CM भजनलाल शर्मा ने दिए निर्देश, 100 दिन के रोडमैप से बदलेंगे राजस्थान के शहर
निकायों को दीपावली से पहले सफाई और मरम्मत कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बुनियादी सुविधाएं बेहतर हो सकें।
महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि राजस्थान पुलिस आधुनिक तकनीक के समुचित उपयोग के माध्यम से पुलिसिंग की कार्यक्षमता एवं परिचालन क्षमताओं को निरंतर सुदृढ़ कर रही है। उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीक वर्तमान समय में निगरानी, सुरक्षा एवं विभिन्न पुलिस ऑपरेशन्स में उपयोगी तकनीकी संसाधन के रूप में उभर रही है।
जोधपुर आसाराम पैरोल मामला, राजस्थान हाईकोर्ट की डबल बेंच का अहम आदेश
अदालत की डबल बेंच—जिसमें जस्टिस नूपुर भाटी और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ शामिल है—ने आसाराम को दी गई 20 दिन की पैरोल के आदेश पर तत्काल प्रभाव से अमल करने के निर्देश दिए हैं।
जयपुर। धनतेरस पर्व को देखते हुए राजस्थान में पंचायत चुनाव के कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने धार्मिक आस्था और आमजन की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए पहले, दूसरे और तीसरे चरण की पोलिंग पार्टियों के रवाना होने की तारीख में एक दिन का संशोधन किया है। राज्य निर्वाचन आयोग […] The post धनतेरस के कारण राजस्थान पंचायत चुनाव कार्यक्रम में बदलाव, तीनों चरणों की पोलिंग पार्टियों की रवानगी बदली appeared first on Sabguru News .
राजस्थान हाईकोर्ट ने हनुमान बेनीवाल को दी राहत, नागौर एफआईआर मामले में सख्त कार्रवाई पर रोक
jaipur, 6 अक्टूबर . Rajasthan हाईकोर्ट की जोधपुर बेंच ने नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल को राहत दी है. नागौर जिले के कुचेरा थाने में दर्ज First Information Report मामले में हाईकोर्ट ने बेनीवाल के खिलाफ किसी भी तरह की सख्त कार्रवाई पर रोक लगा दी है. यह आदेश जस्टिस फरजंद अली की सिंगल बेंच ... Read more
Weather Alert: 11 अक्टूबर तक कई राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट, राजस्थान में फिलहाल मौसम शुष्क
Weather Alert: 11 अक्टूबर तक कई राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट, राजस्थान में फिलहाल मौसम शुष्क
राजस्थान में मानसून की विदाई के बाद अब दस्तक देने को तैयार है कड़ाके की ठंड
राजस्थान के रेगिस्तानी और मैदानी इलाकों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूरी तरह विदाई हो चुकी है, जिसके बाद अब धीरे-धीरे प्रदेश के मौसम का मिजाज बदलने लगा है। अक्टूबर के इस महीने में अब सुबह और शाम के समय हल्की सिहरन महसूस होने लगी है, जो इस बात का संकेत है कि राज्य में अब सर्दियों के मौसम की सुहानी शुरुआत होने वाली है। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले कुछ ही दिनों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने जा रहा है, जिसके प्रभाव से राजस्थान के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी और राज्यभर में ठंड अपनी पूरी एंट्री दर्ज कराएगी। मौसम में होने वाले इस अचानक बदलाव का असर किसानों, आम नागरिकों और पर्यटकों के जीवन पर साफ तौर पर दिखाई देने वाला है। आइए जानते हैं कि राजस्थान में यह नया मौसमी सिस्टम कब सक्रिय हो रहा है और किस तारीख से प्रदेशवासियों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ेगा।Rajasthan Weather Forecast: मानसून की विदाई और तापमान में गिरावट का दौर, जानिए क्या कहता है मौसम विभाग का ताजा अपडेटमौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान में पिछले कई हफ्तों से छाए रहने वाले बादलों और उमस भरे मौसम का दौर अब थम चुका है। आसमान पूरी तरह साफ होने के कारण अब रात के समय धरती की गर्मी तेजी से अंतरिक्ष में वापस जा रही है, जिसे मौसम की भाषा में रेडिएशन कूलिंग कहा जाता है। इसी प्रक्रिया के चलते राज्य के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। विशेषकर शेखावाटी क्षेत्र, पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर के साथ-साथ माउंट आबू जैसे पहाड़ी पर्यटन स्थलों पर रात का पारा अब तेजी से लुढ़कने लगा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे-जैसे अक्टूबर का महीना आगे बढ़ेगा, वैसे-वैसे उत्तर भारत की तरफ से आने वाली ठंडी हवाएं राजस्थान की आबोहवा को पूरी तरह बदल देंगी और लोगों को अब गर्मी से पूरी राहत मिलने वाली है।Western Disturbance Activation: कब और कैसे सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ, क्या होगी प्रदेश के मौसम की चालमौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों यानी जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की पूरी संभावना बन रही है। जब भी उत्तर-पश्चिम दिशा से ये डिस्टरबेंस सक्रिय होते हैं, तो इनसे पहाड़ों पर हल्की बर्फबारी और ठंडी हवाओं का दौर शुरू होता है। इन बर्फीली हवाओं का सीधा रुख मैदानी और रेगिस्तानी इलाकों की तरफ होता है, जिसके प्रभाव से राजस्थान के तापमान में अचानक 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी। इस पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में सुबह के समय हल्का कोहरा या धुंध छाने की भी संभावना जताई जा रही है, जो इस सीजन की पहली सर्दियों की दस्तक होगी।Impact on Agriculture and Daily Life: ठंड की इस शुरुआती आहट से आम जनजीवन और खेती-किसानी पर क्या पड़ेगा असरमौसम में होने वाले इस बदलाव का सीधा असर आम जनता की दैनिक जीवनशैली और कृषि गतिविधियों पर पड़ना तय है। जहाँ एक तरफ इस सुहाने मौसम से पर्यटकों को राजस्थान घूमने का एक बेहतरीन आनंद मिलने लगेगा, वहीं दूसरी तरफ किसानों के लिए भी यह समय रवि फसलों की बुआई की तैयारी का है। ठंड की शुरुआत होने के साथ ही सरसों, चना और गेहूं जैसी फसलों की बिजाई का कार्य तेजी से शुरू हो जाता है, क्योंकि फसलों के बेहतर अंकुरण के लिए हल्का ठंडा और अनुकूल तापमान बेहद जरूरी माना जाता है। हालांकि, मौसम के इस अचानक बदलाव के कारण छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सुबह-शाम के वक्त सर्दी-जुकाम जैसी मौसमी बीमारियों से बचने के लिए अभी से एहतियात बरतने की सलाह स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही है।
राजस्थान पंचायत चुनाव के शेड्यूल में बड़ा बदलाव, त्योहारों के कारण बदली गई तारीख
राजस्थान में चल रही स्थानीय निकाय और पंचायतीराज चुनावों की सरगर्मी के बीच राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आ रही है। आयोग ने आगामी पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 के घोषित कार्यक्रम में आंशिक संशोधन करते हुए इसके पहले, दूसरे और तीसरे चरण के चुनाव कार्यक्रमों और मतदान की तारीखों में बदलाव कर दिया है। ग्रामीण इलाकों में होने वाले इन चुनावों की तारीखों में फेरबदल मुख्य रूप से आगामी बड़े त्योहारों, विशेषकर धनतेरस और दीपावली के पावन पर्व को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि मतदाताओं और चुनाव ड्यूटी में लगे प्रशासनिक अमले व सुरक्षाकर्मियों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। इस बदलाव के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों के राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और आम मतदाताओं के बीच नए सिरे से चुनावी गणित और रणनीतियों पर चर्चा शुरू हो गई है। आइए जानते हैं कि राजस्थान निर्वाचन आयोग द्वारा इस शेड्यूल में क्या-क्या बदलाव किए गए हैं और इसके पीछे की मुख्य वजह क्या है।Rajasthan Panchayat Election Schedule Revision: क्यों पड़ी पंचायत चुनाव के कार्यक्रमों में बदलाव करने की जरूरत, जानिए मुख्य वजहजब राजस्थान में त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव का विस्तृत शेड्यूल पहली बार जारी किया गया था, तो चुनाव की तारीखें त्योहारों के मौसम के आसपास पड़ रही थीं। खासकर तीसरे चरण के मतदान की तारीख उस दिन तय थी जिस दिन देश भर में धनतेरस का महान पर्व मनाया जाना है। ग्रामीण संस्कृति और व्यापारिक दृष्टिकोण से धनतेरस और दीपावली का पर्व राजस्थान के गांवों में बहुत बड़े पैमाने पर मनाया जाता है, जिसमें आम जनता से लेकर स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल की व्यस्तता इन त्योहारों में काफी बढ़ जाती है। जनता और विभिन्न सामाजिक संगठनों की तरफ से लगातार यह मांग उठ रही थी कि यदि मतदान की तारीखें त्योहारों के इतने करीब रहेंगी, तो मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के बजाय पर्व और पारिवारिक आयोजनों में व्यस्त रह सकते हैं, जिससे मतदान का प्रतिशत प्रभावित हो सकता है। इन्हीं तमाम व्यावहारिक और प्रशासनिक दिक्कतों को गंभीरता से लेते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने बिना किसी देरी के त्वरित कदम उठाया और चुनाव कार्यक्रमों की तिथियों में संशोधन करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया।Revised Polling Dates and New Timetable: पहले, दूसरे और तीसरे चरण के मतदान में हुआ फेरबदल, जानिए अब कब डाले जाएंगे वोटराज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए संशोधित और अपडेटेड शेड्यूल के अनुसार, पंचायत चुनाव की पूरी प्रक्रिया में कुछ दिनों का आगे-पीछे बदलाव किया गया है। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के साथ-साथ ग्राम पंचायतों में होने वाले पंच और सरपंच पदों के चुनाव पर इसका सीधा असर पड़ा है। तीसरे चरण के तहत होने वाले सरपंच और पंच के मतदान पहले 6 नवंबर को निर्धारित किए गए थे, जिस दिन धनतेरस का पर्व था। आयोग ने संशोधन करते हुए अब इस तारीख को बदलकर पहले कर दिया है, जिसके तहत अब तीसरे चरण में पंच और सरपंच के लिए मतदान 5 नवंबर 2026 को संपन्न कराया जाएगा, जबकि 6 नवंबर को उप-सरपंच का चुनाव कराया जाएगा। इसके साथ ही मतदान दलों की रवानगी, जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्यों के मतदान की तिथियों में भी तदनुसार समायोजन किया गया है ताकि किसी भी चरण में प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर अत्यधिक दबाव न पड़े और चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण व निष्पक्ष माहौल में संपन्न हो सकें।Impact on Candidates and Rural Voters: तारीख बदलने से उम्मीदवारों और मतदाताओं को मिली बड़ी राहत, राजनीतिक दलों ने बनाई नई रणनीतिचुनाव आयोग द्वारा समय रहते तारीखों में किए गए इस बदलाव से ग्रामीण इलाकों के मतदाताओं और चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे उम्मीदवारों ने राहत की सांस ली है। कई उम्मीदवारों के सामने यह दुविधा थी कि वे त्योहार के व्यस्त दिनों में चुनाव प्रचार कैसे संभालेंगे और मतदाता अपने घरों से निकलकर बूथों तक कैसे पहुंचेंगे। अब चूंकि तारीखें त्योहार की मुख्य तिथियों से थोड़ा हटकर तय कर दी गई हैं, इसलिए उम्मीदवारों को जनसंपर्क करने और अपनी चुनावी बैठकें आयोजित करने के लिए थोड़ा और अनुकूल समय मिल गया है। गांव की चौपालों से लेकर तहसील मुख्यालयों तक एक बार फिर से चुनावी चर्चाएं तेज हो गई हैं और राजनीतिक दलों के नेता तथा निर्दलीय प्रत्याशी नए शेड्यूल के हिसाब से अपने चुनाव प्रचार के रोस्टर को दोबारा तैयार करने में जुट गए हैं।Administrative Preparations and EVM Protocols: सख्त प्रशासनिक निगरानी के बीच आगे बढ़ रही चुनावी प्रक्रिया, आयोग के कड़े निर्देश जारीराज्य निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि भले ही कुछ चरणों की तारीखों में आंशिक बदलाव किया गया है, लेकिन चुनाव की शुचिता, पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मतदान केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में सुरक्षा बलों की तैनाती, संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों पर विशेष निगरानी तथा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVMs) और बैलेट पेपर से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी मुस्तैदी के साथ की जा रही हैं। जिला निर्वाचन अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे संशोधित शेड्यूल की जानकारी गांव-गांव तक मुनादी और स्थानीय मीडिया के माध्यम से पहुंचाएं ताकि किसी भी मतदाता को तारीखों को लेकर कोई संशय न रहे। आदर्श आचार संहिता के कड़े नियमों के बीच प्रशासनिक मशीनरी अब पूरी तरह से सतर्क होकर तय समयसीमा के भीतर निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने की अंतिम तैयारियों में जुटी हुई है।
Dudu News: राजस्थान के दूदू में श्मशान भूमि विवाद को लेकर भड़की भारी हिंसा
राजस्थान के दूदू जिले से इस वक्त एक बेहद तनावपूर्ण और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जहाँ जमीन के एक विवादित टुकड़े को लेकर ग्रामीणों और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच जबरदस्त टकराव देखने को मिला है। एक श्मशान भूमि के पारंपरिक रास्ते और दाह संस्कार के अधिकार को लेकर उपजा विवाद इतना बढ़ गया कि करीब 200 से अधिक लोगों की उग्र भीड़ ने एक स्थानीय स्कूल के गेट को तोड़ दिया और परिसर के अंदर जमकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों का साफ तौर पर कहना था कि जिस जगह पर आज स्कूल या अन्य निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, वह सदियों से उनके पूर्वजों का श्मशान घाट रहा है, और वे अपने हक के लिए किसी भी कीमत पर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। इस अचानक हुए जोरदार प्रदर्शन के बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा है और हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। आइए जानते हैं राजस्थान के दूदू में घटी इस पूरी घटना की अंदरूनी कहानी और इसके पीछे का पूरा विवाद।Dudu Land Dispute Background: क्या है दूदू का यह पूरा श्मशान विवाद और क्यों भड़का ग्रामीणों का ऐसा गुस्साराजस्थान के दूदू इलाके में पिछले कुछ दिनों से जमीन के मालिकाना हक और उसके उपयोग को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन के बीच सुगबुगाहट चल रही थी। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी पुश्तैनी जमीन, जिसे वे पीढ़ियों से दाह संस्कार यानी श्मशान भूमि के रूप में इस्तेमाल करते आ रहे थे, उस पर से उनका पारंपरिक अधिकार छीना जा रहा है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों की कथित अनदेखी के कारण उनकी इस महत्वपूर्ण सामाजिक और धार्मिक जरूरत को नजरअंदाज किया जा रहा है। जब इस बात की सुगबुगाहट फैली कि उस विवादित स्थल पर किसी अन्य प्रयोजन या स्कूल के विस्तार से जुड़ी गतिविधियां हो रही हैं, तो ग्रामीणों का सब्र टूट गया। इसी आक्रोश के चलते आसपास के कई गांवों के लोग इकट्ठा हुए और विरोध प्रदर्शन करते हुए सीधे उस जगह पर जा पहुंचे, जहाँ तनाव ने धीरे-धीरे एक उग्र रूप धारण कर लिया।School Gate Broken by Mob: 200 लोगों की उग्र भीड़ ने बोला धावा, स्कूल का गेट तोड़कर अंदर घुसे प्रदर्शनकारीस्थिति उस वक्त पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई जब लगभग 200 लोगों की आक्रोशित भीड़ नारेबाजी करते हुए मौके पर मौजूद उस संस्थान और स्कूल की ओर बढ़ी। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इतना सातवें आसमान पर था कि उन्होंने सुरक्षा के तमाम बैरिकेड्स और दीवारों को दरकिनार करते हुए स्कूल के मुख्य लोहे के गेट को ही बलपूर्वक तोड़ डाला। भीड़ के अचानक इस तरह अंदर घुस आने से स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया और वहाँ मौजूद कर्मचारियों व अन्य लोगों में जान बचाने की अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने स्कूल परिसर के भीतर जमकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें रखनी शुरू कर दीं। उनका साफ कहना था कि जब तक उन्हें उनके श्मशान घाट की जमीन का अधिकार वापस नहीं मिलता, तब तक उनका यह विरोध इसी तरह जारी रहेगा। इस तोड़फोड़ और हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय थाने की पुलिस के होश उड़ गए और तुरंत अतिरिक्त जाब्ता मौके के लिए रवाना किया गया।Police and Administration Action: भारी पुलिस बल तैनात, अधिकारियों ने संभाला मोर्चा और लोगों को शांत करने की कोशिशघटना की गंभीरता को देखते हुए दूदू जिला प्रशासन और पुलिस के उच्च अधिकारी तुरंत भारी पुलिस बल और वज्र वाहनों के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने स्थिति को संभाला और उग्र भीड़ को खदेड़ने के साथ ही उन्हें शांत करने का प्रयास किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत शुरू की और उन्हें यह भरोसा दिलाया कि उनके इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और राजस्व रिकॉर्ड (Revenue Records) की दोबारा से पूरी पड़ताल की जाएगी ताकि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि कानून को अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है।Social and Administrative Challenge: जमीन के इस अंतहीन विवाद पर उठ रहे गंभीर सवाल, आगे क्या होगी कार्रवाईदूदू की इस घटना ने एक बार फिर से इस बात को उजागर कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि उपयोग, श्मशान घाटों के रास्ते और सरकारी दस्तावेजों में दर्ज जमीनों को लेकर किस तरह के गंभीर विवाद सुलगते रहते हैं। जब तक प्रशासन जमीन के पुराने राजस्व नक्शों और स्थानीय लोगों की परंपराओं के बीच सामंजस्य बैठाकर कोई स्थायी समाधान नहीं निकालता, तब तक इस तरह के तनाव की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का तर्क है कि दाह संस्कार जैसी संवेदनशील और बुनियादी मानवीय जरूरत के लिए जमीन का होना हर नागरिक का अधिकार है, जिस पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। प्रशासन अब राजस्व विभाग के पुराने दस्तावेजों को खंगाल रहा है ताकि यह साफ किया जा सके कि असल हक किसका है और इस मामले का शांतिपूर्ण तरीके से क्या हल निकाला जा सकता है।
नोहर-भादरा में पेयजल संकट का खतरा, राजस्थान ने हरियाणा से मांगा पानी
फतेहाबाद ब्रांच में 15 दिन की नहरबंदी के कारण जल संसाधन विभाग ने हरियाणा से स्वीकृत पानी छोड़ने का आग्रह किया है।
राजस्थान में त्योहारों के मौसम में पंचायत चुनाव की तारीखें बदलीं
jaipur, 6 अक्टूबर . Rajasthan में राज्य चुनाव आयोग ने धनतेरस को लेकर धार्मिक भावनाओं और लोगों की चिंताओं का हवाला देते हुए पंचायती राज चुनाव के पहले तीन चरणों की तारीखों में बदलाव किया है. संशोधित कार्यक्रम के तहत पहले, दूसरे और तीसरे चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के साथ-साथ पंच ... Read more
Rajasthan: धनतेरस की वजह से बदली पंचायतराज चुनावों की तारीखें, जाने नया शेड्यूल क्या है
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में पंचायती राज चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम में संशोधन किया है। बता दें कि पहले धनतेरस पर्व के दिन भी वोटिंग होनी थी, लेकिन अब तारीखों में बदलाव किया गया है। संशोधित कार्यक्रम के तहत तीनों चरणों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव से संबंधित पोलिंग पार्टियों के प्रस्थान की तारीख में बदलाव किया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार प्रथम चरण की पोलिंग पार्टियों का प्रस्थान अब 21 अक्टूबर को होगा, जबकि जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान 22 अक्टूबर को कराया जाएगा। इसी तरह द्वितीय चरण में पोलिंग पार्टियां 27 अक्टूबर को रवाना होंगी और 28 अक्टूबर को जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान होगा। तृतीय चरण में पोलिंग पार्टियों का प्रस्थान 2 नवंबर को होगा और जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान 3 नवंबर को कराया जाएगा, तृतीय चरण में पंच और सरपंच के लिए मतदान 5 नवंबर को होगा, जबकि वार्ड पंचों की ओर से उपसरपंच का अप्रत्यक्ष चुनाव 6 नवंबर को पूर्वाह्न में कराया जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि केवल संशोधित तिथियों को छोड़कर बाकी चुनाव कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बता दें कि इस बार 8 नवंबर की दिवाली हैं और ऐसे मे 6 नवंबर को धनतेरस का त्योहार हैं, ऐसे में तारीखें बदली गई है। pc- danik bhaskar
राजस्थान में शुरू हुई गुलाबी ठंड, जानिए इस सप्ताह कैसा रहेगा मौसम?
Rajasthan Weather: राजस्थान में गुलाबी ठंड की शुरुआत हो गई है। माउंट आबू में पारा 15C से नीचे पहुंच गया, जबकि 12 अक्टूबर से पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश के आसार हैं।
राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिजर्व के पेरीफेरी इलाकों में आबादी इलाकों में लेपर्ड की बढ़ती दखल के बाद वन विभाग अलर्ट हो गया है। केरलम के बाद संभवत: पहली बार राजस्थान में वाइल्ड लाइफ मॉनिटरिंग साइलेंट डिवाइस और हाई ट्रैक सेंसर लगाने की तैयारी कर रहा है। इसकी शुरुआत रणथंभौर टाइगर रिजर्व की जाएगी। इन डिवाइस के जरिए आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आने वाले जंगली जानवरों की एक्टिविटी दिखने पर अलार्म बजाकर ग्रामीणों को अलर्ट करेगा। यह अलार्म इतना तेज होगा कि सैकड़ों मीटर दूर तक इसकी आवाज सुनाई देगी, जिससे ग्रामीणों को संभलने का मौका मिलेगा, साथ ही लेपर्ड भी आवाज सुनकर भाग जाएगा। दरअसल, टाइगर रिजर्व के आसपास क्षेत्रों में ग्रामीणों पर लेपर्ड के हमलों के बाद यह पहल की जा रही है, जिससे ग्रामीणों की जान को बचाया जा सके और लेपर्ड के मूवमेंट को भी आबादी क्षेत्रों में रोका जा सके। पढ़िए यह रिपोर्ट... केरल मॉडल की तर्ज पर राजस्थान में पहला प्रयोगरणथंभौर टाइगर रिजर्व (फर्स्ट) के डीएफओ मानस सिंह ने बताया- वन विभाग केरलम तर्ज पर इस तकनीक को अपना रहा है। केरलम में हाथियों की निगरानी करने और ग्रामीणों को समय रहते सतर्क करने के लिए इस डिवाइस का सफल प्रयोग किया गया था, जिससे वहां मानव-वन्यजीव संघर्ष के मामलों में भारी कमी दर्ज की गई है। इसी से प्रेरणा लेते हुए रणथंभौर में इसका ट्रायल शुरू किया गया है। पुराने शहर और फलोदी रेंज के इलाकों में लगेंगेमानस सिंह के अनुसार, वन विभाग ने लेपर्ड के अधिक मूवमेंट वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता पर रखा है। इनमें सवाई माधोपुर के पुराने शहर के आसपास के इलाकों के साथ-साथ फलोदी रेंज के दूमोंदा, हिंदवाड़ और टोडरा को चिह्नित किया गया है। वहीं जंगल से निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आने वाली मुख्य पगडंडियों और कच्चे रास्तों को भी चिह्नित किया गया है। विभाग का उद्देश्य जंगली जानवरों के आबादी वाले इलाकों में प्रवेश करने से पहले ही ग्रामीणों तक अलर्ट पहुंचाना है, जिससे किसी भी अनहोनी को समय रहते रोका जा सके। ये खबर भी पढ़िए… मासूम के शव को पहाड़ी पर लेकर बैठा था लेपर्ड:खून और पगमार्क का पीछा करते हुए पहुंचे ग्रामीण; घर की दहलीज से उठा ले गया था रणथम्भौर टाइगर रिजर्व से आया लेपर्ड 3 साल के मासूम को परिजनों के सामने घर की दहलीज से उठा कर ले गया। घटना से चौंके मां और पिता ने 100 मीटर तक लेपर्ड का पीछा किया। इसके बाद जब लेपर्ड दिखाई देना बंद हुआ तो मां सदमे से बेहोश हो गई। पूरी खबर पढ़िए
रूस-यूक्रेन वॉर में भारतीय कारोबारी राजीव गुप्ता की कंपनी कुसुम फार्मास्युटिकल के प्लांट पर 18 महीने में दूसरी बार हमला हुआ है। सूमी शहर (यूक्रेन) में फैक्ट्री पर 4 अक्टूबर को ड्रोन हमला हुआ। कंपनी का दावा है कि रूस की ओर से उनके प्लांट पर एक-एक कर 8 ड्रोन हमले किए गए। इससे दवा बनाने का हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट पूरी तरह तबाह हो गया है। हमले में इंजीनियर की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। राजीव गुप्ता के चचेरे भाई राजकुमार गुप्ता ने बताया- जब फैक्ट्री पर हमला हुआ, तब राजीव यूक्रेन की राजधानी कीव में थे। गनीमत रही कि संडे (4 अक्टूबर) था। इसलिए फैक्ट्री में काफी कम मजदूर थे, वरना जनहानि ज्यादा हो सकती थी। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, कंपनी को करीब 400 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। 14 अप्रैल 2025 को भी एक रूसी ड्रोन ने कंपनी के गोदाम को उड़ा दिया था। 22 देशों में कंपनी करती है दवा सप्लाई राजकुमार गुप्ता बताते हैं- सूमी स्थित प्लांट में फैक्ट्री और कैम्पस है। ये 5 हजार वर्गगज में फैला हुआ है। यहां दवाएं बनाने का काम होता था। इसमें ज्यादातर कार्डियोलॉजी और गैस्ट्रोलॉजी की दवाएं बनती हैं। कुसुम फार्मा एक भारतीय फार्मास्युटिकल निर्यातक कंपनी है। यह यूक्रेन सहित 22 देशों में दवाओं का निर्यात करती है। 2009 में लगाई थी फैक्ट्री राजीव गुप्ता ने 2009 में यूक्रेन के सूमी में दवा बनाने की फैक्ट्री शुरू की थी। इसके बाद भारत में दो और प्रोडक्शन यूनिट शुरू की गईं। कुसुम फार्मा 50 से ज्यादा ब्रांड की जेनेरिक दवाएं बनाती है। इनमें टैबलेट, कैप्सूल और लिक्विड दवाएं शामिल हैं। कंपनी के प्रोडक्ट यूक्रेन के अलावा उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, फिलीपींस और दूसरे देशों में भी बिकते हैं। कंपनी का कारोबार 9 से ज्यादा देशों में है। भारत में कंपनी की प्रोडक्शन यूनिट राजस्थान के भिवाड़ी और मध्य प्रदेश के पीथमपुर, इंदौर में भी हैं। कुसुम हेल्थकेयर खुद को भारतीय जड़ों वाली यूक्रेनी कंपनी बताती है। कंपनी का कारोबार भारत की दवाओं के डिस्ट्रीब्यूशन से शुरू हुआ था। बाद में उसने यूक्रेन में खुद दवाओं का उत्पादन शुरू किया। रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भी सूमी की यह फैक्ट्री काम करती रही थी। अब रूसी ड्रोन हमले में इसकी मुख्य इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है और फैक्ट्री का मुख्य काम रुक गया है। … हमले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… यूक्रेन में भरतपुर के कारोबारी की दवा-फैक्ट्री पर ड्रोन हमला:रूस के अटैक में इंजीनियर की मौत, 400 करोड़ का नुकसान; 2009 में शुरू की थी
Rajasthan Panchayat Election: धनतेरस के चलते तीन चरणों के मतदान की तारीखें बदलीं
जयपुर, छह अक्टूबर राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने धनतेरस से जुड़ी धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए पंचायती राज चुनाव के पहले तीन चरणों की मतदान तिथियों में बदलाव किया है। इन चरणों का मतदान अब तय तिथि से एक दिन पहले होगा। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, पहले चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान 23 अक्टूबर के बजाय 22 अक्टूबर को होगा, जबकि पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान 25 अक्टूबर के बजाय 24 अक्टूबर को होगा। दूसरे चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान 29 अक्टूबर के बजाय 28 अक्टूबर को तथा पंच और सरपंच पदों के लिए 31 अक्टूबर के बजाय 30 अक्टूबर को होगा। इसी तरह तीसरे चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान चार नवंबर के बजाय तीन नवंबर को तथा पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान छह नवंबर के बजाय पांच नवंबर को होगा। निर्वाचित वार्ड पंचों द्वारा उपसरपंचों का अप्रत्यक्ष चुनाव पहले, दूसरे और तीसरे चरण के लिए क्रमशः 25 अक्टूबर, 31 अक्टूबर और छह नवंबर को होगा। आयोग ने बताया कि संशोधित कार्यक्रम के अनुसार पहले तीन चरणों में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव के लिए मतदान दल अब क्रमशः 21 अक्टूबर, 27 अक्टूबर और दो नवंबर को अपने-अपने मतदान केंद्रों के लिए रवाना होंगे। चौथे चरण के कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसमें जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए 14 नवंबर तथा पंच और सरपंच पदों के लिए 16 नवंबर को मतदान होगा। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए 20 नवंबर को होने वाली मतगणना सहित चुनाव कार्यक्रम के अन्य चरणों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। राज्य में 41 जिला परिषद, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों के सदस्यों के लिए चुनाव कराए जा रहे हैं।
PC: NEWS18 मानसून की विदाई के बाद राजस्थान के मौसम के मिजाज में अचानक बदलाव देखने को मिल रहा है। India Meteorological Department (IMD) के अनुसार, राज्य में बारिश की गतिविधियां थमने के बाद अब अधिकतम तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान के जिलों में अक्टूबर की शुरुआत के साथ ही हल्की 'अक्टूबर हीट' का असर देखा जा रहा है, जिससे दोपहर के समय लोगों को तीखी धूप और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। इन जिलों में पारा पहुंचा सामान्य से ऊपर मौसम केंद्र जयपुर की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के कई प्रमुख हिस्सों में पारा औसत से अधिक दर्ज किया जा रहा है: श्रीगंगानगर और बीकानेर: पश्चिमी राजस्थान के इन सीमावर्ती इलाकों में दिन का तापमान 38 से 39 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। जयपुर और आसपास के क्षेत्र: राजधानी जयपुर, हनुमानगढ़ और चुरू में भी आसमान पूरी तरह साफ रहने के कारण तापमान में 3 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। हनुमानगढ़ और पश्चिमी राजस्थान: तेज धूप के कारण दोपहर के समय सड़कों पर गर्मी का असर साफ देखा जा सकता है। आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम? मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असर नहीं होने के कारण बारिश की कोई संभावना नहीं है। आसमान साफ रहने से दिन में गर्मी बनी रहेगी, हालांकि रात के तापमान में हल्की गिरावट आने से रातों में हल्की गुलाबी ठंडक महसूस होने लगी है।
चाहते तो डोटासरा की नाक नीचे करवा देते...BJP राजस्थान चीफ मदन राठौड़ जमकर बरसे
चाहते तो डोटासरा की नाक नीचे करवा देते...BJP राजस्थान चीफ मदन राठौड़ जमकर बरसे
पर्यटन नगरी उदयपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में टूरिज्म को रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने और निवेशकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से राजस्थान भू-राजस्व नियम-2026 जारी किए गए हैं। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन इकाइयां (रिसॉर्ट, होटल या होम स्टे) स्थापित करने पर भूमि रूपांतरण का प्रीमियम शुल्क अब नहीं देना होगा। यह नियम 2 नवंबर से लागू होंगे। उदयपुर के सायरा, झाड़ोल, गोगुंदा, डबोक जैसे ग्रामीण इलाकों में इसका सीधा फायदा मिलेगा। अब तक भारी प्रीमियम के कारण निवेशक ग्रामीण क्षेत्रों में प्रोजेक्ट लगाने से कतराते थे, लेकिन इस छूट से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी व युवाओं को रोजगार मिलेगा। जानिए नियम, शर्तें और फायदे 100% प्रीमियम छूट: अनुसूची-3 के अनुसार पर्यटन इकाइयों को भूमि उपयोग परिवर्तन पर प्रीमियम शुल्क से पूरी राहत मिलेगी। विभाग की स्वीकृति जरूरी: छूट का लाभ केवल उन्हीं प्रोजेक्ट्स को मिलेगा, जो राजस्थान या केंद्र सरकार के पर्यटन विभाग से स्वीकृत होंगे। अन्य एनओसी अनिवार्य: प्रीमियम छूट का मतलब निर्माण की अन्य मंजूरियों से छूट नहीं है। लेआउट, फायर सेफ्टी, पर्यावरण स्वीकृति अनिवार्य रहेंगी। कृषि स्थिति में वापसी: नियम-9 के तहत यदि कोई काश्तकार बाद में जमीन को फिर से कृषि उपयोग में दर्ज कराना चाहता है तो एसडीओ को आवेदन कर सकता है। मंजूरी से लेकर सबकुछ एसडीओ के हाथ कृषि भूमि को पर्यटन इकाई में बदलने की अनुमति जारी करेंगे। ऑनलाइन आवेदनों में शुल्कों की जांच कर कम पाए जाने पर नोटिस देंगे। कलेक्टर की अध्यक्षता वाली लेआउट समिति में अनिवार्य सदस्य होंगे। नियम तोड़ा या धोखाधड़ी की तो जुर्माना बिना स्वीकृति उपयोग पर पटवारी की रिपोर्ट पर एसडीओ द्वारा 4 गुना जुर्माना वसूला जाएगा। गलत जानकारी पर अनुमति निरस्त कर प्रीमियम का 2 गुना जुर्माना लगेगा। स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलेगा, रोजगार भी बढ़ेगा पर्यटन विभाग की उपनिदेशक शिखा सक्सेना के अनुसार इस बदलाव से सायरा, झाड़ोल, गोगुंदा व डबोक जैसे इलाकों में नए प्रोजेक्ट्स आएंगे। लागत घटने से रिसॉर्ट्स व होम स्टे बनेंगे। इससे पर्यटकों को नए डेस्टिनेशन मिलेंगे, ग्रामीणों की आय बढ़ेगी और स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलेगा।
अंडर-19 वीनू मांकड ट्रॉफी चैंपियनशिप के लिए राजस्थान टीम राजकोट पहुंची, अभय कप्तान
वीनू मांकड़ ट्रॉफी अंडर-19 राष्ट्रीय चैंपियनशिप के पहले दो मैचों के लिए राजस्थान की 15 सदस्यीय टीम राजकोट पहुंच गई है। फिलहाल टीम की कप्तानी जयपुर के अभय शर्मा को दी गई है। कुशाग्र ओझा जब इंडिया ड्यूटी से फ्री होकर आएंगे तो वे टीम की कप्तानी करेंगे। अंडर-19 टीम का बॉलिंग कोच शैलेन्द्र गहलोत को बनाया गया है। उन्हें अंडर-23 से अंडर-19 में भेजा गया है। कॉन्फिक्ट अॉफ इंटरेस्ट न हो इसलिए उन्होंने खुद ही अंडर-19 में भेजने की रिक्वेस्ट की थी। उनके स्थान पर किंचित नागर को अंडर-23 में भेजा गया है। टीम के मुख्य कोच की जिम्मेदारी मनीष शर्मा को दी गई है। कोचिंग स्टाफ के अन्य सदस्य हैं अभिजीत शर्मा, मोहम्मद अहमद, फिजियो उत्कर्ष कुलश्रेष्ट, ट्रेनर लोकेन्द्र सिंह परफॉर्मेंस एनालिस्ट करण सिंह और मैनेजर विक्रांत यादव को बनाया गया है।
Kurukshetra News: राजस्थान ने अंडर-17 और अंडर-19 फुटबॉल में जीते खिताब
राजस्थान ने अंडर-17 और अंडर-19 फुटबॉल में जीते खिताब
अमृतसर, पांच अक्टूबर अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने सोमवार को कहा कि राजस्थान के श्रीगंगानगर स्थित एक गुरुद्वारे के अंदर राजस्थान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से सिखों की भावनाएं आहत हुई हैं। उनके अनुसार, पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर गुरुद्वारा बाबा दीप सिंह के ‘लंगर’ में रखी खाद्य सामग्री को नुकसान पहुंचाया और गुरुद्वारा परिसर के अंदर संपत्ति में ‘‘तोड़फोड़’’ की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने स्थानीय सिख नेता तेजिंदरपाल सिंह को भी गिरफ्तार किया है। उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री से उनकी गिरफ्तारी और पूरी घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। जत्थेदार ने कथित घटना को ‘‘बेहद निंदनीय’’ करार दिया और मुख्यमंत्री से ‘‘गुरुद्वारा परिसर में तोड़फोड़’’ के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा, ‘‘अगर पुलिस को कोई समस्या थी तो उसे सिख धार्मिक मर्यादा के अनुसार और कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करनी चाहिए थी, न कि किसी सिख धार्मिक स्थल में प्रवेश करके इस तरह की ‘तोड़फोड़’ करनी चाहिए थी।’’उन्होंने कहा कि समुदाय के लोग किसी भी सिख नेता के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं करेंगे और सरकार से सिंह को तत्काल रिहा करने की मांग की। जत्थेदार ने कहा कि तख्त दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह के नेतृत्व में एक सिख प्रतिनिधिमंडल ने गंगानगर का दौरा किया और घटना स्थल पर भी गया। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने पाया कि राजस्थान पुलिस ने बेहद आपत्तिजनक कार्रवाई की।
रणथंभौर टाइगर रिजर्व: जंगल, किला और बाघों की दुनिया, दो मिनट के वीडियो में जानिए राजस्थान के इस अनोखे अभयारण्य की कहानी
Thar से हरियाणा की शराब बरामद, राजस्थान का युवक गिरफ्तार, मुबारकपुर में पंजाब पुलिस की कार्रवाई
मुबारकपुर पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक थार गाड़ी से हरियाणा मार्का शराब की तीन पेटियां जब्त कीं। पुलिस ने राजस्थान के उदयपुर निवासी चालक मनजीत सिंह चौधरी को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया है।
शादी के निमंत्रण के नाम पर हो रही ठगी, राजस्थान पुलिस की एडवाइजरी जारी
व्हाट्सऐप पर शादी के कार्ड, लोकेशन व वीडियो के नाम पर आ रही फर्जी एपीके फाइलें और लिंक फोन का डेटा चुरा रहे हैं। आर4सी ने 1930 पर शिकायत की सलाह दी।
25 की उम्र में 70 हत्याओं का खौफ, कान के पास हथौड़ा मारता था ‘कनपटीमार’, वीडियो में denkhe ऐसे पकड़ा गया था राजस्थान का खूंखार किलर
साइबर अलर्ट : ऑनलाइन वेडिंग कार्ड फ्रॉड से रहें सावधान, राजस्थान पुलिस (R4C) की विशेष एडवाइजरी
परिचितों के खातों का दुरुपयोग: साइबर अपराधी किसी परिचित या रिश्तेदार का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर उनके नंबर से संदेश भेजते हैं—भाई, शादी का कार्ड भेजा है, देखकर बताओ वेन्यू सही है या नहीं?। परिचित का नंबर होने के कारण लोग बिना सोचे-समझे लिंक खोल लेते हैं, जिससे मोबाइल का पूरा डेटा मैलवेयर के जरिए हैकर्स के पास चला जाता है।
भरतपुर के कार्तिक, आकाश और चेतन का रणजी ट्रॉफी के लिए राजस्थान टीम में चयन
भरतपुर के कार्तिक शर्मा, आकाश सिंह और चेतन शर्मा का रणजी ट्रॉफी के लिए राजस्थान की 15 सदस्यीय टीम में चयन हुआ है। मोहित गुप्ता को सुरक्षित खिलाड़ी चुना गया है। राजस्थान का पहला मैच 11 अक्टूबर को तमिलनाडु से होगा।
अब साल में दो बार होगी राजस्थान बोर्ड 10वीं परीक्षा, 3 विषयों में नंबर सुधारने का मिलेगा दूसरा मौका
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने 10वीं की परीक्षा साल में दो बार कराने का फैसला किया है। सप्लीमेंट्री परीक्षा खत्म कर मई में दूसरी परीक्षा का अवसर मिलेगा और छात्र 3 विषयों में अंक सुधार सकेंगे।
Government Job Alert: सरकारी नौकरी की बंपर भर्ती, राजस्थान में 24,752 सफाई कर्मचारी समेत हजारों पदों पर मौका
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम और पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट ने पंजाब में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाया है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह से खत्म हो चुका है। सचिन पायलट ने कहा कि पंजाब में सरकार पूरी तरह से फेल है और यहां लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। पायलट ने कहा कि गैंगस्टर आए दिन लोगों को धमका रहे हैं, शूटआउट कर रहे हैं। भाजपा के लिए क्या कहा मीडिया रिपोटर्स की माने तो उन्होंने ये भी कहा कि यह अजीब बात है कि बीजेपी एक तरफ नशा मुक्ति यात्रा निकाल रही है, जबकि केंद्र में उसकी सरकार के रक्षा मंत्री और गृह मंत्री पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आने वाली नशे की खेप को रोक पाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। पंजाब प्रभारी ने ये भी कहा कि रक्षा मंत्री और गृहमंत्री को बताना चाहिए कि उन्होंने 12 सालों में बॉर्डर से कितने लोगों को पकड़ा है, इसे रोकना सरकार की जिम्मेदारी है, अगर ऐसा किया गया होता तो आज पंजाब में नशे के इतने खराब हालत न होते। सचिन पायलट ने चुनाव को लेकर दावा किया कि पंजाब में कांग्रेस का माहौल बहुत अच्छा है और हम प्रचंड बहुमत के साथ है सरकार बनाने जा रहे हैं। राजस्थान सरकार को घेरा वहीं राजस्थान के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा है कि राजस्थान में सूखे जैसे हालात होते जा रहे हैं और सरकार ने अभी तक कोई भी कदम नहीं उठाया है, उन्होंने कहा कि सरकार को इस बारे में पहले से ही काम शुरू कर देना चाहिए था। मानसून की कमी की वजह से तमाम लोग संकट से गुजर रहे हैं। pc- dailypioneer.com
जयपुर में जेडीए के बुलडोजर एक्शन से व्यापारियों में आक्रोश, बोले-पट्टा होने के बावजूद तोड़ीं दुकानें
jaipur, 5 अक्टूबर . Rajasthan की राजधानी jaipur में jaipur विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने सड़क चौड़ीकरण के नाम पर बड़ी कार्रवाई की है. जेडीए ने सोडाला तिराहा से गुर्जर की थड़ी तक न्यू सांगानेर रोड पर अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर चलाया. इस कार्रवाई के दौरान कई दुकानों और निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया, ... Read more
Weather Update: बारिश थमी फिर भी बाढ़ से बेहाल यूपी-बिहार, MP में गिरेगा पारा तो राजस्थान में बढ़ी गर्मी
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी हिंसा मामले में पुलिस ने रविवार को 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। युवकों की पहचान योगेश अपूर्वा निवासी मेहराटा (राजस्थान) और आदित्य निवासी हाजीपुर (यूपी) के रूप में हुई है। पुलिस आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड हासिल करेगी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गाड़ियों की तोड़फोड़ के मामले में गिरफ्तार किया है। जल्द ही पुलिस प्रेस वार्ता कर इसका खुलासा कर सकती है। बता दें कि इससे पहले पुलिस 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि 20 लोगों को नामजद किया जा चुका है। डीआईजी नवीन सिंगला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि एलपीयू में हंगामा करने के आरोप में फगवाड़ा से 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि जम्मू और मुंबई से भी आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। हिंसा के दौरान परिसर के बाहर स्थापित मिग-23UM फाइटर जेट पर चढ़ने वाले शख्स की पहचान कर उसे मंडी से गिरफ्तार किया गया था। अब तक इस मामले में क्या-क्या हुआ
मुख्य सचिव वी श्रीनिवास का भरतपुर दौरा, केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान का किया भ्रमण
भरतपुर, 5 अक्टूबर . Rajasthan के मुख्य सचिव वी श्रीनिवास दो दिवसीय दौरे पर भरतपुर में हैं. इस दौरान Monday को वे विश्व प्रसिद्ध केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान पहुंचे. यहां उन्होंने उद्यान का भ्रमण किया और वहां की जैव विविधता, प्रवासी पक्षियों और वन्यजीव संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों का जायजा लिया. मुख्य सचिव ... Read more
निकाय चुनावों को लेकर गहलोत का बीजेपी सरकार पर हमला, बोले- राजस्थान में पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं बनी
निकाय चुनावों को लेकर गहलोत का बीजेपी सरकार पर हमला, बोले- राजस्थान में पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं बनी
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज प्रदेश के नगरीय निकायों के नवनिर्वाचित महापौर, उपमहापौर, सभापति, उपसभापति, अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के साथ वीसी के माध्यम से संवाद करेंगे। सीएम भजनलाल नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ निकाय के पहले 100 दिनों की कार्ययोजना के साथ ही नगरीय विकास, स्वच्छता, पानी, बिजली सहित अन्य जनसुविधाओं के विकास पर चर्चा करेंगे। सीएम ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर बैठक ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित शहरों से ही विकसित राजस्थान का संकल्प साकार होगा। राज्य सरकार शहरों को सुंदर, स्वच्छ, सुव्यवस्थित और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि समग्र रोडमैप के साथ 100 दिवसीय कार्ययोजना के माध्यम से शहरी निकायों का कायाकल्प किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों पर जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों पर जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। शहरों में स्वच्छता, सड़क, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, पार्कों सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास एवं केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया जा रहा है। शहरों में विकास को नई गति देने का कार्य किया जाएगा भजनलाल शर्मा ने रविवार को हुई इस बैठक के दौरान कहा कि नवनिर्वाचित पार्षदों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर राज्य सरकार और स्थानीय निकायों के समन्वित प्रयासों से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप शहरों में विकास को नई गति देने का कार्य किया जाएगा। बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास वीसी के माध्यम से जुड़े। PC:dipr.rajasthan अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
‘दूध बंद’ आंदोलन समाप्त होने के दूसरे दिन भी सिरसा में रेट बढ़ाने का मुद्दा थमा नहीं है। अभी भी दूध आज से मौजूदा रेट से 10 रुपए बढ़ाने का फैसला बरकरार है और फेट रेट बढ़ाने की सरकार व प्रशासन व मिल्क प्लांट वालों से किसान व पशुपालकों की लड़ाई जारी रहेगी। अब देखना होगा कि डेयरी वाले व पशुपालक क्या इस पर खरा उतरेंगे। इसका दूधिए समर्थन करेंगे? किसान नेता जसवीर भाटी ने वीडियो जारी कर कहा, इन तीन दिनों की दूध हड़ताल में सभी ने समर्थन किया और आगे भी इसी तरह पूरा सहयोग करना। सरकार से मांग रखी है कि पहले नकली दूध पर रोक लगाई जाए और दूसरी मांग में गाय का दूध के फेट 16 रुपए एवं भैंस का दूध का फेट 13 रुपए किया जाए। हड़ताल के दौरान राजस्थान के किसान-पशुपालकों की तर्ज पर आमजन की हित में पंचायत में लिए फैसले के अनुसार, आज से दूध का रेट मौजूदा भाव से 10 रुपए बढ़ाना होगा। कोई भी साथी किंतु-परंतु ना करे और 10 रुपए रेट बढ़ोतरी के साथ 17 अक्टूबर तक सप्लाई जारी रखे। जहां भी दूध बंद किया था, वो सप्लाई जारी रखे। दूधिए भी आराम से दूध बेचें, किसी जगह पर झगड़ा न हो। ये हड़ताल दूध उत्पादकों व सब के हक में रखी है। इसका फायदा दूध बेचने वालों और डेयरी वालों को भी होगा। पिछले 5 साल से खर्चे ज्यादा बढ़ गए हैं। इसीलिए यह कदम उठाना पड़ा है। आगे 17 अक्टूबर को जाट धर्मशाला सिरसा में मीटिंग रखी है, उसमें ज्यादा से ज्यादा डेयरी वाले, पशुपालक, दुध उत्पादक संख्या में आकर पक्ष रख सकेंगे। इसके बाद नए रेट पर फैसला होगा। पहले गाय का 80 और भैंस का दूध 100 रुपए प्रति किलो की मांग थी हड़ताल से पहले और समाप्ति तक धरनारत किसान और पशुपालकों की मांग थी कि गाय का दूध 80 रुपए और भैंस का दूध 100 रुपए प्रति किलो के हिसाब से किया जाए। पिछले 20 दिनों से किसान-पशुपालकों ने कई दौर की मीटिंग के बाद वीटा प्लांट के बाहर धरना प्रदर्शन किया था। इसी के साथ राजस्थान व पंजाब में भी हड़ताल रखी गई। राजस्थान के किसान-पशुपालकों ने 80-100 करने के बजाय मौजूदा रेटों में 10 रुपए प्रति किलो बढ़ोतरी का फैसला लिया है, ताकि किसी जरूरतमंद पर आर्थिक बोझ न पड़े। इसके बाद सिरसा के किसान व पशुपालकों ने भी मौजूदा रेट में 10 रुपए बढ़ाने की फैसला लेते हुए सहमति जताई है। इसी के साथ शनिवार को प्लांट के बाहर से धरना समाप्त कर दिया। वार्ता न कोई आश्वासन देने का लगाया आरोप अब सरकार से फेट रेट बढ़ाने की मांग है। इसे लेकर 17 अक्टूबर तक अल्टीमेटम दिया हुआ है। उनकी 17 तारीख को जाट धर्मशाला सिरसा में मीटिंग भी होनी है। किसान-पशुपालकों ने प्रशासन व सरकार की ओर से वार्ता न करने और कोई आश्वासन न मिलने का आरोप लगाया है। सरकार व मिल्क प्लांट वालों से भैंस का दूध फेट के हिसाब से 13 रुपए और गाय का दूध 16 रुपए फेट करने की मांग है। अगर इस पर सहमति नहीं बनी तो ठोस फैसला लेने की चेतावनी दी है।
शहरों के विकास से साकार होगा विकसित राजस्थान का संकल्प : भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सोमवार (5 अक्टूबर) को प्रदेश के नगरीय निकायों के नवनिर्वाचित महापौर, उपमहापौर, सभापति, उपसभापति, अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के साथ वीसी...
यूसील के सीएमडी डॉ. के. आनंद राव ने बताया कि भारत 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य लेकर चल रहा है, जिसके लिए राजस्थान और आंध्र प्रदेश में नई यूरेनियम खदानें खोली जाएंगी।
Rajasthan Ka Mausam: राजस्थान में क्या अब बारिश होगी, 5 अक्टूबर को कैसा रहेगा मौसम, जानें अपडेट
PC: AAJ TAK राजस्थान से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई हो चुकी है और इसका असर मौसम पर भी देखने को मिला है। सोमवार, 5 अक्टूबर को राज्य के अधिकांश हिस्सों में आसमान साफ रहेगा और मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) के अनुसार, बारिश की कोई संभावना नहीं है, हालांकि दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। कई इलाकों में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर रह सकता है। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान का हाल पूर्वी राजस्थान: पूरे क्षेत्र में दिनभर धूप खिली रहेगी और मौसम साफ़ ही रहेगा। हलके फुल्के बादल नजर आ सकते हैं, लेकिन बारिश की कोई संभावना नहीं है। अधिकतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। पश्चिमी राजस्थान: पश्चिमी हिस्सों में पूर्वी राजस्थान की तुलना में गर्मी का असर थोड़ा अधिक महसूस होगा। आसमान पूरी तरह साफ रहेगा और तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जाएगा। मौसम विभाग ने प्रदेश के किसी भी जिले के लिए कोई अलर्ट या चेतावनी जारी नहीं की है। इन जिलों में बढ़ेगी गर्मी जयपुर: अधिकतम तापमान 35-36C और न्यूनतम 23-24C उदयपुर: दिन का तापमान 35-37C और रात का तापमान 19-22C के आसपास सिरोही: अधिकतम तापमान करीब 36C, जबकि न्यूनतम तापमान 16C के आसपास श्रीगंगानगर: अधिकतम तापमान 38-39C के आसपास जबकि न्यूनतम तापमान करीब 24C पिलानी: पिलानी में अधिकतम तापमान 38 से 41C के आसपास
पूर्व डिप्टी सीएम और कांग्रेस के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने केंद्र सरकार और भाजपा पर लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाया है। पायलट ने कहा- आज मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जो माहौल बना है, और जो सवाल उठ रहे हैं, उसके लिए पूरी तरह से भाजपा का शीर्ष नेतृत्व जिम्मेदार है। उन्हें जो ताकत दी जा रही है, वह प्रधानमंत्री और गृहमंत्री दे रहे हैं, वरना ज्ञानेश कुमार की क्या ताकत कि वे वोट काट दें। सचिन पायलट ने कहा कि आमतौर पर परिसीमन (SIR) के बाद मतदाताओं की संख्या बढ़ती है, लेकिन देश में पहली बार ऐसा हुआ है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 13 करोड़ नाम काट दिए। वोट बढ़ने के बजाय घट जाना एक गंभीर विषय है। पायलट रविवार को टोंक पहुंचे थे, जहां वे नगर परिषद में कांग्रेस का बोर्ड बनने के बाद निकाली गई धन्यवाद यात्रा में शामिल हुए थे। इस मौके पर पायलट ने मीडिया से भी बातचीत कीं। उन्होंने निकाय चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा और कांग्रेस के वोट शेयर में बहुत ज्यादा अंतर नहीं रहा है, लेकिन भाजपा ने चुनावों में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया, लोगों को धमकाया और आचार संहिता का जमकर उल्लंघन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान सरकार ने केवल अपनी कुर्सी बचाने के लिए यह सब किया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में भी चेयरमैन बनाने के लिए भाजपा ने अन्य दलों के लोगों को डरा-धमकाकर तोड़ने की कोशिश की और लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई गईं। 2028 में केंद्र में बनेगी कांग्रेस सरकारसचिन पायलट ने दावा किया कि जनता अब भाजपा के कुशासन से परेशान हो चुकी है और बदलाव चाहती है। 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी 240 सीटों पर सिमट गई थी, जिसके बाद वे संख्या बल बढ़ाने के लिए अन्य दलों को डरा-धमका रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता अब कांग्रेस को वोट देने का इंतजार कर रही है और 2028 में केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनेगी। पंजाब में ड्रग्स की होम डिलीवरी हो रहीउन्होंने कहा कि पंजाब में लगातार अपराध ग्राफ बढ़ा है। जेलों के अंदर से लोग फोन कर लोगों को धमका रहे हैं और फिरौती मांग रहे हैं। राज्य में ड्रग्स की होम डिलीवरी तक हो रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पंजाब की जनता भी इस बदहाली से तंग आ चुकी है और आगामी समय में वहां भी कांग्रेस की सरकार बनेगी। 50 किलो की माला पहनाई गईपायलट दोपहर करीब 2 बजे टोंक पहुंच गए, जहां छावनी में कांग्रेस से जीते पार्षद अकबर खान समेत कई पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। पायलट को 50 किलो की माला पहनाई गई। इसके बाद वे घंटाघर पहुंचे, नगर परिषद चेयरमैन मयंक जैन, हंसराज गाता, निवाई के पूर्व विधायक कमल लोदी, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष रामविलास चौधरी समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। फिर बड़ी संख्या में गाड़ियों के साथ धन्यवाद यात्रा घंटाघर, सुभाष बाजार, पांच बत्ती, नौशे मियां का पुल, बड़ा कुआं क्षेत्र से होते हुए राज मिडवे पहुंची, जहां आतिशबाजी और स्वागत कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
डीडवाना के बांगड़ जिला अस्पताल में राजस्थान फार्मासिस्ट कर्मचारी संघ (RPEA) के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कराया गया। इसमें रामरतन घांची को सर्वसम्मति से निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया।घांची कर्मचारियों का आभार जताते हुए संगठन की एकता, हितों की रक्षा और समस्याओं के समय पर समाधान का वादा किया। निर्वाचन अधिकारी रामेश्वर और हरेंद्र की देखरेख में चुनाव शांतिपूर्ण हुआ। चुनाव के बाद कर्मचारियों ने नए अध्यक्ष का स्वागत किया। इस मौके पर रविंद्र सोनी, राजेंद्र राठौड़, चंदरभान भाटी, रामचंद्र प्रजापत, महेंद्र प्रताप सिंह, इस्माइल, इमदाद, भरत चौधरी, उमराव, केसर, हिमांशु, ममता कनोई, अशोक सोलंकी, प्रवीण सैनी, नसरुद्दीन, सुरेंद्र सिंह, अलीम खान, जितेंद्र चौधरी और चंद्रप्रताप सिंह सहित कई फार्मासिस्ट मौजूद रहे।
New Delhi, 4 अक्टूबर . केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने वैज्ञानिकों, डॉ. सुतीर्थ दत्ता, डॉ. तुषना करकरिया और ऋषिका शर्मा की तारीफ की. उन्होंने Rajasthan में ‘ग्रेट इंडियन बस्टर्ड’ को जंगल में छोड़े जाने के दौरान इन वैज्ञानिकों को भावुक होते देखा था. social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भूपेंद्र यादव ... Read more
राजस्थान में पंचायत चुनावों से पहले सियासी पारा चढ़ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि नगर निकाय चुनावों में...
आगर मालवा के नलखेड़ा में 23 मई 2025 की रात ज्वेलरी व्यापारी पारस सोनी और कर्मचारी दुर्गेश मीणा से लूट हुई थी। बदमाशों ने उन्हें रोककर सोने-चांदी के जेवरात व नकदी लूटी थी। इस मामले में पुलिस ने अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 14 किलो 125 ग्राम चांदी और वारदात में इस्तेमाल दो बोलेरो जब्त की हैं। जांच के दौरान पुलिस राजस्थान तक पहुंची, जहां लूटी गई चांदी गलाकर सिल्लियां बनाने वाले नागौर निवासी रामेश्वरलाल उर्फ रमेश को पकड़ा गया। उससे 5 किलो 985 ग्राम चांदी की सिल्लियां मिली हैं। अब तक 8 किलो चांदी जब्त पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी ने रविवार को बताया कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी से 8 किलो 140 ग्राम चांदी के जेवरात बरामद हुए थे। अन्य आरोपियों और बचे हुए माल की तलाश जारी है।
नामांकन से पहले उम्मीदवार को अपनी उम्र, मतदाता सूची में नाम, सीट की आरक्षण स्थिति, शौचालय की स्थिति और कानून में निर्धारित अयोग्यताओं की जांच कर लेना जरूरी है.
हाईकमान की पकड़ ढीली पड़ी तो अपनों ने खोला मोर्चा: राजस्थान की सियासत में टकराव की पुरानी पटकथा
विश्वेंद्र सिंह और डोटासरा के विवाद के बीच जानिए राजस्थान की राजनीति में कब-कब नेताओं और पार्टी संगठन के बीच टकराव खुलकर सामने आया और इसके बाद क्या बदला-
New Delhi, 4 अक्टूबर . केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने Sunday को Rajasthan के जैसलमेर में सैम डेजर्ट नेशनल पार्क में दो नर ‘ग्रेट इंडियन बस्टर्ड’ पक्षियों को छोड़ा. बस्टर्ड्स को छोड़ने के बाद मंत्री भूपेंद्र यादव ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, “एक अहम कदम उठाते हुए, ... Read more
जरा आज के सत्ता-शीर्ष को देखिए। सूबे के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को जब पार्टी ने कमान सौंपी, तो कई लोगों को हैरत हुई। लेकिन हकीकत यह है कि 34 साल की तपस्या की शुरुआत 27 साल की उम्र में भरतपुर के अटारी गांव की सरपंची से हुई थी। जो शख्स गांव की नालियों, मेड़ों और आपसी झगड़ों को सुलझाते हुए जनता के बीच तपा हो, वही जमीन का असली दर्द समझ सकता है।
Viral Video: Rajasthan घूमने आई नेपाली महिला ने होटल में पूछा रास्ता, वीडियो को लेकर उठे सवाल
Viral Video: Rajasthan घूमने आई नेपाली महिला ने होटल में पूछा रास्ता, वीडियो को लेकर उठे सवाल
लुधियाना के थाना डिवीजन नंबर-8 की पुलिस ने कारोबारियों के घर और दफ्तर पर गोलियां चलाकर फिरौती मांगने की साजिश रचने वाले गिरोह के 2 बदमाशों को अरेस्ट किया है। आरोपियों के कब्जे से एक 9 एमएम पिस्टल, 10 जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस ने बदमाशों के खिलाफ बीएनएस की धारा 111(1), 308(4) और आर्म्स एक्ट की धारा 25/54/59 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक एसआई सुखविंदर सिंह पुलिस टीम सहित 3 अक्टूबर को गश्त पर थे। सूचना मिली थी कि राहुल कुमार और राधे श्याम के पास अवैध हथियार हैं। दोनों विदेश में रहने वाले अपने साथी हरमन संधू के कहने पर कारोबारियों के घरों और दफ्तरों पर फायरिंग कर फिरौती वसूलने का काम करते हैं। इस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से काले रंग की यामाहा मोटरसाइकिल नंबर HP03D2599 भी बरामद की है। राजस्थान के रहने वाले हैं दोनों आरोपी पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी राहुल कुमार निवासी रावलामंडी, बजाज श्रीगंगानगर और राधे श्याम पुत्र श्याम नारायण निवासी रावलामंडी, बजाज श्री गंगानगर राजस्थान हैं। तीसरे आरोपी हरमन संधू की भूमिका की भी पुलिस जांच कर रही है। कारोबारियों को निशाना बनाने की साजिश की जांच पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने किन कारोबारियों को निशाना बनाने की साजिश बनाई थी और पहले ऐसी किसी वारदात को अंजाम दिया है या नहीं। ASI सुखविंदर सिंह मामले की जांच कर रहे है।
विश्व पशु दिवस : राजस्थान और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री समेत कई नेताओं ने पशुओं के संरक्षण की अपील की
New Delhi, 4 अक्टूबर . उत्तराखंड के Chief Minister पुष्कर सिंह धामी और Rajasthan के Chief Minister भजनलाल शर्मा समेत कई नेताओं ने विश्व पशु दिवस पर लोगों से पशुओं के संरक्षण, संवर्धन और उनके प्रति करुणा भाव बनाए रखने की अपील की. उत्तराखंड के Chief Minister पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर पोस्ट किया, ... Read more
थाली में कम नमक-तेल-चीनी, स्थानीय भोजन पर जोर सही खान-पान, स्वस्थ राजस्थान अभियान का शुभारंभ
स्वस्थ रहने के लिए थाली में क्या और कितना होना चाहिए, खाद्य पदार्थों में मिलावट कैसे पहचानें और पैकेटबंद सामान खरीदते समय लेबल क्यों पढ़ना जरूरी है, इन सवालों को लेकर जिले में ‘सही खान-पान, स्वस्थ राजस्थान’ अभियान शुरू किया गया है। 16 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान में स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, होटल-रेस्टोरेंट, कैंटीन और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन के प्रति जागरूक किया जाएगा। अभियान का संदेश है ‘सुरक्षित खाएं, स्वस्थ रहें, स्थानीय खाएं, मिलावट को हराएं। अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने विद्यार्थियों को स्वस्थ टिफिन, पौष्टिक आहार, हाथों की स्वच्छता और भोजन की बर्बादी रोकने के बारे में जानकारी दी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी, राजवीर चारण, एवं आराधना शर्मा ने राजकीय संस्कृत वरिष्ठ उपाध्याय विद्यालय गहलोद, राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल किशनपुरा व द्वितीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने राजकीय महात्मा गांधी विद्यालय सिविल लाइन और राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक स्कूल कोहना में जागरूकता गतिविधियां हुईं। विद्यार्थियों को पैकेटबंद खाद्य सामग्री लेते समय लेबल पर निर्माण व पैकिंग तिथि, बेस्ट बिफोर/एक्सपायरी डेट, सामग्री, पोषण संबंधी जानकारी और खाद्य सुरक्षा लाइसेंस या पंजीयन नंबर जांचने की सलाह दी गई। मोबाइल लैब से होगी मिलावट की जांच अभियान के दौरान मोबाइल खाद्य जांच प्रयोगशाला के माध्यम से दूध, घी, तेल, मसाले और मिठाइयों में मिलावट पहचानने के आसान तरीके बताए जाएंगे। आमजन को कम नमक, कम तेल और कम चीनी के सेवन के साथ स्थानीय व पौष्टिक खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। भोजन की बर्बादी रोकने के लिए ‘उतना ही लें थाली में, जितना व्यर्थ न जाए नाली में’ का संदेश भी दिया जाएगा।
आमजन को सुरक्षित, पौष्टिक और स्वास्थ्यप्रद भोजन के प्रति जागरूक करने के लिए राज्य सरकार द्वारा सही खान-पान, स्वस्थ राजस्थान अभियान की शुरुआत की जा रही है। अभियान 16 अक्टूबर तक संचालित किया जाएगा। मुख्य संदेश है, सुरक्षित खाएं-स्वस्थ रहें-स्थानीय खाएं-मिलावट को हराएं। सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य ने बताया कि प्रमुख शासन सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ व खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त अविचल चतुर्वेदी के निर्देशों के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों, मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब टीमों और शिक्षा विभाग के समन्वय से यह अभियान प्रदेश के सभी स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित होगा। ईट राइट कैम्पस व भोजन बर्बादी पर रोक कॉलेजों, विवि व अस्पतालों में कैंटीन स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल और मिलेट मेन्यू पर जोर। होटल-रेस्टोरेंट, हॉस्टल और मैरिज गार्डनों में उतना ही लें थाली में, जितना व्यर्थ न जाए नाली में संदेश के साथ खाद्य अपशिष्ट रोकने और जरूरतमंदों तक बचा हुआ भोजन पहुंचाने का आह्वान किया जाएगा। 14 दिन चलेगा अभियान, स्कूल से बाजार तक कार्यक्रम 3 से 5 अक्टूबर (स्कूलों में ईट राइट डे) : विद्यार्थियों को जंक फूड, अत्यधिक वसायुक्त व मीठे खाद्य पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा। स्कूलों में हेल्दी टिफिन डे, मिलेट टिफिन, हेल्दी ब्रेकफास्ट, हाथ धोने के सही तरीकों का प्रदर्शन, पोस्टर/स्लोगन/निबंध प्रतियोगिताएं तथा मास्टर एंड मिस ईट राइट स्टूडेंट एम्बेसडर चुनने जैसी गतिविधियां होंगी। 5 से 7 अक्टूबर : शहरों के प्रमुख पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के ज़रिए दूध, घी, तेल, मसाले और मिठाइयों में मिलावट की ऑन-स्पॉट जांच होगी। आमजन अपने खाद्य नमूनों की निशुल्क जांच करवा सकेंगे। इसके अलावा, स्कूलों में मिलावट पकड़ो-वैज्ञानिक बनो गतिविधि होगी। 8 से 13 अक्टूबर : कम नमक, कम चीनी और कम तेल के उपयोग (आज से थोड़ा कम) का संदेश दिया जाएगा। थाली में स्थानीय फल, सब्जियां, दालें, दूध-दही और मिलेट्स (श्रीअन्न) को शामिल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस दौरान स्कूलों में प्रश्नोत्तरी तथा सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाया जाएगा। 14 से 16 अक्टूबर : मॉल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, धार्मिक व पर्यटन स्थलों जैसे अधिक आवाजाही वाले क्षेत्रों में पैकेटबंद खाद्य पदार्थों को खरीदने से पहले लेबल पढ़ने के लिए अभियान चलेगा। लोगों को एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर, निर्माण/पैकिंग तिथि, एक्सपायरी/बेस्ट बिफोर, पोषण संबंधी जानकारी तथा शाकाहारी/मांसाहारी प्रतीकों की पहचान के बारे में बताया जाएगा। इसके तहत 30 सेकंड लेबल चैलेंज भी रखा जाएगा।
Sirmour News: गुरु नानक मिशन पब्लिक स्कूल के विद्यार्थी राजस्थान शैक्षणिक भ्रमण पर निकले
गुरु नानक मिशन पब्लिक स्कूल के विद्यार्थी राजस्थान शैक्षणिक भ्रमण पर निकले
कन्हैया लाल हत्याकांड में 5 आरोपियों को राजस्थान हाईकोर्ट से झटका, जमानत याचिकाएं खारिज
जयपुर/उदयपुर। उदयपुर के चर्चित कन्हैया लाल हत्याकांड से जुड़े मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने पांच आरोपियों को फिलहाल राहत देने से इनकार कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल और न्यायमूर्ति समीर जैन की खंडपीठ ने वसीम अली, मुस्लिम खान, मोहसिन खान, मोहम्मद मोहसिन और आसिफ हुसैन की ओर से दायर अलग-अलग जमानत याचिकाएं […] The post कन्हैया लाल हत्याकांड में 5 आरोपियों को राजस्थान हाईकोर्ट से झटका, जमानत याचिकाएं खारिज appeared first on Sabguru News .
एशियन गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाने वाली निशानेबाज माहेश्वरी चौहान शनिवार को उदयपुर पहुंची। खेल जगत की हस्तियों और खेल प्रेमियों ने माहेश्वरी का स्वागत किया। राजसमंद राइफल एसोसिएशन की ओर से फतहसागर स्थित राज बाग में शाम को आयोजित सम्मान समारोह में माहेश्वरी की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए उनकी मेहनत, संघर्ष और सफलता को सलाम किया गया। तालियों के साथ फूल बरसाते हुए उनकी अगवानी की गई। इससे पहले शनिवार सुबह दिल्ली और उदयपुर के डबोक एयरपोर्ट पर तिलक लगाकर भव्य स्वागत किया गया। उदयपुर में शाम को हुए समारोह में सबसे पहले माहेश्वरी के परिवारजन राघवेंद्र सिंह राठौड़, प्रदीप सिंह चौहान, अधिराज सिंह राठौड़, अनंत सिंह राठौड़ और जितेंद्र सिंह राठौड़ ने अगवानी के साथ स्वागत कर बधाई दी। गांव की मिट्टी से निकलकर जापान में तिरंगा लहराया समारोह में वक्ताओं ने माहेश्वरी की उपलब्धि को याद करते हुए कहा कि एक छोटे से गांव की मिट्टी से निकलकर जापान में तिरंगा ऊंचा करना कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। उनके एशियन गेम्स पदक के पीछे वर्षों की मेहनत, अनगिनत घंटे का अभ्यास, त्याग और परिवार का अटूट विश्वास रहा है। यहां पर उदयपुर, राजसमंद, बांसवाड़ा और जालौर के प्रमुखजनों ने स्वागत किया। पिता ने गांव में बनवा दी शूटिंग रेंज वक्ताओं ने माहेश्वरी की सफलता की कहानी में परिवार के योगदान को भी विशेष रूप से याद किया गया। उन्हें निशानेबाजी की शुरुआती सीख अपने दादा से मिली। पिता प्रदीप सिंह चौहान ने बेटी की प्रतिभा को पहचाना और उसके सपने को उड़ान देने के लिए जालोर जिले के सियाणा गांव में ही शूटिंग रेंज तैयार करवाई। पेरिस ओलंपिक की निराशा को बनाया नई मेहनत की वजह राजसमंद राईफल एसोसिएशन के अध्यक्ष, उदयपुर के उद्यमी और माहेश्वरी के ससुर राघवेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा- जब पेरिस ओलंपिक में पदक बेहद मामूली अंतर से निकल गया था। उस निराशा के बावजूद माहेश्वरी ने रुकना स्वीकार नहीं किया। राजसमंद के केलवा स्थित शूटिंग रेंज पर लगातार अभ्यास जारी रखा और अपने लक्ष्य पर निशाना साधती रहीं। आखिरकार जापान में उनकी मेहनत रंग लाई और एशियन गेम्स में पदक जीतकर उन्होंने देश का गौरव बढ़ाया। बेटी के लंबे संघर्ष का परिणाम है इस मौके पर माहेश्वरी के पिता जालोर राईफल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप सिंह चौहान ने कहा कि केवल सुविधा मिल जाने से सफलता हासिल नहीं होती। माहेश्वरी ने उस अवसर को अपनी मेहनत, अनुशासन और लगातार अभ्यास से सफलता में बदला। राष्ट्रीय और अंतरर्राष्ट्रीय स्तर पर कई उपलब्धियों के बाद एशियन गेम्स में कांस्य पदक उनके इसी लंबे संघर्ष का परिणाम है। बहू को ससुराल ने भी आगे बढ़ाया समारोह में उदयपुर राईफल एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरमदेव सिंह कृष्णावत ने कहा- माहेश्वरी ने सिर्फ एक पदक नहीं जीता, बल्कि अपने परिवार का विश्वास, अपने गांव का मान और राजस्थान का गौरव बढ़ाया है। उनकी सफलता आने वाली बेटियों के लिए भी प्रेरणा है कि वे बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी मेहनत के साथ आगे बढ़ें। कृष्णावत ने कहा कि जालोर से बेटी उदयपुर आ गई, लेकिन यहां ससुराल में भी बहू को राईफल शूटिंग में आगे बढ़ने के लिए उसको सपोर्ट करते हुए उत्साह बढ़ाया। इस दौरान बांसवाड़ा राइफल संघ के अध्यक्ष दिव्य राज सिंह, राजसमंद राइफल संघ के उपाध्यक्ष देवेन्द्र सिंह राठौड़, कायाकिंग केनोइंग के पूर्व चेयरमैन पीयूष कच्छावा, उदयपुर बेडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल भंडारी, उदयपुर जिम्नास्टिक एसोसिएशन के अध्यक्ष हिम्मत सिंह चौहान, पूर्व जिला खेल अधिकारी शकील हुसैन ने भी स्वागत किया। एशियन गेम्स 2026 में माहेश्वरी ने नाम कमाया माहेश्वरी ने एशियन गेम्स 2026 की महिला स्कीट टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। आइची-नागोया में आयोजित इस प्रतियोगिता में भारतीय टीम ने तीसरा स्थान हासिल किया। भारतीय टीम में शामिल माहेश्वरी चौहान, राइजा ढिल्लों, परिनाज धालीवाल ने 331 अंकों के संयुक्त स्कोर के साथ यह सफलता पाई। इस स्पर्धा में चीन ने स्वर्ण पदक जीता। कजाकिस्तान ने रजत पदक जीता। प्रधानमंत्री दे चुके बधाई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 23 सितंबर को महिलाओं की स्कीट टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने पर परिनाज धालीवाल, माहेश्वरी चौहान और राइजा ढिल्लों को बधाई दे चुके है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी एकाग्रता, सटीकता और टीमवर्क ने भारतीय खेलों के लिए एक और गर्व का क्षण दिया है। उन्होंने इन खिलाड़ियों को उनके आगामी प्रयासों के लिए शुभकामनाएं भी दीं। जालोर में जन्मी माहेश्वरी उदयपुर की बहू माहेश्वरी ने जालौर में अपने दादा गणपत सिंह एवं पिता प्रदीप सिंह से निशानेबाजी की सीख ली। पिता ने बेटी की प्रतिभा को पहचानते हुए उसके सपनों को उड़ान देने के लिए जालौर के सियाणा गांव में ही शूटिंग रेंज तैयार करवाई। शादी के बाद माहेश्वरी ने केलवा स्थित राजसमंद राइफल शूटिंग संघ की शूटिंग रेंज पर अभ्यास कर अपनी प्रतिभा को और निखारा। परिवार ने भी उनके खेल सफर में हर संभव सहयोग दिया। 4 जुलाई 1996 को जालौर के सियाणा गांव में जन्मी माहेश्वरी ने दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से पढ़ाई की। वह वर्तमान में केलवा स्थित जिला राइफल संघ की शूटिंग रेंज में अभ्यास करती हैं। उनके पति अधिराज सिंह हैं और वे राजसमंद के पूर्व सांसद हरिओम सिंह के परिवार से हैं।
SBIOA जयपुर सर्किल ने राजस्थान स्पाइकर्स टीम का किया सम्मान, VCL के लिए शुभकामनाएँ
जयपुर में SBIOA ने राजस्थान स्पाइकर्स वॉलीबॉल टीम का साफा, उपरना और माला पहनाकर सम्मान किया। VCL के पहले सीजन से पहले टीम की तैयारियों, खिलाड़ियों और पदाधिकारियों ने सफलता की उम्मीद जताई।
नशा मुक्त राजस्थान 2029: एएनटीएफ की छह जिलों में कार्रवाई, 424 किलो से अधिक मादक पदार्थ जब्त
राजस्थान के छह जिलों में एएनटीएफ ने एक साथ कार्रवाई कर 424 किलो से अधिक डोडा पोस्त, अफीम, एमडीएमए और एमडी जब्त किया। सात आरोपी गिरफ्तार और चार वाहन जब्त किए गए, जबकि तस्करी नेटवर्क की जांच जारी है।
मध्य प्रदेश: नीलोफर हत्याकांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी, फरार आरोपी जयपुर से गिरफ्तार
Bhopal , 3 अक्टूबर . Madhya Pradesh के खरगोन के चर्चित नीलोफर हत्याकांड में Police को बड़ी सफलता मिली है. एक महीने से अधिक समय से फरार चल रहे आरोपी नईम खान फतेह को खरगोन Police ने Rajasthan के jaipur से गिरफ्तार किया है. आरोपी की गिरफ्तारी पर Police अधीक्षक द्वारा 10 हजार रुपए का ... Read more
Rajasthan में पंचायत चुनाव से पहले 14 IPS और 15 RAS अधिकारियों का तबादला
जयपुर, तीन अक्टूबर राजस्थान सरकार ने शनिवार को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 14 अधिकारियों और राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) के 15 अधिकारियों का तबादला कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। राज्य के कार्मिक विभाग ने दो अलग-अलग आदेश जारी कर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वहीं राजस्थान प्रशासनिक सेवा के 10 अन्य अधिकारियों को पद से हटाकर पदस्थापन की प्रतीक्षा (एपीओ) में रखा गया। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायत राज चुनाव की घोषणा से कुछ घंटे पहले यह आदेश जारी किया गया। तबादला आदेश के अनुसार, फलोदी, दौसा, सिरोही और सीकर जिलों के पुलिस अधीक्षक भी बदले गए हैं। आदेश में बताया गया कि 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी अजय सिंह को जयपुर पुलिस आयुक्तालय में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) के पद पर तैनात किया गया है। आदेश के मुताबिक, 2009 बैच के आईपीएस रामेश्वर सिंह का तबादला जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) पद से जयपुर में ही अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) के पद पर किया गया है। आईपीएस विकास शर्मा का तबादला पुलिस मुख्यालय में उप-महानिरीक्षक (कार्मिक) पद से विशेष अभियान समूह (एसओजी) जयपुर के उप-महानिरीक्षक पद पर किया गया है। आदेश के अनुसार, बीकानेर में अतिरिक्त आयुक्त नरेंद्र पाल सिंह को जैसलमेर में अतिरिक्त जिला कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वहीं, अजमेर विकास प्राधिकरण के सचिव अनिल कुमार पूनिया का तबादला बांसवाड़ा स्थित गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार पद पर किया गया है। आदेश के तहत कुल 15 आरएएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। वहीं, पद से हटाकर पदस्थापन की प्रतीक्षा में रखे गए 10 आरएएस अधिकारियों में झुंझुनू के अतिरिक्त जिला कलेक्टर अजय कुमार आर्य और जैसलमेर के अतिरिक्त जिला कलेक्टर परसाराम शामिल हैं।
Rajasthan: पंचायती राज चुनावों के लिए तारीखों को हुआ ऐलान, चार चरणों में संपन्न होंगे चुनाव
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में पंचायत चुनाव को लेकर तारीखों को ऐलान हो चुका है। राज्य में चार चरणों में पंचायत चुनाव कराए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के चुनाव कार्यक्रम जारी करते ही ग्रामीण क्षेत्रों में आचार संहिता लागू हो गई। राजस्थान के 41 जिलों में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव कराए जाएंगे। 41 जिला परिषदों में 1403 जिला परिषद सदस्य चुनाव भी होगा। 457 पंचायत समितियों के 8245 पंचायत समिति सदस्यों का भी चुनाव होगा। 14403 ग्राम पंचायतों में सरपंच चुनाव भी कराया जाएगा। पंचायत चुनाव कार्यक्रम 8 अक्टूबर को जारी होगी पंचायत चुनाव की लोक सूचना 13 अक्टूबर नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक दाखिल होंगे नामांकन फॉर्म 14 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की समीक्षा 15 अक्टूबर को नाम वापस लेने की अंतिम तारीख पंचायत समिति सदस्यों के लिए पहले चरण की अधिसूचना 8 अक्टूबर को दूसरे चरण की अधिसूचना 13 अक्टूबर को जारी होगी तीसरे चरण की अधिसूचना 19 अक्टूबर को जारी होगी चौथे चरण की अधिसूचना 21 अक्टूबर को जारी होगी राजस्थान पंचायत चुनाव तारीख का ऐलान पहले चरण की वोटिंग 13 अक्टूबर को दूसरे चरण की वोटिंग 16 अक्टूबर को तीसरे चरण की वोटिंग 23 अक्टूबर को कोटा, श्रीगंगानगर, बारां और करौली में जिला प्रमुख और प्रधानों के चुनाव 22 दिसंबर को होंगे 41 जिला परिषद और 457 पंचायत समितियों के चुनाव होंगे 14,403 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंचों के चुनाव होंगे 1,403 जिला परिषद सदस्य और 8,245 पंचायत समिति सदस्य चुने जाएंगे 41 जिला प्रमुख और 457 प्रधान चुने जाएंगे। pc- abp news
राजस्थान : कांग्रेस ने निकाय चुनाव में क्रॉस-वोटिंग और संगठनात्मक खामियों के आरोपों की जांच शुरू की
jaipur, 3 अक्टूबर . कांग्रेस पार्टी ने Rajasthan में हाल ही में हुए शहरी निकाय चुनावों के दौरान क्रॉस-वोटिंग और संगठनात्मक खामियों के आरोपों की आंतरिक जांच शुरू कर दी है. पार्टी ने कई नगर निकायों में मिली हार की समीक्षा के लिए नौ सदस्यीय समिति का गठन किया है. Rajasthan विधानसभा के पूर्व स्पीकर ... Read more
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में शनिवार को शासन सचिवालय में अडानी रिन्यूएबल एनर्जी पार्क राजस्थान लिमिटेड के निदेशक मंडल की 39वीं बैठक आयोजित हुई।
राजस्थान सरकार के कार्मिक विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और आगामी पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनावों के मद्देनजर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आरएएस) के अधिकारियों के तबादले और पदस्थापन के आदेश तत्काल प्रभाव से जारी किए हैं। राज्यहित में किए गए इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
राजस्थान पंचायती राज चुनाव का आज होगा बड़ा ऐलान
राजस्थान के राजनीतिक गलियारों और ग्रामीण अंचलों से इस समय प्रदेश के सबसे बड़े लोकतांत्रिक पर्व यानी पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को लेकर एक बेहद सनसनीखेज और बड़ी खबर सामने आ रही है। राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission Rajasthan) द्वारा आज किसी भी समय पंचायती राज चुनावों के आधिकारिक कार्यक्रम और तारीखों का ऐलान किया जा सकता है, जिसके बाद दोपहर के वक्त ही पूरे राज्य में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) को सख्ती से लागू कर दिया जाएगा। इस चुनाव के मैदान में प्रदेश के कुल 4.03 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करके यह तय करेंगे कि उनके गांवों की सरकार (Gaon Ki Sarkar) की कमान किस जनप्रतिनिधि के हाथों में सौंपी जाएगी। उत्तर प्रदेश से लेकर राजस्थान तक राजनीतिक दलों और ग्रामीण विकास की योजनाओं पर नजर रखने वाले विश्लेषकों का यह मानना है कि यह चुनाव आगामी राजनीतिक समीकरणों की दिशा तय करने में सबसे अहम भूमिका निभाने वाला है। जैसे ही चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस और तारीखों की घोषणा की जाएगी, वैसे ही जिला परिषदों, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों के स्तर पर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच जाएगी, और गांवों की चौपालों से लेकर चाय की दुकानों तक केवल चुनावों की ही चर्चाएं गूंजने लगेंगी।राजस्थान में पंचायती राज चुनावों का बिगुल और 4.03 करोड़ मतदाताओं की विशाल ताकतप्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस बार राजस्थान के इन बहुप्रतीक्षित पंचायती राज चुनावों में 4.03 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, जिनमें महिला मतदाताओं की संख्या भी एक निर्णायक भूमिका निभाने जा रही है। निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव की सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली जा चुकी हैं, और सुरक्षा तथा निष्पक्षता के पुख्ता इंतजाम करने के लिए प्रशासनिक अमले को पूरी तरह से मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। गांवों के विकास कार्यों, मनरेगा, सड़क, पानी, बिजली और शिक्षा जैसे जमीनी मुद्दों को लेकर ग्रामीण जनता इस चुनाव में अपने प्रतिनिधियों का मूल्यांकन करेगी। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों की तर्ज पर ही राजस्थान के गांवों में भी ग्राम पंचायत और प्रधान पद का चुनाव प्रतिष्ठा का प्रश्न बन जाता है, जहां हर एक प्रत्याशी अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक देता है। मतदाताओं की यह विशाल संख्या यह साबित करती है कि भारत के लोकतंत्र की असली ताकत गांवों की मिट्टी में ही बसती है, और जब जनता अपने वोट की चोट करती है, तो बड़े-बड़े सियासी दिग्गजों के समीकरण हिल जाते हैं।दोपहर बाद लागू होगी आदर्श आचार संहिता, प्रशासनिक मशीनरी और राजनीतिक दलों पर कसेगा शिकंजाचुनाव आयोग की घोषणा के साथ ही आज दोपहर के बाद पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी, जिसका मतलब यह होगा कि अब सरकारी स्तर पर किसी भी नई लोकलुभावन घोषणा या उद्घाटन का कार्य नहीं किया जा सकेगा। आचार संहिता लागू होने के बाद राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को चुनाव आयोग द्वारा तय किए गए कड़े नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा, जिसमें रैलियों, विज्ञापनों और खर्च की सीमाओं पर कड़ी नजर रखी जाएगी। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को यह स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना किसी राजनीतिक दबाव के निष्पक्ष तरीके से आचार संहिता का पालन करवाएं और अवैध शराब, नकदी या मतदाताओं को प्रभावित करने वाले उपहारों के वितरण पर पूरी तरह से रोक लगाएं। राजस्थान के सभी जिलों के जिला कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी अपनी-अपनी टीमों के साथ चुनावी मोड में आ चुके हैं, और मतदान केंद्रों के भौतिक सत्यापन तथा सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया जा रहा है।'गांव की सरकार' चुनने के लिए प्रत्याशियों में मची होड़, राजनीतिक दलों ने भी झोंकी पूरी ताकतपंचायती राज संस्थाओं के इन चुनावों में केवल स्थानीय चेहरे ही नहीं, बल्कि प्रदेश की मुख्य राजनीतिक पार्टियां यानी कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) भी अपने समर्थित उम्मीदवारों के जरिए अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की फिराक में हैं। हालांकि ये चुनाव दलीय आधार पर नहीं होते हैं, फिर भी राजनीतिक दल अंदरखाने अपने समर्थित पैनलों को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक देते हैं ताकि आगामी विधानसभा या लोकसभा चुनावों से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी राजनीतिक जमीन को और अधिक पुख्ता किया जा सके। गांवों के युवा, महिलाएं और बुजुर्ग इस बात को लेकर बेहद उत्साहित हैं कि वे अपने क्षेत्र के विकास की बागडोर ऐसे व्यक्ति के हाथ में सौंपे जो उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कर सके। सोशल मीडिया और नुक्कड़ सभाओं के जरिए प्रचार-प्रसार का दौर आज दोपहर के बाद से ही बहुत तेजी से रफ्तार पकड़ लेगा।निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराना निर्वाचन आयोग की सबसे बड़ी प्राथमिकतासंक्षेप में कहें तो राजस्थान में पंचायती राज चुनावों का यह शंखनाद लोकतंत्र के महापर्व की तरह है, जहां हर एक ग्रामीण नागरिक को अपनी सरकार खुद चुनने का सुनहरा अवसर मिलता है। आचार संहिता के दायरे में रहकर शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान संपन्न कराना ही इस समय निर्वाचन आयोग और प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
यूपी में धीमी पड़ी मॉनसून की रफ्तार… हिमाचल-उत्तराखंड में अलर्ट, जानें दिल्ली से राजस्थान तक का हाल
यूपी में धीमी पड़ी मॉनसून की रफ्तार… हिमाचल-उत्तराखंड में अलर्ट, जानें दिल्ली से राजस्थान तक का हाल
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान कांग्रेस में इन दिनों आपसी फूट का एक ताजा मामला सामने आया हुआ हैं, गहलोत सरकार में मंत्री रहे विश्वेंद्र सिंह इन दिनों पार्टी अध्यक्ष के खिलाफ मुखर हो रहे है। उन्होंने निकाय चुनावों में मिली हार के लिए प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा और भरतपुर, डीग के जिलाअध्क्षों को जिम्मेदार ठहराया, इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा मैंने मान सम्मान और स्वाभिमान से जीवन जिया, उन्होंने आगे लिखा गलत नीति-रीति के साथ कदमताल करने की बजाया अलविदा कहना ही बेहतर है। नोटिस किया गया जारी मीडिया रिपोटर्स की माने तो विश्वेंद्र सिंह के फेसबुक अकाउंट पर कांग्रेस की अनुशासन समिति के नाम से जारी कारण बताओ नोटिस की कॉपी भी सामने आई है, दूसरी तरफ कांग्रेस संगठन की ओर से इसे कारण बताओ नोटिस मानने से इनकार किया जा रहा है, पार्टी का कहना है कि मामला अनुशासन समिति के पास पहुंचा है और सभी पक्षों से बातचीत की प्रक्रिया हो सकती है, लेकिन फिलहाल विश्वेंद्र सिंह के खिलाफ किसी औपचारिक नोटिस या जांच की स्थिति नहीं है, ऐसे में पूरे मामले में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। क्या लिखा सिंह ने खबरों की माने तो विश्वेंद्र सिंह ने फेसबुक पर नोटिस की कॉपी साझा करते हुए कांग्रेस की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाए हैं, उन्होंने अनुशासन समिति के अध्यक्ष उदयलाल आंजना के पत्र को लेकर भी सवाल खड़े किए, विश्वेंद्र सिंह ने लिखा कि पहले आंजना जी के नोटिस का जवाब दें या प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयानों पर प्रतिक्रिया दें, उन्होंने यह भी कहा कि एक तरफ डोटासरा उन्हें अपने बड़े भाई के रूप में देख रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ पार्टी की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई की बात सामने आ रही है। pc- firstindianews.com
प्रदेश में आमजन को सुरक्षित, पौष्टिक एवं स्वस्थ खान-पान के प्रति जागरूक करने के लिए ‘सही खान-पान, स्वस्थ राजस्थान’ अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत 3 से 16 अक्टूबर तक विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान का संदेश ‘सुरक्षित खाएं-स्वस्थ रहें-स्थानीय खाएं-मिलावट को हराएं’ रहेगा। सीएमएचओ डॉक्टर संजीव शर्मा ने बताया कि जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू के निर्देशन में आयोजित होने वाले अभियान में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों, मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब टीमों, स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों एवं संबंधित संस्थानों के सहयोग से आमजन तक सुरक्षित खान-पान का संदेश पहुंचाया जाएगा। स्कूलों में ईट राइट गतिविधियां अभियान के प्रारंभिक चरण में 3 एवं 5 अक्टूबर को ‘स्कूल ईट राइट डे’ के तहत स्कूलों में विभिन्न गतिविधियां होंगी। विद्यार्थियों को स्वस्थ टिफिन, पौष्टिक नाश्ता, श्रीअन्न के उपयोग, हाथ धोने के सही तरीके और खाद्य पदार्थों के लेबल पढ़ने के बारे में जानकारी दी जाएगी। पोस्टर, स्लोगन एवं निबंध प्रतियोगिताओं के साथ ‘मास्टर/मिस ईट राइट’ स्टूडेंट एम्बेसडर जैसी गतिविधियां भी होंगी। मौके पर खाद्य पदार्थों की जांच 6 एवं 7 अक्टूबर को ‘मिलावट को पहचानो-मिलावट को हराओ’ अभियान के तहत मिलावट के प्रति जागरूक किया जाएगा। मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के माध्यम से दूध, घी, तेल, मसाले एवं मिठाइयों सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान के आसान तरीकों की जानकारी दी जाएगी। आमजन द्वारा लाए गए खाद्य नमूनों की मौके पर जांच कर उन्हें खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा। स्वस्थ राजस्थानी थाली का संदेश 8 एवं 9 अक्टूबर को ‘हेल्दी राजस्थान-हेल्दी थाली डे’ आयोजित होगा। इसमें स्थानीय एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देने के साथ कम नमक, कम चीनी और कम तेल के उपयोग का संदेश दिया जाएगा। फल, सब्जियां, दाल, दूध-दही और श्रीअन्न को स्वस्थ थाली का हिस्सा बनाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा। खाद्य पदार्थ खरीदने से पहले लेबल जरूर पढ़ें 11 एवं 12 अक्टूबर को ‘रीड द लेबल-ईट राइट, ईट सेफ’ गतिविधियां होंगी। आमजन को पैकेट बंद खाद्य सामग्री खरीदने से पहले एफएसएसएआई लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन नंबर, निर्माण एवं पैकिंग तिथि, बेस्ट बिफोर/एक्सपायरी डेट, सामग्री, पोषण संबंधी जानकारी तथा शाकाहारी/मांसाहारी चिह्न देखने के लिए जागरूक किया जाएगा।यह गतिविधियां मॉल, प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों, सरकारी कार्यालयों, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड आदि जगह आयोजित की जाएंगी। कॉलेज एवं अस्पतालों में ‘ईट राइट कैम्पस’ 13 एवं 14 अक्टूबर को ‘ईट राइट कैम्पस डे’ के तहत कॉलेजों, विश्वविद्यालयों एवं अस्पतालों में जागरूकता कार्यक्रम होंगे। कैंटीन की स्वच्छता, फूड हैंडलर्स का प्रशिक्षण, सुरक्षित पेयजल, हेल्दी एवं मिलेट मेन्यू तथा भोजन की बर्बादी रोकने पर विशेष जोर रहेगा। भोजन की बर्बादी रोकने का संदेश 15 एवं 16 अक्टूबर को ‘फूड वेस्ट-सेव फूड डे’ के तहत होटल, रेस्टोरेंट, कैंटीन, हॉस्टल, मैरिज गार्डन, कैटरिंग प्रतिष्ठानों एवं स्ट्रीट फूड वेंडर्स को भोजन की बर्बादी रोकने के लिए जागरूक किया जाएगा। इस दौरान ‘उतना ही लें थाली में, जितना व्यर्थ न जाए नाली में’ का संदेश दिया जाएगा। भोजन साझा करने, जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने और खाद्य अपशिष्ट को अलग रखने के प्रति भी जागरूक किया जाएगा। स्वस्थ जीवनशैली के लिए दिलाई जाएगी शपथ अभियान के दौरान आमजन को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए शपथ भी दिलाई जाएगी। इसमें पैकेट बंद खाद्य सामग्री खरीदने से पहले लेबल पढ़ने, भोजन में नमक, तेल एवं चीनी की मात्रा कम करने, सप्ताह में कम से कम तीन दिन श्रीअन्न का सेवन करने, प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योग अथवा शारीरिक व्यायाम करने तथा भोजन को व्यर्थ नहीं करने का संकल्प शामिल है।
‘PadhAI with AI’ Portal: Transforming Education with Artificial Intelligence
The ‘PadhAI with AI’ portal, initiated by IAS officer Saumya Jha, is transforming education by leveraging Artificial Intelligence. Currently operational in Rajasthan and Himachal Pradesh, this innovative platform focuses on enhancing mathematics learning, particularly in areas with teacher shortages. With plans for a nationwide rollout, NITI Aayog is preparing to implement this initiative across 50 selected blocks. The portal adapts its teaching methods based on student comprehension, ensuring personalized learning experiences. Discover how this initiative is set to revolutionize education in India.
Rajasthan Weather: मानसून की विदाई के बीच बढ़ा तापमान, जानें अपने शहर के मौसम का हाल
PC: AAJ TAK राजस्थान में मानसून का दौर अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, राज्य के अधिकांश हिस्सों से मानसून की विदाई प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। मानसून की विदाई के साथ ही प्रदेश के तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है और कई जिलों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में राजस्थान में मौसम मुख्य रूप से शुष्क (Dry) बना रहेगा। हालांकि, सुबह और देर रात के समय हल्की ठंडक की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन दोपहर के समय कड़ी धूप और गर्मी से लोग अभी परेशान हैं। प्रमुख शहरों के तापमान का हाल फलोदी, बीकानेर और श्रीगंगानगर: पश्चिमी राजस्थान के इन सीमावर्ती जिलों में अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है, जिससे दोपहर में तेज गर्मी महसूस हो रही है। जयपुर व आसपास के क्षेत्र: राजधानी जयपुर समेत आसपास के जिलों में आसमान साफ है और दिन में हल्की धूप के साथ मौसम शुष्क बना हुआ है। आगामी दिनों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल अगले कुछ दिनों तक राज्य में किसी भारी बारिश की संभावना नहीं है। अक्टूबर के पहले हफ्ते के अंत में हवा के पैटर्न में बदलाव के चलते तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है, जिससे सुबह-शाम ठंड का असर और बढ़ेगा।
मुरैना में 4 हजार का इनामी बदमाश:चोरी-नकबजनी के मामले में था फरार, राजस्थान के धौलपुर से गिरफ्तार
मुरैना जिले में फरार और इनामी बदमाशों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली थाना पुलिस ने चोरी और नकबजनी के मामले में फरार चल रहे आरोपी को राजस्थान के धौलपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना ने 4 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजा खां पुत्र कलुआ खां (28), निवासी ग्राम विप्रपुर, थाना मनियां, जिला धौलपुर (राजस्थान) के रूप में हुई है। वह कोतवाली थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 448/26, धारा 331(4) और 305(ए) बीएनएस के मामले में फरार चल रहा था। लंबे समय से तलाश कर रही थी पुलिस कोतवाली थाने में पदस्थ एसआई पवन भदौरिया के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ चोरी और नकबजनी के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस उसकी लंबे समय से तलाश कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से उसके धौलपुर में होने की सूचना मिली। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे धौलपुर जिले से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। अन्य वारदातों का भी हो सकता है खुलासा पुलिस के मुताबिक राजा खां शातिर चोर है और उसके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। पूछताछ में उससे चोरी और नकबजनी की अन्य वारदातों के संबंध में जानकारी मिलने की उम्मीद है। पुलिस अब इन मामलों में उसकी भूमिका और संभावित साथियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
सवाई के रक्षित श्रीमाल का राजस्थान अंडर 19 की संभावित टीम में चयन
सवाई माधोपुर |जिले के युवा क्रिकेटर रक्षित श्रीमाल का राजस्थान की 20 सदस्यीय संभावित अंडर-19 टीम में उनका चयन हुआ। राज्यस्तरीय अंडर-19 प्रतियोगिता के अभ्यास मैचों में रक्षित ने शानदार बैटिंग करते हुए 151 रन बनाए और प्रदेश के टॉप-3 स्कोररों में जगह बनाई। इस प्रदर्शन के दम पर चयनकर्ताओं ने उन्हें संभावित 20 में शामिल किया। राजस्थान की टीम 8 अक्टूबर को राजकोट में मध्य प्रदेश (इंदौर) के खिलाफ पहला मुकाबला खेलेगी। कोच सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि रक्षित ने लगातार मेहनत और प्रदर्शन से यह मुकाम पाया है।
इंटक की संविधान संशोधन और वित्त समिति बैठक से पहले राजस्थान नेतृत्व दिल्ली रवाना
इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी जगदीश राज जुमेली उदयपुर से दिल्ली रवाना हुए हैं। वे नई दिल्ली स्थित इंटक के राष्ट्रीय मुख्यालय में होने वाली संविधान संशोधन समिति और वित्त समिति की बैठकों में हिस्सा लेंगे। संगठन के अनुसार वित्त समिति की बैठक में वे अपने विचार रखेंगे और इसकी अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जी. संजीव रेड्डी करेंगे। बताया गया है कि इंटक में संविधान संशोधन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो आगामी राष्ट्रीय अधिवेशन में संशोधन का मसौदा पेश करेगी। इसी क्रम में डॉ. जी. संजीव रेड्डी की अध्यक्षता में संविधान संशोधन समिति की बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें जुमेली सुझाव देंगे। इन दोनों बैठकों को दिल्ली में होने वाले राष्ट्रीय महाधिवेशन से पहले नीतिगत दिशा, वित्तीय स्थिति और आगे की रणनीति तय करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
करौली के शिव पैलेस में अखिल भारतीय प्रारंभिक शिक्षक महासंघ (AIFETO) की बैठक हुई। इसमें सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और शिक्षक-शिक्षार्थियों के हितों की रक्षा के लिए राजस्थान में 'शैक्षिक गुणवत्ता चेतना यात्रा' निकालने की घोषणा की गई। बैठक की अध्यक्षता शिक्षक नेता रामनिवास पाराशर ने की। AIFETO के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राममूर्ति स्वामी ने सार्वजनिक शिक्षा को मजबूत बनाए रखने और शोषणात्मक प्रवृत्तियों के खिलाफ आवाज उठाने पर जोर दिया। प्रांतीय महासचिव मुकेश सारस्वत ने बताया कि यात्रा से शिक्षकों में जागरूकता बढ़ेगी। इस बैठक में पुरुषोत्तम शर्मा को AIFETO का करौली जिला संयोजक बनाया गया। उन्हें 15 दिन में जिला कार्यकारिणी बनाने के निर्देश दिए गए। इस दौरान रामकुमार माहिया, गुरचरण सिंह, मंजू सहित कई पदाधिकारियों और शिक्षक मौजूद रहे।
झालावाड़ के देवरी कला जागीर गांव के जयेश नागर का भारत सरकार के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ युवा संगम फेज-7 के लिए चयन हुआ है। भीलवाड़ा के राजकीय चिकित्सा कॉलेज में एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र जयेश राजस्थान का प्रतिनिधित्व करते हुए सिक्किम जाएंगे। राजस्थान से मिली 11 हजार से ज्यादा एंट्रीज में से चयनित 50 छात्रों में वे एकमात्र मेडिकल स्टूडेंट हैं। 11 हजार से ज्यादा एंट्रीज में 50 का चयन युवा संगम फेज-7 के लिए राजस्थान से 11 हजार से अधिक एंट्रीज प्राप्त हुईं। इनमें से 50 छात्रों का चयन किया गया है। जयेश नागर को इन चयनित प्रतिभागियों में जगह मिली है। वे चिकित्सा शिक्षा के साथ सामाजिक सेवा और छात्र गतिविधियों में भी सक्रिय रहे हैं। 7 अक्टूबर को IIT जोधपुर में फ्लैग-ऑफ राजस्थान दल का फ्लैग-ऑफ समारोह 7 अक्टूबर को आईआईटी जोधपुर में आयोजित होगा। इसके बाद प्रतिभागी सिक्किम में वहां की संस्कृति, परंपराओं, तकनीक और पर्यटन को करीब से समझेंगे। इस दौरान राजस्थान के प्रतिभागी प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और विरासत को भी सिक्किम के लोगों के सामने साझा करेंगे। मेडिकल कैंपों में भी दे चुके हैं सेवाएं जयेश नागर इससे पहले ‘धन्वंतरी सेवा यात्रा’ के तहत अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में आयोजित मेडिकल कैंपों में हिस्सा ले चुके हैं। चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े होने के साथ वे सामाजिक सेवा और छात्र गतिविधियों में भी सक्रिय रहे हैं। Google Student Ambassador के लिए भी चयन जयेश नागर का चयन ‘गूगल इंडिया’ के ‘गूगल स्टूडेंट एंबेसडर-2026’ के लिए भी हुआ है। युवा संगम में चयन के साथ उनकी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। उनके चयन से देवरी कला जागीर गांव और झालावाड़ जिले का नाम भी राष्ट्रीय स्तर के इस युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम से जुड़ा है।
जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- ढाई साल पहले जब हमारी सरकार आई तो हमें खंडहर राजस्थान मिला था। जैसे कोई पुराना खंडहर मकान होता है, जब उसको संभालने की जिम्मेदारी मिलती है तो पहले उसके चारों ओर चक्कर लगाते हैं। देखते है कि काम कहां से शुरू करें, यहां से टूटा, वहां से फूटा, यह स्थिति हो गई थी। सीएम भजनलाल शर्मा ने जयपुर में जवाहर नगर स्थित माहेश्वरी पब्लिश स्कूल में शुक्रवार को पंचायती राज जनप्रतिनिधियों से संवाद कार्यक्रम में यह कहा। सीएम ने कहा- तब भ्रष्टाचार का आलम था, युवा रो रहे थे, किसान की हालत खराब थी। हमने सबको बुलाया, चर्चा की, आखिरकार काम कहां से शुरू किया जाए। हमने सबसे पहले पानी और बिजली के क्षेत्र में काम करना शुरू किया। पानी को लेकर हमने चार अंतरराष्ट्रीय जल समझौते किए, जो सालों से अटके हुए थे। 26 जिलों में हम किसानों को दिन में बिजली दे रहे हैं। साल 2027 से प्रदेश के सभी किसानों को दिन में बिजली मिलेगी। कहा- कांग्रेसियों के लिए मैथ का ट्यूशन लगवा दूंगा सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा- जब मैंने 4 लाख सरकारी नौकरियां देने की बात कही थी तो कांग्रेसियों ने कहा कि झूठ बोल रहे हैं, ये नहीं दे सकते हैं। ये क्या, कोई नहीं दे सकता है। मैंने कांग्रेस के लोगों को कल भी कहा था कि आप नोट करते जाइए, डायरी-पेन जेब में रखिए। अभी तक 1.94 लाख लोगों को नियुक्तियां दे चुके हैं। 1.22 लाख पदों के लिए परीक्षा हो चुकी हैं। 1.25 लाख नौकरियां प्रक्रियाधीन हैं। कांग्रेसियों से कह रहा हूं कि जोड़ लगा लीजिए। अब तो मैं उनसे कहने लग गया हूं कि अगर आपकी मैथेमेटिक्स कमजोर है तो मैथ का ट्यूशन भी लगवा दूंगा। आप बता दीजिए कि किस-किस को ट्यूशन लगवाना है। इससे वे रोज गुणा-भाग करके उनको बता दें कि इतना हो गया है। बोले- आज भी मुझे गांव में पहले सरपंच कहते हैं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- पंचायतीराज और सरपंच विकास की धुरी हैं। गांव में सरपंच उम्मीद का पहला केंद्र होता है। गांव में लोग सरपंच के पास अपनी छोटी-छोटी समस्या लेकर जाते हैं, लेकिन आप उसे छोटी समस्या मानकर इग्नोर मत कीजिए। सीएम ने कहा- आज भी मुझे सरपंच पहले और मुख्यमंत्री बाद में कहते हैं। आप कुछ भी बन जाइए, लेकिन गांव के लिए आप सरपंच पहले हैं। उन्होंने कहा कि एक बार मैं एक मंदिर में गया था। तब लोग वहां मुख्यमंत्री भजनलाल जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे। वहीं गांव वाले सरपंच भजनलाल जिंदाबाद कह रहे थे। उन्होंने कहा- गांव को समझने के लिए गांव के लोगों के बीच बैठना पड़ता है। उन्होंने पंचायतीराज के जनप्रतिनिधियों को गांव में ज्यादा समय देने और केंद्र-राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा ग्रामीणों को दिलाने के लिए कहा। यह खबर भी पढ़ें... CM बोले-नकारी गई पार्टी SIR पर सवाल खड़े कर रही:राहुल गांधी ने राफेल पर झूठ बोला,फिर कोर्ट में माफी मांगी; कांग्रेस से पूछे 5 सवाल सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा- विपक्ष हमारी संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की बात कर रहा है। पिछले 4-5 दिनों से विपक्ष खासतौर पर कांग्रेस पार्टी गलत तथ्यों के आधार पर संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगा रही है। (पूरी खबर पढ़ें)
सिरोही जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के कुल 60 पदों पर भर्ती निकाली गई है। इसमें 14 पद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के और 46 पद सहायिका के हैं। इन पदों के लिए 6 नवंबर 2026 तक आवेदन किया जा सकता है। आवेदन करने वाली महिला अभ्यर्थी को संबंधित ग्राम पंचायत या वार्ड का स्थानीय निवासी होना जरूरी है। न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं (सीनियर सेकेंडरी) कक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। उच्च शैक्षणिक योग्यता वाली महिलाओं को प्राथमिकता मिलेगी। इच्छुक महिलाएं विभाग की वेबसाइट www.wcd.rajasthan.gov.in से आवेदन फॉर्म डाउनलोड कर सकती हैं। भरे हुए फॉर्म की दो हार्ड कॉपी सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय में जमा करनी होगी। आबूरोड में 8 सहायिका, रेवदर में 4 कार्यकर्ता और 11 सहायिका, पिण्डवाड़ा में 4 कार्यकर्ता और 12 सहायिका, शिवगंज में 4 कार्यकर्ता और 1 सहायिका, सिरोही ग्रामीण में 5 कार्यकर्ता और 11 सहायिका के पद खाली हैं। विस्तृत जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध है।
भिवानी में राजस्थान के नरहड़ पीर से लौटते समय पोहकरवास के समीप भीषण सड़क हादसा, एक महिला व बच्चे की मौत
भरतपुर के बयाना क्षेत्र में सूखे कुएं से बरामद करीब पांच करोड़ रुपये की दवाओं के मामले में मुख्य आरोपी हिमांशु अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया है। मामले में अब तक पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
PC: NEWS18 राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई अपने अंतिम चरण में पहुँच गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 48 घंटों के दौरान राज्य के शेष हिस्सों से भी मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा। इसके बाद प्रदेश भर में बारिश की गतिविधियाँ सीमित हो जाएँगी और अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क बना रहेगा। 2 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में 'ग्रीन जोन' मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के मुताबिक, 2 अक्टूबर को पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के सभी जिलों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने किसी भी जिले में आंधी या बारिश को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की है। मौसम मानचित्र में पूरे राजस्थान को 'नो वार्निंग' यानी ग्रीन जोन में रखा गया है। बीते 24 घंटों में पिलानी में सर्वाधिक 39.7C तापमान दर्ज किया गया, जबकि सिरोही में न्यूनतम तापमान 17.5C रहा। मानसून सीजन में सामान्य से 18% कम बारिश वर्ष 2026 में राजस्थान में मानसून की चाल सामान्य से कमजोर रही। 1 जून से 30 सितंबर तक के मानसून सीजन में औसत 435.6 मिमी बारिश के मुकाबले केवल 358 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 18 प्रतिशत कम है। पूर्वी राजस्थान में 15% और पश्चिमी राजस्थान में 23% बारिश की कमी दर्ज की गई। अक्टूबर में मौसम का मिज़ाज: दिन में धूप, रात में हल्की ठंडक अक्टूबर के पहले सप्ताह में आसमान साफ रहने और तेज धूप के कारण दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, वहीं रातों में हल्की ठंडक की शुरुआत होगी। 7 से 11 अक्टूबर के बीच पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव मौसम में पहला बड़ा बदलाव 6 अक्टूबर की शाम से देखने को मिल सकता है। एक नए पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण 7 से 11 अक्टूबर के दौरान श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, बीकानेर, सीकर और जयपुर सहित उत्तरी व पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में मेघगर्जन के साथ तेज हवाएं और बारिश होने की संभावना है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने दोषमुक्ति के बाद बर्खास्त किए गए पुलिस कांस्टेबल को राहत दी। कोर्ट ने अगस्त 2017 से फरवरी 2018 तक की अवधि का बकाया वेतन देने का आदेश दिया।
उप निरीक्षक (दूरसंचार) परीक्षा-2024: चयनितों के दस्तावेज सत्यापन 12 से
आरपीएससी की ओर से उप निरीक्षक (दूरसंचार) प्रतियोगी परीक्षा-2024 की मेरिट सूची जारी करने के बाद पुलिस विभाग ने अस्थायी रूप से चयनित अभ्यर्थियों की सूची वेबसाइट (www.police.rajasthan.gov.in) पर अपलोड कर दी। डीआईजी (भर्ती बोर्ड) मनोज कुमार ने बताया कि मूल दस्तावेजों का सत्यापन 12 व 13 अक्टूबर को पुलिस मुख्यालय, जयपुर स्थित कमरा नंबर 820 में होगा। अभ्यर्थियों को स्वयं उपस्थित होकर शैक्षणिक दस्तावेज व तीन प्रतियों में भरा अटेस्टेशन फॉर्म और 2 फोटोयुक्त पहचान पत्र देने होंगे।
Budaun News: तीन दुकानों से चोरी के मुख्य आरोपी की लोकेशन राजस्थान में मिली
तीन दुकानों से चोरी के मुख्य आरोपी की लोकेशन राजस्थान में मिली
Farrukhabad News: राजस्थान से लौट रहे वृद्ध को ट्रेन में जहरखुरानों ने लूटा
फर्रुखाबाद। राजस्थान में अपने बेटों के पास से घर लौट रहे कासगंज जिले के पटियाली थाने के गांव विश्नोदी निवासी राजपाल सिंह (60) को कासगंज-शिकोहाबाद पैसेंजर ट्रेन में जहरखुरान गिरोह ने लूट लिया।
राजस्थान हाईकोर्ट के नव नियुक्त मुख्य न्यायाधीश संजय के अग्रवाल का आज हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जयपुर की ओर से स्वागत किया गया। स्वागत समारोह में बोलते हुए हाईकोर्ट जयपुर बैंच के वरिष्ठतम न्यायाधीश जस्टिस इंद्रजीत सिंह ने कहा कि अगर आप सच्चे दिल से भगवान से कुछ मांगते है तो वो देता हैं। मैं 9 अगस्त को चीफ साहब के साथ इंदौर में एक कांफ्रेंस में था। आप मेरे बगल में बैठे थे, मैने कहा-सर आप राजस्थान के मुख्य न्यायाधीश बनकर आ रहे हैं। आप मुस्कुराए और मुझसे कहा कि आप तो अंतरयामी हो। मैने कहा, नहीं यह मेरी शुभकामनाएं हैं। पहले छत्तीसगढ़ से जस्टिस एमएम श्रीवास्तव जयपुर आए, उन्होने राजस्थान के न्याय जगत को बहुत कुछ दिया। भगवान ने सुनी और आपने यहां चीफ जस्टिस बनकर शपथ ली। सीजे बोले-न्याय में देरी बड़ी चुनौतीस्वागत समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश संजय के अग्रवाल ने कहा कि आज न्याय व्यवस्था के सामने कई चुनौतियां हैं। इनमें मुकदमों का बढ़ता बोझ, न्याय में देरी, बदलती तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभाव और समाज की बढ़ती अपेक्षाएं हमारे सामने बड़ी चुनौतियां हैं। इन परिस्थितियों में हमें अपनी कार्यप्रणाली और सोच को समय के अनुरूप विकसित करना होगा। उन्होने कहा कि समाज के हर वर्ग, विशेषकर वंचित और कमजोर वर्ग तक सुलभ एवं निष्पक्ष न्याय पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है। इसके लिए बार और बेंच को मिलकर काम करना होगा। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि बार और बेंच की भूमिका अलग-अलग हो सकती है, लेकिन उद्देश्य एक ही है, न्याय की प्रतिष्ठा और आमजन का न्याय व्यवस्था में विश्वास। एजी बोले-वकीलों की राय भी ली जाएसमारोह में महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि जब मैं वकालत में आया था, उस समय मैंने देखा कि न्यायिक प्रशासन से जुड़े ऐसे फैसले, जिनका संस्थागत प्रभाव होता था अथवा जिनसे अधिवक्ताओं का सीधा संबंध होता था, उनमें बार से अनौपचारिक स्तर पर राय-मशविरा किया जाता था। भले ही निर्णय लेने में बार की आधिकारिक भागीदारी न हो, लेकिन उसका पक्ष और उनकी राय महत्व रखती थी। इसलिए मेरी मुख्य न्यायाधीश से अपेक्षा है कि भविष्य में न्यायिक व्यवस्था और विशेष रूप से अधिवक्ताओं को प्रभावित करने वाले निर्णयों में बार की भागीदारी अथवा कम से कम बार से प्राथमिक स्तर पर सलाह-मशविरा करने की व्यवस्था विकसित की जाए। नए वकीलों के पास बैग रखने की भी जगह नहींसमारोह को संबोधित करते हुए बार अध्यक्ष राजीव सोगरवाल ने कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट के परिसर में अंतिम बार साल 2011-12 में ई ब्लॉक में वकीलों के लिए चैम्बर बने थे। लेकिन उसके बाद से आज स्थिति काफी बदल गई हैं। आज नए वकीलों के पास अपना लेपटॉप बैग रखने की जगह भी नहीं हैं। उन्होने कहा कि रिकॉर्ड के अनुसार हाईकोर्ट को करीब 30 बीघा जमीन आवंटित है, लेकिन वर्तमान में करीब 23 बीघा भूमि ही हाईकोर्ट के कब्जे में है। शेष 7 बीघा जमीन पर कृषि भवन, सिंचाई विभाग और आयकर भवन के कार्यालय संचालित हैं। लेकिन आज आवश्यकता इस बात की है कि हाईकोर्ट के पास उपलब्ध पूरी भूमि का उपयोग हाईकोर्ट की बढ़ती जरूरतों के अनुरूप किया जाए।
भाजपा राजस्थान प्रदेश कार्यसमिति सदस्य हरिशचंद्र सिंह जसोल ने EWS आरक्षण के नियमों को सरल करने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को इस संबंध में पत्र भेजा है। जसोल ने कहा- EWS व्यवस्था सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बहुत जरूरी है। पश्चिमी राजस्थान की भौगोलिक और कृषि परिस्थितियों को देखते हुए केंद्रीय EWS पात्रता नियमों में बदलाव जरूरी है। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय पात्रता प्रावधानों के सरलीकरण की मांग की है। वास्तविक आर्थिक स्थिति को देखा जाए-जसोल उन्होंने बताया कि पश्चिमी राजस्थान का बड़ा हिस्सा रेगिस्तानी और असिंचित है। यहां कई परिवारों के पास खेती की जमीन ज्यादा है, लेकिन उसकी पैदावार और आर्थिक उपयोगिता कम है। जसोल ने सुझाव दिया कि पात्रता तय करते समय जमीन के क्षेत्रफल के साथ उसकी पैदावार, सिंचाई और वास्तविक आर्थिक स्थिति को भी देखा जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस विषय पर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने का आग्रह किया। पात्रता प्रावधानों में समन्वय पर जोर दिया जसोल ने राज्य एवं केंद्र स्तर पर लागू EWS पात्रता प्रावधानों में आवश्यक समन्वय पर भी जोर देते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों एवं युवाओं के लिए प्रक्रिया अधिक सरल एवं स्पष्ट हो सकेगी। राजस्थान की विशिष्ट परिस्थितियों के अनुरूप केंद्रीय पात्रता मानदंडों में आवश्यक संशोधन से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को इसका समुचित लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से इस महत्वपूर्ण विषय का राज्य सरकार के स्तर पर आवश्यक परीक्षण करवाकर केंद्र सरकार को प्रभावी प्रस्ताव एवं अनुशंसा भेजने का आग्रह किया। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ से भी विषय को राज्य एवं केंद्र सरकार के समक्ष रखते हुए आवश्यक समन्वय एवं पहल करने का अनुरोध किया गया है। प्रावधानों का सरलीकरण होने से जरूरतमंद को फायदा होगा हरिशचंद्र सिंह जसोल ने कहा कि EWS व्यवस्था आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों एवं युवाओं के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। राजस्थान की भौगोलिक एवं कृषि परिस्थितियों के अनुरूप पात्रता प्रावधानों का सरलीकरण होने से जरूरतमंद परिवारों को शिक्षा एवं सरकारी सेवाओं में आरक्षण का व्यापक और प्रभावी लाभ मिल सकेगा।
राजस्थान हाईकोर्ट ने कर्मचारियों के वेतन और सेवा अधिकारों से जुड़ा एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि अगर किसी कर्मचारी की शुरुआती नियुक्ति में अनियमितता पाई भी जाती है, तब भी उसका नियमित वेतनमान अचानक कम नहीं किया जा सकता। वेतन घटाने से पहले कर्मचारी को नोटिस देना और उसका […] The post नियुक्ति में गड़बड़ी मिली तो भी सीधे नहीं घटा सकते कर्मचारी की सैलरी! राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला appeared first on https://rajsattaexpress.com .
निकाय चुनाव के बाद राजस्थान कांग्रेस में घमासान: जयपुर से भरतपुर-डीग और भीलवाड़ा तक उठे बगावत के सुर
जयपुर से भरतपुर और भीलवाड़ा तक निकाय चुनाव के बाद कांग्रेस में घमासान तेज है। कहीं इस्तीफे की मांग उठी तो कहीं नेताओं ने एक-दूसरे पर सवाल उठाए।

