अमेठी के पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. ने शनिवार देर रात गौरीगंज स्थित पुलिस कार्यालय सभागार में जिले के सभी थाना प्रभारियों के साथ अपराध गोष्ठी की। यह बैठक देर रात करीब 2 बजे तक चली। एसपी ने अपराध और अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए कड़े निर्देश दिए। उन्होंने पाबंदी की कार्रवाई तेज करने, गुण्डा, जिलाबदर और हिस्ट्रीशीटरों पर कड़ी निगरानी रखने को कहा। उनकी गतिविधियों की प्रतिदिन मॉनिटरिंग के भी निर्देश दिए गए। महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाने के निर्देश दिए गए। एसपी ने महिला हेल्प डेस्क को सक्रिय करने और पीड़िताओं की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाने को भी कहा गया। कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए रात्रि गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए। बाजारों, चौराहों, सर्राफा की दुकानों और बैंकों के आसपास विशेष निगरानी रखने को कहा गया। संदिग्ध व्यक्तियों, वस्तुओं, दो पहिया और चार पहिया वाहनों की चेकिंग तेज करने के भी निर्देश दिए गए। गोष्ठी में अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह, सभी क्षेत्राधिकारी (सीओ) और अन्य पुलिस अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
जौनपुर में नेशनल हाईवे किनारे झाड़ियों में रविवार की सुबह में युवती का क्षत-विक्षत शव मिला है। शव काले प्लास्टिक बैग में रखा था। शव के दोनों हाथ और पैर गायब थे। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को बुलाया। टीम ने घटनास्थल का घेराबंदी करके जरूरी साक्ष्य जुटाए और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही मृतका की पहचान कराने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। आसपास के थाना क्षेत्रों से गुमशुदगी के मामलों का भी मिलान किया जा रहा है। यह पूरा मामला मड़ियाहूं कोतवाली क्षेत्र का है। रानीपुर तिराहे के पास रविवार की सुबह में मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों की नजर झाड़ियों में पड़े एक बड़े काले प्लास्टिक बैग पर पड़ी। संदेह होने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने जब प्लास्टिक बैग खोला तो उसमें एक युवती का शव मिला। शव बुरी तरह क्षत-विक्षत था। मृतका के दोनों हाथ और पैर गायब थे। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही मृतका की पहचान कराने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। आसपास के थाना क्षेत्रों से गुमशुदगी के मामलों का भी मिलान किया जा रहा है। वहीं, मड़ियाहूं थाना प्रभारी निरीक्षक दीपेंद्र सिंह ने बताया कि मृतका की उम्र करीब 30 से 32 वर्ष प्रतीत हो रही है। अभी तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है। शव के हाथ और पैर गायब हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।
औरैया जनपद के ग्राम मढ़ापुर में अपेक्षा महिला एवं बाल विकास समिति द्वारा जैविक एवं प्राकृतिक खेती जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने, टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने, मृदा संरक्षण करने और आय में वृद्धि के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों आलोक कुमार और जितेंद्र गुप्ता ने किसानों को प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों, मृदा स्वास्थ्य, जल संरक्षण और रसायन-मुक्त खेती के लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने घनजीवामृत और नीमास्त्र बनाने की विधि का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया। विशेषज्ञों ने बताया कि इनके उपयोग से फसलों को पोषण मिलता है और प्राकृतिक तरीके से कीट-रोगों का प्रबंधन होता है। इस अवसर पर समिति की सचिव श्रीमती रीना पांडेय ने किसानों को जैविक तरीके से उच्च मूल्य वाली सब्जियों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक और प्राकृतिक विधियों से ऐसी सब्जियों का उत्पादन कर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। श्रीमती पांडेय ने महिला किसानों से समूह आधारित खेती, जैविक उत्पादों की ब्रांडिंग और विपणन से जुड़ने का भी आह्वान किया। जागरूकता शिविर में ग्राम पंचायत मढ़ापुर से सैकड़ों महिला एवं पुरुष किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। किसानों ने विशेषज्ञों से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया और प्राकृतिक खेती अपनाकर स्वस्थ मिट्टी, सुरक्षित पर्यावरण तथा समृद्ध खेती की दिशा में कार्य करने का संकल्प लिया। इस जागरूकता शिविर में समिति से शिप्रा, विष्णु और अनन्त मोहन सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में समिति की समन्वयक शिप्रा ने सभी प्रतिभागियों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
राधा पिक्चर हॉल चौराहे पर एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिया की साइड दीवार न होने के कारण एक सब इंस्पेक्टर की डिजायर कार का अगला पहिया उसमें फंस गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी को चोट नहीं आई। स्थानीय लोगों ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद कार को पुलिया से बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सब इंस्पेक्टर सिविल ड्रेस में थे और उनकी कार में पुलिस की टोपी रखी थी, जिससे उनके पुलिसकर्मी होने का पता चला। हालांकि, उन्होंने अपना नाम या तैनाती स्थल नहीं बताया। कार के पुलिया में फंसने के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। राहगीर मेहंदी ने जानकारी दी कि उन्होंने और अन्य स्थानीय लोगों ने मिलकर काफी प्रयासों के बाद कार को पुलिया से बाहर निकाला। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते लोगों ने मदद नहीं की होती, तो हादसा और गंभीर हो सकता था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिक्चर हॉल चौराहे की इस पुलिया पर कई वर्षों से साइड सुरक्षा दीवार नहीं बनी है। इसी कारण आए दिन वाहन चालक दुर्घटना का शिकार होते रहते हैं। उनका कहना है कि पहले भी कई बार दोपहिया और चारपहिया वाहन पुलिया में फंस चुके हैं, लेकिन संबंधित विभाग ने अब तक सुरक्षा दीवार का निर्माण नहीं कराया है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पुलिया के दोनों ओर मजबूत सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया जाए और आवश्यक चेतावनी संकेत भी लगाए जाएं। उनका कहना है कि यदि इस समस्या का समाधान समय रहते नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि पुलिया की साइड दीवार के अलावा, सड़क के बीच में डिवाइडर के पास भी पुलिया की साइड दीवार नहीं है, जिससे वहां भी हादसे की आशंका बनी रहती है। इसके अतिरिक्त, पुलिया की दूसरी ओर नाले का स्लैब भी टूटा हुआ है, जो दुर्घटना का कारण बन सकता है।
ग्वालियर के हजीरा थाना क्षेत्र के गदाईपुरा (बिरला नगर) में एक युवती ने बीच सड़क पर खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। यह घटना शनिवार की है। मौके पर मौजूद लोगों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। जैसे ही युवती ने माचिस जलाने की कोशिश की, वहां मौजूद कुछ लोगों ने उसके हाथ से माचिस छीन ली और उसे शांत कराया। सूचना मिलते ही हजीरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित कर दोनों पक्षों को थाने बुला लिया। पूरी रकम नहीं मिली, फिर भी कब्जा करने का आरोप आत्मदाह का प्रयास करने वाली युवती की पहचान ममता बाथम के रूप में हुई है। ममता का आरोप है कि कमल किशोर राठौर नामक व्यक्ति उनके मकान पर जबरन कब्जा करना चाहता है। ममता के अनुसार, उसने कमल किशोर से मकान का सौदा किया था, लेकिन तय राशि का पूरा भुगतान अब तक नहीं हुआ है। इसके बावजूद कमल किशोर अपने साथियों के साथ मकान पर कब्जा करने पहुंच गया। जब उसने पूरी रकम मिलने तक कब्जा देने से इनकार किया, तो उस पर दबाव बनाया गया। विरोध में उठाया आत्मदाह का कदम ममता का कहना है कि लगातार दबाव और समय पर प्रशासनिक मदद नहीं मिलने से वह मानसिक रूप से परेशान हो गई। विरोध जताने के लिए वह घर के बाहर आई और सबके सामने खुद पर पेट्रोल डाल लिया। उसके हाथ में माचिस देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए माचिस छीन ली और उसे आत्मदाह करने से रोक दिया। पुलिस बोली- जांच के बाद होगी वैधानिक कार्रवाई घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। हजीरा थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया है। मकान के सौदे और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे शहर में एक बार फिर कानून-व्यवस्था और संपत्ति विवादों के निपटारे को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
रोहतक के गांधी कैंप में देर रात को असामाजिक तत्वों ने तीन-चार गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए। घटना की सूचना के बाद स्थानीय निवासी एकत्रित हुए और पुलिस को सूचना दी। लोगों का कहना है कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती। सबूत देने के बाद भी उन्हें नहीं पकड़ा जाता। पीड़ित राहुल ने बताया कि रात करीब 2 बजे सूचना मिली कि उसकी गाड़ी के कुछ लोगों ने शीशे तोड़ दिए। वह मौके पर पहुंचा तो देखा कि गाड़ी के दोनों शीशे तोड़े हुए थे। वहीं, एक ई-रिक्शा का शीशा टूटा हुआ था। साथ ही पास में खड़ी एक गाड़ी की हेड लाइट तक तोड़ी गई थी। इसके अलावा एक अन्य गाड़ी के शीशे भी टूटे हुए थे। गांधी कैंप में पहले भी हुई वारदात राहुल ने बताया कि गांधी कैंप में पहले भी गाड़ियों के शीशे तोड़े गए है। यह तीसरी-चौथी बार घटना हुई है। कुछ असामाजिक तत्व रात को घूमते है, जो स्मैक का नशा करके इस प्रकार की वारदात को अंजाम दे रहे है और पुलिस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही। पुल के नीचे बना हुआ नशेड़ियों का अड्डाराहुल ने बताया कि गांधी कैंप में एलीवेटिड रेलवे ट्रैक पुल के नीचे नशेड़ियों का अड्डा बना हुआ है। नशा तस्कर खुलेआम नशा बेचते है और पुलिस उन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही। शाम होते ही नशेड़ियों की महफिल पुल के नीचे जमती है, जिससे लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। प्रशासन को फोटो-वीडियो देने के बाद भी नहीं हो रही सुनवाईस्थानीय निवासियों ने बताया कि प्रशासन को नशेड़ियों के बारे में फोटो व वीडियो देने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही। एक अरमान नाम का लड़का है, जो नशा बेचता है। इसके बारे में पुलिस को चिराग व विकास के नाम से शिकायत भी दी हुई है, लेकिन पुलिस आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही। गांधी कैंप में चौकी खुलवाने की मांग गांधी कैंप के लोगों ने कहा कि पहले यहां चौकी थी, जिसके कारण अपराधिक घटनाएं कम होती थी। लेकिन पुलिस ने जब से चौकी को हटाया है, अपराधिक गतिविधियां बढ़ गई है। आए दिन घटनाएं हो रही है। गांधी कैंप में दोबारा चौकी खोली जाए, ताकि अपराध पर लगाम लग सके। पुलिस मामले में कर रही जांचआर्य नगर थाना पुलिस ने बताया कि गांधी कैंप में देर रात को कुछ गाड़ियों के शीशे तोड़ने की सूचना मिली है। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने पीड़ित लोगों के बयान लिए है। जल्द ही आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा।
बदायूं में थाने की छत पर रीलबाजी, VIDEO:पुलिस ने एक पर शांतिभंग में किया चालान, दूसरे की तलाश जारी
बदायूं के इस्लामनगर थाने की छत पर चढ़कर रील बनाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में एक युवक के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की है और उसे न्यायालय में पेश किया है। हालांकि, यह सवाल अभी भी बना हुआ है कि युवक थाना परिसर की छत तक किसकी लापरवाही से पहुंचे। वायरल वीडियो में दो युवक थाना भवन की छत पर खड़े होकर रील बनाते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए और कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने युवक के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई तो कर दी, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि थाना परिसर जैसी संवेदनशील जगह की छत तक युवकों की पहुंच किसकी लापरवाही से हुई। यह भी सामने नहीं आया कि उस समय ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी कहां थे और सुरक्षा व्यवस्था में यह चूक कैसे हुई। इस कार्रवाई के बावजूद, थाना परिसर की सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित लापरवाही को लेकर पुलिस की ओर से अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है। यही कारण है कि यह मामला अभी भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
संतकबीरनगर के दुधारा थाना क्षेत्र के लोहरौली ठकुराई गांव निवासी 25 वर्षीय कल्लू कुमार का शव मध्य प्रदेश के उज्जैन में शिप्रा नदी में मिला। अहमदाबाद में बीमार पड़ने के बाद वह 1 जुलाई को ट्रेन से घर लौट रहा था, लेकिन रास्ते में लापता हो गया। शिप्रा नदी में मिले शव की पहचान पर्स में रखे आधार कार्ड से हुई। सूचना मिलने पर परिजन उज्जैन पहुंचे और पोस्टमॉर्टम के बाद वहीं अंतिम संस्कार कर दिया। अहमदाबाद से लौटते समय हो गया लापता लोहरौली ठकुराई गांव निवासी कल्लू कुमार 27 जून को मेहनत-मजदूरी के लिए अहमदाबाद गया था। पिता चंद्रभान उर्फ पंडित के अनुसार, वहां उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई। स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर उसने 1 जुलाई को अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस से घर लौटने का फैसला किया। इसके बाद परिवार का उससे संपर्क टूट गया। शिप्रा नदी में मिला शव, आधार कार्ड से हुई पहचान 3 जुलाई को मध्य प्रदेश के उज्जैन पुलिस ने चंद्रभान को फोन कर बताया कि शिप्रा नदी में एक युवक का शव मिला है। शव के पास मिले पर्स में आधार कार्ड से उसकी पहचान कल्लू कुमार के रूप में हुई। सूचना मिलते ही परिवार उज्जैन पहुंचा। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया, जिसके बाद वहीं अंतिम संस्कार कर दिया गया। मां ने कहा था- घर आ जाओ, अब कहीं नहीं भेजूंगी मां फूल कुमारी ने बताया कि बेटे की तबीयत खराब होने की खबर मिलने पर उन्होंने उसे तुरंत घर लौट आने को कहा था। उनका इरादा था कि अब बेटे को कहीं बाहर काम करने नहीं भेजेंगी। लेकिन बेटा घर तक नहीं पहुंच सका। बेटे की मौत के बाद मां का रो-रोकर बुरा हाल है। बहनों की शादी का सपना अधूरा रह गया कल्लू परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभाल रहा था। उसकी सबसे बड़ी चिंता अपनी दो छोटी बहनों अर्चना (18) और कंचना (16) की शादी थी। परिजनों के मुताबिक, वह अक्सर कहता था कि पहले दोनों बहनों की धूमधाम से शादी कराएगा, उसके बाद अपने बारे में सोचेगा। इसी उद्देश्य से वह कमाने अहमदाबाद गया था, लेकिन बीमारी और फिर मौत ने परिवार के सारे सपने तोड़ दिए। घर में पसरा मातम बड़े भाई अशोक कुमार किसी तरह परिवार को संभालने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि दोनों बहनें बार-बार भाई को याद कर बिलख रही हैं। जिस घर में कुछ दिन पहले बेटे के लौटने का इंतजार था, वहां अब मातम पसरा है। गांव में भी घटना के बाद शोक का माहौल है।
समाजवादी पार्टी के पूर्व राज्यसभा सांसद और महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आज़मी रविवार को बाराबंकी पहुंचे। एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने देश की राजनीतिक स्थिति, संविधान, विपक्षी एकजुटता और आगामी चुनावों पर समाजवादी पार्टी का पक्ष रखा। आज़मी ने दावा किया कि देश का संविधान खतरे में है और इसे कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान में समाजवादी पार्टी ही संविधान की रक्षा कर रही है। उन्होंने जनता से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट रहने की अपील की। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM) के साथ संभावित गठबंधन के सवाल पर अबू आसिम आज़मी ने स्पष्ट किया कि उनका गठबंधन 'कमजोर कांग्रेस' से है। उन्होंने कहा कि वह किसी अन्य दल से गठबंधन करने नहीं जा रहे हैं। आज़मी ने दोहराया कि समाजवादी पार्टी एक धर्मनिरपेक्ष दल है और उसका मौजूदा गठबंधन मजबूत है।उन्होंने यह भी कहा कि देश में मुस्लिम समुदाय के साथ अन्याय और भेदभाव हो रहा है। आज़मी के अनुसार, ऐसा माहौल बनाया गया है कि मुस्लिम होना ही अपराध जैसा महसूस कराया जा रहा है। विपक्षी एकजुटता पर उन्होंने बताया कि कांग्रेस के साथ बातचीत जारी है, ताकि विपक्षी वोटों का बिखराव रोका जा सके। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ होने का आरोप भी लगाया। आज़मी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कानून के दायरे में रहकर मतदान करने की अपील की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुस्लिम समाज का वोट नहीं बिखरेगा और ध्रुवीकरण की कोशिशें सफल नहीं होंगी। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आज़मी ने आरोप लगाया कि 'नफरत की राजनीति' ने देश को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2014 के बाद देश पर कर्ज कई गुना बढ़ गया है। आज़मी के अनुसार, इस स्थिति से निपटने के लिए समाजवादी पार्टी के नेतृत्व वाला गठबंधन ही एकमात्र विकल्प है। पार्टी संगठन के संबंध में उन्होंने कहा कि सपा अध्यक्ष एक ज़मीनी नेता हैं और समाजवादी पार्टी को कोई तोड़ नहीं सकता। अंत में, उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से गुटबाजी समाप्त करने और एकजुट रहने की अपील की।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 8 जुलाई को पीथमपुर का दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के बाद यह उनका पीथमपुर में पहला आगमन होगा। सूत्रों के अनुसार, वे यहां एक बड़ी मल्टीनेशनल हैवी मशीनरी कंपनी के अत्याधुनिक विनिर्माण संयंत्र के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। हालांकि, मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम की अभी तक कोई अधिकृत घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के बाद जिला और स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया है। मुख्यमंत्री के वीआईपी आगमन और सुरक्षा प्रोटोकॉल को देखते हुए प्रशासन कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षित लैंडिंग के लिए उपयुक्त जगह और हेलीपैड तलाश रहा है। इसके साथ ही, पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर अपनी आंतरिक तैयारियां और जमीनी रूपरेखा बनाना शुरू कर दिया है। इस नए मल्टीनेशनल प्लांट के शुरू होने से पीथमपुर के औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर और उन्नत तकनीक के द्वार खुलेंगे।
श्रावस्ती में उर्वरक वितरण में अनियमितता के खिलाफ कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। पिछले एक हफ्ते की जांच में पांच उर्वरक दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं,जबकि एक विक्रेता के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। जिलेभर में सघन छापेमारी कर उर्वरकों के नमूने भी लिए गए हैं। जिला कृषि अधिकारी डॉ. उमेश कुमार गुप्ता ने बताया कि 13 जून 2026 को भंगहा मोड़-तिलकपुर स्थित मैसर्स विजय कुमार खाद बीज भंडार का औचक निरीक्षण किया गया था। जांच में सामने आया कि एक किसान को केवल 3 बोरी यूरिया दी गई, जबकि पीओएस मशीन पर 32 बोरी की बिक्री दिखाकर लेनदेन रद्द कर दिया गया था। इसके अतिरिक्त,198 बोरी यूरिया को नियमों के विपरीत दूसरे गोदाम में भंडारित किया गया था। इस गंभीर अनियमितता के चलते कोतवाली भिनगा में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। 2 जुलाई 2026 को सिरसिया में उर्वरक दुकानों की जांच के दौरान के.जी.एन. एग्रीकल्चर, बन्ठिहवा मोड़ पर स्टॉक और रेट बोर्ड न होने तथा बिना फार्मर आईडी के यूरिया बिक्री की पुष्टि हुई। इस पर दुकान का लाइसेंस निलंबित कर बिक्री प्रतिबंधित कर दी गई। अंकित खाद बीज भंडार, बेलहरी मोड़ पर स्टॉक रजिस्टर अधूरा पाया गया, साथ ही रेट बोर्ड और फर्म बोर्ड भी नहीं थे। पीओएस मशीन और भौतिक स्टॉक में भी अंतर मिला, जिसके बाद उसका प्राधिकार पत्र निलंबित कर दिया गया। गुलशन ट्रेडर्स, परसा चौराहा की जांच में भी कमियां मिलने पर उसका लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। इन कार्रवाइयों के अतिरिक्त, 8 अन्य उर्वरक प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। 3 जुलाई 2026 को तीन विशेष टीमों का गठन कर निजी और सहकारी उर्वरक प्रतिष्ठानों पर सघन छापेमारी की गई। भिनगा, इकौना और जमुनहा तहसीलों में 20 से अधिक दुकानों की जांच हुई। इस दौरान कई उर्वरक नमूने लिए गए, दो विक्रेताओं के प्राधिकार पत्र निलंबित किए गए और कई अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना फार्मर आईडी के बिक्री, स्टॉक में हेराफेरी, अभिलेखों में लापरवाही और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
संभल में रविवार सुबह बादल छाए रहे और हवाएं चलीं। सुबह 9 बजे जिले का तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 146 रहा। मौसम विभाग ने कम बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे के बीच अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। शनिवार को भी दिनभर बादल छाए रहे, लेकिन तेज धूप निकलने के बाद उमस भरी गर्मी से लोगों को परेशानी हुई। इस बार नौतपा का खास असर नहीं दिखा और मानसून की दस्तक भी लगभग 10 से 12 दिन देरी से हुई है। जून की शुरुआत सुहावने मौसम से हुई थी, लेकिन बाद के 20 दिन भीषण गर्मी वाले रहे। अप्रैल में अधिकतम तापमान 47 डिग्री, मई में 45 डिग्री और जून में 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। जून महीने में कुल 28 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि जुलाई के शुरुआती दो दिनों में 14 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। मानसून की दस्तक से पहले किसानों ने धान की बुवाई की तैयारी कर ली थी। जुलाई के शुरुआती दिनों में हुई बारिश के बाद किसानों ने बुवाई शुरू कर दी है। इस बारिश से किसानों को बड़ा फायदा होने की उम्मीद है, क्योंकि बिजली ट्रिपिंग के कारण सिंचाई में बाधा आ रही थी। स्थानीय निवासी नितिन कुमार ने बताया कि सुबह से मौसम सुहावना है। कल भी सुबह ऐसा ही मौसम था, लेकिन दोपहर में धूप निकलने के बाद भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा था।
चित्रकूट के राजापुर कस्बे में एक किराना व्यापारी के बेटे का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। युवक की मौत से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने नेशनल हाईवे पर शव रखकर घंटों प्रदर्शन किया, जिससे लंबा जाम लग गया। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद देर रात करीब 1 बजे जाम खुलवाया जा सका। जानकारी के अनुसार, राजापुर निवासी किराना व्यापारी गुलाब के पुत्र पंकज का शव शनिवार रात नादिन कुर्मियान स्थित महादेव इंटर कॉलेज के पास बरामद हुआ। शव के समीप ही उसकी मोटरसाइकिल भी खड़ी मिली। युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पंकज की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने इसे संदिग्ध मौत बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इसके बाद उन्होंने शव को नेशनल हाईवे पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल हो गए। जाम की सूचना पर सीओ राजापुर और एसडीएम राजापुर सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने कई घंटों तक परिजनों से बातचीत की और उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद देर रात करीब 1 बजे परिजन माने और हाईवे से जाम हटाया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत के कारणों का पता लगाया जाएगा। पुलिस फिलहाल सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। घटना के बाद से पूरे राजापुर कस्बे में शोक और चर्चा का माहौल है।
मध्य प्रदेश में इस बार मानसून सामान्य से कमजोर रहने की आशंका के बीच राज्य सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के बाद सरकार ने 24 जिलों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर ली है। सबसे अधिक चिंता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह संभाग उज्जैन को लेकर है, जहां सबसे अधिक वर्षा की कमी रहने की आशंका जताई गई है। सरकार ने इन जिलों में किसानों को कम पानी वाली फसलें अपनाने, वैकल्पिक बीज उपलब्ध कराने, सिंचाई और जल संरक्षण के इंतजाम बढ़ाने तथा जिला स्तर पर माइक्रो प्लान लागू करने की तैयारी कर ली है। राजस्व और कृषि विभाग ने सूखे जैसी स्थिति बनने से पहले ही राहत और बचाव की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। आखिर सूखे की आशंका क्यों पैदा हुई? IMD ने मध्य प्रदेश में इस बार सामान्य वर्षा का केवल 90 से 94 प्रतिशत होने का पूर्वानुमान दिया है। 1 जून से 1 जुलाई तक सामान्य 139.7 मिमी की तुलना में केवल 92.4 मिमी वर्षा हुई, यानी 47 मिमी की कमी दर्ज की गई। मानसून के दूसरे चरण में भी बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना जताई गई है। कई जिलों में पहले ही सामान्य से 20 से 60 प्रतिशत तक वर्षा घाटा दर्ज हो चुका है। यदि जुलाई और अगस्त में भी पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो खरीफ फसलों के उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है। सरकार की सबसे बड़ी तैयारी क्या है? सरकार ने संभावित सूखे से पहले ही कृषि और राजस्व विभाग को संयुक्त कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत 24 जिलों के लिए विशेष एडवाइजरी तैयार की गई है। सात जिलों में विस्तृत माइक्रो प्लानिंग होगी और कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से लगातार तकनीकी निगरानी की जाएगी। किसानों को मौसम के अनुसार खेती करने की सलाह मोबाइल, सोशल मीडिया और स्थानीय माध्यमों से दी जाएगी। जिला स्तर पर अधिकारियों को हालात की रोजाना समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को क्या करना होगा? सरकार किसानों को कम अवधि और कम पानी वाली फसलें अपनाने की सलाह देगी। दलहन, तिलहन और मोटे अनाज का रकबा बढ़ाने पर जोर रहेगा। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार, वैकल्पिक फसल चयन कराया जाएगा। रिज एंड फरो, रेज्ड बेड और डायरेक्ट सीडेड राइस जैसी वैज्ञानिक खेती तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि कम पानी में भी उत्पादन प्रभावित न हो। बीज और सिंचाई के लिए क्या इंतजाम होंगे? सरकार ने वैकल्पिक फसलों के पर्याप्त बीज उपलब्ध कराने और समय पर वितरण की योजना बनाई है। मनरेगा के माध्यम से खेत तालाब, जल संरक्षण और जल संरचनाओं के निर्माण व मरम्मत पर काम होगा। उपलब्ध जल स्रोतों का अधिकतम उपयोग कराया जाएगा और सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि कम पानी में भी खेती जारी रह सके। सूखा पड़ा तो सरकार क्या करेगी? राजस्व विभाग ने वर्ष 2020 की सूखा नीति के अनुसार पूरी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। खरीफ फसलों के लिए 31 अक्टूबर तक और रबी फसलों के लिए 31 मार्च तक सूखे की घोषणा की जा सकेगी। विभाग के पास राहत कार्यों के लिए 20.9 करोड़ रुपए उपलब्ध हैं और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त राशि भी जारी की जाएगी। सभी जिलों से क्राइसिस मैनेजमेंट प्लान तैयार करा लिए गए हैं और नोडल अधिकारियों की नियुक्ति भी कर दी गई है।
बुलंदशहर जिले के नरसेना थाना क्षेत्र के दौलतपुर कस्बे में एक विधवा महिला पर नवजात बच्चे को दफनाने का आरोप लगा है। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जमीन से शव को बाहर निकाला। शव को पोस्टमार्टम और डीएनए जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस के अनुसार, दौलतपुर की रहने वाली इस महिला के पति की लगभग आठ साल पहले मृत्यु हो गई थी। पति की मौत के बाद महिला के किसी अन्य व्यक्ति से संबंध बने, जिसके कारण वह गर्भवती हो गई। महिला ने बीते 1 जुलाई को एक बच्चे को जन्म दिया। महिला की जेठानी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि महिला ने लोक-लाज के डर से नवजात बच्चे को जन्म देने के बाद उसे कथित तौर पर जिंदा ही एक खाली जगह पर दफना दिया था। शिकायत मिलने पर पुलिस प्रशासन हरकत में आया। मजिस्ट्रेट की निगरानी में संदिग्ध स्थान पर खुदाई की गई, जहां से नवजात का शव बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ के दौरान महिला ने जेठानी के आरोपों को गलत बताया है। महिला का दावा है कि बच्चा मृत पैदा हुआ था, जिसके बाद उसने लोक-लाज और घबराहट में आकर उसे चुपचाप दफना दिया था। एसपी सिटी अभिषेक प्रताप ने बताया, महिला का पति लगभग आठ साल पहले शांत हो चुका था। महिला के किसी से संबंध थे, जिससे यह बच्चा पैदा हुआ। महिला की जेठानी की सूचना पर पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव बरामद किया है। उन्होंने आगे कहा, महिला का कहना है कि बच्चा मरा हुआ पैदा हुआ था, जबकि परिजनों का आरोप है कि उसे जिंदा दफनाया गया। स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट करने के लिए नवजात के शव का पोस्टमार्टम और डीएनए कराया जा रहा है। फिलहाल नवजात बच्चे का डीएनए टेस्ट कराया जा रहा है ताकि बच्चे के जैविक पिता (Biological Father) की पहचान हो सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार: पोस्टमार्टम से यह साफ हो पाएगा कि बच्चे की मौत जन्म से पहले हुई थी या उसे जिंदा दफनाया गया था। रिपोर्ट आने के बाद ही पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई तय करेगी।
कौशांबी के माता शीतला धाम में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक आषाढ़ मेला-2026 को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में शनिवार/रविवार की रात कड़ाधाम थाना परिसर में ग्राम प्रहरियों (चौकीदारों) को पहचान-पत्र वितरित किए गए। अधिकारियों ने उन्हें मेले की सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा बताते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और पुलिस के साथ समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया। यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक कौशांबी सत्यनारायण के निर्देशन में आयोजित किया गया। इसमें अपर पुलिस अधीक्षक अमिता सिंह, क्षेत्राधिकारी सिराथू और उपजिलाधिकारी सिराथू ने संयुक्त रूप से ग्राम प्रहरियों को पहचान-पत्र वितरित किए। अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और समय पर पुलिस तक महत्वपूर्ण सूचनाएं पहुंचाने में ग्राम प्रहरियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनकी सक्रियता से न केवल अपराधों पर अंकुश लगता है, बल्कि बड़े आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी अधिक प्रभावी बनती है। अधिकारियों ने ग्राम प्रहरियों को आषाढ़ मेले के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्हें किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित कराने में प्रशासन का पूरा सहयोग करने को कहा गया। पहचान-पत्र प्राप्त करने के बाद ग्राम प्रहरियों ने पुलिस एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने आषाढ़ मेला-2026 को सकुशल और शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आश्वासन दिया।
जेल से छुड़ाने का झांसा देकर 85,400 रुपए ठगे:बस्ती में साइबर जालसाज पर मुकदमा दर्ज
बस्ती के गौर थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है। एक जालसाज ने युवक के भाई को जेल से छुड़ाने का झांसा देकर परिवार से 85,400 रुपये ठग लिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गौर निवासी पीड़ित करन ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 19 अप्रैल 2026 को एक अज्ञात व्यक्ति ने उनके पिता के मोबाइल नंबर पर कॉल किया। कॉल करने वाले ने खुद को विश्वसनीय व्यक्ति बताते हुए कहा कि उनके भाई को जेल से छुड़ाने के लिए तत्काल पैसों की जरूरत है। जालसाज की बातों पर विश्वास करके परिवार ने उसके द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड को स्कैन किया। अलग-अलग तिथियों में कुल 85,400 रुपये ऑनलाइन माध्यम से ट्रांसफर कर दिए गए। बाद में जब परिजनों को सच्चाई का पता चला, तो उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। पीड़ित की तहरीर के आधार पर गौर थाना पुलिस ने आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। यह मामला 3 जुलाई 2026 को शाम 5:36 बजे पंजीकृत किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक श्यामाकांत ने जानकारी दी कि मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
हरिद्वार में आयोजित अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की बैठक में महंत संजय दास को राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किए जाने पर वे पहल बार अयोध्या लौटे। शनिवार को अयोध्या के बड़े भक्तमाल मंदिर में भव्य स्वागत एवं अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता बड़े भक्तमाल मंदिर के पीठाधीश्वर महंत अवधेश कुमार दास ने की। इस अवसर पर संतों ने नवनियुक्त पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए महंत संजय दास को शुभकामनाएं दीं।जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य, जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी डॉ. राघवाचार्य, निर्वाणी अनि अखाड़ा के श्रीमहंत मुरली दास, महासचिव सत्यदेव दास, महंत डॉ. महेश दास, जानकीघाट बड़ा स्थान के महंत जन्मेजय शरण, महंत उपेंद्र दास, श्रृंगी ऋषि आश्रम के महंत हेमंत दास, शिवम श्रीवास्तव ने संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास महाराज को अंगवस्त्र भेंट किया और माला पहनकर स्वागत किया। इस अवसर पर अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता महंत संजय दास ने संतो को आश्वासन देते हुए कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद देश के सभी 13 अखाड़ों की सर्वोच्च संस्था है और संत समाज की गरिमा, अनुशासन तथा परंपराओं की रक्षा परिषद की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कुंभ मेलों के सफल एवं निर्विघ्न आयोजन के लिए प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। वैष्णव संप्रदाय की चरण पादुकाओं की स्थापना के लिए आवश्यक अस्थायी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने की मांग भी प्रशासन से की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि संतों के वेश में कोई भी व्यक्ति अनुचित आचरण करेगा तो उसके विरुद्ध अखाड़ा परिषद आवश्यक कार्रवाई करेगी। श्रीराम मंदिर से जुड़े प्रकरण पर उन्होंने कहा कि मामले की जांच एसआईटी कर रही है, इसलिए जांच पूरी होने से पहले परिषद की ओर से कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।अध्यक्षीय संबोधन में महंत डा अवधेश कुमार दास ने कहा कि महंत संजय दास का अखाड़ा परिषद का राष्ट्रीय प्रवक्ता बनना अयोध्या और वैष्णव परंपरा के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि धर्म सम्राट पूर्व अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदास जी महाराज के कार्यकाल को आज भी सम्मान के साथ याद किया जाता है और विश्वास है कि महंत संजय दास जी भी उनकी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए संत समाज की आवाज को प्रभावी ढंग से राष्ट्रीय स्तर पर रखेंगे। जगदगुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य महाराज ने कहा कि धर्म सम्राट महंत ज्ञान दास महाराज ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महत्व को बताया था आज महंत संजय दास महाराज को प्रवक्ता पद मिला है निश्चित रूप से परिषद और प्रभावी ढंग से काम करेगा लोग उसको जानेंगे। महंत डॉ महेश दास ने कहा कि हनुमानगढ़ी की परंपरा को आगे बढ़ाएंगे जब-जब हनुमानगढ़ी के संत को किसी बड़े पद पर रखा गया है तो उसकी गरिमा बड़ी है हमारे प्रवक्ता भी अयोध्या की गरिमा को आगे बढ़ाएंगे।जगद्गुरु स्वामी डॉ. राघवाचार्य महाराज ने कहा कि धर्मसम्राट महंत ज्ञानदास जी महाराज के शिष्य को यह महत्वपूर्ण दायित्व मिलना पूरे अयोध्या के लिए सम्मान की बात है। महंत जन्मेजय शरण ने कहा कि महंत संजय दास सदैव सनातन धर्म, वैष्णव परंपरा और संत समाज के हितों के लिए सक्रिय रहे हैं तथा नई जिम्मेदारी में भी उसी समर्पण के साथ कार्य करेंगे। इस अवसर पर दर्जनों संतों महंतों ने अपनी बात रखी।
पति की हत्या कर बाथरूम में गाढ़ने वाली रूबी ने इस हत्याकांड को प्लानिंग से अंजाम दिया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घर में डेली झगड़े होते थे। पुलिस भी घर आती रहती थी। बच्चों पर गलत असर होने का बहाना उसने दोनों मासूमों और सास को वारदात वाले दिन जेठ के घर भेज दिया था। फिर रात को खीर में नींद गोलियां मिलाकर पति को मार दिया। इसके बाद छैनी-हथौड़े से बाथरूम में कई घंटे तक खुदाई की। फिर करीब तीन फीट के गड्ढे में पति को दफना दिया। जेठ की शिकायत पर पुलिस ने सर्च किया तो रूबी के पति सुरेंद्र शर्मा की सड़ी-गली लाश मिली। आगरा में 17 मई को हुए इस हत्याकांड का खुलासा 3 जुलाई को हुआ। आरोपी रूबी यूपी के इटावा की और सुरेंद्र शर्मा राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले थे। मजदूरों ने खुदाई शुरू की तो जैसे ही शव बाहर निकला, मजदूर उल्टी करते हुए बाहर भागे। इसके बाद पति का कंकाल नजर आया। मामले का खुलासा शुक्रवार (3 जुलाई) को हुआ था। हालांकि पुलिस को आशंका है कि मामले में कोई तीसरा व्यक्ति भी शामिल हो सकता है। पुलिस ने शनिवार को कोर्ट में पेश कर पत्नी को 14 दिन की रिमांड पर लिया है। जांच में सामने आया कि पति की मौत के बाद भी महिला ससुर की पेंशन के बैंक में आए रुपयों को एटीएम कार्ड से निकाल रही थी। मर्डर कर बाथरूम में गाड़ी थी लाशराजस्थान के भरतपुर के रहने वाले सुरेंद्र कुमार शर्मा (44) की लाश आगरा के सिकंदरा क्षेत्र की दहतोरा स्थित रेणुका धाम कॉलोनी में मिली। उनकी पत्नी रूबी ने ही पति को बाथरूम में गाड़ा था। दोनों की शादी 2010 में इटावा की रहने वाली रूबी से हुई थी। दोनों की दो बेटियां हैं। घर में सुरेंद्र, पत्नी रूबी, मां कमला और दोनों बेटियां रहती थीं। सुरेंद्र के पिता राधेश्याम शर्मा टीचर थे, जिनकी पहले ही मौत हो चुकी है। भाई बोला- सुरेंद्र के ATM कार्ड से निकल रही थी पिता की पेंशनसुरेंद्र के भाई अनिल शर्मा ने बताया- पति-पत्नी के बीच लंबे समय से अनबन चल रही थी। उनके पिता की पेंशन 64 हजार सुरेंद्र के खाते में आती थी। इसमें 32-32 हजार दोनों भाई आपस में बांट लेते थे। भाई के गायब होने के बाद जब मैंने रूबी से रकम और ATM कार्ड के बारे में पूछा तो उसने कहा- ATM कार्ड तो सुरेंद्र अपने साथ ले गए। ऐसे में, मैंने बैंक में जा कर मालूम किया तो पता चला कि आगरा से ही रकम निकाली जा रही थी। इसके बाद सख्ती से उससे पूछताछ की तो रूबी ने मान लिया कि रकम वही निकाल रही है। इस दौरान मैंने उससे कहा कि वह घबराए नहीं और पूरी बात बता दे तो हो सकता है मैं उसकी मदद करूं। इसके बाद रूबी ने बाथरूम की ओर इशारा कर पूरा मामला बताया था। दोनों एक ही मोबाइल यूज करते थे पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि रूबी और सुरेंद्र के पास एक ही फोन था। दोनों इसी फोन से बातचीत करते थे। ऐसे में फोन कॉल की डिटेल्स भी खंगाली जा रही है। रूबी ने पुलिस को बताया- पहले उसने पति सुरेंद्र के शव को घसीटा और बाथरूम में ले गई। 3 फीट गड्ढा किया और ऊपर से मिट्टी डाल दी। इसके बाद उसके पास जो रुपए थे, उनसे पति की लाश पर प्लास्टर करवा दिया। खुदाई के दौरान जब मजदूर यहां प्लास्टर तोड़ने लगे तो वे भी कंकाल देख घबरा गए थे। खुदाई के दौरान पुलिस ने रूबी को बाथरूम दिखाकर पूछा तो रूबी ने कहा कि इस तरफ सिर किए थे और इस तरफ पैर किए थे। यह सुनकर मजदूर उल्टी करने लगे। अब सिलसिलेवार पढ़िए पूरा मामला ये खबर भी पढ़िए… भरतपुर के रहने वाले एक व्यक्ति की उसकी पत्नी ने हत्या कर दी। आरोपी महिला ने बॉडी को घर के बाथरूम में ही गाड़ दिया। उसके ऊपर टाइल्स लगवा दीं। आरोपी नहाने के लिए इसी बाथरूम का इस्तेमाल करती रही।
रायपुर के नवा रायपुर क्षेत्र स्थित नकटी गांव में विधायक आवास निर्माण के लिए 85 से अधिक गरीब परिवारों के मकान तोड़े जाने के विरोध में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ने मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री का पुतला दहन कर सरकार के खिलाफ विरोध जताया। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गजमती भानू के आह्वान पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना उन्हें बेघर कर दिया, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। गजमती भानू बोलीं— गरीबों के हक की लड़ाई जारी रहेगी जिला कांग्रेस अध्यक्ष गजमती भानू ने कहा कि भाजपा सरकार गरीब विरोधी नीतियों पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्षों से बसे परिवारों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उजाड़ना अमानवीय है। कांग्रेस पार्टी गरीबों, आदिवासियों और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करती रहेगी। पुनर्वास और मुआवजे की मांग पूर्व विधायक डॉ. के.के. ध्रुव ने सरकार की कार्रवाई को संवेदनहीन बताते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों को बेघर करने से पहले उनके पुनर्वास और उचित मुआवजे की व्यवस्था की जानी चाहिए थी। वहीं, मरवाही के छाया विधायक गुलाब राज ने कहा कि कांग्रेस हर हाल में गरीब परिवारों के साथ खड़ी है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रहेगा। सरकारी कार्रवाई की निंदा आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष बेचू राम और जिला कांग्रेस प्रवक्ता ओमप्रकाश बंका ने भी प्रदेश सरकार की कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि गरीबों और आदिवासियों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी और उनके हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
बड़वानी के ग्राम करी में जंगली सूअरों के आतंक से किसान परेशान हैं। सूअरों के झुंड खेतों में खड़ी मक्का की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा है। शनिवार देर रात जंगली सूअरों के झुंड खेतों में घुसकर फसलें बर्बाद कर रहे हैं। अधिकांश किसानों ने अपने मक्के के खेतों के चारों ओर तार फेंसिंग कर रखी है, लेकिन कुछ किसान रात में भी फसल की रखवाली करने को मजबूर हैं। हालांकि, इस क्षेत्र में तेंदुए दिखने की आशंका के कारण कई किसान रात में खेतों में जाने से डरते हैं। किसानों की खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद किसान दीपक गेहलोद ने बताया कि जंगली सूअरों के बढ़ते आतंक को लेकर कई बार वन विभाग को शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक विभागीय अमले ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया है। उनके अनुसार, सूअरों के कारण किसानों की खड़ी फसलें पूरी तरह तबाह हो रही हैं। परेशान किसानों ने सामूहिक रूप से सरकार और प्रशासन से खेतों की सुरक्षा के लिए 'तार फेंसिंग (तारबंदी) अनुदान योजना' लागू करने और फसल नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की है। किसान बोले- सूअर लगातार फसलों को नुकसान पहुंचा रहे ग्राम करी के किसान कैलाश मुकाती ने बताया कि पिछले दो साल से जंगली सूअर लगातार फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस कारण अब उनका खेत में मक्का लगाने का मन नहीं करता। उन्होंने यह भी बताया कि जंगली जानवरों से होने वाले फसल नुकसान को फसल बीमा के दायरे में नहीं लाया जाता है। कैलाश मुकाती के अनुसार, उन्होंने चार एकड़ खेत में स्वीट कॉर्न मक्का की फसल लगाई थी, जिस पर प्रति एकड़ 55 से 60 हजार रुपए का खर्च आया था। फसल कटाई के लिए तैयार थी और 10 से 12 दिन बाद भुट्टे तोड़े जाने वाले थे, तभी जंगली सूअरों ने दो एकड़ से अधिक की फसल को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। सूअरों ने फसल को खाने के साथ ही उखाड़ फेंका सूअरों ने फसल को खाने के साथ ही उखाड़ फेंका। पिछले साल भी केले के पौधों को नुकसान पहुंचाया था। इस बार मक्का फसल फसल को भी नुकसान हुआ है। करीब एक से डेढ़ लाख की फसल बर्बाद हुई है। परेशान किसानों ने सामूहिक रूप से सरकार और प्रशासन से खेतों की सुरक्षा के लिए 'तार फेंसिंग (तारबंदी) अनुदान योजना' लागू करने और फसल नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की है। किसान राधेश्याम गेहलोद ने बताया कि उनके तीन एकड़ खेत में लौकी की फसल को जंगली सूअरों द्वारा नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया कि पर एकड़ 50 से 60 हजार रुपए एकड़ का खर्च आया लगा है। आसपास के अन्य किसानों को भी भारी नुकसान हो रहा है।
दौसा में 36 परीक्षा केंद्रों पर कर्मचारी चयन बोर्ड की लिपिक ग्रेड-द्वितीय/कनिष्ठ सहायक संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा आयोजित की जा रही है। जिला मुख्यालय के 12 सरकारी और 24 प्राइवेट केंद्रों पर दो शिफ्ट में होने वाली परीक्षा में कुल 13 हजार 200 अभ्यर्थी शामिल होंगे। पहली शिफ्ट के परीक्षार्थियों को सुबह 7:30 से प्रवेश देना शुरू किया गया तो सेंटर्स के बाहर लंबी कतार देखने को मिली। जिनकी सबसे पहले एजेंसी कर्मियों, पुलिस और फिर वीक्षक स्टॉफ द्वारा गहन थ्री-लेयर जांच व बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के बाद प्रवेश दिया गया। मेटल डिटेक्टर से जांच परीक्षा में नकल और फर्जी परीक्षार्थियों पर लगाम लगाने के लिए निजी कंपनी के माध्यम से सभी परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक उपस्थिति ली गई। पुलिस द्वारा मेटल डिटेक्टर से जांच कर संदिग्ध वस्तुओं को हटवाया गया। प्रथम पारी (पेपर-1) सुबह 9:30 से दोपहर 12:30 बजे तक होगी। द्वितीय पारी (पेपर-II) दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक होगी। परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले सुबह 8:30 बजे केंद्र के गेट बंद कर दिए गए थे। त्रिस्तरीय सुरक्षा और निगरानी परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकल विहीन संपन्न कराने के लिए पुलिस-प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद देखा गया। केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस जाप्ते के अलावा सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जा रही है। लालसोट एडीएम मनमोहन मीणा और एएसपी शंकरलाल मीणा मॉनिटरिंग कर रहे हैं। विजिलेंस टीमों का गठन प्रशासन ने किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। परीक्षा के लिए 6 विजिलेंस टीमों का गठन किया गया है। जिसमें एक आरएएस और आरपीएस अधिकारी, शिक्षा विभाग का एक उच्च अधिकारी शामिल है। केंद्रों पर निगरानी के लिए 60 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं।
चार बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया:फिरोजाबाद में पुलिस और श्रम विभाग की संयुक्त कार्रवाई
फिरोजाबाद में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (एएचटी) थाना पुलिस और श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने बाल श्रम उन्मूलन अभियान के तहत चार बच्चों को मुक्त कराया। रेस्क्यू किए गए बच्चों को नियमानुसार आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को सौंप दिया गया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लांगहे के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक नगर रविशंकर प्रसाद व एएचटी नोडल अधिकारी के निर्देशन में की गई। एएचटी पुलिस और श्रम विभाग की टीम ने थाना रामगढ़ क्षेत्र के अब्बास नगर और सैलई पुलिया इलाकों में चेकिंग अभियान चलाया। पूर्व में मिली सूचनाओं और रेकी के आधार पर चार बच्चों को बाल श्रम करते हुए पाया गया और उन्हें मौके से मुक्त कराया गया। अभियान का नेतृत्व एएचटी थाना प्रभारी विपिन कुमार ने किया। संयुक्त टीम में श्रम प्रवर्तन अधिकारी विनीत कुमार त्रिपाठी, उपनिरीक्षक गोवर्धन राम, महिला मुख्य आरक्षी सुप्रिया और महिला आरक्षी प्रिया शामिल थीं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जनपद में बाल श्रम के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी रहेगा। बच्चों से श्रम कराने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आमजन से भी अपील की गई है कि बाल श्रम से संबंधित कोई भी सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस और श्रम विभाग को सूचित करें।
कानपुर देहात की मंगलपुर थाना पुलिस ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को घटना के महज चार घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। अन्य दो आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, 4 जुलाई को एक महिला ने मंगलपुर थाने में तहरीर दी थी। महिला ने आरोप लगाया कि गांव का मोहित कुमार उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। शिकायत के आधार पर मोहित कुमार, नाथूराम और राहुल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87 और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया। मामला दर्ज होते ही मंगलपुर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने हवासपुर चौराहे के पास से मुख्य आरोपी मोहित कुमार को गिरफ्तार कर लिया। मोहित कुमार रामदास संखवार का पुत्र और जैतापुर, थाना मंगलपुर का निवासी है। उसकी उम्र 22 वर्ष बताई गई है। गिरफ्तार आरोपी को नियमानुसार न्यायालय में पेश किया जाएगा। वहीं, मुकदमे में नामजद अन्य दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। कानपुर देहात पुलिस ने बताया कि महिला एवं बालिका संबंधी अपराधों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और नाबालिग से जुड़े सभी तथ्यों को खंगाला जा रहा है।
कुरुक्षेत्र जिले में हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) की ओर से सहायक जिला न्यायवादी (ADA) भर्ती परीक्षा का आयोजन हो रहा है। आज जिले के 38 परीक्षा केंद्रों पर 10,620 परीक्षार्थियों का एग्जाम है। सुबह ही सभी अभ्यर्थियों की भीड़ दिखी। कोई रोल नंबर तो कोई एडमिट कार्ड और पहचान पत्र हाथ में लेकर लाइन में खड़ा दिखा। परीक्षा शुरू होने से पहले सभी परीक्षा केंद्रों पर पुलिस और प्रशासन की टीमें पूरी तरह एक्टिव हैं। परीक्षा केंद्र के एंट्री गेट पर अभ्यर्थियों की कड़ी चेकिंग की जा रही है। एडमिट कार्ड और आईडी का मिलान किया जा रहा है। मोबाइल, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ, ईयरफोन समेत किसी भी इलेक्ट्रॉनिक सामान के साथ एंट्री नहीं है। 10 बजे शुरू होगी परीक्षा प्रशासन की ओर से पहले ही निर्देश जारी किए गए थे कि परीक्षा सुबह 10 बजे शुरू होगी। इसके लिए अभ्यर्थियों को सुबह 8:30 बजे से केंद्रों में प्रवेश दिया गया। सुबह 9:50 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। कई अभ्यर्थी समय से पहले ही केंद्रों पर पहुंच गए ताकि किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। धारा 163 लगाई गई परीक्षा को नकल रहित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए हर परीक्षा केंद्र पर पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा-163 लागू की गई है, ताकि किसी प्रकार की भीड़ या अव्यवस्था न हो। रोडवेज चला रहा 30 बसें अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए हरियाणा रोडवेज ने भी विशेष व्यवस्था की। सुबह सात बजे से विभिन्न रूटों पर स्पेशल बसें चलाई गईं। इसके लिए अलग रूट चार्ट तैयार किया गया और 30 बसें रिजर्व रखी गईं, जिससे दूर-दराज से आने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में परेशानी न हो।
राजस्थान में लिपिक ग्रेड द्वितीय/कनिष्ठ सहायक संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा के तहत रविवार को चित्तौड़गढ़ जिले के 21 परीक्षा केंद्रों पर पहले ही घंटे से सख्ती देखने को मिली। जिले में कुल 7039 अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा की व्यवस्था की गई थी। सुबह से ही परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की भीड़ रही। कोई निर्धारित समय से पहले केंद्र पहुंचा तो कोई अंतिम समय तक दौड़ता नजर आया। प्रशासन ने परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और नकलमुक्त कराने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए। 21 परीक्षा केंद्रों पर दो पारियों में हो रही परीक्षा जिले में परीक्षा के लिए 21 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 10 राजकीय और 11 निजी परीक्षा केंद्र शामिल हैं। परीक्षा दो पारियों में आयोजित की जा रही है। पहली पारी सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक हुई, जबकि दूसरी पारी दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक होगी। पहली पारी के लिए अभ्यर्थियों की एंट्री सुबह 7:30 बजे से शुरू हुई और 8:30 बजे सभी केंद्रों के गेट बंद कर दिए गए। इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया गया। तीन स्तर की जांच के बाद ही मिला प्रवेश परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए अभ्यर्थियों की तीन चरणों में जांच की गई। सबसे पहले प्रवेश पत्र और पहचान पत्र का सत्यापन किया गया। इसके बाद बायोमेट्रिक सत्यापन कराया गया। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। सुबह जांच प्रक्रिया के दौरान कुछ समय के लिए केंद्रों पर भीड़ जरूर रही, लेकिन व्यवस्थाएं सुचारु रहने से प्रवेश प्रक्रिया बिना किसी परेशानी के पूरी हो गई। प्रशासन ने पहले ही अभ्यर्थियों से समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने की अपील की थी। हर केंद्र पर पुलिस, वीडियोग्राफी और उड़न दस्तों की निगरानी भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से कराने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। प्रत्येक केंद्र पर एक पुरुष और एक महिला पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा जिलेभर में 22 सशस्त्र पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। परीक्षा की निगरानी के लिए सभी केंद्रों पर लगातार वीडियोग्राफी कराई जा रही है। इसके लिए 43 वीडियोग्राफर नियुक्त किए गए हैं। वहीं 23 उप समन्वयक, चार उड़न दस्ते, 32 पर्यवेक्षक और 740 वीक्षकों की तैनाती की गई है। प्रशासन का कहना है कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुचित गतिविधि मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। पूरे दिन प्रशासन और पुलिस की टीमें सभी परीक्षा केंद्रों पर सक्रिय रहीं, ताकि भर्ती परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके।
राजधानी रायपुर अब हृदय रोग के इलाज में देश के बड़े महानगरों की बराबरी कर रही है। आने वाले 10 सालों में कार्डियोलॉजी के क्षेत्र में बड़े बदलाव आएंगे। भविष्य में अधिक असरदायक दवाएं आने की संभावना है जो धमनियों के ब्लॉकेज को खोल देंगी, जिससे सर्जरी की आवश्यकता कम हो जाएगी। इसके अलावा, ओपन हार्ट सर्जरी की जगह कैथेटर आधारित इलाज बढ़ेगा और एआई डॉक्टरों के विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि उनके सहायक के रूप में काम करेगा। कोविड वैक्सीन से हृदय रोग बढ़ने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। युवाओं में बढ़ते हार्ट अटैक के पीछे धूम्रपान, हाई ब्लड प्रेशर और पारिवारिक इतिहास के साथ-साथ वायु प्रदूषण, मिलावटी भोजन और खराब नींद भी बड़े कारण हैं। बीमारी रोकने के लिए स्कूलों में हेल्थ एजुकेशन शुरू होना चाहिए। साथ ही स्वस्थ जीवन के लिए ‘8-8-8’ का फॉर्मूला अपनाना चाहिए। यानी 8 घंटे काम, 8 घंटे नींद और स्वास्थ्य और 8 घंटे परिवार को देना चाहिए। यह कहना है रायपुर आए पद्मश्री, पद्मभूषण और मुंबई के जसलोक अस्पताल के कार्डियोलॉजी डायरेक्टर डॉ. अश्विन बालाचंद (एबी) मेहता और अमेरिका की वेस्ट वर्जीनिया यूनिवर्सिटी के कार्डियोलॉजी प्रोफेसर डॉ. रमेश डग्गुबती का। दैनिक भास्कर के लिए कॉडियोलॉजिस्ट डॉ. मनोज गुप्ता ने दोनों विशेषज्ञों से खास बातचीत की। युवाओं में हार्ट अटैक की बड़ी वजह धूम्रपान, प्रदूषण और खराब नींद: डॉ. मेहता सवाल: छत्तीसगढ़ में कार्डियोलॉजी की मौजूदा सुविधाओं को आप किस स्तर पर पाते हैं? जवाब: यहां के प्रोग्राम और कैथेट्राइजेशन लैब की क्षमताएं देखकर खुशी होती है। रायपुर में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी की सुविधाएं और क्षमताएं भारत के किसी भी बड़े महानगर के बराबर हैं। सवाल: भारत में 30 से 40 साल के युवाओं में हार्ट अटैक बढ़ रहे हैं, इसकी बड़ी वजह क्या है? जवाब: इसके तीन मुख्य कारण हैं- 1. स्मोकिंग, 2. हाइपरटेंशन, 3. फैमिली हिस्ट्री। इसके अलावा अब टेस्टिंग सुधरने से बीमारियों की पहचान भी बेहतर हो गई है। वायु प्रदूषण, खाने में मिलावट और खराब स्लीप हैबिट्स भी सबसे बड़ा कारण हैं। सवाल: लोगों को हार्ट अटैक से बचने के लिए आज से ही कौन सी 3 आदतें अपनानी चाहिए? जवाब: नियंत्रित और संतुलित आहार लें, पर्याप्त नींद लें और तनाव को नियंत्रित रखें। भगवद्गीता के श्लोक कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन को जीवन में अपनाएं और परिणाम की चिंता किए बिना अपना कर्तव्य करें। सवाल: यदि रायपुर के लिए ‘हार्ट हेल्थ रोडमैप 2030’ बनाना हो, तो सबसे पहले कौन से कदम शामिल करेंगे? जवाब: सबसे पहले स्कूलों में हेल्थ एजुकेशन शुरू होनी चाहिए। दूसरा, बचपन से ही घर और स्कूल में बच्चों को नैतिक शिक्षा दी जानी चाहिए ताकि वे मानसिक रूप से मजबूत और अनुशासित बन सकें। सवाल: दिल को स्वस्थ रखने के लिए आपका ‘वन-मिनट मैसेज’ क्या है? जवाब: मेरा सिद्धांत ‘8-8-8’ का है। 24 घंटे में से 8 घंटे अपने प्रोफेशन को दें, 8 घंटे अपनी पर्सनल जरूरतों जैसे नींद, एक्सरसाइज व खाने को दें और 8 घंटे अपने परिवार को दें। परिवार को समय न देना तनाव का बड़ा कारण है। स्ट्रेस कम करने के लिए योग और ब्रीदिंग एक्सरसाइज जरूरी: डॉ. डग्गुबती सवाल: हृदय रोगों को रोकने के लिए आप सरकार को क्या सुझाव देना चाहेंगे? जवाब: स्मोकिंग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगना चाहिए। ऑफिस या काम की जगह पर स्ट्रेस कम करने के लिए योग और ब्रीदिंग एक्सरसाइज को अनिवार्य किया जाना चाहिए। साथ ही, वायु गुणवत्ता को सुधारने पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। सवाल: आने वाले 10 वर्षों में इंटरवेंशनल कार्डियक साइंस में कौन सा सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा? जवाब: चिकित्सा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का जबरदस्त प्रभाव देखने को मिलेगा। भविष्य में ऐसी दवाएं आ सकती हैं, जो सीधे ब्लॉकेज पर अटैक करके उसे बिना सर्जरी के खत्म कर देंगी। सवाल: क्या AI और रोबोटिक्स के आने से ओपन हार्ट सर्जरी कम होगी और बिना सर्जरी वाले प्रोसीजर बढ़ेंगे? जवाब: यह बदलाव पहले ही आ चुका है। AI ने एक्स-रे, ईसीजी और इकोकार्डियोग्राम पढ़ने में डॉक्टरों का वर्कलोड कम किया है और रोगों की पहचान बेहतर की है। रोबोटिक्स के आने से सर्जिकल प्रोसीजर कम हुए हैं और कैथेटर-बेस्ड यानी बिना चीरे वाले प्रोसीजर बढ़ गए हैं। सवाल: 40 की उम्र के बाद हार्ट रिस्क से बचने के लिए कौन सी सबसे जरूरी जांचें करानी चाहिए? जवाब: 40 की उम्र के बाद हर व्यक्ति को नियमित रूप से ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज की जांच करानी चाहिए। साथ ही, एरोबिक एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए। सवाल: लोगों का मानना है कि कोविड वैक्सीन से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा है? जवाब: कोविड वैक्सीन से हार्ट अटैक बढ़ने की बात साबित नहीं हुई है। लोग स्मोकिंग, शराब और स्ट्रेस जैसी असली वजहों को छिपाकर अक्सर वैक्सीन को दोष देते हैं, जबकि वैक्सीन के फायदे इसके साइड इफेक्ट्स से कहीं ज्यादा हैं।
हमीरपुर के सुमेरपुर कस्बे में एक पति द्वारा अपनी पत्नी को उसके बॉयफ्रेंड के साथ पकड़कर थाने ले जाने का मामला सामने आया है। इस दौरान थाने के बाहर काफी देर तक हंगामा होता रहा। मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने घटना का वीडियो बनाया जो अब सामने आ चुका है। पुलिस का कहना है कि यह मामला दो जुलाई की रात का है मामले की शिकायत मिली है जांच की जा रही है। पड़ताल में पता चला कि, वायरल वीडियो 2 जुलाई की रात 9 बजे का है। इस मामले में सुमेरपुर कस्बे के रहने वाले एक युवक ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि उसकी शादी वर्ष 2021 में मौदहा क्षेत्र की एक युवती से हुई थी। युवक का कहना है कि शादी के बाद भी उसकी पत्नी का अपने कथित बॉयफ्रेंड से संपर्क बना रहा। जब उसने इसका विरोध किया तो दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। युवक का आरोप है कि पत्नी ने उसके खिलाफ दहेज उत्पीड़न, गुजारा भत्ता और तलाक का मुकदमा भी दर्ज करा रखा है, जिस पर न्यायालय में सुनवाई चल रही है। उसके अनुसार, इन मुकदमों के बावजूद पत्नी अपने कथित बॉयफ्रेंड के साथ खुलेआम घूम रही थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि 2 जुलाई की रात उसे सूचना मिली कि उसकी पत्नी सुमेरपुर की सब्जी मंडी क्षेत्र में अपने बॉयफ्रेंड के साथ मौजूद है। वह मौके पर पहुंचा और दोनों को पकड़ लिया। इसके बाद दोनों को साथ लेकर सीधे सुमेरपुर थाने पहुंचा और पुलिस से न्याय की गुहार लगाई। इस दौरान थाने के बाहर काफी देर तक कहासुनी और हंगामे की स्थिति बनी रही, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस मामले में सुमेरपुर थाना प्रभारी पवन कुमार पटेल ने बताया कि युवक की ओर से तहरीर प्राप्त हुई है। दोनों पक्ष थाने आए थे। शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
छतरपुर शहर में शनिवार को एक निर्माणाधीन मकान में लेंटर तोड़ते समय करंट लगने से एक मजदूर की मौत हो गई। शव की पहचान देवेंद्र के रूप में हुई। उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार, देवेंद्र अपने साथी विशाल प्रजापति के साथ मकान का लेंटर तोड़ने का काम कर रहा था। काम के दौरान उसने गलती से बिजली के संपर्क में आई एक वायर पकड़ लिया, जिससे उसे तेज करंट लगा और वह गंभीर रूप से झुलस गया। फावड़े की मदद से अलग कियामौके पर मौजूद साथी मजदूरों ने फावड़े की मदद से देवेंद्र को बिजली के संपर्क से अलग किया। इसके बाद उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। एक हजार रुपए एडवांस मांगे थेमृतक के साथी विशाल प्रजापति ने बताया कि देवेंद्र ने काम पर आने से पहले उससे अपनी बीमार बेटी के इलाज के लिए एक हजार रुपए एडवांस मांगे थे। विशाल ने उसे पैसे देने का आश्वासन दिया था। विशाल ने यह भी बताया कि देवेंद्र आर्थिक तंगी के कारण मजदूरी कर रहा था। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का उचित पालन किया गया था या नहीं। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें करंट लगने के बाद साथी मजदूर देवेंद्र को बचाने का प्रयास करते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।
रेलवे भर्ती बोर्ड ने असिस्टेंट लोको पायलट भर्ती-2025 (एएलपी भर्ती 2025) के तहत सीबीटी-2 परीक्षा की डेट 28 जुलाई घोषित की है। परीक्षा से 10 दिन पहले सिटी इंटिमेशन स्लिप जारी की जाएगी। रेलवे भर्ती बोर्ड की ओर से सीईएन नंबर 1/2025 सहायक लोको पायलट के रिक्त 9970 पदों पर भर्ती की अधिसूचना 11 अप्रैल 2025 को जारी की गई थी। इस भर्ती में अजमेर रेलवे भर्ती बोर्ड की ओर से 820 पदों पर भर्ती की जानी है। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गत 13, 16 व 18 फरवरी तथा 11 मार्च को सीबीटी- 1 की परीक्षा हुई थी। 20 मार्च को परीक्षा की उत्तरकुंजी जारी कर दी गई थी। आरआरबी अजमेर ने 12 जून को सीबीटी-1 का परिणाम जारी कर दिया था। इसमें 12152 अभ्यर्थियों को सीबीटी-2 के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। सीबीटी-1 में सफल रहे सूचीबद्ध अभ्यर्थियों को अब सीबीटी-2 परीक्षा देनी होगी। ये परीक्षा 28 जुलाई को आयोजित की जा रही है। तीन दिन पहले जारी होंगे ई-कॉल लेटर परीक्षा से 10 दिन पहले सिटी इंटिमेशन स्लिप और तीन दिन पहले ईकॉल लेटर जारी किए जाएंगे। इसके लिए रेलवे भर्ती बोर्ड की ओर से लिंक एक्टिवेट किया जाएगा। अभ्यर्थी वेबसाइट से ई-कॉल लेटर डाउनलोड कर सकेंगे। चार प्रमुख भर्ती परीक्षाओं के दस्तावेज सत्यापन के लिए ईकॉल लेटर जारी रेलवे भर्ती बोर्ड ने विभिन्न पदों पर भर्ती को लेकर आयोजित चार प्रमुख भर्ती परीक्षाओं के अभ्यर्थियों के लिए दस्तावेज सत्यापन के ईकॉल लेटर जारी कर दिए हैं। इसमें एनटीपीसी यूजी, पैरामेडिकल, टैक्निशियन ग्रेड-3, टेक्नीशियन ग्रेड-1 शामिल है। आरआरबी अजमेर की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार प्रत्येक परीक्षा के अभ्यर्थियों को अलग-अलग तिथियों पर दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया गया है। अभ्यर्थियों को आरआरबी की वैबसाइट पर दिए गए लिंक से ईकॉल लेटर डाउनलोड करने के बाद निर्धारित तिथि और समय पर आरआरबी अजमेर में उपस्थिति देनी होगी। आगे की प्रक्रिया आरआरबी अजमेर की ओर से समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। …….. पढें ये खबर भी… आरएएस (मेंस)-2024 की आंसर-बुक देखने के लिए आवेदन कल से:27 जुलाई तक कर सकेंगे अप्लाई, कैंडिडेट्स 12 सितंबर तक कर सकेंगे डाउनलोड राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (मुख्य) परीक्षा- 2024 (RAS) के कैंडिडेट्स अपनी आंसर-बुक देखने के लिए कल (6 जुलाई) से आवेदन कर सकेंगे। (पूरी खबर पढें)
कानपुर देहात के रसूलाबाद क्षेत्र में मानसून में देरी और सिकंदरपुर माइनर में पानी की कमी से किसान परेशान हैं। जुलाई का पहला सप्ताह शुरू होने के बावजूद पर्याप्त बारिश नहीं हुई है और माइनर में भी पानी नहीं पहुंचा है। इससे धान की रोपाई प्रभावित हो रही है, और किसानों को महंगे डीजल इंजन से सिंचाई करनी पड़ रही है। सिकंदरपुर माइनर से जुड़े गदाईपुर, नैला कटरा, कसमड़ा, विजयपुर, सरैया, बहेलियन पुरवा और कुशल पुरवा सहित कई गांवों के किसान पानी की कमी से जूझ रहे हैं। उनका कहना है कि खेतों में पर्याप्त पानी न होने के कारण धान की रोपाई समय पर नहीं हो पा रही है। इससे खेती की लागत बढ़ रही है और किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका है। नैला कटरा के किसान सगीर ने बताया कि मानसून की उम्मीद के बावजूद बारिश नहीं हुई और सिंचाई विभाग ने भी माइनर में समय पर पानी नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि एक बीघा खेत की सिंचाई में 400 से 500 रुपये का डीजल खर्च आता है। कुछ दिनों बाद खेत फिर सूख जाते हैं, जिससे दोबारा सिंचाई करनी पड़ती है। इससे धान की पौध के सूखने का खतरा बना हुआ है। किसान रामबाबू, विमलेश और जाकिर सहित कई किसानों ने सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने मांग की है कि सभी माइनरों में तत्काल पानी छोड़ा जाए, ताकि धान की रोपाई समय पर पूरी हो सके और किसानों को संभावित नुकसान से बचाया जा सके। इस बीच, सिंचाई विभाग ने किसानों को जल्द राहत मिलने का दावा किया है। सहायक अभियंता राजेश यादव के अनुसार, माइनर में पानी छोड़ दिया गया है और उम्मीद है कि कल तक सिकंदरपुर माइनर में पानी पहुंच जाएगा। किसान अब विभाग के इस दावे पर नजर बनाए हुए हैं।
गोंडा पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने शनिवार देर रात 12.25 बजे कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक निरीक्षक सहित 15 उप निरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया है। यह तबादले देर रात 12:25 बजे किए गए। इन तबादलों के तहत, निरीक्षक राजकुमार यादव को अपराध शाखा से हटाकर प्रभारी न्यायालय सुरक्षा बनाया गया है। वहीं, कटरा बाजार थाना क्षेत्र की हलधरमऊ चौकी के प्रभारी उप निरीक्षक शिवम गुप्ता को धानेपुर थाना भेजा गया है। तरबगंज थाने में तैनात उप निरीक्षक सौरभ कुमार सिंह को हलधरमऊ चौकी का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। अन्य उप निरीक्षकों में असगर अली को उमरी बेगमगंज थाना, प्रमोद कुमार सिंह को इटियाथोक थाना, सौरभ वर्मा को खोण्डारे थाना, कमलेश सिंह को मनकापुर थाना, वीरेंद्र यादव को छपिया थाना, रवि प्रकाश यादव को कौड़िया थाना, जय राम सिंह को वजीरगंज थाना, उमा शंकर यादव को न्यायालय सुरक्षा, शंकर कुमार को छपिया थाना, आशीष यादव को कर्नलगंज थाना और महेंद्र प्रताप को भी छपिया थाना भेजा गया है। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने सभी स्थानांतरित पुलिसकर्मियों को तत्काल अपने नवीन तैनाती स्थलों पर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करने और कार्यालय को रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इसके अतिरिक्त, एसपी ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी पुलिसकर्मी 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत कार्य करें। थाने और चौकी पर आने वाले फरियादियों की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान किया जाए। शिकायतों के समाधान के दौरान दोनों पक्षों को मौके पर बुलाया जाए और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाए, ताकि किसी भी पक्ष को आरोप लगाने का अवसर न मिले।
राजपुरा गांव में बीती रात हुई रिमझिम बारिश:किसानों के चेहरे खिले, बोले- अच्छी बरसात की उम्मीद जगी
कानोड़ तहसील की ग्राम पंचायत पीथलपुरा के राजस्व गांव राजपुरा में दो दिन के बाद शनिवार रात सवा 9 बजे रिमझिम बारिश शुरू हुई। शुरुआत में बारिश की गति धीमी रही, लेकिन लगभग 15 मिनट तक हल्की फुहारें लगातार पड़ती रहीं। इससे क्षेत्र का मौसम सुहावना हो गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश के दौरान आसमान में घने काले बादल छाए रहे। बीच-बीच में बिजली चमकने और बादलों की तेज गर्जना से क्षेत्र में आगे भी अच्छी बारिश की संभावना बनी रही। मौसम के इस बदलाव ने किसानों में नई उम्मीद जगाई है। स्थानीय किसानों ने बताया कि लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे थे। पिछले एक-दो दिनों में कुछ किसानों ने हल्की बारिश के भरोसे सीमित स्तर पर बुवाई शुरू की थी, जबकि अधिकांश किसान पर्याप्त बारिश की प्रतीक्षा कर रहे थे। किसानों ने आगे बताया कि इस समय होने वाली पर्याप्त बारिश सोयाबीन, मक्का, उड़द और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई के लिए फायदेमंद होगी। मौसम में आए इस सकारात्मक बदलाव से ग्रामीण क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और किसान अच्छी मानसूनी बारिश की उम्मीद कर रहे हैं।
बस्ती रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-2 पर लगी यात्री लिफ्ट कई दिनों से खराब पड़ी है। इसके कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह लिफ्ट प्लेटफॉर्म पर आवागमन को सुगम बनाने के लिए स्थापित की गई थी। सबसे अधिक दिक्कत बुजुर्गों, दिव्यांगों, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों को हो रही है। लिफ्ट बंद होने के कारण उन्हें भारी सामान के साथ सीढ़ियों का उपयोग करना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन हजारों यात्रियों का आवागमन होता है। यात्रियों ने बताया कि लिफ्ट लंबे समय से बंद है, लेकिन अब तक इसकी मरम्मत नहीं कराई गई है। प्रीति सिंह नामक एक यात्री ने कहा कि शारीरिक रूप से कमजोर और अधिक सामान लेकर यात्रा करने वालों को इससे सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। मीरा देवी, अभिषेक पाण्डेय और अतुल संचय भट्ट जैसे यात्रियों का कहना है कि रेलवे यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा करता है। हालांकि, स्टेशन पर मौजूद आवश्यक सुविधाओं का समय पर रखरखाव न होने से इन दावों पर सवाल उठ रहे हैं। यात्रियों ने लिफ्ट को जल्द से जल्द दुरुस्त कराने की मांग की है ताकि उन्हें राहत मिल सके।
बहन के इंगेजमेंट में चचेरे भाई की गोली मारकर हत्या:5 गोली सिर में धंसी; पत्नी से अफेयर का था शक
मथुरा में प्रधान की भतीजी की सगाई में युवक ने चचेरे भाई की हत्या कर दी। लाइसेंसी पिस्टल से युवक को 5 गोलियां मारीं। सभी गोली युवक के सिर और कनपटी पर जाकर धंस गई। परिवार वाले युवक को तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना गोवर्धन रोड स्थित रोजी गार्डन में शनिवार शाम करीब 6 बजे की है। मृतक की पहचान पारसोली गांव निवासी गजेंद्र चौधरी के रूप में हुई। पुलिस ने मौके से आरोपी पवन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पिता 2002 में मांट विधानसभा से बसपा के टिकट से विधायकी लड़ चुके थे लेकिन हार गए। पुलिस की जांच में सामने आया कि पवन अपनी पत्नी और गजेंद्र के अफेयर को लेकर शक करता था। 2 तस्वीरें देखिए… लाइसेंसी पिस्टल से मारी गोली पुलिस के मुताबिक, थाना नौहझील क्षेत्र के गांव पारसोली गांव का रहने वाला गजेंद्र चौधरी ठेकेदारी का काम करते हैं। वह अपने परिवार के साथ गोवर्धन रोड स्थित रोजी गार्डन में पारसौली निवासी प्रधान सुभाष चौधरी की भतीजी रिंकी की सगाई में गए थे। शाम को करीब 6 बजे रिश्तेदार और परिवार वाले सेलिब्रेशन कर रहे थे। सगाई शुरू होने से कुछ पहले प्रधान के परिवार के पवन चौधरी और गजेंद्र के बीच बहस हो गई। तभी पवन ने लाइसेंसी पिस्टल से ताबड़तोड़ करीब 5 राउंड फायरिंग की। लगभग 10 फीट की दूसरे से एक के बाद एक गोली गजेंद्र के सिर और कनपटी में जा धंसी। गोली लगते ही गजेंद्र खून से लथपथ होकर हॉल में ही गिर गए। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जबकि इस दौरान लोगों ने तुरंत पवन को पकड़ लिया और पिटाई शुरू कर दी। सूचना पर पुलिस पहुंची और आरोपी को पकड़ लिया। साथ ही लाइसेंसी पिस्टल भी बरामद कर ली। पवन और गजेंद्र आपस में चचेरे और तहेरे भाई हैं। प्रधान की भतीजी रिंकी की नहीं हो सकी सगाई सगाई की तैयारी से पहले गोली चलने के बाद लोग वहां से भागने लगे। कुछ लोग हॉस्पिटल भागे तो कुछ लोग घर चले गए। इसके बाद सगाई समारोह नहीं सका। परिवार के लोगों ने बताया- 2025 के दिसंबर में भी गजेंद्र पर जानलेवा हमला हुआ था। गजेंद्र को राह चलते कार से टक्कर मार दी थी। जिसमें वह बाल-बाल बच गए थे। आरोपी के पिता लड़ चुके हैं विधानसभा चुनाव आरोपी पवन चौधरी के पिता प्रताप चौधरी साल 2002 में मांट विधानसभा क्षेत्र से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके थे। चुनाव में वह दूसरे स्थान पर थे। वह श्याम सुंदर शर्मा से हार गए थे। रिफाइनरी सीओ प्रवीण तिवारी ने बताया- शुरुआती पूछताछ में आरोपी पवन ने बताया कि उसे अपने चचेरे भाई गजेंद्र के अपनी पत्नी के साथ अवैध संबंध होने का शक था। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। हत्या की बाकी एंगल पर भी जांच की जा रही है। ------------------- यह खबर भी पढ़िए… प्रेमिका साथ नहीं भागी तो मार डाला: अमेठी में प्रेमी ने मुंह दबाया, दिल्ली से पकड़ा गया, इंस्टाग्राम पर हुई थी दोस्ती अमेठी में एक प्रेमी ने अपनी प्रेमिका की हत्या कर दी। वो रात में प्रेमिका से मिलने प्रतापगढ़ से अमेठी पहुंचा। उसे घर के पास खेत में बुलाया। जब प्रेमिका उससे मिलने पहुंची, तो उससे शादी करने की बात कहने लगा। साथ में भाग जाने का दबाव बनाने लगा। यहां पढ़ें पूरी खबर
मैहर में 90 लीटर अवैध शराब जब्त:तीन तस्कर गिरफ्तार; स्कॉर्पियो वाहन भी जब्त
मैहर की कोतवाली पुलिस ने अवैध शराब तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 90 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में शराब तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक स्कॉर्पियो वाहन भी जब्त की गई है। जब्त शराब और वाहन की कुल कीमत लगभग 16 लाख 67 हजार 500 रुपए आंकी गई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह के निर्देश पर थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनिमेष द्विवेदी और उनकी टीम द्वारा की गई। पुलिस को शनिवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कटनी की ओर से एक काले रंग की स्कॉर्पियो में अवैध अंग्रेजी शराब मैहर की ओर लाई जा रही है। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बेरमा मंडी के पास एनएच-30 पर घेराबंदी की। 90 लीटर अंग्रेजी गोवा शराब बरामद घेराबंदी के दौरान संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन क्रमांक MP19ZT4630 को रोका गया और उसकी तलाशी ली गई। तलाशी में वाहन से 10 कार्टून में रखी 90 लीटर अंग्रेजी गोवा शराब बरामद हुई, जिसकी कीमत 67 हजार 500 रुपए बताई गई है। पुलिस ने मौके से स्कॉर्पियो वाहन भी जब्त कर लिया, जिसकी अनुमानित कीमत 16 लाख रुपए है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान गोलू उर्फ वीर सिंह सेंगर (30) निवासी वृंदावन कॉलोनी मैहर, कंचन उर्फ कल्पना चौरसिया (32) निवासी वृंदावन कॉलोनी मैहर और सचिन पटेल (22) निवासी उमरी पैला, मैहर को गिरफ्तार किया। तीनों आरोपियों के खिलाफ मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
गुना से मोबाइल चलाने पर प्रतिबंध, डांट-फटकार और मारपीट से परेशान होकर 13, 14 और 15 वर्ष की तीन नाबालिग छात्राएं घर छोड़कर निकल गईं। वे स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकली थीं और ट्रेन से इंदौर जाने का इरादा था, लेकिन गलती से देवास स्टेशन पर उतर गईं। देवास पुलिस ने उन्हें सुरक्षित बरामद कर लिया है। छात्राओं ने गुना से देवास तक करीब 300 किलोमीटर का ट्रेन सफर लगभग 5 घंटे में तय किया। देवास स्टेशन पर संदिग्ध अवस्था में घूमते देख पुलिस ने तीनों से पूछताछ की। इसके बाद उन्हें वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया। वन स्टॉप सेंटर में सेंटर एडमिनिस्ट्रेटर गोदावरी यादव और परामर्शदाता गरिमा पाठक ने बालिकाओं की काउंसलिंग की। गोदावरी यादव ने बताया कि चार घंटे से अधिक समय तक चली काउंसलिंग और पूछताछ में शुरुआत में छात्राओं ने कुछ भी बताने से इनकार किया। हालांकि, समझाइश के बाद उन्होंने अपनी पूरी बात रखी। घर में मोबाइल चलाने पर रोक थीछात्राओं ने बताया कि घर में मोबाइल चलाने पर रोक थी। इसके अलावा उन्हें डांट-फटकार और मारपीट का भी सामना करना पड़ता था। इन बातों से परेशान होकर उन्होंने घर छोड़ने का निर्णय लिया था। तीनों छात्राएं क्रमशः सातवीं, आठवीं और नौवीं कक्षा में पढ़ती हैं। वे घर से करीब तीन हजार रुपए लेकर निकली थीं। काउंसलिंग के दौरान उन्होंने बताया कि उनका इरादा इंदौर जाकर कोई काम करने का था। उन्होंने यह भी बताया कि वे इन पैसों से चारधाम यात्रा पर जाने या दुबई जाने जैसी बातें सोच रही थीं। गांव से कुछ लड़कियां घर छोड़कर चली गई थी इसलिए डरपूछताछ में यह भी सामने आया कि जिस गांव की ये छात्राएं हैं, वहां पहले भी कुछ बालिकाएं घर छोड़कर जा चुकी थीं। इसी वजह से उनके परिजन उन्हें लेकर चिंतित रहते थे और मोबाइल के उपयोग सहित अन्य पाबंदियां लगाते थे, ताकि उनके साथ ऐसी घटना न हो। हालांकि इन्हीं प्रतिबंधों और पारिवारिक सख्ती से परेशान होकर तीनों ने घर छोड़ने का फैसला किया। वन स्टॉप सेंटर की टीम ने छात्राओं से उनके परिजनों की जानकारी लेकर संपर्क किया। एक छात्रा के पिता ने पहले बताया कि उनकी बेटी तो स्कूल गई है। इसके बाद उन्हें पूरी घटना की जानकारी दी गई। सूचना मिलने पर परिजन देवास पहुंचे, जहां आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों बालिकाओं को उनके सुपुर्द कर दिया गया। परिजनों को प्रक्रिया के बाद बालिकाएं सुपुर्दवन स्टॉप सेंटर की प्रशासक गीता ठाकुर ने बताया कि तीनों बालिकाओं की काउंसलिंग कर उनसे पूरी जानकारी ली गई। इसके बाद उनके परिजनों से संपर्क किया गया। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों बालिकाओं को सुरक्षित उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
चंदौली के अलीनगर थाना क्षेत्र के बसरतियां गांव के दो किसानों ने ताराजीवनपुर चौकी इंचार्ज पंकज कुमार सिंह और अन्य पुलिसकर्मियों पर मारपीट, गाली-गलौज तथा जबरन 30 हजार रुपये वसूलने का गंभीर आरोप लगाया है। किसानों ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल से मुलाकात कर मामले की उच्च स्तरीय जांच, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और कथित रूप से वसूली गई राशि वापस दिलाने की मांग की। वहीं, चौकी प्रभारी ने सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए इन्हें अपनी वैधानिक कार्रवाई से नाराज होकर लगाया गया झूठा आरोप बताया है। पीड़ित किसानों के अनुसार, घटना 1 जुलाई 2026 की सुबह करीब 9:30 बजे की है। उस समय वे अपने खेत में ट्रैक्टर और रैपर मशीन से भूमि समतलीकरण का कार्य करा रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान ताराजीवनपुर चौकी इंचार्ज पंकज कुमार सिंह, एक सिपाही और कुछ अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। किसानों का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने बिना कोई कारण बताए उनके साथ मारपीट शुरू कर दी और गाली-गलौज की। आरोप है कि उनका कसूर पूछने पर भी उनके साथ मारपीट की गई। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनके मोबाइल फोन छीन लिए और ट्रैक्टर, रैपर मशीन, चालक तथा एक किसान को चौकी ले गए। चौकी में 50 हजार रुपए मांगने का आरोप पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में किसानों ने आरोप लगाया है कि चौकी पहुंचने के बाद उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। आरोप है कि उन्हें छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की गई। किसानों के अनुसार, उन्होंने गांव के लोगों से उधार लेकर किसी तरह 30 हजार रुपये की व्यवस्था की। इसके बाद कथित तौर पर चौकी के पास एक अज्ञात व्यक्ति के माध्यम से पुलिसकर्मियों तक यह राशि पहुंचाई गई, जिसके बाद उन्हें छोड़ा गया। पीड़ित किसान ने सुनाई पूरी आपबीती एसपी कार्यालय पहुंचे पीड़ित किसान सूबेदार यादव ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वह अपने खेत में समतलीकरण का कार्य करा रहे थे, तभी चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंचे और बिना किसी कारण उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अपना कसूर पूछा तो उन्हें और पीटा गया तथा चौकी ले जाया गया। सूबेदार यादव का आरोप है कि चौकी में उन्हें छोड़ने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की गई। काफी प्रयास करने और गांव के लोगों से कर्ज लेकर उन्होंने 30 हजार रुपये की व्यवस्था की। उनका कहना है कि पुलिसकर्मियों को यह राशि देने के बाद ही उन्हें छोड़ा गया। पीड़ित किसानों ने पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और कथित रूप से वसूले गए 30 हजार रुपये वापस दिलाने की मांग की है। चौकी प्रभारी बोले- आरोप पूरी तरह निराधार ताराजीवनपुर चौकी प्रभारी पंकज कुमार सिंह ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि संबंधित व्यक्ति को कई बार समझाया गया और अवैध कार्य न करने की चेतावनी दी गई थी। उन्होंने बताया कि पूर्व में चंदपुर क्षेत्र में खनन से संबंधित कार्रवाई के दौरान दो ट्रैक्टर सीज किए गए थे। बाद में सूचना मिली कि मौके पर काफी भीड़ एकत्र हो गई है। परिस्थितियों को देखते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए वाहनों का चालान किया गया। चौकी प्रभारी ने कहा कि संबंधित व्यक्ति अवैध खनन का कार्य करता है, जिसका वह लगातार विरोध करते रहे हैं। इसी क्रम में उसे गिरफ्तार कर शांति भंग की आशंका के तहत धारा 151 के अंतर्गत चालान किया गया था। उनका कहना है कि उसी कार्रवाई से नाराज होकर उनके खिलाफ झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरा मामला अब पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में है और निष्पक्ष जांच के बाद जो भी निर्णय होगा, उसका पूरी तरह पालन किया जाएगा। एसपी बोले- जांच में जो दोषी होगा, उस पर होगी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बताया कि शिकायतकर्ता की ओर से उन्हें प्रार्थना पत्र दिया गया है। मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उदयपुर के खेलगांव स्थित तरणताल में चल रही राजस्थान सब जूनियर और सीनियर स्विमिंग चैंपियनशिप में शनिवार को जयपुर, सीकर और कोटा के खिलाड़ियों का दबदबा रहा। राजस्थान तैराकी संघ के सचिव विनोद सनाढ्य ने बताया कि दूसरे दिन मुकाबले बेहद संघर्षपूर्ण रहे। मुख्य अतिथि पूर्व संभागीय आयुक्त राजेन्द्र भट्ट और संघ अध्यक्ष अनिल व्यास ने विजेता खिलाड़ियों को मैडल देकर सम्मानित किया। बता दें, इस चैंपियनशिप में प्रदेशभर से करीब 400 से ज्यादा खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। ये हैं बालक-बालिका वर्ग के रिजल्ट-बैक स्ट्रोक बालक वर्ग की 50मीटर रेस में सीकर के मोहित सामोता ने पहला स्थान हासिल किया। अलवर के अग्रिम भारद्वाज ने दूसरा और भीलवाड़ा के निंकुज गौर तीसरे स्थान पर रहे। वहीं, 200मीटर में भी मोहिता सामोता ने गोल्ड जीता। बालिका वर्ग 50मीटर में जयपुर की सेरेना अग्रवाल प्रथम, हर्षिका जयचंदानी दूसरे और जोधपुर की पायल चौधरी तीसरे स्थान पर रही। 200मी.बालिका वर्ग में जयपुर की अश्विका पहले स्थान पर रही। जयपुर के ह्रदय भोजवानी जीते बटर फ्लाई बालक वर्ग 100 मीटर में जयपुर के ह्रदय भोजवानी पहले, सीकर के राजीव दहिया दूसरे और उदयपुर के विहान व्यास तीसरे स्थान पर रहे। बालिका वर्ग में जयपुर की सिदिक्षा कवाड़िया ने बाजा मारी। -फ्री स्टाइल बालक वर्ग-4 की 50 मीटर रेस में सीकर के अमन सामोता प्रथम, श्रीगंगानगर के समर पुनिया दूसरे स्थान पर रहे। जयपुर की यशस्वी तिवारी जीती बालिका वर्ग में कोटा की तक्षय सिंह प्रथम, रिधीसा सिंह द्वितीय स्थान पर रही। वहीं, 100 मीटर फ्री स्टाइल में चित्तौड़गढ़ की अंशिका धाकड़ ने पहला और जयपुर की अश्विका चौधरी ने दूसरा स्थान हासिल किया। ब्रेस्ट स्ट्रोक बालिका वर्ग 100 मीटर में जयपुर की यशस्वी तिवारी पहले, जयपुर की लारा पुनिया दूसरे और सीकर की पूर्विका तीसरे स्थान पर रही।
बागपत में फर्जी रॉयल्टी के माध्यम से सरकारी राजस्व को नुकसान पहुँचाने वाले गिरोह के खिलाफ मेरठ एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में पुलिस ने इस मामले में वांछित चल रहे एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरियाणा के यमुनानगर निवासी आशुतोष पुत्र सुभाष के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आशुतोष लंबे समय से फरार था। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की जा रही है, जिससे फर्जी रॉयल्टी बनाने और उसके उपयोग से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ सामने आने की उम्मीद है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला एक संगठित नेटवर्क से जुड़ा है। यह गिरोह कथित तौर पर फर्जी रॉयल्टी और नकली दस्तावेजों का उपयोग कर खनन सामग्री के परिवहन में सरकारी नियमों की अनदेखी कर रहा था, जिससे राजस्व को भारी नुकसान हो रहा था। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और उनकी भूमिका की भी गहनता से जांच कर रही है। कोतवाली प्रभारी बृजेश कुमार ने बताया कि इस मामले में पहले भी कई आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। 17 जून को पुलिस ने तालिब, आरिफ, फिरोज और नईम सहित कई अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद 28 जून को जाहिद उर्फ लाल पुत्र ताहिर को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इन गिरफ्तारियों से मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने दोहराया है कि सरकारी राजस्व को नुकसान पहुँचाने वाले ऐसे गिरोहों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। गिरफ्तार आरोपी आशुतोष को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
हरियाणा में हिसार जिले के बरवाला क्षेत्र में गैबीपुर नहर पर एक युवक रवि ने सुसाइड कर लिया है। युवक का नाम रवि है जिसका नाम शनिवार को हुए विष्णु हत्याकांड से जुड़ा है। पुलिस रवि की तलाश ही कर रही थी कि उसकी शव जींद जिले के उचाना क्षेत्र में एक पेड़ से लटका मिला है। मरने से पहले रवि ने सोशल मीडिया पर वीडियो भी शेयर किया जिसमें वह सुसाइड की बात कर रहा है और गर्लफ्रेंड के लिए जान देने की बात कह रहा है। हालांकि वीडियो में रवि ने गर्लफ्रेंड और उसके पति का नाम नहीं बताया है। पुलिस इसकी जांच कर रही है कि रवि की गर्लफ्रेंड का पति विष्णु है या उसका दोस्त पारस है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। शनिवार को चाकुओं से हमला कर हत्या कर दी थी इससे पहले शनिवार शाम बरवाला क्षेत्र स्थित गैबीपुर नहर पर गांव बुढ़ाखेड़ा निवासी विष्णु और उसका साथी पारस गाड़ी धोने गए थे। इसी दौरान तीन युवकों ने उन पर चाकुओं से हमला कर दिया था। हमले में विष्णु की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि पारस गंभीर रूप से घायल हो गया था। घायल का उपचार निजी अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर मुख्य आरोपी के रूप में प्रभुवाला निवासी रवि की तलाश शुरू की थी। पुलिस रवि के दोस्तों की भी तलाश कर रही है। सोशल मीडिया पर अपलोड की वीडियो इसी बीच रविवार को सोशल मीडिया पर रवि का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उसने वारदात के पीछे निजी रंजिश और प्रेम-प्रसंग से जुड़े कारण होने का दावा किया। वीडियो में उसने कहा कि वह एक युवती से प्रेम करता था और उसके अनुसार पारस उसे लंबे समय से परेशान कर रहा था और कई बार उसका रास्ता रोकता था। उसने दावा किया कि इसी विवाद के चलते उसने नहर पर दोनों पर हमला किया, जिसमें एक युवक की मौत हो गई और दूसरा घायल हो गया। वीडियो के अंत में उसने आत्महत्या करने की बात भी कही और अपनी लोकेशन उचाना क्षेत्र के पास बताई। कहा कि, जिंदगी में कभी प्यार मत करना...। उकलाना रेलवे लाइन के पास मिला शव इसके कुछ समय बाद उचाना क्षेत्र में रेलवे लाइन के समीप एक पेड़ से रवि का शव फंदे पर लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है। साथ ही आत्महत्या और हत्या दोनों मामलों की जांच विभिन्न पहलुओं से की जा रही है।
वाराणसी में कछवांरोड पुलिस चौकी से एक किलोमीटर की दूरी पर बिहड़ा नहर के पास रविवार की सुबह 7 बजे एक युवक का शव पड़ा मिला। युवक के सिर पर चोट के निशान मिले, जिससे खून रिस रहा था। उसकी शिनाख्त गौर गांव के जग्गू के रूप में हुई है। वह होटल पर काम करता था। उसकी शादी 5 महीने पहले ही हुई थी। मार्निंग वॉक पर निकले लोगों ने शव पड़ा देखा। पुलिस को सूचना दी। घटना की सूचना पर थाना प्रभारी मिर्जामुराद गोपाल जी कुशवाह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। तफ्तीश के बाद फारेंसिक टीम को मौके पर बुलाया। जग्गू की बहन गीता ने उसकी शिनाख्त की। घटना मिर्जामुराद थाना क्षेत्र की है। घटनास्थल की 3 तस्वीरें… बहन ने शिनाख्त की, बोली-यह मेरा भाई जग्गू है थाना प्रभारी ने बताया सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने शव देखा था। उन्होंने पुलिस चौकी पर सूचना दी जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। शव के सिर से खून रिस रहा है। आस पास के लोगों से शिनाख्त की कोशिश की पर सफलता नहीं मिली। इसके बाद फारेंसिक टीम बुलाई गई है जो मौके पर जांच कर रही है। फारेंसिक टीम की जांच के बाद मिर्जामुराद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर थाने भेजवाने की तैयारी कर रही थी। उसी दौरान गौर गांव की गीता मौके पर पहुंची और शव की शिनाख्त अपने भाई जग्गू के रूप में की है। फिलहाल पुलिस ने अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है। जग्गू की 5 महीने पहले शादी हुई थी। सिर से बाल नोचा गया, कूंचा गया मुंह युवक के सिर से बाल नोचा गया है। साथ ही पहचान न हो सके इसके लिए उसका मुंह किसी भरी चीज से कूंच दिया गया है। आला अधिकारी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं।
भारतीय किसान संघ ने हरदा जिला मुख्यालय की कृषि उपज मंडी में शनिवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। किसान प्रदेश सरकार द्वारा ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल को समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिए तय की गई मात्रा से नाराज हैं। वे शत प्रतिशत मूंग खरीदी की मांग कर रहे हैं। धरने के पहले दिन जिले के विभिन्न गांवों से आए सैकड़ों किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन किया। देर रात को किसानों ने धरना स्थल पर ही अपने लिए भोजन तैयार किया। उन्होंने चूल्हे पर रोटियां सेंकी और सब्जी बनाकर साथ में भोजन किया, फिर मंडी में ही रात्रि विश्राम किया। किसान संघ के जिला उपाध्यक्ष लवकुश गौर ने कहा कि किसान अब सरकार के इस फैसले के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ने का मन बना चुके हैं। उन्होंने बताया कि किसानों ने कड़ी मेहनत से मूंग की फसल पैदा की थी, इस उम्मीद में कि सरकार उनकी पूरी उपज समर्थन मूल्य पर खरीदेगी। हालांकि, सरकार ने प्रति एकड़ मात्र 1 क्विंटल 20 किलोग्राम मूंग खरीदने का निर्णय लिया है, जिससे किसानों में भारी नाराजगी है। जिला मंत्री विजय मलगाया ने बताया कि जिले में मूंग की औसत पैदावार 15 से 16 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रही है। ऐसे में प्रति एकड़ 120 किलोग्राम खरीदी की सीमा उचित नहीं है, क्योंकि इससे लागत, मेहनत, सिंचाई, खाद, बीज, दवा और जोखिम का सही मूल्य नहीं मिल पाता। किसानों के अनुसार, कम खरीदी सीमा के कारण उन्हें बची हुई उपज मंडी में कम कीमत पर बेचनी पड़ती है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान होता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सरकार मूंग की खरीदी की मात्रा नहीं बढ़ाती है, तो आगामी चुनाव में उसे इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।
मथुरा में दोस्त को गोली मारकर फरार चल रहे आरोपी संदीप उर्फ देशा को मथुरा पुलिस ने शनिवार देर रात 11 बजे मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने घिरने पर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी। घायल हालत में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपी के पास से एक अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस भी बरामद हुआ है। पुलिस अब उसके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। 2 जुलाई को दोस्त को मारी थी गोली सीओ रिफाइनरी प्रवीण तिवारी ने बताया कि 2 जुलाई को थाना हाईवे क्षेत्र के खामनी गांव निवासी छोटू को उसके साथी संदीप उर्फ देशा ने गोली मार दी थी। गोली लगने से छोटू गंभीर रूप से घायल हो गया था। पीड़ित की शिकायत पर थाना हाईवे में हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया। इसके बाद से ही आरोपी फरार था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी शनिवार देर रात पुलिस को सूचना मिली कि संदीप दतिया जाने वाले रास्ते से निकलने वाला है। इस पर थाना हाईवे पुलिस ने चंदा ग्रीन कॉलोनी के पास घेराबंदी कर चेकिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपी को रुकने का इशारा किया, लेकिन उसने रुकने के बजाय पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में दबोचा गया पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें संदीप के दाहिने पैर में गोली लग गई। इसके बाद उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर जिला अस्पताल भेजा गया। सीओ प्रवीण तिवारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ बरामद हथियार के आधार पर भी कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच जारी है।
लेक सिटी उदयपुर के कई क्षेत्रों से आमजन की बुनियादी दिक्कतों को लेकर जागरूक नागरिकों ने एक बार फिर 'भास्कर समाधान' के जरिए अपनी आवाज बुलंद की है। इस बार महावीर कॉलोनी में सीवर के गंदे पानी और मलबे की दोहरी मार और पुरोहितों की मादड़ी में खुले पड़े जानलेवा नाले ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है। वहीं, अम्बामाता क्षेत्र और गारियावास में बंद स्ट्रीट लाइटों और मुख्य सड़क पर जमा कचरे के ढेर ने स्थानीय निवासियों के साथ-साथ बेजुबान पशुओं की सुरक्षा को भी खतरे में डाल दिया है। हालांकि, इस व्यवस्था के बीच 'भास्कर समाधान' की ताकत भी धरातल पर साफ नजर आई है। हिरण मगरी सेक्टर 14 में जहां खराब लाइटों को दुरुस्त कर दिया गया है, वहीं धर्मराज कॉलोनी में नगर निगम के लाइनमैन तुलसीराम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न सिर्फ अंधेरा दूर किया, बल्कि अपनी कार्यशैली से वे 'पब्लिक के स्टार' बनकर उभरे हैं। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) सीवर के पानी और मलबे से बढ़ी परेशानीउदयपुर के महावीर कॉलोनी पार्क के पास की निवासी मंजू चौहान ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर क्षेत्र की दोहरी समस्या को पोस्ट किया है। उन्होंने बताया कि इलाके में काफी समय से सड़क किनारे सीवर का गंदा पानी लगातार बह रहा है, जिससे चारों तरफ भीषण गंदगी और दुर्गंध फैल रही है। इसके साथ ही पास में चल रहे निर्माण कार्य (कंस्ट्रक्शन) का मलबा भी सड़क पर ही डाल दिया गया है, जिससे राहगीरों को निकलने का रास्ता नहीं मिल पा रहा है और दुर्घटनाओं का अंदेशा बना हुआ है। खुला नाला दे रहा हादसों को न्यौतापुरोहितों की मादड़ी, रोड नंबर 4 (हंसा किराना के पास) के पास से गौरवदीप चौबीसा ने 'भास्कर समाधान' पर अपनी समस्याा साझा की है। उन्होंने बताया कि इस व्यस्त इलाके में सड़क के बिल्कुल पास एक गहरा नाला पिछले काफी समय से खुला पड़ा है। क्षेत्रवासियों के जरिए कई बार संबंधित विभाग को शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक इस नाले को ढका नहीं गया है, जिससे यहां हर समय किसी बड़े हादसे या जनहानि का डर बना रहता है। छगन नाथ जी की बाड़ी में पसरा अंधेराउदयपुर के अम्बामाता क्षेत्र स्थित छगन नाथ जी की बाड़ी से सुरेश कुमार ने 'भास्कर समाधान' पर रोड लाइट की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि इलाके की गली में पिछले एक सप्ताह से दो रोड लाइटें बंद पड़ी हैं, जिसकी वजह से सूरज ढलते ही यहां गहरा अंधेरा पसर जाता है। इस अंधेरे के कारण स्थानीय बुजुर्गों, महिलाओं और राहगीरों को आवागमन में असुविधा हो रही है और असामाजिक तत्वों का डर भी बना रहता है। क्षेत्रवासियों ने निगम से इन्हें जल्द ठीक करने की मांग की है। गारियावास में बीच सड़क पर कचरे का ढेरपुष्पांजलि विहार, गारियावास के रहने वाले दीपक जैन ने 'भास्कर समाधान' पर कचरे की समस्या को पोस्ट किया है। उन्होंने बताया कि इलाके की मुख्य सड़क के बीचों-बीच पिछले काफी दिनों से कचरा पड़ा हुआ है, जिसके कारण वहां हर समय बेसहारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। यह स्थिति जहां एक ओर यातायात को बाधित कर हादसों को न्यौता दे रही है, वहीं दूसरी ओर इस कचरे और प्लास्टिक को खाना इन जानवरों की सेहत के लिए भी बेहद जानलेवा साबित हो रहा है। क्षेत्रवासियों ने इसे तुरंत साफ कराने की गुहार लगाई है। स्ट्रीट लाइट की समस्या का समाधानउदयपुर के हिरण मगरी सेक्टर 14 के रहने वाले मोहन लाल ने कुछ समय पहले 'भास्कर समाधान' पर इलाके की बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों की गंभीर समस्या के बारे में पोस्ट किया था। लंबे समय से अंधेरा होने के कारण स्थानीय लोगों में चोरियों और सड़क हादसों का डर लगातार बना हुआ था। राहत की बात यह है कि इस समस्या के पोस्ट होते ही संबंधित विभाग ने तुरंत संज्ञान लिया और तत्परता से कार्रवाई करते हुए सभी खराब लाइटों को ठीक कर समस्या का स्थाई समाधान कर दिया है। पहाड़ा क्षेत्र में ठीक हुई लाइटउदयपुर के यूनिवर्सिटी रोड के पास धर्मराज कॉलोनी के निवासी मुकेश खटीक ने कुछ समय पहले 'भास्कर समाधान' पर इलाके की खराब पड़ी रोड लाइटों की समस्या को उजागर किया था। कई दिनों से गलियों में अंधेरा होने के कारण स्थानीय लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अच्छी खबर यह है कि समस्या के 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट होते ही नगर निगम के लाइनमैन ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत मौके पर पहुंचकर लाइटों को ठीक करते हुए इस समस्या का स्थाई समाधान कर दिया। तुलसीराम बने आज 'पब्लिक के स्टार'उदयपुर के यूनिवर्सिटी रोड के पास धर्मराज कॉलोनी से रोड लाइट की समस्या सामने आई थी। बंद पड़ी रोड लाइटों की गंभीर समस्या को पोस्ट करते हुए निवासी मुकेश खटीक ने 'भास्कर समाधान' पर लिखा था कि लाइट बंद होने से गलियों में गहरा अंधेरा पसरा हुआ था। समस्या सामने आते ही नगर निगम के लाइनमैन तुलसीराम ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया और इस समस्या का स्थाई समाधान कर क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत दी है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1.उदयपुर के भुवाना में सुरक्षा भगवान भरोसे:तुलसी नगर RAC ऑफिस के सामने रोड लाइट गायब, अंधेरे में हादसों का डर 2.उदयपुर में रोड लाइट और सड़क की समस्या:स्पीड ब्रेकर बना जल निकासी में बाधा, बीमारी का बढ़ा खतरा 3.उदयपुर में नगर निगम की सुस्ती से फूटा रोष:खारोल कॉलोनी में चोक नालियों से भरा पानी, दागली की मगरी में हफ्ते भर से रोड लाइट बंद 4.‘भास्कर समाधान’ से मिल रहा हल:उदयपुर में खुले में पड़ा कचरा तो कहीं दरिया बनी सड़कें, विभागों को फिक्र ही नहीं 5.उदयपुर में पेयजल की समस्या का हुआ समाधान:कहीं गंदे पानी का समाधान तो कहीं सफाई और जल निकासी की मांग, कई इलाकों की समस्याएं बरकरार 6.उदयपुर के अशोक नगर में सुधरी सीवर व्यवस्था:बेदला में 15 दिनों से ठप सफाई व्यवस्था बहाल, सत्यनारायण शर्मा बने 'स्टार ऑफिसर' 7.'भास्कर समाधान' का असर:कहीं चमकीं बंद लाइटें तो कहीं जनता के 'स्टार' बने विजय गारू, जनसमस्याओं पर प्रशासन ने लिया कड़ा एक्शन 8.उदयपुर में अधिकारियों की लापरवाही:मनवाखेड़ा में सुधारे बिना काट दी पाइपलाइन, तो नाकोड़ा नगर में खाली प्लॉट बने ‘डंपिंग यार्ड’ 9.उदयपुर में 'भास्कर समाधान' का असर:जनता की शिकायतों पर जागा प्रशासन; 11 दिन का अंधेरा दूर, कचरे और जाम से मुक्ति की गुहार 10.शोभागपुरा और मादड़ी मार्ग की खुली पोल:उदयपुर के मीरा नगर और हिरण मगरी में शिकायतों के बाद जागा विभाग, नाली दुरुस्त और गंदगी साफ
जयपुर शहर से लोगों की रोजमर्रा की आम समस्याओं को लेकर नागरिकों ने एक बार फिर 'भास्कर समाधान' का दरवाजा खटखटाया है। इस बार मानसून की शुरुआती दस्तक के साथ ही गुलाबी नगरी के ड्रेनेज, सड़क और सफाई व्यवस्था की जमीनी हकीकत खुलकर सामने आ गई है। आगरा रोड पर जानलेवा गड्ढों और मानसरोवर में धंसती सड़कों ने जहां राहगीरों की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं, वहीं एम.आई. रोड पर फैला कचरा और शास्त्री नगर में हफ्तों से ओवरफ्लो हो रही सीवर लाइनें स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन चुकी हैं। हालांकि, इस प्रशासनिक उदासीनता के बीच 'भास्कर समाधान' का असर भी धरातल पर देखने को मिल रहा है। मोहन नगर में जहां सीवर की पुरानी समस्या को दुरुस्त कर दिया गया है, वहीं शास्त्री नगर में जनहितैषी प्रयासों से गंदगी का खात्मा हुआ है। जनसमस्याओं को उठाने से लेकर उनके निवारण तक का यह पूरा घटनाक्रम जागरूक जनता और जिम्मेदार प्रतिनिधियों के बीच के बदलते तालमेल को दिखाता है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) वाहन चालकों की बढ़ी परेशानीजयपुर के आगरा रोड की पुरानी चुंगी क्षेत्र में मुख्य सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। स्थानीय नागरिक रामजी लाल शर्मा ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे होने से वाहन चालकों को निकलने का रास्ता नहीं मिल पा रहा है। रोजाना लग रहे जाम और हादसों के डर के कारण क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से इस सड़क की तुरंत मरम्मत कराने की मांग की है। एम.आई. रोड पर गंदगी का अंबारपांच बत्ती सर्किल की न्यू कॉलोनी के रहने वाले मोहन जीत सिंह ने 'भास्कर समाधान' पर अपनी शिकायत पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि एम.आई रोड पर गोविंद राम बिल्डिंग के नीचे सड़क पर कई दिनों से काफी सारा में कचरा पड़ा हुआ है। इस गंदगी से उठ रही बदबू के कारण राहगीरों और दुकानदारों का वहां रुकना भी दूभर हो गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत सफाई करवाने की मांग की है। बारिश के मौसम में धंसती सड़कें बनीं आफतमानसरोवर के मोती नगर से बरसात के कारण सड़क धंसने की समस्या सामने आई है। दरअसल, क्षेत्रवासी सत्येंद्र सिंह ने लिखा कि मकान नंबर 107 के बाहर बारिश के कारण सड़क अचानक धंस गई है और वहां एक गहरा गड्ढा हो गया है। मानसून की शुरुआत में ही पैदा हुई इस समस्या से क्षेत्र में गंभीर हादसे का डर बना हुआ है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से इसे तुरंत ठीक करने की गुहार लगाई है ताकि किसी भी तरह का हादसा न हो और लोग सुरक्षित रहें। सेक्टर 3 हाउसिंग बोर्ड रोड पर सीवर ओवरफ्लोशास्त्री नगर, सेक्टर 3 हाउसिंग बोर्ड रोड के निवासी नरेंद्र ने 'भास्कर समाधान' पर अपनी समस्या साझा की है। उन्होंने बताया कि इलाके की सीवर लाइन लंबे समय से ओवरफ्लो हो रही है और चैंबर भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। सड़क पर बह रहे गंदे पानी और गंदगी के कारण स्थानीय लोगों का समस्या हो रही है। निवासियों ने प्रशासन से इस समस्या के स्थाई समाधान की मांग की है। मोहन नगर में सीवर की समस्या का समाधानजयपुर के पुरानी बस्ती, माउंट रोड स्थित मोहन नगर से अमित कुमार ने 'भास्कर समाधान' पर सीवर ओवरफ्लो की समस्या उठाई थी, जिसमें बताया था कि कई दिनों से सीवर लाइन का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। जो वाहनों के साथ घरों तक पहुंच रहा है। राहत की बात यह है कि इस पोस्ट पर कार्रवाई करते हुए संबंधित विभाग ने तुरंत इस समस्या का पूरी तरह समाधान कर दिया है। जिससे क्षेत्र के लोगों को काफी हद तक राहत मिल गई है। मुख्य सड़क से साफ हुआ गंदगी का अंबारजयपुर के शास्त्री नगर स्थित पोस्टल कॉलोनी के रहने वाले राहुल बडाया ने कुछ समय पहले दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर सड़क किनारे जमा हो रहे कचरे की गंभीर समस्या को पोस्ट किया था। मुख्य मार्ग पर भारी मात्रा में गंदगी होने के कारण स्थानीय लोग और राहगीर लंबे समय से बेहद परेशान थे और बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ था। राहत की बात यह है कि इस समस्या के पोस्ट होते ही स्थानीय पार्षद ने तुरंत संज्ञान लिया और मौके पर टीम भेजकर सफाई करवाकर इस समस्या का स्थाई समाधान करवा दिया है। जिससे इलाके के लोगों में खुशी देखने को मिली है। शिव सोनी बने आज 'पब्लिक के स्टार'जयपुर के शास्त्री नगर की पोस्टल कॉलोनी से कचरे की समस्या सामने आई थी। क्षेत्रवासी राहुल बडाया ने 'भास्कर समाधान' पर मुख्य सड़क किनारे जमा कचरे की समस्या लिखी थी, जिससे लोग बेहद परेशान थे। इस समस्या पर तुरंत कार्रवाई करते हुए शिव सोनी ने मौके पर टीम भेजकर सफाई करवाई और समस्या का समाधान कर दिया। इस त्वरित और जनहितैषी कार्रवाई के कारण शिव सोनी आज 'पब्लिक के स्टार' बन गए हैं। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.सोडाला में सीवर की समस्या दूर:गोकुलपुरा में टला बड़ा हादसा, बिजली के पोल पर झुके पेड़ को विभाग ने मुस्तैदी से हटाया 2.'भास्कर समाधान' से कई इलाकों की समस्याएं खत्म:बंद लाइटें, टूटी सड़कें और कचरे से मिली राहत, कुछ क्षेत्रों में अब भी समाधान का इंतजार जारी 3.जयपुर में अंधेरे और अतिक्रमण का संकट:जगदीश विहार में 4 दिन से बंद रोड लाइट, मालवीय नगर में अवैध पार्किंग से घरों के रास्ते हुए जाम 4.'भास्कर समाधान' पर एक पोस्ट में हल:निगम की एक्सईएन बनीं ‘स्टार ऑफिसर’, पार्क, सड़कें बदहाल, बेसहारा पशु और नियमित सफाई बड़ी समस्या 5.भास्कर समाधान: पेड़ की समस्या का हुआ समाधान:सीवर, बदहाल सड़कें और आवारा पशुओं से लोग परेशान, शिकायतों के बाद भी कई इलाकों में इंतजार 6.जयपुर में निगम उपायुक्त बनीं 'स्टार ऑफिसर':वैशाली नगर में जानलेवा टूटा ढक्कन बदला, एक महीने से खुला सीवर चैंबर दुरुस्त 7. दादी का फाटक अंडरपास बना तालाब:कनक विहार में अंधेरे का संकट; पार्षद ने दूर की वार्ड की दिक्कतें 8.जयपुर में जनता की आवाज बनीं सुर्खियां:उपायुक्त सुनील बैरवा ने कराया गड्ढे का समाधान, आदर्श नगर में 1 महीने से अटका काम हुआ पूरा 9.जयपुर के जयसिंहपुरा खोर में उफनता सीवर:जवाहर नगर में सालों से कीचड़, लाल डूंगरी के पास जर्जर श्मशान घाट और गांधी नगर में सड़क टूटी 10.जनसमस्याओं की सुनवाई से समाधान तक:जयपुर में ‘भास्कर समाधान’ बना जनता की आवाज, मनोज मुदगल को मिला ‘पब्लिक का स्टार’ का सम्मान
सीकर शहर के अलग-अलग इलाकों से नागरिक सुविधाओं से जुड़ी कई समस्याएं सामने आई हैं। कहीं आवारा पशु लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं तो कहीं खराब स्ट्रीट लाइट के कारण रात में अंधेरा पसरा रहता है। वहीं सड़क पर बने गहरे गड्ढे भी हादसों की आशंका बढ़ा रहे हैं। लोगों ने भास्कर समाधान ऐप के माध्यम से समस्याएं उठाकर संबंधित विभाग से जल्द कार्रवाई की मांग की है। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… भास्कर समाधान का असर आज के स्टार ऑफिसर बने: सुरेंद्र गोदारा आज के हमारे स्टार ऑफिसर सुरेंद्र गोदारा बने हैं। दुष्यंत कुमार ने नवलगढ़ रोड स्थित सम्राटपुरा क्षेत्र में गली में जमा कचरे की समस्या भास्कर समाधान ऐप पर पोस्ट की थी। शिकायत मिलने के बाद सुरेंद्र गोदारा ने मामले का संज्ञान लेते हुए नगर परिषद की टीम से मौके पर सफाई करवाई और जमा कचरा हटवाया। समय पर कार्रवाई होने से क्षेत्र के लोगों को गंदगी और दुर्गंध से राहत मिली। उनकी तत्परता और प्रभावी कार्रवाई के लिए उन्हें आज का 'स्टार ऑफिसर' चुना गया। गली से कचरा हटने पर लोगों को मिली राहत दुष्यंत कुमार ने नवलगढ़ रोड स्थित सम्राटपुरा क्षेत्र में गली में जमा कचरे की समस्या भास्कर समाधान ऐप पर पोस्ट की थी। समस्या के बाद संबंधित विभाग ने सफाई कर कचरा हटवा दिया। इसके बाद दुष्यंत कुमार ने स्वयं ऐप पर समस्या के समाधान की पुष्टि की, जिससे क्षेत्र के लोगों को गंदगी और बदबू से राहत मिली। ताज नगर में बार-बार बिजली कटौती से लोग थे परेशान, समस्या का हुआ समाधानताज नगर वार्ड नंबर 18 स्थित मोहल्ला हुसैन गंज में लंबे समय से लगातार हो रही बिजली कटौती से स्थानीय लोग परेशान थे। बार-बार बिजली जाने के कारण लोगों को दैनिक कार्यों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। क्षेत्रवासियों का कहना था कि कई बार विद्युत विभाग में कॉल करने के बावजूद उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा था। इसी समस्या को लेकर स्थानीय निवासी इरफान ने भास्कर समाधान ऐप पर अपनी समस्या पोस्ट की। समस्या में बताया गया कि पूरे मोहल्ले में बार-बार बिजली कटने से लोगों की परेशानी बढ़ गई थी जिस समस्या का समाधान कर दिया गया। देव नगर में आवारा पशुओं का आतंक महेश खोखर ने देव नगर के गणेश विहार, जिला खेल स्टेडियम के सामने आवारा पशुओं की समस्या पोस्ट की है। उनका कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से गाय और सांड खुले में घूम रहे हैं। कई बार संबंधित विभाग को अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सुबह और शाम के समय राहगीरों व वाहन चालकों को दुर्घटना का डर बना रहता है। आनंद नगर में खराब स्ट्रीट लाइट से अंधेरा दीपेश ने आनंद नगर में नव-निर्मित रेलवे बाउंड्री लाइन के पास स्थित गली में खराब स्ट्रीट लाइट की समस्या उठाई है। उनका कहना है कि अधिकांश स्ट्रीट लाइटें बंद होने से रात में पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है। इससे स्थानीय लोगों, खासकर महिलाओं और बच्चों को आने-जाने में परेशानी होती है। सड़क पर बने गहरे गड्ढे से हादसे का खतरा दिनेश ने नवलगढ़ रोड स्थित तमन्ना कॉम्प्लेक्स के सामने सड़क पर बने बड़े गड्ढे की समस्या पोस्ट की है। उनका कहना है कि गड्ढा लगातार बड़ा होता जा रहा है, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। आवारा सांडों से लोगों की बढ़ी परेशानी रवि करवासरा ने गुरुकृपा करियर इंस्टीट्यूट जी-8 और श्रीकृष्णा रेजिडेंसी के सामने आवारा सांडों के आतंक की समस्या उठाई है। उनका कहना है कि रोजाना 10 से 15 सांड सड़क पर घूमते हैं, जिससे विद्यार्थियों, स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए…. 1.सीकर में नाली, सड़क से जुड़ी समस्याओं का हुआ समाधान:नालों की सफाई, सड़क, स्ट्रीट लाइट और पेयजल की समस्याओं से लोग परेशान 2.भास्कर समाधान : स्ट्रीट लाइट की समस्या का हुई हल:शहर में सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट और पानी की समस्याओं से परेशान, सुरेंद्र जाट बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 3.भास्कर समाधान: गोकुलपुरा में खुले में फैला कचरा हटाया:पेयजल रिसाव, गंदी नालियां, टूटी सड़कें और बंद स्ट्रीट लाइट से शहरवासी परेशान, अमित स्वामी बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 4.‘भास्कर समाधान’ से एक क्लिक पर मिलता हल:कहीं 7 साल में 30 दिन ही जली लाइट, तो कहीं सड़क के बीच जानलेवा गड्ढे से हादसे का खतरा 5.'भास्कर समाधान' का बड़ा असर:कहीं बरसों पुराना जानलेवा गड्ढा हुआ दुरुस्त, तो कहीं दूर हुई लो-वोल्टेज की समस्या 6.सीकर में 'भास्कर समाधान' का असर:AEN नीरज कुमारी ने दूर की पानी की किल्लत, सीवर और कचरे से जूझ रहे शहर को मिली राहत 7.सीकर में खुली समस्याओं की पोल:एक तरफ ट्रांसफॉर्मर का खौफ, तो दूसरी तरफ लाइट चालू और सड़क निर्माण के साथ एक्शन में आया प्रशासन 8.सीकर में 'भास्कर समाधान' का असर:सीवर लाइन दुरुस्त होने से राहत, कचरे से अटी नाली साफ, नगर परिषद AEN अमित स्वामी बने ‘स्टार ऑफिसर’ 9.JEN हरिराम बने आज 'स्टार ऑफिसर':एक ही दिन में पानी की 3 समस्याओं का किया समाधान, ‘भास्कर समाधान’ बना प्रशासन और जनता के बीच का ब्रिज 10.सीकर में कहीं टूटी नई सड़क तो कहीं जलभराव:क्षेत्र में अंधेरे से लोग परेशान, कई समस्याओं का हुआ समाधान, नगर परिषद AEN सुरेंद्र गोदारा बने ‘स्टार ऑफिसर’
लखनऊ में भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती से परेशान लोगों का गुस्सा शुक्रवार देर रात फूट पड़ा। ऐशबाग पावर हाउस पर लगभग 100 लोगों की भीड़ ने जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की। उग्र भीड़ ने मुख्य चैनल गेट तोड़ दिए, कुर्सी-मेज फेंक दी और तोड़ डाला। इस दौरान कुछ लोग जबरन कंट्रोल रूम में घुस गए और सभी 11 केवी फीडरों की बिजली सप्लाई बंद कर दी, मौके पर मौजूद कर्मचारियों से जमकर अभद्रता की। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को मौके से हटाया। बिजली विभाग ने मामले में बाजारखाला थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। जानकारी के मुताबिक ऐशबाग उपकेंद्र में बुधवार रात करीब 11:30 बजे 10 एमवीए का पावर ट्रांसफार्मर खराब हो गया था। इसके बाद रामनगर, भदेवा, शास्त्री नगर, धोबीघाट समेत आसपास के कई इलाकों में रोस्टिंग के जरिए बिजली आपूर्ति की जा रही थी। लगातार कटौती के कारण लोगों को भीषण गर्मी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। रात भर हंगामा और बवाल रहा शुक्रवार रात करीब 11:40 बजे 11 केवी फीडर बंद होने से शास्त्री नगर, भदेवा और आसपास के इलाकों में फिर अंधेरा छा गया। स्थानीय लोगों ने उपकेंद्र और टोल फ्री नंबर 1912 पर शिकायत की, लेकिन राहत नहीं मिलने पर लोगों का गुस्सा भड़क गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग उपकेंद्र पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। ड्यूटी पर तैनात संविदाकर्मी आनंद वर्मा ने रोकने की कोशिश की तो उनके साथ अभद्रता और हाथापाई की गई। मुकदमा दर्ज करवाया गया घटना की सूचना मिलने पर पुलिस, जूनियर इंजीनियर और सहायक अभियंता मौके पर पहुंचे। पुलिस ने हालात पर काबू पाया। बिजली विभाग की ओर से सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और कर्मचारियों से अभद्रता करने के आरोप में बाजारखाला थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि खराब ट्रांसफार्मर को बदलने और बिजली आपूर्ति सामान्य करने का काम जारी है, जबकि पुलिस उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
करनाल में बाल विवाह का एक मामला सामने आया है, जिसमें जांच के दौरान लड़की के नाबालिग होने की पुष्टि हुई है। शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने जांच की और दस्तावेजों के आधार पर पाया कि शादी के समय लड़की की उम्र 18 साल से कम थी। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। यह मामला रामनगर क्षेत्र का है। संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी करनाल की ओर से पुलिस अधीक्षक को भेजी गई शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई। यह शिकायत बीती 12 जून की है। लड़के के पिता ने बताया परिवार और शादी का विवरण जांच के दौरान गांव नगला मेघा के एक व्यक्ति ने कार्यालय में आकर अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में कुल 9 बच्चे हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके बेटे ने अपनी मर्जी से एक लड़की के साथ प्रेम विवाह किया था। यह शादी बीती 26 मार्च को रामनगर की एक कॉलोनी में हुई थी। उन्होंने बेटे का स्कूल त्याग प्रमाण पत्र भी जमा करवाया, जिसमें उसकी जन्मतिथि 12 मई 2003 दर्ज है। इसके अनुसार शादी के दिन उसकी उम्र 22 वर्ष 10 माह 14 दिन थी। लड़की के पिता ने भी दी जानकारी, उम्र के दस्तावेज सौंपे लड़की के पिता ने भी कार्यालय में आकर अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि उनके चार बच्चे हैं। उनकी बेटी की शादी 26 मार्च को हुई थी। उन्होंने बेटी का जन्म प्रमाण पत्र और दसवीं की अंकतालिका जमा करवाई, जिसमें उसकी जन्मतिथि 25 दिसंबर 2008 दर्ज है। इसके अनुसार शादी के समय उसकी उम्र 17 वर्ष 3 माह 1 दिन थी। उन्होंने बताया कि फिलहाल उनकी बेटी अपने पति के साथ में रह रही है। जांच में लड़की नाबालिग, लड़का बालिग पाया गया अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों की जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि लड़की की उम्र शादी के समय 17 वर्ष 3 माह 1 दिन थी, जिससे वह नाबालिग साबित हुई। वहीं लड़के की उम्र 22 वर्ष 10 माह 14 दिन पाई गई, जो बालिग है। इस आधार पर जांच में बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत अपराध होना पाया गया। रामनगर थाने में केस दर्ज, जांच अधिकारी बदला गया मामले में थाना रामनगर करनाल में 3 जुलाई को मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें बाल विवाह कराने के आरोप में दोनों पक्षों के राजकुमार, लक्ष्मण दास और अशोक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जांच एसआई मीना को सौंप दी गई हैं। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन रविवार को अपने दो दिवसीय लखनऊ दौरे के दूसरे दिन संगठनात्मक और राजनीतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। उनका पूरा दिन 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों, संगठन की मजबूती और एनडीए सहयोगी दलों के साथ समन्वय पर केंद्रित रहेगा। सीएम योगी, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। सुबह एनडीए नेताओं के साथ करेंगे बैठक नितिन नवीन सुबह 10:45 बजे गोमतीनगर स्थित होटल ताज में एनडीए गठबंधन के नेताओं के साथ संयुक्त बैठक करेंगे। बैठक में आगामी चुनावी रणनीति, गठबंधन के समन्वय और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।राष्ट्र प्रेरणा स्थल का करेंगे दौरा बैठक के बाद भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष दोपहर 2:30 बजे हरदोई रोड स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पहुंचेंगे। इसके बाद 3:10 बजे बसंत कुंज में आयोजित शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन को संबोधित कर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने का संदेश देंगे।बूथ अध्यक्ष के घर भी जाएंगे दौरे के अंतिम चरण में नितिन नवीन शाम 5 बजे पीर नगर स्थित बूथ अध्यक्ष शिवाजी रावत के आवास पहुंचेंगे। भाजपा के 'बूथ सशक्तिकरण अभियान' के तहत राष्ट्रीय अध्यक्ष का बूथ कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद कार्यक्रम का अहम हिस्सा माना जा रहा है।पहले दिन चाय की दुकान से दिया था चुनावी संदेश दौरे के पहले दिन नितिन नवीन ने लखनऊ की प्रसिद्ध शर्मा जी की चाय की दुकान पर कार्यकर्ताओं के साथ चाय पी और कहा था कि 2027 का बिगुल बज चुका है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'चाय वाले' से प्रधानमंत्री बनने के सफर का जिक्र करते हुए उत्तर प्रदेश को विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया था।
भास्कर समाधान का असर: स्ट्रीट लाइट, नाली और सीवरेज की समस्याओं का हुआ समाधान अजमेर में भास्कर समाधान ऐप के माध्यम से दर्ज कई नागरिक समस्याओं का समाधान हो गया है। स्ट्रीट लाइट, नाली और सीवरेज से जुड़ी शिकायतों पर संबंधित विभाग ने कार्रवाई करते हुए समस्याओं का निस्तारण किया। शिकायतकर्ताओं ने भी ऐप पर समाधान की पुष्टि की, जिससे लोगों को राहत मिली। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… आज के ‘पब्लिक के स्टार’ बने मोहम्मद वसीम आज के हमारे स्टार ऑफिसर मोहम्मद वसीम बने हैं। मुज्जिफर हुसैन ने अहिल्याबाई मार्ग स्थित चंद्रवरदाई नगर में खंभे पर लगी स्ट्रीट लाइट बंद होने की समस्या भास्कर समाधान ऐप पर पोस्ट की थी। समस्या मिलने के बाद मोहम्मद वसीम ने तुरंत संज्ञान लेते हुए स्ट्रीट लाइट को ठीक करवाया। समय पर कार्रवाई से क्षेत्र में रात के समय रोशनी बहाल हुई और लोगों को राहत मिली। उनकी सक्रियता और त्वरित समाधान के लिए उन्हें आज का 'पब्लिक का स्टार' चुना गया। बंद स्ट्रीट लाइट ठीक होने से राहगीरों को मिली राहत मुज्जिफर हुसैन ने अहिल्याबाई मार्ग, चंद्रवरदाई नगर में खंभे पर लगी स्ट्रीट लाइट बंद होने की समस्या उठाई थी। रात में अंधेरा रहने से लोगों को आने-जाने में परेशानी होती थी। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विभाग ने स्ट्रीट लाइट ठीक कर दी, जिसके बाद शिकायतकर्ता ने ऐप पर समाधान की पुष्टि की। फिर से हुई रोशनी बहाल अनिल कुमार कोकस ने जोन्सगंज की कूवे वाली गली में कई दिनों से बंद स्ट्रीट लाइट की समस्या पोस्ट की थी। शिकायत के बाद विभाग ने स्ट्रीट लाइट चालू कर दी। इससे रात के समय आवागमन आसान हो गया और स्थानीय लोगों को राहत मिली। नाली की सफाई से गंदे पानी की निकासी हुई सुचारु कमल किशोर ने बाबा गोपाल दास साहिब कॉलोनी में नाली मिट्टी और कचरे से भरी होने तथा गंदा पानी बाहर बहने की समस्या पोस्ट की थी। शिकायत के बाद नाली की सफाई कराई गई, जिससे पानी की निकासी सुचारु हुई और क्षेत्रवासियों को राहत मिली। सीवरेज का टूटा ढक्कन बदलने से टला हादसे का खतरा सुनील बालचंदानी ने खेल नगर, चंद्रवरदाई नगर में घर के बाहर कई महीनों से टूटे सीवरेज ढक्कन की समस्या उठाई थी। संबंधित विभाग ने कार्रवाई करते हुए नया ढक्कन लगवा दिया। इससे दुर्घटना का खतरा टल गया और स्थानीय लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल गई। नालों की गंदगी, टूटी सड़क और पानी रिसाव से लोग परेशान, कई समस्याओं के समाधान का इंतजार अजमेर शहर के अलग-अलग इलाकों में सफाई, सड़क और पेयजल से जुड़ी समस्याएं लगातार बनी हुई हैं। नागरिकों ने भास्कर समाधान ऐप पर अपनी समस्याएं दर्ज कराई हैं। कई शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पहले भी समस्या पोस्ट की थी, लेकिन मौके पर अब तक समाधान नहीं हुआ है। नागरिक भास्कर समाधान ऐप के माध्यम से प्रशासन का ध्यान इन समस्याओं की ओर आकर्षित कर रहे हैं और जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पहले समाधान दिखाया, लेकिन नाले की स्थिति अब भी जस की तस दयानन्द कॉलोनी से अभिषेक माहेश्वरी ने बताया कि उनके क्षेत्र के नाले की समस्या पहले भी पोस्ट की थी। समस्या का समाधान दिखाकर उसे बंद कर दिया गया, लेकिन मौके पर नाला अब भी टूटा हुआ है और उसमें गंदगी जमा है। उन्होंने दोबारा स्थायी समाधान की मांग की है। मृत गाय नहीं हटाने से फैली दुर्गंध गौरव शर्मा ने पंचशील कॉलोनी में नाले के पास मृत गाय पड़े होने की समस्या पोस्ट की। उनका कहना है कि सूचना देने के बावजूद मृत पशु को समय पर नहीं हटाया गया, जिससे आसपास दुर्गंध फैल रही है और लोगों को परेशानी हो रही है। टूटी सड़क और कीचड़ से आवागमन मुश्किल बदरुद्दीन कुरैशी, अध्यक्ष ऑल इंडिया कौमी एकता कमेटी, ने दरगाह संपर्क मार्ग की बदहाल सड़क की समस्या उठाई। उनका कहना है कि सड़क पर मलबा, गड्ढे और कीचड़ होने से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। पानी की पाइपलाइन से लगातार रिसाव विजेंद्र सिंह टाक ने वैशाली नगर क्षेत्र में मेन सप्लाई वाल्व से लगातार पानी रिसने की समस्या बताई। उनका कहना है कि रिसाव के कारण सड़क पर पानी भर रहा है, गंदगी फैल रही है और लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1.समस्या पोस्ट करने के कुछ समय बाद ही हटवाया कचरा:खराब स्ट्रीट लाइट, जाम नाला और बिजली के तारों पर झूलती शाखाओं से लोग परेशान 2.भास्कर समाधान : टूटी पाइपलाइन की समस्या हुई ठीक:लीकेज, गंदे नाले और सीवरेज की समस्याओं का हुआ निस्तारण, लोगों को मिली राहत 3.भास्कर समाधान: कचरा डिपो की समस्या का हुआ समाधान:दिनभर जलती स्ट्रीट लाइट और बंदरों के आतंक से लोग परेशान, रमेश चौधरी बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 4.भास्कर समाधान का असर:बिजली का खम्भा झुका, तीन साल से नहीं बनाई सड़क, स्ट्रीट लाइट और बेसहारा पशुओं से लोग परेशान 5.भास्कर समाधान, कई दिनों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाईट चालू:अजमेर में कहीं गंदा पानी, कही पेयजल संकट, सड़क और सीवरेज समस्याओं से जूझ रहे लोग 6.‘भास्कर समाधान’: एक पोस्ट से मिल रहा हल:अजमेर में अधिकारी शिकायतों पर ले रहे एक्शन, यूजर बोले 25 साल से नालियां ठीक नहीं हुईं तो दरगाह बाजार का 15 दिन से गड्ढा 7.‘भास्कर समाधान’: समस्याओं का हल एक पोस्ट से:अधिकारी शिकायतों का खुद करवा रहे समाधान, अजमेर में नाली, सफाई और पानी सबसे बड़ी बुनियादी समस्या 8.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 9.‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप
सिरसा जिले में डबवाली जिलाध्यक्ष रेणू शर्मा द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद बीजेपी नेता टिशू प्रधान खुलकर सामने आए और आरोप लगाए कि जिलाध्यक्ष ने उनके घर पर एसएचओ को भेजा था और बताया कि मंच पर उसके लिए चेयर नहीं है। नीचे बैठना होगा। वरना कार्यक्रम में न आने की नसीहत दी। यहीं नहीं प्रदेशाध्यक्ष को भ्रमित करने कार्यक्रम पर आने नहीं दिया। उनको गांव के रास्ते होकर दूसरे रूट से ले जाया गया। बीजेपी नेता टिशू प्रधान ने ये भी आरोप लगाया कि प्रदेशाध्यक्ष के दौरे से पहले जिलाध्यक्ष रेणू शर्मा नगर पालिका कालांवाली के चेयरमैन महेश कुमार झोरड़ से मिलने उनके पास गई थी। महेश झोरड़ को प्रदेशाध्यक्ष का स्वागत करने को कहा तो उसने ऐसा करने से मना कर दिया। इसकी पोस्ट भी वायरल है। इससे बीजेपी वर्करों को झटका लगा है। चूंकि, महेश झोरड़ कांग्रेस समर्थित है और उसके खिलाफ मैंने बीजेपी की टिकट पर चुनाव लड़ा था। टिशू प्रधान ने बताया, जब मैंने कालांवाली से चुनाव लड़ा तो उसके बाद वहां के लोग छोटे-छोटे काम के लिए मेरे पास आने लगे। उनके काम होने लगे। इनको टिूश प्रधान की बढ़ती लोकप्रियता देखकर लगने लगा कि कालांवाली हलका से दोबारा चुनाव लड़ना चाहता है और ये आगे जाकर रोड़ा बनेगा। वहीं, इन आरोपों पर डबवाली जिलाध्यक्ष रेणू शर्मा ने बताया, मैं इतना ही कहना चाहूंगी कि कई बार आदमी पहले कुछ भी बोल देता है। मगर बाद में वह बात पर नहीं आता और बोल कुछ भी देता है। जानिए टिशू प्रधान ने क्या बताया पार्टी विरोधी कार्य नहीं किया बीजेपी नेता टिशू प्रधान ने दैनिक भास्कर एप की टीम से बातचीत में बताया, मैंने कोई पार्टी विरोधी कार्य नहीं किया है। प्रदेशाध्यक्ष अर्चना गुप्ता का कालांवाली में प्रोग्राम था। मैंने नगर पालिका चेयरमैन पद पर पार्टी की ओर से चुनाव लड़ा था। पार्टी से चुनाव लड़ा, खर्चा लगाया और स्पोर्ट मिला। मुझे ही इस कार्यक्रम का निमंत्रण नहीं था। इसी कारण ये पोस्ट शेयर की थी। आरोप लगाए कि कार्यक्रम से पहले मेरे पास थाना एसएचओ आए और कहा, आपकी मंच के ऊपर कुर्सी नहीं लगी है। नीचे ही बैठना होगा। किसी तरह का विवााद न हो। जिलाध्यक्ष को अहंकार है या ऐसा लगता है कि भारतीय जनता पार्टी के वर्कर की ऊपर सुनवाई नहीं होगी। कार्यलय में रखा था कार्यक्रम टिशू बोले, इसलिए मैं कार्यक्रम नहीं गया और ओढा स्थित कार्यालय पर कार्यक्रम रखा था, जिसमें कालांवाली के पूर्व चेयरमैन बीजेपी नेता पुनीत जिदंल, राजकुमार जिंदल एवं अग्रवाल समाज कार्यकर्ता की ओर से प्रदेशाध्यक्ष को सम्मानित करना था। इसके लिए प्रदेशाध्यक्ष को पहले मीटिंग के दौरान अवगत करवाया था। मगर जिलाध्यक्ष रेणू शर्मा उनको गांव के रास्ते होकर सिरसा ले गई। यहां ओढा मेन रोड होकर नहीं आने दिया। सभी को दरकिनार किया गया। अग्रवाल समाज से सम्मानित करने वाला कोई नहीं था टिशू प्रधान ने बताया, प्रदेशाध्यक्ष अर्चना गुप्ता के सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली हुई है कि डबवाली में अग्रवाल समाज की ओर से उनको सम्मानित किया गया। मगर उनमें से कोई भी अग्रवाल समाज से नहीं था। प्रदेशाध्यक्ष के कार्यालय में न आने पर उनको दुख हुआ और अग्रवाल समाज ने भी नाराजगी जताई। तीन दिन पहले दौरा था सिरसा में, तब से गुटबाजी बढ़ी डबवाली में मंगलवार को प्रदेशाध्यक्ष अर्चना गुप्ता दौरे पर थी। कालांवाली, डबवाली व सिरसा में वर्करों से मिली और संगठन पर चर्चा की। उसके बाद पहले डबवाली जिलाध्यक्ष रेणू शर्मा ने दो बीजेपी नेताओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। इस पर टिशू प्रधान ने जवाब देते हुए कई आरोप लगाए।
जोधपुर शहर के लोग दैनिक भास्कर के ‘भास्कर समाधान’ पर लगातार अपनी समस्याएं पोस्ट कर रहे हैं, जिन पर संबंधित विभागों का ध्यान भी जा रहा है। शिकारगढ़ रोड पर टूटी सड़क, बासनी में खराब पेयजल पाइप लाइन, प्रताप नगर में चोक गटर लाइन और सरदारपुरा में खाली प्लॉट में कचरा डालने जैसी समस्याएं लोगों ने उठाई हैं। स्थानीय लोगों ने इन समस्याओं का जल्द समाधान कराने की मांग की है। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… सड़क पर गड्ढों से बढ़ी परेशानीतिरुपति विहार कॉलोनी निवासी दुर्गा सिंह चौहान ने बताया कि शिकारगढ़ रोड स्थित बोधि स्कूल से पहले वार्ड नंबर 80 में करीब एक वर्ष पहले सीवरेज लाइन बिछाने के बाद सड़क का निर्माण कराया गया था। लेकिन कुछ ही समय में सड़क जगह-जगह से टूट गई और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए। बरसात के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे सड़क की स्थिति और भी खराब हो जाती है। 12 महीने से खराब पाइप लाइन, पानी सप्लाई प्रभावित बासनी स्थित सरस्वती नगर निवासी नरेंद्र चौधरी ने बताया कि गली की पानी की पाइप लाइन पिछले 12 महीने से खराब है। एरिया के अंतिम छोर तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने से लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जल्द पाइप लाइन दुरुस्त कराने की मांग की। सीवर लाइन चोक, सड़क पर बह रहा गंदा पानी युआईटी कॉलोनी, प्रताप नगर निवासी कमर अली ने बताया कि सीवर लाइन लंबे समय से बार-बार चोक हो रही है। इसके कारण गंदा पानी सड़क पर फैल रहा है और लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। कई बार शिकायत के बावजूद अब तक समाधान नहीं होने की बात कही। खाली प्लॉट में कचरा डालने से गंदगी सरदारपुरा स्थित तीसरी बी रोड, रानीजी मंदिर के पास रहने वाले कपिल परिहार ने बताया कि द कंप्यूटर केयर के पास खाली पड़े प्लॉट में आसपास के घरों और दुकानों का कचरा डाला जा रहा है। इससे गंदगी बढ़ रही है और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने नियमित सफाई और कचरा डलवाने पर रोक लगाने की मांग की। सैटेलाइट अस्पताल में मरीजों के लिए लगवाए पंखे डिगारी कलां निवासी नेमाराम ने समस्या पोस्ट की थी कि सैटेलाइट अस्पताल में मरीजों के लिए पंखों की व्यवस्था नहीं थी, जिससे गर्मी में मरीजों और परिजनों को परेशानी हो रही थी। शिकायत के बाद अस्पताल प्रशासन ने मरीजों के लिए पंखों की व्यवस्था कर समस्या का समाधान कर दिया। मृत पशु हटाए, खुले बिजली तार भी किए दुरुस्त चांदपोल चौक निवासी नितिन ओझा ने भास्कर समाधान ऐप पर समस्या पोस्ट की थी कि क्षेत्र में ट्रांसफार्मर के खुले तारों की चपेट में आने से दो गायों की मौत हो गई। शिकायत के बाद संबंधित विभाग ने मौके पर पहुंचकर मृत पशुओं को हटवाया और ट्रांसफार्मर के खुले तारों को भी दुरुस्त कर दिया, जिससे क्षेत्रवासियों को राहत मिली। आज के स्टार ऑफिसर: वैभव कच्छवाहा आज के हमारे स्टार ऑफिसर वैभव कच्छवाहा बने हैं। चांदपोल चौक निवासी नितिन ओझा ने भास्कर समाधान ऐप पर शिकायत पोस्ट की थी कि क्षेत्र में ट्रांसफार्मर के खुले तारों की चपेट में आने से दो गायों की मौत हो गई। शिकायत मिलने के बाद वैभव कच्छवाहा ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित टीम से मृत पशुओं को तुरंत हटवाया और ट्रांसफार्मर के खुले तारों को भी दुरुस्त करवाया। समय पर कार्रवाई से क्षेत्र में हादसे की आशंका कम हुई और लोगों को राहत मिली। उनकी त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के लिए उन्हें आज का 'स्टार ऑफिसर' चुना गया। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। 'भास्कर समाधान' से जुड़ीं ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’ पर एक क्लिक में हल:महावीर नगर में 2 महीने से पानी की किल्लत, नागौरी गेट पर नहीं उठता कचरा, 4 महीने से खोद रखी है सड़क 2.‘भास्कर समाधान’: अधिकारियों तक सीधे पहुंच रही समस्या:नलों से आ रहा बदबूदार पानी, सीवर ओवरफ्लो, आश्रम क्षेत्र में बच्चों को काट रहे बेसहारा कुत्ते 3.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 4.‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप 5.कब होगी पानी की सप्लाई, मोबाइल पर मिलेगा अपडेट:‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट में समस्या सामने आने के बाद SE ने दिए निर्देश 6.अजमेर में 'भास्कर समाधान' पर उठी आवाज:पानी, सफाई और जलभराव की समस्याओं से जूझ रहे लोग, कई शिकायतों के बाद मिली राहत 7.‘भास्कर समाधान’, अधिकारी खुद सुलझा रहे समस्या:10 दिन से स्ट्रीट लाइट बंद, नालियां जाम, घर के आगे ठेले खडे़ कर रहे सफाई कर्मचारी, सड़क बनने का इंतजार 8.‘भास्कर समाधान’, सरकारी विभाग आए एक्शन में:अधिकारी खुद कर रहे मॉनिटरिंग, 4 महीने से स्ट्रीट लाइट खराब, सफाई नहीं हो रही, पुलिया के नीचे सड़क जर्जर
कोटा में 'भास्कर समाधान' एक बार फिर आमजन की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने और उनका निस्तारण कराने में बेहद कारगर साबित हुआ है। इस बार विज्ञान नगर में पार्क की एक्सरसाइज मशीनों पर ताले लटके होने, विश्वकर्मा मंदिर मार्ग पर नाली चोक होने से सड़क पर बहते गंदे पानी, मुकुंद विहार के 300 मीटर कच्चे रास्ते और लाजपत नगर में रोड लाइट न होने जैसी गंभीर बुनियादी दिक्कतें सामने आईं। इन समस्याओं ने जहाँ स्थानीय निवासियों को परेशान किया, वहीं दूसरी ओर इस मंच की बदौलत राहत की बड़ी खबरें भी आईं। उदयपुर के ठोकर चौराहा-मादड़ी मार्ग पर लंबे समय से पसरा अंधेरा संबंधित विभाग की त्वरित कार्रवाई से दूर हो गया है। सबसे बड़ा सुखद बदलाव कोटा की सरस्वती कॉलोनी में देखने को मिला, जहाँ पिछले 6 महीने से पेयजल किल्लत थी। 'भास्कर समाधान' पर मामला आते ही पीएचईडी के सहायक अभियंता पवन सिंह ने तत्परता से नई पाइपलाइन डलवाकर जनता को बड़ी राहत दी और अपनी कर्तव्यनिष्ठा से 'स्टार ऑफिसर' बनकर उभरे। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) एक्सरसाइज मशीनों को ताले में किया बंदकोटा के विज्ञान नगर स्थित पंचवटी कॉलोनी के निवासी रियाज खान ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर पार्क से जुड़ी एक अजीब समस्या को पोस्ट किया है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के मेजर दिनेश पार्क में आमजन के स्वास्थ्य के लिए लगाई गई ओपन जिम की एक्सरसाइज मशीनों को पिछले कुछ दिनों से अचानक ताला लगाकर बंद कर दिया गया है। सुबह-शाम यहां वॉक और कसरत करने आने वाले स्थानीय लोग और बुजुर्ग परेशान हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से इन मशीनों के ताले तुरंत खुलवाने की मांग की है। सड़क पर ओवरफ्लो हो रहा नाली का गंदा पानीविश्वकर्मा मंदिर मार्ग, सेक्टर 6 से अनिल वर्मा ने 'भास्कर समाधान' पर क्षेत्र की ड्रेनेज समस्या को प्रमुखता से पोस्ट किया है। उन्होंने बताया कि इलाके की मुख्य नाली में लंबे समय से कचरा जमा होने के कारण वह पूरी तरह चोक हो चुकी है। नाली की सफाई न होने से अब गंदा और बदबूदार पानी मुख्य सड़क पर ओवरफ्लो होकर बह रहा है, जिससे राहगीरों का निकलना दूभर हो गया है और क्षेत्र में बीमारियां फैलने का गंभीर खतरा बना हुआ है। 300 मीटर का रास्ता अब भी कच्चाकोटा के लाडपुरा स्थित मुकुंद विहार के निवासी अनिल शर्मा ने क्षेत्र की एक प्रमुख समस्या को उजागर किया है। उन्होंने बताया कि रोझड़ी जाने वाले मुख्य प्रवेश मार्ग पर शानदार सीसी रोड का निर्माण तो कर दिया गया है, लेकिन मुकुंद विहार को इस मुख्य सड़क से जोड़ने वाला मात्र 300 मीटर का टुकड़ा आज भी कच्चा पड़ा है। थोड़ी सी भी बारिश होते ही यह कच्चा रास्ता पूरी तरह कीचड़ में बदल जाता है, जिससे स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का यहां से निकलना बेहद दूभर और जोखिम भरा हो जाता है। रोड लाइट न होने से बढ़ी परेशानीबोरखेड़ा के लाजपत नगर 1 के रहने वाले गिरिराज प्रसाद जोशी ने 'भास्कर समाधान' पर क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़ी एक समस्या को पोस्ट किया है। उन्होंने बताया कि उनके इलाके के ज्यादातर बिजली के खंभों पर रोड लाइटें ही नहीं लगी हैं, जिसके कारण रात होते ही पूरी कॉलोनी में गहरा अंधेरा पसर जाता है। इस अंधेरे के चलते सड़क पर बेसहारा जानवरों का पता नहीं चल पाता, जिससे आए दिन वाहन चालक हादसों का शिकार हो रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने यहां तुरंत नई लाइटें लगाने की गुहार लगाई है। रोड लाइट की समस्या का हुआ समाधानकोटा के निवासी नकुल कुमार ने कुछ समय पहले 'भास्कर समाधान' पर ठोकर चौराहा से मादड़ी की तरफ जाने वाले मुख्य रास्ते पर रोड लाइट न होने की समस्या को उठाया था। लाइटें बंद होने की वजह से इस मार्ग पर रात के समय गहरा अंधेरा रहता था, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अच्छी खबर यह है कि इस समस्या के पोर्टल पर पोस्ट होते ही संबंधित विभाग ने तुरंत कार्रवाई की और बंद लाइटों को चालू कर इस समस्या का स्थाई समाधान कर दिया है। सरस्वती कॉलोनी के लोगों तक पहुंचा पानीकोटा के गायत्री विहार की सरस्वती कॉलोनी (गली नंबर 10, बारां रोड) के निवासी प्रकाश चंद ने 'भास्कर समाधान' पर पेयजल संकट का मुद्दा उठाया था। उन्होंने बताया था कि पिछले 6 महीने से नई पाइपलाइन न डलने के कारण भीषण गर्मी में कई घरों में पानी नहीं पहुंच रहा था। राहत की बात यह है कि इस समस्या के पोस्ट होते ही PHED (जलदाय विभाग) के सहायक अभियंता, सब डिवीजन पंचम ने तुरंत मामले को गंभीरता से लिया और नई पाइपलाइन डलवाकर क्षेत्रवासियों को इस गंभीर समस्या से स्थाई मुक्ति दिलाई। पवन सिंह बने आज 'स्टार ऑफिसर'कोटा के गायत्री विहार की सरस्वती कॉलोनी से पानी की समस्या सामने आ रही थी। क्षेत्र के निवासी प्रकाश चंद ने 'भास्कर समाधान' पर पिछले 6 महीने से नई पाइपलाइन न डलने के कारण गहराए पेयजल संकट का मुद्दा उठाया था। इस शिकायत पर तुरंत संज्ञान लेते हुए PHED (जलदाय विभाग) सब डिवीजन पंचम के सहायक अभियंता पवन सिंह ने मौके पर तत्परता से नई पाइपलाइन डलवाकर समस्या का स्थाई समाधान करवाया। भीषण गर्मी में राहत पहुंचाने वाली इस त्वरित कार्रवाई के कारण पवन सिंह आज 'स्टार ऑफिसर' बन गए हैं। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.'भास्कर समाधान' बना पब्लिक की आवाज:कोटा में सफाई बनी सबसे बड़ी समस्या, जाम, बिजली के तार और खुदी सड़कें ले रहे परीक्षा 2.‘भास्कर समाधान’: पोस्ट होते ही मिल रहा हल:सफाई, पानी और सड़क हैं पब्लिक की सबसे बड़ी समस्या, खुले नाले से संक्रमण का डर 3.‘भास्कर समाधान’: समस्या पोस्ट होते ही मिल रहा हल:कॉलोनी में जल भराव से आना-जाना मुश्किल, पार्क में हरे पेड़ों को सीमेंट से कवर किया 4.जयपुर में 'भास्कर समाधान' से चमकी स्ट्रीट लाइटें:जनता की आवाज का असर; नगर निगम उपायुक्त मनीषा यादव बनीं ‘स्टार ऑफिसर’ 5.जयपुर में पहली बारिश ने खोली प्रशासन की पोल:खाली प्लॉटों में आवारा पशुओं का डेरा; XEN रूपाराम बने आज ‘स्टार ऑफिसर’
मुरैना जिले की जौरा उप-कोषालय और कलेक्टर कार्यालय में सरकारी अभिरक्षा में रखे गए सोने के आभूषण गायब होने के मामले में ग्वालियर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन के अधिकारियों के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत के समक्ष यह तथ्य आया कि सरकारी सुरक्षा में रखे गए असली सोने के जेवर गायब हो गए, जबकि उनकी जगह नकली आभूषण रख दिए गए। साथ ही इस पूरे मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी वर्षों तक अदालत से छिपाई जाती रही। अधिकारियों की भूमिका पर हाईकोर्ट ने जताई आशंका मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड से प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित अधिकारी या तो अत्यधिक लापरवाह रहे या फिर इस पूरे घटनाक्रम में शामिल लोगों के साथ उनकी मिलीभगत रही। अदालत ने अधिकारियों के आचरण को गंभीर और चिंताजनक बताया। सरकार ने CID जांच का आदेश वापस लेने की मांग की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने आवेदन पेश कर पहले दिए गए सीआईडी जांच के आदेश को वापस लेने का अनुरोध किया। सरकार की ओर से कहा गया कि इस मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज हो चुकी थी और वर्ष 2019 में निचली अदालत आरोपियों को बरी कर चुकी है। अदालत ने पूछा- यह तथ्य पहले क्यों छिपाया गया? सरकारी पक्ष की दलील पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए पूछा कि यदि एफआईआर दर्ज थी और ट्रायल चल रहा था, तो यह जानकारी पहले कभी न्यायालय के समक्ष क्यों नहीं रखी गई। इस पर सरकारी पक्ष ने स्वीकार किया कि यह तथ्य न तो लिखित रूप में और न ही मौखिक रूप से अदालत को बताया गया था। 2017 से 2019 तक अदालत से छिपाई गई जानकारी रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि वर्ष 2017 से 2019 के बीच यह मामला कई बार हाईकोर्ट में सूचीबद्ध हुआ, लेकिन हर सुनवाई में संबंधित अधिकारियों ने लंबित आपराधिक प्रकरण की जानकारी अदालत से छिपाए रखी। यहां तक कि आरोपियों के बरी होने के बाद भी इस तथ्य की जानकारी न्यायालय को नहीं दी गई। सरकार से मांगा वरिष्ठ अधिकारी का शपथपत्र हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कई अहम सवाल पूछे हैं। अदालत ने जानना चाहा कि जौरा उप-कोषालय अधिकारी और तत्कालीन मुरैना कलेक्टर ने एफआईआर और लंबित ट्रायल की जानकारी न्यायालय से क्यों छिपाई। साथ ही यह भी पूछा कि रिट अपील दायर करते समय इस महत्वपूर्ण तथ्य का उल्लेख क्यों नहीं किया गया और आरोपियों के बरी होने के बाद भी अदालत को इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि मुरैना कलेक्टर से वरिष्ठ अधिकारी—संभागायुक्त या शासन के सचिव स्तर के अधिकारी—व्यक्तिगत शपथपत्र दाखिल कर पूरे घटनाक्रम का जवाब दें। अदालत ने स्पष्ट किया कि इतने गंभीर मामले में केवल अधीनस्थ अधिकारियों का स्पष्टीकरण पर्याप्त नहीं होगा। 20 जुलाई को होगी अगली सुनवाई हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को निर्धारित की है। तब तक राज्य सरकार को सभी बिंदुओं पर विस्तृत जवाब और संबंधित रिकॉर्ड न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।
मध्यप्रदेश सरकार की ग्रीष्मकालीन नई मूंग उपार्जन नीति से नर्मदापुरम संभाग के हजारों किसानों में आक्रोश है। भारतीय किसान संघ, क्रांतिकारी किसान मजदूर संगठन, भारतीय किसान यूनियन, किसान कांग्रेस अन्य किसान संगठनों ने ट्रैक्टर रैली, धरना-प्रदर्शन और पुतला दहन कर मप्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। किसानों का कहना है सरकार पूरी उपज खरीदने से पीछे क्यों हट रही है। इसके चलते कल (सोमवार) जिला मुख्यालय पर भारतीय किसान संघ एक बड़ा प्रदर्शन करेगा है। इधर, कांग्रेस पार्टी आज (रविवार) सोहागपुर में बड़ा आंदोलन करेगी। इसके अलावा गांव-गांव में युवा किसान पुत्रों के माध्यम से पुतला दहन करने की तैयारी हुआ। कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष पुष्पराज पटेल ने मूंग उपार्जन को लेकर अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि मुख्यमंत्रियों की कुर्सी की लड़ाई में हम किसान पिस रहे हैं। अगर रविवार 12 बजे तक बकाया मूंग खरीदी की कोई घोषणा नहीं होती है तो मैं प्रत्येक गांव के किसान पुत्रों से हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि अपने-अपने गांव के चौराहों पर कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पुतला दहन करें। शत प्रतिशत मूंग खरीदी करें सरकारकिसान संगठनों का कहना है कि प्रति हेक्टेयर 3 क्विंटल (25 फीसदी उत्पादन) की दर से सरकार मूंग खरीद रही है। हमारी मांग है कि मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी, खाद वितरण व्यवस्था में सुधार हो व गेहूं का भुगतान नहीं हुआ तो जिलेभर में चक्काजाम किया जाएगा। अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में नया शिक्षा सत्र शुरू हुए 15 दिन से ज्यादा बीत चुके हैं। स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो गई है, कक्षाएं भी चल रही हैं और शिक्षक भी पढ़ाने का दावा कर रहे हैं। लेकिन अब तक स्कूलों में पाठ्य पुस्तकें नहीं पहुंची हैं। इस वजह से हजारों छात्र बिना किताबों के ही पढ़ाई करने को मजबूर हैं। पाठ्य पुस्तक निगम से जुड़े लोगों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में 70 और 80 जीएसएम कागज को लेकर सरकारी स्तर पर विवाद चल रहा है। इसी कारण किताबों की छपाई और स्कूलों तक पहुंचने में देरी हुई है। कागज की गुणवत्ता को लेकर चल रही तकनीकी दिक्कतों, टेंडर प्रक्रिया में बदलाव और प्रशासनिक देरी के कारण नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के बाद भी जुलाई के शुरुआती दिनों तक कई जिलों के स्कूलों में किताबें नहीं पहुंच पाई है। कुछ समय पहले बिलासपुर दौरे पर आए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अधिकारियों को नए शिक्षा सत्र की सभी तैयारियां समय पर पूरी करने और किताबें स्कूलों तक पहुंचाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने दावा किया था कि सत्र शुरू होने से पहले ही सभी बच्चों को किताबें मिल जाएंगी, लेकिन हकीकत यह है कि कई स्कूलों में अब तक पूरी किताबें नहीं पहुंची हैं। वहीं, इस पूरे मामले में जिला शिक्षा अधिकारी रामेश्वर जायसवाल का कहना है कि पाठ्य पुस्तक निगम से नई किताबें आ गई हैं, जिसका जल्द डिस्ट्रीब्यूशन होगा। देखिए पहले ये तस्वीरें- जिले के 3 लाख छात्रों को चाहिए 15 लाख किताबें बिलासपुर जिले में करीब 3 लाख छात्रों के लिए नए शिक्षा सत्र में लगभग 15 लाख किताबों की जरूरत है। हर छात्र को उसकी कक्षा के हिसाब से 3 से 6 किताबें दी जाती हैं। प्राथमिक कक्षा के बच्चों को 3 से 4 किताबें, मिडिल स्कूल के छात्रों को 5 किताबें और हाईस्कूल के छात्रों को 6 किताबें मिलनी हैं। लेकिन पिछले तीन महीने से टेंडर में देरी और कागज से जुड़ी समस्या के कारण किताबों की छपाई और डिस्ट्रीब्यूशन समय पर नहीं हो पाया। इसकी वजह से कई स्कूलों में बच्चे अब भी बिना पूरी किताबों के पढ़ाई कर रहे हैं। बता दें कि राज्य सरकार की योजना के तहत कक्षा 1 से 10वीं तक के सभी छात्रों को मुफ्त किताबें दी जाती हैं। इन किताबों को छापने और स्कूलों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी पाठ्य पुस्तक निगम की होती है। इस बार देरी होने से नए सत्र की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। स्कूल खुल गए, लेकिन किताबें अब भी नहीं पहुंचीं नया शिक्षा सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन कई स्कूलों में छात्रों को अब तक पूरी किताबें नहीं मिली हैं। बच्चों और पेरेंट्स को उम्मीद थी कि इस बार किताबें समय पर मिल जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। कई छात्र अभी भी पुरानी कॉपी, नोट्स या शिक्षकों के बताए पाठ के सहारे पढ़ाई कर रहे हैं। इससे पढ़ाई की रफ्तार धीमी हो गई है। सत्र की शुरुआत का अहम समय भी बिना किताबों के गुजर रहा है, जिससे छात्रों को परेशानी हो रही है। NCERT के नए नियमों से किताबों की छपाई में हुई देरी किताबों के डिस्ट्रीब्यूशन में हुई देरी के पीछे पाठ्य पुस्तक निगम की तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रिया को प्रमुख वजह माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार एनसीईआरटी के नए दिशानिर्देशों के बाद पुस्तकों के प्रकाशन से जुड़ी प्रक्रिया में बदलाव करना पड़ा। इन्हीं बदलावों के कारण टेंडर और छपाई का काम तय समय पर पूरा नहीं हो सका। बताया जा रहा है कि पहले विभाग 70 जीएसएम कागज पर किताबें छपवाता था। इस बार एनसीईआरटी के निर्देशों के अनुरूप इसे बढ़ाकर 80 जीएसएम करने का प्रस्ताव रखा गया। हालांकि, इस पर यह तर्क देते हुए आपत्ति जताई गई कि मोटे कागज से किताबों का वजन बढ़ेगा और छात्रों के स्कूल बैग का बोझ भी ज्यादा हो जाएगा। इसके बाद प्रस्ताव में संशोधन करना पड़ा, जिससे टेंडर और छपाई की पूरी प्रक्रिया प्रभावित हुई और किताबों के वितरण में देरी हो गई। जानिए क्या है कागज का 70 और 80 जीएसएम जीएसएम का मतलब ग्राम प्रति वर्ग मीटर होता है। यह कागज का वजन और उसकी मोटाई नापने का पैमाना है। जीएसएम जितना ज्यादा होगा, कागज उतना ही मोटा, मजबूत और अच्छी गुणवत्ता का होगा। आमतौर पर कापियों में 70 जीएसएम का कागज होता है, जबकि 80 जीएसएम का कागज थोड़ा ज्यादा मोटा और प्रीमियम माना जाता है। हालांकि, इससे वजन बढ़ जाता है और बस्ते का बोझ बच्चों पर भारी पड़ता है। यही वजह है कि इसे लेकर विरोध भी किया गया। बच्चे बोले- बिना किताबों के हो रही पढ़ाई स्कूली बच्चों ने बताया कि अभी तक उन्हें किताबें नहीं दी गई है। स्कूल में कहा गया है कि अभी पुरानी किताबों से पढ़ाई करना है। जल्द ही नई किताब आने का भरोसा दिलाया गया है, लेकिन इस दौरान उन्हें बिना किताबों के ही पढ़ाई करनी पड़ रही है। वहीं, कुछ बच्चों ने पुरानी किताबों से पढ़ाई करने की बात कही है। सरकार को पहले से करनी चाहिए तैयारी दूसरी तरफ पेरेंट्स का कहना है कि जब स्कूल खुलने का निर्देश आया। इससे पहले ही स्कूल शिक्षा विभाग को तैयारी कर लेनी चाहिए थी। समय पर पुस्तकों का वितरण भी होना चाहिए। जब बच्चे स्कूल में पढ़ाई ही नहीं कर पा रहे हैं तो भीषण गर्मी में स्कूल खोलकर बच्चों को परेशान करने का क्या मतलब। शिक्षा सत्र के शुरुआती दिनों में किताबें उपलब्ध नहीं होना सीधे तौर पर विद्यार्थियों की पढ़ाई को प्रभावित करता है। खासकर ग्रामीण और सरकारी स्कूलों के बच्चों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ता है। DEO बोले- स्कूलों में चल रहा किताबों का वितरण जिला शिक्षा अधिकारी रामेश्वर जायसवाल ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों के लिए भी एक-दो दिनों में किताबों का डिस्ट्रीब्यूशन शुरू हो जाएगा। वहीं स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के लिए पाठ्य पुस्तक निगम से नई किताबें आई हैं, जो अगले 2 से 3 दिनों में पहुंच जाएंगी। इसके बाद वहां भी किताबों का डिस्ट्रीब्यूशन किया जाएगा। ………………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बिलासपुर में पेड़ के नीचे लग रहा स्कूल: निजी मकान पर ताला लगा, आसमान के नीचे पढ़ने लगे बच्चे, 12 लाख मंजूर, लेकिन भवन नहीं बिलासपुर जिले में स्टेशनपारा स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल पीपल के पेड़ के नीचे संचालित हो रहा है। स्कूल भवन नहीं होने और वैकल्पिक व्यवस्था समय पर न होने के कारण बच्चों को खुले आसमान के नीचे पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। मामला तखतपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम घुटकू का है। पढ़ें पूरी खबर…
टीबी आज भी दुनिया की सबसे बड़ी संक्रामक जानलेवा बीमारी बनी हुई है। वर्ष 2023 में दुनिया भर में करीब 91.1 लाख नए टीबी मरीज सामने आए, जबकि 12.2 लाख लोगों की इस बीमारी से मौत हुई। यह जानकारी गोरखपुर AIIMS के सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. यू. वेंकटेश और मीडिया प्रभारी डॉ. अरूप मोहंती ने द लैंसेट इंफेक्शियस डिजीज में प्रकाशित वैश्विक अध्ययन के मेटा-विश्लेषण के आधार पर दी। चिकित्सकों ने बताया कि यह मूल अध्ययन यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन के इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन (आईएचएमई) के नेतृत्व में किया गया है। इसमें वर्ष 1990 से 2023 के बीच 204 देशों और क्षेत्रों के टीबी संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। यह शोध एक जुलाई 2026 को द लैंसेट इंफेक्शियस डिजीज में प्रकाशित हुआ। मेटा-विश्लेषण के अनुसार, वर्ष 2023 में एचआईवी संक्रमित लोगों में टीबी के करीब 7.81 लाख नए मामले दर्ज किए गए, जबकि लगभग 2.1 लाख लोगों की मौत हुई। वहीं, दवा-प्रतिरोधी तपेदिक (एमडीआर-टीबी) के करीब 4.66 लाख नए मरीज मिले और 1.02 लाख लोगों की जान गई। डॉ. यू. वेंकटेश और डॉ. अरूप मोहंती ने बताया कि वर्ष 2015 से 2023 के बीच टीबी के नए मामलों में करीब 19 प्रतिशत और मौतों में 23 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। हालांकि, दवा-प्रतिरोधी टीबी पर नियंत्रण की गति अभी भी धीमी है, जो वैश्विक स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। अध्ययन के अनुसार, दक्षिण एशिया और उप-सहारा अफ्रीका में टीबी का बोझ सबसे अधिक है। धूम्रपान, मद्यपान और अनियंत्रित मधुमेह (शुगर) इसके प्रमुख जोखिम कारक हैं। इन पर प्रभावी नियंत्रण तथा समय पर जांच और उपचार से बड़ी संख्या में लोगों की जान बचाई जा सकती है। चिकित्सकों ने कहा कि टीबी नियंत्रण कार्यक्रमों के लिए वैश्विक वित्तीय सहायता में कमी भी भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। जांच, उपचार और रोकथाम की रणनीतियों को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता है। यदि इन उपायों को प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया गया, तो विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा वर्ष 2035 तक निर्धारित टीबी उन्मूलन का लक्ष्य हासिल करना कठिन हो सकता है। यहां देखिए टीबी से जुड़े प्रमुख आंकड़े
बुलंदशहर की गुलावठी पुलिस की शनिवार रात करीब 1:30 बजे बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। कार्रवाई में 6 पशु चोर गिरफ्तार किए गए। वहीं, चोरी गिरोह का सरगना गोली लगने से घायल हो गया। एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौक से भाग निकला। पुलिस ने घायल को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से तमंचा, कारतूस, एक महिंद्रा पिकअप गाड़ी और दो भैंसें बरामद की है। देखिए तस्वीरें… जानिए पूरा मामला… गुलावठी थाना क्षेत्र के पैठ बाजार में शनिवार देर रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ चोर इलाके में पशु चोरी कर ले जाने की फिराक में हैं। सूचना मिलने पर पुलिस ने इलाके में घेराबंदी की। चोरों को जब इसकी भनक लगी तो बच कर भागने की कोशिश करने लगे। इस बीच उन्होंने पुलिस टीम फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई। गोली चोरी गिरोह के लीडर वसीम कुरैशी निवासी अगौता, जिला बुलंदशहर के बाएं पैर में लग गई। वह घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस ने घायल बदमाश को गिरफ्तार कर इलाज के लिए सीएचसी में भर्ती कराया। जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पांच अन्य साथी गिरफ्तार, एक फरार मौके से पांच अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अदनान कुरैशी निवासी साहिबाबाद (गाजियाबाद), मोहसिन कुरैशी, इकराम कुरैशी (मसूरी, गाजियाबाद), शिवकुमार जाटव (हापुड़) और कामयाब निवासी मसूरी (गाजियाबाद) शामिल हैं। हालांकि, एक बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है। कब्जे से अवैध हथियार और पिकअप बरामद पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से एक अवैध तमंचा, कारतूस, एक पिकअप गाड़ी और दो भैंसें बरामद की गई हैं। यह गिरोह पिछले कई सालों से पशु चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। घायल बदमाश पर दर्ज हैं 13 मुकदमे चोर वसीम पर 2021 से अब तक अलग-अलग चोरी के मामले में कुल 13 मुकदमे दर्ज हैं। जबकि इसके अन्य साथियों पर भी गुलावठी, हापुड़, अगोता सहित कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं। सीओ दीपक कुमार ने बताया पशु चोरों को गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। घायल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
सवाई माधोपुर में रणथंभौर टाइगर रिजर्व के जोन-7 और 8 में वन विभाग और पशुपालन विभाग की ओर से शाकाहारी वन्यजीवों की हेल्थ मॉनिटरिंग के लिए विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान वन्यजीवों और पक्षियों के स्वास्थ्य की जांच की गई, जिसमें किसी भी प्रकार की बीमारी या संक्रमण नहीं मिला। सभी शाकाहारी वन्यजीव पूरी तरह स्वस्थ पाए गए। इसके साथ ही वन्यजीवों में आवश्यक खनिज तत्वों की कमी दूर करने के लिए वाटर होल्स के पास मिनरल ब्रिक्स भी रखी गईं। वाटर होल्स पर रखी गईं मिनरल ब्रिक्स रणथंभौर टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर (पशुपालन) डॉ. चंद्र प्रकाश मीणा ने बताया कि वन्यजीव प्रबंधन के तहत वाटर होल्स के आसपास मिनरल ब्रिक्स रखी गई हैं। निरीक्षण के दौरान शाकाहारी वन्यजीव इन मिनरल ब्रिक्स को चाटते हुए भी दिखाई दिए। इससे उन्हें शरीर के लिए जरूरी खनिज तत्व स्वाभाविक रूप से मिल रहे हैं। सोडियम की कमी से हो सकती है 'पिका' की समस्या डॉ. मीणा ने बताया कि शाकाहारी वन्यजीवों के लिए सोडियम और क्लोराइड बेहद जरूरी खनिज हैं। चूंकि हरे पौधों में पोटेशियम की मात्रा अधिक होती है, इसलिए इन जानवरों को अतिरिक्त सोडियम की आवश्यकता पड़ती है। सोडियम की कमी होने पर वन्यजीवों में पिका (Pica) नामक समस्या हो सकती है, जिसमें वे मिट्टी या अन्य अनुपयुक्त वस्तुओं को चाटने और खाने लगते हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी मददगार उन्होंने बताया कि सोडियम शरीर में जल संतुलन बनाए रखने, डिहाइड्रेशन से बचाने, रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने और तंत्रिका तंत्र के सुचारु संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी उद्देश्य से रणथंभौर प्रशासन ने वाटर होल्स के पास मिनरल ब्रिक्स रखवाई हैं, ताकि वन्यजीवों को आवश्यक खनिज तत्व आसानी से उपलब्ध हो सकें। नियमित हेल्थ मॉनिटरिंग से संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा वन विभाग के अनुसार वन्यजीवों की नियमित स्वास्थ्य निगरानी और पोषण संबंधी यह पहल उनके बेहतर स्वास्थ्य और दीर्घकालीन संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विभाग का कहना है कि ऐसे अभियान आगे भी नियमित रूप से चलाए जाएंगे, ताकि वन्यजीवों में किसी भी बीमारी या पोषण संबंधी समस्या का समय रहते पता लगाया जा सके।
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में इन दिनों (3, 4 और 5 जुलाई) आम महोत्सव चल रहा है। इसमें आम की 800 से अधिक किस्में मौजूद हैं। आम की प्रदर्शनी के साथ किसानों को खरीदारों, निर्यातकों और नई तकनीकों से जोड़ने का मंच भी है। पहली बार यहां क्रेता-विक्रेता सम्मेलन, तकनीकी कार्यशाला पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। महोत्सव में आम कई तरह से लोगों को प्रभावित कर रहा है। नाम, रंग, रूप, वजन, खुशबू, जायका और डिमांड ये आम के दाम को को तय कर रहे हैं। इस महोत्सव में 'मोदी मैंगो' नाम की वजह से चर्चा में है। रंग की बात करें तो सेंसेशन आम, वजन में हाथीझूल और राजा वाला आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। खुशबू के मामले में 'गुलाब खास' लोगों के लिए बेहद खास है। दाम की बात करें तो अंबिका सबसे महंगा आम है। इसकी कीमत 800 रु प्रति किलो है यानी लगभग बादाम के दाम के बराबर। इसके अलावा थाईलैंड से 'चकापात' आम भी यहां खास बन गया है। ये अब मलिहाबाद में भी तैयार किया जा रहा है। 12 तस्वीरों में देखिए आम की 12 वैरायटी- अब पढ़िए व्यापारियों को- बरसात के बाद आता है अंबिका आम महोत्सव में हिस्सा लेने वाले लखनऊ के अरुण कुमार कनौजिया ने बताया कि उनके डिस्प्ले काउंटरपर 165 तरह के आम हैं। मगर सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र है 'अंबिका' आम। इसकी कीमत ₹800 प्रति किलो है। अक्सर लोगों को लगता है कि आम बेहद सस्ता फल है। बाजार में ₹ 600 तक बादाम मिल जाता है। ये आम 800 में है तो बादाम से महंगा या उसके बराबर मान सकते हैं। इसकी खासियत ये है कि सितंबर के महीने में आता है। जब आम की संख्या घट जाती है, उस समय बरसात के बाद यह बहुत जायकेदार हो जाता है। डिस्प्ले पर आम के साथ लोग पौधों के बारे में भी जानकारी हासिल कर रहे हैं। अरुणिमा आम तोड़ने के 20 दिन बाद तक सेफ रहता उत्तराखंड से आए संजय ने बताया कि 35 प्रकार के वैरायटी के आम लेकर आए हैं। इनमें सबसे ज्यादा विशेष टामीएटकिनस है। ये अमेरिकन वैरायटी है, इसकी कीमत ₹ 350 प्रति किलो है। टेस्ट में हल्का फीका होता जिसे शुगर के मरीज अधिक पसंद करते हैं। इसके अलावा अरुणिमा आम है जो तोड़ने के बाद 20 दिन तक उसी स्थिति में सुरक्षित रहता है। इसके अलावा 'एप्पल आम' भी काफी चर्चित है। देखने में ये बिल्कुल एप्पल की तरह नजर आता है, जायका भी सेब की तरह ही होता है। उत्तराखंड के अधिकतम 15 सितंबर तक मार्केट में उपलब्ध रहते हैं। मोदी मैंगो के सभी आम का साइज बराबर मलिहाबाद से आए डिस्प्ले काउंटर पर मौजूद विनय सैनी ने बताया कि 2023 में ही मोदी मांगो के बारे मे सोच कर उसे डेवलप करना शुरू कर दिया था। पीएम मोदी के लिए चलता था 56 इंच का सीना उसी से प्रभावित होकर इसे तैयार किया गया। इस आम की खासियत यही की देखने में बहुत ही शालीन नजर आता है इसकी खुशबू बहुत आकर्षित करती है। इसके सभी आम लगभग एक तरह के साइज के होते हैं 19- 20 का ही फर्क होता है। मोदी मैंगों के साथ सेल्फी लेने के लिए लोगों की पूरे दिन भीड़ लगी रहती है। इसके अलावा चकापात को लेकर हम लोग बेहद उत्साहित हैं क्योंकि थाईलैंड का चर्चित आम जल्दी ही यहां के लोगों को मिलेगा। आलू किसान बोले- अब आम की खेती शुरू करेंगे महोत्सव में बदायूं से आलू किसान राजेश यादव 40 अन्य किसानों के साथ पहुंचे। उन्होंने कहा- पहली बार एकसाथ इतने आम देखने को मिले। आलू और दूसरे फसलों की खेती करते हैं। आम की अलग-अलग वैरायटी देखकर आम की खेती करने का शौक पैदा हुआ है। यहां पर वैज्ञानिकों और एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर समझ रहे हैं कि क्षेत्र के हिसाब से कौन से आम की खेती बेहतर होगी और उसे कैसे किया जाए। इसके बाद सभी लोग मलिहाबाद जाएंगे और वहां के आम किसानों से मिलकर नर्सरी से पौधे खरीदेंगे। आम महोत्सव से इस बार किसान काफी प्रभावित हो रहे हैं। अंत में 3 तस्वीरें सैकड़ों आमों के स्टॉल्स की- ------------------------------ संबंधित खबर भी पढ़िए- योगी आधा किलो का आम देखकर मुस्कुराए : लखनऊ में 800 आमों के स्टॉल; मोदी, योगीराज और नूरजहां मैंगो सबके फेवरेट CM योगी ने लखनऊ आम महोत्सव का शुक्रवार दोपहर साढ़े 11 बजे उद्घाटन किया। उन्होंने किसानों से आमों की खासियत जानी। इस दौरान सीएम ने आधा किलो का आम देखा और मुस्कुराने लगे। इसके बाद दोनों हाथों में आम लेकर फोटो भी खिंचवाई। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने दो पेटी आम खरीदा। (पूरी खबर पढ़िए)
श्री राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे भी सामने आ रहे हैं। मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के मोबाइल से मिले डिजिटल साक्ष्य, आरोपी अविनाश शुक्ला से पूछताछ और रिकवर किए गए सीसीटीवी फुटेज ने जांच को नई दिशा दी है। सूत्रों के मुताबिक अब कई सफेदपोश लोगों की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है। पुलिस और एसआईटी अलग-अलग पहलुओं पर गहराई से जांच कर रही हैं। मोबाइल से मिले VIP पास के सुराग सूत्रों के अनुसार टिन्नू यादव के मोबाइल की जांच में पता चला है कि कुछ लोगों और होटलों के लिए कई बार विशेष दर्शन पास बनवाए गए थे। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि इन पासों के जरिए किन लोगों को विशेष सुविधाएं दी गईं। इसके साथ ही बैंक खातों के लेनदेन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि चोरी की रकम का पूरा नेटवर्क सामने आ सके। हॉस्टल में छिपाकर रखी जाती थी नकदी जांच में यह भी सामने आया है कि टिन्नू यादव अपने हॉस्टल की पहली मंजिल पर बड़ी मात्रा में नकदी और आभूषण छिपाकर रखता था। इस हिस्से में बाहरी लोगों का आना पूरी तरह प्रतिबंधित था। पुलिस को शक है कि चोरी का पैसा लंबे समय तक यहीं रखा जाता था। डिलीट CCTV फुटेज भी हुए रिकवर एसआईटी ने विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से डिलीट किए गए सीसीटीवी फुटेज भी रिकवर किए हैं। सूत्रों के मुताबिक कुछ फुटेज में लोग जेब और जुराब में नोटों की गड्डियां छिपाते दिखाई दे रहे हैं। अब हाई-रिजॉल्यूशन तकनीक से उनकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है। सीसीटीवी व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई है। संपत्तियों और निर्माण कार्यों की भी जांच जांच एजेंसियां चोरी की रकम के निवेश की भी पड़ताल कर रही हैं। लखनऊ और नोएडा में खरीदी गई संपत्तियों, संभावित बेनामी निवेश और जमीन के सौदों की जांच तेज कर दी गई है। इसके अलावा एसआईटी ने राम मंदिर निर्माण से जुड़े दस्तावेज भी तलब किए हैं। निर्माण एजेंसी और निगरानी से जुड़े इंजीनियरों से पूछताछ कर रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जेल में बंद आरोपियों से होगी दोबारा पूछताछ पुलिस को अविनाश शुक्ला की रिमांड के दौरान कई नए नाम और अहम जानकारियां मिली हैं। इन्हीं जानकारियों के आधार पर अब जेल में बंद अन्य आरोपियों से भी दोबारा पूछताछ की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि जांच में कुछ और लोगों की भूमिका सामने आई है। यदि पर्याप्त साक्ष्य मिले तो नए आरोपियों के नाम भी केस में जोड़े जा सकते हैं। फिलहाल एसआईटी पूरे मामले की जांच गोपनीय तरीके से आगे बढ़ा रही है।
मुरैना शहर के स्टेशन रोड थाना क्षेत्र स्थित पड़ाव बाजार में शनिवार को दिनदहाड़े बाइक चोरी की घटना सामने आई है। युवक साड़ी बदलने दुकान पर गया था और कुछ ही देर में अज्ञात चोर उसकी बाइक लेकर फरार हो गया। पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश में जुटी है। जानकारी के अनुसार जौरी निवासी दिनेश कुशवाह अपने परिजन की साड़ी बदलने के लिए पड़ाव बजरिया स्थित एक दुकान पर पहुंचे थे। उन्होंने शाम करीब 4:30 बजे अपनी बाइक क्रमांक एमपी-07-एनएन-4901 दुकान के बाहर खड़ी की थी। साड़ी बदलकर जब दिनेश बाहर लौटे तो उनकी बाइक वहां मौजूद नहीं थी। पहले उन्होंने आसपास तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर नजदीकी दुकानों के सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई। एक दुकान के कैमरे में एक युवक बाइक ले जाता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद घटना की सूचना स्टेशन रोड थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है। स्टेशन रोड थाना प्रभारी संजय बरैया ने बताया कि बाइक चोरी का मामला सामने आया है। सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध युवक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उसकी पहचान और बाइक की बरामदगी के लिए टीम काम कर रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया गया है।
गुरुग्राम में रहने वाले सार्थक मट्टू की हिट एंड रन में मौत के मामले में कैंडल मार्च निकाला गया। पिता सुरेंद्र मट्टू और मां अनुराधा मट्टू की अगुवाई में बड़ी संख्या में पॉश कॉलोनी रिजवुड सिटी के लोग और जानकारों ने शिरकत की। लोगों ने 'जस्टिस फॉर सार्थक' और 'नो-बेल' जैसे नारों के बैनर ले रखे थे। इन हैशटैग के साथ सोशल मीडिया पर भी एक कैंपेन चलाया गया है। सार्थक मट्टू को गुरुग्राम से सटे दिल्ली के रजोकरी में 25 जून को एक काले रंग की तेज रफ्तार थार गाड़ी ने जोरदार टक्कर मार दी थी। जिसमें उसकी मौत हो गई थी, जबकि थार में सवार दो युवक उसे तड़पते हुए छोड़कर भाग गए थे। इन दोनों आरोपियों पर हत्या की धाराओं में केस दर्ज करने और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर रात शनिवार देर रात 8:30 बजे कैंडल मार्च निकाला गया। पुलिस जांच पर सवाल उठाए पिता सुरेंद्र मट्टू ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस को गाड़ी का रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस नंबर पता होने के बावजूद आरोपियों को पकड़ने में 40 से 50 घंटे का समय लगा। यह घटना 'कल्पेबल होमीसाइड' (गैर-इरादतन हत्या) है और उनके इकलौते बेटे को सड़क पर तड़पता हुआ छोड़ दिया गया था। उन्होंने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। पुलिस आरोपियों को बचाने में लगी सार्थक की मां अनुराधा मट्टू का मुख्य आरोप है कि पुलिस शुरू से ही आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही थी और उन्हें सिस्टम पर बिल्कुल भरोसा नहीं था। मैंने पुलिस से साफ-साफ कह दिया था कि मुझे पता है आप लोग आरोपियों को जाने देंगे, उन्हें पकड़ेंगे नहीं। घटना के बाद पीसीआर वैन के कर्मचारी सार्थक को अस्पताल ले जाने के बजाय इलाज के खर्च पर चर्चा कर रहे थे। आरोपी खुलेआम घूम रहे उनका कहना है कि मुख्य आरोपी अपूर्व सिंह और उसके साथी को पुलिस ने गिरफ्तार करने के तुरंत बाद आसानी से जमानत दे दी। मां-बाप का दर्द है कि उनका इकलौता बेटा चला गया और कातिल खुलेआम घूम रहे हैं। वे पैनासोनिक कंपनी में काम करते हैं, कोई हादसों के प्रति अनजान नहीं है। उन्हें अच्छे से पता था कि तेज रफ्तार गाड़ी चलाएंगे तो एक्सीडेंट होगा। पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग विरोध प्रदर्शन में शामिल अन्य बुजुर्गों और नागरिकों ने भी जांच प्रक्रिया पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मांग की कि मामले को दबाने की कोशिश करने वाले और जांच में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
कटनी के स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र के पड़रभटा के छिंदहाई मोहल्ले में शनिवार देर रात रुपयों के पुराने लेनदेन को लेकर विवाद हुआ। इस दौरान कुछ युवकों ने एक डीजे संचालक पर कट्टे से फायर कर दिया। गोली युवक के माथे के ऊपरी हिस्से को छूकर निकल गई, जिससे उसकी जान बच गई। वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। घायल युवक को इलाज के लिए जिला अस्पताल कटनी में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पड़रभटा निवासी दुर्गा प्रसाद कोल (डीजे संचालक) शनिवार रात करीब 9 बजे छिंदहाई मोहल्ले की एक किराना दुकान पर सामान लेने गया था। इसी दौरान क्षेत्र के एक टेंट व्यवसायी से जुड़े लगभग 5 युवक वहां पहुंचे। उन्होंने संचालक को घेर लिया और पुराने लेनदेन को लेकर गाली-गलौज करते हुए विवाद शुरू कर दिया। डीजे संचालक का क्षेत्र के एक टेंट व्यवसायी के साथ लगभग 7 से 8 हजार रुपए का बकाया लेनदेन था। हमलावर हवाई फायरिंग करते हुए मौके से फरार इसी विवाद के दौरान आरोपियों ने संचालक को धमकाया। विवाद बढ़ने पर एक युवक ने कट्टा दुर्गा के माथे से सटाकर गोली चला दी। सिर हिल जाने के कारण गोली माथे के ऊपरी हिस्से को छूकर निकल गई। इसके बाद हमलावर हवाई फायरिंग करते हुए मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्लीमनाबाद पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। घायल को तुरंत जिला अस्पताल कटनी ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस के अनुसार, उनकी स्थिति खतरे से बाहर है। एसडीओपी भी अस्पताल पहुंचीं और आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। एसडीओपी बोलीं-आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा स्लीमनाबाद एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी ने बताया कि पड़रभटा के छिंदहाई मोहल्ले में रुपयों के लेनदेन के विवाद में एक युवक पर फायरिंग का मामला सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वे देर रात जिला अस्पताल कटनी पहुंचीं और घायल के विस्तृत बयान दर्ज किए। उन्होंने बताया कि पीड़ित के बयान के आधार पर पुलिस की टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जोधपुर शहर के लोग जल्द ही इलेक्ट्रिक बसों में सफर कर सकेंगे। इसके लिए रूट निर्धारण से लेकर चार्जिंग स्टेशन और डिपो का काम शुरू हो चुका है। खास बात यह है कि शहर की पहचान के अनुसार, इन बसों का रंग भी ब्लू यानी नीला होगा। जानकारी के अनुसार, जुलाई के अंतिम सप्ताह तक बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। बजट घोषणा के अनुसार, जोधपुर को 125 बसें मिलेंगी। शहर के 17 रूटों पर इनका संचालन किया जाएगा। इन बसों का ट्रायल जयपुर में हो चुका है। हालांकि, जयपुर में मिली इलेक्ट्रिक बसों का आकार (साइज) 12 मीटर है, जबकि जोधपुर शहर को मिलने वाली बसों का आकार 9 मीटर रहेगा। नगर निगम आयुक्त राहुल जैन ने बताया- जुलाई के अंत तक हमें 30 से 40 बसें मिल जाएंगी। इन बसों को पहले पुराने रूटों पर चलाया जाएगा। 2 फेज में मिलेंगी इलेक्ट्रिक बसें नगर निगम के XEN मनोज बैरवा ने बताया- जोधपुर शहर को मिलने वाली इलेक्ट्रिक बसें दो फेज में मिलेंगी। पहले फेज में 100 और फिर दूसरे फेज में 25 बसें आएंगी। हालांकि, शुरुआती संचालन के लिए पहले चरण में कितनी बसें मिलेंगी, इसकी संख्या अभी पूरी तरह तय नहीं है। 9 मीटर लंबी इस बस में 25 सीटें होंगी, जबकि इसकी कुल क्षमता (कैपेसिटी) लगभग 36 यात्रियों की है। इनमें 2 सीटें खास तौर पर दिव्यांगों के लिए भी तैयार की गई हैं। इसे लेकर दिल्ली में टेंडर हो चुके हैं और अहमदाबाद की एक फर्म को इन बसों का काम दिया गया है। ड्राइवर कंपनी देगी, नगर निगम करेगा कंडक्टरों की भर्ती इधर, जोधपुर शहर में तीन एजेंसियां मिलकर इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं। पहली डिस्कॉम, जो इलेक्ट्रिक बसों के लिए लाइन और ट्रांसफॉर्मर लगाने का काम करेगी। दूसरी रूडसिको (RUDSICO), जो झालामंड में डिपो बना रही है और तीसरी नगर निगम। इन बसों के संचालन के लिए 100 ड्राइवर कंपनी की ओर से नियुक्त किए जाएंगे। लेकिन, कंडक्टरों की भर्ती और रेवेन्यू कलेक्शन (राजस्व संग्रह) का काम नगर निगम अपने स्तर पर करेगा। इसके लिए करीब 235 कंडक्टरों की भर्ती होगी। डिस्कॉम की ओर से झालामंड डिपो के लिए 220 केवी (KV) की लाइन ली जा रही है। झालामंड में बनने वाले इस डिपो में 13 ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। किराया जल्द होगा तय, पास भी बनेंगे एक्सईएन मनोज बैरवा ने बताया- किराया प्रति किलोमीटर के हिसाब से तय किया जाएगा। हालांकि, यह किराया कितना होगा, यह कमेटी तय करेगी। वहीं, इन बसों में रोजाना सफर करने वाले शहरवासियों के लिए मासिक (मंथली) और सालाना पास भी बनेंगे। इन पास की भी अलग-अलग कैटेगरी होगी, जिसे कमेटी द्वारा तय किया जाएगा।
हमीरपुर के सरीला तहसील क्षेत्र के भैसाय गांव में शनिवार शाम छठी समारोह के दौरान बारूद का गोला फटने से 13 वर्षीय बालिका गंभीर रूप से झुलस गई। घायल बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राठ में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। घायल बालिका की पहचान जरिया थाना क्षेत्र के इटेलिया बाजा निवासी आशी (13) पुत्री इंद्रपाल के रूप में हुई है। वह दो दिन पहले अपने मामा राममिलन के घर भैसाय गांव आई थी। परिवार में नवजात बच्चे की छठी का उत्सव मनाया जा रहा था। बारूद के गोले में आग लगाते ही हुआ धमाका बताया गया कि समारोह के दौरान आशी ने घर में रखे एक बारूद के गोले को आग लगा दी। आग लगते ही गोला जोरदार धमाके के साथ फट गया। विस्फोट की चपेट में आने से बच्ची गंभीर रूप से झुलस गई। घटना के बाद परिजनों ने आनन-फानन में बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राठ पहुंचाया। अस्पताल में उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टर बोले- बच्ची गंभीर अवस्था में लाई गई राठ सीएचसी के अधीक्षक डॉ. अरविंद यादव ने बताया कि बच्ची को गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया है। उसका उपचार किया जा रहा है और चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
चेन स्नैचिंग के दो आरोपियों का हाफ एनकाउंटर:मऊ में एक आरोपी के पैर में लगी गोली, रेफर
मऊ के मधुबन थाना क्षेत्र में 2 जुलाई को हुई चेन स्नैचिंग की मामले में पुलिस मुठभेड़ के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।पुलिस के मुताबिक, यह घटना 2 जुलाई की शाम करीब 6:30 बजे मधुबन कस्बे के व्यस्त बाजार में हुई थी। बदमाशों ने एक महिला से सोने की चेन छीन ली थी। पुलिस तभी से आरोपियों की तलाश कर रही थी। थानाध्यक्ष मधुबन केके गुप्ता ने बताया कि पुलिस टीम ने भैरोपुर बंधे के पास संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया। इस पर आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी नीतीश यादव उर्फ मोनू (पुत्र मुसाफिर यादव) के दाहिने पैर में गोली लगी। उसके साथी विशाल सोनकर (पुत्र विनोद सोनकर) को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार नीतीश यादव दोहरीघाट थाना क्षेत्र के सोनबरसा बेलौली गांव का निवासी है, जबकि विशाल सोनकर महुआबारी का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपियों के पास से छीनी गई सोने की चेन बरामद कर ली है। घटना में इस्तेमाल की गई काले रंग की अपाचे मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर प्रदीप यादव ने बताया कि घायल आरोपी नीतीश उर्फ मोनू यादव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर मंडाव से जिला अस्पताल लाया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए पीजीआई आजमगढ़ चक्रपानपुर रेफर कर दिया गया है। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
कोतवाली नगर क्षेत्र की हाइडिल कॉलोनी में शनिवार रात स्थानीय निवासियों ने बिजली कटौती के विरोध में प्रदर्शन किया। दोपहर से बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों ने हाइडिल कॉलोनी बिजली घर का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण क्षेत्र में घंटों तक बिजली गुल रही। उन्होंने कहा कि बिजली न होने से घरों में पानी का संकट खड़ा हो गया। आंदोलनकारियों ने बताया कि इस स्थिति से बच्चे, बुजुर्ग और मरीज सबसे अधिक प्रभावित हुए, जो उमस भरी गर्मी में काफी परेशान रहे। 5 तस्वीरें देखिए- प्रदर्शनकारियों ने विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि विद्युत व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं किया गया और समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो रविवार सुबह से बड़ा प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। उन्होंने इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन पर डाली। इस संबंध में अधीक्षण अभियंता हर्षित श्रीवास्तव ने बताया, तकनीकी खराबी के कारण दोपहर में बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी। शिकायत मिलते ही हमारी टीम ने काम शुरू कर दिया था। फॉल्ट को पूरी तरह ठीक करके क्षेत्र की बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल कर दी गई है।
कानपुर देहात में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दायर एक शिकायत पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। यह मामला अकबरपुर थाने से संबंधित है। रामनरेश मिश्र ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 175(3) के तहत न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान, न्यायालय ने प्रार्थना पत्र की समीक्षा की और पाया कि शिकायत में नामित विपक्षी संख्या 1, 2 और 3 लोक सेवक हैं। बीएनएसएस की धारा 175(4)(a)(b) के अनुसार, ऐसे मामलों में संबंधित लोक सेवकों और उनके वरिष्ठ अधिकारी से घटना के संबंध में रिपोर्ट लेना अनिवार्य है। इसी आधार पर, सीजेएम कोर्ट ने कानपुर देहात के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को निर्देश दिया है। एसपी को मामले के तथ्यों, परिस्थितियों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करनी होगी। न्यायालय ने शिकायत में नामित उपनिरीक्षक और चौकी प्रभारी कस्बा अकबरपुर अभिषेक सिंह चौहान, प्रभारी निरीक्षक हरमीत सिंह तथा अन्य पुलिसकर्मियों को भी नोटिस जारी किया है। उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक और सभी संबंधित पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र की प्रतियां भेजने का भी आदेश दिया है। आवेदक को आवश्यक पैरवी करने का निर्देश देते हुए, मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है। अब इस मामले में सभी की निगाहें पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट और अगली सुनवाई पर टिकी हैं। इसके बाद ही न्यायालय आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगा।
शामली में नाबालिग किशोरी के अपहरण मामले में पुलिस ने दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शहर कोतवाली पुलिस ने यह कार्रवाई करते हुए दोनों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र से एक नाबालिग किशोरी के अपहरण का मामला सामने आया था। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर शहर कोतवाली में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। पुलिस टीम ने शनिवार को कार्रवाई करते हुए मामले में वांछित दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान विकास ठाकुर पुत्र कुमार ठाकुर, निवासी लालड्डू, जनपद मोहाली (पंजाब) और राजू पुत्र शंकर, निवासी धनास, चंडीगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
छिंदवाड़ा में पुलिस विभाग ने शनिवार को “एक शाम साहस और समर्पण के नाम” कार्यक्रम का आयोजन किया। देर रात तक चले इस कार्यक्रम में इंडियन आइडल फेम गायक अनिल श्रीवास्तव ने अपने गीतों से समा बांध दिया। किशोर कुमार के लोकप्रिय गीतों के साथ देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति पर मौजूद लोग झूम उठे। कार्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर का विशेष प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जबलपुर रेंज के IG प्रमोद वर्मा शामिल हुए। इस दौरान समाज के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाली सामाजिक संस्थाओं को सम्मानित किया गया। वहीं राहवीर योजना के तहत सड़क हादसों में घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम में छिंदवाड़ा कलेक्टर हरेंद्र नारायण, DIG राकेश सिंह, SP अजय पांडेय, ASP आशीष खरे, DFO साहिल गर्ग, स्वरूप दीक्षित, जेल अधीक्षक प्रतीक जैन सहित जिले के सभी थाना प्रभारी और बड़ी संख्या में सामाजिक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कलेक्टर की फरमाइश पर गूंजा किशोर कुमार का गीतकार्यक्रम के दौरान छिंदवाड़ा कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने गायक अनिल श्रीवास्तव से किशोर कुमार का प्रसिद्ध गीत “जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं जो मुकाम, वो फिर नहीं आते” सुनाने की फरमाइश की। गीत की प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियों से कलाकार का स्वागत किया। कलेक्टर बोले- तैयारी के दिनों में सुनते थे किशोर कुमार के गीतकलेक्टर हरेंद्र नारायण ने कहा कि संघर्ष करने वाले हर व्यक्ति को किशोर कुमार के गीत पसंद आते हैं। उन्होंने बताया कि जब वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे, तब भी किशोर कुमार के गीत सुना करते थे। साइबर फ्रॉड को लेकर किया जागरूककार्यक्रम के दौरान कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने साइबर फ्रॉड को लेकर लोगों को जागरूक भी किया। उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि एक बार उन्हें भी ठगी का शिकार बनाने की कोशिश की गई थी। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति ने फोन कर कहा कि उनके नाम का पार्सल आया है, लेकिन घर का पता नहीं मिल रहा। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि हर शहर में कलेक्टर का एक ही निवास होता है, किसी से भी पूछ लिया जाए। इसके बाद आरोपी ने एक नंबर भेजते हुए उस पर कॉल कर लोकेशन बताने की बात कही। कलेक्टर ने बताया कि जब उन्होंने उस नंबर की जांच की तो वह संदिग्ध और फ्रॉड नंबर निकला। उन्होंने उस नंबर पर कॉल नहीं किया। बाद में दोबारा कॉल आने पर उन्होंने आरोपी से कहा कि नंबर स्विच ऑफ आ रहा है। इसके बाद आरोपी ने दोबारा संपर्क नहीं किया। कलेक्टर ने कहा कि आम लोग अक्सर ऐसे कॉल्स के झांसे में आकर ओटीपी साझा कर देते हैं या किसी लिंक पर क्लिक कर बैठते हैं, जिससे वे साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने लोगों से सतर्क और जागरूक रहने की अपील की। IG प्रमोद वर्मा ने किया सम्मानदेर रात तक चले इस आयोजन में जबलपुर रेंज के IG प्रमोद वर्मा ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों और संस्थाओं को सम्मानित किया। उन्होंने साइबर फ्रॉड के खिलाफ चलाए गए जागरूकता अभियान के समापन कार्यक्रम में सहभागिता निभाते हुए लोगों को सतर्क रहने का संदेश दिया। देखे आयोजन की तस्वीर….
फर्रुखाबाद में नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के नौ साल पुराने मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। पॉक्सो एक्ट एवं अपर सत्र जज रितिका त्यागी ने दोषी आनंद शाक्य को सात साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आदेश के अनुसार, यदि दोषी जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह मामला 24 अप्रैल 2017 का है। थाना मऊदरवाजा क्षेत्र की एक महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने बताया था कि जब वह खेत पर गई थी, तब उसकी 16 वर्षीय बेटी घर पर अकेली थी। शाम को घर लौटने पर महिला ने देखा कि अलमारी खुली हुई थी और उसमें से सोने-चांदी के जेवर तथा 74 हजार रुपये गायब थे। उसकी बेटी भी लापता थी और काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। गांव के लोगों ने आनंद शाक्य, उसकी मां, भाई और एक अन्य व्यक्ति को महिला की बेटी को बेहोशी की हालत में ई-रिक्शा से ले जाते देखा था। महिला ने आशंका जताई थी कि जेवर के लालच में उसकी नाबालिग बेटी की हत्या कर उसे बेचा जा सकता है। पुलिस ने इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की और अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आनंद शाक्य को 30 जून को दोषी ठहराया था।
रविवार रात रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में जमकर बारिश हुई है। रायपुर में आधे घंटे के भीतर ही 30 MM पानी बरस गया। इसे चलते कई इलाकों में जल भराव की स्थिति बन गई। टाटीबंध में घरों में पानी भर गया। शनिवार शाम भी आधे घंटे की बारिश से मंडी गेट, बीजेपी ऑफिस और रोहिनीपुरम कॉलोनी में पानी भर गया था। दुर्ग, जगदलपुर और राजनांदगांव में भी अच्छी बारिश हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक, पूरे प्रदेश में मानसून अब सक्रिय हो चुका है और अगले दो दिन मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। सूरजपुर के खड़गवा-गुडरूडांड गांव में बना पुल टूट गया। परिजनों ने बच्चों को स्कूल पहुंचाने के लिए उफनती नदी पार कराई। वीडियो में परिजन बच्चों को पीठ पर बैठाकर नदी पार कराते नजर आए। वहीं, सक्ती जिले के सोंठी गांव में सड़क नहीं होने के कारण शव यात्रा कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरी। 1 किमी की दूरी तय कर शवयात्रा श्मशान पहुंची। पहले देखिए ये तस्वीरें- सबसे ज्यादा बारिश यहां हुई पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा 140 मिमी बारिश बाड़े बचेली में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा ओरछा और चांपा में 70-70 मिमी, कोंटा, कुटारू, भैरमगढ़, थानखम्हरिया और बरमकेला में 60-60 मिमी बारिश हुई। वहीं मलखरौदा, कोहकामेटा, शिवरीनारायण, जांजगीर, बीजापुर, सारंगढ़, गंगालूर और सारिया में 50-50 मिमी बारिश दर्ज की गई। रपटा में फंसी पिकअप, 20-25 लोग थे सवार एक दिन पहले शुक्रवार को कबीरधाम जिले के ढोलढोली रपटा मार्ग पर तेज बहाव में 20 से 25 यात्रियों से भरी पिकअप फंस गई थी, जिन्हें ग्रामीणों ने महिलाओं और बच्चों समेत सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। बिजली गिरने से किसान की मौत इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं। शुक्रवार को कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम तुमान में खेत में काम कर रहे किसान धनीराम पटेल (75) की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। इससे एक दिन पहले सक्ती जिले में भी बिजली गिरने से पति-पत्नी की मौत हो गई थी। रायपुर में आज का मौसम रविवार को भी रायपुर में दिनभर बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। अधिकतम तापमान 32C और न्यूनतम 25C रहने का अनुमान है।
गुजरात के वलसाड में ट्रेन से कटकर हुई बेटी की संदिग्ध मौत के बाद उसकी बुजुर्ग मां शनिवार को करीब एक हजार किलोमीटर का सफर तय कर अस्थियां लेकर जबलपुर पहुंची। मां ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत देकर आरोप लगाया कि उसकी बेटी की मौत हादसा नहीं, बल्कि हत्या है। उसने दामाद पर बेटी को ट्रेन के सामने धक्का देने, अस्थियां छीनने की कोशिश करने और दोनों बच्चों को जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए। जबलपुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गुजरात पुलिस से संपर्क कर जांच में सहयोग का भरोसा दिया है। 2014 में प्रेम विवाह, गुजरात जाकर शुरू किया नया जीवन जबलपुर जिले के ग्राम पौड़ा निवासी पिंकी नामदेव की मुलाकात कटनी जिले के बहोरीबंद निवासी महेंद्र नामदेव से हुई थी। दोनों एक ही समाज से थे और परिवार की सहमति से वर्ष 2014 में उनका विवाह हुआ। शादी के बाद दोनों सिलाई का काम करते थे। वर्ष 2018 में बेहतर रोजगार की तलाश में दोनों गुजरात के वलसाड चले गए, जहां एक कंपनी में नौकरी करने लगे। कुछ समय तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन बाद में महेंद्र शराब का आदी हो गया। शराब की लत बढ़ने के साथ वह पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट करने लगा। परिवार में बेटा कान्हा (10 वर्ष) और बेटी अवनि (8 वर्ष) हैं। बच्चों के साथ मायके लौट आई थी पिंकी पिंकी की मां लक्ष्मी नामदेव के अनुसार, 5 जून 2026 को महेंद्र ने दोनों बच्चों के सामने पिंकी के साथ बेरहमी से मारपीट की। इससे आहत होकर वह बच्चों को लेकर जबलपुर स्थित अपने मायके आ गई। उसने मां को बताया कि पति रोज शराब पीकर मारपीट करता है और अब उसके साथ रहना संभव नहीं है। करीब 15 दिन बाद महेंद्र पत्नी को मनाने जबलपुर पहुंचा और माफी मांगकर साथ चलने की बात कही, लेकिन पिंकी तैयार नहीं हुई। इसी बीच बच्चों का गुजरात के नवोदय स्कूल में प्रवेश हो चुका था। स्कूल से लगातार बुलावा आने पर पिंकी बच्चों और मां के साथ दोबारा वलसाड पहुंची, लेकिन पति से अलग किराये के मकान में रहने लगी। कंपनी गेट से घसीटकर रेलवे ट्रैक तक ले जाने का आरोप मां का आरोप है कि 30 जून 2026 की शाम करीब सात बजे पिंकी जब ड्यूटी खत्म कर कंपनी से बाहर निकली, तभी महेंद्र वहां पहुंच गया। उसने कंपनी के गेट पर ही उसके साथ मारपीट की और जबरन रेलवे ट्रैक की ओर ले गया। आरोप है कि वहां उसने पिंकी को ट्रेन के सामने धक्का दे दिया। परिवार का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं हो सकती, क्योंकि शव के अलग-अलग हिस्से रेलवे ट्रैक पर दूर-दूर मिले थे। रातभर तलाश, सुबह मिली मौत की खबर लक्ष्मी नामदेव ने बताया कि देर रात तक पिंकी घर नहीं लौटी तो उन्होंने कंपनी और परिचितों से संपर्क किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। उन्होंने महेंद्र को फोन किया तो उसने अनभिज्ञता जताई और मोबाइल बंद कर लिया। अगली सुबह महेंद्र ने ही फोन कर बताया कि पिंकी का शव रेलवे ट्रैक पर पड़ा है। सूचना मिलते ही लक्ष्मी मौके पर पहुंचीं और बेटी की पहचान की। वासी टाउन पुलिस ने मर्ग कायम कर शव परिजनों को सौंप दिया। 2 जुलाई को वलसाड में अंतिम संस्कार किया गया। अस्थियां लेकर पहुंची जबलपुर, पुलिस से मांगी सुरक्षा 4 जुलाई को लक्ष्मी नामदेव बेटी की अस्थियां और दोनों बच्चों को लेकर जबलपुर पहुंचीं। उन्हें आशंका थी कि महेंद्र और उसके परिजन अस्थियां छीन सकते हैं। स्टेशन से सीधे वह एसपी कार्यालय पहुंचीं और पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई। शाम को उन्होंने नर्मदा के खारी घाट पर अपने पोते कान्हा के हाथों पिंकी की अस्थियों का विसर्जन कराया। पुलिस ने शुरू की जांच जबलपुर पुलिस का कहना है कि शिकायत प्राप्त होने के बाद गुजरात पुलिस से संपर्क किया जा रहा है। उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जाएगी। यदि जांच में हत्या या अन्य अपराध के साक्ष्य मिलते हैं तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
महराजगंज में 2.5 किलो ड्रग्स बरामद:SSB-NSB की संयुक्त कार्रवाई में मणिपुर की महिला गिरफ्तार
महराजगंज में भारत-नेपाल सीमा पर सोनौली बॉर्डर पर एसएसबी और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की। शनिवार रात करीब 9 बजे लगभग 2.5 किलोग्राम मेथाक्वॉलोन ड्रग्स बरामद की गई। यह ड्रग्स एक ट्रॉली बैग में गुप्त रूप से कार्बन पेपर से लपेटकर छिपाई गई थी। इस मामले में मणिपुर की एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई 22वीं वाहिनी एसएसबी के कमांडेंट शक्ति सिंह के निर्देश पर की गई। सहायक कमांडेंट प्रिया यादव के नेतृत्व में एसएसबी की 'बी' समवाय सोनौली और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, गोरखपुर की संयुक्त टीम ने इसे अंजाम दिया। टीम सीमा स्तंभ संख्या 517/2 के पास नेपाल से भारत आने वाले यात्रियों की नियमित जांच कर रही थी। जांच के दौरान, नेपाल से भारत में प्रवेश कर रही एक महिला के ट्रॉली बैग को बैग स्कैनर से चेक किया गया। स्कैनिंग में संदिग्ध वस्तु दिखने पर सुरक्षाकर्मियों ने बैग की गहन तलाशी ली। तलाशी में बैग के अंदर बने विशेष खांचे से कार्बन पेपर में लिपटे पैकेट मिले। ड्रग डिटेक्शन किट से पुष्टि हुई कि यह पदार्थ मेथाक्वॉलोन ड्रग्स था, जिसका वजन लगभग 2.5 किलोग्राम था। गिरफ्तार महिला की पहचान मणिपुर के ग्राम पचाई निवासी टी. संग मार्गहिंग (30 वर्ष) के रूप में हुई है। सुरक्षा एजेंसियों ने मादक पदार्थ जब्त कर महिला के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यह भी जांच की जा रही है कि यह खेप किस तस्कर गिरोह से संबंधित है और इसकी आपूर्ति का गंतव्य क्या था। एसएसबी अधिकारियों के अनुसार, भारत-नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार संयुक्त अभियान चलाए जा रहे हैं। सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि तस्करी के प्रयासों को समय रहते विफल किया जा सके।
सागर की जैसीनगर थाना पुलिस ने सूने मकान में सेंध लगाकर सोने-चांदी के गहने चुराने वाले एक आरोपी को शनिवार को गिरफ्तार किया है। चोर गांव का ही रहने वाला है। थाने लाकर आरोपी से पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने 2.50 लाख रुपए कीमत के गहने जब्त किए गए। पुलिस के अनुसार, फरियादिया चंद्रवती पति रविंद्र लोधी निवासी ग्राम बरकुआ ने जैसीनगर थाने में शिकायत की थी कि 11 मई की सुबह करीब 4 बजे वह घर में ताला लगाकर तेंदूपत्ता तोड़ने गई थीं। वापस लौटने पर उन्होंने देखा कि अज्ञात चोर घर के पीछे से घर में घुसा है। अलमारी खुली पड़ी थी। अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात गायब थे। आसपास तलाश किया। लेकिन कुछ नहीं मिला। शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में लिया। एफएसएल टीम ने वारदातस्थल पर आरोपी से जुड़े साक्ष्य जुटाए। साइबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए। मुखबिर तंत्र सक्रिया किया। छानबीन के दौरान संदेही का नाम सामने आया। पुलिस ने संदेह के आधार पर विपिन पिता सुखराम लोधी (26) निवासी बरकुआं महंत को हिरासत में लिया। थाने लाकर पूछताछ की गई। कोर्ट पेश कर आरोपी को जेल भेजापूछताछ में आरोपी ने चोरी की वारदात करना स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर चोरी गए सोने-चांदी के आभूषण कीमती 2.50 लाख रुपए बरामद किए गए। जैसीनगर थाना प्रभारी जेपी ठाकुर ने बताया कि चोरी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से चोरी गए सोने-चांदी के गहने जब्त किए गए। पूछताछ के बाद शनिवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया है।
भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के तहत हाथरस जिले में मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन पूरा हो गया है। इसके बाद तीनों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों—78-हाथरस (अनुसूचित जाति), 79-सादाबाद और 80-सिकंदराराऊ—के मतदेय स्थलों की सूची का आलेख्य प्रकाशन कर दिया गया है। यह सूची जिला निर्वाचन कार्यालय, हाथरस सहित संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और तहसील कार्यालयों में उपलब्ध है। जनपद में कुल मतदान केंद्रों की संख्या 836 से बढ़कर 840 हो गई है। वहीं, मतदेय स्थलों की संख्या 1390 से संशोधित होकर 1367 रह गई है। विधानसभा क्षेत्र 78-हाथरस (अजा) में मतदान केंद्रों की संख्या 237 से बढ़कर 240 हुई है, जबकि मतदेय स्थलों की संख्या 475 से घटकर 467 हो गई है। इसी तरह, विधानसभा क्षेत्र 79-सादाबाद में मतदान केंद्रों की संख्या 300 से बढ़कर 301 हुई और मतदेय स्थलों की संख्या 463 से संशोधित होकर 452 हो गई। विधानसभा क्षेत्र 80-सिकंदराराऊ में मतदान केंद्रों की संख्या 299 यथावत रही, लेकिन मतदेय स्थलों की संख्या 452 से घटकर 448 हो गई है। 11 जुलाई तक मांगी आपत्ति व सुझाव.... जिलाधिकारी अतुल वत्स ने जनपद के सभी मतदाताओं, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे प्रकाशित मतदेय स्थलों की सूची का गहन परीक्षण करें। यदि किसी प्रकार की आपत्ति या सुझाव हो, तो संबंधित उप जिलाधिकारी/निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालय अथवा जिला निर्वाचन कार्यालय, हाथरस में 11 जुलाई तक प्रस्तुत किया जा सकता है।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह ने शनिवार को कहा- राम मंदिर में पहले दिन से खेल चल रहा था। इसलिए आज तक मैं राम जन्मभूमि के दर्शन करने नहीं गया। मुझे जो बोलना था, मैं चार साल पहले बोल चुका हूं। इधर, राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय शनिवार को दिल्ली से अयोध्या लौट आए हैं। वह रामकोट स्थित तीर्थ क्षेत्र भवन में एकांतवास में रह रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि खुद को निर्दोष बताने के लिए वह पत्र लिख रहे हैं। लेटर को जांच पूरी होने के बाद सार्वजनिक कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, SIT जांच पूरी होने पर 15 जुलाई के बाद FIR दर्ज करा सकती है। मुकदमे में मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा देने वाले चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव को आरोपी बनाया जा सकता है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
राजस्थान हाईकोर्ट ने एएनएम भंवरी देवी से जुड़े पेंशन और सेवानिवृत्ति परिलाभ मामले में राज्य सरकार व चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को अंतिम अवसर देते हुए सख्त चेतावनी दी है। कोर्ट ने 12 जनवरी 2024 के आदेश का 18 जुलाई 2026 तक पूर्ण पालन करने का निर्देश दिया है। जस्टिस अशोक कुमार जैन की एकलपीठ ने अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि यदि आदेश का पालन नहीं होता है, तो संबंधित अधिकारियों को 21 जुलाई को न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। 2025 में दायर की थी याचिका याचिकाकर्ता साहिल पेमावत व अन्य ने कोर्ट को बताया कि भंवरी देवी की 2011 में हत्या के बाद उनके वारिसों को बकाया सेवा परिलाभ, पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ देने के स्पष्ट आदेश दिए गए थे। हालांकि, करीब ढाई साल बाद भी इन आदेशों का पालन नहीं किया गया है। हाईकोर्ट आदेश के बाद भी उसके बेटे और बेटियों को पेंशन नहीं दी गई है। मामले में भंवरी देवी के बेटे साहिल पेमावत व दो बेटियों ने 3 सितंबर 2025 को हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी। राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को सूचित किया गया कि पेंशन संबंधी प्रस्ताव पेंशन विभाग को भेजा जा चुका है और उसकी स्वीकृति लंबित है। इस पर कोर्ट ने अंतिम मोहलत देते हुए समय पर अनुपालन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आदेश की अवहेलना की स्थिति में चिकित्सा सचिव, सीएमएचओ जोधपुर, चिकित्सा निदेशालय और पेंशन विभाग के संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होना पड़ेगा। कोर्ट ने 2 साल पहले पेंशन देने का दिया था आदेश हाईकोर्ट की सिंगल बैंच ने 12 जनवरी 2024 को स्पष्ट आदेश दिया था कि भंवरी देवी के बेटे साहिल और दोनों बेटियों अश्विनी व सुहानी को चार महीने के अंदर-अंदर पेंशन और रिटायरमेंट समेत सरकारी सेवा से जुड़े सभी लाभ दिए जाए। चिकित्सा विभाग को यह भी छूट दी गई थी कि वह भंवरी देवी की मृत्यु संबंधी आवश्यक सूचना और सर्विस बुक के लिए अधीनस्थ कोर्ट में आवेदन कर प्राप्त कर सकेगा।
हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET)-2026 के दूसरे दिन रविवार को यमुनानगर जिले में लेवल-2 और लेवल-1 की परीक्षाएं आयोजित होंगी। जिला प्रशासन ने दोनों परीक्षाओं को नकल मुक्त कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। जिले के 25 परीक्षा केंद्रों पर कुल 9,940 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था पहले ही पूरी कर ली है। वहीं किसी भी आपात स्थिति में परीक्षार्थियों की सहायता के लिए डायल-112 की टीम भी पूरी तरह सक्रिय रहेगी। जिले में बनाए गए 25 परीक्षा केंद्र उपायुक्त प्रीति ने बताया कि रविवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक लेवल-2 की परीक्षा होगी, जिसमें 7 हजार 559 अभ्यर्थी शामिल होंगे। इसके बाद दोपहर 3 बजे से शाम 5:30 बजे तक लेवल-1 की परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें 2 हजार 381 परीक्षार्थी शामिल होंगे। दोनों परीक्षाएं जिले के 25 परीक्षा केंद्रों पर होंगी। उन्होंने बताया कि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर स्वच्छ पेयजल, शौचालय, फर्स्ट एड और पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। साथ ही रोडवेज विभाग को आवश्यकता अनुसार विभिन्न रूटों पर अतिरिक्त बसें चलाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि परीक्षार्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में दिक्कत न हो। शनिवार को शांतिपूर्ण रही लेवल-3 की परीक्षा शनिवार को आयोजित एचटेट लेवल-3 की परीक्षा जिले में शांतिपूर्ण संपन्न हुई। शाम के सत्र में आयोजित इस परीक्षा के लिए 4,935 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 4,190 ने परीक्षा दी, जबकि 745 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इस तरह परीक्षा में करीब 85 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। प्रशासन के अनुसार परीक्षा के दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना या नकल की सूचना नहीं मिली। सीसीटीवी, बायोमैट्रिक और उड़नदस्तों की रहेगी नजर डीसी ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, बायोमैट्रिक सत्यापन और वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा ड्यूटी मजिस्ट्रेट, उड़नदस्ते, सेंटर सुपरिंटेंडेंट, सुपरवाइजर और पुलिस अधिकारी लगातार निगरानी करेंगे। परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और नकल मुक्त बनाने के लिए सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। डायल-112 पहुंचाएगी परीक्षा केंद्र तक प्रशासन ने परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे समय से पहले घर से निकलें। यदि किसी अभ्यर्थी को परिवहन, मार्ग या अन्य किसी कारण से परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में परेशानी होती है तो वह तुरंत डायल-112 पर संपर्क कर सकता है। जरूरत पड़ने पर डायल-112 की टीम अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने में भी सहायता करेगी
गुना जिले के मृगवास थाना क्षेत्र के खजुरिया गांव के पास सड़क के किनारे मिले शव के मामले में अंधे कत्ल की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। आरोपी फॉरेस्ट की जमीन पर खेती करते थे। उन्हें शक था कि मृतक के पिता ने उनकी वन विभाग से मुखबिरी कर दी है। इसलिए वह खेती नहीं कर पा रहे थे। इसी कारण युवक की हत्या की गई। शराब की दुकान पर आरोपियों द्वारा किए गए ऑनलाइन पेमेंट से पुलिस उन तक पहुंच गई। बता दें कि मामला बुधवार शाम का है। मृगवास इलाके के खजूरिया गांव के पास एक अज्ञात युवक का शव पड़ा हुआ मिला था। मृतक की शिनाख्त खजुरिया निवासी आजाद सिंह उर्फ नैना गुर्जर (28) पिता रंगलाल गुर्जर के रूप में हुई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए कुंभराज अस्पताल भिजवाया। गुरुवार सुबह शव का पोस्टमार्टम करने के बाद परिवार वालों को सौंप दिया गया। परिवार वालों ने पहले ही कुछ लोगों पर हत्या का शक जताया था। मृगवास पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पीएम रिपोर्ट में भी युवक की मौत का कारण गला दबने से मौत आया। SP हितिका वासल ने मामले का जल्द खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। SP के निर्देश पर पुलिस टीम ने घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तकनीकी विश्लेषण, परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष जानकारियों का परीक्षण किया। मृतक के परिजनों, स्वतंत्र साक्षियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के बयान भी दर्ज किए गए। शराब की दुकान पर काम करता था मृतकजांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मृतक कलारी पर कार्य करता था। पुलिस द्वारा कलारी के आसपास के लोगों और अन्य संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की। पूछताछ में जानकारी मिली कि घटना वाली रात कलारी के बाहर मृतक का दो युवकों से विवाद हुआ था। उन युवकों ने कलारी से शराब खरीदी थी और भुगतान फोन-पे के माध्यम से किया था। ऑनलाइन पेमेंट से हुई पहचानपुलिस ने शराब की दुकान पर हुए ऑनलाइन पेमेंट की जानकारी निकाली। पुलिस ने डिजिटल भुगतान के आधार पर दोनों युवकों की पहचान वीरम लोधा और रामप्रसाद लोधा के रूप में कर उन्हें राउंडअप किया। पुलिस टीमों द्वारा आरोपियों से अलग अलग पूछताछ की। इसमें सामने आया कि आरोपियों ने शिकायत की रंजिशन मृतक आजाद सिंह गुर्जर की हत्या की गई। मुखबिरी के शक में किया मर्डरपूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मृतक के पिता रंगलाल गुर्जर गांव के चौकीदार हैं। उनके द्वारा उनकी रेंज भूमि पर अवैध खेती किए जाने की सूचना वन विभाग को दी गई थी। इसके कारण वे उस भूमि पर खेती नहीं कर सके और मक्के की बोवनी भी नहीं हो पाई। इसी बात को लेकर वे रंजिश रखने लगे। घटना वाले दिन कलारी पर इसी मुद्दे को लेकर मृतक आजाद सिंह से विवाद हुआ, जिसके बाद दोनों आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से तौलिये से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी गले पर दबाव डालने से सांस रुकने के कारण मृत्यु होना पाया गया, जिससे पुलिस विवेचना के दौरान एकत्रित साक्ष्यों की पुष्टि हुई। साक्ष्यों के आधार पर मृगवास थाने में हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों रामप्रसाद पिता गंगाराम लोधा उम्र 34 वर्ष एवं वीरम पिता परशराम लोधा उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम बांसाहेड़ा कला, थाना मृगवास को विधिवत गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल बाइक भी जब्त कर ली है। पुलिस द्वारा आरोपियों से घटनास्थल पर घटना का पुनर्निर्माण (रिक्रिएशन) भी कराया गया है। प्रकरण की विवेचना जारी है और पूछताछ एवं विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सिरसा के फग्गू में जजपा नेता सचिन सिंगला और उसके परिवार पर शुक्रवार की रात हुए हमले के मामले में पुलिस ने गांव के सरपंच सहित 6-7 नामजद और बाकी अन्य 15-16 के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। अभी पुलिस ने किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं दिखाई है। सचिन सिंगला और उसके परिवार को थाने में बुलाया था, जिसके बाद रोड़ी थाना पुलिस ने परिजनों के बयानों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस बारे में जजपा नेता सचिन सिंगला ने बताया कि उनके घर पर रात को जो हमलावर आए थे, उन्होंने आते ईंटें बरसानी शुरू कर दी। उनके परिवार वालों को कुछ समझ नहीं आया और अंदर छिपकर जान बचाई। छह से सात हमलावरों की ओर पहचान हो गई है। पुलिस ने नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है। इन आरोपियों के पकड़े जाने पर अन्य की भी पहचान हो जाएगी। वह भी अपने स्तर पर बाकी आरोपियों की पहचान करने में जुटे हैं। पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि गांव में प्रशासन की टीम के दौरे के बाद सरपंच हरविंद्र पाल उनके साथ रंजिश रखने लगा था। गनीमत रही कि हमले में उसके परिवार के सदस्य को किसी को चोट नहीं आई है। उस समय उसका छोटा भाई भी घर पर नहीं था। वहीं, अभी सभी आरोपी फरार चल रहे हैं। जानिए मामले में किसने क्या कहा पहले गांव के सीसीटीवी कैमरे किए बंद सचिन सिंगला ने आरोप लगाया कि उनके गांव में सरकारी सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और उनको (सचिन सिंगला को) पता चला है कि सरपंच पहले इन सीसीटीवी कैमरों को बंद करके उनके घर पर हमला करने के लिए आए थे। कैमरों से फुटेज का पता लगाने गए तो पता चला कि कैमरे बंद है। बाकी पुलिस ही इन कैमरों से फुटेज निकलवा सकती है। फुटेज में सभी की पहचान हो जाएगी। थाना प्रभारी बोले, मामले में मुकदमा दर्ज किया रोड़ी थाना प्रभारी अनिल कुमार का कहना है कि मामले में सरपंच समेत 15-16 अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। अभी किसी को गिरफ्तार नहीं किया है। मामले में जांच जारी है। आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चल जाएगा। इसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गली का लेवल सही न होने से बना विवाद सचिन के अनुसार, फग्गू में उनके घर और आसपास की गली का निर्माण डी-प्लान के तहत हुआ था। सरकार ने बजट तो दिया, परंतु सरपंच और ठेकेदार ने काम सही नहीं किया। उनके घर के पास टी-पॉइंट है और यहां से गली को 2 फुट ऊंचा उठाकर बना दी गई। जो सीवरेज लाइन बिछी है, उसमें चेंबर यानी मेन हॉल तक नहीं बनाए। इस कारण बस स्टैंड से लेकर गांव का लगभग बरसाती पानी उनके घर की ओर आता है। उनके घर में पहले कभी पानी नहीं आया। मंगलवार को हुई बारिश के बाद तलाब ओवरफ्लो हो गया और पानी गली से सीधा घर में दो फुट तक घुस गया। डेढ़ साल से परेशानी झेल रहे हैं और उनके घर का बुरा हाल हो चुका है। इससे डेढ़ लाख का नुकसान हुआ। इस पर प्रशासन से एक्सईएन और उनकी टीम ने वीरवार को गांव में गली और तलाब के कार्यों का जायजा लिया और लेवल न होने पर गली को सही से बनाने के आदेश दिए। इससे सचिन को कुछ राहत की उम्मीद हुई, परंतु सरपंच इस बात से गुस्सा गया। शुक्रवार रात को उसने अपने साथियों संग घर पर हमला कर दिया।
बांसवाड़ा के पीपलवा ग्रिड सब-स्टेशन (जीएसएस) से जुड़े क्षेत्रों में आज साढ़े 6 घंटे बिजली सप्लाई बंद रहेगी। विद्युत विभाग ने आवश्यक रखरखाव कार्य के चलते सुबह 9:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक शटडाउन घोषित किया है। इस दौरान इंडस्ट्रियल एरिया, आजाद नगर, आनंद विहार, ट्रांसपोर्ट नगर सहित आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। मेंटेनेंस के चलते रहेगा शटडाउन विद्युत विभाग के अनुसार मानसून और अन्य तकनीकी कारणों को देखते हुए बिजली लाइनों का आवश्यक रखरखाव और मेंटेनेंस किया जा रहा है। इसी वजह से पीपलवा जीएसएस से जुड़ी बिजली सप्लाई रविवार सुबह 9:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक पूरी तरह बंद रहेगी। इस दौरान उपभोक्ताओं को करीब साढ़े छह घंटे बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा। इन क्षेत्रों में रहेगी बिजली बंद शटडाउन के दौरान मुख्य रूप से इंडस्ट्रियल एरिया, आजाद नगर, आनंद विहार और ट्रांसपोर्ट नगर में बिजली सप्लाई बंद रहेगी। इसके अलावा इन क्षेत्रों से जुड़े आसपास के अन्य ग्रामीण और शहरी इलाकों में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी।
लखनऊ में कोचिंग इंस्टीट्यूट में हुए अग्निकांड के बाद भोपाल में 8 कोचिंग इंस्टीट्यूट सील कर दिए गए हैं। कोचिंग संचालकों का कहना है कि यदि उनके भवन में आग से बचाव के लिए किसी बदलाव की जरूरत है तो वे करने के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें समय चाहिए। बिल्डिंग परमिशन व भूमि विकास नियमों के अनुसार उसे कैसे किया जा सकता है, इस पर भी उन्हें संबंधित अफसर मार्गदर्शन करें। कोचिंग संचालकों के सवालों पर जब नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर भुवन गुप्ता से बात की तो उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्रवाई का उद्देश्य कोचिंग संस्थानों को लंबे समय तक बंद रखना नहीं, बल्कि उन्हें जरूरी अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित कराना है। उन्होंने कोचिंग संचालकों को फायर प्लान प्रस्तुत करने, तकनीकी मार्गदर्शन लेने और जरूरत पड़ने पर बैठक के जरिए समाधान निकालने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि कोचिंग संचालक फायर प्लान दें और समय बता दें तो हम सील किए संस्थानों के ताले खोल देंगे। बस सुरक्षा का रोडमैप चाहिएगुप्ता ने कहा कि निरीक्षण में कई संस्थानों में फायर एक्सटिंग्विशर की वैधता समाप्त हो चुकी थी और सात दिन बाद भी उन्हें रिफिल तक नहीं कराया गया। कई संचालकों के पास स्पष्ट फायर प्लान भी नहीं था। निगम का कहना है कि कोचिंग संचालकों से यह भरोसा चाहिए कि वे सुधार की दिशा में गंभीरता से काम कर रहे हैं। क्या चाहते हैं कोचिंग संचालक और क्या कह रहा है निगम सोमवार-मंगलवार को होगी बैठकनगर निगम ने संचालकों को प्रस्ताव दिया कि यदि उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि भवन में क्या बदलाव जरूरी हैं तो वे स्वीकृत भवन नक्शे के साथ नगर निगम आएं। फायर इंजीनियर उन्हें बताएंगे कि क्या करना है। इसके आधार पर संचालक कार्ययोजना तैयार कर सकते हैं। इसके लिए सोमवार या मंगलवार को संयुक्त बैठक भी रखी जा सकती है। फायर एनओसी नहीं, प्लान जरूरीगुप्ता ने कहा कि सभी संस्थान से फायर एनओसी नहीं मांग रहे हैं। जहां रोजाना बड़ी संख्या में विद्यार्थी आते हैं वहां फायर प्लान होना चाहिए। राष्ट्रीय भवन संहिता और भूमि विकास नियमों में भी इसका प्रावधान है। इमरजेंसी में हर मंजिल से बाहर निकलने के दो सुरक्षित विकल्प हों। यह भवन बड़ी खिड़की, वैकल्पिक मार्ग, साझा निकासी आदि हो सकते हैं।
लुधियाना में फर्जी तरीके से योग केंद्र चलाने, ट्रेडमार्क और कॉपीराइट उल्लंघन करने तथा लोगों को कथित रूप से गुमराह कर धन वसूलने के आरोप में लुधियाना पुलिस ने खन्ना निवासी एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायत एक प्रतिष्ठित योग एवं वेलनेस कंपनी के प्रबंधन निदेशक ने दी है। आरोप है कि कंपनी के साथ समझौता समाप्त होने के बावजूद आरोपी ने कंपनी का पंजीकृत नाम, लोगो और ब्रांड पहचान का इस्तेमाल जारी रखा। जांच में फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाने, अनधिकृत योग शिविर लगाने और ग्राहकों को कंपनी से जुड़ा होने का झांसा देने के आरोप भी सामने आए हैं। पुलिस ने दर्ज किया केसथाना सदर पुलिस ने खन्ना के गुरु रामदास नगर निवासी आशीष कुमार बठला के खिलाफ ट्रेडमार्क धोखाधड़ी, कॉपीराइट उल्लंघन और कथित ठगी के आरोपों में एफआईआर दर्ज की है। यह मामला अनंत योगालय केयर प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजमेंट डायरेक्टर डॉ. मोहित शर्मा की शिकायत पर दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 61 के साथ-साथ कॉपीराइट एक्ट की धारा 63 और 64 के तहत केस दर्ज किया है। कंट्रेक्ट समाप्त होने के बावजूद पंजीकृत लोगों, ब्रांड नाम का किया इस्तेमाल शिकायत के अनुसार, आरोपी ने कंपनी के साथ अपना कंट्रेक्ट समाप्त होने के बाद भी कंपनी के पंजीकृत लोगो, ब्रांड नाम और पहचान का कथित रूप से अवैध उपयोग जारी रखा। आरोप है कि वह पंजाब के खन्ना, लुधियाना और अन्य क्षेत्रों में अनंत योगालय के नाम से अनधिकृत योग केंद्र और योग शिविर संचालित कर रहा था। डॉ. मोहित शर्मा ने पुलिस को बताया कि आरोपी लोगों को यह विश्वास दिलाता रहा कि उसके केंद्र कंपनी से अधिकृत और संबद्ध हैं। इसी आधार पर वह ग्राहकों से धन भी एकत्रित कर रहा था, जिससे कंपनी की साख और कारोबारी हितों को नुकसान पहुंचा। जांच में सामने आया कि आशीष बठला ने 2 फरवरी 2024 को जयपुर स्थित कंपनी कार्यालय में एक औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर कर कंपनी के एजेंट के रूप में कार्य शुरू किया था। कुछ समय बाद कंपनी को उसके द्वारा अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन की जानकारी मिली। कंपनी ने आरोपी को ई-मेल के जरिए भेजा था नोटिस कंपनी ने आरोपी को कई बार ई-मेल के माध्यम से नोटिस भेजे। इसके बाद 17 सितंबर 2025 को उसका अनुबंध समाप्त कर दिया गया। बावजूद इसके, आरोपी ने कथित तौर पर कंपनी के नाम और लोगो का इस्तेमाल बंद नहीं किया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि अनुबंध समाप्त होने के बाद आरोपी ने कंपनी के नाम पर योग शिविर आयोजित किए और लुधियाना के पक्खोवाल रोड स्थित फुल्लांवाल चौक के निकट कंपनी के योग केंद्र पर जाकर ग्राहकों को कम दरों पर उपचार का लालच देकर अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश की। सोशल मीडिया पर बनाया फर्जी अकाउंट पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने कंपनी के नाम और लोगो का इस्तेमाल करते हुए कई फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट और पेज बनाए। आरोप है कि उसने आधिकारिक लोगो में बदलाव कर अपना नाम जोड़ लिया और “आशीष अनंत योगालय” नाम से ऑनलाइन पेज संचालित किए। जांच अधिकारियों के अनुसार इन डिजिटल प्लेटफॉर्मों के जरिए लोगों को यह आभास दिया जा रहा था कि आरोपी अब भी कंपनी की आधिकारिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ है। इस मामले की जांच अतिरिक्त एडीसीपी जोन-2 करणवीर सिंह द्वारा की गई। जांच के दौरान कंपनी के रिकॉर्ड, अनुबंध, डिजिटल साक्ष्य और गवाहों के बयान खंगाले गए। गवाह किरणप्रीत कौर और सुभाष वर्मा के बयानों ने भी शिकायतकर्ता के आरोपों की पुष्टि की। पुलिस ने यह भी बताया कि कई बार समन भेजे जाने के बावजूद आरोपी जांच में शामिल नहीं हुआ और उसने अपना पक्ष प्रस्तुत नहीं किया।
मध्यप्रदेश में खेल प्रतिभाओं की तलाश के लिए शुरू किया गया 'टैलेंट सर्च 2026-27' अभियान अब रफ्तार पकड़ने लगा है। शनिवार को भोपाल और झाबुआ में आयोजित चयन ट्रायल्स में सैकड़ों युवा खिलाड़ियों ने अपने खेल कौशल का प्रदर्शन किया। बॉक्सिंग, बैडमिंटन और तीरंदाजी के ट्रायल्स में खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बना। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने तकनीकी क्षमता, फिटनेस और प्रदर्शन के आधार पर प्रतिभाओं का मूल्यांकन किया। चयनित खिलाड़ियों को राज्य खेल अकादमियों में आधुनिक सुविधाओं के साथ उच्चस्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। बॉक्सिंग ट्रायल्स में सबसे ज्यादा रही भागीदारी राजधानी के टी.टी. नगर स्टेडियम स्थित मध्यप्रदेश राज्य बॉक्सिंग अकादमी में आयोजित ट्रायल्स में 148 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इनमें 84 बालक और 64 बालिकाएं शामिल रहीं। खिलाड़ियों की तकनीक, फिटनेस और मुकाबला कौशल का बारीकी से परीक्षण किया गया। चयन प्रक्रिया मुख्य प्रशिक्षक रोशन लाल के नेतृत्व में संपन्न हुई, जबकि सहायक प्रशिक्षक नेहा कश्यप, सोनम नायक और भरत पंसोरिया ने प्रदर्शन का मूल्यांकन किया। पीवी सिंधु के पूर्व कोच ने परखी बैडमिंटन प्रतिभाएं टी.टी. नगर स्टेडियम में आयोजित बैडमिंटन ट्रायल्स में 70 खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। चयन प्रक्रिया का नेतृत्व ग्वालियर बैडमिंटन अकादमी के मुख्य प्रशिक्षक अगुस द्वी सन्तोसा ने किया, जो भारतीय स्टार शटलर पी.वी. सिंधु के पूर्व कोच रह चुके हैं। उनके साथ इंडोनेशिया के डबल्स विशेषज्ञ सोफियान और सहायक प्रशिक्षक विनीत सरोदे ने खिलाड़ियों की तकनीकी दक्षता का परीक्षण किया। झाबुआ में तीरंदाजी ने दिखाई ग्रामीण प्रतिभाओं की ताकत झाबुआ में आयोजित तीरंदाजी ट्रायल्स में 22 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। खिलाड़ियों ने लक्ष्यभेदन, एकाग्रता और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया। विभाग के अनुसार दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों से खिलाड़ियों की भागीदारी यह संकेत देती है कि प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में भी खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। पारदर्शी चयन प्रक्रिया पर विभाग का जोर खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों के अनुसार चयन पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है। खिलाड़ियों का मूल्यांकन केवल प्रदर्शन के आधार पर किया जा रहा है। इसमें शारीरिक क्षमता, तकनीकी दक्षता, फिटनेस और संबंधित खेल की आवश्यकताओं को प्रमुख मानदंड बनाया गया है, ताकि सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को खेल अकादमियों में प्रशिक्षित किया जा सके। अब इन खेलों के होंगे ट्रायल्स टैलेंट सर्च अभियान के अगले चरण में एथलेटिक्स, ट्रायथलॉन, क्याकिंग एवं केनोइंग, पुरुष हॉकी, महिला हॉकी, तीरंदाजी और ताइक्वांडो सहित कई खेलों के चयन ट्रायल्स प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित किए जाएंगे। विभाग ने पात्र खिलाड़ियों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है, ताकि मध्यप्रदेश से नई खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जा सके।
पानीपत जिले की जेल में एक साल से बंद 50 वर्षीय बंदी की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। मृतक की पहचान धारीवाल चौक, गुड़मंडी निवासी रोहतास के रूप में हुई है, जो पेशे से हलवाई था। रोहतास पर उसकी बहू ने ही गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके बाद से वह जेल में बंद था। हैरान कर देने वाली बात यह है कि जब से रोहतास पर यह मुकदमा दर्ज हुआ है, तब से लेकर अब तक उनके हंसते-खेलते परिवार में यह तीसरी मौत है। इससे पहले उनके बेटे और पत्नी की भी मौत हो चुकी है। रात को अचानक बिगड़ी तबीयत जेल प्रशासन के अनुसार, शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात को जेल में बंद कैदी रोहतास को अचानक छाती में तेज दर्द और घबराहट की शिकायत हुई। जेल के डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए तुरंत उसे पानीपत के सिविल अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में रोहतास ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया और मौत का प्राथमिक कारण हार्ट अटैक आना बताया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस भिजवा दिया है। बहू ने दर्ज कराया था संगीन धाराओं में मुकदमा रोहतास के तीन बच्चे हैं और वह गुड़ मंडी इलाके में हलवाई का काम कर अपने परिवार का गुजारा करता था। करीब एक साल पहले रोहतास की करनाल निवासी पुत्रवधु (बहू) ने अपने ससुर पर गंभीर प्रताड़ना और रेप करने के आरोप लगाए थे। बहू की लिखित शिकायत पर पानीपत पुलिस ने रोहतास के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 364A, 51(2) व अन्य संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था। मामला दर्ज होने के तुरंत बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, और वह तब से लगातार सलाखों के पीछे ही था। मुकदमे के बाद उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार, एक-एक कर तीन मौत रोहतास की मौत के बाद गुड़ मंडी क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है, वहीं स्थानीय लोग इस बात को लेकर भी हैरान हैं कि इस एक मुकदमे ने पूरे परिवार को खत्म कर दिया। परिजनों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, जब से रोहतास पर बहू ने यह मुकदमा दर्ज कराया था, तब से पूरा परिवार गहरे मानसिक तनाव और सामाजिक बदनामी के दौर से गुजर रहा था। इस प्रताड़ना और अवसाद के चलते कुछ समय पहले रोहतास के बेटे की मौत हो गई थी। बेटे की मौत के गम और लोक-लाज के सदमे को रोहतास की पत्नी भी बर्दाश्त नहीं कर पाई और कुछ समय बाद उसकी पत्नी ने भी दम तोड़ दिया। अब जेल के भीतर बंद मुख्य आरोपी ससुर रोहतास की भी हार्ट अटैक से मौत हो गई। एक साल के भीतर परिवार के तीन सदस्यों की मौत से पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
रविवार भस्म आरती दर्शन:भगवान महाकाल को त्रिशूल, त्रिपुण्ड और डमरू के साथ भांग अर्पित कर श्रृंगार
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में रविवार तड़के भस्म आरती के दौरान प्रातः 4 बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में विराजमान सभी देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। भगवान महाकाल का त्रिशूल, त्रिपुंड और डमरू से श्रृंगार कर उन्हें भांग अर्पित की गई। इसके पश्चात हरिओम का जल अर्पित कर कपूर आरती की गई। आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर पवित्र भस्म अर्पित की गई। भस्म अर्पित करने के उपरांत भगवान महाकाल को रजत निर्मित शेषनाग मुकुट, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष की माला तथा सुगंधित पुष्पमालाएं अर्पित की गईं। मोगरा और गुलाब के सुगंधित पुष्पों से सुसज्जित भगवान महाकाल का दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। इसके बाद भगवान को फल एवं मिष्ठान का भोग लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। धार्मिक मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।
इंदौर के अलग-अलग वार्डों से सामने आ रही जनसमस्याओं के समाधान में दैनिक भास्कर एप का 'भास्कर समाधान' सेगमेंट लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इस मंच के जरिए नागरिक अपनी समस्याएं सीधे जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा रहे हैं। शिकायत पोस्ट होते ही संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि संज्ञान लेकर कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे लोगों को तेजी से राहत मिल रही है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्याएं और शहर की जमीनी हकीकत पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें…) वार्ड 51 के पार्षद मलखान कटारिया बने आज के 'पब्लिक स्टार' वार्ड 51 के मुसाखेड़ी निवासी लक्ष्मीनारायण सिंहनाथ ने 'भास्कर समाधान' पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी दुकान के सामने पिछले 15 दिनों से कचरा पड़ा हुआ था। सफाईकर्मी रोज वहां से गुजरते थे, लेकिन कचरा नहीं उठाया जा रहा था। शिकायत पोस्ट होते ही आज के 'पब्लिक स्टार' पार्षद मलखान कटारिया ने तत्काल संज्ञान लिया और मौके पर सफाई कराकर कचरा हटवाया। समस्या के समाधान के बाद क्षेत्रवासियों को गंदगी से राहत मिली। एप से लोगों को मिल रहा समाधान उषा गंज: बंद बोरिंग लाइन हुई चालू, पानी की समस्या से मिली राहत वार्ड 55 के उषा गंज निवासी शारिक ने 'भास्कर समाधान' पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि बोरिंग की लाइन डिस्कनेक्ट होने के कारण पानी की आपूर्ति बंद थी। शिकायत पोस्ट होते ही संबंधित पार्षद पंखुरी दोसी ने संज्ञान लिया और लाइन दुरुस्त कराकर पानी की समस्या का समाधान कराया। इसकी पुष्टि विभाग की ओर से भी की गई। बिजली, सड़क और जलभराव की समस्याओं से जूझ रहे इंदौरवासी उषा नगर: महीनों से बंद स्ट्रीट लाइट, अंधेरे से बढ़ रहीं परेशानियां वार्ड 71 के उषा नगर निवासी मुकेश कंसल ने 'भास्कर समाधान' पर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि मार्च महीने से क्षेत्र की स्ट्रीट लाइट बंद है। कई बार शिकायत के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। रात में अंधेरा रहने से असामाजिक गतिविधियां बढ़ रही हैं और चोरी की घटनाओं का भी डर बना हुआ है। शिकायतकर्ता ने जल्द स्ट्रीट लाइट दुरुस्त कराने की मांग की है। विजय नगर: एक महीने से बंद बिजली मीटर, नहीं हो रही सुनवाई वार्ड 32 के विजय नगर निवासी किशोर सावंत ने 'भास्कर समाधान' पर शिकायत पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि उनके घर का बिजली मीटर पिछले एक महीने से बंद है। एमपीईबी कार्यालय और 1912 पर शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अब तक मीटर नहीं बदला गया। शिकायतकर्ता ने जल्द नया मीटर लगाने की मांग की है। स्कीम नंबर 54: पेवर ब्लॉक नहीं लगने से दीवार गिरने का खतरा वार्ड 29 के स्कीम नंबर 54 निवासी समीर जोशी ने 'भास्कर समाधान' पर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण के बाद किनारे पेवर ब्लॉक नहीं लगाए गए, जिससे बारिश का पानी लगातार जमा हो रहा है। पानी के दबाव से परिसर की पिछली दीवार झुक गई है और उसके गिरने का खतरा बना हुआ है। शिकायतकर्ता ने जल्द आवश्यक कार्य कराने की मांग की है। खजराना: 15 दिन से खुदी सड़क, बारिश में हादसे का खतरा वार्ड 40 के खजराना निवासी मोहम्मद सलमान ने 'भास्कर समाधान' पर शिकायत पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि सड़क पिछले 15 दिनों से खुदी हुई है। बारिश के कारण गड्ढों में पानी भर गया है और बच्चे व राहगीर गिरकर चोटिल हो रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक सड़क की मरम्मत नहीं की गई। शिकायतकर्ता ने जल्द सड़क दुरुस्त कराने की मांग की है। पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर एप का 'भास्कर समाधान' देश का पहला ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी अपने क्षेत्र की सिविक समस्याएं सीधे पोस्ट कर सकते हैं। यह मंच आमजन और प्रशासन के बीच प्रभावी संवाद का माध्यम बन चुका है। शिकायतों पर कार्रवाई होने के बाद यूजर्स को एप के माध्यम से समाधान की जानकारी भी मिलती है। अधिकारी भी साझा कर सकेंगे कार्रवाई की जानकारी इस प्लेटफॉर्म पर संबंधित अधिकारी भी अपनी कार्रवाई अपडेट कर सकते हैं। शिकायत सीधे संबंधित विभाग तक पहुंचती है। अधिकारी मैप पर शिकायत की लोकेशन देखकर कार्रवाई कर सकते हैं और समाधान होने पर उसकी जानकारी शिकायतकर्ता तक पहुंचा सकते हैं। जरूरत पड़ने पर वे सीधे शिकायतकर्ता से भी संपर्क कर सकते हैं। 'भास्कर समाधान' बदलाव की दिशा में सकारात्मक पहल 'भास्कर समाधान' का उद्देश्य शहर के हर कोने से लोगों की समस्याओं को रियल टाइम में प्रशासन तक पहुंचाना है, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद स्थापित हो सके। यह मंच लोगों को अपनी बात सीधे जिम्मेदारों तक पहुंचाने और समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रहा है।

