कानपुर में ट्रक चालक की पिटाई:सच्चेण्डी ढाबे पर मामूली बात पर मारपीट का वीडियो सामने आया
कानपुर के सच्चेण्डी थाना क्षेत्र स्थित तिवारी ढाबे पर बुधवार को मामूली सुबह करीब दस बजे बात को लेकर कुछ दबंगों ने एक ट्रक चालक की बेरहमी से पिटाई कर दी। घटना के दौरान ढाबे पर मौजूद लोगों ने मारपीट का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। ट्रक चालक ने थाने में दी तहरीर जानकारी के अनुसार, ट्रक चालक किसी काम से तिवारी ढाबे पर रुका हुआ था। इसी दौरान किसी मामूली बात को लेकर उसका कुछ लोगों से विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दबंगों ने ट्रक चालक को घेरकर लात-घूंसों और थप्पड़ों से बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। मारपीट के दौरान वहां मौजूद लोगों की भीड़ तमाशबीन बनी रही, जबकि कुछ लोगों ने पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मारपीट में घायल ट्रक चालक ने किसी तरह खुद को बचाते हुए डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सच्चेण्डी थाने का पुलिस बल मौके पर पहुंचा और पीड़ित को अपने साथ थाने ले गया। पुलिस ने घायल चालक से घटना की जानकारी लेने के बाद उसकी तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। क्या बोले थाना प्रभारी सच्चेण्डी थाना पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और पीड़ित की तहरीर के आधार पर आरोपितों की पहचान की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बारां शहर में बिजली के खंभे पर काम करते समय करंट लगने से एक संविदा कर्मचारी की मौत हो गई। घटना मंगलवार शाम को कोतवाली थाना क्षेत्र के समसपुर निवासी कमल प्रजापति (28) के साथ हुई। वह बिजली निगम की एफआरटी टीम में संविदा कार्मिक के तौर पर कार्यरत था। पुलिस के अनुसार, कमल प्रजापति मंगलवार शाम को श्योपुरियान की मस्जिद के पास एक बिजली के खंभे पर लाइन दुरुस्त कर रहा था। इसी दौरान उसे अचानक करंट का झटका लगा और वह बेकाबू होकर नीचे गिर गया। हादसे के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों और अन्य कर्मचारियों ने उसे तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। बुधवार सुबह बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण अस्पताल परिसर में एकत्रित हो गए। उन्होंने पीड़ित परिवार को आर्थिक मुआवजा और मृतक आश्रित को संविदा पर नौकरी दिलवाने की मांग करते हुए शव लेने से इनकार कर दिया। सूचना मिलने पर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों से समझाइश की। अधिकारियों ने उन्हें उचित मदद दिलवाने का आश्वासन दिया। काफी समझाने के बाद दोपहर करीब 12 बजे परिजन शव लेने को राजी हुए। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया और उनकी रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सरकारी खरीद में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से जयपुर में उद्यमी जागरूकता एवं विशेष विक्रेता विकास कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 280 से अधिक उद्यमियों को सरकारी खरीद प्रक्रिया, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं, वित्तीय सहायता और कारोबार बढ़ाने के अवसरों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का आयोजन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय के नेशनल एससी-एसटी हब और डिक्की राजस्थान चैप्टर की ओर से झालाना स्थित डॉ. अंबेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी में किया गया। कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, बैंकों और औद्योगिक संस्थानों के अधिकारियों ने हिस्सा लेकर उद्यमियों का मार्गदर्शन किया। सरकारी योजनाओं और खरीद प्रक्रिया की दी जानकारी कार्यक्रम का उद्घाटन एमएसएमई मंत्रालय की संयुक्त सचिव मर्सी एपाओ ने किया। इस दौरान एनएसआईसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एस.एस. आचार्य, डिक्की के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजीव डांगी, उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य रोलिंग स्टॉक इंजीनियर शशि किरण, नेशनल एससी-एसटी हब के महाप्रबंधक उमेश दीक्षित और राजस्थान-गुजरात प्रभारी कुलदीप सिंह राजपूत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। डिक्की राजस्थान चैप्टर के अध्यक्ष देवकीनंदन गोधा ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों से SC/ST उद्यमियों को सरकारी योजनाओं, बड़े उद्योगों और सरकारी खरीद प्रणाली से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने युवाओं, महिला उद्यमियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों से सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। पंजीकरण से लेकर बैंक ऋण तक मिली जानकारी तकनीकी सत्रों में उद्योग विभाग, सरकारी ऑनलाइन खरीद पोर्टल (GeM), भारतीय रेलवे, एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड, न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, भारतीय खाद्य निगम, राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंट्स लिमिटेड, सिपेट, भारतीय स्टेट बैंक और यस बैंक के विशेषज्ञों ने सरकारी खरीद नीति, विक्रेता पंजीकरण, ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया, गुणवत्ता मानकों, बैंक ऋण और वित्तीय सहायता से जुड़ी जानकारी दी। उद्यमियों के सवालों के जवाब भी दिए गए। मौके पर ही पंजीकरण की सुविधा कार्यक्रम स्थल पर उद्यमियों की सुविधा के लिए उद्यम पंजीकरण, सरकारी खरीद पोर्टल पर पंजीकरण, विक्रेता पंजीकरण और ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया के लिए सहायता केंद्र भी बनाया गया। यहां विशेषज्ञों ने मौके पर ही पंजीकरण और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई। कार्यक्रम में जयपुर और आसपास के जिलों से 280 से अधिक SC/ST उद्यमियों, महिला उद्यमियों, स्टार्टअप, स्वयं सहायता समूहों और युवा उद्यमियों ने भाग लिया। आयोजकों ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से उद्यमियों को सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों और वित्तीय संस्थानों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलता है, जिससे उन्हें कारोबार बढ़ाने और सरकारी खरीद में अधिक भागीदारी का मौका मिल सके।
रीवा की गुढ़ विधानसभा क्षेत्र में एक बार फिर हाथियों का दल आबादी वाले गांवों तक पहुंच गया है। लगातार हो रही आवाजाही से ग्रामीणों में डर का माहौल है। मंगलवार को हाथियों ने धुअर गांव में एक मकान को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के दौरान परिवार के लोगों ने किसी तरह घर से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। भाजपा विधायक नागेंद्र सिंह ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार को हाथियों के झुंड ने धुअर गांव में ग्रामीण राजू सिंह के मकान को नुकसान पहुंचाया। मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। परिवार के सदस्य समय रहते बाहर निकल गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, मकान टूटने से परिवार को भारी नुकसान हुआ है। कई गांवों में है मूवमेंटगुढ़ विधायक नागेंद्र सिंह ने बताया कि करियाझर, दुआरी, बधवार, टीकर सहित कई गांवों में हाथियों का लगातार मूवमेंट बना हुआ है। शाम होते ही ग्रामीणों में दहशत फैल जाती है। लोग घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं। किसान भी खेतों में काम करने और मवेशी चराने जाने से घबरा रहे हैं। विधायक ने आरोप लगाया कि वन विभाग को पहले से हाथियों की गतिविधियों की जानकारी थी, लेकिन ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी इंतजाम नहीं किए गए। उन्होंने प्रभावित परिवार को तत्काल मुआवजा देने और हाथियों को आबादी से दूर रखने के लिए स्थायी योजना बनाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से हाथियों का दल लगातार क्षेत्र में घूम रहा है। इससे फसलों और मकानों को नुकसान का खतरा बना हुआ है। लोगों ने वन विभाग से प्रभावित गांवों में निगरानी बढ़ाने, समय-समय पर मुनादी कराने और हाथियों की मौजूदगी की जानकारी तुरंत देने की मांग की है। वन विभाग ने कहा- निगरानी जारी है वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाथियों के दल पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रभावित गांवों में वन अमला तैनात है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर वापस भेजने का प्रयास किया जा रहा है। विभाग के अनुसार, धुअर गांव में मकान को हुए नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। नियमानुसार प्रभावित परिवार को सहायता देने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि हाथियों के पास न जाएं, उन्हें उकसाने की कोशिश न करें और हाथियों की सूचना तुरंत वन विभाग को दें।
मध्य प्रदेश भाजपा की नई प्रदेश कार्यसमिति की पहली बैठक से पहले निवाड़ी जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। वीआईपी मूवमेंट और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए ओरछा नगर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। कलेक्टर जमुना भिड़े, एसपी डॉ. रायसिंह नरवरिया, सीईओ रोहन सक्सेना, नगर परिषद सीएमओ और पर्यटन व पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने पुलिस टीम के साथ ओरछा का दौरा किया। इस दौरान हरदौल बैठका, फूलबाग और मुख्य बाजार सहित कई प्रमुख मार्गों पर कार्रवाई की गई। करीब 12 फुटकर दुकानदारों को हटाया अभियान के तहत सड़क किनारे व्यवसाय कर रहे दो दर्जन से अधिक फुटकर दुकानदारों को हटाया गया। प्रशासन का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना, जाम की स्थिति से बचना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। यह कार्रवाई आज और कल ओरछा में आयोजित होने वाली भाजपा प्रदेश कार्यसमिति बैठक के दौरान बड़ी संख्या में वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों के आगमन को देखते हुए की गई है। प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के नेताओं तथा मंत्रियों के गुजरने वाले मार्गों को व्यवस्थित किया जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष कार्यकाल की पहली कार्यसमिति बैठक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के कार्यकाल की यह पहली कार्यसमिति बैठक होगी, जिसका आयोजन ओरछा के राजमहल होटल में किया जाएगा। बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा के साथ-साथ आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों की रणनीति पर भी मंथन होगा। सूत्रों के अनुसार, इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व सहित कई वरिष्ठ नेताओं को आमंत्रित किया गया है। बड़ी संख्या में प्रदेश पदाधिकारी, सांसद, विधायक और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल होंगे। इसी को देखते हुए प्रशासन सुरक्षा, ट्रैफिक, सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है।
शामली जनपद के झिंझाना थाना क्षेत्र का एक परिवार अपने बेटे की हत्या के मामले में न्याय की गुहार लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा। परिजनों ने बेटे के दोस्त पर योजनाबद्ध तरीके से घर से बुलाकर हत्या करने और उसे दुर्घटना का रूप देने का आरोप लगाया है। यह मामला झिंझाना कस्बे का है। पीड़ित परिवार के अनुसार, 12 जून को उनके बेटे समीर को उसके दोस्त अजीम पुत्र याकूब ने व्हाट्सएप कॉल और मैसेज करके घर से बुलाया था। ये कॉल और मैसेज समीर के फोन में सुरक्षित हैं। इसके बाद समीर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने घटना के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने इसे दुर्घटना मानकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था और आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। अब परिवार ने एसपी कार्यालय में शिकायत पत्र देकर आरोप लगाया है कि अजीम ने ही योजना बनाकर समीर को बुलाया और उसकी हत्या कर दी, जिसे बाद में दुर्घटना दिखाया गया। उंगली और पैर की हड्डी टूटी पीड़ितों ने बताया कि समीर के हाथ की उंगली और पैर की हड्डी भी टूटी हुई थी। उनका मानना है कि अगर पुलिस अजीम से पूछताछ करती है, तो वह पूरे मामले का खुलासा कर देगा। इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक ने सीओ कैराना को जांच सौंप दी है और उचित वैधानिक कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
लखीमपुर खीरी के भीरा थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। बरमबाबा के पास 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन का तार टूटकर गन्ने के खेत में गिर गया, जिसकी चपेट में आने से एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई और दूसरी गंभीर रूप से झुलस गई। इस घटना के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है। मृतक महिला की पहचान चूरा टांडा निवासी पिंकी देवी पत्नी सूरज पाल सिंह के रूप में हुई है। सिसैया टांडा निवासी सुदामा देवी पत्नी रामऔतार इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई हैं। दोनों महिलाएं खेत में घास काट रही थीं, तभी ऊपर से गुजर रहा जर्जर और झूलता हुआ 11 हजार वोल्ट का तार अचानक टूटकर उन पर गिर गया। करंट लगने से पिंकी देवी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर भाजपा नेता व समाजसेवी विमल सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने घायल सुदामा देवी को अपने निजी वाहन से बिजुआ सीएचसी पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत के चलते उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही थानाध्यक्ष अमित पांडेय और बिजुआ चौकी इंचार्ज सुशील तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। मृतका पिंकी देवी के दो बेटियां और एक बेटा है। घायल सुदामा देवी के दो बेटियां और दो बेटे हैं। इस दुखद घटना के बाद दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है और परिजन बिलख-बिलखकर रो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में बिजली के तार कई सालों से जर्जर हालत में हैं और इस संबंध में कई बार शिकायतें भी की गई थीं, लेकिन विद्युत विभाग ने कोई सुधार कार्य नहीं किया। ग्रामीणों ने मृतका के परिजनों को उचित मुआवजा और घायल महिला के मुफ्त इलाज की मांग की है।
अयोध्या में युवती लापता:पिता बोले- 20 दिन हो गए, पुलिस ने नहीं दर्ज की FIR
अयोध्या जिले के इनायत नगर थाना क्षेत्र से एक युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। परिजनों ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि घटना के 20 दिन बीत जाने के बाद भी नामजद आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। युवती के पिता ने 8 जुलाई 2026 बुधवार को बताया कि 14 जून 2026 की रात करीब दो बजे अपने घर से अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने पूरी रात और अगले दिन तक उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। 15 जून की सुबह युवती के पिता को पता चला कि पड़ोसी गांव का एक युवक उनकी बेटी को अपने साथ ले गया है। इसके बाद पिता तत्काल थाना कोतवाली इनायत नगर पहुंचे और आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने मुकदमा दर्ज करने और बेटी की बरामदगी की मांग की। हालांकि, शिकायत दिए हुए 20 दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस ने अब तक न तो आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है और न ही युवती की बरामदगी के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई की है। पीड़ित पिता का आरोप है कि जब भी वे थाने पहुंचकर जानकारी लेते हैं, तो पुलिसकर्मी कभी विवेचक के बाहर होने की बात कहकर तो कभी उनके थाने पर मौजूद न होने का बहाना बनाकर टाल देते हैं। परिवार लगातार थाने के चक्कर लगा रहा है, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है, जिससे वे चिंता और मानसिक तनाव में हैं। इस संबंध में थाना कोतवाली इनायत नगर के प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह ने बताया कि संभवतः गुमशुदगी दर्ज की गई होगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है, तो मामले को तत्काल दिखवाकर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी।
टोंक के नगरफोर्ट थाना क्षेत्र में बॉर्डर एरिया बूंदी के एक गांव के पूर्व सरपंच पर चोरी का आरोप लगाते हुए लोगों ने उसे पकड़ लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि वह रायपुरिया गांव में एक मकान से बाइक चुराने की कोशिश कर रहा था। गुस्साए लोगों ने उसकी पिटाई की, कपड़े उतरवाकर कैंची से उसके बाल काट दिए और बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व सरपंच पर पहले भी कई चोरी की वारदातों में शामिल रहने के आरोप लग चुका हैं और वह कई बार पकड़ा जा चुका है। फिलहाल नगरफोर्ट पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। घटना रायपुरिया गांव में 5 जुलाई को हुई, जिसका वीडियो अब सामने आया है। पढ़ें… पूरा घटनाक्रम 1. बाइक चोरी करते हुए ग्रामीणों ने पकड़ा जानकारी के अनुसार, नगरफोर्ट थाना (टोंक) क्षेत्र के रायपुरिया गांव में बूंदी के बामनगांव (नैनवां सर्किल क्षेत्र) के पूर्व सरपंच अनिल बाल्मिक (30) को एक मकान से बाइक चुराते समय ग्रामीणों ने पकड़ लिया। गुस्साए लोगों ने उसकी पिटाई की, कपड़े उतरवाकर कैंची से उसके सिर के बाल काट दिए और बाद में उसे नगरफोर्ट पुलिस के हवाले कर दिया। 2. सरपंची खत्म होने के बाद चोरी के आरोप अनिल बाल्मिक वर्ष 2015 से 2020 तक बामनगांव ग्राम पंचायत का सरपंच रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, पद से हटने के बाद वह लगातार चोरी की वारदातों में शामिल रहा है। उनका कहना है कि वह शराब का आदी है और सरपंची का कार्यकाल समाप्त होने के बाद चोरी करने लगा। 3. पहले भी कई बार पकड़ा जा चुका है करीब एक साल पहले चोरी के मामले में ग्रामीणों ने पीछा कर आरोपी पूर्व सरपंच को टोंक से पकड़ा था। मोबाइल बरामद कर नैनवां पुलिस को सौंप दिया था। तलाशी में उसके पास से बटनदार चाकू भी मिला था, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जमानत पर छूटने के बाद वह फिर चोरी करने लगा। कुछ दिन पहले बूंदी जिले के नैनवां क्षेत्र के कोलाहेड़ा गांव में भी उसे चोरी करते हुए पकड़ा गया था, जहां ग्रामीणों ने उसे रस्सियों से बांधकर पीटा गया था।
बालाघाट: ग्रामीणों ने शराब से भरा वाहन पकड़ा:महाराष्ट्र नंबर का वाहन जब्त, चालक-साथी फरार
बालाघाट जिले के बहेला थाना क्षेत्र के मिरिया टेकेपार गांव में ग्रामीणों ने शराब से भरा एक वाहन पकड़ा है। यह वाहन गांव में शराब की आपूर्ति के लिए लाया जा रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और वाहन को जब्त कर लिया। वाहन में करीब 12 से 14 पेटी देशी सादा, मसाला और अंग्रेजी शराब बताई जा रही है। वाहन का नंबर महाराष्ट्र का है। ग्रामीणों द्वारा वाहन पकड़े जाने के बाद उसका चालक और एक साथी मौके से फरार हो गए। बरामद वाहन में एक रजिस्टर भी मिला है, जिसमें शराब बेचने वालों के नाम और मोबाइल नंबर दर्ज हैं। कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच किसी बात को लेकर बहस होने की बात भी सामने आई है, जिसका एक वीडियो भी वायरल हुआ है। इस संबंध में बहेला थाना प्रभारी से जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। जिला पंचायत सदस्य ज्योति उमरे ने बताया कि ग्रामीणों ने सुबह शराब ला रहे वाहन को पकड़ा था। उन्होंने मौके पर पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। उमरे ने आरोप लगाया कि शराब माफिया और उनके गुंडे अब क्षेत्र के जागरूक युवाओं और ग्रामीणों पर हाथ उठाने तथा गुंडागर्दी करने की हिम्मत कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि लांजी क्षेत्र में किसी भी माफिया या उनके गुंडों की दादागिरी नहीं चलने दी जाएगी। उन्होंने अपराधियों पर तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस ने भारी हंगामे के बीच वाहन और शराब को जब्त कर लिया है। यह शराब जिले के शराब कारोबारी के माध्यम से लाई जा रही थी या अन्य जगह से, यह अभी साफ नहीं है। इस मामले में पुलिस से विस्तृत जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।
चंडीगढ़ में ड्रंकन ड्राइव के नाके पर रविवार रात फारच्यूनर सवार तीन युवकों ने जमकर हंगामा किया थीा। इस दौरान वह नशे में टली थी। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें अरेस्ट कर अदालत में पेश किया था। जिसमें कोर्ट के बाद कोर्ट ने आरोपी युवको का दस हजार रुपए का जुर्माना लगाया, तीन महीने के लाइसेंस सस्पेंड और चार दिन तक रोजाना दो घंटे चौहरों पर ट्रैफिक पुलिस के साथ ट्रैफिक संभालने के ाअदेश दिए थे। आज युवक सेक्टर सेक्टर-16 मटका चौक पर पहुंचे थे । इनहेंने हााथ में बैनर लिए हुए थे। जिस पर लिखा हुआ था डोंट ड्रिक एंड डाइव । हालांकि वह इस दौरान जींस और शर्ट पहनकर पहुंचे थे। जैसे मीडियो को पता चला तो काफी लोग वहां पर पहुंच गए। हमने ड्रिंक की थी, यह तो फारमेल्टी है युवक ने बताया, “हमने ड्रिंक की हुई थी। हमें नाके पर रोका गया था। वहीं यह सब हुआ। बाकी आपको पता ही है कि कानूनी औपचारिकताएं होती हैं।” जब उससे पूछा गया कि अदालत ने उसे सजा भी सुनाई है और उसके हाथ में जो तख्ती है, उस पर डॉट ड्रिंक एंड ड्राइव लिखा है, इस पर वह क्या कहना चाहेगा? इस पर युवक ने कहा, मैं यही कहना चाहूंगा कि ड्रिंक करके ड्राइव नहीं करनी चाहिए। इससे सिर्फ दूसरों का ही नहीं, अपना भी नुकसान हो सकता है। हम भी लोगों को इसके प्रति जागरूक कर रहे हैं । युवकों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए अन्य लोगों को संदेश दिया है कि शराब पीकर गाड़ी नहीं चलानी चाहिए क्योंकि इससे दूसरों का और खुद का भी नुकसान होता है। उन्होंने इस घटना को केवल एक औपचारिकता (फॉर्मेलिटी) है। ड्रंकन ड्राइव नाके पर रोकी फॉर्च्यूनर बीते रविवार आधी रात सेक्टर-34/35 की डिवाइडिंग रोड पर लगे ड्रंकन ड्राइव नाके पर पुलिस ने फॉर्च्यूनर को जांच के लिए रोका। गाड़ी में तीन युवक सवार थे। इनमें से दो युवक शराब के नशे में थे और पुलिस कार्रवाई का विरोध करने लगे। कभी चालान काटने, कभी गाड़ी इम्पाउंड करने और कभी वीडियो बनाने को लेकर वे पुलिसकर्मियों से बहस करते रहे। मौके पर मौजूद महिला मार्शल सुखजीत कौर समेत अन्य पुलिसकर्मियों और राहगीरों ने उन्हें शांत कराने की कोशिश की, लेकिन दोनों किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हुए। करीब तीन घंटे तक सड़क पर हंगामा चलता रहा। इसके बाद सेक्टर-36 थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस टीम के आने के बाद भी दोनों युवक नहीं माने और पुलिस की गाड़ी में बैठने को लेकर भी बहस करने लगे। पुलिस ने दोनों को सीआरपीसी की धारा 107/151 के तहत गिरफ्तार कर हवालात में बंद कर दिया। आरोपियों की पहचान समराला (लुधियाना) निवासी गौरव अरोड़ा और लवजोत सिंह गौसल के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार लवजोत गाड़ी चला रहा था और उसके शरीर में शराब की मात्रा 238 एमजी पाई गई। तीसरा युवक नशे में नहीं था और उसने पुलिस से सामान्य तरीके से बात की। जज ने वीडियो देख जताई नाराजगी दोनों आरोपी अपनी इम्पाउंड गाड़ी छुड़वाने के लिए सीजेएम कोर्ट पहुंचे। ट्रैफिक पुलिस की महिला मार्शल सुखजीत कौर भी कोर्ट में मौजूद रहीं। उन्होंने रात 10 बजे से सुबह 3 बजे तक हुई पूरी घटना की वीडियो अदालत में दिखाई। वीडियो देखने के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों के व्यवहार पर नाराजगी जताई और उन्हें फटकार लगाई। अदालत ने दोनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और उनके ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित करने के आदेश दिए।
चंदौली के कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को प्रदेश सरकार के स्वतंत्र प्रभार मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बेसिक तथा माध्यमिक शिक्षा विभाग में तैनात 20 शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा के स्मार्ट कार्ड के प्रतीक भेंट किए। इस अवसर पर मंत्री जायसवाल ने दावा किया कि प्रदेश सरकार ने शिक्षकों, शिक्षामित्रों और आंगनबाड़ियों के हितों के लिए कैशलेस चिकित्सा प्रणाली लागू की है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के लागू होने के बाद आगामी दिनों में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने बताया कि कैशलेस चिकित्सा प्रणाली लागू होने के बाद शिक्षक समाज के निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे, क्योंकि अब उनके स्वास्थ्य की चिंता प्रदेश सरकार कर रही है। मंत्री ने यह भी कहा कि वर्तमान परिवेश में बेसिक के अलावा माध्यमिक शिक्षा के स्कूलों में काफी बदलाव देखने को मिला है। शिक्षकों की कार्यप्रणाली और संसाधन अब आधुनिकता की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने इन सभी व्यवस्थाओं को केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का परिणाम बताया। एक सवाल के जवाब में मंत्री जायसवाल ने राम मंदिर पर सवाल उठाने वाले सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव कभी जामा मस्जिद और चर्च की चर्चा नहीं करते, क्योंकि वह 'लूंगी और टोपी वालों' को खुश रखना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव अपने कार्यकाल के दौरान कब्रिस्तान की बाउंड्री करा रहे थे। मंत्री ने यह भी कहा कि राम मंदिर का चढ़ावा चोरी करने वालों को सरकार बख्शेगी नहीं और उन्हें सख्त सजा दिलाई जाएगी। इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग, मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साई, बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार, सैयदराजा विधायक प्रतिनिधि सुशील सिंह जनौली सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
बीजापुर स्थित इंद्रावती टाइगर रिजर्व में छत्तीसगढ़ के राजकीय पशु वन भैंसा का एक झुंड प्राकृतिक आवास में विचरण करता देखा गया। इंद्रावती टाइगर रिजर्व वन भैंसा संरक्षण का प्रमुख केंद्र रहा है। वन भैंसों की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि यहां का प्राकृतिक वातावरण उनकी प्रजाति के लिए अनुकूल बना हुआ है। हिमालयी गिद्ध की मौजूदगी भी दर्ज रिजर्व में विलुप्ति की कगार पर खड़े हिमालयी गिद्ध की भी मौजूदगी दर्ज की गई है। यह दुर्लभ पक्षी मृत पशुओं के अवशेषों को साफ कर पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी मौजूदगी को संरक्षण प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। गश्त, कैमरा ट्रैप और निगरानी का मिला परिणाम वन विभाग की लगातार गश्त, निगरानी, कैमरा ट्रैप और प्राकृतिक आवास संरक्षण के प्रयासों का सकारात्मक असर अब दिखाई देने लगा है। अधिकारियों के अनुसार, वन्यजीवों के सुरक्षित आवास और प्रभावी संरक्षण के कारण इंद्रावती टाइगर रिजर्व में जैव विविधता लगातार मजबूत हो रही है। विशेषज्ञों ने बताया सकारात्मक संकेत वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, वन भैंसा और हिमालयी गिद्ध जैसी दुर्लभ प्रजातियों की मौजूदगी बेहतर पारिस्थितिकी और सफल संरक्षण प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है।
सीतापुर में पेड़ से टकराकर खाई में पलटी कार:एयरबैग खुलने से डॉक्टर और उनकी मां सुरक्षित
सीतापुर के तालगांव थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात करीब 1:30 बजे एक बड़ा सड़क हादसा उस समय टल गया, जब तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराने के बाद खाई में पलट गई। हादसे में कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन समय पर एयरबैग खुल जाने से कार सवार डॉक्टर और उनकी मां की जान बच गई। दोनों को मामूली चोटें आईं है। जानकारी के अनुसार, घटना रात करीब 1:30 बजे बेनीरामा पुल के पास स्थित मोड़ पर हुई। डॉ. अशोक यादव निवासी दंडपुरवा मजरा शेखनापुर, थाना लहरपुर अपनी मां का इलाज कराने के लिए लखनऊ के मेदांता अस्पताल गए थे। इलाज के बाद वह अपनी मां के साथ ग्रांड विटारा कार (UP34 CD 9647) से वापस सीतापुर लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि रात अधिक होने और लगातार सफर करने के कारण बेनीरामा पुल के पास मोड़ पर चालक डॉ. अशोक यादव को अचानक नींद की झपकी आ गई। इससे कार का संतुलन बिगड़ गया और वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराया। टक्कर इतनी तेज थी कि कार पलट गई और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के दौरान कार में लगे सभी एयरबैग तुरंत खुल गए। एयरबैग ने चालक और उनकी मां को गंभीर चोट लगने से बचा लिया। स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और दुर्घटना की जानकारी ली। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि कार में एयरबैग न होते तो हादसा गंभीर रूप ले सकता था। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कार को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र स्थित गांधीग्राम में बुधवार सुबह एक मौरंग लदा ट्राला अनियंत्रित होकर पलट गया। त्रिमूर्ति मंदिर के पास हुई इस घटना में एक स्टार्ट वैन ट्राले की चपेट में आकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। वैन चालक के कुछ सेकंड पहले चाय पीने उतर जाने से उसकी जान बच गई। यह घटना सुबह करीब नौ बजे हुई, जब ट्राला मौरंग उतार रहा था। अचानक ब्रेक प्रेशर फेल होने के कारण ट्राला अनियंत्रित होकर पलट गया। गांधीग्राम निवासी वैन चालक राजेश गुप्ता ने बताया कि उन्होंने मंगलवार को वैन का इंजन बनवाया था, बुधवार की सुबह अपनी वैन सड़क किनारे स्टार्ट खड़ी की थी और पास की दुकान पर चाय पीने चले गए थे। इसी दौरान ट्राला पलट गया और उनकी वैन को अपनी चपेट में ले लिया। उन्होंने बताया कि कुछ सेकेंड पहले ही वह वैन से उतरे थे, अगर वह वाहन के अंदर होते तो बड़ा हादसा हो सकता था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्राला पलटते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। घटना के बाद ट्राला चालक मौके से फरार हो गया। इस हादसे के कारण रामादेवी से टाटमील जाने वाले मार्ग पर लंबा जाम लग गया, जिससे सैकड़ों वाहन फंसे रहे। सूचना मिलने पर चकेरी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहन को हटवाने के साथ मामले की जांच शुरू कर दी। काफी मशक्कत के बाद यातायात सामान्य करवाया जा सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की लापरवाही के कारण अक्सर दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। थाना प्रभारी अजय प्रकाश ने बताया कि फरार ट्राला चालक की तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बाराबंकी में आगामी मानसून की दस्तक और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया है। घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है, जो बुधवार दोपहर 12 बजे तक प्रति घंटे 1 सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा था। हालांकि, केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, नदी अभी भी खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही है। कुछ दिन पहले ही प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जिले का दौरा कर बाढ़ परियोजनाओं और तैयारियों का जायजा लिया था। उनके दिशा-निर्देशों के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अपर जिलाधिकारी (एडीएम) निरंकार सिंह ने बताया कि जनपद की तीन तहसीलें रामनगर, सिरौलीगौसपुर और रामसनेहीघाट मुख्य रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आती हैं। एडीएम ने आगे बताया कि इन सभी तहसीलों में बाढ़ चौकियां और कार्यालय स्थापित कर अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। राहत सामग्री के टेंडर भी समय पर पूरे कर लिए गए हैं। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद संवेदनशील इलाकों का स्थलीय निरीक्षण भी किया जा चुका है और पाई गई कमियों को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की तैयारियां पूरी हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. रंजन गौतम ने जानकारी दी कि बाढ़ के दौरान फैलने वाली बीमारियों और चिकित्सा व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। आवश्यकता वाले इलाकों में समय पर एंबुलेंस और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा सकें, इसके लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, बाढ़ के दौरान सर्पदंश और पानी से होने वाली बीमारियों के खतरे से निपटने के लिए ब्लीचिंग पाउडर, टैबलेट और आवश्यक दवाओं की एक विशेष मेडिकल किट तैयार कराई गई है। साथ ही, वर्तमान में चल रहे 'दस्तक अभियान' के माध्यम से स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे हैं, ताकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हर नागरिक तक सही समय पर चिकित्सीय लाभ पहुंचाया जा सके।
ओवरटेक विवाद में इको चालक से मारपीट:वैगनआर सवार ने परिजनों संग पीटा, यातायात बाधित हुआ
आगरा के रामबाग-टेड़ी बगिया मार्ग पर मंगलवार रात एक बजे ओवरटेक विवाद में इको वाहन चालक से मारपीट की गई। वैगनआर कार सवार और उसके परिजनों ने चालक को बीच सड़क पर पीटा, जिससे यातायात बाधित हुआ। यह घटना रात करीब 10 बजे हुई। पीड़ित इको चालक का आरोप है कि वैगनआर कार सवार ने पहले ओवरटेक किया और फिर गाली-गलौज शुरू कर दी। जब चालक ने इसका विरोध किया, तो कार सवार ने अपने परिजनों के साथ मिलकर उसे घेर लिया। महिलाओं और पुरुषों सहित कई लोगों ने मिलकर इको चालक के साथ मारपीट की। इस घटना के कारण व्यस्त मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित हुआ। किसी तरह भीड़ से बचकर चालक पास की फाउंड्री नगर पुलिस चौकी पहुंचा और घटना की जानकारी दी। मारपीट के कई वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें कुछ लोग इको चालक के साथ हाथापाई करते दिख रहे हैं। यह घटना पुलिस चौकी से चंद कदमों की दूरी पर हुई। मामले में एत्माद्दौला प्रभारी देवेंद्र दुबे ने बताया कि इको चालक और कार सवार के बीच आपसी विवाद हुआ था। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस मामले में किसी भी पक्ष की ओर से अभी तक कोई तहरीर नहीं दी गई है। दोनों पक्षों के बीच आपसी राजीनामे की बात चल रही है, और यदि कोई पक्ष तहरीर देता है तो आवश्यक कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
शहर के कोतवाली इलाके में लूट का मामला सामने आया है। धनिया व्यापारी के लिए काम करने वाले युवक से कलेक्शन का पैसा लूटकर तीन बदमाश फरार हो गए। उन्होंने युवक की आंखों में मिर्ची झोंकी और 15 लाख से भरा बैग लेकर भाग गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मिली जानकारी के अनुसार राजस्थान के बीकानेर जिले के रहने वाले वासुदेव शर्मा वर्तमान में शहर की बड़ा जैन मंदिर गली में रहते हैं। वह कुंभराज के एक धनिया व्यापारी के लिए काम करते हैं। मंगलवार शाम वह पचोर से कलेक्शन कर अपने घर आ गए थे। बुधवार सुबह लगभग 10:30 बजे वह अपने घर से कुंभराज जाने के लिए निकले थे। बैग में 15 से 17 लाख रुपए नगदी थे। जैसे ही वह पायगा मोहल्ले के पास शीतला माता मंदिर के सामने पहुंचे, तभी सामने से तीन बदमाश बाइक पर आए और उनकी आंखों में मिर्ची झोंक दी और रुपयों से भरा बैग लेकर फरार हो गए। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। प्रभारी CSP आनंद राय भी मौके पर पहुंचे और मुआयना किया। लूट की वारदात को अंजाम देते बदमाश CCTV में भी कैद हो गए। प्रभारी CSP ने बताया कि फरियादी पेमेंट को कुंभराज देने जाने के लिए निकला था। शीतला माता मंदिर के पास यह घटना हुई है। अभी तीन आरोपी दुख रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सीएम मोहन यादव आज पीथमपुर में:लियुगोंग इंडिया, किसान इरिगेशन के नए प्लांट्स का भूमिपूजन करेंगे
मध्य प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र पीथमपुर में आज औद्योगिक विस्तार और निवेश का नया अध्याय जुड़ेगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर-3 के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री दो प्रमुख कंपनियों— 'लियुगोंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' और 'किसान इरिगेशन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड' के नवीन विनिर्माण संयंत्रों का भूमिपूजन करेंगे। प्रशासन और उद्योग जगत ने इस महत्वपूर्ण आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सबसे पहले पीथमपुर सेक्टर-3 स्थित लियुगोंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के परिसर पहुंचेंगे। कंपनी यहां अपनी विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के लिए एक नई इकाई स्थापित कर रही है। इस आयोजन में लियुगोंग द्वारा निर्मित भारी मशीनों का उपयोग करने वाले देशभर के 300 से अधिक बड़े खरीदार और प्रतिष्ठित उद्यमी शामिल होने के लिए पीथमपुर पहुंच रहे हैं। इस नए प्लांट के शुरू होने से बुनियादी ढांचा और निर्माण क्षेत्र में उपयोग होने वाली आधुनिक भारी मशीनों का उत्पादन मध्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर हो सकेगा। इसके बाद मुख्यमंत्री सागौर रोड पर 'किसान इरिगेशन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड' की पांचवीं अत्याधुनिक विनिर्माण इकाई की आधारशिला रखेंगे। सन 1982 में दूरदर्शी उद्यमी श्री रमेश अग्रवाल द्वारा स्थापित यह कंपनी पिछले चार दशकों से भारत के जल बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है। इस परियोजना के अंतर्गत कंपनी द्वारा कुल 80 करोड़ रुपये का निवेश नियोजित किया गया है, जिसके प्रथम चरण में 45 करोड़ रुपये का निवेश सफलतापूर्वक किया जा चुका है। यह नया प्लांट मुख्य रूप से डबल वॉल कोरुगेटेड (DWC) पाइप्स और ओरिएंटेड पीवीसी पाइप्स जैसे उन्नत तकनीकी उत्पादों का निर्माण करेगा, जिससे क्षेत्र के 500 से अधिक स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। पीथमपुर में पहले से ही तीन सफल इकाइयां चला रही किसान इरिगेशन के प्रबंधन का कहना है कि राज्य की 'Ease of Doing Business' नीति और मुख्यमंत्री के प्रगतिशील नेतृत्व के कारण ही उन्होंने पांचवें प्लांट के लिए दोबारा पीथमपुर को चुना है। आज होने वाले भूमिपूजन समारोह के बाद मुख्यमंत्री अधिकारियों और उद्योगपतियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक भी करेंगे, जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि पीथमपुर के बुनियादी ढांचे और सीवरेज सिस्टम के लिए सरकार आज किसी बड़े विकास पैकेज की घोषणा कर सकती है।
पीलीभीत में सड़क हादसे में घायल युवक की मौत:इलाज के दौरान दम तोड़ा, सबसे छोटा बेटा था
पीलीभीत सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए 22 वर्षीय युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई। युवक ने जिला अस्पताल में दम तोड़ा। इस घटना से परिजनों में कोहराम मच गया है। जानकारी के अनुसार, बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र के उगनपुर मरौरी गांव निवासी सुरजीत कुमार (22), पुत्र संतोष कुमार, 6 जुलाई को मोटरसाइकिल पर सवार होकर किसी काम से गए थे। वापस लौटते समय गांव के पास ही एक तेज रफ्तार कार ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि सुरजीत सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे के तुरंत बाद घायल सुरजीत को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा था। मंगलवार और बुधवार की मध्य रात्रि करीब 12:30 बजे उपचार के दौरान सुरजीत ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि सुरजीत छह भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। परिवार पर यह दूसरी बड़ी विपत्ति है, क्योंकि कुछ समय पहले सुरजीत के एक बड़े भाई की भी सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी। सुरजीत पेशे से टायर मिस्त्री का काम करते थे और परिवार की आर्थिक मदद करते थे। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। बीसलपुर थाना अध्यक्ष संजीव कुमार शुक्ला ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार कार चालक की तलाश जारी है।
महिला ने युवक पर छेड़छाड़, मारपीट का आरोप लगाया:पुलिस पर शिकायत न लिखने का आरोप, SP ऑफिस पहुंची
डिंडौरी में समनापुर विकासखंड के ग्राम रहंगी की एक महिला ने गांव के युवक पर छेड़छाड़ और मारपीट का आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि अमरपुर पुलिस ने उसकी शिकायत दर्ज नहीं की। इसके बाद वह बुधवार को जिला पंचायत अध्यक्ष रुदेश परस्ते के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच के लिए पुलिस चौकी को शिकायत भेजी है। महिला ने अपने आवेदन में बताया कि 4 जुलाई को वह मजदूरी का काम खत्म कर घर लौट रही थी। इसी दौरान गांव के युवक राकेश पिता प्रेम सिंह ने उसे रास्ते में रोक लिया। महिला का आरोप है कि राकेश ने उसके साथ गाली-गलौज की, हाथ पकड़कर छेड़छाड़ की और उसे जमीन पर गिराने का प्रयास किया। महिला के शोर मचाने पर उसका पति मौके पर पहुंचा, जिसके बाद आरोपी वहां से भाग गया। महिला के अनुसार, घटना के बाद वह और उसका पति पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि, आरोपी पक्ष के परिजनों ने गांव में ही समझौता करने का आश्वासन देकर उन्हें रोक लिया। बाद में महिला को पता चला कि आरोपी पक्ष ने पहले ही पुलिस में उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी है। शिकायतकर्ता महिला का आरोप है कि 6 जुलाई को वह अपने पति के साथ अमरपुर चौकी पहुंची, लेकिन उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई और उन्हें चौकी से भगा दिया गया। इसके बाद न्याय की उम्मीद में वह 8 जुलाई को डिंडौरी स्थित एसपी कार्यालय पहुंची। इस संबंध में जिला पंचायत अध्यक्ष रुदेश परस्ते ने बताया कि जब उन्होंने पीड़िता की शिकायत देखकर चौकी प्रभारी संतोष यादव को फोन किया, तो चौकी प्रभारी ने उनसे कहा कि कार्यवाही तो हो चुकी है, जहां लगे आपको शिकायत करें। परस्ते ने चौकी प्रभारी पर अभद्रता का आरोप लगाया। वहीं, चौकी प्रभारी संतोष यादव ने बताया कि एक दिन पहले ही महिला और उसके पति के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज की गई थी। उन्होंने पीड़िता को शिकायत देने और जांच करवाने के लिए कहा था, लेकिन वह सीधे एफआईआर दर्ज करवाने की मांग पर अड़ी थी। चौकी प्रभारी के अनुसार, शिकायत पत्र पर जांच की जाएगी।
सोशल मीडिया और एक पॉडकास्ट के दौरान इस्लाम व पैगंबर मोहम्मद साहब पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने को लेकर मुस्लिम समाज ने विरोध जताया है। समाज के लोगों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर इसकी शिकायत दी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नाजिया इलाही खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है समाज के लोगों ने आरोप लगाया गया कि नाजिया इलाही खान ने सोशल मीडिया पर ऐसे बयान दिए हैं, जिनसे पैगम्बर मोहम्मद की शान में आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। इन कथित बयानों से सामाजिक सौहार्द्र प्रभावित होने और विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलने की आशंका है। धार्मिक भावनाएं आहत हुई ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि नाजिया इलाही खान ने स्वयं को सनातनी बताते हुए ऐसे बयान दिए, जिनसे दो समुदायों के बीच शत्रुता और तनाव का वातावरण उत्पन्न हो सकता है। इसके अलावा, उन्होंने कथित रूप से अजमेर स्थित दरगाह के संबंध में भी आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। कठोर कार्रवाई की मांग शिकायतकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर नाजिया इलाही खान के विरुद्ध कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए विधिसम्मत एवं कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनी रहे। पढें ये खबर भी… सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नाजिया खान को पानीपत कोर्ट से नोटिस:27 जुलाई को होना होगा पेश; पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी का आरोप
छत्तीसगढ़ के धमतरी में इंसानियत की मिसाल देखने को मिली। मोबाइल फोन नहीं होने के बावजूद एक रिक्शा चालक ने अपने बेसुध दोस्त को ठेलेनुमा रिक्शे में लादकर जिला अस्पताल पहुंचाया। मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे हुई इस घटना को देखकर अस्पताल में मौजूद लोग भी हैरान रह गए। जानकारी के अनुसार, आमापारा निवासी संतोष सोनवानी मेडिकल सामान पहुंचाने का काम करते हैं। मंगलवार को वे रत्नाबांधा शराब दुकान के पास थे। इसी दौरान उनकी नजर अपने दोस्त विक्की पर पड़ी, जो बेसुध हालत में सड़क किनारे पड़ा हुआ था। अनहोनी की आशंका को देखते हुए संतोष ने बिना देर किए उसे अपने ठेलेनुमा रिक्शे में लिटाया। एंबुलेंस नहीं बुला सके, खुद अस्पताल ले गए संतोष ने बताया कि उनके पास मोबाइल फोन नहीं था, इसलिए वे 108 एंबुलेंस को कॉल नहीं कर सके। ऐसे में उन्होंने इंतजार करने के बजाय खुद ही विक्की को रिक्शे से जिला अस्पताल पहुंचाने का फैसला किया। अस्पताल में शुरू हुआ इलाज जिला अस्पताल पहुंचते ही स्वास्थ्यकर्मियों ने विक्की को स्ट्रेचर पर आपातकालीन कक्ष में भर्ती कर इलाज शुरू किया। संतोष ने बताया कि विक्की की तबीयत अचानक क्यों बिगड़ी, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। उन्होंने सिर्फ इतना सुना था कि उसे मिर्गी की समस्या है, इसलिए पूरी जांच के लिए अस्पताल लाना जरूरी समझा।
नूंह जिले के पुन्हाना शहर में बुधवार को पेयजल संकट को लेकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। वार्ड नंबर 8, 9 और 10 के सैकड़ों लोगों ने जुरेहड़ा रोड पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को परेशानी हुई। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, उनके वार्डों में वर्षों से पेयजल की गंभीर समस्या है। क्षेत्र में बिछाई गई पुरानी पाइपलाइन कई स्थानों से टूटी हुई है, जिस कारण घरों में गंदा पानी पहुंच रहा है। निवासियों का आरोप है कि दूषित पानी की आपूर्ति से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में भी कठिनाई हो रही है। जनस्वास्थ्य विभाग से कई बार कर चुके शिकायत वार्डवासियों ने बताया कि वे इस समस्या के समाधान के लिए कई बार जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं। अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। लोगों का आरोप है कि उन्हें हर बार केवल आश्वासन मिलता है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और प्रदर्शनकारियों से बातचीत शुरू की। पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। उनकी मांग है कि जब तक नई पाइपलाइन बिछाने और नियमित स्वच्छ पेयजल आपूर्ति का ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी।
धौलपुर के सैंपऊ थाना क्षेत्र के मठ पिपरीपुरा गांव में भीषण आग से प्रभावित चार परिवारों को सहायता मिलनी शुरू हो गई है। जनप्रतिनिधि और ग्रामीण इन परिवारों की मदद के लिए आगे आए हैं। बाड़ी के पूर्व विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा ने पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने प्रभावित आशा देवी को ₹21 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की। स्थानीय ग्राम पंचायत के सरपंच वेद प्रकाश कुशवाहा ने भी जनसहयोग से ₹41 हजार की सहायता राशि जुटाई। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पीड़ित परिवारों के लिए लगभग 30 मन अनाज भी एकत्रित कराया। पूर्व विधायक मलिंगा ने कहा कि आपदा के समय जरूरतमंदों की मदद के लिए सभी को आगे आना चाहिए। उन्होंने बताया कि आग की चपेट में आने से आशा देवी सहित चार परिवारों के घर और गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया है। मलिंगा ने प्रशासनिक अधिकारियों से भी बातचीत कर प्रभावित परिवारों को सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। गांव में राहत कार्य जारी है, और स्थानीय लोग भी पीड़ित परिवारों की हरसंभव मदद में लगे हुए हैं।
श्योपुर के युवक की जहर खाने से मौत:शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में तोड़ा दम
श्योपुर जिले के विजयपुर तहसील के मगरधा गांव में गृह क्लेश से परेशान एक 35 वर्षीय युवक की जहर खाने से मौत हो गई। युवक ने मंगलवार शाम जहरीला पदार्थ खा लिया था। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे इलाज के लिए शिवपुरी मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां बुधवार तड़के उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान अशोक धाकड़ (35) पुत्र सरवन धाकड़ के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम घरेलू विवाद और गृह क्लेश के चलते अशोक ने जहरीला पदार्थ खा लिया। आत्महत्या के कारण का पता लगा रही पुलिसजहर खाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उसे तुरंत शिवपुरी मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान बुधवार तड़के करीब 2:30 बजे उसने दम तोड़ दिया। बुधवार को शिवपुरी मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में गृह क्लेश को युवक के जहर खाने का कारण माना जा रहा है।
हाथरस में आज बुधवार को दोपहर 11:30 बजे के लगभग राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (आरएएम) पार्टी ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। पार्टी ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा, जिसमें भाजपा के एक कार्यक्रम में भगवान हनुमान के स्वरूप के राजनीतिक उपयोग पर आपत्ति जताई गई है। यह ज्ञापन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के स्वागत कार्यक्रम से संबंधित है। आरोप है कि इस कार्यक्रम में भगवान श्री हनुमान जी के स्वरूप को भाजपा का झंडा लेकर नृत्य कराया गया, जिससे सनातन धर्म की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने इस घटना की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने दोषी व्यक्तियों और आयोजकों के खिलाफ कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करने की भी अपील की है। मोर्चा ने भविष्य में देवी-देवताओं और धार्मिक प्रतीकों के राजनीतिक उपयोग को रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, सभी राजनीतिक दलों को धार्मिक आस्थाओं का सम्मान करने हेतु आवश्यक परामर्श और निर्देश दिए जाने तथा ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया गया है। यह रहे मुख्य रूप से मौजूद.... यह ज्ञापन प्रदेश अध्यक्ष विश्वदीप अवस्थी के निर्देशन पर जिला महासचिव/प्रभारी निशांत उपाध्याय के नेतृत्व में दिया गया। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष दीनदयाल शर्मा उर्फ दीनू पंडित, सौरभ पराशर, जिला मंत्री प्रदीप शर्मा, अतुल पंडित, अभिषेक पाठक, हर्षवर्धन द्विवेदी, जिला उपाध्यक्ष भोला पंडित, जिला कार्यकारिणी सदस्य जय नारायण शर्मा आदि पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।
जबलपुर में मोबाइल चोरी के विवाद को लेकर स्कूली छात्रों के दो गुटों के बीच सड़क पर हिंसक झड़प हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि एक गुट ने दो छात्रों पर चाकू, पत्थर और लात-घूसों से हमला कर दिया। घटना में दोनों छात्र घायल हो गए। पूरी वारदात पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना गढ़ा थाना क्षेत्र के शारदा चौक की है। जानकारी के अनुसार नेपियर टाउन स्थित एक स्कूल में पढ़ने वाले 12वीं कक्षा के छात्र का दो दिन पहले मोबाइल चोरी हो गया था। उसे अपने सहपाठी पर शक था। इस संबंध में उसने स्कूल के बाहर उससे पूछताछ की, लेकिन उसने मोबाइल लेने से इनकार कर दिया। हाथ, पैर और कमर में गंभीर चोटें बुधवार को फरियादी छात्र को उसके दोस्त का फोन आया और उसे पहले रानीताल चौक बुलाया गया। वहां कुछ देर इंतजार करने के बाद दोबारा फोन कर शारदा चौक आने के लिए कहा गया। आरोप है कि जैसे ही छात्र अपने दोस्तों के साथ शारदा चौक पहुंचा, वहां पहले से मौजूद दूसरे गुट के छात्रों ने उन पर चाकू और पत्थरों से हमला कर दिया। हमले में फरियादी छात्र के हाथ, पैर और कमर में गंभीर चोटें आई हैं। आरोपियों ने मारपीट के दौरान उसकी एक्टिवा पर भी पत्थरों से हमला कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। किसी ने बीचबचाव की कोशिश नहीं की घटना के दौरान शारदा चौक पर काफी लोग मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी बीच-बचाव करने की कोशिश नहीं की। सीसीटीवी कैमरों में युवक चाकू लहराते, मारपीट करते और वाहन में तोड़फोड़ करते दिखाई दे रहे हैं। गढ़ा थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के साथ अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, घटना में शामिल सभी युवक 12वीं कक्षा के छात्र हैं और उनकी उम्र 17 से 18 वर्ष के बीच है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
बांसवाड़ा शहर के तीन मंजिला इमारत का बीच का हिस्सा अचानक ढह गया। हादसे में सीढ़ियों समेत पूरा स्लैब और सीढ़ियों वाले हिस्से की छत गिर गई, हालांकि आसपास की दुकानों को नुकसान नहीं पहुंचा। घटना के समय बाजार बंद होने से कोई जनहानि नहीं हुई। सुबह सूचना मिलते ही मौके पर व्यापारियों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। हादसा दाहोद रोड स्थित चेतक कॉम्प्लेक्स के महावीर प्लाजा में रात करीब 1 बजे हुआ। लगातार बारिश को माना जा रहा वजह स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण इमारत का ढांचा कमजोर हो गया था। चेतक व्यापार मंडल के सदस्य कन्हैयालाल जैन ने बताया कि परिसर और आसपास कई दुकानें संचालित होती हैं। यदि यह हादसा दिन में होता, तो यहां सैकड़ों लोगों की आवाजाही रहती और बड़ा नुकसान हो सकता था। एक महीने पहले भी लगी थी आग व्यापारियों ने प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि कॉम्प्लेक्स में सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है। करीब एक महीने पहले भी इसी कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लगी थी, जिसमें 5 से 6 मोटरसाइकिलें जलकर खाक हो गई थीं। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से दुकानदारों और आसपास रहने वाले लोगों में डर का माहौल है। व्यापारियों ने मांगी सख्त कार्रवाई नगर परिषद बोर्ड नहीं होने के कारण चेतक व्यापार मंडल ने नगर परिषद आयुक्त और जिला प्रशासन से तुरंत दखल देने की मांग की है। व्यापारियों ने कहा है कि कॉम्प्लेक्स के मालिक को नोटिस देकर पूरी इमारत की जांच और मरम्मत करवाई जाए, ताकि लोगों और दुकानदारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
डूंगरपुर जिले में मानसून की देरी से हुई बारिश के बाद किसानों ने खरीफ फसलों की बुवाई शुरू कर दी है। कृषि विभाग ने इस बार जिले में कुल 1 लाख 28 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई का लक्ष्य रखा है, जिसमें मक्का और सोयाबीन प्रमुख फसलें हैं। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक दलीप सिंह ने बताया कि जिले की सबसे प्रमुख फसल मक्का की बुवाई 55,000 हेक्टेयर क्षेत्र में करने का लक्ष्य है। इसके बाद सोयाबीन की बुवाई 45,000 हेक्टेयर क्षेत्र में की जाएगी। इस बार देरी से शुरू हुई बुवाईजिले के जलभराव और सिंचित क्षेत्रों को देखते हुए 16,000 हेक्टेयर में धान की फसल का लक्ष्य है, जबकि दलहन के अंतर्गत उड़द की बुवाई का लक्ष्य 8,000 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। सिंह ने बताया कि मानसून की बारिश देरी से आने के कारण इस बार बुवाई देर से शुरू हुई है। खाद का पर्याप्त भंडारणकिसानों को बुवाई के दौरान खाद की किल्लत का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए विभाग ने पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया है।संयुक्त निदेशक दलीप सिंह के अनुसार डूंगरपुर जिले में यूरिया खाद की 5 हजार मीट्रिक टन की मांग के मुकाबले 3500 मीट्रिक टन उपलब्ध है। वहीं डीएपी की 500 मीट्रिक टन की मांग के मुकाबले 390 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है।
बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने टीएल बैठक में शिक्षा, जनकल्याण, शिकायत निवारण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मामलों पर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिले में कोई भी स्कूल एकल शिक्षक वाला नहीं होना चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में वर्तमान में 11 ऐसे विद्यालय हैं, जहां केवल एक शिक्षक कार्यरत है। कलेक्टर ने सभी स्कूलों में शीघ्र अतिरिक्त शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के खिलाफ नियमित अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। स्कूलों में स्मार्ट टीवी और शैक्षणिक संसाधनों पर जोर शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए सभी शालाओं में स्मार्ट टीवी और अन्य आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लंबित मामलों का जल्द केवाईसी पूरा कराने पर भी जोर दिया गया। हितग्राहियों को बैंक ले जाकर कराएं केवाईसी कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जरूरत पड़ने पर वे स्वयं हितग्राहियों को बैंक ले जाकर उनकी केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराएं, ताकि उन्हें योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। सीएम हेल्पलाइन: आवेदक से चर्चा कर करें शिकायतों का समाधान सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि किसी भी आवेदन का औपचारिक या एकतरफा निराकरण न किया जाए। आवेदक से चर्चा कर उसकी समस्या का संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने हेल्पलाइन पोर्टल का प्रतिदिन सुबह और शाम निरीक्षण करने तथा शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। जिले में इस वर्ष 10 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे कलेक्टर ने बताया कि जिले में इस साल 10 लाख से अधिक पौधों का रोपण किया जाएगा। 18 जुलाई को जिला स्तरीय विशाल वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित होगा। वन विभाग ने 8.17 लाख और उद्यानिकी विभाग ने 2.31 लाख पौधे तैयार रखे हैं। पौधे लगाने से ज्यादा जरूरी उनका संरक्षण कलेक्टर ने बड़े आकार के पौधों के रोपण, शहर से लगे क्षेत्रों और छोटे झाड़ वाले जंगलों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पौधे लगाने के साथ उनका संरक्षण सुनिश्चित करना सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। बारिश के दौरान पुल-पुलियों और नदी-नालों पर रखें कड़ी निगरानी मानसून को देखते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को पुल-पुलियों और नदी-नालों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उफनते नदी-नालों के ऊपर से किसी भी स्थिति में आवागमन न होने दिया जाए और विद्यार्थियों को भी ऐसे मार्गों से गुजरने से रोका जाए। सड़कों पर घूम रहे मवेशियों को गौठानों में भेजने के निर्देश सड़कों पर विचरण करने वाले मवेशियों की समस्या पर चिंता जताते हुए कलेक्टर ने उन्हें गौठानों और आश्रय स्थलों में शिफ्ट करने के निर्देश दिए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
एटा में जन अधिकार मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने लखनऊ में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के रोड शो के दौरान हनुमान जी की वेशभूषा में प्रदर्शन पर आपत्ति जताई है। उन्होंने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन अपर जिला मजिस्ट्रेट को सौंपा। यह घटना लखनऊ में 5 मई को भाजपा कार्यालय पर आयोजित नितिन नवीन के रोड शो के दौरान हुई थी। एक वीडियो सामने आया है जिसमें कुछ लोग हनुमान जी की वेशभूषा में नाचते हुए दिखाई दे रहे हैं। जन अधिकार मोर्चा के जिलाध्यक्ष अशोक पांडे ने बताया कि इस प्रदर्शन से हिंदू समाज की भावनाएं आहत हुई हैं और इसे धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ बताया गया है। इसी के विरोध में पार्टी पदाधिकारियों ने एकजुट होकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन अपर जिला मजिस्ट्रेट संगमलाल को सौंपा गया। ज्ञापन सौंपने वालों में नगर अध्यक्ष अमन सक्सेना, अरुण उपाध्याय, राजीव उपाध्याय, सूर्यकांत पाठक, रवि गुप्ता, विशाल पंडित, नितिन वशिष्ठ और रामकृष्ण द्विवेदी शामिल थे।
ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र स्थित आर्मी कैंट (एमएच चौराहा) में रहने वाली सेना के एक कर्नल की पत्नी ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गईं। दिल्ली और आगरा टूर के लिए इंटरनेट पर होटल सर्च करते समय उन्होंने फर्जी वेबसाइट पर बुकिंग कर दी। खुद को होटल मैनेजर बताने वाले ठग ने एडवांस बुकिंग के नाम पर उनसे 50 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए। पैसे मिलते ही आरोपी ने नंबर ब्लॉक कर दिया। घटना 4 जुलाई की है। शिकायत पर मुरार थाना पुलिस ने धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, जूही पाण्डेय अपने परिवार के साथ दिल्ली और आगरा यात्रा की तैयारी कर रही थीं। इंटरनेट पर होटल सर्च करते समय उन्हें 'कोर्टयार्ड बाय मैरियट' जैसी दिखने वाली एक फर्जी वेबसाइट मिली। वेबसाइट पर दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर सामने वाले ने खुद को होटल का मैनेजर हरीश अग्रवाल बताया। तीन किस्तों में ट्रांसफर कराए 50 हजार रुपए आरोपी ने पांच दिन के ठहरने का खर्च करीब 50 हजार रुपए बताते हुए एडवांस भुगतान की मांग की। उसकी बातों पर भरोसा कर जूही पाण्डेय ने अलग-अलग यूपीआई आईडी पर तीन किस्तों में 50 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। रुपए मिलने के बाद जब उन्होंने बुकिंग की रसीद मांगी तो आरोपी टालमटोल करने लगा। कुछ देर बाद उसने उनका नंबर ब्लॉक कर दिया और मोबाइल बंद कर लिया। होटल से बात की तो पता चला संदेह होने पर जूही पाण्डेय ने होटल की आधिकारिक वेबसाइट से नंबर निकालकर संपर्क किया। होटल प्रबंधन ने बताया कि उनकी ओर से कोई बुकिंग नहीं हुई है और जिस वेबसाइट के जरिए भुगतान किया गया, वह फर्जी है। साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत इसके बाद पीड़िता ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। मुरार थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। साइबर सेल बैंक खाते, यूपीआई आईडी और मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभियान तेज:कानपुर देहात में नियम तोड़ने पर तीन स्कूल वाहन सीज
कानपुर देहात में स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने 'मिशन सेफ फ्यूचर' के दूसरे चरण की शुरुआत की है। 8 से 15 जुलाई तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूली और ओवरलोड वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में, सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी रोहित राजपूत के नेतृत्व में मंगलवार को रूरा और मंगलपुर थाना क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान मंगलपुर थाना क्षेत्र से नियमों का उल्लंघन करते पाए गए तीन स्कूली वाहनों को सीज किया गया। रूरा थाना क्षेत्र में ओवरलोड ईंटों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी जब्त कर रूरा पुलिस के हवाले कर दिया गया। परिवहन विभाग के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना और सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन कराना है। विभाग उन स्कूली वाहनों पर विशेष ध्यान दे रहा है जिनके पास फिटनेस, वैध परमिट, नंबर प्लेट नहीं हैं, या जो अनफिट हैं और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करते। इस लगातार हो रही कार्रवाई से स्कूल वाहन चालकों और संचालकों में हड़कंप मच गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आरटीओ रोहित राजपूत ने बताया कि 'मिशन सेफ फ्यूचर' अभियान 15 जुलाई तक पूरे जनपद में जारी रहेगा। उन्होंने सभी स्कूल संचालकों और वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों के फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज पूरे रखें। बिना नंबर प्लेट और अनफिट वाहनों के खिलाफ सीज की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
खैरथल-तिजारा जिले में 30 MM बारिश दर्ज:तापमान में 8 डिग्री गिरावट, रुक-रुककर बूंदाबांदी जारी
खैरथल-तिजारा जिले में बुधवार सुबह झमाझम बारिश से दो दिन से उमस और तेज गर्मी झेल रहे लोगों को बड़ी राहत मिली। सुबह करीब 9 बजे बारिश शुरू हुई। इस दौरान जिले में औसतन 30 मिमी वर्षा दर्ज की गई। बुधवार तड़के से ही बूंदाबांदी का दौर शुरू हो गया था, लेकिन सुबह होते-होते बारिश ने रफ्तार पकड़ ली। खैरथल, किशनगढ़बास, मुंडावर, तिजारा, कोटकासिम, ततारपुर, बीबीरानी, हरसोली, मातोर, इस्माईलपुर और सोडावास सहित जिले के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। बारिश के बाद तापमान में करीब 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। इस पारा 36 डिग्री से लुढ़ककर 28 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। ठंडी हवाओं और लगातार हो रही बारिश से मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया। बारिश ने खोली नगर निकायों के दावों की पोल एक ओर बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी ओर नगर निकायों की सफाई व्यवस्था की हकीकत भी सामने आ गई। खैरथल नगर परिषद, किशनगढ़बास नगर पालिका सहित कई कस्बों की कॉलोनियों और निचले इलाकों में जलभराव हो गया। नालियां उफान पर आ गईं और उनमें जमा गंदगी सड़कों पर बह निकली। कई कॉलोनियों के रास्ते पानी में डूब गए, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं लगातार हो रही बारिश ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी है। कृषि जानकारों के अनुसार यह वर्षा खरीफ सीजन की प्रमुख फसलें बाजरा, ज्वार और तिल के लिए बेहद लाभकारी है। खेतों में पर्याप्त नमी बनने से बुवाई और फसलों की शुरुआती बढ़वार को मजबूती मिलेगी, वहीं किसानों का सिंचाई खर्च भी कम होगा।
महराजगंज जिला अस्पताल में बढ़े मरीज:बदलते मौसम से सर्दी-जुकाम, बुखार, उल्टी-दस्त के मामले बढ़े
महराजगंज जिले में बदलते मौसम के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर असर दिखना शुरू हो गया है। उमस, गर्मी और रुक-रुक कर हो रही बारिश के चलते वायरल संक्रमण और पेट संबंधी बीमारियों के मामलों में तेजी आई है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, इन दिनों ओपीडी में रोजाना लगभग 1200 से 1500 मरीज आ रहे हैं। इनमें सर्दी-जुकाम, बुखार, खांसी, उल्टी और दस्त से पीड़ित मरीजों की संख्या सर्वाधिक है। मौसम में अचानक आए बदलाव से बच्चे, बुजुर्ग और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग अधिक प्रभावित हो रहे हैं। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, गंभीर स्थिति वाले मरीजों को तत्काल भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। सामान्य लक्षण वाले मरीजों को जांच के बाद दवाएं देकर घर भेजा जा रहा है। चिकित्सकों की टीम मरीजों की लगातार निगरानी कर रही है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव न पड़े। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. ए.के. द्विवेदी ने बताया कि मौसम के उतार-चढ़ाव के कारण वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और उल्टी-दस्त के मामलों में वृद्धि हुई है। उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। डॉ. द्विवेदी ने सलाह दी कि बासी भोजन का सेवन न करें, स्वच्छ और उबला हुआ या फिल्टर किया गया पानी ही पिएं। शरीर में पानी की कमी होने पर ओआरएस का घोल अवश्य लें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि बुखार, लगातार उल्टी, दस्त या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो स्वयं इलाज करने के बजाय तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। स्वास्थ्य विभाग ने भी साफ-सफाई और खानपान में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
धौलपुर में चलती बाइक में लगी भीषण आग:युवक ने कूदकर बचाई जान, गाड़ी जलकर खाक
धौलपुर जिले के आंगई थाना क्षेत्र में बुधवार को एक चलती बाइक में अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना में बाइक सवार ने कूदकर अपनी जान बचाई। यह हादसा अस्पताल के पास स्थित रेलवे क्रॉसिंग के निकट हुआ। मिली जानकारी के अनुसार सोनू पंडित नामक व्यक्ति अपनी बाइक से गांव से पार्वती बांध की ओर जा रहे थे। अस्पताल के पास रेलवे क्रॉसिंग के पास उनकी बाइक से अचानक चिंगारियां निकलने लगीं। देखते ही देखते बाइक में आग लग गई।सोनू पंडित ने तुरंत बाइक रोक दी और उससे दूर हट गए। कुछ ही देर में आग ने पूरी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे गाड़ी पूरी तरह जलकर खाक हो गई। शॉर्ट सर्किट माना जा रहा कारणघटना की सूचना पर मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। बाइक में आग लगने के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। पुलिस मामले की विस्तृत जानकारी जुटा रही है।
3 लाख बच्चों को डीबीटी से मिले 1200 रुपये:20 हजार शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस इलाज सुविधा मिली
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गोंडा जिले में शिक्षकों,कर्मचारियों और छात्रों के लिए दो महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की है। आज बुधवार को सुबह 10.30 बजे मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत 20 हजार शिक्षकों और कर्मचारियों को लाभ मिला, जबकि लगभग 3 लाख बच्चों को डीबीटी के माध्यम से ₹1200 उनके अभिभावकों के खातों में भेजे गए। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ बेसिक शिक्षा विभाग के 19,101 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 1,000 शिक्षकों व कर्मचारियों को मिला है। इन सभी 20,000 लाभार्थियों के कैशलेस चिकित्सा कार्ड बनाए जाएंगे, जिससे वे और उनके परिवार ₹5 लाख तक का इलाज करवा सकेंगे। इसी कार्यक्रम के दौरान गोंडा जिले के लगभग तीन लाख बच्चों को डीबीटी योजना के तहत यूनिफॉर्म, जूते, मोजे, स्वेटर, बैग और स्टेशनरी खरीदने के लिए प्रत्येक छात्र के अभिभावक के खाते में ₹1200 ऑनलाइन भेजे गए। यह राशि बच्चों को परिषदीय विद्यालयों में बेहतर ढंग से पढ़ने के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने में मदद करेगी। यह कार्यक्रम गोंडा मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वर्चुअल संबोधन के साथ आयोजित किया गया था। इस अवसर पर यूपी राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा, जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन, गोंडा सांसद प्रतिनिधि रमाशंकर, कैसरगंज सांसद प्रतिनिधि संजीव सिंह और भाजपा जिलाध्यक्ष इकबाल बहादुर तिवारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा विभाग के 25 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 9 शिक्षकों को प्रतीकात्मक रूप से कैशलेस चिकित्सा योजना के कार्ड वितरित किए गए।यूपी राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने अध्यापकों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार द्वारा यह एक बड़ी सहायता है। उन्होंने बताया कि इस योजना से शिक्षक, कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य कैशलेस चिकित्सा के तहत ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। पहले जो परिषदीय विद्यालय में बच्चे पढ़ते थे 2017 से पहले उन्हें ठीक से यूनिफॉर्म नहीं मिल पाता था कुछ नहीं हो पता था। अब सीधा उनके खातों में पैसा भेजा जा रहा है अब वह खरीद करके खुद विद्यालय पढ़ने आ सकते हैं ₹1 का कहीं भी इधर-उधर इस सरकार में नहीं हो रहा है। अपना खुद का भी करवा सकते हैं इससे किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी सरकार की बहुत ही अच्छी पहल है। पहले जो परिषदीय विद्यालय में बच्चे पढ़ते थे 2017 से पहले उन्हें ठीक से यूनिफॉर्म नहीं मिल पाता था कुछ नहीं हो पता था अब सीधा उनके खातों में पैसा भेजा जा रहा है। अब वह खरीद करके खुद विद्यालय पढ़ने आ सकते हैं ₹1 का कहीं भी इधर-उधर इस सरकार में नहीं हो रहा है सीधा खाते में जा रहा है।
पलवल में पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन के बैनर तले सरकारी कर्मचारियों ने अपनी 14 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने लघु सचिवालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार दिनेश कुमार को सौंपा। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो वे प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। प्रदर्शन की अगुवाई जिला प्रधान राहिल खान ने की, जबकि संचालन कोषाध्यक्ष हरकेश सौरोत ने किया। इस दौरान यूनियन के राज्य प्रधान ईश्वर सिंह शर्मा और राज्य महासचिव संदल सिंह राणा ने कहा कि सरकार से बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद कर्मचारियों की जायज मांगें पूरी नहीं की जा रही हैं। इससे कर्मचारी वर्ग में भारी निराशा और आक्रोश है, और वे लगातार आर्थिक व मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों की प्रमुख मांगें कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में ब्लॉक 2020-23 की बकाया एलटीसी के लिए तुरंत रिलैक्सेशन जारी करना, नई नीति 2028 की जगह पुरानी एलटीसी नीति 2008 को दोबारा लागू करना, और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को दी जाने वाली वार्षिक राशि पर लग रहे जीएसटी को तुरंत समाप्त करना शामिल है। अन्य मांगों में मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी देने के लिए लगाई गई न्यूनतम 5 वर्ष और अधिकतम 52 वर्ष की शर्त को हटाना, ड्यूटी के दौरान दुर्घटना होने पर मृतक कर्मचारी के परिवार को 50 लाख रुपए का मुआवजा देना। हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत लगे सभी कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा प्रदान करना और हटाए गए कर्मियों को बहाल करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, मैकेनिकल भवन एवं मार्ग विभाग में ब्लैक स्मिथ पद को तृतीय श्रेणी का दर्जा देने की भी मांग की गई है। पूरे प्रदेश में आंदोलन करने की चेतावनी राज्य प्रधान ईश्वर सिंह शर्मा ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सीएम के आश्वासन के बाद भी मार्च-2026 से एलटीसी रिलैक्सेशन की फाइल अटकी हुई है। यदि अगले 15 दिनों में इन 14 सूत्रीय मांगों पर कोई ठोस और सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो यूनियन पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन शुरू करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी। प्रदर्शन को राज्य उप प्रधान रमेश डागर, नूंह जिला प्रधान खुर्शीद, जाकिर हुसैन, टेकचंद गहलौत, मनीराम तेवतिया, बालकिशन शर्मा, टेकचंद शर्मा व राजेश शर्मा आदि ने संबोधित किया।
धमतरी में जलभराव से निपटने की तैयारी:महापौर-अधिकारी पहुंचे, 5 फीट अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछेगी
छत्तीसगढ़ के धमतरी शहर में जलभराव की गंभीर समस्या से निपटने के लिए महापौर और अधिकारियों की टीम ने प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। बनियापारा, देवश्री टॉकीज रोड और शिव चौक जैसे क्षेत्रों में भारी बारिश के दौरान अक्सर 4 से 5 फीट तक पानी भर जाता है, जिससे निवासियों को काफी परेशानी होती है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए सड़क के नीचे 5 फीट गहरी अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाने की योजना बनाई गई है। यह पाइपलाइन विशेष रूप से वर्षा जल को सीधे रमसगरी तालाब तक पहुंचाएगी, जिससे जलभराव की स्थिति से निजात मिलेगी। महापौर रामू रोहरा ने बताया कि इस परियोजना की प्रारंभिक लागत लगभग 50 लाख रुपए अनुमानित है। निगम अधिकारियों को दो दिनों के भीतर इसका विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। बारिश के पानी की निकासी के लिए अलग पाइपलाइन महापौर के अनुसार, इस परियोजना को दो से तीन माह के भीतर शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पाइपलाइन में केवल बारिश का पानी ही जाएगा, जबकि नालियों के पानी को इससे अलग रखा जाएगा। यह योजना बड़े शहरों की तर्ज पर तैयार की जा रही है। पिछले कई घंटों की बारिश के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों से इन इलाकों में जलभराव की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। घरों में पानी घुस जाने से निवासियों का बाहर निकलना मुश्किल हो जाता था, जिसके बाद निगम ने इस गंभीर समस्या पर ध्यान दिया।
झालावाड़ के भवानी क्लब पार्क में स्थापित 100 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज पोल से तिरंगा पिछले कई दिनों से गायब है। नगर परिषद द्वारा स्थापित यह ध्वज, जो शहर के गौरव का प्रतीक है, वह अभी अपने स्थान पर नहीं दिख रहा है। शहरवासियों ने इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि जिस स्थान पर हमेशा शान से तिरंगा लहराता था, वहां अब केवल खाली पोल खड़ा है। नागरिकों का मानना है कि राष्ट्रीय ध्वज का इतने लंबे समय तक अनुपस्थित रहना उचित नहीं है। शहरवासियों ने नगर परिषद प्रशासन से तत्काल नया राष्ट्रीय ध्वज लगवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि ध्वज क्षतिग्रस्त होने या किसी अन्य कारण से हटाया गया है, तो उसे तुरंत बदला जाना चाहिए ताकि राष्ट्रीय सम्मान का प्रतीक पुनः अपनी गरिमा के साथ लहरा सके। इस संबंध में, नगर परिषद के एक्शन संदीप कश्वनी ने बताया कि नए ध्वज मंगवा लिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि राष्ट्रीय ध्वज को जल्द ही अपने स्थान पर पुनः स्थापित कर दिया जाएगा।
कालिंदी विहार में घरों-दुकानों में घुसा नाले का पानी:सीएम ग्रिड योजना क्षेत्र में जलभराव, सड़क धंसी
आगरा में बुधवार देर रात से शुरू हुई बारिश ने सुबह तक नगर निगम और संबंधित एजेंसियों की तैयारियों की पोल खोल दी। यमुनापार के कालिंदी विहार क्षेत्र में सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे अधूरे निर्माण कार्य के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से नाले का गंदा पानी कई घरों और दुकानों में घुस गया। सुबह से ही स्थानीय लोग बाल्टियों और मोटरों की मदद से घरों में भरे पानी को बाहर निकालने में जुटे रहे। बारिश के बाद कालिंदी विहार से लेकर टेडी बगिया मार्ग तक कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई। सड़क निर्माण के दौरान निकाली गई मिट्टी बारिश में भीगकर कीचड़ में बदल गई, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बढ़ गया। कई जगह वाहन चालकों को सावधानी से निकलना पड़ा, जबकि राहगीरों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण पिछले कई महीनों से क्षेत्रवासी धूल, जाम और खराब सड़क की समस्या झेल रहे हैं। बारिश ने अब स्थिति को और खराब कर दिया है। आम दिनों में इस मार्ग पर भारी और हल्के वाहनों का लगातार आवागमन रहता है, लेकिन कीचड़ और जलभराव के कारण दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। कुछ स्थानों पर सड़क भी धंस गई है, जिससे हादसों का खतरा और अधिक हो गया है। मंगलवार शाम जिलाधिकारी मनीष बंसल ने स्मार्ट सिटी कार्यालय में सीएम ग्रिड योजना की समीक्षा बैठक के दौरान निर्माण कार्य में हो रही देरी पर संबंधित फर्मों के ठेकेदारों को कड़ी फटकार लगाई थी। उन्होंने निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश भी दिए थे। हालांकि, देर रात की बारिश ने निर्माण कार्य और जल निकासी व्यवस्था की खामियों को उजागर कर दिया। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि नाला और सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए तथा जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि हर बारिश के साथ लोगों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।
हनुमानगढ़ में विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 2 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश पर टाउन थाना पुलिस ने पंजाब के मोहाली निवासी 4 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस ने आकाश, प्रीति, विक्रम और मानव नामक आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। टाउन निवासी जयभगवान सोनी ने कोर्ट में एक परिवाद प्रस्तुत कर बताया कि अक्टूबर 2024 में उन्होंने सोशल मीडिया पर मोहाली स्थित एक कंसल्टेंसी का विज्ञापन देखा था। इस विज्ञापन में विदेश भेजने के लिए वर्क परमिट वीजा उपलब्ध कराने का दावा किया गया था।विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर आरोपी आकाश ने जयभगवान को लक्जमबर्ग में 3 साल का वर्क परमिट दिलाने और प्रति माह 3160 यूरो वेतन मिलने का भरोसा दिया। इसके लिए कुल 4 लाख रुपए का खर्च बताया गया था। 1 लाख कैश, 1 लाख यूपीआई के जरिए लिएपरिवादी के अनुसार बातचीत के बाद आकाश, प्रीति, विक्रम और मानव लगातार उनके संपर्क में रहे। उन्होंने जयभगवान को दस्तावेजों के साथ मोहाली बुलाया, जहां पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र और आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज जमा करवाए गए। वीजा प्रक्रिया शुरू करने का हवाला देकर आरोपियों ने पहले 50 हजार रुपए नकद लिए। बाद में 50 हजार रुपए हनुमानगढ़ आकर लिए गए। इसके बाद वीजा स्वीकृति के नाम पर 1 लाख रुपए अलग-अलग तारीखों में यूपीआई के माध्यम से जमा करवाए गए। इस तरह आरोपियों ने कुल 2 लाख रुपए प्राप्त कर लिए। जयभगवान का कहना है कि आरोपियों ने 3 महीने में वीजा जारी करने का आश्वासन दिया था। हालांकि 8 महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें न तो वीजा मिला और न ही उनकी रकम लौटाई गई। कई बार संपर्क करने पर केवल आश्वासन मिलता रहा, और बाद में आरोपियों ने फोन उठाना भी बंद कर दिया। जब परिवादी दोबारा मोहाली पहुंचे और रुपए वापस मांगे, तो कथित तौर पर उनके साथ अभद्रता की गई और पैसे लौटाने से इनकार कर दिया गया। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
अलवर शहर में 15 साल के स्कूल स्टूडेंट का दिनदहाड़े किडनैप कर मारपीट की गई। स्कॉर्पियो सवार युवकों ने स्टूडेंट को जबरन गाड़ी में डाला। इसके बाद लाठी-डंडों और लात-घूंसों से मारपीट कर अलग-अलग जगहों पर ले जाकर जान से मारने की धमकी दी। मारपीट के बाद नाले में धक्का देकर फरार हो गए। मामला अरावली विहार थाना क्षेत्र में मंगलवार का है। पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार- स्टूडेंट ने रिपोर्ट में बताया कि वह 7 जुलाई की सुबह स्कूल गया था। छुट्टी के बाद दोपहर करीब 12:30 बजे एक पार्क के सामने अपने साथी को उतार रहा था। इस दौरान काले रंग की स्कॉर्पियो में सवार 3 नामजद आरोपी पहुंचे और उसे जबरन गाड़ी में डाल लिया। जान से मारने की धमकी देकर नाले में फेंका पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपी पहले उसे भूगोर क्षेत्र में ले गए। इसके बाद बाइक से रूपबास पुलिया के पास पहुंचे। वहां एक ग्रे रंग की कार भी आई, जिसमें से एक युवक लाठी-डंडे लेकर उतरा। इसके बाद सभी आरोपियों ने मिलकर उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। जाते समय आरोपी उसे नाले में धक्का देकर फरार हो गए। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी पहले भी उसके साथ दो बार मारपीट कर चुके हैं। थाने में पहुंचे पीड़ित का पुलिस ने मेडिकल निरीक्षण कराया, जिसमें उसके हाथ, पैर, घुटने और कान के पास चोट के निशान मिले। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियो की तलाश शुरू कर दी हैं।
कोरबा पुलिस ने कानून व्यवस्था को मजबूत करने और फरार अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए सजग कोरबा, सतर्क कोरबा अभियान चलाया। दो दिनों तक चले इस विशेष अभियान में 67 वारंटियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से सभी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर अभियान चलाया गया। कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतीश ठाकुर के मार्गदर्शन में हुई। जिले के तीनों अनुभागों के एसडीओपी और सभी थाना-चौकी प्रभारियों को वारंट तामील करने के विशेष निर्देश दिए गए थे। 6 और 7 जुलाई 2026 को जिलेभर में एक साथ चलाए गए अभियान के दौरान कुल 11 स्थायी वारंटी और 56 गिरफ्तारी वारंटी को गिरफ्तार किया गया। 06 जुलाई 2026: 6 स्थायी वारंटी और 32 गिरफ्तारी वारंटी गिरफ्तार। 07 जुलाई 2026: 5 स्थायी वारंटी और 24 गिरफ्तारी वारंटी गिरफ्तार। पतासाजी और दबिश से मिली सफलता पुलिस टीमों ने पतासाजी, मुखबिर तंत्र और योजनाबद्ध दबिश के जरिए लंबे समय से फरार आरोपियों को उनके ठिकानों से गिरफ्तार किया। सभी आरोपी न्यायालय से जारी वारंट के बावजूद फरार चल रहे थे। मारपीट, चोरी और धोखाधड़ी के आरोपी शामिल गिरफ्तार वारंटियों में मारपीट, चोरी, धोखाधड़ी समेत विभिन्न आपराधिक मामलों के आरोपी शामिल हैं। सभी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। अभियान का उद्देश्य पुलिस के अनुसार, अभियान का उद्देश्य न्यायालय से जारी वारंटों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करना, अपराधियों में कानून का भय पैदा करना और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना है। आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई कोरबा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सजग कोरबा, सतर्क कोरबा अभियान के तहत फरार आरोपियों, वारंटियों और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या फरार आरोपी की जानकारी तुरंत नजदीकी थाना या डायल-112 पर दें। बालको ने साइबर धोखाधड़ी को लेकर जारी की चेतावनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने नागरिकों, कर्मचारियों और व्यावसायिक साझेदारों सहित सभी हितधारकों से साइबर धोखाधड़ी के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। कंपनी ने चेतावनी दी है कि बालको के नाम, ब्रांड या सेवाओं से मिलते-जुलते फर्जी डोमेन, वेबसाइट और ई-मेल आईडी का उपयोग कर लोगों को गुमराह किया जा सकता है। बालको प्रबंधन के अनुसार, साइबर अपराधी ऐसे डोमेन और ई-मेल आईडी का इस्तेमाल कर सकते हैं जो कंपनी के आधिकारिक माध्यमों जैसे दिखाई देते हैं। इनका उद्देश्य लोगों से गोपनीय, व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी हासिल करना, मैलवेयर फैलाना या अन्य ऑनलाइन धोखाधड़ी करना हो सकता है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ऐसे किसी भी अनधिकृत माध्यम का बालको से कोई संबंध नहीं है। यही हैं बालको के आधिकारिक माध्यम कंपनी ने बताया कि उसकी एकमात्र आधिकारिक वेबसाइट www.balcoindia.com है। वहीं, बालको के सभी अधिकृत ई-मेल केवल @vedanta.co.in डोमेन से ही जारी किए जाते हैं। नागरिकों से किसी भी वेबसाइट, ई-मेल या ऑनलाइन संचार पर भरोसा करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच करने की अपील की गई है। ऐसे करें फर्जी वेबसाइट और ई-मेल की पहचान बालको ने कहा है कि यदि किसी ई-मेल का डोमेन @vedanta.co.in से अलग हो या कोई वेबसाइट www.balcoindia.com के अलावा किसी अन्य पते से संचालित हो, तो उसे संदिग्ध माना जाए। हितधारकों से अनुरोध है कि वे किसी भी प्रकार की गोपनीय जानकारी साझा करने से पहले संबंधित माध्यम की पुष्टि अवश्य करें और केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें। संदिग्ध लिंक या ई-मेल की तुरंत दें सूचना यदि किसी व्यक्ति को कोई संदिग्ध वेबसाइट, डोमेन या ई-मेल प्राप्त होता है, तो इसकी जानकारी तत्काल बालको की सुरक्षा टीम को देने की अपील की गई है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी फर्जी या अनधिकृत माध्यम के साथ संपर्क या लेन-देन से होने वाली किसी भी प्रकार की हानि के लिए बालको उत्तरदायी नहीं होगी।
फिल्म अभिनेता अनुपम खेर मंगलवार दोपहर अयोध्या पहुंचे। नई फिल्म 'श्री राम भूमि' की शूटिंग शुरू करने से पहले उन्होंने सबसे पहले हनुमानगढ़ी और राम जन्मभूमि में दर्शन-पूजन कर भगवान राम और बजरंगबली का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने हाल ही में सामने आए राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी के मामले पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ लोगों की गलत हरकतों से मंदिर की गरिमा और आस्था पर कोई असर नहीं पड़ता। नई फिल्म की शुरुआत भगवान के आशीर्वाद से अनुपम खेर ने कहा कि उनकी नई फिल्म 'श्री राम भूमि' की शूटिंग अयोध्या में शुरू हो रही है और यह करीब 10 से 12 दिनों तक चलेगी। उन्होंने कहा, “किसी भी नए काम की शुरुआत रामलला और हनुमान जी के आशीर्वाद के बिना कैसे हो सकती है। मैं सभी लोगों की सेहत, शांति और खुशहाली की प्रार्थना करने आया हूं।” ‘चोर हर जगह होते हैं, मंदिर की प्रतिष्ठा पर असर नहीं’ राम मंदिर से जुड़े हालिया चोरी के मामले पर पूछे गए सवाल के जवाब में अनुपम खेर ने कहा कि चोर हर जगह होते हैं, लेकिन इससे मंदिर की मान-प्रतिष्ठा कम नहीं होती। उन्होंने कहा कि जिस मंदिर की स्थापना के लिए 500 वर्षों का संघर्ष हुआ, उसकी मर्यादा कुछ लोगों की गलत हरकतों से प्रभावित नहीं हो सकती। उन्होंने कहा, “घर में चोरी होती है तो लोग चोर को दोष देते हैं, घर को नहीं। उसी तरह मंदिर में किसी की गलत हरकत से भगवान राम, मंदिर या सनातन धर्म की प्रतिष्ठा पर कोई फर्क नहीं पड़ता।” श्रद्धा का दान, किसी लाभ का सौदा नहीं सनातन और आस्था पर अपनी बात रखते हुए अनुपम खेर ने कहा कि दान हमेशा श्रद्धा और विश्वास से किया जाता है, किसी अपेक्षा या लाभ के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि गलत काम की आलोचना जरूर होनी चाहिए, लेकिन उसे भगवान, मंदिर और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जोड़ना उचित नहीं है।
जहां एक ओर परमट स्थित प्राइमरी स्कूल के जीर्णोंद्धार के लिए नेताओं में होड़ लगी हुई है, वहीं दूसरी ओर शहर के अन्य सरकारी विद्यालयों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। बर्रा–2 नई बस्ती स्थित कंपोजिट विद्यालय के जर्जर भवन में 172 बच्चों का भविष्य खतरे में संवर रहा है। स्कूल की मरम्मत के लिए इलाकाई लोग पिछले दो दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन अब तक किसी अफसर व नेता ने वहां जाने की जहमत नहीं उठाई है। भूख हड़ताल के समर्थन में बैठे सपा नेता ने कहा कि सांसद जी 50 बच्चों वाले परमट स्कूल के साथ-साथ 172 बच्चों के स्कूल पर भी ध्यान दें। लोग बोले-डर की वजह से 25 से 30 बच्चे आते है स्कूल बर्रा दो नई बस्ती स्थित कंपोजित स्कूल के जीर्णोंद्धार के लिए इलाकाई विजय सिंह परिहार व विकास मिश्रा सोमवार से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। विजय सिंह परिहार ने बताया कि कंपोजिट विद्यालय की छतें पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है, अक्सर क्लास में पढ़ाई के दौरान छतों से प्लास्टर टूट कर गिरता रहता है। स्कूल में 172 बच्चे हैं, लेकिन जर्जर भवन के डर से बमुश्किल 25 से 30 बच्चे पढ़ाई के लिए स्कूल आते है। छुट्टी होने के बाद परिसर में अराजकतत्वों का जमावड़ा लगता है। देर रात तक परिसर में नशेबाजी होती है, बच्चे स्कूल पहुंचते है तो वहां शराब की बोतलें पड़ी हुई मिलती है। विजय सिंह ने बताया कि उनके भी चार बच्चे इसी स्कूल में पढ़ते है, कई बार स्कूल की मरम्मत के लिए अधिकारियों से मिलने गए, लेकिन उन्होंने कोई सुनवाई नहीं की। वहीं भूख हड़ताल में शामिल विकास मिश्रा ने बताया स्कूल परिसर पूरी तरह से गंदगी से पटा हुआ है, जगह–जगह पर शराब की बोतलें पड़ी हुई है। बरसात में विद्यालय परिसर के पास फैली गंदगी से बच्चों पर हैजा, डेंगू, बुखार जैसी बीमारी का खतरा मंडरा रहा है। स्कूल के सारे शौचालय गंदगी से पटे पड़े हैं, छात्र–छात्रा को मजबूरन शौचक्रिया के लिए बाहर जाना पड़ता है। वहीं भूख हड़ताल पर बैठे लोगों के समर्थन में कई इकालाई लोग भी पहुंच रहे है। समर्थन में बैठे सपा युवजन सभा के प्रदेश सचिव धर्मेंद्र सिंह बाली ने कहा कि इलाके का प्राइमरी स्कूल की स्थिति बद से बदतर है। सभी क्लासों की छतों से पानी टपकता है, बच्चे जान हथेली में लेकर पढ़ने को मजबूर है। उन्होंने कहा- 40–50 बच्चों वाले परमट प्राइमरी स्कूल में सांसद एक भवन का निर्माण करा रहे हैं, जबकि शहर के कई स्कूल ऐसे है जहां की इमारतें जर्जर अवस्था में पड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि सांसद को 172 बच्चों वाले इस स्कूल के जीर्णोंद्धार के बारे में भी सोचना चाहिए।
बैतूल में महिला को सांप ने डसा:जिला अस्पताल पहुंचने से पहले हुई मौत, घर में बर्तन धो रही थी
बैतूल जिले में सर्पदंश से एक महिला की मौत हो गई। बुधवार सुबह करीब 45 वर्षीय श्यामू ढोटे, पति बापजी ढोटे, अपने घर के पीछे बर्तन धो रही थी, तभी एक काले नाग ने उन्हें डस लिया। सर्पदंश के बाद महिला ने तुरंत परिजनों को सूचना दी। परिजन उन्हें एक निजी वाहन से तत्काल जिला अस्पताल ले गए, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतका श्यामू ढोटे अपने पीछे चार बेटों का परिवार छोड़ गई हैं। जिला अस्पताल पुलिस चौकी ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम शुरू कर दिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। बारिश में बढ़ रहे मामलेबारिश के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं। जलभराव और नमी के कारण सांप अपने बिलों से निकलकर घरों, खेतों और आबादी वाले इलाकों में आ जाते हैं। ऐसे में खेतों में काम करते समय मजबूत जूते पहनने, झाड़ियों और घास वाले स्थानों पर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। साथ ही, घर के अंधेरे कमरों या स्टोर में जाने से पहले टॉर्च का उपयोग करना चाहिए। सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय बर्बाद न करें, बल्कि पीड़ित को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाकर उपचार कराएं।
नोएडा में स्कूली बच्चों को कार ने मारी टक्कर:3 बच्चे और एक महिला घायल, चालक मौके से फरार
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख कोतवाली क्षेत्र स्थित पंचशील ग्रीन-2 सोसायटी के बाहर बुधवार सुबह स्कूल बस का इंतजार कर रहे बच्चों को एक कार ने टक्कर मार दी। हादसे में तीन स्कूली बच्चे और एक महिला घायल हो गए। सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कार चला रही महिला सोसायटी से बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए निकल रही थी। गेट से बाहर आते समय कार का संतुलन बिगड़ गया और ब्रेक की जगह एक्सीलरेटर दबने से कार अनियंत्रित होकर स्कूटी से टकरा गई। इसके बाद स्कूटी बच्चों पर जा गिरी। हादसे के बाद महिला मौके से फरार हो गई। स्कूटी से टकराने के बाद बच्चों पर गिरी प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार सोसायटी के गेट से निकलते ही अनियंत्रित हो गई। कार सड़क किनारे खड़ी स्कूटी से टकराई, जिससे स्कूटी उछलकर स्कूल बस का इंतजार कर रहे बच्चों पर जा गिरी। हादसे में तीन बच्चे और एक महिला घायल हो गए। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी को घर भेज दिया। हादसे के बाद बच्चों के अभिभावकों और सोसायटी के निवासियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि सुबह के समय बड़ी संख्या में बच्चे यहां स्कूल बस का इंतजार करते हैं, लेकिन ट्रैफिक नियंत्रण और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। मोबाइल फोन इस्तेमाल करने का आरोप सोसायटी के कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि हादसे के दौरान कार चला रही महिला का ध्यान मोबाइल फोन पर था। हालांकि, पुलिस ने इस दावे की अभी तक पुष्टि नहीं की है। बिसरख थाना प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने बताया कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लोगों ने की सुरक्षा बढ़ाने की मांग स्थानीय निवासियों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल समय के दौरान सोसायटी के बाहर ट्रैफिक नियंत्रण, स्पीड ब्रेकर और सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
गोरखपुर स्थित गीता प्रेस के ट्रस्टी देवी दयाल अग्रवाल की माता दर्शन देवी का बुधवार सुबह 5 बजे निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रही थीं। उनके निधन की खबर से गोरखपुर के व्यापारिक और सामाजिक क्षेत्र के साथ-साथ गीता प्रेस परिवार में भी शोक का माहौल है। दर्शन देवी की अंतिम यात्रा बुधवार सुबह 9:30 बजे उनके निजी आवास से पूरे रीति-रिवाज के साथ निकली। परिजन और करीबी लोग पार्थिव शरीर को लेकर वाराणसी (बनारस) के लिए रवाना हो चुके हैं। उनका अंतिम संस्कार हरिश्चंद्र घाट पर किया जाएगा, जहां परिवार और सगे-संबंधी उन्हें अंतिम विदाई देंगे। शुभचिंतकों और रिश्तेदारों ने जताया दुखइस दुखद घड़ी में देवी दयाल अग्रवाल के आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा रहा। शहर के कई नागरिकों, रिश्तेदारों, व्यापारियों और गीता प्रेस के कर्मचारियों ने उनके निवास पर पहुंचकर और सोशल मीडिया के जरिए परिवार को ढांढस बंधाया। सभी ने दर्शन देवी की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।
पलवल में कैंप थाना पुलिस ने दिल्ली पुलिस के सहयोग से तीन माह पहले हुए एक ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझा ली है। दो नशा तस्कर दोस्तों ने पैसों के लेनदेन को लेकर दिल्ली में हत्या कर शव को कैंप थाना क्षेत्र में फेंका था। कैंप थाना पुलिस ने हत्या के आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सीआईए प्रभारी जगमिंद्र सिंह ने बताया कि 7 अप्रैल को कैंप थाना अंतर्गत पन्ना विहार कॉलोनी के एक खाली प्लॉट में एक युवक का लहूलुहान शव मिला था। व्यक्ति के सिर, शरीर और पैरों पर तेजधार हथियार के गहरे जख्म थे। कॉलोनी निवासी हिमांशु की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी। दिल्ली पुलिस की पूछताछ में हुआ खुलासा दिल्ली सीआईए रोहिणी टीम ने 11 जून को हथियारों की तस्करी के आरोप में दिल्ली के शाहबाद डेरी निवासी सुजीत उर्फ साधु और राजा बाबू उर्फ करण को गिरफ्तार किया। दिल्ली पुलिस ने जब आरोपियों से अन्य वारदातों के बारे में सख्ती से पूछताछ की, तो उन्होंने अपने साथी की हत्या कर शव को पलवल में फेंकने की बात कबूल की। उन्होंने बताया कि उन्होंने दिल्ली के नजफगढ़ के प्रेम नगर निवासी रूप सिंह की हत्या की थी। रुपए हड़पने पर किया था मर्डर पुलिस पूछताछ में सुजीत और राजा बाबू ने बताया कि वे गांजा बेचने का धंधा करते हैं। मृतक रूप सिंह उनके लिए ओडिशा से गांजा लाने का काम करता था। मार्च 2026 में आरोपी सुजीत ने रूप सिंह को गांजा लाने के लिए 60 हजार रुपए दिए थे, जिसे रूप सिंह ने हड़प लिया था। इसी रंजिश के चलते 6 अप्रैल को आरोपियों ने रूप सिंह को तुगलकाबाद पुराने किले के पास एक पार्क में बुलाया। वहां पैसों को लेकर हुए विवाद में आरोपियों ने बीयर की बोतल और चाकू से हमला कर रूप सिंह को लहूलुहान कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। हेलमेट लगा स्कूटी पर पलवल लाए थे शव आरोपियों ने कबूला कि वारदात के बाद पकड़े जाने के डर से साजिस रची और बेहोशी की हालत में लहुलुहान रुप सिंह को उसी की स्कूटी पर रात के अंधेरे में बीच में हेलमेट लगाकर बिठाया और पलवल तक मृत अवस्था में ले आए। पलवल के अगवानपुर गांव केपास गंदे नाले पर स्थित पन्ना कॉलोनी में खाली प्लाट में शव को फेंककर फरार हो गए। आरोपी मृतक की जेब से उसके मोबाइल फोन व 700 रुपये भी निकाल कर अपने साथ ले गए।
औरैया में पूर्व राज्यमंत्री लाखन सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को 11 बजे जिलाधिकारी से मुलाकात की। इस दौरान आवास विकास कॉलोनी की मूलभूत सुविधाओं और अव्यवस्थाओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई। बैठक में जिलाधिकारी के साथ आवास विकास परिषद और नगर पालिका के अधिकारी भी मौजूद थे। प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को बताया कि आवास विकास क्षेत्र में लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिससे स्थानीय निवासियों को दैनिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सड़क, जलनिकासी, साफ-सफाई, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था सहित अन्य नागरिक सुविधाओं में सुधार की मांग की। पूर्व राज्यमंत्री लाखन सिंह ने अधिकारियों से इन समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने का आग्रह किया। लाखन सिंह ने जनहित से जुड़े कार्यों में तेजी लाने पर भी जोर दिया। इस बैठक में आवास विकास जनकल्याण समिति के संरक्षक दिनेश मिश्रा, अध्यक्ष डॉ. एस.एस.एस. परिहार, अधिवक्ता देवेंद्र त्रिपाठी, व्यापारी नेता अनुराग अग्रवाल, भारत विकास परिषद के सचिव देवमुनि पोरवाल और भाजपा नेता अवधेश शुक्ला सहित समिति के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।
उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना और डीबीटी वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर (डीपीआरसी) में हुआ, जिसमें जिलाधिकारी (डीएम), पुलिस अधीक्षक (एसपी) समेत कई जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। यह महत्वाकांक्षी कार्यक्रम सुबह साढ़े 11 बजे शुरू हुआ और लगभग एक घंटे तक चला। जिला स्तर पर कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया, जबकि तहसील मुख्यालयों पर भी विशेष आयोजन हुए। इन आयोजनों के माध्यम से लाभार्थियों को योजना की जानकारी दी गई और कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए गए। 3 तस्वीरें देखिए- अमेठी जिले में इस योजना से कुल 10,203 कार्मिक लाभान्वित हुए हैं। इनमें 4,360 शिक्षक, 1,530 शिक्षामित्र, 267 अनुदेशक, 106 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के कार्मिक, 40 स्पेशल एजुकेटर और 3,900 मध्याह्न भोजन रसोइया शामिल हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय तिवारी ने बताया कि जिला स्तरीय कार्यक्रम गौरीगंज के जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर में आयोजित किया गया था। इसके साथ ही सभी तहसीलों में भी ऐसे कार्यक्रम हुए। इन आयोजनों में जनप्रतिनिधि, जनपद स्तरीय अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि और शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के उद्बोधन का सजीव प्रसारण किया गया, जिसके बाद पात्र लाभार्थियों को कैशलेस कार्ड और डीबीटी के माध्यम से विभिन्न लाभ वितरित किए गए।
हाईकोर्ट के जस्टिस एनके चंद्रवंशी ने कहा है कि यदि भर्ती विज्ञापन में किसी खास दिव्यांगता को अयोग्य नहीं माना गया है, तो चयन प्रक्रिया पूरी होने और सेवा में आने के बाद सरकार किसी प्रशासनिक कमेटी की रिपोर्ट का हवाला देकर कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाल सकती। कोर्ट ने शारीरिक शिक्षा शिक्षक (पीटीआई) के पद पर तैनात दो दृष्टिबाधित शिक्षकों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए सरकार के रवैये को मनमाना बताया है। साथ ही बर्खास्तगी आदेश और नोटिस को निरस्त कर दिया है। दरअसल, संचालनालय लोक शिक्षण, रायपुर ने 9 मार्च 2019 को व्याख्याता, शिक्षक और सहायक शिक्षक के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इसमें दिव्यांगों के लिए कानून के तहत आरक्षण का प्रावधान था, लेकिन यह स्पष्ट नहीं था कि किस कैटेगरी के दिव्यांग अपात्र होंगे। 40% दृष्टिबाधित शिव शंकर साहू और नील कुमारी ने शिक्षक (शारीरिक शिक्षा) पद के लिए आवेदन किया और पूरी चयन प्रक्रिया व दस्तावेजों के सत्यापन के बाद 24 अगस्त 2021 को उनकी नियुक्ति हो गई। वे अपनी सेवाएं दे रहे थे। डेढ़ साल बाद जॉइन डॉयरेक्टर ने जारी किया नोटिसनियुक्ति के करीब डेढ़ साल बाद19 जनवरी 2023 को संयुक्त संचालक (शिक्षा) बिलासपुर ने दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। नोटिस में कहा गया कि विभाग की एक प्रशासनिक कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार, पीटीआई शिक्षक के लिए केवल एक हाथ से प्रभावित और कम सुनने वाले दिव्यांग ही योग्य हैं। इस आधार पर शिव शंकर साहू को सेवा समाप्ति का नोटिस मिला, जबकि नील कुमारी की सेवाएं 6 फरवरी 2023 को समाप्त कर दी गईं। दोनों ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। संविधान दिव्यांग और सामान्य नागरिक में भेद नहीं करताहाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 का हवाला देते हुए कहा कि- हमारा संविधान नागरिकों के बीच कोई वर्ग या भेद नहीं करता। यह दिव्यांगों और सामान्य नागरिकों को समान अवसर प्रदान करने की वकालत करता है। किसी प्रशासनिक समिति की सिफारिश, जिसके पास कोई वैधानिक शक्ति नहीं है, संसद द्वारा बनाए गए कानून और नागरिकों के अधिकारों को नहीं छीन सकती। दिव्यांगों के अवसर बढ़ा सकते हैं, कम नहींइसके अलावा कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग के 2014 के सर्कुलर के अनुसार, विभाग दिव्यांगों के अवसरों को बढ़ा तो सकते हैं, लेकिन पहले से तय पदों को कम नहीं कर सकते। याचिकाकर्ताओं ने कोई जानकारी नहीं छुपाई थी, इसलिए विभाग अपनी ही गलती का ठीकरा कर्मचारियों पर नहीं फोड़ सकता। हाई कोर्ट ने शिव शंकर साहू की सेवा समाप्ति के लिए जारी कारण बताओ नोटिस को रद्द कर दिया है। चूंकि वे वर्तमान में सेवा में हैं, इसलिए वे पद पर बने रहेंगे। वहीं, नील कुमारी की बर्खास्तगी आदेश को निरस्त कर दिया है। पूरा वेतन व सीनियारिटी का लाभ मिलेगाहाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया गया है कि आदेश मिलने के 30 दिनों के भीतर उन्हें नौकरी पर वापस लिया जाए और बर्खास्तगी की तारीख से लेकर बहाली तक का पूरा पिछला वेतन व सीनियरिटी के लाभ दिए जाएं।
खरीफ सीजन में रासायनिक खाद के साथ-साथ हरी खाद को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर ढैंचा और मूंग के बीज उपलब्ध करा रहा है। जिले में इस साल 1,000 एकड़ क्षेत्र में हरी खाद तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए किसानों के बीच बीजों का वितरण और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कृषि विभाग के अनुसार जिले में खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। सहकारी समितियों और अधिकृत निजी विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक निर्धारित लक्ष्य के 59 प्रतिशत उर्वरकों का भंडारण और करीब 44 प्रतिशत का वितरण किया जा चुका है।उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने की कोशिश यूरिया की उपलब्धता भी पर्याप्त बताई गई है। विभाग के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से अब तक निर्धारित लक्ष्य का 72 प्रतिशत यूरिया भंडारित किया जा चुका है। किसान अपनी जरूरत के अनुसार सहकारी समितियों और अधिकृत विक्रेताओं से यूरिया सहित अन्य उर्वरक खरीद सकते हैं। उर्वरकों की कालाबाजारी और अधिक कीमत पर बिक्री रोकने के लिए कृषि विभाग ने निजी उर्वरक दुकानों पर अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। विभाग ने किसानों से अपील की है कि यदि कहीं निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूली जाए या कालाबाजारी की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें, ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
भरतपुर के दारापुर गांव के पास रात करीब 11 बजे एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई। घटना में एक महिला की मौत हो गई। वहीं करीब 15 सवारियां घायल हो गई। यात्रियों ने बताया कि बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने शराब पी हुई थी और, वह चलती में बस में किराए को लेकर झगड़ा कर रहे थे। इसलिए वह अनियंत्रित हुई थी। बस में 40 सवारियां सवार थी सुनील निवासी बानपुर जिला धौलपुर ने बताया कि कल मैं और मेरी मां गुड्डी और मैं धौलपुर से जयपुर स्लीपर कोच बस से जा रहे थे। बस में करीब 40 सवारियां था। बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने शराब पी हुई थी। दोनों चलती बस में एक दूसरे से बस के किराए को लेकर झगड़ा कर रहे थे। दारापुर गांव के पास हुआ हादसा बस का ड्राइवर काफी स्पीड में बस चला रहा था। ऊंचा नगला चौकी के पास दारापुर गांव के इलाके में अचानक बस अनियंत्रित होकर पलट गई। बस के पलटते ही मौके पर चीख पुकार मच गई। राहगीरों ने हादसे को देखा तो, उन्होंने रूककर सभी यात्रियों को बस से बाहर निकाला। मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। एक महिला की मौत जिन यात्रियों के चोटें आई उन्हें एम्बुलेंस के जरिए आरबीएम अस्पताल लाया गया। वहीं गुड्डी को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। करीब 15 यात्रियों को मामूली चोटें आई थी। उन्हें उपचार दिया गया। जिसके बाद वह धौलपुर चले गए। ड्राइवर की लापरवाही से पलटी बस सेवर थाने के ASI वृंदावन सिंह ने बताया कि कल रात करीब 11 बजे एक प्राइवेट बस पलट गई। बस ड्राइवर की लापरवाही की वजह से पलटी। सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। घटना में एक महिला की मौत हो गई। मृतक महिला के शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
हापुड़ के बाबूगढ़ थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-9 (NH-9) पर स्थित उपैड़ा फ्लाईओवर पर मंगलवार देर रात एक सड़क हादसा हो गया। राजस्थान के एक मंदिर के पुजारी जीप का पंचर टायर बदल रहे थे, तभी एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में पुजारी की मौके पर ही मौत हो गई और उनकी जीप भी क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर रात करीब 01:45 बजे एनएचएआई (NHAI) की पेट्रोलिंग टीम ने बाबूगढ़ पुलिस को घटना की सूचना दी। जांच में पता चला कि जीप का टायर पंचर होने के कारण चालक ने वाहन को फ्लाईओवर पर रोका था। वह जैक लगाकर स्टेपनी बदल रहे थे, तभी पीछे से आए एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से मृतक की शिनाख्त की। उनकी पहचान 60 वर्षीय भगवान दास के रूप में हुई, जो राजस्थान के दौसा जनपद के लिलोज गांव स्थित बालाजी मंदिर में पुजारी थे। पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दी और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। बाबूगढ़ थाना प्रभारी के अनुसार, दुर्घटना के बाद क्षतिग्रस्त वाहन के कारण फ्लाईओवर पर कुछ देर के लिए यातायात बाधित हो गया था। पुलिस टीम ने क्रेन की मदद से जीप को हाईवे से हटवाकर यातायात सामान्य कराया। पुलिस ने अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है।
पलामू के पड़वा प्रखंड स्थित सिक्का गांव में एक ही परिवार के छह सदस्यों की 19 दिनों के भीतर मौत हो गई है। यह सिलसिला 19 जून से शुरू हुआ था। मंगलवार रात रिम्स में भर्ती लाखो देवी ने भी दम तोड़ दिया, जो इस परिवार की छठी मृतक है। परिवार का सातवां सदस्य अभी भी रिम्स में इलाजरत है, जबकि कुल नौ सदस्यों में से अब केवल तीन ही बचे हैं। इधर, स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, आर्गेमोन (कंटीले) मिले विषाक्त सरसों तेल के सेवन से ड्रॉप्सी बीमारी के कारण उनकी हालत बिगड़ी थी। 6 जुलाई को लाखो देवी की रिम्स में हुई मौत इस परिवार में पहली मौत 19 जून को मुखिया कुलदीप महतो की हुई थी। इसके अगले दिन 20 जून को उनकी बेटी बबिता कुमारी का निधन हो गया। 26 जून को दूसरी बेटी इंदु कुमारी ने भी दम तोड़ दिया। 28 जून को कुलदीप की बहू श्वेता और बेटे नकुल मेहता की मौत हुई। नवीनतम मौत 6 जुलाई को कुलदीप की पत्नी लाखो देवी की रिम्स में हुई। स्वास्थ्य विभाग ने परिवार में हो रही लगातार मौतों के कारणों का पता लगाने के लिए उनके घर के खाने-पीने के सामानों की लैब जांच कराई थी। जांच में सरसों के तेल में आर्गेमोन (कंटीले) तेल की मिलावट पाई गई। पता चला है कि इस परिवार ने लगभग डेढ़ महीने पहले अपने खेत के सरसों से तेल निकलवाया था। परिवार के नौ सदस्यों में से अब केवल तीन ही बचे हैं। कुलदीप का एक बेटा अनुज मेहता मजदूरी के सिलसिले में गांव से बाहर रहने के कारण स्वस्थ है। वहीं, कुलदीप का पोता और सुनील का पुत्र अपनी नानी के घर पर था, जिससे वह भी सुरक्षित है। घर में निकाले गए तेल के उपयोग पर रोकमामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सिक्का गांव के 195 घरों के 1378 लोगों का स्वास्थ्य सर्वे किया। इसमें संदिग्ध लगने पर 59 लोगों का ब्लड सैंपल लिया गया था। सभी स्वस्थ पाए गए। वहीं, विभाग ने स्थानीय प्रशासन को दूषित तेल के इस्तेमाल से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने की सलाह दी है। इसके अलावा कृषि विभाग को सरसों की फसलों में उगने वाले कटेली जैसे जहरीले खरपतवार को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने की सिफारिश की गई है।
मंजू प्रजापति जब से पार्षद बनी हैं, कभी समाज के बीच नहीं आईं। वोट लेकर जीत जाते हैं, फिर पब्लिक को परेशान करते हैं…। यह नाराजगी राजामंडी की कृष्णा सागर ने जाहिर की। वार्ड-83 के ज्यादातर लोगों की प्रतिक्रिया भी ऐसी ही है। यहां के लोग सुबह चार बजे से पानी की लाइन में खड़े होने को मजबूर हैं। सीवर सड़कों पर उफन रहा है। गोकुलपुरा में नाले की टूटी बाउंड्री वॉल 20 दिन बाद भी ठीक नहीं की गई है। गलियां कूड़े के ढेर से पटी हैं। दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा में लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आया। उनका कहना है कि पूरा वार्ड मूलभूत सुविधाओं से दूर है। तीन साल बाद भी गंगाजल योजना का लाभ मिलना शुरू नहीं हुआ। सड़कें टूटी हैं। नालियां चोक हैं। स्ट्रीट लाइट खराब हैं। दैनिक भास्कर वार्ड परिक्रमा अभियान चला रहा है। इसी कड़ी में वार्ड-83 राजामंडी का जायजा लिया गया... बाल्मीक बस्ती में समर्सिबल से पानी भरने के लिए लोगों की लाइन सुबह चार बजे से ही लग जाती है। लोगों ने बताया कि घरों में नगर निगम पानी की सप्लाई नहीं कर पा रहा है। गोकुलपुरा में नाले में गिरी बाउंड्री वॉल हर समय हादसे का खतरा पैदा करती नजर आई। वहीं वार्ड का सेल्फी पॉइंट कूड़ा और मलबा डालने की जगह में तब्दील मिला, जिससे क्षेत्र की बदहाल सफाई व्यवस्था साफ नजर आती है। पहले ये नजारा देखिए... पेयजल संकट ने बढ़ाई लोगों की परेशानी वार्ड की सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है। बाल्मीक बस्ती समेत कई इलाकों में गंगाजल की लाइन नहीं है। लोग सुबह चार बजे से समरसेबल पर पानी भरने के लिए कतार में लग जाते हैं, लेकिन कई बार दो से तीन घंटे इंतजार के बाद भी पानी नहीं मिल पाता। स्थानीय लोगों का कहना है कि टंकी की पाइपलाइन में दूषित पानी आता है, जो पीने योग्य नहीं है। मजबूरी में लोगों को दूसरे इलाकों से पानी लाना या खरीदकर पीना पड़ रहा है। वार्ड की बड़ी समस्याएं पेयजल संकट: गंगाजल की लाइन नहीं होने से हजारों लोग दूषित पानी पीने या दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। सीवर ओवरफ्लो: पुरानी और जाम सीवर लाइनें लगातार उफन रही हैं, जिससे सड़कों पर गंदा पानी बह रहा है। चोक नालियां और गंदगी: नियमित सफाई नहीं होने से नालियां जाम हैं और जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। टूटी सड़कें और जलभराव: सड़कें जर्जर हैं। हल्की बारिश में भी गलियां पानी से भर जाती हैं। टूटी नाले की बाउंड्री वॉल: गोकुलपुरा में नाले की दीवार टूटने से बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ है। लोग बोले- पानी के लिए रातभर जागना पड़ता है स्थानीय लोगों ने बताया कि गोकुलपुरा में नाले की टूटी दीवार कई दिनों बाद भी नहीं बनाई गई। नाले की बाउंड्री टूटने से कूड़ा जमा हो जाता है और बारिश में गलियां डूब जाती हैं। पानी भरने के लिए सुबह चार बजे उठना पड़ता है। सफाई व्यवस्था भी सवालों के घेरे में स्थानीय लोगों का कहना है कि संकरी गलियों में कूड़ा गाड़ी नियमित नहीं पहुंचती। सफाईकर्मियों की कमी के कारण गली-गली कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। कूड़ा नालियों में गिरकर उन्हें जाम कर देता है, जिससे सीवर का पानी सड़कों पर बहने लगता है। लोगों की मांग है कि नियमित सफाई, शुद्ध पेयजल और जलनिकासी की व्यवस्था तत्काल सुधारी जाए। सीवर ओवरफ्लो और जाम नालियों से बदहाल गलियां राजामंडी, सेंट जॉन, अखाड़ा बाल्मीक बस्ती और गोकुलपुरा में कई स्थानों पर सीवर का गंदा पानी सड़कों पर बहता मिला। नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से जलनिकासी व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित है। लोगों का कहना है कि हल्की बारिश में ही गलियां और घरों के सामने पानी भर जाता है। दुर्गंध और गंदगी के कारण लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया है। टूटी सड़कें और जर्जर नाला बना खतरा गोकुलपुरा में बारिश के दौरान बड़े नाले की बाउंड्री वॉल टूटकर नाले में गिर गई। कई दिन बीत जाने के बाद भी इसकी मरम्मत नहीं हुई, जिससे राहगीरों और बच्चों के लिए हादसे का खतरा बना हुआ है। राजामंडी स्टेशन पर सीएम ग्रिड परियोजना के तहत सड़क खोदने के बाद महीनों से निर्माण अधूरा पड़ा है। उड़ती धूल से दुकानदारों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सेल्फी पॉइंट फिर बना कूड़ाघर नालबंद चौराहे के पास नगर निगम ने जिस स्थान को कूड़ाघर से बदलकर सेल्फी पॉइंट बनाया था, वहां अब फिर कूड़ा और मलबा डाला जा रहा है। आसपास रहने वाले लोगों और मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को बदबू और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। हैंडीक्राफ्ट बाजार पर भी पड़ा असर गोकुलपुरा का हैंडीक्राफ्ट बाजार कभी विदेशी पर्यटकों की पसंद था, लेकिन सीवर, गंदगी और स्ट्रीट लाइट की समस्या के कारण पर्यटकों की आवाजाही कम हो गई है। व्यापारियों का कहना है कि इससे कारोबार पर सीधा असर पड़ा है। ----------- ये खबर भी पढ़िए… 10 साल से ‘गंगाजल’ का इंतजार कर रहे वार्डवासी:आगरा के वार्ड-96 में गलियों में बह रहा सीवर का पानी ,पार्षद बोले-दो साल में सीवर समस्या खत्म करेंगे वार्ड-96 धनकोट फुव्वारा में पिछले 10 साल से लोग साफ पानी को तरस रहे हैं। ये हालात तब हैं जब आगरा नगर निगम गंगाजल परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करता है। महिलाएं आधा किलोमीटर दूर से पानी ढोकर लाने को मजबूर हैं। घरों का मल-मूत्र खुली नालियों में बह रहा है। सीवर जाम हैं और गलियों में कूड़े के ढेर लगे हैं। दूसरी ओर पार्षद 100% विकास का दावा कर रही हैं। दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा में जमीनी तस्वीर इन दावों से बिल्कुल उलट मिली। कहीं खुला सीवर हादसे को दावत दे रहा है, कहीं टूटी सड़कें और अवैध तबेले लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… ----------- ये खबर भी पढ़िए… वार्ड-95 में विधायक के घर के सामने कूड़े का ढेर:बादशाह शाहजहां ने बसाया था बाग फरजाना वार्ड, लोग बोले-कभी नवाबी थे ठाठ आगरा के बाग फरजाना वार्ड में रहने वालों के कभी नवाबी ठाठ हुआ करते थे। यहां के लोग बताते हैं कि शहर के इस हिस्से में हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध थी। मुगलकाल में बादशाह शाहजहां ने अपनी बेगम की याद में इसे बसाया था। अब हालात ऐसे हैं कि सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। विधायक के आवास के सामने भी कूड़े का ढेर और टूटी सड़कें नजर आती हैं। यहां की हवा में सीवर की सड़ांध है। पूरी खबर पढ़ें…
बागपत के किसानों ने एडीएम से की मुलाकात:यूपीसीडा भूमि अधिग्रहण का विरोध, उचित बाजार मूल्य की मांग
बागपत के चांदीनगर क्षेत्र में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा)के लिए 12 गांवों की भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है।इन गांवों में सिंगोली,गौना,सुभानपुर,लहचोड़ा, नगला बहान,भगौट,फुलैरा,सरफाबाद, टुकाली,गढ़ी और नवादा शामिल हैं। इस प्रस्तावित अधिग्रहण के विरोध में किसान संघर्ष समिति के 6 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को अपर जिलाधिकारी से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किसान संघर्ष समिति 12 गांव के अध्यक्ष मास्टर विजयपाल यादव, डॉ. वेद प्रकाश शर्मा, उपाध्यक्ष बाबूराम त्यागी और प्रधान सिंगोली तगा ने किया। प्रतिनिधिमंडल ने अपर जिलाधिकारी को बताया कि 16 जून को हुई पिछली बैठक में यूपीसीडा अधिकारियों ने 15 दिन का समय मांगा था।उन्होंने आश्वासन दिया था कि इस अवधि में यह स्पष्ट किया जाएगा कि किसानों की भूमि का अधिग्रहण सर्किल रेट पर होगा या बाजार रेट पर।यह समयावधि पूरी होने के बाद किसान बुधवार को पुनः अपर जिलाधिकारी से मिले। अपर जिलाधिकारी ने किसानों को बताया कि यूपीसीडा को अभी 2 से 4 दिन का अतिरिक्त समय दिया जाए।उन्होंने कहा कि यूपीसीडा द्वारा किए गए कार्यों के संबंध में जल्द ही एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की जाएगी।आवश्यक जानकारी मिलने के बाद ही यह निर्णय लिया जाएगा कि किस गांव की भूमि किस आधार पर अधिग्रहित की जाएगी।उन्होंने किसानों से फिलहाल अपनी सहमति देने का आग्रह किया, जबकि मुआवजे की दरों की जानकारी सहमति प्राप्त होने के बाद ही दी जाएगी। इस पर किसानों ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि वर्तमान सर्किल रेट पिछले लगभग 10 वर्षों से नहीं बढ़ा है और यह वास्तविक बाजार मूल्य से काफी कम है। किसानों के अनुसार, क्षेत्र में भूमि का बाजार मूल्य लगभग 1.50 करोड़ से 1.65 करोड़ रुपये प्रति बीघा है। उन्होंने मांग की कि भूमि का अधिग्रहण बाजार दर पर ही किया जाए।किसानों ने यह भी स्पष्ट किया कि वे बाजार मूल्य से कम दर पर अपनी भूमि देने के लिए तैयार नहीं हैं,भले ही परियोजना लगे या न लगे। अपर जिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि पुराने मामलों को भी विचाराधीन रखा जाएगा और किसानों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा।उन्होंने 2 से 4 दिन के भीतर स्थिति से पुनः अवगत कराने का आश्वासन दिया।
शामली में कैशलेस चिकित्सा, डीबीटी कार्यक्रम आयोजित:डीएम आलोक यादव और बीएसए संतोष कुमार ने की शिरकत
जनपद शामली में बुधवार, 8 जुलाई को कैशलेस चिकित्सा योजना और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के अंतर्गत एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिलाधिकारी आलोक यादव और बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने योजनाओं के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सरकार पात्र लाभार्थियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था लागू कर रही है, ताकि उन्हें उपचार के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। अधिकारियों ने यह भी बताया कि डीबीटी प्रणाली के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाया जा रहा है। इससे योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ी है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है। जिलाधिकारी आलोक यादव ने इस अवसर पर कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचे। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि लाभार्थियों के सत्यापन और भुगतान की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए। बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार ने शिक्षा विभाग से जुड़े लाभार्थियों को डीबीटी प्रणाली से मिलने वाले लाभों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को योजनाओं का पूरा लाभ दिलाना विभाग की प्राथमिकता है। इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित रहे।
मिर्जापुर में मुख्यमंत्री के जनपद दौरे के दौरान करणी सेना के जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार ने खुद को 'हाउस अरेस्ट' किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि जिला प्रशासन ने उन्हें उनके चंदईपुर स्थित आवास पर ही रोक दिया और उनसे समस्याओं से संबंधित ज्ञापन वहीं प्राप्त किया। गहरवार मुख्यमंत्री को जिले की जर्जर सड़कों, जलभराव, नटवा ओवरब्रिज के नीचे जल निकासी की समस्या और स्वास्थ्य विभाग में कथित 6.82 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार सहित विभिन्न मुद्दों पर ज्ञापन सौंपना चाहते थे। दिलीप सिंह गहरवार के अनुसार, मुख्यमंत्री से मिलकर जनसमस्याओं और कथित भ्रष्टाचार के मामलों से अवगत कराने का कार्यक्रम दो दिन पहले ही तय किया गया था। उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री के आगमन से पहले पुलिस और प्रशासन ने उन्हें उनके चंदईपुर स्थित आवास पर ही रोक दिया। उन्होंने इस कार्रवाई को 'हाउस अरेस्ट' बताते हुए कहा कि प्रशासन ने उनके आवास पर पहुंचकर ही ज्ञापन स्वीकार किया। विंध्याचल में सपा नेता अवनीश मिश्रा को भी कथित तौर पर 'हाउस अरेस्ट' किया गया। गहरवार ने आरोप लगाया कि यदि जनता अपनी समस्याएं सीधे शासन तक नहीं पहुंचा सकती तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। करणी सेना जिलाध्यक्ष ने दावा किया कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को सार्वजनिक होने से रोकना चाहती है। उन्होंने अपने ज्ञापन में उठाए गए सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। इस दौरान अभिषेक सिंह धवल, डॉ. अवनीश सिंह गहरवार, शाश्वत सिंह, पुष्कर सिंह राठौर, अनुराग सिंह, विनीत सिंह, उदय सिंह, प्रीतम सिंह, युवराज सिंह, अभय सिंह सहित बड़ी संख्या में करणी सेना के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भोपाल के पुराने शहर में मंगलवार देर रात पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध पर लगाम लगाने के लिए सघन चेकिंग और सर्च अभियान चलाया। इस दौरान कई थाना क्षेत्रों में प्रमुख चौराहों, बाजारों और संवेदनशील इलाकों में बैरिकेड्स लगाकर वाहनों की जांच की गई। संदिग्ध लोगों से पूछताछ पुलिस ने देर रात बिना उचित कारण घूम रहे लोगों से पूछताछ की और उनकी पहचान की जांच की। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए आवश्यक कार्रवाई भी की गई। अभियान के दौरान दोपहिया और चारपहिया वाहनों के दस्तावेज जांचे गए। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई। संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों में पैदल गश्त भी की। लोगों से अपील की गई कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। आगे भी जारी रहेगा अभियान डीसीपी आयुष गुप्ता ने बताया कि अपराधियों में कानून का डर बनाए रखने और शहर में शांति बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के साथ-साथ ट्रैफिक नियमों का पालन कराने के लिए भी नियमित कार्रवाई जारी रहेगी।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में 53 किलोग्राम गांजा तस्करी के मामले में कोर्ट ने दो आरोपियों को 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों दोषियों पर 1-1 लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। यह मामला 9 जनवरी 2024 का है। थाना बोराई पुलिस बैरियर नाका पर वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान ओडिशा की ओर से आ रही मारुति ज़ेन LX कार (MP-20-FA-2513) को संदेह के आधार पर रोककर तलाशी ली गई। कार से 53 किलो गांजा बरामद तलाशी के दौरान कार की डिक्की और बीच की सीट पर रखी तीन प्लास्टिक बोरियों से कुल 53 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। कार में सवार तोषण विश्वकर्मा उर्फ राजा (सतना, मध्य प्रदेश) और विजय विश्वकर्मा (रीवा, मध्य प्रदेश) गांजा परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। 11.10 लाख रुपए की संपत्ति जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 53 किलोग्राम गांजा, मारुति कार, दो मोबाइल फोन और नकद राशि सहित कुल 11 लाख 10 हजार 800 रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की। दोनों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था। ठोस साक्ष्यों के आधार पर सुनाई गई सजा एडिशनल एसपी शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि धमतरी पुलिस की निष्पक्ष, वैज्ञानिक और सुदृढ़ विवेचना तथा न्यायालय में प्रस्तुत ठोस साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। तस्करों के लिए कड़ा संदेश एडिशनल एसपी ने कहा कि यह फैसला मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार में शामिल अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश है। धमतरी पुलिस की प्रभावी कार्रवाई और मजबूत अनुसंधान के सामने ऐसे अपराधियों का कानून से बच पाना संभव नहीं है। जांच अधिकारी को मिलेगा पुरस्कार इस प्रकरण में उत्कृष्ट विवेचना और प्रभावी साक्ष्य संकलन के लिए तत्कालीन विवेचना अधिकारी सहायक उपनिरीक्षक रामकृष्ण साहू को 500 रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। एसपी की ओर से उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा। वैज्ञानिक विवेचना पर जोर एडिशनल एसपी शैलेंद्र पांडेय ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और वैज्ञानिक जांच ही अपराधियों को न्यायालय से कठोर दंड दिलाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले विवेचना अधिकारियों को आगे भी प्रोत्साहित और सम्मानित किया जाएगा।
पीथमपुर के महाराणा प्रताप बस स्टैंड पर एक अज्ञात अधेड़ व्यक्ति का शव मिला है। यह घटना औद्योगिक नगर पीथमपुर के सेक्टर-1 थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस को सुबह फोन पर सूचना मिली थी कि बस स्टैंड परिसर में एक शव पड़ा है। सूचना मिलते ही सेक्टर-1 थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, मृतक के पास से कोई भी पहचान पत्र या दस्तावेज बरामद नहीं हुआ है, जिससे उसकी तत्काल शिनाख्त हो सके। पुलिस ने बताया कि मृतक के कपड़ों और शारीरिक हुलिए से वह गरीब प्रतीत होता है। पुलिस ने मृतक की पहचान स्थापित करने के लिए बस स्टैंड के आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। इसके अतिरिक्त, नजदीकी थानों को भी सूचित किया गया है ताकि गुमशुदगी के मामलों से मिलान किया जा सके। पुलिस ने शव का मर्ग कायम कर उसे पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पोस्टमार्टम रूम में रखवा दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
हरियाणा में इलेक्ट्रिक वाहनों (ई-व्हीकल) को बढ़ावा देने और प्रदूषण मुक्त पर्यावरण की दिशा में बिजली निगमों (डिस्कॉम) ने एक बड़ी शुरुआत की है। भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय की पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत अब पूरे प्रदेश में सार्वजनिक ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशनों का जाल बिछाया जाएगा। इसके लिए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) को राज्य की नोडल एजेंसी बनाया गया है। हरियाणा डिस्कॉम (DHBVN और UHBVN) के प्रबंध निदेशक (एमडी) विक्रम सिंह ने बताया कि इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए प्रदेशभर में उपयुक्त सरकारी जमीनों की पहचान शुरू कर दी गई है। सभी सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों और एजेंसियों से खाली पड़ी जमीनों का ब्योरा मांगा गया है। बिजली दफ्तरों के परिसरों में भी लगेंगे स्टेशन बिजली निगम अपने खुद के कार्यालय परिसरों और भवनों में भी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करेगा। इसके लिए ऐसे स्थानों को शॉर्टलिस्ट किया जा रहा है, जहां मुख्य सड़क से कनेक्टिविटी अच्छी हो और कम से कम 60 वर्गमीटर खाली जगह उपलब्ध हो। सभी मुख्य अभियंताओं (चीफ इंजीनियर्स) को समय रहते इसकी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। प्रोजेक्ट की बड़ी बातें: कहां और कितनी जमीन पर बनेंगे स्टेशन शहरों के अंदर: न्यूनतम 60 वर्गमीटर जमीन पर बनेंगे स्टेशन।हाईवे (नेशनल व स्टेट): न्यूनतम 300 वर्गमीटर जमीन पर विकसित होंगे आधुनिक स्टेशन।किन्हें मिलेगी जगह: सरकारी दफ्तरों, आवासीय परिसरों, अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और राजमार्गों के नजदीक खाली सरकारी जमीन को प्राथमिकता दी जाएगी। सबके लिए एंट्री फ्री, कोई पाबंदी नहीं प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह के मुताबिक, ये सभी सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन पूरी तरह आधुनिक होंगे। यहां फास्ट चार्जिंग की सुविधा मिलेगी, जिससे दोपहिया, तिपहिया, चारपहिया वाहनों के साथ-साथ बस और ट्रक भी चार्ज हो सकेंगे। खास बात यह है कि ये स्टेशन आम जनता के लिए बिना किसी पाबंदी के चौबीसों घंटे खुले रहेंगे। इससे प्रदेश में कार्बन उत्सर्जन कम करने और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने में बड़ी मदद मिलेगी।
खरगोन में तेज बारिश, स्कूल परिसर में भरा पानी:जिले में औसत 9.4 इंच दर्ज, अगले 3 दिन और बारिश के आसार
खरगोन जिले में बुधवार सुबह से मौसम ने अचानक करवट ले ली। सुबह करीब 9:30 बजे शुरू हुई तेज और रुक-रुककर होने वाली बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। जिले में अब तक औसतन 240 मिमी (करीब 9.4 इंच) बारिश दर्ज की जा चुकी है। लगातार हो रही बारिश का असर स्कूलों, यातायात और किसानों की खेती पर साफ दिखाई दे रहा है। स्कूल परिसर में भरा पानी तेज बारिश के कारण कुकडोल स्थित एक स्कूल परिसर में जलभराव की स्थिति बन गई। स्कूल पहुंचने वाली छात्राओं को पानी से होकर गुजरना पड़ा, जिससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई अभिभावक भी बच्चों को सुरक्षित स्कूल पहुंचाने के लिए साथ आए। बारिश के चलते सुबह के समय आवागमन भी प्रभावित रहा। लगातार बारिश से खेतों में रुका कृषि कार्य पिछले दो-तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण जिले में कृषि कार्य भी प्रभावित हो गया है। किसान अरविंद जायसवाल ने बताया कि गर्मी की कपास की फसल में तेजी से खरपतवार बढ़ रही है। लगातार गीली मिट्टी के कारण खेतों में कोलपे जैसे कृषि औजारों का उपयोग नहीं हो पा रहा है, जिससे फसल की देखरेख में परेशानी आ रही है। तीन दिन और होगी तेज बारिश मौसम विभाग ने खरगोन जिले के लिए अगले तीन दिनों तक तेज बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों से आवश्यक सावधानी बरतने और मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी है। लगातार बारिश को देखते हुए निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका भी व्यक्त की गई है। खरगोन में जारी बारिश ने आम जनजीवन के साथ-साथ खेती-किसानी को भी प्रभावित किया है। मौसम विभाग के अगले तीन दिनों के अलर्ट को देखते हुए प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप संचालक सौरभ चंद्राकर ओमान में अरेस्ट हुआ है। उस पर फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश करने का आरोप है। चंद्राकर पिछले कुछ समय से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रह रहा था। फ्री प्रेस जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, सौरभ को भारतीय एजेंसियों द्वारा जारी इंटरपोल के रेड नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद भारत सरकार ने उसे वापस लाने के लिए ओमान को औपचारिक प्रत्यर्पण की तैयारियों में जुटी है। चंद्राकर को ओमान की राजधानी मस्कट स्थित हाई-सिक्योरिटी अल खौद डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। बता दें कि सौरभ चंद्राकर छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है। वह करीब 5000 करोड़ रुपये के बेटिंग घोटाले का आरोपी है और 2019 से फरार है। फर्जी पासपोर्ट से ओमान पहुंचने का आरोप मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर के खिलाफ फर्जी पासपोर्ट के इस्तेमाल और अवैध तरीके से ओमान में प्रवेश करने का मामला दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि उसने अपनी पैरवी के लिए मस्कट में वकीलों की एक टीम भी नियुक्त की है। इंटरपोल रेड नोटिस बरकरार सौरभ चंद्राकर महादेव ऑनलाइन बुक मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल हैं। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय और CBI हजारों करोड़ रुपये के अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी, मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रहे हैं। हाल ही में इंटरपोल की Commission for the Control of INTERPOL's Files (CCF) ने चंद्राकर की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ जारी रेड नोटिस हटाने की मांग की थी। चंद्राकर का दावा था कि भारत में उनके खिलाफ मामला राजनीतिक कारणों से दर्ज किया गया है और उन्हें निष्पक्ष सुनवाई नहीं मिलेगी। लेकिन CCF ने कहा कि मामला वित्तीय अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है, न कि राजनीतिक उत्पीड़न से। इसलिए रेड नोटिस जारी रहेगा। क्या होता है रेड नोटिस इंटरपोल रेड नोटिस इंटरपोल द्वारा जारी किया जाने वाला एक अंतरराष्ट्रीय अलर्ट है। इसका उद्देश्य किसी ऐसे आरोपी या दोषी व्यक्ति का पता लगाना और उसे अस्थायी रूप से हिरासत में लेना होता है, ताकि बाद में उसका प्रत्यर्पण या कानूनी कार्रवाई की जा सके। भारत लाने में आ सकती हैं कानूनी अड़चनें मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सौरभ चंद्राकर ने CCF में सुनवाई के दौरान ही UAE छोड़ दिया था। अधिकारियों का मानना है कि फर्जी पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश करना उसकी एक सोची-समझी रणनीति हो सकती है, ताकि भारत प्रत्यर्पण प्रक्रिया में देरी हो। ओमान के कानून के तहत फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल गंभीर अपराध माना जाता है, जिसकी सजा 3 से 5 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकती है। 2024 में भी इंटरपोल रेड नोटिस पर हुई थी कार्रवाई 2019 से फरार चल रहे सौरभ चंद्राकर को UAE से भारत लाने की कोशिश की थी, लेकिन सफलता नहीं मिली। साल 2024 में दुबई में उसे कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में रिहा कर दिया गया। उस समय इंटरपोल के रेड नोटिस के आधार पर UAE अधिकारियों ने सौरभ चंद्राकर को हिरासत में लिया था और कुछ समय तक हाउस अरेस्ट में रखा था। भारत ने उसके प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध भी भेजा था, लेकिन उस पर अमल नहीं हो सका। अब तक 4336 करोड़ की संपत्तियां अटैच ED ने इस मामले में अब तक 175 से ज्यादा ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन किए हैं। 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 74 लोगों को आरोपी बनाया गया। साथ ही रायपुर की विशेष PMLA अदालत में 5 प्रॉसिक्यूशन शिकायतें दाखिल की गई हैं। एजेंसी के मुताबिक, अब तक इस मामले में कुल 4336 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियां अटैच, सीज या फ्रीज की जा चुकी हैं। ……………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… दुबई में सौरभ की 18 प्रॉपर्टी जब्त, बुर्ज-खलीफा में अपार्टमेंट: महादेव सट्टे के पैसे से खरीदे लग्जरी बंगले-कार, 1700 करोड़ की संपत्ति अटैच महादेव सट्टा ऐप के प्रमोटर के साथ पं. प्रदीप मिश्रा: दुबई बुलाकर कराई कथा, भूपेश बोले- डबन इंजन का हाथ, महादेव ऐप के साथ सट्टा किंग के करीबी की लग्जरी शादी की 15 तस्वीरें: आलीशान होटल में विदेशी लड़कियों का डांस, बॉलीवुड सितारे आए, वर्ल्ड-क्लास डेकोरेशन में खर्चे करोड़ों
लखनऊ में 8 जुलाई को चिनहट की एक महिला पुलिस के पास पहुंची। उसने आरोप लगाया कि उसे 25 दिनों तक एक होटल में बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान जबरन देह व्यापार कराने की कोशिश की गई। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसकी 2 वर्षीय बेटी को एक व्यक्ति अपने पास रखे हुए है। उसे वापस नहीं किया जा रहा। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। शिकायत मिलते ही चिनहट पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी अनिल कुमार सिंह को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि महिला उसकी परिचित है और पिछले 25 दिनों से उसके साथ होटल में रह रही थी। उसके अनुसार, 5 जुलाई को महिला अपनी बेटी को छोड़कर चली गई थी। काफी तलाश के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला तो बच्ची की देखभाल के लिए उसे अपनी एक परिचित महिला के पास सीतापुर भेज दिया।
इंदौर के मुसाखेड़ी में बन रहे ओवरब्रिज का काम जल्द रफ्तार पकड़ेगा। बुधवार को कलेक्टर शिवम वर्मा ने निर्माणाधीन ओवरब्रिज का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को काम तेज करने और तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बताया कि एमपीआरडीसी के चार बड़े फ्लाइओवर का निरीक्षण किया जा रहा है। कुछ परियोजनाओं में देरी हुई है, इसलिए संबंधित ठेकेदारों पर पेनाल्टी भी लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इन कामों को पूरा होने में अभी करीब छह महीने लगेंगे। सर्विस लेन पहले ठीक करने के निर्देश कलेक्टर ने कहा कि जब तक फ्लाइओवर का काम चलता है, तब तक लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए सर्विस लेन की मरम्मत और पेचवर्क कराया जाए। उन्होंने बताया कि आईटी पार्क की सर्विस लेन को दो दिन में चालू करने की कोशिश की जा रही है, ताकि ट्रैफिक वहां से डायवर्ट किया जा सके। डायवर्जन वाले रास्ते पहले दुरुस्त हों कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि जहां भी ट्रैफिक डायवर्ट किया जाए, वहां की सड़क पहले ठीक की जाए। खराब सड़क होने पर जाम और परेशानी बढ़ती है। उन्होंने साफ कहा कि डायवर्जन ऐसा हो, जिससे वाहन आसानी से निकल सकें। बाधाएं हटाकर काम में लाई जाएगी तेजी निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अन्य विभागों से जुड़े लंबित काम और बाधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी अड़चनें जल्द दूर की जाएं, ताकि निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ सके। गुणवत्ता से समझौता नहीं कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्माण कार्य की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि काम समय पर पूरा हो, लेकिन गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। साथ ही यह ओवरब्रिज बनने के बाद इलाके की ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों को आने-जाने में राहत मिलेगी।
उदयपुर जिले की घासा तहसील के जावड़ गांव में 'ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर ग्राम पंचायत जावड़ के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में आयोजित हुआ। शिविर में 'मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना' के तहत पशुपालकों को लाभ मिला। सुगना कुंवर, वक्तावर कुंवर,सज्जन कुंवर और सुंदर कुंवर को बीमा पॉलिसी के प्रमाण पत्र सौंपे गए। पशुपालन विभाग ने उपस्थित पशुपालकों को योजना की जानकारी दी, जिसके बाद कई पशुपालकों ने अपने पशुओं का पंजीकरण करवाया। इसके साथ ही, शिविर में ग्राम पंचायत द्वारा पट्टों का भी वितरण किया गया। इन पट्टों से लाभार्थियों को भविष्य में ऋण सुविधा मिल सकेगी और उनके संपत्ति संबंधी सीमा विवाद भी समाप्त होंगे। पट्टा प्राप्त करने वाले लाभार्थियों में गंगा बाई रेबारी, जीवा मेघवाल, शंकर लाल, भैरू लाल मेघवाल, विजय सिंह और प्रेम कुंवर शामिल हैं।
पन्ना में शासकीय माध्यमिक विद्यालय सरहजा में परिसर में लगा एक विशालकाय महुआ का पेड़ अचानक गिर गया। यह पेड़ सीधे स्कूल के शौचालय पर गिरा, जिससे शौचालय पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। मामला जनशिक्षा केंद्र श्यामरडाडा अंतर्गत संकुल गुनौर का है। गनीमत रही कि घटना के समय शौचालय के पास कोई छात्र या स्कूल स्टाफ मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई। घटना ने स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। स्कूल परिसर में अभी भी कई पुराने और जर्जर पेड़ खड़े हैं। अभिभावकों का कहना है कि वर्तमान मौसम में तेज बारिश और आंधी के दौरान इन पेड़ों के गिरने की आशंका बनी हुई है, जिससे सैकड़ों बच्चों और शिक्षकों के लिए खतरा बना हुआ है। प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि विद्यालय परिसर का शीघ्र निरीक्षण कर खतरनाक और जर्जर पेड़ों की तत्काल कटाई-छंटाई कराई जाए। अभिभावकों ने भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अनुपयोगी सूखे पेड़ों को जल्द से जल्द परिसर से हटाने की भी मांग की है।
बलौदाबाजार शहर के प्रमुख शबरी पुल पर बुधवार सुबह से भारी जाम लगा हुआ है। पुल के बीच में एक कैप्सूल वाहन और एक ट्रेलर खराब हो जाने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पिछले करीब 3 घंटे से जाम की स्थिति बनी हुई है, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। शबरी पुल बलौदाबाजार और जांजगीर-चांपा जिले को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। इस पुल से रोजाना हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। सुबह के समय पिकअप, कार, बस और दोपहिया वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है। दोनों भारी वाहनों के खराब होने से पूरे मार्ग पर आवागमन ठप हो गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुल पर खराब वाहनों के कारण बड़े वाहन न आगे बढ़ पा रहे हैं और न ही पीछे लौट पा रहे हैं। छोटे वाहन भी बीच रास्ते में फंस गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों ओर करीब 2 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई है। कई लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए पैदल ही निकल पड़े। क्रेन से हटाए जा रहे खराब वाहन सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था संभाली। खराब वाहनों को हटाने के लिए क्रेन बुलाई गई है। हालांकि, पुल की संकरी सड़क और भारी जाम के कारण क्रेन को घटनास्थल तक पहुंचने में भी काफी दिक्कत हो रही है। प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की प्रशासन ने लोगों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है। हालांकि, वैकल्पिक रास्तों की सड़कें भी बेहतर स्थिति में नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल और बाजार भी हुए प्रभावित लंबे जाम का असर आसपास के स्कूलों और बाजारों पर भी पड़ा है। कई छात्र समय पर स्कूल नहीं पहुंच सके, जबकि दूध, सब्जी और अन्य जरूरी सामान की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। पुल चौड़ीकरण की उठी मांग स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों ने बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए शबरी पुल के चौड़ीकरण की मांग की है। उनका कहना है कि पुल संकरा होने के कारण अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए पुल का विस्तार जरूरी है।
चित्तौड़गढ़ में लंबे इंतजार के बाद नई कार्यकारिणी घोषित की गई। भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष गौरव त्यागी ने इसकी घोषणा की। 68 सदस्यों की इस टीम में संगठन के लगभग सभी प्रमुख चेहरों को जगह दी गई है। सांसद सीपी जोशी और विधायक चंद्रभान सिंह आक्या से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी इसमें जगह दी गई है। साथ ही, बड़ी संख्या में पदाधिकारियों और विशेष आमंत्रित सदस्यों को जिम्मेदारी देकर संगठन को आगामी कार्यक्रमों और चुनावी तैयारियों के लिए मजबूत करने की कोशिश की गई है। मंगलवार देर रात को लिस्ट जारी की गई। पुराने और नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी इसे जंबो टीम माना जा रहा है। इसमें स्थायी आमंत्रित सदस्य और संरक्षक के रूप में कन्हैयादास वैष्णव, गोविंद काबरा, महेश ईनाणी, दिनेश चतुर्वेदी, सुरेशचंद्र झंवर, सुशील शर्मा, कर्नल सिंह राठौड़, नरेंद्र पोखरण, सागर सोनी और भारत जागेटिया को शामिल किया गया है। संगठन ने अनुभवी नेताओं के साथ-साथ सक्रिय कार्यकर्ताओं को भी जिम्मेदारी देकर टीम को संतुलित रूप देने की कोशिश की है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कार्यकारिणी के गठन में संगठन के अंदर सभी वर्गों और प्रमुख नेताओं के समर्थकों को साथ लेकर चलने का संदेश दिया गया है। उपाध्यक्ष, महामंत्री और मंत्रियों की लंबी सूची नई कार्यकारिणी में नगर मंडल उपाध्यक्ष के रूप में नवीन पटवारी, ओमप्रकाश शर्मा, प्रदीप काबरा, कमलेश अमेरिया, घनश्याम लोठ, प्रशांत शर्मा, शांतनु काबरा, अनिल भटनागर, मुन्ना गुर्जर, राजन माली, अभिमन्यु समदानी और दीपक पटवारी को जिम्मेदारी दी गई है। महामंत्री पद पर शैलेंद्र झंवर, चंद्रशेखर सोनी और आशीष सिकलीगर को नियुक्त किया गया है। मंत्री पद पर राखी राव, प्रीति, नीरज सुखवाल, सुनील रजक, शिव प्रजापत, शांति गुर्जर, गोपाल धाकड़, गोपाल शर्मा, रतन वैष्णवी, दिनेश मुंद्रा, विष्णु सेन, सतपाल दुबा, रामबक्ष क़ीर और अशोक पालीवाल को जगह मिली है। वहीं कोषाध्यक्ष कमल अग्रवाल, सह कोषाध्यक्ष हितेश कटारिया, कार्यालय प्रभारी रितेश कुमावत और सह कार्यालय प्रमुख पिंटू छिपा बनाए गए हैं। मीडिया, आईटी और सोशल मीडिया टीम भी घोषित संगठन ने मीडिया और सोशल मीडिया से जुड़े पदों पर भी अलग-अलग जिम्मेदारियां तय की हैं। मीडिया प्रभारी के रूप में राजेंद्र जांगिड़ और सह मीडिया प्रभारी भगवती सालवी को नियुक्त किया गया है। आईटी संयोजक की जिम्मेदारी जगपाल सिंह गहलोत और सह संयोजक चंचल को दी गई है। सोशल मीडिया संयोजक विपिन सिंह तथा सह संयोजक मनोज वैष्णव बनाए गए हैं। 'मन की बात' कार्यक्रम के संयोजक मोहित पुरी गोस्वामी और सह संयोजक अभिषेक आहूजा होंगे। प्रवक्ता के रूप में गायत्री राव, मुकेश मेघवाल, दीपक राजोरा, दिलीप सेन और आकाश भाटी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। विशेष आमंत्रित सदस्यों को भी मिली अहम भूमिका कार्यकारिणी में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में अनिल ईनाणी, भोलाराम प्रजापत, परमजीत सिंह वधवा, भारत डंग, छोटू सिंह शेखावत, शेखर शर्मा, शिवप्रकाश मंत्री, अशोक जोशी, उमेश त्रिपाठी, प्रदीप काबरा, अनंत समदानी, आशा पोखरण, रजनीश पितलिया, उषा रांधड़, झमकलाल सुखवाल, अशोक अजमेर, शिव शर्मा, प्रकाश पुरी, फतेहलाल भड़कत्या, रामचंद्र गुर्जर, हरीश गुरनानी, सुनील लढ्ढा और सुनील जागेटिया को शामिल किया गया है। संगठन की इस नई टीम को आगामी संगठनात्मक गतिविधियों, सदस्यता अभियान और चुनावी तैयारियों में अहम जिम्मेदारी निभानी होगी। भाजपा कार्यकर्ताओं में नई कार्यकारिणी को लेकर उत्साह का माहौल है और इसे संगठन को और मजबूत बनाने की दिशा में जरूरी कदम माना जा रहा है।
नर्मदापुर में मंगलवार को शहर की एसपीएम पुलिया के पास 1500 रुपए के उधारी विवाद में एक युवक को अर्धनग्न कर डंडों से बेरहमी से पीट दिया गया। हमले में युवक के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं। लहूलुहान हालत में उसे 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक घटना मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे संजय नगर मेन रोड स्थित एसपीएम पुलिया के पास हुई। घायल युवक की पहचान शुभम खंडारे (25) निवासी एसपीएम पुलिया, ग्वालटोली के रूप में हुई है। मामले में रोहित बाबरिया और विजय रैकवार, दोनों निवासी ग्वालटोली, को आरोपी बनाया गया है। कोतवाली थाना प्रभारी गौरव सिंह बुंदेला ने बताया कि शुभम ने करीब एक वर्ष पहले आरोपियों से 1500 रुपए उधार लिए थे। वह लंबे समय से भोपाल में रह रहा था और दो दिन पहले ही नर्मदापुरम लौटा था। मंगलवार को आरोपियों ने उससे उधार के रुपए वापस मांगे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। आरोप है कि दोनों युवकों ने शुभम को अर्धनग्न कर डंडों से बेरहमी से पीटा। मारपीट के दौरान आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। टीआई गौरव सिंह बुंदेला ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम कार्रवाई कर रही है। वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है।
ग्वालियर के जयारोग्य चिकित्सालय (जेएएच) समूह के न्यू जेएएच अस्पताल की मेडिसिन आईसीयू में इन दिनों सर्पदंश के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, रोजाना औसतन 4 से 5 मरीज सांप के काटने के बाद इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें जहरीले और गैर-जहरीले दोनों तरह के सांपों के शिकार लोग शामिल हैं। अधिकांश मरीज ग्रामीण क्षेत्रों से आ रहे हैं। मानसून में बढ़े मामले मेडिसिन विभाग के अनुसार, इस मानसून सीजन में अब तक 40 से ज्यादा सर्पदंश पीड़ितों का इलाज किया जा चुका है। समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण ज्यादातर मरीजों की जान बच गई। कई मरीज इलाज के बाद घर लौट चुके हैं, जबकि कुछ अभी मेडिसिन आईसीयू में भर्ती हैं। अस्पताल प्रशासन ने बढ़ाई तैयारी सर्पदंश के बढ़ते मामलों को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तैयारियां बढ़ा दी हैं। अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुधीर सक्सेना ने सेंट्रल मेडिसिन स्टोर को निर्देश दिए हैं कि एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन का पर्याप्त स्टॉक हर समय उपलब्ध रहे, ताकि किसी भी मरीज का इलाज तुरंत शुरू किया जा सके। झाड़-फूंक में समय बर्बाद न करें मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. संजय धवले ने लोगों से अपील की है कि सांप काटने पर झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या घरेलू इलाज के भरोसे समय न गंवाएं। मरीज को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाएं। उन्होंने कहा कि समय पर इलाज मिलने से अधिकांश मरीजों की जान बचाई जा सकती है। डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह विशेषज्ञों ने बारिश के मौसम में खेतों, झाड़ियों, जलभराव वाले इलाकों और अंधेरी जगहों पर जाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है। रात में टॉर्च का इस्तेमाल करें, खुले स्थान पर सोने से बचें और घर के आसपास साफ-सफाई रखें, ताकि सांपों के छिपने की संभावना कम हो। डॉक्टरों का कहना है कि मानसून में सतर्कता और समय पर इलाज ही सर्पदंश से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
भरतपुर के रूपवास इलाके में चोरों ने एक सूने मकान को अपना निशाना बनाया। पूरा परिवार शादी में गया हुआ था। देर रात जब परिवार के लोग वापस तो, घर के मेन गेट का ताला टूटा हुआ था। घर के अंदर गोदरेज की अलमारी से करीब 5 लाख के गहने और 25 हजार रुपये कैश गायब थे। रात 1 बजे शादी से वापस आया परिवार दीपक सिंघल निवासी धौलपुर रूपवास रोड़ ने बताया कि हमारा पूरा परिवार 7 जुलाई की शाम बुआ की शादी में शामिल होने के लिए धौलपुर गए थे। शादी में शामिल होने के बाद पूरा परिवार रात करीब 1 बजे अपने घर आ गया। घर आकर देखा तो, मकान के मैन गेट के दोनों ताले टूटे हुए हैं। 5 लाख के गहने और कैश चोरी घर के अंदर जाकर देखा तो, घर का सारा सामान बिखरा हुआ था। गोदरेज की अलमारी खुली पड़ी थी। अलमारी का सामान जमीन पर पड़ा था। गोदरेज की अलमारी सोने चांदी के जेवर चेक किए तो, उसमें से 2 जोड़ी सोने के कुंडल, 1 सोने की चिक, 1 सोने की अंगूठी, 1 जोड़ी चांदी की पाजेब, 1 जोड़ी चांदी के बिछुआ और 25 हजार रुपये कैश गायब थे। घर के बाहर बाइक छोड़ गए चोर दीपक सिंघल ने बताया कि घर के बाहर एक बाइक खड़ी थी। जो चोरों की हो सकती है। दीपक ने तुरंत पुलिस को घटना के बारे में बताया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन कि और, बाइक को जब्त कर लिया गया। पुलिस चोरों का पता लगाने में जुट गई है। पुलिस कर रही मामले की जांच रूपवास थाना अधिकारी विनोद मीणा ने बताया कि कल चोरी की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर जाकर जांच की दीपक सिंघल की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली गई है। चोरों का पता लगाया जा रहा है। इनपुट- दुर्गेश पाठक, रूपवास, भरतपुर
कुसमुंडा खदान में भारी वाहन से हादसा:चालक की मौत, रिश्तेदारों और कर्मचारियों ने की मुआवजे की मांग
कोरबा के कुसमुंडा खदान में देर रात हुए एक गंभीर हादसे में भारी वाहन की चपेट में आने से चालक की मौत हो गई। घटना के बाद खदान कर्मचारियों में आक्रोश है और मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है। जानकारी के अनुसार, हादसा कुसमुंडा खदान के रोड सेल क्षेत्र में हुआ। लोडिंग के लिए आए एक भारी वाहन की चपेट में करीब 29 वर्षीय चालक प्रेमसिंह ल. ध्रुव आ गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित घटना के तुरंत बाद खदान में मौजूद लोगों ने घायल चालक को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रेमसिंह मूल रूप से मध्य प्रदेश के बिंझरा का निवासी था और कुसमुंडा खदान में चालक के रूप में कार्यरत था। सूचना मिलते ही पहुंचे परिजन हादसे की जानकारी मिलने के बाद मृतक के परिजन मध्य प्रदेश से कोरबा पहुंचे। मृतक के बड़े भाई बलिराम ने बताया कि उन्हें पुलिस ने फोन पर दुर्घटना की सूचना दी थी। कोरबा पहुंचने पर उन्हें भाई की मौत की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि हादसा कैसे हुआ, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। प्रेमसिंह अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसके परिवार में पत्नी, दो छोटे बच्चे और माता-पिता हैं। उसकी मौत के बाद पूरे परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल हादसे के बाद कुसमुंडा खदान के कर्मचारियों ने सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि खदानों में सुरक्षा नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा, जिससे इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं। मुआवजे और कार्रवाई की मांग कर्मचारियों ने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और हादसे के बाद फरार हुए वाहन को जब्त कर उसके चालक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
कैथल जिले के गांव चुहड़ माजरा के करीब 24 वर्षीय वॉलीबाल खिलाड़ी की कनाडा में हार्ट फेल होने से मौत हो गई। युवक 12वीं पास करने के बाद करीब छह साल पहले कनाडा में स्टडी बेस पर गया था और तब से वहीं पर अपने सगे भाई के पास रह रहा था। कुछ दिन पहले अचानक से उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे तेज बुखार हो गया। साथ में रह रहा उसका बड़ा भाई साहिल उसे एक स्थानीय अस्पताल में लेकर गया, जहां पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पिता ने करीब 17 लाख रुपए लगाकर उसे विदेश भेजा था। 2020 में पढ़ाई करने कनाडा गया था गांव चुहड़ माजरा के मृतक युवक राकेश कुमार के चाचा कृष्ण कुमार ने बताया कि उसका भतीजा राकेश 2020 में कनाडा पढ़ाई करने के लिए गया था। उसे विदेश भेजने के लिए परिवार ने करीब 17 लाख रुपए खर्च किए थे। परिवार को उम्मीद थी कि राकेश वहां पर अपना भविष्य संवार लेगा और परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेगा, लेकिन राकेश की मौत से परिवार के अरमानों पर पानी फिर गया। पंजाब की टीम में खेलता था राकेश उन्होंने बताया कि राकेश पंजाब की टीम में वॉलीबाल खेलता था। वह हरियाणा का अकेला खिलाड़ी था, जो पंजाब की टीम में खेलता था। स्कूल टाइम के समय से ही वह टीम के साथ जुड़ा हुआ था। उसके कई बार पंजाब में खेलते हुए राज्य स्तरीय मैच जीते। उसकी मौत के बाद परिवार में मातम का माहौल है। पिता चार एकड़ के जमींदार कृष्ण लाल ने बताया कि राकेश के परिवार में उसके माता पिता के अलावा दूसरा भाई साहिल है। वह भी इस समय कनाडा में रहता है। दोनों भाई कनाडा में पीआर ले चुके थे। उन्होंने बताया कि राकेश के पिता रामकुमार चार एकड़ के जमींदार हैं। गांव में ही अपनी जमीन पर खेती करते हैं। माता सुदेश रानी हाउसवाइफ हैं। कनाडा में करवाया संस्कार चाचा ने बताया कि राकेश कुमार का उसके भाई साहिल ने वहीं पर अंतिम संस्कार करवा दिया है। गांव में रोजाना लोग राकेश के परिवार को सांत्वना देने के लिए पहुंच रहे हैं। राकेश की मौत के बाद पूरे परिवार में गम का माहौल है।
फरीदाबाद जिला में डेंगू और मलेरिया के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। अब तक जिले में डेंगू के 3 और मलेरिया के 2 मरीज मिलने की पुष्टि हुई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सभी मरीजों की हालत सामान्य है और उनका इलाज किया जा चुका है। बरसात के मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिलेभर में विशेष एंटी-लार्वा अभियान शुरू किया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर कूलर, पानी की टंकियों, गमलों, कबाड़ और अन्य स्थानों पर जमा पानी की जांच कर रही हैं, ताकि मच्छरों के लार्वा को समय रहते नष्ट किया जा सके और बीमारी के फैलाव पर रोक लगाई जा सके। अलग-अलग मच्छरों से फैलता है स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डेंगू एडीज (Aedes) मच्छर के काटने से फैलता है, जबकि मलेरिया ऐनोफिलीज (Anopheles) मच्छर के जरिए होता है। अभियान के दौरान कई इलाकों में लार्वा मिलने पर 10 लोगों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि लोग अपने घरों और आसपास साफ-सफाई नहीं रखेंगे, तो नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है। सभी मरीज पूरी तरह ठीक डिप्टी सिविल सर्जन डॉ राम भगत ने बताया कि, सभी मरीज स्वस्थ हैं। उन्होंने लोगों से अपील की, कि कूलर का पानी हर सप्ताह बदलें, घर और छत पर बारिश का पानी जमा न होने दें, पानी की टंकियों को ढककर रखें और मच्छरों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाएं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि यदि तेज बुखार, शरीर में दर्द, सिरदर्द या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई दें, तो बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर रक्त जांच कराएं। विभाग का मानना है कि समय पर जांच, जागरूकता और बचाव के उपाय अपनाकर डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
सीधी जिले की गोपद बनास तहसील में लोकायुक्त पुलिस रीवा ने बुधवार को कार्रवाई करते हुए एक चपरासी को ₹3,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। तहसील कार्यालय में पदस्थ दामोदर प्रसाद साकेत को सुबह करीब 10:30 बजे कार्यालय के गेट के बाहर पकड़ा गया। ग्राम खजुरी निवासी शिकायतकर्ता नागेंद्र तिवारी ने बताया कि उनकी जमीन ग्राम बेदुआ में है। उन्होंने जनवरी माह में अपनी जमीन के नामांतरण और वसीयत (वारिसाना) संबंधी कार्य के लिए तहसील कार्यालय में आवेदन किया था। इस काम के लिए उनसे लगातार पैसों की मांग की जा रही थी। नागेंद्र तिवारी ने बताया कि वे दामोदर प्रसाद साकेत को बाबू समझते थे, लेकिन कार्रवाई के बाद पता चला कि वह भृत्य के पद पर कार्यरत है। बुजुर्ग ने रीवा लोकायुक्त से की थी शिकायत नागेंद्र तिवारी के अनुसार, दामोदर प्रसाद साकेत ने उनसे काम के बदले ₹3,000 की रिश्वत मांगी थी। इस मांग से परेशान होकर उन्होंने रीवा लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने योजना बनाई। बुधवार को जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को ₹3,000 दिए, लोकायुक्त टीम ने उसे तहसील कार्यालय के गेट के बाहर रंगे हाथ पकड़ लिया। सत्यापन के बाद हुआ एक्शन लोकायुक्त निरीक्षक रमेश बेहरा ने बताया कि नामांतरण और वसीयत से संबंधित कार्य के लिए रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। शिकायत का सत्यापन करने के बाद यह ट्रैप कार्रवाई की गई। आरोपी दामोदर प्रसाद साकेत को ₹3,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
यमुनानगर के साढौरा में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान नगर पालिका के सेनेटरी इंस्पेक्टर फूल कुमार और भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष पवन सैनी आमने-सामने आ गए। दोनों के बीच तीखी नोकझोंक का 1 मिनट 16 सेकेंड का वीडियो सामने आया है। वीडियो में भाजपा नेता अधिकारी से कहते सुनाई देते हैं, ज्यादा हीरो मत बन, तू DC लग रहा क्या। वहीं, अधिकारी उन्हें कहते हैं कि फालतू बकवास नहीं करनी। यह घटना शनिवार की है। बुधवार को इसका वीडियो सामने आया। वीडियो को लेकर दैनिक भास्कर ने जब पवन सैनी से बात कि तो उन्होंने कहा कि अधिकारी गरीबों को परेशान कर रहे थे। इसी दौरान गुस्से में उनके मुंह से वह निकल गया। सेनेटरी इंस्पेक्टर की शिकायत पर साढौरा थाने में दुकानदार मां-बेटे के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। कर्मचारी पवन सैनी पर भी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। मंगलवार से नगर पालिका कर्मचारी धरने पर बैठे हुए हैं। जिसके चलते शहर की सफाई व्यवस्था ठप पड़ी है। सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला… अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची थी टीम शनिवार को साढौरा नगर पालिका की टीम सेनेटरी इंस्पेक्टर फूल कुमार के नेतृत्व में बिजली निगम कार्यालय के पास सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाने पहुंची थी। इसी दौरान सड़क किनारे अस्थायी रूप से दुकान लगाने वाले लोगों का सामान हटाया जा रहा था। तभी भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष पवन सैनी मौके पर पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे। पवन सैनी ने लिखित आदेश के बारे में पूछा वायरल वीडियो में फूल कुमार एक महिला से कहते नजर आते हैं कि उसे दो घंटे पहले ही अतिक्रमण हटाने के लिए कहा गया था। इस बीच पवन सैनी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहते हैं कि किसी गरीब का सामान इस तरह नहीं उठाया जा सकता। वह फूल कुमार से पूछते हैं कि क्या उनके पास कार्रवाई का कोई लिखित आदेश है। अधिकारी से कहा- यहां से चला जा बहस के दौरान पवन सैनी फूल कुमार के कंधे पर हाथ रख देते हैं। इस पर फूल कुमार आपत्ति जताते हुए कहते हैं कि उन्हें हाथ क्यों लगाया जा रहा है। इसके बाद दोनों के बीच बहस तेज हो जाती है। पवन अधिकारी से कहते हैं, ज्यादा हीरो मत बन, तू डीसी लग रहा क्या... यहां से चला जा। BJP नेता को जवाब- फालतू बकवास न करें वहीं फूल कुमार जवाब देते हैं कि फालतू की बकवास न करें और कर्मचारियों को अतिक्रमण हटाने के निर्देश देते हैं। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी दोनों के बीच हस्तक्षेप कर माहौल शांत कराने की कोशिश करते दिखाई देते हैं। अब जानिए भाजपा ने वीडियो पर क्या कहा… सामान जब्त करने पर महिला रोते हुए आई भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष पवन सैनी ने कहा कि साढौरा में हर शनिवार को मुख्य बाजार और आसपास के क्षेत्र में साप्ताहिक बाजार लगता है, जहां गरीब लोग अस्थायी रूप से सड़क किनारे सामान बेचते हैं। शनिवार को एक महिला रोते हुए उनके पास आई और बताया कि नगर पालिका की टीम उसका सामान जब्त करने पहुंची है। दुकानदारों का साथ देने पर अधिकारी नाराज हुए पवन सैनी का कहना है कि वह केवल महिला और अन्य गरीब दुकानदारों की बात रखने के लिए मौके पर गए थे। उन्होंने अधिकारी से अनुरोध किया कि ये लोग सिर्फ एक दिन के लिए दुकान लगाते हैं, इसलिए उनका सामान जब्त न किया जाए। उनका आरोप है कि इतनी बात पर अधिकारी नाराज हो गए, जिसके बाद दोनों के बीच कहासुनी हो गई। गुस्से में निकला- तू ज्यादा डीसी मत बन उन्होंने स्वीकार किया कि गुस्से में उनके मुंह से तू ज्यादा डीसी मत बन जैसी बात निकल गई। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में कई जगह स्थायी अतिक्रमण है, लेकिन नगर पालिका गरीब रेहड़ी और फेरी वालों पर ही कार्रवाई कर रही है। अब जानिए फूल कुमार ने थाने में क्या शिकायत दी… फूल कुमार ने साढौरा थाने में दी शिकायत में बताया कि 4 जुलाई को नगर पालिका की सफाई टीम मुख्य बाजार में सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाने पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान बर्तन बेचने वाली महिला सोनिया और उसके बेटे कृष्ण ने नगर पालिका कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। दोनों ने सेनेटरी इंस्पेक्टर फूल कुमार के हाथ से चालान बुक छीनकर फाड़ दी, जिससे सरकारी कार्य में बाधा पहुंची। इतना ही नहीं, उन्होंने कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट भी की। दोनों ने सफाई कर्मचारियों के लिए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। सेनेटरी इंस्पेक्टर बोले- पवन सैनी पर FIR नहीं हुई सेनेटरी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने दैनिक भास्कर को बताया कि उन्हाेंने दो शिकायतें दी थीं। पुलिस ने मां-बेटे पर तो मामला दर्ज कर लिया, लेकिन पवन सैनी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी के विरोध में नगर पालिका के सफाई कर्मचारी और अन्य कर्मचारी पिछले दो दिनों से धरने पर बैठे हैं। कर्मचारियों की मांग है कि जब तक पवन सैनी के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब और कोल लेवी घोटाले की जांच तेज करते हुए आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के बेटे वैभव अग्रवाल से लंबी पूछताछ की है। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान अधिकारियों ने रामगोपाल अग्रवाल के पिछले तीन वर्षों के ठिकानों, आर्थिक लेन-देन और कथित नेटवर्क से जुड़े कई सवाल किए है। फिलहाल EOW ने पूछताछ को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। एजेंसी का कहना है कि जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सुबह से लेकर शाम तक पूछताछ जानकारी के अनुसार, राम गोपाल अग्रवाल के बेटे वैभव से सुबह से देर रात तक पूछताछ चली, लेकिन फिलहाल उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। EOW अब रामगोपाल अग्रवाल के संपर्क में रहे लोगों से जानकारी जुटाकर पूरे आर्थिक नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है। रामगोपाल अग्रवाल का नाम करीब 3 हजार करोड़ रुपए के कथित शराब घोटाले, 450 करोड़ रुपए के कोल लेवी वसूली मामले और 127 करोड़ रुपए के कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन घोटाले की जांच में सामने आया है। जांच एजेंसियां इन मामलों में कथित धन के प्रवाह, लाभार्थियों और कमीशन के नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। तीन साल से गायब हुए कांग्रेस कोषाध्यक्ष सूत्रों के मुताबिक, अग्रवाल करीब तीन साल से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। इस दौरान उनके देश और विदेश में होने की चर्चाएं भी सामने आती रही हैं। जांच एजेंसियां उनकी लोकेशन और उनसे जुड़े लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं। इससे पहले इन मामलों में कांग्रेस संगठन से जुड़े कुछ अन्य लोगों पर भी कार्रवाई हो चुकी है। ईओडब्ल्यू के सूत्रों के अनुसार रामगोपाल अग्रवाल का प्रदेश में होने का इनपुट मिला है। इसी आधार पर सख्ती शुरू की गई है। अब पढ़िए क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला छत्तीसगढ़ का कथित शराब घोटाला राज्य के सबसे बड़े आर्थिक मामलों में से एक माना जाता है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की जांच के अनुसार, साल 2019 से 2022 के बीच सरकारी शराब बिक्री व्यवस्था में कथित सिंडिकेट बनाकर अवैध शराब की बिक्री, कमीशनखोरी और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क के जरिए करीब 3,200 करोड़ रुपए का अवैध घोटाला हुआ। मामले में कई आईएएस अधिकारी, आबकारी विभाग के अधिकारी, कारोबारी और राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं। हालांकि, आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की जांच तथा अदालती प्रक्रिया जारी है। पढ़ें क्या है छत्तीसगढ़ कोल लेवी घोटाला? छत्तीसगढ़ का कथित कोल लेवी घोटाला वर्ष 2020 से 2022 के बीच कोयला परिवहन और खनन से जुड़े कारोबार में अवैध वसूली के आरोपों से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) के अनुसार, कोयला परिवहन करने वाले कारोबारियों से प्रति टन तय राशि अवैध रूप से वसूली गई। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस नेटवर्क के जरिए करीब 540 करोड़ रुपए की अवैध लेवी वसूली गई। मामले में कई आईएएस अधिकारियों, कारोबारियों, बिचौलियों और राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं। हालांकि, सभी आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की जांच और सुनवाई जारी है। पढ़िए क्या है कस्टम मिलिंग घोटाला? छत्तीसगढ़ का कथित कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन घोटाला धान की मिलिंग के लिए राइस मिलर्स को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में कथित अनियमितताओं से जुड़ा मामला है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) के अनुसार, वर्ष 2015 से 2023 के बीच प्रोत्साहन राशि बढ़ाने और उसके भुगतान में नियमों का उल्लंघन कर चुनिंदा राइस मिलर्स को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि इस प्रक्रिया में करीब 127 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ। मामले में तत्कालीन अधिकारियों, राइस मिलर्स और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। हालांकि, आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है। रामगोपाल अग्रवाल का प्रदेश पहुंचने का हल्ला ईओडब्ल्यू सूत्रों के अनुसार राम गोपाल अग्रवाल के प्रदेश पहुंचने का हल्ला है। इसी इनपुट के आधार पर बेटे वैभव को पूछताछ के लिए अफसरों ने बुलाया है। वैभव से देर रात तक पूछताछ की गई है। बुधवार 8 जुलाई को भी उससे पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार रामगोपाल अग्रवाल सरेंडर करने की तैयारी कर रहे है। पूरे मामले में अब तक फिलहाल EOW ने आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
बालाघाट: कुएं में जहरीली गैस से किसान की मौत:मोटर निकालने उतरे दो अन्य गंभीर, अस्पताल में भर्ती
बालाघाट जिले के भरवेली थाना क्षेत्र के मरारीटोला में एक खेत के कुएं में जहरीली गैस के कारण एक किसान की मौत हो गई। मोटर निकालने उतरे दो अन्य लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए, जिनका निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। मृतक की पहचान अशोक पिता मेहतर कावरे (45) के रूप में हुई है। घटना मंगलवार शाम की है। भरवेली पंचायत के उपसरपंच राजेश बाहेश्वर ने बताया कि किसान लखन कावरे के खेत में बने कुएं में बारिश का पानी भर गया था। कुएं में लगी मोटर को निकालने के लिए गांव के युवराज मसखरे को बुलाया गया था। जैसे ही युवराज कुएं में उतरे, वे जहरीली गैस के प्रभाव में आकर गिर गए। उन्हें बचाने के लिए अशोक कावरे कुएं में उतरे, लेकिन वे भी गैस की चपेट में आ गए। इसके बाद अशोक कावरे के भतीजे नरेश कावरे ने दोनों को बचाने के लिए कुएं में प्रवेश किया। नरेश ने किसी तरह पहले युवराज और फिर अपने चाचा अशोक को बाहर निकाला। गंभीर हालत में अशोक को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। युवराज और नरेश का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। अस्पताल चौकी पुलिस ने बताया कि डॉक्टर की तहरीर मिलने के बाद मृतक का शव बरामद किया गया। बुधवार को परिजनों की मौजूदगी में शव पंचनामा कार्रवाई के बाद अशोक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया और परिजनों को सौंप दिया गया। मामले में मर्ग कायम कर डायरी अग्रिम जांच के लिए भरवेली थाना भेजी जाएगी।
शिवपुरी मंदिर में मल-मूत्र फेंका:ग्रामीणों में आक्रोश, जांच में जुटी पुलिस
शिवपुरी जिले के दिनारा थाना क्षेत्र के छितिपुर गांव स्थित एक मंदिर में इंसानी मल-मूत्र फेंके जाने का मामला सामने आया है। वहीं मंदिर में गंदगी फैलाने की घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। बुधवार सुबह मंदिर परिसर में आपत्तिजनक स्थिति मिलने पर बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस से आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एक युवक को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। सुबह मंदिर पहुंचे पुजारी ने देखी घटना मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश ने बताया कि वह मंदिर परिसर में बने कमरे में सो रहे थे। सुबह करीब साढ़े चार बजे उन्होंने गांव के सतीश जाटव को मंदिर की ओर से भागते हुए देखा। इसके बाद जब वह मंदिर के अंदर पहुंचे तो माता मंदिर और भगवान शंकर के स्थान सहित परिसर के अन्य हिस्सों में मल मूत्र फैली हुई मिली। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में मंदिर पहुंच गए। ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए पुलिस को शिकायत दी और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने सतीश जाटव नामक युवक को हिरासत में लिया। पुलिस जब उसे वाहन से थाने ले जा रही थी, तब उसके परिजनों ने वाहन रोकने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस युवक को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। मानसिक स्थिति की भी जांच कर रही पुलिस दिनारा थाना प्रभारी रविन्द्र सिंह कुशवाह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। संबंधित युवक से पूछताछ की जा रही है। परिजनों का कहना है कि युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ है। पुलिस इस दावे की पुष्टि के लिए मेडिकल दस्तावेजों की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस जांच जारी फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। मंदिर परिसर में हुई इस घटना से गांव में तनाव और नाराजगी का माहौल है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के सरगुजा में गर्भवती महिला और नवजात की डिलीवरी के दौरान मौत हो गई। गांव की दाई ही घर में डिलीवरी करवा रही थी। महिला को खून की कमी थी। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि प्रसूता को हॉस्पिटल जाने और आयरन शुक्रोज चढ़ाने की सलाह दी गई थी। परिजनों ने मामले में लापरवाही बरती। मामला लखनपुर ब्लॉक के ग्राम सकरिया का है। जानकारी के मुताबिक, ग्राम सकरिया के दर्रीडुगू निवासी प्रसूता सुखनी मझवार (26) का प्रसव मंगलवार सुबह घर में कराया जा रहा था। डिलीवरी के दौरान सुखनी और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। लखनपुर बीएमओ के निर्देश पर आरएमए डॉ. विनोद कुमार भार्गव सकरिया पहुंचे और परिजनों का बयान दर्ज किया। तमिवनाडू से काम करके लौटी थी परिजनों से पूछताछ में पता चला कि, सुखनी मझवार अपने पति दिनेश मझवार के साथ तमिलनाडू में रहकर काम करती थी। वह अपने पति के साथ 14 जून को वापस घर लौटी थी। वो 8 महीने की प्रेग्नेंट थी। 21 जून को गांव की मितानिन सुखनी मझवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुन्नी जांच के लिए लेकर गई थी। जांच के दौरान सुखनी का ब्लड एचबी 6.6 पाया गया था और बीपी बढ़ा हुआ था। डॉक्टरों ने अस्पताल जाने दी थी सलाह स्वास्थ्य विभाग ने सुखनी को अगले दिन हॉस्पिटल आकर आयरन शुक्रोज चढ़ाने और जिला अस्पताल अंबिकापुर ले जाकर जांच कराने की सलाह दी थी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सुखनी अपना इलाज कराने न तो अंबिकापुर ही गई और न ही उसे आयरन शुक्रोज चढ़ाया गया। जांच के करीब एक पखवाड़े बाद उसे मंगलवार को प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो घर में ही गांव की मितानिन ही उसका प्रसव करा रही थी। प्रसव के दौरान मां-बच्चे दोनों की मौत हो गई। खून की कमी के कारण हुई मौत इसस मामले में आरएमओ डॉ. विनोद कुमार भार्गव ने कहा कि, शुरुआती तौर पर खून की कमी से जच्चे-बच्चे की मौत होना पाया गया है। खून की कमी और कमजोरी होने के बावजूद प्रसूता का सही इलाज नहीं कराया गया। जागरूकता की कमी के कारण यह स्थिति बनी। मितानिनों को समझाइश दी जा रही है कि सभी प्रसूताओं की नियमित जांच कराएं। ………………………….. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए…
जेसीआई इंडिया ज़ोन-6 की बहुप्रतीक्षित और ऐतिहासिक मिडकॉन 2026 सांकित का आयोजन गुना में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। संस्था के उपाध्यक्ष अनुज जैन ने बताया कि गुना को 14 वर्षों बाद ज़ोन की मिडकॉन की मेजबानी का गौरव प्राप्त हुआ है। इस सम्मेलन का संयुक्त आयोजन जेसीआई गुना सेंट्रल और जेसीआई गुना पायनियर द्वारा किया गया, जिसमें जेसीआई गुना शक्ति ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह मिडकॉन ज़ोन के मंडल उपाध्यक्ष अंकित शास्त्री और सागर अग्रवाल की रही, जिसकी चेयरमैनशिप सागर अग्रवाल ने संभाली। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बमोरी विधायक ऋषि अग्रवाल रहे। वहीं की-नोट स्पीकर के रूप में मदुरई से आए जेसीआई इंडिया के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एमके कार्तिकेयन ने मार्गदर्शन दिया। विशिष्ट अतिथियों में पास्ट नेशनल चेयरमैन अंजलि बत्रा, नेशनल ट्रेनर व पास्ट ईवीपी अनुपम तिवारी, मंडल अध्यक्ष अमृता शर्मा, मंडल भूतपूर्व अध्यक्ष अभिषेक गुप्ता, कॉन्फ्रेंस एडवाइजर मनोज चौरसिया व अजय शर्मा, कॉन्फ्रेंस कन्वीनर अभिषेक त्रिपाठी, कॉन्फ्रेंस डायरेक्टर रवि अग्रवाल, मंडल उपाध्यक्ष शुभम राज जैन और मंडल सचिव अनु मित्तल सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। आयोजन की मेजबानी जेसीआई गुना सेंट्रल के होस्ट प्रेसिडेंट अश्विनी अग्रवाल और जेसीआई गुना पायनियर के होस्ट प्रेसिडेंट डॉ गौरव जैन ने की। कॉन्फ्रेंस सेक्रेटरी मयंक अग्रेस ने सफल संचालन किया। इस दौरान ग्वालियर सहित विभिन्न क्षेत्रों के पूर्व मंडल उपाध्यक्ष व पूर्व मंडल अध्यक्ष भी शामिल हुए। सम्मेलन में रिकॉर्ड 419 पंजीकरण हुए और उत्कृष्ट कार्य करने वाले सदस्यों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का समापन भव्य सूफी नाइट के साथ हुआ।
हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से भाजपा सांसद एवं फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ दायर किसानों के अपमान और राजद्रोह से जुड़े मामले में बुधवार को स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए के न्यायाधीश अनुज कुमार सिंह की अदालत में सुनवाई होगी। सुनवाई का केंद्र वादी पक्ष की उस आपत्ति पर रहेगा, जिसमें पुलिस की विवेचना आख्या को अधूरा बताते हुए कंगना रनौत को अदालत में तलब कर उनका बयान दर्ज कराने की मांग की गई है। वादी अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने 6 जून 2026 को अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। इसमें कहा गया कि पुलिस ने बीएनएस की धारा 225 के तहत जो आख्या प्रस्तुत की है, वह अधूरी है। प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि पुलिस ने कंगना रनौत का बयान दर्ज किए बिना और उनसे पूछताछ किए बिना ही रिपोर्ट अदालत में पेश कर दी। ऐसे में इस आख्या के आधार पर सुनवाई संभव नहीं है। वादी पक्ष ने अदालत से मांग की है कि न्यायहित में कंगना रनौत को स्वयं अदालत में तलब किया जाए और उनका बयान दर्ज कराया जाए, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके। पिछली सुनवाई में क्या हुआ था पिछली सुनवाई के दौरान वादी पक्ष ने पुलिस की विवेचना पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई थी। अदालत ने प्रार्थना पत्र की प्रति कंगना रनौत की ओर से पेश जूनियर अधिवक्ता सुधा प्रधान को उपलब्ध कराते हुए उस पर आपत्ति दाखिल करने का अवसर दिया था। उधर, कंगना रनौत की अधिवक्ता अनुसुइया चौधरी की ओर से जूनियर अधिवक्ता ने प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि मुख्य अधिवक्ता अस्वस्थ हैं, इसलिए बहस के लिए समय दिया जाए। इस पर वादी पक्ष ने विरोध जताते हुए कहा था कि विपक्षी पक्ष लगातार बहस टाल रहा है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 8 जुलाई 2026 की तारीख तय की थी। आज उसी प्रार्थना पत्र पर सुनवाई होनी है, जिसमें पुलिस की आख्या पर उठाई गई आपत्तियों और कंगना रनौत को तलब किए जाने की मांग पर अदालत विचार करेगी।
बूंदी जिले में नैनवां थाना इलाके में बामनगांव के पूर्व सरपंच को लोगों ने चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद उसके कपड़े उतारे और कैंची से उसके सिर के बाल काट दिए। इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है। पढ़िए पूरा घटनाक्रम1. बाइक चुराते लोगों ने पकड़ादरअसल यह पूरा घटनाक्रम है 3 दिन पहले यानि कि 5 जुलाई का है। बामनगांव के पूर्व सरपंच अनिल वाल्मीकि (30) को टोंक जिले के नगरफोर्ट थाना क्षेत्र के रायपुरिया गांव में ग्रामीणों ने एक मकान में बाइक चुराते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। 2. कपड़े उतारकर कैंची से काटे बालइसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने पहले तो उसकी पिटाई की। फिर उसके कपड़े उतारकर कैंची से सिर के बाल काट दिए। फिर उसे नगरफोर्ट पुलिस के हवाले कर दिया गया। 3. सरपंच का कार्यकाल खत्म होने के बाद करने लगा चोरियांअनिल वाल्मीकि जनवरी 2015 से 2020 तक बामनगांव ग्राम पंचायत का सरपंच रहा था। पद से हटने के बाद से वह लगातार चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा है। जानकारी के अनुसार वह शराब का आदी है और सरपंची का कार्यकाल समाप्त होने के बाद चोरियां करने लग गया। 4. एक साल पहले भी चोरी करते हुए पकड़ा थाकरीब एक साल पहले उसे रघुनाथगंज में चोरी करते हुए पकड़ा गया था। इसके बाद उसने बम्बूली गांव में 2 घरों से मोबाइल चुराए थे। ग्रामीणों ने पीछा कर उसे टोंक में पकड़ा और चोरी के मोबाइल बरामद कर नैनवां पुलिस को सौंप दिया था। तलाशी के दौरान उसके पास से एक बटनदार चाकू भी मिला था, जिसके बाद टोंक पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जमानत पर छूटने के बाद वह वापस चोरियां करने लगा। कोलाहेड़ा गांव में भी रंगे हाथों पकड़ा, रस्सियों से बांधकर पीटाकुछ दिन पहले भी अनिल वाल्मीकि को बूंदी के नैनवां क्षेत्र के कोलाहेड़ा गांव में चोरी करते हुए पकड़ा गया था। उस समय भी ग्रामीणों ने उसे रस्सियों से बांधकर पिटाई की थी। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व सरपंच होने के बावजूद अनिल की लगातार चोरी की वारदातों से पूरे क्षेत्र में डर और रोष का माहौल है। नगरफोर्ट पुलिस मामले की जांच कर रही है। नगरफोर्ट थाना अधिकारी बाबूलाल मीणा ने बताया कि मामला 5 जुलाई का है। आरोपी को ग्रामीणों ने पकड़ लिया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को अरेस्ट किया। फिलहाल वीडियो के संबंध में मामला जांच में है।
पाली में सीरवी समाज परगना समिति के लोग बुधवार को मुख्यालय पहुंचे। भूमाफियाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की। समिति के प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निशांत भारद्वाज को ज्ञापन सौंपा। वह जमीन पर कथित कब्जे के प्रयास करने और पुलिस के कार्रवाई नहीं करने से नाराज थे। भूमाफियाओं ने अतिक्रमण का प्रयास किया परगना समिति के अध्यक्ष प्रकाश चौधरी ने बताया- गुड़ा एंदला थाना क्षेत्र के डिंगाई गांव में समाज के लोगों की जमीन पर कब्जा करने की नीयत से भूमाफियाओं ने दो बार तारबंदी तोड़कर अतिक्रमण का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी और लगातार मानसिक रूप से परेशान कर रहे है। न मुकदमा दर्ज हुआ न कोई कार्रवाई हुई सीरवी समाज परगना समिति ने आरोप लगाया है कि मामले की दो बार शिकायत गुडा एंदला थाना और गुंदोज चौकी में दी गई। लेकिन अब तक न तो मामला दर्ज किया गया और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई। इससे ग्रामीणों में रोष है। निष्पक्ष जांच करने की मांग सीरवी समाज परगना समिति की ओर से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने, अतिक्रमण के प्रयास को रोकने तथा पीड़ित परिवारों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गई। इस दौरान एडवोकेट रमेश चौधरी, राजूराम, रूपाराम, चुनाराम, पीराराम, मोडाराम, हरजीराम, कानाराम, घीसाराम, मांगीलाल, रूपाराम, ओगदराम, चुन्नीलाल, कुंपाराम राठौड़, मोहनलाल, मोरकी देवी, भंवरी देवी, सूकी देवी, प्यारी देवी, गंगा, ममता, सुजाराम, कानाराम, खीमाराम, बाबूलाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

