लखनऊ विश्वविद्यालय में अब एस्ट्रोफिजिक्स (खगोल भौतिकी) जैसे आधुनिक विज्ञान की पढ़ाई शुरू होने जा रही है। LU प्रशासन का दावा है कि UG स्तर पर कंप्यूटेशनल एस्ट्रोफिजिक्स की पढ़ाई शुरू करने वाला यह देश का पहला सरकारी विश्वविद्यालय बनने जा रहा है। इसके अलावा सेल्फ फाइनेंस कोर्स के शिक्षकों को न्यूनतम 57 हजार 700 वेतन के प्रस्ताव पर मुहर लगी हैं। एस्ट्रोफिजिक्स खगोल विज्ञान की वह शाखा है, जिसमें स्टूडेंट्स तारों, ग्रहों, आकाशगंगाओं, ब्लैक होल और अन्य आकाशीय पिंडों की संरचना और उनके भौतिक लक्षणों का अध्ययन करते हैं। अब तक ऐसे पाठ्यक्रम भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, भारतीय विज्ञान संस्थान, भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान व अशोका विश्वविद्यालय जैसे चुनिंदा संस्थानों में ही उपलब्ध थे। LU कार्य परिषद की बैठक में शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध और शिक्षकों को UGC प्रशासनिक सुधार को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। इनमें सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों में चयनित शिक्षकों को अब UGC वेतनमान के प्रवेश स्तर 57,700 रुपये पर रखने के अलावा एमएससी इन वाइल्डलाइफ साइंसेज पाठ्यक्रम भी शुरू किया जाएगा, जो किसी भी विषय के UG के लिए खुला रहेगा। LU के सभी संस्थानों को संबंधित संकायों से जोड़ने का निर्णय लिया गया। LLB स्टूडेंट्स के लिए स्कॉलरशिप इसके अलावा तीन वर्षीय एलएलबी पाठ्यक्रम के छात्रों के लिए एक नए पदक और एक लाख रुपये की वार्षिक छात्रवृत्ति की स्थापना को मंजूरी दी गई। यह पहल लक्ष्मी सिंह की ओर से अपने पिता स्वर्गीय इंद्र देव सिंह की स्मृति में की गई है। बैठक में AI स्टीयरिंग समिति और संस्थागत नैतिकता समिति के गठन को भी मंजूरी दी गई। पीएम उषा के तहत दो सदस्यों को बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में शामिल किया गया।
फतेहपुर में ट्रैक्टर ट्रॉली पलटी, किसान की मौत:गेहूं लादते समय हुआ हादसा, क्षमता से अधिक था वजन
फतेहपुर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से एक किसान की मौत हो गई। यह हादसा असोथर थाना क्षेत्र के मैकुआपुर गांव में हुआ, जब किसान खेत में गेहूं लाद रहा था। जानकारी के अनुसार, किसान खेत में गेहूं लादने का काम कर रहा था। ट्रॉली में क्षमता से अधिक गेहूं भर दिया गया था, जिससे संतुलन बिगड़ गया और वह अचानक पलट गई। हादसे के समय किसान वहीं मौजूद था और ट्रॉली के नीचे दब गया। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद किसान को बाहर निकाला। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही असोथर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। थाना प्रभारी ने इसकी पुष्टि की। इस दुखद घटना के बाद मृतक किसान के परिजनों का बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है।
बांसवाड़ा जिले के खमेरा थाना क्षेत्र में बीएपी विधायक प्रत्याशी अशोक निनामा के छोटे भाई अनिल (28) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घाटोल विधानसभा से विधायक प्रत्याशी रहे अशोक ने आरोप लगाया कि उसके भाई की पीट-पीटकर हत्या की गई है। अनिल को रात में झाड़ियों में घायल हालत में मिलने के बाद हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में 3-4 लोगों की भूमिका मानते हुए जांच शुरू कर दी है। घटना कलिमगरा में होना बताया जा रहा है। मृतक (बांसलिखेड़ा निवासी अनिल पिता केशव) के गांव से 5-6 किलोमीटर दूरी है रात 2 बजे आया था फोन, लोकेशन पर मिला घायल अशोक निनामा ने बताया कि वह रात को अपने घर पर सो रहे थे, तभी करीब 2 बजे उनके पास सरपंच प्रकाश सागबारी के तीन मिस कॉल आए। जब अशोक ने वापस फोन किया, तो सरपंच ने पूछा कि तुम्हारा भाई कहा है? अशोक के अनुसार, सरपंच ने उन्हें लोकेशन बताई और कहा कि “अनिल यहां पड़ा है, आकर ले जाओ।” झाड़ियों में तड़पता मिला भाई परिजनों के साथ जब अशोक बताए गए स्थान काली मगरी के पास पहुंचे, तो काफी तलाश के बाद झाड़ियों से अनिल की चीखने की आवाज आई। अशोक ने बताया- ‘मेरा भाई बचाओ-बचाओ चिल्ला रहा था। जब हम उनके पास पहुंचे तो वह बहुत बुरी हालत में था। उसने बताया कि रात करीब साढ़े 12 बजे से उसे घसीट-घसीट कर पीटा जा रहा था।’ अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और अनिल को गंभीर हालत में पहले स्थानीय अस्पताल और फिर बांसवाड़ा के एमजी अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान अनिल ने दम तोड़ दिया। भाई की मौत की खबर सुनते ही अशोक निनामा अस्पताल परिसर में ही फूट-फूट कर रो पड़े। प्रेम प्रसंग से जुड़ा मामला घाटोल डिप्टी महेंद्र मेघवंशी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला महिला से जुड़ा हुआ लग रहा है। घटना के बाद युवक अनिल से रात में पुलिस ने बयान भी ले लिए थे। मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं। खमेरा थाने के एएसआई लेखाराम ने बताया कि मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा माना जा रहा है और सभी एंगल से जांच जारी है। आरोपियों को पकड़ने टीमें गई हैं -एसपी एसपी सुधीर जोशी ने बताया कि हत्या के कारणों को लेकर जांच की जा रही है। अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। 3-4 लोग हत्या में शामिल हैं। टीमें आरोपियों को पकड़ने के लिए भेजी है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस अब कॉल डिटेल्स और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
गुरुग्राम में मानेसर स्थित एक होटल का कर्मचारी एक बाइक और 10 हजार रुपए लेकर फरार हो गया। सहकर्मी दुर्गा कुमार ने उसे सामान लाने के लिए भेजा था, लेकिन वह लौटकर नहीं आया। आरोपी ने रास्ते में बाइक में लगा जीपीएस सिस्टम को भी निकलवा दिया और उसे फेंक कर चला गया। देर रात तक जब वह वापस नहीं तो दुर्गा प्रसाद जीपीएस की लोकेशन ट्रैक करते हुए बस स्टैंड के पास पहुंचा। जहां उसे जीपीएस तो मिल गया, लेकिन बाइक नहीं मिली। उसने इसकी सूचना पुलिस को दी। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है। पुलिस को दी शिकायत में दुर्गा कुमार ने बताया कि वह ढाबा 51 में काम करता है। उसकी बाइक होटल के बाहर से चोरी हो गई। उसने कई दिन तक बाइक की तलाश की, लेकिन कोई पता नहीं चल सका। चोरी करने वाले के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। रात दस बजे तक किया इंतजार बताया जा रहा है कि झांसी का रहने वाला एक होटलकर्मी इस बाइक को लेकर सामान लेने गया था। पहले तो होटल स्टाफ समझते रहे कि वह किसी मिलने वाले के पास चला गया होगा, लेकिन जब बाइक में लगे जीपीएस की लोकेशन एक ही जगह मिली तो उन्हें शक हुआ। बस स्टैंड के पास मिला जीपीएस होटल स्टाफ सदस्य जीपीएस की लोकेशन ट्रेस करते हुए बस स्टैंड तक पहुंचे। रात करीब 11 बजे उन्हें बाइक रिपेयरिंग की दुकान के पास जीपीएस सिस्टम मिल गया। पूछताछ करने पर पता चला कि बाइक चोरी करने वाले युवक ने एक बाइक रिपेयरिंग करने वाले से अपनी बाइक बताकर जीपीएस उतरवाया और उसे वहीं छोड़कर बाइक ले गया। होटल के सीसीटीवी में नजर आ रहा स्टाफ ने होटल के बाहर लगे सीसीटीवी चैक किए, तो आरोपी बाइक ले जाता नजर आ रहा है। वह पहले बाइक उठाता है, उसके बाद पीछे सामान रखने के लिए क्रेट बांधता है और फिर निकल जाता है। होटल के बाहर लगे सीसीटीवी में वह बाइक लेकर जाते दिख रहा है। पुलिस इस मामले में अब जांच कर रही है और अधिकारियों द्वारा आरोपी को जल्द पकड़ने का दावा किया गया है।
छिंदवाड़ा के पेंच नेशनल पार्क के कुंभपानी बफर जोन स्थित जमतरा गेट पर सोमवार रात उस समय तनाव फैल गया, जब टाइगर के हमले में एक युवक की मौत हो गई। उसका क्षत-विक्षत शव मिलने की खबर गांव के लोगों तक पहुंची। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीण बड़ी संख्या में गेट पर जुट गए और जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। शव की हालत देख दहशत ग्राम नाहरझिर निवासी दिनेश (पिता पुसू सेवतकर) पर टाइगर ने हमला कर दिया। हमले की भयावहता का अंदाजा शव की हालत से लगाया जा सकता है- टाइगर ने युवक के शरीर को बुरी तरह नोच डाला। कंधे का हिस्सा खा लिया गया, एक हाथ शरीर से अलग मिला और गर्दन भी धड़ से अलग पाई गई। शव तीन हिस्सों में बंटा हुआ मिला, जिसे देखकर मौके पर मौजूद लोग सिहर उठे। 15 दिनों से बना था खौफ ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले करीब 15 दिनों से इलाके में टाइगर का लगातार मूवमेंट देखा जा रहा था। इस दौरान कई मवेशियों का शिकार भी हुआ, लेकिन बार-बार सूचना देने के बावजूद वन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। इसी लापरवाही को लेकर लोगों में पहले से ही आक्रोश था। टीम पहुंची तो भड़का गुस्सा वन विभाग को युवक का शव कोर एरिया में मिलने की सूचना मिली। जैसे ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और जमतरा गेट पर हंगामा शुरू हो गया। अधिकारियों ने संभाला मोर्चा स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। एसडीएम प्रभा सिंह, एसडीओ फॉरेस्ट अतुल पाटी, तहसीलदार और चांद थाना निरीक्षक राकेश सिंह बघेल सहित पुलिस बल ने ग्रामीणों को समझाइश देकर स्थिति को शांत कराने की कोशिश की। ग्रामीणों की मांग ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मांग की है कि टाइगर के मूवमेंट को नियंत्रित किया जाए और इलाके में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। फिलहाल मौके पर पुलिस और वन विभाग की टीम तैनात है और हालात को नियंत्रण में रखने का प्रयास जारी है।
जयपुर में विकास कार्यों की धीमी रफ्तार और अधूरे काम अब लोगों की परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। कहीं सीवर लाइन का काम महीनों से अधूरा पड़ा है तो कहीं पाइपलाइन डालने के बाद सड़कें जस की तस छोड़ दी गई हैं। इन हालातों से आमजन को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भास्कर समाधान सेगमेंट के जरिए नागरिकों ने इन समस्याओं को सामने रखा, जिससे जिम्मेदार विभागों तक जमीनी स्थिति पहुंची। शिकायतों के बाद कुछ स्थानों पर सुधार की प्रक्रिया भी शुरू हुई है, जिससे लोगों को राहत मिलने लगी है और उम्मीद जगी है कि बाकी समस्याओं पर भी जल्द कार्रवाई होगी। 2 महीने से सीवर कार्य, सड़क पर मलबा न्यू सांगानेर रोड, विश्व नगर से राजकुमार अग्रवाल ने पोस्ट किया कि राधा विहार में पिछले 2 महीनों से सीवर लाइन का काम चल रहा है, लेकिन मलबा सड़क पर ही पड़ा है, जिससे आवाजाही में परेशानी हो रही है। जगतपुरा में पाइपलाइन के बाद खुदी पड़ी सर्विस रोड मॉडल टाउन, जगतपुरा से विनोद अग्रवाल ने बताया कि जगतपुरा से बालाजी तिराहा तक की सर्विस रोड पाइपलाइन डालने के बाद से खुदी पड़ी है और अब तक उसे ठीक नहीं किया गया। सीताबाड़ी में टूटे झूले, बच्चों के लिए खतरा बी2 बायपास रोड, सीताबाड़ी से मुकेश कुमार ने पोस्ट किया कि मेट्रो एन्क्लेव में लगे झूले टूट चुके हैं, जिससे बच्चों के लिए खतरा बना हुआ है। कालवाड़ रोड पर सालभर से जलभराव कलवाड़ रोड से मनोज जैन ने पोस्ट किया कि पिछले एक साल से सड़क पर पानी भरा रहता है और गड्ढे भी हो गए हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। जहां हुआ समाधान मालवीय नगर में टूटी सड़क हुई ठीक सेक्टर-3, मालवीय नगर से गौरव दीक्षित ने पोस्ट किया था कि मकान नंबर 93 के सामने सड़क टूटी हुई थी। शिकायत के बाद संबंधित विभाग ने कार्रवाई कर सड़क को दुरुस्त करवा दिया, जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिली। जयपुर के शास्त्री नगर इलाके से अनीता काबरा ने भी अपनी समस्या समाधान सेगमेंट पर पोस्ट की थी। जिसमें उन्होंने नाले की दीवार टूटी होने की समस्या लिखी थी। समस्या पोस्ट होने के कुछ ही समय के बाद नगर निगम के निवर्तमान चेयरमैन ने एक्शन लेते हुए नाला रिपेरिंग का काम शुरू करवा दिया है। जिससे क्षेत्र को लोगों में खुशी का माहौल है। आज के 'पब्लिक के स्टार' बने मनोज मुदगल शास्त्री नगर इलाके से अनीता काबरा ने सड़क के किनारे बने नाले की दीवार टूटी होने की समस्या पोस्ट की थी। जिसके बाद नगर निगम के निवर्तमान चेयरमैन मनोज मुदगल ने कुछ ही समय में नाला रिपेरिंग का काम शुरू करवा दिया है। जिससे लोगों को काफी राहत मिली है और लोगों को डर भी कम हो गया है। पब्लिक की आवाज बन रहा “भास्कर समाधान” ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सामने रखने के लिए मदद कर रहा है। लोगों से मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अधिकारियों को सीधे मिल रही समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहेंगे तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.जयपुर के सेक्टर-16 में बह रहा सीवर का पानी:तुलसी नगर में धंसा चैंबर बना खतरा, मनोज मुदगल बने ‘पब्लिक स्टार’ 2.भास्कर समाधान का असर, शास्त्री नगर में रोड लाइट ठीक,:जलभराव और सीवरेज समस्याओं पर कार्रवाई; राहुल अग्रवाल बने ‘पब्लिक के स्टार’ 3.भास्कर समाधान का असर, जयपुर में स्ट्रीट लाइटें हुई ठीक:शहर में सीवर और कचरे की समस्या बरकरार; रूपाराम बने ‘पब्लिक के स्टार’ 4.भास्कर समाधान का असर जयपुर में गंदगी-सीवर की समस्याएं उजागर:शहर के कई इलाकों में सफाई से मिली राहत; कुसुम यादव फिर बनीं ‘पब्लिक की स्टार’ 5.भास्कर समाधान में उजागर हुई जयपुर की हकीकत:गंगापोल में कचरा-सीवर से लोग बेहाल, हरनाथपुरा की सड़कें बनीं मुसीबत; मनोज मुदगल फिर बने ‘पब्लिक के स्टार’ 6.भास्कर समाधान में उजागर हुई शहर की दुर्दशा:न्यू सांगानेर रोड और झोटवाड़ा में जनता परेशान, मनोज मुदगल बने ‘पब्लिक के स्टार’ 7.भास्कर समाधान का असर, जिम्मेदारों तक पहुंचीं शहर की समस्याएं:कई इलाकों में मिली राहत; कुसुम यादव बनीं ‘पब्लिक की स्टार’ 8.भास्कर-समाधान का असर, जयपुर में गंदे पानी की समस्या दूर:शहरभर से उठीं गंदगी, कुसुम यादव बनीं ‘पब्लिक की स्टार’ 9.भास्कर समाधान का असर, मानसरोवर में पाइपलाइन ठीक हुई:जयपुर में जाम नालियां-सड़कें बनीं बड़ी समस्या, हिमांशु शर्मा बने ‘पब्लिक के स्टार’ 10.बसों में भीड़ से बढ़ी परेशानी, सांगानेर में सीवर ओवरफ्लो:कार्रवाई से कुछ इलाकों में राहत, लोकेश कुमावत बने 'स्टार ऑफिसर'
श्रावस्ती:जनपद में डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती की पूर्व संध्या पर सेवा, स्वच्छता और समरसता का संदेश दिया गया। इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। भारतीय जनता पार्टी के श्रावस्ती विधानसभा विधायक राम फेरन पांडेय कार्यकर्ताओं के साथ कटरा श्रावस्ती स्थित इंडियन बौद्ध विहार पहुंचे। उन्होंने श्रमदान कर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा की सफाई की और स्वच्छता का संदेश दिया। विधायक और कार्यकर्ताओं ने दीप प्रज्वलित कर डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उपस्थित लोगों ने बाबा साहब के विचारों, जिनमें समान समाज, अधिकारों की समानता, शिक्षा का महत्व और संविधान के प्रति निष्ठा शामिल है, को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। विधायक राम फेरन पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर एक विचारधारा हैं, जो हर वर्ग को न्याय और सम्मान दिलाते है। उन्होंने जोर दिया कि डॉ. अंबेडकर का सपना तभी साकार होगा, जब समाज का हर व्यक्ति शिक्षा, स्वच्छता और संवैधानिक मूल्यों को अपनाएगा। इस कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी, मंडल व बूथ स्तर के कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। यह आयोजन शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें डॉ. अंबेडकर के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया गया।
उन्नाव विधायक अनिल सिंह का विपक्ष पर हमला:अंबेडकर जयंती पर कांग्रेस-सपा पर दलितों के अपमान का आरोप
उन्नाव में अंबेडकर जयंती के अवसर पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पुरवा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक अनिल सिंह ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। विधायक अनिल सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने हमेशा डॉ. भीमराव अंबेडकर और अनुसूचित जाति समाज का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि इन पार्टियों ने केवल वोट बैंक की राजनीति की और दलित समाज के वास्तविक हितों के लिए कभी काम नहीं किया। अनिल सिंह ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2012 से 2017 तक रही सपा सरकार के कार्यकाल में दलितों के आरक्षण के साथ खिलवाड़ किया गया। विधायक के अनुसार, उस समय प्रशासनिक स्तर पर भी भेदभाव देखने को मिला, जिसमें तहसीलदार स्तर के अधिकारियों को डिमोट कर लेखपाल बना दिया गया था। अनिल सिंह ने आगे कहा कि सपा और कांग्रेस ने हमेशा राजनीतिक कुचक्र रचकर समाज को बांटने का काम किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे में अब ये दल किस मुंह से बाबा साहेब के आदर्शों की बात करते हैं। विधायक ने जोर देकर कहा कि भाजपा सरकार ही बाबा साहेब के सपनों को साकार करने और दलितों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। अपने बयान के अंत में विधायक ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि अंबेडकर जयंती जैसे पावन अवसर पर सभी लोगों को आपसी सौहार्द बनाए रखते हुए हर्षोल्लास के साथ कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए और किसी भी प्रकार के विवाद से दूर रहना चाहिए। उल्लेखनीय है कि उन्नाव जिले की पुरवा विधानसभा सीट से विधायक अनिल सिंह अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। अंबेडकर जयंती के मौके पर दिए गए उनके इस बयान ने जिले की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है।
गोंडा में किसानों को सब्सिडी पर मिलने वाले नीम कोटेड यूरिया खाद से अवैध रूप से डीईएफ यूरिया बनाने वाले अवैध प्लांट के मालिक व मास्टरमाइंड राकेश पांडेय के खिलाफ गोंडा जिला कृषि विभाग द्वारा छपिया थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया है। मुकदमा दर्ज होने के बावजूद आरोपी राकेश पांडेय अभी तक फरार है छपिया थाने की पुलिस पिछले छह दिनों से लगातार उसकी तलाश कर रही है। इसके साथ ही, गोंडा कृषि विभाग और छपिया पुलिस प्रशासन राकेश पांडेय के पूरे नेटवर्क की भी जांच कर रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किन-किन अन्य स्थानों पर सब्सिडी वाले यूरिया खाद का उपयोग करके अवैध रूप से डीईएफ यूरिया बना रहा था। राकेश पांडेय के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज है। जिला कृषि अधिकारी और उनकी टीम ने 9 अप्रैल को छापेमारी कर इस अवैध प्लांट को पकड़ा था। जांच में सामने आया है कि अवैध रूप से बनाए गए डीईएफ यूरिया में अशुद्धियां होती हैं, जो वाहनों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इससे वाहन मालिकों को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हो सकता है। जानकारी के अभाव में लोग इस अवैध डीईएफ यूरिया का उपयोग कर रहे थे। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि डीईएफ यूरिया बनाने के लिए टेक्निकल ग्रेड यूरिया का उपयोग किया जाता है, जिसकी कीमत 35 से 40 रुपये प्रति किलो होती है। उच्च गुणवत्ता वाली टेक्निकल ग्रेड यूरिया के एक बैग की कीमत 2900-3200 रुपये है जबकि किसानों को सब्सिडी पर मिलने वाली नीम कोटेड यूरिया 266 रुपये प्रति बैग मिलती है। अधिक लाभ कमाने के लिए सब्सिडी वाली यूरिया का अवैध रूप से उपयोग किया जा रहा था। छपिया थाना अध्यक्ष प्रबोध सिंह ने कहा कि पूरे मामले की जांच जारी है और जल्द ही बड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी बिंदुओं पर पुलिस द्वारा जांच की जा रही है इस पूरे नेटवर्क को लेकर के हम लोग विस्तार से जांच कर रहे हैं कि और कहीं पर इस तरीके से काम तो नहीं हो रहा है।
बाराबंकी के बदोसराय में ट्रांसफार्मर में आग:तेज धमाके के बाद सैकड़ों घरों की बिजली आपूर्ति बाधित
बाराबंकी जिले के सिरौलीगौसपुर विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत बदोसराय कस्बे में एक ट्रांसफार्मर में तेज धमाके के साथ आग लग गई। इस घटना से कस्बे के सैकड़ों घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि ट्रांसफार्मर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। ट्रांसफार्मर के जलने से बदोसराय कस्बे के सैकड़ों घरों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। इससे स्थानीय निवासियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जले हुए ट्रांसफार्मर को जल्द से जल्द बदलकर बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुजफ्फरनगर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा के दौरान एक मुस्लिम युवक मोहम्मद लुकमान राणा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सोमवार को जनसभा स्थल के बाहर लुकमान राणा सिर पर इस्लामिक टोपी और गले में 'राम नाम' का पटका डाले 'जय श्री राम' के नारे लगाते हुए दिखाई दिए। इस दौरान उन्होंने अपनी विशिष्ट वेशभूषा में नारे लगाए, जिसका वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने बनाया। यह वीडियो अब तेजी से सोशल मीडिया पर फैल रहा है और लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। लुकमान राणा ने अपने इस कदम के पीछे भाईचारे के संदेश को मुख्य बताया। उन्होंने कहा कि भाईचारा ही सबसे बड़ी पहचान है और इसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाना चाहिए। फतवा जैसी आशंकाओं पर उन्होंने स्पष्ट किया कि धार्मिक तौर पर ऐसी कोई बात कहीं नहीं लिखी है कि 'जय श्री राम' का नारा नहीं लगाया जा सकता। उनका मानना था कि समाज में कुछ लोग बेवजह ऐसी बातें फैलाते हैं, जबकि आम लोग आपसी सम्मान के साथ रहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, हमारे हिंदू भाई हमें सलाम करते हैं और हम उन्हें जय श्री राम कहते हैं, इसमें कोई एतराज नहीं होता। भाईचारा पहले भी था, आज भी है और आगे भी रहेगा। लुकमान राणा ने यह भी कहा कि पढ़े-लिखे लोग हमेशा एकता और सौहार्द की बात करते हैं, जबकि विवाद खड़ा करने वाले लोग समाज को बांटने की कोशिश करते हैं। जनसभा के माहौल के बीच यह दृश्य लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। कई लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति की विविधता में एकता और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बताया।
आंबेडकर जयंती पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा- बाबा साहेब के संविधान को लागू करने में सत्ताधारी पार्टियां पूरी तरह नाकाम रहीं, वरना देश आज स्वावलंबी और विकसित बन चुका होता। मायावती ने लखनऊ स्थित आवास पर मंगलवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्ति के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने कहा, “बहुजन समाज के मसीहा डॉ. भीमराव आंबेडकर को उनकी जयंती पर शत-शत नमन। पूरी मिशनरी भावना से बीएसपी कार्यकर्ता पूरे देश में उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।” मायावती ने आगे कहा, “बाबा साहेब का पूरा जीवन गरीबों, शोषितों, उपेक्षितों और जातिवाद व सामंतवाद से पीड़ित महिलाओं के उत्थान के लिए संघर्ष में बीता। उन्होंने संविधान बनाकर बहुजन समाज को सुरक्षा और सम्मान दिलाया, जिसके लिए देश हमेशा उनका कृतज्ञ रहेगा।” तो देश आज आत्मनिर्भर और विकसित होता” मायावती ने कहा, “काश! केंद्र व राज्यों की सत्ताएं बाबा साहेब के अति-मानवतावादी और बहुजन कल्याणकारी संविधान को सही ढंग से लागू कर पातीं, तो भारत आज करोड़ों बहुजनों की गरीबी, बेरोजगारी, जातिवादी द्वेष और शोषण से मुक्त हो चुका होता। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसलिए अब बाबा साहेब का सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति का कारवां चुनावी सफलता हासिल कर अपनी मंजिल की ओर बढ़ेगा।” सपा आंबेडकर जयंती मनाने को ढोंग कर रही इस मौके पर बसपा प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने कहा, “बहन मायावती के निर्देश पर बहुजन समाज सदियों से बाबा साहेब और कांशीराम जी की जयंती पुण्यतिथि दिवस मनाता रहा है। लेकिन कुछ दल बाबा साहेब के नाम पर जिला बनाने के बाद उसे मिटाने का काम कर रहे हैं। समाजवादी सरकार में बहन जी द्वारा बनाए गए आंबेडकर सामाजिक स्थल को मैरिज लॉन बनाने की बात करने वाले लोग आज आंबेडकर जयंती मनाने का ढोंग रच रहे हैं।” पाल ने आगे कहा, “बाबा साहेब के विचारों पर चलने वाली असली पार्टी सिर्फ बसपा है। संविधान को सच्चे अर्थों में मानने वाली भी सिर्फ बसपा है। कांशीराम की पुण्यतिथि किसी दल ने नहीं मनाई, लेकिन जब हमारे बहुजन समाज बड़ी संख्या में एकत्र हुए तो अन्य दल भी आज जयंती मनाने लगे। यह उनका नाटक है।” जय भीम-जय भारत के नारे, नीला झंडा और हाथी निशान का जोश कार्यक्रम के दौरान बसपा पदाधिकारियों ने ‘बहन जी मैदान में, मायावती जी संघर्ष करो हम आपके साथ हैं’ और “बीएसपी की क्या पहचान, नीला झंडा हाथी निशान “ के नारे लगाए। इसके बाद सभी ने डॉ. आंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर मोमबत्तियाँ जलाईं। मायावती के साथ इस दौरान बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा, विश्वनाथ पाल समेत प्रदेश भर के मंडला कोआर्डिनेटर और वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। मायावती ने नारे लगा रहे पार्टी पदाधिकारियों का अभिवादन भी स्वीकार करते हुए सभी को आंबेडकर जयंती की बधाई दी। बड़ी संख्या में आंबेडकर स्मारक पर पहुंचे बसपा के कार्यकर्ता और समर्थक गोमती नगर स्थित आंबेडकर स्मारक पर प्रदेश के सभी 18 मंडलों से कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचे हैं। सभी वहां आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनकी जयंती मना रहे हैं। इस मौके पर बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल, सभी मंडल कोआर्डिनेटर, जिला अध्यक्ष, विधानसभा प्रभारी मौजूद हैं।
छत्तीसगढ़ में ओबीसी समाज ने जातिगत जनगणना और आरक्षण को लेकर अपनी मांग तेज कर दी है। पदाधिकारियों ने साफ किया है कि, यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन तेज किया जाएगा। 21 अप्रैल को प्रदर्शन की तैयारी भी की जा रही है। समाज के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर कई अहम मुद्दों को उठाया है। इसमें जातिवार जनगणना कराने, 27% ओबीसी आरक्षण लागू करने, यूजीसी में सह-आरक्षण, मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करने, न्यायपालिका में ओबीसी वर्ग को प्रतिनिधित्व देने और क्रीमी लेयर और NFS व्यवस्था की समीक्षा जैसी मांगें प्रमुख रूप से शामिल हैं। 1 मई से शुरू होगा जनगणना का पहला चरण प्रदेश में जनगणना 2027 का पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा। इस दौरान ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस’ के तहत हर घर और परिवार की बुनियादी जानकारी जुटाई जाएगी। इस बार जनगणना प्रक्रिया को डिजिटल बनाया गया है। 16 से 30 अप्रैल के बीच लोग ऑनलाइन पोर्टल के जरिए खुद भी अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसे सेल्फ-एन्यूमरेशन कहा गया है, जिसमें यूनिक आईडी जनरेट होगी। घर-घर जाकर जुटेगी 33 तरह की जानकारी इस चरण में मकान की स्थिति, उपयोग, निर्माण की गुणवत्ता, परिवारों की संख्या और पेयजल, शौचालय, बिजली, कुकिंग फ्यूल, इंटरनेट जैसी सुविधाओं से जुड़े 33 सवाल पूछे जाएंगे। साथ ही परिवार के सदस्यों और वाहनों की जानकारी भी दर्ज होगी। हर घर होगा डिजिटल मैप पर दर्ज इस बार हर मकान की जियो-टैगिंग कर उसे डिजिटल मैप से जोड़ा जाएगा। इससे आपदा प्रबंधन, शहरी प्लानिंग, परिसीमन और मतदाता सूची सुधार जैसे कार्यों में मदद मिलेगी। जानकारी रहेगी पूरी तरह गोपनीय सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान जुटाई गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी और इसका उपयोग केवल नीतिगत फैसलों के लिए किया जाएगा। निगरानी के लिए कंट्रोल रूम जनगणना की मॉनिटरिंग के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अधिकृत कर्मचारियों को ही सही जानकारी दें।
महराजगंज कस्तूरबा विद्यालय में छात्रा की मौत:सांप के काटने की आशंका, इलाज पर उठे सवाल
महराजगंज के फरेंदा थाना क्षेत्र स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, खजूरिया में एक छात्रा की विषैले जीव के काटने से मृत्यु हो गई। इस घटना ने विद्यालय प्रबंधन और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। जानकारी के अनुसार, छात्रा विद्यालय परिसर में लगे हैंडपंप से पानी भर रही थी, तभी उसे किसी विषैले जीव ने पैर की उंगली में काट लिया। शुरुआत में यह घटना सामान्य लगी, लेकिन कुछ ही देर में छात्रा को चक्कर आने लगे और उसका गला सूखने लगा, जिससे उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होते देख, विद्यालय स्टाफ ने उसे तत्काल जिला संयुक्त चिकित्सालय महराजगंज पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद छात्रा को मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद विद्यालय में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था और समय पर सही इलाज मिलने पर सवाल उठ रहे हैं। घटना की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी मौके पर पहुंचे। उन्होंने विद्यालय परिसर का निरीक्षण किया और संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। स्थानीय निवासियों और परिजनों ने इस घटना पर रोष व्यक्त किया है। उनका आरोप है कि आवासीय विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन और स्कूल प्रबंधन की होती है, लेकिन यहां स्पष्ट लापरवाही देखने को मिली है। उन्होंने सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक कराने के आरोप में गिरफ्तार किए गए 166 आरोपियों को रांची स्थित सिविल कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। इस मामले में पुलिस ने संगठित तरीके से काम कर रहे सॉल्वर गैंग और पेपर लीक नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। गिरोह के सरगना अतुल वत्स समेत कई अहम किरदारों की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को कई चौंकाने वाले तथ्य मिले हैं। पुलिस का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क योजनाबद्ध तरीके से अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने के लिए सक्रिय था। झारखंड के साथ बिहार के अभ्यर्थियों की संलिप्तता इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि गिरफ्तार आरोपियों में बड़ी संख्या झारखंड के स्थानीय अभ्यर्थियों की है, लेकिन बिहार के 20 अभ्यर्थी भी इसमें शामिल पाए गए हैं। यह परीक्षा मैट्रिक स्तर की स्थानीय नियुक्ति के लिए आयोजित की गई थी, बावजूद इसके दूसरे राज्य के युवाओं की भागीदारी ने सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। झारखंड के गिरिडीह, हजारीबाग और रामगढ़ जिलों से सबसे अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं। इसके अलावा रांची, पलामू, गढ़वा, चतरा, कोडरमा और अन्य जिलों से भी अभ्यर्थियों को पकड़ा गया है। वहीं बिहार के भोजपुर, बक्सर, पटना, औरंगाबाद, नालंदा समेत कई जिलों के युवक भी इस फर्जीवाड़े में शामिल पाए गए हैं। गिरोह के मास्टरमाइंड और अन्य सहयोगियों पर शिकंजा पुलिस ने इस पूरे मामले में कई प्रमुख आरोपियों की पहचान की है, जिनमें पटना के विकास कुमार, जहानाबाद के अतुल वत्स, रामगढ़ (मांडू) के आशीष कुमार और योगेश प्रसाद तथा पूर्वी चंपारण के मुकेश कुमार उर्फ शेर सिंह शामिल हैं। इसके अलावा रांची और आसपास के इलाकों से भी कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर साजिश में शामिल होने का आरोप है। इनमें चिरौंदी के विनोद कुमार, जमशेदपुर के एक निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज के मालिक गौरव सिंह, धुर्वा के रमीज अंसारी और हटिया के इल्फाज खान प्रमुख हैं। पटना से गिरफ्तार चुलबुल यादव को भी रांची लाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस लगातार अन्य संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। 10 लाख में हुई थी डील, 3 लाख एडवांस लिया गिरोह ने हर अभ्यर्थी से पास कराने के लिए 10-10 लाख रुपए में सौदा किया था। इसके एवज में तीन-तीन लाख रुपए एडवांस लिए गए थे। किसी ने चेक दिया तो किसी ने नकद भुगतान किया। इसके साथ ही अभ्यर्थियों से उनके मूल प्रमाण पत्र भी ले लिए गए थे। डील यह थी कि चयन के बाद पूरी रकम देने पर ही दस्तावेज लौटाए जाएंगे। लग्जरी गाड़ियों से लाए गए थे सभी अभ्यर्थी प्राप्त जानकारी के अनुसार पेपर लीक और सॉल्वर गैंग से जुड़े एजेंटों की भूमिका बड़े पैमाने पर थी। गिरोह के सरगना अतुल वत्स से जुड़े लोगों ने अभ्यर्थियों को तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव स्थित निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज तक पहुंचाने के लिए कई लग्जरी वाहनों का इस्तेमाल किया। इनमें स्विफ्ट कार, फोर्स कंपनी की दो सवारी गाड़ियां, हुंडई की कार, स्कॉर्पियो और एमजी हेक्टर शामिल हैं। पुलिस ने इन सभी वाहनों को जब्त कर लिया है। तमाड़ थाना प्रभारी के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। आगे की कार्रवाई जारी है।
हरियाणा के नारनौल में गांव बलाहां कलां में नाली के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। घटना में कई लोग घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस झगड़े में पंचायत समिति चेयरमैन पर भी रॉड से मारने का आरोप लगा है। वहीं पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। घटना की शुरुआत गांव में बन रही नाली को लेकर हुई। एक पक्ष का आरोप है कि नाली उनके प्लॉट के अंदर से निकाली जा रही थी, जिसका विरोध करने पर विवाद बढ़ गया। इसी दौरान नाली तोड़ने को लेकर कहासुनी हुई और मामला मारपीट तक पहुंच गया। चेयरमैन ने किया हमला बलाहां कलां निवासी घायल सतीश ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान प्रदीप नामक व्यक्ति, जो की सरकारी टीचर है ने उस पर चाकू से हमला किया, जिससे उनकी छाती पर गंभीर चोटें आईं। उसने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत समिति के चेयरमैन पंकज मौके पर पहुंचे और उनके हाथ में लोहे का सरिया था, जिससे उन पर हमला किया गया। पीड़ित का कहना है कि हमलावरों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी, जिसके चलते वह घर के अंदर बंद हो गए। बाद में पुलिस के आने पर ही उन्होंने दरवाजा खोला। सतीश ने बताया कि उन्होंने 112 नंबर पर कॉल कर मदद मांगी, जिसके बाद एम्बुलेंस से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। तार से आई चोट वहीं दूसरे पक्ष के प्रदीप कुमार ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जब वह स्कूल से घर लौटे तो उन्होंने देखा कि नई बनी नाली को तोड़ दिया गया है। पूछने पर सामने वाले पक्ष सतीश ने बदसलूकी की और उन पर हमला कर दिया। प्रदीप के अनुसार, उन्हें धक्का देकर तारबंदी में गिराया गया, जिससे उन्हें चोटें आईं। उन्होंने कहा कि मौके पर किसी के पास चाकू या अन्य हथियार नहीं था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष ने उन पर डीजल जैसा तरल पदार्थ फेंका और लकड़ी के डंडे से हमला किया। चेयरमैन भी हुए घायल पंचायत समिति के चेयरमैन पंकज ने बताया कि गांव में विकास कार्य के तहत नाली (खाबड़ी) का निर्माण चल रहा था। शाम को सतीश नाम के युवक ने नाली तोड़ दी, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि मजदूरों के फोन पर वह मौके पर पहुंचे, जहां पहले से झगड़ा चल रहा था। उनके अनुसार, सतीश और उसके परिजनों ने उन पर भी हमला कर दिया, जिसमें उनकी उंगली में फ्रैक्चर हो गया। चेयरमैन ने तेजधार हथियार से हमले के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चोटें तारबंदी में गिरने से लगी होंगी और मौके पर कोई हथियार इस्तेमाल नहीं हुआ। जांच के बाद होगी कार्रवाई मामले को लेकर सदर थाना प्रभारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि पुलिस टीम अस्पताल पहुंचकर दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर वन राज्य मंत्री संजय शर्मा सुबह-सुबह उनकी प्रतिमा पर कार्यकर्ताओं के साथ माल्यार्पण करने पहुंचे। डॉ अंबेडकर अमर रहे के जयकारे लगाए। जयंती की पूर्व संध्या पर अलवर शहर के अंबेडकर सर्किल पर दीपदान में काफी संख्या में लोग पहुंचे। दिन में अग्रसेन सर्किल से लेकर अंबेडकर सर्किल तक भारी भीड़ रहेगी। जिसके कारण ट्रैफिक भी डायवर्ट रहेगा। आमजन को दोपहर 2 बजे अंबेडकर सर्किल से निकलने में परेशानी हो सकती है। जाम से बचने के लिए जेल चौराहे से कला कॉलेज की तरफ होते हुए बिजली घर चौराहे की तरफ से निकलना आसान रहेगा। दो दिन पहले ही सर्किल के चारों तरफ लाइटिंग कर दी गई। जयंती पर दौड़, गोष्ठियों सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं होंगी। राजस्थान मेघवाल समाज संस्था, दलित शोषण मुक्ति मंच व जय भीम बुद्धिष्ट सोसायटी सोसायटी की ओर से मोमबत्तियां व दीपक जलाए गए। डॉ. बीआर अंबेडकर विकास समिति तूलेड़ा की ओर से 4 किलोमीटर की दौड़ प्रतियोगिता हुई। सुबह 9 बजे से रक्तदान शिविर जारी है। जय भीम बुद्धिष्ट सोसायटी सोसायटी की ओर से सुबह 6 बजे जेल सर्किल से अंबेडकर सर्किल तक मैराथन व स्वास्थ्य दौड़ हुई। सुबह 11 बजे पंचशील बुद्ध विहार, सूर्य नगर मोड़ से शोभायात्रा निकाली जाएगी। दोपहर 12 बजे अंबेडकर छात्रावास में विचार गोष्ठी होगी। दोपहर 3 बजे सामुदायिक भवन अंबेडकर जनसभा होगी।
कन्नौज में युवक की करंट लगने से मौत:खेत में मक्का की सिंचाई को जा रहा था, कटी केबिल से लगा करंट
कन्नौज जिले के एक गांव का रहने वाले एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई। वह मक्का की फसल की सिंचाई करने के लिए साइफन सिर पर रखकर खेत की ओर जा रहा था। ट्यूबवेल के पास लटकती केबिल में उसका हाथ टच हो गया, जोकि बीच में कटी हुई थी। जिससे उसे करंट लग गया। घटना गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के गौरियापुर गांव की है। यहां के रहने वाले शीशपाल कुशवाहा का 24 वर्षीय बेटा गोविंद अपने खेत में मक्का की फसल की सिंचाई करने के लिए सुबह सिर पर साइफन रखकर घर से निकला था। वह जैसे ही ट्यूबवेल के पास पहुंचा, तभी लटकती हुई बिजली केबिल में हाथ टच हो गया, जोकि बीच में कटी हुई थी। करंट लगते ही गोविंद बेहोश होकर वहीं गिर गया। पास के खेत में काम कर रहे उसके चचेरे भाई श्याम सिंह ने घटना देखी तो परिजनों को सूचना दी और उसे फटाफट गुरसहायगंज सीएचसी ले गए। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। गोविंद की मौत की सूचना मिलते ही परिजन रोने-बिलखने लगे। बताया गया कि गोविंद कुशवाहा गुजरात के अहमदाबाद में एक निजी कम्पनी में काम करता था। वह एक महीने पहले ही घर आया था। घटना की जानकारी होने पर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और फिर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
रायपुर के वीआईपी रोड स्थित एक होटल के अंदर बैठकर सट्टा खिलाने का वीडियो सामने आया है। जिसमें देखा जा सकता है कि, कुछ लोग कमरा बुक कर IPL क्रिकेट मैच में दांव लगा रहे है। बिस्तर में 500 के नोटों की गड्डी है। टीवी पर लाइव मैच चल रहा है। कमरे के अंदर एक युवक बैठा दिख रहा है। युवक के पास आईफोन भी है। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और मुंबई इंडियंस का मैच चल रहा है। यह मैच 12 अप्रैल को था। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई। वीडियो की जांच कर सटोरियों का पता लगाने की बात अफसर कह रहे हैं। रायपुर बन रह सटोरी जुआरियों का हब रायपुर सटोरियों और जुआरियों का हब बन रहा है। इससे पहले भी कमिश्नरेट के अधिकारी आईडी और ऑनलाइन साइट्स की मदद से सट्टा खिलाने वाले कई आरोपियों को पकड़ चुके है। दो दिन पहले ही पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर मंजीत को भी ऑनलाइन सट्टा खिलाते हुए पकड़ा था। इससे पहले गंज, न्यू राजेंद्र नगर, कबीर नगर पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने कई सटोरियों को पकड़कर लाखों रुपए कैश और आईडी बरामद की गई थी।
राजस्थान पुलिस दिवस के मौके पर आज शाम अल्बर्ट हॉल के सामने रामनिवास बाग में बैंड डिस्प्ले और लाइट शो होगा। यह कार्यक्रम शाम 7 बजे से रात 8.30 बजे तक चलेगा और इसे कोई भी फ्री में देख सकता है, इसलिए यहां अच्छी खासी भीड़ जुटने की उम्मीद है।इसी वजह से शाम के समय आसपास के इलाकों में ट्रैफिक पर असर पड़ेगा। लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने पहले से प्लान तैयार किया है। कई रास्तों पर डायवर्जन रहेगा, कुछ जगहों पर एंट्री बंद रहेगी और पार्किंग को लेकर भी सख्त व्यवस्था लागू की गई है।ऐसी रहेगी ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था कार्यक्रम में राजस्थान पुलिस के जवान पारंपरिक ड्रेस में परफॉर्म करेंगे। पाइप और ब्रास बैंड देशभक्ति धुनें जैसे “सारे जहां से अच्छा” बजाएंगे और अल्बर्ट हॉल पर खास लाइट शो भी देखने को मिलेगा। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि भीड़ से बचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें।
अशोकनगर जिले के सिजावट गांव स्थित अमल वेयरहाउस पर 8 अप्रैल से किसानों की फसल तुलाई बंद होने की सूचना पर कलेक्टर साकेत मालवीय सोमवार रात मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां पहुंचते ही अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल वेयरहाउस का ताला खुलवाया। कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद प्रशासन तुलाई का काम सुनिश्चित करने में जुटा हुआ है। गौरतलब है कि इससे पहले तुलाई रुकने से नाराज होकर किसानों ने चक्काजाम भी किया था, जिसे अधिकारियों के समझाने पर हटाया गया था। बोले- मुंशी नहीं होगा तो क्या काम नहीं होगा? कलेक्टर ने अधिकारियों से सवाल किया कि यदि समिति प्रबंधक नहीं है, तो क्या किसानों की फसल नहीं तोली जाएगी? जिला अधिकारी होने के नाते उन्हें तुलाई सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा, आप डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर हो, मुंशी न होने की स्थिति में तुलाई शुरू नहीं कर पा रहे। मुंशी नहीं होगा तो क्या काम नहीं होगा? कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि किसान अपनी फसल लेकर खड़े रहेंगे और अधिकारी चैन से सोएंगे, ऐसा बिल्कुल नहीं होगा। अधिकारियों से पूछा- दिनभर से तोल नहीं हो रही थी, जानकारी क्यों नहीं थी मौके पर प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ पहुंचे कलेक्टर मालवीय ने जवाब मांगा कि दिनभर से तोल नहीं हो रही थी, इसकी जानकारी उन्हें क्यों नहीं थी और तुलाई का काम शुरू क्यों नहीं कर पाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसानों को तुलाई में जितनी देर होगी, अधिकारियों को भी उतनी ही रात भर जागना पड़ेगा। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, किसान जगेगा तो सबको जागना पड़ेगा। 8 अप्रैल से बंद थी तुलाई, किसानों ने किया था चक्काजाम दरअसल, सिजावट गांव स्थित अमल वेयरहाउस पर समिति प्रबंधक द्वारा 8 अप्रैल से किसानों की फसल की तुलाई रोक दी गई थी। लगातार कई दिनों से तुलाई न होने के कारण किसानों में भारी आक्रोश था और इसी से नाराज होकर उन्होंने चक्काजाम कर दिया था। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप और समझाने के बाद चक्काजाम हटाया गया था, जिसके बाद सोमवार रात खुद कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला।
वाराणसी में कुल 84 घाट है इन घाटों पर 3000 से 3500 छोटी बड़ी नाव का संचालन होता है। अस्सी घाट से नमो घाट तक जाने के लिए यात्रियों से 100 से 200 रुपए किराया लिया जाता है और अगर कोई उसे बुक करके ले जाना चाहता है तो उसको 2000 से 2500 रूपया देना होगा। इसके अलावा गंगा घाट में बड़ी देसी क्रूज भी चलती है जो नाविकों द्वारा तैयार किया गया है इस पर बैठने का किराया 300 रूपया प्रति व्यक्ति लिया जाता है। बनारस के गंगा घाट पर तीन तरह की नाव चलती है जिसमें सबसे पहले आता है बजडा जिस पर बैठने की क्षमता 50 से 60 रहती है। इसके बाद बड़ी मोटर बोट होती है जिसमें 80 लोग बैठ सकते हैं। फिर छोटी मोटर बोट पर 30 से 40 लोग और चप्पू वाली नाव पर अधिकतम 6 से 7 लोग बैठ सकते हैं और जो देसी क्रूज तैयार हुआ है उसे पर 100-150 लोग बैठ सकते हैं यह अलग अलग क्षमता के अनुसार भी बनाया गया है। पहले तीन फोटो में समझें कैसी है लापरवाही अब जानिए दैनिक भास्कर के पड़ता में क्या दिखा वाराणसी के गंगा घाट पर एक नाव में यात्री बैठ रहे थे हम भी यात्री बनाकर उस नाव में बैठे जहां सभी पर्यटकों को लाइफ जैकेट दिया गया लेकिन कुछ पर्यटक उसे पहनने से इनकार करते हुए दिखाई दिए। हालांकि नाविकों ने पुलिस चेकिंग का हवाला देते हुए उन्हें वह पहनाया। वहीं कुछ यात्रियों ने शिकायत किया कि जो जैकेट दी गई है वह मानक के अनुसार नहीं है उसमें बंद करने वाले बटन खराब है हालांकि हमारे सामने नाविक ने उन्हें दूसरा दे दिया। जब हम नव में बैठे तो उसे नाव में यात्रियों के बैठने की क्षमता 80 थी। लेकिन 50 लोगों को बैठने के बाद वह नव नमो घाट के लिए निकल पड़ी। नाव पर बैठे-बैठे हमने अन्य नाव को देखा जिसमें यात्री बैठे थे हमारी नजर एक छोटे मोटर बोट पर पड़ी जिस पर विदेशी पर्यटक बैठे थे लेकिन वह लाइफ जैकेट नहीं पहने थे। वहीं कुछ ना हो ऐसी भी थी जिसमें 50 प्रतिशत लोग लाइव जैकेट का इस्तेमाल नहीं कर रहे थे। अब जानिए नाविकों ने क्या बताया वाराणसी के अस्सी घाट पर नाव चलाने वाले अज्जू ने बताया कि लाइव जैकेट दो तरह की आती है एक 400 रूपया की एक 1200 रूपया की जिस नाविक की जितनी क्षमता होती है वह उसे हिसाब से लाइव जैकेट को खरीदा है वहीं उन्होंने यह भी बताया कि हम लोग जब से वृंदावन की घटना हुई है उसके बाद काफी अलर्ट है जो भी यात्री आते हैं उन्हें लाइफ जैकेट पहनाया जाता है। कुछ यात्री यहां वीडियो बनाने आते हैं उनको मना किया जाता है लेकिन वह नहीं मानते हैं। प्रशासन ने कई सख्त कदम उठाते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं— • गंगा में चलने वाली सभी नावों की नियमित जांच की जाएगी। • बिना लाइसेंस या पंजीकरण के कोई भी नाव संचालन नहीं कर सकेगा। • प्रत्येक नाव में लाइफ जैकेट और जरूरी सुरक्षा उपकरण अनिवार्य किए गए हैं। • घाटों पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, जिनमें सुरक्षा नियमों की जानकारी दी गई है। • पुलिस द्वारा गंगा में लगातार पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। नाविकों के लिए नए नियम • एक नाव में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने पर सख्त कार्रवाई होगी। • सभी नाविकों को वैध पहचान पत्र और लाइसेंस रखना अनिवार्य होगा। • खराब मौसम या तेज धारा की स्थिति में नाव संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। • शराब या नशे की हालत में नाव चलाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। • सभी को लाइफ जैकेट पहनाना अनिवार्य रहेगा। गंगा में 3 किलोमीटर होगी बैरिकेटिंग ACP अतुल अंजान ने कहा - श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर जो उपाय हैं उसको व्यवस्थित कराया जा रहा है और यहां पर चलने वाले सभी नाव में बैठने वाले श्रद्धालु लाइफ जैकेट पहने चेकिंग के दौरान पाया गया की बहुत से श्रद्धालु पहले जैकेट पहनते हैं और फिर फोटो खींचने के चक्कर में उसे निकाल देते हैं इस पर सख्त निगरानी की जा रही है। जहां भी गहरे पानी है वहां पर हम लोगों ने बोर्ड लगवाए है। गंगा में कुल तीन टीम लगाई गई है जो लगातार चेकिंग कर रही है जो भी नाविक गलत नियमों से नाव चलाते हुए पाया गया उसे तत्काल सीज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गंगा में ट्रैफिक कंट्रोल के लिए 3 किलोमीटर की बेरीकेटिंग की जाएगी।
रेवाड़ी में सरकुलर रोड पर ऑटो सवार एक महिला ने ब्लेड से जेब काटकर 10 हजार रुपए निकाल लिए। ऑटो सवार व्यक्ति को जैसे ही अपने जेब काटने का अहसास हुआ तो महिला को पकड़कर बस स्टैंड चौकी पुलिस के हवाले कर दिया। सूचना मिलने के बाद शहर पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी। झज्जर चौक से ऑटो में बैठा महेंद्रगढ़ के गांव भडप निवासी नरेश ने पुलिस को शिकाय दी। जिसमें बताया कि 13 अप्रैल को वह किसी काम से रेवाड़ी आया था। झज्जर चौक से बस स्टैंड जाने के लिए ऑटो लिया। ऑटो धारूहेड़ा चुंगी जाते हुए बस स्टैंड की तरफ जा रही थी। रास्ते में जैन स्कूल से पहले एक महिला ऑटो में बैठी। मेरी गोद में पटका अपना बैग नरेश ने बताया कि ऑटो में सवार होते ही महिला ने अपना बैग मेरी गोद में पटका दिया। गोद से बैग उठाने के बहाने नेहरूकट की जेब काट ली। महिला ने इसी दौरान जेब में रखें 10 हजार रुपए निकाल लिए। जब मुझे अपनी जेब कटने का अहसास हुआ तो ऑटो सवार महिला को पकड़कर बस स्टैंड चौकी पुलिस को सौंप दिया। शिकायत मिलने के बाद शहर थाना पुलिस ने अज्ञात के केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी।
मैहर जिले के रेलवे स्टेशन पर सोमवार शाम एक बड़ा हादसा टल गया। प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर चलती ट्रेन में चढ़ने के दौरान एक महिला यात्री संतुलन खोकर पटरी और प्लेटफॉर्म के बीच के गैप में गिरने वाली थी। तभी वहां मौजूद जीआरपी और आरपीएफ के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए उसे सुरक्षित बाहर खींच लिया। यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम करीब 6:45 बजे ट्रेन संख्या 11754 (रीवा–इतवारी एक्सप्रेस) स्टेशन से रवाना हो रही थी। इसी दौरान छिंदवाड़ा निवासी 38 वर्षीय योगिता श्रीवास ने चलती ट्रेन के पीछे वाले जनरल कोच में चढ़ने का प्रयास किया। पैर फिसलने के कारण वह ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंसकर नीचे गिरने लगीं। घटना के समय जीआरपी आरक्षक दिनेश कुमार पटेल और आरपीएफ आरक्षक प्रमोद मिश्रा ड्यूटी पर तैनात थे। जैसे ही उनकी नजर गिरती हुई महिला पर पड़ी, उन्होंने तुरंत उसे पकड़कर बाहर की ओर खींच लिया। जवानों की इस त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ से महिला की जान बच गई। गनीमत रही कि उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई। दिलचस्प बात यह है कि घटना के वक्त स्टेशन मैनेजर राजेश कुमार को प्लेटफॉर्म पर एक व्यक्ति के अचेत पड़े होने की सूचना मिली थी।स्टेशन मास्टर कामर्सियल प्राणमोहन मिश्रा एवं जीआरपी और आरपीएफ के जवान उसी शराब के नशे में धुत व्यक्ति की जांच करने वहां पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक महिला ट्रेन से गिरने लगी। शोर-शराबा सुनकर नशे में पड़ा व्यक्ति भी होश में आया और मौके से भाग निकला। स्टेशन मैनेजर राजेश कुमार ने बताया कि महिला यात्री जबलपुर जा रही थीं, जिन्हें सुरक्षित बचा लिया गया। उन्होंने दोनों जवानों की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि यदि जवान मौके पर मुस्तैद न होते, तो एक बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
लखनऊ की सड़कों पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा से समझौता करने वाले अनफिट वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग अब बड़े स्तर पर अभियान चलाने जा रहा है। विभाग ने साफ कर दिया है कि मानकों के विपरीत चल रहे वाहनों को अब बख्शा नहीं जाएगा और मौके पर ही सीज करने की कार्रवाई की जाएगी। डेटा अपडेट होते ही मैदान में उतरेंगी टीमें परिवहन विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश एकीकृत स्कूल वाहन प्रबंधन पोर्टल पर स्कूलों और वाहनों का डेटा तेजी से अपडेट किया जा रहा है। अगले एक सप्ताह में यह प्रक्रिया पूरी होते ही प्रवर्तन टीमें सक्रिय हो जाएंगी और स्कूलों के बाहर चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। 530 अनफिट वाहन पहले से चिह्नित आरटीओ कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, लखनऊ में करीब 530 स्कूली वाहन ऐसे हैं जो अनफिट श्रेणी में आ चुके हैं। इससे पहले जनवरी में चले अभियान के दौरान 300 वाहनों की जांच हुई थी, लेकिन सिर्फ 31 पर ही चालान की कार्रवाई हुई थी। इस बार विभाग ज्यादा सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। अब जुर्माना नहीं, सीधे सीज होंगे वाहन अब तक पार्किंग (होल्डिंग एरिया) की कमी के कारण अनफिट वाहनों को केवल जुर्माना लगाकर छोड़ दिया जाता था, लेकिन अब यह स्थिति बदलने वाली है। परिवहन विभाग ने साफ किया है कि इस बार नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को सीधे सीज किया जाएगा। शहर में बनाए जाएंगे 8 होल्डिंग एरिया सीज किए गए वाहनों को खड़ा करने के लिए शहर में 8 स्थान चिह्नित किए गए हैं। इनमें उत्तरधौना, घैला, कल्ली पश्चिम, अलीनगर खुर्द, शहीद पथ तिराहे के पास कानपुर रोड, वृंदावन डिफेंस एक्सपो मैदान, राधा स्वामी सत्संग के सामने मैदान और एकेटीयू गेट नंबर दो के सामने के क्षेत्र शामिल हैं। वाहन मालिकों को भेजे जा रहे नोटिस प्रशासन ने अनफिट वाहनों के मालिकों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अभियान शुरू होने से पहले अपने वाहनों की फिटनेस ठीक करवा लें, अन्यथा सख्त वैधानिक कार्रवाई तय है। अधिकारी बोले- इस बार होगी सख्ती आरटीओ (प्रवर्तन) प्रभात पांडेय ने स्पष्ट कहा है कि अनफिट स्कूली वाहनों के खिलाफ वृहद स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। इसमें जुर्माने के साथ-साथ वाहनों को सीज करने की कार्रवाई भी शामिल होगी। वाहन स्वामियों को पहले ही चेतावनी दी जा रही है, ताकि वे समय रहते नियमों का पालन कर लें।
लखनऊ की सड़कों पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा से समझौता करने वाले अनफिट वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग अब बड़े स्तर पर अभियान चलाने जा रहा है। विभाग ने साफ कर दिया है कि मानकों के विपरीत चल रहे वाहनों को अब बख्शा नहीं जाएगा और मौके पर ही सीज करने की कार्रवाई की जाएगी। डेटा अपडेट होते ही मैदान में उतरेंगी टीमें परिवहन विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश एकीकृत स्कूल वाहन प्रबंधन पोर्टल पर स्कूलों और वाहनों का डेटा तेजी से अपडेट किया जा रहा है। अगले एक सप्ताह में यह प्रक्रिया पूरी होते ही प्रवर्तन टीमें सक्रिय हो जाएंगी और स्कूलों के बाहर चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। 530 अनफिट वाहन पहले से चिन्हित आरटीओ कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, लखनऊ में करीब 530 स्कूली वाहन ऐसे हैं जो अनफिट श्रेणी में आ चुके हैं। इससे पहले जनवरी में चले अभियान के दौरान 300 वाहनों की जांच हुई थी, लेकिन सिर्फ 31 पर ही चालान की कार्रवाई हुई थी। इस बार विभाग ज्यादा सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। अब जुर्माना नहीं, सीधे सीज होंगे वाहन अब तक पार्किंग (होल्डिंग एरिया) की कमी के कारण अनफिट वाहनों को केवल जुर्माना लगाकर छोड़ दिया जाता था, लेकिन अब यह स्थिति बदलने वाली है। परिवहन विभाग ने साफ किया है कि इस बार नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को सीधे सीज किया जाएगा। शहर में बनाए जाएंगे 8 होल्डिंग एरिया सीज किए गए वाहनों को खड़ा करने के लिए शहर में 8 स्थान चिन्हित किए गए हैं। इनमें उत्तरधौना, घैला, कल्ली पश्चिम, अलीनगर खुर्द, शहीद पथ तिराहे के पास कानपुर रोड, वृंदावन डिफेंस एक्सपो मैदान, राधा स्वामी सत्संग के सामने मैदान और एकेटीयू गेट नंबर दो के सामने के क्षेत्र शामिल हैं। वाहन मालिकों को भेजे जा रहे नोटिस प्रशासन ने अनफिट वाहनों के मालिकों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अभियान शुरू होने से पहले अपने वाहनों की फिटनेस ठीक करवा लें, अन्यथा सख्त वैधानिक कार्रवाई तय है। अधिकारी बोले-इस बार होगी सख्ती आरटीओ (प्रवर्तन) प्रभात पांडेय ने स्पष्ट कहा है कि अनफिट स्कूली वाहनों के खिलाफ वृहद स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। इसमें जुर्माने के साथ-साथ वाहनों को सीज करने की कार्रवाई भी शामिल होगी। वाहन स्वामियों को पहले ही चेतावनी दी जा रही है, ताकि वे समय रहते नियमों का पालन कर लें।
आजमगढ़ के सिधारी थाना क्षेत्र में राजस्व टीम द्वारा लगाए गए पत्थरों को उखाड़ कर फेंकने का मामला सामने आया है। इस मामले में सिधारी थाने में 18 आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है।पुलिस को दिए शिकायती पत्र में प्रार्थी मुन्ना प्रसाद सैनी ने आरोप लगाया कि प्रार्थी के पिता के नाम मौजा जाफरपुर में भूमि की पैमाइश उपजिलाधिकार सदर आजमगढ़ के धारा 24 उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 में पारित आदेश 5.6.2018 के पालन में राजस्व निरीक्षक द्वारा स्थल पर पैमाइश कराकर पत्थर नसब कराया गया। जिसे अच्छेलाल, जयप्रकाश, श्रीराम, छोटेलाल, बच्चेलाल पुत्रगण राजहित, रामबली पुत्र जमुना चन्द्रभान, उदयभान पुत्रगण रामबली, अभिनव उर्फ ढुक्कू पुत्र अच्छेलाल, धमेन्द्र पुत्र श्रीराम, सचिव व गोलू पुत्रगण जयप्रकाश, राकेश पुत्र श्रीराम, अभिशेक उर्फ पिन्टू पुत्र अच्छेलाल, सन्नो पुत्री अच्छेलाल व संध्या पुत्री श्रीराम, ललिता पत्नी चन्द्रमान, वन्दना पुत्री श्रीराम आदि यह लोग काफी मनबढ़ व गोलबन्द किस्म के व्यक्ति है निवासी ग्राम-जाफरपुर थाना सिधारी द्वारा उखाड़कर फेंक दिया गया। विरोध करने पर दी गालियांराजस्व निरीक्षक द्वारा पैमाइश में लगे पत्थर को उखाड़कर फेंक दिये तथा वहीं पर गड्ढा खोदकर ईंटा जोड़कर राड लगाकर टिन सेड़ रखने लगे। जिसका विरोध करने पर भद्दी-भद्दी गालियों देते हुए लाठी-डण्डा एवं लोहे के राड से धारधार हथियार लेकर दौडा लिए तथा ईंट-पत्थर चलाने लगे। जिसमें परिवार के कई सदस्य घायल हो गये। इसका कई लोगों पर घातक हमला किया गया। जिससे परिवार के अन्य लोग भी घायल हो गये तथा जान से मारने की धमकी देते हुए घर चले गये, जिस पर 112 नम्बर पर फोन किया तो पुलिस आकर थाने पर ले गई। उन्हीं के कस्टडी में हम प्रार्थी के घायल सदस्यों का डाक्टरी मुआइना सदर हास्पिटल आजमगढ़ में कराया गया। पुलिस मामले में मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन में जुट गई है।
वृद्धावस्था पेंशन योजना में कर्मचारियाें की मिलीभगत से फर्जीवाड़े की शिकायतें भी मिल रही थी। यही कारण है कि अब यह पेंशन पाने वालों को नए नियमों का पालन करना होगा। वृद्धावस्था पेंशन योजना को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए शासन ने बड़ा बदलाव किया है। अब पेंशन के लिए आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि को मान्य नहीं माना जाएगा। इसके स्थान पर लाभार्थियों को अपनी जन्मतिथि प्रमाणित करने के लिए शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र या परिवार रजिस्टर की प्रमाणित प्रति विभाग को देनी होगी। यही कारण है कि जनपद में करीब 30 हजार लाभार्थियाें को वृद्धावस्था पेंशन रोक दिया गया है। विभाग के पोर्टल पर करना होगा अपडेट जिला समाज कल्याण विभाग को इस संबंध में शासन का आदेश 21 मार्च को प्राप्त हुआ था। आदेश के अनुसार, नए आवेदनों के साथ जन्मतिथि का वैध प्रमाण देना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, अक्टूबर 2024 के बाद स्वीकृत पेंशनधारकों को भी अपने दस्तावेज अपडेट करने होंगे। जब तक आवश्यक प्रमाण पत्र जमा नहीं किए जाते, तब तक पेंशन जारी नहीं की जाएगी। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है, जिसके लिए विभाग के पोर्टल sspy-up.gov.in पर जाकर आवेदन करना होगा। आवेदन के दौरान आय, निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और शैक्षिक योग्यता या परिवार रजिस्टर की प्रति अनिवार्य रूप से अपलोड करनी होगी। जनपद में 1.28 लाख वृद्धावस्था पेंशनधारक जिले में वर्तमान में लगभग 1 लाख 28 हजार वृद्धावस्था पेंशनधारक हैं, जिन्हें नियमित रूप से पेंशन मिल रही है। हालांकि, अक्टूबर 2024 के बाद स्वीकृत लाभार्थियों के खातों में अभी भुगतान रोक दिया गया है, जब तक वे नए नियमों के अनुसार दस्तावेज अपडेट नहीं कर देते। जिला समाज कल्याण अधिकारी गिरीश चंद्र दुबे की ओर से स्पष्ट किया गया है कि लाभार्थियों को अपने आवेदन में संशोधन और दस्तावेज अपडेट करने का पूरा अवसर दिया जाएगा। यदि कोई लाभार्थी शैक्षिक प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाता है, तो वह परिवार रजिस्टर की प्रमाणित प्रति भी लगा सकता है। दस्तावेज न देने की स्थिति में आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा। जानिए, पेंशन के लिए क्या है पात्रता
महू ओवरब्रिज पर बस-एक्टिवा टक्कर:दो युवतियों सहित तीन घायल, निजी अस्पताल ने भर्ती से किया इनकार
सोमवार रात महू-इंदौर रोड पर किशनगंज रेलवे ओवरब्रिज पर एक सड़क हादसा हुआ। पीथमपुर की एक कंपनी की बस ने एक्टिवा सवार एक युवक और दो युवतियों को टक्कर मार दी, जिससे तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक युवती का जबड़ा टूट गया और युवक का पैर फ्रैक्चर हो गया। दोनों युवतियों की हालत नाजुक बताई जा रही है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद राहगीरों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। घायलों को पहले इलाज के लिए नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने उनकी गंभीर हालत के बावजूद भर्ती करने से इनकार कर दिया। इसके बाद तीनों घायलों को उसी निजी अस्पताल की एंबुलेंस से इंदौर के चोइथराम अस्पताल रेफर किया गया। घायल युवक ने बताया कि वह अंबेडकर जयंती के दौरान महू आया था और इसी दौरान वह हादसे का शिकार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा काफी गंभीर था। इस घटना ने एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर आक्रोश है और वे जनप्रतिनिधियों से इस मामले में संज्ञान लेने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित महू दौरे से पहले इस मुद्दे को उनके सामने उठाया जाना चाहिए।
जबलपुर में क्राइम ब्रांच और अधारताल थाना पुलिस ने अवैध रूप से वाहनों की स्क्रैपिंग करने वाले गिरोह पर संयुक्त कार्रवाई की है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि खजरी खिरिया इलाके में एक गैराज में बिना वैध दस्तावेज के वाहनों को काटकर स्क्रैप बनाया जा रहा है। इसके बाद टीम ने मौके पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान एक वाहन (DL-1 LR 9698) में स्क्रैप लोड मिला। वहीं एक इंडिका विस्टा कार (MP 20 CC 7962) आधी कटी हालत में मिली, जिसका इंजन बाहर निकाला गया था। स्क्रैप और वाहन जब्त, केस दर्ज पुलिस ने मौके से तीन वाहनों का स्क्रैप, एक आधी कटी कार, इंजन और अन्य पुर्जे जब्त किए हैं। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(1), 61(2) और मध्यप्रदेश मोटर कराधान अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया कि अरबाज (26) वाहनों की व्यवस्था करता था, जबकि आरिफ उन्हें काटकर स्क्रैप बनाता था। दोनों मिलकर अवैध रूप से मुनाफा कमा रहे थे। कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रवीण कुमरे और क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी शैलेष मिश्रा के नेतृत्व में टीम की अहम भूमिका रही। बिना दस्तावेज काटे जा रहे थे वाहन गैराज संचालक शेख आरिफ (37) ने पूछताछ में बताया कि उसने MP 20 CA 6862, MP 20 FA 6828 और MP 20 F 6243 नंबर के वाहनों को काटकर स्क्रैप तैयार किया था। जब पुलिस ने वैध दस्तावेज और आरटीओ अनुमति मांगी, तो आरोपी कोई कागज प्रस्तुत नहीं कर सके।
जौनपुर में ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। जिले के सभी ब्लॉकों में 10 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से आधुनिक खेल मैदान बनाए जाएंगे। इस परियोजना में युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग भी सहयोग करेगा। प्रत्येक खेल मैदान के निर्माण पर लगभग 40 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इन मैदानों का निर्माण महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत किया जाएगा। इन आधुनिक खेल मैदानों में ओपन जिम, दर्शक दीर्घा और खेलकूद के सभी आवश्यक उपकरण उपलब्ध होंगे। खिलाड़ियों के लिए क्रिकेट का विशेष ट्रैक, बैडमिंटन कोर्ट, रनिंग ट्रैक और टेबल टेनिस कोर्ट जैसी सुविधाएं भी होंगी। वर्तमान में ग्राम पंचायतों में कुछ खेल मैदान मौजूद हैं, लेकिन उनका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। नई योजना के तहत, इन्हीं मौजूदा मैदानों में से एक को वृहद और आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्टेडियम का रूप दिया जाएगा। खेल मैदानों के लिए गांवों का चयन करते समय आबादी का विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ध्रुव खाड़िया ने बताया कि प्रत्येक ब्लॉक में खेल मैदान बनवाने का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करना है। सीडीओ खाड़िया ने कहा कि बनने वाले खेल मैदानों में सभी जरूरी सुविधाएं होंगी और अगले कुछ दिनों में इसे लेकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। गांवों में खेल मैदानों के नाम दर्ज भूमि पर कुछ स्थानों पर अतिक्रमण की शिकायतें भी मिली हैं। इन्हें हटाने के लिए राजस्व विभाग के सहयोग से एक अभियान चलाया जाएगा।
बांदा में अवैध खनन के खिलाफ जिलाधिकारी के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई की गई है। राजस्व और खनिज विभाग की एक संयुक्त टीम ने नरैनी और बांदा तहसील के विभिन्न गांवों में खनन पट्टों का निरीक्षण किया। इस दौरान करोड़ों रुपये का जुर्माना लगाया गया है। टीम का नेतृत्व खनिज अधिकारी राज रंजन ने किया। संयुक्त टीम ने नरैनी तहसील के काले कोलराइपुर, जरर, बहादुरपुर सियोढ़ा और खलारी गांवों में जांच की। काले कोलराइपुर में मेसर्स एके सिंह ठेकेदार द्वारा स्वीकृत क्षेत्र के भीतर नदी से 3540 घन मीटर मौरंग का खनन पाया गया। इस पर 45.35 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जरर गांव में सुलभ सक्सेना के पट्टे में स्वीकृत क्षेत्र के बाहर 5907 घन मीटर अवैध खनन मिला, जिस पर 67.33 लाख रुपये का जुर्माना प्रस्तावित है। बहादुरपुर सियोढ़ा में मेसर्स लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता के पट्टे में भी स्वीकृत क्षेत्र के बाहर 2250 घन मीटर अवैध खनन पाया गया, जिस पर 25.65 लाख रुपये का जुर्माना प्रस्तावित किया गया है। खलारी गांव में सुलभ सक्सेना के एक अन्य पट्टे में स्वीकृत क्षेत्र के बाहर 3486 घन मीटर अवैध खनन के लिए 39.74 लाख रुपये के जुर्माने की कार्रवाई की गई है। अधिकारियों ने बताया कि सभी खनन पट्टों और अनुज्ञा क्षेत्रों की जांच जारी है। इसी क्रम में बांदा तहसील के मरोलीखादर गांव में भी मौरंग खनन पट्टों का निरीक्षण किया गया। मरोलीखादर में निरीक्षण के दौरान दो पट्टाधारकों द्वारा स्वीकृत क्षेत्र से बाहर अवैध खनन और परिवहन का मामला सामने आया। खनिज अधिकारी राज रंजन ने जानकारी दी कि खंड संख्या छह के पट्टाधारक आनंदेश्वर केमटेक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक आनंद कुमार गुप्ता ने लगभग 4470.50 घन मीटर मौरंग का अवैध खनन किया। इसी प्रकार, खंड संख्या पांच के पट्टाधारक डेस्कॉन बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक संजीव कुमार गुप्ता ने लगभग 8654 घन मीटर अवैध खनन और परिवहन किया। संबंधित पट्टाधारकों को नोटिस भेजे जाएंगे और आगे की कार्रवाई की जाएगी। खंड संख्या चार के पट्टाधारक अगस्त्या एग्रो लिमिटेड के निदेशक मल्लमपति मुरली के पट्टे में मुख्य जलधारा को प्रभावित करने वाला कोई उल्लंघन नहीं पाया गया।
बिलासपुर में सोमवार को चौक-चौराहों पर एक अलग ही नजारा देखने को मिला। ट्रैफिक कंट्रोल रूम से लेकर सड़क तक, हर जगह स्कूली बच्चे सक्रिय नजर आए। ‘लौह पुरुष’ सरदार वल्लभभाई पटेल के जयंती पर पुलिस ने विशेष पहल की, जिसमें स्कूली छात्र-छात्राओं को पुलिसिंग की दुनिया से रूबरू कराया। इस दौरान छात्रों ने न सिर्फ ट्रैफिक सिस्टम को समझा, बल्कि खुद कंट्रोल रूम में बैठकर पुलिस कप्तान रजनेश सिंह के साथ लाइव अनाउंसमेंट भी किया। सड़क पर चल रहे लोगों को नियमों का पालन करने की अपील की। एसएसपी का इमोशनल मैसेज-आपको देखकर बच्चे सीख रहे हैं, कृपया नियमों का पालन करें एसएसपी रजनेश सिंह ने चौक-चौराहों पर लगे लाउड स्पीकर के जरिए आम लोगों से कहा कि, आज ट्रैफिक सिस्टम बच्चे संभाल रहे हैं, आपको देखकर सीख रहे हैं। कृपया नियमों का पालन करें और उनके सामने अच्छे नागरिक होने का परिचय दें। यह संदेश सुनते ही कई जगह वाहन चालकों ने हेलमेट पहना, लाइन में खड़े हुए और ट्रैफिक नियमों का पालन करते नजर आए। जब बच्चों ने संभाला आईटीएसएस का कंट्रोल रूम छात्रों को शहर के इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर ले जाया गया, जहां उन्होंने आईटीएसएस (इंटेलिजेंट ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम), लाइव सीसीटीवी निगरानी, नंबर प्लेट और फेस रिकग्निशन सिस्टम को खुद ऑपरेट कर देखा। कुछ छात्रों ने तो सीधे सिस्टम से अनाउंसमेंट कर अव्यवस्थित पार्किंग करने वालों को हिदायत भी दी। टेक्नोलॉजी से लेकर ग्राउंड पुलिसिंग तक की समझ शहीद विनोद चौबे चौक में आयोजित कार्यशाला में बच्चों को ब्रीथ एनालाइजर, स्पीड राडार गन, व्हील लॉक, पीओएस मशीन और एम-परिवहन पोर्टल जैसी तकनीकों का लाइव डेमो दिखाया गया। साथ ही यह भी बताया गया कि नियम तोड़ने पर कैसे डिजिटल चालान और कार्रवाई होती है। बच्चों ने समझा डिजिटल अरेस्ट छात्रों को साइबर थाना ले जाकर डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन फ्रॉड, 1930 हेल्पलाइन, सीईआईआर पोर्टल के बारे में जानकारी दी गई। वहीं डायल 112 की कार्यप्रणाली भी समझाई गई कि किस तरह एक कॉल पर तुरंत पुलिस मौके तक पहुंचती है। थाने में कैसे होता है काम तारबहार थाना भ्रमण के दौरान बच्चों ने एफआईआर और मर्ग की प्रक्रिया, सीसीटीएनएस एंट्री, पासपोर्ट वेरिफिकेशन, मालखाना और रोजनामचा जैसे विषयों को करीब से समझा। इस दौरान छात्रों ने पुलिस अधिकारियों से सीधे सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाएं भी शांत की। अब बच्चे बनेंगे ‘पुलिस ब्रांड एंबेसडर’ इस पूरे अभियान का मकसद सिर्फ जानकारी देना नहीं, बल्कि बच्चों को जागरूक नागरिक बनाना है। पुलिस ने इन छात्रों को जन जागरूकता अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाया है, ताकि वे समाज में नियमों के पालन का संदेश आगे बढ़ा सकें।
मऊ में टीईटी के विरोध में शिक्षकों का कैंडल मार्च:सरकार पर लगाया शिक्षकों के अपमान का आरोप
मऊ में सोमवार देर शाम शिक्षकों और कर्मचारियों ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासभा के नेतृत्व में आयोजित किया गया। शिक्षकों ने सोनीधापा मैदान से रोडवेज स्थित अलगू राय शास्त्री की प्रतिमा तक कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की। इस प्रदर्शन में अटेवा, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ, शिक्षामित्र संघ, अनुदेश संघ, वीबीटी संघ, पंचायती राज ग्रामीण कर्मचारी संघ और माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट सहित कई संगठनों के सैकड़ों शिक्षक और कर्मचारी शामिल हुए। सभी ने टीईटी को अनिवार्य किए जाने का एक स्वर में विरोध किया। माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट के जिला अध्यक्ष जयराम यादव ने कहा कि आरटीई एक्ट 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी लागू करना उनके सम्मान के विरुद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्षों से कार्यरत शिक्षकों का इस तरह अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्यक्रम में अटेवा आजमगढ़ मंडल के मंडलीय मंत्री राजेश सिंह, मऊ के जिला अध्यक्ष नीरज राय, जिला संरक्षक श्याम सुंदर यादव और कोषाध्यक्ष रामविलास सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे। जनार्दन सिंह, रामविजय यादव, विमलकांत, अशोक मौर्य, देवानंद, पुष्कर राय, समीर राय, विनय प्रकाश यादव और दीपक सिंह समेत बड़ी संख्या में अन्य शिक्षक और कर्मचारी भी मौजूद रहे।
लखीमपुर-खीरी में 25 गिद्धों की मौत:लखनऊ से पहुंची टीम ने की स्थलीय जांच, कीटनाशक से मौत की आशंका
लखीमपुर के भीरा वन रेंज के सिमरिया गांव में 25 संरक्षित गिद्धों की सामूहिक मौत के मामले में जांच तेज हो गई है। सोमवार को उत्तर प्रदेश वन निगम के अतिरिक्त प्रबंध निदेशक संजय पाठक के नेतृत्व में लखनऊ से एक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने शुरुआती जांच के आधार पर आशंका जताई है कि गिद्धों की मौत किसी बेहद घातक कीटनाशक के कारण हुई है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारण का खुलासा भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) की विसरा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। बताया जा रहा है कि एक सप्ताह पहले दुधवा बफर जोन के मीरा रेंज क्षेत्र में ये 25 गिद्ध मृत पाए गए थे। प्रथम दृष्टया यह सामने आया है कि किसी ने खेतों में चावल में जहरीला पदार्थ मिलाकर डाल दिया था, जिसे खाने से कई कुत्तों की भी मौत हो गई थी। इनमें से एक कुत्ता सिमरिया गांव के पास खेत में मृत पड़ा था। आशंका है कि मृत कुत्ते को खाने के बाद गिद्ध भी जहर के प्रभाव में आ गए और उनकी मौत हो गई। सोमवार को पहुंची टीम में दुधवा के निदेशक राजामोहन और फील्ड डायरेक्टर सुन्दरेशा भी शामिल थे। इससे पहले रामकुमार और कीर्ति चौधरी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया था। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों से बातचीत कर चेतावनी दी है कि ऐसी घटनाओं में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वन मंत्रालय ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है।
सीधी की नर्सरी में भीषण आग, , हजारों पौधे जले:रात 1 बजे उठी लपटे, तड़के चार बजे तक बुझाई गई
सीधी जिले के मझौली ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कचहरिया स्थित एक नर्सरी में सोमवार देर रात भीषण आग लग गई। इस घटना में हजारों पौधे जलकर राख हो गए, जिससे नर्सरी को भारी नुकसान हुआ है। आग रात करीब 1 बजे भड़की और लगभग 4 घंटे तक धधकती रही। आग की चपेट में आने से आम, अमरूद, सेब, पपीता और ड्रैगन फ्रूट जैसे फलदार पौधों के साथ-साथ औषधीय और फूलों के पौधे भी पूरी तरह नष्ट हो गए। नर्सरी में मौजूद विभिन्न प्रकार की वनस्पतियां भी जलकर खाक हो गईं। इस अग्निकांड में लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। नर्सरी में कार्यरत कर्मचारी रामबहोर ने बताया कि आग लगने के समय वह सो रहे थे। आग की जानकारी मिलते ही उन्होंने अकेले ही इसे बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैलती चली गई। उन्होंने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड के कर्मचारी सचिन यादव के अनुसार, सूचना मिलते ही दमकल की टीम करीब 3 बजे मौके पर पहुंची और आग बुझाने का कार्य शुरू किया। उन्होंने बताया कि नर्सरी में सूखी पत्तियों की अधिकता के कारण आग तेजी से फैली, जिस पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह चार बजे आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया।
जयसमंद सेंचुरी पर हुए एक रिसर्च में साफ हुआ है कि यहां पर लेपर्ड के हमले से ज्यादातर पशुधन को नुकसान पहुंचा है लेकिन प्रभावित ग्रामीणों को मुआवजे कर राशि जितनी मिलती है वो होने वाले नुकसान से कम होती है। यहीं नहीं जितनी घटनाएं लेपर्ड के हमले से जुड़ी हुई उसमें 31 प्रतिशत लोग ही है जिन्होंने मुआवजे के लिए आवेदन किया बाकी इसके लिए लोगों में जानकारी ही नहीं है। राजस्थान के दक्षिणी अरावली क्षेत्र से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो इंसान और वन्यजीवों के रिश्ते को नए नजरिए से दिखाती है। जहां एक ओर तेंदुए के हमलों से ग्रामीणों को लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर इन हमलों के बावजूद लोगों में न तो गुस्सा है और न ही बदले की भावना। जयसमंद वन्यजीव अभयारण्य के आसपास हुए एक लंबे अध्ययन ने यह साबित कर दिया है कि संघर्ष के बीच भी सह-अस्तित्व संभव है-और यही इस क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है। उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया के प्राणी शास्त्र विभाग के प्रभारी विभागाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार कोली और उनके दल के सदस्य कमल वैष्णव, निर्भय सिंह चौहान और उत्कर्ष प्रजापति ने एक रिसर्च किया। इसमें वर्ष 2011 से 2024 के बीच किए अध्ययन में 572 मानव-तेंदुआ संघर्ष घटनाएं दर्ज की गई, जिनमें से लगभग 98% मामले पशुधन के शिकार से जुड़े थे। रात में सबसे ज्यादा खतरा, बकरियां निशाने पर डा. कोली ने बताया कि शोध में सामने आया कि तेंदुए के हमले मुख्य रूप से रात के समय होते हैं, जब पशु खुले या कच्चे बाड़ों में बंधे होते हैं। इनमें बकरियां, गाय और बछड़े सबसे ज्यादा शिकार बने। शोध में पाया गया है कि ऊंचाई वाले और अभयारण्य के पास स्थित गांवों में खतरा सबसे अधिक पाया गया, जहां मानव बस्तियां और वन क्षेत्र एक-दूसरे से सटे हुए हैं। सबसे ज्यादा निशाने पर बकरियां रहती है। मुआवजे के लिए तो आवेदन ही नहीं करते कोली ने बताया कि अध्ययन में मुआवजा प्रणाली की बड़ी खामियां भी उजागर हुईं। कुल घटनाओं में से केवल 31% मामलों में ही मुआवजे के लिए दावा किया गया। इसी प्रकार स्वीकृत राशि वास्तविक नुकसान से काफी कम रही वहीं जटिल कागजी प्रक्रिया और कम जागरूकता प्रमुख बाधाएं रहीं। इससे ग्रामीणों में आर्थिक दबाव तो बढ़ा, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से इससे तेंदुए के प्रति हिंसक प्रतिक्रिया नहीं दिखी। सह अस्तित्व की मिसाल: बदले की भावना नहीं शोध में सामने आया कि इस सेंचुरी में लेपर्ड के खिलाफ बदले में हत्या का कोई मामला सामने नहीं आया। स्थानीय लोगों का दृष्टिकोण बताता है कि सांस्कृतिक और धार्मिक मान्यताएं वन्यजीव संरक्षण में अहम भूमिका निभा रही हैं। आसपास के शिक्षित लोग लेपर्ड के प्रति अधिक सकारात्मक सोच रखते हैं जबकि कम आय और कम शिक्षा वाले परिवारों में डर और नकारात्मकता अधिक है। लेपर्ड से संघर्ष के कई कारणइन विशेषज्ञों के अनुसार इस सेंचुरी में लेपर्ड संघर्ष के पीछे कई कारण एक साथ काम कर रहे हैं। इसके तहत जंगल और गांवों के बीच बढ़ती नजदीकी, खुले और असुरक्षित पशु बाड़े, भूमि उपयोग में बदलाव, अभयारण्य के आसपास मानव गतिविधियां आदि लेपर्ड और मानव संर्घ के प्रमुख कारण पाए गए हैं। लोगों की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हो एनटीसीए के सदस्य और वाईल्ड लाइफ विंग से रिटायर्ड मुख्य वन संरक्षक राहुल भटनागर के अनुसार यह अध्ययन स्पष्ट करता है कि लेपर्ड को बचाने के लिए केवल जंगल संरक्षण पर्याप्त नहीं है। जरूरी है कि उन लोगों की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, जो इन वन्यजीवों के साथ अपनी जमीन साझा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अरावली की पहाड़ियों में यह सह अस्तित्व की कहानी न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण मॉडल बन सकती है—जहां संघर्ष के बीच भी संतुलन संभव है।
गोंडा में हाई टेंशन 11 केवीए लाइन गिरने से 35 वर्षीय रंजीत तिवारी की मौत के चार दिन बाद भी बिजली विभाग के नामजद अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। नगर कोतवाली पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है जबकि आरोपी अधिकारी खुलेआम घूम रहे हैं और विभागीय कार्यों में शामिल हो रहे हैं। मृतक रंजीत तिवारी के परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर चिंता व्यक्त की है और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में गोंडा नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि किसी भी अधिकारी को सीधे गिरफ्तार नहीं किया जा सकता।उनकी गिरफ्तारी के लिए उच्च अधिकारियों से अनुमति लेनी होती है। पूरे मामले में जांच और गिरफ्तारी के लिए उच्च अधिकारियों से अनुमति मांगी गई है अनुमति मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि बिजली विभाग के मुख्य अभियंता समेत पांच अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज है। इन धाराओं में आमतौर पर सीधी गिरफ्तारी का प्रावधान होता है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, किसी भी अधिकारी की गिरफ्तारी के लिए विभागाध्यक्ष से अनुमति लेना आवश्यक होता है। नगर कोतवाली पुलिस द्वारा अभियोजन को रिपोर्ट दी जाती है,जिसके बाद अभियोजन डीएम से अनुमति मांगता है। डीएम फिर शासन में उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर अनुमति मांगते हैं और अनुमति मिलने पर ही गिरफ्तारी होती है। हालांकि मृतक रंजीत तिवारी के चचेरे भाई और अधिवक्ता बृजलाल तिवारी ने कहा कि जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज है उनमें गिरफ्तारी का प्रावधान है और उन्हें अनुमति प्रक्रिया की जानकारी नहीं है। उन्होंने प्रशासन से आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की है। बृजलाल तिवारी ने कहा कि अगर इन लोगों की गिरफ़्ताई नहीं की जाती है तो हम लोग आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाएंगे इन लोगों को जेल जाना चाहिए।
नया राजपुरा में श्री मंशापूर्ण बालाजी मित्र मंडल द्वारा एक भव्य धार्मिक कार्यक्रम 'एक शाम श्री मंशापूर्ण बालाजी के नाम' का आयोजन किया गया । यह कार्यक्रम 13 अप्रैल 2026, सोमवार को रात्रि 7:00 बजे से शुरू हुआ । इसमें सुंदरकांड पाठ, भजन संध्या और मनमोहक झांकियां शामिल हैं । आयोजन की शुरुआत सुंदरकांड पाठ से हुई, जिसके बाद भक्तिमय भजन संध्या का आयोजन किया गया । इस दौरान प्रसिद्ध भजन गायक शंभू भाट अपनी मधुर आवाज से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर किया । ताणा की सुरीली आवाज भी भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही । कार्यक्रम में हीरु रंगीला ग्रुप द्वारा मनमोहक और आकर्षक झांकियों की प्रस्तुति दी गई । ये झांकियां दर्शकों को आध्यात्मिक अनुभव के साथ-साथ सांस्कृतिक सौंदर्य का अनुभव कराया । आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गांव में धार्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण को बढ़ावा देना और अधिक से अधिक लोगों को भक्ति से जोड़ना है। उन्होंने सभी क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएं और भक्ति का आनंद लें।
बेटी की शादी से पहले पिता की मौत:बाइक से कार्ड बांटने निकले थे, सड़क हादसे में चली गई जान
शहडोल जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में एक शख्स की मौत हो गई। वे अपनी बेटी की शादी के कार्ड बांटने निकले थे, तभी उन्हें अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। मृतक की पहचान अनूपपुर जिले के भालूमंडा थाना क्षेत्र निवासी 45 वर्षीय बाबूराम बैगा के रूप में हुई है। उनकी बेटी का विवाह 27 अप्रैल को निर्धारित था, जिसके लिए वह रिश्तेदारों को शादी के कार्ड बांटने निकले थे। जानकारी के मुताबिक, बाबूराम जैतपुर के बिरौडी गांव में निमंत्रण देने के बाद अपनी मोटरसाइकिल से चकौडिया की ओर जा रहे थे। इसी दौरान एक अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाबूराम बैगा की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही जैतपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की। थाना प्रभारी जय प्रकाश शर्मा ने ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है और अज्ञात वाहन की तलाश जारी है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है।
जालौन जिले के मंडल नदीगांव के जी ग्राम नदीगांव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया। ये कार्यक्रम 'गाँव चलो अभियान' के तहत आयोजित किए गए। नदीगांव मंडल के एक ग्राम में आयोजित विशेष कार्यक्रम में बौद्ध विहार और बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने गांव के वरिष्ठजनों को पट्टिका पहनाकर सम्मानित किया। कार्यक्रमों में बाबा साहेब के विचारों पर चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त, दीपदान और कैंडल मार्च जैसे आयोजन भी किए गए, जिनका उद्देश्य सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना था। भाजपा जालौन जिले की सभी विधानसभाओं, जिनमें उरई, माधौगढ़ और कालपी शामिल हैं, में बूथ स्तर पर संगोष्ठियां और सामाजिक समरसता बैठकें आयोजित कर रही है। इसका लक्ष्य बाबा साहेब के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना है। इन आयोजनों को 2027 के चुनावों की तैयारी और दलित समाज के बीच भाजपा की पकड़ मजबूत करने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष अनुराग खरे, रामचंद्र दीक्षित, देवेंद्र दिवोलिया, रामधुन प्रजापति, अमित कुशवाहा, कर्णवीर तोमर, दशरथ रत्नाकर, पहलवान कुशवाहा और सोनू यादव सहित कई प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मध्य प्रदेश शासन के निर्देश पर, पीथमपुर नगर पालिका परिषद ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के सफल क्रियान्वयन हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। यह कार्यशाला नगर पालिका परिषद हॉल में हुई, जिसमें शहर के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के प्रभारी और प्राचार्यों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य पीथमपुर को स्वच्छता के क्षेत्र में एक आदर्श शहर बनाना है। नगर पालिका अध्यक्ष सेवन्ती सुरेश पटेल के नेतृत्व और मुख्य नगर पालिका अधिकारी निशिकांत शुक्ला के मार्गदर्शन में आयोजित इस बैठक में स्वच्छता विशेषज्ञ आशीष कुमार द्विवेदी ने तकनीकी पहलुओं पर जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए स्वच्छ विद्यालय परिसर की अनिवार्यता पर विशेष जोर दिया। द्विवेदी ने शौचालयों के उचित रख-रखाव, निरंतर जल आपूर्ति और छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने किशोरियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सेनेटरी पैड की उपलब्धता और उनके वैज्ञानिक निष्पादन के लिए इन्सिनरेटर प्रणाली पर भी बल दिया। कार्यशाला में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत कचरे के पृथक्करण और जैविक कचरे से खाद बनाने के लिए होम कंपोस्टिंग को बढ़ावा देने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा, जल संरक्षण हेतु ग्रे-वॉटर मैनेजमेंट और स्वच्छता समितियों के गठन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। नगर पालिका अध्यक्ष सेवन्ती सुरेश पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालय बच्चों में स्वच्छता के संस्कार विकसित करने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। मुख्य नगर पालिका अधिकारी निशिकांत शुक्ला ने सभी शैक्षणिक संस्थानों से स्वच्छता मानकों को प्राथमिकता देने और नगर पालिका के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने का आह्वान किया। इस अवसर पर सागौर और पीथमपुर संकुल प्रभारियों के साथ नोडल अधिकारी हिमांशु सिंह, स्वास्थ्य अधिकारी रूपेश कुमार सूर्या और स्वच्छता टीम के सदस्य भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन पीथमपुर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
गुना के शिक्षा विभाग के सामने रोड पर पड़े एक व्यक्ति की जान समाजसेवी प्रमोद भार्गव ने बचाई। सड़क किनारे पड़े युवक को हर कोई नशेड़ी समझकर आगे बढ़ता रहा। प्रमोद भार्गव ने जब उसे देखा, तो उठाकर अस्पताल ले गए। वहां पहुंचकर पता चला कि उसका शुगर लेवल बहुत ज्यादा कम हो गया था। सोमवार को शिक्षा विभाग कार्यालय के सामने एक व्यक्ति सड़क पर बेहोश अवस्था में पड़ा हुआ था। पास में एक ट्राला खड़ा था। राहगीर उसे शराबी समझकर नजरअंदाज कर रहे थे। यहां तक कि कुछ लोग उस पर पानी डालकर उठाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वह करीब 5 घंटे से वहीं पड़ा रहा। इसी दौरान समाजसेवी प्रमोद भार्गव को इस घटना की जानकारी मिली। उन्होंने बिना समय गंवाए उस व्यक्ति को टैक्सी के माध्यम से जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में जांच के दौरान पता चला कि व्यक्ति का शुगर लेवल मात्र 18 रह गया था, जो बेहद खतरनाक स्थिति थी। डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उपचार शुरू किया। उपचार के बाद व्यक्ति को होश आया। डॉक्टरों के अनुसार, यदि थोड़ी भी देर हो जाती तो उसकी जान जा सकती थी, क्योंकि शुगर लेवल बहुत ही कम था। होश में आने के बाद व्यक्ति ने अपना नाम नरेश रेगर बताया, जो भीलवाड़ा जिले का निवासी है और सीमेंट का ट्रक चालक है। उसे यह भी याद नहीं था कि वह कैसे बेहोश हुआ। समाजसेवी प्रमोद भार्गव ने न केवल उसके परिवार से संपर्क करवाया, बल्कि ट्रक मालिक को सूचना देकर ट्राला सड़क से हटवाया और अन्य ड्राइवरों को बुलाकर उसकी देखभाल की व्यवस्था भी करवाई।
लुधियाना के पखोवाल रोड स्थित दाद गांव के पास मंगलवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया। यहाँ एक तेज रफ्तार सफेद रंग की थार गाड़ी अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और सड़क पर ही पलट गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि थार के दो टायर टूटकर अलग हो गए। गाड़ी में सवार 2-3 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फूला वाले चौक से लालतों की ओर जा रही थी गाड़ी प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सफेद रंग की थार गाड़ी काफी तेज रफ्तार में थी। फूला वाले चौक से लालतों की ओर जा रही थी। जैसे ही गाड़ी दाद गांव के मेन रोड पर पहुंची, चालक ने नियंत्रण खो दिया। तेज रफ्तार होने के कारण गाड़ी सीधे साइड डिवाइडर से जा टकराई और कई पलटे खाते हुए बीच सड़क पर रुक गई। जिस से जाम की स्थिति बनी हुई है जानकारी देते दीप ने कहा टक्कर इतनी जोरदार थी कि थार के दो टायर मौके पर ही टूट गए और गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। गाड़ी में 2 से 3 लोग सवार थे। सभी को राहगीरों की मदद से बाहर निकाला गया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस जांच में जुटी घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्षतिग्रस्त गाड़ी को कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि घायलों के बयान लेने की कोशिश की जा रही है ताकि हादसे के कारणों का स्पष्ट पता चल सके। फिलहाल सड़क से मलबे को हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया है।
मध्य प्रदेश सरकार ने 1 जुलाई 2024 को 47 परिवहन चेकपोस्ट बंद किए थे। दावा था कि इससे भ्रष्टाचार रुकेगा, लेकिन भास्कर की एक महीने की पड़ताल में यह दावा गलत साबित हुआ। अब उनकी जगह 45 ‘चेक पॉइंट्स’ पर पहले से अधिक संगठित तरीके से वसूली हो रही है। इस नेटवर्क की जांच के लिए भास्कर ने स्टिंग ऑपरेशन किया। भास्कर के खुफिया कैमरे में वो चेहरे कैद हुए जो इस संगठित नेटवर्क को चला रहे हैं। इस तरह से चेक पॉइंट्स से सालाना 1700 करोड़ की कमाई हो रही है। आखिर कैसे चल रहा वसूली का पूरा खेल? कौन है इसके पीछे? कैसे ट्रांसपोर्टरों से होती है डील? पढ़िए और देखिए दैनिक भास्कर एप पर
बीएचयू में नियमितीकरण और जूनियर क्लर्क भर्ती प्रक्रिया रोकने की मांग को लेकर संविदा कर्मचारियों का आंदोलन सातवें दिन भी जारी रहा। वही, सोमवार शाम को शांतिमार्च निकालने की अनुमति नहीं मिलने पर कर्मचारियों ने धरनास्थल मधुबन में ही शांतिमार्च निकाला। कर्मचारी अब जूनियर क्लर्क भर्ती प्रक्रिया स्थगित करने की मांग पर अड़े हुए हैं। 1199 कर्मचारी दे रहे धरना कर्मचारियों का आरोप है कि बीएचयू प्रशासन की तरफ से 'काम नहीं तो वेतन नहीं' का दबाव बनाकर उनके आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। आंदोलन में कुल 1199 कर्मचारी शामिल हैं, जिनमें बड़ी संख्या महिलाओं की भी हैं। महिलाएं धरनास्थल पर ही अनवरत बैठी हुई हैं और मांगों के लिए आरपार की लड़ाई की तैयारी कर चुकी हैं। अब जानिए बीएचयू प्रशासन ने क्या कहा नोटिस में लिखा गया कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय द्वारा पुनः स्पष्ट किया जाता है कि संविदा कर्मियों के नियमितीकरण के विषय पर पूर्व में गठित समिति कार्यरत है। समिति सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के आलोक में विषय पर विचार कर रही है। रिपोर्ट मिलने पर प्रशासन नियमानुसार आवश्यक कदम उठाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन संविदा कर्मियों से अपेक्षा करता है कि वे तुरंत कार्य पर लौट आएं। अन्यथा, जैसा कि कर्मियों को ज्ञात है, ‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ के सिद्धांत के आधार पर विश्वविद्यालय कार्रवाई करने को बाध्य होगा।
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार तड़के भस्म आरती के दौरान फिल्म अभिनेता मिलिंद सोमन और क्रिकेटर नितीश राणा ने भगवान महाकाल के दर्शन किए। दोनों सुबह 4 बजे होने वाली भस्म आरती में शामिल हुए और बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। रात 2 बजे पहुंचे मंदिर, नंदी हॉल में बैठे नितीश राणा अपनी पत्नी साँची मारवाह के साथ, जबकि मिलिंद सोमन पत्नी अंकिता कोंवर के साथ रात करीब 2 बजे मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर करीब दो घंटे तक भस्म आरती में हिस्सा लिया। भस्म आरती के दौरान दोनों भगवान महाकाल का जाप करते नजर आए। उन्होंने नंदी जी का पूजन कर उनके कान में अपनी मनोकामना भी कही। आरती के बाद सभी ने भगवान की देहरी से दर्शन किए और जल अर्पित कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान महाकाल मंदिर समिति की ओर से उनका सम्मान भी किया गया। मिलिंद सोमन बोले- बाबा का बुलावा आया मिलिंद सोमन ने कहा कि यहां आकर बहुत अच्छा लगा। वे कई सालों से महाकाल दर्शन का विचार कर रहे थे, लेकिन अब बाबा का बुलावा आया। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी की भी यहां आने की इच्छा थी, जो आज पूरी हुई।
शाजापुर में युवक की संदिग्ध मौत:उकवता पेट्रोल पंप के पास पड़ा मिला, सड़क हादसे की आशंका
शाजापुर जिले में उकवता पेट्रोल पंप के पास सोमवार देर रात एक युवक घायल अवस्था में सड़क किनारे मिला। उसे तत्काल शाजापुर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना डायल 112 पर मिलने के बाद पायलट सुरेश और आरक्षक बृजमोहन यादव मौके पर पहुंचे थे। मृतक की पहचान राजगढ़ जिले के ब्यावरा स्थित शाहिद कॉलोनी निवासी गौरव शर्मा (पुत्र गिरधारी शर्मा) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, गौरव अपने घर से गुजरात जाने के लिए निकला था। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि युवक पैदल चलते हुए मोबाइल पर बात कर रहा था। कुछ देर बाद वह घायल अवस्था में सड़क पर पड़ा मिला। पुलिस ने प्राथमिक तौर पर आशंका जताई है कि किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से यह हादसा हुआ है। परिजनों के मुताबिक, युवक को घर से बस में बैठाकर भेजा गया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हिसार से संचालित हवाई सेवाओं में 1 मई से अहम बदलाव होने जा रहा है। जहां एक ओर विभिन्न रूट्स पर फ्लाइट का किराया बढ़ेगा, वहीं जयपुर जाने वाली फ्लाइट के दिन और समय में भी बदलाव किया गया है। जयपुर रूट पर अब फ्लाइट सोमवार और बुधवार को संचालित होगी। पहले यह सेवा मंगलवार और वीरवार को उपलब्ध थी। इसके साथ ही फ्लाइट का समय भी बदल दिया गया है। पहले यह उड़ान दोपहर 2:35 बजे हिसार से रवाना होकर 3:35 बजे जयपुर पहुंचती थी, लेकिन 1 मई से अब यह शाम 4:30 बजे रवाना होकर 5:30 बजे पहुंचेगी। वहीं, 1 मई से विभिन्न रूट्स पर किराए में बढ़ोतरी भी लागू होगी। जयपुर का किराया करीब 2400 रुपए से बढ़कर लगभग 3000 रुपए हो जाएगा। अयोध्या रूट पर किराया 5075 रुपए से बढ़कर 5495 रुपए कर दिया गया है। दिल्ली के लिए किराया 1991 रुपए से बढ़कर 2306 रुपए हो जाएगा, जबकि चंडीगढ़ के लिए यह 2135 रुपए से बढ़कर 2450 रुपए कर दिया गया है। किराया बढ़ने का मुख्य कारण वित्त मंत्रालय ने जेट फ्यूल (ATF) पर ड्यूटी को ₹29.5 से बढ़ाकर ₹42 प्रति लीटर कर दिया है। वहीं ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं। 1 अप्रैल 2026 से घरेलू एयरलाइंस के लिए ईंधन की कीमत लगभग ₹1.04 लाख प्रति किलोलीटर तक पहुंच गई है। जयपुर फ्लाइट के समय और दिन में बदलाव 1 मई से जयपुर रूट का शेड्यूल पूरी तरह बदल जाएगा। अब यात्रियों को नए समय के अनुसार अपनी यात्रा प्लान करनी होगी। हिसार से जयपुर जाने वाली यह फ्लाइट मंगलवार और गुरुवार की जगह सोमवार और बुधवार को संचालित होगी। पहले यह दोपहर 2:35 बजे उड़ान भरती थी, लेकिन अब यह शाम 4:30 बजे हिसार से रवाना होगी और 5:30 बजे जयपुर पहुंचेगी। अहमदाबाद और जम्मू के लिए फ्लाइट होगी शुरू हरियाणा के इकलौते महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डे से जल्द ही दो और स्थानों के लिए फ्लाइट शुरू हो सकती है। हालांकि अभी तक इसका कोई शेड्यूल जारी नहीं हुआ है, मगर जल्द ही इसका शेड्यूल जारी हो सकता है। बताया जा रहा है कि जयपुर फ्लाइट के समय में बदलाव भी इसी कारण किया गया है। अभी एयरपोर्ट से चार स्थानों के लिए अभी सेवाएं चल रही हैं। जिसमें दिल्ली, अयोध्या, चंडीगढ़ और जयपुर शामिल है। वहीं सरकार भी हवाई सेवाओं को कामयाब करने के लिए पूरी मदद कर रही है। बजट 2025-26 के अनुसार, एक साल में कुल 30.50 करोड़ रुपए की सब्सिडी एयरलाइंस को दी जा रही है।
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का असर अब राजस्थान के सबसे बड़े औद्योगिक हब भिवाड़ी (खैरथल-तिजारा) में साफ दिखने लगा है। देश के तीसरे सबसे बड़े औद्योगिक क्लस्टर के रूप में मशहूर इस इलाके में ईंधन (LPG/PNG) की किल्लत ने उद्योगपतियों के होश उड़ा दिए हैं। खुशखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया की स्थिति यह है कि सप्लाई न मिलने से करोड़ों की मशीनें शांत पड़ गई हैं। 400 फैक्ट्रियों पर ताला लटकने की नौबत आ गई है। करीब 25 हजार मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। यहां 5 हजार से ज्यादा स्टील, इलेक्ट्रॉनिक्स, पावर ग्रिड प्रोडक्ट की फैक्ट्रियां हैं। 15 से 20 कंपनियों में पूरी तरह प्रोडक्शन बंदभिवाड़ी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (BIIA) के अध्यक्ष प्रवीण लांबा ने बताया- भिवाड़ी में सीएनजी और पीएनजी गैस पर चल रही 400 में से 230 कंपनियां हरियाणा सिटी गैस से पीएनजी ले रही हैं। 20 कंपनियां गेल से सीधा पीएनजी ले रही हैं, जबकि 50-60 कंपनियों के डीजी सेट (डीजल से चलने वाले इंजन) पूरी तरह गैस पर कन्वर्ट हो चुके हैं। 70 कंपनियां एग्रो बेस्ड हैं। इनमें से गैस की कमी के कारण 15 से 20 कंपनियों ने पूरी तरह प्रोडक्शन बंद कर दिया है। सबसे ज्यादा असर प्लाई बोर्ड और सनमाइका बनाने वाली कंपनियों पर पड़ा है। करीब 50-60 ऐसी कंपनियां है, जिन्होंने 50 प्रतिशत प्रोडक्शन कम कर दिया है। ये कंपनियां पहले तीन शिफ्टों में चल रही थीं। अब केवल एक शिफ्ट पर आ गई हैं। 30 दिन से एक शीट नहीं बनी, 1500 करोड़ का फटकाभिवाड़ी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (BIIA) के मुताबिक, गैस की कमी से अब तक करीब 1500 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। गेल (GAIL) ने सप्लाई में भारी कटौती की है। 20 बड़ी फैक्ट्रियां पूरी तरह बंद400 में से करीब 20 बड़ी फैक्ट्रियां पूरी तरह बंद हो चुकी हैं, जबकि 60 से ज्यादा कंपनियों ने अपना प्रोडक्शन 50% तक घटा दिया है। कच्चे माल के दाम आसमान पर युद्ध ने सिर्फ गैस की सप्लाई ही नहीं रोकी, बल्कि केमिकल्स के दाम भी दोगुने कर दिए हैं। सनमाइका और प्लाई बोर्ड बनाने वाले उद्योगों पर दोहरी मार पड़ी है। इसमें इस्तेमाल होने वाली चीजें महंगी हो गई हैं। टूट रही हैं बड़ी डीलवैशाली इलेक्ट्रोड के मालिक रजनीश गोयल की मानें तो प्रोडक्शन मात्र 40% रह गया है। पुराने ऑर्डर पूरे नहीं हो रहे, जिससे कई बड़ी डील टूट गई हैं। खुशखेड़ा इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के सचिव मयंक अग्रवाल कहते हैं- पूरे देश में हमारी सप्लाई है, लेकिन जब माल बन ही नहीं रहा तो भेजें क्या? बाजार में साख खराब हो रही है। बर्बाद हो जाएंगे उद्योगउद्योगपतियों का कहना है कि अगर जल्द ही गैस की आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो पीढ़ियों की मेहनत से खड़े किए गए ये उद्योग पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगे। मजदूरों को बिना काम दे रहे सैलरीसुपर माइका प्राइवेट लिमिटेड के जीएम विजय शर्मा बताते हैं- मेरे दोनों प्लांट बंद पड़े हैं। 30 दिन से एक भी सनमाइका शीट नहीं बनी है। हम मजदूरों को बिना काम के सैलरी देकर रोक रहे हैं, ताकि वे पलायन न करें। रोटी बन रही है, सब्जी के पैसे नहींफैक्ट्रियों में काम ठप होने से मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। सुपर माइका कंपनी के कारीगर राज कहते हैं- मालिक पेमेंट दे रहे हैं इसलिए रुके हैं, वरना चले जाते। यहां खाना बनाने के लिए गैस नहीं मिल रही। 1 किलो गैस के 400 रुपए तक मांगे जा रहे हैं। हम हफ्ते में सिर्फ 2-3 दिन सब्जी बनाते हैं, बाकी दिन आचार या छाछ से रोटी खाते हैं। उद्योगों को 55 प्रतिशत ही गैस की सप्लाईBIIA के अध्यक्ष प्रवीण लांबा ने बताया- हाल ही में उद्योगों को गैस वितरण करने वाली सरकारी कंपनी गेल (GAIL-Gas Authority of India Limited) की ओर से तीन बार मेल भेजा गया। पहली बार 10 मार्च को बताया गया कि अब उद्योगों को पिछले 6 महीनों की खपत का सिर्फ 80% गैस मिलेगी। इसके बाद 20 मार्च को अपडेट आया कि अब 65 फीसदी ही गैस सप्लाई होगी। आखिरी मेल 26 मार्च को आया है। इसमें बताया कि अब उद्योंगों को सिर्फ 55 प्रतिशत ही गैस मिलेगी। यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी, जबतक अगला अपडेट नहीं आ जाता। ----------- युद्ध के असर वाली ये खबरें भी पढ़िए… राजस्थान में फैक्ट्रियां बंद, 1000 करोड़ के ऑर्डर अटके, पोर्ट पर माल फंसा, शिपिंग चार्ज 6 गुना बढ़ा, 2 लाख मजदूरों की रोजी-रोटी पर संकट रूस-यूक्रेन के बाद अब अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने राजस्थान की औद्योगिक इकाइयों की कमर तोड़ कर रख दी है। रेड सी और हॉर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई चेन बाधित होने से प्रदेश के मार्बल, ग्रेनाइट और टेक्सटाइल सेक्टर में हाहाकार मचा है। पूरी खबर पढ़िए... राजस्थान में फैक्ट्रियां खालीं, टूरिस्ट भी नहीं आ रहे, व्यापारी बोले- काम बंद, मजदूर गए ईरान-इजराइल युद्ध से उदयपुर का हैंडीक्राफ्ट बिजनेस भी प्रभावित हुआ। व्यापारियों का दावा है कि इसका असर लंबा चलने वाला है। पूरी खबर पढ़िए... राजस्थान में बंद हो सकती हैं सैकड़ों फैक्ट्रियां, हजारों मजदूरों को छुट्टी पर भेजा अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते कोटा के सैंड स्टोन, राइस और मसाला इंडस्ट्रीज प्रभावित हुए हैं। डिमांड घटने से करीब 150 करोड़ रुपए का एक्सपोर्ट अटक गया है। पूरी खबर पढ़िए...
50 हजार का इनामी अभय प्रताप गिरफ्तार:बदायूं में HPCL कांड का साजिशकर्ता मुठभेड़ के बाद दबोचा गया
बदायूं में HPCL कांड के मुख्य साजिशकर्ता और 50 हजार रुपये के इनामी अभय प्रताप को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे फिरोजाबाद के नहरखी थाना क्षेत्र से पकड़ा, जिसके बाद बदायूं में मुठभेड़ हुई। पुलिस के अनुसार, अभय प्रताप लंबे समय से फरार चल रहा था और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। बदायूं पुलिस की चार टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार सक्रिय थीं। फिरोजाबाद, कासगंज, एटा और बरेली जैसे आसपास के जिलों में भी दबिश दी जा रही थी। कई दिनों से उसकी लोकेशन ट्रेस की जा रही थी। सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय ने बताया कि सोमवार रात पुलिस टीम ने फिरोजाबाद के नहरखी थाना क्षेत्र से आरोपी को पकड़ा। इसके बाद उसे बदायूं लाया गया, जहां उससे गहन पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान अभय ने कई महत्वपूर्ण खुलासे किए। आरोपी ने कबूल किया कि उसने इलाके में दहशत फैलाने और गुंडागर्दी के लिए बड़ी मात्रा में अवैध हथियार जमा किए थे। ये हथियार उसने अपने गांव में एक बंद पड़े मकान में छिपा रखे थे। उसने यह भी स्वीकार किया कि चर्चित डबल मर्डर में इस्तेमाल किए गए तमंचे भी उसी ने अजय को उपलब्ध कराए थे। पुलिस टीम आरोपी को साथ लेकर बताए गए स्थान पर हथियारों की बरामदगी के लिए पहुंची। जैसे ही बरामदगी की कार्रवाई शुरू हुई, अभय प्रताप ने अचानक मौके का फायदा उठाते हुए एक लोडेड तमंचा निकाला और पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस अचानक हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए जवाबी फायरिंग की। मुठभेड़ के दौरान चली गोलियों में अभय प्रताप के दोनों पैरों में गोली लग गई। इस मुठभेड़ में एक सिपाही भी घायल हुआ है। घायल आरोपी अभय प्रताप को कड़ी सुरक्षा के बीच अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने उसके पास से एक पिस्टल, दो तमंचे, 10 कारतूस और 4 खोखे बरामद किए हैं।
जगदलपुर में पुलिस ने 54 किलो गांजा के साथ 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी गांजा को राजस्थान ले जाने के लिए सप्लाई की तैयारी में थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 54 किलो गांजा बरामद किया गया है, जिसकी कीमत लगभग 26.97 लाख रुपए है। साथ ही 6 मोबाइल फोन और कैश बरामद की गई है। मामला बोधघाट थाना क्षेत्र का है। दरअसल, बस्तर पुलिस नशे के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। बोधघाट पुलिस को 12 अप्रैल को मुखबिर से सूचना मिली कि, राजस्थान से आए 4 लोग जगदलपुर के गोयल धर्मशाला में ठहरे हैं और सुकमा के 2 लोग उनसे मिलने गांजा लेकर पहुंचे हैं। सभी आरोपी कमरे में मौजूद हैं और गांजा को राजस्थान ले जाने के लिए वाहन का इंतजाम कर रहे हैं। पुलिस ने दबिश देकर पकड़ा सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देश पर थाना प्रभारी टामेश्वर चौहान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गोयल धर्मशाला के रूम नंबर 9 में रेड कार्रवाई की। रेड के दौरान कमरे में 6 लोग मिले। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से 4 बैग में पैक 54 किलो गांजा बरामद किया गया। जिसकी कीमत करीब 26 लाख 97 हजार 200 रुपए बताई गई है। इसके अलावा 6 मोबाइल फोन और 2,500 रुपए नगद भी जब्त किए गए। आरोपियों के पास गांजा रखने और परिवहन करने से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला। इसके बाद सभी आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20 (B) के तहत मामला दर्ज कर 13 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश किया गया। ये हैं आरोपी बबलू कुशवाहा (राजस्थान)श्रीनिवास (राजस्थान)देशराज कुशवाहा (राजस्थान)पंकज उपरेती (उत्तर प्रदेश)राम सिंह (सुकमा)दुबराज कश्यप (सुकमा)
पाली में गहनों के लिए 65 साल की बुजुर्ग प्यारीदेवी सीरवी हत्या कर दोनों पैर काटने के मामलें पुलिस को सफलता हाथ लगी है। मामले में दो आरोपियों को पुलिस ने बैंगलोर क्षेत्र से दस्तयाब किया है। लूट के इरादे से बदमाशों ने वृद्धा को अकेला देख धारदार हथियार से हत्या करने के बाद पैर में पहने गहने लूटने के लिए वृद्धा के दोनों पैर ही काट दिए थे। आरोपियों के पकड़े जाने की पुष्टी सांसद पीपी चौधरी ने भी अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर की है। पुलिस जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करेगी। बता दे कि पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन थाना क्षेत्र के कराड़ी गांव में 01 अप्रेल की शाम को गांव के सूखे तालाब मे पैर कटी बॉडी कराड़ी गांव निवासी 65 साल की प्यारीदेवी की मिली थी। जिनके कान, नाक, गले और पेरों में पहने गहने गायब थे। पुलिस ने लूट के इरादे से हत्या करने का मामला दर्जकर आरोपियों की तलाश शुरू की। वृद्धा अपने खेत पर गई थी। रिश्तेदार के यहां आए थे आरोपी, वृद्धा को अकेला देखा तो की वारदातसूत्रों की माने तो दोनों आरोपी बैंगलोर क्षेत्र में मजदूरी करते है। जो मारवाड़ जंक्शन थाना क्षेत्र निवासी अपने रिश्तेदार के यहां आए हुए थे। 01 अप्रेल को सूनसान क्षेत्र में जब उन्होंने वृद्धा प्यारीदेवी को अकेला देखा और उनके गले, कान और पेरों में पहने गहने देखे तो अचानक लूटने की साजिश रची। और वृद्धा को पकड़कर उनके गहने लूटने का प्रयास किया। प्यारीदेवी ने हिम्मत दिखाई और बदमाशों का डटकर मुकाबला किया। इससे आवेश में आकर उन्होंने धारदार हथियार से वृद्धा की हत्या की। और गहने लूटे। पैर में पहने चांदी के गहने नहीं खुले तो आरोपियों ने दोनों पैर ही काट दिए और फिर गहने लूटकर वापस बैंगलोर की तरफ फरार हो गए। पुलिस की मेहनत लाई रंगइस जघन्य हत्याकांड को लेकर ग्रामीणों से लेकर सीरवी समाज में भयंकर रोष था। उन्होंने मारवाड़ जंक्शन थाने के बाहर आरोपियों को पकड़ने के लिए धरना भी दिया। पुलिस के आश्वासन के बाद वे धरने से उठे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए SP मोनिका सैन ने ASP जयसिंह तंवर ASP चैनसिंह महेचा, सीओ सोजत सिटी रतनाराम देवासी के नेतृत्व में एक टीम गठित की। टीम में शामिल मारवाड़ जंक्शन SHO राजेन्द्र कुमार व टीम में शामिल अन्य पुलिसकर्मी हर एंगल से मामले की जांच में जुटे। सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले, मुखबिर तंत्र का एक्टिव किया गया। तब जाकर उन्हें आरोपियों के बारे में सुराग मिला। जिस पर एक टीम बैंगलोर गई जहां से आरोपियों को पुलिस ने दस्तयाब किया। सांसद ने सोशल मीडिया पर डाली पोस्टइस मामले में सांसद पीपी चौधरी ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर एक पोस्ट शेयर की। जिसमें लिखा की कराड़ी गांव निवासी प्यारीदेवी के हत्यारों के पहचान पुलिस की ओर से किए जाने की बात लिखी है। जिससे प्यारीदेवी के परिवार के लोगों ने भी राहत की सांस ली। यह भी पढ़े - गहनों के लिए पैर काटकर महिला की हत्या:ग्रामीणों को गांव के पास जंगल में मिली लाश, एसपी मौके पर पहुंची यह भी पढ़े - मर्डर केस को लेकर पुलिस को 5 दिन का अल्टीमेटम:गहनों के लिए बुजुर्ग महिला के पैर काटे थे; थाने के बाहर चल रहा धरना स्थगित
कानपुर किडनी कांड में जेल भेजा गया मास्टर माइंड रोहित तिवारी ने पूछताछ में कई चौंकाने वाला खुलासा किया है। पूछताछ में यह सामने आया कि रोहित 25 से 30 लाख रुपए में किडनी ट्रांसप्लांट का ठेका लेता था। डोनर और रेसिपिएंट लाने की जिम्मेदारी एजेंट की होती थी। कॉल या मैसेज पर बातचीत के दौरान कोई उनकी बात सुन या समझ नहीं ले, इसलिए किडनी ट्रांसप्लांट का कोडवर्ड “कमांडो सर्जरी” रखा था। रोहित ने दिल्ली, मुंबई, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ समेत देश के कई जिलों और राज्यों में अपने एजेंट फैला रखे थे, जो अवैध रूप से किडनी ट्रांसप्लांट का केस उसके पास लाते थे। इसके बाद रोहित तय करता था किसका कहां ऑपरेशन होना है। पढ़ें आखिर रोहित ने पूछताछ के दौरान क्या बताया, आखिर फैक्ट्री में मजदूरी करने वाला रोहित कैसे बन गया किडनी का सौदागर, रोहित ने भी पत्नी को छोड़कर दिल्ली में गर्लफ्रेंड के साथ लग्जरी लाइफ जी रहा था, पढ़ें खास रिपोर्ट…। मजदूरी करने वाला रोहित बन गया किडनी ट्रांसप्लांट का सरगना डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि रोहित तिवारी हरदोई के बिलग्राम गंगाधाम का रहने वाला है। मौजूदा समय में वह नयाखंड इंद्रापुरम कौशांबी गाजियाबाद के फ्लैट में अपनी गर्लफ्रेंड के साथ रहता है, करोड़पति बनने के बाद पत्नी और बच्चों को छोड़ दिया और गर्लफ्रेंड के साथ लिवइन में रहने लगा। हरदोई बिलग्राम के एसडी स्कूल से उसने 2008 में 12वीं की पास की। वह पांच भाई और दो बहन हैं। बहनों की शादी हो चुकी है। पिता नहीं हैं। इंटर करने के बाद वह बेरोजगार था तो गांव का अमित उसे गाजियाबाद ले गया। यहां पॉली केबल बनाने वाली फैक्ट्री डिक्शन में मजदूरी का काम शुरू किया। इसके बाद डेकी और फिर बारको में मजदूरी की। बारको में रिंकू नाम के युवक से मुलाकात हुई। रिंकू ने अपने जीजा से मुलाकात कराकर वर्ष 2016 में मेरठ भेज दिया। मेरठ जाने के बाद वह किडनी के गिरोह से जुड़े डेंटिस्ट डॉ. वैभव मुद्गल से मुलाकात हुई। इसके बाद वह डॉ. वैभव के मधुकर क्लीनिक में रिसेप्शनिस्ट का काम देखने लगा। यहीं से मेरठ के अल्फा अस्पताल के मालिक डॉ. अमित के संपर्क में आया और 2018 में वह अल्फा अस्पताल में वार्ड ब्वॉय की नौकरी करने लगा। डॉ. अमित और वैभव मुद्गल दोनों मेरठ के अल्फा अस्पताल के पार्टनर हैं। इसके बाद उसे वह सीधे तौर पर किडनी के रैकेट से जुड़ गया और डॉ. वैभव व डॉ. अमित के किडनी के धंधे को हैंडल करने लगा। रुपए के लेन-देन को देकर दोनों पार्टनरों में विवाद हो गया, इसके बाद रोहित डॉ. वैभव के साथ हो गया और उसे किडनी ट्रांसप्लांट के लिए कानपुर में नए अस्पताल तलाशने की जिम्मेदारी दी गई। रोहित 2019 में कानपुर पहुंचा और उसने यहां पर देखा कि कल्याणपुर अवैध अस्पतालों का गढ़ है। यहां पर आसानी से किडनी ट्रांसप्लांट का खेल किया जा सकता है। कानपुर में ही उसकी मुलाकात प्रयागराज के एजेंट नवीन पांडेय और शिवम अग्रवाल उर्फ शिवम काना से हुई थी। इसके बाद इन सभी ने मिलकर कानपुर के अस्पतालों में किडनी ट्रांसप्लांट के लिए चुना और 2022 के बाद सबसे पहला केस कल्याणपुर के आरोही हॉस्पिटल मे किया था, इसके बाद मेडिलाइफ हॉस्पिटल में 2 ट्रांसप्लांट और फिर अहूजा हॉस्पिटल में करीब 10 से ज्यादा ट्रांसप्लांट किए हैं। रोहित की फीस 25 से 30 लाख प्रति ट्रांसप्लांट पूछताछ के दौरान रोहित ने बताया कि वह प्रति किडनी ट्रांसप्लांट 25 से 30 लाख रुपए लेता था। उसके पास ट्रांसप्लांट करने की पूरी टीम थी, डील फाइनल होने के बाद उसे टीम पहुंचकर ट्रांसप्लांट करती थी। यह रकम सिर्फ ट्रांसप्लांट की होती थी, इसके बाद इससे ऊपर की रकम में एजेंट, हॉस्पिटल का खर्च समेत अन्य सभी खर्चे शामिल होते थे। एजेंट किडनी ट्रांसप्लांट के लिए डोनर और रेसिपिएंट की तलाश करके उनसे डील फाइनल करते थे। उसे एजेंट की डील से कोई मतलब नहीं होता था। 30 से ज्यादा ट्रांसप्लांट-पारुल केस के बाद गोवा में हुआ था जश्न रोहित ने बताया कि वह अब तक कानपुर समेत अन्य जिलों में कुल 30 से ज्यादा किडनी ट्रांसप्लांट करा चुका है। कानपुर का शिवम और प्रयागराज का नवीन पांडेय उसके राइट हैंड थे। रोहित ने ऐसी व्यवस्था बनाई थी कि वह सीधे मरीज के संपर्क में नहीं रहता था। मरीज एजेंट शिवम और नवीन लाते थे, वह टेलीग्राम के माध्यम से डोनर ढूंढता था। ऑपरेशन कब और कहां होगा यह रोहित तय करता था। इसके लिए कौन से डॉक्टरों की टीम होगी, किस संसाधन से कौन आएगा और जाएगा, ओटी को सजाने समेत अन्य व्यवस्था भी उसी की जिम्मेदारी थी। मरीज के हिसाब से वह पैकेज तय करता था। मुजफ्फरनगर की पारुल तोमर का किडनी ट्रांसप्लांट 60 लाख रुपये में तय था। ऑपरेशन के बाद उसे 30 लाख रुपये मिले थे। इन्हीं रुपयों से उसने ऑपरेशन टीम में शामिल अली समेत अन्य लोगों का भुगतान किया था और लॉजिस्टिक (टीम के आवागमन की व्यवस्था) का अरेंजमेंट किया था। पारुल के ऑपरेशन के बाद मिले लाखों रुपयों को गोवा, नैनीताल, कुल्लू-मनाली घूमने गए थे। इस ट्रिप में उसकी गर्लफ्रेंड, शिवम अग्रवाल उर्फ काना और टीम के अन्य लोग थे। गोवा के सीनों में लाखों रुपए जुए में रोहित ने उड़ा दिए थे। कमांडो सर्जरी…से खुला राज डीसीपी ने बताया कि अब तक अरेस्ट करके जेल भेजे गए आरोपियों के मोबाइल की जांच के दौरान सामने आया कि व्हाट्सएप मैसेज पर किडनी कांड के लिए कमांडो सर्जरी कोडवर्ड का इस्तेमाल किया जा रहा था, पहले तो पुलिस समझ नहीं सकी, लेकिन रोहित ने पूछताछ में बताया कि सभी एजेंट और किडनी रैकेट से जुड़े लोग किडनी ट्रांसप्लांट को कमांडो सर्जरी कहकर कोडवर्ड में बात करते थे। इससे कि कोई समझ नहीं किस सर्जरी के विषय में बात हो रही है। एनेस्थीसिया राजेश-कुलदीप देता, अली करता ट्रांसप्लांट पुलिस ने रोहित से पूछा कि अखिर ऑपरेशन कौन करता है, एनेस्थीसिया कौन देता है…? कितने लोग ऑपरेशन में शामिल होते हैं…? इस पर रोहित ने भी बताया कि एनेस्थीसिया देने का काम जेल भेजे गए ओटी मैनेजर राजेश और कुलदीप ही देते थे। इसके बाद किडनी ट्रांसप्लांट का काम ओटी टेक्नीशियन मुदस्सर अली सिद्दीकी उर्फ डॉ. अली ही करता था। ओटी में अफजल व वैभव भी रहते थे। इन्हीं पांच से छह लोगों की टीम ओटी में रहती और ट्रांसप्लांट को अंजाम देने के बाद निकल जाती थी। पूछताछ में यह भी सामने आया कि डॉ. अली दिल्ली के एक बड़े अस्पताल से ट्रेनिंग ली थी। पत्नी को छोड़, गर्लफ्रेंड के साथ लग्जरी लाइफ डीसीपी ने बताया कि रोहित मौजूदा समय में गाजियाबाद के इंद्रापुरम में अपनी गर्लफ्रैंड संग रहता है। करोड़पति बनने के बाद उसने अपनी पत्नी को छोड़ दिया, पत्नी कन्नौज में अपने एक बेटे के साथ रहती है। किडनी सिंडीकेट से जुड़ने के बाद रोहित ने गाजियाबाद में आलीशान फ्लैट और लग्जरी कार खरीदी थी। गर्लफ्रेंड के साथ वह फ्लैट में लिवइन में रहता था, जबकि पत्नी और बेटे से कोई मतलब नहीं रखता था। पुलिस की मानें तो वह उसकी गर्लफ्रेंड के जरिए ही रोहित तक पहुंची है। रोहित ने तो अपने दोनों मोबाइल बैराज से गंगा में फेंक दिए। पुलिस ने नंबरों की जांच की तो उसके मोबाइल पर एक भी रेगुलर कॉल नहीं मिली है। फरारी के दौरान वह दूसरे नंबरों से अपनी गर्लफ्रैंड को फोन करता था। इन्हीं नंबरों को ट्रेस करते हुए पुलिस उस तक पहुंची। नवीन अरेबिका को लाया और गोपाल में मारा पंजाब के पेशेंट की रकम पूछताछ के दौरान रोहित ने बताया कि साउथ अफ्रीका की अरेबिका को प्रयागराज का एजेंट नवीन लाया था। उसने सीधे कोई डील नहीं की। एजेंट के साथ ही डील थी। इस ऑपरेशन में उसे 20 लाख रुपये मिले थे। मेडीलाइफ में ऑपरेशन के बाद एक महिला की हालत बिगड़ने और दिल्ली के अस्पताल में मौत होने की बात सामने आई थी। पुलिस के मुताबिक रोहित इसके बारे में ज्यादा कुछ नहीं बता सका। पूछताछ के दौरान अमृतसर के जिन सरदार जी का वीडियो वायरल हुआ था, उसके बारे में बताया कि उसे गोपाल नाम का एजेंट लाया था। गोपाल ने रोहित से संपर्क किया लेकिन डोनर न होने के चलते मना कर दिया था। इसके बाद वह पैसा लेकर फरार हो गया। अब इन पांच की तलाश में छापेमारी, रोहित को रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ डीसीपी ने बताया कि अब पुलिस टीम किडनी स्कैंडल में शामिल मेरठ के डॉ. वैभव, डॉ. अमित, अफजल, डॉ. अली और प्रयागराज के एजेंट नवीन पांडेय की तलाश में जुटी है। अलग-अलग टीमें छापेमारी कर रही हैं। डीसीपी ने बताया कि रोहित से डिटेल में पूछताछ करने के लिए उसे रिमांड पर लेने के लिए तैयारी की जा रही है। रिमांड पर लेकर एक बार फिर से पूछताछ की जाएगी। क्यों कि रोहित ने भी पुलिस को पूछताछ के दौरान बहुत छकाया, लेकिन शिवम उर्फ काना की चैट समेत अन्य साक्ष्यों के चलते वह चीजों से इनकार नहीं कर सका।
गोरखपुर में मंगलवार सुबह से ही तेज धूप निकलने के कारण गर्मी और उमस काफी बढ़ गई है। सुबह से ही लोग धूप से बचने के लिए दुपट्टा, गमछा और सिर ढककर घर से बाहर निकलते नजर आए। खासकर स्कूली बच्चे और काम पर जाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सोमवार को भी पूरे दिन चिलचिलाती धूप ने लोगों को बेहाल कर दिया। तापमान लगातार बढ़ने से दोपहर के समय सड़कों और बाजारों में सन्नाटा देखने को मिला। अधिकतम तापमान 37.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा ज्यादा था। हालांकि शाम के समय हल्की राहत महसूस हुई। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को न्यूनतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। यानी गर्मी से फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद कम है। सोमवार को ह्यूमिडिटी के स्तर में भी काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अधिकतम आर्द्रता 64 प्रतिशत और न्यूनतम 12 प्रतिशत दर्ज की गई। कम नमी के कारण गर्म हवाओं का असर ज्यादा महसूस हुआ, जिससे लोगों को लू जैसे हालात का सामना करना पड़ा। पूरे दिन आसमान साफ रहने की वजह से धूप और तेज महसूस हुई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बारिश के कोई संकेत नहीं हैं, जिससे आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। डॉक्टरों ने भी लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि दोपहर के समय बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें, ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं और धूप से बचने के लिए जरूरी उपाय अपनाएं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
राजस्थान पुलिस ने इस साल 43 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को 'मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पदक' और 'मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक' से सम्मानित करने की घोषणा की है। इनमें 6 को मुख्यमंत्री उत्कर्ष सेवा पदक, जबकि 37 को मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक दिया जाएगा। धौलपुर जिले के कोतवाली थाने में तैनात कॉन्स्टेबल लोकेश कुमार का नाम भी इसमे शामिल है, जिन्हें 'मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक' से सम्मानित किया जाएगा 2011 में पुलिस सेवा में हुए थे भर्तीलोकेश कुमार धौलपुर जिले से एकमात्र पुलिसकर्मी हैं जिन्हें इस सम्मान के लिए चुना गया है। यह पदक पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के उत्कृष्ट कार्य, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण को मान्यता देने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष स्वतंत्रता दिवस पर घोषित किए जाते हैं। कॉन्स्टेबल लोकेश कुमार मूल रूप से भरतपुर जिले के निवासी हैं। उन्होंने वर्ष 2011 में चित्तौड़गढ़ जिले में कॉन्स्टेबल के पद पर पुलिस सेवा में प्रवेश किया था। वर्ष 2021 से वे धौलपुर जिले के विभिन्न थानों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अपनी ड्यूटी के दौरान किए गए सराहनीय कार्यों के लिए उन्हें इस पदक से सम्मानित किया जा रहा है। इन पदकों का वितरण राजस्थान पुलिस दिवस परेड के अवसर पर किया जाएगा। लोकेश कुमार की यह उपलब्धि धौलपुर पुलिस के लिए गर्व का विषय है और अन्य पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनी है।
नर्मदापुरम पुलिस ट्रैक्टर ट्रालियों से होने वाले सड़क हादसों को रोकने के लिए अभियान चला रही है। अभियान का नाम सुरक्षित ट्रैक्टर-ट्रॉली सुरक्षित किसान दिया है। अभियान के अंतर्गत पुलिस द्वारा ट्रॉली के पीछे रिफ्लेक्टर रेडियम लगाया जा रहा है। ताकि रात के दौरान गाड़ी के लाइट का उजाला पड़ने पर वो रिफ्लेक्ट हो और सामने वाला वाहन चालक पहले से सतर्क हो जाएं। किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है। डोलरिया थाना प्रभारी प्रवीण चौहान के नेतृत्व में थाना क्षेत्र में गेहूं,चना खरीदी केंद्रों पर खड़ी ट्रालियों और हाईवे से गुजरती ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में रेडियम चस्पा किया। अभियान का फ्लैक्स लगाकर भी रेडियम लगाने के फायदें बताएं। डोलरिया थाना प्रभारी चौहान ने बताया ट्रॉलियों में पीछे लाइट नहीं होती है। जिस वजह से अधिकांश रात को ट्रॉलियों दिखती नहीं और उसमें अन्य वाहन टकरा जाते। जिससे मृत्यु और घायल होने की घटनाएं होती। उसे रोकने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। 30 ट्रॉलियों के पीछे रेडियम लगाया। किसानों को इसके फायदें और रेडियम नहीं लगे होने के नुकसान बताएं।
कटनी सहित प्रदेशभर में धान की कस्टम मिलिंग में हो रही देरी से राइस मिलर्स चिंतित हैं। इस देरी के कारण सरकार को हर महीने अरबों रुपये का आर्थिक नुकसान हो रहा है। मिलर्स के एक प्रतिनिधिमंडल ने भोपाल में खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और अपर मुख्य सचिव खाद्य से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा और तत्काल समाधान की मांग की। मिलर्स ने मंत्री को बताया कि धीमी मिलिंग से शासन को प्रतिमाह अरबों रुपये का नुकसान हो रहा है, वहीं मिलर्स को भी आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है। उन्होंने अपग्रेडेशन राशि जारी करने, ट्रायल मिलिंग के आधार पर वास्तविक मिलिंग करवाने, बारदाना उपयोगिता व्यय के राज्यांश का लंबित भुगतान करने और परिवहन व्यय में संशोधन करने जैसी प्रमुख मांगें रखीं। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष आशीष अग्रवाल, महासचिव ईश्वर रोहरा और माखन निषाद सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे। नुकसान की आशँका मिलर्स के अनुसार, प्रदेश में किसानों से लगभग 5 करोड़ क्विंटल धान खरीदी गई है। इस पर प्रति क्विंटल 10 रुपए के हिसाब से 50 करोड़ रुपए का गोदाम भंडारण व्यय, 20 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से 100 करोड़ रुपए का ब्याज का नुकसान और लगभग 50 करोड़ रुपए का सुखत (सुखाने) आदि का नुकसान हो रहा है। यह कुल मिलाकर प्रतिमाह लगभग 200 करोड़ रुपए का नुकसान है। इसके अतिरिक्त, खुले कैपों में रखी गई धान पर धूप और बारिश के कारण सड़ने का खतरा भी मंडरा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से इन मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर मिलिंग प्रक्रिया को गति देने का आग्रह किया, ताकि मिलर्स को राहत मिल सके और सरकार के नुकसान को रोका जा सके।
नमस्कार लखनऊ, मुस्कुराइए, आज 14 अप्रैल, दिन मंगलवार है... हम आपके लिए आज के इवेंट और आपसे जुड़ी काम की बातों को लेकर आए हैं। इसमें बता रहे हैं कि शहर में कहां और क्या-क्या हो रहा है। बिजली किन इलाकों में कटेगी, पानी किन इलाकों में नहीं आएगा। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट्स कहां हो रहे हैं। शहर का मौसम, सिटी का ट्रैफिक, सिनेमा, स्कूल-कॉलेज से जुड़ी जानकारियां भी हैं। पढ़िए क्या कुछ हैं, आपके काम की बातें... शहर में आपसे जुड़ी सुविधाएं और इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर- दैनिक भास्कर लखनऊ रिपोर्टिंग टीम से संपर्क करें- यदि आपके पास लखनऊ में किसी इवेंट, कार्यक्रम, आयोजन या किसी समस्या से जुड़ी कोई जानकारी है, जो आप दैनिक भास्कर ऐप पर प्रकाशित करवाना चाहते हैं, तो आप हमारे फोन नंबर- 9454292638 पर वॉट्सऐप मैसेज कर सकते हैं। लखनऊ टुडे को और बेहतर बनाने के लिए आप हमें अपना कीमती फीडबैक भी दे सकते हैं। इसके अलावा कहीं कोई घटना/दुर्घटना होती है, तो उसकी जानकारी भी आप हमें ऊपर दिए वॉट्सऐप नंबर पर मैसेज के जरिए दे सकते हैं।
कटनी के ढीमरखेड़ा जंगल में लगी आग:अभी भी सुलग रहे हैं पेड़, वन्यजीवों पर संकट
कटनी के ढीमरखेड़ा तहसील क्षेत्र में वन विकास निगम की कुंडम परियोजना के अंतर्गत आने वाले जंगलों में भीषण आग लग गई। इस आग ने देखते ही देखते वन क्षेत्र के काफी बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। घटना में बड़ी संख्या में बेशकीमती वनस्पति जलकर राख हो गई है, जिससे वन्यजीवों के जीवन पर भी गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। यह घटना तहसील क्षेत्र के ग्राम छाहर और दादर सिंहुडी के बीच स्थित वन क्षेत्र में हुई। आग की लपटें इतनी तेज़ थीं कि मुख्य सड़क से गुजरना भी मुश्किल हो गया था। राहगीरों और स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए वीडियो में आग की विकरालता स्पष्ट दिख रही है, जिसमें पेड़ जलते और चारों ओर धुएं का गुबार छाया हुआ है। इस आग से न केवल छोटे-बड़े पेड़-पौधे नष्ट हुए हैं, बल्कि जंगली जानवरों और रेंगने वाले जीवों पर भी सीधा खतरा मंडरा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की तेज़ी से फैलने के कारण कई छोटे जीवों के झुलसने की आशंका है। भीषण गर्मी के कारण पहले से ही पानी के स्रोतों की कमी है, और अब इस आग ने वन्यप्राणियों के सुरक्षित ठिकानों को भी छीन लिया है। ग्रामीणों और राहगीरों ने वन विकास निगम और संबंधित विभाग के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर आक्रोश व्यक्त किया। उनका आरोप है कि आग लगने की सूचना के बावजूद विभाग की ओर से आग बुझाने के लिए समय पर कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए।
छत्तीसगढ़ में गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 4 दिनों में प्रदेशभर में अधिकतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इसके चलते कई इलाकों में हीट वेव जैसे हालात बनने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं हुआ, लेकिन आने वाले दिनों में गर्मी और तेज होने के आसार हैं। फिलहाल प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और कोई मौसमी सिस्टम सक्रिय नहीं है। सबसे अधिक तापमान 42C राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.2C अंबिकापुर में रिकॉर्ड हुआ। प्रदेश में कहीं भी बारिश नहीं हुई। आज कोई अलर्ट नहीं मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को भी पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क ही बना रहेगा और किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है। वहीं, अगले दो दिनों तक भी मौसम के इसी तरह शुष्क रहने की संभावना है। रायपुर में साफ रहेगा मौसम राजधानी रायपुर की बात करें तो आज (14 अप्रैल) को आसमान साफ रहने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान करीब 41C और न्यूनतम तापमान 25C के आसपास रह सकता है।
पीलीभीत के थाना गजरौला क्षेत्र के एक गांव में छेड़छाड़ और मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवती के साथ अभद्रता की गई और विरोध करने पर उसके परिवार पर हमला किया गया। पुलिस ने इस संबंध में चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पीड़ित परिवार ने बताया कि गांव का रहने वाला कासिम पुत्र मुन्ने खां पिछले 3-4 वर्षों से युवती को परेशान कर रहा था। आरोप है कि युवती जब भी घर का काम करती, आरोपी उसका हाथ पकड़कर खींचता और अभद्र हरकतें करता था। 11 अप्रैल 2026 की शाम करीब 3:30 बजे जब परिवार ने इन हरकतों का विरोध किया, तो विवाद बढ़ गया। आरोपी कासिम अपने भाइयों आसिफ, सारीक और सोहिल के साथ युवती के घर के सामने पहुंच गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि चारों आरोपियों ने घर के बाहर आकर गाली-गलौज की। जब उन्हें रोकने का प्रयास किया गया, तो आरोपियों ने पीड़िता और उसके परिवार के साथ मारपीट की। इसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। घटना के संबंध में, पीड़िता के भाई ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की जानकारी मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी है। थाना अध्यक्ष ब्रजवीर सिंह ने बताया कि युवती के परिजनों की तहरीर पर आरोपी कासिम, आसिफ, सारीक और सोहिल के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक रीना सिंह को सौंपी गई है। आरोपियों की तलाश जारी है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई पूरी की जाएगी।
डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर लखनऊ में बसपा सुप्रीमो मायावती ने आंबेडकर पार्क में श्रद्धांजलि देने पहुंचीं। वहां उन्होंने भीमराव आंबेडकर के चित्र पर फूल चढ़ाए। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर संदेश लिखा। उन्होंने लिखा- विशाल आबादी वाले भारत में बहुजन समाज के मसीहा भारतरत्न बीआर आंबेडकर बहुजन के मसीहा थे। उन्होंने अपना अपना पूरा जीवन गरीबों, उपेक्षितों, शोषितों और महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष में बिताया। बाबा साहेब ने संविधान में सामाजिक न्याय, समानता और सम्मान की गारंटी सुनिश्चित कर ऐतिहासिक कार्य किया, जिसके लिए देश सदैव उनका कृतज्ञ रहेगा। बता दें लखनऊ में प्रमुख राजनीतिक पार्टियों की ओर से आंबेडकर जयंती मनाई जाएगी। अखिलेश यादव 10 बजे पहुंचेंगे हजरतगंज सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी सुबह 10 बजे हजरतगंज चौराहे पर स्थित भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इस दौरान समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और नेता भी मौजूद रहेंगे।
सम सेमेस्टर परीक्षा कल से शुरू:पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने केंद्राध्यक्ष नियुक्ति के निर्देश दिए
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर, ने 15 अप्रैल से शुरू होने वाली सम सेमेस्टर की स्नातक और स्नातकोत्तर परीक्षाओं के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। विश्वविद्यालय ने सभी संबद्ध महाविद्यालयों को परीक्षा केंद्राध्यक्षों की समय पर नियुक्ति सुनिश्चित करने को कहा है। जारी निर्देशों के अनुसार, नियमानुसार महाविद्यालय के अनुमोदित आचार्य को ही केंद्राध्यक्ष नियुक्त किया जाएगा। यदि किसी महाविद्यालय में अनुमोदित आचार्य उपलब्ध नहीं हैं या कार्य करने में असमर्थ हैं, तो वरिष्ठतम प्राध्यापक का अनुमोदन पत्र और आवश्यक दस्तावेज विश्वविद्यालय कार्यालय में प्रस्तुत कर नियुक्ति कराई जा सकती है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केंद्राध्यक्ष की नियुक्ति के लिए प्रस्तावित शिक्षक का नवीनतम वेतन प्रमाण पत्र, आधार कार्ड की स्वप्रमाणित प्रति, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। यदि प्राचार्य अवकाश या बीमारी के कारण अनुपस्थित हों, तो संबंधित चिकित्सा प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। ये परीक्षाएं तीन पालियों में आयोजित की जाएंगी। परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए विश्वविद्यालय ने अपनी वेबसाइट पर एडमिट कार्ड भी जारी कर दिए हैं, जिससे छात्र अपने प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। सभी केंद्राध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे परीक्षा को सुचारु और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराएं।
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर बागपत के गांगनौली अंडरपास के पास कट बंद करने की सूचना के बाद क्षेत्रवासियों ने रातभर पहरा दिया। उन्होंने चेतावनी दी है कि किसी भी कीमत पर कट को बंद नहीं होने दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (मंगलवार) दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद मार्ग को वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। अधिकारी इसके लिए सभी तैयारियां पूरी करने में जुटे हैं। पुसार बराल मार्ग पर गांगनौली गांव के अंडरपास के पास क्षेत्रवासी लंबे समय से कट की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस कट से करीब 40 गांवों के लोगों को लाभ मिलेगा। सोमवार देर शाम क्षेत्रवासियों को सूचना मिली कि अधिकारी कट बंद कराने के लिए मशीन लेकर पहुंच रहे हैं। इसके बाद भाकियू नेता राजेंद्र चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी गांगनौली कट के पास जमा हो गए। किसानों का आरोप है कि अधिकारियों ने इस कट को स्थायी रूप से चालू रखने का आश्वासन दिया था। अब एक्सप्रेस-वे शुरू होने से पहले इसे बंद करने की तैयारी चल रही है, जो 40 गांवों के लोगों से वादाखिलाफी है। किसानों और स्थानीय लोगों ने रातभर कट के पास डेरा डाले रखा और अधिकारियों को इसे बंद न करने की चेतावनी दी। फिलहाल, कट को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है। यह कॉरिडोर दिल्ली से देहरादून तक के सफर को आसान बनाएगा और जाम की समस्या को कम करेगा। अब देखना होगा कि किसानों का यह विरोध कब तक जारी रहता है।
सतना के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल व्यंकट क्रमांक 2 में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सोमवार से तीन दिवसीय पुस्तक मेले का आयोजन किया गया है। मेले के पहले दिन 44 अभिभावकों ने बच्चों के लिए पुस्तकें खरीदीं, जबकि 5 अभिभावकों ने किताबें न मिलने की शिकायत दर्ज कराई है। बीआरसी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि मेले में शामिल न होने वाले प्रमुख स्कूल संचालकों और बुक सेलर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रस्ताव कलेक्टर को भेजा जाएगा और यह मेला अगले 2 दिन तक और संचालित होगा। 17 स्टॉल लगाए गए, सामग्री खरीदने पर मिल रही छूट मेले में कुल 17 स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें से 15 स्टॉल कॉपी-किताबों के लिए समर्पित हैं, जबकि 2 स्टॉल स्कूल बैग और ड्रेस के लिए हैं। अभिभावकों को आर्थिक लाभ देने के लिए मेले से सामग्री खरीदने पर छूट का भी प्रावधान किया गया है। बीआरसी दिवाकर तिवारी ने बताया कि यह मेला अभी दो दिन और चलेगा, इसलिए अभिभावक इसका अधिक से अधिक लाभ उठाएं। डीपीसी की बैठक के बाद भी नहीं आए कई प्रमुख संस्थान बीआरसी तिवारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो बुक सेलर्स और स्कूल इस पुस्तक मेले में शामिल नहीं हुए हैं या जिनकी किताबें मेले में उपलब्ध नहीं हैं, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि डीपीसी विष्णु त्रिपाठी द्वारा ली गई बैठक के बावजूद कई प्रमुख स्कूल संचालक और बुक सेलर्स मेले में शामिल नहीं हुए। ऐसे संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस को भेजा जाएगा। वहीं, किताबें उपलब्ध न होने पर पहले दिन पांच अभिभावकों ने शिकायत पेटी में अपनी शिकायत भी दर्ज कराई है।
दुर्ग में ट्रैफिक नियमों को लेकर सख्ती लगातार बढ़ रही है। अब ट्रैफिक पुलिस बिना हेलमेट बाइक चलाने वाले 24 पुलिसकर्मियों पर चालानी कार्रवाई की गई है। हाल ही में जांच के दौरान सामने आया कि कुछ पुलिसकर्मी खुद ही नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। बिना हेलमेट बाइक चला रहे थे। इस पर यातायात पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सभी का चालान काटा। साथ ही उन्हें आगे से नियमों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी भी दी गई है। पुलिस नहीं कर रही नियम का पालन यातायात पुलिस का कहना है कि, सड़क सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है। ऐसे में यह जरूरी है कि जो लोग कानून लागू करवाते हैं, वे खुद भी उसका पालन करें। अगर पुलिसकर्मी ही नियम तोड़ेंगे तो आम लोगों पर इसका गलत असर पड़ेगा। आईटीएमएस के जरिए हो रही निगरानी शहर में अब इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम यानी ITMS के जरिए भी निगरानी बढ़ा दी गई है। जगह-जगह लगे कैमरों की मदद से ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर नजर रखी जा रही है और सीधे ई-चालान जारी किए जा रहे हैं। इससे बिना रुके कार्रवाई करना आसान हो गया है और नियम तोड़ने वालों की पहचान भी तुरंत हो जाती है। पुलिसकर्मियों को निर्देश जारी दुर्ग पुलिस ने अपने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि वे खुद नियमों का पालन करें और लोगों के सामने अच्छा उदाहरण पेश करें। साथ ही आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनें। पुलिस का कहना है कि हेलमेट पहनने से हादसे के समय सिर की गंभीर चोट से बचा जा सकता है और जान भी बच सकती है। इसलिए इसे नजरअंदाज न करें।
मावली क्षेत्र के खेमली रेलवे फाटक पर लंबे समय से जाम की स्थिति बनी हुई है। इससे आमजन को आवाजाही में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग यहां जल्द से जल्द पुलिया (ओवरब्रिज या अंडरपास) के निर्माण की मांग कर रहे हैं। यह फाटक क्षेत्र के मुख्य मार्ग पर स्थित है। इसके पास एक कंटेनर डिपो होने के कारण यहां दिनभर भारी वाहनों, ट्रकों और अन्य गाड़ियों की आवाजाही रहती है। ट्रेनों के आने की सूचना पर फाटक बंद कर दिया जाता है, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। विशेषकर कंटेनर ट्रेनों के आवागमन के दौरान स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाती है। ये ट्रेनें लंबी होने के कारण फाटक काफी देर तक बंद रहता है, जिससे जाम कई किलोमीटर तक फैल जाता है और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। इस जाम के कारण स्कूली बच्चे, मरीज, नौकरीपेशा लोग और व्यापारियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाई होती है। कई बार आपातकालीन स्थितियों में भी लोगों को जाम में फंसना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि यह समस्या वर्षों पुरानी है। इस संबंध में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। क्षेत्रवासियों की मांग है कि यहां शीघ्र पुलिया का निर्माण किया जाए, ताकि इस समस्या से स्थायी राहत मिल सके। लोगों ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जा सकता है।
दमोह: कार की टक्कर से ऑटो चालक की मौत:जबलपुर मार्ग पर हादसा, टक्कर के बाद कार पेड़ से टकराई
दमोह जिले के नोहटा थाना क्षेत्र में सोमवार रात एक सड़क हादसे में ऑटो चालक की मौत हो गई। यह घटना दमोह-जबलपुर स्टेट हाईवे पर हथनी गांव के समीप हुई, जहां एक तेज रफ्तार कार ने ऑटो को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद कार अनियंत्रित होकर एक पेड़ से जा टकराई। जानकारी के अनुसार, जबलपुर की ओर से आ रही एक कार ने इलेक्ट्रॉनिक ऑटो को पीछे से टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक उसके अंदर ही फंस गया। कार भी ऑटो से टकराने के बाद पेड़ से टकराकर आगे से क्षतिग्रस्त हो गई। घटना की सूचना मिलते ही नोहटा थाना प्रभारी अभिषेक पटेल और एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी घटनास्थल पर पहुंचे। घायल अवस्था में फंसे ऑटो चालक को बाहर निकाला गया और डायल 112 की मदद से जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक ऑटो चालक की शिनाख्त अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया है और मंगलवार सुबह से उसकी पहचान के प्रयास शुरू किए जाएंगे। कार में मौजूद लोग मौके से फरार हो गए थे और कार पर कोई नंबर प्लेट भी नहीं मिली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृत ऑटो चालक को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे आरक्षक देशराज ने बताया कि सूचना मिलने के बाद नोहटा पुलिस मौके पर पहुंची थी। ऑटो चालक का शव ऑटो के अंदर फंसा हुआ था। जिसकी शिनाख्त नहीं हो पाई है। शव को जिला अस्पताल में रखवा दिया है और मृतक की शिनाख्त करने का प्रयास शुरू कर दिया गया है। मामले में जांच की जा रही है।
छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत प्रस्तावित ढोडन बांध को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच किसान नेता अमित भटनागर के परिजनों ने बिजावर प्रशासन पर अनैतिक दबाव बनाने का आरोप लगाया है। सोमवार को परिजनों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आंदोलन खत्म कराने के लिए प्रशासन उनके कॉलेज की बाउंड्रीवॉल को गिराने का नोटिस देकर नाप-जोख कर रहा है। अमित भटनागर बांध क्षेत्र में आंदोलन पर डटे हुए हैं और परिवार के इन गंभीर आरोपों पर प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पिता बोले- हमने समझाने की कोशिश की, इसमें हमारा क्या दोष सोमवार को मीडिया से बातचीत में अमित भटनागर के पिता और भाई ने कहा कि वे खुद आंदोलन स्थल पर जाकर अमित को समझाने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन उन्होंने प्रदर्शन खत्म करने से इनकार कर दिया। पिता ने कहा, हमने अपनी ओर से पूरी कोशिश की, लेकिन अब इसमें हमारा क्या दोष है। इसके बावजूद प्रशासन हमें ही परेशान कर रहा है। कॉलेज की बाउंड्रीवॉल पर कार्रवाई की तैयारी, मां हृदय रोग से पीड़ित परिजनों के अनुसार, बिजावर प्रशासन द्वारा उनके कॉलेज की बाउंड्रीवॉल को गिराने के लिए नोटिस जारी किया गया है। साथ ही नाप-जोख की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। परिवार का आरोप है कि यह कार्रवाई दबाव बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। अमित भटनागर के भाई अंकित ने बताया कि परिवार पहले से ही तनाव में है। उनकी मां हृदय रोग से पीड़ित हैं और ऐसे में इस तरह का प्रशासनिक दबाव परिवार के लिए मानसिक रूप से बेहद कठिन स्थिति पैदा कर रहा है। परिवार ने बताया अनैतिक दबाव, प्रशासन ने साधी चुप्पी परिवार ने आरोप लगाया कि आंदोलन को खत्म कराने के लिए अप्रत्यक्ष रूप से उन पर दबाव बनाया जा रहा है, जो पूरी तरह अनैतिक है। उनका कहना है कि यदि कोई कार्रवाई करनी है तो सीधे आंदोलन स्थल पर की जाए, परिवार को निशाना बनाना गलत है। मामले में प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। गौरतलब है कि ढोडन बांध क्षेत्र में विस्थापन को लेकर आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। एक ओर जहां विस्थापित अपने अधिकारों की मांग पर अड़े हैं, वहीं दूसरी ओर इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप से मामला और अधिक संवेदनशील बनता जा रहा है।
अयोध्या में पुलिसकर्मियों ने युवक को पीटा:क्षेत्रीय विधायक समेत ग्रामीणों ने थाने पर किया विरोध
अयोध्या जिले के कुमारगंज थाना क्षेत्र में एक युवक को पुलिसकर्मियों द्वारा पीटने का मामला सामने आया है। चूड़ामणि अकमा गांव निवासी हरिकृष्ण पाण्डेय पुत्र संतोष कुमार अपने निजी काम से कस्बा कुमारगंज गए थे, जहां एक उपनिरीक्षक सहित तीन पुलिसकर्मियों ने उनकी पिटाई कर दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हरिकृष्ण पाण्डेय ने बताया कि वे अपनी गाड़ी स्टार्ट करने की कोशिश कर रहे थे और पेट्रोल डलवाने के लिए पास खड़े कुछ लोगों से चाबी मांगी। उन लोगों ने उन्हें चोर कहकर धमकाया। इसके बाद एक वर्दीधारी दरोगा ने उन्हें दो थप्पड़ मारे, और मोमोज खा रहे तीन अन्य लोग जो सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मी थे भी पिटाई करने लगे। मारपीट के दौरान जब कस्बा वासियों ने विरोध किया, तो कुमारगंज थाने से पहुंची पुलिस गाड़ी हरिकृष्ण को जबरन थाने ले गई। हरिकृष्ण के पिता संतोष कुमार ने बताया कि जब वे थाने पहुंचे, तो उनके बेटे को आम के पेड़ों के बीच लाठियों से पीटा जा रहा था। उनके आने के बाद पिटाई बंद कर दी गई। घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक चंद्रभानु पासवान सोमवार की रात करीब 10:30 बजे थाने पहुंचे। कस्बा वासी भी बड़ी संख्या में जमा हो गए। इसके बाद पुलिस ने हरिकृष्ण को मेडिकल जांच के लिए भेजा और फिर परिजनों को सौंप दिया। एसपी ग्रामीण बलवंत चौधरी और पुलिस क्षेत्रधिकारी पीयूष ने मामले की जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मारपीट का आरोप उपनिरीक्षक विमल यादव, कांस्टेबल शशिकांत मिश्रा, उमेश गौतम और एक अन्य पुलिसकर्मी पर लगा है। सुरक्षा के मद्देनजर थाना इनायतनगर और खण्डासा से भी पुलिस बल बुलाया गया था। पीड़ित हरिकृष्ण पाण्डेय के पिता संतोष कुमार पाण्डेय की तहरीर पर सीओ जांच करेंगे। पुलिस अधिकारियों ने रात 11:00 बजे तक आरोपी पुलिसकर्मियों से पूछताछ की। एसपी ग्रामीण बलवंत चौधरी ने कहा कि जो भी दोषी पुलिस करनी है उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यूपी और उत्तराखंड दौरे पर रहेंगे। वह दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। वह सुबह 11:15 बजे सहारनपुर पहुंचेंगे। यहां वाइल्ड लाइफ सेक्शन का जायजा लेंगे, फिर शक्तिपीठ मां डाट काली मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी साथ रहेंगे। इसके बाद 12:30 बजे देहरादून से इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। 212 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का करीब 135 किलोमीटर (64%) हिस्सा यूपी से होकर गुजरता है। 12 हजार करोड़ की लागत से करीब 4 साल में एक्सप्रेस-वे बनकर तैयार हुआ है। लोकसभा चुनाव के बाद पीएम का यह पहला सहारनपुर दौरा है। इससे पहले, 6 अप्रैल 2024 को सहारनपुर आए थे। सीएम योगी ने सोमवार को सहारनपुर पहुंचकर तैयारियों को परखा था। पीएम की सुरक्षा में 3 हजार जवान तैनात किए गए हैं। वृंदावन और पश्चिम बंगाल से मंगाए गए करीब 100 किलो फूलों से मंदिर परिसर को सजाया गया है। गणेशपुर में उतरेगा पीएम मोदी का हेलिकॉप्टरपीएम का हेलीकॉप्टर सहारनपुर के गणेशपुर हेलीपैड पर उतरेगा। यहां से वह मनोहरपुर जाएंगे। जहां पंडाल बनाया गया है। यहां पर स्क्रीन पर कॉरिडोर से जुड़े वीडियो देखेंगे। वाइल्डलाइफ कॉरिडोर की समीक्षा करेंगे। इसके बाद वह कार से ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (एलिवेटेड कॉरिडोर) पर पहुंचेंगे। यहां पर रुककर निरीक्षण करेंगे। फिर यहां से उत्तराखंड सीमा स्थित सिद्धपीठ जय मां डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। दोपहर करीब 12:30 बजे देहरादून में जनसभा करेंगे। यहां पर वह कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। सिक्योरिटी में 3 हजार जवान तैनात पीएम के आने से पहले मां डाट काली मंदिर को वृंदावन और पश्चिम बंगाल से मंगाए गए करीब 100 किलो फूलों से सजाया गया है। प्रधानमंत्री के लिए विशेष पूजा की व्यवस्था की गई है। गणेशपुर हेलीपैड से मंदिर तक पूरे मार्ग को सजाया गया है। तीन हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा पीएसी और आरएएफ की टीमें भी सुरक्षा में लगी रहेंगी। सोमवार को एसपीजी और खुफिया एजेंसियों ने हेलीपैड, जनसभा स्थल और पूरे रूट का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दिया है। अब दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे को जानिए… ऊपर गाड़ियां चलेंगी, नीचे जानवर निकलेंगे, 6 घंटे का सफर 3 घंटे में पूरा होगा दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर 213 किलोमीटर लंबा है। छह लेन वाले दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर करीब 12 हजार करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। इसके शुरू होने के बाद दिल्ली से देहरादून की यात्रा का समय लगभग छह घंटे से घटकर ढाई घंटे रह जाएगा, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। इसमें 10 इंटरचेंज, 3 रेलवे ओवर ब्रिज, 4 बड़े पुल और 12 वे-साइड सुविधाएं हैं। साथ ही एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम भी लगाया गया है। वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही के लिए इसमें 12 किलोमीटर लंबा वाइल्डलाइफ एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया गया है। जिसे एशिया के सबसे लंबे कॉरिडोर में गिना जा रहा है। इसके अलावा 8 एनिमल पास, 200-200 मीटर के दो हाथी अंडरपास और डाट काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी टनल भी बनाई गई है। पढ़ें पूरी खबर…
चित्रकूट के मऊ क्षेत्र स्थित मंदौर गांव में प्रस्तावित शराब की दुकान को लेकर ग्रामीणों में तीव्र विरोध देखा जा रहा है। ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने एकजुट होकर जिलाधिकारी चित्रकूट के नाम जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें दुकान खोलने की अनुमति निरस्त करने की मांग की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में शराब की दुकान खुलने से सामाजिक माहौल बिगड़ जाएगा। समाजसेवी मंटू त्रिपाठी ने बताया कि इसका युवाओं और बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, साथ ही गांव में अपराध और विवाद की घटनाएं बढ़ सकती हैं। ज्ञापन में ग्रामीणों ने यह भी उल्लेख किया है कि शराब की दुकान खुलने से महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि इससे गांव का शांतिपूर्ण वातावरण प्रभावित होगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए गांव में शराब की दुकान खोलने की अनुमति न देने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान प्रधान प्रतिनिधि अभिषेक यादव, दुर्गेश चंद्र, आकाश, धर्मेंद्र, वीरेंद्र प्रसाद, रिंकू, माया देवी, जया श्रीवास्तव, रामऔतार, शैलू, पप्पू, भइयालाल, जितेंद्र, छोटेलाल, कल्लू, रमेश, भोले, प्रेमचंद्र, अमित, कमला और राममुरारी सहित दर्जनों ग्रामीण उपस्थित रहे।
मंदसौर जिले के नई आबादी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम उदपुरा में सोमवार रात 35 वर्षीय ट्रैक्टर चालक विकास प्रताप (पिता बापूलाल मीणा) ने पत्नी की साड़ी से फंदा बनाकर फांसी लगा ली। शराब के नशे में घर में विवाद और तोड़फोड़ करने के बाद उसने पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिजन उसे गंभीर हालत में ट्रैक्टर ट्रॉली में डालकर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वर्तमान में नई आबादी थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। नशे में घर पहुंचकर करता था विवाद और तोड़फोड़ परिजनों के अनुसार, मृतक विकास मीणा लंबे समय से शराब का आदी था। सोमवार रात भी वह शराब के नशे में धुत होकर घर पहुंचा था। इसके बाद उसने घर में तोड़फोड़ करना और विवाद करना शुरू कर दिया। परिजनों ने बताया कि वह आए दिन इसी तरह शराब पीकर विवाद और तोड़फोड़ करता था। पत्नी की साड़ी से बनाया फंदा, पंखे से लटका मिला शव विवाद करने के कुछ देर बाद विकास ने कमरे में जाकर अपनी पत्नी की साड़ी से फंदा बनाया और छत के पंखे से लटक गया। जब परिजनों ने कमरे में जाकर देखा तो वह फंदे पर लटका हुआ था। परिजनों ने उसे फंदे से नीचे उतारा और तुरंत ट्रैक्टर की ट्रॉली में डालकर अस्पताल लेकर भागे। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच घटना की सूचना मिलने पर नई आबादी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम किया। फिलहाल आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस परिजनों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
लखनऊ के गोमती नगर में दंपती सहित चार लोगों ने एक युवक कंपनी में पार्टनरशिप का झांसा देकर 13 करोड़ रुपए ठग लिए। पीड़ितने पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) से शिकायत कर पड़ोस में रहने वाले दंपती समेत चार लोगों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। डीसीपी के निर्देश पर गोमती नगर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। पीड़ित कृष्ण प्रताप सिंह ने बताया कि मारुत सुत तिवारी और उनकी पत्नी आनन्दिता तिवारी ने खुद को निजी कंपनी का डायरेक्टर बताते हुए उन्हें बिजनेस में 50% पार्टनर बनाने का लालच दिया। लाइसेंस ट्रांसफर और डिस्ट्रीब्यूशनशिप दिलाने के नाम पर 2022 से 2024 के बीच उनसे और उनके परिजनों से 13 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम ले ली गई। फर्जी एग्रीमेंट और चेक देकर टालते रहे आरोप है कि रकम के एवज में आरोपियों ने कई चेक दिए और एक एग्रीमेंट भी कराया, जिसमें फर्जी तरीके से 40 लाख रुपए आरटीजीएस से देने की बात दर्ज की गई, जबकि पीड़ित के खाते में कोई पैसा नहीं आया। बैंक स्टेटमेंट से इसकी पुष्टि होने का दावा किया गया है। रिटायर्ड अधिकारी पिता को भी बनाया शिकार पीड़ित ने बताया कि उसके पिता, जो सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी हैं, को भी कंपनी में चेयरमैन बनाने का झांसा देकर करीब 2.58 करोड़ रुपए ट्रांसफर करा लिए गए। इसके अलावा एफडी तुड़वाकर और अन्य माध्यमों से भी लाखों रुपए लिए गए, जिन्हें वापस नहीं किया गया। समझौता कर भी नहीं लौटाए पैसे 25 अक्टूबर 2025 को लिखित समझौते में आरोपियों ने 30 नवंबर 2025 तक पूरी रकम लौटाने का वादा किया, लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी एक रुपया वापस नहीं किया गया। पीड़ित का आरोप है कि 16 नवंबर 2025 को सतरिख चौराहे के पास आरोपियों ने साथियों के साथ गाड़ी रोककर धमकी दी कि सिर्फ 10 लाख रुपए लौटाएंगे, बाकी रकम भूल जाओ। विरोध करने पर जान से मारने और फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई। पीड़ित ने मारुत सुत तिवारी, आनन्दिता तिवारी, विजय कोहली और रश्मि कोहली के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है।
हमीरपुर जिले की मौदहा गल्ला मंडी में सोमवार शाम भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष हरिनाम सिंह अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। उन्होंने सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों का निरीक्षण किया और केंद्र प्रभारियों को किसानों को बेवजह परेशान न करने की सख्त हिदायत दी। प्रदेश अध्यक्ष ने मंडी में मौजूद किसानों से भी बातचीत की। उन्होंने किसानों के सामने ही गेहूं की तौल कराकर व्यवस्था की जांच की। इस दौरान उन्होंने तौल में किसी प्रकार की कटौती न करने और किसानों का पूरा भुगतान सुनिश्चित करने को कहा। हरिनाम सिंह ने आरोप लगाया कि शासन की मंशा किसानों को खुशहाल रखने की है, लेकिन जिला स्तर पर बैठे अधिकारी और संबंधित विभाग के लोग किसानों का शोषण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी, पुलिस प्रशासन, तहसील प्रशासन, एफसीआई के ठेकेदार और क्रय केंद्र प्रभारी मिलकर किसानों को लूटने में लगे हैं और मजदूरों का हक भी मारा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और मुख्यमंत्री किसानों को खुशहाल देखना चाहते हैं। इसके बावजूद निचले स्तर के अधिकारी किसानों को परेशान कर रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि वह रात में ही जिलाधिकारी से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे मुस्करा मंडी में तहसीलदार द्वारा सीज किए गए गेहूं में हेराफेरी करने वाले के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग करेंगे।
मुजफ्फरनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के दौरान ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले सब-इंस्पेक्टर चौबे सिंह को निलंबित कर दिया गया है। फुगाना थाने में तैनात चौबे सिंह पर यह कार्रवाई एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने की है। उन्हें अनुशासनहीनता और कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है। यह मामला सोमवार को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान सामने आया था। दरोगा चौबे सिंह तहसील सदर परिसर के फैमिली कंपाउंड के पास नशे की हालत में अर्धनग्न अवस्था में पाए गए थे। एक वायरल वीडियो में वह मिट्टी में लोटपोट होते हुए और बार-बार 'मैं कहां खड़ा हूं?' पूछते हुए दिखाई दिए थे। उनकी खाकी वर्दी की स्थिति भी ठीक नहीं थी, जिससे मौके पर मौजूद लोगों के बीच काफी देर तक चर्चा और हलचल बनी रही। जानकारी के अनुसार, दरोगा चौबे सिंह की ड्यूटी खालापार थाना क्षेत्र में वीआईपी सुरक्षा में लगाई गई थी। हालांकि, वह अपने ड्यूटी प्वाइंट पर पहुंचने के बजाय इस हालत में मिले। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था, जिससे पुलिस विभाग की काफी किरकिरी हुई। सीओ फुगाना यतेंद्र नागर ने बताया कि ड्यूटी के दौरान इस तरह की लापरवाही को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है। इस संबंध में विभागीय जांच भी जारी है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पूरे जिले में 'हाई अलर्ट' और 'तीन-स्तरीय सुरक्षा' के दावे किए जा रहे थे। इस प्रकरण ने सुरक्षा व्यवस्था के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रायपुर में प्लाईवुड कंपनी के कर्मचारी से 35 लाख रुपए की ठगी हुई है। आरोपी ‘आधा नोट’ ट्रिक का इस्तेमाल कर हवाला की रकम लेकर भाग गए। जब कर्मचारी ने अपने मालिक को नोट की फोटो खींचकर भेजा, तो नंबर फर्जी निकले। वारदात की शिकायत के बाद पुलिस में केस दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। वहीं, हवाला एंगल सामने आने के बाद इनकम टैक्स विभाग ने भी पैसों के सोर्स की जांच शुरू कर दी है। रायपुर में हर दिन 30 करोड़ का हवाला कारोबार हो रहा है। घटना तेलीबांधा थाना इलाके की है। जानिए क्या है पूरा मामला जानकारी के मुताबिक, मूलतः मुंबई निवासी करण शर्मा एक प्लाईवुड फैक्ट्री में काम करता है। अपने मालिक व्यापारी कनक राम के कहने पर 11 अप्रैल को रायपुर पहुंचा था। उसके मालिक का हवाला कारोबार भी बताया जा रहा है। करण को रायपुर में एक व्यापारी से 35 लाख रुपए कैश लेना था। जिसे बाद में दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाना था। करण तय स्थान पर पहुंचा, जहां पहले व्यापारी ने आधा नोट दिखाया। नोट के सीरियल नंबर मिलान करने के बाद उसने 35 लाख रुपए ले लिए। इसके बाद उसने अपने मालिक को इसकी जानकारी दी। मालिक ने उसे वहीं रुकने को कहा और बताया कि यह पैसे दूसरे व्यापारी को देना है। पहले सौदे में असली नोट, दूसरे में निकला फर्जी कुछ ही देर बाद करण के पास दूसरे व्यापारी का फोन नंबर और नोट का सीरियल नंबर आया। उसने फोन किया तो उसे वीआईपी तिराहा स्थित श्रीराम मंदिर के पास बुलाया गया। वहां एक व्यक्ति ने उसे आधा नोट दिखाया। सीरियल नंबर मैच करने के बाद करण ने बिना शक किए 35 लाख रुपए उसे दे दिए। जब करण ने उस आधे नोट की फोटो खींचकर अपने मालिक को भेजा, तब पता चला कि, नोट का नंबर फर्जी है। वह असली सौदे से मेल नहीं खाता है। इसके बाद करण को समझ आया कि, वह ठगी का शिकार हो चुका है। थाने में शिकायत, CCTV में दिखा संदिग्ध पीड़ित ने घटना की शिकायत तेलीबांधा थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में एक संदिग्ध कैद हुआ है। साथ ही जिस मोबाइल नंबर से संपर्क किया गया था, उसके आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है। IT विभाग भी करेगी जांच पुलिस ने हवाला कारोबारी के साथ हुई घटना की जानकारी इनकम टैक्स विभाग को भी दी है। आईटी विभाग ने पैसों की सोर्स को लेकर जांच शुरू कर दी है। लेन-देन से जुड़ी जानकारी भी व्यापारी से मांगी गई है। रायपुर में हर दिन 30 करोड़ का हवाला हवाला कारोबारी से जुड़े लोगों के अनुसार, रायपुर में हर दिन 30 करोड़ का हवाला कारोबार हो रहा है। रायपुर से मुंबई-झारखंड पैसे भेजने की डिमांड ज्यादा है। इस पैसे को भेजने के एवज में 1 लाख रुपए (एक पेटी) भेजने पर 1500 से 2000 रुपए कमीशन फिक्स है। हवाला का कारोबार रायपुर से विदेशों तक हो रहा है। हवाला कारोबार से जुड़े लोग दुबई, श्रीलंका और नेपाल में भी पैसे ट्रांसफर करने का दावा भी करते हैं। ED की जांच में हो चुकी हवाला की पुष्टि ED के अफसरों ने जांच के बाद अपनी चार्जशीट में महादेव बुक का पैसा अफसरों तक पहुंचने में हवाला होने की पुष्टि की थी। पुलिस के हत्थे चढ़े पुलिसकर्मियों ने इस बात को कबूला है कि, रायपुर और दुर्ग के हवाला कारोबारियों के माध्यम से विदेशों से पैसा आता था। ये पैसा अफसरों और राजनेताओं तक पहुंचता था। इस पैसों को इधर से उधर पहुंचाने में कई कुरियर बॉय काम करते थे। ……………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… रायपुर में स्कूटी की डिक्की से 75 लाख कैश पकड़ाया...VIDEO: हवाले का पैसा ठिकाने लगाने से पहले जब्त; 15 इलाकों में चल रहा अवैध कारोबार छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक स्कूटी की डिक्की से 75 लाख कैश पकड़ाया है। जांच में पता चला है कि पूरा पैसा हवाले का था। रायपुर के ही रहने वाले मिलन शर्मा (25) जो पेशे से कलेक्शन एजेंट है। वह शुक्रवार रात (27 फरवरी) अलग-अलग इलाकों के कारोबारियों से पैसे कलेक्ट कर समता कॉलोनी पहुंचा था। साइबर पुलिस ने उसे वहीं पकड़ लिया। पढ़ें पूरी खबर…
विदिशा पुलिस ने 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' के तहत दो महीने की लंबी जांच के बाद एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने राजस्थान से संचालित हो रहे इस नेटवर्क के चारों स्तरों को ध्वस्त करते हुए 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 92.01 ग्राम ब्राउन शुगर व मर्सिडीज सहित 4 वाहन (कुल कीमत 1.01 करोड़ रुपए) जब्त किए हैं। कोतवाली, सिविल लाइन और गंजबासौदा पुलिस की संयुक्त टीम ने सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और अवैध कमाई के नेटवर्क को खत्म करने के लिए उनके बैंक खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई की जा रही है। 'डेड ड्रॉप' और डिजिटल पेमेंट से होता था हाईटेक कारोबार आरोपी पुलिस से बचने के लिए आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल करते थे। वे डिजिटल पेमेंट और 'डेड ड्रॉप' तकनीक का प्रयोग करते थे। ग्राहकों की पुष्टि कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए की जाती थी और सार्वजनिक स्थानों पर 'डेड ड्रॉप' विधि से डिलीवरी की जाती थी। नशे के सौदागर कोड वर्ड, पॉइंट और टिकट का भी इस्तेमाल करते थे। नशे के ये सौदागर शहर के अहमदपुर, तुलसी गार्डन, बायपास, बस स्टैंड, रामलीला मैदान और कॉलेज क्षेत्रों सहित कई इलाकों में सक्रिय थे। राजस्थान से जुड़े हैं तार, 89.80 लाख के 4 वाहन जब्त पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का संचालन राजस्थान से होता था, जहां से मुख्य सप्लायर ब्राउन शुगर की आपूर्ति करता था। स्थानीय स्तर पर डीलर, डिलीवरी एजेंट और ट्रांसपोर्ट टीम के माध्यम से शहर के विभिन्न इलाकों में नशीले पदार्थ पहुंचाए जाते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 92.01 ग्राम ब्राउन शुगर जब्त की है, जिसकी अनुमानित कीमत 9.15 लाख रुपए है। इसके अतिरिक्त एक मर्सिडीज C-220, अर्टिगा, स्विफ्ट डिजायर और एक स्कूटर भी जब्त किया गया है, जिनकी कुल कीमत 89.80 लाख रुपए आंकी गई है। एसपी बोले- सप्लाई चेन से लेकर सरगना तक गिरफ्त में पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने बताया कि, पूरे नेटवर्क को तकनीकी जांच और लगातार निगरानी के आधार पर पकड़ा गया है। सप्लाई चेन से लेकर मुख्य सरगना तक सभी गिरफ्त में हैं। नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और लोगों से अपील की कि ऐसी गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। डिजिटल पेमेंट और डेड ड्रॉप जैसी तकनीकों का इस्तेमाल यह दिखाता है कि अब नशे का कारोबार नए तरीके अपना रहा है, लेकिन पुलिस की सतर्कता से इस पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है।
कोटा में बीच बाजार से बाइक चोरी, VIDEO:पुलिया के नीचे पार्किंग में खड़ी थी, 30 सेकंड में लेकर भागा
कोटा में बाइक चोरी की घटना सामने आई है। अज्ञात बदमाश पुलिया के नीचे पार्किंग में खड़ी बाइक को 30 सेकंड में चोरी करके ले गया। घटना 12 अप्रैल की शाम 7 बजे के आसपास बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में सब्जी मंडी के पास की है। पीड़ित ने चोरी की शिकायत व सीसीटीवी फुटेज थाने में दिया है। सीसीटीवी फुटेज में अज्ञात बदमाश बाइक चोरी करके ले जाता हुआ नजर आ रहा है। अजय मेहरा ने बताया कि उसका मौसेरा भाई मुरली बोरखेड़ा इलाके ने 4-5 साल से डेयरी पर काम करता है। वो बाइक से आता जाता है। बाइक को डेयरी के सामने पार्क करता है। 12 अप्रैल को बाइक को भी बाइक पार्किंग में खड़ी थी। शाम 7 बजे अज्ञात बदमाश बाइक को चोरी करके ले गया। आधे घंटे बाद मुरली ने दुकाने से पार्किंग की तरफ देखा, तो बाइक नजर नहीं आई। उसने आसपास तलाश किया। लेकिन बाइक नहीं मिली। जिसके बाद उसने आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जिसमें एक बदमाश पुलिया के नीचे बाइक के पास खड़े होकर रैकी करता हुआ दिखाई दिया, और चंद सेकंड में ही बाइक उठाकर ले जाता हुआ नजर आया। बदमाश ने गले में गमछा डाल रखा था। बाइक करीब 9 साल पुरानी थी। चोरी की शिकायत थाने में दी है।
नपुंसकता के इलाज के नाम पर धांधली के आरोपों में घिरे भंडारी हॉस्पिटल की परेशानियां बढ़ सकती हैं। जिन डॉ. चिराग भंडारी के असिस्टेंट पर अवैध इंजेक्शन बनाने और विदेशों में भेजने का आरोप था, अब उन्हीं उन्हीं पर अवैध प्रैक्टिस का भी आरोप है। दरअसल, राजस्थान मेडिकल काउंसिल में डॉ चिराग का रजिस्ट्रेशन एमबीबीएस-एमस के तौर पर है। जबकि, हॉस्पिटल की वेबसाइट पर उन्हें एन्ड्रोलॉजी का स्पेशलिस्ट बताया गया है। राजस्थान मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार का कहना है कि- दूसरे सब्जेक्ट की प्रैक्टिस करना गलत है। हालांकि, डॉ चिराग का कहना है कि एमएस के बाद कोई रजिस्ट्रेशन होता ही नहीं है। सबसे पहले पढ़िए- हॉस्पिटल की वेबसाइट पर क्या है? हमारी एंड्रोलॉजी टीम का नेतृत्व डॉ.चिराग भंडारी जैसे अनुभवी विशेषज्ञों द्वारा किया जाता है। जो पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य क्षेत्र में एक विश्वसनीय विशेषज्ञ हैं। व्यापक प्रशिक्षण और अनुभव के साथ डॉ.चिराग भंडारी पुरुष बांझपन, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन और हार्मोनल असंतुलन जैसी स्थितियों के लिए विशेषज्ञ उपचार प्रदान करते हैं। रजिस्ट्रार बोले- दूसरी प्रैक्टिस करना गलत राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) के रजिस्ट्रार डॉ.गिरधर गोयल ने बताया कि डॉ.चिराग भंडारी का रजिस्ट्रेशन इस सब्जेक्ट का नहीं है। उन्होंने बताया कि उनका रजिस्ट्रेशन एमएस जनरल सर्जरी के लिए है। आरएमसी और एनएमसी के नियमों के हिसाब से वो जनरल सर्जरी की प्रैक्टिस कर सकते हैं। अगर वे कोई स्पेशलिटी या सुपर स्पेशलिटी की प्रैक्टिस करते हैं तो वैध डिग्री और उसका रजिस्ट्रेशन आरएमसी से कराना आवश्यक है। वे अपनी डिग्री के अलावा और किसी विषय या विशेषज्ञता की प्रैक्टिस करते हैं तो गलत है। डॉ. चिराग का तर्क- ऐसा कोई रजिस्ट्रेशन होता ही नहीं भास्कर ने पक्ष जानने के लिए डॉ. चिराग भंडारी से बात की। उन्होंने तर्क दिया कि ऐसा कोई रजिस्ट्रेशन नहीं होता है। RMC में MBBS और MS का रजिस्ट्रेशन होता है। उसके बाद का रजिस्ट्रेशन नहीं होता। फेलोशिप का रजिस्ट्रेशन नहीं होता। एंड्रॉलोजी का कहीं पर भी रजिस्ट्रेशन नहीं होता। आपको जो चलाना है चलो दो। अब क्या हो सकती है कार्रवाई? राजस्थान में प्रैक्टिस करने के लिए डॉक्टर को राजस्थान मेडिकल काउंसिल से रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक होता है। रजिस्ट्रेशन के लिए डिग्री और दस्तावेत आरएमसी को पेश करने होते हैं। जांच में सही पाए जाने पर आरएमसी उनका रजिस्ट्रेशन करता है। अगर कोई डॉक्टर रजिस्ट्रेशन के अलावा गलत प्रैक्टिस में पाया जाता है तो आरएमसी की जीबीएम संबंधित डॉक्टर के खिलाफ रजिस्ट्रेशन अस्थाई सस्पेंड करने के साथ ही परमानेंट कैंसिल कर सकता है। एक्सट्रीम मामलों में संबंधित डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर भी की जा सकती है। दो दिन पहले अस्पताल प्रशासन ने बताया था योग्य भास्कर ने मामले में 11 अप्रैल को हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ कान्तिमल भंडारी से बात की थी। उन्होंने भी डॉ. चिराग भंडारी की क्वालिफिकेशन को लेकर दावा किया था। भंडारी हॉस्पिटल से जुड़े अवैध इंजेक्शन बेचने के तार दरअसल, सूरत में क्यूरीमेड लाइफ साइंसेज (Curimed Life Sciences) में ड्रग्स डिपार्टमेंट की टीम को TRIMIX नाम के एक इंजेक्शन के बारे में पता चला। जांच की तो पता चला कि TRIMIX नाम का कोई इंजेक्शन या दवा डीसीजीआई से अप्रूव ही नहीं है। जबकि, देश में कोई भी दवा बेचने से पहले अप्रूवल जरूरी है। इंजेक्शन का बिल 'Oh man' फार्मेसी नाम से कटा हुआ था। उसमें रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर जयपुर के डॉ. चिराग भंडारी का मिला। हॉस्पिटल में ड्रग्स डिपार्टमेंट की टीम ने किया था सर्च इसके बाद गुजरात ड्रग्स डिपार्टमेंट ने इसके बारे में डीसीजीआई को सूचित किया। डीसीजीआई ने राजस्थान ड्रग्स डिपार्टमेंट को 'oh man' फार्मेसी के बारे में पता करने को कहा। जांच में सामने आया कि इस नाम से कोई भी फार्मेसी को लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। फिर बिल पर लिखे नंबर और oh man फार्मेसी के बारे में ऑनलाइन सर्च किया गया। ‘ओह मैन’ नाम एक वेबसाइट मिली, जिसमें सेक्सुअल डिसऑर्डर से पीड़ित मरीजों की टेली कंसल्टेंसी (ऑनलाइन कंसलटेशन) की जाती है। इसका संबंध भंडारी अस्पताल में स्थित जयभवानी फार्मेसी से है। इसके बाद सेंट्रल टीम और राजस्थान ड्रग्स डिपार्टमेंट की टीम ने गुरुवार (9 अप्रैल) को जयभवानी फार्मेसी पर छापा मारा। हालांकि, रेड में न तो भंडारी हॉस्पीटल और न जय भवानी फार्मेसी में TRIMIX नाम का कोई इंजेक्शन नहीं मिला। ड्रग डिपार्टमेंट ने कार्रवाई के लिए लिखा पत्र इस मामले में अब ड्रग डिपार्टमेंट ने डॉ.चिराग भंडारी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर राजस्थान मेडिकल काउंसिल को लेटर लिखा है। इसके अलावा जयभवानी फार्मेसी को नोटिस भी जारी किया है। ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक ने बताया कि अवैध इंजेक्शन और इंजेक्शन की सप्लाई के मामले में डीसीजीआई को भी रिपोर्ट भेज दी गई है। …. इसी केस से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… नपुंसकता के इलाज के नाम पर अवैध इंजेक्शन का खेल:डॉक्टर के असिस्टेंट ने पर्चियां पढ़कर सीखा फॉर्मूला, जयपुर से कोरिया-युगांडा तक करते सप्लाई नपुंसकता के इलाज के दावों के नाम पर अवैध इंजेक्शन का कारोबार जयपुर से ऑपरेट हो रहा था। बड़े प्राइवेट हॉस्पिटल के डॉक्टर का असिस्टेंट इसका मास्टरमाइंड है। पूरी खबर पढ़िए…
रतलाम के बाजना क्षेत्र के माही नदी के पास रविवार देर रात बाइक सवार पिता ओर बेटी के लूटपाट की घटना के बाद सोमवार रात एसपी अमित कुमार घटनास्थल पहुंचे। अपने स्तर से उन्होंने पुलिस अधिकारियों से जांच के पाइंट तय किए। साथ ही घटना को शीघ्र पर्दाफाश कर बदमाशों को पकड़ने के लिए एसआईटी भी बना दी है। लूट की घटना को गंभीरता से लेते हुए एसपी अमित कुमार सोमवार रात घटनास्थल पर पहुंचे। घटनास्थल का मौका मुआयना किया। हर एक पहलू को जांचा। मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया। ओवरटेक कर घेरा, चाकू अड़ाया था राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ निवासी कादर खान अपनी बेटी नजराना और तीन वर्षीय पोता शादाब के साथ बाइक से जावरा से अपने घर लौट रहे थे। रात में जब वे रतनपुर के पास माही नदी से निकले तो कुछ लोगों ने उन्हें रोकने को कहा। लेकिन उन्होंने अपनी बाइक नहीं रोकी। तब पीछा कर दो बाइक पर आए 6 नकाबपोशों ने ओवरटेक करते हुए माही नदी से करीब 9 किलोमीटर दूर रात करीब 12 बजे उन्हें घेर कर रोक लिया। एक बदमाश ने कादर खान की गर्दन पर चाकू अड़ा दिया। बदमाशों ने कादर खान के पास से करीब 5000 नकद एवं उनकी बेटी से पर्स में रखे 15 हजार नगद, मंगलसूत्र एवं कान के सोने के टॉप्स छिन लिए। इसके अलावा बाईक की चाबी, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड के साथ कपड़ों से भरा बैग और दोनों के मोबाइल व अन्य सामान लूट लिया। यहां तक उनके पास चाकू था जिससे पैर में पहनी चांदी की पाइजब भी काटने की कोशिश की। इसी दौरान बाजना की तरफ से एक पिकअप की रोशनी देख बदमाश रतलाम की तरफ भाग गए। रिश्तेदारों के घर पहुंचे पिता और बेटी रात में बाजना में अपने रिश्तेदार के यहां पहुंचे। उन्हें घटना की जानकारी देकर रात में वही रुके। सोमवार दोपहर बाजना थाना पहुंच घटनाक्रम बताया। इसके बाद पुलिस अलर्ट हुई। पिता कादर खान को लेकर बाजना थाना पुलिस व रतलाम सायबर टीम घटनास्थल पहुंची। इसके बाद अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया। 18 से 22 साल की उम्र कादर बेटी के साथ जावरा शादी में गए थे। रात में उनकी बहू की डिलेवरी होने की जानकारी मिलने पर रात में ही वह जावरा से अपने घर जाने के लिए निकल गए थे। कादर खाने के अनुसार बदमाशों ने मुहं पर कपड़ा बांध रखा था। जिनकी उम्र करीब 18 से 22 साल की थी। 4 से 5 दिन पहले टीआई लाईन अटैच बाजना थाना प्रभारी मनीष डाबर को कार्य में लापरवाही बरतने को लेकर एसपी अमित कुमार ने 4 से 5 दिन पहले ही लाइन अटैच किया था। इसके बाद थाना का प्रभारी सब इंस्पेक्टर आरसी खपेड़ के पास था। तलाश जारी है- एसपी एसपी ने बताया पूर्व की घटनाओं को देखते हुए लूट के आरोपियों की तस्दीक की जा रही है। घटना के खुलासे के लिए एसआईटी बनाई है। संदिग्ध लोगों की तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है। साइबर सेल टीम तकनीकी साक्ष्यों से छानबीन में जुटी है।
लुधियाना के नगर निगम स्टोर में चोरी:कैमरें खंगाल रही पुलिस,अज्ञात के खिलाफ 29 दिन बाद दर्ज हुई FIR
लुधियाना में चोरी की एक और वारदात सामने आई है। नगर निगम के ओ एंड एम सेल के स्टोर को निशाना बनाते हुए अज्ञात व्यक्ति द्वारा चोरी की गई है। मामले में थाना डिवीजन नंबर-7 की पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता सहायक कॉर्पोरेशन इंजीनियर, लुधियाना अर्बन वाटर एंड वेस्टवॉटर मैनेजमेंट लिमिटेड (सब जोन-बी 3) ने पुलिस को दी। 15 मार्च की है घटना शिकायत में बताया कि 15 मार्च 2026 की रात वार्ड नंबर-29 के पास एलआईजी फ्लैट, गुरु अर्जन देव नगर स्थित नगर निगम के ओ एंड एम सेल के स्टोर से अज्ञात व्यक्ति ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया। स्टोर का जब रिकार्ड चैक किया तो सामान चोरी होने के बारे पता चला। अपने तौर पर भी निगम ने इसकी जांच की लेकिन जब चोर का कही कुछ पता नहीं चला तो मामला के पुलिस सूचना दी। शिकायत मिलने के बाद थाना डिवीजन नंबर-7 की पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305 और 331(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।फिलहाल पुलिस आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और आरोपी की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा पुलिस द्वारा किया जा रहा है।
जोधपुर में विकलांग शिक्षण सेवा संस्थान जोधपुर की देखरेख में बरकतुल्लाह खां स्टेडियम में चल रही नेशनल दिव्यांग व्हीलचेयर क्रिकेट टूर्नामेंट का सोमवार को फाइनल मैच खेला गया। आयोजक जवान बन गोस्वामी ने बताया कि टूर्नामेंट का फाइनल मैच राजस्थान व दिल्ली के बीच खेला गया। जिसमें दिल्ली ने पहले खेलते हुए 109 रन बनाए। राजस्थान टीम ने जवाब में शानदार पारी खेलते हुए आठ विकेट से मैच जीत लिया। विकलांग संस्थान के निदेशक विजय सिंह मेड़तिया ने बताया कि शाम को विजेता, उप-विजेता सहित बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले दिव्यांग खिलाड़ियों का सम्मान किया गया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि परीक्षित सिंह उर्फ बोजो ने संबोधित करते हुए कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना और उन्हें समान अवसर प्रदान करना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। उनकी मेहनत और अटूट हौसले को सलाम करते हुए, हमें सहानुभूति की जगह सहयोग, समावेशी वातावरण और बेहतर खेल सुविधाओं के माध्यम से उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना चाहिए ताकि वे खेल की दुनिया में देश का नाम रोशन कर सकें। भामाशाह जाह्नवी कुमारी ने कहा कि खेल में हार जीत होना कोई बड़ी बात नहीं बल्कि उसे पूरे मन से खेलना ही खेल है। सूरसागर विधायक देवेंद्र जोशी ने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों की क्षमता पर विश्वास जताएं और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करें, न कि सिर्फ सहानुभूति दिखाएं। दिव्यांग खिलाड़ियों की सेवा के लिए सुमेरपुर से भामाशाह पंकज राज मेवाड़ा सहित अन्य का सम्मान किया। इस दौरान पृथ्वीराज सिंह भाटी, पूर्व उपमहापौर किशन लड्डा, न्यूयार्क के भामाशाह स्टीफन, स्नेहलता, पृथ्वीपाल सिंह, तपस्वीराज सिंह, महावीर कोठारी, मोहित ओझा, विक्रम सिंह पंवार, अजय सिंह मेड़तिया, भावेश गौड, झूमर पालीवाल, हितेश सैन, नेमीचंद गौड़, सुमेर सिंह, अशोक प्रजापत, चंदनसिंह पडियार सहित अन्य उपस्थित थे।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं व 12वीं की पूरक परीक्षाएं 14 मई से शुरू होंगी। इसका शेड्यूल जारी कर दिया गया है। 15 अप्रैल से लिंक एक्टिव कर दिया जाएगा। बोर्ड सचिव के अनुसार- विद्यालय और परीक्षार्थी मूल अंकतालिका का इंतजार किए बिना समय पर शुल्क जमा कराने की प्रक्रिया पूरी करें। सामान्य परीक्षा शुल्क 15 से 22 अप्रैल तक शालाओं द्वारा चालान मुद्रण किया जा सकेगा। परीक्षा शुल्क बैंक में जमा कराने की अंतिम तिथि 24 अप्रैल है। एक अतिरिक्त परीक्षा शुल्क सहित 23 अप्रैल से 27 अप्रैल तक शालाओं द्वारा चालान मुद्रण किया जा सकेगा। बैंक में 29 अप्रैल तक तक शुल्क जमा किया जा सकेगा। पूरक परीक्षा का कार्यक्रम भी जारी कर दिया गया है। अधिक जानकारी बोर्ड वेबसाईट http://rajeduboard.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध है। ये रहेगा शुल्क परीक्षा शुल्क नियमित परीक्षार्थियों के लिए 600 तथा स्वयंपाठी परीक्षार्थियों के लिए 650 रुपए निर्धारित है। प्रायोगिक परीक्षा शुल्क 100 रुपए प्रति विषय अलग से देना होगा। योग्यजन (दिव्यांग) तथा युद्ध में वीरगति को प्राप्त अथवा अपाहिज सैनिको के पुत्र / पुत्रियों / पुलवामा हमले में शहीद हुए सैनिको के आश्रितों को परीक्षा शुल्क से मुक्त रखा गया है, किन्तु इन्हे टोकन शुल्क 50 रुपए जमा कराना होगा। यहां करें कॉन्टेक्ट बोर्ड कन्ट्रोल रूम फोन नम्बर 0145-2632866, 2632867, 2632868 और इमेल आईडी ddexamfirst@gmail.com पर सम्पर्क किया जा सकता है। ………. ये खबरें भी पढ़िए… 5 साल बाद 12वीं के रिजल्ट में क्यों गिरावट आई? स्टूडेंट्स को तैयारी का समय कम मिला, जल्द हुए एग्जाम; क्या बोले-एक्सपर्ट राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पिछले 5 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है, जब 12वीं के तीनों सब्जेक्ट का रिजल्ट गिरा है। इस साल आट्र्स का रिजल्ट 97.54%, कॉमर्स का 93.64% और साइंस का 97.52% रहा। साल 2025 के मुकाबले आट्र्स का रिजल्ट 0.24%, साइंस का 0.91% कम रहा। पूरी खबर पढ़ें सरकारी स्कूल की छात्रा टॉपर, दोस्त फॉर्च्युनर सॉन्ग पर नाचे, साइंस में 499 नंबर लाने वालीं 3 लड़कियां सीकर की; जोधपुर की स्टूडेंट को कार मिलेगी राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की 12वीं आट्र्स, कॉमर्स, साइंस का रिजल्ट मंगलवार सुबह 10 बजे जारी किया गया। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने परिणाम की घोषणा की। साइंस में 5 संयुक्त टॉपर ने 99.80 प्रतिशत मार्क्स हासिल किए हैं। आट्र्स में भी 3 टॉपर स्टूडेंट को 99.60 प्रतिशत अंक मिले। कॉमर्स में 99.20 प्रतिशत नंबर लेकर एक गर्ल्स स्टूडेंट ने टॉप किया है। टॉप-5 में जयपुर, कोटा और उदयपुर जैसे प्रदेश के बड़े जिलों को जगह नहीं मिली है। पूरी खबर पढ़ें
लखनऊ में सुबह से तेज धूप निकली हुई है। गर्म हवा के थपेड़े चल रहे हैं। दिनभर मौसम साफ बना रहेगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि आज लखनऊ का अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री दर्ज किया जाएगा। दोपहर में पारा अपने अधिकतम स्तर पर पहुंच जाएगा। सोमवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री रहा। यह सामान्य से 2.1 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री रहा। यह सामान्य से 2 डिग्री कम रहा। अधिकतम आर्द्रता 59 फीसदी और न्यूनतम आर्द्रता 15 फीसदी दर्ज की गई है। लखनऊ समेत यूपी में इस साल बारिश कम होने का अनुमान है। कम बारिश से खेती पर पड़ेगा असर मौसम विभाग के ताजा दीर्घकालिक पूर्वानुमान के मुताबिक, साल 2026 में उत्तर प्रदेश में मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार कई वैश्विक मौसम कारक बारिश को प्रभावित कर सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी गोलार्द्ध और यूरेशिया में सर्दियों व वसंत के दौरान बर्फ का फैलाव सामान्य से थोड़ा कम रहा है। हिंद महासागर में अभी तटस्थ स्थिति है, जो मानसून के अंत तक सकारात्मक रूप ले सकती है। इसके बावजूद प्रशांत महासागर में चल रही कमजोर ला-नीना स्थिति जून तक खत्म होकर तटस्थ हो जाएगी। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि इसके बाद मानसून के दौरान अल-नीनो जैसी परिस्थितियां बनने की आशंका है, जो आमतौर पर भारत में बारिश कम करती हैं। यही वजह है कि मौसम विभाग ने यूपी और लखनऊ में इस बार कुल मानसूनी बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह अनुमान सही साबित होता है तो इसका असर खेती और जल संसाधनों पर पड़ सकता है।
लखनऊ विकास प्राधिकरण की बहुप्रतीक्षित आईटी सिटी योजना को गति देने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। अब 10 एकड़ से अधिक जमीन देने वाले भू-स्वामियों को उसी गांव में विकसित प्लॉट आवंटित किया जाएगा, जहां उनकी मूल जमीन है। पहले यह व्यवस्था नहीं थी और आवंटन लॉटरी के जरिए किया जाता था, जिससे बड़े निवेशकों और बिल्डरों में असंतोष था। एलडीए सुल्तानपुर रोड पर किसान पथ के किनारे करीब 1054 एकड़ में आईटी सिटी योजना विकसित कर रहा है। इसमें बक्कास, सिकंदरपुर अमोलिया, सिद्धपुरा, परेहटा, रकीबाबाद, मोहारी खुर्द, मोहारी कला, खुजौली, भटवारा, सोनई कंजेहरा और पहाड़ नगर टिकरिया जैसे गांव शामिल हैं। अब तक करीब 234 हेक्टेयर जमीन लैंडपूलिंग के जरिए ली जा चुकी है, जबकि लगभग 800 हेक्टेयर जमीन अभी अधिग्रहित होना बाकी है। 10 एकड़ से ज्यादा जमीन देने वालों को लाभ शासन स्तर से लगातार दबाव बनाया जा रहा है कि योजना के लिए जल्द से जल्द जमीन जुटाई जाए। यही वजह है कि एलडीए ने नियमों में संशोधन कर बड़े भू-स्वामियों को राहत देने का फैसला किया है। दरअसल, कई बड़े भू-स्वामी और बिल्डर लैंडपूलिंग में जमीन देने से इसलिए पीछे हट रहे थे क्योंकि उन्हें अपनी ही लोकेशन पर विकसित प्लॉट मिलने की गारंटी नहीं थी। अब नई व्यवस्था के तहत 10 एकड़ से अधिक जमीन देने वालों को उसी गांव में प्लॉट मिलेगा, जिससे उनकी जमीन की लोकेशन वैल्यू बनी रहेगी। इससे बड़े निवेशकों के भी योजना में जुड़ने की उम्मीद बढ़ गई है। 5 बीघा तक देने वालों को 25% विकसित प्लॉट एलडीए के अनुसार, लैंडपूलिंग के तहत प्राधिकरण जमीन मुफ्त में लेकर उसके बदले भू-स्वामियों को विकसित जमीन देता है। पांच बीघा तक जमीन देने वालों को 25 प्रतिशत विकसित प्लॉट मिलता है, जबकि 10 एकड़ से अधिक जमीन देने वालों को 50 प्रतिशत तक विकसित जमीन दी जाती है। मार्च में लॉटरी के जरिए छोटे भू-स्वामियों को 549 भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। अब बड़े भू-स्वामियों के लिए नियम आसान होने से आईटी सिटी योजना में तेजी आने की संभावना है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार का कहना है कि संशोधित लैंडपूलिंग व्यवस्था से योजना को तेजी मिलेगी और जल्द ही आईटी सिटी को पूर्ण रूप से विकसित किया जाएगा।
राजस्थान में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हुए बस-ट्रक की टक्कर में 3 लोगों की मौत हो गई। हादसे में 30 से ज्यादा बस पैसेंजर्स घायल हुए हैं। एक्सीडेंट अलवर जिले के राजगढ़ थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह करीब 6 बजे हुआ। पुलिस के अनुसार बस उज्जैन से दिल्ली जा रही थी। आरोप है कि बस ड्राइवर की लापरवाही के कारण केमिकल से भरे खड़े ट्रक में घुस गई। ड्राइवर को नींद की झपकी आने से एक्सीडेंट थाना एसएचओ राजेश मीणा ने बताया कि एक्सीडेंट रैणी थाना क्षेत्र में पिनान के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर चैनल नंबर-100 इंटरचेंज पुलिया के पास हुआ। घायल पैसेंजर्स का आरोप है बस की स्पीड बहुत ज्यादा थी। ड्राइवर को झपकी आ रही थी। उससे बस साइड में रोकने के लिए कई बार कहा था, लेकिन वो ड्राइव करता रहा। एक्सप्रेस-वे पर खड़ा था ट्रक पैसेंजर्स का कहना है जिस ट्रक से एक्सीडेंट हुआ है वो किनारे पर खड़ा था। हालांकि, पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। एसएचओ ने बताया कि हादसे में बस ड्राइवर, एक महिला और एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में घायल 12 लोग अलवर रेफर किया है। वहीं, 2 को जयपुर रेफर किया गया है। अन्य घायल को राजगढ़ और रैणी के हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। पुलिस पर भी लापरवाही के आरोप घायलों ने आरोप लगाया कि हादसे के करीब दो घंटे बाद तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची, जिससे स्थानीय लोग और यात्रियों में में नाराजगी है। वहीं, जिस ट्रक से टक्कर हुई है उसके ड्राइवर की भी तलाश की जा रही है।
बुरहानपुर जिले के नेपानगर तहसील स्थित डाभियाखेड़ा-साईंखेड़ा के बीच 3 अप्रैल को सराफा कारोबारी रमेश सिंह ठाकुर से हुई 7 लाख रुपए के जेवर की लूट के मामले में पुलिस को 2 और संदिग्धों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज मिले हैं। घटना के 10 दिन बाद भी 5 अज्ञात बदमाश पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। नावरा चौकी पुलिस ने सोमवार को लाल रंग की बाइक और बाजार में घूमते नजर आए इन 2 नए संदिग्धों के फुटेज के साथ 2 मोबाइल नंबर जारी कर आमजन से इनकी पहचान बताने और सूचना देने की अपील की है। लाल रंग की बाइक और बाजार में घूमते नजर आए संदिग्ध सोमवार को नावरा क्षेत्र की दुकानों के अन्य कैमरों की जांच के बाद 2 और संदिग्धों के फुटेज सामने आए हैं। इनमें एक लाल रंग की बाइक पर जाता दिख रहा है, जबकि दूसरा बाजार में घूमता नजर आया। पुलिस ने इन दोनों संदिग्धों की पहचान कराने की कोशिश की है, लेकिन अभी तक उनकी पहचान नहीं हो पाई है। इससे 3 दिन पहले नावरा की ही एक किराना दुकान में मिर्च पाउडर खरीदते हुए भी एक संदेही का फुटेज मिला था। 3 अप्रैल को चाकू अड़ाकर 5 बदमाशों ने की थी लूट यह घटना नावरा पुलिस चौकी क्षेत्र के ग्राम डाभियाखेड़ा-साईंखेड़ा फाटे के बीच 3 अप्रैल की शाम करीब 6 बजे हुई थी। नेपानगर निवासी सोना-चांदी व्यापारी रमेश सिंह ठाकुर के साथ 5 अज्ञात बदमाशों ने मारपीट कर और चाकू अड़ाकर 7 लाख रुपए से अधिक की लूट को अंजाम दिया था। घटना के 10 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस लगातार सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, लेकिन अब तक आरोपी गिरफ्त से दूर हैं। चौकी प्रभारी बोले- हुलिए की जानकारी हो तो इन 2 नंबरों पर दें सूचना लूट की वारदात ट्रेस नहीं होने पर नावरा चौकी पुलिस ने सोमवार को दो और संदेहियों के सीसीटीवी फुटेज और 2 मोबाइल नंबर जारी किए हैं। नावरा चौकी प्रभारी हेमेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि सीसीटीवी में पहले एक संदेही नावरा की एक किराना दुकान में मिर्च पाउडर खरीदता नजर आया था, जबकि दूसरा लाल रंग की बाइक से घूमता नजर आया है। वहीं, तीसरे संदेही की जानकारी भी सीसीटीवी से मिली है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि अगर किसी को इनके हुलिए की जानकारी हो तो वे नेपानगर थाना प्रभारी के मोबाइल नंबर 9479994612 या नावरा चौकी प्रभारी के मोबाइल नंबर 7701043569 पर सूचना दे सकते हैं।
मुरैना में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अवनीश गुप्ता निलंबित:सैंपल भरने का डर दिखाकर पैसे मांगने की शिकायत
प्रभारी संभागायुक्त के द्वारा तत्कालीन भिंड खाद्य सुरक्षा अधिकारी और वर्तमान में मुरैना में पदस्थ खाद्य सुरक्षा अधिकारी को निलंबित कर दिया है।भिंड कलेक्टर के प्रतिवेदन पर चम्बल प्रभारी संभागायुक्त के द्वारा यह कार्रवाई की गई।आरोप है कि तत्कालीन समय भिंड जिले में रहकर खाद्य अधिकारी द्वारा नमूना सेंपल भरने का डर दिखा कर रुपयों की मांग की गई थी। यह था मामला वर्तमान में मुरैना जिले में।पदस्थ खाद्य सुरक्षा अधिकारी अवनीश गुप्ता के द्वारा तत्कालीन समय भिंड जिले में पदस्थ रहते हुए वर्ष 2024 में नमूना सेंपल भरने का डर दिखाते हुए रुपए की मांग की गई थी। इस मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर तत्कालीन भिंड कलेक्टर के द्वारा अवनीश गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है। 30 सितम्बर 2025 को आरोप पत्र दाखिल कर पुन स्पष्टीकरण मांगा गया। 7 अप्रैल 2026 को खाद्य अधिकारी द्वारा दिया जवाब असंतोषजनक पाए जाने के कारण यह कार्रवाई की गई है। प्रभारी संभागायुक्त ने की कार्रवाई प्रभारी संभागायुक्त मुरैना कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के द्वारा भिंड कलेक्टर के प्रतिवेदन पर मप्र सिविल सेवा नियम 1966 के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारी अवनीश गुप्ता को निलंबित कर दिया है। इस निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय मुरैना रहेगा और नियम अनुसार निर्वाह भत्ता मिलेगा।

