मैहर के नादन गांव में एक बहू का अपने बुजुर्ग ससुर का हाथ पकड़कर घसीटने का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में ससुर छोटे लाल गौतम (85) को उनकी बहू सुमन गौतम हाथ पकड़कर घसीट रही है। घटना 10 जून की है, जिसका वीडियो आज शुक्रवार को सामने आया है। इस घटना के बाद आज शुक्रवार को वीडियो में दिख रही महिला सुमन और उसकी बेटी के कथित तौर पर कीटनाशक का सेवन का भी कर लिया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।जमीन बंटवारे को लेकर चल रहा था विवाद दरअसल छोटे लाल गौतम पिता दद्दी गौत के परिवार में जमीन और देखभाल को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। परिजनों के अनुसार उनके तीन बेटे संत कुमार गौतम, सनत कुमार और अजय कुमार हैं। करीब ढाई एकड़ जमीन को उन्होंने तीनों बेटों में बराबर बांट दिया था। पंचायत के फैसले के अनुसार बुजुर्ग की देखभाल की जिम्मेदारी तीनों बेटों के बीच बारी-बारी से तय की गई थी। विवाद के दौरान वीडियो सामने आया परिवार में जमीन को लेकर चल रहे तनाव के बीच 10 जून को देवरानी नीलम गौतम और जेठानी सुमन गौतम के बीच विवाद हुआ था। इस दौरान सुमन गौतम के अपने ससुर छोटे लाल गौतम को हाथ पकड़कर घसीटने का एक वीडियो भी सामने आया है। इसके बाद आज 12 जून की सुबह करीब 8 बजे फिर से परिवार में विवाद की स्थिति बन गई, जिसकी सूचना नादन थाना पुलिस को दी गई। देवरानी से विवाद के बाद मां-बेटी ने पिया जहर एक पक्ष का आरोप है कि जमीन विवाद के दौरान नीलम गौतम (देवरानी) से कहासुनी हुई, जिसके बाद उसने अपनी जेठानी की बेटी नैना को अपशब्द कहे। इसी तनाव में नैना ने कथित तौर पर खेत में इस्तेमाल होने वाली कीटनाशक दवा पी ली। आरोप है कि उसे रोकने के प्रयास में उसके पिता संत कुमार (जेठ) ने दवा छीनने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान कुछ मात्रा में दवा का सेवन हो गया। इसके बाद सुमन गौतम (जेठानी) ने भी कथित तौर पर वही पदार्थ पी लिया। मां-बेटी को इलाज के लिए कराया गया एडमिट सूचना मिलने पर नादन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सभी को थाने ले जाया गया। एहतियात के तौर पर सुमन गौतम और उनकी बेटी नैना को इलाज के लिए मैहर सिविल अस्पताल भेजा गया है, जबकि संत कुमार की हालत सामान्य बताई जा रही है। मामले की जांच कर रही है पुलिस टीआई पंचराज सिंह के अनुसार अब तक डॉक्टर जांच में जहर सेवन की स्पष्ट पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो, बयानों और पूरे घटनाक्रम की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
मुज़फ्फरनगर का गादला गांव 7 साल से बदहाल:DM ने प्रधान को तलब कर दिया एक हफ्ते का समय
मुज़फ्फरनगर के गादला गांव में पिछले सात वर्षों से चले आ रहे जलभराव की समस्या को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। हिंदूवादी नेता सुमित बजरंगी के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीण जिलाधिकारी उमेश मिश्रा से मिले और तत्काल समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि गांव का मुख्य रास्ता कई वर्षों से जलभराव की चपेट में है। इसी मार्ग पर प्राथमिक विद्यालय गांदला नंबर-1, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र और एक शिव मंदिर स्थित हैं। लगातार भरे रहने वाले गंदे पानी के कारण बच्चों, मरीजों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले पानी की निकासी एक बड़ी नाली के माध्यम से होती थी, लेकिन निर्माण कार्यों के कारण यह व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो गई। लगभग छह माह पहले कराए गए एक निर्माण के बाद स्थिति और भी गंभीर हो गई, जिससे पूरे रास्ते पर स्थायी जलभराव हो गया है। कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को बताया कि कई बार बच्चे और महिलाएं फिसलकर इस गंदे पानी में गिर चुके हैं। जलभराव के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने मौके पर ही ग्राम प्रधान को तलब किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। डीएम ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि समस्या के समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कदम उठाए जाएंगे। इस दौरान हिंदूवादी नेता सुमित बजरंगी ने प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सात दिन के भीतर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो ग्रामीण उसी जलभराव वाले रास्ते में अर्धनग्न अवस्था में बैठकर बड़ा प्रदर्शन करेंगे।
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि) महेंद्रगढ़ में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में दाखिले के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। अब इच्छुक अभ्यर्थी 19 जून तक आवेदन कर सकेंगे, पहले यह तिथि 12 जून थी। विश्वविद्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार, पंजीकरण में संशोधन के लिए करेक्शन विंडो 20 से 21 जून तक खुली रहेगी। इसमें अभ्यर्थी अपने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म में आवश्यक बदलाव कर सकेंगे। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार ने कहा कि इस तिथि विस्तार से दाखिले के इच्छुक विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। 43 कार्यक्रमों में कुल 1457 सीटें उपलब्ध विश्वविद्यालय की दाखिला समिति के डॉ. सुमित कुमार ने बताया कि सीयूईटी 2026 के तहत स्नातकोत्तर के 43 कार्यक्रमों में कुल 1457 सीटें उपलब्ध हैं। प्रवेश परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद यह पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की गई थी। पहली काउंसलिंग की सूची 23 को जारी डॉ. सुमित कुमार ने बताया कि पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी। पहली काउंसलिंग की श्रेणीवार सूची 23 जून को जारी होगी, जिसके आधार पर संबंधित कार्यक्रमों में दाखिले दिए जाएंगे। पात्र आवेदक https://cuhcuet.samarth.edu.in/pg/index.php पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं। विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
अयोध्या जिले के खिलाड़ियों और छात्रों को जल्द ही आधुनिक खेल सुविधाएं मिलेंगी। राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) परिसर में 4.92 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इंडोर मिनी स्टेडियम का शुक्रवार को भूमिपूजन किया गया। नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता और महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर निर्माण कार्य की शुरुआत कराई। भूमिपूजन कार्यक्रम में जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. पवन कुमार तिवारी, भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। स्टेडियम के निर्माण का दायित्व सीएंडडीएस और उत्तर प्रदेश जल निगम को सौंपा गया है। परियोजना को एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मल्टी-स्पोर्ट्स हॉल के रूप में होगा विकसित प्रस्तावित इंडोर स्टेडियम में बैडमिंटन, टेबल टेनिस, वॉलीबॉल और बास्केटबॉल जैसी खेल गतिविधियों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा भवन में आंतरिक और बाहरी प्लंबिंग, सेनेटरी एवं सीवरेज व्यवस्था, आधुनिक विद्युत प्रणाली तथा अन्य आवश्यक अवस्थापना कार्य भी कराए जाएंगे। 2.16 करोड़ की धनराशि मिल चुकी जानकारी के अनुसार, इस परियोजना के लिए 20 जनवरी 2026 तक 2.16 करोड़ रुपए की धनराशि विभाग को प्राप्त हो चुकी है। हालांकि निर्माण स्थल पर मौजूद जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण का कार्य पूरा न होने के कारण निर्माण शुरू नहीं हो पाया। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य तेज गति से शुरू कर दिया जाएगा। खिलाड़ियों को मिलेगा हर मौसम में अभ्यास का मौका जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. पवन कुमार तिवारी ने बताया कि इंडोर स्टेडियम बनने के बाद छात्रों और स्थानीय खिलाड़ियों को वर्षभर बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी। बारिश और सर्दी के मौसम में भी खेल गतिविधियां प्रभावित नहीं होंगी। इससे जिले की खेल प्रतिभाओं को निखरने और आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध होगा।
अमेठी में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची से गायब हो गया है। हालांकि, उनका नाम विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में अभी भी दर्ज है। इस मामले पर जिलाधिकारी संजय चौहान ने बताया कि आवेदन की जांच की जा रही है। इस घटना से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पंचायत चुनाव की प्रकाशित अंतिम सूची में उनका नाम नहीं होने से कई सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, स्मृति ईरानी ने वर्ष 2021 में गौरीगंज तहसील क्षेत्र के मेदन मवई गांव में 11 बिस्वा भूमि खरीदी थी। 29 जुलाई 2021 को उनके पुत्र जोहर ईरानी ने यहां भूमि पूजन कर आवास निर्माण की आधारशिला रखी थी। अभिलेखों का परीक्षण किया जा रहा आवास निर्माण पूरा होने के बाद 22 फरवरी 2024 को उन्होंने गृह प्रवेश किया था। इसके बाद उनका नाम गांव के लीला टिकरा बूथ की मतदाता सूची में दर्ज हुआ और उन्होंने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में इसी बूथ पर मतदान भी किया था। इससे पहले वह मुंबई उत्तर-पश्चिम संसदीय क्षेत्र की मतदाता थीं। पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची में नाम न होने के संबंध में जिलाधिकारी संजय चौहान ने बताया कि पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए अलग से आवेदन पत्र भरना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस बात की जांच कराई जा रही है कि संबंधित आवेदन पत्र जमा किया गया था या नहीं। यदि आवेदन मिला होगा तो नियमानुसार उनका नाम सूची में शामिल कराया जाएगा। डीएम ने बताया कि प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और अभिलेखों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, पूर्व सांसद का नाम पंचायत मतदाता सूची में न होने से जिले में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
बूंदी में 11 ग्राम विकास अधिकारी निलंबित:मंत्री दिलावर के निरीक्षण के बाद 2 BDO पर भी हुई कार्रवाई
बूंदी में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर के औचक निरीक्षण के बाद पंचायतीराज विभाग में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के तहत 11 ग्राम विकास अधिकारियों (VDO) को निलंबित कर दिया गया है, जबकि 2 खंड विकास अधिकारियों (BDO) पर भी कार्रवाई हुई है। 16 अधिकारियों पर चार्जशीट की कार्रवाईकार्रवाई के विवरण के अनुसार केशवरायपाटन के खंड विकास अधिकारी को निलंबित कर उनका मुख्यालय जयपुर स्थानांतरित किया गया है। तालेड़ा के खंड विकास अधिकारी को एपीओ (पदस्थापन आदेश की प्रतीक्षा) करते हुए जयपुर मुख्यालय भेजा गया है। इसके अलावा 11 ग्राम विकास अधिकारियों को निलंबित किया गया है और 16 अन्य अधिकारियों के खिलाफ सीसीए (चार्जशीट) की कार्रवाई शुरू की गई है। जिन 16 अधिकारियों के खिलाफ सीसीए की कार्रवाई की गई है, उनमें हिंडोली, केशवरायपाटन और तालेड़ा के तीनों खंड विकास अधिकारी शामिल हैं। इसके साथ ही, तीनों पंचायत समितियों के नोडल अतिरिक्त विकास अधिकारी और सहायक अभियंता भी इस कार्रवाई के दायरे में आए हैं। 3 पंचायत समितियों के JTA को किया कार्यमुक्तस्वच्छ भारत मिशन (SBM) के तहत कार्यरत तालेड़ा, केशवरायपाटन और हिंडोली के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर के पद समाप्त कर दिए गए हैं। जिला कोऑर्डिनेटर एसबीएम की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं। तीनों पंचायत समितियों के सभी कनिष्ठ तकनीकी सहायकों (JTA) को भी कार्यमुक्त कर दिया गया है। प्रशासकों पर भी कार्रवाई की गई है। जमीतपुरा, सुवास, रडी, भीया और धोबड़ा के प्रशासकों को उनके पदों से हटा दिया गया है। इसके अलावा देलूंदा, सीनता, तीरथ, चडी, गुडली और लेसरदा के प्रशासकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। मंत्री के निरीक्षण के बाद हुई कार्रवाईनिलंबित किए गए ग्राम विकास अधिकारियों में केशवरायपाटन से गुडली, चडी, रडी, भीया और लेसरदा के VDO शामिल हैं। तालेड़ा से देलूंदा, सिंता, तीरथ, सुवास, जमीतपुरा तथा हिंडोली से धोबड़ा के VDO को निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई मंत्री मदन दिलावर द्वारा हाल ही में केशवरायपाटन, तालेड़ा और हिंडोली पंचायत समितियों के औचक निरीक्षण के बाद की गई। निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था बदहाल पाई गई थी, जिस पर मंत्री ने असंतोष व्यक्त किया था।यह प्रदेश में किसी एक जिले में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में अधिकारियों पर की गई पहली कार्रवाई मानी जा रही है, जिससे पंचायतीराज विभाग में हलचल मच गई है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एक हाईराइज सोसाइटी में बिल्डिंग से प्लास्टर गिरने का मामला सामने आया है। तेज आंधी के दौरान 20वीं मंजिल से प्लास्टर का बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे पार्किंग में खड़ी एक कार पर गिर गया। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि मौके पर कोई व्यक्ति मौजूद न होने से बड़ा हादसा टल गया। मामला बिसरख थाना क्षेत्र स्थित इको विलेज-1 सोसाइटी का है। यहां ई टावर के पीछे बने ओपन पार्किंग एरिया में निवासी अंकुर अग्रवाल की अर्टिगा कार खड़ी थी। रात में आंधी के दौरान हुआ हादसा बताया जा रहा है कि रात में तेज आंधी चलने के दौरान टावर की 20वीं मंजिल से प्लास्टर का एक बड़ा हिस्सा टूटकर सीधे कार के ऊपर आ गिरा। घटना के समय पार्किंग में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। सुबह जब अंकुर अग्रवाल अपनी गाड़ी के पास पहुंचे तो उन्होंने कार को क्षतिग्रस्त हालत में देखा। इसके बाद उन्हें घटना की जानकारी हुई। प्लास्टर गिरने से कार की छत और ऊपरी हिस्से को काफी नुकसान पहुंचा है। निवासियों में नाराजगी घटना के बाद सोसाइटी के निवासियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि उनसे हर महीने भारी मेंटेनेंस शुल्क लिया जाता है, लेकिन इसके बावजूद बिल्डिंग की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। निवासियों का आरोप है कि यदि प्लास्टर किसी व्यक्ति पर गिर जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। स्ट्रक्चरल ऑडिट की मांग सोसाइटी के लोगों ने बिल्डिंग का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने और निर्माण गुणवत्ता की जांच की मांग की है। साथ ही उन्होंने टावर की तत्काल मरम्मत कराकर अन्य हिस्सों की भी जांच कराने की अपील की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। निवासियों का कहना है कि सुरक्षा के लिहाज से पूरे परिसर का निरीक्षण कराया जाना चाहिए और जहां भी निर्माण संबंधी खामियां हैं, उन्हें जल्द दूर किया जाना चाहिए।
पश्चिमी सिंहभूम जिले के आयता गांव चौक पर शुक्रवार सुबह एक सड़क हादसे में दो स्कूली छात्राएं घायल हो गईं। हादसा ट्रेलर द्वारा एक कार को टक्कर मारने की वजह से हुआ। छात्राएं सड़क किनारे स्कूल बस के इंतजार में एक होटल के पास खड़ी थी। इसी दौरान होटल की ओर मुड़ रही एक कार को ट्रेलर ने टक्कर मार दी और कार घिसटती हुई छात्राओं को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों की मदद से छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया। ट्रेलर के ड्राइवर की लोगों ने पिटाई भी की इधर, हादसे का सीसीटीवी सामने आया है। वहीं, घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने चाईबासा-टाटा मुख्य मार्ग को तीन घंटे तक जाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित रहा। ट्रेलर के ड्राइवर की लोगों ने पिटाई भी की। मौके पर पहुंची पुलिस ने ड्राइवर को भीड़ के चंगुल से छुड़ाया। घायल छात्राओं की पहचान सात वर्षीय अनुष्का कुमारी पान और आठ वर्षीय लवली तांती के रूप में की गई। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने दोनों छात्राओं को चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचाया। एक छात्रा को आई गंभीर चोटजांच में अनुष्का के सिर और छाती में गंभीर चोटें पाई गईं, जिसके बाद उसे बेहतर इलाज के लिए जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल रेफर किया गया। वहीं, लवली तांती को मामूली चोटें आई हैं और उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है। घटना से नाराज ग्रामीणों ने सड़क जाम कर ट्रेलर चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर शांत किया। करीब तीन घंटे बाद जाम हटाया गया और यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी।
छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित 5 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों को नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) से मान्यता नहीं मिली है। आयोग ने सभी कॉलेजों के आवेदन रिजेक्ट कर दिए हैं। इससे इस साल एमबीबीएस की 250 नई सीटें शुरू नहीं हो पाएंगी। ये मेडिकल कॉलेज कवर्धा, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़, दंतेवाड़ा और कुनकुरी में प्रस्तावित हैं। हर कॉलेज में 50-50 एमबीबीएस सीटों का प्रस्ताव था। छात्रों को मिलता बड़ा फायदा अगर इन कॉलेजों को मंजूरी मिल जाती तो प्रदेश में एमबीबीएस की 250 सीटें बढ़ जातीं। इससे नीट यूजी में प्रवेश के लिए प्रतिस्पर्धा कुछ कम होती और कटऑफ पर भी असर पड़ सकता था। फिलहाल छत्तीसगढ़ के 10 सरकारी और 5 निजी मेडिकल कॉलेजों में कुल 2330 एमबीबीएस सीटें हैं। शिक्षा विभाग की तैयारी पर उठे सवाल जानकारी के मुताबिक, नए मेडिकल कॉलेजों में जरूरी तैयारियां पूरी नहीं हो सकीं। कई जगह न पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर है, न फैकल्टी और न ही जरूरी मेडिकल सुविधाएं। इससे NMC के तय मानकों पर कॉलेज खरे नहीं उतर पाए। बताया जा रहा है कि राज्य सरकार ने फिलहाल सिर्फ डीन और अस्पताल अधीक्षक की प्रभार नियुक्तियां की हैं। नियमित फैकल्टी की भर्ती नहीं हुई। जिला अस्पतालों के कुछ डॉक्टरों को असिस्टेंट प्रोफेसर और जूनियर रेजिडेंट के तौर पर पदस्थ करने के आदेश जरूर दिए गए, लेकिन यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं मानी गई। प्रमोशन नहीं होने से भी बढ़ी परेशानी प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में काम कर रहे कई डॉक्टर लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं। करीब 296 डॉक्टर प्रमोशन के पात्र बताए जा रहे हैं, जबकि 73 असिस्टेंट प्रोफेसरों का प्रोबेशन पीरियड भी पूरा नहीं किया गया है। अगर समय पर प्रमोशन होते तो नए कॉलेजों के लिए प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर उपलब्ध हो सकते थे, जिससे मान्यता मिलने की संभावना बढ़ जाती। अधिकारियों का ओवर कॉन्फिडेंस पड़ा भारी चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भरोसा था कि सरकारी मेडिकल कॉलेज होने के कारण मान्यता मिल जाएगी। लेकिन NMC वर्ष 2023 से तय पैरामीटर के आधार पर ही मंजूरी दे रहा है। इसी वजह से इस बार सभी कॉलेजों के आवेदन खारिज हो गए। एफिलिएशन सर्टिफिकेट तक नहीं भेजा गया जानकारी यह भी सामने आई है कि जिन पांच कॉलेजों के आवेदन रिजेक्ट हुए, उनमें से दो-तीन कॉलेजों ने हेल्थ साइंस यूनिवर्सिटी का एफिलिएशन सर्टिफिकेट तक आवेदन के साथ संलग्न नहीं किया। जबकि इस दस्तावेज के बिना मेडिकल कॉलेज शुरू नहीं किया जा सकता।
पति को पत्नी की हत्या में आजीवन कारावास:कुशीनगर कोर्ट ने 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
कुशीनगर के कसया थाना क्षेत्र में लगभग तीन साल पहले हुई पत्नी की हत्या के मामले में अदालत ने पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी-प्रथम सत्यपाल सिंह प्रेमी की अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) कृष्ण कुमार पांडेय ने बताया कि यह मामला 2 अक्टूबर 2023 को सामने आया था। कसया थाना क्षेत्र के बनकटा गांव निवासी गोधनी देवी ने थाना कसया में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनके बेटे संजय प्रसाद ने अपनी पत्नी प्रमिला देवी के सिर पर फावड़े से वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इलाज के दौरान प्रमिला देवी की मौत हो गई थी। इस तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 463/2023 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी संजय प्रसाद के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी-प्रथम कुशीनगर की अदालत में हुई। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और अभियोजन पक्ष की दलीलों का परीक्षण करने के बाद संजय प्रसाद को दोषी पाया। फैसले में न्यायालय ने कहा कि अभियुक्त ने अपनी पत्नी पर घातक हमला कर उसकी जान ले ली, जिससे मृतका के बच्चों के जीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 304(1) के तहत सश्रम आजीवन कारावास तथा 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि अभियुक्त द्वारा विचाराधीन बंदी के रूप में जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। फैसले के बाद दोषसिद्ध संजय प्रसाद को जिला कारागार भेज दिया गया।
सुल्तानपुर पुलिस लाइंस परिसर में शुक्रवार को लखनऊ जोन की 27वीं अंतर-जनपदीय 'सेपक टाकरा' खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय इस प्रतियोगिता का उद्घाटन जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह और पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने संयुक्त रूप से किया। इस आयोजन में लखनऊ जोन के विभिन्न जिलों से कुल 9 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिनमें 110 खिलाड़ी शामिल हैं। प्रतियोगिता का पहला मुकाबला लखनऊ और सीतापुर की टीमों के बीच खेला गया। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि इस खेल प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य पुलिस कर्मियों और खिलाड़ियों में खेल भावना के साथ-साथ शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा देना है। व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री लगातार खेलों को प्रोत्साहन दे रहे हैं। पुलिस विभाग में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर मिलते हैं और उनके लिए विभाग में पदोन्नति के रास्ते भी खुलते हैं। पुलिस लाइंस में सभी खिलाड़ियों के रहने और अन्य व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस दौरान स्थानीय पुलिस कर्मियों और अधिकारियों ने भी मैदान में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
मध्यप्रदेश शिक्षक संघ ने कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए टीईटी (TET) अनिवार्य किए जाने के मुद्दे पर मोर्चा खोल दिया है। संघ ने साफ कहा है कि 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर बाद में बने नियम लागू करना न केवल अव्यवहारिक है, बल्कि यह प्राकृतिक न्याय और कानूनी निश्चितता के सिद्धांतों के भी विपरीत है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. क्षत्रवीर सिंह राठौर और प्रदेश महामंत्री राकेश गुप्ता ने बताया कि 29 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद प्रदेश सहित देशभर के लाखों शिक्षकों में असमंजस की स्थिति बन गई है। इस फैसले के अनुसार, कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना आवश्यक माना गया है। इसी के विरोध में शिक्षक संघ ने 18 जून 2026 को प्रदेश के सभी जिलों में कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नाम ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है। 15-20 साल से कार्यरत शिक्षकों पर संकटसंघ के अनुसार, 23 अगस्त 2010 को एनसीटीई द्वारा टीईटी को न्यूनतम अर्हता घोषित किया गया था। इसके पहले विभिन्न राज्यों में लाखों शिक्षकों की नियुक्ति उस समय लागू नियमों और चयन प्रक्रियाओं के तहत हुई थी। ये शिक्षक पिछले 15 से 20 सालों से शिक्षा, सामाजिक चेतना और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में अब नए मानदंडों को पूर्व प्रभाव से लागू करना उनके सेवाकाल और भविष्य दोनों पर प्रतिकूल असर डाल सकता है। संसद से समाधान की मांगशिक्षक संघ ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की सेवाओं को वैध मानते हुए मानसून सत्र में आवश्यक विधायी संशोधन किया जाए। साथ ही 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना में संशोधन कर सुप्रीम कोर्ट को भी अवगत कराया जाए, ताकि लाखों शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके। संघ ने कहा कि न्यायालय के निर्णय का सम्मान करते हुए भी व्यापक जनहित में नीति-निर्माण का अधिकार विधायिका के पास है और सरकार को इस दिशा में जल्द कदम उठाना चाहिए। प्रदेश ही नहीं, देशभर के 20 लाख शिक्षक प्रभावित संघ का दावा है कि इस निर्णय से मध्यप्रदेश के करीब डेढ़ लाख और देशभर के 20 लाख से अधिक शिक्षक प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में यह केवल एक राज्य का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा बन चुका है। ये खबर भी पढ़ें… MP के शिक्षकों का भोपाल में प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपा भोपाल में शनिवार को अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर बड़ा शिक्षकों ने बड़ा प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने एमपी नगर एसडीएम को ज्ञापन सौंप कर प्रदर्शन को समाप्त किया। आयोजकों के मुताबिक, भोपाल के भेल स्थित दशहरा मैदान में ‘मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा’ के तहत प्रदेश के अलग अलग जिलों से करीब 50 हजार से ज्यादा शिक्षकों ने भाग लिया। अजाद अध्यापक संघ के अध्यक्ष भरत पटेल ने चेतावनी दी कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो जून में फिर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर
मोहर्रम को लेकर पीस कमेटी की बैठक:अधिकारियों ने सौहार्दपूर्ण माहौल में त्योहार मनाने की अपील की
बहराइच में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने के लिए जिला प्रशासन लगातार पीस कमेटी की बैठकें आयोजित कर रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को फखरपुर थाना क्षेत्र के वजीरगंज इलाके में अधिकारियों ने स्थानीय लोगों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान, उप जिलाधिकारी कैसरगंज अखिलेश सिंह और क्षेत्राधिकारी धीरेंद्र श्रीवास्तव ने ताजियेदारों से प्रदेश सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार पर्व मनाने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी ताजिया दस फीट से अधिक ऊंचा नहीं होना चाहिए और जुलूस में हथियारों का प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित है। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उप जिलाधिकारी ने उपस्थित लोगों से मोहर्रम जुलूस के रास्ते में किसी भी प्रकार की बाधा या सड़क खराब होने की सूचना पहले ही देने का आग्रह किया, ताकि समय रहते उन्हें दूर किया जा सके।
मथुरा में 81 दिवसीय गौ प्रतिष्ठा यात्रा के 40वें दिन जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ संरक्षण, धर्मांतरण और आशुतोष ब्रह्मचारी प्रकरण समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। यह यात्रा 3 मई को गोरखपुर से शुरू हुई थी, जो अब तक 200 विधानसभा क्षेत्रों से होकर मथुरा पहुंची है। यहां से यात्रा गोवर्धन के लिए रवाना होगी। गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग दोहराई शंकराचार्य ने कहा कि गाय को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के उस तर्क पर सवाल उठाया, जिसमें कहा गया था कि गाय स्वतः ही माता है, इसलिए अलग से घोषणा की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी विषय को औपचारिक रूप से घोषित करने की आवश्यकता नहीं है, तो फिर अन्य संवैधानिक और प्रशासनिक घोषणाओं की भी जरूरत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने गुरु गोरखनाथ की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए सरकार से गाय को माता के रूप में औपचारिक मान्यता देने की मांग की। आशुतोष ब्रह्मचारी प्रकरण में जांच न होने पर उठाए सवाल आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा लगाए गए आरोपों और बाद में दिए गए बयान पर शंकराचार्य ने सरकार की भूमिका पर प्रश्न उठाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार ने कोई आधिकारिक जांच नहीं कराई। उन्होंने दावा किया कि पूर्व सीबीआई निदेशक एम. नागेश्वर राव की अध्यक्षता में एक सिविल सोसाइटी ने मामले की जांच कर रिपोर्ट तैयार की थी। शंकराचार्य के अनुसार, रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश सरकार की भूमिका की ओर संकेत किया गया था और आशुतोष ब्रह्मचारी का हालिया बयान उस रिपोर्ट की पुष्टि करता प्रतीत होता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में अभी कई तथ्य सामने आना बाकी हैं। धर्मांतरण पर बागेश्वर धाम सरकार के बयान का समर्थन धर्मांतरण के मुद्दे पर शंकराचार्य ने बागेश्वर धाम सरकार के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि चादर और फादर के माध्यम से होने वाला धर्मांतरण चिंता का विषय है। साथ ही उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को नुकसान पहुंचाने वाले ढोंगी, पाखंडी और बहुरूपियों पर भी समान रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री को दी बधाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पद पर 12 वर्ष पूरे होने के सवाल पर शंकराचार्य ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि किसी महत्वपूर्ण पद पर इतने लंबे समय तक बने रहना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। 3 मई को गोरखपुर से शुरू हुई थी यात्रा गौ प्रतिष्ठा यात्रा 3 मई को गोरखपुर से शुरू हुई थी। शंकराचार्य ने बताया कि यात्रा का उद्देश्य गौ माता की प्रतिष्ठा, संरक्षण और जागरूकता फैलाना है। अब तक यह यात्रा 200 विधानसभा क्षेत्रों से गुजर चुकी है और मथुरा पहुंचने के बाद गोवर्धन के लिए आगे बढ़ेगी।
भोपाल के कोलार थाना क्षेत्र की बंजारा बस्ती में महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद मायके पक्ष ने महिला के पति पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान बबीता अहिरवार (30) के रुप में हुई है। बेटे ने नाना को दी सूचना मृतका के पिता हरनाम सिंह ने बताया कि गुरुवार रात करीब 8 बजे उनका 7 साल का नाती समर्थ दौड़ता हुआ उनके घर पहुंचा और कहा कि पापा ने मम्मी को मार दिया है। यह सुनते ही परिवार के लोग बबीता के घर पहुंचे, जहां वह जमीन पर पड़ी मिली। शरीर पर मिले चोट के निशान परिजनों का कहना है कि मौके पर बबीता की चूड़ियां टूटी हुई थीं। उसके हाथ पर चोट के निशान थे, जबकि गले पर उंगलियों जैसे निशान दिखाई दे रहे थे। पिता का आरोप है कि उसकी गला दबाकर हत्या की गई है। पति की शराब की आदत को लेकर होता था विवाद परिजनों के अनुसार बबीता का पति सुनील अहिरवार वेल्डिंग का काम करता है और शराब पीने का आदी है। वह अक्सर शराब के नशे में घर आता था, जिसका बबीता विरोध करती थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच आए दिन विवाद होता था। घटना वाली रात भी पति शराब पीकर घर लौटा था और दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। 9 साल पहले हुई थी शादी बबीता और सुनील की शादी करीब 9 साल पहले हुई थी। उनके दो बच्चे हैं, जिनमें 7 साल का बेटा समर्थ और 4 साल की बेटी है। बबीता गृहिणी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कोलार थाना प्रभारी संजय सोनी ने बताया कि महिला की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं और परिजनों सहित आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण स्पष्ट हो सकेंगे। बच्चों के बयान भी होंगे अहम पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय घर में क्या हुआ था। बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों से मिली जानकारी के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
शताब्दी पर पत्थर फेंकने वाले किशोरों तक पहुंची पुलिस:फिरोजाबाद में दो पकड़े गए, तीसरे की तलाश
फिरोजाबाद में स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव के मामले का पुलिस ने 15 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस घटना को किसी आतंकी साजिश या संगठित गिरोह ने नहीं, बल्कि रेलवे ट्रैक के किनारे कूड़ा बीन रहे तीन किशोरों ने अंजाम दिया था। पुलिस ने दो बाल अपचारियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि तीसरे की तलाश जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) आदित्य लांगहे ने बताया कि गुरुवार शाम पेमेश्वर गेट के पास स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस के ई-1 कोच का शीशा पत्थर लगने से टूट गया था। इसी कोच में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत भी यात्रा कर रहे थे। घटना के बाद रेलवे, जीआरपी और स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया था। आगरा के एडीजी, डीआईजी, डीएम और एसएसपी सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था। 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले मामले के खुलासे के लिए रसूलपुर, दक्षिण, लाइनपार, जीआरपी, एसओजी और सर्विलांस सहित 10 पुलिस टीमें गठित की गईं। पुलिस ने 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी व मानवीय इनपुट के आधार पर तीन किशोरों की पहचान की। जांच में पता चला कि कूड़ा बीनने के दौरान उन्होंने ट्रैक के किनारे पड़े पत्थरों को उठाकर गुजर रही ट्रेन पर फेंक दिया था, जिससे कोच का शीशा टूट गया और यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई। शुक्रवार सुबह आसफाबाद फाटक के पास से दो बाल अपचारियों को हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए किशोर पहले भी चोरी और रेलवे अधिनियम से संबंधित मामलों में शामिल रहे हैं। तीसरे बाल अपचारी की तलाश में छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बाल अपचारियों के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और असामाजिक गतिविधियों पर निगरानी को लेकर भी कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं। इन तीनों बाल अपचारियों पर पुराना अपराध भी है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2024 की तैयारियों को लेकर चित्रकूट में व्यापक स्तर पर कार्य शुरू हो गए हैं। दीनदयाल शोध संस्थान के नेतृत्व में 11 से 13 जून तक आरोग्यधाम में लगभग 200 योग प्रशिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षक डॉ. तुषार कांत शास्त्री योग की विभिन्न विधाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर इन प्रशिक्षकों को क्षेत्र के अलग-अलग केंद्रों पर योग शिविर संचालित करने के लिए तैयार कर रहे हैं। संस्थान की योजना के अनुसार, 14 से 20 जून तक प्रतिदिन सुबह 5:30 से 6:30 बजे तक चित्रकूट के 100 से अधिक स्थानों पर योगाभ्यास कराया जाएगा। इनमें प्रमुख मंदिर, आश्रम, सामाजिक संस्थाएं, सरकारी विभाग और ग्रामीण स्वावलंबन केंद्र शामिल हैं। प्रशिक्षित योग शिक्षक इन केंद्रों पर प्राणायाम, मुद्राभ्यास, संधियोग, योगासन और सूर्य नमस्कार सहित योग की विभिन्न क्रियाओं का अभ्यास कराएंगे। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय परिसर में एक सामूहिक वृहद योग कार्यक्रम आयोजित होगा। एक सप्ताह तक अलग-अलग केंद्रों पर योगाभ्यास करने के बाद सभी प्रतिभागी इस मुख्य आयोजन में शामिल होंगे। चित्रकूट का यह मॉडल देशभर में अपनी तरह का एक अनूठा प्रयोग माना जाता है, जिसमें नगर, ग्रामीण क्षेत्रों और संत समाज की भी बड़ी भागीदारी रहती है। दीनदयाल शोध संस्थान के राष्ट्रीय संगठन सचिव अभय महाजन ने बताया कि योग को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस बार उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के चित्रकूट परिक्षेत्र में लगभग 100 केंद्रों पर नियमित योग शिविर संचालित किए जाएंगे। उन्होंने लोगों से योग को केवल एक दिन तक सीमित न रखकर अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग है। प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, मुद्राओं और उनके स्वास्थ्य लाभों की जानकारी भी दी जा रही है, ताकि समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़े और अधिक से अधिक लोग स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित हों।
जींद जिले की उचाना मंडी के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयुष विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में एसडीएम रमित यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपमंडल के विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। योगाचार्य कुलदीप सिंह और योगाचार्य सतीश कुमार ने प्रतिभागियों को योग की विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण दिया और नियमित योगाभ्यास के लाभों के बारे में जानकारी दी। योग के महत्व पर डाला प्रकाश कार्यक्रम के दौरान डॉ. चेतना शर्मा ने योग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक तनाव को दूर कर व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करता है। एसडीएम रमित यादव ने कहा कि योग मनुष्य को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान उन्होंने सभी से अपने दैनिक जीवन में योग को शामिल करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य प्रतिभागियों ने नियमित रूप से योग करने का संकल्प लिया।
बदायूं में मनाया सपा सांसद आदित्य यादव का जन्मदिन:मरीजों को बांटे गए फल व मिठाई
बदायूं में समाजवादी पार्टी के युवा सांसद आदित्य यादव का जन्मदिन शुक्रवार को उनके डीएम रोड स्थित सिविल लाइंस आवास पर मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक और शुभचिंतक उपस्थित रहे। सांसद के निजी सचिव अनिल गोस्वामी ने केक काटकर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और उनके दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य तथा सफल राजनीतिक जीवन की कामना की। जन्मदिन समारोह के बाद समाजवादी कार्यकर्ताओं ने जिला पुरुष चिकित्सालय का दौरा किया। यहां उन्होंने भर्ती मरीजों को फल वितरित किए। कार्यकर्ताओं ने मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सांसद आदित्य यादव के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आदित्य यादव लगातार युवाओं, किसानों, मजदूरों, महिलाओं और समाज के वंचित वर्गों के हितों की आवाज उठा रहे हैं। संसद से लेकर सड़क तक जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने के कारण उन्होंने एक युवा जननेता के रूप में अपनी पहचान बनाई है। कार्यकर्ताओं ने यह भी बताया कि आदित्य यादव का जन्मदिन केवल एक उत्सव का अवसर नहीं है, बल्कि यह जनसेवा और सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इसी भावना के तहत उनके जन्मदिन पर सेवा कार्यों का आयोजन कर जरूरतमंद लोगों के बीच खुशियां बांटने का प्रयास किया गया। इस अवसर पर सतीश प्रेमी, इंदु सक्सेना, वैभव उपाध्याय, नरोत्तम यादव, सुनीता पाल, अनवर पठान, अतुल पटेल, जाहिद गाजी, सुशांत राठौर, मोहित पटेल, शिवम राठौर, विकास यादव, ओमवीर यादव, रिजवान गाजी, टीटू यादव, टीटू पाल, फैजान, एन.पी. सिंह, जवर सिंह, गौरव यादव, कपिल देव, हारिस, अजमत खान, सकलेन सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समर्थक उपस्थित रहे।
उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत घुनघुटी चौकी के बलवई गांव में एक बच्चे के अपहरण का मामला सामने आया है। बच्चे का अपहरण उसके ही चाचा ने किया था, जिसने परिजनों से पांच हजार रुपए की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर बच्चे को सुरक्षित बचा लिया है। जानकारी के अनुसार, यह घटना 8 जून की है। बलवई गांव निवासी राकेश अपने घर के बाहर खेल रहा था, तभी वह अचानक लापता हो गया। परिजनों ने आसपास काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। जांच के दौरान बच्चे की मां के पास उसकी बुआ सास के लड़के का फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि राकेश उसके पास है। जब परिजनों ने बच्चे का पता पूछना चाहा तो उसने फोन काट दिया। 10 जून की दोपहर आरोपी ने दोबारा फोन कर बच्चे को सुरक्षित घर पहुंचाने के बदले पांच हजार रुपए की मांग की। ग्राम हर्रई से आरोपी गिरफ्तार एसडीओपी एसबी बोहित ने बताया कि फिरौती की सूचना मिलते ही पुलिस ने एक विशेष टीम गठित कर बच्चे की तलाश शुरू की। सघन तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने हरिओम अगरिया (26) निवासी ग्राम हर्रई को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बच्चे को भी सुरक्षित बरामद कर लिया।
दुर्ग जिले के नंदिनी थाना क्षेत्र स्थित पथरिया खदान में एक दर्दनाक हादसे में 13 वर्षीय बालक की डूबने से मौत हो गई। शुक्रवार सुबह राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीम ने करीब 50 फीट गहरे पानी से उसका शव बरामद किया। बालक के हाथ में कोल्ड ड्रिंक की बोतल थी, जिससे आशंका जताई जा रही है कि वह बोतल उठाने के प्रयास में गहरे पानी में गिर गया। मृतक की पहचान ग्राम पथरिया निवासी आयुष मार्कंडेय (13), पिता नंदकुमार मार्कंडेय के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, आयुष गुरुवार शाम करीब 4:30 बजे घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चलने पर परिजनों ने पुलिस और एसडीआरएफ को सूचना दी। रात में नहीं चल सका रेस्क्यू ऑपरेशन घटना की सूचना मिलने पर एसडीआरएफ और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन खदान की अत्यधिक गहराई और अंधेरे के कारण रात में खोज अभियान शुरू नहीं किया जा सका। इसके बाद शुक्रवार सुबह अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। जिला सेनानी और जिला अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र कुमार सिंह के निर्देश पर सुबह 5:30 बजे एसडीआरएफ की 10 सदस्यीय टीम घटनास्थल पहुंची। डिप डाइविंग विशेषज्ञ राजकुमार यादव और चंद्रप्रताप जघेल ने गहरे पानी में उतरकर तलाश शुरू की। सुबह 7 बजे मिला शव करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद सुबह 7 बजे आयुष का शव खदान से बाहर निकाला गया। एसडीआरएफ ने शव को पुलिस के सुपुर्द कर दिया, जिसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। हाथ में मिली कोल्ड ड्रिंक की बोतल शव मिलने के बाद सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आयुष के हाथ में कोल्ड ड्रिंक की बोतल थी। परिजनों ने बताया कि आयुष को खाली बोतलों से खेलने का शौक था। घटनास्थल पर खदान किनारे फिसलने के निशान भी मिले हैं। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि बोतल हाथ से छूटने के बाद आयुष उसे उठाने के लिए खदान के किनारे पहुंचा होगा। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह सीधे गहरे पानी में जा गिरा, जिससे उसकी मौत हो गई। खदान की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने खदान क्षेत्र में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खदान के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी बोर्ड नहीं होने के कारण इस तरह की दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिवार में इस हादसे के बाद मातम पसरा हुआ है।
मुरादाबाद। विश्वविद्यालय से संबद्ध स्नातक प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि नजदीक आ गई है, लेकिन अब तक अपेक्षित संख्या में विद्यार्थियों ने पंजीकरण नहीं कराया है। पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने में अब केवल चार दिन शेष हैं, जबकि पूरे मुरादाबाद मंडल में अब तक करीब 21 हजार विद्यार्थियों ने ही आवेदन किया है। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम है। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय ने नए शैक्षिक सत्र के लिए 11 मई से समर्थ पोर्टल के माध्यम से स्नातक प्रथम सेमेस्टर में पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की थी। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित की गई है, जबकि पंजीकरण फॉर्म के साथ महाविद्यालयों में आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 20 जून है। विश्वविद्यालय से संबद्ध मुरादाबाद मंडल के लगभग 340 कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया जारी है। इसके बावजूद पंजीकरण की गति काफी धीमी बनी हुई है। पिछले वर्ष मंडल के करीब 97 हजार विद्यार्थियों ने स्नातक प्रथम सेमेस्टर के लिए पंजीकरण कराया था, जबकि इस बार यह संख्या अभी 21 हजार के आसपास ही पहुंच सकी है। पूरे मंडल में प्रवेश की स्थिति चिंताजनक सेल्फ फाइनेंस कॉलेज प्रिंसिपल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. छुट्टन खान ने बताया कि विश्वविद्यालय से संबद्ध लगभग 200 वित्तविहीन महाविद्यालय ऐसे हैं, जहां पंजीकरण की संख्या 100 से भी कम है। उन्होंने कहा कि पूरे मंडल में प्रवेश की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। वहीं, अशासकीय महाविद्यालयों में लगभग 50 प्रतिशत सीटों पर पंजीकरण हो चुके हैं। शिक्षाविदों का मानना है कि 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की वास्तविक अंकतालिका अभी उपलब्ध नहीं होने के कारण भी पंजीकरण की संख्या प्रभावित हुई है। फिलहाल अधिकांश छात्र ऑनलाइन अंकतालिका के आधार पर प्रवेश लेने से बच रहे हैं। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों के कई विद्यार्थी जुलाई में प्रवेश लेने की योजना बना रहे हैं। विश्वविद्यालय के प्रथम सेमेस्टर के परिणाम में आई गिरावट को भी कम पंजीकरण का एक कारण माना जा रहा है। समर्थ टीम के चेयरपर्सन प्रो. सुनील जोशी ने बताया कि अभी तक लगभग 21 हजार विद्यार्थियों ने ही ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। उन्होंने पात्र विद्यार्थियों से समय रहते पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है, ताकि अंतिम समय में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बीकानेर में अब रातें भी तपने लगी:न्यूनतम तापमान 32.6 डिग्री, पूरे प्रदेश में सबसे गर्म रही रात
बीकानेर में रातें भी तपने लगीं: दिन का पारा 43.2 डिग्री तक पहुंचा, आज भी 42 डिग्री से ऊपर रहने की संभावना; बारिश के आसार नहीं बीकानेर। नौतपा खत्म हुए एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद बीकानेर में गर्मी का सितम जारी है। गुरुवार को शहर का अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस रहा। खास बात यह रही कि पूरे राजस्थान में सबसे अधिक न्यूनतम तापमान बीकानेर में रिकॉर्ड किया गया, जिससे रात के समय भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल सकी। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को भी बीकानेर में तेज गर्मी का दौर जारी रहने की संभावना है। जिले में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से अधिक रह सकता है। विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट में बीकानेर, फलौदी, जोधपुर और नागौर को सर्वाधिक गर्म जिलों में शामिल किया गया है। इन चारों जिलों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बने रहने का अनुमान है। श्रीगंगानगर में बरसे बादल, बीकानेर में सूखे जैसे हालात राज्य के कुछ हिस्सों में मौसम ने करवट ली है। पिछले 24 घंटे के दौरान श्रीगंगानगर में 52 एमएम बारिश दर्ज की गई, जिससे वहां तापमान में गिरावट और मौसम में बदलाव देखने को मिला। हालांकि बीकानेर में फिलहाल बारिश की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। पश्चिमी विक्षोभ का इंतजार मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बीकानेर में मौसम में बदलाव की संभावना फिलहाल कम है। नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के बाद ही तापमान में गिरावट या बारिश की स्थिति बन सकती है। बीच में हुई हल्की बारिश का असर भी अब पूरी तरह खत्म हो चुका है और शहर एक बार फिर भीषण गर्मी की चपेट में है। गर्म हवाओं से जनजीवन प्रभावित दिन में तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बाजारों और सड़कों पर आवाजाही कम दिखाई दे रही है। वहीं रात के समय भी तापमान अधिक रहने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।
भिवानी के सिटी थाना में 650 लीटर शराब (650 बोतल शराब) को नष्ट किया गया है। ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई। शराब विभिन्न केसों में पुलिस द्वारा रेड करके पकड़ी गई थी, जो मालखाना में रखी हुई थी। अब उसको नष्ट किया गया है। भिवानी के सिटी थाना एसएचओ जरनैल सिंह ने बताया कि उच्च अधिकारियों के आदेशानुसार शहर थाना भिवानी में जो फैसलासुदा 19 मामले थे और एक्साइज के कुल करीब 25 मुकदमों का माल था। करीब साढ़े 650 बोतल शराब की डिस्ट्राय किया है। जो थाने के मालखाने में भी जगह घेरे हुए थे। वहीं पुलिस कर्मियों के स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा था। इसको देखते हुए कोर्ट से अनुमति के बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए। उनकी मौजूदगी में माल को नष्ट किया। उन्होंने कहा कि एक्साइज एक्ट के तहत यह शराब पिछले करीब एक साल के दौरान पकड़ी गई थी। वहीं जो फैसलासुदा 19 केस हैं, उनकी लंबे समय से ट्रायल चल रही थी। उसकी शराब थी। आगे भी पुलिस अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई जारी रखेगी। जो यह शराब नष्ट की गई है, वह अवैध तरीके से तस्करी की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस द्वारा पकड़ी गई थी।
कानपुर में एक बंद कमरे में 92 साल के बुजुर्ग का सड़ा-गला शव मिला। कई दिनों से लापता बुजुर्ग का शव उसी घर के कमरे में मिला, जहां वह परिवार के साथ रहते थे। बुजुर्ग के परिजनों ने उनकी गुमशुदगी दर्ज कराकर रेलवे स्टेशन, अस्पतालों और अन्य स्थानों पर तलाश की थी, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला था। इसी बीच घर के आसपास बदबू आने लगी, जिसके बाद अनहोनी की आशंका जताई गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घर के नीचे बने बंद कमरे का दरवाजा खुलवाया। अंदर का दृश्य देखकर सभी हैरान रह गए। शव कई दिन पुराना होने के कारण पूरी तरह सड़-गल चुका था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मौत के कारणों की जांच शुरू कर दी है। घटना शुक्रवार को रावतपुर थाना क्षेत्र स्थित आनंद नगर में हुई। अब जानिए पूरा मामला… गन फैक्ट्री से रिटायर थे रावतपुर के आनंद नगर में रहने वाले ईबख्श (92) ऑर्डिनेंस फैक्ट्री (गन फैक्ट्री) से सन 2003 में रियाटर हुए थे। उनकी पत्नी आफरीन ईसाई समुदाय से हैं। परिवार में बेटा अनुराग, बहू प्रगति, अनुराग के दो बेटे, विवाहित बेटी शिप्रा और बहन अलका हैं। शिप्रा अपने ससुराल में रहती हैं, जबकि अलका घर में ही रहती हैं। ईबख्श और उनकी पत्नी घर के निचले हिस्से में अलग-अलग रहते थे। जबकि बेटा अपने परिवार के साथ ऊपरी मंजिल पर रहता है। परिजनों के मुताबिक, ईबख्श रविवार से अचानक लापता हो गए थे। उनकी काफी तलाश की गई। परिजन उनके भाई के घर भी पहुंचे, जो कुछ दूरी पर रहते हैं, लेकिन वहां भी उनका कोई पता नहीं चला। इसके बाद 10 जून को रावतपुर थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई। बदबू आने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी इसी दौरान घर के आसपास बदबू आने लगी। शुरुआत में लोगों ने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन शुक्रवार को दुर्गंध तेज होने पर परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। स्थानीय लोगों ने डायल 112 पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घर के निचले हिस्से में बने एक बंद कमरे की जांच की। पुलिस ने कमरे का दरवाजा खुलवाया तो अंदर ईबख्श का नग्न अवस्था में शव पड़ा मिला। शव कई दिन पुराना होने के कारण सड़-गल चुका था। एसीपी कल्याणपुर आशुतोष कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। जांच की जा रही है। मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
अयोध्या-रायबरेली राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले एक महीने के दौरान कुमारगंज, इनायतनगर, पूरा कलंदर और कैंट थाना क्षेत्रों में करीब 80 सड़क हादसे दर्ज किए गए हैं। इन दुर्घटनाओं में कम से कम 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। लगातार बढ़ रही दुर्घटनाओं ने हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और यातायात विशेषज्ञों के अनुसार, हादसों के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं। हाईवे पर पर्याप्त संकेतकों का अभाव, डिवाइडरों के बीच रात में सामने से आने वाले वाहनों की तेज रोशनी रोकने की समुचित व्यवस्था न होना तथा गलत दिशा में वाहनों का संचालन प्रमुख कारणों में शामिल हैं। मृतकों में अधिकांश बाइक सवार युवक हैं, जो तेज रफ्तार और हेलमेट का प्रयोग न करने के कारण हादसों का शिकार हुए। हाल के दिनों में कई दर्दनाक घटनाएं सामने आई हैं। तीन जून को इनायतनगर थाना क्षेत्र के कुचेरा-शाहगंज मोड़ के पास डंपर की टक्कर से रामसागर यादव की मौत हो गई थी। 22 मई को मिल्कीपुर पेट्रोल पंप के पास तेज रफ्तार पिकअप वाहन की चपेट में आने से राम जियावन की जान चली गई। वहीं 11 जून को कुमारगंज क्षेत्र में खड़ी बस में डंपर की टक्कर से बस कंडक्टर संतोष गुप्ता की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए। कुमारगंज निवासी विनय गुप्ता ने बताया कि अयोध्या से कुमारगंज तक हाईवे पर स्पीड डिस्प्ले मीटर की व्यवस्था नहीं है, जबकि पिठला बॉर्डर के पास लगा मीटर भी अक्सर खराब रहता है। इस संबंध में एनएचएआई अधिकारियों का कहना है कि डिवाइडर के बीच सूख चुके पौधों की जगह नए पौधे लगाए जाएंगे, जिससे रात में वाहनों की तेज रोशनी का प्रभाव कम हो सके और सड़क सुरक्षा में सुधार आए। स्थानीय लोगों ने हाईवे पर तत्काल सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है।
मोबाइल चोर गिरोह का खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार:चोरी के चार मोबाइल बरामद; आरोपियों ने जुर्म कबूला
पीथपुर में मोबाइल चोरी की घटनाओं पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो गुरुवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 40 हजार रुपए से अधिक कीमत के चोरी के मोबाइल बरामद किए गए हैं। दरअसल, पीथमपुर के जय नगर (छत्रछाया) कॉलोनी और इंडसटाउन में पिछले दिनों से मोबाइल चोरी की वारदातें बढ़ गई थीं। इलाके से कुल चार मोबाइल फोन गायब हो गए। चोर रात के समय घरों में घुसकर कीमती मोबाइल चुरा लेते थे, जिससे स्थानीय निवासी परेशान थे। पुलिस को दो संदिग्ध युवकों को पकड़ा मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने चोरों को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया। टीम ने सबसे पहले चोरी वाले इलाकों का दौरा किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को दो संदिग्ध युवकों के बारे में पुख्ता जानकारी मिली। इसके बाद मुखबिरों की सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया थाने लाकर कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान रीवा निवासी सत्यम तिवारी और साहिल अहिरवार के रूप में हुई है। उन्होंने जय नगर और इंडसटाउन से मोबाइल चोरी की बात स्वीकार की। पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से चोरी के चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत 40 हजार रुपए से अधिक बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है।
5 महीने में तीसरी बार बदले बसपा के जिलाध्यक्ष:अब संतोष कुमार जिज्ञासु को मिली जिम्मेदारी
विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी बसपा का संगठनात्मक ढांचा की खड़ा नहीं हो पा रहा है। फैसलों में बदलाव आए दिन नजर आ रहा है। पार्टी ने 5 महीने के भीतर गोरखपुर जैसे महत्वपूर्ण जिले में तीसरी बार जिलाध्यक्ष बदल दिया है। पूर्व जिलाध्यक्ष संतोष कुमार जिज्ञासु को एक बार फिर जिले की कमान दी गई है। जबकि निवर्तमान जिलाध्यक्ष हरिप्रकाश निषाद को मंडल पिछड़ा वर्ग भाईचारा समिति की जिम्मेदारी दी गई है। इस बदलाव से कार्यकर्ता हतप्रभ हैं। संतोष कुमार जिज्ञासु लगभग 4 साल पहले गोरखपुर के जिलाध्यक्ष रहे हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव उन्हीं के समय हुए थे। विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद इस बार पार्टी मजबूत लड़ाई की तैयारी कर रही है। इसी क्रम में संगठनात्मक ढांचे में बदलाव किया जा रहा है। 20 जनवरी 2026 को पूर्व जिलाध्यक्ष घनश्याम राही को जिलाध्यक्ष की कमान सौंपी गई। वह अभी एक सप्ताह तक ही इस पद पर रह पाए थे कि उनकी जिम्मेदारी बदल दी गई। इसके बाद 27 जनवरी 2026 को बसपा ने पहली बार किसी निषाद समाज के व्यक्ति पर भरोसा जताया। पार्टी के वरिष्ठ नेता हरि प्रकाश निषाद को बसपा जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। इस दौरान बूथ स्तर पर कमेटियों को मजबूत करने का काम किया गया। शुक्रवार की दोपहर अचानक हाईकमान का एक और आदेश आ गया। जिसमें पूर्व जिलाध्यक्ष रहे संतोष कुमार जिज्ञासु को एक बार फिर गोरखपुर की कमान सौंपी गई है। दिन-रात एक कर पार्टी को करूंगा मजबूतसंतोष कुमार जिज्ञासु ने कहा कि उन्हें पहले भी इस पद पर कार्य करने का मौका मिला है। बाद में जिम्मेदारी बदल दी गई थी। उन्होंने कहा कि जो भी जिम्मेदारी मिली, उसका ईमानदारी से पालन किया। आज फिर पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन मायावती ने जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। दिन-रात एक कर पार्टी को मजबूत करूंगा और 2027 में हम सब मिलकर बसपा की सरकार बनाएंगे। बहन मायावती को एक बार फिर मुख्यमंत्री बनाना है।
सोनभद्र में युवती ने महुआ के पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह में महुआ बीनने पहुंचे बच्चों ने देखा तो शोर मचाया। ग्रामीण मौके पर पहुंचे और युवती की पहचान करके उसके परिजन को बुलाया। इसी दौरान प्रधान ने पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को उतरवाकर कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए सीएचसी दुद्धी भेज दिया। पुलिस की जांच में पेड़ के नीचे युवती की बैटरी निकली हुई मोबाइल, चप्पल, गुल की डिब्बी मिला है। इसके साथ मोबाइल के पास टूटा हुआ सिम भी बरामद हुआ। पेड़ की डाल पर बंधे दुपट्टे में एक सुसाइड नोट और एक युवक का फोटो मिला है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा लग रहा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। यह पूरा मामला बभनी थाना क्षेत्र का है। देखें 2 तस्वीरें… बच्चों ने शव देखकर मचाया शोर बरवाटोला गांव स्थित सेवड़ी टोला निवासी सोनशाय की 19 वर्षीय बेटी फूलमती शुक्रवार की सुबह अपने घर से करीब 500 मीटर दूर स्थित बागीचे में महुआ का फल (डोरी) बीनने गई थी। सुबह करीब 6 बजे महुआ बीनने पहुंचे बच्चों ने उसे पेड़ से लटका देखा। बच्चों के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और युवती की पहचान की। पेड़ के नीचे उसका मोबाइल फोन मिला, जिसकी बैटरी निकली हुई थी। वहीं चप्पल, गुल की डिब्बी और मोबाइल के पास टूटा हुआ सिम भी बरामद हुआ। पेड़ की डाल पर बंधे दुपट्टे में एक सुसाइड नोट तथा एक युवक का फोटो मिलने की बात सामने आई है। पुलिस ने सभी सामान को कब्जे में ले लिया है। प्रधान ने पुलिस को बुलाया वहीं, प्रधान की सूचना पर उपनिरीक्षक मक्खन लाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। वहीं, प्रभारी निरीक्षक दीन्नू प्रसाद यादव ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज में कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इन फैसलों का उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर निगरानी बढ़ाना तथा सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को रोकना है। इसी कड़ी में, कुलपति के निर्देश पर विश्वविद्यालय के सभी सरकारी वाहनों में जल्द ही जीपीएस सिस्टम लगाया जाएगा। इससे प्रशासनिक भवन से वाहनों की लोकेशन और गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। वाहन संचालन की निगरानी के लिए एक अलग मॉनिटरिंग सेल भी स्थापित किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से सरकारी वाहनों के दुरुपयोग पर प्रभावी अंकुश लगेगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि संसाधनों का उपयोग केवल शासकीय कार्यों के लिए ही हो। इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए दोपहर 1 बजे से 1:30 बजे तक का लंच समय निर्धारित किया गया है। पहले लंच का कोई निश्चित समय नहीं था, जिससे कई कर्मचारी लंबे समय तक अपने कार्यस्थलों से अनुपस्थित रहते थे। नई व्यवस्था से कार्यालयीन कार्यों में नियमितता और अनुशासन आने की उम्मीद है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कर्मचारियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने की प्रक्रिया भी तेज कर दी है। जल्द ही सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने मोबाइल फोन के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करेंगे, जिससे समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित होगी और कार्य संस्कृति में सुधार आएगा। कुलपति के आदेश के बाद निदेशक प्रशासन एवं परिवीक्षण डॉ. सुशांत श्रीवास्तव ने संबंधित निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के हित में लगातार सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। कुलपति का लक्ष्य प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करते हुए विश्वविद्यालय को शैक्षणिक और शोध के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।
बुलंदशहर के खुर्जा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर एक कैंटीन संचालक की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, जबकि पुलिस की प्रारंभिक जांच और सीसीटीवी फुटेज में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। खुर्जा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर गुरुवार देर रात एक कैंटीन संचालक की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। मृतक की पहचान कानपुर के साढ़ थाना क्षेत्र के तेलियाबर गांव निवासी अमरदीप (26) के रूप में हुई है, जो स्टेशन परिसर में कैंटीन संचालित करता था। जानकारी के अनुसार, रात करीब 10:50 बजे कैंटीन पर पानी की बोतल खरीदने आए एक व्यक्ति से अमरदीप का लेन-देन को लेकर विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर स्टेशन पर तैनात राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के जवान अमरदीप और दूसरे पक्ष को पकड़कर जीआरपी चौकी ले गए। इसी बीच कुछ समय बाद अमरदीप ट्रेन आता देख ट्रैक पर कूद गया। युवक प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर ट्रेन से कट गया। सूचना मिलते ही जीआरपी और रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी। फुफेरे भाई सुरेश ने घटना को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि यह सामान्य हादसा या आत्महत्या नहीं लगती और पूरे मामले की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। वहीं, पुलिस सूत्रों और सामने आए सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, दो वेंडरों के बीच हुए विवाद के बाद अमरदीप कथित रूप से मानसिक रूप से आहत था। फुटेज में वह प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर आ रही गोरखधाम एक्सप्रेस के सामने जाता दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि मौके पर मौजूद जीआरपी सिपाही सुनील ने उसे बचाने का प्रयास भी किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। इटावा सीओ जीआरपी उदय प्रताप सिंह ने बताया- जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों समेत घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मोदी सरकार की 12 साल की उपलब्धियों को लेकर अलवर के सूचना केंद्र में लगाई प्रदर्शनी का अवलोकन करने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और राज्य के वन मंत्री संजय शर्मा पहुंचे। उसके बाद 'प्रशासन शहरों के संग' अभियान का निरीक्षण करने यूआईटी (UIT) और नगर निगम भी गए। शिविर में उस वक्त बेहद दिलचस्प और भावुक पल देखने को मिला, जब एक बुजुर्ग महिला ने केंद्रीय मंत्री का हाथ पकड़ लिया। 'तुम मेरे भांजे लगते हो, शगुन तो लेना पड़ेगा...' यूआईटी में जैसे ही केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव शिविर का निरीक्षण कर बाहर निकलने लगे, तभी भीड़ में से आई एक बुजुर्ग महिला ने अचानक उनका हाथ पकड़ लिया। महिला ने अपनी जेब से 100 रुपए का नोट निकाला और मंत्री के हाथ में थमाने लगी। मंत्री को इस तरह पैसे दिए जाते देख वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी और अधिकारी एक पल के लिए दंग रह गए। तभी महिला मुस्कुराई और बोली— भैया, आप मेरे भांजे लगते हो। ये 100 रुपए तो आपको लेकर ही जाने होंगे। महिला का यह अपनापन देखकर केंद्रीय मंत्री भी मुस्कुराते हुए सिर झुकाकर महिला का आशीर्वाद लिया और शगुन के 100 रुपए अपनी रख लिए। तभी वन राज्य मंत्री संजय शर्मा भी बोल पड़े कि ले लो मामी दे रही हैं। महिला अनीता देवी ने बाद में बताया कि उसके भाई अनिल यादव हरियाणा से बीजेपी के एमएलए हैं। अलवर के खुदनपुरी में उनकी 11 बीघा जमीन पर मेव समाज के लोगों ने कब्जा कर लिया। फर्जी तरीके से पट्टे ले रहे हैं। यूआईटी में शिकायत के बावजूद उनकी जमीन पर पट्टे देना बंद नहीं किया है। न उनको जमीन का हक दिलाया जा रहा है। गुरुग्राम की अनीता बोलीं- 'भाई MLA है, पर अप्रोच नहीं लगाई; जमीन बचाओ मंत्री जी' यूआईटी सभागार में जनसुनवाई के दौरान एक और खास मामला सामने आया। यहां गुरुग्राम से आईं अनीता यादव ने केंद्रीय मंत्री के सामने अपनी पीड़ा रखते हुए कहा कि अलवर में उनकी मेहनत की कमाई से खरीदी गई जमीन है, जिसे कुछ मुस्लिम समुदाय के लोग हड़पना चाहते हैं। यहां यूआईटी में लगातार शिकायत दी है। यूआईटी सचिव ने अच्छा रेस्पोंस दिया है। लेकिन उसकी मेहनत की कमाई को कोई हड़प नहीं ले। महिला ने यह भी कहा कि मैंने किसी से कोई अप्रोच नहीं लगाई है। वैसे उसका खुद का भाई भी एमएलए है। लेकिन उससे एक बार भी नहीं बोला है। इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने यूआईटी सचिव से कहा कि इनका मामला दिखवाइए। प्रदर्शनी में दिखे 12 साल के विकास कार्य इससे पहले दोनों मंत्रियों ने सूचना केंद्र में मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल पर आधारित विकास प्रदर्शनी का फीता काटकर अवलोकन किया। प्रदर्शनी में केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और देश में हुए बुनियादी ढांचे के विकास को तस्वीरों के जरिए बखूबी दर्शाया गया था। यूआईटी के बाद जब मंत्रियों का काफिला नगर निगम कार्यालय पहुंचा, तो वहां एक व्यक्ति ने शिकायत की कि वह लंबे समय से 'प्रशासन शहरों के संग' अभियान के तहत पट्टा लेने के लिए चक्कर काट रहा है, लेकिन अधिकारी उसे टरका रहे हैं। 50 साल में बंगाल बदहाल हुआ, अब बंगाल विकास में आगे बढ़ा शिविर का निरीक्षण करने के बाद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि बंगाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व व करोड़ों कार्यकर्ताओं के परिश्रम के कारण जीत हुई है। पिछल 50 साल के कम्यूनिस्ट व ममता जी के शासन काल में बदहाल हुआ। वह बंगाल विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे लंबे समय से प्रधानमंत्री पद पर हैं। यह सेवा, समपर्ण व संकल्प का कार्यकाल रहा है। पूरे देश में गरीब कल्याण कार्यक्रम चलाएं। उनका लगातार कार्य करने का भाव देश के प्रति समर्पण है। विज्ञान से लेकर आध्यात्मक , विरासत से विकास की संकल्प यात्रा को आगे बढ़ाने है। भारत को दुनिया की मजबूत अर्थव्यवस्था के रूप में आगे बढ़ाना है।
पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने शुक्रवार को बालाघाट का दौरा किया। इस दौरान वे बालाघाट से लगे छत्तीसगढ़ के बंजार टोला स्थित बंजर नदी के उद्गम कुंड पहुंचे। यहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर नदी संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर पार्टी नेता, पदाधिकारी, प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे। मंत्री पटेल ने उद्गम स्थल को नमन किया और इसे नदियों के उद्गम की अपनी 'मानस यात्रा' का हिस्सा बताया। मंत्री पटेल ने कहा कि वे यहां आकर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे नर्मदा परिक्रमावासी हैं और उनके गुरुदेव ने कहा था कि जहां नदी का उद्गम होता है, वहां ऊर्जा होती है, और जहां संगम होता है, वहां से जीवन की संभावनाएं होती हैं। उन्होंने आगे कहा कि बंजारपुर के नागरिकों में ऊर्जा, न्याय और साहस समकक्ष लोगों से अधिक होगा। मंत्री ने इस पुण्य भूमि को नमन करते हुए कहा कि आज उनके जीवन की अपेक्षाएं पूरी हुई हैं।मंत्री पटेल ने बंजर नदी की ऐतिहासिकता बताते हुए कहा कि बंजर नदी का सर्वाधिक जल नर्मदा नदी में मिलता है।
वाराणसी जिला सत्र न्यायालय परिसर में शुक्रवार को महिला ने डायस पर चढ़कर हंगामा काटा। जिला जज की कोर्ट में पहुंचकर उनकी कुर्सी कब्जा कर लिया। महिला ने जिला जज की फाइलें उठाकर फिल्मी स्टाइल में मामले की सुनवाई शुरू कर दी। कोर्ट के हैमर को पटकते हुए 'ऑर्डर-ऑर्डर' बोलने लगी। गवाह और सबूत पेश करने का आदेश दिया। कोर्ट के कर्मचारियों पर तत्काल मुकदमे की फाइलें मांगी, नाराजगी जताते हुए आदेश का पालन करने की बात कही। सुरक्षा को धता बताते हुए महिला के जिला जज की कुर्सी पर बैठते ही हड़कंप मच गया। कोर्ट में पहुंचे वकीलों ने वीडियो बनाना शुरू किया तो महिला उन सब पर भड़क गई। कोर्ट से बाहर निकालने और कुर्सी से उतारने के लिए महिला पुलिसकर्मियों को बुलाया गया। आनन फानन महिला को हिरासत में लेकर कैंट थाने ले जाया गया, जहां उससे पूछताछ के बाद पहचान उजागर हुई। वहीं दूसरी ओर कोर्ट की सुरक्षा पर फिर सवाल उठने लगे हैं। लापरवाहों पर गाज गिरना तय है। बताया गया कि आज जिला जज अवकाश पर हैं। तस्वीरों में देखिए कोर्ट से महिला को खींचकर ले जाती पुलिस शुक्रवार को सुबह कचहरी खुलने के बाद कर्मचारियों ने सभी जजों की कोर्ट खोल दी। जिला जज समेत सभी कोर्ट में कर्मचारियों ने आज सुनवाई के लिए प्रस्तावित मुकदमों की फाइलें भी रख दी। इसी दौरान शिवपुर निवासी वंदना गुप्ता पत्नी अंबुज गुप्ता महिला कोर्ट में घुसी और जिला जज के आने का समय पूछने लगी। कर्मचारियों की नजरें ओझल होते ही महिला जिला जज की डायस पर पहुंच और कुर्सी पर बैठकर फिल्मी स्टाइल में 'ऑर्डर-ऑर्डर' चिल्लाने लगी। खुद को जिला जज वंदना गुप्ता बताते हुए फाइलें तलब करने लगी। वकीलों को देखकर कहा कि आप लोग खड़े मत हो, गवाह और सबूत पेश करिए। आज सारे मामले की सुनवाई मैं करूंगी। जो भी काम हो हमको बताया जाए। इसके बाद परिसर में हड़कंप मच गया। सूचना के बाद बड़ी संख्या में वकील जिला जज कोर्ट की ओर भागे। अदंर पहुंचने पर महिला कुसी पर कब्जा करके बैठे थी, कई लोगों के कहने के बावजूद वह उतरने को तैयार नहीं थी। पुलिसकर्मी और वकील डायस के पास पहुंचे तो उन पर चिल्लाने लगी। पास आने वालों को धमका भी रही थी। इसके बाद महिला पुलिस बल बुलाकर उसे उतारा गया। पुलिस महिला को अपने साथ कैंट थाने ले गइ्र। अपर जिला जज ने लगाई फटकार, तलब की रिपोर्ट वाराणसी जिला जज की अदालत की सुरक्षा व्यवस्था में आज गंभीर चूक सामने आई। उनकी कुर्सी पर महिला के बैठने के बाद कोर्ट के जिम्मेदार के हाथ पांव फूल गए हैं। वंदना गुप्ता (50) के मामले में जांच शुरू हो गई है। घटना की जानकारी पर अपर जिला जज यजुवेंद्र विक्रम सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगे जाने के निर्देश दिए। इस घटना के बाद न्यायालय प्रशासन ने सभी प्रवेश द्वारों पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को निर्देश दिए हैं कि उक्त महिला को कचहरी परिसर में प्रवेश न करने दिया जाए। घटना के बाद न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पहले भी कोर्ट परिसर में आई महिला वकीलों के अनुसार पंचकोशी रोड शिवपुर निवासी महिला वंदना गुप्ता पत्नी अंबुज अग्रवाल (50 वर्ष) का यह पहला दुस्साहस नहीं है, इससे पहले भी एक कोर्ट में पहुंचकर वह ऐसा कर चुकी है। जानकारी के अनुसार, महिला का न्यायालय में कोई मामला लंबित नहीं है। बताया जा रहा है कि वह पूर्व में भी कई बार न्यायालय परिसर में पहुंचकर जज की कुर्सी पर बैठ चुकी है और विवाद की स्थिति उत्पन्न कर चुकी है। अधिवक्ताओं का कहना है कि परिसर में जिला शासकीय अधिवक्ताओं के कार्यालय और चैंबर भी स्थित हैं, ऐसे में सुरक्षा में इस तरह की चूक चिंताजनक है। उन्होंने न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किए जाने की मांग की है।
लखीमपुर में आवारा कुत्ते से लोगों में डर का माहौल:आईजीआरएस निस्तारण को लेकर जताई नाराजगी
लखीमपुर खीरी के श्याम नगर कॉलोनी क्षेत्र में एक कथित खतरनाक कुत्ते के आतंक से स्थानीय निवासी परेशान हैं। एक शिकायतकर्ता ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, खासकर आईजीआरएस शिकायत के निस्तारण को लेकर। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सीतापुर रोड से कॉलोनी में प्रवेश करते ही एक सफेद कुत्ता राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों पर हमला करता है। शिकायतकर्ता के अनुसार, पिछले एक महीने में इस कुत्ते ने उन्हें दो बार काटा है। इस संबंध में 1 जून को आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। लगभग 10 दिन बाद, नगर पालिका ने शिकायत का निस्तारण करते हुए कुत्ते को पालतू बताया और उसके मालिक को उसे बांधकर रखने का निर्देश दिया। हालांकि, शिकायतकर्ता का कहना है कि निस्तारण के बावजूद कुत्ता अभी भी खुले में घूम रहा है और लोगों के लिए खतरा बना हुआ है। शिकायतकर्ता ने नगर पालिका के इस दावे पर भी सवाल उठाया है कि उनके पास एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) सेंटर नहीं है। उन्होंने पूछा है कि यदि सेंटर नहीं है, तो हाल ही में चलाए गए अभियान के दौरान पकड़े गए कुत्तों को कहां रखा गया था। इसके अतिरिक्त, शिकायतकर्ता ने रिपोर्ट में अपनी उपस्थिति में निरीक्षण किए जाने के दावे को भी गलत बताया है। उनका कहना है कि जिस दिन निरीक्षण का उल्लेख किया गया है, उस समय वह मौके पर मौजूद नहीं थीं। शिकायतकर्ता के पास डॉग बाइट के निशान, मेडिकल रिकॉर्ड, कुत्ते के खुले घूमने के फोटो-वीडियो, शिकायत और निस्तारण रिपोर्ट के स्क्रीनशॉट, तथा अधिकारियों के साथ हुई बातचीत के रिकॉर्ड जैसे सबूत उपलब्ध हैं। उन्होंने नगर पालिका से मामले की निष्पक्ष जांच और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में, समाचार लिखे जाने तक नगर पालिका का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। पालिका की प्रतिक्रिया मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
CCPL सीजन 3 के दोनों सेमिफाइनल मुकाबले खेले जाने हैं। पहला सेमिफाइनल मुकाबला दोपहर 3 बजे बिलासपुर बुल्स और बस्तर बायसंस के बीच खेला जाएगा। वहीं दूसरा सेमिफाइनल मुकाला सेमीफाइनल-2 शाम 7:30 बजे से रायगढ़ लॉयन्स और रायपुर रायनोज के होगा। बिलासपुर बुल्स लीग स्टेज के सारे मैच जीतकर प्वाइंट्स टेबल पर पहले स्थान पर रही। जबकि बस्तर बायसंस ने आखिरी के दो मैच जीतकर सेमीफाइनल का टिकट पक्का किया। वहीं रायगढ़ लॉयन्स ने लीग चरण में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। दूसरी ओर डिफेंडिंग चैंपियन रायपुर रायनोज खिताब बचाने के इरादे से मैदान में उतरेगी। अब तक रायपुर का मिला-जुला प्रदर्शन रहा है। फाइनल मुकाबला 14 जून को खेला जाएगा। रायपुर रायनोज के कप्तान के पास ऑरेंज कैप डिफेंडिंग चैंपियन रायपुर के साथ सबसे अच्छी बात ये है कि उनके कप्तान का हालिया फॉर्म जबर्दस्त चल रहा है। लीग मैचों में वो टॉप स्कोकर हैं। उन्होंने 5 मैचों में 319 रन बनाए हैं। इसमें दो शतक शामिल हैं। दूसरे नंबर पर बिलासपुर बुल्स के युवा बल्लेबाज विकल्प तिवारी रहे, जिन्होंने 259 रन बनाए। वहीं बस्तर बायसंस के राहुल प्रधान 257 रन के साथ तीसरे स्थान पर रहे। दोनों बल्लेबाजों के बीच सिर्फ दो रन का अंतर रहा। सूची में चौथे स्थान पर रायगढ़ लॉयन्स के संगीत सोनी हैं। उन्होंने 243 रन बनाए हैं। पांचवें नंबर पर रायपुर रायनोज के अमित कुमार यादव रहे, जिनके नाम 241 रन दर्ज हैं।
वंदे भारत की चपेट में आने से युवक की मौत:घर से बाजार जाने के लिए निकला था; रात तक वापस नहीं लौटा
अलवर जिले के राजगढ़-बांदीकुई रेलवे लाइन पर देर रात वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से 18 साल के युवक की मौत हो गई। घटना माता जी के नाले के पास हुई। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। वहीं, राजगढ़ पुलिस और रेलवे पुलिस (जीआरपी) भी घटनास्थल पर पहुंची। शव को अपने कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू की। जीआरपी हेड कॉन्स्टेबल सरदार सिंह गुर्जर ने बताया- राजगढ़ रेलवे स्टेशन मास्टर से सूचना मिली थी कि दिल्ली से जयपुर जा रही वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई है। सूचना पर पुलिस टीम रात में ही मौके पर पहुंची। शव को राजगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मोर्चरी में रखवाया गया। बाजार से सामान लेने गया था युवक शुक्रवार सुबह मृतक की पहचान थानाराजाजी निवासी दीपांशु वर्मा (18) पुत्र भगवान सहाय वर्मा के रूप में हुई। पहचान होने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक के पिता भगवान सहाय वर्मा ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि गुरुवार को उनका बेटा दीपांशु राजगढ़ बाजार में सामान लेने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। बाद में सूचना मिली कि उसकी वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई है। पुलिस कर रही जांच पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और युवक के ट्रेन की चपेट में आने के कारणों की जांच की जा रही है। हादसे के बाद परिवार में शोक का माहौल है।
वीरवाड़ा जैन मंदिर में घुसा मगरमच्छ:लोगों में मचा हड़कंप, वन विभाग ने रेस्क्यू कर बनास डैम में छोड़ा
सिरोही जिले के पिंडवाड़ा तहसील के वीरवाड़ा गांव स्थित जैन मंदिर में शुक्रवार सुबह एक मगरमच्छ घुस गया। इससे वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू किया। बाद में उसे धनारी (बनास) डैम में छोड़ा गया। लोगों ने दी वन विभाग को सूचनाजानकारी के अनुसार मंदिर में मगरमच्छ को देखकर लोगों ने तुरंत वन विभाग पिंडवाड़ा को सूचित किया। वन विभाग के रेंजर प्रेम सागर को घटना की सूचना दी गई। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम, जिसमें बनास के नाका प्रभारी मनीष कुमार, वनरक्षक सुरेश विश्नोई, कृष्ण कुमार, रमीला वन मित्र, देवीसिंह, और रेस्क्यू टीम के महेंद्र गर्ग व चुन्नीलाल शामिल थे, वीरवाड़ा गांव पहुंची। टीम ने सावधानीपूर्वक मगरमच्छ को पकड़ा और सरकारी वाहन से धनारी (बनास) डैम ले गई। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर मगरमच्छ को डैम में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।
झाबुआ बस स्टैंड पर शुक्रवार को एक महिला जेबकतरी को रंगे हाथों पकड़ा गया। वह एक निजी यात्री बस में चढ़कर भागने की कोशिश कर रही थी, तभी एक ग्रामीण महिला ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद भीड़ ने उसकी पिटाई कर दी और पुलिस को सूचना दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्र से आई एक महिला बस स्टैंड पर मौजूद थी। इसी दौरान एक अन्य महिला ने उसके पर्स से नकदी निकाल ली। चोरी का पता चलते ही पीड़िता ने तुरंत आरोपी महिला का पीछा किया। आरोपी महिला एक निजी यात्री बस में सवार होकर भागने का प्रयास कर रही थी, लेकिन पीड़िता ने उसे बस में चढ़ने से पहले ही पकड़ लिया। बस स्टैंड पर देखते ही देखते लोगों की भीड़ जमा हो गई। गुस्साई ग्रामीण महिला ने आरोपी की सार्वजनिक रूप से पिटाई कर दी। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने इस घटना का वीडियो भी अपने मोबाइल में कैद कर लिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है। घटना स्थल की अन्य तस्वीरें…
जौनपुर में 24 घंटे में 2 डिग्री बढ़ा तापमान:उमस भरी गर्मी से जनजीवन प्रभावित, बारिश की संभावना
जौनपुर में शुक्रवार को हल्की धूप और बादलों की आवाजाही के बीच उमस भरी गर्मी जारी रही। पिछले 24 घंटों में जिले के तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है। शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले गुरुवार को भोर में आई आंधी के कारण अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिली थी। उमस भरी गर्मी के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। बुधवार को तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते लोग दिन में घरों से निकलने से बचते रहे। सुबह 10 बजे के बाद से ही सड़कें सूनी नजर आने लगी थीं। इस बीच, शीतल पेय पदार्थों की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखी जा रही है। चिकित्सकों ने भीषण गर्मी से बचाव के लिए आवश्यक उपाय अपनाने की सलाह दी है। मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि आने वाले दिनों में बारिश के साथ तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। एक सप्ताह का तापमान एक नजर मेंदिनांक अधिकतम न्यूनतम5 जून 41 276 जून 39 287 जून। 39 278 जून. 42. 299 जून. 40. 2810 जून. 42. 2911 जून. 34. 2712 जून 36 29
राजधानी भोपाल में ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं के खिलाफ शुक्रवार को अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला। भोपाल टैक्सी चालक संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में ड्राइवर बोर्ड ऑफिस चौराहे पर इकट्ठा हुए और फटे कपड़े पहनकर कटोरा लेकर प्रतीकात्मक भीख मांगते नजर आए। ड्राइवरों ने ओला, उबर और रेपिडो कंपनियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोप लगाया कि कंपनियों की नीतियों ने उन्हें इस हालात में पहुंचा दिया है। प्रदर्शन के दौरान एक ड्राइवर ने भावुक होकर कहा, भैया, कंपनियों ने हमारी हालत ऐसी कर दी है कि कपड़े तक नहीं खरीद पा रहे। चड्डी-बनियान तक फट चुकी है। रेट इतने कम हैं कि गाड़ी चलाना भी मुश्किल हो गया है। ₹9 प्रति किमी मिल रहा, खर्च ₹11 तक संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष श्रवण कुमार शर्मा ने बताया कि वर्तमान में ड्राइवरों को औसतन ₹9 प्रति किलोमीटर तक ही किराया मिल रहा है, जबकि डीजल, पेट्रोल और सीएनजी के बढ़े दामों के कारण गाड़ी का खर्च ₹11 प्रति किलोमीटर तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा, दो में से एक ही काम हो पा रहा है, या तो घर चला लें या गाड़ी की किस्त भरें। दोनों एक साथ संभव नहीं है। सरकार और कंपनियों पर अनदेखी का आरोप महामंत्री राजेश कुमार नागले ने कहा कि आरटीओ की गाइडलाइन के अनुसार जो किराया तय किया गया है, उसका पालन कंपनियां नहीं कर रही हैं। उन्होंने बताया, 2014-15 में जब कंपनियों ने भोपाल में काम शुरू किया था, तब गाइडलाइन का पालन हुआ। लेकिन बाद में मनमानी शुरू हो गई और अब हालात ऐसे हैं कि ड्राइवरों का जीना मुश्किल हो गया है। आश्वासन मिलता है, समाधान नहींचालकों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगें उठा रहे हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन देकर मामला टाल दिया जाता है। एक चालक ने कहा, निर्णय कुछ नहीं निकलता, बस आश्वासन देकर निकल जाते हैं। किराया बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं संघ ने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य मुद्दा सरकार द्वारा निर्धारित किराए का पालन कराना है। आरोप है कि कंपनियां एक प्रावधान का हवाला देकर निर्धारित किराए से भी कम भुगतान कर रही हैं।नागले ने कहा, किराया बढ़ाना ही एकमात्र समाधान है, नहीं तो आंदोलन और उग्र होगा। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मांगें नहीं मानी गईं तो भोपाल में टैक्सी और ऑटो सेवा पूरी तरह ठप कर दी जाएगी।
गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में डेयरी संचालक ओमकार की हत्या और अपहरण मामले में फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान 50-50 हजार रुपए के इनामी सौरभ और गोपाल के रूप में हुई है। मुठभेड़ के दौरान दोनों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले का एक अन्य 50 हजार का इनामी आरोपी अभी भी फरार है। मालवीय नगर में हुई मुठभेड़ दिल्ली क्राइम ब्रांच को देर रात सूचना मिली थी कि गाजियाबाद के वांछित अपराधी सौरभ और गोपाल मालवीय नगर इलाके में मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने अरबिंदो कॉलेज के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखकर दोनों आरोपियों ने भागने का प्रयास किया। इस दौरान हुई मुठभेड़ में दोनों घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। 30 मई को दिनदहाड़े हुई थी वारदात लोनी क्षेत्र में 30 मई को डेयरी संचालक ओमकार को बदमाशों ने गोली मारने के बाद अपने साथ ले गए थे। जांच में सामने आया कि ओमकार को सात गोलियां मारी गई थीं। परिजनों की शिकायत पर गांव के ही रहने वाले गौरव, सौरभ, गोपाल, मोहित समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस जांच में यह मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा पाया गया। 14 दिन बाद भी नहीं मिला ओमकार का शव मामले में गिरफ्तार आरोपी मोहित ने पूछताछ में बताया था कि ओमकार के शव को बागपत की एक नहर में फेंक दिया गया। वहीं दूसरे आरोपी गौरव ने दावा किया कि शव को पूठ गंग नहर में फेंका गया था। विरोधाभासी बयानों के चलते पुलिस की जांच और जटिल हो गई है। ओमकार की तलाश के लिए पुलिस की 10 टीमें और एनडीआरएफ लगातार सर्च अभियान चला रही हैं, लेकिन घटना के 14 दिन बाद भी शव बरामद नहीं हो सका है। पंचायत में हुए विवाद के बाद रची गई हत्या की साजिश पुलिस जांच में सामने आया कि गोपाल के भाई अंकुर की हत्या के मामले में शिवम उर्फ शैंकी जेल गया था। जमानत पर रिहा होने के बाद उसके स्वागत का वीडियो देवांश ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया था। इसी बात को लेकर गोपाल और सौरभ की देवांश से रंजिश हो गई थी। बताया जा रहा है कि 20 मई को दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद 29 मई को गांव में पंचायत बुलाई गई। आरोप है कि पंचायत के दौरान ओमकार ने सौरभ के पिता विजेंद्र को थप्पड़ मार दिया था। पुलिस के अनुसार, इसी घटना से नाराज होकर आरोपियों ने बदला लेने की योजना बनाई और 30 मई को ओमकार की हत्या कर दी। एक आरोपी अब भी फरार पुलिस के मुताबिक, मामले में अधिकांश आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। हालांकि एक 50 हजार रुपए का इनामी आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सागर में लोकायुक्त की टीम ने कार्रवाई करते हुए पटवारी को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा है। पटवारी कृषि भूमि का नामांतरण करने के एवज में रिश्वत मांग रहा था। लोकायुक्त मामले में कार्रवाई कर रही है। जानकारी के अनुसार, फरियादी भगवानदास सोलंकी निवासी जैसीनगर ने लोकायुक्त में 8 जून को शिकायत की थी। शिकायत में बताया कि उनकी करीब साढ़े 3 एकड़ कृषि भूमि कंकर कुइयां बम्होरी घाट में है। जिसका नामांतरण करना है। नामांतरण कराने के लिए वे कंकर कुइयां हल्का के पटवारी मानवेंद्र सिंह से मिले। पटवारी ने नामांतरण कराने के एवज में 10 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। रिश्वत नहीं देने पर पटवारी नामांतरण नहीं कर रहा था। परेशान होकर फरियादी ने शिकायत की। शिकायत मिलते ही लोकायुक्त ने जांच शुरू की। जांच में शिकायत सही पाई गई। जिसके बाद शुक्रवार को लोकायुक्त की टीम ने फरियादी भगवानदास को रिश्वत की राशि लेकर पटवारी के पास भेजा। 3 मिनट में पैसे लेकर तिली तिगड्डा बुलायापटवारी ने फरियादी को पहले संजय ड्राइव पर बुलाया। भगवानदास संजय ड्राइव पहुंचे तो उसने कहा कि 3 मिनट में तिली तिगड्डा आ जाओ। वे तिली तिगड्डा पहुंचे और रिश्वत की राशि पटवारी को दी। पैसे देते ही लोकायुक्त की टीम ने घेराबंदी कर पटवारी मानवेंद्र सिंह को रंगेहाथ 10 हजार की रिश्वत के साथ पकड़ लिया। लोकायुक्त निरीक्षक रंजीत सिंह ने बताया कि पटवारी मानवेंद्र सिंह को 10 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा है। पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच में लिया गया है।
पन्ना-अमानगंज मुख्य मार्ग पर कुर्सी मोड़ के पास शुक्रवार सुबह सड़क हादसे में दो साल के मासूम बालक की मौत हो गई। हादसे में बच्चे की मां गंभीर रूप से घायल हो गई। ग्राम विलहटा निवासी गुमान आदिवासी (15), वर्तमान में तारा टेक, थाना अमानगंज में रहता है। युवक बाइक पर दीदी सावित्री बाई और दो वर्षीय भांजे मुकेश आदिवासी को लेकर तारा टेक से अमानगंज की ओर जा रहा था। कुर्सी मोड़ के पास सामने से आ रहे एक ट्रक-ट्राला (क्रमांक NL-01-AK-2131) से उनकी बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के बाद बाइक पर सवार तीनों सड़क पर गिर गए। इसी दौरान मासूम ट्राला के पिछले पहिए की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की मां सावित्री बाई के दोनों पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। टक्कर के बाद मासूम का शव क्षत-विक्षत हुआ चश्मदीदों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्राला के पहिए की चपेट में आने से मासूम का शव क्षत-विक्षत हो गया। हादसे के बाद आरोपी ट्राला चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर अमानगंज पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। घायल सावित्री बाई को तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटनाग्रस्त ट्राला को जब्त कर लिया है। फरार चालक की तलाश जारी है।
हरियाणा के नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर अपराध जांच शाखा (सीआईए) नूंह और पशु तस्करों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो आरोपी घायल हो गए। उन्हें मौके से गिरफ्तार कर इलाज के लिए शहीद हसन खां मेवाती मेडिकल कॉलेज, नल्हड़ में भर्ती कराया गया है। पुलिस को देर रात करीब 12:30 बजे पशु तस्करी की सूचना मिली थी। सीआईए नूंह की टीम ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर एक संदिग्ध पिकअप वाहन को रोकने का प्रयास किया। हालांकि, वाहन सवार आरोपियों ने भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने पीछा कर वाहन को घेर लिया। जवाबी कार्रवाई में लगी गोली घेराबंदी के दौरान पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने के बाद दो आरोपियों को काबू कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फिरोजपुर झिरका निवासी शाहिद पुत्र यूसुफ खान और मुस्तफा पुत्र नयूम के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पिकअप वाहन में पांच ऊंटों को वध के लिए ले जा रहे थे। पुलिस ने वाहन की तलाशी के दौरान एक देसी कट्टा और पांच ऊंट बरामद किए हैं, जिन्हें कब्जे में ले लिया गया है। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है और पशु तस्करी से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। मामले की जांच जारी है।
बलौदाबाजार जिले के पलारी क्षेत्र अंतर्गत गिधपुरी थाना के ठीक सामने मॉर्निंग वॉक पर निकले एक 62 वर्षीय बुजुर्ग की अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसा गुरुवार सुबह करीब 4:30 बजे हुआ। घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस आरोपी वाहन का पता नहीं लगा सकी है। जानकारी के अनुसार, ग्राम गिधपुरी निवासी यशवंत पुरानवे (62) प्रतिदिन की तरह सुबह टहलने निकले थे। इसी दौरान गिधपुरी थाना के सामने तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। बुजुर्ग की मौके पर ही मौत टक्कर इतनी भीषण थी कि बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई। कुछ समय बाद मॉर्निंग वॉक के लिए निकले अन्य ग्रामीणों ने सड़क पर शव पड़ा देखा और तत्काल इसकी सूचना परिजनों एवं पुलिस को दी। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव सूचना मिलते ही गिधपुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई की। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। हालांकि, घटना के एक दिन बाद भी पुलिस फरार वाहन और चालक तक नहीं पहुंच पाई है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है। ओवरलोड रेत वाहनों पर ग्रामीणों का शक स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि गिधपुरी-घोटिया मार्ग पर दिन-रात बड़ी संख्या में ओवरलोड हाइवा और अन्य वाहन अवैध रेत परिवहन करते हैं। उनका कहना है कि सुबह के समय इस मार्ग पर मुख्य रूप से रेत से भरे वाहन ही संचालित होते हैं। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि थाना परिसर के सामने हुई इतनी बड़ी घटना के बावजूद पुलिस अब तक जिम्मेदार वाहन की पहचान क्यों नहीं कर सकी है। रेत घाटों से जुटाई जाएगी जानकारी मामले में थाना प्रभारी सुखेंन देखमुख ने बताया कि दुर्घटना करने वाले वाहन का अब तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में जांच कर रही है और रेत घाटों से भी वाहनों की जानकारी जुटाई जाएगी। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध रेत खनन और बिना रॉयल्टी पर्ची के परिवहन की शिकायतें लंबे समय से मिलती रही हैं। ऐसे में आरोपी वाहन तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। जांच जारी पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर फरार वाहन की तलाश कर रही है। परिजन और ग्रामीण जल्द से जल्द आरोपी ड्राइवर की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में पुलिस अभिरक्षा से एक एनडीपीएस आरोपी के फरार होने के बाद ASI सहित 4 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने कर्तव्य में घोर लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर यह सख्त कार्रवाई की। फरार आरोपी के खिलाफ एक और मामला दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है। यह घटना 11 जून 2026 को हुई, जब धमतरी जिले के सिहावा थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार आरोपी को चिकित्सीय परीक्षण के लिए सिहावा थाने से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगरी ले जाया जा रहा था। इस दौरान सहायक उप निरीक्षक सोनचंद डहरिया, आरक्षक अजय नेताम, डीएसएफ आरक्षक हिमेश नेताम और महिला आरक्षक डिगेश्वरी साहू आरोपी की सुरक्षा अभिरक्षा में थे। महाराष्ट्र का रहने वाला है आरोपी चिकित्सीय परीक्षण के दौरान नागपुर (महाराष्ट्र) के कचूरवाही निवासी 32 वर्षीय पलाश गजभिए (पिता किशोर गजभिए) पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया। फरार आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत एक और मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने इस मामले को गंभीरता से लिया। शुरुआती जांच में पाया गया कि संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों ने आरोपी की सुरक्षा और निगरानी में घोर लापरवाही बरती और निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन नहीं किया। सहायक उप निरीक्षक समेत 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड एसपी सूरज सिंह परिहार ने कर्तव्य के प्रति गंभीर उदासीनता और लापरवाही को देखते हुए सहायक उप निरीक्षक सोनचंद डहरिया, आरक्षक अजय नेताम, डीएसएफ आरक्षक हिमेश नेताम और महिला आरक्षक डिगेश्वरी साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान इन सभी अधिकारी-कर्मचारियों का मुख्यालय रक्षित आरक्षक केंद्र धमतरी निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता और अन्य देय भत्ते प्राप्त होते रहेंगे। इस मामले में आगे की जांच जारी है। फरार आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस ने आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया है।
जमीन सीमांकन पर विवाद, दो गुट आपस में भिड़े:2 लोग घायल, शाजापुर जिला अस्पताल में एडमिट; शिकायत दर्ज
शाजापुर के कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम पिपलिया इंदौर में शुक्रवार सुबह जमीन के सीमांकन के दौरान दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते यह विवाद मारपीट में बदल गया, जिसमें दो लोग घायल हो गए। घायलों की पहचान जयप्रकाश जाट और वीरेंद्र जाट के रूप में हुई है। दोनों को परिजनों और ग्रामीणों की मदद से शाजापुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। सीमांकन के दौरान बढ़ा विवाद जानकारी के अनुसार, जयप्रकाश जाट ने बताया कि उनके खेत की जमीन का सीमांकन किया जा रहा था। इसी दौरान पड़ोसी खेत से जुड़े लोगों के साथ कहासुनी हो गई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। जयप्रकाश का आरोप है कि रमेश, दिनेश और उनके परिवार की महिलाओं व लड़कियों ने भी उन पर हमला किया। इस दौरान जयप्रकाश और वीरेंद्र जाट घायल हो गए। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की जानकारी पुलिस को दे दी गई है। पुलिस ने शिकायत और मौके पर मौजूद तथ्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दोनों घायलों का अस्पताल में उपचार जारी है।
सहारनपुर के गोगामेडी परिसर स्थित गोरख गंगा सरोवर को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। शुक्रवार को श्री गोगा म्हाड़ी सुधार सभा के पदाधिकारी जिलाधिकारी से मिले और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। संगठन ने सरोवर की धार्मिक पहचान बनाए रखने तथा परिसर में गैर-सनातनी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग उठाई है। 'गोरख गंगा सरोवर' का नाम बदलने पर जताई आपत्ति सभा के चौधरी अनिल प्रताप सैनी ने बताया कि गोगामेडी परिसर स्थित प्राचीन सरोवर का पिछले वर्ष जीर्णोद्धार कराया गया था। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका उद्घाटन गोरख गंगा सरोवर के नाम से किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में नगर निगम ने इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करते हुए कपिल फन पॉइंट नाम दे दिया, जिससे सरोवर की धार्मिक पहचान प्रभावित हुई है। धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप डीएम को दिए गए ज्ञापन में संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि गोगामेडी हिंदू समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र है। उनका आरोप है कि वर्तमान व्यवस्था के कारण बड़ी संख्या में गैर-सनातनी लोग परिसर में पहुंच रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। संगठन ने प्रशासन से मांग की कि धार्मिक स्थल की पवित्रता और परंपराओं को बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। श्रद्धालुओं में असंतोष का दावा सभा से जुड़े विकास सैनी, विनोद कश्यप और चेतन दास ने कहा कि परिसर की मौजूदा स्थिति को लेकर श्रद्धालुओं में असंतोष है। उनका कहना है कि धार्मिक वातावरण को सुरक्षित रखने और पारंपरिक स्वरूप बनाए रखने के लिए प्रशासन को ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन की चेतावनी पदाधिकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे परिसर के प्रवेश द्वारों पर गंगाजल और गोमूत्र के छिड़काव जैसी व्यवस्थाओं पर भी विचार करेंगे। हालांकि, इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन द्वारा ज्ञापन प्राप्त कर मामले पर विचार किए जाने की बात कही गई है।
अलीगढ़ में बुधवार को आई तेज आंधी, धूल भरी हवाओं और बूंदाबांदी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। 70 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने खेतों में खड़ी कई फसलों को नुकसान पहुंचाया है। सबसे ज्यादा असर बेल वाली फसलों, टमाटर, मिर्च और आम के बागों पर पड़ा है। किसानों का कहना है कि तेज हवाओं के कारण फसलों के फूल और फल झड़ गए हैं, जिससे उत्पादन में कमी आने की आशंका है। कई किसानों ने 15 से 30 प्रतिशत तक नुकसान होने का दावा किया है। खरबूज-तरबूज की बेलें पलटीं, फूल झड़े किसान राम सिंह ने बताया कि तेज हवाओं से खरबूज और तरबूज की बेलें पलट गईं। इससे बड़ी संख्या में फूल झड़ गए, जो आगे चलकर फलों में बदलते। उनका कहना है कि बूंदाबांदी के बाद निकली तेज धूप का असर फलों की गुणवत्ता पर भी पड़ सकता है। राम सिंह के अनुसार, इस मौसमीय प्रकोप से उनकी फसल का 15 से 30 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। टमाटर और मिर्च की फसल भी प्रभावित किसान अशोक ने बताया कि आंधी के कारण टमाटर के कई पौधे टूट गए हैं। वहीं मिर्च की फसल में आने वाला फूल और बौर भी झड़ गया है। इससे उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका है। किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में मौसम सामान्य नहीं रहा तो सब्जियों की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है, जिसका असर बाजार कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है। आम के बागों में 20-25% नुकसान का दावा आम उत्पादकों को भी आंधी से बड़ा झटका लगा है। बागवानों के मुताबिक तेज हवा के चलते पेड़ों पर लगे कच्चे आम बड़ी संख्या में टूटकर जमीन पर गिर गए। कई फल गिरने के बाद फट गए, जिससे उन्हें सीधा आर्थिक नुकसान हुआ है। किसानों ने आम की फसल में 20 से 25 प्रतिशत तक नुकसान होने का अनुमान लगाया है। सर्वे और मुआवजे की मांग किसानों का कहना है कि हर साल मौसम की मार से उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है, लेकिन राहत और मुआवजा मिलने की प्रक्रिया काफी धीमी रहती है। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वे कराने, नुकसान का आकलन करने और किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
अमेठी में अवैध खनन पर पुलिस का शिकंजा:मुसाफिरखाना पुलिस ने 5 डंपर जब्त किए, एमवी एक्ट में कार्रवाई
अमेठी में अवैध खनन के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी है। पुलिस अधीक्षक सरवणन टी के निर्देश पर मुसाफिरखाना थाना पुलिस ने पांच डंपर जब्त किए हैं। ये सभी डंपर बिना वैध अनुमति और कागजात के खनन कार्य में लगे थे। पुलिस ने चालकों से खनन परमिट और वाहन के दस्तावेज मांगे, लेकिन वे कोई भी वैध प्रपत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद, सभी डंपरों को कब्जे में लेकर मोटर वाहन अधिनियम (एमवी एक्ट) की धारा 207 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक सरवणन टी के निर्देशन में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत मुसाफिरखाना पुलिस को यह सफलता मिली। अवैध खनन की सूचना पर पुलिस टीम ने क्षेत्र में छापेमारी की और मौके से पांच डंपर जब्त किए। जब्त किए गए वाहनों के नंबर यूपी 85 ईटी 3115, यूपी 95 टी 4077, यूपी 85 ईटी 3133, यूपी 85 ईटी 3134 और यूपी 32 एमएन 8269 हैं। थाना मुसाफिरखाना पुलिस ने पकड़े गए वाहनों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई को प्रभारी निरीक्षक विवेक कुमार सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक गोपाल मणि मिश्र, उपनिरीक्षक राम पलट, हेड कांस्टेबल आयुष कुमार यादव, कांस्टेबल पुनीत खोखर, कांस्टेबल आशुतोष कुमार, रिजर्व कांस्टेबल अजय कुमार मौर्या और रिजर्व कांस्टेबल अमन मिश्रा की टीम ने अंजाम दिया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अवैध खनन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
हिसार जिले के बालसमंद क्षेत्र में 4 दिन से बिजली और पानी के संकट से परेशान ग्रामीणों ने हिसार-भादरा मुख्य मार्ग को धीरनवास के निकट जाम कर दिया। यह विरोध प्रदर्शन क्षेत्र में आई तेज आंधी और बारिश के बाद बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण किया गया। 4 दिन पहले आई आंधी और बारिश के कारण 500 से अधिक बिजली के खंभे गिर गए थे। इसके परिणामस्वरूप धीरनवास, रावलवास खुर्द, टोकस, पातन और हिन्दवान सहित आसपास के कई गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। लगातार बिजली गुल रहने से ग्रामीणों को पेयजल की गंभीर समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है। जाम से यात्रियों को हुई असुविधा ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद बिजली विभाग समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं कर रहा है। इसी के विरोध में ग्रामीणों ने हिसार-भादरा रोड पर धरना देकर यातायात बाधित कर दिया। रोड जाम होने से मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को असुविधा हुई। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया। समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों ने मांग की कि बिजली व्यवस्था को युद्ध स्तर पर बहाल किया जाए और प्रभावित गांवों में पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। वहीं, एसडीओ धर्मवीर ने बताया कि क्षेत्र में बिजली समस्या के समाधान के लिए कर्मचारी दिन-रात काम कर रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति आज सुचारू कर दी जाएगी।
समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने सोनभद्र में सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ अभद्र टिप्पणी किए जाने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में प्रार्थना पत्र सौंपा। कार्यकर्ताओं ने संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की। सोनभद्र में समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कोतवाली पहुंचकर एक प्रार्थना पत्र सौंपा। इसमें सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित रूप से अभद्र भाषा और आपत्तिजनक पोस्ट किए जाने के मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई। सपा कार्यकर्ताओं ने प्रभारी निरीक्षक से मुलाकात कर बताया कि पिछले तीन-चार दिनों से सोशल मीडिया पर अदिति यादव के खिलाफ लगातार अमर्यादित टिप्पणियां और आपत्तिजनक पोस्ट साझा किए जा रहे हैं। उनका कहना था कि इस प्रकार की भाषा और व्यवहार सामाजिक मर्यादाओं के विपरीत है तथा स्वस्थ लोकतांत्रिक माहौल को प्रभावित करता है। सपा जिला सचिव प्रमोद यादव ने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन किसी नेता के परिवार, विशेषकर बहन-बेटियों के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अदिति यादव ही नहीं, बल्कि समाज की किसी भी बेटी का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता, चाहे वह किसी भी जाति, धर्म या वर्ग से संबंधित हो। सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक और अपमानजनक सामग्री प्रसारित करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस दौरान सपा नगर अध्यक्ष सरदार पार ब्रह्म सिंह, राजेश यादव एडवोकेट, जुनैद अंसारी, कामता प्रसाद यादव एडवोकेट, शौर्य त्रिपाठी, सुरेश अग्रहरी सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बाराबंकी जिले के बदोसराय कोतवाली क्षेत्र के बरदरी गांव में एक 25 वर्षीय युवक का शव उसके घर के अंदर फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतारकर अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। हालांकि, ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि युवक किसी प्रेम प्रसंग के चलते तनाव में था, जिसके कारण उसने यह कदम उठाया। पुलिस ने अभी तक आत्महत्या के पीछे के किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया है और जिस कमरे में शव मिला था, उसे सील कर दिया है। मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। युवक की असामयिक मौत से उसके परिवार में गहरा शोक व्याप्त है।
राज्यसभा चुनाव में डॉ. सतीश पूनिया और डॉ. अलका गुर्जर के निर्विरोध निर्वाचित होने पर चूरू में भाजपा कार्यकर्ताओं ने खुशी मनाई। वरिष्ठ भाजपा नेता फतेहचंद सोती के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी की और एक-दूसरे को मिठाई खिलाई।यह उत्सव शास्त्री मार्केट में आयोजित किया गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस निर्वाचन को एक शानदार विजय बताया। महिला सशक्तिकरण का संदेशकार्यकर्ताओं ने कहा कि डॉ. सतीश पूनिया मूल रूप से चूरू के निवासी हैं। उनके देश के उच्च सदन में पहुंचने से चूरू का मान और गौरव बढ़ा है। वहीं, डॉ. अलका गुर्जर के राज्यसभा में निर्वाचन पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला सशक्तिकरण के दृष्टिकोण की सराहना की। उन्होंने कहा कि राजस्थान से एक महिला सदस्य को राज्यसभा में भेजकर भाजपा ने समाज को महिला सशक्तिकरण का एक सकारात्मक संदेश दिया है। इस अवसर पर उद्योग भारती के दौलत तंवर, जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र काछवाल, भास्कर शर्मा, ओमप्रकाश खीचड़, सुरेश सारस्वत, मण्डल अध्यक्ष धर्मेन्द्र राकसिया, मोहनलाल गढ़वाल, किशन आसेरी, योगेश तिवाड़ी, मनोज भालेरीवाला, रमन तंवर, अमजद तुगलक, प्रकाश राजोतिया, ब्रह्मानंद राजोतिया और सागरमल तुनवाल सहित अनेक भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बुलंदशहर के खुर्जा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर गुरुवार देर रात संदिग्ध परिस्थितियों में एक कैंटीन संचालक की ट्रेन से कटकर दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया। मृतक के परिजनों ने इस घटना को सामान्य रेल हादसा मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है और राजकीय रेलवे पुलिस जीआरपी की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, पुलिस का दावा है कि युवक ने आपसी विवाद के बाद ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की है, जिसका सीसीटीवी फुटेज भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कानपुर जिले के थाना साढ़ अंतर्गत ग्राम तेलियाबर निवासी अमरदीप (26 वर्ष) खुर्जा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर एक कैंटीन का संचालन करता था। देर रात करीब 10:50 बजे कैंटीन पर एक व्यक्ति पानी की बोतल लेने आया था। इसी दौरान बोतल के लेन-देन को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी और विवाद हो गया। हंगामा बढ़ता देख स्टेशन पर तैनात जीआरपी कर्मी अमरदीप और दूसरे व्यक्ति को पकड़कर जीआरपी चौकी ले आए। परिजनों का आरोप: यह हादसा नहीं, हत्या है घटना के कुछ ही देर बाद अमरदीप की प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर ट्रेन से कटकर मौत हो गई। जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के फुफेरे भाई सुरेश ने जीआरपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अमरदीप की मौत कोई आम हादसा या आत्महत्या नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरी साजिश या हत्या हो सकती है। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे सीसीटीवी फुटेज और पुलिस सूत्रों के हवाले से एक अलग कहानी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि दो वेंडर्स के बीच हुए आपसी विवाद से क्षुब्ध होकर अमरदीप ने प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर आ रही गोरखधाम एक्सप्रेस ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। इस दौरान प्लेटफॉर्म पर तैनात जीआरपी के सिपाही सुनील ने युवक को बचाने के लिए दौड़ भी लगाई और उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह असफल रहा और युवक ट्रेन की चपेट में आ गया। प्रारंभिक जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर यह स्पष्ट हो रहा है कि कैंटीन संचालक ने आपसी विवाद के बाद खुद ट्रेन के आगे आकर आत्महत्या की है। परिजनों के आरोपों और घटना के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है- उदय प्रताप सिंह, (सीओ जीआरपी)
गाजियाबाद के राजनगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर (RDC) स्थित तनिष्क ज्वेलरी शोरूम से करोड़ों रुपए के आभूषण चोरी होने का मामला सामने आया है। सूचना मिलते ही कविनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में लेकर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में शोरूम के सेल्समैन नितिन वर्मा की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। पुलिस के मुताबिक, नितिन ने एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। सीसीटीवी फुटेज में वह शोरूम की चाबी से दुकान खोलता दिखाई दे रहा है। चाबी रखने वाले कर्मचारी को भी हिरासत में लिया जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जिस चाबी से शोरूम खोला गया, वह गौतम राज के पास रहती थी। इसके बाद पुलिस ने गौतम राज को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं, शोरूम के बाहर तैनात दो सुरक्षा गार्डों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि वारदात के समय शोरूम की सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी और किसी प्रकार की लापरवाही तो नहीं हुई। स्टॉक मिलान में जुटा प्रबंधन शोरूम प्रबंधन चोरी हुए आभूषणों का पूरा हिसाब तैयार कर रहा है। स्टॉक का मिलान किया जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कितनी ज्वेलरी चोरी हुई है और कुल नुकसान कितना हुआ है। शुरुआती अनुमान के अनुसार, सोने, हीरे और अन्य कीमती आभूषणों समेत करोड़ों रुपए की ज्वेलरी चोरी हुई है। 5 टीमों का गठन, कई अहम सुराग मिले मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच के लिए 5 विशेष टीमों का गठन किया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, कर्मचारियों के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। सहायक पुलिस आयुक्त (कविनगर) सूर्यबली मौर्य ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मऊ में मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप:सपा ने डीएम को ज्ञापन दिया, जांच और कार्रवाई की मांग
मऊ जिले में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर मतदाता सूची में गंभीर गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें राज्य निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और मतदाता सूची में सुधार की मांग की गई है। सपा जिलाध्यक्ष दूधनाथ यादव ने बताया कि 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित मतदाता सूची में एक ही व्यक्ति का नाम अलग-अलग EPIC नंबरों पर कई बार दर्ज किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के बाद एक ही नाम कई बूथों पर अंकित कर दिया गया है, जिससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। यादव ने आशंका व्यक्त की कि यदि एक ही व्यक्ति का नाम अलग-अलग स्थानों पर दर्ज रहेगा, तो वह कई बार मतदान कर सकता है। इससे मतदान केंद्रों पर विवाद, विरोध और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने के साथ-साथ मतों के दुरुपयोग की संभावना भी बढ़ जाएगी। सपा नेताओं ने इस गड़बड़ी को भारतीय संविधान के प्रावधानों के विपरीत बताया, जिसके अनुसार एक व्यक्ति केवल एक बार मतदान करने का अधिकारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित बीएलओ की लापरवाही या किसी प्रभाव में आकर इस तरह की त्रुटियां की गई हैं, जो संविधान की भावना के खिलाफ हैं। पार्टी ने मांग की है कि मतदाता सूची में दर्ज एक नाम को छोड़कर बाकी सभी डुप्लीकेट नाम और EPIC नंबर तत्काल निरस्त किए जाएं। इसके अतिरिक्त, जिन बूथों पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पाई गई है, वहां के संबंधित बीएलओ की जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। सपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते मतदाता सूची में सुधार नहीं किया गया, तो चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होंगे। पार्टी ने इस मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग करते हुए अपना असंतोष व्यक्त किया है।
बसपा की ओर से वरिष्ठ नेता के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। पूर्व मंडल जोन प्रभारी रहे सुधीर कुमार भारती को पार्टी से निकाल दिया गया है। उनपर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और अनुशासनहीनता का आरोप है। मूल रूप से देवरिया जिले के रहने वाले सुधीर कुमार भारती लंबे समय तक बसपा में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। उनका निष्कासन चौंकाने वाला है। पार्टी में इसको लेकर तरह-तरह की चर्चा है। जिलाध्यक्ष हरि प्रकाश निषाद ने इसकी पुष्टि की है। बसपा जिलाध्यक्ष ने बताया कि बसपा गोरखपुर यूनिट की ओर से सुधीर कुमार पार्टी विरोधी गतिविधियों एवं अनुशासनहीनता के कारण पार्टी से निकाला गया है। उन्होंने बताया कि इस बात को लेकर सुधीर भारती को कई बार चेतावनी दी गई लेकिन कोई प्रभाव नहीं पड़ा। उन्होंने अपनी गतिविधियां बंद नहीं कीं, जिसके कारण उनपर कार्रवाई की गई है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी एवं मूवमेंट के हित में उनपर कार्रवाई की है। महत्वपूर्ण भूमिका में रहे सुधीरसुधीर लंबे समय तक महत्वपूर्ण भूमिका में रहे। उन्हें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का करीबी माना जाता था। पार्टी में उनकी स्थिति ऐसी थी कि जिलाध्यक्ष तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे। उनके खेमे के कई युवा चेहरों को समय-समय पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली। लेकिन हाल के दिनों में दूसरे राजनीतिक दलों के संपर्क में रहने और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से सामंजस्य न होने के कारण उनपर कार्रवाई की गई है।
इंदौर में 12वीं की छात्रा ने किया सुसाइड:युवक कर रहा था परेशान, एक महीने पहले की थी लिखित शिकायत
इंदौर के परदेशीपुरा क्षेत्र में 12वीं कक्षा की छात्रा (17) ने शुक्रवार सुबह फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि इलाके में रहने वाला एक युवक लंबे समय से छात्रा को परेशान कर रहा था और धमकियां दे रहा था। परिजनों के अनुसार छात्रा ने करीब एक माह पहले परदेशीपुरा थाने में लिखित शिकायत देकर युवक नमन कामले पर पीछा करने और धमकाने के आरोप लगाए थे। शिकायत में यह भी कहा गया था कि युवक ने उसके जीजा को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी थी। हालांकि परिवार का आरोप है कि मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई और केवल समझाइश देकर छोड़ दिया गया। सुसाइड नोट नहीं मिला शुक्रवार सुबह छात्रा को उसके पिता ने कमरे में फंदे पर लटका देखा। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया है। कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
हरियाणा के सीमावर्ती जिले पानीपत में एक 12 साल की मासूम और बेबस बच्ची को उसके सगे फूफा ने ही अपनी हवस का शिकार बना डाला। घटना का खुलासा तब हुआ जब गुरुवार की रात करीब 9 बजे बदहवास और अर्धबेहोशी की हालत में सड़क किनारे पड़ी बच्ची ने वहां से गुजर रहे राहगीरों को अंकल-अंकल कहकर आवाज लगाई। वहां से बाइक पर गुजर रहे 2 दोस्तों ने बच्ची की दर्दभरी आवाज सुनी और तुरंत रुक गए। बच्ची की नाजुक हालत को देखते हुए दोनों युवकों ने मानवता दिखाई और उसे तुरंत पानीपत के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया। CWC और पुलिस काउंसलिंग में खुली फूफा की हैवानियत सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम और बाल कल्याण समिति (CWC) के अधिकारी अस्पताल पहुंचे। जब काउंसिलिंग टीम ने बच्ची को विश्वास में लिया और प्यार से बातचीत की, तो उसने रोते हुए अपनी जो दास्तान सुनाई, उसे सुनकर अधिकारियों की आंखें भी नम हो गईं। बच्ची ने बताया कि बचपन में ही उसकी मां की मौत हो चुकी है। मां के गुजर जाने के बाद पिता ने दूसरा निकाह कर लिया, जिसके बाद से घर में उसकी सुध लेने वाला कोई नहीं था। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश की रहने वाली है, लेकिन पेट पालने के लिए कभी-कभार बॉर्डर पार कर पानीपत में कूड़ा बीनने आ जाती है। इसके अलावा वह एक मुर्गी फॉर्म पर मजदूरी भी करती है। पहले भी किया था गलत काम, छोटा फूफा दिखाता था गंदी वीडियो मासूम ने बताया कि उसके दो फूफा हैं। गुरुवार को दिन के समय उसका बड़ा फूफा उसे घर से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले आया। वह उसे मुख्य रास्तों के बजाय खेतों के सुनसान रास्ते से पैदल-पैदल लेकर जा रहा था। बीच रास्ते में फूफा ने उसे कोई चीज बताकर 5 नशीली गोलियां खिला दीं। गोलियां खाने के कुछ ही देर बाद बच्ची का सिर चकराने लगा और वह पूरी तरह बदहोश हो गई। बच्ची ने बताया कि जब वह बेसुध हालत में थी, तो फूफा ने खेतों के बीच उसके साथ रेप किया। इस घिनौने कृत्य के बाद बच्ची की तबीयत और ज्यादा बिगड़ गई। जब वह पूरी तरह बेहोश हो गई, तो आरोपी फूफा पकड़े जाने के डर से उसे सड़क किनारे लावारिस हालत में फेंक कर मौके से फरार हो गया। बच्ची ने काउंसलिंग में एक और चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उसका फूफा उसके साथ पहले भी कई बार रेप की वारदात को अंजाम दे चुका है। वहीं, उसका छोटा फूफा भी बेहद गंदी मानसिकता का है, जो अक्सर उसे अपने मोबाइल फोन पर अश्लील (गंदी) वीडियो दिखाता है।
मां घर पहुंची तो बेटी बोली- मैने जहर खा लिया:डूंगरपुर में जहर खाने से 14 साल की लड़की की मौत
डूंगरपुर जिले के वीरपुर गांव में एक 14 साल की लड़की की विषाक्त पदार्थ के सेवन से मौत हो गई। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। कोतवाली थाना पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल मोहन सिंह ने बताया कि मृतका की मां ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट के अनुसार 10 जून को मृतका की मां डूंगरपुर जिला अस्पताल के सामने स्थित अपने केबिन पर थीं। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दमशाम को जब वह घर लौटीं तो उसकी 14 वर्षीय बेटी ने उन्हें बताया कि उसने किसी विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया है। इसके बाद परिजन किशोरी को तुरंत गंभीर अवस्था में डूंगरपुर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।अस्पताल में किशोरी का इलाज शुरू किया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस जिला अस्पताल पहुंची। पुलिस ने घटना की जानकारी जुटाई और शव को अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर किशोरी द्वारा विषाक्त पदार्थ सेवन करने के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
लखनऊ में इंडिगो फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग:टॉयलेट में टिश्यू पेपर पर लिखी मिली बम से उड़ाने की धमकी
अहमदाबाद से लखनऊ होते हुए दिल्ली जाने वाली इंडिगो फ्लाइट की लखनऊ में शुक्रवार को इमरजेंसी लैंडिंग हुई। विमान हवा में ही था, तभी टॉयलेट में टिशू पेपर पर बम से उड़ाने की धमकी लिखी मिली। पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को सूचना दी और इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी। ATC ने एयरपोर्ट अथॉरिटी और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया, फिर लैंडिंग की अनुमति दी। इसके बाद विमान (6E-2111) को लखनऊ एयरपोर्ट पर उतारा गया। सभी यात्रियों को नीचे उतार लिया गया। बम निरोधक दस्ता और अन्य एजेंसियों ने पूरे विमान की जांच की। हालांकि, किसी प्रकार की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। अभी विमान लखनऊ एयरपोर्ट पर खड़ा हुआ है। यात्रियों में IPS बीपी अशोक समेत शामिल हैं। इंडिगो के प्रवक्ता ने कहा- फ्लाइट के अंदर एक खतरे की सूचना मिली। इसके बाद सिक्योरिटी प्रोटोकॉल के मुताबिक सीनियर अफसरों को इसकी जानकारी दी। सुरक्षा प्रोटोकॉल फॉलो किया गया। विमान को जरूरी जांच के बाद दिल्ली के लिए रवाना किया जाएगा। तस्वीरें देखिए- खबर लगातार अपडेट की जा रही है….
सिरोही जिले में पिंडवाड़ा थाना क्षेत्र के उंदरा गांव के पास ब्यावर-पिंडवाड़ा फोरलेन पर 2 तेज रफ्तार बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में एक मासूम बच्चे सहित 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को सिरोही सरकारी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां एक व्यक्ति की हालत चिंताजनक बनी हुई है। पेट्रोल पंप के सामने हुआ एक्सीडेंटजानकारी के अनुसार यह हादसा गुरुवार देर रात करीब 9:30 बजे के करी उंदरा गांव के पास स्थित एचपी पेट्रोल पंप के सामने हुआ। एक बाइक पर वीरवाड़ा निवासी कैलाश पुत्र फुलाराम माली, उनकी पत्नी ममता और एक मासूम बच्चा सवार थे। दूसरी बाइक पर पोमाराम देवासी यात्रा कर रहे थे। घायलों में 1 की हालत गंभीरइस हादसे में कैलाश, पोमाराम और मासूम बच्चा हितांश गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही भीलवाड़ा एम्बुलेंस के पायलट सुरेंद्र सिंह देवड़ा मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायलों को प्राथमिक उपचार दिया और तुरंत सिरोही सरकारी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ ने घायलों की जांच की। अस्पताल सूत्रों के अनुसार दो घायलों की हालत चिंताजनक बनी हुई है, जिनमें से एक की स्थिति नाजुक बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम घायलों का इलाज कर रही है।
बेलाताल तालाब की सफाई में जुटे अधिकारी और नागरिक:जिला पंचायत सीईओ ने जल स्रोत साफ रखने की अपील
दमोह शहर के बेलाताल तालाब में शुक्रवार सुबह शासन के निर्देशों के तहत स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान में जिला पंचायत सीईओ प्रवीण फुलगारे सहित महिला बाल विकास और नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। आम लोगों ने भी इस स्वच्छता अभियान में अपनी सहभागिता निभाई। जिला पंचायत सीईओ प्रवीण फुलगारे ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस से लेकर विश्व योग दिवस तक शासन के निर्देश हैं कि प्राचीन जल स्रोतों की साफ-सफाई की जाए। इसी क्रम में बेलाताल तालाब में यह अभियान चलाया गया। उन्होंने बताया कि लोग अपने घरों से निकली पूजन सामग्री तालाब में डालते हैं, जिससे काफी गंदगी फैल गई है। जल स्रोतों को साफ-सुथरा रखने की अपील सफाई अभियान में स्वच्छता एम्बेसडर हरीश पटेल और उनकी टीम, जन अभियान परिषद से सुशील नामदेव, स्वच्छता मित्रों सहित नगर पालिका सीएमओ राजेंद्र सिंह लोधी और महिला बाल विकास के अधिकारी अनिल जैन भी शामिल हुए। सफाई कर्मचारियों के साथ आम जनमानस ने भी सक्रिय रूप से योगदान दिया। कुछ आम नागरिक जो वहां से गुजर रहे थे, वे भी अभियान में शामिल हो गए। अभियान के दौरान लोगों से अपील की गई कि वे अपने आसपास के जल स्रोतों को साफ-सुथरा रखें और उनमें गंदगी न फैलाएं। अधिकारियों ने तालाब को शहर की धरोहर बताते हुए उसे स्वच्छ बनाए रखने का महत्व समझाया।
बारां जिला कारागृह में एक बंदी के परिजनों ने जेल प्रशासन पर बंदी से मारपीट और मुलाकात नहीं कराने का आरोप लगाया है। परिजनों ने इस संबंध में कलेक्टर, एडीआर और एसपी को शिकायत दी है। वहीं जेल प्रशासन का कहना है कि बंदी जेल में गिरोह बनाने की कोशिश कर रहे थे और उन्होंने प्रहरी से अभद्रता की, जिसके बाद उन्हें दंडित किया गया है। बंदी मोहम्मद शाहदाब के भाई हाशिम राजा ने अपने परिवाद में बताया कि शाहदाब पॉक्सो मामले में बारां जेल में बंद है और उसे 6 जून को ही बारां कारागार में शिफ्ट किया गया था। हाशिम राजा का आरोप है कि जेलर और कुछ पुलिसकर्मियों ने उनके भाई से पैसों की मांग की। पैसे नहीं देने पर 9 जून को बंदी के साथ मारपीट की गई। हाशिम राजा ने यह भी बताया कि जब वह अपने भाई से मिलने जेल गए, तो उन्हें मुलाकात नहीं करने दी गई। 7 जून को 30 बंदी किए थे शिफ्टजेलर पृथ्वी सिंह कविया ने इस मामले पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि 7 जून को कोटा जेल से 30 बंदी बारां शिफ्ट किए गए थे। इनमें से 4-5 बंदी जेल के भीतर अभद्रता कर रहे थे और अन्य बंदियों को धमकाने का प्रयास कर रहे थे। जेलर के अनुसार सोमवार 8 जून को बंदी शाहादाब ने जेल प्रहरी से गाली-गलौज की। उन्होंने बताया कि ये बंदी आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और अन्य बंदियों पर अपना प्रभाव जमाने के लिए अवांछित गतिविधियां चलाने की कोशिश कर रहे हैं। कविया ने आगे बताया कि ऐसी गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इन बंदियों को जेल दंड दिया गया है और उनके परिजनों से मुलाकात भी बंद कर दी गई है। मामले की रिपोर्ट डीजी, हेड ऑफिस और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजी गई है। जेल प्रशासन ने संकेत दिया है कि संभवतः एक-दो दिन में इन बंदियों को यहां से अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
ग्वालियर में गाय के साथ गलत हरकत करने वाले रफीक उर्फ कुलडी खान को पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसका घटनास्थल तक जुलूस निकाला और पूछताछ की। आज आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस ने उसके खिलाफ घटना ग्वालियर थाना क्षेत्र के हथियापौर-जगनापुरा इलाके की है। गौसेवकों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पशुक्रूरता अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया था। घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। जिसके आधार पर आरोपी को पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक 10 और 11 जून की दरमियानी रात करीब 1 बजे स्थानीय निवासी रफीक उर्फ कुलडी को सुनसान इलाके में गाय के साथ गलत हरकत करते हुए देखा गया। गौसेवक निमेश सिंह तोमर निवासी मंगलेश्वर रोड घासमंडी ने आरोपी को देखकर शोर मचाया, जिसके बाद वह मौके से फरार हो गया। आरोपी की मां ने झूठे केस में फंसाने की धमकी दी इसके बाद गौसेवकों ने अन्य साथियों को बुलाया और आरोपी के घर पहुंचे। आरोप है कि आरोपी की मां ने बेटे को समझाने के बजाय गौसेवकों को ही झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। बाद में गौसेवकों ने CCTV फुटेज के साथ थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। फरियादी पक्ष का कहना है कि आरोपी की यह हरकत पशु क्रूरता की श्रेणी में आती है और इससे उनकी धार्मिक भावनाएं भी आहत हुई हैं। ग्वालियर थाना प्रभारी प्रशांत शर्मा ने बताया कि गाय के साथ गलत हरकत करने के आरोप में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां से उसे जेल भेजा जाएगा।
उज्जैन जिले के इंगोरिया थाना क्षेत्र के बलेडी गांव में नाली विवाद को लेकर पड़ोसियों के बीच हुए विवाद में एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान 26 वर्षीय राहुल पिता कालू सिंह चौहान के रूप में हुई है। परिजनों ने पड़ोसियों पर हत्या का आरोप लगाया है। मृतक के परिजनों के अनुसार, उनके परिवार और पड़ोसियों के बीच नाली को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। हाल ही में दोनों पक्षों के बीच झगड़ा भी हुआ था, जिसकी रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई गई थी। परिजनों का आरोप है कि इसी पुरानी रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया। आरोपियों ने खेत में जाकर की मारपीट मृतक के भाई शिवाय ने बताया कि बीती रात करीब 12 से 1 बजे के बीच राहुल चौहान अपने खेत पर था। इसी दौरान पड़ोसी पक्ष के कुछ लोग वहां पहुंचे और राहुल के साथ मारपीट की। गंभीर चोटें लगने के कारण उसकी मृत्यु हो गई। परिजनों ने भूरालाल, रोहित और अन्य लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। घटना की सूचना मिलते ही इंगोरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा और घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस का कहना है इंगोरिया थाने के सब इंस्पेक्टर राजन तोमर ने बताया कि दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट की घटना हुई थी, जिसमें राहुल चौहान को गंभीर चोटें आईं और उसकी मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है। फिलहाल दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फरीदाबाद नगर निगम में पिछले 10 सालों में हुए कथित भ्रष्टाचार की जांच लेकर कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने बड़ा कदम उठाया है। गोयल ने इन दौरान किए गए विकास कार्यों की जांच के लिए सीएम हरियाणा और विजिलेंस डीजी को पत्र लिखा है। मंत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर किसी भी स्तर पर गड़बड़ हुई है तो उसकी जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाही होनी चाहिए। शुक्रवार को नगर निगम की फाइनेंस कमेटी का गठन होने के बाद नगर निगम मेयर प्रवीण बत्रा जोशी ,मनोज नसावा सहित कई अन्य पार्षद मंत्री विपुल गोयल के निवास पर धन्यवाद करने के लिए पहुंचे। मेयर मंत्री को भरोसा देते हुए कहा कि शहर के सभी वार्डों में बिना किसी भेदभाव के काम कराया जायेगा। सीनियर-डिप्टी मेयर का चुनाव सरकार करेगी मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि नगर निगम में सीनियर-डिप्टी मेयर का चुनाव सरकार के द्वारा किया जायेगा इस पर सरकार जल्द ही फैसला ले सकती है। सरकार जब भी चुनाव की तारीख तय करेगी उसी दिन दोनों पदों के लिए चुनाव करा दिया जायेगा। फाइनेंस कमेटी के बन जाने से विकास का कार्यों में तेजी आयेगी। कृष्णपाल गुर्जर ने लगाया था आरोप 12 मई को लघु सचिवालय में आयोजित हुई दिशा कमेटी की मीटिंग में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने नगर निगम को लूट का अड्डा बताते हुए अधिकारियों पर घोटाला करने का आरोप लगाया था। जिसके बाद निगम के एक अधिकारी को भी संस्पेंड किया गया था। मंत्री ने कहा था कि ठेकेदारों के जरिए निगम के पैसे की बंदरबांट हो रही है। इंटरलॉकिंग टाइल और सीवर ढक्कनों में लगातार घटिया क्वालिटी की सामग्री इस्तेमाल होने की शिकायत मिल रही है। विपुल ने दिया था जांच का भरोसा मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के इस बयान के बाद कैबिनेट मंत्रा विपुय गोयल ने नगर निगम में हुए पिछले 10 सालों के विकास कार्यों के जांच की बात कही थी। जिसके बाद अब मंत्री के द्वारा जांच कराने के लिए सीएम और विजिलेंस डीजी को पत्र लिखा गया है। मंत्री का कहना है कि बीजेपी सरकार में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नही है।
कोटपूतली के एलबीएस कॉलेज की मेरिट सूची जारी:13 जून तक डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और फीस जमा करानी होगी
कोटपूतली के राजकीय एलबीएस पीजी कॉलजे में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्नातक सेमेस्टर प्रथम की मुख्य मेरिट सूची और प्रतीक्षा सूची जारी कर दी है। कॉलेज प्रशासन ने प्रवेश से संबंधित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों और अंतिम तिथि की घोषणा की है। 13 जून तक जमा करानी होगी फीस प्राचार्य डॉ. आर. के. सिंह ने बताया कि मुख्य और प्रतीक्षा सूची में शामिल सभी अभ्यर्थियों को व्यक्तिगत रूप से कॉलेज में उपस्थित होकर अपने मूल दस्तावेजों का सत्यापन करवाना होगा। सत्यापन के तुरंत बाद, अभ्यर्थियों को ई-मित्र के माध्यम से निर्धारित प्रवेश शुल्क जमा करके अपनी प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी। दस्तावेज सत्यापन और फीस जमा कराने की अंतिम तिथि 13 जून निर्धारित की गई है। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होगा डॉ. सिंह ने स्पष्ट किया कि अंतिम तिथि में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। महाविद्यालय में अंतिम तिथि के बाद विलंब शुल्क के साथ प्रवेश का कोई प्रावधान नहीं रखा गया है। उन्होंने छात्रों से 13 जून तक आवश्यक रूप से कॉलेज पहुंचकर अपने डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और फीस जमा कराने का कार्य पूरा करने का आग्रह किया। प्रवेश समिति के नोडल अधिकारी डॉ. देशराज यादव ने उन छात्रों को राहत दी है जिनके पास अभी तक स्कूल से मूल दस्तावेज नहीं हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले ऐसे अभ्यर्थी, जिन्हें मूल स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) और मूल चरित्र प्रमाण पत्र (सीसी) प्राप्त नहीं हुए हैं, वे परेशान न हों। ऐसे छात्र एक सामान्य शपथ-पत्र प्रस्तुत करके अपने अन्य आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करवा सकते हैं। हालांकि, इन अभ्यर्थियों को शपथ-पत्र के माध्यम से यह वचन देना होगा कि वे प्रवेश की तारीख से 15 दिनों के भीतर अपनी मूल टीसी और सीसी महाविद्यालय में अनिवार्य रूप से जमा करवा देंगे। शुल्क जमा नहीं होने पर निरस्त होगा एडमिशन नोडल अधिकारी ने चेतावनी दी है कि यदि कोई अभ्यर्थी निर्धारित तिथि 13 जून तक अपने दस्तावेजों का सत्यापन नहीं करवाता है और शुल्क जमा नहीं करता है, तो उसका प्रवेश स्वतः ही निरस्त मान लिया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी स्वयं अभ्यर्थी की होगी।
मध्य प्रदेश के इंदौर में हुए एक सड़क हादसे में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के रिश्तेदार प्रभात सिंह की मौत हो गई। गुरुवार रात शिप्रा थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार बस की टक्कर से वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बलिया के रेवती थाना क्षेत्र स्थित गायघाट गांव निवासी प्रभात सिंह (29) इंदौर गए हुए थे। इसी दौरान गुरुवार रात करीब 11 बजे शिप्रा थाना क्षेत्र में हुआ, जब वह अपने साथियों के साथ देवास से इंदौर लौट रहे थे। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र डॉ. नीरज सिंह का प्रदीप सिंह की भांजी से विवाह हुआ है। 3 महीने पहले प्रभात सिंह परिवार में छठिहार कार्यक्रम में शामिल होने गायघाट घर पर आए थे। प्रभात की शादी 1 साल पहले होटल द ताज दिल्ली में हुई थी। इससे पहले वाराणसी में रिंग सेरेमनी का आयोजन किया गया था। जानकारी के अनुसार, प्रभात सिंह अपने तीन परिचितों के साथ किसी कार्य से देवास गए थे। देर रात इंदौर लौटते समय शिप्रा क्षेत्र में उन्होंने किसी काम से अपनी कार रोकी। बताया जा रहा है कि जब वह वापस वाहन में बैठने लगे, तभी तेज रफ्तार बस ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर लगने से प्रभात सिंह के सिर में गंभीर चोटें आईं। उनके साथियों ने उन्हें तत्काल अरबिंदो अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंच गए। विशेष अनुमति के बाद रात करीब तीन बजे पोस्टमार्टम कराया गया। शुक्रवार सुबह शव को एयरलिफ्ट कर वाराणसी भेजा गया, जहां अंतिम संस्कार की तैयारी की गई। हादसे के बाद बस ड्राइवर गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। प्रभात सिंह का परिवार क्षेत्र के प्रतिष्ठित परिवारों में गिना जाता है। उनके पिता प्रदीप सिंह का 2003 में निधन हो चुका है। पारिवारिक संबंधों के कारण वह रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के रिश्तेदार बताए जाते हैं। परिवार के अनुसार, प्रदीप सिंह की भांजी का विवाह राजनाथ सिंह के पुत्र डॉ. नीरज सिंह से हुआ है। प्रभात सिंह की शादी 2025 में दिल्ली में हुई थी। उनके परिवार में पत्नी और 11 माह की एक बेटी है। वह दिल्ली में रहकर ठेकेदारी और प्रॉपर्टी डीलिंग का कार्य करते थे। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार गुरुवार रात ही वाराणसी के लिए रवाना हो गए थे।
मऊगंज जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र के करही गांव में शुक्रवार को जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हो गई। घटना में दोनों पक्षों के कुल सात लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामला लंबे समय से चल रहे जमीन विवाद और न्यायालय में विचाराधीन प्रकरण से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, एक पक्ष से रिंकल प्रजापति (21), उनके पिता गेदलाल प्रजापति (55) और ममता प्रजापति (20) घायल हुए हैं। वहीं दूसरे पक्ष से राजकुमार प्रजापति (34), उनकी पत्नी पुष्पा प्रजापति (28), श्याम सुंदर प्रजापति (65) और श्यामकली प्रजापति (62) को चोटें आई हैं। लाठी-डंडों से हमला करने का आरोप घायल राजकुमार प्रजापति ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है और मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उनका आरोप है कि दूसरा पक्ष उन पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहा था। राजकुमार के अनुसार, जब उन्होंने न्यायालय के निर्णय के आधार पर विवाद का समाधान होने की बात कही और मुकदमा वापस लेने से इनकार कर दिया, तो विवाद बढ़ गया। इसके बाद गाली-गलौज शुरू हुई और फिर लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया। चार लोगों के सिर में गंभीर चोटें मारपीट में दूसरे पक्ष के चार लोगों के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। अन्य घायलों का भी अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। घटना के बाद गांव में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई थी, हालांकि पुलिस के पहुंचने के बाद हालात सामान्य हो गए। पुलिस ने शुरू की जांच सूचना मिलने पर नईगढ़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है और विवाद की वजहों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली में देर रात खराब मौसम के कारण एयर ट्रैफिक प्रभावित हो गया। तेज हवाओं और प्रतिकूल मौसम की स्थिति के चलते कई फ्लाइट्स की दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिंग नहीं हो सकी। ऐसे में सुरक्षा कारणों से चार फ्लाइट्स को डायवर्ट कर जयपुर एयरपोर्ट भेजा गया। दरअसल, दिल्ली जाने वाली इंडिगो की गोवा-दिल्ली फ्लाइट 6E-363, एयर इंडिया की चेन्नई-दिल्ली फ्लाइट AI-538, इंडिगो की कोलकाता-दिल्ली फ्लाइट 6E-917 और इंडिगो की बेंगलुरु-दिल्ली फ्लाइट 6E-817 को दिल्ली में खराब मौसम के कारण जयपुर एयरपोर्ट पर उतारा गया। देर रात एक के बाद एक चार फ्लाइट्स के जयपुर पहुंचने से एयरपोर्ट पर पैसेंजर्स को इंतजार करना पड़ा। मौसम सामान्य होने पर दिल्ली भेजा जा रहा बता दें कि दिल्ली में मौसम सामान्य होने और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से परमिशन मिलने के बाद इन फ्लाइट्स को फिर से दिल्ली के लिए रवाना किया जा रहा है। मौसम की वजह से फ्लाइट्स के संचालन में अस्थायी व्यवधान जरूर आया, लेकिन सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता देते हुए विमानों को वैकल्पिक एयरपोर्ट पर उतारा गया। प्रतिकूल परिस्थितियां में डायवर्ट करना सामान्य प्रक्रिया एविएशन विशेषज्ञों के अनुसार खराब मौसम, कम दृश्यता, तेज हवाएं या रनवे के आसपास प्रतिकूल परिस्थितियां बनने पर विमानों को डायवर्ट करना एक सामान्य और सुरक्षा आधारित प्रक्रिया है। इसी के तहत दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिंग की अनुकूल परिस्थितियां नहीं मिलने पर इन उड़ानों को जयपुर भेजा गया। दिल्ली में मौसम की स्थिति सामान्य होने के बाद हवाई सेवाएं धीरे-धीरे पटरी पर लौट आई और डायवर्ट की गई सभी उड़ानों को अपने निर्धारित गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने मोहर्रम, उर्स और अन्य आयोजन को लेकर महत्वपूर्ण अपील जारी की है। बोर्ड ने प्रदेश की सभी ताजिया कमेटियों, दरगाह कमेटियों, उर्स कमेटियों, मुतवल्लियान और इंतेजामिया कमेटियों से कहा है कि सभी धार्मिक कार्यक्रम केवल कुरआन, हदीस और शरीअत के मुताबिक ही आयोजित किए जाएं। जारी ऐलान में स्पष्ट किया गया है कि मोहर्रम, उर्स और अन्य मजहबी आयोजनों में डीजे, धुमाल, बैंड-बाजा, नाच-गाना, आतिशबाजी तथा अन्य गैर-शरई गतिविधियों की किसी भी स्थिति में अनुमति नहीं होगी। वक्फ बोर्ड ने कहा है कि धार्मिक आयोजनों की गरिमा और पवित्रता बनाए रखना सभी संबंधित समितियों की जिम्मेदारी है। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि किसी जुलूस, उर्स या मजहबी तकरीब में प्रतिबंधित गतिविधियां पाए जाने पर संबंधित समिति और उसके जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित समिति की मान्यता समाप्त करने की भी कार्रवाई की जा सकती है। उल्लंघन पर लगेगा जुर्माना वक्फ बोर्ड ने यह भी कहा है कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित समिति और इंतेजामिया पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। बोर्ड ने सभी आयोजकों से अपील की है कि वे कार्यक्रमों को पूरे अदब, एहतराम और अनुशासन के साथ संपन्न कराएं तथा किसी भी विवाद या अनुचित गतिविधि से बचें। जुमे की नमाज से पहले सुनाया जाए निर्देश अपने संदेश में वक्फ बोर्ड ने प्रदेश के मुस्लिम समाज से हजरत इमाम हुसैन और शहीद-ए-कर्बला की कुर्बानियों की याद में मोहर्रम को सादगी, इबादत, सब्र और अखलाक के साथ मनाने की अपील की है। साथ ही सभी मस्जिदों के इमाम साहबान, मुतवल्लियान और इंतेजामिया कमेटियों को निर्देश दिया गया है कि इस ऐलान को जुमे की नमाज से पहले पढ़कर सुनाया जाए और मस्जिदों के नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा किया जाए।
भिवानी व चरखी दादरी में 2 दुकानों व एक कैफे में आग लगने का मामला सामने आया है। इसका पता लगते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग बुझाने में जुट गई। वहीं आग लगने के कारण लाखों रुपए का सामान जलकर राख हो गया। बता दें कि चरखी दादरी में रोहतक चौक के समीप बीकानेर मिष्ठान भंडार के साथ में स्कूल बैग हाउस व लेडीज बैग हाउस की दुकानों में रात को आग लग गई। जिस कारण से दोनों दुकानों में 12 से 14 लाख रुपए का समान जलकर राख हो गया। वहीं आग लगने के बाद दुकानदारों ने अपने सामान को बचाने का भी प्रयास किया। वहीं दमकल विभाग की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। कैफे में लगी आगइधर, भिवानी हांसी गेट के नजदीक स्थित स्काइलाइट कैफे में अचानक भीषण आग लग गई। इसका पता लगते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। कैफे की दूसरी और तीसरी मंजिल पर लगी थी। प्रारंभिक जांच में आग का कारण एसी के पास वायरिंग में हुआ शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग तेजी से फैलने लगी और कैफे के अंदर तक पहुंच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। सिविल लाइन थाना प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि समय पर कार्रवाई के कारण बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने लोगों से अपील की कि भीषण गर्मी के मौसम में एसी और अन्य विद्युत उपकरणों का सावधानीपूर्वक उपयोग करें तथा रात के समय उचित वेंटिलेशन बनाए रखें, ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
पहली पत्नी के जीवित रहते दूसरी को मृत सरकारी कर्मचारी की फैमिली पेंशन का अधिकार नहीं मिल सकता। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आज एक फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि दूसरा विवाह नियमों और कानून के विपरीत किया गया है तो ऐसी महिला को मृत कर्मचारी की ‘विधवा’ नहीं माना जा सकता। साथ ही वह राज्य से पारिवारिक पेंशन की मांग भी नहीं कर सकती। जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने मोहाली निवासी प्रिया की ओर से दायर अपील एलपीए को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972 के तहत दूसरी शादी तभी मान्य हो सकती है जब वह कानूनन वैध हो। पहली पत्नी के जीवित रहते किया गया दूसरा विवाह शून्य माना जाएगा और उससे किसी प्रकार का पेंशन संबंधी अधिकार पैदा नहीं होता। अब 4 पॉइंट्स में समझे मामला:- एक से अधिक विधवाओं के बीच पेंशन बांटने का प्रावधान हाई कोर्ट ने इस दलील को विस्तार से परखा और कहा कि नियम 54(7) में एक से अधिक विधवाओं के बीच पेंशन बांटने का प्रावधान है, लेकिन इसका लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिल सकता है जिनका विवाह कानूनन वैध हो। अदालत ने कहा कि ‘विधवा’ शब्द का सामान्य और कानूनी अर्थ मृत व्यक्ति की वैध पत्नी से है। यदि विवाह ही कानून की नजर में मान्य नहीं है तो संबंधित महिला को विधवा का दर्जा नहीं दिया जा सकता। सरकारी सेवकों के लिए लागू हैं स्पष्ट नियम खंडपीठ ने कहा कि सरकारी सेवकों के लिए लागू नियम पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करने पर रोक लगाते हैं। ऐसे में दूसरी शादी से उत्पन्न संबंध राज्य के विरुद्ध किसी वैधानिक अधिकार का आधार नहीं बन सकते। अदालत ने स्पष्ट किया कि गुजारा भत्ता या घरेलू संबंधों से जुड़े कुछ मामलों में न्यायालय अलग दृष्टिकोण अपना सकते हैं, लेकिन फैमिली पेंशन एक वैधानिक अधिकार है, जिसे केवल नियमों के अनुरूप ही प्रदान किया जा सकता है। अदालत ने यह भी कहा कि जब पहले ही विभिन्न न्यायिक मंचों पर यह तय हो चुका है कि मोहिंदर कौर ही मेजर हरि सिंह की वैध पत्नी थीं और प्रिया का वैवाहिक दावा स्वीकार नहीं किया गया, तब उन्हें फैमिली पेंशन का लाभ देने का कोई कानूनी आधार नहीं बचता।
जालोर में आज बारिश की संभावना:दिन के तापमान में गिरावट दर्ज; दो दिनों तक अंधड़ चलने के आसार
जालोर समेत जिलेभर में इन दिनों लोग भीषण उमस और गर्मी से परेशान हैं। गुरुवार रात चली तेज आंधी और हवाओं के बाद शुक्रवार सुबह आसमान में हल्के बादल छाए रहे, जिससे गर्मी का असर कुछ कम नजर आया। मौसम विभाग के अनुसार आज से जिले में नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव होने की संभावना है। इसके प्रभाव से अगले दो दिनों तक तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। आंधी के बाद मौसम में दिखा बदलाव गुरुवार रात तेज आंधी और हवाएं चलने के बाद शुक्रवार सुबह जिले में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। आसमान में हल्के बादल छाए रहने से लोगों को तेज धूप से कुछ राहत मिली। हालांकि हवा में नमी बनी रहने से उमस का असर जारी रहा। दिन का तापमान घटा, रात का बढ़ा मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार गुरुवार को दिन के तापमान में 0.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जबकि बुधवार को यह 40.2 डिग्री था। वहीं रात के तापमान में 0.4 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। बुधवार रात का तापमान 30.2 डिग्री था, जो गुरुवार रात बढ़कर 30.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रातभर उमस से परेशान रहे लोग रात के तापमान में बढ़ोतरी और हवा में नमी अधिक होने के कारण लोगों को उमस का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में लोग रातभर पसीने से परेशान रहे और गर्मी से राहत नहीं मिल सकी। दो दिन तक मौसम बदलने के आसार मौसम विभाग के अनुसार जालोर और आसपास के क्षेत्रों में आज से नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से अगले दो दिनों तक जिले में तेज हवाएं और अंधड़ चलने की संभावना है। विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार जिले के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है। मौसम में इस बदलाव के बाद आगामी दिनों में उमस और गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
रीवा में गुरुवार रात एक तेज रफ्तार ट्रक ने ऑटो को सामने से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए। उसमें सवार तीन दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तीनों युवक अपनी मौसी के घर घूमने गए थे और वहां से वापस लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि हादसे के समय ट्रक की रफ्तार करीब 90 किलोमीटर प्रति घंटा थी। तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। टक्कर के बाद ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े। पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी गई, लेकिन जब तक युवकों को बाहर निकाला गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे की खबर मिलते ही रोते-बिलखते परिजन भी मौके पर पहुंच गए। ट्रक जब्त कर थाने में खड़ा किया हादसे का शिकार हुए तीनों युवक एक ही ऑटो में सवार होकर यात्रा कर रहे थे। मृतकों की पहचान हरिशंकर चतुर्वेदी निवासी बहुरी बांध, आशीष उपाध्याय निवासी बहुरी बांध और शैलेंद्र तिवारी निवासी डिहया भटलो के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि हरिशंकर अपने दो दोस्तों को लेकर मौसी के घर गया था, वहां से लौटते समय यह हादसा हो गया। घटना की सूचना मिलते ही रीवा पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और उन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने आरोपी ट्रक को जब्त कर थाने में रखवा लिया है। बहुरी बांध और डिहया भटलो में मातम हादसे के बाद मृतकों के पैतृक गांवों बहुरी बांध और डिहया भटलो में मातम का माहौल है। शुक्रवार सुबह जैसे ही इस घटना की खबर ग्रामीणों तक पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने बताया कि तीनों ही युवक बेहद मिलनसार और व्यवहार कुशल थे, उनके असमय चले जाने से पूरा क्षेत्र स्तब्ध है।
इंदौर के लाखों रेल यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इंदौर जंक्शन के पुनर्विकास और नई भव्य स्टेशन बिल्डिंग के निर्माण की तैयारी तेज हो गई है। करोड़ों रुपए की लागत से बनने वाले इस मेगा प्रोजेक्ट के चलते ट्रेनों का संचालन चरणबद्ध तरीके से लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन से किया जाएगा। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन की नई बिल्डिंग का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। यहां यात्रियों की सुविधा के लिए टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यार्ड में चल रहा तकनीकी काम रेलवे अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल इंदौर यार्ड क्षेत्र में नॉन-इंटरलॉकिंग का काम जारी है। इसके लिए मेजर ब्लॉक लिया गया है। इसी वजह से कुछ ट्रेनों को अस्थायी रूप से निरस्त भी किया गया था। इस दौरान ट्रैक सर्किट, सिग्नलिंग सिस्टम और कंप्यूटर आधारित ऑपरेशन कंट्रोल सिस्टम को नए स्टेशन परिसर में शिफ्ट किया जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में काम रेलवे के जोनल और मंडल स्तर के वरिष्ठ अधिकारी पूरे शिफ्टिंग कार्य की निगरानी कर रहे हैं। रेलवे का कहना है कि सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए यह प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जल्द लक्ष्मीबाई नगर से शुरू होगा संचालन तकनीकी कार्य पूरा होने के बाद ट्रेनों का संचालन लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन से शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद इंदौर जंक्शन पर अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय स्टेशन निर्माण का काम तेज होगा। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन और स्टेशन संबंधी जानकारी जरूर जांच लें, ताकि किसी तरह की असुविधा से बचा जा सके।
अजमेर में युवक की चाकू घोंपकर हत्या- VIDEO:रास्ता रोककर पीटा; लंगर की लाइन को लेकर था आपस में विवाद
अजमेर में बुधवार रात को युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसका सीसीटीवी आज सामने आया है। युवक और आरोपी लंगर की लाइन को लेकर विवाद था। विवाद में हमलावरों ने मौका देखकर युवक का रास्ता रोका और चाकू घोंप दिया। फुटेज में एक आरोपी पीठ पर चाकू मारता दिखा है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के डिग्गी चौक का है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। देखिए- हमले के PHOTOS चाकू मारने का सीसीटीवी भी आया सामने विवाद में मोहम्मद बरकत (20) की हत्या हुई थी। पुलिस के अनुसार- युवक का दरगाह गेट नम्बर 3 के पास खानाबदोश जिंदगी-बसर करने वाले आजम से लंगरखाना गली में बंटने वाले लंगर की लाइन को लेकर विवाद था। दो दिन पहले भी इनमें झगड़ा हुआ था। बुधवार रात आजम 5-6 दोस्तों के साथ डिग्गी चौक में घात लगाकर बैठा था। युवक बरकत के यहां से गुजरने के दौरान उसे रोका और धक्का-मुक्की की। वह हमलावरों से बचने के लिए भागा तो आरोपी आजम ने पीछे से उसकी पीठ पर चाकू घोंप दिया। घायल हालत में भी वह भागा लेकिन पन्नीग्रान चौक पर सड़क पर गिर गया। घायल के दोस्तों ने उसे हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। चाकू मारने का इसका सीसीटवी भी सामने आया है। --- ये खबर भी पढ़िए- अजमेर में चाकू मारकर युवक की हत्या:दिल्ली से 2 महीने पहले आया था, पुरानी रंजिश में देर रात विवाद के बाद हमला अजमेर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में देर रात एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी। (पढ़िए पूरी खबर)
झारखंड के चतरा जिले में प्रशासनिक उदासीनता का एक मामला सामने आया है। हंटरगंज प्रखंड के तरवागड़ा पंचायत के शाही नौडीहवा टोला गांव में आजादी के 78 साल बाद भी पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो पाया था। सरकारी वादों से निराश ग्रामीणों ने स्वयं सड़क बनाने का निर्णय लिया। ग्रामीणों ने आपस में चंदा इकट्ठा किया और श्रमदान के माध्यम से एक किलोमीटर लंबी कच्ची सड़क का निर्माण किया। यह पहल नेताओं और अधिकारियों द्वारा किए गए वादों के पूरा न होने के कारण की गई। गांव को इतने वर्षों बाद भी पक्की सड़क नहीं मिल पाई थी। विशेषकर बरसात के मौसम में यह रास्ता कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो जाता था। इससे स्कूली बच्चों, किसानों और मरीजों को आवागमन में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता था, जिससे उनकी जान को भी जोखिम होता था। आपसी सहयोग से चंदा इकट्ठा किया गांव के उमेश यादव, शंभू यादव, राजदेव यादव समेत सैकड़ों ग्रामीणों ने एक बैठक की और आपसी सहयोग से चंदा इकट्ठा किया। उस राशि से गांव में एक जेसीबी मशीन मंगवाई गई। इसके बाद क्या युवा, क्या बुजुर्ग और क्या महिलाएं, सभी टोकरी और फावड़ा लेकर निकल पड़े। ग्रामीणों की दिन-रात की कड़ी मेहनत का नतीजा यह हुआ कि पंचफेडवा मैदान से पीसीसी मुख्य मार्ग शाही तक 1 किलोमीटर लंबी कच्ची सड़क बनकर तैयार हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क की बदहाली का आलम यह था कि दूसरे गांव के लोग हमारे गांव में अपनी बेटी की शादी करने से कतराते थे। ग्रामीणों ने अब सरकार और जिला प्रशासन से इस मार्ग पर अविलंब पीसीसी सड़क निर्माण कराने की मांग की है, ताकि आने वाले मानसून में यह मिट्टी दोबारा कीचड़ में न बदल जाए।
वाहन ने कार को मारी टक्कर, आरक्षक की मौत:दोस्त गंभीर घायल, कुछ समय पहले की अनुकंपा नियुक्ति हुई थी
पन्ना नेशनल हाईवे-39 पर हुए सड़क हादसे में अजयगढ़ थाने में पदस्थ एक आरक्षक की मौत हो गई, जबकि उनका दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा स्मृति वन के पास 11 और 12 जून की दरमियानी रात हुआ। घायल का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। मृतक की पहचान 26 वर्षीय अभय श्रीवास के रूप में हुई है, जो अजयगढ़ थाने में आरक्षक के पद पर कार्यरत थे। वे अपने दोस्त अरविंद सिंह के साथ कार से मनोर गए थे। ढाबे से लौटते समय हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, अभय श्रीवास और अरविंद सिंह मनोर के एक ढाबे पर भोजन करने के बाद देर रात पन्ना लौट रहे थे। रात करीब 3 बजे स्मृति वन के पास उनकी स्विफ्ट कार को एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। आरक्षक ने अस्पताल में तोड़ा दम घटना के बाद राहगीरों और पुलिस की मदद से दोनों घायलों को तत्काल पन्ना जिला अस्पताल पहुंचाया गया। उपचार के दौरान आरक्षक अभय श्रीवास की मौत हो गई। वहीं अरविंद सिंह की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज डॉक्टरों की निगरानी में जारी है। हादसे के बाद अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है पुलिस बताया जा रहा है कि अभय श्रीवास की कुछ समय पहले ही अनुकंपा नियुक्ति हुई थी। वे अजयगढ़ थाने में सेवाएं दे रहे थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी है। दुर्घटना के कारणों की भी जांच की जा रही है।
देश की राजधानी दिल्ली के एक होटल में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद अब राजस्थान की विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी जैसलमेर में भी प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। दिल्ली हादसे में 20 से 25 लोगों की असमय मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया था, जिसके बाद पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए जैसलमेर नगर परिषद ने शहर के होटलों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में विशेष फायर सेफ्टी चेकिंग अभियान शुरू किया है। इस औचक निरीक्षण के दौरान शहर के होटलों में सुरक्षा नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ती मिलीं। जांच टीम ने अब तक करीब तीन दर्जन होटलों को नियमों की अनदेखी करने और वैध फायर एनओसी (NOC) नहीं होने पर कारण बताओ नोटिस थमाए हैं, जिससे होटल व्यवसायियों में हड़कंप मच गया है। महज 5 से 7 होटलों के पास ही वैध फायर NOC मुख्य अग्निशमन अधिकारी कृष्ण पाल सिंह राठौड़ ने बताया कि नगर परिषद की विशेष टीम शहर के विभिन्न होटलों में जाकर उनके फायर फाइटिंग सिस्टम की गहनता से जांच कर रही है। अब तक की कार्रवाई में बेहद चौंकाने वाले और डराने वाले तथ्य सामने आए हैं। टीम ने अब तक लगभग 2 से 3 दर्जन होटलों का बारीकी से निरीक्षण किया है। इनमें से महज 5 से 7 होटल ही ऐसे पाए गए हैं, जिनके पास वैध फायर NOC मौजूद है और वहां आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम हैं। बाकी के ज्यादातर होटलों में पर्यटकों की जान को जोखिम में डाला जा रहा था। तीन नोटिस के बाद सीधे सील होंगे होटल अग्निशमन अधिकारी ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि जिन होटलों में फायर फाइटिंग सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट (निकासी द्वार) और स्मोक अलार्म सिस्टम चालू हालत में नहीं हैं, उन्हें नोटिस देकर तुरंत व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने साफ किया कि विभाग की ओर से लापरवाही बरतने वालों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय नोटिस देने का कानूनी प्रावधान है। यदि तीन बार चेतावनी मिलने के बाद भी होटल संचालकों द्वारा लापरवाही बरती गई और सुरक्षा इंतजाम दुरुस्त नहीं किए गए, तो राज्य सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार ऐसे सभी होटलों को तुरंत सील करने की सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रशासन के इस कड़े रुख से अवैध रूप से चल रहे होटल संचालकों में खलबली मची हुई है।
करनाल में वीरवार देर रात को आई तेज बारिश और तूफान के बीच मानवता दिखाना एक युवक को भारी पड़ गया। कथैल रोड स्थित लाडो धाम के नजदीक एक व्यक्ति को पेड़ के नीचे फंसा देखकर मदद के लिए उतरे युवक को पीछे से आए तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया। गंभीर हालत में उसे निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है और आरोपी चालक की तलाश जारी है। मदद के लिए रुका, पीछे से आया ट्रकजुंडला निवासी 19 वर्षीय कर्ण अपनी कार से घर लौट रहा था। रास्ते में तेज बारिश और तूफान के कारण एक पेड़ गिरा हुआ था और उसके नीचे एक व्यक्ति फंसा हुआ था। यह देखकर कर्ण ने तुरंत अपनी गाड़ी रोकी और उस व्यक्ति की मदद के लिए नीचे उतर गया। इसी दौरान पीछे से तेज गति से आए ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया, नहीं बच सकी जानहादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल कर्ण को तुरंत करनाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मोर्च्युरी हाउस में रखवा दिया। परिजनों ने बताई पूरी घटनापरिजनों के अनुसार रात के समय तेज तूफान और बारिश हो रही थी। कर्ण घर वापस आ रहा था। रास्ते में पेड़ गिरा हुआ था और एक व्यक्ति उसके नीचे फंसा हुआ था। कर्ण उसी की मदद करने के लिए गाड़ी से उतरा था। तभी पीछे से आए ट्रक ने उसे टक्कर मारी और चालक मौके से फरार हो गया। गांव के लोगों ने उन्हें सूचना दी, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे और उसे अस्पताल लेकर गए। इकलौता बेटा था कर्ण, हाल ही में शुरू किया था कामकर्ण अपने परिवार का इकलौता बेटा था और उसकी एक बहन है। वह कपड़ों का काम करता था और करीब 15-20 दिन पहले ही पानीपत की एक फैक्टरी में काम शुरू किया था। उसकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस जांच में जुटी, जल्द गिरफ्तारी का दावापुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि फरार ट्रक चालक को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सागर की विनायका थाना पुलिस ने शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है। अपराधी जिलाबदर आदेश का उल्लंघन कर गांव में घूम रहा था। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा। थाने लाकर पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद गुरुवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी सुखनंदन पिता शिवराज लोधी उम्र 47 वर्ष निवासी ग्राम डिलौना को जिला दंडाधिकारी ने 17 फरवरी को 6 माह के लिए जिलाबदर किया था। आदेश जारी होने पर आरोपी सुखनंदन को गिरफ्तार किया गया। आदेश के तहत उसे उत्तरप्रदेश के ललितपुर में छोड़ा गया लेकिन आरोपी बगैर किसी अनुमति के जिलाबदर आदेश का उल्लंघन कर जिले की सीमा में आ गया। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि जिलाबदर आरोपी सुखनंदन लोधी अपने गांव डिलौना में घूम रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने गांव में दबिश दी और यात्री प्रतीक्षालय से आरोपी को पकड़ लिया। थाने लाकर जिलाबदर आदेश का उल्लंघन करने पर मामला दर्ज किया गया। आदेश के उल्लंघन में 2024 में भी पकड़ाया था आरोपी विनायका थाना प्रभारी भूपेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सुखनंदन लोधी वर्ष 2001 से लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त है। उसके खिलाफ हत्या का प्रयास, चोरी, बलवा, छेड़छाड़, शासकीय कार्य में बांधा, मारपीट समेत 13 अपराध दर्ज हैं। वर्ष 2024 में भी आरोपी जिलाबदर हुआ था। उस समय में भी जिलाबदर आदेश का उल्लंघन करते हुए गिरफ्तार हुआ था। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया है।
सिंगरौली विधानसभा के भाजपा विधायक रामनिवास शाह का एक वीडियो शुक्रवार को सामने आया है। इस वीडियो में विधायक एक भूमि पूजन कार्यक्रम में मौजूद हैं, जहां उन्होंने अपने बगल में खड़े नगर निगम अध्यक्ष देवेश पांडेय से पूछा, यह किस चीज का है? केंद्रीय कार्यशाला का भूमिपूजन करने पहुंचे थे विधायक यह भूमि पूजन नगर निगम मुख्यालय परिसर (वार्ड क्रमांक 30) में 5 जून 2026 को लगभग 80.97 लाख रुपए की लागत से बनने वाली केंद्रीय कार्यशाला (सेंट्रल वर्कशॉप) के लिए था। इस कार्यशाला का उद्देश्य नगर निगम के स्वच्छता वाहनों, डंपरों और अन्य भारी मशीनों के रखरखाव और मरम्मत के लिए स्थायी और आधुनिक सुविधा प्रदान करना है। कार्यक्रम में विधायक रामनिवास शाह और नगर निगम अध्यक्ष देवेश पांडेय के अलावा स्थानीय पार्षद संजय सिंह, आशीष बैस, सहायक यंत्री प्रवीण गोस्वामी सहित निगम के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने पहुंचे थे विधायक वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या जनप्रतिनिधियों को उन परियोजनाओं की जानकारी नहीं होनी चाहिए, जिनके भूमि पूजन में वे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्यों के शिलान्यास और भूमि पूजन में नेताओं की भूमिका केवल औपचारिक उपस्थिति तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें संबंधित परियोजनाओं की पूरी जानकारी भी होनी चाहिए। यह घटना जनप्रतिनिधियों की विकास कार्यों के प्रति गंभीरता और उनकी तैयारी पर सवाल खड़े करती है।
यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में देशवासियों का पेट भरने के लिए दुनिया भर कटोरा लेकर देशवासियों का पेट भरा। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने जरूरतमंद लोगों को सम्मानपूर्वक मुफ्त राशन उपलब्ध कराया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सोच सीमित थी, लेकिन मोदी सरकार ने आत्मनिर्भर और सशक्त भारत का निर्माण किया है। भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अरोड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष सुशासन, विकास, राष्ट्र निर्माण और जनकल्याण के स्वर्णिम वर्ष रहे हैं। 22 राज्यों में भाजपा और एनडीए का शासन इन वर्षों में भारत ने वैश्विक स्तर पर नई पहचान बनाई है और हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र पर आधारित सरकार ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया है। अरोड़ा ने कहा कि वर्ष 2014 में जहां केवल 8 राज्यों में एनडीए की सरकार थी, वहीं आज 22 राज्यों में भाजपा और एनडीए का शासन है। यह देशभर में भाजपा के प्रति बढ़ते विश्वास और जनसमर्थन का प्रमाण है। सर्जिकल स्ट्राइक से आतंकवाद को करारा जवाब दिया आर्थिक क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत जापान को पीछे छोड़कर विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। बुनियादी ढांचे पर होने वाला खर्च 2014 के लगभग 2 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 12.2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। विदेशी मुद्रा भंडार भी रिकॉर्ड स्तर पर है। रक्षा क्षेत्र का जिक्र करते हुए अरोड़ा ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के माध्यम से भारत ने आतंकवाद को करारा जवाब दिया है। रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ी है और रक्षा निर्यात में भी लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर की संख्या कम होने के सवाल पर विधायक ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों को देखते हुए सरकार ने कुछ नीतिगत बदलाव किए हैं। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे हालात सामान्य होंगे, सरकार जनता के हित में और बेहतर निर्णय लेने का कार्य करेगी। इस मौके पर पूर्व मंत्री कंवरपाल व जिलाध्यक्ष राजेश सपरा भी मौजूद रहे।
प्रतापगढ़ जिले के सालमगढ़ थाना क्षेत्र के पिंकथली गांव में एक 15 साल की बालिका की मौत हो गई। गुरुवार देर शाम खेत पर काम करने के दौरान उसे किसी जहरीले जीव ने काट लिया। तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल लेकर पहुंचे परिजन जानकारी के अनुसार, पिंकथली निवासी कल्पना मीणा (15) पुत्री कैलाश मीणा अपने परिवार के साथ खेत पर काम कर रही थी। इसी दौरान उसे किसी जहरीले जीव ने काट लिया, जिससे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उसे तुरंत उप स्वास्थ्य केंद्र दलोट ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे जिला चिकित्सालय प्रतापगढ़ रेफर कर दिया। 11वीं पास की थी प्रतापगढ़ जिला अस्पताल में उपचार के दौरान कल्पना की मौत हो गई। शुक्रवार सुबह सालमगढ़ थाना पुलिस जिला चिकित्सालय की मॉर्च्युरी पहुंची और मृतका के पिता कैलाश मीणा की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की जांच अधिकारी जितेंद्र कुमार कर रहे हैं। मृतका कल्पना ने हाल ही में 11वीं कक्षा उत्तीर्ण की थी। वह अपने तीन भाई-बहनों में तीसरे नंबर की थी। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य है और माता-पिता मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। जहरीले जीव के काटने से हुई इस मौत के संबंध में पुलिस द्वारा आगे की जांच जारी है।
देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में शुमार भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान आईआईटी इंदौर का 14वां दीक्षांत समारोह 27 जून 2026 (शनिवार) को होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नीति आयोग के सदस्य और भारत सरकार के डीएसटी के पूर्व सचिव प्रो. अभय करांदिकर होंगे, जबकि समारोह की अध्यक्षता इसरो (ISRO) के पूर्व चेयरमैन और आईआईटी इंदौर के वर्तमान बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरपर्सन डॉ. के. सिवन करेंगे। वार्षिक रिपोर्ट भी पेश होगी दोपहर ठीक 2:30 बजे शुरू होने वाले इस दीक्षांत समारोह की शुरुआत आईआईटी इंदौर के डायरेक्टर के स्वागत भाषण और वार्षिक रिपोर्ट के साथ होगी। इसके बाद बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरपर्सन डॉ. के. सिवन सभा को संबोधित करेंगे, जिसके तुरंत बाद मुख्य अतिथि प्रो. अभय करांदिकर अपना मुख्य दीक्षांत भाषण देंगे। समारोह में देश-विदेश में संस्थान का नाम रोशन करने वाले होनहार छात्र-छात्राओं को प्रतिष्ठित मेडल और डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। डिग्री हासिल करने के बाद सभी विद्यार्थी संस्थान और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने की सामूहिक शपथ लेंगे। वेबसाइट पर देख सकेंगे लाइव प्रसारण संस्थान ने बाहर से आने वाले मेहमानों, शोधकर्ताओं और अभिभावकों की सुविधा का भी विशेष ख्याल रखा है। इंदौर एयरपोर्ट और इंदौर रेलवे स्टेशन से सीधे आईआईटी इंदौर कैंपस तक बिना किसी परेशानी के पहुंचने के लिए बकायदा डिजिटल क्यूआर कोड जारी किए गए हैं, जिन्हें स्कैन करके सीधे सही रास्ते का पता लगाया जा सकता है। जो लोग किसी कारणवश इस समारोह में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो पा रहे हैं, उनके लिए संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर दोपहर 2:30 बजे से इसका सीधा (लाइव) प्रसारण किया जाएगा।
तेज रफ्तार कार ने बाइक को मारी टक्कर, 1की मौत:आरटीओ ऑफिस के पास हुआ हादसा, मौके पर ही गई जान
डूंगरपुर जिले के सदर थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में बाइक सवार की मौत हो गई। आरटीओ कार्यालय के पास एक तेज रफ्तार कार ने बाइक को टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। सदर थाने के हेड कॉन्स्टेबल सुरेंद्र कुमार ने बताया कि धताना निवासी ललित कलासुआ ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। रिपोर्ट के अनुसार उनके पिता थावरचंद डूंगरपुर से अपने घर लौट रहे थे।इसी दौरान आरटीओ ऑफिस के पास सामने से तेज गति और लापरवाही से आ रही एक कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद थावरचंद की मौके पर ही मौत हो गई।सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार और बाइक को जब्त कर थाने में रखवाया।

