कुकरैल नाइट सफारी में लखनऊ चिड़ियाघर को शिफ्ट करने की जरूरत नहीं है। सुप्रीम कोर्ट की अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) ने चिड़ियाघर को मौजूदा स्थान पर ही बनाए रखने की सिफारिश की है। समिति ने लखनऊ जू को शहर का ‘ग्रीन लंग’ (हरित फेफड़ा) बताते हुए कहा है कि इसका शहर के भीतर रहना पर्यावरण और सामाजिक दृष्टि से जरूरी है। सीईसी की रिपोर्ट के बाद कुकरैल नाइट सफारी तक प्रस्तावित चार लेन सड़क निर्माण पर भी रोक लगा दी गई है। अब यहां चार की जगह दो लेन सड़क बनाई जाएगी। चार लेन सड़क से कटते 700 से ज्यादा पेड़ पीडब्ल्यूडी ने 17 फरवरी 2025 को कुकरैल नाइट सफारी तक चार लेन सड़क का टेंडर जारी किया था। सीईसी ने अपनी रिपोर्ट में आपत्ति जताते हुए कहा कि चार लेन सड़क बनने से 700 से ज्यादा पेड़ों की कटान करनी पड़ेगी। दो लेन सड़क से पर्यावरणीय नुकसान काफी हद तक कम होगा। रिपोर्ट के आधार पर शासन ने चार लेन का प्रस्ताव खारिज कर दिया है और पीडब्ल्यूडी से दो लेन सड़क का नया प्रस्ताव मांगा है। फिलहाल सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं हुआ है। जू शिफ्ट करने का प्रस्ताव खारिज सीईसी ने चिड़ियाघर को शहर से बाहर कुकरैल नाइट सफारी में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया है। समिति का कहना है कि देश में 21 चिड़ियाघर शहरों के भीतर ही संचालित हो रहे हैं और इससे शहर को कोई खतरा नहीं है। लखनऊ जू प्रशासन ने बढ़ते ट्रैफिक और वन्यजीवों में जेनेटिक बीमारियों के खतरे का हवाला दिया था, लेकिन समिति ने इन तर्कों को सही नहीं माना। सीईसी के अनुसार, केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के स्वास्थ्य प्रोटोकॉल पहले से लागू हैं, इसलिए किसी तरह का जोखिम नहीं है। जू हटाने की बजाय आधुनिकीकरण पर जोर समिति ने कहा कि शहरी नियोजन के लिहाज से भी चिड़ियाघर को मौजूदा स्थान पर रखकर आधुनिक बनाना ज्यादा उपयुक्त है। जू हटाने के पक्ष में दिए गए तर्क जैसे जगह की कमी, पर्यटकों का दबाव और आधुनिकीकरण में कठिनाई जांच में सही नहीं पाए गए। नाइट सफारी से बढ़ेगा पर्यावरणीय खतरा सीईसी ने चेतावनी दी है कि कुकरैल नाइट सफारी में गतिविधियां बढ़ने से शोर और अशांति बढ़ेगी। प्राकृतिक वातावरण को स्थायी नुकसान पहुंचेगा। वन्यजीवों के आवास टूटने से पारिस्थितिक संतुलन प्रभावित होगा। सीईसी ने अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार को सौंप दी है। अब इस पर अंतिम निर्णय सुप्रीम कोर्ट करेगा। इसके बाद ही संबंधित विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता सौरभ पांडेय ने बताया कि शासन के निर्देश के अनुसार अब दो लेन सड़क के प्रस्ताव पर काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य में राजस्व के सभी मामले, चाहे वह पैमाइश से संबंधित हो, नामांतरण से संबंधित हो या फिर आबादी दर्ज करने से संबंधित हो, सभी का निपटारा मेरिट के आधार पर तय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग सभी लंबित मामलों में जवाबदेही तय करते हुए इनका निर्धारित समय अवधि में निस्तारण सुनिश्चित करे। साथ ही, प्रदेश के सभी जनपदों में रोवर आधारित पैमाइश प्रणाली को लागू करने के लिए निर्देश दिए। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने नामांतरण व वरासत के मामलों को लेकर निर्देश दिए कि ऐसी प्रणाली विकसित की जाए जिससे यह कार्य ऑटो मोड पर हो सके। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह नागरिकों को सुगम और समयबद्ध न्याय दिलाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। इससे अतिरिक्त, चकबंदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, नक्शा और रोवर आधारित पैमाइश प्रणाली को लागू करने के प्रयासों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उनके अनुसार, प्रदेश के सभी जिलों में रोवर से पैमाइश के लिए रोवर की खरीद ही नहीं बल्कि ट्रेनिंग कराने तथा प्रक्रिया को धरातल पर उतारने के लिए फ्रेमवर्क को तैयार किया जाए। जनपदों में रोवर आधारित पैमाइश को पूर्ण करने के लिए ट्रेनिंग हेतु इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक एवं आईटीआई का सहयोग भी लिया जा सकता है। कार्यों की प्रगति में लाएं तेजी, उन्हें शत प्रतिशत समय से पूरा करने पर करें फोकस मुख्यमंत्री जी ने समीक्षा बैठक में राजस्व विभाग को निर्देश दिए कि सभी कार्यों की प्रगति में तेजी लाते हुए उन्हें शत प्रतिशत पूर्ण करने पर फोकस करें। मुख्यमंत्री जी ने निर्देशित किया कि भू-अभिलेखों के डिजिटलीकरण कार्य में तेजी लाते हुए इन्हें शीघ्र पूर्ण किया जाए। विभागीय निगरानी सरल हो और इसका लाभ आमजन को मिले। धारा 80 के अन्तर्गत भू-उपयोग परिवर्तन प्रक्रिया को सरल व पारदर्शी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं के निस्तारण के लिए राजस्व परिषद के स्तर पर कॉल सेंटर जैसी प्रणाली की जाए विकसित। *तकनीकी रूप से पारदर्शी व्यवस्था हो सुनिश्चित* मुख्यमंत्री ने चकबंदी प्रक्रिया में तकनीकी के प्रयोग और व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसान रजिस्ट्री, पैमाइश और खसरा पड़ताल से जुड़े सभी लम्बित प्रकरणों का समाधान तय समय सीमा में अनिवार्य रूप से किया जाय। उन्होंने आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र तथा निवास प्रमाण पत्र जैसी शासकीय सेवाओं सेवा को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाए जाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, प्रदेश में शीतलहर को देखते हुए रैन बसेरों में व्यवस्थाओं का सुचारू प्रबंधन, सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने की व्यवस्था तथा कंबल वितरण को लेकर राजस्व विभाग को कार्यप्रणाली में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि सभी कार्यों को मिशन मोड में युद्धस्तर पर पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री जी ने ग्राम पंचायतों में लगी बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों/स्मारकों को सुरक्षित करने के लिए समाज कल्याण विभाग के सहयोग से बाउंड्री वॉल के निर्माण कार्य को भी आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री जी ने लेखपालों को पंचायत भवनों में अपना कार्यालय बनाकर जनसमस्याओं के निस्तारण करने के निर्देश दिए ल। मुख्यमंत्री जी ने जनपद स्तर पर एकीकृत बहुमंजली कार्यालय का निर्माण हो, जहां जिलाधिकारी के साथ साथ समस्त जनपदीय कार्यालय उसमें समाहित हों।
बड़वानी जिले के बरुफाटक नेशनल हाईवे पर शुक्रवार को तेज रफ्तार ट्राले और बाइक की भिड़ंत में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक शख्स गंभीर रूप से घायल हो गया। जैसे ही दुर्घटना की खबर फैली, मृतका के परिजन और समाज के लोग बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए। गुस्से में आए लोगों ने नेशनल हाईवे को दोनों ओर से पूरी तरह जाम कर दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन में आग लगा दी। धूं-धूं कर जलते वाहन और हंगामे के कारण हाईवे पर करीब 30 मिनट तक अफरा-तफरी का माहौल रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस की समझाइश पर माने लोग मामले की जानकारी मिलते ही ठीकरी और राजपुर थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को काफी देर तक समझाया और कार्रवाई का आश्वासन दिया। समझाइश और पंचनामा बनने के बाद लोग जाम खोलने को राजी हुए। इसी बीच ठीकरी से आई फायर फाइटर की टीम ने जलते हुए वाहन की आग पर काबू पाया। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद यातायात को फिर से बहाल किया जा सका। निजी कार्यक्रम से लौट रही थी मृतका हादसे में जान गंवाने वाली महिला की पहचान ठीकरी थाना क्षेत्र के ग्राम कुंडिया निवासी काली पति ओमकार सस्ते के रूप में हुई है। बाइक पर सवार कालीबाई (50) पति ओंकार सस्ते निवासी कुंडिया बरूफाटक में खरीदीकर रिश्तेदार के साथ गांव जा रही थी। महिला के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए ठीकरी भेजा। ठीकरी टीआई नाथूसिंह रंधा और राजपुर टीआई विक्रम सिंह बामनिया ने वाहनों को निकलवाया। करीब 30 मिनट तक लोग जाम में फंसे रहे। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार कंटेनर (एमपी 04 जीबी 8027) के चालक ने बाइक को टक्कर मारी। पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है।
सोनभद्र विधायक ने सीएम योगी को दिया निमंत्रण:मुख्यमंत्री ने खेल महाकुंभ में आने का आश्वासन दिया
सोनभद्र सदर विधायक भूपेश चौबे ने शुक्रवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को विधायक खेल महाकुंभ में सोनभद्र आने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने विधायक का उत्साहवर्धन करते हुए कार्यक्रम में आने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने निमंत्रण पत्र स्वीकार करते हुए विधायक भूपेश चौबे को अपने हाथों से खेल की टोपी पहनाई और सफलता के लिए आशीर्वाद दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने खेल के प्रति विधायक के प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सोनभद्र में हो रहे खेल आयोजन अब देश स्तर पर चर्चा में हैं। उन्होंने विधायक से जनपद के अन्य विकास कार्यों के बारे में भी जानकारी ली।इससे पहले, विधायक भूपेश चौबे ने खेल मंत्री से भी मुलाकात कर उन्हें खेल महाकुंभ में शामिल होने का आमंत्रण सौंपा था। खेल मंत्री ने भी सोनभद्र आने का पूर्ण आश्वासन दिया है।
ललितपुर के गिरार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डगडगी गौशाला प्रकरण में आरोपी देवेंद्र कौशिक की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अहम निर्देश जारी किए हैं। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने क्षेत्राधिकारी मड़ावरा से गौशाला में पशुओं की संख्या, क्षेत्रफल और क्षमता से संबंधित विस्तृत आख्या प्रस्तुत करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 7 जनवरी को निर्धारित की गई है। प्रकरण के अनुसार, 21 नवंबर को डगडगी गौशाला में हुए विवाद के दौरान वीडियो बनाने वाले युवक देवेंद्र कौशिक के खिलाफ ग्राम प्रधान की तहरीर पर मारपीट एवं एससी/एसटी एक्ट सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने 25 नवंबर को आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। देवेंद्र कौशिक की जमानत याचिका पर 2 जनवरी को एससी/एसटी कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता और अपर जिला शासकीय अधिवक्ता द्वारा अपने-अपने पक्ष एवं साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने विवेचक क्षेत्राधिकारी मड़ावरा को निर्देश दिए कि वे अपराध के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करें। रिपोर्ट में घटना की तिथि से पूर्व एवं बाद में गौशाला में मौजूद गायों/पशुओं की संख्या, गौशाला का कुल क्षेत्रफल तथा उसकी निर्धारित क्षमता का स्पष्ट विवरण शामिल किया जाना अनिवार्य होगा। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि संबंधित अभिलेख एवं रजिस्टर 7 जनवरी को सुबह 10 बजे तक न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएं। उक्त जानकारी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) संजीव लिटौरिया ने दी।
गोरखपुर में रेल पटरियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे ने निर्णायक कदम उठाया है। अब रेल लाइनों पर न जानवर पहुंच सकेंगे और न ही अनधिकृत रूप से लोगों की आवाजाही होगी। इसके लिए पटरियों के दोनों ओर स्टील की सेफ्टी फेंसिंग लगाई जा रही है। इससे हादसों में कमी आएगी, ट्रेनों का संचालन निर्बाध होगा और रफ्तार भी बढ़ सकेगी। पहले चरण में बाराबंकी-गोरखपुर–छपरा 425 किलोमीटर लंबे मुख्य रेलमार्ग को सेफ्टी फेंसिंग से सुरक्षित किया जा रहा है। अब तक 208 किलोमीटर रेलखंड पर फेंसिंग का काम पूरा हो चुका है, जिसमें लखनऊ मंडल के 161 किलोमीटर शामिल हैं। आने वाले समय में पूर्वोत्तर रेलवे के अन्य रेलमार्गों पर भी यही व्यवस्था लागू की जाएगी। पशु और मानव दुर्घटनाओं पर लगेगी लगाम रेल पटरियों पर पशुओं के कटने और मानव दुर्घटनाओं की घटनाएं लंबे समय से रेलवे के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। खासकर कोहरे के मौसम में ऐसी घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे ट्रेनों को धीमी गति से चलाना पड़ता है और संचालन प्रभावित होता है। सेफ्टी फेंसिंग के बाद इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सकेगी। बीते 31 दिसंबर को छपरा-नौतनवा इंटरसिटी एक्सप्रेस की चपेट में आने से कैंपियरगंज-आनंदनगर के बीच लोहरपुरवा हाल्ट के पास 50 भेड़ों की मौत हो गई थी। इससे पहले 24 दिसंबर को नौतनवा से गोरखपुर आ रही पैसेंजर ट्रेन से टकराकर एक नीलगाय सहित 10 गोवंशीय पशुओं की जान चली गई थी, जबकि तीन पशु घायल हो गए थे। रेलवे भूमि पर अतिक्रमण पर भी लगेगा अंकुश सेफ्टी फेंसिंग लगने से न सिर्फ पटरियों पर आवाजाही रुकेगी, बल्कि रेलवे की भूमि पर होने वाले अनावश्यक अतिक्रमण पर भी नियंत्रण लगेगा। इससे ट्रेनों को रास्ते में बार-बार रुकने की समस्या से राहत मिलेगी और समय पालन बेहतर होगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, स्टील की सेफ्टी फेंसिंग पूरी होने के बाद ट्रेनों को अनुमन्य गति से चलाया जा सकेगा। इससे ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 130 किलोमीटर प्रति घंटे तक बढ़ाने का रास्ता साफ होगा। फिलहाल वंदे भारत सहित कई सुपरफास्ट ट्रेनें पूर्वोत्तर रेलवे में 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ही चल रही हैं। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि पटरियों पर पशुओं के आ जाने से ट्रेन संचालन बार-बार प्रभावित होता है। सेफ्टी फेंसिंग लगने के बाद पशुओं और अनधिकृत लोगों की आवाजाही पूरी तरह रुकेगी। इससे अतिक्रमण पर भी लगाम लगेगी और ट्रेनें तय गति से बिना बाधा संचालित हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि सेफ्टी फेंसिंग का काम लगातार प्रगति पर है।
गोरखपुर में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने पॉवर कॉरपोरेशन के चेयरमैन के हालिया बयान के आधार पर पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय तत्काल वापस लेने की मांग की है। समिति का कहना है कि जब शीर्ष प्रबंधन खुद विद्युत क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार स्वीकार कर रहा है, तो निजीकरण का कोई औचित्य नहीं रह जाता। संघर्ष समिति ने कहा कि नए साल के पहले दिन पॉवर कॉरपोरेशन के चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल ने शक्ति भवन में विद्युत वितरण, पारेषण और उत्पादन के क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार होने की बात कही है। साथ ही ऊर्जा क्षेत्र में लगातार प्रगति और इस साल नया रिकॉर्ड बनने की संभावना जताई गई है। ऐसे में निजीकरण का फैसला तर्कसंगत नहीं है। समिति ने कहा कि साल 2026 की शुरुआत में ही यदि प्रबंधन निजीकरण का निर्णय निरस्त कर देता है, तो बिजली कर्मी दिन-रात मेहनत कर प्रदेश के ऊर्जा निगमों को देश के शीर्ष ऊर्जा निगमों की श्रेणी में पहुंचाने में सक्षम हैं। 2025 में रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति का हवाला संघर्ष समिति के अनुसार वर्ष 2025 में बिजली कर्मियों ने 31,618 मेगावाट बिजली आपूर्ति कर देश में सर्वाधिक आपूर्ति का रिकॉर्ड बनाया। महाकुंभ के दौरान बिजली व्यवस्था को निर्बाध बनाए रखने में कर्मियों द्वारा किए गए कार्य को भी ऐतिहासिक बताया गया। ऊर्जा मंत्री के बयान भी निजीकरण के खिलाफ समिति ने कहा कि प्रदेश के ऊर्जा मंत्री कई बार बिजली व्यवस्था में सुधार और बिजली कर्मियों के कार्य की सार्वजनिक रूप से सराहना कर चुके हैं। हाल ही में विधानसभा में ऊर्जा मंत्री अरविन्द कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया है कि बिजली के निजीकरण का अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। संघर्ष समिति का कहना है कि निजीकरण की प्रक्रिया से ऊर्जा निगमों में अनावश्यक टकराव की स्थिति बनी है और कार्य का वातावरण प्रभावित हुआ है। निजीकरण का निर्णय वापस लेकर ही सकारात्मक कार्य वातावरण बनाया जा सकता है।
उन्नाव के अजगैन कोतवाली क्षेत्र में नवाबगंज-सरेसा मार्ग पर शुक्रवार रात एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। इस दुर्घटना में बाइक पर सवार दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा रात करीब 9:30 बजे हुआ, जब तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे बिजली के पोल से टकरा गई। मृतक की पहचान बरुआ निवासी 32 वर्षीय लल्लन पुत्र गुरु प्रसाद के रूप में हुई है। बताया गया कि लल्लन सरेसा क्षेत्र में राजगीरी का काम करता था। वह शुक्रवार सुबह काम के लिए घर से निकला था और देर शाम बाइक से वापस लौट रहा था। बाइक पर तीन लोग सवार थे, जिससे संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। हादसे में घायल हुए अन्य दो युवक सुनील पुत्र छेदीलाल और चन्ना पुत्र पूतु राम, दोनों बरुआ के निवासी हैं। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को नवाबगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया जा सकता है। सूचना मिलने पर अजगैन कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दुर्घटनाग्रस्त बाइक को भी कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग को हादसे का कारण माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। मृतक लल्लन, नवाबगंज ब्लॉक प्रमुख रोशनी रावत के चाचा छेदीलाल का पुत्र था। हादसे की खबर से गांव और परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई। लल्लन अपने पीछे पत्नी धन्नो, माता शांति, तीन पुत्र (दीपांशु, प्रियांशु, हिमांशु) और दो पुत्रियां (छाया, हिमांशी) का भरा-पूरा परिवार छोड़ गया है। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी लल्लन पर ही थी, जिससे अब उनके परिवार के सामने गंभीर आर्थिक चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है। पुलिस ने बताया कि मामले की विधिक कार्रवाई पूरी की जा रही है। दुर्घटना के कारणों की गहन जांच की जा रही है।
अयोध्या में अलग-अलग सड़क हादसों में 6 घायल:2 की हालत गंभीर, मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल रेफर
अयोध्या में अलग-अलग स्थानों पर हुए सड़क हादसों में कुल छह लोग घायल हो गए। इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। अन्य घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया। पहली घटना लखनऊ-गोरखपुर हाईवे पर रुदौली कोतवाली क्षेत्र में अवधेश सिंह ढाबा के सामने हुई। यहां बालू से लदा एक ट्रक अचानक सड़क पार करते समय सामने आ गया, जिससे एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े युवक को टक्कर मारते हुए आगे निकल गई। भेलसर चौकी प्रभारी मनीष चतुर्वेदी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दुर्घटनाग्रस्त कार को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन सहित फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। हादसे के समय कार में तीन लोग सवार थे। कार चालक अजय सिंह ने तत्काल एंबुलेंस को सूचना दी और घायल युवक को तहसीलदार की गाड़ी में बैठाकर अस्पताल पहुंचाया। घायल युवक की पहचान बाराबंकी जिले के रामसनेहीघाट थाना क्षेत्र के गोकुला गांव निवासी सुशील कुमार पुत्र तेज राम के रूप में हुई है। दूसरी घटना अयोध्या-रायबरेली हाईवे पर सराय हेमराज के पास बने कट पर हुई। मिल्कीपुर जा रहे बाइक सवार राजकरन यादव को एक तेज रफ्तार अज्ञात डंपर ने टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद डंपर चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से घायल राजकरन को कुमारगंज स्थित संयुक्त सौ शैय्या चिकित्सालय पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज दर्शन नगर रेफर कर दिया। तीसरी घटना धर्मगंज के पास हुई, जहां मवेशियों को बचाने के प्रयास में दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर हो गई। दोनों बाइकों पर चालक समेत चार लोग सवार थे। स्थानीय लोगों ने सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। एक बाइक सवार बल्दीराय थाना क्षेत्र का था, जबकि दूसरा हलियापुर क्षेत्र का निवासी बताया गया है।
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी की सप्लाई से हुई मौतों और सैकड़ों लोगों के बीमार होने के विरोध में शुक्रवार शाम युवा कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। जिले के कोतमा कॉलरी के मजदूर चौक पर कार्यकर्ताओं ने कैनिबेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का पुतला दहन किया और उनसे तत्काल इस्तीफे की मांग की। युवा कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि नगर निगम की घोर लापरवाही के कारण ही क्षेत्र में जहरीले पानी की सप्लाई हुई। इस प्रशासनिक चूक की वजह से कई महिलाएं, पुरुष और मासूम बच्चे गंभीर रूप से बीमार होकर अस्पताल पहुंच गए। अब तक 15 मौतों से गुस्सा, जिम्मेदारी तय करने की मांग प्रदर्शन के दौरान जानकारी दी गई कि इस दूषित पानी के सेवन से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अभी भी विभिन्न अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि इस हृदयविदारक घटना के लिए नगर निगम, महापौर, संबंधित वार्ड पार्षद और स्थानीय शासन मंत्री की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। नैतिक जिम्मेदारी और इस्तीफे की मांग जिला अध्यक्ष मानवेंद्र मिश्रा ने घटना को प्रशासनिक असंवेदनशीलता का चरम बताते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर मासूमों की जान से खिलवाड़ है। उन्होंने मांग की कि इस मामले के सभी दोषियों पर हत्या का मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, उन्होंने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने को कहा।
लखनऊ में नए साल के जश्न में उमड़ने वाली भारी भीड़ के कारण लगे जाम को लेकर पुलिस आयुक्त अमरेंद्र सिंह सेंगर ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक की। बैठक में जाम के कारणों और भविष्य में इससे निपटने की रणनीति पर चर्चा की गई। समीक्षा में सामने आया कि नए साल पर करीब 5 लाख से ज्यादा लोग और 1 लाख वाहन शहर की सड़कों पर थे। जिससे यातायात का दबाव बेकाबू हो गया। एक किलोमीटर में चार बड़े मंदिर, मेलों से बढ़ा दबाव समीक्षा में बताया गया कि एक किलोमीटर के दायरे में हनुमान सेतु, खाटूश्याम मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर और हनुमंत धाम मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इसके अलावा कतकी मेला और उत्तरायणी मेला भी चल रहा था। इस कारण परिवर्तन चौक और नदवा बंधा मोड़ पर सबसे ज्यादा ट्रैफिक दबाव रहा। यह इलाका घनी आबादी वाला है और सड़कें संकरी हैं, जिससे सामान्य दिनों में भी जाम की स्थिति बनी रहती है। चिड़ियाघर में भीड़ इतनी बढ़ी कि काउंटर बंद करने पड़े पुलिस के मुताबिक चिड़ियाघर में अत्यधिक भीड़ पहुंचने के कारण टिकट काउंटर तक बंद करने पड़े। गुरुवार को हालात ऐसे हो गए कि लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर में बार-बार लगने वाले जाम से निपटने के लिए यातायात पुलिस को 10 अतिरिक्त रेसर मोबाइल बाइक और 42 दरोगा तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। अवसर विशेष डायवर्जन मैप होगा तैयार बैठक में सभी विभागों को आपसी समन्वय के निर्देश दिए गए। तय किया गया कि समय से डायवर्जन प्लान और अवसर विशेष डायवर्जन मैप तैयार किया जाएगा। इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल और मोबाइल ड्यूटी लगाई जाएगी। पार्किंग स्थलों से अलग-अलग मार्गों से प्रवेश और निकास की व्यवस्था होगी, ताकि एक ही सड़क पर दबाव न पड़े। नो-पार्किंग में खड़े वाहन उठेंगे, बढ़ेगी क्रेन की संख्या नो-पार्किंग जोन में सख्ती से नियम लागू कराने के लिए अतिरिक्त क्रेन वाहन लगाने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क किनारे वाहन खड़े करने वाले इलाकों को चिन्हित कर वहां से गाड़ियां उठाई जाएंगी। ट्रैफिक मार्शल नहीं तो कार्यक्रम की अनुमति नहीं समीक्षा बैठक में साफ किया गया कि किसी भी आयोजन में पर्याप्त संख्या में ट्रैफिक मार्शल तैनात करना अनिवार्य होगा। यदि आयोजक ट्रैफिक मार्शल की ड्यूटी नहीं लगाएगा तो कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाएगी। रोड इंजीनियरिंग सुधार पर भी जोर नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और एलडीए के साथ समन्वय कर रोड इंजीनियरिंग सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रीन कॉरिडोर मार्गों का भ्रमण कर समीक्षा की जाएगी, ताकि इससे जुड़े अन्य रास्तों पर दबाव न बढ़े।
कानपुर के जाजमऊ थाना क्षेत्र में गंगा किनारे एक मृत डॉल्फिन मिली है। यह डॉल्फिन लगभग 10 फीट लंबी और विलुप्त प्रजाति की बताई जा रही है, जिसका अनुमानित वजन 350 किलोग्राम है। वन विभाग ने शव को कब्जे में ले लिया है। स्थानीय नाविकों ने शुक्रवार शाम करीब 5 बजे गंगा नदी में एक बड़ी मछली को तैरते हुए देखा। उसे बाहर निकालने पर पता चला कि यह एक डॉल्फिन थी। नाविकों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, डॉल्फिन का शव 2 से 3 दिन पुराना प्रतीत होता है। उसकी स्थिति को देखते हुए, कुछ स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों ने दूषित गंगा जल को उसकी मौत का संभावित कारण बताया है। हालांकि, मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम के बाद ही चलेगा। केंद्र सरकार ने भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत डॉल्फिन को राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया है। इसे स्थानीय स्तर पर 'जलपरी' भी कहा जाता है। गंगा नदी में डॉल्फिन की उपस्थिति को 'मिशन क्लीन गंगा' की सफलता का एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। डॉल्फिन की औसत आयु लगभग 28 वर्ष होती है।
अनूपपुर जिले के अमरकंटक स्थित बांधा-कपिलधारा मार्ग स्थित अमरकंटक रिसॉर्ट में शुक्रवार को एक युवती का शव फांसी के फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना रिसॉर्ट प्रबंधक ने पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव उतारा और पीएम के लिए अमरकंटक भेजा। थाना प्रभारी एलबी तिवारी ने बताया कि अमरकंटक रिसोर्ट के मैनेजर प्रकाश पांडे ने थाने में सूचना दी थी। उन्होंने बताया कि एक जनवरी को रिसोर्ट के कमरा नंबर 4 में एक युवती किराए पर ठहरी हुई थी, जिसका शव कमरे में फांसी के फंदे से लटका मिला है। यूपी की निवासी थी युवती की पहचान कंचन कुमारी पिता महेश चंद्र (19) के रूप में की है। वह कोल, जिला अलीगढ़ (उत्तरप्रदेश) की निवासी थी। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे जब रिसोर्ट स्टाफ ने कमरे का दरवाजा खटखटाया तो अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतरवाया। इसके बाद शंका होने पर उसने खिड़की से झांककर देखा, जहां युवती कमरे के सीलिंग फैन में दुपट्टे से फांसी के फंदे पर लटकी हुई दिखाई दी। घटना की सूचना तत्काल अमरकंटक थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंची, इसके बाद दरवाजा तोड़कर पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को नीचे उतरवाया। थाना प्रभारी एलबी तिवारी ने बताया- युवती ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया गया, इसकी जांच की जा रही है। परिजनों के आने पर पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा और रिपोर्ट तथा अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नोएडा में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई:मिलावटखोरों पर 3.50 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया
नोएडा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 3.50 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई विभाग द्वारा लगातार की जा रही छापेमारी और लैब में नमूने फेल पाए जाने के बाद की गई। नववर्ष के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग ने तीन दिनों तक विशेष छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान जिले के कई प्रतिष्ठित रेस्तरांं पर भी कार्रवाई की गई। विभाग ने 30 स्थानों से नमूने एकत्र कर लैब भेजे और 40 लोगों को नोटिस जारी किए। खाद्य सुरक्षा आयुक्त सर्वेश कुमार ने बताया कि अप्रैल 2024 से 30 नवंबर तक की गई छापेमारी में कुल 128 मामलों में यह जुर्माना लगाया गया। उन्होंने कहा कि कई प्रतिष्ठित संस्थानों से लिए गए नमूने फेल पाए गए थे, जिसके बाद वाद दायर कर कुल 3.50 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया। छापेमारी के दौरान जिले में दूध, पनीर, मोमोज की चटनी और घी जैसे खाद्य पदार्थों में मिलावट पाई गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने दोहराया कि मिलावटखोरों के खिलाफ लगातार छापेमारी और जुर्माने की कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न हो।
माउंट आबू-आबूरोड मार्ग पर एक गहरी खाई में आज एक युवक का शव मिला। घटना की सूचना मिलने पर माउंट आबू पुलिस मौके पर पहुंची। थानाधिकारी दलपत सिंह ने अपनी टीम के साथ घटनास्थल का जायजा लिया। इसके बाद, नगर पालिका के आपदा दल को सूचित किया गया। पालिका अधिकारी राज किशोर शर्मा के निर्देश पर आपदा दल के कार्मिक अल्केश गोयर, समाजसेवी राजकुमार परमार और अन्य संगठनों के सदस्यों ने मौके पर पहुंचकर शव को खाई से बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। पुलिस और इन सभी की मदद से मृत युवक के शव को गहरी खाई से निकाला गया। शव को राजकीय अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। पुलिस ने मृतक की पहचान प्रशांत शाह (35), निवासी धंधूका, गुजरात के रूप में की है। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है, जो माउंट आबू के लिए रवाना हो गए हैं। बताया जा रहा है कि प्रशांत शाह कल गुजरात से माउंट आबू घूमने आए थे। उनकी एक्टिवा सड़क पर मिली थी, जिसकी सूचना लोगों ने पुलिस को दी थी। लोकेशन के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की, जिसके बाद लोगों से मिली सूचना के आधार पर टीम को खाई में युवक का शव मिला। फिलहाल, पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
अखिल भारतीय हिंदी परिषद की प्रदेश मंत्री रीता पाल ने मुरादाबाद कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने हाल ही में आयोजित प्रतिस्पर्धा खेल प्रतियोगिता में मुरादाबाद के बच्चों को नकद पुरस्कार न मिलने का मुद्दा उठाया। रीता पाल ने बताया कि प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मुरादाबाद के बच्चों के लिए घोषित नकद पुरस्कार अब तक वितरित नहीं किए गए हैं। इसके विपरीत, अमरोहा, संभल, रामपुर और बिजनौर जिलों के बच्चों को उनके पुरस्कार मिल चुके हैं। रीता पाल के अनुसार, मुरादाबाद के लगभग 100 प्रतिभागी बच्चे अभी भी अपने नकद पुरस्कार से वंचित हैं। इस स्थिति से बच्चों और उनके अभिभावकों में गहरा रोष है। बच्चों का आरोप है कि विजेता होने के बावजूद उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। ज्ञापन में मांग की गई है कि मुरादाबाद के सभी पात्र बच्चों को जल्द से जल्द उनके घोषित नकद पुरस्कार दिए जाएं और पुरस्कार वितरण में हुई देरी का कारण भी स्पष्ट किया जाए। जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि तीन दिन के भीतर पूरे मामले की जांच की जाएगी। यदि निर्धारित समय-सीमा में समस्या का समाधान नहीं होता है, तो संबंधित पक्षों को दोबारा बुलाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पन्ना जिले की सिमरिया पुलिस ने राहगीरों को डरा-धमकाकर लूटपाट करने वाले दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों पर छतरपुर जिले में हत्या के प्रयास और लूट जैसे 24 से अधिक केस पहले से ही दर्ज हैं। लूट की यह वारदात सिमरिया थाना क्षेत्र के ग्राम साटाबुद्ध सिंह में हुई। आरोपी हर्ष सिंह उर्फ 'सिक्सर' और राज उर्फ इन्द्रजीत ने सत्यव्रत तिवारी नामक व्यक्ति को रास्ते में रोका। बदमाशों ने फरियादी के साथ अभद्रता की और कट्टा तानकर जान से मारने की धमकी देते हुए 'शराब पार्टी' के लिए पैसों की मांग की। विरोध करने पर उन्होंने जबरन फरियादी का मोबाइल फोन और नगदी छीन ली। घेराबंदी कर पशु अस्पताल के पास से पकड़े गए आरोपी पुलिस को गुरुवार रात सटीक सूचना मिली कि दोनों बदमाश सिमरिया के पशु अस्पताल के पास छिपे हुए हैं। पुलिस टीम ने बिना देरी किए घेराबंदी की और हर्ष सिंह उर्फ सिक्सर (निवासी सिमरिया) और राज उर्फ इन्द्रजीत सिंह (निवासी दमोह) को गिरफ्तार कर लिया। लोडेड कट्टा, मोबाइल और पल्सर बाइक जब्त पुलिस ने आरोपियों की तलाशी ली तो मुख्य आरोपी 'सिक्सर' के पास से 315 बोर का एक लोडेड देसी कट्टा बरामद हुआ। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर 220cc बाइक और फरियादी का लूटा हुआ मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है और जिले में गुंडागर्दी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
रामानुजगंज पुलिस ने दुष्कर्म के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर शादी का झांसा देकर एक महिला से दुष्कर्म करने का आरोप है। उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने 2 जनवरी 2026 को रामानुजगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि जान-पहचान के युवक उमेश सिंह ने उसे शादी का झांसा दिया और 27 अक्टूबर 2025 की रात उसके साथ गलत काम किया। इसके बाद भी वह बीच-बीच में मौका देखकर संबंध बनाता रहा। पति को देख भागा आरोपी पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि 1 जनवरी 2026 को उमेश सिंह ने रामानुजगंज बस स्टैंड के पास उससे जबरदस्ती बात करने की कोशिश की थी। जब पीड़िता के पति वहां आए, तो आरोपी उन्हें देखकर भाग गया। पीड़िता की शिकायत पर थाना रामानुजगंज में दुष्कर्म की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। न्यायिक रिमांड पर आरोपी को भेजा जेल जांच के दौरान, पुलिस को आरोपी उमेश सिंह (30 वर्ष), पिता भागी सिंह, निवासी गम्हरिया, चौकी विजयनगर, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इस सफल कार्रवाई में थाना रामानुजगंज से उपनिरीक्षक निर्मल राजवाड़े, उपनिरीक्षक बृजमोहन गुप्ता, महिला प्रधान आरक्षक मनीषा तिग्गा और महिला आरक्षक जगरानी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
ग्रेटर नोएडा के गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (GIMS) में भारत के पहले सरकारी अस्पताल आधारित AI क्लिनिक का ऑनलाइन उद्घाटन किया गया। भारत सरकार के अतिरिक्त महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएँ (ADGHS) ने सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन (CMI) के तहत स्थापित इस क्लिनिक का शुभारंभ किया। यह AI क्लिनिक उत्तर प्रदेश के पहले सार्वजनिक अस्पताल आधारित मेडिकल इनक्यूबेटर सेंटर के माध्यम से शुरू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य AI आधारित हेल्थकेयर स्टार्टअप्स को वास्तविक क्लिनिकल वातावरण में अपने समाधान विकसित करने, परीक्षण करने और सत्यापित करने का अवसर प्रदान करना है। ऑनलाइन उद्घाटन कार्यक्रम में देश-विदेश से 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें डॉक्टर, AI स्टार्टअप्स, शोधकर्ता, नीति निर्माता और शिक्षाविद शामिल थे। इस अवसर पर औषधि विभाग (मेडिकल डिवाइसेज़), भारत सरकार के संयुक्त सचिव भी उपस्थित रहे। उन्होंने इस पहल को चिकित्सा उपकरणों और AI आधारित स्वास्थ्य समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मंच बताया। GIMS के निदेशक और बाल रोग विशेषज्ञ ब्रिगेडियर (डॉ.) राकेश कुमार गुप्ता ने कहा कि यह पहल हेल्थकेयर स्टार्टअप्स के लिए नए अवसर और पहुँच प्रदान करेगी। उन्होंने इसे समय की आवश्यकता बताया, जिससे नवाचार सीधे मरीजों और चिकित्सकों तक पहुँच सके। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ डॉ. शिवकुमार मणिकम, लीड कंसल्टेंट – पीडियाट्रिक रेडियोलॉजी, एसेक्स NHS ट्रस्ट, लंदन (यूके) सहित कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं ने भाग लिया। IIT कानपुर, IIT मद्रास और IIIT लखनऊ जैसे प्रमुख शैक्षणिक एवं नवाचार संस्थानों की भागीदारी ने आयोजन को बहु-विषयक और वैश्विक स्वरूप दिया। प्रतिभागियों ने सार्वजनिक अस्पताल में ऐसी AI पहल शुरू करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की दूरदर्शिता की सराहना की और इसे देश के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बताया। ऑनलाइन उद्घाटन के बाद, 6 जनवरी को प्रस्तावित भौतिक (फिजिकल) लॉन्च को लेकर स्टार्टअप्स और चिकित्सकों में खास उत्साह देखा जा रहा है। AI क्लिनिक का उद्देश्य क्लिनिकल AI, मेडिकल इमेजिंग, क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम, वर्कफ़्लो ऑप्टिमाइज़ेशन, पेशेंट सेफ्टी और डेटा-आधारित स्वास्थ्य समाधान विकसित करने वाले स्टार्टअप्स को सहयोग प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते (CM Flying Squad) ने शुक्रवार शाम हिसार की नई सब्जी मंडी में चल रहे अवैध शराब के कारोबार का भंडाफोड़ किया है। मंडी के भीतर एक झुग्गी को शराब के अड्डे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था, जिससे यहाँ आने वाले नागरिकों और महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज की इंचार्ज सुनैना के नेतृत्व में हुई इस छापेमारी में आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम शामिल रही। जांच में सामने आया कि सब्जी मंडी जैसी भीड़भाड़ वाली जगह पर अवैध रूप से शराब बेची जा रही थी। शराबियों के जमावड़े के कारण मंडी में आने वाली महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और अभद्रता की शिकायतें लगातार मिल रही थीं, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाकर यह कार्रवाई की। रिंकू पंडित के लिए काम करता था आरोपी रेड के दौरान मौके से प्रेम कुमार (निवासी श्यामलाल ढाणी) को काबू किया गया। तलाशी में भारी मात्रा में देशी व अंग्रेजी शराब की भरी और खाली बोतलें बरामद हुईं। पकड़े गए आरोपी प्रेम कुमार ने कबूल किया कि वह रिंकू पंडित नामक व्यक्ति के इशारे पर यहाँ शराब बेचता था, जिसके बदले उसे कमीशन या पैसे मिलते थे। बिना लाइसेंस चल रहा था धंधा, मुकदमा दर्ज आबकारी एवं कराधान विभाग की एईटीओ सुमन देवी और आबकारी निरीक्षक अशोक कुमार ने पुष्टि की कि आरोपियों के पास शराब बेचने का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। सीएम फ्लाइंग की शिकायत पर एचटीएम थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम (Excise Act) के तहत मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी रिंकू पंडित की तलाश शुरू कर दी है।
हनुमानगढ़ जंक्शन में राजीव चौक के पास देर रात एक स्लीपर कोच बस की वायरिंग में शॉर्ट सर्किट हो गया। इससे बस में धुआं उठने लगा और यात्रियों में हड़कंप मच गया। हालांकि, पुलिस ने समय रहते स्थिति को संभाल लिया और एक बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलते ही जंक्शन थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए अग्निशामक यंत्र की मदद से हल्की आग पर तुरंत काबू पा लिया। यह स्लीपर कोच बस गंगानगर से हरिद्वार जा रही थी। बस में सवार यात्रियों ने अचानक धुआं उठता देखा, जिसके बाद ड्राइवर ने बस को सड़क किनारे रोक दिया। घटना की जानकारी मिलते ही सभी यात्रियों को सुरक्षित बस से बाहर निकाल लिया गया। पुलिस की मदद से सभी यात्रियों को दूसरी बस में स्थानांतरित किया गया, ताकि उनकी यात्रा बाधित न हो। प्रारंभिक जांच में घटना का कारण वायरिंग में शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। इस घटना में किसी भी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है।
खाटूश्यामजी में नए साल के मौके पर भक्तों की भीड़ के बीच दो दुकानदारों में लड़ाई हो गई। इसका वीडियो भी सामने आया है। दोनों दुकानदार खाटूश्यामजी गांव में प्रसाद की दुकान लगाते हैं। प्रसाद बेचने की बात पर दोनों के बीच विवाद हुआ। दोनों ने मारपीट शुरू कर दी। मामला गुरुवार रात का है। पुलिस ने मामले में दोनों को शांतिभंग में गिरफ्तार किया। हालांकि घटना को लेकर अभी कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। पहले देखें PHOTOS घटना खाटूश्यामजी में लखदातार ग्राउंड के पास की है। यहां आमने-सामने प्रसाद की दुकान लगाने वाले दो दुकानदारों के बीच प्रसाद बेचने की बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। इसके बाद दोनों एक-दूसरे के साथ मारपीट करने लगे। इस दौरान वहां से गुजर रहे भक्त दहशत में आ गए। हालांकि सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों दुकानदारों को शांतिभंग में गिरफ्तार किया। थानाधिकारी पवन कुमार चौबे ने कहा- मामले में दोनों लोगों को शांतिभंग में गिरफ्तार किया है। मामले में अभी कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है।
मथुरा में 2 बाइक चोर गिरफ्तार:6 मोटरसाइकिलें बरामद, गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
मथुरा के राया थाना क्षेत्र में बढ़ती बाइक चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए राया पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने दो शातिर बाइक चोरों को गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी की छह मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय वाहन चोर गिरोह को बड़ा झटका लगा है। थाना प्रभारी निरीक्षक रविभूषण शर्मा अपनी टीम के साथ जयपुर-बरेली हाईवे पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान बल्देव कट के पास एक अपाचे बाइक पर सवार दो युवक संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोककर बाइक के कागजात मांगे। संतोषजनक जवाब न मिलने पर पुलिस की सख्ती से पूछताछ में बाइक चोरी का खुलासा हुआ। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गेंयरा निवासी अमित पुत्र गिरवर और जोगपुरा निवासी विकास पुत्र वीरपाल के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से कुल छह चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। इनमें से एक मोटरसाइकिल के संबंध में राया थाने में पहले से चोरी का मुकदमा दर्ज था। सीओ महावन संजीव कुमार राय ने बताया कि दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगा रही है कि उन्होंने मथुरा और आसपास के अन्य थाना क्षेत्रों में कहां-कहां चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। साथ ही, इस गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के आधार पर आगे और भी खुलासे होने की संभावना है। राया पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में बाइक चोरी की घटनाओं पर नियंत्रण की उम्मीद जताई जा रही है।
सिरोही के कांडला राजमार्ग पर एक तेज रफ्तार ट्रोला की चपेट में आने से स्कूटी सवार तीन युवतियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। इस हादसे में एक युवती की मौत हो गई, जबकि दो अन्य की हालत चिंताजनक बनी हुई है। यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के गोयली चौराहे के पास हुई। जानकारी के अनुसार, भाटकड़ा निवासी धानी, आशा और भूमिका शुक्रवार देर शाम करीब 7:00 बजे अपनी स्कूटी पर सवार होकर घर लौट रही थीं। इसी दौरान, एक तेज रफ्तार ट्रोला ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों युवतियां गंभीर रूप से घायल हो गईं और उनकी स्कूटी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद, मौके पर मौजूद दशरथ कुमार ने एक ऑटो के जरिए तीनों को सिरोही के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने तुरंत इलाज शुरू किया, लेकिन सिर में गंभीर चोट लगने के कारण धानी की मौत हो चुकी थी। अस्पताल में मौजूद लोगों ने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद वे अस्पताल पहुंचे। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना अधिकारी दलबल के साथ घटनास्थल और ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से भाग रहे ट्रोला का पीछा कर उसे रुकवाया और पुलिस लाइन में खड़ा करवा दिया। क्षतिग्रस्त स्कूटी को कोतवाली थाने ले जाया गया है। थानाधिकारी ने बताया कि परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नए साल के बाद मथुरा में भीषण जाम:बीएसए कॉलेज रोड पर एंबुलेंस फंसी, श्रद्धालु परेशान
मथुरा में नववर्ष का उत्सव समाप्त होने के बाद श्रद्धालुओं की वापसी तेज हो गई है। इसी कारण शुक्रवार को शहर के प्रमुख मार्गों पर भारी यातायात दबाव देखा गया। विशेष रूप से जिला मुख्यालय रोड पर दिनभर भीषण जाम की स्थिति बनी रही, जिससे स्थानीय नागरिकों और बाहर से आए श्रद्धालुओं को काफी परेशानी हुई। जाम के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई बार यातायात पूरी तरह ठप हो गया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि एक एंबुलेंस भी जाम में फंस गई, जिसमें एक गंभीर मरीज को अस्पताल ले जाया जा रहा था। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मौके पर तैनात पुलिसकर्मी लगातार प्रयास करते रहे। हालांकि, वाहनों की अत्यधिक संख्या के कारण उन्हें व्यवस्था बनाए रखने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। वृंदावन और मथुरा के प्रमुख मंदिरों में दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं ने बताया कि दर्शन के दौरान उन्हें आध्यात्मिक शांति मिली, लेकिन वापसी के समय लगा जाम उनकी यात्रा का सबसे मुश्किल अनुभव बन गया। श्रद्धालुओं का कहना था कि नववर्ष से पहले ही नहीं, बल्कि नववर्ष के बाद भी शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई। स्थानीय लोगों ने कहा कि हर पर्व और भीड़ के समय ऐसी ही स्थिति उत्पन्न होती है। यातायात के लिए न तो कोई ठोस योजना है और न ही वैकल्पिक मार्गों की प्रभावी व्यवस्था। लोगों ने प्रशासन से भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए स्थायी और प्रभावी ट्रैफिक प्लान लागू करने की मांग की है, ताकि श्रद्धालुओं और आमजन को राहत मिल सके।
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा अपने एक दिवसीय दौरे पर देर रात गोंडा जिले पहुंचे जहां उन्होंने नंदिनी माता मंदिर में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सांसद करण भूषण सिंह के साथ पूजा-अर्चना की और उनका आशीर्वाद लिया है। इस दौरान सांसद करण भूषण सिंह ने मंत्री शर्मा को नंदिनी माता मंदिर के बारे में विस्तृत जानकारी दी। मंत्री ने सद्गुरु ऋतेश्वर जी महाराज से भी मुलाकात कर आशीर्वाद प्राप्त किया और उन्हें फलदान किया। मीडिया से बातचीत के दौरान, मंत्री शर्मा ने मौलाना साजिद रशीदी के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें रशीदी ने 'जबरन वंदे मातरम बुलवाने वालों को आतंकवादी' कहा था। मंत्री ने कहा कि वंदे मातरम का विषय आज का नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान सभा ने 24 जनवरी 1950 को यह निर्णय लिया था कि 'जन गण मन' राष्ट्रगान होगा और 'वंदे मातरम' राष्ट्रगीत होगा। मंत्री ने पहले भी कहा था कि जहां राष्ट्रगान देश की भौगोलिक सीमाओं का वर्णन करता है, वहीं राष्ट्रगीत माँ भारती के वैभव और वात्सल्य का वर्णन करता है। मंत्री शर्मा ने जोर देकर कहा कि जो भी इसकी शिकायत कर रहा है या इसमें रुकावट डालने की कोशिश कर रहा है, उसे देशहित में कुछ न कुछ करके यहां से बाहर निकाल देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति भारत भूमि पर रहे और राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत या राष्ट्रध्वज का सम्मान न करे, यह असंभव और अस्वीकार्य है। उन्होंने आगे कहा कि ये तीनों (राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, राष्ट्रध्वज) हमारे देश की एकता और अखंडता के प्रतीक हैं, और इनका कोई विकल्प स्वीकार्य नहीं हो सकता। शाहरुख खान द्वारा बांग्लादेशी खिलाड़ी को लिए जाने पर चल रहे विवाद के संबंध में पूछे जाने पर, मंत्री शर्मा ने कहा कि किसी भी व्यक्ति पर अत्याचार गलत है। उन्होंने इसकी निंदा की और स्पष्ट किया कि हिंदुओं पर अत्याचार नहीं होना चाहिए। वहीं पहली बार हो रही राष्ट्रकथा के आयोजन को लेकर कहा कि राष्ट्रकथा का मतलब जो मैं समझ रहा हूं कि राष्ट्र निर्माण के लिए नई पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए जो यह कथा हो रही है। उसके लिए मैं सांसद बृजभूषण शरण सिंह को उनके दोनों सुपुत्र सांसद विधायक को, सभी को मैं बहुत-बहुत साधुवाद देता हूं। कि इस पीढ़ी को वर्तमान पीढ़ी को सनातन धर्म के प्रति जाग्रत करने का, उसकी तरफ मोड़ने का और उसके जरिए राष्ट्र निर्माण की भावना पैदा करने का जो यह काम हुआ है। विशेषकर यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के भी जीवन को बनाने की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। तो सभी मामले में यह कथा बहुत ही विलक्षण है। मैं यहाँ आकर सांसद करण भूषण के परिवार को, नेता जी के परिवार को और उनको और स्वयं रितेश्वर महाराज गुरु जी को नमन करने के लिए आया था। मेरा पूरा मकसद जो है यहाँ आने का सफल हुआ बहुत-बहुत सौभाग्यशाली मैं मानता हूं।
महू के सिविल अस्पताल में एक महिला की एंबुलेंस में डिलीवरी के बाद परिजन से एंबुलेंस साफ करवाई गई है। शुक्रवार को ग्राम भगोरा निवासी गायत्री पति सोहन को डिलीवरी के लिए 108 एंबुलेंस से महू के मध्य भारत सिविल अस्पताल लाया गया था। अस्पताल पहुंचने से पहले ही एंबुलेंस के भीतर महिला की डिलीवरी हो गई। डॉक्टर्स ने बच्चे की हालत नाजुक बताई और उसे इंदौर रेफर करने की सलाह दी। परिजन से खून साफ करवाया जब अस्पताल के अंदर मां और बच्चे का इलाज चल रहा था, उसी दौरान 108 एंबुलेंस के पायलट और कंपाउंडर ने गायत्री की ननंद पूजा भाटिया से एंबुलेंस साफ करवाई। डिलीवरी के दौरान एंबुलेंस में खून गिर गया था, जिसे साफ करने के लिए परिजन पर दबाव बनाया गया। पोंछा लगवाया पूजा भाटिया ने बताया कि 108 एंबुलेंस के ड्राइवर ने उनसे अस्पताल परिसर से पानी लाने को कहा। इसके बाद, उनसे एंबुलेंस के अंदर गिरे खून को पोंछा लगाकर साफ करवाया गया। परिजन का आरोप है कि बच्चे को इंदौर रेफर किए जाने के बावजूद, 108 एंबुलेंस के ड्राइवर और कंपाउंडर ने तब तक बच्चे को इंदौर ले जाने से इनकार कर दिया, जब तक एंबुलेंस पूरी तरह साफ नहीं हो गई। एसडीएम ने कही कार्रवाई की बात इस मामले पर महू एसडीएम राकेश परमार ने कहा कि यदि ऐसी घटना हुई है, तो वे अस्पताल प्रभारी से चर्चा करेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस तरह के कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी।
हापुड़ के नगर कोतवाली क्षेत्र में एक हिस्ट्रीशीटर द्वारा खुलेआम तमंचा लहराने का वीडियो सामने आया है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है। बताया जा रहा है कि यह वायरल वीडियो मीनाक्षी रोड का है, जो शहर का एक व्यस्त क्षेत्र माना जाता है। वीडियो में एक युवक सड़क पर बेखौफ होकर दोनों हाथों में तमंचा लहराता नजर आ रहा है। पुलिस के अनुसार युवक नगर कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। घटना के बाद मोहल्ले में हड़कंप मच गया। वीडियो वायरल होते ही पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई। नगर कोतवाली पुलिस ने तत्काल मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। कोतवाली प्रभारी विनोद पांडेय ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर आरोपी की पहचान की जा रही है। उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
गोरखपुर में चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र के उरुवा अंतर्गत बरपार माफी में समाजवादी पार्टी की संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष अमरजीत यादव ने की। इसमें क्षेत्र के बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार गौतम ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में नौकरियों के अवसर लगातार घटे हैं और नौजवान बेरोजगारी से परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार देने के बजाय युवाओं को खाली हाथ छोड़ रही है। शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल जिलाध्यक्ष ने कहा कि आम लोगों को शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकारी दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है, जिससे जनता में नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने का आह्वान किया। कहा कि सरकार को बदलने का समय आ गया है और सपा सरकार बनाने के लिए सभी को एकजुट होकर पूरी ताकत से जुटना होगा। कंबल वितरण से सामाजिक सरोकार का संदेश बैठक के दौरान जिला पंचायत सदस्य अवध नारायण यादव की ओर से क्षेत्र की पांच ग्राम पंचायतों के लोगों के बीच कंबल का वितरण कराया गया। इस पहल को जरूरतमंदों के लिए राहत के रूप में देखा गया। कार्यक्रम का संचालन मिर्जा कदीर बेग ने किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य अवध नारायण यादव, अमरजीत यादव, मिर्जा कदीर बेग, रमाशंकर यादव, सुरेश यादव, श्रीकांत यादव, धर्मपाल यादव, राजकुमार यादव, राम प्रसाद शर्मा, अनिल निषाद सहित बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में शुक्रवार दोपहर दो अलग-अलग सड़क हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई और तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। बालोद पुलिस ने दोनों घटनाओं की जांच शुरू कर दी है और हादसों में शामिल अज्ञात वाहन की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। तेज रफ्तार दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर पहली घटना डौंडी थाना क्षेत्र के ग्राम घोठिया में दोपहर 12 बजे हुई। तेज रफ्तार दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। दोनों बाइक के बीच टक्कर इतनी भीषण थी कि हादसे में दो लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उनका इलाज जारी है। हादसे में मृतकों की पहचान पल्लेकसा धोबनी निवासी नागेश भुआर्य (22 वर्ष), पिता घनश्याम और मड़ियाकट्टा निवासी हेमलाल (45 वर्ष), पिता रमेश के रूप में हुई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए मर्च्युरी भेज दिया है। शोक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे युवक की सड़क हादसे में मौत दूसरी घटना बेलौदी और निपानी के बीच हुई, शोक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे एक युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई, जबकि उसके साथ बैठा दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को पुलिस वाहन के माध्यम से जिला अस्पताल बालोद लाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। मृतक की पहचान बगदई (गुरुर) निवासी 22 वर्षीय रूपेश भुआर्य, पिता तुकाराम भुआर्य के रूप में हुई है। वहीं, उसके साथ मौजूद सुर्रा (गुरुर) निवासी 18 वर्षीय हरिशंकर पिस्दा गंभीर रूप से घायल हुआ है। बालोद पुलिस के अनुसार हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे हुआ। रूपेश अपने दोस्त हरिशंकर के रिश्तेदार के यहां शोक कार्यक्रम में शामिल होने आया था। इसके बाद दोनों सामान खरीदने हल्दी गए थे। लौटते समय बेलौदी और निपानी के बीच किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में रूपेश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हरिशंकर गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को अस्पताल पहुंचाया। देर शाम मृतक के परिजन जिला अस्पताल पहुंचे। जहां शव की शिनाख्त की गई। बालोद टीआई शिशुपाल सिन्हा ने बताया कि शनिवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
रायसेन में अज्ञात वाहन ने बाइक को मारी टक्कर:हेलमेट न होने से सिर में लगी चोट, एक की मौत; दूसरा घायल
रायसेन में शुक्रवार शाम करीब 7 बजे सागर रोड स्थित टपरा पठारी पर एक अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक चालक सागर धानुका की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पीछे बैठा युवक रंजीत धानुका गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर थाना कोतवाली प्रभारी नरेंद्र गोयल मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल रंजीत धानुका को 108 एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने बताया कि सागर धानुका और रंजीत धानुका सागर जिले के कोसमी से अपने गांव बरबटपुर लौट रहे थे। पुलिस के अनुसार, बाइक सवारों ने हेलमेट नहीं पहना था। टक्कर लगने से सागर धानुका के सिर में गंभीर चोटें आईं और अधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रोहतक में स्थित पंडित भगवत दयाल शर्मा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (पीजीआईएमएस) के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार धत्तरवाल को सस्पेंड करने के ऑर्डर जारी किए गए है। VC डॉ. एचके अग्रवाल और डायरेक्टर डॉ. एसके सिंघल की तरफ से लेटर जारी किया गया है। फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार धत्तरवाल पर 2017 में एक मामले में चार्ज लगा था। इस मामले में एक लड़की के शव का पोस्टमॉर्टम हुआ था, जिसमें डॉ. सुरेश कुमार धत्तरवाल ने एक चैनल पर गैंगरेप होने की बात कही थी। जबकि डॉ. धत्तरवाल पोस्टमॉर्टम करने वाले पैनल में शामिल ही नहीं थे। इसी मामले में 2017 के अंदर डॉ. धत्तरवाल को चार्जशीट किया गया था और जांच कमेटी के सामने पेश होने के निर्देश दिए थे। लेकिन डॉ. धत्तरवाल ने जांच कमेटी के सामने पेश होकर अपना पक्ष नहीं रखा, जिसके कारण उन्हें दोषी करार दिया गया। 25 दिसंबर 2025 को जांच कमेटी ने दी थी रिपोर्ट पीजीआई की तरफ से 2017 के मामले में बनाई गई जांच कमेटी ने अपनी जांच पूरी करने के बाद 25 दिसंबर 2025 को रिपोर्ट सौंपी थी। उसी रिपोर्ट के आधार पर वाइस चांसलर डॉ. एचके अग्रवाल और डायरेक्टर डॉ. एसके सिंघल की तरफ से सस्पेंड करने के ऑर्डर जारी किए गए है। 31 जनवरी को होना है रिटायर, उससे पहले सस्पेंड सूत्रों के अनुसार फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार धत्तरवाल 31 जनवरी को रिटायर होने वाले है। लेकिन उनके रिटायर होने से पहले ही सस्पेंड होने के ऑर्डर जारी हो गए। हालांकि सस्पेंड अवधि के दौरान उन्हें निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। रोहतक रहेगा डॉ. धत्तरवाल का मुख्यालय डॉ. सुरेश कुमार धत्तरवाल का सस्पेंड अवधि के दौरान मुख्यालय रोहतक ही रहेगा। वह किसी सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय को नहीं छोड़ सकेंगे। सस्पेंड की इन पाबंदियों का डॉ. धत्तरवाल को पालन करना होगा वरना उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कोटा में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शक्ति नगर स्थित कोटा कार्यालय कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ से आए 22 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल भेंट की। स्पीकर बिरला के निर्देश पर दिव्याशा केंद्र के माध्यम से सभी का मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल के लिए रजिस्ट्रेशन किया गया था। स्पीकर बिरला ने सभी लाभार्थियों से संवाद किया। इस दौरान दिव्यांगजनों ने कहा- जीवन में कई चुनौतियां थी, जो अब मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल मिलने से समाप्त हो जाएगी। दिव्यांगों को मिलेगी सुविधालोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा- मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल दिव्यांग भाई-बहनों के लिए केवल आवागमन का साधन नहीं है, बल्कि उनके जीवन को अधिक सहज, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर बनाने का माध्यम है। इससे दिव्यांग रोजगार से जुड़ सकेंगे। अपने दैनिक कार्य आत्मविश्वास के साथ कर पाएंगे और समाज की मुख्यधारा में सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को समान अवसर और सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी सामाजिक प्रतिबद्धता है। 6 महीने में 2500 से अधिक को मिले उपकरण कोटा में स्पीकर बिरला की पहल पर 19 मई 2025 में शुरू किए गए ‘प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र’ के माध्यम से अब तक लगभग 2500 से अधिक जरूरतमंद दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को दी जा चुकी है। करीब 7 करोड़ रुपए के सहायक उपकरण बांटे गए हैं। यह पहल दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी और सार्थक कदम है।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ में अपराध और अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान नए साल में भी जारी है। सीआईए (CIA) महेंद्रगढ़ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक युवक को अवैध देसी पिस्तौल के साथ गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा था। सीआईए की टीम को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली थी कि गांव बसई निवासी कृष्ण अवैध हथियार लेकर गांव के पास स्थित पहाड़ी क्षेत्र में देखा गया है। पुलिस ने बिना समय गंवाए इलाके की घेराबंदी कर छापेमारी की। पुलिस टीम को अचानक सामने देखकर आरोपी ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन जवानों ने उसे पीछा कर काबू कर लिया। आरोपी की तलाशी लेने पर उसके पास से एक अवैध देसी पिस्तौल बरामद हुई। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी यह हथियार कहाँ से लाया था और उसका इरादा क्या था। आरोपी कृष्ण के खिलाफ थाना सदर महेंद्रगढ़ में आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उसे अदालत में पेश कर आगे की पूछताछ की जाएगी।
पंजाब सरकार की 'युद्ध नशों विरुद्ध' मुहिम के तहत खन्ना के दोराहा इलाके में कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने कुख्यात नशा तस्कर धर्मवीर उर्फ बंटी गुर्जर के अवैध रूप से निर्मित मकान को ध्वस्त कर दिया। बंटी गुर्जर इलाके का एक कुख्यात नशा तस्कर है, जिसके खिलाफ लड़ाई-झगड़े और नशा तस्करी के कई मामले दर्ज हैं। हाल ही में सितंबर 2023 में पुलिस ने उसे उसके साथियों सहित आधा किलो ड्रग और 150 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला था कि यह नशीला पदार्थ फिरोजपुर से लाया जाता था। बंटी गुर्जर वर्तमान में इस मामले में लुधियाना जेल में बंद है। जानकारी के अनुसार, बंटी गुर्जर ने दोराहा में यह निर्माण गैरकानूनी तरीके से कराया था। बताया जा रहा है कि इस मकान का निर्माण नशे की अवैध कमाई से किया गया था। नगर कौंसिल दोराहा ने इस अवैध निर्माण के संबंध में नोटिस जारी किए थे। कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर पुलिस बल के साथ मिलकर यह कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई के दौरान एसपी हेडक्वार्टर हरपिंदर कौर, डीएसपी पायल जसविंदर सिंह खैरा, दोराहा थाना के एसएचओ आकाश दत्त और पायल थाना के एसएचओ सुखविंदर पाल सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद थे। पुलिस और नगर कौंसिल की संयुक्त टीम ने मिलकर अवैध निर्माण को ध्वस्त किया।
मऊगंज में युवा कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मामले में मंत्री द्वारा दिए गए कथित असंवेदनशील बयान के विरोध में कार्यकर्ताओं ने उनकी प्रतीकात्मक अर्थी निकाली और पुतला दहन किया। यह प्रदर्शन शुक्रवार शाम मऊगंज जिला युवा कांग्रेस के नेतृत्व में कॉलेज चौराहे पर आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने पहले मंत्री की अर्थी निकालकर विरोध जताया और फिर पुतला जलाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने पुतला दहन रोकने की काफी कोशिश की, लेकिन आक्रोशित कार्यकर्ता अपनी मांग पर अड़े रहे और अंततः पुतला दहन संपन्न हुआ। इंदौर जल त्रासदी और मंत्री के बयान पर नाराजगी युवा कांग्रेस का यह विरोध मुख्य रूप से इंदौर में जहरीला पानी पीने से हुई मौतों के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा दिए गए बयान को लेकर था। कार्यकर्ताओं ने इस बयान को दुर्भाग्यपूर्ण और मानवीय संवेदनाओं के खिलाफ बताते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी त्रासदी के बाद भी जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपना रहे हैं। भाजपा सरकार और स्थानीय प्रशासन पर हमला प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष आशुतोष तिवारी ने भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बच्चों की मौत, बेरोजगारी, नशा और किसानों की समस्याएं चरम पर हैं। तिवारी ने मऊगंज के प्रशासनिक कार्यालयों में भ्रष्टाचार और दलाली के बढ़ते प्रभाव का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिले के गठन से जनता को जो उम्मीदें थीं, मौजूदा हालात उसके ठीक विपरीत हैं। इस्तीफे की मांग और उग्र आंदोलन की चेतावनी आशुतोष तिवारी ने मांग की कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझते हुए तत्काल पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। युवा कांग्रेस ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन और सरकार ने समय रहते अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया और पीड़ितों को न्याय नहीं मिला, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा।
देशभर के लोग रीवा होकर कल्पवास करने प्रयागराज जा रहे हैं। 1 जनवरी को रीवा की सीमा से 40 किलोमीटर पहले लगे 10 किलोमीटर लंबे जाम ने एक बार फिर चिंताएं बढ़ा दी हैं। जो कि माघ मेले के आगमन के पहले ही रीवा रोड पर वाहनों की बढ़ती आवाजाही को दर्शाता है। ऐसे में आने वाले दिनों में बढ़ते ट्रैफिक का सीधा असर रीवा के एमपी-यूपी बॉर्डर और सोहागी घाटी में देखने को मिलेगा। प्रयागराज में होने वाले माघ मेला-2026 को लेकर रीवा प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। कुंभ मेले के दौरान प्रयागराज-रीवा मार्ग पर लगे लंबे जाम और बिगड़ी यातायात व्यवस्था से सबक लेते हुए इस बार माघ मेले से पहले ही तैयारियां तेज कर दी गई हैं। प्रशासन का साफ मानना है कि यदि माघ मेले में भी कुंभ जैसी वाहनों और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, तो हालात संभालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। हालांकि प्रशासन की तैयारियों का रियलिटी चेक तो माघ मेले में रीवा के रास्ते भीड़ उमड़ने के बाद ही किया जाएगा। नए साल पर लगा था जाम1 जनवरी को प्रयाग रीवा मार्ग पर प्रयाग की सीमा के भीतर भारी भीड़ उमड़ी थी। हालांकि रीवा की सीमा में भीतर जाम नहीं लगा। लेकिन रीवा के चाकघाट से 40 किलोमीटर पहले से घंटों जाम लगा था। जहां प्रयाग से रीवा आने वाले लोगों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ा था। जाम लगभग 10 किलोमीटर लंबा था। शनिवार से शुरू हो रहा मेलामाघ मेला 3 जनवरी 2026 (पौष पूर्णिमा) से शुरू होकर 15 फरवरी 2026 (महाशिवरात्रि) तक चलेगा। करीब 44 दिनों तक चलने वाले इस मेले में देश-प्रदेश से लाखों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम पहुंचते हैं। मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी और माघी पूर्णिमा जैसे प्रमुख स्नान पर्वों पर श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। कुंभ की भीड़ से मिली सीख पिछले कुंभ मेले के दौरान प्रयागराज जाने वाले मार्गों पर अचानक ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया था। हालात ऐसे बने कि नेशनल और स्टेट हाईवे पर कई-कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। घंटों तक लोग वाहनों में फंसे रहे और प्रशासन को भारी मशक्कत करनी पड़ी। अब उसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार माघ मेले से पहले ही रणनीति तैयार की जा रही है। वैकल्पिक रूट और डायवर्जन प्लान तैयार रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद और कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर जिला प्रशासन, पुलिस और यातायात विभाग ने संयुक्त रूप से तैयारियां शुरू कर दी हैं। संभावित भीड़ और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए प्रमुख मार्गों की पहचान की जा रही है। वैकल्पिक रूट और डायवर्जन प्लान तैयार किए जा रहे हैं। शहर के एंट्री प्वाइंट्स और चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की योजना है। ट्रैफिक कंट्रोल पर खास फोकस रहेगा। माघ मेले के दौरान अगर वाहनों की संख्या अचानक बढ़ती है तो ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए भारी वाहनों को शहर में प्रवेश से पहले रोका जाएगा। जरूरत पड़ने पर नो-एंट्री और वन-वे व्यवस्था लागू होगी। बाहरी वाहनों के लिए अस्थायी पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे। हाईवे और शहर को जोड़ने वाले मार्गों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। यातायात पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि जाम की स्थिति बनने से पहले ही डायवर्जन लागू कर दिया जाए।
भिंड विधानसभा क्षेत्र में बीते दो वर्षों के विकास कार्यों को लेकर शुक्रवार को शहर के सर्किट हाउस में विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने प्रेसवार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछले दो साल में भिंड क्षेत्र के लिए 660 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत कराए गए हैं। नगर पालिका से नगर निगम बनने की प्रक्रिया को उन्होंने भिंड के विकास में मील का पत्थर बताया। विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने बताया कि भिंड नगर पालिका को नगर निगम बनाए जाने की अधिसूचना जारी हो चुकी है और इसके लिए नगरीय प्रशासन विभाग भोपाल से प्रशासकीय स्वीकृति भी मिल गई है। उन्होंने कहा कि नगर निगम बनने से शहर के विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और नागरिक सुविधाओं में बड़ा सुधार होगा। 50 करोड़ से सड़क निर्माण कार्य स्वीकृतविधायक ने बताया कि शहर के विभिन्न वार्डों में करीब 50 करोड़ रुपए की लागत से सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से कई स्थानों पर कार्य प्रगति पर है। सीवर व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 126.80 करोड़ रुपए की लागत से सीवर प्रोजेक्ट के दूसरे चरण को मंजूरी दी गई है। यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 149 करोड़ रुपए की लागत से बाइपास रिंग रोड का निर्माण कराया जा रहा है। नुन्हाटा क्षेत्र में फूड पार्क निर्माण की लगभग तैयारीउन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भिंड मेडिकल कॉलेज की बाउंड्रीवाल का निर्माण पूर्ण हो चुका है और शीघ्र ही कॉलेज भवन के निर्माण के लिए निविदाएं जारी की जाएंगी। शिक्षा के क्षेत्र में नयागांव सगरा में महाविद्यालय भवन निर्माण को भी स्वीकृति मिली है। वहीं, रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से नुन्हाटा क्षेत्र में फूड पार्क निर्माण की योजना स्वीकृत की गई है, जिसके लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है। ग्रामीण और शहरी कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कचौंगरा क्षेत्र में क्वारी नदी पर 19 करोड़ रुपए की लागत से पुल निर्माण को मंजूरी दी गई है। शहर की रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सुभाष तिराहा से इंदिरा गांधी चौराहा सहित शहर के दस प्रमुख मार्गों पर हाईमास्ट लाइटें स्वीकृत की गई हैं। विधायक ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र की 20 पंचायतों में सामुदायिक भवनों का निर्माण कराया गया है। साथ ही बिजली आपूर्ति सुदृढ़ करने के लिए चार नए सब-स्टेशन और 70 नए ट्रांसफॉर्मर स्थापित किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र में कुल 37 बड़े प्रोजेक्ट या तो संचालित हैं या जल्द शुरू होने वाले हैं, जिससे भिंड की तस्वीर आने वाले समय में पूरी तरह बदल जाएगी।
खंडवा जिले में जल संरक्षण अभियान के तहत बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने पहली ठोस कार्रवाई की है। दैनिक भास्कर के खुलासे के बाद जांच में यह सामने आया कि कुछ शिक्षकों ने अपने घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए बिना ही AI से तैयार फर्जी फोटो और पड़ोसी मकानों की निकासी पाइपलाइन को वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बताकर “कैच द रेन” पोर्टल पर अपलोड कर दिया। जांच के बाद 4 शिक्षकों को निलंबित किया गया है, जबकि अन्य के खिलाफ वेतन वृद्धि रोकने और वेतन कटौती की कार्रवाई की गई है। कैसे हुआ फर्जीवाड़ाजिला प्रशासन की जांच में पाया गया कि ओंकारेश्वर संकुल केंद्र के अंतर्गत कुछ शिक्षकों ने अपने निवास पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगाया। इसके बावजूद आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग कर कूट रचित (फर्जी) फोटो तैयार किए और उन्हें पोर्टल पर अपलोड कर दिया। इन्हीं फर्जी प्रविष्टियों के आधार पर जिले के जल संरक्षण के आंकड़े बढ़ाए गए। कलेक्टर ने की दोषियों पर कार्रवाईकलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि निर्देशों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। ओंकारेश्वर हायर सेकंडरी स्कूल के प्राचार्य जगदीश मुनेवर के निलंबन का प्रस्ताव आयुक्त शिक्षा विभाग को भेजा गया है। दिनेश चौहान, सरिता सोलंकी और भारती यादव की दो-दो वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने का प्रस्ताव आयुक्त लोक शिक्षण, भोपाल को भेजा गया है। इन शिक्षकों को किया सस्पेंड संध्या राजपूत उच्च श्रेणी शिक्षक अतिथि शिक्षकों पर भी कार्रवाई राष्ट्रपति अवॉर्ड के लिए आंकड़ों में हेरफेरजल संचयन जन भागीदारी अभियान में आंकड़ों में हेरफेर कर जिले को देश में पहला स्थान दिलाया गया। इसी आधार पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कलेक्टर ऋषव गुप्ता और जिला पंचायत सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा को सम्मानित करते हुए 2 करोड़ रुपए का पुरस्कार प्रदान किया था। हालांकि, शिक्षकों पर कार्रवाई के बावजूद डीईओ, डीपीसी, एडीपीसी, बीईओ और बीआरसी स्तर के कई अधिकारियों के घरों में भी वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं होने की बात सामने आई है, जिस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें 2-2 फीट गड्ढे को कुआं बताया; कलेक्टर-सीईओ का सरकारी झूठ एमपी के खंडवा जिले को सबसे ज्यादा जल संरचनाओं के निर्माण और संरक्षण के उत्कृष्ट कामों के लिए जो पहला पुरस्कार मिला है, दरअसल वो इस साल का सबसे बड़ा सरकारी झूठ है। प्रशासन ने जिन तालाबों, डक वैल और स्टॉप डैम के निर्माण का दावा किया वो हकीकत में जमीन पर मौजूद ही नहीं है। पूरी खबर पढ़ें...
बलौदाबाजार पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने नए वर्ष के दूसरे दिन जिले के 14 पुलिस अधिकारियों का तबादला आदेश जारी किया है। इस फेरबदल को जिले की पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ और प्रभावी बनाने की दिशा में एक प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। जारी आदेश के अनुसार, कुल 11 निरीक्षकों के प्रभार बदले गए हैं। इसके अतिरिक्त एक उप निरीक्षक और दो सहायक उप निरीक्षकों का भी स्थानांतरण किया गया है। रितेश मिश्रा बलौदाबाजार थाने के प्रभारी बनाए गए प्रमुख नियुक्तियों में निरीक्षक रितेश मिश्रा को बलौदाबाजार थाने का प्रभारी बनाया गया है। धीरेंद्र दुबे को हथबंद थाना, लखेश केंवट को सिमगा थाना और अमित पाटले को भाटापारा शहर थाने की कमान सौंपी गई है। परिवेश तिवारी पलारी थाने के प्रभारी होंगे, जबकि हेमंत पटेल को भाटापारा ग्रामीण थाने का प्रभार मिला है। इस व्यापक फेरबदल का मुख्य उद्देश्य जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति को और बेहतर करना है। उल्लेखनीय है कि पलारी में पूर्व थाना प्रभारी ने अवैध शराब कारोबार के खिलाफ सफल अभियान चलाया था।
लखनऊ में बड़े इमामबाड़ा में युवक ने पेशाब किया:ट्रस्ट की तहरीर पर FIR, पुलिस ने CCTV खंगाले
लखनऊ के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले बड़े इमामबाड़ा में एक व्यक्ति ने पेशाब किया। मामले को गंभीरता से लेते हुए हुसैनाबाद एवं सम्बद्ध ट्रस्ट की ओर से चौक कोतवाली में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस ने प्रकरण में जांच शुरू कर दी है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति बड़े इमामबाड़ा की भुलभुलैया की छत पर पेशाब करते दिख रहा है। ट्रस्ट की ओर से सहायक कार्यालय अधीक्षक हबीबुल हसन ने चौक कोतवाली में तहरीर देकर इस कृत्य को धार्मिक स्थल की मर्यादा के खिलाफ बताया। धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप बड़ा इमामबाड़ा एक महत्वपूर्ण धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल है। इस तरह की हरकत से न केवल स्थल की पवित्रता भंग हुई है, बल्कि लोगों की धार्मिक भावनाएं भी आहत हुई हैं। इसी आधार पर चौक पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 298 के तहत एफआईआर दर्ज की है। चौक पुलिस जांच में जुटी चौक कोतवाली पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर आरोपी की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की पहचान होने पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है, वहीं ट्रस्ट की ओर से भी धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही गई है।
जयपुर में वाटिका इलाके के रिहायशी क्षेत्र में लेपर्ड नजर आया, जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया है। बीते ढाई महीनों में यह 11वीं बार है जब लेपर्ड ने जयपुर के आबादी वाले इलाके में एंट्री की है। दरअसल, जयपुर में वाटिका क्षेत्र के मोहन नगर में लेपर्ड का मूवमेंट सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है। फुटेज में लेपर्ड एक मकान की सीढ़ियों से होते हुए भीतर जाता हुआ दिखाई दे रहा है। हालांकि यह सीसीटीवी फुटेज 2 दिन पुराना है, लेकिन इसके सामने आने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और लेपर्ड की तलाश शुरू कर दी गई। अब देखिए, लेपर्ड का मूवमेंट से जुड़ी PHOTOS... वाटिका में रिहायशी इलाके में घुसा लेपर्ड, रेस्क्यू ऑपरेशन जारीवन विभाग की ओर से इलाके में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। खेतों और आसपास के संभावित मूवमेंट एरिया में पिंजरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही वन विभाग की तीन टीमें पूरे क्षेत्र में सर्च अभियान चला रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक लेपर्ड आमतौर पर शाम या रात के समय सक्रिय होता है, इसलिए रातभर इलाके में पहरा दिया जा रहा है। बता दें कि बीते ढाई महीनों में जयपुर के कई रिहायशी इलाकों में लेपर्ड देखे जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इससे पहले चांदपोल, शास्त्री नगर, सिविल लाइंस में मंत्री के आवास के आसपास, जल महल की गुर्जर घाटी, गोपालपुरा और दुर्गापुरा जैसे इलाकों में लेपर्ड का मूवमेंट दर्ज किया जा चुका है। ऐसे में लगातार हो रही इन घटनाओं ने जयपुर की जनता के मन में डर का माहौल बना दिया है। हालांकि वन विभाग का कहना है कि वाटिका क्षेत्र जंगल से सटा हुआ है, ऐसे में आशंका है कि लेपर्ड वापस जंगल की ओर लौट गया हो। इसके बावजूद किसी भी खतरे से बचने के लिए सर्च अभियान जारी रखा गया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
बजरिया थानाक्षेत्र के सीसामऊ में 11वीं की छात्रा से युवक ने इंस्टाग्राम से दोस्ती की, इसके बाद उसका अश्लील वीडियो बनाकर पिता को भेजा और फोन पे के जरिए 4900 रुपए की वसूली की। छात्रा की मां ने आरोपी के खिलाफ FIR कराई है। सीसामऊ निवासी महिला ने बताया कि उनकी 17 वर्षीय बेटी कक्षा 11 की छात्रा है। आरोप है कि बेटी की दो साल पहले इंस्टाग्राम पर प्रिंस पटेल नाम के लड़के से दोस्ती हुई थी। उस दौरान दोनों वीडियो कॉल पर बात करते थे। आरोपी प्रिंस ने नाबालिग बेटी को बहला–फुसला कर उसका अश्लील वीडियो बना लिया था। फरवरी 2025 में प्रिंस ने पति को कॉल कर बेटी का अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर डालकर बदनाम करने के बदले 10 हजार रुपए मांगे । जिस पर उन लोगों ने घबराकर चार जुलाई को प्रिंस पटेल को फोन पे के जरिए 1500, 8 जुलाई को 2500 रुपए और 900 रुपए ट्रांसफर कराए। आरोप है कि प्रिंस फोन करके बची रकम देने के लिए धमकी दे रहा है। बजरिया इंस्पेक्टर अरविंद शर्मा ने बताया कि महिला की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।
हरदा जिले में शुक्रवार शाम एक सड़क हादसे में दंपती घायल हो गए। रहटगांव थाना क्षेत्र की टेमागांव चौकी के पास हुई इस घटना में उनका एक साल का बेटा सुरक्षित है। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, रहटगांव थाना क्षेत्र के ग्राम आमसागर निवासी रामकृष्ण कोरकू अपनी पत्नी लक्ष्मी बाई और एक साल के बेटे आर्या के साथ सोडलपुर मेला देखने गए थे। उनके साथ लक्ष्मी बाई का भाई किशोर भी अपनी बाइक से आया था। मेला देखने के बाद लक्ष्मी बाई अपने मायके सिवनी मालवा के कामटा जा रही थीं। जब वे बाइक से टेमागांव गोशाला के पास से गुजर रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रामकृष्ण और लक्ष्मी बाई गंभीर रूप से घायल हो गए। हालांकि, उनका एक साल का बेटा आर्या पूरी तरह सुरक्षित रहा। सूचना मिलने पर एम्बुलेंस से घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
बालाघाट में सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के 359वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में 2 जनवरी को नगर कीर्तन निकाला गया। इस धार्मिक आयोजन में भक्ति और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। गोंदिया से आए जत्थे ने शबद कीर्तन के माध्यम से वातावरण को भक्तिमय बना दिया, वहीं अमृतसर से आए वीरों ने गतका और शस्त्र विद्या अखाड़े का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया। नगर कीर्तन की शुरुआत स्थानीय गुरुद्वारे से हुई। यह कीर्तन शहर के प्रमुख मार्गों हनुमान चौक, नया सराफा, महावीर चौक, राजघाट चौक, काली पुतली चौक और अंबेडकर चौक से होते हुए वापस गुरुद्वारे पहुंचा। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर कीर्तन का स्वागत किया। समापन के बाद गुरुद्वारे में लंगर की सेवा भी की गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। प्रकाश पर्व के आगामी कार्यक्रम मुख्य प्रकाश पर्व 5 जनवरी को मनाया जाएगा, जिसके लिए विविध कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है: 3 जनवरी: सुबह 8 बजे अखंड पाठ साहिब का शुभारंभ होगा। इस दौरान बच्चे गुरु गोबिंद सिंह जी के जीवन दर्शन पर आधारित विशेष प्रस्तुतियां देंगे। 4 जनवरी: सुबह से शाम तक विभिन्न हुजूरी जत्थों द्वारा शबद कीर्तन का प्रवाह चलेगा। 5 जनवरी: सुबह 8:30 बजे अखंड पाठ साहिब की संपूर्णता होगी और 359वां प्रकाश पर्व पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। 'आपे गुरु-आपे चेला' की महिमा श्री गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हीरा सिंह भाटिया ने गुरु महाराज की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि उन्हें 'दशमेश पिता' के नाम से जाना जाता है। उन्होंने स्वयं गुरु होते हुए भी अपने शिष्यों को अमृतपान कराकर अपने बराबर सम्मान दिया, इसलिए उन्हें 'आपे गुरु-आपे चेला' कहा जाता है। उन्होंने धर्म, न्याय और मानवता की रक्षा के लिए अपने माता-पिता और चारों बेटों सहित स्वयं का बलिदान दिया था। आयोजन में शामिल रहे ये लोग नगर कीर्तन में सिख समाज और खालसा सेवादल के वीर बड़ी संख्या में शामिल हुए। इनमें प्रबंधक कमेटी अध्यक्ष हीरासिंघ भाटिया, उपाध्यक्ष हरमिंदरसिंघ अतालिया, नरेन्द्रसिंघ छाबड़ा, गुरूदयालसिंघ भाटिया, महेन्द्रपालसिंघ गांधी, गुरदीपसिंघ सौंधी, मनमीतसिंघ पसरिचा, हरमिंदरसिंघ कैथ, जसमीतसिंघ छाबड़ा, राज गांधी, अमरजीत कौर अतालिया, शीतल पसरिचा, महेन्दर कौर सचदेवा, सुरेंद्र पाल सिंह कौशल, सुरजीत सिंह छाबड़ा और दर्शन कौर सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
धार में छोटे ने बड़े भाई को मार डाला, गिरफ्तार:खाना विवाद में धारदार हथियार से हमला किया था
धार जिले के अमझेरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भाटीखोदरा में पारिवारिक विवाद के चलते छोटे भाई ने अपने ही बड़े भाई की हत्या कर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त हथियार भी जब्त कर लिए हैं। अमझेरा थाना प्रभारी राजू मकवाना ने बताया कि 1 जनवरी 2025 को फरियादी लक्ष्मण पिता बच्चू सिंगार (उम्र 30 वर्ष), निवासी भाटीखोदरा ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फरियादी के अनुसार, उसकी काकी शाम करीब 4 बजे गाय को चारा डालने गई थीं। इसी दौरान उन्होंने अपने पति थावरिया को घर से निकलकर खेत की ओर जाते हुए देखा। जब परिजन घर के सामने बने ठालिये में पहुंचे तो जेठ कैलाश उर्फ प्रहलाद खून से लथपथ अवस्था में मृत पड़े मिले। सूचना मिलने पर अमझेरा पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि मृतक कैलाश उर्फ प्रहलाद पिता रूपसिंह सिंगार (उम्र 60 वर्ष) और उसका छोटा भाई थावरिया पिता रूपसिंह सिंगार (उम्र 55 वर्ष) के बीच घरेलू बातों को लेकर अक्सर विवाद होता रहता था। घटना वाले दिन भी खाना खाने को लेकर दोनों में कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। इसी दौरान आरोपी थावरिया ने धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार कर अपने बड़े भाई की हत्या कर दी। फरियादी की रिपोर्ट पर अमझेरा थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। आरोपी की तलाश शुरू की गई। थाना प्रभारी राजू मकवाना ने बताया कि सूचना के आधार पर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त गेती का लकड़ी का हत्ता और एक दराता बरामद कर जब्त किए गए हैं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
औद्योगिक नगर पीथमपुर के डी-मार्ट चौराहे पर नगर पालिका ने महू-नीमच मार्ग के किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाया। यह चौराहा शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल है, जहां आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती थी। कार्रवाई के दौरान सड़क किनारे लगे फल, सब्जी और अन्य सामान बेचने वाले ठेले और रेहड़ियों को हटाया गया। ठेलों के कारण लग रहा था जाम स्थानीय लोगों ने बताया कि ठेले-रेहड़ियों की वजह से सड़क संकरी हो गई थी। खरीदारी करने आने वाले ग्राहक अपने वाहन सड़क पर ही खड़े कर देते थे, जिससे यातायात बाधित होता था और दुर्घटना का खतरा भी बना रहता था। पहले भी दी गई थी समझाइश नगर पालिका जोन प्रभारी ईश्वरी लाल मीणा ने बताया कि इन अस्थायी दुकानदारों को पहले भी कई बार मुख्य सड़क पर दुकान न लगाने की समझाइश दी गई थी। इसके बावजूद विक्रेता बार-बार सड़क किनारे दुकानें लगा लेते थे। आगे सख्त कार्रवाई की चेतावनी जोन प्रभारी ने बताया कि कार्रवाई के दौरान कुछ सब्जी विक्रेताओं ने नगर पालिका कर्मचारियों से विवाद भी किया। इस बार कार्रवाई से पहले सेक्टर-1 थाने में लिखित सूचना दी गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में कोई भी विक्रेता हाईवे या मुख्य सड़क पर दुकान लगाता पाया गया, तो उसके खिलाफ नामजद प्रकरण दर्ज कराया जाएगा।
जीएसटी विभाग भोपाल की टीम ने हरदा में कमल किशोर जर्दा और कमल किशोर अग्रवाल एंड कंपनी के विभिन्न प्रतिष्ठानों पर शुक्रवार शाम को छापा मारा। यह कार्रवाई कर चोरी की शिकायत के बाद की गई। सूत्रों के अनुसार, इन फर्मों के खिलाफ कर चोरी की शिकायतें मिली थीं। इसके बाद भोपाल से आई जीएसटी विभाग की करीब पांच टीमों द्वारा प्रतिष्ठानों के दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। जांच इंदौर रोड स्थित फ्लोर मिल और कमल किशोर जर्दा के कारखाने सहित कई स्थानों पर चल रही है। फिलहाल, भोपाल जीएसटी टीम का कोई भी सदस्य मीडिया से बात करने को तैयार नहीं है। बताया गया है कि जांच के दौरान फर्मों के गेट पर ताला लगाकर कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ में शुक्रवार शाम एक सड़क हादसे में एक बंदर की मौत हो गई। पुरानी जनपद पंचायत के पास स्थित हाईवे पर एक पिकअप वाहन ने बंदर को टक्कर मार दी थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद नगर परिषद मल्हारगढ़ के कर्मचारी ललित राठौर और स्थानीय नागरिकों ने डायल 112 की मदद से घायल बंदर को पशु चिकित्सालय पहुंचाया। पशु चिकित्सक डॉ. खत्री ने उसे बचाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बंदर की मौत के बाद नगर परिषद मल्हारगढ़ के कर्मचारी ललित राठौर और अरुण सांवरिया सहित नगरवासियों ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए उसका अंतिम संस्कार किया। मल्हारगढ़ मुक्तिधाम में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विधि-विधान से यह संस्कार संपन्न किया गया।
करनाल के उपलाना गांव की एक छात्रा की संदिग्ध हालात में मौत को लेकर गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी मामले को लेकर शुक्रवार को जिला सचिवालय के बाहर जोरदार रोष प्रदर्शन किया गया। परिजनों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच, दोषियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और छात्राओं के साथ हो रहे उत्पीड़न के मामलों पर गंभीर चिंता जताई गई। डेढ़ साल पहले निजी स्कूल की छात्रा स्कूल से आई तो तबीयत बिगड़ गई। उसको अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। मामला तब बढ़ा छात्रा के बस्ते से सुसाइड नोट मिला। इसमें उसने स्कूल के प्रिंसिपल व स्टाफ पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे।लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जानिए-- छात्रा की मौत की कहानी, परिजनों के आरोप इस लापरवाही का क्या जवाब डेढ़ साल बाद भी गिरफ्तारी नहीं, बढ़ा जनाक्रोश फॉरेंसिक रिपोर्ट और नार्को टेस्ट आरोपियों के खिलाफ कम्युनिस्ट पार्टी माले की अगुवाई में सौंपा गया ज्ञापन कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन की जिला इकाई करनाल की ओर से गांव उपलाना निवासी साढ़े सोलह वर्षीय छात्रा निक्की कश्यप की मौत के मामले में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। पार्टी नेताओं ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यह केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज से जुड़ा सवाल है।
झाबुआ जिले के मेघनगर रेलवे स्टेशन पर कलेक्टर नेहा मीना और एसपी रेलवे पद्म विलोचन शुक्ल ने दो नई योजनाओं का शुभारंभ किया। इन योजनाओं का उद्देश्य बच्चों को शिक्षा से जोड़ना और यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करना है। कार्यक्रम में रेलवे अधिकारी, समाजसेवी और स्थानीय लोग मौजूद रहे। झुग्गी-बस्ती के बच्चों के लिए ‘पटरी की पाठशाला’ रेलवे स्टेशन के आसपास झुग्गियों और बस्तियों में रहने वाले बच्चों के लिए ‘पटरी की पाठशाला’ शुरू की गई है। इस पहल के तहत बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ अच्छे संस्कार, स्वास्थ्य की जानकारी और सही जीवन मूल्यों से जोड़ा जाएगा। एसपी रेलवे पद्म विलोचन शुक्ल ने बताया कि इस योजना के तहत पहले भी इंदौर, उज्जैन और महू में कई बच्चों को स्कूलों में दाखिला दिलाया गया है। जरूरतमंद और दिव्यांग बच्चों को ट्राइसाइकिल जैसी मदद भी दी जा रही है। बच्चों को नशे और अपराध से दूर रहने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए QR कोड ऑटो सेवा एसपी ने बताया- यात्रियों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए QR कोड आधारित ऑटो सत्यापन सेवा शुरू की गई है। स्टेशन के बाहर खड़े सभी ऑटो अब सत्यापित होंगे और उन पर QR कोड लगाया जाएगा। यात्री इस QR कोड को मोबाइल से स्कैन कर ऑटो चालक का नाम, फोटो और अन्य जानकारी देख सकेंगे। जरूरत पड़ने पर यह जानकारी अपने परिवार को भी भेजी जा सकेगी। यह सुविधा पहले इंदौर, उज्जैन और रतलाम में शुरू की जा चुकी है और अब झाबुआ जिले में भी लागू कर दी गई है। कलेक्टर बोलीं- यह योजना महिला सुरक्षा का मजबूत साधन कलेक्टर नेहा मीना ने कहा कि यह योजना महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षा का मजबूत साधन है। प्रशासन रेलवे स्टेशनों को सुरक्षित बनाने के लिए पूरा सहयोग करेगा। एसपी रेलवे पद्म विलोचन शुक्ल ने कहा कि समाज के कमजोर वर्ग तक शिक्षा पहुंचाना और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का अनुभव देना उनकी प्राथमिकता है। सांस्कृतिक प्रस्तुति और सम्मान समारोह हुआ कार्यक्रम के दौरान भामल संस्था की टीम ने नाटक के माध्यम से योजनाओं की जानकारी दी। छात्रा निष्ठा द्वारा बनाई गई पेंटिंग की भी सराहना की गई। बेहतर कार्य करने वाले लोगों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सब इंस्पेक्टर पूनम शर्मा ने किया, जबकि जीआरपी थाना प्रभारी ममता अलावा ने आभार व्यक्त किया।
नीमच के पास ग्राम सगराना में गोल्डक्रैश सीमेंट प्लांट के निर्माण को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। सगराना संघर्ष समिति के नेतृत्व में किसान और ग्रामीण अपनी जमीन के हक और भविष्य की सुरक्षा को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस विवाद का मुख्य केंद्र भूमि अधिग्रहण का मुआवजा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार है। शुक्रवार को इस गतिरोध को खत्म करने के उद्देश्य से प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच लगभग दो घंटे तक गहन चर्चा हुई। बैठक में ग्रामीणों ने दोटूक शब्दों में कहा कि प्लांट के लिए किसी भी निजी भूमि का अधिग्रहण किसान की मर्जी के खिलाफ नहीं होना चाहिए और न ही प्रशासन ने किसानों को जबरन नोटिस जारी करे। रास्तों और आवागमन को लेकर सख्त शर्तें ग्रामीणों ने अपनी खेती-बाड़ी को लेकर स्पष्ट मांग रखी है कि खेतों की ओर जाने वाले उनके पुराने रास्तों में कोई हस्तक्षेप न किया जाए। यदि प्लांट के लिए नया रास्ता बनता है, तो वह गांव से कम से कम 500 मीटर की दूरी पर हो। इसके अलावा किसानों के आवागमन के लिए 30 फीट का अलग मार्ग तय किया जाए, जिस पर प्लांट प्रबंधन कोई तार फेंसिंग या गेट लगाकर अवरोध पैदा न करे। प्रत्येक घर से एक नौकरी और वाहनों को प्राथमिकता मुआवजे के अलावा ग्रामीणों ने रोजगार को लेकर कड़ी शर्तें रखी हैं। उनकी मांग है कि गांव के हर घर से कम से कम एक सदस्य को प्लांट में स्थायी नौकरी दी जाए और 8 घंटे से अधिक काम करने पर ओवरटाइम का भुगतान हो। साथ ही, प्लांट के काम में लगने वाले वाहनों में गांव के प्रत्येक परिवार के एक वाहन को प्राथमिकता दी जाए और उसका उचित किराया तय हो। प्रदूषण से बचाव और गांव के विकास का एजेंडा ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि प्लांट के प्रदूषण से फसल खराब होने की पूरी जिम्मेदारी कंपनी की होगी और उसका मुआवजा कंपनी को ही देना होगा। गांव के सर्वांगीण विकास के लिए 14 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया है, जिसमें नई सड़कें, स्ट्रीट लाइट, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल भवन और 50 बीघा जमीन पर गोशाला का निर्माण शामिल है। फिलहाल प्रशासन ने इन मुद्दों को सुना है, लेकिन ग्रामीण ठोस और लिखित आश्वासन मिलने तक अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
मीसाबंदी लखन लाल चौरसिया 'बाबूजी' का निधन:राजकीय सम्मान के साथ महाराजपुर में होगा अंतिम संस्कार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े विचारक और मीसाबंदी लखन लाल चौरसिया 'बाबूजी' का शुक्रवार सुबह रीवा में इलाज के दौरान आकस्मिक निधन हो गया। वे 80 वर्ष के थे और मुख्य नगरपालिका अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। परिजनों के अनुसार, बाबूजी को तीन दिन पहले बुखार आया था, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए रीवा ले जाया गया था। वे पूरी तरह स्वस्थ थे। उनका अंतिम संस्कार उनके गृहनगर महाराजपुर में कल (शनिवार) सुबह 10 बजे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। वे अपने पीछे चार बेटे (नरेंद्र, अनिल, प्रमोद, मुकेश) और एक बेटी सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। लखन लाल चौरसिया 'बाबूजी' को समाज के लिए अच्छा करने की धुन में रहने वाले व्यक्ति के रूप में जाना जाता था। वे महाराजपुर में जनसंघी दादा मातादीन चौरसिया (जो उनके चाचा थे) के विकल्प के रूप में पहचाने जाते थे। बाबूजी 15-15 दिनों तक अपने गुरु के सानिध्य में मौन व्रत भी रखते थे। उनका 80वां जन्मदिन 13 जनवरी को आने वाला था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। जन्मदिन से दस दिन पहले हुए उनका निधन हो गया।
लॉरेंस गैंग के लिए 91 लाख की रुपए की रंगदारी मांगने के मामले में रायसिंहनगर थाना पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक 9 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। इससे पहले पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से इनोवा क्रिस्टा कार में 91 लाख कैश बरामद कर 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जिसमें बाप-बेटा भी शामिल थे। रायसिंहनगर थाना पुलिस ने 29 दिसंबर की रात गश्त-नाकाबंदी के दौरान बाजुवाला चौक पर एक ईनोवा क्रिस्टा कार में सवार तीन आरोपियों को रोककर पूछताछ की थी। जिनके कब्जे से रंगदारी के 90 लाख 84 हजार 900 रुपए बरामद किए थे। पूछताछ के बाद एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कि आरोपी साहिल उर्फ शंटी व अक्षय, दोनों आरजू बिश्नोई व लॉरेंस गैंग के लिए काम करते हैं। आरोपी लोगों को जान से मारने की धमकी देकर संगठित आपराधिक गैंग बनाकर फिरौती वसूल करते हैं। पुलिस ने इससे पहले चार आरोपियों कुलदीप कुमार, अमन कुमार, रामस्वरूप, योगेश कुमार को गिरफ्तार किया था। जो पुलिस रिमांड पर चल रहे है। वहीं, अब आरोपी जयमल जांदू, जयपाल जांदू, मनीष बिश्नोई, घनश्याम बिश्नोई, बलविन्द्र उर्फ विनोद भादू को गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है, जिनसे और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
अनूपपुर में 4 लाख क्विंटल धान खुले में रखी:वाहन कम होने से उठाव धीमा, मौसम बदलने से बारिश की आशंका
अनूपपुर जिले में नए वर्ष के दूसरे दिन मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। शुक्रवार सुबह से ही आसमान में हल्के बादल छाए रहे, जिससे धूप की तपिश कम रही। राजस्थान में हुई मावठा वर्षा के बाद अब यहां भी बारिश की प्रबल आशंका जताई जा रही है। मौसम में आया यह बदलाव प्रशासन और किसानों के लिए बड़ी चिंता का सबब बन गया है, क्योंकि लाखों क्विंटल धान अभी भी खुले आसमान के नीचे पड़ा है। परिवहन में लापरवाही और वाहनों की कमी जिले के 34 धान उपार्जन केंद्रों पर धान का उठाव समय पर न होना एक गंभीर समस्या बन चुका है। विभागीय अनदेखी और वाहन ठेकेदार के पास संसाधनों की कमी के कारण उपार्जन केंद्रों पर धान का अंबार लगा है। वर्तमान में लगभग 4,33,436.78 क्विंटल धान खुले मैदानों में असुरक्षित पड़ा है, जिस पर बारिश की एक बूंद भी भारी पड़ सकती है। खरीदी और परिवहन के आंकड़े विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें तो 1 दिसंबर से अब तक जिले के 15,735 किसानों से कुल 8,18,366.75 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है। हालांकि, परिवहन की धीमी रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक केवल 3,92,152.36 क्विंटल धान ही गोदामों तक पहुंच पाया है। परिवहन की इस सुस्ती ने खरीदी केंद्रों को पूरी तरह जाम कर दिया है। मजदूरों की कमी और प्रबंधकों की चिंता पिछले दो दिनों से धान के परिवहन का कार्य पूरी तरह ठप रहा। बताया जा रहा है कि नववर्ष के अवकाश के कारण मजदूर केंद्रों पर नहीं पहुंचे, जिससे लोडिंग का काम नहीं हो सका। केंद्र प्रबंधकों का कहना है कि यदि अचानक बारिश होती है, तो इतनी बड़ी मात्रा में धान की बोरियों को ढकना या सुरक्षित करना उनके बस से बाहर होगा। इससे धान के भीगने और खराब होने का बड़ा खतरा बना हुआ है। प्रशासन की वैकल्पिक व्यवस्था और नई रणनीति बिगड़ते मौसम और परिवहन की चुनौतियों को देखते हुए खाद्य और नागरिक आपूर्ति अधिकारी अनिता सोरते ने बताया कि स्थिति को सुधारने के लिए 30 दिसंबर से दूसरे वाहन ठेकेदार को काम पर लगाया गया है। शुक्रवार से सभी उपार्जन केंद्रों पर वाहनों की संख्या बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने उन केंद्रों पर 3 से 4 वाहन लगाए हैं जहां स्टॉक के लिए गोदाम उपलब्ध नहीं हैं, ताकि असुरक्षित रखे धान को प्राथमिकता के आधार पर गोदामों तक पहुंचाया जा सके।
जांजगीर-चांपा में कर्मचारी की मौत पर चक्का जाम:8.50 लाख रुपए मुआवजा मिलने के बाद हटाया गया चक्का जाम
जांजगीर-चांपा जिले में फर्नीचर कंपनी के एक कर्मचारी की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने मुआवजे और बच्चों की पढ़ाई की मांग को लेकर शव को सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया। प्रशासन और पुलिस ने बातचीत के बाद 8.50 लाख रुपए मुआवजा दिलवाया और चक्का जाम हटाया गया। मृतक की पहचान 35 वर्षीय हरिचरण प्रधान के रूप में हुई है, जो नेताजी फर्नीचर की दुकान में करीब 18 वर्षों से कार्यरत थे। उन्हें पिछले साल 13 नवंबर को सीढ़ी से फिसलने के कारण दाहिने पैर की जांघ और एड़ी में गंभीर चोट आई थी। ऑपरेशन के दौरान मरीज की मौत दुकान संचालक ने शुरुआत में बिलासपुर जिले के डेका गांव में उनका आयुर्वेदिक इलाज कराया था। तबीयत में सुधार न होने पर परिजनों ने 29 दिसंबर को उन्हें चांपा के नायक अस्पताल में भर्ती कराया। 31 दिसंबर को उनका ऑपरेशन हुआ, लेकिन शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों ने दुकान के सामने शव रखकर प्रदर्शन किया हरिचरण की मौत के बाद परिजनों ने दुकान संचालक से 50 लाख रुपये का मुआवजा और दोनों बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने की मांग की। शव को फर्नीचर दुकान के सामने रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात किए गए, जो परिजनों को समझाने में जुटे थे। परिजनों और दुकान संचालक के बीच बातचीत के बाद 8.50 लाख रुपए मुआवजा दिया गया, जिसमें से 4-4 लाख रुपए दोनों बच्चों के नाम पर फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में जमा करने और 50 हजार रुपए मृतक के अंतिम संस्कार के लिए दिए गए। इसके लगभग 3 घंटे बाद चक्का जाम हटाया गया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
कोंडागांव जिला चिकित्सालय में नए वर्ष के अवसर पर नेत्रदान किया गया। यह नेत्रदान नोडल अधिकारी अंधत्व और अल्प दृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम डॉ. ख्याति साक्षी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का निर्देशन सिविल सर्जन डॉ. पी.एल. मांडवी और मुख्य चिकित्सा-स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. चतुर्वेदी ने किया। सिविल सर्जन डॉ. पी.एल. मांडवी ने बताया कि कोंडागांव के शीतलापारा निवासी 68 वर्षीय उषा देवी संचेती (पति सांगीलाल) का शुक्रवार सुबह 7:45 बजे निधन हो गया था। मौत के बाद उनके परिजनों ने नेत्रदान का संकल्प लेते हुए तत्काल जिला अस्पताल के नेत्र विभाग से संपर्क किया। टीम का गठन कर नेत्रदान प्रक्रिया पूरी नेत्रदान की प्रक्रिया के लिए जिला स्तर पर त्वरित टीम का गठन किया गया। टीम में नेत्र विशेषज्ञ और सर्जन डॉ. सोनू शेट्टी, सहायक नोडल अधिकारी अंधत्व और अल्प दृष्टि नियंत्रण अनिल वैध, नेत्र सहायक अधिकारी अशोक कश्यप एवं स्टाफ नर्स आरती महानंद शामिल थे। टीम ने संचेती के निवास स्थान पर पहुंचकर सफलतापूर्वक नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की। जैन समाज की ओर से दूसरा नेत्रदान यह कोंडागांव जिले में जैन समाज की ओर से किया गया दूसरा नेत्रदान बताया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग अंगदान को बढ़ावा देने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। विभाग और जैन समाज ने आमजन से अपील की है कि परिजनों की मौत के बाद नेत्रदान कर जरूरतमंदों को दृष्टि प्रदान करने में सहयोग करें। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कॉर्नियल ओपेसिटी के कारण होने वाली दृष्टिहीनता को नेत्रदान से रोका जा सकता है। एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो दृष्टिहीन व्यक्तियों के जीवन में रोशनी लाई जा सकती है।
मुल्लांपुर दाखा में चाइना डोर से हो रहे हादसों का सिलसिला जारी है। ताजा घटना में गांव रकबा के 65 वर्षीय रंजीत सिंह चाइना डोर की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए। इससे उनके माथे और आंख पर चोट लगी है। घायल रंजीत सिंह के बेटे अवतार सिंह ने घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनके पिता रंजीत सिंह किसी काम से बाइक पर मुल्लांपुर शहर गए थे। वापसी के दौरान शाम करीब चार बजे जब वे रेलवे ओवरब्रिज से नीचे उतर रहे थे, तभी अचानक चाइना डोर उनके माथे और आंख के पास फंस गई। माथे और आंख के पास 13-14 टांके आए डोर इतनी धारदार थी कि उनके माथे और आंख के पास गहरा कट लग गया और खून बहने लगा। रंजीत सिंह को तुरंत सीरत नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनके माथे और आंख के पास 13-14 टांके लगाए। उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, हालांकि चोट गंभीर थी। सख्त कार्रवाई करने की मांग अवतार सिंह ने बताया कि चाइना डोर के अलावा अन्य प्रकार की डोर भी खतरनाक होती हैं। उन्होंने कहा कि चाइना डोर प्लास्टिक की बनी होती है, जबकि कुछ अन्य डोरों पर कांच या अन्य धारदार पदार्थ लगाए जाते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से ऐसी खतरनाक डोरों की बिक्री और इस्तेमाल पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
बांसवाड़ा में एसपी सुधीर जोशी के निर्देशन में अवैध मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत सदर थाना पुलिस और जिला विशेष टीम (DST) ने नाकाबंदी के दौरान एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 1 किलो 35 ग्राम अवैध अफीम बरामद की है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब 6.40 लाख रुपए बताई जा रही है। नाकाबंदी देख भागने लगा, पुलिस ने पकड़ासदर थानाधिकारी रूपसिंह और DST प्रभारी विवेकभान सिंह की टीम ने शुक्रवार को मलवासा गांव में नाकाबंदी की थी। इसी दौरान दोपहर करीब 3:55 बजे सागडोद की तरफ से एक युवक बाइक पर आता दिखाई दिया। संदिग्ध लगने पर पुलिस ने उसे रोका। तलाशी लेने पर बाइक पर टंगे बैग के अंदर एक पॉलीथिन मिली, जिसमें भारी मात्रा में अफीम भरी हुई थी। इसके बाद युवक भागने लगा, जिसे पुलिस ने पीछा कर पकड़ लिया। अफीम की सप्लाई देने आया थापुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की गई तो उसने बताया की वह महेंद्र नाम के व्यक्ति को अफीम देने के लिए आया था। मोबाइल से ही उससे सम्पर्क हुआ था। कार्यवाही की भनक लगने पर वह भाग निकला। NDPS एक्ट में मामला दर्जपुलिस ने अफीम और तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गौरव कुमार(24) पुत्र दिलीप चरपोटा निवासी मेनाखोटा माजिया, थाना अरथूना के रूप में हुई है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
छतरपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के फॉर्म सत्यापन में रिश्वत लेने के आरोप में शुक्रवार को एक ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया। जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया ने गठेवरा ग्राम पंचायत के सचिव प्रेमचंद्र असाटी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। सचिव प्रेमचंद्र असाटी पर आरोप है कि उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के आवास फॉर्म के सत्यापन के लिए हितग्राहियों से एक-एक हजार रुपए की राशि वसूली थी। इस मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई जनपद सचिव छतरपुर द्वारा भेजे गए प्रतिवेदन के आधार पर की गई है। प्रतिवेदन में 2 जनवरी 2026 को एक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर का हवाला दिया गया था, जिसमें सचिव असाटी द्वारा हितग्राहियों से पैसे वसूलने का जिक्र था। असाटी को निलंबित कर कार्यालय जनपद पंचायत छतरपुर से अटैच किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
दुर्ग जिले में 16 साल की नाबालिग लड़की ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतारकर पंचनामा कार्रवाई के बाद मर्चुरी भिजवाया गया है। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें किशोरी ने अपने माता-पिता से माफी मांगी है। यह मामला मोहन नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत शंकर नगर स्थित बौद्ध कुटीर के पास की है। जानकारी के अनुसार, 16 साल की निष्ठा गोस्वामी की लाश शुक्रवार शाम घर के कमरे में फांसी के फंदे पर झूलती हुई मिली। परिजनों ने जब उसे आवाज दी और दरवाजा नहीं खुला तो किसी अनहोनी की आशंका हुई। दरवाजा खोलने पर निष्ठा को फंदे पर लटका देखा। तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस को मौके से मिला सुसाइड नोट सूचना पर मोहन नगर थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और प्रारंभिक जांच के बाद शव को कब्जे में लेकर मर्चुरी भेज दिया। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है। सुसाइड नोट में लिखा है- “सॉरी मम्मी-पापा”। साथ ही अपने इस कदम के लिए माता-पिता से माफी मांगी है। हालांकि सुसाइड नोट में आत्महत्या के कारणों का जिक्र नहीं किया गया है। पुलिस बोली- हर एंगल से जांच जारी पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है, लेकिन हर पहलू से जांच की जा रही है। परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि किशोरी किसी मानसिक तनाव, पारिवारिक या अन्य किसी परेशानी से गुजर रही थी या नहीं। पुलिस नाबालिग की स्कूल लाइफ, दोस्तों और हालिया गतिविधियों की भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मोहन नगर थाना पुलिस मर्ग कायम कर मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।
इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मामले में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान और पत्रकारों के प्रति उनके व्यवहार के खिलाफ शुक्रवार को मंडला में कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नेहरू स्मारक के पास इकट्ठा होकर मंत्री का पुतला दहन किया और जमकर नारेबाजी की। पुतला दहन के दौरान मौके पर तैनात पुलिस बल और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच पुतले को छीनने को लेकर हल्की झड़प भी हुई। हालांकि, पुलिस ने समय रहते स्थिति को संभाल लिया और विवाद को बढ़ने नहीं दिया। पद से हटाने और कार्रवाई की मांग प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अशोक मर्सकोले ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को तत्काल उनके पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इंदौर में 15 लोगों की जान जाना एक बड़ी प्रशासनिक नाकामी है। संवेदनशीलता की जगह अभद्र भाषा का आरोप डॉ. मर्सकोले ने आरोप लगाया कि इतने संवेदनशील मामले में जवाबदेही तय करने के बजाय मंत्री का अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना बेहद निंदनीय है। उन्होंने सरकार पर पीड़ितों को न्याय दिलाने के बजाय मामले को दबाने और टालने का आरोप भी लगाया। दोषियों पर FIR और मुआवजे की मांग कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि इस पूरी घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और अन्य दोषियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही, पीड़ित परिवारों को उचित न्याय और मुआवजा प्रदान किया जाए। प्रदर्शन के दौरान शहर और जिले के बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रेवाड़ी जिले में दिल्ली रेवाड़ी रोड पर मसानी गांव के पास कार की टक्कर से दंपती घायल हो गए। कार ड्राइवर महिला को 50 मीटर दूर तक घसीटकर ले गया। राहगीरों ने दूसरी कार को आगे लगाकर कार का रास्ता रोककर महिला को बचाया। घायल महिला और उसके पति को अस्पताल पहुंचाया। सूचना के बाद धारूहेड़ा थाना पुलिस ने मौके का मुआयना कर कार ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। रेवाड़ी से धारूहेड़ा जाते समय हादसाजानकारी के अनुसार शुक्रवार बाद दोपहर दंपती बाइक पर सवार होकर धारूहेड़ा की तरफ जा रहा था। इसी दौरान मसानी के पास कार ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे के बाद युवक वहीं पर गिर गया। महिला कार के बोनट पर गिर गई। कार ड्राइवर ने कार में अटकी बाइक और बोनट पर गिरी महिला को करीब 50 मीटर दूर तक घसीटता हुआ ले गया। राहगीरों ने दूसरी कार को कार के आगे खड़ा करके किसी प्रकार महिला को बचाया। प्रत्यक्षदर्शी बोले- बड़ी मुश्किल से रोकागांव में रेहड़ी लगाने वाले प्रत्यक्षदर्शी धर्मराज ने बताया कि हादसे के बाद बाइक कार में उलझ गई और महिला बानेट पर जा गिरी। महिला का पति सड़क पर गिर गया। इसके बाद कार ड्राइवर बाइक और महिला को घसीटते हुए ले गया। यदि उसे दूसरी कार आगे खड़ी करके नहीं रोका जाता तो शायद बोनट पर गिरी महिला की जान नहीं बच पाती। अभी तक घायल दंपती की पहचान नहीं हो पाई है।
हरियाणा सरकार द्वारा किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने और मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए शुरू किया गया किसान पहचान पत्र (Farmer ID) अभियान हांसी में गति पकड़ रहा है। शुक्रवार को एसडीएम राजेश खोथ ने इस डिजिटल पहल के फायदों और अब तक हुई प्रगति की विस्तृत जानकारी साझा की। एसडीएम राजेश खोथ ने बताया कि प्रत्येक किसान की फार्मर आईडी को उसके आधार कार्ड से जोड़ा जा रहा है। आधार से लिंक होने के बाद किसानों की पहचान प्रमाणित हो जाएगी, जिससे डेटा में दोहराव (Duplicacy) की गुंजाइश खत्म होगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सरकारी सब्सिडी, फसल बीमा और मुआवजे की राशि केवल वास्तविक और पात्र किसानों के बैंक खातों में ही पहुँचे। स्थानीय किसानों के हितों की रक्षा इस पहचान पत्र का एक बड़ा लाभ यह होगा कि हरियाणा की अनाज मंडियों में अब अन्य राज्यों के किसान अपनी फसल नहीं बेच पाएंगे। फार्मर आईडी अनिवार्य होने से केवल राज्य के पंजीकृत किसानों की फसल ही खरीदी जाएगी, जिससे स्थानीय किसानों को अपनी उपज बेचने में प्राथमिकता मिलेगी और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी। पारदर्शी और प्रभावी व्यवस्था एसडीएम ने स्पष्ट किया कि फार्मर आईडी से कृषि रिकॉर्ड का संधारण (Maintenance) आसान होगा और सरकार के लिए योजनाओं की निगरानी करना सरल हो जाएगा। उन्होंने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपनी फार्मर आईडी बनवाएं और आधार लिंकिंग की प्रक्रिया पूरी करवाएं ताकि किसी भी सरकारी लाभ से वंचित न रहें। हांसी जिले की तहसीलवार प्रगति: कहां कितनी आई बनी
शिवपुरी में नकली आयुर्वेदिक दवाओं पर छापा:सुषमा मेडिकल स्टोर से 'चिरायु पोषक' की डुप्लीकेट खेप जब्त
शिवपुरी शहर के गुरुद्वारा से पुरानी शिवपुरी रोड स्थित सुषमा मेडिकल स्टोर पर शुक्रवार को नकली आयुर्वेदिक दवाओं की आशंका के चलते छापामार कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर पुलिस बल और कोर्ट कमिश्नर की मौजूदगी में की गई, जिसमें चिरायु पोषक नामक आयुर्वेदिक दवा की डुप्लीकेट खेप जब्त किए जाने की बात सामने आई है। कैसे खुला नकली दवा का खेल दरअसल, ग्वालियर स्थित चिरायु फार्मास्युटिकल्स के उत्पाद चिरायु और चिरायु पोषक की बिक्री पिछले कुछ समय से मध्य भारत में अचानक गिरने लगी थी, जबकि बाजार में इन दवाओं की उपलब्धता बनी हुई थी। इसी विरोधाभास ने कंपनी को सतर्क किया। आंतरिक जांच में सामने आया कि चिरायु पोषक की हू-ब-हू नकल तैयार कर उसे असली बताकर बेचा जा रहा है। नकली दवा इतनी मिलती-जुलती थी कि बोतल के निचले हिस्से और घटिया गुणवत्ता से ही फर्क पकड़ा जा सकता था। ऐसे हो रही थी डुप्लीकेट दवा की सप्लाई जांच में पता चला कि मंजीत दहल, योगेश दहल और आशीष शिवहरे बिना औषधि लाइसेंस के नकली दवा तैयार कर रहे थे और इसे जबलपुर, ग्वालियर और शिवपुरी के नेटवर्क के जरिए बाजार में उतारा जा रहा था। आरोप है कि जबलपुर की मेसर्स खुन्नेलाल एंड कंपनी, भटेजा एजेंसी और शिवपुरी के सुषमा मेडिकल स्टोर सहित अन्य माध्यमों से यह डुप्लीकेट दवा सप्लाई की जा रही थी, जिससे असली कंपनी के उत्पाद की बिक्री प्रभावित हो रही थी और उपभोक्ताओं की सेहत भी खतरे में पड़ रही थी। मेन एजेंसी ने ऐसे लड़ी कानूनी लड़ाई मामला सामने आने के बाद चिरायु फार्मास्युटिकल्स ने पहले कानूनी नोटिस भेजकर नकली दवा का निर्माण और बिक्री बंद करने को कहा। जवाब में कुछ व्यापारियों ने लिखित तौर पर तीन लोगों को इस पूरे अवैध कारोबार का मास्टरमाइंड बताया। इसके बावजूद नकली दवा का कारोबार जारी रहा, तो कंपनी ने ग्वालियर की कॉमर्शियल कोर्ट, जिला न्यायालय ग्वालियर का रुख किया। न्यायालय ने मामले को गंभीर मानते हुए 24 दिसंबर 2025 को नकली चिरायु और चिरायु पोषक के निर्माण व बिक्री पर अस्थायी रोक लगा दी। साथ ही कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर पुलिस बल के साथ संबंधित प्रतिष्ठानों पर छापे मारने, वीडियोग्राफी-फोटोग्राफी कराने और नकली उत्पाद जब्त करने के आदेश दिए। शिवपुरी में छापा, दवाएं जब्त इसी आदेश के तहत शिवपुरी में सुषमा मेडिकल स्टोर पर छापा डाला गया। कार्रवाई के दौरान नकली आयुर्वेदिक दवाएं जब्त कर उनकी इन्वेंट्री बनाई गई और आगे की कार्रवाई के लिए दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए गए।
महाकुंभ में 'दातून बॉय' नाम से मशहूर हुए आकाश फिर प्रयागराज पहुंचे हैं। माघ मेले में उन्होंने दातून का कैंप लगाने की घोषणा की। कहा- गंगा मैया के लिए अपना पूरा जीवन त्याग दूंगा, मुझे बिना मांगे बहुत कुछ दी हैं। आकाश दिल्ली से प्रयागराज थार से आए हैं। उसकी रील भी सोशल मीडिया पर डाली है। कैप्शन लिखा- बॉय दिल्ली। दिल्ली टू प्रयागराज। बैकग्राउंड में महाकुंभ वाला गाना चल रहा है। पहले देखिए 2 तस्वीरें... महाकुंभ के दौरान आकाश गर्लफ्रेंड से मिली प्रेरणा के बाद दातून बेचने के बाद वायरल हुए थे। उनकी सादगी और मेहनत ने लोगों का दिल जीत लिया था। अब माघ मेला में भी आकाश उसी उत्साह के साथ पहुंचे हैं। आकाश थार रॉक्स गाड़ी से दिल्ली से प्रयागराज पहुंचे। आकाश के साथ उसके 4 दोस्त भी आए हैं। प्रयागराज पहुंचने के तुरंत बाद ही आकाश ने एक वीडियो शेयर किया। वीडियो पुलिस वालों के साथ मिलकर बनाया गया है। दातून का कैंप लगाने की तैयारी कर रहे हैं। 'मैं गंगा मैया की शरण में आया हूं'आकाश ने कहा- इस बार माघ मेला में दातून का कैंप लगाया जाएगा। सभी लोग वहां आकर दातून ले सकते हैं। वह पिछली बार की तरह इस बार भी माघ मेला में शामिल हुए हैं। प्रयागराज संगम पहुंचने के बाद आकाश ने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने कहा, “मैं गंगा मैया की शरण में आया हूं। पूरा जीवन गंगा मैया की शरण में त्याग दूंगा, क्योंकि गंगा मैया ने मुझे बिना मांगे बहुत कुछ दे दिया है। मैं सभी भाई-बहनों के चरण छूकर प्रणाम करता हूं और गंगा मां को प्रणाम करता हूं।” फेसबुक पर 1.97 लाख फॉलोअरदातून बेचते हुए आकाश ने महाकुंभ में करीब डेढ़ लाख कमाए थे। हालांकि अपने अलग अंदाज से दर्शकों का दिल जीता था। उनकी सरल भाषा और बोलने के तरीके ने डांस शो के जजों मिथुन चक्रवर्ती और मलाइका अरोड़ा को भी प्रभावित किया। आकाश के फेसबुक पर 1 लाख 97 हजार और इंस्टाग्राम पर 1.42 लाख फॉलोअर हैं। गर्लफ्रेंड ने दी थी फ्री के बिजनेस की सलाहआकाश यादव प्रयागराज महाकुंभ में बिना किसी लागत के दातून बेचकर देशभर में फेमस हुए थे। उसकी इस अनोखी पहल की खूब सराहना हुई थी। फेमस होने के बाद आकाश को मुंबई में सोनी टीवी के एक शो में बुलाया गया था। वहां उन्होंने मिथुन चक्रवर्ती समेत कई कलाकारों से मुलाकात की थी। तब आकाश ने बताया था- हम घर पर बेरोजगार बैठे थे। तभी पिता ने मुंबई बुलाया। लेकिन, मुंबई जाने से पहले मेरी गर्लफ्रेंड ने महाकुंभ में बिजनेस करने का आइडिया दिया। जब मैंने उससे कहा कि इन्वेस्टमेंट के लिए पैसे नहीं हैं, तो गर्लफ्रेंड ने बिना इन्वेस्टमेंट वाले बिजनेस की सलाह दी। आकाश की गर्लफ्रेंड ने उसे नीम की दातून बेचने की सलाह दी। कहा- इसमें कोई लागत नहीं है। बस पेड़ से दातून तोड़नी है और लोगों के बीच घूमना है। आकाश ने गर्लफ्रेंड की बात मानी और महाकुंभ में दातून लेकर पहुंच गया। पहली ही रात में उसने 12-13 हजार रुपए कमा लिए। कुछ ही दिनों में उसकी कमाई 35 से 40 हजार रुपए तक पहुंच गई। इसी कमाई से उसने नया मोबाइल, गर्लफ्रेंड के लिए कपड़े और मां के लिए साड़ी खरीदी। पूरे महाकुंभ में उसने लाखों रुपए कमाए। आकाश यादव अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है। उसकी 3 बहनें हैं। पिता रोजी-रोटी के सिलसिले में मुंबई में रहते हैं। वहीं, आकाश अब सोशल मीडिया से कमाई करता है। ......................... ये खबर भी पढ़ेंः- आजम बोले- मैच दोबारा होगा, मैं बल्लेबाजी करूंगा, बदले में यकीन नहीं रखता हूं, टोपी जेब में रखने वाले मुसलमान नहीं सपा नेता आजम खान ने कहा- जेल से रिहा होने के बाद मैं भले ही शांत दिख रहा हूं, लेकिन अब भी भीतर वही पुराना राजनीतिक जोश जिंदा है। मैं बदले में यकीन नहीं रखता, इंसाफ में रखता हूं। बस सेहत की थोड़ी कमजोरी है। वरना जब मैच दोबारा शुरू होगा, तो मैं फिर बल्लेबाजी करूंगा। आजम ने शनिवार को एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा- जांच एजेंसियों पर भरोसा है, लेकिन वह भरोसा और मजबूत होना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर...
खालवा ब्लॉक के ग्राम रोशनी में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत स्वीकृत इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। शुक्रवार को मंत्री विजय शाह ने करीब 1.36 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस क्लस्टर की नींव रखी। उन्होंने कहा कि, स्व सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को सब्जी उत्पादन, मत्स्य पालन और पशुपालन जैसी गतिविधियों को एक साथ करने का अवसर मिलेगा, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी। मंत्री बोले- अब लखपति दीदी बनना आसान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि स्व सहायता समूह की महिलाएं यदि समन्वित रूप से खेती, मछली पालन और पशुपालन करें तो वे आसानी से लखपति बन सकती हैं। ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए लगातार नई गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। तालाब निर्माण से बढ़ेगा भूजल स्तर मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि ग्राम रोशनी में तालाब निर्माण से न केवल मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आसपास के गांवों में भूजल स्तर में भी सुधार होगा, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा। उन्होंने घोषणा की कि ग्राम रोशनी में जनजातीय कार्य विभाग के दो नए छात्रावास बनाए जाएंगे। बताया कि हरसूद और खालवा के कॉलेजों में विद्यार्थियों के लिए वाहन सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। अगले शिक्षा सत्र से ग्राम रोशनी के विद्यार्थी भी इस सुविधा का लाभ लेकर कॉलेज आ-जा सकेंगे। महिलाओं की आय बढ़ेगी: सीईओ जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा ने बताया कि इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर के तहत ग्राम रोशनी में पॉन्ड बायोफ्लॉक का निर्माण, 7 बायोफ्लॉक टैंक, केज कल्चर सिस्टम का निर्माण होगा। रोशनी और आसपास के गांवों की आदिवासी महिलाओं को स्वरोजगार से संबंधित प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा, ताकि वे छोटे व्यवसाय शुरू कर सकें।
सीकर के खाटूश्यामजी में आज मंदिर के एग्जिट एरिया में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। SHO पवन कुमार चौबे के निर्देशन पर आज यहां तीन दुकानों को सीज किया गया है। तीनों ही दुकानदारों के संचालक दुकानों के बाहर अतिक्रमण करके श्रद्धालुओं को परेशानी पहुंचा रहे थे। पहले पुलिस ने इनसे समझाइश की। लेकिन दुकान संचालक नहीं माने जिसके बाद आज पुलिस ने कार्रवाई की। SHO पवन कुमार चौबे ने बताया कि खाटूश्यामजी मंदिर के एग्जिट एरिया में स्थित श्याम भोजनालय,खंडेलवाल पवित्र भोजनालय और सांवरिया कढ़ी कचोरी की दुकानों को सीज करने की कार्रवाई की गई है। दरअसल इन दुकानदारों ने अपनी दुकानों के बाहर अतिक्रमण किया हुआ था। दुकान संचालक दुकानों के बाहर गैस सिलेंडर लगाकर पकवान तैयार करते रहते थे। इनके द्वारा किए अतिक्रमण की वजह से लोगों को परेशानी होती। इसके साथ ही यहां पर भगदड़ जैसे हालात बनने की भी संभावना भी थी। दुकानदारों से पुलिस ने पहले भी समझाइश की। लेकिन दुकानदार नहीं माने। नगर पालिका ने भी इनके खिलाफ चालान किया इसके बावजूद भी दुकानदार मनमर्जी करते रहे। ऐसे में आज BNS की धाराओं में यह कार्रवाई की गई है। खाटू आने वाले भक्तों को किसी तरह से भी परेशान नहीं होने दिया जाएगा। ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) की आर्ट गैलरी में अंतरराज्य विनिमय कला प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ। इसमें कला प्रेमियों को करोड़ों रुपए मूल्य की दुर्लभ पेंटिंग्स देखने का अवसर मिल रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी के सहयोग से आयोजित प्रदर्शनी में अकादमी के संग्रह से चयनित 45 महत्वपूर्ण और मौलिक कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया है। यह कलेक्शन इतना दुर्लभ है कि इनमें से कई पेंटिंग्स के रचनाकारों में अभी केवल चार–पांच कलाकार ही जीवित हैं। प्रदर्शनी में प्रदर्शित कलाकृतियों का बाजार मूल्य करोड़ों रुपए में आंका गया है। इसी कारण इन अमूल्य रचनाओं की सुरक्षा को देखते हुए अकादमी द्वारा इनका विशेष रूप से इंश्योरेंस भी कराया गया है, ताकि किसी भी तरह की क्षति से इन्हें सुरक्षित रखा जा सके। अतिथियों की मौजूदगी में हुआ उद्घाटनप्रदर्शनी का उद्घाटन उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा ने किया। इस अवसर पर राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर के निदेशक एन.सी. गोयल, राजस्थान ललित कला अकादमी के पूर्व अध्यक्ष अश्विन दलवी, आईएएस अधिकारी पी.सी. किशन, शाह बक्श सहित कला जगत से जुड़े कई वरिष्ठ कलाकार मौजूद रहे। 2 हजार पेंटिंग्स में से चुनी गईं 45 अमूल्य कृतियांडॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा ने बताया- उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी के पास लगभग 2 हजार पेंटिंग्स का विशाल संग्रह है। इनमें से 45 अत्यंत महत्वपूर्ण और मूल कृतियों को प्रदर्शनी के लिए चयनित किया गया है। उन्होंने कहा- यह ऐसी कलाकृतियां हैं, जो कलाकारों द्वारा स्वयं बनाई गई मूल पेंटिंग्स हैं। इनका बाजार मूल्य करोड़ों रुपए में है। देश के दिग्गज कलाकारों की रचनाएं एक मंच परप्रदर्शनी में भारतीय कला जगत के कई महान और प्रतिष्ठित कलाकारों की कृतियां शामिल की गई हैं। इनमें नंदलाल बोस, जामिनी रॉय, असित कुमार हलदर, रामकिंकर बेज, जतिन दास, एन.के. मिश्रा, मुनी सिंह, यशोधर मतपाल, ए.पी. दुबे, प्रभात नियोगी, बी.एस. भटनागर, ललित मोहन सेन, एच.एल. मेध, जगन्नाथ मुरलीधर असिवसी, बैजनाथ, सुधीर रंजन, रणबीर सिंह बिष्ट, एस.जी. श्रीकंधे सहित कई अन्य प्रसिद्ध नाम शामिल हैं। साथ ही राजस्थान के वरिष्ठ कलाकार सुरेन्द्र पाल जोशी की 1994 में बनाई गई एक महत्वपूर्ण पेंटिंग भी इस प्रदर्शनी में प्रदर्शित की गई है। भारतीय कला की वैचारिक गहराई और सामाजिक चेतना का दर्शनराजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर की क्यूरेटर एवं सहायक कार्यक्रम अधिकारी निखत अंसारी ने बताया- इन कलाकृतियों में भारतीय कला की वैचारिक गहराई, सामाजिक चेतना और सौंदर्यबोध स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। एक ही मंच पर इतने महान कलाकारों की अमूल्य कृतियां देखना कला प्रेमियों के लिए एक दुर्लभ अवसर है। वाश तकनीक पर विशेष चित्रकला कार्यशाला भीप्रदर्शनी के साथ 3 से 7 जनवरी तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक वाश तकनीक पर आधारित चित्रकला कार्यशाला का भी आयोजन किया जाएगा। यह कार्यशाला वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित कलाकार राजेंद्र प्रसाद द्वारा संचालित की जाएगी। करीब 15 वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित हो रही यह कार्यशाला विद्यार्थियों और कला में रुचि रखने वालों के लिए अनूठा अवसर है। इसमें जल माध्यम, पारदर्शिता, टोनल वेरिएशन, रंग संतुलन और मुक्त ब्रश तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में धान खरीदी केंद्रों पर लापरवाही के मामले जिला प्रशासन ने 3 समिति प्रबंधकों को निलंबित कर दिया है। वहीं 2 अन्य समिति प्रबंधकों से वित्तीय प्रभार भी छीन लिया गया है। प्रशासन ने साफ कहा है कि धान खरीदी में लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने बताया कि किसानों की ओर से समय-समय पर इसकी शिकायतें मिल रही थी। इन शिकायतों के बाद सहकारिता विभाग ने धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर अनियमितताएं पाई गईं। धान की गुणवत्ता जांचे बिना तौल, कई समितियों में लापरवाही सहकारिता विभाग के उप आयुक्त ने बताया कि जांच के दौरान यह सामने आया कि कई समितियों में सरकार द्वारा तय की गई ढाला पद्धति से धान की जांच नहीं की जा रही थी। किसानों द्वारा बोरे में लाए गए धान की गुणवत्ता जांचे बिना ही उसे सीधे सरकारी बोरों में भरकर तौल किया जा रहा था। इसके अलावा धान खरीदी के काम में कई तरह की मनमानी और लापरवाही भी पाई गई। इस पर कार्रवाई करते हुए जमरगीडी सेवा सहकारी समिति के सहायक समिति प्रबंधक और धान खरीदी प्रभारी दीनबंधु पटेल को कारण बताओ नोटिस दिया गया, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनका वित्तीय प्रभार खत्म कर दिया गया। इसी तरह आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित कापू के सहायक समिति प्रबंधक श्यामनारायण दुबे ने भी शासन के निर्देशों की अनदेखी करते हुए धान खरीदी में लापरवाही बरती। इसके चलते उनका भी वित्तीय प्रभार तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। नोटिस का नहीं दिया गया जवाब धान खरीदी केंद्र छाल के सहायक समिति प्रबंधक ठंडाराम बेहरा और कोड़ासिया केंद्र के समिति प्रबंधक व फड़ प्रभारी प्रहलाद बेहरा पर धान खरीदी में लापरवाही के आरोप लगे थे। दोनों को कारण बताओ नोटिस दिया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद प्रशासन ने दोनों को तत्काल निलंबित कर दिया। वहीं खड़गांव के धान उपार्जन केंद्र में नोडल अधिकारी के खिलाफ गाली-गलौज और धमकी की शिकायत मिली थी। जांच में यह शिकायत सही पाई गई। इसके अलावा सहायक समिति प्रबंधक कृपाराम राठिया पर भी धान खरीदी में लापरवाही का मामला सामने आया। जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्हें भी तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति से हुई मौतों और लोगों के बीमार होने की घटना को लेकर आक्रोश जारी है। शुक्रवार शाम युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर के शहर सराय शहीद चौक पर कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का पुतला फूंका। फोटो के पोस्टर को आग लगाई। मोमबत्ती जलाकर 2 मिनट का मौन रख मृतकों को श्रद्धांजलि दी। विरोध प्रदर्शन में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ शहर कांग्रेस कमेटी, महिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ता मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। इसी दौरान पीछे की तरफ से कुछ कार्यकर्ता मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का पुतला लेकर आए और जला दिया। पुलिस पुतले को बचाने आती इतने में पुतले ने आग पकड़ ली। बाद में मंत्री विजयवर्गीय के फोटो को भी जलाया। युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दूषित पानी की आपूर्ति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही कैलाश विजयवर्गीय द्वारा रिपोर्टर के सवाल पर की गई अभ्रद भाषा को लेकर सीएम से इस्तीफे की मांग की। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप घंटी बजाई। कांग्रेस नेता पारस सकलेचा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा, युवा कांग्रेस शहर अध्यक्ष सैयत वुसत अली, शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष कुसुम चाहर समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
हरियाणा के हिसार जिले के नारनौंद उपमंडल के निवासियों के लिए 10 जनवरी का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के माननीय जस्टिस सूर्यकांत अपने पैतृक गांव पेटवाड़ और नारनौंद के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे नारनौंद में बहुप्रतीक्षित अस्थाई कोर्ट का उद्घाटन करेंगे और नए आधुनिक कोर्ट भवन का शिलान्यास भी करेंगे। इस पहल से क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोगों को अब न्यायिक कार्यों के लिए हांसी के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। चीफ जस्टिस के आगमन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। शुक्रवार शाम हांसी के पुलिस अधीक्षक (SP) अमित यशवर्धन ने नारनौंद और पेटवाड़ गांव का विस्तृत दौरा कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एसपी ने तहसील परिसर में बन रहे अस्थाई कोर्ट रूम और बिजली निगम के पास प्रस्तावित नई कोर्ट की जमीन का निरीक्षण किया। सुरक्षा और वीवीआईपी प्रोटोकॉल पर जोर एसपी अमित यशवर्धन ने सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक रूट, पार्किंग और बैरिकेडिंग को लेकर पुलिस अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने जस्टिस सूर्यकांत के पैतृक गांव पेटवाड़ स्थित स्टेडियम का भी निरीक्षण किया, जहां एक सार्वजनिक कार्यक्रम प्रस्तावित है। एसपी ने कहा कि वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा में कोई चूक न हो, इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। क्षेत्रवासियों की दशकों पुरानी मांग हुई पूरी: नारनौंद में कोर्ट की स्थापना स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही प्रमुख मांग थी। अब तक वकीलों और मुवक्किलों को हांसी जाना पड़ता था, जिससे काफी असुविधा होती थी। वर्तमान में कोर्ट तहसील परिसर के ग्राउंड फ्लोर पर चलेगी। प्रशासन के मुताबिक, नया कोर्ट भवन अगले एक वर्ष में बनकर तैयार हो जाएगा।
नारनौल के गांव अटाली में स्थित बाबा खेता नाथ मंदिर परिसर में शुक्रवार को मंदिर के पीछे की दीवार गिर गई। यहां पर रिपेयरिंग का कार्य चल रहा था। दीवार गिरने से दो मजदूर दब गए। जिसमें से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दूसरा मजदूर बचकर निकल गया। गांव अटाली में बाबा खेता नाथ मंदिर के पीछे मरम्मत का कार्य चल रहा था। इसी दौरान दीवार की नींव की खुदाई की जा रही थी। खुदाई के समय अचानक मंदिर की पिछली दीवार भरभराकर गिर गई। दीवार का मलबा पास में काम कर रहे मजदूर पर आ गिरा। मलबे की चपेट में आकर खामपुरा गांव निवासी कैलाश दब गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। दो बेटों का पिता हादसे में मारे गए कैलाश के चचेरे भाई राजेंद्र ने बताया कि काम करते समय मंदिर की दीवार गिर गई। जिससे कैलाश की मौत हो गई, उसके परिवार में दो लड़के हैं और उसकी मां है। कैलाश परिवार में अकेला कमाने वाला था। पोस्टमॉर्टम के लिए नारनौल भेजा घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से मलबा हटवाया और मजदूर को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए नागरिक अस्पताल नारनौल भिजवा दिया गया। मजदूरों में दहशत हादसे के बाद मंदिर परिसर में काम कर रहे अन्य मजदूरों में दहशत का माहौल बन गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं। दीवार गिरने से हुई मौत: सरपंच गांव के सरपंच वेदपाल ने बताया कि बाबा खेतानाथ मंदिर में रिपेयर और खुदाई का काम चल रहा था। इस दौरान वहां पर एक दीवार मजदूरों पर गिर गई। जिससे कैलाश नाम के मजदूर की मौत हो गई, जबकि एक अन्य मजदूर बाल-बाल बच गया।
नीमच जिले के मांडा महेंद्री गांव के 50 से अधिक आदिवासी परिवारों ने अपनी जमीन के हक को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इन परिवारों को सरकार की ओर से खेती के लिए पट्टे तो मिल चुके हैं, लेकिन हकीकत में जमीन का भौतिक कब्जा आज तक नहीं मिल पाया है। ग्रामीणों ने किसान नेता राजकुमार अहीर की अगुवाई में कलेक्ट्रेट पहुंचकर नारेबाजी की और अपनी पीड़ा प्रशासन के सामने रखी। ग्रामीणों ने बताया कि पटवारी हल्का नंबर 33 के सर्वे नंबर तीन-दो में प्रत्येक पात्र व्यक्ति को एक-एक हेक्टेयर कृषि भूमि आवंटित की गई थी। कागजों में वे जमीन के मालिक हैं, लेकिन धरातल पर उनका कोई कब्जा नहीं है। आजीविका का संकट और अधिकारियों की बेरुखी पट्टे होने के बावजूद जमीन पर कब्जा न मिलने के कारण इन परिवारों के सामने जीवन-यापन और आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वे कई वर्षों से इस समस्या को लेकर दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी उन्हें कब्जा दिलाने के मामले में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। जल्द कब्जा न मिलने पर घेराव की चेतावनी ज्ञापन सौंपने के दौरान तुलसीराम भील, नंदलाल, केशुराम, सुखदेव, भागु, सुरेश, रामलाल रेगर, सालगराम, प्रभुलाल, कंवरलाल, श्यामलाल, भगतराम, कालुराम और प्रकाश सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही जमीन का सीमांकन कर उन्हें कब्जा नहीं दिलाया, तो वे कलेक्ट्रेट का घेराव करने जैसा बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।
राजनांदगांव में क्राइम में कमी आई:2024 में 3932 केस दर्ज किए गए थे, 2025 में 3886 मामला दर्ज
राजनांदगांव पुलिस ने साल 2025 में अपराध नियंत्रण को लेकर सख्त और प्रभावी कार्रवाई की, जिसका असर जिले के अपराध आंकड़ों में साफ दिखाई दिया। जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में जिले के अलग-अलग थानों में कुल 3932 अपराध दर्ज किए गए थे। जबकि साल 2025 में यह संख्या घटकर 3886 रह गई। पुलिस की सक्रिय रणनीति, सतर्क निगरानी और विशेष अभियानों से कानून-व्यवस्था की स्थिति मजबूत बनी रही। नशे के खिलाफ व्यापक अभियान पुलिस ने साल 2025 में अवैध शराब, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया। आबकारी अधिनियम के तहत 1288 केस दर्ज कर 1351 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 11,259 लीटर से अधिक अवैध शराब (कीमत 56.74 लाख रुपए), 86 वाहन (कीमत 70.83 लाख रुपए) और 55,420 रुपए नकद जब्त किए गए। कुल मिलाकर आबकारी मामलों में 1.28 करोड़ रुपए से अधिक की जब्ती हुई। एनडीपीएस मामलों में बड़ी कार्रवाई एनडीपीएस अधिनियम के तहत 26 मामले दर्ज कर 45 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 555 किलोग्राम से अधिक गांजा, नशीली गोलियां और टैबलेट जब्त किए, जिनकी कुल कीमत वाहनों सहित 1.14 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है। जुआ, सट्टा और आर्म्स एक्ट में कार्रवाई जुआ अधिनियम के तहत 38 केसों में 176 आरोपियों पर कार्रवाई कर लगभग 16.56 लाख रुपए जब्त किए गए। सट्टा अधिनियम के अंतर्गत 48 प्रकरणों में 46 आरोपियों को पकड़ा गया। आर्म्स एक्ट के तहत 87 प्रकरण दर्ज कर 94 हथियार जब्त किए गए। यातायात और सड़क सुरक्षा पर फोकस साल 2025 में जिले में 431 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 207 लोगों की मौत हुई और 356 लोग घायल हुए। यातायात नियमों के उल्लंघन पर 23,837 चालान काटे गए और 1.41 करोड़ रुपए से अधिक का जुर्माना वसूला गया। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह में रिकॉर्ड अभियान 1 से 31 जनवरी 2025 तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत जिले के 119 स्कूलों, कॉलेजों और संस्थानों में एक साथ यातायात नियमों, साइबर अपराध और नशा मुक्ति पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान 20,497 लोगों को जागरूक किया गया, 7,623 लोगों से शपथ पत्र भरवाए गए, 2500 हेलमेट और 6000 पंपलेट वितरित किए गए। इस अभियान को “गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड” में दर्ज किया गया। गुमशुदा लोगों की तलाश में सफलता 2025 में पुलिस ने 24 बालक, 78 बालिकाएं, 135 पुरुष और 153 महिलाएं सहित कुल 390 गुमशुदा व्यक्तियों को खोजकर सुरक्षित उनके परिजनों को सौंपा। वीआईपी सुरक्षा में रही चाक-चौबंद व्यवस्था 2025 में जिले में 31 बार वीवीआईपी और वीआईपी दौरे हुए। सभी अवसरों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। कुल मिलाकर, वर्ष 2025 में राजनांदगांव पुलिस की सख़्त निगरानी, त्वरित कार्रवाई और जनसहभागिता से जिले में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूती मिली है, जिससे आम जनता में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है।
ग्वालियर में नए साल के जश्न में एक युवक को शराब पिलाकर जमकर मारपीट की गई, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। दो दिन इलाज के बाद शुक्रवार को युवक की मौत हो गई। मारपीट का एक वीडियो भी सामने आया है। घटना थाना के सामने लक्ष्मणपुरा इलाके की है। युवक की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया। मृतक की मां का कहना है कि बेटे को उसके दोस्त बुलाकर ले गए थे। शराब पिलाने के बाद किसी विवाद पर उसे सड़क पर पटककर पेट में लात ही लात मारी हैं। फिर बेहोशी की हालत में घर पटक कर भाग गए। हमने उसे अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उसने दम तोड़ दिया। इधर, पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। पड़ाव थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुरा में रहने वाला 20 वर्षीय सुरेंद्र जाटव शादी समारोह में आइसक्रीम का स्टॉल लगाने का काम करता था। 31 दिसंबर की रात उसके पड़ोस में रहने वाले अभिषेक रजक उर्फ गोली और मोंटू नाम के दो दोस्तों ने पार्टी करने के लिए उसे बुलाया था। दोनों ने सुरेंद्र के साथ शराब पार्टी की। इस दौरान सुरेंद्र और अभिषेक के बीच किसी बात पर बहस होने लगी। बहस बढ़ने पर अभिषेक और मोंटू ने बीच सड़क पर उससे मारपीट कर दी। फिर उसे घर के बाहर छोड़कर दोनों भाग निकले। घटना के समय वहां मौजूद लोगों ने मारपीट का वीडियो शूट कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया था। परिजन ने पहुंचाया अस्पताल, इलाज के दौरान मौतपरिजन को सुरेंद्र के बेहोश पड़े होने की सूचना मिली तो वह उसको लेकर अस्पताल पहुंचे। जहां उसकी लगातार हालत बिगड़ती जा रही थी। उसकी हालत में सुधार नहीं होने पर शुक्रवार उसकी मौत हो गई। मौत होने पर परिजन ने हंगामा खड़ा कर दिया हंगामा की खबर लगते ही पुलिस मौके पर पहुंची और परिजन की शिकायत पर मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम हाउस के लिए भेजा। खास बात यह है कि युवक की मारपीट ठीक पड़ाव थाने के सामने हुई थी। परिजन का आरोप है कि उसके दोनों दोस्तों ने साजिश के तहत उसकी हत्या की है। फिलहाल पुलिस ने घटना के वीडियो और परिजनों की शिकायत पर मर्ग कायम कर जा शुरू कर दी है। मां ने कहा- दोस्तों ने पार्टी करने बुलाया थामृतक की मां विमला ने बताया कि मेरा बेटा आइसक्रीम का स्टॉल लगाने का काम करता है। 31 दिसंबर की रात उसके पड़ोस में रहने वाले अभिषेक रजक और मोंटू नाम के दो दोस्तों ने पार्टी करने के लिए बुलाया। इन दोनों ने शराब पिलाकर उससे बेरहमी से मारपीट की है। जिससे उसकी मौत हो गई। सीएसपी ने कहा-मामले की जांच कर रहेमामले में सीएसपी रोबिन जैन ने बताया है कि एक युवक की मौत हो गई है। दो दिन पहले 31 दिसंबर को उसके दोस्त जश्न मनाने बुलाकर ले गए थे। वहां उसकी मारपीट कर दी थी। एक वीडियो भी सामने आया है। परिजन ने मारपीट के बाद मौत का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ब्यावर में सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह का 359वां प्रकाश पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर नगर में एक भव्य नगर कीर्तन निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और गुरु साहिब के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। नगर कीर्तन की शुरुआत श्री गुरुद्वारा सिंह सभा से हुई। यहां से पालकी में सुशोभित श्री गुरु ग्रंथ साहिब को पंज प्यारों की अगुआई में नगर भ्रमण के लिए ले जाया गया। ढोल-नगाड़ों की गूंज, शबद-कीर्तन और गुरबाणी के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया। नगर कीर्तन में गुरु ग्रंथ साहिब का रथ विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिस पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा की। नगर कीर्तन में सिख समाज की महिलाएं सेवा भाव से आगे चल रही थीं। कई श्रद्धालु पंज प्यारों के आगे झाड़ू लगाकर सेवा कर रहे थे। फूलों से सजी गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखा। नगर कीर्तन मुख्य बाजार से गुजरा, जहां जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर प्रधान साहेब सिंह ने बताया कि गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाश पर्व साहस, त्याग और मानवता की सेवा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नगर कीर्तन के माध्यम से संगत ने आपसी भाईचारे, समरसता और सेवा भावना को अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में उपप्रधान मनमीत सिंह और सचिव पवन ज्योत सिंह सक्रिय रहे। नगर कीर्तन में पटियाला से आए रागी जत्थे के भाई जगसीर सिंह ने शबद-कीर्तन प्रस्तुत कर संगत को मंत्रमुग्ध किया। कोटा की गतका पार्टी ने नगर में विभिन्न स्थानों पर अपने करतब दिखाए। ब्यावर के समूह साध-संगत और शहरवासियों ने नगर कीर्तन का गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रकाश पर्व से एक दिन पूर्व गुरुवार को भी प्रभात फेरी निकाली गई थी। ढोल-नगाड़ों की गूंज और “जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के जयकारों से नगर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया था। प्रभात फेरी में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
हरियाणा के कैथल जिले के कलायत में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुरानी तहसील के सामने चल रही एक अवैध डेयरी पर छापेमारी के दौरान टीम ने लगभग 1300 लीटर असुरक्षित और खराब गुणवत्ता वाला दूध बरामद किया। जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने इस पूरे दूध को मौके पर ही बहाकर नष्ट कर दिया। संचालक नहीं दिखा पाया लाइसेंस जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. पवन के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के दौरान डेयरी संचालक संदीप कुमार कोई भी वैध लाइसेंस या दस्तावेज पेश नहीं कर सका। बिना लाइसेंस डेयरी चलाने के आरोप में मौके पर ही चालान काटा गया और डेयरी को तुरंत बंद करने का लिखित नोटिस जारी किया गया। विभाग ने दूध की गुणवत्ता की गहन जांच के लिए दो नमूने (Samples) लेकर लैब भेज दिए हैं। कैथल जिले में विभाग की 'सर्जिकल स्ट्राइक' डॉ. पवन ने बताया कि जिले में मिलावटखोरी के खिलाफ विशेष अभियान छेड़ा गया है। इसके तहत लगातार छापेमारी की जा रही है। कई डेरियों पर भी कार्रवाई हुई है। उनका कहना है कि दूध के सैंपल प्रयोगशाला भेजे गए हैं। अबतक कार्रवाई का डेटा दो बार सैंपल फेल होने पर रद्द होगा लाइसेंस खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी डेयरी का नमूना 'सबस्टैंडर्ड' पाया जाता है, तो दोबारा सैंपलिंग होगी। अगर दूसरी बार भी रिपोर्ट नेगेटिव आती है, तो डेयरी का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर उसे हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा।
अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार की मौत:एक गंभीर घायल, जमुनिया मेले में घूमने गए थे,लौटते समय हादसा
छिंदवाड़ा के हर्रई थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सलैया के समीप शुक्रवार को एक अज्ञात वाहन ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। जमुनिया मेले से लौट रहे बाइक सवार दो लोगों को अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान साजवा निवासी अंगद यादव (47 वर्ष) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों बाइक से मेला देखकर लौट रहे थे, तभी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि अंगद यादव ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। घायल को नरसिंहपुर रेफरसूचना मिलते ही हर्रई पुलिस मौके पर पहुंची। राहगीरों की मदद से गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को सिविल अस्पताल हर्रई पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए नरसिंहपुर रेफर किया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया है। वहीं मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी हुई है।
देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई-मेन के पहले सेशन में शामिल होने वाले कई विद्यार्थियों के सामने आई फोटो आइडेंटिफिकेशन की परेशानी को लेकर एनटीए ने राहत दी है। एनटीए की ओर से शुक्रवार को एक नोटिफिकेशन जारी करते हुए इसके संबंध में सूचना दी गई है। पहली बड़ी राहत तो यह दी गई है कि फोटो अपलोड करने की अंतिम तिथि 7 से बढ़ाकर 15 जनवरी कर दी गई है। इसके अलावा फोटो के वेलिडेशन अथॉरिटी को लेकर भी कई विकल्प दे दिए गए हैं। जेईई-मेन जनवरी की परीक्षा 21 से 30 जनवरी के मध्य होनी है। फोटो यूआईडीएआई से मेल नहीं खा रहे हैंकॅरियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया- एनटीए की ओर से नोटिफिकेशन जारी कर स्पष्ट किया गया है कि जिन स्टूडेंट्स ने आधार के अलावा अन्य आइडेंटिटी प्रूफ का इस्तेमाल फॉर्म भरने में किया था, उनमें से कई फार्म ऐसे हैं, जिनके फोटो यूआईडीएआई से मेल नहीं खा रहे हैं। इन स्टूडेंट्स को ई-मेल के जरिए फोटो आइडेंटिफिकेशन की प्रक्रिया को पुनः प्रमाणित करने के लिए कहा गया है। अंतिम तिथि को बढ़ाकर 15 जनवरी कर दिया गयापूर्व में यह प्रक्रिया 7 जनवरी तक पूरी करनी थी, लेकिन स्टूडेंट्स का कहना था कि इस तिथि तक एनटीए की ओर से अधिकृत प्रिंसिपल या हेडमास्टर्स की उपलब्धता नहीं थी। ऐसे में एनटीए की ओर से अंतिम तिथि को बढ़ाकर 15 जनवरी कर दिया गया है तथा विकल्प के तौर पर अब स्टूडेंट्स अपने फोटो को किसी भी गैजेटेड ऑफिसर, रेवेन्यू ऑफिसर, क्लास-1 ऑफिसर, एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार से प्रमाणित करवाकर अपलोड कर सकते हैं। परीक्षा में 14.10 लाख विद्यार्थी पंजीकृतजेईई मेन जिसके लिए इस वर्ष सर्वाधिक 14.10 लाख विद्यार्थी पंजीकृत हुए हैं, एनटीए द्वारा ऐसे विद्यार्थी जिन्होंने आवेदन के समय डीजी लॉकर, पैन कार्ड एवं पासपोर्ट से आवेदन किया है, इनमें से कई विद्यार्थियों के फोटो की डिटेल लाइव कैप्चर फोटो की डिटेल्स से नहीं मिल रही थी। इस स्थिति में ही यह ई-मेल जारी किया गया। अब स्टूडेंट्स संबंधित अधिकारी से सर्टिफाइड फोटो को अपने लॉगइन पोर्टल पर अपलोड कर एनटीए को भेजना होगा।
कटनी जिले के बड़वारा विकासखंड अंतर्गत बसारी संकुल में शिक्षा विभाग के भीतर करोड़ों रुपए के अर्जित अवकाश (Earned Leave) घोटाले का मामला गरमा गया है। ग्राम रोहनिया निवासी राघवेंद्र सिंह ने इस संबंध में कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता राघवेंद्र सिंह का सीधा आरोप है कि बसारी संकुल के प्राचार्य जवाहर लाल बुनकर, सहायक ग्रेड-3 राजकमल बंशकार और बीईओ कार्यालय के बाबू नरेंद्र चौधरी ने आपस में मिलीभगत कर इस गड़बड़ी को अंजाम दिया है। आरोप है कि बिना किसी ठोस आधार और सक्षम अधिकारी की अनुमति के, अपात्र शिक्षकों के बैंक खातों में अर्जित अवकाश के बदले नकद राशि का भुगतान कर दिया गया। 10 साल से पैरालिसिस के मरीज के नाम पर भी निकाली राशि शिकायत में चौंकाने वाला खुलासा किया गया है। बसारी संकुल में पदस्थ रहे स्वर्गीय नारायण सिंह मरावी, जो पिछले 10 वर्षों से पैरालिसिस (लकवा) से ग्रसित थे, उनके नाम पर भी अर्जित अवकाश की राशि निकाली गई। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि जो शिक्षक शारीरिक अक्षमता के कारण स्कूल आने और कार्य करने में ही असमर्थ थे, उन्हें ग्रीष्मकालीन अवकाश में कार्य करने के बदले मिलने वाले 'अर्जित अवकाश' का लाभ आखिर कैसे दिया जा सकता है? नियमों को दरकिनार कर निकाली गई राशि शिकायत पत्र में वित्त विभाग के ज्ञापन (13/08/2008) और लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) भोपाल के पत्र (20/04/2016) का हवाला दिया गया है। इन नियमों के अनुसार, एक साल में 15 दिनों के अर्जित अवकाश की मंजूरी देने के लिए केवल जिला कलेक्टर ही सक्षम अधिकारी हैं। आरोप है कि बसारी संकुल में कलेक्टर की अनुमति और उपयोगिता प्रमाण पत्र के बिना ही गुपचुप तरीके से सरकारी खजाने से करोड़ों रुपए निकाले गए हैं।
इंदौर के पालदा क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर एक स्क्रैप फैक्ट्री के गोदाम में भीषण आग लग गई, जिससे इलाके में काले धुएं का गुबार फैल गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फायर ब्रिगेड अधिकारियों के अनुसार यह आग समता नगर स्थित नसबी मोहम्मद समीर के गोदाम में लगी थी। आग बुझाने के लिए करीब 10 हजार लीटर पानी और 10 हजार लीटर फोम का उपयोग किया गया। आसपास अतिक्रमण होने के कारण दमकल वाहनों को मौके तक पहुंचने और आग बुझाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आग के कारण क्षेत्र में कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। दमकल को आईं भारी दिक्कतें फायर ब्रिगेड कर्मचारियों के मुताबिक इलाके में अवैध अतिक्रमण के कारण सड़क काफी संकरी हो गई थी, जिससे दमकल वाहनों को गोदाम तक पहुंचने में भारी परेशानी हुई। शुरुआत में बाहर से ही पाइप डालकर आग बुझाने की कोशिश की गई, लेकिन काफी मशक्कत के बाद रास्ते से गाड़ियां हटाकर एक दमकल वाहन को अंदर भेजा जा सका। इसी वजह से आग पर काबू पाने में काफी देर लग गई। 20 फीट की सड़क पर 7 फीट अतिक्रमण यहां की सड़क की कुल चौड़ाई करीब 20 फीट है, लेकिन स्थानीय रहवासियों द्वारा लगभग 7 फीट हिस्से पर अवैध अतिक्रमण कर लिया गया है। व्यापारियों का कहना है कि यह पूरा इलाका इंडस्ट्रियल एरिया है, जहां करीब 60 से 70 फैक्ट्रियां संचालित हैं और 2 से 3 हजार कर्मचारी काम करते हैं। अतिक्रमण के कारण ट्रक और अन्य भारी वाहनों को फैक्ट्री और गोदाम तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। व्यापारियों के अनुसार, इस समस्या को लेकर पहले भी नगर निगम को लिखित शिकायतें दी गई हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। तस्वीरों में देखे आगजनी की घटना
नगर निगम जोधपुर की तरफ से आज अतिक्रमण हटवाने की कार्रवाई की गई। निगम की तरफ से करवाए जा रहे टाइल्स ब्लॉक कार्य में बाधक बन रहे अतिक्रमण को आयुक्त सिद्धार्थ पालानीचामी के निर्देश पर हटाया गया। निगम के दस्ते ने न्यू कैम्पस परिसर से मंडी मोड़, पाली रोड तक अतिक्रमण हटाए। यहां पर सर्विस रोड पर लम्बे समय से अतिक्रमण हो रखा था। यहां पर लोग झोपड़ी लगाकर खिलौने, टेडीबियर, कंबल, प्लास्टिक के सामान, बर्तन आदि बेच रहे थे। इसके साथ ही ठेले लगाकर व्यापार कर रहे थे। निगम के दस्ते ने इस अतिक्रमण को हटाया गया। ठेले किया जब्त कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने कुछ से भी अपना सामान हटा लिया। वहीं सामान नहीं हटने वालों के ठेले निगम के दस्ते ने जब्त किया। कार्रवाई के दौरान रजनीश बारासा , जोन सहायक प्रभारी सुरेश हंस, विक्रम पंडित , महेंद्र आदि मौजूद रहे। गौरतलब है कि निगम की तरफ से लगातार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। निगम का दस्ता विभिन्न इलाकों में अतिक्रमण हटा रहा है।
बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला, लोकपरंपराओं और विरासत के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से ‘बस्तर पंडुम’ का आयोजन इस साल भी किया जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और गृहमंत्री अमित शाह भी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी के आशीर्वाद के साथ मंदिर प्रांगण में बस्तर पंडुम का लोगो और थीम सॉन्ग लॉन्च किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि, बस्तर पंडुम, बस्तर की असली आत्मा और सांस्कृतिक विरासत का सशक्त मंच है। आज मां दंतेश्वरी के इस पावन प्रांगण से बस्तर पंडुम-2026 का शुभारंभ हो रहा है। यहां बस्तर पंडुम-2026 का लोगो और थीम सॉन्ग का विमोचन किया है। बस्तर पंडुम सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि बस्तर की आत्मा है। सीएम साय ने कहा- हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक-परंपराओं, कला और विरासत का मंच है। छत्तीसगढ़ की असली पहचान हमारी आदिवासी परंपराओं में है। हम नृत्य, गीत, शिल्प, व्यंजन, वन-औषधि और देवगुड़ियों के जरिए इन परंपराओं और संस्कृति को जीते हैं। उन्होंने कहा कि, पिछले साल हमने बस्तर पंडुम की शुरुआत की थी, तब समापन अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी हम सबके बीच आए थे। इस बार हम राष्ट्रपति, केंद्रीय गृहमंत्री और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री समेत भारत में नियुक्त विभिन्न देशों के राजदूतों को आमंत्रित कर रहे हैं। पिछली बार बस्तर पंडुम को लेकर हमारे बस्तरवासियों का जोश, उत्साह खूब देखने को मिला। इस बार हम इसे और भव्य बना रहे हैं ताकि यहां की धरोहर राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर पहचान बना पाए। इस बार बस्तर पंडुम की प्रतिस्पर्धा में विधाओं की संख्या सात से बढ़ाकर 12 की गई है। बस्तर पंडुम प्रतियोगिता तीन चरणों में होगा मुख्यमंत्री ने कहा- इसमें जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा, आभूषण, पूजा-पद्धति तो होगी ही, इसके साथ ही शिल्प, चित्रकला, पारंपरिक व्यंजन-पेय, आंचलिक साहित्य और वन-औषधि को शामिल किया गया है। इस बार बस्तर पंडुम प्रतियोगिता का आयोजन तीन चरणों में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का संकल्प है कि बस्तर की संस्कृति को सहेजते हुए नई पीढ़ी तक पहुंचाएं। बस्तर अब केवल संस्कृति का केंद्र नहीं, शांति, समृद्धि और पर्यटन के माध्यम से विकास का भी प्रतीक बनेगा। इस तारीख को होगा बस्तर पंडुम बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन 10 जनवरी 2026 से 5 फरवरी 2026 तक तीन चरणों में प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत बस्तर संभाग में 10 से 20 जनवरी तक जनपद स्तरीय कार्यक्रम, 24 से 29 जनवरी तक जिला स्तरीय कार्यक्रम और 2 से 6 फरवरी तक संभाग स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस वर्ष बस्तर पंडुम में विधाओं की संख्या 7 से बढ़ाकर 12 की जा रही है। बस्तर पंडुम में दिखेगी जनजातीय कला की पूरी झलक जिन विधाओं में प्रदर्शन और प्रतियोगिताएं होंगी, उनमें बस्तर जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा एवं आभूषण, पूजा-पद्धति, शिल्प, चित्रकला, जनजातीय पेय पदार्थ, पारंपरिक व्यंजन, आंचलिक साहित्य और वन-औषधि प्रमुख हैं। इस बार के बस्तर पंडुम में विशेष रूप से भारत के विभिन्न देशों में कार्यरत भारतीय राजदूतों को आमंत्रित किए जाने पर भी चर्चा हुई, ताकि उन्हें बस्तर की अद्वितीय सांस्कृतिक धरोहर, परंपराओं और जनजातीय जीवन से अवगत कराया जा सके।
गाजियाबाद में प्रेमी-प्रेमिका के साथ मारपीट के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस आज मोदीनगर पहुंची। पुलिस के पहुंचने की सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों के करीब 70-80 कार्यकर्ता थाना में पहुंच गए। नारेबाजी करते हुए उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया और बाद में थाना परिसर में ही धरने पर बैठ गए। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं का कहना है कि पुलिस हिंदू कार्यकर्ताओं को बेवजह परेशान कर रही है और एकतरफा कार्रवाई की जा रही है। 30 दिसंबर को मोदीनगर के एक रेस्टोरेंट में बैठे एक युवक और युवती के साथ अभद्र व्यवहार, मारपीट और गाली-गलौच का वीडियो सामने आया था। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रेमी-प्रेमिका के साथ जमकर मारपीट की। युवती को अर्धनग्न हालत में ही गालियां दी और मारा-पीटा। वीडियो वायरल होने के बाद देर रात मोदीनगर थाने के दरोगा की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट और गाली-गलौच की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। हालांकि, उस समय पुलिस ने बताया था कि यह वीडियो करीब दो महीने पुराना है, जिसकी जांच की जा रही है। अब देखिए रेस्टोरेंट के अंदर मारपीट की तस्वीरें अब पढ़िए वीडियो में जो कुछ दिख रहा था 1 मिनट 37 सेकेंड का यह वीडियो मोदीनगर में मेरठ रोड स्थित क्लासिक पिज्जा होटल का था। वीडियो में बहुत से लोग रेस्टोरेंट में बैठे दिखाई दे रहे थे, तभी 6-7 लोग रेस्टोरेंट के अंदर आते हैं और एक कमरे का दरवाजा खोलते हैं। कमरे के अंदर से वो लोग एक युवक को शर्ट का कालर पकड़कर बाहर निकालते हैं। फिर उसे 3-4 थप्पड़ मारते हैं। इसके बाद 2-3 लोग कमरे से आपत्तिजनक हालत में लड़की को बाहर निकालते हैं। इस बीच युवक लड़की को अंदर करने और छिपाने की कोशिश करता रहता है। युवक कहता है- भैया क्या कर रहे हो, मैं हिंदू हूं...इसके बाद कुछ लोग लड़की से कपड़े पहनकर बाहर आने को कहते हैं। लड़की अंदर जाकर कमरे का दरवाजा बंद कर लेती है। इस बीच युवक उन लोगों से माफी मांगने लगता है। लेकिन, वो लोग युवक को लगातार थप्पड़ मारते रहे। वो युवक से बार-बार उसका नाम पूछकर पीटते रहे। युवक ने कहा- भैया मैं आप लोगों को जानता हूं। मैं हिंदू हूं। मेरा नाम लक्ष्य है। मुझे छोड़ दो। रिषभ भैया रुक जाओ, मत मारो। लेकिन हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता लगातार युवक को पीटते रहते हैं। वीडियो में कोई भी गर्म कपड़े पहने हुए नहीं दिख रहा। इसके चलते वीडियो पुराना बताया जा रहा है। युवक भी मोदीनगर क्षेत्र के पास के गांव का रहने वाला बताया गया है। मोदीनगर थाना प्रभारी आनंद प्रकाश मिश्रा ने कहा- दो दिन पहले एक वीडियो के संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही है। आज कुछ लोग थाने में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर आए थे, जिन्हें समझाया गया कि पूरे मामले में तथ्यों के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी और किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। --------------- ये भी पढ़ें- यूपी में BJP विधायक की मौत, मीटिंग में आया हार्टअटैक:डॉ. श्याम बिहारी ने कल बर्थडे मनाया था, मंत्री के साथ सर्किट हाउस में थे यूपी के बरेली में भाजपा विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल की शुक्रवार को अचानक मौत हो गई। विधायक श्याम बिहारी सर्किट हाउस में थे। पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह मीटिंग ले रहे थे। दोपहर करीब सवा 2 बजे अचानक विधायक की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सीने में तेज दर्द उठा। वे सीना पकड़कर बैठ गए। पसीना छूटने लगा। यह देख मीटिंग में अफरा-तफरी मच गई। पढ़िए पूरी खबर...
MCB में रजत जयंती चावल उत्सव शुरू:9 जनवरी तक चलेगा जनकल्याण का महाअभियान, जनप्रतिनिधि भी शामिल
एमसीबी जिले में छत्तीसगढ़ राज्य गठन की रजत जयंती के अवसर पर 'रजत जयंती चावल उत्सव' का शुभारंभ 2 जनवरी को हुआ। यह उत्सव 9 जनवरी तक पूरे जिले में आयोजित किया जाएगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग इस अवधि को विभागीय गतिविधियों के विशेष सप्ताह के रूप में मना रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला खाद्य अधिकारी और समस्त खाद्य निरीक्षकों की उपस्थिति में किया गया। इसमें जिले के कई जनप्रतिनिधि भी विशेष रूप से शामिल हुए। उत्सव के दौरान सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, निगरानी समिति के सदस्यों, दुकान संचालकों और बड़ी संख्या में हितग्राहियों की सहभागिता रही। इस उत्सव के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनहितकारी बनाने का संदेश दिया गया। विशेष सप्ताह के तहत शेष राशन कार्ड धारियों और हितग्राहियों की ई-केवाईसी पूर्ण कराने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने का उद्देश्य इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र हितग्राही योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त कर सकें। इसके अलावा सभी उचित मूल्य दुकानों को सूचना बोर्ड, स्टॉक पंजी, वितरण पंजी और चावल उत्सव पंजी को अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि रिकॉर्ड संधारण में पारदर्शिता बनी रहे। बैनर और मुनादी के माध्यम से प्रचार-प्रसार रजत जयंती चावल उत्सव के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए निर्धारित प्रारूप में बैनर प्रिंट कर समस्त उचित मूल्य दुकानों में प्रदर्शित किए गए हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर मुनादी के माध्यम से भी आमजन को जानकारी दी जा रही है। फोटोग्राफ संकलन और रिपोर्टिंग के निर्देश आयोजन से संबंधित सभी गतिविधियों के फोटोग्राफ संकलित कर विभागीय कार्यालय को भेजने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। इस प्रकार, एमसीबी जिले में यह उत्सव शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से एक जनउत्सव के रूप में मनाया जा रहा है।
रोहतक-पानीपत नेशनल हाईवे पर डाहर टोल प्लाजा के पास शुक्रवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। राजकीय कॉलेज जा रहा इसराना निवासी छात्र प्रीतम सिंह चलती हरियाणा रोडवेज की बस से अचानक नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। गनीमत यह रही कि बस के पीछे कोई तेज रफ्तार वाहन नहीं था, अन्यथा परिणाम घातक हो सकते थे। इस घटना ने एक बार फिर रोडवेज बसों में क्षमता से अधिक सवारियां भरने और दरवाजों पर खड़े होकर सफर करने के खतरों को उजागर किया है। पुलिस और प्रशासन अक्सर यात्रियों से अपील करते हैं कि वे भीड़भाड़ वाली बसों में गेट पर खड़े होकर अपनी जान जोखिम में न डालें। भीड़ बनी हादसे का कारण जानकारी के अनुसार, इसराना निवासी प्रीतम सिंह रोहतक से पानीपत जा रही हरियाणा रोडवेज की बस में सवार था। बस में सवारियों की भारी भीड़ होने के कारण उसे बैठने की जगह नहीं मिली और वह दरवाजे (खिड़की) के पास खड़ा होकर सफर कर रहा था। डाहर टोल प्लाजा पार करते ही अचानक पैर फिसलने से वह असंतुलित होकर सड़क पर जा गिरा। टोल कर्मचारियों ने पहुँचाया अस्पताल सड़क पर गिरते ही छात्र बेहोश हो गया। हादसे को देख टोल प्लाजा पर तैनात कर्मचारी तुरंत हरकत में आए और अपनी एंबुलेंस की मदद से घायल छात्र को इसराना स्थित एनसी मेडिकल कॉलेज (NC Medical College) पहुँचाया। सूचना मिलते ही परिजन भी अस्पताल पहुँच गए। प्राथमिक उपचार के बाद छात्र की हालत में सुधार को देखते हुए परिजन उसे घर ले गए हैं।
भोपाल में 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर लोकल हॉलिडे हो सकता है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने प्रस्ताव सरकार को भेजा है। यदि प्रस्ताव मंजूर होता है तो 30 हजार से अधिक सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। कलेक्टर सिंह ने मकर संक्रांति के अलावा 25 सितंबर को अनंत चर्तुदशी, 19 अक्टूबर को महानवमीं और भोपाल गैस त्रासदी बरसी दिवस (केवल भोपाल शहर के लिए) पर 3 दिसंबर को भी स्थानीय अवकाश का प्रस्ताव शासन को भेजा है। भोपाल में साल भर में 4 अवकाश भोपाल में सालभर में कुल 4 लोकल हॉलिडे रहते हैं। साल 2025 में मकर संक्रांति पर 14 जनवरी, रंगपंचमी पर 19 मार्च, गणेश चतुर्थी पर 27 अगस्त और भोपाल गैस त्रासदी बरसी दिवस पर (केवल भोपाल शहर के लिए) 3 दिसंबर को स्थानीय अवकाश घोषित किए गए थे। इस बार रंगपंचमी-गणेश चतुर्थी की जगह अनंत चर्तुदशी और महानवमीं पर अवकाश घोषित करने का प्रस्ताव है। हालांकि, पिछले साल महानवमीं 1 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में सरकार ने स्थानीय अवकाश घोषित कर दिया था। इसके चलते एक अवकाश बच गया था। लगातार छुटि्टयां मिलेंगीमकर संक्रांति बुधवार को है, लेकिन अनंत चर्तुदशी शुक्रवार को आएगी। वहीं, महानवमीं सोमवार को है। ऐसे में स्थानीय अवकाश होने से कर्मचारियों को लगातार तीन दिन की छुट्टी मिल जाएगी।
राजनांदगांव में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से 1 जनवरी को 36वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ किया गया। एसपी अंकिता शर्मा ने यातायात शाखा प्रांगण में एक प्रदर्शनी के साथ कार्यक्रम का उद्घाटन किया। नक्सल ऑपरेशन के एडिशनल एसपी मुकेश ठाकुर ने यातायात सुरक्षा प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में यातायात के आधुनिक मॉडल, सड़क सुरक्षा उपकरण और दुर्घटना नियंत्रण से संबंधित प्रचार सामग्री प्रदर्शित की गई। उन्होंने मौजूद लोगों को पाम्पलेट और पोस्टर बांटकर सुरक्षित ड्राइविंग का संदेश दिया। 31 जनवरी तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का आयोजन राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 1 जनवरी से 31 जनवरी तक संचालित होगा। इस एक माह के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों में जन जागरूकता अभियान शामिल है। गुड सेमेरिटन और सड़क सुरक्षा मितान को प्रशिक्षण जिसके तहत नुक्कड़ नाटकों और हेलमेट रैली के माध्यम से चौक-चौराहों पर लोगों को जागरूक किया जाएगा। 'गुड सेमेरिटन' (नेक मददगार) और 'सड़क सुरक्षा मितान' को प्राथमिक चिकित्सा का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। वाहन चालकों के लिए नेत्र परीक्षण एवं सामान्य स्वास्थ्य जांच शिविरों का आयोजन होगा। यातायात नियम तोड़ने वालों पर सख्ती इसके अलावा स्कूलों और कॉलेजों में जाकर छात्रों को यातायात नियमों की जानकारी दी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। शराब पीकर वाहन चलाने, ओवर स्पीडिंग, मोबाइल का उपयोग करने और मालवाहक वाहनों में यात्री बैठाने वालों के विरुद्ध समझाइश और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने अपील की है कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। नागरिकों से हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग कर सुरक्षित सफर सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया।
दुर्ग जिले में यातायात पुलिस द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सुरक्षा अभियान के तहत वर्ष 2025 में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। लगातार चेकिंग, सख्त चालानी कार्रवाई और ब्लैक स्पॉट पर सुधार कार्यों के कारण यह अभियान बेहद प्रभावी साबित हुआ। अभियान के तहत, दुर्ग यातायात पुलिस ने वर्ष 2025 (जनवरी से दिसंबर) के दौरान कुल 1 लाख 22 हजार चालानी कार्रवाई की। यह आंकड़ा वर्ष 2024 में काटे गए 60,215 चालानों की तुलना में लगभग दोगुना है। पुलिस ने ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर सख्ती से कार्रवाई की। चालानी से 2025 में पुलिस को मिला 3.83 करोड़ रुपए वर्ष 2025 में चालानी कार्रवाई से यातायात पुलिस दुर्ग को कुल 3 करोड़ 83 लाख 61 हजार 900 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। यह राशि वर्ष 2024 के 1 करोड़ 97 लाख 14 हजार रुपए के राजस्व से लगभग दोगुनी है। ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों में न्यायालय द्वारा 1 करोड़ 39 लाख 99 हजार 800 रुपए का अर्थदंड लगाया गया। पुलिस के अनुसार, यह राजस्व वसूली से अधिक लापरवाह ड्राइविंग पर अंकुश लगाने का एक प्रभावी माध्यम है। पुलिस का ड्रिंक एंड ड्राइव पर खास जोर यातायात पुलिस ने सड़क हादसों के प्रमुख कारण 'ड्रिंक एंड ड्राइव' पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। वर्ष 2025 में, 1370 ड्रिंक एंड ड्राइव के मामले दर्ज किए गए, जिनमें कई वाहन जब्त कर सीधे न्यायालय भेजे गए। इस सख्ती से नशे में वाहन चलाने की प्रवृत्ति में कमी आई और रात के समय होने वाले हादसों पर नियंत्रण हो सका। ऑपरेशन सुरक्षा के दौरान रोजमर्रा की लापरवाही पर भी सख्त कार्रवाई की गई। वर्ष 2025 में किए गए प्रमुख चालान इस प्रकार हैं: बिना हेलमेट वाहन चलाने पर : 20,235 चालानबिना सीट बेल्ट : 7,238 चालान रैश ड्राइविंग : 1,685 प्रकरण काली फिल्म : 181 प्रकरण मालवाहक वाहन में सवारी : 378 प्रकरण अन्य यातायात उल्लंघन : 90,913 मामले इन आंकड़ों से साफ है कि पुलिस ने हर स्तर पर नियमों के पालन को प्राथमिकता दी। ब्लैक स्पॉट पर बड़ा सुधार, मौतों में भारी गिरावट ऑपरेशन सुरक्षा का सबसे बड़ा सकारात्मक परिणाम दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक और ग्रे स्पॉट) पर देखने को मिला। आंकड़ों के अनुसार:- वर्ष 2024 में ब्लैक स्पॉट पर 23 लोगों की मौत- वर्ष 2025 में ब्लैक स्पॉट पर सिर्फ 3 मौतें- सड़क इंजीनियरिंग सुधार, साइन बोर्ड, स्पीड ब्रेकर और लगातार निगरानी ने इन इलाकों को काफी हद तक सुरक्षित बनाया। नववर्ष पर सख्त पहरा, एक भी सड़क हादसा नहीं 31 दिसंबर 2025 और 1 जनवरी 2026 को नववर्ष के मद्देनज़र दुर्ग जिले में विशेष पेट्रोलिंग और चेकिंग अभियान चलाया गया। बैरिकेडिंग कर संदिग्ध और नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों की जांच की गई। इस दौरान:बिना हेलमेट : 165ड्रिंक एंड ड्राइव : 31रैश ड्राइविंग : 14बिना सीट बेल्ट : 38ओवर स्पीडिंग : 25कुल चालान : 366कुल समन शुल्क : ₹86,400 सबसे अहम बात यह रही कि इन दो दिनों में जिले में एक भी सड़क दुर्घटना दर्ज नहीं हुई। पुलिस की अपील: नियम पालन ही सबसे बड़ी सुरक्षायातायात पुलिस दुर्ग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं, गति सीमा का पालन करें और यातायात नियमों का सम्मान करें।

