आईबीए सीआईएसओ समिट-26 में राजस्थान ग्रामीण बैंक सम्मानित
मुंबई में आयोजित 5वें आईबीए सीआईएसओ समिट-2026 में राजस्थान ग्रामीण बैंक को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए दो प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया। बैंक ने ‘आइडेंटिटी एंड एक्सेस मैनेजमेंट ऑफ द ईयर’ श्रेणी में विजेता तथा ‘साइबर रेजिलिएंस ऑफ द ईयर’ श्रेणी में उपविजेता का पुरस्कार प्राप्त किया। बैंक की ओर से महाप्रबंधक धीरेंद्र जीनगर और सहा. महाप्रबंधक मनीष शर्मा ने आईबीए के मुख्य कार्यकारी अतुल कुमार गोयल, एनपीसीआई के मुख्य मार्केट सूचना सुरक्षा अधिकारी एवं डेटा संरक्षण अधिकारी प्रवीण कुमार तथा आईआईटी मुंबई के प्रो. जी. शिवकुमार से पुरस्कार ग्रहण किए। इस दौरान बैंक के मुख्य प्रबंधक प्रवीण व्यास और वरिष्ठ प्रबंधक आकाश भाटी मौजूद रहे।
विवेक चौधरी राजस्थान सचिवालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष निर्वाचित
राजस्थान सचिवालय कर्मचारी संघ के वार्षिक चुनाव में विवेक चौधरी वर्ष 2026-27 के लिए अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। चुनाव में कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक मतदान किया। कुल 1,482 मतदाताओं में से 1,399 कर्मचारियों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतगणना में विवेक चौधरी को सर्वाधिक 872 मत प्राप्त हुए, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी हर्षित शर्मा को 379 मत मिले। इसके साथ ही विवेक चौधरी ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। निर्वाचन अधिकारी के.आर. मीणा ने चुनाव परिणाम की औपचारिक घोषणा की।
राज्य सरकारों की जनकल्याणकारी योजनाओं और पोर्टल्स पर हैकर्स के बड़े साइबर हमले हो रहे हैं। हैकर्स आम लोगों और लाभार्थियों का डेटा डार्क-वेब पर बेच रहे हैं। इसका खुलासा तब हुआ जब भास्कर टीम ने 5 आईटी एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर 100 घंटे तक इन्वेस्टिगेशन की। इस पड़ताल में सामने आया कि भारत के नागरिकों का डेटा डार्क-वेब के जरिए रूस के साइबर बाजारों में खुलेआम बिक रहा है। सरकारी पोर्टल्स के लॉगिन आईडी और पासवर्ड की कीमत महज 10 डॉलर (लगभग 930 रुपए) रखी गई है। डार्क-वेब पर ‘बिग ब्रदर’ नाम के एक पेज पर देश के 17 महत्वपूर्ण सरकारी विभागों का डेटा बिक्री के लिए उपलब्ध है। इनमें छत्तीसगढ़, केरल, बिहार, महाराष्ट्र वन विभाग, कोल इंडिया और राष्ट्रीय आयुष मिशन जैसे संवेदनशील विभाग शामिल हैं। पड़ताल में यह भी सामने आया कि देश में जितने म्यूल अकाउंट और फर्जी पहचान के मामले आ रहे हैं, उनके लिए डेटा यहीं से खरीदा जा रहा है। जब टीम भास्कर ने डार्क-वेब और इससे जुड़े टेलीग्राम के ‘स्लम फ्री’ चैनल पर पड़ताल शुरू की, तो हैकर्स ने टीम के सिस्टम पर भी वायरस फाइलों के जरिए जवाबी हमला कर दिया। हैकर्स का मकसद सिस्टम में घुसकर फेसबुक प्रोफाइल और तस्वीरों सहित सभी निजी जानकारियां चुराना था। भास्कर एक्सपर्ट अभिषेक त्रिपाठी, साइबर एक्सपर्ट लापरवाही पर 1 करोड़ तक जुर्माना अपराधी डार्क-वेब से नागरिकों के सरकारी दस्तावेज और निजी डेटा खरीदकर फर्जी आईडी बनाते हैं। इसका उपयोग ‘म्यूल अकाउंट’ खोलने व वित्तीय धोखाधड़ी में किया जाता है। यदि हैकर्स के हाथ ‘सुपर यूजर’ या एडमिन अकाउंट लग जाता है, तो वे सीधे लाभार्थियों को मिलने वाली सरकारी सहायता को किसी अन्य फर्जी खाते में ट्रांसफर कर सकते हैं। नवंबर 2027 से देश में डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट लागू होगा। तब सरकारी विभाग से लोगों का डेटा लीक होने पर संबंधित विभाग पर 1 करोड़ रुपए तक जुर्माना लग सकेगा। साइबर हमलों की स्थिति… जांच में सामने आया कि हैकर्स ने मुख्य रूप से ‘वाइडर’, ‘रंधामाइट्स’और ‘लूमा सी-2’ जैसे खतरनाक वायरस का इस्तेमाल करके डेटा चुराया है 1. राजस्थान (पोर्टल: sso.rajasthan.gov.in और janadhar.rajasthan.gov.in) 2. मध्य प्रदेश (राजस्व विभाग पोर्टल: saara.mp.gov.in) वाइडर वायरस से प्रभावित मिला 3. बिहार (पोर्टल: sspmis.bihar.gov.in और 7-निश्चय पोर्टल), ये एक्रीड वायरस प्रभावित
हरियाणा के BJP नेता नरेंद्र लुबाना के भाई रतन लुबाना पर फायरिंग केस में अब हैंडलर शकील अंसारी से पूरा खुलासा करवाया जाएगा। शकील अंसारी का पंचकूला पुलिस ने प्रोडक्शन मांगी है, जिस पर आज फैसला होगा।पंजाब के हार्डकोर क्रिमिनल और रोहित गोदारा गैंग के हैंडलर शकील अंसारी ने मर्डर के लिए तुर्की और आस्ट्रिया मेड वो हथियार भेजे थे, जिनका प्रयोग सिंगर सिद्धू मूसेवाला मर्डर में हुआ था। BJP नेता नरेंद्र लुबाना के भाई रतन लुबाना को मारने आए पंजाब के दोनों शूटरों के लिए हथियार मोहाली के जीरकपुर में रखवाए गए थे। जिसकी लोकेशन और फोटो दोनों शूटर को भेजी गई थी। उस लोकेशन से दोनों शूटर ने हथियार उठाए थे और वारदात को अंजाम दिया था। पंजाब के लुधियाना निवासी हार्डकोर बदमाश शकील अंसारी श्रीगंगानगर में किसी बड़ी फायरिंग की वारदात को अंजाम देने की फिराक में पहुंचा था। बाइक पर गए शकील अंसारी को राजस्थान पुलिस ने रोकने का प्रयास किया, तो उसने फायरिंग कर दी। दोनों ओर से कई राउंड गोलियां चली। इसी दौरान पुलिस की गोली शकील अंसारी के पैर में लगी, जिससे वह घायल होकर गिर गया। सबसे पहले जानिए, कैसे हुई लुबाना पर फायरिंग… सेक्टर-5 की मार्केट में आधी रात को हमला: बुधवार रात 12 बजे के करीब रतन लुबाना सेक्टर-5 के स्विस सड़क किनारे खड़ी अपनी कार की तरफ जाते हुए दिखाई देते हैं। इस दौरान वह वहां मौजूद एक व्यक्ति से कुछ देर बातचीत करते नजर आते हैं। बातचीत के बाद जैसे ही वो लांज के पास गुजर रहे थे, तभी उनके सामने अचानक बाइक पर सवार दो युवक आए। अचानक दो युवक पिस्तौल लेकर पीछे भागे: इसके बाद कि अचानक दो युवक पिस्तौल लेकर रतन लुबाना के पीछे भागने लगते हैं। जिनसे बचने के लिए रतन लुबाना भागते हुए एक बार गिर भी जाते हैं। लेकिन उसके बाद उठकर फिर दौड़ लगाते हैं। घटना के दौरान आसपास काफी लोग मौजूद थे, जो वीडियो में दिख रहा है। लेकिन किसी ने भी दोनों शूटरों को पकड़ने की हिम्मत नहीं दिखाई। तेजी से न भागते तो जान बचना मुश्किल था: सीसीटीवी फुटेज से साफ दिख रहा है कि बदमाश उन्हें जान से मारने के इरादे से ही आए थे। वो लगातार सेमी-ऑटोमेटिक पिस्टल से गोलियां चला रहे हैं। निशाना न चूके, इसलिए दोनों हाथों से पिस्टल को थाम रखा है। यदि लुबाना हिम्मत करके तेजी से दौड़ न लगाते तो उनका बचना मुश्किल था। रतन लुबाना को गोली मारकर जो शूटर वापस लौट रहे थे, तो उन्हें देखकर वहां मौजूद लोग वहां से भाग जाते हैं। फायरिंग के बाद ही लुबाना को मोबाइल पर कॉल रतन लुबाना पर फायरिंग होने के कुछ देर बाद ही उनके मोबाइल पर कॉल आई। कॉल लुबाना के परिवार ने रिसीव की। कॉलर ने खुद को गैंगस्टर रोहित गोदारा बताया। पूछा-कितनी गोलियां लगी हैं इसको। परिवार के लोगों ने कहा कि हमें तो इसकी अभी जानकारी नहीं है। कॉलर बोला-यह दूसरों को 3 करोड़ रुपए दे रहा है। इसको गोली तो लगनी थी, आज नहीं तो कल मरेगा। पहले भी रंगदारी की कॉल आई थी रतन लुबाना सेक्टर-5 में ही एक क्लब में पार्टनर हैं। इसके अलावा उनके और बिजनेस भी हैं। परिवार के सूत्रों का कहना है कि लुबाना के पास पहले भी रंगदारी मांगने के लिए कॉल आई थी। हालांकि यह कॉल किसकी थी, कितने पैसे मांगे गए थे और तब पुलिस ने क्या कार्रवाई की गई, इसकी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। परिवार भी अभी सहमा हुआ है और कुछ भी कहने से बच रहा है। एनकाउंटर के बाद के PHOTOS… जानिए कैसे हुआ एनकाउंटर और शूटर कौन… मट्टावाला फ्लाईओवर के पास नाकाबंदीः बताया जा रहा है कि फायरिंग की घटना के समय डिटेक्टिव स्टाफ का एक जवान मौके पर मौजूद था। जिसने शूटरों का पीछा करना शुरू किया और घटना की वीटी करवाई। सूचना पाकर डिटेक्टिव टीम, क्राइम ब्रांच-26 और ANC टीम हरकत में आई और मट्टावाला फ्लाईओवर के पास नाकाबंदी कर दी। नाकाबंदी देख शूटरों ने की फायरिंग: शूटरों ने पीछा कर रहे पुलिस जवान की गाड़ी पर बेला बिस्टा चौक व नाडा साहिब एरिया में भी फायरिंग की। हालांकि किसी को गोली नहीं लगी। जिसके बाद बदमाश फायरिंग करते हुए भागने लगे तो पुलिस ने जवाबी फायर किया। दोनों बदमाशों के घुटनों पर लगी गोलियां : पंचकूला पुलिस की टीमों जब शूटरों पर जवाबी फायरिंग की तो दोनों के पैरो में घुटनों पर 2-2 गोलियां लगी है, जिन्हें पंचकूला के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से ब्लीडिंग ज्यादा होने के चलते उन्हें चंडीगढ़ PGI रेफर कर दिया गया। गोल्डी-गोदारा गैंग के शूटर : एनकाउंटर में पकड़े शूटरों की पहचान पंजाब के लुधियाना निवासी जसविंद्र व होशियारपुर निवासी हरप्रीत के तौर पर हुई है। दोनों ही बदमाश गोल्डी बराड़ व रोहित गोदारा गैंग के शूटर हैं। जसविंद्र लुधियाना पर हत्या के प्रयास में 2 मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। दोनों बदमाशों ने की 18 राउंड फायरिंग : पंजाब से आए दोनों शूटरों ने पुलिस व पार्षद के देवर रतन लुबाना पर करीब 18 राउंड फायरिंग की है। आरोपियों के पास से 2 सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल मिली है। जिसमें 10 कारतूस लोड होने वाली मैग्जीन लगी हुई थी।
यूसीसी पर अब आमजन से मांगे सुझाव:क्यूआर स्केन करके घर बैठे दे सकते हैं महत्वपूर्ण सुझाव
राज्य सरकार ने प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कानून को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने इस प्रस्तावित कानून पर आम जनता, विशेषज्ञों और प्रबुद्ध नागरिकों से उनके सुझाव और विचार आमंत्रित किए हैं। इसके लिए आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल और क्यूआर कोड जारी किया गया है। ऐसे कर सकते हैं सुझाव साझा आमजन अपने विचार और सुझाव बेहद आसान तरीके से सरकार तक पहुंचा सकते हैं। आमजन यूसीसी की आधिकारिक वेबसाइट ucc.rajasthan.gov.in पर जाकर अपने सुझाव दर्ज कर सकते हैं। वहीं, क्यूआर कोड स्कैन करके भी आधिकारिक वेबसाइट पर पहुंचा जा सकता है। इसके बाद आमजन वहां दिए गए दिशा-निर्देशों और प्रक्रिया के अनुसार अपने विचार और फीडबैक सबमिट कर सकेंगे। बता दें, दो दिन पहले कलेक्ट्रेट में यूसीसी प्रारूप समिति सदस्य और अतिरिक्त महाधिवक्ता बसंत सिंह छाबड़ा की अध्यक्षता में जनसुनवाई हुई थी। इसमें आमजन से यूसीसी पर सुझाव मांगे गए थे] लेकिन यहां लोगों की संख्या बेहद कम रही थी।
जयपुर में उपराष्ट्रपति एसपी राधाकृष्णन ने कहा- विकसित राजस्थान के बिना विकसित भारत नहीं बन सकता है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने लक्ष्य दिया है। यह लक्ष्य पाने के लिए सशक्त संस्थाएं जरूरी हैं। संस्थाएं तब विकसित होती हैं, जब नेतृत्व मजबूत चरित्र वाला हो। विधायक विधानसभा की गरिमा बनाए रखने के लिए काम करें। उन्होंने कहा- राजनीति में काम करने वाले सेवा करना जारी रखें। तो सही समय पर पुरस्कार अपने आप मिल जाएगा। उपराष्ट्रपति जयपुर में बुधवार को राजस्थान विधानसभा में विधायी गौरव यात्रा के समापन समारोह में बोल रहे थे। वहीं कार्यक्रम में लोकसभाध्यक्ष ओम बिरला ने कहा- सदन में चाहे कितना तनाव हो, स्पीकर के चेहरे पर नहीं आना चाहिए। मैं जब स्पीकर बना तो लोकसभा में बार-बार सीट से उठकर ‘आसन पैरों पर है…’ कहना पड़ता था। तब एक सांसद ने सलाह दी कि स्पीकर का बार-बार सीट पर खड़े होना ठीक नहीं है, इससे गरिमा नहीं रहती। हर व्यक्ति कुछ न कुछ सिखा जाता है। अब संसद में चाहे कितना ही हंगामा हो, मैं खड़ा नहीं होता। विधायक सदन की चर्चाओं में भाग लें, बड़ा बदलाव ला सकते हैं उपराष्ट्रपति एसपी राधाकृष्णन ने कहा- चुनाव के समय जनता के मतों से जीतते हैं, लेकिन दिलों को तभी जीत सकते हैं, जब लोगों की भलाई के लिए काम करें। चुनाव जीतना अहम है, लेकिन उसे भी महत्वपूर्ण यह है कि आप जनता की सेवा कर रहे हैं या नहीं। मतभेद हो सकते हैं, लेकिन राजस्थान के विकास की भावना एक सूत्र में बांधे रखती है। लोकतंत्र राजनीतिक मतभेदों से बड़ा होता है। उपराष्ट्रपति ने पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत, राजेश पायलट, पूर्व सीएम अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे को याद करते हुए उनके साथ संसद में किए काम का जिक्र किया। उपराष्ट्रपति ने कहा- वाजपेयी सरकार के समय संसद की टैक्सटाइल समिति में खूब काम किया। उस समय दिए गए सुझावों को सरकार ने माना। इसमें टैक्सटाइल सेक्टर को पूरी तरह मॉडर्न करने का सुझाव दिया था। एक विधायक के रूप में जो काम मिला है, उसे जी-जान से करने में जुट जाएं। आप किसी पक्ष के हों। आप प्रश्नकाल, शून्यकाल और सदन की चर्चाओं में योगदान देते हैं तो बड़ा बदलाव आ सकता है। उपराष्ट्रपति ने कहा- विधायक राष्ट्र और संविधान को सर्वोपरि रखें। इतिहास महाराणा प्रताप को नहीं भूल सकता, चेतक को नहीं भुला सकता। आप निष्ठा से काम करेंगे तो नेता बनेंगे और समाज को दिशा देंगे। गीता में सीख है कि निष्ठा से कर्म करते रहिए। आप फल की चिंता नहीं करें। कठोर परिश्रम करने वाले को ईश्वर पुरस्कृत करता है। अगर कठोर परिश्रम करने वाले को पुरस्कृत नहीं करते तो वो ईश्वर नहीं हो सकते। बिरला बोले- सदन में चाहे कितना तनाव हो, स्पीकर के चेहरे पर नहीं आना चाहिए लोकसभाध्यक्ष ओम बिरला ने स्पीकर वासुदेव देवनानी पर चुटकी लेते हुए कहा- मैंने विधानसभा अध्यक्षजी को भी कहा कि सदन में अध्यक्ष सबका होता है। सदन में कितना ही तनाव हो, अध्यक्ष के आसन पर बैठे व्यक्ति के चेहरे पर नहीं दिखना चाहिए। इस पर वहां मौजूद विधायकों, पूर्व विधायकों ने जमकर ठहाके लगाए। बिरला ने कहा- कई बार सदन में उत्तेजना होती है। मुझे कुछ सदस्य सलाह देते हैं कि आपके चेहरे पर तनाव था, जो नहीं होना चाहिए था। इस तरह सीखते रहना चाहिए। मैं जब पहली बार संसदीय सचिव बना था, तब जनसुनवाई कर रहा था, लोग ज्यादा आ गए। मेरे एक कार्यकर्ता ने कहा- आज आपके चेहरे पर तनाव है। मैंने उस कार्यकर्ता की बात से सीख ली और आगे से ध्यान रखा कि चाहे कितनी भीड़ हो चेहरे पर तनाव नहीं दिखना चाहिए। हंगामा करने से कोई नेता नहीं बनता बिरला ने कहा- पहली बार जीतकर संसद गया तो लगा पांच साल का समय कैसे निकालेंगे। राजस्थान विधानसभा से ही संस्कार मिले हैं। इस विधायी पाठशाला से सीखा हुआ अनुभव काम आया। हंगामा करने से कोई नेता नहीं बनता। संसद-विधानसभा की डिबेट देखते हैं, उसमें क्या बोला है इतिहास में उसकी चर्चा होती है। संसद और विधानसभाओं में मुद्दे उठाने से ही नेता बनते हैं। हम ऐसा सिस्टम बना रहे हैं कि सभी विधानसभाओं के अंदर एक नाम डालने पर उसकी आज तक की डिबेट आ जाएगी। मैं न वकील रहा न एक्सपर्ट, सीखते-सीखते स्पीकर के तौर पर 7 साल निकाले ओम बिरला ने कहा- मैं न वकील रहा, न अनुभवी विशेषज्ञ रहा, लेकिन सीखता गया। आज सीखते-सीखते लोकसभा स्पीकर के तौर पर 7 साल निकल गए। आज कई वरिष्ठ विधायक हैं, जो लगातार विधनसभा में बैठते हैं, चर्चाओं में हिस्सा लेते हैं। संसद और विधानसभााओं में आजकल आए, भाषण दिया और चले गए, यह चल रहा है। जो जितना अध्ययन करेगा, उतना ही अच्छा भाषण देगा। आज भी लोग भैरोंसिंह शेखावत को याद करते हैं। उपराष्ट्रपति के तौर पर उन्हें दिल्ली में कई नेता याद करते हैं। देश-प्रदेश का नेता बनने का प्लेटफार्म हैं संसद और विधानसभा बिरला ने कहा- मंत्रियों से आग्रह रहता है कि हमेशा जो सवाल पूछा जाए, उतना ही उसका सटीक जवाब दें। देश और राज्य का नेता बनने का एक ही प्लेटफार्म है संसद और विधानसभा। नेता बनने की पाठशाला संसद और विधानसभा है। सीएम बोले- हमें विधानसभा की बैठकों की संख्या बढ़ानी चाहिए सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा- सदन की बैठकों की संख्या बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। हमें सदन की बैठकों की संख्या को बढ़ाना चाहिए। विधायक सदन में कितना समय लगा रहे हैं, वे अपना दायित्व कितना निभा रहे हैं। हम मतभेदों को भुलाकर जनहित में काम करेंगे, तभी लोगों को भला होगा और प्रदेश तरक्की करेगा। सीएम ने कहा- विधायकों को राजस्थान की दशा दिशा तय करने भूमिका तय करनी चाहिए। सदन में वरिष्ठ नेताओं विधायकों ने कई सुझाव दिए हैं। समय-समय पर सदन में दिए गए ऐसे सुझावों को एक जगह एकत्र कर प्रकाशित करना चाहिए। 100 साल के पूर्व विधायक पंडित रामकिशन सहित 26 मौजूदा-पूर्व विधायक सम्मानित समारोह में 100 साल के पूर्व विधायक पंडित रामकिशन शर्मा सहित 26 मौजूदा और पूर्व विधायकों को सम्मानित किया गया। पंजाब के राजयपाल गुलाबचंद कटारिया, स्पीकर वासुदेव देवनानी, पूर्व स्पीकर सीपी जोशी, दीपेंद्र सिंह शेखावत को भी सम्मानित कया गया। राव राजेंद्र सिंह, किरोड़ी लाल मीणा, घनश्याम तिवाड़ी, प्रद्युम्न सिंह, देवी सिंह भाटी, राजेंद्र राठौड़, मदन दिलावर, हेमाराम चौधरी, डॉ. बीडी कल्ला, महादेव सिंह खंडेला, परसराम मोरदिया, कालीचरण सराफ, परसादी लाल मीणा, दयाराम परमार, प्रताप सिंह सिंघवी, राजेंद्र पारीक, श्रवण कुमार, पुष्पेंद्र सिंह, फतेह सिंह, नारायण सिंह को सम्मानित किया गया।
सिरसा जिले के गांव सकता खेड़ा ढाणी से 12 जुलाई की रात से लापता एक युवक का शव राजस्थान कनाल के लखूवाली हेड के पास मिला है। सूचना मिलने पर चौटाला पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। बुधवार को उपमंडल अस्पताल डबवाली में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान 42 वर्षीय बलजीत सिंह उर्फ अमानी के रूप में हुई है, जो गांव सकता खेड़ा ढाणी निवासी त्रिलोक सिंह के पुत्र थे। मृतक के चाचा गुरदित्ता सिंह ने पुलिस को बताया कि बलजीत सिंह 12 जुलाई की रात करीब 9 बजे अपनी काले रंग की होंडा बाइक पर घर से निकला था। मृतक बलजीत अविवाहित था। देर रात तक उनके वापस न लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों, दोस्तों और संभावित स्थानों पर खोजबीन के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला। जिसके बाद चौटाला पुलिस चौकी में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस बलजीत की तलाश में जुटी रही और राजकनाल में गोताखोर बुलाकर सर्च अभियान शुरू किया। राजकनाल हेड पर शव की मिली सूचना इसके बाद पुलिस को राजस्थान कनाल के लखूवाली हेड के पास एक शव मिलने की सूचना मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और उसकी पहचान बलजीत सिंह उर्फ अमानी के तौर पर की। इस खबर के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। चौकी प्रभारी बोले- शव परिजनों को सौंपा चौटाला पुलिस चौकी के जांच अधिकारी (आईओ) प्रदीप कुमार ने बताया कि मृतक के चाचा गुरदित्ता सिंह के बयानों के आधार पर इत्तेफाकिया मौत (इनक्वेस्ट) की कार्रवाई की गई है। उन्होंने पुष्टि की कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
घरेलू सर्राफा बाजार (Bullion Market) में चांदी की खरीदारी करने वालों या कीमती धातुओं में निवेश की योजना बनाने वालों के लिए बुधवार 15 जुलाई 2026 का दिन बड़ी राहत लेकर आया है। वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय बाजारों में चांदी के दाम में ₹1,062 प्रति किलोग्राम की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस मंदड़िया रुख के बाद राष्ट्रीय बाजार में चांदी का भाव फिसलकर ₹2,22,498 प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया है, जबकि बीते कारोबारी सत्र में चांदी ₹5,508 की भारी बढ़त के साथ ₹2,23,560 पर बंद हुई थी।दिल्ली-एनसीआर के सर्राफा बाजार में चांदी का ताजा भावदेश की राजधानी दिल्ली के प्रमुख बुलियन मार्केट में आज 1 किलोग्राम चांदी का आधिकारिक रेट ₹2,22,498 दर्ज किया गया है। दिल्ली में आई इस ₹1,062 की कमी के बाद स्थानीय रिटेल ज्वैलरी मार्केट में अब 10 ग्राम चांदी का फुटकर रेट ₹2,224 और 100 ग्राम चांदी का भाव ₹22,249 के स्तर पर आ गया है। इसके विपरीत, मुंबई के सर्राफा बाजार में आज प्रति किलो चांदी का भाव ₹2,22,350 के स्तर पर ट्रेंड कर रहा है।उत्तर प्रदेश और बिहार में चांदी के दामों में बड़ा उलटफेरभौगोलिक आधार पर स्थानीय करों के कारण उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और राज्य के अन्य हिस्सों में चांदी की कीमत ₹2,24,300 प्रति किलोग्राम दर्ज की गई है, जहां आज ₹1,048 की नरमी देखी गई। वहीं, बिहार की राजधानी पटना में चांदी के शौकीनों को सबसे बड़ा फायदा मिला है, क्योंकि यहाँ सिल्वर का भाव ₹1,506 प्रति किलो की भारी कटौती के साथ ₹2,22,054 पर बंद हुआ।राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के प्रमुख शहरों के रेट कार्डपश्चिमी भारत के सबसे बड़े आभूषण केंद्रों में से एक, राजस्थान के जयपुर शहर में चांदी का भाव ₹1,451 प्रति किलोग्राम कम होकर ₹2,22,109 के स्तर पर आ गया है। इसके अलावा पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा के सर्राफा बाजारों में आज चांदी की कीमतों में समान रूप से स्थिरता देखी गई, जहां दोनों राज्यों में 1 किलोग्राम चांदी का भाव ₹2,22,376 पर खुला।वैश्विक तनाव और अमेरिकी फेड की नीतियों के कारण क्यों टूटी चांदी?कमोडिटी बाजार के विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की कीमतों में आई इस हालिया गिरावट का सीधा संबंध अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव से है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को लेकर सख्त चेतावनी और पश्चिम एशिया में जारी नौसैनिक नाकाबंदी के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार तीसरे दिन बढ़ी हैं। वैश्विक स्तर पर यदि कच्चे तेल के दाम लंबे समय तक ऊंचे बने रहते हैं, तो दुनिया भर में महंगाई (Inflation) बढ़ने का खतरा रहेगा। ऐसे में अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) अपनी ब्याज दरों को लंबे समय तक उच्च स्तर पर रख सकता है, जिसके कारण निवेशक कीमती धातुओं से पैसा निकालकर बांड मार्केट में लगा रहे हैं और इसी वजह से चांदी की कीमतों में यह उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
राजस्थान के बारां जिले में दर्ज साइबर ठगी के मामले की जांच के सिलसिले में मंगलवार को राजस्थान पुलिस की टीम मैहर पहुंची। स्थानीय पुलिस की मदद से डेल्हा गांव में कार्रवाई करते हुए दो युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। कई घंटे की पूछताछ के बाद दोनों को आगे की जांच के लिए राजस्थान ले जाया गया। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में दिनभर चर्चा का माहौल रहा। 18 लाख से अधिक के संदिग्ध लेनदेन मिले जानकारी के अनुसार, बारां जिले में दर्ज साइबर धोखाधड़ी के मामले की जांच के दौरान पुलिस को मैहर जिले के डेल्हा गांव निवासी श्रीकांत लखेरा और राजन के नाम सामने आए। प्रारंभिक जांच में दोनों के बैंक खातों में 18 लाख रुपए से अधिक के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन मिलने की बात सामने आई है। मंगलवार सुबह राजस्थान पुलिस की दो सदस्यीय टीम ने मैहर कोतवाली पहुंचकर आमद दर्ज कराई। इसके बाद स्थानीय पुलिस के सहयोग से डेल्हा गांव में दबिश देकर दोनों युवकों को पूछताछ के लिए कोतवाली लाया गया। मोबाइल और बैंक दस्तावेज किए जब्त कोतवाली में दोनों से कई घंटे तक पूछताछ की गई। इस दौरान राजस्थान पुलिस ने उनके मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और अन्य जरूरी दस्तावेज जब्त किए। देर शाम दोनों युवकों को आगे की पूछताछ के लिए राजस्थान ले जाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्रीकांत लखेरा गांव में ऑनलाइन सेंटर संचालित करता है, जबकि राजन पेशे से ड्राइवर है। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि संदिग्ध लेनदेन में दोनों की क्या भूमिका रही। जांच पूरी होने के बाद होगी स्थिति स्पष्ट पुलिस का कहना है कि अभी जांच प्रारंभिक चरण में है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों के खिलाफ क्या आरोप बनते हैं। जांच पूरी होने और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि इससे पहले भी मैहर जिले के रामनगर, अमरपाटन और अन्य क्षेत्रों के कुछ लोगों के नाम दूसरे राज्यों में दर्ज साइबर अपराधों की जांच में सामने आ चुके हैं। राजस्थान पुलिस इस मामले में भी साइबर नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
कोटा की निशानेबाज नांदिका सिंह ने एक बार फिर शानदार प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए राजस्थान का नाम रोशन किया। जयपुर में आयोजित 24वीं राजस्थान स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में नांदिका ने सीनियर कैटेगरी ट्रैप शूटिंग स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर स्टेट शूटिंग चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। इस प्रतियोगिता में प्रदेशभर के कई प्रतिभाशाली शूटरों ने हिस्सा लिया, लेकिन नांदिका ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। नांदिका के कोच और पिता अशोक पाल सिंह ने बताया- सीनियर कैटेगरी में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को स्टेट चैंपियन का अवॉर्ड दिया जाता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में नांदिका का यह तीसरा गोल्ड मेडल है। इससे पहले वह राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित खेलो इंडिया प्रतियोगिता और ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी शूटिंग चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। अब तक 22 पदक जीते नांदिका अब तक पिस्टल शूटिंग और ट्रैप शूटिंग में 22 से अधिक पदक जीत चुकी हैं। लगातार शानदार प्रदर्शन के चलते इसी वर्ष चीन में आयोजित होने वाली वर्ल्ड यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता के लिए भी उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है। जयपुर में आयोजित सम्मान समारोह में पंजाब के पूर्व राज्यपाल वी. पी. सिंह बदनोर ने नांदिका सिंह को गोल्ड मेडल पहनाकर सम्मानित किया।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा कि राजस्थान में सरकार अफसरों के भरोसे चल रही है और यहां भाजपा के अपने पैर पीट रहे लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। वे आज शाम को उदयपुर के जिंक स्मेल्टर, देबारी में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान में जनप्रतिनिधियों की बजाय अधिकारियों के बल पर सरकार चल रही है सत्ताधारी दल के जो मंत्री, सांसद और विधायक भी अपने पैर पीट रहे है उनकी कोई सुन नहीं रहा है न कोई जवाबदेही उनकी तय हो रही है, ये बहुत संकट का समय है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है, पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों अभ्यर्थियों की मेहनत पर पानी फेर दिया और सरकार रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही है। पायलट ने कहा कि छात्रों को निष्पक्ष परीक्षा और पारदर्शी परिणाम चाहिए, लेकिन पेपर और रिजल्ट दोनों में लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली और जयपुर की सरकारें अपने-अपने स्तर पर असफल साबित हुई हैं। राज्य सरकार ने आधा कार्यकाल बीतने के बावजूद जनता से किए गए वादे पूरे नहीं हुए। उन्होंने कानून व्यवस्था, शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा। पायलट ने कहा कि प्रदेश में गर्भवती महिलाओं की मौतों ने स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्कूलों की छतें गिरने से बच्चों की मौत हो रही है, हाईकोर्ट को सरकार को फटकार लगानी पड़ रही है, लेकिन जवाबदेही तय नहीं की जा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क हादसों, अपराध और दुष्कर्म की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने पंचायत, निकाय और छात्रसंघ चुनाव समय पर नहीं कराने को लेकर भी सरकार को घेरा। पायलट ने कहा कि संविधान के अनुसार हर पांच साल में चुनाव कराना अनिवार्य है, लेकिन सरकार जानबूझकर चुनाव टाल रही है क्योंकि उसे जनता के गुस्से का डर है। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पायलट ने कहा कि 12 साल के शासन के बाद सत्ता में अहंकार आ गया है। उन्होंने अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में चंदे से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि करोड़ों रुपये के कथित गबन के मामले में असली जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने प्रधानमंत्री के ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा वाले नारे पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामले में केवल लीपापोती की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब संसद जब चलती है तब कोई जवाब नहीं देता है, विपक्ष की आवाज को दबाने का काम होता है। ये गैर संवैधानिक और गैर कानूनी रूप से परिसीमन का बिल पारित करना चाहते है जबकि एक प्रणाली होती है, जनणगना होती है परिसीमन आयोग बनता है उसके बाद उसकी सिफारिश के बाद संसद में कार्रवाई होती है। ईंधन नीति पर बोलते हुए पायलट ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के एथेनॉल संबंधी निर्णयों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता पर थोपा जा रहे हैं, जबकि लोगों को अपनी पसंद का विकल्प मिलना चाहिए। पायलट ने दावा किया कि आज किसान खुश नहीं है, युवा परेशान है और जनता बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह है और पार्टी का लक्ष्य भाजपा सरकार की नीतियों को जनता के सामने उजागर कर आगामी विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत से सरकार बनाना है। मेरे दौरें में हर जगह कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया। इस दौरान उनके साथ उदयपुर देहात के अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा, शहर अध्यक्ष फतहसिंह राठौड़, मावली विधायक पुष्करलाल डांगी, पूर्व मंत्री डा. मांगीलाल गरासिया, कांग्रेस नेता पंकज शर्मा आदि ने पायलट का स्वागत किया।
पंजाब के पटियाला में ट्रैफिक पुलिस की गुंडागर्दी और रिश्वतखोरी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां तैनात ट्रैफिक इंचार्ज जगविंदर सिंह पर एक ट्रक चालक से 500 रुपये की रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यही नहीं, एक दूसरे वीडियो में ट्रैफिक इंचार्ज कथित तौर पर हाथ जोड़कर माफी मांगते दिख रहे हैं, जबकि अन्य पुलिसकर्मी मामले को रफा-दफा करने के लिए समझौते की मिन्नतें कर रहे हैं। यह आरोप राजस्थान के बीकानेर निवासी ट्रक चालक शाम लाल ने लगाया है, जो एक यूट्यूबर भी हैं। शाम लाल ने बताया कि वह अपने ट्राले (बड़े ट्रक) के साथ सरहिंद बाईपास से गुजर रहे थे। इसी दौरान वहां तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने उनके वाहन को चेकिंग के बहाने रोक लिया। पैसे न देने पर दूसरे ड्राइवर का काटा ₹2500 का चालान शाम लाल का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने जबरन चालान काटने की धमकी दी और बचने के एवज में 500 रुपये ऐंठ लिए। इसी नाके पर हरियाणा के चीका निवासी एक अन्य ट्रक चालक संदीप सिंह से भी पुलिसकर्मियों ने 'एंट्री फीस' मांगी। जब संदीप ने पैसे देने से साफ मना कर दिया, तो पुलिस ने गुस्सा निकालते हुए उसका 2500 रुपये का भारी-भरकम चालान काट दिया। दोबारा फोटो खींचने पहुंचे इंचार्ज, तो ड्राइवर ने ऑन कर दिया कैमरा 500 रुपये देने के बाद शाम लाल ने अपने ट्रक को कुछ दूरी पर रोका और वो संदीप के ट्रक की तस्वीरें लेने लगे। आरोप है कि तभी ट्रैफिक इंचार्ज जगविंदर सिंह मोटरसाइकिल पर वहां आ धमके और बदले की भावना से शाम लाल के ट्राले की तस्वीरें खींचने लगे ताकि दोबारा चालान किया जा सके। इस पर शाम लाल ने तुरंत मोबाइल निकालकर वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया, पहले हमसे 500 रुपये रिश्वत ली गई और अब दोबारा चालान करने के लिए गाड़ी की फोटो खींची जा रही है। खुद को कैमरे में कैद होता देख ट्रैफिक इंचार्ज तुरंत अपनी मोटरसाइकिल उठाकर वहां से खिसक गए। थाने पहुंची शिकायत, पुलिस विभाग ने साधी चुप्पी पीड़ित ट्रक चालक शाम लाल ने इस पूरी ज्यादती के खिलाफ थाना अर्बन एस्टेट में लिखित शिकायत दर्ज करा दी है। इस बीच, सोशल मीडिया पर वायरल हुए दूसरे वीडियो में ट्रैफिक इंचार्ज अपनी गलती पर माफी मांगते और बाकी पुलिसकर्मी शिकायत न करने के लिए समझौते का दबाव बनाते दिख रहे हैं। हालांकि, इस पूरे मामले और वायरल वीडियो को लेकर अभी तक पुलिस विभाग के आला अधिकारियों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
कोटा पुलिस की गिरफ्त में आया एमपी का युवक 5 महीने में 1.50 लाख के नकली नोट बाजार में चला चुका। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि खरीददारी के बहाने आरोपी युवक ने राजस्थान बॉर्डर के गांव में ये जाली नोट चलाए हैं। रविवार शाम को बपावर थाना क्षेत्र में आरोपी जाली नोट से खरीददारी कर रहा था। लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी के पास से 59300 (200 के 50-50 के 4 बंडल, 200 के 85 नोट व 100 के 23 नोट) के नकली नोट बरामद किए थे। ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि आरोपी आनंद कुशवाह (40) एमपी के गुना का रहने वाला है। मजदूरी करता है। 5-6 महीने पहले सोशल मीडिया के जरिए आनंद की दोस्ती गुना निवासी रवि से हुई। इसके बाद आनंद ने रवि से नकली नोट लिए। आरोपी ने 20 हजार में 50 हजार के नकली नोट खरीदे। फिर उन नकली नोटों को खपाने एमपी से सटे राजस्थान के गांव में आता था। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अब तक तीन बार (20-20 हजार देकर) रवि से नकली नोट की खेप ले चुका है। बपावर से पहले आरोपी बारां जिले छबड़ा, छिपाबडोद इलाके में नकली नोट चला चुका था। 200 का नोट देकर 50 का व 100 का नोट देकर 20 का सामान खरीदता आरोपी शातिर तरीके से नकली नोटों को बाजार में चलाता था। वो 200 रुपए का नकली नोट देकर 50 रूपए तक का सामान खरीदता। वहीं, 100 का नकली नोट देकर 20 रूपए तक के आइटम खरीदता था। बाकी असली नोट ले लेता था। नकली नोट देखने में हूबहू असली जैसे दिखते हैं। पुलिस ने जब इनकी जांच की तो 200 की गड्डी पर एक ही सीरीज के नोट मिले। 100 के नोट एक ही नंबर की सीरीज के थे। उन पर वाटर मार्क नहीं था। इनका कागज असली नोटों से हल्का था। ----------------------- ये खबर भी पढ़े- कोटा में नकली नोट खर्च करता एमपी का युवक पकड़ा:दुकानदार को 200 रुपए देकर सामान खरीदा, शक होने पर भागने लगा; 59 हजार रुपए मिले
राजस्थान में लगातार बढ़ रहे अपराधों को लेकर मुख्यमंत्री ने अब कड़ा रुख अपनाते हुए अपराधियों को सीधे तौर पर 'चेतावनी' जारी कर दी है। एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान सीएम ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राजस्थान की धरती पर किसी भी प्रकार का आपराधिक कृत्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम के इन सख्त तेवरों से अपराधियों में हड़कंप मच गया है। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि अपराधियों के मन में कानून का डर इस कदर होना चाहिए कि उनका नाम सुनते ही रूह कांप जाए। इस बार सरकार ने केवल अपराधियों पर ही नहीं, बल्कि काम में ढिलाई बरतने वाले अफसरों की भी जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करने का फैसला लिया है।'जवाबदेही' तय: ढील बरतने वाले अफसरों पर गिरेगा गाजसीएम ने निर्देश देते हुए कहा कि केवल थानों तक ही जिम्मेदारी सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जिला स्तर के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी अपने क्षेत्र में होने वाली घटनाओं के लिए सीधे तौर पर जवाबदेह ठहराया जाएगा। यदि किसी क्षेत्र में अपराध का ग्राफ बढ़ता है या पुलिस की कार्रवाई में देरी पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों को अपनी कुर्सी से हाथ धोना पड़ सकता है। सरकार अब हर 15 दिन में पुलिस थानों और जिलों के परफॉर्मेंस का रिव्यू करेगी, ताकि जमीनी स्तर पर अपराधियों में पुलिस का इकबाल बुलंद हो सके।अपराधों पर नकेल: सरकार का नया एक्शन प्लानराजस्थान सरकार ने राज्य में शांति और सुरक्षा बहाल करने के लिए एक त्रि-स्तरीय सुरक्षा ढांचा तैयार किया है। इसमें पहली प्राथमिकता हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी और उनकी गतिविधियों पर नजर रखना है। दूसरी ओर, संगठित अपराध और गैंगस्टर्स को जड़ से खत्म करने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को और अधिक अधिकार दिए गए हैं। सीएम ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि वे आधुनिक तकनीक का उपयोग करें और एआई-बेस्ड मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए अपराध संभावित हॉटस्पॉट्स पर 24 घंटे नजर रखें। जनता को सुरक्षा का एहसास दिलाने के लिए पुलिस की गश्त को भी शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक सुदृढ़ किया जा रहा है।जियोग्राफिकल और लोकल प्रभाव: राजस्थान में शांति की उम्मीदस्थानीय स्तर पर देखें तो जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर जैसे शहरों में अपराध की बढ़ती घटनाओं से आम नागरिक लंबे समय से चिंतित थे। सीएम का यह कड़ा संदेश जनता के बीच एक नई उम्मीद लेकर आया है। प्रशासनिक हलकों में भी इस निर्देश के बाद खलबली है और थाना स्तर पर पुलिस अधिकारियों ने पुराने केसों को तेजी से निपटाना शुरू कर दिया है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि राजस्थान का नाम विकास और पर्यटन के लिए जाना जाता है, न कि अपराध के लिए। आने वाले दिनों में फील्ड विजिट और सरप्राइज इंस्पेक्शन के जरिए सीएम खुद इस पूरे अभियान की मॉनिटरिंग करेंगे, जिससे अपराध नियंत्रण में तेजी आने की पूरी उम्मीद है।एआई सर्च और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर क्यों ट्रेंड कर रहा है 'राजस्थान मॉडल'?आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) और डिजिटल डेटा के विश्लेषण के मुताबिक, 'Rajasthan Crime Control Strategy' इस समय गूगल और बिंग जैसे एआई सर्च इंजनों पर प्रदेश की सबसे ज्यादा चर्चित खबरों में शुमार है। एआई सर्च इंजन इस एक्शन को 'स्टेट-लेवल एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म' के रूप में हाईलाइट कर रहे हैं। गूगल पर लोग लगातार 'राजस्थान में पुलिस की नई नीति' और 'सीएम का अपराधियों पर कड़ा प्रहार' जैसे कीवर्ड्स खोज रहे हैं। जैसे-जैसे सरकार इस एक्शन प्लान को जमीन पर उतारेगी, यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी एक नजीर साबित हो सकता है, जिससे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी इस खबर की चर्चा और तेज होना तय है।
राजस्थान में माढण के पास मंगलवार अलसुबह एक कार दुर्घनाग्रस्त हो गई। गैलेक्सी जिम के पास बेकाबू होकर कार नाला कूदकर गढ़डों में चली गई। जिससे हुए जोरदार धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तो पता चला कि कार एक महिला ड्राइवर कर रही थी। कार दुर्घनाग्रस्त होने के बाद महिला ने वहां मौजूद लोगों से साथ गाली-गलौज की। किसी प्रकार लोगों ने उसे संभाला। जिसके बाद महिला गाड़ी को मौके पर छोड़कर चली गई। कार में सवार महिला रेवाड़ी में बड़े राजनीतिक चेहरे की नजदीकी बताई जा रही है। बेकाबू होकर नाले में कूदी कार जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह महिला स्कार्पियो गाड़ी लेकर बहरोड से रेवाड़ी की तरफ आ रही थी। इसी दौरान मांढण के पास अचानक कार पर अपना नियंत्रण खो दिया। सुबह करीब 4:30 बजे अनियंत्रित कार सड़क के साथ बने नाले से कूदकर गड्ढों में चली गई। हादसा गैलेक्सी जिम के पास हुआ। अचानक हुए जोरदार धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो पता चला कि कार को एक महिला ड्राइव कर रही थी। बताया जाता है कि महिला ने कार से बाहर निकलते ही लोगों के साथ गाली गलौच शुरू कर दी। महिला ने फोन कर अपने परिचितों को बुलाया और गाड़ी को मौके पर छोड़कर वहां से चली गई। हादसे में गाड़ी बूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। रेवाड़ी के एक नेता की नजदीकी जानकारी के अनुसार कार में सवार महिला राजस्थान की रहने वाली है। जिसकी रेवाड़ी के एक बड़े राजनीतिक चेहरे के साथ नजदीकी है। जिसका मामला पिछले दिनों सुर्खियों में रह चुका है। मंगलवार को कार एक्सीडेंट के बाद एक बार फिर पुराना विवाद चर्चाओं में आ गया।
राजस्थानी प्रेम कहानी के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि किस तरह राजा सावंत सिंह, बणी-ठणी के कायल हुए। दोनों का कृष्ण भक्त होना उन्हें एक अनकही डोर से जोड़ने लगा था। पार्ट-2 में पढ़िए आगे की कहानी… राजा सावंत सिंह के जीवन को भक्ति और कविता पूर्णता प्रदान करते थे, लेकिन उस दिन बणी-ठणी को सुनने के बाद उनकी साधना में अध्यात्म का एक नया और गहरा आयाम जुड़ गया था। धीरे- धीरे राजा और बणी- ठणी का रिश्ता जैसे राधा और कृष्ण के आध्यात्मिक प्रेम का रूपक बन गया था। दोनों कृष्ण और राधा की तरह एक-दूसरे के पूरक थे। दोनों एक-दूसरे को कविताएं लिखते और अपनी भक्ति को शब्दों में पिरोते और संवाद करते थे। अब नागरीदास (सावंत सिंह) और रसिक बिहारी (बणी- ठणी) अक्सर कृष्ण भक्ति की रचनाओं की इस जुगलबंदी का आनंद लेते, दोनों के बीच लिखी रचनाओं को लेकर गहरा संवाद होता जो राधा और कृष्ण के दिव्य प्रेम को दर्शाता - सावंत सिंह: ‘राधा-माधव के मिलन की आस... मन भावन, पावन यह एहसास...' बणी- ठणी, क्या तुम मेरी कविता में 'राधा' का अक्स देखती हो? बणी- ठणी: महाराज,आपकी कविता दिव्य प्रेम की गूंज है। मैं तो बस उस धुन को समझती हूं। कविता और भक्ति के इस रस ने किशनगढ़ के वातावरण को सराबोर कर दिया था। इधर राजा का प्रिय दरबारी चित्रकार निहाल चंद इस आध्यात्मिक और निश्छल जुड़ाव का साक्षी बन रहा था। एक ऐसा भाव जिसकी गहराई को शब्दों में बांध पाना मुश्किल था। निहाल चंद ने अपनी कूंची से भाव और भक्ति के इस पूरे वातावरण को खास चित्र श्रृंखला में उतार दिया। इन चित्रों में राधा-कृष्ण प्रेम था, भक्ति थी और एक अनूठा सौंदर्य। इसी श्रृंखला को बनाते हुए निहाल चंद ने राधा की वो अद्भुत पेंटिंग बनाई जो समय बीतने के साथ बणी- ठणी के नाम से प्रचलित हुई। किशनगढ़ शैली के वरिष्ठ चित्रकार शंकर सिंह राठौड़ बताते हैं कि विद्वानों के अनुसार सावंत सिंह उन्हें राधा स्वरूप मानते थे और खुद को कृष्ण स्वरूप समझ कर पोएट्री करते थे। राधा की इसी पेंटिंग की तुलना लेखक एरिक डिकिन्सन ने लिओनार्डो दा विंची की ‘मोनालिसा’ से की और उसे भारत की मोनालिसा कहा। इतना ही नहीं 1973 में भारत सरकार ने ‘राधा’ का डाक टिकट निकाल कर इस पेंटिंग को सम्मानित भी किया। किशनगढ़ आर्टिस्ट पवन कुमावत बताते हैं - कला समीक्षक, कार्ल खंडेलवाला और एरिक डिकिंसन यहां आए और उन्होंने राधा के चित्र को देखा। इससे पहले उन्होंने मोनालिसा का चित्र भी देखा था, तो उन्होंने पाया कि दोनों ही चित्र अपने आप में श्रेष्ठता स्थापित करते हैं। दोनों की मुस्कान विशेष स्थान रखती है, जिसके चलते उन्होंने कहा कि राधा का ये चित्र भारत की मोनालिसा है। (कहानी को रोचक बनाने के लिए क्रिएटिव लिबर्टी का इस्तेमाल किया गया है। फोटो व पेंटिंग आभार : किशनगढ़ पूर्व राजपरिवार, चित्रकार,शहज़ाद अली शेरानी ) इनपुट सहयोग- रोहित पारीक राधा कृष्ण की चित्र श्रंखला बनाते हुए निहाल चंद को ‘बणी- ठणी’ पेंटिंग बनाने की प्रेरणा कैसे मिली? ऐसा क्या था इस पेंटिंग में जिसके कारण इसे दुनियाभर के कला जगत में ख़ास पहचान मिली। जानेंगे कल के एपिसोड में… ----- यह भी पढ़िए… प्रेम कहानी जिसे शब्दों ने लिखा, रंगों ने जिंदा रखा:'बणी-ठणी' क्या सिर्फ एक कल्पना है या वाकई कोई महिला थी? एपिसोड 1 बणी- ठणी कौन थी? ऐसा क्या था उस तस्वीर में जो राजस्थान की धरोहर बनी, जिसने किशनगढ़ शैली को दुनिया भर के कला जगत में पहचान दिलाई। जानते हैं राजा सावंत सिंह और बणी- ठणी की कहानी, जिनके प्रेम और भक्ति को कलाकार निहाल चंद ने अमर कर दिया… पूरी पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
जब भी माल चाहिए, यहीं आ जाना। मैं मोबाइल नहीं रखता और न ही मोबाइल पर कोई डील करता हूं। ये ऑफर भोपाल की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी के सिक्योरिटी गार्ड ने भास्कर रिपोर्टर को दिया। यहां माल से मतलब 'स्मैक की पुड़िया' है। इस यूनिवर्सिटी के ज्यादातर गार्ड्स ड्रग्स सप्लायर यानी ड्रग्स पैडलर हैं। उन्हें स्मैक लोकल डीलर पहुंचाता है। भास्कर की एक महीने की पड़ताल में खुलासा हुआ कि राजस्थान के सीमावर्ती जिलों से स्मैक एमपी के कॉलेज और यूनिवर्सिटी कैंपस तक पहुंच रही है। बड़े ड्रग डीलर छोटे पैडलर के जरिए पूरा नेटवर्क ऑपरेट कर रहे हैं। भास्कर रिपोर्टर ने यूनिवर्सिटी कैंपस से राजस्थान सीमा तक नेटवर्क के चेहरों को खुफिया कैमरे में कैद किया। खास बात ये है कि मप्र सरकार 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान शुरू करने जा रही है, जिसमें नशे के खिलाफ कार्रवाई से लेकर स्कूल कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, लेकिन इस पूरे ऑपरेशन के दौरान भास्कर की टीम को कहीं भी पुलिस की सक्रियता नहीं दिखी। भास्कर इन्वेस्टिगेशन के पहले पार्ट में पढ़िए, यूनिवर्सिटी कैंपस में किस तरह ड्रग्स की सप्लाई हो रही है। पड़ताल में सामने आईं तीन अहम बातें चार स्टेप में समझिए कैसे हुआ नेटवर्क का खुलासा स्टेप 1: कैंपस के आसपास रेकी और छात्रों से पूछताछ दैनिक भास्कर को सूचना मिली थी कि भोपाल के 11 मील बायपास स्थित एक निजी यूनिवर्सिटी कैंपस में ड्रग्स की सप्लाई हो रही थी। नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए टीम ने पड़ताल शुरू की। शुरुआती जांच में कैंपस के आसपास रेकी और छात्रों से पूछताछ में पता चला कि गेट के पास ढाबों और दुकानों से ड्रग्स का संचालन होता है। पड़ताल आगे बढ़ने पर सामने आया कि बाहरी लोगों के बजाय यूनिवर्सिटी के सुरक्षा गार्ड ही नेटवर्क में मुख्य रूप से शामिल हैं। ग्राहक बनकर पहुंचे भास्कर रिपोर्टर ने सुरक्षा प्रभारी गोविंद के बारे में पूछताछ की। वहां तैनात एक गार्ड ने सीधे पूछा- ‘दम चाहिए क्या? चाहिए हो तो बताओ…’ इससे साफ हो गया कि गार्ड पूरे रैकेट में शामिल हैं। टीम ने अगले दिन गोविंद से सीधे संपर्क करने का फैसला किया। स्टेप 2: सिक्योरिटी सुपरवाइजर से स्मैक की डील अगले दिन दोपहर भास्कर की टीम यूनिवर्सिटी के गेट नंबर 2 पर पहुंची, जहां गोविंद तैनात था। गार्ड्स ने उसका नाम सुनते ही टीम को ऑफिस के अंदर बुला लिया। तभी गोविंद वहां पहुंच गया। गोविंद ने पूछा- ‘तुम मेरा नाम लेकर कैसे आए? किसने बताया मेरे बारे में?’ रिपोर्टर ने कहा कि आकाश ने। गोविंद ने तुरंत उस नाम के शख्स को कॉल किया। स्थिति संभालते हुए रिपोर्टर ने बताया कि उन्हें 'आकाश राजपूत' ने भेजा है। इससे गोविंद आश्वस्त हो गया। उसने पूछा-'पहले कहां से माल लेते थे?' रिपोर्टर ने बताया कि वह गुजरात से नया आया है और रेगुलर सप्लाई के लिए ठिकाना ढूंढ रहा है। गोविंद ने प्रति टोकन 300 रुपए मांगे। एक टोकन मांगने पर उसने कम से कम दो टोकन लेने की शर्त रखी और कहा कि एक टोकन की डिलीवरी संभव नहीं है। दो टोकन की डील तय होने पर उसने गार्ड जितेंद्र को नए के साथ अपना पुराना बकाया टोकन भी लाने को कहा। स्टेप 3: मेन डीलर तक पहुंचने के लिए गार्ड का पीछा जितेंद्र के बाइक से निकलते ही मुख्य गेट पर तैनात भास्कर के दूसरे रिपोर्टर ने सुरक्षित दूरी बनाकर उसका पीछा शुरू किया। जितेंद्र कटारा हिल्स थाने के पास से कच्ची सड़क होते हुए गौरीशंकर परिसर पहुंचा। वहां गार्ड से बात करने के बाद वह EWS बिल्डिंग की ओर बढ़ा। रिपोर्टर ने देखा कि जितेंद्र वहां खड़े तीन युवकों से मिला। उन्हें बाइक पर बैठाकर गेट के बाहर छोड़ने के बाद वह अकेले लौट आया। रिपोर्टर के लौटने पर गोविंद से मोबाइल नंबर मांगा गया, लेकिन उसने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि वह मोबाइल नहीं रखता और जरूरत पड़ने पर सीधे गेट पर संपर्क करें। इसी बीच एक अन्य युवक के आने पर गोविंद ने रिपोर्टर को जाने का इशारा किया। रिपोर्टर अगले दिन दोबारा आने की बात कहकर लौट आया। स्टेप 4: मेन डीलर से कॉन्टैक्ट कर ड्रग्स की डील भास्कर टीम की अगली पड़ताल गौरीशंकर परिसर से पूरे नेटवर्क के मुख्य सप्लायर की पहचान पर केंद्रित थी। जांच में रितिक नामदेव का नाम सामने आया। उसने गौरीशंकर परिसर में 4-5 लड़कों का गिरोह बना रखा है, जो राजस्थान सीमा से सटे राजगढ़ जिले के गांवों से थोक में स्मैक लाकर भोपाल के इस क्षेत्र में सप्लाई करता है। हॉस्टल और यूनिवर्सिटी के छात्र इनके मुख्य निशाने पर हैं। गिरोह कार (MP 04 ZN 7917) और स्पोर्ट्स बाइक (MP 04 YF 6541) से ड्रग्स की होम डिलीवरी करता है। रितिक तक पहुंचने के लिए भास्कर टीम ने एक ऐसे युवक की मदद ली, जो पहले उससे ड्रग्स खरीदता था। युवक ने ऋतिक को फोन कर ड्रग्स की मांग की। इस पर उसने उसे तुरंत बीडीए (BDA) परिसर आने को कहा। 'एक ग्राम स्मैक की कीमत 4500' रिपोर्टर के गौरीशंकर परिसर पहुंचने पर रितिक ने उन्हें सड़क पर खड़ी ऑल्टो कार के पास बुलाया। कार में वह अपने तीन साथियों के साथ मौजूद था। नेटवर्क की जानकारी के लिए रिपोर्टर ने बड़ी मात्रा में सप्लाई और प्रति ग्राम कीमत पूछी। रितिक ने राजस्थान से लाई गई स्मैक की कीमत 4500 रुपए प्रति ग्राम बताई। इस बातचीत से साफ हो गया कि वह इलाके का मुख्य सप्लायर है और यूनिवर्सिटी कैंपस में ड्रग्स का नेटवर्क चला रहा है। अब अगला सवाल था कि राजस्थान की स्मैक ऋतिक जैसे तस्करों तक कैसे पहुंच रही है। इसी कड़ी को जोड़ने के लिए भास्कर टीम ने पड़ताल राजस्थान सीमा से लगे जिलों तक बढ़ाई। दूसरे पार्ट में पढ़िए… राजगढ़ जिले के बोड़ा और पचौर के तस्कर कैसे कर रहे हैं ड्रग्स की थोक सप्लाई और राजस्थान के किस एरिया से आती है सबसे बड़ी खेप?
जयपुर में नाबार्ड राजस्थान क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से सोमवार को 45वां स्थापना दिवस समारोह मनाया गया। समारोह के मुख्य अतिथि वी. श्रीनिवास और विशिष्ट अतिथि राकेश कश्यप उप प्रबंध निदेशक नाबार्ड मौजूद रहे। इस अवसर पर डॉ. आर. रवि बाबू, मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड ने राजस्थान के ग्रामीण और कृषि विकास में नाबार्ड के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला। संबोधन में वी. श्रीनिवास आईएएस ने राज्य में ग्रामीण अवसंरचना विकास में नाबार्ड के उल्लेखनीय सहयोग की सराहना की। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किए जाने के संदर्भ में महिला सशक्तिकरण और समावेशी ग्रामीण वित्तीय प्रणाली की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नाबार्ड समृद्ध, सुदृढ़ और प्रगतिशील ग्रामीण राजस्थान के निर्माण में भविष्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। नाबार्ड के उप प्रबंध निदेशक राकेश कश्यप ने कहा- नाबार्ड की वर्ष 1982 में स्थापना हुई। उन्होंने कहा- नाबार्ड की रणनीतिक प्राथमिकताएं भारत सरकार के ग्रामीण विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं। उन्होंने कहा- नाबार्ड ग्रामीण अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण में राज्य सरकार का विश्वसनीय विकास साझेदार रहा है। उन्होंने छोटे और सीमांत किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), किसान क्लब, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) जैसी पहलों तथा स्वयं सहायता समूह-बैंक लिंकेज कार्यक्रम (एसएचजी-बीएलपी) के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण में नाबार्ड की भूमिका को रेखांकित किया। साथ ही उन्होंने किसानों की आजीविका को सुरक्षित रखने के लिए जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने हेतु नाबार्ड द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। इनका किया विमोचन समारोह के दौरान नाबार्ड इन राजस्थान – अचीवमेंट्स 2025-26 और ट्रांसफॉर्मिंग रूरल राजस्थान – डीडीएम द्वारा संकलित सफलता की कहानियां नामक दो महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन किया गया। इसके साथ ही राज्य के उत्कृष्ट एफपीओ, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) तथा शिल्पकारों को ग्रामीण विकास में उनके नवाचारपूर्ण एवं उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। जलवायु-अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में दो 'जीवा' (JIVA) परियोजनाओं के लिए अनुदान स्वीकृति पत्र भी वितरित किए गए। इस अवसर पर डॉ. समित शर्मा, आईएएस (सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता विभाग, राजस्थान सरकार), रंजीव शंकर (क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिजर्व बैंक), ओंकार नाथ चौधरी (मुख्य महाप्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक), सुरिंदर पाल सिंह (मुख्य महाप्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक), सुपरिमिता मिश्रा (महाप्रबंधक, बैंक ऑफ बड़ौदा एवं एसएलबीसी संयोजक) सहित राज्य सरकार, विभिन्न बैंकों एवं नाबार्ड के वरिष्ठ अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।
अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के राजस्थान क्षेत्र की दो दिवसीय बैठक संपन्न
जयपुर। अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद (ABAP) के राजस्थान क्षेत्र की दो दिवसीय बैठक रविवार को अधिवक्ता भवन में संपन्न हुई। बैठक में संगठन के विभिन्न पदाधिकारियों ने भाग लिया तथा आगामी वर्ष की कार्ययोजना पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। बैठक में संगठन के उत्तर क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्रीहरि बोरिकर एवं संयुक्त महामंत्री रणबीर सिंह […] The post अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के राजस्थान क्षेत्र की दो दिवसीय बैठक संपन्न appeared first on Sabguru News .
मुहर्रम जुलूस के करतब का वीडियो राजस्थान गैंगरेप के आरोपियों की सजा का बताकर वायरल
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में मुहर्रम जुलूस के दौरान दिखाए गए करतब का है. इसका राजस्थान के श्रीगंगानगर गैंगरेप मामले से कोई संबंध नहीं है.
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से 10 जून व 11 जून को आयोजित लेक्चरर एंड कोच (माध्यमिक शिक्षा) ,एग्जाम- 2025 के 9 सब्जेक्ट की आंसर-की पर आपत्ति दर्ज कराने की आज लास्ट डेट है। इसमें जनरल स्टडिज ग्रुप सी, कोच एथेलेटिक्स, कोच बास्केट बॉल, कोच हैंड बॉल, कोच कबड्डी, कोच टेबिन टेनिस, कोच वॉलीबॉल, जीके ग्रुप डी एवं फिजिकल एज्युकेशन शामिल हैं। आपत्तियां आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध मॉडल प्रश्न पत्र के क्रमानुसार ही दर्ज करनी होगी। परीक्षा के मॉडल प्रश्न पत्र आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। रात 12 बजे तक आपत्ति दर्ज कराने का समय है। बिना प्रमाण आपत्ति पर विचार नहीं होगा मॉडल प्रश्न-पत्र आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। आपत्तियां केवल इन मॉडल प्रश्न-पत्रों के क्रम के अनुसार ही दर्ज की जा सकती हैं। हर आपत्ति के साथ प्रामाणिक (स्टैंडर्ड और ऑथेंटिक) पुस्तकों से प्रमाण अटैच करना जरूरी है। बिना प्रमाण के आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा। आपत्ति केवल अभ्यर्थी स्वयं ही दर्ज कर सकते हैं। कोई अन्य व्यक्ति इसमें शामिल नहीं हो सकता। यहां करें कॉन्टेक्ट ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करने में किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई होने पर अभ्यर्थी recruitmenthelpdesk@rajasthan.gov.in पर ईमेल से अथवा फोन नम्बर 9352323625 और 7340557555 पर संपर्क कर सकते हैं। ……….. पढें ये खबर भी…. इंजीनियर्स का 2 लाख का खेल,चहेतों को 43.86-करोड़ का ठेका:पोल खुली तो 50 लाख के टेंडर देने वाला SE सस्पेंड, करोड़ों वालों पर एक्शन नहीं अजमेर डिस्कॉम (14 जिलों) के अंदर एक बड़ा खेल सामने आया है। इंजीनियर्स ने पिछले दो सालों में 43.86 करोड़ के टेंडर अपने चहेते ठेकेदारों को दे दिए। इसके लिए उन्होंने एक नियम का फायदा उठाया, जिसमें 2 लाख से कम के काम के लिए ई टेंडर जारी करने की जरूरत नहीं होती। (पूरी खबर पढें)
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), राजस्थान (Rajasthan) और मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बीच कनेक्टिविटी को एक नई और हाई-स्पीड रफ्तार मिलने जा रही है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा आगरा और ग्वालियर के बीच 88 किलोमीटर लंबा आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे (Agra-Gwalior Expressway) तैयार किया जा रहा है.यह अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे न केवल इन तीन राज्यों के बीच व्यापारिक और पर्यटन संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि रोजाना सफर करने वाले लाखों मुसाफिरों के कीमती समय और ईंधन की भी भारी बचत करेगा.2.5 घंटे का सफर मात्र 75 मिनट में होगा पूरावर्तमान में यदि कोई व्यक्ति आगरा से ग्वालियर की यात्रा करता है, तो उसे धौलपुर (राजस्थान) और मुरैना (मध्य प्रदेश) के संकरे रास्तों और भारी शहरी ट्रैफिक से होकर गुजरना पड़ता है, जिसके कारण इस सफर में 2.5 से 3 घंटे का लंबा समय बर्बाद हो जाता है.120 की रफ्तार से फर्राटा: इस नए 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे के पूरी तरह चालू हो जाने के बाद, गाड़ियां बिना किसी रुकावट के 100 से 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी.दूरी आधी रह जाएगी: एक्सप्रेसवे के जरिए आगरा से ग्वालियर के बीच की यह दूरी घटकर महज 75 से 80 मिनट (करीब सवा घंटा) में सिमट जाएगी.आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे का रूट मैप और संरचनायह एक्सप्रेसवे बेहद अनूठी संरचना और भविष्य की जरूरतों (Future Expansion) को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है:शुरुआत और अंत: यह नया हाईवे आगरा के देवरी गांव से शुरू होकर मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित सुसेरा गांव (बाईपास) पर जाकर समाप्त होगा.8 लेन तक विस्तार संभव: इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि आने वाले समय में ट्रैफिक बढ़ने पर इसे आसानी से 8 लेन तक चौड़ा किया जा सकेगा.पुल और फ्लाईओवर: 88 किलोमीटर के इस पैच में यात्रा को सुगम बनाने के लिए 8 बड़े पुल, 23 छोटे पुल, 6 बड़े फ्लाईओवर और 1 रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण किया जा रहा है.वन्यजीवों की सुरक्षा का विशेष ध्यान (Chabal Eco-System):एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा संवेदनशील चंबल क्षेत्र से गुजरता है. इसलिए, चंबल वाइल्डलाइफ सेंक्चुरी (Chambal Wildlife Sanctuary) के पास पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए विशेष 'ग्रीन बेल्ट' और वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन के लिए अत्याधुनिक अंडरपास (Animal Underpasses) बनाए जाएंगे ताकि पारिस्थितिकी तंत्र को कोई नुकसान न पहुंचे.दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ेगा रूट; जानिए बजटइस मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को बनाने में लगभग ₹4,613 करोड़ की भारी लागत आने का अनुमान है.चंबल एक्सप्रेसवे से जुड़ाव: यह एक्सप्रेसवे केवल दो शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगे चलकर इसे मुरैना के पास प्रस्तावित 'चंबल एक्सप्रेसवे' से भी इंटरकनेक्ट किया जाएगा.कोटा-दिल्ली-मुंबई रूट: इस जुड़ाव के कारण यात्रियों को राजस्थान के कोटा के रास्ते सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) पर चढ़ने की सीधी और निर्बाध कनेक्टिविटी मिल जाएगी, जिससे उत्तर से पश्चिम भारत का सफर बेहद सुगम हो जाएगा.कब तक पूरा होगा काम और क्या होगा फायदा?एनएचएआई (NHAI) के ताजा अपडेट के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के सिविल कंस्ट्रक्शन के लिए 93% से अधिक भूमि का अधिग्रहण (Land Acquisition) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है. वर्तमान में आगरा के कुछ गिने-चुने पॉकेट्स में मुआवजे की रकम को लेकर स्थानीय किसानों के साथ प्रशासनिक स्तर पर बातचीत चल रही है, जिसे जल्द ही सुलझा लिया जाएगा. प्राधिकरण का लक्ष्य है कि सभी बचे हुए निर्माण कार्यों को पूरा करके वर्ष 2027-2028 तक इसे आम जनता के यातायात के लिए पूरी तरह से खोल दिया जाए.टूरिज्म को मिलेगा बड़ा बूस्ट: यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के पर्यटन उद्योग के लिए एक गेमचेंजर साबित होने वाला है. आगरा में ताजमहल (Taj Mahal) देखने आने वाले देश-विदेश के पर्यटक अब महज सवा घंटे में ग्वालियर के ऐतिहासिक किलों, महलों और सिंधिया संग्रहालय का दीदार करने आसानी से आ-जा सकेंगे, जिससे पूरे बुंदेलखंड और चंबल क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को एक नई संजीवनी मिलेगी.
ITI में प्रवेश 15 से, सरकारी में बेटियों को मुफ्त मिलेगी ट्रेनिंग
राज्य के सभी आईटीआई में सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया 15 जुलाई से शुरू होगी। प्राविधिक शिक्षा निदेशालय ने इसका संशोधित शेड्यूल जारी कर दिया है। योग्य अभ्यर्थी एसएसओ पोर्टल (sso.rajasthan.gov.in) या ई-मित्र के माध्यम से 23 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद 24 जुलाई को अस्थाई मेरिट लिस्ट जारी होगी और 28 जुलाई को पहली ऑनलाइन सीट अलॉटमेंट लिस्ट आएगी। पहली लिस्ट वाले छात्रों को 30 जुलाई से 3 अगस्त के बीच कॉलेज में रिपोर्टिंग कर मूल दस्तावेज जमा कराने होंगे। 5 अगस्त को दूसरी अलॉटमेंट सूची जारी होगी और संस्थानों में 10 अगस्त से नियमित कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। आवेदन शुल्क एससी-एसटी वर्ग के लिए 175 रुपए और अन्य सभी श्रेणियों के लिए 200 रुपए निर्धारित है। प्रवेश के लिए अभ्यर्थी की आयु 1 सितंबर, 2026 को न्यूनतम 14 वर्ष होनी अनिवार्य है।
जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- राजस्थान का प्रत्येक कर्मचारी गुड गवर्नेंस की धुरी और विकसित राजस्थान-2047 के महत्वपूर्ण सारथी है। ऐसे में हमारी सरकार कर्मचारी हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही हैं। इसके लिए हमने पदोन्नति (प्रमोशन) प्रक्रिया को सरल बनाया है। कर्मचारियों को पदोन्नति के पर्याप्त अवसर उपलब्ध करवाने के लिए लगातार तीन साल में निर्धारित अनुभव में 2 साल छूट दी गई है। इसमें प्रावधान किया गया है कि जिन कर्मचारियों ने पिछले तीन साल में इस छूट का लाभ नहीं लिया है, उन्हें इसका लाभ मिलेगा। इसके लिए विभिन्न सेवा नियमों में संशोधन किए जाएंगे। इस निर्णय से हजारों कर्मचारियों को समय पर प्रमोशन का अवसर प्राप्त होगा। सीएम ने कहा- प्रदेश में भी केंद्र सरकार के अनुरूप ग्रेच्युटी की सीमा 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 25 लाख रुपए कर दी गई है। मुख्यमंत्री का रविवार को राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी व सचिवालय कर्मचारी संघ ने पदोन्नति के लिए अनुभव में 2 साल की छूट और नए पदों के सृजन को लेकर अभिनंदन किया। पहले देखें सीएम की PHOTOS कमेटी 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर करेगी विचार मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा- हमने 30 जून को रिटायर्ड राज्य कर्मचारियों को नोशनल वेतन वृद्धि के साथ पेंशन का प्रावधान किया है। वहीं, पेंशनर के 70 साल की आयु पूरी करने पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन भत्ता और कर्मचारी की मृत्यु होने पर 10 वर्ष तक बढ़ी हुई पारिवारिक पेंशन देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा आरजीएचएस के तहत महिला और पुरुष कर्मचारियों को अपने माता-पिता या सास-ससुर में से किसी एक को चुनने का विकल्प भी दिया गया है। उन्होंने कहा- वेतनमान से जुड़े विषयों के अध्ययन के लिए उच्चस्तरीय समिति के गठन का निर्णय लिया गया है, जो 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर भी विचार करेगी। उन्होंने कहा- सरकार के अन्य महत्वपूर्ण फैसलों में एक साल में कर्मचारी द्वारा पद त्यागने की स्थिति में उस पद को प्रतीक्षा सूची से भरा जाना और सेवा अवधि में स्थायी अक्षमता होने पर कार्मिक के आश्रित को भी अनुकंपा नियुक्ति दिया जाना शामिल हैं। महिला कर्मचारियों के लिए विशेष प्रावधान मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा- महिला सशक्तीकरण की दिशा में सरकार ने अहम कदम उठाए हैं। इसके तहत अनुकंपा नियुक्ति के दायरे में पुत्रवधू को भी शामिल किया गया है। साथ ही एकल महिला कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव 3 के स्थान पर 6 चरणों में स्वीकृत करना और कार्यस्थल पर बेहतर और तनावमुक्त वातावरण देने के लिए 'मुख्यमंत्री शिशु-वात्सल्य सदन' स्थापित करना भी महत्वपूर्ण कदम है। नए पदों से सचिवालय हुआ और मजबूत सीएम भजन लाल शर्मा ने कहा- शासन सचिवालय की कार्यकुशलता को अधिक मजबूत बनाने के लिए 15 सहायक शासन सचिव, 67 सहायक अनुभाग अधिकारी तथा 67 लिपिक ग्रेड प्रथम सहित कुल 149 नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई है। इससे प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और विभागीय पदोन्नति के मार्ग भी अधिक सुगम बनेंगे।
रायसेन जिले के बरेली कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हाल ही में हुई चोरी नकबजनी की वारदातों का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने इस संबंध में अंतरराज्यीय पारदी गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के खिलाफ मध्यप्रदेश, राजस्थान और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में हत्या, डकैती, चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। थाना प्रभारी कपिल गुप्ता के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस फरार गैंग सदस्यों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पुलिस के अनुसार, 5 जुलाई की रात दाम मिल मोहल्ला निवासी राजेंद्र वर्मा के घर का ताला तोड़कर अज्ञात बदमाशों ने सोने-चांदी के जेवर चोरी कर लिए थे। इस घटना के बाद बरेली थाने में नकबजनी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। गुना में दबिश देकर पुलिस ने पकड़ाजांच के दौरान, मुखबिर से सूचना मिली कि वारदात को गुना जिले के धरनावदा थाना क्षेत्र के पारदी गैंग ने अंजाम दिया है। इसके बाद पुलिस की विशेष टीम को गुना भेजा गया। स्थानीय पुलिस की मदद से लगातार दबिश देकर खेजड़ा चक निवासी मुरार पिता कालू पारदी और रॉकी पिता भंवरलाल पारदी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वारदात में गैंग के अन्य सदस्य टोनी उर्फ डेविड पारदी, कीमतीलाल पारदी और अन्य साथी भी शामिल थे। पुलिस इन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर तलाश कर रही है। पुलिस अधीक्षक द्वारा फरार आरोपियों पर इनाम घोषित किए जाने की तैयारी भी की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी आदतन अपराधी हैं। मुरार के खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट, जुआ एक्ट सहित कई मामले दर्ज हैं। वहीं, रॉकी पर हत्या के प्रयास, डकैती, चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मध्यप्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के विभिन्न थानों में प्रकरण दर्ज हैं।
हरियालो राजस्थान अभियान में फलदार- छायादार पौधे रोपे
बमूलिया माताजी| राज्य सरकार के हरियालो राजस्थान अभियान के तहत कलेक्टर के निर्देश पर चल रहे वृक्ष कुंज अभियान के तहत शनिवार को कस्बे के माताजी मंदिर परिसर में पौधरोपण का शुभारंभ किया गया। ग्राम विकास अधिकारी जितेंद्र सेन ने बताया कि परिसर को हरा-भरा बनाने के लिए यहां करीब 200 फलदार और छायादार पौधे लगाए जाएंगे। इससे परिसर की सुंदरता बढ़ेगी। इस दौरान कनिष्ठ सहायक कौशल कुमावत, दुर्गाशंकर सुमन, दीनदयाल सेन, रामेश्वर मालव, रामभरोस वर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पौधे लगाए और देखभाल का संकल्प लिया।
राजस्थान में ग्रेड थर्ड पीटीआई बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने शारीरिक शिक्षा में दो वर्षीय डिप्लोमा (डीपीएड) की सीटों में बड़े स्तर पर बढ़ोतरी की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। सरकार ने प्रदेश में करीब 3200 नई सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। यदि प्रक्रिया तय समय पर पूरी होती है तो अगले शैक्षणिक सत्र 2027-28 से कई नए संस्थानों में डीपीएड पाठ्यक्रम शुरू हो सकेगा। वर्तमान में राजस्थान में डीपीएड पाठ्यक्रम केवल दो संस्थानों में संचालित हो रहा है। इनमें राजकीय शारीरिक शिक्षा कॉलेज, जोधपुर और प्रतापगढ़ का एक निजी संस्थान शामिल है। दोनों संस्थानों में 50-50 सीटें हैं। यानी पूरे प्रदेश में अभी केवल 100 सीटों पर ही प्रवेश की व्यवस्था है। पोर्टल खुला; 52 संस्थानों ने आवेदन भी किया राज्य सरकार का कहना है कि सालों बाद राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने नए संस्थानों के लिए आवेदन का पोर्टल खोला है। इसके बाद राजस्थान से 52 संस्थानों ने डीपीएड शुरू करने के लिए आवेदन किया है। इनमें कुछ संस्थानों ने 50 तो कुछ ने 100 सीटों की मांग की है। इसे देखते हुए शिक्षा विभाग ने करीब 3200 नई सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया, जिसे शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। आवेदन करने वाले सभी संस्थानों का अब राज्य सरकार की ओर से भौतिक सत्यापन (फिजिकल वैरिफिकेशन) कराया जाएगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर को इसके लिए निर्देश जारी किए जा चुके हैं। तीन अधिकारियों की टीम प्रत्येक संस्थान का निरीक्षण करेगी। निरीक्षण में एनसीटीई के निर्धारित मानकों के अनुसार सुविधाएं मिलने पर ही राज्य सरकार एनओसी जारी करेगी। इसके बाद संबंधित संस्थान को डीपीएड पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति मिल सकेगी। प्रदेश में खाली हैं 2500 पीटीआई पद शिक्षा विभाग के अनुसार वर्तमान में प्रदेश में थर्ड ग्रेड पीटीआई के करीब 2500 पद रिक्त हैं। सरकार का मानना है कि डीपीएड संस्थानों और सीटों की संख्या बढ़ने से आने वाले वर्षों में बड़ी संख्या में प्रशिक्षित युवा उपलब्ध होंगे, जिससे स्कूलों में रिक्त पदों को भरने में भी आसानी होगी। नए संस्थानों में अगले साल से शुरू होगा डिप्लोमा शिक्षा विभाग के अनुसार जोधपुर के सरकारी कॉलेज में इस वर्ष प्रथम वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति पहले ही दी जा चुकी है। वहीं नए संस्थानों में सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अगले शैक्षणिक सत्र से डीपीएड पाठ्यक्रम शुरू किया जा सकेगा। डीपीएड पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए किसी भी संस्थान का राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से मान्यता प्राप्त होना अनिवार्य है। साथ ही राज्य सरकार की ओर से एनओसी जारी होने के बाद ही इस डिप्लोमा को सरकारी नौकरियों के लिए वैध माना जाएगा।
मन्दसौर की नई आबादी थाना पुलिस ने शनिवार को मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 65 किलोग्राम डोडाचूरा जब्त किया है। पुलिस ने पहले पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर डोडाचूरा उपलब्ध कराने वाले स्थानीय सप्लायर को भी हिरासत में ले लिया। इस तरह मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी की रोकथाम और धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। एसपी विनोद कुमार मीना के मार्गदर्शन तथा नई आबादी थाना प्रभारी कुलदीप सिंह राठौर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर चार संदिग्धों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों में हरप्रीत सिंह (22) निवासी नथाणा, जिला बठिंडा (पंजाब), जगदीश सिंह (47) निवासी चोटिया, जिला बठिंडा (पंजाब), साधु सिंह (55) निवासी मसिता, जिला सिरसा (हरियाणा) तथा कुलविंदर सिंह (34) निवासी दिनगढ़, जिला हनुमानगढ़ (राजस्थान) शामिल हैं। सभी के खिलाफ मामला दर्ज तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से पान मसाला के चार बैगों में रखा कुल 65 किलोग्राम डोडाचूरा तथा एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 128/2026 दर्ज कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 एवं 29 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें यह डोडाचूरा ग्राम मुंदड़ी निवासी केसर सिंह पिता सज्जन सिंह सौंधिया राजपूत ने उपलब्ध कराया था। सूचना के आधार पर पुलिस ने केसर सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। थाना प्रभारी कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है। सभी आरोपियों को न्यायालय से पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि डोडाचूरा की खेप किस स्थान पर पहुंचाई जाना थी। साथ ही तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर सीकर जिले के चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग को फैमिली वेलफेयर कैटेगरी में पूरे राजस्थान में दूसरा स्थान मिला है। साल 2025-26 के दौरान फैमिली प्लानिंग और हैल्थ स्कीम्स का आमजन को ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलाने के लिए सीकर जिले को राज्य स्तरीय सेकंड पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। राज्य स्तरीय चयन समिति ने जिले को अवाॅर्ड के रुप में 11 लाख रुपए का चैक और सर्टिफिकेट दिया। इससे पहले विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर शनिवार को स्वास्थ्य भवन सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह का वर्चुअल आयोजन किया गया। समारोह में ADM डॉ. राकेश मीणा के नेतृत्व में चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने वर्चुअली हिस्सा लिया। ADM डॉ. राकेश कुमार मीणा ने चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग की टीम को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। समारोह के दौरान चिकित्सा विभाग की प्रिंसिपल हैल्थ सेक्रेटरी गायत्री राठौड़ ने जिला कलेक्टर आशीष मोदी व सीकर चिकित्सा-स्वास्थ्य विभाग की टीम को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए भविष्य में परिवार कल्याण और जनसंख्या स्थायित्व कार्यक्रमों को ज्यादा व्यापक तरीके से फैलाते हुए अगली बार 1st रैंक लाने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान CMHO डॉ. अशोक महरिया, एडिशनल CMHO डॉ. हर्षल चौधरी ने विभागीय कार्मिकों को बधाई दी।
हरियालो राजस्थान के तहत मेडिकल कॉलेज में पौधरोपण
भास्कर न्यूज | टोंक राज्य सरकार के हरियालो राजस्थान–एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत सरकारी मेडिकल कॉलेज परिसर में शुक्रवार को वृहद पौधारोपण महाअभियान आयोजित हुआ। सीएमएचओ डॉ. शैलेंद्र सिंह चौधरी मुख्य अतिथि रहे तो कॉलेज प्राचार्य डॉ. लोकेन्द्र शर्मा की अध्यक्षता की परिसर में कई प्रजातियों के पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। संकाय सदस्यों, रेजिडेंट चिकित्सकों, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ, अधिकारियों व कर्मचारियों ने भी उत्साहपूर्वक पौधारोपण कर अभियान में भागीदारी निभाई। सीएमएचओ डॉ. शैलेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि एक पेड़ माँ के नाम केवल पौधारोपण का अभियान नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण का संकल्प है। सभी से अधिकाधिक पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल करने की अपील भी की गई। प्राचार्य डॉ. लोकेन्द्र शर्मा ने कहा कि चिकित्सा संस्थानों की भूमिका केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ समाज के लिए स्वच्छ व हरित वातावरण तैयार करना भी उनकी सामाजिक जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों और कर्मचारियों से प्रत्येक साल कम से कम एक पौधा लगाकर उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित रखने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने पौधों के संरक्षण, हरित पर्यावरण और हरियालो राजस्थान अभियान को जनआंदोलन बनाने का संकल्प लिया।
राजस्थान जूनियर एक्वाटिक चैम्पियनशिप-2026 में उदयपुर के बालाजी तरणताल (बीटीएस स्विमिंग क्लब) के नौ तैराकों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 16 पदक जीते। इनमें 4 रजत और 12 कांस्य पदक शामिल हैं। इसमें सबसे बेहतर प्रदर्शन संध्या ने किया। उन्होंने अकेले 4 पदक जीतकर क्लब की सबसे सफल तैराक बनने का गौरव हासिल किया। यह प्रतियोगिता उदयपुर के महाराणा प्रताप खेलगांव में आयोजित हुई। इसमें व्यक्तिगत और रिले स्पर्धाओं में उदयपुर के खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया और कई पदक अपने नाम किए। संध्या ने 200 मीटर बटरफ्लाई में रजत पदक जीता। इसके अलावा 100 मीटर बटरफ्लाई, 400 मीटर इंडिविजुअल मेडले (आईएम) और 4100 मीटर फ्रीस्टाइल रिले में कांस्य पदक हासिल किए। मंथन कुमावत ने 450 मीटर मेडले रिले में रजत पदक जीता। वहीं 100 मीटर बटरफ्लाई और 450 मीटर फ्रीस्टाइल रिले में कांस्य पदक अपने नाम किए। हिमांश मालवीय ने 450 मीटर मेडले रिले में रजत और 450 मीटर फ्रीस्टाइल रिले में कांस्य पदक जीता। सुभाष भाकर ने 450 मीटर मेडले रिले में रजत पदक और 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में कांस्य पदक हासिल किया। अमन वैष्णव ने 1500 मीटर फ्रीस्टाइल और 450 मीटर मेडले रिले में कांस्य पदक जीते। सौरभ कुमावत, संयम मीणा और नंदिनी सिंह बल्ला ने भी अपनी-अपनी रिले स्पर्धाओं में कांस्य पदक जीतकर टीम की सफलता में अहम योगदान दिया। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) दीपक गौड़, जिला खेल अधिकारी महेश पालीवाल और तैराकी प्रशिक्षक पियूष सुखवाल, संदीप सोनी और परेश पटेल ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी।
राजस्थान विधानसभा के 75 साल पूरे होने पर 15 जुलाई से लेकर एक साल तक अलग-अलग कार्यक्रम किए जाएंगे। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि विधानसभा के अमृत महोत्सव के कार्यक्रमों की शुरुआत 15 जुलाई से होगी। उलोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समारोहों का उद्घाटन करेंगे। समापन समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन शामिल होंगे। उद्घाटन सत्र में पहली विधानसभा से लेकर सभी पूर्व और मौजूदा विधायकों को बुलाया जाएगा। इस दिन सभी वरिष्ठ विधायकों, पूर्व विधायकों, पूर्व विधानसभा अध्यक्षों, उपाध्यक्षों का सम्मान किया जाएगा। सम्मेलन में लोकतंत्र की यात्रा, संसदीय अनुभवों, चुनौतियों और विधानसभा के डिजिटलाइजेशन जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। साल भर चलेंगे अमृत महोत्सव के चार प्रमुख कार्यक्रम स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कहा कि विधानसभा के 75 साल पूरे एक साल तक अमृत महोत्सव के तहत चार प्रमुख कार्यक्रम होंगे। इन कार्यक्रमों में संसदीय और संविधान विशेषज्ञों के विशेष सत्र होंगे। इन सत्रों में लोकतंत्र की मजबूती, विधायी प्रक्रिया और संवैधानिक मूल्यों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। 23 ऐतिहासिक कानूनों पर वरिष्ठ नेता सुनाएंगे अनुभव, जागिरदारी प्रथा खत्म होने से लेकर किसानों को जमीन का मालिक बनाने तक पर चर्चा देवनानी ने कहा- अमृत महोत्सव के पहले कार्यक्रम में राजस्थान विधानसभा में अब तक पारित 23 महत्वपूर्ण कानूनों पर विशेष चर्चा कराई जाएगी। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष, पूर्व उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री इन कानूनों पर अपने अनुभव साझा करेंगे। राजस्थान में जागिरदारी प्रथा खत्म करने करने और किसानों को जमीन का मालिक बनाने के हलिए पारित राजस्थान भूमि सुधार जागीर पुनर्ग्रहण अधिनियम, 1952, राजस्थान जमींदारी बिस्वेदारी उन्मूलन अधिनियम, 1959 पर वरिष्ठ नेता अनुभव साझा करेंगे। राजस्थान में पंचायतीराज लागू करने के लिए पारित कानून, राजस्थान प्राथमिक शिक्षा अधिनियम, 1964 सहित 23 कानूनों पर नेता अपने अनुभव सुनाएंगे।छह बार जीते पूर्व और मौजूदा विधायकों का सम्मान होगा देवनानी ने कहा कि समारोह में पूर्व विधानसभा अध्यक्षों, पूर्व उपाध्यक्षों, छह या उससे ज्यादा बार जीते हुए पूर्व विधायकों और वर्तमान विधायकों का सम्मान किया जाएगा। समारोह में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शांतिलाल चपलोत, सुमित्रा सिंह, दीपेन्द्र सिंह शेखावत, कैलाश मेघवाल, डॉ. सी.पी. जोशी, पूर्व उपाध्यक्ष तारा भण्डारी, रामनारायण मीणा और राव राजेंद्र सिंह को सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त छह या उससे अधिक बार विधानसभा के सदस्य रहे वरिष्ठ नेताओं तथा वर्तमान में निर्वाचित वरिष्ठ विधायकों का भी सम्मान किया जाएगा।
कोटपूतली में UCC पर जनसुनवाई:आमजन से मांगे सुझाव, ऑनलाइन 400 शब्द में दे सकेंगे
कोटपूतली में राजस्थान समान नागरिक संहिता-2026 पर संभाग स्तरीय और जिला स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की गई। विधेयक प्रारूप समिति के अध्यक्ष और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह ने इसकी अध्यक्षता की। जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता की मौजूदगी में जनप्रतिनिधियों, विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, विधिवेत्ताओं, सामाजिक संस्थाओं, राजनीतिक दलों और आमजन ने VC के माध्यम से अपने सुझाव दिए। सभी लोगों से सुझाव मांगे समिति अध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि राजस्थान सरकार समान नागरिक संहिता के संबंध में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करना चाहती है। इसी उद्देश्य से जनप्रतिनिधियों, धर्मगुरुओं, विधि विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों और आमजन से सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं। सिंह ने यह भी बताया कि जनसुनवाई में प्राप्त सभी सुझावों और विचारों का गहन विश्लेषण किया जाएगा। इन्हीं सुझावों के आधार पर समान नागरिक संहिता विधेयक का प्रारूप तैयार किया जाएगा। गंभीरता से किया जाएगा विचार उन्होंने स्पष्ट किया कि समिति समर्थन, संशोधन और असहमति सहित सभी प्रकार के सुझावों का स्वागत करती है और उन पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे यूसीसी पर अपने सुझाव दें, ताकि राज्य में एक मजबूत, न्यायसंगत और व्यावहारिक समान नागरिक संहिता कानून बनाया जा सके। समिति सदस्यों ने बताया कि विधेयक के प्रारूप को समावेशी और पारदर्शी बनाने के लिए आमजन जनसुनवाई के अतिरिक्त वेबसाइट https://ucc.rajasthan.gov.in के माध्यम से भी अपने सुझाव साझा कर सकते हैं। राजस्थान के सभी जनआधार कार्ड धारकों को इस संबंध में एसएमएस भी भेजे गए हैं। 400 शब्दों तक दे सकेंगे सुझाव वेबसाइट पर सुझाव देने के लिए मोबाइल नंबर या जनआधार नंबर दर्ज करना होगा, जिसके बाद पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। ओटीपी डालने के बाद व्यक्तिगत या संस्थागत विकल्प चुनना होगा। इसके पश्चात एक फॉर्म खुलेगा, जिसमें दिए गए प्रश्नों के लिए 'हां' या 'नहीं' का विकल्प चुना जा सकता है। नागरिक 400 शब्दों तक के सुझाव भी दे सकते हैं और सुझाव या ज्ञापन की पीडीएफ प्रति भी संलग्न की जा सकती है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को अधिक व्यापक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए कई नई योजनाएं और सुधार लागू किए हैं। अतिरिक्त केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त और राजस्थान अंचल प्रमुख अजीत कुमार ने शुक्रवार को उदयपुर क्षेत्रीय कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया- नई योजनाओं से लाखों कर्मचारियों, युवाओं और संस्थानों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया- केंद्र सरकार ने सामाजिक सुरक्षा संहिता-2020 के तहत कर्मचारी भविष्य निधि योजना-2026, कर्मचारी पेंशन योजना-2026 और कर्मचारी जमा संबद्ध बीमा (ईडीएलआई) योजना-2026 लागू की हैं। इनका उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाना, प्रक्रियाओं को सरल बनाना और डिजिटल माध्यम से सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है। अजीत कुमार ने बताया कि 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष कर्मचारी नामांकन अभियान चलाया जा रहा है। इससे ईपीएफ से वंचित पात्र कर्मचारियों को जोड़ा जाएगा। अभियान के तहत कर्मचारी अंशदान पूरी तरह माफ रहेगा और विलंब शुल्क केवल 100 रुपए रखा गया है। वहीं एमनेस्टी और विश्वास योजना के जरिए संस्थानों को लंबित अनुपालन मामलों के समाधान का अवसर मिलेगा। 45 हजार युवाओं को 21 करोड़ का दिया लाभ अजीत कुमार ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना की जानकारी देते हुए बताया- पहली बार औपचारिक रोजगार पाने वाले युवाओं और अतिरिक्त रोजगार देने वाले संस्थानों को वित्तीय प्रोत्साहन दिया जा रहा है। कुमार ने कहा कि राजस्थान में अब तक 45 हजार से अधिक युवाओं को करीब 21 करोड़ रुपए और 2,515 संस्थानों को लगभग 54 करोड़ रुपए का लाभ दिया जा चुका है। अजीत कुमार ने बताया- ईडीएलआई योजना के तहत कर्मचारियों के परिवार को 7 लाख रुपए तक का बीमा सुरक्षा लाभ मिलेगा। इसके अलावा सदस्य सेवाओं को आसान बनाने के लिए केंद्रीकृत पेंशन भुगतान प्रणाली, ऑनलाइन केवाईसी, प्रोफाइल अपडेट, स्वचालित दावा निस्तारण और बीमारी, शिक्षा, विवाह तथा आवास के लिए पात्र राशि का 75 प्रतिशत तक अग्रिम निकासी जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं। उदयपुर में इतने संस्थान जुडे़ अजीत कुमार ने उद्योगों, नियोक्ताओं, कर्मचारियों और युवाओं से ईपीएफओ की योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने तथा औपचारिक रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के विस्तार में सहभागी बनने का आह्वान किया। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रथम पी.के. सिन्हा ने कहा- प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत उदयपुर क्षेत्र में 4 हजार 722 में से 4,095 संस्थान योजना से जुड़ चुके हैं। वहीं 1,062 युवाओं के खातों में 49.21 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि सीधे ट्रांसफर की गई है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के पुसौर ब्लॉक स्थित पुटकापुरी गांव का रहने वाला युवक अचानक घर से लापता हो गया और भटकते-भटकते राजस्थान के सिरोही जिले पहुंच गया। वहां लोगों ने उसे सड़कों पर घूमते देखा और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो के जरिए उसकी पहचान होने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने पहल कर उसे सुरक्षित रायगढ़ वापस पहुंचाया। गुरुवार को युवक ने SSP शशि मोहन सिंह से मुलाकात भी की। पुटकापुरी निवासी रामदास महंत की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। इसी कारण वह कुछ समय पहले बिना बताए घर से निकल गया था और भटकते हुए राजस्थान के सिरोही जिले पहुंच गया। सिरोही में कुछ लोगों ने उसे देखा और इसकी जानकारी राजस्थान स्थित मानव सेवा आश्रम को दी। आश्रम के सदस्य उसे अपने साथ ले गए। पूछताछ में रामदास ने बताया कि वह रायगढ़ जिले के पुसौर ब्लॉक का रहने वाला है। इसके बाद आश्रम के सदस्यों ने उसकी पहचान कराने के लिए सोशल मीडिया पर उसका वीडियो साझा किया। वीडियो की जानकारी रायगढ़ प्रशासन तक पहुंची। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिला प्रशासन और पुलिस ने उसकी सकुशल घर वापसी की प्रक्रिया शुरू की। प्रशासन ने कराई घर वापसी पुसौर थाना प्रभारी ने राजस्थान स्थित मानव सेवा आश्रम से संपर्क कर पुष्टि की कि रामदास महंत वहां सुरक्षित है। इसके बाद जिला प्रशासन ने उसकी घर वापसी के लिए यात्रा की पूरी व्यवस्था की। आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई और रेल आरक्षण भी कराया गया। 30 जून को रामदास को राजस्थान से रवाना किया गया और करीब 100 दिन बाद वह सकुशल अपने गांव पुटकापुरी लौट आया। SSP ने जाना हालचाल, हरसंभव मदद का दिया भरोसा गुरुवार को रामदास महंत ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह से मुलाकात की। इस दौरान SSP ने उनसे बातचीत कर स्वास्थ्य की जानकारी ली और नियमित रूप से घर पर रहकर स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर वह बिना संकोच पुलिस और प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं। इस दौरान नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा और पुसौर थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस भी मौजूद रहे। SSP ने थाना प्रभारी को निर्देश दिए कि वे समय-समय पर रामदास महंत और उनके परिवार से मुलाकात कर उनका हालचाल लें तथा आवश्यकता पड़ने पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएं।
अभी नहीं थमेगी बारिश-आंधी, दिल्ली-यूपी से लेकर राजस्थान तक एक हफ्ते का अलर्ट जारी
दिल्ली, यूपी, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले एक सप्ताह तक आंधी, बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में अलर्ट जारी किया है।
बॉलीवुड के दिग्गज निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेताम्बरी भट्ट को राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों पर उदयपुर के एक व्यापारी से 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप है। विक्रम और उनकी पत्नी को मुंबई के यारी रोड इलाके के गंगा भवन ...
दिल्ली के बाद अब राजस्थान में भी टैक्स फ्री हुई फिल्म '120 बहादुर'
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैपी स्टूडियोज की वॉर एपिक '120 बहादुर' आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है, और इसके साथ ही पूरे देश में जबरदस्त उत्साह की लहर दौड़ गई है। साल की सबसे ज्यादा चर्चा वाली फिल्मों में शामिल इस फिल्म को मीडिया और ...
क्या 6 महीने बाद फिर से राजस्थान के इस महल में शादी करने जा रहे हैं विक्की कैट
राजस्थान अपने खूबसूरत किलों और महलों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। कला और संस्कृति के इस अनूठे संगम, शाही ठाठ बाठ समेत राजपुताना वास्तुकला का आनंद उठाने दुनिया के कोने-कोने से पर्यटक यहां आते हैं..........
Salman Khan फायरिंग केस में आया सनसनीखेज अपडेट, राजस्थान के इस राज्य से पकड़ा गया मामले का एक और आरोपी
सलमान खान के घर पर गोलीबारी प्रकरण में नया मामला दर्ज, राजस्थान से एक व्यक्ति गिरफ्तार
मुंबई। मुंबई पुलिस ने अप्रैल में अभिनेता सलमान खान के आवास के बाहर हुई गोलीबारी के सिलसिले में एक नया मामला दर्ज किया है और आपराधिक धमकी के आरोप में राजस्थान से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। अपराध शाखा के अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान राजस्थान के बूंदी निवासी बनवारीलाल लटूरलाल गुर्जर (25) के रूप में हुई है। अधिकारी ने बताया कि गुर्जर ने कथित तौर पर अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो अपलोड किया था जिसमें उसने कहा था, लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और गिरोह के अन्य सदस्य मेरे साथ हैं तथा मैं सलमान खान को मारने जा रहा हूं क्योंकि उसने अभी तक माफी नहीं मांगी है। आरोपी ने राजस्थान में एक राजमार्ग पर वीडियो बनाया और उसे अपने चैनल पर अपलोड कर दिया। अधिकारी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक टीम जांच के लिए राजस्थान भेजी गई और उसने आरोपी को पकड़ लिया। उन्होंने कहा कि मुंबई के साइबर पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। अधिकारी ने कहा, हम जांच कर रहे हैं कि आरोपी गुर्जर का कोई पिछला आपराधिक इतिहास तो नहीं है। उसे भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं, 506 (2) (आपराधिक धमकी के लिए सजा) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है और जांच जारी है। बांद्रा इलाके में 14 अप्रैल की सुबह सलमान खान के घर के बाहर मोटरसाइकिल सवार दो लोगों ने कई गोलियां चलाई थीं। इस मामले में कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से एक अनुज थापन ने एक मई को पुलिस हवालात में कथित तौर पर फांसी लगा ली थी।
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'एकलव्य' के बारे में कुछ अनकहे किस्से
एकलव्य : रॉयल गार्ड का मूल नाम यज्ञ था। उत्पादन 2005 की शुरुआत में शुरू हुआ..........
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'परमाणु' के बारे में कुछ अनकहे किस्से
जॉन अब्राहम की फिल्म 'परमाणु- द स्टोरी ऑफ पोखरण' को रिलीज हुए 6 साल हो गए हैं। यह फिल्म 25 मई 2018 को रिलीज हुई थी..........
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बादशाहो' के बारे में कुछ अनकही बाते
बादशाहो एक पीरियड एक्शन-थ्रिलर थी.......
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'हाईवे' के बारे में कुछ रोचक बाते
जब इम्तियाज अली द्वारा निर्देशित यह रोड ड्रामा प्रसारित हुआ, जिसमें आलिया भट्ट और रणदीप हुडा ने अभिनय किया, तो लोगों ने इसे बहुत प्यार दिया, न केवल इसकी अभूतपूर्व कहानी के कारण, बल्कि भट्ट के उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण भी...........
देसी मिट्टी से शाहरुख खान ने कमा डाले 200 करोड़ रुपये, राजस्थान में करी थी फिल्म जवान की शूटिंग?
शाहरुख खान की फिल्म जवान ने पहले तीन दिनों में 200 करोड़ रुपये की कमाई कर शानदार प्रदर्शन किया है. 7 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म ने 75 करोड़ की बड़ी ओपनिंग का रिकॉर्ड बनाया है............
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'गाइड' के बारे में कुछ अनकही बाते
उदयपुर में शूट की गई पहली फिल्मों में से एक वहीदा रहमान और देव आनंद अभिनीत एक रोमांस ड्रामा थी। यह फिल्म आर.के. नारायण के प्रसिद्ध उपन्यास पर आधारित है, जिसे व्यापक रूप से भारतीय सिनेमा उद्योग की उपलब्धियों में से एक माना जाता है.............
फिल्मों की शूटिंग के लिए बेस्ट लोकेशन बन रहा राजस्थान का अलवर
राजस्थान प्रदेश का अलवर जिला इन दिनों फिल्मों और वेब सीरीज समेत शॉर्ट फिल्मों के लिए बेस्ट लोकेशन बनता जा रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बॉलीवुड एक्टर उज्जवल चोपड़ा अपनी शॉर्ट फिल्म की 4 दिन की शूटिंग के लिए अलवर पहुंचे..........
जोधा अकबर की शूटिंग के बाद मशहूर हुई राजस्थान की ये जगहे
भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की पीरियड फिल्म 'जोधा अकबर' के कुछ सीन जयपुर के आमेर किले में शूट किए गए हैं. आपको आशुतोष गोवारिकर की फिल्म का वो सीन याद होगा, जिसमें ऐश्वर्या राय किचन में राजा के लिए खाना बनाती है......
बॉलीबुड और हॉलीवुड फिल्मों के लिए फेमस है राजस्थान की ये जगहे, देखें वीडियो
राजस्थान और फिल्में हमेशा से मनोरंजन का तड़का लगाती रही हैं। राजधानी जयपुर हमेशा से फिल्म निर्माताओं की पसंदीदा रही है। 'पिंक सिटी' में एक-दो नहीं बल्कि कई बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है......
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'लगान' के बारे में कुछ रोचक तथ्य
मिस्टर परफेक्शनिस्ट के नाम से मशहूर आमिर खान की फिल्म 'लगान' उनके फिल्मी करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई। फिल्म में एक ऐसे गांव का चित्रण किया गया था जहां के लोग किराए के बोझ तले दबे हुए थ......
करण-अर्जुन की शूटिंग के बाद मशहूर हुई राजस्थान की ये जगहे
आप सभी ने फिल्म अर्जुन तो देखी ही होगी, यह उस समय की ब्लॉकबस्टर फिल्म थी। और इस फिल्म में दिखाया गया गांव और ठाकुर दुर्जन सिंह की हवेली सभी को याद होगी. लेकिन ज्यादातर लोगों को ये नहीं पता कि इस फिल्म की शूटिंग किस गांव में हुई थी.........
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बॉर्डर' के बारे में कुछ अनोखी बातें
सनी देओल, जैकी श्रॉफ, सुनील शेट्टी, अक्षय खन्ना, सुदेश बेरी, पुनीत इस्सर और कुलभूषण खरबंदा अभिनीत फिल्म बॉर्डर ने अपनी रिलीज के 26 साल पूरे कर लिए हैं। 1971 के वास्तविक जीवन के भारत-पाकिस्तान युद्ध पर आधारित और लोंगेवाला की लड़ाई की सच्ची घटनाओं पर आधारित, बॉर्डर 1997 में रिलीज़ हुई थी और इसका निर्देशन जेपी दत्ता ने किया था............
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बोल बच्चन' के बारे में कुछ अनोखी बातें
रोहित शेट्टी की फिल्म 'बोल बच्चन' में अभिषेक बच्चन, अजय देवगन और असिन नजर आए हैं. फिल्म की आधे से ज्यादा शूटिंग पिंक सिटी जयपुर में हुई है. फिल्म का हिट गाना 'चलाओ न नैनों से बाण रे' की शूटिंग जयपुर के मशहूर रिजॉर्ट चोखी ढाणी में हुई है......
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' के बारे में कुछ अनोखी बातें
जब आलिया भट्ट और वरुण धवन अपनी फिल्म 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' के प्रमोशन के लिए जयपुर आए तो यह उनके लिए घर वापसी जैसा था। आप पूछेंगे कैसे? दोनों ने राजस्थान में फिल्म की शूटिंग के लिए इतना समय बिताया है कि उन्हें लगता है कि वे यहीं के हैं.....
Rajasthan 12th Board: दो दिन बाद समाप्त होंगे पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन, ऐसे भरें फॉर्म
राजस्थान बोर्ड कक्षा 12वीं रिजल्ट 2024: पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 30 मई है। जो छात्र अपने अंक से असंतुष्ट हैं, वे आवेदन कर सकते हैं। आइए जानते हैं, कैसे करना है आवेदन। यहां देखें
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'हम साथ साथ हैं' के बारे में कुछ अनोखी बातें
4 अक्टूबर 1998 को ग्रोव के संरक्षक मांगीलाल सोनल द्वारा सार्वजनिक पार्क में फिल्म ' हम साथ - साथ हैं ' की शूटिंग की अनुमति दी गई थी। यह खुलासा वन विभाग के अधिकारी शिवचंद बोहरा और सोनल से जिरह के दौरान हुआ.........
कभी राजस्थान में हुई थी इस फेमस मूवी की शूटिंग, देखें वायरल वीडियो
राजस्थान के बीकानेर ज़िले में स्थित लक्ष्मी निवास पैलेस अपनी भव्यता से भर जाता है.यह आलीशान और लग्ज़री होटल है, जिसकी बनावट और महीन कारीगरी काफ़ी खास है.इस पैलेस को 1904 में महाराजा गंगा सिंह के लिए बनवाया गया था.......
फिल्म करण अर्जुन 1995 में रिलीज हुई थी। रिलीज के इतने साल बाद भी फिल्म करण अर्जुन का नशा लोगों के दिलों में इस कदर छाया हुआ है कि लोग इसे भूल नहीं पाते हैं। आज हम इस फिल्म से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातों के बारे में बात करेंगे......
पिछले कई महीनों से एक दर्जन सहित क्षेत्रीय भाषा और विदेशी फिल्मों की शूटिंग का हिस्सा रही जैसलमेर की धरती पर लाइट...एक्शन...कैमरे की आवाज नहीं गूंज रही है। एक साल में दर्जनों बॉलीवुड फिल्में......
रेत के टीलों से लेकर ऐतिहासिक स्मारकों तक, राजस्थान सभी फिल्म निर्माताओं को शूटिंग के लिए आकर्षित करता रहा है। जयपुर, जोधपुर जैसे शहरों की ऐतिहासिक विरासत से लेकर जैसलमेर, बाड़मेर जैसे जिलों के रेत के टीलों तक, यहां सब कुछ अनोखा है.....
जॉली एलएलबी की तीसरी किस्त में अक्षय कुमार और अरशद वारसी स्क्रीन शेयर करने जा रहे हैं। शूटिंग राजस्थान में चल रही थी और उन्होंने पहला शेड्यूल पूरा कर लिया है। हाल ही में, अभिनेताओं ने शूटिंग खत्म करते हुए एक मजेदार वीडियो साझा किया। कुछ ही देर में ये वायरल हो गया। दोनों को बड़ी मुस्कान के साथ बाइक चलाते देखा गया। अक्षय और अरशद ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर किया अक्षय और अरशद ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर वीडियो साझा किया और लिखा, “और यह एक शेड्यूल रैप है! जैसा कि आप देख सकते हैं कि दोनों जॉलीज़ ने राजस्थान में अच्छा समय बिताया। वीडियो में दोनों सड़क पर बाइक चला रहे हैं। अरशद की शर्ट खून से लथपथ है. हाल ही में, बड़ी संख्या में अक्षय के प्रशंसक उनकी फिल्म के सेट पर उन्हें आश्चर्यचकित करने और उनके साथ तस्वीरें लेने के लिए पहुंचे। अब सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में, राम सेतु अभिनेता को जॉली एलएलबी 3 के सेट पर उनका स्वागत करने आए लोगों के लिए तस्वीरें लेते और ऑटोग्राफ देते देखा जा सकता है। अक्षय पहले भी वीडियो शेयर कर चुके हैं इससे पहले, जॉली एलएलबी 3 के सेट से एक बिहाइंड द सीन वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था जिसमें अक्षय शर्टलेस बैठे नजर आ रहे थे और उन्होंने सन बाथ का भी आनंद लिया था। वीडियो को इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए अक्षय के फैन पेज ने लिखा, @अक्षयकुमार #JollyLLB3 के सेट पर सन बाथ ले रहे हैं...अगर आप ठीक से सुनेंगे तो बजरंग बैन चल रहा है। बता दें, अक्षय कुमार ने इस महीने की शुरुआत में जॉली एलएलबी 3 की शूटिंग शुरू की थी, जब उन्होंने सेट से एक मजेदार वीडियो भी जारी किया था। वीडियो में अक्षय के साथ अरशद वारसी भी शामिल थे और दोनों काले कपड़े पहने नजर आ रहे थे। इसकी शुरुआत अक्षय द्वारा सभी को जगदीश त्यागी उर्फ जॉली बीए एलएलबी डुप्लिकेट से सावधान रहने की चेतावनी देने से हुई। इसके बाद, अरशद को खुद को असली जॉली के रूप में पेश करते देखा गया। जॉली एलएलबी की 3 किस्त आ रही है पहली जॉली एलएलबी फिल्म, जो 2013 में रिलीज हुई थी, जिसमें अरशद वारसी और सौरभ शुक्ला मुख्य भूमिका में थे। दूसरी ओर, फिल्म का सीक्वल 2017 में सिनेमाघरों में आया जिसमें अक्षय कुमार ने अरशद वारसी की जगह ली। उनके साथ हुमा कुरेशी भी उनकी प्रेमिका के रूप में शामिल हुईं। कथित तौर पर, तीसरी किस्त में, अक्षय कुमार और अरशद वारसी आमने-सामने होंगे, जबकि सौरभ शुक्ला जज के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे। हालांकि, अभी तक मेकर्स ने फिल्म की कहानी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। View this post on Instagram A post shared by Akshay Kumar (@akshaykumar)
अपनी बायोपिक में Shahrukh Khan को काम करते देखना चाहता है ये मशहूर विदेशी क्रिकेटर,Rajasthan Royals टीम का है हिस्सा
भारत के राष्ट्रीय प्रसारक Doordarshan ने नए लोगो का अनावरण किया, जिसका रंग लाल से नारंगी हुआ
भारत सरकार के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक दूरदर्शन ने अपने समाचार चैनल डीडी न्यूज का लोगो लाल से बदलकर भगवा कर दिया है। यह लोगो 16 अप्रैल, 2024 को लागू हुआ, जिसने पिछले लाल वाले को बदल दिया। अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेजों के माध्यम से, डीडी न्यूज़ ने कहा कि उनके मूल्य वही रहेंगे और वे अब एक नए अवतार में उपलब्ध हैं। इसे भी पढ़ें: Barahi Devi Temple: बाराही देवी मंदिर में दर्शन मात्र से दूर होती है गंभीर बीमारियां, जानिए मंदिर से जुड़ी मान्यता पोस्ट में कहा गया एक ऐसी समाचार यात्रा के लिए तैयार हो जाइए जो पहले कभी नहीं देखी गई.. बिल्कुल नए डीडी न्यूज का अनुभव करें। हमारे पास यह कहने का साहस है: गति से अधिक सटीकता, दावों से अधिक तथ्य, सनसनीखेज से अधिक सत्य। क्योंकि अगर यह डीडी न्यूज पर है, तो यह सच है। दूरदर्शन का इतिहास दूरदर्शन ने 15 सितंबर, 1959 को सार्वजनिक सेवा प्रसारण में एक मामूली प्रयोग के साथ शुरुआत की। यह प्रयोग 1965 में एक सेवा बन गया जब दूरदर्शन नई दिल्ली और उसके आसपास के लिविंग रूम में टेलीविजन सेट तक पहुंच गया। 1975 तक सेवाओं को मुंबई, अमृतसर और सात अन्य शहरों तक बढ़ा दिया गया। 1 अप्रैल, 1976 को यह सूचना और प्रसारण मंत्रालय में एक अलग विभाग के अंतर्गत आ गया। 1982 में दूरदर्शन राष्ट्रीय प्रसारक बन गया। इसे भी पढ़ें: Rajasthan: पाली में बोले अमित शाह, हम भारत को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा अर्थतंत्र बना देंगे, ये मोदी की गारंटी है 1982 में, दूरदर्शन का रंगीन संस्करण तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी के स्वतंत्रता दिवस के भाषण के सीधे प्रसारण के साथ शुरू हुआ, इसके बाद दिल्ली में 1982 के एशियाई खेलों का रंगीन प्रसारण हुआ। वर्तमान में, दूरदर्शन 6 राष्ट्रीय चैनल और 17 क्षेत्रीय चैनल संचालित करता है। राष्ट्रीय चैनलों में डीडी नेशनल, डीडी इंडिया, डीडी किसान, डीडी स्पोर्ट्स, डीडी उर्दू और डीडी भारती शामिल हैं। दूसरी ओर, डीडी अरुणप्रभा, डीडी बांग्ला, डीडी बिहार, डीडी चंदना, डीडी गिरनार, डीडी मध्य प्रदेश, डीडी मलयालम, डीडी नॉर्थ ईस्ट, डीडी ओडिया, डीडी पोधिगई, डीडी पंजाबी, डीडी राजस्थान, डीडी सह्यगिरी, डीडी सप्तगिरी, डीडी उत्तर प्रदेश, डीडी यादगिरी और डीडी काशीर इसके क्षेत्रीय चैनल हैं। While our values remain the same, we are now available in a new avatar. Get ready for a news journey like never before.. Experience the all-new DD News! We have the courage to put: Accuracy over speed Facts over claims Truth over sensationalism Because if it is on DD News, it… pic.twitter.com/YH230pGBKs — DD News (@DDNewslive) April 16, 2024
बच्चों के साथ राजस्थान की सैर पर निकलीं शिल्पा शेट्टी, वीडियो शेयर कर...
शिल्पा शेट्टी इन दिनों राजस्थान की सैर पर निकली हैं. शिल्पा के साथ उनके बच्चे भी राजस्थान के नेशनल पार्क में घूमते नजर आ रहे हैं. शिल्पा ने इसका वीडियो शेयर किया है. वीडियो में शिल्पा शेट्टी बच्चों के साथ मस्ती करती नजर आ रही हैं.

