सिद्धार्थनगर में एग्रीस्टैक योजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री से वंचित किसानों के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 15 अप्रैल तक जारी रहेगा। इसके तहत, ग्राम पंचायतों के ग्राम सचिवालयों में शिविर आयोजित कर किसानों का पंजीकरण किया जा रहा है। उप कृषि निदेशक राजेश कुमार ने बताया कि सरकार ने वंचित किसानों को पंजीकरण का यह अंतिम अवसर प्रदान किया है। निर्धारित समय-सीमा में फार्मर रजिस्ट्री न कराने वाले किसान विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो जाएंगे। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) की अगली किस्त प्राप्त करने के लिए यह रजिस्ट्री अनिवार्य है। फार्मर रजिस्ट्री किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), फसल ऋण और एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (एआईएफ) सहित अन्य कृषि ऋण प्राप्त करने में सुविधा प्रदान करेगी। इसके अतिरिक्त, यह फसल बीमा योजना का लाभ लेने और आपदा की स्थिति में क्षतिपूर्ति के लिए किसानों की पहचान में भी सहायक होगी। अधिकारियों के अनुसार, फार्मर रजिस्ट्री से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर कृषि एवं संबद्ध विभागों द्वारा योजनाओं का लाभ किसानों तक अधिक पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जा सकेगा। किसान अपनी रजिस्ट्री स्वयं मोबाइल ऐप के माध्यम से या जनसेवा केंद्र पर जाकर करा सकते हैं। यह सुविधा ग्राम पंचायत स्तर पर कृषि विभाग के कर्मियों, लेखपालों, पंचायत सहायकों और रोजगार सेवकों की उपस्थिति में आयोजित शिविरों में भी उपलब्ध है। फार्मर रजिस्ट्री के लिए किसानों को अपना आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर और भूमि अभिलेख (खसरा-खतौनी) की प्रति साथ लाना अनिवार्य है। प्रशासन ने सभी किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना पंजीकरण अवश्य कराएं, ताकि वे सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न हों।
बांदा में स्वच्छ भारत मिशन में 11 लाख का दुरुपयोग:उप निदेशक की रिपोर्ट पर प्रधान-सचिव को नोटिस जारी
बांदा की ग्राम पंचायत बबेरू ग्रामीण में स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) के तहत वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। उप निदेशक पंचायत परवेज आलम खां ने इस संबंध में तीन अप्रैल को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अजय कुमार पांडेय को एक रिपोर्ट भेजी है। रिपोर्ट के आधार पर, सीडीओ ने ग्राम प्रधान और सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वर्ष 2022-23 में ग्राम पंचायत बबेरू ग्रामीण को स्वच्छ भारत मिशन के तहत कुल 1 करोड़ 22 लाख 49 हजार 163 रुपये आवंटित किए गए थे। उप निदेशक पंचायत द्वारा किए गए सत्यापन में पाया गया कि इसमें से 81 लाख 81 हजार रुपये खर्च किए गए थे और बैंक खाते में 17 लाख 92 हजार 827 रुपये शेष थे। जांच में 22 लाख 75 हजार 146 रुपये का कोई लेखा-जोखा नहीं मिला। इसके अतिरिक्त, साढ़े चार लाख रुपये की सेप्टिक टैंक सफाई केवल ग्राम प्रधान और सचिव के एक गवाह के बयान पर दर्ज की गई थी। 30 हैंडपंपों के चबूतरे के निर्माण के लिए साढ़े तीन लाख रुपये दिखाए गए, जबकि मौके पर एक भी चबूतरा मौजूद नहीं था। कुल मिलाकर, 11 लाख रुपये के दुरुपयोग का खुलासा हुआ है। तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव अरविंद कुमार और प्रधान पर आरोप है कि उन्होंने मिलकर पांच विशिष्ट व्यक्तियों के खातों में व्यक्तिगत लाभ के लिए 10 लाख 74 हजार रुपये से अधिक की धनराशि भेजी। कंसल्टिंग इंजीनियर अनिल सिंह पर भी विकास कार्यों में स्वयं ठेकेदारी करने का आरोप लगा है। मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार पांडेय ने बताया कि उप निदेशक की रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ पंचायती राज अधिनियम के तहत नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने पुष्टि की कि मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हनुमानगढ़ में फिर ओलावृष्टि, बारिश:कटाई के बीच भीगी फसलें, गेहूं की फसल को ज्यादा नुकसान
हनुमानगढ़ जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में मंगलवार रात एक बार फिर ओलावृष्टि हुई। रात करीब 10 बजे बारिश शुरू हुई, जिसके साथ कई इलाकों में ओले गिरे। इससे पहले मंगलवार सुबह से ही घने बादल छाए रहे, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। रावतसर क्षेत्र के टोपरियां, चाईयां, भोमपुरा, नेहरांवाली ढाणी और नोहर क्षेत्र के भगवान गांवों में ओलावृष्टि से खड़ी फसलें प्रभावित हुईं। हनुमानगढ़ क्षेत्र के झांबर, नौरंगदेसर और टिब्बी के मिर्जेवाली मेर जैसे गांवों से भी ओले गिरने की खबरें हैं। 5 दिन में दूसरी बार गिरे ओलेयह लगातार दूसरी बार है जब जिले में ओलावृष्टि हुई है। पांच दिन पहले भी ऐसा ही मौसम देखा गया था। इस समय जिले में गेहूं की फसल पूरी तरह पक चुकी है और कई स्थानों पर कटाई का काम जारी है। बारिश और ओलों के कारण खड़ी फसलें गिर गईं, वहीं कटी हुई फसलें भीगने से उनकी गुणवत्ता पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि गेहूं की चमक कम होने से उसे न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेचने में कठिनाई होगी, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। खेतों में पानी भरने और तेज हवा से नुकसान बढ़ने की आशंका है। हालांकि, राहत की खबर यह है कि खरीद एजेंसियां खराब गुणवत्ता वाले गेहूं की खरीद में कुछ नरमी बरत सकती हैं। प्रशासनिक स्तर पर इस संबंध में विचार-विमर्श जारी है, ताकि किसानों को राहत प्रदान की जा सके। आज भी बारिश की संभावनाबुधवार सुबह हल्की धूप निकली, लेकिन मौसम विभाग ने आज भी हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई है। पूर्वानुमान के अनुसार, 9 अप्रैल से मौसम साफ होना शुरू हो जाएगा और 10 अप्रैल के बाद तापमान में वृद्धि होगी। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे फसल खराबे की सूचना 72 घंटे के भीतर फसल बीमा हेल्पलाइन 14447 पर दें, ताकि उन्हें मुआवजा मिल सके। इसके अतिरिक्त, लिखित आवेदन कृषि विभाग कार्यालय या संबंधित बैंक में भी जमा कराया जा सकता है।
गाजीपुर में बदला मौसम, हल्की बूंदाबांदी:आसमान में छाए बादल, गेहूं कटाई पर किसानों की चिंता बढ़ी
गाजीपुर जिले में बुधवार को मौसम में बदलाव देखा गया। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और कई स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। इस बदलाव से गेहूं समेत अन्य फसलों की कटाई कर रहे किसानों की चिंता बढ़ गई है। पिछले कुछ दिनों से जिले में मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, जहां कभी तेज धूप तो कभी बादल छाए रहते हैं। बुधवार को भी दिनभर आंशिक बादल छाए रहने और बीच-बीच में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, क्षेत्र में नमी और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण बादलों की आवाजाही जारी है। तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि हवा की रफ्तार सामान्य बनी हुई है। अगले 24 घंटों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की स्थिति बनी रह सकती है, हालांकि तेज बारिश के आसार कम हैं। मौसम में इस बदलाव का सीधा असर कृषि कार्यों पर पड़ रहा है। इस समय जिले में गेहूं सहित अन्य रबी फसलों की कटाई चल रही है। ऐसे में बूंदाबांदी या बारिश होने से कटी हुई फसलें खराब होने का डर है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो सकता है। यदि मौसम इसी तरह बना रहा तो कटाई कार्य भी प्रभावित होगा।
संत कबीर नगर जिले के मेंहदावल थाना क्षेत्र के ब्रह्मचारी वार्ड में एक मदरसे का निर्माण बिना अनुमति के किया जा रहा था। इसकी सूचना मिलने पर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) संजीव कुमार राय ने तत्काल मेंहदावल पुलिस को मौके पर जांच के लिए भेजा। जांच के लिए पहुंचे दो कांस्टेबलों ने अपनी रिपोर्ट में निर्माण कार्य की पुष्टि की। इसके बाद देर रात क्षेत्राधिकारी (सीओ) सर्वदमन सिंह और थानाध्यक्ष (एसओ) सुरेंद्र कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य रुकवा दिया। एसडीएम संजीव राय ने बताया कि अभिलेखों की जांच और मामले की समीक्षा के बाद ही निर्माण की अनुमति दी जाएगी। थानाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह ने जानकारी दी कि निर्माण करने वाले पक्ष को थाने बुलाया गया है और उनसे निर्माण से संबंधित आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा गया है। एसओ ने स्पष्ट किया कि यह कार्य बिना अनुमति के हो रहा था, जिसके कारण इसे रोका गया है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और अभिलेखों की पड़ताल के बाद आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
सरकारी स्कूलों में एडमिशन के प्रति गंभीरता नहीं बरतने के मामले में माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने एक प्रिंसिपल सहित तीन शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया है। दरअसल, निदेशक ने जिन स्कूलों का निरीक्षण किया, उनमें एक स्कूल में तो स्टूडेंट्स की संख्या शून्य थी, वहीं दो स्कूल में टीचर ही नदारद थे। नाराज निदेशक ने तीन टीचर्स को सस्पेंड करने के आदेश देर रात जारी किए। माध्यमिक शिक्षा निदेशक जाट लूणकरणसर ब्लॉक के विभिन्न सरकारी विद्यालयों के औचक निरीक्षण करने पहुंचे। बामनवाली गांव के स्कूल में एक भी विद्यार्थी नहीं मिला। वहीं, दूसरे स्कूल में बिना सूचना शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। स्कूल में बच्चे नहीं प्रिंसिपल सस्पेंड राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल बामनवाली में कोई भी स्टूडेंट नहीं था। प्रिंसिपल ने महज पांच नए प्रवेश होने की जानकारी दी । इतना ही नहीं स्कूल से जुड़े आंगनबाड़ी से विद्यालय में प्रवेश के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया। निदेशक ने प्रिंसिपल राजन सिंह को सस्पेंड कर दिया। 16 सीसीए के तहत नोटिस भी दिया गया। एक टीचर व एक सहायक भी सस्पेंड इसके अलावा हंसेरा के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अध्यापिका रजनी बाला अध्यापक ले-2 (अंग्रेजी) एवं विद्यालय सहायक गिरधारी लाल मूंड बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इस कारण इनको तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए गए। कार्यवाहक प्राचार्य भंवर लाल के विरूद्ध राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1958 के नियम 16 में कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। इसी स्कूल में सात कार्मिक नदारद मिले। धीरेरा गांव के सीनियर सेकेंडरी स्कूल का भी निरीक्षण किया गया। विद्यालय में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम से संबंधित व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गई।
अछल्दा (औरैया)। बुधवार सुबह अछल्दा रेलवे क्रॉसिंग पर फाटक देर से खुलने के कारण लंबा जाम लग गया। दिल्ली-हावड़ा रूट पर हुए इस जाम में मरीज लेने जा रही एम्बुलेंस और स्कूली बच्चे भी फंस गए। रेलवे फाटक सुबह लगभग 7 बजकर 55 मिनट पर बंद हुआ। लगातार ट्रेनों के आवागमन के कारण इसे देर तक नहीं खोला गया। इसके चलते अछल्दा-फफूंद-बिधूना मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को लगभग 20 मिनट तक जाम में फंसे रहना पड़ा। जाम के कारण मरीज लेने जा रही एक एम्बुलेंस और स्कूल जाने वाले बच्चे भी प्रभावित हुए। फाटक खुलने के बाद बड़े वाहनों के आगे बाइकों का काफिला तेजी से निकला, जिससे बड़े वाहन अपनी जगह से हिल भी नहीं पाए। इस दौरान पैदल राहगीरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। फाटक लगभग 8 बजकर 15 मिनट पर खोला जा सका।
एटा पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इलामरन जी के नेतृत्व में गैर जमानती वारंटियों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के तहत, जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों से महज सात घंटे के भीतर 35 फरार वारंटियों को गिरफ्तार किया गया और न्यायालय के समक्ष पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।पुलिस ने मिरहची, जैथरा, नयागांव, बागवाला, राजा का रामपुर, पिलुआ, अवागढ़ और निधौली कलां सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों से इन वारंटियों को पकड़ा। ये सभी वारंटी लंबे समय से फरार चल रहे थे, जिनके खिलाफ न्यायालय ने गैर जमानती वारंट जारी किए थे।पुलिस टीमों ने दबिश देकर इन वारंटियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। अभियान का उद्देश्य लंबित मामलों में न्याय प्रक्रिया को गति देना और फरार अपराधियों को पकड़ना था। गिरफ्तार किए गए वारंटियों का विवरण इस प्रकार है: थाना मिरहची:1. सत्यपाल पुत्र रामलाल, निवासी हिम्मतनगर बझेड़ा2. रामवीर पुत्र मिहीलाल, निवासी ग्राम मौ० श्यामपुर थाना जैथरा:1. देशराज पुत्र नेकसे सिंह, निवासी ग्राम नगला बिहारी थाना नयागांव:1. जय सिंह उर्फ झल्लू पुत्र राजेंद्र सिंह, निवासी कुलआटीलपुर2. नंदन उर्फ नन्हे पुत्र राजेंद्र सिंह, निवासी कलुआटीलपुर3. यदुवीर पुत्र सूबेदार, निवासी मोहम्मदपुर4. लाल सिंह पुत्र सूबेदार, निवासी मोहम्मदपुर5. मान सिंह पुत्र सूबेदार, निवासी मोहम्मदपुर6. रामौतार पुत्र नेक्सेलाल, निवासी अकबरपुर केशोराय7. लाल सिंह पुत्र नेक्सेलाल, निवासी अकबरपुर केशोराय थाना बागवाला:1. नेक्से लाल पुत्र डूंगर सिंह, निवासी ग्राम कीलरमऊ2. कुंवरपाल पुत्र दाताराम, निवासी ग्राम भटमईथाना राजा का रामपुर:1. चरन सिंह पुत्र कालीचरन2. इंद्रपाल पुत्र कालीचरन, निवासीगण ग्राम बिल्सड़ पटटी थाना पिलुआ:1. श्री कृष्ण पुत्र जगदीश2. भूरे पुत्र जगदीश, निवासीगण नगला रूपथाना अवागढ़:1. असगर पुत्र मुन्ना खां, निवासी खेड़िया ताज2. रामबाबू पुत्र कृष्ण पाल सिंह, निवासी भजनपुरा3. बॉबी पुत्र विजय सिंह, निवासी जिनावली थाना निधौली कलां:1. ओमवीर पुत्र कामता प्रसाद, निवासी ग्राम फतेहपुर खालसा2. दीपू पुत्र चंद्रभान, निवासी ग्राम गोकुलपुर3. रईसुद्दीन पुत्र नन्हे खा निवासी नगला दुर्जन थाना निधौली कला एटा।4. अरूण पुत्र संजू निवासी नगला दुर्जन थाना निधौली कला एटा। :थाना अलीगंज1. शिवकुमार पुत्र सूबेदार सिंह निवासी ग्राम ससौता थाना अलीगंज जनपद एटा।2. राकेश पुत्र टिरमल सिंह निवासी ग्राम ससौता थाना अलीगंज जनपद एटा।3. धर्मेश पुत्र राजबहादुर निवासी ग्राम ससौता थाना अलीगंज जनपद एटा।4. नरेश पुत्र रामलाल निवासी ग्राम हत्सारी थाना अलीगंज जनपद एटा। थाना जसरथपुर:1. पुष्पेन्द्र पुत्र मनवीर सिंह निवासी उजारपुरा थाना जसरथपुर एटा।2. मनवीर पुत्र जमादार निवासी उजारपुरा थाना जसरथपुर एटा।3. समोद सिंह पुत्र रनवीर सिंह निवासी ग्राम गनपतिपुर बढापुर थाना जसरथपुर एटा।4. राममूर्ती पुत्र कालीचरन निवासी परधनापुर थाना जसरथपुर एटा। थाना मारहरा:1. सुरेशचन्द्र पुत्र खियालीराम निवासी भुर्रगंवा थाना मारहरा जनपद एटा।2. सद्दन खाँ पुत्र नजीर खाँ नि0 ग्राम फिरोजपुर सिलौनी थाना मारहरा जनपद एटा। थाना मलावन:1. पप्पू पुत्र नूरा निवासी ग्राम पुरा थाना मलावन जपनद एटा2. अर्जुन सिंह पुत्र रूप सिहं निवासी ग्राम शीलमपुर थाना मलावन जनपद एटा।
फर्रुखाबाद जिला जेल में बंद गैंगस्टर एक्ट के आरोपी अनुराग दुबे उर्फ डब्बन को उच्च न्यायालय से जमानत मिल गई है। अनुराग दुबे माफिया अनुपम दुबे के भाई हैं। जमानत आदेश मिलने के बाद स्थानीय गैंगस्टर न्यायालय में जमानत दाखिल की गई और रिहाई परवाना भी जारी कर दिया गया था। हालांकि, अनुराग दुबे की रिहाई फिलहाल नहीं हो सकी। उन्हें सीजेएम मैनपुरी की अदालत से हत्या और जानलेवा हमले के एक अन्य मामले में जारी 'बी वारंट' के तहत न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया गया है। इस कारण उनकी जेल से रिहाई रुक गई। गौरतलब है कि गैंगस्टर एक्ट के मामले में अनुपम दुबे के भाई अनुराग दुबे उर्फ डब्बन और उनके भाई एवं ब्लॉक प्रमुख अमित दुबे बब्बन सहित अन्य आरोपियों को कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा गया था। मंगलवार को उच्च न्यायालय से जमानत आदेश प्राप्त होने के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई, लेकिन 'बी वारंट' के कारण उनकी रिहाई टल गई।
आजमगढ़ के सिधारी थाना क्षेत्र स्थित नरौली गांव में रास्ते के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट का मामला सामने आया है। जहां उस दौरान क्षेत्र में हड़कंप मच गया। वहीं घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामला संज्ञान में आने पर संबंधित थाने की पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान करने तथा जांच व कार्रवाई में जुटी है। आजमगढ़ जिले के सिधारी थाना क्षेत्र में नरौली निवासी ओमप्रकाश निषाद के अनुसार मंगलवार दोपहर वह किसी काम से बाहर गया हुआ था। उसी दौरान विपक्ष के लोग कुछ अज्ञात व्यक्तियों को साथ लेकर लाठी-डंडों से लैस होकर उनके घर पहुंचे और रास्ते के पुराने विवाद को लेकर परिवार के लोगों पर हमला कर दिया। आरोप है कि विरोध करने पर हमलावरों ने उनके साथ-साथ उनकी पत्नी और भतीजी को भी लाठी-डंडों, लात-घूंसों से बेरहमी से पीटकर घायल कर दिया। इतना ही नहीं उनके घर का सामान भी जबरन उठा लिया। गांव के लोगों ने किया बीच बचाव इस घटना के दौरान गांव के लोगों ने बीच-बचाव किया। जिसके बाद हमलावर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए। पीड़ित परिवार ने सिधारी थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं इस मामले को लेकर सीओ सिटी शुभम तोदी ने बताया कि रास्ते के विवाद को लेकर दो पक्षों में मारपीट का वीडियो संज्ञान में आया है इस मामले की जांच कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
सिवनी में चलती कार में लगी आग, VIDEO:फायर बिग्रेड की टीम के पहुंचने से पहले जलकर खाक
सिवनी के कुरई थाना क्षेत्र के गण्डाटोला गांव के पास देर रात एक चलती कार में अचानक आग लग गई। घटना रात करीब 1 बजे की है। कार में सवार लोगों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। कुछ ही मिनटों में पूरी कार जलकर राख प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी भीषण थी कि कुछ ही मिनटों में पूरी कार उसकी चपेट में आ गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल वाहन मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक कार लगभग पूरी तरह जल चुकी थी। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया, जिससे आसपास के क्षेत्र में आग फैलने का खतरा टल गया। आग लगने का प्रारंभिक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं घटना के बाद कुरई थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। आग लगने का प्रारंभिक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस वाहन मालिक के संबंध में जानकारी जुटा रही है, ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। हादसे में कोई जनहानि नहीं शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी को आग लगने का संभावित कारण माना जा रहा है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी। इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है, लेकिन कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आसपास के लोगों से भी जानकारी एकत्र कर रही है। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।
सीतापुर में युवक पर धारदार हथियार से हमला:पुरानी रंजिश में खेत में काम करते समय वारदात, हालत गंभीर
सीतापुर के अटरिया थाना क्षेत्र में देर शाम पुरानी रंजिश के चलते एक व्यक्ति पर धारदार हथियार से हमला किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। यहां गांव में गेहूं की फसल कटाई के दौरान यह वारदात हुई। हमले में घायल व्यक्ति की पहचान देशराज के रूप में हुई है, जिन्हें परिजनों द्वारा तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिधौली में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। पीड़ित देशराज ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व गांव के ही एक परिवार के साथ उसकी कहासुनी हो गई थी। इसी विवाद के बाद दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से तनाव और मनमुटाव चला आ रहा था। कई बार यह मामला पुलिस तक भी पहुंच चुका था, जिसके चलते वह अपने परिवार के साथ लखनऊ में रहने लगा था। बताया जा रहा है कि देशराज इन दिनों गेहूं की फसल कटवाने के लिए अपने गांव आया हुआ था। मंगलवार देर शाम को वह खेत में फसल उठवाने का काम कर रहा था, तभी विपक्षी पक्ष के लोग वहां पहुंच गए और अचानक उस पर हमला कर दिया। पहले मारपीट की गई और फिर धारदार हथियार से कई वार किए गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। पीड़ित पक्ष ने अटरिया थाने में आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
सूरजपुर के प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी के निवास का भीमआर्मी कार्यकर्ताओं ने घेराव किया। मंगलवार को यह प्रदर्शन विधायक की ओर से डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने का वादा पूरा न करने के विरोध में किया गया। घेराव के दौरान विधायक निवास के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि, विधायक भूलन सिंह मरावी अपने निवास पर मौजूद नहीं थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विधानसभा चुनाव के समय विधायक मरावी और भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्थानीय रिंग रोड चौक पर चुनाव जीतने के बाद डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाने का वादा किया था। विधायक के कार्यकाल को दो वर्ष से अधिक समय हो चुका है, लेकिन यह वादा अभी तक पूरा नहीं किया गया है। इसी वादे को पूरा करवाने के लिए भीमआर्मी के कार्यकर्ता आज विधायक निवास के बाहर निवेदन करने पहुंचे थे।
प्रतापगढ़ के दिलीपपुर थाना क्षेत्र के सरखेलपुर गांव में सोमवार सुबह एक विवाहिता लहूलुहान हालत में अचेत मिली। पुलिस ने इस मामले में अभी तक हमलावरों को गिरफ्तार नहीं किया है। घायल महिला का अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसकी हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। जानकारी के मुताबिक, रानीगंज थाना क्षेत्र के कसेरुआ निवासी 32 वर्षीय अफसरी बानो सोमवार सुबह सरखेलपुर गांव में चाकू से हमले के बाद गंभीर रूप से घायल पाई गई थीं। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। बताया गया है कि अफसरी बानो की शादी सरखेलपुर निवासी महताब से हुई थी। करीब तीन साल पहले पारिवारिक विवाद के चलते वह मायके चली गई थीं। बाद में वह गांव के ही सलमान के साथ रहने लगी थीं। पुलिस इस विवाद को हमले की मुख्य वजह मान रही है। पीड़िता की मां की तहरीर पर पुलिस ने महताब, सलमान, रकीब, गुफरान, आजाद सहित तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि हमलावर महिला को मरा समझकर मौके से फरार हो गए थे। घटना के दूसरे दिन भी सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। दिलीपपुर थाना प्रभारी बलराम सिंह ने बताया कि आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
देवरिया में रिमझिम बारिश शुरू:सुबह से चल रहीं ठंडी हवाएं, तापमान में गिरावट दर्ज, गर्मी से मिली राहत
देवरिया जिले में बुधवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। आसमान में घने बादल छा गए और शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक हल्की रिमझिम बारिश शुरू हो गई। सुबह से चल रही ठंडी हवाओं और बूंदाबांदी के कारण मौसम सुहावना हो गया। बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, देवरिया में न्यूनतम तापमान लगभग 21 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस बदलते मौसम से लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक, जिले में कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है, जिससे जलभराव और फिसलन की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बारिश के कारण सुबह के समय सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में कम चहल-पहल दिखी। कई लोग घरों में ही रहे, जबकि कामकाजी लोग छाता और रेनकोट का सहारा लेकर बाहर निकले। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में हल्की बारिश से किसानों के चेहरे पर खुशी देखी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक बदले मौसम से एक ओर जहां गर्मी से राहत मिली है, वहीं लगातार बारिश होने पर परेशानी भी बढ़ सकती है। प्रशासन ने भी संभावित तेज बारिश को देखते हुए सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं।
सतना में दोस्त ने युवक के घर की चोरी:आरोपी गिरफ्तार, 8 लाख की ज्वेलरी और स्कूटर बरामद
सतना जिले के जैतवारा कस्बे में लाखों की चोरी का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से चोरी की गई लगभग 8 लाख रुपये की ज्वेलरी और एक स्कूटर बरामद की गई है। थाना प्रभारी अभिषेक पांडेय ने बताया कि यह घटना 5 मार्च को हुई थी। जैतवारा निवासी सुमित केसरी, जो एक प्राइवेट कंपनी में सेल्स एक्जिक्यूटिव के तौर पर कार्यरत हैं, उनके घर में पूजा-पाठ का कार्यक्रम था। इस कार्यक्रम में परिजन, रिश्तेदार और कई परिचित शामिल हुए थे। सुमित का कमरा दो मंजिला मकान के ग्राउंड फ्लोर पर है। उनके कमरे की अलमारी के ताले में अक्सर चाबी लगी रहती थी, क्योंकि उसमें कुछ दिक्कत थी। भीड़भाड़ का फायदा उठाकर किसी अज्ञात व्यक्ति ने चाबी से अलमारी खोलकर उसमें रखे सोने-चांदी के गहने चुरा लिए। अगले दिन जब सुमित की पत्नी रुसाली ने चूड़ी निकालने के लिए अलमारी खोली, तो उन्होंने देखा कि सभी गहने गायब थे। उन्होंने तुरंत अपने पति को इसकी जानकारी दी और थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस की एक विशेष जांच टीम ने लगभग एक महीने तक पड़ताल की। टीम ने पूजा में शामिल सभी मेहमानों की सूची बनाकर उनकी गतिविधियों की गोपनीय जांच की। इस दौरान सुमित केसरी के करीबी दोस्त अभिषेक गुप्ता (36 वर्ष, निवासी वार्ड-9 जैतवारा, पुत्र स्वर्गीय कैलाशचंद्र गुप्ता) की भूमिका संदिग्ध पाई गई। मंगलवार को पुलिस ने अभिषेक गुप्ता को हिरासत में लेकर मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसने चोरी का जुर्म कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की गई ज्वेलरी और स्कूटर बरामद कर ली है।
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई का 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन से पूरे देश में शोक की लहर है, खासकर उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में गहरा दुख व्याप्त है। मोहसिना किदवई कांग्रेस की कद्दावर नेताओं में से एक थीं और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के बेहद करीब मानी जाती थीं। उन्होंने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के कार्यकाल में केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाले। इनमें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शहरी विकास, पर्यटन, परिवहन और ग्रामीण विकास जैसे विभाग शामिल थे। सोनिया गांधी और गांधी परिवार से भी उनके करीबी संबंध थे। उनका राजनीतिक जीवन लंबा और प्रभावशाली रहा। उत्तर प्रदेश से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करने वाली मोहसिना किदवई ने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई। उनका जन्म 1 जनवरी 1932 को हुआ था और वे शुरुआती दौर से ही सामाजिक व राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय थीं। बाराबंकी जिले से उनका गहरा जुड़ाव था। उनका ननिहाल और ससुराल दोनों ही जिले के मसौली क्षेत्र में स्थित थे। वे अक्सर अपने पैतृक गांव आती रहती थीं और स्थानीय लोगों से जुड़ी रहती थीं। पिछली बार बाराबंकी दौरे के दौरान उन्होंने अपनी इच्छा व्यक्त करते हुए कहा था, हमारी जिंदगी में कांग्रेस जिंदा हो जाए तो बहुत अच्छा होता। उनके निधन पर कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। परिवार के सदस्य महमूद किदवई ने बताया कि इस खबर से पूरा परिवार शोकाकुल है। मोहसिना किदवई के निधन से भारतीय राजनीति ने एक अनुभवी और सशक्त महिला नेता को खो दिया है।
अलीगढ़ के थाना गांधी पार्क क्षेत्र में गांधी पार्क बस स्टैंड के पीछे लकड़ी की टाल में युवक की हत्या कर दी है। इसके बाद शव को टाल में ही मिट्टी में दबा दिया। शाहकमाल रोड पर बुधवार सुबह टहलने निकले लोगों ने मिट्टी से पैर बाहर निकले देख थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना पर थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। युवक की पहचान न होने पर पुलिस ने शव को लावारिस में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसकी उम्र करीब 30 वर्ष है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसे शाह कमाल रोड पर घूमते देखा गया है। प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह ने बताया कि शव की अभी शिनाख्त नहीं हो सकी है। सीधे हाथ में नगर कोट का कड़ा मिला है। वहीं, सीधे हाथ के कंधे पर हनुमान का टैटू और हाथ पर वीर लिखा (गुदा) हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने एकत्रित किए साक्ष्य शरीर पर चोट के निशान मिल हैं और पास में पत्थर पड़े हुए हैं। पुलिस को शव है कि पत्थरों से प्रहार कर हत्या की गई है। फॉरेंसिक टीम ने पत्थर आदि साक्ष्य भी एकत्रित कर लिए हैं। वहीं, स्थानीय लोगों से भी जानकारी हासिल की जा रही है। थाना प्रभारी का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। अभी तक पहचान नहीं हो सकी है। वारदात स्थल पर कोई सीसीटीवी भी नहीं है। हालांकि आसपास के सीसीटीवी खंगाले जाएंगे। प्रथम दृष्टया लग रहा है कि ईंट–पत्थर से हत्या की गई है।
ग्वालियर में प्लॉट के विवाद पर मारपीट व फायरिंग में एक बालिका को गोली लगने के मामले में आरोपी को पकड़ा गया है। कई महीनों से पुलिस को चकमा दे रहे हत्या के प्रयास के आरोपी पान सिंह उर्फ अभिषेक पुत्र मान सिंह लोधी निवासी जहांगीरपुर महाराजपुरा को सिरोल थाना पुलिस ने पकड़ा है। पकड़े गए बदमाश व उसके साथियों पर दस हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस ने इस मामले में छह अन्य आरोपियों को पूर्व में पकड़ा था। इस आरोपी के पकड़े जाने के बाद इस मामले में सभी आरोपी पकड़े जा चुके हैं। पुलिस अब पकड़े गए आरोपी से पूछताछ करने में जुट गई है। मुखबिर ने दी थी पुलिस को सूचना सिरोल थाना प्रभारी गोविंद बंगोली ने बताया कि सूचना मिली थी कि हत्या के प्रयास के मामले में फरार आरोपी शहर में आया है। इसका पता चलते ही पुलिस टीम बनाकर आरोपी की तलाश की तो आरोपी से पुलिस का आमना-सामना हो गया। पुलिस को देखते ही आरोपी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस अलर्ट थी और कुछ ही देर के प्रयास में पुलिस ने भाग रहे आरोपी को दबोच लिया। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी पान सिंह उर्फ अभिषेक पुत्र मान सिंह लोधी को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है। दस हजार रुपए का इनाम था घोषित जिस तरह सनसनीखेज तरीके से बदमाशों ने फायरिंग की थी, उसके बाद पुलिस कप्तान ने इन्हें पकड़ने के लिए दस हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। इस मामले में पूर्व में छह आरोपी पकड़े जा चुके हैं, बस पान सिंह उर्फ अभिषेक की गिरफ्तारी शेष रह गई थी। आरोपी वर्ष 2024 से फरार चल रहा था। ऐसे समझिए पूरा मामला सिरोल थाना क्षेत्र स्थित फूटी कॉलोनी निवासी 11 वर्षीय नेहा पुत्री आशाराम जाटव 4 सितंबर 2024 को अपने दरवाजे पर खेल रही थी। तभी कार व दो बाइकों से कुछ लोग आए और पास ही रहने वाले बृजेन्द्र से मारपीट करने लगे। विवाद बढ़ा तो पथराव शुरू हो गया और जब तक वहां पर रहने वाले कुछ समझ पाते उससे पहले ही बदमाशों ने फायरिंग कर दी। फायरिंग में एक गोली नेहा के पैर में लगी और इसके बाद हमलावर भाग निकले। मामले में पुलिस ने घायल बालिका को उपचार के लिए भर्ती कराकर आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है।
लुधियाना के साहनेवाल इलाके में बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। स्वामी विवेकानंद नगर में पत्नी के साथ गोदाम जा रहे एक व्यक्ति पर न केवल हमला किया गया, बल्कि रंग डालने के बहाने उसकी पत्नी के साथ छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें भी की गईं। विरोध करने पर आरोपियों ने पीड़ित दंपत्ति को घेरकर डंडों और बेसबॉल बैट से बुरी तरह पीटा। थाना साहनेवाल की पुलिस ने 1 महीने बाद इस केस में चार आरोपियों को नामजद किया है। आरोपियों की पहचान कमलेश निवासी गली नंबर 2, अंबेडकर नगर, प्रमीत कलसी निवासी ढोलेवाल, फौजी निवासी अंबेडकर नगर, रविंद्र गोबिंद निवासी गली नंबर 2, अंबेडकर नगर के रूप में हुई है। रंग फेंकने के बहाने की बदतमीजी, फिर रास्ते में घेराशिकायतकर्ता तरनजीत सिंह (निवासी गुरु अर्जुन देव नगर, ढोलेवाल) ने पुलिस को बताया कि 4 मार्च 2026 की शाम करीब 6:30 बजे वह अपनी पत्नी सोनी सिंह के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने गोदाम जा रहे थे। जब वे कामनी अस्पताल, स्वामी विवेकानंद नगर के पास पहुंचे, तो कुछ युवकों ने अपनी मोटरसाइकिल उनकी बाइक में मारी। आरोपियों ने रंग डालने के बहाने तरनजीत की पत्नी के साथ छेड़छाड़ की और अश्लील हरकतें करने लगे। गली में घेरकर डंडों और बेसबॉल से किया हमलातरनजीत ने बताया कि वे झगड़े से बचने के लिए वहां से निकल गए, लेकिन आरोपियों ने पीछा नहीं छोड़ा। जैसे ही वे अंबेडकर नगर की गली नंबर 2 के पास पहुंचे, आरोपियों ने उन्हें घेर लिया। वहां आरोपियों ने उन पर डंडों और बेसबॉल बैट से हमला कर दिया और जान से मारने की धमकियां देते हुए मौके से फरार हो गए। थाना साहनेवाल की पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत 126(2), 115(2), 117(4), 74 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना), 351(2)(3), 191(3) और 190 मामला दर्ज किया है।
मैहर के रामनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कंदवारी गांव के एक घर पर छापा मारकर भारी मात्रा में शराब और नशीला कफ सिरप बरामद किया गया। इस मामले में एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। घर से मिली शराब और कफ सिरपथाना प्रभारी विजय त्रिपाठी के मुताबिक, मंगलवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने प्रीतकाली बैश (29) के घर पर दबिश दी। तलाशी के दौरान एक कमरे से 8 पेटी शराब, करीब 72 लीटर और 255 शीशी प्रतिबंधित कफ सिरप जब्त किया गया। करीब 91 हजार का माल जब्तजब्त किए गए नशीले सामान की कुल कीमत लगभग 91 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर अवैध रूप से नशीले पदार्थ रखने और बेचने के आरोप में मामला दर्ज किया है। पूछताछ में महिला ने बताया कि यह सामान उसके पति राजेंद्र बैश लेकर आया था और घर में रखा था। फिलहाल राजेंद्र बैश फरार है। मुख्य आरोपी की तलाश कर रही पुलिसपुलिस ने मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तलाश तेज कर दी है और मामले की आगे जांच की जा रही है।
कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में आज इंदौर जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम ने भू-माफियाओं और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जूनी इंदौर तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम पिपल्याराव में करीब 1.784 हेक्टेयर (लगभग 4.4 एकड़) सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इस प्राइम लोकेशन वाली जमीन की बाजार कीमत करीब 100 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। एसडीएम जूनी इंदौर घनश्याम धनगर के साथ राजस्व विभाग, नगर निगम और पुलिस बल की संयुक्त टीम सुबह ही पिपल्याराव पहुंची। खसरा नंबर 19/1 व अन्य पर बने कच्चे-पक्के अवैध निर्माणों को जेसीबी की मदद से जमींदोज कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान विरोध की आशंका को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। एसडीएम घनश्याम धनगर ने बताया कि जिले में सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान निरंतर जारी रहेगा। सीलिंग की जमीनों को चिन्हित कर उन्हें शासन के कब्जे में लिया जा रहा है ताकि भविष्य में इनका सार्वजनिक हित में उपयोग किया जा सके। उषा राजे ट्रस्ट से जुड़ी है जमीन प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह बेशकीमती जमीन पूर्व में ऊषा राजे ट्रस्ट की रही है, जो वर्तमान में 'शहरी सीलिंग' (Urban Ceiling) के दायरे में सरकारी घोषित है। लंबे समय से इस पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण कर लिया था।
रायसेन में खेत में आग, 3 एकड़ फसल जली:बारिश के अलर्ट से किसान चिंतित, प्रशासन से मांगी मदद
रायसेन जिले में किसानों को दोहरी मार का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर जहां आग लगने की घटनाओं से फसलें जल रही हैं, वहीं दूसरी ओर ओलावृष्टि और मौसम परिवर्तन से भी फसलों को नुकसान हो रहा है। कल मंगलवार शाम को सुल्तानगंज क्षेत्र में खेत में आग लगने से तीन एकड़ गेहूं की कटी हुई फसल जलकर राख हो गई। घटना ग्राम पंचायत खमरिया टीएनजी के केरपानी गांव में हुई। अज्ञात कारणों से खेत में आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और कटी हुई फसल को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने की सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई, लेकिन समय पर मदद नहीं पहुंच पाई। इसके बाद ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभाला और करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस हादसे में एक ही परिवार के जसरथ यादव, रामकुमार यादव और जसवंत यादव की पूरी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। फसल जलने की इस घटना के बीच रायसेन जिले में मौसम भी किसानों की चिंता बढ़ा रहा है। बुधवार सुबह से आसमान में काले बादल छाए हुए हैं और तेज हवाएं चल रही हैं। पहले ही मौसम की मार से फसलों को नुकसान हो चुका है और अब फिर बारिश के आसार बनने से किसान चिंतित हैं। बता दे रायसेन में एक सप्ताह से मौसम बदला हुआ है कभी आंधी बारिश के साथ ओलावृष्टि हो रही है तो कभी बारिश मौसम विभाग के द्वारा जिले में 7 अप्रैल तक आंधी बारिश का अलर्ट जारी किया था।
जैसलमेर शहर कोतवाली पुलिस ने रात के अंधेरे में फिल्मी अंदाज में पीछा कर एक मादक पदार्थ तस्कर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी पुलिस को चकमा देकर गलियों में छिपने की कोशिश कर रहा था, जिसे करीब एक किलोमीटर तक खदेड़कर पकड़ा गया। कोतवाल सुरजाराम जाखड़ ने बताया- बीती रात लक्ष्मीचंद सांवल कॉलोनी में कोर्ट के पीछे गश्त के दौरान बाइक पर जाते संदिग्ध युवक को रुकवाया तो वो भागने लगा। हमने पीछा करके उसको पकड़ा। पकडे गए मनीष (22) पुत्र सहीराम, निवासी तोताराम की ढाणी, जैसलमेर के कब्जे से 7 ग्राम MD नशे की पूड़ियां मिली। हमने NDPS में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गश्त के दौरान फिल्मी दौड़ बीती रात करीब 12 बजे शहर कोतवाल सुरजाराम जाखड़ अपनी टीम के साथ गश्त पर थे। जब वे कोर्ट के पीछे पहुँचे, तो शहर से लक्ष्मीचंद सांवल कॉलोनी की तरफ बाइक पर जा रहे एक युवक को संदिग्ध मानकर रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखते ही युवक ने बाइक की रफ्तार बढ़ा दी और कॉलोनी की संकरी गलियों में भागने लगा। घेराबंदी कर 1 किलोमीटर दूर पकड़ा कोतवाल सुरजाराम ने तुरंत पुलिस गाडी से युवक का पीछा शुरू किया। करीब 1 किलोमीटर की दौड़ और घेराबंदी के बाद पुलिस ने युवक को धर दबोचा। तलाशी लेने पर युवक की जेब से 7 ग्राम एमडी (MD) की पुड़िया बरामद हुई। पुलिस गिरफ्त में आए आरोपी की पहचान मनीष (22) पुत्र सहीराम, निवासी तोताराम की ढाणी के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसकी बाइक जब्त कर ली है। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी तस्करी के इस जाल में और किन लोगों से जुड़ा है।
धमतरी नगर निगम की महिला सभापति कौशल्या देवांगन पिछले एक सप्ताह से बिना आधिकारिक वाहन के ई-रिक्शा से कार्यालय आ-जा रही हैं। सरकारी वाहन हटाए जाने के बाद यह मामला गरमा गया है। कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर ने इसे महिला सभापति का अपमान बताते हुए “ट्रिपल इंजन फेल” करार दिया है। वहीं महापौर रामू रोहरा ने वाहन में खराबी और पेट्रोल-डीजल के भुगतान से जुड़ी दिक्कतों को इसकी वजह बताया है। इस पूरे मामले पर सभापति कौशल्या देवांगन ने कहा कि सामान्य सभा की बैठक के अगले ही दिन उनसे वाहन वापस ले लिया गया था। इसके बाद से उन्हें किराए के ई-रिक्शा से निगम कार्यालय आना-जाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने वाहन हटाए जाने का कारण पूछा तो पहले इसे तकनीकी खराबी बताया गया। बाद में निगम के उपायुक्त सार्वा ने भी फोन पर यही जानकारी दी। हालांकि सभापति का कहना है कि वाहन पहले पूरी तरह ठीक हालत में था। महापौर बोले- खराब गाड़ियों को राइट-ऑफ कर नई व्यवस्था की तैयारी महापौर रामू रोहरा ने बताया कि सभापति, महापौर और कमिश्नर की गाड़ियां तीनों ही खराब हैं। नगर निगम में पहले करीब 400 लीटर डीजल की खपत होती थी, जिसे धीरे-धीरे घटाकर 200 लीटर तक लाया गया है। अब पेट्रोल पंपों पर नगद भुगतान की व्यवस्था शुरू की गई है, जबकि निगम का अधिकांश लेन-देन नगद में संभव नहीं हो पाता। महापौर ने स्पष्ट किया कि जो गाड़ियां पूरी तरह खराब हो चुकी हैं, उन्हें राइट-ऑफ किया जा रहा है। लंबे समय से इन वाहनों पर भारी खर्च आ रहा था। हर गाड़ी में लगभग एक से डेढ़ लाख रुपए तक का खर्च आ रहा है। इसी को देखते हुए निर्णय लिया गया है कि अनुपयोगी गाड़ियों को राइट-ऑफ कर नई गाड़ियों की मांग निकाय मद से की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल अन्य वैकल्पिक व्यवस्था संभव नहीं है और किराए पर गाड़ी लेने का प्रस्ताव भी नहीं दिया जा सकता। पेट्रोल-डीजल की समस्या के कारण करीब चार गाड़ियां खड़ी हो चुकी हैं। नेता प्रतिपक्ष बोले- सभापति के साथ हो रहा अन्याय नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में सभापति, जिन्हें स्पीकर भी कहा जाता है, उन्हें शहर भ्रमण के लिए निगम प्रशासन की ओर से वाहन उपलब्ध कराया जाता है। अब तक सभापति के पास बोलेरो वाहन था, जिसे 5-6 साल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब सभापति को ऑटो रिक्शा से आना-जाना पड़ रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। एक तरफ नारी सशक्तिकरण की बात होती है, दूसरी तरफ उन्हें हतोत्साहित किया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि यदि सभापति का वाहन निगम प्रशासन की ओर से लिया गया है, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की स्थिति जारी रही तो जोरदार विरोध किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वाहन में कोई खराबी आई होगी तो एक-दो दिन में ठीक हो सकती थी। समझ से परे है कि आखिर किस स्तर पर इसे लंबित रखा गया है।
प्रतापगढ़ जिले में पुलिस विभाग में बड़ी कार्रवाई हुई है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने मनमानी, लापरवाही और गंभीर मामलों में ढिलाई बरतने के आरोप में छह उपनिरीक्षकों (एसआई) को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। अंतू थाने में तैनात एसआई संतोष पासवान को जानलेवा हमले के आरोपी विपिन तिवारी को गिरफ्तार न करने के आरोप में निलंबित किया गया है। विपिन तिवारी हाल ही में पंकज शुक्ला हत्याकांड का नामजद आरोपी भी है। उसके खिलाफ पहले से दर्ज मारपीट के मामले में मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर जानलेवा हमले की धाराएं बढ़ाई गई थीं। आरोप है कि संतोष पासवान ने विपिन तिवारी की गिरफ्तारी में लापरवाही बरती। हत्या के बाद आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। इस मामले में पीड़ित की शिकायत को भी अनसुना किया गया था। इसी अंतू थाने के एसआई दिनेश राय को एक शिकायत की सही जांच रिपोर्ट न देने के कारण निलंबित किया गया है। वहीं, दिलीपपुर के बेलखरनाथ धाम चौकी इंचार्ज अनुपम पटेल और पट्टी थाना के पृथ्वीगंज चौकी इंचार्ज अजय कुमार अंचल को भी लापरवाही के चलते निलंबित किया गया है। अनुपम पटेल पर आरोप है कि आरोपी की लोकेशन मिलने के बावजूद उन्होंने समय पर कार्रवाई नहीं की। जबकि, अजय कुमार अंचल पर शिकायत दबाने और एफआईआर दर्ज न करने का आरोप है। कोहंडौर थाने में तैनात एसआई राज कुमार मिश्र और आशू कुमार भी निलंबित किए गए हैं। राज कुमार मिश्र पर पीड़ित से दुर्व्यवहार करने और शिकायत अनसुनी करने का आरोप है। आशू कुमार पर जानलेवा हमले के मामले को झुठलाकर साधारण धाराओं में चार्जशीट लगाने का आरोप है। एसपी की इस सख्त कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि लापरवाही और मनमानी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुंगरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार रात आई तेज आंधी ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के पास एक पुराना नीम का पेड़ गिरने से उसकी चपेट में आकर 18 वर्षीय मनीष कुमार गौतम की मौत हो गई। मंगलवार रात करीब 8:30 बजे अचानक मौसम बदला और तेज आंधी चलने लगी। इसी दौरान PHC के बगल में स्थित वर्षों पुराना नीम का पेड़ अचानक गिर पड़ा। उसी समय वहां से गुजर रहा मनीष कुमार गौतम, जो मोटरसाइकिल से जा रहा था, पेड़ की भारी टहनियों के नीचे दब गया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों ने कड़ी मशक्कत कर युवक को बाहर निकाला और तुरंत पास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। विद्युत विभाग और नगर निकाय की टीम ने मिलकर रास्ता साफ कराया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों के अनुसार, युवक के सिर से पहले ही पिता का साया उठ चुका था, और अब इस हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
संभल की यूट्यूबर महक-परी एक बार फिर मारपीट के मामले को लेकर चर्चा में हैं। उन पर आरोप है कि बच्चों के खेलने को लेकर हुए विवाद के बाद उन्होंने अपने पिता और भाई के साथ मिलकर पड़ोसी महिला और उसके बच्चों से मारपीट की। इस घटना में महक-परी के पिता सहित दूसरे पक्ष की महिला और दो बच्चे घायल हुए हैं। यह घटना संभल जनपद के थाना असमोली क्षेत्र के गांव शहबाजपुर कलां की है। इलियास की पत्नी बिलकिस जहां ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मंगलवार शाम करीब 6 बजे वह अपने घर के बाहर खड़ी थीं। इसी दौरान महक-परी अपने पिता सरफराज और भाई आसिफ के साथ वहां पहुंचीं और गाली-गलौज करने लगीं। बिलकिस जहां के विरोध करने पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि रात 8 बजे तीनों ने लाठी-डंडों से उन पर हमला कर दिया। शोर सुनकर बीच-बचाव के लिए आए बिलकिस जहां के बेटे गुल हसन और नूरे हसन के साथ भी मारपीट की गई, जिससे उन्हें चोटें आईं। महक-परी के पिता सरफराज ने भी खुद के साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि वह भी घायल हुए हैं और इस संबंध में पुलिस को अपनी शिकायत दे रहे हैं। यूट्यूबर महक-परी का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले भी सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने के आरोप में असमोली पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की थी। इसके अतिरिक्त, मुरादाबाद में एक युवक के साथ सरेराह मारपीट का मामला भी चर्चा में रहा था। उनके खिलाफ कई अन्य स्थानों पर भी विवाद और झगड़े के आरोप सामने आ चुके हैं। वर्तमान घटना के बाद पीड़िता बिलकिस जहां ने असमोली थाना पुलिस को तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। थाना प्रभारी मोहित चौधरी ने बताया कि महक-परी के पिता के सिर में चोट आई है, जबकि दूसरे पक्ष के लोगों को भी चोटें लगी हैं। सभी घायलों को मेडिकल जांच के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हरदोई के सांडी थाने से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में थाने की एक बिल्डिंग के कमरे में कुछ लोग हिरासत में बैठे दिख रहे हैं, जो अपनी बात भी कह रहे हैं। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि कई लोग एक साथ एक कमरे में बैठे हैं। किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। वीडियो में बैठे लोग अपनी बात रखते हुए भी सुनाई दे रहे हैं। थाने से संबंधित इस वीडियो के वायरल होने के बाद विभिन्न प्रकार की चर्चाएं हो रही हैं। इस मामले पर एएसपी पूर्वी सुबोध गौतम ने एक बयान जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सांडी थाने से संबंधित जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें 6 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही थी। एएसपी ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में विधिक नियमों का पालन किया गया है। एएसपी ने आगे बताया कि इन संदिग्धों को अलग-अलग मामलों में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। इनमें से एक व्यक्ति को आईटी एक्ट से संबंधित मामले में, दो व्यक्तियों को अपहृता की बरामदगी से संबंधित मामले में, एक व्यक्ति को गैंगस्टर के सत्यापन से संबंधित, एक को चोरी के मामले में और एक अन्य को मारपीट से संबंधित मामले में लाया गया था।
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी आज भवानीपुर विधानसभा सीट से नामांकन भरेंगी। भाजपा ने इसी सीट से सुवेंदु अधिकारी को उम्मीदवार बनाया है। वे नेता विपक्ष भी हैं। सुवेंदु 2 अप्रैल को नामांकन कर चुके हैं। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह उनके साथ मौजूद थे। भवानीपुर के अलावा ममता और सुवेंदु नंदीग्राम से भी आमने-सामने हैं। 2021 में उन्होंने ममता को यहां से हराया था। वहीं, तमिलनाडु के सीएम स्टालिन करूर और इरोड में आज चुनावी सभा करेंगे। असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को सिंगल फेज में वोटिंग है। इसलिए मंगलवार शाम 5 बजे तीन राज्यों में चुनाव प्रचार थमा। 5 राज्यों में हो रही चुनावी हलचल से जुड़े अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
हरियाणा में हिसार के श्रद्धालुओं से सालासर धाम मंदिर में मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। एक दिन पहले मंगलवार को जहां किसान सभा ने सुजानगढ़ में एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया वहीं अब पूरे विवाद को सुलझाने भजन गायक कन्हैया मित्तल सामने आए हैं। मंगलवार शाम को उन्होंने सोशल मीडिया पर लाइव आकर 15 मिनट इस टॉपिक पर चर्चा की। इसके बाद परिवार से फोन पर बात की। कन्हैया मित्तल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर परिवार से बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग शेयर की और लिखा कि बालाजी महाराज के सभी बच्चे हैं और हम एक हैं। बहुत-बहुत आभार हिसार के परिवार का जिन्होंने पुनः सालासर जाने के लिए हां भरी और सनातनियों की एकता की एक मिसाल कायम की। 10 अप्रैल को मैं और मेरा हिसार का परिवार एक साथ सालासर बालाजी के माथा टेकेंगे। वहीं आज बालाजी मार्केट एसोसिएशन ने भी हिसार में इस मसले पर बैठक बुलाकर आगामी कार्रवाई करने को मंथन की बात कही है। वहीं परिवार का कहना है कि उन्होंने अभी जाने का कोई फैसला नहीं लिया है। हिसार में व्यापारियों ने बुलाई बैठकवहीं इस मामले में हिसार में बालाजी मार्केट एसोसिएशन के दुकानदारों ने बैठक बुलाई है। जिस परिवार से मारपीट हुई है वह बालाजी मार्केट एसोसिएशन के प्रधान संजय मेहता हैं। राठी कॉलोनी निवासी संजय मेहता ने दैनिक भास्कर एप को बताया कि कन्हैया मित्तल का उनके पास फोन आया था मगर अभी तक परिवार जाने पर सहमत नहीं हुआ है। आज इसको लेकर मार्केट एसोसिएशन ने बैठक बुलाई है इसी में आगामी फैसला लिया जाएगा। परिवार के साथ मारपीट के 2 PHOTOS… कन्हैया मित्तल ने लाइव आकर 3 बड़ी बातें कीं...
खैरथल के वार्ड 35 में सोमवार तड़के गौ-तस्करों ने गोवंश चोरी की वारदात को अंजाम दिया। बिना नंबर की पिकअप में सवार 4-5 नकाबपोश बदमाशों ने सुबह करीब 3:30 से 4:30 बजे के बीच सड़क पर घूम रही गायों को जबरन गाड़ी में भर लिया। यह पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। प्रत्यक्षदर्शी गजराज सिंह के अनुसार, वे रोजाना की तरह सुबह करीब 3 बजे हनुमान मंदिर मार्ग पर टहल रहे थे। इसी दौरान एक संदिग्ध पिकअप वहां आकर रुकी और उसमें से उतरे नकाबपोश बदमाश गायों को पकड़कर गाड़ी में डालने लगे। गजराज ने तुरंत 100 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। गजराज सिंह ने बदमाशों का विरोध किया और पिकअप पर डंडा मारा। इस पर तस्करों ने गाड़ी उनकी ओर मोड़ दी और उन्हें कुचलने का प्रयास किया, लेकिन वे बाल-बाल बच गए। बदमाश जल्दबाजी में 3-4 गायों को गाड़ी में भरकर मौके से फरार हो गए। आरोप है कि सूचना के काफी देर बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खैरथल थाने में पर्याप्त पुलिस बल होने के बावजूद अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उनका कहना है कि रात्रि गश्त और बीट सिस्टम केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। वार्डवासियों ने इसे पुलिस व्यवस्था की विफलता बताते हुए सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। खैरथल थाना प्रभारी रामकिशन यादव ने बताया कि घटना की जानकारी प्रारंभ में न तो कंट्रोल रूम से मिली और न ही गश्त दल को। उन्होंने कहा कि वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक (एसपी) बृजेश ज्योति ने कहा कि फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। उन्होंने जिले में सक्रिय गौ-तस्कर गिरोह के नेटवर्क को ध्वस्त करने के साथ ही रात्रि गश्त को और अधिक सख्त बनाने के निर्देश दिए हैं।
पानीपत शहर की गोपाल कॉलोनी क्षेत्र से एक नाबालिग लड़की के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। परिजनों ने गाजियाबाद निवासी एक युवक पर अपनी बेटी को बहला-फुसलाकर अगवा करने का आरोप लगाया है। ओल्ड इंडस्ट्रियल थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। फैक्ट्री जाने के बहाने निकली थी किशोरी पीड़िता की मां द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, उनकी नाबालिग बेटी अपनी सहेली के साथ पास की एक फैक्ट्री में काम सीखने जाती थी। 6 अप्रैल की दोपहर करीब 12 बजे वह खाना खाकर दोबारा फैक्ट्री के लिए निकली थी। फैक्ट्री के पास पहुंचकर उसने अपनी सहेली से कहा कि वह दुकान से कुछ सामान लेने जा रही है, लेकिन उसके बाद वह वापस नहीं लौटी। पहले भी पीछा करता था आरोपी परिजनों ने बताया कि आरोपी युवक पिछले काफी समय से लड़की का पीछा कर रहा था। लड़की ने पहले भी घर पर इसकी शिकायत की थी, जिसके बाद परिजनों ने युवक को समझा-बुझाकर मामला शांत करा दिया था। बदनामी के डर से उस समय पुलिस को सूचना नहीं दी गई थी और आरोपी ने दोबारा पीछा न करने का आश्वासन भी दिया था। इंस्टाग्राम और फॉलोअर्स से मिला सुराग लड़की के गायब होने के बाद जब परिवार ने तलाश शुरू की, तो सोशल मीडिया के जरिए बड़े खुलासे हुए। परिवार ने जब आरोपी की इंस्टाग्राम आईडी सर्च की, तो वह ब्लॉक मिली। इसके बाद परिवार ने आरोपी के एक फॉलोअर से संपर्क किया, जिसने बताया कि आरोपी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (मेरठ रोड) स्थित एक दुकान पर काम करता है। परिवार को अंदेशा है कि वही युवक उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर किसी अनहोनी की नीयत से अगवा कर ले गया है। पुलिस की कार्रवाई ओल्ड इंडस्ट्रियल थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी हर्ष के खिलाफ BNS की धारा 137 और 87 के तहत अपहरण का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस की टीमें गाजियाबाद और संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि तकनीकी सर्विलांस की मदद से जल्द ही लड़की को बरामद कर लिया जाएगा।
जालौन जनपद में मंगलवार रात से हो रही बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बुधवार सुबह से मौसम में ठंडक बनी हुई है और आसमान में घने बादल छाए हुए हैं। इस बारिश से पहले से ही संकट में घिरे किसानों की उम्मीदों को झटका लगा है। हाल ही में हुई ओलावृष्टि से गेहूं और चना की फसलों को भारी नुकसान हुआ था। कई किसानों की लगभग 60 से 70 प्रतिशत फसल पहले ही बर्बाद हो चुकी थी। अब लगातार हो रही बारिश के कारण बची हुई लगभग 30 प्रतिशत फसल भी खेतों में सड़ने लगी है। खेतों में पानी भरने और अत्यधिक नमी के कारण कटाई के लिए तैयार फसल खराब हो रही है। इससे किसानों को बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि इस बार मौसम की मार ने उनकी पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया है। फसल खराब होने से उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। कई किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है, ताकि उन्हें कुछ आर्थिक राहत मिल सके। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण बुंदेलखंड क्षेत्र, विशेषकर जालौन में यह बारिश हो रही है। यदि मौसम का यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में फसलों को और अधिक नुकसान हो सकता है। प्रशासन द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है, लेकिन फिलहाल किसानों की चिंता कम होती नजर नहीं आ रही है।
नगर निकायों में फर्जी नियुक्तियां जारी करने के मामले में जालोर नगर परिषद के संस्थापन प्रभारी हीरालाल को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि हीरालाल ने ठग राकेश के कहने पर 7 से 8 लोगों के फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किए थे। 3.50 लाख लेकर दिया गया फर्जी नियुक्ति पत्रपुलिस के अनुसार, फर्जी नियुक्ति पाने वाले लालाराम ने बयान में बताया कि उसे राकेश ने उसके नाम का नियुक्ति पत्र दिया था, जिसके बदले उससे 3.50 लाख रुपए लिए गए। जांच में सामने आया कि राकेश यह नियुक्ति पत्र हीरालाल से प्राप्त करता था। हीरालाल अपने पास आयुक्त की मोहर रखता था और नियुक्ति पत्रों पर मोहर लगाकर राकेश को देता था। इसके बाद राकेश उन पर हस्ताक्षर कर लोगों को सौंप देता था। पूछताछ में हीरालाल ने 7-8 फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। भवन का चार्ज भी हीरालाल के पास, ठग ने तोड़ दिए थे तालेजिस नगर परिषद भवन में राकेश फर्जी नौकरी का कार्यालय चला रहा था, उसका चार्ज भी हीरालाल के पास ही था। नगर परिषद ने दो बार इस भवन पर ताले लगवाए, लेकिन राकेश ताले तोड़कर दोबारा वहीं बैठ गया। इसके बावजूद हीरालाल ने न तो उच्च अधिकारियों को सूचना दी और न ही पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई। शिकायती पत्र लिखवाए, लेकिन थाने में नहीं दिएहीरालाल ने तत्कालीन आयुक्त दिलीप माथुर से थानाधिकारी के नाम दो बार ताले तोड़ने की शिकायत के पत्र तो लिखवाए, लेकिन उन्हें कभी थाने में जमा नहीं कराया। मामले में कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है।
डूंगरपुर में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मंगलवार रात को मौसम का मिजाज बदल गया। दिनभर की गर्मी और उमस के बाद रात के समय मौसम का मिजाज बदल गया। 8 बजे बाद बाद हवाएं चलने चली। बादल गरजने लगे और फिर रात 9 बजे बाद अचानक से हल्की बारिश का दौर शुरू हो गया। रुक रुक कर करीब 15 मिनट तक हल्की बारिश हुई। बारिश की वजह से मौसम ठंडा हो गया। वही डूंगरपुर शहर के कई इलाकों में बिजली भी गुल हो गई जो करीब ढाई घंटे बाद बहाल हो सकी। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज धूलभरी हवाएं चलीडूंगरपुर जिले में मंगलवार को दिनभर तेज गर्मी और उमस का असर देखने को मिला। इससे लोग बेहाल रहे। लेकिन शाम होते ही मौसम बदलने लगा। आसमान में बादल छा गए। तेज धूलभरी हवाएं चलने लगी। वही रात का अंधेरा होते ही हवाओं के साथ बादल भी गरजने लगे। बादलों की गर्जना के साथ ही रात 9 बजे अचानक से पहले बूंदाबांदी शुरू हो गई। इसके बाद करीब 15 मिनट तक हल्की बारिश हुई। इससे दिनभर की तपिश की वजह से गर्म सड़के भीगकर ठंडी हो गई। मौसम ठंडा होने से दिनभर की गर्मी और उमस से भी लोगों को राहत मिली। कुछ देर बाद बारिश थम गई। लेकिन हवाएं चलने लगी ओर बादलों की गर्जना हुई। फसलों को हुआ नुकसानबारिश की वजह से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेत ओर खलिहानों में कई किसानों की गेहूं की कटी हुई फसल पड़ी है। बारिश की वजह से फसल भीग गई। इस वजह से किसानों की फसल खराबे ओर नुकसान की चिंता है। बारिश के साथ बिजली हुई गुलबादलों की गर्जना ओर हवाएं चलने के साथ ही डूंगरपुर में बिजली गुल हो गई। इससे शहर के हाउसिंग बोर्ड समेत कई इलाकों में अधेरा छा गया। रोड लाइटें भी बंद होने से सड़कों पर भी अंधेरा रहा। दिनभर की गर्मी के बाद बारिश से जहा लोगों को राहत मिली। वही बिजली गुल होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई। करीब ढाई घंटे बाद बिजली बहाल हो सकी।
सोनीपत के गन्नौर क्षेत्र में तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण एक्सीडेंट हो गया। अज्ञात ट्रैक्टर ड्राइवर की टक्कर से मां-बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद आरोपी ड्राइवर मौके से फरार हो गया, जबकि घायलों को पहले खानपुर कलां और फिर दिल्ली रेफर किया गया। पुलिस ने पीड़ित के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मां को लेकर घर लौट रहा था छात्र गांव देवड़ू के रहने वाले राहुल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करता है, वह अपनी मां रानी देवी को मोटरसाइकिल पर लेकर मांडी गांव से घर लौट रहा था। जैसे ही वह गन्नौर के गांव खुबड़ू झाल के पास पहुंचा, सामने से आ रहे एक ट्रैक्टर ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। ट्रैक्टर की टक्कर से सड़क पर गिरे मां-बेटा राहुल के अनुसार ट्रैक्टर चालक तेज गति और लापरवाही से वाहन चला रहा था। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मां-बेटा सड़क पर गिर गए और दोनों को गंभीर चोटें आईं। हादसे के तुरंत बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया। राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल, फिर दिल्ली रेफर घटना के बाद मौके पर मौजूद राहगीरों ने दोनों घायलों को बीपीएस खानपुर कलां अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उन्हें आगे के इलाज के लिए लोकनायक अस्पताल, दिल्ली रेफर कर दिया गया। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पुलिस को सूचना मिलने पर टीम अस्पताल पहुंची और डॉक्टरों से घायलों की मेडिकल लीगल रिपोर्ट (MLR) हासिल की। बाद में राहुल के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर गन्नौर थाना में अज्ञात ट्रैक्टर ड्राइवर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 और 125(ए) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी ट्रैक्टर चालक की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया गया है।
मुझे परिवार ने 50 लाख रुपए सालाना किराए पर जमीन देने की सहमति दी थी। इसके लिए बकायदा रेमन के दोनों भाईयों, उनकी पत्नी और मां ने घर बुलाकर मुझसे डील की थी। एफआईआर करने से पहले मेरा पक्ष भी नहीं जाना गया और एकतरफा एफआईआर कर दी गई। यह कहना है इंदौर के शराब कारोबारी और क्रिकेट टीम के मालिक सूरज रजक का। सूरज का कहना है कि यह आरोप पूरे निराधार हैं और रेमन कक्कर ने जो मेरे खिलाफ एफआईआर कराई है, यह बिल्कुल गलत है। उस जमीन पर कब्जे जैसी बात तो कभी हुई ही नहीं है। यह पूरा परिवार डिस्प्यूटेड परिवार है। इन लोगों ने पहले भी उक्त जमीन का किसी के साथ सौदा किया था और उसके पैसे हड़प लिए थे, जिसको लेकर कोर्ट में बाकायदा कैस चल रहा है। 50 लाख रुपए में दी थी जमीन सूरज ने परिवार के साथ हुई चैटिंग और बातचीत को दैनिक भास्कर के साथ शेयर करते हुए बताया कि जमीन किराए पर देने को लेकर इनके परिवार की सहमति मुझे दी गई थी। इनके परिवार ने मुझे बताया था कि यह सरकारी जमीन है इस जमीन को लेकर हमारा अभी डिस्प्यूट भी चल रहा है, इसलिए हम लिखा पड़ी अभी नहीं कर सकते, लेकिन यह जमीन हम आपको 50 लाख रुपए सालाना किराए पर दे रहे हैं। रेमन कक्कर के भाई ने मुझे घर बुलाया था। उस दौरान इनकी मां, इनके दोनों भाई, दोनों भाईयों की पत्नियां और उनके बड़े भाई की एक बेटी मिली थी। उनकी सहमति देने के बाद मैंने जमीन पर काम शुरू कराया था, अगर मुझे कब्जा ही करना होता तो क्या मैं घर जा के बात करता? जमीन को लेकर कोर्ट में केस चल रहा है सूरज ने बताया कि मैंने वर्तमान में जमीन के बारे में जानकारी निकाली तो मुझे पता चला है कि इन लोगों ने शहर के प्रतिष्ठित व्यापारी से इस जमीन को बेचने के लिए सौदा कर लिया था और सौदा करने के बाद उनके करोड़ों रुपए हड़प गए। रुपए हड़पने के बाद यह लोग सौदा करने से भी पलट गए। जिसके बाद इनकी जमीन के बदले पैसे लेने के मामले में कोर्ट में केस भी चल रहा है। मेरी जानकारी के अनुसार इनके परिवार पर उक्त जमीन को लेकर चार से पांच केस कोर्ट में चल रहे हैं। जिसमें से दो या तीन केस सामने वाली पार्टी जीत भी चुकी है वहीं एक या दो में डिसीजन होना बाकी है। रेमन का भाई खुद जमीन दिखाने लेकर गया था मेरा रेमन के भाई रणधीर सलूजा से इस जमीन के विषय में बात हुई थी। जिसके बाद रणधीर उर्फ बंटी सलूजा खुद मुझे जमीन पर लेकर गए थे। जमीन देखने के बाद उन्होंने मुझसे कहा कि आप एक नक्शा बनवा लीजिए, इसके बाद मैंने नक्शा तैयार करवाकर बंटी सलूजा और उनके परिवार को भेजा था। मैंने नक्शा बनाकर दिया उसमें बताया कि सरकारी जगह कौन सी है और इनकी निजी जगह कौन सी है। बाद में जब मैंने काम शुरू कर दिया तब रेमन अचानक आई ओर इनके परिवार के आपसी डिस्प्यूट की वजह से रेमन ने मेरे पर एफआईआर दर्ज करवाई। रेमन के पति ने कहा था आप बंटी से बात कर लीजिए सूरज ने बताया कि जमीन को लेकर मेरी रेमन कक्कर के पति से भी बात हुई थी, उन्होंने भी यही कहा मुझे कि आप बंटी सलूजा से बात कर लीजिए। अगर मुझे पता होता कि इनके परिवार की खासतौर पर रेमन की राजी-मर्जी नहीं है तो मैं वहां पर काम हीं नहीं करता। वहीं इस जमीन को लेकर जब मैं रेमन कक्कर की मां से मिला तो उन्होंने कहा कि बेटा हम यह जमीन आपको बेचना चाहते हैं, आप इसे खरीद लीजिए। सूरज ने कहा कि रेमन अपना मानसिक संतुलन खो चुकी हैं। उनके परिवार में ही आपस में सामंजस्य नहीं है। उन्होंने पहले भी कई लोगों से करोड़ों रुपए हड़पे हैं। आज भी उस जमीन पर नगर निगम का कुर्की का बोर्ड लगा हुआ है। आज यह शहर हित की बात करते हैं तो शहर हित में आज तक इन्होंने अपनी जमीन का टैक्स क्यों नहीं भरा हुआ है। रेमन के परिवार ने जानकारी दी वह एफआईआर करवा रही सूरज ने बताया कि रेमन के परिवार के लोग सतत मेरे संपर्क में थे। जिस दिन रेमन FIR करने जा रही थीं, इनके घर से निकलने के पहले इनके घर के लोगों का फोन मेरे पास आया की भैया रेमन FIR करने के लिए जा रही हैं। आप वहां पर एक आवेदन भिजवा दीजिए। मैंने परिवार के कहने के बाद आवेदन थाने पर भिजवाया और कहा कि हम सरकारी जमीन पर दुकान बनवा रहे हैं। एकतरफा हुई एफआईआर, मेरा पक्ष नहीं जाना सूरज ने बताया कि मुझ पर इस मामले में सीधे एफआईआर हुई है। इसमें मुझसे किसी ने बात करने की कोशिश नहीं की। मुझे लगता है पुलिस को एफआईआर लिखने से पहले मेरे से बात करना चाहिए थी, मेरा पक्ष लेना चाहिए था। रात को 9:30 बजे की FIR की कॉपी मेरे पास मीडिया के माध्यम से आई। रेमन भी उस जमीन में मालिक हैं यह मुझे जानकारी नहीं थी।
हरियाणा में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पहली कक्षा में दाखिले के नियमों में बड़ा बदलाव लागू कर दिया गया है। अब केवल उन्हीं बच्चों को कक्षा-1 में प्रवेश मिलेगा, जो छह वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं। सरकार ने यह कदम बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को अधिक मजबूत और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से उठाया है। हालांकि सरकार ने अभिभावकों को राहत देते हुए एक महत्वपूर्ण छूट भी दी है। जिन बच्चों की आयु 30 सितंबर तक छह वर्ष पूरी हो जाएगी, वे भी प्रवेश के पात्र होंगे। यानी हरियाणा निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा के अधिकार अधिनियम-2011 के तहत छह महीने की विस्तारित अवधि में जैसे ही बच्चा छह साल का होगा, उसी दिन से उसे पहली कक्षा में दाखिला मिल सकेगा। NEP नियमों में किया संशोधन इस बदलाव के लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा नियम-2003 में संशोधन करते हुए नए नियम अधिसूचित किए गए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा (संशोधन) नियम 2026 को लागू करने की औपचारिक घोषणा की है। इससे पहले पांच साल की उम्र में भी पहली कक्षा में प्रवेश का प्रावधान था, जिसे अब बढ़ाकर छह साल कर दिया गया है। 3 फेस में लागू किया बदलाव यह बदलाव नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) के प्रावधानों के अनुरूप किया गया है, जिसमें कक्षा-1 के लिए न्यूनतम आयु छह वर्ष निर्धारित की गई है। हरियाणा में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया। पहले 2024-25 में पांच वर्ष, फिर 2025-26 में साढ़े पांच वर्ष और अब 2026-27 सत्र से छह वर्ष की आयु अनिवार्य कर दी गई है। क्या होगा इसका इंपैक्ट अब 6 साल से कम उम्र के बच्चों का कक्षा-1 में सीधे दाखिला नहीं हो सकेगा। 30 सितंबर तक 6 साल पूरे करने वाले बच्चों को प्रवेश की पात्रता मिलेगी। प्री-प्राइमरी/केजी कक्षाओं में एक साल का अतिरिक्त समय बिताना पड़ सकता है। शिक्षा प्रणाली में आयु के अनुसार समानता और सीखने की गुणवत्ता बेहतर होने की है।
डीग में कार की टक्कर से बुजुर्ग की मौत:भाग गया ड्राइवर, नारायण कटता में हुआ हादसा
डीग जिले के सदर थाना क्षेत्र के गांव नारायणा कटता में मंगलवार रात एक सड़क हादसे में एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई। तेज गति से आ रही एक कार ने उन्हें टक्कर मार दी, जिसके बाद ड्राइवर मौके से फरार हो गया। मृतक की पहचान नारायणा कटता निवासी तेज सिंह (65) के रूप में हुई है। तेज सिंह रोडवेज बस चालकों और परिचालकों को किराए पर बिस्तर उपलब्ध कराते थे। मंगलवार रात उन्हें पान्हौरी गांव से एक रोडवेज चालक का फोन आया था, जिसने 2 बसों के लिए बिस्तर मांगे थे। तेज रफ्तार कार ने मारी टक्करतेज सिंह सड़क किनारे रोडवेज ड्राइवर को बिस्तर देने के लिए खड़े थे। तभी डीग की तरफ से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तेज सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।हादसे के बाद रोडवेज बस ड्राइवर महेंद्र शर्मा ने अपनी बस रोकी और सूझबूझ दिखाते हुए घायल तेज सिंह को अपनी गाड़ी में बिठाकर डीग जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टर गुमान सिंह ने जांच के बाद तेज सिंह को मृत घोषित कर दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपाहालांकि, परिवार के सदस्य डॉक्टरों की बात से सहमत नहीं हुए और तेज सिंह को भरतपुर ले गए। वहां भी डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजन शव को वापस डीग लाए और जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में पोस्टमॉर्टम के लिए रखवा दिया गया है। वहीं बुधवार की सुबह मृतक तेज सिंह की शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया, इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया। सदर थाने के एएसआई राजेंद्र सिंह ने बताया कि गांव नारायणा कटता में सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जिसकी सूचना पर पुलिस टीम गांव पहुंची। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। आरोपी कार ड्राइवर की तलाश जारी है। वही डीग अस्पताल के पीएमओ डॉक्टर जितेंद्र फौजदार ने बताया बुजुर्ग तेज सिंह की मौत सिर में चोट लगने के कारण हुई है और उनके अंदरूनी भी चोट थी।
सहारनपुर के थाना चिलकाना क्षेत्र में बीती रात पुलिस और गोकश बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया, जिसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा। घायल बदमाश का अस्पताल में इलाज जारी है। सीओ सदर मुनीश चंद्र ने बताया कि थाना चिलकाना पुलिस टीम बीती रात गांव बुड्ढा खेड़ा से संगमोर जाने वाले रास्ते पर परागपुर के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि परागपुर से घाटहेड़ा जाने वाले मार्ग पर स्थित एक बाग में कुछ लोग गोकशी की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल बताए गए स्थान पर पहुंची। बाग में आम के पेड़ के पास दो संदिग्ध व्यक्ति एक गोवंश के साथ दिखाई दिए। पुलिस ने दोनों को रुकने और सरेंडर करने को कहा, लेकिन खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करते हुए गोली चलाई। इस दौरान एक बदमाश के दाहिने पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। अपने साथी को घायल होते देख दूसरा बदमाश मौके से फरार हो गया। पुलिस ने घायल बदमाश को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान उस्मान उर्फ मानी पुत्र नानू के रूप में हुई है, जो मूल रूप से थाना कुतुबशेर क्षेत्र की कमेला कॉलोनी का निवासी है और वर्तमान में बुड्ढा खेड़ा में रह रहा था। आरोपी के कब्जे से एक अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, गोकशी के उपकरण, एक लाइटर और एक जिंदा गोवंश बरामद किया गया है। सीओ सदर के अनुसार, गिरफ्तार बदमाश उस्मान उर्फ मानी के खिलाफ जनपद के विभिन्न थानों में गोकशी, चोरी, एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट सहित लगभग डेढ़ दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। वह थाना कुतुबशेर का हिस्ट्रीशीटर भी है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में लगातार कांबिंग अभियान चला रही है।
गर्मियों की छुट्टियों में यात्रियों के रेलवे प्रशासन द्वारा विशेष ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। ये ट्रेन कोटा मंडल के स्टेशन से होकर गुजरेगी। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 09821 (सोगरिया–धनबाद) 16 अप्रैल से 9 जुलाई तक प्रत्येक गुरुवार को 13 फेरों में सोगरिया से रात 11.10 बजे रवाना होगी। तीसरे दिन शनिवार को रात 3.45 बजे धनबाद जंक्शन पहुंचेगी। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 09822 (धनबाद-सोगरिया) 18 अप्रैल से 11 जुलाई तक प्रत्येक शनिवार को 13 फेरों में धनबाद जंक्शन से सुबह 5.15 बजे रवाना होगी जो अगले दिन सुबह 7.35 बजे सोगरिया पहुंचेगी। इस गाड़ी का रास्ते में दोनों दिशाओं में सोगरिया, बारां, सालपुरा, छबड़ा गुगोर, रुठियाई जंक्शन, गुना, अशोक नगर, सागर, दमोह, कटनी मुरवारा, मैहर, सतना, मानिकपुर जंक्शन, प्रयागराज छेओकी, मिर्जापुर, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, भभुआ रोड, सासाराम, डेहरी ऑन सोन, अनुग्रह नारायण रोड, गया जंक्शन, कोडरमा, पारसनाथ, एनएससी बोस जंक्शन गोमो स्टेशनों पर ठहराव होगा। 01907/01908 आगरा कैंट-उधना-आगरा कैंट गाड़ी संख्या 01907 (आगरा कैंट-उधना) 07 अप्रैल से 14 जुलाई तक प्रत्येक मंगलवार को 15 फेरों में आगरा कैंट से शाम 6.45 बजे रवाना होगी। अगले दिन बुधवार को रात 12.45 बजे कोटा होते हुए दोपहर 1.25 बजे उधना पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 01908 (उधना-आगरा कैंट) 8 अप्रैल से 15 जुलाई प्रत्येक बुधवार को 15 फेरों में उधना से दोपहर 3.25 बजे रवाना होगी। अगले दिन रात 2.20 बजे कोटा होते हुए गुरुवार को सुबह 8.30 बजे आगरा कैंट पहुंचेगी। इस गाड़ी का रास्ते में दोनों दिशाओं में आगरा कैंट जंक्शन, फतेहपुर सीकरी, रूपबास, गंगापुर सिटी जंक्शन, सवाई माधोपुर जंक्शन, कोटा जंक्शन, रतलाम जंक्शन, वडोदरा जंक्शन तथा उधना स्टेशनों पर ठहराव होगा। 05017/05018 मऊ-वलसाड-मऊ गाड़ी संख्या 05017 (मऊ-वलसाड) दिनांक 9 मई तक प्रत्येक शनिवार को 6 फेरों में मऊ जंक्शन से सुबह 6.00 बजे रवाना होगी। जो रात 12.50 बजे कोटा होते हुए अगले दिन रविवार को दोपहर 12.35 बजे वलसाड पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 05018 (वलसाड-मऊ) दिनांक 10 मई तक प्रत्येक रविवार को 6 फेरों में वलसाड से दोपहर 3.10 बजे रवाना होगी। जो रात 2.35 बजे कोटा होते हुए अगले दिन सोमवार को रात 10.45 बजे मऊ जंक्शन पहुंचेगी। इस गाड़ी का रास्ते में दोनों दिशाओं में बेल्थरा रोड, सलेमपुर जंक्शन, भटनी जंक्शन, देवरिया सदर, गोरखपुर जंक्शन, बस्ती, गोंडा जंक्शन, बाराबंकी जंक्शन, बादशाहनगर, ऐशबाग, कानपुर सेंट्रल, टुंडला जंक्शन, इडगाह जंक्शन, बयाना जंक्शन, गंगापुर सिटी जंक्शन, कोटा जंक्शन, रामगंज मंडी, भवानी मंडी, नागदा जंक्शन, रतलाम जंक्शन, वडोदरा जंक्शन, सूरत तथा वलसाड स्टेशनों पर ठहराव होगा।
थाना प्रभारी संदीप भारती लाइन अटैच:रीना सिंह को मिली मऊगंज थाने की कमान
मऊगंज जिले में पुलिस विभाग ने एक बड़ा फेरबदल किया है। विवादों में घिरे थाना प्रभारी संदीप भारती को उनके पद से हटाकर लाइन अटैच कर दिया गया है। उनकी जगह कार्यवाहक निरीक्षक रीना सिंह को मऊगंज थाने की कमान सौंपी गई है। उप-निरीक्षक संदीप भारती को थाना क्षेत्र में बढ़ते अपराधों, असंतोषजनक पुलिस कार्यप्रणाली और फरियादियों के साथ दुर्व्यवहार की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद हटाया गया है। उन्हें पुलिस अधीक्षक कार्यालय से लाइन अटैच किया गया है। पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी ने आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि यह निर्णय थाना स्तर पर कानून-व्यवस्था को प्रभावी बनाने और जनता के बीच पुलिस की छवि सुधारने के उद्देश्य से लिया गया है। संदीप भारती के कार्यकाल को लेकर स्थानीय स्तर पर लंबे समय से असंतोष व्याप्त था। पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा हाल ही में जारी तबादला सूची के तहत पीटीएस रीवा में पदस्थ कार्यवाहक निरीक्षक रीना सिंह का स्थानांतरण मऊगंज जिले में हुआ था। अब उन्हें मऊगंज थाने की जिम्मेदारी दी गई है। रीना सिंह ने मंगलवार देर शाम थाना पहुंचकर पदभार ग्रहण कर लिया है। उनके सामने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, अपराधों पर अंकुश लगाने और आम जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने की बड़ी चुनौती होगी।
गोरखपुर में बुधवार को मौसम ने अचानक बदल गया। सुबह से हल्की बारिश होने के कारण तापमान में करीब 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई। इस बदलाव का असर आम जनजीवन पर भी साफ दिखाई दिया। देखिए 2 तस्वीरें.... सुबह के समय स्कूली बच्चे बारिश में भीगते हुए स्कूल जाते नजर आए। वहीं, रोज़ाना काम पर जाने वाले लोग भी छाता लेकर घर से निकले। हल्की बारिश और ठंडी हवाओं की वजह से मौसम ठंडा हो गया। मौसम वैज्ञानिक डॉ. कैलाश पाण्डेय के अनुसार, आज और कल यानी गुरुवार तक ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि गोरखपुर समेत पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश के साथ लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, जिससे ठंडक बनी हुई है। हालांकि, इस बारिश का असर खेती पर पड़ सकता है। खासतौर पर गेहूं की फसल को नुकसान होने की आशंका जताई गई है। मौसम बदलने की वजह क्या हैमौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस बदलाव के पीछे खास वायुमंडलीय स्थितियां जिम्मेदार हैं। पश्चिमोत्तर के पहाड़ी इलाकों में एक “पश्चिमी विक्षोभ” सक्रिय है, जो तिब्बत की ओर बढ़ रहा है। इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर लगभग 5000 फीट की ऊंचाई पर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बन गया है। इसी वजह से बादल छा रहे हैं और बारिश हो रही है। आगे कैसा रहेगा मौसमबुधवार और गुरुवार तक तेज हवाएं और बादल बने रहेंगे। कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है। लेकिन राहत की बात यह है कि शुक्रवार से मौसम फिर सामान्य होने लगेगा। मंगलवार को अधिकतम तापमान 36.4C और न्यूनतम 19.6C था, लेकिन बारिश के बाद इसमें करीब 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिक ने बुधवार का अधिकतम तापमान 24C और न्यूनतम तापमान 17C रहने की संभावना जताई है।
मिर्जापुर में सम्राट महापद्म नंद जयंती मनाई गई:सामाजिक समरसता और जनकल्याण के प्रतीक थे महापद्म नंद
मिर्जापुर में महापद्म नंद जन्मोत्सव आयोजन समिति द्वारा सम्राट महापद्म नंद महाराज की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर समाज के गणमान्य नागरिक, बुद्धिजीवी और श्रद्धालु उपस्थित रहे। जननायक कर्पूरी ठाकुर विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रमोद शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि सम्राट महापद्म नंद केवल एक महान विजेता ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, संगठन शक्ति और जनकल्याण के प्रतीक थे। उनके आदर्श आज भी समाज को एकता और प्रगतिशील सोच की प्रेरणा देते हैं। इस अवसर पर साहित्यकार रमेश कुमार शर्मा, रघुनाथ शर्मा, मोहन लाल आर्य, शिव मोहन शर्मा, विजय बहादुर शर्मा, केदार नाथ सविता, गायक संजय शर्मा और मोनू शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। सभी ने इस आयोजन को सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक उत्थान का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। कार्यक्रम में समाज की प्रतिभाशाली बेटियों को सम्मानित किया गया। पीसीएस परीक्षा में सफलता प्राप्त कर खंड विकास अधिकारी बनीं अभिलाषा शर्मा और वर्ल्ड एजुकेशनल स्पर्धा में द्वितीय स्थान हासिल करने वाली संजीवनी शर्मा का सम्मान किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह में विशेष आकर्षण जोड़ा। कथक नृत्यांगना मनीष शर्मा की प्रस्तुति, रोली शर्मा के सोहर गीत और जटाशंकर शर्मा की कजली प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के संयोजक घनश्याम शर्मा, सचिव शिवराम शर्मा और कोषाध्यक्ष कृष्ण मुरारी शर्मा ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। डॉ. सतीश शर्मा, अवधेश शर्मा, शुभम शर्मा, पुनीत शर्मा सहित अन्य सदस्यों का योगदान भी सराहनीय रहा। समारोह का समापन सम्राट महापद्म नंद के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के संकल्प के साथ हुआ।
हरियाणा अग्निशमन विभाग के लगभग दो हजार अस्थायी फायर ब्रिगेड कर्मचारी आज से दो दिवसीय प्रदेशव्यापी हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारी वेतन सुधार, स्थायी नियुक्ति, बेहतर सुविधाएं और फरीदाबाद अग्निकांड में शहीद हुए साथियों को शहीद का दर्जा देने समेत अन्य मांग कर रहे हैं। हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर शुरू हुई हड़ताल में अकेले गुरुग्राम में करीब 200 कर्मचारी शामिल हैं। यूनियन नेताओं का आरोप है कि लंबे समय से उनकी जायज मांगों को सरकार नजरअंदाज कर रही है। शहीद का दर्जा देने की मांग 16 फरवरी को फरीदाबाद के मुजेसर इलाके में हुए भयानक अग्निकांड और विस्फोट में दो दमकल कर्मी शहीद हो गए थे। इसके बावजूद शहीद कर्मियों के परिवारों को उचित मुआवजा नहीं दिया गया। पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए, इसके खिलाफ कर्मचारियों में गहरा रोष है। अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी यूनियन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 9 अप्रैल तक मांगें पूरी नहीं की गईं, तो यह दो दिवसीय हड़ताल अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल दी जाएगी। यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि हम अपनी जान जोखिम में डालकर जनता की सेवा करते हैं, लेकिन सरकार हमसे सौतेला व्यवहार कर रही है। अब धैर्य की सीमा समाप्त हो चुकी है, न्याय नहीं तो काम नहीं। फायर ब्रिगेड सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हड़ताल के दौरान फायर ब्रिगेड सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित रहेगी। आपातकालीन स्थितियों में आग या दुर्घटना होने पर आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि विभाग की तरफ से वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। गुरुग्राम में रोडवेज ड्राइवर और होमगार्ड बुलाए इस संबंध में फायर अधिकारी जयनारायण ने बताया कि गुरुग्राम में फायर ब्रिगेड प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत रोडवेज से 50 ड्राइवरों और 150 होमगार्ड कर्मियों की मदद मांगी है, ताकि न्यूनतम सेवाएं जारी रखी जा सकें।
सूरजपुर जिले के भटगांव थाना क्षेत्र में 11वीं की नाबालिग छात्रा ने अपने शिक्षक पर अश्लील बातें करने और छेड़खानी का आरोप लगाया है। छात्रा के परिजनों ने इस संबंध में थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। छात्रा के पिता के अनुसार, हरकेश जायसवाल नामक शिक्षक उनकी बेटी को आए दिन परेशान करता था। उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षक पहले भी कई अन्य छात्राओं के साथ ऐसा व्यवहार कर चुका है। परिजनों को जानकारी मिलने के बाद उन्होंने तत्काल पुलिस से संपर्क किया। इस मामले की जानकारी मिलने पर शिक्षा विभाग ने भी संज्ञान लिया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है और जांच के आदेश दिए हैं। फिलहाल, भटगांव पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
उदयपुर के बाघपुरा थाना क्षेत्र में बीती देर रात लूटपात की सूचना पर आरोपियों की पकड़ने गई हाईवे पेट्रोलिंग टीम पर बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। बदमाशों के पास चाकू और तलवार थी। घटना रात करीब 11 बजे बरी गांव स्थित रणघाटी की है। जहां पुलिस की टीम अंधेरे में जंगल के कच्चे रास्तों पर छिपी रही। पुलिस ने मौका देख जैसे ही इन्हें दबोचा। तभी आरोपियों ने पुलिस पर जबावी हमला कर दिया। इसमें हैड कांस्टेबल गिरधारी लाल के हाथ में और पप्पू कुमार के घुटने व हथेली पर तलवार से चोट लगी। वहीं, ड्राइवर कांस्टेबल दिनेश कुमार के आंख के नीचे व कोहनी-घुटने में चोटें आई हैं। तीन में से एक सुनील निवासी सलदरी पुलिस से छूटकर फरार हो गया। जबकि पुलिस ने दो आरोपी नारायण पुत्र बाबू डामोर निवासी पालावाड़ा और मोहन पुत्र होमा डामोर निवासी पालावाड़ा को गिरफ्तार कर लिया। हैड कांस्टेबल गिरधारी लाल ने इनके खिलाफ बाघपुरा थाने में जानलेवा हमला और राजकार्य में बाधा का मुकदमा दर्ज कराया है। भाई-बहन के पीछे लूट की नीयत से तलवार लेकर भागे थे बदमाशदरअसल, कैलाश मीणा नाम का युवक अपनी बहन को लेकर रणघाटी से पालियाखेड़ा की तरफ जा रहा था। तभी रणघाटी से पहले पुलिया के आगे तीन बदमाशों ने अपनी दो बाइक सड़क पर आडे लगा रखी थी। कैलाश जैसे ही रुका तो बदमाशों ने उन पर लूट की नीयत से हमला कर दिया। ऐसे में वह बचते हुए वापस बाइक मुडाकर तेज स्पीड में भागा। सड़क किनारे एक मकान में घुसकर अपनी जान बचाई। तभी कैलाश ने पुलिस को सूचना देकर बुलाया। हाईवे पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची और बदमाशों का पीछा करते हुए उन्हें पकड़ लिया। पुलिस ने इनसे एक तलवार और एक चाकू बरामद किया है। फरार आरोपी की तलाश में जुटे हैं।
अजमेर जिले में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। इसी के तहत नसीराबाद तहसील के ग्राम गादेरी निवासी एक महिला किसान की चने की पूरी फसल खराब हो गई। पीड़ित महिला ने अजमेर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर फसल खराबे का मुआवजा दिलाने की मांग की है। ज्ञापन में किसना महिला मनफूल ने बताया कि उसकी कृषि भूमि खसरा नंबर 503 (करीब 10 बीघा) व खसरा नंबर 512 (करीब 3 बीघा 10 बिस्वा) में चने की फसल बोई गई थी। फसल पकने के बाद करीब एक माह पहले काटकर खेत में ही रखी थी, लेकिन हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण पूरी फसल सड़कर नष्ट हो गई। महिला ने बताया कि उसके पास आजीविका का अन्य कोई साधन नहीं है, ऐसे में फसल खराब होने से वह आर्थिक संकट में आ गई है। उसने सरकार से प्रति बीघा 10 बोरी चने के हिसाब से मुआवजा दिलाने की मांग की है। कटी फसल नहीं उठाने देने का आरोप महिला ने ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोगों ने पिछले एक माह से उसकी कटी हुई फसल को खेत से उठाने नहीं दिया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। इस संबंध में उसने पहले भी पुलिस थाना सदर नसीराबाद और एसपी अजमेर को शिकायत दी थी। 7 अप्रैल को पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर आरोपियों को पाबंद किया गया। पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि फसल खराबे का उचित मुआवजा दिलाने के साथ ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सुरक्षा प्रदान की जाए।
गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन वार्ड नंबर 11 में जांच के लिए ब्लड सैंपल को लेकर विवाद हो गया। सिद्धार्थनगर जिले के रहने वाले मरीज के तीमारदारों ने मंगलवार की दोपहर में जूनियर डॉक्टरों पर मारपीट और अभद्र भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया। इस घटना के बाद परिजन इलाज बीच में छोड़कर मरीज को लेकर घर चले गए। सिद्धार्थनगर से इलाज कराए गोरखपुर आए थे सिद्धार्थनगर जिले के उसका बाजार थाना क्षेत्र के मधवापुर गांव के रहने वाले प्रदीप ने अपने 73 वर्षीय पिता शिवप्रसाद को सोमवार की देर रात सांस फूलने की शिकायत पर मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया था। मंगलवार की दोपहर में जूनियर डॉक्टरों ने जांच के लिए ब्लड का सैंपल लिया। प्रदीप का आरोप है कि वह यूजर चार्ज काउंटर पर शुल्क जमा करने के बाद सेंट्रल पैथोलॉजी में सैंपल देकर लौटे ही थे कि डॉक्टरों ने दोबारा ब्लड सैंपल लेकर दूसरी जांच कराने के लिए कहा। डॉक्टर पर अभद्र भाषा का प्रयोग का आरोप प्रदीप का कहना है कि इस पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने कहा कि, जांच के लिए लंबी लाइन लग रही है। ऐसे में दोनों सैंपल एक साथ ले लिए गए होते तो बेहतर होता। इसी बात को लेकर प्रदीप और जूनियर डॉक्टरों के बीच कहासुनी हो गई। प्रदीप का आरोप है कि डॉक्टरों ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और विरोध करने पर उनके साथ मौजूद भाई मंदीप के साथ मारपीट की। मारपीट के दौरान वार्ड में कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। विवाद से आहत परिजन बाद में मरीज को लेकर अस्पताल से घर लौट गए। इस संबंध में गुलरिहा थाना प्रभारी इत्यानंद पांडेय ने बताया कि मामले में अभी तक किसी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
धार के सरदारपुर विकासखंड के ग्राम गोंदीखेड़ा चारण में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात जो हुआ, वह कोई इत्तेफाक नहीं बल्कि एक खौफनाक साजिश थी। जिस पत्नी ने रो-रोकर पुलिस को लूट और बंधक बनाने की कहानी सुनाई, अब वहीं शक के घेरे में है। पुलिस सूत्रों की मानें तो यह वारदात ठीक वैसी ही है जैसे इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड में पत्नी सोनम ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर साजिश रची थी। सोमवार-मंगलवार रात को गोंदीखेड़ा चारण के रहवासी देवकृष्ण के घर अज्ञात बदमाशों ने निशाना बनाया। बदमाशों ने वारदात को कुछ इस तरह से अंजाम दिया की वह लूट लगे और किसी को व्यापारी की हत्या का शक नहीं हो। बदमाश अपना काम कर निकल गए और सुबह पुलिस के सामने लूट की झूठी कहानी बना दी। इसमें 3 लाख रुपए के सोना-चांदी और 50 हजार रुपए नकदी लूटने की कहानी बताई। एसपी मयंक अवस्थी के नेतृत्व में पुलिस ने महज 6 घंटे में केस की परतें उखाड़ दी हैं। हालांकि अभी आधिकारिक पुष्टि आज होगी, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने अनौपचारिक तौर पर स्पष्ट कर दिया है कि यह लूट नहीं, बल्कि पारिवारिक षड्यंत्र के तहत की गई हत्या है। 15 साल की उम्र में हुई थी शादी सूत्रों के अनुसार देवकृष्ण और प्रियंका की शादी महज 15 साल की उम्र में हो गई थी। दांपत्य जीवन में कड़वाहट की नींव बहुत पहले पड़ चुकी थी। प्रियंका अधिकतर समय घर से बाहर रहती थी और समाज के ही कमलेश नामक व्यक्ति के साथ संबंध होने की बात सामने आ रही है। वहीं ये दंपति हल्दी-मसाले का व्यापार करते थे। पुलिस को पत्नी ने गुमराह करने रोते हुए बताई थी लूट की कहानी पुलिस जब जांच के लिए पहुंची तो पत्नी ने कहानी बताते हुए पुलिस को बताया कि मैं और पति गहरी नींद में सो रहे थे। अचानक हमारे सामने बदमाश आ गए। इस दौरान कुछ समझ नहीं आया। उन्होंने हमारा मुंह दबा दिया। कहा, जान से मार डालेंगे। मुझे घसीटते हुए अंदर वाले कमरे में ले गए। इसके बाद मैंने अपना सामान निकालकर बदमाशों को दे दिया। फिर एक बदमाश मेरे मुंह के पास बैठा। मेरे हाथ-पैर दोनों बांध दिए। बदमाशों ने कहा, अगर चिल्लाई तो तेरे पति को मार दी। वहीं बदमाशों के पास धारदार हथियार थे। जिन्होंने पति की हत्या कर दी। धार एसपी मयंक अवस्थी ने बताया कि यह लूट की वारदात नहीं है। पारिवारिक रंजिश और षड्यंत्र के चलते हत्या की गई है। हमने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। मामले का पूरा खुलासा जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया जाएगा। देखिए 3 तस्वीरें 5-6 दिन पहले ही मायके से लौटी थी पत्नी यह भी पता चला है कि पत्नी प्रियंका मायके से 5-6 दिन पहले ही वापस आई थी। पड़ताल में यह भी सामने आया है कि मृतक का मोबाइल परिजनों को नहीं मिला था। वहीं, हमले में उसके सिर मे 12 इंच गहरा घाव हुआ है। गोंदीखेड़ा चारण हत्याकांड में जांच के दौरान कुछ चौंकाने वाली जानकारियां भी सामने आ रही हैं। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी प्रेमी और प्रेमिका के बीच शारीरिक संबंध बनाए जाने की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि घटनास्थल से पुलिस को दो कंडोम भी मिले हैं, हालांकि, इस संबंध में पुलिस अधिकारियों द्वारा अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और न ही इस पहलू को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया गया है। शुरुआती जांच से ही पुलिस को मृतक की पत्नी पर शक था पत्नी लगातार पुलिस को बयान देने के दौरान अलग-अलग कहानी रच रही थी, पत्नी द्वारा पुलिस को बताया गया था कि दोनों पति-पत्नी को अलग-अलग कमरों में बांधकर मारपीट की गई है। पुलिस द्वारा आरोपी पत्नी को देर रात शक्ति से पूछताछ की गई जिसमें उसने बताया कि उसने ही अपने पति की प्रेमी कमलेश के साथ मिलकर हत्या की।
मुरादाबाद-गवां-बुलंदशहर मार्ग पर अनूपशहर में गंगा नदी पर स्थित सेतु का मरम्मत एवं सुधार कार्य चल रहा है। इस कारण अनूपशहर गंगा सेतु को 8 अप्रैल 2026 की सुबह 7 बजे से अगले 15 दिनों के लिए सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन के लिए बंद कर दिया गया है।सम्भल की ओर जाने वाले हल्के और भारी वाहनों को अब बुलंदशहर अड्डा/अलीगढ़ अड्डा से भीमपुर दौराहा, थाना डिबाई होते हुए नरौरा के रास्ते सम्भल की ओर मोड़ दिया गया है। इसी प्रकार, सम्भल की ओर से अनूपशहर आने वाले सभी हल्के और भारी वाहनों को नरौरा से डिबाई में भीमपुर दौराहा, अलीगढ़ अड्डा होते हुए बुलंदशहर अड्डा, अनूपशहर पहुंचना होगा।
सिरसा जिले के डबवाली क्षेत्र में जमीन को लेकर हुए मर्डर मामले में आरोपी गिरफ्तार बेटे ने पुलिस पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना वाली रात को आरोपी राम सिंह (35) अपनी जीप से घर रहा था और सामने से उसका पिता जसवंत सिंह (65) भी आते दिखा। गली के मोड़ पर दोनों की मुलाकात हुई और पहले आपस में बहस हुई। फिर जसवंत सिंह के हाथों में डंडा था और उसने बेटे राम सिंह के हाथ पर मारा और जीप की हेडलाइट भी तोड़ दी। पुलिस के अनुसार, राम सिंह भी डर गया और उसे खुद की जान को खतरा दिखा। राम सिंह ने जीप का टायर अपने पिता जसवंत सिंह पर चढ़ा दिया और दो से तीन बार जीप से कूचल दिया। जसवंत के नीचे गिरने व दीवार के साथ लगने से सिर में चोट जा लगी और सिर भी फूट गया। जब पिता को मरा देख वह पुलिस के डर से बाहर भाग गया। इसके कुछ देर बाद वह जीप लेकर घर लौटा और जीप छोड़कर दोबारा किसी को बिना बताएं घर से भाग गया। इस घटना के बाद एक नहीं तीन परिवार उजड़ गए। एक राम सिंह के बच्चे व उसकी पत्नी, दूसरा छोटा भाई निशक्त एवं तीसरी बहन भी अपने बच्चे के साथ यहीं मायके में रहती है। इन तीनों परिवार को पिता-पुत्र ही चलाते थे। अब एक की मौत हो गई और दूसरा जेल चला जाएगा। पीछे से परिवार की चिंता बढ़ गई है। जानें परिवार में कौन-कौन यह घटना डबवाली क्षेत्र के अहमदपुर दारेवाला गांव में रविवार रात करीब 10.30 बजे की है। दोनों पिता-पुत्र एक ही घर में रहते थे। जसवंत सिंह के तीन बेटे व दो बेटियां है। उनके एक बेटे की करीब 5 साल पहले मौत हो गई थी, जो निशक्त था। दूसरा छोटा बेटा भी निशक्त है। राम सिंह भी इकलौता बेटा ही ऐसा है, जो खेती-बाड़ी संभाल रहा है। राम सिंह के दो बच्चे हैं, जिनमें एक बेटा व एक बेटी शामिल है। बहन बयंत कौर भी पति की मौत के बाद मायके में रहती है और उसका बेटा है। राम सिंह का व्यवहार था ठीक पुलिस व ग्रामीणों के अनुसार, राम सिंह का व्यवहार ठीक-ठाक था और शराब भी नहीं पीता था। वहीं खेती-बाड़ी संभालता था और परिवार घर खर्च चलाता था। बहन को भी खुद ने ही घर में रख हुआ था। राम सिंह के पास तीन कंबाइन मशीनें थी, जो फसली सीजन में काफी काम चलता था। ये थी झगड़े की असली वजह पुलिस के अनुसार, जसवंत सिंह के पास करीब 8 एकड़ जमीन पुस्तैनी है, जिसमें जसवंत ने खुद व बेटा-बेटी के नाम पर दो हिस्से खुद रखे हुए थे और एक हिस्सा दूसरे बेटे राम सिंह को दिया हुआ था, वो बिरानी जमीन है। सालभर पहले राम सिंह की बहन बयंत कौर के पति की पंजाब के गिदड़बां स्थित ससुराल में भतीजे ने ही जमीन के विवाद में हत्या कर शव राजकनाल में फेंक दिया था। इसके बाद वह अपनी बहन के हिस्से की जमीन ससुराल से बेचकर अहमदपुर दारेवाला गांव में खरीद ली। यहीं पर रहने लगी। तब से दोनों पिता-पुत्र के बीच झगड़ा रहता था और राम सिंह अपने हिस्से की पूरी जमीन मांग रहा था।
संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा की समितियों को विधानसभा के बराबर बताते हुए कहा है कि इन समितियों के सदस्य और सभापति के अधिकार ऐसे हैं कि अधिकारी झुकने को मजबूर हो जाते हैं। विधायक यह न समझें कि समितियां कम पावर की होती हैं। मैं समिति का सदस्य रहने के दौरान स्टडी करके जब सवाल करता था तो अधिकारियों की खाट खड़ी हो जाती थी। समिति के तथ्यों को गंभीरता से रखा जाए तो ब्यूरोक्रेसी को सुनना पड़ता है। मंत्री विजयवर्गीय ने ये बातें मंगलवार को विधानसभा में विधानसभा की समितियों के सभापतियों और सदस्यों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहीं। विजयवर्गीय ने कहा कि विधानसभा की यह समिति जो होती हैं, इसके महत्व को आप विधायक लोग बढ़ा सकते हैं। समितियों की रिपोर्ट को सरकार भी गंभीरता से लेती है ब्यूरोक्रेसी को सुनना पड़ता है। एसपी-कलेक्टर ने बदसलूकी की तो तबके सीएम दिग्विजय सिंह ने जोड़े थे हाथ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा जब वे पहली बार के विधायक थे तो विशेषाधिकार समिति में थे। उस समय सागर के कलेक्टर-एसपी ने विधायकों के साथ बदसलूकी की थी। तब एसपी को प्रताड़ित किया तो तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पर्सनली बात की थी। कहा था कि अधिकारी के जीवन में दाग लग जाएगा। उन्होंने बहुत अनुनय विनय की थी। दिग्विजय सिंह अनुनय विनय में माहिर थे। उन्होंने कहा था कि जो नाराजगी है, विधायक उनसे कह सकते हैं। तब जाकर सब माने थे। इसके बाद ब्यूरोक्रेसी में एक अच्छा मैसेज गया। विधानसभा की रिपोर्ट मानी जाती है समितियों की रिपोर्ट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जो महत्व विधानसभा का है वही महत्व विधानसभा की समिति का है। विधानसभा की समिति जो रिपोर्ट प्रस्तुत करती है वह विधानसभा की रिपोर्ट मानी जाती है। उन्होंने कहा कि पिछली बार विधानसभा अध्यक्ष से और पूर्व प्रमुख सचिव एपी सिंह से उन्होंने समितियों के कामकाज को लेकर पूछा था कि समितियों की क्या हाल हैं तो उन्होंने बताया था कि बहुत स्लो गति है। फिर हम लोगों ने तय किया कि एक बार बैठकर सभी कमेटी के लोगों से चर्चा करना चाहिए। विजयवर्गीय ने कहा कि इस समिति को आप बहुत छोटा नहीं समझें, हर समिति बड़ी महत्वपूर्ण होती है। आश्वासन समिति की रिपोर्ट को गंभीरता से लेती है सरकार मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि अभी मैंने पिछले दिनों अपने विभाग के आश्वासन समिति की रिपोर्ट का अध्ययन किया और एसीएस को कहा कि आश्वासन समिति की रिपोर्ट देखिए। इसके बाद बताया गया कि 95 प्रतिशत आश्वासन पूरे हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को समितियों की रिपोर्ट पर सुनना पड़ता है। जरूरी है कि आपकी समिति एक निर्णय ऐसा दे दे जो सिस्टम की गंभीरता से जुड़ा हो। विधायकों के विशेष अधिकार की सुरक्षा का ध्यान रखती है विशेषाधिकार समिति विजयवर्गीय ने कहा कि विशेष अधिकार समिति आपके अधिकारों की सुरक्षा का ध्यान रखती है। इसलिए विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष का दायित्व है कि वह हर 15 दिन में 10 दिन में बैठक करे। विधायक प्रॉपर तरीके से शिकायत करेंगे तो अधिकारियों पर कार्रवाई समिति कर सकती है। उन्होंने कहा कि मीटिंग में जाने से पहले एजेंडे को पढ़ना, समझना जरूरी है। सदस्य समिति की महत्व को समझेंगे और गंभीरता से लेकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे तो समितियों के परिणाम बहुत अच्छे आएंगे। समितियों की बैठक नियमित होने का लक्ष्य रखा जाना चाहिए-तोमर इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि अगर सबसे बड़ी पंचायत लोकसभा है तो पंचायत व नगरीय निकाय छोटी इकाई हैं। विधानसभा पूरे राज्य का प्रतिनिधित्व करती है। विधानसभा की भूमिका मां की तरह होती है। जिस तरह मां अपने बच्चे को जन्म देती है, उसका लालन−पालन कर उसे देश के हित में तैयार करने की कल्पना करती है, ठीस उसी तरह हम भी विधानसभा को मां की भूमिका में देखेंगे तो हम भी अपने दायित्व को उसके संपूर्ण रूप में देख पाएंगे। तोमर ने कहा कि मध्य प्रदेश के विधायी इतिहास में विधानसभा की समितियों ने उल्लेखनीय कार्य किया है। मगर बीते कुछ वर्षों में कुछ सदस्य लगातार इन समितियों की बैठकों में अनुपस्थित रहे। इस पर चिंतन की आवश्यकता बताते हुए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि समितियों की बैठक नियमित होने का लक्ष्य रखा जाना चाहिए। एक वर्ष में कम से कम 12 बैठकें होने की अपेक्षा है। समिति की बैठक होने से विधानसभा के कार्य व्यवहार में सुधार की संभावना होगी। समितियों की बैठक का यदि परिणाम नहीं भी निकलता है तो भी अध्ययन प्रक्रिया से हमारा ज्ञान समृद्ध होगा। सदस्यों के आचरण पर चिंतन की जरूरत- सीएम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा में कुछ सदस्यों के आचरण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कई बार कुछ सदस्य दायरे के बाहर जाकर कार्य कर जाते हैं। सकारात्मक आलोचना का स्वागत है, लेकिन इस तरह का आचरण अपेक्षित नहीं होता। ऐसे में संसदीय समितियों का बड़ा महत्व है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के संसदीय ज्ञान व नवाचारों के माध्यम से मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाहियां संसदीय इतिहास की परंपरा को समृद्ध करेगी। समितियों की संयुक्त बैठक को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी संबोधित किया। आभार प्रदर्शन प्राक्कलन समिति के सभापति अजय विश्नोई ने किया। इस बैठक में मध्यप्रदेश विधानसभा की कुल 21 समितियों के सभापति एवं सदस्यगण तथा मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा एवं सचिवालय के अधिकारीगण उपस्थित थे।
कनाडा के एडमोंटन में कारों के ओडोमीटर टेंपर कर लोगों के साथ धोखाधड़ी करने के मामले में पुलिस ने पंजाबी मूल के हरमनदीप सिंह बिंद्रा को गिरफ्तार किया है। आरोपी बिंद्रा पुरानी कारें खरीदकर उनके ओडोमीटर को टेंपर करके उन्हें नई बताकर महंगे दामों पर बेचता था। एडमोंटन पुलिस सर्विस (EPS) के अनुसार आरोपी सिर्फ ओडोमीटर में ही छेड़छाड़ नहीं करता था बल्कि कारों के नकली दस्तावेज भी तैयार करता था। पुलिस के अनुसार यह मामला 13 मार्च 2026 को सामने आया। एक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी कि उसने फेसबुक मार्केटप्लेस से जो कार खरीदी थी, उसका ओडोमीटर गलत था। जांच में पता चला कि गाड़ी चली ज्यादा थी और ओडोमीटर में कम दिखाई गई थी। यही नहीं गाड़ी के दस्तावेज भी नकली निकले। जांच के बाद पुलिस ने हरमनदीप सिंह बिंद्रा को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ धोखाधड़ी (Fraud) और जाली दस्तावेज पेश करने के आरोप लगाए। पुलिस के अनुसार, बिंद्रा पिछले साल मार्च 2025 से इस पूरे नेटवर्क को चला रहा था। मार्केटप्लेस के जरिए खरीदता था पुरानी गाड़ियां वह फेसबुक मार्केटप्लेस के जरिए अधिक चली हुई पुरानी गाड़ियां खरीदता था और फिर उनमें तकनीकी छेड़छाड़ कर उनका ओडोमीटर पीछे कर देता था। इसके बाद वह इन गाड़ियों को फर्जी फेसबुक अकाउंट्स के जरिए बेचता था। अब तक पुलिस को कम से कम दो शिकायतें मिल चुकी हैं, लेकिन जांचकर्ताओं का मानना है कि यह संख्या काफी ज्यादा हो सकती है। इसी वजह से पुलिस ने आरोपी की फोटो भी जारी की है और लोगों से अपील की है कि यदि उन्होंने भी उससे वाहन खरीदा है तो तुरंत संपर्क करें। हरमनदीप सिंह बिंद्रा कैसे करता था कनेडियन सिटीजन के साथ ठगी, जानिए सस्ती पुरानी गाड़ियां खरीदना: एडमोंटन पुलिस सर्विस के अनुसार आरोपी फेसबुक मार्केटप्लेस से ज्यादा चली पुरानी गाड़ियां सस्ते दाम में खरीदता था। गाड़ियां खरीदकर वो उन्हें बाहर से अच्छे से चमका देता था। ओडोमीटर में छेड़छाड़: आरोपी गाड़ी खरीदने के बाद ओडोमीटर को तकनीकी तरीके से टैंपर करता था। वह ओडोमीटर को लाखों किलोमीटर पीछे कर देता था, जिससे गाड़ी कम चली हुई दिखे और उनसे मोटी रकम वसूल कर सके। फर्जी CARFAX रिपोर्ट बनाना: पुलिस के अनुसार ग्राहक को गाड़ी पुरानी होने का शक न हो इसके लिए वह कार के कागज भी नए तरीके से बनाता था। आरोपी कारों की नकली CARFAX रिपोर्ट देता था, जिसमें गाड़ी की माइलेज कम दिखाई जाती थी। फर्जी फेसबुक अकाउंट से बेचता था: पुलिस के अनुसार आरोपी ने फेसबुक पर अलग-अलग नामों जैसे हैरी स्मिथ, हैरी सिंह, हरमनदीप सिंह और गुरुदेव का इस्तेमाल कर फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाए थे। उन अकाउंट्स के जरिए ही वह कारों को बेचता था। लोकप्रिय मॉडल टारगेट करना: वह खासतौर पर Nissan Altima, Honda Accord और Honda CR-V जैसी लोकप्रिय गाड़ियों को खरीदता और बेचता था ताकि जल्दी ग्राहक मिल सकें। जल्दी डील क्लोज करना: पुलिस के अनुसार आरोपी जैसे ही अपने फेसबुक अकाउंट पर कारों की फोटो अपलोड करता था वैसे ही उसकी डील क्लोज का टाइम भी अपलोड कर देता था। वह खरीदारों पर जल्दी निर्णय लेने का दबाव बनाता था ताकि वे ज्यादा जांच-पड़ताल न कर सकें। प्राइवेट सेलर से पुरानी कार खरीदने के लिए पुलिस के सुझाव: 1. पहचान और ऑनरशिप का प्रमाण मांगें: विक्रेता के फोटो आईडी की तुलना वाहन के पंजीकरण (Registration) दस्तावेजों से करें। बिल ऑफ सेल पर विक्रेता का ड्राइविंग लाइसेंस नंबर और संपर्क जानकारी नोट करें।2. व्हीकल इंफोर्मेशन रिपोर्ट लें: अल्बर्टा में व्हीकल रजिस्ट्रेशन की जानकारी के लिए किसी रजिस्ट्री एजेंट या AMA से संपर्क करें। वाहन खरीदने से पहले व्हीकल इंफोर्मेशन रिपोर्ट जरूर देखें। इससे कार कब खरीदी गई, कब-कब सर्विस हुई इसकी जानकारी मिल जाएगी। 3. CARFAX जैसी सेवाओं का उपयोग करें: पुलिस ने कहा है कि कार खरीदते समय रिपोर्ट खुद खरीदें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इसमें छेड़छाड़ नहीं की गई है। ओडोमीटर की विसंगतियों और रंग परिवर्तन पर ध्यान दें।4.सेफ्टी इंस्पेक्शन करवाएं: पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जब भी किसी पुराने व्हीकल को खरीदते हैं कि किसी मान्यता प्राप्त व्हीकल इंस्पेक्शन सेंटर से व्हीकल का सेफ्टी इंस्पेक्शन करवाएं। 5. लेन-देन का विस्तृत रिकॉर्ड रखें: पुलिस ने कहा है कि व्हीकल खरीदने के बाद लेन-देन का पूरा रिकार्ड अपने पास रखें। पुलिस का कहना है कि बिल ऑफ सेल, रजिस्ट्रेशन और सर्विस रिकॉर्ड की असली प्रतियां अपने पास रखें।
जबलपुर में पुलिस और एक शातिर अंतरराज्यीय चोर के बीच मंगलवार शाम फिल्मी ड्रामा देखने को मिला। पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी खितौला स्टेशन के पास एक काई से भरे तालाब में कूद गया। करीब 5 घंटे तक पानी के अंदर छिपा रहा। चौंकाने वाली बात यह है कि वह सांस लेने के लिए कमल की डंठल (कमल-नाल) का सहारा लेता रहा। आखिरकार गोताखोरों की मदद से उसे दबोच लिया गया। घटना रीवा-इतवारी ट्रेन की है। एसी कोच में एक महिला का पर्स चोरी करने की कोशिश के दौरान आरोपी आरपीएफ (RPF) की नजर में आ गया। जैसे ही ट्रेन सिहोरा स्टेशन के पास धीमी हुई, आरोपी कूदकर भागने लगा। आरपीएफ जवानों ने पीछा किया तो वह खितौला के एक गहरे और काई से भरे तालाब में जा कूदा। रात के अंधेरे और घनी शैवाल के कारण वह पुलिस की आंखों से ओझल हो गया। हरविंदर सिंह ने खुद को पूरी तरह पानी में डुबो लिया खितौला थाना पुलिस और गोताखोरों की टीम ने जब रेस्क्यू शुरू किया तो पाया कि आरोपी पानी की सतह पर नहीं है। शातिर चोर हरविंदर सिंह ने खुद को पूरी तरह पानी में डुबो लिया था और केवल एक पाइपनुमा कमल-नाल के जरिए बाहर से ऑक्सीजन ले रहा था। करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने उसे काई के बीच से ढूंढ निकाला। सन्नी, तू फंस गया अब... और खुल गई पोल गिरफ्तारी के बाद आरोपी लगातार पुलिस को गुमराह करता रहा। उसने अपना नाम बबलू और पता चंडीगढ़ बताया, लेकिन आरपीएफ थाना प्रभारी राजीव खरब को कुछ शक हुआ। उन्हें याद आया कि 2018 में उन्होंने एक वांटेड चोर की फोटो मोबाइल में सेव की थी। जैसे ही उन्होंने आरोपी को उसके पुराने नाम 'सन्नी' से पुकारा, आरोपी सन्न रह गया और अपनी असलियत उगल दी। पार्षद भी रहा और करोड़ों की चोरी भी की जांच में जो खुलासा हुआ उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। 32 वर्षीय हरविंदर सिंह (निवासी बिजनौर, यूपी) अब तक देशभर में 400 से ज्यादा चोरियां कर चुका है। वह 2017 में बिजनौर के हल्दौर नगर निकाय से निर्दलीय वार्ड पार्षद भी रह चुका है। अवंतिका एक्सप्रेस से पिस्तौल और कैश कर चुका चोरी 2018 में उसके पास से 70 लाख के हीरे-जेवरात मिले थे। उसने 'अवंतिका एक्सप्रेस' से एक यात्री की लाइसेंसी पिस्तौल और कैश भी चोरी किया था। वह हमेशा एसी कोच को निशाना बनाता था। टीसी से बचने के लिए बाथरूम में छिप जाता और बिना टिकट सफर करता था। 8 राज्यों की पुलिस को थी तलाश हरविंदर के खिलाफ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, और मुंबई समेत कई राज्यों में केस दर्ज हैं। वह हर वारदात के बाद सिम बदल लेता था और कभी कोई पहचान पत्र साथ नहीं रखता था। फिलहाल जबलपुर पुलिस और आरपीएफ उससे अन्य वारदातों के सिलसिले में पूछताछ कर रही है।
रोहतक जिले के गांव ककराना में SS इंटरप्राइजेज नामक फैक्ट्री में सुबह अचानक आग लग गई। आग लगने के दौरान फैक्ट्री में चार लोग थे, जो सुरक्षित बाहर की तरफ भागे और फैक्ट्री मालिक और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। गांव ककराना में करीब आधे एकड़ जमीन में फैक्ट्री बनाई हुई है, जिसके मालिक का नाम सुनील शर्मा पुत्र रामनिवास निवासी विजय नगर रोहतक है, जिसने फैक्ट्री को किराए पर लिया हुआ है। फैक्ट्री में सुबह करीब साढ़े 6 बजे अचानक आग लग गई, उस समय फैक्ट्री के अंदर चार लोग मौजूद थे। आग लगते ही फैक्ट्री में सो रहे चारों लोग उठकर बाहर की तरफ भागे और फैक्ट्री मालिक को सूचना दी। खेतों तक आग बढ़ने से रोकी फैक्ट्री के चारों तरफ खेत है, जिनमें गेहूं की फसल पक चुकी है। खेतों तक आग बढ़ने से रोकने के लिए पहले ग्रामीणों ने ही प्रयास शुरू कर दिया। बाद में फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी मौके पर पहुंची, तो लोगों को राहत मिली। बाद में जरूरत के हिसाब से फायर ब्रिगेड की अन्य गाड़ियां भी मौके पर बुलाई गई। प्लास्टिक के डोने-प्लेट बनाने का होता था काम फैक्ट्री के अंदर प्लास्टिक के डोने, प्लेट, चम्मच आदि बनाने का काम किया जाता था, जिसके लिए मशीन लगाई हुई थी। फैक्ट्री की जगह गांव ककराना के ही संजय पुत्र महाबीर की है, जिसे सुनील ने ले रखा था। प्लास्टिक का सामान होने के कारण आग तेजी से फैली। फैक्ट्री के अंदर से सुरक्षित बाहर निकले लोग रवि कुमार यादव ने बताया कि वह फैक्ट्री के अंदर सो रहे थे। सुबह अचानक आग लगी देखी, तो वह बाहर निकले। चारों लोग सुरक्षित फैक्ट्री से बाहर आ गए। किसी प्रकार की जानहानि नहीं हुई है। फैक्ट्री के अंदर रखा सामान जल गया है। फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने में लगी हुई है। आग लगने के कारणों का नहीं खुलासा फैक्ट्री के मालिक सुनील ने बताया कि सुबह करीब साढ़े 6 बजे सूचना मिली कि फैक्ट्री में आग लग गई। सूचना के बाद वह फैक्ट्री में पहुंचे, जहां फैक्ट्री के अंदर सोने वाले चारों लोग बाहर खड़े हुए थे। वहीं फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने का प्रयास किया। बाद में अन्य गाड़ियां भी आई।
लुधियाना में थाना सलेम टाबरी में विदेश भेजने और वहां पक्के होने के नाम पर धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पत्नी ने विदेश जाते ही पलटी मार दी और पति से अलग रहने लगी। परेशान पति ने उसे काफी समझाया भी लेकिन जब वह नहीं मानी तो पति ने लुधियाना रहते रहते अपने परिजनों को सारी बात बताई। अब वह संपर्क में नहीं है। पीड़ित पति के परिजन थाना सलेम टाबरी के इलाके अमन नगर में रहते है। जिन्होंने पुलिस के पास अपनी बहू और उसके परिजनों पर गंभीर आरोप लगाते हुए FIR दर्ज करवाई। पुलिस ने जांच के बाद लड़की, उसके पिता और भाई समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। 2024 में पत्नी को लेकर मान सिंह गया था कनाडा अमन नगर निवासी शिकायतकर्ता जरनैल सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके बेटे मान सिंह, जोकि कनाडा में स्थाई निवासी (PR) है, की शादी 10 फरवरी 2024 को अमनदीप कौर के साथ हुई थी। शादी के कुछ समय बाद मान सिंह अपनी पत्नी अमनदीप को भी कनाडा ले गया। पीआर हासिल करने के बाद पत्नी पति को छोड़ अनजान जगह पर रहने लगी आरोप है कि कनाडा पहुंचने और वहां की पीआर हासिल करने के बाद अमनदीप कौर ने अपना असली रंग दिखाया। वह अपने पति मान सिंह को छोड़कर किसी अनजान जगह जाकर रहने लगी। ससुर जरनैल सिंह का आरोप है कि लड़की ने केवल विदेश में सेटल होने के लिए उनके बेटे का इस्तेमाल किया और अब उसे छोड़ दिया है। थाना सलेम टाबरी की पुलिस ने लंबी पड़ताल के बाद आरोपी अमनदीप कौर (पत्नी), बलबीर सिंह (ससुर) निवासी गांव रिहाणा जट्टां, कपूरथला, जसवीर सिंह (साला) निवासी गांव रिहाणा जट्टां, कपूरथला और गुरविंदर सिंह निवासी गांव भोरा के खिलाफ धारा 316(2), 318(2), 336(2), 338, 336(3), 340(2), 61(2) BNS के तहत मामला दर्ज किया है।
मुरैना में रेत माफिया ने अवैध परिवहन पर कार्रवाई करने गई वन विभाग की टीम पर हमला कर दिया। बदमाशों ने वन रक्षक हरकेश गुर्जर को ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचल दिया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात दिमनी थाना इलाके में रानपुर गांव चौराहे के पास बुधवार सुबह करीब 6 बजे की है। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़, एसपी समीर सौरभ और डीएफओ हरिश्चंद्र बघेल मौके पर पहुंचे हैं। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। शव का मुरैना जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि अवैध रेत परिवहन की सूचना पर वन विभाग की 6 सदस्यीय टीम कार्रवाई करने पहुंची थी। इसी दौरान ड्राइवर विनोद कोरी ने रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भागने की कोशिश की। वन रक्षक हरकेश गुर्जर रोकने के लिए आगे बढ़े तो विनोद ने उनको कुचल दिया। फिर ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भाग निकला। देखिए, तीन तस्वीरें… पेट्रोल पंप के सीसीटीवी कैमरे में दिखा आरोपी कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने दैनिक भास्कर से फोन पर चर्चा में बताया कि उन्होंने घटना स्थल का मुआयना किया है। पास ही बने पेट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं। पुलिस को आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश देने के निर्देश दिए हैं। एडिशनल एसपी सुरेंद्र पाल सिंह ने कहा, ‘दिमनी थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। इलाके में अतिरिक्त फोर्स भेजी गई है।’ ये खबर भी पढ़ें… तहसीलदार को कुचलने की कोशिश, कार को टक्कर मारी शहडोल में अवैध रेत खनन रोकने गए तहसीलदार पर खनन माफिया ने जानलेवा हमला कर दिया। ब्यौहारी में बदमाशों ने तहसीलदार शनि द्विवेदी की सरकारी बोलेरो को जानबूझकर टक्कर मारकर कुचलने की कोशिश की। इसके बाद सड़क पर रेत फैलाकर अफसर की जान और खतरे में डाल दी। पूरी घटना का वीडियो सामने आया है। पढे़ं पूरी खबर…
झारखंड लोक सेवा आयोग की सहायक वन संरक्षक मुख्य परीक्षा इन दिनों गंभीर त्रुटियों को लेकर चर्चा में है। चार अप्रैल से शुरू हुई यह परीक्षा 12 अप्रैल तक चलनी है, लेकिन सोमवार को आयोजित सामान्य अध्ययन के दूसरे पेपर ने आयोग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अभ्यर्थियों के अनुसार प्रश्न पत्र में दर्जनों अशुद्धियां हैं, जिससे कई सवालों के अर्थ ही बदल गए। स्थिति इतनी खराब रही कि लगभग हर प्रश्न में तीन से चार तक गलतियां देखने को मिलीं, जिससे परीक्षार्थियों को उत्तर देने में भारी परेशानी हुई। संवैधानिक शब्दों तक में गलतियां प्रश्न पत्र में बुनियादी और महत्वपूर्ण शब्दों तक को गलत छापा गया। ‘सर्वोच्च न्यायालय’ जैसे संवैधानिक शब्द को ‘सर्वोच न्यायातक’ लिखा गया, वहीं ‘राष्ट्रीय’ को ‘रार्ष्ट्रीय’ और ‘ऐतिहासिक’ को ‘इतिहासिक’ बना दिया गया। इसके अलावा ‘प्रश्न’ को ‘प्रशन’, ‘पुस्तक’ को ‘पुस्तख’, ‘टिप्पणी’ को ‘रिप्पणी’ और ‘महत्वपूर्ण’ को ‘महत्वपूर्न’ लिखा गया। इन त्रुटियों ने न सिर्फ भाषा की शुद्धता पर सवाल उठाए, बल्कि कई सवालों का आशय भी बदल दिया, जिससे परीक्षार्थियों में भ्रम की स्थिति बनी रही। मॉडरेशन प्रक्रिया पर उठे सवाल विशेषज्ञों का मानना है कि प्रश्न पत्र तैयार होने के बाद उसकी मॉडरेशन यानी जांच प्रक्रिया अनिवार्य होती है। यदि विषय विशेषज्ञों ने प्रश्न पत्र को एक बार भी ध्यान से पढ़ा होता, तो इतनी बड़ी चूक संभव नहीं थी। जानकारों के मुताबिक यह लापरवाही सीधे तौर पर आयोग की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करती है। वर्षों से इस परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को अब इस गलती का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है, जिससे उनके भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। राज्य के गौरव से जुड़े नाम भी गलत सबसे गंभीर बात यह रही कि प्रश्न पत्र में झारखंड के गौरव और अस्मिता से जुड़े नामों को भी गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया। अमर शहीद सिदो-कान्हू का नाम ‘सिडो-कान्हु’ छापा गया, जबकि ‘आंदोलन’ को ‘आंदोलना’ और ‘सांस्कृतिक’ को ‘सांस्क्रृतिक’ लिखा गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि यह केवल टाइपिंग की गलती नहीं, बल्कि राज्य के इतिहास और जनभावनाओं के प्रति संवेदनहीनता को दर्शाता है। इस परीक्षा के माध्यम से 78 पदों पर नियुक्ति होनी है, लेकिन ऐसी गंभीर त्रुटियों ने पूरी चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बुरहानपुर जिले के लालबाग थाना क्षेत्र में क्रेडिट कार्ड बंद कराने का झांसा देकर एक महिला से हुई 87,243 रुपए की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 85,440 रुपए वापस करा दिए हैं। अज्ञात जालसाज ने पीड़िता पूजा पुजारी से ओटीपी पूछकर ठगी की थी, जिसकी तत्काल शिकायत के बाद साइबर सेल और लालबाग पुलिस ने बैंकों से समन्वय कर राशि होल्ड करा ली। वर्तमान में आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद होल्ड की गई राशि पीड़िता के बैंक खाते में सुरक्षित वापस कर दी गई है और पुलिस ने आम जनता से ऑनलाइन ठगी होने पर 1930 पर शिकायत करने की अपील की है। क्रेडिट कार्ड बंद कराने का झांसा देकर पूछा ओटीपी जानकारी के अनुसार, लालबाग निवासी पूजा पुजारी को अज्ञात जालसाज ने क्रेडिट कार्ड बंद कराने का झांसा दिया था। बातों में आकर पीड़िता ने अपना ओटीपी साझा कर दिया, जिसके बाद उनके खाते से कुल 87,243 रुपए की धोखाधड़ी हो गई। खाते से राशि निकलते ही पीड़िता ने तत्काल पुलिस से संपर्क किया और लालबाग थाने पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर बैंकों से किया समन्वय एसपी देवेंद्र पाटीदार के निर्देश पर लालबाग थाने के साइबर हेल्प डेस्क के आरक्षक दीपांशु पटेल ने तुरंत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज की। इसके बाद एक विशेष साइबर टीम (आरक्षक दुर्गेश पटेल, सत्यपाल बोपचे, ललित चौहान, शक्तिसिंह तोमर और दीपांशु पटेल) ने विभिन्न बैंकों के साथ लगातार समन्वय स्थापित किया। टीम के प्रयासों से धोखाधड़ी की गई राशि में से 85,440 रुपए को सफलतापूर्वक होल्ड करा लिया गया, जो अब पीड़िता के खाते में वापस आ चुके हैं। एसपी ने की टीम की सराहना, 1930 पर कॉल करने की अपील एसपी देवेंद्र पाटीदार ने मामले के त्वरित निराकरण में साइबर सेल टीम और साइबर हेल्प डेस्क के उत्कृष्ट कार्य की सराहना की है। इसके साथ ही बुरहानपुर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है, तो तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। जिले के सभी थानों में साइबर हेल्प डेस्क की सुविधा भी उपलब्ध है, जहां साइबर संबंधी शिकायतें तुरंत दर्ज कराई जा सकती हैं।
रीवा के बीहर नदी पुल में दरार:UP मार्ग 30 अप्रैल तक बंद, मैहर हाईवे पर लगा जाम
रीवा बायपास पर बीहर नदी के पुराने पुल में गंभीर दरार आ गई है। यह पुल उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला अहम मार्ग है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 30 अप्रैल तक इस पुल से भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी है। ट्रैफिक डायवर्ट, बढ़ा दबावपुल बंद होने के बाद प्रयागराज और वाराणसी की ओर जाने वाले भारी वाहनों को मैहर-सतना-चित्रकूट मार्ग पर डायवर्ट किया गया है। अचानक बढ़े ट्रैफिक के कारण मैहर में नेशनल हाईवे-30 पर देर रात करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई। हाईवे पर पुलिस तैनातयातायात व्यवस्था संभालने के लिए मैहर पुलिस की टीमें हाईवे पर तैनात की गई हैं। पुलिस लगातार ट्रैफिक को नियंत्रित करने में जुटी है ताकि जाम की स्थिति न बने। प्रशासन की अपील, तय किए गए रूटमैहर एसपी अवधेश प्रताप सिंह ने वाहन चालकों से अपील की है कि प्रयागराज और वाराणसी जाने वाले भारी वाहन अब मैहर, सतना और चित्रकूट के रास्ते ही जाएं। वहीं, कार और हल्के वाहन रीवा शहर के अंदर के पुराने मार्ग का उपयोग कर सकते हैं। जगह-जगह लगाए गए संकेतपुलिस ने लोगों की सुविधा के लिए जगह-जगह रूट डायवर्जन के बोर्ड लगाए हैं, ताकि वाहन चालक आसानी से वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल कर सकें और किसी तरह की परेशानी न हो।
अंबाह के रानपुर में रेत माफिया के ट्रैक्टर ने वन आरक्षक हरकेश गुर्जर को कुचल दिया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना रानपुर गांव के पास नेशनल हाईवे 552 पर बुधवार सुबह हुई। यह हादसा आज सुबह अंबाह रेंज के गश्ती दल की ओर से अवैध रेत खनन और परिवहन को रोकने के अभियान के दौरान हुआ। दरअसल, चंबल नदी के ऐसाह घाट से रेत का अवैध परिवहन किया जा रहा था। वन आरक्षक हरकेश गुर्जर ने रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकने का प्रयास किया, तभी ड्राइवर ने उसे बेरहमी से कुचल दिया। घटना के बाद मौके से फरार हुआ ड्राइवर घटना को अंजाम देने के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। वन विभाग का गश्ती दल हरकेश गुर्जर के शव को जिला अस्पताल ले गया। सूचना मिलने पर दिमनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। कुछ महीने पहले ही हुआ था ट्रांसफर मृतक वन आरक्षक हरकेश गुर्जर मुरैना जिले के सरायछोला थाना क्षेत्र के जनकपुर गांव का निवासी था। वह कुछ समय पहले ही मध्य प्रदेश के अन्य जिले से स्थानांतरित होकर अंबाह रेंज में पदस्थ हुआ था। वन अमले के साथ मृतक के परिजन भी जिला अस्पताल पहुंचे हैं।
CEO ने पत्नी की फर्म को बांटे ठेके:काम अधूरा और भुगतान 100% पूरा; पति बोला- इसमें गलत क्या है
मुरैना जिले के पोरसा जनपद में पदस्थ सीईओ देवेंद्र जैन पर पद के दुरुपयोग के आरोप लगे हैं। आरोप है कि उन्होंने अपनी पत्नी कीर्ति गोयल जैन के नाम श्री महालक्ष्मी इंडस्ट्रीज फर्म बनाकर पंचायतों के निर्माण कार्य उसी को दिलाए। काम के अलॉटमेंट से लेकर क्वालिटी जांच और भुगतान की पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जांच में कई पंचायतों में बिना काम किए ही राशि निकाले जाने के आरोप सामने आए हैं, जबकि विरोध करने वाले पंचायत सचिवों को दबाव में लेने की बात भी कही जा रही है। लगातार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, उलटा सीईओ को अंबाह जनपद का अतिरिक्त प्रभार भी सौंप दिया गया, जहां वे करीब 8 महीने तक पदस्थ रहे। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पोरसा और अंबाह जनपद की निष्पक्ष जांच हो तो कई और मामलों का खुलासा हो सकता है। वहीं कलेक्टर ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है, जबकि सीईओ का कहना है- “महिला कहीं भी काम कर सकती है, इसमें गलत क्या है।” पत्नी के नाम ठेकेदारी पोरसा जनपद के सीईओ देवेंद्र जैन ने सितंबर 2022 में पद संभाला। 18 अगस्त 2023 को उन्होंने पत्नी कीर्ति गोयल के नाम से “श्री महालक्ष्मी इंडस्ट्रीज” फर्म रजिस्टर्ड कराई। आरोप है कि इसके बाद अपने ही कार्य क्षेत्र पोरसा में विकास कार्यों की ठेकेदारी इसी फर्म को दिलाई जाने लगी। पद के प्रभाव के चलते पंचायतों में निकलने वाले कार्य बिना प्रतिस्पर्धा और बिना किसी रुकावट के इस फर्म को मिलने लगे। ऐसे में गुणवत्ता की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि फर्म का संबंध सीधे जांच से जुड़े अधिकारी के परिवार से बताया जा रहा है। आरोप यह भी है कि इसी वजह से कार्यों का भुगतान भी बिना बाधा के जारी होता रहा। पड़ताल: ग्राउंड पर खुला खेल, फाइलों में बने डैम, जमीन पर फसल पोरसा जनपद में सीईओ के द्वारा पत्नी के नाम फर्म के जरिए कराए गए कार्यों की पड़ताल करने जब दैनिक भास्कर की टीम मौके पर पहुंची तो हकीकत फाइलों से बिलकुल अलग नजर आई। ग्राम पंचायत कुरैठा, विजयगढ़, कौथर खुर्द, रजौधा, रायपुर और धर्मगढ़ में जिन जगहों पर दस्तावेजों में स्टॉप डैम निर्माण दर्शाया गया है, वहां जमीन पर सरसों की फसल खड़ी मिली। आरोप है कि एक ही स्थान को अलग-अलग दिखाकर स्टॉप डैम और मिनी डैम के नाम पर राशि निकाली गई और गड़बड़ी की गई। कुरैठा और विजयगढ़ में सामने आए करोड़ों रुपए के इस कथित घोटाले का मामला कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह द्वारा विधानसभा में भी उठाया जा चुका है। हालांकि, इस पर सीईओ की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। यहां किए श्री महालक्ष्मी इंडस्ट्रीज फर्म के काम इन कार्यों को लेकर आरोप है कि सीईओ देवेंद्र जैन ने अपनी पत्नी कीर्ति गोयल जैन के नाम फर्म के जरिए ठेकेदारी कर पद का दुरुपयोग किया। संबंधित भुगतान और कार्यों के ये आंकड़े दस्तावेजों सहित सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि यदि पोरसा और अंबाह दोनों जनपदों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो ऐसे कई और मामलों का खुलासा हो सकता है, जिनमें इसी फर्म के माध्यम से कार्य कराए जाने और भुगतान निकाले जाने की पुष्टि हो सकती है। देखिए काम की लिस्ट… 1. ग्राम पंचायत रजौधा (ग्राम उदयभान का पुरा) 2. ग्राम पंचायत बरबाई 3. ग्राम पंचायत रायपुर 4. ग्राम पंचायत धर्मगढ़ सचिव ने कहा- चार्ज लेने के पहले ही काम कर चुकी थीं कुरैठा ग्राम पंचायत में पदस्थ सचिव रणवीर सिंह ने कहा- हाल ही में कुरैठा पंचायत में पदस्थ होने से पहले उनका तबादला रजौधा पंचायत में हुआ था। उस दौरान उनके कार्यभार ग्रहण करने से पहले ही सीईओ देवेंद्र जैन की पत्नी कीर्ति गोयल की फर्म “श्री महालक्ष्मी इंडस्ट्रीज” के माध्यम से कार्य कराए जा चुके थे। रणवीर सिंह का कहना है कि उन्हें शुरुआत में पंचायत का पूरा रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं कराया गया। बाद में जब रिकॉर्ड मिला तो उसमें सीईओ के द्वारा अपनी पत्नी की फर्म से कार्य कराए जाने और भुगतान निकाले जाने के दस्तावेज सामने आए। ब्लॉक स्तर पर उठीं शिकायतें, सचिवों ने लगाए आरोप जनपद पंचायत पोरसा के ब्लॉक सचिव संघ अध्यक्ष गणेश सिंह तोमर ने सीईओ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, देवेंद्र जैन के पदभार संभालने के बाद से जनपद में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब किसी सीईओ पर अपनी ही पत्नी के नाम फर्म बनाकर अपने कार्यक्षेत्र में ठेकेदारी कराने के आरोप सामने आए हैं। तोमर का कहना है कि जब भी कोई इस मामले में आवाज उठाता है तो कार्रवाई के बजाय उसे दबाने की कोशिश की जाती है। अब स्थिति यह है कि कई पंचायतों के ग्रामीण और सचिव खुलकर सामने आकर शिकायत कर रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। सीईओ देवेंद्र जैन बोले- कहीं भी काम कर सकती हैं पोरसा जनपद सीईओ देवेंद्र जैन ने पत्नी के नाम पर ठेकेदारी करने का कुछ यूं जवाब दिया कि क्या पति पत्नी कार्य नहीं कर सकते? जब उनसे पूछा कि पत्नी ने मप्र में अन्य जिलों में कार्य क्यों नहीं किया या मुरैना में अन्य जनपद पंचायत में क्यों नहीं किया तो झल्ला कर बोले कि महिला कहीं भी काम कर सकती है, इसमें गलत क्या है। दो चार बार ही किया है।
कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र में अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने देर शाम गौशालाओं का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने ब्लॉक क्षेत्र की परास और भीतरगांव के बेहटा गंभीरपुर गौशालाओं में पहुंचकर मौके की स्थिति देखी और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। चारा-पानी और केयरटेकर व्यवस्था पर जोर परास गौशाला में निरीक्षण के दौरान उन्होंने चारा और पानी की उपलब्धता की स्थिति देखी। उन्होंने निर्देश दिए कि गौशाला में केयरटेकर हर समय मौजूद रहें, ताकि पशुओं की देखभाल में किसी तरह की लापरवाही न हो। तारबाड़ और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौशाला की सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान दिया। आसपास की तारबाड़ को मजबूत और दुरुस्त रखने के निर्देश दिए, ताकि पशु सुरक्षित रह सकें और किसी तरह की अनहोनी न हो। कम्पोस्ट और बायोगैस पर दिया जोर अपर मुख्य सचिव ने गौशालाओं में गोबर से कम्पोस्ट खाद और बायोगैस जैसी व्यवस्थाएं विकसित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे गौशालाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं और संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा। इसके बाद उन्होंने भीतरगांव ब्लॉक की बेहटा गंभीरपुर गौशाला का भी निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं को सुधारने के निर्देश दिए। इस दौरान घाटमपुर एसडीएम अविचल प्रताप सिंह, एसडीएम नरवल विवेक मिश्रा और बीडीओ समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
भूपतिपुर नगला स्थित जनता इंटर कॉलेज एक बार फिर विवादों में है। उपजिलाधिकारी मयंक कुंडू ने कॉलेज की मान्यता समाप्त करने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) को पत्र लिखा है। यह कार्रवाई सरकारी भूमि पर कॉलेज भवन के अवैध कब्जे की पुष्टि के बाद की गई है। तहसील प्रशासन द्वारा कराई गई जांच में खुलासा हुआ है कि कॉलेज भवन गाटा संख्या 877 की 0.4370 हेक्टेयर ग्राम समाज की सरकारी भूमि पर अवैध रूप से निर्मित है। इसी अवैध भवन के आधार पर कॉलेज की मान्यता भी प्राप्त की गई थी। नायब तहसीलदार राजेश पटेल की जांच रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम ने यह कार्रवाई शुरू की है। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब कॉलेज संचालक यदुनंदन लाल वर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में वर्मा एक कार्यक्रम में धार्मिक पात्रों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए दिखाई दिए। इस घटना से लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी। पुलिस ने उन्हें पहले शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था, हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई। एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि कॉलेज जिस भूमि पर संचालित है, वह पूरी तरह सरकारी है। इस अवैध कब्जे को हटाने के लिए जल्द ही कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस बीच, पुलिस ने रितेश पासी सहित पांच नामजद और लगभग 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हलचल है, और आगे की कानूनी प्रक्रियाओं पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
प्रतापगढ़ के बिहार ब्लॉक क्षेत्र में बिना मान्यता संचालित एक पब्लिक स्कूल पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई स्कूल द्वारा पूर्व में जारी चेतावनी नोटिसों को नजरअंदाज कर संचालन जारी रखने के बाद की गई है। भिटारा नहर के पास स्थित इस विद्यालय को पिछले शिक्षा सत्र में ही अधिकारियों द्वारा संचालन बंद करने के निर्देश दिए गए थे। स्कूल प्रबंधन ने इन आदेशों की अनदेखी करते हुए विद्यालय का संचालन जारी रखा। इस वर्ष दोबारा शिकायत मिलने पर 26 मार्च को खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) वंशीधर पांडेय ने विद्यालय की जांच की। जांच में पाया गया कि स्कूल बिना किसी वैध मान्यता के चल रहा था। मौके पर मान्यता से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं मिले। बीईओ ने इसकी रिपोर्ट बीएसए को भेजी। बीईओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर बीएसए ने विद्यालय संचालक पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माने की राशि 15 दिनों के भीतर लेखा शिक्षा अधिकारी के खाते में जमा कराने का निर्देश दिया गया है। समय पर जुर्माना जमा न करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना मान्यता के स्कूल संचालन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अन्य बिना मान्यता वाले विद्यालयों पर भी दबाव बढ़ा है।
इस साल मानसून की बारिश सामान्य से कम रह सकती है। निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट वेदर ने इस साल के मानसून का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार, बारिश सामान्य से 6% कम रह सकती है। जून से सितंबर तक मानसून के 4 महीनों में देश में बारिश का सामान्य औसत 868.6 mm है। सामान्य से कम मानसून का मतलब है कि बारिश 90% से 95% के बीच रहेगी। एजेंसी ने 94% बारिश का अनुमान दिया है। जून में सामान्य बारिश होगी, लेकिन जुलाई से गिरावट शुरू होकर अगस्त और सितंबर में मानसून कमजोर पड़ेगा। खासकर अगस्त-सितंबर में बारिश की कमी ज्यादा रहने के संकेत हैं। मध्य और पश्चिम भारत के मुख्य क्षेत्रों में बारिश कम रहने के आसार हैं। अगस्त-सितंबर में मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में सामान्य से कम बारिश की आशंका है। जुलाई से बारिश में कमी होने का अनुमान क्या होता है लॉन्ग पीरियड एवरेज यानी LPA इसका मतलब है कि मौसम विभाग ने 1971-2020 की अवधि के आधार पर दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) को 87 सेमी (870 मिमी) निर्धारित किया है। अगर किसी साल की बारिश 87 सेमी से ज्यादा होती है, तो उसे सामान्य से अधिक माना जाता है। अगर कम हो तो कमजोर मानसून माना जाता है। मानसून की शुरुआत के समय अल-नीनो बनने की संभावना स्काईमेट वेदर से जुड़े जतिन सिंह ने कहा कि मानसून की शुरुआत के समय अल-नीनो बनने की संभावना है। इससे मानसून कमजोर पड़ सकता है। हिंद महासागर द्विध्रुव (आईओडी) मजबूत हो तो अल-नीनो का असर कुछ कम होता है। अभी आईओडी सामान्य या थोड़ा अधिक रहने की उम्मीद है। इससे मानसून की शुरुआत ठीक होगी, लेकिन सीजन के दूसरे हिस्से में बारिश कमजोर पड़ने का खतरा रहेगा। अल नीनो और ला नीना क्लाइमेट (जलवायु) के दो पैटर्न होते हैं- अल नीनो: इसमें समुद्र का तापमान 3 से 4 डिग्री बढ़ जाता है। इसका प्रभाव 10 साल में दो बार होता है। इसके प्रभाव से ज्यादा बारिश वाले क्षेत्र में कम और कम बारिश वाले क्षेत्र में ज्यादा बारिश होती है। ला नीना: इसमें समुद्र का पानी तेजी से ठंडा होता है। इसका दुनियाभर के मौसम पर असर पड़ता है। आसमान में बादल छाते हैं और अच्छी बारिश होती है। साल 2025: तय समय से 8 दिन पहले केरल पहुंचा था मानसून पिछले साल दक्षिण-पश्चिम मानसून तय समय से 8 दिन पहले 24 मई को केरल पहुंचा था। ऐसा 16 साल बाद हुआ था। 2009 में 23 मई को केरल पहुंचा था। मुंबई में बारिश लाने वाला सिस्टम 16 दिन पहले ही एक्टिव हो गया था जो 1950 के बाद से सबसे जल्दी था। आमतौर पर दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जून तक केरल पहुंचता है। 11 जून तक मुंबई और 8 जुलाई तक पूरे देश में फैल जाता है। इसकी वापसी उत्तर-पश्चिम भारत से 17 सितंबर को शुरू होती है और यह पूरी तरह 15 अक्टूबर तक लौट जाता है। भारत में पिछले साल मानसून जल्दी पहुंचने की मुख्य वजह अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बढ़ी हुई नमी थी। समुद्र का तापमान सामान्य से ज्यादा रहा, जिससे मानसूनी हवाएं तेजी से सक्रिय हुईं थीं। पश्चिमी हवाओं और चक्रवातों की हलचल ने भी मानसून को आगे बढ़ने में मदद की थी। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन भी मौसम के पैटर्न में बदलाव की एक बड़ी वजह बना था।
जयपुर शहर की बुनियादी समस्याएं एक बार फिर भास्कर समाधान के जरिए सामने आई हैं। कहीं जलभराव से लोग परेशान हैं, तो कहीं अंधेरे और गंदगी ने हालात बदतर कर दिए हैं। झोटवाड़ा और न्यू सांगानेर रोड जैसे क्षेत्रों से आई शिकायतें प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही हैं। हालांकि, कुछ मामलों में शिकायतों के बाद कार्रवाई भी हुई है, जिससे लोगों को राहत मिली है। आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें। घर के सामने रोड पर बारिश से पानी जमाजयपुर के श्रीनगरपुरा से अभिषेक शर्मा ने लिखा कि, भारत माता रोड पर जलभराव की काफी समस्या है। उनके घर के सामने रोड पर पानी भर जाता है। जिसके कारण आने-जाने में परेशानी होती है। बारिश के समय में तो बहुत समस्या हो जाती है। राम वाटिका कॉलोनी में अंधेरे की समस्यान्यू सांगानेर रोड की राम वाटिका कॉलोनी के विवेक सिंघल ने बताया कि, शिव पार्वती नगर में गली में अंधेरे की समस्या है। मकान के पास लगे बिजली के खंबे में लाइट नहीं है। जिससे इलाके में काफी अंधेरा रहता है। लोगों ने नई स्ट्रीट लाइट की मांग की है। गंदगी, मच्छर और कीड़ों से जनता परेशानशिवपुरी के बजरंग नगर से ऋषि ने लिखा कि, उनके फ्लैट के पीछे काफी ज्यादा कचर पड़ा हुआ है। जिसके कारण क्षेत्र में गंदगी, मच्छर और कीड़े हो रहे है। इसी के साथ लोगों को आस-पास में रहने में दिक्कत आ रही है। झोटवाड़ा से सामने आई सड़क की शिकायतझोटवाड़ा के नांगल जैसा बोहरा से नवीन सैन ने लिखा कि, इस क्षेत्र में सड़क की समस्या है। यहां पर लंबे समय से रोड नहीं बनी है। इस बारे में उन्होंने कई बार शिकायत भी की है लेकिन, अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। सीवर के मलबे की समस्या का हुआ समाधानबजाज नगर के निति मार्ग से आलोक कुमार शर्मा ने ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट किया कि, इस इलाके में रोड पर सीवर लाइन का कचरा पड़ा हुआ है। जिसके कारण गंदगी और बदबू फैल रही है। समस्या पोस्ट होने के बाद नगर निगम ने तुरंत कार्रवाई की और कचरा साफ करवा दिया है। जिससे लोगों को गंदगी और बदबू से राहत मिली है। जयपुर के सुभाष नगर के बालाजी मार्ग से कैलाश चंद्र ने भी सड़क पर गड्ढों की समस्या पोस्ट की थी। जिसके बाद नगर निगम के निवर्तमान चेयरमैन ने तुरंत एक्शन लिया और सड़क के गड्ढे को ठीक करवा दिया है। मनोज मुदगल बने ‘पब्लिक के स्टार’ सुभाष नगर के बालाजी मार्ग से कैलाश चंद्र ने सड़क पर गड्ढों को लेकर अपनी समस्या पोस्ट की थी। जिसमें उन्होंने गड्ढों से हो रहीं परेशानियों के बारे में बताया था। समस्या पोस्ट होने के बाद नगर निगम के निवर्तमान चेयरमैन मनोज मुदगल ने रोड के गड्ढे को भरवा कर सही करवा दिया। जिससे क्षेत्र के लोगों को काफी राहत मिली है। पब्लिक की आवाज बन रहा “भास्कर समाधान” ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सामने रखने के लिए मदद कर रहा है। लोगों से मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अधिकारियों को सीधे मिल रही समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहेंगे तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.भास्कर समाधान का असर, जिम्मेदारों तक पहुंचीं शहर की समस्याएं:कई इलाकों में मिली राहत; कुसुम यादव बनीं ‘पब्लिक की स्टार’ 2.भास्कर-समाधान का असर, जयपुर में गंदे पानी की समस्या दूर:शहरभर से उठीं गंदगी, कुसुम यादव बनीं ‘पब्लिक की स्टार’ 3.भास्कर समाधान का असर, मानसरोवर में पाइपलाइन ठीक हुई:जयपुर में जाम नालियां-सड़कें बनीं बड़ी समस्या, हिमांशु शर्मा बने ‘पब्लिक के स्टार’ 4.बसों में भीड़ से बढ़ी परेशानी, सांगानेर में सीवर ओवरफ्लो:कार्रवाई से कुछ इलाकों में राहत, लोकेश कुमावत बने 'स्टार ऑफिसर' 5.भास्कर समाधान से कनकपुरा में स्ट्रीट लाइट हुई ठीक:जयपुर में खुले सीवर-चैम्बर की समस्याएं उजागर; हिमांशु शर्मा बने ‘पब्लिक के स्टार’ 6.जयपुर में सड़क, कचरा और पब्लिक टॉयलेट के हालात खराब:भास्कर समाधान पर शिकायत के बाद हुई कार्रवाई; लोकेश कुमावत बने ‘स्टार ऑफिसर’ 7.जयपुर में सीवर, जलभराव और गंदगी से जनता परेशान:भास्कर समाधान पर मिल रही शिकायतें, नाले की टूटी पट्टियां हटाई, हरेंद्र सिंह बने पब्लिक के स्टार 8.जयपुर में सीवर-नाली और सफाई की समस्याएं उजागर:भास्कर समाधान पर की शिकायतों पर एक्शन, हरेंद्र सिंह बने ‘पब्लिक के स्टार’ 9.जयपुर में पार्क से सड़क तक समस्याओं का अंबार:शहर में हादसे का खतरा, कहीं टूटी सड़क; ‘भास्कर समाधान’ से मिली राहत 10.जयपुर के सूरजपोल बाजार की टूटी सड़क ठीक हुई:पाइपलाइन, नाली और लाइट की समस्याओं पर लिया एक्शन, हरेंद्र सिंह बने ‘पब्लिक के स्टार'
SECR (दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे) ने 8 से 10 अप्रैल के बीच रद्द की गई 12 पैसेंजर और मेमू ट्रेनों को बहाल कर दिया है। रेलवे के इस फैसले से रायपुर, गेवरारोड, बिलासपुर, रायगढ़, झारसुगुड़ा और गोंदिया के यात्रियों की परेशानी कम होंगी। इसके साथ ही ग्रीष्मकाल के दौरान बिलासपुर से होकर कई समर स्पेशल ट्रेनें भी गुजरेंगी। इनमें पटना-चर्लपल्ली-पटना समर स्पेशल ट्रेन 8 अप्रैल, बुधवार को पटना से चर्लपल्ली के लिए रवाना होगी। इसे 15-15 फेरों के लिए चलाया जा रहा है दरअसल बिलासपुर मंडल के अकलतरा स्टेशन पर चौथी लाइन कनेक्टिविटी का काम चल रहा है। इसके तहत नॉन-इंटरलॉकिंग काम भी प्रस्तावित है। इस काम के चलते रेलवे ने 8 से 10 अप्रैल तक दर्जन भर से अधिक ट्रेनों को रद्द कर दिया था। जिन यात्री ट्रेनों को पहले रद्द किया गया था या बीच रास्ते तक ही चलाया जा रहा था, उन्हें अब रेलवे प्रशासन ने फिर से शुरू कर दिया है। अब ये सभी ट्रेनें अपने निर्धारित समय पर चलेंगी। वहीं बिलासपुर रेलवे जोन की 10 पैसेंजर ट्रेनें 11 अप्रैल से 27 अप्रैल के बीच अलग-अलग तारीखों में रद्द की गई हैं। तय समय पर चलेंगी गाड़ियां रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि री-स्टोर की गई सभी ट्रेनें अपने निर्धारित समय पर ही चलेंगी। बता दें कि भीषण गर्मी में रेलवे ने ट्रेनों को कैंसिल कर यात्रियों की दिक्कतें बढ़ा दी थी। दैनिक रेलयात्री संघ ने लगातार ट्रेनों को निरस्त करने पर नाराजगी जताई थी। साथ ही यात्रियों को होने वाली असुविधा को उजागर किया था। यही वजह है कि अब रेलवे ने यात्री सुविधा के चलते यह फैसला लिया है। आज से पटना-चर्लपल्ली-पटना समर स्पेशल इधर गर्मी के दौरान बिलासपुर से होकर कई समर स्पेशल ट्रेनें गुजरेंगी। इनमें से पटना-चर्लपल्ली-पटना समर स्पेशल ट्रेन आज यानी 8 अप्रैल को पटना से चर्लपल्ली के लिए रवाना होगी। इसे 15-15 फेरों के लिए चलाया जा रहा है। दरअसल समर सीजन में नियमित ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है। इसके चलते यात्रियों को कंफर्म बर्थ नहीं मिल रहा है। कई गाड़ियों में नो रूम की स्थिति बन गई है। यात्रियों को राहत देने समर स्पेशल ट्रेनें रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए समर स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। पटना-चर्लपल्ली-पटना स्पेशल ट्रेन 8 अप्रैल से 27 मई तक 15 फेरों के लिए चलाई जाएगी। गाड़ी संख्या 03253 पटना से हर सोमवार और बुधवार को रवाना होगी। वहीं वापसी में गाड़ी संख्या 03254 बुधवार को और 03255 हर शुक्रवार को चर्लपल्ली से चलेगी। 22 कोच वाली यह ट्रेन बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और गोंदिया सहित गया, रांची और नागपुर जैसे स्टेशनों पर रुकेगी। 13 से चलेगी तिरुपति-रक्सौल-तिरुपति इसी क्रम में तिरुपति-रक्सौल-तिरुपति के बीच भी 7 फेरों के लिए स्पेशल ट्रेन चलेगी। गाड़ी संख्या 07051 तिरुपति से 13 अप्रैल से 25 मई तक हर सोमवार और गाड़ी संख्या 07052 रक्सौल से 16 अप्रैल से 28 मई तक हर गुरुवार को रवाना होगी। 24 कोच वाली यह ट्रेन भी बिलासपुर जोन के चारों प्रमुख स्टेशनों बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और गोंदिया में ठहरेगी, जिससे यात्रियों को कंफर्म बर्थ मिलने में आसानी होगी। 10 पैसेंजर 11 अप्रैल से 27 अप्रैल तक रद्द बिलासपुर रेलवे जोन की 10 पैसेंजर ट्रेनें 11 अप्रैल से 27 अप्रैल के बीच अलग-अलग तारीखों में नहीं चलेंगी। इनमें बिलासपुर और रायपुर से गुजरने वाली कई ट्रेनें हैं। इस वजह से रायगढ़, कोरबा, गेवरा रोड से बिलासपुर और रायपुर जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, गोंडवाना एक्सप्रेस और समता एक्सप्रेस भी 27 अप्रैल तक अलग-अलग तारीखों में कैंसिल की गई है। गोंदिया स्टेशन पर नए ट्रैक के काम के कारण ये ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। वहीं बिलासपुर मंडल में बिलासपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन पर चौथी लाइन का निर्माण कार्य किया जाना है। इसके लिए वहां ब्लॉक लिया जा रहा है। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने व्यवस्था भी की है। गाड़ी संख्या 18250/18249 और 18252/18251 कोरबा-रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस को 16 से 27 अप्रैल 2026 तक कोरबा-बिलासपुर-कोरबा के बीच पैसेंजर ट्रेन के रूप में चलाया जाएगा। ……………………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 10 पैसेंजर, 3 एक्सप्रेस ट्रेनें कैंसिल: MP-UP, महाराष्ट्र-दिल्ली, रायगढ़, कोरबा, बिलासपुर जाने वाले यात्री परेशान होंगे, 11-27 अप्रैल तक नहीं चलेंगी बिलासपुर रेलवे जोन की 10 पैसेंजर ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। ये ट्रेनें 11 अप्रैल से 27 अप्रैल के बीच अलग-अलग तारीखों में नहीं चलेंगी। इनमें बिलासपुर और रायपुर से गुजरने वाली कई ट्रेनें हैं। इस वजह से रायगढ़, कोरबा, गेवरा रोड से बिलासपुर और रायपुर जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। पढ़ें पूरी खबर…
छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिनों तक मौसम सक्रिय रहने वाला है। प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले तीन दिनों तक तापमान में खास बदलाव नहीं होगा। हालांकि इसके बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे गर्मी फिर से असर दिखाने लगेगी। बीते 24 घंटों के दौरान उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान की गतिविधियां दर्ज की गईं, जबकि तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश भी रिकॉर्ड की गई। इस दौरान अधिकतम तापमान राजनांदगांव में 38.5C और न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 17.8C दर्ज हुआ। वहीं अमलीपदर में 3 सेमी, जबकि दोरनापाल, सुकमा और मुकडेगा में 2-2 सेमी बारिश हुई। रायपुर में साफ रहेगा आसमान राजधानी में आज मौसम साफ रहने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान लगभग 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम बदलाव की यह है वजहओडिशा में बने साइक्लोन सर्कुलेशन और बंगाल से तमिलनाडु तक फैली ट्रफ लाइन के कारण प्रदेश में यह मौसम परिवर्तन हो रहा है, जिसकी वजह से कहीं धूप तो कहीं आंधी-बारिश का दौर बना हुआ है। फिलहाल राहत, सतर्कता जरूरीकुल मिलाकर छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिन मौसम मिला-जुला बना रहेगा। कहीं हल्की बारिश राहत देगी तो कहीं आंधी-तूफान परेशानी बढ़ा सकता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
यमुनानगर की सरस्वती शुगर मिल में ड्यूटी कर रहे सुरक्षा कर्मियों पर हमला करने का मामला सामने आया है। देर रात मिल के मार्शल यार्ड में नशा करने के लिए घुसे कुछ युवकों को रोकने पर उन्होंने सिक्योरिटी गार्डों पर लोहे की रॉड और डंडों से हमला कर दिया। हमले में तीन गार्ड गंभीर रूप से घायल हो गए। शोर सुनकर लोग इकट्ठा हुए, तो आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। घायलाें को इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं यमुनानगर सिटी थाना पुलिस ने मौके पर पहुंच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। नशा करने के लिए यार्ड में घुसे थे युवक शिकायतकर्ता सरस्वती शुगर मिल सहायक सुरक्षा अधिकारी मुरारी लाल ने बताया कि रात करीब 12:10 बजे वह अपनी ड्यूटी पर टाइम ऑफिस गेट पर तैनात था। उसी दौरान सिक्योरिटी गार्ड सोनू यादव (निवासी बैंक कॉलोनी) और सतबीर सिंह (सहारनपुर) जो केन मार्शल यार्ड में ड्यूटी पर मौजूद थे, ने सूचना दी कि तीन युवक जिनमें एक अली अख्तर निवासी गुलाब नगर कॉलोनी, खुजल व एक अन्य यार्ड के अंदर घुस आए हैं। उन्हें वहां से जाने के लिए कहने पर भी वे नहीं मान रहे थे और कह रहे थे कि “जो होता है कर लो।” इसके बाद मुरारी लाल अपने साथ सिक्योरिटी गार्ड राजेश कुमार (निवासी गांव जयसिंह का माजरा) और बीरबल शर्मा (निवासी गांव खजुरी) को लेकर मौके पर पहुंचा और तीनों युवकों को बाहर जाने को कहा, लेकिन उन्होंने साफ मना कर दिया और कहा कि वे वहीं नशा करेंगे। घात लगाकर लाेहे की रॉड से हमला इस दौरान उन्होंने गाली-गलौज और बदतमीजी शुरू कर दी तथा धमकी दी कि उन्हें नशा करने से रोकने का अंजाम भुगतना पड़ेगा। इसके बाद वे दीवार फांदकर वहां से चले गए और सभी सिक्योरिटी गार्ड अपनी-अपनी ड्यूटी पर लौट गए। मुरारी लाल ने बताया कि करीब 12:20 बजे जब वह चेकिंग के लिए शुगर गोदाम की ओर मार्शल यार्ड गेट से बाहर निकला, तो गेट के बाहर पहले से घात लगाए खड़े अली अख्तर और खुजल ने उसका रास्ता रोक लिया। दोनों के हाथों में लोहे की रॉड थीं और उसी समय ट्रकों के पीछे छिपे दो अन्य युवक भी बाहर आ गए, जिनके हाथों में लकड़ी के डंडे थे। सिर और कमर पर किए वार अली अख्तर ने लोहे की रॉड से उसके सिर पर वार किया, लेकिन उसने बचाव में अपना बायां हाथ आगे कर लिया, जिससे वार उसकी बाईं बाजू पर लगा। इसके बाद खुजल ने लोहे की रॉड से उसकी कमर पर वार किया, जबकि अन्य दोनों युवकों ने डंडों से उसकी दाईं बाजू और बाईं कमर पर प्रहार किए। इस दौरान उसने “बचाओ-बचाओ” का शोर मचाया, जिसे सुनकर उसके साथी सिक्योरिटी गार्ड मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि चारों युवकों ने उनके साथ भी मारपीट और गाली-गलौज शुरू कर दी। खुजल ने बीरबल शर्मा पर लोहे की रॉड से वार किया। वहीं अली अख्तर ने राजेश कुमार के कंधे पर लोहे की रॉड से वार किया, जबकि अन्य युवकों ने डंडों से उसके ऊपर हमला किया। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस शिकायतकर्ता के अनुसार शोर सुनकर आसपास के लोग और अन्य गार्ड भी इकट्ठा हो गए, जिसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए बोले कि “आज तो बच गए, लेकिन अगर आगे से यार्ड में बैठकर नशा करने से रोका तो जान से मार देंगे” और अपने-अपने हथियारों के साथ मौके से फरार हो गए। इसके बाद सभी घायल सिविल अस्पताल यमुनानगर इलाज के लिए पहुंचे। हमले में मुरारी लाल को 6 चोटें, राजेश कुमार को 3 और बीरबल शर्मा को 2 चोटें आई हैं। इसके बाद पुलिस को शिकायत सौंपी गई। जिसके आधार पर आरोपी अली अख्तर निवासी गुलाब नगर कॉलोनी व खुजल सहित अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया।
रोडवेज बसों का किराया बढ़ा:लखनऊ से प्रयागराज, वाराणसी, दिल्ली समेत प्रमुख रूट पर महंगा हुआ सफर
महंगाई के दौर में अब रोडवेज यात्रियों की जेब पर एक और बोझ बढ़ गया है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने बस किरायों में एक से छह रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है। इस फैसले का सीधा असर लखनऊ से संचालित कई प्रमुख रूटों पर पड़ा है, जिससे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा। परिवहन निगम के अधिकारियों के मुताबिक, यह बढ़ोतरी टोल दरों में हालिया इजाफे के चलते की गई है। एक अप्रैल से टोल शुल्क बढ़ने के बाद उन्हीं मार्गों पर किराया संशोधित किया गया है, जहां बसों को टोल देना पड़ता है। लखनऊ परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधन ने नई दरें लागू होने की पुष्टि भी कर दी है। किन रूटों पर कितना बढ़ा किराया लखनऊ से चलने वाली बसों में कई प्रमुख मार्गों पर किराया बढ़ा दिया गया है… • आलमबाग से प्रयागराज: 302 रुपये से बढ़कर 308 रुपये • आलमबाग से वाराणसी: 473 रुपये से बढ़कर 476 रुपये • कैसरबाग से बहराइच: 192 रुपये से बढ़कर 193 रुपये • कैसरबाग से गोरखपुर: 435 रुपये से बढ़कर 437 रुपये • कैसरबाग से दिल्ली: 776 रुपये से बढ़कर 781 रुपये इन रूटों पर फिलहाल राहत हालांकि, कुछ रूट ऐसे भी हैं जहां यात्रियों को फिलहाल राहत मिली है और किराया नहीं बढ़ाया गया है.. • कैसरबाग से हरदोई • आलमबाग से आजमगढ़ • आलमबाग से गोरखपुर • आलमबाग से आगरा • आलमबाग से कौशांबी किराया बढ़ोतरी भले ही मामूली दिखे, लेकिन रोजाना सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह अतिरिक्त आर्थिक दबाव बन सकता है। खासकर नौकरीपेशा और छात्र वर्ग के लिए यह बदलाव सीधे बजट पर असर डालने वाला है। टोल बढ़ोतरी के साथ किराया बढ़ाना परिवहन निगम की मजबूरी बताई जा रही है, लेकिन सवाल यह भी है कि क्या आने वाले समय में और रूटों पर भी किराया बढ़ेगा। फिलहाल यात्रियों को नई दरों के साथ ही सफर करना होगा।
मंदसौर में आंधी-तूफान, बोट से गिरी युवती की मौत:शादी समारोह में जा रही थी आशा, रात में मिला शव
मंदसौर जिले में मंगलवार देर शाम से रात तलक आए तेज आंधी-तूफान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं के चलते जहां कई जगह पेड़ गिर गए, वहीं शादी समारोहों के लिए लगाए गए पंडाल तक उखड़ गए। इस बीच एक दर्दनाक हादसे में मोटर बोट (स्टीमर) से नदी में गिरने पर एक युवती की मौत हो गई। नदी में डोली बोट, युवती गिरी पानी में जानकारी के अनुसार, गांव कुशालपुरा निवासी 24 वर्षीय आशा पिता कन्हैयालाल सूर्यवंशी, गांव खात्याखेड़ी में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने जा रही थी। इसी दौरान ग्राम ढौर्री के पास नदी पार करते समय तेज हवा के झोंकों से मोटर बोट अनियंत्रित हो गई। बोट के डोलने से आशा संतुलन खो बैठी और नदी में गिर गई। घंटों चला रेस्क्यू ऑपरेशन, देर रात मिला शव घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। नाहरगढ़ थाना पुलिस ने स्थानीय गौताखोरों और एसडीईआरएफ की मदद से तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत और घंटों की खोजबीन के बाद मंगलवार देर रात युवती का शव नदी से बरामद हुआ। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा शव शव को पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र नाहरगढ़ लाया गया है। बुधवार सुबह पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। परिवार में पसरा मातम, इलाके में शोक की लहर अचानक हुए इस हादसे से मृतका के परिवार में गहरा शोक है और पूरे क्षेत्र में घटना को लेकर दुख का माहौल है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में युवती की मौत नदी में गिरने से होना सामने आया है। मंगलवार देर शाम को आए तेज आंधी-तूफान ने जिलेभर में व्यापक असर डाला। कई स्थानों पर पेड़ गिरने और शादी के पंडाल उखड़ने की घटनाएं सामने आईं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सतना में ऑटो पलटने से एक युवक की मौत:4 लोग गंभीर घायल, एक परिवार के थे सभी
सतना जिले के कोठी थाना क्षेत्र में इटमा गांव के पास मंगलवार देर शाम तेज रफ्तार ऑटो के अनियंत्रित होकर पलटने से एक युवक की मौत हो गई। इस हादसे में परिवार के चार अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, इटमा निवासी सुग्रीव चौधरी (37) और अफजल चौधरी (16) समेत परिवार के तीन अन्य सदस्य अपनी ही ऑटो से जैतवारा गए थे। वापसी के दौरान गांव के पास पहुंचते ही ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे की सूचना मिलते ही सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोठी ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने सुग्रीव चौधरी को मृत घोषित कर दिया। मृतक सुग्रीव चौधरी के शव का पोस्टमार्टम बुधवार को किया जाएगा। पुलिस ने घटना का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
अक्सर 13 साल की उम्र में बच्चे वीडियो गेम्स और स्कूल की पढ़ाई में उलझे होते हैं, लेकिन टेक्सटाइल कारोबारी के बेटे आगम जैन ने एक अलग ही रास्ता चुना है। महज 7 साल की उम्र में सांसारिक सुख त्यागने का फैसला करने वाला यह किशोर अब 23 अप्रैल को गुजरात के पालीताणा में जैन दीक्षा ग्रहण करेगा।यह परिवार मूल रूप से राजस्थान के पाली जिले के रोहट का रहने वाला है। 6 अप्रैल को पाली में आगम के सम्मान में तेरापंथ भवन में 'सांझी' कार्यक्रम किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। पाली में हुए कार्यक्रम की PHOTOS… पिता टेक्सटाइल कारोबारी, 10 करोड़ टर्नओवरआगम के पिता दिलीप जैन का सूरत के वेसू में 'डीके टेक्सटाइल इंडस्ट्री' के नाम से बड़ा कारोबार है, जिसका सालाना टर्नओवर 9 से 10 करोड़ रुपए है। इस परिवार का लाडला अब भौतिक सुख-सुविधाओं को पीछे छोड़ संयम के पथ पर अग्रसर है। 6 साल की उम्र में बदला मनवैराग्य की यह कहानी तब शुरू हुई जब आगम सिर्फ 6 साल का था। पिता दिलीप जैन बताते हैं- सूरत में जैन संत रत्नचंद्र सुरीश्वर महाराज के प्रवचन चल रहे थे। आगम वहां गया और उन बातों से इतना प्रभावित हुआ कि उसने नश्वर संसार और आत्मा के कल्याण की बातें करनी शुरू कर दी। 48 दिन जिया साधुओं जैसा जीवनजब आगम ने दीक्षा की जिद पकड़ी, तो परिवार ने उसकी परीक्षा लेनी चाही। जैन संतों के परामर्श पर उसे 'उद्यापन तप' करने को कहा गया। 8 साल की उम्र में आगम ने 48 दिनों तक कठिन तपस्या की। इस दौरान उसने कठोर सर्दी-गर्मी में नंगे पैर यात्रा की। सिर्फ गर्म पानी का सेवन किया।साधुओं की तरह सुबह जल्दी उठना और केश लोचन (बाल उखाड़ना) करवाया। जब वह इस कठिन परीक्षा में सफल रहा, तब परिवार को यकीन हुआ कि यह महज बचपन की जिद नहीं, बल्कि अटूट संकल्प है। 5 साल गुरुकुल में पढ़ाई, 4500 KM की पैदल यात्राचौथी कक्षा के बाद आगम ने स्कूल छोड़ दिया और पिछले 5 साल जैन संतों के सान्निध्य में बिताए। इस दौरान उसने 11 ओली तप और कई जटिल ग्रंथों (आगम, कर्म ग्रंथ, भाष्य) का अध्ययन किया। उसने संतों के साथ मुंबई, पालीताणा (गुजरात), सूरत और गिरनार (जूनागढ़, गुजरात) जैसे क्षेत्रों में करीब 4,500 किलोमीटर की पैदल यात्रा (विहार) भी पूरी की है। असली सुख भगवान महावीर के बताए मार्ग मेंआगम का कहना है- संसार के सारे रिश्ते नश्वर हैं। असली सुख वैराग्य और भगवान महावीर के बताए मार्ग में है। माता-पिता और भाई की याद आना सांसारिक मोह है, जिससे ऊपर उठना ही मोक्ष का मार्ग है। 23 अप्रैल को पालीताणा में महाभिनिष्क्रमणदीक्षा का भव्य कार्यक्रम गुजरात के पावन धाम पालीताणा में आयोजित होगा।
सतना जिले के नागौद थाना क्षेत्र के पिपरोखर गांव में शॉर्ट-सर्किट से लगी आग में सात किसानों की लगभग 12 एकड़ गेहूं की फसल जलकर खाक हो गई। मंगलवार देर शाम हुई इस घटना से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर शाम तेज हवाएं चल रही थीं। इसी दौरान गांव के बाहर खेतों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइन के तार आपस में टकरा गए। तारों से निकली चिंगारी नीचे खड़ी फसल पर गिरी, जिससे तुरंत आग भड़क उठी और हवा के साथ तेजी से फैलने लगी। आग लगने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने बचाव कार्य शुरू किया और डायल 112 पर सूचना दी। पुलिस टीम दमकल वाहन के साथ मौके पर पहुंची और आग बुझाने के प्रयासों में जुट गई। सामूहिक प्रयासों से लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। हालांकि, तब तक 12 एकड़ से अधिक क्षेत्र में लगी गेहूं की फसल पूरी तरह जल चुकी थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस अग्निकांड में किसान रामरतन मिश्रा, मनीष सिंह, संजय तिवारी, रामभान तिवारी, रामजी मिश्रा, कन्हैयालाल मिश्रा और रामसेवक वर्मन की फसलें नष्ट हुई हैं। घटना की सूचना पुलिस के साथ राजस्व अमले को भी दे दी गई है। बुधवार को राजस्व विभाग की टीम मौके का मुआयना कर किसानों को हुए नुकसान का आकलन करेगी।
मंदसौर में अवैध देसी कट्टे के साथ आरोपी गिरफ्तार:नई आबादी पुलिस ने की कार्रवाई, जांच जारी
मंदसौर जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नई आबादी थाना पुलिस ने एक आरोपी को अवैध देसी कट्टा और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। जब्त किए गए हथियार की अनुमानित कीमत करीब 7 हजार रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से रिवाल्वर जैसा दिखने वाला एक अवैध देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस जब्त किया। यह मंगलवार शाम मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की गई। पुलिस ने जुझार सिंह (40) पिता सरदार सिंह सिसोदिया, निवासी सीतामऊ फाटक, थाना नई आबादी, जिला मंदसौर को गिरफ्तार किया है। आरोपी को अवैध हथियार के साथ पकड़ा गया। आरोपी के खिलाफ थाना नई आबादी में अपराध क्रमांक 57/2026 दर्ज किया गया है। उस पर आयुध अधिनियम की धारा 25 और 27 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पूरी कार्रवाई पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश और एसपी विनोद कुमार मीणा के मार्गदर्शन में की गई। जिलेभर में अवैध हथियारों की धरपकड़ के लिए सख्त अभियान चलाया जा रहा है। थाना प्रभारी कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि नई आबादी थाना पुलिस टीम ने सुनियोजित तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी से पूछताछ की जा रही है कि वह अवैध हथियार क्यों रखे हुए था। मामले में आगे की जांच जारी है। साथ ही अवैध हथियारों और अन्य आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
बुरहानपुर के खकनार रेंज में वन विभाग ने अवैध रूप से संग्रहित 11 सागवान के लट्ठे जब्त किए हैं। ये लट्ठे पांगरी गांव में गोंद व्यापारी रिबेल सिंह के घर के पीछे से बरामद किए गए, जिनका कुल घन मीटर 1.002 पाया गया। यह कार्रवाई वन मंडल अधिकारी विद्या भूषण सिंह के निर्देश और उप वन मंडल अधिकारी अजय सागर के मार्गदर्शन में परिक्षेत्र अधिकारी रितेश उईके तथा उनके स्टाफ द्वारा की गई। वन विभाग की यह लगातार तीसरे दिन की बड़ी कार्रवाई है। दरअसल, हाल ही में खंडवा सीसीएफ बासु कनौजिया की टीम ने बुरहानपुर जिले के ग्राम बोरी में एक गोदाम से 780 क्विंटल अवैध गोंद बरामद किया था। इस कार्रवाई के बाद से बुरहानपुर जिले का वन विभाग भी सक्रिय हो गया है। तीन दिन पहले खकनार रेंज में एक पिकअप वाहन पकड़ा गया था। इसके अगले दिन बारकोट क्षेत्र से गोंद से भरी आठ बोरियां बरामद की गईं। अब इसी कड़ी में 11 सागवान के लट्ठे जब्त किए गए हैं। खंडवा सीसीएफ की कार्रवाई के बाद से वन विभाग की टीम लगातार गोदामों की जांच कर रही है, ताकि अवैध रूप से संग्रहित गोंद का पता लगाया जा सके। इसी जांच के दौरान टीम को अवैध लकड़ी मिली। खकनार रेंजर रितेश उईके ने बताया कि तीन दिन पहले पकड़े गए पिकअप वाहन के आरोपियों की तलाश में सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और गोदामों की जांच जारी है।
विश्व नवकार महामंत्र दिवस के अवसर पर जीतो की ओर से 9 अप्रैल को आयोजित होने वाले विश्व नवकार महामंत्र दिवस की तैयारियां जोर-शोर से शुरू से चल रही है। इस आयोजन को लेकर भट्ट जी की बाड़ी स्थित जीतो हाउस में चेयरमैन यशवंत आंचलिया की अध्यक्षता एवं सकल जैन समाज के अध्यक्ष व कार्यक्रम संयोजक राजकुमार फत्तावत के आतिथ्य में आयोजित बैठक में विश्व नवकार महामंत्र दिवस के आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। उक्त बैठक में विभिन्न समितियों के कार्यों की समीक्षा की गई साथ ही सभी समिति संयोजकों ने अपने कार्यों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम संयोजक फत्तावत ने बताया कि 9 अप्रैल को एक ही दिन में सुबह 8.1 बजे से 9.1 बजे तक 25 लाख नवकार महामंत्र की आराधना होगी। आराधना के लिए आराधक के रूप में दिलीप सुराणा, विजयलक्ष्मी गलूंडिया, पंकज भण्डारी, निराली जैन, नीरज चपलोत, सोनिका जैन, राकेश चपलोत, सोनल सिंघवी, शुभ कोठारी व भाग्यश्री गन्ना मुख्य स्टेज से बारी-बारी से नवकार मंत्र का जाप करोंगे। फतह स्कूल ग्राउंड में विधि-विधान के साथ भूमि पूजन किया गया। चेयरमैन यशवंत आंचलिया ने भूमि पूजन कर पंडाल कार्य का प्रारम्भ किया। जिसमें जीतो के पदाधिकारी एवं समाजजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। वहीं जीतो लेडिज विंग की सदस्याओं ने शहर में घर-घर जाकर पीले चावल बांटकर समारोह में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का निमंत्रण दिया। मुख्य सचिव अभिषेक संचेती ने बताया कि कार्यक्रम संयोजक राजकुमार फत्तावत के नेतृत्व में भूमि पूजन के साथ ही कार्यक्रम स्थल पर भव्य पंडाल निर्माण कार्य का शुभारंभ हुआ। पंडाल 60 हजार स्क्वायर फीट भूमि पर बन रहा है। यह महोत्सव धार्मिक आस्था और एकता का प्रतीक बनेगा। कार्यक्रम में उदयपुर शहर और उपनगरीय क्षेत्रों के लगभग 10 हजार से अधिक मानव समाज के धर्मावलंबी सामूहिक रूप से नवकार महामंत्र का जाप कर इस आयोजन के साक्षी बनेंगे। भूमि पूजन कार्यक्रम में चेयरमैन यशंवत आंचलिया, टेंट साउंड कमेटी संयोजक यशवंत कोठारी, वाइस चेयरमैन श्याम नागोरी, अनिल हाथी, दिनेश सिंघवी, पीयूष कोठारी, प्रदीप कोठारी, नितिन सेठ, मुकेश बोहरा, अंकुर बोर्डिया, हेमन्त ओस्तवाल, प्रखर बाबेल सहित जीतो उदयपुर चैप्टर के कई सदस्य मौजूद रहे। घर-घर जाकर बांटे पीले चावल, आयोजन का दिया न्यौता आयोजन को सफल बनाने के लिए जीतो लेडिज विंग अध्यक्षा अंजलि सुराणा के नेतृत्व में महिला सदस्यों ने शहरभर में घर-घर जाकर पीले चावल व श्रीफल देकर विश्व नवकार महामंत्र दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होने का न्योता दिया गया। जिसमें निधि मुणोत, सेजल शाह, रेखा नवलखा, सुशीला मेहता, मंजू बोर्डिया, बीना मारू, अंकिता करणपुरिया, वीनू बोर्डिया सहित कई महिला सदस्य मौजूद रही।नवकारसी संयोजक श्याम नागौरी ने बताया कि नवकार मंत्र जाप के पश्चात वंडर सीमेंट के पाटनी परिवार की ओर से नवकारसी का आयोजन भी रखा गया है। नवकार महामंत्र जाप कार्यक्रम में नवकारसी व्यवस्था के लिए 100 से अधिक महिला व पुरुष की समिति अपने कार्यों को अंजाम देने की योजना बना रही है।
हरियाणा के सरकारी विभागों के साथ हुए बैंकिंग घोटाले के बाद प्रदेश सरकार के वित्त विभाग ने राज्य के सभी विभागों, बोर्डों, निगमों और विश्वविद्यालयों को बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर मिलने वाले ब्याज की तत्काल जांच और मिलान करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) की ओर से जारी पत्र के बाद अब विभाग ने “रिमाइंडर-1” जारी कर इसे अत्यंत जरूरी और समयबद्ध कार्य बताया है। वित्त विभाग के पत्र के अनुसार, सरकार ने पहले 17 मार्च 2026 को जारी निर्देशों में सभी विभागों को अपने बैंक खातों और एफडी की समीक्षा कर यह सुनिश्चित करने को कहा था कि बैंकों द्वारा ब्याज तय दरों के अनुसार ही जमा किया गया है और परिपक्वता (maturity) राशि भी सही है, लेकिन अधिकांश विभागों ने इस पर गंभीरता नहीं दिखाते हुए रिपोर्ट नहीं भेजी। अब जानिए वित्त विभाग क्या जानकारी चाह रहा… 15 अप्रैल तक मांगी गई रिपोर्ट वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह पूरा कार्य 15 दिनों के भीतर पूरा किया जाना था, लेकिन अब तक कई विभागों से जानकारी प्राप्त नहीं हुई है, इसलिए सभी संबंधित कार्यालयों को 15 अप्रैल 2026 तक हर हाल में रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व सुरक्षा पर जोर विभाग ने कहा कि यह प्रक्रिया सरकारी राजस्व की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जवाबदेही तय की जा सकती है। इस रिमाइंडर के साथ सरकार ने संकेत दिए हैं कि वित्तीय अनुशासन को लेकर अब सख्ती बरती जाएगी और सभी विभागों को समयसीमा में रिपोर्ट देना अनिवार्य होगा।
'पाकिस्तानी शादी कल्चर की नकल ना करें':सहारनपुर में मौलाना कारी इसहाक गोरा बोले- सादगी से निकाह करें
सहारनपुर में जमीयत दावतुल मुस्लीमीन के संरक्षक और देवबंदी आलिम मौलाना कारी इसहाक गोरा ने शादियों में बढ़ते दिखावे पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा- लोग सोशल मीडिया देखकर पाकिस्तानी शादी कल्चर की नकल कर रहे हैं। यह समाज के लिए ठीक नहीं है। मौलाना गोरा ने कहा- इस्लाम में निकाह को सादा, आसान और बरकत वाला अमल माना गया है। लेकिन आज इसे दिखावे और फिजूलखर्ची का जरिया बना दिया गया है। महंगे फंक्शन, अनावश्यक रस्में और तड़क-भड़क वाली सजावट का इस्लामी शिक्षाओं से कोई संबंध नहीं है। सोशल मीडिया से बढ़ रहा दिखावासोशल मीडिया पर दिखाई जाने वाली पाकिस्तानी शादियों की चमक-दमक से लोग प्रभावित हो रहे हैं। इसी वजह से समाज में दिखावे का चलन बढ़ता जा रहा है। मौलाना ने कहा कि हर चमकदार चीज सही नहीं होती, इसलिए लोगों को सोच-समझकर परंपराएं अपनानी चाहिए। पहले भी जता चुके हैं आपत्तिमौलाना ने बताया कि वह पहले भी पाकिस्तानी धारावाहिकों पर आपत्ति जता चुके हैं। उनके अनुसार इन धारावाहिकों के प्रभाव से तलाक और खुला जैसे मामलों में बढ़ोतरी हो रही है, जो समाज की नींव को कमजोर कर रहा है। बुधवार को जारी वीडियो बयान में उन्होंने कहा कि लोग इस्लामी शिक्षाओं से दूर होते जा रहे हैं। शादियों को आसान बनाने के बजाय उन्हें बोझ बना लिया गया है। उन्होंने अपील की कि मुसलमान शादियों को सादगी, मर्यादा और धार्मिक नियमों के अनुसार करें, ताकि यह रिश्ता रहमत और बरकत का माध्यम बने। मौलाना के इस बयान के बाद समाज में शादियों में बढ़ती फिजूलखर्ची और बाहरी संस्कृति की नकल को लेकर बहस तेज हो गई है।
नूंह जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। बता दे कि लघु सचिवालय के राजस्व विभाग में मोहर्र पटवारी धर्मवीर और उसके सहायक साहुन को ₹3500 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई से पूरे सचिवालय परिसर में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, आरोपी पटवारी धर्मवीर और उसका सहायक साहुन जमीन का पुराना रिकॉर्ड निकालने के नाम पर शिकायतकर्ता से पहले ₹4 हजार की रिश्वत मांग रहे थे। शिकायतकर्ता के अनुसार, बिना रिश्वत दिए काम करने से साफ इनकार कर दिया गया, जिसके बाद ₹3500 में सौदा तय हुआ। परेशान होकर शिकायतकर्ता ने तुरंत एसीबी से संपर्क किया। शिकायत पर एसीबी टीम की कार्रवाई शिकायत मिलने के बाद एसीबी टीम ने तुरंत कार्रवाई की योजना बनाई और एक जाल बिछाया। तय रणनीति के तहत शिकायतकर्ता को आरोपियों के पास भेजा गया। जैसे ही धर्मवीर और साहुन ने तय राशि ली, एसीबी की टीम ने मौके पर दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। एसीबी ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साहुन निवासी पृथ्वीपुरा मालाखेड़ा (राजस्थान) और मोहर्र पटवारी धर्मवीर गांव झामरी, जिला झज्जर के रूप में हुई है। छापेमारी के दौरान एसीबी ने रिश्वत की रकम मौके से बरामद कर ली और जरूरी दस्तावेज भी अपने कब्जे में ले लिए। लघु सचिवालय में कामकाज रहा प्रभावित इस कार्रवाई के बाद लघु सचिवालय में कामकाज कुछ समय के लिए प्रभावित रहा और कर्मचारियों में दहशत का माहौल देखा गया। एसीबी इंस्पेक्टर जाकिर ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इस मामले में कोई और कर्मचारी या अधिकारी शामिल तो नहीं है। जारी रहेगा अभियान इंस्पेक्टर जाकिर का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी मुहिम लगातार जारी रहेगी और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई के बाद आम लोगों में उम्मीद जगी है कि सरकारी दफ्तरों में फैले भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और लोग अपने काम बिना रिश्वत दिए करवा पाएंगे।
चंडीगढ़ के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में नए सत्र की शुरुआत के साथ ही बड़ा शिक्षा संकट सामने आया है। नई शिक्षा नीति के तहत सिलेबस में बदलाव के बाद राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की नई किताबें समय पर स्कूलों तक नहीं पहुंच सकीं। हालत यह है कि शिक्षा विभाग करीब पौने 4 करोड़ रुपए का भुगतान करने के बावजूद स्टूडेंट्स को किताबें उपलब्ध नहीं करवा पाया है। सबसे ज्यादा असर 9वीं, 10वीं और 12वीं कक्षा के करीब 35 हजार छात्रों पर पड़ा है, जो बिना किताबों के पढ़ाई करने को मजबूर हैं। सरकारी स्कूलों में शिक्षक अब वेबसाइट से पीडीएफ डाउनलोड कर पढ़ा रहे हैं या खुद नोट्स तैयार करके कक्षाएं ले रहे हैं। सरकारी स्कूलों पर ज्यादा असर शहर के 117 सरकारी स्कूलों में इन कक्षाओं के छात्रों को अब तक किताबें नहीं मिली हैं। इस सत्र से सरकार ने फैसला लिया था कि 9वीं से 12वीं तक की किताबें छात्रों को मुफ्त दी जाएंगी, लेकिन सत्र शुरू होने के बाद भी किताबें नहीं पहुंचीं। पहले छात्र बाजार से किताबें खरीद लेते थे, लेकिन इस बार मुफ्त वितरण के फैसले के कारण पूरा सिस्टम विभाग पर निर्भर हो गया और देरी ने संकट पैदा कर दिया। किताबों की कमी का असर सिर्फ सरकारी स्कूलों तक सीमित नहीं है। प्राइवेट स्कूलों में भी नए सिलेबस की सभी विषयों की किताबें बाजार में पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं। कुछ छात्रों ने उपलब्ध किताबें खरीद ली हैं, लेकिन कई विषयों की पढ़ाई अभी भी प्रभावित है। शिक्षक एनसीईआरटी की वेबसाइट से डाउनलोड कर रहे सामग्री किताबें न मिलने के चलते शिक्षा विभाग ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे छात्रों को शुरुआती चार अध्यायों की फोटोकॉपी उपलब्ध कराएं। शिक्षक एनसीईआरटी की वेबसाइट से सामग्री डाउनलोड कर पढ़ा रहे हैं। कई जगहों पर शिक्षक खुद नोट्स बनाकर पढ़ाई करवाने को मजबूर हैं, जिससे पढ़ाई की गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है। सिलेबस में बदलाव का फैसला दिसंबर-जनवरी में देर से लिया गया, जिसके कारण किताबों की छपाई भी देर से शुरू हुई। इसी वजह से समय पर सप्लाई नहीं हो सकी। 10–15 दिन में किताबें आने का दावा चंडीगढ डिप्टी डिस्ट्रिक एजुकेशन आफिसर देवेन्द्र कुमार के मुताबिक विभाग ने किताबों का ऑर्डर और भुगतान समय पर कर दिया था और लगातार संपर्क में है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि अगले 10 से 15 दिनों में सभी स्कूलों में किताबें पहुंच जाएंगी।
श्री गुरु तेग बहादुर शैक्षणिक विकास समिति के अध्यक्ष गुरनाम सिंह डंग (65) का कुछ दिनों की बीमारी के बाद मंगलवार रात निधन हो गया। शिक्षा और सामाजिक कार्यों में सक्रिय गुरनाम सिंह डंग पिछले 16 साल से समिति के अध्यक्ष पद पर थे। वर्तमान में उनका अंतिम संस्कार 8 अप्रैल (बुधवार) को भक्तन की बावड़ी स्थित मुक्तिधाम में किया जाएगा और उनके निधन के चलते समिति द्वारा संचालित दोनों स्कूलों में बुधवार को अवकाश घोषित किया गया है। 16 साल से थे अध्यक्ष, सिंघ सभा के प्रांतीय उपाध्यक्ष भी रहे शिक्षा जगत और सामाजिक कार्यों में अग्रणी गुरनाम सिंह डंग पिछले 16 साल से श्री गुरु तेग बहादुर शैक्षणिक विकास समिति के अध्यक्ष थे। इसके साथ ही वे मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ केंद्रीय श्री गुरु सिंघ सभा के प्रांतीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे, जिसके चलते मंगलवार रात उनका देहांत हो गया। उनके परिवार में एक भाई सतपाल सिंह, दो बेटे अंकित डंग व अर्पित डंग और एक बेटी सोनल है। दोपहर 1 बजे निवास से निकलेगी अंतिम यात्रा गुरनाम सिंह डंग की अंतिम यात्रा 8 अप्रैल (बुधवार) को दोपहर 1 बजे राज गार्डन के सामने बरबड़ रोड स्थित उनके निवास स्थान से निकाली जाएगी। अंतिम संस्कार भक्तन की बावड़ी स्थित मुक्तिधाम में किया जाएगा। समिति द्वारा संचालित दोनों स्कूलों में रहेगा अवकाश अध्यक्ष गुरनाम सिंह डंग के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए श्री गुरु तेग बहादुर शैक्षणिक विकास समिति द्वारा संचालित स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की गई है। इसके तहत श्री गुरु बहादुर एकेडमी और श्री गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल में 8 अप्रैल को पूर्ण रूप से अवकाश रहेगा।
दुर्ग जिले के कुम्हारी स्थित छत्तीसगढ़ डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड से आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने अवैध शराब परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे तीन वाहनों को जब्त किया है। जांच में सामने आया है कि इन वाहनों का उपयोग अवैध “पार्ट-बी” शराब को डिस्टिलरी से सीधे चुनिंदा शासकीय शराब दुकानों तक पहुंचाने के लिए किया जा रहा था। EOW की जांच में डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर यह पुष्टि हुई है कि डिस्टिलरी मालिक अपने भरोसेमंद लोगों के माध्यम से छोटे ट्रांसपोर्टरों की गाड़ियों का इस्तेमाल कर अवैध शराब की सप्लाई करवा रहा था। इस काम के लिए कुछ तय वाहनों का बार-बार उपयोग किया जाता था, जिससे शराब सीधे सरकारी दुकानों तक पहुंचाई जा सके। यह कार्रवाई शराब घोटाला मामले के तहत की गई है। अब तक 16 वाहन जब्त किए जा चुके हैं शराब घोटाला मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) और भारतीय दंड संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत जांच चल रही है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो पहले भी इस मामले में कार्रवाई कर चुका है। इससे पहले वेलकम डिस्टलरी कोटा (बिलासपुर) और भाटिया वाइंस डिस्टलरी सरगांव (मुंगेली) से कुल 16 वाहन जब्त किए जा चुके हैं। चुनिंदा शराब दुकानों तक होती थी सीधी सप्लाई जांच एजेंसी के अनुसार डिस्टलरियों से अवैध शराब की सप्लाई सीधे कुछ चुनिंदा सरकारी देशी शराब दुकानों तक की जाती थी। इसके लिए अलग-अलग डिस्टलरियों में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की पहचान की गई है। गवाहों के बयान और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर यह भी पता चला है कि छग डिस्टलरीज दुर्ग में जब्त किए गए 3 वाहनों के अलावा कुछ अन्य वाहन भी इस काम में लगाए गए थे। अन्य वाहनों की जांच, स्क्रैप करने की भी आशंका जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कुछ वाहनों को स्क्रैप कर दिया गया है या उनका उपयोग अब दूसरे कामों में किया जा रहा है। ऐसे वाहनों के मालिक और उनके इस्तेमाल की जानकारी जुटाने के लिए अलग से जांच जारी है। जांच एजेंसी इन सभी वाहनों और उनसे जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। EOW के अधिकारियों की मानें तो शराब घोटाले से जुड़े इस मामले में आगे भी जांच जारी रहेगी और जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। ब्यूरो इस पूरे नेटवर्क को खंगाल रहा है।
गुना जिले के बजरंगगढ़ थाना क्षेत्र के बरखेड़ा गिर्द गांव में पिछले साल कर्ज और उधारी से परेशान होकर आत्महत्या करने वाले 21 वर्षीय युवक सतीश धाकड़ के मामले में पुलिस ने 2 हजार रुपए के इनामी और छठवें फरार आरोपी सौरभ गोस्वामी (21) को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक ने जहर खाने से पहले एक वीडियो बनाया था, जिसमें उसने सूदखोरों की प्रताड़ना और उधारी न चुकाने वालों का जिक्र किया था। पुलिस इस मामले में 5 अन्य आरोपियों को जनवरी और फरवरी माह में गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वर्तमान में पुलिस ने इनामी आरोपी सौरभ (निवासी विकास नगर) को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वीडियो में बताए थे नाम, 23 दिसंबर को हुई थी मौत पिछले वर्ष बरखेड़ा गिर्द निवासी सतीश धाकड़ (21) ने सूदखोरों से परेशान होकर 22 दिसंबर को सल्फास खा लिया था। उसे पहले गुना और फिर भोपाल के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 23 दिसंबर को उसकी मौत हो गई थी। जहर खाने से पहले सतीश ने अपने मोबाइल में एक वीडियो बनाया था। इसमें उसने सूदखोरों के नाम फोटो सहित बताए थे और यह जानकारी दी थी कि उसने किसे कितने पैसे दिए हैं और किससे कितने लेने हैं। 20 हजार के बदले 10 लाख चुकाए, फिर भी 4 लाख की मांग वीडियो में सतीश ने बताया था कि अंकेश धाकड़ से 2 साल पहले 10 हजार रुपए लिए थे, उसे 20 हजार रुपए दे चुका है, फिर भी वह पैसों की मांग कर रहा है। मुकेश धाकड़ से 20 हजार रुपए लिए थे, उसे 10 लाख रुपए दे चुका है, फिर भी 4 लाख रुपए की मांग कर परेशान कर रहा है। प्रकाश धाकड़ से 50 हजार रुपए लिए थे, जिसे 2 लाख रुपए दे चुका है। जिनसे पैसे लेने थे, उनके भी जारी किए थे फोटो सतीश ने उन लोगों के फोटो भी जारी किए थे, जिनसे उसे पैसे लेने थे। उसने बताया था कि हरेंद्र धाकड़ ने 20 लाख रुपए लिए हैं और 2 साल से वापस नहीं कर रहा है। वहीं, सौरभ गोस्वामी ने 5 लाख रुपए लिए थे, जो अभी तक वापस नहीं किए हैं। सतीश ने वीडियो में कहा था, “इन सभी की वजह से ही मैं मर रहा हूं और मुझे किसी और को एक भी रुपए नहीं देना है। इन सब पर केस किया जाए और मेरे घरवालों को बिल्कुल भी परेशान न किया जाए।” मामले में 5 आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेल वीडियो और जांच के आधार पर बजरंगगढ़ पुलिस ने पाया कि आरोपियों द्वारा रुपयों के लेन-देन को लेकर मृतक को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। पुलिस ने आर्यन धाकड़ (निवासी धीनाखेड़ी हाल श्रीराम कॉलोनी), सौरभ गोस्वामी (विकास नगर), मुकेश धाकड़ (बरखेड़ा गिर्द), शिवराज धाकड़ (बरखेड़ा गिर्द), प्रकाश धाकड़ (परसौदा) और अंकित धाकड़ (बरखेड़ा गिर्द) पर मामला दर्ज किया था। पुलिस ने 8 जनवरी को शिवराज धाकड़ और 4 फरवरी को प्रकाश, आर्यन उर्फ विष्णु, मुकेश और अंकित उर्फ अंकेश धाकड़ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इनामी आरोपी की ऐसे हुई गिरफ्तारी मामले में फरार आरोपी सौरभ गोस्वामी की गिरफ्तारी के लिए एसपी हितिका वासल ने 2 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था और जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। एएसपी मानसिंह ठाकुर और सीएसपी प्रियंका मिश्रा के मार्गदर्शन में बजरंगगढ़ थाना प्रभारी एसआई कृपाल सिंह परिहार और उनकी टीम ने मुखबिर तंत्र सक्रिय कर लगातार दबिश दीं और अब फरार इनामी आरोपी सौरभ को गिरफ्तार कर लिया।
बांसवाड़ा के कोतवाली थाना क्षेत्र में बेकाबू कार डिवाइडर पर लगी लोहे की रेलिंग को चीरते हुए उसके ऊपर चढ़ गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार रेलिंग के सरियों में फंसकर हवा में लटक गई। एयरबैग खुलने से ड्राइवर की जान बच गई। हादसा जवाहर पुल पर मंगलवार रात करीब 1 बजे हुआ। 12 दिन पहले नई कार खरीदी थी। एयरबैग बने सुरक्षा कवच, बड़ा हादसा टलाकार सवार युवक गर्वित निवासी दानपुर, खांदू कॉलोनी में किसी को छोड़कर लौट रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार में वाहन चलाते समय उसने नियंत्रण खो दिया और कार सीधे डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर के तुरंत बाद कार के एयरबैग खुल गए, जिससे चालक को गंभीर चोट नहीं आई और बड़ा हादसा टल गया। क्रेन की मदद से हटाई गई कारघटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। रात का समय होने के कारण पुल पर भीड़ कम थी, फिर भी यातायात प्रभावित न हो इसके लिए पुलिस ने तुरंत क्रेन बुलवाई। लोहे की रेलिंग में फंसी कार को काफी मशक्कत के बाद नीचे उतारा गया। इसके बाद पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर कोतवाली थाने भिजवा दिया। ड्राइवर गर्वित ने बताया - कार 26 मार्च को रामनवमी के दिन ही खरीदी थी।
छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव थाना क्षेत्र के ग्राम मोयारी में 4 अप्रैल की रात जमीन विवाद के चलते तीन आरोपियों ने एक बुजुर्ग दंपति पर लाठियों से जानलेवा हमला कर दिया और उनके घर, बाइक व अनाज में आग लगा दी। घटना के बाद पुलिस ने 6 अप्रैल को मुख्य आरोपी रामकिशन नागवंशी (30) सहित दो नाबालिगों को गिरफ्तार कर लिया है। वर्तमान में मुख्य आरोपी को जेल और दोनों नाबालिगों को संप्रेक्षण गृह (नरसिंहपुर) भेज दिया गया है, वहीं मामले में पुलिस के '24 घंटे में कार्रवाई' करने के दावे को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लाठियों से किया हमला, जान बचाकर भागा दंपति जानकारी के अनुसार, पीड़िता सुभद्रा बेलवंशी (42) का सेतपरास निवासी भादू यादववंशी से जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा है। इसी विवाद के चलते 4 अप्रैल की देर रात भादू यादववंशी का साला रामकिशन नागवंशी अपने दो नाबालिग साथियों के साथ सुभद्रा के घर पहुंचा। तीनों आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए सुभद्रा और उनके पति इंदू बेलवंशी पर बांस की लाठियों से हमला कर दिया। हमले में दंपति के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं। जान बचाने के लिए दोनों को मौके से भागना पड़ा। बाइक, अनाज और घर की छप्पर में लगाई आग दंपति के भागने के बाद आरोपियों ने घर के आंगन में खड़ी हीरो एचएफ डीलक्स (Hero HF Deluxe) मोटरसाइकिल, मक्का (भुट्टा), चारा-भूसा और घर की छप्पर में आग लगा दी। इस आगजनी में घर का सामान, बाइक और रखा हुआ अनाज पूरी तरह जलकर खाक हो गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर टीम गठित कर जांच शुरू की गई और एफएसएल टीम ने मौके का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। जुर्म कबूला, घटनास्थल से माचिस और लाठियां जब्त जांच के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने 6 अप्रैल को मुख्य आरोपी रामकिशन नागवंशी (30) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। दोनों नाबालिगों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश कर संप्रेक्षण गृह नरसिंहपुर भेजा गया है। पुलिस ने घटनास्थल से जली हुई हीरो एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल, मक्का, लकड़ी, भूसा, खपरैल के अवशेष और माचिस की डिब्बी जब्त की है। इसके साथ ही आरोपियों के पास से बांस की लाठियां, मोबाइल और घटना के समय पहने गए कपड़े भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के '24 घंटे में खुलासे' के दावे पर उठे सवाल इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली और दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रार्थी के अनुसार घटना 4 अप्रैल की रात की है, जबकि पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी 6 अप्रैल को होने की बात कही है। इसके बावजूद पुलिस '24 घंटे में खुलासा' करने का दावा कर रही है। स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि कार्रवाई इतनी तेज थी, तो घटना की जानकारी 48 घंटे बाद सार्वजनिक क्यों की गई। चर्चा है कि बड़ी वारदात होने के कारण पुलिस शुरुआती समय में जानकारी साझा करने से बचती रही और गिरफ्तारी के बाद अपनी कार्रवाई को तेज बता रही है।
जोधपुर मंडल के मेड़ता रोड स्टेशन यार्ड में आरयूबी निर्माण के चलते इस रूट की 20 से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित होंगी। 23 से 25 मई के बीच जयपुर-जोधपुर एक्सप्रेस समेत 4 ट्रेनें कैंसिल की गई हैं। वहीं 5 ट्रेनों को आंशिक रद्द किया गया है, 8 ट्रेनें बदले हुए रूट से चलेंगी, जबकि 4 ट्रेनों को रेगुलेट किया गया है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि जोधपुर-फुलेरा रेलखंड के बीच स्थित मेड़ता रोड स्टेशन यार्ड में रेलवे क्रॉसिंग संख्या 100 पर आरयूबी निर्माण के लिए ब्लॉक लिया जा रहा है। इस कारण इन ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। ये ट्रेनें रद्द रहेंगी ये ट्रेनें आंशिक रद्द रहेंगी ये ट्रेनें बदले हुए रूट से चलेंगी इन ट्रेनों को किया जाएगा रेगुलेट

