडिंग और मजबूत होगी। सांसद भी सोच-समझकर अपने नाम राष्ट्रीय अध्यक्ष को सुझाएंगे। इसके अलावा अखिलेश यादव सर्वे भी करा रहे हैं कि किस सीट पर कौन मजबूत है? राजेंद्र कुमार कहते हैं- अखिलेश अब नेताजी (मुलायम सिंह यादव) की राजनीति के नक्शे-कदम पर चल निकले हैं। पार्टी की गुटबाजियों को खत्म करने के लिए साफ संदेश दे रहे हैं। अनावश्यक बयानबाजी से लोगों को रोक रहे। ओवैसी और कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर बयानबाजी से बचने की नसीहत दे रहे। उनका साफ कहना है कि ओवैसी न तो यूपी में सरकार बनाएंगे और न ही वे मंत्री बनने जा रहे। उन्होंने दूसरे राज्यों में किसे फायदा पहुंचाया और यहां किसे फायदा पहुंचाएंगे, यह लोगों के बीच जाकर बताना है। इसके अलावा अखिलेश यादव ने हाल के दिनों में कुछ पुराने कांग्रेसी नेताओं के साथ-साथ जनता दल से अलग हुए नेताओं से भी मुलाकात की है। इनमें गुजरात के कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला और ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से मुलाकात शामिल हैं। ओवैसी के डेंट से बचाने की चुनौतीराजनीतिक विशेषज्ञ और मुस्लिम मामलों के जानकार हसन एजाज कहते हैं- ओवैसी के बिहार और महाराष्ट्र के प्रदर्शन को लेकर सपा के नेताओं का चिंतित होना स्वाभाविक है। ऐसे में अखिलेश यादव के लिए मुश्किल यह है कि वे खुलकर मुस्लिमों की बात करेंगे, तो भाजपा निश्चित रूप से इसे भुनाने का प्रयास करेगी। वहीं, ओवैसी के खिलाफ आक्रामक होंगे तो मुस्लिमों का एक वर्ग नाराज होगा। एजाज अहमद कहते हैं- इससे पहले भी यूपी में कई ऐसे छोटे-छोटे दल सक्रिय रहे हैं। ये दल कुछ सीटों पर अपना असर दिखाते रहे हैं और मुस्लिम वोट अपनी ओर खींचते रहे हैं। इनमें पीस पार्टी, मोमिन कॉन्फ्रेंस जैसे दल शामिल हैं। ऐसे में ओवैसी भाजपा को कैसे फायदा पहुंचा रहे, इसका तर्कसंगत जवाब देने के लिए अपने नेताओं को समझा रहे हैं। जनता के बीच जाकर इस बात को कहने की बात कर रहे हैं। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें... MLC को टांगकर ले गई पुलिस; सांसद धरने पर बैठे, मणिकर्णिका घाट जा रहा था सपा प्रतिनिधिमंडल वाराणसी में सपा का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मणिकर्णिका घाट जाने पर अड़ा हुआ है। हालांकि, प्रतिनिधिमंडल के रवाना होने से पहले ही पुलिस प्रशासन ने सपा पदाधिकारियों और पार्टी से जुड़े नेताओं को नजरबंद कर दिया। इसके बावजूद प्रतिनिधिमंडल मणिकर्णिका घाट जाने की कोशिश कर रहा है। कई जगह पुलिस और सपाइयों के बीच नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई। पढ़ें पूरी खबर

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:44 am

यूपी के योद्धा-4:घायल होने के बावजूद सिर्फ 4 दिन अस्पताल में रहे, मोर्चे पर लौटकर दुश्मन से 2 गांव छीने; आगरा के कैप्टन सोढ़ी की कहानी

3 दिसंबर, 1971 की रात ने देश को जंग के मुहाने पर ला खड़ा किया था। पाकिस्तान ने भारत के कई एयरफोर्स बेस पर हमला करके जंग की शुरुआत कर दी थी। दुनियाभर के रेडियो और अखबारों के लिए ये सुर्खियां थीं, लेकिन सीमा पर तैनात जवानों के लिए सामने खड़ी सच्चाई। आगरा के रहने वाले कैप्टन रणवीर सिंह सोढ़ी पंजाब के फाजिल्का सेक्टर में तैनात थे। सिर्फ 24 साल की उम्र में आर्मी की तोपखाना रेजिमेंट में कैप्टन के तौर पर अहम जिम्मेदारी निभा रहे थे। मोर्चे पर तैनात जवानों को आगे बढ़ने के लिए पीछे से आर्टिलरी सपोर्ट देना काफी पेचीदा काम था। पाकिस्तानी फौज ने अपनी आदत के मुताबिक इस बार भी छल किया था। बॉर्डर के दोनों तरफ बसे गांवों में कुछ खेत सीमा के बिल्कुल नजदीक थे। आर्मी की निगरानी में किसानों को खेती की इजाजत थी। इसी की आड़ में दुश्मन ने चाल चली। बेरीवाला ब्रिज सीमा के बेहद करीब था। वहां से आवाजाही आम बात थी। शाम का वक्त था। इलाके पर नजर रख रहे जवानों को सामान्य-सी आवाजाही पर कुछ शक हुआ। एक जवान ने अपने सीनियर से कहा- “साब, वो बैलगाड़ी कुछ अजीब लग रही है। इतने में दूसरा जवान पास आया और दूरबीन से देखकर बोला- “साब, ये लोग अपनी तरफ के गांववाले नहीं लग रहे।” सीनियर अफसर ने दूरबीन से देखा। फिर गंभीर आवाज में बोला- “वायरलेस से सेक्टर को अलर्ट भेजो तुरंत…।” इतना कहकर अफसर फिर से दूरबीन में देखने लगा। इस बार और भी गंभीर आवाज में बोला- “ये किसान नहीं लग रहे। कोई भी आपस में बात नहीं कर रहा। कुछ सिर झुकाकर बैठे हैं और कुछ के चेहरे आधे ढके हुए।” अफसर ने कड़क आवाज में आदेश दिया- “सभी लोग हथियार तैयार रखो।” तभी एक जवान बोला- “साब, ये लोग बेरीवाला ब्रिज की तरफ मुड़ रहे हैं।” अफसर की आवाज भारी हो गई- “मेरा शक सही निकला, लेकिन हम देर कर चुके हैं।” कुछ ही मिनटों में हलचल तेज हो गई। एक सिपाही चिल्लाया- “साब, उन्होंने हथियार निकल लिए हैं और बेरीवाला ब्रिज पर कब्जा कर लिया।” कमांड पोस्ट में सन्नाटा था। ब्रिज से फाजिल्का टाउन महज 5-6 किलोमीटर दूर था। दूरी कम थी और खतरा बहुत बड़ा। दुश्मन यहां से आगे बढ़कर टाउन कब्जाने की फिराक में था। ऐसा होते ही अबोहर, श्री मुक्तसर साहिब, फिरोजपुर, श्रीगंगानगर जैसे अहम इलाकों का पूरा रोड नेटवर्क खुल जाता। सबको अंदाजा था कि ये सिर्फ एक ब्रिज की नहीं, पूरे इलाके की सिक्योरिटी का सवाल है। बिना देर किए आसपास का पूरा इलाका सील करने का आदेश दिया गया। दुश्मन करीब 7 किलोमीटर भारत की सीमा में घुस आया था। उसे पीछे धकेलने के लिए 3 दिसंबर की उसी शाम काउंटर अटैक शुरू हो गया। पीछे तोपखाना टुकड़ी में कैप्टन रणवीर सिंह सोढ़ी तक मैसेज पहुंचा। उन्होंने फ्रंटफुट पर जवानों को सपोर्ट देने के लिए आर्टिलरी खोलने का आदेश दिया। पहले गोले के साथ सन्नाटा टूटा। फिर एक के बाद एक धमाकों से पूरा इलाका गूंज उठा। कैप्टन सोढ़ी ने जवानों का हौसला बढ़ाया- “अब पीछे देखने का वक्त नहीं है।” एक जवान ने कहा- “जीत हमारी होगी साब, दुश्मन टैंक लेकर आगे नहीं बढ़ सकता। नीचे नहर है और ब्रिज टैंक का वजन झेलने लायक नहीं है।” कैप्टन सोढ़ी ने हां में सिर हिलाया। फिर बोले- “हां, लेकिन हर लोकेशन पर नजर गड़ाए रखनी है। कुल 45 लोकेशन पर हमारे साथी मोर्चा संभाले हैं। हमें किसी भी लोकेशन पर कमजोर नहीं होना है।” वक्त के साथ-साथ रात का अंधेरा गहराता जा रहा था। एक पल को यूं लगा जैसे रात सब कुछ निगल लेगी, लेकिन फिर अचानक तोप दहाड़ने लगी। रोशनी चमकी, आसमान फटा-सा लगा। एक जवान ने कहा- “दुश्मन की पूरी फ्रंट लाइन टारगेट पर है।” कैप्टन सोढ़ी ने जवाब दिया- “ध्यान मत हटने देना। आज रात हर सेकेंड हमारी जिम्मेदारी है।” उधर, बेरीवाला ब्रिज पर हमारे जवान मोर्चा संभाले थे। लग रहा था कि हम सही दिशा में जा रहे हैं। तभी अचानक एक जोरदार धमाका हुआ। किसी ने चिल्लाकर कहा- “साब…! टैंक पर हिट हुआ है…।” कमांडिंग ऑफिसर ने पीछे देखा, दुश्मन का इन-गन ग्रेनेड सीधे एक टैंक पर गिरा था। टैंक बर्बाद हो चुका था और उसी पल काउंटर अटैक रुक गया। कंपनी ‘पक्का’ नाम के इलाके में तैनात थी। हालात लगातार बिगड़ रहे थे। तभी कंपनी को पीछे हटने का आदेश दिया गया। ये बहुत बड़ा धक्का था। खासकर तब, जब दुश्मन आंखों के ठीक सामने हो। फिर भी ऑर्डर तो मानना ही था। कंपनी पीछे हटने लगी। एक जवान ने दबी आवाज में कहा- “साब, दुश्मन एकदम सामने है। वो भी हमारा मूवमेंट देख रहा होगा। पीछे हटना भारी पड़ेगा।” ऑफिसर ने सख्ती से कहा- “ऑर्डर आया है तो किसी स्ट्रैटजी के तहत आया होगा। बिना सवाल किए पीछे हटना है।” जवान धीरे-धीरे पीछे हटने लगे। कुछ देर बाद एक सुरक्षित ठिकाने पर सभी ने अपनी-अपनी पोजिशन ले ली। इसी दौरान हमारे कुछ जवानों को दुश्मन फौज ने पकड़ लिया। फ्रंट मोर्चे से काफी पीछे कैप्टन सोढ़ी आर्टिलरी अटैक दोबारा शुरू करने के ऑर्डर का इंतजार कर रहे थे। तभी सिग्नलमैन ने हेडफोन उतारते हुए कहा- “साब… रेडियो सेट पर कुछ अजीब हो रहा है।” कैप्टन ने हेडफोन पहना। आवाज आई- “अब बोलो… क्या ऑर्डर है?” सिग्नलमैन, कैप्टन सोढ़ी की तरफ देख रहा था। कैप्टन ने धीमी आवाज में कहा- “ये हमारे साथियों की आवाज नहीं है। लगता है हमारा रेडियो सेट दुश्मन के साथ लग गया है।” पाकिस्तानी फौज के चंगुल में फंसे जवानों के पास रेडियो सेट भी था। वही दुश्मन के हाथ लग चुका था। ये रणनीतिक तौर पर बहुत खतरनाक था। दरअसल, फ्रंट मोर्चे से आए ऑर्डर और उनकी बताई पोजिशन के हिसाब से ही कैप्टन सोढ़ी की यूनिट पीछे से गोले दागती थी। पोजिशनिंग और फायरिंग ऑर्डर रेडियो से दिए जाते थे। अब ये जानकारी दुश्मन भी सुन रहा था। हमारे टारगेट की जानकारी भी उन तक पहुंच रही थी। दुश्मन हमारी फ्रीक्वेंसी को डिस्टर्ब करने लगा था। कम्युनिकेशन लाइन के बीच आकर भ्रम पैदा करनी की कोशिश कर रहा था। रेडियो पर आवाज आई- “अब बताओ, किस तरफ फायर करोगे?” एक जवान ने गुस्से में कहा- “साब, ये ब#%3द तो हमारी लाइन जाम कर रहे हैं।” कैप्टन सोढ़ी जो ऑर्डर दे रहे थे, वो उनकी टीम तक साफ-साफ नहीं पहुंच पा रहा था। मतलब साफ था कि अगर एक भी ऑर्डर गलत पहुंचा तो अपने ही जवानों पर गोले गिर सकते थे। कैप्टन सोढ़ी कुछ सोचते हुए बोले- “घबराने की जरूरत नहीं है। कोई लोकल तरीका निकालना पड़ेगा।” कुछ देर चुप होकर सोचते रहे, फिर बोले- “अब से हम सीधे शब्दों में नहीं बोलेंगे। लेफ्ट, राइट, आगे ये सब बंद…। कोड में बात होगी। ऐसे शब्दों में, जो सिर्फ हमें समझ आएं।” कैप्टन सोढ़ी ने गांव की बोली के कुछ शब्द ऑर्डर लेने और बाकी बातचीत के लिए तय कर दिए। पूरी यूनिट उन्हीं कोड वर्ड्स के जरिए मैसेज भेजने लगी। दुश्मन हमारे रेडियो सेट की फ्रीक्वेंसी में आता और कुछ समझ न आने पर गालियां देने लगता। थोड़ा डिस्टरबेंस होता, लेकिन इंस्ट्रक्शन जवानों तक पहुंच जाता। उधर, कंपनी के पीछे हटने का नतीजा ये हुआ कि दुश्मन बेरीवाला ब्रिज पार करके ‘गुरुमुखखेड़ा’ गांव में घुस चुका था। गांव पर दोबारा कब्जा करने की जिम्मेदारी जाट रेजिमेंट को दी गई। कैप्टन सोढ़ी ‘आर्टिलरी गन ऑपरेशन लीड’ के तौर पर जाट रेजिमेंट के सपोर्ट में आगे बढ़ रहे थे। दोनों तरफ से लगातार गोला-बारूद दागे जा रहे थे। कड़ी लड़ाई के बाद गांव अपने कब्जे में आ गया था, लेकिन हमें काफी नुकसान पहुंचा था। हमारे काफी जवान शहीद हुए थे। बहुत से घायल थे, फिर भी दुश्मन को पीछे धकेलने का जज्बा कायम था। भारतीय फौज धीरे-धीरे ब्रिज के नजदीक पहुंच रही थी। वहां मौजूद हमारे कई बंकरों पर दुश्मन का कब्जा था। जवानों ने अंग्रेजी के ‘यू’ (U) अक्षर की तरह लेफ्ट-राइट और फ्रंट से अटैक किया। एक-एक करके कई बंकर दोबारा हमारे हाथ आ गए। फिर भी 8-10 बंकर ऐसे थे, जिन पर दुश्मन मजबूती से जमा था। उधर से भीषण फायरिंग हो रही थी। पाकिस्तान की एक पूरी ब्रिगेड (करीब 5 हजार सैनिक) उन्हें बैकिंग दे रहे थे। एक और चुनौती ये थी कि दुश्मन ने पहले से ही स्नाइपर्स तैनात कर रखे थे। जवानों के सिर उठाते ही गोलियों की बौछार होने लगती। पोजिशन बदलने की कोशिश भी कई बार जानलेवा साबित हुई। कई बहादुर सिपाही ‘स्नाइपर फायर’ में शहीद हो गए। गुरुमुखखेड़ा गांव से बेरीवाला ब्रिज तक की ये लड़ाई अपनी जमीन वापस पाने की नहीं, बल्कि धैर्य, रणनीति और बलिदान की परीक्षा थी। 8-9 दिसंबर, 1971 की रात गहरा अंधेरा था। चारों ओर अजीब-सी खामोशी पसरी थी। कैप्टन सोढ़ी एक बंकर में थे। सुबह होने से ठीक पहले उनके कानों में एक जानी-पहचानी आवाज पड़ी। उन्होंने ध्यान से सुना। ये टैंकों की आवाज थी। कैप्टन बंकर के मुहाने पर आए। एक जवान दूरबीन से कुछ देख रहा था। कैप्टन सोढ़ी जवान से दूरबीन मांगकर देखने लगे। जवान ने कहा- “ब्रिज के उस पार कुछ हलचल हो रही है, साब।” कैप्टन ने देखते ही कहा- “उस पास के गांव में टैंक मूवमेंट है।” फिर सिग्नलमैन की तरफ देखकर बोले- “फ्रंटलाइन से पूछो, क्या जानकारी है। सिग्नलमैन ने फ्रंट मोर्चे पर मैसेज करके जानकारी ली। फिर बोला- “दुश्मन ने गांव में बेस बना लिया है, साब।” इतना सुनते ही कैप्टन सोढ़ी ने ऑर्डर दिया- “मीडियम आर्टिलरी तैयार करो। गांव पर भारी फायर दागो, तुरंत…।” कुछ ही देर में तोप के गोलों की आवाज से आसमान गूंज उठा। दनादन बरसते गोलों से दुश्मन को भारी नुकसान हुआ। उनकी पोजिशन हिलने लगी। लेकिन, उसी दौरान एक पल में सब बदल गया। दुश्मन के किसी जवान को कैप्टन सोढ़ी के बंकर की लोकेशन पता चल गई। अगले ही पल दूसरी तरफ से डायरेक्ट फायरिंग शुरू हो गई। कुछ देर बाद एक जोरदार धमाका हुआ। दुश्मन का एक गोला सीधे बंकर पर आ गिरा। पूरा बंकर ढह चुका था। कैप्टन रणवीर सिंह सोढ़ी और टेक्निकल असिस्टेंट ज्ञान सिंह बुरी तरह घायल थे। दोनों का शरीर खून से लथपथ था। बंकर के अंदर धुआं, मिट्टी और दर्द सब एक साथ मिल गए थे। कुछ देर बाद आवाज सुनाई दी- “आंखें खोलिए कैप्टन साब… आंखें खोलिए।” कुछ साथी जवान उन्हें बचाने आ गए थे। कैप्टन सोढ़ी कराहते हुए बोले- “ज्ञान सिंह कहां है?” एक दर्द भरी आवाज आई- “यहीं हूं साब… बस सांस अटकी है।” कैप्टन सोढ़ी और ज्ञान सिंह को सुरक्षित जगह ले जाया गया। मेडिकल टीम ने दोनों को देखते ही कहा- “इन्हें फौरन अस्पताल भेजने की जरूरत है।” कैप्टन सोढ़ी ने कमजोर आवाज में जवाब दिया- “नहीं, पहले पोजिशन संभालो।” एक जवान ने हाथ जोड़कर कहा- “आपका इलाज जरूरी है साब, हम यहां मोर्चा नहीं छोड़ेंगे।” कैप्टन आंखें झपकाते हुए टूटती आवाज में बोले- “दुश्मन पीछे हटा या नहीं…?” जवान ने कहा- “फायर जारी है साब…।” तभी दूसरा जवान कैप्टन सोढ़ी के बिल्कुल पास आकर बोला- “आप चिंता न करें साब, भारत मां का हर लाल दुश्मन को पीछे धकेलकर ही दम लेगा।” कैप्टन सोढ़ी के जख्मी चेहरे पर हल्की मुस्कान तैर गई। वे बोले- “बस यही भरोसा चाहिए।” थोड़ी देर बाद गोलियों और धमाकों की गूंज के बीच एंबुलेंस की दूर जाती आवाज सुनाई दी। अस्पताल में मरहम-पट्टी के बाद कैप्टन सोढ़ी को कुछ होश आया। तब तक रात हो चुकी थी। दूर से आती धमाकों की आवाज उनके कानों में पड़ रही थी। एक-एक पल उन्हें और ज्यादा बेचैन किए जा रहा था। अगले दिन डॉक्टर ने पट्टी बदलते हुए कहा- “कैप्टन, आपको आराम की जरूरत है।” सोढ़ी ने टीस भरी आवाज में जवाब दिया- “आराम तो बॉर्डर पर ही मिलेगा डॉक्टर साब, यहां नहीं…।” एक नर्स बोली- “आपको काफी ब्लीडिंग हुई है। शरीर कमजोर है आपका…” सोढ़ी ने धीमे, लेकिन सख्त लहजे में कहा- “वहां मेरे भाई लड़ रहे हैं और मैं यहां लेटा हूं।” उनकी आवाज में एक तड़प थी। डॉक्टर ने कहा- “अभी जाना खतरे से खाली नहीं है। आप पहले ठीक हो जाइए।” सोढ़ी ने फिर तर्क किया- “खतरा तो वहां है, जहां दुश्मन खड़ा है। और ठीक तो तभी होऊंगा जब वापस मोर्चे पर पहुंचूंगा।” डॉक्टर ने ज्यादा बहस करना ठीक नहीं समझा और पट्टी ठीक करके चला गया। कैप्टन रणवीर सिंह सोढ़ी अस्पताल में किसी तरह चार दिन गुजारने के बाद दोबारा मोर्चे पर लौट आए। शरीर पर जख्मों की टीस बाकी थी, लेकिन हौसला पहले से ज्यादा मजबूत था। उन्हें आदेश मिला- “दुश्मन के कब्जे में गए गट्टी गोलान गांव की पोस्ट 1 और 2 को फिर से हासिल करना है।” ये आसान मिशन नहीं था, लेकिन इस बार रुकने का सवाल ही नहीं था। कैप्टन सोढ़ी टैंकों के साथ आगे बढ़े। गोलियों की आवाज, तोपों की गड़गड़ाहट और बारूद की गंध के बीच उन्होंने मोर्चा संभाला। हर कदम पर खतरा था, लेकिन पीछे हटने का रास्ता नहीं था। कई टुकड़ियां एक साथ धीरे-धीरे गांव की सीमा में दाखिल हुईं। काफी गोलाबारी के बाद जब आखिरी चौकी खाली हुई, तो साफ हो गया कि लड़ाई जीत ली है। गट्टी गोलान का इलाका फिर से भारत के कब्जे में था और दुश्मन को पीछे हटना पड़ा। 16 दिसंबर 1972 की सुबह, कैप्टन सोढ़ी अपने बंकर में थे। एक जवान दौड़ता हुआ उनके पास पहुंचा। तनकर सैल्यूट करने के बाद बोला- “बड़ी खबर है साब…!” कैप्टन ने उसके चेहरे की तरफ देखा। ये ‘बड़ी खबर’ बताते हुए उसकी आंखों में चमक थी। वो हल्का सा मुस्कुरा भी रहा था। कैप्टन सोढ़ी ने वजह पूछी। उत्साह से भरा वो जवान बोला- “ढाका में पाकिस्तानी ने सरेंडर कर दिया है साब…। पूर्वी पाकिस्तान अब आजाद है।” एक पल को सन्नाटा छा गया। फिर किसी ने पूछा- “सरेंडर… मतलब?” जवाब आया- “तिरानबे हजार पाकिस्तानी फौजियों ने भारतीय सेना के सामने हथियार डाल दिए हैं।” इतना सुनते ही बंकर के अंदर माहौल बदल गया। हर किसी की आंखें गर्व से चमक उठीं। किसी ने धीरे से कहा- “हम जीत गए सर…” कैप्टन सोढ़ी ने एक लंबी सांस भरते हुए कहा- “ये तो पहले से ही तय था।” फाजिल्का सेक्टर में ये खबर आग की तरह फैल गई। जवानों के चेहरे बता रहे थे कि वो पल जिंदगी भर याद रहेगा, लेकिन खतरा टला नहीं था। वो फील्ड एरिया में थे। जीत की खुशी भी संभलकर मनानी थी। कैप्टन सोढ़ी ने जवानों से कहा- “ध्यान रखो, जश्न बाद में। हमें 24 घंटे चौकसी रखनी है। जमीन, बंकर और पोजिशन कुछ भी कमजोर नहीं छोड़ी जा सकती था।” बेरीवाला ब्रिज पर लगातार निगरानी हो रही थी। दुश्मन वहां से एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सका। कुछ दिन में हालात नॉर्मल हुए। गांववाले वापस आने लगे। लोग जवानों के लिए ट्रैक्टरों में भरकर खाने-पीने का सामान, फल-मिठाइयां वगैरह लेकर आ रहे थे। गांववाले कहते जा रहे थे- “साब, ये खुशियां आप लोगों की वजह से है। आपने हमारा घर-द्वार बचा लिया।” सीजफायर के बाद हालात पूरी तरह शांत हो गए। गोली-बंदूकों के धमाकों की जगह ढोल-ताशों की आवाज फिर गूंजने लगी थी। 1972 में कैप्टन रणवीर सिंह सोढ़ी को उनकी साहसिक लीडरशिप, दुश्मन के सामने डटे रहने और कठिन हालात में भी मोर्चा संभाले रखने के लिए ‘मेंशन इन डिस्पैचेस’ के सम्मान से नवाजा गया। ये सम्मान सिर्फ उनकी वीरता ही नहीं, बल्कि उस जज्बे की पहचान भी था, जिसने फाजिल्का सेक्टर और बेरीवाला ब्रिज जैसे रणनीतिक मोर्चों पर दुश्मन की हर कोशिश नाकाम कर दी। रणवीर सिंह सोढ़ी 31 अक्टूबर, 1997 को कर्नल की रैंक से रिटायर हुए। *** स्टोरी एडिट- कृष्ण गोपाल ग्राफिक्स- सौरभ कुमार *** कहानी को रोचक बनाने के लिए क्रिएटिव लिबर्टी ली गई है। --------------------------------------------------------- सीरीज की ये स्टोरी भी पढ़ें... गोलीबारी के बीच ठहाके लगाते रहे, बोले- शेर शिकार नहीं छोड़ता; ‌वीर दृगपाल सिंह की कहानी भारतीय सेना जवाबी कार्रवाई की तैयारी कर ही रही थी कि दुश्मन का दबाव अचानक बहुत बढ़ गया। शुरुआती दौर में भारतीय टुकड़ियां इस तेज हमले को पूरी तरह रोक नहीं पाईं। पाकिस्तान ने जानबूझकर बॉर्डर के आसपास बसे गांवों को निशाना बनाया। पूरी स्टोरी पढ़ें...

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:44 am

DCP साउथ और सेंट्रल को मिलेगा राष्ट्रपति पदक:ADCP अंजिल विश्वकर्मा को सिल्वर मेडल से नवाजा जाएगा, इन पुलिसकर्मियों को मिलेगा पुरस्कार

डीसीपी साउथ दीपेंद्रनाथ चौधरी और डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति पदक से सम्मानित होंगे। वहीं 10 देशों से 1500 करोड़ से ज्यादा की ठगी करने वाले महाठग रवींद्र नाथ सोनी को जेल भिजवाने वाली एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा को डीजीपी की ओर से प्रदान किए गए प्रशंसा चिह्न रजत से नवाजा जाएगा। इसके अलावा कांस्टेबल जितेंद्र कुमार को प्रशंसा चिह्न गोल्ड समेत 24 पुलिसकर्मी उत्कृष्ट सेवा सम्मान, सराहनीय सेवा चिह्न, प्रशंसा चिह्न से सम्मानित होंगे। अखिलेश दुबे गिरोह का किया था खुलासा डीसीपी साउथ दीपेंद्रनाथ चौधरी ने भाजपा नेता समेत कारोबारियों से रंगदारी के लिए झूठे मुकदमे कराने के आरोपी चर्चित अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उसके गिरोह के कई आरोपियों को जेल भेजा था। उनके कार्यकाल में ही हत्या, लूट, चोरी की बड़ी घटनाओं का भी खुलासा हुआ। इसी तरह से डीसीपी सेंट्रल आईपीएस अतुल कुमार श्रीवास्तव जब डीसीपी क्राइम के पद पर थे, तो उन्होंने 3 दर्जन से ज्यादा साइबर ठगों को सलाखों के पीछे भिजवा लाखों लोगों की ठगी की रकम वापस दिलाई। अतुल कु़मार श्रीवास्तव शहर में दूसरी बार तैनात हुए हैं। इससे पहले वह लगभग नौ साल पहले वह एसपी साउथ के पद पर तैनात रह चुके हैं। दोनों ही अधिकारियों के उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा। ये पुलिसकर्मी भी होंगे सम्मानित डीजीपी द्वारा सेवा अभिलेख और शौर्य के आधार पर उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिह्न, सराहनीय सेवा सम्मान चिह्न व प्रशंसा चिह्न सम्मान के लिए चयनित पुलिसकर्मियों में हरबंश मोहाल थाना प्रभारी ललित कुमार, बजरिया थाना प्रभारी अरविंद कुमार शर्मा, गोविंद नगर थाना प्रभारी रिकेश कुमार सिंह, निरीक्षक लिपिक दिनेश वर्मा, उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार, पवन प्रताप, गौरव अत्री, राजेश कुमार, प्रदीप सिंह, अमित फौजदार, मुख्य आरक्षी बृजेन्द्र सिंह, अजय कुमार, दीपक कुमार, धर्मेंद्र तिवारी, आरक्षी चालक संतलाल, सौरभ पांडेय, हंस बालियान, अतुल कुमार, गौरव शामिल हैं। दो महिलाओं समेत पांच पुलिसकर्मियों को मिलेगा महाकुंभ सेवा पदक महाकुंभ के दौरान उत्कृष्ट कार्याें के लिए महिला थाना में तैनात आरती सिंह, नवाबगंज थाना में तैनात प्रीति शर्मा, अनवरगंज में मो. इमरान अहमद, हरबंश मोहाल थाने में तैनात नरसिंह व जेल सुरक्षा में तैनात आरक्षी सूरज कुमार महाकुंभ सेवा पदक व प्रशस्ति पत्र से सम्मानित होंगे।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:41 am

एसएमएस अस्पताल का मामला:200 करोड़ के सुपर स्पेशलिटी में इमरजेंसी ओटी बनाया ही नहीं, फ्रेक्चर और नेफ्रो के गंभीर मामलों में भी तत्काल इलाज नहीं मिलता

200 करोड़ रु. से बने 7 मंजिला एसएमएस सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में पेशाब बंद होना, किडनी में चोट या पथरी का तेज दर्द, किडनी में स्टेंट डालने जैसी मेडिकल इमरजेंसी पर भी तत्काल इलाज नहीं मिल रहा है। कई केसेज में तो एक सप्ताह तक मरीज को इंतजार करना पड़ता है। इसका कारण- इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर का नहीं होना है। ऐसे में मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पताल जाना पड़ रहा है। जबकि पिनाइल और टार्सन फ्रेक्चर ऐसे हैं, जिनका तुरंत ऑपरेशन करना जरूरी होता है। हर माह सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक की यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग में 25 से 30 मरीज पहुंचते हैं। यहां रूटीन ऑपरेशन तो हो जाते है लेकिन बड़े ऑपरेशन के लिए मरीज को भटकना पड़ता है। इसके अलावा पार्किंग और कैंटीन की सुविधा नहीं होने से भी खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि एसएसबी में 311 बेड संचालित हैं। जगह कम पड़ने लगी यूरोलोजी, नेफ्रोलॉजी एवं गेस्ट्रोएंट्रोलोजी में रोबोटिक सर्जरी, लेप्रोस्कोपिक, एंडोस्कोपी, डायलिसिस जैसी आधुनिक सुविधाओं के चलते तीन साल में तीन गुना मरीज बढ़े है। जिससे तीनों के आउटडोर और अन्य सुपर स्पेशलिटी खोलने के लिए जगह कम पड़ने लगी है। ऐसे में पास में खाली पड़ी जगह मिलने पर ही सुविधाएं बढ़ सकेगी। यह सुविधा भी नहीं सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में आने वाले मरीजों एवं परिजनों के लिए कैंटीन एवं पार्किंग की सुविधा भी नहीं है। जिससे उन्हें बाहर खाना पड़ता है। यहां तक कि मरीजों के परिजनों को ठहरने के लिए कॉटेज रुम तक नहीं होने से सर्दी-गर्मियों में दिन-रात इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। मरीज की गंभीर स्थिति होने पर वार्ड या आईसीयू के बाहर रहना पड़ता है। तीनों सुपर स्पेशलिटी में इलाज की अच्छी सुविधा होने से मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। एसएसबी के पीछे खाली पड़ी जगह के लिए सरकार को पत्र लिखा है। जगह मिलने पर सुविधाओं का विस्तार किया जा सकेगा। -डॉ. दीपक माहेश्वरी, प्राचार्य, एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी में मरीजों की संख्या दो से तीन गुना बढ़ गई है। इलाज की आधुनिक सुविधा के कारण आउटडोर, इनडोर की संख्या के हिसाब से जगह कम पड़ने लगी है। इमरजेंसी ओटी, पार्किंग, कैंटीन, कॉटेज रूम बनाना प्रस्तावित है। -डॉ. नचिकेत व्यास, अधीक्षक, सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:40 am

अलीगढ़ में तमंचे वाली बहू पर FIR:टप्पल के हामिदपुर गांव में पति को चारपाई से बांधने और हथियार का वीडियो वायरल

अलीगढ़ के टप्पल थाना क्षेत्र के हामिदपुर गांव में एक महिला का अपने पति काे चारपाई से बांधने और तमंचे के साथ वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में महिला पति को शराब के कारण बांधने का आरोप लगाती दिख रही है। वहीं, उसकी सास ने पिटाई करने और तमंचा दिखाकर डराने का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी। इस मामले में पुलिस ने महिला के एफआईआर दर्ज कर ली है। वायरल फोटो के आधार पर दर्ज हुई कार्रवाई सोशल मीडिया पर एक युवती की अवैध हथियार के साथ फोटो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई। उपनिरीक्षक अमित रावत ने वायरल फोटो की जांच के लिए हामिदपुर गांव पहुंचकर ग्रामीणों से पूछताछ की। गांव निवासी संदीप ने महिला की पहचान सोनी पत्नी प्रदीप के रूप में की। आरोप है कि सोनी आए दिन यह फोटो दिखाकर परिवार को डराती-धमकाती है, जिससे दहशत का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। ग्रामीणों की मदद से किया रस्सी से मुक्त वायरल वीडियो में युवक चारपाई से बंधा नजर आ रहा है और उसकी पत्नी उस पर गुस्सा उतारती दिख रही है। महिला का कहना है कि उसका पति शराब पीकर रोज घर में हंगामा करता है, इसलिए उसे काबू में करने के लिए यह कदम उठाना पड़ा। बाद में ग्रामीणों और युवक की मां ने मिलकर उसे रस्सियों से मुक्त कराया। सास ने लगाया था बहू के पास तमंचा होने का आरोप पीड़ित युवक की मां सुमन का आरोप है कि उनकी बहू सोनी पिछले दो साल से बेटे प्रदीप को प्रताड़ित कर रही है। सुमन का कहना है कि बहू के पास अवैध तमंचा है और वह अक्सर हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी देती है। उन्होंने घर में हथियार खोजने की कोशिश भी की, लेकिन बहू ने उसे कहीं छिपा दिया। न्याय के लिए विधायक तक पहुंची मां सुमन 23 जनवरी को स्थानीय विधायक के पास भी पहुंची थीं। उनका आरोप था कि महिला होने के नाते पुलिस बहू पर कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने बेटे की सुरक्षा की गुहार भी लगाई थी। इस घटना के बाद पुलिस गांव पहुंची और पूछताछ की। वायरल वीडियो और फोटो के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:36 am

खजांची फ्लाईओवर व नकहा ROB का सीएम कल करेंगे लोकार्पण:आज शाम गोरखपुर आएंगे; विकास कार्यों की करेंगे समीक्षा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को शाम 4 बजे गोरखपुर पहुंचेंगे। वह मंदिर में रात्रि विश्राम करेंगे और जिले में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। अगले दिन दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। इनमें खजांची फ्लाईओवर एवं नकहा रेल ओवरब्रिज (ROB) शामिल हैं। इसके बाद तरंग स्थित भगवती कन्या इंटर कालेज में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे।शहर में यातायात सुगमता को और बेहतर बनाने के लिए एक नया रेल ओवरब्रिज (बरगदवा में) और एक नया फ्लाईओवर (खजांची चौराहा) बनकर तैयार है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार (27 जनवरी) को एक ही दिन, इन दोनों का लोकार्पण कर लोगों को सहज आवागमन-परिवहन की सौगात देंगे। इससे पहले भी मुख्यमंत्री ने 19 दिसंबर को गोरखनाथ रेल ओवरब्रिज का लोकार्पण किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 27 जनवरी को बरगदवा चौराहे से जेल रोड पर नकहा जंगल-मानीराम स्टेशनों के मध्य समपार संख्या 5 ए पर रेल उपरिगामी सेतु (ओवरब्रिज) का लोकार्पण करेंगे। इसके निर्माण पर 152.19 करोड़ रुपये की लागत आई है। बरगदवा के लोकार्पण स्थल से ही मुख्यमंत्री खजांची चौराहा पर 96.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित फ्लाइओवर को भी लोकार्पित करेंगे। 1092 मीटर लंबे बरगदवा ओवरब्रिज से रेलवे समपार फाटक पर लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिलेगी तथा महानगर के उत्तरी हिस्से की यातायात सुगमता और बेहतर हो जाएगी। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज होते हुए महाराजगंज जाने वाले यात्रियों की राह भी आसान होगी। उधर 605 मीटर लंबा खजांची फ्लाईओवर जेल बाईपास को स्पोर्ट्स कालेज रोड से सीधी कनेक्टिविटी देता है। इस फ्लाईओवर से कौवाबाग से खजांची चौराहा होते हुए फर्टिलाइजर कारखाना, सोनौली रोड जाना सहज और सुगम हो जाएगा। अगले दो माह में ये परियोजनाएं भी बनकर हो जाएंगी तैयार -चौरीचौरा-भोपा बाजार में समपार संख्या 147बी पर रेल ओवरब्रिज, लागत 49.22 करोड़ रुपये।-नौसढ़-पैडलेगंज मार्ग पर सिक्सलेन फ्लाईओवर तथा देवरिया बाईपास कनेक्टिंग फ्लाईओवर, लागत 429.49 करोड़ रुपये।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:33 am

युवकी की हत्या, 200 से ज्यादा कैमरे खंगाले:स्कूटर से आए दो लड़के ही संदिग्ध, टीमें लोकेशन से बढ़ रही आगे

इंदौर के बाणगंगा में शुक्रवार को गायत्री कुर्मी की हत्या के मामले में पुलिस को एक्टिवा से आए दो आरोपियों पर ही शंका है। आरोपी हत्याकांड के पहले ओर बाद के समय इलाके में दिखे हैं। पुलिस अब तक 200 से ज्यादा कैमरे खंगाल चुकी है। वही लोकेशन के हिसाब से आगे बढ़ रही है।बाणगंगा में सिक्योरिटी गार्ड महिला की हत्या के मामले में पुलिस लगातार आरोपियों की सर्चिंग कर रही है। पुलिस को सबसे पहले घर के पास दो संदिग्ध स्कूटर सवार दिखे थे। जो घर से कुछ दूरी पर गायत्री के घर के आसपास दिखे थे। लेकिन उनके फुटेज धुंधले थे।इसके बाद फिर से दोनों आरोपी वहां से आगे की लोकेशन पर दिखाई दिए। पुलिस जवानों ने गायत्री के घर की तरफ आने जाने वाले सभी रास्तों के फुटेज चेक किए हैं। दोनों स्कूटर सवारों पर ही पुलिस की निगाहें टिकी हुई हैं। उन्होंने हत्याकांड को बड़े ही शातिर तरीके से अंजाम दिया है।मोबाइल डिटेल नही आई सामनेगायत्री की आखिरी समय रात में ही बात हुई थी। घटना के पहले ओर बाद में उसके मोबाइल रिसीव कॉल नहीं था। एक दो दिन में डिटेल आने के बाद पुलिस को और दिशा मिल जाएगी। पुलिस के मुताबिक हत्यारे स्थानीय ही है। वह नंदबाग इलाके से बाहर नहीं निकले हैं। हत्याकांड को लेकर आसपास भी डिटेल खंगाली जा रही है। जल्द इस हत्याकांड से पर्दा उठाया जाएगा।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:31 am

झारखंड में मौसम शुष्क, पारा चढ़ा:अगले एक हफ्ते तक सुबह कोहरा, दिन रहेगा साफ, पूर्वी-पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला में गर्मी

पिछले 24 घंटे के दौरान झारखंड का मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहा। राज्य के कई इलाकों में सुबह के समय हल्का कोहरा और धुंध देखने को मिली, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही मौसम साफ हो गया। इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के अधिकतम तापमान में 2.1 से 4.0 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई है। कई स्थानों पर तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस चाईबासा में रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री सेल्सियस गुमला में दर्ज हुआ। मौसम में इस बदलाव की वजह ऊपरी हवा में बने चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ का असर बताया जा रहा है, जिससे ठंडी हवाओं का प्रभाव कमजोर पड़ा है। सुबह कोहरा, दिन रहेगा साफ मौसम विभाग के अनुसार झारखंड में अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क बना रहने की संभावना है। सुबह के समय राज्य के कई जिलों में हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा या धुंध छा सकती है। हालांकि दिन बढ़ने के साथ आसमान मुख्यतः साफ रहेगा। उत्तरी झारखंड के कुछ हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहने के संकेत हैं। विभाग का कहना है कि फिलहाल राज्य में बारिश की कोई संभावना नहीं है। अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है, लेकिन इसके बाद तीन दिनों में न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जिससे ठंड से आंशिक राहत मिलेगी। 6 जिलों में 30 डिग्री तक जाएगा अधिकतम पारा जिलावार तापमान की बात करें तो उत्तर-पूर्वी झारखंड के देवघर, धनबाद, जामताड़ा, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। उत्तर-पश्चिमी जिलों कोडरमा, चतरा, गढ़वा और पलामू में भी दिन का तापमान 29 से 30 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। मध्य झारखंड के रांची, बोकारो, हजारीबाग, रामगढ़, गुमला और खूंटी में अधिकतम तापमान 26 से 29 डिग्री के बीच रहेगा। वहीं दक्षिणी झारखंड के पूर्वी व पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां राज्य के सबसे गर्म इलाके रहेंगे, जहां तापमान 31 डिग्री तक पहुंच सकता है। रांची में 29 जनवरी तक कोहरे की संभावना रांची और आसपास के क्षेत्रों में 25 से 29 जनवरी तक सुबह कोहरा या धुंध के बाद आंशिक बादल या साफ आसमान रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12 से 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने फिलहाल राज्य के किसी भी हिस्से के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की है। हालांकि सुबह के समय कोहरे और दिन में बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:31 am

प्रदूषण के मामले में पानीपत नंबर-2 पर:AQI मीटर बंद करके निर्माण कार्य जारी, ग्रैप-3 लागू, जहरीली हवा के बीच प्रदूषण बोर्ड की लापरवाही

औद्योगिक नगरी पानीपत में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक तरफ जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 800 के पार पहुंच चुका है। वहीं दूसरी तरफ स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हाथ पर हाथ धरे बैठा है। ताजा मामला जिला सचिवालय के वीआईपी गेट का है, जहां नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। हैरानी की बात यह है कि मिनी सचिवालय के मुख्य द्वार पर लगा एयर क्वालिटी मॉनिटर (AQI Meter) दिवाली के बाद से ही बंद पड़ा है। आरोप है कि इस मीटर को जानबूझकर बंद रखा गया है ताकि वहां चल रहे निर्माण कार्य से खराब हो रही हवा का असल आंकड़ा सामने न आ सके। जब जिले में ग्रैप-3 (GRAP-3) लागू है, तब इस तरह का निर्माण कार्य और प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों की अनदेखी उनकी कार्यशैली पर बड़ा सवालियां निशान लगाती है। प्रदूषण के मामले में पानीपत 'नंबर-2' पर पानीपत हाल ही में देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में दूसरे नंबर पर रहा है। इतना ही नहीं, केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पानीपत उन 9 जिलों और 32 शहरों में शामिल है, जो ड्रेन के माध्यम से यमुना के पानी को सबसे ज्यादा प्रदूषित कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पानीपत के कई गांवों का भूजल अब पीने लायक नहीं बचा है। बाहरी टीमें कर रही कार्रवाई, स्थानीय बोर्ड मौन शहर में प्रदूषण के खिलाफ स्थानीय बोर्ड की निष्क्रियता का आलम यह है कि हाल ही में बाहर से आई टीमों ने पानीपत की 4 फैक्ट्रियों को सील किया। वहीं, सीएम फ्लाइंग की टीम ने ड्रेन में अवैध रूप से केमिकल युक्त पानी डालने वाले टैंकरों पर शिकंजा कसा। स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा अब तक कोई भी ठोस कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। क्या होगी इन पर कार्रवाईअधिकारियों की नाक के नीचे चल रही इस लापरवाही ने शहर की जनता को 'गैस चैंबर' और 'जहरीले पानी' के भरोसे छोड़ दिया है। क्या इस मामले में प्रदूषण बोर्ड के उच्च अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होगी?

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:30 am

हरियाणा में PPP की गलतियां सुधारने के लिए पोर्टल शुरू:अब नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर, प्रदेश कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने दी जानकारी

हरियाणा में महत्वपूर्ण दस्तावेज बन चुके परिवार पहचान पत्र (PPP) में गलत दर्ज आय, नाम, आयु और प्रॉपर्टी को ठीक करवाने के लिए अब आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है। कोई भी व्यक्ति घर बैठे मेरा परिवार पोर्टल पर जाकर इन गलतियों को सही कर सकता है। इसके लिए पोर्टल में अलग अलग माड्यूल बनाए गए हैं। इसके लिए आपको सिटीजन आईडी पर अपनी फैमिली आईडी के साथ, वन टाइम पासवर्ड के साथ अपना लॉगिंग बनाना होगा। जिसमें जाकर आप PPP में दर्ज गलतियों को ठीक कर सकते हैं। जिसे पोर्टल स्वयं वेरिफाई करेगा। यह कहना है परिवार पहचान प्राधिकरण के प्रदेश कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला का। PPP एक आधार बेस दस्तावेज परिवार पहचान एक आधार कार्ड बेस दस्तावेज है। जिसमें अधिकतर एंट्री आधार कार्ड से आटोमैटिक ली गई है। ऐसे में जिस व्यक्ति के आधार पर जितनी सर्विस और प्रॉपर्टी दर्ज थी, उसे PPP में एंट्री मिली। हालांकि कुछ जानकारी मेरी फसल, मेरा ब्योरा, आयकर डेटा, बिजली विभाग, राजस्व विभाग इत्यादि के डॉटा को भी स्थान मिला है। बावजूद इसके अधिकतर जानकारी आधार कार्ड की ही दर्ज हैं। अक्सर यह आती हैं शिकायतें आधार कार्ड में अक्सर आय, उम्र, नाम, पीला कार्ड, बुढ़ापा पेंशन, PPP अलग करने, बिजली मीटर, गाडी, प्लॉट, मकान की गलत एंट्री की शिकायतें अधिक आती है। जिन्हें ठीक करवाने के लिए पहले सीएससी सेंटर जाना होता था। अब सरकार ने इसके लिए मेरा परिवार हरियाणा डॉट कॉम पोर्टल बनाया है। जिसमें मॉड्यूल पोर्टल पर जाकर कोई भी व्यक्ति अपनी गलती ठीक करने के लिए आवेदन कर सकता है। अलग-अलग करेक्शन का अलग-अलग मॉड्यूल मेरा परिवार पोर्टल पर अलग-अलग गलतियों के लिए अलग-अलग करेक्शन मॉड्यूल दिया गया है। जैसे सिटिजन आईडी ऑप्शन दिया है। जिसमें करेक्शन मॉड्यूल और बैनिफिसरी मॉड्यूल बनाया गया है। जहां कोई भी व्यक्ति संबंधित माड्यूल चुनकर अपनी गलती ठीक करने के लिए स्वयं अप्लाई कर सकता है। इसके बाद आटोमैटिक डेटा का मिलान होने पर सही पाया गया तो गलती ठीक हो जाएगी अन्यथा रिजेक्ट हो जाएगी। यदि कोई रीजैक्शन से संतुष्ट नहीं है तो वह संबंधित अधिकारी गांव, वार्ड, ब्लॉक और जिला स्तर पर क्रिड विभाग के पास फिजिकल वैरिफिकेशन का आवेदन कर सकता है। आयु की गलती : नाम ठीक करने के लिए एसएलसी, 10वीं की मार्कशीट, जन्म प्रमाण पत्र या 5 साल पुरानी वोटर आईडी मान्य है। इन्हीं में से कोई एक दस्तावेज आपको करेक्शन मॉड्यूल में अपलोड करना होगा। इनके अलावा कोई दस्तावेज इसमें मान्य नहीं होगा। नाम की गलती : परिवार पहचान पत्र में दर्ज नाम यदि आधार कार्ड से अलग है तो करेक्शन मॉड्यूल में जाकर नाम को सही किया जा सकता है। यदि आधार कार्ड में भी नाम गलत है तो उसे पहले आधार कार्ड में सही करवाना होगा। इसके लिए भी क्रिड विभाग ने ब्लॉक स्तर पर व्यवस्था की हुई है। प्रॉपर्टी की गलत एंट्री : गांव और शहर में सभी की प्रॉपर्टी आईडी आधार कार्ड बेस है। एसओपी से ही सभी के नाम PPP में जुड़ते हैं। मेरा परिवार पोर्टल पर सिटिजन कार्नर में ट्रिपल पी ऑप्शन रिपोर्ट ग्रीवांस में जाकर प्रॉपर्टी और व्हीकल की गलती ठीक करने की शिकायत दर्ज करवा सकते है। इसके अलावा कार, मकान, प्लॉट इत्यादि की गलती ठीक करवाने के लिए संबंधित विभाग में जाकर फिजिकल वैरिफिकेशन करवा सकते हैं। प्रोएक्टिव मोड में यह सेवा सरकार ने बुढ़ापा पेंशन, विधवा, विधुर, दिव्यांग, अविवाहित, लाडली योजना, निराश्राति इत्यादि सेवाओं को PPP से जोड़ा गया है। इनके लिए अब किसी को आवेदन करने की जरूरत नहीं है। सरकार द्वारा निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले पात्रों को स्वयं ही यह लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। ऐसी होगी वैरिफिकेशन मेरा परिवार पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद उसकी वैरिफिकेशन होगी। यदि आवेदक गांव या वार्ड पर क्रिड पंचायत ऑपरेटर की वैरिफिकेशन से संतुष्ट नहीं है तो उसे पहले ब्लॉक और फिर जिला और अंत में प्रदेश स्तर पर सुना जाएगा। कोई भी व्यक्ति समाधान शिविर में जाकर भी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। इन्होंने उठाया सिटिजन आईडी का फायदा गांव बवाना गुर्जर की कविता, सुषमा और बबली ने रेवाड़ी में डॉ. सतीश खोला के अपनी शिकायत लेकर आई। जहां से उनकी शिकायत एडीसी कार्यालय में भेजकर फिजिकल वैरिफिकेशन का आवेदन करवाया। रेवाड़ी शहर के संघी का बास निवासी सुनीता की बुढ़ापा पेंशन नहीं बन रही थी। सुनीता की PPP में जन्म तिथि वेरिफाई नहीं थी। जिसकी सतीश खोला के कार्यालय से सिटिजन आईडी से वोट कार्ड के साथ आवेदन करवाया। शहर के भाड़ावास निवासी रोशन लाल का PPP से बैंक खाता अटैच नहीं था। जिस कारण बुढ़ापा पेंशन खाते में नहीं आ रही थी। PPP स्टेट कोऑर्डिनेटर के रेवाड़ी कार्यालय ने सिटिजन आईडी से बैंक खाता अटैच करने का आवेदन करवाया। सवालों पर क्या बोले कोऑर्डिनेटर सवाल : परिवार पहचान पत्र में कई खामियां है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।उत्तर : अब कोई भी व्यक्ति मेरा परिवार के सिटिजन पोर्टल पर वन टाइम पासवर्ड (OTP) से खुद अपनी गलतियां ठीक करने के लिए आवेदन कर सकता है। इसके लिए PPP में खामियां के लिए स्टेट से गांव/वार्ड स्तर पर व्यवस्था की गई है। सवाल: क्या अब खुद कोई भी व्यक्ति गलतियां खुद ठीक कर सकता है।उत्तर : गलती ठीक करने के लिए आवेदन या अपील खुद कर सकता है। जिसके लिए संबंधित शिकायत से संबंधित दस्तावेज लगाने होंगे। इसके बाद पोर्टल उसे स्वयं वेरिफाइ करेगा और सही पाए जाने पर गलती स्वयं ठीक हो जाएगी अन्यथा उसे रिजेक्ट कर देगा। ऐसी स्थिति में आवेदक फिजिकल वैरिफिकेशन के लिए आवेदन कर सकता है। समाधान शिविर में गलती ठीक करने के लिए आवेदन किया जा सकता है। सवाल : आप कह रहे हैं कि इसे आसान बना दिया, समस्याएं तो अब भी बहुत है।उत्तर : किसी भी नई चीज के शुरूआती दौर में ऐसा होता है। समय के साथ उसमें सुधार होता है। PPP में भी समय के साथ काफी सुधार हुआ है और आगे भी यह प्रक्रिया जारी रहेगा। सवाल: PPP आने से लोगों की समस्याएं काफी बढ़ी है। आय, नाम, आयु जैसी कई समस्याएं लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।उत्तर : सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना है, जिससे बिना किसी बाधा के पात्र लोगों को सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सके। समस्याओं के समाधान के लिए मेरा परिवार पोर्टल बनाया गया है। जिससे कोई भी व्यक्ति खुद गलतियां ठीक करने के लिए आवेदन कर सकता है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:30 am

सिरसा में तिरपाल से ढककर लाते थे यूरिया खाद:हवा में उड़ा तो खुली पोल, कृषि विभाग ने पुलिस को सौंपी रिपोर्ट, किसानों में रोष

सिरसा की प्लाईवुड फैक्ट्री में एग्रीकल्चर ग्रेड की यूरिया खाद पकड़े जाने के मामले में खुलासा हुआ है। फैक्ट्री में अक्सर यूरिया से भरी गाड़ी अंदर लाते समय तिरपाल से ढककर लाई जाती थी, ताकि किसी को शक न हो। घटना वाले दिन भी यूरिया से भरी गाड़ी फैक्ट्री में लाई जा रही थी। तभी गाड़ी पर लगा तिरपाल हवा में उखड़ा और एक साइड में हट गया और उसी पर किसी किसान की नजर पड़ गई। किसान ने शक के आधार पर जानकारी जुटाई और कृषि विभाग और पुलिस को जानकारी दी। जब कृषि विभाग की टीम फैक्ट्री में पहुंची तो वह भी दंग रह गई और पुलिस को बुलाया गया। विभाग और पुलिस ने यूरिया खाद के स्टॉक को सील कर कब्जे में लिया। हालांकि, फैक्ट्री संचालक अभी तक पुलिस के समक्ष पेश नहीं हुआ है और न ही दस्तावेज दिखाए गए हैं। अब पुलिस मामले की जांच में जुटी है और फैक्ट्री संचालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है तो उसकी गिरफ्तारी भी जल्द की जा सकती है। कृषि विभाग की ओर से पुलिस को अपनी रिपोर्ट सौंप दी गई है। अब आगामी कार्रवाई पुलिस करेगी। पुलिस जांच में पता करेगी कि फैक्ट्री संचालक ने कहां से यह एग्रीकल्चर ग्रेड की यूरिया खरीदी और किसानों को मिलने वाली सब्सिडी पर खरीदी या अधिक दाम पर। अगर सब्सिडी पर खरीदी है तो जांच का विषय है। अब सरकार ने प्रति किसान 5-10 खाद के बैग देने का प्रावधान किया हुआ है तो ये फर्जीवाड़ा कैसे किया। इस खाद होल्डर भी फंसेगा। जल्द किया जाएगा गिरफ्तार : थाना प्रभारी डिंग मंडी थाना प्रभारी संदीप सिंह ने बताया कि कृषि विभाग की ओर से रिपोर्ट दे दी गई है। अब फैक्ट्री संचालक के खिलाफ आगामी कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा। यूरिया का जितना स्टॉक था, उसे कब्जे में ले लिया है। विभाग ने रिपोर्ट सौंपी, अब पुलिस करेगी अपनी कार्रवाई कृषि विभाग से सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी विजेंद्र पाल ने बताया कि विभाग ने अपनी रिपोर्ट पुलिस को दे दी है। फैक्ट्री में जो कारिंदा मिला था, उसने कुछ जानकारी दी थी, पर खाद लाने वाली जानकारी नहीं दी। अब पुलिस ही पता लगाएगी कि फैक्ट्री संचालक कहां से यूरिया खाद लाता था, लेकिन ये ब्लैक में लाई गई है। फैक्ट्री में ये एग्रीकल्चर ग्रेड की खाद न रख सकते हैं और न ही इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए अलग से लाइसेंस लेना पड़ता है और इंडस्ट्रीज ग्रेड की खाद मिलती है। 22 की रात को फैक्ट्री में मारा था छापा 22 तारीख की रात को गांव मोरीवाला निवासी गुरप्रीत शिकायतकर्ता की शिकायत पर विभाग और पुलिस की टीम ने पीएस इंडस्ट्रीज मोरीवाला में ये कार्रवाई की गई है। फैक्ट्री में गुरुप्रीत मौजूद था, पर उसका जिम्मेदार व्यक्ति मौके पर नहीं था। उसके अंदर बने कमरे में 42 बाई 45 किलो के नीम कोटिड यूरिया- 46%N, जो कि पैकिंग कर्ता नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड के पाए गए। यह एग्रीकल्चर ग्रेड के थे, जोकि वहां पर रखना अवैध था। मामले में डिंग थाना पुलिस Essential Commodities Act 1955 और 3.4, 5, 25, 28 THE FERTILISER (Control) ORDER 1985 और 318 (4) BNS के तहत फैक्ट्री संचालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इससे किसानों में काफी रोष का माहौल है और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:30 am

आरती के बाद राव नरबीर की खामोशी से बढ़ा सस्पेंस:पार्टी ने कसा शिकंजा या किसी और तैयारी में, राजनीतिक पंडितों बढ़ने लगी धड़क्कने

दक्षिणी हरियाणा की राजनीति में पिछले दो दिन खामोशी देखने को मिली। शनिवार को महेंद्रगढ़ में आरती राव और रविवार को रेवाड़ी में राव नरबीर सिंह राजनीति पर बोलने से बचते नजर आए। अहीरवाल की राजनीति के दो धुर विरोधी दिग्गज परिवारों खामोशी ने सस्पेंस बढ़ा दिया है। पिछले कुछ माह से एक दूसरे के खिलाफ हमलावर दोनों दिग्गजों पर पार्टी ने शिकंजा कसा है या फिर बड़े सियासी तूफान के आने की आहड़। इससे अब राजनीति के जानकारों की धड़कने भी बढ़ने लगी हैं। राव नरबीर सिंह रविवार को महंत आजाद नाथ योगी की पुण्यतिथि कार्यक्रम में शामिल होने रेवाड़ी पहुंचे थे। कार्यक्रम में राव नरबीर सिंह ने सरकार की योजनाएं गिनवाई और ग्रामीणों से मुलाकात की। रास्ते में जगह जगह स्वागत समारोह कर समर्थकों ने विरोधियों को राव नरबीर सिंह की ताकत का एहसास करवाने का प्रयास किया। पत्रकारों ने रास्ते में हुए स्वागत कार्यक्रम में पहुंचने पर सवाल किया तो अक्सर मुखर रहने वाले राव नरबीर ने सधा हुआ जवाब दिया। राव नरबीर बोले भाजपा हमेशा चुनाव के मूड में रहती है। इसे 2029 के चुनाव से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। महेंद्रगढ़ में बोली थी आरती, कुछ नहीं कहूंगी दक्षिणी हरियाणा के अपने 5 दिवसीय दौरे के दौरान शनिवार को आरती राव महेंद्रगढ़ की अटेली विधानसभा के गांवों में थी। आरती ने विभिन्न गांवों में विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। सरकार की योजनाओं से भी ग्रामीणों को अवगत करवाया। आरती राव ने राव इंद्रजीत सिंह और विरोधियों के विवाद पर सवाल पर चुप्पी साध ली। आरती राव बोली- इस पर राव साहब बहुत कुछ कह चुके हैं। मैने भी काफी कुछ बोला है। अब इस पर बोलने के लिए कुछ नहीं है। एक दूसरे को दिलाई थी याद सियासी जंग के बीच राव इंद्रजीत सिंह ने 2009 के चुनाव में राव नरबीर को मिले चौथे स्थान को लेकर तंज कसा था। राव नरबीर ने इसका जवाब देते हुए कहा था कि मैने तो अपनी राजनीति ही जाटुसाना में राव इंद्रजीत सिंह को हराकर की थी। शायद उम्र के कारण उनकी याददाश्त कमजोर हो गई है। इससे पहले भी दोनों नेताओं ने एक दूसरे पर जमकर हमले किए थे। जिसमें आरती राव भी पीछे नहीं रही थी। आरती ने भी पहले रेवाड़ी और फिर मानेसर में राव इंद्रजीत सिंह के विरोधियों पर हमले किए थे। अब अचानक दोनों तरफ की चुप्पी चर्चा का विषय बनने लगी है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:30 am

रायसेन के किसान ने नौकरी नहीं...खेती को बनाया मिशन:4 एकड़ जमीन में सालाना 12 लाख तक मुनाफा, गांव के लोगों को भी दे रहे रोजगार

रायसेन के बनगवां गांव के किसान डॉ. योगेश पटेल ने नौकरी की बजाय अपनी खेती को आगे बढ़ाने का फैसला किया। आज वे जैविक और मल्टी-क्रॉप सब्जी खेती के जरिए चार एकड़ जमीन से सालाना 11-12 लाख रुपए तक का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं। वे पेशे से पशु चिकित्सक हैं। डॉ. योगेश पटेल ने अपने खेत में मल्टी-लेयर वेजिटेबल क्रॉपिंग सिस्टम अपनाया है। यही नहीं वे गांव के लोगों से एक रुपए प्रति किलो के भाव से गोबर खरीद कर गोबर गैस भी तैयार कर रहे हैं। इस गोबर गैस से गर्मी के दिनों में जब बिजली नहीं होती है, तब जनरेटर चलाकर अपने खेतों की सिंचाई भी करते हैं। गोबर से जैविक खेती और ग्रामीणों को दिला रहे फायदाकिसान डॉ. योगेश पटेल ने अपने खेत पर गोबर गैस प्लांट बनाया है। उसे नियमित रूप से चलाने के लिए उन्होंने ग्रामीणों से 1 जनवरी 2025 से 1 रुपए प्रति किलो के भाव से गोबर खरीदना शुरू किया है। इससे गांव के लोगों को सीधा आर्थिक लाभ मिलने लगा है। गोबर के बदले तुरंत नकद भुगतान किया जा रहा है। जिससे लोग खुद अपने साधनों से भी गोबर लाकर बेच रहे हैं। गोबर से बायो गैस बनाई जा रही है, जिसकी स्लरी को आधा इंच पाइपलाइन के माध्यम से बोरवेल मोटर से जोड़कर स्प्रिंकलर द्वारा खेत के सभी पौधों तक पहुंचाया जाता है। इसी स्लरी और गोबर से वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार की जाती है, जिसे 10 रुपए प्रति किलो के भाव से बेचते हैं। जैविक सब्जियों की बढ़ रही डिमांडकिसान डॉ. योगेश पटेल ने बताया कि 28 एकड़ में से 4 एकड़ में जैविक सब्जियों का उत्पादन किया जा रहा है। शेष जमीन में धान, चना और गेहूं की फसल लगाकर उसका उत्पादन ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि जैविक बैंगन से 6 से 6.5 लाख रुपए (6 महीने में), पत्ता गोभी से 3 से 3.5 लाख रुपए (4 महीने में), धनिया व अन्य सब्जियों से लगभग 2 लाख रुपए की आमदनी हो रही है। खेती में लागत कम रखने के लिए वे आधुनिक मशीनों का उपयोग कर रहे हैं। खेत की तैयारी के लिए बेड मेकर मशीन और निराई-गुड़ाई के लिए मिनी टिलर का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे मजदूरी खर्च नियंत्रित रहता है। 10 से अधिक मजदूरों को मिला रोजगारडॉ. योगेश पटेल ने अपनी खेती के माध्यम से 10 से अधिक मजदूरों को स्थायी रोजगार भी उपलब्ध कराया है। ये मजदूर खेत में निराई-गुड़ाई, देखरेख और सब्जियों की तुड़ाई का कार्य करते हैं। इससे कम से कम 10 परिवारों का भरण-पोषण हो रहा है। डॉ. योगेश पटेल का यह मॉडल साबित करता है कि यदि जैविक खेती, आधुनिक तकनीक और सही योजना को अपनाया जाए, तो खेती न केवल किसान को समृद्ध बना सकती है, बल्कि गांव में रोजगार और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार भी तैयार कर सकती है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:30 am

उज्जैन में पहली बार शिप्रा किनारे CM फहराएंगे ध्वज:राज्यपाल भोपाल, तोमर ग्वालियर में रहेंगे; MP में पूर्व संध्या पर आकर्षक रोशनी से सजी इमारतें

आज 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने गृह नगर उज्जैन में हैं। वे कार्तिक मेला ग्राउंड पर आयोजित समारोह में शामिल होंगे। यह पहला अवसर है, जब मुख्यमंत्री शिप्रा तट पर ध्वज फहराएंगे। दरअसल, दो साल बाद इसी क्षेत्र में सिंहस्थ कुंभ आयोजित होगा। कुंभ का मुख्य आयोजन कार्तिक मेला ग्राउंड के पास दत्त अखाड़ा और रामघाट पर होगा। ऐसे में सिंहस्थ मेला क्षेत्र को प्रमोट करने के उद्देश्य से इस बार गणतंत्र दिवस की परेड और मुख्य समारोह के लिए इसी क्षेत्र को चुना है। वहीं, भोपाल में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ध्वज फहराएंगे। ग्वालियर में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल सागर, जगदीश देवड़ा इंदौर में रहेंगे। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पारिवारिक कारणों के चलते छुट्‌टी पर हैं। दूसरी ओर, गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर प्रदेश की प्रमुख इमारतों को सजाया है। आकर्षक रोशनी से महाकाल मंदिर जगमगा उठा है। जबलपुर विद्युत वितरण कंपनी ने हाईटेंशन लाइनों पर विशेष रोशनी की है। इसी तरह भोपाल में रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, डीआरएम कार्यालय समेत कई इमारतों को विद्युत सज्जा की गई है। तस्वीरों में देखिए इमारतों की सजावट... राष्ट्रीय धुन के साथ हर्ष फायर और राष्ट्रगानउज्जैन में मुख्यमंत्री सुबह 8:55 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे। 9 बजे राष्ट्र ध्वज फहराएंगे। इसके बाद परेड की सलामी, निरीक्षण, मार्च पास्ट, परेड कमांडरों से परिचय, राष्ट्रीय धुन के साथ हर्ष फायर और राष्ट्रगान होगा। मुख्यमंत्री परेड का निरीक्षण करेंगे और प्रदेश के नाम संदेश का वाचन करेंगे। इसके बाद पीटी, मलखंब और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां होंगी। इस वर्ष समारोह में पुलिस के विशेष रूप से प्रशिक्षित 12 स्पेशल डॉग स्क्वाड का प्रदर्शन भी होगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के पश्चात विभिन्न विभागों की झांकियों का प्रदर्शन होगा। कार्यक्रम में पुलिस, आरपीएफ, बीएसएफ, एसएएफ, जिला पुलिस बल (पुरुष एवं महिला प्लाटून), जिला होमगार्ड प्लाटून, एनसीसी, सीआरपीएफ बैंड और डॉग स्क्वाड शामिल होंगे। उज्जैन में होंगे ये आयोजन यह खबर भी पढ़ें... उज्जैन में राहगीरी...सीएम ने मंच से गदा लहराई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को उज्जैन दौरे पर है। वे आज राहगीरी आनंदोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। सीएम ने बैलगाड़ी की सवारी की। कुश्ती संघ के मंच से गदा भी लहराई। इस दौरान वे आम लोगों के साथ स्वास्थ्य, फिटनेस और अलग-अलग सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल हुए। पूरी खबर यहां पढ़ें...

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:30 am

सोनीपत में फर्जी रजिस्ट्री पर नायब तहसीलदार पर लटकी तलवार:डीसी ने विभाग को लिखा लेटर; रजिस्ट्रेशन पावर लेने की सिपारिश, FIR करने के आदेश

सोनीपत के गन्नौर तहसील में पेपरलेस सिस्टम के तहत हुई पहली फर्जी रजिस्ट्री के खुलासे के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। डीसी सुशील सारवान ने एडीसी की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की है। वहीं बेचने वाला और खरीदार व अन्य सभी आरोपितों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। आरोपित नायब तहसीलदार की रजिस्ट्री पावर छीने जाने की सिफारिश की गई है और फर्जी रजिस्ट्री को रद्द कराने के लिए सिविल कोर्ट में वाद दायर करने के निर्देश दिए गए हैं। अब 2 पॉइंट में पढ़िए पूरा मामला...10 जनवरी को मालिक को पता चला: दिल्ली के शालीमार बाग, बी-ब्लॉक निवासी बिकास पाड़िया ने 12 जनवरी को गन्नौर के एसीपी को शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि उनकी फर्म सपाज एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड के नाम वर्ष 2011 से गन्नौर बाय रोड पर दो रजिस्ट्रियों में कुल 36 कनाल जमीन दर्ज है। 10 जनवरी को उन्हें जानकारी मिली कि उनकी जमीन की फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्री कर दी गई है।फर्जी अथारिटी लेटर बनाकर खुद को मालिक बताया:शिकायतकर्ता के अनुसार नसीरपुर बांगर निवासी प्रमोद कुमार ने उनकी फर्म का फर्जी अथारिटी लेटर तैयार कराया और खुद को जमीन का मालिक बताते हुए जमीन बेच दी। जांच में सामने आया कि इस फर्जीवाड़े के आधार पर जींद के पिल्लूखेड़ा निवासी बलबीर सिंह को करीब 6.16 करोड़ रुपए में जमीन बेची गई। छुट्टी के दिन डीसी ने बुलाई बैठक, दिनभर चला मंथनमामले की गंभीरता को देखते हुए डीसी सुशील सारवान ने रविवार को छुट्‌टी के दिन जिला राजस्व अधिकारी, तहसील स्तर के अधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को कैंप कार्यालय बुलाया। दिनभर चले मंथन और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद डीसी ने चार अहम प्रशासनिक फैसलों पर आदेश जारी किए। एडीसी की अध्यक्षता में बनी उच्च स्तरीय जांच कमेटीपूरे फर्जीवाड़े की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए एडीसी लक्षित सरीन की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की गई है। एडीसी को यह अधिकार दिया गया है कि वे आवश्यकतानुसार किसी भी अधिकारी को कमेटी में शामिल कर सकते हैं। कमेटी को 15 दिन के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।एफआईआर दर्ज करने के आदेशडीसी ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर संलिप्त व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फर्जी विक्रेता, फर्जी खरीदार, गवाह, नंबरदार और डीड राइटर सहित सभी आरोपितों पर आपराधिक केस दर्ज करने के लिए पुलिस को लिखित आदेश जारी कर दिए गए हैं। नायब तहसीलदार की रजिस्ट्री शक्तियां छीने जाने की सिफारिशवहीं सोनीपत के डीसी सुशील सारवान ने फर्जी रजिस्ट्री करने के आरोप में गन्नौर के नायब तहसीलदार अमित कुमार की रजिस्ट्रेशन पावर तत्काल प्रभाव से छीने जाने की सिफारिश की है। इसी को लेकर डीसी ने राजस्व विभाग की वित्तायुक्त सुमिता मिश्रा को लेटर लिखा है और कार्रवाई करने को कहा है। जांच पूरी होने तक आरोपी अधिकारी को रजिस्ट्री से संबंधित किसी भी कार्य से दूर रखने का निर्णय लिया गया है।कोर्ट के आदेश से ही रद्द होगी फर्जी रजिस्ट्रीनए पेपरलेस सिस्टम के तहत रजिस्ट्री होने के बाद उसे न तो मैन्युअल और न ही वेब हैलरिस पोर्टल पर रद्द किया जा सकता है। इसी कारण डीसी ने गन्नौर की तहसीलदार को निर्देश दिए हैं कि फर्जी रजिस्ट्री को रद्द कराने के लिए सिविल कोर्ट में वाद दायर किया जाए। कोर्ट के आदेश के बाद ही रजिस्ट्री निरस्त होगी। गवाह, नंबरदार और डीड राइटर भी घेरे में27 नवंबर को हुई रजिस्ट्री के दौरान गोहाना के गांव बरोदा निवासी प्रवीन कुमार को गवाह और गांव बाय निवासी रविंद्र को नंबरदार दर्शाया गया था। इसके अलावा डीड राइटर विनय कुमार की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। शिकायतकर्ता ने इन सभी के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की थी।मामला खुलने पर नायब तहसीलदार ने लिखा पत्रफर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद 13 जनवरी को रजिस्ट्री करने वाले नायब तहसीलदार अमित कुमार ने भी खुद को सुरक्षित करने के उद्देश्य से पुलिस को पत्र लिखकर फर्जी विक्रेता के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की थी। प्रभावशाली लोगों के नाम जुड़ने के कारण उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई थी। राजस्व मंत्री ने भी मांगे दस्तावेजराजस्व मंत्री विपुल गोयल ने इस फर्जी रजिस्ट्री से संबंधित सभी दस्तावेज तलब किए हैं। उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और कार्यालय खुलते ही इस प्रकरण की अलग से जांच कमेटी गठित कराई जाएगी। जांच में लापरवाही या मिलीभगत पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।गुरुग्राम में भी विवादों में रहे हैं आरोपी अधिकारीयह पहला मामला नहीं है जब नायब तहसीलदार अमित कुमार विवादों में आए हों। वर्ष 2024 में गुरुग्राम की कादीपुर तहसील में उनके कार्यकाल के दौरान रजिस्ट्री घोटालों के आरोप लगे थे। उस समय राजस्व मंत्री ने जांच और आपराधिक केस दर्ज करने की सिफारिश की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी।गन्नौर में पहले भी हो चुका है रजिस्ट्री फर्जीवाड़ागन्नौर तहसील में रजिस्ट्री में अनियमितताओं का यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2023 में तत्कालीन नायब तहसीलदार शिवराज द्वारा नगर पालिका क्षेत्र की अवैध कॉलोनियों में 63 रजिस्ट्रियां बिना नगर पालिका एनओसी और प्रॉपर्टी टैक्स के कर दी गई थीं। मामले में जांच के बाद अधिकारी को पहले हटाया गया और बाद में निलंबित किया गया था।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:28 am

लाइब्रेरी पर ताला-खेत बंजर, ऐसा है पंतजी का गांव:UP के पहले CM के परिवार के 7 सदस्य गांव में बचे, सड़क-पानी भी नहीं

यहां पर पंत परिवार के मुश्किल से 7 घर बचे हैं। जो बचे हैं, उनकी मजबूरी है। न यहां मेडिकल सुविधा है, न स्कूल, और न ही रोजगार। हम हाउस वाइफ हैं, एक गाय पाल रखी है, बस उसी के सहारे दिन काट रहे हैं। रास्ते इतने जर्जर हैं कि कोई सुध लेने वाला नहीं है। हमारी पीढ़ी तो जैसे-तैसे कट गई, लेकिन बच्चों का भविष्य यहां अंधकार में है यह दर्द भरी दास्तां रमा पंत की है। यह किसी आम महिला का बयान नहीं, बल्कि उस गांव की एक बाशिंदे की आवाज है, जिस गांव ने देश को 'भारत रत्न' गोविंद बल्लभ पंत दिया। आज 26 जनवरी है। दिल्ली के कर्तव्य पथ पर देश अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहा है। तिरंगा शान से लहरा रहा है और हम आजादी के नायकों को नमन कर रहे हैं। लेकिन, ठीक इसी वक्त, उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री और देश के पूर्व गृह मंत्री गोविंद बल्लभ पंत का पैतृक गांव 'खूंट' (अल्मोड़ा) अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। दैनिक भास्कर की टीम जब इस गांव में पहुंची, तो वहां गणतंत्र का जश्न नहीं, बल्कि सिस्टम की नाकामी का मातम पसरा मिला। खूंट गांव में घुसते ही जो पहली चीज आपका स्वागत करती है, वह है- सन्नाटा। पहाड़ की वादियों में गूंजता हुआ सन्नाटा। यह सन्नाटा सुकून का नहीं, बल्कि वीराने का है। गांव की एक और निवासी रश्मि आर्या का दर्द भी रमा पंत जैसा ही है। वे कहती हैं, यहां पर 7 परिवार अभी तक बचे हैं। पलायन का कारण साफ़ है... न अस्पताल है, न स्कूल की ढंग की सुविधा। बच्चे बेरोजगार पड़े हैं। हम औरतों के लिए भी कुछ नहीं है। सिवाय जानवरों को संभालने के हमारे पास कोई काम नहीं। रास्तों की हालत देखिए, लगता है सालों से किसी ने इनकी खबर नहीं ली। यह बयान उस हकीकत पर मुहर लगाता है जिसे सरकारी फाइलें अक्सर छुपा ले जाती हैं। खूंट ग्राम पंचायत, जिसके अंतर्गत खूंट और बालसा दो गांव आते हैं, आज डेमोग्राफिक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। आंकड़े गवाह हैं कि इस क्षेत्र में सबसे अधिक पलायन उसी 'पंत परिवार' का हुआ है, जिसके नाम पर यह गांव जाना जाता है। गोविंद बल्लभ पंत के वंशज और रिश्तेदार, जो कभी इस गांव की रौनक हुआ करते थे, अब शहरों में बस गए हैं। सुविधाओं के अभाव ने उन्हें अपनी जड़ों को छोड़ने पर मजबूर कर दिया। गांव में अब पंत और भोज परिवारों की आबादी सिमट गई है। जो युवा पढ़-लिख गए, वे सबसे पहले निकले। पीछे रह गए हैं तो सिर्फ बुजुर्ग, महिलाएं या वो लोग जिनके पास जाने का कोई विकल्प नहीं था। पानी के लिए संघर्ष: एक पेड़ जिसे दो साल से हटाया नहीं गया गांव की मूलभूत समस्याओं की गहराई को समझने के लिए हमने मीना पंत से बात की। उनकी बात सुनकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि प्रशासन यहां कितना निष्क्रिय है। मीना पंत एक नौले (प्राकृतिक जल स्रोत) की तरफ इशारा करते हुए बताती हैं, हम लोग यहां पीने का पानी भरने आते हैं। रास्ते में यह पेड़ टूटा पड़ा है, इसे गिरे हुए दो साल हो गए हैं। हमने कितनी बार कंप्लेन कर दी, लेकिन इसे हटाने वाला कोई नहीं है। रास्ता इतना उबड़-खाबड़ है कि पानी सिर पर रखकर लाने में जान निकल जाती है। हमारी उम्र अब इतनी हो गई है कि शरीर साथ नहीं देता, लेकिन मजबूरी है। कोसी नदी का पानी आता तो है, लेकिन वो पीने लायक नहीं है। पीने के लिए हमें इसी खतरनाक रास्ते से होकर नौले तक आना पड़ता है। सोचिये, जिस गांव के बेटे ने देश की जल और बिजली परियोजनाओं की नींव रखी हो (रिहंद बांध आदि), आज उसी के गांव की बुजुर्ग महिलाएं एक टूटे हुए पेड़ को रास्ते से हटवाने के लिए दो साल से गुहार लगा रही हैं। यह सिर्फ एक पेड़ नहीं है, यह प्रशासन की संवेदनहीनता का स्मारक है। स्मारक या खंडहर? 'भारत रत्न' का अपमान गांव के बीचोबीच वह स्थान है जहाँ 10 सितंबर 1887 को गोविंद बल्लभ पंत का जन्म हुआ था। 1987 में, उनकी जन्म शताब्दी पर यहां एक स्मारक बनाया गया था। तब तत्कालीन उपराष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा आये थे। वादे हुए थे, भाषण हुए थे। आज उस स्मारक की हालत देखिये। बाहर से रंग-रोगन करके चमका दिया गया है, लेकिन हकीकत पीछे की दीवारों पर लिखी है। गांव के शंकर सिंह भोज हमें वो असली तस्वीर दिखाते हैं। वे कहते हैं, भारत रत्न पंडित जी का यह ऐतिहासिक भवन अब बस अवशेष बनकर रह गया है। पहले दीवारें ऊंची थीं, अब पत्थर गिर रहे हैं। पीछे देखिये, जंगली झाड़ियाँ और बिच्छू घास उग आई है। क्या प्रशासन यहां एक सफाई कर्मचारी भी नियुक्त नहीं कर सकता? बाहर से पर्यटक आते हैं, पंत जी की धरोहर देखने, और उन्हें यहां झाड़ियाँ और गिरते पत्थर मिलते हैं। अगर यही हाल रहा, तो आने वाले समय में यहां कुछ नहीं बचेगा। शंकर सिंह की चिंता वाजिब है। 10 सितंबर को जब पंत जी की जयंती होती है, तो नेताओं का तांता लग जाता है। मालाएं चढ़ती हैं, फोटो खिंचती हैं, और फिर अगले एक साल के लिए गांव को उसके हाल पर छोड़ दिया जाता है। स्मारक पर चढ़ी वो सूखी मालाएं आज भी लटकी हैं, जो 10 सितंबर को चढ़ाई गई थीं। यह सूखापन केवल फूलों का नहीं, बल्कि सरकारी दावों का भी है। ताले में बंद भविष्य: गांव में सिर्फ नाम की लाइब्रेरी शिक्षा पंत जी के जीवन का मूल मंत्र था। गांव वालों की मांग पर यहां एक वाचनालय और पुस्तकालय भवन बनाया गया। भवन खड़ा है, लेकिन दरवाजे पर ताला जड़ा है। गांव के युवा रोहित पंत हमें उस बंद इमारत के सामने ले जाते हैं। उनके शब्दों में गुस्सा और हताशा दोनों है। रोहित कहते हैं, मेरे पीछे जो बिल्डिंग आप देख रहे हैं, यह पुस्तकालय है। जब से बना है, तब से बंद है। इसे बनाने का क्या फायदा जब इसमें ताला ही लटकाना था? अगर यहां किताबें होतीं, अखबार आते, कंप्यूटर होता, तो हम जैसे गरीब बच्चे यहीं रहकर एसएससी (SSC) या समूह-ग की तैयारी कर सकते थे। हमें अल्मोड़ा जाकर महंगा किराया नहीं देना पड़ता। बच्चे यहां से पलायन क्यों कर रहे हैं? क्योंकि यहां संसाधन होकर भी नहीं हैं। इस ताले को खोलिये, इसमें इंटरनेट दीजिये, ताकि गांव का युवा भी दुनिया से जुड़ सके। रोहित का यह सवाल सिस्टम के मुंह पर तमाचा है। लाखों रुपये खर्च करके ईंट-गारे का ढांचा खड़ा कर देना विकास नहीं है। उसका उपयोग होना विकास है। आज खूंट का युवा पढ़ना चाहता है, लेकिन उसे पढ़ने के लिए अपना घर छोड़ना पड़ रहा है। डर के साये में खेती: बाघ, बंदर और सुअर का राज पहाड़ की रीढ़ खेती है, लेकिन खूंट में खेती अब घाटे और जान के जोखिम का सौदा बन गई है। धामस निवासी संतोष सिंह बिष्ट बताते हैं कि कैसे जंगली जानवरों ने जीना मुहाल कर दिया है। संतोष कहते हैं, यहां स्वास्थ्य और रोजगार की तो दिक्कत है ही, लेकिन जंगली जानवरों का आतंक सबसे बड़ा है। बंदर, सुअर और बाघ... इनका डर सुबह-शाम बना रहता है। दिनदहाड़े बाघ दिख रहे हैं। सुअर रात भर में पूरी खेती खोद डालते हैं। पिछले तीन साल से गांव में रबी की फसल बोना ही बंद कर दिया गया है। लोग खेती छोड़ रहे हैं क्योंकि फसल बचाने के लिए जान जोखिम में कौन डाले? बच्चों के खेलने के लिए कोई स्टेडियम नहीं है, जबकि दूसरे गांवों में बन रहे हैं। यहां विकास के नाम पर शून्य है। खेत बंजर हो रहे हैं। जब खेत बंजर होते हैं, तो पेट नहीं भरता, और जब पेट नहीं भरता, तो इंसान घर छोड़ने को मजबूर होता है। खूंट का पलायन इसी चक्रव्यूह का नतीजा है। बुजुर्गों की यादों में पंत, हकीकत में सिर्फ मलाल गांव के 79 वर्षीय बुजुर्ग आनंद सिंह भोज, पंत जी के दौर की कड़ियां जोड़ते हैं। वे कहते हैं, पंत जी हमारे दादाजी की उम्र के थे। हमने सुना है कि उनका बचपन यहीं बीता। यह जो खंडर दिख रहा है, यहीं वो पैदा हुए थे। पहले यहां गड़महल का पेड़ था, बच्चे खेलते थे। सरकार ने स्मारक तो बना दिया, लेकिन गांव को नहीं बचा पाई। अब यहां पंत परिवार के सिर्फ 5-7 मवासे (परिवार) बचे हैं। बाकी सब सप्लाई (पलायन) कर गए। आनंद सिंह की आंखों में वो चमक नहीं है जो किसी 'भारत रत्न' के पड़ोसी होने पर होनी चाहिए। उनकी आंखों में एक खालीपन है—एक ऐसा खालीपन जो तब आता है जब आप अपने ही लोगों को एक-एक करके जाते हुए देखते हैं। जमीन की लूट: धरोहर पर भू-माफिया की नजर जिस दौरान हम गांव में थे तो दबी जबान में लोगों ने ऑफ कैमरा बताया कि 'भारत रत्न' के गांव की मिट्टी अब बिकाऊ हो गई है। कुछ स्थानीय बिचौलिए ग्रामीणों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। 50 हजार से डेढ़ लाख रुपए में जमीनें खरीदी जा रही हैं और बाहरी रसूखदारों को 15-20 लाख रुपए में बेची जा रही हैं। बाहरी लोग यहां रिसॉर्ट या हॉलिडे होम बनाने की फिराक में हैं। जिस गांव में पंत जी ने सादगी और स्वावलंबन का पाठ पढ़ा था, वहां अब कंक्रीट के जंगल उगने की तैयारी है। गांव वाले डरते हैं, इसलिए कैमरे के सामने नाम नहीं लेते, लेकिन दबी जुबान में सब कह रहे हैं- हमारी जमीनें लुट रही हैं और हम कुछ नहीं कर पा रहे। गोविंद बल्लभ पंत ने कहा था, भारत की आत्मा गांवों में बसती है। विडंबना देखिये कि उनकी अपनी ही आत्मा (उनका गांव) तिल-तिल कर मर रही है। धामस का छोटा सा केंद्र रेफरल सेंटर बनकर रह गया है। एम्बुलेंस तक नहीं है। लाइब्रेरी में ताला है, स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं। मनरेगा के अलावा कोई काम नहीं। पगडंडियां टूटी हैं, पेड़ रास्तों को रोके खड़े हैं। पलायन कर चुके पंत परिवारों के बंद घरों के दरवाजों पर लटके जंग लगे ताले संकेत दे रहे हैं- हमें याद मत करो, बस हमें बचा लो। दैनिक भास्कर की टीम जब हम गांव से लौट रही थी, तो पीछे पंत जी की प्रतिमा खड़ी थी। धूप ढल रही थी और प्रतिमा की परछाईं उन झाड़ियों पर पड़ रही थी जिन्हें काटने वाला कोई नहीं है। शायद यही आज के भारत की सबसे सच्ची और कड़वी तस्वीर है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:27 am

फरीदाबाद में क्रिकेट स्टेडियम का काम फिर अटका:90 करोड़ के नए इस्टीमेट की मंजूरी का इंतजार; विधायक बोले- जल्द कार्य शुरू होगा

फरीदाबाद में पिछले पांच वर्षों से बंद पड़े राजा नाहर सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के काम को जनवरी के अंत में शुरू कराने का दावा किया गया था, लेकिन नगर निगम द्वारा तैयार किए गए 90 करोड़ रुपए के इस्टीमेट को अब तक मंजूरी नहीं मिलने के कारण काम शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में शहरवासियों को स्टेडियम के शुरू होने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। पहले इस स्टेडियम का निर्माण FMDA (फरीदाबाद मेट्रो डेवलपमेंट अथॉरिटी) द्वारा किया जाना था, लेकिन अब सरकार ने इसके अधूरे काम को पूरा करने की जिम्मेदारी फिर से नगर निगम को सौंप दी है। नगर निगम ने पहले से प्रस्तावित 123 करोड़ रुपए की लागत के अलावा 90 करोड़ रुपए का नया इस्टीमेट तैयार कर सरकार को भेजा है, जिसे अब तक स्वीकृति नहीं मिली है। इस मामले में बडखल विधायक धनेश अद्लखा ने कहा कि सरकार जल्द ही नए इस्टीमेट को मंजूरी दे देगी और 2026 में स्टेडियम का काम बहुत जल्दी शुरू किया जाएगा। पांच साल से ठप पड़ा निर्माण कार्य राजा नाहर सिंह स्टेडियम का निर्माण कार्य पिछले पांच वर्षों से पूरी तरह बंद पड़ा है। साल 2023 में इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (FMDA) को सौंपी गई थी, लेकिन नगर निगम से एनओसी न मिलने और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की जांच के चलते एफएमडीए भी काम शुरू नहीं करा सका। इसके बाद अक्टूबर 2025 में सरकार ने स्टेडियम का काम दोबारा नगर निगम को सौंप दिया। अक्टूबर में बड़खल विधायक धनेश अद्लखा ने स्टेडियम परिसर में साफ-सफाई का काम शुरू कराया था, लेकिन कुछ ही दिनों बाद यह काम भी बंद हो गया और तब से स्टेडियम में कोई गतिविधि नहीं हो पाई है। 1981 में बनाया गया स्टेडियम फरीदाबाद के एनआईटी में बने राजा नाहर सिंह के नाम से किक्रेट खेल स्टेडियम को 1981 में बनाया गया था। उस समय इसमें 25 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। इसके निर्माण की तारीख से लेकर 37 सालों में अभी तक महज 8 इंटरनेशनल मैच ही यहां पर हो पाए हैं। इस स्टेडियम में आखरी मैच साल 2006 में भारत और इंग्लैंड के बीच हुआ था, जो एक दिन का वन-डे मैच था। मनोहर लाल सरकार में बनी योजना स्टेडियम की स्थिति काफी खराब होने के चलते इसे नए सिरे से बनाने की योजना बनाई गई थी। 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्टेडियम का जीर्णोद्धार करने की घोषणा की थी। जिसे लेकर नगर निगम ने 135 करोड़ रूपए का बजट तैयार किया, लेकिन सरकार ने उसमें से 115 करोड़ रूपए को ही मंजूरी दी। जिसके बाद जनवरी 2019 में स्टेडियम को नई तकनीकी से बनाने का काम शुरू कर दिया गया। साल 2020 तक स्टेडियम का काम ठीक चलता रहा, लेकिन साल के बीच में आकर निर्माण कर रही कंपनी ने काम बंद कर दिया। सिडनी के ग्राउंड की तर्ज पर बनना था राजा नाहर सिंह स्टेडियम को सिडनी के ग्राउंड की तर्ज पर बनाने के लिए साल 2018 में गुजरात की रणजीत बिल्डकॉन कंपनी को इसका कार्य दिया गया। लेकिन कंपनी ने बजट कम होने का हवाला देकर काम को बंद कर दिया। जिसके बाद साल 2023 में हरियाणा के सीएम नायाब सैनी के सामने एफएमडीए की बैठक में स्टेडियम का मामला उठा। सीएम ने अधिकारियों से काम में देरी होने को लेकर जानकारी ली। जिसके बाद स्टेडियम के निर्माण की जांच करने के लिए एसीबी को जिम्मेदारी सौंपी गई। दो सालों में एसीबी अपनी जांच पूरी नहीं कर पाई है। जिसके कारण स्टेडियम का काम बंद रहा। FMDA ने 292 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया साल 2023 में इस स्टेडियम को एफएमडीए ने टेकओवर कर लिया। लेकिन एसीबी की जांच रिपोर्ट के चलते वह काम शुरू नहीं करा पाए । एफएमडीए ने इसके निर्माण के लिए 292 करोड़ रूपए का प्रोजेक्ट तैयार किया था। काम शुरू करने से पहले एफएमडीए ने नगर निगम को पत्र लिखकर एनओसी मांगी थी, लेकिन FMDA भी इस काम को शुरू नहीं करा पाई। अब नगर निगम पूरा कराएगा काम सरकार ने अब स्टेडियम के काम को पूरा कराने की जिम्मेदारी फिर से नगर निगम को दे दी है। नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार, काम को बीच में छोड़ने वाली गुजरात की रणजीत बिल्डकॉन कंपनी ही इस काम को पूरा करेगी। अब इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए 123 करोड़ रूपए मंजूर किए गए। जिसमें से 71 करोड़ रूपए का काम कपंनी इस स्टेडियम के अंदर कर चुकी है।लेकिन अब 90 करोड़ रुपए का इस्टीमेट मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजा गया है। बडखल से विधायक धनेश अद्लखा ने बताया कि, स्टेडियम के चारों तरफ तीन फुट चौड़ा नाला बनवाने का काम बढ़ा दिया गया है, ताकि बरसात के मौसम में पानी की निकासी को लेकर किसी प्रकार की कोई समस्या न रहे। स्टेडियम में ये मिलेंगी सुविधाएं स्टेडियम के निर्माण में नई चीजों को भी जोड़ा गया है। स्टेडियम के साथ ही फुटबॉल मैदान, बैडमिंटन कोर्ट, बॉलीवाल मैदान और स्टेडियम के चारों तरफ साइकिल ट्रैक भी बनाया जाएगा। इसके अलावा यहां ईस्ट, वेस्ट और साउथ स्टैंड का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा स्टेडियम में लगाई गई लाइट का लक्स लेवल 1500 से बढ़ाकर तीन हजार मीटर किया जाएगा। स्टैंड ऊपर सीट, फुटवाल मैदान, एथलीट मैदान, स्विमिंग पूल आदि का काम किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:26 am

राजस्थान में आंधी-बारिश की चेतावनी:तीन शहरों का पारा माइनस में पहुंचा, जयपुर-सीकर समेत कई जिलों में बर्फ जमी

उत्तर भारत से चल रही बर्फीली हवाओं की वजह से राजस्थान में गलन बढ़ गई है। तीन शहरों में पारा माइनस में चला गया।जयपुर, नागौर, सीकर, हनुमानगढ़ समेत कई जिलों में तापमान गिरने से बर्फ जम गई। एक जिले को छोड़कर शेष सभी जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हुआ। दिनभर प्रदेश में आसमान साफ रहा और तेज धूप भी निकली, लेकिन सर्द हवाओं ने धूप में भी कंपकपी को बरकरार रखा। राज्य में आज (सोमवार) से शीतलहर से थोड़ी राहत रह सकती है। आने वाले दिनों में एक नया वेदर सिस्टम एक्टिव होगा, जिसके असर से जयपुर सहित 18 जिलों में मौसम बदलेगा। इस दौरान कई जिलों में तेज आंधी चलने के साथ हल्की बारिश और कहीं-कहीं ओले भी गिर सकते हैं। पिछले 24 घंटे में सभी शहरों में आसमान साफ रहा। फतेहपुर (सीकर), नागौर, माउंट आबू (सिरोही) में पारा माइनस में दर्ज हुआ। 13 शहरों का पारा 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हुआ। नागौर, सीकर, झुंझुनूं, चूरू, हनुमानगढ़, जयपुर समेत कई जिलों में रविवार सुबह ग्रामीण इलाकों में बर्फ जम गई। गलनभरी इस सर्दी से राहत नहीं रही। राज्य में भले ही सभी शहरों में आसमान साफ रहा और तेज धूप रही, लेकिन सर्द हवाओं से ठिठुरन रही। 23 डिग्री सेल्सियस तक नहीं पहुंचा अधिकतम तापमानसर्द हवाओं का असर ये रहा कि राज्य में कल (रविवार) किसी भी शहर में दिन का अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस तक भी नहीं पहुंचा। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 22.8 चित्तौड़गढ़ और 22.2 डूंगरपुर में दर्ज हुआ। अजमेर में अधिकतम तापमान 21.2, जयपुर में 19.6, कोटा में 19.4, उदयपुर में 19.8, बाड़मेर में 20.4, जोधपुर में 20.6, जैसलमेर, बीकानेर में 17.6, चूरू में 19.1, श्रीगंगानगर में 19.3, पाली में 18.6 और अलवर में अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:26 am

ग्वालियर में बनता है उच्च गुणवत्ता का तिरंगा:9 मानकों पर खरा उतरने के बाद 55 दिन की मेहनत से लेता है आकार

भारत में राष्ट्रीय ध्वज दो ही स्थानों पर उच्च मानकों के साथ तैयार किया जाता है। इनमें से एक ग्वालियर स्थित मध्य भारत खादी संघ है, जबकि दूसरा संस्थान कर्नाटक के बेंगिरी गांव में है। ग्वालियर का मध्य भारत खादी संघ ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) द्वारा ISI प्रमाणित भारतीय तिरंगा बनाता है। यह संस्थान देश के उन चुनिंदा केंद्रों में से एक है, जहां राष्ट्रीय ध्वज के निर्माण के लिए निर्धारित कड़े मानकों का पालन किया जाता है। राष्ट्रीय ध्वज के निर्माण की प्रक्रिया कई चरणों से होकर गुजरती है। कपास की कताई, बुनाई और डाई सहित कुल 9 मानकों पर खरा उतरने के बाद ही तिरंगा झंडा अपना अंतिम आकार लेता है। धागे से लेकर तैयार झंडे तक के इस सफर में कई कारीगरों और बुनकरों की कला के साथ-साथ लगभग 55 दिनों की कड़ी मेहनत लगती है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि प्रत्येक झंडा उच्चतम गुणवत्ता और निर्धारित विशिष्टताओं के अनुरूप हो। उल्लेखनीय है कि दिल्ली के लाल किले पर भी ग्वालियर में महिला-पुरुष कारीगरों द्वारा निर्मित झंडा फहराया जा चुका है, जो इसकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता का प्रमाण है। ग्वालियर शहर से 16 राज्यों में भेजते हैं झंडा मध्य भारत खादी संघ की वर्कशॉप ग्वालियर के जीवाजी गंज में स्थित है। जहां स्वतंत्रता दिवस व गणतंत्र दिवस से कुछ महीनों पहले से कारीगर दिन-रात काम में जुटे रहते हैं ताकि देशभर से आने वाली मांग की पूर्ति की जा सके। देशभर में फहराए जाने वाले राष्ट्रीय ध्वज में से 40 प्रतिशत ग्वालियर में बनाए जाते हैं। यहां से देश के 16 राज्यों में झंडा बनकर भेजा जाता है। राष्ट्रध्वज बनने की पूरी प्रक्रिया को जाननेदैनिक भास्कर की टीम वर्कशॉप में पहुंची। यहां एक बड़े से हॉल में 15 से 16 महिला और पुरुष कारीगर झंडा बनाने में व्यस्त थे। कोई झंडे की सिलाई कर रहा था तो कोई उसकी नपाई। महिलाएं झंडों की सिलाई करने में व्यस्त थीं। एक दिन में उन्हें लगभग 650 झंडे सिलने होते हैं। तिरंगे झंडे की हाथ से सिलाई करती बुजुर्ग महिला सीसल वुड की रस्सी से फहराया जाता है। झंडा सिल रहीं महिला रानी सावंत ने बताया कि वह पांच साल से सिर्फ झंडे ही सिल रही हैं। 26 जनवरी और 15 अगस्त के वक्त काम बढ़ जाता है। जहां झंडों की सिलाई का काम चल रहा था, वहीं पास में धीरेंद्र जमीन पर बैठकर झंडे को साधने वाली रस्सी गूंथ रहा था। हमें बताया गया कि जिस रस्सी से झंडा साधा जाता है वह आम नहीं होती। सीसल वुड से यह रस्सी बनती है। इसके पास ही लैब में झंडों की फाइनल टेस्टिंग की जा रही थी। पास ही एक कमरा था जहां तैयार झंडे रखे हुए थे। लैब की इंचार्ज नीलू मैकले ने बताया कि सबसे पहले झंडों की नपाई और उसके बाद झंडे को फोल्ड करने का भी नियम होता है। केसरिया रंग अंदर आता है और हरा रंग ऊपर आता है। झंडे को बांधने वाली रस्सी और लकड़ी की गुल्ली भी खास होती है। झंडे में लगने वाली रस्सी सीसल वुड की होती है। यह देश में कम ही पाई जाती है। यह रस्सी पहले विदेश से मंगाई जाती थी, पर अब पश्चिम बंगाल में ही मिल जाती है। यह 495 रुपए किलो मिलती है। कर्नाटक और मध्यप्रदेश में ही बनता है राष्ट्रीय ध्वजतिरंगा बनाने का काम देश में तीन स्थानों महाराष्ट्र के मुंबई, कर्नाटक के हुबली और मध्यप्रदेश के ग्वालियर में किया जाता था, लेकिन अब महाराष्ट्र में झंडे नहीं बनते हैं। फिलहाल हुबली और ग्वालियर में ही झंडे बनाने का काम हो रहा है। ग्वालियर के मध्य भारत खादी संघ में बने झंडों की डिमांड 16 से 17 राज्यों में है।यही कारण है कि देश के 40 प्रतिशत झंडे यहीं से सप्लाई होते हैं। इसके लिए खादी संघ ने नई मशीनें लगाई हैं। जहां लैबोरेटरी में टेस्ट करके 9 मानकों के आधार पर झंडे बनाकर सप्लाई किए जाते हैं। फिलहाल सालाना एक से सवा करोड़ रुपए के झंडे ग्वालियर में ही तैयार हो रहे हैं। तीन साइज के बनाए जाते हैं राष्ट्रीय ध्वजमध्य भारत खादी संघ में BIS (ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड) प्रमाणित तीन साइज के तिरंगे तैयार किए जाते हैं। जिनमें 2 बाई 3, 6 बाई 4, और 3 बाई 4.5 फीट के झंडे शामिल हैं। राष्ट्रीय ध्वज बनाने के लिए मानकों का ख्याल रखना होता है, जिसमें कपड़े की क्वालिटी, रंग और चक्र का साइज बहुत जरूरी है। उसके बाद खादी संघ में इन सभी चीजों का टेस्ट किया जाता है। इस साल 60 से 70 लाख रुपए के झंडे के ऑर्डर आ चुके हैं।मध्य भारत खादी संघ के मंत्री रमाकांत शर्मा ने बताया इन राज्यों में जाते हैं तैयार किया तिरंगे झंडेग्वालियर में बने झंडे 16 से 17 राज्यों में जाते हैं। यहां तक कि लालकिले पर भी ग्वालियर में बना झंडा फहराया जा चुका है। ग्वालियर में बना झंडा मध्यप्रदेश के अलावा उत्तरप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, बिहार, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, ओडिशा, अंडमान निकोबार सहित देश की एम्बेसी सहित अन्य शासकीय व अर्द्ध शासकीय संस्थाओं में जाता है। सन 1925 में चरखा केंद्र से शुरू हुई थी तिरंगा बनाने की यात्राग्वालियर में स्थित इस केंद्र की स्थापना साल 1925 में चरखा संघ के तौर पर हुई थी। साल 1956 में मध्य भारत खादी संघ को आयोग का दर्जा मिला। इस संस्था से मध्य भारत की कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां भी जुड़ी हैं। उनका मानना है कि किसी भी खादी संघ के लिए तिरंगे तैयार करना बड़ी मुश्किल का काम होता है, क्योंकि सरकार की अपनी गाइडलाइन है उसी के अनुसार तिरंगे तैयार करने होते हैं। यही कारण है कि जब यहां तिरंगे तैयार किए जाते हैं तो बारीकी से उनकी मॉनिटरिंग की जाती है। कड़े परीक्षण और कई दौर की जांच के बाद 2016 में मध्य भारत खादी संघ को BIS से तिरंगा बनाने की अनुमति मिली थी, जिसके बाद अब ग्वालियर देश का दूसरा सबसे बड़ा झंडा निर्माण केंद्र बन गया है। खादी केंद्र इकाई का टर्नओवर पिछले साल लगभग 4.18 करोड़ रुपए हुआ था। वहीं डिमांड बढ़ने के बाद 1 अप्रैल 2025 से 15 अगस्त 2025 की अवधि के दौरान इसका व्यापार बढ़कर 99 लाख रुपए हो गया है। इस दौरान संघ ने 26 हजार से ज्यादा झंडे बनाकर सप्लाई किए हैं। इस साल 26 जनवरी पर मध्य भारत खादी संघ के पास 1.30 करोड़ लाख रुपए के झंडे के ऑर्डर आ चुके हैं।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:25 am

शौर्य प्रदर्शन:आज सिंदूर फॉर्मेशन में जो लाइव होगा, हूबहू 5-6 घंटे बाद गणतंत्र दिवस परेड में दिखेगा

दिल्ली में सोमवार को कर्तव्यपथ पर हाेने वाली गणतंत्र दिवस की परेड में भारतीय वायु सेना सिंदूर सहित 8 फॉर्मेशन का शौर्य दिखाएगी। भास्कर में सुबह 5-6 बजे आप तक यह फोटो होंगे। टीवी व अन्य माध्यमों पर यह नजारा सुबह करीब 11 बजे दिखेगा, क्योंकि लड़ाकू विमान भी तभी परेड में यह करतब दिखाएंगे। दरअसल, गणतंत्र की पूर्व संध्या पर रविवार को फुलड्रेस ​रिहर्सल हुई। इसी के यह एक्सक्लूसिव फोटो भास्कर ने अपने पाठकों के लिए वायुसेना से विशेष आग्रह पर लिए। हूबहू यही नजारा परेड में दिखेगा। गत मई में फ्रंट लाइन फाइटर जेट्स ने पाक को कैसे परास्त किया, इसकी झलक राफेल, सुखोई, मिग 29 व जगुआर लड़ाकू विमान सिंदूर फॉर्मेशन बनाकर दिखाएंगे। 29 लड़ाकू विमान और 8 स्वदेशी फॉर्मेशन जोधपुर से उड़ेंगे, दिल्ली पहुंचेंगे जोधपुर से राफेल, सुखोई 30 एमकेआई, सी 17 ग्लोबमास्टर ​सहित अन्य विमान उड़ेंगे। ये दिल्ली में कर्तव्य पथ के आसमां में 20 सेकंड में सांसें थामने वाला प्रदर्शन करेंगे। विमानों से सिंदूर और व्रज रंग तथा वर्टिकल चार्ली जैसी 8 फॉर्मेशन दिखाई जाएगी। जोधपुर सहित अन्य एयरबेस से 29 विमान उड़ान भरेंगे। परेड पूरी होने के बाद फ्लाई पास्ट का डिस्प्ले होगा। सुबह 11:15 बजे के बाद 5 मिनट अतिथियों, दर्शकों एवं टीवी पर लाखों लोगों की आंखें आसमां में टकटकी लगाए होंगी। एक सप्ताह से प्रतिकूल मौसम के बावजूद वायुसेना फॉर्मेशन की प्रैक्टिस जारी रखे हुए थी।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:24 am

रिषिका को मिला मिस फोटोजेनिक खिताब

दतिया। जयपुर में 8 जनवरी को आयोजित जूनियर मिस इंडिया ग्रैंड फिनाले में रिषिका वर्मा ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में कल्चर राउंड, वेस्टर्न राउंड और गाउन राउंड आयोजित किए गए। कल्चर राउंड में रिषिका ने मध्यप्रदेश की संस्कृति को प्रस्तुत कर जजों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं वेस्टर्न राउंड और गाउन राउंड में उन्होंने रैंप वॉक के जरिए आत्मविश्वास और संतुलन का प्रदर्शन किया। रिषिका ने इस प्रतियोगिता में ऑनलाइन भागीदारी की थी। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें मिस फोटोजेनिक का खिताब प्रदान किया।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:24 am

गणतंत्र दिवस पर जिनके हाथ नहीं, उनको मिलेंगे इलेक्ट्रिक हैंड:​​​​​​​खाना, लिखना और डिजाइनिंग जैसे काम कर सकेंगे, भोपाल सिविल अस्पताल में मेगा कैंप

मध्यप्रदेश में अब बिना हाथ वाले लोगों के सरकार गणतंत्र दिवस पर इलेक्ट्रिक हैंड लगवाएगी। जिससे वे खाना, लिखना, डिजाइनिंग और वस्तुओं को पकड़ने जैसे दैनिक कार्य आसानी से कर सकेंगे। इसके लिए राजधानी के हथाईखेड़ा सिविल अस्पताल में मेगा कैंप का आयोजन किया गया है। कैंप में जरूरतमंद लोगों की पहचान कर उनके आधार कार्ड की फोटो कॉपी और उनकी फोटो के साथ रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। जिससे उन्हें यह इलेक्ट्रॉनिक प्रोस्थेटिक्स हैंड्स मुफ्त में लगाए जा सकें। यह कैंप 26 जनवरी के साथ साथ 27 जनवरी को भी आयोजित किया जाएगा। डिवाइस मॉडर्न तकनीक पर बेस्ड है इसके लिए मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने इनाली फाउंडेशन के साथ करार किया है। अधिकारियों के द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि यह डिवाइस मॉडर्न तकनीक पर बेस्ड है। जिसकी मदद से वर्तमान में जो लोग हाथ ना होने के कारण जीवन में कठिनाई महसूस करते हैं, उन्हें यह काफी राहत देगा। साथ ही, दैनिक कार्य से जुड़े काम भी इलेक्ट्रिक हैंड से कर सकेगा। 26 और 27 जनवरी को लगेगा मेगा कैंप स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसके लिए 26 और 27 जनवरी को मेगा कैंप आयोजित किया जा रहा है। जिसमें यह मुफ्त इलेक्ट्रॉनिक प्रोस्थेटिक हैंड्स लगवाए जाएंगे। यह सुविधा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की यह महत्वपूर्ण पहल राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत की गई है। किन लोगों को मिलेगा इसका फायदा CMHO बोले- डीईआईसी में भी कर सकते हैं संपर्क मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) भोपाल डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि ऐसे लोग जिनके कोहनी से निचला हिस्सा नहीं है, वे नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र या स्वास्थ्य कार्यकर्ता से संपर्क कर जानकारी ले सकते हैं। इसके अलावा कोई परेशानी होने पर जिला चिकित्सालय परिसर स्थित जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र में भी संपर्क किया जा सकता है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:17 am

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा:चयन बोर्ड में पकड़े गए लोगों ने कांग्रेस सरकार में किया था फर्जीवाड़ा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर सांगानेर स्थित कैम्प कार्यालय में नव मतदाताओं का सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी चयन बोर्ड में पकड़े गए लोगों में वर्ष 2019 में फर्जीवाड़ा किया था। एक मामले में उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने पूर्व कांग्रेस सरकार को सूचना भी दी थी, लेकिन वे साढ़े चार साल तक मामले को दबाए बैठे रहे और आज नैतिकता की बात कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने पेपरलीक और ओएमआर शीट प्रकरण पर कहा कि पेपरलीक और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर अपराधों पर सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति बिलकुल स्पष्ट है। जो कोई भी अपराध करेगा, उसे कानून के अनुसार सख्त सजा मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने एसओजी को भर्तियों में गड़बड़ी की निष्पक्ष व पारदर्शी जांच करने के निर्देश दिए है। हमने किसी विशेष सरकार, किसी विशेष समय-काल या किसी राजनीतिक उद्देश्य के तहत निर्देश नहीं दिए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एसओजी उन मामलों में बिना किसी भेदभाव के कार्यवाही कर रही है, जहां ठोस साक्ष्य सामने आए हैं। मुख्यमंत्री ने सुनी पीएम के मन की बात मुख्यमंत्री ने आमजन के साथ पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम को सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में देशभर में 200 करोड़ पौधे लगाए जाने का जिक्र किया है। राजस्थान में भी हमारी सरकार ने इस अभियान से प्रेरणा लेकर 5 वर्ष में 50 करोड़ पौधे लगाने का संकल्प किया है। सीएम ने करवाया हेल्थ सिस्टम का चेकअप, 854 अस्पतालों पर छापा सीएम भजनलाल शर्मा के निर्देश पर रविवार को प्रदेशभर में स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत जानने के लिए अब तक का सबसे बड़ा औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक चले अभियान में अधिकारियों ने एक ही दिन में 854 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण किया। इनमें 84 जिला, उप जिला और सैटेलाइट अस्पताल, 200 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 554 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 16 मेडिकल कॉलेज अस्पताल शामिल रहे। अधिकारियों ने अस्पतालों में साफ-सफाई, दवाइयों की उपलब्धता, जांच सुविधाएं, मानव संसाधन और इलाज की गुणवत्ता को परखा। सीएम ने कहा कि जहां भी कमियां मिली हैं, वहां तत्काल सुधार और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:15 am

रायपुर में राज्यपाल, बिलासपुर में सीएम साय फहराएंगे तिरंगा:117 टुकड़ियां, पुलिस डॉग स्क्वाड भी करेगा परफॉर्म, पुलिस परेड ग्राउंड कार्यक्रम

छत्तीसगढ़ में गणतंत्र दिवस मनाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आज सुबह 9 बजे राज्यपाल रमेन डेका तिरंगा फहराएंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बिलासपुर जिला मुख्यालय में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे। सीएम साय प्रदेश के दूसरे सीएम होंगे जो बिलासपुर के पुलिस मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ के पहले सीएम अजीत जोगी साल 2001 से लेकर 2003 तक गणतंत्र दिवस पर बिलासपुर में ही राष्ट्रीय ध्वज फहराते रहे हैं। वहीं, डिप्टी सीएम अरुण साव बस्तर, डिप्टी सीएम विजय शर्मा सरगुजा जिला मुख्यालय में झंडा फहराएंगे। दिल्ली में छत्तीसगढ़ की झांकी में डिजिटल संग्रहालय और वीर नायक वहीं, दिल्ली में होने वाले आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ की विशिष्ट झांकी देशभर के लोगों का ध्यान आकर्षित करेगी। रक्षा मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति ने छत्तीसगढ़ की झांकी को मुख्य समारोह के लिए चयनित किया है, जिसमें जनजातीय वीर नायकों को समर्पित देश के पहले डिजिटल संग्रहालय की झलक दिखाई जाएगी। 117 टुकड़ियां परेड में होंगी शामिल गणतंत्र दिवस समारोह 2026 के अवसर पर रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में देश की सुरक्षा, अनुशासन और एकता का भव्य प्रदर्शन देखने को मिलेगा। परेड में कुल 117 टुकड़ियां शामिल होंगी, इनमें इसके साथ ही घुड़सवार दल, बैंड प्लाटून और डॉग स्क्वॉड समारोह को और आकर्षक बनाएंगे। पुलिस डॉग स्क्वॉड करेगा परफॉर्म गणतंत्र दिवस पर 12 सदस्यीय पुलिस डॉग स्क्वॉड की परफॉर्मेंस आकर्षण का केंद्र रहेगा। स्वान दल अपने अनुशासन, फुर्ती और प्रशिक्षण क्षमता से सभी का ध्यान खींचेंगे। ये जांबाज स्वान हत्या, चोरी-डकैती और मादक पदार्थों से जुड़े गंभीर अपराधों की जांच में अहम भूमिका निभाते हैं। इनकी प्रस्तुति छत्तीसगढ़ पुलिस स्वान दल की पेशेवर दक्षता और राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित करेंगे। स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां बढ़ाएंगी रंग समारोह में प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं देशभक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए भारत की विविधता और शक्ति का संदेश देंगे। प्रमुख प्रस्तुतियां- कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, सरगुजा - “विकसित भारत, बढ़ता भारत”शिवोम विद्यापीठ, दुर्ग (सांकरा) - “जयतु जयतु भारत”पी.जी. उमाठे शासकीय कन्या अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय, शांति नगर रायपुर - 'आरंभ है प्रचंड”इन कार्यक्रमों के माध्यम से संस्कृति, नारी शक्ति, युवा सामर्थ्य और विकसित भारत की झलक देखने को मिलेगी। FDR में परखी तैयारियां इससे पहले शनिवार को पुलिस परेड ग्राउंड में फुल ड्रेस फाइनल रिहर्सल किया गया। रिहर्सल के दौरान डॉग स्क्वॉड, घुड़सवार दल और कई सुरक्षा बलों की टुकड़ियों ने अनुशासन, तालमेल और दक्षता का शानदार प्रदर्शन किया। मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम के अनुसार हुआ अभ्यास फुल ड्रेस रिहर्सल में मार्च पास्ट, गार्ड ऑफ ऑनर, पदक अलंकरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियों को अंतिम रूप से परखा गया। सभी गतिविधियां निर्धारित मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम के अनुसार संचालित की गईं। वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया रिहर्सल का जायजा शनिवार को रिहर्सल के दौरान पुलिस महानिदेशक अरुणदेव गौतम, रायपुर पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त विश्वदीप और जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।राज्यपाल की भूमिका निभाते हुए डीएसपी गिरीश कोरी ने सुरक्षा और आयोजन व्यवस्था का निरीक्षण किया।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:12 am

साइबर ठगी का मामला:कोर्ट का फर्जी गिरफ्तारी वारंट भेज सास-बहू को 3 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा, 48 लाख रुपए की साइबर ठगी

करणीनगर में दो महिलाओं को घर में ही डिजिटल अरेस्ट कर 48 लाख रुपए की साइबर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। करणीनगर, लालगढ़ निवासी कांता शर्मा और उनकी पुत्रवधू शिखा पांडे को 21, 22, 23 को घर में ही डिजिटल अरेस्ट रखा गया। इस दौरान आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट के फर्जी ऑर्डर और अरेस्ट वारंट व्हाट्सएप पर भेजे। उन्हें तीन दिन तक अलग-अलग नंबरों से कॉल करके मानसिक प्रताड़ना देता रहा। वीडियो कॉल कर ऑफिस दिखाया, जिसमें दीवार पर एनआईए का लोगो लगा था। तीन-चार अन्य लोग भी खड़े नजर आए। यह देख दोनों इस कदर डर गए कि घर में शिखा के दोनों बच्चों तक को कमरे में नहीं आने दिया। आरोपी के सामने गिड़गिड़ाने लगे तो उसने 40 लाख रुपए मांगे। महिलाओं ने हां कर दी। आरोपी ने हिदायत दी कि घर से सीधे बैंक जाना है और पैसा ट्रांसफर कर वापस आना है। किसी से कोई बात नहीं करनी है। दोनों महिलाएं केईएम रोड स्थित एसबीआई शाखा पहुंचीं, जहां कांता ने अपनी दो एफडी तुड़वाईं। रकम सेविंग अकाउंट में ट्रांसफर कर आरोपी के बताए नंबरों पर 48 लाख रुपए दो अलग-अलग खातों में आरटीजीएस के जरिए भेज दिए। परिवादी ने साइबर थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। साइबर थाना प्रभारी रमेश सर्वटा ने बताया कि हम जांच कर रहे हैं। साइबर और डिजिटल अरेस्ट कर ठगी के मामलों से लोगों को सावधान रहना चाहिए। अनजान कॉल अटेंड ना करें। ठगी के कॉल आने पर साइबर थाने सूचना दें।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:11 am

प्रगतिशील किसान:बारिश का पानी सहेज धोरों में शुरू की गूगल व ग्वारपाठा की खेती, बकरी के दूध से साबुन बना रहे‎

मरुस्थल में बसे लोगों से ज्यादा पानी का मोल कोई‎ नहीं जान सकता। इन्हीं में से‎ एक हैं बाड़मेर जिले के झाक‎ निवासी किसान देवाराम‎ पंवार। गर्मियों में यहां का‎ तापमान 50 डिग्री तक जाता‎ है। मगर युवा किसान पंवार ने इसका तोड़ निकाल‎ लिया। वे बारिश में न केवल मीठा पानी एकत्र कर रहे‎ हैं बल्कि उसी से गूगल और ग्वारपाठा जैसी औषधीय‎ फसलों की खेती तक कर रहे हैं।‎ भेड़ बकरियों व मकान के लिए बनाई गई 20‎ हजार स्क्वेयर फीट की छत को फार्म पौंड से जोड़ा‎ हुआ है। दो फार्म पौंड में 42 लाख लीटर वर्षा जल‎ सहेज चुके हैं। खेत में 300 खेजड़ी के पौधे लगाए।‎ साथ ही लुप्त होती औषधीय प्रजाति गूगल के 500‎ पौधे भी रोपे। बारिश के दौरान सिंचाई की जरूरत क‎म रहती है, जबकि रबी में उसी पानी से सिंचाई कर‎ रहे हैं। क्षेत्र में पूरे साल में 300 मिमी बारिश ही होती है‎ लेकिन इन्होंने कम पानी में कृषि और पशुपालन का‎ सफल मॉडल बनाया है। कोरोना में औषधि‎ फसलों की खेती करने का विचार आया। स्टेट‎ मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड के सहयोग से 1 हेक्टेयर खेत‎ में गूगल के पौधे लगाए। सहजन, एलोवेरा, तुलसी,‎ गिलोय, सनाय का भी पौधरोपण किया। औषधीय खेती के साथ बकरी‎ पालन को आय का स्रोत बनाने का निर्णय लिया। राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत 525 ‎बकरियों के लिए आवेदन किया। जिसके‎ परिणामस्वरूप बाड़मेर जिले के प्रथम लाभार्थी बने।‎ हाल ही में राजस्थान‎ सरकार ने डेनमार्क में सात दिवसीय कृषि व पशुपालन‎ प्रशिक्षण के लिए भेजा। बकरी के दूध व एलोवेरा का‎ साबुन भी बना रहे हैं।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:07 am

देश सेवा जज्बे की पहचान बना बूंदी का उमर गांव:इस गांव में हर घर से सेना में दो जवान, 500 से ज्यादा सैनिक कर चुके देशसेवा

देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा बूंदी जिले के उमर गांव की पहचान बन चुका है। एनएच-52 से करीब 4 किमी दूर हिंडौली उपखंड में स्थित इस गांव में देश सेवा केवल पेशा नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा है। आजादी से लेकर अब तक इस गांव से सैकड़ों सैनिक भारतीय सेना में शामिल हुए और कई जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान भी दिया। इसलिए उमर गांव को इसलिए सैनिक गांव के रूप में जाना जाता है, जहां लगभग हर घर से देश सेवा के लिए दो जवान निकले हैं। तत्कालीन सरपंच खेमराज मीणा ने बताया कि उमर गांव से अब तक करीब 500 से अधिक सैनिक सेना में सेवा दे चुके हैं। गांव के दो सैनिक शहीद हुए, जिनमें 1965 के युद्ध के दौरान रघुनाथ मीणा जम्मू क्षेत्र में मुठभेड़ में शहीद हो गए, जबकि वर्ष 2000 में वीर बहादुर जगदेवराज सिंह मीणा बिहार में चुनाव ड्यूटी के दौरान शहीद हुए। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान गांव के करीब 25 सैनिकों ने दुश्मनों से लोहा लिया था। गांव से भारतीय सेना में 12 कैप्टन, 15 सूबेदार, 8 नायब सूबेदार सहित हवलदार और सिपाही स्तर के सैकड़ों सैनिकों ने सेवा दी।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:05 am

सर्द हवा से फिर कांपा MP, कोल्ड-डे जैसी स्थिति:कल से 2 दिन गिरेगा मावठा, भोपाल, ग्वालियर-जबलपुर भी भीगेंगे; पारा भी लुढ़केगा

मध्य प्रदेश में तेज ठंड फिर लौट आई है। रविवार को कई शहरों में धूप नहीं खिली और पारा 22 डिग्री से भी नीचे आ गया। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, गुना समेत 15 शहरों में कोल्ड-डे जैसी स्थिति रही। ऐसा ही मौसम सोमवार को भी रहेगा। वहीं, 27 और 28 जनवरी को प्रदेश में मावठा गिरेगा। इससे भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर भी भींग जाएंगे। मौसम विभाग के अनुसार, हिमालय के ऊपर एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। इससे ट्रफ भी जुड़ी है। वहीं, एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन की एक्टिविटी भी है। इस वजह से प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया है। रविवार को पूरे प्रदेश में असर दिखा। सोमवार को भी कुछ जिलों में कोहरे का असर देखने को मिला। वहीं, सर्द हवा का भी असर है। सर्द हवाओं की वजह से ठंड बढ़ीमौसम विभाग के अनुसार, रविवार को कई शहरों में दिन में तेज ठंड रही। गुना में सबसे कम तापमान 19.1 डिग्री रहा। नौगांव में 20 डिग्री, दतिया में 20.1 डिग्री, श्योपुर में 20.6 डिग्री, टीकमगढ़ में 20.7 डिग्री, रतलाम-शिवपुरी में 21 डिग्री, खजुराहो में 21.2 डिग्री, धार में 21.4 डिग्री, रीवा में 21.6 डिग्री, दमोह में 21.8 डिग्री रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 21 डिग्री, इंदौर में 21.8 डिग्री, उज्जैन में 22.5 डिग्री, ग्वालियर में 22.3 डिग्री और जबलपुर में 23.5 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, नर्मदापुरम, इंदौर, जबलपुर, रीवा, सीधी, रायसेन, उज्जैन, दमोह, सतना, उमरिया, राजगढ़, ग्वालियर, गुना, छिंदवाड़ा, खजुराहो, मंडला, नौगांव, सागर, मलाजखंड में भी कोहरा छाया रहा। रात के तापमान में भी गिरावटइससे पहले शनिवार-रविवार की रात में कई शहरों में तापमान में गिरावट देखने को मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार-रविवार की रात में राजगढ़ सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री पहुंच गया। दतिया में 7.4 डिग्री, गुना में 7.7 डिग्री, पचमढ़ी-श्योपुर में 8.4 डिग्री, नौगांव में 9 डिग्री और रतलाम-रीवा में तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 11.9 डिग्री, इंदौर में 13.2 डि्ग्री, उज्जैन में 11.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 15 डिग्री रहा। मध्य प्रदेश के इन जिलों में बारिश क्या होता है वेस्टर्न डिस्टरबेंसमौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिम से आने वाली हवा और बादलों का एक सिस्टम होता है। इसके एक्टिव होने से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी, मैदानी क्षेत्रों में बारिश होगी। सिस्टम आगे गुजर जाने के बाद उत्तर से आने वाली हवा ठंडी रहती है। जिससे दिन-रात ठंड का असर रहता है। ठंड के लिए इसलिए खास है जनवरी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त अहम रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं, इसलिए टेम्परेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे। वहीं, आखिरी सप्ताह में भी बारिश-बादल वाला मौसम शुरू हो गया है। MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड... भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्परेचरभोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। वहीं, दिन में गर्मी का एहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्परेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 में हुई थी। इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पाराइंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 में पारा माइनस 1.1 डिग्री दर्ज किया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी। जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था पाराजबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। इस महीने सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडाउत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 को कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पाराउज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्परेचर 2 से 5.8 डिग्री सेल्सियस तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:05 am

भिवानी में आज गणतंत्र दिवस समारोह:जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा फहराएंगे तिरंगा, स्कूली देंगे सांस्कृतिक प्रस्तुति

भिवानी के स्थानीय भीम स्टेडियम में 77वां गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास व धूमधाम से मनाया जाएगा। जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह की सभी तैयारियां कर ली गई हैं। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे और तिरंगा फहरांगे। नगराधीश अनिल कुमार ने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह में विभिन्न विभागों द्वारा विकासात्मक झांकियों के माध्यम से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही स्वतंत्रता सेनानियों, उनके परिजनों, युद्ध वीरांगनाओं को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा निष्ठा व लगन से कार्य करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि समारोह में विभिन्न स्कूली बच्चों द्वारा देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके साथ-साथ विद्यार्थियों द्वारा सामूहिक पीटी प्रदर्शन किया जाएगा। समारोह में परेड की टुकड़ियों द्वारा मार्च पास्ट किया जाएगा और राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। समारोह में शामिल होने के लिए अधिकारियों व कर्मचारियों को जरूरी निर्देश जा चुके हैं।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:05 am

गणतंत्र दिवस पर हरियाणा में मौसम रहेगा साफ:आज रात सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ, बारिश-तेज हवाओं और शीतलहर की चेतावनी, कई जगह पाला भी जमेगा

हरियाणा में गणतंत्र दिवस के दिन प्रदेश में मौसम साफ रहने का अनुमान है। हालांकि 26 जनवरी की रात से मौसम परिवर्तित होगा तथा एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के प्रभाव से हरियाणा के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। वहीं कई जगह पाला जमने की भी संभावना है। मौसम विभाग ने 26 जनवरी के लिए प्रदेश में कहीं भी कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। जिसके चलते सुबह से ही धूप खिली रहेगी। माैसम साफ रहने से कई जगह सूखी ठंड पड़ेगी तथा प्रदेश के पश्चिमी तथा दक्षिणी जिलों खासकर महेंद्रगढ़, सिरसा व हिसार में पाला जमने की भी संभावना है। 26 की रात से बदलेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार 26 जनवरी की रात से यह पश्चिमी विक्षोभ हरियाणा समेत आसपास के राज्यों को प्रभावित करेगा, जिसके चलते अगले कुछ दिनों तक बारिश, तेज हवाएं और कड़ाके की ठंड का दौर बना रह सकता है। दो दिन बारिश पूर्वानुमान के मुताबिक 26 जनवरी की रात से 28 जनवरी तक हरियाणा के कई जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। इससे दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। बारिश के कारण जहां किसानों को रबी फसलों के लिए आंशिक लाभ मिलने की उम्मीद है, वहीं ठंड बढ़ने से आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है। 27 को तेज हवाएं भी चलेंगी मौसम विभाग ने 27 जनवरी को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। इस दिन राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। तेज हवाओं के कारण खुले क्षेत्रों में नुकसान की आशंका जताई गई है। लोगों को पेड़ों, बिजली के खंभों और कच्चे ढांचों से दूर रहने की सलाह दी गई है। शीतलहर की चेतावनी इसके साथ ही हरियाणा के कुछ इलाकों में शीतलहर चलने की चेतावनी भी जारी की गई है। 27, 28 और 29 जनवरी को शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है। न्यूनतम तापमान में गिरावट से सुबह और रात के समय ठंड का असर अधिक महसूस होगा। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। किसानों को भी सलाह मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्य करें और फसलों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक उपाय अपनाएं। वहीं आम नागरिकों से अपील की गई है कि ठंड और खराब मौसम को देखते हुए गर्म कपड़ों का प्रयोग करें और अनावश्यक यात्रा से बचें।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:01 am

वो सब मिलकर 'मेरे पापा को मार दिए' बोली बेटी:2 दिन में मिले न्याय, प्रधान प्रत्याशी हत्याकांड में 4 गिरफ्तार, जांच में जुटी पुलिस

''पहले आरोपियों ने चाचा को कुदाल से मारकर बुरी तरह घायल कर दिया। जब उन्हें बचाने पापा दौड़े तो आरोपियों से हाथापाई हो गई। उनके हाथ में बंदूक देखकर पापा डरकर घर के अंदर भागे, लेकिन आरोपियों ने दरवाजे पर ही पकड़ लिया और गोली मार दी।''यह कहना है मृतक पंकज की बेटियों का। रविवार को उनके सिर से पिता का साया उठ गया। रोते-बिलखते और डरी हुई पंकज की दोनों बेटियां पूरी आपबीती सुनाने लगीं। पढिए पूरा मामला गोरखपुर के झंगहा थाना क्षेत्र के दुबौली गांव में रविवार सुबह जमीन विवाद को लेकर एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान गांव निवासी पंकज निषाद के रूप में हुई है। घटना रविवार सुबह करीब 9 बजे की बताई जा रही है।गाँव वालों ने बताया कि- पंकज के परिवार और उनके पाटीदार रामजतन के परिवार के बीच पिछले करीब 10 साल से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। पंकज के घर के सामने की थोड़ी सी जमीन पर रामजतन और उसके बेटे जबरन कब्जा करना चाहते थे। इसी जमीन को लेकर करीब 10 साल पहले पंचायत हुई थी, जिसमें आपसी सहमति से मामला सुलझा दिया गया था। हालांकि इसके बाद भी दोनों परिवारों के बीच इस मुद्दे को लेकर अक्सर कहासुनी होती रहती थी।पंकज के छोटे भाई रामनाथ ने बताया कि- रविवार को रामजतन अपने तीन बेटों सूरज, विशाल और अविनाश के साथ मिस्त्री मजदूर बुलाकर उस जमीन पर बाउंड्री की दीवार बनवाने लगा। इसका पंकज और उसके भाई ने विरोध किया। विरोध के दौरान विवाद बढ़ गया और बात मारपीट तक पहुंच गई। रामनाथ ने आगे बताया कि– रविवार की सुबह जब हमलोगों ने इसका विरोध किया तो रामजतन और उसके 3 लड़के, सूरज, विशाल और अविनाश पहले मुझे मारे इसके बाद भईया को गोली मारकर फरार हो गए।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने रविवार शाम होते-होते सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है। गांव में घटना के बाद तनाव का माहौल है, लेकिन पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अब जानिए घटना वाले दिन क्या क्या हुआ... गोरखपुर के झंगहा थाना क्षेत्र में रविवार सुबह जमीन विवाद को लेकर पंकज को गोली लगने की घटना सामने आई। सुबह करीब 9 बजे दुबौली गांव निवासी पंकज निषाद को एक युवक ने उसके ही घर में घुसकर गोली मार दी। गोली लगने से पंकज गंभीर रूप से घायल हो गया। गोली चलने के बाद घर में अफरा-तफरी मच गई। पंकज के जमीन पर गिरते ही परिजन रोने-बिलखने लगे। खून बहता देख परिवार के लोग उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, उसके इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। पंकज की बेटी ने घटना के बारे में बताया कि उनके पाटीदार रामजतन, अंकुर, सूरज और विशाल घर में घुस आए। आरोप है कि इन लोगों ने पहले उनके चाचा को कुदाल से पीटना शुरू कर दिया। चाचा को बचाने के लिए जब पंकज दौड़कर पहुंचे तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की और फिर उन्हें जबरन कमरे के अंदर ले जाकर गोली मार दी। सभी आरोपी पंकज के पाटीदार बताए जा रहे हैं।शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी अंकुल करीब 4–5 साल बाद रविवार को कार से अपने घर आया था। उसके साथ अन्य लोग भी मौजूद थे। कार से उतरते ही वह सीधे अपने घर के बगल में रहने वाले पाटीदार पंकज के घर पहुंच गया और घटना को अंजाम दिया। उस समय घर में पंकज के माता-पिता, भाई-बहन और बच्चे मौजूद थे। इसके बाद अंकुर ने पंकज को पास बुलाया और फिर उसे निशाना बनाकर गोली चला दी। गोली लगते ही पंकज जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।प्रारंभिक जांच में पुलिस ने इस घटना की वजह जमीन विवाद बताई है। सूचना मिलते ही झंगहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:00 am

पंचकूला में आज गर्वनर फहराएंगें राष्ट्रीय ध्वज:पुलिस के कमांडो दिखाएंगे करतब, स्कूली बच्चे देंगे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

पंचकूला में सोमवार को गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन सेक्टर-5 स्थित परेड ग्राउंड में किया जा रहा है। समारोह में महामहिम राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगें। पंचकूला में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान मुख्य कार्यक्रम से पूर्व राज्यपाल सेक्टर-12 स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके पश्चात वे राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे, परेड का निरीक्षण करेंगे तथा मार्च-पास्ट की सलामी लेंगे। जिसके बाद गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों एवं युद्ध वीरांगनाओं को सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी सम्मानित किया जाएगा। विभागों की योजनाओं पर होंगी झांकियां गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों पर आधारित आकर्षक झांकियां निकाली जाएंगी। इनमें पुलिस उपायुक्त पंचकूला, अतिरिक्त उपायुक्त पंचकूला (CRID), प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण पंचकूला, जिला परिषद पंचकूला/डीआरडीए, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, सिविल सर्जन पंचकूला, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, जिला बागवानी अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला आयुर्वेद अधिकारी, वन मंडल अधिकारी मोरनी, क्षेत्रीय अधिकारी हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जिला मत्स्य अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग पंचकूला, जनस्वास्थ्य अभियंत्रिकी विभाग तथा मार्केट कमेटी पंचकूला शामिल हैं। स्कूली बच्चे देंगे सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सेक्टर-15 की छात्राएं हरियाणवी नृत्य प्रस्तुत करेंगी। वहीं सार्थक स्कूल सेक्टर-12ए के विद्यार्थियों द्वारा कथक नृत्य, भवन विद्यालय सेक्टर-15 के विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति पर आधारित नृत्य, मोती राम आर्य स्कूल सेक्टर-7 के बच्चों द्वारा राजस्थानी लोक नृत्य, जैनेंद्र गुरुकुल स्कूल सेक्टर-1 के विद्यार्थियों द्वारा हरियाणवी नृत्य, सतलुज पब्लिक स्कूल सेक्टर-4 के बच्चों द्वारा महाराष्ट्र-मराठी लोक नृत्य तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सेक्टर-19 के विद्यार्थियों द्वारा पंजाबी गिद्धा प्रस्तुत किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:00 am

यमुनानगर में आज मनाया जाएगा गणतंत्र दिवस:कैबिनेट मंत्री अनिल विज फहराएंगे झंडा, स्वतंत्रता सेनानियों और युद्ध वीरांगनाओं को करेंगे सम्मानित

यमुनानगर में आज 77वां जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाया जाएगा। जिला प्रशासन ने समारोह को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं, वहीं सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जिला स्तरीय मुख्य समारोह तेजली खेल परिसर में सुबह 10 बजे आयोजित होगा, जहां हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। वे परेड का निरीक्षण कर मार्च पास्ट की सलामी लेंगे। इससे पूर्व मंत्री अनिल विज पुलिस लाइन जगाधरी स्थित शहीदी स्मारक पर पहुंचकर शहीदों को नमन करेंगे। डीएसपी पूजा करेंगी परेड का नेतृत्व उपायुक्त प्रीति ने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह को भव्य और अनुशासित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। अतिरिक्त उपायुक्त नवीन आहूजा के अनुसार परेड का नेतृत्व डीएसपी पूजा करेंगी। परेड में पुरुष पुलिस टुकड़ी का नेतृत्व पीएसआई अजय कुमार, महिला पुलिस टुकड़ी का नेतृत्व पीएसआई रुचि, गृह रक्षी दल का नेतृत्व एसआई अभिषेक करेंगे। इसके अलावा एनसीसी लड़कों की टुकड़ी का नेतृत्व सीनियर अंडर ऑफिसर विनीत कुमार, एनसीसी लड़कियों की टुकड़ी का नेतृत्व सीनियर अंडर ऑफिसर भूमि, भारत स्काउट टुकड़ी का नेतृत्व कुमार गगन, भारत स्काउट गाइड (लड़कियां) का नेतृत्व कुमारी शिवानी, प्रजातंत्र के प्रहरी टुकड़ी का नेतृत्व कुमारी हंसिका करेंगी। स्वतंत्रता सेनानियों और युद्ध वीरांगनाओं को किया जाएगा सम्मानित समारोह में गुर्जर कन्या विद्या मंदिर देवधर का बैंड आकर्षण का केंद्र रहेगा, जिसका नेतृत्व कुमारी जानवी करेंगी। समारोह के दौरान जिले के स्वतंत्रता सेनानियों और युद्ध वीरांगनाओं को सम्मानित किया जाएगा, साथ ही सराहनीय कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सम्मान प्रदान किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी रंगारंग प्रस्तुतियां देंगे। डीपी मदन लाल के नेतृत्व में मास पीटी और डंबल शो आयोजित होंगे। मुकुंद पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा सूर्य नमस्कार और योग प्रदर्शन, नेशनल पब्लिक स्कूल द्वारा ‘अनेकता में एकता’ थीम पर प्रस्तुति, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पुरानी सब्जी मंडी द्वारा हरियाणवी नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। सरकारी विभागों दर्शाई जाएंगी झांकियां इसके साथ-साथ होली मदर पब्लिक स्कूल द्वारा देशभक्ति पर आधारित कोरियोग्राफी, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जगाधरी द्वारा गिद्दा और गुर्जर कन्या विद्या मंदिर देवधर द्वारा देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता पर आधारित नाटक मंचन किया जाएगा। वहीं विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को दर्शाती झांकियां भी प्रस्तुत की जाएंगी, जो आमजन को योजनाओं की जानकारी देंगी।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:00 am

नारनौल में आज मनाया जाएगा गणतंत्र दिवस:ITI मैदान में जिला स्तरीय समारोह, कैबिनेट मंत्री राव नरबीर करेंगे ध्वजारोहण

हरियाणा के महेंद्रगढ़ में गणतंत्र दिवस समारोह धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। नारनौल के आईटीआई मैदान में होने वाले जिला स्तरीय समारोह में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचेंगे और राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। इसी प्रकार महेंद्रगढ़ में उप मंडल स्तरीय समारोह में पूर्व मंत्री एवं नारनौल के विधायक ओमप्रकाश यादव, कनीना में महेंद्रगढ़ के विधायक कंवर सिंह यादव और नांगल चौधरी में एनआईटी फरीदाबाद के विधायक सतीश कुमार फागणा राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। इन सभी कार्यक्रमों के लिए जिला प्रशासन की ओर से सभी प्रकार की तैयारी पूरी कर ली गई है। ये रहेगा समय गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत सुबह 09:58 बजे मुख्य अतिथि के आगमन के साथ होगी। इसके ठीक बाद 10:00 से 10:02 बजे तक झंडा फहराया जाएगा और राष्ट्र धुन बजाई जाएगी। कार्यक्रम की अगली कड़ी में 10:02 से 10:10 बजे तक मुख्य अतिथि द्वारा परेड का निरीक्षण किया जाएगा, जिसके बाद 10:10 से 10:25 बजे तक उनका संबोधन होगा। 10:25 से 10:35 बजे तक मार्च पास्ट, 10:35 से 10:40 बजे तक पी.टी. शो और 10:40 से 11:00 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी। अंत में 11:00 से 11:20 बजे तक झांकियों का प्रदर्शन और 11:20 से 11:30 बजे तक पुरस्कार वितरण के बाद राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम संपन्न होगा। 10 टुकड़ियां करेंगी मार्च पास्ट मार्च पास्ट में दिखेगा अनुशासन का संगम समारोह के मुख्य आकर्षण मार्च पास्ट में कुल 10 टुकड़ियां अपने अनुशासन का परिचय देंगी। इसमें पुलिस प्लैटून पुरुष और महिला के साथ-साथ होमगार्ड प्लैटून अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। युवाओं और बच्चों की भागीदारी के रूप में एनसीसी लड़के और लड़कियां, रेड क्रॉस ब्रिगेड, स्काउट प्लैटून, गाइड प्लैटून, कब प्लैटून और बुलबुल प्लैटून की एक-एक टुकड़ी कदमताल करते हुए मुख्य अतिथि को सलामी देगी। ये होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोक कला और देशभक्ति की छटा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान एसडी ककराला द्वारा 'हरियाणा एक हरियाणवी एक' बोल पर हरियाणवी लोक नृत्य पेश किया जाएगा। गुरु द्रोणाचार्य ढाणी किरारोद के छात्र 'संदेशे आते हैं' गीत पर देशभक्ति नृत्य करेंगे, जबकि पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नारनौल की छात्राएं 'ओर रंग दे' पर राजस्थानी लोक नृत्य की प्रस्तुति देंगी। संतोष मेमोरियल स्कूल के मूक बधिर बच्चे 'हम लोगों को समझ सको तो' सामूहिक गान पेश करेंगे। एमआर मित्रपुरा द्वारा 'वन्देमातरम' और यदुवंशी शिक्षा निकेतन द्वारा 'झांसी की रानी' पर देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए जाएंगे। राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नारनौल द्वारा 'जय-जय हमारा हरियाणा' पर लोक नृत्य पेश किया जाएगा। एमआर अटेली द्वारा पीटी शो से पहले 'सारे जहां से अच्छा' की प्रस्तुति होगी और सीएल पब्लिक स्कूल द्वारा राष्ट्रगान गाया जाएगा।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:00 am

छत से गिरने वाली युवती 3 शादियां कर चुकी:परिजनों का शव ले जाने से इनकार, हांसी में दोस्तों संग शराब पार्टी करने आई थी

हरियाणा के हांसी में छत से गिरने वाली युवती रजनी के मामले में नया खुलासा हुआ है। रजनी 20 साल की उम्र में 3 शादियां कर चुकी थीं। वह वर्तमान में रोहतक में रह रही थी। इससे पहले रजनी सिवानी के बड़वा और कलानौर में भी शादी कर चुकी है। रजनी के माता-पिता चरखी दादरी में रहते हैं। रजनी की मौत की खबर सुनकर उसके माता-पिता हांसी पहुंचे। उन्होंने यहां रजनी का शव साथ ले जाने से साफ इनकार कर दिया। जिसके बाद प्रशासन की मौजूदगी में हांसी में ही उसका अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों ने बताया कि उन्होंने काफी समय पहले ही रजनी को बेदखल कर दिया था। रजनी का व्यवहार ठीक नहीं था, जिसके चलते उसकी एक के बाद एक 3 शादियां हुई थीं। रजनी की मौत से जुड़े दो फुटेज... पांच भाई बहनों में चौथे नंबर की थी रजनीरजनी के माता-पिता ने बताया कि उनके पांच बेटे-बेटियां हैं। इनमें तीन बहनें और दो भाई हैं। रजनी चौथे नंबर की थी। रजनी की एक छोटी बेटी है, जो फिलहाल अपने नाना-नानी के पास रह रही है। रजनी समय-समय पर फोन कर अपनी बेटी से बात करती थी। शनिवार शाम करीब 6 बजे उसकी आखिरी बार बेटी और परिवार से बातचीत हुई थी। उसने तबीयत खराब होने की बात कही थी और सुबह दोबारा फोन करने का आश्वासन दिया था, लेकिन सुबह जब पिता ने कॉल की तो फोन काट दिया गया। कुछ समय बाद उन्हें रजनी की मौत की सूचना मिली। अब सिलसिलेवार पढ़िए कैसे हुआ हादसा... पुलिस बोली-मामले की जांच जारीथाना प्रभारी सुखजीत सिंह ने बताया कि परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि घटना में घायल विकास की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। परिजनों द्वारा शव लेने से इनकार किए जाने के बाद, प्रशासन की अनुमति से रजनी का अंतिम संस्कार हांसी के सिसाय रोड स्थित श्मशान घाट में करा दिया गया।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:00 am

चंडीगढ़ में हर साल नया मेयर क्यों:पंजाब का एक्ट लागू किया लेकिन संशोधन नहीं हुआ; इस पर नए तरीके से वोटिंग

चंडीगढ़ में 29 जनवरी को नगर निगम का नया मेयर चुना जाएगा। पंजाब-हरियाणा और देश के दूसरे राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के मुकाबले चंडीगढ़ मेयर का चुनाव अलग है। यहां पार्षद तो 5 साल के लिए चुने जाते हैं। लेकिन मेयर हर साल नया चुना जाता है। इस बार 5वीं और मौजूदा पार्षदों की आखिरी टर्म का मेयर चुना जाएगा। चंडीगढ़ में नए साल के पहले महीने यानी जनवरी में ही हर साल शहर को नया मेयर मिलता है। आखिर चंडीगढ़ में हर साल नया मेयर क्यों चुना जाता है। किस कानून के तहत यह जरूरी और क्यों, इसका फायदा और नुकसान क्या..। पिछले मेयर चुनावों के मुकाबले इस बार अलग क्या होने वाला है। 'चंडीगढ़ मेयर- किस्सा कुर्सी का' सीरीज की पहली स्टोरी में इन सब सवालों के जवाब के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट... चंडीगढ़ में हर साल मेयर क्यों चुना जाता है?चंडीगढ़ में हर साल मेयर चुनाव कानून से जुड़ा है। चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश है। चंडीगढ़ में पंजाब नगर निगम एक्ट-1976 को अडॉप्ट किया गया था। जिसे चंडीगढ़ म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट-1994 का नाम दिया गया। जिसके बाद इसी कानून के तहत चंडीगढ़ में मेयर का कार्यकाल एक साल तय किया गया है। इस कानून के अनुसार नगर निगम के पार्षद 5 साल के लिए चुने जाते हैं। लेकिन मेयर के अलावा सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव हर साल होता है। चंडीगढ़ पंजाब और हरियाणा की राजधानी, वहां क्या व्यवस्था हैचंडीगढ़ ने पंजाब के नगर निगम एक्ट को अडॉप्ट करने के बाद उसी की तर्ज पर अपना एक्ट लागू कर दिया। जिस वक्त चंडीगढ़ ने ये कानून अडॉप्ट किया, तब पंजाब में भी एक साल के लिए ही मेयर चुना जाता था। हालांकि पंजाब सरकार ने 2015 में इसमें संशोधन करते हुए मेयर का कार्यकाल 5 साल कर दिया। अब यहां के पार्षद 5 साल के लिए मेयर का चुनाव करते हैं। हरियाणा की बात करें तो यहां भी 74वीं संशोधन अधिनियम के मुताबिक पहले एक साल के लिए मेयर चुना जाता था। हालांकि 1994 में हरियाणा ने अपना नगर निगम एक्ट बना दिया। जिसमें मेयर का कार्यकाल 5 साल कर दिया गया। एक साल और 5 साल के मेयर के फायदे-नुकसान क्या?इस बारे में हमने चंडीगढ़ के सोशल एक्टिविस्ट व पॉलिटिकल एक्सपर्ट राम कुमार गर्ग से बात की। उन्होंने कहा- 1994 में जब यह कानून बना था, तब सोच यह थी कि कोई एक व्यक्ति लंबे समय तक ताकतवर न बने। अलग-अलग वार्डों और समूहों को मौका मिले। असली अधिकार प्रशासन यानी कमिश्नर के पास रहें। कागजों में यह व्यवस्था लोकतांत्रिक लगती है। लेकिन हकीकत में इसकी कई कमियां सामने आ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि अगर 5 साल के लिए मेयर चुना जाए तो उनके पास स्कीम बनाने, लागू करने का पूरा मौका होगा। खासकर, सड़क-सीवरेज जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट के लिए 3 से 5 साल के टाइम की जरूरत होती है। 1 साल के कार्यकाल मेयर यह कहकर पल्ला झाड़ लेता है कि मुझे टाइम ही नहीं मिला। लंबे टेन्योर से मेयर का अफसरों पर भी प्रभाव बनता है क्योंकि वह जानते हैं कि 5 साल यही रहने वाले हैं तो फाइलें तेज चलती हैं। इसके अलावा हर साल चुनाव के चक्कर में राजनीतिक जोड़तोड़ भी बंद होगी। मेयर कितने साल के लिए कैसे चुना जाए, इसका प्रभावी तरीका क्या है?इस बारे में हमने चंडीगढ़ के पूर्व सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल से बात की। वह कहते हैं कि मेयर का कार्यकाल 5 साल का ही होना चाहिए। इसे उसे लॉन्ग टर्म स्कीम-प्रोजेक्ट बनाने और उसे सिरे चढ़ाने का पूरा मौका मिलेगा। 5 साल की जवाबदेही मेयर को भी काम करने पर मजबूर करती है। चंडीगढ़ मेयर चुनाव में इस बार नया क्या है?चंडीगढ़ में अब तक सीक्रेट बैलेट पेपर से मेयर का चुनाव होता रहा है। हालांकि इस बार निगम के पार्षद हाथ खड़े कर मेयर का चुनाव करेंगे। यह प्रक्रिया इसलिए अपनाई जा रही है ताकि क्रॉस वोटिंग न हो। पार्षद पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतने के बाद दूसरी पार्टी के उम्मीदवार के पक्ष में वोट न कर सके। अगर वह ऐसा करे तो एक्सपोज हो जाए। हालांकि इसमें अभी एक चीज का पेंच है कि पार्षदों के हाथ सार्वजनिक तौर पर खड़े कराए जाएंगे या फिर चुनाव अधिकारी के आगे बंद कमरे में, इसको लेकर अभी स्थिति क्लियर नहीं है। चंडीगढ़ मेयर, जो विधानसभा स्पीकर की कुर्सी तक पहुंचेज्ञान चंद गुप्ता चंडीगढ़ के उन नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने नगर निगम चंडीगढ़ से अपना पॉलिटिकल करियर शुरू किया और फिर हरियाणा के विधानसभा स्पीकर की कुर्सी तक पहुंचे। वह 1996 में चंडीगढ़ निगम चुनाव में जीतकर पार्षद बने। इसके बाद 23 दिसंबर 1997 को मेयर बने थे। एक साल के मेयर का टर्म पूरा करने के बाद उन्होंने पंचकूला से विधानसभा चुनाव लड़ा। इसके बाद 2019 में वह हरियाणा विधानसभा के स्पीकर बने।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:00 am

चाय में नशा देकर महिला होटल कर्मी से रेप:पानीपत में दोस्तों से भी संबंध बनवाए, बेटी से अश्लील हरकत; 3 लाख में बेचने का सौदा किया

हरियाणा के पानीपत में रोंगटे खड़े करने वाला मामला सामने आया है। चांदनी बाग थाना क्षेत्र की रहने वाली 2 बच्चों की मां के साथ पानीपत और जींद में रेप किया गया। महिला को चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर कई हफ्ते तक बंधक बनाकर रखा गया। महिला जींद के एक होटल में काम करती थी। इसी दौरान उसकी एक आरोपी से पहचान हुई थी, जिसके बाद उसके साथ यह सब हुआ। महिला जब गर्भवती हो गई तो 3 लाख रुपए में बेचने का सौदा कर लिया। महिला ने किसी तरह परिचितों को फोन किया, जिसके बाद उसे छुड़वाया गया। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अभिषेक, उसके साथी मैन्यु और भाई रितिक समेत अन्य के खिलाफ अपहरण, रेप, पॉस्को एक्ट और जान से मारने की धमकी जैसी संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अभी आरोपियों की तलाश की जा रही है। यहां सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए महिला की आपबीती... चांदनी बाग थाने में मामला दर्जचांदनी बाग थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 123 (जहर या नशीले पदार्थ से नुकसान), 64(2)(m) (रेप), 351(3) (जान से मारने की धमकी), 127(2) (गलत तरीके से बंधक बनाना), 3(5) (साझा इरादा), 75(2) (छेड़छाड़), 76 (महिला की गरिमा भंग करना) और पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:00 am

26 जनवरी राष्ट्रपति कलाम के गेस्ट होते थे डॉ. औलख:PAU के पूर्व VC, 87 की उम्र में पहलवानों जैसा शरीर, PM की रैली नहीं होने दी, CM की बात नहीं मानी

लुधियाना स्थित पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) के पूर्व वाइस चांसलर डॉ. किरपाल सिंह औलख डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के राष्ट्रपति रहते हुए हर साल गणतंत्र दिवस समारोह में स्पेशल गेस्ट रहते थे। डॉ. कलाम डॉ. औलख के पहलवानी वाले शरीर के मुरीद थे। उन्होंने डॉ. सिंह से राष्ट्रपति भवन में बाकायदा न्यूट्रीशन गार्डन बनवाया। जिसमें ऐसे फलदार पेड़ लगवाए, जिन पर 12 महीने फल लगते हों। डॉ औलख बताते हैं कि जब न्यूट्रीशन गार्डन का काम पूरा हुआ तो राष्ट्रपति ने आखिरी पौधा लगाने के लिए उन्हें बुलाया और उस गार्डन में आखिरी पौधा उनके हाथ से लगा है। यही नहीं, डॉ. औलख उसूलों और सच्चाई पर अडिग वह VC हैं, जिन्होंने PAU में प्रधानमंत्री की रैली की परमिशन नहीं दी थी। वहीं पूर्व डिप्टी CM सुखबीर बादल को डांट दिया था। वहीं मुख्यमंत्री रहते प्रकाश सिंह बादल की बात भी नहीं मानी। डॉ. औलख की उम्र इस वक्त 87 साल है। इसके बावजूद वह डेली जिम करते हैं। उनके शरीर में आज भी युवाओं जैसे मसल्स नजर आते हैं। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम डॉ. औलख के मुरीद कैसे हुए, 87 साल की उम्र में भी डॉ. सिंह की फिटनेस का राज क्या, पढ़िए पूरी रिपोर्ट... सबसे पहले जानिए, डॉक्टर कलाम से कैसे हुई ट्यूनिंग... डॉ. औलख के पहलवान और VC बनने की कहानी जानिए... VC रहते हुए PMO और CM तक से टकराए...

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:00 am

मंडोर उद्यान में मधुमक्खियों ने किया हमला:रेस्टोरेंट में घुसकर लोगों ने खुद को बचाया, CCTV आया सामने

मंडोर उद्यान में रविवार को मधुमक्खियों के अचानक हमले से हड़कंप मच गया। अवकाश के दिन देशी पर्यटकों की अच्छी-खासी भीड़ जमा थी। दोपहर करीब 3:50 बजे मधुमक्खियों ने हमला बोल दिया। इस दौरान सैकड़ों पर्यटक जान बचाने के लिए इधर-उधर भागे। कई ने चौपाटी के रेस्टोरेंट में शरण ली, तो कुछ उद्यान से बाहर निकल आए। हाथ-मुंह कपड़ों से ढककर लोग खुद को बचाने की कोशिश करते रहे। पिछले गेट पर आधा घंटा भय का साया हमले के बाद उद्यान के पिछले गेट पर करीब 30-40 मिनट तक दहशत बनी रही। वॉचमैन, टिकट काउंटर और एंट्री गेट के ठेका कर्मचारी हेलमेट पहनकर सतर्क हो गए। वहीं कुछ बच्चे व पर्यटक मधुमक्खियों के शिकार बने। उद्यान में चौपाटी रेस्टोरेंट में जाने की सलाह दी। दुकानदारों ने सबको नीचे बिठाया और दरवाजे-खिड़कियां बंद कर दी। घायलों की मौके पर मदद की गई। हमला शुरू होने पर 10 मिनट तक हालात बेहद नाजुक रहे। उसके बाद पर्यटकों को राहत मिली, लेकिन माहौल सामान्य होने में 30 मिनट लग गए। इसके बाद सभी ने राहत की सांस ली।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 4:59 am

राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह:गाड़ी पर चिपकाकर लाए पार्किंग का पास, यातायात में बदलाव

सवाई मानसिंह स्टेडियम में 26 जनवरी को राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह होगा। यातायात को सुव्यवस्थित रखने के लिए विशेष प्रवेश, पार्किंग व ट्रैफिक व्यवस्था लागू रहेगी। ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों के पास वाहन पास है, वे उसे गाड़ी की विंडस्क्रीन पर लगाएं और उसी गेट से प्रवेश करें, जो पास पर अंकित है। इन रास्तों से करेंगे एंट्री आम नागरिक परेड में शामिल टुकड़ियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं व कलाकारों का प्रवेश टोंक रोड की ओर स्थित स्टेडियम के पूर्वी द्वार से होगा। वाहनों की पार्किंग एसएमएस इन्वेस्टमेंट ग्राउंड में होगी। गेट 18, 19 और 21 के कार्डधारी अतिथियों का प्रवेश दक्षिणी द्वार से होगा, जो विधानसभा के पास स्थित है, और उनके वाहन स्टेडियम के अंदर निर्धारित पार्किंग में खड़े होंगे। गेट 02, 03 और 24 के कार्डधारी उत्तरी द्वार, यानी भवानी सिंह रोड की ओर से प्रवेश करेंगे। इनकी पार्किंग गेट 1 से 16 के बीच निर्धारित स्थानों पर होगी। गेट नंबर 22 व 23 के कार्डधारी अति विशिष्ट अतिथियों और अन्य अतिथियों का प्रवेश पश्चिमी द्वार से होगा, जो यूथ हॉस्टल के पास स्थित है। ट्रैफिक डायवर्ट भवानी सिंह रोड, जनपथ, टोंक रोड और पंकज सिंघवी मार्ग पर यातायात को आवश्यकता अनुसार डायवर्ट कर समानांतर मार्गों से निकाला जाएगा। अम्बेडकर सर्किल से रामबाग चौराहा तक, भवानी सिंह रोड, रामबाग चौराहे से यूनिवर्सिटी मोड़ तक टोंक रोड और यूथ हॉस्टल के आसपास के क्षेत्र में सभी प्रकार के वाहनों की पार्किंग पूरी तरह निषेध रहेगी।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 4:55 am

अगले दस वर्ष युवागण के हाथ में राजस्थान का तंत्र:प्रदेश में 2036 तक 1 से 40 वर्ष तक की आबादी होगी लगभग 5.8 करोड़

राजस्थान में 1 मार्च 2036 तक कुल आबादी 9.056 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। इसमें 65 फीसदी यानी करीब 5.8 करोड़ 40 वर्ष तक के युवागण होंगे। यही राजनीति, अर्थव्यवस्था और सामाजिक संरचना के तंत्र संभालने में बड़े हिस्सेदार बनेंगे। युवा आबादी के लिहाज से राजस्थान का देश में सातवां स्थान हाेगा। जबकि, राष्ट्रीय स्तर पर कुल आबादी में 40 साल तक के युवा लगभग 60 फीसदी रहेेंगे। इस लिहाज से राजस्थान में युवा आबादी ज्यादा हाेगी। प्रदेश की युवा आबादी में महिला-पुरुष का अनुपात लगभग बराबर रहने की संभावना है। हालांकि, आने वाले वर्षों में राज्य का युवा आधारभूत ढांचा स्थिर या वृद्ध होती जनसंख्या की ओर बढ़ेगा। नीति आयोग की तकनीकी समुह की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल 31 मार्च तक प्रदेश की कुल जनसंख्या 8.36 करोड़ तक पहुंचने काे अनुमान है, जाे 1 मार्च 2036 तक लगभग 70 लाख बढ़कर 9 करोड़ के पार हाे जाएगी। समस्याएं भी; सुरक्षा कमजोर होगीयुवा आबादी के बावजूद औद्योगिक विस्तार व निवेश योजनाएं अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रही। स्कूल, महाविद्यालय, तकनीकी प्रशिक्षण केंद्रों की स्थिति अभी तक मांग के अनुरूप नहीं सुधरी है। जोधपुर, श्रीगंगानगर जैसे जिलों में छात्र-शिक्षक अनुपात का अंतर बढ़ा है। महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार के क्षेत्रों में अभियानों की निरंतरता नहीं है। आबादी बढ़ने से सामाजिक सुरक्षा नेटवर्क कमजोर पड़ सकता है। युवा आबादी के लिहाज से राजस्थान का देश में 7वां स्थान हाेगा भास्कर एक्सपर्ट- महेश शर्मा, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, वीआईसीसीआई युवा आबादी अधिक होना वरदान है। प्रदेश में उद्योग के लिए अच्छी-खासी वर्कफोर्स तैयार हाे जाएगी। लेकिन, सरकार काे इसके लिए रोडमैप तैयार कर कौशल विकास, उद्यमिता, डिजिटल पहुंच और वित्तीय साक्षर बनाना हाेगा। शिक्षा में सुधार के लिए फंड आवंटन बढ़ाने की भी जरूरत है। महिला रोजगार दर बढ़ाने के लिए महिला उन्मुख स्टार्टअप को प्रोत्साहन की जरूरत है। कौशल प्रमाणन, रोजगार मेले व कॅरियर काउंसिलिंग के लिए युवा सुविधा केन्द्र तैयार करने की जरूरत हाेगी।अगर यह नहीं किया गया ताे युवा शक्ति का पूरा उपयोग नहीं हाे पाएगा।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 4:50 am

विधायक जैन ने विट्ठल नगर में किया सामुदायिक भवन का लोकार्पण

विधायक शैलेंद्र जैन ने विट्ठल नगर वार्ड में विधायक निधि से निर्मित सामुदायिक भवन का विधिवत लोकार्पण किया। लगभग 200 वर्ष पुराने सिद्ध हनुमान मंदिर के प्रांगण में निर्मित इस सामुदायिक भवन को क्षेत्रवासियों के लिए विकास की महत्वपूर्ण सौगात माना जा रहा है। कुशवाहा समाज बाहुल्य क्षेत्र में सामुदायिक भवन के निर्माण से नागरिकों में विशेष उत्साह देखा गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक जैन ने कहा कि हनुमान जी महाराज के पावन प्रांगण में समाज के लिए सामुदायिक भवन का निर्माण होना हम सभी के लिए सौभाग्य का विषय है। यह भवन धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी ने विधायक जैन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में क्षेत्र में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं। नगर निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार ने भी क्षेत्रवासियों को इस उपलब्धि पर बधाई दी। कार्यक्रम का संचालन वार्ड पार्षद देवेंद्र अहिरवार ने किया।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 4:43 am

नर्मदा जयंती: बरमान घाट पर उमड़ा आस्था का सैलाब, कड़ाके की ठंड और बारिश पर भारी पड़ी श्रद्धा

नर्मदा जयंती पर रविवार को नरसिंहपुर जिले के सुप्रसिद्ध तीर्थस्थल बरमान घाट पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रकृति की चुनौतियों और कड़ाके की ठंड के बावजूद मां नर्मदा के प्रति अटूट विश्वास ने श्रद्धालुओं के कदमों को रुकने नहीं दिया। तड़के 4 बजे से ही घाटों पर ''नर्मदे हर'' के जयकारों के साथ जनसैलाब उमड़ पड़ा। शनिवार से अचानक बदले मौसम और कड़ाके की ठंड ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी थी, लेकिन भक्तों के उत्साह के आगे मौसम बौना साबित हुआ। सागर, दमोह, रायसेन और नरसिंहपुर सहित आसपास के जिलों से आए लाखों श्रद्धालुओं ने ब्रह्म मुहूर्त में ही पुण्य सलिला मां नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के बाद तट पर दीपदान और पूजन-अर्चन कर सुख-समृद्धि की कामना की गई।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 4:43 am

सदावल में जून तक तैयार होंगे 4 नए हेलीपैड:सिंहस्थ 2028 - तैयारियों के सि​लसिले में आने वाले वीआईपी के हेलीकॉप्टर भी यहां उतर सकेंगे

बड़नगर रोड पर सिंहस्थ क्षेत्र के सदावल में हेलीपैड का निर्माण अंतिम चरणों में हैं। दावा यह कि जून तक प्रोजेक्ट कंप्लीट कर हैंडओवर कर दिया जाएगा। यानी सिंहस्थ की तैयारियों के सिलसिले में आने वाले वीआईपी व अन्यों के हेलीकाप्टर भी यहां उतर सकेंगे। सिंहस्थ को दृष्टिगत रखते हुए हवाई सेवा की सुविधाओं में विस्तार के क्रम में सदावल में करीब 13 करोड़ की लागत से लोनिवि चार हेलीपैड का निर्माण कर रहा है। इनमें से तीन का निर्माण पूरा हो गया है। चौथे का थोड़ा बहुत काम बचा है। करीब 1600 मीटर की बाउंड्री वाल पूर्व में ही यहां बना दी गई। लाउंज की व्यवस्था भी यहां रहने वाली है। माना जा रहा है कि इन हेलीपैड के यहां बनने से सिंहस्थ में वीआईपी मूवमेंट आसानी से हो सकेगा। वर्तमान में शहर में पुलिस लाइन में एक हेलीपैड हैं, जो कि सिंहस्थ क्षेत्र व महाकालेश्वर मंदिर से दूर हैं। शिप्रा के पास हेलीपैड की जरूरत पड़ रही थी ऐसे में पुराने शहर में खासकर मेला क्षेत्र में शिप्रा के नजदीक व श्री महाकालेश्वर मंदिर के आसपास हेलीपैड की जरूरत महसूस की जा रही थी। क्योंकि सिंहस्थ 2028 में बड़ी संख्या में कई वीआईपी का आना जाना हवाई मार्ग से भी होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए बड़नगर मार्ग के सदावल में हेलीपैड निर्माण के प्रोजेक्‍ट की रूपरेखा बनी थी जो अब अंतिम चरणों में हैं। यह चार प्रमुख फायदे होंगे जून में प्रोजेक्ट पूरा होगा तीन हेलीपैड बन गए हैं, चौथे का काम थोड़ा बहुत बचा है। जून के पहले प्रोजेक्ट पूरा कर दिया जाएगा। -गौत्तम अहिरवार, कार्यपालन यंत्री लोनिवि

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 4:41 am

महाकाल में दो दिन में आए 4,95,217 भक्त, तिरंगी रोशनी में सजाया

ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर दर्शन के लिए देश-दुनिया से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार रविवार को 2,92,000 दर्शनार्थियों ने दर्शन लाभ लिए। शनिवार को 2,03,217 श्रद्धालु दर्शन के लिए आए थे। इस तरह दो दिन में 495217 भक्तों ने दर्शन लाभ लिए हैं। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के शिखर को तीन रंगों की रोशनी से सजाया गया।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 4:39 am

शैल चित्रकला में पहली डी.लिट. करने वाले डॉ. व्यास को पद्मश्री

पुरातत्व और शैल चित्रकला में हिंदी भाषा में देश में पहली डी.लिट. की उपाधि पाने वाले उज्जैन के पुरातत्वविद् डॉ. नारायण व्यास को पद्मश्री मिलेगा। 77 वर्ष की उम्र में भी डॉ. व्यास आज भी पुरातत्व और उत्खनन से जुड़े कार्यों में लीन रहते हैं। भारत सरकार की ओर से रविवार शाम पद्मश्री नामों की घोषणा हुई। सूची में डॉ. व्यास का नाम देखते ही उनके घर पर बधाई देने वालों की भीड़ जुटना शुरू हो गई। डॉ. व्यास का जन्म 5 जनवरी 1949 को उज्जैन में हुआ था। उनके पिता अनंतलाल स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे। डॉ. व्यास ने अपने गुरु और जाने-माने पुरातत्वविद् पद्मश्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर की अगुवाई में भीमबेटका में कार्य किया। डॉ. व्यास भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण में 1972 से 2009 तक कार्यरत रहे। वर्ष 2009 में वे अधीक्षण पुरातत्वविद्, मंदिर सर्वेक्षण परियोजना, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण भोपाल के पद से सेवानिवृत्त हुए। 37 वर्षों में उन्होंने मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, गुजरात, दमन दीव, राजस्थान, हरियाणा, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों में पुरातत्वीय उत्खनन, अनुसंधान के कार्य किए। भाई सुनील एवं कुलानुशासक प्रो. शैलेंद्र शर्मा ने बताया पाटन (गुजरात) में डॉ. व्यास के संरक्षण व सर्वेक्षण में ही रानी की वाव (बावड़ी) का पुरातात्विक उत्खनन हुआ, जिसे यूनेस्को ने विश्व धरोहर घोषित किया। 100 के नोट पर रानी की वाव (बावड़ी) को भी प्रकाशित किया जाता है। डॉ. व्यास ने 2005 में भोपाल से हिंदी में रायसेन जनपद और भीमबेटका की शैल चित्रकला पर डी.लिट. की, जोकि शैल चित्रकला में हिंदी में देश की पहली डी.लिट. है। 2024 में डॉ. भगवतीलाल राजपुरोहित और ओमप्रकाश शर्मा के नाम पद्मश्री की सूची में आए थे। भोपाल से बधाई का कॉल आया तो यकीन नहीं हुआ डॉ. व्यास का एक घर भोपाल और एक घर उज्जैन में है। रविवार को वे बड़नगर बायपास स्थित तिरुपति सिल्वर कॉलोनी में थे। रविवार शाम भोपाल से एक परिचित ने बधाई देने के लिए उन्हें कॉल किया और कहा कि आपका नाम पद्मश्री के लिए चयनित हुआ है। डॉ. व्यास ने बताया कॉल आने पर उन्हें पहली बार तो यकीन ही नहीं हुआ। जब दिल्ली से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से जुड़े लोगों के कॉल आए और टीवी पर नाम देखा तो यकीन हुआ। डॉ. व्यास लंबे समय से अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी मंडल से भी जुड़े हैं। घर में म्यूजियम बनाए, सम्मान राशि से बच्चों की मदद डॉ. व्यास द्वारा पुरातत्व पर एकल शोध केंद्र खोला है, जहां शोध करने वाले विद्यार्थी और अन्य शोधार्थी शोध के लिए मार्गदर्शन लेने आते हैं। डॉ. व्यास ने भोपाल के कोलार रोड और उज्जैन स्थित घर में म्यूजियम बना रखा है, ताकि उनके यहां आने वाले लोगों को भी पुरातत्व से जुड़ी जानकारियां मिल सके। मप्र शासन द्वारा 4 मई 2022 को पुरातत्व के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों और शोध व्यापक आयामों हेतु डॉ. व्यास को लाइफ टाइम अचीवमेंट के लिए डॉ. विष्णु वाकणकर राष्ट्रीय सम्मान से विभूषित किया गया। दो लाख की सम्मान राशि को उन्होंने बैंक में फिक्स डिपॉजिट किया। इससे मिलने वाली ब्याज की राशि से वे जरूरतमंद विद्यार्थियों की मदद करते हैं।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 4:39 am

विवि में वाटर-कूलर के अंदर जाले और चूहों की गंदगी:दो दिन पहले छिपकली चलते नजर आई थी, फिर भी सफाई को लेकर गंभीर नहीं हुआ विवि प्रशासन

दूषित पानी को लेकर जहां पूरे प्रदेश में विशेष सतर्कता बरती जा रही है, वहीं सम्राट विक्रमादित्य विवि में जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते अध्ययनशालाओं में लगे वाटर कूलर की सफाई तक नहीं हो पाई है। स्थिति यह है कि कुछ वाटर कूलर के अंदर चूहों की गंदगी और मकड़ी के जाले नजर आ रहे हैं। दो दिन पहले ही गुरुवार को एनएसयूआई ने विवि परिसर स्थित अध्ययनशालाओं की जांच की थी, तब कॉमर्स डिपार्टमेंट के वाटर कूलर के अंदर छिपकली चलते हुई मिली थी। कई अन्य अध्ययनशालाओं में भी वाटर कूलर में सफाई नहीं थी। अध्ययनशालाओं में कुछ जगह तो सफाई हुई, लेकिन सभी वाटर कूलर की सफाई को लेकर जिम्मेदारों ने गंभीरता नहीं दिखाई। वाग्देवी भवन में ही एक वाटर कूलर का ढक्कन खोलने पर उसमें पानी के ऊपर मकड़ी के जाले दिखाई दिए। वाटर कूलर के नल से पानी भी आ रहा था। ऐसे में अगर कोई यह पानी पी ले तो उसके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। वहीं एक वाटर कूलर में चूहों की गंदगी पड़ी थी। कुछ वाटर कूलर के आसपास इतनी गंदगी जमा है कि वहां मच्छर व अन्य सूक्ष्म जीव पानी के आसपास मंडराते रहते हैं। एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष हिमांशु शर्मा ने बताया कई डिपार्टमेंट ऐसे हैं, जहां वाटर कूलर बंद पड़े है। स्वच्छ पानी मिले और सभी विभागों में वाटर कूलर से पानी सप्लाई करने की मांग को लेकर जल्द आंदोलन किया जाएगा। स्वच्छ पानी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए इधर, कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज के ​आदेश पर कुलसचिव डॉ. अनिलकुमार शर्मा ने शनिवार को सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे विद्यार्थियों के लिए पीने का स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने की व्यवस्था करें। यदि पानी का वाटर प्यूरीफायर आरओ खराब है तो उसे ठीक करवाएं। कुलसचिव ने बताया विभागाध्यक्षों को सफाई की व्यवस्था के निर्देश दिए है।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 4:36 am

पंवासा मल्टी में 9 साल से अधूरे 3 ब्लॉक 8.75 करोड़ में होंगे पूरे, टेंडर निकाला

पंवासा मल्टी प्रोजेक्ट में वर्षों से अवैध कब्जे और अधूरे निर्माण की वजह से काम रुका हुआ था। नगर निगम ने हाल ही में कार्रवाई कर करीब 40 फ्लैट्स को कब्जे से मुक्त कर स्वामित्व में ले लिया। मल्टी में कुल 8 ब्लॉक हैं, जिनमें से 3 ब्लॉक पिछले 9 सालों से अधूरे हैं और खंडहर होते जा रहे थे। इन ब्लॉकों में बुनियादी सुविधाएं जैसे दरवाजे-खिड़की और बिजली कनेक्शन भी नहीं बने थे। नगर निगम ने अब इन अधूरे ब्लॉकों की मरम्मत और अन्य व्यवस्थाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। कुल 8.75 करोड़ रुपए के विकास कार्य के प्रस्ताव के तहत टेंडर खोले हैं। अधिकारियों के अनुसार टेंडर के बाद छह माह में तीनों ब्लॉक के अधूरे काम पूरे कर लिए जाएंगे। इसके बाद लगभग 25 हितग्राहियों को यहां आवास मिल सकेगा। 2016 में ठेकेदार ने अधूरा छोड़ दिया था काम बाकी 5 ब्लॉकों में भी लंबे समय से अवैध कब्जा था, जिसे हटाने का काम जारी है। इन ब्लॉकों में काम पूरा होने के बाद करीब 100 लोगों को नए आवास मिलने की संभावना है। जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण योजना के तहत 2008 में 17.56 करोड़ रुपए से यह मल्टी बनाना शुरू हुआ था। 2016 तक प्रोजेक्ट चलता रहा, लेकिन बाद में ठेकेदार ने अधिक राशि की मांग कर काम छोड़ दिया। कुछ मकानों का वितरण कर दिया, जबकि बाकी खाली रहने पर लोग कब्जा कर बैठे, जिस पर शिकायतों के बाद आखिरकार कार्रवाई जारी है। महापौर मुकेश टटवाल ने बताया कि कार्य जल्द पूर कर, पात्र हितग्राहियों को यहां आवास दिया जाएगा।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 4:33 am

नई ID में उलझे:निगम में वेतन संकट फिर भी 300 करोड़ संपत्तिकर वसूली बकाया

एक तरफ नगर निगम में वेतन का हर महीने संकट का सामना कर रहा है। वहीं निगम का संपत्तिकर अमला नई संपत्ति की आईडी बनाने में व्यस्त है। जबकि पिछले 29 सालों की बकाया राशि को वसूलने के लिए निगम के उपायुक्त, आरआई और कर संग्राहकों की रुचि नहीं है। यहीं कारण है कि ​उक्त सालों की बकाया डिमांड राशि 300 करोड़ रुपए से अधिक तक जा पहुंची है। संपत्तिकर से जुड़े जानकारों का कहना है कि यदि उक्त राशि की निरंतर वसूली होती तो निगम को पैसों की कमी से नहीं जूझना पड़ता। वहीं निगम के पास वर्तमान वर्ष की डिमांड 130 करोड़ बनी है। ये भी निगम को वसूलना। इस तरह आंकड़ा 450 करोड़ रुपए तक हो सकता है। निगम की सीमा में नए वार्ड 61 से 66 बने है। इसके अलावा वार्ड-60, 61-66 में भी नई कॉलोनियों के निर्माण होते रहते है। इस साल के 8 हजार नई संपत्तियों का नामांतरण हो चुका है, जबकि पुरानी संपत्तियों से बकाया वसूली नहीं कर रहा है। निगम में दर्ज 3.48 लाख में से 66 हजार डुप्लीकेट या बोगस निकलीनिगम के आंकड़ों के अनुसार संपत्तिकर विभाग में 3.48 लाख संपत्तियां दर्ज है। इनका परीक्षण कराने पर 66 हजार ऐसी संपत्तियां सामने आई हैं। जिनका साल 1997 से टैक्स नहीं दिया गया है। इनकी डिमांड 260 करोड़ रुपए है। मौके पर उनका भवन का नामांकन तक नहीं मिला है। इसलिए ये बोगस और डुप्लीकेट संपत्तियां हैं। इन्हें हटाया जा रहा है। वहीं सूत्र बताते हैं कि साल 2003 में एजीएल कंपनी ने निगम के 60 वार्डों में संपत्ति की सर्वे में से 50 प्रतिशत ही काम किया था। अभी तक 75 करोड़ रुपए की हुई वसूलीनिगम के आंकड़ों के अनुसार अभी तक संपत्तिकर 75 करोड़ रुपए आया है। जनवरी का महीना खत्म होने को है। सिर्फ दो महीने शेष है। ऐसे में बीते साल वसूली का रिकार्ड को पार करना भी मुश्किल है, क्योंकि अधिकांश वार्डों में टारगेट से पीछे वसूली चल रही है। उक्त वसूली में 23 करोड़ रुपए बकाया राशि और 52 करोड़ रुपए करंट की वसूली बताई जा रही है। बीते साल 106 करोड़ रुपए की वसूली पूरे वित्तीय वर्ष में हुई थी। निगम में 3.48 लाख से ज्यादा संपत्तियां नगरीय सीमा के 66 वार्डों में अभी तक 3.48 लाख संपत्तियां निगम में दर्ज हो चुकी है। अब उक्त संपत्तियों को अपडेट करने के लिए सेटेलाइट सर्वे चल रहा है। इसकी वजह से निगम एरिया संपत्तियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। इनमें सरकारी संपत्तियां भी शामिल है। निगम को 150 सरकारी विभाग की संपत्तियों से 200 करोड़ों रुपए की राशि वसूल करना है। इसमें केंद्र और राज्य सरकार के आफिस, शैक्षणिक संस्थान आदि शामिल है। बोगस और डुप्लीकेट आईडी बंद कर रहे हैं, बकाया से संपत्तिकर की वसूली होगीनिगम में 3.48 लाख संपत्तियों में से 66 हजार आईडी डुप्लीकेट और बोगस निकली है। इसमें शासकीय सेवा प्रभार वाली भी हो सकती है। इन्हें बंद कराया जा रहा है। इनमें से कई आईडी ऐसी है, जो एजीएल कंपनी सर्वे में हैं, लेकिन दस्तावेज नहीं है। उस समय आईडी बन गई है लेकिन टैक्स नहीं दे रहे है। ऐसी पूर्व में बनी सभी आईडी की यदि संपत्ति मौके पर है तो टैक्स लिया जाएगा। इसके अलावा 200 करोड़ के लगभग शासकीय संपत्तियों पर सेवाकर बकाया है। उनसे वसूला जाएगा। -संघ प्रिय, आयुक्त ननि

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 4:30 am