कानपुर के जाजमऊ गंगा पुल की बंदी से ट्रांसपोर्टरों पर दोहरी मार, समय भी बढ़ा और खर्च भी
जाजमऊ गंगा पुल बंद होने से कानपुर के ट्रांसपोर्टरों पर दोहरी मार पड़ रही है, जिससे माल ढुलाई की लागत और समय दोनों बढ़ गए हैं। अतिरिक्त 122 किलोमीटर की दूरी तय करने से प्रति ट्रक 5000 रुपये तक का डीजल खर्च और 24 घंटे का अतिरिक्त समय लग रहा है, जिससे कारोबारियों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
गोंडा में 9 सितंबर को हुए बर्तन व्यापारी विनोद साहनी हत्याकांड के बाद स्थिति तनावपूर्ण है। इसी बीच, आज मंगलवार दोपहर 12 बजे से गोंडा-लखनऊ हाईवे पर भभुआ पुलिस चौकी और करनैलगंज तिराहे के पास पुलिस ने चेकिंग अभियान शुरू किया है। कई पार्टियों के नेता पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे हैं, जिन्हें जगह-जगह रोकने के लिए चेकिंग अभियान चलाया जा है। लखनऊ की तरफ से गोंडा आने वाले हर वाहन पर नजर रखी जा रही है। नेताओं के शक होने पर वाहनों को रोककर लोगों से पूछताछ की जा रही है और उनके पहचान पत्र देखे जा रहे हैं। इसके बाद ही उन्हें गोंडा की तरफ जाने दिया जा रहा है। इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। पुलिस उन वाहनों पर खास नजर रख रही है, जिनमें नेताओं के होने की आशंका है। दरअसल, आज पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य का एक प्रतिनिधिमंडल विनोद साहनी के घर पहुंचने वाला है। इसके अलावा, निषाद समाज के कुछ नेता भी इस घटना को लेकर विनोद साहनी के घर जाना चाहते हैं। इन नेताओं को रोकने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है और इसी वजह से यह चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। जिला प्रशासन किसी भी नेता को विनोद साहनी के परिवार से मिलने नहीं दे रहा है। पुलिस का कहना है कि जिले में धारा 163 लागू है और नेताओं के वहां पहुंचने से माहौल बिगड़ सकता है। नेताओं के विनोद साहनी के घर पहुंचने की आशंका को देखते हुए करनैलगंज से लेकर विनोद साहनी के घर रेक्ससडिया तक भी जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाई गई है। वहां भी पुलिस तैनात है और वाहनों की जांच की जा रही है। करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि जिले में धारा 163 लागू होने के कारण किसी को भी आगे जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने किसानों की विभिन्न समस्याओं और सात प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन की रणनीति बनाई है। संगठन ने 21 सितंबर को प्रदेश के 75 जिलों में ज्ञापन देने का फैसला किया है। इसके बाद 5 अक्टूबर को किसानों के साथ दिल्ली कूच करने का ऐलान किया गया है। यह फैसला एटा में हुई एटा-कासगंज जनपद की समीक्षा बैठक में लिया गया। मंगलवार को दोपहर 12 बजे शिकोहाबाद रोड स्थित सुललित गार्डन में यह बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष पंकज सिंह ने की। बैठक में एटा, कासगंज, जलेसर और अलीगंज समेत कई इलाकों से संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता पहुंचे थे। प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर योगेश प्रताप सिंह ने संगठन की गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने पदाधिकारियों के सामने आगामी आंदोलन की रूपरेखा भी रखी। प्रदेश अध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि किसानों की सात मुख्य मांगों को लेकर 21 सितंबर को सभी 75 जिलों में ज्ञापन दिए जाएंगे। ये ज्ञापन जिला अध्यक्षों के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम सौंपे जाएंगे। उन्होंने कहा कि संगठन किसानों की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाता रहा है। अब इन मांगों के लिए प्रदेशव्यापी अभियान चलाया जाएगा। योगेश प्रताप सिंह ने कार्यकर्ताओं से आंदोलन को शांतिपूर्ण और संगठित तरीके से सफल बनाने की अपील की। बैठक में 5 अक्टूबर को दिल्ली कूच के कार्यक्रम पर भी चर्चा हुई। पदाधिकारियों को इसके लिए जिम्मेदारियां सौंपी गईं। साथ ही ज्यादा से ज्यादा किसानों को आंदोलन से जोड़ने पर जोर दिया गया। भाकियू भानु ने किसानों के लिए एक अलग किसान आयोग बनाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई है। संगठन का कहना है कि इस आयोग में साफ छवि वाले किसानों को जिम्मेदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने आयोग का अध्यक्ष भी किसी किसान को ही बनाने की मांग रखी है।
इटावा में रविवार शाम को देवर-भाभी ने जहरीली कोल्डड्रिंक पी ली थी, जिससे दोनों की हालत बिगड़ गई थी। दोनों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया, जहां युवक की मौत हो गई। भाभी का इलाज जारी है। पुलिस ने सोमवार रात महिला के पति और उसके चचेरे भाई पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। ऊसराहार थाना क्षेत्र के सौथना गांव की रहने वाली ममता की शादी करीब 14 साल पहले महावीर सिंह से हुई थी। ममता के अनुसार उसका पति शराब पीने का आदी है और कोई काम नहीं करता था। घर का खर्च और चार बच्चों के भरण-पोषण के लिए पैसा नहीं मिलने को लेकर दोनों के बीच आए दिन विवाद होता था। इसी दौरान ममता के पति के चचेरे भाई गुलाब सिंह (34) से उसके प्रेम संबंध हो गए। ममता के मुताबिक गुलाब सिंह उसका और उसके चार बच्चों का भरण-पोषण करता था। प्रेम संबंध होने के बाद वह अपने पति से अलग नहीं हुई, बल्कि पति के घर में ही गुलाब सिंह के साथ रहने लगी थी। दोनों के बीच संबंधों को लेकर महावीर नाराज रहता था। इसी बात को लेकर परिवार में आए दिन विवाद होने की बात सामने आई है। रविवार शाम करीब पांच बजे ममता और गुलाब सिंह ने कोल्डड्रिंक पी थी। इसके कुछ देर बाद दोनों की हालत बिगड़ने लगी। ममता को उल्टियां होने लगीं, जबकि गुलाब सिंह की हालत ज्यादा गंभीर हो गई। परिजन दोनों को सरसईनावर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल पहुंचते ही मौत हुई जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ. ओमकांत राजपूत ने गुलाब सिंह को मृत घोषित कर दिया। वहीं ममता को अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। डॉक्टर के मुताबिक महिला और उसके देवर को अचेत अवस्था में लाया गया था। परिजनों ने कोल्डड्रिंक में जहरीला पदार्थ मिलाकर पिलाए जाने की बात बताई थी। पति और चचेरे भाई पर आरोप इलाज के दौरान हालत में सुधार होने पर ममता ने अपने पति महावीर सिंह और उसके चचेरे भाई नरेश पर गंभीर आरोप लगाए। ममता के अनुसार दोनों उसके घर आए और उसे व गुलाब सिंह को कोल्डड्रिंक पिलाई। आरोप है कि पेय में जहरीला पदार्थ मिलाया गया था। इसे पीने के बाद दोनों की हालत बिगड़ गई और गुलाब सिंह की मौत हो गई। मृतक की मां ने भी आरोप लगाए गुलाब सिंह की मां ने भी महावीर और नरेश पर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि गुलाब पिछले करीब तीन साल से ममता और उसके बच्चों का भरण-पोषण कर रहा था। इसी बात से महावीर नाराज रहता था। परिवार का आरोप है कि इसी विवाद के चलते दोनों ने कोल्डड्रिंक में कुछ मिलाकर गुलाब और ममता को पिला दिया। पुलिस ने दर्ज किया केस पुलिस ने मामले में को ममता के पति महावीर सिंह और उसके चचेरे भाई नरेश के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। ऊसराहार थाना प्रभारी नरेंद्र मिश्रा ने बताया कि घटना की जांच-पड़ताल की जा रही है। पुलिस के अनुसार दोनों के अलग-अलग तरीके से जहरीला पदार्थ खाने की बात भी सामने आई है। थाना प्रभारी नरेंद्र मिश्रा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच-पड़ताल में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। गुलाब सिंह की मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
महराजगंज में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को एक पत्र सौंपा है। प्रदेश उपाध्यक्ष और जिलाध्यक्ष छाया भारती ने यह पत्र दिया है। इसमें 2500 रुपये की प्रोत्साहन राशि को मूल मानदेय में शामिल करने की मांग की गई है। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार की ओर से मिली पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा और यूनिफॉर्म के लिए 500 रुपये की बढ़ोतरी के फैसले के लिए आभार भी जताया। पत्र में मांग की गई है कि हाल ही में बढ़ाई गई 2500 रुपये की प्रोत्साहन राशि को मूल मानदेय में जोड़ा जाए। इससे इसका भुगतान हर महीने नियमित रूप से हो पाएगा। कार्यकर्ताओं का कहना है कि पहले से मिल रही प्रोत्साहन राशि का भुगतान कई जिलों में नियमित नहीं होता। कई कार्यकर्ताओं की कई महीनों की राशि अभी भी अटकी हुई है। इसके अलावा, पोषण ट्रैकर के जरिए केंद्र चलाने के लिए लागू की गई जीपीएस व्यवस्था को हटाने की भी मांग की गई है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की दिक्कत रहती है। साथ ही, आर्थिक परेशानियों के कारण मोबाइल रिचार्ज कराना भी मुश्किल होता है। विभागीय बैठकों, ट्रेनिंग और दूसरे सरकारी कामों के लिए केंद्र से बाहर रहने पर भी जीपीएस व्यवस्था से दिक्कत होती है। पत्र में यह भी मांग की गई है कि अटकी हुई प्रोत्साहन राशि का जल्द भुगतान किया जाए और जीपीएस व्यवस्था को खत्म किया जाए।
कोडरमा जिले के तिलैया थाना इलाके में स्थित वृंदाहा वॉटरफॉल से एक छात्र लापता हो गया है। बिहार के जहानाबाद से अपने शिक्षक और दोस्तों के साथ घूमने आया सागर, बुधवार को गायब हुआ था। 6 दिन बीत जाने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल पाया है। जहानाबाद, बिहार के एक निजी कोचिंग संचालक अपने कुछ छात्रों के साथ झुमरी तिलैया घूमने आए थे। वृंदाहा वॉटरफॉल में नहाते समय छात्र सागर कुमार के पानी में डूबने की आशंका जताई गई थी। पहले स्थानीय गोताखोरों ने सागर को ढूंढने की कोशिश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद पटना से एनडीआरएफ की टीम कोडरमा पहुंची। टीम ने वृंदाहा जलप्रपात में लगातार तीन दिनों तक सागर की तलाश की। रविवार को भी जब सागर का कोई पता नहीं चला, तो एनडीआरएफ की टीम वापस पटना लौट गई। तिलैया थाना बुलाया गया छात्र कोइस मामले में अब एक नया मोड़ आया है। सागर कुमार का 5 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिलने पर, कोचिंग संचालक राजेश कुमार केसरी को मंगलवार को तिलैया थाना बुलाया गया। उनसे इस मामले में पूछताछ की गई। राजेश केसरी ने बताया कि उन्होंने या उनके साथ आए किसी भी छात्र ने सागर को पानी में जाते नहीं देखा। उन्होंने घटना वाले दिन की जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार सुबह वे सभी छात्रों को एक निजी गाड़ी से गया रेलवे स्टेशन ले गए थे। वहां से वे पटना-रांची जनशताब्दी एक्सप्रेस से कोडरमा स्टेशन पहुंचे। झरने के पास सभी फोटो खिंचवा रहे थेस्टेशन से बाहर निकलकर उन्होंने एक ऑटो किराए पर लिया। छात्रों को ऑटो में बिठाकर वे वृंदाहा वॉटरफॉल की तरफ जा रहे थे। वृंदाहा वॉटरफॉल से कुछ दूरी पहले ही ऑटो ड्राइवर ने खराब सड़क का बहाना बनाकर ऑटो रोक दी। इसके बाद शिक्षक राजेश केशरी अपने अन्य छात्रों के साथ वृंदाहा वॉटरफॉल गए, जहां बच्चों का समूह वृंदाहा वॉटरफॉल के झरने के पास जाकर फोटो शूट करने लगा। वहीं, यह अपनी छोटी बच्ची के साथ वाटरफॉल से गिरने वाले झरने से कुछ दूर पहले रुक गए और बच्चों के सामान की निगरानी करने लगे। इस दौरान शिक्षक राजेश केशरी अपनी बेटी की तस्वीर लेने लगे। कुछ ही देर बाद उनके साथ आए छात्रों के समूह में से एक छात्र ने सागर के बारे में पूछताछ की और पूछा कि क्या उन्होंने सागर को इस ओर आते हुए देखा है। इस पर शिक्षक राजेश केशरी ने सागर के बारे में जानने की बात से इनकार करते हुए उसकी तलाश में जुट गए। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कहीं कुछ पता नहीं चला तो उन्हें सागर के झरने के समीप डूबने की शंका हुई। इसके बाद वे आसपास मौजूद स्थानीय लोगों की इसकी सूचना दी। घटना की जानकारी तिलैया पुलिस को देकर घटनास्थल पर बुलाया गया था।
राजधानी लखनऊ के परिवर्तन चौक पर अपनी जनता पार्टी (एजेपी) के छात्र मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों और मुद्दों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। छात्र मोर्चा के बैनर तले जुटे कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। कार्यकर्ताओं ने आरक्षण और समान नागरिक संहिता के समर्थन में जताई सहमति प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण और समान नागरिक संहिता के समर्थन में अपना पक्ष रखा। कार्यकर्ताओं का कहना था कि देश में सामाजिक समानता, राष्ट्रीय एकता और समान अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर व्यापक स्तर पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने इन विषयों को लेकर सरकार से आवश्यक कदम उठाने की मांग की। एक देश-एक चुनाव लागू करने की मांग प्रदर्शन के दौरान छात्र मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने देश में एक देश-एक चुनाव व्यवस्था लागू करने की मांग भी उठाई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने के लिए इस दिशा में गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने इसे देश के प्रशासनिक और राजनीतिक ढांचे में सुधार से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया। शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता की मांग छात्र मोर्चा ने शिक्षा के क्षेत्र में एक देश-एक शिक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग भी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देशभर में शिक्षा के लिए समान अवसर और एक जैसी व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को क्षेत्रीय असमानताओं का सामना न करना पड़े। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुलभ और समान बनाने पर जोर दिया। तख्तियों और नारों के जरिए सरकार तक पहुंचाई आवाज प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी करते रहे। हाथों में विभिन्न मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर उन्होंने सरकार से इन मुद्दों पर ठोस कदम उठाने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनकी मांगें जनहित और देशहित से जुड़ी हैं, इसलिए सरकार को इन पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस बल रहा तैनात प्रदर्शन को देखते हुए परिवर्तन चौक पर पुलिस बल की तैनाती रही। पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए रहे। अधिकारियों ने प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था संभाली और पूरे घटनाक्रम पर निगरानी रखी।
नूंह के जंगल में मिला व्यक्ति का शव:फोरेंसिक टीम ने मौके से जुटाए सबूत, पुलिस पहचान कराने में जुटी
नूंह जिले के नगीना थाना क्षेत्र के गांव जलालपुर के जंगलों में मंगलवार को एक व्यक्ति का शव मिला। जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। शव मिलने की खबर फैलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही नगीना थाना प्रभारी अजयबीर भड़ाना अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास के इलाके की भी जांच की। मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने मौके से जरूरी सबूत जुटाना शुरू किया। नहीं हो सकी मृतक की पहचान पुलिस के अनुसार, अभी तक मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। शव जंगल में कैसे पहुंचा और उसकी मौत कैसे हुई, यह भी साफ नहीं हो सका है। पुलिस मृतक की पहचान कराने की कोशिश कर रही है और आसपास के गांवों में भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने घटनास्थल से मिले संभावित सबूतों को सुरक्षित कर जांच शुरू कर दी है। शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही चलेगा। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। मृतक की पहचान होने के बाद ही घटना से जुड़े बाकी तथ्यों का खुलासा होने की उम्मीद है।
रामपुर में दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर सोमवार देर रात सड़क हादसे में युवक की मौत हो गई। मिलक थाना क्षेत्र के पटिया गांव निवासी बृजनंदन को तेज रफ्तार कार ने उस समय टक्कर मार दी, जब वह हाईवे पार कर रहे थे। हादसा रात करीब एक बजे हुआ। टक्कर इतनी तेज थी कि बृजनंदन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। बृजनंदन को कुछ दिन पहले ही ठेकेदार के जरिए जम्मू से कोलकाता जाने वाली ट्रेन में खाना सर्व करने का काम मिला था। वह चार दिन पहले ही घर से नौकरी के लिए निकले थे। परिवार के मुताबिक, ट्रेन के मिलक स्टेशन पर रुकने के दौरान वह उतर नहीं सके। इसके बाद रामपुर में उतरकर मिलक लौट रहे थे, तभी हाईवे पार करते समय हादसा हो गया। उनकी मौत से परिवार में मातम है। मृतक के पिता मदन लाल ने मंगलवार दोपहर मोर्चरी पहुंचकर बताया कि बृजनंदन चार दिन पहले कुछ कपड़े और मोबाइल लेकर घर से निकले थे। उन्हें हाल ही में ठेकेदार के जरिए जम्मू से कोलकाता जाने वाली ट्रेन में खाना सर्व करने का काम मिला था। परिवार को उम्मीद थी कि नई नौकरी से घर की आर्थिक स्थिति कुछ बेहतर होगी। मिलक नहीं उतर सके, रामपुर से लौट रहे थे मदन लाल के मुताबिक, ट्रेन बरेली के बाद मिलक स्टेशन पर रुकी थी। किसी वजह से बृजनंदन वहां उतर नहीं सके। इसके बाद उन्होंने रामपुर में उतरकर वापस मिलक जाने का फैसला किया। उनका गांव मिलक से करीब 10 किलोमीटर दूर है। सोमवार देर रात वह दिल्ली-लखनऊ हाईवे पार कर रहे थे, तभी तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि मौके पर मौत हादसे की सूचना मिलते ही शहजाद नगर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बृजनंदन के शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया। हादसे में शामिल कार को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। मंगलवार को परिजन मोर्चरी पहुंचे तो घर में कोहराम मच गया। छह माह के बेटे के सिर से उठा पिता का साया बृजनंदन परिवार में दो भाइयों में छोटे थे। उनके बड़े भाई मनोज कुमार 35 साल के हैं। बृजनंदन की पत्नी निशा और छह माह का बेटा है। मासूम अभी इतना छोटा है कि वह अपने पिता को समझ भी नहीं सकता। अब उसकी परवरिश की जिम्मेदारी परिवार के सामने बड़ी चिंता बन गई है। पिता मदन लाल मजदूरी करते हैं और गांव के जंगल में थोड़ी जमीन है। उन्हें उम्मीद थी कि बेटा नौकरी कर घर के खर्च में मदद करेगा। पुलिस के मुताबिक, कार जब्त कर ली गई है और पंचनामा व पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है। पिता की शिकायत मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पोकरण में पहले ड्रोनथॉन-2026 का आगाज: स्वदेशी ‘वायु उत्तम’ ने सैन्य और नागरिक ड्रोन्स की लोकेशन लाइव ट्रैक की जैसलमेर के पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में सोमवार को भारतीय वायु सेना के पहले ‘ड्रोनथॉन-2026’ का आगाज हुआ। तीन दिवसीय आयोजन का उद्घाटन वायु सेना के उप प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने किया। पहले ही दिन अत्याधुनिक स्वदेशी तकनीकों का प्रदर्शन हुआ। इनमें सबसे खास वायु सेना की स्वदेशी ट्रैफिक मैनेजमेंट प्रणाली ‘वायु उत्तम’ का लाइव परीक्षण रहा। इस सिस्टम ने आसमान में उड़ रहे सैन्य और नागरिक ड्रोन्स को तुरंत खोजकर उनकी सटीक लोकेशन ट्रैक की। ड्रोन्स की टक्कर रोकने और संदिग्ध उड़ान पहचानने में मददगार ‘वायु उत्तम’ को भविष्य में बढ़ने वाले ड्रोन ट्रैफिक को व्यवस्थित करने के लिए विकसित किया गया है। यह सिस्टम भीड़भाड़ वाले एयरस्पेस में ड्रोन्स को आपस में टकराने से रोकने में मदद करेगा। साथ ही बिना अनुमति उड़ने वाले या संदिग्ध ड्रोन्स की समय रहते पहचान कर सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट करने में भी उपयोगी होगा। 20 से ज्यादा कंपनियां और स्टार्टअप्स ले रहे हिस्सा ड्रोनथॉन में देशभर की 20 से अधिक अग्रणी रक्षा कंपनियां, स्टार्टअप्स, एमएसएमई और वैज्ञानिक व इनोवेटर्स हिस्सा ले रहे हैं। इनकी मदद से भारत के मानवरहित एविएशन इकोसिस्टम को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। आयोजन के दौरान वायु सेना ने ‘आईएएफ यूएएस रोडमैप’ भी जारी किया। इससे कंपनियों और स्टार्टअप्स को आने वाले समय में वायु सेना की जरूरतों के अनुसार ड्रोन और मानवरहित प्रणालियां विकसित करने की दिशा मिलेगी। ‘वायु उत्तम’ कैसे काम करता है? ‘वायु उत्तम’ भारतीय वायु सेना का स्वदेशी मल्टी-मोड मानवरहित यातायात प्रबंधन सिस्टम है। आसान भाषा में यह आसमान की ट्रैफिक पुलिस की तरह काम करता है। इसका उद्देश्य सैन्य, नागरिक और कमर्शियल ड्रोन्स की उड़ान को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है। पोकरण में हुए लाइव परीक्षण के दौरान सिस्टम ने सैन्य और नागरिक दोनों तरह के ड्रोन्स को खोजकर उनकी लोकेशन ट्रैक की। हवाई सुरक्षा से लेकर संवेदनशील ठिकानों की निगरानी तक यह सिस्टम एयरस्पेस को सुरक्षित रखने के साथ सैन्य ठिकानों, हवाई अड्डों और वीआईपी इलाकों के आसपास अनधिकृत ड्रोन की पहचान में मदद करेगा। आने वाले समय में डिलीवरी, फोटोग्राफी, कृषि और सुरक्षा कार्यों में ड्रोन्स की संख्या बढ़ने की संभावना है। ऐसे में यह प्रणाली ड्रोन की तय सीमा और सुरक्षित रूट में उड़ान सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा सकती है। स्वदेशी तकनीक से विकसित होने के कारण ड्रोन ट्रैफिक मैनेजमेंट के क्षेत्र में विदेशी तकनीक पर निर्भरता भी कम होगी। पांच प्रमुख श्रेणियों में ड्रोन और तकनीकों का प्रदर्शन ड्रोनथॉन में प्रदर्शित मानवरहित प्रणालियों को मुख्य रूप से पांच श्रेणियों में रखा गया है। पहली श्रेणी निगरानी और सामरिक टोही की है। इसमें ऐसे ड्रोन शामिल हैं, जो दुश्मन के इलाके में जाकर लाइव जानकारी और तस्वीरें कमांडरों तक पहुंचाते हैं। दूसरी श्रेणी स्वायत्त संचालन और झुंड तकनीक की है, जिसमें कई ड्रोन एक साथ उड़कर किसी इलाके को घेरने या सामूहिक कार्रवाई करने में सक्षम होते हैं। तीसरी श्रेणी इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली की है। इसमें ऐसे ड्रोन शामिल हैं, जो दुश्मन के रडार और कम्युनिकेशन नेटवर्क को बाधित कर सकते हैं। चौथी श्रेणी मानवरहित विमान रोधी प्रणालियों की है, जिनका इस्तेमाल दुश्मन के ड्रोन को हवा में ही खोजकर नष्ट करने के लिए किया जाता है। पांचवीं श्रेणी में अन्य उन्नत मानवरहित प्रणालियों और तकनीकों का प्रदर्शन किया जा रहा है। रेगिस्तानी और युद्ध जैसे माहौल में हो रहा परीक्षण ड्रोनथॉन में इन प्रणालियों को कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, रेगिस्तानी आंधियों और युद्ध जैसे चुनौतीपूर्ण माहौल में परखा जा रहा है। वायु सेना का जोर केवल कागजी दावों पर नहीं, बल्कि ड्रोन्स की विश्वसनीयता, लंबी दूरी तक काम करने की क्षमता, त्वरित प्रतिक्रिया और लगातार संचालन की ताकत जांचने पर है। आयोजन को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। --- ये खबर भी पढ़ें ... इंडियन एयरफोर्स का पोकरण रेंज में 'ड्रोनाथन-2026':स्वदेशी ड्रोन तकनीक, हमलावर प्रणालियों और एंटी-ड्रोन तकनीक का शक्ति प्रदर्शन भारतीय वायुसेना (IAF) 14 से 16 सितंबर 2026 तक राजस्थान के जैसलमेर जिले स्थित पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में एक मेगा अभ्यास 'ड्रोनाथन-2026' का आयोजन करने जा रही है। पूरी खबर पढ़ें
चूरू नगर निकाय चुनाव के नतीजों में शहर के वार्ड 23 का परिणाम खासा चर्चा में है। यहां भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के अलावा तीन निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में थे। इनमें से दो निर्दलीय प्रत्याशियों को एक भी वोट नहीं मिला, जबकि निर्दलीय महिला प्रत्याशी निकीता पांडे के खाते में सिर्फ एक वोट आया। खास बात यह है कि निकीता के पति उमेश शर्मा का कहना है कि मतदान के दिन उन्होंने पत्नी के साथ मतदान केंद्र पहुंचकर भाजपा प्रत्याशी को वोट दिया था। ऐसे में निकीता को मिला एक वोट किसने दिया, यह सवाल चर्चा का विषय बन गया। सोशल मीडिया पर उठे सवाल—एक वोट किसका? नतीजे सामने आने के बाद वार्ड 23 का यह परिणाम सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहा। लोग हैरानी जताने लगे कि जब निर्दलीय महिला प्रत्याशी को सिर्फ एक वोट मिला, तो यह वोट आखिर किसने दिया। सवाल यह भी उठ रहा था कि क्या यह वोट खुद प्रत्याशी का था या उनके परिवार के किसी सदस्य ने उन्हें वोट दिया था। पति ने बताया- हमने भाजपा प्रत्याशी को दिया था समर्थन इस बारे में निर्दलीय महिला प्रत्याशी निकीता पांडे के पति उमेश शर्मा से बात की गई। उन्होंने बताया कि 7 सितंबर को उन्होंने परिवार सहित वार्ड की भाजपा प्रत्याशी विमला गढ़वाल को समर्थन देने का फैसला किया था। मतदान के दिन वह पत्नी निकीता के साथ मतदान केंद्र भी गए और दोनों ने भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया। फिर निकीता को मिला एक वोट किसने दिया? जब उमेश शर्मा से पूछा गया कि निकीता पांडे के खाते में आया वह एक वोट किसका था, तो उन्होंने बताया कि वार्ड की एक महिला ने निकीता को वोट दिया था। उनके मुताबिक यही वोट निकीता के खाते में आया। पहले कांग्रेस से मांगा था टिकट उमेश शर्मा ने बताया कि उन्होंने वार्ड 23 से कांग्रेस के टिकट के लिए आवेदन किया था। उन्होंने ऑनलाइन आवेदन भी किया था, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया। इसके बजाय पार्टी ने वार्ड 24 के रहने वाले सुरेशचंद्र को वार्ड 23 से प्रत्याशी बना दिया। इसके बाद उमेश शर्मा ने अपनी पत्नी निकीता पांडे का वार्ड 23 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में आवेदन कराया और वह चुनाव मैदान में उतरीं। पारिवारिक रिश्ते के चलते भाजपा प्रत्याशी का समर्थन उमेश शर्मा के अनुसार वार्ड 23 की भाजपा पार्षद प्रत्याशी विमला गढ़वाल से उनके पारिवारिक संबंध हैं। इसी वजह से उन्होंने 7 सितंबर को भाजपा प्रत्याशी को समर्थन देने का फैसला किया। इसके बाद चुनाव में उनकी पत्नी निर्दलीय प्रत्याशी होने के बावजूद परिवार की ओर से भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में मतदान किया गया। दो निर्दलीय प्रत्याशियों को एक भी वोट नहीं वार्ड 23 में निकीता पांडे के अलावा हिदायत खान और जंगशेर खान भी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में थे, जिसमें हिदायत खान वार्ड 45 और जंगशेर खान वार्ड 24 के निवासी हैं। चुनाव परिणाम में दोनों के खाते में शून्य-शून्य वोट आए। वहीं, निकीता पांडे को सिर्फ एक वोट मिला। यही एक वोट अब वार्ड 23 के चुनाव परिणाम की सबसे दिलचस्प कहानी बन गया है।
मलिहाबाद के फरीदीपुर गांव में शनिवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल 37 वर्षीय मजदूर ज्ञान सिंह की सोमवार शाम इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना सरावां और फरीदीपुर गांव के बीच स्थित एक मैरिज लॉन के पास की है। ज्ञान सिंह सीमेंट की बोरियां उतारने के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार होकर वापस घर लौट रहा था। उसी दौरान सामने से अचानक एक तेज रफ्तार वैन आ गई। चालक ने वैन को सीधी टक्कर से बचाने के लिए अचानक ट्रैक्टर को तेजी से मोड़ दिया। ट्रैक्टर में अचानक जोरदार झटका लगा, जिससे उस पर बैठा ज्ञान सिंह अपना संतुलन खो बैठा और सड़क पर मुंह के बल जा गिरा। सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आने के कारण वह मौके पर ही लहुलुहान हो गया। इलाज के दौरान तोड़ा दम हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से गंभीर हालत में ज्ञान सिंह को लखनऊ स्थित ट्रामा सेंटर ले जाया गया। वहां डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी जान बचाने की कोशिश में जुटी हुई थी, लेकिन चोटें गंभीर होने के कारण सोमवार शाम उसने दम तोड़ दिया। ज्ञान सिंह की मौत की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
मंदसौर में पिछले तीन दिनों से बारिश का दौर जारी है। शनिवार से शुरू हुई बारिश सोमवार रात तक होती रही। मंदसौर शहर समेत जिले के कई इलाकों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई। मल्हारगढ़ और सुवासरा क्षेत्र में तेज बारिश के कारण सड़कें पानी से भर गईं, जबकि कुछ जगहों पर घरों में भी पानी घुस गया। पिछले 48 घंटे में जिले में करीब 1.98 इंच बारिश दर्ज हुई है। इस सीजन में अब तक जिले में औसतन 726.5 मिमी यानी 28.60 इंच बारिश हो चुकी है। पिछले साल 15 सितंबर तक 835.1 मिमी बारिश दर्ज हुई थी। इस बार अब तक 108.6 मिमी कम बारिश हुई है, यानी पिछले साल की तुलना में करीब 13 प्रतिशत बारिश कम है। 24 घंटे में 326 मिमी बारिश, मल्हारगढ़ में सबसे ज्यादा पिछले 24 घंटे में जिले की सभी तहसीलों में कुल 326 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस दौरान जिले की औसत बारिश 29.6 मिमी रही। सबसे ज्यादा 145 मिमी बारिश मल्हारगढ़ में दर्ज हुई। भानपुरा में 120 मिमी, सुवासरा में 56.2 मिमी, कायामपुर में 39 मिमी, शामगढ़ में 21 मिमी, गरोठ में 15 मिमी, संजीत में 13 मिमी, धुधड़का में 12 मिमी, सीतामऊ में 9.8 मिमी और मंदसौर में 3 मिमी बारिश हुई। गांधीसागर क्षेत्र में बारिश दर्ज नहीं की गई। मल्हारगढ़ में सीजन की सबसे ज्यादा बारिश तहसीलवार अब तक की बारिश में मल्हारगढ़ सबसे आगे है। यहां 852 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है। इसके बाद धुधड़का में 822 मिमी, शामगढ़ में 797.8 मिमी, गरोठ में 795.4 मिमी, संजीत में 794 मिमी, सुवासरा में 785.1 मिमी, भानपुरा में 756.6 मिमी, सीतामऊ में 722.5 मिमी, मंदसौर में 675 मिमी और कायामपुर में 619.5 मिमी बारिश हुई है। जिले की औसत बारिश 726.5 मिमी है। मंगलवार को बादल छाए, 15 सितंबर तक बारिश के आसार मंगलवार को सुबह से मंदसौर में बादल छाए रहे और धूप नहीं निकली। फिलहाल बारिश नहीं हुई है। मौसम विभाग ने जिले में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। बारिश के बाद मौसम सुहाना बना हुआ है। 15 सितंबर को बारिश के साथ गरज-चमक के आसार हैं। तापमान 24 से 29 डिग्री के बीच रह सकता है। 16 सितंबर को आंशिक बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश की संभावना है। 17 सितंबर को बादल और धूप के बीच कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश या गरज-चमक हो सकती है। इस दिन तापमान 30 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। 18 सितंबर को फिर बारिश की संभावना है और तापमान 27 से 28 डिग्री के आसपास रह सकता है। 19 सितंबर को बारिश की संभावना कम रहेगी और तापमान करीब 29 डिग्री रहने का अनुमान है। 20 सितंबर को तापमान करीब 30 डिग्री तक पहुंच सकता है। बादल बने रहने के साथ कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। 15 सितंबर के बाद कमजोर होगा मानसून का असर मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम का असर 15 सितंबर के बाद धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है। हालांकि स्थानीय मौसम सिस्टम के प्रभाव से मंदसौर सहित पश्चिमी मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है। उत्तर-पश्चिमी भारत से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया करीब 19 सितंबर से शुरू होने के संकेत हैं। इसका असर मंदसौर में तुरंत बारिश पूरी तरह बंद होने के रूप में नहीं माना जा रहा है। गांधीसागर बांध का जलस्तर पिछले साल से 8.26 फीट कम 15 सितंबर को गांधीसागर बांध का जलस्तर 1301.41 फीट दर्ज किया गया। पिछले साल इसी तारीख को बांध का जलस्तर 1309.67 फीट था। इस तरह इस बार बांध का जलस्तर पिछले साल की तुलना में करीब 8.26 फीट कम है।
मुजफ्फरनगर में नई मंडी इलाके के सैनिक बिहार की मंदिर वाली गली के लोगों का गुस्सा अब स्थानीय व्यवस्था को लेकर खुलकर सामने आने लगा है। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे क्षेत्रवासियों ने प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि आसपास की कई सड़कों और गलियों का निर्माण हो चुका है, लेकिन उनकी गली को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। गली की बदहाल स्थिति के चलते लोगों को जलभराव, गंदगी और गड्ढों के बीच आवागमन करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, थोड़ी सी बारिश होते ही पूरी गली में पानी भर जाता है। जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों के घरों के आसपास भी पानी जमा रहता है। गंदगी और जमा पानी के चलते मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि गली में सांप और अन्य कीड़े निकलने की समस्या भी बनी रहती है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों को खास तौर पर परेशानी होती है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि सड़क और नाली की समस्या को लेकर उन्होंने वर्तमान सभासद/वार्ड मेंबर बबली से कई बार शिकायत की और फोन के जरिए भी समस्या बताई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि उन्हें हर बार आश्वासन देकर टाल दिया जाता है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि चुनाव के दौरान वोट मांगने के लिए जनप्रतिनिधि उनके बीच पहुंचते हैं, लेकिन समस्या सामने आने के बाद मौके पर दिखाई नहीं देते। लोगों का कहना है कि यदि गली में लगातार जलभराव और गंदगी बनी रही तो आने वाले दिनों में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ सकता है। स्थानीय निवासी ने कहा कि बारिश के दौरान हालात इतने खराब हो जाते हैं कि घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाता है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और रोजाना काम पर जाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों की मांग है कि मंदिर वाली गली में सड़क और नाली का निर्माण कराया जाए, जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त हो और नियमित सफाई कराई जाए।
मऊ के आजमगढ़ मोड़ पर ई-रिक्शा चालकों के बीच मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में कुछ ई-रिक्शा चालक सड़क के बीच आपस में भिड़ते नजर आ रहे हैं। मौके पर मौजूद लोग दोनों पक्षों को अलग करने और मामला शांत कराने की कोशिश करते दिख रहे हैं। मारपीट के दौरान सड़क पर लोगों की भीड़ जुट गई। आजमगढ़ मोड़ शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल है। सड़क पर ई-रिक्शा चालकों के झगड़े के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। वायरल वीडियो में सड़क पर वाहनों की लंबी कतार दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि विवाद पुलिस चौकी के पास हुआ था। हालांकि, मारपीट किस बात को लेकर हुई और वीडियो कब का है, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। वायरल वीडियो में कुछ ई-रिक्शा चालक आपस में मारपीट करते नजर आ रहे हैं। दोनों तरफ से लोग एक-दूसरे से हाथापाई करते दिखाई दे रहे हैं। आसपास मौजूद लोगों ने बीच में पहुंचकर उन्हें अलग करने की कोशिश की। इसी दौरान मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई। झगड़े से आजमगढ़ मोड़ पर लगा जाम ई-रिक्शा चालकों के बीच सड़क पर मारपीट होने से यातायात भी प्रभावित हुआ। आजमगढ़ मोड़ व्यस्त इलाका होने के कारण सड़क पर वाहनों की कतार लग गई। वीडियो में भी गाड़ियों की लंबी लाइन दिखाई दे रही है। कुछ देर तक राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस चौकी के पास घटना की चर्चा बताया जा रहा है कि ई-रिक्शा चालकों के बीच यह विवाद पुलिस चौकी के पास हुआ। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच घटना की चर्चा है। लोग शहर में ई-रिक्शा चालकों के बीच विवाद और मारपीट की घटनाओं को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, इस मामले में विवाद की असली वजह अभी सामने नहीं आई है। वीडियो की तारीख और विवाद की वजह तलाश रही पुलिस शहर कोतवाल प्रमेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि वायरल वीडियो कब का है और ई-रिक्शा चालकों के बीच किस बात को लेकर विवाद हुआ था। जांच के बाद ही मारपीट की पूरी वजह स्पष्ट हो सकेगी।
बुलंदशहर में मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियां तेज:डीएम और एसएसपी ने ब्रीफिंग कर दिए सख्त निर्देश
बुलंदशहर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के जिले के दौरे को लेकर जिला और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। मंगलवार को कार्यक्रम की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को पुख्ता करने के लिए जिलाधिकारी कुमार हर्ष और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) दिनेश कुमार सिंह ने ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिस और प्रशासनिक कर्मचारियों की संयुक्त ब्रीफिंग की। कार्यक्रम स्थल पर हुई इस ब्रीफिंग के दौरान दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों को उनके ड्यूटी प्वाइंट, जिम्मेदारियों और कामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मुख्य निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कड़े निर्देश दिए कि सभी कर्मचारी तय समय से पहले अपने ड्यूटी प्वाइंट पर पहुंचे। किसी भी तरह की लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी। वीवीआईपी सुरक्षा पर खास ध्यान देने को कहा गया। कार्यक्रम स्थल, प्रवेश और निकास द्वार, पार्किंग, हेलीपैड और आने-जाने वाले रास्तों पर तैनात सुरक्षाबलों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सभी ड्यूटी प्रभारियों को अपने कर्मचारियों से लगातार तालमेल बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत बड़े अधिकारियों को देने को कहा गया है। आम लोगों को असुविधा न हो और ट्रैफिक बिना रुकावट चले, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस को रूट डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। जिलाधिकारी और एसएसपी ने संबंधित अधिकारियों को कार्यक्रम से पहले सभी व्यवस्थाओं का मौके पर जाकर निरीक्षण करने और किसी भी कमी को तुरंत दूर करने का आदेश दिया। इसका मकसद मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान सुरक्षा, ट्रैफिक और कानून-व्यवस्था को पूरी तरह मजबूत रखना है।
बाड़मेर में नगर निकाय चुनाव के रिजल्ट के बाद कांग्रेस में आपसी कलह सामने आई है। पूर्व विधायक मेवाराम जैन और जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा ने एक दूसरे पर आरोप लगाए हैं। पूर्व विधायक ने कहा- मेरे खुद के वार्ड 54, 2 और 1 में मेरी राय से टिकट नहीं दी। इस वजह से हम हारे। वहीं जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा ने प्रेसवार्ता में पूर्व विधायक का बिना नाम लिए कहा- 16 जगह निर्दलीय किसने खड़े किए। जीते 5 निर्दलीय धन्यवाद देने खुले में गए। वहीं नगर निकाय चुनाव कमेटी के चैयरमैन मांगीलाल वडेरा ने कहा- मैं और मेवाराम जैन फेल हो गए हैं। वो खुद को स्टार प्रचारक मानते थे, लेकिन उनकी नहीं चली। अब पढ़िए किसने क्या कहा- जिताऊ उम्मीदवारों को इग्नोर किया: मेवाराम पूर्व विधायक मेवाराम जैन ने कहा- कांग्रेस आपसी गुटबाजी व सही तरीके से टिकट वितरण नहीं करने के कारण हार का सामना करना पड़ा है। ढाई साल के भाजपा के राज से त्रस्त होकर जनता कांग्रेस को वोट देने के लिए तैयार थी। लेकिन जिताऊ उम्मीदवारों को टिकट नहीं दिए गए। साथ ही कई स्थानीय नेताओं शहर में चुनाव की कमान संभालनी चाहिए थी लेकिन वह शहर में चुनाव के दौरान एक बार भी नजर नहीं आए। इसके कारण शहर में कांग्रेस की 15 साल के सत्ता से बाहर होना पड़ा है। इस हार को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी को अवगत करवाया जाएगा। ताकि हार का विश्लेषण कर जिनकी भी लापरवाही रही है उन पर कार्रवाई करने की मांग की है। बागी ले गए जीत का मार्जिन: गोदारा जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा ने कहा- कांग्रेस ने बहुत अच्छा चुनाव लड़ा। लेकिन छोटे-छोटे मार्जिन से 7-8 सीटों पर रह गए। हमारे 15-16 बागी निर्दलीय खड़े हुए थे। जीत का जितना मार्जिन था उतने बागी ले गए। पहले हमारा अनुमान था कि 30 सीटें कांग्रेस की आएगी। बागियों और छोटे-छोटे मार्जन और आपसी लड़ाई और चुनाव प्रचार में कई कमियों के कारण बोर्ड नहीं बना पाए। जनता ने पूरा विश्वास और प्यार जताया। 45 टिकट तो पूर्व विधायक की इच्छा से दी पूर्व विधायक मेवाराम जैन के आरोपों को लेकर जिलाध्यक्ष गोदारा ने कहा- 45 टिकट पूर्व विधायक की मंशा के अनुसार दी गई थी। बाकी टिकट संगठन के नियमों के अनुसार दी गई है। प्रचार-प्रसार में पूरी कमेटी और मैं खुद 55 वार्ड में गया था। जहां-जहां मुझे मीटिंग में बुलाया गया। वहां पर भी गया हूं। जहां-जहां जरूरत थी। उन नेताओं को आवश्यकता के अनुसार बुलाया गया, प्रचार किया। केवल 2 हजार वोटों का अंतर रहा है। पूर्व विधायक धन्यवाद देने क्यों पहुंचे जिलाध्यक्ष ने पूर्व विधायक का नाम लिए बिना कहा कि- 16 जगह निर्दलीय उम्मीदवार खड़े किए गए। सबको पता किसने खड़े किए। यह सभी कांग्रेस के बागी थे। कांग्रेस सिंबल को लेकर इस तरीके के बयान देते हो। आप कार्यकर्ताओं का कैसे मनोबल बढ़ाओगे। उनके कार्यालय में 5 निर्दलीय जीते वहां पर क्यों गए। खुलेआम धन्यवाद दे रहे हैं। हार के कारणों का पता करेंगे और आगे सुधार करने का प्रयास करेंगे। मेरे पास ऐसी शिकायतें आई कि किसी अन्य नेता को बुला दिया तो हमको हरा भी सकते हैं। इस तरीके से किसी प्रत्याशी और कार्यकर्ताओं पर दबाव देंगे। संगठन की बात अंदर बात रखनी चाहिए। नाराजगी बतानी चाहिए। अगर कोई बड़े-बडे नेता होंगे अगर अनुशासनहीनता करेंगे तो उचित प्लेटफॉर्म पर शिकायत करूंगा। तंज- पूर्व विधायक खुद को स्टार प्रचारक मानते थे नगर निकाय चुनाव कमेटी के चैयरमैन मांगीलाल वडेरा ने कहा- हमने सभी को जीतने वालों को टिकट दिया था। जैन कम्युनिटी वाले वार्ड में हारने का मतलब है कि मैं और मेवाराम जैन फेल हैं। हम दोनों ने मिलकर प्रचार किया। अगर निर्दलय ज्यादा खड़े नहीं होते तो हमारे 35 से ज्यादा सीटें आती। हमारी हार का मुख्य कारण निर्दलीय ज्यादा खड़े होना है। मेरा वार्ड 15 था। उसमें पूर्व विधायक मेवाराम जैन ने वीटो करके टिकट दिलाई। मैंने उसका विरोध नहीं किया। उनके कहने से टिकट दी गई। मेरे से टिकट को लेकर पूछा गया। परिणाम जो भी आए हार-जीत होती रहती है। जैन समाज के सामने हम लोग गए लेकिन हमें वोट नहीं दिए। मेरा किसी पर आरोप नहीं लगा रहा हूं। मुझे चुनाव लड़ने के लिए कहा गया था लेकिन मैंने चुनाव लड़ने से मना कर दिया था। मैं चुनाव कमेटी का चैयरमैन था इसकी हार की जिम्मेदारी मेरी है। इस चुनाव में पूर्व विधायक मेवाराम जैन की चली नहीं, तीन बार के विधायक अपने-आप को स्टार प्रचारक मानते हैं उनके खुद की भी नहीं चली। निकाय चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बाड़मेर में 15 साल बाद भाजपा को बहुमत:नगर परिषद के 55 में से 29 वार्डों में जीती; चौहटन में कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला बाड़मेर नगर परिषद के 55 वार्डों के नतीजे सामने आ चुके हैं। इनमें भाजपा ने बढ़त बनाते हुए 29 वार्डों में जीत दर्ज की है। पढ़ें पूरी खबर…
गांव खारा बरवाला में पुरानी रंजिश के चलते रविवार रात 19 वर्षीय युवक की लाठी-डंडों व तेजधार हथियारों से हमला कर बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान खारा बरवाला निवासी रजनीश के रूप में हुई है। वारदात के समय रजनीश अपने भाई के साथ पेट्रोल पंप पर हवा भरवाने रुका था, तभी 20-30 युवकों ने हमला कर दिया। बचने के लिए रजनीश पंप के केबिन में घुसा तो आरोपियों ने शीशा तोड़कर उसे बाहर निकाला और पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। एसपी सिद्धांत जैन के निर्देश पर गठित 4 पुलिस टीमों ने सीसीटीवी फुटेज खंगालकर 24 घंटे के भीतर दो मुख्य आरोपियों जयराम उर्फ मोनू और अक्षय जाजूदा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मृतक रजनीश भी हिस्ट्रीशीटर था, जिस पर 6 आपराधिक मामले दर्ज थे। पंप पर हवा भरवाने रुके थे भाई, तभी घेरा पुलिस को दी शिकायत में मृतक के भाई गौतम ने बताया कि रविवार रात करीब 9:30 बजे वह अपने भाई रजनीश के साथ बाइक से दूध लेकर लौट रहा था। पंवार फिलिंग स्टेशन पर बाइक में हवा भरवाते समय पहले से मौजूद कुछ युवकों से बहस हो गई। देखते ही देखते 20-30 युवक हथियार लेकर आ धमके। मृतक के भाई गौतम ने बताया- रजनीश जान बचाने के लिए पेट्रोल पंप के ऑफिस में घुस गया। हमलावरों ने केबिन का शीशा तोड़ा, उसे खींचकर बाहर निकाला और तब तक पीटा जब तक वह बेसुध नहीं हो गया। मैं दीवार के पीछे छिपकर जान बचा सका। 13 नामजद, 15 अन्य पर FIR; दो दबोचे गए आदमपुर थाना प्रभारी हरीश कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर 13 नामजद और 15-16 अन्य के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी अक्षय के खिलाफ भी पहले से 2 मामले दर्ज हैं। पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान जयराम पुत्र सुखदेव, अक्षय जाजूदा पुत्र सुभाष (दोनों निवासी खारा बरवाला) के रूप में हुई है। इसके अलावा सुमित, रोडू, नैना, शेखर, बब्बर, रुपेश उर्फ भकलू, गजराज उर्फ संदीप, सुनील, जैलदार उर्फ कुलदीप, अनिल उर्फ कुकिया और अजय को नामजद किए गए हैं। पकड़े गए आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा ताकि वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद किए जा सकें और बाकी आरोपियों को दबोचा जा सके।
पंचायती राज चुनाव के लिए 17-18 को लॉटरी:कलेक्टर बोलीं- वर्गवार आरक्षण तय होगा
दौसा में आगामी पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनावों के लिए जिला परिषद सदस्यों, पंचायत समिति सदस्यों और प्रधान पद के लिए वर्गवार आरक्षण और महिला आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया 17 सितंबर को की जाएगी। कलेक्टर डॉ. सौम्या झा ने बताया कि आरक्षण और लॉटरी प्रक्रिया 11 बजे से कलेक्ट्रेट के सभागार कक्ष में होगी। इस दौरान प्रधान, जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार वर्गवार आरक्षण और महिला आरक्षण का निर्धारण किया जाएगा। सरपंच-वार्ड पंच पदों की लॉटरी 18 को वहीं सरपंच और वार्ड पंच के आम चुनाव के लिए वर्गवार आरक्षण और लॉटरी प्रक्रिया 18 सितंबर को उपखण्ड स्तर पर होगी। जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार संबंधित उपखण्ड अधिकारियों के जरिए निर्धारित स्थानों पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में लॉटरी प्रक्रिया करवाई जाएगी। यहां एसडीएम निकालेंगे लॉटरी कलेक्टर ने बताया कि पंचायत समिति दौसा के लिए एसडीएम दौसा, बांदीकुई के लिए एसडीएम बांदीकुई, महवा और मनोहरपुर खेड़ला के लिए एसडीएम महवा, लालसोट और शिवसिंहपुरा के लिए एसडीएम लालसोट, सिकराय और सिकंदरा के लिए एसडीएम सिकराय, लवाण के लिए एसडीएम लवाण, नांगल राजावतान के लिए एसडीएम नांगल राजावतान, रामगढ़ पचवारा के लिए एसडीएम रामगढ़ पचवारा, मण्डावर और बैजूपाड़ा के लिए एसडीएम मण्डावर और बसवा के लिए एसडीएम बसवा के जरिए वर्गवार आरक्षण और लॉटरी प्रक्रिया की जाएगी।
घाटमपुर थाना क्षेत्र के पतारा कस्बे में देर शाम तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार 17 वर्षीय किशोर को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि किशोर बाइक समेत करीब पांच फीट उछलकर सड़क पर जा गिरा। हादसे के बाद चालक कार लेकर मौके से भाग निकला। सूचना पर पहुंची पतारा चौकी पुलिस और ग्रामीणों ने घायल किशोर को एंबुलेंस की मदद से पतारा सीएचसी पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे कानपुर हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। घाटमपुर थाना क्षेत्र के पतारा कस्बा निवासी हिमांशु (17) पुत्र भानू मंगलवार देर शाम बाइक से निजी काम से पतारा चौराहे की ओर गया था। बताया गया कि वह काम निपटाने के बाद बाइक से वापस लौट रहा था। तिलसड़ा मोड़ के सामने पहुंचते ही पीछे से तेज रफ्तार कार ने उसकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही हिमांशु बाइक से उछलकर करीब पांच फीट दूर सड़क पर जा गिरा। हादसे में उसके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। हादसा होते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। राहगीरों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। कुछ ही देर में पतारा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से घायल किशोर को एंबुलेंस से पतारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। यहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे कानपुर हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजन घायल को लेकर हैलट पहुंचे, जहां उसका इलाज जारी है। कार चालक मौके से फरार हादसे के बाद कार चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही वाहन की पहचान करने का प्रयास कर रही है। इंस्पेक्टर का बयान घाटमपुर इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि किशोर के घायल होने की सूचना मिली थी। उसे अस्पताल पहुंचाया गया है। तहरीर मिलने के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आगरा में ग्राइंडर से काटा ताला, किरावली में 25 लाख के जेवर ले उड़े चोर
आगरा के किरावली स्थित गोपऊ गांव में चोरों ने छत के रास्ते घर में घुसकर ग्राइंडर से ताला काटा और लाखों का सामान चुरा लिया। चोर करीब 15 तोले सोना, 1.5 किलो चांदी और 52 हजार रुपये नकद समेत 22-25 लाख रुपये के आभूषण लेकर फरार हो गए, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
प्रताप नगर स्थित श्री मंगल गणेश मंदिर देहलावास में गणेश महोत्सव धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर सोमवार को मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन हुए। भगवान गणेश के लिए चार पहर आरती और 56 भोग की भव्य झांकी सजाई गई। सुबह से ही मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। मंदिर परिसर दिनभर 'ॐ गं गणपतये नमः' के जयकारों से गूंजता रहा। भगवान गणेश को नई पोशाक धारण कराकर विशेष श्रृंगार किया गया। इसके बाद आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। 12 सितंबर से शुरू हुआ गणेश महोत्सव मंदिर के महंत चंद्रेश्वर शर्मा ने बताया कि गणेश महोत्सव की शुरुआत 12 सितंबर से हुई थी। पहले दिन ज्योति भण्डारोहण और संगीतमय संध्या का आयोजन किया गया। वहीं, 13 सितंबर को गणपति पूजन, मेहंदी वितरण और 21 किलो दूध व पंचामृत से भगवान गणेश का विशेष अभिषेक किया गया। इसके साथ ही भगवान गणेश को आकर्षक पोशाक पहनाकर विशेष श्रृंगार किया गया और श्रृंगार आरती का भव्य आयोजन हुआ। चार पहर आरती और 56 भोग बना आकर्षण गणेश चतुर्थी के दिन मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। दिनभर धार्मिक आयोजनों के बीच चार पहर आरती और 56 भोग की झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। भक्तों ने भगवान गणेश के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिवक्ताओं के लिए पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने का एलान किया है। यह घोषणा प्रयागराज में की गई। मुख्यमंत्री ने सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के एक कार्यक्रम में सक्रिय अधिवक्ताओं को सालाना पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की बात कही। इस घोषणा पर प्रतापगढ़ के जूनियर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष करुणा शंकर मिश्रा और महामंत्री करुणेश से बात की गई। दोनों अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री के इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने इसे अधिवक्ता समाज के लिए एक अच्छा कदम बताया। अधिवक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से उनके स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़े मुद्दे अहम रहे हैं। पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलने से अधिवक्ताओं और उनके परिवारों को मदद मिलेगी।
गुरुग्राम 'हिट एंड रन' केस में आरोपी कल्याण बैंसला गिरफ्तार
गुरुग्राम हिट-एंड-रन मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी कल्याण बैंसला को राजस्थान के दौसा से गिरफ्तार किया। CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने जानबूझकर टक्कर मारने का दावा किया और आरोपी पर हत्या के प्रयास की धारा 307 के तहत केस दर्ज किया। पीड़िता के परिवार ने सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
टीकमगढ़ जिले को देश की राजधानी दिल्ली में राष्ट्रीय स्वच्छता पुरस्कार मिला है। यह सम्मान ग्रे वॉटर प्रबंधन श्रेणी में दिया गया। मंगलवार को आईएससी-फिक्की की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय, तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ नवीत कुमार धुर्वे और जिला समन्वयक मनीष जैन ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। यह पुरस्कार गांवों की गलियों में बहते गंदे पानी, कीचड़ और जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए टीकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायतों के प्रयासों के लिए मिला है। जिले में भूमिगत जल निकासी की यह पहल चंद्रपुरा गांव से शुरू हुई थी। इसके अच्छे नतीजों को देखते हुए जिला प्रशासन ने इसे व्यवस्थित योजना के साथ जिले के दूसरे गांवों में भी लागू करने की कार्ययोजना तैयार की। तकनीकी मार्गदर्शन और उपलब्ध संसाधनों के सही इस्तेमाल से पिछले दो सालों में यह व्यवस्था 225 गांवों तक पहुंच गई है। इससे खुले में बहते गंदे पानी, कीचड़ और जलभराव से राहत मिली है, जिससे गांवों का माहौल अधिक स्वच्छ और व्यवस्थित बन रहा है। गंदा पानी चैंबर में पहुंचा इस व्यवस्था के तहत घरों से निकलने वाले नहाने, कपड़े धोने और रसोई के पानी को खुले में बहने से रोकने के लिए घरों के बाहर सिल्ट चैंबर बनाए जाते हैं। इन चैंबरों को करीब 8 इंच व्यास के पाइप से आपस में जोड़ा जाता है। पाइपों के जरिए पानी को भूमिगत रूप से गांव के आखिरी छोर तक पहुंचाया जाता है, जहां सोख्ता गड्ढे के माध्यम से पानी का निपटान होता है। चैंबर में गाद और ठोस पदार्थों को रोकने की व्यवस्था होने से पाइपों में रुकावट की आशंका कम रहती है। इससे गलियों में खुले रूप से गंदा पानी बहने, कीचड़ और जलभराव की समस्या में कमी आती है। संकल्प, विश्वास और प्रयासों का परिणाम कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने कहा कि “यह पुरस्कार टीकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायतों के संकल्प, विश्वास और प्रयासों का परिणाम है। जिले ने देश के ग्रामों को गंदे पानी से विमुक्त करने का एक मॉडल सामने रखा है।”उन्होंने कहा कि चंद्रपुरा से शुरू हुई यह पहल अब 225 गांवों तक पहुंच चुकी है। यह केवल भूमिगत जल निकासी व्यवस्था बनाने का काम नहीं है, बल्कि गांवों की जीवन गुणवत्ता और ग्रामीण परिवेश की तस्वीर बदलने का अभियान है।
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) छत्तीसगढ़ की ओर से आयकर विभाग के सहयोग से आयोजित ‘व्यापारी कर संवाद’ अभियान को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह मिली है। ‘एक प्रदेश-एक दिन-एक संवाद’ के तहत प्रदेश के अलग-अलग जिलों में एक ही दिन व्यापारियों और आयकर विभाग के अधिकारियों के बीच कार्यक्रम हुए थे। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने CAIT की टीम को बधाई दी। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में CAIT के नेशनल वाइस चेयरमेन और राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य अमर पारवानी ने छत्तीसगढ़ की टीम के साथ गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड का मेडल और प्रमाण-पत्र प्राप्त किया। गोल्डन बुक की क्षेत्रीय अधिकारी सोनल शर्मा और राजेश शर्मा ने यह सम्मान दिया। इस दौरान CAIT छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन, प्रदेश महामंत्री अवनीत सिंह, प्रदेश कोषाध्यक्ष विजय पटेल समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। व्यापारियों से जुड़े कार्यक्रम करेगा CAIT अमर पारवानी ने कहा कि ‘व्यापारी कर संवाद’ का उद्देश्य व्यापारियों को आयकर से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी देना था। कार्यक्रमों में व्यापारियों ने अपनी समस्याएं और सवाल आयकर अधिकारियों के सामने रखे। उन्होंने कहा कि कर संबंधी नोटिस या प्रक्रिया को लेकर कई बार व्यापारियों में चिंता रहती है। सही जानकारी और समय पर जरूरी प्रक्रिया पूरी करने से ऐसी समस्याओं को कम किया जा सकता है। CAIT ने इस अभियान में सहयोग के लिए मुख्य आयकर आयुक्त, रायपुर संजीव और आयकर विभाग के अधिकारियों का आभार जताया। पारवानी ने कहा कि प्रदेश में व्यापार, निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए शासन, विभाग और व्यापारियों के बीच संवाद जरूरी है। CAIT ने आगे भी व्यापारियों से जुड़े विषयों पर इसी तरह के कार्यक्रम करने की बात कही। अमर पारवानी ने कहा कि गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह मिलना प्रदेश के व्यापारियों और व्यापारिक संगठनों की सहभागिता का परिणाम है। उन्होंने यह सम्मान छत्तीसगढ़ के 12 लाख व्यापारियों को समर्पित किया। CAIT प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन ने भी इस उपलब्धि पर व्यापारियों और संगठन की टीम को बधाई दी। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान CAIT और युवा CAIT के पदाधिकारी अमर पारवानी, परमानंद जैन, अवनीत सिंह, विजय पटेल, राम मंधान, भरत जैन, दीपक विधानी, कन्हैया गुप्ता, कान्ति पटेल और रतनदीप सिंह मौजूद रहे।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के अब्दुल्लाह हॉल में सोमवार को छात्रों के प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर एक कथित भ्रामक पोस्ट को लेकर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। ‘अनुशी तिवारी इंडियन’ नाम के अकाउंट से किए गए पोस्ट में प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज, गोली चलाने और भगदड़ जैसे दृश्य दिखाए गए। पोस्ट के जरिए अलीगढ़ पुलिस को कार्रवाई के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया गया। पोस्ट में दिल्ली में हुए एक प्रदर्शन का हवाला देते हुए विश्वविद्यालयों में भी छात्रों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई किए जाने का दावा किया गया। पोस्ट पुलिस के संज्ञान में आने के बाद अलीगढ़ पुलिस ने सोशल मीडिया पर ही इसका जवाब देते हुए दावे को खारिज किया। पुलिस ने साफ किया कि अब्दुल्लाह हॉल में प्रदर्शन के दौरान अलीगढ़ पुलिस ने न तो लाठीचार्ज किया और न ही फायरिंग की। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन विश्वविद्यालय परिसर के अंदर हुआ था और वहां छात्रों को नियंत्रित करने की कार्रवाई एएमयू के सुरक्षाकर्मियों द्वारा की गई थी।एएमयू प्रशासन बुलाए तभी कैंपस जाती है पुलिसअलीगढ़ पुलिस ने अपने स्पष्टीकरण में बताया कि एएमयू परिसर में पुलिस की नियमित तैनाती नहीं रहती। विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था अलग है। नियम के अनुसार एएमयू प्रशासन की मांग या बुलावे पर ही पुलिस कैंपस में जाती है। सोमवार को अब्दुल्लाह हॉल में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान भी पुलिस की ओर से वैसी कोई कार्रवाई नहीं की गई, जैसा कि सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया। पुलिस के मुताबिक एएमयू के सुरक्षाकर्मी प्रदर्शन के दौरान मौके पर मौजूद थे। विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मचारी वर्दी में रहते हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर हुई कार्रवाई को सीधे अलीगढ़ पुलिस से जोड़ने के दावे को पुलिस ने गलत बताया है।पोस्ट की जांच में सामने आया साउथ एशिया बेस्ड संदिग्ध अकाउंटमामला सामने आने के बाद पुलिस की सोशल मीडिया टीम ने संबंधित अकाउंट की प्राथमिक जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार अकाउंट की प्रोफाइल साउथ एशिया बेस्ड दिखाई दे रही है। अकाउंट पर इसी तरह की कई अन्य पोस्ट भी मिली हैं। इसके बाद पुलिस ने केवल पोस्ट की सत्यता ही नहीं, बल्कि अकाउंट संचालक की पहचान और उसकी गतिविधियों को भी जांच के दायरे में लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अकाउंट वास्तव में कौन संचालित कर रहा है। पोस्ट में इस्तेमाल किए गए वीडियो और तस्वीरें कहां की हैं, इन्हें किस समय और किस घटना से संबंधित बताया गया था और इन्हें अब्दुल्लाह हॉल के प्रदर्शन से जोड़ने का आधार क्या था, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।FIR के बाद साइबर सेल जुटी, अलीगढ़ कनेक्शन भी खंगाला जा रहामामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल लाइंस पुलिस की सोशल मीडिया सेल और जिला पुलिस की सोशल मीडिया टीम की ओर से सिविल लाइंस थाने में अकाउंट संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। अब साइबर सेल के स्तर से अकाउंट की तकनीकी जांच की जा रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि अकाउंट संचालक का अलीगढ़, एएमयू या सोमवार को हुए छात्र प्रदर्शन से कोई सीधा अथवा अप्रत्यक्ष संबंध है या नहीं। पुलिस पोस्ट के पीछे की मंशा, अकाउंट से पूर्व में किए गए पोस्ट और सोशल मीडिया पर उसकी गतिविधियों का भी रिकॉर्ड खंगाल रही है।वीडियो में दर्शायी घटना को एएमयू से जोड़ने पर सवालपुलिस की जांच का एक अहम बिंदु ये भी है कि सोशल मीडिया पोस्ट में इस्तेमाल किए गए दृश्यों की सत्यता क्या है। पुलिस यह पता लगा रही है कि लाठीचार्ज, फायरिंग और भगदड़ जैसे दिखाए गए दृश्य वास्तव में कहां के हैं। पुराने या किसी अन्य घटना के वीडियो को अब्दुल्लाह हॉल की घटना बताकर प्रसारित किया गया है जिससे सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाने का मामला बनता है। इसी पहलू पर साइबर सेल तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।पुलिस ने कहा- कार्रवाई का गलत ठीकरा फोड़ा गयासीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब्दुल्लाह हॉल में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान अलीगढ़ पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। सोशल मीडिया पर अलीगढ़ पुलिस को कार्रवाई के लिए जिम्मेदार बताते हुए पोस्ट किया गया दावा गलत और भ्रामक है।पुलिस अब अकाउंट संचालक तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से संबंधित तकनीकी जानकारी जुटाने के साथ पोस्ट की पूरी श्रृंखला की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पोस्ट किसने किया, उसके पीछे क्या मंशा थी और इसका अलीगढ़ या एएमयू से कोई कनेक्शन है या नहीं।
बूंदी में जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव ने विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद (VBYLD) के पोस्टर का विमोचन किया। यह कार्यक्रम युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के माय भारत पोर्टल पर जिले के युवाओं के लिए आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान कार्यक्रम के उद्देश्य, महत्व और युवाओं के लिए उपलब्ध अवसरों पर चर्चा हुई। कलेक्टर यादव ने बताया कि यह युवाओं को सिर्फ प्रतियोगिता का मौका नहीं देता, बल्कि उनकी सोच, प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का माध्यम है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे ज्यादा संख्या में पंजीकरण कर प्रश्नोत्तरी में सक्रिय रूप से भाग लें। इस मौके पर माय भारत से भूपेन्द्र योगी, रामेष्ट युवा मंडल अध्यक्ष शिखर पंचोली, स्वयंसेवक रोहन गुर्जर, गोविंद प्रजापत और हनुमान सैनी मौजूद थे। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अतिरिक्त जिला कलेक्टर (सीलिंग) रमेश देव ने भी एक बैठक की। इसमें विभिन्न कॉलेजों के प्रिंसिपलों, एनएसएस, एनसीसी, स्काउट और अन्य विभागों के अधिकारियों को पंजीकरण बढ़ाने के लिए जरूरी निर्देश दिए गए। माय भारत से जुड़े भूपेन्द्र योगी ने बताया कि 15 से 29 साल के युवा माय भारत पोर्टल पर जाकर विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद-2027 के लिए पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण के बाद उन्हें 'विकसित भारत क्विज' चुनना होगा और निर्देश पढ़कर प्रश्नोत्तरी शुरू करनी होगी। इस क्विज में 20 सवाल होंगे, जिन्हें 10 मिनट में हल करना होगा। हर प्रतिभागी को सिर्फ एक मौका मिलेगा। क्विज भारत की उपलब्धियों, विरासत, विकास यात्रा और विकसित भारत@2047 की कल्पना से जुड़े विषयों पर आधारित होगी। जिला युवा अधिकारी अशोक कुमार मेघवाल ने बताया कि क्विज में अच्छा प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी आगे निबंध लेखन, जिला स्तरीय प्रस्तुतीकरण, राज्य स्तरीय चरण और आखिर में राष्ट्रीय विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग तक पहुंच सकते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर चुने गए युवाओं को अपने विचार और सुझाव देश के प्रधानमंत्री के सामने रखने का मौका मिलेगा।
अमेठी में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। इसी को लेकर तिलोई में कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेसियों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। कांग्रेसियों ने बताया कि अघोषित बिजली कटौती से हर वर्ग परेशान है। ग्रामीण इलाकों में सिर्फ 5 से 6 घंटे बिजली मिल रही है, जबकि सरकार 18 घंटे बिजली देने का दावा करती है। बिजली की इस आंखमिचौली से आम जनता, किसान, छात्र और व्यापारी सभी परेशान हैं। दिन हो या रात, बार-बार बिजली गुल हो रही है। उमस भरी गर्मी में लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है, किसानों की सिंचाई रुक रही है और व्यापारियों का काम भी ठप हो रहा है। जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल ने कहा कि सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन लोगों को बुनियादी सुविधा बिजली भी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही बिजली कटौती बंद नहीं हुई तो कांग्रेस एक बड़ा आंदोलन करेगी। प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और ज्ञापन सौंपकर बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की। इस दौरान शकील, सुनीता सिंह समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद थे।
बदायूं में एक किसान की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई। वह धान की फसल के लिए दवा लेकर बाजार से पैदल घर लौट रहे थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि टक्कर टैंकर से हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। यह हादसा दातागंज कोतवाली के धरेली गांव में यात्री शेड के पास हुआ। उगनपुर धरेली गांव के रहने वाले 40 वर्षीय महेश चंद्र पुत्र द्वारा प्रसाद भटौली बाजार से धान की दवा लेकर अपने गांव लौट रहे थे। वह पैदल घर जा रहे थे, तभी अज्ञात वाहन ने उन्हें कुचल दिया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। शुरुआत में महेश चंद्र की पहचान नहीं हो पाई थी। पुलिस ने फोटो शेयर किया, तब उनकी पहचान हुई। परिजनों ने बताया कि वह दवा लेने भटौली गए थे और पैदल लौट रहे थे। महेश चंद्र की मौत के बाद परिवार में मातम छा गया है। प्रभारी निरीक्षक ऋषिपाल सिंह ने बताया कि एक व्यक्ति की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हुई है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। परिजनों की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है।
हाथरस में मुख्यमंत्री के सचिव सुरेंद्र सिंह के सेवा संकल्प अभियान की समीक्षा के बाद मुख्य विकास अधिकारी पीएन दीक्षित ने अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों को थीम-2 'मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा' पर प्रतियोगिताएं कराने के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि इन प्रतियोगिताओं में ज्यादा से ज्यादा छात्र-छात्राएं हिस्सा लें। उन्होंने स्कूलवार छात्रों की संख्या, हिस्सा लेने वाले स्कूलों और प्रतियोगिताओं की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि जिले के करीब 1700 स्कूलों के लगभग ढाई लाख छात्र-छात्राओं के इन प्रतियोगिताओं में शामिल होने की संभावना है। प्रतियोगिताओं का आयोजन तीन स्तरों पर किया जाएगा: स्कूल स्तर, विकासखंड स्तर और जिला स्तर। स्कूल स्तर पर प्रतियोगिताएं रोज होंगी। विकासखंड स्तर की प्रतियोगिता 30 सितंबर को और जिला स्तर की प्रतियोगिता 02 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी। कक्षा 5 से 8 तक के छात्र-छात्राओं के लिए चित्रकला प्रतियोगिता होगी। जबकि कक्षा 9 से 12 तक के छात्र-छात्राओं के लिए चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। इसी तरह, उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों के लिए भाषण और सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिताओं का आयोजन तय मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्तरों पर प्रतियोगिताओं का आयोजन तय समय पर, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से हो। उन्होंने स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में प्रतियोगिताओं का खूब प्रचार करने और ज्यादा से ज्यादा छात्र-छात्राओं को इसमें शामिल कराने पर जोर दिया।
बागपत में दो बाइकों की टक्कर, 3 घायल:राहगीरों ने पुलिस को दी सूचना, हायर सेंटर रेफर
बागपत के चांदीनगर थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसा पांची चौराहे पर करीब 9 बजे हुआ। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बाइकों पर सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर चांदीनगर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक इलाज के बाद तीनों की हालत गंभीर देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। घायलों में मोनू और ओमबीर की पहचान हुई है, जबकि तीसरे घायल की पहचान की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 9 बजे पांची और ढिकोली की तरफ से दो बाइकें आ रही थीं। पांची चौराहे के पास दोनों बाइकें आमने-सामने टकरा गईं। टक्कर के बाद बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर जुटी भीड़ दो बाइकों की टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। कुछ ही देर में वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस को हादसे की सूचना दी। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। मोनू और ओमबीर समेत तीन घायल हादसे में मोनू और ओमबीर समेत तीन लोग घायल हुए हैं। तीनों को अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया। डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया। तीसरे घायल की पहचान अभी नहीं हो सकी है। चांदीनगर थाना प्रभारी ने बताया कि पांची चौराहे पर दो बाइकों की टक्कर हुई थी। हादसे में घायल हुए तीनों लोगों को अस्पताल भेजा गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और टक्कर के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।
धौलपुर के मनियां उपखंड क्षेत्र के झाड़े का पुरा गांव में एक निजी क्लिनिक पर इलाज के बाद एक व्यक्ति की मौत हो गई। परिजनों ने क्लिनिक संचालक पर गलत दवा देने और इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। इस घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में गुस्सा फैल गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मनियां सीएचसी की मॉच्युरी में रखवाया। मृतक की पहचान झाड़े का पुरा निवासी रामवीर सिंह (55) के रूप में हुई है। उनके बेटे कमल सिंह और भाई बनवारीलाल व अशोक ने बताया कि शनिवार को रामवीर सिंह की अचानक तबीयत खराब हो गई थी। परिजन उन्हें इलाज के लिए जासूपुरा गांव के एक निजी क्लिनिक पर ले गए। परिजनों के मुताबिक यह क्लिनिक लादूखेड़ा निवासी हरीश चला रहा था। परिजनों का आरोप है कि क्लिनिक पर इलाज के दौरान रामवीर को कुछ दवाएं दी गईं। इसके बाद उनकी तबीयत और बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर परिजन उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद रामवीर को मृत घोषित कर दिया। रामवीर की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। परिजनों और ग्रामीणों ने निजी क्लिनिक संचालक पर गंभीर लापरवाही और बिना योग्यता के इलाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी।
लुधियाना के दुगरी इलाके में शनिवार को एक 32 वर्षीय महिला का शव खाली प्लॉट में कूड़े के ढेर के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। शव की हालत बेहद खराब थी। लोगों ने शव पड़ा देख पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान आशा, निवासी दाना मंडी स्थित अरोड़ा पैलेस इलाके के रूप में हुई है। उसकी बहन भारती ने बताया कि आशा शनिवार सुबह घर से निकली थी। दोपहर करीब 12 बजे उन्हें सूचना मिली कि आशा जैसी दिखने वाली एक महिला का शव खाली प्लॉट कूड़े के ढेर में पड़ा है। परिजन मौके पर पहुंचे तो शव की हालत देखकर उनके होश उड़ गए। 4 साल की बेटी, कोई काम नहीं करती थी भारती के मुताबिक आशा ने ज्यादा पढ़ाई नहीं की थी और वह कोई काम भी नहीं करती थी। वह लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। आशा की चार साल की बेटी भी है। बहन ने बताया कि परिवार की किसी के साथ कोई दुश्मनी नहीं थी। पोस्टमार्टम में अधिक नशे से मौत की आशंका पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों ने प्राथमिक तौर पर आशा की मौत अधिक मात्रा में नशा करने के कारण होने की आशंका जताई है। हालांकि मौत की असली वजह की पुष्टि मेडिकल जांच के बाद ही होगी। डॉक्टरों ने शव से केमिकल/सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। डॉक्टरों के अनुसार शव की हालत काफी खराब थी और शरीर को जानवरों ने बुरी तरह नोचा हुआ था। इससे शव के काफी समय तक खुले में पड़े रहने की आशंका जताई जा रही है। CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस अब आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आशा आखिरी बार किसके साथ थी और खाली प्लॉट तक कैसे पहुंची। पुलिस मामले में परिजनों और आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है। मेडिकल जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
पलवल साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 30 लाख रुपए से ज्यादा की धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए तीन दिन की रिमांड पर लिया है। साइबर थाना प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की मनीषा कुमारी ने शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने व्हाट्सएप पर उनसे संपर्क किया। इन लोगों ने खुद को शेयर बाजार से जुड़ा बताया और मनीषा को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ लिया। इसके बाद उनसे एक फर्जी मोबाइल ऐप डाउनलोड करवाकर निवेश के नाम पर 26 अगस्त से 4 सितंबर के बीच 30 लाख 9 हजार 510 रुपए ट्रांसफर करवा लिए। धोखाधड़ी का पता चलने पर मनीषा ने साइबर पोर्टल पर शिकायत की। प्राइवेट कंपनी के खाते में गई ठगी रकम इसके बाद पलवल साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की जांच कर रहे पीएसआई मोहित को तकनीकी जांच और बैंक खातों की पड़ताल से पता चला। ठगी की रकम में से 21.50 लाख रुपए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के खाते में गए थे। जांच के बाद पुलिस ने उस कंपनी के डायरेक्टर धनंजय गुप्ता को गिरफ्तार किया। धनंजय गुप्ता अंबेडकर नगर (यूपी) के पैकाली नेवादाकला का रहने वाला है और फिलहाल श्याम नगर सोडाला, जयपुर (राजस्थान) में रहता है। मोबाइल फोन और सिम कार्ड किए जब्त पुलिस ने आरोपी से एक ओप्पो मोबाइल फोन, दो सिम कार्ड और उसमें लॉगिन संदिग्ध व्हाट्सएप खातों से चैट व फोटो सबूत जब्त किए हैं। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने आरोपी धनंजय गुप्ता को कोर्ट में पेश कर तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस उससे उसके दूसरे साथियों के बारे में पूछताछ करेगी और ठगी की रकम भी बरामद करने की कोशिश करेगी।
मल्लावां-गौसगंज मार्ग पर शारदा नहर में बहे प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक अवनीश कुमार (पुत्र शिवपाल सिंह) का शव मंगलवार को पुलिस और स्थानीय गोताखोरों की मदद से बरामद कर लिया गया। तेंदुआ गांव के रहने वाले अवनीश कछौना थाना क्षेत्र के पैरा कला प्राथमिक विद्यालय में तैनात थे। सोमवार से जारी बचाव अभियान के बाद उनका शव घटनास्थल से लगभग 4 किलोमीटर दूर बरौना नहर पुल के पास पानी में तैरता मिला। शव मिलते ही परिजनों में दुख छा गया और पूरे क्षेत्र में शोक फैल गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। बंदर के कूदने से नियंत्रित हुई थी बाइक जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह अवनीश रोज की तरह अपनी मोटरसाइकिल से विद्यालय जा रहे थे। मल्लावां-गौसगंज मार्ग पर शारदा नहर पुल के पास अचानक एक बंदर ने उनकी बाइक पर हमला कर दिया और सामने कूद पड़ा। बंदर की टक्कर से मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर पुलिया की पक्की दीवार से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि अवनीश सीधे नहर के तेज बहाव में जा गिरे और लापता हो गए। हादसे में बाइक से टकराकर बंदर की भी मौके पर ही मौत हो गई थी। 24 घंटे चला खोज अभियान, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, गोताखोर और कई ग्रामीण मौके पर पहुंच गए थे। सोमवार को पूरे दिन नहर में खोज अभियान चलाया गया, लेकिन तेज बहाव के कारण अवनीश का पता नहीं चल सका था। इस घटना से शिक्षक के परिवार को गहरा सदमा लगा है। उनके साथी शिक्षकों ने भी इस घटना पर दुख जताया है। कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि शव शारदा नहर से बरामद हो गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
6 से 8 महीने तक सस्पेंड रखना मानसिक शोषण...तीन महीने से ज्यादा निलंबन पर झारखंड पुलिस एसोसिएशन सख्त
झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने जिलों और इकाइयों में पुलिस मैनुअल के उल्लंघन और महीनों से लंबित निलंबन फाइलों पर चिंता जताई है। एसोसिएशन ने संबंधित एसपी और कमांडेंट से इन फाइलों का शीघ्र निपटारा करने का आग्रह किया है।
हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजे गए सप्तर्षि:गोमती नगर में महिलाओं ने ऋषि पंचमी पर विधिविधान से व्रत रखा
लखनऊ के गोमती नगर स्थित विनयखंड तीन के श्री हनुमानगढ़ी मंदिर में सोमवार को ऋषि पंचमी के अवसर पर महिलाओं ने सप्तर्षियों का विधिविधान से पूजन किया। महिलाओं ने तीनों प्रकार के पापों से मुक्ति की कामना के साथ व्रत रखा। पूजन के बाद ऋषि पंचमी व्रत कथा का श्रवण किया गया। इस दौरान महिलाओं ने धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेकर सुख-शांति और परिवार की समृद्धि की प्रार्थना की। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से पूजा-अर्चना की।
पंचायत सहायकों का अपनी मांगों को लेकर लखनऊ के इको गार्डन में चल रहा धरना मंगलवार को नौवें दिन भी जारी रहा। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे पंचायत सहायक मानदेय बढ़ाने, नियमितीकरण, मातृत्व अवकाश और स्थानांतरण नीति समेत कई मांगों को लेकर धरने पर डटे हैं। आंदोलन के बीच अपना दल (कमेरावादी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और सिराथू विधायक पल्लवी पटेल रात 12 बजे से सुबह चार बजे तक धरनास्थल पर मौजूद रहीं। इससे पहले सोमवार को आप सांसद संजय सिंह भी प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे और उनकी मांगों का समर्थन किया। धरने पर मौजूद पंचायत सहायक नवनीत ने कहा कि उनकी मांगें बहुत ज्यादा नहीं हैं, बल्कि कुल पांच प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने सबसे प्रमुख मांग मानदेय 30 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की बताई। नवनीत के मुताबिक, यदि सरकार के लिए 30 हजार रुपये का मानदेय देना बजट की वजह से संभव नहीं है तो कम से कम न्यूनतम कुशल मजदूरी के बराबर भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। नियमितीकरण और मातृत्व अवकाश की मांग पंचायत सहायक ने कहा कि उनकी दूसरी प्रमुख मांग संविदा व्यवस्था समाप्त कर नियमितीकरण की है। इसके अलावा महिला पंचायत सहायकों के लिए मातृत्व अवकाश की व्यवस्था लागू करने और कर्मचारियों के स्थानांतरण के लिए स्पष्ट नीति बनाने की भी मांग है। उन्होंने कहा, मैं पीड़ित हूं, मैं शोषित हूं, मैं वंचित हूं, मैं पंचायत सहायक हूं। नवनीत ने कहा कि अगर सरकार उनकी समस्याओं का समाधान नहीं कर सकती तो उन्हें नौकरी से बर्खास्त करने की धमकी देने के बजाय पद ही समाप्त कर दे। उनके मुताबिक, आज उनकी जगह कोई दूसरा कर्मचारी आएगा तो वह भी इन्हीं समस्याओं और मांगों के साथ खड़ा होगा। छह हजार में परिवार कैसे चलेगा? नवनीत ने मौजूदा छह हजार रुपये के मानदेय पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने कम पैसे में परिवार चलाना मुश्किल है। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि अगर छह हजार रुपये बढ़ाना संभव नहीं है तो ऐसा कार्ड ही बना दिया जाए, जिससे बेहद सस्ते दाम पर सब्जियां मिलें और शिक्षा भी मुफ्त हो जाए। उन्होंने कहा कि पंचायत सहायक छह हजार रुपये में जितना संभव हो पा रहा है, उतना करके काम चला रहे हैं और आर्थिक परेशानी के बावजूद आंदोलन कर रहे हैं। मांगें नहीं मानीं तो धरना जारी रखने का ऐलान सरकार की ओर से मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में आगे की रणनीति के सवाल पर नवनीत ने कहा कि पंचायत सहायक गांधीवादी तरीके से आंदोलन कर रहे हैं और धरनास्थल से हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बैरिकेडिंग या अन्य व्यवस्थाओं के बावजूद कर्मचारी वहीं बैठे रहेंगे। उन्होंने कहा, आवाज जाए ना जाए, हम यहीं रहेंगे। नवनीत के मुताबिक, कर्मचारी अपने स्तर पर खाने-पीने का इंतजाम कर धरनास्थल पर ही रह रहे हैं और छह हजार रुपये की आय में जितना संभव है, उसी में आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं। पक्ष और विपक्ष दोनों पर उठाए सवाल विपक्षी दलों के समर्थन पर पंचायत सहायक ने कहा कि कई विपक्षी नेताओं ने उनसे पत्र नहीं दिए जाने की बात कही है। उन्होंने इस रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब कोई व्यक्ति मुसीबत में हो तो मदद मांगने के लिए उससे औपचारिक पत्र की मांग नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचायत सहायकों के मुद्दे को सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष को भी जोरदार तरीके से उठाना चाहिए। छह हजार रुपये का मुद्दा कितना शानदार मुद्दा है, कहते हुए उन्होंने राजनीतिक दलों से कर्मचारियों की समस्या को गंभीरता से उठाने की अपील की। ‘हम बहुत पीड़ित हैं’ नवनीत ने पंचायत सहायकों की स्थिति की तुलना बंधुआ मजदूरी से करते हुए कहा कि उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। उन्होंने कहा कि छह हजार रुपये के मानदेय में काम करने वाले पंचायत सहायकों की समस्याओं को गंभीरता से समझने की जरूरत है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, हम बहुत पीड़ित हैं, इससे ज्यादा हम क्या कहें। पंचायत सहायकों ने सरकार से वार्ता कर उनकी मांगों का समाधान निकालने और धरना समाप्त कराने की दिशा में पहल करने की मांग की है।
मऊ में चकबंदी के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन:बोले- गलत प्रक्रिया को तत्काल किया जाए रद्द
मऊ के रैकवारडीह गांव में चल रही चकबंदी प्रक्रिया के विरोध में मंगलवार को कई ग्रामीण और किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए चकबंदी प्रक्रिया को गलत और भ्रष्टाचार से प्रभावित बताया। किसानों ने इसे तुरंत निरस्त करने की मांग की और जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि वे चकबंदी के दौरान हुई कथित अनियमितताओं से सहमत नहीं हैं। उन्होंने मांग की कि गलत तरीके से हुई चकबंदी प्रक्रिया को रद्द कर गांव को फिर से धारा 6ए में शामिल किया जाए। किसानों ने यह भी साफ किया कि वे चकबंदी विभाग के कर्मचारियों का भुगतान रोकने के पक्ष में नहीं हैं, बल्कि उनकी मुख्य मांग सिर्फ गलत तरीके से हुई चकबंदी प्रक्रिया को रद्द कराना है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दिनेश बहादुर सिंह नाम का एक व्यक्ति गांव में अवैध वसूली करके चकबंदी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। किसानों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि जांच की जिम्मेदारी उन्हीं अधिकारियों को दी गई है, जिन पर किसान चकबंदी प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे में जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठना तय है। उन्होंने किसी और सक्षम और निष्पक्ष अधिकारी से जांच कराने की मांग की। किसानों के अनुसार, 14 जुलाई 2026 को मुख्य राजस्व अधिकारी की मौजूदगी में एक बैठक हुई थी। इसमें करीब 350 ग्रामीण और किसान मौजूद थे। इनमें से लगभग 98 प्रतिशत लोगों ने चकबंदी न कराने के पक्ष में हाथ उठाकर विरोध जताया था। किसानों का आरोप है कि इसके बाद भी उनकी आपत्तियों पर कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने कहा कि चकबंदी प्रक्रिया आगे बढ़ने पर किसानों को जमीन से जुड़ी कई तरह की दिक्कतें आ सकती हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले को गंभीरता से लेने की अपील की। किसानों ने कथित भ्रष्टाचार, गुटबंदी और दलालों की भूमिका की जांच कराने और रैकवारडीह में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की है।
पलवल शहर के अलीगढ़ रोड स्थित गांधी कॉलोनी में सोमवार देर रात खुले सीवर में गिरने से चार साल की बच्ची की मौत हो गई। वह एलकेजी कक्षा में पढ़ती थी। जिस सीवर में बच्ची गिरी, उस पर ढक्कन नहीं लगा था। बच्ची की पहचान 4 वर्षीय दीपांशी के रूप में हुई है। बच्ची के पिता भारत ने बताया कि सोमवार रात करीब 8 बजे दीपांशी अचानक घर के आसपास से लापता हो गई। काफी देर तक नहीं मिलने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद उन्हें आशंका हुई कि बच्ची खुले सीवर में गिर गई होगी। सिर में आई चोट, डॉक्टरों ने किया मृत घोषित इसके बाद सीवर की जांच की गई तो बच्ची उसके अंदर मिली। बताया जा रहा है कि सीवर में गिरने के दौरान बच्ची के सिर में गंभीर चोट लगी थी। बच्ची को तुरंत जिला नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। बच्ची के शव को जिला नागरिक अस्पताल लाया गया, जहां जरूरी कार्रवाई की जा रही है। इस घटना से परिवार में दुख का माहौल है। स्थानीय लोग बोले- शिकायत के बावजूद नहीं लगाए सीवर पर ढक्कन इस घटना ने खुले पड़े सीवर और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों देवेंद्र, बीरू और डालचंद का कहना है कि खुले सीवर हादसों का कारण बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि रास्ते पर कई सीवर खुले पड़े हैं, जिसकी शिकायत भी की गई थी, लेकिन उन पर ढक्कन नहीं लगाए गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सीवर पर समय रहते ढक्कन लगा दिया जाता तो शायद मासूम की जान बचाई जा सकती थी। सोमवार को जिस जगह यह हादसा हुआ, उसके कई घंटे बाद भी उस पर ढक्कन नहीं लगाया जा सका। स्थानीय लोगों ने ही अस्थाई रूप से इसे पत्थर से ढका है, जिससे अभी भी यहां हादसे की आशंका बनी हुई है।
बुरहानपुर में कम वोल्टेज के बीच काटे बिजली कनेक्शन:किसानों ने एचपी के हिसाब से लोड जांचने की मांग की
बुरहानपुर की नेपानगर तहसील के किसानों ने बिजली, खेतों में पालतू पशुओं के घुसने और खराब रास्तों की समस्याओं को लेकर मंगलवार को तहसीलदार जगन वास्कले को ज्ञापन सौंपा। भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसानों ने अपनी समस्याएं बताते हुए जल्द समाधान की मांग की। किसानों का कहना है कि बिजली कनेक्शन कटने और कम वोल्टेज की समस्या से खेती प्रभावित हो रही है। वहीं, खराब रास्तों के कारण फसल को खेतों से बाहर निकालकर बाजार तक ले जाने में भी परेशानी हो रही है। कम वोल्टेज के बीच किसानों के बिजली कनेक्शन काटे किसानों ने बताया कि बिजली कंपनी ने कई किसानों के कनेक्शन काट दिए हैं। कंपनी के कर्मचारी चेकिंग के दौरान लोड ज्यादा बताते हैं, जबकि खेतों में वोल्टेज कम आने की समस्या बनी हुई है। किसानों का कहना है कि जब तक वोल्टेज सही नहीं होगा, तब तक यह समस्या दूर नहीं होगी। किसानों ने वोल्टेज और एम्पीयर में सुधार करने के साथ काटे गए कनेक्शन जल्द दोबारा जोड़ने की मांग की है। उनका कहना है कि किसान हॉर्स पावर (एचपी) के हिसाब से कनेक्शन लेते हैं, इसलिए बिजली का लोड भी एचपी के हिसाब से ही मापा जाना चाहिए। खराब रास्तों से फसल बाजार तक ले जाना मुश्किल किसानों ने बताया कि नेपानगर तहसील के आसपास के गांवों में खेतों तक आने-जाने वाले कई रास्ते खराब हैं। इसके अलावा खेतों में पालतू पशुओं के घुसने की समस्या भी बनी हुई है। किसानों ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना या अन्य योजनाओं के तहत खराब रास्तों को पक्का कराने की मांग की है। किसानों के मुताबिक नावरा से सातपायरी मार्ग की हालत खास तौर पर खराब है। रास्ता खराब होने के कारण वे समय पर अपनी उपज खेतों से बाहर नहीं निकाल पाते। इससे उन्हें बाजार में उपज का सही दाम मिलने में भी परेशानी होती है। हर साल 15 सितंबर को संघ देता है ज्ञापन भारतीय किसान संघ के संभाग सदस्य नरेंद्र जाधव ने बताया कि संघ हर साल 15 सितंबर को प्रदेशभर में जिला और तहसील मुख्यालयों पर किसानों की समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपता है। इसी क्रम में इस साल भी नेपानगर में ज्ञापन दिया गया है। इसमें क्षेत्र के किसानों की स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया है। जाधव ने कहा कि नेपानगर क्षेत्र में बिजली की समस्या गंभीर है। कई किसानों के कनेक्शन काट दिए गए हैं, जबकि खेतों में वोल्टेज पर्याप्त नहीं मिल रहा है। उन्होंने मांग की कि काटे गए कनेक्शन दोबारा जोड़े जाएं और एचपी के अनुसार लोड की जांच की जाए। साथ ही खराब सड़कों को जल्द ठीक कराया जाए, ताकि किसानों को फसल लाने-ले जाने में परेशानी न हो।
गोरखपुर के रामगढ़ताल थाना क्षेत्र में ज्वेलरी शॉप से अंगूठी चोरी करने वाले महिला-पुरुष पति-पत्नी निकले। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे से पहचान कर दोनों आरोपियों को सोमवार शाम गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से सराफा कारोबारी की ज्वेलरी शॉप से चोरी गई करीब 60 हजार की 2 अंगूठी और घटना में इस्तेमाल की गई पल्सर बाइक भी बरामद हुई है। आरोपियों की पहचान मऊ जिले के घोसी थाना क्षेत्र के खटकाना कस्बा निवासी दीपक सोनकर और उसकी पत्नी मीरा सोनकर के रूप में हुई। पूछताछ में पति ने बताया- तीज त्योहार में पत्नी को अंगूठी दिलाने का वादा किया था, इसलिए चोरी की। पत्नी बोली- त्योहार में पहनने के लिए अंगूठी चोरी की, पहन भी नहीं पाई। दोनों का बयान लेने के बाद पुलिस ने जब, उनकी क्राइम हिस्ट्री चेक कराई तो पता चला कि दोनों पर पहले से कई चोरी के मुकदमें दर्ज हैं। ज्वेलरी शाॅप को निशाना बनाते हैं पति-पत्नी रामगढ़ताल थाना प्रभारी श्यामा नंद राय ने बताया- पति-पत्नी शातिर चोर हैं। इसमे पति दीपक के खिलाफ 8 और पत्नी के खिलाफ 3 मुकदमें मऊ, अम्बेडकर नगर, आजमगढ़ और गोरखपुर जिले में दर्ज हैं। दोनों की शादी करीब 15 साल पहले हुई थी। बच्चे नहीं हैं। अपना शौक पूरा करने के लिए दोनों ज्वेलरी शाॅप में ग्राहक बनकर जाते हैं। वहां सराफा को चकमा देकर सोने, चांदी का आभूषण चोरी कर लेते हैं। ज्वेलरी शॉप में 6 सितंबर को हुई थी घटना गोरखपुर के रामगढ़ताल में 6 सितंबर को ज्वैलरी शॉप से महिला 2 सोने की अंगूठी लेकर भाग गई। वारदात का वीडियो भी सामने आया है। इसमें पल्सर सवार युवक के साथ महिला आई और सर्राफा व्यापारी को अपनी बातों में उलझाती रही। बोली-मुझे सोने का लॉकेट दिखाओ। एक के बाद एक करके अंगूठी और लॉकेट देखने लगी। मोबाइल पर बात करने का बहाना बनाकर पहले पल्सर सवार युवक बाहर निकला। इसके बाद महिला ने दुकानदार से कहा- थोड़ी देर में आती हूं और निकल गई। व्यापारी ने जब ज्वैलरी का मिलान किया तो दो अंगूठी कम मिली। पीड़ित दुकानदार ने आजाद नगर चौकी में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। 3 तस्वीरें देखिए… खिरवानिया चौराहे पर है शॉपमामला कटरा खिरवानिया चौराहे पर स्थित रामवचन ज्वेलर्स दुकान का है। यहां रामगढ़ताल बड़गो निवासी रामवचन ज्वेलरी शॉप चलाते हैं। सराफा व्यापारी ने सोमवार को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित रामवचन के मुताबिक, 6 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 2:26 बजे दुकान पर एक महिला पल्सर सवार युवक के साथ आई। महिला ने कहा कि उसे लॉकेट और अंगूठी चाहिए। दुकानदार ने भरोसे में आकर उसे 10 अंगूठियां निकालकर दिखा दीं। मोटी माला का बहाना, अंगूठी लेकर भागीमहिला ने अंगूठियां देखते हुए कहा कि एक लॉकेट पंसद आई है। उसके लिए मोटी माला दिखाइए। बातचीत के दौरान युवक ने 2 अंगूठी महिला के हाथ में पकड़ाई। महिला ने होशियारी से दोनों अंगूठी अपने हाथ में पहन ली। दुकानदार जब तक कुछ समझ पाता, महिला युवक के साथ दुकान से बाहर निकल गई। बाद में गिनती करने पर 2 अंगूठियां कम मिलीं। व्यापारी रामवचन ने बताया- दोनों अंगूठियों की कीमत करीब 60 हजार है। व्यापारी रामवचन ने चौकी इंचार्ज चौकी आजाद नगर को लिखित तहरीर दी है। उन्होंने मांग की है कि अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर चोरी गई अंगूठियां बरामद की जाएं। पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी के आधार पर महिला की तलाश शुरू की थी। रामगढ़ताल थाना प्रभारी श्यामा नंद राय ने बताया की आजाद नगर चौकी पर तहरीर मिली थी। जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर सीसीटीवी कैमरे से दोनों की पहचान की गई। इसके बाद आरोपियों को क्षेत्र से ही पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर लिया।
सलूंबर नगर परिषद सभापति चुनाव के लिए नामांकन शुरू:किसी वर्ग के लिए रिजर्व नहीं सीट, 21 को होगा मतदान
सलूंबर नगर परिषद चुनाव के बाद अब सभापति पद के लिए सियासी मुकाबला शुरू हो गया है। आज से सभापति पद के लिए नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। इस बार सभापति की सीट सामान्य श्रेणी के लिए आरक्षित है, जिससे चुनावी मुकाबला रोचक होने की उम्मीद है। नामांकन कल दोपहर 3 बजे तक भरे जा सकेंगे। नामांकन नगर परिषद सलूम्बर के सभा कक्ष में रिटर्निंग अधिकारी या सहायक रिटर्निंग अधिकारी/तहसीलदार के सामने जमा करने होंगे। 17 को जांच, 18 सितंबर को नाम वापसी नामांकन पत्रों की जांच 17 सितंबर को सुबह 11 बजे से होगी। इसके बाद उम्मीदवारों के पास नाम वापस लेने का मौका रहेगा। नाम वापसी की आखिरी तारीख 18 सितंबर को दोपहर 3 बजे तय की गई है। अगर नाम वापसी के बाद सभापति पद के लिए एक से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में रहते हैं, तो 21 सितंबर को मतदान कराया जाएगा। 21 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक नगर परिषद सलूम्बर में पार्षदों की बैठक में मतदान होगा। मतदान के तुरंत बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे। ….. सलूंबर के पार्षद चुनाव के नतीजे जानने के ये लिए ये खबर पढ़ें… सलूंबर में बाप-निर्दलीय के हाथ में सभापति पद की चाबी:बीजेपी को एक और कांग्रेस को 2 पार्षदों की जरूरत, वार्ड 14 में लॉटरी से निकला रिजल्ट
Bhagalpur Bholanath Railway Yard Expansion: भागलपुर जंक्शन पर रेल परिचालन को सुगम बनाने के लिए भोलानाथ पुल और भीखनपुर गुमटी नंबर तीन के बीच शंटिंग यार्ड का विस्तार किया जा रहा है। दिसंबर तक पूरा होने वाले इस प्रोजेक्ट में बंद होने वाले रास्ते के बदले गुमटी 1 व 2 पर अंडरपास और ओएचई का काम भी शामिल है।
बारां में NH-27 बना हादसों का हाईवे:टोल वसूलने के बाद भी मरम्मत नहीं, 2 साल में 6 से ज्यादा मौतें
बारां जिले से गुजरने वाले फोरलेन हाईवे NH-27 पर जगह-जगह एक-एक फीट तक गहरे गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं। शहर से गुजरने वाले हाईवे पर पैरोनमा और पुलिया के पास सड़क की हालत बेहद खराब है। खासकर पैरोनमा पुलिया के पास गहरे गड्ढों के कारण यह हिस्सा खतरनाक बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले दो साल में यहां 6 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई हादसे हो चुके हैं। अचानक अनियंत्रित हो रहे वाहन पुलिया के पास सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण तेज रफ्तार वाहन अचानक अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो जाते हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे में दोपहिया वाहन सवारों के साथ-साथ कार और अन्य वाहनों के लिए भी दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। टोल पूरा, सड़क की सुविधा अधूरी हाईवे की बदहाल स्थिति को लेकर वाहन सवारों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि NH-27 पर महंगा टोल वसूला जा रहा है, लेकिन सड़क की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। टोल प्लाजा पर वाहन सवारों से पूरी राशि ली जा रही है, लेकिन बदले में उन्हें सुरक्षित और सुगम सड़क की सुविधा नहीं मिल रही। बारां-केलवाड़ा रोड भी गड्ढों में तब्दील बारां से केलवाड़ा जाने वाली सड़क की स्थिति भी लंबे समय से खराब है। वर्षों से पर्याप्त मरम्मत नहीं होने के कारण सड़क जगह-जगह टूट चुकी है। भंवरगढ़ के पास एक-एक फीट तक गहरे गड्ढे वाहन सवारों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। इस मार्ग पर आवागमन करने वाले लोगों को खराब सड़क के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मरम्मत की मांग, हादसे रोकने की अपील क्षेत्र के लोगों ने एनएचएआई और प्रशासन से NH-27 के साथ बारां-केलवाड़ा रोड की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते गड्ढों को नहीं भरा गया तो गंभीर हादसों का सिलसिला जारी रह सकता है। उन्होंने हाईवे की नियमित निगरानी और खराब हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है।
पाकुड़ जिले के हिरणपुर प्रखंड में गणेश पूजा को लेकर काफी उत्साह है। मंगलवार को सार्वजनिक गणेश पूजा समिति, हिरणपुर बाजार ने कलश यात्रा निकाली। इसके बाद गणपति भगवान की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की गई। पूजा के लिए बाजार में एक बड़ा पंडाल बनाया गया है, जिसे सुंदर ढंग से सजाया गया है। पूजा स्थल के पास एक मेला भी लगा है। मेले में खिलौनों के साथ-साथ साज-सज्जा और घरेलू उपयोग की कई दुकानें लगाई गई हैं। पूजा के दौरान मेले में लोगों की भीड़ उमड़ने की संभावना है। समिति के अध्यक्ष अजय यादव ने बताया कि पूजा की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं। इसी तरह, श्री श्री गणपति पूजा संघ, सुंदरपुर ने भी एक सुंदर पंडाल बनाया है। यहां भी मंगलवार को कलश यात्रा के बाद गणपति भगवान की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की गई। संघ के अध्यक्ष कामेश्वर दास ने बताया कि पूजा की सभी तैयारियां पूरी हैं और पूजा स्थल को सुंदर ढंग से सजाया गया है। इस मौके पर दीपक शाह, टिंकू भगत, चंदन, अमित शर्मा और सूरज सेन जैसे लोग मौजूद थे। प्रखंड के तोड़ाई, देवपुर, सुंदरपुर समेत कई गांवों में भी गणेश पूजा पूरे उत्साह के साथ की जा रही है। जिले में सोमवार से ही गणेश पूजा शुरू हो चुकी है, लेकिन हिरणपुर के कुछ स्थानों पर सोमवार को तीज पर्व के कारण मंगलवार से पूजा शुरू की गई। मंगलवार सुबह से ही बाजारों में काफी रौनक दिखी। छोटे बच्चे गणेश पूजा के उत्साह में डूबे नजर आए। प्रखंड मुख्यालय के बाजार में भी लोगों की काफी चहल-पहल थी, जहां लोग फल और पूजा सामग्री खरीदते देखे गए।
भरतपुर की रूपवास नगर पालिका में निर्दलीय प्रत्याशियों का दबदबा रहा। 25 वार्डों में से 14 सीट पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है। वहीं कांग्रेस 2 और बीजेपी 9 ओर सिमट कर रह गई। ऐसे में बीजेपी रूपवास नगर पालिका में बोर्ड बना सकती है। हालांकि दोनों ही पार्टियों ने जीते हुए प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी कर दी है। पिछली बार रूपवास नगर पालिका में कांग्रेस का ही बोर्ड था। बोर्ड बनाने में निर्दलीयों का अहम योगदान इस बार रूपवास नगर पालिका में बोर्ड बनाने के लिए निर्दलीय प्रत्याशियों का अहम योगदान रहेगा। इस बार कांग्रेस ने 9 और बीजेपी ने 19 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े थे। कई सीट ऐसी थी कि प्रत्याशी निर्दलीय ही लड़ना चाहते थे। इसलिए पार्टियों को टिकट देने के लिए प्रत्याशी नहीं मिले। वार्ड 1 वार्ड 2 वार्ड 3 वार्ड 4 वार्ड 5 वार्ड 6 वार्ड 7 वार्ड 8 वार्ड 9 वार्ड 10 वार्ड 11 वार्ड 12 वार्ड 13 वार्ड 14 वार्ड 15 वार्ड 16 वार्ड 17 वार्ड 18 वार्ड 19 वार्ड 20 वार्ड 21 वार्ड 22 वार्ड 23 वार्ड 24 वार्ड 25
जयपुर में नाबालिग से शादी कर रेप:डेढ़ साल पहले घरवालों ने शादी करवा दी थी, झगड़ा बढ़ने पर मांगा तलाक
जयपुर में शादी कर एक नाबालिग लड़की से रेप का मामला सामने आया है। डेढ़ साल पहले परिजनों की सहमति से दोनों की शादी हुई थी। झगड़ा बढ़ने और तलाक मांगने पर पीड़िता ने रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने पोक्सो एक्ट और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई कर आरोपी युवक को सोमवार शाम अरेस्ट किया है। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है। थानाधिकारी ने बताया- जयपुर की रहने वाली एक युवती ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। शिकायत में बताया कि एक ही कॉलोनी में रहने के कारण दोनों के परिवार एक-दूसरे को जानते हैं। डेढ़ साल पहले पसंद करने पर दोनों के परिजनों ने शादी करवाई थी। साल-2025 में शादी के समय उसकी उम्र 17 साल थी। शादी के बाद वह एक साथ रहने लगे। करीब पिछले 6 महीने से दोनों के बीच झगड़ा होने लगा। झगड़ा बढ़ने पर मामला तलाक तक जा पहुंचा। पीड़िता का आरोप है कि नाबालिग उम्र में शादी कर उसके साथ जबरन रेप किया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर पोक्सो एक्ट और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की। पीड़िता का मेडिकल व बयान दर्ज कर सोमवार शाम आरोपी को अरेस्ट किया।
अलवर के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र में बुआ की मौत पर जाकर आई 3 पुत्रवधुओं पर परिवार के लोगों ने लाठी-फरसी से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में तीनों महिलाएं बुरी तरह लहुलुहान हो गई। सिर में गंभीर चोट आने के कारण दो महिलाओं की हालत नाजुक बनी हुई है, जिन्हें प्राथमिक इलाज के बाद अलवर जिला अस्पताल रेफर किया गया है। घटना लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के टोडा नागर गांव की है। बुआ के घर से लौटते ही घेरकर पीटा जानकारी के अनुसार, गांव निवासी शिवराम गुर्जर की पत्नी विमला, सियाराम गुर्जर की पत्नी विरमा और उनकी बहन विद्या गुर्जर अपनी बुआ के निधन के बाद शोक जताने गई थीं। जब वे वहां से वापस लौटीं, तो घर के अन्य सदस्य इस बात पर उलझ गए कि उन्हें अपने साथ शोक सभा में क्यों नहीं ले जाया गया। देखते ही देखते बहस बढ़ गई और परिजनों ने आपा खो दिया। फरसी से किया सिर पर वार विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने महिलाओं पर लाठी और धारदार हथियार (फरसी) से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमलावरों ने सीधे महिलाओं के सिर को निशाना बनाया, जिससे विमला, विरमा और विद्या खून से लथपथ होकर वहीं गिर पड़ीं। विमला और विरमा के सिर में गहरे घाव आए हैं। पीड़ित पक्ष ने चाचा ससुर पप्पू गुर्जर, भरती, राहुल और रामवती समेत आधा दर्जन से अधिक लोगों पर हमले का आरोप लगाया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और जल्द ही उन्हें हिरासत में लिया जाएगा।
धनबाद के धनसार थाना से सिर्फ 50 मीटर दूर विश्वकर्मा फर्नीचर दुकान में सोमवार देर रात चोरी हो गई। चोरों ने दुकान का ताला तोड़ने के साथ ही करकट की छत भी तोड़ दी। दुकान में आग लगाने की बात भी सामने आई है। दुकान मालिक के अनुसार, इस घटना में लगभग 22 हजार रुपए नकद और मशीनों समेत करीब दो लाख रुपए का सामान चोरी हुआ है। दुकान मालिक राम बाबू शर्मा ने बताया कि उन्हें रात में दुकान से धुआं निकलने की जानकारी मिली थी। जब वे वहां पहुंचे तो देखा कि दुकान की करकट की छत टूटी हुई थी और अंदर आग लगी थी। आग बुझाने के बाद दुकान चेक की गई तो सारा सामान बिखरा पड़ा था। चोर दुकान में रखे 22 हजार रुपए नकद और लगभग दो लाख रुपए की मशीनें व अन्य सामान लेकर भाग गए। आग से कुछ मशीनें खराब भी हो गईं। इस चोरी की जानकारी सुबह धनसार पुलिस को दी गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दुकान का जायजा लिया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक करना शुरू कर दिया है। पुलिस चोरों की पहचान और चोरी के तरीके की जांच कर रही है। थाना के ठीक बगल में हुई इस चोरी की घटना से आसपास के दुकानदारों को भी चिंता है। दुकानदारों का कहना है कि पुलिस स्टेशन से इतनी कम दूरी पर चोरी होना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है।
यमुनानगर शहर की विष्णुनगर जगाधरी वर्कशॉप मार्केट में सड़क पार कर रहे एक व्यक्ति को तेज रफ्तार बोलेरो पिकअप ने टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को पहले यमुनानगर के प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत नाजुक होने पर उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। परिजन उसे मुलाना स्थित एमएम अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद ड्राइवर पिकअप समेत मौके से फरार हो गया। मृतक की पहचान पुनीत कुमार (36), पुत्र गुरदयाल सिंह, निवासी बैंक कॉलोनी के रूप में हुई है। वह एक निजी कंपनी में नौकरी करता था और अपने पीछे पत्नी तथा दो बच्चों को छोड़ गया है। अंडे लेने के लिए सड़क क्रॉस कर रहा था फर्कपुर थाना पुलिस को दी शिकायत में बैंक कॉलोनी निवासी पूनम ने बताया कि उसकी शादी 2011 में पुनीत कुमार के साथ हुई थी। 13 सितंबर की शाम करीब चार बजे वह अपने पति के साथ घरेलू सामान खरीदने के लिए थ्री-व्हीलर से विष्णुनगर जगाधरी वर्कशॉप मार्केट गई थी। सामान खरीदने के बाद दोनों वापस घर जाने के लिए विष्णुनगर की मुख्य सड़क पर शराब ठेके के पास थ्री-व्हीलर का इंतजार कर रहे थे। सड़क के दूसरी तरफ अंडे की दुकानें थी। पूनम के अनुसार, उसका पति अंडे लेने के लिए सड़क पार करने लगा। वह ट्रैफिक देखते हुए सड़क के बीच बने डिवाइडर तक पहुंच गया। जैसे ही वह डिवाइडर पार कर दूसरी तरफ जाने लगा, तभी आईटीआई यमुनानगर की तरफ से तेज रफ्तार में आई बोलेरो पिकअप ने उसे सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पुनीत सड़क पर गिर गया और उसके सिर में गंभीर चोट लगी। आरोपी ने कुछ देर के लिए वाहन रोका, लेकिन भीड़ देख फरार हो गया। सोमवार को अस्पताल में तोड़ा दम पूनम के अनुसार हादसे के बाद एक राहगीर की मदद से पति को प्राइवेट अस्पताल लेकर पहुंची। वहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। इसके बाद पुनीत को मुलाना स्थित एमएम अस्पताल ले गए। यहां उपचार के दौरान सोमवार शाम पुनीत की मौत हो गई। थाना प्रभारी नसीब ने बताया कि अस्पताल से हादसे की सूचना मिलने के बाद जांच अधिकारी अस्पताल पहुंचे थे। पुनीत की हालत गंभीर होने के कारण उसका बयान दर्ज नहीं हो सका। बाद में मुलाना अस्पताल से उसकी मौत की सूचना मिलने पर पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की। मृतक की पत्नी के बयान के आधार पर आरोपी चालक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हापुड़ में मकान में लगी आग:गैस सिलेंडर के पास भड़की लपटें, दमकल ने पाया काबू
हापुड़ की आदर्श नगर कॉलोनी में मंगलवार सुबह एक मकान में आग लग गई। यह घटना पुल के पास एक रिहाइशी मकान में हुई, जहां गत्ते की नलकी बनाने का काम चल रहा था। सूचना मिलते ही हापुड़ फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया, जिससे कोई हताहत नहीं हुआ। जानकारी के अनुसार, पुल के पास आदर्श नगर कॉलोनी में करन सिंह के मकान में नरेश कुमार किराए पर रहते हैं। नरेश कुमार मकान के भीतर गत्ते की नलकी बनाने का काम करते थे, जिसमें गैस सिलेंडर का भी इस्तेमाल होता था। इसी दौरान लगभग 10 बजे अचानक गैस सिलेंडर के पास आग भड़क उठी। पूरे कमरे में धुआं और लपटें भर गईं देखते ही देखते आग तेजी से फैल गई और पूरे कमरे में धुआं और लपटें भर गईं। आग लगने की सूचना मंगलवार को फायर ब्रिगेड को दी गई। सूचना मिलते ही प्रभारी अग्निशमन अधिकारी अपनी टीम और फायर टेंडर के साथ तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुए। बिना समय गंवाए बचाव कार्य शुरू मौके पर पहुंचकर स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अधिकारी ने बिना समय गंवाए बचाव कार्य शुरू कराया। आग के फैलाव को देखते हुए तुरंत दूसरे फायर टेंडर को भी बैकअप के लिए मौके पर बुलवाया गया। फायर सर्विस की टीम ने दोनों फायर टेंडरों की मदद से लगातार पानी डालकर आग पर काबू पाया। अग्निशमन कर्मियों की तेजी से की गई कार्रवाई और कड़ी मशक्कत के चलते आग को आसपास की इमारतों में फैलने से पहले ही पूरी तरह बुझा दिया गया। इस आग में कमरे में रखे कपड़े, गत्ते का सामान, कच्चा माल और अन्य घरेलू सामग्री जलकर राख हो गई। FSO अरशद खान ने बताया कि दमकल विभाग की तेजी से की गई कार्रवाई से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और कोई हताहत नहीं हुआ।
महराजगंज-बांसपर रोड पर लंबा जाम:राहगीर एक से दो घंटे तक फंसे, नगरवासी और स्कूली बच्चे परेशान
महराजगंज कोतवाली से बांसपर जाने वाले रास्ते पर अक्सर जाम लग जाता है। इससे नगरवासियों और राहगीरों को बहुत दिक्कत होती है। जाम इतना लंबा होता है कि लोगों को एक से दो घंटे तक सड़क पर रुकना पड़ता है। गर्मी में जाम में फंसे लोगों की मुश्किल और बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि रास्ते पर गाड़ियों का दबाव बढ़ने से ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ जाती है। कई बार सड़क के दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी लाइन लग जाती है। इससे जरूरी काम से जाने वाले लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों, मरीजों और नौकरीपेशा लोगों को भी परेशानी होती है। जाम की वजह से लोगों का समय भी खराब होता है। नगरवासियों और राहगीरों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। उन्होंने समस्या का पक्का हल निकालने की मांग की है। मनोज कुमार, राजकुमार, आयुष और साधु यादव ने बताया कि जाम की समस्या से लोगों को रोजाना परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों से ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और जाम खत्म करने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है।
UP Election 2027: सवर्ण वोट साधने की तैयारी, बसपा खेरागढ़ से नीरज रावत को बनाएगी प्रत्याशी
UP Assembly Election 2027:बहुजन समाज पार्टी ने 2027 विधानसभा चुनाव के लिए खेरागढ़ से नीरज रावत को ब्राह्मण प्रत्याशी घोषित करने का फैसला किया है। यह कदम सवर्ण वोट बैंक को साधने की बसपा की रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत आगरा और अलीगढ़ मंडल में ब्राह्मण व ठाकुर प्रत्याशियों पर दांव लगाया जा रहा है।
बरेली में सोमवार को राधा गोविंद इंटर कॉलेज, महमूदापुर में छात्र सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में विद्यालय में शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कर नियमित रूप से अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप एक-एक साइकिल पुरस्कार में दी गई। साइकिल पाने वाले विद्यार्थियों में कक्षा 9 के केशव, मीनाक्षी और अनामिका तथा कक्षा 10 के दीपक और शेखर शामिल रहे। विद्यालय प्रबंधन ने विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और शिक्षा के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए अन्य छात्रों को भी उनसे प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक टीआर गंगवार, आरके कश्यप, रमेश गंगवार, प्रधानाचार्य राजकुमार सिंह सहित समस्त विद्यालय स्टाफ मौजूद रहा।
बड़वानी जिले में बारिश के बाद सरकारी इंतजामों की हकीकत सामने आई है। जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर मोहनपुरा गांव में सरस्वती शिशु विद्या मंदिर का खेल मैदान हर साल बारिश में तालाब बन जाता है। इस स्कूल में करीब 120 बच्चे पढ़ते हैं। जलभराव के बाद इन बच्चों को कीचड़ और पानी के बीच से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है। इससे उनके कपड़े और स्कूल बैग भी खराब हो जाते हैं। कक्षा 8वीं की छात्रा अभिलाषा चौहान ने बताया कि हर बार बारिश की वजह से नाली बंद हो जाती है। इससे पानी नाली से बाहर निकलकर स्कूल मैदान में आ जाता है। ज्यादा बारिश होने पर मैदान तालाब जैसा दिखने लगता है। स्थानीय लोगों और स्कूल स्टाफ का कहना है कि हर साल बारिश में यही हाल होता है। मैदान के पास एनवीडीए की बनाई हुई नाली है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि नाली का निर्माण सही तरीके से नहीं हुआ है। इस कारण पानी की निकासी नहीं हो पाती। नाली का लेवल मैदान से ऊंचा ग्रामीण अशोक शारदे ने बताया कि नाली का लेवल मैदान से ऊंचा है। इसी वजह से बारिश का पानी मैदान में जमा हो जाता है। पानी निकालने के बाद भी मैदान में कीचड़ की समस्या बनी रहती है। बारिश में होती है समस्या स्कूल प्राचार्य नरेंद्र तोमर ने बताया कि पुनर्वास के लिए एनवीडी विभाग के द्वारा नालियों का निर्माण किया गया था। जो घटिया निर्माण किया गया है। जब भी बारिश होती है तो नालियां चौक हो जाती है और ओवरफ्लो होने के कारण पानी पूरे मैदान में इक्कठा हो जाता है। इससे स्कूल के बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मौके पर जाकर समस्या का समाधान करेंगे एनवीडीए इंजीनियर आरएन जमोरिया ने बताया कि पुनर्वास स्थल के लिए नालियों का निर्माण किया गया है। बारिश के कारण नालियां बंद होने से पानी स्कूल मैदान में जमा हो रहा है। उन्होंने कहा कि मामला अब उनके संज्ञान में आया है। आज ही मौके पर जाकर देखा जाएगा कि नालियां किस कारण जाम हो रही हैं और समस्या का समाधान किया जाएगा।
झारखंड हाई कोर्ट ने सीजीएल परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश पर रोक बरकरार रखी है, अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी।
एटा जिले में दिव्यांगों ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम एक पांच सूत्रीय ज्ञापन उपजिलाधिकारी ए आर फारूखी को सौंपा। यह प्रदर्शन आदर्श दिव्यांग उत्थान समिति के बैनर तले मंगलवार दोपहर 12 बजे कलेक्ट्रेट स्थित धरना स्थल पर हुआ। इस दौरान दर्जनों दिव्यांग एकत्रित हुए और अपनी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। संगठन के प्रबंधक जी के आर एस राजपूत के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया गया। दिव्यांगों ने आयुष्मान कार्ड का लाभ, हर महीने पांच हजार रुपए पेंशन, 200 यूनिट मुफ्त बिजली और परिवहन सुविधा बहाल करने की मांग की। इसके साथ ही, आरटीओ कार्यालय से दिव्यांगों के लाइसेंस जारी करने की भी मांग उठाई गई। जी के आर एस राजपूत ने बताया कि वे पहले भी कई बार जिला प्रशासन को लिखित ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। राजपूत ने यह भी बताया कि साल 2014 से पहले निगम की बसों, एसी और स्लीपर बसों में दिव्यांगों को सुविधा मिलती थी, लेकिन उस सरकार ने यह नियम खत्म कर दिया। अब ग्रामीण बसों में भी दिव्यांगों को घुसने नहीं दिया जाता, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है। उन्होंने इन सुविधाओं को फिर से शुरू करने की मांग की।
धार जिले के पीथमपुर सेक्टर-3 स्थित इंडोरामा क्षेत्र की मित्तल कंपनी में मंगलवार सुबह करीब 11 बजे तेज धमाका हुआ। कंपनी में नाइट्रोजन गैस के रिसीवर टैंक का निचला हिस्सा फट गया। धमाके की आवाज से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और फैक्ट्री में काम कर रहे कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। तीन मजदूर घायल, दो की हालत गंभीर हादसे में तीन मजदूर घायल हुए हैं। स्थानीय कर्मचारियों और राहत दल ने घायलों को बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद सभी को श्रीनाथ प्राइवेट हॉस्पिटल भेजा गया। इनमें दो मजदूरों की हालत नाजुक बताई जा रही है। पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची विस्फोट की सूचना मिलते ही पुलिस बल, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहत और बचाव कार्य चलाकर स्थिति को नियंत्रित किया गया। फिलहाल फैक्ट्री परिसर में स्थिति सामान्य बताई जा रही है। विस्फोट किस वजह से हुआ, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। प्रशासनिक अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम हादसे के कारणों की जांच कर रही है। जांच के बाद ही विस्फोट की वास्तविक वजह सामने आएगी। घायलों में तीन कर्मचारी शामिल घायलों की पहचान शिवम शर्मा (30), पिता मधुसूदन शर्मा, निवासी जाओरा कॉलोनी, सेक्टर-3 पीथमपुर; पुखराज पाटीदार (46), पिता बाबूलालजी पाटीदार, निवासी घाटा बिल्लोद और सतेंद्र राठौर (41), पिता शिवराज सिंह राठौर, निवासी भोजपुरी कॉलोनी, थाना बेटमा, जिला इंदौर के रूप में हुई है।
एसएन मेडिकल कॉलेज में मरीजों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए अब दो नए ओपीडी कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे। दोनों भवनों का निर्माण कार्य अगले महीने से शुरू होने की तैयारी है। करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इन कॉम्प्लेक्स को लगभग डेढ़ साल में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। नए ओपीडी भवन बनने के बाद मरीजों को जांच और इलाज की सुविधाएं ज्यादा व्यवस्थित तरीके से मिल सकेंगी। एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना करीब 3 हजार मरीज पहुंचते हैं, जबकि मौजूदा रजिस्ट्रेशन और ओपीडी ब्लॉक की क्षमता करीब 2 हजार मरीजों की है। क्षमता से ज्यादा मरीज आने के कारण यहां रोज भीड़ लगती है। ओपीडी हॉल भरने के बाद मरीजों की कतार बाहर तक पहुंच जाती है। कई मरीजों को डॉक्टर को दिखाने और जांच के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। पुराने ओपीडी कॉम्प्लेक्स को भी किया जाएगा दो मंजिला नए कॉम्प्लेक्स के साथ मौजूदा ओपीडी व्यवस्था में भी बदलाव किया जाएगा। वर्तमान ओपीडी कॉम्प्लेक्स-1 में 10 से अधिक विभागों के मरीज आते हैं। भीड़ कम करने के लिए पुराने कॉम्प्लेक्स को दो मंजिला किया जाएगा। इसके बाद कुछ विभागों को नए स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा। एमसीएच बिल्डिंग के पास बनेगा दूसरा कॉम्प्लेक्स दूसरा नया ओपीडी कॉम्प्लेक्स स्त्री रोग विभाग की एमसीएच बिल्डिंग के पास बनाया जाएगा। इसके पास ही बाल रोग विभाग के लिए नया अस्पताल भी बनाया जा रहा है। इससे इस क्षेत्र में आने वाले मरीजों के लिए ओपीडी और इलाज की सुविधाओं को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकेगा। 10 करोड़ की लागत, डेढ़ साल में पूरा होगा काम प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता के अनुसार, दोनों ओपीडी कॉम्प्लेक्स पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे। निर्माण कार्य अगले महीने शुरू होगा और करीब 18 महीने में दोनों भवन तैयार करने का लक्ष्य है। नए कॉम्प्लेक्स शुरू होने के बाद मौजूदा ओपीडी पर मरीजों का दबाव कम होगा और उन्हें बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
वाराणसी के कमालपुरा वार्ड में सीवर की समस्या से आम जनमानस परेशान है। जी मेडिकल स्टोर से छैमुहानी तक रोजाना सुबह 8 बजे से 1 बजे दोपहर तक सीवर सड़क पर बहता है। जलमल से होकर लोगों को गुजरना पड़ता है। यह कमालपुरा वार्ड का रास्ता है। पार्षद के अनुसार एक महीने से यह समस्या है। इस समस्या के समाधान के लिए नगर आयुक्त से मिलकर एक लेटर भी दिया पर अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। देखें तीन तस्वीरें… सीवर के पानी लगने से हो रही दिक्कत स्थानीय पार्षद गुलशन अली अंसारी ने बताया - मेरे वार्ड में जैतपुरा छैमुहानी से बड़ी बाजार तक सीवर का पानी रोजाना लग रहा है। जिससे क्षेत्र की जनता काफी परेशान है। इस रोड पर 7 स्कूल और मदरसा है। जिसमें आने जाने वाले बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रोज सुबह 8 बजे से एक बजे तक पानी लगा रहता है। जिससे काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। दिन भर लग रहा है जाम गुलशन अंसारी ने बताया - दिन भर जाम लगा रहता है। क्योंकि रोड सकरी है। ऊपर से सीवर का पानी हर तरफ लगा रहता है। हमने कई बार निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों से कई बार कहा पर कोई सुनवाई नहीं हुई। बस यही कहा जाता है कि आज ठीक हो जाएगा और कल ठीक हो जाएगा। ऐसे में समस्या बढ़ती जा रही है। लोग परेशान हैं। एसटीपी की क्षमता बढ़ानी पड़ेगी गुलशन ने बताया - सोमवार को जब समस्या बढ़ गयी तो मैंने नगर आयुक्त को यहां की वीडियो फोटो भेजी तो उन्होंने मुझे साढ़े 12 बजे मिलने के लिए बुलाया था। इसके बाद मै वहां गया और नगर आयुक्त को समस्या से अवगत कराया। उन्हें बताया की जो हमारा पाइप 8 इंच का है। मात्र 80 एमएलडी की एसटीपी की क्षमता है और इस समय आबादी बढ़ने के बाद 250 एमएलडी की क्षमता का चाहिए। जब तक नई एसटीपी नहीं बनेगी यह समस्या बनी रहेगी। नगर निगम और जलकल कोई ध्यान नहीं दे रहा है। फरवरी में मांगी थी बकेट मशीन से सफाई गुलशन ने कहा - हमने फरवरी माह में ही हमने इसपर बकेट मशीन लगवाने की बात कही थी। लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला लेकिन आज तक सिल्ट नहीं साफ की गई। इससे समस्या और बढ़ गयी है। उन्होंने बताया नगर आयुक्त ने रात में बकेट मशीन लगाने का आश्वासन दिया था पर वो अभी तक नहीं लगी। जिससे समस्या जस की तस है।
हिसार स्थित लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) ने क्लर्क पद की लिखित परीक्षा (WTR-2023) का परिणाम रिकॉर्ड समय में जारी कर एक मिसाल कायम की है। 13 सितंबर को परीक्षा खत्म होने के महज 12 घंटे के भीतर विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूरी पारदर्शी प्रक्रिया के साथ रिजल्ट घोषित कर दिया। 13 सितंबर की शाम परीक्षा समाप्त होते ही कुलपति प्रो. (डॉ.) विनोद कुमार वर्मा के मार्गदर्शन में परीक्षा नियंत्रक डॉ. विजय जाधव और अधिकारियों की पूरी टीम कॉपियां जांचने और परिणाम तैयार करने में जुट गई। बता दें कि लुवास क्लर्क भर्ती में कुल आवेदन 14,039 आए थे। इसमें 6,631 अभ्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे और 7,408 अनुपस्थित रहे। हिसार शहर में बनाए गए 27 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। नकल रोकने के कड़े इंतजाम किए परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी या दूसरे की जगह परीक्षा देने की कोशिश को रोकने के लिए हाईटेक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। सभी अभ्यर्थियों की फोटोग्राफी, बायोमीट्रिक और आईरिस स्कैनिंग की गई। मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद मुख्य द्वार पर चेकिंग के बाद ही प्रवेश मिला। मोबाइल या किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल रोकने के लिए सेंटर्स पर नेटवर्क जैमर लगाए गए थे। वीसी ने खुद संभाली कमान, सुबह 4 बजे तक रुकी टीमपरीक्षा के दौरान कुलपति प्रो. (डॉ.) विनोद कुमार वर्मा और ओएसडी डॉ. रविंद्र ने कई केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। परीक्षा समाप्त होते ही कुलपति की देखरेख में कंट्रोलर डॉ. विजय जाधव और उनकी टीम परिणाम तैयार करने में जुट गई। पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए कुलपति खुद सुबह 4 बजे तक यूनिवर्सिटी में डटे रहे, जिसके बाद पारदर्शी तरीके से परिणाम अंतिम रूप में तैयार हुआ।
कानपुर: आधी सड़क पर गेस्ट हाउस के कचरे का ढेर; बदबू से राहगीर परेशान
कानपुर: आधी सड़क पर गेस्ट हाउस के कचरे का ढेर; बदबू से राहगीर परेशान
जम्मू के पलौड़ा इलाके में चोरों ने एक घर की लोहे की ग्रिल काटकर लाखों के सोने-चांदी के आभूषण चुरा लिए। परिवार के सोते रहने के दौरान हुई इस वारदात की सूचना मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
कानपुर: बेजुबानों के लिए भी आफत बनी गंगा की बाढ़, पानी में फंसे कुत्ते
कानपुर: बेजुबानों के लिए भी आफत बनी गंगा की बाढ़, पानी में फंसे कुत्ते
कानपुर: नानामऊ घाट पर गंगा में कूदा युवक, तलाश जारी
कानपुर: नानामऊ घाट पर गंगा में कूदा युवक, तलाश जारी
स्पाइसजेट की दिल्ली से दुबई जाने वाली दो फ्लाइट 24 घंटे से ज्यादा लेट हो गईं। देरी से परेशान करीब 200 यात्रियों ने मंगलवार को दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 के अंदर जमीन पर बैठकर प्रदर्शन किया। यात्री सोमवार से अपने फ्लाइट का इंतजार कर रहे थे। हालांकि, बिना कोई स्पष्ट कारण बताए दोनों फ्लाइट का शेड्यूल बार-बार बदला गया। दोनों फ्लाइट मंगलवार दोपहर तक उड़ान नहीं भर सकीं। इनमें पहली फ्लाइट, SG 5111 को सोमवार सुबह 8:30 बजे दिल्ली से उड़ना था और 11:15 बजे दुबई पहुंचना था। वहीं, SG 5105 को रात 10:10 बजे उड़ान भरनी थी और 12:55 बजे दुबई पहुंचना था। एक विमान ग्राउंडेड होने से बढ़ी परेशानी स्पाइसजेट के मुताबिक, एक विमान ग्राउंडेड होने के बाद ऑपरेशनल कारणों से दोनों फ्लाइट में देरी हुई। एयरलाइन ने प्रभावित यात्रियों को दूसरी फ्लाइट से भेजने की व्यवस्था शुरू की है। एयरलाइन के प्रवक्ता ने यात्रियों को हुई परेशानी पर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि प्रभावित यात्रियों को जल्द से जल्द उनके डेस्टिनेशन तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। स्पाइसजेट ने कहा कि वैकल्पिक फ्लाइट की व्यवस्था की जा रही है और यात्रियों को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। स्पाइसजेट के ऑपरेशन पर नजर स्पाइसजेट हाल के समय में कई चुनौतियों का सामना कर रही है। पिछले हफ्ते नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा था कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA एयरलाइन की वित्तीय स्थिति और ऑपरेशन पर करीबी नजर रख रहे हैं। ----------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… 3 इटालियन नागरिक बिना इमिग्रेशन जांच के दिल्ली से निकले:एअर इंडिया के सिस्टम में चूक का दावा, सरकार ने 7 दिन में जवाब मांगा तीन इटालियन नागरिक बिना इमिग्रेशन जांच के दिल्ली से म्यूनिख चले गए। उन्होंने 4 सितंबर की सुबह लुफ्थांसा की फ्लाइट LH-763 से उड़ान भरी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस मामले में सोमवार को एअर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एयरलाइन से सात दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। पूरी खबर पढ़ें…
खरगोन जिले के टांडा बरुड़ में हरतालिका तीज पर रबड़ी खाने के बाद करीब 37 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। इनमें महिलाएं, बच्चे और पुरुष शामिल हैं। सोमवार रात उपवास के चलते लोगों ने बस स्टैंड स्थित कैलाश होटल से रबड़ी खरीदकर खाई थी। देर रात एक के बाद एक लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी। इसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। खरगोन में 17 मरीज पहुंचे, 8 जिला अस्पताल में भर्ती सिविल सर्जन डॉ. राजकुमारी देवड़ा के अनुसार, खरगोन में 17 मरीज अस्पताल पहुंचे हैं। इनमें 4 बच्चों समेत 8 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। कुछ मरीजों का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। सभी की हालत स्थिर बताई गई है। वहीं, करीब 20 मरीजों का इलाज टांडा बरुड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सभी मरीजों की स्थिति स्थिर है और उपचार के बाद उनमें सुधार हो रहा है। बीमार लोगों में अकिला समेत एक मुस्लिम परिवार के पांच सदस्य भी शामिल हैं। रबड़ी खाने के बाद उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया। खाद्य विभाग ने रबड़ी के सैंपल लिए घटना की सूचना मिलने के बाद मंगलवार सुबह एसडीएम सत्येंद्र बैरवा अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मरीजों की स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद बरुड़ पुलिस ने कैलाश होटल पहुंचकर मामले की जांच शुरू की। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने होटल से रबड़ी के सैंपल लिए हैं। इन्हें जांच के लिए भेजा गया है। एसडीएम ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा बीमारी का कारण प्रशासन के अनुसार, शुरुआती तौर पर रबड़ी खाने के बाद फूड पॉइजनिंग की आशंका है। हालांकि इसकी वास्तविक वजह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस भी घटना से जुड़े तथ्यों और होटल से संबंधित जानकारी जुटा रही है। बीमार लोगों में मदन कुमरावत, सुनीता भावसार, मोनिका कुंदन राठौर, संजय कुमरावत, प्रतीक्षा कमल, गायत्री कमल, मनीषा दिनेश, मदन छगन, निकिता मंडलोई, राधा मंडलोई सहित अन्य लोग शामिल हैं।
कानपुर: नवीन गंगापुल से निकल रहे भारी वाहन, अध्यक्ष प्रतिनिधि ने सीओ से की रोक की मांग
कानपुर: नवीन गंगापुल से निकल रहे भारी वाहन, अध्यक्ष प्रतिनिधि ने सीओ से की रोक की मांग
धौलपुर के ऐतिहासिक तीर्थराज मचकुंड सरोवर पर मंगलवार को ऋषि पंचमी का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। सुबह से ही सरोवर पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। हजारों महिलाओं ने मचकुंड में आस्था की डुबकी लगाई और पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। साधु-संतों ने भी सरोवर में स्नान किया और धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया। ऋषि पंचमी के मौके पर महिलाओं ने सप्त ऋषियों की कथा सुनी। उन्होंने मचकुंड परिसर के मंदिरों में भी पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने साधु-संतों को दान-दक्षिणा दी और भोजन भी कराया। दिनभर मचकुंड परिसर में धार्मिक गतिविधियां और भजन-कीर्तन होते रहे। देव छठ पर उमड़ेगा आस्था का सैलाबमचकुंड का प्रसिद्ध वार्षिक लक्खी मेला ऋषि पंचमी से देव छठ तक लगता है। ऋषि पंचमी पर संत समाज के शाही स्नान के साथ मेले की शुरुआत हुई। देव छठ के दिन सरोवर में मुख्य पर्व स्नान होगा। इस दौरान राजस्थान के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। देव छठ पर नवविवाहित जोड़े शादी के दौरान पहनी जाने वाली मोहरियों और कलंगियों को मचकुंड सरोवर में विसर्जित करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस परंपरा से नए जोड़े सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हैं। सभी तीर्थों का भांजा है तीर्थराज मचकुंडधार्मिक मान्यताओं के चलते तीर्थराज मचकुंड को सभी तीर्थों का भांजा कहा जाता है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने राक्षस कालयवन को मारने के लिए राजा मुचुकुंद की दिव्य शक्ति का इस्तेमाल किया था। इसी पौराणिक कहानी के कारण मचकुंड की धार्मिक अहमियत है। महंत कृष्णदास ने बताया कि ऋषि पंचमी से देव छठ तक हर साल मचकुंड में प्रसिद्ध लक्खी मेला लगता है। इस मेले में दूर-दराज के इलाकों से हजारों श्रद्धालु आते हैं और धार्मिक परंपराओं में शामिल होकर पुण्य कमाते हैं।
राजधानी के वीआईपी रोड स्थित शगुन फार्म्स में 26 और 27 सितंबर को मेमन समाज का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। हालाई मेमन जमात की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में देशभर के समाज के पदाधिकारी और सदस्य शामिल होंगे। सम्मेलन की तैयारियों को लेकर सोमवार रात होटल वेनिंगटन कोर्ट में बैठक हुई। इसमें आयोजन की व्यवस्थाओं और अलग-अलग जिम्मेदारियों को लेकर चर्चा की गई। यंग मेमन, मोहल्ला समिति, मेमन लेडीज विंग और मेमन फेमिनाज़ से जुड़े सदस्य भी आयोजन में सहयोग करेंगे। देशभर से 500 से अधिक मेंबर होंगे शामिल बैठक में मेमन समाज के अध्यक्ष अख्तर भाई ढेबर, हनीफ भाई गंज, तौहीद जादा, जुनैद भाई थारा, ऑल इंडिया मेमन जमात के रीजनल वाइस प्रेसिडेंट अय्यूब भाई पारेख, जोनल सेक्रेटरी आरिफ भाई रावानी, रायपुर मेमन समाज के पूर्व अध्यक्ष रशीद भाई मोकाती, उस्मान भाई मोकाती, जब्बार भाई गंज, अकरम भाई सलाट, हनीफ भाई उमरानी और अनीस भाई लाम्बा सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। यंग मेमन कमेटी से जावेद ईशानी और मुश्ताक पटेल भी शामिल हुए। बिलासपुर मेमन समाज के अध्यक्ष जहांगीर भाभा सहित अन्य सदस्य भी बैठक में पहुंचे। वीआईपी रोड स्थित शगुन फार्म्स में होगा आयोजन आयोजकों के अनुसार सम्मेलन में ऑल इंडिया मेमन जमात फेडरेशन के अध्यक्ष इकबाल मेमन ऑफिसर, ऑल इंडिया यंग मेमन विंग के अध्यक्ष इमरान भाई फ्रूटवाला सहित अन्य पदाधिकारी शामिल होंगे। अफ्रीका, दक्षिण अफ्रीका, पूर्वी अफ्रीका, दुबई, अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप और बांग्लादेश से करीब 12 प्रतिनिधियों के पहुंचने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा देशभर से 500 से अधिक मेमन समाज के अध्यक्ष और सचिवों के शामिल होने की संभावना है। आयोजकों ने रायपुर और छत्तीसगढ़ के मेमन समाज के सदस्यों से सम्मेलन में शामिल होने की अपील की है। सम्मेलन में समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा और आपसी संपर्क बढ़ाने पर जोर रहेगा। आयोजन 26 और 27 सितंबर को वीआईपी रोड स्थित शगुन फार्म्स में होगा।
शाजापुर में मौसम बदलने का असर लोगों की सेहत पर दिख रहा है। जिला अस्पताल में पिछले एक हफ्ते से वायरल फीवर, सर्दी-खांसी और बदन दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। मंगलवार दोपहर तक अस्पताल की ओपीडी में 400 से ज्यादा मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इनमें ज्यादातर मरीज मौसमी बीमारियों और बुखार से पीड़ित थे। मरीजों की संख्या बढ़ने से ओपीडी में भीड़ दिख रही है। इन दिनों कभी गर्मी, कभी ठंडक और बारिश के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव हो रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, ऐसे मौसम में वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। अस्पताल आ रहे ज्यादातर मरीजों में बुखार के साथ सर्दी-खांसी और बदन दर्द जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। जिला अस्पताल के डॉ. अरुण पाटीदार ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से वायरल फीवर के मरीज बढ़े हैं। सबसे ज्यादा मरीज बुखार, सर्दी-खांसी और बदन दर्द की शिकायत लेकर आ रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि बुखार को सामान्य मानकर नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से जांच कराएं। डॉक्टरों ने बदलते मौसम में भीगने से बचने, साफ पानी पीने, आसपास सफाई रखने और खान-पान का ध्यान रखने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि बुखार या सर्दी-खांसी होने पर खुद दवा लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह लें। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आने वाले दिनों में मौसमी बीमारियों के मामले और बढ़ने की आशंका है।
रामनगर की विश्वप्रसिद्ध रामलीला में आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। रामलीला के धार्मिक अनुष्ठानों की कड़ी में द्वितीय श्री गणेश पूजन विधि-विधान से संपन्न हुआ। करीब दो घंटे तक चले पूजन, संकल्प और रामचरितमानस के पाठ के दौरान रामनगर का वातावरण पूरी तरह राममय और भक्तिमय बना रहा। गणेश वंदना और नारद वाणी में मानस की चौपाइयों के गायन ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति कराई। वाराणसी के रामनगर की विश्व प्रसिद्ध रामलीला 25 सितंबर 2026 अनंत चतुर्दशी से विधिवत शुरू होगी। पूजन की शुरुआत भगवान गणेश की वंदना से हुई। रामायणी दल ने नारद वाणी में विनयपत्रिका की पंक्ति ‘गाइए गणपति जग वंदन, शंकर सुवन भवानी के नंदन’ का भावपूर्ण गायन किया। मंगलाचरण की भक्तिमय प्रस्तुति के बीच श्रद्धालु भक्ति में डूबे नजर आए। इसके बाद ‘मागत तुलसीदास कर जोरे। बसहु राम-सिय मानस मोरे॥’ का पाठ हुआ। इस पंक्ति के माध्यम से प्रभु श्रीराम और माता सीता के हृदय में वास की कामना की गई। राजा, प्रजा और श्रद्धालुओं के कल्याण का लिया संकल्प रामनगर रामलीला की वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार रामलीला अधिकारी पाठक जी ने जजमान के रूप में पंडित रामनारायण पांडेय से संकल्प पूजन कराया। संकल्प में रामलीला के निर्विघ्न और सफल आयोजन के साथ राजा, प्रजा, लीला देखने और सुनने वाले श्रद्धालुओं तथा आयोजन से जुड़े सभी कार्यकर्ताओं के कल्याण की कामना की गई। पंडित रामनारायण पांडेय और शांत नारायण पांडेय ने वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ पूजन संपन्न कराया। अनुष्ठान में रामलीला के पंच स्वरूप श्रीराम, सीता, भरत, शत्रुघ्न और लक्ष्मण के साथ वशिष्ठ, दशरथ, रामलीला व्यास, रामायणी दल और अन्य सहायक पात्र शामिल रहे। पूजन के बाद रामचरितमानस के बालकांड में मंगलाचरण से सात दोहे तक का नारद वाणी में पाठ किया गया। मानस की चौपाइयों और पदों का गायन सुनकर लीला प्रेमी श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालुओं को रामकथा के माध्यम से मर्यादा, संस्कार, श्रद्धा और जीवन मूल्यों को आत्मसात करने का संदेश भी मिला। 229 साल पुरानी परंपरा, 40 खुले मंचों पर जीवंत होती है रामकथा रामनगर की रामलीला करीब 229 साल पुरानी परंपरा है। इसकी अनूठी प्रस्तुति और सांस्कृतिक विरासत को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में भी स्थान मिला है। करीब 10 किलोमीटर के दायरे में 40 खुले मंचों पर रामचरितमानस के प्रसंगों का मंचन होता है। यही वजह है कि रामनगर की रामलीला को दुनिया की सबसे बड़ी और अनूठी रामलीलाओं में शामिल किया जाता है। करीब 30 दिनों तक चलने वाली इस रामलीला में देश-विदेश से पांच लाख से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। इन दिनों रोजाना रात करीब 10 बजे तक 10 से 20 हजार दर्शक अलग-अलग लीला स्थलों पर पहुंच रहे हैं। वहीं प्रमुख प्रसंगों वाले दिनों में दर्शकों की संख्या एक लाख तक पहुंच जाती है।
मंदसौर जिले के गरोठ थाना क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह करीब 4:30 बजे एक सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। दरअसल, हरियाणा से कुछ श्रद्धालु सांवरिया सेठ और खाटू श्याम जी के दर्शन के लिए निकले थे। इस दौरान उनकी तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से टकरा गई। हादसे में कार सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही गरोठ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मृतकों व घायल की पहचान की। मृतकों में गुड़गांव, हरियाणा के सिकंदरपुर निवासी अरविंद अहीर (39), नाथूपुर निवासी बिन्दर अहीर (33) और अलवर, राजस्थान के बहरोड़ थाना क्षेत्र के पहेल निवासी कैलाश चंद्र गुर्जर (34) शामिल हैं। वहीं, गुड़गांव (हरियाणा) के जितेंद्र अहीर (40) गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायल बोला- ट्रक बिना लाइट के खड़ा था, इस कारण कार ट्रक में जा घुसी अस्पताल में भर्ती घायल जितेंद्र ने बताया कि हादसा तड़के हुआ, जब तेज बारिश हो रही थी और चारों तरफ अंधेरा था। एक्सप्रेसवे पर एक ट्रक बिना किसी इंडिकेटर या लाइट के खड़ा था। कम दृश्यता के कारण कार सीधे ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी। गरोठ थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। सभी मृतकों के शवों को सिविल अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में रखा गया है। परिजनों के गरोठ पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम कर शव उन्हें सौंप दिए जाएंगे।
निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर में मंगलवार को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बाबू भगवान दास वर्मा की 13वीं पुण्यतिथि मनाई गई। इस अवसर पर सिद्धिविनायक गार्डन में ‘शौर्य स्मृति’ स्मारिका का विमोचन किया गया। यह कार्यक्रम सिर्फ पुण्यतिथि समारोह नहीं था, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को याद करने का मौका भी था। सिद्धिविनायक गार्डन में कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। इसके बाद अतिथियों और मौजूद लोगों ने बाबू भगवान दास वर्मा के चित्र पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में अलग-अलग राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, अधिकारी, वकील, पत्रकार और बड़ी संख्या में साहित्यकार शामिल हुए। साहित्यकारों द्वारा लिखी गई ‘शौर्य स्मृति’ स्मारिका का विधिवत विमोचन किया गया। इस स्मारिका में बाबू भगवान दास वर्मा के व्यक्तित्व, उनके कामों, स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान और उनके सामाजिक सरोकारों को शब्दों में संजोया गया है। इस दौरान पूर्व विधायक डॉ. शिशुपाल सिंह यादव ने बाबू भगवान दास वर्मा के नाम पर एक संग्रहालय बनाने की मांग रखी। कार्यक्रम की अध्यक्षता सर्वाेदय मंडल के संयोजक और गांधीवादी-समाजवादी चिंतक कैलाश रावत ने की। उन्होंने बाबू भगवान दास वर्मा को महात्मा गांधी का असल वारिस बताया। रावत ने कहा कि बाबूजी सिर्फ स्वतंत्रता सेनानी नहीं थे, बल्कि त्याग और तपस्या की जीती-जागती मिसाल थे। कैलाश रावत ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान बाबू भगवान दास वर्मा के संघर्ष को याद किया। उन्होंने बताया कि बाबूजी ने अपनी सुख-सुविधाओं की चिंता किए बिना राष्ट्रहित को सबसे ऊपर रखा और गांधीवादी विचारों को अपने जीवन में अपनाया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा के पूर्व विधायक डॉ. शिशुपाल सिंह यादव रहे। उन्होंने बाबू भगवान दास वर्मा के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, त्याग, बलिदान और संघर्ष को नमन किया। पुस्तकालय स्थापित करने की घोषणा
मुजफ्फरनगर में किशोरी अपहरण के आरोपी के पिता की गोली मारकर हत्या, हाईवे किनारे मिला शव
मुजफ्फरनगर में किशोरी अपहरण के आरोपी के पिता की गोली मारकर हत्या, हाईवे किनारे मिला शव
मेरठ: मवाना तहसील के खिलाफ कमिश्नरी पर किसानों का धरना, जिलाध्यक्ष बोले- मांगें पूरी होने तक नहीं उठेंगे
शिमला: 24 घंटे पेयजल योजना पर मेयर सख्त, कंपनी से मांगा काम, कनेक्शन और खर्च का पूरा हिसाब
शिमला: 24 घंटे पेयजल योजना पर मेयर सख्त, कंपनी से मांगा काम, कनेक्शन और खर्च का पूरा हिसाब
पुंछ दौरे पर डीजीपी नलिन प्रभात ने सीमा पार से घुसपैठ रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश दिए।
दिल्ली: दाल की कटोरी में गिरगिट मिलने के आरोप पर जामिया ने बैठाई जांच, सीसीटीवी फुटेज खंगालेगी समिति
जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने हॉस्टल मेस में छात्र की दाल की कटोरी में गिरगिट मिलने के आरोप की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया है।
कोटा नगर निगम चुनाव में 97 सीटों के नतीजे सामने आ चुके हैं। वहीं, तीन बूथों पर फिर से मतदान होगा। नतीजों के अनुसार कोटा में बीजेपी का बोर्ड बना है। चुनाव में बीजेपी को 97 में से 55 सीट और कांग्रेस को 38 सीट मिली हैं। कांग्रेस के वो बडे़ चेहरे चुनाव हार गए, जिनका नाम मेयर के लिए चल रहा था। बीजेपी का भी एक चेहरा मेयर के लिए चर्चा में था, लेकिन चुनाव हार गया। बीजेपी और कांग्रेस अपनी ही पार्टी के रह चुके नेताओं से हार गई। आगे पढ़ें बीजेपी और कांग्रेस में मेयर पद के बड़े चेहरे कौन… रामगंजमंडी विधानसभा का वार्ड दो, देव बाई हारी चुनाव कांग्रेस से मेयर पद की दावेदार देव बाई गुर्जर चुनाव हार गई हैं। यहां मुकाबला त्रिकोणीय हो गया था। इस वार्ड पर देव बाई के सामने बीजेपी की पारस कंवर चुनाव लड़ी थी। पारस को 2038 वोट मिले और देवबाई को 1448 वोट ही मिले। इस वार्ड में दौलतगंज निवासी निर्दलीय प्रत्याशी माया गुर्जर भी मैदान में थी। ऐसे में गुर्जर वोट कट गए। यहां गुर्जर वोटों में सेंधमारी और त्रिकोणीय मुकाबला फंसने से देव बाई चुनाव हार गई। कोटा दक्षिण से पूर्व पार्षद रही अनुभवी नेता हारी कोटा दक्षिण के वार्ड 57 में कांग्रेस ने पूर्व पार्षद और अनुभवी नेता अमोलक देवी को चुनाव मैदान में उतारा। उनका मुकाबला सुनीता सेन से था। सुनीता संघ समर्थित थीं। अमोलक कांग्रेस की दो बार पार्षद रह चुकीं है। वार्ड में सुनीता सेन को राष्ट्रीय सेविका समिति और संघ का पूरा सपोर्ट मिला। संघ कार्यकर्ताओं ने घर घर जाकर लोगों से बात की। ऐसे में यहां बीजेपी की जीत हुई। बीजेपी की सुनीता को यहां से 2024 वोट मिले और अमोलक देवी को 1975 वोट मिले। वार्ड 84 में कांग्रेस से बीजेपी में आई प्रत्याशी जीती वार्ड 84 में कांग्रेस प्रत्याशी सीमा यादव के सामने भाजपा की प्रमिला वर्मा ने चुनाव लड़ा। प्रमिला वर्मा पहले भी पार्षद रह चुकीं। पिछला चुनाव प्रमिला ने कांग्रेस से लड़ा था। इस बार भाजपा में शामिल होने के बाद चुनाव लड़ा। ऐसे में इस वार्ड में कांग्रेस के पारंपरिक वोट, पार्टी और चेहरे के बीच फंस गए। ऐसे में प्रमिला यहां से चुनाव जीतने में सफल रही। अब प्रमिला बीजेपी के मेयर चेहरे की दौड़ में है। यहां सीमा को 1310 वोट मिले, जबकि प्रमिला को 1550 वोट मिले। वार्ड 71 में बागी होकर चुनाव लड़वाया, दोनों पार्टी प्रत्याशी हारे वार्ड 71 में त्रिकोणीय मुकाबला रहा। यहां से कांग्रेस की प्रत्याशी सविता सुवालका मेयर पद के दावेदार थी। पति राजेन्द्र सुवालका पूर्व पार्षद रह चुके हैं। यहां पर भाजपा ने मीनाक्षी सेन को मैदान में उतारा था। लेकिन भाजपा से बागी होकर अजय चौधरी ने पत्नी वंदना को निर्दलीय मैदान में उतारा। यहां समीकरण बिगड़ गए और दोनों ही पार्टी प्रत्याशी हार गए। त्रिकोणीय मुकाबला होने के चलते और बूथ स्तर पर मेहनत के चलते वंदना फौजदार जीत गई। यहां वंदना को 1264 वोट मिले जबकि रनरअप बीजेपी की मीनाक्षी को 1097 वोट मिले। वार्ड 77 में निर्दलीय ने बीजेपी फेस को हराया वार्ड 77 में बीजेपी ने दीपा आर्य को चुनावी मैदान में उतारा था। उनका नाम मेयर पद के दावेदारों के लिए चर्चा में था। यहां कांग्रेस की शकीला चुनाव लड़ रही थीं। रानी जुबेर ने निर्दलीय रूप से चुनाव मैदान में आकर बाजी पलट दी। रानी जुबेर ने कांग्रेस से टिकट मांगा था, नहीं मिलने पर बागी होकर चुनाव लड़ा। मुकाबले में कांग्रेस को तीसरे नंबर पर खिसका दिया और मुकाबला दीपा और रानी के बीच रह गया। चुनाव में निर्दलीय रानी ने जीत हासिल की है। रानी को 2424 वोट मिले हैं जबकि दीपा को 2317 वोट मिले।
अशोकनगर में सवारी ऑटो में यात्रियों की जगह खाद, सीमेंट, सरिया और पाइप जैसे सामान की ढुलाई की जा रही है। इससे लोडिंग वाहन चालकों को काम नहीं मिल रहा है। मंगलवार को एकता लोडिंग यूनियन के चालकों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर तहसीलदार आलोक श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि शहर के ज्यादातर ऑटो का इस्तेमाल सामान ढोने के लिए होता है। सवारी ऑटो चालक भी खाद की बोरी, सीमेंट, सरिया, बल्लियां और पाइप जैसे सामान भरकर ले जा रहे हैं। इससे लोडिंग वाहन चालकों को काम नहीं मिल पा रहा है। चालकों का कहना है कि सवारी ऑटो में क्षमता से ज्यादा सामान ले जाने से आए दिन विवाद भी होते हैं। उन्होंने ऑटो यूनियन के पदाधिकारियों को भी इसकी जानकारी दी थी, पर समस्या का कोई हल नहीं निकला। चालकों के मुताबिक, यूनियन ने कहा कि शिकायत करने से भी कुछ नहीं होगा। लोडिंग वाहन चालकों ने बताया कि काम न मिलने से उनके वाहनों की किस्तें जमा नहीं हो पा रही हैं। परिवार चलाना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्रशासन से सवारी ऑटो में सामान की ढुलाई और ओवरलोडिंग पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि उन्हें काम मिल सके।
मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र में खनन माफिया ने चंदवारा ब्रिज के पास बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी उत्खनन कर सरकार को 10.69 लाख रुपये का राजस्व नुकसान पहुंचाया।
Video: लखनऊ में विकास भवन में धरने पर बैठे पंचायत सचिव
Video: लखनऊ में विकास भवन में धरने पर बैठे पंचायत सचिव
मुजफ्फरनगर: किशोरी के अपहरण के आरोपी के पिता की गोली मारकर हत्या, ड्यूटी पर जाते समय हुई वारदात
किशोरी के अपहरण के आरोपी के पिता की गोली मारकर हत्या, बुढ़ाना मोड़ पर हाईवे किनारे मिला शव
फतेहाबाद के टोहाना में इनेलो ने 27 सितंबर की रैली को लेकर किए गांवों के दौरे
फतेहाबाद के टोहाना में इनेलो ने 27 सितंबर की रैली को लेकर किए गांवों के दौरे
फरीदाबाद की फेंसिंग टीम ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जीते 17 पदक
फरीदाबाद की फेंसिंग टीम ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जीते 17 पदक
बंगाल उपचुनाव के लिए भाजपा ने उतारे उम्मीदवार, नंदीग्राम से शुभेंदु के दिवंगत पीए की मां को टिकट
पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा उपचुनावों के लिए भाजपा ने नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है।
इंडिपेंडेंट म्यूजिक की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे सिंगर-राइटर आफताब बाबर ने अपना नया गाना ‘माही’ रिलीज किया है। गाने को मानिक चौधरी ने निर्देशित किया है, जबकि इसमें सालीम सलमानी और पायल प्रजापत मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं। गाने का निर्माण आयुष बिश्नोई ने किया है। प्यार, दोस्ती और भावनाओं पर आधारित इस गाने की शूटिंग राजस्थान की अलग-अलग लोकेशंस पर की गई है। आफताब बाबर ने बताया कि वह पिछले करीब 10 सालों से संगीत के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। उनका ताल्लुक चूरू से है और बीकानेर में रहते हुए उन्होंने कई गानों पर काम किया है। हालांकि पहली बार उन्होंने स्वतंत्र रूप से अपना गाना तैयार किया है। उन्होंने बताया कि ‘माही’ को भावनाओं, प्यार और दोस्ती को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। यह गाना कहीं न कहीं एक सच्ची कहानी से भी प्रेरित है। आफताब ने कहा कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शायरी और कविताएं लिखने से की थी और धीरे-धीरे संगीत की तरफ बढ़े। अब उन्होंने अपने बचपन के दोस्त आयुष बिश्नोई के साथ नए स्तर पर काम शुरू किया है। अच्छे दोस्त हों तो मुश्किल सफर भी आसान आफताब ने कहा कि जिंदगी में हार-जीत का दौर चलता रहता है, लेकिन अगर आपके पास अच्छे दोस्त हों तो मुश्किल समय भी आसानी से निकल जाता है। इसी सोच को ‘माही’ में भी दिखाने की कोशिश की गई है। गाने की कहानी में रिश्तों, भावनाओं और दोस्ती के अलग-अलग पहलुओं को संगीत और अभिनय के माध्यम से सामने लाया गया है। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि संगीत के क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से काम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गाने को तैयार करने में पूरी टीम ने काफी मेहनत की है और उन्हें उम्मीद है कि श्रोता इसे पसंद करेंगे। मॉडलिंग के बाद पायल की संगीत वीडियो में शुरुआत गाने में मुख्य भूमिका निभा रहीं पायल प्रजापत ने बताया कि वह पिछले करीब दो वर्षों से मॉडलिंग के क्षेत्र में काम कर रही हैं। इस दौरान उन्होंने काफी संघर्ष किया और लगातार अपने काम को बेहतर बनाने की कोशिश की। फिलहाल वह कई ब्रांड्स के लिए शूट कर रही हैं और सौंदर्य प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा ले चुकी हैं। पायल ने बताया कि ‘माही’ उनका पहला गाना है, इसलिए वह इसे लेकर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट को तैयार करने में पूरी टीम ने काफी मेहनत की है और उनके लिए यह अनुभव बेहद खास रहा। मेकअप आर्टिस्ट से अभिनेता बनने तक का सफर गाने में मुख्य भूमिका निभा रहे सालीम सलमानी के लिए यह प्रोजेक्ट इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखने से पहले मेकअप और हेयर स्टाइलिंग के क्षेत्र में काम किया है। सालीम ने बताया कि वह पेशेवर मेकअप और हेयर स्टाइलिस्ट हैं। इससे पहले वह बॉलीवुड और पंजाबी गानों की शूटिंग में मेकअप और हेयर स्टाइलिस्ट के तौर पर काम करते रहे हैं। उन्होंने बी प्राक, परमिश वर्मा, गुरनजर और शारिब-तौषी जैसे कलाकारों के साथ मेकअप आर्टिस्ट के रूप में काम किया है। उन्होंने कहा कि जब वह इन कलाकारों के साथ काम करते थे तो उन्हें करीब से देखते थे और उनके मन में भी कलाकार बनने की इच्छा होती थी। इसी बीच प्रोड्यूसर आयुष बिश्नोई का फोन आया और उन्होंने ‘माही’ में मुख्य भूमिका निभाने का प्रस्ताव दिया। सालीम के लिए यह जिंदगी का बड़ा दिन था, जब वह पहली बार अभिनेता के तौर पर दर्शकों के सामने आए। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस गाने के जरिए अभिनय की नई शुरुआत की है और अब उन्हें उम्मीद है कि लोग इस इंडिपेंडेंट गाने को भी अपना प्यार देंगे। बीकानेर की हवेली से जयपुर के परकोटे तक शूटिंग ‘माही’ की शूटिंग राजस्थान के दो प्रमुख शहरों बीकानेर और जयपुर में की गई है। गाने के कई महत्वपूर्ण हिस्सों को बीकानेर की पारंपरिक हवेलियों में फिल्माया गया। यहां की पुरानी वास्तुकला और राजस्थानी परिवेश को गाने के दृश्यात्मक पक्ष में शामिल किया गया है। इसके बाद टीम ने जयपुर में भी शूटिंग की। परकोटा और वैशाली नगर की कुछ लोकेशंस को गाने के लिए चुना गया। इस तरह गाने में राजस्थान की ऐतिहासिक विरासत के साथ जयपुर के आधुनिक शहरी परिवेश की झलक भी देखने को मिलती है।

