गंगापुर सिटी/सवाई माधोपुर। राजस्थान के शिक्षा जगत को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद सनसनीखेज और हैरान करने वाली घटना सामने आई है। मनीकंट्रोल हिंदी (Moneycontrol Hindi) और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गंगापुर सिटी (Gangapur City) जिले के बामनवास उपखंड के अंतर्गत आने वाले लिवाली गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक शिक्षिका की घिनौनी और अमानवीय करतूत सामने आई है। स्कूल में महज ₹500 का एक नोट गुम होने पर संदेह के आधार पर कक्षा 9 और 11 की मासूम छात्राओं को एक कमरे में बंद कर दिया गया और तलाशी के नाम पर उनके कपड़े उतरवाए गए। इस शर्मनाक और अमानवीय व्यवहार के बाद पीड़ित छात्राओं के परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है।₹500 खोने पर आपा खो बैठीं मैडम, बंद कमरे में ली लज्जाजनक तलाशीघटनाक्रम के अनुसार, विद्यालय में कार्यरत एक सीनियर शिक्षिका के ₹500 कहीं गुम हो गए थे। क्लास में काफी खोजबीन करने के बाद भी जब पैसे का पता नहीं चला, तो मैडम ने मर्यादाओं को ताक पर रखकर एक आत्मघाती कदम उठाया:कमरे में किया बंद: शिक्षिका ने चोरी के शक में नौवीं और ग्यारहवीं कक्षा की कई बालिकाओं को एक सुनसान कमरे में बंद कर दिया।जबरन उतरवाए कपड़े: बालिकाओं के भारी विरोध और रोने-बिलखने के बावजूद, तलाशी के नाम पर उनके कपड़े खुलवाए गए (Forced to Strip)।गहरे सदमे में छात्राएं: इस लज्जाजनक और अपमानजनक घटना से छात्राएं मानसिक रूप से गहरे सदमे में आ गईं और घर पहुंचकर रोते हुए अपने माता-पिता को पूरी आपबीती सुनाई।आक्रोशित ग्रामीणों ने स्कूल में जड़ा ताला, पुलिस और शिक्षा विभाग में हड़कंपजैसे ही यह बात गांव में फैली, ग्रामीणों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। भारी संख्या में लोग लाठी-डंडे लेकर स्कूल परिसर पहुंच गए और जमकर हंगामा करना शुरू कर दिया।स्कूल पर तालेबंदी: उग्र ग्रामीणों ने तुरंत स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और दोषी शिक्षिकाओं की तत्काल गिरफ्तारी व निलंबन की मांग पर अड़ गए।प्रशासनिक दखल: मामले की गंभीरता को देखते हुए बामनवास की कार्यवाहक मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO) प्रतिभा मीणा और स्थानीय पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचे। सीबीईओ ने पीड़ित बालिकाओं के व्यक्तिगत बयान दर्ज किए, जिसमें छात्राओं ने शिक्षिका की इस घिनौनी करतूत की पूरी पुष्टि की।कड़ा एक्शन: सीनियर टीचर सरस्वती मीणा सस्पेंड, विभागीय जांच शुरूमामला जिला मुख्यालय और उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बाद शिक्षा विभाग ने त्वरित और दंडात्मक कार्रवाई की है:शिक्षिका का निलंबन: स्कूल शिक्षा भरतपुर संभाग के संयुक्त निदेशक दलवीर सिंह ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी सीनियर टीचर सरस्वती मीणा को राजस्थान सिविल सेवा नियम 1958 के नियम 13 के तहत तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (Suspended) कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय धौलपुर के राजाखेड़ा में रहेगा।प्रशिक्षक कार्यमुक्त: इसके साथ ही घटना में सह-आरोपी रहीं व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षक वंदना शर्मा को भी सेवा प्रदाता कंपनी के लिए तुरंत कार्यमुक्त कर दिया गया है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस बेहद संवेदनशील और छात्राओं की सुरक्षा व गरिमा (Student Safety and Dignity) से जुड़े मामले में एक विस्तृत विभागीय जांच बैठाई जा रही है और पुलिस भी अपनी कानूनी कार्रवाई कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी स्कूलों में बच्चों के संरक्षण और शिक्षकों के मानसिक व्यवहार पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
खैरथल-तिजारा जिले की मुण्डावर थाना पुलिस ने अवैध हथियारों के मुख्य सप्लायर अनिल कुमार उर्फ डूंगर (22) को गिरफ्तार किया है। अनिल कुमार भरतपुर के हिंगोटा, थाना खेड़ली मोड़ का निवासी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी उत्तर प्रदेश से हथियार खरीदकर राजस्थान के भरतपुर, अलवर और जयपुर सहित कई जिलों में उनकी आपूर्ति करता था। अनिल कुमार उर्फ डूंगर के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न थानों में कुल 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जया सिंह और किशनगढ़बास वृत्ताधिकारी लालसिंह यादव के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी मोहर सिंह के नेतृत्व में की गई। यह गिरफ्तारी 24 मई 2026 को तिनकीरूड़ी बस स्टैंड पर हुई एक पिछली कार्रवाई से जुड़ी है। उस दौरान मुखबिर की सूचना पर एक स्विफ्ट कार (RJ-02-CJ-7222) से लोकेश प्रजापत निवासी मातौर को गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से दो अवैध 12 बोर देशी कट्टे और कार जब्त की गई थी। जांच में सामने आया था कि लोकेश प्रजापत गैंग रंजिश के चलते गैंगवार की तैयारी में भारी मात्रा में हथियार और कारतूस जुटा रहा था। इस मामले में पुलिस पहले ही गैंग सदस्य मनोज कुमार उर्फ मन्नू निवासी खुदनपुरी, अलवर को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अनिल कुमार उर्फ डूंगर की गिरफ्तारी के साथ इस प्रकरण में अब तक कुल तीन आरोपी पकड़े जा चुके हैं, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस अनिल कुमार से अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त के नेटवर्क, सप्लाई चेन और इससे जुड़े अन्य आरोपियों के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी लंबे समय से उत्तर प्रदेश से हथियार लाकर राजस्थान के विभिन्न जिलों में उनकी आपूर्ति कर रहा था। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थाना प्रभारी मोहर सिंह, सहायक उपनिरीक्षक रतनलाल, कांस्टेबल फूल सिंह और कांस्टेबल प्रेम कुमार शामिल थे।
कैथल के कलायत क्षेत्र में दिल्ली- कटरा हाईवे पर बाइक सवार एक 45 वर्षीय व्यक्ति की हादसे में मौत हो गई। वह मोटरसाइकिल पर सवार होकर राजस्थान के अलवर जिले के शिवपुर गांव से आया था और पंजाब में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी पर जा रहा था। जैसे ही वह दिल्ली- कटरा हाईवे पर कलायत में पहुंचा तो उसकी बाइक असंतुलित होकर हाईवे के साइड में लगी रेलिंग से टकरा गई। इस हादसे में व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान शिवपुर, राजस्थान निवासी अमर सिंह के रूप में हुई है। राहगीरों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी। कलायत थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल में पहुंचाया। प्राइवेट कंपनी में जॉब करता था कलायत थाना के जांच अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि पुलिस के पास सूचना आई थी कि हाईवे पर हादसा हुआ है। उनकी टीम मौके पर पहुंच गई और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने बताया कि अमर सिंह पंजाब में एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता था। जब मृतक के पास दस्तावेजों की जांच कर परिवार से संपर्क किया गया तो पता चला कि वह शादीशुदा था और उसके दो बेटे भी हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामले में परिजनों के बयान दर्ज कर इत्तेफाकिया मौत की धाराओं के तहत कार्रवाई की है। दिल्ली- कटरा हाईवे पर दो पहिया वाहन चलाना अलाउड नहीं बता दें कि, दिल्ली कटरा हाईवे पर दो पहिया वाहन चलाना अलाउड नहीं है, लेकिन कुछ वाहन राइडर गांवों के लोकल रास्तों से हाईवे के ऊपर वाहनों को चढ़ा देते हैं, जिससे बाद में हादसे होते हैं। यह मामला भी ऐसा ही रहा। व्यक्ति ने किसी गांव के पास खाली कट देखकर हाईवे के ऊपर अपनी बाइक चढ़ा रखी थी। हालांकि उसे किसी वाहन ने टक्कर नहीं मारी, लेकिन फिर भी वह हादसे का शिकार हो गया और उसकी मौत हो गई।
हरियालो राजस्थान अभियान में गोयली चौराहे पर पौधरोपण
सिरोही | नगर परिषद सिरोही ने हरियालों राजस्थान और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत शनिवार को गोयली चौराहा के पास अरविन्द पेवेलियन की दीवार के नजदीक पौधरोपण किया। कार्यक्रम में जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर, उपखंड अधिकारी हरि सिंह देवल, तहसीलदार जगदीश कुमार और नगर परिषद सचिव रमेश कुमार मौजूद रहे। कलेक्टर ने लगाए गए पौधों को रोज पानी देने की व्यवस्था करने और अतिक्रमण रोकने के निर्देश दिए।
राजधानी में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने पिछले 48 घंटे में अलग अलग कार्रवाई कर 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें क्राइम ब्रांच ने तीन मामलों में 12 और टीलाजमालपुरा पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा। कार्रवाई के दौरान राजस्थान से जुड़े अंतररज्यीय ड्रग सिंडिकेट का खुलासा हुआ। पुलिस ने करीब 37.13 लाख रुपए कीमत की 74.27 ग्राम स्मैक, 927 ग्राम गांजा, 1.04 ग्राम एमडी ड्रग्स, एक कार, दो दोपहिया वाहन और सात मोबाइल जब्त किए हैं। सबसे बड़ी कार्रवाई कटारा हिल्स के ग्राम बर्रई स्थित पंडित दीन याल पार्क के पास हुई। यहां पुलिस ने एक महिला समेत 7 आरोपियों को 74.27 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया। इनमें भोपाल के रितिक नामदेव और कौशल जाटव, राजगढ़ के शाहरुख अंसारी व चंदाबाई सिसो दिया तथा राजस्थान के झाला वाड़ निवासी नानूराम तंवर, पप्पूलाल तंवर और देव सिंह तंवर शामिल हैं। पूछताछ में सामने आया कि शाहरुख और चंदाबाई राजस्थान के झाला वाड़ से स्मैक लाते थे। मामले में गार्ड जितेंद्र चाकरडे को भी हिरासत में लिया गया है। इधर, टीला जमालपुरा पुलिस ने नशा मुक्ति अभियान 2.0 के तहत इस्लामी गेट क्षेत्र से वरुण दांगी और अनुज उर्फ अन्नू साहू को 9 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया। आदतन महिला तस्कर समेत तीन पर कार्रवाई निशातपुरा के रविशंकर कॉलेज के सामने विमला उर्फ सुनीता (55) और फरहान खान को 426 ग्राम गांजे के साथ पकड़ा गया। हबीबगंज नाके के पास अशोक साकल्ले से 501 ग्राम गांजा बरामद हुआ। शाहजहांनाबाद के भूत बंगला क्षेत्र में एक निर्माणाधीन भवन से एक विधि-विरुद्ध बालिका को 1.04 ग्राम एमडी ड्रग्स और मादक पदार्थों के लेन-देन से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों के साथ हिरासत में लिया गया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- साइबर अपराधियों के खिलाफ केवल गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहे, बल्कि उनकी संपत्ति और वित्तीय नेटवर्क की भी गहन जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि अपराध की आर्थिक कमर तोड़ी जा सके। मुख्यमंत्री ने शनिवार को राजस्थान पुलिस मुख्यालय (PHQ) पहुंचकर साइबर अपराध नियंत्रण व्यवस्था की समीक्षा की। सीएम ने साइबर हेल्पलाइन-1930, ऑनलाइन शिकायत प्रणाली और साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए विकसित संचार तंत्र का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में साइबर अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और जिन क्षेत्रों में साइबर अपराध के मामले अधिक सामने आ रहे हैं, उन साइबर हॉटस्पॉट्स को जल्द से जल्द समाप्त किया जाए। R4C और साइबर हेल्पलाइन 1930 का किया निरीक्षण पुलिस मुख्यालय पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री ने Rajasthan Response and Rescue Coordination Centre (R4C) का निरीक्षण किया। उन्होंने आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। इसके बाद PHQ में उन्होंने साइबर हेल्पलाइन-1930 की कार्यप्रणाली, ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया और शिकायतों के त्वरित निस्तारण की व्यवस्था की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन पर आए एक परिवादी की शिकायत भी सुनी और समाधान की प्रक्रिया की जानकारी ली। विशेषज्ञों और कंसल्टेंट्स की होगी नियुक्ति समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि साइबर अपराधों से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों और कंसल्टेंट्स की सेवाएं ली जाएं। सीएम ने कहा कि यह व्यवस्था केवल पुलिस मुख्यालय तक सीमित न रहकर जिला स्तर पर भी लागू की जाए, ताकि हर जिले में विशेषज्ञता के आधार पर साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। 91 प्रतिशत कॉल अटेंड, 98 करोड़ रुपए की राशि होल्ड बैठक के बाद पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री के निर्देशों के बाद राज्य में साइबर अपराधों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। 1930 हेल्पलाइन की लाइनों की संख्या बढ़ाने के बाद अब 91 प्रतिशत से अधिक कॉल अटेंड की जा रही हैं। साइबर ठगी की शिकायतों में अब तक करीब 98 करोड़ रुपये की राशि होल्ड कराई जा चुकी है। इसके अलावा साइबर अपराध में उपयोग होने वाले मोबाइल फोन और सिम कार्ड लगातार ब्लॉक किए जा रहे हैं तथा खोए हुए मोबाइल फोन नागरिकों को वापस दिलाने की कार्रवाई भी जारी है। दो माह में शुरू होगा राजस्थान का R4 डीजीपी ने बताया कि मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद I4C की तर्ज पर Rajasthan Cyber Crime Coordination Centre (R4C) की स्थापना का कार्य तेजी से चल रहा है। लक्ष्य है कि अगले दो माह में इसे पूरी तरह क्रियान्वित कर दिया जाए। इसके लिए अलग भवन तैयार किया जा रहा है, जहां R4C के साथ 1930 कॉल सेंटर भी संचालित होगा। 1930 हेल्पलाइन की क्षमता 100 लाइनों तक बढ़ेगी वर्तमान में 1930 हेल्पलाइन 53 लाइनों पर संचालित हो रही है और 90 प्रतिशत से अधिक कॉल रिसीव की जा रही हैं। जल्द ही इसकी क्षमता 60 लाइनों तक बढ़ाई जाएगी और वर्ष के अंत तक इसे 100 लाइनों तक विस्तार दिया जाएगा। इसके लिए कॉल सेंटर ऑपरेटरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों पर तुरंत और तकनीकी रूप से सक्षम कार्रवाई की जा सके। राष्ट्रीय पोर्टल के आधार पर होगी कार्रवाई डीजीपी ने बताया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर जिन क्षेत्रों में साइबर ठगी की घटनाएं अधिक सामने आती हैं, वहां विशेष अभियान चलाया जाएगा। सभी पुलिस अधीक्षकों (SP) और आईजी रेंज को इन क्षेत्रों में अधिक प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। लोगों से की सतर्क रहने की अपील डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने नागरिकों से अपील की कि वे 100 या 200 प्रतिशत रिटर्न, शेयर ट्रेडिंग, निवेश, ऑनलाइन जॉब, विदेश भेजने या अन्य आकर्षक ऑफर देने वाले कॉल, व्हाट्सएप मैसेज और लिंक के झांसे में न आएं। किसी भी प्रकार की धनराशि जमा करने या निवेश करने से पहले पूरी तरह सत्यापन करें और संदेह होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा सहित पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के बाद साइबर थानों, जिला पुलिस अधीक्षकों और आईजी रेंज को मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए और अधिक प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए जाएंगे।
नूंह पुलिस ने करीब 19 वर्षों से फरार चल रहे भगोड़ा घोषित अपराधी शौकत खान को गिरफ्तार किया है। शौकत खान नूंह जिले के ग्वारका गांव का निवासी है। उसे सिटी थाना तावडू पुलिस ने दबोचा है। आरोपी को वर्ष 2007 में न्यायालय द्वारा उद्घोषित अपराधी घोषित किया गया था। पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार ने बताया कि गुरुग्राम के बिलासपुर थाना में सीएस एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में जेएमआईसी, गुरुग्राम ने 18 जुलाई 2007 को शौकत खान को भगोड़ा अपराधी घोषित किया था। कोर्ट के आदेश के बावजूद वह लगातार फरार रहा और निर्धारित समय पर पेश नहीं हुआ। ग्रुरुग्राम के मानेसर थाना पुलिस को सौंपा हाल ही में पुलिस ने आरोपी को उसके पैतृक गांव ग्वारका क्षेत्र से हिरासत में लिया। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे आगे की कार्रवाई के लिए गुरुग्राम के थाना मानेसर को सौंप दिया गया है। अब उसे कोर्ट में पेश कर लंबित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शौकत खान का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ हरियाणा और राजस्थान के विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज हैं। इनमें थाना बावल में चोरी, थाना नूंह में सीएस एक्ट का उल्लंघन, राजस्थान के भिवाड़ी थाना क्षेत्र में अपहरण और डकैती, तथा थाना सदर रेवाड़ी में भ्रष्टाचार संबंधी प्रावधानों के तहत दर्ज मामले शामिल हैं। पुलिस कर रही आरोपी से पूछताछ आरोपी लंबे समय से अलग-अलग स्थानों पर छिपकर गिरफ्तारी से बच रहा था। उसकी गिरफ्तारी से वर्षों से लंबित न्यायिक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। संबंधित न्यायालय और जांच एजेंसियां अब उससे जुड़े सभी लंबित मामलों में आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेंगी। पुलिस उससे पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने कहा कि मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री बनने से पहले भारत की इकॉनॉमी दुनिया में 12वें नंबर पर थी। 10 साल तक देश के प्रधानमंत्री रहने के बाद वो इसे 11वें स्थान पर ले आए। PM नरेंद्र मोदी ने 7 स्थानों की छलांग लगाकर चौथे स्थान पर पहुंचा दिया। जब तक को PM पद से हटेंगे, तब तक भारत की इकॉनॉमी फर्स्ट पोजिशन पर आ जाएगी। राज्यपाल बागड़े शनिवार को सीकर के कटराथल में स्थित शेखावाटी यूनिवर्सिटी में शेखावाटी ज्ञान सभा के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। VC डॉ. अनिल राय ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। स्टूडेंट्स की नींव स्कूलों से शुरु होती राज्यपाल बागड़े ने कहा- शुक्रवार सुबह अखबार पढ़ा तो देखा कि NEET रिजल्ट में उत्तरप्रदेश पहले और राजस्थान दूसरे नंबर पर है। फिर आंकड़े देखे तो समझ आया कि UP की जनसंख्या ज्यादा है इसलिए वहां के बच्चे भी ज्यादा थे। सफलता की बात करें तो राजस्थान के उत्तरप्रदेश से 16 प्रतिशत ज्यादा बच्चे NEET परीक्षा में क्वालिफाई हुए हैं। राजस्थान में शिक्षा व्यवस्था बहुत अच्छी स्थिति में है, हां कुछ सुधार की जरूरत है, जो हो रहे हैं। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने कहा- नई शिक्षा नीति के साथ बच्चे आगे बढ़ेंगे। देश आगे बढ़ाने के लिए युवाओं के विश्वास और इच्छा शक्ति की जरुरत है। स्टूडेंट्स की नींव स्कूलों से शुरु होती है। पुराने जमाने में गुरुकुल में किताबें और बिल्डिंग के संसाधन नहीं थे, सिर्फ मौखिक संवाद से ज्ञान प्राप्त किया जाता था। आचार्य चक्रपाणी ने एग्रीकल्चर साइंस पर विश्ववल्लभ किताब लिखी, लेकिन मैंने फोन किया तो किसी एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में नहीं मिली। शिक्षा और संस्कृति एक गाड़ी के ही 2 पहिए राज्यपाल बागड़े ने कहा कि स्कूल-काॅलेज का उद्देश्य सिर्फ निरक्षर को साक्षर करना नहीं होना चाहिए, अब हमें बहुत आगे बढ़ना है। दीनदयाल उपाध्याय के साथ रहने का मौका मिला, तब 1967 उनके साथ काम किया। दीनदयाल उपाध्याय ने डॉ. हेडगेवार के नाम पर एक सोसाइटी शुरु की थी, जो आज फायदे में चल रही है। क्योंकि दीनदयाल उपाध्याय ने डॉ. हेडगेवार के नाम के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई। शिक्षा और संस्कृति एक गाड़ी के ही 2 पहिए है, संस्कृति समाज का दर्पण होता है। संस्कृति ही नई पीढ़ियों में शिक्षा का संचार करती है, क्योंकि हर चीज का प्रूफ नहीं होता है। जिस दिन तिरंगा लहराया, उसी दिन शिक्षा बदल देनी चाहिए थी राज्यपाल बागड़े ने कहा कि शिक्षा रुढ़िवादी प्रथाओं व कुविचारों को दूर कर सांस्कृतिक शोधन करती है। विनोबा भावे ने कहा था, जिस दिन अंग्रेज़ी झंडे को हटाकर तिरंगा लहराया, उसी दिन शिक्षा बदल देनी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आज भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 64 लाख करोड़ का हो गया है। यहां दुनिया का सबसे बड़ा रोड नेटवर्क है। 1953 से 2014 तक 13 करोड़ लोगों को गैस कनेक्शन मिले, नरेंद्र मोदी ने सरकार ने 11 साल में 11 करोड़ लोगों को दे दिए। फ्री में 58 करोड़ बैंक अकाउंट खोले गए, 12 करोड़ शौचालय बने, 80 करोड़ लोगों को फ्री अनाज मिलता है। यही विकास का प्रमाण है। राज्यपाल बागड़े ने कहा कि अब 1 कमरे में कॉलेज-यूनिवर्सिटी नहीं चलेंगे। रिजल्ट के चक्कर में स्कूल-काॅलेज-यूनिवर्सिटी वाले बच्चों को पास कर देते हैं, लेकिन बच्चों की बौद्धिक क्षमता बढ़ाने की जरुरत है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता RSS के प्रांत प्रचारक बाबूलाल ने कहा कि भारत देश की सभी भाषाएं ही राष्ट्रीय भाषाएं हैं। ज्ञान का विवेकपूर्ण उपयोग जरुरी है। भारत ने दुनियाभर को गुरुत्व का सिद्धांत दिया। अभी देश को पूर्ण विकसित होने में 20 साल और लगेंगे। AI बिना विवेक के विनाश कर देगा शेखावाटी ज्ञान सभा के मुख्य अतिथि शेखावाटी हवेलियों के साथ शौर्य, व्यापार, शिक्षा, परिश्रम और देशभक्ति ने राष्ट्र निर्माण का काम किया। शेखावाटी के व्यापारियों ने हजारों लोगों का जीवन निर्माण किया। नवाचारों के साथ नैतिकता की जरुरत है। AI सिर्फ इंफोर्मेशन के लिए है, बिना विवेक के ये विनाश कर देगा। एक बच्चे को AI ने माता-पिता को मारने की सलाह दे दी, ये बहुत डरावना है। जब बचपन में अकबर को महान पढ़ता था, तो बहुत तकलीफ होती थी। फिर मुझे सौभाग्य मिला कि शिक्षा मंत्री बनकर अकबर महाने के पाठ को हटाकर महाराणा प्रताप को महान बताने वाला पाठ शामिल किया। मेंटल पीस भी विकास का अंग है। प्रदेश की सभी यूनिवर्सिटी सिर्फ डिग्री देने का केंद्र ना बनें, स्टूडेंट्स की बुद्धि का विकास और संस्कारयुक्त शिक्षा देने की जरूरत है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने में लगेगा काम भारतीय भाषा अभियान के राष्ट्रीय संयोजक जयदीप राॅय ने कहा कि 2004 में शिक्षा बचाओ आंदोलन से शुरुआत हुई थी, जो 2007 के बाद से शिक्षा-संस्कृति उत्थान न्यास के रुप में काम कर रहा है। कोई भी काम करने से पहले उसका होमवर्क और चिंतन ढंग से कर लेना चाहिए। VC प्रो. अनिल राय ने शेखावाटी ज्ञान सभा के विषय को विस्तार से समझाया। राय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को पूरी तरह लागू करने में अभी समय लगेगा, युवा इसके लिए तैयार हैं। कार्यक्रम के सहसंयोजक शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, जयपुर प्रांत के अध्यक्ष प्रो. राजीव सक्सेना ने आभार जताया। शेखावाटी ज्ञान सभा का विषय शिक्षा, संस्कार एवं विकसित भारत रहा। कार्यक्रम में सागर यूनिवर्सिटी के VC कन्हैयालाल बेरवाल, पूर्व VC लोकेश सिंह शेखावत, कलेक्टर आशीष मोदी, SP प्रवीण नायक नूनावत, रजिस्ट्रार श्वेता यादव समेत काफी शिक्षाविद् और विद्यार्थी मौजूद थे। संचालन डॉ. रेणु महलावत ने किया।
पलवल में सीआईए टीम ने एम्बुलेंस से शराब तस्करी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने केएमपी एक्सप्रेस-वे पर नाकाबंदी के दौरान एक फर्जी एम्बुलेंस से 59 पेटी अवैध शराब बरामद की और दो तस्करों को गिरफ्तार किया। एम्बुलेंस पर लाल-नीली बत्ती लगी हुई थी, जिसका इस्तेमाल पुलिस को चकमा देने के लिए किया जा रहा था। सीआईए स्टाफ के हवलदार रविंद्र ने बताया कि उन्हें मुखबिर से सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, एक फर्जी एम्बुलेंस में उसके मालिक की मिलीभगत से अवैध शराब भरकर राजस्थान के कोटा ले जाई जा रही थी। इस जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई की। नाकाबंदी करके पकड़ी गई फर्जी एम्बुलेंस पुलिस टीम ने केएमपी एक्सप्रेस-वे से बहोला गांव के पास पलवल-नूंह मार्ग पर नाकाबंदी की। थोड़ी देर बाद जब संदिग्ध एम्बुलेंस वहां पहुंची, तो चालक ने पुलिस पार्टी को देखकर नाके से करीब 50 मीटर पहले ही गाड़ी रोक दी। सतर्क पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी कर ड्राइवर और उसके साथी को गाड़ी सहित पकड़ लिया। एम्बुलेंस की बारीकी से जांच करने पर पुलिस हैरान रह गई। गाड़ी में मरीज की जगह सीटों के नीचे छिपाकर अंग्रेजी शराब की पेटियां भरी हुई थीं। पुलिस ने आबकारी विभाग को सूचित किया, और उनकी मौजूदगी में कुल 59 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई। झज्जर और पानीपत के रहने वाले हैं दोनों आरोपी पकड़े गए आरोपियों की पहचान बादली (झज्जर) निवासी चालक दीपक और पानीपत की रामनगर कॉलोनी निवासी परिचालक सलीम के रूप में हुई है। वे शराब परिवहन से जुड़ा कोई वैध परमिट या लाइसेंस नहीं दिखा सके। पुलिस ने अवैध शराब और फर्जी एम्बुलेंस को जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सदर थाना पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
अगर आपको भी WhatsApp या किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 'घर बैठे लाखों कमाने' या 'गारंटीड रिटर्न' का लालच देने वाले मैसेज मिल रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। राजस्थान पुलिस ने साइबर ठगों के बढ़ते नेटवर्क को देखते हुए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। साइबर अपराधी आजकल निवेश के नाम पर फर्जी ऐप्स और व्हाट्सएप ग्रुप का जाल बिछा रहे हैं, जिसमें फंसकर लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं। पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और बताया है कि कैसे ये ठग आपकी गाढ़ी कमाई पर डाका डाल रहे हैं।ऐसे काम करता है फर्जी निवेश का साइबर जालसाइबर अपराधी सबसे पहले लोगों को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ते हैं, जहाँ वे खुद को एक्सपर्ट बताकर शेयर बाजार, क्रिप्टो या किसी अज्ञात स्कीम में निवेश करने पर भारी मुनाफे का दावा करते हैं। शुरुआत में ये ठग छोटा निवेश करवाकर थोड़ा रिटर्न देते हैं ताकि विश्वास जीत सकें, लेकिन जैसे ही आप बड़ी रकम निवेश करते हैं, ये आपका पैसा लेकर गायब हो जाते हैं। इन गिरोहों द्वारा बनाए गए फर्जी ऐप्स दिखने में बिल्कुल असली जैसे लगते हैं, लेकिन इनका एकमात्र उद्देश्य आपका पैसा हड़पना होता है। पुलिस के अनुसार, किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करना या किसी संदिग्ध ऐप को डाउनलोड करना आपकी वित्तीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हो सकता है।पुलिस की सलाह: इन संकेतों को पहचानें और सुरक्षित रहेंराजस्थान पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोई भी वैध निवेश योजना कभी भी व्हाट्सएप पर इस तरह के अनचाहे मैसेज नहीं भेजती। पुलिस की एडवाइजरी में कहा गया है कि अगर कोई ऐप आपको बहुत कम समय में दोगुना या तिगुना रिटर्न देने का वादा कर रहा है, तो समझ लीजिए कि यह एक स्कैम है। किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी लें और केवल सेबी (SEBI) या आरबीआई (RBI) द्वारा मान्यता प्राप्त प्लेटफार्मों का ही उपयोग करें। अगर आपके साथ ऐसी कोई घटना होती है, तो तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करें। अनजान व्यक्ति के खाते में कभी भी पैसे ट्रांसफर न करें और न ही किसी भी अज्ञात निवेश ग्रुप में शामिल हों।डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा है जरूरीऑनलाइन निवेश का चलन बढ़ने के साथ ही साइबर धोखाधड़ी के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि 'लालच' ही ठगों का सबसे बड़ा हथियार है। स्मार्ट निवेश वही है जो पूरी जानकारी और सावधानी के साथ किया जाए। अपनी व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी किसी भी अनवेरिफाइड सोर्स के साथ साझा न करें। राजस्थान पुलिस का यह कदम नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की एक कोशिश है, ताकि आम जनता अपनी गाढ़ी कमाई को इन शातिर अपराधियों से बचा सके। याद रखें, सावधानी ही साइबर ठगी से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी (प्रारंभिक) परीक्षा-2026, निरीक्षक कारखाना एवं बॉयलर्स परीक्षा- 2025 एवं निरीक्षक कारखाना (केमिकल) परीक्षा -2025 के आवेदन फार्म में संशोधन का मौका दिया गया है। इसमें अभ्यर्थी का नाम, पिता का नाम, फोटो, जन्म तिथि व जेंडर के अतिरिक्त अन्य संशोधन ऑनलाइन किए जा सकते है। साथ ही आवेदन फार्म विड्रो का अवसर भी दिया है। ऑनलाइन संशोधन 18 से 24 जुलाई 2026 तक किए जा सकेंगे। आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया-सहायक अभियोजन अधिकारी प्रारंभिक परीक्षा-2026 का आयोजन 2 सितंबर 2026 तथा निरीक्षक कारखाना एवं बॉयलर्स परीक्षा - 2025 एवं निरीक्षक कारखाना (केमिकल) परीक्षा -2025 का आयोजन 19 सितंबर 2026 को किया जाना है। परीक्षा के लिए जारी विज्ञापन में उल्लेखित शर्तों के अनुसार ऑनलाइन संशोधन का अवसर अभ्यर्थियों को दिया गया है। ऑनलाइन संशोधन का अवसर अभ्यर्थियों के लिए सुविधा मात्र है। ऑफलाइन संशोधन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। ऑनलाइन संशोधन के लिए फीस व प्रोसेस संशोधन चाहने वाले अभ्यर्थी को ई-मित्र/ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से 500 रुपए का शुल्क जमा कराना होगा। आयोग के ऑनलाइन पोर्टल https://rpsc.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध एप्लाई ऑनलाइन लिंक अथवा एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर सिटीजन ऐप्स में उपलब्ध रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर संबंधित परीक्षा में ऑनलाइन संशोधन किया जा सकेगा। इस संबंध में किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई होने पर recruitmenthelpdesk@rajasthan.gov.in पर ई-मेल से अथवा फोन नं. 9352323625 व 7340557555 पर भी सम्पर्क किया जा सकता है। बिना योग्यता फार्म भरने वाले कर सकते है विड्रो असत्य एवं गलत सूचना के आधार पर आवेदन करना तथा अहर्ता न होने पर भी उसे विड्रॉ नहीं करना भारतीय न्याय संहिता की धारा 217 के तहत दंडनीय अपराध है। ऐसे अभ्यर्थी को बाद में काउंसलिंग/पात्रता जांच/ साक्षात्कार के दौरान अपात्र पाए जाने पर आगामी 1 वर्ष की अवधि के लिए भर्ती परीक्षाओं से डिबार भी किया जाएगा। अतः ऐसे अभ्यर्थी भी 18 से 24 जुलाई 2026 तक अपना ऑनलाइन आवेदन विड्रॉ कर सकते हैं। इसके लिए एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर माय रिक्रूटमेंट सेक्शन के अन्तर्गत संबंधित परीक्षा के समक्ष उपलब्ध विथड्रॉ बटन पर क्लिक कर ऑनलाइन आवेदन विड्रॉ किया जा सकता है।
मुरैना के बहुचर्चित 4 वर्षीय मासूम कार्तिकेय राजपूत अपहरण कांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिस बच्चे की तलाश में पुलिस कई राज्यों में दौड़ रही थी, उसके अपहरण का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि उसका सगा पिता निलेश राजपूत निकला। पुलिस ने राजस्थान के पाली जिले से निलेश को गिरफ्तार कर लिया है और मासूम कार्तिकेय को सकुशल बरामद कर लिया है। हालांकि, इस पूरे मामले में पिता का बड़ा भाई विनोद राजपूत और एक अन्य सहयोगी चालक अभी भी फरार हैं। पुलिस अधिकारियों, जांच से जुड़े सूत्रों और परिवार के करीबी लोगों से बातचीत कर इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले की परत-दर-परत जानकारी जुटाई। सामने आया कि यह अपहरण अचानक नहीं, बल्कि करीब 18 दिनों तक की गई रेकी और सुनियोजित साजिश का नतीजा था। ऐसे हुआ पूरे घटनाक्रम का खुलासा 14 जुलाई की दोपहर मुरैना के गोपालपुरा स्थित रेनबो स्कूल से नर्सरी में पढ़ने वाला चार वर्षीय कार्तिकेय अचानक लापता हो गया। स्कूल प्रबंधन और परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मामला सामने आते ही कोतवाली पुलिस हरकत में आई और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया। फुटेज में एक व्यक्ति बच्चे को गोद में लेकर स्कूल से बाहर निकलता दिखाई दिया। कुछ दूरी पर एक स्कूटी खड़ी थी, जिस पर दूसरा व्यक्ति पहले से मौजूद था। दोनों कार्तिकेय को लेकर फरार हो गए। शुरुआती जांच में दोनों की पहचान नहीं हो सकी, लेकिन बाद में पता चला कि बच्चे को ले जाने वाले लोग उसके पिता निलेश राजपूत और ताऊ विनोद राजपूत थे। मुंबई से बनाई अपहरण की पूरी योजना पुलिस जांच में सामने आया कि निलेश राजपूत मुंबई में गुटखा कारोबार से जुड़ा है। बेटे को अपने पास ले जाने के लिए उसने पहले कानूनी रास्ता नहीं अपनाया, बल्कि अपहरण की योजना बनाई। जांच के अनुसार निलेश अपने बड़े भाई विनोद और एक चालक के साथ 26 जून को मुंबई से फ्लाइट के जरिए ग्वालियर पहुंचा। वहां से बस से मुरैना आया और साईं पैलेस लॉज में कमरा लेकर ठहर गया। पहले दिन इलाके की रेकी कर लौट गया। फिर 28 जून को दोबारा मुरैना आया और लगातार करीब दो सप्ताह तक लॉज में रहकर बच्चे के स्कूल आने-जाने का समय, रास्ते और सुरक्षा व्यवस्था का अध्ययन करता रहा। लॉज संचालक की स्कूटी से करते रहे रेकी पुलिस के अनुसार आरोपी लॉज संचालक अमित गुप्ता से खाना खाने या अन्य बहाने बनाकर उसकी स्कूटी ले जाते थे। इसी स्कूटी से वे रोज स्कूल और आसपास के इलाके की रेकी करते थे। करीब 12 दिनों तक निगरानी के बाद 14 जुलाई को उन्होंने बच्चे को स्कूल से उठाने की योजना को अंजाम दिया। स्कूल से उठाया, फिर राजस्थान फरार 14 जुलाई दोपहर करीब 1 बजे स्कूल की छुट्टी के बाद निलेश स्कूल परिसर पहुंचा और कार्तिकेय को अपने साथ बाहर ले आया। सीसीटीवी में वह बच्चे को गोद में लेकर निकलता दिखाई दिया। कुछ दूरी पर पहले से मौजूद विनोद राजपूत स्कूटी लेकर इंतजार कर रहा था। दोनों कार्तिकेय को लेकर धौलपुर पहुंचे। वहां से बस के जरिए भरतपुर और फिर राजस्थान के पाली जिले की ओर रवाना हो गए। अपहरण के बाद विनोद वापस मुरैना लौटा और चंबल पुल के पास स्कूटी छोड़कर फरार हो गया। पति-पत्नी के विवाद से शुरू हुई कहानी जांच में सामने आया कि इस पूरे मामले की जड़ पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद था। बताया गया कि वर्ष 2018 में फेसबुक के जरिए निलेश राजपूत और मुरैना निवासी इशू यादव की दोस्ती हुई। दोनों ने 2019 में प्रेम विवाह किया और मुंबई में रहने लगे। 2022 में बेटे कार्तिकेय का जन्म हुआ, लेकिन इसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगे। घरेलू कलह के चलते इशू कई बार मायके लौटी और आखिरकार जनवरी 2026 में बेटे को साथ लेकर हमेशा के लिए मुरैना आ गई। इसके बाद नानी ने कार्तिकेय का दाखिला स्थानीय प्ले स्कूल में करा दिया। निलेश लगातार बेटे को अपने साथ ले जाने की कोशिश करता रहा, लेकिन बात नहीं बनी। पुलिस का कहना है कि बेटे की कस्टडी कानूनी तरीके से लेने के बजाय उसने अपहरण की साजिश रच डाली। मां ने पहले पहचानने से किया इनकार जांच के दौरान एक और अहम तथ्य सामने आया। शुरुआती पूछताछ में बच्चे की मां और नानी ने सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे व्यक्ति की पहचान करने से इनकार कर दिया। बाद में महिला पुलिस अधिकारियों द्वारा सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने स्वीकार किया कि फुटेज में दिखाई देने वाला व्यक्ति बच्चे का ताऊ विनोद राजपूत है। इस खुलासे के बाद जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई। 50 से ज्यादा सीसीटीवी खंगाले, फिर राजस्थान पहुंची पुलिस मुरैना पुलिस ने लगातार 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर टीम धौलपुर, भरतपुर होते हुए राजस्थान के पाली जिले पहुंची। वहां पहुंचकर पुलिस ने निलेश के पिता प्रताप राजपूत को हिरासत में लिया। जब निलेश को इसकी जानकारी मिली तो उसने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया और कार्तिकेय को भी सौंप दिया। हालांकि, उसका भाई विनोद और एक अन्य सहयोगी अभी भी फरार हैं। लॉज संचालक भी जांच के घेरे में जांच के दौरान पुलिस ने साईं पैलेस लॉज के संचालक अमित गुप्ता से भी पूछताछ की। लॉज के दस्तावेज और सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लिए गए हैं। लॉज संचालक ने पुलिस को बताया कि आरोपी खुद को मुंबई का गुटखा व्यापारी बता रहे थे और उन्होंने फ्लाइट टिकट भी दिखाए थे। पुलिस ने क्या कहा पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने बताया कि आरोपी ने यदि बेटे की कस्टडी चाहिए थी तो उसे न्यायालय का सहारा लेना चाहिए था। अपहरण जैसा रास्ता अपनाना गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपी निलेश राजपूत को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसके भाई विनोद राजपूत और अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है। जांच के दौरान जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा। टाइमलाइन: ऐसे रची गई पूरी साजिश फिलहाल पुलिस फरार आरोपी विनोद राजपूत और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी है। वहीं मासूम कार्तिकेय को सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
पंजाब कांग्रेस में प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह वडिंग और पूर्व सीएम चरणजीत चन्नी में चल रही गुटबाजी की आंच राजस्थान पहुंच गई है। प्रदेश कांग्रेस के भीतर ही राजस्थान के कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदरसिंह रंधावा को लेकर विरोध मुखर हो गया है। दिल्ली तक उनकी कार्यशैली की शिकायतें भी की गई हैं। इधर, पार्टी सूत्रों का कहना है कि सुखजिंदर रंधावा का बदला जाना तय है। पूर्व राज्यमंत्री पवन गोदारा सहित कई नेताओं ने रंधावा से सवाल किया है कि पिछले ढाई वर्षों से राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी हैं, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश का बड़ा कार्यकर्ता वर्ग आज भी प्रत्यक्ष संवाद और मार्गदर्शन की प्रतीक्षा कर रहा है। आप राजस्थान के जिलों का दौरा कब करेंगे? कार्यकर्ता से सीधा संवाद कभी नहीं किया? कब करेंगे? दूसरी तरफ, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के 55 पदाधिकारियों के बदले जाने संबंधी सूची पीसीसी चीफ गोविंद ससिंह डोटासरा दिल्ली एआईसीसी को देकर आए हैं। अब राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और केसी वेणुगोपाल के साइन से उनको हटाया जाएगा। बदलाव की सूची जल्द आएगी। प्रदेश कमेटी में बदलाव के बाद नीचे स्तर पर बदलाव होंगे। कहीं अमरिंदर सिंह वडिंग के इशारे पर रंधावा का विरोध तो नहीं हो रहा राजस्थान में रंधावा के विरोध के पीछे पंजाब कनेक्शन माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार 2009-10 में जब पवन गोदारा प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष थे, तब अमरिंदर सिंह राजा वडिंग राजस्थान युवा कांग्रेस के प्रभारी थे। इस कारण राजस्थान कांग्रेस के युवा नेताओं के अमरिंदर से पुराने संबंध हैं। हालांकि गोदारा का कहना है उन्होंने तो कार्यकर्ताओं की बात उठाई है। हम कांग्रेस पार्टी के अनुशासित सिपाही हैं। पिछले ढाई वर्षों से कई जिलों में प्रभारी कार्यकर्ताओं से नहीं मिल पाए हैं।
पंचायत चुनावों में देरी प्रशासनिक विफलता, राजस्थान सरकार के लिए शर्मनाक : गहलोत
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने पंचायत और शहरी निकाय चुनावों में देरी को लेकर भजनलाल शर्मा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राजस्थान हाईकोर्ट की उस कड़ी मौखिक टिप्पणी का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि अगर आयोग चुनाव नहीं करा सकता तो हमें बताएं, जज चुनाव करवा देंगे।
सलूंबर जिले में 'हरियालो राजस्थान अभियान' के प्रभावी क्रियान्वयन और लक्ष्य पूर्ति की समीक्षा के लिए एक बैठक आयोजित की गई। अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. दिनेश राय सापेला ने जिला कलेक्ट्रेट परिसर स्थित वीसी कक्ष में इसकी अध्यक्षता की। अधिकारी और कर्मचारी हुए शामिल इस बैठक में जिले के सभी उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी और विभिन्न विभागों के जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। बैठक में अभियान की प्रगति, विभागवार पौधारोपण लक्ष्य, जियो-टैगिंग की स्थिति और आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। पौधारोपण को लेकर दिए निर्देश डॉ. सापेला ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि उन्हें आवंटित लक्ष्य के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पौधारोपण कार्य पूरा किया जाए। उन्होंने जोर दिया कि लगाए गए प्रत्येक पौधे का संरक्षण और नियमित निगरानी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। अतिरिक्त जिला कलक्टर ने कहा कि सभी पौधों की जियो-टैगिंग अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए, ताकि अभियान की पारदर्शी निगरानी और वास्तविक प्रगति का आकलन हो सके। उन्होंने उपखंड अधिकारियों को अपने अधीनस्थ अधिकारियों और संबंधित विभागों की नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। डॉ. सापेला ने जनभागीदारी के साथ अभियान को सफल बनाने के लिए आवश्यक समन्वय स्थापित करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी तालमेल से काम करते हुए अभियान को जिले में प्रभावी बनाएं। शिक्षा विभाग की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी बैठक में शिक्षा विभाग की धीमी प्रगति पर डॉ. सापेला ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शीघ्र लक्ष्य प्राप्त करें। सभी सीबीईओ को अपने-अपने क्षेत्र में पौधारोपण कार्य में तेजी लाने और निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करने के लिए कहा गया। अतिरिक्त जिला कलक्टर ने सभी विभागों को आगामी पांच दिनों के भीतर पौधारोपण और जियो-टैगिंग की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट जिला प्रशासन को अनिवार्य रूप से भेजने का निर्देश दिया। यह रिपोर्ट अभियान की प्रभावी समीक्षा और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने में सहायक होगी। बैठक में 'हरियालो राजस्थान अभियान' को जनआंदोलन का रूप देने, पौधों के संरक्षण, नियमित निगरानी और विभागीय समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
फाजिल्का में लगातार बढ़ रही चोरी की वारदातों के खिलाफ सिटी थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक शातिर मोटरसाइकिल चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की 15 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। बताया जा रहा है यह ग्रुप चंडीगढ़ से अ़ॉपरेट हो रहा था। इसके सरगना सहित दो लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। इस पूरे मामले का खुलासा फाजिल्का के एसएसपी गगन अजीत सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया। उन्होंने बताया कि यह बड़ी कार्रवाई सिटी थाना के एसएचओ परमजीत कुमार के नेतृत्व में की गई है। चंडीगढ़ और राजस्थान से जुड़े हैं गिरोह के तार एसएसपी गगन अजीत सिंह ने बताया कि पुलिस की तफ्तीश में इस गिरोह के अंतरराज्यीय कनेक्शन का पता चला है। मामले का मुख्य मास्टरमाइंड चंडीगढ़ में बैठकर इस पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था। गिरोह का मास्टरमाइंड चंडीगढ़ का रहने वाला वंश है। आरोपी फाजिल्का इलाके से चोरी की गई बाइक को चंडीगढ़ ले जाकर बेचते थे, और चंडीगढ़ व आसपास के इलाकों से चोरी की गई बाइकों को फाजिल्का व सीमावर्ती इलाकों में ठिकाने लगाते थे। पुलिस द्वारा बरामद की गई 15 मोटरसाइकिलों में से कई बाइक राजस्थान से चोरी की गई बताई जा रही हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपी रवि कुमार पुत्र हरी राम, लवप्रीत सिंह पुत्र कुलवंत सिंह (निवासी: गांव मम्मुखेड़ा), दिलनूर पुत्र मंगलजीत सिंह (निवासी: खुईखेड़ा) इनको गिरफ्तार कर लिया गया है। इनकों कोर्ट से रिमांड पर लेकर पूरे नेटवर्क के बारे में पता लगाया जाएगा। पुलिस की रडार पर (नामजद): वंश पुत्र दीपक सिंह निवासी चंडीगढ़ मास्टरमाइंड इन्द्रजीत सिंह उर्फ इंदर निवासी मलौट की तलाश में पुलिस छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द इनको गिरफ्तार कर लिया जाएगा नशे की लत पूरी करने के लिए बने अपराधी एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की उम्र 19 से 23 वर्ष के बीच है। यह सभी युवक नशे के आदी हैं। अपनी नशे की जरूरत और महंगे शौक को पूरा करने के लिए ही इन युवकों ने वाहन चोरी का रास्ता चुना और धीरे-धीरे एक बड़ा नेटवर्क तैयार कर लिया। पूरे नेटवर्क को तोड़ने के फिराक में है पुलिस पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियो को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। इसमें नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और अन्य चोरी की वारदातों का पता लगाया जा सके। एसएसपी ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में पुलिस के हाथ कुछ और अहम सुराग लगे हैं, जिससे जल्द ही कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। फिलहाल, फरार आरोपी वंश और इंद्रजीत की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
हरियाणा के नारनौल साइबर थाना पुलिस ने 1.18 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रतापनगर, जोधपुर निवासी दिव्यांशु के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी टेलीग्राम टास्क फ्रॉड से जुड़े साइबर अपराधियों के लिए कमीशन के आधार पर अपने बैंक खाते का इस्तेमाल करता था। जांच के दौरान पता चला कि ठगी की गई राशि में से एक लाख रुपये सीधे उसके बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। अब तक 16 गिरफ्तार इस मामले में पुलिस पहले ही 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब तक कुल 17 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 20 हजार रुपये नकद, 26 मोबाइल फोन, चार लैपटॉप, 59 एटीएम कार्ड, 22 चेकबुक, आठ कैशबुक, 12 पासबुक, 17 सिम कार्ड सहित अन्य सामान बरामद किया जा चुका है। टेलीग्राम ग्रुप में फंसाया मामले के अनुसार, गांव खैराना निवासी सुनील कुमार ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे टेलीग्राम पर घर बैठे ऑनलाइन काम करने का एक संदेश प्राप्त हुआ। इसके बाद एक वेब लिंक के माध्यम से उसका एक वेबसाइट पर पंजीकरण कराया गया और उसे एक टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ दिया गया। पहले डाले गए पैसे ग्रुप में उसे प्रतिदिन कुछ ऑनलाइन टास्क पूरे करने के लिए कहा जाता था। शुरुआती दौर में टास्क पूरा करने पर उसके खाते में कुछ धनराशि दिखाई गई, जिसे उसने अपने बैंक खाते में भी ट्रांसफर कर लिया। इससे उसका विश्वास बढ़ गया। अधिक मुनाफे का दिया लालच इसके बाद साइबर ठगों ने उसे अधिक मुनाफे का लालच देकर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करवाने शुरू कर दिए। शिकायतकर्ता ने अपनी जमा पूंजी के अलावा दोस्तों और रिश्तेदारों से उधार लेकर विभिन्न तिथियों में कुल 1,18,47,353 रुपये जमा कर दिए। हालां अभी भी जांच जारी कि, वेबसाइट पर उसके खाते में 1,52,03,443 रुपये प्रदर्शित हो रहे थे, लेकिन उसे कोई राशि वापस नहीं मिली। उल्टा ठग लगातार उससे और पैसे जमा करवाने का दबाव बनाते रहे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी, जो अब भी जारी है।
रेवाड़ी में 2 नाबालिग लड़कियों की शादी रुकी:एक 4 माह- दूसरी 2 साल छोटी; 22 को राजस्थान से आनी थी बारात
रेवाड़ी में जिला प्रशासन ने 2 नाबालिगों को बालिका वधू बनने से बचा लिया। शिकायत के मौके पर पहुंची प्रशासन की टीम पर पहुंची। घर में शादी की तैयारियां चल रही थी। अचानक टीम को घर देखकर परिजनों में हड़कंप मच गया। टीम ने जब 22 जुलाई को दुल्हन बनने वाली लड़कियों की उम्र के दस्तावेजों की जांच की तो एक की उम्र 4 माह और दूसरी की 2 साल कम मिली। जिसके बाद परिवार ने टीम को बेटियों के बालिग नहीं होने तक शादी नहीं करने का लिखित आश्वासन दिया। शिकायत के बाद पहुंची टीम जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन को गांव हासावास में दो नाबालिग लड़कियों की शादी की शिकायत मिली। शिकायत के बाद जिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सरिता शर्मा ईएसआई प्रमोद बागड़ी व महिला सिपाही अनिता के साथ शुक्रवार को गांव पहुंची। गांव पहुंचने पर जांच में पता चला कि 22 जुलाई को दो लड़कियों की शादी है। राजस्थान से उनकी बारात आएगी। घर जा चुके थे कई रिश्तेदार जानकारी मिलने के बाद टीम शादी वाले घर पहुंची। जहां शादी की तैयारियां चल रही थी। कई रिश्तेदार शादी में शामिल होने के लिए पहुंच चुके थे। मौके पर पहुंचने के बाद टीम परिवार और 22 जुलाई को दुल्हन बनने वाली बेटियों से मिली। जन्म प्रमाण पत्रों में एक की उम्र 2 साल कम मिली। जबकि दूसरी की 4 माह कम मिली। अधिकारियों के समझाने पर परिवार ने 22 जुलाई को होने वाली शादी टालने का लिखित में आश्वासन दिया। परिवार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद टीम वापस लौट गई। 2 साल सजा- 1 लाख जुर्माना डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि बाल विवाह कानूनी अपराध है। लड़की 18 और लड़का 21 साल का होने से पहले शादी नहीं करें। ऐसा करते पकड़े जाने पर एक लाख रुपए जुर्माना और दो साल की सजा का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह रोकने के लिए हेल्पलाइन 112, मैजिस्ट्रेट या चाइल्ड हेल्पलाइन नम्बर 1098 पर संपर्क किया जा सकता है।
अमरनाथ दर्शन के बाद वापस लौट रहे राजस्थान के लोगों की बस में आग लग गई। आग में बस पूरी तरह से जलकर राख हो गई। गनीमत रही कि उसमें सवार राजस्थान के 47 यात्रियों को समय रहते बस से उतार लिया गया। घटना गुरुवार शाम जम्मू के रामबन जिले की है। जानकारी अनुसार- ट्रैफिक रुकने पर किसी गाड़ी वाले को आग लगने का आभास हुआ था। तब उन्होंने बस के ड्राइवर को बताया था। इस बीच करीब चार गाड़ियों के पीछे चल रही बस के यात्री उतरे और आग लगने वाली बस से लोगों को उतारा। बस में सवार 47 यात्री राजस्थान के सलूंबर जिले के सराड़ा ब्लॉक के ढाकड़ा गांव के थे, जो दो बस लेकर सलूंबर से 9 जुलाई को रवाना हुए थे। इसमें, दूसरी बस 16 सीटर थी, जो उस समय पीछे चल रही थी। पीछे वाली बस में सवार यात्री देवीलाल डांगी ने बताया कि जब आगे गाड़ियां रुकी और आग की बात आई तो सब घबरा गए और इस बीच देखा तो जिस बस में आग लगी वह हमारे साथ वाली बस थी। डांगी ने बताया कि बस में यात्रियों के सामान, नकदी और मोबाइल जल गए। पूरी बस जलकर राख हो गई। उन्होंने कहा कि भगवान की कृपा से सभी यात्री सकुशल बच गए। डांगी ने बताया कि वे 9 जुलाई को निकले थे और बुधवार शाम को अमरनाथ के दर्शन कर वापस लौट रहे थे। गुरुवार को बालटाल से निकलने पर शाम करीब पौने चार बजे हम रामबन जिले में थे। रामबन में हादसा हो गया। उन्होंने बताया कि बाद में स्थानीय प्रशासन की टीमें वहां पहुंची और सभी यात्रियों को रात को अपनी तरफ से व्यवस्था कर करीब साढ़े दस बजे वहां से रवाना किया। हम लोग रात जम्मू में ही रुक गए। रामबन जिले के करोल इलाके में श्रद्धालुओं को लेकर आ रही बस का टायर फट गया। बताते है कि टायर फटने से अचानक फ्यूल टैंक ने आग पकड़ ली। कुछ ही मिनटों में बस धू-धू कर जलने लगी। हादसे के समय वहां अफरा-तफरी मच गई। आग तेजी से बढ़ रही थ। इस बीच यात्रियों को बाहर निकालने का काम भी तेजी से चल रहा था। आग पूरी बस में फैली उससे पहले सभी यात्री बस से उतार दिया गया। घटना स्थल पर पहुंचे CRPF 84 बटालियन के कमांडेंट विजय सिंह खटाना ने बताया कि रामबन में एक हादसा हुआ है। एक यात्रा बस नीचे की तरफ आ रही थी। उसके टायर में आग लगी और फिर आग फैल गई। यहां तैनात CRPF के जवानों ने सभी यात्रियों को बस से नीचे उतारा। उनके अनुसार बस में 52 यात्री थे, जो सभी सुरक्षित हैं। फायर टेंडर और CRPF के जवानों ने आग पर काबू पाया। जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर लिखा कि राजस्थान के श्री अमरनाथ जी यात्रा के तीर्थयात्रियों की बस, दर्शन के बाद लौटते समय करोल में टायर फटने के कारण आग की चपेट में आ गई थी। स्थिति के बारे में वरिष्ठ अधिकारियों और रामबन के डिप्टी कमिश्नर के साथ समीक्षा करते हुए यात्रियों को तुरंत मदद पहुंचाने से लेकर उनके राजस्थान सुरक्षित लौटने की व्यवस्था करने को कहा। इनपुट सहयोग : हितेश जोशी, खेरवाड़ा
उदयपुर के महाराणा प्रताप (डबोक) एयरपोर्ट की रैकिंग देश के टॉप एयरपोर्ट्स की सूची में इस बार डाउन है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) की ओर से जारी जनवरी से जून 2026 की कस्टमर सेटिस्फेक्शन रैंकिंग में उदयपुर एयरपोर्ट 12वें स्थान पर खिसक गया है। पिछले कई सालों से देश के टॉप-3 और टॉप-5 एयरपोर्ट्स में अपनी जगह बनाए रखने वाला उदयपुर एयरपोर्ट इस बार पहली बार टॉप-10 की लिस्ट से भी बाहर हो गया है। इस रैंकिंग में राजस्थान के भीतर भी उदयपुर पिछड़ गया है और जोधपुर एयरपोर्ट ने उसे पीछे छोड़ दिया है। विश्व के सर्वश्रेष्ठ शहरों की सूची में लेकसिटी की रैंकिंग में आई गिरावट के बाद अब एयरपोर्ट की रैंकिंग को भी यह बड़ा झटका लगा है। इस बार प्रदेश में जोधपुर एयरपोर्ट ने बाजी मारी है। जोधपुर को 4.88 स्कोर के साथ देश के टॉप 10 में 10वीं रैंक मिली है। राजस्थान में जोधपुर आगे, किशनगढ़ भी करीब एयरपोर्ट अथॉरिटी के ताजा सर्वे में राजस्थान के तीन एयरपोर्ट टॉप-15 में शामिल हुए हैं। इस बार प्रदेश में जोधपुर एयरपोर्ट ने बाजी मारी है। जोधपुर को 4.88 स्कोर के साथ देश में 10वीं रैंक मिली है, जबकि उदयपुर एयरपोर्ट 4.86 स्कोर के साथ 12वें नंबर पर आ गया है। वहीं अजमेर का किशनगढ़ एयरपोर्ट भी ज्यादा पीछे नहीं है, वह 4.85 स्कोर के साथ 13वीं रैंक पर मौजूद है। इस बार जोधपुर एयरपोर्ट सीधे तौर पर उदयपुर से आगे निकल गया है, जबकि किशनगढ़ भी बेहद मामूली अंतर से ही पीछे चल रहा है। इसके अलावा राजस्थान से जैसलमेर एयरपोर्ट 4.75 स्कोर के साथ सूची में 21वें स्थान पर रहा है। नए टर्मिनल का काम बना बड़ी चुनौती दरअसल, डबोक एयरपोर्ट पर वर्तमान में नए टर्मिनल भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। इससे भविष्य में यात्रियों की क्षमता और सुविधाएं निश्चित रूप से बढ़ेंगी। हालांकि, मौजूदा समय में इसी निर्माण और विस्तार कार्य पर सबसे अधिक फोकस किया जा रहा है, जिसकी वजह से यात्रियों की संतुष्टि का पैमाना पिछड़ गया है। सर्वे से पता लगता है कि नए टर्मिनल की शुरुआत की तैयारियों के बीच वर्तमान में चल रही यात्री सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, सूचना प्रणाली, स्टाफ के व्यवहार और सेवा गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने की सख्त आवश्यकता है। पहले कई बार रहा था देश का सर्वश्रेष्ठ एयरपोर्ट उदयपुर एयरपोर्ट लंबे समय से देश के सबसे पसंदीदा हवाई अड्डों में से एक रहा है। बेहतर साफ-सफाई, आसान यात्री सुविधाएं, समय पर उड़ानों का संचालन और शांत वातावरण के कारण यह कई बार कस्टमर सेटिस्फेक्शन सर्वे में देश का नंबर वन और सर्वश्रेष्ठ एयरपोर्ट चुना जा चुका है। साल 2020, 2021 और 2022 में उदयपुर एयरपोर्ट ने इस सर्वे में देश में पहला स्थान हासिल किया था। इसके बाद साल 2023 और 2024 में यह दूसरे स्थान पर रहा, जबकि साल 2025 में भोपाल और खजुराहो के साथ संयुक्त रूप से पहले स्थान पर काबिज था। खजुराहो और औरंगाबाद देश में सबसे आगे इस साल की छमाही रैंकिंग में देश भर के नॉन-मेट्रो एयरपोर्ट्स की सूची में मध्य प्रदेश का खजुराहो और महाराष्ट्र का औरंगाबाद एयरपोर्ट 4.98 स्कोर के साथ संयुक्त रूप से पहले स्थान पर रहे हैं। दूसरे नंबर पर मदुरै और विजयवाड़ा हैं। लगातार टॉप पर रहने वाले उदयपुर के एयरपोर्ट की रैंकिंग में एकाएक आई इस गिरावट से अब प्रबंधन के सामने नए टर्मिनल की शुरुआत के साथ ही यात्रियों के अनुभव और सेवाओं की गुणवत्ता को दोबारा पटरी पर लाने की बड़ी चुनौती होगी।
मुरैना के बहुचर्चित 4 वर्षीय कार्तिकेय राजपूत अपहरण मामले का पुलिस ने 72 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। शहर कोतवाली पुलिस ने आरोपी पिता निलेश राजपूत को राजस्थान के पाली जिले से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से कार्तिकेय को भी सकुशल बरामद कर लिया गया है। पुलिस आरोपी और बच्चे को लेकर मुरैना के लिए रवाना हो गई है। मामले की जांच के लिए पुलिस की तीन विशेष टीमें पिछले 72 घंटे से राजस्थान के पाली में लगातार तलाश कर रही थीं। तकनीकी साक्ष्यों और लगातार की गई जांच के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची और बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया। पिता ने अपहरण क्यों किया इसका खुलासा करेगी पुलिसप्रारंभिक जांच में सामने आया कि कार्तिकेय के अपहरण की साजिश उसके पिता निलेश राजपूत ने ही रची थी। इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग टीमें बनाकर तलाश शुरू की और राजस्थान में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब निलेश राजपूत से पूछताछ करेगी। पूछताछ में यह पता लगाया जाएगा कि अपहरण की साजिश क्यों रची गई, इसमें कौन-कौन शामिल था और बच्चे को राजस्थान तक कैसे ले जाया गया। स्कूल के बाहर से किया था अपहरण पुलिस के अनुसार, 14 जुलाई की दोपहर निलेश राजपूत रेनबो स्कूल पहुंचा। छुट्टी होने के बाद उसने स्कूल के बाहर से अपने बेटे कार्तिकेय को उठा लिया। उसके साथ स्कूटी पर एक साथी भी था। दोनों स्कूटी से वहां से निकले और चंबल नदी पुल के पास स्कूटी छोड़कर दूसरे वाहन से राजस्थान रवाना हो गए। 12 दिन तक शहर में रहकर बनाई योजना जांच में सामने आया कि आरोपी अपने दो साथियों के साथ शहर के साईं पैलेस लॉज में 12 दिन तक रुका था। इसी दौरान उसने अपहरण की योजना बनाई और स्कूल आकर बेटे की रेकी की। पुलिस के अनुसार, अपहरण में इस्तेमाल की गई स्कूटी भी लॉज संचालक की थी। सीसीटीवी और स्कूटी से मिला सुराग अपहरण की पूरी घटना स्कूल के सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई थी। फुटेज में निलेश कार्तिकेय को अपने साथ ले जाते हुए दिखाई दिया। इसी फुटेज और स्कूटी के आधार पर पुलिस जांच आगे बढ़ी। पति को नहीं पहचाना इसे पुलिस को शक हुआ पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद भी कार्तिकेय की मां इशू ने पहले अपने पति निलेश की पहचान से इनकार कर दिया था। बाद में सख्ती पूछताछ की तो उसने जांच में सहयोग किया। वहीं, साईं पैलेस लॉज के संचालक ने सीसीटीवी फुटेज में निलेश की पहचान की थी। इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… बिजनेसमैन ने बेटे को किया किडनैप, VIDEO मध्य प्रदेश के मुरैना में गुटखा कारोबारी ने अपने 4 साल के बेटे का स्कूल से किडनैप कर लिया। किडनैपर मुंबई से फ्लाइट से ग्वालियर पहुंचे, फिर मुरैना आए। यहां साईं पैलेस लॉज में 12 दिन रुककर रेकी की। रेनबो पब्लिक स्कूल से किडनैप कर लिया। प्रबंधन ने बिना आईडी कार्ड मांगे बच्चे को सौंप दिया। पूरी खबर पढ़ें…
राजस्थान में ब्रेस्ट कैंसर के रोजाना 41 मरीज आ रहे हैं, यानी साल में औसतन 15 हजार। कुल सालाना 19% तक वृद्धि दर्ज की गई है। 2025 के केसों के मुताबिक राजस्थान ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में देश में पांचवें स्थान पर है। क्यों? जवाब है- महिलाओं की झिझक, सिस्टम की कमजोर स्क्रीनिंग। ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग करने वाली मोबाइल कैंसर वैन में कमियों की जानकारी हमें मिली तो हमने खुद इस व्यवस्था को पेशेंट बनकर देखा-समझा। हमने भांकरोटा स्वास्थ्य केंद्र में ओपीडी की पर्ची बनवाई। हमसे पूछा गया कि जांच क्यों करानी है? फिर एक कमरे में भेजा गया, जहां महिला डॉक्टर थीं। डॉक्टर ने पूछा- उम्र क्या है? हमने 32 और 34 वर्ष बताई। डॉक्टर ने पूछा- जांच कराने की जरूरत क्यों लगी? हमने कहा- डर लगता है, आप हमारा एग्जामिनेशन कीजिए। डॉक्टर ने हमारा क्लीनिकल ब्रेस्ट एग्जामिनेशन किया, पूछा- दर्द कब होता है, माहवारी से पहले या सामान्य दिनों में? गांठ महसूस होती है या नहीं? जांच के बाद कहा- सब सामान्य है। मैमोग्राफी के लिए डॉक्टर ने मना कर दिया। हम दोनों काउंटर पर लौंटीं, मैमोग्राफी के लिए पूछा। सलाह मिली कि एसएमएस अस्पताल जाकर ब्रेस्ट सोनोग्राफी कराएं, उसमें संदिग्ध संकेत मिलेगा तो वहीं मैमोग्राफी होगी। हमने पूछा- यहां सोनोग्राफी नहीं करते? जवाब मिला- वैन में तो अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं है। प्राथमिक जांच की रिपोर्ट मांगी तो कहा- वैन किसी को रिपोर्ट नहीं देती, फॉलोअप नहीं करती। हम जांच व्यवस्था देखने गए थे, मगर सवाल लेकर लौटे- 10 करोड़ रुपए की 8 वैन 1.38 करोड़ स्क्रीनिंग कर चुकी। मशीनें नहीं, रिपोर्ट नहीं, फॉलोअप नहीं... ये कैसी स्क्रीनिंग है? यूपी, गोवा, आंध्र की वैन में अल्ट्रासाउंड, AI स्क्रीनिंग भी, राजस्थान में क्यों नहीं? 1. हमारे पास 8 मोबाइल वैन हैं, प्रत्येक की कीमत 1.25 करोड़ रुपए है। डॉक्टर, रेडियोग्राफर सहित 9 लोगों का स्टाफ है, अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं, रिपोर्ट नहीं दी जाती है। 2. वैन में जांच कराने जाते ही स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट, एसएमएस या जिला अस्पताल जाने को कहा जाता है। 3. वैन में एआई आधारित स्क्रीनिंग की सुविधा मिले तो रेडिएशन का खतरा नहीं रहेगा। 4. स्वास्थ्य केंद्र पर वैन आने का प्रचार तंत्र भी कमजोर। यह 73 हजार से ज्यादा महिलाओं के सीने में दबे जख्मों की मैमोग्राफी इमेज है…झिझक-इलाज में देरी से ऐसी तस्वीर बनती है... यह दाग दर्दनाक, जानलेवा है यह राजस्थान की एक 38 वर्षीय महिला की मैमोग्राफी रिपोर्ट है। जांच में स्तन में गांठ दिखाई दी, जिसका आकार सामान्य गांठ से अलग और अनियमित था। इसके बाद बायोप्सी कराई गई, जिसमें स्तन कैंसर की पुष्टि हुई। उन्हें सेकंड स्टेज का कैंसर हुआ है। मैमोग्राफी ऐसी संदिग्ध गांठों की शुरुआती पहचान करने में महत्वपूर्ण जांच मानी जाती है। महिला को सबसे पहले ब्रेस्ट में गांठ महसूस हुई थी। झिझक-संकोच के कारण किसी को नहीं बताया। कई महीने बीत गए। अस्पताल में महिला डॉक्टर नहीं मिली तो लौट आई। तकलीफ बहुत बढ़ गई तो जांच कराई। क्लिनिकल एग्जामिनेशन में डॉक्टर को कैंसर की आशंका हुई। इसके बाद मैमोग्राफी कराई गई, फिर बायोप्सी से पता चला उन्हें स्टेज-2 ब्रेस्ट कैंसर है। जल्द पहचान हो तभी इलाज समय पर मिले सच है कि ब्रेस्ट कैंसर तेजी से फैल रहा है। अब तो 20-25 साल के मरीज भी आ रहे हैं। जितनी जल्द इसकी पहचान हो, उतना ही इलाज जल्द संभव हो सकेगा। कुछ समय में 30 से कम उम्र के 50 मरीज आ चुके।-डॉ.संदीप जसुजा, अधीक्षक, स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट ब्रेस्ट कैंसर जांच में AI का इस्तेमाल होना चाहिए स्क्रीनिंग वैन में अल्ट्रासाउंड मशीन से बेहतर जांच हो सकती हैं। 35 से कम उम्र की महिलाओं में अल्ट्रासाउंड मुख्य टेस्ट की तरह काम करता है। किसी भी उम्र में मैमोग्राफी के साथ अल्ट्रासाउंड करें तो बेहतर परिणाम आएंगे। एआई का प्रयोग भी अच्छे परिणाम देगा।-डॉ. प्रशांत शर्मा, सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट
रायपुर के उरला से सटे तेंदुआ स्थित गोदाम से खैर की अवैध लकड़ियां वन विभाग ने जब्त की थी। लकड़ियां इतनी ज्यादा है कि काउंटिंग दो रात बाद भी पूरी नहीं पाई है। कल सुबह तक संभावना है कि गिनती पूरी हो जाए। वहीं पूरे मामले में मुख्य आरोपी आरोपी मनीष अग्रवाल की आर्थिक गतिविधियों और संपत्तियों की भी जांच कराई जाएगी। इसके लिए विभाग ने आयकर (IT) और जीएसटी विभाग को पत्र भेजा है। जांच में सामने आया कि लकड़ियां मथुरा, हरियाणा और राजस्थान भेजी जानी थी। लंबे समय से चल रहा था कारोबार मनीष अग्रवाल के खिलाफ प्रदेश के अलग-अलग जिलों में खैर सहित अन्य बहुमूल्य वन उत्पादों की तस्करी के आधा दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं। विभाग का मानना है कि यदि लंबे समय से यह अवैध कारोबार चल रहा था। मोबाइल चैट से मिला हरियाणा कनेक्शन जांच के दौरान वन विभाग ने गोदाम के मुंशी इरफान का मोबाइल भी जब्त किया है। इरफान को पूरे मामले में सह आरोपी बनाया है। हालांकि पूछताछ के बाद उसे विभाग ने छोड़ दिया है। इरफान के मोबाइल चैट्स से पता चला है कि लकड़ियां मथुरा, हरियाणा और राजस्थान भेजी जानी थी। यहां लकड़ी को सुखाकर उसका चूरा तैयार किया जाता है। और फिर इस चूरे से कत्था बनता। देखिए जब्त लकड़ियों की तस्वीरें… 4 महीने पहले ही गोदाम किराए में लिया था जांच में सामने आया है कि मनीष अग्रवाल ने तेंदुआ स्थित गोदाम 11 मार्च 2026 को किराए पर लिया था। गोदाम का मासिक किराया 28 हजार रुपये तय हुआ था। जमीन मालिक धर्मवीर सिंह ने भास्कर को बताया कि उसे अग्रवाल के काम की जानकारी नहीं थी अग्रवाल ने यह नहीं बताया था कि गोदाम का इस्तेमाल किस काम के लिए किया जाएगा। धर्मवीर ने बताया अग्रवाल ने सिर्फ गोदाम किराए पर लेने की बात कही थी। उन्हें अग्रवाल के पूराने बैकग्राउंड के बारे में भी नहीं मालूम था।
सीकर के रोडवेज डिपो में गुरुवार को ड्राइवर-कंडक्टरों और अन्य कर्मचारियों ने एकत्रित होकर एक विशाल आक्रोश रैली निकाली। चूरू में सीकर डिपो के कंडक्टर के साथ हुई मारपीट के मामले में कर्मचारियों ने अब प्रशासन और सरकार को खुली चेतावनी दी है। राजस्थान रोडवेज वर्कर्स यूनियन (सीटू) के उप महासचिव श्योदाना राम शेषमा ने बताया कि पुलिस ने पहले आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए 15 जुलाई तक की मोहलत मांगी थी, जिसके बाद 1 दिन का समय और मांगा गया। लेकिन अब कर्मचारियों का सब्र टूट रहा है। यदि अगले 24 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो रोडवेज के ड्राइवर-कंडक्टर हड़ताल पर चले जाएंगे और पूरे प्रदेश में चक्काजाम किया जाएगा। प्राइवेट बस के गुंडों ने की थी मारपीट यूनियन के धूड़ाराम गुर्जर ने बताया कि सीकर डिपो के कंडक्टर सुरेंद्र कुमार के साथ चूरू के कनेक्ट चौराहे पर प्राइवेट बस संचालकों के गुंडों ने बेरहमी से मारपीट की थी। इस घटना के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों ने आज आक्रोश रैली निकालकर प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया। रैली के दौरान कर्मचारियों ने लोक परिवहन बसों, अवैध प्राइवेट बसों और प्रशासन के ढुलमुल रवैये के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी से मारपीट बर्दाश्त नहीं सीटू प्रदेशाध्यक्ष सीटू के प्रदेशाध्यक्ष रामदेव सिंह टाकरिया ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी के साथ इस तरह की गुंडागर्दी और मारपीट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वर्कर्स यूनियन ने इस संबंध में चूरू के जिला कलेक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक (SP) को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की थी। पुलिस द्वारा समय पर कार्रवाई न किए जाने के कारण ही अब चक्काजाम और बड़े आंदोलन की तैयारी की जा रही है। इस घटनाक्रम से राजस्थान रोडवेज के उच्च प्रबंधन और परिवहन आयुक्त को भी अवगत करा दिया गया है।
रेवाड़ी जिले के राजस्थान से सटे कुंड कस्बे में दो पंचायतों की सीमा पर स्थित सड़क कई वर्षों से जर्जर हालत में है। इस सड़क पर गड्ढे होने के कारण रोजाना हजारों राहगीर, स्कूली बच्चे और वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। यह सड़क कुंड मंडी चौक से राजस्थान के महतावास, अर्डिंद और चीताडूंरा सहित दर्जनों गांवों को जोड़ती है। एडवोकेट राहुल यादव ने बताया कि पंचायत द्वारा सीवर लाइन बिछाने के लिए सड़क को खोदा गया था, लेकिन उसके बाद नई सड़क बनाने का काम अधूरा छोड़ दिया गया। सड़क पर जगह-जगह सिर्फ पत्थर पड़े हैं और कई सीवर के ढक्कन खुले हैं, जो रात के अंधेरे में दिखाई नहीं देते। बारिश में गड्ढों में पानी भर जाने से स्कूली बच्चे और राहगीर अक्सर फंस जाते हैं। दोनों पंचायत एक-दूसरे पर डाल रही जिम्मेदारी : संजय टूटी सड़क से उड़ने वाली धूल से स्थानीय लोगों में सांस की बीमारियां होने का खतरा बना हुआ है। आए दिन छोटे बच्चे और बुजुर्ग फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। स्थानीय निवासी संजय ने कहा कुंड और मनेठी पंचायत के बीच यह सड़क विवाद का विषय बन गई है। दोनों पंचायतें एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रही हैं। लोगों ने बताया कि इस संबंध में कई बार पंचायत, ग्राम सचिव, बीडीपीओ और उच्च अधिकारियों को शिकायत की गई है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। कुंड पंचायत को सौंप दी गई थी सड़क : मनेठी सरपंच गांव मनेठी के सरपंच देशराज ने जानकारी दी कि सड़क का काम लिखित रूप से कुंड पंचायत को सौंप दिया गया है।अब कुंड पंचायत ही महतावास फाटक वाली सड़क का निर्माण कराएगी। प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा : आनंद शर्मा गांव कुंड के सरपंच प्रतिनिधि आनंद शर्मा ने बताया कि सांसद कोटे से लगभग 11 लाख रुपए खर्च कर सीवर लाइन बिछाई गई थी। अब मनेठी पंचायत ने सड़क निर्माण की जिम्मेदारी अब कुंड पंचायत को सौंप दी गई है। उन्होंने कहा कि कुंड पंचायत की बैठक में प्रस्ताव पारित कर ग्रांट के लिए उच्च स्तर पर भेजा जाएगा और करीब एक महीने के भीतर सड़क निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है,ताकि बच्चों,बुजुर्गों और आम राहगीरों को रोजाना की परेशानी और दुर्घटना का खतरा कम हो सके।
शहडोल में रीवा लोकायुक्त की रिश्वतखोरी कार्रवाई के बाद शहडोल के स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जयसिंहनगर विकासखंड के उफरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर डॉ. महेश चंद्र शर्मा पर पहचान चोरी कर सरकारी नौकरी हासिल करने का आरोप लगा है। राजस्थान के डीग जिले में पदस्थ असली डॉ. महेश चंद्र शर्मा ने जयसिंहनगर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि उनके शैक्षणिक दस्तावेजों का दुरुपयोग कर वर्षों तक मध्यप्रदेश में नौकरी की गई। लोकायुक्त कार्रवाई के बाद सामने आया मामला शिकायतकर्ता डॉ. महेश चंद्र शर्मा ने बताया कि हाल ही में रीवा लोकायुक्त द्वारा शहडोल में रिश्वत लेते पकड़े गए डॉक्टर की खबर सोशल मीडिया और समाचारों में देखने के बाद उन्हें पूरे मामले की जानकारी मिली। इसके बाद वे शहडोल पहुंचे और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। रिश्तेदार पर लगाए दस्तावेजों के दुरुपयोग के आरोप शिकायत के मुताबिक, उनके रिश्ते के चाचा सतीश शर्मा ने उनके शैक्षणिक प्रमाणपत्रों और फोटो का इस्तेमाल कर मध्यप्रदेश में मेडिकल ऑफिसर के पद पर नौकरी हासिल कर ली। आरोप है कि पहचान के लिए अपना आधार कार्ड लगाया गया, जबकि शैक्षणिक योग्यता संबंधी दस्तावेज शिकायतकर्ता के थे। राजस्थान में पदस्थ हैं असली डॉक्टर शिकायतकर्ता डॉ. महेश चंद्र शर्मा वर्तमान में राजस्थान के डीग जिले के पूछरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल ऑफिसर के रूप में कार्यरत हैं। उनका कहना है कि परिवार को भी यह बताया जाता रहा कि आरोपी कोटा में कोचिंग का कार्य करता है। तीन जिलों में पदस्थापना पर उठे सवाल लोकायुक्त जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि संबंधित डॉक्टर अलग-अलग समय में शहडोल, श्योपुर और खरगोन जिलों से जुड़ा रहा। जानकारी के अनुसार फरवरी 2023 से वह खरगोन जिले के सेगांव ब्लॉक में भी पदस्थ था। ऐसे में एक ही व्यक्ति की अलग-अलग जिलों में पदस्थापना को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। जयसिंहनगर थाना प्रभारी अजय बैगा ने बताया कि राजस्थान से आए डॉ. महेश चंद्र शर्मा की शिकायत दर्ज कर ली गई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
आईबीए सीआईएसओ समिट-26 में राजस्थान ग्रामीण बैंक सम्मानित
मुंबई में आयोजित 5वें आईबीए सीआईएसओ समिट-2026 में राजस्थान ग्रामीण बैंक को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए दो प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया। बैंक ने ‘आइडेंटिटी एंड एक्सेस मैनेजमेंट ऑफ द ईयर’ श्रेणी में विजेता तथा ‘साइबर रेजिलिएंस ऑफ द ईयर’ श्रेणी में उपविजेता का पुरस्कार प्राप्त किया। बैंक की ओर से महाप्रबंधक धीरेंद्र जीनगर और सहा. महाप्रबंधक मनीष शर्मा ने आईबीए के मुख्य कार्यकारी अतुल कुमार गोयल, एनपीसीआई के मुख्य मार्केट सूचना सुरक्षा अधिकारी एवं डेटा संरक्षण अधिकारी प्रवीण कुमार तथा आईआईटी मुंबई के प्रो. जी. शिवकुमार से पुरस्कार ग्रहण किए। इस दौरान बैंक के मुख्य प्रबंधक प्रवीण व्यास और वरिष्ठ प्रबंधक आकाश भाटी मौजूद रहे।
विवेक चौधरी राजस्थान सचिवालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष निर्वाचित
राजस्थान सचिवालय कर्मचारी संघ के वार्षिक चुनाव में विवेक चौधरी वर्ष 2026-27 के लिए अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। चुनाव में कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक मतदान किया। कुल 1,482 मतदाताओं में से 1,399 कर्मचारियों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतगणना में विवेक चौधरी को सर्वाधिक 872 मत प्राप्त हुए, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी हर्षित शर्मा को 379 मत मिले। इसके साथ ही विवेक चौधरी ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। निर्वाचन अधिकारी के.आर. मीणा ने चुनाव परिणाम की औपचारिक घोषणा की।
राज्य सरकारों की जनकल्याणकारी योजनाओं और पोर्टल्स पर हैकर्स के बड़े साइबर हमले हो रहे हैं। हैकर्स आम लोगों और लाभार्थियों का डेटा डार्क-वेब पर बेच रहे हैं। इसका खुलासा तब हुआ जब भास्कर टीम ने 5 आईटी एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर 100 घंटे तक इन्वेस्टिगेशन की। इस पड़ताल में सामने आया कि भारत के नागरिकों का डेटा डार्क-वेब के जरिए रूस के साइबर बाजारों में खुलेआम बिक रहा है। सरकारी पोर्टल्स के लॉगिन आईडी और पासवर्ड की कीमत महज 10 डॉलर (लगभग 930 रुपए) रखी गई है। डार्क-वेब पर ‘बिग ब्रदर’ नाम के एक पेज पर देश के 17 महत्वपूर्ण सरकारी विभागों का डेटा बिक्री के लिए उपलब्ध है। इनमें छत्तीसगढ़, केरल, बिहार, महाराष्ट्र वन विभाग, कोल इंडिया और राष्ट्रीय आयुष मिशन जैसे संवेदनशील विभाग शामिल हैं। पड़ताल में यह भी सामने आया कि देश में जितने म्यूल अकाउंट और फर्जी पहचान के मामले आ रहे हैं, उनके लिए डेटा यहीं से खरीदा जा रहा है। जब टीम भास्कर ने डार्क-वेब और इससे जुड़े टेलीग्राम के ‘स्लम फ्री’ चैनल पर पड़ताल शुरू की, तो हैकर्स ने टीम के सिस्टम पर भी वायरस फाइलों के जरिए जवाबी हमला कर दिया। हैकर्स का मकसद सिस्टम में घुसकर फेसबुक प्रोफाइल और तस्वीरों सहित सभी निजी जानकारियां चुराना था। भास्कर एक्सपर्ट अभिषेक त्रिपाठी, साइबर एक्सपर्ट लापरवाही पर 1 करोड़ तक जुर्माना अपराधी डार्क-वेब से नागरिकों के सरकारी दस्तावेज और निजी डेटा खरीदकर फर्जी आईडी बनाते हैं। इसका उपयोग ‘म्यूल अकाउंट’ खोलने व वित्तीय धोखाधड़ी में किया जाता है। यदि हैकर्स के हाथ ‘सुपर यूजर’ या एडमिन अकाउंट लग जाता है, तो वे सीधे लाभार्थियों को मिलने वाली सरकारी सहायता को किसी अन्य फर्जी खाते में ट्रांसफर कर सकते हैं। नवंबर 2027 से देश में डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट लागू होगा। तब सरकारी विभाग से लोगों का डेटा लीक होने पर संबंधित विभाग पर 1 करोड़ रुपए तक जुर्माना लग सकेगा। साइबर हमलों की स्थिति… जांच में सामने आया कि हैकर्स ने मुख्य रूप से ‘वाइडर’, ‘रंधामाइट्स’और ‘लूमा सी-2’ जैसे खतरनाक वायरस का इस्तेमाल करके डेटा चुराया है 1. राजस्थान (पोर्टल: sso.rajasthan.gov.in और janadhar.rajasthan.gov.in) 2. मध्य प्रदेश (राजस्व विभाग पोर्टल: saara.mp.gov.in) वाइडर वायरस से प्रभावित मिला 3. बिहार (पोर्टल: sspmis.bihar.gov.in और 7-निश्चय पोर्टल), ये एक्रीड वायरस प्रभावित
हरियाणा के BJP नेता नरेंद्र लुबाना के भाई रतन लुबाना पर फायरिंग केस में अब हैंडलर शकील अंसारी से पूरा खुलासा करवाया जाएगा। शकील अंसारी का पंचकूला पुलिस ने प्रोडक्शन मांगी है, जिस पर आज फैसला होगा।पंजाब के हार्डकोर क्रिमिनल और रोहित गोदारा गैंग के हैंडलर शकील अंसारी ने मर्डर के लिए तुर्की और आस्ट्रिया मेड वो हथियार भेजे थे, जिनका प्रयोग सिंगर सिद्धू मूसेवाला मर्डर में हुआ था। BJP नेता नरेंद्र लुबाना के भाई रतन लुबाना को मारने आए पंजाब के दोनों शूटरों के लिए हथियार मोहाली के जीरकपुर में रखवाए गए थे। जिसकी लोकेशन और फोटो दोनों शूटर को भेजी गई थी। उस लोकेशन से दोनों शूटर ने हथियार उठाए थे और वारदात को अंजाम दिया था। पंजाब के लुधियाना निवासी हार्डकोर बदमाश शकील अंसारी श्रीगंगानगर में किसी बड़ी फायरिंग की वारदात को अंजाम देने की फिराक में पहुंचा था। बाइक पर गए शकील अंसारी को राजस्थान पुलिस ने रोकने का प्रयास किया, तो उसने फायरिंग कर दी। दोनों ओर से कई राउंड गोलियां चली। इसी दौरान पुलिस की गोली शकील अंसारी के पैर में लगी, जिससे वह घायल होकर गिर गया। सबसे पहले जानिए, कैसे हुई लुबाना पर फायरिंग… सेक्टर-5 की मार्केट में आधी रात को हमला: बुधवार रात 12 बजे के करीब रतन लुबाना सेक्टर-5 के स्विस सड़क किनारे खड़ी अपनी कार की तरफ जाते हुए दिखाई देते हैं। इस दौरान वह वहां मौजूद एक व्यक्ति से कुछ देर बातचीत करते नजर आते हैं। बातचीत के बाद जैसे ही वो लांज के पास गुजर रहे थे, तभी उनके सामने अचानक बाइक पर सवार दो युवक आए। अचानक दो युवक पिस्तौल लेकर पीछे भागे: इसके बाद कि अचानक दो युवक पिस्तौल लेकर रतन लुबाना के पीछे भागने लगते हैं। जिनसे बचने के लिए रतन लुबाना भागते हुए एक बार गिर भी जाते हैं। लेकिन उसके बाद उठकर फिर दौड़ लगाते हैं। घटना के दौरान आसपास काफी लोग मौजूद थे, जो वीडियो में दिख रहा है। लेकिन किसी ने भी दोनों शूटरों को पकड़ने की हिम्मत नहीं दिखाई। तेजी से न भागते तो जान बचना मुश्किल था: सीसीटीवी फुटेज से साफ दिख रहा है कि बदमाश उन्हें जान से मारने के इरादे से ही आए थे। वो लगातार सेमी-ऑटोमेटिक पिस्टल से गोलियां चला रहे हैं। निशाना न चूके, इसलिए दोनों हाथों से पिस्टल को थाम रखा है। यदि लुबाना हिम्मत करके तेजी से दौड़ न लगाते तो उनका बचना मुश्किल था। रतन लुबाना को गोली मारकर जो शूटर वापस लौट रहे थे, तो उन्हें देखकर वहां मौजूद लोग वहां से भाग जाते हैं। फायरिंग के बाद ही लुबाना को मोबाइल पर कॉल रतन लुबाना पर फायरिंग होने के कुछ देर बाद ही उनके मोबाइल पर कॉल आई। कॉल लुबाना के परिवार ने रिसीव की। कॉलर ने खुद को गैंगस्टर रोहित गोदारा बताया। पूछा-कितनी गोलियां लगी हैं इसको। परिवार के लोगों ने कहा कि हमें तो इसकी अभी जानकारी नहीं है। कॉलर बोला-यह दूसरों को 3 करोड़ रुपए दे रहा है। इसको गोली तो लगनी थी, आज नहीं तो कल मरेगा। पहले भी रंगदारी की कॉल आई थी रतन लुबाना सेक्टर-5 में ही एक क्लब में पार्टनर हैं। इसके अलावा उनके और बिजनेस भी हैं। परिवार के सूत्रों का कहना है कि लुबाना के पास पहले भी रंगदारी मांगने के लिए कॉल आई थी। हालांकि यह कॉल किसकी थी, कितने पैसे मांगे गए थे और तब पुलिस ने क्या कार्रवाई की गई, इसकी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। परिवार भी अभी सहमा हुआ है और कुछ भी कहने से बच रहा है। एनकाउंटर के बाद के PHOTOS… जानिए कैसे हुआ एनकाउंटर और शूटर कौन… मट्टावाला फ्लाईओवर के पास नाकाबंदीः बताया जा रहा है कि फायरिंग की घटना के समय डिटेक्टिव स्टाफ का एक जवान मौके पर मौजूद था। जिसने शूटरों का पीछा करना शुरू किया और घटना की वीटी करवाई। सूचना पाकर डिटेक्टिव टीम, क्राइम ब्रांच-26 और ANC टीम हरकत में आई और मट्टावाला फ्लाईओवर के पास नाकाबंदी कर दी। नाकाबंदी देख शूटरों ने की फायरिंग: शूटरों ने पीछा कर रहे पुलिस जवान की गाड़ी पर बेला बिस्टा चौक व नाडा साहिब एरिया में भी फायरिंग की। हालांकि किसी को गोली नहीं लगी। जिसके बाद बदमाश फायरिंग करते हुए भागने लगे तो पुलिस ने जवाबी फायर किया। दोनों बदमाशों के घुटनों पर लगी गोलियां : पंचकूला पुलिस की टीमों जब शूटरों पर जवाबी फायरिंग की तो दोनों के पैरो में घुटनों पर 2-2 गोलियां लगी है, जिन्हें पंचकूला के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से ब्लीडिंग ज्यादा होने के चलते उन्हें चंडीगढ़ PGI रेफर कर दिया गया। गोल्डी-गोदारा गैंग के शूटर : एनकाउंटर में पकड़े शूटरों की पहचान पंजाब के लुधियाना निवासी जसविंद्र व होशियारपुर निवासी हरप्रीत के तौर पर हुई है। दोनों ही बदमाश गोल्डी बराड़ व रोहित गोदारा गैंग के शूटर हैं। जसविंद्र लुधियाना पर हत्या के प्रयास में 2 मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। दोनों बदमाशों ने की 18 राउंड फायरिंग : पंजाब से आए दोनों शूटरों ने पुलिस व पार्षद के देवर रतन लुबाना पर करीब 18 राउंड फायरिंग की है। आरोपियों के पास से 2 सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल मिली है। जिसमें 10 कारतूस लोड होने वाली मैग्जीन लगी हुई थी।
जयपुर में उपराष्ट्रपति एसपी राधाकृष्णन ने कहा- विकसित राजस्थान के बिना विकसित भारत नहीं बन सकता है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने लक्ष्य दिया है। यह लक्ष्य पाने के लिए सशक्त संस्थाएं जरूरी हैं। संस्थाएं तब विकसित होती हैं, जब नेतृत्व मजबूत चरित्र वाला हो। विधायक विधानसभा की गरिमा बनाए रखने के लिए काम करें। उन्होंने कहा- राजनीति में काम करने वाले सेवा करना जारी रखें। तो सही समय पर पुरस्कार अपने आप मिल जाएगा। उपराष्ट्रपति जयपुर में बुधवार को राजस्थान विधानसभा में विधायी गौरव यात्रा के समापन समारोह में बोल रहे थे। वहीं कार्यक्रम में लोकसभाध्यक्ष ओम बिरला ने कहा- सदन में चाहे कितना तनाव हो, स्पीकर के चेहरे पर नहीं आना चाहिए। मैं जब स्पीकर बना तो लोकसभा में बार-बार सीट से उठकर ‘आसन पैरों पर है…’ कहना पड़ता था। तब एक सांसद ने सलाह दी कि स्पीकर का बार-बार सीट पर खड़े होना ठीक नहीं है, इससे गरिमा नहीं रहती। हर व्यक्ति कुछ न कुछ सिखा जाता है। अब संसद में चाहे कितना ही हंगामा हो, मैं खड़ा नहीं होता। विधायक सदन की चर्चाओं में भाग लें, बड़ा बदलाव ला सकते हैं उपराष्ट्रपति एसपी राधाकृष्णन ने कहा- चुनाव के समय जनता के मतों से जीतते हैं, लेकिन दिलों को तभी जीत सकते हैं, जब लोगों की भलाई के लिए काम करें। चुनाव जीतना अहम है, लेकिन उसे भी महत्वपूर्ण यह है कि आप जनता की सेवा कर रहे हैं या नहीं। मतभेद हो सकते हैं, लेकिन राजस्थान के विकास की भावना एक सूत्र में बांधे रखती है। लोकतंत्र राजनीतिक मतभेदों से बड़ा होता है। उपराष्ट्रपति ने पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत, राजेश पायलट, पूर्व सीएम अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे को याद करते हुए उनके साथ संसद में किए काम का जिक्र किया। उपराष्ट्रपति ने कहा- वाजपेयी सरकार के समय संसद की टैक्सटाइल समिति में खूब काम किया। उस समय दिए गए सुझावों को सरकार ने माना। इसमें टैक्सटाइल सेक्टर को पूरी तरह मॉडर्न करने का सुझाव दिया था। एक विधायक के रूप में जो काम मिला है, उसे जी-जान से करने में जुट जाएं। आप किसी पक्ष के हों। आप प्रश्नकाल, शून्यकाल और सदन की चर्चाओं में योगदान देते हैं तो बड़ा बदलाव आ सकता है। उपराष्ट्रपति ने कहा- विधायक राष्ट्र और संविधान को सर्वोपरि रखें। इतिहास महाराणा प्रताप को नहीं भूल सकता, चेतक को नहीं भुला सकता। आप निष्ठा से काम करेंगे तो नेता बनेंगे और समाज को दिशा देंगे। गीता में सीख है कि निष्ठा से कर्म करते रहिए। आप फल की चिंता नहीं करें। कठोर परिश्रम करने वाले को ईश्वर पुरस्कृत करता है। अगर कठोर परिश्रम करने वाले को पुरस्कृत नहीं करते तो वो ईश्वर नहीं हो सकते। बिरला बोले- सदन में चाहे कितना तनाव हो, स्पीकर के चेहरे पर नहीं आना चाहिए लोकसभाध्यक्ष ओम बिरला ने स्पीकर वासुदेव देवनानी पर चुटकी लेते हुए कहा- मैंने विधानसभा अध्यक्षजी को भी कहा कि सदन में अध्यक्ष सबका होता है। सदन में कितना ही तनाव हो, अध्यक्ष के आसन पर बैठे व्यक्ति के चेहरे पर नहीं दिखना चाहिए। इस पर वहां मौजूद विधायकों, पूर्व विधायकों ने जमकर ठहाके लगाए। बिरला ने कहा- कई बार सदन में उत्तेजना होती है। मुझे कुछ सदस्य सलाह देते हैं कि आपके चेहरे पर तनाव था, जो नहीं होना चाहिए था। इस तरह सीखते रहना चाहिए। मैं जब पहली बार संसदीय सचिव बना था, तब जनसुनवाई कर रहा था, लोग ज्यादा आ गए। मेरे एक कार्यकर्ता ने कहा- आज आपके चेहरे पर तनाव है। मैंने उस कार्यकर्ता की बात से सीख ली और आगे से ध्यान रखा कि चाहे कितनी भीड़ हो चेहरे पर तनाव नहीं दिखना चाहिए। हंगामा करने से कोई नेता नहीं बनता बिरला ने कहा- पहली बार जीतकर संसद गया तो लगा पांच साल का समय कैसे निकालेंगे। राजस्थान विधानसभा से ही संस्कार मिले हैं। इस विधायी पाठशाला से सीखा हुआ अनुभव काम आया। हंगामा करने से कोई नेता नहीं बनता। संसद-विधानसभा की डिबेट देखते हैं, उसमें क्या बोला है इतिहास में उसकी चर्चा होती है। संसद और विधानसभाओं में मुद्दे उठाने से ही नेता बनते हैं। हम ऐसा सिस्टम बना रहे हैं कि सभी विधानसभाओं के अंदर एक नाम डालने पर उसकी आज तक की डिबेट आ जाएगी। मैं न वकील रहा न एक्सपर्ट, सीखते-सीखते स्पीकर के तौर पर 7 साल निकाले ओम बिरला ने कहा- मैं न वकील रहा, न अनुभवी विशेषज्ञ रहा, लेकिन सीखता गया। आज सीखते-सीखते लोकसभा स्पीकर के तौर पर 7 साल निकल गए। आज कई वरिष्ठ विधायक हैं, जो लगातार विधनसभा में बैठते हैं, चर्चाओं में हिस्सा लेते हैं। संसद और विधानसभााओं में आजकल आए, भाषण दिया और चले गए, यह चल रहा है। जो जितना अध्ययन करेगा, उतना ही अच्छा भाषण देगा। आज भी लोग भैरोंसिंह शेखावत को याद करते हैं। उपराष्ट्रपति के तौर पर उन्हें दिल्ली में कई नेता याद करते हैं। देश-प्रदेश का नेता बनने का प्लेटफार्म हैं संसद और विधानसभा बिरला ने कहा- मंत्रियों से आग्रह रहता है कि हमेशा जो सवाल पूछा जाए, उतना ही उसका सटीक जवाब दें। देश और राज्य का नेता बनने का एक ही प्लेटफार्म है संसद और विधानसभा। नेता बनने की पाठशाला संसद और विधानसभा है। सीएम बोले- हमें विधानसभा की बैठकों की संख्या बढ़ानी चाहिए सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा- सदन की बैठकों की संख्या बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। हमें सदन की बैठकों की संख्या को बढ़ाना चाहिए। विधायक सदन में कितना समय लगा रहे हैं, वे अपना दायित्व कितना निभा रहे हैं। हम मतभेदों को भुलाकर जनहित में काम करेंगे, तभी लोगों को भला होगा और प्रदेश तरक्की करेगा। सीएम ने कहा- विधायकों को राजस्थान की दशा दिशा तय करने भूमिका तय करनी चाहिए। सदन में वरिष्ठ नेताओं विधायकों ने कई सुझाव दिए हैं। समय-समय पर सदन में दिए गए ऐसे सुझावों को एक जगह एकत्र कर प्रकाशित करना चाहिए। 100 साल के पूर्व विधायक पंडित रामकिशन सहित 26 मौजूदा-पूर्व विधायक सम्मानित समारोह में 100 साल के पूर्व विधायक पंडित रामकिशन शर्मा सहित 26 मौजूदा और पूर्व विधायकों को सम्मानित किया गया। पंजाब के राजयपाल गुलाबचंद कटारिया, स्पीकर वासुदेव देवनानी, पूर्व स्पीकर सीपी जोशी, दीपेंद्र सिंह शेखावत को भी सम्मानित कया गया। राव राजेंद्र सिंह, किरोड़ी लाल मीणा, घनश्याम तिवाड़ी, प्रद्युम्न सिंह, देवी सिंह भाटी, राजेंद्र राठौड़, मदन दिलावर, हेमाराम चौधरी, डॉ. बीडी कल्ला, महादेव सिंह खंडेला, परसराम मोरदिया, कालीचरण सराफ, परसादी लाल मीणा, दयाराम परमार, प्रताप सिंह सिंघवी, राजेंद्र पारीक, श्रवण कुमार, पुष्पेंद्र सिंह, फतेह सिंह, नारायण सिंह को सम्मानित किया गया।
फलोदी में एसीबी राजस्थान का स्थापना दिवस मनाया:भ्रष्टाचार उन्मूलन का संकल्प लिया, जनसहयोग पर जोर
राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) का स्थापना दिवस बुधवार को फलोदी में मनाया। इस अवसर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ जनजागरूकता और पारदर्शी प्रशासन के संकल्प को दोहराया गया। कार्यक्रम में एसीबी भूपेंद्र सिंह शेखावत ने अधिकारियों और कर्मचारियों को ईमानदारी, निष्पक्षता तथा कर्तव्यनिष्ठा से कार्य करने का संदेश दिया। इस अवसर पर एसीबी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भ्रष्टाचार मुक्त समाज के निर्माण के लिए अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का संकल्प लिया। शेखावत ने इस दौरान कहा कि भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जनसहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आमजन से बिना किसी भय के भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतें एसीबी तक पहुंचाने का आग्रह किया, ताकि दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा सके। कार्यक्रम में एसीबी के कर्मचारियों के साथ क्षेत्र के गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे। इसका समापन भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और स्वच्छ एवं जवाबदेह प्रशासन की भावना को मजबूत करने के संदेश के साथ हुआ।
सिरसा जिले के गांव सकता खेड़ा ढाणी से 12 जुलाई की रात से लापता एक युवक का शव राजस्थान कनाल के लखूवाली हेड के पास मिला है। सूचना मिलने पर चौटाला पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। बुधवार को उपमंडल अस्पताल डबवाली में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान 42 वर्षीय बलजीत सिंह उर्फ अमानी के रूप में हुई है, जो गांव सकता खेड़ा ढाणी निवासी त्रिलोक सिंह के पुत्र थे। मृतक के चाचा गुरदित्ता सिंह ने पुलिस को बताया कि बलजीत सिंह 12 जुलाई की रात करीब 9 बजे अपनी काले रंग की होंडा बाइक पर घर से निकला था। मृतक बलजीत अविवाहित था। देर रात तक उनके वापस न लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों, दोस्तों और संभावित स्थानों पर खोजबीन के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला। जिसके बाद चौटाला पुलिस चौकी में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस बलजीत की तलाश में जुटी रही और राजकनाल में गोताखोर बुलाकर सर्च अभियान शुरू किया। राजकनाल हेड पर शव की मिली सूचना इसके बाद पुलिस को राजस्थान कनाल के लखूवाली हेड के पास एक शव मिलने की सूचना मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और उसकी पहचान बलजीत सिंह उर्फ अमानी के तौर पर की। इस खबर के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। चौकी प्रभारी बोले- शव परिजनों को सौंपा चौटाला पुलिस चौकी के जांच अधिकारी (आईओ) प्रदीप कुमार ने बताया कि मृतक के चाचा गुरदित्ता सिंह के बयानों के आधार पर इत्तेफाकिया मौत (इनक्वेस्ट) की कार्रवाई की गई है। उन्होंने पुष्टि की कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
राजस्थान के बारां जिले में दर्ज साइबर ठगी के मामले की जांच के सिलसिले में मंगलवार को राजस्थान पुलिस की टीम मैहर पहुंची। स्थानीय पुलिस की मदद से डेल्हा गांव में कार्रवाई करते हुए दो युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। कई घंटे की पूछताछ के बाद दोनों को आगे की जांच के लिए राजस्थान ले जाया गया। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में दिनभर चर्चा का माहौल रहा। 18 लाख से अधिक के संदिग्ध लेनदेन मिले जानकारी के अनुसार, बारां जिले में दर्ज साइबर धोखाधड़ी के मामले की जांच के दौरान पुलिस को मैहर जिले के डेल्हा गांव निवासी श्रीकांत लखेरा और राजन के नाम सामने आए। प्रारंभिक जांच में दोनों के बैंक खातों में 18 लाख रुपए से अधिक के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन मिलने की बात सामने आई है। मंगलवार सुबह राजस्थान पुलिस की दो सदस्यीय टीम ने मैहर कोतवाली पहुंचकर आमद दर्ज कराई। इसके बाद स्थानीय पुलिस के सहयोग से डेल्हा गांव में दबिश देकर दोनों युवकों को पूछताछ के लिए कोतवाली लाया गया। मोबाइल और बैंक दस्तावेज किए जब्त कोतवाली में दोनों से कई घंटे तक पूछताछ की गई। इस दौरान राजस्थान पुलिस ने उनके मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और अन्य जरूरी दस्तावेज जब्त किए। देर शाम दोनों युवकों को आगे की पूछताछ के लिए राजस्थान ले जाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्रीकांत लखेरा गांव में ऑनलाइन सेंटर संचालित करता है, जबकि राजन पेशे से ड्राइवर है। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि संदिग्ध लेनदेन में दोनों की क्या भूमिका रही। जांच पूरी होने के बाद होगी स्थिति स्पष्ट पुलिस का कहना है कि अभी जांच प्रारंभिक चरण में है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों के खिलाफ क्या आरोप बनते हैं। जांच पूरी होने और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि इससे पहले भी मैहर जिले के रामनगर, अमरपाटन और अन्य क्षेत्रों के कुछ लोगों के नाम दूसरे राज्यों में दर्ज साइबर अपराधों की जांच में सामने आ चुके हैं। राजस्थान पुलिस इस मामले में भी साइबर नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
कोटा की निशानेबाज नांदिका सिंह ने एक बार फिर शानदार प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए राजस्थान का नाम रोशन किया। जयपुर में आयोजित 24वीं राजस्थान स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में नांदिका ने सीनियर कैटेगरी ट्रैप शूटिंग स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर स्टेट शूटिंग चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। इस प्रतियोगिता में प्रदेशभर के कई प्रतिभाशाली शूटरों ने हिस्सा लिया, लेकिन नांदिका ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। नांदिका के कोच और पिता अशोक पाल सिंह ने बताया- सीनियर कैटेगरी में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को स्टेट चैंपियन का अवॉर्ड दिया जाता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में नांदिका का यह तीसरा गोल्ड मेडल है। इससे पहले वह राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित खेलो इंडिया प्रतियोगिता और ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी शूटिंग चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। अब तक 22 पदक जीते नांदिका अब तक पिस्टल शूटिंग और ट्रैप शूटिंग में 22 से अधिक पदक जीत चुकी हैं। लगातार शानदार प्रदर्शन के चलते इसी वर्ष चीन में आयोजित होने वाली वर्ल्ड यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता के लिए भी उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है। जयपुर में आयोजित सम्मान समारोह में पंजाब के पूर्व राज्यपाल वी. पी. सिंह बदनोर ने नांदिका सिंह को गोल्ड मेडल पहनाकर सम्मानित किया।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा कि राजस्थान में सरकार अफसरों के भरोसे चल रही है और यहां भाजपा के अपने पैर पीट रहे लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। वे आज शाम को उदयपुर के जिंक स्मेल्टर, देबारी में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान में जनप्रतिनिधियों की बजाय अधिकारियों के बल पर सरकार चल रही है सत्ताधारी दल के जो मंत्री, सांसद और विधायक भी अपने पैर पीट रहे है उनकी कोई सुन नहीं रहा है न कोई जवाबदेही उनकी तय हो रही है, ये बहुत संकट का समय है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है, पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों अभ्यर्थियों की मेहनत पर पानी फेर दिया और सरकार रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही है। पायलट ने कहा कि छात्रों को निष्पक्ष परीक्षा और पारदर्शी परिणाम चाहिए, लेकिन पेपर और रिजल्ट दोनों में लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली और जयपुर की सरकारें अपने-अपने स्तर पर असफल साबित हुई हैं। राज्य सरकार ने आधा कार्यकाल बीतने के बावजूद जनता से किए गए वादे पूरे नहीं हुए। उन्होंने कानून व्यवस्था, शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा। पायलट ने कहा कि प्रदेश में गर्भवती महिलाओं की मौतों ने स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्कूलों की छतें गिरने से बच्चों की मौत हो रही है, हाईकोर्ट को सरकार को फटकार लगानी पड़ रही है, लेकिन जवाबदेही तय नहीं की जा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क हादसों, अपराध और दुष्कर्म की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने पंचायत, निकाय और छात्रसंघ चुनाव समय पर नहीं कराने को लेकर भी सरकार को घेरा। पायलट ने कहा कि संविधान के अनुसार हर पांच साल में चुनाव कराना अनिवार्य है, लेकिन सरकार जानबूझकर चुनाव टाल रही है क्योंकि उसे जनता के गुस्से का डर है। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पायलट ने कहा कि 12 साल के शासन के बाद सत्ता में अहंकार आ गया है। उन्होंने अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में चंदे से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि करोड़ों रुपये के कथित गबन के मामले में असली जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने प्रधानमंत्री के ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा वाले नारे पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामले में केवल लीपापोती की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब संसद जब चलती है तब कोई जवाब नहीं देता है, विपक्ष की आवाज को दबाने का काम होता है। ये गैर संवैधानिक और गैर कानूनी रूप से परिसीमन का बिल पारित करना चाहते है जबकि एक प्रणाली होती है, जनणगना होती है परिसीमन आयोग बनता है उसके बाद उसकी सिफारिश के बाद संसद में कार्रवाई होती है। ईंधन नीति पर बोलते हुए पायलट ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के एथेनॉल संबंधी निर्णयों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता पर थोपा जा रहे हैं, जबकि लोगों को अपनी पसंद का विकल्प मिलना चाहिए। पायलट ने दावा किया कि आज किसान खुश नहीं है, युवा परेशान है और जनता बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह है और पार्टी का लक्ष्य भाजपा सरकार की नीतियों को जनता के सामने उजागर कर आगामी विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत से सरकार बनाना है। मेरे दौरें में हर जगह कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया। इस दौरान उनके साथ उदयपुर देहात के अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा, शहर अध्यक्ष फतहसिंह राठौड़, मावली विधायक पुष्करलाल डांगी, पूर्व मंत्री डा. मांगीलाल गरासिया, कांग्रेस नेता पंकज शर्मा आदि ने पायलट का स्वागत किया।
पंजाब के पटियाला में ट्रैफिक पुलिस की गुंडागर्दी और रिश्वतखोरी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां तैनात ट्रैफिक इंचार्ज जगविंदर सिंह पर एक ट्रक चालक से 500 रुपये की रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यही नहीं, एक दूसरे वीडियो में ट्रैफिक इंचार्ज कथित तौर पर हाथ जोड़कर माफी मांगते दिख रहे हैं, जबकि अन्य पुलिसकर्मी मामले को रफा-दफा करने के लिए समझौते की मिन्नतें कर रहे हैं। यह आरोप राजस्थान के बीकानेर निवासी ट्रक चालक शाम लाल ने लगाया है, जो एक यूट्यूबर भी हैं। शाम लाल ने बताया कि वह अपने ट्राले (बड़े ट्रक) के साथ सरहिंद बाईपास से गुजर रहे थे। इसी दौरान वहां तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने उनके वाहन को चेकिंग के बहाने रोक लिया। पैसे न देने पर दूसरे ड्राइवर का काटा ₹2500 का चालान शाम लाल का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने जबरन चालान काटने की धमकी दी और बचने के एवज में 500 रुपये ऐंठ लिए। इसी नाके पर हरियाणा के चीका निवासी एक अन्य ट्रक चालक संदीप सिंह से भी पुलिसकर्मियों ने 'एंट्री फीस' मांगी। जब संदीप ने पैसे देने से साफ मना कर दिया, तो पुलिस ने गुस्सा निकालते हुए उसका 2500 रुपये का भारी-भरकम चालान काट दिया। दोबारा फोटो खींचने पहुंचे इंचार्ज, तो ड्राइवर ने ऑन कर दिया कैमरा 500 रुपये देने के बाद शाम लाल ने अपने ट्रक को कुछ दूरी पर रोका और वो संदीप के ट्रक की तस्वीरें लेने लगे। आरोप है कि तभी ट्रैफिक इंचार्ज जगविंदर सिंह मोटरसाइकिल पर वहां आ धमके और बदले की भावना से शाम लाल के ट्राले की तस्वीरें खींचने लगे ताकि दोबारा चालान किया जा सके। इस पर शाम लाल ने तुरंत मोबाइल निकालकर वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया, पहले हमसे 500 रुपये रिश्वत ली गई और अब दोबारा चालान करने के लिए गाड़ी की फोटो खींची जा रही है। खुद को कैमरे में कैद होता देख ट्रैफिक इंचार्ज तुरंत अपनी मोटरसाइकिल उठाकर वहां से खिसक गए। थाने पहुंची शिकायत, पुलिस विभाग ने साधी चुप्पी पीड़ित ट्रक चालक शाम लाल ने इस पूरी ज्यादती के खिलाफ थाना अर्बन एस्टेट में लिखित शिकायत दर्ज करा दी है। इस बीच, सोशल मीडिया पर वायरल हुए दूसरे वीडियो में ट्रैफिक इंचार्ज अपनी गलती पर माफी मांगते और बाकी पुलिसकर्मी शिकायत न करने के लिए समझौते का दबाव बनाते दिख रहे हैं। हालांकि, इस पूरे मामले और वायरल वीडियो को लेकर अभी तक पुलिस विभाग के आला अधिकारियों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
कोटा पुलिस की गिरफ्त में आया एमपी का युवक 5 महीने में 1.50 लाख के नकली नोट बाजार में चला चुका। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि खरीददारी के बहाने आरोपी युवक ने राजस्थान बॉर्डर के गांव में ये जाली नोट चलाए हैं। रविवार शाम को बपावर थाना क्षेत्र में आरोपी जाली नोट से खरीददारी कर रहा था। लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी के पास से 59300 (200 के 50-50 के 4 बंडल, 200 के 85 नोट व 100 के 23 नोट) के नकली नोट बरामद किए थे। ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि आरोपी आनंद कुशवाह (40) एमपी के गुना का रहने वाला है। मजदूरी करता है। 5-6 महीने पहले सोशल मीडिया के जरिए आनंद की दोस्ती गुना निवासी रवि से हुई। इसके बाद आनंद ने रवि से नकली नोट लिए। आरोपी ने 20 हजार में 50 हजार के नकली नोट खरीदे। फिर उन नकली नोटों को खपाने एमपी से सटे राजस्थान के गांव में आता था। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अब तक तीन बार (20-20 हजार देकर) रवि से नकली नोट की खेप ले चुका है। बपावर से पहले आरोपी बारां जिले छबड़ा, छिपाबडोद इलाके में नकली नोट चला चुका था। 200 का नोट देकर 50 का व 100 का नोट देकर 20 का सामान खरीदता आरोपी शातिर तरीके से नकली नोटों को बाजार में चलाता था। वो 200 रुपए का नकली नोट देकर 50 रूपए तक का सामान खरीदता। वहीं, 100 का नकली नोट देकर 20 रूपए तक के आइटम खरीदता था। बाकी असली नोट ले लेता था। नकली नोट देखने में हूबहू असली जैसे दिखते हैं। पुलिस ने जब इनकी जांच की तो 200 की गड्डी पर एक ही सीरीज के नोट मिले। 100 के नोट एक ही नंबर की सीरीज के थे। उन पर वाटर मार्क नहीं था। इनका कागज असली नोटों से हल्का था। ----------------------- ये खबर भी पढ़े- कोटा में नकली नोट खर्च करता एमपी का युवक पकड़ा:दुकानदार को 200 रुपए देकर सामान खरीदा, शक होने पर भागने लगा; 59 हजार रुपए मिले
राजस्थान में माढण के पास मंगलवार अलसुबह एक कार दुर्घनाग्रस्त हो गई। गैलेक्सी जिम के पास बेकाबू होकर कार नाला कूदकर गढ़डों में चली गई। जिससे हुए जोरदार धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तो पता चला कि कार एक महिला ड्राइवर कर रही थी। कार दुर्घनाग्रस्त होने के बाद महिला ने वहां मौजूद लोगों से साथ गाली-गलौज की। किसी प्रकार लोगों ने उसे संभाला। जिसके बाद महिला गाड़ी को मौके पर छोड़कर चली गई। कार में सवार महिला रेवाड़ी में बड़े राजनीतिक चेहरे की नजदीकी बताई जा रही है। बेकाबू होकर नाले में कूदी कार जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह महिला स्कार्पियो गाड़ी लेकर बहरोड से रेवाड़ी की तरफ आ रही थी। इसी दौरान मांढण के पास अचानक कार पर अपना नियंत्रण खो दिया। सुबह करीब 4:30 बजे अनियंत्रित कार सड़क के साथ बने नाले से कूदकर गड्ढों में चली गई। हादसा गैलेक्सी जिम के पास हुआ। अचानक हुए जोरदार धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो पता चला कि कार को एक महिला ड्राइव कर रही थी। बताया जाता है कि महिला ने कार से बाहर निकलते ही लोगों के साथ गाली गलौच शुरू कर दी। महिला ने फोन कर अपने परिचितों को बुलाया और गाड़ी को मौके पर छोड़कर वहां से चली गई। हादसे में गाड़ी बूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। रेवाड़ी के एक नेता की नजदीकी जानकारी के अनुसार कार में सवार महिला राजस्थान की रहने वाली है। जिसकी रेवाड़ी के एक बड़े राजनीतिक चेहरे के साथ नजदीकी है। जिसका मामला पिछले दिनों सुर्खियों में रह चुका है। मंगलवार को कार एक्सीडेंट के बाद एक बार फिर पुराना विवाद चर्चाओं में आ गया।
मुहर्रम जुलूस के करतब का वीडियो राजस्थान गैंगरेप के आरोपियों की सजा का बताकर वायरल
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में मुहर्रम जुलूस के दौरान दिखाए गए करतब का है. इसका राजस्थान के श्रीगंगानगर गैंगरेप मामले से कोई संबंध नहीं है.
अभी नहीं थमेगी बारिश-आंधी, दिल्ली-यूपी से लेकर राजस्थान तक एक हफ्ते का अलर्ट जारी
दिल्ली, यूपी, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले एक सप्ताह तक आंधी, बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में अलर्ट जारी किया है।
बॉलीवुड के दिग्गज निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेताम्बरी भट्ट को राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों पर उदयपुर के एक व्यापारी से 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप है। विक्रम और उनकी पत्नी को मुंबई के यारी रोड इलाके के गंगा भवन ...
दिल्ली के बाद अब राजस्थान में भी टैक्स फ्री हुई फिल्म '120 बहादुर'
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैपी स्टूडियोज की वॉर एपिक '120 बहादुर' आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है, और इसके साथ ही पूरे देश में जबरदस्त उत्साह की लहर दौड़ गई है। साल की सबसे ज्यादा चर्चा वाली फिल्मों में शामिल इस फिल्म को मीडिया और ...
राजस्थान बोर्ड ने जारी किया 10वीं-12वीं सप्लीमेंट्री परीक्षा 2024 का शेड्यूल, यहां करें चेक
Rajasthan Board 10th-12th Supplementary Exam 2024: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने बीएसईआर सप्लीमेंट्री परीक्षा 2024 की डेटशीट जारी कर दी है। जिन छात्रों के परीक्षा में 33 प्रतिशत से कम अंक
क्या 6 महीने बाद फिर से राजस्थान के इस महल में शादी करने जा रहे हैं विक्की कैट
राजस्थान अपने खूबसूरत किलों और महलों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। कला और संस्कृति के इस अनूठे संगम, शाही ठाठ बाठ समेत राजपुताना वास्तुकला का आनंद उठाने दुनिया के कोने-कोने से पर्यटक यहां आते हैं..........
Salman Khan फायरिंग केस में आया सनसनीखेज अपडेट, राजस्थान के इस राज्य से पकड़ा गया मामले का एक और आरोपी
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'एकलव्य' के बारे में कुछ अनकहे किस्से
एकलव्य : रॉयल गार्ड का मूल नाम यज्ञ था। उत्पादन 2005 की शुरुआत में शुरू हुआ..........
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जॉन अब्राहम की फिल्म 'परमाणु- द स्टोरी ऑफ पोखरण' को रिलीज हुए 6 साल हो गए हैं। यह फिल्म 25 मई 2018 को रिलीज हुई थी..........
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बादशाहो एक पीरियड एक्शन-थ्रिलर थी.......
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जब इम्तियाज अली द्वारा निर्देशित यह रोड ड्रामा प्रसारित हुआ, जिसमें आलिया भट्ट और रणदीप हुडा ने अभिनय किया, तो लोगों ने इसे बहुत प्यार दिया, न केवल इसकी अभूतपूर्व कहानी के कारण, बल्कि भट्ट के उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण भी...........
देसी मिट्टी से शाहरुख खान ने कमा डाले 200 करोड़ रुपये, राजस्थान में करी थी फिल्म जवान की शूटिंग?
शाहरुख खान की फिल्म जवान ने पहले तीन दिनों में 200 करोड़ रुपये की कमाई कर शानदार प्रदर्शन किया है. 7 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म ने 75 करोड़ की बड़ी ओपनिंग का रिकॉर्ड बनाया है............
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'ये जवानी है दीवानी' के बारे में कुछ रोचक बाते
उदयपुर में शूट की गई रोमांटिक और कॉमेडी फिल्मों की जबरदस्त अवधारणाओं में से एक का निर्माण करण जौहर द्वारा किया गया था और अयान मुखर्जी द्वारा निर्देशित किया गया था। यह उदयपुर में शूटिंग की गई सबसे लोकप्रिय फिल्मों में से एक थी.........
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'गाइड' के बारे में कुछ अनकही बाते
उदयपुर में शूट की गई पहली फिल्मों में से एक वहीदा रहमान और देव आनंद अभिनीत एक रोमांस ड्रामा थी। यह फिल्म आर.के. नारायण के प्रसिद्ध उपन्यास पर आधारित है, जिसे व्यापक रूप से भारतीय सिनेमा उद्योग की उपलब्धियों में से एक माना जाता है.............
फिल्मों की शूटिंग के लिए बेस्ट लोकेशन बन रहा राजस्थान का अलवर
राजस्थान प्रदेश का अलवर जिला इन दिनों फिल्मों और वेब सीरीज समेत शॉर्ट फिल्मों के लिए बेस्ट लोकेशन बनता जा रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बॉलीवुड एक्टर उज्जवल चोपड़ा अपनी शॉर्ट फिल्म की 4 दिन की शूटिंग के लिए अलवर पहुंचे..........
बॉलीबुड और हॉलीवुड फिल्मों के लिए फेमस है राजस्थान की ये जगहे, देखें वीडियो
राजस्थान और फिल्में हमेशा से मनोरंजन का तड़का लगाती रही हैं। राजधानी जयपुर हमेशा से फिल्म निर्माताओं की पसंदीदा रही है। 'पिंक सिटी' में एक-दो नहीं बल्कि कई बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है......
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'लगान' के बारे में कुछ रोचक तथ्य
मिस्टर परफेक्शनिस्ट के नाम से मशहूर आमिर खान की फिल्म 'लगान' उनके फिल्मी करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई। फिल्म में एक ऐसे गांव का चित्रण किया गया था जहां के लोग किराए के बोझ तले दबे हुए थ......
करण-अर्जुन की शूटिंग के बाद मशहूर हुई राजस्थान की ये जगहे
आप सभी ने फिल्म अर्जुन तो देखी ही होगी, यह उस समय की ब्लॉकबस्टर फिल्म थी। और इस फिल्म में दिखाया गया गांव और ठाकुर दुर्जन सिंह की हवेली सभी को याद होगी. लेकिन ज्यादातर लोगों को ये नहीं पता कि इस फिल्म की शूटिंग किस गांव में हुई थी.........
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बॉर्डर' के बारे में कुछ अनोखी बातें
सनी देओल, जैकी श्रॉफ, सुनील शेट्टी, अक्षय खन्ना, सुदेश बेरी, पुनीत इस्सर और कुलभूषण खरबंदा अभिनीत फिल्म बॉर्डर ने अपनी रिलीज के 26 साल पूरे कर लिए हैं। 1971 के वास्तविक जीवन के भारत-पाकिस्तान युद्ध पर आधारित और लोंगेवाला की लड़ाई की सच्ची घटनाओं पर आधारित, बॉर्डर 1997 में रिलीज़ हुई थी और इसका निर्देशन जेपी दत्ता ने किया था............
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बोल बच्चन' के बारे में कुछ अनोखी बातें
रोहित शेट्टी की फिल्म 'बोल बच्चन' में अभिषेक बच्चन, अजय देवगन और असिन नजर आए हैं. फिल्म की आधे से ज्यादा शूटिंग पिंक सिटी जयपुर में हुई है. फिल्म का हिट गाना 'चलाओ न नैनों से बाण रे' की शूटिंग जयपुर के मशहूर रिजॉर्ट चोखी ढाणी में हुई है......
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बाजीराव मस्तानी' के बारे में कुछ अनोखी बातें
राजस्थान और फिल्मों का साथ हमेशा से ही एंटरटेनमेंट का तड़का लगा रहा है. राजधानी जयपुर (Jaipur) हमेशा से ही फिल्मकारों की पसंद रही है. बॉलीवुड की एक-दो नहीं बल्कि कई फिल्में 'पिंक सिटी' में शूट हो चुकी हैं.......
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' के बारे में कुछ अनोखी बातें
जब आलिया भट्ट और वरुण धवन अपनी फिल्म 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' के प्रमोशन के लिए जयपुर आए तो यह उनके लिए घर वापसी जैसा था। आप पूछेंगे कैसे? दोनों ने राजस्थान में फिल्म की शूटिंग के लिए इतना समय बिताया है कि उन्हें लगता है कि वे यहीं के हैं.....
Rajasthan 12th Board: दो दिन बाद समाप्त होंगे पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन, ऐसे भरें फॉर्म
राजस्थान बोर्ड कक्षा 12वीं रिजल्ट 2024: पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 30 मई है। जो छात्र अपने अंक से असंतुष्ट हैं, वे आवेदन कर सकते हैं। आइए जानते हैं, कैसे करना है आवेदन। यहां देखें
कभी राजस्थान में हुई थी इस फेमस मूवी की शूटिंग, देखें वायरल वीडियो
राजस्थान के बीकानेर ज़िले में स्थित लक्ष्मी निवास पैलेस अपनी भव्यता से भर जाता है.यह आलीशान और लग्ज़री होटल है, जिसकी बनावट और महीन कारीगरी काफ़ी खास है.इस पैलेस को 1904 में महाराजा गंगा सिंह के लिए बनवाया गया था.......
फिल्म करण अर्जुन 1995 में रिलीज हुई थी। रिलीज के इतने साल बाद भी फिल्म करण अर्जुन का नशा लोगों के दिलों में इस कदर छाया हुआ है कि लोग इसे भूल नहीं पाते हैं। आज हम इस फिल्म से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातों के बारे में बात करेंगे......
पिछले कई महीनों से एक दर्जन सहित क्षेत्रीय भाषा और विदेशी फिल्मों की शूटिंग का हिस्सा रही जैसलमेर की धरती पर लाइट...एक्शन...कैमरे की आवाज नहीं गूंज रही है। एक साल में दर्जनों बॉलीवुड फिल्में......
रेत के टीलों से लेकर ऐतिहासिक स्मारकों तक, राजस्थान सभी फिल्म निर्माताओं को शूटिंग के लिए आकर्षित करता रहा है। जयपुर, जोधपुर जैसे शहरों की ऐतिहासिक विरासत से लेकर जैसलमेर, बाड़मेर जैसे जिलों के रेत के टीलों तक, यहां सब कुछ अनोखा है.....
जॉली एलएलबी की तीसरी किस्त में अक्षय कुमार और अरशद वारसी स्क्रीन शेयर करने जा रहे हैं। शूटिंग राजस्थान में चल रही थी और उन्होंने पहला शेड्यूल पूरा कर लिया है। हाल ही में, अभिनेताओं ने शूटिंग खत्म करते हुए एक मजेदार वीडियो साझा किया। कुछ ही देर में ये वायरल हो गया। दोनों को बड़ी मुस्कान के साथ बाइक चलाते देखा गया। अक्षय और अरशद ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर किया अक्षय और अरशद ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर वीडियो साझा किया और लिखा, “और यह एक शेड्यूल रैप है! जैसा कि आप देख सकते हैं कि दोनों जॉलीज़ ने राजस्थान में अच्छा समय बिताया। वीडियो में दोनों सड़क पर बाइक चला रहे हैं। अरशद की शर्ट खून से लथपथ है. हाल ही में, बड़ी संख्या में अक्षय के प्रशंसक उनकी फिल्म के सेट पर उन्हें आश्चर्यचकित करने और उनके साथ तस्वीरें लेने के लिए पहुंचे। अब सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में, राम सेतु अभिनेता को जॉली एलएलबी 3 के सेट पर उनका स्वागत करने आए लोगों के लिए तस्वीरें लेते और ऑटोग्राफ देते देखा जा सकता है। अक्षय पहले भी वीडियो शेयर कर चुके हैं इससे पहले, जॉली एलएलबी 3 के सेट से एक बिहाइंड द सीन वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था जिसमें अक्षय शर्टलेस बैठे नजर आ रहे थे और उन्होंने सन बाथ का भी आनंद लिया था। वीडियो को इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए अक्षय के फैन पेज ने लिखा, @अक्षयकुमार #JollyLLB3 के सेट पर सन बाथ ले रहे हैं...अगर आप ठीक से सुनेंगे तो बजरंग बैन चल रहा है। बता दें, अक्षय कुमार ने इस महीने की शुरुआत में जॉली एलएलबी 3 की शूटिंग शुरू की थी, जब उन्होंने सेट से एक मजेदार वीडियो भी जारी किया था। वीडियो में अक्षय के साथ अरशद वारसी भी शामिल थे और दोनों काले कपड़े पहने नजर आ रहे थे। इसकी शुरुआत अक्षय द्वारा सभी को जगदीश त्यागी उर्फ जॉली बीए एलएलबी डुप्लिकेट से सावधान रहने की चेतावनी देने से हुई। इसके बाद, अरशद को खुद को असली जॉली के रूप में पेश करते देखा गया। जॉली एलएलबी की 3 किस्त आ रही है पहली जॉली एलएलबी फिल्म, जो 2013 में रिलीज हुई थी, जिसमें अरशद वारसी और सौरभ शुक्ला मुख्य भूमिका में थे। दूसरी ओर, फिल्म का सीक्वल 2017 में सिनेमाघरों में आया जिसमें अक्षय कुमार ने अरशद वारसी की जगह ली। उनके साथ हुमा कुरेशी भी उनकी प्रेमिका के रूप में शामिल हुईं। कथित तौर पर, तीसरी किस्त में, अक्षय कुमार और अरशद वारसी आमने-सामने होंगे, जबकि सौरभ शुक्ला जज के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे। हालांकि, अभी तक मेकर्स ने फिल्म की कहानी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। View this post on Instagram A post shared by Akshay Kumar (@akshaykumar)
सलमान खान के घर फायरिंग मामला: मुंबई क्राइम ब्रांच ने पांचवें आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया
सलमान खान के घर फायरिंग मामले में ताजा घटनाक्रम में मुंबई क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को पांचवें आरोपी मोहम्मद चौधरी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। इंडिया टीवी के अतुल सिंह की एक रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद चौधरी ने दो शूटरों, सागर पाल और विक्की गुप्ता को पैसे देकर और रेकी करके भी मदद की। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, चौधरी को आज मुंबई लाया जा रहा है जहां उसे किला कोर्ट में पेश किया जाएगा और पांच दिन की हिरासत की मांग की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Kareena Kapoor Khan ने Saif Ali Khan के बड़े बेटे इब्राहिम की नवीनतम तस्वीरों पर सबसे मनमोहक टिप्पणी की इससे पहले, अनुज थापन नाम के एक आरोपी ने पुलिस हिरासत में चादर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बता दें, अनुज पर शूटरों को हथियार मुहैया कराने का आरोप है। थापन को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले, बांद्रा में अभिनेता के आवास के बाहर गोलीबारी करने वाले दोनों शूटर विक्की गुप्ता और सागर पाल को गुजरात के भुज से हिरासत में लिया गया था। इसे भी पढ़ें: सलमान खान के घर के बाहर गोली चलाने के मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य गिरफ्तार सलमान खान के घर फायरिंग मामले की जानकारी मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, कथित तौर पर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग करने वाले शूटरों के पास दो बंदूकें थीं और उन्हें 10 राउंड गोलियां चलाने का आदेश दिया गया था. 14 अप्रैल की सुबह, दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आए और अभिनेता के आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर चार गोलियां चलाईं। घटना के बाद हमलावर तेजी से मौके से भाग गए। निगरानी फुटेज से पता चला कि दोनों संदिग्धों ने टोपी पहन रखी थी और बैकपैक ले रखा था। इस महीने की शुरुआत में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने का अनुरोध किया था. अनमोल बिश्नोई ने घटना के कुछ घंटों बाद अपने फेसबुक प्रोफाइल के जरिए सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। सलमान खान की नवीनतम सार्वजनिक उपस्थिति सलमान खान हाल ही में लंदन में थे जहां उन्होंने ब्रिटेन के ब्रेंट नॉर्थ निर्वाचन क्षेत्र से सांसद बैरी गार्डिनर से मुलाकात की। इंटरनेट पर कई तस्वीरें वायरल हुईं, जिनमें बैरी और सलमान दोनों वेम्बली स्टेडियम के अंदर नजर आ रहे हैं।
अपनी बायोपिक में Shahrukh Khan को काम करते देखना चाहता है ये मशहूर विदेशी क्रिकेटर,Rajasthan Royals टीम का है हिस्सा
भारत के राष्ट्रीय प्रसारक Doordarshan ने नए लोगो का अनावरण किया, जिसका रंग लाल से नारंगी हुआ
भारत सरकार के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक दूरदर्शन ने अपने समाचार चैनल डीडी न्यूज का लोगो लाल से बदलकर भगवा कर दिया है। यह लोगो 16 अप्रैल, 2024 को लागू हुआ, जिसने पिछले लाल वाले को बदल दिया। अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेजों के माध्यम से, डीडी न्यूज़ ने कहा कि उनके मूल्य वही रहेंगे और वे अब एक नए अवतार में उपलब्ध हैं। इसे भी पढ़ें: Barahi Devi Temple: बाराही देवी मंदिर में दर्शन मात्र से दूर होती है गंभीर बीमारियां, जानिए मंदिर से जुड़ी मान्यता पोस्ट में कहा गया एक ऐसी समाचार यात्रा के लिए तैयार हो जाइए जो पहले कभी नहीं देखी गई.. बिल्कुल नए डीडी न्यूज का अनुभव करें। हमारे पास यह कहने का साहस है: गति से अधिक सटीकता, दावों से अधिक तथ्य, सनसनीखेज से अधिक सत्य। क्योंकि अगर यह डीडी न्यूज पर है, तो यह सच है। दूरदर्शन का इतिहास दूरदर्शन ने 15 सितंबर, 1959 को सार्वजनिक सेवा प्रसारण में एक मामूली प्रयोग के साथ शुरुआत की। यह प्रयोग 1965 में एक सेवा बन गया जब दूरदर्शन नई दिल्ली और उसके आसपास के लिविंग रूम में टेलीविजन सेट तक पहुंच गया। 1975 तक सेवाओं को मुंबई, अमृतसर और सात अन्य शहरों तक बढ़ा दिया गया। 1 अप्रैल, 1976 को यह सूचना और प्रसारण मंत्रालय में एक अलग विभाग के अंतर्गत आ गया। 1982 में दूरदर्शन राष्ट्रीय प्रसारक बन गया। इसे भी पढ़ें: Rajasthan: पाली में बोले अमित शाह, हम भारत को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा अर्थतंत्र बना देंगे, ये मोदी की गारंटी है 1982 में, दूरदर्शन का रंगीन संस्करण तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी के स्वतंत्रता दिवस के भाषण के सीधे प्रसारण के साथ शुरू हुआ, इसके बाद दिल्ली में 1982 के एशियाई खेलों का रंगीन प्रसारण हुआ। वर्तमान में, दूरदर्शन 6 राष्ट्रीय चैनल और 17 क्षेत्रीय चैनल संचालित करता है। राष्ट्रीय चैनलों में डीडी नेशनल, डीडी इंडिया, डीडी किसान, डीडी स्पोर्ट्स, डीडी उर्दू और डीडी भारती शामिल हैं। दूसरी ओर, डीडी अरुणप्रभा, डीडी बांग्ला, डीडी बिहार, डीडी चंदना, डीडी गिरनार, डीडी मध्य प्रदेश, डीडी मलयालम, डीडी नॉर्थ ईस्ट, डीडी ओडिया, डीडी पोधिगई, डीडी पंजाबी, डीडी राजस्थान, डीडी सह्यगिरी, डीडी सप्तगिरी, डीडी उत्तर प्रदेश, डीडी यादगिरी और डीडी काशीर इसके क्षेत्रीय चैनल हैं। While our values remain the same, we are now available in a new avatar. Get ready for a news journey like never before.. Experience the all-new DD News! We have the courage to put: Accuracy over speed Facts over claims Truth over sensationalism Because if it is on DD News, it… pic.twitter.com/YH230pGBKs — DD News (@DDNewslive) April 16, 2024

