Weather Update: बारिश थमी फिर भी बाढ़ से बेहाल यूपी-बिहार, MP में गिरेगा पारा तो राजस्थान में बढ़ी गर्मी
मुख्य सचिव वी श्रीनिवास का भरतपुर दौरा, केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान का किया भ्रमण
भरतपुर, 5 अक्टूबर . Rajasthan के मुख्य सचिव वी श्रीनिवास दो दिवसीय दौरे पर भरतपुर में हैं. इस दौरान Monday को वे विश्व प्रसिद्ध केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान पहुंचे. यहां उन्होंने उद्यान का भ्रमण किया और वहां की जैव विविधता, प्रवासी पक्षियों और वन्यजीव संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों का जायजा लिया. मुख्य सचिव ... Read more
निकाय चुनावों को लेकर गहलोत का बीजेपी सरकार पर हमला, बोले- राजस्थान में पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं बनी
निकाय चुनावों को लेकर गहलोत का बीजेपी सरकार पर हमला, बोले- राजस्थान में पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं बनी
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज प्रदेश के नगरीय निकायों के नवनिर्वाचित महापौर, उपमहापौर, सभापति, उपसभापति, अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के साथ वीसी के माध्यम से संवाद करेंगे। सीएम भजनलाल नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ निकाय के पहले 100 दिनों की कार्ययोजना के साथ ही नगरीय विकास, स्वच्छता, पानी, बिजली सहित अन्य जनसुविधाओं के विकास पर चर्चा करेंगे। सीएम ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर बैठक ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित शहरों से ही विकसित राजस्थान का संकल्प साकार होगा। राज्य सरकार शहरों को सुंदर, स्वच्छ, सुव्यवस्थित और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि समग्र रोडमैप के साथ 100 दिवसीय कार्ययोजना के माध्यम से शहरी निकायों का कायाकल्प किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों पर जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों पर जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। शहरों में स्वच्छता, सड़क, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, पार्कों सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास एवं केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया जा रहा है। शहरों में विकास को नई गति देने का कार्य किया जाएगा भजनलाल शर्मा ने रविवार को हुई इस बैठक के दौरान कहा कि नवनिर्वाचित पार्षदों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर राज्य सरकार और स्थानीय निकायों के समन्वित प्रयासों से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप शहरों में विकास को नई गति देने का कार्य किया जाएगा। बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास वीसी के माध्यम से जुड़े। PC:dipr.rajasthan अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
‘दूध बंद’ आंदोलन समाप्त होने के दूसरे दिन भी सिरसा में रेट बढ़ाने का मुद्दा थमा नहीं है। अभी भी दूध आज से मौजूदा रेट से 10 रुपए बढ़ाने का फैसला बरकरार है और फेट रेट बढ़ाने की सरकार व प्रशासन व मिल्क प्लांट वालों से किसान व पशुपालकों की लड़ाई जारी रहेगी। अब देखना होगा कि डेयरी वाले व पशुपालक क्या इस पर खरा उतरेंगे। इसका दूधिए समर्थन करेंगे? किसान नेता जसवीर भाटी ने वीडियो जारी कर कहा, इन तीन दिनों की दूध हड़ताल में सभी ने समर्थन किया और आगे भी इसी तरह पूरा सहयोग करना। सरकार से मांग रखी है कि पहले नकली दूध पर रोक लगाई जाए और दूसरी मांग में गाय का दूध के फेट 16 रुपए एवं भैंस का दूध का फेट 13 रुपए किया जाए। हड़ताल के दौरान राजस्थान के किसान-पशुपालकों की तर्ज पर आमजन की हित में पंचायत में लिए फैसले के अनुसार, आज से दूध का रेट मौजूदा भाव से 10 रुपए बढ़ाना होगा। कोई भी साथी किंतु-परंतु ना करे और 10 रुपए रेट बढ़ोतरी के साथ 17 अक्टूबर तक सप्लाई जारी रखे। जहां भी दूध बंद किया था, वो सप्लाई जारी रखे। दूधिए भी आराम से दूध बेचें, किसी जगह पर झगड़ा न हो। ये हड़ताल दूध उत्पादकों व सब के हक में रखी है। इसका फायदा दूध बेचने वालों और डेयरी वालों को भी होगा। पिछले 5 साल से खर्चे ज्यादा बढ़ गए हैं। इसीलिए यह कदम उठाना पड़ा है। आगे 17 अक्टूबर को जाट धर्मशाला सिरसा में मीटिंग रखी है, उसमें ज्यादा से ज्यादा डेयरी वाले, पशुपालक, दुध उत्पादक संख्या में आकर पक्ष रख सकेंगे। इसके बाद नए रेट पर फैसला होगा। पहले गाय का 80 और भैंस का दूध 100 रुपए प्रति किलो की मांग थी हड़ताल से पहले और समाप्ति तक धरनारत किसान और पशुपालकों की मांग थी कि गाय का दूध 80 रुपए और भैंस का दूध 100 रुपए प्रति किलो के हिसाब से किया जाए। पिछले 20 दिनों से किसान-पशुपालकों ने कई दौर की मीटिंग के बाद वीटा प्लांट के बाहर धरना प्रदर्शन किया था। इसी के साथ राजस्थान व पंजाब में भी हड़ताल रखी गई। राजस्थान के किसान-पशुपालकों ने 80-100 करने के बजाय मौजूदा रेटों में 10 रुपए प्रति किलो बढ़ोतरी का फैसला लिया है, ताकि किसी जरूरतमंद पर आर्थिक बोझ न पड़े। इसके बाद सिरसा के किसान व पशुपालकों ने भी मौजूदा रेट में 10 रुपए बढ़ाने की फैसला लेते हुए सहमति जताई है। इसी के साथ शनिवार को प्लांट के बाहर से धरना समाप्त कर दिया। वार्ता न कोई आश्वासन देने का लगाया आरोप अब सरकार से फेट रेट बढ़ाने की मांग है। इसे लेकर 17 अक्टूबर तक अल्टीमेटम दिया हुआ है। उनकी 17 तारीख को जाट धर्मशाला सिरसा में मीटिंग भी होनी है। किसान-पशुपालकों ने प्रशासन व सरकार की ओर से वार्ता न करने और कोई आश्वासन न मिलने का आरोप लगाया है। सरकार व मिल्क प्लांट वालों से भैंस का दूध फेट के हिसाब से 13 रुपए और गाय का दूध 16 रुपए फेट करने की मांग है। अगर इस पर सहमति नहीं बनी तो ठोस फैसला लेने की चेतावनी दी है।
यूथपावर रिपोर्ट में जयपुर को लेकर सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। शिक्षा, कौशल और रोजगार के लिहाज से जयपुर युवाओं के लिए प्रदेश में सबसे बेहतर है। फ्यूचर ऑफ इंडिया फाउंडेशन की यूथपावर रिपोर्ट में जयपुर 55.9 अंक के साथ प्रदेश में अव्वल है। लेकिन, राजस्थान 45.7 स्कोर के साथ देश में 25वें स्थान पर रहा। राजस्थान का स्कोर राष्ट्रीय औसत 48 अंक से 2.3 अंक कम है। वहीं, चंडीगढ़ 66 के स्कोर के साथ देश में सबसे ऊपर है। कुल 800 जिलों में से सबसे पिछड़े माने गए 160 जिलों में राजस्थान के 4 हैं। पंजाब, केरल, तमिलनाडु, उत्तराखंड और गोवा का एक भी जिला पिछड़ा नहीं है। राजस्थान का सेगमेंट के हिसाब से स्कोर 160 पिछड़े जिलों में हर 5वां यूपी का, प्रदेश के 4 पांच पैमानों पर तय होता है 0 से 100 तक का यूथपावर स्कोर एजुकेशन : इसके तहत देखा गया कि पढ़ाई और कॉलेज अच्छे हैं या नहीं। अपॉर्च्युनिटी : युवाओं को सरकारी नौकरी के साथ नए जमाने की ट्रेनिंग, बिजनेस, पार्ट-टाइम काम, लोन या कमाई के नए साधन हैं या नहीं।पार्टिसिपेशन : समाज, अर्थव्यवस्था और फैसलों में युवा कितने सक्रिय हैं। कितने नौकरी कर रहे या काम की तलाश में हैं। रेडीनेस : क्या युवाओं को ऐसी शिक्षा मिल रही, जो असल जिंदगी और कॅरियर में काम आए। इंटरनेट, कंप्यूटर और बुनियादी सॉफ्टवेयर का ज्ञान रेडीनेस का सबसे बड़ा हिस्सा है।वर्क : यूथपावर फ्रेमवर्क में इसे महत्वपूर्ण माना है। नौकरी के साथ काम की गुणवत्ता और बाजार के हालात देखे गए। रोजगार के लिए संभाग स्तर पर मिनी आर्थिक जोन विकसित करे जयपुर का यूथपावर स्कोर 55.9 और कुछ जिलों का 42 के आसपास रहने का मतलब है कि एक नीति या रोजगार मॉडल पूरे प्रदेश में समान परिणाम नहीं दे सकता। जिले की स्थानीय अर्थव्यवस्था, शिक्षा व्यवस्था, उद्योग और कौशल की जरूरत के हिसाब से अवसर तैयार करने की जरूरत है। राज्य सरकार को युवा बजट लाने के बारे में सोचना चाहिए। संभाग स्तर पर मिनी आर्थिक जोन विकसित करने चाहिए। महेश शर्मा, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, वीआईसीसीआई
यूसील के सीएमडी डॉ. के. आनंद राव ने बताया कि भारत 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य लेकर चल रहा है, जिसके लिए राजस्थान और आंध्र प्रदेश में नई यूरेनियम खदानें खोली जाएंगी।
Rajasthan Ka Mausam: राजस्थान में क्या अब बारिश होगी, 5 अक्टूबर को कैसा रहेगा मौसम, जानें अपडेट
PC: AAJ TAK राजस्थान से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई हो चुकी है और इसका असर मौसम पर भी देखने को मिला है। सोमवार, 5 अक्टूबर को राज्य के अधिकांश हिस्सों में आसमान साफ रहेगा और मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) के अनुसार, बारिश की कोई संभावना नहीं है, हालांकि दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। कई इलाकों में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर रह सकता है। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान का हाल पूर्वी राजस्थान: पूरे क्षेत्र में दिनभर धूप खिली रहेगी और मौसम साफ़ ही रहेगा। हलके फुल्के बादल नजर आ सकते हैं, लेकिन बारिश की कोई संभावना नहीं है। अधिकतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। पश्चिमी राजस्थान: पश्चिमी हिस्सों में पूर्वी राजस्थान की तुलना में गर्मी का असर थोड़ा अधिक महसूस होगा। आसमान पूरी तरह साफ रहेगा और तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जाएगा। मौसम विभाग ने प्रदेश के किसी भी जिले के लिए कोई अलर्ट या चेतावनी जारी नहीं की है। इन जिलों में बढ़ेगी गर्मी जयपुर: अधिकतम तापमान 35-36C और न्यूनतम 23-24C उदयपुर: दिन का तापमान 35-37C और रात का तापमान 19-22C के आसपास सिरोही: अधिकतम तापमान करीब 36C, जबकि न्यूनतम तापमान 16C के आसपास श्रीगंगानगर: अधिकतम तापमान 38-39C के आसपास जबकि न्यूनतम तापमान करीब 24C पिलानी: पिलानी में अधिकतम तापमान 38 से 41C के आसपास
पूर्व डिप्टी सीएम और कांग्रेस के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने केंद्र सरकार और भाजपा पर लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाया है। पायलट ने कहा- आज मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जो माहौल बना है, और जो सवाल उठ रहे हैं, उसके लिए पूरी तरह से भाजपा का शीर्ष नेतृत्व जिम्मेदार है। उन्हें जो ताकत दी जा रही है, वह प्रधानमंत्री और गृहमंत्री दे रहे हैं, वरना ज्ञानेश कुमार की क्या ताकत कि वे वोट काट दें। सचिन पायलट ने कहा कि आमतौर पर परिसीमन (SIR) के बाद मतदाताओं की संख्या बढ़ती है, लेकिन देश में पहली बार ऐसा हुआ है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 13 करोड़ नाम काट दिए। वोट बढ़ने के बजाय घट जाना एक गंभीर विषय है। पायलट रविवार को टोंक पहुंचे थे, जहां वे नगर परिषद में कांग्रेस का बोर्ड बनने के बाद निकाली गई धन्यवाद यात्रा में शामिल हुए थे। इस मौके पर पायलट ने मीडिया से भी बातचीत कीं। उन्होंने निकाय चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा और कांग्रेस के वोट शेयर में बहुत ज्यादा अंतर नहीं रहा है, लेकिन भाजपा ने चुनावों में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया, लोगों को धमकाया और आचार संहिता का जमकर उल्लंघन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान सरकार ने केवल अपनी कुर्सी बचाने के लिए यह सब किया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में भी चेयरमैन बनाने के लिए भाजपा ने अन्य दलों के लोगों को डरा-धमकाकर तोड़ने की कोशिश की और लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई गईं। 2028 में केंद्र में बनेगी कांग्रेस सरकारसचिन पायलट ने दावा किया कि जनता अब भाजपा के कुशासन से परेशान हो चुकी है और बदलाव चाहती है। 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी 240 सीटों पर सिमट गई थी, जिसके बाद वे संख्या बल बढ़ाने के लिए अन्य दलों को डरा-धमका रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता अब कांग्रेस को वोट देने का इंतजार कर रही है और 2028 में केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनेगी। पंजाब में ड्रग्स की होम डिलीवरी हो रहीउन्होंने कहा कि पंजाब में लगातार अपराध ग्राफ बढ़ा है। जेलों के अंदर से लोग फोन कर लोगों को धमका रहे हैं और फिरौती मांग रहे हैं। राज्य में ड्रग्स की होम डिलीवरी तक हो रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पंजाब की जनता भी इस बदहाली से तंग आ चुकी है और आगामी समय में वहां भी कांग्रेस की सरकार बनेगी। 50 किलो की माला पहनाई गईपायलट दोपहर करीब 2 बजे टोंक पहुंच गए, जहां छावनी में कांग्रेस से जीते पार्षद अकबर खान समेत कई पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। पायलट को 50 किलो की माला पहनाई गई। इसके बाद वे घंटाघर पहुंचे, नगर परिषद चेयरमैन मयंक जैन, हंसराज गाता, निवाई के पूर्व विधायक कमल लोदी, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष रामविलास चौधरी समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। फिर बड़ी संख्या में गाड़ियों के साथ धन्यवाद यात्रा घंटाघर, सुभाष बाजार, पांच बत्ती, नौशे मियां का पुल, बड़ा कुआं क्षेत्र से होते हुए राज मिडवे पहुंची, जहां आतिशबाजी और स्वागत कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
डीडवाना के बांगड़ जिला अस्पताल में राजस्थान फार्मासिस्ट कर्मचारी संघ (RPEA) के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कराया गया। इसमें रामरतन घांची को सर्वसम्मति से निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया।घांची कर्मचारियों का आभार जताते हुए संगठन की एकता, हितों की रक्षा और समस्याओं के समय पर समाधान का वादा किया। निर्वाचन अधिकारी रामेश्वर और हरेंद्र की देखरेख में चुनाव शांतिपूर्ण हुआ। चुनाव के बाद कर्मचारियों ने नए अध्यक्ष का स्वागत किया। इस मौके पर रविंद्र सोनी, राजेंद्र राठौड़, चंदरभान भाटी, रामचंद्र प्रजापत, महेंद्र प्रताप सिंह, इस्माइल, इमदाद, भरत चौधरी, उमराव, केसर, हिमांशु, ममता कनोई, अशोक सोलंकी, प्रवीण सैनी, नसरुद्दीन, सुरेंद्र सिंह, अलीम खान, जितेंद्र चौधरी और चंद्रप्रताप सिंह सहित कई फार्मासिस्ट मौजूद रहे।
New Delhi, 4 अक्टूबर . केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने वैज्ञानिकों, डॉ. सुतीर्थ दत्ता, डॉ. तुषना करकरिया और ऋषिका शर्मा की तारीफ की. उन्होंने Rajasthan में ‘ग्रेट इंडियन बस्टर्ड’ को जंगल में छोड़े जाने के दौरान इन वैज्ञानिकों को भावुक होते देखा था. social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भूपेंद्र यादव ... Read more
राजस्थान में पंचायत चुनावों से पहले सियासी पारा चढ़ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि नगर निकाय चुनावों में...
आगर मालवा के नलखेड़ा में 23 मई 2025 की रात ज्वेलरी व्यापारी पारस सोनी और कर्मचारी दुर्गेश मीणा से लूट हुई थी। बदमाशों ने उन्हें रोककर सोने-चांदी के जेवरात व नकदी लूटी थी। इस मामले में पुलिस ने अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 14 किलो 125 ग्राम चांदी और वारदात में इस्तेमाल दो बोलेरो जब्त की हैं। जांच के दौरान पुलिस राजस्थान तक पहुंची, जहां लूटी गई चांदी गलाकर सिल्लियां बनाने वाले नागौर निवासी रामेश्वरलाल उर्फ रमेश को पकड़ा गया। उससे 5 किलो 985 ग्राम चांदी की सिल्लियां मिली हैं। अब तक 8 किलो चांदी जब्त पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी ने रविवार को बताया कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी से 8 किलो 140 ग्राम चांदी के जेवरात बरामद हुए थे। अन्य आरोपियों और बचे हुए माल की तलाश जारी है।
हनुमानगढ़ के क्रिकेट खिलाड़ी दानिश भांभू का राजस्थान रणजी ट्रॉफी टीम में चयन हो गया है। राजस्थान क्रिकेट संघ (RCA) ने इसकी जानकारी दी है।दानिश भांभू को टीम कैंप के लिए 4 अक्टूबर को जयपुर स्थित RCA एकेडमी में रिपोर्ट करने को कहा गया है। राजस्थान रणजी ट्रॉफी टीम के आगामी मैच राजस्थान-तमिलनाडु के बीच 11 से 14 अक्टूबर तक और राजस्थान-रेलवे के बीच 18 से 21 अक्टूबर तक जयपुर में खेले जाएंगे।जिला क्रिकेट संघ के सचिव मनीष धारणिया ने दानिश भांभू के चयन पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि यह दानिश की कड़ी मेहनत और प्रतिभा का नतीजा है। उनके चयन से हनुमानगढ़ के युवा खिलाड़ियों में भी उत्साह बढ़ा है।
हाईकमान की पकड़ ढीली पड़ी तो अपनों ने खोला मोर्चा: राजस्थान की सियासत में टकराव की पुरानी पटकथा
विश्वेंद्र सिंह और डोटासरा के विवाद के बीच जानिए राजस्थान की राजनीति में कब-कब नेताओं और पार्टी संगठन के बीच टकराव खुलकर सामने आया और इसके बाद क्या बदला-
New Delhi, 4 अक्टूबर . केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने Sunday को Rajasthan के जैसलमेर में सैम डेजर्ट नेशनल पार्क में दो नर ‘ग्रेट इंडियन बस्टर्ड’ पक्षियों को छोड़ा. बस्टर्ड्स को छोड़ने के बाद मंत्री भूपेंद्र यादव ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, “एक अहम कदम उठाते हुए, ... Read more
जरा आज के सत्ता-शीर्ष को देखिए। सूबे के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को जब पार्टी ने कमान सौंपी, तो कई लोगों को हैरत हुई। लेकिन हकीकत यह है कि 34 साल की तपस्या की शुरुआत 27 साल की उम्र में भरतपुर के अटारी गांव की सरपंची से हुई थी। जो शख्स गांव की नालियों, मेड़ों और आपसी झगड़ों को सुलझाते हुए जनता के बीच तपा हो, वही जमीन का असली दर्द समझ सकता है।
Viral Video: Rajasthan घूमने आई नेपाली महिला ने होटल में पूछा रास्ता, वीडियो को लेकर उठे सवाल
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लुधियाना के थाना डिवीजन नंबर-8 की पुलिस ने कारोबारियों के घर और दफ्तर पर गोलियां चलाकर फिरौती मांगने की साजिश रचने वाले गिरोह के 2 बदमाशों को अरेस्ट किया है। आरोपियों के कब्जे से एक 9 एमएम पिस्टल, 10 जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस ने बदमाशों के खिलाफ बीएनएस की धारा 111(1), 308(4) और आर्म्स एक्ट की धारा 25/54/59 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक एसआई सुखविंदर सिंह पुलिस टीम सहित 3 अक्टूबर को गश्त पर थे। सूचना मिली थी कि राहुल कुमार और राधे श्याम के पास अवैध हथियार हैं। दोनों विदेश में रहने वाले अपने साथी हरमन संधू के कहने पर कारोबारियों के घरों और दफ्तरों पर फायरिंग कर फिरौती वसूलने का काम करते हैं। इस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से काले रंग की यामाहा मोटरसाइकिल नंबर HP03D2599 भी बरामद की है। राजस्थान के रहने वाले हैं दोनों आरोपी पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी राहुल कुमार निवासी रावलामंडी, बजाज श्रीगंगानगर और राधे श्याम पुत्र श्याम नारायण निवासी रावलामंडी, बजाज श्री गंगानगर राजस्थान हैं। तीसरे आरोपी हरमन संधू की भूमिका की भी पुलिस जांच कर रही है। कारोबारियों को निशाना बनाने की साजिश की जांच पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने किन कारोबारियों को निशाना बनाने की साजिश बनाई थी और पहले ऐसी किसी वारदात को अंजाम दिया है या नहीं। ASI सुखविंदर सिंह मामले की जांच कर रहे है।
विश्व पशु दिवस : राजस्थान और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री समेत कई नेताओं ने पशुओं के संरक्षण की अपील की
New Delhi, 4 अक्टूबर . उत्तराखंड के Chief Minister पुष्कर सिंह धामी और Rajasthan के Chief Minister भजनलाल शर्मा समेत कई नेताओं ने विश्व पशु दिवस पर लोगों से पशुओं के संरक्षण, संवर्धन और उनके प्रति करुणा भाव बनाए रखने की अपील की. उत्तराखंड के Chief Minister पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर पोस्ट किया, ... Read more
थाली में कम नमक-तेल-चीनी, स्थानीय भोजन पर जोर सही खान-पान, स्वस्थ राजस्थान अभियान का शुभारंभ
स्वस्थ रहने के लिए थाली में क्या और कितना होना चाहिए, खाद्य पदार्थों में मिलावट कैसे पहचानें और पैकेटबंद सामान खरीदते समय लेबल क्यों पढ़ना जरूरी है, इन सवालों को लेकर जिले में ‘सही खान-पान, स्वस्थ राजस्थान’ अभियान शुरू किया गया है। 16 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान में स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, होटल-रेस्टोरेंट, कैंटीन और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन के प्रति जागरूक किया जाएगा। अभियान का संदेश है ‘सुरक्षित खाएं, स्वस्थ रहें, स्थानीय खाएं, मिलावट को हराएं। अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने विद्यार्थियों को स्वस्थ टिफिन, पौष्टिक आहार, हाथों की स्वच्छता और भोजन की बर्बादी रोकने के बारे में जानकारी दी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी, राजवीर चारण, एवं आराधना शर्मा ने राजकीय संस्कृत वरिष्ठ उपाध्याय विद्यालय गहलोद, राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल किशनपुरा व द्वितीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने राजकीय महात्मा गांधी विद्यालय सिविल लाइन और राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक स्कूल कोहना में जागरूकता गतिविधियां हुईं। विद्यार्थियों को पैकेटबंद खाद्य सामग्री लेते समय लेबल पर निर्माण व पैकिंग तिथि, बेस्ट बिफोर/एक्सपायरी डेट, सामग्री, पोषण संबंधी जानकारी और खाद्य सुरक्षा लाइसेंस या पंजीयन नंबर जांचने की सलाह दी गई। मोबाइल लैब से होगी मिलावट की जांच अभियान के दौरान मोबाइल खाद्य जांच प्रयोगशाला के माध्यम से दूध, घी, तेल, मसाले और मिठाइयों में मिलावट पहचानने के आसान तरीके बताए जाएंगे। आमजन को कम नमक, कम तेल और कम चीनी के सेवन के साथ स्थानीय व पौष्टिक खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। भोजन की बर्बादी रोकने के लिए ‘उतना ही लें थाली में, जितना व्यर्थ न जाए नाली में’ का संदेश भी दिया जाएगा।
हेमंत का राजस्थान रणजी टीम में चयन
राजस्थान रणजी टीम में चूरू के हेमंत कुमार का चयन हुआ है। हेमंत जयपुर में होने वाले दो रणजी ट्रॉफी मैचों में भाग लेने के लिए चुने गए हैं। जिला क्रिकेट संघ के संयुक्त सचिव जगदीश शर्मा ने बताया कि हेमंत चार दिवसीय रणजी मैच में भाग लेने वाले जिले के एकमात्र खिलाड़ी हैं। संघ के सचिव सुशील शर्मा ने बताया कि हेमंत राज्य स्तरीय सीनियर कॉल्विन शील्ड प्रतियोगिता में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज रहे हैं। राजगढ़ तहसील के रहने वाले हेमंत लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे है। राजस्थान में 5-6 गेंदबाज राष्ट्रीय स्तर के होने के कारण वे चयन से वंचित हो रहे थे। 11 अक्टूबर को जयपुर में होने वाले मैच में हेमंत राजस्थान टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे।
Sirmour News: गुरु नानक मिशन पब्लिक स्कूल के विद्यार्थी राजस्थान शैक्षणिक भ्रमण पर निकले
गुरु नानक मिशन पब्लिक स्कूल के विद्यार्थी राजस्थान शैक्षणिक भ्रमण पर निकले
कन्हैया लाल हत्याकांड में 5 आरोपियों को राजस्थान हाईकोर्ट से झटका, जमानत याचिकाएं खारिज
जयपुर/उदयपुर। उदयपुर के चर्चित कन्हैया लाल हत्याकांड से जुड़े मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने पांच आरोपियों को फिलहाल राहत देने से इनकार कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल और न्यायमूर्ति समीर जैन की खंडपीठ ने वसीम अली, मुस्लिम खान, मोहसिन खान, मोहम्मद मोहसिन और आसिफ हुसैन की ओर से दायर अलग-अलग जमानत याचिकाएं […] The post कन्हैया लाल हत्याकांड में 5 आरोपियों को राजस्थान हाईकोर्ट से झटका, जमानत याचिकाएं खारिज appeared first on Sabguru News .
एशियन गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाने वाली निशानेबाज माहेश्वरी चौहान शनिवार को उदयपुर पहुंची। खेल जगत की हस्तियों और खेल प्रेमियों ने माहेश्वरी का स्वागत किया। राजसमंद राइफल एसोसिएशन की ओर से फतहसागर स्थित राज बाग में शाम को आयोजित सम्मान समारोह में माहेश्वरी की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए उनकी मेहनत, संघर्ष और सफलता को सलाम किया गया। तालियों के साथ फूल बरसाते हुए उनकी अगवानी की गई। इससे पहले शनिवार सुबह दिल्ली और उदयपुर के डबोक एयरपोर्ट पर तिलक लगाकर भव्य स्वागत किया गया। उदयपुर में शाम को हुए समारोह में सबसे पहले माहेश्वरी के परिवारजन राघवेंद्र सिंह राठौड़, प्रदीप सिंह चौहान, अधिराज सिंह राठौड़, अनंत सिंह राठौड़ और जितेंद्र सिंह राठौड़ ने अगवानी के साथ स्वागत कर बधाई दी। गांव की मिट्टी से निकलकर जापान में तिरंगा लहराया समारोह में वक्ताओं ने माहेश्वरी की उपलब्धि को याद करते हुए कहा कि एक छोटे से गांव की मिट्टी से निकलकर जापान में तिरंगा ऊंचा करना कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। उनके एशियन गेम्स पदक के पीछे वर्षों की मेहनत, अनगिनत घंटे का अभ्यास, त्याग और परिवार का अटूट विश्वास रहा है। यहां पर उदयपुर, राजसमंद, बांसवाड़ा और जालौर के प्रमुखजनों ने स्वागत किया। पिता ने गांव में बनवा दी शूटिंग रेंज वक्ताओं ने माहेश्वरी की सफलता की कहानी में परिवार के योगदान को भी विशेष रूप से याद किया गया। उन्हें निशानेबाजी की शुरुआती सीख अपने दादा से मिली। पिता प्रदीप सिंह चौहान ने बेटी की प्रतिभा को पहचाना और उसके सपने को उड़ान देने के लिए जालोर जिले के सियाणा गांव में ही शूटिंग रेंज तैयार करवाई। पेरिस ओलंपिक की निराशा को बनाया नई मेहनत की वजह राजसमंद राईफल एसोसिएशन के अध्यक्ष, उदयपुर के उद्यमी और माहेश्वरी के ससुर राघवेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा- जब पेरिस ओलंपिक में पदक बेहद मामूली अंतर से निकल गया था। उस निराशा के बावजूद माहेश्वरी ने रुकना स्वीकार नहीं किया। राजसमंद के केलवा स्थित शूटिंग रेंज पर लगातार अभ्यास जारी रखा और अपने लक्ष्य पर निशाना साधती रहीं। आखिरकार जापान में उनकी मेहनत रंग लाई और एशियन गेम्स में पदक जीतकर उन्होंने देश का गौरव बढ़ाया। बेटी के लंबे संघर्ष का परिणाम है इस मौके पर माहेश्वरी के पिता जालोर राईफल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप सिंह चौहान ने कहा कि केवल सुविधा मिल जाने से सफलता हासिल नहीं होती। माहेश्वरी ने उस अवसर को अपनी मेहनत, अनुशासन और लगातार अभ्यास से सफलता में बदला। राष्ट्रीय और अंतरर्राष्ट्रीय स्तर पर कई उपलब्धियों के बाद एशियन गेम्स में कांस्य पदक उनके इसी लंबे संघर्ष का परिणाम है। बहू को ससुराल ने भी आगे बढ़ाया समारोह में उदयपुर राईफल एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरमदेव सिंह कृष्णावत ने कहा- माहेश्वरी ने सिर्फ एक पदक नहीं जीता, बल्कि अपने परिवार का विश्वास, अपने गांव का मान और राजस्थान का गौरव बढ़ाया है। उनकी सफलता आने वाली बेटियों के लिए भी प्रेरणा है कि वे बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी मेहनत के साथ आगे बढ़ें। कृष्णावत ने कहा कि जालोर से बेटी उदयपुर आ गई, लेकिन यहां ससुराल में भी बहू को राईफल शूटिंग में आगे बढ़ने के लिए उसको सपोर्ट करते हुए उत्साह बढ़ाया। इस दौरान बांसवाड़ा राइफल संघ के अध्यक्ष दिव्य राज सिंह, राजसमंद राइफल संघ के उपाध्यक्ष देवेन्द्र सिंह राठौड़, कायाकिंग केनोइंग के पूर्व चेयरमैन पीयूष कच्छावा, उदयपुर बेडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल भंडारी, उदयपुर जिम्नास्टिक एसोसिएशन के अध्यक्ष हिम्मत सिंह चौहान, पूर्व जिला खेल अधिकारी शकील हुसैन ने भी स्वागत किया। एशियन गेम्स 2026 में माहेश्वरी ने नाम कमाया माहेश्वरी ने एशियन गेम्स 2026 की महिला स्कीट टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। आइची-नागोया में आयोजित इस प्रतियोगिता में भारतीय टीम ने तीसरा स्थान हासिल किया। भारतीय टीम में शामिल माहेश्वरी चौहान, राइजा ढिल्लों, परिनाज धालीवाल ने 331 अंकों के संयुक्त स्कोर के साथ यह सफलता पाई। इस स्पर्धा में चीन ने स्वर्ण पदक जीता। कजाकिस्तान ने रजत पदक जीता। प्रधानमंत्री दे चुके बधाई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 23 सितंबर को महिलाओं की स्कीट टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने पर परिनाज धालीवाल, माहेश्वरी चौहान और राइजा ढिल्लों को बधाई दे चुके है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी एकाग्रता, सटीकता और टीमवर्क ने भारतीय खेलों के लिए एक और गर्व का क्षण दिया है। उन्होंने इन खिलाड़ियों को उनके आगामी प्रयासों के लिए शुभकामनाएं भी दीं। जालोर में जन्मी माहेश्वरी उदयपुर की बहू माहेश्वरी ने जालौर में अपने दादा गणपत सिंह एवं पिता प्रदीप सिंह से निशानेबाजी की सीख ली। पिता ने बेटी की प्रतिभा को पहचानते हुए उसके सपनों को उड़ान देने के लिए जालौर के सियाणा गांव में ही शूटिंग रेंज तैयार करवाई। शादी के बाद माहेश्वरी ने केलवा स्थित राजसमंद राइफल शूटिंग संघ की शूटिंग रेंज पर अभ्यास कर अपनी प्रतिभा को और निखारा। परिवार ने भी उनके खेल सफर में हर संभव सहयोग दिया। 4 जुलाई 1996 को जालौर के सियाणा गांव में जन्मी माहेश्वरी ने दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से पढ़ाई की। वह वर्तमान में केलवा स्थित जिला राइफल संघ की शूटिंग रेंज में अभ्यास करती हैं। उनके पति अधिराज सिंह हैं और वे राजसमंद के पूर्व सांसद हरिओम सिंह के परिवार से हैं।
SBIOA जयपुर सर्किल ने राजस्थान स्पाइकर्स टीम का किया सम्मान, VCL के लिए शुभकामनाएँ
जयपुर में SBIOA ने राजस्थान स्पाइकर्स वॉलीबॉल टीम का साफा, उपरना और माला पहनाकर सम्मान किया। VCL के पहले सीजन से पहले टीम की तैयारियों, खिलाड़ियों और पदाधिकारियों ने सफलता की उम्मीद जताई।
नशा मुक्त राजस्थान 2029: एएनटीएफ की छह जिलों में कार्रवाई, 424 किलो से अधिक मादक पदार्थ जब्त
राजस्थान के छह जिलों में एएनटीएफ ने एक साथ कार्रवाई कर 424 किलो से अधिक डोडा पोस्त, अफीम, एमडीएमए और एमडी जब्त किया। सात आरोपी गिरफ्तार और चार वाहन जब्त किए गए, जबकि तस्करी नेटवर्क की जांच जारी है।
मध्य प्रदेश: नीलोफर हत्याकांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी, फरार आरोपी जयपुर से गिरफ्तार
Bhopal , 3 अक्टूबर . Madhya Pradesh के खरगोन के चर्चित नीलोफर हत्याकांड में Police को बड़ी सफलता मिली है. एक महीने से अधिक समय से फरार चल रहे आरोपी नईम खान फतेह को खरगोन Police ने Rajasthan के jaipur से गिरफ्तार किया है. आरोपी की गिरफ्तारी पर Police अधीक्षक द्वारा 10 हजार रुपए का ... Read more
Rajasthan में पंचायत चुनाव से पहले 14 IPS और 15 RAS अधिकारियों का तबादला
जयपुर, तीन अक्टूबर राजस्थान सरकार ने शनिवार को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 14 अधिकारियों और राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) के 15 अधिकारियों का तबादला कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। राज्य के कार्मिक विभाग ने दो अलग-अलग आदेश जारी कर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वहीं राजस्थान प्रशासनिक सेवा के 10 अन्य अधिकारियों को पद से हटाकर पदस्थापन की प्रतीक्षा (एपीओ) में रखा गया। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायत राज चुनाव की घोषणा से कुछ घंटे पहले यह आदेश जारी किया गया। तबादला आदेश के अनुसार, फलोदी, दौसा, सिरोही और सीकर जिलों के पुलिस अधीक्षक भी बदले गए हैं। आदेश में बताया गया कि 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी अजय सिंह को जयपुर पुलिस आयुक्तालय में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) के पद पर तैनात किया गया है। आदेश के मुताबिक, 2009 बैच के आईपीएस रामेश्वर सिंह का तबादला जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) पद से जयपुर में ही अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) के पद पर किया गया है। आईपीएस विकास शर्मा का तबादला पुलिस मुख्यालय में उप-महानिरीक्षक (कार्मिक) पद से विशेष अभियान समूह (एसओजी) जयपुर के उप-महानिरीक्षक पद पर किया गया है। आदेश के अनुसार, बीकानेर में अतिरिक्त आयुक्त नरेंद्र पाल सिंह को जैसलमेर में अतिरिक्त जिला कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वहीं, अजमेर विकास प्राधिकरण के सचिव अनिल कुमार पूनिया का तबादला बांसवाड़ा स्थित गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार पद पर किया गया है। आदेश के तहत कुल 15 आरएएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। वहीं, पद से हटाकर पदस्थापन की प्रतीक्षा में रखे गए 10 आरएएस अधिकारियों में झुंझुनू के अतिरिक्त जिला कलेक्टर अजय कुमार आर्य और जैसलमेर के अतिरिक्त जिला कलेक्टर परसाराम शामिल हैं।
बिहार में बाढ़ से 4 लाख लोग प्रभावित, यूपी में नदियां उफान पर; वीडियो में जाने राजस्थान में दिन में गर्मी और रात में बढ़ी ठंड
राजस्थान : कांग्रेस ने निकाय चुनाव में क्रॉस-वोटिंग और संगठनात्मक खामियों के आरोपों की जांच शुरू की
jaipur, 3 अक्टूबर . कांग्रेस पार्टी ने Rajasthan में हाल ही में हुए शहरी निकाय चुनावों के दौरान क्रॉस-वोटिंग और संगठनात्मक खामियों के आरोपों की आंतरिक जांच शुरू कर दी है. पार्टी ने कई नगर निकायों में मिली हार की समीक्षा के लिए नौ सदस्यीय समिति का गठन किया है. Rajasthan विधानसभा के पूर्व स्पीकर ... Read more
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में शनिवार को शासन सचिवालय में अडानी रिन्यूएबल एनर्जी पार्क राजस्थान लिमिटेड के निदेशक मंडल की 39वीं बैठक आयोजित हुई।
राजस्थान सरकार के कार्मिक विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और आगामी पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनावों के मद्देनजर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आरएएस) के अधिकारियों के तबादले और पदस्थापन के आदेश तत्काल प्रभाव से जारी किए हैं। राज्यहित में किए गए इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
राजस्थान पंचायती राज चुनाव का आज होगा बड़ा ऐलान
राजस्थान के राजनीतिक गलियारों और ग्रामीण अंचलों से इस समय प्रदेश के सबसे बड़े लोकतांत्रिक पर्व यानी पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को लेकर एक बेहद सनसनीखेज और बड़ी खबर सामने आ रही है। राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission Rajasthan) द्वारा आज किसी भी समय पंचायती राज चुनावों के आधिकारिक कार्यक्रम और तारीखों का ऐलान किया जा सकता है, जिसके बाद दोपहर के वक्त ही पूरे राज्य में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) को सख्ती से लागू कर दिया जाएगा। इस चुनाव के मैदान में प्रदेश के कुल 4.03 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करके यह तय करेंगे कि उनके गांवों की सरकार (Gaon Ki Sarkar) की कमान किस जनप्रतिनिधि के हाथों में सौंपी जाएगी। उत्तर प्रदेश से लेकर राजस्थान तक राजनीतिक दलों और ग्रामीण विकास की योजनाओं पर नजर रखने वाले विश्लेषकों का यह मानना है कि यह चुनाव आगामी राजनीतिक समीकरणों की दिशा तय करने में सबसे अहम भूमिका निभाने वाला है। जैसे ही चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस और तारीखों की घोषणा की जाएगी, वैसे ही जिला परिषदों, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों के स्तर पर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच जाएगी, और गांवों की चौपालों से लेकर चाय की दुकानों तक केवल चुनावों की ही चर्चाएं गूंजने लगेंगी।राजस्थान में पंचायती राज चुनावों का बिगुल और 4.03 करोड़ मतदाताओं की विशाल ताकतप्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस बार राजस्थान के इन बहुप्रतीक्षित पंचायती राज चुनावों में 4.03 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, जिनमें महिला मतदाताओं की संख्या भी एक निर्णायक भूमिका निभाने जा रही है। निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव की सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली जा चुकी हैं, और सुरक्षा तथा निष्पक्षता के पुख्ता इंतजाम करने के लिए प्रशासनिक अमले को पूरी तरह से मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। गांवों के विकास कार्यों, मनरेगा, सड़क, पानी, बिजली और शिक्षा जैसे जमीनी मुद्दों को लेकर ग्रामीण जनता इस चुनाव में अपने प्रतिनिधियों का मूल्यांकन करेगी। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों की तर्ज पर ही राजस्थान के गांवों में भी ग्राम पंचायत और प्रधान पद का चुनाव प्रतिष्ठा का प्रश्न बन जाता है, जहां हर एक प्रत्याशी अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक देता है। मतदाताओं की यह विशाल संख्या यह साबित करती है कि भारत के लोकतंत्र की असली ताकत गांवों की मिट्टी में ही बसती है, और जब जनता अपने वोट की चोट करती है, तो बड़े-बड़े सियासी दिग्गजों के समीकरण हिल जाते हैं।दोपहर बाद लागू होगी आदर्श आचार संहिता, प्रशासनिक मशीनरी और राजनीतिक दलों पर कसेगा शिकंजाचुनाव आयोग की घोषणा के साथ ही आज दोपहर के बाद पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी, जिसका मतलब यह होगा कि अब सरकारी स्तर पर किसी भी नई लोकलुभावन घोषणा या उद्घाटन का कार्य नहीं किया जा सकेगा। आचार संहिता लागू होने के बाद राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को चुनाव आयोग द्वारा तय किए गए कड़े नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा, जिसमें रैलियों, विज्ञापनों और खर्च की सीमाओं पर कड़ी नजर रखी जाएगी। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को यह स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना किसी राजनीतिक दबाव के निष्पक्ष तरीके से आचार संहिता का पालन करवाएं और अवैध शराब, नकदी या मतदाताओं को प्रभावित करने वाले उपहारों के वितरण पर पूरी तरह से रोक लगाएं। राजस्थान के सभी जिलों के जिला कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी अपनी-अपनी टीमों के साथ चुनावी मोड में आ चुके हैं, और मतदान केंद्रों के भौतिक सत्यापन तथा सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया जा रहा है।'गांव की सरकार' चुनने के लिए प्रत्याशियों में मची होड़, राजनीतिक दलों ने भी झोंकी पूरी ताकतपंचायती राज संस्थाओं के इन चुनावों में केवल स्थानीय चेहरे ही नहीं, बल्कि प्रदेश की मुख्य राजनीतिक पार्टियां यानी कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) भी अपने समर्थित उम्मीदवारों के जरिए अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की फिराक में हैं। हालांकि ये चुनाव दलीय आधार पर नहीं होते हैं, फिर भी राजनीतिक दल अंदरखाने अपने समर्थित पैनलों को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक देते हैं ताकि आगामी विधानसभा या लोकसभा चुनावों से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी राजनीतिक जमीन को और अधिक पुख्ता किया जा सके। गांवों के युवा, महिलाएं और बुजुर्ग इस बात को लेकर बेहद उत्साहित हैं कि वे अपने क्षेत्र के विकास की बागडोर ऐसे व्यक्ति के हाथ में सौंपे जो उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कर सके। सोशल मीडिया और नुक्कड़ सभाओं के जरिए प्रचार-प्रसार का दौर आज दोपहर के बाद से ही बहुत तेजी से रफ्तार पकड़ लेगा।निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराना निर्वाचन आयोग की सबसे बड़ी प्राथमिकतासंक्षेप में कहें तो राजस्थान में पंचायती राज चुनावों का यह शंखनाद लोकतंत्र के महापर्व की तरह है, जहां हर एक ग्रामीण नागरिक को अपनी सरकार खुद चुनने का सुनहरा अवसर मिलता है। आचार संहिता के दायरे में रहकर शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान संपन्न कराना ही इस समय निर्वाचन आयोग और प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
यूपी में धीमी पड़ी मॉनसून की रफ्तार… हिमाचल-उत्तराखंड में अलर्ट, जानें दिल्ली से राजस्थान तक का हाल
यूपी में धीमी पड़ी मॉनसून की रफ्तार… हिमाचल-उत्तराखंड में अलर्ट, जानें दिल्ली से राजस्थान तक का हाल
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान कांग्रेस में इन दिनों आपसी फूट का एक ताजा मामला सामने आया हुआ हैं, गहलोत सरकार में मंत्री रहे विश्वेंद्र सिंह इन दिनों पार्टी अध्यक्ष के खिलाफ मुखर हो रहे है। उन्होंने निकाय चुनावों में मिली हार के लिए प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा और भरतपुर, डीग के जिलाअध्क्षों को जिम्मेदार ठहराया, इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा मैंने मान सम्मान और स्वाभिमान से जीवन जिया, उन्होंने आगे लिखा गलत नीति-रीति के साथ कदमताल करने की बजाया अलविदा कहना ही बेहतर है। नोटिस किया गया जारी मीडिया रिपोटर्स की माने तो विश्वेंद्र सिंह के फेसबुक अकाउंट पर कांग्रेस की अनुशासन समिति के नाम से जारी कारण बताओ नोटिस की कॉपी भी सामने आई है, दूसरी तरफ कांग्रेस संगठन की ओर से इसे कारण बताओ नोटिस मानने से इनकार किया जा रहा है, पार्टी का कहना है कि मामला अनुशासन समिति के पास पहुंचा है और सभी पक्षों से बातचीत की प्रक्रिया हो सकती है, लेकिन फिलहाल विश्वेंद्र सिंह के खिलाफ किसी औपचारिक नोटिस या जांच की स्थिति नहीं है, ऐसे में पूरे मामले में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। क्या लिखा सिंह ने खबरों की माने तो विश्वेंद्र सिंह ने फेसबुक पर नोटिस की कॉपी साझा करते हुए कांग्रेस की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाए हैं, उन्होंने अनुशासन समिति के अध्यक्ष उदयलाल आंजना के पत्र को लेकर भी सवाल खड़े किए, विश्वेंद्र सिंह ने लिखा कि पहले आंजना जी के नोटिस का जवाब दें या प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयानों पर प्रतिक्रिया दें, उन्होंने यह भी कहा कि एक तरफ डोटासरा उन्हें अपने बड़े भाई के रूप में देख रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ पार्टी की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई की बात सामने आ रही है। pc- firstindianews.com
प्रदेश में आमजन को सुरक्षित, पौष्टिक एवं स्वस्थ खान-पान के प्रति जागरूक करने के लिए ‘सही खान-पान, स्वस्थ राजस्थान’ अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत 3 से 16 अक्टूबर तक विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान का संदेश ‘सुरक्षित खाएं-स्वस्थ रहें-स्थानीय खाएं-मिलावट को हराएं’ रहेगा। सीएमएचओ डॉक्टर संजीव शर्मा ने बताया कि जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू के निर्देशन में आयोजित होने वाले अभियान में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों, मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब टीमों, स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों एवं संबंधित संस्थानों के सहयोग से आमजन तक सुरक्षित खान-पान का संदेश पहुंचाया जाएगा। स्कूलों में ईट राइट गतिविधियां अभियान के प्रारंभिक चरण में 3 एवं 5 अक्टूबर को ‘स्कूल ईट राइट डे’ के तहत स्कूलों में विभिन्न गतिविधियां होंगी। विद्यार्थियों को स्वस्थ टिफिन, पौष्टिक नाश्ता, श्रीअन्न के उपयोग, हाथ धोने के सही तरीके और खाद्य पदार्थों के लेबल पढ़ने के बारे में जानकारी दी जाएगी। पोस्टर, स्लोगन एवं निबंध प्रतियोगिताओं के साथ ‘मास्टर/मिस ईट राइट’ स्टूडेंट एम्बेसडर जैसी गतिविधियां भी होंगी। मौके पर खाद्य पदार्थों की जांच 6 एवं 7 अक्टूबर को ‘मिलावट को पहचानो-मिलावट को हराओ’ अभियान के तहत मिलावट के प्रति जागरूक किया जाएगा। मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के माध्यम से दूध, घी, तेल, मसाले एवं मिठाइयों सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान के आसान तरीकों की जानकारी दी जाएगी। आमजन द्वारा लाए गए खाद्य नमूनों की मौके पर जांच कर उन्हें खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा। स्वस्थ राजस्थानी थाली का संदेश 8 एवं 9 अक्टूबर को ‘हेल्दी राजस्थान-हेल्दी थाली डे’ आयोजित होगा। इसमें स्थानीय एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देने के साथ कम नमक, कम चीनी और कम तेल के उपयोग का संदेश दिया जाएगा। फल, सब्जियां, दाल, दूध-दही और श्रीअन्न को स्वस्थ थाली का हिस्सा बनाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा। खाद्य पदार्थ खरीदने से पहले लेबल जरूर पढ़ें 11 एवं 12 अक्टूबर को ‘रीड द लेबल-ईट राइट, ईट सेफ’ गतिविधियां होंगी। आमजन को पैकेट बंद खाद्य सामग्री खरीदने से पहले एफएसएसएआई लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन नंबर, निर्माण एवं पैकिंग तिथि, बेस्ट बिफोर/एक्सपायरी डेट, सामग्री, पोषण संबंधी जानकारी तथा शाकाहारी/मांसाहारी चिह्न देखने के लिए जागरूक किया जाएगा।यह गतिविधियां मॉल, प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों, सरकारी कार्यालयों, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड आदि जगह आयोजित की जाएंगी। कॉलेज एवं अस्पतालों में ‘ईट राइट कैम्पस’ 13 एवं 14 अक्टूबर को ‘ईट राइट कैम्पस डे’ के तहत कॉलेजों, विश्वविद्यालयों एवं अस्पतालों में जागरूकता कार्यक्रम होंगे। कैंटीन की स्वच्छता, फूड हैंडलर्स का प्रशिक्षण, सुरक्षित पेयजल, हेल्दी एवं मिलेट मेन्यू तथा भोजन की बर्बादी रोकने पर विशेष जोर रहेगा। भोजन की बर्बादी रोकने का संदेश 15 एवं 16 अक्टूबर को ‘फूड वेस्ट-सेव फूड डे’ के तहत होटल, रेस्टोरेंट, कैंटीन, हॉस्टल, मैरिज गार्डन, कैटरिंग प्रतिष्ठानों एवं स्ट्रीट फूड वेंडर्स को भोजन की बर्बादी रोकने के लिए जागरूक किया जाएगा। इस दौरान ‘उतना ही लें थाली में, जितना व्यर्थ न जाए नाली में’ का संदेश दिया जाएगा। भोजन साझा करने, जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने और खाद्य अपशिष्ट को अलग रखने के प्रति भी जागरूक किया जाएगा। स्वस्थ जीवनशैली के लिए दिलाई जाएगी शपथ अभियान के दौरान आमजन को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए शपथ भी दिलाई जाएगी। इसमें पैकेट बंद खाद्य सामग्री खरीदने से पहले लेबल पढ़ने, भोजन में नमक, तेल एवं चीनी की मात्रा कम करने, सप्ताह में कम से कम तीन दिन श्रीअन्न का सेवन करने, प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योग अथवा शारीरिक व्यायाम करने तथा भोजन को व्यर्थ नहीं करने का संकल्प शामिल है।
सही खान-पान स्वस्थ राजस्थान' अभियान के तहत खैरथल-तिजारा जिले में शनिवार को जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अरविंद गेट के दिशा-निर्देशों के तहत राजस्थान सरकार द्वारा 3 से 16 अक्टूबर तक इस विशेष अभियान का आयोजन किया जा रहा है।
Rajasthan Weather: मानसून की विदाई के बीच बढ़ा तापमान, जानें अपने शहर के मौसम का हाल
PC: AAJ TAK राजस्थान में मानसून का दौर अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, राज्य के अधिकांश हिस्सों से मानसून की विदाई प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। मानसून की विदाई के साथ ही प्रदेश के तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है और कई जिलों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में राजस्थान में मौसम मुख्य रूप से शुष्क (Dry) बना रहेगा। हालांकि, सुबह और देर रात के समय हल्की ठंडक की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन दोपहर के समय कड़ी धूप और गर्मी से लोग अभी परेशान हैं। प्रमुख शहरों के तापमान का हाल फलोदी, बीकानेर और श्रीगंगानगर: पश्चिमी राजस्थान के इन सीमावर्ती जिलों में अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है, जिससे दोपहर में तेज गर्मी महसूस हो रही है। जयपुर व आसपास के क्षेत्र: राजधानी जयपुर समेत आसपास के जिलों में आसमान साफ है और दिन में हल्की धूप के साथ मौसम शुष्क बना हुआ है। आगामी दिनों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल अगले कुछ दिनों तक राज्य में किसी भारी बारिश की संभावना नहीं है। अक्टूबर के पहले हफ्ते के अंत में हवा के पैटर्न में बदलाव के चलते तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है, जिससे सुबह-शाम ठंड का असर और बढ़ेगा।
Weather Update: बिहार में बाढ़ से 4 लाख लोग प्रभावित, यूपी में बारिश का अलर्ट नहीं; राजस्थान में 40C पार गर्मी
मुरैना में 4 हजार का इनामी बदमाश:चोरी-नकबजनी के मामले में था फरार, राजस्थान के धौलपुर से गिरफ्तार
मुरैना जिले में फरार और इनामी बदमाशों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली थाना पुलिस ने चोरी और नकबजनी के मामले में फरार चल रहे आरोपी को राजस्थान के धौलपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना ने 4 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजा खां पुत्र कलुआ खां (28), निवासी ग्राम विप्रपुर, थाना मनियां, जिला धौलपुर (राजस्थान) के रूप में हुई है। वह कोतवाली थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 448/26, धारा 331(4) और 305(ए) बीएनएस के मामले में फरार चल रहा था। लंबे समय से तलाश कर रही थी पुलिस कोतवाली थाने में पदस्थ एसआई पवन भदौरिया के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ चोरी और नकबजनी के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस उसकी लंबे समय से तलाश कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से उसके धौलपुर में होने की सूचना मिली। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे धौलपुर जिले से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। अन्य वारदातों का भी हो सकता है खुलासा पुलिस के मुताबिक राजा खां शातिर चोर है और उसके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। पूछताछ में उससे चोरी और नकबजनी की अन्य वारदातों के संबंध में जानकारी मिलने की उम्मीद है। पुलिस अब इन मामलों में उसकी भूमिका और संभावित साथियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
सवाई के रक्षित श्रीमाल का राजस्थान अंडर 19 की संभावित टीम में चयन
सवाई माधोपुर |जिले के युवा क्रिकेटर रक्षित श्रीमाल का राजस्थान की 20 सदस्यीय संभावित अंडर-19 टीम में उनका चयन हुआ। राज्यस्तरीय अंडर-19 प्रतियोगिता के अभ्यास मैचों में रक्षित ने शानदार बैटिंग करते हुए 151 रन बनाए और प्रदेश के टॉप-3 स्कोररों में जगह बनाई। इस प्रदर्शन के दम पर चयनकर्ताओं ने उन्हें संभावित 20 में शामिल किया। राजस्थान की टीम 8 अक्टूबर को राजकोट में मध्य प्रदेश (इंदौर) के खिलाफ पहला मुकाबला खेलेगी। कोच सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि रक्षित ने लगातार मेहनत और प्रदर्शन से यह मुकाम पाया है।
इंटक की संविधान संशोधन और वित्त समिति बैठक से पहले राजस्थान नेतृत्व दिल्ली रवाना
इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी जगदीश राज जुमेली उदयपुर से दिल्ली रवाना हुए हैं। वे नई दिल्ली स्थित इंटक के राष्ट्रीय मुख्यालय में होने वाली संविधान संशोधन समिति और वित्त समिति की बैठकों में हिस्सा लेंगे। संगठन के अनुसार वित्त समिति की बैठक में वे अपने विचार रखेंगे और इसकी अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जी. संजीव रेड्डी करेंगे। बताया गया है कि इंटक में संविधान संशोधन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो आगामी राष्ट्रीय अधिवेशन में संशोधन का मसौदा पेश करेगी। इसी क्रम में डॉ. जी. संजीव रेड्डी की अध्यक्षता में संविधान संशोधन समिति की बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें जुमेली सुझाव देंगे। इन दोनों बैठकों को दिल्ली में होने वाले राष्ट्रीय महाधिवेशन से पहले नीतिगत दिशा, वित्तीय स्थिति और आगे की रणनीति तय करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
मदरसों पर किसका और कितना नियंत्रण? राजस्थान हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से मांगी रिपोर्ट
राजस्थान हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से करीब तीन हजार मदरसों के संचालन, नियंत्रण और पर्यवेक्षण पर जवाब मांगा है। जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस चंद्र शेखर शर्मा की बेंच ने सरकार को हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया।
jaipur, 2 अक्टूबर . Rajasthan के पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह और प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के बीच विवाद और बढ़ गया है. कांग्रेस की अनुशासन समिति ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पार्टी के अन्य नेताओं को लेकर दिए गए हालिया बयानों पर विश्वेंद्र सिंह को नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा ... Read more
jaipur, 2 अक्टूबर . Rajasthan के Chief Minister भजनलाल शर्मा ने Friday को प्रदेशभर के सरपंचों और पंचायती राज प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया. इस दौरान ग्रामीण विकास, Governmentी कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने और जमीनी स्तर पर शासन व्यवस्था को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई. कार्यक्रम jaipur के माहेश्वरी पब्लिक स्कूल ... Read more
करौली के शिव पैलेस में अखिल भारतीय प्रारंभिक शिक्षक महासंघ (AIFETO) की बैठक हुई। इसमें सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और शिक्षक-शिक्षार्थियों के हितों की रक्षा के लिए राजस्थान में 'शैक्षिक गुणवत्ता चेतना यात्रा' निकालने की घोषणा की गई। बैठक की अध्यक्षता शिक्षक नेता रामनिवास पाराशर ने की। AIFETO के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राममूर्ति स्वामी ने सार्वजनिक शिक्षा को मजबूत बनाए रखने और शोषणात्मक प्रवृत्तियों के खिलाफ आवाज उठाने पर जोर दिया। प्रांतीय महासचिव मुकेश सारस्वत ने बताया कि यात्रा से शिक्षकों में जागरूकता बढ़ेगी। इस बैठक में पुरुषोत्तम शर्मा को AIFETO का करौली जिला संयोजक बनाया गया। उन्हें 15 दिन में जिला कार्यकारिणी बनाने के निर्देश दिए गए। इस दौरान रामकुमार माहिया, गुरचरण सिंह, मंजू सहित कई पदाधिकारियों और शिक्षक मौजूद रहे।
कार्यक्रम में नशा मुक्त युवा मानव श्रृंखला के अवलोकन से हुई। इसके बाद नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित लघु फिल्म नई किरण का प्रदर्शन किया गया। नुक्कड़ नाटक और अन्य जागरुकता गतिविधियों के माध्यम से भी युवाओं को नशे से होने वाले नुकसान के बारे में बताया गया।
हरित ऊर्जा कॉरिडोर GEC-III से राजस्थान में 13,255 मेगावाट हरित ऊर्जा निकासी का प्रस्ताव
केन्द्र की 1.86 लाख करोड़ रुपये की GEC-III योजना से राजस्थान में 13,255 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा निकासी के लिए 5,963 सर्किट किमी प्रसारण लाइन और 35,090 एमवीए उपकेन्द्र क्षमता विकसित होगी।
45 वें इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (आईआईटीएफ)-2026 का आयोजन 14 से 27 नवंबर, 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम, प्रगति मैदान में किया जाएगा...
झालावाड़ के देवरी कला जागीर गांव के जयेश नागर का भारत सरकार के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ युवा संगम फेज-7 के लिए चयन हुआ है। भीलवाड़ा के राजकीय चिकित्सा कॉलेज में एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र जयेश राजस्थान का प्रतिनिधित्व करते हुए सिक्किम जाएंगे। राजस्थान से मिली 11 हजार से ज्यादा एंट्रीज में से चयनित 50 छात्रों में वे एकमात्र मेडिकल स्टूडेंट हैं। 11 हजार से ज्यादा एंट्रीज में 50 का चयन युवा संगम फेज-7 के लिए राजस्थान से 11 हजार से अधिक एंट्रीज प्राप्त हुईं। इनमें से 50 छात्रों का चयन किया गया है। जयेश नागर को इन चयनित प्रतिभागियों में जगह मिली है। वे चिकित्सा शिक्षा के साथ सामाजिक सेवा और छात्र गतिविधियों में भी सक्रिय रहे हैं। 7 अक्टूबर को IIT जोधपुर में फ्लैग-ऑफ राजस्थान दल का फ्लैग-ऑफ समारोह 7 अक्टूबर को आईआईटी जोधपुर में आयोजित होगा। इसके बाद प्रतिभागी सिक्किम में वहां की संस्कृति, परंपराओं, तकनीक और पर्यटन को करीब से समझेंगे। इस दौरान राजस्थान के प्रतिभागी प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और विरासत को भी सिक्किम के लोगों के सामने साझा करेंगे। मेडिकल कैंपों में भी दे चुके हैं सेवाएं जयेश नागर इससे पहले ‘धन्वंतरी सेवा यात्रा’ के तहत अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में आयोजित मेडिकल कैंपों में हिस्सा ले चुके हैं। चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े होने के साथ वे सामाजिक सेवा और छात्र गतिविधियों में भी सक्रिय रहे हैं। Google Student Ambassador के लिए भी चयन जयेश नागर का चयन ‘गूगल इंडिया’ के ‘गूगल स्टूडेंट एंबेसडर-2026’ के लिए भी हुआ है। युवा संगम में चयन के साथ उनकी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। उनके चयन से देवरी कला जागीर गांव और झालावाड़ जिले का नाम भी राष्ट्रीय स्तर के इस युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम से जुड़ा है।
जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- ढाई साल पहले जब हमारी सरकार आई तो हमें खंडहर राजस्थान मिला था। जैसे कोई पुराना खंडहर मकान होता है, जब उसको संभालने की जिम्मेदारी मिलती है तो पहले उसके चारों ओर चक्कर लगाते हैं। देखते है कि काम कहां से शुरू करें, यहां से टूटा, वहां से फूटा, यह स्थिति हो गई थी। सीएम भजनलाल शर्मा ने जयपुर में जवाहर नगर स्थित माहेश्वरी पब्लिश स्कूल में शुक्रवार को पंचायती राज जनप्रतिनिधियों से संवाद कार्यक्रम में यह कहा। सीएम ने कहा- तब भ्रष्टाचार का आलम था, युवा रो रहे थे, किसान की हालत खराब थी। हमने सबको बुलाया, चर्चा की, आखिरकार काम कहां से शुरू किया जाए। हमने सबसे पहले पानी और बिजली के क्षेत्र में काम करना शुरू किया। पानी को लेकर हमने चार अंतरराष्ट्रीय जल समझौते किए, जो सालों से अटके हुए थे। 26 जिलों में हम किसानों को दिन में बिजली दे रहे हैं। साल 2027 से प्रदेश के सभी किसानों को दिन में बिजली मिलेगी। कहा- कांग्रेसियों के लिए मैथ का ट्यूशन लगवा दूंगा सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा- जब मैंने 4 लाख सरकारी नौकरियां देने की बात कही थी तो कांग्रेसियों ने कहा कि झूठ बोल रहे हैं, ये नहीं दे सकते हैं। ये क्या, कोई नहीं दे सकता है। मैंने कांग्रेस के लोगों को कल भी कहा था कि आप नोट करते जाइए, डायरी-पेन जेब में रखिए। अभी तक 1.94 लाख लोगों को नियुक्तियां दे चुके हैं। 1.22 लाख पदों के लिए परीक्षा हो चुकी हैं। 1.25 लाख नौकरियां प्रक्रियाधीन हैं। कांग्रेसियों से कह रहा हूं कि जोड़ लगा लीजिए। अब तो मैं उनसे कहने लग गया हूं कि अगर आपकी मैथेमेटिक्स कमजोर है तो मैथ का ट्यूशन भी लगवा दूंगा। आप बता दीजिए कि किस-किस को ट्यूशन लगवाना है। इससे वे रोज गुणा-भाग करके उनको बता दें कि इतना हो गया है। बोले- आज भी मुझे गांव में पहले सरपंच कहते हैं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- पंचायतीराज और सरपंच विकास की धुरी हैं। गांव में सरपंच उम्मीद का पहला केंद्र होता है। गांव में लोग सरपंच के पास अपनी छोटी-छोटी समस्या लेकर जाते हैं, लेकिन आप उसे छोटी समस्या मानकर इग्नोर मत कीजिए। सीएम ने कहा- आज भी मुझे सरपंच पहले और मुख्यमंत्री बाद में कहते हैं। आप कुछ भी बन जाइए, लेकिन गांव के लिए आप सरपंच पहले हैं। उन्होंने कहा कि एक बार मैं एक मंदिर में गया था। तब लोग वहां मुख्यमंत्री भजनलाल जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे। वहीं गांव वाले सरपंच भजनलाल जिंदाबाद कह रहे थे। उन्होंने कहा- गांव को समझने के लिए गांव के लोगों के बीच बैठना पड़ता है। उन्होंने पंचायतीराज के जनप्रतिनिधियों को गांव में ज्यादा समय देने और केंद्र-राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा ग्रामीणों को दिलाने के लिए कहा। यह खबर भी पढ़ें... CM बोले-नकारी गई पार्टी SIR पर सवाल खड़े कर रही:राहुल गांधी ने राफेल पर झूठ बोला,फिर कोर्ट में माफी मांगी; कांग्रेस से पूछे 5 सवाल सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा- विपक्ष हमारी संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की बात कर रहा है। पिछले 4-5 दिनों से विपक्ष खासतौर पर कांग्रेस पार्टी गलत तथ्यों के आधार पर संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगा रही है। (पूरी खबर पढ़ें)
भीलवाड़ा: जयेश नागर का युवा संगम फेज़-7 के लिए चयन, सिक्किम में करेंगे राजस्थान का प्रतिनिधित्व
राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय के एकमात्र मेडिकल छात्र जयेश पूर्वोत्तर में राज्य की संस्कृति और विरासत को करेंगे साझा।
Weather Today : कई राज्यों में बारिश-आंधी और बिजली का अलर्ट, जानें दिल्ली समेत पूरे देश का मौसम
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Rajasthan के गवर्नर और सीएम भजनलाल शर्मा ने गांधी और शास्त्री जयंती पर दी श्रद्धांजलि
PC: ETV Bharat राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती और देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती के अवसर पर राजधानी जयपुर में विभिन्न श्रद्धांजलि कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस मौके पर राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दोनों महान विभूतियों को नमन कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। गांधी सर्किल पर पुष्पांजलि व राम धुन जयपुर के जेएलएन मार्ग स्थित गांधी सर्किल पर आयोजित मुख्य समारोह में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान स्कूली छात्राओं ने 'रघुपति राघव राजा राम' सहित भक्तिमय राम धुन की संगीतमय प्रस्तुति दी। इसके पश्चात, शासन सचिवालय परिसर में भी विशेष श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यहाँ भजनों की गूंज के बीच मुख्यमंत्री ने बापू और शास्त्री जी के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान 'वैष्णव जन तो तेने कहिये' जैसे सर्वप्रिय भजनों से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। मुख्यमंत्री का संदेश: 'सादगी और कर्तव्यपरायणता की प्रेरणा' समारोह के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपना संदेश साझा करते हुए लिखा: गांधी जी और शास्त्री जी का जीवन हमें सादगी, सत्यनिष्ठा, कर्तव्यपरायणता और राष्ट्र सेवा का मार्ग दिखाता है। उनके बताए आदर्शों को अपने जीवन में उतारकर जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को मजबूत करना ही उन्हें हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है। ये प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद सचिवालय एवं गांधी सर्किल पर आयोजित इन कार्यक्रमों में राज्य के उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, जयपुर सांसद मंजू शर्मा, जयपुर महापौर सुनील कोठारी, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास तथा पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार शर्मा सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
भरतपुर, 2 अक्टूबर . Rajasthan के पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विश्वेंद्र सिंह ने Friday को पार्टी छोड़ दी. उन्होंने social media पर कांग्रेस छोड़ने का ऐलान किया और पार्टी नेतृत्व व मौजूदा कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई. विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि अगर सच को सच कहना और गलत का साथ नहीं ... Read more
सिरोही जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के कुल 60 पदों पर भर्ती निकाली गई है। इसमें 14 पद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के और 46 पद सहायिका के हैं। इन पदों के लिए 6 नवंबर 2026 तक आवेदन किया जा सकता है। आवेदन करने वाली महिला अभ्यर्थी को संबंधित ग्राम पंचायत या वार्ड का स्थानीय निवासी होना जरूरी है। न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं (सीनियर सेकेंडरी) कक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। उच्च शैक्षणिक योग्यता वाली महिलाओं को प्राथमिकता मिलेगी। इच्छुक महिलाएं विभाग की वेबसाइट www.wcd.rajasthan.gov.in से आवेदन फॉर्म डाउनलोड कर सकती हैं। भरे हुए फॉर्म की दो हार्ड कॉपी सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय में जमा करनी होगी। आबूरोड में 8 सहायिका, रेवदर में 4 कार्यकर्ता और 11 सहायिका, पिण्डवाड़ा में 4 कार्यकर्ता और 12 सहायिका, शिवगंज में 4 कार्यकर्ता और 1 सहायिका, सिरोही ग्रामीण में 5 कार्यकर्ता और 11 सहायिका के पद खाली हैं। विस्तृत जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध है।
भिवानी में राजस्थान के नरहड़ पीर से लौटते समय पोहकरवास के समीप भीषण सड़क हादसा, एक महिला व बच्चे की मौत
Rajasthan के Governor और CM Bhajan Lal Sharma ने गांधी और शास्त्री जयंती पर दी श्रद्धांजलि
जयपुर, दो अक्टूबर राजस्थान के राज्यपाल के हरिभाऊ बागडे व मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती पर दोनों महापुरुषों को श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने जेएलएन मार्ग स्थित गांधी सर्किल पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान स्कूली छात्राओं ने राम धुन की प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री शर्मा ने एक्स पर लिखा, ‘‘गांधी जी और शास्त्री जी का जीवन हमें सादगी, सत्यनिष्ठा, कर्तव्यपरायणता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की राह दिखाता है। उनके आदर्शों को आत्मसात करते हुए जनकल्याण और राष्ट्रहित के संकल्प को निरंतर मजबूत करते रहना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।’’शर्मा ने सचिवालय में भी महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री शास्त्री को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सचिवालय परिसर में आयोजित राम धुन कार्यक्रम में ‘वैष्णव जन तो तेने कहिये’ और ‘रघुपति राघव राजा राम’ सहित अन्य भजन सुने। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचन्द बैरवा, सांसद मंजू शर्मा, महापौर सुनील कोठारी, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास व पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा भी मौजूद थे।
भरतपुर के बयाना क्षेत्र में सूखे कुएं से बरामद करीब पांच करोड़ रुपये की दवाओं के मामले में मुख्य आरोपी हिमांशु अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया है। मामले में अब तक पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
PC: NEWS18 राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई अपने अंतिम चरण में पहुँच गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 48 घंटों के दौरान राज्य के शेष हिस्सों से भी मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा। इसके बाद प्रदेश भर में बारिश की गतिविधियाँ सीमित हो जाएँगी और अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क बना रहेगा। 2 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में 'ग्रीन जोन' मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के मुताबिक, 2 अक्टूबर को पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के सभी जिलों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने किसी भी जिले में आंधी या बारिश को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की है। मौसम मानचित्र में पूरे राजस्थान को 'नो वार्निंग' यानी ग्रीन जोन में रखा गया है। बीते 24 घंटों में पिलानी में सर्वाधिक 39.7C तापमान दर्ज किया गया, जबकि सिरोही में न्यूनतम तापमान 17.5C रहा। मानसून सीजन में सामान्य से 18% कम बारिश वर्ष 2026 में राजस्थान में मानसून की चाल सामान्य से कमजोर रही। 1 जून से 30 सितंबर तक के मानसून सीजन में औसत 435.6 मिमी बारिश के मुकाबले केवल 358 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 18 प्रतिशत कम है। पूर्वी राजस्थान में 15% और पश्चिमी राजस्थान में 23% बारिश की कमी दर्ज की गई। अक्टूबर में मौसम का मिज़ाज: दिन में धूप, रात में हल्की ठंडक अक्टूबर के पहले सप्ताह में आसमान साफ रहने और तेज धूप के कारण दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, वहीं रातों में हल्की ठंडक की शुरुआत होगी। 7 से 11 अक्टूबर के बीच पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव मौसम में पहला बड़ा बदलाव 6 अक्टूबर की शाम से देखने को मिल सकता है। एक नए पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण 7 से 11 अक्टूबर के दौरान श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, बीकानेर, सीकर और जयपुर सहित उत्तरी व पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में मेघगर्जन के साथ तेज हवाएं और बारिश होने की संभावना है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने दोषमुक्ति के बाद बर्खास्त किए गए पुलिस कांस्टेबल को राहत दी। कोर्ट ने अगस्त 2017 से फरवरी 2018 तक की अवधि का बकाया वेतन देने का आदेश दिया।
Budaun News: तीन दुकानों से चोरी के मुख्य आरोपी की लोकेशन राजस्थान में मिली
तीन दुकानों से चोरी के मुख्य आरोपी की लोकेशन राजस्थान में मिली
Farrukhabad News: राजस्थान से लौट रहे वृद्ध को ट्रेन में जहरखुरानों ने लूटा
फर्रुखाबाद। राजस्थान में अपने बेटों के पास से घर लौट रहे कासगंज जिले के पटियाली थाने के गांव विश्नोदी निवासी राजपाल सिंह (60) को कासगंज-शिकोहाबाद पैसेंजर ट्रेन में जहरखुरान गिरोह ने लूट लिया।
राजस्थान हाईकोर्ट के नव नियुक्त मुख्य न्यायाधीश संजय के अग्रवाल का आज हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जयपुर की ओर से स्वागत किया गया। स्वागत समारोह में बोलते हुए हाईकोर्ट जयपुर बैंच के वरिष्ठतम न्यायाधीश जस्टिस इंद्रजीत सिंह ने कहा कि अगर आप सच्चे दिल से भगवान से कुछ मांगते है तो वो देता हैं। मैं 9 अगस्त को चीफ साहब के साथ इंदौर में एक कांफ्रेंस में था। आप मेरे बगल में बैठे थे, मैने कहा-सर आप राजस्थान के मुख्य न्यायाधीश बनकर आ रहे हैं। आप मुस्कुराए और मुझसे कहा कि आप तो अंतरयामी हो। मैने कहा, नहीं यह मेरी शुभकामनाएं हैं। पहले छत्तीसगढ़ से जस्टिस एमएम श्रीवास्तव जयपुर आए, उन्होने राजस्थान के न्याय जगत को बहुत कुछ दिया। भगवान ने सुनी और आपने यहां चीफ जस्टिस बनकर शपथ ली। सीजे बोले-न्याय में देरी बड़ी चुनौतीस्वागत समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश संजय के अग्रवाल ने कहा कि आज न्याय व्यवस्था के सामने कई चुनौतियां हैं। इनमें मुकदमों का बढ़ता बोझ, न्याय में देरी, बदलती तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभाव और समाज की बढ़ती अपेक्षाएं हमारे सामने बड़ी चुनौतियां हैं। इन परिस्थितियों में हमें अपनी कार्यप्रणाली और सोच को समय के अनुरूप विकसित करना होगा। उन्होने कहा कि समाज के हर वर्ग, विशेषकर वंचित और कमजोर वर्ग तक सुलभ एवं निष्पक्ष न्याय पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है। इसके लिए बार और बेंच को मिलकर काम करना होगा। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि बार और बेंच की भूमिका अलग-अलग हो सकती है, लेकिन उद्देश्य एक ही है, न्याय की प्रतिष्ठा और आमजन का न्याय व्यवस्था में विश्वास। एजी बोले-वकीलों की राय भी ली जाएसमारोह में महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि जब मैं वकालत में आया था, उस समय मैंने देखा कि न्यायिक प्रशासन से जुड़े ऐसे फैसले, जिनका संस्थागत प्रभाव होता था अथवा जिनसे अधिवक्ताओं का सीधा संबंध होता था, उनमें बार से अनौपचारिक स्तर पर राय-मशविरा किया जाता था। भले ही निर्णय लेने में बार की आधिकारिक भागीदारी न हो, लेकिन उसका पक्ष और उनकी राय महत्व रखती थी। इसलिए मेरी मुख्य न्यायाधीश से अपेक्षा है कि भविष्य में न्यायिक व्यवस्था और विशेष रूप से अधिवक्ताओं को प्रभावित करने वाले निर्णयों में बार की भागीदारी अथवा कम से कम बार से प्राथमिक स्तर पर सलाह-मशविरा करने की व्यवस्था विकसित की जाए। नए वकीलों के पास बैग रखने की भी जगह नहींसमारोह को संबोधित करते हुए बार अध्यक्ष राजीव सोगरवाल ने कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट के परिसर में अंतिम बार साल 2011-12 में ई ब्लॉक में वकीलों के लिए चैम्बर बने थे। लेकिन उसके बाद से आज स्थिति काफी बदल गई हैं। आज नए वकीलों के पास अपना लेपटॉप बैग रखने की जगह भी नहीं हैं। उन्होने कहा कि रिकॉर्ड के अनुसार हाईकोर्ट को करीब 30 बीघा जमीन आवंटित है, लेकिन वर्तमान में करीब 23 बीघा भूमि ही हाईकोर्ट के कब्जे में है। शेष 7 बीघा जमीन पर कृषि भवन, सिंचाई विभाग और आयकर भवन के कार्यालय संचालित हैं। लेकिन आज आवश्यकता इस बात की है कि हाईकोर्ट के पास उपलब्ध पूरी भूमि का उपयोग हाईकोर्ट की बढ़ती जरूरतों के अनुरूप किया जाए।
भाजपा राजस्थान प्रदेश कार्यसमिति सदस्य हरिशचंद्र सिंह जसोल ने EWS आरक्षण के नियमों को सरल करने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को इस संबंध में पत्र भेजा है। जसोल ने कहा- EWS व्यवस्था सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बहुत जरूरी है। पश्चिमी राजस्थान की भौगोलिक और कृषि परिस्थितियों को देखते हुए केंद्रीय EWS पात्रता नियमों में बदलाव जरूरी है। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय पात्रता प्रावधानों के सरलीकरण की मांग की है। वास्तविक आर्थिक स्थिति को देखा जाए-जसोल उन्होंने बताया कि पश्चिमी राजस्थान का बड़ा हिस्सा रेगिस्तानी और असिंचित है। यहां कई परिवारों के पास खेती की जमीन ज्यादा है, लेकिन उसकी पैदावार और आर्थिक उपयोगिता कम है। जसोल ने सुझाव दिया कि पात्रता तय करते समय जमीन के क्षेत्रफल के साथ उसकी पैदावार, सिंचाई और वास्तविक आर्थिक स्थिति को भी देखा जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस विषय पर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने का आग्रह किया। पात्रता प्रावधानों में समन्वय पर जोर दिया जसोल ने राज्य एवं केंद्र स्तर पर लागू EWS पात्रता प्रावधानों में आवश्यक समन्वय पर भी जोर देते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों एवं युवाओं के लिए प्रक्रिया अधिक सरल एवं स्पष्ट हो सकेगी। राजस्थान की विशिष्ट परिस्थितियों के अनुरूप केंद्रीय पात्रता मानदंडों में आवश्यक संशोधन से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को इसका समुचित लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से इस महत्वपूर्ण विषय का राज्य सरकार के स्तर पर आवश्यक परीक्षण करवाकर केंद्र सरकार को प्रभावी प्रस्ताव एवं अनुशंसा भेजने का आग्रह किया। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ से भी विषय को राज्य एवं केंद्र सरकार के समक्ष रखते हुए आवश्यक समन्वय एवं पहल करने का अनुरोध किया गया है। प्रावधानों का सरलीकरण होने से जरूरतमंद को फायदा होगा हरिशचंद्र सिंह जसोल ने कहा कि EWS व्यवस्था आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों एवं युवाओं के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। राजस्थान की भौगोलिक एवं कृषि परिस्थितियों के अनुरूप पात्रता प्रावधानों का सरलीकरण होने से जरूरतमंद परिवारों को शिक्षा एवं सरकारी सेवाओं में आरक्षण का व्यापक और प्रभावी लाभ मिल सकेगा।
राजस्थान हाईकोर्ट ने कर्मचारियों के वेतन और सेवा अधिकारों से जुड़ा एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि अगर किसी कर्मचारी की शुरुआती नियुक्ति में अनियमितता पाई भी जाती है, तब भी उसका नियमित वेतनमान अचानक कम नहीं किया जा सकता। वेतन घटाने से पहले कर्मचारी को नोटिस देना और उसका […] The post नियुक्ति में गड़बड़ी मिली तो भी सीधे नहीं घटा सकते कर्मचारी की सैलरी! राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला appeared first on https://rajsattaexpress.com .
निकाय चुनाव के बाद राजस्थान कांग्रेस में घमासान: जयपुर से भरतपुर-डीग और भीलवाड़ा तक उठे बगावत के सुर
जयपुर से भरतपुर और भीलवाड़ा तक निकाय चुनाव के बाद कांग्रेस में घमासान तेज है। कहीं इस्तीफे की मांग उठी तो कहीं नेताओं ने एक-दूसरे पर सवाल उठाए।
राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस (रिटायर्ड) एसपी शर्मा ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संदीप मेहता ने हाईकोर्ट के वकीलों को हड़ताल करने के लिए उकसाया था। वे मुझसे प्रोफेशनल जेलेसी (व्यावसायिक जलन) रखते हैं। शायद इसी का नतीजा है कि उन्होने मेरे खिलाफ अनर्गल आरोप लगाए। पूर्व एसीजे एसपी शर्मा ने पहली बार इस पूरे मामले में खुलकर बातचीत की। मीडिया को दिए इंटरव्यू में जस्टिस शर्मा ने कहा- मुझे जस्टिस मेहता से जिरह करने की अनुमति मिलनी चाहिए। जस्टिस मेहता की एकमात्र समस्या यह थी कि मैं यहां राजस्थान में था और वह मुझे यहां नहीं देखना चाहते थे। पूरे घटनाक्रम का सार यही है। क्या है मामला बता दें कि जस्टिस संदीप मेहता ने अगस्त में भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) को भेजे गए पत्रों में जस्टिस शर्मा पर 'शक्तियों के दुरुपयोग' का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि उन्हें 'कई शिकायतें' मिली हैं, जो जस्टिस शर्मा की 'ईमानदारी और सत्यनिष्ठा' पर सवाल उठाती हैं। इसके आधार पर, जस्टिस संदीप मेहता ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को किसी अन्य हाईकोर्ट में ट्रांसफर करने और एक नए मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की मांग की थी। वहीं, उसी महीने के अंत में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जज संजय के अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की थी। जस्टिस मेहता को दखल देने का अधिकार नहीं था इस पूरे मामले पर पूर्व कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एसपी शर्मा ने कहा कि जस्टिस मेहता का हाईकोर्ट के मामलों में दखल देने का कोई अधिकार नहीं था। मैने भी सीजेआई को पत्र लिखकर यह मुद्दा उठाया है कि क्या सुप्रीम कोर्ट का कोई जज हाईकोर्ट के मामलों में हस्तक्षेप कर सकता है। उन्होंने कहा- जजों के बीच आपस में इस तरह के प्रशासनिक मुद्दे पहले भी कई बार उठे हैं। लेकिन यह कभी अखबारों की सुर्खियों में नहीं आया। कोई भी सोशल मीडिया पर नहीं जाता। सुप्रीम कोर्ट का एक प्रसिद्ध फैसला है, 1997 का 'प्रकाश चंद बनाम राजस्थान राज्य' मामला। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया था, जिसने कड़े दिशा-निर्देश तय किए थे। अब हम सभी उन सख्त दिशा निर्देशों से बंधे हैं, यह मुझ पर भी लागू होता है। सुप्रीम कोर्ट में बैठे जज पर भी। अगर वह सुप्रीम कोर्ट के जज होने के नाते उस फैसले के अनुसार काम नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ भी कुछ कार्रवाई होनी चाहिए। जजों का ट्रायल सोशल मीडिया पर नहीं होना चाहिए। इससे आम जनता का विश्वास प्रभावित नहीं होना चाहिए। मुझे बिना आवेदन सीनियर एडवोकेट बनाया, उन्हें आवेदन करना पड़ा जस्टिस मेहता ने इस तरह के आरोप क्यों लगाए। इस सवाल के जवाब पर जस्टिस शर्मा ने कहा कि हो सकता है, यह व्यावसायिक जलन की वजह से हो। जब हम दोनों वकालत में थे। साल 2011 में हम दोनों को वरिष्ठ अधिवक्ता (सीनियर एडवोकेट) के रूप में पदोन्नत किया गया था। मुझे बिना कोई आवेदन दिए पदोन्नत किया गया था। फुल कोर्ट ने सर्वसम्मति से मुझे वरिष्ठ अधिवक्ता चुना था। लेकिन जस्टिस मेहता को इसके लिए आवेदन करना पड़ा था। मैं अपने परिवार की पहली पीढ़ी का वकील हूं। मेरी पारिवारिक पृष्ठभूमि में कोई वकील और न्यायधीश नहीं है। वह एक प्रतिष्ठित न्यायिक परिवार से आते हैं। जब जज के रूप में प्रमोशन की बात आई तो उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि मैं (मुख्य न्यायाधीश) नहीं बन सकूं। इन सब चीजों का अपना प्रभाव होता है, जज भी इस बात से प्रभावित होते हैं कि आप किस परिवार से आते हैं। मेरी मां और भाई के मामले भी पेंडिंग हैं प्रभावशाली और अमीर वादियों को फायदा पहुंचाने के आरोप पर जस्टिस शर्मा ने कहा कि वे लोग कौन हैं? किसी न किसी की तरफ से कोई शिकायत तो होनी चाहिए। हम किसी भी केस में कौन वादी है, यह नहीं देखते हैं। अगर मुझे मदद करनी ही होती तो मैं अपने परिवार की मदद करता। मेरी मां की पेंशन का मामला लंबित है। मेरे पिता सेना में थे। मेरे भाई (जो पहले सेना में थे) की याचिका भी लंबित है। मैं उन्हें अपने काम में हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं देता और मैं उनके कामों में दखल नहीं देता हूं। अपने अनुकूल फैसले नहीं देने पर न्यायिक अधिकारियों के तबादले के आरोपों पर जस्टिस शर्मा ने कहा- यह बिल्कुल हास्यास्पद है। 800 तबादले किए गए थे। आमतौर पर ये रजिस्ट्रार जनरल द्वारा किए जाते हैं। वह सीजे को इनपुट देते हैं। हम देखते हैं कि किसी व्यक्ति ने एक स्थान पर कितना समय बिताया है। अगर किसी न्यायिक अधिकारी का द्वेषता के चलते तबादला किया गया होता तो वह कहीं न कहीं शिकायत दर्ज कराता। वह केवल संदीप मेहता से ही शिकायत क्यों करेगा? सुप्रीम कोर्ट में राजस्थान से संदीप मेहता के अलावा एक जज और भी हैं। ये भी पढ़ें… राजस्थान हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस को हटाने की मांग:सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश ने CJI को लिखे लेटर, कहा- जजों को ट्रांसफर की धमकी देते हैं 'जस्टिस मेहता ने मुझसे कहा राजस्थान हाईकोर्ट से दुर्व्यवहार हुआ':पूर्व CJI गवई बोले- एक्टिंग सीजे के लिए जो सुना वो हैरान करने वाला था
महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में नांगल चौधरी थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे नंबर 148बी पर गांव खानपुर के पास जलेबी चौक के नजदीक बुधवार को सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। हादसे में ट्राले की टक्कर लगने से बाइक सवार सड़क पर गिर गया और उसके सिर में गंभीर चोट लगी। सूचना के बाद उसे एम्बुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस को दी शिकायत में परतापुर थाना मांढण, कोटपुतली निवासी कर्ण सिंह ने बताया कि उसके गांव का कुलदीप कुमार 30 सितंबर को दोपहर बाद बाइक से अपनी ससुराल गांव अमरपुरा जा रहा था। ट्राले ने बाइक को मारी टक्कर वह स्प्लेंडर बाइक पर सवार था। जब कुलदीप नेशनल हाईवे नंबर 148बी पर गांव खानपुर के पास जलेबी चौक से पहले पहुंचा, तो पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे ट्राले ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद कुलदीप बाइक से नीचे गिर गया। हादसे में उसके सिर में गंभीर चोट लग गई और काफी खून बहने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने हादसे की सूचना दी। इसके बाद एंबुलेंस की मदद से कुलदीप को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। ट्राला ड्राइवर पर केस दर्ज अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने कुलदीप को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर ट्राला ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। हादसे के बाद पुलिस ने घटनास्थल से संबंधित जानकारी जुटाते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों के अनुसार कुलदीप बाइक से अपनी ससुराल अमरपुरा जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में हादसा हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
दंतेवाड़ा जिले में 61 लाख 6 हजार 592 रुपए के ऑनलाइन साइबर फ्रॉड के मामले में पुलिस ने राजस्थान से आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया और बाद में रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर उसके स्रोत को छिपाने का प्रयास किया गया। मामले में अब तक 19 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मामला गीदम थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान दिनेश (31), निवासी श्री कृष्ण नगर, चौकी लक्ष्मण नगर, थाना भोजासर, जिला फलोदी (राजस्थान) के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर राजस्थान में उसकी तलाश की और उसे गिरफ्तार किया। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर दंतेवाड़ा लाया गया। 30 सितंबर को न्यायालय में पेश करने के बाद उसे जिला जेल दंतेवाड़ा भेज दिया गया। 61.06 लाख की ठगी की जांच में सामने आया नाम हारमपारा गीदम निवासी भूपेंद्र तेलामी (44) की रिपोर्ट पर ऑनलाइन साइबर फ्रॉड के मामले में थाना गीदम में अपराध क्रमांक 27/2025 दर्ज किया गया था। मामले में कुल 61 लाख 6 हजार 592 रुपए की धोखाधड़ी की गई थी। पुलिस ने धारा 318(4), 111(1)(3) बीएनएस और 66डी आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन से आरोपी तक पहुंची पुलिस जांच के दौरान फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन का एनालिसिस और साइबर फॉरेंसिक टूल्स का इस्तेमाल किया गया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर साइबर फ्रॉड में शामिल आरोपियों और उनके बैंक खातों की जानकारी जुटाई गई। इसी जांच के आधार पर राजस्थान में आरोपी की पहचान हुई और पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार किया। बैंक खाते किराए पर लेकर क्रिप्टो में बदलते थे रकम पुलिस के मुताबिक आरोपी बैंक खातों को किराए पर लेकर साइबर ठगी से प्राप्त रकम का लेन-देन करते थे। इसके बाद इस रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलने का प्रयास किया जाता था, ताकि ठगी की रकम के वास्तविक स्रोत और अपराध से जुड़े साक्ष्यों को छिपाया जा सके। अब तक 19 आरोपी गिरफ्तार SDOP आकांक्षा पांडेय ने कहा कि इस मामले में अब तक साइबर फ्रॉड में संलिप्त कुल 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर जिला जेल दंतेवाड़ा भेजा जा चुका है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।
Weather Update: राजस्थान में मौसम हुआ शुष्क, तापमान में हुई बढ़ोतरी, 6 अक्टूबर से बदल सकता हैं मौसम
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में मानसून की विदाई का मौसम चल रहा हैं और इस बीच प्रदेश में मौसम भी बदल रहा है। अगले 2-3 दिनों के दौरान प्रदेश के बाकी हिस्सों से भी मानसून की विदाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं, यानी राजस्थान से मानसून की पूरी तरह वापसी का दौर चल रहा है। मानसून के कमजोर पड़ते ही प्रदेश में बारिश की गतिविधियां भी कम होने लगी हैं और अक्टूबर की शुरुआत में मौसम का मिजाज मुख्यतः शुष्क रहने वाला है। कुछ जगहों पर हुई बारिश बीते 24 घंटे के दौरान राजस्थान के कुछ इलाकों में बारिश दर्ज की गई, जयपुर, टोंक, उदयपुर और बीकानेर जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हुई, वहीं फलोदी में प्रदेश का सबसे अधिक 38.0 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया, हालांकि बारिश की गतिविधियों में कमी के साथ अब तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा। बदल सकता हैं मौसम मानसून की विदाई के साथ राजस्थान के मौसम में एक और बदलाव दिखाई देने लगा है। दिन में धूप के कारण गर्मी का असर बना रहेगा, जबकि रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने से कई इलाकों में हल्की ठंडक महसूस हो सकती है, सीकर और शेखावाटी सहित उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों में रात और सुबह का मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहने की संभावना है। दूसरी ओर पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में दिन का तापमान अपेक्षाकृत अधिक रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार 1 और 2 अक्टूबर को राजस्थान में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। इसके बाद 3, 4 और 5 अक्टूबर को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां सीमित रहेंगी। pc- india tv hindi
देशभर में इस बार का मानसून 13वां सबसे सूखा सीजन रहा। पिछले 11 सालों में यह सबसे कम बारिश वाला मानसून रहा है। हालांकि, सीजन खत्म होने से पहले हुई तेज बारिश के कारण बारिश की कमी में 2.5% का सुधार हुआ। मानसून-2026 सीजन सामान्य से 12.6% कम बारिश के साथ खत्म हुआ। देश के 43% जिलों में 20 से 72% तक कम बारिश हुई। सबसे ज्यादा पंजाब में 41% कम बारिश हुई। वहीं राजस्थान में करीब 22% कमी दर्ज की गई। इनके अलावा 9 राज्यों में भी औसत से कम बारिश हुई। पूर्वी भारत में ओडिशा में सामान्य से 30% ज्यादा बारिश हुई, जबकि बारिश के लिए प्रसिद्ध पूर्वोत्तर राज्यों में इस साल 1901 के बाद सबसे कम बारिश दर्ज की गई। 10 अक्टूबर तक देशभर से मानसून की विदाई संभव मानसून की विदाई 19 सितंबर से शुरू हो चुकी थी। अगले दो दिनों में राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बाकी हिस्सों के अलावा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और मध्य प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों से मानसून लौटने लगेगा। बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से भी इसकी वापसी होगी। हालांकि, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश जारी रहेगी। मौसम विभाग के मुताबिक, 10 अक्टूबर तक दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश से विदा हो जाएगा। 15 अक्टूबर के बाद दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों में उत्तर-पूर्व मानसून दस्तक दे सकता है। आखिरी हफ्ते की बारिश से 2.5% कमी पूरी हुई मानसून की विदाई से पहले सितंबर के आखिरी हफ्ते में सामान्य से 50% ज्यादा बारिश हुई। एक हफ्ते पहले मानसून की बारिश सामान्य से 15% कम थी, लेकिन सीजन खत्म होते समय यह कमी घटकर 12.6% रह गई। मानसून के 122 दिनों में से 77 दिन कोई न कोई मौसमी सिस्टम बना रहा। इससे बारिश होती रही और सीजन के अंत में कमी 12.6% पर सीमित रही। अल नीनो के कारण सीजन शुरू होने से पहले सूखे की आशंका जताई गई थी, लेकिन एक-दो राज्यों को छोड़कर स्थिति उतनी खराब नहीं रही। 282 जिलों में कम बारिश देश के 38% हिस्से यानी 282 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई। अत्यधिक बारिश के लिए प्रसिद्ध मेघालय में भी सामान्य से 60% कम बारिश दर्ज की गई। 24 सितंबर तक देश के 150 प्रमुख जलाशयों में 130 अरब घन मीटर (BCM) पानी उपलब्ध था। इनकी कुल भंडारण क्षमता 182.4 BCM है। यानी जलाशय अपनी क्षमता के करीब 71% तक भरे हैं। हालांकि, पानी का भंडार पिछले साल की तुलना में कम है। अल नीनो के असर की कुछ भरपाई संभव ICICI बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) इंडेक्स 0.76 के साथ पॉजिटिव जोन में पहुंच गया है। इससे आने वाले दिनों में मजबूत हो रहे अल नीनो के प्रतिकूल असर की कुछ हद तक भरपाई हो सकती है। हालांकि, अल नीनो अभी भी मानसून के लिए प्रमुख जोखिम बना हुआ है। -------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… यूपी के उन्नाव में गंगा खतरे के निशान पर पहुंची, बिहार के सारण में बांध टूटा मध्य प्रदेश से इसी हफ्ते मानसून की विदाई शुरू होगी। यह सबसे पहले उज्जैन और ग्वालियर संभाग के जिलों से लौटेगा। फिर इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर से वापसी होगी। इससे पहले 3 दिन बूंदाबांदी का दौर चलेगा। पूरी खबर पढ़ें…
जयपुर में कल से राजस्थान का सबसे बड़ा प्रॉपर्टी एक्सपो
राजस्थान का सबसे बड़ा मेगा प्रॉपर्टी एक्सपो-2026 दो से चार अक्टूबर तक बिड़ला ऑडिटोरियम में होगा। तीन दिवसीय एक्सपो में घर, प्लॉट, फ्लैट और प्रॉपर्टी में निवेश से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स की जानकारी एक ही मंच पर मिलेगी। विजिटर्स अपनी जरूरत और बजट के अनुसार विकल्पों की जानकारी ले सकेंगे। प्रॉपर्टी खरीदने में कीमत के साथ लोकेशन, प्रोजेक्ट का साइज, सुविधाएं और कनेक्टिविटी भी महत्वपूर्ण हैं। एक्सपो में अलग-अलग प्रोजेक्ट्स की जानकारी एक साथ मिलने से विजिटर्स विकल्पों की तुलना कर सकेंगे। विभिन्न प्रोजेक्ट्स के प्रतिनिधियों से सीधे बातचीत कर लोकेशन, सुविधाओं, साइज और अन्य पहलुओं की जानकारी भी ली जा सकेगी। एक्सपो में 2, 3 और 4 अक्टूबर को तीनों दिन ₹1 लाख जीतने का लकी ड्रॉ रखा गया है। इसके अलावा ₹1 लाख के चेक से जुड़ा एक अन्य ऑफर भी है। ऑफर्स का लाभ निर्धारित पात्रता और नियम-शर्तों के अनुसार मिलेगा। एक्सपो में प्रवेश के लिए फ्री रजिस्ट्रेशन की सुविधा है। इच्छुक विजिटर्स क्यूआर कोड स्कैन कर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। घर खरीदने, प्लॉट लेने या प्रॉपर्टी में निवेश की योजना बना रहे लोग एक्सपो में पहुंचकर उपलब्ध विकल्पों की जानकारी ले सकते हैं।
प्रदेश के साढ़े 8 लाख किसानों को उन्नत बीज के नाम पर मक्का का घटिया बीज वितरित कर दिया गया। राजस्थान स्टेट सीड कॉर्पोरेशन (आरएसएससी) ने जून 2026 में इस बीज को किसानों को बांटा था। भास्कर ने इसके दो सैंपल नई दिल्ली के नेशनल ब्यूरो ऑफ प्लांट जेनेटिक सोर्सेज (एनजीपीबीआर) में डीएनए जांच के लिए भेजे। ये दोनों फेल हो गए। कृषि विभाग की ओर से भी इस बीज की जांच कराई गई है, लेकिन इसकी रिपोर्ट का खुलासा अभी तक नहीं हुआ है। सामने आ रहा है कि इस रिपोर्ट में भी बीज घटिया होने की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन विभाग इसे सार्वजनिक नहीं कर रहा है। इधर, एक्सपर्ट का कहना है कि घटिया बीज से करीब 25-30 फीसदी फसल कम हो सकती है। सरकार ने वर्ष 2026 में बजट में घोषणा की थी कि प्रदेश के करीब 8.5 लाख किसानों को मक्का का उन्नत बीज फ्री मिलेगा। प्रति किसान पांच किलो बीज वितरित किया जाएगा और वेरायटी ‘प्रताप हाइब्रिड-6’ होगी। यह केंद्र की ओर से नोटिफाइड वेरायटी है। इसका ब्रीडर सीड उदयपुर के महाराणा प्रताप कृषि विश्वविद्यालय ने विकसित किया है। एमओयू के अनुसार- आरएसएससी को विश्वविद्यालय से ब्रीडर सीड खरीदना था और बीज तैयार करना था। इस काम को आंध्रप्रदेश की 4 कंपनियों को सौंप दिया गया। इन्होंने विश्वविद्यालय से ब्रीडर सीड लिया और बीज तैयार कर मई 2026 में आरएसएससी को भेज दिया। जून में बांटा गया। इतनी जल्दी आपूर्ति के बाद भी किसी ने जांच नहीं करवाई कि बीज प्रताप हाइबिड-6 है भी या नहीं, क्योंकि यूनिवर्सिटी से आंध्र की कंपनियों ने बीज लिया था। किसानों के साथ धोखे की जानकारी सामने आने के बाद भास्कर ने अधिकारियों से बात की, तो वे मामले को दबाते चले गए। एक्सपर्ट का दावा - 25 से 30% तक मक्का की फसल कम हो सकती है नेशनल ब्यूरो ऑफ प्लांट जेनेटिक सोर्सेज (एनजीपीबीआर) के अधिकारियों से बातचीत में आया- केंद्र की ओर से नोटिफाइड मक्का की प्रताप हाइबिड-6 वेरायटी का नोटिफिकेशन वर्ष 2024 में हुआ। इसके बाद एक साल का अंतराल आया और कंपनियों ने 35 हजार क्विंटल बीज तैयार भी कर दिया, कम समय में बड़ी मात्रा में हाईब्रिड बीज उगाना तकनीक व व्यावहारिक दृष्टिकोण से लगभग नामुमकिन है। आरएसएससी को खुद बीज उगाना था, आंध्र की 4 कंपनियों को ये काम दिया भास्कर सवाल; प्रदेश में उन्नत मक्का पैदा करने वाली 20 कंपनियां, यहां उत्पादन क्यों नहीं? आरएसएससी गेहूं, चना, जौ, मूंग, मोठ, सरसों सहित सभी तरह के बीज उत्पादित कराता है, लेकिन 5 साल से मक्का और बाजरे का प्रोडेक्शन निजी कंपनियों से ही करा रहे हैं। आरएसएससी आर्गेनाइजर को यह काम देने के लिए टेंडर प्रक्रिया पर जा रही है। हैरानी वाली बात यह है कि राजस्थान में ही मक्का और बाजरा का उत्पादन करने वाली 20 से अधिक बड़े किसान हैं जिन्हें खुद आरएसएससी ने अनुबंध किया हुआ है। इसके बावजूद आंध्रप्रदेश की चार कंपनियों को ही इस काम को दिया जा रहा है। 85 करोड़ का खराब बीज बांटा, फसल देगा कि नहीं? कृषि विभाग आरएसएससी से बीज खरीदता है और फिर किसानों को निशुल्क देता है। जब विभाग के अधिकारियों को बीज की क्वालिटी पर संदेह था और खुद विभाग ने जांच कराने के लिए सैंपल भेजे तो किसानों को इसका वितरण क्यों किया गया? जब किसानों को 85 करोड़ रुपए के बीज का वितरण किया गया है तो कृषि विभाग मामले में भुगतान करने की जल्दबाजी क्यों कर रहा है? एक्सपर्ट व्यू- यह तो किसानों के साथ धोखा है रिजल्ट में जेनेटिक प्योरिटी 95% होनी चाहिए, लेकिन वह नहीं है। ऐसे में पैदावार कम होना तय है। यदि 80% भी हाइब्रिड है (हालांकि हकीकत में 30 प्रतिशत भी नहीं है) तो भी पूरे हेक्टेयर की फसल की पैदावार का रिजल्ट बिगड़ जाएगा। ऐसे में फसल 25 से 30% तक कम होने की संभावना रहती है। -रामगोपाल शर्मा, रिटा. ज्वाइंट डायरेक्टर, इनपुट, कृषि विभाग। (मक्का-बाजरा बीज विशेषज्ञ) हमने भी बीज की डीएनए जांच कराई है, रिपोर्ट क्लियर नहीं है। इसके लिए कमेटी बनाई गई है, वही तय करेगी। हमने आरएसएससी को भी इस बारे में लिखा है और भुगतान संभवतया कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही किया जाएगा।-नरेश गोयल, कमिश्नर, कृषि विभाग
मानसून सीजन बीत गया है। हालांकि, राजस्थान से मानसून की विदाई 17 सितंबर से शुरू हो गई थी। बारिश के लिहाज से इस बार मानसून काफी कमजोर रहा और औसत से 17.40 फीसदी कम बारिश हुई। मानसून में औसत बारिश का आंकड़ा 424.71 मिमी है, जबकि इस बार केवल 350.80 मिमी बारिश हुई है। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 329.30 मिमी कम है। पिछले जून से सितंबर तक 680.13 मिमी पानी बरसा था। दूसरी ओर, पश्चिमी राजस्थान में ‘सूखे की आहट’ सुनाई देने लगी है। 14 जिलों में कम बारिश हुई है। इसमें से अधिकांश पश्चिमी राजस्थान के हैं। यहां बारिश कम होने से फसलें सूख गई हैं। पेयजल और पशुओं के चारे-पानी का संकट है। मुख्यमंत्री भजनलाल ने कम वर्षा वाले क्षेत्रों में आकस्मिक कार्यों के लिए जिला कलेक्टरों को एक करोड़ की राशि दी है। साथ ही बाड़मेर, बालोतरा व जैसलमेर सहित अन्य क्षेत्रों में चारा डिपो खोलने के निर्देश दिए हैं। राजस्थान के बांधों की स्थिति अल नीनो का असर कम हो सकता है आईसीआईसीआई बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन ओशन डाइपोल (आईओडी) सूचकांक 0.76 के साथ पॉजिटिव जोन में पहुंच गया है। इससे आने वाले दिनों में अल नीनो के प्रतिकूल असर की कुछ भरपाई हो सकती है। अल नीनो अभी भी मानसून के लिए जोखिम है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बुधवार शाम जोधपुर प्रवास पर रहे। एयरपोर्ट पहुंचने पर उन्होंने मीडिया से तो दूरी बनाए रखी, लेकिन इसके बाद मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित कार्यकर्ता जन संवाद कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आगामी चुनावों का रोडमैप साझा किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जोधपुर नगर निगम चुनावों में मिली जीत के लिए कार्यकर्ताओं का आभार जताया और आगामी पंचायती राज चुनावों में पूरी ताकत से जुटने का आह्वान किया। 80% वादे पूरे होने का दावा: भजनलाल शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने घोषणा पत्र में किए गए वादों में से लगभग 80 प्रतिशत वादे पूरे कर दिए हैं। कार्यकर्ताओं का काम इन योजनाओं को घर-घर पहुंचाना है। पानी की समस्या का समाधान: प्रदेश में पेयजल आपूर्ति पर बोलते हुए सीएम ने आश्वासन दिया कि आने वाले समय में कई नई जल परियोजनाएं शुरू हो रही हैं, जिससे राजस्थान में पानी की किल्लत पूरी तरह खत्म हो जाएगी। पानी और विकास योजनाओं का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा आने वाले दिनों में राजस्थान की जमीन आलू से सोना तो नहीं, लेकिन यहां की मिट्टी सोना जरूर उगलेंगी। एयरपोर्ट पर बनाए रखी मीडिया से दूरी एयरपोर्ट पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। हालांकि, मीडियाकर्मियों के सवालों पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और सीधे मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर के लिए रवाना हो गए। जन संवाद कार्यक्रम में शहर के विभिन्न मंडलों से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
अबोहर के रामपुरा गांव के 31 वर्षीय आरएमपी डॉक्टर अजयपाल छींपा की संदिग्ध हालात में नहर में डूबने से मौत हो गई। उनका शव राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में संगरिया के पास सरदूल ब्रांच नहर से मिला। परिवार ने अनहोनी की आशंका जताई है। अजय कुमार रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर (RMP) डॉक्टर थे और स्थानीय स्तर पर मरीजों को इलाज और दवा देते थे। नहर किनारे उनकी मोटरसाइकिल मिली, पर मोबाइल फोन गायब था। परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।परिवार के अनुसार, सोमवार रात अजयपाल को फोन आया। इसके बाद वह बाइक लेकर घर से निकले, पर वापस नहीं लौटे। देर रात उनका मोबाइल बंद हो गया। पुलिस ने केस दर्ज कर पोस्टमॉर्टम करवाया संगरिया पुलिस ने राहगीर की सूचना पर जांच शुरू की। करीब 2 किलोमीटर दूर नहर से शव मिला। मृतक के भाई मनुपाल की रिपोर्ट पर पुलिस ने केस दर्ज कर पोस्टमॉर्टम करवाया है। अजय घर से एक घंटे में आने की बात कहकर निकले थे, लेकिन आज उनकी लाश बरामद होने से परिजनों में मातम का माहौल है। आखिरी बातचीत का ब्योरा खंगाल रही पुलिस पुलिस अजयपाल के मोबाइल की कॉल डिटेल (CDR) और लोकेशन खंगाल रही है, ताकि आखिरी बातचीत का पता चले। अजयपाल शादीशुदा थे और उनका एक बच्चा है। परिजन उसकी कई दिनों से तलाश कर रहे थे।
Rajasthan: पंचायत चुनावों के लिए भाजपा ने कसी कमर, आज से जिलों के दौरे पर रहेंगे नेता
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में नगर निकाय चुनावों के बाद अब पंचायत चुनाव होने हैं, लॉटरी निकल चुकी। राज्य निर्वाचन आयोग ने अभी तक तारीखों का ऐलान नहीं किया हैं, लेकिन जल्द ही तारीखें सामने आ सकती है। इसके साथ ही भाजपा ने पंचायत राज चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है, प्रदेश भाजपा के पदाधिकारियों के साथ राष्ट्रीय पदाधिकारियों के भी दौरे तय कर दिए गए हैं। मीडिया रिपोटर्स की माने तो इन दौरों की शुरुआत आज से शुरू हो जाएगी, ये दौरे 2 अक्टूबर तक चलेंगे, इन दौरों के दौरान बीजेपी नेता लगभग 25 जिलों को कवर करेंगे, जिलों में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ इन तीन दिनों में पांच जिलों में जाएंगे। भाजपा चुनाव के शुरुआती दौर से ही कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाह रही हैं, राजस्थान बीजेपी के प्रवक्ता रामलाल शर्मा के मुताबिक प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ पांच जिलों का दौरा करेंगे, वे बुधवार को टोंक और अजमेर जाकर कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे, 1 अक्टूबर को ब्यावर और भीलवाड़ा जाएंगे, उसके बाद 2 अक्टूबर को राजसमंद के दौरे पर रहेंगे, वहां पर जिला कार्यकर्ता से पंचायत चुनावों को लेकर विस्तार से चर्चा करेंगे। ऐसे ही पार्टी के अन्य नेता भी दूसरे जिलों को दौरा करेंगे। pc- firstindia.co.in
राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के असर से बीकानेर में आंधी के साथ हल्की बारिश हुई। अब मौसम साफ रहेगा और पश्चिमी जिलों में तापमान बढ़ने से गर्मी फिर बढ़ सकती है।
Jaunpur News: राजस्थान के व्यापारी से 41 लाख की लूट के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
Bail plea of the accused in the 41 lakh robbery from a Rajasthan trader rejected
आज के समय में राजस्थान के पर्यटन नक्शे की तस्वीर तेजी से बदल रही है। आप यह जानकार हैरान हो जाएंगे कि जनवरी से लेकर जून 2026 के बीच प्रदेश में 10.92 करोड़ पर्यटक यात्राएं दर्ज की गई हैं। इनमें 10.83 करोड़ घरेलू और 8.44 लाख विदेशी पर्यटक शामिल हैं। आंकड़े बताते हैं कि राजस्थान के पर्यटन कारोबार की सबसे बड़ी ताकत घरेलू पर्यटक हैं, लेकिन उनकी पसंद पारंपरिक पर्यटन केंद्रों से आगे बढ़ रही है। घरेलू पर्यटन में सीकर ने जयपुर को पीछे छोड़ा सबसे दिलचस्प बात यह है कि सीकर का शीर्ष पर पहुंचना राजस्थान के पर्यटन में बदलती पसंद का संकेत है। जिले में धार्मिक पर्यटन खासतौर पर खाटूश्यामजी आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या ने फुटबॉल बढ़ाया है। साल 2026 की पहली छमाही में सीकर की घरेलू पर्यटक यात्राएं 1,56,18,987 रहीं। घरेलू पर्यटकों में चित्तौड़गढ़ की ऐतिाहासिक विरासत, जैसलमेर का रेगिस्तानी पर्यटन और सवाई माधोपुर का वन्यजीव पर्यटन भी बड़ी संख्या में सैलानियों को आकर्षित कर रहा है। आंकड़ों से साफ पता चलता है कि पर्यटन अब सिर्फ जयपुर, उदयपुर और जोधपुर जैसे पारंपरिक केंद्रों तक सीमित नहीं रह गया है। विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद जयपुर आपको बताते चलें कि विदेशी पर्यटकों के मामले में तस्वीर काफी अलग है। जयपुर 2,56,293 विदेशी पर्यटकों यात्राओं के साथ सबसे अलग है। फिर उदयपुर में 1,84,045, जोधपुर में 82,846 और जैसलमेर में 66,433 विदेशी पर्यटकों ने यात्राएं की हैं। इतना ही नहीं, सवाई माधोपुर, अजमेर, दौसा, पाली, झुंझुनूं और बीकानेर भी विदेशी पर्यटकों की पसंद रही है। घरेलू सैलानी जहां धार्मिक, ऐतिहासिक, वन्यजीव और क्षेत्रीय पर्यटन स्थलों की तरफ बढ़ रहे हैं, वहीं विदेशी पर्यटकों का बड़ा हिस्सा अभी भी राजस्थान के मुख्य हेरिटेज शहरों से संबंधित है।
यूपी, बिहार , राजस्थान और एमपी वालों को नौकरी नहीं देंगे, बेंगलुरु की कंपनी के फैसले पर छिड़ी बहस
बेंगलुरु की एक प्राइवेट कंपनी ने यूपी, राजस्थान, बिहार और मध्य प्रदेश के पुरुषों को नौकरी नहीं देने का फैसला किया है। कंपनी के सीईओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह ऐलान किया जिसके बाद इस निर्णय को लेकर बहस छिड़ गई है।
Crime Katha: Vrindavan से निकल Himmat Giri कैसे बनाता महिलाओं को शिकार, Rajasthan में खुली पोल
भगवा चोले की आड़ में महिलाओं के शोषण और ब्लैकमेलिंग के आरोपों की यह कहानी बेहद गंभीर है। क्राइम कथा के इस एपिसोड में बात मथुरा के वृंदावन से सामने आए उस मामले की, जिसमें हिम्मत गिरी उर्फ हेमंत राज मीणा पर महिलाओं से दरिंदगी की.
Nagaur Mandwa Seat पर BJP के साथ हुआ खेल, बाजीगर बनी कांग्रेस | Rajasthan Nikay Chunav
नागौर की मुंडवा नगरपालिका का नतीजा बेहद चौंकाने वाला रहा। बीजेपी 10 पार्षदों के साथ सबसे बड़ा दल थी, लेकिन उसकी चेयरमैन उम्मीदवार गीता देवी को एक भी वोट नहीं मिला। वहीं कांग्रेस और आरएलपी ने मिलकर अलका देवी कंडोई को साझा उम्मीदवार बनाया, जिन्हें 13 वोट मिले
Parivartini Ekadashi 2026: परिवर्तिनी एकादशी व्रत से मिलती है सभी पापों से मुक्ति
आज परिवर्तिनी एकादशी है, परिवर्तिनी एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की आराधना के लिए विशेष माना गया है। परिवर्तिनी एकादशी को जलझूलनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। हिन्दू धर्म में परिवर्तिनी एकादशी विशेष है क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में सोते हुए अपनी करवट बदलते हैं। इस एकादशी पर कुछ विशेष उपाय करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है तो आइए हम आपको परिवर्तिनी एकादशी व्रत का महत्व एवं पूजा विधि के बारे में बताते हैं। जानें परिवर्तिनी एकादशी के बारे में पंडितों के अनुसार वर्ष में 24 एकादशी आती हैं और हर महीने शुक्ल व कृष्ण पक्ष में एक-एक एकादशी पड़ती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन श्रीहरि विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य का मार्ग प्रशस्त होता है। भाद्रपद मास की परिवर्तिनी एकादशी को जलझूलनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। 22 सितंबर दिन मंगलवार को परिवर्तनी एकादशी तिथि का व्रत किया जाएगा, हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि को परिवर्तनी एकादशी का व्रत किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत रखकर विधि विधान से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है, जीवन में सुख-शांति एवं समृद्धि आती है। पुराणों में बताया गया है कि परिवर्तनी एकादशी का व्रत करने से 100 यज्ञ के बराबर पुण्य फल की प्राप्ति होती है और व्यक्ति जन्म-मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है। शास्त्रों के अनुसार चातुर्मास के दौरान भगवान विष्णु क्षीर सागर में योगनिद्रा में विश्राम करते हैं। परिवर्तिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु अपनी करवट बदलते हैं, इसलिए इस एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है। इसे भी पढ़ें: Rajasthan के Kalki Temple में संगमरमर के घोड़े का भर रहा घाव, जुड़ी है रहस्यमयी मान्यता जानें परिवर्तिनी एकादशी का शुभ मुहूर्त हिन्दू पंचांग के अनुसार, परिवर्तिनी एकादशी 22 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। एकादशी तिथि 21 सितंबर की रात करीब 8 बजे आरंभ होगी और 22 सितंबर की रात लगभग 9:43 बजे समाप्त होगी। परिवर्तिनी एकादशी व्रत में करें इन नियमों का पालन पंडितों के अनुसार परिवर्तिनी एकादशी व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद ही करें। एकादशी पूजा में तुलसी का प्रयोग जरूर करें। बिना तुलसी के विष्णु जी की पूजा अधूरी मानी जाती है। एकादशी के दिन पीले रंग के वस्त्र पहनें। व्रत के दिन क्रोध न करें और न ही किसी के लिए अपने मन में बुरे विचार लेकर आएं। एकादशी के दिन तुलसी तोड़ना वर्जित होता है। तो इस दिन तुलसी के पत्ते न तोड़ें और न ही जल चढ़ाएं। एकादशी के दिन तामसिक चीजों का सेवन न करें। (लहसुन-प्याज,मांसाहार, शराब) एकादशी के दिन बाल, दाढ़ी और नाखून काटने की मनाही होती है। परिवर्तिनी एकादशी व्रत के पारण का समय - एकादशी तिथि प्रारम्भ - सितंबर 21, 2026 को 08:00 पी एम बजे - एकादशी तिथि समाप्त - सितंबर 22, 2026 को 09:43 पी एम बजे - परिवर्तिनी एकादशी पारण तिथि- 23 सितंबर 2026 - पारण (व्रत खोलने का)समय - 06:27 ए एम से 08:53 ए एम - पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय - 10:50 पी एम परिवर्तिनी एकादशी के दिन विष्णु जी को लगाएं इन चीजों का भोग पंडितों के अनुसार जगत के पालनहार भगवान विष्णु को पंचामृत अत्यंत प्रिय है इसलिए इसका भोग जरूर लगाएं। दूध, दही, चीनी, शहर और घी को मिलाकर पंचामृत तैयार किया जाता है। एकादशी के दिन विष्णु जी को पंचमेवा भी जरूर चढ़ाएं। पंचमेवा में बादाम, काजू, छुआरा, किशमिश और मखाना आता है। श्री हरि विष्णु को पीला रंग बेहद पसंद है तो एकादशी के दिन बेसन के लड्डू, बूंदी के लड्डू, पीला पेड़ा या केसरिया रंग की खीर भी अर्पित करें। एकादशी के दिन चावल बनाना वर्जित है तो आप खीर साबूदाना की बना सकते हैं।परिवर्तिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को मौसमी फल जैसे- केला, सेब, अनार आदि फलों का भी भोग लगाएं। परिवर्तिनी एकादशी व्रत से जुड़ी पौराणिक कथा भी है रोचक शास्त्रों में परिवर्तिनी एकादशी के विषय में राजा मांधाता और अनावृष्टि की कथा प्रचलित है। इस कथा के अनुसार त्रेतायुग में मांधाता नाम के एक प्रतापी राजा थे। उनके राज्य में लगातार तीन वर्षों तक बारिश नहीं हुई, जिससे भयंकर सूखा पड़ गया और प्रजा त्रस्त हो गई। कारण जानने के लिए राजा जब वन गए, तो ऋषियों ने बताया कि राज्य में एक शूद्र द्वारा तपस्या करने के कारण यह दोष उत्पन्न हुआ है। राजा मांधाता ने निर्दोष और तपस्यारत व्यक्ति को दंड देने से मना कर दिया और इसका धार्मिक उपाय पूछा। तब ऋषियों ने उन्हें परिवार सहित भाद्रपद शुक्ल एकादशी (परिवर्तिनी एकादशी) का व्रत करने की सलाह दी। राजा ने विधि-विधान से यह व्रत किया, जिससे राज्य में मूसलाधार बारिश हुई, खेत हरे-भरा हो गए और प्रजा फिर से सुखी हो गई। परिवर्तिनी एकादशी में दशमी से पहलें रखें ये सावधानी शास्त्रों के अनुसार नारद पुराण में एकादशी व्रत के नियम अनुसार तिथि की शुरुआत होने के बाद इनमें मसूर आदि दालें, दूसरे के घर भोजन, और रात्रि भोजन से बचने की बात कही गई है। इसलिए अगर आप शास्त्रीय नियमों के अनुसार व्रत करना चाहते हैं तो 21 सितंबर को दिन में ही सात्त्विक और हल्का भोजन कर लेना बेहतर माना जाता है। परिवर्तिनी एकादशी व्रत में ये खाएं, रहेंगे सेहतमंद पंडितों के अनुसार एकादशी व्रत को लेकर जलाहार, फलाहार, क्षीरभोजी और नक्तभोजी जैसी अलग-अलग व्रत पद्धतियां बताई गई है। आप अपनी क्षमता अनुसार ये व्रत कर सकते हैं। साबूदाना, सिंघाड़ा, शकरकंद, आलू और मूंगफली जैसी चीजें एकादशी व्रत में खा सकते हैं। एकादशी व्रत में सिर्फ अन्न का त्याग ही नहीं बल्कि झूठ, छल-कपट, क्रोध और कठोर वाणी से बचने की सलाह भी दी जाती है। व्रत के दौरान संयम रखें, इंद्रियों पर काबू रखना भी जरुरी है। परिवर्तिनी एकादशी का महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, परिवर्तिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा, व्रत, मंत्र जाप और दान-पुण्य करने से भक्तों को श्रीहरि की कृपा प्राप्त होती है। भक्त भगवान विष्णु को पीले फूल, तुलसी, फल और पंचामृत अर्पित कर पूजा करते हैं। एकादशी का व्रत मन और इंद्रियों पर संयम रखने तथा भगवान के प्रति भक्ति बढ़ाने का अवसर माना जाता है। परिवर्तिनी एकादशी को भगवान विष्णु के वामन स्वरूप और राजा बलि से जुड़ी कथा के कारण भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु अपनी सामर्थ्य के अनुसार व्रत रखते हैं और भगवान विष्णु का स्मरण करते हैं। - प्रज्ञा पाण्डेय
Rajasthan के Kalki Temple में संगमरमर के घोड़े का भर रहा घाव, जुड़ी है रहस्यमयी मान्यता
भगवान विष्णु ने धरती को अधर्म से बचाने के लिए और धर्म की रक्षा के लिए कई बार अवतार लिया। ऐसा ही एक अवतार कल्कि अवतार है। माना जाता है कि कल्कि अवतार लेकर भगवान विष्णु कलियुग का अंत करेंगे। लेकिन भगवान विष्णु के अंतिम अवतार कल्कि के जन्म को लेकर कई रहस्य देखने को मिलते हैं। हिंदू शास्त्रों के अनुसार, जब धरती पर पाप और अधर्म अपने चरम पर होगा, तो इसको खत्म करने और धर्म की स्थापना के लिए भगवान विष्णु कलियुग में कल्कि अवतार लेगें। माना जाता है कि भगवान विष्णु का कल्कि का जन्म आम मनुष्य के तौर पर होगा। भले ही अभी तक भगवान विष्णु कलियुग का अंत करने के लिए कल्कि रूप में धरती पर अवतरित नहीं हुए हैं, लेकिन उनके आने से पहले ही भगवान कल्कि के एक मंदिर का निर्माण हो चुका है। इसे भी पढ़ें: Devi Bhagavata Purana: सालों के इंतजार के बाद ऐसे बना शेर मां दुर्गा का दिव्य वाहन भगवान कल्कि का दिव्य मंदिर राजस्थान के जयपुर में भगवान कल्कि को समर्पित एक मंदिर है, जोकि करीब 300 साल पुराना माना जाता है। यह मंदिर अपनी आध्यात्मिकता के लिए नहीं बल्कि अपने गहरे रहस्यों के लिए जाना जाता है। कल्कि मंदिर भारत के उन मंदिरों में शामिल है, जिनका संबंध भगवान कल्कि और कलियुक के अंत से जुड़ा है। धार्मिक शास्त्रों और प्राचीन मान्यताओं के मुताबिक कलियुग के अंत में भगवान कल्कि अवतार लेंगे। वहीं इस मंदिर का करीब 18वीं शताब्दी में कराया गया था। किसने बनवाया कल्कि मंदिर प्राप्त जानकारी के मुताबिक जयपुर शहर के संस्थापक महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने कल्कि मंदिर का निर्माण कराया था। इस मंदिर में भगवान कल्कि के अलावा उनके घोड़े की भी पूजा की जाती है। वहीं कई धार्मिक ग्रंथों में इस बात का जिक्र मिलता है कि भगवान कल्कि अपने दिव्य और श्वेत घोड़े पर सवार होकर कलियुग का अंत करेंगे और भगवान कल्कि के घोड़े का नाम देवदत्त होगा। राजस्थान के इस मंदिर में न सिर्फ भगवान कल्कि बल्कि उनका घोड़ा भी रहस्य का केंद्र है। मंदिर के गर्भगृह में मुख्य मूर्ति के साथ घोड़े की मूर्ति भी है। चमत्कारी मान्यताएं इस मंदिर की हैरान करने वाली बात यह है कि मंदिर के प्रवेश द्वार पर घोड़े की मूर्ति है, जोकि एक अलग सफेद संगमरमर की है। घोड़े की मूर्ति के पिछले बाएं पैर में दरार है। जिसको स्थानीय लोग घाव मानते हैं। माना जाता है कि जब घोड़े के पैर की दरार भर जाएगी, तब भगवान कल्कि पृथ्वी पर अवतरित होंगे। वहीं यहां के स्थानीय पुजारी और लोगों का मानना है कि सालों से यह घाव भर रहा है। वहीं हैरान करने वाली बात यह भी है कि अभी तक धरती पर कल्कि भगवान नहीं आए हैं, लेकिन भारत में कई कल्कि मंदिर हैं और इन मंदिरों में विधि-विधान से भगवान कल्कि की पूजा-अर्चना की जाती है।
Rajasthan Nikay Chunav: 15 साल बाद Baran में Congress को झटका, AAP की Sheetal Rathore बनीं सभापति
राजस्थान की सियासत में आम आदमी पार्टी को बारां नगर परिषद चुनाव में बड़ी कामयाबी मिली है। बारां के 60 वार्डों में AAP ने 31 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया, जबकि कांग्रेस को 18, बीजेपी को 9 और निर्दलीयों को 2 सीटें मिलीं। इसके बाद AAP की शीतल राठौर बारां नगर परिषद की सभापति चुनी गईं
Jodhpur-Jaisalmer छोड़िए! राजस्थान के इस जगह पर कम खर्च में मिलेगी Night Jungle Safari
क्या आपको भी जंगल सफारी का रोमांचक अनुभव लेना काफी पसंद है, तो यह लेख आपके लिए है। गौरतलब है कि रेतीले टीले और एतिहासिक महलों के लिए राजस्थान बेहद ही खूबसूरत है। जब लोगों की छुट्टी मिलती है, तो कई बार राजस्थान की फेमस जगहों को घूमने के लिए निकल जाते हैं। यदि आप राजस्थान में कम भीड़-भाड़ वाली जगह को एक्सप्लोर करना चाहती हैं, तो आप शांति से नाइट जंगल सफारी का आनंद जरुर लें। आपको बता दें कि, पाली जिले में बसा छोटा-सा कस्बा 'बेरा' घूमने के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन है। तेंदुओं के लिए प्रसिद्ध राजस्थान की खास जगह इस इलाके में अरावली की ग्रेनाइट पहाड़ियों और जवाई बांध के आसपास फैला हुआ है, जो पूरे देश में तेंदुओं की आबादी के लिए काफी फेमस है। अब आप जोधपुर या जैसलमेर के महंगे टूर पैकेज को भूल जाइए और कम बज में शानदार नाइट जंगल सफारी के लिए आप राजस्थान की इस मशूहर जगह बेरा जरुर जाएं। बजट-फ्रेंडली नाइट जंगल सफारी का अनुभव अब आपको महंगे नेशनल पार्कों और कोर टाइगर रिजर्व्स में जाते हैं, हालांकि उनके मुकाबले बेरा में सफारी का एक अलग ही मजा आता है। कम खर्चा में आप अपनी ट्रिप को बेहद खास बना सकते हैं। रणथंभौर या जैसलमेर की मंहगी सफारी बुकिंग के चक्कर में पड़ने बजाय, आप बेरा में स्थानीय गाइडों के साथ खुली जीप में आसानी से नाइट सफारी का आनंद ले सकते हैं। अन्य जगहों के तुलना में आपको यहां पर सरकारी सफारी की एडवांस बुकिंग को लेकर परेशान नहीं होना पड़ेगा। किफायती विलेज होमस्टे और कैंपिंग का आनंद जैसा कि आप जोधपुर या जैसलमेर जैसी जगहों पर जाते हैं, तो वहां के महंगे हेरिटेज होटल आपकी जेब पर भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। वहीं, आप बेरा और उसके आसपास के गांवों में आपको कई तरह के होमस्टे देखने को मिल जाएंगे, जो कि आपके बजट में आसानी से आ जाएंगे। यहां पर आपको कम से कम 800 से 1,500 रुपये तक में रहने के लिए शानदार कमरे मिल जाएंगे। रात के समय आप कैंपफायर का मजा ले सकते हैं। वहीं, राजस्थानी भोजन का स्वाद जरुर लें। जवाई बांध और समृद्ध प्राकृतिक नजारे जब आप यहां पर रात के समय जाएंगे, तो आपको तेंदुए के अलावा लकड़बग्घा, जंगल कैट, लोमड़ी और सियार जैसे जानवर देखने को मिलेंगे। यहां पर आप खूबसूरत प्राकृतिक नजारों का आनंद उठा सकते हैं। वहीं, यहां पर फेमस जलाशय 'जवाई बांध' भी मौजूद है, जहां आप सैकड़ों मगरमच्छों को पानी के किनारे धूप सेकते हुए देख सकते हैं। राजस्थान के बेरा गांव में कैसे पहुंचे? सबसे पहले यहां पहुंचने के लिए नजदीकी हवाई अड्डा उदयपुर महाराणा प्रताप एयरपोर्ट है, जो कि बेरा गांव यहां से करीब 150 किमी दूरी पर है। जोधपुर हवाई अड्डा से करीब 170 किमी दूरी पर बेरा गांव पड़ता है। इसके अतिरिक्त बेरा पहुंचने के लिए आप नजदीकी रेलवे स्टेशन 'जवाई बांध' और 'फालना' हैं। रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट से बेरा के लिए सीधी टैक्सी या बसें आसानी से मिल जाएंगी।
अक्टूबर के सुहावने मौसम में लॉन्ग वीकेंड को बनाएं यादगार, राजस्थान की इन 5 जगहों पर करें ट्रिप प्लान
अक्टूबर के महीने में आने वाले लॉन्ग वीकेंड पर आप घूमने फिरने की प्लानिंग कर सकते हैं। इस दौरान आप यहां बताई गई जगहों पर घूमने की प्लानिंग कर सकते हैं। यहां देखिए किन जगहों पर घूमने के लिए जा सकते हैं।

