मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव अगले दो तीन दिनों में प्रदेश के किसी भी जिले में खरीदी केंद्र का औचक निरीक्षण कर सकते हैं। मुख्यमंत्री हेलिकॉप्टर से औचक निरीक्षण के लिए पहुंचेंगे और खरीदी केंद्र की सुविधाओं की जानकारी लेने के साथ किसानों के साथ संवाद भी करेंगे कि सरकार द्वारा तय सुविधाओं का लाभ उन्हें मिल रहा है या नहीं मिल रहा है। इसके चलते सभी कलेक्टरों को आगाह किया गया है कि वे अपने जिले में खरीदी केंद्रों की व्यवस्था का मॉनिटरिंग करें ताकि किसी तरह की लापरवाही की स्थिति सामने न आए। मुख्यमंत्री यादव के उड़नखटोले के औचक किसी भी जिले में उतरने की सूचना कलेक्टरों को किसी और ने नहीं बल्कि प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने दी है। उन्होंने कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों, कमिश्नरों, आईजी रैंक के अफसरों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई मीटिंग में साफ कहा कि अगर कहीं गड़बड़ मिली तो सीएम की नाराजगी सामने आना तय है। दरअसल किसानों से गेहूं खरीदी को लेकर मिल रही शिकायतों और किसानों के गुस्से की खबर को लेकर राज्य सरकार काफी सतर्क है। मुख्यमंत्री द्वारा खरीदी के लिए हफ्ते में छह दिन तय करने के साथ स्लाट बुकिंग का टाइम भी बढ़ाया जा चुका है। इसलिए सभी जिलों के कलेक्टरों से गेहूं खरीदी केंद्रों पर सभी सुविधाएं देने के साथ किसानों को उपज का सही मूल्य दिलाने और निरीक्षण करने को कहा गया है। यह जानकारी भी दी गई कि किसानों की सुविधा के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी एवं स्लॉट बुकिंग की अवधि बढ़ाकर 23 मई कर दी गई है। पहले यह 9 मई तक तय थी जिसे बढ़ाकर अब 23 मई कर दिया गया है। स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति सुधारने कलेक्टर ब्लॉक लेवल मीटिंग करें मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कलेक्टरों से कहा है कि प्रदेश में स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति में सुधार की जरूरत है। यहां अपेक्षित सुविधाएं देने के लिए कलेक्टरों को स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण करना है और ब्लॉक लेवल पर इससे संबंधित बैठकें करके लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं दिलाने के लिए काम करना होगा। कलेक्टरों से उन्होंने कहा है कि फील्ड विजिट करें और स्वास्थ्य केंद्रों की रिपोर्ट लें ताकि ग्रामीण और शहरी मरीजों को स्वास्थ्य सेवा का लाभ मिलता रहे। बालिका शौचालय बने पर पानी नहीं मिलने की शिकायत मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से यह भी कहा है कि गांवों में स्कूलों में बालिका शौचालय तो बन गए हैं पर कई जिलों से रिपोर्ट आई है कि शौचालयों में पानी और साफ सफाई का भारी अभाव है। इसलिए कलेक्टर स्कूल शिक्षा विभाग के अफसरों के साथ बैठक कर यहां साफ सफाई और पानी का इंतजाम कराएं। समय समय पर स्कूलों का निरीक्षण कर उसकी फिजिकल स्थिति खुद भी देखने का काम करें। मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि अभी भीषण गर्मी का दौर है और गांवों में पानी की दिक्कत हो सकती है। पेयजल परिवहन अभी नहीं हो रहा है लेकिन ग्रामीण इलाकों की स्थिति की जानकारी लेते रहें और लोगों को पानी के संकट की सूचना पर सुविधा देने का काम कराएं।
राजस्थान पुलिस में बुधवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। जयपुर स्थित पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश के तहत 52 पुलिस निरीक्षकों को पदोन्नत कर उप पुलिस अधीक्षक (DSP) बनाया गया और उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं। आदेश डीजीपी राजीव कुमार शर्मा की ओर से जारी किया गया, जो तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। आदेश के अनुसार, पदोन्नत अधिकारियों को प्रदेश के विभिन्न जिलों और विशेष इकाइयों में तैनात किया गया है। इस फेरबदल में कई अधिकारियों को महत्वपूर्ण शाखाओं जैसे एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB), स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG), एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और सीआईडी में नियुक्ति दी गई है। नरपत सिंह चारण ACB जयपुर में डिप्टी एसपी, महावीर सिंह यादव को एसओजी में जिम्मेदारी नरपत सिंह चारण को ACB जयपुर में डिप्टी एसपी बनाया गया है, जबकि रविन्द्र कुमार और मुकेश शर्मा को राजस्थान पुलिस एकेडमी में उप पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात किया गया है। महावीर सिंह यादव को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) जयपुर में जिम्मेदारी दी गई है। अशोक चौधरी को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) जयपुर भेजा गया है। इसके अलावा, साइबर क्राइम यूनिट को मजबूत करते हुए कई अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। मदन लाल को प्रतापगढ़, आनंद कुमार को श्रीगंगानगर, बुद्धाराम को बाड़मेर, पुरुषोत्तम महरिया को भरतपुर, निरंजन प्रताप सिंह को जालौर और रामनिवास मीणा को अलवर में साइबर क्राइम के उप पुलिस अधीक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है। नरेन्द्र कुमार को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, जयपुर में लगाया इसी तरह अजयकांत राठौड़ को मुख्यमंत्री सुरक्षा प्रकोष्ठ (CID-SSB) जयपुर और नरेन्द्र कुमार को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, जयपुर में लगाया गया है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, यह फेरबदल प्रशासनिक आधार पर किया गया है, जिसका उद्देश्य कानून-व्यवस्था को और मजबूत करना तथा विशेष इकाइयों की कार्यक्षमता बढ़ाना है।
सिंगरौली में 115 घन मीटर अवैध रेत जब्त:अधिकृत ठेकेदार को दी गई, रिहंद डूब क्षेत्र में कार्रवाई
सिंगरौली जिले में अवैध रेत उत्खनन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देश पर बुधवार को खनिज विभाग, राजस्व अमले और पुलिस की संयुक्त टीम ने ग्राम सासन एवं टूसाखांड की सीमा पर स्थित रिहंद जलाशय के डूब क्षेत्र से अवैध रूप से भंडारित रेत जब्त की। इस संयुक्त कार्रवाई का नेतृत्व खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल के मार्गदर्शन में किया गया। टीम में सहायक खनिज अधिकारी राम सुशील चौरसिया, राजस्व अमला और पुलिस चौकी सासन, थाना कोतवाली बैढ़न के सदस्य शामिल थे। मौके पर लगभग 115 घन मीटर अवैध रूप से भंडारित रेत मिली, जिसे तत्काल जब्त कर लिया गया। अधिकृत रेत ठेकेदार को सुपुर्द जब्त की गई रेत को नियमानुसार अधिकृत रेत ठेकेदार को सुपुर्द कर दिया गया है। प्रशासन ने बताया कि इस पूरे मामले में खनिज नियमों के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल ने बताया कि जिले में अवैध खनिज गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि जहां भी इस तरह की शिकायतें मिलती हैं, वहां त्वरित कार्रवाई की जाती है और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
शाहजहांपुर में 26 अप्रैल को हुई युवती की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। घटना के बाद बुधवार को हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और न्याय दिलाने का भरोसा दिया। मामला सिंधौली थाना क्षेत्र का है। आरोप है कि मुड़िया हारिस गांव निवासी शान मोहम्मद ने युवती का मोबाइल नंबर हासिल कर लिया था और उसे बार-बार फोन कर शादी का दबाव बना रहा था। विरोध करने पर वह बदनाम करने की धमकी देता था। परिजनों के अनुसार, 26 अप्रैल की दोपहर युवती ने घर के पास लगे बिजली मीटर के खुले तार को पकड़ लिया, जिससे करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गई। उसे तुरंत राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। युवती के पिता ने मामले में शान मोहम्मद और एक अन्य आरोपी पप्पू के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मंगलवार को शान मोहम्मद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि फरार पप्पू की तलाश में दबिश दी जा रही है। बुधवार को हिंदू युवा संगठन उत्तर प्रदेश के प्रदेश संरक्षक राजेश अवस्थी और प्रदेश अध्यक्ष अवनीश मिश्र के नेतृत्व में पदाधिकारी पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और पुलिस से फरार आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान सिधौली इंस्पेक्टर रविंदर सिंह सहित पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा। परिवार ने अधिकारियों के सामने न्याय की गुहार लगाई, जिस पर संगठन पदाधिकारियों ने हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। पुलिस का कहना है कि मामले में सख्त कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कानपुर देहात में श्रमिकों एवं असंगठित क्षेत्र के कामगारों के स्वास्थ्य संवर्धन के उद्देश्य से बुधवार को “श्रमिक आरोग्य मेला” का आयोजन किया गया। इसमें कुल 82 श्रमिकों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। मेले में श्रमिकों को ओआरएस पैकेट वितरित किए गए। साथ ही नेत्र, दंत, मधुमेह और टीबी सहित विभिन्न रोगों की जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई। पहला शिविर विशाल भट्ठा, दरगवां (ब्लॉक अकबरपुर) में आयोजित हुआ, जहां 26 श्रमिकों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस दौरान 3 श्रमिकों की नेत्र जांच और 4 की दंत जांच की गई, वहीं आवश्यक दवाएं भी वितरित की गईं। इस शिविर का संचालन डॉ. आई.एच. खान के निर्देशन में हुआ। चिकित्साधिकारी डॉ. अंकित, फार्मासिस्ट श्रीमती मंजू, एलटी जितेन्द्र और आशीष ने इसमें सहयोग प्रदान किया। वहीं, ब्लॉक सरवनखेड़ा क्षेत्र के अरविंद फुटवियर, जैनपुर में आयोजित दूसरे शिविर में 56 श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के दौरान 7 श्रमिक नेत्र रोग, 12 स्किन रैशेज, 12 जोड़ों के दर्द और 10 श्रमिक खांसी-जुकाम से पीड़ित पाए गए। 3 श्रमिकों को दंत रोग संबंधी दवाएं भी दी गईं। इस शिविर का संचालन प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश यादव द्वारा किया गया। स्वास्थ्य टीम में डॉ. पुष्पेंद्र, डॉ. भावना और फार्मासिस्ट रामजी सैनी ने सक्रिय भूमिका निभाई। मेले में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने श्रमिकों को पोषण, स्वच्छता, संक्रामक रोगों की रोकथाम और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के प्रति जागरूक किया। उन्हें आयुष्मान भारत योजना सहित विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जारी 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम में बेमेतरा जिले की छात्रा ओमनी वर्मा ने शानदार प्रदर्शन किया है। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय की छात्रा ओमनी वर्मा ने कॉमर्स संकाय में 98.2 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। उन्होंने पूरे प्रदेश में दूसरा स्थान और जिले में पहला स्थान प्राप्त किया है। ओमनी वर्मा शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी छात्रा रही हैं। उन्होंने 10वीं कक्षा में 82 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। 11वीं में उन्होंने 92.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। ओमनी वर्मा ने हासिल किया प्रदेश में दूसरा स्थान अब 12वीं बोर्ड परीक्षा में उन्होंने 98.2 प्रतिशत अंक लाकर बेमेतरा जिले में टॉप किया है और पूरे प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। ओमनी वर्मा एक साधारण और मध्यमवर्गीय परिवार से हैं। उनके पिता कमोद वर्मा खेती का काम करते हैं और मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनकी माता उतरा वर्मा गृहिणी हैं और खेती-किसानी में भी परिवार की मदद करती हैं। सीमित साधनों के बावजूद ओमनी ने अपनी मेहनत और लगातार पढ़ाई करके यह बड़ी सफलता हासिल की है। रिजल्ट आने के बाद स्कूल में खुशी का माहौल बन गया। शिक्षक, शिक्षिकाएं, परिवार के लोग और आसपास के लोग उन्हें लगातार बधाई देने आ रहे हैं। स्कूल प्रबंधन ने भी उनकी इस सफलता पर खुशी जताई है और इसे जिले के लिए गर्व की बात बताया है। ओमनी वर्मा की इस उपलब्धि से उनके परिवार के साथ-साथ पूरे बेमेतरा जिले का नाम प्रदेश में रोशन हुआ है।
महराजगंज के नौतनवा तहसील में बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों और पूर्व विधायक अमन मणि त्रिपाठी के बीच हुई बैठक बेनतीजा रही। करीब ढाई घंटे चली इस वार्ता के बाद पूर्व विधायक ने 20 सूत्रीय मांगों को लेकर गुरुवार से धरना-प्रदर्शन शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने 30 अप्रैल से आमरण अनशन की भी चेतावनी दी है। बैठक में अपर जिलाधिकारी (एडीएम) डॉ. प्रशांत कुमार और अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सिद्धार्थ ने आंदोलन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। सुबह करीब 11:40 बजे एडीएम और एएसपी तहसील पहुंचे और एसडीएम कार्यालय में पूर्व विधायक से वार्ता की। इस दौरान पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रहलाद प्रसाद सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे। प्रशासन को पहले ही 20 सूत्रीय मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा जा चुका है। इसमें 29 अप्रैल तक कार्रवाई की मांग की गई थी। मांगें पूरी न होने की स्थिति में 30 अप्रैल से तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन की चेतावनी दी गई है। ज्ञापन में तहसील क्षेत्र में भूमाफियाओं के बढ़ते प्रभाव, सीलिंग व ग्राम सभा की जमीनों पर अवैध कब्जा, फर्जी स्टे के आधार पर अतिक्रमण और प्रशासनिक निष्क्रियता जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, दलित महिला के साथ अभद्रता, भ्रष्टाचार, फर्जी भुगतान, मतदाता सूची में गड़बड़ी, बेनामी संपत्ति और गरीबों को पट्टा न मिलने जैसे मुद्दे भी शामिल हैं। पूर्व विधायक अमन मणि त्रिपाठी ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 30 अप्रैल से बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। एडीएम डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि वार्ता में कोई निष्कर्ष नहीं निकला, हालांकि प्रशासन ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना है। बैठक में उप जिलाधिकारी (एसडीएम) नवीन प्रसाद, नायब तहसीलदार सौरभ श्रीवास्तव, क्षेत्राधिकारी (सीओ) अनिरुद्ध पटेल और थानाध्यक्ष पुरुषोत्तम राव सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
सिरसा जिले में नाबालिग छात्रा का पीछा करने एवं जातिसूचक टिप्पणी मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला स्कूल से जुड़ा हुआ था और छात्रा अपने घर लौट रही थी। आरोपियों ने छात्रा पर चलते वक्त कमेंट कसे और बाद में बाइक लेकर फरार हो गए। पुलिस ने कई जगह के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और आरोपियों की पहचान कर तलाशा। जानकारी के अनुसार, यह मामला डबवाली पुलिस जिला के ओढा थाना के अंतर्गत आता है। छात्रा के परिजनों ने विरोध करते हुए कई आरोप लगाए थे। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी ने स्कूल से घर लौटते समय नाबालिगा का पीछा किया और बाद में अपने साथियों के साथ पीड़िता के घर पहुंचकर उसके पिता के साथ मारपीट की। आरोपियों ने पीड़िता को जबरन उठाने तथा परिवार को जान से मारने की धमकी दी और जातिसूचक टिप्पणी कर सामाजिक सौहार्द को भी ठेस पहुंचाई।मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) व पॉक्सो अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदता दर्ज किया। इसकी जांच की जिम्मेदारी उप पुलिस अधीक्षक शहर डबवाली योगेश कटारिया को सौंपी गई। जिसके बाद पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला एवं संदिग्ध गतिविधियों का विश्लेषण किया। आरोपी वारदात के बाद चकमा देकर फरार चल रहे थे। पुलिस ने लगातार फील्ड और खुफिया इनपुट के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें दबोचा। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है। सात दिन पहले लड़की ने दर्ज कराई थी शिकायत पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, 22 अप्रैल को पीड़िता द्वारा महिला विरुद्ध अपराध की शिकायत थाना औढ़ा में दर्ज करवाई गई। शिकायत के आधार पर पीड़िता के बयान महिला अधिवक्ता की उपस्थिति में दर्ज किए गए, जिससे पूरी प्रक्रिया को संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ पूरा किया गया।
जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां करीब करीब पूरी हो चुकी है। राष्ट्र के विकास की रूपरेखा तैयार करने वाले इस महाभियान को लेकर जिले में हलचल तेज हो गई है। प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने झुंझुनूं के समस्त नागरिकों से इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और प्रशासन का सहयोग करने का आह्वान किया है। जिला कलेक्टर ने बताया कि इस बार की जनगणना को आधुनिक और सटीक बनाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। पूरी प्रक्रिया को मुख्य रूप से दो चरणों में विभाजित किया गया है, जिसकी शुरुआत मकानों की गणना और उनके सूचीकरण (Houselisting) से होगी। प्रथम चरण: 'स्व-गणना' पर जोर (1 मई से 15 मई) डिजिटल इंडिया की दिशा में कदम बढ़ाते हुए इस बार नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा दी गई है। जिला कलेक्टर अरुण गर्ग ने बताया कि 1 मई से 15 मई 2026 तक नागरिक आधिकारिक पोर्टल के 'My Corner' सेक्शन पर जाकर अपने परिवार और मकान से संबंधित जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं। इससे डेटा की सटीकता बढ़ेगी और गणना कार्य में पारदर्शिता आएगी। द्वितीय चरण: विस्तृत फील्ड सर्वे (16 मई से 14 जून) जो नागरिक स्व-गणना नहीं कर पाएंगे या जिनकी जानकारी का सत्यापन होना है, उनके लिए दूसरा चरण महत्वपूर्ण होगा। फील्ड विजिट: 16 मई से 14 जून 2026 तक प्रगणक (Enumerators) घर-घर जाकर मकानों का सूचीकरण और गणना का कार्य पूर्ण करेंगे। इस दौरान मकानों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं और अन्य महत्वपूर्ण सांख्यिकीय आंकड़े जुटाए जाएंगे। सही जानकारी जरूरी जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने जोर देते हुए कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह भविष्य की सरकारी योजनाओं, बुनियादी ढांचे के विकास और संसाधनों के आवंटन का मुख्य आधार है। प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह गणना के लिए आने वाले अधिकारियों को पूर्णतः सत्य और सटीक जानकारी प्रदान करें। आपकी एक सही जानकारी देश के निर्माण और जिले के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। सुरक्षा और गोपनीयता का भरोसा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान एकत्रित किया गया डेटा पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों और जन कल्याणकारी नीतियों के निर्माण के लिए किया जाएगा। जिले के सभी उपखंड अधिकारियों और तहसीलदारों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं ताकि प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
गिरिडीह जिले के निनियांघाट थाना क्षेत्र में हुए 15 लाख रुपए से अधिक के कॉपर वायर लूटकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से लूटे गए तार, घटना में प्रयुक्त वाहन, नकदी और हथियार बरामद किए हैं। यह घटना 26/27 अप्रैल 2026 की रात डीबीसी निनियांघाट सब स्टेशन के पीछे एक खेत में हुई थी। यहां 132 केवी ट्रांसमिशन लाइन के लिए रेलवे के माध्यम से केबल बिछाने का काम चल रहा था। मौके पर कनेक्शन लाइन के लिए भारी मात्रा में कॉपर वायर रखा हुआ था। अपराधियों ने वहां मौजूद गार्ड अनिल कुमार महतो और रंजीत ठाकुर को डरा-धमकाकर बंधक बना लिया और उनके साथ मारपीट की। इसके बाद, उन्होंने लगभग 193 मीटर कॉपर वायर काट लिया, जिसकी अनुमानित कीमत 15 लाख 58 हजार 316 रुपए है। गार्डों से उनके मोबाइल फोन और करीब 5 हजार रुपए नकद भी छीन लिए गए। घटना के बाद निनियाँघाट थाना में कांड संख्या 41/26 के तहत मामला दर्ज किया गया। गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुमित कुमार डुमरी और पुलिस निरीक्षक डुमरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। धनबाद निवासी तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया मानवीय और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने इस मामले में धनबाद निवासी तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान कल्लू कुमार उर्फ कल्लू पासी (23), राजू भुईयां उर्फ कारू भुईयां (25) और नरेश भुईयां उर्फ बिट्टवल भुईयां उर्फ कुटुम्ब (32) के रूप में हुई है। गिरफ्तार अपराधियों की निशानदेही पर पुलिस ने 267 किलोग्राम कॉपर तार, 39 किलोग्राम केबल का काला कवर, घटना में प्रयुक्त पिकअप, दो मोबाइल फोन, 38 हजार रुपए नकद, हेक्सा आरी और ब्लेड बरामद किए हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार सभी अपराधियों का आपराधिक इतिहास रहा है। कल्लू पासी वर्ष 2019 में, राजू भुईयां वर्ष 2016 में और नरेश भुईयां वर्ष 2023 में धनबाद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज मामलों में जेल जा चुके हैं। फिलहाल पुलिस इनके अन्य सहयोगियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। इस कार्रवाई में डुमरी अंचल के राजेंद्र प्रसाद महतो, थाना प्रभारी सुमन कुमार सहित निमियाँघाट थाना, डुमरी थाना और तकनीकी शाखा के पुलिसकर्मी शामिल रहे।
प्रयागराज के फूलपुर थाना क्षेत्र के कोड़ापुर ग्राम पंचायत के दुल्मापुर गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। मृतका की पहचान कुसुम देवी 45 साल पत्नी ज्ञानचंद्र सरोज के रूप में हुई है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई । जानकारी के अनुसार दुल्मापुर निवासी ज्ञानचंद्र सरोज मजदूरी करके परिवार का गुजरा करते हैं । घर के पास ही उन्होंने एक बगिया किराए पर ले रखी है । पत्नी कुसुम देवी बगिया की देखरेख करती है । परिवार का पालन-पोषण मुख्य रूप से मेहनत-मजदूरी से ही चलता था। बुधवार को कुसुम देवी दोपहर करीब 3 बजे गांव के पास स्थित बाग में गई थीं, इसी दौरान अचानक मौसम बदला और तेज गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में आकर वो झुलस गई। परिजन तुरंत उन्हें फूलपुर सीएचसी ले गए जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया । मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया । आस पास के लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। कुसुम देवी अपने पीछे एक बड़ा परिवार छोड़ गई हैं। उनके पांच बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी जड़ौती, दूसरी कविता और तीसरी रविता की शादी हो चुकी है। चौथी बेटी संध्या और सबसे छोटी शिवानी अभी अविवाहित हैं। वहीं उनका बेटा रामू सरोज भी परिवार की जिम्मेदारियों में हाथ बंटा रहा है।
राजगढ़ में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए नई पहल की गई है। एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा कंधे पर स्प्रे पंप टांगकर कलेक्ट्रेट गार्डन में पौधों पर नीमास्त्र का छिड़काव करते नजर आ रहे हैं। यह कदम जिले में नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत चल रहे कार्यों को गति देने के उद्देश्य से उठाया गया है। यह कदम इस बात का संकेत माना जा रहा है कि प्राकृतिक खेती की योजनाओं को अब बैठकों और निर्देशों से आगे बढ़ाकर जमीनी स्तर पर लागू करने की दिशा में काम किया जा रहा है। जिले में तैयार हो रहा प्राकृतिक खेती का ढांचा जिले में प्राकृतिक खेती के लिए आधारभूत संरचना भी तैयार की जा रही है। अब तक 13 बायो रिसोर्स सेंटर (बीआरसी) स्थापित किए जा चुके हैं, जिनमें से 8 केंद्रों पर जीवामृत, बीजामृत और नीमास्त्र जैसे जैविक उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों को वैज्ञानिक विधि से लगभग 45 दिनों में तैयार कर किसानों तक पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन ने इन जैविक उत्पादों की कीमतें भी तय कर दी हैं। जीवामृत 500 रुपये प्रति एकड़ (5 लीटर) और नीमास्त्र 500 रुपये प्रति एकड़ (2 लीटर) की दर से उपलब्ध है। यह पहल किसानों को कम लागत पर प्राकृतिक खेती अपनाने का अवसर प्रदान करती है, जिससे रासायनिक उर्वरकों पर उनकी निर्भरता कम हो सकेगी। किसानों पर असर का आकलन बाकी इस पहल को किसानों के बीच प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संकेत हैं कि यह अभियान कागजी प्रक्रिया से आगे बढ़कर खेतों तक पहुंचेगा और किसानों को लाभान्वित करेगा। हालांकि, इसका किसानों पर कितना और कितनी तेजी से असर होगा, यह अभी देखना बाकी है।
नोएडा के छलेरा गांव में दो पक्षों के बीच जमकर लाठी डंडे और पत्थर चले। इसमें कुछ लोगों को हल्की चोट लगी। मामले में पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस घटना से संबंधित एक वीडियो भी जमकर वायरल हो रहा है। जिसमें साफ दिख रहा है कि हाथों में लाठी डंडे लेकर दोनों पक्षों के लोग एक दूसरे को दौड़ा रहे है। चीख पुकार मच रही है मारपीट की जा रही है। एक साल पहले हुई थी शादी ये मामला थाना सेक्टर-39 क्षेत्र का है। पुलिस ने बताया कि छलेरा गांव में प्रथम पक्ष की नन्दिनी पुत्री हरिप्रकाश की शादी करीब एक साल पहले अर्जुन पुत्र मनोज के साथ हुई थी। शादी के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। इसी बात को लेकर मंगलवार रात को दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और नौबत मारपीट तक आ गई। दोनों पक्षों ने दी शिकायत वीडियो में साफ दिख रहा है दोनों पक्षों के लोग हाथ में लाठ डंड लिए मारपीट कर रहे है। जिसमें कुछ लोगों को चोट भी आए। जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची। दोनों पक्षो की ओर से थाना सेक्टर-39 में शिकायत दी गई। जिसके बाद पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा मारपीट में शामिल और लोगों की गिरफ्तारी भी जल्द की जाएगी। पति और पत्नी पक्ष के गिरफ्तार लोगपुलिस ने बताया कि पति पक्ष से अर्जुन, मनोज, बिंदर, सूरज और करन को गिरफ्तार किया है। वहीं महिला पक्ष से ललित, सुनील, तुषार, मंगल, सोनू, नंदिनी को गिरफ्तार किया है।
कोरबा कोर्ट में विशाल पीपल का पेड़ गिरा:महिला घायल, दो कार और दर्जनभर बाइक क्षतिग्रस्त
कोरबा में बुधवार दोपहर जिला एवं सत्र न्यायालय के सामने एक विशाल पीपल का पेड़ अचानक गिर गया। इस हादसे में दो कारें और दर्जनों बाइक्स क्षतिग्रस्त हो गईं। पेड़ की चपेट में आने से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद न्यायालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब 2 बजे न्यायालय में कामकाज चल रहा था। इसी दौरान परिसर के मुख्य गेट के पास खड़ा पुराना पीपल का पेड़ तेज आवाज के साथ भरभराकर गिर पड़ा। उस समय परिसर में बड़ी संख्या में वकील, पक्षकार और कर्मचारी मौजूद थे, जो पेड़ गिरते ही सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। महिला के सिर पर पेड़ की मोटी डाल गिरी, गंभीर घायल हादसे में न्यायालय के पास से गुजर रही 45 वर्षीय महिला सुनीता बाई के सिर पर पेड़ की मोटी डाल गिर गई। वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ी। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत 108 एंबुलेंस को सूचना दी और महिला को जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बताया कि महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। कारें पूरी तरह क्षतिग्रस्त,15 से 20 बाइक्स भी चकनाचूर पेड़ गिरने से न्यायालय परिसर में खड़ी दो कारें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके अतिरिक्त, स्टैंड में खड़ी लगभग 15 से 20 मोटरसाइकिलें भी पेड़ के नीचे दबकर चकनाचूर हो गईं। पुलिस और नागर निगम में रहत कार्य शुरू किया घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को हटाकर राहत कार्य शुरू किया। नगर निगम की टीम ने क्रेन और गैस कटर की सहायता से गिरे हुए पेड़ को हटाने का काम शुरू किया, जो देर शाम तक जारी रहा। नगर निगम से शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं स्थानीय वकीलों ने बताया कि यह पीपल का पेड़ काफी पुराना और जर्जर हो चुका था। उन्होंने कई बार नगर निगम से इसे हटाने की शिकायत की थी, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जालौन में विकास योजनाओं की समीक्षा के दौरान नोडल अधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने धीमी प्रगति वाले निर्माण कार्यों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। उरई के विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करना सभी विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बैठक में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और एसपी विनय कुमार सिंह भी मौजूद रहे। समीक्षा के दौरान जिला कारागार उरई, राजकीय मेडिकल कॉलेज में 50 बेड क्रिटिकल केयर यूनिट तथा तहसील उरई के आवासीय भवन निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर नोडल अधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने इन परियोजनाओं में हो रही देरी को गंभीरता से लेते हुए संबंधित परियोजना प्रबंधकों और अभियंताओं के खिलाफ जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही नर्सिंग कॉलेज निर्माण कार्य में हो रही देरी को भी गंभीर लापरवाही मानते हुए आवश्यक कार्रवाई के संकेत दिए। विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि लगभग 1600 किलोमीटर सड़कों की खुदाई के सापेक्ष 1260 किलोमीटर निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि 264 ग्राम पंचायतों में करीब 330 किलोमीटर कार्य अभी भी लंबित है। इस पर नोडल अधिकारी ने निर्देश दिए कि शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं, राजस्व कार्यों और कानून व्यवस्था की स्थिति की भी समीक्षा की गई। नोडल अधिकारी ने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड में जनपद को प्रदेश स्तर पर टॉप-टेन में स्थान मिलने पर अधिकारियों को बधाई दी, लेकिन इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास करने पर जोर दिया। उन्होंने ए-रैंक प्राप्त विभागों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाया जाए। फैमिली आईडी के शत-प्रतिशत लक्ष्य को हासिल करने के लिए संबंधित विभागों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों की पहचान कर शिविरों के माध्यम से तेजी से फैमिली आईडी तैयार कराई जाए। वहीं सीएमआईएस पोर्टल पर एक करोड़ रुपए से ज्यादा लागत वाली 292 परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कार्यदायी संस्थाओं की प्रगति पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। नोडल अधिकारी ने सभी निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि कार्य शुरू होने से पहले जनप्रतिनिधियों द्वारा विधिवत भूमि पूजन कराया जाए। उन्होंने दोहराया कि समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य ही सरकार की मंशा को साकार कर सकता है।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संजय कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीरेंद्र सिंह, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जालोर में नेशनल हाईवे पर 2 लग्जरी कारें आमने-सामने भिड़ गई। हादसा इतना भीषण था कि दोनों गाड़ियों के बोनट पिचक गए। मौके पर चीख-पुकार मच गई। इसमें 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दोनों गाड़ियों में सवार 7 लोगों घायल हैं। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है। मामला आहोर के बेदाना गांव के पास NH-325 हाईवे का 3:45 बजे का है। घायलों को एम्बुलेंस की मदद से नजदीकी तखतगढ़ के अस्पताल पहुंचाया गया। जहां से उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, रामसीन निवासी वस्तीमल रावल व सायला निवासी श्याम रावल की मौके पर ही मौत हो गई। खबर अपडेट की जा रही है… देखिए हादसे के बाद की तस्वीर…
कैथल में प्लॉट बेचने के बहाने छह लाख हड़पे:दो आरोपी पकड़े गए, चीका क्षेत्र के निवासी
कैथल के चीका क्षेत्र में एक प्लॉट खरीदने के नाम पर धोखाधड़ी करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने छह लाख रुपए हड़प लिए थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान वार्ड नंबर तीन निवासी विजय कुमार व गांव रामनगर भूना निवासी भोलाराम के रूप में हुई है। पत्नी के नाम पर खरीदना था प्लॉट चीका निवासी शंकर गर्ग कि शिकायत अनुसार वह अपनी पत्नी रिम्पी के नाम अमर सिटी, चीका में 5 मरले का प्लॉट खरीदना चाहता था। इस दौरान उसकी मुलाकात विजय कुमार से हुई, जिसने उचित दाम पर प्लॉट दिलाने का भरोसा दिया। विजय कुमार ने परमिंदर कौर का प्लॉट दिखाकर सौदा तय कराया। 23 जनवरी 2025 को दोनों पक्ष तहसील कार्यालय पहुंचे, जहां स्टांप पेपर और रजिस्ट्रेशन फीस जमा करवाई गई, लेकिन रजिस्ट्री नहीं हो सकी। अन्य व्यक्ति के नाम रजिस्टर्ड हो चुका था प्लॉट अगले दिन भी यही स्थिति बनी रही। बाद में 24 जनवरी 2025 को इकरारनामा तैयार कर 28 फरवरी 2025 तक रजिस्ट्री करने की बात तय की गई। इस दौरान उसने आरोपियों को 6 लाख रुपए नकद बतौर बयाना दे दिए जांच में सामने आया कि संबंधित प्लॉट पहले से ही न्यायालय में विचाराधीन मामले से जुड़ा हुआ था। जोकि नवंबर 2024 में यह प्लॉट किसी अन्य व्यक्ति के नाम रजिस्टर्ड हो चुका था और उसका इंतकाल भी दर्ज हो चुका था। पुलिस प्रवक्ता प्रवीन श्योकंद ने बताया कि इस बारे में थाना चीका में मामला दर्ज कर लिया गया। मामले में आरोपी वार्ड नंबर तीन निवासी विजय कुमार व गांव रामनगर भूना निवासी भोलाराम को काबू कर लिया गया। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर 2 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया हैं।
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने राज्य के पीएमश्री विद्यालयों में शिक्षकों और कार्मिकों की प्रतिनियुक्ति के लिए विज्ञप्ति जारी कर दी है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत प्रदेशभर में करीब 4332 से पदों को भरा जाएगा। झुंझुनूं जिले के भी 21 पीएमश्री विद्यालयों में रिक्त पदों पर अनुभवी शिक्षकों को पदस्थापन का मौका मिलेगा। केवल 48 घंटे की विंडो:आवेदन की प्रक्रिया 29 अप्रैल से शुरू होकर 30 अप्रैल 2026 की मध्यरात्रि 12:00 बजे तक ही चलेगी। इच्छुक शिक्षक शाला दर्पण पोर्टल के स्टाफ लॉगिन के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। चयन के लिए '60% अंक' और 'अनुभव' की कड़ी शर्तें अभ्यर्थी के लिए 10वीं, 12वीं, स्नातक और प्रशिक्षण डिग्री में न्यूनतम 60% अंक होना अनिवार्य है। प्राचार्य, व्याख्याता और अध्यापकों के लिए संबंधित पद पर 5 साल का अनुभव जरूरी है। विगत 5 वर्षों का लगातार शत-प्रतिशत वार्षिक परीक्षा परिणाम देने वाले शिक्षक ही पात्र होंगे। किस पद के लिए कितने रिक्त पद 1. प्राचार्य – 99 2. उप प्राचार्य – 267 3. प्राध्यापक (विभिन्न विषय) – 1788 4. वरिष्ठ अध्यापक (विभिन्न विषय) – 1053 5. वरिष्ठ शारीरिक शिक्षा अध्यापक – 67 6. शारीरिक शिक्षा अध्यापक – 23 7. अध्यापक लेवल-2 (विभिन्न विषय) – 255 8. अध्यापक लेवल-1 – 243 9. पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड-II – 75 10. पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड-III – 72 11. वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशक – 139 12. बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक – 155 13. वरिष्ठ प्रयोगशाला सहायक – 48 14. प्रयोगशाला सहायक – 48 कुल पदों का योग: 4332 ये शिक्षक नहीं हो सकेंगे शामिल जो शिक्षक पहले से अंग्रेजी माध्यम स्कूलों (MGGS) या कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में कार्यरत हैं, वे इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकेंगे। चयन के बाद कार्मिकों का पदस्थापन प्रारंभिक रूप से 3 साल के लिए किया जाएगा। चयन परीक्षा का आयोजन की मांग शिक्षक संगठनों की ओर से प्राथमिक अध्यापक संघ (लेवल-प्रथम) का कहना है कि साक्षात्कार की प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव हो सकता है। अतः निष्पक्ष चयन सुनिश्चित करने के लिए विभागीय चयन परीक्षा का आयोजन किया जाना चाहिए ताकि योग्यता के आधार पर सही प्रतिभा का चयन हो सके। स्टेट चेयरमैन, प्राथमिक अध्यापक संघ (लेवल-प्रथम) खेमराज मीणा ने कहा कि हम पीएमश्री स्कूलों में सेवाएं देने के लिए तैयार हैं, लेकिन चयन प्रक्रिया पारदर्शी और न्यायपूर्ण होनी चाहिए। पुरानी डिग्रियों के अंक किसी शिक्षक के वर्तमान कौशल का पैमाना नहीं हो सकते। सरकार को विभागीय परीक्षा के जरिए चयन करना चाहिए।
20 हजार का इनामी अपराधी गुजरात से गिरफ्तार:धौलपुर जेल से फरार हुआ था आजीवन कारावास का दोषी
धौलपुर पुलिस ने करीब दो साल से फरार चल रहे 20 हजार रुपए के इनामी अपराधी को गुजरात के राजकोट से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कोतवाली थाना पुलिस और जिला विशेष टीम (DST) ने मिलकर की। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अमरदास उर्फ अमृतदास के रूप में हुई है। वह दौसा जिले के रामगढ़ पचवारा थाना क्षेत्र में एक साधु की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। अपराधी 9 जनवरी 2024 को धौलपुर जिला कारागृह से फरार हो गया था। फरारी के दौरान अमरदास ने अपना नाम और वेश बदल लिया था। वह गुजरात के राजकोट में एक कंपनी में काम कर रहा था। इससे पहले वह अपने गांव के आसपास के मंदिरों में साधु के वेश में भी छिपा रहा था। पुलिस टीम ने लगभग तीन महीने तक लगातार निगरानी रखी। मुखबिर तंत्र और तकनीकी सहायता का उपयोग करते हुए आरोपी की लोकेशन ट्रेस की गई। इसके बाद पुलिस टीम राजकोट पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी और डीएसटी टीम के पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस उसके फरारी के दौरान की गतिविधियों की जांच कर रही है।
ग्वालियर में भीषण गर्मी के बीच यात्रियों को राहत देने के लिए रेलवे ने स्टेशनों पर आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। लगातार बढ़ते तापमान और तेज धूप से परेशान यात्रियों को अब प्लेटफॉर्म पर शेड की सुविधा मिलने लगी है। स्टेशन के विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर खुले पड़े हिस्सों को चिन्हित कर वहां शेड लगाने का काम तेजी से किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को धूप से बचाव मिल सके। गर्मी के मौसम की शुरुआत के साथ ही स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। प्लेटफॉर्म नंबर एक, दो, तीन और चार पर कई ऐसे हिस्से थे, जहां छाया की कोई व्यवस्था नहीं थी। इन स्थानों पर खड़े होकर ट्रेन का इंतजार करना यात्रियों के लिए बेहद मुश्किल हो जाता था, खासकर दोपहर के समय जब सूरज की तपिश अपने चरम पर होती थी। कई बार एक साथ कई ट्रेनें आने के कारण बड़ी संख्या में यात्री खुले में खड़े रहने को मजबूर हो जाते थे। रेलवे प्रशासन ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए प्लेटफॉर्म के खुले हिस्सों में शेड लगाने का काम शुरू कर दिया है। इससे उन यात्रियों को विशेष राहत मिलेगी, जिनके कोच पहले खुले स्थानों पर रुकते थे। अब शेड लगने से वे धूप से बचकर आराम से ट्रेन का इंतजार कर सकेंगे। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता के आधार पर उन स्थानों को कवर किया जा रहा है। जहां सबसे अधिक भीड़ रहती है। एक और बड़ी समस्या उन यात्रियों के सामने आती थी, जो एसी कोच से उतरकर सीधे तेज धूप में पहुंचते थे। ठंडी हवा से निकलकर अचानक गर्म वातावरण में आने से उन्हें असहजता महसूस होती थी। कई यात्रियों को सिरदर्द, चक्कर और थकान जैसी दिक्कतें भी होने लगती थीं। खासकर बच्चे और बुजुर्ग, इस बदलाव से अधिक प्रभावित होते थे, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ने का खतरा बना रहता था। आने वाले दिनों में सभी प्लेटफॉर्मों के खुले हिस्सों को कवर करने की योजना है, ताकि गर्मी के मौसम में यात्रियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
किशोरी से छेड़छाड़, मारपीट का आरोप:विरोध पर जान से मारने की धमकी दी, एसपी से की शिकायत
मैनपुरी के थाना किशनी क्षेत्र में एक नाबालिग किशोरी से छेड़छाड़, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। शिकायती पत्र के अनुसार, नाबालिग छात्रा को रास्ते में घेरकर छेड़छाड़ करने का आरोप है। दो लोगों पर इन घटनाओं में सहयोग करने का आरोप लगाया गया है। परिजनों ने बताया कि 24 अप्रैल को आरोपियों के घर शिकायत की गई थी, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया। आरोप है कि 25 अप्रैल को दोबारा छेड़छाड़ की घटना हुई। जब किशोरी ने इसका विरोध किया, तो दो अन्य आरोपी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने गाली-गलौज करते हुए किशोरी के साथ मारपीट की और पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित परिवार का आरोप है कि थाना किशनी में लिखित शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद, परिवार ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर छोटू, सोनू, पिंकू और अजीत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता ने बताया कि आरोपी आए दिन उसे परेशान करते हैं और विरोध करने पर मारपीट करते हैं। शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई है। पीड़िता ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है और कहा कि उसका रास्ते से निकलना मुश्किल हो गया है। परिवार ने थाने में शिकायत के बावजूद सुनवाई न होने की बात कही है और न्याय की मांग की है।
पाली के बांगड़ हॉस्पिटल में बुधवार को दो अलग-अलग हादसों में घायल हुए दो घायलों को इमरजेंसी में ट्रोमा वार्ड लाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद एक्स-रे लिखा लेकिन दोनों घायलों को एक घंटे से भी ज्यादा इन्तजार करवाने के बाद भी एक्स-रे नहीं हो सका। ऐसे में एक घायल के परिजन गुस्सा हो गए और मरीज को लेकर जाने लगे। इतने में एसडीएम विमलेन्द्रसिंह राणावत हॉस्पिटल पहुंचे तो पीड़ित ने उनके सामने अपनी पीड़ा बताई। एसडीएम के निर्देश के बाद दोनों घायलों का एक्स-रे हो सका। केस 01- एक घंटे बाद भी एक्स-रे नहीं हुआ तो मरीजा को निजी हॉस्पिटल ले जाने लगेपाली जिले के मारवाड़ जंक्शन के नया गांव निवासी भूंडाराम मीणा ने बताया कि बुधवार को उनका भाई रमेश पुत्र रताराम मीणा धामली गांव में निर्माणाधीन मकान पर मजदूरी कर रहा था। इस दौरान करीब 10 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर गया। जिससे उसकी कमर में गहरी चोट आई। इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल के ट्रोमा वार्ड में लाए। जहां डॉक्टर ने एक्स-रे लिखा। एक्स-रे करवाने गए लेकिन एक घंटे से ज्यादा समय हो जाने के बाद भी एक्स-रे नहीं हुआ। इस दौरान मरीज दर्द से तड़पता रहा। लेकिन वे इन्तजार करवाते तो परेशान मरीज के परिजन मरीज को लेकर निजी हॉस्पिटल ले जाने लगे। इतने में एसडीएम विमलेन्द्रसिंह राणावत ट्रोमा वार्ड में घायल आरआई से मिलने पहुंचे तो उनके सामने घायल के भाई भुंडाराम ने सारी बात बताई। एसडीएम के निर्देश के बाद हॉस्पिटल प्रबंधक तुरंत हरकत में आया और घायल मरीज का एक्स-रे किया। केस 02 - मरीज बोला एक घंटे से स्ट्रेचर पर हूं लेकिन नहीं हुआ एक्स-रेपाली शहर के चिमनपुरा निवासी 38 साल का गणपत पुत्र दौलाराम भील ने बताया कि वह बुधवार को वह सिंधियों की ढाणी में मजदूरी पर गया था। काम करने के दौरान वह करीब 9 फीट की ऊंचाई से अडान से नीचे गिर गया। इलाज के लिए परिजन उसे बांगड़ हॉस्पिटल लाए। एक घंटे से ज्यादा समय तरक स्ट्रेक्चर पर लेटा रहा लेकिन एक्स-रे के लिए नंबर नहीं आया। काम त्वरित करने के दिए निर्देशमामले में बांगड़ हॉस्पिटल के कार्यवाहक अधीक्षक डॉ आरके विश्नोई ने बताया कि लाइट तीन-चार बार गुल हो गई। जिससे एक्सरे करने में देरी हुई। मामले की पूरी जांच करवा रहे है।
देवरिया में एक अनोखी मटकोरवा रस्म इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। यहां दुल्हन रागनी राजभर ने जेसीबी पर बैठकर मटकोरवा की रस्म निभाई, जिसे देखने के लिए गांव में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मामला खुखुंदू थाना क्षेत्र के खखड़ी गांव का है। खखड़ी गांव निवासी सुरेंद्र राजभर की बेटी रागनी की शादी मंगलवार को थी। शादी से पहले मटकोरवा रस्म को खास और यादगार बनाने के लिए परिवार ने अनोखी तैयारी की। दूल्हे पक्ष की ओर से मंगाई गई जेसीबी को फूल-मालाओं से सजाकर दुल्हन के रथ का रूप दिया गया। दुल्हन रागनी अपनी मां सुदांती देवी, बुआ फुलमती, भाइयों भूषण, सुशन, पियूष, नितेश, भाभियों रितू, नीलम और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ जेसीबी पर सवार होकर मटकोरवा के लिए निकलीं। जुलूस में आगे सजा-धजा हाथी चल रहा था, जबकि पीछे गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़े, डीजे और नृत्यांगनाओं के नृत्य ने माहौल को और भव्य बना दिया। रास्ते भर दुल्हन और परिवार के लोगों ने जेसीबी पर चढ़कर नृत्य किया। इस अनोखी रस्म को देखने के लिए पूरे गांव के लोग सड़कों पर जुट गए। कई लोगों ने इस पल को अपने मोबाइल में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा किया, जो तेजी से वायरल हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहली बार इस तरह की मटकोरवा देखी है। वहीं परिजनों के अनुसार, चार भाइयों ने अपनी इकलौती बहन की शादी को खास बनाने के लिए यह आयोजन किया था। परंपरा और आधुनिकता के इस अनूठे संगम को गांव के बुजुर्गों ने भी सराहा और इसे नई सोच की मिसाल बताया।
आगर मालवा जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में हो रही देरी से नाराज किसानों ने बुधवार दोपहर आगर-उज्जैन हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन के कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यह मामला ग्राम पालखेड़ी के समीप स्थित सीतानारायण वेयरहाउस का है, जहां गेहूं खरीदी की प्रक्रिया चल रही है। किसानों का आरोप है कि खरीदी केंद्र पर तौल में लगातार देरी की जा रही है और संबंधित संस्था द्वारा मनमानी की जा रही है। उन्हें अपनी उपज के साथ घंटों तक तेज धूप में इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उनमें भारी आक्रोश है। इसी समस्या से परेशान होकर किसानों ने विरोध स्वरूप हाईवे पर जाम लगा दिया। भीषण गर्मी के बीच करीब एक घंटे तक चले इस चक्काजाम से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने किसानों को समझाइश देने का प्रयास किया। किसानों ने मांग की कि खरीदी प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाया जाए तथा तौल कार्य में तेजी लाई जाए। प्रशासनिक अधिकारियों ने जल्द समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद किसानों ने जाम समाप्त कर दिया।
जींद जिले के उचाना हलके के शाहपुर गांव में मंगलवार रात बिजली के शॉर्ट सर्किट से एक मकान में आग लग गई। इस घटना में घर का सामान जलकर राख हो गया, जबकि तीन भैंसें और एक गाय झुलस गईं। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग की है। यह घटना मंगलवार रात करीब 11 बजे बिजली आने के बाद हुई। ग्रामीणों के अनुसार, बिजली आते ही अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे टेकराम के मकान में आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि घर में बंधे पशु भी उसकी चपेट में आ गए। पीड़ित टेकराम का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर बताया जा रहा है। आगजनी से हुए भारी नुकसान के बाद ग्रामीणों ने विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री से मुलाकात कर प्रशासन से आर्थिक मदद और मुआवजे की मांग की। विधायक के निर्देश पर एसडीएम उचाना रमित यादव ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने नुकसान का जायजा लेने के बाद बताया कि एक रिपोर्ट तैयार की जा रही है। नियमानुसार जो भी प्रशासनिक मदद संभव होगी, वह पीड़ित परिवार को उपलब्ध कराई जाएगी।
झांसी पुलिस ने आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टा खिलाने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा किया है। एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि थाना नवाबाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर मुस्तरा से सखी के हनुमान मंदिर के पास स्थित जेडीए कॉलोनी क्षेत्र में दबिश देकर इस नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। इस दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया, जबकि अन्य की तलाश जारी है। पुलिस पर हमले की कोशिश, फिर गिरफ्तारीदबिश के दौरान आरोपियों ने बचने के लिए पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की। आरोपियों ने अपनी फॉर्च्यूनर कार से सरकारी बोलेरो में टक्कर मार दी, जिससे वाहन चालक और उपनिरीक्षक निखिल कुमार घायल हो गए। हालांकि पुलिस टीम ने सूझबूझ दिखाते हुए तीनों आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया। बरामदगी में करोड़ों का हिसाब-किताबगिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 8 मोबाइल फोन, 1 टैबलेट, 84,500 रुपए नकद, एक फॉर्च्यूनर कार और करीब 100 करोड़ रुपए के अवैध सट्टे का बहीखाता बरामद हुआ है। इसके अलावा अलग-अलग बैंक खातों में जमा करीब 50 लाख रुपए भी पुलिस ने फ्रीज कराया है। ऑनलाइन वेबसाइट के जरिए चलता था सट्टापूछताछ में सामने आया कि आरोपी 1ex99.in और bbmw99.com जैसी वेबसाइट्स के जरिए आईपीएल मैचों पर सट्टा खिलाते थे। ये लोग यूजर आईडी बनाकर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करते थे और अवैध कमाई को अलग-अलग बैंक खातों में जमा करते थे। इस पूरे नेटवर्क को संगठित तरीके से संचालित किया जा रहा था। अवैध कमाई से खरीदी गई संपत्तिमुख्य आरोपी शुभम उपाध्याय ने सट्टे से कमाए पैसे को अपने और परिवार के नाम से विभिन्न बैंक खातों में जमा किया। साथ ही झांसी में प्लॉट, फार्महाउस और दुकान खरीदी गई। वहीं नितिन अग्रवाल ने झांसी और धौलपुर (राजस्थान) में संपत्ति खरीदी। तीसरे गिरफ्तार आरोपी विजय बाधवा द्वारा भी अवैध कमाई से चल-अचल संपत्ति बनाई गई है। ये हो गए फरार फरार आरोपी (बॉक्स)पप्पू (उन्नाव गेट, झांसी)पंकज राय (छनियापुरा, झांसी)सौरभ लिखधारी (चौधरियाना, झांसी)सोनू चड्ढा (किदवई नगर, कानपुर नगर)हरीश कुमार (पनकी, कानपुर नगर)आकाश चंचलानी (द्वारिका कॉलोनी)सुमित साहू (नगरा, प्रेमनगर, झांसी)रोशन मुंशी (पता अज्ञात)आशीष उपाध्याय (तिलियानी बजरिया, झांसी) गैंग्स्टर की तैयारी में पुलिस एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं और जुआ अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। उनका कहना है कि आगे इस गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और संपत्ति कुर्की की कार्रवाई भी की जाएगी।
भोपाल के सारकारी होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में सोरायटिक आर्थराइटिस के इलाज के लिए नई यूनिट शुरू की गई है। यह पहल केंद्रीय होम्योपैथिक अनुसंधान परिषद के सहयोग से साल 2021 से संचालित रिसर्च एंड ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाते हुए की गई है। इस यूनिट में मरीजों को अध्ययन आधारित इलाज, परामर्श और दीर्घकालिक प्रबंधन की सुविधा मिलेगी। महाविद्यालय के प्रिंसिपल डॉ. एसके मिश्रा के अनुसार, यह बीमारी त्वचा और जोड़ों दोनों को प्रभावित करती है, जिससे मरीजों को गंभीर तकलीफ होती है। नई इकाई प्रदेश के मरीजों के लिए राहतभरी पहल मानी जा रही है। सुबह 10 से शाम 5 बजे तक मिलेगा इलाज इस विशेष इकाई में उपचार के लिए मरीज कार्यालय समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए 8853203416 नंबर जारी किया गया है। संस्थान द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, यह यूनिट शोध, पहचान एवं होम्योपैथी के प्रभावी उपचार एवं प्रबंधन पर कार्य करेगी और मरीजों को जागरूक भी बनाएगी। जटिल बीमारी है सोरायटिक आर्थराइटिस होम्योपैथी वेलनेस सेंटर की इंचार्ज डॉ. जूही गुप्ता ने बताया कि सोरायटिक आर्थराइटिस एक ऐसी बीमारी है, जो त्वचा रोग सोरायसिस से जुड़ी होती है और शरीर के जोड़ों को प्रभावित करती है। इस रोग में त्वचा पर चकत्ते, लालिमा, जलन और पपड़ी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इसके साथ ही मरीजों के जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न की समस्या भी होती है, जिससे सामान्य जीवन प्रभावित होता है। यह बीमारी आमतौर पर 30 से 50 वर्ष की उम्र में अधिक देखी जाती है, हालांकि यह किसी भी आयु वर्ग में हो सकती है। पुरुष और महिलाएं दोनों ही इससे प्रभावित हो सकते हैं। समय पर इलाज न मिलने पर यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है और जोड़ों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकती है। इम्यून सिस्टम से जुड़ा है यह रोग चिकित्सकों का कहना है कि सोरायटिक आर्थराइटिस का संबंध शरीर की इम्यून सिस्टम में गड़बड़ी से माना जाता है। इसमें शरीर की इम्यून सिस्टम ही अपने ऊतकों पर हमला करने लगती है, जिससे सूजन और दर्द की समस्या उत्पन्न होती है। होम्योपैथी चिकित्सा विधि इस स्थिति में शरीर की आंतरिक प्रतिरक्षा प्रणाली को संतुलित करने का कार्य करती है। इससे रोग के लक्षणों को नियंत्रित करने और मरीज की जीवन गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलती है। शोध आधारित उपचार और नई सुविधा महाविद्यालय में स्थापित इस विशेष इकाई के माध्यम से मरीजों को शोध आधारित उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। यह इकाई न केवल इलाज करेगी, बल्कि रोग की पहचान, प्रबंधन और जागरूकता बढ़ाने का भी काम करेगी। प्रदेश के अधिक से अधिक मरीजों को इस सुविधा का लाभ मिल सके, इसके लिए यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यहां मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परामर्श भी दिया जाएगा, जिससे वे बीमारी को बेहतर तरीके से समझ सकें।
गुरुग्राम की राजनीतिक में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। बुधवार को मानेसर की निर्दलीय मेयर डॉ. इंद्रजीत कौर यादव भाजपा में शामिल हो गई है। प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत ने उन्हें भाजपा का पटका पहना कर पार्टी में शामिल किया। इस खबर को अपडेट कर रहे हैं……………….
बाड़मेर के जालीपा कपूरड़ी लिग्नाईट परियोजना से प्रभावित किसान बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। अवाप्त जमीन में सरकारी स्कूलों को अन्य स्कूलों में मर्ज नहीं किया जाए। जहां पर आबादी बसाएंगे वहां पर शिफ्ट करने की मांग की। किसानों का आरोप है कि हमारे पूर्वजों ने पढ़ाई के लिए जमीन दान में देकर स्कूल बनवाई थी। कंपनी अन्य स्कूलों में मर्ज करने के लिए सरकार को कह रही है। हमारी मांग है कि जहां पर आबादी बसाएं वहीं पर स्कूलों को शिफ्ट की जाए। आरोप है कि हर कंपनी के आगे प्रशासन मौन है। चाहे बीजेपी की सरकार हो या फिर कांग्रेस की सरकार हो। अब भी तीन साल हो गए। लेकिन हमारी किसी ने कोई सुध नहीं ली। हमने एडीएम को ज्ञापन दिया। उन्होंने हमें आश्वासन दिया कि कंपनी को बुलाकर लोगों की मांग के अनुसार निर्णय करेंगे। बुधवार को जालीपा कपूरड़ी लिग्नाईट परियोजना से प्रभावित किसान कलेक्ट्रेट में एडीएम से मिलकर ज्ञापन दिया। अपनी मांगों को उनके सामने रखा। वीरमनगर निवासी जालाराम बेनीवाल ने बताया- जालीपा कपूरड़ी माइंस परियोजना से प्रभावित गांव चकधोलका, वीरमनगर, लाखेटाली में सरकारी स्कूलें है। कंपनी सरकार को इन स्कूलों को मर्ज करने का कह रहे है। उससे पहले उन स्कूलों को क्यूं छेड़ते हो। स्कूलों को तोड़ने पहुंचे कंपनी के ठेकेदार किसानों का आरोप है कि कंपनी ने इन स्कूलों को तोड़ने के लिए लोगों को टेंडर दे दिया है। कंपनी तो सामने आती नहीं है और स्थानीय लोगों को तोड़ने का टेंडर दे देती है। चार स्कूल जिसमें सबसे बड़ी स्कूल चक धोलका में जो सीनियर सेकेंडरी है। मालाणी डूडियों की ढाणी, माधल की ढणी, बेनीवालों की ढाणी में प्राइमरी स्कूलें है। इसको लोगों की मांग के अनुरूप आबादी के पास बनाई जाए। न कि अन्य स्कूलों में मर्ज किया जाए। चारो स्कूलों में 1 हजार बच्चे प्रभावित हो रहे है। 15 साल बाद भी स्कूलों को लेकर कोई प्लान नहीं किसानों का आरोप है कि जेएसडब्लू कंपनी ने 2011 में अंतिम अवार्ड जारी किया, लेकिन 15 साल बाद भी स्कूलों को लेकर कोई प्लानिंग नहीं है। कंपनी स्कूलों को अन्य स्कूलों में मर्ज करवाना चाहती है।
आजमगढ़ के पवई थाना क्षेत्र में नाबालिक का अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में पुलिस को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि नाबालिक का अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के साथ-साथ ही शारीरिक संबंध बनाने का दबाव आरोपी बना रहा था। पूर्व में भी पीड़ित द्वारा प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि आरोपी अश्लील वीडियो के आधार पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बना रहा था। मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश की जा रही थी। इसी क्रम में आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने मोबाइल भी बरामद कर लिया है। आरोपी पर दर्द है तीन गंभीर आपराधिक मुकदमे मामले की विवेचना कर रहे सब इंस्पेक्टर गोपाल जी ने बताया कि आरोपी शिव शंकर जो की पवई थाना क्षेत्र का रहने वाला है को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को न्यायालय भेजा जा रहा है जहां से जेल रवाना किया जाएगा। आरोपी के मोबाइल को कब्जे में लेकर उसकी भी जांच कराई जा रही है।
गोंडा में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी (GRP) की संयुक्त टीम ने एक यात्री का 5 लाख रुपए मूल्य का जेवरात से भरा बैग बरामद कर मालिक को सौंप दिया है। यह बैग ट्रेन में छूट गया था और टीम ने इसे महज 36 घंटे के भीतर ढूंढ निकाला है। सोने और चांदी के आभूषण से भरा बैग पाने के बाद यात्री हरिप्रसाद के चेहरे पर मुस्कान आई है और उन्होंने अब राहत की सांस ली है। बस्ती के सोनहा थाना अंतर्गत ग्राम धावाय निवासी हरिप्रसाद बीते 26 अप्रैल को अपने परिवार के साथ गोरखपुर-एलटीटी सुपरफास्ट एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 20103) के कोच B-4 में यात्रा कर रहे थे। गोंडा स्टेशन पर उतरते समय जल्दबाजी में उनका एक कीमती पिट्ठू बैग किसी सहयात्री द्वारा गलती से उठा लिया गया। बैग में सोने-चांदी के आभूषण और नकद राशि थी, जिसकी कुल कीमत लगभग 5 लाख रुपए आंकी गई थी। बैग गायब होने के बाद हरिप्रसाद ने तत्काल इसकी जानकारी 'रेल मदद' पोर्टल पर दर्ज कराई और गोंडा जीआरपी व आरपीएफ को सूचित किया। शिकायत मिलते ही वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त अरुण त्रिपाठी और सहायक सुरक्षा आयुक्त महेंद्र प्रसाद दुबे के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। निरीक्षक आरपीएफ गोंडा अनिरुद्ध राय और जीआरपी इंस्पेक्टर दिनेश कुमार पांडे व हरबंस यादव ने गोंडा स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया। जांच के दौरान, सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध सहयात्री स्टेशन के बाहर एक चार पहिया वाहन में बैठता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वाहन के नंबर से उसके मालिक का पता लगाया। वाहन मालिक ने बताया कि उनका ड्राइवर यात्रियों को लेकर बलरामपुर जिले के थाना श्रीदत्तगंज अंतर्गत ग्राम शिवपुर महंत गया है। पुलिस टीम ने ड्राइवर के बताए स्थान पर पहुंचकर बैग बरामद किया और उसे सुरक्षित हरिप्रसाद को सौंप दिया। अपना बैग वापस पाकर हरिप्रसाद के चेहरे पर मुस्कान आ गई और उन्होंने गोंडा रेलवे सुरक्षा बल तथा जीआरपी पुलिस को धन्यवाद दिया। आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने तत्काल लोकेशन पर पहुंचकर ड्राइवर और संबंधित यात्री से पूछताछ की। सहयात्री ने स्वीकार किया कि भूलवश वह बैग उसके पास आ गया था। पुलिस ने बैग को विधिवत जब्त किया और सामान की पुष्टि होने के बाद पीड़ित यात्री हरिप्रसाद को कार्यालय बुलाकर सुपुर्द कर दिया है। अपना खोया हुआ कीमती सामान वापस पाकर हरिप्रसाद भावुक हो गए। उन्होंने आरपीएफ और जीआरपी गोंडा की टीम की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि पुलिस की इस सक्रियता ने उनका विश्वास और बढ़ा दिया है। इस सफल ऑपरेशन में कांस्टेबल श्रवण कुमार साहनी सहित अन्य पुलिस कर्मियों का विशेष योगदान रहा। रेलवे सुरक्षा बल ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा के दौरान सतर्क रहें और किसी भी समस्या की स्थिति में 'रेल मदद' का उपयोग करें।
उमरिया जिले के एक परिवार ने कटनी में ऑटो यात्रा के दौरान लाखों रुपए के जेवरात और नकदी चोरी होने का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस पर कार्रवाई में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दी है। लखनऊ से कटनी पहुंचे था परिवारबिरसिंहपुर पाली (उमरिया) निवासी यादवेंद्र सिंह ने बताया कि वे 26 अप्रैल को अपने परिवार के साथ लखनऊ से कटनी मेन स्टेशन पहुंचे थे। सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच उन्होंने साउथ स्टेशन जाने के लिए एक ऑटो किराए पर लिया। ऑटो चालक पर मिलीभगत का आरोपयादवेंद्र सिंह का आरोप है कि ऑटो चालक कमल हुसैन ने उनका बैग ऑटो में पीछे रखा और रास्ते में एक अज्ञात व्यक्ति को उनके पास बैठा दिया। यात्रा के दौरान बैग से जेवर और नकदी चोरी हो गई। परिवार का कहना है कि इस वारदात में ऑटो चालक की भी मिलीभगत हो सकती है। लाखों के जेवर और नकदी चोरीचोरी हुए सामान में सोने के झुमके, टप, पंचाली, करीब 500 ग्राम चांदी का डोरा, दो जोड़ी पायल (500-500 ग्राम), छह बिछिया और 5000 रुपए नकद शामिल हैं। पुलिस पर कार्रवाई में ढिलाई का आरोपघटना के बाद 26 अप्रैल को रंगनाथ नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने मामले में गंभीरता नहीं दिखाई। शिकायत की पावती पर भी मुहर नहीं लगाई गई।परिवार का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी वजह से उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की मांग की है।
हरदोई जनपद की बालामऊ विधानसभा सीट पर भाजपा विधायक रामपाल वर्मा को जनता ने पसंद नहीं किया है। भास्कर के सर्वे में 44% जनता का मत है कि इन्हें टिकट नहीं मिलना चाहिए। हालांकि भाजपा में उम्मीदवार के रूप में पहली पसंद रामपाल वर्मा हैं। यहां पर पार्टी के रूप में सबसे पहली पसंद भाजपा की है। दूसरे नंबर पर सपा, तीसरे नंबर पर बसपा है। पार्टीवार देखें तो भाजपा में पहली पसंद रामपाल वर्मा हैं। उन्हें 70% लोगों ने पसंद किया है। उनके बाद चंद्रप्रकाश को 8 प्रतिशत, वीरेंद्र वर्मा को 6 प्रतिशत और अर्जित वर्मा को भी 6 प्रतिशत लोगों ने भाजपा उम्मीदवार के तौर पर पसंद किया है। समाजवादी पार्टी से उम्मीदवार के रूप में अशोक वर्मा को 51 प्रतिशत लोगों ने पसंद किया। तिलकचंद पासी को 34 प्रतिशत और पूनम सरोज को 7 प्रतिशत लोगों ने सपा उम्मीदवार के रूप में अपनी पसंद बताया है।बहुजन समाज पार्टी से दीपा रानी को 30 प्रतिशत लोगों ने उम्मीदवार के रूप में चुना। इसके अतिरिक्त, राम कुमारी को 28 प्रतिशत और केशन लाल को 26 प्रतिशत लोगों ने बसपा उम्मीदवार के तौर पर पसंद किया।
बस्ती में 9 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत:लंबित मामलों का होगा निपटारा, मिलेगा त्वरित न्याय
बस्ती में 9 मई 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य आम लोगों को लंबित मामलों से राहत दिलाना और सस्ता व त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। इस आयोजन की तैयारियों को लेकर 27 और 28 अप्रैल को प्रशासनिक एवं बैंक अधिकारियों के साथ प्री-ट्रायल बैठक आयोजित की गई। यह बैठक माननीय जनपद न्यायाधीश शमसुल हक की अध्यक्षता में हुई। जनपद न्यायाधीश ने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण आपसी सुलह-समझौते के आधार पर किया जाए, ताकि लोगों को न्यायालय के लंबे चक्कर से मुक्ति मिल सके। उन्होंने लोक अदालत को आमजन के लिए एक प्रभावी मंच बताया, जहां कम समय और कम खर्च में न्याय संभव है। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ अधिकाधिक वादों को सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए गए। नोडल अधिकारी प्रमोद कुमार गिरि ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जनपद न्यायालय, कलेक्ट्रेट परिसर और सभी तहसील मुख्यालयों पर एक साथ किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव देवेंद्र कुमार-प्रथम ने जानकारी दी कि इस लोक अदालत में आपराधिक शमनीय वाद, चेक बाउंस के मामले, बैंक वसूली, मोटर दुर्घटना मुआवजा, पारिवारिक विवाद, श्रम वाद, राजस्व और सिविल मामलों सहित विभिन्न प्रकार के मामलों का निपटारा किया जाएगा।
अजमेर में शादी का झांसा देकर लंबे समय तक रेप करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने शिकायत में बताया- वह तलाक के बाद अपने परिजनों के साथ रह रही थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले युवक से उसकी जान-पहचान हुई। आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसे अपने जाल में फंसाया और उसके साथ संबंध बनाए। इस दौरान आरोपी ने गुपचुप तरीके से उसके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो भी बना लिए। आरोपी ने 9 वर्षों तक शादी का वादा कर उसका शोषण किया। इस बीच आरोपी ने किसी अन्य महिला से शादी कर ली, लेकिन इसके बावजूद वह पीड़िता को गुमराह करता रहा और उसे जल्द साथ रखने का आश्वासन देता रहा। मामले का खुलासा तब हुआ जब आरोपी की पत्नी ने पीड़िता और उसकी बेटी के मोबाइल पर आपत्तिजनक वीडियो भेज दिए। इसके बाद पीड़िता ने आरोपी से संपर्क किया, तो उसने बात करना बंद कर दिया। जब पीड़िता आरोपी के घर पहुंची तो उसने गाली-गलौज की और शादी से साफ इनकार कर दिया। साथ ही सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने की धमकी भी दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हरियाणा में पिछले कुछ दिनों से मिल रही बम की धमकियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुग्राम के स्कूलों को मिली धमकी के बाद अब अंबाला और रेवाड़ी रेलवे जंक्शन को बम से उड़ाने का धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ है। इस सूचना के बाद रेवाड़ी जंक्शन पर हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पूरे स्टेशन को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। बुधवार को धमकी की सूचना मिलते ही रेवाड़ी जंक्शन पर प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए जीआरपी (GRP), आरपीएफ (RPF) और सिविल पुलिस की संयुक्त टीमों ने मोर्चा संभाला। स्टेशन पर बम स्क्वायड और डॉग स्क्वायड की मदद से एक-एक कोने की तलाशी ली गई। प्लेटफॉर्म से लेकर पटरियों तक सघन चेकिंग जांच अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने: रेलवे स्टेशन परिसर और सभी प्लेटफॉर्म्स की बारीकी से जांच की। इसके साथ ही स्टेशन पर खड़ी ट्रेनों के डिब्बों और यात्रियों के सामान की तलाशी ली। रेलवे ट्रैक और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सर्च अभियान चलाया गया और संदिग्ध वस्तुओं की खोज की गई। सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप आरपीएफ इंस्पेक्टर विनोद कुमार जांगड़े ने बताया कि अंबाला रेलवे जंक्शन को मिले एक धमकी भरे पत्र/ईमेल में रेवाड़ी जंक्शन का नाम भी शामिल था। इसके बाद से ही सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा, यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रख रहे हैं और यह चेकिंग अभियान लगातार जारी रहेगा। यात्रियों से अपील रेलवे पुलिस ने आम जनता और यात्रियों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि यदि स्टेशन परिसर या ट्रेन में कोई भी लावारिस वस्तु या संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे, तो तुरंत इसकी सूचना जीआरपी या आरपीएफ को दें।
खंडवा में एक जैन परिवार के दंपती और उनके दो बेटों पर पुलिस ने जबरन कब्जे के मामले में केस दर्ज किया हैं। आरोप है कि, लोन ना चुकाने पर उनका घर बैंक के आधिपत्य में जा चुका था। अपने आधिपत्य में लेकर बैंक ने मकान सील कर दिया था। इसके बावजूद जैन फैमिली ने पीछे के दरवाजे से मकान में घुसकर कब्जा कर लिया। बैंक अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी हैं। 86 लाख का लोन नहीं चुकायामामला कोतवाली थाना क्षेत्र के सौमित्र नगर का हैं। बताते हैं कि, सौमित्र नगर निवासी चंद्रकुमार पिता बसंती लाल जैन ने एयू बैंक से संपत्ति पर लोन लिया था। उन्होंने बैंक को मकान गिरवी (बंधक) रखकर 86 लाख 67 हजार रुपए का लोन लिया। परिवार ने इस लोन की लंबे समय तक अदायगी नहीं की। बैंक ने बंधक प्रापर्टी को नीलाम करने के लिए नोटिस जारी कर दिया। लेकिन परिवार ने मकान बेचने से मना कर दिया। इसके बाद बैंक ने बंधक संबंधी दस्तावेज के आधार पर कलेक्टर को शिकायत की। जैन परिवार पीछे के रास्ते से मकान में घुसाखंडवा कलेक्टर ने राजस्व से जुड़े इस मामले में बंधक के आधार पर मकान का कब्जा बैंक को देने के आदेश जारी कर दिए। हालांकि, बैंक कुछ दिनों तक कब्जा नहीं ले पाया। इस दौरान जैन परिवार ने लोन चुकाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। कलेक्टर कोर्ट के आदेश के आधार पर बैंक ने कब्जा लेने के लिए तहसील कोर्ट में आवेदन किया। जहां से तहसीलदार ने मौके पर आकर बैंक को कब्जा दिलाया। अब इसी बीच बैंक के आधिपत्य वाले मकान पर जैन परिवार ने पीछे के गेट से प्रवेश किया और वापस कब्जा करने की कोशिश की। महिला समेत परिवार के 4 लोगों पर केस एयू बैंक के अधिकारियों की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने सौमित्र नगर निवासी नवीन कुमार जैन, उनके भाई प्रवीण कुमार जैन, मां निर्मला जैन और पिता चंद्र कुमार जैन के खिलाफ जबरन कब्जे संबंधी धारा के तहत केस दर्ज कर लिया हैं।
स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर के कुलगुरु प्रो. आरबी दुबे ने बुधवार को हनुमानगढ़ में कृषि कॉलेज एवं कृषि अनुसंधान उपकेन्द्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय किसानों की जरूरतों के अनुरूप बीज उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। निरीक्षण के दौरान कृषि कॉलेज के डॉ. हनुमान राम ने संस्थान की उपलब्धियों, अनुसंधान कार्यों और चल रही गतिविधियों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कुलगुरु प्रो. दुबे ने प्रतिवेदन का अवलोकन करते हुए निर्देश दिए कि अनुसंधान उपकेन्द्र में ऐसे बीज उत्पादन कार्यक्रम संचालित किए जाएं, जो क्षेत्र के किसानों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप हों। उन्होंने प्रजनक बीज के उत्पादन में वृद्धि करने पर भी जोर दिया, ताकि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराया जा सके। कुलगुरु ने कहा कि कृषि क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों के बीच अनुसंधान की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में वैज्ञानिकों को स्थानीय परिस्थितियों और फसलों की जरूरतों के अनुसार नवाचार पर ध्यान देना चाहिए। इससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि किसानों की आय में भी सुधार होगा। निरीक्षण के दौरान प्रो. दुबे ने कॉलेज के छात्र-छात्राओं से भी संवाद किया और उनके शैक्षणिक अनुभवों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कृषि शिक्षा को अधिक व्यावहारिक और रोजगारोन्मुखी बनाने की दिशा में विश्वविद्यालय निरंतर प्रयासरत है। इसके लिए कॉलेज में आवश्यक संसाधनों और सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इस अवसर पर निदेशक मौजूद डॉ. एनके शर्मा, कृषि कॉलेज बीकानेर के अधिष्ठाता डॉ. विजय प्रकाश, डॉ. चन्द्रभान, डॉ. उपेंद्र मील, डॉ. हरजिन्द्र सिंह, आरपी भड़िया तथा राकेश गोस्वामी सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
सीकर-उदयपुरवाटी रोड पर आज दोपहर एक तेज रफ्तार ट्रेलर और बाइक की आमने-सामने की भीषण भिड़ंत हो गई। हादसे में बाइक सवार पति-पत्नी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे का शिकार हुआ युवक पेशे से सरकारी स्कूल में अध्यापक था और अपनी पत्नी के साथ ससुराल जा रहा था। सूचना के बाद मौके पर पहुंची झुंझुनू जिले की गोठड़ा थाना पुलिस ने दोनों शवों को सीकर के श्रीकल्याण जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। पुलिस ने ट्रेलर को भी जब्त कर लिया है और मामले की जांच कर रही है।मृतक युवक के परिजन राजू गुर्जर ने बताया कि सीकर के रेटा गांव निवासी अशोक गुर्जर सरकारी टीचर थे। बुधवार दोपहर अशोक पत्नी पूजा के साथ बाइक पर सवार होकर रेटा से निकले थे। अशोक, पूजा के साथ रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए ससुराल चेचियों की ढाणी, टोडपुरा जा रहा था। दोपहर करीब एक बजे जब वे गोल्याना के पास पहुंचे, तभी सामने से आ रहे एक बेकाबू ट्रेलर ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि बाइक पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों पति-पत्नी उछलकर सड़क पर जा गिरे। हादसे में सिर व शरीर में गंभीर चोटें आने के कारण अशोक गुर्जर और पूजा ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के तुरंत बाद वहां से गुजर रहे लोगों ने तुरंत हादसे की सूचना गोठड़ा थाना पुलिस को दी। पुलिस ने दोनों शवों को एंबुलेंस के जरिए सीकर के एसके जिला अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिए। मृतक के परिजन राजू गुर्जर ने बताया कि अशोक गुर्जर जीणमाता गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में टीचर था। अशोक अपने परिवार में 6 भाई-बहनों में सबसे छोटा और सबके चहेता था। राजू गुर्जर के अनुसार, अशोक की शादी करीब ढाई साल पहले ही पूजा के साथ हुई थी। हादसे की खबर अशोक के गांव रेटा और पत्नी पूजा के पीहर चेचियों की ढाणी (टोडपुरा) पहुंची, दोनों ही गांवों में सन्नाटा पसर गया। फिलहाल गोठड़ा थाना पुलिस मे ट्रेलर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरु कर दी है।
चंडीगढ़ आम आदमी पार्टी ने चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सेक्टर-39 के पार्टी कार्यालय में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेताओं ने चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड पर हजारों परिवारों के साथ गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया और बड़े विरोध आंदोलन की घोषणा की। पार्टी के प्रभारी जर्नैल सिंह ने कहा कि पहले कांग्रेस और पिछले 12 वर्षों से भाजपा के शासन में शहर की जनता को लगातार गुमराह किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 25 वर्षों में दोनों पार्टियों की नीतियों के कारण लोगों में असमंजस और असुरक्षा का माहौल बना है। पहले नीड बेस्ड चेंजेस की अनुमति लेकर वसूला शुल्क उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड अब तक करीब 32,000 नोटिस जारी कर चुका है, जिनमें हजारों परिवारों से तोड़फोड़/रिस्टोरेशन चार्ज मांगा जा रहा है। जरनैल सिंह ने कहा कि पहले नीड बेस्ड चेंजेस की अनुमति देकर शुल्क लिया गया, लेकिन अब उन्हीं बदलावों को अवैध बताकर कार्रवाई की जा रही है। 25 प्रतिशत आबादी होगी प्रभावित आप नेता के अनुसार, CHB ने 67,000 से अधिक मकान बनाए हैं, जिनमें शहर की लगभग 25% आबादी रहती है। इनमें से 50% से अधिक परिवार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) से जुड़े हैं। 2001 से 2026 तक बार-बार नीतियों में बदलाव से लोगों में भ्रम और असुरक्षा बढ़ी है। जरनैल सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के FAR फैसले के बाद राहत उपायों को वापस लेने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त निर्माण पर ₹200 प्रति वर्ग फुट के साथ GST और अन्य शुल्क वसूले जा रहे हैं, जिससे आम परिवारों पर ₹30,000 से ₹50,000 या उससे अधिक का आर्थिक बोझ पड़ रहा है। भेदभाव की स्थिति बन रही उन्होंने यह भी कहा कि “वन टाइम रेगुलराइजेशन” और “नो पेनल्टी पॉलिसी” जैसे वादे अब तक पूरे नहीं किए गए हैं। शहर के अलग-अलग सेक्टरों में अलग-अलग नियम लागू किए जा रहे हैं, जिससे भेदभाव की स्थिति बन रही है। नई SOP 2026 में फेज-1 मकानों को राहत से बाहर रखा गया है। “फ्लैट की जगह कमरे” वाली नीति पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि इससे लोग स्थायी निर्माण नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि जब निर्माण की अनुमति देकर पैसा लिया गया, तो अब उसे अवैध बताकर घर गिराने की कार्रवाई कैसे उचित है। आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाएगी। जरूरत पड़ने पर राज्यपाल से लेकर संसद तक मामला ले जाया जाएगा और यदि आवश्यक हुआ तो प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का घेराव भी किया जाएगा। नुक्कड़ सभाएं आयोजित करेगी आप आप ने घोषणा की कि चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के सभी क्षेत्रों में बड़े स्तर पर नुक्कड़ सभाएं आयोजित की जाएंगी। कार्यकर्ता घर-घर जाकर प्रभावित परिवारों से संपर्क करेंगे और विरोध फॉर्म भरवाकर प्रशासन के सामने सामूहिक आवाज उठाएंगे। इसके साथ ही आप ने शहरभर में सिग्नेचर कैंपेन और जनजागरूकता अभियान भी शुरू किया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस मुद्दे से जोड़ा जा सके। पार्टी ने भाजपा और कांग्रेस की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए कहा कि हजारों परिवारों के घर बचाने के लिए वह पूरी ताकत से संघर्ष करेगी।
बुलंदशहर में ज्ञान लोक कॉलोनी की महिलाओं ने बिजली के स्मार्ट मीटर हटाने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को एक शिकायती पत्र सौंपा, जिसमें आरोप लगाया गया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली बिल कई गुना बढ़ गए हैं। महिलाओं ने बताया कि पहले उनका बिजली बिल 500 से 1000 रुपये के बीच आता था, जो अब बढ़कर तीन से चार हजार रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि उनके पति मजदूरी करते हैं और वे स्वयं घरों में काम कर परिवार चलाती हैं, जिससे बढ़े हुए बिल का भुगतान करना उनके लिए मुश्किल हो गया है। लोगों को काफी परेशानी प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली आपूर्ति अनियमित हो गई है। दिन या रात में कभी भी बिजली काट दी जाती है, जिससे बच्चों की पढ़ाई और लोगों के दैनिक जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। भीषण गर्मी में बिजली कटौती से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। महिलाओं ने शिकायत की कि स्मार्ट मीटर में यूनिट और बिल की सही जानकारी नहीं मिलती है। भुगतान मोबाइल रिचार्ज के माध्यम से करना पड़ता है, जिससे पारदर्शिता का अभाव रहता है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद बिजली विभाग के अधिकारी उनकी सुनवाई नहीं करते। लोगों में आक्रोश इस दौरान शिवसेना के जिला अध्यक्ष सर्वेश राणा भी मौजूद रहे। उन्होंने बिजली विभाग पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि पूरे जनपद में स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों में आक्रोश है। उन्होंने बताया कि कई बार धरना-प्रदर्शन के बावजूद इस समस्या का समाधान नहीं हुआ है। जिला अध्यक्ष सर्वेश राणा ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही स्मार्ट मीटर हटाकर पुरानी व्यवस्था लागू नहीं की गई, तो एक व्यापक आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
लखनऊ के वजीरगंज इलाके में मंगलवार रात बाइक सवार बदमाश युवक के गले से सोने की चेन छीनकर फरार हो गए। वारदात उस समय हुई जब युवक दोस्तों के साथ कुल्फी खाकर किनारे खड़ा था। घटना के बाद पीड़ित ने वजीरगंज थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। टाटपट्टी कायस्थगली यहियागंज निवासी गौरव अग्रवाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि मंगलवार की रात वह चार दोस्तों के साथ शिव मिष्ठान के सामने साहू कुल्फी पर गए थे। रात करीब 10:25 बजे कुल्फी खाने के बाद सभी लोग हनुमान मंदिर पांडेगंज की तरफ पहुंचे। बदमाशों का पीछा भी किया गौरव के मुताबिक रात करीब 10:45 बजे वह मंदिर गेट पर अपनी एक्टिवा खड़ी करके खड़े थे। तभी बाइक पर सवार दो युवक आए और उसके गले से सोने की चेन झपटकर फरार हो गए। घटना के बाद उसने बदमाशों का पीछा भी किया, लेकिन आरोपी नाका की तरफ भाग निकले। आरोपियों की तलाश की जा रही है पीड़ित ने चौक थाने में शिकायत देकर बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मामले में इंस्पेक्टर वजीरगंज राजेश त्रिपाठी का कहना है कि पीड़ित को जानकारी नहीं है कि चेन छीनी गई है या गिरी है। फिलहाल आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की तलाश की जा रही है।
गौतस्करी आरोपी डिटेन, कांस्टेबल लाइन हाजिर:विहिप-बजरंग दल का धरना समाप्त, पुलिस ने की कार्रवाई
बूंदी के नैनवां थाना क्षेत्र में गौतस्करी के पुराने मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब साढ़े तीन माह से फरार चल रहे एक आरोपी को अलवर से हिरासत में लिया है। वहीं मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में एक कांस्टेबल को लाइन हाजिर किया गया है। इन दोनों कार्रवाइयों के बाद विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल द्वारा नैनवां थाने के बाहर पिछले तीन दिनों से चल रहा धरना बुधवार को समाप्त कर दिया गया। 14 जनवरी की रात सामने आया था मामला जानकारी के अनुसार यह मामला 14 जनवरी की रात बाछोला पंचायत के भट्टो का नयागांव में सामने आया था। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और इस प्रकरण में कुल सात आरोपियों को नामजद किया गया था। फरार आरोपी अलवर से पकड़ा गया पुलिस ने डीग जिले के आलमशाह निवासी अजरु पुत्र छज्जू को अलवर से डिटेन किया है। आरोपी इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस टीम उसे हिरासत में लेकर नैनवां के लिए रवाना हो गई है। धरने पर बैठे थे विहिप और बजरंग दल कार्यकर्ता गौतस्करी के फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर विहिप और बजरंग दल के पदाधिकारी व कार्यकर्ता नैनवां थाने के बाहर धरना दे रहे थे। यह धरना लगातार तीन दिनों से जारी था। अधिकारियों ने पहुंचकर की वार्ता बुधवार दोपहर एसडीएम भागचंद, तहसीलदार रामराय मीना, नैनवां सीआई सहदेवसिंह और देई सीआई कमलेश शर्मा धरना स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने संगठन पदाधिकारियों से वार्ता की और उन्हें कार्रवाई की जानकारी दी। धरने में कोटा विभाग सह संयोजक लक्की चोपड़ा, जिला मंत्री संजय नागर, जिला संपर्क प्रमुख शेखर व्यास, जिला सह संयोजक शिव मेहरा, प्रखंड मंत्री पवन गौत्तम, प्रखंड संयोजक धनराज सैनी, प्रखंड सह मंत्री सोनू जांगिड़, प्रखंड गोरक्षा प्रमुख जीतेन्द्र सिंह, नगर मंत्री मुकेश नागर, नगर अध्यक्ष अंकित मारवाड़ा, नगर विद्यार्थी प्रमुख भव्य पाराशर सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। पांच आरोपी पहले ही गिरफ्तार नैनवां सीआई सहदेवसिंह ने बताया कि मामले में नामजद सात आरोपियों में से पांच को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। फरार दो आरोपियों में से अब एक को अलवर से हिरासत में ले लिया गया है। शेष एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है, जिसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। कार्रवाई के बाद खत्म हुआ आंदोलन प्रशासन की ओर से आरोपी की गिरफ्तारी और पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद विहिप और बजरंग दल ने धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी। क्षेत्र में अब स्थिति सामान्य बताई जा रही है। कंटेंट: अश्विनी शर्मा नैनवां जाएगा।
पुलिस प्रियंका बिस्वास केस में पिता उदय भानु बिस्वास पर मुकदमे की तैयारी कर रही है। वह फिलहाल चिकित्सकों की देखरेख में हैं और उनकी काउंसलिंग की जा रही है। पहले काउंसलिंग का समय 10 दिन निर्धारित किया गया था लेकिन अब उसे बढ़ाकर 15 दिन कर दिया गया है। काउंसलिंग पूर्ण होते ही पुलिस मुकदमा दर्ज करेगी और उदय भानु बिस्वास को कोर्ट के समक्ष पेश करेगी। कोर्ट का जो भी निर्णय होगा,उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी। पहले एक नजर पूरे मामले पर सदर बाजार थाना क्षेत्र के तेली मोहल्ले में 76 वर्षीय उदय भानु बिस्वास अपनी 36 वर्षीय बेटी प्रियंका बिस्वास के साथ रह रहे थे। उदय भानु बिस्वास शिक्षा विभाग से रिटायर्ड थे तो बेटी प्रियंका बिस्वास MCA की पढ़ाई कर चुकी थी। 11 अप्रैल की शाम प्रियंका का शव उसके बंद मकान से बरामद हुआ। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि पिता उदय भानु बिस्वास चार महीने पहले काला पीलिया से प्रियंका की मौत हो जाने के बाद उसे घर के भीतर ही छोड़कर चले गए। अंदर ही अंदर शव कंकाल बन गया। शक के दायरे में पिता की भूमिका पहले ही दिन से इस मामले में पिता उदय भानु बिस्वास शक के दायरे में रहे। लेकिन फिर पुलिस को एहसास हुआ कि उदय भानु बिस्वास की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। पुलिस पूछताछ में पिता ने बताया कि प्रियंका का इलाज वह झाड़ फूंक वाले से करा रहा था लेकिन राहत नहीं मिली और उसकी मौत हो गई। वह डर गया और बेटी को छोड़कर हरिद्वार व देहरादून जाकर रहने लगा। पुलिस ने की काउंसलिंग की पैरवीप्रियंका का शव मिलने के बाद पुलिस ने उदय भानु बिस्वास को हिरासत में लेकर पूछताछ की लेकिन पुलिस को अपने सवालों के जवाब नहीं मिले। उदय भानु बिस्वास की गतिविधियां मानसिक रोगियों के जैसी थीं। तय हुआ कि उदय भानु बिस्वास को मनोचिकित्सकों की देखरेख में रखा जाए ताकि वह उनकी काउंसलिंग कर सकें। 17 अप्रैल को भेजा काउंसलिंग सेंटर सीएमओ अशोक कटारियां ने पुलिस की पैरवी के अनुसार उदय भानु बिस्वास की काउंसलिंग की प्रक्रिया को शुरु करा दिया। 17 अप्रैल को उसे लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के वार्ड में भर्ती करा दिया गया। यहां मनो चिकित्सकों ने उदय भानु बिस्वास की काउंसलिंग शुरु कर दी। मेडिकल सूत्रों की मानें तो उदय भानु बिस्वास के व्यवहार में कोई ज्यादा बड़ा बदलाव नहीं आया है। इसको देखते हुए पांच दिन काउंसलिंग और बढ़ा दी गई है। काउंसलिंग से लौटते ही कोर्ट में करेंगे पेश एसएचओ सदर बाजार इंदर पाल सिंह ने बताया कि काउंसलिंग अवधि बढ़ाई गई है। काउंसलिंग खत्म होते ही पुलिस उदय भानु बिस्वास पर मुकदमा दर्ज करेगी और उन्हें कोर्ट में पेश करेगी। इसके बाद की कार्रवाई पुलिस कोर्ट के निर्णय पर करेगी। इन दो धाराओं की संभावना हुई प्रबल विधि विशेषज्ञों की मानें तो उदय भानु बिस्वास पर सीधे कोई आरोप सिद्ध नहीं हो रहा। ऐसे में पुलिस धाराएं तलाश रही है। पुलिस सीधे तौर पर बेटी प्रियंका के शव की दुर्गति करना को मुकदमें का मुख्य आधार बना सकती है। इसके लिए मुख्य रूप से भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 301 (पूर्व में IPC 297) लगती है। इसके अलावा धारा 270 का भी प्रयोग पुलिस कर सकती है। क्योंकि अप्रत्यक्ष रूप से उदय भानु बिस्वास ने संक्रमण फैलने की स्थिति पैदा कर दी थी, जिससे आस पड़ौस के जीवन को नुकसान पहुंच सकता था।
कोटा में मादक पदार्थ तस्करी के करीब 6 साल पुराने मामले में विशिष्ट न्यायालय एनडीपीएस कोर्ट ने फैसला सुनाया है। न्यायाधीश रामपाल जाट ने गांजा तस्करी के दोषी दीपक निवासी नारेड़ा जिला बारां, हाल महावीर नगर विस्तार योजना कोटा को 7 साल के कठोर कारावास की सजा व 50 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। जज ने फैसले में टिप्पणी करते हुए लिखा- ‘अवैध मादक पदार्थ की तस्करी राष्ट्र व युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए खतरनाक है’। विशिष्ट लोक अभियोजक महेंद्र सिंह निर्भय ने बताया कि 1 जून 2020 को उद्योगनगर थाना पुलिस द्वारा भामाशाह मंडी रोड पुलिया प्रेम नगर इलाके में नाकाबंदी की हुई थी। उसी समय एक संदिग्ध युवक को डिटेन किया। युवक के पास प्लास्टिक का बैग था। बैग की तलाशी में 8 किलो 300 ग्राम गांजा मिला। जिसे जब्त कर युवक दीपक को गिरफ्तार किया। पूछताछ में अपने सह आरोपी घनश्याम निवासी किशनपुरा जिला बारा हाल रामदेव मंदिर के पास प्रेमनगर कोटा का नाम बताया। जांच के बाद दोनों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया गया। कोर्ट में 11 गवाहों के बयान करवाए गए। 67 दस्तावेज पेश किए। कोर्ट ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी को राष्ट्र एवं युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए बेहद खतरनाक माना है। दोषी दीपक को सजा से दंडित किया। सह आरोपी घनश्याम मफरूर चल रहा है। ------------------------------------- ये खबर भी पढ़े -कोटा में गांजा तस्कर को 15 साल की सजा:कुत्ते का पिल्ला लाने से टोका, मालकिन पर कुल्हाड़ी से हमला किया, नौकर को 5 साल की जेल कोटा में मादक पदार्थों की तस्करी के 6 साल पुराने मामले में स्पेशल कोर्ट(NDPS कोर्ट) ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को 15 साल की सजा सुनाई है। आरोपी बाइक पर 38 किलो गांजा बांधकर ले जा रहा था, लेकिन पुलिस को देखकर भागने की कोशिश में नीचे गिर पड़ा और पकड़ा गया। इस कार्रवाई में बड़ी मात्रा में नशा बरामद हुआ था, जिसके आधार पर कोर्ट ने सख्त सजा सुनाते हुए साफ संदेश दिया है कि ड्रग्स तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खबर पढ़े
विधायक ने किया सड़क, रपट निर्माण का निरीक्षण:गुणवत्ता और समयसीमा में काम पूरा करने के दिए निर्देश
पचपदरा विधायक अरूण चौधरी ने बुधवार को निर्माणाधीन सीसी सड़क और रपट पुल का निरीक्षण किया। यह सड़क बालोतरा चतुर्थ रेलवे फाटक से जसोल तक बन रही है, जबकि रपट पुल लूणी नदी पर निर्माणाधीन है। इस दौरान सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उनके साथ थे। निरीक्षण के दौरान विधायक चौधरी ने सड़क और रपट पुल के निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य गुणवत्ता के उच्चतम मानकों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने इसे तय समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया, ताकि आमजन को जल्द सुविधा मिल सके। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी-विधायक विधायक ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि सड़क और पुल निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कार्य में गुणवत्ता, मजबूती और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में लोगों को कोई परेशानी न हो। विधायक अरूण चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार क्षेत्र के समग्र विकास, मजबूत आधारभूत संरचना और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ना सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने यह भी बताया कि इस सड़क और रपट पुल के निर्माण से बालोतरा से जसोल मार्ग पर आवागमन सुगम होगा। इससे बरसात के दिनों में लोगों को राहत मिलेगी और स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों तथा वाहन चालकों को भी बड़ी सुविधा प्राप्त होगी।
शाहजहांपुर में महिला को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पुलिस ने आरोपी प्रेमिका को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस मामले में मृतका ने मरने से पहले वीडियो बनाकर पति और उसकी प्रेमिका पर गंभीर आरोप लगाए थे। मामला थाना सदर बाजार क्षेत्र के चिनौर का है। 17 फरवरी को 35 वर्षीय महिला ने घर की ऊपरी मंजिल पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले बनाए गए वीडियो में महिला ने अपनी मौत का जिम्मेदार पति दीपक शुक्ला और उसकी प्रेमिका प्रिया गुप्ता को ठहराया था। पति आए दिन मारपीट करता था महिला ने वीडियो में आरोप लगाया था कि उसका पति उसे छोड़कर प्रिया गुप्ता के साथ रह रहा था और उसके लिए घर भी खरीद लिया था। उसने बताया था कि वह रिश्ते को बचाने की कोशिश करती रही, लेकिन पति आए दिन मारपीट करता था और प्रेमिका भी उसे धमकाती थी। मृतका के पिता, जो हरदोई जिले के निवासी हैं, की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। घटना के अगले ही दिन पुलिस ने आरोपी पति दीपक शुक्ला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने बुधवार सुबह करीब 11 बजे आरोपी प्रेमिका प्रिया गुप्ता को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद उसे भी संबंधित धाराओं में जेल भेज दिया गया। प्रिया गुप्ता मूल रूप से बलिया की रहने वाली है और वर्तमान में बनारस पते पर रहती थी, जबकि कुछ समय से शाहजहांपुर में रह रही थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में पर्याप्त साक्ष्य जुटाए गए हैं और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
पेंड्रा के ओंकार ने प्रदेश में पाया पांचवां स्थान:किसान के बेटे ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में किया कमाल
पेंड्रा के ओंकार कैवर्त्य ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में प्रदेश में पांचवां स्थान हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद यह सफलता प्राप्त की है। ओंकार की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने अपनी पिछली असफलता को ही प्रेरणा बनाया। कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में वे प्रदेश की टॉप-10 सूची में महज 3 अंकों से जगह बनाने से चूक गए थे। इस अनुभव ने उन्हें और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। ओंकार ने माता-पिता के संघर्षों को देख, पढ़ाई को प्राथमिकता दी ओंकार एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता श्यामचरण कैवर्त्य खेती-किसानी करते हैं, जबकि माता फूलबाई गृहिणी हैं। दो भाइयों और एक बहन में सबसे छोटे ओंकार ने माता-पिता के संघर्षों को देखते हुए अपनी पढ़ाई को प्राथमिकता दी। प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना अपनी भविष्य की योजनाओं के बारे में ओंकार ने बताया कि उनका सपना एक प्रशासनिक अधिकारी बनने का है। वे यूपीएससी की तैयारी कर आईएएस अधिकारी बनकर समाज और देश की सेवा करना चाहते हैं। ओंकार की इस उपलब्धि पर उनके घर में खुशी का माहौल है और क्षेत्र के लोग उनकी मेहनत की सराहना कर रहे हैं।
बड़वानी में सरपंचों का कार्यकाल 4 साल का होने वाला है, लेकिन गांवों के विकास को लेकर सरपंचों में नाराजगी है। उनका कहना है कि बजट की कमी और सरकारी नियमों की उलझनों की वजह से वे जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं। इसी गुस्से को लेकर 'राष्ट्रीय सरपंच संघ' ने कलेक्टर ऑफिस पहुंचकर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा है। सरपंच संघ के अध्यक्ष मनोज सोलंकी का कहना है कि पंचायतों को उनके हक मिलने चाहिए। उनकी सबसे बड़ी मांग यह है कि मनरेगा का पेमेंट करने वाला अधिकार (डीएससी) जनपद ऑफिस के बजाय सीधे पंचायत के पास हो। साथ ही, गांवों में निर्माण काम के लिए पत्थर, मिट्टी और मुरम निकालने की छूट दी जाए। सरपंचों ने यह भी मांग की है कि बार-बार तकनीकी मंजूरी (टी.एस.) के चक्कर काटने के बजाय एक बार ऑनलाइन डीपीआर बनने पर ही उसे फाइनल मान लिया जाए। कर्मचारियों पर लगाम और सी.आर. की मांग सरपंचों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव के सरकारी कर्मचारियों, जैसे सचिव, रोजगार सहायक, शिक्षक, पटवारी और आशा कार्यकर्ताओं की 'गोपनीय रिपोर्ट' (सी.आर.) लिखने का अधिकार सरपंच को मिले। उनका कहना है कि जब तक इन कर्मचारियों का वेतन और छुट्टी सरपंच के हाथ में नहीं होगी, तब तक गांव की व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं चल पाएगी। भ्रष्टाचार रोकने और नई योजनाओं की मांग संघ ने साफ कहा है कि अगर किसी काम में सरपंच के साइन नहीं हैं, तो उसका पेमेंट नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा होता है, तो इसके लिए जनपद सीईओ को जिम्मेदार मानकर उन पर कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, बंद पड़ी हितग्राही योजनाएं जैसे पशु शेड और बकरी शेड को फिर से शुरू करने और सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की मांग भी की गई है। पुराने रेट और सरकारी सुविधाओं पर नाराजगी सरपंचों का कहना है कि आज के समय में साल 2022 के रेट से पैसा दिया जा रहा है, जबकि महंगाई बहुत बढ़ गई है। उन्हें अब 2025-26 के नए रेट चाहिए। साथ ही, मुख्यमंत्री की घोषित 50,000 रुपए की स्वेच्छा अनुदान निधि को भी लागू करने की मांग की गई है। सरपंचों ने यह भी कहा कि जब वे काम के सिलसिले में भोपाल जाएं, तो उनके ठहरने के लिए सरकारी विश्राम गृह की सुविधा मिलनी चाहिए।
कौशांबी में धूल भरी आंधी से तापमान गिरा:दोपहर में अचानक बदला मौसम, कई जगह हल्की बूंदाबांदी
कौशांबी में बुधवार दोपहर अचानक मौसम बदल गया। जिले के कई हिस्सों में धूल भरी आंधी चली और हल्की बूंदाबांदी हुई। इसके कारण दोपहर के तापमान में लगभग तीन से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। बीते कई दिनों से कौशांबी में उमस भरी गर्मी पड़ रही थी। पिछले 15 दिनों से जिले का तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही थी। बुधवार को दोपहर 3 बजे के बाद मौसम में यह बदलाव देखा गया। तेज धूल भरी आंधी के कारण सड़कों पर बाइक चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कुछ बाइक चालकों ने आंधी को देखते हुए अपनी गाड़ियां सड़क किनारे रोक दीं। मौसम विभाग के जानकारों के अनुसार, आने वाले एक-दो दिनों तक मौसम ऐसा ही रहने का अनुमान है। जनपद में रात का न्यूनतम तापमान भी लगभग 25 से 30 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है।
बाराबंकी जिले में एक शादी समारोह के दौरान उस वक्त हंगामा मच गया, जब प्रेमिका को भगाने पहुंचे एक युवक को युवती के परिजनों ने पकड़कर पीट दिया। पुलिस ने इस मामले में मारपीट का मुकदमा दर्ज किया है, हालांकि पीड़ित युवक द्वारा लगाए गए कुछ गंभीर आरोपों को जांच के बाद खारिज कर दिया गया है। यह घटना जहांगीराबाद थाना क्षेत्र की है। बीते 26 अप्रैल को एक युवती की शादी थी। वाजिदपुर निवासी युवक शिवा रावत आधी रात अपनी प्रेमिका को साथ ले जाने के इरादे से उसके घर पहुंचा था। इसी दौरान युवती के छोटे भाई ने उसे देख लिया और मौके पर ही पकड़ लिया। युवक शिवा रावत ने आरोप लगाया है कि पकड़े जाने के बाद उसे लाठी-डंडों से पीटा गया। उसने यह भी दावा किया कि उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया, जिसमें कपड़े उतारकर बेइज्जती करना और अन्य गंभीर कृत्य शामिल थे। हालांकि, पुलिस ने इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है। पीड़ित युवक ने अगले दिन थाने पहुंचकर तहरीर दी। इस तहरीर के आधार पर पुलिस ने युवती के भाई को नामजद करते हुए अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज किया है। थाना प्रभारी दुर्गा प्रसाद शुक्ला ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि युवक शादी के दिन युवती को भगाने आया था, जिसके चलते उसे पकड़ा गया और मारपीट हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि नग्न कर अपमानित करने और अन्य गंभीर आरोप जांच में सही नहीं पाए गए हैं। पुलिस के अनुसार, मामला फिलहाल मारपीट तक ही सीमित है और आगे की जांच जारी है। घटना के बाद से इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
औद्योगिक नगरी पानीपत में एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के रहस्यमय तरीके से अस्पताल से गायब होने का मामला सामने आया है। नारी तू नारायणी उत्थान समिति की अध्यक्ष और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की सक्रिय कार्यकर्ता सविता आर्या ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक (SP) को शिकायत देकर पुलिस की सुस्ती पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अस्पताल से मिली थी दुष्कर्म की सूचना समाजसेविका सविता आर्या के अनुसार बुधवार (29 अप्रैल) सुबह करीब 9:30 बजे उन्हें अस्पताल से सूचना मिली कि एक 15 वर्षीय नाबालिग बच्ची को उसकी मां इलाज और गर्भपात के लिए लेकर आई है। बच्ची के साथ दुष्कर्म होने की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने नियमानुसार संबंधित थाना पुलिस को इसकी जानकारी दी। दो घंटे बाद पीड़िता और मां दोनों लापता शिकायत में बताया गया है कि सूचना मिलने के करीब दो घंटे बाद जब सविता आर्या पीड़िता से मिलने और उसकी मदद करने अस्पताल पहुंचीं, तो वहां न तो पीड़िता मिली और न ही उसकी मां। जब उन्होंने पुलिस से संपर्क किया, तो पुलिस का जवाब और भी चौंकाने वाला था। पुलिस ने कहा कि लड़की हमें भी नहीं मिली। आरोपी पर सबूत मिटाने और धमकाने का शक NGO अध्यक्ष ने अंदेशा जताया है कि पुलिस की ढिलाई का फायदा उठाकर आरोपी पक्ष ने पीड़िता को डरा-धमका कर गायब कर दिया है या साक्ष्य मिटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पीड़िता के साथ कोई अनहोनी या अप्रिय घटना होने की पूर्ण आशंका है। सविता आर्या ने शिकायत में रखी चार मांगें सिस्टम पर उठाए सवाल सविता आर्या ने कड़े शब्दों में कहा, 11 साल से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान में काम करने के बाद भी अगर एक नाबालिग को समय पर इंसाफ और सुरक्षा न मिले, तो यह पूरे सिस्टम पर सवालिया निशान है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पीड़िता के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित पुलिस अधिकारियों की होगी।
बलरामपुर में जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने महत्वाकांक्षी रिंग रोड परियोजना का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाने और गुणवत्ता से कोई समझौता न करने के सख्त निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने गोंडा रोड पर प्वाइंट जीरो से लेकर 2.3, 5.265 और 5.6 तक चल रहे निर्माण कार्यों, विशेषकर पुल निर्माण की गहनता से जांच की। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को कार्य में तेजी लाने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर परियोजना को पूरा करने के लिए फटकार लगाई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या घटिया सामग्री का उपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आधुनिक तकनीक और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ नियमित निगरानी के भी निर्देश दिए। सुरक्षा मानकों को लेकर भी जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण स्थल पर हर स्तर पर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। डॉ. जैन ने बताया कि रिंग रोड के निर्माण से शहर में यातायात का दबाव कम होगा और आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी। यह परियोजना न केवल यातायात व्यवस्था में सुधार करेगी, बल्कि जिले के समग्र विकास को भी गति प्रदान करेगी। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने उन्हें स्पष्ट चेतावनी दी कि परियोजना में किसी भी प्रकार की देरी अब स्वीकार्य नहीं होगी।
सिरोही में स्थानीय सगरवंशी माली समाज के आराध्य देव भागिरथेश्वर महादेव मंदिर की प्रतिष्ठा के 50 साल पूरे होने पर चार दिवसीय स्वर्ण जयंती महोत्सव का भव्य आगाज हल्दी प्रसंग के साथ हुआ। पीले वस्त्रों में सजे महिला, पुरुष और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे समाज में उत्सव जैसा माहौल रहा, वहीं 75 साल से अधिक आयु के वरिष्ठजनों के सम्मान की भी विशेष तैयारी की गई है। हल्दी प्रसंग में उमड़ा समाज, मांगलिक गीतों से गूंजा मंदिर परिसर समाज के पूर्व सचिव सुरेश सगरवंशी ने बताया कि महोत्सव की शुरुआत हल्दी प्रसंग से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में समाज की महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने भाग लिया। सभी श्रद्धालु पीले वस्त्र पहनकर मंदिर पहुंचे। महिलाओं ने मांगलिक गीत गाते हुए भगवान भागिरथेश्वर महादेव को हल्दी का लेप लगाकर परंपरागत रस्म निभाई। इस दौरान डीजे साउंड पर समाजजन झूमते नजर आए और पूरा माहौल भक्तिमय उल्लास से भर गया। घरों पर लगे तोरण, मेहंदी-गुड़ का हुआ वितरण समाज सचिव गिरीश सगरवंशी के अनुसार, स्वर्ण जयंती महोत्सव के उपलक्ष्य में समाज के घरों पर तोरण लगाए गए। शुभ अवसर पर मेहंदी और गुड़ का वितरण भी किया गया, जिससे हर घर में उत्सव की खुशी दिखाई दी। संध्या में हुआ संगीतमय सुंदरकांड पाठ शाम को मंदिर परिसर में संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। इसमें समाज की माताओं, बहनों और बंधुओं ने श्रद्धा के साथ भाग लिया। सुंदरकांड पाठ के बाद प्रसाद वितरण किया गया। समाज अध्यक्ष बाबूलाल सगरवंशी ने सुंदरकांड पाठ सेवा समिति के सदस्यों का दुपट्टा पहनाकर स्वागत और सम्मान किया। विशाल पंडाल, भोजनशाला और रेस्ट एरिया की व्यवस्था चार दिवसीय महोत्सव को सफल बनाने के लिए समाज की भूमि पर विशाल टेंट पंडाल तैयार किया गया है। इसके अलावा भोजनशाला, रेस्ट एरिया और कार्यालय की भी विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि आयोजन में आने वाले सभी लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। 75 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठजनों का होगा सम्मान समाज ने 75 वर्ष से अधिक आयु के करीब तीन दर्जन वरिष्ठजनों को विशेष सम्मान देने का निर्णय लिया है। समाज का मानना है कि वर्तमान समय में बुजुर्गों के प्रति अलगाव और तिरस्कार की भावना बढ़ रही है, ऐसे में उनके सम्मान के लिए यह पहल प्रेरणादायक है। इन वरिष्ठजनों को साफा, शॉल और समाज सम्मान स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया जाएगा। युवा समिति संभाल रही जिम्मेदारियां सुरेश सगरवंशी ने बताया कि महोत्सव को सफल बनाने के लिए समाज कमेटी के सदस्य और युवा कार्यकारी समिति के युवा पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। चार दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी।
जयपुर में आगामी 23 से 25 मई तक आयोजित होने वाले ग्लोबल राजस्थान एग्रीटैक मीट-2026 (ग्राम-2026) के प्रचार-प्रसार को लेकर राजसमंद जिले में जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत ग्राम रथों के माध्यम से गांव-गांव जाकर किसानों और ग्रामीणों को कृषि एवं किसान कल्याण योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। 15 मई तक चलेगा अभियान जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों राजसमंद, नाथद्वारा, कुंभलगढ़ और भीम में यह अभियान 15 मई तक संचालित रहेगा। ग्राम रथ बडारडा, पीपरडा, फरारा, कूकड़ा, बली, रामपुर, सालोर, मण्डियाणा सहित गांवों से गुजरते हुए ग्रामीणों को आधुनिक कृषि तकनीक, प्राकृतिक खेती, नवाचार और कृषि आधारित उद्यमिता के बारे में जागरूक कर रहे हैं। नुक्कड़ नाटक से दे रहे संदेश अभियान की खास बात यह है कि ग्राम रथों के साथ लोक कलाकार भी शामिल हैं, जो लोकगीतों और नुक्कड़ प्रस्तुतियों के जरिए संदेश दे रहे हैं। इससे ग्रामीणों में उत्साह देखने को मिल रहा है और जानकारी रोचक तरीके से पहुंचाई जा रही है। जानकारी के अनुसार ग्राम-2026 कृषि क्षेत्र में निवेश, तकनीक और नवाचार का बड़ा मंच होगा। ग्रामीणों को इसमें भागीदारी के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अभियान को गांवों में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है और किसान नई जानकारी के प्रति उत्साहित नजर आ रहे हैं।
कन्नौज में दलित बच्ची से अश्लीलता:आरोपी को पॉक्सो एक्ट में 5 साल की सजा, 10 हजार जुर्माना
कन्नौज जिले में एक दलित बच्ची से अश्लीलता के मामले में कोर्ट ने आरोपी को 5 साल कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जो पीड़िता को मुआवजे के तौर पर दिया जाएगा। यह घटना सौरिख थाना क्षेत्र के रूपपुर गांव की है। 10 सितंबर 2020 को गांव का रहने वाला पप्पू शर्मा एक दलित बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया था। कमरे में आरोपी ने बच्ची के सामने निर्वस्त्र होकर उससे अश्लीलता की। बच्ची के चिल्लाने पर उसकी मां मौके पर पहुंची और उसे किसी तरह बाहर निकाला। घटना का विरोध करने पर आरोपी ने बच्ची की मां को गाली-गलौज भी की। इसके बाद पीड़िता की मां ने सौरिख थाने में पप्पू शर्मा के खिलाफ पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपी पप्पू शर्मा ने अपना बचाव करते हुए कहा कि वह बच्ची के सामने निर्वस्त्र नहीं हुआ था, बल्कि उसका तौलिया खुल गया था। शासकीय अधिवक्ता बृजेश शुक्ला ने बताया कि साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर विशेष न्यायाधीश रामगोपाल सिंह ने पप्पू शर्मा को 5 वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। हालांकि, साक्ष्यों के अभाव में उसे एससी-एसटी एक्ट के तहत बरी कर दिया गया।
उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की 275वीं बोर्ड बैठक हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पास किया गया। कुल बजट 4173.66 करोड़ रुपए का है। बजट में जमीन खरीद पर खास जोर दिया गया। इसमें नई आवासीय योजनाओं को भी प्राथमिकता दी गई। अयोध्या विकास पर विशेष फोकस रखा गया। भूमि अर्जन के लिए 1927.15 करोड़ रुपए तय किए गए। अयोध्या परियोजनाओं के लिए 1037.89 करोड़ रुपए रखे गए। संपत्ति बिक्री से होगी सबसे ज्यादा कमाई परिषद ने नए वित्तीय वर्ष में कुल 4173.65 करोड़ रुपए की आय का अनुमान लगाया है। इसमें सबसे ज्यादा 2004.66 करोड़ रुपए संपत्तियों की बिक्री से मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा डिपॉजिट कार्यों से 682.06 करोड़ रुपए की आय का अनुमान लगाया गया है। वहीं कुल 4048.65 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें निर्माण, विकास और अवस्थापना कार्यों पर 702.62 करोड़ रुपए डिपॉजिट कार्यों पर 750.27 करोड़ रुपए भूमि अर्जन पर 1927.15 करोड़ रुपए खर्च होंगे। वाराणसी की जीटी रोड बाईपास योजना को हरी झंडी बोर्ड बैठक में एक अहम प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। वाराणसी की जीटी रोड बाईपास योजना को स्वीकृति मिली। यह भूमि विकास और गृहस्थान पूरक योजना से जुड़ा है। इसके लिए 4.6870 हेक्टेयर जमीन अर्जित की जाएगी। यह जमीन अप्रोच रोड के निर्माण के लिए जरूरी बताई गई है। काशीद्वार योजना में 3141 करोड़ से खरीदी जाएगी जमीन वाराणसी की काशीद्वार भूमि विकास एवं गृहस्थान योजना के लिए 10 गांवों की जमीन आपसी समझौते से खरीदने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी। इन गांवों में पिण्डरा, पिण्डराई, समोगरा, बहुतरा, कैथोली, पुरारघुनाथपुर, बसनी, चकइन्दर, जदूपुर और बेलवा शामिल हैं। परिषद के अनुसार इस योजना में जमीन खरीद पर करीब 3141 करोड़ रुपए खर्च होंगे। योजना का कुल क्षेत्रफल 374 हेक्टेयर है। पहले चरण में 270 हेक्टेयर भूमि पर परिषद अधिनियम 1965 की धारा-31(1) के तहत कार्रवाई को मंजूरी दी गई है। वन विभाग, मंदिर, मजार और अन्य निर्माण वाले हिस्सों को इससे बाहर रखा गया है। मऊ की योजना में 1391 करोड़ से होगी जमीन खरीद मऊ जिले की गोरखपुर मार्ग भूमि विकास एवं गृहस्थान योजना के लिए भी पांच गांवों की जमीन खरीद को मंजूरी दी गई। सहरोज, रेवरीडीह, मोहम्मदपुर सहरोज, मेघई सहरोज और डाण्डीखास गांवों में जमीन खरीद पर करीब 1391 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।
लखीमपुर खीरी में बुधवार को दक्षिण सोनारीपुर रेंज के सलूकापुर बेस कैंप में तैनात एक पालतू हाथी ने महावत पर हमला कर दिया। जिससे दुधवा टाइगर रिजर्व में महावत की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान ग्राम कोठिया निवासी राम विलास (51) के रूप में हुई है। वह रोज की तरह हाथी को नहला रहे थे, तभी हाथी अचानक आक्रामक हो गया और उन्हें पटक दिया। गंभीर चोट लगने से राम विलास की मौके पर ही मौत हो गई। महावत की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद कर्मचारी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घटना के बाद कैंप में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही रेंजर अखिलेश शर्मा टीम के साथ मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। घटना की जानकारी मिलते ही दुधवा टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर महावीर आर. भी अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, हाथी के अचानक आक्रामक होने के कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल इस घटना से वन विभाग में शोक का माहौल है।
जालोर के वीर वीरमदेव स्पोर्ट्स एकेडमी व आत्मरक्षा केंद्र के 5 खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय वुशु प्रतियोगिता में अपनी जगह बनाई है। यह प्रतियोगिता अखिल भारतीय विश्वविद्यालय के तत्वावधान में 3 मई से श्रीनगर में आयोजित होगी। एकेडमी कोच प्रीतम सिंह राठौड़ ने बताया कि इन सभी खिलाड़ियों ने माधव विश्वविद्यालय, आबूरोड में आयोजित अंतर-विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रीय स्तर के लिए क्वालीफाई किया है। चयनित खिलाड़ियों में बालिका वर्ग (56 किग्रा) में नंदनी सिंह, बालक वर्ग में राहुल कुमार (60 किग्रा), दुष्यंत राव (65 किग्रा), भरत कुमार (80 किग्रा) और तनिष्क सकारिया (90 किग्रा) शामिल हैं। खिलाड़ियों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला ग्रेनाइट संघ अध्यक्ष रामकिशन रणवा ने की। मुख्य अतिथि इंदिरा देवी व विशिष्ट अतिथि पूर्व आयुर्वेदिक निदेशक रमेश वैष्णव व विनोद चौधरी रहे। रणवा ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए भविष्य में हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। कोच प्रीतम सिंह ने इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया कि पहली बार एक साथ पांच खिलाड़ी इस स्तर पर चयनित हुए हैं।
श्रावस्ती में आमजन को सुरक्षित व शुद्ध खाद्य पदार्थ एवं औषधियां उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस जनपद स्तरीय खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की बैठक में जिलाधिकारी ने वर्षभर मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य मिलावटी और मानकविहीन सामग्री की बिक्री पर पूर्ण रोक लगाना है। जिलाधिकारी ने कहा कि अब जांच केवल त्योहारों तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने नगर और सार्वजनिक स्थलों पर खाद्य व औषधि से जुड़ी शिकायतों के लिए विभागीय हेल्पलाइन नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। साथ ही, फूड सैंपलिंग से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि पिछले पांच वर्षों में जिन दुकानदारों पर बार-बार नियम उल्लंघन के मामले सामने आए हैं, उन्हें डिफाल्टर मानते हुए सख्त कार्रवाई की जाए। आवश्यकता पड़ने पर उनकी दुकानों को सील भी किया जाएगा। जनपद में संचालित अवैध मीट की दुकानों और बिना लाइसेंस चल रही खाद्य दुकानों को सील करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना (एमडीएम), आईसीडीएस और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत वितरित किए जा रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच के लिए नियमित निरीक्षण और नमूना संग्रह पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने छात्र-छात्राओं में खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विद्यालयों में सूचना बोर्ड लगाने को कहा। आमजन को खाद्य पदार्थों व औषधियों में मिलावट के दुष्परिणामों की जानकारी देने के भी निर्देश दिए गए। जनपद में संचालित अवैध मेडिकल स्टोर्स के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में सहायक आयुक्त खाद्य ने एजेंडा प्रस्तुत किया और विभाग के प्रवर्तन कार्यों की समीक्षा की गई।
इंदौर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जांच कर रही ईडी ने मेसर्स रुचि अक्रोनी इंडस्ट्रीज लिमिटेड (वर्तमान नाम स्टीलटेक रिसोर्सेज लिमिटेड) की 7.76 करोड़ रुपए मूल्य की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच (कुर्क) कर लिया है। कुर्क की गई इन संपत्तियों में कंपनी के नाम पर दर्ज विभिन्न औद्योगिक और आवासीय भूखंड शामिल हैं। ईडी की यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है। इस पूरे मामले की जड़ें सीबीआई (CBI) और एसीबी (ACB) भोपाल द्वारा दर्ज उस एफआईआर में हैं, जिसमें रुचि अक्रोनी इंडस्ट्रीज लिमिटेड और उसके संचालकों पर यूको बैंक की इंदौर शाखा को 58 करोड़ रुपए से अधिक का वित्तीय नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया था। बैंक की शिकायत के मुताबिक, कंपनी ने फर्जी दस्तावेजों और गलत जानकारी के आधार पर करोड़ों रुपए की क्रेडिट सुविधाएं और लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) हासिल किए थे। ऐसे किया गया फंड का हेरफेर प्रवर्तन निदेशालय की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया कि कंपनी ने बैंक से मिली भारी-भरकम राशि का उपयोग उस व्यापारिक उद्देश्य के लिए नहीं किया, जिसके लिए वह ली गई थी। रकम को सोची-समझी साजिश के तहत विभिन्न सहयोगी और समूह की कंपनियों के बैंक खातों में डायवर्ट कर दिया गया। जांच अधिकारियों के अनुसार, फंड की लेयरिंग करने के लिए कंपनियों का एक जटिल जाल बुना गया था, ताकि पैसे के स्रोत का पता न चल सके। अंततः यह पैसा घुमा-फिराकर उन्हीं संस्थाओं के पास पहुंचा, जिन पर मुख्य आरोपियों का नियंत्रण था। इस पूरी प्रक्रिया के माध्यम से अवैध धन को वैध निवेश के रूप में पेश करने की कोशिश की गई थी। निवेश में किया गया गबन की राशि का इस्तेमाल ईडी की टीम ने जब मनी ट्रेल (पैसे के लेनदेन का रास्ता) की जांच की, तो पाया गया कि गबन की गई इस राशि का एक बड़ा हिस्सा अलग-अलग स्तरों पर अचल संपत्तियों को खरीदने और निवेश करने में इस्तेमाल किया गया था। वर्तमान में जिन संपत्तियों को अटैच किया गया है, वे उन्हीं संदिग्ध लेन-देन के जरिए बनाई गई थीं। अब तक कुल 17.91 करोड़ की संपत्ति अटैच यह इस मामले में ईडी की पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले भी जांच एजेंसी ने इसी प्रकरण में 10.15 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क की थीं। ताजा कार्रवाई के बाद इस मामले में अब तक कुल 17.91 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की जा चुकी है। ईडी के सूत्रों का कहना है कि मामले की गहन जांच अभी जारी है और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से लेकर फंड डायवर्जन के अन्य पहलुओं को खंगाला जा रहा है। आने वाले दिनों में कुछ अन्य बड़ी गिरफ्तारियां और संपत्तियों की कुर्की होने की संभावना जताई जा रही है।
धमतरी की छात्रा कुसुमलता ने 12वीं में किया टॉप:97.40% अंक हासिल कर गौरव ग्राम कंडेल का नाम रोशन किया
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक छात्रा ने 12वीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। गौरव ग्राम कंडेल निवासी कुशुमलता बिप्रे ने 12वीं कॉमर्स में 97.40% अंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। कुशुमलता ने यह शानदार उपलब्धि हासिल की है। उनके पिता का नाम संतोष बिप्रे और माता का नाम पावन गंगा बिप्रे है। रिजल्ट के बाद परिजनों की ख़ुशी देखिये तस्वीरों में कुशुमलता नाना के घर रह कर करती है पढ़ाई मूल रूप से गरियाबंद के छुरा की निवासी कुशुमलता अपने नाना के घर कंडेल में रहती हैं। उनके नाना 2013 में देवभोग थाने से सब-इंस्पेक्टर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। कुशुमलता का जन्म 15 मार्च 2008 को अपने नाना के घर पर ही हुआ था। उनकी माता गृहणी हैं, जबकि पिता छुरा दुर्ला सोसायटी में बिक्री का कार्य करते हैं।
फर्रुखाबाद में स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं का विरोध लगातार बढ़ रहा है। बुधवार को कमालगंज में बड़ी संख्या में उपभोक्ता एकत्रित हुए और स्मार्ट मीटर के विरोध में पैदल मार्च निकाला। उन्होंने प्रशासन को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें रिचार्ज होने के बाद भी बिजली कटने जैसी समस्याओं का उल्लेख किया गया। यह विरोध मार्च कमालगंज के तपस्वी वाले बाग से शुरू होकर पावर हाउस तक गया। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लिए हुए थे, जिन पर स्मार्ट मीटर नहीं चाहिए और स्मार्ट मीटर लगाना बंद करो जैसे नारे लिखे थे। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिना सही जानकारी और पारदर्शिता के स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। प्रदर्शन में शामिल घनश्याम ने बताया कि स्मार्ट मीटर से कई दिक्कतें आ रही हैं और बिल भी अधिक आ रहा है, जिसे तत्काल रोका जाना चाहिए। सभासद अजय कुमार दिवाकर ने भी इस समस्या पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कई उपभोक्ताओं का रिचार्ज होने के बावजूद बिजली काट दी जाती है। यह समस्या किसी एक उपभोक्ता की नहीं, बल्कि कई लोगों की है। इस संबंध में एसडीओ रवि कुमार पांडे ने बताया कि स्मार्ट मीटर एक पूरी तरह पारदर्शी प्रणाली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को अपने उपयोग के अनुसार ही बिल का भुगतान करना होता है। एसडीओ ने यह भी कहा कि यदि किसी उपभोक्ता को कोई शिकायत है, तो वह विभाग में आकर अपनी समस्या दर्ज करा सकता है, जिसका समाधान किया जाएगा।
पलामू जिले के पिपराटांड़ थाना क्षेत्र के करमा गांव में एक 60 वर्षीय वृद्ध की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। मृतक की पहचान राजमुनि पाठक के रूप में हुई है। बुधवार सुबह उनका खून से लथपथ शव घर से कुछ दूरी पर खेत में बरामद हुआ। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात करीब 8:30 बजे दो अज्ञात लोग राजमुनि पाठक के घर पहुंचे। उन्होंने पाठक को घर से बाहर बुलाया और अपने साथ ले गए। घर से कुछ दूर आगे ले जाकर आरोपियों ने उनके सिर में गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय घर में केवल राजमुनि पाठक की पत्नी मौजूद थीं। शुरुआत में उन्हें लगा कि पहचान वाले लोग राजमुनि को ले गए हैं और वे बातचीत के बाद लौट आएंगे। जब राजमुनि रात भर नहीं लौटे, तो बुधवार सुबह उनकी पत्नी ने खेत में शव देखकर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पिपराटांड़ थाना प्रभारी निलेश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और छानबीन शुरू की। थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस सभी बिंदुओं पर अनुसंधान कर रही है। परिजनों ने पुलिस को बताया है कि राजमुनि पाठक का किसी के साथ जमीन विवाद चल रहा था। पुलिस इस जमीन विवाद के पहलू को भी जांच में शामिल कर रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौके पर जमा हो गए थे।
डीएम ने स्वास्थ्य सेवाओं पर सख्ती दिखाई:जालौन में लू से बचाव के लिए पुख्ता इंतजाम के निर्देश दिए
जालौन में लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में बुधवार दोपहर को उरई स्थित विकास भवन के रानी लक्ष्मीबाई सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और लू (हीट वेव) से निपटने के लिए अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि हीट वेव से बचाव प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर लू से प्रभावित मरीजों के लिए अलग से वार्ड की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही ओआरएस, आवश्यक दवाओं और प्राथमिक उपचार की सभी सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखी जाएं, ताकि मरीजों को तत्काल राहत मिल सके। स्वास्थ्य संस्थानों में साफ-सफाई को लेकर भी जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर, वार्डों और शौचालयों की नियमित सफाई अनिवार्य रूप से कराई जाए। किसी भी स्वास्थ्य केंद्र पर गंदगी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। भीषण गर्मी के मद्देनजर पेयजल व्यवस्था को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए स्वच्छ और ठंडा पेयजल उपलब्ध कराया जाए। इससे न केवल मरीजों को राहत मिलेगी, बल्कि हीट वेव के प्रभाव को भी कम किया जा सकेगा। इसके अलावा, जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी और सभी ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक सुलभ बनाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में यह भी जोर दिया गया कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए समयबद्ध और प्रभावी कार्यवाही जरूरी है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि मरीजों को बेहतर, त्वरित और सुलभ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि हर व्यक्ति को सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रप्रकाश सहित अन्य चिकित्सक और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय में विश्व पशु चिकित्सा दिवस के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। आचार्य नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज के कुलपति डॉ. पी.एस. प्रमाणिक के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को पशु चिकित्सा क्षेत्र में उभरते नए अवसरों, आधुनिक तकनीकों और करियर संभावनाओं से अवगत कराना रहा। कार्यक्रम के प्रथम चरण में मार्केटिंग हेड डॉ. अमित सिंह ने चतुर्थ वर्ष एवं इंटर्नशिप कर रहे छात्र-छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने बताया कि कॉर्पोरेट सेक्टर में पशु चिकित्सकों की मांग तेजी से बढ़ रही है। डेयरी, पशुपालन उद्योग, फार्मा कंपनियों और पशु आहार उद्योग में रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। डॉ. सिंह ने उद्योग की अपेक्षाओं के अनुरूप खुद को तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अब केवल शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है। आधुनिक तकनीकी कौशल, प्रबंधन क्षमता, संचार कौशल और डिजिटल समझ भी बेहद जरूरी हो गई है। छात्रों को व्यावसायिक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी गई। संगोष्ठी के दूसरे चरण में पंडित दीनदयाल उपाध्याय गौ अनुसंधान विश्वविद्यालय से आए विशेषज्ञ डॉ. नीरज गंगवार ने प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने पशु रोग निदान के क्षेत्र में हो रही नवीन प्रगति पर विस्तृत जानकारी दी। डॉ. गंगवार ने आधुनिक डायग्नोस्टिक तकनीकों, रोग पहचान के उन्नत तरीकों तथा पशु स्वास्थ्य प्रबंधन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि नई तकनीकों से पशुओं में बीमारियों का समय रहते पता लगाकर बेहतर उपचार संभव हो रहा है, जिससे पशुपालकों को भी आर्थिक लाभ मिल रहा है। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में विशेषज्ञों ने छात्रों के सवालों के जवाब दिए और उन्हें भविष्य में बेहतर पशु चिकित्सक बनने के लिए प्रेरित किया। संगोष्ठी ने छात्रों को ज्ञानवर्धन के साथ करियर के प्रति नई दिशा दी।
जोधपुर में दिनदहाड़े बदमाशों ने एक सूने मकान के ताले तोड़कर 1.80 लाख रुपए की नकदी और सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए। परिवार के बच्चे मकान का ताला लगाकर पड़ोस में अपने मामा के घर गए थे, उसी दौरान एक्टिवा सवार तीन बदमाशों ने सूने मकान को निशाना बना लिया। मंडोर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना मंडोर थाना क्षेत्र स्थित आंगणवा इलाके में रविवार दोपहर को हुई। बच्चे गए थे मामा के घर आंगणवा में पाबूजी के मंदिर के पास रहने वाले सांवरलाल (32) पुत्र मिश्रीलाल जटिया ने मंडोर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। परिवादी सांवरलाल के अनुसार, 25 अप्रैल की सुबह वह और उनकी पत्नी किसी काम से गांव गए हुए थे। पीछे से घर पर उनके पुत्र और पुत्री मौजूद थे। रविवार को दोपहर करीब 2 बजे बच्चों ने घर के ताले लगाए और पास ही स्थित (एक प्लॉट छोड़कर) अपने मामा के घर चले गए। एक्टिवा पर आए तीन बदमाश रिपोर्ट के अनुसार, बच्चों के जाने के कुछ ही देर बाद, दोपहर करीब 2:45 बजे एक एक्टिवा पर तीन युवक वहां पहुंचे। बदमाशों ने सूने मकान का ताला तोड़ा और अंदर घुस गए। चोरों ने घर में रखी नकदी और कीमती जेवरात समेट लिए। दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक, चोर घर से 1 लाख 80 हजार रुपए की नकदी, 1.5 किलो चांदी, सोने की 7 मादलिया और 1 तोला सोने का टीका चुरा ले गए। घटना का पता चलने पर सांवरलाल ने मंडोर पुलिस को लिखित शिकायत दी। इस मामले की जांच एएसआई शेषाराम को सौंपी गई है। इसके लिए पुलिस अब क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालकर एक्टिवा सवार तीनों अज्ञात बदमाशों की तलाश में जुटी है।
लखीमपुर सदर सीट पर सपा बनी पहली पसंद:भाजपा से योगेश और बसपा से डॉ. जाकिर पसंदीदा उम्मीदवार
लखीमपुर खीरी की सदर विधानसभा सीट पर भाजपा विधायक योगेश वर्मा को जनता ने नकार दिया है। भास्कर के सर्वे में 64% जनता का मत है कि इन्हें टिकट नहीं मिलना चाहिए। यहां पर पार्टी के रूप में सबसे पहली पसंद सपा की है। दूसरे नंबर पर भाजपा, तीसरे नंबर पर बसपा है। पार्टीवार देखें तो भाजपा में पहली पसंद विधायक योगेश वर्मा हैं। उन्हें 46% लोगों ने पसंद किया है। दूसरे नंबर पर विनीत मनार को 25 प्रतिशत और पवन गुप्ता को 15 प्रतिशत लोग उम्मीदवार के तौर पर देखना चाहते हैं। आशुतोष वर्मा को 9% लोगों ने पसंद किया है। समाजवादी पार्टी के संभावित उम्मीदवारों में यशमोहन पटेल पहली पसंद बनकर उभरे हैं, जिन्हें 69 प्रतिशत लोगों ने समर्थन दिया। मिर्जा शेखु को 17 प्रतिशत और पूर्व प्रत्याशी मोहन बाजपेई को 2 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिला है। राजेश वर्मा को 7 प्रतिशत लोगों ने पसंद किया। बहुजन समाज पार्टी से डॉ. जाकिर और आकाश गुप्ता को 26 प्रतिशत लोगों ने प्रत्याशी के रूप में पसंद किया है। सुबोध मिश्रा को 21 प्रतिशत लोग उम्मीदवार के तौर पर देखना चाहते हैं। अपने विधायक का नतीजा देखिए: कई सीटों पर उम्मीदवारों के चौंकाने वाले नाम, यूपी की 403 सीटों का रिजल्ट … लिंक
भोपाल की परवलिया सड़क पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं। दरअसल, 27 मार्च को ट्रैक्टर की टक्कर से बाइक सवार की मौत हो गई थी। इसके बाद की गई कार्रवाई संदेह के घेरे में है। दुर्घटना जिस ट्रैक्टर से हुई थी, उसकी जगह दूसरे ट्रैक्टर को जब्त कर उसके मालिक को सौंप दिया गया। इसकी शिकायत एसपी ग्रामीण रामशरण प्रजापति तक पहुंची है। शिकायत की जांच कराई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, 26 मार्च को सुबह साढ़े नौ बजे ग्राम रतनपुरा निवासी मनोज विश्वकर्मा की बाइक को फार्मट्रैक कंपनी के नीले रंग के ट्रैक्टर-ट्रॉली ने पीछे से टक्कर मार दी थी। ट्रैक्टर की टक्कर लगने से बाइक सवार मनोज सड़क पर गिर गया और ट्रैक्टर का पहिया उसके ऊपर से निकल गया। दुर्घटना के बाद फार्मट्रैक ट्रैक्टर भी सड़क से नीचे पलट गया। सूचना पर पहुंची पुलिस के साथ ही कई राहगीरों ने घटनास्थल का वीडियो बनाया, जिसमें नीले रंग का फार्मट्रैक कंपनी का ट्रैक्टर सड़क से नीचे पलटा हुआ और ट्रैक्टर में लगी ट्रॉली सड़क पर खड़ी साफ दिखाई दे रही है। यह भी दिख रहा है कि ट्रैक्टर पर कोई रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं डला है। इस मामले में पुलिस ने मर्ग कायम किया था, जिसकी जांच प्रधान आरक्षक गिरीश राठौर ने की। एक दिन बाद, 27 मार्च की शाम को पुलिस थाना परवलिया सड़क में अपराध क्रमांक 60/26 पर एफआईआर दर्ज की गई। इसमें मर्ग जांच में मृतक मनोज के भाई अभिषेक विश्वकर्मा के बयान के हवाले से नीले फार्मट्रैक कंपनी का रजिस्ट्रेशन नंबर एमपी 37 ज़ेडबी 8253 दर्ज कर दिया गया। असल ट्रैक्टर का बीमा नहीं था जिस व्यक्ति के नीले रंग के फार्मट्रैक कंपनी के ट्रेक्टर से एक्सीडेंट हुआ, उसके ट्रैक्टर का बीमा नहीं था। पुलिस द्वारा जब्त बताए गए रजिस्ट्रेशन नंबर एमपी 37 जेडबी 8253 पर दर्ज ट्रैक्टर फार्मट्रैक कंपनी का न होकर स्कॉर्ट कुबोटो कंपनी का है। जबकि एफआईआर में नीले रंग के फार्मट्रैक ट्रैक्टर से एक्सिडेंट की बात ही लिखी गई है। घटना में दिख रहे ट्रैक्टर की चार खास बातें 7 पॉइंट्स में समझें बदले गए ट्रैक्टर में फर्क थाना प्रभारी बोले- आरोप निराधार है परवलिया सड़क थाने के प्रभारी हरीशंकर वर्मा ने बताया कि तमाम आरोप निराधार हैं। उनके संज्ञान में है कि ट्रैक्टर बदले जाने संबंधी शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों तक की गई है। जांच में सच सामने आ जाएगा।
बाराबंकी में दुकान में घुसकर किशोप पर हमला:धनोखर मंदिर के पास रॉड से वार कर किया घायल
बाराबंकी शहर के आदर्श नगर कोतवाली क्षेत्र में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। धनोखर मंदिर के पास स्थित ‘मनीष मूर्ति केंद्र’ दुकान में घुसकर करीब दर्जनभर हमलावरों ने 17 वर्षीय किशोर पर लोहे की रॉड और अन्य हथियारों से हमला कर दिया। इस हमले में किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पीड़ित नैतिक कश्यप, निवासी कानून गोयान मोहल्ला, ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह दुकान पर काम कर रहा था। तभी अभिषेक सिंह, राहुल सिंह, अंश पंडित, अमून खान और ओम यादव अपने कई अज्ञात साथियों के साथ वहां पहुंचे और अचानक उस पर हमला बोल दिया। हमलावरों ने उसे घेरकर सिर पर लोहे की रॉड से कई वार किए, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि हमलावर बेरहमी से किशोर को पीट रहे हैं। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। कोतवाली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नशा तस्करी में संलिप्त अपराधियों के खिलाफ पुलिस अब और सख्त कार्रवाई करेगी। एडीजी, एटीएस, एजीटीएफ एवं एएनटीएफ दिनेश एमएन ने संकेत दिए हैं कि बार-बार तस्करी में लिप्त पाए जाने वाले आरोपियों की संपत्ति फ्रीज करने और कुर्की की कार्रवाई तेज की जाएगी। दो दिवसीय दौरे पर हनुमानगढ़ पहुंचे एडीजी दिनेश एमएन ने बुधवार को एसपी कार्यालय सभागार में प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि आरोपियों को सजा दिलाना प्राथमिक लक्ष्य होना चाहिए। एडीजी ने अधिकारियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई मजबूत करने और तस्करों की अवैध संपत्ति जब्त करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। एडीजी ने स्वीकार किया कि बीकानेर संभाग में नशे की समस्या बढ़ी है। इसके साथ ही विदेशों से संचालित अपराधों और ड्रोन के जरिए हो रही तस्करी के मामलों में भी वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस लगातार सर्विलेंस को मजबूत कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि जिले में अपराधियों का फिंगर प्रिंट डेटा बैंक तैयार किया जाएगा। इससे अपराध होने पर त्वरित खुलासा करने में मदद मिलेगी। सीमा पार से संचालित तस्करी में शामिल तत्वों को स्लीपर सेल के रूप में चिन्हित कर उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। एडीजी ने हनुमानगढ़ पुलिस के कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि यहां मामलों का त्वरित निस्तारण हो रहा है और एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने पुलिस बल की कमी का मुद्दा भी उठाया और नफरी बढ़ाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजने की बात कही। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि अपराध नियंत्रण सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी घटना में आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। साइबर अपराधों को लेकर जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश भी दिए गए। इस प्रेस वार्ता में एसपी नरेंद्र सिंह मीणा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
भदोही में जश्न-ए-विलादत-ए-इलाही मुशायरा आयोजित:उलेमाओं ने दिया दीन-ए-इस्लाम और एकता का संदेश
भदोही के सुरियावां स्थित लागी बाजार (बड़ी मस्जिद) में जश्न-ए-विलादत-ए-इलाही मुशायरा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम देर शाम तक धार्मिक एवं रूहानी माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर देश के मशहूर नातख्वां अहमद रज़ा नूरी ने अपने कलाम के माध्यम से दीन-ए-इस्लाम की शिक्षाओं, हुजूर की सीरत और नेक रास्ते पर चलने का पैगाम दिया। मुंबई से पधारे मुफ्ती कमाल अहमद बस्तवी, रज़ी शाकिर और इलाहाबाद से नूरैन वारसी समेत उलेमा-ए-किराम हफीज़ सैफ रजा कादरी ने अपने संबोधन में नमाज़, रोज़ा, अच्छाई, भाईचारे और इंसानियत के रास्ते पर चलने की नसीहत दी। मौलाना रिज़वान नूरी एवं हाफिज मेहताब आलम ने भी दीन की बातों को आम लोगों तक पहुंचाया। उन्होंने समाज में आपसी सौहार्द व एकता बनाए रखने का संदेश दिया। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। गणमान्य लोगों में जिला अध्यक्ष वसीम अंसारी सहित कई सम्मानित व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में कमेटी के सदस्यों परवेज अंसारी, दिलशाद वास्ती, सलमान वास्ती, कैफ वास्ती, परवेज आलम, अफरोज, रिंचू, इरशाद, आदिल, अज़ीम, शान सहित अन्य लोगों का सराहनीय योगदान रहा। अंत में, आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया गया।
झालावाड़ में महारानी इलादेवी पुरस्कार समारोह:मेधावी छात्राओं को नकद सम्मान, हर साल मिलेगा पुरस्कार
झालावाड़ के गवर्नमेंट गर्ल्स उच्च माध्यमिक स्कूल, मंगलपुरा में बुधवार को आयोजित महारानी इलादेवी पुरस्कार समारोह में जिले की मेधावी बालिकाओं को नकद पुरस्कार, प्रमाण पत्र और सम्मान कप देकर सम्मानित किया गया। पूर्व राजपरिवार झालावाड़ के सदस्य महिजीत सिंह ने घोषणा की कि यह पुरस्कार अब प्रतिवर्ष दिए जाएंगे, ताकि जिले की बालिकाओं को शिक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए प्रेरणा मिल सके। समारोह में जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। महारानी इलादेवी के योगदान को किया याद समारोह में महारानी इलादेवी के शिक्षा क्षेत्र में दिए गए योगदान को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने वर्षों पहले बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई थी और समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य किया। हर वर्ष दिया जाएगा पुरस्कार: महिजीत सिंह पूर्व राजपरिवार के सदस्य महिजीत सिंह ने घोषणा करते हुए कहा कि महारानी इलादेवी पुरस्कार अब हर वर्ष आयोजित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य जिले की छात्राओं को पढ़ाई, खेलकूद और अन्य गतिविधियों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। शिक्षा संग्रहालय में मिलेगा विशेष स्थान मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने कहा कि यह सम्मान समारोह एक निरंतर प्रक्रिया बनना चाहिए और आने वाले वर्षों में और अधिक छात्राएं इसमें शामिल होंगी। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से विरासत संरक्षण अभियान के तहत झालरापाटन स्थित मदन विलास पैलेस में शिक्षा संग्रहालय बनाया जा रहा है। इस संग्रहालय में महारानी इलादेवी के शिक्षा क्षेत्र में योगदान को विशेष स्थान दिया जाएगा, क्योंकि वे स्वयं इसी पैलेस में निवास करती थीं। मेधावी छात्राओं को मिला नकद पुरस्कार समारोह में कक्षा 12वीं और 10वीं की उत्कृष्ट छात्राओं को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कक्षा 12वीं प्रथम स्थान – ₹10,000 कक्षा 12वीं द्वितीय स्थान – ₹7,500 कक्षा 10वीं प्रथम स्थान – ₹7,500 कक्षा 10वीं द्वितीय स्थान – ₹5,000 इसके अलावा स्काउट, खेलकूद और विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को प्रमाण पत्र और सम्मान कप प्रदान किए गए। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन समारोह के दौरान विद्यालय की छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिन्हें उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों ने खूब सराहा। इन गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति इस अवसर पर सीईओ शम्भुदयाल मीणा, पूर्व सभापति प्रदीप सिंह राजावत, सीडीओ रामसिंह मीणा, एबीईओ पवन पाटीदार, इंटेक संयोजक राज्यपाल शर्मा, अतुल झाला, मनोज शर्मा सहित अन्य गणमान्य नागरिक, विद्यालय की शिक्षिकाएं और छात्राएं उपस्थित रहीं। प्रधानाचार्य वीना रानी चौहान ने सभी अतिथियों का स्वागत किया, जबकि संकल्प एकेडमी के संचालक उदयभान सिंह ने महारानी इलादेवी के जीवन और योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
दमोह के हटा थाना क्षेत्र में लाखों रुपए के जेवरात की चोरी का पुलिस ने बुधवार दोपहर खुलासा कर दिया। इस मामले में फरियादी का रिश्तेदार (साला) ही मुख्य आरोपी निकला, जिसने एक नाबालिग के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। हटा थाना प्रभारी सुधीर बेगी ने बताया कि फरियादी मोतीलाल साहू ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 27 अप्रैल को उनकी भतीजी की शादी के दौरान घर से गहने और नकदी चोरी हो गए। जब पूरा परिवार मैरिज गार्डन में था, तब घर पर रुके रिश्तेदारों ने इस वारदात को अंजाम दिया। सुबह जब अलमारी खुली मिली, तब चोरी का पता चला। रिश्तेदार ही निकला चोर पुलिस ने शक के आधार पर मोतीलाल साहू के मामा ससुर के लड़के, मनीष साहू (निवासी हिंडोरिया) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पहले तो वह मुकरता रहा, लेकिन कड़ाई बरतने पर उसने जुर्म कबूल कर लिया। मनीष ने बताया कि उसने एक नाबालिग साथी के साथ मिलकर अलमारी से जेवरात पार किए थे। पुलिया के नीचे गाड़ दिया था खजाना आरोपियों ने चोरी का माल छिपाने के लिए फिल्मी तरीका अपनाया। उन्होंने जेवरात और नकदी हटा के पास रुसल्ली मार्ग पर एक पुलिया के नीचे जमीन में गाड़ दिए थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 4 लाख 71 हजार रुपए के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी बरामद कर ली है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश करने जा रही है।
नर्मदापुरम में एक बेजुबान आवारा कुत्ते के लिए हमदर्दी दिखाना दुकानदार को महंगा पड़ गया। कार सवार युवकों ने उसे जमीन पर पटककर लात-घूंसे मारे और हौज पाइप के डंडों से बेरहमी से पिटाई की। बीच सड़क पर गुंडागर्दी की यह घटना मंगलवार रात करीब 9:30 बजे नर्मदापुरम के न्यास कॉलोनी क्षेत्र की है। कार से आए युवक इतने आक्रोशित थे कि दुकानदार को बचाने आई परिचित महिला को भी धक्का दे दिया। दुकानदार की बेरहमी से पिटाई के कारण उसके हाथ-पैरों पर निशान पड़ गए। मामले में रात 11:30 बजे दुकानदार अभिजीत राजपूत ने देहात थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने विश्वकर्मा और उसके तीन साथियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपियों की तलाश जारी है। कुत्ते को गाड़ी से टक्कर मारने पर हुआ विवाद फरियादी अभिजीत राजपूत ने बताया कि घर के पास उसकी किराने की दुकान है। 28 अप्रैल, मंगलवार को करीब 11 बजे मोहित विश्वकर्मा कार से उसकी दुकान के सामने आया। दुकान के सामने बैठे एक आवारा कुत्ते को उसने गाड़ी से टक्कर मार दी। इस पर अभिजीत ने उससे कहा कि बेजुबान जानवर को क्यों मार रहे हो। रात में साथियों के साथ लौटकर की मारपीट इसी बात को लेकर वह उससे बहस करने लगा। कुछ देर बाद वह चला गया। रात करीब 9:30 बजे मोहित विश्वकर्मा दोबारा अपने तीन साथियों के साथ दुकान के सामने आया और गालियां देने लगा। उसने कहा कि सुबह बहुत एडवांस चल रहा था। जब अभिजीत ने उसे गाली देने से मना किया, तो मोहित और उसके तीनों साथी कार से उतरकर उसके पास आ गए। चारों ने उसके साथ मुक्कों-थप्पड़ों से मारपीट की। मोहित ने दुकान के पास पड़े प्लास्टिक के पाइप से भी उसे मारा, जिससे दाहिने पैर और दोनों भुजाओं पर चोट लगी। पसलियों और पीठ में भी चोट आई। उसकी दुकान का सामान और गल्ला भी फैला दिया गया। लात-घूंसों से मारपीट के कारण उसकी नाक में चोट लग गई, जिससे खून निकलने लगा। पुलिस ने दर्ज किया मामला इस मामले में एसआई अरविंद बेले ने बताया कि कुत्ते को लेकर दुकानदार के साथ मारपीट की गई है। मोहित विश्वकर्मा और उसके तीन साथियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। उनकी तलाश जारी है।
काशी में तेज हवा में निर्माणाधीन बिल्डिंग की दीवार गिरी:5 मजदूरों को गहरी चोट, एक की हालत गंभीर
वाराणसी के हुकुलगंज तिराहे के पास मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। तिवारी मिष्ठान के पीछे निर्माणाधीन बिल्डिंग की दीवार तेज हवा के चलते अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय वहां कई मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें दो मजदूरों की मौत की आशंका जताई जा रही है, जबकि कई अन्य के घायल होने की सूचना है। दीवार गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और मलबे में दबे लोगों को निकालने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। हादसे की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम को भी बुलाया गया है। राहत एवं बचाव कार्य जारी है और मलबे में दबे अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। प्रशासन की ओर से फिलहाल घायलों और मृतकों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि हादसे में जनहानि बढ़ सकती है। हादसे के कारणों की भी जांच शुरू कर दी गई है। खबर अपडेट की जा रही है।
बलौदाबाजार जिले में जनगणना 2026 का पहला चरण 1 मई से शुरू होकर 30 मई तक चलेगा। इस दौरान 1861 प्रगणक घर-घर जाकर मकानों और परिवारों की जानकारी जुटाएंगे। सर्वे पूरी तरह मोबाइल ऐप के जरिए डिजिटल तरीके से किया जाएगा। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने बुधवार को अधिकारियों की बैठक लेकर जनगणना कार्य समय पर और बिना गलती पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी तय समय सीमा में जिम्मेदारी से काम करें। जिले में सर्वे के लिए कुल 1978 हाउसलिस्टिंग ब्लॉक बनाए गए जिले में सर्वे के लिए कुल 1978 हाउसलिस्टिंग ब्लॉक बनाए गए हैं। हर ब्लॉक में करीब 150 से 180 मकान शामिल किए गए हैं। निगरानी के लिए 309 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। जिले की 9 तहसील और 8 नगरीय निकायों को मिलाकर कुल 17 चार्ज क्षेत्र बनाए गए हैं। तहसीलदार और नगर पालिका अधिकारी इसकी जिम्मेदारी संभालेंगे। कलेक्टर ने सभी प्रगणकों को 30 अप्रैल तक मोबाइल ऐप में लॉगिन करने को कहा है, ताकि तकनीकी दिक्कतें पहले ही दूर की जा सकें। साथ ही हर क्षेत्र में कंट्रोल रूम बनाकर काम की निगरानी की जाएगी। प्रशासन की अपील प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जनगणना टीम जब घर पहुंचे तो सही जानकारी दें और सहयोग करें। अधिकारियों ने बताया कि प्रगणक और सुपरवाइजर पहचान पत्र के साथ ही घर-घर जाएंगे। सबसे अहम बात यह है कि जनगणना के दौरान आधार कार्ड, पैन कार्ड या बैंक खाते की जानकारी नहीं ली जाएगी। सिर्फ मकान और परिवार से जुड़ी सामान्य जानकारी दर्ज की जाएगी। लोगों की दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी:प्रशासन कलेक्टर ने जिलेवासियों से जनगणना के लिए आने वाले प्रगणकों को बेझिझक सही-सही जानकारी देने की अपील की है। प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि लोगों की दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी। इसका उपयोग किसी योजना में पात्रता तय करने के लिए नहीं होगा। जनगणना के आंकड़े सरकारी योजनाओं, संसाधनों के बंटवारे और निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन जैसे कामों में उपयोग किए जाते हैं। इस बार पोर्टल पर खुद से भरी गई जानकारी का भी सत्यापन किया जाएगा। सर्वे के बाद आंकड़ों की कई स्तर पर जांच होगी, ताकि कोई गलती न रहे।
बैतूल जिले में बढ़ती पेयजल समस्या को लेकर जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक में जोरदार हंगामा हुआ। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के कार्यपालन यंत्री मनोज बघेल के खिलाफ जिला पंचायत सदस्यों ने तीखी नाराजगी जताई और उनके व्यवहार व कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। सदस्यों का आरोप है कि गर्मियों के बीच गांवों में पानी की समस्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन विभाग के अधिकारी शिकायतों को अनसुना कर रहे हैं। जनप्रतिनिधियों के फील्ड से कॉल करने पर अधिकारी फोन तक रिसीव नहीं करते, जिससे समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। अधिकारी ही योजनाओं पर पानी फेर रहे हैं बैठक में कई सदस्यों ने कहा कि एक तरफ सरकार जल संरक्षण और “जल गंगा संवर्धन” जैसे अभियानों की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारी ही योजनाओं पर पानी फेरने का काम कर रहे हैं। जिला पंचायत उपाध्यक्ष हंसराज धुर्वे ने बताया कि सदस्य लगातार क्षेत्र में जल संकट की शिकायतें सुन रहे हैं, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं। वहीं सदस्य अर्चना कृष्णा गायकी ने कहा कि ईई से जवाब मांगा गया, लेकिन संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई। सदस्य बोले-सुधार नहीं हुआ तो विरोध करेंगे बैठक में मौजूद सदस्यों ने प्रभारी सीईओ इंदिरा महतो से अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सदस्यों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो उग्र विरोध किया जाएगा। हालांकि बैठक में निंदा प्रस्ताव को लेकर चर्चा जरूर हुई, लेकिन औपचारिक रूप से प्रस्ताव पारित नहीं हो सका। इसके बावजूद सभी सदस्यों ने एकजुट होकर अधिकारी के खिलाफ नाराजगी दर्ज कराई। भीषण गर्मी के बीच जल संकट पर प्रशासनिक लापरवाही को लेकर जनप्रतिनिधियों का गुस्सा खुलकर सामने आया है।
आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत बुधवार को स्वास्थ्य भवन परिसर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान नीति आयोग के फंड से खरीदी गई 50 इलेक्ट्रिक (ईवी) स्कूटी महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (एएनएम) को बांटी गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी थे, जबकि अध्यक्षता जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने की। विधायक छोटू सिंह भाटी ने कहा कि जैसलमेर की विषम भौगोलिक परिस्थितियों में एएनएम को फील्ड में जाने में काफी परेशानी होती थी। अब इन ई-स्कूटी के माध्यम से वे दूरदराज के क्षेत्रों में ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दे सकेंगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। ग्रामीणों को लगातार जागरूक करें कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने जोर दिया कि चिकित्सा विभाग की योजनाओं का लाभ गांव के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। कलेक्टर ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि वर्तमान में चल रही भीषण गर्मी और लू से बचाव के लिए ग्रामीणों को लगातार जागरूक करें। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए 14 से 15 साल की किशोरियों का शत-प्रतिशत एचपीवी टीकाकरण सुनिश्चित करें। सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं और कार्यक्रमों का गांव स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार करें। जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने कार्यक्रम में मौजूद सभी महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने कार्यक्षेत्र में स्वास्थ्य के आंकड़ों (सूचकांकों) को सुधारने के लिए पूरी जिम्मेदारी के साथ अपना फर्ज निभाएं। हरी झंडी दिखाकर किया रवाना सीएमएचओ डॉ. राजेंद्र कुमार पालीवाल ने स्कूटी वितरण की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। इसके बाद अतिथियों ने सभी एएनएम को हेलमेट सौंपे और हरी झंडी दिखाकर स्कूटी को रवाना किया। कार्यक्रम में जिला परिषद सीईओ रश्मि रानी, एसडीएम सक्षम गोयल, डॉ. एम.डी. सोनी, विजय सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी किशनाराम कड़वासरा, समाजसेवी अरुण कुमार पुरोहित सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
हरियाणा के फरीदाबाद ग्रेटर में 22 साल के युवक ने अपने ताऊ की लाइसेंसी रिवाल्वर से सिर में गोली मार ली। गंभीर रूप से घायल हालात में उसको निजी अस्पताल में लेकर जाया गया, जहां पर डाक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया। सूचना पर बीपीटीपी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 22 साल का आदित्य भाटी YMCA यूनिवर्सिटी में बीएससी के थर्ड ईयर का स्टूडेंट था। बुधवार की शाम उसने घर के बाथरूम में जाकर खुद को गोली मार दी। गोली चलने की आवाज सुनते ही परिवार के लोगों ने उसको बाथरूम से निकाला और अस्पताल की ओर दौड़, लेकिन रास्ते में ही आदित्य की मौत हो गई। मां और बड़े भाई के साथ रहता थापुलिस के मुताबिक, आदित्य फरीदाबाद के सेक्टर 77 स्थित जल विहार वेलफेयर सोसाइटी में अपनी मां और बड़े भाई के साथ रहता था। उसके पिता घटना के समय घर पर मौजूद नहीं थे। पुलिस के मुताबिक मृतक ने अपने ताऊ की लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारी है। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…
यूपी के बरेली में एक महिला को अपनी मेहनत का पैसा मांगना काफी महंगा साबित हुआ। एक संपन्न परिवार की महिला से जब घर में साफ-सफाई करने वाली महिला ने अपनी महीने की सैलरी मांगी, तो मालकिन का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उसने महिला को एक के बाद एक कई थप्पड़ जड़ दिए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पीड़ित महिला ने एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई है। झाड़ू-पोछा के बकाया रुपए लेने पहुंची थी मांबरेली के सुभाषनगर थाना क्षेत्र की विमला देवी ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी बेटी करगैना में ममता नाम की महिला के घर पर 8 महीने से झाड़ू-पोछा का काम करती है। बेटी के बीमार होने पर उसे इलाज के लिए दिल्ली भेज दिया गया था। बेटी ने अपनी मां से कहा था कि वह ममता से उसके काम के पैसे ले आए। विमला जब अपनी बेटी के मेहनताने के रुपए लेने पहुंची, तो ममता ने पहले उसे खरी-खोटी सुनाई और फिर मारपीट शुरू कर दी। वीडियो में गला दबाते और थप्पड़ मारते दिखी महिलावायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि ममता नाम की महिला विमला का गला दबा देती है और उसके बाद एक के बाद एक कई थप्पड़ मारकर उसे धक्का देती है। इतना ही नहीं, वह उसे जान से मारने की धमकी देती हुई भी नजर आ रही है। वीडियो की बातचीत में ममता अपनी परचूनी की दुकान के उधार के 12 सौ रुपये का जिक्र कर रही है और काम को लेकर अपशब्दों का प्रयोग कर रही है। आठ महीने से नहीं दिया था काम का वेतनएसएसपी से शिकायत करने पहुंची विमला ने बताया कि उनकी बेटी का वेतन 5 हजार रुपए महीना तय हुआ था, लेकिन 8 महीने से ममता ने एक भी पैसा नहीं दिया। अब जब रुपए मांगे तो मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़िता की तहरीर पर सुभाषनगर थाने में आरोपी महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एसएसपी बोले- एफआईआर दर्ज, जांच शुरूएसएसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बताया कि पीड़िता की शिकायत और वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर मारपीट का वीडियो वायरल होने का प्रकरण सामने आया था। जांच में पाया गया कि पारिश्रमिक के विवाद में विपक्षी महिला ने पीड़िता के साथ मारपीट की है। थाना सुभाषनगर में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है और विधिक कार्यवाही प्रचलित है।
लेंसकार्ट में तिलक और कलावा को लेकर हुए विवाद के बाद अब उज्जैन जिले के नागदा में तिलक लगाने को लेकर नया मामला सामने आया है। यहां मारुति सुजुकी कार शोरूम में काम करने वाले एक मैकेनिक ने आरोप लगाया है कि उसके सहकर्मी ने तिलक लगाकर आने पर उसे रोका, गाली-गलौज की और धमकी दी। घटना सोमवार शाम की है। सूचना मिलते ही विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता शोरूम पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन किया। मंगलवार को पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। नागदा में उज्जैन-जावरा स्टेट हाईवे-17 स्थित मारुति सुजुकी शोरूम में दयानंद कॉलोनी निवासी रितिक उर्फ गोलू राठौर मैकेनिक के तौर पर कार्यरत हैं। रितिक का कहना है कि वह रोजाना माथे पर तिलक लगाकर काम पर पहुंचता था। इसी बात को लेकर खाचरौद निवासी सहकर्मी मुबारक लाला पिछले कुछ समय से आपत्ति जता रहा था। पिछले तीन माह से तिलक को लेकर परेशान किया पीड़ित के अनुसार, मुबारक पिछले तीन माह से उसे तिलक लगाकर शोरूम आने पर परेशान कर रहा था। वह बेल्ट से पिटाई करने और जान से मारने की धमकी भी देता था। रितिक जब तिलक लगाकर शोरूम पहुंचा तो आरोपी ने फिर उसे टोका, गाली-गलौज की और धमकाया। इसके बाद रितिक ने हिंदूवादी संगठनों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता शोरूम पहुंचे और नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। हंगामे की सूचना पर मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने रितिक के बयान के आधार पर आरोपी मुबारक लाला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299, 296(ए) और 351(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ये खबर भी पढ़ें… लेंसकार्ट शोरूम घेरा, तिलक-कलावा पर बवाल भोपाल के न्यू मार्केट रोशनपुरा में ड्रेस कोड के खिलाफ लेंसकार्ट शोरूम के बाहर हिंदू उत्सव समिति के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों को तिलक लगाया, मंत्रोच्चार के साथ कलावा बांधा। कहा- सनातन का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान।पूरी खबर पढ़ें
भिवानी लोहारू नगर पालिका ने वार्ड नंबर 12 स्थित स्वर्ण जयंती पार्क को आधुनिक और समावेशी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। लगभग 15 लाख 98 हजार रुपये की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का बुधवार को विधिवत शुभारंभ किया गया। इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें दिव्यांगजनों की सुविधाओं का विशेष ख्याल रखा गया है। नगर पालिका प्रधान प्रदीप बंटी तायल, जेई कृष्ण सैनी और उप प्रधान प्रतिनिधि विपिन सैनी ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ नारियल फोड़कर निर्माण कार्यों की शुरुआत की। इस अवसर पर वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि और भारी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। पार्क में क्या-क्या होगा खास? इस बजट से पार्क को पूरी तरह अपडेट किया जाएगा, जिसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित सुविधाएं शामिल होंगी: दिव्यांगों के लिए: विशेष शेड, रैंप निर्माण और व्हीलचेयर की उपलब्धता। आधुनिक सुविधाएं: पार्क में नई जिम मशीनें, शौचालय और स्नानघर की समुचित व्यवस्था की जाएगी। ट्रैक का निर्माण: घूमने-फिरने के लिए एक व्यवस्थित ट्रैक बनाया जाएगा ताकि आमजन और दिव्यांगजन सुरक्षित वातावरण में टहल सकें। गुणवत्ता और समय सीमा का भरोसा प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाएगा और इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा। इस पहल की स्थानीय निवासियों ने सराहना की है, क्योंकि इससे पार्क न केवल सुंदर बनेगा बल्कि इसकी उपयोगिता भी बढ़ेगी।
कोडरमा जिले के सतगावां में असराइन डैम में बुधवार को एक महिला की डूबने से मौत हो गई। महिला अपनी दो बेटियों को बचाने के प्रयास में गहरे पानी में समा गई। यह घटना माधोपुर पंचायत के असराइन डैम में हुई। लेम्बो निवासी सरिता देवी (35) अपनी दो मासूम बेटियों के साथ डैम में कपड़े धोने गई थीं। कपड़े धोते समय अचानक उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी की ओर बहने लगीं। मां को डूबता देख दोनों बेटियों ने उन्हें बचाने की कोशिश की। हालांकि, पानी का बहाव और गहराई अधिक होने के कारण सरिता ने महसूस किया कि उनकी बेटियों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने अपनी पूरी ताकत लगाकर दोनों बच्चियों को सुरक्षित किनारे की ओर धकेल दिया। बेटियां तो बच गईं, लेकिन सरिता खुद को नहीं बचा सकीं और गहरे पानी में डूब गईं। बच्चियों ने भागकर गांव वालों को सूचना दी। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद सरिता का शव पानी से बाहर निकाला। सतगावां थाना पुलिस को घटना की जानकारी दी गई, जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल कोडरमा भेज दिया। ग्रामीणों के अनुसार, सरिता देवी का मायका बजानियां और ससुराल धर्मपुर में है। वह फिलहाल लेम्बो में आवास योजना के तहत बने अपने नए घर में रह रही थीं। सरिता अपने पीछे पांच बेटियां और एक बेटा छोड़ गई हैं। इस घटना के बाद पूरे माधोपुर पंचायत में शोक का माहौल है। असराइन डैम, जिसका उपयोग ग्रामीण रोजमर्रा के कार्यों के लिए करते हैं, अब इस दुखद हादसे का गवाह बन गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को यूपी के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट 'गंगा एक्सप्रेसवे' का उद्घाटन किया। मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाले इस 594 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे को रिकॉर्ड 3.5 साल से भी कम समय में पूरा किया गया है। अदाणी रोड ट्रांसपोर्ट लिमिटेड ने इस प्रोजेक्ट का लगभग 80 प्रतिशत (464 किमी) हिस्सा विकसित किया है, जबकि शेष हिस्से का निर्माण आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर ने किया है। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से अब पश्चिमी और पूर्वी यूपी के बीच की दूरी आधी रह जाएगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रखेगा हादसों पर नजर सुरक्षा के मामले में यह एक्सप्रेसवे देश के सबसे आधुनिक रास्तों में से एक है। यहां एआई (AI) सक्षम कैमरा सिस्टम लगाए गए हैं, जो दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एडवांस अलर्ट जारी करेंगे। 12 जिलों से गुजरने वाला यह छह लेन का एक्सप्रेसवे भविष्य में आठ लेन तक बढ़ाया जा सकता है। इसके चालू होने से मेरठ से प्रयागराज तक का यात्रा समय 11 घंटे से घटकर मात्र 6 घंटे रह जाएगा। इससे न केवल आम जनता का समय बचेगा, बल्कि व्यापार और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को भी भारी फायदा होगा। रणनीतिक ताकत: एक्सप्रेसवे पर उतर सकेंगे फाइटर जेट गंगा एक्सप्रेसवे सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। शाहजहांपुर जिले में 3.5 किलोमीटर लंबी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी तैयार की गई है। युद्ध या आपात स्थिति में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान यहाँ आसानी से लैंड कर सकेंगे। यह रणनीतिक कॉरिडोर न केवल कनेक्टिविटी बढ़ाएगा, बल्कि देश की सुरक्षा क्षमताओं को भी नई मजबूती प्रदान करेगा। हर साल 30 हजार करोड़ की होगी बचत, खुलेंगे 3 लाख रोजगार उत्तर प्रदेश सरकार के अनुमान के मुताबिक, यह एक्सप्रेसवे प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए 'बूस्टर डोज' साबित होगा। इससे हर साल लॉजिस्टिक्स लागत में 25 से 30 हजार करोड़ रुपये की बचत होगी। अगले 10 सालों में यहाँ करीब 3 लाख नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। साथ ही, यह प्रोजेक्ट राज्य की जीडीपी में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का योगदान देगा। किसानों और छोटे कारोबारियों को अब अपनी उपज बड़े बाजारों तक तेजी से पहुंचाने में मदद मिलेगी, जिससे उन्हें बेहतर दाम मिल सकेंगे। धार्मिक पर्यटन और 8 करोड़ लोगों को फायदा इस एक्सप्रेसवे के जरिए प्रयागराज और वाराणसी जैसे धार्मिक केंद्रों तक पहुंचना अब बहुत आसान हो गया है। इससे आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। जानकारों का कहना है कि इस ट्रंक कॉरिडोर से यूपी के करीब 8 करोड़ लोगों को सीधा लाभ होगा। यह एक्सप्रेसवे शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योगों को एक नई दिशा देने के साथ-साथ विकसित उत्तर प्रदेश की नींव को और मजबूत करेगा।
कोटा के मेडिकल कॉलेज और उससे जुड़े हॉस्पिटलों में इमरजेंसी सेवाओं को ज्यादा प्रभावी, पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक सुधार लागू किए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत हॉस्पिटल में 24 घंटे रिसीविंग और ट्रॉलीमैन की तैनाती रहेगी। इससे इमरजेंसी में आए मरीजों को तुरंत इलाज मिलेगा। लैबकर्मी वार्ड में जाकर ही मरीजों का सैंपल लेंगे और रिपोर्ट देंगे। इसके अलावा हॉस्पिटल अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि आवश्यक दवाओं का कम से कम तीन महीने का स्टॉक रखा जाए। किसी दवा की कमी होती है तो उसकी व्यवस्था तत्काल की जाएगी। खास बात यह है कि किसी भी भर्ती मरीज को अब बाहर से दवा लाने के लिए नहीं कहा जाएगा। इमरजेंसी मरीजों के लिए 24 घंटे रिसीविंग और ट्रॉलीमैन की तैनाती मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. निलेश कुमार जैन ने बताया कि 24 घंटे रिसीविंग और ट्रॉलीमैन की तैनाती से इमरजेंसी में आए मरीजों को बिना देरी संबंधित डॉक्टर तक पहुंचाया जाएगा। इससे इमरजेंसी में समय की बर्बादी कम होगी और इलाज तेजी से शुरू हो सकेगा। सभी डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और ट्रॉलीमैन को ड्यूटी के दौरान यूनिफॉर्म और आईडी कार्ड पहनना अनिवार्य किया गया है। इसका उद्देश्य मरीजों और उनके परिजनों को सही कर्मचारी की पहचान सुनिश्चित कराना है। मरीजों के वार्ड में जाकर सैंपल लेंगे लैबकर्मी अब भर्ती मरीजों को अलग से जांच पर्ची नहीं दी जाएगी। भर्ती टिकट के जरिए ही सैंपल कलेक्शन और जांच की प्रक्रिया पूरी होगी। लैबकर्मी वार्ड में जाकर सैंपल लेंगे और रिपोर्ट भी वहीं उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे मरीजों को इधर-उधर नहीं जाना पड़ेगा। इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों को 24 घंटे से ज्यादा नहीं रखा जाएगा। ड्यूटी पर मौजूद सीएमओ यह तय करेंगे कि मरीज को किस वार्ड में शिफ्ट करना है। साथ ही, शिफ्ट बदलने के दौरान मरीज की पूरी जानकारी अगले सीएमओ को देना अनिवार्य किया गया है। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को मरीजों के साथ विनम्र और संवेदनशील व्यवहार रखने के निर्देश दिए गए हैं। मरीज और उनके परिजनों को बीमारी और इलाज से जुड़ी पूरी जानकारी देना भी अनिवार्य होगा। किसी भी शिकायत की स्थिति में तुरंत समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। डिस्प्ले बोर्ड पर डॉक्टरों की जानकारी आउटडोर में मरीज देखने वाले डॉक्टरों को अपने नाम स्पष्ट रूप से लिखने होंगे। वहीं इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और सीएमओ के नाम व मोबाइल नंबर डिस्प्ले बोर्ड पर प्रदर्शित किए जाएंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर संपर्क आसान हो। आपातकालीन सेवाओं की मॉनिटरिंग के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। उनके ओर से समय-समय पर औचक निरीक्षण भी किए जाएंगे, जिससे व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
कैथल पहुंचे प्रदेश के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा:स्टंबल लैब का उद्घाटन किया, डीसी का ड्रीम प्रोजेक्ट
कैथल में हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने पूंडरी के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से डीसी कैथल के ड्रीम प्रोजेक्ट स्टंबल लैब का उद्घाटन किया। इस लैब से प्रशिक्षित बच्चों के आत्मविश्वास को देखते हुए शिक्षा मंत्री प्रभावित दिखे और मौके पर ही घोषणा की कि स्टंबल लैब प्रोजेक्ट पूरे प्रदेश में लागू करने के लिए योजना बनाई जाएगी। इससे छोटे-छोटे बच्चों का भी इतना आत्मविश्वास बढ़ा है कि वे सभी से पूरे उत्साह से बातचीत कर रहे हैं। स्टंबल लैब की कल्पना डीसी अपराजिता ने की कैथल डीसी अपराजिता के प्रयासों की सराहना करते हुए मंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को इससे काफी लाभ मिलेगा। स्टंबल लैब की कल्पना डीसी अपराजिता ने की थी। तीन माह पहले सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट में बच्चों को मुख्य रूप से किसी एक काम में असफल होने पर निराश होने की बजाए, दोगुने उत्साह के साथ फिर से अगली गतिविधि में भाग लेकर सफल होने की प्रेरणा देना ही इसका मुख्य उद्देश्य है। प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया मंत्री महीपाल ढांडा दोपहर बाद स्कूल में पहुंचे। जहां डीसी अपराजिता सहित विधायक सतपाल जांबा ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मंत्री ने इस प्रोजेक्ट का विधिवत रूप से उद्घाटन किया। जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष ने प्रोजेक्ट की जानकारी दी। इसके बाद डीसी अपराजिता ने पूरे प्रोजेक्ट के बारे में बताया। साथ ही मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी दिव्यता ने प्रोजेक्टर के माध्यम से अब तक हुई गतिविधियों, उनके परिणाम, स्टंबल लैब के तहत भविष्य में किए जाने वाले कार्यों, उद्देश्य के बारे में विस्तार से बताया। प्रोजेक्ट को पूरे प्रदेश में लागू करने का ऐलान इसके बाद मंत्री ने चार कक्षाओं में जाकर स्टंबल लैब के तहत की जा रही गतिविधियों में भाग लिया। बच्चों से सवाल पूछे। मंत्री बच्चों के आत्मविश्वास से इतना प्रभावित हुए कि प्रोजेक्ट को पूरे प्रदेश में लागू करने का ऐलान कर दिया। डीसी अपराजिता का विजन है कि हम सभी को जीवन में कभी न कभी असफलता का सामना करना पड़ता है। उनका प्रयास है कि हमारे बच्चों को जब कभी किसी भी काम में असफलता का सामना करना पड़े तो वे उसे घबराकर सफलता का प्रयास करना बंद न करें। वे उस काम में रुचि लें और उस बाधा को पहचानें, जिस बाधा या स्टंबल या अवरोध के कारण वे उस काम में सफल नहीं हो सके। उस कारण को जानकर उसे दूर करें। अपने प्रयास में सुधार करें, निश्चित तौर पर उन्हें सफलता मिलेगी। साथ ही हर बच्चा कक्षा में उत्सुकता के साथ गतिविधियों में भाग ले।
फर्रुखाबाद में एक सिपाही की पिटाई का वीडियो सामने आया है। घटना फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के छोटी जेल चौराहे के पास स्थित एक देसी शराब के ठेके की बताई जा रही है। वीडियो में कुछ युवक पुलिस लाइन में तैनात सिपाही को बेल्ट और थप्पड़ों से बेरहमी से पीटते नजर आ रहे हैं। वीडियो में दिखता है कि सिपाही एक ऊंचे स्थान पर बैठा है, तभी एक युवक उसे थप्पड़ मारता है और दूसरा बेल्ट से हमला करने लगता है। जब सिपाही उठने की कोशिश करता है तो उसे धक्का देकर गिरा दिया जाता है और लगातार मारपीट की जाती है। हमलावर युवक नशे में लग रहे हैं। चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्जपीड़ित सिपाही राजीव कुमार ने तहरीर में बताया कि 26 अप्रैल को दोपहर करीब 12:30 बजे पुलिस लाइन गेट पर आकाश श्रीवास्तव, आशिद उर्फ माफिया, आशू श्रीवास्तव और मोरम अली ने उसे साथ चलने के लिए कहा। इसके बाद वे उसे ठेके पर ले गए, जहां गाली-गलौज का विरोध करने पर सभी ने मिलकर उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। कोतवाली प्रभारी रणविजय सिंह ने बताया- सिपाही से पिटाई के मामले में चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसका चालान कर दिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
सीधी जिले के टिकरी-महुआगांव मार्ग पर एक बलकर वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। यह वाहन 11 केवी विद्युत लाइन से टकरा गया, जिससे उसमें आग लग गई। इस हादसे में वाहन चालक जिंदा जल गया। घटना बुधवार शाम करीब 4 बजे जंगल क्षेत्र में हुई। निगरी प्लांट से राखड़ लेने जा रहा था वाहन जानकारी के अनुसार, वाहन निगरी प्लांट से राखड़ लेने जा रहा था। पलटने के बाद जैसे ही वह बिजली तार के संपर्क में आया, वाहन में भीषण आग लग गई। चालक को संभलने या बाहर निकलने का मौका नहीं मिला और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान बहरी थाना क्षेत्र के ग्राम बहेरा निवासी फूलचंद कोल के रूप में हुई है। वह निगरी प्लांट से राखड़ परिवहन का कार्य करता था। यह हादसा जंगल के बीचों-बीच हुआ, जिसके कारण घटना की जानकारी तुरंत किसी को नहीं मिल पाई। काफी देर बाद एक राहगीर संतोष यादव ने जलते वाहन का वीडियो बनाकर साझा किया, जिसके बाद यह मामला सामने आया। हाई वोल्टेज लाइन की चपेट में आने से आग की आशंका सूचना मिलने पर टिकरी चेक पोस्ट प्रभारी प्रमोद द्विवेदी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया वाहन के अनियंत्रित होकर पलटने और हाई वोल्टेज लाइन की चपेट में आने से आग लगने की आशंका है। वाहन के अनियंत्रित होने के कारणों की जांच की जा रही है। घटनास्थल पर चालक का शव पूरी तरह जल चुका था, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा था। आधार कार्ड के जरिए उसकी पहचान सुनिश्चित की गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच की जा रही है।
प्रदेश में नगरीय निकायों को मिलने वाली भारी भरकम बिजली बिल से बचाव के लिए अब नगरीय विकास और आवास विभाग 220 मेगावाट का एमपी अर्बन कैप्टिव सोलर प्लांट लगाने की तैयारी में है। इसके लिए सभी दस संभागों के 184 नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषदों का चयन किया गया है। योजना में निकायों की हिस्सेदारी के लिए एक स्पेशल परपज वीकल बनाया जाएगा। जिसमें निकायों की हिस्सेदारी विद्युत नियामक आयोग द्वारा तय शर्तों के आधार पर घोषित की जाएगी। नगरीय आवास और विकास विभाग द्वारा संबंधित नगर निगमों के आयुक्त और नगरपालिका, नगर परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को लिखे पत्र में कहा गया है कि प्रदेश में शहरवासियों को पानी, बिजली, जल मल निकासी, स्वच्छता और सड़क की सुविधा देने के लिए खपत होने वाली बिजली के बिल नगरीय निकायों पर भारी पड़ रहे हैं। निकायों की आमदनी का 30 से 40 प्रतिशत फंड इन कामों में बिजली बिल में खर्च हो जाता है। आने वाले दिनों में इसमें और वृद्धि होना तय है। इसे देखते हुए निकायों की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। बिजली बिलों में कमी आने से आम जन को बेहतर सेवा मिल सकेगी। अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी लगाएगी सोलर प्लांट निकायों को भेजे पत्र में कहा गया है कि केंद्र और राज्य सरकार सोलर और विंड एनर्जी के अधिकाधिक उपयोग के लिए निर्देश देते रहे हैं, ताकि बिल कम होने से निकाय आत्मनिर्भर बन सकें। इसी तारतम्य में सभी निकायों के वर्तमान और प्रस्तावित योजनाओं के हाई टेंशन लाइन कनेक्शनों के स्वीकृत और प्रस्तावित लोड को देखते हुए 220 मेगावाट का एमपी अर्बन कैप्टिव सोलर प्लांट स्थापित करने का फैसला राज्य सरकार ने लिया है। इस सोलर प्लांट का क्रियान्वयन राज्य शासन के उपक्रम एमपी अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा किया जाएगा। इस प्लांट में प्रोजेक्ट इक्विटी में उपयोगकर्ता की कम से कम 26 प्रतिशत भागीदारी रखने और सोलर एनर्जी प्लांट का स्वयं 51 प्रतिशत से अधिक हर साल उपयोग किया जाना अनिवार्य किया गया है। 1320 करोड़ है प्रस्तावित प्लांट की लागत प्रस्तावित परियोजना की अनुमानित लागत 1320 करोड़ रुपए है। इसलिए परियोजना में सहभागी नगरीय निकायों की संयुक्त इक्विटी 119 करोड़ रुपए होती है जो कि नगरीय निकायों को दिए जाने वाले अनुदान राशि से उपलब्ध कराई जाएगी। निकाय के हिस्से की बाकी राशि के लिए सामूहिक म्युनिसिपल बांड बुलाया जाना भी प्रस्तावित है। इसमें यह जानकारी भी दी गई है कि योजना में निकायों की हिस्सेदारी के लिए एक स्पेशल परपज वीकल बनाया जाएगा जिसमें निकायों की हिस्सेदारी विद्युत नियामक आयोग द्वारा तय शर्तों के आधार पर घोषित की जाएगी। इसके लिए अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी को अधिकृत किया गया है। इन संभागों के ये निकाय होंगे शामिल

