राजस्थान में ब्रेस्ट कैंसर के रोजाना 41 मरीज आ रहे हैं, यानी साल में औसतन 15 हजार। कुल सालाना 19% तक वृद्धि दर्ज की गई है। 2025 के केसों के मुताबिक राजस्थान ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में देश में पांचवें स्थान पर है। क्यों? जवाब है- महिलाओं की झिझक, सिस्टम की कमजोर स्क्रीनिंग। ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग करने वाली मोबाइल कैंसर वैन में कमियों की जानकारी हमें मिली तो हमने खुद इस व्यवस्था को पेशेंट बनकर देखा-समझा। हमने भांकरोटा स्वास्थ्य केंद्र में ओपीडी की पर्ची बनवाई। हमसे पूछा गया कि जांच क्यों करानी है? फिर एक कमरे में भेजा गया, जहां महिला डॉक्टर थीं। डॉक्टर ने पूछा- उम्र क्या है? हमने 32 और 34 वर्ष बताई। डॉक्टर ने पूछा- जांच कराने की जरूरत क्यों लगी? हमने कहा- डर लगता है, आप हमारा एग्जामिनेशन कीजिए। डॉक्टर ने हमारा क्लीनिकल ब्रेस्ट एग्जामिनेशन किया, पूछा- दर्द कब होता है, माहवारी से पहले या सामान्य दिनों में? गांठ महसूस होती है या नहीं? जांच के बाद कहा- सब सामान्य है। मैमोग्राफी के लिए डॉक्टर ने मना कर दिया। हम दोनों काउंटर पर लौंटीं, मैमोग्राफी के लिए पूछा। सलाह मिली कि एसएमएस अस्पताल जाकर ब्रेस्ट सोनोग्राफी कराएं, उसमें संदिग्ध संकेत मिलेगा तो वहीं मैमोग्राफी होगी। हमने पूछा- यहां सोनोग्राफी नहीं करते? जवाब मिला- वैन में तो अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं है। प्राथमिक जांच की रिपोर्ट मांगी तो कहा- वैन किसी को रिपोर्ट नहीं देती, फॉलोअप नहीं करती। हम जांच व्यवस्था देखने गए थे, मगर सवाल लेकर लौटे- 10 करोड़ रुपए की 8 वैन 1.38 करोड़ स्क्रीनिंग कर चुकी। मशीनें नहीं, रिपोर्ट नहीं, फॉलोअप नहीं... ये कैसी स्क्रीनिंग है? यूपी, गोवा, आंध्र की वैन में अल्ट्रासाउंड, AI स्क्रीनिंग भी, राजस्थान में क्यों नहीं? 1. हमारे पास 8 मोबाइल वैन हैं, प्रत्येक की कीमत 1.25 करोड़ रुपए है। डॉक्टर, रेडियोग्राफर सहित 9 लोगों का स्टाफ है, अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं, रिपोर्ट नहीं दी जाती है। 2. वैन में जांच कराने जाते ही स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट, एसएमएस या जिला अस्पताल जाने को कहा जाता है। 3. वैन में एआई आधारित स्क्रीनिंग की सुविधा मिले तो रेडिएशन का खतरा नहीं रहेगा। 4. स्वास्थ्य केंद्र पर वैन आने का प्रचार तंत्र भी कमजोर। यह 73 हजार से ज्यादा महिलाओं के सीने में दबे जख्मों की मैमोग्राफी इमेज है…झिझक-इलाज में देरी से ऐसी तस्वीर बनती है... यह दाग दर्दनाक, जानलेवा है यह राजस्थान की एक 38 वर्षीय महिला की मैमोग्राफी रिपोर्ट है। जांच में स्तन में गांठ दिखाई दी, जिसका आकार सामान्य गांठ से अलग और अनियमित था। इसके बाद बायोप्सी कराई गई, जिसमें स्तन कैंसर की पुष्टि हुई। उन्हें सेकंड स्टेज का कैंसर हुआ है। मैमोग्राफी ऐसी संदिग्ध गांठों की शुरुआती पहचान करने में महत्वपूर्ण जांच मानी जाती है। महिला को सबसे पहले ब्रेस्ट में गांठ महसूस हुई थी। झिझक-संकोच के कारण किसी को नहीं बताया। कई महीने बीत गए। अस्पताल में महिला डॉक्टर नहीं मिली तो लौट आई। तकलीफ बहुत बढ़ गई तो जांच कराई। क्लिनिकल एग्जामिनेशन में डॉक्टर को कैंसर की आशंका हुई। इसके बाद मैमोग्राफी कराई गई, फिर बायोप्सी से पता चला उन्हें स्टेज-2 ब्रेस्ट कैंसर है। जल्द पहचान हो तभी इलाज समय पर मिले सच है कि ब्रेस्ट कैंसर तेजी से फैल रहा है। अब तो 20-25 साल के मरीज भी आ रहे हैं। जितनी जल्द इसकी पहचान हो, उतना ही इलाज जल्द संभव हो सकेगा। कुछ समय में 30 से कम उम्र के 50 मरीज आ चुके।-डॉ.संदीप जसुजा, अधीक्षक, स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट ब्रेस्ट कैंसर जांच में AI का इस्तेमाल होना चाहिए स्क्रीनिंग वैन में अल्ट्रासाउंड मशीन से बेहतर जांच हो सकती हैं। 35 से कम उम्र की महिलाओं में अल्ट्रासाउंड मुख्य टेस्ट की तरह काम करता है। किसी भी उम्र में मैमोग्राफी के साथ अल्ट्रासाउंड करें तो बेहतर परिणाम आएंगे। एआई का प्रयोग भी अच्छे परिणाम देगा।-डॉ. प्रशांत शर्मा, सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार देर रात नीट यूजी-2026 का रिजल्ट जारी कर दिया। 11.21 लाख उम्मीदवार मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए हैं। उम्मीदवार अपना स्कोरकार्ड neet.nta.nic.in पर देख सकते हैं। पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक हासिल कर ऑल इंडिया टॉप किया। बिहार के आयुष ने चौथी रैंक हासिल की है। पांशुल और आयुष ने कोटा में रहकर कोचिंग की थी। राजस्थान के 2 स्टूडेंट भी टॉप-10 में शामिल है। उपलक्ष्य गोयल ने 714 नंबर के साथ तीसरी रैंक और गौरव सिंह ने 712 नंबर के साथ 9वीं रैंक हासिल की है। परीक्षा में सफल स्टूडेंटस में 58% से ज्यादा छात्राएं हैं, जबकि 55.1% छात्र हैं। बता दें कि 2 दिन पहले रिकोर्डेड रिस्पॉन्स की जारी होने के बाद से स्टूडेंटस को रिजल्ट का इंतजार था। एनटीए ने फाइनल आंसर-की जारी की और उसके कुछ मिनट बाद ही रिजल्ट जारी कर दिया है। NEET-UG 2026 की परीक्षा 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक ऑफलाइन (पेन-एंड-पेपर) मोड में आयोजित की गई थी। यह परीक्षा 13 भाषाओं में हुई, जिसमें देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ विदेशों के स्टूडेंट्स ने भी हिस्सा लिया। इस साल परीक्षा देश और विदेश के 551 शहरों में बने 5,440 परीक्षा केंद्रों पर कराई गई। राजस्थान के 25 शहरों में इस परीक्षा का आयोजन किया गया था। 577 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन किया गया था। 2027 से कंप्यूटर आधारित होगी NEET परीक्षा पेपर लीक के बाद सरकार ने NEET परीक्षा में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। 2027 से NEET-UG कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) यानी ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। फिलहाल परीक्षा ऑफलाइन (पेन-एंड-पेपर) मोड में होती है। नई व्यवस्था में स्टूडेंट्स कंप्यूटर पर सवाल हल करेंगे। हालांकि, सिलेबस, प्रश्नों की संख्या, विषय और मार्किंग स्कीम में कोई बदलाव नहीं होगा। उम्मीदवारों को ऑनलाइन परीक्षा के लिए पहले से मॉक टेस्ट और डेमो की सुविधा भी दी जाएगी, ताकि वे नए सिस्टम के अनुसार तैयारी कर सकें। सुधारों के लिए बनी थी समिति जून 2024 में शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा सुधारों के लिए पूर्व ISRO अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई थी। समिति को परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सुझाव देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
रायपुर के उरला से सटे तेंदुआ स्थित गोदाम से खैर की अवैध लकड़ियां वन विभाग ने जब्त की थी। लकड़ियां इतनी ज्यादा है कि काउंटिंग दो रात बाद भी पूरी नहीं पाई है। कल सुबह तक संभावना है कि गिनती पूरी हो जाए। वहीं पूरे मामले में मुख्य आरोपी आरोपी मनीष अग्रवाल की आर्थिक गतिविधियों और संपत्तियों की भी जांच कराई जाएगी। इसके लिए विभाग ने आयकर (IT) और जीएसटी विभाग को पत्र भेजा है। जांच में सामने आया कि लकड़ियां मथुरा, हरियाणा और राजस्थान भेजी जानी थी। लंबे समय से चल रहा था कारोबार मनीष अग्रवाल के खिलाफ प्रदेश के अलग-अलग जिलों में खैर सहित अन्य बहुमूल्य वन उत्पादों की तस्करी के आधा दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं। विभाग का मानना है कि यदि लंबे समय से यह अवैध कारोबार चल रहा था। मोबाइल चैट से मिला हरियाणा कनेक्शन जांच के दौरान वन विभाग ने गोदाम के मुंशी इरफान का मोबाइल भी जब्त किया है। इरफान को पूरे मामले में सह आरोपी बनाया है। हालांकि पूछताछ के बाद उसे विभाग ने छोड़ दिया है। इरफान के मोबाइल चैट्स से पता चला है कि लकड़ियां मथुरा, हरियाणा और राजस्थान भेजी जानी थी। यहां लकड़ी को सुखाकर उसका चूरा तैयार किया जाता है। और फिर इस चूरे से कत्था बनता। देखिए जब्त लकड़ियों की तस्वीरें… 4 महीने पहले ही गोदाम किराए में लिया था जांच में सामने आया है कि मनीष अग्रवाल ने तेंदुआ स्थित गोदाम 11 मार्च 2026 को किराए पर लिया था। गोदाम का मासिक किराया 28 हजार रुपये तय हुआ था। जमीन मालिक धर्मवीर सिंह ने भास्कर को बताया कि उसे अग्रवाल के काम की जानकारी नहीं थी अग्रवाल ने यह नहीं बताया था कि गोदाम का इस्तेमाल किस काम के लिए किया जाएगा। धर्मवीर ने बताया अग्रवाल ने सिर्फ गोदाम किराए पर लेने की बात कही थी। उन्हें अग्रवाल के पूराने बैकग्राउंड के बारे में भी नहीं मालूम था।
सीकर के रोडवेज डिपो में गुरुवार को ड्राइवर-कंडक्टरों और अन्य कर्मचारियों ने एकत्रित होकर एक विशाल आक्रोश रैली निकाली। चूरू में सीकर डिपो के कंडक्टर के साथ हुई मारपीट के मामले में कर्मचारियों ने अब प्रशासन और सरकार को खुली चेतावनी दी है। राजस्थान रोडवेज वर्कर्स यूनियन (सीटू) के उप महासचिव श्योदाना राम शेषमा ने बताया कि पुलिस ने पहले आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए 15 जुलाई तक की मोहलत मांगी थी, जिसके बाद 1 दिन का समय और मांगा गया। लेकिन अब कर्मचारियों का सब्र टूट रहा है। यदि अगले 24 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो रोडवेज के ड्राइवर-कंडक्टर हड़ताल पर चले जाएंगे और पूरे प्रदेश में चक्काजाम किया जाएगा। प्राइवेट बस के गुंडों ने की थी मारपीट यूनियन के धूड़ाराम गुर्जर ने बताया कि सीकर डिपो के कंडक्टर सुरेंद्र कुमार के साथ चूरू के कनेक्ट चौराहे पर प्राइवेट बस संचालकों के गुंडों ने बेरहमी से मारपीट की थी। इस घटना के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों ने आज आक्रोश रैली निकालकर प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया। रैली के दौरान कर्मचारियों ने लोक परिवहन बसों, अवैध प्राइवेट बसों और प्रशासन के ढुलमुल रवैये के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी से मारपीट बर्दाश्त नहीं सीटू प्रदेशाध्यक्ष सीटू के प्रदेशाध्यक्ष रामदेव सिंह टाकरिया ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी के साथ इस तरह की गुंडागर्दी और मारपीट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वर्कर्स यूनियन ने इस संबंध में चूरू के जिला कलेक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक (SP) को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की थी। पुलिस द्वारा समय पर कार्रवाई न किए जाने के कारण ही अब चक्काजाम और बड़े आंदोलन की तैयारी की जा रही है। इस घटनाक्रम से राजस्थान रोडवेज के उच्च प्रबंधन और परिवहन आयुक्त को भी अवगत करा दिया गया है।
रेवाड़ी जिले के राजस्थान से सटे कुंड कस्बे में दो पंचायतों की सीमा पर स्थित सड़क कई वर्षों से जर्जर हालत में है। इस सड़क पर गड्ढे होने के कारण रोजाना हजारों राहगीर, स्कूली बच्चे और वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। यह सड़क कुंड मंडी चौक से राजस्थान के महतावास, अर्डिंद और चीताडूंरा सहित दर्जनों गांवों को जोड़ती है। एडवोकेट राहुल यादव ने बताया कि पंचायत द्वारा सीवर लाइन बिछाने के लिए सड़क को खोदा गया था, लेकिन उसके बाद नई सड़क बनाने का काम अधूरा छोड़ दिया गया। सड़क पर जगह-जगह सिर्फ पत्थर पड़े हैं और कई सीवर के ढक्कन खुले हैं, जो रात के अंधेरे में दिखाई नहीं देते। बारिश में गड्ढों में पानी भर जाने से स्कूली बच्चे और राहगीर अक्सर फंस जाते हैं। दोनों पंचायत एक-दूसरे पर डाल रही जिम्मेदारी : संजय टूटी सड़क से उड़ने वाली धूल से स्थानीय लोगों में सांस की बीमारियां होने का खतरा बना हुआ है। आए दिन छोटे बच्चे और बुजुर्ग फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। स्थानीय निवासी संजय ने कहा कुंड और मनेठी पंचायत के बीच यह सड़क विवाद का विषय बन गई है। दोनों पंचायतें एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रही हैं। लोगों ने बताया कि इस संबंध में कई बार पंचायत, ग्राम सचिव, बीडीपीओ और उच्च अधिकारियों को शिकायत की गई है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। कुंड पंचायत को सौंप दी गई थी सड़क : मनेठी सरपंच गांव मनेठी के सरपंच देशराज ने जानकारी दी कि सड़क का काम लिखित रूप से कुंड पंचायत को सौंप दिया गया है।अब कुंड पंचायत ही महतावास फाटक वाली सड़क का निर्माण कराएगी। प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा : आनंद शर्मा गांव कुंड के सरपंच प्रतिनिधि आनंद शर्मा ने बताया कि सांसद कोटे से लगभग 11 लाख रुपए खर्च कर सीवर लाइन बिछाई गई थी। अब मनेठी पंचायत ने सड़क निर्माण की जिम्मेदारी अब कुंड पंचायत को सौंप दी गई है। उन्होंने कहा कि कुंड पंचायत की बैठक में प्रस्ताव पारित कर ग्रांट के लिए उच्च स्तर पर भेजा जाएगा और करीब एक महीने के भीतर सड़क निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है,ताकि बच्चों,बुजुर्गों और आम राहगीरों को रोजाना की परेशानी और दुर्घटना का खतरा कम हो सके।
शहडोल में रीवा लोकायुक्त की रिश्वतखोरी कार्रवाई के बाद शहडोल के स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जयसिंहनगर विकासखंड के उफरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर डॉ. महेश चंद्र शर्मा पर पहचान चोरी कर सरकारी नौकरी हासिल करने का आरोप लगा है। राजस्थान के डीग जिले में पदस्थ असली डॉ. महेश चंद्र शर्मा ने जयसिंहनगर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि उनके शैक्षणिक दस्तावेजों का दुरुपयोग कर वर्षों तक मध्यप्रदेश में नौकरी की गई। लोकायुक्त कार्रवाई के बाद सामने आया मामला शिकायतकर्ता डॉ. महेश चंद्र शर्मा ने बताया कि हाल ही में रीवा लोकायुक्त द्वारा शहडोल में रिश्वत लेते पकड़े गए डॉक्टर की खबर सोशल मीडिया और समाचारों में देखने के बाद उन्हें पूरे मामले की जानकारी मिली। इसके बाद वे शहडोल पहुंचे और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। रिश्तेदार पर लगाए दस्तावेजों के दुरुपयोग के आरोप शिकायत के मुताबिक, उनके रिश्ते के चाचा सतीश शर्मा ने उनके शैक्षणिक प्रमाणपत्रों और फोटो का इस्तेमाल कर मध्यप्रदेश में मेडिकल ऑफिसर के पद पर नौकरी हासिल कर ली। आरोप है कि पहचान के लिए अपना आधार कार्ड लगाया गया, जबकि शैक्षणिक योग्यता संबंधी दस्तावेज शिकायतकर्ता के थे। राजस्थान में पदस्थ हैं असली डॉक्टर शिकायतकर्ता डॉ. महेश चंद्र शर्मा वर्तमान में राजस्थान के डीग जिले के पूछरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल ऑफिसर के रूप में कार्यरत हैं। उनका कहना है कि परिवार को भी यह बताया जाता रहा कि आरोपी कोटा में कोचिंग का कार्य करता है। तीन जिलों में पदस्थापना पर उठे सवाल लोकायुक्त जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि संबंधित डॉक्टर अलग-अलग समय में शहडोल, श्योपुर और खरगोन जिलों से जुड़ा रहा। जानकारी के अनुसार फरवरी 2023 से वह खरगोन जिले के सेगांव ब्लॉक में भी पदस्थ था। ऐसे में एक ही व्यक्ति की अलग-अलग जिलों में पदस्थापना को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। जयसिंहनगर थाना प्रभारी अजय बैगा ने बताया कि राजस्थान से आए डॉ. महेश चंद्र शर्मा की शिकायत दर्ज कर ली गई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
विवेक चौधरी राजस्थान सचिवालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष निर्वाचित
राजस्थान सचिवालय कर्मचारी संघ के वार्षिक चुनाव में विवेक चौधरी वर्ष 2026-27 के लिए अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। चुनाव में कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक मतदान किया। कुल 1,482 मतदाताओं में से 1,399 कर्मचारियों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतगणना में विवेक चौधरी को सर्वाधिक 872 मत प्राप्त हुए, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी हर्षित शर्मा को 379 मत मिले। इसके साथ ही विवेक चौधरी ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। निर्वाचन अधिकारी के.आर. मीणा ने चुनाव परिणाम की औपचारिक घोषणा की।
राज्य सरकारों की जनकल्याणकारी योजनाओं और पोर्टल्स पर हैकर्स के बड़े साइबर हमले हो रहे हैं। हैकर्स आम लोगों और लाभार्थियों का डेटा डार्क-वेब पर बेच रहे हैं। इसका खुलासा तब हुआ जब भास्कर टीम ने 5 आईटी एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर 100 घंटे तक इन्वेस्टिगेशन की। इस पड़ताल में सामने आया कि भारत के नागरिकों का डेटा डार्क-वेब के जरिए रूस के साइबर बाजारों में खुलेआम बिक रहा है। सरकारी पोर्टल्स के लॉगिन आईडी और पासवर्ड की कीमत महज 10 डॉलर (लगभग 930 रुपए) रखी गई है। डार्क-वेब पर ‘बिग ब्रदर’ नाम के एक पेज पर देश के 17 महत्वपूर्ण सरकारी विभागों का डेटा बिक्री के लिए उपलब्ध है। इनमें छत्तीसगढ़, केरल, बिहार, महाराष्ट्र वन विभाग, कोल इंडिया और राष्ट्रीय आयुष मिशन जैसे संवेदनशील विभाग शामिल हैं। पड़ताल में यह भी सामने आया कि देश में जितने म्यूल अकाउंट और फर्जी पहचान के मामले आ रहे हैं, उनके लिए डेटा यहीं से खरीदा जा रहा है। जब टीम भास्कर ने डार्क-वेब और इससे जुड़े टेलीग्राम के ‘स्लम फ्री’ चैनल पर पड़ताल शुरू की, तो हैकर्स ने टीम के सिस्टम पर भी वायरस फाइलों के जरिए जवाबी हमला कर दिया। हैकर्स का मकसद सिस्टम में घुसकर फेसबुक प्रोफाइल और तस्वीरों सहित सभी निजी जानकारियां चुराना था। भास्कर एक्सपर्ट अभिषेक त्रिपाठी, साइबर एक्सपर्ट लापरवाही पर 1 करोड़ तक जुर्माना अपराधी डार्क-वेब से नागरिकों के सरकारी दस्तावेज और निजी डेटा खरीदकर फर्जी आईडी बनाते हैं। इसका उपयोग ‘म्यूल अकाउंट’ खोलने व वित्तीय धोखाधड़ी में किया जाता है। यदि हैकर्स के हाथ ‘सुपर यूजर’ या एडमिन अकाउंट लग जाता है, तो वे सीधे लाभार्थियों को मिलने वाली सरकारी सहायता को किसी अन्य फर्जी खाते में ट्रांसफर कर सकते हैं। नवंबर 2027 से देश में डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट लागू होगा। तब सरकारी विभाग से लोगों का डेटा लीक होने पर संबंधित विभाग पर 1 करोड़ रुपए तक जुर्माना लग सकेगा। साइबर हमलों की स्थिति… जांच में सामने आया कि हैकर्स ने मुख्य रूप से ‘वाइडर’, ‘रंधामाइट्स’और ‘लूमा सी-2’ जैसे खतरनाक वायरस का इस्तेमाल करके डेटा चुराया है 1. राजस्थान (पोर्टल: sso.rajasthan.gov.in और janadhar.rajasthan.gov.in) 2. मध्य प्रदेश (राजस्व विभाग पोर्टल: saara.mp.gov.in) वाइडर वायरस से प्रभावित मिला 3. बिहार (पोर्टल: sspmis.bihar.gov.in और 7-निश्चय पोर्टल), ये एक्रीड वायरस प्रभावित
हरियाणा के BJP नेता नरेंद्र लुबाना के भाई रतन लुबाना पर फायरिंग केस में अब हैंडलर शकील अंसारी से पूरा खुलासा करवाया जाएगा। शकील अंसारी का पंचकूला पुलिस ने प्रोडक्शन मांगी है, जिस पर आज फैसला होगा।पंजाब के हार्डकोर क्रिमिनल और रोहित गोदारा गैंग के हैंडलर शकील अंसारी ने मर्डर के लिए तुर्की और आस्ट्रिया मेड वो हथियार भेजे थे, जिनका प्रयोग सिंगर सिद्धू मूसेवाला मर्डर में हुआ था। BJP नेता नरेंद्र लुबाना के भाई रतन लुबाना को मारने आए पंजाब के दोनों शूटरों के लिए हथियार मोहाली के जीरकपुर में रखवाए गए थे। जिसकी लोकेशन और फोटो दोनों शूटर को भेजी गई थी। उस लोकेशन से दोनों शूटर ने हथियार उठाए थे और वारदात को अंजाम दिया था। पंजाब के लुधियाना निवासी हार्डकोर बदमाश शकील अंसारी श्रीगंगानगर में किसी बड़ी फायरिंग की वारदात को अंजाम देने की फिराक में पहुंचा था। बाइक पर गए शकील अंसारी को राजस्थान पुलिस ने रोकने का प्रयास किया, तो उसने फायरिंग कर दी। दोनों ओर से कई राउंड गोलियां चली। इसी दौरान पुलिस की गोली शकील अंसारी के पैर में लगी, जिससे वह घायल होकर गिर गया। सबसे पहले जानिए, कैसे हुई लुबाना पर फायरिंग… सेक्टर-5 की मार्केट में आधी रात को हमला: बुधवार रात 12 बजे के करीब रतन लुबाना सेक्टर-5 के स्विस सड़क किनारे खड़ी अपनी कार की तरफ जाते हुए दिखाई देते हैं। इस दौरान वह वहां मौजूद एक व्यक्ति से कुछ देर बातचीत करते नजर आते हैं। बातचीत के बाद जैसे ही वो लांज के पास गुजर रहे थे, तभी उनके सामने अचानक बाइक पर सवार दो युवक आए। अचानक दो युवक पिस्तौल लेकर पीछे भागे: इसके बाद कि अचानक दो युवक पिस्तौल लेकर रतन लुबाना के पीछे भागने लगते हैं। जिनसे बचने के लिए रतन लुबाना भागते हुए एक बार गिर भी जाते हैं। लेकिन उसके बाद उठकर फिर दौड़ लगाते हैं। घटना के दौरान आसपास काफी लोग मौजूद थे, जो वीडियो में दिख रहा है। लेकिन किसी ने भी दोनों शूटरों को पकड़ने की हिम्मत नहीं दिखाई। तेजी से न भागते तो जान बचना मुश्किल था: सीसीटीवी फुटेज से साफ दिख रहा है कि बदमाश उन्हें जान से मारने के इरादे से ही आए थे। वो लगातार सेमी-ऑटोमेटिक पिस्टल से गोलियां चला रहे हैं। निशाना न चूके, इसलिए दोनों हाथों से पिस्टल को थाम रखा है। यदि लुबाना हिम्मत करके तेजी से दौड़ न लगाते तो उनका बचना मुश्किल था। रतन लुबाना को गोली मारकर जो शूटर वापस लौट रहे थे, तो उन्हें देखकर वहां मौजूद लोग वहां से भाग जाते हैं। फायरिंग के बाद ही लुबाना को मोबाइल पर कॉल रतन लुबाना पर फायरिंग होने के कुछ देर बाद ही उनके मोबाइल पर कॉल आई। कॉल लुबाना के परिवार ने रिसीव की। कॉलर ने खुद को गैंगस्टर रोहित गोदारा बताया। पूछा-कितनी गोलियां लगी हैं इसको। परिवार के लोगों ने कहा कि हमें तो इसकी अभी जानकारी नहीं है। कॉलर बोला-यह दूसरों को 3 करोड़ रुपए दे रहा है। इसको गोली तो लगनी थी, आज नहीं तो कल मरेगा। पहले भी रंगदारी की कॉल आई थी रतन लुबाना सेक्टर-5 में ही एक क्लब में पार्टनर हैं। इसके अलावा उनके और बिजनेस भी हैं। परिवार के सूत्रों का कहना है कि लुबाना के पास पहले भी रंगदारी मांगने के लिए कॉल आई थी। हालांकि यह कॉल किसकी थी, कितने पैसे मांगे गए थे और तब पुलिस ने क्या कार्रवाई की गई, इसकी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। परिवार भी अभी सहमा हुआ है और कुछ भी कहने से बच रहा है। एनकाउंटर के बाद के PHOTOS… जानिए कैसे हुआ एनकाउंटर और शूटर कौन… मट्टावाला फ्लाईओवर के पास नाकाबंदीः बताया जा रहा है कि फायरिंग की घटना के समय डिटेक्टिव स्टाफ का एक जवान मौके पर मौजूद था। जिसने शूटरों का पीछा करना शुरू किया और घटना की वीटी करवाई। सूचना पाकर डिटेक्टिव टीम, क्राइम ब्रांच-26 और ANC टीम हरकत में आई और मट्टावाला फ्लाईओवर के पास नाकाबंदी कर दी। नाकाबंदी देख शूटरों ने की फायरिंग: शूटरों ने पीछा कर रहे पुलिस जवान की गाड़ी पर बेला बिस्टा चौक व नाडा साहिब एरिया में भी फायरिंग की। हालांकि किसी को गोली नहीं लगी। जिसके बाद बदमाश फायरिंग करते हुए भागने लगे तो पुलिस ने जवाबी फायर किया। दोनों बदमाशों के घुटनों पर लगी गोलियां : पंचकूला पुलिस की टीमों जब शूटरों पर जवाबी फायरिंग की तो दोनों के पैरो में घुटनों पर 2-2 गोलियां लगी है, जिन्हें पंचकूला के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से ब्लीडिंग ज्यादा होने के चलते उन्हें चंडीगढ़ PGI रेफर कर दिया गया। गोल्डी-गोदारा गैंग के शूटर : एनकाउंटर में पकड़े शूटरों की पहचान पंजाब के लुधियाना निवासी जसविंद्र व होशियारपुर निवासी हरप्रीत के तौर पर हुई है। दोनों ही बदमाश गोल्डी बराड़ व रोहित गोदारा गैंग के शूटर हैं। जसविंद्र लुधियाना पर हत्या के प्रयास में 2 मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। दोनों बदमाशों ने की 18 राउंड फायरिंग : पंजाब से आए दोनों शूटरों ने पुलिस व पार्षद के देवर रतन लुबाना पर करीब 18 राउंड फायरिंग की है। आरोपियों के पास से 2 सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल मिली है। जिसमें 10 कारतूस लोड होने वाली मैग्जीन लगी हुई थी।
यूसीसी पर अब आमजन से मांगे सुझाव:क्यूआर स्केन करके घर बैठे दे सकते हैं महत्वपूर्ण सुझाव
राज्य सरकार ने प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कानून को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने इस प्रस्तावित कानून पर आम जनता, विशेषज्ञों और प्रबुद्ध नागरिकों से उनके सुझाव और विचार आमंत्रित किए हैं। इसके लिए आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल और क्यूआर कोड जारी किया गया है। ऐसे कर सकते हैं सुझाव साझा आमजन अपने विचार और सुझाव बेहद आसान तरीके से सरकार तक पहुंचा सकते हैं। आमजन यूसीसी की आधिकारिक वेबसाइट ucc.rajasthan.gov.in पर जाकर अपने सुझाव दर्ज कर सकते हैं। वहीं, क्यूआर कोड स्कैन करके भी आधिकारिक वेबसाइट पर पहुंचा जा सकता है। इसके बाद आमजन वहां दिए गए दिशा-निर्देशों और प्रक्रिया के अनुसार अपने विचार और फीडबैक सबमिट कर सकेंगे। बता दें, दो दिन पहले कलेक्ट्रेट में यूसीसी प्रारूप समिति सदस्य और अतिरिक्त महाधिवक्ता बसंत सिंह छाबड़ा की अध्यक्षता में जनसुनवाई हुई थी। इसमें आमजन से यूसीसी पर सुझाव मांगे गए थे] लेकिन यहां लोगों की संख्या बेहद कम रही थी।
जयपुर में उपराष्ट्रपति एसपी राधाकृष्णन ने कहा- विकसित राजस्थान के बिना विकसित भारत नहीं बन सकता है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने लक्ष्य दिया है। यह लक्ष्य पाने के लिए सशक्त संस्थाएं जरूरी हैं। संस्थाएं तब विकसित होती हैं, जब नेतृत्व मजबूत चरित्र वाला हो। विधायक विधानसभा की गरिमा बनाए रखने के लिए काम करें। उन्होंने कहा- राजनीति में काम करने वाले सेवा करना जारी रखें। तो सही समय पर पुरस्कार अपने आप मिल जाएगा। उपराष्ट्रपति जयपुर में बुधवार को राजस्थान विधानसभा में विधायी गौरव यात्रा के समापन समारोह में बोल रहे थे। वहीं कार्यक्रम में लोकसभाध्यक्ष ओम बिरला ने कहा- सदन में चाहे कितना तनाव हो, स्पीकर के चेहरे पर नहीं आना चाहिए। मैं जब स्पीकर बना तो लोकसभा में बार-बार सीट से उठकर ‘आसन पैरों पर है…’ कहना पड़ता था। तब एक सांसद ने सलाह दी कि स्पीकर का बार-बार सीट पर खड़े होना ठीक नहीं है, इससे गरिमा नहीं रहती। हर व्यक्ति कुछ न कुछ सिखा जाता है। अब संसद में चाहे कितना ही हंगामा हो, मैं खड़ा नहीं होता। विधायक सदन की चर्चाओं में भाग लें, बड़ा बदलाव ला सकते हैं उपराष्ट्रपति एसपी राधाकृष्णन ने कहा- चुनाव के समय जनता के मतों से जीतते हैं, लेकिन दिलों को तभी जीत सकते हैं, जब लोगों की भलाई के लिए काम करें। चुनाव जीतना अहम है, लेकिन उसे भी महत्वपूर्ण यह है कि आप जनता की सेवा कर रहे हैं या नहीं। मतभेद हो सकते हैं, लेकिन राजस्थान के विकास की भावना एक सूत्र में बांधे रखती है। लोकतंत्र राजनीतिक मतभेदों से बड़ा होता है। उपराष्ट्रपति ने पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत, राजेश पायलट, पूर्व सीएम अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे को याद करते हुए उनके साथ संसद में किए काम का जिक्र किया। उपराष्ट्रपति ने कहा- वाजपेयी सरकार के समय संसद की टैक्सटाइल समिति में खूब काम किया। उस समय दिए गए सुझावों को सरकार ने माना। इसमें टैक्सटाइल सेक्टर को पूरी तरह मॉडर्न करने का सुझाव दिया था। एक विधायक के रूप में जो काम मिला है, उसे जी-जान से करने में जुट जाएं। आप किसी पक्ष के हों। आप प्रश्नकाल, शून्यकाल और सदन की चर्चाओं में योगदान देते हैं तो बड़ा बदलाव आ सकता है। उपराष्ट्रपति ने कहा- विधायक राष्ट्र और संविधान को सर्वोपरि रखें। इतिहास महाराणा प्रताप को नहीं भूल सकता, चेतक को नहीं भुला सकता। आप निष्ठा से काम करेंगे तो नेता बनेंगे और समाज को दिशा देंगे। गीता में सीख है कि निष्ठा से कर्म करते रहिए। आप फल की चिंता नहीं करें। कठोर परिश्रम करने वाले को ईश्वर पुरस्कृत करता है। अगर कठोर परिश्रम करने वाले को पुरस्कृत नहीं करते तो वो ईश्वर नहीं हो सकते। बिरला बोले- सदन में चाहे कितना तनाव हो, स्पीकर के चेहरे पर नहीं आना चाहिए लोकसभाध्यक्ष ओम बिरला ने स्पीकर वासुदेव देवनानी पर चुटकी लेते हुए कहा- मैंने विधानसभा अध्यक्षजी को भी कहा कि सदन में अध्यक्ष सबका होता है। सदन में कितना ही तनाव हो, अध्यक्ष के आसन पर बैठे व्यक्ति के चेहरे पर नहीं दिखना चाहिए। इस पर वहां मौजूद विधायकों, पूर्व विधायकों ने जमकर ठहाके लगाए। बिरला ने कहा- कई बार सदन में उत्तेजना होती है। मुझे कुछ सदस्य सलाह देते हैं कि आपके चेहरे पर तनाव था, जो नहीं होना चाहिए था। इस तरह सीखते रहना चाहिए। मैं जब पहली बार संसदीय सचिव बना था, तब जनसुनवाई कर रहा था, लोग ज्यादा आ गए। मेरे एक कार्यकर्ता ने कहा- आज आपके चेहरे पर तनाव है। मैंने उस कार्यकर्ता की बात से सीख ली और आगे से ध्यान रखा कि चाहे कितनी भीड़ हो चेहरे पर तनाव नहीं दिखना चाहिए। हंगामा करने से कोई नेता नहीं बनता बिरला ने कहा- पहली बार जीतकर संसद गया तो लगा पांच साल का समय कैसे निकालेंगे। राजस्थान विधानसभा से ही संस्कार मिले हैं। इस विधायी पाठशाला से सीखा हुआ अनुभव काम आया। हंगामा करने से कोई नेता नहीं बनता। संसद-विधानसभा की डिबेट देखते हैं, उसमें क्या बोला है इतिहास में उसकी चर्चा होती है। संसद और विधानसभाओं में मुद्दे उठाने से ही नेता बनते हैं। हम ऐसा सिस्टम बना रहे हैं कि सभी विधानसभाओं के अंदर एक नाम डालने पर उसकी आज तक की डिबेट आ जाएगी। मैं न वकील रहा न एक्सपर्ट, सीखते-सीखते स्पीकर के तौर पर 7 साल निकाले ओम बिरला ने कहा- मैं न वकील रहा, न अनुभवी विशेषज्ञ रहा, लेकिन सीखता गया। आज सीखते-सीखते लोकसभा स्पीकर के तौर पर 7 साल निकल गए। आज कई वरिष्ठ विधायक हैं, जो लगातार विधनसभा में बैठते हैं, चर्चाओं में हिस्सा लेते हैं। संसद और विधानसभााओं में आजकल आए, भाषण दिया और चले गए, यह चल रहा है। जो जितना अध्ययन करेगा, उतना ही अच्छा भाषण देगा। आज भी लोग भैरोंसिंह शेखावत को याद करते हैं। उपराष्ट्रपति के तौर पर उन्हें दिल्ली में कई नेता याद करते हैं। देश-प्रदेश का नेता बनने का प्लेटफार्म हैं संसद और विधानसभा बिरला ने कहा- मंत्रियों से आग्रह रहता है कि हमेशा जो सवाल पूछा जाए, उतना ही उसका सटीक जवाब दें। देश और राज्य का नेता बनने का एक ही प्लेटफार्म है संसद और विधानसभा। नेता बनने की पाठशाला संसद और विधानसभा है। सीएम बोले- हमें विधानसभा की बैठकों की संख्या बढ़ानी चाहिए सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा- सदन की बैठकों की संख्या बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। हमें सदन की बैठकों की संख्या को बढ़ाना चाहिए। विधायक सदन में कितना समय लगा रहे हैं, वे अपना दायित्व कितना निभा रहे हैं। हम मतभेदों को भुलाकर जनहित में काम करेंगे, तभी लोगों को भला होगा और प्रदेश तरक्की करेगा। सीएम ने कहा- विधायकों को राजस्थान की दशा दिशा तय करने भूमिका तय करनी चाहिए। सदन में वरिष्ठ नेताओं विधायकों ने कई सुझाव दिए हैं। समय-समय पर सदन में दिए गए ऐसे सुझावों को एक जगह एकत्र कर प्रकाशित करना चाहिए। 100 साल के पूर्व विधायक पंडित रामकिशन सहित 26 मौजूदा-पूर्व विधायक सम्मानित समारोह में 100 साल के पूर्व विधायक पंडित रामकिशन शर्मा सहित 26 मौजूदा और पूर्व विधायकों को सम्मानित किया गया। पंजाब के राजयपाल गुलाबचंद कटारिया, स्पीकर वासुदेव देवनानी, पूर्व स्पीकर सीपी जोशी, दीपेंद्र सिंह शेखावत को भी सम्मानित कया गया। राव राजेंद्र सिंह, किरोड़ी लाल मीणा, घनश्याम तिवाड़ी, प्रद्युम्न सिंह, देवी सिंह भाटी, राजेंद्र राठौड़, मदन दिलावर, हेमाराम चौधरी, डॉ. बीडी कल्ला, महादेव सिंह खंडेला, परसराम मोरदिया, कालीचरण सराफ, परसादी लाल मीणा, दयाराम परमार, प्रताप सिंह सिंघवी, राजेंद्र पारीक, श्रवण कुमार, पुष्पेंद्र सिंह, फतेह सिंह, नारायण सिंह को सम्मानित किया गया।
फलोदी में एसीबी राजस्थान का स्थापना दिवस मनाया:भ्रष्टाचार उन्मूलन का संकल्प लिया, जनसहयोग पर जोर
राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) का स्थापना दिवस बुधवार को फलोदी में मनाया। इस अवसर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ जनजागरूकता और पारदर्शी प्रशासन के संकल्प को दोहराया गया। कार्यक्रम में एसीबी भूपेंद्र सिंह शेखावत ने अधिकारियों और कर्मचारियों को ईमानदारी, निष्पक्षता तथा कर्तव्यनिष्ठा से कार्य करने का संदेश दिया। इस अवसर पर एसीबी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भ्रष्टाचार मुक्त समाज के निर्माण के लिए अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का संकल्प लिया। शेखावत ने इस दौरान कहा कि भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जनसहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आमजन से बिना किसी भय के भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतें एसीबी तक पहुंचाने का आग्रह किया, ताकि दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा सके। कार्यक्रम में एसीबी के कर्मचारियों के साथ क्षेत्र के गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे। इसका समापन भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और स्वच्छ एवं जवाबदेह प्रशासन की भावना को मजबूत करने के संदेश के साथ हुआ।
सिरसा जिले के गांव सकता खेड़ा ढाणी से 12 जुलाई की रात से लापता एक युवक का शव राजस्थान कनाल के लखूवाली हेड के पास मिला है। सूचना मिलने पर चौटाला पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। बुधवार को उपमंडल अस्पताल डबवाली में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान 42 वर्षीय बलजीत सिंह उर्फ अमानी के रूप में हुई है, जो गांव सकता खेड़ा ढाणी निवासी त्रिलोक सिंह के पुत्र थे। मृतक के चाचा गुरदित्ता सिंह ने पुलिस को बताया कि बलजीत सिंह 12 जुलाई की रात करीब 9 बजे अपनी काले रंग की होंडा बाइक पर घर से निकला था। मृतक बलजीत अविवाहित था। देर रात तक उनके वापस न लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों, दोस्तों और संभावित स्थानों पर खोजबीन के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला। जिसके बाद चौटाला पुलिस चौकी में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस बलजीत की तलाश में जुटी रही और राजकनाल में गोताखोर बुलाकर सर्च अभियान शुरू किया। राजकनाल हेड पर शव की मिली सूचना इसके बाद पुलिस को राजस्थान कनाल के लखूवाली हेड के पास एक शव मिलने की सूचना मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और उसकी पहचान बलजीत सिंह उर्फ अमानी के तौर पर की। इस खबर के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। चौकी प्रभारी बोले- शव परिजनों को सौंपा चौटाला पुलिस चौकी के जांच अधिकारी (आईओ) प्रदीप कुमार ने बताया कि मृतक के चाचा गुरदित्ता सिंह के बयानों के आधार पर इत्तेफाकिया मौत (इनक्वेस्ट) की कार्रवाई की गई है। उन्होंने पुष्टि की कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
घरेलू सर्राफा बाजार (Bullion Market) में चांदी की खरीदारी करने वालों या कीमती धातुओं में निवेश की योजना बनाने वालों के लिए बुधवार 15 जुलाई 2026 का दिन बड़ी राहत लेकर आया है। वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय बाजारों में चांदी के दाम में ₹1,062 प्रति किलोग्राम की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस मंदड़िया रुख के बाद राष्ट्रीय बाजार में चांदी का भाव फिसलकर ₹2,22,498 प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया है, जबकि बीते कारोबारी सत्र में चांदी ₹5,508 की भारी बढ़त के साथ ₹2,23,560 पर बंद हुई थी।दिल्ली-एनसीआर के सर्राफा बाजार में चांदी का ताजा भावदेश की राजधानी दिल्ली के प्रमुख बुलियन मार्केट में आज 1 किलोग्राम चांदी का आधिकारिक रेट ₹2,22,498 दर्ज किया गया है। दिल्ली में आई इस ₹1,062 की कमी के बाद स्थानीय रिटेल ज्वैलरी मार्केट में अब 10 ग्राम चांदी का फुटकर रेट ₹2,224 और 100 ग्राम चांदी का भाव ₹22,249 के स्तर पर आ गया है। इसके विपरीत, मुंबई के सर्राफा बाजार में आज प्रति किलो चांदी का भाव ₹2,22,350 के स्तर पर ट्रेंड कर रहा है।उत्तर प्रदेश और बिहार में चांदी के दामों में बड़ा उलटफेरभौगोलिक आधार पर स्थानीय करों के कारण उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और राज्य के अन्य हिस्सों में चांदी की कीमत ₹2,24,300 प्रति किलोग्राम दर्ज की गई है, जहां आज ₹1,048 की नरमी देखी गई। वहीं, बिहार की राजधानी पटना में चांदी के शौकीनों को सबसे बड़ा फायदा मिला है, क्योंकि यहाँ सिल्वर का भाव ₹1,506 प्रति किलो की भारी कटौती के साथ ₹2,22,054 पर बंद हुआ।राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के प्रमुख शहरों के रेट कार्डपश्चिमी भारत के सबसे बड़े आभूषण केंद्रों में से एक, राजस्थान के जयपुर शहर में चांदी का भाव ₹1,451 प्रति किलोग्राम कम होकर ₹2,22,109 के स्तर पर आ गया है। इसके अलावा पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा के सर्राफा बाजारों में आज चांदी की कीमतों में समान रूप से स्थिरता देखी गई, जहां दोनों राज्यों में 1 किलोग्राम चांदी का भाव ₹2,22,376 पर खुला।वैश्विक तनाव और अमेरिकी फेड की नीतियों के कारण क्यों टूटी चांदी?कमोडिटी बाजार के विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की कीमतों में आई इस हालिया गिरावट का सीधा संबंध अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव से है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को लेकर सख्त चेतावनी और पश्चिम एशिया में जारी नौसैनिक नाकाबंदी के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार तीसरे दिन बढ़ी हैं। वैश्विक स्तर पर यदि कच्चे तेल के दाम लंबे समय तक ऊंचे बने रहते हैं, तो दुनिया भर में महंगाई (Inflation) बढ़ने का खतरा रहेगा। ऐसे में अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) अपनी ब्याज दरों को लंबे समय तक उच्च स्तर पर रख सकता है, जिसके कारण निवेशक कीमती धातुओं से पैसा निकालकर बांड मार्केट में लगा रहे हैं और इसी वजह से चांदी की कीमतों में यह उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
कोटा की निशानेबाज नांदिका सिंह ने एक बार फिर शानदार प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए राजस्थान का नाम रोशन किया। जयपुर में आयोजित 24वीं राजस्थान स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में नांदिका ने सीनियर कैटेगरी ट्रैप शूटिंग स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर स्टेट शूटिंग चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। इस प्रतियोगिता में प्रदेशभर के कई प्रतिभाशाली शूटरों ने हिस्सा लिया, लेकिन नांदिका ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। नांदिका के कोच और पिता अशोक पाल सिंह ने बताया- सीनियर कैटेगरी में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को स्टेट चैंपियन का अवॉर्ड दिया जाता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में नांदिका का यह तीसरा गोल्ड मेडल है। इससे पहले वह राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित खेलो इंडिया प्रतियोगिता और ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी शूटिंग चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। अब तक 22 पदक जीते नांदिका अब तक पिस्टल शूटिंग और ट्रैप शूटिंग में 22 से अधिक पदक जीत चुकी हैं। लगातार शानदार प्रदर्शन के चलते इसी वर्ष चीन में आयोजित होने वाली वर्ल्ड यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता के लिए भी उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है। जयपुर में आयोजित सम्मान समारोह में पंजाब के पूर्व राज्यपाल वी. पी. सिंह बदनोर ने नांदिका सिंह को गोल्ड मेडल पहनाकर सम्मानित किया।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा कि राजस्थान में सरकार अफसरों के भरोसे चल रही है और यहां भाजपा के अपने पैर पीट रहे लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। वे आज शाम को उदयपुर के जिंक स्मेल्टर, देबारी में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान में जनप्रतिनिधियों की बजाय अधिकारियों के बल पर सरकार चल रही है सत्ताधारी दल के जो मंत्री, सांसद और विधायक भी अपने पैर पीट रहे है उनकी कोई सुन नहीं रहा है न कोई जवाबदेही उनकी तय हो रही है, ये बहुत संकट का समय है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है, पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों अभ्यर्थियों की मेहनत पर पानी फेर दिया और सरकार रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही है। पायलट ने कहा कि छात्रों को निष्पक्ष परीक्षा और पारदर्शी परिणाम चाहिए, लेकिन पेपर और रिजल्ट दोनों में लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली और जयपुर की सरकारें अपने-अपने स्तर पर असफल साबित हुई हैं। राज्य सरकार ने आधा कार्यकाल बीतने के बावजूद जनता से किए गए वादे पूरे नहीं हुए। उन्होंने कानून व्यवस्था, शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा। पायलट ने कहा कि प्रदेश में गर्भवती महिलाओं की मौतों ने स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्कूलों की छतें गिरने से बच्चों की मौत हो रही है, हाईकोर्ट को सरकार को फटकार लगानी पड़ रही है, लेकिन जवाबदेही तय नहीं की जा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क हादसों, अपराध और दुष्कर्म की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने पंचायत, निकाय और छात्रसंघ चुनाव समय पर नहीं कराने को लेकर भी सरकार को घेरा। पायलट ने कहा कि संविधान के अनुसार हर पांच साल में चुनाव कराना अनिवार्य है, लेकिन सरकार जानबूझकर चुनाव टाल रही है क्योंकि उसे जनता के गुस्से का डर है। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पायलट ने कहा कि 12 साल के शासन के बाद सत्ता में अहंकार आ गया है। उन्होंने अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में चंदे से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि करोड़ों रुपये के कथित गबन के मामले में असली जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने प्रधानमंत्री के ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा वाले नारे पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामले में केवल लीपापोती की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब संसद जब चलती है तब कोई जवाब नहीं देता है, विपक्ष की आवाज को दबाने का काम होता है। ये गैर संवैधानिक और गैर कानूनी रूप से परिसीमन का बिल पारित करना चाहते है जबकि एक प्रणाली होती है, जनणगना होती है परिसीमन आयोग बनता है उसके बाद उसकी सिफारिश के बाद संसद में कार्रवाई होती है। ईंधन नीति पर बोलते हुए पायलट ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के एथेनॉल संबंधी निर्णयों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता पर थोपा जा रहे हैं, जबकि लोगों को अपनी पसंद का विकल्प मिलना चाहिए। पायलट ने दावा किया कि आज किसान खुश नहीं है, युवा परेशान है और जनता बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह है और पार्टी का लक्ष्य भाजपा सरकार की नीतियों को जनता के सामने उजागर कर आगामी विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत से सरकार बनाना है। मेरे दौरें में हर जगह कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया। इस दौरान उनके साथ उदयपुर देहात के अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा, शहर अध्यक्ष फतहसिंह राठौड़, मावली विधायक पुष्करलाल डांगी, पूर्व मंत्री डा. मांगीलाल गरासिया, कांग्रेस नेता पंकज शर्मा आदि ने पायलट का स्वागत किया।
पंजाब के पटियाला में ट्रैफिक पुलिस की गुंडागर्दी और रिश्वतखोरी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां तैनात ट्रैफिक इंचार्ज जगविंदर सिंह पर एक ट्रक चालक से 500 रुपये की रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यही नहीं, एक दूसरे वीडियो में ट्रैफिक इंचार्ज कथित तौर पर हाथ जोड़कर माफी मांगते दिख रहे हैं, जबकि अन्य पुलिसकर्मी मामले को रफा-दफा करने के लिए समझौते की मिन्नतें कर रहे हैं। यह आरोप राजस्थान के बीकानेर निवासी ट्रक चालक शाम लाल ने लगाया है, जो एक यूट्यूबर भी हैं। शाम लाल ने बताया कि वह अपने ट्राले (बड़े ट्रक) के साथ सरहिंद बाईपास से गुजर रहे थे। इसी दौरान वहां तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने उनके वाहन को चेकिंग के बहाने रोक लिया। पैसे न देने पर दूसरे ड्राइवर का काटा ₹2500 का चालान शाम लाल का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने जबरन चालान काटने की धमकी दी और बचने के एवज में 500 रुपये ऐंठ लिए। इसी नाके पर हरियाणा के चीका निवासी एक अन्य ट्रक चालक संदीप सिंह से भी पुलिसकर्मियों ने 'एंट्री फीस' मांगी। जब संदीप ने पैसे देने से साफ मना कर दिया, तो पुलिस ने गुस्सा निकालते हुए उसका 2500 रुपये का भारी-भरकम चालान काट दिया। दोबारा फोटो खींचने पहुंचे इंचार्ज, तो ड्राइवर ने ऑन कर दिया कैमरा 500 रुपये देने के बाद शाम लाल ने अपने ट्रक को कुछ दूरी पर रोका और वो संदीप के ट्रक की तस्वीरें लेने लगे। आरोप है कि तभी ट्रैफिक इंचार्ज जगविंदर सिंह मोटरसाइकिल पर वहां आ धमके और बदले की भावना से शाम लाल के ट्राले की तस्वीरें खींचने लगे ताकि दोबारा चालान किया जा सके। इस पर शाम लाल ने तुरंत मोबाइल निकालकर वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया, पहले हमसे 500 रुपये रिश्वत ली गई और अब दोबारा चालान करने के लिए गाड़ी की फोटो खींची जा रही है। खुद को कैमरे में कैद होता देख ट्रैफिक इंचार्ज तुरंत अपनी मोटरसाइकिल उठाकर वहां से खिसक गए। थाने पहुंची शिकायत, पुलिस विभाग ने साधी चुप्पी पीड़ित ट्रक चालक शाम लाल ने इस पूरी ज्यादती के खिलाफ थाना अर्बन एस्टेट में लिखित शिकायत दर्ज करा दी है। इस बीच, सोशल मीडिया पर वायरल हुए दूसरे वीडियो में ट्रैफिक इंचार्ज अपनी गलती पर माफी मांगते और बाकी पुलिसकर्मी शिकायत न करने के लिए समझौते का दबाव बनाते दिख रहे हैं। हालांकि, इस पूरे मामले और वायरल वीडियो को लेकर अभी तक पुलिस विभाग के आला अधिकारियों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
कोटा पुलिस की गिरफ्त में आया एमपी का युवक 5 महीने में 1.50 लाख के नकली नोट बाजार में चला चुका। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि खरीददारी के बहाने आरोपी युवक ने राजस्थान बॉर्डर के गांव में ये जाली नोट चलाए हैं। रविवार शाम को बपावर थाना क्षेत्र में आरोपी जाली नोट से खरीददारी कर रहा था। लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी के पास से 59300 (200 के 50-50 के 4 बंडल, 200 के 85 नोट व 100 के 23 नोट) के नकली नोट बरामद किए थे। ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि आरोपी आनंद कुशवाह (40) एमपी के गुना का रहने वाला है। मजदूरी करता है। 5-6 महीने पहले सोशल मीडिया के जरिए आनंद की दोस्ती गुना निवासी रवि से हुई। इसके बाद आनंद ने रवि से नकली नोट लिए। आरोपी ने 20 हजार में 50 हजार के नकली नोट खरीदे। फिर उन नकली नोटों को खपाने एमपी से सटे राजस्थान के गांव में आता था। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अब तक तीन बार (20-20 हजार देकर) रवि से नकली नोट की खेप ले चुका है। बपावर से पहले आरोपी बारां जिले छबड़ा, छिपाबडोद इलाके में नकली नोट चला चुका था। 200 का नोट देकर 50 का व 100 का नोट देकर 20 का सामान खरीदता आरोपी शातिर तरीके से नकली नोटों को बाजार में चलाता था। वो 200 रुपए का नकली नोट देकर 50 रूपए तक का सामान खरीदता। वहीं, 100 का नकली नोट देकर 20 रूपए तक के आइटम खरीदता था। बाकी असली नोट ले लेता था। नकली नोट देखने में हूबहू असली जैसे दिखते हैं। पुलिस ने जब इनकी जांच की तो 200 की गड्डी पर एक ही सीरीज के नोट मिले। 100 के नोट एक ही नंबर की सीरीज के थे। उन पर वाटर मार्क नहीं था। इनका कागज असली नोटों से हल्का था। ----------------------- ये खबर भी पढ़े- कोटा में नकली नोट खर्च करता एमपी का युवक पकड़ा:दुकानदार को 200 रुपए देकर सामान खरीदा, शक होने पर भागने लगा; 59 हजार रुपए मिले
राजस्थान में लगातार बढ़ रहे अपराधों को लेकर मुख्यमंत्री ने अब कड़ा रुख अपनाते हुए अपराधियों को सीधे तौर पर 'चेतावनी' जारी कर दी है। एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान सीएम ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राजस्थान की धरती पर किसी भी प्रकार का आपराधिक कृत्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम के इन सख्त तेवरों से अपराधियों में हड़कंप मच गया है। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि अपराधियों के मन में कानून का डर इस कदर होना चाहिए कि उनका नाम सुनते ही रूह कांप जाए। इस बार सरकार ने केवल अपराधियों पर ही नहीं, बल्कि काम में ढिलाई बरतने वाले अफसरों की भी जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करने का फैसला लिया है।'जवाबदेही' तय: ढील बरतने वाले अफसरों पर गिरेगा गाजसीएम ने निर्देश देते हुए कहा कि केवल थानों तक ही जिम्मेदारी सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जिला स्तर के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी अपने क्षेत्र में होने वाली घटनाओं के लिए सीधे तौर पर जवाबदेह ठहराया जाएगा। यदि किसी क्षेत्र में अपराध का ग्राफ बढ़ता है या पुलिस की कार्रवाई में देरी पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों को अपनी कुर्सी से हाथ धोना पड़ सकता है। सरकार अब हर 15 दिन में पुलिस थानों और जिलों के परफॉर्मेंस का रिव्यू करेगी, ताकि जमीनी स्तर पर अपराधियों में पुलिस का इकबाल बुलंद हो सके।अपराधों पर नकेल: सरकार का नया एक्शन प्लानराजस्थान सरकार ने राज्य में शांति और सुरक्षा बहाल करने के लिए एक त्रि-स्तरीय सुरक्षा ढांचा तैयार किया है। इसमें पहली प्राथमिकता हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी और उनकी गतिविधियों पर नजर रखना है। दूसरी ओर, संगठित अपराध और गैंगस्टर्स को जड़ से खत्म करने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को और अधिक अधिकार दिए गए हैं। सीएम ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि वे आधुनिक तकनीक का उपयोग करें और एआई-बेस्ड मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए अपराध संभावित हॉटस्पॉट्स पर 24 घंटे नजर रखें। जनता को सुरक्षा का एहसास दिलाने के लिए पुलिस की गश्त को भी शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक सुदृढ़ किया जा रहा है।जियोग्राफिकल और लोकल प्रभाव: राजस्थान में शांति की उम्मीदस्थानीय स्तर पर देखें तो जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर जैसे शहरों में अपराध की बढ़ती घटनाओं से आम नागरिक लंबे समय से चिंतित थे। सीएम का यह कड़ा संदेश जनता के बीच एक नई उम्मीद लेकर आया है। प्रशासनिक हलकों में भी इस निर्देश के बाद खलबली है और थाना स्तर पर पुलिस अधिकारियों ने पुराने केसों को तेजी से निपटाना शुरू कर दिया है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि राजस्थान का नाम विकास और पर्यटन के लिए जाना जाता है, न कि अपराध के लिए। आने वाले दिनों में फील्ड विजिट और सरप्राइज इंस्पेक्शन के जरिए सीएम खुद इस पूरे अभियान की मॉनिटरिंग करेंगे, जिससे अपराध नियंत्रण में तेजी आने की पूरी उम्मीद है।एआई सर्च और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर क्यों ट्रेंड कर रहा है 'राजस्थान मॉडल'?आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) और डिजिटल डेटा के विश्लेषण के मुताबिक, 'Rajasthan Crime Control Strategy' इस समय गूगल और बिंग जैसे एआई सर्च इंजनों पर प्रदेश की सबसे ज्यादा चर्चित खबरों में शुमार है। एआई सर्च इंजन इस एक्शन को 'स्टेट-लेवल एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म' के रूप में हाईलाइट कर रहे हैं। गूगल पर लोग लगातार 'राजस्थान में पुलिस की नई नीति' और 'सीएम का अपराधियों पर कड़ा प्रहार' जैसे कीवर्ड्स खोज रहे हैं। जैसे-जैसे सरकार इस एक्शन प्लान को जमीन पर उतारेगी, यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी एक नजीर साबित हो सकता है, जिससे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी इस खबर की चर्चा और तेज होना तय है।
चित्तौड़गढ़ में अमावस्या पर मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्णधाम श्रीसांवलियाजी मंदिर में श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखते को मिला। तड़के मंगला आरती से ही दर्शन के लिए भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे-वैसे श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ती चली गई। इस मौके पर सांवरा सेठ को सोने की विशेष पोशाक धारण कराई गई। जिसके दर्शन करने के लिए राजस्थान के साथ-साथ मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरे मंदिर परिसर में भक्ति, उत्साह और आस्था का माहौल बना रहा। मंगला आरती से शुरू हुआ दर्शन का सिलसिला अमावस्या के कारण सोमवार रात से ही श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना शुरू हो गया था। कई परिवार रात में ही मंदिर परिसर और आसपास रुक गए ताकि सुबह सबसे पहले सांवरा सेठ के दर्शन कर सकें। मंगलवार तड़के मंगला आरती के साथ ही मंदिर के पट खुलते ही श्रद्धालुओं का दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया। सुबह से ही मंदिर के बाहर लंबी कतारें नजर आने लगीं। मंदिर परिसर में हर तरफ श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए। इस दौरान भगवान सांवरा सेठ के जयकारे गूंजने लगे। दर्शन के लिए महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं सहित हर उम्र के लोग पहुंचे। पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। भगवान को सोने की विशेष पोशाक पहनाई अमावस्या पर सांवरा सेठ का आकर्षक श्रृंगार किया गया। भगवान को सोने की विशेष पोशाक पहनाई गई। जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। जैसे ही भक्त गर्भगृह के सामने पहुंचे, सभी की नजरें सांवरा सेठ के दिव्य स्वरूप पर टिक गईं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने परिवार की खुशहाली, सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए दर्शन किए। मंदिर में जय सांवरा सेठ के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना हुआ हैं। अमावस्या पर दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु श्रीसांवलियाजी मंदिर में हर अमावस्या पर विशेष भीड़ रहती है, लेकिन इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। राजस्थान के अलग-अलग जिलों के अलावा मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र से भी हजारों भक्त दर्शन के लिए आए। सुबह से शुरू हुई भीड़ दोपहर और शाम तक लगातार बढ़ती जाएगी। मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए जरूरी इंतजाम किए, जिससे श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन मिल सकें। पूरे दिन मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में धार्मिक माहौल बना रहा। अमावस्या पर उमड़ी यह भीड़ एक बार फिर यह साबित करती है कि सांवरा सेठ के प्रति लोगों की आस्था लगातार बढ़ रही है और हर महीने आने वाली अमावस्या पर यहां देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
राजस्थान में माढण के पास मंगलवार अलसुबह एक कार दुर्घनाग्रस्त हो गई। गैलेक्सी जिम के पास बेकाबू होकर कार नाला कूदकर गढ़डों में चली गई। जिससे हुए जोरदार धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तो पता चला कि कार एक महिला ड्राइवर कर रही थी। कार दुर्घनाग्रस्त होने के बाद महिला ने वहां मौजूद लोगों से साथ गाली-गलौज की। किसी प्रकार लोगों ने उसे संभाला। जिसके बाद महिला गाड़ी को मौके पर छोड़कर चली गई। कार में सवार महिला रेवाड़ी में बड़े राजनीतिक चेहरे की नजदीकी बताई जा रही है। बेकाबू होकर नाले में कूदी कार जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह महिला स्कार्पियो गाड़ी लेकर बहरोड से रेवाड़ी की तरफ आ रही थी। इसी दौरान मांढण के पास अचानक कार पर अपना नियंत्रण खो दिया। सुबह करीब 4:30 बजे अनियंत्रित कार सड़क के साथ बने नाले से कूदकर गड्ढों में चली गई। हादसा गैलेक्सी जिम के पास हुआ। अचानक हुए जोरदार धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो पता चला कि कार को एक महिला ड्राइव कर रही थी। बताया जाता है कि महिला ने कार से बाहर निकलते ही लोगों के साथ गाली गलौच शुरू कर दी। महिला ने फोन कर अपने परिचितों को बुलाया और गाड़ी को मौके पर छोड़कर वहां से चली गई। हादसे में गाड़ी बूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। रेवाड़ी के एक नेता की नजदीकी जानकारी के अनुसार कार में सवार महिला राजस्थान की रहने वाली है। जिसकी रेवाड़ी के एक बड़े राजनीतिक चेहरे के साथ नजदीकी है। जिसका मामला पिछले दिनों सुर्खियों में रह चुका है। मंगलवार को कार एक्सीडेंट के बाद एक बार फिर पुराना विवाद चर्चाओं में आ गया।
राजस्थानी प्रेम कहानी के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि किस तरह राजा सावंत सिंह, बणी-ठणी के कायल हुए। दोनों का कृष्ण भक्त होना उन्हें एक अनकही डोर से जोड़ने लगा था। पार्ट-2 में पढ़िए आगे की कहानी… राजा सावंत सिंह के जीवन को भक्ति और कविता पूर्णता प्रदान करते थे, लेकिन उस दिन बणी-ठणी को सुनने के बाद उनकी साधना में अध्यात्म का एक नया और गहरा आयाम जुड़ गया था। धीरे- धीरे राजा और बणी- ठणी का रिश्ता जैसे राधा और कृष्ण के आध्यात्मिक प्रेम का रूपक बन गया था। दोनों कृष्ण और राधा की तरह एक-दूसरे के पूरक थे। दोनों एक-दूसरे को कविताएं लिखते और अपनी भक्ति को शब्दों में पिरोते और संवाद करते थे। अब नागरीदास (सावंत सिंह) और रसिक बिहारी (बणी- ठणी) अक्सर कृष्ण भक्ति की रचनाओं की इस जुगलबंदी का आनंद लेते, दोनों के बीच लिखी रचनाओं को लेकर गहरा संवाद होता जो राधा और कृष्ण के दिव्य प्रेम को दर्शाता - सावंत सिंह: ‘राधा-माधव के मिलन की आस... मन भावन, पावन यह एहसास...' बणी- ठणी, क्या तुम मेरी कविता में 'राधा' का अक्स देखती हो? बणी- ठणी: महाराज,आपकी कविता दिव्य प्रेम की गूंज है। मैं तो बस उस धुन को समझती हूं। कविता और भक्ति के इस रस ने किशनगढ़ के वातावरण को सराबोर कर दिया था। इधर राजा का प्रिय दरबारी चित्रकार निहाल चंद इस आध्यात्मिक और निश्छल जुड़ाव का साक्षी बन रहा था। एक ऐसा भाव जिसकी गहराई को शब्दों में बांध पाना मुश्किल था। निहाल चंद ने अपनी कूंची से भाव और भक्ति के इस पूरे वातावरण को खास चित्र श्रृंखला में उतार दिया। इन चित्रों में राधा-कृष्ण प्रेम था, भक्ति थी और एक अनूठा सौंदर्य। इसी श्रृंखला को बनाते हुए निहाल चंद ने राधा की वो अद्भुत पेंटिंग बनाई जो समय बीतने के साथ बणी- ठणी के नाम से प्रचलित हुई। किशनगढ़ शैली के वरिष्ठ चित्रकार शंकर सिंह राठौड़ बताते हैं कि विद्वानों के अनुसार सावंत सिंह उन्हें राधा स्वरूप मानते थे और खुद को कृष्ण स्वरूप समझ कर पोएट्री करते थे। राधा की इसी पेंटिंग की तुलना लेखक एरिक डिकिन्सन ने लिओनार्डो दा विंची की ‘मोनालिसा’ से की और उसे भारत की मोनालिसा कहा। इतना ही नहीं 1973 में भारत सरकार ने ‘राधा’ का डाक टिकट निकाल कर इस पेंटिंग को सम्मानित भी किया। किशनगढ़ आर्टिस्ट पवन कुमावत बताते हैं - कला समीक्षक, कार्ल खंडेलवाला और एरिक डिकिंसन यहां आए और उन्होंने राधा के चित्र को देखा। इससे पहले उन्होंने मोनालिसा का चित्र भी देखा था, तो उन्होंने पाया कि दोनों ही चित्र अपने आप में श्रेष्ठता स्थापित करते हैं। दोनों की मुस्कान विशेष स्थान रखती है, जिसके चलते उन्होंने कहा कि राधा का ये चित्र भारत की मोनालिसा है। (कहानी को रोचक बनाने के लिए क्रिएटिव लिबर्टी का इस्तेमाल किया गया है। फोटो व पेंटिंग आभार : किशनगढ़ पूर्व राजपरिवार, चित्रकार,शहज़ाद अली शेरानी ) इनपुट सहयोग- रोहित पारीक राधा कृष्ण की चित्र श्रंखला बनाते हुए निहाल चंद को ‘बणी- ठणी’ पेंटिंग बनाने की प्रेरणा कैसे मिली? ऐसा क्या था इस पेंटिंग में जिसके कारण इसे दुनियाभर के कला जगत में ख़ास पहचान मिली। जानेंगे कल के एपिसोड में… ----- यह भी पढ़िए… प्रेम कहानी जिसे शब्दों ने लिखा, रंगों ने जिंदा रखा:'बणी-ठणी' क्या सिर्फ एक कल्पना है या वाकई कोई महिला थी? एपिसोड 1 बणी- ठणी कौन थी? ऐसा क्या था उस तस्वीर में जो राजस्थान की धरोहर बनी, जिसने किशनगढ़ शैली को दुनिया भर के कला जगत में पहचान दिलाई। जानते हैं राजा सावंत सिंह और बणी- ठणी की कहानी, जिनके प्रेम और भक्ति को कलाकार निहाल चंद ने अमर कर दिया… पूरी पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
जयपुर में नाबार्ड राजस्थान क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से सोमवार को 45वां स्थापना दिवस समारोह मनाया गया। समारोह के मुख्य अतिथि वी. श्रीनिवास और विशिष्ट अतिथि राकेश कश्यप उप प्रबंध निदेशक नाबार्ड मौजूद रहे। इस अवसर पर डॉ. आर. रवि बाबू, मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड ने राजस्थान के ग्रामीण और कृषि विकास में नाबार्ड के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला। संबोधन में वी. श्रीनिवास आईएएस ने राज्य में ग्रामीण अवसंरचना विकास में नाबार्ड के उल्लेखनीय सहयोग की सराहना की। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किए जाने के संदर्भ में महिला सशक्तिकरण और समावेशी ग्रामीण वित्तीय प्रणाली की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नाबार्ड समृद्ध, सुदृढ़ और प्रगतिशील ग्रामीण राजस्थान के निर्माण में भविष्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। नाबार्ड के उप प्रबंध निदेशक राकेश कश्यप ने कहा- नाबार्ड की वर्ष 1982 में स्थापना हुई। उन्होंने कहा- नाबार्ड की रणनीतिक प्राथमिकताएं भारत सरकार के ग्रामीण विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं। उन्होंने कहा- नाबार्ड ग्रामीण अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण में राज्य सरकार का विश्वसनीय विकास साझेदार रहा है। उन्होंने छोटे और सीमांत किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), किसान क्लब, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) जैसी पहलों तथा स्वयं सहायता समूह-बैंक लिंकेज कार्यक्रम (एसएचजी-बीएलपी) के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण में नाबार्ड की भूमिका को रेखांकित किया। साथ ही उन्होंने किसानों की आजीविका को सुरक्षित रखने के लिए जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने हेतु नाबार्ड द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। इनका किया विमोचन समारोह के दौरान नाबार्ड इन राजस्थान – अचीवमेंट्स 2025-26 और ट्रांसफॉर्मिंग रूरल राजस्थान – डीडीएम द्वारा संकलित सफलता की कहानियां नामक दो महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन किया गया। इसके साथ ही राज्य के उत्कृष्ट एफपीओ, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) तथा शिल्पकारों को ग्रामीण विकास में उनके नवाचारपूर्ण एवं उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। जलवायु-अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में दो 'जीवा' (JIVA) परियोजनाओं के लिए अनुदान स्वीकृति पत्र भी वितरित किए गए। इस अवसर पर डॉ. समित शर्मा, आईएएस (सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता विभाग, राजस्थान सरकार), रंजीव शंकर (क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिजर्व बैंक), ओंकार नाथ चौधरी (मुख्य महाप्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक), सुरिंदर पाल सिंह (मुख्य महाप्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक), सुपरिमिता मिश्रा (महाप्रबंधक, बैंक ऑफ बड़ौदा एवं एसएलबीसी संयोजक) सहित राज्य सरकार, विभिन्न बैंकों एवं नाबार्ड के वरिष्ठ अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।
मुहर्रम जुलूस के करतब का वीडियो राजस्थान गैंगरेप के आरोपियों की सजा का बताकर वायरल
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में मुहर्रम जुलूस के दौरान दिखाए गए करतब का है. इसका राजस्थान के श्रीगंगानगर गैंगरेप मामले से कोई संबंध नहीं है.
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से 10 जून व 11 जून को आयोजित लेक्चरर एंड कोच (माध्यमिक शिक्षा) ,एग्जाम- 2025 के 9 सब्जेक्ट की आंसर-की पर आपत्ति दर्ज कराने की आज लास्ट डेट है। इसमें जनरल स्टडिज ग्रुप सी, कोच एथेलेटिक्स, कोच बास्केट बॉल, कोच हैंड बॉल, कोच कबड्डी, कोच टेबिन टेनिस, कोच वॉलीबॉल, जीके ग्रुप डी एवं फिजिकल एज्युकेशन शामिल हैं। आपत्तियां आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध मॉडल प्रश्न पत्र के क्रमानुसार ही दर्ज करनी होगी। परीक्षा के मॉडल प्रश्न पत्र आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। रात 12 बजे तक आपत्ति दर्ज कराने का समय है। बिना प्रमाण आपत्ति पर विचार नहीं होगा मॉडल प्रश्न-पत्र आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। आपत्तियां केवल इन मॉडल प्रश्न-पत्रों के क्रम के अनुसार ही दर्ज की जा सकती हैं। हर आपत्ति के साथ प्रामाणिक (स्टैंडर्ड और ऑथेंटिक) पुस्तकों से प्रमाण अटैच करना जरूरी है। बिना प्रमाण के आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा। आपत्ति केवल अभ्यर्थी स्वयं ही दर्ज कर सकते हैं। कोई अन्य व्यक्ति इसमें शामिल नहीं हो सकता। यहां करें कॉन्टेक्ट ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करने में किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई होने पर अभ्यर्थी recruitmenthelpdesk@rajasthan.gov.in पर ईमेल से अथवा फोन नम्बर 9352323625 और 7340557555 पर संपर्क कर सकते हैं। ……….. पढें ये खबर भी…. इंजीनियर्स का 2 लाख का खेल,चहेतों को 43.86-करोड़ का ठेका:पोल खुली तो 50 लाख के टेंडर देने वाला SE सस्पेंड, करोड़ों वालों पर एक्शन नहीं अजमेर डिस्कॉम (14 जिलों) के अंदर एक बड़ा खेल सामने आया है। इंजीनियर्स ने पिछले दो सालों में 43.86 करोड़ के टेंडर अपने चहेते ठेकेदारों को दे दिए। इसके लिए उन्होंने एक नियम का फायदा उठाया, जिसमें 2 लाख से कम के काम के लिए ई टेंडर जारी करने की जरूरत नहीं होती। (पूरी खबर पढें)
अजमेर डिस्कॉम (14 जिलों) के अंदर एक बड़ा खेल सामने आया है। इंजीनियर्स ने पिछले दो सालों में 43.86 करोड़ के टेंडर अपने चहेते ठेकेदारों को दे दिए। इसके लिए उन्होंने एक नियम का फायदा उठाया, जिसमें 2 लाख से कम के काम के लिए ई टेंडर जारी करने की जरूरत नहीं होती। फर्मों से सिर्फ कोटेशन मंगवाकर काम दे दिया जाता था। सर्कल ऑडिट में इस बात का खुलासा हुआ है। इसकी पूरी जानकारी डिस्कॉम प्रबंधन को थी। इसके बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। अब इंजीनियर्स को बचाने की तैयारी की जा रही है। ऐसा हम नहीं, डिस्कॉम सचिव का एक आदेश कह रहा है। आदेश में 2 करोड़ से ज्यादा की खरीद करने वाले जिम्मेदार SE के खिलाफ कार्रवाई की जाए और 1 करोड़ से ज्यादा की खरीद करने वाले अन्य सभी लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की बात लिखी गई है। सूत्रों की मानें तो इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। भास्कर ने सचिव से बात की तो, उन्होंने ऐसे किसी भी आदेश के जारी होने से इनकार कर दिया। अब पढ़िए… अजमेर डिस्कॉम में कैसे चला पूरा खेल उदयपुर SE की गड़बड़ी की जांच में सामने आया मामला सूत्रों के अनुसार- प्रबंधन को नवम्बर 2025 में शिकायत मिली थी कि उदयपुर के SE ने नियमों की अनदेखी कर टेंडर में स्पीलिटिंग ऑफ पावर का उपयोग कर गड़बड़ी की। इस गड़बड़ी की जांच में राजस्थान सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता अधिनियम, 2013 (RTPP Act, 2013) के प्रावधान और स्वीकृत बजट से ज्यादा खरीद के लिए उत्तरदायी माना। इसके साथ ही लेखाधिकारी (OM) को भी लाइन केबल नेटवर्क के अंतर्गत बजट नियंत्रण और उपयोग में अनियमितता का दोषी पाया गया। सर्कल ऑडिट में करोड़ों की खरीददारी सामने आई जांच रिपोर्ट को प्रबंध निदेशक व सचिव (प्रशासन) को भेजा गया। साथ ही सर्कल की ऑडिट कराई गई, इसमें न केवल चालू वर्ष बल्कि पिछले साल 2024-2025 का डेटा भी तैयार किया गया। ये जांच रिपोर्ट जनवरी महीने तक मिल गई। इसमें बडे़ स्तर पर करोड़ों की खरीदारी करने की बात सामने आई है। इसके लिए CAO (ER-WM), एवीवीएनएल, अजमेर द्वारा 13 मार्च 2026 को आदेश जारी कर स्थानीय खरीद पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दिए। गड़बड़ी सामने आई, लेकिन कार्रवाई लंबित उदयपुर एसई और अन्य सर्कल की रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रबंध निदेशक ने सभी सर्कल की जांच कराने के निर्देश दिए, ताकि अधीक्षण अभियंताओं की खरीद समितियों की ओर से की गई खरीद का आंकलन किया जा सके। इसके बाद सभी सर्कल की जांच हुई और ऑडिट ने रिपोर्ट सचिव प्रशासन को भेज दी लेकिन उच्च स्तर पर कार्रवाई अभी भी लम्बित चल रही है। जिम्मेदारों को बचाने के लिए नियम 1 करोड़ से ज्यादा की खरीद करने वालों को नोटिस का आदेश अजमेर डिस्कॉम की सचिव सीमा शर्मा ने 25 जून 2026 को एक आदेश जारी किया था। आदेश में बताया था कि डिस्कॉम प्रशासन ने निर्णय लिया है कि 2 करोड़ से ज्यादा की खरीद करने वाले जिम्मेदार अधीक्षण अभियंताओं के खिलाफ नियम 6 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। वहीं 1 करोड़ से ज्यादा की खरीद करने वाले अन्य सभी लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। सचिव सीमा ने ये आदेश तब जारी किया, जब डिस्कॉम के एमडी के.पी. वर्मा थे। आदेश जारी करने के 6 दिन बाद उनका कार्यकाल पूरा हो गया और उनकी जगह पर अतिरिक्त कार्यभार जोधपुर डिस्कॉम के एमडी आईएएस डॉ. भंवरलाल को सौंपा गया। अधिकारियों को बचाने के लिए आदेश तो नहीं? माना जा रहा है कि इस आदेश से चेहते इंजीनियर्स को बचाने की कोशिश की जा रही है। पिछले दिनों भीलवाड़ा एसई ओ.पी. महला ने एक ही दिन में 2-2 लाख के 25 वर्क ऑर्डर से 50 लाख की सामग्री खरीद कर ली थी। मामला सामने आने के बाद गड़बड़ी की गंभीरता को देखते हुए डिस्कॉम प्रबन्धन ने एसई महला को सस्पेंड कर दिया और उनके खिलाफ विभागीय जांच कराकर चार्जशीट दे दी है। फिलहाल मामले में कार्रवाई लम्बित है। अब सचिव की ओर से जारी आदेश के मुताबिक- एक करोड़ से कम की खरीद करने वालों पर कोई कार्रवाई का निर्देश नहीं दिया गया। इन्हें मिल सकता है नोटिस सचिव की ओर से जारी आदेश को माना जाए तो सीकर, राजसमंद, डीडवाना-कुचामन, उदयपुर को चार्जशीट दी जानी है। वहीं झुंझुनूं, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, ब्यावर को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे। इसी प्रकार भीलवाड़ा, नागौर, डूंगरपूर से कोई जवाब तलब नहीं होगा। भीलवाड़ा एसई को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है और विभागीय जांच चल रही है। पिछले दो साल में 43.86 करोड़ की खरीद, देखिए रिपोर्ट क्या है RTPP नियम 2 लाख से कम के वर्कऑर्डर का नियम 1- दो लाख रुपए तक की खरीद के लिए पूरा ई-टेंडर करने की जरूरत नहीं है। इसे सीमित निविदा / कोटेशन कहते हैं। विभाग कम से कम 3 रजिस्टर्ड सप्लायर्स और फर्मों से सील बंद कोटेशन मंगवाता है। सबसे कम L1 को काम दे दिया जाता है। 2- लिखित में या विभाग की वेबसाइट/नोटिस बोर्ड पर कुछ दिन का समय देकर कोटेशन मांगा जाता है। आए हुए कोटेशन की तुलना करके सबसे कम रेट वाले को आदेश देते है। 3- दो लाख तक की खरीद में EMD और टेंडर फीस नहीं लगती। खरीद पूरी होने के 7 दिन के अंदर sppp.rajasthan.gov.in पर Contract Award Details डालना अनिवार्य है। 2 लाख से ज्यादा के काम को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर कोटेशन से नहीं खरीद सकते।
ITI में प्रवेश 15 से, सरकारी में बेटियों को मुफ्त मिलेगी ट्रेनिंग
राज्य के सभी आईटीआई में सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया 15 जुलाई से शुरू होगी। प्राविधिक शिक्षा निदेशालय ने इसका संशोधित शेड्यूल जारी कर दिया है। योग्य अभ्यर्थी एसएसओ पोर्टल (sso.rajasthan.gov.in) या ई-मित्र के माध्यम से 23 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद 24 जुलाई को अस्थाई मेरिट लिस्ट जारी होगी और 28 जुलाई को पहली ऑनलाइन सीट अलॉटमेंट लिस्ट आएगी। पहली लिस्ट वाले छात्रों को 30 जुलाई से 3 अगस्त के बीच कॉलेज में रिपोर्टिंग कर मूल दस्तावेज जमा कराने होंगे। 5 अगस्त को दूसरी अलॉटमेंट सूची जारी होगी और संस्थानों में 10 अगस्त से नियमित कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। आवेदन शुल्क एससी-एसटी वर्ग के लिए 175 रुपए और अन्य सभी श्रेणियों के लिए 200 रुपए निर्धारित है। प्रवेश के लिए अभ्यर्थी की आयु 1 सितंबर, 2026 को न्यूनतम 14 वर्ष होनी अनिवार्य है।
जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- राजस्थान का प्रत्येक कर्मचारी गुड गवर्नेंस की धुरी और विकसित राजस्थान-2047 के महत्वपूर्ण सारथी है। ऐसे में हमारी सरकार कर्मचारी हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही हैं। इसके लिए हमने पदोन्नति (प्रमोशन) प्रक्रिया को सरल बनाया है। कर्मचारियों को पदोन्नति के पर्याप्त अवसर उपलब्ध करवाने के लिए लगातार तीन साल में निर्धारित अनुभव में 2 साल छूट दी गई है। इसमें प्रावधान किया गया है कि जिन कर्मचारियों ने पिछले तीन साल में इस छूट का लाभ नहीं लिया है, उन्हें इसका लाभ मिलेगा। इसके लिए विभिन्न सेवा नियमों में संशोधन किए जाएंगे। इस निर्णय से हजारों कर्मचारियों को समय पर प्रमोशन का अवसर प्राप्त होगा। सीएम ने कहा- प्रदेश में भी केंद्र सरकार के अनुरूप ग्रेच्युटी की सीमा 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 25 लाख रुपए कर दी गई है। मुख्यमंत्री का रविवार को राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी व सचिवालय कर्मचारी संघ ने पदोन्नति के लिए अनुभव में 2 साल की छूट और नए पदों के सृजन को लेकर अभिनंदन किया। पहले देखें सीएम की PHOTOS कमेटी 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर करेगी विचार मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा- हमने 30 जून को रिटायर्ड राज्य कर्मचारियों को नोशनल वेतन वृद्धि के साथ पेंशन का प्रावधान किया है। वहीं, पेंशनर के 70 साल की आयु पूरी करने पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन भत्ता और कर्मचारी की मृत्यु होने पर 10 वर्ष तक बढ़ी हुई पारिवारिक पेंशन देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा आरजीएचएस के तहत महिला और पुरुष कर्मचारियों को अपने माता-पिता या सास-ससुर में से किसी एक को चुनने का विकल्प भी दिया गया है। उन्होंने कहा- वेतनमान से जुड़े विषयों के अध्ययन के लिए उच्चस्तरीय समिति के गठन का निर्णय लिया गया है, जो 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर भी विचार करेगी। उन्होंने कहा- सरकार के अन्य महत्वपूर्ण फैसलों में एक साल में कर्मचारी द्वारा पद त्यागने की स्थिति में उस पद को प्रतीक्षा सूची से भरा जाना और सेवा अवधि में स्थायी अक्षमता होने पर कार्मिक के आश्रित को भी अनुकंपा नियुक्ति दिया जाना शामिल हैं। महिला कर्मचारियों के लिए विशेष प्रावधान मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा- महिला सशक्तीकरण की दिशा में सरकार ने अहम कदम उठाए हैं। इसके तहत अनुकंपा नियुक्ति के दायरे में पुत्रवधू को भी शामिल किया गया है। साथ ही एकल महिला कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव 3 के स्थान पर 6 चरणों में स्वीकृत करना और कार्यस्थल पर बेहतर और तनावमुक्त वातावरण देने के लिए 'मुख्यमंत्री शिशु-वात्सल्य सदन' स्थापित करना भी महत्वपूर्ण कदम है। नए पदों से सचिवालय हुआ और मजबूत सीएम भजन लाल शर्मा ने कहा- शासन सचिवालय की कार्यकुशलता को अधिक मजबूत बनाने के लिए 15 सहायक शासन सचिव, 67 सहायक अनुभाग अधिकारी तथा 67 लिपिक ग्रेड प्रथम सहित कुल 149 नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई है। इससे प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और विभागीय पदोन्नति के मार्ग भी अधिक सुगम बनेंगे।
रायसेन जिले के बरेली कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हाल ही में हुई चोरी नकबजनी की वारदातों का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने इस संबंध में अंतरराज्यीय पारदी गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के खिलाफ मध्यप्रदेश, राजस्थान और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में हत्या, डकैती, चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। थाना प्रभारी कपिल गुप्ता के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस फरार गैंग सदस्यों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पुलिस के अनुसार, 5 जुलाई की रात दाम मिल मोहल्ला निवासी राजेंद्र वर्मा के घर का ताला तोड़कर अज्ञात बदमाशों ने सोने-चांदी के जेवर चोरी कर लिए थे। इस घटना के बाद बरेली थाने में नकबजनी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। गुना में दबिश देकर पुलिस ने पकड़ाजांच के दौरान, मुखबिर से सूचना मिली कि वारदात को गुना जिले के धरनावदा थाना क्षेत्र के पारदी गैंग ने अंजाम दिया है। इसके बाद पुलिस की विशेष टीम को गुना भेजा गया। स्थानीय पुलिस की मदद से लगातार दबिश देकर खेजड़ा चक निवासी मुरार पिता कालू पारदी और रॉकी पिता भंवरलाल पारदी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वारदात में गैंग के अन्य सदस्य टोनी उर्फ डेविड पारदी, कीमतीलाल पारदी और अन्य साथी भी शामिल थे। पुलिस इन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर तलाश कर रही है। पुलिस अधीक्षक द्वारा फरार आरोपियों पर इनाम घोषित किए जाने की तैयारी भी की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी आदतन अपराधी हैं। मुरार के खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट, जुआ एक्ट सहित कई मामले दर्ज हैं। वहीं, रॉकी पर हत्या के प्रयास, डकैती, चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मध्यप्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के विभिन्न थानों में प्रकरण दर्ज हैं।
हरियालो राजस्थान अभियान में फलदार- छायादार पौधे रोपे
बमूलिया माताजी| राज्य सरकार के हरियालो राजस्थान अभियान के तहत कलेक्टर के निर्देश पर चल रहे वृक्ष कुंज अभियान के तहत शनिवार को कस्बे के माताजी मंदिर परिसर में पौधरोपण का शुभारंभ किया गया। ग्राम विकास अधिकारी जितेंद्र सेन ने बताया कि परिसर को हरा-भरा बनाने के लिए यहां करीब 200 फलदार और छायादार पौधे लगाए जाएंगे। इससे परिसर की सुंदरता बढ़ेगी। इस दौरान कनिष्ठ सहायक कौशल कुमावत, दुर्गाशंकर सुमन, दीनदयाल सेन, रामेश्वर मालव, रामभरोस वर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पौधे लगाए और देखभाल का संकल्प लिया।
मन्दसौर की नई आबादी थाना पुलिस ने शनिवार को मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 65 किलोग्राम डोडाचूरा जब्त किया है। पुलिस ने पहले पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर डोडाचूरा उपलब्ध कराने वाले स्थानीय सप्लायर को भी हिरासत में ले लिया। इस तरह मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी की रोकथाम और धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। एसपी विनोद कुमार मीना के मार्गदर्शन तथा नई आबादी थाना प्रभारी कुलदीप सिंह राठौर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर चार संदिग्धों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों में हरप्रीत सिंह (22) निवासी नथाणा, जिला बठिंडा (पंजाब), जगदीश सिंह (47) निवासी चोटिया, जिला बठिंडा (पंजाब), साधु सिंह (55) निवासी मसिता, जिला सिरसा (हरियाणा) तथा कुलविंदर सिंह (34) निवासी दिनगढ़, जिला हनुमानगढ़ (राजस्थान) शामिल हैं। सभी के खिलाफ मामला दर्ज तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से पान मसाला के चार बैगों में रखा कुल 65 किलोग्राम डोडाचूरा तथा एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 128/2026 दर्ज कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 एवं 29 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें यह डोडाचूरा ग्राम मुंदड़ी निवासी केसर सिंह पिता सज्जन सिंह सौंधिया राजपूत ने उपलब्ध कराया था। सूचना के आधार पर पुलिस ने केसर सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। थाना प्रभारी कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है। सभी आरोपियों को न्यायालय से पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि डोडाचूरा की खेप किस स्थान पर पहुंचाई जाना थी। साथ ही तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर सीकर जिले के चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग को फैमिली वेलफेयर कैटेगरी में पूरे राजस्थान में दूसरा स्थान मिला है। साल 2025-26 के दौरान फैमिली प्लानिंग और हैल्थ स्कीम्स का आमजन को ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलाने के लिए सीकर जिले को राज्य स्तरीय सेकंड पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। राज्य स्तरीय चयन समिति ने जिले को अवाॅर्ड के रुप में 11 लाख रुपए का चैक और सर्टिफिकेट दिया। इससे पहले विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर शनिवार को स्वास्थ्य भवन सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह का वर्चुअल आयोजन किया गया। समारोह में ADM डॉ. राकेश मीणा के नेतृत्व में चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने वर्चुअली हिस्सा लिया। ADM डॉ. राकेश कुमार मीणा ने चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग की टीम को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। समारोह के दौरान चिकित्सा विभाग की प्रिंसिपल हैल्थ सेक्रेटरी गायत्री राठौड़ ने जिला कलेक्टर आशीष मोदी व सीकर चिकित्सा-स्वास्थ्य विभाग की टीम को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए भविष्य में परिवार कल्याण और जनसंख्या स्थायित्व कार्यक्रमों को ज्यादा व्यापक तरीके से फैलाते हुए अगली बार 1st रैंक लाने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान CMHO डॉ. अशोक महरिया, एडिशनल CMHO डॉ. हर्षल चौधरी ने विभागीय कार्मिकों को बधाई दी।
अभी नहीं थमेगी बारिश-आंधी, दिल्ली-यूपी से लेकर राजस्थान तक एक हफ्ते का अलर्ट जारी
दिल्ली, यूपी, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले एक सप्ताह तक आंधी, बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में अलर्ट जारी किया है।
बॉलीवुड के दिग्गज निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेताम्बरी भट्ट को राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों पर उदयपुर के एक व्यापारी से 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप है। विक्रम और उनकी पत्नी को मुंबई के यारी रोड इलाके के गंगा भवन ...
दिल्ली के बाद अब राजस्थान में भी टैक्स फ्री हुई फिल्म '120 बहादुर'
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैपी स्टूडियोज की वॉर एपिक '120 बहादुर' आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है, और इसके साथ ही पूरे देश में जबरदस्त उत्साह की लहर दौड़ गई है। साल की सबसे ज्यादा चर्चा वाली फिल्मों में शामिल इस फिल्म को मीडिया और ...
राजस्थान बोर्ड ने जारी किया 10वीं-12वीं सप्लीमेंट्री परीक्षा 2024 का शेड्यूल, यहां करें चेक
Rajasthan Board 10th-12th Supplementary Exam 2024: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने बीएसईआर सप्लीमेंट्री परीक्षा 2024 की डेटशीट जारी कर दी है। जिन छात्रों के परीक्षा में 33 प्रतिशत से कम अंक
क्या 6 महीने बाद फिर से राजस्थान के इस महल में शादी करने जा रहे हैं विक्की कैट
राजस्थान अपने खूबसूरत किलों और महलों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। कला और संस्कृति के इस अनूठे संगम, शाही ठाठ बाठ समेत राजपुताना वास्तुकला का आनंद उठाने दुनिया के कोने-कोने से पर्यटक यहां आते हैं..........
Salman Khan फायरिंग केस में आया सनसनीखेज अपडेट, राजस्थान के इस राज्य से पकड़ा गया मामले का एक और आरोपी
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'एकलव्य' के बारे में कुछ अनकहे किस्से
एकलव्य : रॉयल गार्ड का मूल नाम यज्ञ था। उत्पादन 2005 की शुरुआत में शुरू हुआ..........
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'परमाणु' के बारे में कुछ अनकहे किस्से
जॉन अब्राहम की फिल्म 'परमाणु- द स्टोरी ऑफ पोखरण' को रिलीज हुए 6 साल हो गए हैं। यह फिल्म 25 मई 2018 को रिलीज हुई थी..........
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बादशाहो' के बारे में कुछ अनकही बाते
बादशाहो एक पीरियड एक्शन-थ्रिलर थी.......
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'हाईवे' के बारे में कुछ रोचक बाते
जब इम्तियाज अली द्वारा निर्देशित यह रोड ड्रामा प्रसारित हुआ, जिसमें आलिया भट्ट और रणदीप हुडा ने अभिनय किया, तो लोगों ने इसे बहुत प्यार दिया, न केवल इसकी अभूतपूर्व कहानी के कारण, बल्कि भट्ट के उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण भी...........
देसी मिट्टी से शाहरुख खान ने कमा डाले 200 करोड़ रुपये, राजस्थान में करी थी फिल्म जवान की शूटिंग?
शाहरुख खान की फिल्म जवान ने पहले तीन दिनों में 200 करोड़ रुपये की कमाई कर शानदार प्रदर्शन किया है. 7 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म ने 75 करोड़ की बड़ी ओपनिंग का रिकॉर्ड बनाया है............
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'ये जवानी है दीवानी' के बारे में कुछ रोचक बाते
उदयपुर में शूट की गई रोमांटिक और कॉमेडी फिल्मों की जबरदस्त अवधारणाओं में से एक का निर्माण करण जौहर द्वारा किया गया था और अयान मुखर्जी द्वारा निर्देशित किया गया था। यह उदयपुर में शूटिंग की गई सबसे लोकप्रिय फिल्मों में से एक थी.........
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'गाइड' के बारे में कुछ अनकही बाते
उदयपुर में शूट की गई पहली फिल्मों में से एक वहीदा रहमान और देव आनंद अभिनीत एक रोमांस ड्रामा थी। यह फिल्म आर.के. नारायण के प्रसिद्ध उपन्यास पर आधारित है, जिसे व्यापक रूप से भारतीय सिनेमा उद्योग की उपलब्धियों में से एक माना जाता है.............
फिल्मों की शूटिंग के लिए बेस्ट लोकेशन बन रहा राजस्थान का अलवर
राजस्थान प्रदेश का अलवर जिला इन दिनों फिल्मों और वेब सीरीज समेत शॉर्ट फिल्मों के लिए बेस्ट लोकेशन बनता जा रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बॉलीवुड एक्टर उज्जवल चोपड़ा अपनी शॉर्ट फिल्म की 4 दिन की शूटिंग के लिए अलवर पहुंचे..........
बॉलीबुड और हॉलीवुड फिल्मों के लिए फेमस है राजस्थान की ये जगहे, देखें वीडियो
राजस्थान और फिल्में हमेशा से मनोरंजन का तड़का लगाती रही हैं। राजधानी जयपुर हमेशा से फिल्म निर्माताओं की पसंदीदा रही है। 'पिंक सिटी' में एक-दो नहीं बल्कि कई बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है......
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'लगान' के बारे में कुछ रोचक तथ्य
मिस्टर परफेक्शनिस्ट के नाम से मशहूर आमिर खान की फिल्म 'लगान' उनके फिल्मी करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई। फिल्म में एक ऐसे गांव का चित्रण किया गया था जहां के लोग किराए के बोझ तले दबे हुए थ......
करण-अर्जुन की शूटिंग के बाद मशहूर हुई राजस्थान की ये जगहे
आप सभी ने फिल्म अर्जुन तो देखी ही होगी, यह उस समय की ब्लॉकबस्टर फिल्म थी। और इस फिल्म में दिखाया गया गांव और ठाकुर दुर्जन सिंह की हवेली सभी को याद होगी. लेकिन ज्यादातर लोगों को ये नहीं पता कि इस फिल्म की शूटिंग किस गांव में हुई थी.........
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बॉर्डर' के बारे में कुछ अनोखी बातें
सनी देओल, जैकी श्रॉफ, सुनील शेट्टी, अक्षय खन्ना, सुदेश बेरी, पुनीत इस्सर और कुलभूषण खरबंदा अभिनीत फिल्म बॉर्डर ने अपनी रिलीज के 26 साल पूरे कर लिए हैं। 1971 के वास्तविक जीवन के भारत-पाकिस्तान युद्ध पर आधारित और लोंगेवाला की लड़ाई की सच्ची घटनाओं पर आधारित, बॉर्डर 1997 में रिलीज़ हुई थी और इसका निर्देशन जेपी दत्ता ने किया था............
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बोल बच्चन' के बारे में कुछ अनोखी बातें
रोहित शेट्टी की फिल्म 'बोल बच्चन' में अभिषेक बच्चन, अजय देवगन और असिन नजर आए हैं. फिल्म की आधे से ज्यादा शूटिंग पिंक सिटी जयपुर में हुई है. फिल्म का हिट गाना 'चलाओ न नैनों से बाण रे' की शूटिंग जयपुर के मशहूर रिजॉर्ट चोखी ढाणी में हुई है......
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बाजीराव मस्तानी' के बारे में कुछ अनोखी बातें
राजस्थान और फिल्मों का साथ हमेशा से ही एंटरटेनमेंट का तड़का लगा रहा है. राजधानी जयपुर (Jaipur) हमेशा से ही फिल्मकारों की पसंद रही है. बॉलीवुड की एक-दो नहीं बल्कि कई फिल्में 'पिंक सिटी' में शूट हो चुकी हैं.......
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' के बारे में कुछ अनोखी बातें
जब आलिया भट्ट और वरुण धवन अपनी फिल्म 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' के प्रमोशन के लिए जयपुर आए तो यह उनके लिए घर वापसी जैसा था। आप पूछेंगे कैसे? दोनों ने राजस्थान में फिल्म की शूटिंग के लिए इतना समय बिताया है कि उन्हें लगता है कि वे यहीं के हैं.....
Rajasthan 12th Board: दो दिन बाद समाप्त होंगे पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन, ऐसे भरें फॉर्म
राजस्थान बोर्ड कक्षा 12वीं रिजल्ट 2024: पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 30 मई है। जो छात्र अपने अंक से असंतुष्ट हैं, वे आवेदन कर सकते हैं। आइए जानते हैं, कैसे करना है आवेदन। यहां देखें
कभी राजस्थान में हुई थी इस फेमस मूवी की शूटिंग, देखें वायरल वीडियो
राजस्थान के बीकानेर ज़िले में स्थित लक्ष्मी निवास पैलेस अपनी भव्यता से भर जाता है.यह आलीशान और लग्ज़री होटल है, जिसकी बनावट और महीन कारीगरी काफ़ी खास है.इस पैलेस को 1904 में महाराजा गंगा सिंह के लिए बनवाया गया था.......
फिल्म करण अर्जुन 1995 में रिलीज हुई थी। रिलीज के इतने साल बाद भी फिल्म करण अर्जुन का नशा लोगों के दिलों में इस कदर छाया हुआ है कि लोग इसे भूल नहीं पाते हैं। आज हम इस फिल्म से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातों के बारे में बात करेंगे......
पिछले कई महीनों से एक दर्जन सहित क्षेत्रीय भाषा और विदेशी फिल्मों की शूटिंग का हिस्सा रही जैसलमेर की धरती पर लाइट...एक्शन...कैमरे की आवाज नहीं गूंज रही है। एक साल में दर्जनों बॉलीवुड फिल्में......
रेत के टीलों से लेकर ऐतिहासिक स्मारकों तक, राजस्थान सभी फिल्म निर्माताओं को शूटिंग के लिए आकर्षित करता रहा है। जयपुर, जोधपुर जैसे शहरों की ऐतिहासिक विरासत से लेकर जैसलमेर, बाड़मेर जैसे जिलों के रेत के टीलों तक, यहां सब कुछ अनोखा है.....
जॉली एलएलबी की तीसरी किस्त में अक्षय कुमार और अरशद वारसी स्क्रीन शेयर करने जा रहे हैं। शूटिंग राजस्थान में चल रही थी और उन्होंने पहला शेड्यूल पूरा कर लिया है। हाल ही में, अभिनेताओं ने शूटिंग खत्म करते हुए एक मजेदार वीडियो साझा किया। कुछ ही देर में ये वायरल हो गया। दोनों को बड़ी मुस्कान के साथ बाइक चलाते देखा गया। अक्षय और अरशद ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर किया अक्षय और अरशद ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर वीडियो साझा किया और लिखा, “और यह एक शेड्यूल रैप है! जैसा कि आप देख सकते हैं कि दोनों जॉलीज़ ने राजस्थान में अच्छा समय बिताया। वीडियो में दोनों सड़क पर बाइक चला रहे हैं। अरशद की शर्ट खून से लथपथ है. हाल ही में, बड़ी संख्या में अक्षय के प्रशंसक उनकी फिल्म के सेट पर उन्हें आश्चर्यचकित करने और उनके साथ तस्वीरें लेने के लिए पहुंचे। अब सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में, राम सेतु अभिनेता को जॉली एलएलबी 3 के सेट पर उनका स्वागत करने आए लोगों के लिए तस्वीरें लेते और ऑटोग्राफ देते देखा जा सकता है। अक्षय पहले भी वीडियो शेयर कर चुके हैं इससे पहले, जॉली एलएलबी 3 के सेट से एक बिहाइंड द सीन वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था जिसमें अक्षय शर्टलेस बैठे नजर आ रहे थे और उन्होंने सन बाथ का भी आनंद लिया था। वीडियो को इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए अक्षय के फैन पेज ने लिखा, @अक्षयकुमार #JollyLLB3 के सेट पर सन बाथ ले रहे हैं...अगर आप ठीक से सुनेंगे तो बजरंग बैन चल रहा है। बता दें, अक्षय कुमार ने इस महीने की शुरुआत में जॉली एलएलबी 3 की शूटिंग शुरू की थी, जब उन्होंने सेट से एक मजेदार वीडियो भी जारी किया था। वीडियो में अक्षय के साथ अरशद वारसी भी शामिल थे और दोनों काले कपड़े पहने नजर आ रहे थे। इसकी शुरुआत अक्षय द्वारा सभी को जगदीश त्यागी उर्फ जॉली बीए एलएलबी डुप्लिकेट से सावधान रहने की चेतावनी देने से हुई। इसके बाद, अरशद को खुद को असली जॉली के रूप में पेश करते देखा गया। जॉली एलएलबी की 3 किस्त आ रही है पहली जॉली एलएलबी फिल्म, जो 2013 में रिलीज हुई थी, जिसमें अरशद वारसी और सौरभ शुक्ला मुख्य भूमिका में थे। दूसरी ओर, फिल्म का सीक्वल 2017 में सिनेमाघरों में आया जिसमें अक्षय कुमार ने अरशद वारसी की जगह ली। उनके साथ हुमा कुरेशी भी उनकी प्रेमिका के रूप में शामिल हुईं। कथित तौर पर, तीसरी किस्त में, अक्षय कुमार और अरशद वारसी आमने-सामने होंगे, जबकि सौरभ शुक्ला जज के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे। हालांकि, अभी तक मेकर्स ने फिल्म की कहानी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। View this post on Instagram A post shared by Akshay Kumar (@akshaykumar)
सलमान खान के घर फायरिंग मामला: मुंबई क्राइम ब्रांच ने पांचवें आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया
सलमान खान के घर फायरिंग मामले में ताजा घटनाक्रम में मुंबई क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को पांचवें आरोपी मोहम्मद चौधरी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। इंडिया टीवी के अतुल सिंह की एक रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद चौधरी ने दो शूटरों, सागर पाल और विक्की गुप्ता को पैसे देकर और रेकी करके भी मदद की। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, चौधरी को आज मुंबई लाया जा रहा है जहां उसे किला कोर्ट में पेश किया जाएगा और पांच दिन की हिरासत की मांग की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Kareena Kapoor Khan ने Saif Ali Khan के बड़े बेटे इब्राहिम की नवीनतम तस्वीरों पर सबसे मनमोहक टिप्पणी की इससे पहले, अनुज थापन नाम के एक आरोपी ने पुलिस हिरासत में चादर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बता दें, अनुज पर शूटरों को हथियार मुहैया कराने का आरोप है। थापन को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले, बांद्रा में अभिनेता के आवास के बाहर गोलीबारी करने वाले दोनों शूटर विक्की गुप्ता और सागर पाल को गुजरात के भुज से हिरासत में लिया गया था। इसे भी पढ़ें: सलमान खान के घर के बाहर गोली चलाने के मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य गिरफ्तार सलमान खान के घर फायरिंग मामले की जानकारी मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, कथित तौर पर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग करने वाले शूटरों के पास दो बंदूकें थीं और उन्हें 10 राउंड गोलियां चलाने का आदेश दिया गया था. 14 अप्रैल की सुबह, दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आए और अभिनेता के आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर चार गोलियां चलाईं। घटना के बाद हमलावर तेजी से मौके से भाग गए। निगरानी फुटेज से पता चला कि दोनों संदिग्धों ने टोपी पहन रखी थी और बैकपैक ले रखा था। इस महीने की शुरुआत में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने का अनुरोध किया था. अनमोल बिश्नोई ने घटना के कुछ घंटों बाद अपने फेसबुक प्रोफाइल के जरिए सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। सलमान खान की नवीनतम सार्वजनिक उपस्थिति सलमान खान हाल ही में लंदन में थे जहां उन्होंने ब्रिटेन के ब्रेंट नॉर्थ निर्वाचन क्षेत्र से सांसद बैरी गार्डिनर से मुलाकात की। इंटरनेट पर कई तस्वीरें वायरल हुईं, जिनमें बैरी और सलमान दोनों वेम्बली स्टेडियम के अंदर नजर आ रहे हैं।
अपनी बायोपिक में Shahrukh Khan को काम करते देखना चाहता है ये मशहूर विदेशी क्रिकेटर,Rajasthan Royals टीम का है हिस्सा
भारत के राष्ट्रीय प्रसारक Doordarshan ने नए लोगो का अनावरण किया, जिसका रंग लाल से नारंगी हुआ
भारत सरकार के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक दूरदर्शन ने अपने समाचार चैनल डीडी न्यूज का लोगो लाल से बदलकर भगवा कर दिया है। यह लोगो 16 अप्रैल, 2024 को लागू हुआ, जिसने पिछले लाल वाले को बदल दिया। अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेजों के माध्यम से, डीडी न्यूज़ ने कहा कि उनके मूल्य वही रहेंगे और वे अब एक नए अवतार में उपलब्ध हैं। इसे भी पढ़ें: Barahi Devi Temple: बाराही देवी मंदिर में दर्शन मात्र से दूर होती है गंभीर बीमारियां, जानिए मंदिर से जुड़ी मान्यता पोस्ट में कहा गया एक ऐसी समाचार यात्रा के लिए तैयार हो जाइए जो पहले कभी नहीं देखी गई.. बिल्कुल नए डीडी न्यूज का अनुभव करें। हमारे पास यह कहने का साहस है: गति से अधिक सटीकता, दावों से अधिक तथ्य, सनसनीखेज से अधिक सत्य। क्योंकि अगर यह डीडी न्यूज पर है, तो यह सच है। दूरदर्शन का इतिहास दूरदर्शन ने 15 सितंबर, 1959 को सार्वजनिक सेवा प्रसारण में एक मामूली प्रयोग के साथ शुरुआत की। यह प्रयोग 1965 में एक सेवा बन गया जब दूरदर्शन नई दिल्ली और उसके आसपास के लिविंग रूम में टेलीविजन सेट तक पहुंच गया। 1975 तक सेवाओं को मुंबई, अमृतसर और सात अन्य शहरों तक बढ़ा दिया गया। 1 अप्रैल, 1976 को यह सूचना और प्रसारण मंत्रालय में एक अलग विभाग के अंतर्गत आ गया। 1982 में दूरदर्शन राष्ट्रीय प्रसारक बन गया। इसे भी पढ़ें: Rajasthan: पाली में बोले अमित शाह, हम भारत को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा अर्थतंत्र बना देंगे, ये मोदी की गारंटी है 1982 में, दूरदर्शन का रंगीन संस्करण तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी के स्वतंत्रता दिवस के भाषण के सीधे प्रसारण के साथ शुरू हुआ, इसके बाद दिल्ली में 1982 के एशियाई खेलों का रंगीन प्रसारण हुआ। वर्तमान में, दूरदर्शन 6 राष्ट्रीय चैनल और 17 क्षेत्रीय चैनल संचालित करता है। राष्ट्रीय चैनलों में डीडी नेशनल, डीडी इंडिया, डीडी किसान, डीडी स्पोर्ट्स, डीडी उर्दू और डीडी भारती शामिल हैं। दूसरी ओर, डीडी अरुणप्रभा, डीडी बांग्ला, डीडी बिहार, डीडी चंदना, डीडी गिरनार, डीडी मध्य प्रदेश, डीडी मलयालम, डीडी नॉर्थ ईस्ट, डीडी ओडिया, डीडी पोधिगई, डीडी पंजाबी, डीडी राजस्थान, डीडी सह्यगिरी, डीडी सप्तगिरी, डीडी उत्तर प्रदेश, डीडी यादगिरी और डीडी काशीर इसके क्षेत्रीय चैनल हैं। While our values remain the same, we are now available in a new avatar. Get ready for a news journey like never before.. Experience the all-new DD News! We have the courage to put: Accuracy over speed Facts over claims Truth over sensationalism Because if it is on DD News, it… pic.twitter.com/YH230pGBKs — DD News (@DDNewslive) April 16, 2024

