पूर्व IPS काम्या मिश्रा और SP अवधेश दीक्षित ने गरीब बच्चों संग मनाई दीपावली
रोशनी और खुशियों के पावन पर्व दीपावली के अवसर पर हर कोई अपने परिवार और अपनों के साथ खुशियां बांटता है, लेकिन कुछ लोग समाज के उन वर्गों के चेहरे पर मुस्कान लाने की कोशिश करते हैं जिनकी सुध लेने वाला कोई नहीं होता। बिहार की चर्चित पूर्व आईपीएस अधिकारी काम्या मिश्रा (Kamya Mishra) और उनके पति मुजफ्फरपुर के सिटी एसपी अवधेश सरोज (IPS Awadhesh Dixit) ने इस दीवाली कुछ ऐसा ही मिसाल पेश की है। पूर्व आईपीएस काम्या मिश्रा ने अपने पति आईपीएस अवधेश दीक्षित के साथ मिलकर झुग्गी-झोपड़ियों और सड़कों के किनारे रहने वाले गरीब व जरूरतमंद बच्चों के बीच जाकर दीपावली का त्योहार मनाया। उन्होंने बच्चों को कपड़े, पटाखे, मिठाइयां और ढेरों गिफ्ट्स बांटे। इस खूबसूरत पल का एक भावुक वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर सामने आया, उसने लाखों लोगों का दिल जीत लिया और देखते ही देखते यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गया।#1. पूर्व IPS काम्या मिश्रा और पति SP अवधेश दीक्षित की अनोखी पहल: जब झुग्गियों में पहुंचे खाकी के रखवालेअपनी सख्त प्रशासनिक छवि और पुलिसिंग के लिए पहचाने जाने वाले इस चर्चित आईपीएस दंपत्ति का एक बेहद संवेदनशील और दयालु रूप इस दीपावली पर देखने को मिला। पूर्व आईपीएस काम्या मिश्रा और उनके पति मुजफ्फरपुर के सिटी एसपी अवधेश दीक्षित त्योहार के दिन किसी बड़े होटल या वीआईपी जश्न में जाने के बजाय सीधे शहर की तंग बस्तियों और गरीब बस्तियों में पहुंचे। उनके हाथों में मिठाइयों के डिब्बे, नए कपड़े, पटाखे और खिलौनों से भरे गिफ्ट पैकेट्स थे। जैसे ही अधिकारियों की गाड़ी बस्तियों के पास रुकी, वहां मौजूद छोटे-छोटे बच्चे खुशी से झूम उठे। दोनों अधिकारियों ने बेहद आत्मीयता से बच्चों को अपने पास बैठाया, उनसे बातें की और अपने हाथों से उन्हें दीपावली के तोहफे भेंट किए।#1. 'दिल छू जाएगा यह मंजर': सोशल मीडिया पर वायरल हुआ गिफ्ट बांटने का भावुक वीडियोपूर्व आईपीएस काम्या मिश्रा ने इस खास पल का एक खूबसूरत वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे बिना किसी प्रोटोकॉल और प्रशासनिक तड़क-भड़क के, दोनों अधिकारी जमीन पर बैठकर बच्चों के साथ बातें कर रहे हैं और उनके साथ तस्वीरें खिंचवा रहे हैं। नए कपड़े और पटाखे पाकर मासूम बच्चों के चेहरों पर जो निश्छल मुस्कान और आंखों में जो चमक नजर आ रही है, उसने हर किसी को भावुक कर दिया। वीडियो के बैकग्राउंड में बज रहे मधुर संगीत और बच्चों की खिलखिलाहट ने इस पल को और भी खास बना दिया। सोशल मीडिया पर यूजर इस वीडियो को बार-बार देख रहे हैं और आईपीएस दंपत्ति के इस कदम की खुले दिल से प्रशंसा कर रहे हैं।#1. नौकरी छोड़ने के बाद भी जनसेवा में जुटी हैं काम्या मिश्रा: जानिए क्यों चर्चा में रहती हैं यह पूर्व IPSओडिशा की रहने वाली और 2019 बैच की तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी काम्या मिश्रा ने बेहद कम उम्र में सिविल सेवा परीक्षा पास कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। बिहार कैडर में सेवाएं देते हुए उन्होंने कई बड़े आपराधिक मामलों का खुलासा किया और अपनी सख्त पुलिसिंग के लिए लोकप्रिय हुईं। हालांकि, हाल ही में उन्होंने अपने व्यक्तिगत कारणों और पारिवारिक जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए आईपीएस के पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे सरकार ने मंजूर कर लिया। नौकरी छोड़ने के बावजूद काम्या मिश्रा लगातार सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं और जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा आगे रहती हैं। उनके पति अवधेश दीक्षित भी बिहार कैडर के काबिल आईपीएस अधिकारी हैं जो वर्तमान में मुजफ्फरपुर में तैनात हैं।#1. समाज के लिए मिसाल बनी यह पहल: नेटिजन्स ने कहा- 'असली दीवाली इसी को कहते हैं'आईपीएस दंपत्ति द्वारा गरीब बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाने की इस कोशिश की चारों तरफ तारीफ हो रही है। इंटरनेट पर आम लोगों के साथ-साथ कई बड़ी हस्तियों ने भी इस वीडियो को री-पोस्ट करते हुए लिखा कि असली मायनों में दीपावली का त्योहार तभी सार्थक होता है जब हम किसी अंधेरे घर में खुशियों का दिया जलाते हैं। सोशल मीडिया यूजर्स कमेंट कर रहे हैं कि काम्या मिश्रा और अवधेश सरोज ने साबित कर दिया कि खाकी वर्दी के पीछे एक बेहद संवेदनशील दिल धड़कता है। इस पहल ने न केवल उन बच्चों की दीवाली रोशन कर दी, बल्कि समाज के अन्य समर्थ लोगों को भी गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने का एक बड़ा संदेश दिया है।
भगवान श्रीकृष्ण पर टिप्पणी कर विवादों में घिरे बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री
मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध सिद्ध पीठ बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने बयानों को लेकर एक बार फिर से देश भर में सुर्खियों और विवादों के केंद्र में आ गए हैं। इस बार उनकी एक कथित टिप्पणी को लेकर बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव (राजेश रंजन) ने उनके खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। धीरेंद्र शास्त्री द्वारा भगवान श्री कृष्ण और सनातन आस्था से जुड़े प्रसंगों पर दिए गए एक बयान को भगवान कृष्ण का घोर अपमान बताते हुए सांसद पप्पू यादव ने उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और अदालत में मुकदमा दर्ज कराने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। पप्पू यादव के इस आक्रामक रुख के बाद बिहार और मध्य प्रदेश की राजनीति से लेकर धार्मिक संगठनों के बीच भारी बयानबाजी शुरू हो गई है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला और क्यों बढ़ा यह नया विवाद।#1. क्या है पूरा मामला? जानिए धीरेंद्र शास्त्री के किस बयान पर भड़के सांसद पप्पू यादवपूरे विवाद की शुरुआत मध्य प्रदेश के बागेश्वर धाम में कथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा दिए गए उस बयान से हुई, जिसमें उन्होंने भगवान श्री कृष्ण और रासलीला या उनके जीवन के प्रसंगों का जिक्र करते हुए कुछ ऐसी टिप्पणी कर दी, जिसे लेकर यादव समाज और सनातन धर्म के कई समर्थकों ने आपत्ति जताई है। बयान का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर इसकी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने इस बयान को भगवान श्री कृष्ण की गरिमा और देश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर सीधा हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के नाम पर पाखंड फैलाने वाले ऐसे कथावाचकों को भगवान के अपमान की इजाजत बिल्कुल नहीं दी जा सकती।#1. धीरेंद्र शास्त्री पर मुकदमा करेंगे पप्पू यादव: दी सख्त चेतावनी और कानूनी कार्रवाई का ऐलानमीडिया से बातचीत करते हुए सांसद पप्पू यादव ने बेहद तल्ख तेवरों में कहा कि वे धीरेंद्र शास्त्री के इस कृत्य को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे और जल्द ही उनके खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने तथा समाज में वैमनस्य फैलाने की धाराओं के तहत कोर्ट में एफआईआर दर्ज कराएंगे। पप्पू यादव ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण पूरी दुनिया के आराध्य और मर्यादा के प्रतीक हैं। धीरेंद्र शास्त्री अपने आपको कानून और भगवान से ऊपर समझने की भूल न करें। वे धर्म के नाम पर दुकानदारी चला रहे हैं और रोज नए-नए अनर्गल बयान देकर टीआरपी हासिल करने की कोशिश करते हैं। पप्पू यादव ने यह भी मांग की कि ऐसे बाबाओं की बयानबाजी पर तुरंत रोक लगनी चाहिए और उनके खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई होनी चाहिए।#1. धीरेंद्र शास्त्री और पप्पू यादव के बीच पहले भी हो चुकी है जुबानी जंगयह पहला मौका नहीं है जब पूर्णिया सांसद पप्पू यादव और बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के बीच ठनी हो। इससे पहले भी जब पंडित धीरेंद्र शास्त्री बिहार के पटना में हनुमंत कथा करने आए थे, तब भी पप्पू यादव ने उनके बयानों और 'हिंदू राष्ट्र' वाले एजेंडे पर जोरदार हमला बोला था। उस दौरान भी दोनों पक्षों की ओर से काफी तीखी बयानबाजी हुई थी। अब भगवान श्री कृष्ण पर टिप्पणी का मुद्दा सामने आने के बाद यह पुरानी अदावत एक बार फिर से भड़क उठी है। पप्पू यादव के समर्थकों का कहना है कि वे इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।#1. विवाद पर संत समाज और प्रशंसकों की प्रतिक्रिया: सोशल मीडिया पर छिड़ी जंगधीरेंद्र शास्त्री के इस बयान और पप्पू यादव द्वारा मुकदमा करने की घोषणा के बाद इंटरनेट पर समर्थकों और विरोधियों के बीच जंग छिड़ गई है। एक तरफ जहां पप्पू यादव के समर्थक और कई सामाजिक संगठन भगवान श्री कृष्ण पर अमर्यादित टिप्पणी करने के लिए धीरेंद्र शास्त्री से सार्वजनिक माफी की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बागेश्वर धाम के अनुयायी और धीरेंद्र शास्त्री के प्रशंसक इसे राजनीति से प्रेरित हमला बता रहे हैं। समर्थकों का तर्क है कि महाराज जी के बयान को संदर्भ से काटकर पेश किया जा रहा है और उनका उद्देश्य किसी की भावनाएं आहत करना नहीं था। बहरहाल, पप्पू यादव के इस कानूनी कदम के ऐलान ने बिहार और मध्य प्रदेश की सियासत में नया उबाल ला दिया है।
हापुड़ में पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनाने और जमा करने की जानकारी देने के लिए 5 नवंबर 2026 को प्रशिक्षण शिविर लगेगा। शिविर सुबह 11:30 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में शुरू होगा। जिला प्रशासन ने पेंशनरों को डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र की प्रक्रिया समझाने के लिए अभियान शुरू किया है। शिविर में ऑनलाइन माध्यम से प्रमाणपत्र जमा करने की जानकारी दी जाएगी। जिलाधिकारी के निर्देश पर जीवन प्रमाण पोर्टल, उमंग ऐप, डोरस्टेप बैंकिंग और पोस्ट ऑफिस के जरिए प्रमाणपत्र जमा करने की सुविधा दी गई है। पेंशनर घर बैठे या नजदीकी तय केंद्रों पर जाकर यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। वरिष्ठ कोषाधिकारी हापुड़ को अभियान का नोडल अधिकारी बनाया गया है। लीड बैंक मैनेजर हापुड़ और उप डाकपाल हापुड़ सहायक नोडल अधिकारी होंगे। संबंधित अधिकारियों को अपने विभागों की टीमें बनाने के निर्देश दिए गए हैं। तहसील, ब्लॉक और नगर पंचायत स्तर पर भी कैंप और प्रशिक्षण शिविर लगाने को कहा गया है। अधिकारियों को अभियान के तहत की गई कार्रवाई की जानकारी वरिष्ठ कोषाधिकारी हापुड़ को देनी होगी। 5 नवंबर के शिविर में पेंशन बांटने वाले विभागों, बैंकों और डाकघरों के प्रतिनिधियों से शामिल होने की अपील की गई है। इससे पेंशनरों को डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की प्रक्रिया समझने में मदद मिलेगी।
रायबरेली के जगतपुर कोतवाली क्षेत्र के पूरे त्रिलोक सिंह के पुरवा गांव में 17 वर्षीय प्रिंस का शव नाले में दिन मंगलवार दोपहर 1:00 मिला। परिजनों ने हत्या कर शव नाले में फेंकने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रिंस अपने ननिहाल में रहता था। उसके नाना फूलचंद होटल चलाते हैं। पड़ोस के मोती का पुरवा गांव में निमंत्रण कार्यक्रम था, जहां आर्केस्ट्रा का आयोजन किया गया था। प्रिंस कार्यक्रम में आर्केस्ट्रा देखने गया था। देर रात तक प्रिंस घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश की। मंगलवार सुबह गांव के प्राथमिक विद्यालय के पीछे बने नाले में उसका शव मिला। ग्रामीणों के मुताबिक, प्रिंस के शरीर पर चोट और मारपीट के निशान थे। परिजनों और ग्रामीणों ने हत्या कर शव नाले में फेंके जाने की आशंका जताई है। सूचना मिलने पर जगतपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। क्षेत्राधिकारी गिरजा शंकर त्रिपाठी और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। पुलिस ने जल्द घटना का खुलासा करने की बात कही है।
भारतीय विद्या भवन विद्याश्रम, प्रताप नगर में वार्षिक पुरस्कार एवं पारितोषिक वितरण समारोह आयोजित
जयपुर। भारतीय विद्या भवन विद्याश्रम, प्रताप नगर, जयपुर में सत्र 2026–27 के वार्षिक पुरस्कार एवं पारितोषिक वितरण समारोह के प्रथम चरण का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। समारोह में विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों, अनुशासन, नियमित उपस्थिति एवं विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें सम्मानित किया गया। समारोह में विद्यालय एवं हाउस प्रीफेक्टोरियल काउंसिल, कक्षा I से IX तक शैक्षणिक उत्कृष्टता, 100 प्रतिशत उपस्थिति, SSE एवं SSCE के विषयवार टॉपर्स, कक्षा XII के संकायवार टॉपर्स, शिक्षण भारती प्रशस्ति प्रमाण-पत्र तथा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के उपलब्धि हासिल करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अभिभावक समुदाय की दो विशिष्ट हस्तियों डॉ. सरिता शर्मा, उप महानिरीक्षक, पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग, जयपुर तथा शिव चरण शर्मा, भूमि अधिग्रहण अधिकारी, रीको, जयपुर ने गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। विद्यालय की प्राचार्या डॉ. योजना शर्मा ने मुख्य अतिथियों का स्वागत किया। इसके पश्चात मुख्य अतिथियों ने प्राचार्या के साथ विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए। समारोह में विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उत्सव मनाने के साथ-साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को आकर्षक बनाया। यह आयोजन विद्यार्थियों को उत्कृष्टता, समर्पण एवं निरंतर प्रगति के लिए प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बना। विद्यालय परिवार ने सभी प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल मंगलवार को बांदा पहुंचे। उन्होंने राजकीय मेडिकल कॉलेज में नवजात का शव कुत्तों के उठा ले जाने की घटना पर नाराजगी जताई। पाल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी। उन्होंने घटना को अस्पताल प्रशासन की लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सरकारी अस्पतालों को निजी हाथों में देने का किया विरोध मीडिया से बातचीत में पाल ने कहा कि अस्पताल के अंदर रखा नवजात का शव कुत्ते उठाकर बाहर ले गए। उन्होंने इसे प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी बताया। कहा कि जब अस्पताल में नवजात का शव सुरक्षित नहीं है तो स्वास्थ्य व्यवस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई की मांग की। बांदा में 300 बेड के अस्पताल के संचालन और उसे निजी हाथों में देने की चर्चा पर पाल ने कहा कि सरकारी संस्थानों को निजी हाथों में सौंपना आम लोगों के साथ अन्याय है। इससे गरीब लोगों को इलाज कराने में परेशानी होगी। बोले- कार्यकर्ताओं के दम पर 2027 में बनेगी पीडीए सरकार श्याम लाल पाल नरैनी विधानसभा क्षेत्र में आयोजित पीडीए कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि दौरे का मकसद संगठन को मजबूत करना और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरना है। पाल ने दावा किया कि इलाहाबाद-झांसी स्नातक क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव में कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर भाजपा प्रत्याशी को हराया। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में इन्हीं कार्यकर्ताओं के दम पर पीडीए सरकार बनेगी। बांदा में संगठन के भीतर मनमुटाव के सवाल पर पाल ने कहा कि संगठन ठीक है और उसे और मजबूत करने के लिए वह यहां आए हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों का चयन राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव करेंगे। ओमप्रकाश राजभर के बयान पर भाजपा पर साधा निशाना सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के खुद को सबसे बड़ा गुंडा बताने वाले बयान पर पाल ने भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के माफिया राज खत्म करने के दावे पर पाल ने कहा कि प्रदेश में महिलाएं, नौजवान और बच्चे सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने 26 हजार प्राथमिक स्कूल बंद होने और महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाओं को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। SIR और बुंदेलखंड के विकास पर भी रखी बात SIR के मुद्दे पर पाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और सरकार पर वोटों की चोरी कराने का आरोप लगाया। वहीं, अखिलेश यादव के प्रस्तावित घोषणापत्र में बुंदेलखंड को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने बताया कि किसानों, मजदूरों, महिलाओं के अस्पताल, बच्चों की शिक्षा, सड़क और पुल से जुड़ी समस्याओं की जानकारी जुटाई जा रही है। सरकार बनने पर इनका समाधान किया जाएगा। बांदा से युवाओं के पलायन और अन्ना प्रथा पर पाल ने कहा कि खेती को मजबूत किया जाएगा। हाईवे और सड़कों के किनारे बड़ी मंडियां विकसित की जाएंगी, जिससे किसानों को सुविधा और युवाओं को रोजगार मिल सके।
छिंदवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों को दिल्ली एवं उत्तर भारत से जोड़ने वाली पातालकोट एक्सप्रेस में रेलवे ने तीन अतिरिक्त AC कोच लगाने का निर्णय लिया है। हालांकि, यह सुविधा ट्रेन में कोचों की संख्या बढ़ाकर नहीं, बल्कि जनरल और स्लीपर श्रेणी के कोच घटाकर उपलब्ध कराई जाएगी। नई व्यवस्था में ट्रेन के कुल 20 कोच ही रहेंगे। AC श्रेणी के कोच पांच से बढ़कर आठ हो जाएंगे। यह बदलाव 27 दिसंबर 2026 से फिरोजपुर कैंट तथा 28 दिसंबर से लागू होगा। रेलवे के जारी आदेश के अनुसार वर्तमान में ट्रेन में छह जनरल, सात स्लीपर, दो AC थ्री-टियर इकोनॉमी, दो AC थ्री-टियर और एक AC सेकंड-टियर कोच हैं। नई व्यवस्था में जनरल चार और स्लीपर छह रह जाएंगे। वहीं AC थ्री-टियर चार तथा AC सेकंड-टियर दो हो जाएंगे। अन्य लगेज, गार्ड और पावर कोच यथावत रहेंगे। सामान्य यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी AC कोच बढ़ने से इस श्रेणी में यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त बर्थ मिलेंगी, लेकिन जनरल के दो और स्लीपर का एक कोच कम होने से कम किराए में सफर करने वाले यात्रियों की उपलब्ध सीटें घटेंगी। पहले से ही भीड़ का सामना करने वाले सामान्य और मध्यमवर्गीय यात्रियों को त्योहारों तथा छुट्टियों के दौरान परेशानी हो सकती है। ट्रेन में पेंट्री कार नहीं करीब 1500 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करने वाली इस ट्रेन में अब भी पेंट्री कार की सुविधा नहीं है। यात्रियों को भोजन और पेय पदार्थों के लिए स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ता है। नई कोच संरचना में भी पेंट्री कार शामिल नहीं की गई है। यात्रियों की मांग है कि ट्रेन को 20 के बजाय कम से कम 22 LHB कोचों के साथ चलाया जाए। इसमें पेंट्री कार जोड़ने के साथ जनरल और स्लीपर कोचों की संख्या भी बरकरार रखी जाए। पूर्व सांसद डॉ. ढालसिंह बिसेन भी रेलमंत्री को पत्र लिखकर पातालकोट एक्सप्रेस में अतिरिक्त कोच, पेंट्री कार और फुल रैक की मांग कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री सुक्खू का चंबा दौरा विधायक नंद लाल के निधन के कारण संशोधित किया गया है। चुवाड़ी में कार्यक्रम के बाद सीएम शिमला लौटेंगे।
उन्नाव में खंभे से टकराई बाइक, युवक की मौत:रिश्तेदारी से लौट रहा था, दो बहनों का इकलौता भाई था
उन्नाव के मौरावां थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। मावई रोड पर बिसारा पुलिया के पास अनियंत्रित होकर एक बाइक सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से जा टकराई। हादसे में बाइक सवार 20 वर्षीय अंकित की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान उदोतपुर गांव निवासी अंकित (पुत्र स्वर्गीय राम नरेश) के रूप में हुई है। वह रिश्तेदारी से अपने घर वापस लौट रहा था, तभी यह हादसा हुआ। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ मंगलवार दोपहर करीब एक बजे पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों ने बताया कि अंकित दो बहनों के बीच अकेला भाई था। वह गांव में रहकर परिवार के साथ खेती-किसानी का काम संभालता था और अभी अविवाहित था। घर के इकलौते चिराग की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गरीब परिवार के लिए प्रशासन से मांगी आर्थिक मदद हादसे की खबर मिलते ही बदहवास परिजन मौके पर पहुंचे। अंकित के चाचा ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। इकलौते कमाने वाले युवक की मौत के बाद परिवार के सामने जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया है। परिजनों ने जिला प्रशासन से आर्थिक सहायता प्रदान करने की गुहार लगाई है। पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई घटना के संबंध में मौरावां थाना प्रभारी (इंस्पेक्टर) केबी सिंह ने बताया कि परिजनों की ओर से मिली तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम कराकर आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की जा रही है।
बुरहानपुर में बंजारा समाज के लोगों ने मंगलवार दोपहर शिवाबाबा मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष रूपसिंह पंवार पर आर्थिक अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। समाज के लोग कलेक्टोरेट पहुंचे और अध्यक्ष को पद से हटाने की मांग की। उन्होंने कलेक्टर के नाम डिप्टी कलेक्टर तपेश कुमार पांडे को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कलेक्टोरेट परिसर में नारेबाजी भी की गई। डिप्टी कलेक्टर ने शिकायत की जांच कराने और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं, ट्रस्ट अध्यक्ष ने आरोपों को निराधार बताया है। ट्रस्ट में परिवार के पांच सदस्यों को शामिल करने का आरोप ज्ञापन के मुताबिक, गंभीरपुरा-सुक्ताखुर्द स्थित शिवाबाबा मंदिर का प्रबंधन शिवाबाबा बंजारा समाज समिति ट्रस्ट करता है। ट्रस्ट का गठन वर्ष 1994-95 में हुआ था। समाज के लोगों का आरोप है कि ट्रस्ट में रूपसिंह पंवार को अध्यक्ष बनाया गया और उनके परिवार के पांच सदस्यों को भी शामिल किया गया, जबकि बाहर के केवल दो सदस्य रखे गए। इससे ट्रस्ट के कामकाज पर अध्यक्ष के परिवार का नियंत्रण बना हुआ है। दान और संपत्ति में गड़बड़ी का आरोप समाज के लोगों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि पिछले 30-40 साल में मंदिर को मिले दान, सामग्री और अन्य वस्तुओं के हिसाब-किताब में भ्रष्टाचार और अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि अध्यक्ष ने अपने, परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपए की अघोषित संपत्ति जमा की है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि दान राशि का उचित उपयोग श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था के लिए नहीं किया जा रहा है। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, जबकि संबंधित व्यवस्थाओं के नाम पर अध्यक्ष के परिवार के सदस्य व्यवसाय कर रहे हैं। शिकायत करने वाले युवाओं को परेशान करने का आरोप समाज के लोगों का आरोप है कि ट्रस्ट में कथित गड़बड़ियों की शिकायत करने वाले युवाओं के खिलाफ झूठी शिकायतें कर मामले दर्ज कराए गए। उन्होंने युवाओं पर हमला करने और उन्हें जान से मारने की कोशिश किए जाने का भी आरोप लगाया। ज्ञापन के अनुसार, इस घटना की शिकायत उस समय की गई थी, लेकिन शासन स्तर पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई। इसके अलावा समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के वीडियो बनाकर अध्यक्ष के परिवार के सदस्य उन्हें परेशान करते हैं। उन्होंने इसे लोगों की निजता का उल्लंघन बताया और इस पर भी कार्रवाई की मांग की। डिप्टी कलेक्टर बोले- शिकायत की जांच कराएंगे डिप्टी कलेक्टर तपेश कुमार पांडे ने बताया कि बंजारा समाज की ओर से ट्रस्ट अध्यक्ष के खिलाफ आर्थिक अनियमितताओं को लेकर शिकायत मिली है। अध्यक्ष को पद से हटाने की मांग भी की गई है। शिकायत की जांच कराई जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ट्रस्ट अध्यक्ष ने आरोपों को बताया निराधार ट्रस्ट अध्यक्ष रूपसिंह पंवार ने समाज के लोगों के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि पहले भी इस तरह की शिकायतें की गई थीं, लेकिन आरोप साबित नहीं हुए थे।
बागेश्वर धाम के बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप पर टिप्पणी को लेकर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने मेरठ एसएसपी से शिकायत की है।
रेवेन्यू बार एसोसिएशन हाथरस के वकीलों ने सादाबाद के पूर्व बार अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र पाराशर व उनके बेटे के खिलाफ दर्ज मुकदमे के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे सदर तहसील में नारेबाजी की और उपजिला मजिस्ट्रेट हाथरस को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कोतवाली सादाबाद के प्रभारी निरीक्षक ने झूठे तथ्यों के आधार पर फर्जी मुकदमा दर्ज किया है। वकीलों ने मुकदमा तुरंत रद्द करने और भविष्य में किसी भी अधिवक्ता के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज नहीं करने की मांग की। वकीलों ने चेतावनी दी कि मांगें 72 घंटे में नहीं मानी गईं तो वे आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि इसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता बार अध्यक्ष सत्यप्रकाश वर्मा एडवोकेट ने की। महासचिव अमित कुमार उपाध्याय एडवोकेट ने कार्यक्रम का संचालन किया। ये मौजूद रहे ज्ञापन देने वालों में सुरेश चंद्र शर्मा, जेपी जैसवाल, प्रमोद गोस्वामी, राजू सिंह, ओम प्रकाश ठैनुआ, मिथलेश शर्मा, जमुना प्रसाद शर्मा, राजकुमार अग्निहोत्री, शशांक पचौरी, नितिन जैसवाल, नरेश कुमार सिंह, जयप्रकाश शर्मा, मयंक शर्मा, अवधेश कुमार शर्मा, कमलेश किशोर, भरत गौतम, ललित श्रोती, किशन लाल बघेल, ऋषि बघेल शामिल थे।
बेअंत सिंह के हत्यारे को पंजाब शिफ्ट करने का IB ने किया विरोध, कहा- चुनाव पर बड़ा असर होगा
जगतार सिंह हवारा पंजाब के सीएम बेअंत सिंह की हत्या का दोषी है और अभी तिहाड़ जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है. उसे दिल्ली के तिहाड़ जेल से पंजाब के किसी जेल में शिफ्ट करने से जुड़े मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान आईबी ने अहम रिपोर्ट पेश की है.
पीलीभीत में श्रीराम कथा महोत्सव में पहुंचे अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने अखिलेश यादव की तुलना ‘कालनेमि’ से की और कहा कि सपा का सनातन धर्म और संस्कृति से कोई सरोकार नहीं है। यह महोत्सव ब्रह्मलीन महंत योगी शांतिनाथ जी महाराज की पुण्य स्मृति में आयोजित किया गया था। पत्रकारों से बातचीत में राजू दास ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धार्मिक मंच की मर्यादा बनाए रखी, जबकि अखिलेश यादव धार्मिक आयोजनों में भी राजनीतिक बयान देते हैं। राजू दास ने कहा कि मुख्यमंत्री ने चुनावी चुनौती स्वीकार की, तो अखिलेश पीछे हट गए और ट्वीट करने लगे। जो लोग अब तक अयोध्या जाकर प्रभु श्रीरामलला और हनुमानगढ़ी के दर्शन नहीं कर सके और संतों का आशीर्वाद नहीं ले पाए, उन पर ‘कालनेमि’ जैसा विश्वासघात होगा। सपा का सूपड़ा साफ होगा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजू दास ने कहा कि सपा 30 सीटों से ज्यादा नहीं जीत पाएगी। उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनाव में पार्टी का सूपड़ा साफ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति, हिंदू और हिंदुत्व के साथ चलने वाले ही देश और प्रदेश पर राज करेंगे। उनके मुताबिक, सत्ता में वही रहेगा जो भ्रष्टाचार और अपराध से मुक्त शासन देगा। उन्होंने कहा कि ऐसे शासन में गुंडे-माफिया या तो जेल में होंगे या सीधे ऊपर प्रभु से मिलेंगे। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का समर्थन बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का समर्थन करते हुए राजू दास ने कहा कि उन्होंने भगवान की लीला का वर्णन विनोद भाव में किया था। देवी-देवताओं पर सवाल उठाने वालों को उन्होंने मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया। राजू दास ने विरोधियों को चुनौती दी कि वे आगे आकर कहें कि मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर बनवाएंगे।
बांसवाड़ा शहर के वार्ड नंबर 4 स्थित हाउसिंग बोर्ड रोड पर मंगलवार सुबह रेत से भरा एक ट्रक बिजली के पोल से टकरा गया। टक्कर इतनी तेज थी कि बिजली का खंभा टूटकर गिर गया। हादसे के समय बिजली सप्लाई चालू थी। खंभा टूटने से क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और आवासीय कॉलोनी में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि उस समय वहां से कोई स्कूली वैन या राहगीर नहीं गुजर रहा था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। ट्रक रेत से भरा हुआ था और वजन करवाने के लिए हाउसिंग बोर्ड रोड स्थित श्रीनाथ तोल कांटे पर आया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क किनारे तोल कांटा होने से आवासीय क्षेत्र में भारी ट्रकों की आवाजाही बनी रहती है। इसी दौरान अनियंत्रित ट्रक ने सड़क किनारे लगे विद्युत पोल को टक्कर मार दी। तोल कांटे की वजह से आए दिन हादसों का खतरा स्थानीय पार्षद दिनेश राणा ने बताया कि श्रीनाथ तोल कांटे के कारण आवासीय क्षेत्र में भारी ट्रकों की आवाजाही रहती है। इससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने तोल कांटे को आवासीय क्षेत्र से हटवाने की मांग की। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस समस्या को लेकर वे पहले भी दो-तीन बार लिखित में शिकायत कर चुके हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री पोर्टल 181 पर भी शिकायत दर्ज करवाई गई है। इसके बावजूद एक महीना बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। 7 दिन में तोल कांटा नहीं हटाया तो आंदोलन की चेतावनी हादसे के बाद आक्रोशित कॉलोनी वासियों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। निवासियों ने चेतावनी दी कि यदि अगले 7 दिनों में आवासीय क्षेत्र से तोल कांटा नहीं हटाया गया तो सभी कॉलोनी वासी मिलकर उग्र आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि इसके बाद उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
रायबरेली के सदर तहसील क्षेत्र की ग्राम सभा राही में मंगलवार को क्रॉप कटिंग के जरिए धान की पैदावार का सटीक आकलन किया गया। दोपहर करीब 12 बजे आयोजित इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी शरनजीत कौर ब्रोका खुद मौजूद रहीं। प्रशासन की टीम ने किसान राजकुमार, रामवती, गया प्रसाद और राजेश के खेतों में तय एक हेक्टेयर हिस्से से धान की कटाई कराई। इसके आधार पर औसत पैदावार का प्रारंभिक आंकड़ा तैयार किया गया, जिसमें धान का उत्पादन काफी अच्छा पाया गया है। ‘बारिश से नहीं हुआ ज्यादा नुकसान, फसल की स्थिति बेहतर’ डीएम शरनजीत कौर ब्रोका ने बताया कि इस साल बारिश से जिले में फसलों को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है। ज्यादातर क्षेत्रों में धान की फसल काफी अच्छी स्थिति में है और क्रॉप कटिंग के आंकड़ों ने भी बेहतर उत्पादन के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को उन्नत और अधिक पैदावार देने वाले बीजों के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया गया था, जिसका सकारात्मक असर अब खेतों में दिखाई दे रहा है। फसल नुकसान पर मिलेगा मुआवजा, सर्वे कराने के निर्देश डीएम ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि बारिश या अन्य किसी प्राकृतिक आपदा से जिन किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे किसानों के खेतों का नियमानुसार सर्वे कराकर नुकसान का सही आकलन किया जाएगा और पात्र किसानों को सरकारी प्रावधानों के तहत मुआवजा दिलाने की त्वरित कार्रवाई की जाएगी। फसल बीमा और योजनाओं के निर्धारण में मिलेगी मदद प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, क्रॉप कटिंग का मुख्य उद्देश्य खेतों में वास्तविक उत्पादन और फसल की औसत पैदावार का सटीक डेटा जुटाना है। इन आंकड़ों के आधार पर ही फसल बीमा क्लेम, कृषि उत्पादन के सरकारी लक्ष्य और अन्य किसान कल्याणकारी योजनाओं के लाभ तय करने में आसानी होती है। इस दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ भारी संख्या में स्थानीय किसान मौजूद रहे।
उमर अब्दुल्ला को तगड़ा झटका, आगा रुहुल्लाह ने छोड़ी नेकां; सांसद पद छोड़ने का भी किया एलान
जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस को बड़ा झटका लगा है, श्रीनगर के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने पार्टी छोड़ने और लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा देने काएलान किया है।
मऊ के कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन की दर्जनों कार्यकर्ताओं ने मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने जिलाधिकारी के जरिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा और लंबित मांगें जल्द पूरी करने की मांग की। ज्ञापन में ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (ऐक्टू) के प्रदेश अध्यक्ष विजय विद्रोही, सहसचिव देवानंद और राजेश सिंह, कार्यकारिणी सदस्य कमला गौतम, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार और भानु पर दर्ज कथित फर्जी एफआईआर रद्द करने की मांग की गई। एफआईआर संख्या 0156, 24 अक्टूबर 2026 को थाना आलमबाग, कमिश्नरेट लखनऊ में दर्ज हुई थी। कार्यकर्ताओं ने प्रोत्साहन राशि का बकाया भुगतान पारदर्शी तरीके से दीपावली से पहले करने की मांग की। उन्होंने वर्षों से लंबित जेएसवाई, टीवीआई समेत अन्य मदों की पूरी राशि देने और उसका ब्यौरा सार्वजनिक करने को भी कहा। उन्होंने 7 फरवरी 2026 को स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई बातचीत में बनी सहमति और 23 अक्टूबर 2026 को मिशन निदेशक के आश्वासन को लागू करने की मांग की। मांगों में राज्य बजट से आशा कर्मियों के अंशदान में 4,500 रुपये की बढ़ोतरी, प्रोत्साहन राशि में 50 प्रतिशत इजाफा, मातृत्व अवकाश, साप्ताहिक छुट्टी और त्योहारों पर छुट्टी शामिल हैं। कार्यकर्ताओं ने इन मांगों को दीपावली से पहले पूरा करने की घोषणा करने को कहा। इसके अलावा, प्रदेश के सभी गांवों में आशा, संगिनी और एएनएम को टीकाकरण समेत स्वास्थ्य संबंधी कामों के लिए एक कमरा देने की मांग की गई। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर पंचायत भवनों में तुरंत कमरा उपलब्ध कराने को कहा गया।
राज्य सरकार ने रायपुर और नवा रायपुर अटल नगर के शासकीय कार्यालयों के लिए स्थानीय अवकाश की तारीख बदल दी है। अब 20 नवंबर, शुक्रवार को देवउठनी एकादशी के अवसर पर स्थानीय छुट्टी रहेगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। इससे पहले सरकार ने 9 नवंबर, सोमवार को गोवर्धन पूजा के लिए स्थानीय अवकाश घोषित किया था। बाद में गोवर्धन पूजा पर सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया गया। इसके बाद सरकार ने 9 नवंबर की स्थानीय छुट्टी को बदलकर 20 नवंबर को किया गया है। इन कार्यालयों में लागू नहीं होगा अवकाश यह स्थानीय अवकाश नवा रायपुर अटल नगर और रायपुर शहर में स्थित सभी शासकीय कार्यालयों और संस्थाओं के लिए लागू होगा। हालांकि, बैंक, कोषालय और उप कोषालय में इस दिन छुट्टी नहीं रहेगी।
हापुड़ ब्लॉक में तैनात ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) सुशील खारी को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। एंटी करप्शन टीम ने मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे ब्लॉक परिसर में उन्हें पकड़ा। इसके बाद टीम आरोपी को कोतवाली ले गई, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। परिवार रजिस्टर की नकल के लिए मांगी थी रिश्वत आरोप है कि सुशील खारी ने एक व्यक्ति का काम करने के बदले 20 हजार रुपये मांगे थे। सालेपुर कोटला निवासी शिकायतकर्ता सलमान ने 30 अक्टूबर को एंटी करप्शन टीम से इसकी शिकायत की थी। उसने बताया था कि परिवार रजिस्टर की नकल देने के लिए उससे 5 हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। शिकायत के बाद टीम ने मामले की जांच की और सुशील खारी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। मंगलवार को जैसे ही उन्होंने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 5 हजार रुपये लिए, टीम ने उन्हें मौके पर पकड़ लिया। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में केस दर्ज करने की तैयारी एंटी करप्शन यूनिट के प्रभारी राहुल देव तोमर ने बताया कि कार्रवाई के बाद आरोपी को कोतवाली ले जाया गया। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
'अब सच्चे सनातनी इनकी पर्ची लिखेंगे', धीरेंद्र शास्त्री के वीडियो पर अखिलेश यादव ने कसा तंज
बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के विवादित वीडियो वायरल पर अखिलेश यादव ने तंज कसा है।
'शर्म आना चाहिए, इतना गंदा काम किया', सड़क ठेकेदार पर भड़के गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने घटिया सड़क निर्माण को लेकर एक ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है. यह मामला सिंधी रेलवे इलाके में आयोजित एक भूमि पूजन समारोह के दौरान सामने आया. केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी जब इस सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे, तो उन्होंने निर्माणाधीन सड़क की बेहद खराब गुणवत्ता को देखा और तुरंत अपनी नाराजगी जताई.
फिरोजाबाद के खैरगढ़ थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक गांव के पास खेत में किशोरी संदिग्ध परिस्थितियों में अचेत अवस्था में मिली थी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस जांच में किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर पीड़िता के बयान के आधार पर तीन आरोपियों की पहचान की थी। मुठभेड़ में घायल हुए थे दो सगे भाई केस दर्ज करने के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई थी। रविवार रात पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई, जिसमें गोली लगने के बाद दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि, वारदात में शामिल तीसरा आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब रहा था। पुलिस की स्वाट और स्थानीय टीम ने सोमवार रात घेराबंदी कर तीसरे आरोपी को भी दबोच लिया। 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत पैरवी क्षेत्राधिकारी (CO) शिकोहाबाद आईपीएस जयविंद गुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीसरे आरोपी को भी अदालत में पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस इस जघन्य अपराध को लेकर सख्त रुख अपना रही है। मामले में 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत प्रभावी पैरवी की जाएगी ताकि आरोपियों को अदालत से जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके। तीनों पर दर्ज होगा गैंगस्टर एक्ट, कुर्क की जाएगी अवैध संपत्ति सीओ शिकोहाबाद ने आगे जानकारी दी कि तीनों आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं। वारदात में शामिल तीनों आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही अपराध के जरिए अर्जित की गई उनकी संपत्तियों को भी चिन्हित कर कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि अपराधियों में कानून का खौफ कायम रहे।
कानपुर देहात के सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन कुछ जरूरतमंद पात्रता साबित करने के बाद भी योजना का लाभ पाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। ऐसा ही एक मामला रनिया नगर पंचायत के माधव नगर वार्ड से सामने आया है। मंगलवार को दिव्यांग सतीश कुमार 57 पन्नों के दस्तावेज और आवेदन लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया कि वह दो साल से अधिक समय से आवास के लिए नगर पंचायत कार्यालय, डूडा कार्यालय और अकबरपुर तहसील के चक्कर लगा रहे हैं। कई बार आवेदन और शिकायत करने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। परिवार के पास पक्का मकान नहीं सतीश कुमार पुत्र बृजनारायण का कहना है कि वह आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं। पैरों से चलने-फिरने में भी उन्हें काफी परेशानी होती है। परिवार में माता-पिता भी गंभीर बीमारियों से परेशान हैं। उनके पिता टीबी से पीड़ित हैं, जबकि मां सांस की बीमारी से जूझ रही हैं। परिवार के पास पक्का मकान नहीं है। पिता ने अपनी कृषि भूमि में से दो बिस्वा जमीन मकान बनाने के लिए देने की सहमति दी है। इसी उम्मीद में सतीश ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत आवेदन किया था। तहसील की जांच में पात्र, फिर भी अटका आवेदन मामले में खास बात यह है कि तहसील स्तर पर कराई गई जांच में सतीश को दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर बताया गया है। 22 फरवरी 2026 को जारी उपजिलाधिकारी अकबरपुर के पत्र में भी तहसीलदार की जांच आख्या का हवाला देते हुए उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के लिए पात्र बताया गया है। इसके बावजूद सतीश का आरोप है कि नगर पंचायत रनिया से जरूरी जांच रिपोर्ट और प्रमाणपत्र डूडा कार्यालय नहीं भेजे जा रहे हैं। इसी वजह से उनका आवेदन आगे नहीं बढ़ पा रहा है। जनसुनवाई पोर्टल पर भी की शिकायत सतीश के मुताबिक, वह 15 अक्टूबर 2024 से लगातार जिलाधिकारी और तहसील स्तर के अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रख रहे हैं। जनसुनवाई पोर्टल पर भी कई बार शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अब तक उन्हें आवास का लाभ नहीं मिल सका। उनका कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर है कि वह किसी को रुपये देने की स्थिति में भी नहीं हैं। अब सतीश ने डीएम से जांच रिपोर्ट और दस्तावेजों का परीक्षण कराकर नगर पंचायत से जरूरी रिपोर्ट डूडा कार्यालय भिजवाने की मांग की है, ताकि उन्हें योजना का लाभ मिल सके। रनिया नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी मनीष रॉय ने बताया कि मामले की जांच करा ली गई है। जल्द ही रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। बजट आने पर धनराशि खातों में भेजी जाएगी।
राजस्थान रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) ने नियमों की पालना नहीं करने वाले बिल्डरों और प्रमोटरों पर शिकंजा कसते हुए डिफॉल्टरों के नाम और तस्वीरें सार्वजनिक की हैं। जिसमें उदयपुर के कई बिल्डर और डेवलपर्स शामिल हैं। सूची में उदयपुर के नामचीन रियल एस्टेट कारोबारी भी शामिल हैं। कई बिल्डरों के नाम सामने आने के बाद शहर के रियल एस्टेट क्षेत्र में हडकंप मचा हुआ है। अब घर और भूखंड खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के सामने भी सवाल है कि जिस बिल्डर पर वे भरोसा कर रहे हैं, उसका रिकॉर्ड कितना साफ है। राजस्थान रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी ने अपनी वेबसाइट पर प्रोजेक्ट्स से जुड़े डिफॉल्टरों के नाम जारी किए हैं। इसमें कई नियमों की पालना नहीं करने, प्रोजेक्ट अटकाने वाले और कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने वाले हैं। डिफॉल्टर सूची में उदयपुर के ये बिल्डर 1. शुभ बिल्डर्स एंड डवलपर्स फर्म के बाबू मोटावत और रोहित मोटावत। रेरा आदेश के अनुसार विज्ञापन संबंधी नियमों के उल्लंघन को लेकर 50,000 रुपए का जुर्माना, उसकी वसूली और डिफॉल्टर संबंधी कार्रवाई शामिल है। अथॉरिटी की वेबसाइट का पता, प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन नंबर और प्रमोटर का नाम-पता प्रमुखता से दिखाना अनिवार्य है। बिल्डर ने इसका पालन नहीं किया था। इस पर 15 जुलाई 2021 को ही 50,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया था। इसमें परियोजना के नियामकीय अनुपालन और प्रमोटर की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े किए हैं। 2. गुलशन रियलटर्स प्राइवेट लिमिटेड की गोकुल ब्लिस परियोजना के मामले में 12 फरवरी 2026 को आदेश जारी किया गया। इसमें परियोजना को समयावधि समाप्त श्रेणी में दर्शाने, त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट और वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने का उल्लेख किया गया है। गुलशन रियलटर्स के रमेश पहलवानी, भारती पहलवानी, जूही और पद पहलवानी का नाम अंकित है। प्राधिकरण ने 1 लाख रुपए के जुर्माने की वसूली तथा RERA अधिनियम की धारा 40(1) के तहत आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। 3 शंखेश्वर डवलपर्स के डायरेक्टर और पार्टनर आशीष जैन, नानालाल राठौड़, शंकरलाल राठौड़ व सरला जैन भी शामिल हैं। आदेश में कहा कि प्रोजेक्ट कंप्लीट होने और कंपनी स्ट्राइक ऑफ होने से पुराना जुर्माना खत्म नहीं होता। बिल्डर ने विज्ञापन में रेरा वेबसाइट और रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं दिखाया था, जो धारा 11(2) का उल्लंघन है। इस पर 2021 में ही 50 हजार का जुर्माना लगा था, जिसे 4 साल से नहीं भरा गया। 4. डीसीबी टाउन प्लानर्स प्रा. लि. की शांति चौबीसा और सुरेश चौबीसा भी शामिल है। प्राधिकरण ने कहा है कि बिल्डर को 01.10.2021 को 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया था, लेकिन 4 साल से ज्यादा समय बाद भी उसने पैसा जमा नहीं किया। रेरा ने इसे आदेश की जानबूझकर अवहेलना मानते हुए रेरा एक्ट की धारा 40(1) के तहत रिकवरी सर्टिफिकेट जारी करने के आदेश दिए हैं। 5. धरती इंफ्रा प्रोजेक्ट के संजय संचेती और राजेश जैन का नाम भी शामिल है। रेरा के अनुसार बिल्डर को 29.10.2021 को दो लाख का जुर्माना लगाया गया था। चार साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी बिल्डर ने आदेश की पालना नहीं की। प्राधिकरण ने अपने आदेश में लिखा है कि -यह देखा गया है कि प्रतिवादी ने निर्देशों की 4 साल बाद भी पालना नहीं की है। ऐसा प्रतीत होता है कि प्रतिवादी जानबूझकर आदेश की पालना से बच रहा है। 5. केपी टावर्स प्रा. लि के सरदार होड़ा और कंवल होडा भी शामिल है। रेरा के अनुसार बिल्डर को 23.09.2021 को 5,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया था, लेकिन 4 साल से अधिक समय बाद भी पालना नहीं की गई। प्राधिकरण ने कहा-प्रतिवादी जानबूझकर आदेश की पालना से बच रहा है।
बस्ती में राष्ट्र की एकता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय गौरव को समर्पित 'सरदार पटेल संदेश यात्रा' का आयोजन बड़े ही भव्य और उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। विनय चौधरी और बृजेश पटेल के नेतृत्व में निकाली गई यह यात्रा दोपहर 12:00 बजे शुरू हुई। यात्रा के दौरान पूरा मार्ग देश भक्ति के नारों और ढोल-नगाड़ों की गूंज से जीवंत हो उठा। भव्य झांकी और घुड़सवारों का आकर्षण संदेश यात्रा का दृश्य अत्यंत भव्य और मनमोहक था। यात्रा की अगवानी सबसे आगे चल रहे घुड़सवार कर रहे थे, जो आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे। उनके पीछे सजाया गया एक रथ चल रहा था, जिस पर प्रमुख लोग सवार थे। वातावरण को खुशनुमा और उल्लासपूर्ण बनाने के लिए भांगड़ा दल द्वारा शानदार प्रस्तुति दी गई, जिसकी ताल पर युवा थिरकते नज़र आए। पैदल यात्रियों का हुजूम और वाहनों का लंबा काफिला रथ के ठीक पीछे सैकड़ों की संख्या में लोग 'जय सरदार' के उद्घोष के साथ पदयात्रा कर रहे थे। हाथों में तिरंगा लिए जनसमूह का उत्साह देखने लायक था। इस विशाल पदयात्रा के पीछे गाड़ियों और लंबे वाहनों का एक बड़ा काफिला चल रहा था, जिसने यात्रा की भव्यता को और बढ़ा दिया। इन प्रमुख मार्गों से गुजरी यात्रा यह संदेश यात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए आगे बढ़ी। जीआईसी ग्राउंड से शुरू होकर पदयात्रा गांधीनगर, कंपनी बाग और शास्त्री चौक होते हुए गुजरी। अमहट घाट पर हुआ समापन विभिन्न मार्गों से भ्रमण करते हुए यह यात्रा अंततः 'सरदार पटेल स्मारक स्थल' अमहट घाट पहुंचकर संपन्न हुई। अमहट घाट पहुंचने पर उपस्थित जनसमूह ने लौह पुरुष भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। नेताओं और आयोजकों ने सरदार पटेल के विचारों, उनकी लौह इच्छाशक्ति और राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने के योगदान को याद करते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया, इस दौरान महादेव विधायक दूध राम सहित अन्य राजनीतिक दल व सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे l
त्योहारी सीजन के दौरान मिठाइयों में मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए सीएम फ्लाइंग टीम और खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है। मंगलवार को पिंजौर शहर की एक मिठाई की दुकानों की जांच की गई। इस दौरान टीम ने दुकान से पनीर और खोया के सैंपल भरकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे। पंचकूला जिले में लिए जा चुके 72 सैंपल : डॉ. रामवीर पंचकूला के फूड सेफ्टी ऑफिसर डॉ. रामवीर ने बताया कि प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार त्योहारों को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा लगातार इस तरह की जांच व कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि पंचकूला जिले में अब तक 72 से अधिक खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जा चुके हैं। आगे भी जारी रहेगा अभियान उन्होंने कहा कि दिवाली के त्योहार तक यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि बाजार में बिकने वाली मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके और लोगों को मिलावटी खाद्य सामग्री से बचाया जा सके। फूड सेफ्टी ऑफिसर डॉ. रामवीर ने बताया कि आज लिए गए सैंपलों की लैब रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस मौके पर एएसआई संजय, एच सी प्रदीप, गुरमीत सहित अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।
टीकमगढ़ के दुर्गापुर गांव में मंगलवार को प्रशासन की टीम ने अवैध खाद भंडारण की सूचना पर रामपत लोधी के मकान की तलाशी ली। टीम ने करीब 200 बोरी यूरिया जब्त किया। कलेक्टर विवेक श्रोतिय के निर्देश पर कृषि उपसंचालक मनोज कश्यप, नायब तहसीलदार विष्णु कुमार सोनी, कृषि विस्तार अधिकारी आशीष गुप्ता और कैलाश प्रसाद अहिरवार गांव पहुंचे। रामपत लोधी की पत्नी ने टीम को बताया कि उन्होंने मकान मबई निवासी अभिषेक जैन को किराए पर दिया था। उनके मुताबिक, खाद का स्टॉक अभिषेक जैन ने रखा था। मकान का ताला खोलकर जांच की गई तो अंदर यूरिया की बोरियां मिलीं। पूछताछ में अभिषेक जैन ने बताया कि उसके पास खाद बेचने का लाइसेंस नहीं है और उसने किसानों के लिए यूपी से खाद मंगाया था। कृषि उपसंचालक मनोज कश्यप ने बताया कि जांच में कृषक और चम्बल खाद की बोरियां भी मिलीं। यह खाद मध्यप्रदेश में नहीं बेचा जाता। टीम ने खाद जब्त कर कमरे को सील कर दिया। खाद को बाहर से आई पिकअप के जरिए भंडार में रखा गया था। जब्ती और सुपुर्दगी की कार्रवाई के बाद पूरी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
बहादुरगढ़-रोहतक नेशनल हाईवे पर रोहद टोल प्लाजा के पास STF रोहतक ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक टाटा हैरियर गाड़ी से करीब 25 हजार जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इतनी बड़ी संख्या में कारतूस मिलने से पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान गाड़ी में सवार कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें एक महिला भी शामिल बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, STF रोहतक की टीम ने DSP शमशेर दहिया और इंस्पेक्टर योगेंद्र दहिया की अगुवाई में यह रेड की। तलाशी के दौरान गाड़ी से 32 बोर और 315 बोर के भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद हुए। बताया जा रहा है कि STF की टीम पिछले काफी समय से आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। सिरसा के गन हाउस से कारतूस खरीदने का दावा सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सिरसा के एक गन हाउस से कारतूस खरीदकर उत्तर प्रदेश ले जा रहे थे। STF अब इस बात की जांच कर रही है कि इतनी बड़ी संख्या में कारतूस किस उद्देश्य से ले जाए जा रहे थे और इसके पीछे कोई संगठित सप्लाई नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। यूपी चुनाव से पहले सप्लाई नेटवर्क की जांच सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि कारतूसों की सप्लाई के कथित नेटवर्क की जांच की जा रही है। STF यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा कारतूसों की खरीद और सप्लाई किन लोगों तक होनी थी। हालांकि, चुनाव से संबंध और कारतूसों के इस्तेमाल को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। वरिष्ठ अधिकारियों की प्रेस कॉन्फ्रेंस की संभावना मामले की गंभीरता को देखते हुए STF के वरिष्ठ अधिकारी पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर सकते हैं। आज प्रेस कॉन्फ्रेंस होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ और कारतूसों की खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच के आधार पर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। करीब 25 हजार जिंदा कारतूसों की बरामदगी ने हथियार और गोला-बारूद की सप्लाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं
आंगनबाड़ी कार्यकत्री पर बयान बदलने का दबाव:फतेहपुर में CDPO पर प्रताड़ित करने का आरोप, डीएम से शिकायत
फतेहपुर के बहुआ ब्लॉक के कठवारा गांव की आंगनबाड़ी कार्यकत्री ऊषा देवी ने मंगलवार दोपहर 12 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को शिकायत दी। उन्होंने बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) बहुआ और पूर्व मुख्य सेविका पर प्रताड़ना के आरोप लगाए। संघ की जिलाध्यक्ष रेहाना परवीन के मुताबिक, ऊषा देवी कठवारा द्वितीय केंद्र में कार्यकर्त्री हैं। उन्होंने शारदा वर्मा पर पैसे वसूलने का आरोप लगाते हुए एक वीडियो क्लिप जिला कार्यालय में शिकायत के साथ दी थी। शिकायत के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी के निर्देश पर शारदा वर्मा के खिलाफ विभागीय और विजिलेंस जांच शुरू हुई। शिकायत में कहा गया है कि जांच में पैसे लेने और भ्रष्टाचार के आरोप सही पाए गए। इसके बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी के निर्देश पर गाजीपुर थाने में शारदा वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। निदेशालय के आदेश संख्या 4292, 20 जनवरी 2026 के तहत उन्हें निलंबित कर अलीगढ़ जिले से संबद्ध किया गया था। बाद में शारदा वर्मा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से स्थगन आदेश लिया। इसके बाद परियोजना में दोबारा काम शुरू करने का आदेश जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय पहुंचा। ऊषा देवी का आरोप है कि शारदा वर्मा के लौटने के बाद CDPO कृष्ण चन्द्र उन पर बयान वापस लेने या बदलने का दबाव बना रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा न करने पर केंद्र का निरीक्षण कराकर उनका मानदेय रोकने और सेवा खत्म कराने की धमकी दी गई। डीएम निधि गुप्ता वत्स ने मामले की जांच कराकर आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
अयोध्या जनपद के गोसाईगंज विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण विकास और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण पहल हुई। गोसाईगंज विधायक अभय सिंह ने विकासखंड मयाबाजार एवं तारुन की 11 ग्राम पंचायतों में नवनिर्मित आंगनबाड़ी केंद्र भवनों तथा मयाबाजार की ग्राम पंचायत लालपुर में निर्मित अन्नपूर्णा भवन का लोकार्पण किया। मयाबाजार स्थित अटल सभागार में आयोजित समारोह के दौरान विधायक ने विभिन्न विकास कार्यों को जनता को समर्पित किया। मयाबाजार विकासखंड की ग्राम पंचायत छतरा, अमसिन लचकवा, रुहियांवा-एक, पकरैला, देवासूर्यभानपुर जजवट, देवापुर गंगापुर और जमुनीपुर-दो में नवनिर्मित आंगनबाड़ी केंद्र भवनों का लोकार्पण किया गया। वहीं तारुन विकासखंड की ग्राम पंचायत इमलिया, जाना और सिहोरिया में भी आंगनबाड़ी केंद्र भवनों का उद्घाटन हुआ। इसके साथ ही ग्राम पंचायत लालपुर में निर्मित अन्नपूर्णा भवन भी जनता को समर्पित किया गया। इन भवनों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विकास एवं पोषण संबंधी सेवाओं के संचालन को बेहतर आधारभूत सुविधा मिलेगी। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा, पोषण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराने में सहूलियत होगी। समारोह की अध्यक्षता मयाबाजार ब्लॉक प्रमुख उमेश प्रताप सिंह ने की। इस अवसर पर मयाबाजार एवं तारुन के खंड विकास अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, ग्राम प्रधान, संबंधित कोटेदार, अधिकारी-कर्मचारी तथा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं मौजूद रहीं।
चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण इसी महीने शुरू होगा, जिसके लिए यूपीडा ने एमकेसी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड का चयन किया है।
झालावाड़ में राजस्थान विद्युत निगम के कर्मचारियों ने दीपावली से पहले बकाया भुगतान की मांग की है। मंगलवार को राजस्थान विद्युत कर्मचारी संघ ने ऊर्जा सचिव और डिस्कॉम्स अध्यक्ष के नाम अधीक्षण अभियंता, झालावाड़ वृत्त के जरिए ज्ञापन सौंपा। प्रदेश संगठन मंत्री विक्रम सिंह शक्तावत, जिलाध्यक्ष शौकत अली और जिला महामंत्री गिरीश तिवारी के नेतृत्व में कर्मचारियों ने ज्ञापन दिया। इसमें बोनस और अन्य लंबित भुगतान दीपावली से पहले करने की मांग की गई। ज्ञापन में बोनस एवं एक्सग्रेसिया, यात्रा भत्ता बिल, मेडिकल बिल, इंसेंटिव, ओवरटाइम और नवनियुक्त कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करने को कहा गया। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि त्योहार के समय भुगतान नहीं मिलने से कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी हो सकती है। पदाधिकारियों ने कहा कि विद्युत कर्मचारी उपभोक्ताओं को लगातार बिजली देने के लिए अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं। संघ ने ऊर्जा सचिव और डिस्कॉम्स अध्यक्ष से संबंधित भुगतान जल्द जारी करने की मांग की। इस दौरान संग्राम सिंह झाला, भूपेंद्र सिंह, उपेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार, नरोत्तम सेन, लोकेश गोचर, कमलेश राठौर और अरविंद सुथार सहित संघ के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
शाहजहांपुर की पुवायां मंडी में धान की तौल न होने से नाराज किसान अमरपाल मंगलवार दोपहर 12 बजे मंडी गेट पर धरने पर बैठ गया। किसान ने मंडी के मुख्य प्रवेश द्वार पर ट्रॉली खड़ी कर अन्य गाड़ियों की आवाजाही रोक दी। अमरपाल बंडा थाना क्षेत्र के कैथ जमीन बेहड़ा गांव का निवासी है और सोमवार को दो ट्रॉली धान लेकर मंडी पहुंचा था, जहां अधिकारियों ने उससे फसल का सत्यापन कराने को कहकर तौल रोक दी। ग्राम प्रधान और लेखपाल की साठगांठ का लगाया आरोप अमरपाल ने आरोप लगाया कि उसने विकास कार्यों में धांधली को लेकर ग्राम प्रधान की शिकायत की थी, जिससे रंजिश रखते हुए लेखपाल और प्रधान ने मिलकर उसका सत्यापन नहीं होने दिया। किसान का कहना है कि वह पिछले 15 दिनों से लेखपाल को फोन कर रहा था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। लेखपाल अक्सर प्रधान के घर बैठकर ही लौट जाते थे। ‘कमीशन का खेल जारी, माफियाओं और बिचौलियों का हो रहा काम’ धरने पर बैठे किसान ने मंडी व्यवस्था पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। अमरपाल ने कहा कि पुवायां मंडी में असली किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है और अधिकारियों की शह पर माफियाओं का धान आसानी से तौला जा रहा है। किसान के मुताबिक, मंडी में महज 10 प्रतिशत असली किसानों का धान खरीदा जा रहा है, जबकि बाकी खरीद दलालों के माध्यम से फर्जी अंगूठे लगवाकर दिखाई जा रही है। मजबूरी में किसानों को बिचौलियों को कम दाम पर धान बेचना पड़ रहा है। अधिकारियों ने दिया तकनीकी खराबी का हवाला हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस और मंडी अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुवायां एसडीएम और मंडी सचिव ने इसे तकनीकी समस्या (Technical Issue) बताया, वहीं मौके पर पहुंचे लेखपाल ने दावा किया कि सत्यापन किया जा चुका है, लेकिन सर्वर समस्या के कारण ऑनलाइन नहीं दिख रहा है। पुलिस ने किसान को समझा-बुझाकर 2 बजे तक प्रक्रिया शुरू कराने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया।
धमतरी जिला मुख्यालय स्थित डॉ. शोभाराम देवांगन खेल मैदान में छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ पर राज्योत्सव-2026 का आयोजन किया गया। समारोह में प्रदेश की विकास यात्रा, लोकसंस्कृति और जनकल्याणकारी योजनाओं की झलक देखने को मिली। स्कूली बच्चों और स्थानीय कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, वहीं दमादम मस्त कलंदर बैंड ग्रुप की प्रस्तुति ने उत्सव में खास रंग भरा। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण 25 विभागों की विकास प्रदर्शनी रही। इसके जरिए शासन की योजनाओं और जिले में हुए विकास कार्यों की जानकारी दी गई। समारोह में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 34 विभूतियों को सम्मानित किया गया। साथ ही योजनाओं के हितग्राहियों को चेक और सामग्री वितरित की गई। छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना के साथ शुरुआत कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कुरूद विधायक अजय चंद्राकर और अन्य जनप्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना कर किया। इसके बाद अतिथियों ने विभागीय प्रदर्शनी का अवलोकन किया। विधायक चंद्राकर ने विभिन्न स्टॉलों पर पहुंचकर योजनाओं, नवाचारों और जिले में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली। अधिकारियों ने योजनाओं के क्रियान्वयन और हितग्राहियों को मिल रहे लाभ के बारे में बताया। विधायक ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन शासन की योजनाओं और उपलब्धियों को आम नागरिकों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने लोगों से प्रदर्शनी का अवलोकन कर योजनाओं की जानकारी लेने की अपील की। अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को किया याद मुख्य अतिथि अजय चंद्राकर ने राज्योत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर है। उन्होंने राज्य निर्माण की परिस्थितियों और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का गठन केवल नए राज्य का निर्माण नहीं था, बल्कि यहां के लोगों की आकांक्षाओं, पहचान और विकास के सपनों को साकार करने की ऐतिहासिक पहल थी। चंद्राकर ने कहा कि बीते 26 वर्षों में प्रदेश ने कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, सड़क, बिजली और उद्योग सहित कई क्षेत्रों में प्रगति की है। ये उपलब्धियां प्रदेशवासियों के परिश्रम और निरंतर विकास प्रयासों का परिणाम हैं। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और जरूरतमंदों तक विकास का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। गंगरेल और सिहावा की पर्यटन संभावनाओं का किया जिक्र विधायक ने धमतरी की कृषि परंपरा, जल संसाधनों और प्राकृतिक संपदा को जिले के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने गंगरेल बांध, रविशंकर जलाशय और सिहावा क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने युवाओं से कौशल विकास और स्वरोजगार अपनाने तथा किसानों से आधुनिक कृषि तकनीक, फसल विविधीकरण और जल संरक्षण की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की। महापौर ने साझा किया ‘विक सित धमतरी-2027’ का विजन महापौर रामू रोहरा ने राज्योत्सव की बधाई देते हुए कहा कि 1 नवंबर छत्तीसगढ़वासियों के लिए ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा राज्य गठन की सौगात दिए जाने के बाद प्रदेश में हुए विकास कार्यों का उल्लेख किया। साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और वर्तमान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जारी विकास कार्यों की बात कही। महापौर ने धमतरी के विकास को लेकर ‘विकसित धमतरी-2027’ का विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि यह शहरवासियों की सामूहिक सोच और कल्पना है। विकास कार्यों के लिए स्वीकृतियां मिल चुकी हैं और जल्द ही विभिन्न कार्य शुरू होंगे। धमतरी को विकास के नए आयामों तक पहुंचाने के लिए नगरवासियों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से प्रयास जारी रहेंगे। पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने जिलेवासियों को राज्योत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की 26 वर्षों की विकास यात्रा सभी के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है। धमतरी जिला भी विकास के नए आयामों की ओर बढ़ रहा है और आने वाला समय जिले के लिए बेहतर संभावनाएं लेकर आएगा। उन्होंने बताया कि राज्योत्सव में लगाए गए विभागीय स्टॉलों के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाई जा रही है। कृषि, शहरी विकास और पशुपालन सहित विभिन्न विभागों ने अपनी योजनाओं, उपलब्धियों और गतिविधियों को प्रदर्शनी के माध्यम से प्रस्तुत किया है। जिला प्रशासन शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाने और पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। लोकनृत्य और बैंड की प्रस्तुति ने बांधा समां राज्योत्सव के मंच पर स्कूली बच्चों और स्थानीय कलाकारों ने छत्तीसगढ़ की लोककला, लोकनृत्य और पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिए दर्शकों को प्रदेश की समृद्ध लोकपरंपराओं से रूबरू कराया। वहीं दमादम मस्त कलंदर बैंड ग्रुप की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का माहौल बना दिया। बड़ी संख्या में मौजूद नागरिकों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया।
फतेहाबाद में वकीलों का प्रदर्शन:अशोभनीय टिप्पणी के विरोध में दीवानी बार एसोसिएशन ने जताया रोष
फतेहाबाद में अधिवक्ताओं के विरुद्ध अशोभनीय टिप्पणी किए जाने के विरोध में मंगलवार को दीवानी बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने सामूहिक बैठक कर विरोध प्रदर्शन किया। सभी अधिवक्ताओं ने एकजुटता दिखाते हुए न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि इलाहाबाद एवं दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने अधिवक्ताओं के प्रति की गई अशोभनीय टिप्पणियों से अधिवक्ता समुदाय में रोष व्याप्त है। अधिवक्ताओं ने इस प्रकार की टिप्पणियों को न्याय एवं अधिवक्ता समाज की गरिमा के विरुद्ध बताते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। इस संबंध में अधिवक्ताओं ने राज्यपाल के नाम एसडीएम फतेहाबाद को ज्ञापन सौंपा और मांग की कि न्यायालयों में लंबित वादों में सामान्य तिथियां नियत की जाएं। वादों की अगली तारीख नोटिस बोर्ड पर चस्पा कराई जाए। इस अवसर पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हरिसिंह अन्नौटिया, अनिलकुमार शर्मा और अरविन्दसिंह सदस्यगण मौजूद रहे।
सरगुजा के रजपुरी कला में मंगलवार सुबह युवक का शव घर के बाहर आंगन में पड़ा मिला है। युवक पत्नी के मायके जाने के बाद घर में अकेला रह रहा था। युवक के सिर एवं गले में चोट के निशान मिले हैं। घर और बाहर तक खून के निशान मिले हैं। मामला लखनपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, लखनपुर थाना अंतर्गत ग्राम रजपुरीकला के टिकरापारा का निवासी अंगद चौधरी (40 वर्ष) पिता घूर साय की पत्नी कुछ माह पहले मायके चली गई थी, तब से अंगद घर में अकेले रह रहा था। बीती रात 10 बजे परिजनों एवं गांववालों ने घर की ओर जाते देखा था। सुबह घर के बाहर आंगन में लोगों ने अंगद चौधरी का खून से लथपथ शव देखा और सूचना पुलिस को दी। घर में संघर्ष के निशान, गले व सिर में चोटें घटना की सूचना पर लखनपुर थाना प्रभारी संपत पोटाई पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के लिए फारेंसिक एवं डॉग स्क्वायड की टीम को भी बुलाया गया। मृतक के सिर एवं गले में गंभीर चोट के निशान मिले हैं। अंगद चौधरी के घर की कुर्सी टूटी हुई मिली और घर में भी खून फैला हुआ मिला। आशंका है कि घर में संघर्ष हुआ था, जिसके बाद उसपर जानलेवा हमला किया गया। संभवतः अंगद चौधरी ने बचने के लिए भागने की कोशिश की थी और वह आंगन में गिर गया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस मामले को प्रथम दृृष्टया हत्या मानकर जांच कर रही है। मृतक के अन्य परिवारजन कुछ दूर पर दूसरे घर में रहते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि रात को 10 बजे आसपास के लोगों ने अंगद को घर की ओर जाते देखा था। आशंका है कि घटना रात 10 बजे के बाद की है। पुलिस मामले में परिवारजनों एवं आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।
बोकारो में शंकर रवानी हत्याकांड के करीब दो साल से फरार आरोपी नागेश्वर सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हरला थाना पुलिस ने गुप्त सूचना पर बोकारो जनरल अस्पताल (बीजीएच) परिसर से उसे पकड़ा। वह वहां इलाज कराने पहुंचा था। सिटी डीएसपी राजीव रंजन ने बताया कि नागेश्वर सिंह हरला थाना कांड संख्या 78/24 में नामजद आरोपी है। वह लक्ष्मण सिंह का बेटा और चेताटांड़, महुआटांड़ का निवासी है। अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। पहले से दो मामले दर्ज हैं जांच के मुताबिक, हत्याकांड से पहले नागेश्वर ने रेकी की थी और साजिश रचने में उसकी भूमिका थी। सिटी डीएसपी ने बताया कि उसके खिलाफ पहले से दो मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, जांच और आरोपियों के बयान के आधार पर हत्याकांड में कुल 22 लोगों के नाम सामने आए। इनमें से 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। उनके खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल किया जा चुका है। मामले का मुख्य शूटर सिपु कुमार, जो बिहार के मोकामा का निवासी है, अब भी फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। जमानत पर बाहर चल रहे आरोपी राजू दुबे की संदिग्ध गतिविधियों के चलते उस पर सीसीए लगाने की कानूनी प्रक्रिया जारी है। पूछताछ के बाद नागेश्वर सिंह को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
अमानगंज थाना क्षेत्र की एक महिला ने ससुराल वालों पर मारपीट, गाली-गलौज और घर से निकालने का आरोप लगाया है। उसने पुलिस पर आरोपियों से मिलीभगत और उसे धमकाने की बात भी कही है। महिला पूजा नामदेव ने मंगलवार, 3 नवंबर को पन्ना पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर न्याय और सुरक्षा की मांग की। उसके पति आशीष कुमार नामदेव का करीब चार महीने पहले निधन हो गया था। वह अपने दो बच्चों के साथ रह रही है। पूजा के मुताबिक, पति की मौत के बाद से उसकी सास द्रोपती, ससुर संतोष नामदेव, जेठ रावेन्द्र, जेठानी पुष्पा और उनके बच्चे उसे परेशान कर रहे हैं। उसने आरोप लगाया कि अमानगंज पुलिस आरोपियों से मिली हुई है और उल्टा उसे धमकाती है। पूजा ने कहा कि ससुराल वालों के व्यवहार के कारण वह बच्चों के साथ रहने की जगह के लिए भटक रही है। उसने आवेदन में कहा कि न्याय और सुरक्षा नहीं मिलने पर वह आत्महत्या कर सकती है।
बुरहानपुर में युवा जनकल्याण मंडल ने नेपानगर और आसपास के क्षेत्रों में रेल सुविधाएं बढ़ाने की मांग की है। मंडल ने खंडवा सांसद, नेपानगर विधायक, रेल मंत्री, रेलवे बोर्ड, मध्य रेलवे के महाप्रबंधक, भुसावल मंडल रेल प्रबंधक, बुरहानपुर कलेक्टर समेत संबंधित अधिकारियों को सामूहिक मांग पत्र भेजा है। इसमें सनावद-खंडवा लोकल ट्रेन को भुसावल तक चलाने, कोविड-19 से पहले नेपानगर स्टेशन पर रुकने वाली ट्रेनों के ठहराव बहाल करने और दैनिक यात्रियों की जरूरत के अनुसार ट्रेनें चलाने की मांग की गई है। रोजगार और शिक्षा के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर हैं लोग मंडल के अनुसार, नेपानगर और आसपास के क्षेत्रों में उद्योग, रोजगार और कारोबार के पर्याप्त अवसर नहीं हैं। इसके कारण कई युवा, कर्मचारी और अन्य नागरिक रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और कारोबार के लिए खंडवा, बुरहानपुर, भुसावल समेत दूसरे शहरों पर निर्भर हैं। पर्याप्त रेल सुविधाएं नहीं होने से इन यात्रियों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। मांग पत्र में बताया गया कि क्षेत्र के करीब 1,500 से अधिक परिवारों के सदस्य रोज ट्रेन से सफर करते हैं। इनमें पुलिसकर्मी, डॉक्टर, नर्स, बैंक कर्मचारी, फार्मा और मेडिकल क्षेत्र के कर्मचारी, मार्केटिंग कर्मचारी, ड्राइवर, श्रमिक और निजी संस्थानों में काम करने वाले लोग शामिल हैं। इन परिवारों की आजीविका नियमित रेल सुविधा पर निर्भर है। सनावद-खंडवा लोकल रोज चलाने और भुसावल तक विस्तार की मांग मंडल ने बताया कि वर्तमान में सनावद-खंडवा लोकल ट्रेन सप्ताह में केवल पांच दिन संचालित होती है। दैनिक यात्रियों की जरूरत को देखते हुए इसका प्रतिदिन संचालन करने की मांग की गई है। साथ ही ट्रेन का विस्तार खंडवा से भुसावल तक करने की मांग रखी गई है। इससे नेपानगर, बुरहानपुर और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलने की बात कही गई है। कोविड से पहले वाले ट्रेन ठहराव बहाल करने की मांग मंडल के अनुसार, कोरोना महामारी के दौरान नेपानगर स्टेशन पर कई ट्रेनों के ठहराव बंद कर दिए गए थे। महामारी के बाद देश के कई रेलवे स्टेशनों पर ठहराव बहाल किए गए, लेकिन नेपानगर में यात्रियों को पहले जैसी सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। इसके कारण यात्रियों को दूसरे स्टेशनों तक अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों खर्च होते हैं। मंडल ने खंडवा, सनावद मेमो, सनावद-खंडवा मेमो, सैलाना, पुणे, काचीगुड़ा-भगत की कोठी, महानगरी एक्सप्रेस और मुंबई-हावड़ा मेल जैसी ट्रेनों के ठहराव और पुनः बहाली की मांग भी रखी है। युवा जनकल्याण मंडल ने मांग पत्र में छह प्रमुख मांगें रखी हैं- यात्रियों की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए रेलवे अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और यात्री प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक आयोजित करना। अमृत भारत स्टेशन योजना का भी दिया हवाला मांग पत्र में नेपानगर रेलवे स्टेशन के अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आधुनिकीकरण का भी उल्लेख किया गया है। मंडल का कहना है कि स्टेशन का भौतिक विकास तभी सार्थक होगा, जब यात्रियों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप ट्रेनों का संचालन और ठहराव भी सुनिश्चित किया जाए। मंडल ने कहा कि रेल सुविधाओं का विस्तार केवल यातायात की सुविधा का विषय नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक स्थिरता और आर्थिक विकास से भी जुड़ा है। मांगों पर निर्णय होने से नेपानगर और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को राहत मिलने के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।
कुड़नी धाम में पूजा-अर्चना:श्रद्धालुओं ने हनुमान चालीसा का पाठ कर बजरंगबली को अर्पित किया भोग
कुड़नी धाम स्थित श्री हनुमान दरबार में मंगलवार को श्रद्धालुओं ने बजरंगबली के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। भक्तों ने हनुमान जी को भोग अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और संकटों से मुक्ति की कामना की। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। मंगलवार को हनुमान जी की पूजा के विशेष महत्व के चलते मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल रहा। श्रद्धालुओं ने हनुमान चालीसा का पाठ किया और जय श्रीराम व जय बजरंगबली के जयकारे लगाए। दूर-दराज के क्षेत्रों से भी भक्त दर्शन के लिए पहुंचे।
शाहजहांपुर के त्रिलोकपुरी गांव में मंगलवार दोपहर करीब एक बजे पति ने पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी पति शिवम को हिरासत में लिया है। घटना मंगलवार को थाना निगोही क्षेत्र में हुई। मृतका की पहचान 22 साल की रेश्मा के रूप में हुई है। उसका मायका निगोही के चौड़ेरा गांव में है। रेश्मा और शिवम की शादी तीन साल पहले हुई थी। दोनों के बीच घरेलू विवाद चल रहा था। रेश्मा मंगलवार सुबह ही मायके से ससुराल आई थी। घर के अंदर विवाद के बाद गोली चलने की आवाज आई। इसके बाद स्थानीय लोग घर के बाहर इकट्ठा हुए और मायके पक्ष को सूचना दी। मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंच गये। शव देखने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। सीओ सदर शुभम वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में ले लिया। एसपी सिटी देवेंद्र सिंह ने बताया कि पति पत्नी के बीच घरेलु विवाद चल रहा था। मामूली विवाद के बाद पति ने पत्नी को गोली मारी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। आरोपी पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
आचार्य नरेंद्र देव नगर निगम महिला महाविद्यालय, कानपुर में दो दिवसीय दीपावली मेले का आयोजन किया गया। 2 एवं 3 नवंबर 2026 को कौशल विकास समिति एवं चित्रकला विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हुए कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या प्रोफेसर अर्चना सक्सेना द्वारा किया गया। मेले का उद्देश्य छात्राओं की कलात्मक प्रतिभा, हस्तकौशल एवं उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करना था। इसमें 25 वर्तमान एवं भूतपूर्व छात्राओं ने सहभागिता करते हुए बंदनवार, हस्तनिर्मित दीप, दीपावली सजावट, पेंटिंग, वॉल हैंगिंग एवं विभिन्न सजावटी वस्तुओं का प्रदर्शन एवं विक्रय किया। महाविद्यालय की शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक खरीदारी कर छात्राओं का प्रोत्साहन किया। प्राचार्या ने छात्राओं के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे महिला सशक्तीकरण एवं आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। यह आयोजन रचनात्मकता, कौशल विकास एवं स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने वाला सफल मंच सिद्ध हुआ।
रेवाड़ी के गांव बूढ़पुर में एक एनआरआई युवक और उनके माता-पिता के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। सदर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर गांव निवासी बबरूभान, मीनाक्षी, विनोद, गजेन्द्र यादव व संगीता के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं पीड़ित पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि जल्द इस मामले को लेकर एसपी से मुलाकात करेंगे। पुलिस को दी शिकायत में गांव बूढपुर निवासी रमेश ने बताया कि 31 अक्टूबर को सुबह करीब 9 बजे रमेश कुमार की गजेन्द्र यादव के साथ रास्ते को लेकर बहस हुई थी। उस समय रमेश की पत्नी बीना भी उसके साथ थी। शिकायत में रमेश ने बताया कि इसी दौरान बबरूभान, उसकी पत्नी मीनाक्षी, विनोद, गजेन्द्र और उसकी पत्नी संगीता ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि विनोद ने रमेश को मुक्के मारे, जबकि बबरूभान ने पत्थर और सरिये से हमला किया। बीच-बचाव करने पहुंचे बेटे वरुण के सिर पर भी पत्थर मारा गया। वहीं मीनाक्षी ने बीना को धक्का देकर गिरा दिया और बबरूभान ने रमेश के सीने पर लात मारी। पुत्रवधू से अभद्रता का भी लगाया आरोप रमेश ने शिकायत में अपनी पुत्रवधू के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप भी लगाया है। उसका कहना है कि अनुराधा घटना का वीडियो बना रही थी, तभी मीनाक्षी ने उसे धक्का दिया। बबरूभान के बेटे यश पर भी अश्लील व्यवहार करने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में गजेन्द्र और संगीता पर परिवार को जान से मारने की धमकी देने की बात भी कही गई है। तीन घायलों की मेडिकल रिपोर्ट में आठ चोटें दर्ज पुलिस ने घायलों की मेडिकल रिपोर्ट हासिल की है। इसमें रमेश के शरीर पर चार, वरुण के शरीर पर एक और बीना के शरीर पर तीन चोटें दर्ज हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि मारपीट के बाद बीना को चलने-फिरने में भी परेशानी हो रही है। परिवार ने पुलिस को घटना का वीडियो भी उपलब्ध कराया है। उनका दावा है कि वीडियो में आरोपी पक्ष के लोग पत्थर और लाठियों से हमला करते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस पर लगाए आरोपियों को बचाने के आरोप पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सामान्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। आरोपी पक्ष के साथ उनका रास्ते को लेकर कोई विवाद नहीं था। घटना के समय परिवार की किसी अन्य व्यक्ति से नाली को लेकर बहस हो रही थी। इसी दौरान पुरानी रंजिश के चलते आरोपी पक्ष ने पत्थर और लाठियों से हमला किया। परिवार ने पुलिस पर आरोपी पक्ष को बचाने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मारपीट की गंभीरता के बावजूद सामान्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। परिवार ने पुलिस को दिए वीडियो के आधार पर निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि आरोपी के खिलाफ पहले भी केस दर्ज है। उनके परिवार के साथ पहले भी मारपीट की जा चुकी है। लेकिन पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ पहले भी केस दर्ज है। घटना के बाद उनके परिवार के सदस्यों को लगातार परेशान किया जा रहा है। लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नही कर रही है। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया केस पुलिस ने जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 115, 126, 351(3), 190 और 192(2) के तहत केस दर्ज किया है। एक्स-रे रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार, रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्नाव में मंगलवार दोपहर ट्रैक्टर की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। वह अचलगंज के हड़हा स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में बाबू थे। हादसा आजाद नगर बाजार के पास हुआ। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उनकी पत्नी बिहार में लेखपाल हैं। प्रवीण मिश्रा (32) शुक्लागंज के गायत्री नगर स्थित भातू फर्म वाली गली में रहते थे। वह अरुण मिश्रा के बेटे थे। मंगलवार को बाइक से जाते समय उनकी बाइक ट्रैक्टर से टकरा गई। टक्कर लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची गंगाघाट पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस के मुताबिक, दुर्घटना में प्रवीण की मौत हो गई। उनकी बाइक का नंबर यूपी 35 बीबी 1242 है। पत्नी पाटन में लेखपाल, मातृत्व अवकाश पर प्रवीण की पत्नी प्रिया पाटन क्षेत्र के बिहार तकिया में लेखपाल हैं। वह फिलहाल मातृत्व अवकाश पर चल रही थीं। पति की मौत से परिवार में मातम छा गया। ट्रैक्टर की तलाश में जुटी पुलिस इंस्पेक्टर अजय सिंह ने बताया कि हादसे में शामिल ट्रैक्टर की तलाश की जा रही है। परिजनों की तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की 26वीं वर्षगांठ के अवसर पर सोमवार को बलौदाबाजार के पंडित चक्रपाणी शुक्ल शासकीय हाई स्कूल मैदान में जिला स्तरीय राज्योत्सव का आयोजन किया गया। ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ थीम पर आयोजित समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री, चाबियां और सहायता राशि वितरित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, अति विशिष्ट अतिथि स्वास्थ्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी श्याम बिहारी जायसवाल तथा अन्य अतिथियों ने भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के सामने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। हितग्राहियों को आवास की चाबी राज्योत्सव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 10 हितग्राहियों को आवास की चाबियां सौंपी गईं। राजस्व विभाग ने 25 हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख वितरित किए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 4 हितग्राहियों को चश्मे दिए गए। कृषि विभाग ने 5 किसानों को सरसों के बीज और 5 किसानों को स्वाइल हेल्थ कार्ड प्रदान किए। मत्स्य विभाग ने 4 हितग्राहियों को मछली पकड़ने के जाल और आइस बॉक्स वितरित किए। समाज कल्याण विभाग की ओर से 2 दिव्यांग हितग्राहियों को व्हीलचेयर दी गईं। वहीं, वन विभाग ने तेंदूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत एक हितग्राही को 2 लाख रुपए का चेक सौंपा। इसके अलावा बाढ़ राहत कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पुलिस बल के जवानों, नेत्रदान करने वालों के परिजनों और देहदान करने वालों को सम्मानित किया गया। सांसद बोले- विकास में सभी की सहभागिता जरूरी मुख्य अतिथि सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने राज्य निर्माण का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों, महिलाओं और युवाओं की तरक्की के लिए काम कर रही है। अग्रवाल ने कहा कि बलौदाबाजार-भाटापारा जिले को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए सभी की सहभागिता जरूरी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही रायपुर से बलौदाबाजार-सारंगढ़ तक फोरलेन सड़क बनेगी, जिससे आवागमन सुगम होगा। उनके मुताबिक, जिले के गांवों में सड़क, पानी, बिजली, स्कूल और अस्पताल जैसी सुविधाओं का विस्तार हुआ है। उन्होंने जल संरक्षण के क्षेत्र में जिले की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। गौरीशंकर अग्रवाल ने जिले की विशेषताओं का किया उल्लेख पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद प्रदेश और जिले में विकास स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले को वीरों और संतों की भूमि बताते हुए कहा कि यहां खनिज संपदा के साथ वन, कृषि और उद्योग के क्षेत्र में भी गतिविधियां हो रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जन आकांक्षाओं के अनुरूप काम कर रही है। कार्यक्रम को पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा और जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल ने भी संबोधित किया। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने स्वागत प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए जिला स्तरीय राज्योत्सव और जिले की प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने जिले के विकास के लिए जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता भी जताई। गीतों पर झूमे दर्शक, लोक कलाकारों ने दी प्रस्तुति राज्योत्सव की सांस्कृतिक संध्या में छत्तीसगढ़ी गायिका पायल साहू ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों का मनोरंजन किया। इसके साथ ही शरद अग्रवाल एंड ग्रुप ने ‘रंग सरगम’, अयान ने पियानो वादन और लोक कला मंच ‘नवरंग’ व ‘मया’ के कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। स्कूली विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। करीब 20 विभागों ने लगाई विकास प्रदर्शनी समारोह में अतिथियों ने विभिन्न विभागों की उपलब्धियों और सरकारी योजनाओं पर आधारित विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राजस्व, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, उद्योग, कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, पशुपालन, जनसंपर्क और स्वास्थ्य सहित करीब 20 विभागों ने प्रदर्शनी लगाई। इस दौरान विभिन्न विभागों ने योजनाओं के तहत हितग्राहियों को सामग्री और प्रशस्ति पत्र भी वितरित किए।
सक्सेना तिराहे पर महाप्रसाद बांटा गया:पनियरा विधायक ने पूजा की, सदर विधायक भी रहे मौजूद
महराजगंज में 3 नवंबर को सक्सेना तिराहे पर महाप्रसाद वितरण कार्यक्रम हुआ। सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया ने इसका आयोजन किया। पनियरा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। ज्ञानेंद्र सिंह ने हनुमान जी की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने श्रद्धालुओं को महाप्रसाद बांटा। प्रमुख प्रतिनिधि राम हरख गुप्ता और इंजीनियर विवेक गुप्ता ने भी पूजा-अर्चना कर प्रसाद वितरित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक पहुंचे। उन्होंने हनुमान जी के दर्शन किए और महाप्रसाद ग्रहण किया। ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि भगवान हनुमान शक्ति, साहस, समर्पण और निस्वार्थ सेवा के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि उनकी आराधना से कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। हनुमान जी का जीवन कर्तव्यनिष्ठा, सेवा भावना और प्रभु के प्रति समर्पण की सीख देता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखते हैं और समाज में प्रेम, भाईचारे और सद्भाव को मजबूत करते हैं। ऐसे आयोजनों में जनप्रतिनिधियों और आम लोगों की भागीदारी सामाजिक एकता का संदेश देती है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और नगरवासियों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर जिला मंत्री दिनेश जायसवाल, जिला कोषाध्यक्ष आकाश गुप्ता, मानवेंद्र द्विवेदी, अजय पटेल, मानवेंद्र सिंह, अभिषेक श्रीवास्तव, राकेश अग्रहरी, राम नारायण निगम और संजीव शुक्ला सहित अन्य लोग और श्रद्धालु मौजूद रहे।
श्रीनगर के सांसद आगा रुहुल्लाह मेहदी ने CM उमर अब्दुल्ला पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस कुर्सी पर उमर बैठे हैं, वह सबके लिए दुख का कारण बन गई है और सत्ता के लिए गरिमा दांव पर नहीं लगानी चाहिए।
KGMU के पीडियाट्रिक विभाग में छह साल की बच्ची की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। गुस्साए परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। रोते-बिलखते परिजन कह रहे थे कि उनकी बच्ची पहले ठीक से बोलती थी, बैठती और उठती थी। करीब डेढ़ महीने से उसका इलाज चल रहा था। परिजनों का आरोप था कि बच्ची को वेंटिलेटर से हटाकर वार्ड में शिफ्ट किया गया और इसके बाद उसकी मौत हो गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में परिजन डॉक्टरों पर बच्ची की जान लेने का आरोप लगाते हुए अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। बच्ची की मौत के बाद करीब साढ़े चार घंटे तक विभाग में हंगामा होता रहा। इस दौरान दूसरे मरीजों का इलाज भी प्रभावित हुआ। घटना सोमवार सुबह की है। वेंटिलेटर से हटने के बाद वार्ड में किया था शिफ्ट जानकारी के मुताबिक, बाराबंकी निवासी आरोही को 27 सितंबर को KGMU में भर्ती कराया गया था। उसे GBS (गुइलेन-बैरे सिंड्रोम) था। डॉक्टरों के मुताबिक, इलाज के दौरान उसकी हालत में सुधार हो रहा था। 21 अक्टूबर से धीरे-धीरे वेंटिलेटर हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई और 23 अक्टूबर से वह पूरी तरह वेंटिलेटर से बाहर थी। मौत से एक दिन पहले उसे PICU से सेमी प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट किया गया था। सोमवार सुबह अचानक उसे सांस लेने में परेशानी हुई। डॉक्टरों ने दो से तीन घंटे तक उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। सुबह 5 बजे तक ठीक थी बच्ची पीडियाट्रिक विभाग के डॉक्टर के मुताबिक, GBS में हाथ-पैर में पैरालिसिस के साथ सांस लेने में भी परेशानी हो सकती है। आरोही को शुरुआत में वेंटिलेटर पर रखा गया था। उसके बाद बच्ची PICU में थी। इसके बाद उसे सेमी प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट किया गया। यहां सक्शन, ऑक्सीजन और मॉनिटरिंग की व्यवस्था थी। डॉक्टर के मुताबिक, सोमवार सुबह 5 बजे तक बच्ची की हालत ठीक थी। सुबह 6 बजे नर्सिंग स्टाफ वाइटल मॉनिटर करने पहुंचा तो उसे सांस लेने में परेशानी मिली। सांस की नली में खाना जाने की आशंका इलाज करने वाले डॉक्टर ने आशंका जताई कि रात में खाना खिलाने के बाद बच्ची लेटी हुई थी। इस दौरान उसे उल्टी हुई होगी और खाने का कुछ हिस्सा सांस की नली में चला गया होगा। सुबह उसकी हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन उसकी मौत हो गई। हालांकि, मौत की वजह की अभी पुष्टि नहीं हुई है। जूनियर डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ से अभद्रता का आरोप बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। डॉक्टर के मुताबिक, सुबह करीब 7:30 बजे सबसे पहले PRO मौके पर पहुंचे। इसके बाद MS, प्रॉक्टर और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंच गए। डॉक्टरों का आरोप है कि परिजनों ने जूनियर डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के साथ गाली-गलौज और हाथापाई की। स्टाफ को काम करने से रोका और खींचतान भी की। डॉक्टरों ने प्रॉक्टर को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को भी परिजनों को समझाने में करीब दो घंटे लगे। सुबह करीब 10:30 बजे तक हंगामा चलता रहा। डॉक्टर के मुताबिक, बच्ची के माता-पिता के अलावा तीन-चार अन्य परिजन भी मौजूद थे। इनमें बच्ची के मामा के भी हंगामे में शामिल होने की बात कही गई।
उमरिया जिले के पाली विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खिचकिड़ी के विद्यार्थियों ने स्कूल प्रबंधन पर मनमानी और लापरवाही के आरोप लगाए हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि दो साल से फीस जमा करने के बाद भी उन्हें रसीद नहीं दी जा रही है। पात्र होने के बावजूद संबल योजना का लाभ भी नहीं मिल रहा। मंगलवार को विद्यार्थी अपनी शिकायत लेकर जिला मुख्यालय में कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में पहुंचे। दो बसें बदलकर पहुंचे कलेक्ट्रेट विद्यार्थियों का गांव जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर है। वे दो बसें बदलकर जनसुनवाई में पहुंचे और प्राचार्य के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की मांग की। शिकायत सुनने के बाद सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग पूजा द्विवेदी ने विद्यार्थियों से पढ़ाई पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने मौके से ही प्राचार्य को फोन कर समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्राचार्य पर लगे आरोपों की जांच शुरू कर दी गई है। खेल सामग्री होने के बाद भी इस्तेमाल नहीं शिकायत करने पहुंचे छात्र संजय ने बताया कि दो साल से फीस जमा करने के बाद भी विद्यार्थियों को रसीद नहीं दी जा रही है। पात्र विद्यार्थियों को संबल योजना का लाभ भी नहीं मिल रहा। संजय के मुताबिक, स्कूल में खेलकूद की सामग्री उपलब्ध है, लेकिन बच्चों को उसका इस्तेमाल नहीं करने दिया जाता। विद्यार्थियों ने अपनी समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की है।
अलीराजपुर के एक्सीलेंट पब्लिक स्कूल की कक्षा 9वीं और 10वीं की मान्यता संबंधी फाइल आगे बढ़ाने के बदले एक लाख रुपए मांगने का आरोप लगा है। स्कूल संचालक खेमराज राठौड़ ने जिला शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर यह आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रुपए देने से इनकार करने के बाद आवेदन ऑनलाइन पोर्टल पर लंबित रखा जा रहा है। मंगलवार, 3 नवंबर को उन्होंने कलेक्टर की जनसुनवाई में लिखित शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। हाईस्कूल की मान्यता लेने में धांधली का आरोप संचालक के अनुसार, पंचेश्वर मार्ग, दाहोद नाका स्थित एक्सीलेंट पब्लिक स्कूल ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए हाईस्कूल की मान्यता लेने निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन किया था। आवेदन क्रमांक DPI 27000198 और विद्यालय का UDISE कोड 23490204018 है। इसके लिए 15 अक्टूबर 2026 को निर्धारित शुल्क भी जमा कराया गया था। निरीक्षण के बाद आगे नहीं बढ़ी प्रक्रिया शिकायत के मुताबिक, मान्यता प्रक्रिया के तहत संकुल प्राचार्य और बीईओ स्तर से स्कूल का भौतिक सत्यापन किया जाना था। इसके बाद निरीक्षण रिपोर्ट और मत दर्ज कर फाइल जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय भेजी जानी थी। संचालक का आरोप है कि निरीक्षण टीम स्कूल पहुंची, लेकिन इसके बाद जरूरी अभिमत दर्ज कर प्रोसेस आगे नहीं बढ़ाई गई। उन्होंने शिकायत में बताया कि इसके बाद उन्हें कभी संकुल प्राचार्य तो कभी BEO कार्यालय भेजा जाता रहा। शिकायत में DEO कार्यालय के कर्मचारी धनगर को फाइल देने के लिए कहे जाने का भी उल्लेख किया गया है। 2 नवंबर को भी रुपए मांगने का आरोप संचालक का आरोप है कि मान्यता की फाइल आगे बढ़ाने के बदले उनसे एक लाख रुपए मांगे गए। उनका कहना है कि 2 नवंबर को डीईओ कार्यालय के बाहर भी कथित तौर पर यह मांग दोहराई गई। उन्होंने रुपए देने से इनकार करने के कारण आवेदन लंबित रखे जाने का आरोप लगाया। उन्होंने आशंका जताई कि तय समय-सीमा समाप्त होने पर आवेदन निरस्त हो सकता है। स्वतंत्र जांच-पोर्टल लॉगिन हिस्ट्री की मांग संचालक ने दावा किया है कि स्कूल में भवन सुरक्षा, फायर सेफ्टी, खेल मैदान, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, निर्धारित आकार के कक्ष और योग्य शिक्षक सहित मान्यता के लिए जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कलेक्टर से जिला पंचायत सीईओ अथवा अपर कलेक्टर की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। शिकायत में पोर्टल की लॉगिन हिस्ट्री निकलवाकर यह पता लगाने का अनुरोध किया गया है कि आवेदन किस अधिकारी के पास कितने समय तक लंबित रहा। संचालक ने यह भी मांग की है कि स्कूल में कोई तकनीकी कमी होने पर लिखित कमी-पत्र जारी किया जाए और सभी मापदंड पूरे होने पर नियमानुसार मान्यता प्रक्रिया पूरी की जाए।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में कृषि उपज मंडी के पीछे स्थित श्रीकृष्ण गौशाला में मंगलवार सुबह चौकीदार के कमरे की छत का बीच वाला हिस्सा टूटकर गिर गया। घटना के समय कमरे में चौकीदार रतनलाल और उनकी पत्नी मौजूद थे। छत से कंकड़ गिरते देखकर दोनों समय रहते उस जगह से हट गए। इसके कुछ देर बाद छत का बीच वाला हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया। हादसे में रतनलाल के कंधे में चोट आई है। रतनलाल दिव्यांग हैं और करीब 40 साल से श्रीकृष्ण गौशाला में चौकीदार के रूप में काम कर रहे हैं। उनकी पत्नी और पूरा परिवार गौशाला परिसर में बने इसी कमरे में रहता है। बताया गया कि कमरे की छत लंबे समय से जर्जर थी। कुछ दिन पहले गौशाला समिति के सदस्यों ने छत की ऊपर से मरम्मत भी करवाई थी। कंकड़ गिरते देख कमरे से हटे, फिर गिरी छत रतनलाल ने बताया कि घटना के समय वे पलंग के पास बैठे थे, जबकि उनकी पत्नी खाना बना रही थी। इसी दौरान छत से कंकड़ गिरने लगे। खतरा देखते हुए दोनों कमरे में उस जगह से दूर हट गए। कुछ देर बाद छत का बीच वाला हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर गया। इससे कमरे में मलबा फैल गया। रतनलाल के मुताबिक, वे इसी कमरे में रोज सोते थे। उन्होंने कहा कि अगर कंकड़ गिरते देखकर वे और उनकी पत्नी समय रहते वहां से नहीं हटते तो बड़ा नुकसान हो सकता था।
मेडिकल व डेंटल काउंसलिंग बोर्ड, जयपुर की ओर से ऑल इंडिया 15 प्रतिशत कोटा एमबीबीएस स्पेशल स्ट्रे-वैकेंसी राउंड और बीडीएस व बीएससी-नर्सिंग काउंसलिंग राउंड 5 के लिए वैकेंट सीट मैट्रिक्स जारी कर दी गई है। जारी की गई वैकेंट सीट-मैट्रिक्स के अनुसार- देश भर में कुल 1219 सीटें खाली है, इसमें एमबीबीएस की 946, बीडीएस की 207 और बीएससी-नर्सिंग की 66 सीटें शामिल हैं। देश भर की कुल 946 खाली एमबीबीएस सीटों में से मात्र 25 गवर्नमेंट सीटें उपलब्ध है। एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया कि बाकि सीटें प्राइवेट और अन्य कोटे की हैं। सीट-मैट्रिक्स के अनुसार राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, असम तथा झारखंड जैसे बड़े राज्यों के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एक भी सीट खाली नहीं बची है। 15 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में बची हैं 25 सरकारी एमबीबीएस सीटें देश भर के 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 25 सरकारी एमबीबीएस सीटें खाली बची है। इनमें बिहार, महाराष्ट्र व पश्चिम बंगाल में 3-3 सरकारी एमबीबीएस सीटें, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, तमिलनाडु व उत्तराखंड में 2-2 सरकारी सीटें खाली हैं। दिल्ली, गोवा, गुजरात, मेघालय, पुडुचेरी, सिक्किम, तेलंगाना व उत्तर प्रदेश में 1-1 सरकारी एमबीबीएस सीट बची है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और फीस जमा करने की लास्ट डेट 4 नवंबर एमसीसी की ओर से जारी आधिकारिक शेड्यूल के अनुसार- अभ्यर्थी 4 नवंबर, बुधवार तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन एवं फीस डिपोजिशन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन एवं फीस डिपोजिशन 2 नवंबर से 4 नवंबर है। चॉइस-फिलिंग एवं लॉकिंग की लास्ट डेट 5 नवंबर है। अलॉटमेंट का लास्ट परिणाम 7 नवंबर को घोषित किया जाएगा। सीट आवंटित होने वाले विद्यार्थियों को 7 नवंबर से 16 नवंबर के बीच संबंधित मेडिकल कॉलेजों में अपनी उपस्थिति और रिपोर्टिंग दर्ज करानी होगी।
धनबाद के पुटकी थाना क्षेत्र के न्यू मेरिन मुंडा पट्टी में मंगलवार को 22 वर्षीय जयपाल गगराई का शव पेड़ से लटका मिला। सूचना पर परिवार और पुलिस मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को नीचे उतारकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। जयपाल की मां बिंदिया गगराई ने बताया कि सोमवार को उसका दो लोगों से किसी बात पर झगड़ा हुआ था। दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज भी हुई। इसके बाद जयपाल घर लौटा और मां का मोबाइल फोन लेकर बाहर चला गया। मंगलवार सुबह मां ने अपनी बेटी से चाय बनाने को कहा, क्योंकि उन्हें ड्यूटी पर जाना था। इसी दौरान उनकी भतीजी घर पहुंची और जयपाल का शव पेड़ से लटका होने की जानकारी दी। परिवार के लोग इसके बाद मौके पर पहुंचे। बिंदिया के मुताबिक, जयपाल ने आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। इसके बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी थी और फिलहाल काम नहीं कर रहा था। पुटकी थाना प्रभारी मुकेश चौधरी ने बताया कि पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। उन्होंने कहा कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि मामला हत्या का है या आत्महत्या का। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह साफ होगी। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
इमरजेंसी एग्जिट डोर छूते ही बजा अलार्म, IndiGo फ्लाइट में फैली दहशत
दिल्ली से पुणे जा रही इंडिगो उड़ान में 33 वर्षीय यात्री ने कथित तौर पर आपात निकास के लीवर कवर से छेड़छाड़ की, जिससे अलार्म बज उठा. घटना के बाद यात्रियों में घबराहट फैल गई और चालक दल की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की.
पोइया घाट पर पांटून पुल पर आई बाधा, यमुना का जलस्तर बढ़ने से मिट्टी कटी
ओखला बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से आगरा के पोइया घाट पर बन रहे पैंटून पुल का कार्य प्रभावित हुआ है। मिट्टी का कटाव होने से पुल के निर्माण में देरी हो सकती है, हालांकि अधिकारियों का दावा है कि यह दीपावली से पहले चालू हो जाएगा।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'हिमाचल प्रदेश गवाह संरक्षण योजना-2026' अधिसूचित की है।
इंदौर कोचिंग ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ठाकुर रवि दांगी को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में अभिनेता एवं समाजसेवी सोनू सूद ने सम्मानित किया। सोमवार को एसोसिएशन के सक्रिय संचालन और विद्यार्थियों, कोचिंग संस्थानों के साथ समाजहित में किए गए कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। कोरोना महामारी के दौरान एसोसिएशन ने विद्यार्थियों की मदद के लिए विशेष अभियान चलाया था। इस दौरान करीब 5 हजार से 10 हजार विद्यार्थियों तक सहायता पहुंचाने, उन्हें घर भेजने और राशन उपलब्ध कराने जैसे काम किए गए थे। महामारी के कठिन दौर में विद्यार्थियों के सामने आई परेशानियों को देखते हुए एसोसिएशन ने राहत और सहयोग की पहल की थी। शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े इन प्रयासों की भी कार्यक्रम में सराहना की गई। रवि दांगी बोले- यह पूरे कोचिंग परिवार की एकजुटता का सम्मान सम्मान मिलने पर रवि दांगी ने कहा कि यह सम्मान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे कोचिंग परिवार की एकजुटता, विश्वास और सामूहिक प्रयासों का है। उन्होंने यह सम्मान इंदौर के सभी कोचिंग संचालकों, शिक्षकों, एसोसिएशन के सदस्यों, सहयोगियों और विद्यार्थियों को समर्पित किया। दांगी ने कहा कि सभी के सहयोग से ही शिक्षा और समाज के हित में लगातार काम करना संभव हो पाया है। यह सम्मान गर्व के साथ आगे और बेहतर काम करने की नई जिम्मेदारी भी देता है।
दीपोत्सव में परिवार संग राम की पैड़ी पर दीप जलाएंगे:बोले- भगवान राम के आगमन की तरह सज रही अयोध्या
रामनगरी अयोध्या में दीपोत्सव 2026 की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। पूरी अयोध्या को सजाया और संवारा जा रहा है। इस बीच बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने दीपोत्सव को लेकर खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि भगवान राम के आगमन की तैयारियां हो रही हैं। पूरी नगरी को भव्य रूप दिया जा रहा है। इकबाल अंसारी ने कहा कि जब भगवान राम अयोध्या आए थे, तब भी पूरी रामनगरी को इसी तरह सजाया गया था। आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दीपोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह अयोध्या के लिए खुशी और उत्साह का अवसर है। परिवार के साथ राम की पैड़ी पर जलाएंगे दीप इकबाल अंसारी ने बताया कि दीपोत्सव के दिन वह अपने परिवार के साथ राम की पैड़ी जाएंगे। वहां दीप प्रज्वलित कर इस उत्सव में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि दीपों के इस महाकुंभ का साक्षी बनना उनके लिए खुशी की बात होगी। अयोध्या में दीपोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भगवान राम के प्रति आस्था और उल्लास का पर्व है। इसकी तैयारियों में पूरी नगरी उत्साह के साथ जुटी हुई है।
गोंडा में पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने राहुल गांधी के विदेशी और स्वदेशी को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार किया। वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला के SIR संबंधी बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, देखिए, बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी। कम से कम विदेशी और स्वदेशी के सवाल पर राहुल गांधी को बचना चाहिए। उनकी मानसिकता लोकतंत्र में नहीं है, वे लोकतंत्र में विश्वास नहीं रखते। इसीलिए वे अमेरिका का हवाला देते हैं। बांग्लादेश में जो चल रहा है, उसका हवाला देते हैं। नेपाल और पाकिस्तान के नजरिए से इस देश को देखते हैं। ये बात मंगलवार सुबह 10:30 बजे आवास पर जनता दर्शन के दौरान कहा। उन्होंने कहा कि संसद में इस्तीफे की मांग और दूसरे मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय ऐसे बयान दिए जा रहे हैं। संसद इसी उद्देश्य से बनी है कि वहां अपनी बात रखी जा सके। उन्होंने कहा, “कौन विदेशी है और कौन स्वदेशी है, बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी। राहुल जी को इस सवाल पर बचना चाहिए। पूरा देश जानता है।” SIR पर बोले- दो जगह नाम होने पर काटे गए फारूक अब्दुल्ला के SIR संबंधी बयान पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला पुराने नेता हैं, लेकिन उनके सोचने का तरीका सही नहीं है। उन्होंने दावा किया कि गृहमंत्री अमित शाह के मुताबिक, पूरे देश में 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से कटे हैं। इनमें से तीन करोड़ ऐसे मतदाता थे, जो घुसपैठिए थे। उन्होंने कहा कि जिन 9 करोड़ मतदाताओं के नाम कटने की बात कही जा रही है, उनमें ऐसे लोग भी थे जिनके नाम एक से अधिक जगह मतदाता सूची में दर्ज थे। बृजभूषण के मुताबिक, दो या तीन जगह नाम होने के कारण ऐसे नाम हटाए गए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने की कार्रवाई हिंदू-मुस्लिम के आधार पर नहीं हुई है।
छतरपुर नगर पालिका के उपयंत्री (सिविल) गोकुल प्रजापति का तबादला कर दिया गया है। मध्यप्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने 2 नवंबर को इसका आदेश जारी किया। उन्हें उज्जैन विकास प्राधिकरण में पदस्थ किया गया है। मेले की व्यवस्थाओं और खर्च को लेकर उठे थे सवाल ऐतिहासिक जलबिहार मेले के आयोजन के दौरान व्यवस्थाओं, निर्माण कार्यों और प्रबंधन को लेकर सवाल उठे थे। मेले में कथित अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप लगे थे। पार्षदों सहित अन्य लोगों ने इस संबंध में शिकायतें भी की थीं। मेले की व्यवस्थाओं का नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति चौरसिया और सीएमओ माधुरी शर्मा ने भी निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने जरूरी दिशा-निर्देश दिए थे। तत्काल प्रभाव से किया गया तबादला शासन के आदेश क्रमांक एफ 1/1/41/0001/2026/18-5 के अनुसार, स्थानांतरण नीति 2026 की कंडिका 8.7 के तहत गोकुल प्रजापति को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से उज्जैन विकास प्राधिकरण में पदस्थ किया गया है। जलबिहार मेले को लेकर उठी शिकायतों और विवादों के बीच उनके तबादले से मामला फिर चर्चा में है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने स्पष्ट किया है कि वकील की गलती के लिए मुवक्किल को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। कोर्ट ने महिला के खिलाफ निचली अदालत में हुई एकतरफा कार्रवाई और उससे जुड़े आदेश निरस्त कर दिए। महिला चंडीगढ़ में रहती हैं और इंदौर में चल रहे केस की जानकारी अपने वकील से वॉट्सऐप के जरिए ले रही थीं। हाई कोर्ट ने पाया कि वकील ने उन्हें मामले की वास्तविक स्थिति के बजाय गलत जानकारी दी थी। कोर्ट ने निचली अदालत को महिला को दोबारा सुनवाई का अवसर देने और कानून के अनुसार नया आदेश पारित करने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस संदीप एन. भट्ट ने 30 अक्टूबर 2026 को ज्योति सिंह की याचिका पर यह फैसला सुनाया। महिला ने संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत याचिका दायर कर 16 फरवरी और 1 सितंबर 2026 के आदेशों के साथ 23 सितंबर 2025 की एकतरफा कार्रवाई को चुनौती दी थी। मामला इंदौर के सिविल जज वरिष्ठ श्रेणी के न्यायालय में चेतन लश्करी बनाम ज्योति सिंह के नाम से विचाराधीन है। केस का स्टेटस पूछने पर वकील ने दी गलत जानकारी महिला की ओर से एडवोकेट राघवेंद्र सिंह रघुवंशी ने बताया कि ज्योति सिंह चंडीगढ़ में रहती हैं। इंदौर में चल रहे मुकदमे की पैरवी के लिए उन्होंने एडवोकेट रोहित दुबे को नियुक्त किया था। महिला लगातार वॉट्सऐप के माध्यम से केस की स्थिति पूछती रहीं और वकील से मिली जानकारी पर भरोसा करती रहीं। इसी दौरान उनकी अनुपस्थिति में निचली अदालत ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए आदेश पारित कर दिए। महिला की ओर से तर्क दिया गया कि उन्होंने अपने स्तर पर मामले की जानकारी लेने का प्रयास किया था। ऐसे में एडवोकेट की गलती के कारण उन्हें न्यायिक प्रक्रिया से बाहर नहीं किया जा सकता। इसके समर्थन में सुप्रीम कोर्ट के रफीक बनाम मुंशीलाल और मलकीत सिंह बनाम जोगिंदर सिंह के फैसलों का हवाला भी दिया गया। प्रतिपक्ष ने वॉट्सऐप चैट को साक्ष्य मानने पर उठाए सवाल प्रतिवादी चेतन लश्करी की ओर से अधिवक्ता गोविंद राय पुरोहित ने याचिका का विरोध किया। उनका कहना था कि महिला को पहले भी सुनवाई के अवसर दिए गए थे, लेकिन उन्होंने उनका लाभ नहीं उठाया। उन्होंने वॉट्सऐप बातचीत की प्रमाणिकता पर भी सवाल उठाए। उनका तर्क था कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 65-बी के तहत आवश्यक प्रमाणपत्र पेश नहीं किया गया है। इसलिए इस बातचीत को साक्ष्य के रूप में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। कोर्ट बोला- वकील पर भरोसा करना पक्षकार की गलती नहीं हाई कोर्ट ने रिकॉर्ड और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करते हुए कहा कि वॉट्सऐप बातचीत से प्रथम दृष्टया सामने आता है कि महिला लगातार अपने केस की जानकारी ले रही थीं। चंडीगढ़ में रहने के कारण वह इंदौर की न्यायिक कार्यवाही के लिए अपने वकील पर निर्भर थीं। रिकॉर्ड से यह भी प्रतीत होता है कि अधिवक्ता ने उन्हें मामले की वास्तविक स्थिति के बजाय गलत जानकारी दी। कोर्ट ने यह भी गौर किया कि पहले की कार्यवाही में संबंधित एडवोकेट ने यथास्थिति बनाए रखने के आदेश पर आपत्ति तक नहीं की थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध परिस्थितियों में महिला को अपने वकील की लापरवाही या जानबूझकर की गई चूक का जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। न्याय की विफलता रोकने के लिए अनुच्छेद 227 के तहत हस्तक्षेप जरूरी है। बार काउंसिल को सात दिन में भेजेंगे आदेश की प्रति हाई कोर्ट ने निचली अदालत की एकतरफा कार्रवाई और संबंधित आदेश निरस्त करते हुए महिला को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर देने के निर्देश दिए। साथ ही अपेक्षा जताई कि आगे महिला या उनकी ओर से नियुक्त अधिवक्ता प्रत्येक सुनवाई पर उपस्थित रहेंगे। कोर्ट ने अधिवक्ताओं के पेशेवर आचरण पर चिंता जताते हुए कहा कि वकीलों से मुवक्किल के हितों की ईमानदारी और निष्ठा से रक्षा करने की अपेक्षा की जाती है। गंभीर लापरवाही से पक्षकार के अधिकार प्रभावित होते हैं तो यह पेशेवर कदाचार का मामला हो सकता है। रजिस्ट्री को सात दिन के भीतर याचिका की पूरी प्रति मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। परिषद को संबंधित अधिवक्ता के खिलाफ अधिवक्ता अधिनियम, 1961 की धारा 35 और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के तहत कार्रवाई पर विचार करने को कहा गया है। परिषद यह भी जांच सकती है कि मामले में किसी अधिवक्ता की भूमिका मिलीभगत की तो नहीं थी। हाई कोर्ट ने प्रतिवादी पर 5 हजार रुपए की लागत भी लगाई। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रतिवादी को प्रथम दृष्टया एकतरफा आदेश पारित होने के लिए दोषी नहीं माना गया है। पुराने आदेश निरस्त होने के कारण अब उसे भी दोबारा न्यायिक कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा।
कोरबा में त्योहारी सीजन में मिठाइयों की खरीदारी बढ़ने के बीच कोरबा जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के मुताबिक, पिछले 10 महीनों में लिए गए 120 खाद्य पदार्थों के सैंपलों में से करीब 20 जांच में फेल पाए गए। यानी लगभग 17% सैंपल अमानक मिले। इस सूची में शहर के कुछ नामी प्रतिष्ठानों के साथ बड़े ब्रांडों के उत्पाद भी शामिल हैं। पतंजलि शुद्ध देसी घी और हल्दीराम के रसगुल्ला-चना के सैंपल भी मानकों पर खरे नहीं उतरे। 120 में करीब 20 सैंपल अमानक खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए विभाग ने बीते 10 महीनों में 120 नमूने लिए। इनमें से करीब 20 सैंपल जांच में फेल पाए गए। यह आंकड़ा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सेहत को लेकर सवाल खड़े करता है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी विजय भारत के अनुसार, अमानक और मिसब्रांडेड खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। मिलावटी दूध, खोवा और मिठाइयों के सेवन से पेट संबंधी बीमारियां, फूड पॉइजनिंग, दस्त और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। कई प्रतिष्ठानों पर लगाया गया जुर्माना खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर इस साल की गई कार्रवाई में कई प्रतिष्ठानों पर जुर्माना लगाया गया है। इनमें स्पेशल रेस्टोरेंट पर 1 लाख रुपए, कुरुदभुरी और चेक पोस्ट स्थित होटल पर 50-50 हजार रुपए, नेचुरल स्वीट्स पर 20 हजार रुपए, सरौन डेयरी पर 20 हजार रुपए और मानिकपुर निर्मल डेयरी पर 35 हजार रुपए का जुर्माना शामिल है। मिलावट पर सजा और जुर्माने का प्रावधान अभिहित अधिकारी अर्जित कुमार ने बताया कि खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत खाद्य पदार्थों में मिलावट के मामलों में सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। उनके अनुसार, खाद्य पदार्थ असुरक्षित पाए जाने पर मामला कोर्ट में जाता है। स्वास्थ्य को नुकसान नहीं होने की स्थिति में 1 लाख रुपए और गंभीर बीमारी होने पर 3 लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान बताया गया है। उपभोक्ता की मृत्यु होने पर उम्रकैद और 10 लाख रुपए तक जुर्माने की बात भी कही गई है। संयुक्त टीम ने चार प्रतिष्ठानों पर की कार्रवाई कलेक्टर कुणाल दुदावत और आयुक्त दीपक अग्रवाल के निर्देश पर तहसीलदार अतुल वैष्णव के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने सोमवार देर शाम चार प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। इस दौरान कुल 13 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। टीम ने काजू कतली समेत कई खाद्य पदार्थों के नमूने भी जांच के लिए लिए हैं। इन नमूनों की जांच के बाद ही उनकी गुणवत्ता के संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी।
कानपुर के घाटमपुर के सजेती थाना क्षेत्र के कुरसेड़ा गांव में सोमवार रात एक मजदूर ने पेड़ पर फंदा लगाकर जान दे दी। मंगलवार सुबह लोगों ने शव देखा तो परिजनों को सूचना दी। जानकारी पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। कुरसेड़ा गांव निवासी शिवविजय (40) की करीब एक साल से मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। परिजनों ने बताया कि मंगलवार को उन्हें अस्पताल दिखाने ले जाना था। इससे पहले सोमवार रात उन्होंने घर के पास स्थित एक बाग में आम के पेड़ पर फंदा लगा लिया। मंगलवार सुबह घटना की जानकारी हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जांच की। सजेती थाना प्रभारी अनुज भारती ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मृतक के पत्नी नीतू और बेटे करण, अर्जुन और रोहित हैं।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित स्पेशल टीईटी की परीक्षा मंगलवार को प्रथम पाली में हो गई। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे सेदोपहर 12:00 बजे तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कराई गई। इस बार यह परीक्षा शिक्षकों के लिए महज एक औपचारिकता नहीं, बल्कि अपनी नौकरी बचाने की सबसे बड़ी और कठिन जंग साबित हो रही है। यही वजह है कि परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे अभ्यर्थियों के चेहरों पर साफ तनाव और गंभीर चिंताएं देखी गईं, क्योंकि उनके भविष्य और करियर की डोर इसी परीक्षा के नतीजों पर टिकी हुई है। इस महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए प्रयागराज में कुल 22 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जिन पर कुल 8,928 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। सुबह से ही केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। परीक्षा समाप्त होने के बाद जब अभ्यर्थी प्रयागराज के अग्रसेन इंटर कॉलेज केंद्र से बाहर निकले, तो उन्होंने अपने अनुभव साझा किया। परीक्षार्थियों ने खुलकर बताया कि यह स्पेशल टीईटी का पेपर सामान्य टीईटी की परीक्षाओं के मुकाबले कठिन था। खासतौर पर पेडागोजी (शिक्षाशास्त्र) और अन्य तकनीकी विषयों से जुड़े सवाल काफी उलझाने वाले थे, जिन्हें हल करने में परीक्षार्थियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। सिर पर नौकरी जाने का मंडराता खतरा और ऊपर से पेपर का ऐसा कड़ा स्तर, इन दोनों ने मिलकर अभ्यर्थियों की मुश्किलें काफी बढ़ा दीं। हालांकि, इन तमाम कठिनाइयों के बावजूद कई अनुभवी शिक्षकों का यह भी कहना था कि उन्होंने अपनी तरफ से पूरी मेहनत की है और उन्हें उम्मीद है कि वे इस अग्निपरीक्षा में सफल होकर अपनी नौकरी बचाने में कामयाब रहेंगे। प्रथम पाली की परीक्षा सकुशल संपन्न होने के बाद अब जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग का पूरा फोकस दूसरी पाली की परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित कराने पर है। अधिकारियों द्वारा केंद्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। आपको बता दें कि इस परीक्षा की दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शुरू होकर शाम 5:00 बजे तक चलेगी, जिसके लिए प्रयागराज में 7,950 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं।
सुजान गंगा नहर में मिला युवक का शव:4 दिन पहले घर से निकले के बाद था लापता; पास में खड़ी मिली बाइक
भरतपुर के मथुरा गेट थाना इलाके में सुजान गंगा नहर में मंगलवार सुबह एक युवक का शव पड़ा मिला। युवक 30 अक्टूबर की शाम घर से बाइक लेकर निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसे काफी तलाश किया, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद 1 नवंबर को अटलबंद थाने में उसकी गुमशुदगी की FIR दर्ज करवाई थी। युवक की बाइक नहर के पास ही खड़ी मिली। उसकी एक साल पहले ही शादी हुई थी। अटलबंद थाने के ASI राजेंद्र कुमार ने बताया - मंगलवार सुबह पुलिस को सुजान गंगा नहर में शव पड़े होने की सूचना मिली थी। इसके बाद मथुरा गेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नहर से निकलवाकर आरबीएम अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया। मृतक की गुमशुदगी की FIR अटलबंद थाने में दर्ज थी। 30 अक्टूबर की शाम घर से निकला था शव की शिनाख्त उदय (22) निवासी हरिजन बस्ती, अनाह गेट के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने परिजनों को घटना की सूचना दी। परिजनों ने बताया कि उदय 30 अक्टूबर की शाम बाइक लेकर घर से निकला था। वह बिना किसी को कुछ बताए गया था। इसके बाद से घर नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद 1 नवंबर को अटलबंद थाने में उदय की गुमशुदगी की FIR दर्ज करवाई गई। पुलिस ने भी उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। मंगलवार सुबह उसका शव सुजान गंगा नहर में मिला। नहर के पास ही उसकी बाइक भी खड़ी हुई थी।
मऊ जिले में 1 नवंबर से धान खरीद की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। किसानों की सुविधा के लिए जिले भर में कुल 59 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। अपर जिलाधिकारी (ADM) प्रवेंद्र कुमार ने बताया कि सभी केंद्रों पर आवश्यक अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। इन 59 केंद्रों में एफसीआई के 2, मार्केटिंग के 30, पीसीएफ के 27 और पीसीयू के 7 केंद्र शामिल हैं। पोर्टल पर पंजीकरण और तहसील सत्यापन अनिवार्य धान बेचने के इच्छुक किसानों को खाद्य विभाग के तय पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। पंजीकरण के बाद तहसील स्तर पर इसका सत्यापन किया जाएगा, जिसके बाद नियमानुसार धान की खरीद की जाएगी। एडीएम ने बताया कि पोर्टल के जरिए ऑनलाइन रिपोर्ट प्राप्त होती रहती है और इसकी नियमित निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पंजीकरण और सत्यापन का कोई भी काम लंबित न रखा जाए। ₹2,441 प्रति क्विंटल MSP तय, केंद्रों की संख्या भी बढ़ी सरकार ने इस बार धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,441 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। किसानों को अपनी उपज बेचने में लंबी दूरी न तय करनी पड़े, इसके लिए पिछले साल के मुकाबले इस बार क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है। प्रशासन का उद्देश्य है कि किसान अपने नजदीकी केंद्र पर बिना किसी परेशानी के धान बेच सकें। बटाईदार किसानों को भी मिलेगा लाभ, पारदर्शी होगी प्रक्रिया प्रशासन ने बटाईदार किसानों के लिए भी व्यवस्था की है। बटाईदार किसान तय प्रक्रिया के तहत पंजीकरण कराकर और संबंधित मूल किसान की सहमति लेकर अपना धान बेच सकते हैं। जिला प्रशासन के मुताबिक पूरी खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी रखने और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर दिलाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
अमेठी में दीपावली पर उज्ज्वला योजना के 1 लाख 68 हजार 692 लाभार्थियों को मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर मिलेगा। जिला पूर्ति विभाग ने सिलेंडर रिफिल की बुकिंग शुरू कर दी है। योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थियों को ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है। जिन लोगों ने अभी तक केवाईसी नहीं कराई है, वे संबंधित गैस एजेंसी पहुंचकर इसे पूरा करा रहे हैं। जिले में 32 गैस एजेंसियों के जरिए मिलेगा लाभ अमेठी में भारत गैस, इंडेन और एचपी गैस की कुल 32 एजेंसियां हैं। इन्हीं के माध्यम से उज्ज्वला योजना की महिला लाभार्थियों को मुफ्त सिलेंडर रिफिल की सुविधा दी जाएगी। सरकार ने होली और दीपावली पर उज्ज्वला लाभार्थियों को मुफ्त सिलेंडर रिफिल कराने की घोषणा की थी। 89.29 फीसदी लाभार्थियों की केवाईसी पूरी विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, जिले में अब तक 1 लाख 50 हजार 636 लाभार्थियों की केवाईसी पूरी हो चुकी है। यह कुल लाभार्थियों का 89.29 फीसदी है। शेष लाभार्थियों से भी जल्द संबंधित गैस एजेंसी जाकर केवाईसी कराने की अपील की गई है। जिला पूर्ति अधिकारी शशिकांत तिवारी ने बताया कि शासन के निर्देश पर उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सिलेंडर बुक कराने पर मुफ्त गैस रिफिल दी जाएगी। जिन लाभार्थियों ने अभी तक बुकिंग नहीं कराई है, वे जल्द बुकिंग करा लें।
हिसार के सिविल अस्पताल परिसर स्थित पार्क में मंगलवार को एक 8 महीने का भ्रूण मिलने से हड़कंप मच गया है। घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की जांच करने पहुंची डिप्टी सिविल सर्जन व पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. अनामिका बिश्नोई ने बताया कि उन्हें डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुभाष खतरेजा द्वारा पार्क में भ्रूण पड़े होने की सूचना मिली थी। प्राथमिक दृष्टि में भ्रूण का सिर बाहर दिख रहा है और यह लगभग 8 महीने का लग रहा है। अंदेशा जताया जा रहा है कि यह किसी अनमैरिड लड़की की प्री-टर्म या होम डिलीवरी का मामला हो सकता है, जिसके बाद भ्रूण को यहां फेंक दिया गया। पॉलिथिन का सिर भ्रूण से बाहर दिख रहा प्रथम दृष्टि में भ्रूण का सिर पॉलिथिन से बाहर दिख रहा है। अंदेशा जताया जा रहा है कि यह किसी अविवाहित युवती की प्री-टर्म या होम डिलीवरी का मामला हो सकता है, जिसके बाद भ्रूण को यहां फेंक दिया गया। नर्सिंग स्टाफ ने बताया कि भ्रूण सुबह के आसपास भी देखा गया था। स्वास्थ्य विभाग ने मौके पर पहुंचकर उस स्थान की घेराबंदी कर दी है ताकि साक्ष्यों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके। हम समाचार को लगातार अपडेट कर रहे है…
रोहतक में इनेलो के युवा प्रदेशाध्यक्ष व पूर्व विधायक नफे सिंह राठी के बेटे भूपेंद्र राठी ने भाजपा व कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन का जिले में आने पर सांसद दीपेंद्र हुड्डा द्वारा स्वागत करना यह दर्शा रहा है कि दोनों आपस में मिले हुए है। हुड्डा परिवार का हाथ भाजपा के साथ है। भूपेंद्र राठी ने कहा कि BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोहतक में आकर प्रदर्शन करते हैं। मैं बड़ा हैरान हूं। उनको ये तो दिख रहा है कि प्रदर्शन का समय है, क्या उनको ये दिख रहा है कि बदमाशों के कारण रोहतक उजड़ा पड़ा है। जिस पार्क के सामने वो प्रदर्शन कर रहे थे, वहां सैकड़ों दुकानों से फिरौती मांगी गई है। क्या नितिन नवीन या कोई मंत्री एक भी दुकान पर गए और पूछा कि तेरे से किसी बदमाश ने पैसे मांगे हैं। भाजपा रोहतक में अपना वर्चस्व बनाना चाहती भूपेंद्र राठी ने कहा कि भाजपा सिर्फ ढकोसलेबाजी कर रही है। सिर्फ यह दिखाने के लिए कि भाजपा रोहतक में अपना वर्चस्व बनाना चाहती है, हम जिंदा हैं। जिंदा तब होगे, जब जिंदा लोगों के लिए आवाज बनोगे। प्रदर्शन करने या आरोप लगाने से जिंदा नहीं होगे। हुड्डा व भाजपा के बीच आपसी सांठगांठभूपेंद्र राठी ने कहा कि रोहतक MP दीपेंद्र हुड्डा कहते हैं कि हम भाजपा अध्यक्ष का स्वागत करते हैं कि यहां प्रोग्राम कर रही है। जब INLD ने रैली की थी, तब दीपेंद्र हुड्डा को क्यों तकलीफ हो रही थी? क्यों आज भी मीडिया के सामने बखान कर देते हैं कि इनेलो ने यहां रैली क्यों की। भाजपा से क्यों प्रेम दिखाया जा रहा है। इसका मतलब जो आम जन कहते हैं कि हुड्डा परिवार का साथ भाजपा के साथ, उस बात को कन्फर्म किया है। 46500 नौकरियों का प्रमाण दे सरकार भूपेंद्र राठी ने कहा कि जब युवा सरकार से सवाल करता है तो उन्हें पाकिस्तानी बता देते है। अंग्रेजों की तरह देशद्रोही का नारा देते हैं। 46,500 नौकरियों का कोई प्रमाण नहीं दिया। भाजपा की सोच यह है कि आप और मैं अगर सरकार की जय-जयकार करेंगे तो हमसे बड़ा देशभक्त कोई नहीं होगा, लेकिन अगर सरकार से सवाल करेंगे तो आप पाकिस्तानी और मैं बांग्लादेशी बन जाउंगा। सरकार ने भर्ती का वार्षिक कैलेंडर नहीं किया जारी भूपेंद्र राठी ने कहा कि सरकार ने आज तक किसी भी भर्ती का प्रस्तावित परीक्षा कैलेंडर जारी नहीं किया। युवाओं को यह तक नहीं पता कि किस महीने में कौन सी परीक्षा होगी, परिणाम कब आएगा और जॉइनिंग कब कराई जाएगी। हरियाणा पुलिस, फॉरेस्ट गार्ड और लाइनमैन जैसी अहम भर्तियां अटकी हुई है। प्रदेश सरकार 46,500 युवाओं को नियुक्ति पत्र देने के दावे तो करती है, लेकिन प्रमाण नहीं दे रही।
मैनपुरी में दीपावली पर घर-घर में लक्ष्मी-गणेश की पूजा होगी, लेकिन इन प्रतिमाओं को तैयार करने वाले स्थानीय कारीगरों के सामने इस बार महंगाई ने चुनौती खड़ी कर दी है। मूर्ति बनाने में इस्तेमाल होने वाली मिट्टी और दूसरे कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से लागत बढ़ गई है, जबकि बाजार में ग्राहकी पहले जैसी नहीं है। इसका असर कारीगरों के कारोबार और मुनाफे पर पड़ रहा है। शहर की प्रजापति कॉलोनी में इन दिनों मिट्टी की लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कहीं मूर्तियों को आकार दिया जा रहा है तो कहीं उन पर रंग भरकर सजाया जा रहा है। पहले के मुकाबले 70 फीसदी ही मांग पिछले 15 साल से मूर्तियां बनाने का काम कर रहे प्रमोद कुमार बताते हैं कि इस बार बाजार की स्थिति कमजोर है। पहले के मुकाबले करीब 70 फीसदी ही ग्राहकी मिल रही है। कच्चे माल की महंगाई के चलते दुकानदार भी जरूरत के हिसाब से ही मूर्तियां खरीद रहे हैं। प्रमोद के मुताबिक, वह सालभर मूर्तियां बनाने का काम करते हैं। इस काम में जल्दबाजी के बजाय बारीकी और धैर्य के साथ प्रतिमाएं तैयार करनी पड़ती हैं। परिवार के साथ 7-8 कारीगर तैयार करते हैं मूर्तियां प्रमोद बताते हैं कि वह एक साल में छोटे-बड़े आकार की करीब 4 हजार मूर्तियां तैयार करते हैं। इस काम में परिवार के सदस्यों के साथ 7-8 कारीगर लगे हुए हैं। इनमें परिवार के लोग और रोजगार की तलाश में आए दूसरे युवक भी शामिल हैं। इस तरह दीपावली के लिए तैयार होने वाली मूर्तियां स्थानीय स्तर पर कई लोगों के रोजगार का जरिया भी बनी हुई हैं। मूर्तियों की कीमत 20 रुपए से शुरू होकर 550 रुपए तक है। कीमत आकार और डिजाइन के हिसाब से तय होती है। प्रमोद के अनुसार, मूर्तियां तैयार करने में करीब 80 फीसदी लागत लग जाती है, जबकि लगभग 20 फीसदी ही मुनाफा बचता है। मांग कमजोर होने पर उन्हें मुनाफा भी कम रखना पड़ता है। बड़े शहरों से आने वाली मूर्तियों के कारण प्रतिस्पर्धा भी बनी रहती है। गुजरात से मंगानी पड़ती है मिट्टी प्रमोद बताते हैं कि ग्राहक कलकत्ता की मिट्टी से बनी मूर्तियों की मांग अधिक करते हैं, जबकि स्थानीय कारीगर उत्तर प्रदेश की पारंपरिक शैली में प्रतिमाएं तैयार करते हैं। कारोबार की एक खास बात यह भी है कि मैनपुरी के कारीगरों को मूर्तियां बनाने के लिए मिट्टी दूसरे राज्यों से मंगानी पड़ती है। प्रमोद के मुताबिक, यूपी की मूर्तियां तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली मिट्टी गुजरात से आती है। ऐसे में मिट्टी की उपलब्धता और उसकी कीमत भी कारोबार को प्रभावित करती है। दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा के लिए बाजार में कई तरह की मूर्तियां उपलब्ध हैं, लेकिन स्थानीय कारीगरों के लिए चुनौती बढ़ती लागत और कमजोर ग्राहकी के बीच अपने पारंपरिक काम को बचाए रखने की है।
जनशिकायतों के त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी निस्तारण के मामले में बलरामपुर पुलिस ने पूरे उत्तर प्रदेश में अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। शासन की जनसुनवाई व्यवस्था (IGRS) की अक्टूबर-2026 की प्रदेश स्तरीय मासिक रैंकिंग में बलरामपुर जनपद ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। खास बात यह है कि जिले के एक-दो नहीं, बल्कि सभी 14 थानों ने भी शत-प्रतिशत अंक हासिल करते हुए प्रदेश की रैंकिंग में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस प्रदर्शन से बलरामपुर पुलिस की संवेदनशीलता की प्रदेश स्तर पर मिसाल कायम हुई है। एसपी की सख्त मॉनिटरिंग इस बड़ी उपलब्धि के पीछे एसपी मार्तण्ड प्रकाश सिंह का कुशल नेतृत्व, सख्त मॉनिटरिंग और जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर अपनाई गई प्रभावी कार्यप्रणाली अहम रही। उनके निर्देशन में एएसपी एवं आईजीआरएस नोडल अधिकारी विशाल पाण्डेय के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी आईजीआरएस उपनिरीक्षक श्रवण कुमार के अथक प्रयासों से जनपद के सभी क्षेत्राधिकारी कार्यालयों एवं थानों पर प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण व समयसीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया गया। समयबद्धता और पारदर्शिता के साथ हुआ शिकायतों का समाधान एसपी ने जनशिकायतों के निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए। शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ विधिसम्मत समाधान किया जाए। इसी का परिणाम रहा कि अक्टूबर माह की मूल्यांकन रिपोर्ट में जनपद ने शत-प्रतिशत प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। इन 14 थानों ने हासिल किए 100 में से 100 अंक बलरामपुर जिले के 14 थानों ने आईजीआरएस मूल्यांकन में 100 में से 100 अंक प्राप्त कर शत-प्रतिशत सफलता दर्ज की। इनमें कोतवाली नगर, महिला थाना, ललिया, हरैया, महाराजगंज तराई, तुलसीपुर, कोतवाली गैसड़ी, पचपेड़वा, कोतवाली जरवा, कोतवाली उतरौला, सादुल्लानगर, श्रीदत्तगंज, गैण्डास बुजुर्ग और रेहरा बाजार शामिल हैं। इन सभी थानों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने जिले का मान बढ़ाया है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मी होंगे सम्मानित इस शानदार सफलता पर एसपी मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले थाना प्रभारियों, आईजीआरएस शाखा में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। शत-प्रतिशत परिणाम देकर पुलिस टीम ने जवाबदेही और जनसेवा की एक मिसाल पेश की है।
गोरखपुर में झंगहा इलाके की महिला शिक्षिका रीना विश्वकर्मा की हत्या के बाद मंगलवार को परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। देवरिया के रुद्रपुर में शव मिलने के बाद न्याय की मांग को लेकर परिजनों ने मंगलवार सुबह करीब 9 बजे बोहाबार गांव के सामने रुद्रपुर-देवरिया मार्ग पर शव रखकर सड़क जाम कर दी। परिजन आरोपी के एनकाउंटर की मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि जब तक आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। स्थिति को देखते हुए SDM, CO चौरीचौरा समेत कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर तैनात कर दी गई। स्कूल जाने के लिए निकली थीं टीचर झंगहा थाना क्षेत्र के ग्राम सभा खुरुरही के लोहार टोला निवासी रीना विश्वकर्मा नई बाजारस्थित एक निजी इंग्लिश मीडियम स्कूल में शिक्षिका थीं। परिजनों के मुताबिक, 31 अक्टूबर की सुबह करीब 8:30 बजे वह स्कूल से वेतन लेने की बात कहकर घर से निकली थीं। दोपहर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। शाम करीब तीन बजे तक जब उनका कोई पता नहीं चला तो परिवार के लोगों ने स्कूल में संपर्क किया। वहां से जानकारी मिली कि रीना दोपहर तीन बजे ही स्कूल से निकल गई थीं। तलाश के बाद भी नहीं मिला कोई सुराग स्कूल से जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां उनकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। परिवार के लोग लगातार उनकी खोजबीन में जुटे रहे। इसी बीच एक नवंबर की शाम करीब छह बजे देवरिया जिले के रुद्रपुर थाना क्षेत्र में रामलखन चौकी के कन्हौली गांव के पास झाड़ियों में एक महिला का शव मिलने की सूचना मिली। सोशल मीडिया पर फोटो देखकर परिजनों ने की पहचान शव मिलने के बाद पुलिस ने उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर प्रसारित की। इसके जरिए परिजनों ने महिला की पहचान रीना विश्वकर्मा के रूप में की। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। सोमवार को रुद्रपुर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और देर रात परिजनों को सौंप दिया।
कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता की हत्या के विरोध में मंगलवार को देवरिया जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र होकर अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और सुरक्षा की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी को सौंपा। अधिवक्ता समाज आहत, एक करोड़ के मुआवजे की उठाई मांग जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वैभव कांत मिश्र ने कहा कि कालपी में हुई इस वारदात से पूरा प्रदेश का अधिवक्ता समाज आहत और आक्रोशित है। इस घटना ने अधिवक्ताओं की सुरक्षा और सम्मान पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार पीड़ित अधिवक्ता के आश्रित परिवार को तुरंत एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करे। सुरक्षा कानून लागू करने और सख्त सजा की अपील ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने शासन के सामने प्रमुख मांगें रखी हैं, जिसमें पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने के साथ-साथ प्रदेश में अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए तत्काल 'एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट' लागू करना शामिल है। इसके अलावा हत्या में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने की मांग की गई है। संविधान और न्याय प्रक्रिया का महत्वपूर्ण स्तंभ हैं वकील अधिवक्ताओं ने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि वकील न्याय, संविधान और विधिक प्रक्रिया के माध्यम से शासन व्यवस्था को चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी तरह सरकार की है। भविष्य में इस तरह की हिंसक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए शासन को तत्काल ठोस कदम उठाने होंगे।
बिहार में फ्री बिजली योजना से ₹23000 करोड़ का बोझ, सक्षम लोग भी ले रहे सब्सिडी का लाभ
बिहार में 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना से राज्य पर ₹23,000 करोड़ का सालाना बोझ पड़ रहा है, जिसमें सक्षम उपभोक्ता भी लाभ ले रहे हैं।
जिले के छात्रावासों में बदहाल व्यवस्थाओं और कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्र-छात्राओं ने मोर्चा खोल दिया है। अपनी मांगों को लेकर दुर्ग जिले के विभिन्न छात्रावासों के विद्यार्थी प्रदर्शन कर रहे हैं। खास बात यह है कि बारिश के बीच भी छात्र-छात्राएं प्रदर्शन स्थल पर डटे हुए हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से छात्रावासों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी समस्याओं को दूर करने के बजाय अनदेखी कर रहे हैं। छात्रों ने इस संबंध में कलेक्टर को शिकायत सौंपकर जिले के सभी छात्रावासों की व्यवस्थाओं, निर्माण कार्यों और मरम्मत के नाम पर खर्च की गई सरकारी राशि की जांच कराने की मांग की है। शिकायत में आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी अविनाश श्रीवास पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। छात्रों ने उन्हें पद से बर्खास्त करने की मांग की है। 1200 रुपए में पूरे महीने का खर्च चलाना मुश्किल छात्रों की प्रमुख मांग छात्रावास में मिलने वाली भोजन सहायता राशि बढ़ाने की है। शिकायत के मुताबिक, वर्तमान में प्रति छात्र प्रतिमाह 1200 रुपए भोजन सहायता के रूप में दिए जाते हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि मौजूदा महंगाई में इतनी कम राशि में पौष्टिक और पर्याप्त भोजन की व्यवस्था करना मुश्किल है। उन्होंने इसे बढ़ाकर 3000 रुपए प्रतिमाह करने की मांग की है। इसके अलावा कॉलेजों में सेमेस्टर प्रणाली के तहत सालभर पढ़ाई होती है, जबकि छात्रावासों में केवल 10 महीने की भोजन सहायता राशि मिलती है। ऐसे में बाकी दो महीने विद्यार्थियों को भोजन और अन्य जरूरतों के लिए परेशान होना पड़ता है। छात्रों ने पूरे 12 महीने भोजन सहायता देने की मांग उठाई है। जर्जर भवन, खराब शौचालय और जरूरी सामान की कमी शिकायत में बताया गया है कि जिले के कई छात्रावासों के भवन जर्जर स्थिति में हैं। इनमें मरम्मत की जरूरत है, लेकिन लंबे समय से निर्माण और रखरखाव के काम नहीं कराए गए हैं। शौचालयों की साफ-सफाई और उचित सुविधाओं का भी अभाव बताया गया है। छात्रों ने छात्रावासों में टेबल, कुर्सी, पलंग, बेडशीट, झाड़ू, पोछा, लाइट और पंखे जैसी दैनिक जरूरत की सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है। बारिश के मौसम में परिसर में पानी भरने की समस्या से निपटने के लिए जल निकासी की व्यवस्था करने की भी मांग की गई है। कंप्यूटर, वाई-फाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें भी मांगीं विद्यार्थियों का कहना है कि आज के दौर में पढ़ाई के लिए डिजिटल संसाधन बेहद जरूरी हैं। इसके बावजूद छात्रावासों में कंप्यूटर और वाई-फाई जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पुस्तकें, खेलकूद सामग्री, वाटर फिल्टर और ठंडे पानी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही मेस हॉल में टेबल-कुर्सियों की व्यवस्था और नियमित साफ-सफाई कराने की मांग भी रखी है। छात्रावासों की व्यवस्थाओं को लेकर हो रहा यह प्रदर्शन इसलिए भी अहम है, क्योंकि दुर्ग जिले से ही विधायक गजेंद्र यादव वर्तमान में छत्तीसगढ़ सरकार में स्कूल शिक्षा मंत्री हैं। ऐसे में छात्र-छात्राओं की मांगों और छात्रावासों की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर अब जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधियों पर भी ध्यान देने का दबाव बढ़ रहा है। छात्रों ने शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री एवं दुर्ग जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा, आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहब और विभागीय सचिव को भी भेजी है। विद्यार्थियों का आरोप है कि पिछले करीब एक साल से छात्रावासों में कोई ठोस निर्माण या मरम्मत कार्य नहीं हुआ, जबकि मेंटेनेंस के नाम पर सरकारी राशि खर्च की गई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल बारिश के बीच भी छात्रों का प्रदर्शन जारी है और सभी की नजरें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
मेरठ में बुढ़ाना गेट पुलिस चौकी से महज 50 कदम की दूरी पर जुए और क्रिकेट सट्टे का खेल चल रहा था। देहली गेट पुलिस और एसपी सिटी की स्वाट टीम ने जेडी फाइनेंस कंपनी पर सोमवार देर रात में छापेमारी की। वहां से 22 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 4 लाख 98 हजार 302 रुपए नकद भी बरामद किया है। पकड़े गए लोगों से 22 मोबाइल फोन, 4 कार और 18 बाइक व स्कूटी बरामद की हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस को ताश की गड्डियां और हिसाब-किताब रखने वाली दो डायरियां भी मिली हैं। सूचना पर बनाई गई थी विशेष टीम एसपी सिटी विनायक गोपाल ने बताया कि पुलिस को जेडी फाइनेंस कंपनी में जुआ खेले जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद थाना देहली गेट पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस ने घेराबंदी कर मानक प्रक्रिया का पालन करते हुए छापेमारी की। मौके से 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उनके दोपहिया और चारपहिया वाहनों को भी कब्जे में लिया गया है। एसपी सिटी के मुताबिक, मौके से बरामद नकदी के अलावा ताश की गड्डियां और जुए का हिसाब-किताब रखने वाली दो डायरियां मिली हैं। पुलिस को जांच में क्रिकेट मैच पर सट्टे की बुक संचालित किए जाने की जानकारी भी मिली है। बरामद डायरियों और मोबाइल फोन की जांच की जा रही है। तीन आरोपियों पर संगठित अपराध का मुकदमा एसपी सिटी ने बताया कि जुए के इस खेल को संचालित करने में तीन लोगों की भूमिका सामने आई है। इनके खिलाफ संगठित अपराध की धाराओं में भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस टीम से अभद्रता करने वालों पर भी कार्रवाई एसपी सिटी विनायक गोपाल ने बताया कि छापेमारी के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस टीम के साथ अभद्रता और बाधा डालने का प्रयास किया। सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता करने वालों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
रामपुर में कोरोना संक्रमण काल में अपने माता-पिता को खोने वाले छात्र-छात्राओं की पढ़ाई जारी रखने के लिए महिला कल्याण विभाग की ओर से आर्थिक और तकनीकी मदद दी जा रही है। मंगलवार को डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने 10 छात्र-छात्राओं को लैपटॉप वितरित किए। इससे पहले 25 बच्चों को लैपटॉप दिए जा चुके हैं, जबकि शेष 8 बच्चों को भी जल्द लैपटॉप उपलब्ध कराए जाएंगे। 43 बच्चों को मिल रही आर्थिक सहायता डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने मंगलवार दोपहर 12 बजे बताया कि जिले में कोविड संक्रमण के दौरान माता-पिता को खोने वाले कुल 43 छात्र-छात्राओं को महिला कल्याण विभाग की ओर से प्रतिमाह 4 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसका उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई जारी रखने में मदद करना है, ताकि माता-पिता के निधन के बाद आर्थिक परेशानियों के कारण उनकी शिक्षा प्रभावित न हो। उन्होंने बताया कि आर्थिक सहायता के साथ बच्चों को पढ़ाई के लिए लैपटॉप भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे वे ऑनलाइन पढ़ाई करने के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी बेहतर तरीके से कर सकेंगे। मंगलवार को 10 बच्चों को लैपटॉप दिए गए। इस तरह अब तक 35 बच्चों को लैपटॉप मिल चुके हैं। शेष 8 बच्चों को भी जल्द लैपटॉप दिए जाएंगे। बच्चों ने कहा- पढ़ाई और तैयारी में मिलेगी मदद लैपटॉप मिलने पर छात्रा सरिता गंगवार ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल में उनके पिता का निधन हो गया था। इसके बाद से उन्हें आर्थिक सहायता मिल रही है। अब लैपटॉप मिलने से आगे की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे उनकी पढ़ाई बेहतर तरीके से हो सकेगी। एक अन्य छात्र ने बताया कि कोविड काल में उनके पिता की मौत हो गई थी। इसके बाद से उन्हें हर महीने 4 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। अब पढ़ाई के लिए लैपटॉप भी मिल गया है, जिससे उन्हें पढ़ाई और तैयारी करने में सहूलियत होगी। जिला प्रशासन और महिला कल्याण विभाग की इस पहल से माता-पिता को खोने वाले बच्चों को शिक्षा जारी रखने के लिए आर्थिक और तकनीकी सहयोग मिल रहा है।
बंद मकान से लाखों के जेवर चोरी:कुंडी तोड़कर घुसे चोर, इन्वर्टर, बैटरियां और गैस सिलेंडर भी ले गए
आगरा के खंदौली थाना क्षेत्र की नारायण विहार कॉलोनी में बंद मकान को चोरों ने निशाना बना लिया। मुख्य दरवाजे का कुंडी तोड़कर घर में घुसे चोर लाखों रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात, सोलर पैनल का इन्वर्टर, बैटरियां और गैस सिलेंडर चोरी कर ले गए। वारदात 27 अक्टूबर की बताई जा रही है। गृह प्रवेश के बाद भी पुराने मकान में रह रहा था परिवार पीड़ित अंकुश खंडेलवाल ने बताया कि उन्होंने दशहरे पर नए मकान में गृह प्रवेश किया था। हालांकि, परिवार अभी जीवनी मंडी स्थित पुराने मकान में ही रह रहा था। इस वजह से नारायण विहार स्थित नया घर बंद था। चोरों ने इसी का फायदा उठाया। सीसीटीवी में कैद हुए चोर चोर मुख्य दरवाजे का कुंदा तोड़कर घर में दाखिल हुए और सामान खंगालने लगे। उन्होंने बेड के अंदर रखे सोने-चांदी के लाखों रुपये के जेवरात समेट लिए। इसके अलावा इन्वर्टर, बैटरियां और गैस सिलेंडर भी ले गए। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में चोर कैद हुए हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर उनकी पहचान और तलाश में जुटी है।
डीएम मनीष बंसल ने 11 से 28 नवंबर तक आयोजित होने वाले बटेश्वर मेले की तैयारियों की समीक्षा की। कार्तिक पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य और स्वच्छता के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ‘लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में शामिल होने के लिए मंगलवार को जोधपुर पहुंच गए हैं। मुख्यमंत्री एयरपोर्ट से गांधी मैदान पहुंचे। इसके बाद गांधी मैदान से गोल बिल्डिंग सर्किल तक पदयात्रा की। इस दौरान आमजन को ‘लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ’ का संदेश भी दिया। कुछ देर में वे गोल बिल्डिंग में सभा को भी संबोधित करेंगे। एयरपोर्ट पर किया स्वागत एयरपोर्ट पर संसदीय कार्य, विधि एवं विधि कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, सूरसागर विधायक देवेंद्र जोशी, ओसियां विधायक भैराराम सियोल, बिलाड़ा विधायक अर्जुन लाल गर्ग, महापौर प्रसन्नचंद मेहता, राजस्थान किसान सेवा आयोग अध्यक्ष सीआर चौधरी, जीव जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत सिंह बिश्नोई, पूर्व राज्यमंत्री प्रो. महेंद्र सिंह राठौड़, पूर्व राज्यमंत्री मेघराज लोहिया, पूर्व सांसद रामनारायण डूडी सहित जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।
लखनऊ में उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन (ऐक्टू) ने आशा कर्मियों की लंबित मांगें पूरी करने और मजदूर नेताओं पर दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग की। यूनियन ने जिला मुख्यालय पर धरना दिया और जिला अधिकारी गौरव सिंह सोगर वाल के जरिए उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में 24 अक्टूबर 2026 को आलमबाग थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 0156 रद्द करने और आशा कर्मियों का उत्पीड़न बंद करने की मांग की गई है। यूनियन के मुताबिक, 7 फरवरी 2026 को स्वास्थ्य मंत्री की मध्यस्थता में 13 मांगों पर सहमति बनी थी। इसके बाद आशा कर्मियों की हड़ताल खत्म हुई थी। इन सहमतियों को लागू कराने के लिए 23 अक्टूबर को लखनऊ के इको गार्डन में कार्यक्रम रखा गया था। यूनियन ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान उसके प्रतिनिधिमंडल की मिशन निदेशक और अन्य अधिकारियों से बातचीत हुई। बातचीत के बाद कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से खत्म कर दिया गया। यूनियन का आरोप है कि इसके बावजूद 24 अक्टूबर की रात 2:17 बजे ऐक्टू प्रदेश अध्यक्ष विजय विद्रोही, देवानंद, राजेश सिंह, कमला गौतम और आइसा प्रदेश अध्यक्ष अनीष बुजार समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। संगठन ने घटना के समय और हालात पर सवाल उठाए हैं। उसने इको गार्डन के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर निष्पक्ष जांच की मांग की है। ज्ञापन में आशा कर्मियों के बकाया प्रोत्साहन भुगतान, लंबित पीएलआई और अन्य मदों की रकम दीपावली से पहले जारी करने की मांग की गई है। राज्य वित्त से मिलने वाले अंशदान में 4,500 रुपए की बढ़ोतरी और प्रोत्साहन राशि में 50 प्रतिशत इजाफा करने की मांग भी शामिल है। यूनियन ने मातृत्व अवकाश, साप्ताहिक और त्योहारी छुट्टी देने की मांग भी रखी है। इसके अलावा प्रदेश के सभी ब्लॉकों में आशा संगिनी और एएनएम के काम के लिए अलग कक्ष देने या पंचायत भवन में वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा है। इस मौके पर अध्यक्ष संगीता, कुसमाती, पूनम सिंह, मीरा देवी, मनोरमा देवी, कुमारी उषा देवी, शकुंतला, लक्ष्मी मद्धेशिया, माधुरी देवी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
बालोद जिले के गुंडरदेही में चंडी मंदिर के पास चाकू लहराकर राहगीरों को डराने के आरोप में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से दो धारदार चाकू और घटना में इस्तेमाल बाइक जब्त की गई है। ब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत 70 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत मामला दर्ज किया है। सूचना पर पहुंची पुलिस, घेराबंदी कर पकड़ा टीआई रविशंकर पांडेय ने बताया कि 2 नवंबर को गुंडरदेही पुलिस की टीम गश्त पर थी। इसी दौरान सूचना मिली कि चंडी मंदिर के पास एक युवक बाइक से घूम रहा है और चाकू लहराकर राहगीरों को डरा रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर युवक को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम संस्कार सोनी (23), पिता मनेश सोनी, निवासी वार्ड क्रमांक 3, बघमरा, गुंडरदेही बताया। बाइक से एक और कमर में छिपाकर रखा था दूसरा चाकू पुलिस के मुताबिक, तलाशी के दौरान बाइक से एक धारदार चाकूनुमा हथियार मिला। वहीं, आरोपी ने कमर में एक अन्य चाकू छिपाकर रखा था। पुलिस ने दोनों चाकू और घटना में इस्तेमाल बाइक क्रमांक CG 08 AK 1992 जब्त कर ली। आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज पुलिस के अनुसार, आरोपी थाना क्षेत्र का सूचीबद्ध गुंडा-बदमाश है। उसके पास हथियार रखने से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं था। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत अपराध दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।
हरियाणा रोडवेज के निजीकरण और लंबित मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारियों ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोनीपत में मंगलवार को कर्मचारियों ने प्रोटेस्ट की रणनीति को लेकर मीटिंग बुलाई। सांझा मोर्चा हरियाणा के आह्वान पर 5 और 6 नवंबर को प्रदेशभर में रोडवेज का चक्का जाम रहेगा। इस दौरान सोनीपत सहित सभी डिपो के कर्मचारी दो दिन की हड़ताल पर रहेंगे और कोई भी कर्मचारी काम नहीं करेगा। कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन भी करेंगे। रोडवेज यूनियनों का कहना है कि सरकार के साथ कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अब तक मांगों का समाधान नहीं हुआ है। ऐसे में कर्मचारियों ने आंदोलन को तेज करने का फैसला लिया है। 10 मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे कर्मचारी सांझा मोर्चा हरियाणा के वरिष्ठ सदस्य मनजीत पहल ने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख 10 मांगें हैं, जिन्हें लेकर लंबे समय से सरकार के सामने आवाज उठाई जा रही है। कई बार बातचीत होने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसलिए 5 और 6 नवंबर को प्रदेशभर में पूरी तरह चक्का जाम किया जाएगा। मंत्री अनिल विज की बैठक में जाने से सांझा मोर्चा ने किया इनकार सोनीपत में रोडवेज कर्मचारियों का कहना है कि मंत्री अनिल विज की ओर से बैठक बुलाने की बात कही गई थी, लेकिन सांझा मोर्चा ने बैठक में जाने से इनकार कर दिया है। कर्मचारियों के अनुसार, इससे पहले भी सरकार के साथ कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन उनका कोई नतीजा नहीं निकला। बार-बार बातचीत के बावजूद मांगें लंबित हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यदि मुख्यमंत्री की ओर से बातचीत के लिए बुलाया जाता है तो सांझा मोर्चा जरूर जाएगा। रोडवेज में कर्मचारियों की कमी और बसों के संचालन में समस्याएं सांझा मोर्चा के सदस्य अनिल आंतिल ने कहा कि सरकार की ओर से हरियाणा रोडवेज के बेड़े में 3500 बसें होने की बात कही जाती है, लेकिन कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि इस हड़ताल में प्रत्येक कर्मचारी एकजुट होकर भाग लेगा और इसे सफल बनाएगा।
झारखंड में पिछले 25 वर्षों में परिवहन के क्षेत्र में व्यापक बदलाव आए हैं, जहां हवाई सेवाओं और सड़क नेटवर्क में वृद्धि हुई है। हालांकि, रेल परियोजनाओं की धीमी गति के बावजूद, इलेक्ट्रिक वाहनों और जलमार्गों के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है। मंगल मुद्दा में पढ़ें-
महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को भारत लाना आसान नहीं था। उसे वापस लाने के लिए भारत को UAE से कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। भारत और UAE, दोनों ने ओमान की अदालत में सौरभ की कस्टडी मांगी थी। UAE उसे दुबई में दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग केस में चाहता था, जबकि भारत महादेव सट्टा ऐप और मनी लॉन्ड्रिंग केस में उसकी वापसी चाहता था। ओमान की मस्कट कोर्ट ऑफ अपील ने 8 अक्टूबर 2026 को इस मामले में फैसला सुनाया। सुनवाई के दौरान सौरभ ने दावा किया कि वह भारतीय नागरिक नहीं, बल्कि वानुअतु (Vanuatu) का नागरिक है। उसने कहा कि 2020 में भारतीय नागरिकता छोड़ चुका है। इसके बावजूद कोर्ट ने भारतीय दूतावास से उसकी नागरिकता की पुष्टि कराई। दूतावास ने उसे भारतीय नागरिक बताया। अदालत ने भारत की प्रत्यर्पण याचिका स्वीकार कर ली, जबकि जरूरी कानूनी आश्वासन नहीं देने पर UAE की मांग खारिज कर दी। 8 अक्टूबर को ओमान की मस्कट कोर्ट ने सुनाया फैसला फर्जी पासपोर्ट से यात्रा करने के मामले में ओमान में सौरभ को गिरफ्तार किया गया था। इसकी जानकारी मिलने के बाद भारत की ओर से 12 जुलाई 2026 को ओमान की अदालत में उसे वापस लाने की मांग की गई। इसके दो दिन बाद 14 जुलाई को UAE की प्रत्यर्पण याचिका भी अदालत पहुंची। भारत ने 2004 में दोनों देशों के बीच हुए प्रत्यर्पण समझौते के आधार पर सौरभ को वापस मांगा था। वहीं, UAE ने रियाद अरब न्यायिक सहयोग समझौते के तहत प्रत्यर्पण की मांग की थी। दोनों याचिकाओं में एक ही व्यक्ति का नाम होने के कारण अदालत ने दोनों मामलों को जोड़कर एक साथ सुनवाई की। अदालत के सामने यह तय करना था कि सौरभ को भारत सौंपा जाए या UAE को। UAE ने दुबई के किस केस में मांगा था प्रत्यर्पण? UAE ने दुबई में दर्ज आपराधिक केस नंबर 18483/2026 में सौरभ का प्रत्यर्पण मांगा था। इस केस में उस पर मनी लॉन्ड्रिंग से हासिल रकम का इस्तेमाल अवैध संगठनों को आर्थिक मदद देने के लिए करने का आरोप था। दुबई के लोक अभियोजन विभाग ने ओमान के लोक अभियोजन विभाग के अंतरराष्ट्रीय सहयोग विभाग के माध्यम से प्रत्यर्पण की मांग भेजी थी। इसके साथ अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट, केस का विवरण, कानूनी प्रावधान और सौरभ की पहचान से जुड़े दस्तावेज भी दिए गए थे। भारत ने महादेव सट्टेबाजी केस में प्रत्यर्पण मांगा था भारत ने सौरभ को महादेव ऑनलाइन बुक के जरिए कथित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में वापस लाने की मांग की थी। भारतीय अधिकारियों ने रायपुर की PMLA विशेष अदालत में चल रहे केस नंबर RPZO/10/2022 का हवाला दिया था। भारत की ओर से 29 जुलाई 2022 की छत्तीसगढ़ पुलिस की चार्जशीट, केस से जुड़े साक्ष्य, सौरभ की भूमिका के दस्तावेज और 4 सितंबर 2023 का गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट पेश किया गया था। भारत ने ओमान की अदालत को यह भरोसा भी दिया था कि सौरभ को निष्पक्ष सुनवाई और बचाव के सभी कानूनी अधिकार मिलेंगे। सौरभ बोला- 2020 में छोड़ दी थी भारतीय नागरिकता सुनवाई के दौरान सौरभ के वकील ने भारत और UAE, दोनों देशों को प्रत्यर्पण नहीं करने की मांग की थी। वकील ने दलील दी कि सौरभ ने 2020 में दुबई स्थित भारतीय दूतावास में भारतीय नागरिकता छोड़ दी थी। अब वह वानुअतु का नागरिक है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि कथित अपराध दोनों देशों की सीमा में हुआ, यह साबित नहीं किया गया है। इसके अलावा UAE की अदालत में 2025 में इसी आरोप पर सौरभ को बरी किए जाने का दावा करते हुए दुबई की अपीलीय अदालत के केस नंबर 271/2024 का फैसला भी पेश किया गया। भारतीय दूतावास ने नागरिकता की पुष्टि की, कोर्ट ने दलील खारिज की सौरभ की नागरिकता को लेकर दोनों पक्षों के दावों के बीच ओमान की अदालत ने 16 जुलाई 2026 को भारतीय दूतावास से आधिकारिक जानकारी मांगी। अदालत ने पूछा था कि भारतीय पासपोर्ट नंबर U3226032 रखने वाले सौरभ चंद्राकर भारतीय नागरिक हैं या नहीं। 30 अगस्त 2026 को मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने राजनयिक माध्यम से जवाब दिया। पत्र क्रमांक 582 में दूतावास ने पुष्टि की कि सौरभ चंद्राकर भारतीय नागरिक हैं और भारत में प्रत्यर्पण के लिए वांछित हैं। अदालत ने सौरभ के वकील की उस दलील को स्वीकार नहीं किया, जिसमें कहा गया था कि उसने 2020 में भारतीय नागरिकता छोड़ दी थी। अदालत ने ओमान के सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि किसी मामले के तथ्यों की जांच करना, सबूतों का मूल्यांकन करना और उनकी विश्वसनीयता तय करना ट्रायल कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसके लिए दस्तावेजों में मौजूद तथ्यों और ठोस कारणों को आधार बनाना जरूरी है। अदालत ने यह भी कहा कि अगर सौरभ के पास वानुअतु की नागरिकता है, तब भी इससे उसका किसी दूसरे देश को प्रत्यर्पण करने पर रोक नहीं लगती। इसके लिए ओमान के कानून में तय शर्तें पूरी होनी चाहिए। इन्हीं आधारों पर अदालत ने उसकी नागरिकता छोड़ने की दलील को तथ्य और कानून, दोनों के लिहाज से निराधार मानते हुए खारिज कर दिया। UAE से कहां चूक हुई, भारत ने कौन-सी शर्तें पूरी की? ओमान के प्रत्यर्पण कानून की धारा 11 के तहत किसी देश को आरोपी को वापस ले जाने के लिए कुछ कानूनी आश्वासन देने होते हैं। इनमें तीन प्रमुख शर्तें शामिल हैं। अदालत ने पाया कि भारत ने ये तीनों आश्वासन दिए थे, जबकि UAE की याचिका में ये जरूरी आश्वासन शामिल नहीं थे। इसके अलावा ओमान के कानून की धारा 6 के तहत जब एक ही व्यक्ति को दो देश मांगते हैं, तो अदालत उसकी नागरिकता, अपराध की जगह, अपराधों की गंभीरता और प्रत्यर्पण की मांग की तारीख जैसे पहलुओं पर विचार कर सकती है। कोर्ट ने पाया कि भारत की याचिका पहले आई थी और सौरभ की भारतीय नागरिकता की आधिकारिक पुष्टि भी हो चुकी थी। इन्हीं आधारों पर अदालत ने भारत को प्रत्यर्पण की मंजूरी दी और UAE की याचिका खारिज कर दी। भारत को मिली मंजूरी, लेकिन ओमान में भी चल रहा था केस कोर्ट ने भारत को प्रत्यर्पण की मंजूरी तो दे दी, लेकिन तत्काल सौरभ को भारत भेजने का आदेश नहीं दिया था। इसकी वजह ओमान में उसके खिलाफ चल रहा फर्जी यात्रा दस्तावेज का मामला था। आदेश के मुताबिक, सौरभ को मस्कट इंटरनेशनल एयरपोर्ट से ओमान छोड़ते समय पकड़ा गया था। आरोप था कि उसने फर्जी यात्रा दस्तावेज से ओमान में प्रवेश किया था। इस मामले में सीब प्राइमरी कोर्ट में केस नंबर 14691/5100/2026 चल रहा था। ओमान के कानून के मुताबिक, वहां चल रहे दूसरे आपराधिक मुकदमे की सुनवाई पूरी होने और सजा मिलने पर उसे भुगतने के बाद ही प्रत्यर्पण किया जाना था। हालांकि, बाद में 1 नवंबर को CBI उसे भारत लेकर पहुंची। सौरभ को कल तक रायपुर की CBI कोर्ट में पेश करना है सौरभ चंद्राकर को 1 नवंबर 2026 को ओमान से भारत लाया गया। इसके बाद 2 नवंबर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। यहां CBI ने उसे रायपुर ले जाकर पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए दो दिन की ट्रांजिट रिमांड हासिल की। हालांकि, कोर्ट में सौरभ के वकील ने उसकी गिरफ्तारी को ही चुनौती दी। उनका तर्क था कि ओमान से प्रत्यर्पण की मंजूरी ED के मनी लॉन्ड्रिंग केस में मिली थी, CBI के केस में नहीं। कोर्ट ने दो दिन की ट्रांजिट रिमांड देते हुए उसे 4 नवंबर तक रायपुर कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया। साथ ही कहा कि सौरभ की गिरफ्तारी पर फैसला रायपुर की संबंधित विशेष अदालत करेगी। …………………….. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें कपड़ा-जूस बेचने वाले से सट्टा किंग बनने की इनसाइड-स्टोरी:12,000 की नौकरी, 200 करोड़ की शादी; पढ़िए सौरभ चंद्राकर से जुड़े 10 किस्से छत्तीसगढ़ के भिलाई में कपड़े की दुकान पर काम करने और जूस की दुकान चलाने वाला सौरभ चंद्राकर आज महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप केस का चर्चित चेहरा है। CBI आज उसे रायपुर की विशेष अदालत में पेश करने वाली है। पढ़ें पूरी खबर
विधानसभा चुनाव-2027 को लेकर निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनाव से पहले मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने और नए मतदाताओं को जोड़ने की कवायद चल रही है। इन तैयारियों को परखने के लिए 6 नवंबर को आगरा में चुनाव आयोग की बैठक होने जा रही है। मेरठ में 18 जिलों की समीक्षा के बाद अब आगरा में 12 जिलों के चुनावी इंतजामों का आकलन किया जाएगा। बैठक दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के सभागार में होगी। इसमें आगरा, मथुरा, मैनपुरी, अलीगढ़, फिरोजाबाद सहित 12 जिलों के डीएम शामिल होंगे। भारत निर्वाचन आयोग और राज्य निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। करीब 5 घंटे तक चलने वाली बैठक में दो चरणों में चुनावी तैयारियों की समीक्षा होगी। बैठक में इन 8 बिंदुओं पर रहेगा फोकसमतदाता सूची का पुनरीक्षण मतदाता सूची में नामों की गलतियां दूर करने और सूची को त्रुटिरहित बनाने की प्रगति पर चर्चा होगी।नए मतदाताओं का पंजीकरण 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं के नाम जोड़ने की तैयारी परखी जाएगी।नामों का सत्यापन मृत, स्थानांतरित और एक से अधिक स्थानों पर दर्ज मतदाताओं के नामों की जांच की जाएगी।फोटोयुक्त पहचान पत्र मतदाताओं को नए पहचान पत्र उपलब्ध कराने की स्थिति की समीक्षा होगी।मतदान केंद्रों की व्यवस्था बूथों पर उपलब्ध सुविधाओं और आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली जाएगी।संवेदनशील बूथ संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान और सुरक्षा इंतजामों पर चर्चा होगी।ईवीएम-वीवीपैट चुनाव में इस्तेमाल होने वाली मशीनों और उनके रखरखाव की तैयारियां देखी जाएंगी।प्रशासनिक तैयारी निर्वाचन कर्मियों के प्रशिक्षण, जिम्मेदारियों और चुनाव प्रबंधन की समीक्षा होगी। मेरठ में 18 जिलों की हुई थी समीक्षा2 नवंबर को मेरठ के ऊर्जा भवन में भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई थी। इसमें मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद और अलीगढ़ मंडलों के 18 जिलों के डीएम, एसएसपी और मंडलायुक्त शामिल हुए थे। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा भी मौजूद रहे। बैठक में मतदाता सूची की शुद्धता, मतदान केंद्रों की व्यवस्था, ईवीएम-वीवीपैट, सुरक्षा और निर्वाचन कर्मियों के प्रशिक्षण पर चर्चा हुई थी। आगरा में 2.90 लाख मतदाताओं को मिलेंगे नए पहचान पत्रजिले में करीब 2.90 लाख मतदाताओं को नए फोटोयुक्त पहचान पत्र दिए जा रहे हैं। इसके लिए 17 और 24 अक्टूबर को विशेष अभियान भी चलाए जा चुके हैं। अब छह नवंबर की बैठक में मतदाता सूची से जुड़े कार्यों की प्रगति और आगामी अभियान की तैयारियों पर भी चर्चा होगी। उप जिला निर्वाचन अधिकारी यमुनाधर चौहान ने बताया कि छह नवंबर को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के सभागार में चुनाव संबंधी बैठक होगी। इसमें 12 जिलों के अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में मतदाता सूची और निर्वाचन संबंधी तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।
हरियाणा में कांग्रेस नेता का मर्डर:सौतेले भाई ने सिर पर डंडे बरसाए; सिरसा में 35 एकड़ जमीन के विवाद
सिरसा जिले के कालांवाली में मंगलवार को कांग्रेस के युवा हलका अध्यक्ष लवप्रीत सिंह सरा (30) की खेत में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना में उनके पिता नाजम सिंह भी घायल हो गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, परिवार में करीब 35 एकड़ जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ। पुलिस के अनुसार, घटना मंगलवार सुबह करीब 11 बजे कालांवाली गांव के खेतों में हुई। उस समय लवप्रीत के पिता, बड़े भाई गुरलाल और अन्य लोग भी मौके पर मौजूद थे। झगड़े के दौरान लवप्रीत पर लाठी-डंडों से हमला किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। हमलावर अभी फरार हैं। पुलिस के मुताबिक, उनके पकड़े जाने और घायल पिता के बयान दर्ज होने के बाद घटना की पूरी जानकारी सामने आ सकेगी। परिवार की ओर से बड़े भाई की भूमिका को लेकर अभी पुष्टि नहीं की गई है। 35 एकड़ जमीन को लेकर परिवार में विवाद जानकारी के अनुसार, लवप्रीत के पिता नाजम सिंह की 2 शादियां हुई थीं। पहली शादी से एक बेटा और एक बेटी हैं, जबकि दूसरी शादी से लवप्रीत इकलौती संतान थे। परिवार के पास गांव में करीब 35 एकड़ जमीन है। इसी जमीन को लेकर दोनों परिवारों के बीच विवाद चल रहा था। लवप्रीत के सौतेले बड़े भाई गुरलाल करीब 7-8 महीने पहले परिवार से अलग रहने लगे थे। जमीन को लेकर पिता और दोनों भाइयों के परिवारों के बीच पहले पंचायत भी हो चुकी थी। मंगलवार को खेत में हुए झगड़े के दौरान लवप्रीत की जान चली गई। हालांकि, घटना में किसकी क्या भूमिका रही, यह पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगा। 4-5 साल पहले हुई थी शादी, 3 साल का बेटा करीब 30 वर्षीय लवप्रीत सिंह खेती-बाड़ी करते थे। उनकी शादी करीब 4-5 साल पहले हुई थी और उनका 3 साल का एक बेटा है। वह अक्सर पगड़ी पहनते थे। कांग्रेस पार्टी में अक्सर रहे एक्टिव लवप्रीत सिंह राजनीतिक तौर पर कांग्रेस पार्टी में एक्टिव रहते थे। चाहे वह कालांवाली विधायक शीशपाल के साथ कार्यक्रम में या हलका व जिला स्तर पर पार्टी के प्रदर्शन या कार्यक्रम में एक्टिव रहते थे। हर कार्यक्रम में भागीदारी होती थी। कांग्रेस के कार्यक्रमों में रहते थे सक्रिय लवप्रीत सिंह कांग्रेस पार्टी में सक्रिय थे। वह कालांवाली विधायक शीशपाल कहरवाला के साथ होने वाले कार्यक्रमों के अलावा हलका और जिला स्तर पर पार्टी के प्रदर्शनों व अन्य गतिविधियों में भी भाग लेते थे। हाल ही में दिल्ली में हुए वोट चोरी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए वह यूथ प्रदेशाध्यक्ष मोहित शर्मा के साथ दिल्ली गए थे। बीते दिनों कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल के बेटे नीतेश बेनीवाल की रिसेप्शन पार्टी में भी वह दड़बा कलां में आयोजित कार्यक्रम में नजर आए थे।
कन्नौज के जिला अस्पताल में प्रसूता को एनेस्थीसिया देने के बदले 5 हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोपी डॉक्टर के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने निर्देश दिए हैं। आरोप है कि डॉक्टर रविंद्र कुमार ने 29 अक्टूबर को रिश्वत नहीं मिलने पर गुखरू गांव निवासी प्रसूता साक्षी पटेल को बिना एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाए ही वापस कर दिया था। इसके बाद साक्षी के पति प्रांशु ने समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण से शिकायत की थी। इस मामले को लेकर मंत्री असीम अरुण मंगलवार करीब 11 बजे जिला अस्पताल पहुंचे और निरीक्षण किया। यहां उन्होंने सीएमएस गोपाल नारायण द्विवेदी व आरोपी डॉक्टर से बातचीत की, लेकिन डॉक्टर रविन्द्र कुमार कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। जिसके बाद मंत्री असीम अरुण ने डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को मामला बताया। कहा कि मैंने खुद अस्पताल पहुंचकर जांच की। ऐसे भ्रष्ट डॉक्टर पर कार्यवाही जरूरी है। ऐसे में डिप्टी सीएम ने सीएमओ को डॉक्टर रविन्द्र कुमार को सस्पेंड करने के निर्देश दे दिए। ये था मामला गुखरू गांव कर रहने वाले प्रांशु कटियार अपनी गर्भवती पत्नी साक्षी पटेल को जिला अस्पताल में प्रसव के लिए 29 अक्टूबर को ले गए थे। महिला को ऑपरेशन से पहले एनेस्थीसिया दिया जाना था। आरोप है कि इस दौरान डॉक्टर रविंद्र कुमार ने महिला के परिजनों से 5 हजार रुपये की मांग की। रकम न देने पर प्रसूता को बिना इंजेक्शन लगाए ही वापस कर दिया गया। इसके बाद परिजन महिला को तिर्वा स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां ऑपरेशन के बाद सुरक्षित प्रसव कराया गया। मंत्री असीम अरुण ने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में भ्रष्टाचार और लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। मरीजों और उनके परिजनों से इलाज के नाम पर अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लद्दाख प्रशासन ने सोनम वांगचुक की संस्था HIAL को एक सख्त नोटिस जारी किया है। इसमें उनसे कहा गया है कि वे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट में चल रहे अदालती मामले पर कोई ऐसा असर न डालें जिससे मामले की निष्पक्षता प्रभावित हो।

