उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में अभिभावक महंगी किताबों और फीस के विरोध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिख रहे हैं। यह अभियान राष्ट्रीय छात्र पंचायत द्वारा चलाया जा रहा है, जिसमें अभिभावकों से गांव-गांव जाकर पत्र लिखवाए जा रहे हैं। उनका मुख्य उद्देश्य राज्य में फीस रेगुलेशन बिल लागू करवाना है। राष्ट्रीय छात्र पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम पांडेय और उनकी टीम अभिभावकों से यह मांग करवा रही है कि फीस, महंगी किताबों और ड्रेस के नाम पर हो रहे आर्थिक बोझ को रोका जाए। उनका कहना है कि इससे गरीब परिवारों के बच्चे भी अच्छे स्कूलों में पढ़ाई कर सकेंगे। अभिभावकों ने यह भी मांग की है कि जिन लोगों ने महंगी किताबें खरीदी हैं, उनकी जिम्मेदारी तय कर सरकार द्वारा कार्रवाई की जाए। इस अभियान के तहत स्कूली बच्चों से भी जानकारी ली जा रही है, जिनके अभिभावकों को महंगी किताबें खरीदने और फीस चुकाने में कठिनाई होती है। शिवम पांडेय ने बताया कि यह अभियान पिछले 18 दिनों से लगातार चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी स्कूल हर साल किताबें बदलते हैं और फीस व ड्रेस के नाम पर अभिभावकों पर आर्थिक दबाव डालते हैं। शिवम पांडेय ने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द फीस रेगुलेशन बिल बनाना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश के अधिकांश अभिभावक इस समस्या से प्रभावित हैं और इस पर तत्काल कानून बनाने की आवश्यकता है। दरअसल आपको बता दें कि फीस रेगुलेशन बिल को लेकर कि इससे पहले भी राष्ट्रीय छात्र पंचायत के कार्यकर्ता और पदाधिकारी अलग-अलग तरीके से विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार इन लोगों की मांगे मानने को तैयार रही है ना ही अभी तक इन लोगों की मांग पर सरकार द्वारा कोई अमल किया गया है। दरअसल आपको बता दें कि फीस रेगुलेशन बिल को लेकर कि इससे पहले भी राष्ट्रीय छात्र पंचायत के कार्यकर्ता और पदाधिकारी अलग-अलग तरीके से विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार इन लोगों की मांगे मानने को तैयार रही है ना ही अभी तक इन लोगों की मांग पर सरकार द्वारा कोई अमल किया गया है।
हरदोई के पचदेवरा थाना क्षेत्र में एक किशोरी से मारपीट और उसकी गर्दन पर बांका रखने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस मामले में किशोरी की मां ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पचदेवरा नई बस्ती गांव निवासी पूजा ने पुलिस को बताया कि उनकी 13 वर्षीय बेटी स्वीटी की तबीयत खराब थी। 1 अप्रैल की देर शाम वह उसे झाड़-फूंक कराने के लिए गांव के परमेश्वरदीन पुजारी के पास ले गई थीं। पूजा के अनुसार, झाड़-फूंक के दौरान परमेश्वरदीन और उसके बेटों मंजेश व संजेश ने स्वीटी के साथ मारपीट की। आरोप है कि आरोपियों ने थप्पड़ और घूसों से किशोरी की पिटाई की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
राजधानी के भीड़भाड़ वाले गोल बाजार में दिनदहाड़े चोरी की घटना सामने आई है। यहां खरीदारी करने पहुंची एक महिला के गले से अज्ञात चोर करीब 3 तोले वजनी सोने की चेन पार कर ले गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया, वहीं पीड़िता ने थाने में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता का नाम पुलिस द्वारा हेमिन देवी वस्त्रकार बताया जा रहा है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला गोल बाजार पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार हेमिन देवी वसत्रकार 5 अप्रैल की शाम को अपनी बेटी जागृति गुप्ता के साथ गोल बाजार आई थी। यहां वह पहले पीतल के बर्तन खरीदने पहुंची और इसी दौरान राधा रानी श्रृंगार दुकान के सामने स्थित एक पंसारी दुकान में लड्डू गोपाल की पोशाक खरीदने गई। खरीदारी करने के बाद महिला अपनी बेटी के साथ बर्तन दुकान की ओर बढ़ी। इसी दौरान भीड़ का फायदा उठाकर किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसके गले से सोने की चेन पार कर दी। महिला के मुताबिक, चेन पुरानी इस्तेमाल की थी, जिसका वजन करीब 3 तोला और कीमत लगभग 4 लाख रुपए थी। जब महिला को गले में चेन नहीं होने का एहसास हुआ, तो वह तुरंत वापस उसी दुकान पर पहुंची और आसपास के दुकानदारों व ग्राहकों से पूछताछ की, लेकिन चेन का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पीड़िता ने घटना की शिकायत पुलिस से की। अज्ञात आरोपी के खिलाफ पुलिस ने दर्ज किया केस मामले की सूचना पर गोल बाजार पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपी की पहचान की जा सके।
नरसिंहपुर जिले में भाजपा नेता पवन पटेल से मारपीट के मामले में कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता पटेल सोमवार दोपहर 12 बजे एसपी कार्यालय पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं। जानकारी के अनुसार, सुनीता पटेल ने शनिवार को एसपी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस से संतोषजनक जवाब न मिलने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया। धरने के दौरान सुनीता पटेल ने आरोप लगाया कि पवन पटेल को बुरी तरह पीटा गया, लेकिन अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने प्रेस नोट जारी किया, पर उनके पत्र का कोई जवाब नहीं दिया। पटेल ने क्षेत्र में अवैध उत्खनन और डंपरों की आवाजाही को भी गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि गाडरवारा में लगातार हादसे हो रहे हैं, जैसे हाल ही में गांधी गांव में एक ट्रक घर में घुस गया, जिससे एक युवक की मौत हो गई थी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वह दिसंबर में भी पत्र लिखकर डंपरों के संचालन का समय निर्धारित करने की मांग कर चुकी हैं। सुनीता पटेल ने स्पष्ट किया कि जब तक उन्हें लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, वे धरना समाप्त नहीं करेंगी। दूसरी ओर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया ने मामले पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह घटना 1 तारीख की दरमियानी रात पलोहा थाना क्षेत्र में हुई थी। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली है और दो-तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। शेष आरोपियों की भी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। भूरिया ने बताया कि कुछ आरोपी स्थानीय हैं, जबकि कुछ बाहर के हैं। मामले की विस्तृत जानकारी एसडीओपी द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि त्वरित कार्रवाई की जा रही है और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।
हापुड़ में दिल्ली-लखनऊ हाईवे (NH-9) स्थित ब्रजघाट टोल प्लाजा के पास चलती कार की छत और खिड़कियों से बाहर निकलकर स्टंट करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इस मामले में हापुड़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वाहन का ₹7,000 का चालान काटा है। दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के आदेश वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया। हापुड़ के पुलिस अधीक्षक (SP) कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के आदेश दिए। एसपी के निर्देश पर यातायात पुलिस ने बिना देरी किए वाहन की पहचान की और मोटर व्हीकल एक्ट (MV Act) के उल्लंघन के तहत यह चालान जारी किया। यातायात नियमों का पालन करने की अपील इस घटना के बाद हापुड़ पुलिस ने जनपदवासियों और राहगीरों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि चलती गाड़ी में स्टंट करना न केवल चालक के लिए बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए भी खतरनाक हो सकता है। युवकों में रील बनाने के जुनून पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हापुड़ पुलिस ने कहा, सड़क सुरक्षा केवल एक नियम नहीं, बल्कि आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा की गारंटी है। रील बनाने के जुनून में अपनी जिंदगी दांव पर न लगाएं।
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसी क्रम में अलीगंज विकास खंड सभागार में विधायक सत्यपाल सिंह राठौर ने 15 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्टफोन वितरित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस पहल से कार्यकत्रियों को अपने कार्य में तेजी और पारदर्शिता लाने में मदद मिलेगी। विधायक राठौर ने बताया कि आगामी चार दिनों के भीतर क्षेत्र की सभी 272 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को मोबाइल वितरित कर दिए जाएंगे। विधायक ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार आंगनवाड़ी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। स्मार्टफोन उपलब्ध कराने का उद्देश्य यह है कि कार्यकत्रियां बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं से जुड़ी योजनाओं का डाटा समय पर ऑनलाइन दर्ज कर सकें। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। डॉ. अखलाख ने संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत बताया कि मौसम परिवर्तन के दौरान फैलने वाले रोगों से बचाव के लिए स्वच्छता, साफ पानी, नियमित टीकाकरण और जागरूकता आवश्यक है। उन्होंने कार्यकत्रियों से घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने की अपील की। खंड विकास अधिकारी शिव शंकर शर्मा ने कहा कि स्मार्टफोन मिलने से कार्यकत्रियों का काम आसान होगा और योजनाओं की निगरानी बेहतर तरीके से हो सकेगी। सीडीपीओ कुसुमा ने भी कार्यकत्रियों से नई तकनीक का सही उपयोग करते हुए सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां, कर्मचारी और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ आंगनवाड़ी व्यवस्था को भी मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगी।
मऊ जिला कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार को हिंदू जागरण समिति के कार्यकर्ताओं ने कोपागंज नगर पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने इस दौरान जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। हिंदू जागरण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि कोपागंज नगर पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है। सड़क, नालियों और खड़ंजा के निर्माण में बेहद घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सिंह ने आगे कहा कि नगर पंचायत में कमीशन का खेल खुलेआम चल रहा है और सरकारी धन का बंदरबांट किया जा रहा है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए खरीदी गई दवाइयों में भी भारी घोटाला किया गया है। समिति ने दावा किया कि जनता की सुविधाओं के लिए नगर पंचायत द्वारा खरीदी गई सामग्री में पारदर्शिता का अभाव है और इसमें बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की गई हैं। हिंदू जागरण समिति के राष्ट्रीय संगठन मंत्री एडवोकेट रामकृष्ण भारद्वाज ने बताया कि लाइट की खरीद में भी व्यापक लूट-खसोट हुई है, जहां जरूरत से अधिक कीमत पर खरीदारी की गई और गुणवत्ता को नजरअंदाज किया गया। एडवोकेट भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग पर रखे गए कर्मचारियों के वेतन में कटौती की जा रही है और उन्हें उनके पारिश्रमिक का उचित भुगतान नहीं मिल रहा है। इस अवसर पर प्रांतीय मंत्री रवि गुप्ता, एडवोकेट अमरेश सिंह, राज श्रीवास्तव, गुड्डू सोनकर, अमरजीत चौहान, विजय रंजन सिंह, नखडु साहनी, आदित्य रंजन सिंह, विनोद कुमार चौहान, कृष्णा गोंड, गोलू सोनकर, गुलशन राजभर, सत्यम गुप्ता और अंजनी शर्मा सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
जालौन में सपा का प्रदर्शन:फसल नुकसान पर 100 प्रतिशत मुआवजे की मांग, किसानों को मिलेगी राहत
जालौन में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को हुए भारी नुकसान के विरोध में समाजवादी पार्टी (सपा) ने प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर, सपा सांसद नारायण दास अहिरवार, पूर्व मंत्री श्रीराम पाल और पूर्व जिला अध्यक्ष सुरेंद्र बजरिया के नेतृत्व में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसानों को राहत दिलाने की मांग उठाई। इस दौरान सपा नेताओं ने जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि हाल ही में हुई ओलावृष्टि और बारिश से जिले के अधिकांश गांवों में गेहूं, सरसों, चना समेत अन्य फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। कई स्थानों पर किसानों के सामने खाद्यान्न का संकट खड़ा हो गया है। 100 प्रतिशत फसल का मुआवजा दिया जाए सपा ने मांग की कि प्रभावित किसानों को 100 प्रतिशत फसल का मुआवजा दिया जाए। साथ ही, जो किसान बटाई पर खेती करते हैं, उन्हें भी मुआवजे का लाभ मिलना चाहिए। इसके अलावा, किसानों के केसीसी (क्रेडिट कार्ड) ऋण और कृषि यंत्रों के कर्ज को माफ करने की मांग भी उठाई गई। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष और सांसद ने यह भी कहा कि जिन गांवों में खाद्यान्न की समस्या उत्पन्न हो गई है, वहां कुछ महीनों तक गेहूं व अन्य जरूरी खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाए। पशुपालकों के लिए भूसे की व्यवस्था और किसानों के बिजली बिल माफ करने की भी मांग की गई। साथ ही, खराब मौसम के चलते गांवों में टूटे बिजली के खंभों और तारों को जल्द ठीक कराने की बात कही गई। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार अभी तक इस आपदा को दैवीय आपदा घोषित नहीं कर रही है और केवल खानापूर्ति में लगी हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द किसानों को राहत नहीं दी गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग की प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री ममता भूपेश बैरवा 14 अप्रैल को डूंगरपुर दौरे पर रहेंगी। वे यहां जिला मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। जिला कांग्रेस कमेटी और अनुसूचित जाति विभाग, डूंगरपुर द्वारा इस समारोह का आयोजन किया जा रहा है। कांग्रेस एससी विभाग के जिलाध्यक्ष सुखदेव यादव ने बताया कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समाज के लोग भाग लेंगे। ममता भूपेश बैरवा बाबा साहेब के विचारों और संविधान के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करेंगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ममता भूपेश बैरवा 13 अप्रैल को जयपुर से उदयपुर पहुंचेंगी और वहां रात्रि विश्राम करेंगी। अगले दिन, 14 अप्रैल को वे सुबह उदयपुर से रवाना होकर लगभग 11 बजे डूंगरपुर पहुंचेंगी। समारोह में शामिल होने के बाद वे पुनः उदयपुर के लिए प्रस्थान करेंगी। उनके आगमन को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी एससी विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उनके दौरे को लेकर उत्साह का माहौल है और व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
एसआई भर्ती 2025 परीक्षा के दूसरे दिन पहली पारी शांतिपूर्वक और पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई। पहली पारी में कुल 70.85 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। इस पारी में 9442 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 6784 ने परीक्षा दी, जबकि 2658 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। पहले दिन की तुलना में इस बार करीब 4 प्रतिशत अधिक उपस्थिति दर्ज की गई। जिले में परीक्षा दो पारियों में आयोजित की जा रही है। सुबह की पारी के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अभ्यर्थियों को सुबह 9 बजे से प्रवेश दिया गया। पुलिस और प्रशासनिक टीम ने सघन जांच की। सख्ती को देखते हुए कई अभ्यर्थियों ने स्वयं ही हाथ में बंधे डोरे और अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं उतार दीं, जबकि महिलाओं से जेवर भी उतरवाए गए। कलेक्टर-SP ने किया केंद्रों पर निरीक्षण परीक्षा के दौरान कलेक्टर टीना डाबी और पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीणा ने सेंट सोल्जर सीनियर सेकेंडरी स्कूल सहित विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और शांतिपूर्ण तरीके से कराने के निर्देश दिए। परीक्षा समाप्त होने के बाद कुछ केंद्रों पर अभ्यर्थी तुरंत बाहर निकल गए, जबकि कई अभ्यर्थी बाहर आकर चाय-नाश्ता कर फिर दूसरी पारी के लिए केंद्रों पर लौटते नजर आए। कल की तुलना में आज पहली पारी में कम पहुंचे अभ्यर्थी एडीएम रामरतन सौकरिया ने बताया -पहली पारी पूरी तरह शांतिपूर्ण रही और पिछले दिन की तुलना में अनुपस्थित अभ्यर्थियों की संख्या कम रही। प्रशासन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि परीक्षा में लाख या कांच की पतली चूड़ियों के अलावा कोई भी जेवर पहनकर प्रवेश नहीं मिलेगा। इसके अलावा घड़ी, धूप का चश्मा, बेल्ट, हैंडबैग, हेयर पिन, ताबीज, कैप, स्कार्फ, स्टॉल, शॉल और मफलर जैसे सामान प्रतिबंधित रहे। पुरुष अभ्यर्थियों को केवल आधी आस्तीन की शर्ट, टी-शर्ट या कुर्ता, पेंट या पायजामा और हवाई चप्पल या स्लीपर में ही प्रवेश दिया गया। वहीं महिला अभ्यर्थियों को सलवार सूट या साड़ी, आधी आस्तीन का कुर्ता या ब्लाउज, हवाई चप्पल या स्लीपर तथा बालों में साधारण रबर बैंड के साथ ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी गई।
प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज राज्यमंत्री और ललितपुर के प्रभारी मंत्री दानिश आजाद अंसारी रविवार रात को ललितपुर पहुंचे। उन्होंने सोमवार सुबह पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में जिला कोर कमेटी और जिला प्रशासनिक समन्वय समिति की बैठक ली। बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने जिले में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को अधूरे कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, सभी विभागों में जारी योजनाओं को तेजी से संपन्न करने के लिए भी निर्देशित किया। 3 तस्वीरें देखिए… इस अवसर पर दैनिक भास्कर से बातचीत में राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस है। उन्होंने बताया कि जनता के बीच रहकर कार्य करना ही योगी-मोदी सरकार का मुख्य लक्ष्य है। पंचायत चुनाव कब होंगे, इस सवाल के जवाब में राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि इस संबंध में शासन और प्रशासन द्वारा जानकारी दी जाएगी।
भिंड जिले की लहार नगर पालिका ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बिना अनुमति प्लॉटिंग करने वाले करीब 15 लोगों को नोटिस जारी किए हैं। इसी बीच एक नोटिस में जातिगत शब्द के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने मुद्दा उठाया, जिस पर लहार नगर पालिका के सीएमओ रामशंकर शर्मा ने स्पष्ट किया है कि नगर पालिका द्वारा जारी किसी भी नोटिस में जातिगत शब्दों का उपयोग नहीं किया गया है। सीएमओ ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर नोटिस को कूटरचित कर सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और अवैध कॉलोनियों के खिलाफ एक्शन लगातार जारी रहेगा। सरकारी और कृषि भूमि पर कट रहीं अवैध कॉलोनियां सीएमओ शर्मा ने बताया कि बायपास क्षेत्र सहित अन्य जगहों पर सरकारी और कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनियां बसाई जा रही हैं। संबंधित लोगों ने कॉलोनाइजर से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया है और बिना अनुमति प्लॉटिंग कर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। ऐसे मामलों में नगर पालिका ने विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किए हैं, ताकि संबंधित पक्ष अपना जवाब प्रस्तुत कर सके। भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर होगी वैधानिक कार्रवाई सीएमओ ने कहा कि यदि किसी को नोटिस को लेकर आपत्ति है तो वह नियमानुसार अपना पक्ष रख सकता है, लेकिन गलत तथ्यों के आधार पर नगरपालिका को बदनाम करने का प्रयास कानूनन गलत है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष ने उठाया था मुद्दा गौरतलब है कि बीते दिनों कांग्रेस ग्रामीण जिला अध्यक्ष रामशेष बघेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक नोटिस में कथित तौर पर जातिगत शब्द के इस्तेमाल को लेकर मुद्दा उठाया था। इसके बाद नगर पालिका की ओर से यह स्पष्टीकरण सामने आया है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
बदलते मौसम से बढ़ी मरीजों की तादाद:वायरल फीवर, खांसी और जुकाम के मामले बढ़े, अस्पतालों में उमड़ रही भीड़
हाथरस में पिछले चार दिनों से मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव और बारिश के कारण मौसमी बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है। वायरल फीवर, खांसी और जुकाम जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे जिला अस्पताल और निजी क्लीनिकों में भीड़ बढ़ गई है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 200 से अधिक मरीज इन मौसमी बीमारियों के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। निजी अस्पतालों में भी वायरल फीवर के मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है, जो बदलते मौसम के स्वास्थ्य पर पड़ रहे गंभीर असर को दर्शाता है। तापमान में दिन के समय तेज धूप और रात व सुबह में गिरावट, साथ ही बारिश, इन मौसमी बदलावों को बीमारियों के इस प्रकोप का मुख्य कारण बताया जा रहा है। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. प्रमोद कुमार ने पुष्टि की कि वायरल फीवर और खांसी-जुकाम के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ठंडी चीजों का सेवन करने से बचें.. डॉ. कुमार ने विशेष रूप से बताया कि इस बदलते मौसम का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ रहा है। उन्होंने लोगों को ठंडी चीजों के सेवन से परहेज करने और बारिश में भीगने से बचने की सलाह दी। साथ ही, उन्होंने बीमार महसूस होने पर तुरंत योग्य चिकित्सक से परामर्श लेने पर भी जोर दिया।
बालोतरा के कल्याणपुर से निकलने वाला नेशनल हाईवे 25 के पास बनी सर्विस लाइन लोगों को सुविधा देने के बजाय दुविधा बन गई। कल्याणपुर कस्बे में ओवरब्रिज बना हुआ है। वहीं साइडों में सर्विस लाइन में सिवरेज का पानी भरा हुआ है। पैदल चलने वाले राहगीरों के साथ-साथ वहां से गुजरने वाले टू-व्हीलरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा है। वहीं दुकानदार का कहना है कि पानी की वजह से कस्टमर भी नहीं आ रहे है। दरअसल, बाड़मेर जोधपुर को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे 25 कस्बों पर ओवरब्रिज बने हुए है। कल्याणपुर कस्बे में भी ओवरब्रिज है। लेकिन कस्बे के चार रास्ते आसपास 101 के गांवों को जोड़ता है। यहां से हजारों की संख्या में लोगों का आना-जाना होता है। बिना बारिश के सिवरेज लाइनों से पानी आए दिन सर्विस लाइनों में भरा रहता है। इससे स्कूली बच्चों और लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कपड़ा व्यापारी जबरसिंह का कहना है कि दो सालों से यह सिवरेज व नाले का पानी सर्विस लाइन पर आ रहा है। इसकी पॉपर निकासी नहीं है। पानी भरा रहने की वजह से कस्टमर इस पानी को पार कर नहीं पहुंचता है। मोबाइल दुकानदार नरेंद्र कुमार का कहना है कि सर्विस लाइनों में पानी भरने से लोगों का आने-जाने में परेशानी हो रही है। दुकानदार पर लोग नहीं पहुंच पा रहे है।
दैनिक भास्कर यूपी की 403 विधानसभा सीटों पर सर्वे कर रहा है। किस सीट पर अब किसकी हवा है। जनता की पसंद कौन है, मौजूद विधायक या कोई और। इस सर्वे में भाग लेकर आप बताइए, जालौन की कालपी विधानसभा सीट पर विधायक विनोद चतुर्वेदी को क्या आप उम्मीदवार बनाना चाहते हैं या यहां से तैयारी कर रहे भाजपा नेता अमरपाल मौर्या को मौका देंगे? जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष विवेक विक्रम सिंह या अंजली मौर्या में अगर आपकी पसंद हैं तो उनके लिए सर्वे में भाग लीजिए। कोई और पसंद है तो उसका नाम भी आप दे सकते हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) से आप किसे उम्मीदवार बनाना चाहेंगे। सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता आकाश मौर्या या संतोष कुमार मौर्या में कौन पसंद है? जन अधिकार पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष वा जौनपुर सांसद की पत्नी शिवकन्या कुशवाहा आपकी पसंद हैं तो उनके लिए सर्वे में भाग लीजिए। कोई और पसंद है तो उसका नाम भी आप दे सकते हैं। बसपा से आप किसे उम्मीदवार बनाना चाहेंगे। ठाकुर प्रसाद यादव, रामबाबू अम्बेडकर या राजेश कुमार कौशिक में किसे मौका देंगे। या किसी अन्य को पसंद करते हैं। कांग्रेस से आप कांग्रेस प्रदेश सचिव अतुल सिंह को चुनना चाहेंगे। या किसी और को पसंद करते हैं। यह सर्वे पूरी तरह गोपनीय है, आपकी पहचान कभी भी उजागर नहीं होगी। इस लिंक पर क्लिक करके आप सर्वे में भाग ले सकते हैं। अगर आपके पास भास्कर एप नहीं है तो पहले डाउनलोड करें, फिर सर्वे में भाग लें- लिंक
बड़वानी जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम भीलखेडा और बड़वानी के बीच का कच्चा मार्ग किसानों और ग्रामीणों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। सड़क के अभाव और मार्ग की जर्जर हालत के कारण क्षेत्र का कृषि कार्य और दैनिक जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। लंबे समय से डामरीकरण की बाट जोह रहे ग्रामीणों ने अब प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है। खेती और परिवहन में हो रही परेशानी किसान रामलाल मुकाती और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि उनकी कृषि भूमि और निवास गांव में ही हैं, लेकिन बड़वानी शहर तक पहुंचने के लिए केवल एक ही कच्चा रास्ता उपलब्ध है। सड़क इतनी जर्जर हो चुकी है कि इस पर पैदल चलना भी दूभर है। किसानों को खाद-बीज, कृषि उपकरण और अपनी उपज को खेतों से मंडी तक ले जाने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। बारिश के दिनों में तो स्थिति इतनी भयावह हो जाती है कि आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित सड़क की दुर्दशा का असर केवल खेती पर ही नहीं, बल्कि बच्चों की शिक्षा और मरीजों के उपचार पर भी पड़ रहा है। परिवहन सुविधाओं के अभाव में एंबुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाएं समय पर गांव तक नहीं पहुंच पातीं। ग्रामीणों का आरोप है कि एक तरफ सरकार गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने का दावा कर रही है, वहीं भीलखेडा आज भी मूलभूत सड़क सुविधा से वंचित है। नेताओं के आश्वासन के बाद भी नहीं बदला हाल ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमसिंह पटेल और सांसद गजेंद्रसिंह पटेल ने भी इस मार्ग के निर्माण को लेकर विधानसभा और संसद में प्रस्ताव रखे थे, लेकिन धरातल पर अब तक कोई कार्य शुरू नहीं हो सका है। जनप्रतिनिधियों के आश्वासनों के बावजूद फाइलें दफ्तरों में दबी हुई हैं, जिससे क्षेत्रवासियों में आक्रोश व्याप्त है। उग्र प्रदर्शन की चेतावनी किसानों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि भीलखेडा से बड़वानी तक के इस महत्वपूर्ण मार्ग का तत्काल डामरीकरण कराया जाए। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे अपने हक के लिए उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। फिलहाल, क्षेत्र के लोग कीचड़ और धूल भरे कच्चे रास्ते से सफर करने को मजबूर हैं।
REEL बनाते डैम में पलटी नाव, 2 छात्र डूबे:झांसी में बोले- तैरना आता है, बच जाएंगे, एक का शव मिला
झांसी में रविवार शाम को रेलवे डैम में नाव पलटने से 11वीं कक्षा के 4 दोस्त डूब गए। एक चरवाहे ने साहस दिखाते हुए दो दोस्तों को बचा लिया, जबकि 15 घंटे बाद सोमवार सुबह एक दोस्त आतिफ की लाश मिली है। वहीं, वेदांश यादव की तलाश में डैम में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। डैम में नाव में घूमते हुए उनकी एक रील वायरल हो रही है। रील बनाते हुए वेदांश यादव कह रहा है- “नाव हाईजैक करके पूरे रेलवे डैम में घूम रहे हैं। मुझे तैरना आता है, मैं बच जाऊंगा, इसका (शौर्य) पता नहीं।” शौर्य को बचा लिया गया, जबकि वेदांश का कोई सुराग नहीं लगा। जालौन से एसडीआरएफ टीम मौके पर पहुंच गई और सर्च में जुट गई। पूरा मामला रक्सा के गढ़िया गांव का है। अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए चारों माउंट लिट्रा जी स्कूल में पढ़ते हैं प्रेमनगर के महावीरन मोहल्ला नवासी श्रवण तिवारी (19), लहर गिर्द नवासी शौर्य (18), प्रेमगंज निवासी वेदांश यादव (18) और नगरा निवासी आतिफ मंसूरी (19) माउंट लिट्रा जी स्कूल में 11वीं में पढ़ते थे। परीक्षाएं समाप्त होने के बाद रविवार को चारों ट्यूशन जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन ट्यूशन न जाकर बाइक से गढ़िया गांव स्थित रेलवे डैम पहुंच गए। डैम के किनारे पड़ी नाव लेकर चारों पानी में उतर गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बीच डैम में खड़े होकर छात्र मोबाइल से रील बना रहे थे, तभी अचानक नाव असंतुलित होकर पलट गई और चारों पानी में गिर गए। चरवाहे ने दो दोस्तों को बचा लिया डैम के पास कल्लू केवट बकरियां चरा रहा था। जब उसने छात्रों को डूबते हुए देखा तो नाव लेकर डैम में उतर गया। कल्लू ने साहस दिखाते हुए श्रवण और शौर्य को बचा लिया। लेकिन लेकिन वेदांश और आतिफ गहरे पानी में समा गए और लापता हो गए। घटना के बाद ग्रामीण एकत्र हो गए और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल टीम मौके पर पहुंच गई। इसके बाद सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। अंधेरा होने पर सर्च ऑपरेशन बंद करना पड़ा। आतिफ मंसूरी का शव बरामद हुआ सोमवार सुबह दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ। स्थानीय गोताखोरों की मदद से सुबह लगभग 9 बजे आतिफ मंसूरी के शव को बरामद कर लिया गया। वेदांश यादव का अभी सुराग नहीं लगा है। डैम में जहां छात्र डूबे थे, वहां लगभग 30 फीट पानी है। दोपहर 12:30 बजे एसडीआरएफ की टीम भी जालौन से पहुंच गई। एसडीआरएफ टीम ने सर्च शुरू कर दी है। घटना के बाद परिजन रोते बिलखते हुए मौके पर पहुंच गए। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। मौके पर एसडीएम गोपेश तिवारी समेत पुलिस अफसर मौके पर मौजूद हैं। दोनों अपने माता-पिता के इकलौते बेटे आतिफ मंसूरी का शव मिलने के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसके पिता शहजाद रेलवे में ठेके पर काम करते हैं। वहीं, वेदांश यादव भी इकलौता बेटा है। उससे बड़ी एक बहन कशिश बीटीसी कर रही है। वेदांश के पिता विश्ववीर यादव कृषि विभाग में बाबू थे। 2008 में सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई थी। तब वेदांश गर्म में था। इसके बाद पत्नी रंजनी यादव को नौकरी मिल गई थी। रजनी कृषि विभाग में भू संरक्षण में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं। एसडीआरएफ की टीम आ गई एसडीएम गोपेश तिवारी ने कहा कि 4 बच्चे रेलवे डैम में डूब गए थे। ग्रामीणों के सहयोग से दो को बचा लिया गया था। आज एक बच्चे का शव बरामद हो गया। दूसरे बच्चे की तलाश की जा रही है। एसडीआरएफ की टीम को बुला लिया गया है। उसके शव की तलाश की जा रही है।
औरैया में घर में घुसकर मारपीट और लूट, CCTV:महिलाओं समेत परिवार को पीटा, नकदी और मोबाइल ले भागे
औरैया के दिबियापुर थाना क्षेत्र के जमौली गांव में घर में घुसकर मारपीट और लूट का मामला सामने आया है। पीड़िता जानवती पत्नी सुभाष चंद्र ने दिबियापुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, यह घटना 6 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 7 से 9 बजे के बीच हुई। आरोपियों ने घर के पास पहुंचकर गाली-गलौज की और विरोध करने पर परिवार के सदस्यों पर लाठी-डंडों व लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इस हमले में शाहिद के परिजनों सहित कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने मारपीट के दौरान उनका मोबाइल फोन छीन लिया और जेब में रखे करीब 5 से 10 हजार रुपये भी लूट लिए। बीच-बचाव करने आए अन्य परिजनों को भी पीटा गया। घटना का एक वीडियो सीसीटीवी में कैद हो गया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिबियापुर में भर्ती कराया गया है। पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
संभल में युवक ने की आत्महत्या:नशे के इंजेक्शन लगाने को लेकर पत्नी और पिता से झगड़ा हुआ था
संभल में नशे के इंजेक्शन को लेकर हुए विवाद के बाद एक युवक ने जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक पांच साल पहले अपने परिवार से अलग होकर मूल गांव से 28 किलोमीटर दूर दूसरे गांव में रहने लगा था। यह घटना संभल जनपद के थाना असमोली क्षेत्र के गांव तलवार की है। मृतक की पहचान 25 वर्षीय जाकिर के रूप में हुई है, जो सारंगपुर, थाना कैलादेवी का निवासी था। बीते रविवार सुबह करीब 8 बजे जाकिर का अपनी पत्नी गुले शादाब से नशे का इंजेक्शन लगाने को लेकर झगड़ा हो गया था। पत्नी ने इसकी सूचना जाकिर के पिता मनफूल अहमद को फोन पर दी। पिता कुछ लोगों के साथ गांव तलवार पहुंचे, जहां बेटे से उनका भी विवाद हुआ। इसी झगड़े के बाद शाम करीब 4 बजे जाकिर ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर उसे पहले गांव के डॉक्टर को दिखाया गया, फिर एक निजी अस्पताल ले जाया गया। रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब 12 बजे इलाज के दौरान जाकिर ने दम तोड़ दिया। पीएम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी मौत की खबर मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और वे शव को गांव ले आए। सूचना पर थाना पुलिस मृतक के घर पहुंची और पंचनामा की कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पत्नी गुले शादाब ने बताया कि उनकी शादी छह साल पहले हुई थी। बेटी के जन्म के तीन महीने बाद जाकिर ने नशे के इंजेक्शन लेना शुरू कर दिया था। उन्होंने पहले भी संभल कोतवाली में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। गुले शादाब ने बताया कि जाकिर महीने में सिर्फ एक-दो दिन काम करता था और बाकी दिन इंजेक्शन लगाता था। वह खुद गांव शहबाजपुर कलां में आशा कार्यकर्ता के रूप में काम करती हैं। थाना प्रभारी मोहित चौधरी ने बताया कि एक युवक की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हुई है। परिजनों की मांग पर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, सभी आरोपों की जांच करते हुए पीएम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
अलवर में शुरू की गई 6 नई 22 एसी बसों में से जोधपुर रूट पर चल रही दोनों बसों का संचालन बंद कर दिया गया है। विभाग को इस रूट पर पर्याप्त यात्री नहीं मिल रहे थे, जिससे इनकम नहीं हो पा रही थी। इसी वजह से जोधपुर रूट को निरस्त कर दिया गया। मुख्य प्रबंधक कुलदीप शर्मा के अनुसार, जोधपुर रूट पर पुरुषों का किराया 900 रुपये रखा गया था, जबकि महिलाओं को 50 प्रतिशत छूट दी जा रही थी। इसके बावजूद बसें केवल तीन दिन ही चलीं और इस दौरान पर्याप्त आय नहीं हुई। अब सोमवार से इन दोनों बसों को जयपुर रूट पर सुबह 6 बजे से संचालित किया जा रहा है। बाकी चार बसें अलग-अलग रूट पर पहले की तरह चल रही हैं—दो सावरिया सेठ और दो दिल्ली रूट पर। भाजपा नेता तिलक राज शर्मा का कहना है कि विभाग ने जल्दबाजी में फैसला लिया है। उनका मानना है कि किसी भी नए रूट को जमने में समय लगता है, इसलिए कम से कम एक महीने तक संचालन जारी रखना चाहिए था, ताकि यात्रियों को इसकी जानकारी मिल सके।
चतरा जिले में अफीम तस्करों को संरक्षण देने के आरोप में लावालौंग थाना प्रभारी प्रशांत कुमार मिश्रा को निलंबित कर दिया गया है। चतरा एसपी सुमित कुमार अग्रवाल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोपों के बाद यह कदम उठाया। एसपी को थाना प्रभारी के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद, उन्होंने सिमरिया एसडीपीओ शुभम खंडेलवाल को मामले की गुप्त जांच का निर्देश दिया। एसडीपीओ की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में प्रशांत मिश्रा पर लगे आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एसपी ने तत्काल प्रभाव से प्रशांत मिश्रा को निलंबित कर पुलिस लाइन में अटैच कर दिया। यह पिछले 11 महीनों में उनका दूसरा निलंबन है। इससे पहले, मई 2025 में पिपरवार थाना प्रभारी रहते हुए उन पर अवैध बालू कारोबार को बढ़ावा देने के आरोप लगे थे।
सीकर के दादिया थाना इलाके में बोलेरो और बाइक की टक्कर में एक ही परिवार की दो लोगों की मौत हो गई। टक्कर इतनी खतरनाक थी कि टक्कर के बाद दोनों वाहनों में आग लग गई। आग लगने के चलते दोनों वाहन पूरी तरह से जल गए। सड़क पर लंबा जाम लग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जाम खुलवाया। घटना सीकर के दादिया थाना इलाके में सीकर से उदयपुरवाटी जाने वाले रास्ते पर अमरनाथ आश्रम के पास हुई। यहां बोलेरो गाड़ी और बाइक में आमने-सामने की टक्कर हुई। इस घटना में बाइक पर सवार रामचंद्र और मुकेश की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों एक ही परिवार के सदस्य हैं। टक्कर होने के बाद बाइक गाड़ी के नीचे आ गई। ऐसे में दोनों वाहनों में आग लग गई। आग लगने के चलते सड़क पर लंबा जाम लग गया। फिलहाल दोनों वाहनों को सड़क किनारे खड़ा करवाया गया है। दोनों के शव हॉस्पिटल की मोर्च्यूरी में रखवाए गए हैं।
उन्नाव से सांसद साक्षी महाराज ने सोशल मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते दुरुपयोग और इससे फैल रही भ्रामक खबरों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने लोगों, विशेषकर लोधी समाज के युवाओं से अपील की है कि वे किसी भी सामग्री को बिना सत्यापन के साझा न करें और जिम्मेदारी से काम लें। एआई तकनीक का गलत इस्तेमाल सांसद ने फेसबुक पर साझा किए गए अपने संदेश में कहा कि वर्तमान में एआई तकनीक का गलत इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। कुछ लोग भाषणों के अंशों को काटकर, वीडियो एडिटिंग और एआई टूल्स का उपयोग करके ऐसे पोस्ट, फोटो और वीडियो बना रहे हैं, जो किसी भी व्यक्ति के बयान का वास्तविक अर्थ बदल देते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की भ्रामक सामग्री समाज में भ्रम, विवाद और आपसी वैमनस्य पैदा कर सकती है। साक्षी महाराज ने एआई से तैयार की गई फर्जी तस्वीरों और वीडियो को आम लोगों को गुमराह करने का माध्यम बताया, जिसे उन्होंने बेहद चिंताजनक करार दिया। लोधी समाज के युवाओं से आग्रह सांसद ने इस कृत्य को गैर-जिम्मेदाराना और निंदनीय बताते हुए कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग समाज को जोड़ने और सकारात्मक संदेश फैलाने के लिए होना चाहिए, न कि गलत जानकारी फैलाने के लिए। उन्होंने विशेष रूप से लोधी समाज के युवाओं से आग्रह किया कि डिजिटल युग में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। युवाओं को किसी भी पोस्ट, फोटो या वीडियो को साझा करने से पहले उसकी सच्चाई की जांच अवश्य करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल लाइक, शेयर और कमेंट की होड़ में गलत या भ्रामक सामग्री फैलाना समाज और देश दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है। सांसद ने सर्व समाज से भी अपील की कि वे सोशल मीडिया पर आने वाली हर जानकारी को आंख बंद करके स्वीकार न करें। किसी भी संदेश को आगे बढ़ाने से पहले उसके स्रोत और तथ्यों की पुष्टि करना आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार ही सामाजिक सौहार्द और विश्वास को मजबूत बनाए रख सकता है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को खरगोन में अपना 47वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर जिला कार्यालय परिसर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। सुबह 10 बजे जिलाध्यक्ष नंदा ब्राह्मणे ने भाजपा का ध्वज फहराया। इसके साथ ही, प्रदेश स्तर पर आयोजित स्थापना दिवस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी देखा गया। खरगोन विधायक बालकृष्ण पाटीदार ने इस अवसर पर कहा कि 1980 में जब पार्टी की स्थापना हुई थी, तब परिस्थितियां विषम थीं। उन्होंने कहा कि आज पार्टी कार्यकर्ता इस स्थापना दिवस को एक उत्सव के रूप में मना रहे हैं और उत्साहित हैं। मीडिया प्रभारी कांतिलाल कर्मा ने जानकारी दी कि स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में जिले भर में बूथ स्तर तक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के दौरान विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इस अवसर पर पूर्व विधायक बाबूलाल महाजन, पूर्व जिलाध्यक्ष परसराम चौहान, पूर्व जिलाध्यक्ष रणजीत डंडीर, जिलाध्यक्ष कल्याण अग्रवाल, अजा मोर्चा जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर भालसे, अजजा मोर्चा जिलाध्यक्ष संतोष सोलंकी, उपाध्यक्ष शालिनी रतोरिया, उपाध्यक्ष प्रभा राठौर, विजय पटेल, कोषाध्यक्ष भीमसिंह जाधव, महामंत्री विवेक भटोरे, हरेसिंह चावड़ा सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए सोमवार को जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) के विशेष निर्देशों पर नगर परिषद और यातायात पुलिस की टीम ने शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों और चौराहों पर संयुक्त रूप से बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। प्रशासन की टीम ने शहर के उन हिस्सों को टारगेट किया जहां अवैध होर्डिंग्स और अस्थाई दुकानों के कारण यातायात बाधित हो रहा था। कार्रवाई के दौरान हवाई पट्टी मार्ग, पीरू सिंह सर्किल, कलेक्टरट सर्किल, मण्डावा मोड़ ओर गांधी चौक से होल्डिंग हटाए गए। हादसों को दावत दे रहे थे अवैध बैनर और होल्डर शहर के मुख्य सर्किलों पर लगे बड़े-बड़े बैनर, पोस्टर और होल्डर लंबे समय से चालकों के लिए मुसीबत बने हुए थे। प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि इन होर्डिंग्स के कारण मोड़ पर चालकों को सामने से आने वाले वाहन नजर नहीं आते थे (Blind Spots)। इससे 'विजिबिलिटी' कम हो जाती थी और हर वक्त गंभीर हादसे की संभावना बनी रहती थी। संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए इन सभी अवैध प्रचार सामग्रियों को जब्त कर लिया और मार्ग को पूरी तरह साफ करवाया। कार्रवाई के दौरान नगर परिषद के वरिष्ठ अधिकारी, अतिक्रमण निरोधक दस्ते के सदस्य और यातायात पुलिस के जवान भारी जाब्ते के साथ मौजूद रहे। टीम ने न केवल होर्डिंग्स हटाए, बल्कि सड़क किनारे अस्थाई रूप से रेहड़ी-पटरी लगाने वालों को भी हिदायत दी कि वे भविष्य में सड़क सीमा के भीतर अतिक्रमण न करें। ट्रैफिक इंचार्ज राधेश्याम सांखला ने बताया कि शहर की सुंदरता और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सड़कों पर विजिबिलिटी बाधित करने वाले विज्ञापनों और अस्थाई अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
डिंडोरी में शहडोल-पंडरिया नेशनल हाईवे को सोमवार सुबह 8 बजे से जाम कर दिया गया है। चाड़ा पंचायत के सरपंच सहित ग्रामीणों ने अपनी लंबित समस्याओं का समाधान न होने के विरोध में यह कदम उठाया है। ग्रामीणों ने शुक्रवार को बजाग एसडीएम कार्यालय में मोबाइल नेटवर्क और पानी की समस्या को लेकर एक ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे नेशनल हाईवे जाम करेंगे। सरपंच गोविंद बोरकर ने बताया कि चाड़ा, तांतर और सिलपिंडी ग्राम पंचायतों में मोबाइल नेटवर्क की गंभीर समस्या है। इसके कारण मनरेगा मजदूरों की हाजिरी एनएमएमएस पोर्टल पर दर्ज नहीं हो पा रही है। इसके अतिरिक्त, नल-जल योजना का कार्य भी ठीक से पूरा नहीं हुआ है। इस वजह से गर्मी के मौसम में ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों की मुख्य मांगों में मनरेगा में हाजिरी के लिए ऑफलाइन मस्टर जारी करना, लंबित मजदूरी का तत्काल भुगतान करना और सभी ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाना शामिल है। मौके पर तहसीलदार भारत सिंह बट्टे और निरीक्षक शिव लाल मरकाम ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और कलेक्टर को घटनास्थल पर बुलाने की मांग कर रहे हैं।
जौनपुर के प्रसिद्ध इत्र को अब अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसे भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 मार्च, 2025 को जौनपुर के शाही किले में इमरती के साथ इत्र का भी जिक्र किया था। जौनपुर की इमरती को पहले ही जीआई टैग मिल चुका है, लेकिन यहां के इत्र की खुशबू समय के साथ फीकी पड़ गई थी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को इत्र को पुनः प्रसिद्धि दिलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस पहल के तहत कुछ समय पहले 60 महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया था। अब इत्र बनाने के लिए आवश्यक फूलों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। एनआरएलएम समूह की महिलाएं इत्र निर्माण के लिए फूल सीधे किसानों से प्राप्त करेंगी। महिलाओं को इत्र बनाने का प्रशिक्षण चरणबद्ध तरीके से दिया जा रहा है। पहले चरण में करजकला, रामनगर, राधपुर और शाहगंज ब्लॉक से कुल 60 महिलाओं (प्रत्येक ब्लॉक से 15-15) को कन्नौज भेजकर प्रशिक्षित किया गया है। आने वाले दिनों में प्रशिक्षित महिलाओं की संख्या में और वृद्धि की जाएगी। इत्र निर्माण में सबसे बड़ी चुनौती फूलों, विशेषकर गुलाब के फूलों की उपलब्धता है। वर्तमान में गुलाब के फूल बाहर से मंगाए जाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए अब फूलों की खेती करने वाले किसानों की पहचान की जा रही है, ताकि उन्हें इस पहल से जोड़कर स्थानीय स्तर पर फूलों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। उपायुक्त एनआरएलएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इत्र उद्योग को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि फूलों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस समस्या का समाधान कर लिया जाएगा।
जालोर जिले के प्रसिद्ध सिरे मंदिर में पहली बार पहाड़ी पर ट्रैक्टर चढ़ाया गया। खास बात ये थी कि इस ट्रैक्टर को रिवर्स गियर में चढ़ाया गया। इसके लिए दो बार इसकी टेस्टिंग की गई। एक बार में सामान्य ट्रैक्टर को सिरे मंदिर की 800 सीढ़ियों को पार करवाया गया। इसके बाद 1800 किलो का वजह रखकर इसे मंदिर तक ले जाया गया। बताया जा रहा है कि ये ट्रैक्टर मंदिर के लिए काम में लिया जाएगा। वहीं कंपनी की ओर से बताया गया कि ट्रैक्टर की क्षमता और मंदिर में सामान पहुंचाने की जरूरत को देखते हुए इसका परीक्षण शनिवार को किया गया था। फोटोज में देखें… 900 मीटर सड़क, फिर 1.18 किमी सीढ़ियों से चढ़ाई जालोर और सिरोही के डीलर और ड्राइवर गुलाब चंद माली (रेवदर निवासी) ने सिरे मंदिर की तलहटी पगलियां से हनुमान जी मंदिर तक करीब 900 मीटर डामर सड़क पर ट्रैक्टर चलाया। इसके बाद 1.18 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई सीढ़ियों के जरिए तय कर ट्रैक्टर को मंदिर तक पहुंचाया गया। शनिवार दोपहर 12 बजे पहली बार खाली ट्रैक्टर को ऊपर ले जाया गया, जबकि दूसरी बार शाम 4 बजे करीब 1800 किलो सामान के साथ चढ़ाई पूरी की गई। इस दौरान ट्रैक्टर के आगे जेसीबी का लोडर लगाया गया और तीन लोगों को इसमें बैठाया भी गया। हालांकि कुछ सीढ़ियां चढ़ने के बाद वह उतर गए थे। दोनों बार ट्रैक्टर सफलतापूर्वक ऊपर पहुंचा। कंपनी ने ट्रैक्टर की क्षमता दिखाने और मंदिर में सामान पहुंचाने की जरूरत को देखते हुए यह परीक्षण किया। इसलिए चढ़ाया रिवर्स चढ़ाया गया ड्राइवर गुलाब चंद माली ने बताया कि सीढ़ियां ज्यादा होने और चढ़ाई होने की वजह से ऐसे रास्तों पर ट्रैक्टर को सामान्य तरीके से चढ़ाया नहीं जाता। ट्रैक्टर के आगे के टायर छोटे होते हैं। ऐसे में इस तरह के रास्तों में ट्रैक्टर के आगे के टायर खड़े हो जाते हैं और पलटने का खतरा रहता है। इसलिए रिवर्स गियर में ट्रैक्टर को ऊपर मंदिर तक चढ़ाया गया ताकि संतुलन बना रहे। मंदिर तक करीब 800 सीढ़ियां हैं और पैदल जाने में करीब डेढ़ घंटे का समय लगता है, जबकि ड्राइवर गुलाब चंद माली ने ट्रैक्टर को महज 40-45 मिनट में 298 मीटर ऊंचाई तक पहुंचा दिया। मंदिर में उपयोग के लिए लाया गया ट्रैक्टर स्थानीय लोगों के अनुसार इस ट्रैक्टर का उपयोग अब सिरे मंदिर में ऊपर-नीचे सामान पहुंचाने के लिए किया जाएगा। फिलहाल ट्रैक्टर मंदिर परिसर में ही रखा गया है। इस दौरान सिरे मंदिर के संत रविनाथ महाराज और रामेश्वर नाथ महाराज भी मौजूद थे।
सलूंबर में महावीर कथा का शुभारंभ:संत पुलक सागर ने दिया अहिंसा और एकजुटता का संदेश
सलूंबर में जैन बोर्डिंग परिसर में राष्ट्रसंत आचार्य पुलक सागर जी महाराज की आठ दिवसीय 'महावीर कथा' का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा के पहले दिन आचार्य ने कहा कि महावीर का मार्ग केवल धर्म का मार्ग नहीं, बल्कि जीवन जीने की वह कला है जो शत्रु को नहीं, बल्कि शत्रुता को समाप्त करना सिखाती है। कथा का प्रारंभ विधि-विधान के साथ हुआ। इस अवसर पर इंद्र सभा का भी गठन किया गया, जिसमें कई पात्रों का चयन हुआ। इनमें माता त्रिशला व पिता सिद्धार्थ के रूप में चंदा देवी-मणिलाल मालवी, सौधर्म इंद्र-इंद्राणी के रूप में शीला-नीरज कुमार मिंडा, कुबेर इंद्र के रूप में पूनम-प्रधुम्न कोड़िया, यज्ञ नायक के रूप में मीना-राज कुमार गांधी और राजा श्रेणिक के रूप में कविता-विशाल दोषी शामिल थे।
लखनऊ के इको गार्डन में चिलचिलाती धूप में जोरदार प्रदर्शन। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के बैनर तले हजारों शिक्षक सेवा सुरक्षा की बहाली को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं । तेज धूप और गर्मी में हजारों शिक्षक लंबित 25 सूत्री मांगो को लेकर डटे हुए है । मुख्य मांग है कि सेवा सुरक्षा की धारा 12, 18 और 21 को नए आयोग में जोड़ा जाए। प्रदेश भर से आए शिक्षकों ने नारा लगाया 'सेवा सुरक्षा लड़के लेंगे'। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सोहनलाल वर्मा ने कहा है कि सरकार शिक्षकों की लंबित मांगों का निस्तारण तत्काल करे। शिक्षक अब चुप नहीं बैठेगा , सरकार हमें लगातार नजरअंदाज कर रही है, जिससे शिक्षकों में भारी आक्रोश है। जिस धारा को खत्म किया गया वो शिक्षकों की लाइफलाइन है। ‘विद्यालय प्रबंधकों की मनमानी बढ़ी’ इन्होंने बताया कि 2023 में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक सेवा चयन आयोग ने इस धारा को डिलीट कर दिया जो शिक्षकों की लाइफलाइन हुआ करती थी। इस धारा के खत्म होने से पूरे प्रदेश में शिक्षक प्रभावित हो रहा है। जब तक यह धारा अस्तित्व में थी कोई भी शिक्षक के ऊपर दंडात्मक कार्रवाई नहीं कर सकता था अनावश्यक उसके ऊपर दबाव नहीं बना सकता था। इसके खत्म हो जाने से प्रबंधन जैसे चाहते हैं वैसे मनमानी करते हैं शिक्षको के ऊपर फर्जी कार्रवाई करते हैं , निराधार आरोप लगाते हैं, उन्हें अनावश्यक परेशान करते हैं। इसलिए हम सेवा सुरक्षा धारा को लागू करने की लड़ाई मुखर हो कर लड़ रहे हैं। 2023 में हुआ बदलाव अध्यक्ष सोहन लाल वर्मा ने कहा कि प्रदेश भर के हजारों शिक्षक पौने दो साल से सेवा सुरक्षा की बहाली को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। लेकिन प्रदेश सरकार अनदेखा कर रही है। उन्होंने बताया कि चयन बोर्ड अधिनियम 1982 के निष्क्रिय होने से सेवा सुरक्षा की धारा 21, पदोन्नति की धारा 12 एवं कार्यवाहक प्रधानाचार्य के तदर्थ पदोन्नति की धारा 18 रद्द हो गई है। संगठन के कई बार वार्ता के बावजूद सरकार ने इन धाराओं को नये उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनियिम 2023 में नहीं जोड़ा है।
लखीमपुर खीरी के सिविल कोर्ट परिसर में वकील ने अपने चचेरे वकील भाई को गोली मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच पहले जमकर हाथापाई हुई थी। वहां मौजूद अन्य वकीलों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया था, लेकिन कुछ ही मिनट बाद विवाद फिर भड़क गया। घटना में घायल अधिवक्ता को गोली लगने के बाद बाइक से अस्पताल पहुंचाया गया। दोनों भाई सिविल कोर्ट में ही प्रैक्टिस करते हैं और उनके बीच पहले से जमीनी विवाद चल रहा था। सूचना मिलते ही एसपी विवेक तिवारी, एएसपी पूर्वी पवन गौतम समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया है। तस्वीरें देखिए…. विराट राज और जितेंद्र राज दोनों चचेरे भाई हैं। दोनों सिविल कोर्ट में ही प्रैक्टिस करते हैं। सोमवार सुबह विराट और जितेंद्र में किसी बात को लेकर बहस होती है और झगड़ा हाथापाई तक पहुंच जाता है। साथी वकील झगड़े को शांत कराते हैं, लेकिन कुछ ही देर में विराट वापस आता है और जितेंद्र को तमंचे से गोली मार देता है। गोली जितेंद्र के सीने में लगती है और वह वहीं गिर पड़ता है। गोलीबारी की घटना से कोर्ट परिसर में हड़कंप मच जाता है। विराट मौका पाकर वहां से भाग जाता है। इसके बाद साथी वकील घायल जितेंद्र को बाइक से लेकर अस्पताल निकल गए। घटना की सूचना पर एसपी विवेक तिवारी, एएसपी पवन गौतम और डीएम ने तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे। बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दोनों वकीलों के बीच खेत की मेड़ को लेकर पुराना विवाद था, जो वारदात का कारण बना। आरोपी की तलाश की जा रही है। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
नर्मदापुरम में चोर अब मंदिरों को टारगेट कर भगवान की मूर्तियां और सामान को चुरा रहे। वे रात के दौरान पहुंचकर चोरी की वारदात को अंजाम दें रहे है। देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत इटारसी रोड स्थित पवारखेड़ा में श्री ठाकुर जी मंदिर से लड्डू गोपाल और बलदाऊ जी की प्रतिमा, पंचमुखी दीपक, तांबे के लोटे चुरा ले गए। सुबह पूजन करने पुजारी और ग्रामीण जब मंदिर पहुंचे तो बाल गोपाल, बलदाऊ जी की प्रतिमा गायब दिखी। देहात थाने कॉल कर सूचना दी। जिसके बाद एएसआई प्रवीण शर्मा मौके पर पहुंचे। घटना स्थल का मुआयना किया। राजेंद्र पालीवाल ने एफआईआर दर्ज कराई। जिसमें दो प्रतिमा, तांबे के लोटे, पंचमुखी दीपक, दान पेटी की राशि गायब मिली। एएसआई प्रवीण शर्मा ने बताया इटारसी रोड पर हाइवे किनारे मंदिर स्थित है। आसपास सीसीटीवी कैमरे देख रहे है। संदिग्धों से पूछताछ भी कर रहे है। 15 दिन पहले भी तीन मंदिर में चोरी, नहीं पकड़ाएं चोर देहात थाना क्षेत्र की सांईग्रीन कॉलोनी के तीन मंदिरों में चोरी हुई थीं। जिसमें से चोर हनुमान जी की गदा, कलश, त्रिशूल, चांदी का मुकुट चुराकर ले गए थे। 15दिन बीत जाने के बाद भी चोर पुलिस की गिरफ्त से दूर है। अब तक पुलिस चोरों का पता नहीं लगा पाई है।
प्रयागराज के सिविल लाइन्स इलाके में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला, जहां 100km प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही बलेनो कार अनियंत्रित होकर भीषण हादसे का शिकार हो गई। बताया जा रहा है कि युवक हाई स्पीड में स्टंट कर रहा था तभी कार अचानक नियंत्रण खो बैठी और कई बार पलटते हुए दूसरी लेन में जा पहुंची। हादसा इतना जोरदार था कि कार के परखच्चे उड़ गए। गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, यहां तक कि उसकी सीट, पहिए और कई बॉडी पार्ट्स अलग होकर सड़क पर दूर-दूर तक बिखर गए। टक्कर की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सड़क के डिवाइडर पर लगे बिजली के खंभे भी टूटकर गिर गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार चला रहा युवक स्टंट कर रहा था और उसी दौरान यह दुर्घटना हुई। हादसे के तुरंत बाद युवक कार को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। फिलहाल पुलिस फरार युवक की तलाश में जुटी है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
गाजियाबाद: दुकानदार को सिर में मारी गोली:कहासुनी के बाद देर रात युवकों ने किया हमला, आरोपी फरार
गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के नूरपुर गांव में एक परचून दुकानदार शिवकुमार को देर रात गोली मार दी गई। गोली उनके सिर में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस के अनुसार, दिन के समय शिवकुमार अपनी दुकान पर थे, तभी दुकान के सामने कुछ युवक खड़े होकर गाली-गलौज कर रहे थे। मिंटू नामक एक युवक को शिवकुमार ने गाली देने से मना किया, जिसके बाद दोनों पक्षों में विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि इसी विवाद को लेकर देर रात मिंटू अपने दो अन्य साथियों के साथ दोबारा शिवकुमार की दुकान पर पहुंचा। वहां फिर से बहस हुई और इसी दौरान आरोपियों ने शिवकुमार पर गोली चला दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल शिवकुमार को अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बारां कोतवाली थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में पिछले एक साल से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी चाकू से हमला कर फरार हो गए थे। इनमें से एक आरोपी के खिलाफ कोर्ट से स्थाई गिरफ्तारी वारंट भी जारी था। पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि यह कार्रवाई फरार और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के तहत की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी के पर्यवेक्षण और डीएसपी हरिराम सोनी के नेतृत्व में कोतवाली थाना प्रभारी भजनलाल आरपीएस के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने लगभग एक साल पहले जल संसाधन विभाग के एकाउंटेंट विकास हरसाना पर चाकू से हमला कर मारपीट की थी। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी शिवभरत मीणा के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायालय बारां से स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी था। लगातार तलाश और दबिश के बाद पुलिस टीम ने रविवार को आरोपी शिवभरत मीणा और राजेश नागर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब दोनों आरोपियों से मामले से जुड़ी पूछताछ कर रही है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी भजनलाल के नेतृत्व में परशुराम, विनोद कुमार, बलराम सोनी और हेड कांस्टेबल फरमान खान की टीम शामिल थी। मामले में आगे की जांच जारी है।
महेंद्रगढ़ में एक सड़क हादसे में एक सब्जी विक्रेता की मौत हो गई। सोमवार देर रात अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी, जब वह सब्जी बेचकर घर लौट रहा था। यह हादसा गुलावला बस स्टैंड के पास हुआ। सदर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मंगलवार को महेंद्रगढ़ के नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया। मृतक की पहचान नारनौल के गांव नूनी अव्वल के 37 वर्षीय बंटी के रूप में हुई है। कैंटीन के पास बेचता था सब्जी उसके पिता राम अवतार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि बंटी महेंद्रगढ़ शहर में सीएससी कैंटीन के पास सब्जी की रेहड़ी लगाता था। राम अवतार ने बताया कि बंटी सोमवार रात करीब 9 बजे सब्जी बेचकर अपनी मोटरसाइकिल से घर लौट रहा था। शनि मंदिर के पास हुआ एक्सीडेंट गुलावला बस स्टैंड से पहले शनि मंदिर के पास एक अज्ञात वाहन ड्राइवर ने बंटी की बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर चोटें लगने से बंटी की मौके पर ही मौत हो गई। राम अवतार ने पुलिस से अज्ञात वाहन ड्राइवर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। बंटी अपने पीछे पांच बेटियों और एक बेटे को छोड़ गया है। उसकी असामयिक मृत्यु से परिवार सदमे में है।
प्रदेश के शिक्षक संगठनों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 8 अप्रैल को जिला मुख्यालय पर रैली निकालने का निर्णय लिया है। सोमवार को बड़वानी के जॉगर्स पार्क में आयोजित 'अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चे' की बैठक में इस आंदोलन की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। मुख्यमंत्री के नाम देंगे ज्ञापन संयुक्त मोर्चे के हेमेंद्र मालवीय ने बताया कि 8 अप्रैल को दोपहर 4 बजे जिलेभर के शिक्षक शासकीय हाई स्कूल बड़वानी में एकत्रित होंगे। यहां से एक विशाल रैली निकाली जाएगी, जो कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेगी। इसके बाद आंदोलन को गति देते हुए 11 अप्रैल को सभी ब्लॉक मुख्यालयों पर रैलियां निकाली जाएंगी। 18 अप्रैल को बड़वानी के शिक्षक प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर भोपाल में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय प्रदर्शन में भी बड़ी संख्या में शामिल होंगे। 30 साल की सेवा के बाद परीक्षा पर नाराजगी संगठन के शैलेंद्र जाधव और यशवंत चौहान ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि 30 वर्षों की लंबी सेवा देने वाले शिक्षकों पर पात्रता परीक्षा थोपी जा रही है। परीक्षा उत्तीर्ण न करने पर सेवा से पृथक करने का प्रावधान शिक्षकों के साथ अन्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बावजूद राज्य सरकार ने अब तक सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर नहीं की है, जिससे प्रदेश के लाखों शिक्षकों में भारी असंतोष व्याप्त है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका की तैयारी संयुक्त मोर्चे के रघुवीर सोलंकी ने जानकारी दी कि मध्य प्रदेश के विभिन्न शिक्षक संगठनों द्वारा अब स्वयं सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की जा रही है। बैठक में अशफाक शेख, मेहबूब खान, श्याम भावसार, अखिलेश भावसार सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। शिक्षकों का कहना है कि जब तक उनकी वरिष्ठता और परीक्षा संबंधी मांगें पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
सोमवार को सैफी समिति द्वारा ‘सैफी दिवस’ मनाया गया। इस मौके पर समिति के लोगों ने अपने इतिहास, पहचान और देश के विकास में योगदान को याद किया। कार्यक्रम के तहत जिला चिकित्सालय में मरीजों को फल व जल का वितरण किया गया। सैफी समाज को पहले लुहार और बढ़ई के नाम से जाना जाता था, जो पारंपरिक रूप से लोहे और लकड़ी का कार्य करते रहे हैं। इस समाज का देश के निर्माण और विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। समिति के वरिष्ठों ने बताया कि 6 अप्रैल 1975 को अमरोहा के ईदगाह मैदान में एक विशाल जनसभा आयोजित हुई थी। इसमें देशभर से समाज के लोग शामिल हुए थे। सभा में समाज की उन्नति और एकजुट पहचान को लेकर चर्चा हुई, जिसमें कई नाम प्रस्तावित किए गए। अंततः सर्वसम्मति से ‘सैफी’ नाम को स्वीकार किया गया। सैफी संगठन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष हसीन अहमद सैफी अपने साथियों के साथ जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने मरीजों व उनके परिजनों को फल व जल वितरित किए। उन्होंने कहा कि समाज सेवा ही सच्ची श्रद्धांजलि है और ऐसे कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे। इस अवसर पर सलीम मोदी, नसीम आलम, सआलेचैन सैफी, आरिफ सैफी, गुलजार सैफी, मुजफ्फर सैफी, चांद सैफी, इमरान सैफी, आसिफ सैफी और यूनुस सैफी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एकजुटता, शिक्षा और सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
भिवानी में इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) ने देवीलाल चौक पर पूर्व उप प्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल की पुण्यतिथि मनाई। इस दौरान ताऊ देवीलाल की प्रतिमा के समक्ष सर्व धर्म हवन यज्ञ किया और प्रतिमा के समक्ष श्रद्धासुमन अर्पित किए। साथ ही ताऊ देवीलाल को याद करते हुए उनके पद चिह्नों पर चलने का आह्वान किया। इनेलो जिलाध्यक्ष अशोक ढाणी माहु ने कहा कि पूर्व उप प्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल की 25वीं पुण्यतिथि मनाई गई है। इसके लिए देवीलाल चौक पर हवन यज्ञ किया गया, वहीं ताऊ देवीलाल को याद किया। इस दौरान ताऊ देवीलाल की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए हैं। वहीं सर्व धर्म सभा का आयोजन किया। उन्होंने कहा कि किसान, मजदूरी व कमेरे वर्ग की आवाज हमेशा ताऊ देवीलाल ने उठाई। उनके द्वारा किए गए कामों को आज चाहे कोई भी सरकार आए, वह आगे बढ़ा रही है। उनके जैसे युग पुरुष संसार में बिरले ही पैदा होते हैं। अशोक ढाणी माहु ने कहा कि ताऊ देवीलाल के पदचिह्नों पर चलते हुए 30 मार्च को अभय चौटाला ने सभी जिलाध्यक्षों की बैठक ली थी। जिसमें कहा था कि 1 अप्रैल से प्रदेश की सभी मंडियों में कार्यकर्ता बैठाएं। किसानों को जो भी समस्या हों, उनका समाधान करवाया जाए। ताकि किसान परेशान ना हो। इसके लिए भिवानी की सभी 7 मंडियों में इनेलो के कार्यकर्ता किसानों की मदद के लिए मौजूद रहते हैं। इनलो युवा जिला संगठन सचिव घनश्याम गर्ग, इनेलो के ओबीसी मोर्चा जिला अध्यक्ष सुनील स्वामी व इनेलो नेता अशोक तंवर ने भी ताऊ देवीलाल की पुण्यतिथि पर नमन करते हुए उन्हें याद किया और कहा कि उनके पदचिह्नों पर चलना चाहिए।
कोटा के उद्योग नगर थाना क्षेत्र के धाकड़ खेड़ी गांव में रविवार देर रात मुक्तिधाम में तांत्रिक क्रिया किए जाने की सूचना सामने आई। ग्रामीणों ने संदिग्ध गतिविधियां देख तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद उद्योग नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई कर दो युवकों को हिरासत में ले लिया। थाना अधिकारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि धाकड़ खेड़ी निवासी निशांत प्रजापति और जीतू सुमन को पकड़ा गया। दोनों को शांति भंग की धाराओं में गिरफ्तार किया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। शेखावत ने बताया कि सूचना मिलने पर टीम देर रात मुक्तिधाम पहुंची, जहां दोनों युवक दरी बिछाकर कुछ धार्मिक गतिविधियां करते नजर आए। मौके से पुलिस को शराब की बोतल भी बरामद हुई है, जिससे ग्रामीणों के शक और गहरा गए। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि यहां तांत्रिक क्रियाएं की जा रही थीं, जिससे इलाके में डर का माहौल बन गया। हालांकि पकड़े गए युवकों का कहना है कि वे श्मशान के पास स्थित भेरुजी के स्थान पर पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे और उनका परिवार लंबे समय से यहां पूजा करता आ रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मामला धार्मिक अनुष्ठान का है या फिर वास्तव में कोई तांत्रिक गतिविधि की जा रही थी। देखिए PHOTOS…
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के मढ़ई के घने जंगल में दो टाइगर की टेरिटोरियल फाइट हुई। रविवार शाम को दो बाघों की लड़ाई को जंगल सफारी कर रहे पर्यटकों ने लाइव देखा। जिसे देख पर्यटक रोमांचित हो गए। मुंबई से आएं पर्यटक शिवम ने अपने कैमरे में इस नजारे को कैद किया। जिन दो टाइगर की फाइट हुई। उनमें एक प्रसिद्ध शंकरा बाघ और दूसरा नया नर बाघ है। टेरिटोरियल के लिए दोनों का आपसी में संघर्ष हुआ। लड़ाई के बाद शंकरा बाघ के दाहिने पैर में चोट भी लगी। फाइटिंग की जानकारी मिलने पर सोमवार को एसटीआर का फॉरेस्ट अमले ने उस क्षेत्र में सर्चिंग की। शंकरा बाघ उन्हें नजर आया। जिसके दाहिने पैर में चोट लगी मिली। दूसरे बाघ को भी टीम तलाश रही है। सूत्रों के मुताबिक रविवार शाम को इवनिंग सफारी के लिए पर्यटक जिप्सी से गए थे। एक तालाब के पास दो नर बाघ नजर आएं। जिसमें एक पानी से बाहर आते, दूसरा किनारे चलते दिखा। फिर दोनों बाघ बाजू बाजू चलते हुए थोड़ी दूर पहुंचे, जहां दोनों के बीच फाइट शुरू हो गई। पर्यटकों ने शांत रहकर इस बेहद रोमांचक मुकाबला को देखा। लड़ाई को देख पर्यटक उत्साहित हो उठे। मुंबई के शिवम ने कैमरे में रोमांचित नजारे को कैद किया। शाम को सफारी से लौटने के बाद मढ़ई गेट पर पर्यटक और गाइड ने फॉरेस्ट कर्मी को इसकी सूचना दी। जिसके बाद फॉरेस्ट टीम बाघ की मॉनिटरिंग कर रही है। आपसी संघर्ष में बाघ ने शावक को मार डाला एसटीआर के मटकुली रेंज के नयाखेड़ा बीट में भी बाघ और बाघिन के बीच आपसी संघर्ष हुआ। जिसमें बाघ ने बाघिन के 4 माह के शावक को मार डाला। जिसका शव फॉरेस्ट टीम को मिला। रविवार दोपहर में शावक के शव को जलाया गया।
भोपाल के बड़ा तालाब को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए जिला प्रशासन ने सोमवार सुबह कार्रवाई शुरू कर दी। भदभदा क्षेत्र में टीम पहुंची और 9 दुकानों को हटाने की कार्रवाई की गई। प्रशासन ने तालाब के चारों ओर कुल 347 अतिक्रमण चिन्हित किए हैं, जिन्हें अगले 15 दिनों में हटाया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भोज वेटलैंड रूल्स लागू होने (16 मार्च 2022) के बाद बने सभी निर्माण हटाए जाएंगे। बड़ा तालाब के FTL (फुल टैंक लेवल) से 50 मीटर तक के अतिक्रमण पर कार्रवाई की जा रही है। पिछले दो महीने से जिला प्रशासन अतिक्रमण को चिह्निंत कर रहा था। टीटी नगर एसडीएम वृत्त के गौरा गांव, बिसनखेड़ी में सबसे ज्यादा कब्जे सामने आए थे। वहीं, बैरागढ़, बहेटा में भी लोगों ने तालाब की सीमा पर निर्माण कर लिए हैं। एसडीएम अर्चना शर्मा द्वारा नोटिस दिए जाने के बाद कई लोगों ने खुद ही अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया। मौके पर भारी भीड़ जुटी, जिसे देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन की चेतावनी, लोगों ने हटाने का काम शुरू कियाभदभदा क्षेत्र में बड़ा तालाब में आ रहे मकान और दुकानों को लेकर एसडीएम अर्चना शर्मा ने नोटिस दिए थे। इसके चलते सोमवार को कई लोगों ने अपने हाथों से अतिक्रमण हटाना शुरू किया। मौके पर काफी भीड़ भी इकट्ठा हो गई। इसके चलते पुलिस बल तैनात किया गया है। ताकि, किसी भी प्रकार के हंगामे की स्थिति में कार्रवाई की जा सके। किस दिन, कहां होगी कार्रवाई? गांवों में सबसे ज्यादा कब्जे टीटी नगर एसडीएम सर्कल के गौरा गांव और बिसनखेड़ी में सबसे ज्यादा अतिक्रमण सामने आए हैं। इसके अलावा बैरागढ़ और बहेटा क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर निर्माण किए गए हैं। वन विहार नेशनल पार्क क्षेत्र में भी सीमांकन के दौरान करीब 2.5 किमी में 100 से ज्यादा पिलर लगाए जाने की बात सामने आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्माण वेटलैंड नियमों के खिलाफ हो सकता है। मामला NGT तक पहुंचने की तैयारी पर्यावरणविद् राशिद नूर के मुताबिक मामला गंभीर है और इसे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में उठाया जाएगा।
गाजियाबाद में कल बारिश का अलर्ट:तेज धूप निकली, 12 किमी की स्पीड से हवा चल रही
गाजियाबाद में आज सोमवार को धूप खिली है, जहां पूरी तरह से मौसम साफ नहीं है। सुबह से धूप खिली है, धूप में तेजी कम दिख रही है। बीच बीच में बादल छा रहे हैं। आज सुबह तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री दर्ज किया। हवा की गति आज 12 किमी प्रति घंटा से है। जहां अगले 24 घंटे में फिर से बारिश का अलर्ट है। 7 अप्रैल से फिर बारिश मौसम विज्ञानियों का कहना है कि यूपी में 7 अप्रैल से फिर से बारिश का अनुमान है। इससे पहले पिछले 3 दिनों में पूर्वी यूपी, मध्य यूपी और वेस्ट यूपी के जिलों में बारिश से मौसम बदला। एक दिन पहले 5 मार्च को गाजियाबाद से सटे हापुड़ में हल्की बारिश हुई। जबकि बुलंदशहर में अधिक बारिश और ओलावृष्टि हुई। 7 और 8 अप्रैल को बारिश का अनुमान जताया गया है। बेमौसम बारिश से किसानों को नुकसान 15 मार्च के बाद से लगातार मौसम बदल रहा है। बादलों की आवाजाही के कारण तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। इससे पहले 20 मार्च को रुक-रुककर हुई बारिश और पूरे सप्ताह चली 30–35 किमी/घंटा की तेज हवाओं ने मौसम को ठंडा बनाए रखा। गाजियाबाद में 15 मार्च से लगातार मौसम बदल रहा है। पिछले 20 दिनों में 8 बार मौसम बदल चुका है। अप्रैल माह का पहला सप्ताह बीतने को है, जहां हर तीसरे दिन मौसम बदल रहा है।
बदायूं के कस्बा बिनावर में सोमवार सुबह एक युवक का शव पेड़ से लटका मिला। मृतक की पहचान 28 वर्षीय अजय कुमार पुत्र चंद्रपाल निवासी बिनावर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, अजय कुमार सोमवार सुबह लगभग 9 बजे कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के पीछे अपने प्लॉट पर गए थे। कुछ देर बाद स्थानीय लोगों ने उनका शव पेड़ से लटका देखा। इस घटना से मौके पर हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। ग्रामीणों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी। परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और शव देखकर भावुक हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि मृतक अविवाहित था और उसके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था। वह अकेले ही जीवन यापन कर रहा था। उसकी अचानक मौत से स्थानीय लोग भी हैरान हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का लग रहा है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।
कटनी जिले के बरही नगर परिषद स्थित सरकारी स्कूल के मुख्य द्वार पर सोमवार को भाजपा के झंडे लहराते पाए गए। शासकीय शिक्षण संस्थान के परिसर में राजनीतिक दल के झंडे लगाए जाने से क्षेत्र में विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस ने इस घटना को नियमों का उल्लंघन बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। मामला संज्ञान में आते ही जिला शिक्षा विभाग ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। शिक्षा के मंदिर का राजनीतिकरण करने का आरोप कांग्रेस ग्रामीण जिला अध्यक्ष सौरभ सिंह ने इसे 'शिक्षा के मंदिर का राजनीतिकरण' बताया। उन्होंने कहा कि शासकीय विद्यालयों में किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि पूरी तरह प्रतिबंधित है और स्कूल गेट पर झंडा लगाना अनुशासनहीनता है। सिंह ने मांग की है कि इस कृत्य के पीछे जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर उन पर तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। डीईओ ने स्कूल प्राचार्य को दिए निर्देश मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी राजेश अग्रहरी ने संबंधित स्कूल के प्राचार्य को निर्देशित कर मुख्य द्वार से सभी राजनीतिक झंडे हटवा दिए। डीईओ ने बताया कि किया कि शासकीय परिसर में इस तरह की गतिविधि गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आती है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। जांच के आधार पर होगी सख्त कार्रवाई शिक्षा विभाग अब इस बात की विस्तृत जांच कर रहा है कि सुरक्षा के बावजूद स्कूल के मुख्य द्वार पर झंडे किसने और कैसे लगाए। जिला शिक्षा अधिकारी अग्रहरी ने बताया कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही दोषियों पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जमशेदपुर के डिमना स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। वे मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इस हड़ताल के कारण ओपीडी और अन्य नियमित स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं, हालांकि आपातकालीन सेवाएं जारी हैं। डॉक्टरों ने पिछले एक महीने से काला बिल्ला लगाकर विरोध जताया था, लेकिन मांगें पूरी न होने पर उन्होंने कार्य बहिष्कार का रास्ता अपनाया। जूनियर डॉक्टर सचिन ने बताया कि वे लंबे समय से अपने मानदेय में वृद्धि की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि उन्हें बिहार के समान उचित मानदेय नहीं मिल रहा है, जबकि उनके कार्यभार और जिम्मेदारियां लगातार बढ़ रही हैं। हड़ताल के कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूर-दराज से इलाज के लिए आने वाले कई मरीजों को बिना उपचार के लौटना पड़ रहा है या उन्हें निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज कोल्हान क्षेत्र का एकमात्र सरकारी मेडिकल कॉलेज है, जिस पर बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए निर्भर रहते हैं। डॉक्टरों की इस हड़ताल से पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हुई है। फिलहाल, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले में कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनकी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।
बूंदी गेहूं खरीद केंद्र पर उठाव नहीं:लेबर कमी से किसान परेशान, दो-तीन दिन का इंतजार
बूंदी के करवर कस्बे में स्थित समर्थन मूल्य गेहूं खरीद केंद्र पर लेबर की कमी और खरीदे गए गेहूं का उठाव न होने के कारण खरीद कार्य प्रभावित हो रहा है। इसके चलते किसानों को अपनी उपज की तुलाई के लिए दो से तीन दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। दूर-दराज से आए किसान अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की रखवाली करने को मजबूर हैं। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव से किसानों की चिंता और बढ़ गई है, क्योंकि बेमौसम बारिश से गेहूं खराब होने का डर है। किसानों का कहना है कि एक तरफ वे प्राकृतिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी खरीद व्यवस्था में खामियों के कारण उन्हें अपनी उपज बेचने में दिक्कतें आ रही हैं। करवर खरीद केंद्र पर पर्याप्त श्रमिक न होने और खरीदे गए गेहूं का समय पर उठाव न होने से तौल प्रक्रिया धीमी पड़ गई है। किसानों को अपनी उपज को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल की व्यवस्था करनी पड़ रही है, जिसका अतिरिक्त खर्च उन्हें उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा, लोडिंग और वाहन किराए का बोझ भी उन पर पड़ रहा है। केंद्र पर गेहूं की आवक लगातार जारी है, लेकिन हैंडलिंग और परिवहन व्यवस्था की कमी के कारण खरीद सुचारू रूप से नहीं हो पा रही है। किसानों ने मांग की है कि लेबर की संख्या बढ़ाई जाए और अतिरिक्त तुलाई कांटे चालू किए जाएं ताकि व्यवस्थाएं सुचारू हो सकें। समिति प्रशासन ने संबंधित एजेंसियों से इस समस्या का तत्काल समाधान करने का आग्रह किया है, ताकि किसानों को राहत मिल सके और समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद कार्य बिना किसी बाधा के जारी रह सके। इस संबंध में सहकारी अध्यक्ष राकेश जैन व केंद्र प्रभारी राकेश नागर ने बताया कि लेबर की समस्या एवं गेहूं के उठाव के लिय प्रबंधक, क्रय-विक्रय विभाग एवं उच्च अधिकारियों को कई बार बता दिया है, सहकारी समिति खरीद के लिय अतिरिक्त जगह उपलब्ध कराने को तैयार है उपलब्ध संसाधनों से किसानों को बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। कटेट : आरेन रशीद (करवर)
छत्तीसगढ़ में जल्द ही पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति हो सकती है। इस संबंध में गृह मंत्रालय जल्द आदेश जारी कर सकता है। स्थायी डीजीपी पद की रेस में आईपीएस अरुणदेव गौतम और हिमांशु गुप्ता रेस में है, लेकिन प्रभारी डीजीपी अरुण देव गौतम का पलडा सबसे भारी है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और संघ लोक सेवा आयोग के नोटिस के बाद सरकार अब जल्द फैसला ले सकती है। यूपीएससी ने नोटिस देकर पूछा था जवाब दरअसल, UPSC ने राज्य सरकार से सवाल किया था कि अब तक पूर्णकालिक DGP की नियुक्ति क्यों नहीं की गई। आयोग ने 3 जुलाई 2018 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए जवाब मांगा था, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि किसी भी राज्य में ‘प्रभारी’ DGP की नियुक्ति नहीं होनी चाहिए। इसके बावजूद राज्य में अब तक स्थायी नियुक्ति नहीं हो सकी थी। गौरतलब है कि 13 मई 2025 को UPSC ने दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों अरुण देव गौतम (1992 बैच) और हिमांशु गुप्ता (1994 बैच) का पैनल राज्य सरकार को भेजा था। सामान्यतः तीन नामों का पैनल भेजा जाता है, लेकिन इस बार विकल्प सीमित होने के कारण दो ही नाम शामिल किए गए। जनवरी 2025 में आईपीएस गौतम को मिला था डीजीपी का प्रभार छत्तीसगढ़ के पूर्व DGP अशोक जुनेजा के 4 फरवरी 2025 को रिटायर होने के बाद सरकार ने अरुण देव गौतम को प्रभारी DGP बनाया था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के ‘प्रकाश सिंह बनाम भारत सरकार’ मामले में स्पष्ट निर्देश हैं कि DGP की नियुक्ति नियमित और तय प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए। 5 फरवरी 2026 को ‘टी. धंगोपल राव बनाम UPSC’ मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा था कि नियुक्ति में देरी होने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। अरुण देव गौतम का प्रोफेशनल करियर अरुण देव गौतम मूलतः उत्तरप्रदेश के कानपुर के रहने वाले है। एमए, एमफिल की डिग्री लेने के बाद यूपीएससी क्रैक कर आईपीएस बने है। उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक, भारतीय पुलिस पदक व संयुक्त राष्ट्र पुलिस पदक भी मिल चुका है। उनका जन्म 2 जुलाई 1967 को कानपुर के पास स्थित उनके गांव अभयपुर में हुआ है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक स्कूली शिक्षा अपने गांव के ही सरकारी स्कूल से की। फिर दसवीं व बारहवीं उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज इलाहाबाद से पूरी की। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से आर्टस लेकर बीए किया। राजनीति शास्त्र में एमए किया। मां के बाद जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी नई दिल्ली से अंतरराष्ट्रीय कानून में एमफिल की डिग्री हासिल की। अरुण देव गौतम यूपीएससी निकालकर 1992 बैच के आईपीएस बने। 12 अक्टूबर 1992 को उन्होंने आईपीएस की सर्विस जॉइन की। उन्हें पहले मध्यप्रदेश कैडर एलॉट हुआ था। प्रशिक्षु आईपीएस के तौर पर उनकी जबलपुर में पोस्टिंग हुई। फिर वे बिलासपुर जिले में सीएसपी बने। 6 जिलों के रह चुके हैं एसपी बिलासपुर के बाद एसडीओपी कवर्धा बने। कवर्धा के बाद एडिशनल एसपी भोपाल बने। मध्य प्रदेश पुलिस की 23वीं बटालियन के कमांडेंट भी रहे। एसपी के रूप में पहला जिला उन्हें भोपाल का मिला। वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य बनने पर अरुण देव गौतम ने छत्तीसगढ़ कैडर चुन लिया। छत्तीसगढ़ में वे कोरिया,रायगढ़, जशपुर,राजनंदगांव, सरगुजा और बिलासपुर जिले के एसपी रहे। डीआईजी बनने के बाद वे पुलिस हैडक्वाटर, सीआईडी, वित्त और योजना, प्रशासन और मुख्यमंत्री सुरक्षा के महत्वपूर्ण विभागों में पदस्थ रहे। चुनौती पूर्ण जिलों में अरुण देव गौतम को भेजा जाता था। वर्ष 2009 में राजनांदगांव में नक्सली हमले में 29 पुलिसकर्मियों व पुलिस अधीक्षक के शहीद होने के बाद अरुण देव गौतम को वहां का एसपी बन कर भेजा गया। झीरम कांड के बाद बस्तर IG बनाए गए थे आईजी के पद पर प्रमोशन होने के बाद छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स के प्रभार में रहे। फिर बिलासपुर रेंज के आईजी बने। अरुण देव बिलासपुर जिले के एसपी भी रह चुके थे। झीरम नक्सली हमले में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौत के बाद अरुण देव गौतम को बस्तर आईजी बना कर भेजा गया। 25 मई 2013 को झीरम कांड हुआ था। इसके कुछ ही माह बाद नवंबर–दिसंबर को विधानसभा चुनाव हुए। तब सफलतापूर्वक चुनाव करवाने में अरुण देव गौतम की भूमिका रही और वोटिंग प्रतिशत में भी काफी इजाफा हुआ। वे रेलवे, प्रशिक्षण, भर्ती और यातायात शाखाओं के प्रभारी पुलिस महानिरीक्षक रहें। पिछले कुछ सालों से वे छत्तीसगढ़ के गृह सचिव के अलावा जेल व परिवहन विभाग का भी दायित्व सम्हाल रहे हैं। इसके अलावा उन्हें नगर सेना, अग्निशमन सेवाओं का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। DGP नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट का यह है निर्देश बता दें कि सुप्रीम कोर्ट का 2006 का फैसला राज्य डीजीपी नियुक्तियों के लिए मार्गदर्शक ढांचे के रूप में काम करना जारी रखता है। न्यायालय ने आदेश दिया कि राज्य सरकारें संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा सूचीबद्ध 3 सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में से अपने DGP का चयन करें। चयनित अधिकारी को अपनी सेवानिवृत्ति तिथि की परवाह किए बिना कम से कम दो साल का कार्यकाल पूरा करना होगा। DGP पद के लिए योग्यता डीजीपी बनने के लिए 30 साल की सेवा जरूरी है। इससे पहले स्पेशल केस में भारत सरकार डीजीपी बनाने की अनुमति दे सकती है। छोटे राज्यों में आईपीएस का कैडर छोटा होता है, इसको देखते हुए भारत सरकार ने डीजीपी के लिए 30 साल की सर्विस की जगह 25 साल कर दिया है। मगर बड़े राज्यों के लिए नहीं।
दैनिक भास्कर यूपी की 403 विधानसभा सीटों पर सर्वे कर रहा है। किस सीट पर अब किसकी हवा है। जनता की पसंद कौन है, मौजूद विधायक या कोई और। इस सर्वे में भाग लेकर आप बताइए, हरदोई की बिलग्राम-मल्लावां सीट पर भाजपा विधायक विधायक आशीष सिंह 'आशू' को क्या आप फिर उम्मीदवार बनाना चाहते हैं या फिर भाजपा के सतीश वर्मा, ब्रजेश वर्मा और अभय शंकर शुक्ला में से आपकी कौन पसंद है? अगर कोई और पसंद है तो उसका नाम भी आप अन्य के ऑप्शन में दे सकते हैं।सपा से आप किसे उम्मीदवार बनाना चाहते हैं– ब्रजेश वर्मा टिल्लू, जितेंद वर्मा जीतू और अब्दुल मन्नान में से किसको? अपनी पसंद बताएं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से अनुराग मिश्रा, सतीश वर्मा और राम कृपाल कुशवाहा में से किसे चुनेंगे। यदि आपकी पसंद इन दिए गए नामों से अलग है, तो वे 'अन्य' विकल्प का उपयोग करके अपनी पसंद के किसी भी अन्य व्यक्ति का नाम भी सुझा सकते हैं। यह सर्वे पूरी तरह गोपनीय है, आपकी पहचान कभी भी उजागर नहीं होगी। इस लिंक पर क्लिक करके आप सर्वे में भाग ले सकते हैं। आप अपनी विधानसभा सिलेक्ट करके शामिल हो सकते हैं। अगर आपके पास भास्कर एप नहीं है तो पहले डाउनलोड करें, फिर सर्वे में भाग लें- लिंक
डूंगरपुर के वरदा थाना क्षेत्र में काकरी घाटी के पास एक अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। वरदा थाने के एएसआई संतोष कुमार ने बताया कि नौकना निवासी मोहनलाल ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट के अनुसार, मोहनलाल का छोटा भाई महिपाल (26) अपने दोस्त की बाइक लेकर सेलज जा रहा था। काकरी घाटी से थोड़ा आगे आम के पेड़ के पास पहुंचने पर एक अज्ञात वाहन ने महिपाल की बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि महिपाल बाइक सहित सड़क पर गिर गया। उसे गंभीर चोटें आईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी पहुंचाया, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने अज्ञात वाहन ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हरदोई के देहात कोतवाली क्षेत्र के बंजरा पुरवा गांव में रविवार देर रात एक भट्ठा मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। 28 वर्षीय हरीकरन उर्फ सकटे को कुछ लोग गांव की पश्चिमी दिशा में ट्रैक्टर से छोड़कर चले गए थे। परिजन उन्हें मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव का पंचनामा भरवा लिया गया मृतक के बड़े भाई लीला ने आरोप लगाया है कि जिन चार लोगों ने हरीकरन को छोड़ा था, उन्हीं से दो महीने पहले उनका विवाद हुआ था। लीला का कहना है कि इन्हीं आरोपियों ने हरीकरन की हत्या की है। हरीकरन अपने पीछे पत्नी अर्चना और चार बच्चों को छोड़ गए हैं। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि शव का पंचनामा भरवा लिया गया है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों द्वारा दिए जाने वाले शिकायती पत्र के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दैनिक भास्कर यूपी की 403 विधानसभा सीटों पर सर्वे कर रहा है। किस सीट पर अब किसकी हवा है। जनता की पसंद कौन है, मौजूद विधायक या कोई और। इस सर्वे में भाग लेकर आप बताइए, जालौन की कालपी विधानसभा सीट पर विधायक विनोद चतुर्वेदी को क्या आप उम्मीदवार बनाना चाहते हैं या यहां से तैयारी कर रहे भाजपा नेता रामेंद्र सिंह सेंगर बनाजी को मौका देंगे? पूर्व विधायक संतराम सिंह सेंगर या उर्विजा दीक्षित में अगर आपकी पसंद हैं तो उनके लिए सर्वे में भाग लीजिए। कोई और पसंद है तो उसका नाम भी आप दे सकते हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) से आप किसे उम्मीदवार बनाना चाहेंगे। पूर्व मंत्री श्रीराम पाल या समर सिंह गुड्डू में कौन पसंद है? सपा नेता अमर सिंह चंदेल में आपकी पसंद हैं तो उनके लिए सर्वे में भाग लीजिए। कोई और पसंद है तो उसका नाम भी आप दे सकते हैं।बसपा से आप किसे उम्मीदवार बनाना चाहेंगे। पूर्व प्रत्याशी संजय भदौरिया, श्याम पाल उर्फ छुन्ना पाल या अतीक सिद्दीकी दीवान में किसे मौका देंगे। या किसी अन्य को पसंद करते हैं। कांग्रेस से आप पूर्व विधायक उमाकांति को चुनना चाहेंगे। या किसी और को पसंद करते हैं।यह सर्वे पूरी तरह गोपनीय है, आपकी पहचान कभी भी उजागर नहीं होगी। इस लिंक पर क्लिक करके आप सर्वे में भाग ले सकते हैं। अगर आपके पास भास्कर एप नहीं है तो पहले डाउनलोड करें, फिर सर्वे में भाग लें- लिंक
प्रयागराज में एक सनसनीखेज घटना में मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर आदित्य (29) की संदिग्ध हाल में मौत हो गई। वह अपने फ्लैट के टॉयलेट में अचेत पड़े मिले। साथी उन्हें अस्पताल ले गए जहां उनकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया गया है। डॉ. आदित्य मेडिकल कॉलेज से एमएस कर रहे थे। वह मूल रूप से अल्लापुर के रहने वाले हैं। रोज की तरह रविवार रात भी वह ड्यूटी पर थे। रात में जार्जटाउन के लाउदर रोड पर स्थित अपने फ्लैट में पहुंचे। यहां उनके चार साथी डॉक्टर भी थे। साथी डॉक्टरों ने बताया कि रात 10 बजे के करीब आदित्य फ्रेश होने की बात कहकर टॉयलेट में गए। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर दोस्तों को शंका हुई। उन्होंने आवाज दी लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। किसी तरह दरवाजा खोला गया तो वह टॉयलेट में अचेत पड़े मिले। साथी उन्हें लेकर एसआरएन अस्पताल पहुंचे जहां कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। सूचना पर पुलिस के साथ ही मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर व डॉक्टर भी पहुंच गए। पोस्टमार्टम के बाद आगे की कार्रवाईजांच पड़ताल के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जार्जटाउन थाना प्रभारी रोहित तिवारी ने बताया कि पुलिस को सूचना करीब 11.30 बजे मिली। मौके पर पहुंचकर साथी डॉक्टरों से पूछताछ के बाद शव को मर्चरी भेज दिया गया। मौत का कारण पोस्टमार्टम में ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल किसी तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। पिता दवा कारोबारी, भाई भी डॉक्टरडॉ. आदित्य के पिता दिलीप दवा कारोबारी हैं। जबकि उनका छोटा भाई भी डॉक्टर है जो बांदा मेडिकल कॉलेज से पढ़ाई कर रहा है। आदित्य की मौत के बाद घर में कोहराम मचा हुआ है।
पलामू जिले के छतरपुर स्थित मसीहानी में नेशनल हाईवे 98 पर एक सड़क दुर्घटना में नौडीहा प्रखंड के सीओ संजय कुमार सिंह, पिपरा प्रखंड के सीओ जितेंद्र कुमार सिंह और उनके चालक रवींद्र कुमार ठाकुर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उनकी सरकारी गाड़ी में ट्रेलर द्वारा टक्कर मारने की वजह से हुई। स्थानीय लोगों की मदद से तीनों घायलों को अनुमंडलीय अस्पताल छतरपुर पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए एमएमसीएच मेदनीनगर रेफर कर दिया। पिपरा सीओ का बायां हाथ फ्रैक्चर नौडीहा सीओ संजय कुमार सिंह के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। पिपरा सीओ जितेंद्र कुमार सिंह का बायां हाथ फ्रैक्चर हो गया है और उन्हें अंदरूनी चोटें भी लगी हैं। चालक रवींद्र कुमार ठाकुर को भी शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें आई हैं। मोबाइल पर बात कर रहा था ट्रेलर चालक जानकारी के अनुसार, दोनों सीओ जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में उपायुक्त की अध्यक्षता में होने वाली एक बैठक में शामिल होने जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सीओ का सरकारी वाहन सायरन बजाते हुए मसीहानी में फोरलेन सड़क की दाहिनी लेन से जा रहा था। इसी दौरान सामने से आ रहे ट्रेलर के चालक ने मोबाइल पर बात करते हुए वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। दुर्घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी अवध कुमार यादव दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस को दोनों वाहनों को जब्त करने का निर्देश दिया। डीएसपी यादव ने अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचकर घायल सीओ का हालचाल जाना और उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेदिनीनगर भिजवाने में मदद की। इधर, सड़क दुर्घटना की जानकारी मिलने पर नगर अध्यक्ष अरविंद कुमार गुप्ता भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल सीओ का हालचाल पूछा और उनके इलाज में सहायता की।
एसआई परीक्षा में सेंटर के बाहर उतरवाए जूते:200 मीटर नंगे पांव चल 72 सीढ़ियां चढ़कर पहुंचे अभ्यर्थी
राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित एसआई भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन सवाई माधोपुर में कड़ी सख्ती देखने को मिली। जिले के 29 परीक्षा केंद्रों पर पहली पारी के लिए सुबह 9 से 10 बजे तक अभ्यर्थियों को मेटल डिटेक्टर से गहन जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। पुराने शहर स्थित 72 सीढ़ी स्कूल केंद्र पर अभ्यर्थियों से गेट पर ही जूते उतरवा लिए गए। इसके चलते स्टूडेंट्स को करीब 200 मीटर नंगे पांव चलकर 72 सीढ़ियां चढ़ते हुए परीक्षा हॉल तक पहुंचना पड़ा। सुरक्षा के तहत जींस के मेटल बटन और बेल्ट भी बाहर ही हटवा दिए गए। 16968 परीक्षार्थियों का रजिस्ट्रेशन जिले के 29 परीक्षा केंद्रों पर दोनों दिनों में कुल 16,968 अभ्यर्थियों का रजिस्ट्रेशन रहा। पहले दिन 8,472 में से 10,692 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। वहीं दूसरे दिन पहली पारी में 8,472 में से 5,456 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जबकि 3,016 अनुपस्थित रहे। सामान्य हिंदी का पेपर सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक और सामान्य ज्ञान व सामान्य विज्ञान का पेपर दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। परीक्षा में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त अभ्यर्थियों के क्यूआर कोड युक्त प्रवेश पत्र और मूल रंगीन फोटो पहचान पत्र की जांच की गई। केंद्रों के आसपास त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू रही। परीक्षा केंद्र के 100 मीटर के दायरे में साइबर कैफे और ई-मित्र केंद्र बंद रखे गए। केंद्रों में मोबाइल, ईयरफोन, ब्लूटूथ, घड़ी, पेजर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहा।
अयोध्या पुलिस ने बरामद किए 30 लाख के मोबाइल:203 चोरी और गुम मोबाइल बरामद, लोगों को किया गया वापस
अयोध्या पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए CEIR पोर्टल के माध्यम से गुमशुदा और चोरी हुए 203 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइल फोन की कुल कीमत लगभग 30.45 लाख रुपये बताई जा रही है। बरामद मोबाइल फोन उनके असली धारकों को वापस किए जा रहे हैं। श्रीराम जन्मभूमि और हनुमानगढ़ी में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। इसी दौरान भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों में मोबाइल चोरी और गुम होने की घटनाएं भी बढ़ीं, जिस पर पुलिस ने गंभीरता से कार्रवाई की। CEIR पोर्टल के जरिए मिली सफलता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि सर्विलांस टीम और सभी थानों की संयुक्त पुलिस टीम ने CEIR पोर्टल का अधिकतम उपयोग करते हुए अभियान चलाया। इस अभियान में अलग-अलग जनपदों और राज्यों से आए लोगों के मोबाइल फोन ट्रेस कर बरामद किए गए। लोगों को सौंपे जा रहे मोबाइल बरामद सभी 203 मोबाइल फोन आज पुलिस लाइन में उनके मालिकों को सौंपे जा रहे हैं। इससे लोगों में खुशी का माहौल है और पुलिस की इस पहल की सराहना की जा रही है। यह सर्विलांस टीम के सहयोग से प्राप्त हुआ है। इस दौरान CEIR पोर्टल प्रभारी और अयोध्या CO आशुतोष तिवारी, अयोध्या कोतवाली पंकज सिंह मौजूद रहे।
पानीपत जिले के गांव कुराड के पास एक हादसा हो गया। जहां एक तेज रफ्तार और ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बाइक सवार दो दोस्तों को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में 45 वर्षीय बिल्लू की मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त राजकुमार घायल हो गया। वारदात के बाद आरोपी चालक ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित मौके से फरार हो गया। काम खत्म कर घर लौट रहा था मृतक के बड़े भाई शीशपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि बिल्लू अपनी वर्कशॉप (मशीनरी मरम्मत की दुकान) चलाता था। रविवार शाम वह अपना काम खत्म करने के बाद अपने दोस्त राजकुमार के साथ बाइक पर सवार होकर वापस अपने गांव कुराड लौट रहा था। जैसे ही वे गांव के नजदीक पहुंचे, गन्ने से लदी एक ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली के ड्राइवर ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए उन्हें टक्कर मार दी। अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम हादसे के बाद चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। गंभीर रूप से घायल बिल्लू को आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, चोटें इतनी गंभीर थी कि डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं उसके दोस्त का इलाज जारी है। परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था बिल्लू बिल्लू की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया है। शीशपाल ने रूंधे गले से बताया कि बिल्लू ही अपने परिवार में कमाने वाला इकलौता सदस्य था। उसकी मौत के बाद पूरे घर के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और ग्रामीण आरोपी चालक की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। प्रशासनिक अनदेखी पर उठे सवाल स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पानीपत की सड़कों पर गन्ने से भरी ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां मौत बनकर दौड़ रही हैं। नियमों को ताक पर रखकर ट्रॉलियों में क्षमता से अधिक गन्ना लादा जाता है। जिससे संतुलन बिगड़ने के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। पुलिस ने मृतक के भाई के बयान पर अज्ञात ट्रैक्टर-ट्रॉली ड्राइवर के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने और गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इंदौर नगर निगम शहर में स्वच्छता को बढ़ावा देने और जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लगातार नवाचार कर रही है। इसी कड़ी में घर की सफाई - 3 आर कलेक्शन ड्राइव अभियान चलाया गया था, जिसमें नगर निगम की टीमों ने घर-घर जाकर 57 हजार किलो से ज्यादा अनुपयोगी सामान जमा किया था। इनमें कपड़े, खेल सामग्री, किताबें, खिलौने, इलेक्ट्रिक सामान सहित अन्य वस्तुएं शामिल हैं, जिन्हें पुन: इस्तेमाल के माध्यम से जरूरतमंदों तक पहुंचाया जा रहा है। अब बस्ती बेमिसाल अभियान के तहत शहर की 29 से ज्यादा स्लम बस्तियों में विशेष स्वच्छता अभियान के साथ-साथ स्लम कार्निवाल आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत सोमवार को जोन क्रमांक 18, वार्ड क्रमांक 51 के शिव नगर स्लम बस्ती में जमा की गई सामग्री का वितरण किया गया। इस मौके पर स्वास्थ्य प्रभारी अश्विनी शुक्ल, मृदुल अग्रवाल और अपर आयुक्त प्रखर सिंह मौजूद रहे, जिन्होंने जरूरतमंदों को सामग्री का वितरण किया। घरों के सामने बनाई रंगोली प्रोग्राम के दौरान शिव नगर स्लम इलाके में स्लम कार्निवाल के तहत लोगों ने अपने-अपने घरों के सामने रंगोलियां भी बनाई और अतिथियों का पुष्प माला पहनाकर स्वागत किया। इसके साथ ही गलियों की दीवारों पर पेटिंग भी की गई। बता दे कि पिछले कई दिनों से घर की सफाई - 3 आर कलेक्शन ड्राइव अभियान चलाया जा रहा था, जिसका रविवार रात को एक मॉल में समापन हुआ।
डूंगरपुर के नवनियुक्त जिला कलेक्टर देशलदान ने सोमवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। कार्यभार संभालने के बाद यह उनका पहला दौरा था। उन्होंने चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मरीजों को मिल रही सुविधाओं की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, आईसीयू और अन्य विभागों का दौरा किया। उन्होंने भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधा संवाद किया। कलेक्टर ने मरीजों से उपचार, निशुल्क दवाओं की उपलब्धता और चिकित्साकर्मियों के व्यवहार के बारे में जानकारी ली। अस्पताल अधीक्षक डॉ. महेंद्र डामोर और उप अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ सिंह ने उन्हें व्यवस्थाओं से अवगत कराया। कलेक्टर देशलदान ने मरीजों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने ओपीडी में लंबी कतारों को व्यवस्थित करने के लिए एक नया प्रबंधन सिस्टम लागू करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, अस्पताल परिसर में स्वच्छता बनाए रखने और जांच प्रक्रियाओं में लगने वाले समय को कम करने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने संबंधित कर्मियों को आयुष्मान भारत जैसी राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सुलभता से पहुंचाने के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने अस्पताल परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों के कारण होने वाली भीड़भाड़ और पार्किंग की समस्या को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बिलासपुर के बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में 30 साल बाद सड़क निर्माण हो रहा है। यहां सड़क नहीं बनने से परेशान लोगों ने चुनाव बहिष्कार करने की चेतावनी भी दी थी। विधायक सुशांत शुक्ला की पहल पर अलग-अलग गांवों में कुल 14 करोड़ 56 लाख 34 हजार रुपए की लागत से सड़कों के निर्माण कार्यों का शिलापूजन किया। लोगों के लंबे इंतजार के बाद अब उन्हें आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है। दरअसल, बेलतरा क्षेत्र के कई गांव ऐसे हैं, जो आज भी पहुंच विहीन हैं, यहां डब्ल्यूबीए और कच्ची सड़क है, जिसकी वजह से बारिश के दिनों में आसपास के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यहां लंबे समय से जर्जर सड़कों के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, जिससे रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हो रहा था। विधायक से स्थानीय लोगों ने की थी मांग विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि जब वो चुनाव के समय इन गांवों में पहुंचे थे, तब लोगों की केवल एक ही मांग थी सड़क निर्माण। इसे लेकर उन्होंने चुनाव बहिष्कार करने की चेतावनी भी दी थी। तब उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया था कि चुनाव जीतने के बाद सड़क निर्माण कार्य कराया जाएगा। जिसके बाद उनकी पहल पर भरदैयाडीह से कलमीटार, गोदईया-कलमीटार, भदरापारा-बरभांठा, करमा-बरभांठा-सरगाधोड़ी मार्ग बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा था। अब स्वीकृति मिलने के बाद यहां सड़क निर्माण कार्य शुरू हो गया है। जानिए कितनी राशि से बनेगी सड़क सरपंच सहित ग्रामीणों ने जताई खुशी इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी। विधायक की इस पहल से क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इन सड़कों के निर्माण से न सिर्फ आवागमन आसान होगा, बल्कि विकास को भी नई दिशा मिलेगी। बिटकुली गांव के सरपंच शिव कुमार यादव ने कहा कि हम लोग लंबे समय से सड़क की समस्या से जूझ रहे थे। बरसात में हालात और खराब हो जाते थे। अब सड़क बनने से गांव के लोगों को काफी राहत मिलेगी।
राजधानी में सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। रायपुर पुलिस की सरप्राइज चेकिंग में एक ही रात में 129 शराब पीकर वाहन चलाने वाले ड्राइवर पकड़ में आए। पुलिस ने न केवल इनके खिलाफ चालानी कार्रवाई की, बल्कि कई मामलों में वाहन सीज कर नशे में धुत चालकों को पैदल घर भेजा गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है, कि शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। सात प्वाइंटों पर अफसरों ने की जांच पुलिस उपायुक्त (यातायात एवं प्रोटोकॉल) विकास कुमार के निर्देश पर 5 अप्रैल की रात शहर के सात प्रमुख स्थानों पर विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान यातायात थाना प्रभारियों और स्टाफ की टीम ने ब्रीथ एनालाइजर के जरिए जांच की, जिसमें 129 चालक नशे की हालत में वाहन चलाते पाए गए। सभी के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई और उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। 1853 नशेड़ी वाहन चालकों के खिलाफ अब तक एक्शन पुलिस के मुताबिक, इस साल जनवरी से अब तक 1853 नशेड़ी वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। प्रत्येक मामले में कोर्ट द्वारा न्यूनतम 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही कई मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। अभियान के दौरान पुलिस ने सख्त संदेश दिया कि शराब पीकर वाहन चलाना किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस ने साफ किया कि ड्रंक एंड ड्राइव न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह खुद चालक और अन्य लोगों के जीवन के लिए गंभीर खतरा है। इसलिए आगे भी ऐसे अभियानों को लगातार जारी रखा जाएगा और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भीलवाड़ा के पंचमुखी मोक्ष धाम स्थित प्राचीन मसानिया भैरवनाथ मंदिर में 751 किलो सूखी लाल मिर्च का हवन किया गया। मां बगलामुखी की पूजा-अर्चना कर सुख समृद्धि मांगी गई। यह परंपरा पिछले 10 वर्षों से लगातार चल रही है, लेकिन इस साल मिर्च की मात्रा पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए बढ़ाकर 751 किलो कर दी गई। भक्तों के जीवन से बाधाओं को दूर करना मुख्य उद्देश्य मंदिर के युवा अध्यक्ष रवि कुमार सोलंकी ने बताया - इस हवन का मुख्य उद्देश्य भक्तों के जीवन से बाधाओं को दूर करना और मां बगलामुखी का आशीर्वाद प्राप्त करना है। माना जाता है कि इस विशेष हवन में भाग लेने से घर-परिवार में सुख और शांति आती है। अक्सर लोगों के मन में श्मशान के प्रति डर और नकारात्मकता होती है। इस हवन के माध्यम से उस डर को दूर करने और बुरी शक्तियों व रोगों के निवारण का संदेश दिया जाता है। तीखे धुएं के बावजूद भक्तों की आस्था नहीं कम हुई मंदिर के पुजारी संतोष कुमार खटीक ने कहा कि यहां बाबा काल भैरवनाथ, मां आदिशक्ति कालका और बाबा गुप्तेश्वर महादेव की उपस्थिति मानी जाती है। हवन के दौरान बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और बच्चे उपस्थित थे। तीखी लाल मिर्च के धुएं के बावजूद भक्तों की आस्था कम नहीं हुई। पिछले वर्ष 551 किलो मिर्च का हवन हुआ था, जबकि इस वर्ष 2026 में इसे बढ़ाकर 751 किलो किया गया। भक्तों की आस्था- दर्शन मात्र से दूर होती हैं बाधा संपूर्ण आयोजन मंदिर समिति द्वारा पूर्णतः निशुल्क किया गया। श्रद्धालुओं के बैठने, सामग्री और अन्य व्यवस्थाओं का भार मंदिर ने ही उठाया। भक्तों का मानना है कि यहां केवल दर्शन मात्र से ही कई प्रकार की गृह बाधां और शारीरिक कष्ट दूर हो जाते हैं।
मैहर से लौट रही मिनी बस खंभे से टकराई:20 श्रद्धालु थे सवार, किसी को नहीं आई चोट
उमरिया में सोमवार को एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। मैहर से दर्शन कर लौट रही श्रद्धालुओं से भरी एक मिनी बस अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से टकरा गई। यह घटना कलेक्टर कार्यालय के पीछे कटनी मार्ग पर हुई, जब बस शाहपुरा की ओर जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शी मोहसिन खान ने बताया कि वाहन अचानक लहराने लगा और चालक नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद बस सीधे खंभे से जा टकराई। टक्कर तेज होने के बावजूद बस में सवार लगभग 20 ग्रामीण श्रद्धालु सुरक्षित रहे। किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई। हादसे के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए यात्रियों को बस से सुरक्षित बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही उमरिया पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी। प्राथमिक तौर पर चालक का नियंत्रण बिगड़ने को हादसे की वजह माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस तकनीकी कारणों और चालक की स्थिति दोनों पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही है।
रविवार को राज्यपाल रमेन डेका का जशपुर पहुंचे। उन्होंने जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और जनजातीय विकास से जुड़े अहम निर्देश दिए। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण पर्यटन, महिला सशक्तिकरण और धार्मिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी की। जिला पंचायत सभाकक्ष में हुई समीक्षा बैठक में राज्यपाल ने विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और बिरहोर परिवारों के लिए हर माह मेडिकल कैंप लगाने के निर्देश दिए। इन समुदायों को स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने और उनकी जीवनशैली में सुधार पर जोर दिया गया। बैठक में संभावित टीबी मरीजों की पहचान, सिकल सेल बीमारी की रोकथाम और महिलाओं में स्तन कैंसर की जांच व बेहतर इलाज सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। गंभीर मरीजों को रायपुर, अंबिकापुर और एम्स जैसे बड़े संस्थानों में रेफर करने के निर्देश भी दिए गए। टीबी, सिकल सेल और स्तन कैंसर जांच पर जोर राज्यपाल ने रेड क्रॉस सोसायटी को गांव-गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाने और बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें असम और ओडिशा भेजकर हस्तशिल्प, नए डिजाइन सीखने की पहल को बढ़ावा देने की बात कही। जशपुर की लखपति दीदी लालमणि प्रजापति के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें राजभवन में सम्मानित करने की घोषणा भी की गई। पर्यावरण संरक्षण के संबंध में राज्यपाल ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। इसी क्रम में उन्होंने सर्किट हाउस स्थित मातृत्व वन में सीता अशोक का पौधा रोपित किया। लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में फैले इस वन में 400 से अधिक प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं, जो पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संवेदनाओं का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। राज्यपाल ने कहा कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और मातृत्व के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करेगी। कृषि सुधार और जल संरक्षण पर विशेष ध्यान कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए किसानों को जैविक खेती, वर्मी कम्पोस्ट और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए। जल संरक्षण के तहत डबरी निर्माण, पुराने कुओं का जीर्णोद्धार, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, अमृत सरोवर, सोकपिट निर्माण जैसे कार्यों को गति देने पर जोर दिया गया। वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयुष्मान कार्ड बनाने और योग को बढ़ावा देने की बात भी कही गई। ग्रामीण पर्यटन और स्थानीय उत्पादों को मिला बढ़ावा राज्यपाल ने देशदेखा के पास केरेगांव में विकसित होम-स्टे का भ्रमण किया और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने वाली पहल की सराहना की। स्थानीय महिलाओं के पारंपरिक व्यंजन जैसे महुआ रोटी, चीला, पीठा का स्वाद लिया। ‘जसक्राफ्ट’ ब्रांड के तहत बनाए जा रहे हस्तशिल्प उत्पादों की प्रशंसा की। एडवेंचर स्पोर्ट्स, खासकर रॉक क्लाइंबिंग को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए। सोगड़ा आश्रम में पूजा-अर्चना, संतों से मुलाकात प्रवास के दौरान राज्यपाल मनोरा विकासखंड के सोगड़ा स्थित अघोर संत भगवान अवधूत राम के आश्रम पहुंचे। मां काली की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। गुरुपद संभव राम बाबा से भेंट कर आश्रम की गतिविधियों की जानकारी ली।
शहर में नकली नोट के नाम पर ठगी करने वाले एक शातिर 'चूरन गैंग' का खुलासा हुआ है। यह गैंग लोगों को 10 गुना मुनाफे का लालच देकर उन्हें 'चिल्ड्रन बैंक' के नोट थमा देता था। महाराजपुरा थाना पुलिस ने घेराबंदी कर गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है, जो डेयरी व्यवसायी को 30 लाख के नकली नोट की डिलीवरी देने आया था। आरोपी आजाद अली के काम करने का तरीका बेहद शातिर थी। आरोपी लोगों को एक रुपए के बदले 10 रुपए देने का लालच देता था। खुद को नकली नोट का बड़ा कारोबारी बताकर कहता था कि उसके नोट इतने असली जैसे हैं कि कोई पहचान नहीं सकता। वह शिकार को फंसाने के लिए पहले 500, 200 और 100 के असली नोट देता था और दावा करता था कि ये उसके बनाए 'नकली' नोट हैं। जब पीड़ित उन नोटों को बाजार में चलाता और वे आसानी से चल जाते, तो उसे यकीन हो जाता कि नोट हुबहू असली जैसे हैं। महाराजपुरा टीआई यशवंत गोयल ने कहा कि आरोपी बेहद शातिर है जो नकली नोट की डील में भी ठगी कर रहा था। वह असली नोटों की गड्डियों के बीच चिल्ड्रन बैंक के नोट छिपाकर सप्लाई करता था। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है कि उसने अब तक और कितने लोगों को निशाना बनाया है। 3 लाख के बदले 30 लाख की डील दतिया के डेयरी व्यवसायी सोनू पाल को आरोपी ने इसी तरह झांसे में लिया। आरोपी ने उसे वॉट्सऐप कॉल कर बताया कि वह 1 असली नोट के बदले 10 जाली नोट देता है। भरोसे के लिए उसने कुछ असली नोट दिए, जो बाजार में चल गए। इसके बाद 3 लाख असली के बदले 30 लाख के नकली नोट की डील फिक्स हुई। व्यवसायी ने 40 हजार एडवांस भी दे दिए। ऐसे खुला राज: शक हुआ और पुलिस को बुला लिया व्यवसायी को जब शक हुआ कि नोट असली ही हैं, तो उसने महाराजपुरा पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी दीनदयाल नगर के टाइगर चौक पर बैग लेकर पहुंचा, उसे दबोच लिया गया। पुलिस ने जब आरोपी के बैग की तलाशी ली तो दंग रह गई। आरोपी के पास से 500, 200 और 100 रुपए की कुल 20 गड्डियां मिलीं। इन गड्डियों में ऊपर की तरफ एक असली नोट लगा था। नीचे के सभी नोट 'चिल्ड्रन बैंक' (चूरन वाले नोट) थे। पुलिस ने आरोपियों से 500 की 13, 200 की 5 और 100 की 2 गड्डियां जब्त की गई हैं। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी पहले भी कई लोगों को इसी तरह ठग चुका है। पुलिस अब उसके नेटवर्क और अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।
रायपुर में आज NSUI का बड़ा प्रदर्शन:छात्र संघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर विश्वविद्यालय का घेराव
छात्र संघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर आज राजधानी रायपुर में बड़ा आंदोलन होने जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय का घेराव करेगी। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। घेराव कार्यक्रम का नेतृत्व संगठन के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय करेंगे। प्रदेशभर में एक साथ प्रदर्शन एनएसयूआई के अनुसार यह सिर्फ रायपुर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेशभर के विश्वविद्यालयों में एक साथ घेराव कर छात्र हितों की आवाज उठाई जाएगी। इसी क्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय और आयुष विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ का भी घेराव किया जाएगा। घेराव विश्वविद्यालय मुख्य गेट से शुरू होकर परिसर के भीतर तक जाएगा। एनएसयूआई ने छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर इस आंदोलन को अहम बताया है और अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं से शामिल होने की अपील की है।
पन्ना जिले के पालधरा गांव में एक 15 वर्षीय छात्र का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटका मिला। मृतक की पहचान दीपेश आदिवासी (पिता किशोर सिंह) के रूप में हुई है, जो पन्ना के सर्वोदय विद्यालय में कक्षा 9वीं का छात्र था। जानकारी के अनुसार, 5 अप्रैल को सुबह दीपेश अपने माता-पिता के साथ महुआ बीनने गया था। वहां से लौटने के बाद वह बकरियां चराने निकल गया। परिजनों ने बताया कि दोपहर में उन्होंने दीपेश को खाना खाने के लिए कहा था, लेकिन उसने मना कर दिया। इसके बाद करीब 1 बजे वह दोबारा खेत की ओर चला गया। जब शाम तक दीपेश घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। तलाश के दौरान, मृतक के चाचा लील सिंह खेत की तरफ लकड़ी लेने पहुंचे। उन्होंने देखा कि दीपेश का शव महुआ के ही एक पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका हुआ था। ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही बृजपुर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को फंदे से नीचे उतारा। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
विदिशा शहर के पीतल मिल चौराहे पर रविवार को शराब दुकान को वापस पुराने स्थान (मुख्य मार्ग) पर लाने के विरोध में स्थानीय व्यापारियों और रहवासियों ने चक्का जाम कर हंगामा किया। इस दौरान एक युवक ने आत्मदाह का प्रयास भी किया। सिविल लाइन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 9 लोगों को धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर लिया। रविवार की छुट्टी होने के बावजूद व्यापार महासंघ की सक्रियता से रात करीब 11 बजे एसडीएम कोर्ट खुलवाया गया और सभी 9 लोगों को जमानत मिल गई। शराब ठेकेदार और स्थानीय लोग नई जगह से संतुष्ट हैं, लेकिन आबकारी विभाग के पुराने स्थान पर दुकान संचालित कराने के आदेश के बाद यह विवाद शुरू हुआ है। आत्मदाह का प्रयास करने वाले को भी मिली जमानत रविवार होने के कारण सामान्यतः एसडीएम कोर्ट बंद रहता है। गिरफ्तार लोगों को सोमवार तक जेल में रहना पड़ सकता था, लेकिन व्यापार महासंघ के महामंत्री नरेंद्र सोनी और उपाध्यक्ष आशीष माहेश्वरी को जैसे ही गिरफ्तारी की सूचना मिली, उन्होंने अध्यक्ष राजेश जैन से चर्चा की। इसके बाद उन्होंने प्रशासन से समन्वय स्थापित कर रात करीब 11 बजे एसडीएम कोर्ट खुलवाया और सभी 9 लोगों को जमानत दिलाई गई। जमानत पाने वालों में संकेत जैन भी शामिल हैं, जिन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान खुद पर तेल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया था। नई जगह पर दुकान जाने से सुधर गई थी व्यवस्था स्थानीय व्यापारियों और रहवासियों के अनुसार, पहले पीतल मिल चौराहे पर मुख्य मार्ग पर शराब दुकान होने से अक्सर जाम लगता था। शराबियों के कारण गाली-गलौज और विवाद आम बात थी, जिससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी होती थी। हाल ही में नए ठेकेदार ने दुकान को एक गार्डन परिसर में स्थानांतरित कर दिया था। इससे क्षेत्र में शांति और यातायात व्यवस्था में सुधार हुआ था। रविवार को आबकारी विभाग ने नई जगह संचालित दुकान को बंद कर पुराने स्थान पर संचालित करने के निर्देश दिए, जिसके बाद यह विवाद फिर भड़क उठा। ठेकेदार को दिक्कत नहीं, तो आबकारी विभाग क्यों अड़ा? शराब ठेकेदार का भी कहना है कि नई जगह पर दुकान संचालित करने में कोई दिक्कत नहीं है। वहां जगह अधिक है, किराया कम है और आम लोगों को भी परेशानी नहीं होती। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि जब ठेकेदार और स्थानीय लोग दोनों नई जगह से संतुष्ट हैं, तो आबकारी विभाग मुख्य मार्ग पर दुकान वापस लाने पर क्यों अड़ा हुआ है। फिलहाल शहर में इस मामले को लेकर चर्चा का माहौल है।
सर, प्लीज एंट्री दे दो, सड़क खराब थी। 55 KM का सफर बाइक पर करके आई हूं। पूरे साल मेहनत की है। 20 मिनट ही तो देरी से आई हूं। न जाने आगे कितने साल बाद मौका मिलेगा।कुछ इस तरह की विनीत साधना नाम की अभ्यर्थी पाली के बालिया स्कूल परीक्षा केंद्र पर तैनात पुलिसकर्मियों से करती नजर आई लेकिन नियमों का हवाला देते हुए उसे परीक्षा केंद्र में एंट्री नहीं दी गई। ऐसे में वो मायूस हो गई। साथ आए उसके पिता ने उसे संभाला और बोले कि कोई बात नहीं, तुम्हे तैयारी का और समय मिल गया। लेकिन युवती दो-तीन बार बार–बार मुख्य गेट पर जाकर पुलिसकर्मियों से एंट्री देने की विनती करती रही। चार-पांच अभ्यर्थी पहुंचे देरी से, सबसे बताए अलग-अलग कारणयहां हमें चार-पांच अभ्यर्थी ऐसे मिले। जो एंट्री के लिए निर्धारित 10 बजे के बाद परीक्षा केंद्र पहुंचे। पाली से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित खामल गांव निवासी तरूण ने बताया कि बाइक पंचर होने से देरी हो गई। मनोज नाम के अभ्यर्थी ने बताया कि फॉर्म का कुछ हिस्सा प्रिंट होने से अधूरा रह गया था। इसलिए फोटो स्टेट की शॉप पर प्रवेश पत्र की फोटो कॉपी लेकर आने में देरी हो गई। पाली जिला मुख्यालय से करीब 55 KM की दूरी से बाइक पर आई साधना ने ऑफ कैमरा बताया कि वह अपने पापा के साथ बाइक पर आई है। रास्ते में सड़क कई जगह खराब थी। ऐसे में आने में कुछ मिनट की देरी हो गई। अखरोट के साथ परीक्षा केंद्र में नो एंट्रीपाली के बालिया स्कूल परीक्षा केंद्र पर एक रोचक एंट्री देखने को मिली। दरअसल शहर के हाऊसिंग बोर्ड क्षेत्र में रहने वाली शीतल नाम की एक अभ्यर्थी हाथ में दो-तीन अखरोट लिए बालिया स्कूल परीक्षा केंद्र पहुंची। चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों ने उसे अखरोट के साथ परीक्षा केंद्र में एंट्री देने से मना कर दिया। पूछने पर युवती ने पुलिसकर्मियों को बताया कि परीक्षा की तैयारी में नाश्ता ढंग से नहीं कर पाई। इसलिए घर से अखरोट साथ ले आई। सोचा भूख लगने पर खा लूंगी। अखरोट साथ ले जाने पर उसे रोका गया तो वह वापस बाहर आई। अखरोट खाने के बाद फिर एंट्री ली। कैंची से काटे बटन, मन्नत के धागे खुलवाएपाली शहर के बालिया स्कूल, बांगड़ स्कूल सहित महावीर बाल विद्या मंदिर स्कूल परीक्षा केंद्र पर सुबह के समय एंट्री के लिए अभ्यर्थियों की भीड़ दी। सबसे लंबी लाइन बांगड़ स्कूल परीक्षा केंद्र पर दिखी। महावीर स्कूल परीक्षा केंद्र पर एएसआई जगदीश कुमार टी-शर्ट पहनकर आए कई अभ्यर्थियों के बटन कैंची से काटते नजर आए। बालिया स्कूल परीक्षा केंद्र पर एएसआई शंकरलाल सहित अन्य पुलिसकर्मी कड़ी जांच के बाद अभ्यर्थियों को एंट्री देते दिखे। बांगड़ स्कूल परीक्षा केंद्र पर भी कड़ी जांच के बाद अभ्यर्थियों को एंट्री दी गई। 10 बजते ही सेंटर का गेट बंद कर दिया गया। 18 केंद्रो पर हो रही परीक्षा बता दे कि पाली शहर के 18 परीक्षा केंद्रों पर एसआई भर्ती परीक्षा आयोजित की जा रही है। रविवार को भी यह परीक्षा आयोजित की गई थी। जिसमें दो पारियों में 65.88 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी।
बांसवाड़ा जिले में राजस्थान लोक सेवा आयोग की उपनिरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा 21 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच आयोजित की गई। जिले के 7,105 पंजीकृत अभ्यर्थियों में आज सुबह की पारी में 5,124 अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे। प्रशासन ने प्रत्येक केंद्र पर अभ्यर्थियों की गहन तलाशी के बाद ही एंट्री दी गई। कल के मुकाबले बढ़ी अभ्यर्थियों की उपस्थिति सोमवार की सुबह की पारी में 7,105 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 5,124 अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुँचे। कल, यानी 5 अप्रैल को, पहली पारी में 5,031 और दूसरी पारी में 5,003 अभ्यर्थी उपस्थित थे। उपस्थिति में मामूली वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे परीक्षा में उम्मीदवारों की भागीदारी उच्च बनी हुई है। एसपी ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने सभी परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा, जिले के सभी केंद्रों पर सघन चेकिंग चल रही है। अभ्यर्थियों की पहचान एडमिट कार्ड से की जा रही है और मेटल डिटेक्टर से तलाशी ली जा रही है। हमारा मकसद है कि कोई भी डमी कैंडिडेट या अनुचित साधन परीक्षा कक्ष तक न पहुँच पाए। एसपी ने यह भी बताया कि कल भी कड़ी तलाशी ली गई थी, लेकिन अभी तक कोई संदिग्ध मामला सामने नहीं आया। आस्तीन काटकर हाफ कर दी डायलाब रोड स्थित डॉ. नागेंद्र सिंह विधि महाविद्यालय केंद्र पर एक अभ्यर्थी फुल आस्तीन टी-शर्ट पहनकर आया तो पुलिस ने मौके पर ही उसकी आस्तीन काटकर हाफ कर दी और इसके बाद ही प्रवेश दिया। इसके अलावा, अभ्यर्थियों के जूते बाहर ही खुलवा लिए गए। कानों की बालियां और हाथों में बंधे धार्मिक धागे (कलावा) भी हटा दिए गए। देर से आने वालों को नहीं मिली एंट्री प्रशासन ने समय का सख्ती से पालन भी करवाया। सुबह 10 बजे के बाद पहुंचने वाले कई अभ्यर्थियों को मुख्य द्वार से ही लौटना पड़ा। पूरे परीक्षा आयोजन की सीसीटीवी और वीडियोग्राफी के जरिए हर गतिविधि की निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सके।
नूंह जिले के अड़बर गांव में 4 से 6 अप्रैल तक चले इस्लामिक तबलीगी जलसे के समापन के बाद रविवार सुबह स्थिति बेकाबू हो गई। दुआ समाप्त होते ही लाखों की संख्या में लोग एक साथ अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए, जिससे पूरे जिले की यातायात व्यवस्था चरमरा गई। आयोजकों के अनुसार, जलसे में देश-विदेश से करीब 10 लाख लोग पहुंचे थे। कार्यक्रम में हजरत मौलाना मुहम्मद साद ने दिनी तकरीर की थी। ग्रामीण रास्तों पर भी लगी वाहनों की कतार सुबह करीब 9 बजे से ही जिले के प्रमुख मार्गों पर भारी जाम लग गया। NH-248 दिल्ली-अलवर रोड, नूंह-तावडू रोड, नूंह-होडल रोड, नूंह-हथीन रोड और नूंह-पलवल रोड सहित शहर की अंदरूनी सड़कों और ग्रामीण रास्तों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। कई स्थानों पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया और वाहन धीमी गति से रेंगते नजर आए। लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। कई लोगों ने बीच रास्ते छोड़ी गाड़ियां जाम के कारण स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कई वाहन ड्राइवरों को अपनी गाड़ियों को धक्का लगाकर आगे बढ़ाना पड़ा। बड़ी संख्या में लोगों ने गाड़ियां बीच रास्ते में ही छोड़ दी और पैदल निकलना बेहतर समझा। लोग खेतों और कच्चे रास्तों से होकर अपने गंतव्य तक पहुंचने की कोशिश करते दिखे। यह नजारा पूरे इलाके में आम हो गया, जो व्यापक अव्यवस्था को दर्शाता है। टेलीकॉम सेवाओं पर पड़ा दबाव इसी बीच, मोबाइल नेटवर्क भी पूरी तरह बाधित हो गया। लाखों लोगों की एक साथ मौजूदगी के कारण टेलीकॉम सेवाओं पर भारी दबाव पड़ा, जिससे कॉलिंग और इंटरनेट सेवाएं लगभग ठप हो गईं। प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार हालात को संभालने में जुटी रही, लेकिन भीड़ के भारी दबाव के चलते व्यवस्थाएं अपर्याप्त साबित हुई। लोगों को उठानी पड़ी परेशानी स्थानीय लोगों ने बड़े आयोजन के बाद बेहतर ट्रैफिक और संचार प्रबंधन की कमी को इस स्थिति का मुख्य कारण बताया। खबर लिखे जाने तक जाम की स्थिति बनी हुई थी और सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें अब भी जारी थीं, जिससे लोगों की परेशानी कम होने के बजाय बढ़ती नजर आई।
धार जिले में एक महिला ने 5 लोगों पर पीटने और गैंगरेप करने की कोशिश का आरोप लगाया है। आरोपियों में तीन महिलाएं शामिल हैं। पुलिस FIR दर्ज कर जांच में जुट गई है। मामला धामनोद थाना इलाके में रविवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे का है। इससे जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें 38 वर्षीय पीड़िता पुलिस और कुछ लोगों के साथ खड़ी दिख रही है। उसके शरीर पर बहुत कम कपड़े हैं। देखिए, तीन तस्वीरें… जेसीबी से बाउंड्री वॉल के खंभे तोड़े पीड़ित महिला ने पुलिस को बताया- हमारे खेत से ही आरोपी असुबाई की जमीन लगी है। रविवार को असुबाई, उसके बेटे अमित और गोपाल मिलकर जेसीबी मशीन से जमीन समतल करवा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने हमारे घर के पीछे बनी बाउंड्री वॉल के खंभे तोड़ दिए। मैंने इसकी शिकायत की तो आरोपी बहस करने लगे। फिर लात-घूंसों से मारपीट शुरू कर दी। कुछ देर में ही असु बाई की बेटियां- अतिना और हेमा भी मौके पर पहुंच गईं। सभी ने मिलकर मुझे पकड़ा और खींचकर कमरे में ले गए। यहां मारपीट की। मेरी साड़ी उतार दी। इसके बाद अमित और गोपाल ने मेरे साथ छेड़खानी की। गैंगरेप करने की कोशिश की। मैं उनको धक्का देकर कमरे से बाहर भागी। बाहर आकर चिल्लाई तो आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। किसी ने पुलिस को फोन कर दिया। डायल 112 मौके पर पहुंची और हमें थाने लेकर आई। सभी आरोपी फरार, तलाश रही पुलिस धामनोद पुलिस ने पीड़िता के आवेदन पर पांचों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, सभी आरोपी फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस टीमें छापे मार रही हैं। वहीं, धामनोद सिविल अस्पताल की डॉ. रश्मि सोलंकी ने बताया कि मारपीट के मामले में महिला को चेकअप के लिए यहां लाया गया था। उसके शरीर पर मामूली चोटे और खरोंच के निशान हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उसे घर भेज दिया है। ये खबर भी पढ़ें… नाबालिगों ने गैंगरेप कर लड़की को मार डाला मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में 15-17 साल के आरोपियों ने 18 साल की लड़की से गैंग रेप किया, फिर मार डाला। आरोपियों ने लड़की के दुपट्टे से गला घोंटा है। गांव में ही नाबालिग शादी में गई थी। शादी वाले घर से 500 मीटर दूरी पर लाश मिली है। पढ़ें पूरी खबर…
झारखंड के नक्सल प्रभावित सारंडा जंगल क्षेत्र एक आईईडी विस्फोट से हड़कंप मच गया। छोटानागरा थाना क्षेत्र के बालिबा गांव के समीप चडरा डेरा जंगल में यह धमाका उस वक्त हुआ, जब कोबरा 205 बटालियन के जवान नियमित सर्च ऑपरेशन पर निकले हुए थे। अचानक हुए तेज विस्फोट की चपेट में आकर जवान अनुज कुमार घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। जवान के पैर में स्प्लिंटर, हालत स्थिर विस्फोट में घायल जवान अनुज कुमार के पैर में स्प्लिंटर लगने से उन्हें हल्की चोट आई है। राहत की बात यह है कि उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। वे खतरे से बाहर हैं। घटना के तुरंत बाद मौके पर ही उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। प्रारंभिक जांच में चोट गंभीर नहीं पाई गई है, लेकिन एहतियात के तौर पर बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर रांची लाया जा रहा है। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि विस्फोट पहले से लगाया गया प्रेशर आईईडी था या फिर नक्सलियों द्वारा हाल ही में प्लांट किया गया था। बम निरोधक दस्ता और अन्य विशेषज्ञ टीमों को भी अलर्ट कर दिया गया है। इलाके में हाई अलर्ट, तेज हुआ कॉम्बिंग अभियान घटना के बाद पूरे सारंडा क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।आसपास के जंगलों में सघन कॉम्बिंग अभियान चलाया जा रहा है। संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। गौरतलब है कि सारंडा जंगल क्षेत्र पहले से ही नक्सली गतिविधियों के लिए संवेदनशील रहा है। ऐसे में इस घटना के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में अलर्ट जारी करते हुए किसी भी संभावित खतरे से निपटने की तैयारी तेज कर दी है। सारंडा में बीते सात माह में हुए विस्फोट के आंकड़े 10 अक्टूबर 2025: सारंडा जंगल में सर्च ऑपरेशन के दौरान IED विस्फोट। CRPF के हेड कांस्टेबल महेंद्र लस्कर शहीद। इंस्पेक्टर कौशल कुमार मिश्रा और सब-इंस्पेक्टर रामचंद्र गोगी घायल। 28 नवंबर 2025: जराईकेला थाना क्षेत्र के जंगल में IED विस्फोट। एक महिला की मौत, दो ग्रामीण घायल। दिसंबर 2025 (बालिबा, छोटानागरा थाना क्षेत्र): सर्च ऑपरेशन के दौरान दो IED विस्फोट। कोबरा बटालियन के हेड कांस्टेबल आलोक दास सहित दो जवान घायल। जनवरी 2026: जराईकेला क्षेत्र में IED विस्फोट में 7 वर्षीय बच्ची की मौत। एक अन्य घटना में 10 वर्षीय बच्ची श्रेय हेरेंज की मौत (जंगल में पत्ता/लकड़ी संग्रह के दौरान)। 11 फरवरी 2026: सारंडा जंगल में IED विस्फोट। दो ग्रामीणों की मौत। 21 फरवरी 2026: सर्च ऑपरेशन के दौरान IED ब्लास्ट। कोबरा के दो जवान घायल। 18 मार्च 2026: जराईकेला क्षेत्र (राधापदा जंगल) में IED विस्फोट। CRPF के एक सब-इंस्पेक्टर घायल। 22 मार्च 2026: छोटानागरा थाना क्षेत्र में IED विस्फोट। सब-इंस्पेक्टर सुनील कुमार मंडल की मौत, पार्थ प्रतिम डे घायल। अन्य घटनाएं: अलग-अलग अभियानों के दौरान राम प्रवेश सिंह और छोटू कश्यप सहित कई जवान घायल हुए, हालांकि सभी मामलों में विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं है। 6 अप्रैल 2026 (ताजा घटना): बालिबा क्षेत्र के चडरा डेरा जंगल में IED विस्फोट। कोबरा बटालियन के जवान अनुज कुमार घायल, स्थिति स्थिर।
करनाल जिले के गांव गोल्ली में एक बच्चे को मंदिर में खेलने से रोकने के विवाद ने मारपीट का रूप ले लिया। जब बहन ने विरोध किया, तो पड़ोस की महिला और उसकी बेटी ने युवती के साथ कथित रूप से मारपीट की। घायल युवती का मेडिकल कराया गया, जिसमें चोटों की पुष्टि हुई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मंदिर में खेलने को लेकर विवाद गांव गोल्ली के तन्नू ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 29 मार्च को दोपहर करीब 1 बजे उसका छोटा भाई परमीत (उम्र 8 साल) गांव के मंदिर (समाध) में खेलने गया था। वहां पड़ोस की अनिता और उसकी बेटी अंजुषा ने उसे खेलने से मना किया और चप्पल से मार दिया। परमीत रोते हुए घर लौटा और उसने पूरी बात अपनी बहन को बताई। विरोध करने पर युवती से की मारपीट इसके बाद तन्नू अपने भाई को लेकर अनिता के घर के बाहर पहुंची और उससे पूछताछ की। आरोप है कि इस दौरान अनिता और उसकी बेटी ने उसे धमकी दी और गालियां देने लगी। जब तन्नू अपने भाई के साथ वापस घर लौटने लगी, तो दोनों ने रास्ता रोक लिया। आरोप है कि अनिता और अंजुषा ने उसके बाल पकड़कर थप्पड़ और मुक्कों से मारपीट की। साथ ही उसका दाहिना हाथ मरोड़ दिया, जिससे उसकी कलाई में चोट आई। धक्का देकर गिराया, कमर में लगी चोट तन्नू ने बताया कि मारपीट के दौरान उसे पकड़कर जोर से बुग्गी (गाड़ी) की तरफ धक्का दिया गया, जिससे उसकी कमर में भी चोट आई। उसके शोर मचाने पर आसपास के लोग दलबीर, बिन्द्र, अनिल व अन्य मौके पर पहुंचे और उसे आरोपियों से छुड़वाया। जान से मारने की धमकी का आरोप पीड़िता के अनुसार जाते-जाते अनिता और अंजुषा ने उसे धमकी दी, कि अगर दोबारा उनके सामने आई, तो जान से मार देंगे। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि आत्महत्या कर पूरे परिवार को फंसा देंगे। पीड़िता का कहना है कि दोनों अब भी उसे और उसके भाई को लगातार धमका रही हैं। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस मामले में पुलिस चौकी बल्ला के एएसआई रोहताश ने बताया कि युवती के साथ मारपीट का मामला सामने आया है, जिसकी शिकायत मिली है। पुलिस ने जांच के बाद पाया कि तन्नू के साथ मारपीट की घटना सही है। इसके आधार पर थाना मूनक में मुकदमा बीती रात को केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच संबंधित अधिकारी को सौंप दी गई है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा में बीएसएल से पानी की सप्लाई रुकी:सरकार ने BBMB से मांगा जवाब; 4 मार्च से गेज रीडिंग जीरो
हरियाणा को बीस-सतलुज लिंक (BSL) से 4 मार्च 2026 से लगातार पानी की सप्लाई नहीं मिल रही है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता ने इस संबंध में भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) को लेटर लिखकर कारण बताने और तुरंत पानी छोड़ने की मांग की है। विभाग के अनुसार 4 मार्च से अब तक गेज रीडिंग शून्य दर्ज की गई है, जिससे स्पष्ट है कि हरियाणा को इस अवधि में BSL के माध्यम से कोई पानी नहीं मिला। लेटर में कहा गया है कि BSL सिस्टम से पानी का प्रवाह पूरी तरह बंद रहने के कारण हरियाणा को अपने हिस्से से कम पानी मिल रहा है। राज्य की जल आपूर्ति काफी हद तक ब्यास और सतलुज नदियों पर निर्भर है, इसलिए पानी की उपलब्धता में कमी का सीधा असर राज्य की जरूरतों और दिल्ली-एनसीआर की सप्लाई पर पड़ सकता है। यहां पढ़िए लेटर की कॉपी... बन सकती है गंभीर स्थिति विभाग ने यह भी उल्लेख किया है कि SYL के योगदान न होने के कारण हरियाणा मौजूदा सिस्टम से केवल 1.62 MAF पानी ही वहन कर पा रहा है। ऐसे में पानी की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की कटौती राज्य के लिए गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है। अंत में BBMB से आग्रह किया गया है कि हरियाणा को उसका निर्धारित हिस्सा तत्काल जारी किया जाए और BSL सुंदर नगर के माध्यम से पानी की सप्लाई शून्य स्तर तक कम न होने दी जाए। 4 मार्च से सप्लाई बंद लेटर में लिखा है कि 4 मार्च 2026 से BSL से हरियाणा को पानी की सप्लाई बंद है। लगातार गेज रीडिंग शून्य दर्ज की जा रही है। सिंचाई विभाग ने BBMB से इसको लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। राज्य को अपने हिस्से से कम पानी मिलने की आशंका जताई गई है। दरअसल, हरियाणा ब्यास और सतलुज के पानी पर काफी निर्भर है। SYL नहीं बनने से क्षमता पहले ही सीमित है। पानी की कमी का असर दिल्ली-NCR सप्लाई पर भी पड़ सकता है बीबीएमबी की ओर से ये दिया गया तर्क वहीं, सूत्रों के अनुसार, बीएसएल के माध्यम से कम जल प्रवाह का कारण डायवर्जन प्रणाली के एक महत्वपूर्ण कंपोनेंट, देहर पावर हाउस में तकनीकी दिक्कतें हैं। देहर परियोजना में छह टरबाइनों में से केवल दो ही वर्तमान में चालू हैं, जिससे ब्यास बेसिन से सतलुज में जल का स्थानांतरण काफी हद तक सीमित हो गया है। बीबीएमबी ने इस समस्या का कारण पुरानी अवसंरचना को बताया है और कहा कि चार दशक से अधिक पुराने देहर पावर हाउस को तत्काल मरम्मत की आवश्यकता है। CEA को लेटर लिख चुका बीबीएमबी अधिकारियों ने बताया कि बीबीएमबी ने टर्बाइनों के नवीनीकरण और आधुनिकीकरण के लिए परामर्श सेवाएं प्रदान करने हेतु केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) से पहले ही संपर्क कर लिया है। मरम्मत और जीर्णोद्धार प्रक्रिया में समय लगने की संभावना है, जिसके दौरान विद्युत प्रवाह को मोड़ने की क्षमता सीमित रह सकती है।
महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में एक निर्माणाधीन मकान से चोर ने हजारों रुपए का नल का सामान चुरा लिया। चोरी की यह वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई। इस बारे में पीड़ित ने पुलिस में शिकायत नहीं दी है। पीड़ित का कहना है कि वे युवक की वे पहचान में जुटे हैं। शहर के मोहल्ला दशमेश नगर के रहने वाले लवनेश गर्ग ने बताया कि वे शहर के सेक्टर एक में फेज टू में मकान बना रहा है। मकान तीन मंजिल में निर्माण का काम लगभग पूरा हो गया। अब वहां पर नल की फिटिंग का काम चल रहा है। कंपनी की मोटर चुराई उसने बताया कि नल की फिटिंग के काम के चलते उसने वहां पर सामान लाकर रखा हुआ था। वहीं एक टेक्समों कंपनी की एक हाउस पावर की मोटर भी मकान में रखी हुई थी। सुबह करीब साढ़े आठ बजे एक चोर स्कूटी पर सवार होकर लाल हेलमेट पहनकर आया। पार्किंग में रोकी स्कूटी उसने बताया कि सीसीटीवी में दिख रहा है कि चोर ने मकान की पार्किंग में उसने स्कूटी रोकी। जिसके बाद वह उतरा, उसने मकान का दरवाजा खोलना चाहा, मगर लॉक होने के कारण वह नहीं खोल पाया। जिसके बाद उसने एक सरिया लेकर मकान के दरवाजे का ताला तोड़ दिया। इसके बाद वह मकान के अंदर चला गया। पुलिस को नहीं दी शिकायत उसने बताया कि चोर ने तीनों मंजिलों पर लगे गेट का ताला तोड़कर उसमें से नलके का सामान व मोटर चुरा ली। जिनकी कीमत करीब 40 से 50 हजार रुपए है। पीड़ित ने बताया कि उसने अभी पुलिस में शिकायत नहीं दी है। लवनेश ने बताया कि चोर घर में लगे तीन सीसीटीवी में साफ दिखाई दे रहा है। यदि चोर के बारे में पता नहीं चलता है, तो वह पुलिस में शिकायत देकर चोर के खिलाफ मामला दर्ज कराएगा।
कोंडागांव जिले के मसोरा स्थित स्टॉप डेम इन दिनों सैकड़ों बत्तखों के झुंड के कारण आकर्षण का केंद्र बन गया है। हाल ही में यहां बड़ी संख्या में बत्तखें देखी गई हैं, जिससे यह क्षेत्र जीवंत हो उठा है। पानी की सतह पर तैरती, गोते लगाती और समूह में चहलकदमी करती इन बत्तखों का दृश्य पर्यटकों और स्थानीय लोगों को आकर्षित कर रहा है। यह नजारा प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ा रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुबह और शाम के समय यह दृश्य और भी मनमोहक हो जाता है, जब बत्तखों का झुंड एक साथ जल क्रीड़ा करता है। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक, सभी इस नजारे को देखने के लिए डेम की ओर आते हैं। मसोरा स्टॉप डेम बन रहा प्रमुख मनोरंजन और पर्यटन स्थल यह स्थान अब लोगों के लिए एक प्रमुख मनोरंजक स्थल बनता जा रहा है। प्रशासन भी मसोरा स्टॉप डेम को एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के प्रयास कर रहा है। यहां बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि यह स्थल भविष्य में पर्यटकों के लिए और अधिक आकर्षक बन सके। प्राकृतिक सौंदर्य और ‘लेसर व्हिसलिंग डक’ से मिली नई पहचान इस प्राकृतिक सौंदर्य ने मसोरा स्टॉप डेम को एक नई पहचान दी है। यदि संरक्षण और विकास के प्रयास जारी रहते हैं, तो यह स्थल कोंडागांव के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सकता है। यहां पाई जाने वाली बत्तखें मुख्य रूप से 'लेसर व्हिसलिंग डक' (छोटी सिल्ही) हैं, जो भारतीय उपमहाद्वीप और दक्षिण-पूर्व एशिया में पाई जाती हैं। यह जलाशय राष्ट्रीय राजमार्ग NH-30 पर ग्राम पंचायत मसोरा के पास स्थित है।
चूरू मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. एमएम पुकार ने खुद पीपीई किट पहनकर मधुमक्खियों के छत्ते हटाए। इस दौरान करीब 5 घंटे में कड़ी मशक्कत के बाद कॉलेज बिल्डिंग से 7 बड़े मधुमक्खियों के छत्तों के हटाया गया। इस काम के लिए रविवार का छुट्टी का दिन चुना गया, ताकि स्टूडेंट्स को भी परेशानी नहीं हो। मधुमक्खियों ने सिक्योरिटी गार्ड पर किया था हमलामेडिकल कॉलेज बिल्डिंग में बने इन छत्तों के कारण छात्रों पर बड़े हमले का खतरा मंडरा रहा था। 3 अप्रैल की रात में एक सिक्योरिटी गार्ड पर ड्यूटी के दौरान मधुमक्खियों ने हमला किया था, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। PHOTOS में देखिए कैसे प्रिंसिपल ने हटाए छत्ते किसी ने हामी नहीं भरी तो प्रिंसिपल खुद उतरे मैदान मेंकॉलेज में संभावित खतरे को देखते हुए डॉ. पुकार ने छत्तों को हटाने की योजना बनाई। उन्होंने जिले में मधुमक्खी के छत्ते हटाने वाले विशेषज्ञों से संपर्क किया, लेकिन मधुमक्खियों के बढ़ते हमलों के कारण किसी ने भी यह काम करने की हामी नहीं भरी। इसके बाद डॉ. पुकार ने स्वयं यह जिम्मेदारी उठाने का निर्णय लिया। 5 घंटे में सभी 7 छत्तों को हटायारविवार को अवकाश का दिन होने के कारण डॉ. पुकार ने व्यक्तिगत रूप से पीपीई किट पहनकर छत्तों को हटाने का कार्य शुरू किया। उन्होंने लगभग 5 घंटे तक लगातार काम करते हुए कॉलेज बिल्डिंग से सभी 7 छत्तों को सफलतापूर्वक हटा दिया।पीपीई किट पहनने वाली टीम में प्रिंसिपल डॉ. एमएम पुकार, सेंट्रल लैब इंचार्ज डॉ. नदीम, मैस कर्मचारी सुमेर और कॉलेज कर्मचारी जगदीश वार्ड बॉय शामिल थे। इस दौरान सिक्योरिटी गार्ड नेमीचंद, इंतजार खान, सिक्योरिटी गार्ड इंचार्ज कैप्टन रघुवीर सिंह, एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट वेदप्रकाश खींची और सफाई कर्मचारी पूजा भी इस अभियान में शामिल थी। हॉस्टल में रहने वाले स्टूडेंट्स को शिफ्ट करवायाअभियान शुरू करने से पहले प्रिंसिपल पुकार ने मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में रहने वाले सभी स्टूडेंट्स को दूसरी जगह कुछ देर के लिए शिफ्ट करवाया। उसके बाद छत्तों से मधुमक्खियां को उड़ाया। जिन स्थानों पर छत्ते लगे हुए थे, वहां पर केमिकल और डीजल का छिड़काव किया गया। हॉस्टल से छत्ते हटाने का काम रविवार दोपहर करीब 1 बजे शुरू किया, जो शाम करीब 6 बजे पूरा हुआ। गर्ल्स हॉस्टल में 3 और बॉयज हॉस्टल में 4 छत्ते थेमधुमक्खियां के छत्ते गर्ल्स और बॉयज हॉस्टल में थे। गर्ल्स हॉस्टल में 3 और बॉयज हॉस्टल में 4 छत्ते थे। यह हॉस्टल 2018 में बनकर तैयार हुए थे, जो 4 मंजिला है। 'छात्रों पर मंडरा रहे खतरे को टाला'डॉ. पुकार ने बताया कि अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में अक्सर मधुमक्खी के हमले से घायल लोग आते हैं। अधिकतर हमले खेतों में होते हैं, जहां घायलों की संख्या सीमित रहती है। हालांकि, मेडिकल कॉलेज की अलग-अलग बिल्डिंगों में बने इन 7 बड़े छत्तों से सैकड़ों मेडिकल छात्रों के घायल होने का बड़ा खतरा था, जिसे उन्होंने समय रहते टाल दिया।इस कार्य में सेंट्रल लैब प्रभारी डॉ. नदीम, एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट वेदप्रकाश खीची, सिक्योरिटी सुपरवाइजर रघुवीर सिंह, सहायक छोटू, प्रीतम और पूजा ने भी सहयोग किया। 1 महीने में 36 से ज्यादा लोग घायल हुएदरअसल जिले में इन दिनों मधुमक्खियों का आतंक बढ़ा हुआ है। पिछले 1 महीने में मधुमक्खियों के हमलों से 36 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं और 2 लोगों की मौत भी हो चुकी है। अब जानिए जानलेवा मधुमक्खियों के बारे में एक्सपर्ट बताते हैं कि जंगल में मधुमक्खी का महत्व काफी ज्यादा है। अन्य वन्यजीवों की तरह यह भी कुछ समय के लिए हिंसक हो जाती है। शहद बनाने के पीक समय में मधुमक्खियां काफी हिंसक हो जाती हैं। अपने आस-पास लोगों की भीड़ को खतरा समझ कर हमला कर देती हैं। कई बार ठंड में बादल छाने पर खेतों में धुआं किया जाता है, इस दौरान भी मधुमक्खियां हमला करती हैं। मधुमक्खियों के बारे में ये फैक्ट भी जानिए
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2025 का आज दूसरा दिन है। सुबह की पहली पारी में 11 बजे से सामान्य हिंदी का पेपर शुरू हुआ। इसके लिए सुबह 9 बजे से ही परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की एंट्री शुरू कर दी गई थी। 10 बजे सभी केंद्रों के गेट बंद कर दिए गए। देरी से पहुंचने वाले कई अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं मिल सका, जिससे उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। कोटा के इंदिरा गांधी नगर स्थित गवर्नमेंट स्कूल परीक्षा केंद्र पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली। यहां अभ्यर्थियों की थ्री-लेयर जांच की गई। मेन गेट पर पुलिसकर्मियों ने मेटल डिटेक्टर से चेकिंग की, इसके बाद स्कूल स्टाफ द्वारा फिर से जांच की गई। किसी भी प्रकार की मेटल वस्तु, कागज या इलेक्ट्रॉनिक सामान को अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। परीक्षा केंद्र के आसपास की सभी दुकानों को परीक्षा के समय बंद करवाया गया। जांच के दौरान अभ्यर्थियों के हाथों में बंधे धागे (कलावा) तक कैंची से कटवाए गए। जिन अभ्यर्थियों के शर्ट में मेटल बटन थे, उन्हें शर्ट बदलने के निर्देश दिए गए। फुल स्लीव शर्ट पहनकर आने वालों को भी प्रवेश से रोका गया। वहीं जूते पहनकर आए अभ्यर्थियों को बाहर ही जूते उतरवाने पड़े। जींस पहनकर आने वाले कई कैंडिडेट्स को भी पहले रोका गया, बाद में ड्रेस बदलकर आने पर ही प्रवेश दिया गया। परीक्षा केंद्र के गेट बंद होने के बाद भी कुछ अभ्यर्थी देरी से पहुंचे। एक महिला अभ्यर्थी 5 मिनट लेट होने के कारण परीक्षा नहीं दे सकी और मायूस होकर लौट गई। वहीं सांगोद से बाइक पर आए एक अभ्यर्थी भी 6 मिनट की देरी के चलते परीक्षा से वंचित रह गए। यह परीक्षा दो पारियों में आयोजित की जा रही है। सुबह 11 से 1 बजे तक हिंदी का पेपर और दोपहर 3 से 5 बजे तक सामान्य ज्ञान का पेपर होगा। जिले में कुल 63 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें करीब 18,600 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। उद्योग नगर थाना अधिकारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि गाइडलाइन के अनुसार सख्ती से जांच की जा रही है और परीक्षा को निष्पक्ष व पारदर्शी बनाने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
ग्रेटर नोएडा के दनकौर कोतवाली क्षेत्र के दौला रजपुरा गांव में एक युवती की पानी की टंकी से गिरकर मौत हो गई। घटना मंगलवार को हुई, जब 25 वर्षीय रानी खेत में काम कर रही थी और पानी लेने के लिए टंकी के पास गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रानी पानी की टंकी पर चढ़कर ऊपर देखने और घूमने के इरादे से सीढ़ियों पर चढ़ने लगी। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया। वह करीब 20 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर गई, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। आसपास मौजूद लोगों ने उसे संभालने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही देर में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह पानी की टंकी गांव में पानी की आपूर्ति के लिए बनवाई गई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि टंकी के आसपास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, जिससे ऐसे हादसों की आशंका बनी रहती है। मृतका के पिता का नाम सलीम है। बताया जाता है कि रानी अविवाहित थी। हादसे के बाद परिवार में मातम छा गया है। कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया है, जिसके चलते पुलिस द्वारा आगे की कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
लखनऊ मध्य विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा सोमवार को अपने पार्षदों और नेताओं के साथ नगर निगम मुख्यालय पहुंच गए। यहां उन्होंने मुख्यालय परिसर के ग्राउंड फ्लोर पर बैठकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि पिछले कई दिनों से उनके विधानसभा क्षेत्र में पानी, सड़क और साफ-सफाई की समस्या बनी हुई है। लेकिन, नगर निगम की लापरवाही से कोई काम नहीं हो रहा है। उन्होंने नगर आयुक्त को 11 मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उनकी महिला नेताओं ने सरकार और नगर निगम पर कई आरोप लगाए। 2 तस्वीरें देखिए- विधायक बोले- लखनऊ में स्मार्ट टैक्स लग रहा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा- नगर निगम क्षेत्र के अंदर बहुत नागरिक समस्याएं हैं। नगर निगम उन समस्याओं के निदान पर काम नहीं कर रहा है। जगह-जगह कूड़ा लगा है। इससे लोगों में बीमारियां फैल रही हैं। कूड़ा हटाने के बजाय उस पर टैक्स लगाया जा रहा है। लखनऊ को स्मार्ट सिटी बनाना था लेकिन यहां स्मार्ट टैक्स लगाए जा रहे हैं। पानी नहीं मिल रहा है और जल कर बढ़ा दिया गया है। ‘हमारी सरकार आएगी तो इन्हें बताएंगे’ लता जायसवाल ने कहा- सरकार सबको एक नजर से नहीं देख रही है। हमारे पार्षदों को बजट नहीं दिया जा रहा है। हमारे क्षेत्रों में पानी की बहुत समस्या है। नाली खराब है, सबमर्सिबल खराब है। जो पानी आ भी रहा है, वह गंदा है। उसे पी नहीं सकते। पार्षदों के पास फंड होने के सवाल पर लता जायसवाल ने कहा- पार्षदों को फंड पता नहीं कब मिलता है। सरकार के पास जब भी जाओ तो यही कहा जाता है कि फंड होगा तो मिलेगा। यह फंड पता नहीं कहां रहता है। 2027 में जब अखिलेश भैया की सरकार आएगी तो हमको इनको बताएंगे। ‘सपा पार्षदों की निधि रोक ली जाती है’ शबनम खान ने कहा- हम लोग यहां जनता के मुद्दे लेकर आए थे। सपा पार्षदों के वार्डों में कोई काम नहीं होता। नाली भरी हुई हैं, सीवर चैंबर फुल हैं। सड़कें टूटी हुई हैं। पार्षदों के पास अपनी 2 करोड़ 10 लाख रुपए की विकास निधि के सवाल पर शबनम ने कहा- यह सब जुमला है। कोई पार्षद निधि नहीं है। सपा पार्षदों की निधि रोक ली जाती है। निधि होती तो क्षेत्र का विकास नहीं होता क्या? कोई भी चलकर देख ले कि सपा पार्षदों के वार्डों में विकास हुआ है या नहीं? सपा विधायक की 11 मांगें-
चतरा सदर अस्पताल में सरकार द्वारा किए जा रहे मुफ्त इलाज के दावे जमीनी हकीकत से बिल्कुल उलट नजर आ रहे हैं। अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे मरीजों को न तो पूरी दवाएं मिल पा रही हैं और न ही मुफ्त जांच की सुविधाएं। अस्पताल में उम्मीद लेकर आने वाले मरीजों को निराशा ही हाथ लग रही है। अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि जिन सेवाओं को सरकार मुफ्त बताती है, उन्हीं के लिए मरीजों से पैसे मांगे जा रहे हैं। यह स्थिति न सिर्फ स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों को उजागर करती है, बल्कि गरीब मरीजों की मजबूरी का भी आईना दिखाती है। दवा और जांच में कटौती, मरीज परेशान सदर अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे संदीप कुमार इसका ताजा उदाहरण हैं। पैर में गंभीर फ्रैक्चर के बावजूद उन्हें डॉक्टर द्वारा लिखी गई छह दवाओं में से सिर्फ तीन ही दवाएं उपलब्ध कराई गईं। इतना ही नहीं, एक्स-रे कराने के लिए उनसे 255 रुपए की मांग की गई। अस्पताल प्रशासन का तर्क था कि उनके पास राशन कार्ड नहीं है। इसी तरह एक अन्य मरीज चंदन कुमार यादव को सात में से केवल एक दवा देकर लौटा दिया गया। इलाज नहीं दर्द के साथ लौटे मरीज इस अव्यवस्था की सबसे मार्मिक तस्वीर सदर थाना क्षेत्र के बरेली गांव की शांति देवी की कहानी में दिखती है। हाथ में फ्रैक्चर होने के बावजूद उनके पास एक्स-रे के लिए 255 रुपए नहीं थे। पैसों की कमी के कारण उन्हें बिना जांच कराए ही अस्पताल से वापस लौटना पड़ा। आंखों में आंसू और दर्द के साथ घर लौटते हुए शांति देवी ने कहा कि आखिर गरीबों के लिए सरकारी अस्पताल किस हद तक सहारा बन पा रहे हैं। मुफ्त इलाज का दावा करने वाली व्यवस्था में बिना पैसे के काम नहीं हो रहा। संस्थान है तो कमियां रहेंगी ही जब इन अव्यवस्थाओं और कथित वसूली के आरोपों को लेकर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. पंकज कुमार से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि संस्थान है तो कमियां रहेंगी ही। हमारे आपके घरों में भी होती हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी है। 31 की जरूरत के मुकाबले सिर्फ 19 डॉक्टर ही कार्यरत हैं।
जोधपुर महानगर अपर सेशन न्यायाधीश संख्या-4 की कोर्ट ने 10 साल पहले हुए एक आठ साल के बच्चे के बहुचर्चित अपहरण और फिरौती के मामले में शनिवार को फैसला सुनाया। इसमें सभी 5 बदमाशों जितेंद्रसिंह, नटवरसिंह, रिड़मलसिंह, लोकेश सारण व राजूसिंह उर्फ राजेंद्रसिंह को किडनैप और आपराधिक षड्यंत्र का दोषी माना गया। पीठासीन अधिकारी तरुण कुमार कुमावत ने इन अपराधियों को आजीवन कठोर कारावास और 15-15 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। इस घटना में बदमाशों ने दिनदहाड़े बच्चे का अपहरण कर उसके परिवार से डेढ़ करोड़ रुपए की फिरौती की मांग की थी। घटना 12 मार्च 2016 की है। जब जोधपुर के बनाड़ इलाके के एक प्रॉपर्टी कारोबारी का 8 साल का बेटा सुबह करीब 6:30 से 7 बजे के बीच घर के बाहर गली में खेल रहा था। उसी दौरान एक सफेद रंग की कार में सवार होकर आए बदमाशों ने बच्चे को जबरदस्ती उठाकर कार में डाल लिया और भाग गए। इस घटना की चश्मदीद बच्चे की 12 साल की बहन थी, जिसने तुरंत अपनी मां को पूरी घटना की जानकारी दी। तब घटना के संबंध में बनाड़ थाने में एफआईआर दर्ज करवाई गई। दूसरी बार कॉल कर मांगी डेढ़ करोड़ की फिरौती पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, बच्चे के अपहरण के कुछ ही घंटों बाद प्रोपर्टी डीलर के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने पहले किसी 'प्रधान' के बारे में पूछताछ की और फोन काट दिया। इसके बाद सुबह लगभग 10:30 से 11 बजे के बीच किडनैपर्स ने उसी नंबर पर दोबारा कॉल किया। इस बार उन्होंने स्पष्ट रूप से बताया कि बच्चा उनके कब्जे में है और उसकी सुरक्षित रिहाई के एवज में डेढ़ करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। साथ ही, पुलिस को सूचना देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई। बच्चे ने खुद दी जानकारी, पांच गिरफ्तार इस बीच, 15 मार्च 2016 को अपहृत बच्चा बावड़ी स्थित एक होटल के पास सुरक्षित मिल गया। इस दौरान बच्चे ने खुद एक फोन के माध्यम से अपनी मां से संपर्क कर अपने सुरक्षित होने की जानकारी दी थी। मामले के जांच अधिकारी व तत्कालीन उप निरीक्षक कमलदान चारण ने अपनी जांच में अप्रत्यक्ष सबूतों की कड़ियां जोड़ते हुए पांचों आरोपी, पीपाड़ रोड निवासी जितेंद्रसिंह पुत्र कल्याणसिंह, खारिया मिठापुर निवासी नटवरसिंह पुत्र स्व. हिम्मतसिंह, ओसियां के धुंधाड़ा निवासी रिड़मलसिंह पुत्र स्व. जालमसिंह, पीपाड़ के कागल निवासी लोकेश सारण पुत्र रामदयाल सिंह और राजूसिंह उर्फ राजेंद्रसिंह को गिरफ्तार किया और जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट पेश की। अभियोजन: मासूम के किडनैपर्स की हरकत से समाज में भय सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक दशरथसिंह राजपुरोहित ने न्यायालय के समक्ष मजबूती से अभियोजन का पक्ष रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि अभियुक्तों ने एक सुनियोजित साजिश के तहत एक मासूम बच्चे का अपहरण किया है। उन्होंने तर्क दिया कि केवल फिरौती वसूलने के उद्देश्य से किए गए इस कृत्य से समाज में भारी भय का माहौल पैदा हुआ है। बचाव पक्ष के तर्क: पुलिस की जांच और साक्ष्यों पर उठाए सवाल दूसरी ओर, अभियुक्तों के बचाव में उतरे वकीलों ने अभियोजन पक्ष की पूरी कहानी को संदेह के घेरे में खड़ा किया। बचाव पक्ष ने कोर्ट में तर्क देते हुए कहा कि पुलिस ने इस मामले में उनके क्लाइंट्स को पूरी तरह से झूठा फंसाया है। उन्होंने दलील दी कि मामले की शुरूआती FIR में न तो किसी आरोपी का नाम दर्ज था और न ही उनकी कोई स्पष्ट पहचान बताई गई था। इसके साथ ही, बचाव पक्ष ने सबूतों की बरामदगी में स्वतंत्र गवाहों की अनुपस्थिति का हवाला देते हुए अदालत से सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर बरी करने की मांग की। कोर्ट: 124 पेज के ऑर्डर में बारीकी से विश्लेषण दोनों पक्षों के वकीलों के तर्कों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध सामग्री का गहन अध्ययन करने के बाद अपर सेशन न्यायाधीश तरुण कुमार कुमावत ने बचाव पक्ष की सभी दलीलों को आधारहीन मानते हुए खारिज कर दिया। कोर्ट ने अपने विस्तृत 124 पेज के फैसले में स्पष्ट किया कि जांच अधिकारी कमलदान चारण द्वारा प्रस्तुत किए गए 84 दस्तावेजी साक्ष्य और 32 गवाहों के मौखिक बयान अभियुक्तों के खिलाफ जुर्म साबित करने के लिए पर्याप्त हैं। कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश की गई परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की श्रृंखला पूरी तरह से जुड़ रही है और यह अभियुक्तों के अपराध को संदेह से परे सिद्ध करती है। कोर्ट ने सभी 5 अभियुक्तगण को अपहरण और आपराधिक षड्यंत्र का दोषी ठहराते हुए आजीवन कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।
किडनी कांड के सबसे बड़े राजदार शातिर अपराधी मेरठ के परवेज सैफी को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। हाल ही में उसका डॉक्टर अफजाल के साथ 500–500 की नोटों की गडि्डयों से खेलते हुए वीडियो सामने आया था। परवेज किडनी ट्रांसप्लांट करने वाली डॉ रोहित की टीम को कानपुर लाने–ले जाने का काम करता था। इसके लिए मेरठ का अंकित गाड़ियों की बुकिंग करता था। पुलिस का मानना है कि परवेज की गिरफ्तारी के बाद अब फरार आरोपियों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है। आरोपियों की तलाश में लगी है 8 टीमें किडनी ट्रांसप्लांट करने वाले गिरोह से जुड़ा मामला 30 मार्च को सामने आया था। केशवपुरम के आहूजा अस्पताल में मेरठ की पारुल तोमर का किडनी ट्रांसप्लांट किया गया था। बिहार के बेगूसराय के आयुष ने दलालों के जरिए किडनी बेची थी। इस मामले में पुलिस आहूजा अस्पताल के संचालक, IMA के उपाध्यक्ष डॉ प्रीति आहूजा, उनके पति सुरजीत आहूजा, राजेश, राम प्रकाश समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं फरार डॉ रोहित, डॉ वैभव, डॉ अमित, डॉ अफजाल, डॉ अली की तलाश में 8 टीमें जुटी हुई हैं। डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि मेरठ निवासी परवेज से पूछताछ की जा रही है, परवेज इस पूरे सिंडिकेट का सबसे बड़ा राजदार है। उसने बताया है कि किडनी ट्रांसप्लांट के लिए वह डॉ रोहित की टीम को अपनी गाड़ी से 3 बार कानपुर लेकर आया था और गिरोह में उसकी बराबर की साझेदारी है। डीसीपी वेस्ट ने बताया कि परवेज के खिलाफ मेरठ में डकैती, लूट समेत विभिन्न धाराओं में 7 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं मसवानपुर स्थित मेडीकेयर हॉस्पिटल के उठाए गए संचालक कन्नौज निवासी रोहन व नरेंद्र को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है। उन्हें शहर न छोड़ने की हिदायत दी गई है।
हरियाणा में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हजारों एकड़ फसल खराब हो चुकी है। किसान सरकार के स्पेशल गिरदावरी के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। तो दूसरी तरफ प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने विवादित बयान दे दिया। करनाल और अंबाला के दौरे पर गए कृषि मंत्री ने कहा कि इस बारिश से फसल को कोई नुकसान नहीं होता, बल्कि फायदा होता है और प्रति एक दो क्विंटल तक पैदावार बढ़ती है। उनके बयान के बाद किसान नेता और विपक्षी पार्टी के नेता उनपर हमला बोल रहे हैं। विपक्षी नेता लगातार सरकार से बेमौसमी बारिश के कारण हुए नुकसान की स्पेशल गिरदावरी की मांग कर रहे हैं। इससे पहले सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने भी बेतुका बयान दिया था कि इस बार तो अच्छा हुआ, इंद्रदेव हमारे पर प्रसन्न हैं। बता दें कि हरियाणा में मार्च में 16% अधिक बारिश हुई है। वहीं ओलावृष्टि से करीब 361 गांवों में फसल खराब हुई है। हालांकि, सरकार ने अभी तक स्पेशल गिरदावरी के आदेश नहीं दिए हैं। हरियाणा में बर्बाद हुई फसलों की PHOTOS… पहले जानिए कृषि मंत्री ने बारिश को लेकर क्या कहा... सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी भी दे चुकी ऐसा बयान भिवानी के तोशाम में 31 मार्च को हुई रैली में सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने भी इसी तरह का बयान दिया था। उन्होंने कहा था- प्रदेश के सीएम नायब सिंह सैनी आपका यहां पर भी आना जब होता है, मैं देखती हूं कि इंद्रदेव हमेशा खुश होते हैं और हमेशा पानी बरसता है। इस बार भी हमारे पर कृपा हुई है।'' इस पर कांग्रेस के नारनौंद से विधायक जस्सी पेटवाड़ ने निशाना साधते हुए कहा था कि “इस बारिश ने किसान की साल भर की मेहनत बर्बाद कर दी, लेकिन मंत्री और सीएम को इसमें भी खुशी नजर आ रही है, जमीन की हकीकत से इतनी दूरी क्यों। 8 जिलों में 361 गांवों में फसलें तबाह राजस्व विभाग और जिला प्रशासन ने 31 मार्च को बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से खराब हुई फसल का सर्वे करवाया है। सर्वे में जानकारी सामने आई है कि प्रदेश के 8 जिलों के 361 गांवों में फसलें 5% से लेकर 100% तक खराब हो गई है। गेहूं, सरसों और सब्जी फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। 4 मार्च को नरवाना सहित आसपास के कुछ एरिया में ओले गिरे थे। हालांकि मौसम विभाग ने 7 और 8 अप्रैल को भी बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में सवाल है कि नुकसान का आंकलन कैसा लगाया जाएगा। एक्सपर्ट बोले-बारिया से पकी हुई फसल को नुकसान हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के गेहूं एक्सपर्ट सीनियर साइंटिस्ट डॉ. ओपी बिश्नोई की कृषि मंत्री से हटकर अलग राय है। डॉ. ओपी बिश्नोई ने बताया कि 31 मार्च को बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है इससे फसल को नुकसान पहुंचा है। तापमान में जो गिरावट आई है उससे सिर्फ पछेती गेहूं को फायदा होग। जिन किसानों ने दिसंबर में गेहूं की बिजाई की है उसे ही बारिश से फायदा होगा। अगेती में नुकसान पहुंचेगा। आगे अब भी बारिश आएगी इससे गेहूं को नुकसान पहुंचेगा। सोशल मीडिया पर यूजर्स का गुस्सा फूटा मंत्री के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। यूजर कविता धनखड़ ने लिखा, “बरसात से फसल को लाभ बताने वाले मंत्री जी, एक दिन मंडी में भीगी हुई फसल का ढेर लगाकर बैठिए। शाम तक ‘कृषि’ और ‘कुर्सी’ का अंतर समझ आ जाएगा!” वहीं प्रीति नाम की यूजर ने लिखा कि मंत्री जी यह भी भूल गए कि ओले पड़ने से भी गेहूं की पैदावार बढ़ती है क्योंकि मौसम ठंडा हो जाता है।
काशी में गंगा में नाविकों ने बीयर पी:डीजे पर डांस किया, बाधवा लेकर अदलपुरा धाम जा रहे थे
काशी में गंगा नदी के बीच नाविकों ने नाव पर वियर पार्टी की। रविवार को हुई इस पार्टी में नाविकों ने वियर पार्टी के बाद डीजे पर डांस किया। इसके बाद खुद ही वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। इसके बाद वीडियो तेज से शेयर किया जाने लगा। वीडियो आने के बाद पुलिस जांच में पुलिस जुटी है। जानकारी के मुताबिक, रविवार को अष्टमी थी। इस दिन हर साल सभी नाविक ‘बधावा’ लेकर अदलपुरा धाम के शीतला माता मंदिर जा रहे थे। वीडियो में नाव को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। नाव पर बड़े-बड़े डीजे रखे हैं, जिन पर गाना बज रहा है और सभी लोग डांस कर रहे हैं। ‘बधवा’ गीत गाकर शीतला माता का गुणगान करते हैं नाविकमाझी समाज की शीतला माता उनकी कुलदेवी हैं। मिर्जापुर में बड़ी शीतला माता (अदलपुरा) मंदिर है। यहां शीतला सप्तमी और अष्टमी पर विशेष पूजा-अर्चना होती है। इसी दिन माझी समाज के लोग ‘बधावा’ लेकर आते हैं। पूजा-अर्चना के बाद लोग मन्नतें मांगते हैं। यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है, जिसमें भक्ति और लोकसंस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिलता है। इस दौरान नाविक ‘बधवा’ गीत गाकर माता का गुणगान करते हैं। 2000 नाविक शीतला माता की दर्शन के लिए हुए रवानाइसी कड़ी में रविवार को वाराणसी से माझी समाज के करीब 4000 नाविक 1500 नावों के साथ गंगा में उतरकर शीतला माई धाम के लिए रवाना हुए। नाविकों ने अपनी नावों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया और बड़ी-बड़ी डीजे भी रखे। बताया जा रहा है कि रात में नाविकों ने गंगा के बीच बियर पार्टी की और डीजे की धुन पर जमकर डांस किया। शीतला माई धाम का महत्वशीतला माई धाम में दूर-दूर से श्रद्धालु अपनी मन्नतें लेकर आते हैं। शीता अष्टमी के दिन भक्त ‘बासौड़ा’ यानी ठंडे भोजन का भोग लगाते हैं। मान्यता है कि इससे माता प्रसन्न होती हैं। परिवार को स्वास्थ्य और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। पुलिस के प्रतिबंधों की उड़ी धज्जियांवाराणसी प्रशासन ने गंगा की संवेदनशीलता और सुरक्षा को देखते हुए नावों पर डीजे बजाने और किसी भी प्रकार की पार्टी करने पर पूरी तरह रोक है। इसके बावजूद बीच गंगा में सरेआम हुई इस पार्टी ने पुलिस और जल पुलिस की गश्त पर सवालिया निशान लगा दिया है। नाविकों ने कार्रवाई की मांग कीमां गंगा निषादराज सेवा न्याय ने एसीपी को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा कि हम लोग हर साल डीजे लेकर बधावा लेकर शीतला धाम जाते हैं। इस दौरान कुछ लोगों द्वारा शराब पीने की बात सामने आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे नाविकों और माझी समाज से न जोड़ा जाए। यह पूरी गलत है, जो भी यह कर रहा है, उस पर कार्रवाई की जाए। ACP अतुल अंजान ने कहा- एक वीडियो संज्ञान में आया है। उस दिख रहे लोगों को चिन्हित किया जा रहा है। जांच करके कारवाई की जाएगी। -------- ये खबर भी पढ़ें- AK-47 को खिलौना बताने वाला इंस्पेक्टर सस्पेंड: हैंडग्रेनेड को परफ्यूम बोतल बताई; बिजनौर में संदिग्ध आतंकी को दी थी क्लीनचिट दुबई में रहने वाले यूपी के संदिग्ध आतंकी आकिब खान के AK-47 को खिलौना बताने के मामले में बिजनौर के इंस्पेक्टर सत्येंद्र सिंह मलिक को सस्पेंड कर दिया गया है। सीओ नितेश प्रताप सिंह को भी हटाकर पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया है। दरअसल, बिजनौर के मैजुल का छह महीने पहले एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें वह मेरठ के आकिब के साथ नजर आया था। मामले की जांच बिजनौर के तत्कालीन थानाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह मलिक को सौंपी गई थी। जांच के दौरान उन्होंने आकिब और मैजुल से बातचीत की। पढ़िए पूरी खबर…
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में बोलेरो और वैगनआर कार की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में कार सवार पिता-बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पत्नी और भांजा गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं बोलेरो में सवार नौ लोग हल्के घायल हुए और वाहन सड़क पर पलट गया। यह घटना बलौदा थाना क्षेत्र के बुचीहरदी गांव की है। जानकारी के मुताबिक अमोरा गांव के रहने वाले रूपेश निर्मलकर अपने बेटे राहुल निर्मलकर, पत्नी भगवती और भांजे के साथ सराईश्रृंगार डोंगरी गांव में एक रिश्तेदार के शादी कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वे अपनी कार से वापस गांव लौट रहे थे। दूसरी ओर बोलेरो में कोरबा जिले के नौ लोग अकलतरा क्षेत्र में एक छठी कार्यक्रम में शामिल होने आए थे, जिनमें बच्चे भी शामिल थे। वे भी कार्यक्रम के बाद वापस लौट रहे थे, तभी बुचीहरदी में दोनों गाड़ियों की टक्कर हो गई। तेज रफ्तार में थी बोलेरो सामने से आ रही तेज रफ्तार बोलेरो और वैगनआर की टक्कर इतनी भीषण थी कि वैगनआर कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई और पलट गई। रूपेश निर्मलकर और उनके बेटे राहुल निर्मलकर की मौके पर ही मौत हो गई। घायल बिलासपुर में एडमिट हादसे में रूपेश की पत्नी भगवती और उनका भांजा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बिलासपुर में भर्ती कराया गया है। बोलेरो वाहन में सवार लोगों को हल्की चोटें आई हैं, जिनका उपचार कोरबा में चल रहा है। पीएम के बाद सौंपा जाएगा शव घटना की सूचना मिलते ही बलौदा पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने दोनों शवों को मर्चुरी में रखवाया था। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव सौंपा जाएगा। फिलहाल पुलिस मामले में वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
शिवपुरी शहर के पोहरी बस स्टैंड के पीछे स्थित तालाब के पास सोमवार सुबह करीब 9 बजे एक विशाल मगरमच्छ देखा गया। पुलिया के समीप बैठे इस मगरमच्छ को देखकर स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया और राहगीर भयभीत होकर दूर से निकलने लगे। स्थानीय निवासी मुकेश कुशवाह के अनुसार, मगरमच्छ की लंबाई लगभग 7 फीट थी और उसका पेट फूला हुआ दिख रहा था। आशंका जताई जा रही है कि उसने किसी जानवर, जैसे सूअर या कुत्ते का शिकार किया था, जिसके कारण वह अधिक हिल-डुल नहीं पा रहा था। घटना की सूचना तत्काल वन विभाग को दी गई। जानकारी मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और लगभग 30 मिनट के सावधानीपूर्वक अभियान के बाद मगरमच्छ को पकड़ लिया। इसके उपरांत उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। रेस्क्यू अभियान के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे। हालांकि, टीम ने स्थिति को नियंत्रित रखते हुए सफलतापूर्वक मगरमच्छ को पकड़ने का कार्य पूरा किया।
गुरुग्राम शहर में सेक्टर 89 में आसपास बने चार फर्नीचर गोदामों में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरा गोदाम धुएं के गुबार में घिर गया। फायर ब्रिगेड की सात गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू कर दिया है। आसपास अफरा-तफरी का माहौल है। अभी तक किसी हताहत की खबर नहीं है, लेकिन आग की तीव्रता के कारण काफी नुकसान होने की आशंका है। आग इतनी तेजी से फैली कि चारों गोदाम पूरी तरह चपेट में आ गए और भारी नुकसान की आशंका है। गोदामों के मालिक अलग-अलग हैं। इनमें यूपी निवासी जैद खान का गोदाम शामिल है। इसके अलावा जावेद, शाद, नौशाद, जुबेर, जाहिर, असगर खान और शमशेर खान इन गोदामों को चलाते थे। पुराने फर्नीचर से भरे थे गोदाम सभी गोदाम पुराने और नए फर्नीचर से भरे हुए थे, जिस कारण आग तेजी से फैली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि सटीक कारण की जांच की जा रही है। किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं फायर अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पाने में काफी समय लग सकता है क्योंकि फर्नीचर की लकड़ी और अन्य सामग्री अत्यधिक ज्वलनशील है। अभी तक किसी हताहत की खबर नहीं है, लेकिन गोदामों में रखे लाखों रुपये के फर्नीचर, लकड़ी और अन्य सामान जलकर राख हो गया है। सड़क पर ट्रैफिक रोका पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया है और यातायात को डायवर्ट किया जा रहा है। फायर विभाग के साथ-साथ पुलिस भी आग लगने के कारणों की गहन जांच कर रही है। आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद नुकसान का आकलन किया जाएगा। पुलिस ने सभी गोदाम मालिकों से पूछताछ शुरू कर दी है। पेट्रोल पंप बंद किया जिन गोदाम में आग लगी है, उसके बिल्कुल पास ही स्थित नायरा कंपनी का पेट्रोल और सीएनजी पंप है। यहां तक पहुंचने की आशंका को देखते हुए फायर ब्रिगेड की टीम ने पंप को बंद करवा दिया है। सुरक्षा के मद्देनजर एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी वहां खड़ी कर दी गई है। ताकि आग को यहां तक पहुंचने से रोका जा सके। वैल्डिंग करते समय लगी आग फायर ब्रिगेड अधिकारी विपिन ने बताया कि फर्नीचर गोदाम में वेल्डिंग स्पॉर्क की वजह से भीषण आग लगी है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक यहां वैल्डिंग की जा रही थी। जिसके स्पार्क की चिंगारी से लकड़ी के सामान में आग फैल गई और चारों गोदाम चपेट में आ गए। फोटो में देखिए आग की भयानकता…………….. इस खबर को अपडेट किया जा रहा है…………..
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की SI भर्ती- 2025 के एग्जाम का आज दूसरा दिन है। जयपुर के एक सेंटर पर आज महिला अभ्यर्थी अपने 10 महीने के बेटे और सास के साथ पहुंची। एग्जाम के समय उनकी सास पोते को लेकर सेंटर से कुछ दूरी पर बैठी रही। वहीं देरी से पहुंचे कैंडिडेंट्स को सेंटर पर एंट्री नहीं दी गई। जयपुर ग्रामीण से आई एक अभ्यर्थी ने कहा कि दो साल से पेपर की तैयारी कर रही थी। बस नहीं मिलने के कारण देरी हुई और पेपर छूट गया। बता दें कि आज पहली पारी में सुबह 11 बजे से सामान्य हिंदी का पेपर शुरू हुआ। इसके लिए सुबह 9 बजे से जयपुर में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को एंट्री दी गई। 10 बजे परीक्षा केंद्रों के गेट बंद कर दिए गए। अंतिम 5 मिनट शेष रहने पर कर्मचारियों ने अभ्यर्थियों को आवाज लगाकर सूचित किया। एग्जाम देने पहुंचे अभ्यर्थियों की PHOTOS 10 महीने के बेटे को लेकर परीक्षा देने पहुंची अभ्यर्थी किशनगढ़ रेनवाल के रमजीपुरा कलां निवासी नीतू कंवर अपने 10 महीने के बच्चे के साथ जयपुर के गंगा पोल स्थित परीक्षा केंद्र पर पहुंचीं। उनकी सास भंवर कंवर भी साथ थीं, जो परीक्षा केंद्र से कुछ दूरी पर 10 महीने के पोते यशवर्धन को संभालती नजर आईं। नीतू कंवर की सास भंवर कंवर ने बताया कि नीतू की शादी 2 साल पहले उनके बेटे हर्षवर्धन से हुई थी, जो आर्मी में कमांडो है। मेरा बेटे और उनकी यह इच्छा है कि नीतू भी समाज की सेवा के लिए खाकी पहने। इसलिए मैं अपनी बहू को एसआई भर्ती परीक्षा दिलवाने लाई हैं। नीतू पिछले एक साल से इस भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। दो साल तैयारी की, देरी से पहुंचने पर नहीं मिली एंट्री जयपुर में चंदवाजी की रहने वाली सुनीता जाट सुभाष चौक स्थित नेताजी सुभाष राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में बने परीक्षा केंद्र पर सुबह 10 बजे के बाद परीक्षा देने पहुंचीं। इस कारण उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं मिल सकी। परीक्षा केंद्र के बाहर वह काफी देर तक मायूस खड़ी रहीं और प्रवेश पाने की उम्मीद करती रहीं। हालांकि, करीब आधा घंटे तक इंतजार करने के बाद भी उन्हें प्रवेश नहीं मिला। सुनीता जाट ने बताया कि वह एक किसान परिवार से है। दो साल से परीक्षा की तैयारी कर रही थी। वह अपने परिवार का सपना पूरा करने के लिए एसआई बनना चाहती है, लेकिन समय पर बस नहीं मिलने के कारण परीक्षा केंद्र पहुंचने में देरी हो गई और उनकी मेहनत बेकार हो गई। जयपुर के गंगा पोल स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में बने परीक्षा केंद्र पर एक अभ्यर्थी सुबह 10 बजे के बाद पहुंचा और प्रवेश के लिए पुलिसकर्मी से गुहार लगाता नजर आया। उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। फुल स्लीव्स शर्ट और टॉप्स को उतरवाया फुल स्लीव्स शर्ट पहनकर आए अभ्यर्थियों को शर्ट उतारकर या आस्तीन काटने के बाद ही एंट्री दी गई। महिला अभ्यर्थियों को के बालों में हेयर क्लिप लगा होने पर बाहर ही रोका गया। कानों के टॉप्स और बालों में लगे कलेचर खुलवाए गए। सभी अभ्यर्थियों की मेटल डिटेक्टर से जांच की गई। उसके बाद ही एंट्री दी गई। दूसरी पारी में जनरल नॉलेज का एग्जाम दूसरी पारी में जनरल नॉलेज की परीक्षा 3 से 5 बजे तक होगी। इसके लिए एंट्री दोपहर एक बजे शुरू होगी। साल 2021 की SI भर्ती परीक्षा नकल और पेपरलीक के कारण रद्द हो गई थी। इस बार परीक्षा में सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम किए गए हैं।

