जयपुर में जेप्टो डार्क स्टोर पर छापा, 1550 डेयरी पैकेट और एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थ नष्ट
jaipur, 10 सितंबर . Rajasthan में खाद्य सुरक्षा और औषधि नियंत्रण विभाग द्वारा चलाए जा रहे ‘शुद्ध आहार, मिलावट पर वार’ अभियान के तहत विभाग की एक केंद्रीय टीम ने Thursday को jaipur के जगतपुरा में जेप्टो के ‘डार्क स्टोर’ (डिलीवरी-ओनली स्टोर) का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को खाद्य उत्पादों के भंडारण ... Read more
राजस्थान निकाय चुनाव : ‘जनता का मूड बदल चुका है, भाजपा के रोड शो में भीड़ नहीं’, कांग्रेस का दावा
jaipur, 10 सितंबर . Rajasthan में निकाय चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ता जा रहा है. कांग्रेस और भाजपा दोनों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. jaipur नगर निगम चुनाव में कांग्रेस की कमान संभाल रहे कांग्रेस नेता सुनील शर्मा ने Government पर जुबानी हमला बोला है. उन्होंने दावा किया है कि jaipur की ... Read more
एसीएस माइंस अपर्णा अरोरा ने राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 पर किया संवाद
माइंस एवं पेट्रोलियम विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मण्डल की अध्यक्ष अपर्णा अरोरा ने गुरुवार को राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 से वीडियो...
Weather Alert: 25 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, राजस्थान समेत कई जगह तेज हवाएं
Weather Alert: 25 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, राजस्थान समेत कई जगह तेज हवाएं
निजी विद्यालय संघर्ष समिति राजस्थान ने संभाग संयोजकों की नियुक्ति, जल्द घोषित होगी कार्यकारिणी
निजी विद्यालय संघर्ष समिति राजस्थान ने संगठन विस्तार के लिए संभाग संयोजकों की नियुक्ति की है। प्रदेश, जिला और ब्लॉक कार्यकारिणी में जल्द नई जिम्मेदारियां दी जाएंगी। 8 अगस्त की सरकारी वार्ता में आरटीई भुगतान सहित कई मुद्दे उठे।
Rajasthan: निकाय चुनावों में दूसरे चरण के लिए मतदान कल, प्रशासन ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए कसी कमर
इंटरनेट डेस्क। पहले चरण का मतदान पूरा हो चुका है। राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव में अब दूसरे चरण के लिए 11 सितंबर को मतदान होगा। चुनाव प्रचार थमने के बाद पुलिस और प्रशासन ने शांतिपूर्ण मतदान कराने की तैयारियां तेज कर दी हैं। जयपुर कमिश्नरेट पुलिस ने चुनाव वाले इलाकों में पैदल गश्त और फ्लैग मार्च किया। जयपुर दक्षिण के मानसरोवर सर्कल क्षेत्र में भी पुलिस ने मार्च निकालकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। जयपुर शहर में दूसरे चरण के तहत 150 वार्डों में सुबह 7 से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। दूसरे चरण के प्रमुख निकाय (11 सितंबर) नगर निगमः जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर, पाली नगर परिषद और पालिकाएंः किशनगढ़, पुष्कर, मेड़ता सिटी, रियांबाड़ी, मेड़तारोड, डेगाना, टोंक, मालपुरा, टोडारायसिंह, डिग्गी, लाम्बाहरिसिंहपुरा, जैतारण, रायपुर, आसींद, हमीरगढ़, बनेडा, शाहपुरा (भीलवाड़ा), गुलाबपुरा, जहाजपुर, माण्डलगढ़, गंगापुर, बहरोड़, नीमराना, मांढण, बडौद, बानसूर के शेष हिस्से, खजूवाला, नौखा, देशनोक, लूणकरणसर, श्रीडूंगरगढ़, नापासर, श्रीगंगानगर, सादुलशहर, श्रीकरणपुर, केसरीसिंहपुर, पदमपुर, गजसिंहपुर, हनुमानगढ़, गोलूवाला, पीलीबंगा, सरदारशहर, तारानगर, साहवा, रतनगढ़, राजलदेसर, बीदासर, वैर, बयाना, नदबई, उच्चौन, बसेड़ी, बाड़ी, सरमथुरा, गंगापुर सिटी, वजीरपुर, बामनवास, जयपुर नगर निगम के 150 वार्ड, सीकर, रामगढ़-शेखावाटी, लोसाल, धोद, झुंझुनूं क्षेत्र की कई पालिकाएं, भीनमाल, सांचौर, बाली, सादड़ी, सुमेरपुर, सिरोही, पिंडवाड़ा, माउंट आबू, छबड़ा, मांगरोल, अटरू, लाखेरी, कापरेन, नैनवा, हिंडोली, खानपुर, अकलेरा, मनोहरथाना, पिडावा, वल्लभनगर, कानोड़, मावली, प्रतापपुरगढ़ी, कुशलगढ़, निम्बाहेड़ा, बड़ी सादड़ी, आकोला, कपासन, राजसमंद, देवगढ़, भीम, छोटीसादड़ी, धरियावाद, सागवाड़ा, मकराना, खाटू खुर्द, परबतसर, नोवा, हिंडौन सिटी, टोडाभीम, सूरौठ, दौसा, लालसोट, डीग, कुम्हेर, बृजनगर, किशनगढ़बास, मुंडावर, कोटकासिम, टपूकड़ा, पोकरण, चौहटन, बालोतरा, धोरीमन्ना, सिवाना, सिणधरी, फलोदी, बाप, सालूंबर आदि। pc- hindustan
राजस्थान की खूबसूरती को अगर ट्रेन की खिड़की से देखना हो, तो सांभर झील से गुजरने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस का सफर खास अनुभव हो सकता है। चमकीले ऑरेंज रंग की ट्रेन जब भारत की सबसे बड़ी अंतर्देशीय खारे पानी की झील के बीच से गुजरती है, तो बाहर का नजारा किसी पेंटिंग जैसा नजर आता है।एक तरफ दूर तक फैली सफेद नमक की चादर, दूसरी तरफ झील का चमकता पानी और सर्दियों में नजर आने वाले प्रवासी पक्षी ट्रेन के सफर के दौरान राजस्थान का यह रूप यात्रियों को बेहद आकर्षित करता है। खास बात यह है कि इस खूबसूरत सफर का आनंद लेने के लिए आपको किसी अलग टूर पर जाने की जरूरत नहीं, बल्कि सही समय पर ट्रेन की खिड़की से बाहर देखना ही काफी है।सांभर झील के बीच से गुजरती है ट्रेनजयपुर और जोधपुर के बीच रेलवे लाइन सांभर झील के इलाके से होकर गुजरती है। फुलेरा की तरफ से आगे बढ़ने पर झील का विस्तृत नमक क्षेत्र दिखाई देने लगता है। सफेद नमक के मैदानों के बीच से गुजरती नारंगी रंग की वंदे भारत दूर से बेहद खूबसूरत नजर आती है।सर्दियों के मौसम में सांभर झील पहुंचने वाले फ्लेमिंगो और दूसरे प्रवासी पक्षी इस दृश्य को और खास बना देते हैं। ऐसे में अगर आप इस रूट पर सफर कर रहे हैं, तो विंडो सीट इस यात्रा को और यादगार बना सकती है। Rajasthan reveals another breathtaking view as the Vande Bharat Express glides through the stunning, colorful expanse of Sambhar Lake. With India’s largest inland salt lake stretching endlessly around it, the vibrant orange train creates a picture-perfect contrast against the shimmering salt landscape.@tourismgoi @incredibleindia @RailMinIndia @AshwiniVaishnawVC : @_tryambkam (IG)#SambharLake #SambharSaltLake #VandeBharat #VandeBharatExpress #Rajasthan #RajasthanTourism— Rajasthan Tourism (@my_rajasthan) September 9, 2026 ऑरेंज वंदे भारत का रूट क्या है?जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस राजस्थान के कई प्रमुख शहरों को दिल्ली से जोड़ती है। इसका रूट जोधपुर से शुरू होकर मेड़ता रोड, डेगाना, मकराना और फुलेरा होते हुए जयपुर की तरफ जाता है। इसके बाद ट्रेन गांधीनगर जयपुर, अलवर, रेवाड़ी और गुड़गांव होते हुए दिल्ली कैंट पहुंचती है।इसके प्रमुख स्टॉपेज हैं: जोधपुर जंक्शन मेड़ता रोड जंक्शन डेगाना जंक्शन मकराना जंक्शन फुलेरा जंक्शन जयपुर जंक्शन गांधीनगर जयपुर अलवर जंक्शन रेवाड़ी गुड़गांव दिल्ली कैंट कब चलती है ये वंदे भारत?यह ट्रेन मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन संचालित होती है।जोधपुर से दिल्ली कैंट: ट्रेन सुबह 5:30 बजे जोधपुर से रवाना होती है और करीब 9:45 बजे जयपुर पहुंचती है। इसके बाद दोपहर करीब 1:30 बजे दिल्ली कैंट पहुंचती है।दिल्ली कैंट से जोधपुर: ट्रेन सुबह 3:10 बजे दिल्ली कैंट से चलती है, करीब 7:05 बजे जयपुर पहुंचती है और लगभग 11:20 बजे जोधपुर पहुंचती है।यात्रा से पहले उस दिन की लेटेस्ट टाइमिंग रेलवे के आधिकारिक स्रोत से जरूर जांच लें।कितना है किराया?वंदे भारत में सफर के लिए मुख्य रूप से AC Chair Car और Executive Chair Car का विकल्प मिलता है। किराया यात्रा की तारीख और लागू शुल्क के हिसाब से बदल सकता है।AC Chair Car (CC) में जयपुर से जोधपुर का किराया करीब 750 से 900 रुपये और दिल्ली से जोधपुर का किराया करीब 1,400 से 1,600 रुपये तक बताया जाता है।वहीं Executive Chair Car (EC) में जयपुर से जोधपुर के लिए करीब 1,400 से 1,600 रुपये और दिल्ली से जोधपुर के लिए करीब 2,600 से 2,800 रुपये तक किराया हो सकता है।फुलेरा के बाद विंडो सीट पर रहें तैयारअगर आपका मकसद सांभर झील का खूबसूरत नजारा देखना है, तो फुलेरा जंक्शन के आसपास विंडो सीट सबसे काम की साबित हो सकती है। जैसे-जैसे ट्रेन आगे बढ़ती है, बाहर सफेद नमक के मैदान और पानी का विशाल विस्तार नजर आने लगता है। इस दौरान ट्रेन की रफ्तार और बाहर फैला राजस्थान का अनोखा लैंडस्केप मिलकर सफर को एक अलग अनुभव देते हैं। इसलिए इस रूट पर यात्रा करते समय मोबाइल या कैमरे के साथ-साथ खिड़की से बाहर देखना न भूलें।सांभर के पास रेलवे का बड़ा प्रोजेक्ट भीसांभर झील का इलाका सिर्फ प्राकृतिक खूबसूरती के लिए ही खास नहीं है। फुलेरा के पास और गुढ़ा स्टेशन के आसपास भारतीय रेलवे करीब 60 किलोमीटर लंबे ब्रॉड-गेज हाई-स्पीड टेस्ट ट्रैक का विकास कर रहा है। इस ट्रैक पर आधुनिक ट्रेनों का परीक्षण करीब 230 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से किए जाने की योजना है। यानी सांभर का यह इलाका एक तरफ राजस्थान की प्राकृतिक खूबसूरती दिखाता है, तो दूसरी तरफ रेलवे के भविष्य की तकनीक से भी जुड़ रहा है।3 लाख का iPhone Duo या पूरी जिंदगी का खर्च? इंटरनेट ने गिनाए ऐसे विकल्प, मीम्स देख नहीं रुकेगी हंसी
राजस्थान निकाय चुनाव: पहले चरण में अर्नोद में पड़े सबसे अधिक वोट, दूसरे चरण की वोटिंग कल
jaipur, 10 सितंबर . Rajasthan के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए दूसरे चरण का मतदान Friday को होगा. राज्य चुनाव आयोग ‘एक राज्य, एक चुनाव’ पहल के तहत चुनावों के अगले चरण को आगे बढ़ा रहा है. 9 सितंबर को हुए पहले चरण का मतदान 162 शहरी स्थानीय निकायों में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न ... Read more
Rajasthan: गहलोत का फिर से निशाना, मुख्यमंत्री जी को निकाय चुनावों में रोड शो करने की नौबत क्यों आई?
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने निकाय चुनाव में रोड शो करने को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर निशाना साधा है। नगर निकाय चुनाव में मुख्यमंत्री के खुद रोड शो करने के सवाल पर अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया के माध्यम से बड़ा बयान दिया है। उन्होंने एक्स के माध्यम से कहा कि अब कितनी बार मैं कह चुका हूं, कल मैंने पॉडकास्ट भी किया है। जोधपुर सहित पूरे प्रदेश के अंदर कांग्रेस का माहौल बन चुका है। रोड शो की नौबत ही क्यों आई मुख्यमंत्री जी को नगरीय निकाय चुनाव में रोड शो करने की नौबत क्यों आई? पहली बार इतिहास में कोई मुख्यमंत्री घूम रहे हैं। हमने तो अपने वक्त में कभी कैंपेन किया ही नहीं। ये लोकल चुनाव हैं, लोकल नेता सक्षम होते हैं,उनमें दमखम होता है, वह योग्य होते है और जमीन से जुड़े होते हैं, उन पर छोड़ना चाहिए चुनाव। आप सिंबॉलिक मीटिंग कर लो, अलग बात है पर आप पूरे राजस्थान में घूम रहे हो क्योंकि आपने कुछ काम किए ही नहीं। लोगों में आक्रोश हैं जानकारी के अनुसार अशोक गहलोत ने कहा कि लोगों में आक्रोश है, हमारे वक़्त में पट्टे देने के काम हो रहे थे, सड़कों के हो रहे थे, जो भी काम थे, प्रशासनिक काम भी थे, काम करने का एक माहौल था। शिकायतें तो देखो, हर गवर्नमेंट में रहती हैं। मैं दावा नहीं करता कि मेरे वक्त में कोई शिकायत नहीं थी पर लाखों पट्टे दिए गए और अब ये पट्टे दे नहीं पा रहे हैं। ढाई-तीन साल इनको हो गए हैं, 1 लाख पट्टे मुश्किल से दिए होंगे। तो मेरा मानना है कि ये अब चाहे कितने ही घूमो, कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है। जनता मानस बना चुकी है। pc-abp news
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर से प्रदेश की भाजपा सरकार को निशाने पर लिया है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 9 सितंबर को जोधपुर पहुंचे, यहां एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान गहलोत ने एयरफोर्स से जुड़े पुराने मामले, हाईकोर्ट के नए भवन के निर्माण की गुणवत्ता और नगर निकाय चुनाव को लेकर प्रदेश की बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा। मीडिया रिपोटर्स की माने तो गहलोत ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित हो और ठेकेदारों की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने एयरपोर्ट भवन में पहली बारिश में पानी आने और जोधपुर में हाईकोर्ट के नए भवन में सामने आई समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि नई इमारतों में इस तरह की स्थिति चिंता का विषय है। खबरों की माने तो गहलोत ने निकाय चुनावों को लेकर दावा किया कि जोधपुर समेत पूरे राजस्थान में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बन रहा है। उन्होंने कहा, कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह है और जनता का जुड़ाव पार्टी के साथ बढ़ रहा है, जिन वर्गों को भाजपा अपना पारंपरिक वोट बैंक मानती थी, उनमें भी इस बार नाराजगी दिखाई दे रही है। pc- ndtv
Rajasthan Urban Body Elections: 20623
जयपुर। नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण में प्रदेश के 162 निकायों में बुधवार को मतदान हुआ। इसके तहत 20623 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद हो गया है। प्रदेश के इन 162 निकायों शाम 6 बजे तक 76.04 प्रतिशत वोटिंग हुई। 32 वार्डों में पहले ही निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है। खबरों के अनुसार, प्रतापगढ़ जिले की नवगठित अरनोद नगर पालिका में सबसे ज्यादा 91.98 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। भीलवाड़ा की बीगोद नगर पालिका में भी 91.85 प्रतिशत वोटिंग हुई। वहीं चित्तौड़गढ़ नगर परिषद में सबसे कम 61.49 प्रतिशत लोगों ने ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वहीं जयपुर जिले में कुल 87.06 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान केन्द्रों पर दिनभर मतदाताओं की आवाजाही बनी रही और अनेक केन्द्रों पर उत्साहपूर्वक कतारों में खड़े होकर मतदाताओं ने मतदान किया। मतदान के दौरान मतदाताओं की बढ़ती भागीदारी का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जयपुर जिले में प्रातः 10 तक 29.47 प्रतिशत, दोपहर 1:00 बजे तक 58.29 प्रतिशत, अपराह्न 3 बजे तक 72.66 प्रतिशत तथा अन्तिम रूप से 87.06 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। जयपुर के सभी नगर निकायों में बड़ी संख्या में युवा पहली बार मतदान करने पहुंचे। पहली बार वोट डालने वाले युवाओं में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर विशेष उत्साह नजर आया। वहीं वरिष्ठ नागरिकों ने भी लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए मतदान केन्द्रों पर पहुंचकर मतदान किया। जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने मतदान केन्द्रों का दौरा किया नगरीय निकाय चुनाव के प्रथम चरण के मतदान के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए विभिन्न मतदान केन्द्रों का दौरा किया। उन्होंने मतदान केन्द्रों पर पहुंचकर मतदान प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था, मतदाताओं की सुविधा तथा निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। PC: dipr.rajasthan अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
Rajasthan municipal elections में 76.41% वोटिंग, अरनोद में सबसे अधिक मतदान
राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के पहले चरण में बुधवार को कुल 76.41 प्रतिशत मतदान हुआ। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार प्रतापगढ़ जिले की अरनोद नगर पालिका में सबसे अधिक 91.98 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि भीलवाड़ा नगरपालिका में सबसे कम 63.68 प्रतिशत मतदान हुआ। राज्य के कुल 309 में से 162 नगर निकायों में बुधवार को मतदान हुआ। इनमें चार नगर निगम, 27 नगर परिषद और 131 नगर पालिकाएं शामिल हैं। बाकी बचे निकायों में शुक्रवार को मतदान होगा। मतगणना 14 सितंबर को होनी है। राज्य निर्वाचन विभाग के अनुसार राज्य के 5393 वार्ड में पार्षद के लिए बुधवार को हुए मतदान में कुल 57.52 लाख से अधिक मतदाताओं में से लगभग 43.95 लाख मतदाताओं ने वोट डाले और कुल मत प्रतिशत 76.41 प्रतिशत रहा। इस चरण में 20 हजार से अधिक उम्मीदवार अपना चुनावी भाग्य आजमा रहे हैं। मतदान के दौरान कई स्थानों पर झड़प, कथित फर्जी मतदान और ईवीएम में गड़बड़ी की घटनाएं सामने आईं।
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में मानसून अभी कमजोर पड़ा हुआ हैं, बारिश ना के बराबर हैं और दबाकर मई जून जैसी धूप पड़ रही है। लोग एक बार फिर से छाव ढूंढ़ते नजर आ रहे है। 10 सितंबर को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, राज्य के ज्यादातर भागों में अभी शुष्क पश्चिमी हवाओं का प्रभाव है। प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान श्रीगंगानगर में 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बदल सकता हैं मौसम मौसम विभाग की माने तो 11 सितंबर से पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। इसके बाद 12 से 15 सितंबर के बीच जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के कुछ और हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। 13-14 सितंबर को कोटा संभाग और आसपास के इलाकों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। 11 सितंबर से पूर्वी राजस्थान में बढ़ेगी बारिश आईएमडी के अनुसार 11 सितंबर से पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। 12 सितंबर से बारिश की गतिविधियां और बढ़ने की संभावना है। जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के कुछ और हिस्से इसके दायरे में आ सकते है। 13 और 14 सितंबर को कोटा संभाग तथा आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश होने के आसार हैं। pc- aapkarajasthan.com
पंजाब प्रभारी बनते ही सचिन पायलट वहां की राजनीति में एक्टिव हो गए हैं। यहां पायलट का मुकाबला राजस्थान बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और पंजाब प्रभारी सतीश पूनिया से होगा। यह पहला मौका है, जब दोनों पार्टियों ने पंजाब की जिम्मेदारी राजस्थान के नेताओं को सौंपी है। ऐसे में सवाल सिर्फ यह नहीं है कि पंजाब में पूनिया और पायलट अपनी-अपनी पार्टियों को कितना मजबूत कर पाएंगे। राजस्थान के इन दोनों नेताओं को ही पंजाब क्यों भेजा? नई जिम्मेदारी से राजस्थान की राजनीति में क्या-क्या बदलेगा? जानेंगे आज के राजस्थान एक्सप्लेनर में… सबसे पहले राजस्थान के जिन दो दिग्गजों के बीच पंजाब की राजनीति में टक्कर होनी है, उनका परिचय जान लेते हैं। सवाल-1: पंजाब में राजस्थान के नेताओं को ही क्यों भेजा गया? जवाब: मोटे तौर पर तीन कारण सबसे अहम दिखते हैं… पहला: सीमावर्ती कनेक्शन के साथ सामाजिक-राजनीतिक समझ राजस्थान के श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ और पंजाब के फाजिल्का-फिरोजपुर बेल्ट का रिश्ता सिर्फ नक्शे का नहीं है। यहां की राजनीति में खेती, सिंचाई, नहर, MSP, किसान असंतोष और ग्रामीण नेटवर्क जैसे कॉमन मुद्दे गहराई से असर डालते हैं। सतीश पूनिया जाट-किसान पृष्ठभूमि से आते हैं। लंबे समय से किसान, ग्रामीण और संगठन आधारित राजनीति का हिस्सा रहे हैं। सचिन पायलट भी गुर्जर-किसान सामाजिक आधार वाले नेता माने जाते हैं। उत्तर भारत के सियासी मुद्दों को करीब से समझते हैं। दूसरा: संगठन संभालने का अनुभव पूनिया राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष (सितंबर 2019 से मार्च 2023 तक) रहे हैं। हरियाणा में प्रभारी रहते हुए चुनाव जिताकर अपना संगठनात्मक कौशल साबित कर चुके हैं। उनकी पहचान ऐसे नेता की रही है, जो कैडर, ढांचे और चुनावी तैयारी पर काम करते हैं। पायलट के पास बतौर पार्टी प्रदेशाध्यक्ष 6 साल (2014 से 2020) से ज्यादा प्रदेश संगठन चलाने का अनुभव है। राजस्थान विधानसभा चुनाव-2018 में कांग्रेस की सत्ता में वापसी से पहले संगठन को सक्रिय करने, कार्यकर्ताओं को ऊर्जा देने में उनका अहम योगदान था। दोनों नेताओं के पास सिर्फ जनाधार ही नहीं, बल्कि कमजोर या बिखरे संगठन में फिर से जोश-ऊर्जा भरने का अच्छा-खासा अनुभव भी है। तीसरा: पार्टी की जरूरत के अनुसार दोनों नेता फिट भाजपा की चुनौती पंजाब में पार्टी विस्तार की है। अकाली दल से अलग होने के बाद उसे अपने दम पर 117 सीटों पर लड़ने लायक संगठन, स्थानीय चेहरे और सामाजिक पहुंच बनानी है। यहां पूनिया की उपयोगिता एक संगठन खड़ा करने वाले नेता की है। उनसे उम्मीद यह नहीं है कि वे अचानक करिश्माई लहर बना देंगे, बल्कि यह है कि वे बूथ से जिला लेवल तक पदाधिकारी और नए स्थानीय चेहरों को जोड़कर भाजपा को ‘अकेले लड़ने लायक’ ढांचे में बदलें। कांग्रेस की चुनौती अलग है। उसके पास पंजाब में भाजपा से ज्यादा राजनीतिक जमीन तो है, लेकिन फिलहाल अंदरूनी खींचतान ज्यादा है। वडिंग, चन्नी, रंधावा और बाजवा जैसे अलग-अलग शक्ति केंद्रों के बीच तालमेल बनाना सबसे मुश्किल काम है। यहां पायलट की उपयोगिता एक संवादकारी और संतुलन बनाने वाले नेता की है। राजस्थान की राजनीति में लंबे समय तक अलग-अलग शक्ति केंद्रों के बीच काम करने का अनुभव उन्हें पंजाब में उपयोगी बना सकता है। सवाल 2: सतीश पूनिया के सामने असली चुनौती क्या है और वे किस रणनीति से काम कर रहे हैं? जवाब: भाजपा ने ऐलान किया है कि वह 2027 में पंजाब की सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी। लंबे समय तक पंजाब में भाजपा की राजनीति शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन पर टिकी रही। 2020 में किसान कानूनों के मुद्दे पर यह गठबंधन टूट गया। इसके बाद भाजपा को पंजाब में अपना अलग आधार खड़ा करना पड़ा। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 73 सीटों पर चुनाव लड़ा, सिर्फ 2 सीटें जीतीं और उसका वोट शेयर 6.6% रहा। लोकसभा चुनाव-2024 में वोट प्रतिशत बढ़कर 18.6% हुआ, लेकिन एक भी सीट नहीं मिल पाई। यहीं से पूनिया की असली परीक्षा शुरू होती है। 117 सीटों पर उम्मीदवार उतारने से पहले वहां बूथ स्तर तक काम करने वाला संगठन खड़ा करना है। संगठन की ताकत और कमजोरी समझने के लिए पूनिया ने पंजाब पहुंचते ही पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों और जिला प्रभारियों के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं। गठबंधन के दौरान भाजपा का आधार मुख्य रूप से शहरी और हिंदू बहुल सीटों पर था, जबकि अकाली दल के पास ग्रामीण और सिख वोट का नेटवर्क था। 2022 में भाजपा का वोट शेयर 6.6% और अकाली दल का 18.38% था। इसका मतलब है कि भाजपा को अब उस ग्रामीण और सिख स्पेस में भी घुसना होगा, जहां वह पहले कमजोर रही है। इसी दिशा में 2 अगस्त 2026 को नई राज्य टीम बनाई गई। इसमें 12 उपाध्यक्षों में से कुछ नेता ऐसे शामिल किए गए, जो कांग्रेस, अकाली दल या अन्य पार्टियों से भाजपा में आए थे। यानी पूनिया का मिशन सिर्फ पुराने कैडर को सक्रिय करना नहीं, बल्कि नए स्थानीय चेहरों के जरिए नई सामाजिक-राजनीतिक जमीन भी तैयार करना है। सवाल 3: सचिन पायलट के लिए बड़ी परीक्षा क्या है? जवाब: पायलट के लिए सबसे बड़ी चुनौती कांग्रेस को अंदरूनी तौर से संभालने की है। पंजाब कांग्रेस में इस समय कई पावर सेंटर हैं। एक तरफ प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग हैं। दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में असंतुष्ट खेमा है, जो वडिंग को हटाने की मांग करता रहा है। इसके अलावा सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और विधायक परगट सिंह जैसे नेता भी सक्रिय हैं। जुलाई में चन्नी और रंधावा की बैठक के बाद इस खेमे ने हाईकमान तक यह संदेश पहुंचाया कि वडिंग के नेतृत्व में 2027 का चुनाव जीतना मुश्किल होगा। इसके बावजूद कांग्रेस ने जुलाई में वडिंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखा। साथ ही चन्नी को कैंपेन कमेटी का चेयरमैन, रंधावा को कोर कमेटी का चेयरमैन और प्रताप सिंह बाजवा को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाए रखा। यानी हाईकमान ने किसी एक नेता को पूरी कमान देने के बजाय अलग-अलग नेताओं में जिम्मेदारियां बांटकर संतुलन बनाने की कोशिश की। लेकिन यही मॉडल नई समस्या बन गया। संगठन वडिंग के पास, चुनावी अभियान चन्नी के पास और विधानसभा में नेतृत्व बाजवा के पास है। ऐसे में अलग-अलग पावर सेंटर के बीच तालमेल चुनौती बना हुआ है। जुलाई-अगस्त में चन्नी और वडिंग समर्थकों के बीच कई कार्यक्रमों में नारेबाजी और टकराव की खबरें भी सामने आईं। सवाल-4: पायलट को भूपेश बघेल की जगह क्यों भेजा गया? जवाब: क्योंकि कांग्रेस का पिछला मैनेजमेंट मॉडल पंजाब में काम नहीं कर पाया। भूपेश बघेल को पंजाब का प्रभारी बनाकर गुटों के बीच तालमेल बैठाने की कोशिश की गई थी। लेकिन चन्नी-रंधावा खेमे ने उन पर वडिंग के पक्ष में झुकाव का आरोप लगाया। कुछ कार्यक्रमों में बघेल के खिलाफ पोस्टर और नारे भी लगे। इसके बाद 5 सितंबर को कांग्रेस ने बघेल को पंजाब से हटाकर असम भेज दिया और उनकी जगह पायलट को नया प्रभारी बना दिया। नियुक्ति के अगले ही दिन चन्नी, रंधावा और वडिंग तीनों ने पायलट का सार्वजनिक तौर पर स्वागत किया और सहयोग का भरोसा दिया। लेकिन इससे विवाद खत्म मान लेना जल्दबाजी होगी। उन्हें किसी एक गुट का नहीं, बल्कि ऐसा मध्यस्थ बनना है, जिस पर सभी पक्ष भरोसा कर सकें। सवाल 5: दोनों की परीक्षा में सबसे बड़ा फर्क क्या है? जवाब: पूनिया के सामने सवाल है- भाजपा की जमीन कितनी बढ़ेगी? पायलट के सामने सवाल है- कांग्रेस की जमीन कितनी बचाई और जोड़ी जा सकेगी? भाजपा 2022 में सिर्फ 2 सीटें जीत सकी थी। 2024 लोकसभा में वोट बढ़े, लेकिन सीट नहीं मिली। इसलिए पूनिया के लिए सफलता का पैमाना संगठन विस्तार और वोट को सीट में बदलना होगा। पंजाब विधानसभा चुनाव-2022 में कांग्रेस 18 सीटों पर सिमट गई थी, लेकिन 2024 लोकसभा चुनाव में 13 में 7 सीटें जीतकर वापसी के संकेत दे चुकी है। पायलट के लिए सबसे बड़ी चुनौती इस बढ़त को विधानसभा चुनाव में जीत में बदलना और उससे पहले अंदरूनी लड़ाई को रोकना है। सवाल 6: पंजाब के नतीजों का दोनों नेताओं की सियासी पारी पर क्या असर होगा? जवाब: अगर सचिन पायलट पंजाब में कांग्रेस के धड़ों को साथ रखकर बेहतर प्रदर्शन कराते हैं, तो इससे उनका राष्ट्रीय संगठनात्मक कद बढ़ेगा। अगर पूनिया भाजपा को अकाली दल के साए से बाहर निकालकर पंजाब में सीट और वोट शेयर दोनों स्तर पर विस्तार दिला पाते हैं, तो यह बढ़त उनकी संगठनात्मक क्षमता के खाते में जाएगी। यानी पंजाब के नतीजों का असर सिर्फ चंडीगढ़ तक सीमित नहीं रहेगा। जयपुर में भी यह देखा जाएगा कि राजस्थान के इन दोनों नेताओं ने दूसरे राज्य में मिली बड़ी राजनीतिक परीक्षा को कैसे संभाला।
Bhiwani News: राजस्थान निकाय चुनाव के लिए बढ़ाई चौकसी
राजस्थान निकाय चुनाव के लिए बढ़ाई चौकसी
बर्रा निवासी युवती को राजस्थान के खाटू श्याम मंदिर में दर्शन के बहाने ले जाकर वहां के व्यक्ति को उसे तीन लाख रुपये में बेचने के मामले में फरार उसकी सहेली रिया कश्यप को चार माह बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
कनपटीमार शंकरिया की खौफनाक कहानी, वीडियो में जाने हथौड़े से किए 70 कत्ल, राजस्थान में कभी था दहशत का नाम
राजस्थान को ‘लव जिहाद’ से मुक्त कराया : सीएम भजनलाल शर्मा
jaipur, 9 सितंबर . Rajasthan के Chief Minister भजनलाल शर्मा ने Wednesday को कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली राज्य Government ने jaipur सहित पूरे राज्य में ‘लव जिहाद की समस्या से छुटकारा पाने’ के लिए काम किया है. उन्होंने जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ राज्य Government के कदमों पर भी जोर दिया. ... Read more
आमेर किला जयपुर: वीडियो में जाने राजस्थान की शान और राजपूताना वास्तुकला का अद्भुत नमूना
आमेर किला जयपुर: वीडियो में जाने राजस्थान की शान और राजपूताना वास्तुकला का अद्भुत नमूना
भिवाड़ी, 9 सितंबर . Rajasthan के खैरथल-तिजारा जिले में ‘नगर निकाय चुनाव- 2026’ शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गए. जिले की तीन नगर परिषदों भिवाड़ी, खैरथल और तिजारा में Wednesday शाम 6 बजे तक मतदान हुआ. इस दौरान छिटपुट घटनाओं को छोड़कर कहीं से भी कोई बड़ी अप्रिय घटना सामने नहीं आई. जिला कंट्रोल रूम ... Read more
गतिशील, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन को और अधिक मजबूत करने के लिये अब ई-जनसुनवाई प्रक्रिया को अपनाया गया है...
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में बुधवार को राज्य में केन्द्र सरकार द्वारा मुख्य सचिवों के पंचम सम्मेलन में निर्धारित विभिन्न आर्थिक, नियामक एवं प्रक्रियात्मक सुधारों से संबंधित...
कोटा बाल यौन उत्पीड़न मामले में संदिग्ध की पहचान के लिए डीएनए सैंपल और सीसीटीवी फुटेज की जांच जारी
jaipur, 9 सितंबर . Rajasthan के कोटा में तीन साल की बच्ची के साथ यौन शोषण के मामले में Police डीएनए सैंपल, फोरेंसिक सबूत और cctv फुटेज की जांच कर रही है. जांचकर्ता संदिग्ध आरोपी की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं. बच्ची की कम उम्र की वजह से घटना की पूरी जानकारी मिलना ... Read more
Delhi में BRICS Summit की तैयारी पर Chidambaram का तंज: भारत को क्या फायदा?
सीनियर कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद पी चिदंबरम ने हाल के ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलनों से भारत को मिले ठोस फ़ायदों पर संदेह जताया है। उन्होंने कहा कि उन्हें पिछली दो-तीन बैठकों से कोई खास नतीजा देखने को नहीं मिला है। दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स समिट 2026 पर बात करते हुए चिदंबरम ने कहा कि भारत ब्रिक्स, शंघाई सहयोग संगठन (SCO), G20 और QUAD जैसे कई मल्टीलेटरल फ़ोरम का सदस्य है, लेकिन उन्होंने इन सदस्यताओं से मिलने वाले ठोस फ़ायदों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि कितने राष्ट्रपति और कितने प्रधानमंत्री आ रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि पिछले दो-तीन ब्रिक्स सम्मेलनों से कोई ठोस फ़ायदा या ठोस नतीजा निकला है। इसे भी पढ़ें: Nitin Nabin-CM Dhami ने Haldwani में किया BJP का बड़ा मंथन, संगठन मजबूती पर जोर उन्होंने आगे कहा कि असल में, हम BRICS, SCO, G20 और QUAD का हिस्सा हैं। इससे हमें क्या फ़ायदा हो रहा है? मुझे तो कोई फ़ायदा नहीं दिखता। पिछले दो-तीन सम्मेलनों में मुझे कोई फ़ायदा नज़र नहीं आया। पहले, BRICS सम्मेलनों से कुछ ठोस फ़ायदे होते थे। चिदंबरम की ये बातें ऐसे समय में आई हैं जब नई दिल्ली में BRICS समिट 2026 की ज़ोर-शोर से तैयारी चल रही है और इस कार्यक्रम से पहले सिविक और इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंसियां अपने काम में तेज़ी ला रही हैं। दिल्ली नगर निगम (MCD) के कमिश्नर संजीव खिरवार और लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रधान सचिव संदीप कुमार ने समिट की जगह और भारत मंडपम के आस-पास के अहम इलाकों का संयुक्त निरीक्षण किया। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस टीम के साथ MCD और PWD के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें संबंधित ज़ोन के डिप्टी कमिश्नर भी शामिल थे, मौजूद थे। खिरवार ने सफ़ाई और नागरिक सुविधाओं का जायज़ा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सफ़ाई और दूसरी ज़रूरी सेवाओं को बनाए रखने के लिए विभागों के बीच बेहतर तालमेल रखें। इन उपायों में समिट के रास्तों, वेन्यू, आस-पास के बाज़ारों, सड़कों, फ़ुटपाथ, ग्रीन बेल्ट और दूसरी अहम जगहों पर ज़ोर-शोर से सफ़ाई और रखरखाव शामिल है। इसे भी पढ़ें: Rajasthan निकाय चुनाव: Ashok Gehlot बोले- Congress को मिलेगा जनादेश, BJP सरकार पर बरसे निरीक्षण में दक्षिण-पूर्व दिल्ली के रास्ते जैसे सराय काले खाँ, लोधी रोड और निज़ामुद्दीन के साथ-साथ दक्षिण दिल्ली के इलाके जैसे साकेत और शेख़ सराय भी शामिल थे। अधिकारियों को तैयारी के आखिरी चरण में सफ़ाई कर्मचारी, मशीनरी और सुपरवाइज़र की पर्याप्त तैनाती करने का काम सौंपा गया। खिरवार ने अहम जगहों पर नियमों के पालन, जानवरों पर नियंत्रण, वेक्टर कंट्रोल, सौंदर्यीकरण, लाइटिंग और ब्रांडिंग में सुधार पर ज़ोर दिया। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
CM Yogi का Varanasi में ऐलान: पूंजी की कमी से नहीं रुकेगा किसी महिला का सपना
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 9 सितंबर को वाराणसी के बाबतपुर-पिंडरा में आशा एजुकेशन ग्रुप कैंपस में आयोजित कामकाजी महिला सम्मान समारोह में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, रसोइयों, सफाई कर्मचारियों और आशा कार्यकर्ताओं सहित कामकाजी महिलाओं को सम्मानित किया। वाराणसी के अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री का स्वागत महिलाओं की एक बड़ी भीड़ ने किया, जिन्होंने तालियों की गड़गड़ाहट और गुलाब की पंखुड़ियां बरसाकर उनका अभिवादन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, उन्होंने माताओं और बहनों की मातृ शक्ति के जश्न की सराहना की और इस बात पर जोर दिया कि यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि महिलाएं अपने योगदान के लिए सम्मानित और मूल्यवान महसूस करें। इसे भी पढ़ें: BJP President Nitin Nabin ने वंदे मातरम् पर Congress के रुख को भारत विरोधी बताया योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी की बढ़ती ग्लोबल पहचान पर ज़ोर देते हुए कहा कि काशी के नाम से मशहूर यह शहर अपनी आध्यात्मिक विरासत और सांस्कृतिक मूल्यों को संजोए हुए है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि काशी में लगभग 1 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली विकास परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और पात्र परिवारों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने विधायक अवधेश सिंह के निर्वाचन क्षेत्र पिंडरा में हुए विकास कार्यों की सराहना की। महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार ने बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है और 'मिशन शक्ति' को इसके लिए एक अहम कार्यक्रम बताया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है और प्रोविंशियल आर्म्ड कांस्टेबुलरी (PAC) में महिला बटालियनें बनाई गई हैं, जिनका नाम तीन साहसी महिलाओं - रानी अवंतीबाई लोधी, वीरांगना उदा देवी और वीरांगना झलकारी बाई - के नाम पर रखा गया है। इसे भी पढ़ें: Rajasthan निकाय चुनाव: Ashok Gehlot बोले- Congress को मिलेगा जनादेश, BJP सरकार पर बरसे मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य पुलिस में महिलाओं की संख्या 2017 से पहले के लगभग 10,000 से बढ़कर आज लगभग 45,000 हो गई है। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करते हैं, उनके पास जेल या नर्क जाने के अलावा कोई और विकल्प नहीं होगा। योगी आदित्यनाथ ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सरकार न केवल कल्याणकारी योजनाएं बना रही है, बल्कि यह भी सुनिश्चित कर रही है कि उनका लाभ ज़रूरतमंदों तक पहुँचे। उन्होंने कई योजनाओं का ज़िक्र किया, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, सामूहिक विवाह योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं ने महिलाओं और लड़कियों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Nitin Nabin-CM Dhami ने Haldwani में किया BJP का बड़ा मंथन, संगठन मजबूती पर जोर
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को हल्द्वानी के होटल विंटेज ग्रीन में पार्टी की विस्तारित राज्य कार्यसमिति की बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक में संगठनात्मक मुद्दों, पार्टी के ज़मीनी नेटवर्क को मजबूत करने और पूरे उत्तराखंड में सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की पहुँच बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसमें भाग लिया और बूथ-स्तर पर संगठन को मजबूत करने तथा पार्टी पदाधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने की रणनीतियों पर चर्चा की। इसे भी पढ़ें: Rajasthan निकाय चुनाव: Ashok Gehlot बोले- Congress को मिलेगा जनादेश, BJP सरकार पर बरसे बीजेपी नेतृत्व ने पूरे राज्य में ज़मीनी स्तर पर पार्टी की मौजूदगी को मज़बूत करने की प्राथमिकताओं और रणनीतियों पर भी चर्चा की। यह बैठक इसलिए अहम है क्योंकि पार्टी अपने संगठनात्मक ढांचे को मज़बूत करने और जन-कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुँचाने का लक्ष्य रखती है। मुख्यमंत्री धामी ने नितिन नबीन के हल्द्वानी दौरे का स्वागत करते हुए कहा कि उनके राज्य के दौरे से पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच उत्साह और ऊर्जा का एक नया माहौल बना है। उन्होंने आगे कहा कि जब से नितिन नबीन ने हमारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर दौरे शुरू किए हैं, पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच एक नया माहौल बना है—एक ऐसा माहौल जो नए उत्साह और ऊर्जा से भरा हुआ है। धामी ने बताया कि नबीन पहले भी तीन दिन के दौरे पर उत्तराखंड आए थे। उस दौरान उन्होंने अलग-अलग स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत, बैठकें और समीक्षाएं की थीं और समाज के अलग-अलग वर्गों के लोगों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की थी। इसे भी पढ़ें: Kota में CM Bhajanlal Sharma ने किया Roadshow, तीसरे इंजन की सरकार बनाने का किया आह्वान धामी के अनुसार, अपने मौजूदा दौरे के दौरान नबीन को बीजेपी की राज्य कार्यकारिणी समिति के साथ चर्चा करनी थी और उन्हें संबोधित करना था। साथ ही, दूसरे दिन उन्हें पूर्व सैनिकों और युवाओं से भी मिलना था। अपने दो दिन के कार्यक्रम के तहत उन्हें रुद्रपुर में पंजाबी-सिख समुदाय के एक सम्मेलन में भी शामिल होना था। धामी ने कहा कि इस कार्यक्रम से बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जुड़े रहेंगे और बातचीत का मौका मिलेगा। उन्होंने इसे हमारे लिए एक अहम मौका बताया और कहा कि यह बहुत अच्छी बात है कि वह सभी कार्यकर्ताओं से बातचीत करेंगे और सभी को मौका देंगे। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
दौसा समाचार : राजस्थान ब्राह्मण महासभा की सभी नियुक्तियां चुनाव तक रहेंगी यथावत
राजस्थान ब्राह्मण महासभा की सभी मौजूदा नियुक्तियां आगामी चुनावों की तारीख घोषित होने तक पूर्ववत जारी रहेंगी। महासभा के प्रदेश महामंत्री सुनील कुमार शर्मा ने संशोधित आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि दौसा जिलाध्यक्ष पद पर वैद्य विष्णुकान्त तिवारी निरंतर अपनी सेवाएं देते रहेंगे। इसके साथ ही जिला कार्यकारिणी, महिला प्रकोष्ठ, युवा प्रकोष्ठ, खंड व नगर कार्यकारिणी के समस्त पदाधिकारी पहले की तरह अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए संगठन कार्य संचालित करते रहेंगे।
राजस्थान के मुख्यमंत्री ने निकाय चुनावों के दूसरे चरण के प्रचार के आखिरी दिन जयपुर में किया रोड शो
jaipur, 9 सितंबर . Rajasthan में निकाय चुनावों के दूसरे चरण के प्रचार के आखिरी दिन Wednesday को Chief Minister भजनलाल शर्मा ने jaipur में रोड शो किया. Chief Minister के सांगानेरी गेट स्थित हनुमान मंदिर जाने के बाद दोपहर के आसपास रोड शो शुरू हुआ. खुली जीप में सवार शर्मा के साथ भाजपा के ... Read more
Rajasthan: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निशाने पर मोदी सरकार, जाने क्या हैं पूरा मामला
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जनधन योजना को लेकर केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इस संबंध में सोशल मीडिया पर कहा कि जनधन योजना का हर चौथा खाता निष्क्रिय हैं, 5.72 करोड़ खातों में एक रुपया तक नहीं। यह है मोदी सरकार के गरीब कल्याण के दावों की असली तस्वीर। यह स्पष्ट संकेत है कि मोदी सरकार की गलत नीतियों से देश में गरीबी बढ़ती जा रही है। अशोक गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी लगातार आवाज उठा रहे हैं कि देश में अमीर और गरीब की खाई बढ़ती जा रही है। मनरेगा जैसी गरीब कल्याण की योजना को बन्द करने के दुष्परिणाम अभी आएंगे तब स्थिति बद से बदतर हो जाएगी। यह बढ़ती असमानता चिंता का विषय है। मीडिया रिपोटर्स की माने माने अशोक गहलोत ने लंपी वायरस को लेकर प्रदेश सरकार को भी निशाने पर लिया है। उन्होंने एक्स के माध्यम से कहा कि चार साल बाद राजस्थान में लंपी वायरस ने फिर दस्तक दे दी है, भरतपुर, डीग, धौलपुर, करौली सहित कई जिलों में 10 हजार से ज्यादा गोवंश संक्रमित हो चुके हैं और 6 गायों की मौत हो चुकी है। pc- aaj tak
मोहन भागवत का राजस्थान दौरा: नागौर और भीलवाड़ा जाएंगे RSS प्रमुख
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत 11 से 14 सितंबर तक राजस्थान प्रवास पर रहेंगे, जहां वे संघ कार्यकर्ताओं की बैठक और सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
Rajasthan निकाय चुनाव: Ashok Gehlot बोले- Congress को मिलेगा जनादेश, BJP सरकार पर बरसे
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भरोसा जताया कि कांग्रेस पार्टी चल रहे निकाय चुनावों में जीत हासिल करेगी। साथ ही, उन्होंने पिछले ढाई सालों में बीजेपी सरकार के कामकाज की आलोचना भी की। जोधपुर जाने से पहले जयपुर में मीडिया से बात करते हुए गहलोत ने कहा कि मैंने पहले भी कहा है कि इस बार लोगों का मूड कांग्रेस को जिताने का है। सरकार ने पिछले ढाई सालों में कोई काम नहीं किया है। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी पार्टी से उम्मीदें पूरी न होने के कारण जनता नाराज है और उसने पहले ही अपना मन बना लिया है। इसे भी पढ़ें: दिल्ली की मतदाता सूची में राघव चड्ढा का नाम शामिल, AAP ने उठाए प्रक्रिया पर सवाल गहलोत ने ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में हालात की गंभीरता पर ज़ोर देते हुए कहा कि लोगों को सरकार से बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन उन पर काम नहीं हुआ। चाहे गाँव हों या शहर, हर जगह स्थिति गंभीर है। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी की चुनावी रैलियाँ बेअसर रहीं। उन्होंने टिप्पणी की कि अब रैलियाँ निकालने का कोई फ़ायदा नहीं है। अगर सरकार ने काम किया होता, तो रैलियाँ निकालने की ज़रूरत ही नहीं पड़ती। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले चुनाव के नतीजे राज्य प्रशासन के लिए एक सबक होंगे। इसे भी पढ़ें: महिपाल ढांडा को ‘जाट समाज पर कलंक’ बताना ओछी और संकीर्ण राजनीति: शमशेर खरक इस बीच, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा राजस्थान शहरी निकाय चुनाव 2026 के तहत जयपुर में बीजेपी उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने वाले हैं। अपना चुनावी रोड शो शुरू करने से पहले शर्मा ने सांगानेरी गेट स्थित हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की; यह रोड शो चाँदपोल गेट स्थित हनुमान मंदिर की ओर आगे बढ़ेगा। उम्मीद है कि रोड शो के दौरान बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व निकाय चुनाव प्रभारी हरीश द्विवेदी भी शर्मा के साथ शामिल होंगे। इस चुनावी कार्यक्रम का मकसद निकाय चुनाव लड़ रहे बीजेपी उम्मीदवारों के लिए समर्थन जुटाना है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
मैढ़ क्षत्रिय सावित्री माता महिला संगठन का चतुर्थ मंगल पाठ राजस्थान भवन में संपन्न
भायंदर पश्चिम के राजस्थान भवन में मैढ़ क्षत्रिय सावित्री माता महिला संगठन का चतुर्थ मंगल पाठ हुआ, जिसमें सम्मान समारोह भी आयोजित हुआ।
हिसार पुलिस ने 5 हजार रुपए के इनामी बदमाश कपिल निवासी बालसमंद को गिरफ्तार किया है। आरोपी चार मामलों में भगोड़ा अपराधी (PO) घोषित था। उसके खिलाफ हिसार जिले में हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और एससी/एसटी एक्ट समेत 13 मामले दर्ज हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि कपिल हिसार के अलावा राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के भिरानी थाना क्षेत्र में भी तीन मामलों में वांछित था। इन मामलों में हत्या के प्रयास, हथियार रखने और अन्य गंभीर धाराओं से जुड़े आरोप शामिल हैं। कपिल की गिरफ्तारी पर हिसार पुलिस ने 5 हजार रुपए का इनाम रखा था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी कपिल के खिलाफ सदर हिसार, सिविल लाइन, आदमपुर और आजाद नगर थानों में कई केस दर्ज हैं। इनमें 2015 का हत्या का मामला, साथ ही 2019 और 2020 के हत्या व हत्या के प्रयास के मामले शामिल हैं। कुछ मामलों में उसे PO घोषित किया गया था, जबकि कुछ मामले अभी कोर्ट में चल रहे हैं। आरोपी से पूछताछ कर रही पुलिस राजस्थान के भिरानी थाने में भी आरोपी के खिलाफ साल 2026 में तीन मामले दर्ज हुए हैं। इन पर आर्म्स एक्ट और बीएनएस की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस उसके आपराधिक नेटवर्क और अन्य वारदातों में उसकी संभावित भूमिका के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रही है। हिसार के पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने बताया कि फरार, इनामी और उद्घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि कानून से बचकर भाग रहे आरोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के लिए मतदान शुरू, सुबह से बूथों पर लगीं लंबी कतारें
jaipur, 9 सितंबर . Rajasthan में Wednesday को निकाय चुनाव 2026 के पहले चरण के लिए मतदान शुरू हो गया है. Wednesday सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें लगनी शुरू हो गई हैं. धौलपुर में मतदाता Wednesday सुबह से ही अपने मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं और वोट डाल रहे हैं. ... Read more
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में निकाय चुनाव चल रहे हैं और चुनावों के बीच में बयानबाजी का दौर जारी है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस के नेता ऐसा कोई मौका नही छोड़ रहे हैं जिससे की एक दूसरे की बुराई की जा सके। अब भाजपा नेता और प्रदेश के शिक्षा मंत्री दिलावर और कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है। कोटा में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल के बयान पर पलटवार करते हुए उनके सियासी सफर और कथित बयानों को लेकर तीखा हमला बोला। चुनावी जनसंपर्क के दौरान दिलावर ने कहा, बिकाऊ बैल की तरह रोज दल बदलने वाले मुझे चरित्र का पाठ पढ़ा रहे हैं। दिलावर ने तंज कसते हुए कहा, आप जैसा चरित्र जीने से बेहतर मैं मरना पसंद करूंगा, मदन दिलावर की होड़ सात जन्म तो क्या, सौ जन्म में भी आप नहीं कर सकते। मदन दिलावर ने गुंजल के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उनके चरित्र को लेकर टिप्पणी की गई थी। उन्होंने कहा, गुंजल पहले अपने चरित्र का आईना देखें और बताएं कि वह किस चरित्र की बात कर रहे हैं। दिलावर ने कहा, मेरा जीवन निष्कलंक है, कोई मेरे चरित्र पर एक भी दाग साबित कर दे तो मैं अपनी सारी संपत्ति उसके नाम करने को तैयार हूं। pc- abp news,ndtv
जोधपुर हाईकोर्ट भवन मामले में निर्माण खामियों की एसआईटी जांच के बाद 7 गिरफ्तार, 1 हिरासत में
जोधपुर, 9 सितंबर . जोधपुर Police ने Rajasthan उच्च न्यायालय के नए भवन में अनियमितताओं और गंभीर निर्माण दोषों की जांच के सिलसिले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है और आठवें व्यक्ति को हिरासत में लिया है. Police आयुक्त अंशुमन भोमिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जांच और गिरफ्तारियों के बारे में विस्तृत जानकारी ... Read more
पंचकूला के कमांड अस्पताल (पश्चिमी कमान) चंडी मंदिर में एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक मामला सामने आया है। वीर राजपूत रेजिमेंट के एक सेवारत सैनिक की 30 वर्षीय पत्नी संजू गुर्जर को ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद, उनके परिवार ने निजी दुःख को भुलाकर 6 लोगों को नया जीवन देने का अनुकरणीय निर्णय लिया। राजस्थान के भीलवाड़ा की रहने वाली यह वीरांगना अपने पीछे 3 साल और 1 साल के दो मासूम बच्चों को छोड़ गई हैं। रात 9 बजे हुआ फैसला, रातभर चला महा-समन्वय कल रात लगभग 9 बजे सभी कानूनी व मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत महिला को 'ब्रेन डेड' घोषित किया गया। गहरे सदमे के बावजूद, उनके सैनिक पति और पैरा स्पेशल फोर्स से सेवानिवृत्त ससुर ने उनके अंग दान करने का फैसला लिया। सहमति मिलते ही कमांड अस्पताल, SOTTO, ROTTO (PGIMER चंडीगढ़) और NOTTO (नई दिल्ली) की टीमें सक्रिय हो गईं। पारदर्शी और वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत अंगों का आवंटन किया गया। बच्चों को गर्व होगा, मां 6 लोगों में जीवित- कमांडेंट हरकीरत कमांड अस्पताल के कमांडेंट हरकीरत सिंह ने कहा कि यह भारतीय सशस्त्र बल परिवार का असली चेहरा है। अपने सबसे कठिन समय में एक युवा राजपूत सैनिक ने छह अन्य परिवारों के बारे में सोचा। पैरा स्पेशल फोर्स के योद्धा की बेटी और सैनिक की पत्नी ने मृत्यु में भी वही शौर्य दिखाया है, जो उनके परिवार ने जीवन में दिखाया। उनके दोनों छोटे बच्चे बड़े होकर जानेंगे कि उनकी मां अमर हैं और 6 अन्य लोगों में जीवित हैं।
Rajasthan Local Body Elections: 131
जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण का मतदान आज शुरू हो रहा है। आज पदेश के 39 जिलों की 131 नगरपालिका, 27 नगर परिषद व चार नगर निगमों के लिए मतदाता आपने मताधिकार का उपयोग कर रहे हैं। आज सुबह 7 से मतदान शुरू हो गया है, जो शाम 6 बजे तक चलेगा। मतदान को देखते हुए पोलिंग बूथों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 5393 वार्डों के 6930 मतदान परिसर स्थित 7067 बूथों पर 57 लाख 52 हजार से अधिक वोटर मतदान करेंगे। आज भीलवाड़ा, बीकानेर, भरतपुर व अलवर नगर निगम के कुल 279 वार्डों के लिए मतदान हो रहा है। पहले चरण में शामिल 32 वार्डों में निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है। खबरों के अनुसार, भरतपुर के मुरवाड़ा मतदान केंद्र पर ईवीएम खराब होने से मतदान प्रक्रिया प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। मतदान केन्द्रों पर सुबह से लाइन में लगनी शुरू हो चुकी है। भजनलाल ने लोगों से की मतदान करने की अपील मुख्यमंत्री भजनलाल ने लोगों से मतदान करने की अपील की है। उन्होंने इस संबंध में एक्स के माध्यम से कहा कि प्रिय प्रदेशवासियो, आज नगर निकाय चुनाव-2026 के प्रथम चरण का मतदान है। आप सभी से विनम्र अपील है कि लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपने मताधिकार का अवश्य प्रयोग करें। आपका एक-एक मत आपके नगर के विकास, बेहतर सुविधाओं और सुशासन की दिशा तय करेगा। विशेष रूप से पहली बार मतदान करने वाले युवा साथी उत्साहपूर्वक लोकतंत्र के इस पावन पर्व में भाग लें और अपने परिवारजनों एवं परिचितों को भी मतदान के लिए प्रेरित करें। PC: aajtak अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
Rajasthan Urban Local Body Elections: 162 निकायों में पहले चरण का मतदान जारी
जयपुर, नौ सितंबर राजस्थान में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान बुधवार को शुरू हो गया। राज्यभर के 162 नगर निकायों में मतदान हो रहा है, जिनमें जयपुर जिले के 18 निकाय भी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और शाम छह बजे तक जारी रहेगा। पहले चरण में पार्षद के 5393 पदों के लिए 20,000 से ज़्यादा उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। जिन 162 शहरी स्थानीय निकायों में चुनाव हो रहे हैं उनमें चार नगर निगम, 27 नगर परिषद और 131 नगरपालिकाएं शामिल हैं। अलवर शहर में एक मतदान केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के काम नहीं करने पर मतदाताओं ने आपत्ति जताई। सवाई माधोपुर और जोधपुर में भी ईवीएम में तकनीकी खराबी के कारण लंबी कतारे लग गईं। अधिकारियों के अनुसार 162 नगर निकायों में 7683 मतदान केंद्रों पर 57,52,278 मतदाता अपने मताधिकारों का इस्तेमाल सकेंगे। जयपुर जिले में 18 नगर निकायों के 565 मतदान केंद्रों पर मतदान हो रहा है। जयपुर जिले में जिन निकायों में चुनाव हो रहे हैं उनमें मनोहरपुर, फुलेरा, सांभर, किशनगढ़-रेनवाल, शाहपुरा, दूदू, चाकसू, फागी, जोबनेर, खेजरोली, जमवारामगढ़, वाटिका, कानोता, बस्सी, बगरू, कालाडेरा और चौमूं शामिल हैं। राजस्थान के 309 शहरी स्थानीय निकायों के लिए मतदान दो चरणों में नौ और 11 सितंबर को कराया जा रहा है। वोटों की गिनती 14 सितंबर को होगी।
Weather Update: राजस्थान में बारिश का दौर थमा, 12 सितंबर से फिर बदलेगा मौसम, सताने लगी उमस
इंटरेनट डेस्क। राजस्थान में अभी मानसूनी बारिश पर ब्रेक लगा हुआ हैं, ऐसे में लोगों को फिर से उमस परेशान करने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से लगे उत्तरी आंध्रप्रदेश और दक्षिणी उड़ीसा तट के आसपास 11 सितंबर को एक और नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की प्रबल संभावना है। इस नए सिस्टम का असर भारत के मैदानी राज्यों के साथ राजस्थान में भी देखने को मिलेगा। शुरू होगा बारिश का दौर जयपुर के पूर्वानुमान के अनुसार 12 सितंबर से पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों में हल्की से मध्यम बारिश का एक नया दौर शुरू होने की संभावना है। पिछले कुछ दिनों से राज्य के अधिकांश हिस्सों में मानसून परिस्थितियां काफी कमजोर दर्ज की गई थीं जिससे तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभाग में 10 और 11 सितंबर को मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। हो सकती हैं बारिश मौसम विभाग की माने तो जयपुर और आसपास के जिलों जैसे दौसा और करौली में मौसम विभाग ने 11 और 12 सितंबर के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। राजधानी जयपुर में आगामी 24 घंटों के दौरान मौसम में आंशिक बदलाव देखने को मिल सकता है। 12 सितंबर से शहर में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है। pc- etv bharat
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान नगर निकाय चुनाव 2026 का पहला चरण आज हैं, 9 सितंबर को प्रदेश में सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार पहले चरण में 39 जिलों के 162 नगरीय निकाय शामिल हैं। इनमें 4 नगर निगम बीकानेर अलवर भरतपुर और भीलवाड़ा हैं, साथ में 24 नगर परिषद और 134 नगर पालिकाएं हैं। जाने कितने हैं कुल वार्ड बता दें कि कुल 5,425 वार्डों के लिए मतदान हो रहा है। कुछ वार्ड पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं। भाजपा को उनमें बढ़त मिली है। पहले चरण के प्रमुख निकाय- नगर निगम- बीकानेर, अलवर, भरतपुर, भीलवाड़ा नगर परिषदः नागौर, कोटपूतली, ब्यावर, चूरू, सुजानगढ़, धौलपुर, सवाई माधोपुर, जालोर, बारां, बूंदी, झालावाड़, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डीडवाना, कुचामन सिटी, करौली, भिवाड़ी, जैसलमेर, बाड़मेर, खैरथल-तिजारा नगर पालिकाएंः पीसांगन, नसीराबाद, केकड़ी, सरवाड़, टाटोटी, सावर, जायल, मूंडावा, बासनी, कुचेरा, निवाई, पीपलू, देवली, उनियारा, दूनी, विजयनगर, मसूदा, बीगोद, पावटा-प्रागपुरा, विराटनगर, नारायणपुर, बानसूर, सूरतगढ़, श्रीविजयनगर, रायसिंहनगर, अनूपगढ़, घड़साना, नोहर, भादरा, संगरिया, टिब्बी, रावतसर, राजगढ़, रतननगर, छापर, भुसावर, रूपवास, राजाखेड़ा, मनियां, सैपऊ, बौंली, खंडार, बगरू, चाकसू, जोबनेर, किशनगढ़-रेनवाल, फुलेरा, सांभर, बस्सी, दूदू, जमवारामगढ़, कालाडेरा, कानोता, खेजरोली, मनोहरपुर, नारायणा, फागी, वाटिका और अन्य। जयपुर जिले में पहले चरण में 18 निकाय हैं, शाहपुरा और चौमू नगर परिषद भी पहले चरण में हैं। pc- india tv hindi
राजस्थान में सूखे जैसे हालात: प्रदेश के केवल 4 जिलों में ही अब तक सामान्य से अधिक बरसात हुई है। राज्य में इस सीजन में सामान्य से 24 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, 12 सितंबर से एक नया वेदर सिस्टम एक्टिव होने के बाद बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।
'वन स्टेट, वन इलेक्शन' का पहला प्रयोग आज, राजस्थान में किसका क्या दांव पर?
राजस्थान में 'वन स्टेट, वन इलेक्शन' के तहत 162 नगरीय निकायों के 5,393 वार्डों के लिए पहले चरण का मतदान शुरू हो गया है. सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच 57 लाख से अधिक मतदाता 20,623 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला कर रहे हैं.
राजस्थान में मानसून फिर करवट लेगा। 11 सितंबर से नए लो-प्रेशर सिस्टम के असर से बारिश की संभावना है। पूर्वी जिलों में 12-14 सितंबर तक मौसम बदल सकता है।
बिहार में बाढ़ से 9 से ज्यादा नदियां उफान पर हैं। इससे 13 जिलों में लगभग 34 लाख आबादी प्रभावित है। इसके बीच मौसम विभाग ने बिहार में 8 से 10 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यूपी में मानसून सीजन की बारिश का कोटा फुल हो चुका है। पिछले 24 घंटे में 55 जिलों में औसत बारिश 4.4 रिकॉर्ड की गई। बुधवार को वाराणसी-प्रयागराज समेत 23 जिलों में बारिश की संभावना है। राजस्थान में केवल चार जिलों में ही सामान्य से ज्यादा बरसात रिकॉर्ड हुई है। प्रदेश में इस मानसून सीजन में 24 फीसदी कम बारिश हुई है। हालांकि, 12 सितंबर से फिर बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग मुताबिक, मध्यप्रदेश में 11 सितंबर तक रीवा और शहडोल संभाग में तेज बारिश के आसार हैं। बाकी जिलों में हल्की बारिश होगी। 12 सितंबर के बाद नया सिस्टम एक्टिव होने पर पूरा प्रदेश फिर से भीग सकता है। सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति देशभर से मौसम की तस्वीरें
Agra News: पशुपतिनाथ के दर्शन को साइकिल से निकला राजस्थान का जत्था
पशुपतिनाथ के दर्शन को साइकिल से निकला राजस्थान का जत्था
संभल में राजस्थान के बागड़ दर्शन कर लौट रहे संभल और मुरादाबाद के श्रद्धालुओं से भरी पिकअप हरियाणा के रोहतक जिले में हादसे का शिकार हो गई। मंगलवार शाम करीब 4 बजे पिकअप को कैंटर ने टक्कर मार दी। हादसे में 3 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। शुरुआती इलाज के बाद 6 गंभीर घायलों को मुरादाबाद रेफर किया गया है। मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम होने के बाद गुरुवार को संभल लाया जाएगा। संभल के दो और मुरादाबाद की एक महिला की मौत मृतकों की पहचान संभल के बनियाठेर थाना क्षेत्र के गुमथल गांव निवासी रुसी (65) पत्नी केदासी और धनारी थाना क्षेत्र के मानकपुर गांव निवासी ललतेश (32) के रूप में हुई है। तीसरी मृतक मुरादाबाद जिले के मैनाठेर थाना क्षेत्र के शहजाद खेड़ा गांव निवासी सुमन (20) पत्नी हरज्ञान हैं। सुमन के पति हरज्ञान भी हादसे में घायल हुए हैं। ललतेश के परिवार के कई लोग घायल हादसे में मृतक ललतेश की पत्नी सीमा (15), 2 साल की बेटी मीनाक्षी और 2 महीने की बेटी साक्षी भी गंभीर रूप से घायल हैं। परिवार के अन्य लोगों के साथ उन्हें भी इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। 3 सितंबर की रात दर्शन के लिए निकले थे जानकारी के अनुसार, सभी श्रद्धालु 3 सितंबर की रात राजस्थान के बागड़ दर्शन के लिए गए थे। दर्शन के बाद पिकअप से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान रोहतक जिले में पिकअप को पीछे से कैंटर ने टक्कर मार दी। टक्कर के बाद पिकअप में सवार श्रद्धालु घायल हो गए। संभल के इन श्रद्धालुओं को आई चोट बनियाठेर थाना क्षेत्र के गुमथल गांव निवासी ठाकुरदास (35) पुत्र केदारी, प्रेम सिंह (55) पुत्र झंडू, प्रीति (16) पुत्री राजेश, तारावती (30) पत्नी राजेश, धीरेंद्र (30) पुत्र प्रकाश और रीना (28) पत्नी धीरेंद्र भी घायल हुए हैं। इन्हें शुरुआती इलाज के बाद मुरादाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बहजोई और चंदौसी क्षेत्र के लोग भी घायल बहजोई थाना क्षेत्र के मझोला गांव निवासी संतोष और उनकी पत्नी कांति भी हादसे में घायल हुए हैं। वहीं चंदौसी तहसील के गुमथल गांव निवासी प्रेमी (24) पुत्र ठाकुर, पुरुषोत्तम (35) पुत्र ठाकुरदास, उनकी पत्नी कुशमा (32), लज्जावती (38) पत्नी मुन्नालाल और उनका बेटा अजय (18) भी घायल हैं। बदायूं के श्रद्धालु भी हादसे की चपेट में बदायूं जिले के इस्लामनगर थाना क्षेत्र के चंदौई नगला गांव निवासी रानी (15) पुत्री मुन्नालाल समेत करीब एक दर्जन अन्य लोग भी घायल हुए हैं। सभी घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए मुरादाबाद रेफर किया गया है।
कर्नाटक सीएम के निर्देश पर बड़ा एक्शन, बेंगलुरु के एपीएमसी मार्केट से 19 बाल मजदूर रेस्क्यू
Bengaluru, 8 सितंबर . कर्नाटक के Chief Minister डीके शिवकुमार के Tuesday को दिए गए निर्देशों के बाद यशवंतपुर की एपीएमसी मार्केट की दुकानों से 19 बाल मजदूरों को मुक्त कराया गया. इनमें बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, Rajasthan और कर्नाटक के बच्चे शामिल थे. यह ऑपरेशन तब शुरू किया गया, जब Chief Minister ने ... Read more
जस्टिस संजय अग्रवाल के शपथ लेने के बाद क्या राजस्थान हाई कोर्ट में चल रहा विवाद ख़त्म हो पाएगा?
राजस्थान हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ़ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा के कामकाज के तरीक़ों पर पिछले कई महीनों से गंभीर सवाल उठे थे. उनकी जगह पर अब जस्टिस संजय अग्रवाल की नियुक्ति हुई है.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने मंगलवार को विधानसभा में किए गए अपने उस वायरल इशारे पर सफाई दी, जिसे DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन के टूटे हुए जबड़े का मज़ाक उड़ाने के तौर पर देखा गया था। उन्होंने कहा कि यह इशारा अचानक हुआ था और इसका मकसद किसी को दुख पहुँचाना नहीं था। विधानसभा में विपक्षी पार्टी के ख़िलाफ़ एक तीखे भाषण के दौरान, विजय ने अपने जबड़े को छूने वाला जो इशारा किया था, उसके लिए उनकी आलोचना हुई। इस इशारे को स्टालिन के शारीरिक रूप-रंग का मज़ाक उड़ाने के तौर पर देखा गया था। मुख्यमंत्री पर DMK प्रमुख का बॉडी-शेमिंग का आरोप लगा था। इसे भी पढ़ें: महिपाल ढांडा को ‘जाट समाज पर कलंक’ बताना ओछी और संकीर्ण राजनीति: शमशेर खरक विजय ने X पर लिखा कि मैं यह साफ़ करना चाहता हूँ कि 7 सितंबर 2026 को विधानसभा में पुलिस विभाग के लिए अनुदान की माँगों पर जवाब देते समय अनजाने में जो बॉडी लैंग्वेज दिखी, वह पूरी तरह से स्वाभाविक थी और उसका कोई छिपा हुआ मकसद नहीं था। इसलिए, मैं ईमानदारी से अनुरोध करता हूँ कि इसे किसी को व्यक्तिगत रूप से चोट पहुँचाने या नाराज़ करने की कोशिश के तौर पर न देखा जाए। यह बात तब सामने आई जब CPI(M) नेता पी. शनमुगम ने स्टालिन के बॉडी शेमिंग (शारीरिक बनावट का मज़ाक उड़ाने) के लिए विजय की आलोचना की और कहा कि विधानसभा को व्यक्तिगत हमलों का मंच नहीं बनना चाहिए। शनमुगम ने इमरजेंसी के दौर को याद किया, जब लोकतंत्र के बचाव में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे और उसके बाद दमन और ज्यादतियां हुई थीं। उन्होंने इमरजेंसी के दौरान स्टालिन पर हुए हमले का भी ज़िक्र किया, जब उन्हें 'मेंटेनेंस ऑफ़ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट' (MISA) के तहत हिरासत में लिया गया था। उन्होंने कहा कि किसी के शारीरिक रूप-रंग का मज़ाक उड़ाना निंदनीय है, चाहे कोई भी ऐसा करे; खुद मुख्यमंत्री का ऐसा करना गैर-ज़िम्मेदाराना हरकत है। इसे भी पढ़ें: Rajasthan civic polls में गरमाई सियासत, BJP ने 41 बागी नेताओं को दिखाया बाहर का रास्ता विजय ने ED के एक दस्तावेज़ और दशकों पुरानी सरकारिया कमीशन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए पिछली DMK सरकार पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाए। विजय ने कहा कि सरकारिया कमीशन की रिपोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि पर अपने आधिकारिक पद का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया था। 1976 की जस्टिस सरकारिया कमीशन रिपोर्ट का ज़िक्र करते हुए, विजय ने दावा किया कि उसमें सरकारी कॉन्ट्रैक्ट देने के बदले पार्टी फंड की मांग करने के मामले दर्ज थे और तर्क दिया कि आज के समय में भी वैसी ही हरकतें हो रही हैं। उदयनिधि ने आरोपों का जवाब देने की अनुमति मांगी, लेकिन सदन में हंगामे के कारण स्पीकर ने तुरंत जवाब देने की इजाजत नहीं दी। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
राजस्थान: कोचिंग से घर लौटते समय सेना के जवान का अपहरण, मांगी 10 लाख रुपए की फिरौती
jaipur, 8 सितंबर . Rajasthan के सीकर जिले में एक दिन पहले कोचिंग से घर लौटते समय सेना के एक जवान का कथित तौर पर हथियारबंद लोगों के एक समूह ने अपहरण कर लिया. बाद में अपहरणकर्ताओं ने कथित तौर पर उसके फोन से उसकी पत्नी को कॉल किया और 10 लाख रुपए की फिरौती ... Read more
PM Modi संग Gen Z का 'Aura' कनेक्शन, Vadodara में युवाओं ने 'Hello Friends' से जीता दिल
मंगलवार को वडोदरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘NaMo for Viksit Bharat’ यूथ आउटरीच इवेंट में 'जेन Z' (Gen Z) के युवाओं ने उनके आने और भाषण पर अपने अंदाज और भाषा में प्रतिक्रिया दी। महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी (MSU) के पैविलियन ग्राउंड में हुई इस बड़ी सभा का अनोखा रॉकस्टार-जैसा सेटअप और ज़बरदस्त जोश वाली बातचीत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। कार्यक्रम में शामिल युवाओं ने PM की खास अंदाज़ में तारीफ की। कई छात्र क्रिएटिव पोस्टर लेकर आए थे, जिन पर ‘ Aap Ka Aura Hi Alag Hai’ और ‘मोदी जी, प्लीज़ मुस्कुराइए... इससे प्रेरणा मिलेगी’ जैसे संदेश लिखे थे; ये पोस्टर अब सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Rajasthan civic polls में गरमाई सियासत, BJP ने 41 बागी नेताओं को दिखाया बाहर का रास्ता इस कार्यक्रम का एक दिल छू लेने वाला पल तब आया जब उत्साहित बच्चों और युवाओं के एक समूह ने PM का स्वागत करने के लिए अपने फ़ोन पर ‘HELLO FRIENDS’ का एक चमकदार और एक साथ दिखने वाला संदेश दिखाया। इसे देखकर PM के चेहरे पर तुरंत मुस्कान आ गई और यह वीडियो ऑनलाइन वायरल हो गया। PM मोदी ने भीड़ के बीच बने 200 मीटर लंबे, 'Y'-शेप वाले रैंप पर चलकर वहां बैठे 4,000 से ज़्यादा स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स से सीधे बातचीत की। वे एक ज़बरदस्त फ़्यूज़न ट्रैक पर चलकर आगे बढ़े, जिसमें क्वीन बैंड का 1977 का क्लासिक गाना 'वी विल रॉक यू' और फ़िल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' का हिट गाना 'आरी आरी' शामिल था। सरकारी आउटरीच प्रोग्राम में पहली बार, एंट्री पूरी तरह से BookMyShow पर मुफ़्त ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के ज़रिए मैनेज की गई; रजिस्ट्रेशन एक घंटे के अंदर ही पूरे भर गए और 42,000 से ज़्यादा लोग वर्चुअल वेटिंग लिस्ट में रह गए। Gen Z के लोगों ने एक विकसित भारत (विकसित भारत) बनाने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी के लिए प्रधानमंत्री के आह्वान का ज़ोरदार स्वागत किया; उन्होंने भाषण को रिकॉर्ड करके और अपने फ़ोन की स्क्रीन पर हार्ट इमोजी दिखाकर इसमें सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। इसे भी पढ़ें: Officials का अपमान बर्दाश्त नहीं, Naresh Chauhan ने Kangana Ranaut को दिलाई चुने हुए प्रतिनिधियों की गरिमा की याद प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की 'जेन Z' पीढ़ी तक पहुँचने के लिए एक ज़बरदस्त और बहुत सोच-समझकर तैयार किया गया कैंपेन शुरू किया है। पिछले कुछ हफ़्तों में, यह पहल पार्टी के अंदर की चर्चाओं से आगे बढ़कर एक बड़े पब्लिक कैंपेन में बदल गई है, जिसमें कैंपस की बोलचाल की भाषा, हाई-टेक इवेंट प्रोडक्शन और व्यवस्थित पॉलिसी-लेवल की कोशिशें शामिल हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। PM मोदी के लिए Gen-Z का प्यार बिल्कुल unfiltered है! गुजरात की रैली में Gen-Z ने अपने अंदाज में बता दिया: PM मोदी सिर्फ नेता नहीं, एक inspiration, भरोसा और जज्बा हैं। pic.twitter.com/EJCuaKX3cW — BJP (@BJP4India) September 8, 2026
नागरकुर्नूल से कांग्रेस के लोकसभा सांसद मल्लू रवि ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली वाली जगह पर किए गए शुद्धिकरण अनुष्ठान के बाद तुरंत कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मल्लू रवि ने बताया कि अनुसूचित जाति समुदाय से आने वाले और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने 8 अगस्त, 2026 को नैनीताल जिले के हल्द्वानी में रामलीला मैदान में एक जनसभा को संबोधित किया था। इसे भी पढ़ें: Rajasthan civic polls में गरमाई सियासत, BJP ने 41 बागी नेताओं को दिखाया बाहर का रास्ता सांसद ने आरोप लगाया कि 10 अगस्त, 2026 को 'श्री राम धर्मार्थ सेवा न्यास' के अध्यक्ष गिरीश चंद्र पांडे ने 15 अज्ञात लोगों के साथ मिलकर यज्ञ और गंगाजल का इस्तेमाल करके उस जगह की तथाकथित शुद्धि करने की साजिश रची। मल्लू रवि के अनुसार, यह रस्म भारत के संविधान का अपमान करने और सभी नागरिकों को मिले समानता और सम्मान के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करने के इरादे से जान-बूझकर की गई हरकत थी। उन्होंने टीवी समाचारों और अखबारों के ज़रिए इस घटना पर नज़र रखी और कहा कि इससे छुआछूत और जातिवाद के लगातार चलन को लेकर बड़े पैमाने पर गुस्सा और चिंता पैदा हुई है। अपनी शिकायत में मल्लू रवि ने कहा कि इससे शिकायतकर्ता, अनुसूचित जाति समुदाय और उन सभी लोगों की भावनाओं को ठेस पहुँची है जो देश की सामाजिक एकता और राष्ट्रीय अखंडता के विचारों में विश्वास रखते हैं। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि गिरीश चंद्र पांडे और 15 अन्य अज्ञात लोगों ने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के सदस्यों का अपमान करने के इरादे से, सबके सामने और प्रचार के मकसद से, उन्हें नीचा दिखाने के लिए रामलीला मैदान में यज्ञ किया/गंगाजल छिड़का और मैदान का अपमानजनक और निंदनीय 'शुद्धिकरण' किया। इस तरह उन्होंने भारत और विदेशों में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लोगों और सामाजिक एकता में विश्वास रखने वाले लोगों का सार्वजनिक रूप से अपमान करने का आपराधिक कृत्य किया। इसे भी पढ़ें: Officials का अपमान बर्दाश्त नहीं, Naresh Chauhan ने Kangana Ranaut को दिलाई चुने हुए प्रतिनिधियों की गरिमा की याद सांसद ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत इसमें शामिल लोगों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि आरोपियों के कृत्य देश की एकता और अखंडता के खिलाफ हैं और सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाते हैं। यह SC/ST अधिनियम, 1989 के तहत दंडनीय अपराधों की श्रेणी में आता है। इसलिए, आपसे अनुरोध है कि इस मामले में तुरंत केस दर्ज करें, जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार करें और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करें। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
देहरादून में आयोजित 45वीं जोनल नॉर्थ जोन राइफल शूटिंग चैम्पियनशिप में राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर रहे विख्यात ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. मनन अग्रवाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता। एक चिकित्सक के रूप में समाज सेवा के साथ खेल के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल कर उन्होंने प्रदेश का मान बढ़ाया है।
Rajasthan civic polls में गरमाई सियासत, BJP ने 41 बागी नेताओं को दिखाया बाहर का रास्ता
राजस्थान में नगर निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है। राज्य के 309 शहरी स्थानीय निकायों के लिए वोटिंग 9 और 11 सितंबर को दो चरणों में होनी है। इस चुनावी मुकाबले के बीच, बीजेपी ने उन नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है जिन्होंने पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ा या निर्दलीय उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया। राज्य भर के 41 नेताओं और कार्यकर्ताओं को - जिनमें जयपुर के 26 लोग शामिल हैं - पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह साल के लिए निकाल दिया गया है। इसे भी पढ़ें: Satya Niketan हादसे में AAP नेता Saurabh Bhardwaj का गंभीर आरोप, बचाव कार्य में Mobile Jammers का हुआ इस्तेमाल पार्टी ने साफ कर दिया है कि आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ काम करना संगठन-विरोधी गतिविधि और घोर अनुशासनहीनता है। पहले चरण में 39 जिलों के 168 नगर निकायों के 5,393 वार्डों के लिए वोटिंग बुधवार को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगी। सोमवार शाम को रैलियां, जनसभाएं, रोड शो और जुलूस खत्म हो गए और अब उम्मीदवार घर-घर जाकर प्रचार करने पर ध्यान दे रहे हैं। राज्य भर में कुल 10,245 वार्डों के लिए चुनाव हो रहे हैं। पहले चरण में 168 नगर निकाय शामिल हैं, जिनमें चार नगर निगम - पाली, भरतपुर, भीलवाड़ा और अलवर - भी हैं। जयपुर नगर निगम समेत 10 नगर निगमों में से छह में 11 सितंबर को वोटिंग होनी है। दोनों चरणों के वोटों की गिनती 14 सितंबर को होगी। पहले चरण में, 20,623 उम्मीदवारों की किस्मत तय करने के लिए 7,683 मतदान केंद्रों पर 5,752,278 मतदाता वोट डालेंगे। मतदाताओं की संख्या 2019 की तुलना में 27.24% ज़्यादा है। इसे भी पढ़ें: UP में BJP का 2027 गेम प्लान: Yogi की 115 सीटों पर सेंधमारी, निशाने पर SP-Congress का गढ़ चुनाव प्रचार खत्म होने के साथ ही, BJP और कांग्रेस दोनों ने अपना ध्यान वोट और उम्मीदवार मैनेजमेंट पर केंद्रित कर दिया है। BJP ने कमज़ोर बूथों की पहचान की है और अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के नेटवर्क को सक्रिय किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि समर्थक वोट डालने के लिए बाहर निकलें। पार्टी ने उन निर्दलीय और बागी उम्मीदवारों की सूची भी तैयार की है जिन्हें वह मज़बूत दावेदार मानती है। ज़िला इकाइयों ने ये सूचियाँ राज्य संगठन को भेज दी हैं और सोमवार से ही इन उम्मीदवारों से संपर्क करने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
महू-नीमच हाईवे पर पुलिस ने चिप्स-कुरकुरे की आड़ में हो रही नशीले पदार्थों की तस्करी पकड़ी है। चेकिंग के दौरान पुलिस ने 'बालाजी वेफर्स' लिखे एक संदिग्ध टेंपो को रोका। तलाशी लेने पर कुरकुरे के पैकेटों के नीचे छिपाकर रखा 39 किलो डोडाचूरा मिला। पुलिस ने राजस्थान के एक आरोपी को गिरफ्तार कर टेंपो जब्त कर लिया है। जीरन थाना प्रभारी उमेश यादव ने बताया कि नशीले पदार्थों के खिलाफ पूरे प्रदेश में अभियान चल रहा है। इसी के तहत रविवार को सहायक उपनिरीक्षक के.एल. परिहार और उनकी टीम महू-नीमच हाईवे पर वाहनों की जांच कर रही थी। तभी राजस्थान नंबर का एक टाटा टेंपो (RJ 06 GD 6772) वहां से गुजरा। उस पर 'बालाजी वेफर्स' लिखा था। टेंपो पर शक होने पर पुलिस टीम ने उसे रोक लिया। उसके पीछे के बंद हिस्से की तलाशी ली गई। ऊपर कुरकुरे और वेफर्स के पैकेट भरे हुए थे। पुलिस ने उन्हें हटाया तो नीचे प्लास्टिक के 3 सफेद कट्टे मिले। कट्टों को खोलने पर उनमें कुल 39 किलो डोडाचूरा भरा मिला। पुलिस ने मौके से ही टेंपो चालक किशन पिता पृथ्वीराज साल्वी (25) को गिरफ्तार कर लिया। वह चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार थाना क्षेत्र के काठी गांव का रहने वाला है। जब्त डोडाचूरा की कीमत करीब 1.95 लाख रुपये है। टेंपो की कीमत 5 लाख रुपये बताई गई है। जीरन पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है कि यह डोडाचूरा कहां से लाया गया था और इसे कहां पहुंचाना था।
केपीआई रिपोर्ट कार्ड में सवाई माधोपुर का शानदार प्रदर्शन, राजस्थान में तीसरा स्थान हासिल
पशुपालन विभाग की अगस्त 2026 की मासिक केपीआई रैंकिंग में सवाई माधोपुर ने राजस्थान में तीसरा स्थान हासिल किया। दौसा प्रथम और कुचामन सिटी दूसरे स्थान पर रहे, जबकि लैण्ड अलॉटमेंट नया पैरामीटर बना।
इंटरनेट डेस्क। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बना दिया गया है। आने वाले एक साल में यहां विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में ये जिम्मेदारी उनके लिए बहुत बडी है। नई जिम्मेदारी के बाद पायलट ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात का सिलसिला शुरू कर दिया है। इसी क्रम में उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की। माना जा रहा है कि इन मुलाकातों में पंजाब कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, संगठन को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा हुई। खबरों की माने तो पंजाब कांग्रेस प्रभारी के तौर पर पायलट की नियुक्ति को पार्टी हाईकमान की महत्वपूर्ण रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी अगले विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करना चाहती है। पायलट की नियुक्ति के बाद पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग समेत प्रदेश के कई नेताओं ने उनसे मुलाकात की है। पार्टी नेतृत्व का फोकस अब संगठन को एकजुट कर आम आदमी पार्टी और भाजपा के खिलाफ कांग्रेस को मजबूत करने पर है। पंजाब की जिम्मेदारी मिलने के साथ पायलट की राष्ट्रीय भूमिका भी बढ़ी है। कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें ऐसे राज्य की कमान दी है, जहां पार्टी के सामने संगठनात्मक चुनौतियों के साथ मजबूत राजनीतिक मुकाबला भी है।pc- ndtv raj
वोटर ID नहीं है तो भी राजस्थान निकाय चुनाव में डाल सकेंगे वोट, ये 11 दस्तावेज होंगे मान्य
Rajasthan Nikay Chunav: राजस्थान में बुधवार को नगर निकाय चुनाव में पहले चरण के लिए मतदान होंगे. इसके लिए निर्वाचन आयोग ने वोटर आईडी के अलावा 11 वैकल्पिक दस्तावेज की सूची जारी की है, जिनका आप वोट डालने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं.
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मंगलवार को वडोदरा में 'नमो फॉर विकसित भारत' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोगों की भारी भीड़ ने गर्मजोशी और उत्साह के साथ स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने शहर में एक बड़ा कार्यक्रम भी किया और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) के तीन अहम हिस्सों को देश को समर्पित किया। यह भारत के डेडिकेटेड फ्रेट इंफ्रास्ट्रक्चर के एक बड़े चरण के पूरा होने का प्रतीक है। ये तीन हिस्से - साणंद (उत्तर)-मकरपुरा, न्यू उमबरगांव-न्यू सफाले और न्यू सफाले-जवाहरलाल नेहरू पोर्ट टर्मिनल (JNPT) - कुल मिलाकर 326 रूट किलोमीटर में फैले हैं और इन्हें 20,700 करोड़ रुपये से ज़्यादा की लागत से तैयार किया गया है। इसे भी पढ़ें: Dhirendra Shastri पर Bengal BJP का पलटवार, कहा- बाहरी नहीं तय करेंगे बंगाली क्या खाएंगे! मोदी ने कहा कि देरी का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद सात या आठ सालों में फ्रेट कॉरिडोर का एक किलोमीटर भी पूरा नहीं हो पाया था। पीएम मोदी ने कहा कि सच तो यह है कि सात या आठ सालों तक फ्रेट कॉरिडोर का एक किलोमीटर भी पूरा नहीं हुआ। उन्होंने अपनी सरकार के काम की रफ़्तार की तुलना पिछली सरकारों के धीमे कामकाज से करते हुए यह उदाहरण दिया। उन्होंने आगे कहा कि अगर वे देश को उसी तरह चलाते, तो पता नहीं तीन-चार पीढ़ियाँ गुज़र जातीं और फिर भी यह काम नहीं हो पाता। प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद इस लंबे समय से अटके हुए प्रोजेक्ट को नई गति देने का श्रेय अपनी सरकार को दिया। गुजरात से दिल्ली तक के अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों से मिले अनुभव और सीख ने केंद्र में कार्यभार संभालने के बाद उनके काम करने के तरीके को आकार दिया। उन्होंने कहा कि 2014 में आपने मुझे दिल्ली भेजा। इस धरती ने मुझे जो सिखाया, उसे लेकर मैं दिल्ली गया। वहां पहुंचकर हमने तुरंत इस काम को गति दी। मोदी ने कहा कि ये डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर इस बात का साक्षी है कि बीते 12 साल में देश की काम करने की संस्कृति कैसे बदली है। इस डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर 2004 में विचार शुरू हुआ था। 2006 में इस काम को करने के लिए एक विशेष कंपनी बनाई गई और फिर 2014 तक फाइलें ही यहां से वहां होती रही। दुर्भाग्य देखिए कि इन फाइलों को भी कोई डेडिकेटेड कॉरिडोर नसीब नहीं हुआ। फाइलें अटकती थी, लटकती थी, भटकती थी। मोदी ने कहा कि ये फ्रेट कॉरिडोर एक और वजह से कमाल का है। हाल ही में JNPT पोर्ट मुंबई से वडोदरा तक डबल स्टैक कंटेनर मालगाड़ी का संचालन किया गया है। इस मालगाड़ी के चलने से एक बार में ही 250 से अधिक ट्रकों के बराबर का सामान मुंबई से वडोदरा चला आया। अब ये जो नाराज फूफा जी हैं, वो चिल्लाएंगे कि ट्रक वालों का क्या होगा, ट्रक कहा जाएंगे, उनका क्या होगा? अब इन फूफा जी को काम मिल गया है। इसे भी पढ़ें: Rajasthan निकाय चुनाव में Congress को जिताने के लिए Ashok Gehlot ने जनता से की अपील मोदी ने कहा कि बीते एक दशक में भारत रेल कोच, मेट्रो कोच बनाने का, रेल इंजन बनाने का भी एक बड़ा निर्माता बना है। 2014 के बाद से अब तक भारत ने करीब 50 हजार आधुनिक रेल कोच बनाए हैं। पुरानी सरकार 10 साल में 50 हजार शौचालय नहीं बना सकती थी। उन्होंने कहा कि झूठ की गूंज से भरमाने वाले हर चौराहे पर मिल जाएंगे लेकिन भारत का नौजवान सच की हुंकार से चलता है। सच की हुंकार के साथ चलता है। सच की हुंकार के लिए चलता है। हमारे युवा साथी ये देख रहे हैं कि आज देश में सोलर हो, विंड हो, हाइड्रो हो, न्यूक्लियर हो, सारे सेक्टर पर सरकार कितना फोकस से काम कर रही है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Vikram Singh को न्याय दो! राहुल गांधी का बड़ा सवाल: Amit Shah का MHA और Delhi Police कर क्या रहा है?
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को 54 वर्षीय मणिपुरी म्यूज़िशियन और म्यूज़िक टीचर चोंगथम विक्रम सिंह की हत्या की तेज़ी से जांच की मांग की। दिल्ली के किलोकारी गांव में अपने घर के बाहर शोर को लेकर हुए झगड़े के बाद कुछ लोगों ने कथित तौर पर उन पर हमला किया था, जिससे उनकी मौत हो गई। X पर एक पोस्ट में गांधी ने कहा कि सिंह अपने घर के बाहर शोर कम करने के लिए कुछ लोगों से कहने नीचे गए थे और कथित तौर पर पीट-पीटकर उनकी हत्या कर दी गई। इसे भी पढ़ें: Dhirendra Shastri पर Bengal BJP का पलटवार, कहा- बाहरी नहीं तय करेंगे बंगाली क्या खाएंगे! उन्होंने कहा कि मणिपुर के मशहूर म्यूज़िशियन चोंगथम विक्रम सिंह जी अपने घर के बाहर हो रहे शोर को कम करने के लिए कुछ लोगों से कहने नीचे गए थे। इसी बात पर उन्हें पीट-पीटकर मार डाला गया। एक पिता की हत्या उसके अपने ही घर के बाहर, उसके ही देश की राजधानी में कर दी गई। ऐसी कई घटनाओं के बाद, आज दिल्ली में रहने वाला हर नॉर्थ-ईस्ट का परिवार यही सवाल पूछ रहा है - क्या हम यहाँ सुरक्षित हैं? शाह का MHA और दिल्ली पुलिस इस बढ़ती अराजकता को रोकने के लिए क्या कर रहे हैं, खासकर नॉर्थ-ईस्ट के लोगों के खिलाफ? मामले की जल्द जांच होनी चाहिए और दोषियों को सज़ा मिलनी चाहिए। विक्रम जी के परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने राज्य और केंद्र सरकार पर ऐसी संस्कृति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है जिसमें लोगों को बिना किसी डर के गलत काम करने की छूट मिलती है, और इसी वजह से संगीतकार की मौत हुई। खेड़ा ने कहा कि मणिपुर के संगीतकार सी. विक्रम सिंह ने दिल्ली में अपने घर के बाहर हो रहे शोर-शराबे और उपद्रव पर आपत्ति जताई थी। उन्हें पीट-पीटकर मार डाला गया। कोई इसे नशे में की गई हिंसा की एक अलग-थलग घटना मानकर नज़रअंदाज़ कर सकता है। लेकिन मामला इससे कहीं ज़्यादा गंभीर है। यह घटना तब हुई जब सरकार ने सालों से तेज़ आवाज़ में बजने वाले डीजे, सार्वजनिक हंगामे और नियमों की खुलेआम अनदेखी को सामान्य और जायज़ बना दिया है। इसे भी पढ़ें: Rajasthan निकाय चुनाव में Congress को जिताने के लिए Ashok Gehlot ने जनता से की अपील उन्होंने कहा कि कानून को सख्ती से लागू करने के बजाय, सत्ता में बैठे लोगों ने अक्सर दूसरी तरफ़ देखा है - जिससे बिना किसी डर के गलत काम करने का माहौल बना है। हो सकता है कि सरकार ने वह डंडा न चलाया हो जिससे विक्रम सिंह की हत्या हुई। लेकिन वे उस माहौल को बनाने की ज़िम्मेदारी से नहीं बच सकते जिसके कारण उनकी हत्या हुई। पुलिस के मुताबिक, विक्रम सिंह ने अपने घर के सामने डिलीवरी बॉय और ढाबे के कर्मचारियों के शोर-शराबे और उपद्रव पर आपत्ति जताई थी। जब वे विरोध करने के लिए नीचे आए, तो उन पर कथित तौर पर घूंसे और लात-घूंसों से हमला किया गया। विक्रम के बेटे याइफाबा उन्हें इलाज के लिए होली फैमिली हॉस्पिटल ले गए, जहां बाद में चोटों के कारण उनकी मौत हो गई। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Rajasthan के 162 नगर निकायों में पहले चरण की Voting बुधवार को, तैयारियां पूरी
जयपुर, आठ सितंबर राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के पहले चरण के लिए बुधवार को मतदान होगा जिसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण में बुधवार को जयपुर जिले के 18 नगर निकाय समेत राज्य के 162 नगर निकायों में मतदान होगा। मतदान सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होगा। उन्होंने बताया कि पहले चरण में पार्षद के 5,393 पदों के लिए 20 हजार से अधिक उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। जिन 162 नगर निकायों में बुधवार को मतदान होने जा रहे हैं उनमें चार नगर निगम, 27 नगर परिषद और 131 नगरपालिकाएं शामिल हैं। पहले चरण में शामिल चार नगर निगम अलवर, भरतपुर, बीकानेर और भीलवाड़ा हैं। इस चरण में कुल 20,623 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। अधिकारियों के अनुसार, 162 नगर निकायों में 7,683 मतदान केंद्रों पर 57,52,278 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे। जयपुर जिले में 18 नगर निकायों के लिए 565 केंद्रों पर मतदान होगा। जयपुर जिले में जिन निकायों में चुनाव हो रहे हैं, उनमें मनोहरपुर, फुलेरा, सांभर, किशनगढ़-रेनवाल, शाहपुरा, दूदू, चाकसू, फागी, जोबनेर, खेजरोली, जमवारामगढ़, वाटिका, कानोता, बस्सी, बगरू, कालाडेरा और चौमूं शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को होने वाले मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मतदान दल मंगलवार को अपने-अपने मतदान केंद्रों का जिम्मा संभाल लेंगे। राज्य के सभी 309 नगरीय निकायों के चुनाव के लिए दो चरणों में नौ और 11 सितंबर को मतदान होगा, जबकि परिणाम 14 सितंबर को घोषित किए जाएंगे।
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में निकाय चुनाव होने जा रहे हैं और चुनाव प्रचार चरम पर है। ऐसे में आरोप प्रत्यारोप का दौर भी चल रहा है। इस बीच विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने नगर निकाय चुनाव में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा प्रचार करने पर तंज कसा है। सीएम भजनलाल ने सोमवार को अलवर में भाजपा प्रत्यार्शियों के समर्थन में रोड शो किया। इस पर कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने सोशल मीडिया के माध्यम से बड़ी बात कही है। मीडिया रिपोटर्स की माने तो जूली ने इस संबंध में एक्स के माध्यम से कहा कि आप समझ सकते हैं कि राजस्थान का भविष्य क्या होगा, जब मुख्यमंत्री ही पार्षद प्रत्याशियों के लिए वोट मांगने आ जाएं तो फिर आखिर बचता ही क्या है? आज तक के इतिहास में कोई मुख्यमंत्री पार्षदों के लिए वोट मांगने नहीं आया। यह मुख्यमंत्री बिल्कुल खाली बैठे हैं। क्योंकि इन्हें काम करना ही नहीं है। जूली ने एक अन्य पोस्ट के माध्यम से कहा कि मालाखेड़ा, अलवर में कांग्रेस ने हमेशा जनता की भलाई और विकास के कार्यों में कोई कमी नहीं छोड़ी। भाजपा ने चवन्नी का भी काम करवाया हो तो हमें बता दे, सिवाय झूठ बोलने और जनता को गुमराह करने के। pc- danik bhaskar
इंटरनेट डेस्क। निकाय चुनावों में पार्टी लाइन से हटकर और बगावत करने वालों पर पार्टी ने बड़ी कार्रवाई कर दी है। पहले चरण के लिए बुधवार को वोटिंग होनी हैं। लेकिन इन चुनावों के पहले भाजपा ने बगावत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर दी है। बीजेपी ने प्रदेशभर में पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ने, निर्दलीय प्रत्याशी बनने या परिजनों को चुनाव मैदान में उतारने वाले 41 पदाधिकारियों को 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। मीडिया रिपोटर्स की माने तो पार्टी ने सबसे ज्यादा कार्रवाई जयपुर में की है, जहां 26 नेताओं पर संगठन ने कार्रवाई की। विद्याधर नगर में ही 13 पदाधिकारियों को निष्कासित किया गया है, जबकि प्रतापगढ़ में 7 नेताओं पर गाज गिरी है। अजमेर में भी बीजेपी ने बागियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई की है। यहां 6 नेताओं और कार्यकर्ताओं को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, निकाय चुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद बगावत करने वालों को हाईकमान की ओर से पहले ही चेतावनी दी गई थी। लेकिन नहीं मानने के बाद अब पार्टी ने सख्त रूख अखतियार करते हुए ये कार्रवाई की है। pc- firstindia.co.in
राजस्थान हाईकोर्ट में जजों के बीच आरोपों का मामला फिर चर्चा में है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता ने CJI को चौथा पत्र भेजकर जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा पर आंतरिक न्यायिक जांच में हस्तक्षेप का आरोप लगाया है।
जस्टिस संजय के. अग्रवाल बने राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
जस्टिस संजय के. अग्रवाल बने राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
इंटरनेट डेस्क। देशभर में सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के आज के ताजा रेट जारी कर दिए है। ऐसे में आप भी अगर बाहर जाने से पहले गाड़ी में तेल भरवाने जा रहे हैं तो आपको आज के भाव जान लेने चाहिए। 8 सितंबर को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुछ खास बदलाव नहीं हुआ है। लेकिन फिर भी एक बार आप कीमतों के बारे में अपडेट हो सकते है। राजस्थान में क्या हैं आज पेट्रोल डीजल की कीमतें राजस्थान में पेट्रोल की आज औसत कीमत 112.56 रुपये प्रति लीटर है, राजस्थान में कल भी पेट्रोल की कीमत लगभग इतनी ही थी। वहीं राजस्थान में आज भी डीज़ल की औसत कीमत 97.78 रुपये प्रति लीटर है। यानी कल से लेकर अब तक राजस्थान में डीज़ल की कीमतों में कोई विशेष बदलाव नहीं हुआ है। 08 सितंबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर। मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर। कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर। चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर। गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर। नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर। बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर। भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर। चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर। हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर। जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर। लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर। pc- businesstoday.in
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में मानसून एक बार फिर से सुस्त पड़ गया हैं, बता दें कि अब कुछ दिनों बाद मानसून की विदाई शुरू हो जाएगी। हालांकि एक बार अभी फिर से राजस्थान में मानसून के सक्रिय होने के आसार नजर आ रहे है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर और आईएमडी के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 8 सितंबर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। अगले करीब एक सप्ताह तक व्यापक बारिश का दौर थमने के आसार हैं। हालांकि पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर और कोटा संभागों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कमजोर रहेगा मानसून आईएमडी के अनुसार 8 से 10 सितंबर के बीच राजस्थान में मानसून की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती हैं। इस दौरान प्रदेश में व्यापक बारिश की संभावना कम है। पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में स्थानीय परिस्थितियों के कारण हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है। जबकि पश्चिमी राजस्थान में ज्यादातर जगह मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है। 8 सितंबर को जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग में कहीं-कहीं बारिश के आसार हैं। पूर्वी राजस्थान में 8 सितंबर को मौसम पूरी तरह शुष्क नहीं रहेगा। भरतपुर, करौली, सवाई माधोपुर और आसपास के इलाकों में कहीं-कहीं बादल छाने के साथ बारिश हो सकती है। 12-13 सितंबर से फिर बारिश के संकेत मौसम विभाग की माने तो 12 और 13 सितंबर से पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ सकती हैं। इस दौरान पूरबाई हवाओं के कारण वातावरण में नमी बढ़ने की संभावना है, इसके चलते पूर्वी, दक्षिण-पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में कई स्थानों पर खंड-खंड बारिश हो सकती है। pc- aaj tak
गुना कुंभराज थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने दो और सह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सोमवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सोनू अहिरवार और उसकी पत्नी वर्षा को पकड़ा। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस मामले में मुख्य आरोपी अभिषेक अहिरवार समेत उसके भाई, माता-पिता और एक अन्य सहयोगी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब तक कुल 7 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। 5 मई को घर से लापता हुई थी नाबालिग 5 मई को कुंभराज थाना क्षेत्र से 15 वर्षीय बालिका लापता हो गई थी। उसकी मां ने उसी दिन थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने अपराध क्रमांक 67/26 के तहत धारा 137(2) बीएनएस में मामला दर्ज कर बालिका की तलाश शुरू की। राजस्थान के फलौदी से सुरक्षित बरामद किया पुलिस ने 28 जुलाई को राजस्थान के फलौदी से बालिका को सुरक्षित बरामद किया। इसके बाद उसे परिजनों के सुपुर्द किया गया। पुलिस ने बालिका के बयान दर्ज किए। इसमें उसने पुलिस को बताया कि ग्राम पीपल्या सिंगनपुर निवासी अभिषेक अहिरवार उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था और उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। बालिका ने यह भी बताया कि इस कृत्य में आरोपी के परिजनों और अन्य लोगों ने सहयोग किया था। उसके बयान और जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामले में दुष्कर्म समेत अन्य धाराएं और पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाईं। मुख्य आरोपी समेत 5 पहले हो चुके गिरफ्तार मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अभिषेक अहिरवार के साथ उसके भाई रिंकू अहिरवार, पिता रामचरण अहिरवार, मां गुड्डी बाई अहिरवार और बुआ के लड़के छीतरलाल अहिरवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुखबिर की सूचना पर दो और पकड़े फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। सोमवार को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर सोनू पुत्र रामचरण अहिरवार उम्र 32 वर्ष और उसकी पत्नी वर्षा पत्नी सोनू अहिरवार उम्र 25 वर्ष को गिरफ्तार किया गया। दोनों ग्राम पीपल्या सिंगनपुर के रहने वाले हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। दो फरार आरोपियों की तलाश जारी पुलिस के अनुसार मामले में अब तक मुख्य आरोपी सहित कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। मामले में शामिल दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तलाश और दबिश की कार्रवाई लगातार जारी है। कार्रवाई में SI होतम सिंह बघेल, ASI रेखा नामदेव, आरक्षक दिलीप धाकड़ और दिलीप साहू की विशेष भूमिका रही।
मुजफ्फरपुर में शराब तस्करों ने पुलिस और उत्पाद विभाग की जांच से बचने के लिए कंटेनर को इस तरह तैयार किया था कि बाहर से देखने पर उसमें किसी दूसरे सामान की ढुलाई होती नजर आए। कंटेनर को चारों तरफ से लॉक कर रखा गया था और पूछताछ में उसमें जूते होने की बात बताई गई। लेकिन मुजफ्फरपुर उत्पाद विभाग की टीम ने जब संदेह के आधार पर कंटेनर की तलाशी ली तो अंदर का नजारा देखकर टीम भी हैरान रह गई। जूते की जगह कंटेनर में पंजाब निर्मित शराब की बड़ी खेप छिपाकर रखी गई थी। उत्पाद विभाग की टीम ने मुजफ्फरपुर-दरभंगा एनएच-57 पर मैठी टोल प्लाजा के पास कार्रवाई करते हुए कंटेनर को जब्त किया है। तलाशी में पंजाब निर्मित शराब के 375 कार्टन बरामद हुए हैं। जब्त शराब की कीमत करीब 40 से 50 लाख रुपए आंकी जा रही है। मौके से कंटेनर चालक और उपचालक को गिरफ्तार किया गया है। दोनों हरियाणा के रहने वाले हैं। टोल से 100 मीटर पहले खड़ा था कंटेनर उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि पंजाब से शराब की बड़ी खेप लेकर एक कंटेनर मुजफ्फरपुर की ओर पहुंचा है। सूचना में बताया गया था कि खेप उत्तर प्रदेश, बलिया, सीवान और छपरा के रास्ते मैठी टोल प्लाजा के पास पहुंची है। इसके बाद उत्पाद विभाग की टीम ने एएसआई रंजन कुमार सिंह और अजीत कुमार समेत अन्य कर्मियों के साथ घेराबंदी की। टीम को कंटेनर टोल प्लाजा से करीब 100 मीटर पहले खड़ा मिला। उत्पाद विभाग के अधिकारी काफी देर तक चालक की गतिविधियों पर नजर रखते रहे। बताया गया कि चालक मोबाइल पर किसी से बातचीत कर रहा था। काफी देर तक कोई व्यक्ति वहां नहीं पहुंचा तो टीम ने कार्रवाई करते हुए चालक और उपचालक को हिरासत में ले लिया। खाली कैरेट और गद्दे के नीचे छिपाई शराब कंटेनर की तलाशी शुरू हुई तो आरोपितों ने उसमें जूते होने की बात कही। लेकिन जांच के दौरान जूते का एक भी कार्टन नहीं मिला। इसके बजाय खाली कैरेट की आड़ में शराब के कार्टन छिपाए गए थे। शराब के कार्टन को खाली कैरेट के नीचे बिछाए गए गद्दे पर रखा गया था। जांच टीम के अनुसार, गद्दा बिछाने का उद्देश्य शराब के कार्टन से आवाज को दबाना था, ताकि कंटेनर की तलाशी के दौरान आसानी से शक न हो। हैंड स्कैनर से बचने के लिए कंटेनर में बदलाव जांच में कंटेनर को लेकर एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। कंटेनर पर राजस्थान का नंबर लगा हुआ था। इसके पिछले हिस्से के दोनों किनारों पर लोहे की मोटी और लंबी चादर लगाई गई थी। उत्पाद विभाग को आशंका है कि कंटेनर में यह बदलाव बॉर्डर पर इस्तेमाल होने वाले हैंड स्कैनर से शराब की खेप को छिपाने के लिए किया गया था। हालांकि, इस पूरे तरीके और कंटेनर में किए गए बदलाव के पीछे किसकी भूमिका थी, इसकी जांच की जा रही है। पंजाब से मुजफ्फरपुर पहुंची थी खेप गिरफ्तार आरोपितों की पहचान हरियाणा निवासी कंटेनर चालक कुलदीप और उपचालक रामचरण के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों के पंजाब से शराब की खेप लेकर मुजफ्फरपुर पहुंचने की जानकारी सामने आई है। उत्पाद विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि शराब की खेप पंजाब में कहां से लोड हुई थी और मुजफ्फरपुर में इसे किसे सौंपना था। रात में होनी थी शराब की सप्लाई उत्पाद निरीक्षक सह थाना प्रभारी प्रकाश कुमार राम ने बताया कि पूछताछ में यह बात सामने आई है कि शराब की खेप की स्थानीय स्तर पर रात में आपूर्ति की जानी थी। चालक को पूरे दिन कंटेनर को मैठी के पास खड़ा रखने के लिए कहा गया था। इसी वजह से चालक वहां किसी व्यक्ति के पहुंचने का इंतजार कर रहा था। उन्होंने बताया कि मामले में स्थानीय शराब धंधेबाजों के नाम भी सामने आए हैं। उनकी भूमिका और पहचान का सत्यापन किया जा रहा है। शराब की खेप के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।
जूनियर फुटबॉल; राजस्थान मैच हारा, उम्मीद जीती
अंतिम सीटी बजी तो राजस्थान के खिलाड़ियों के चेहरे पर मायूसी थी। स्कोर 1-3 था और फाइनल का सपना टूट चुका था, लेकिन इस हार के बीच राजस्थान फुटबॉल के लिए उम्मीद की एक नई कहानी लिखी जा चुकी थी। लंबे समय बाद टीम ने जूनियर बॉयज फुटबॉल चैंपियनशिप में सेमीफाइनल तक पहुंचकर अपनी क्षमता साबित की। अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ राजस्थान ने शुरुआत से ही कड़ी चुनौती का सामना किया। 16वें और 26वें मिनट में गोल खाने के बाद टीम 0-2 से पीछे थी। इसके बावजूद खिलाड़ियों ने हिम्मत नहीं छोड़ी। 45वें मिनट में हर्षवर्धन ने गोल कर स्कोर 2-1 किया और राजस्थान की उम्मीदें फिर जिंदा हो गईं। दूसरे हाफ में बराबरी के लिए खिलाड़ियों ने पूरी ताकत झोंक दी। कई अच्छे हमले हुए, लेकिन गोल नहीं मिल सका। अरुणाचल ने तीसरा गोल कर मुकाबला अपने पक्ष में कर लिया। ट्रॉफी नहीं मिली, लेकिन कोच देवेंद्र सिंह भाटी के मार्गदर्शन में राजस्थान के युवा खिलाड़ियों ने जुझारूपन और आत्मविश्वास की नई पहचान बनाई। यह हार अंत नहीं, बेहतर भविष्य की शुरुआत है।
शादी के नाम पर राजस्थान के परिवार से धनबाद में ठगी, सिंदूरदान के बाद मारपीट कर मोबाइल-सामान छीना
राजस्थान से धनबाद शादी करने आए एक परिवार को ठगी और मारपीट का शिकार होना पड़ा। लड़की पक्ष ने शादी का झांसा देकर रुपये ऐंठे, सिंदूरदान कराया और फिर लूटपाट कर फरार हो गए।
Gorakhpur News: राजस्थान के एक्सपर्ट जांचेंगे निर्माण कार्य की गुणवत्ता
Experts from Rajasthan will inspect the quality of the construction work.
कनपटीमार शंकरिया की खौफनाक कहानी, हथौड़े से 70 कत्ल कर राजस्थान में फैलाई थी दहशत, वीडियो में जानिए कैसे पकड़ा गया था सीरियल किलर
Rajasthan निकाय चुनाव में Congress को जिताने के लिए Ashok Gehlot ने जनता से की अपील
जयपुर, सात सितंबर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को आगामी नगरीय निकाय चुनाव में मतदाताओं से कांग्रेस उम्मीदवारों को जिताने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के कार्यकाल में राज्य के शहरों की उपेक्षा हुई है और जनता में सरकार के प्रति आक्रोश है। गहलोत ने एक बयान में कहा कि राज्य में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव जनता के लिए महत्वपूर्ण अवसर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में शहरों में विकास कार्य प्रभावित हुए हैं और आम लोगों में सरकार के प्रति नाराजगी है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “शहरों की सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं, गड्ढे तक नहीं भरे जा रहे हैं। बारिश से पहले नालों की सफाई नहीं की गई, जिसके कारण कई शहरों में जलभराव की स्थिति पैदा हुई।”उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के समय शुरू की गई कई जनकल्याणकारी योजनाएं भाजपा सरकार में या तो बंद कर दी गईं या केवल कागजों तक सीमित रह गईं। इनमें पेंशन योजना, नि:शुल्क दवा योजना, चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना, छात्रवृत्ति, इंदिरा गांधी शहरी रोजगार योजना और इंदिरा रसोई योजना शामिल हैं। गहलोत ने कहा कि शहरों में आवारा पशुओं की समस्या, सफाई व्यवस्था की खराब स्थिति, बढ़ता प्रदूषण और यातायात जाम से आम लोग परेशान हैं, लेकिन सरकार के पास इन समस्याओं के समाधान की कोई ठोस योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी पिछली कांग्रेस सरकार ने शहरी विकास का एक मॉडल तैयार किया था। कोटा को सिग्नल मुक्त बनाया गया और जयपुर में भी कई प्रमुख चौराहों को सिग्नल मुक्त करने की योजना शुरू की गई। इसके अलावा सैकड़ों फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए गए। गहलोत ने आरोप लगाया कि मौजूदा भाजपा सरकार इस दिशा में कोई उल्लेखनीय काम नहीं कर पाई है और कांग्रेस सरकार के समय स्वीकृत कई परियोजनाओं को भी रोक दिया गया है। कांग्रेस नेता ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि वार्ड पार्षद और महापौर का चुनाव केवल राजनीतिक फैसला नहीं है, बल्कि इससे तय होगा कि स्थानीय स्तर पर सड़क, सीवेज, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति कैसी होगी। पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की स्थिति गंभीर हो गई है और आम जनता की सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने दावा किया कि निकाय चुनाव में हार के बाद ही सरकार को जनता की ताकत का एहसास होगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के रोड शो पर निशाना साधते हुए गहलोत ने कहा कि जनता अब सरकार की वास्तविक स्थिति समझ चुकी है और नौ तथा 11 सितंबर को मतदान के जरिए अपना जवाब देगी। उन्होंने कहा कि जब जनता भाजपा को चुनाव में हराएगी, तभी सरकार काम करने के लिए मजबूर होगी और इसका लाभ अंततः प्रदेश के लोगों को मिलेगा। गहलोत ने प्रदेशवासियों से कांग्रेस प्रत्याशियों को भारी मतों से जिताने की अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक कांग्रेस बोर्ड बनने से प्रदेश के विकास को फिर गति मिलेगी। गौरतलब है कि राजस्थान के सभी 309 नगरीय निकायों के चुनाव दो चरणों में नौ और 11 सितंबर को होंगे, जबकि मतगणना और परिणाम की घोषणा 14 सितंबर को की जाएगी।
राजस्थान के भरतपुर में दीवार गिरने से एक महिला की मौत, सीएम ने किया अस्पताल का दौरा
jaipur, 7 सितंबर . Monday को Rajasthan के भरतपुर के सेवर कस्बे में अचानक एक दीवार गिरने से सात महिलाएं मलबे के नीचे दब गईं. इनमें से एक 80 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई. Chief Minister भजनलाल शर्मा ने बाद में आरबीएम अस्पताल जाकर घायलों का हाल-चाल जाना और अधिकारियों को ... Read more
मानसा जिले के गांव भम्मे खुर्द में दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां वाटर वर्क्स के पानी वाले टैंक में डूबने से एक मां और उसके दो बच्चों की मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में शोक की लहर है। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल मानसा भेज दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, मृतक परिवार राजस्थान का रहने वाला था और पिछले कुछ समय से भम्मे खुर्द में खेतों की रखवाली कर रहा था। मृतकों की पहचान संतरा देवी (30), उसकी बेटी सकीना (9) और बेटे अजय (7) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि तीनों की मौत वाटर वर्क्स के पानी वाले टैंक में डूबने से हुई। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद थाना झुनीर की पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। थाना झुनीर के एसएचओ भूपिंदरजीत सिंह ने बताया कि वाटर वर्क्स के टैंक में डूबने से महिला और उसके दोनों बच्चों की जान गई है। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल मानसा भेजा गया है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भारतीय वायुसेना की स्वदेशी ड्रोन तकनीक का पोखरण में होगा प्रदर्शन
New Delhi, 7 सितंबर . भारतीय वायुसेना Rajasthan के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में 14 से 16 सितंबर तक एक विशेष ‘ड्रोनाथॉन’ आयोजित करने जा रही है. इस आयोजन एक खास बात यह है कि यहां देश की स्वदेशी कंपनियां अपने-अपने ड्रोन और मानव रहित हवाई प्रणालियों की क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगी. ‘ड्रोनाथॉन’ का मुख्य ... Read more
YouTuber Ajeet Bharti को Delhi Court से झटका, SC/ST Act मामले में Anticipatory Bail अर्जी खारिज
दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को यूट्यूबर और आरक्षण सुधार कार्यकर्ता अजीत भारती की अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज कर दी। उनके खिलाफ SC/ST (अत्याचार निवारण) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। अगस्त में नगीना के सांसद चंद्रशेखर आज़ाद की अगुवाई वाली आज़ाद समाज पार्टी (कांशी राम) की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष की शिकायत पर दिल्ली के नॉर्थ एवेन्यू पुलिस स्टेशन में भारती के खिलाफ इस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। सोमवार को सुनवाई के दौरान भारती के वकील ने तर्क दिया कि उन्होंने कोई जातिसूचक टिप्पणी नहीं की थी, बल्कि अपने परिवार के सदस्य के ख़िलाफ़ गंभीर उकसावे का जवाब दिया था। इसे भी पढ़ें: भारत का नया Strategic Power Centre बनने जा रहा है Great Nicobar, Andaman को परमाणु ताकत से लैस करने की तैयारी 'बार एंड बेंच' की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने अदालत से कहा कि अजीत भारती की अग्रिम ज़मानत याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस ने कहा कि इस बात की कोई आशंका नहीं होनी चाहिए कि सिर्फ़ मामला दर्ज होने की वजह से उन्हें गिरफ़्तार कर लिया जाएगा। हालांकि, एडिशनल सेशंस जज सौरभ प्रताप सिंह ने भारती की याचिका खारिज कर दी। 'बार एंड बेंच' की रिपोर्ट के अनुसार, विस्तृत आदेश का इंतज़ार है और उम्मीद है कि यह सोमवार शाम तक उपलब्ध हो जाएगा। यह शिकायत भारती के 22 अगस्त के YouTube ब्रॉडकास्ट - जिसका शीर्षक SB79: Reservation Hatao Andolan Nautanki & More | Saptahik Bakaiti था - से लिए गए एक क्लिप की वजह से की गई थी। इस क्लिप में उन पर जातिवादी, अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया था। इसे भी पढ़ें: Rajasthan में 'गुटबाजी राजनीति' के माहिर खिलाड़ी Sachin Pilot आखिर कैसे Punjab Congress को एकजुट कर पाएंगे? भारती ने आज़ाद के ख़िलाफ़ जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल करने से इनकार किया था। उन्होंने FIR को दबाव में आकर की गई कार्रवाई बताया था और दावा किया था कि यह मामला अदालत में दो मिनट भी नहीं टिकेगा। अजीत भारती उन इन्फ्लुएंसर्स में से एक हैं जिन्होंने जाति-आधारित आरक्षण और UGC के इक्विटी नियमों (जिन पर अब रोक लगी हुई है) में सुधार के लिए ऑनलाइन कैंपेन चलाए थे। उनका कहना था कि ये नियम गलत तरीके से ऊंची जातियों को निशाना बनाते हैं। भारती की ये बातें उस घटना के एक दिन बाद सामने आईं, जब ऊंची जातियों के हज़ारों लोग नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर जमा हुए थे। यह उन समूहों का शक्ति-प्रदर्शन था जो UGC के इक्विटी नियमों (जिन पर अब रोक है) का विरोध कर रहे थे और जाति-आधारित आरक्षण में सुधार की मांग कर रहे थे।
देवास में तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगी करने वाली गैंग का पुलिस ने खुलासा किया है। आरोपियों ने एक महिला से करीब 3 लाख रुपए के सोने के जेवर ठग लिए। पुलिस ने दो आरोपियों के गिरफ्तार किया है। इन्होंने घर की बाधा दूर करने का झांसा देकर महिला से पहले 2,100 रुपए लिए। फिर सोने के जेवर लेकर उन्हें लाल कपड़े की पोटली में बांध दिया। अगले दिन पोटली खोलने पर जेवर गायब मिले। पुलिस के मुताबिक, त्रिलोक नगर निवासी गीता प्रजापत ने 30 अगस्त को शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपियों ने उन्हें बताया था कि उनके घर में बाधा है और तांत्रिक क्रिया से इसे दूर किया जा सकता है। इसके बाद आरोपियों ने महिला के घर पहुंचकर सोने के जेवर तांत्रिक क्रिया के नाम पर ले लिए। उन्हें अगले दिन वापस करने की बात कही गई। आरोपियों ने गीता को मिश्रीलाल नगर बुलाया। वहां कथित तांत्रिक क्रिया करने के बाद लाल कपड़े की पोटली उन्हें सौंप दी। घर पहुंचकर पोटली खोली तो उसमें जेवर नहीं थे। महिला आरोपियों को तलाशते हुए वापस पहुंचीं, लेकिन वहां ताला लगा मिला। दोनों आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार फिर पीड़ित ने सिविल लाइन थाने में केस दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू की। 200 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाले गए। पुलिस ने प्रदीप पिता चंपालाल जोशी (36), निवासी पिपाड़ शहर और विनोद कुमार पिता कैलाशचंद्र जोशी (42) को गिरफ्तार किया। आरोपियों से महिला से ठगे गए सोने के जेवर बरामद कर लिए गए हैं। इनमें एक जोड़ी टॉप्स, एक जोड़ी झुमकी, बड़ा मंगलसूत्र पेंडल, दो छोटे मंगलसूत्र पेंडल और 18 मोती शामिल हैं। SP पुनीत गेहलोद ने सोमवार को प्रेस वार्ता में मामले की जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में BNS की धारा 318(4) के तहत प्रकरण दर्ज है।
फाजिल्का जिले के जलालाबाद में एक तलाकशुदा महिला की उसके प्रेमी ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर हत्या कर दी। आरोपियों ने महिला का शव कार की डिग्गी में रखकर फिरोजपुर जिले के मक्खू स्थित राजस्थान फीडर में फेंक दिया गया। करीब 10 दिन बाद शव राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में लक्खोवाला हेड से बरामद हुआ। पुलिस ने इस मामले में 4 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जबकि महिला के प्रेमी समेत 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। सिटी थाना जलालाबाद के एसएचओ मोहित धवन के अनुसार, पुलिस ने 30 अगस्त को एक महिला किरन के लापता होने के संबंध में मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान सामने आया कि महिला आखिरी बार रमन मिड्ढा, सोनू भठेजा, सागर कंबोज और काकू छाबड़ा, निवासी दशमेश नगर के साथ थी। इसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए रमन मिड्ढा और सागर कंबोज को गिरफ्तार किया। पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर किरन की हत्या कर शव नहर में फेंकने की बात कबूल की। इसके बाद पुलिस ने विभिन्न थानों को सूचना देकर नहर के किनारे शव की तलाश शुरू करवाई। राजस्थान में लक्खोवाला हेड से मिला महिला का शव पुलिस के मुताबिक, महिला का शव राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के लक्खोवाला हेड से बरामद हुआ। परिवार ने शव की पहचान किरन के रूप में की है। आरोपियों के बयान के अनुसार महिला का गला घोंटकर हत्या की गई थी, हालांकि मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। पुलिस हत्या की धारा भी मामले में जोड़ने की कार्रवाई कर रही है। एक साल से थे प्रेम संबंध, ब्लैकमेल करने का आरोप एसएचओ के अनुसार, मृतका किरन के करीब एक वर्ष से आरोपी रमन मिड्ढा के साथ संबंध थे। पुलिस पूछताछ में रमन ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि महिला उसे ब्लैकमेल कर रही थी और उसके पास आपत्तिजनक सामग्री होने के कारण वह परेशान था। इसी वजह से उसने अपने 3 दोस्तों के साथ मिलकर महिला को गुरुग्राम से जलालाबाद बुलाया और उसकी हत्या की योजना बनाई। पुलिस के मुताबिक, 23 अगस्त को हत्या की प्लानिंग की गई और 23-24 अगस्त की रात किरन की हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए कार की डिग्गी में रखा गया और आरोपी उसे मक्खू ले गए। शव को नहर में डुबोने के लिए पैरों से बांधा पाइप आरोपियों ने शव को नहर में फेंकते समय महिला के पैरों के साथ पानी वाली पाइप बांध दी थी, ताकि शव पानी में डूबा रहे और बाहर न आए। हालांकि पुलिस के अनुसार, महिला की जींस पानी के बहाव के साथ निकल गई, जिसके बाद शव पानी की सतह पर आ गया और बहते हुए राजस्थान की ओर पहुंच गया। बाद में हनुमानगढ़ के लक्खोवाला हेड से शव बरामद किया गया। फिलहाल पुलिस ने रमन मिड्ढा और सागर कंबोज को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले में नामजद दो अन्य आरोपियों सोनू भठेजा और काकू छाबड़ा की तलाश जारी है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। मृतका मूल रूप से गुरुग्राम की रहने वाली बताई जा रही है। वर्ष 2011 में उसकी शादी जलालाबाद के दशमेश निवासी व्यक्ति से हुई थी और करीब डेढ़ वर्ष पहले उसका तलाक हुआ था। इसके बाद उसके रमन मिड्ढा के साथ संबंध बने, जिसका खौफनाक अंत देखने को मिला।
पन्ना में वर्क फ्रॉम होम का झांसा देकर धोखाधड़ी, गिरोह के पांच सदस्य राजस्थान के दौसा से गिरफ्तार
पन्ना पुलिस ने एक सफल ऑपरेशन के तहत साइबर अपराधियों को पकड़कर समाज में सुरक्षा का संदेश दिया है। बता दें कि शशि ने टेलीग्राम एप डाउनलोड कर विश्वाबुक पब्लिकेशन नामक ग्रुप ज्वाइन किया।
पन्ना जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत परषोत्तमपुर की रहने वाली 19 साल की युवती घर बैठे किताबें और कंटेंट लिखकर पैसे कमाने के लालच में बड़ी साइबर ठगी का शिकार हो गई। इंस्टाग्राम पर 'वर्क फ्रॉम होम' का विज्ञापन देखकर युवती से 5 लाख 87 हजार 391 रुपये ठग लिए गए। पन्ना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में राजस्थान के दौसा से इस अंतर्राज्यीय साइबर गैंग के एक नाबालिग समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। सोमवार को पुलिस ने इसका खुलासा किया। पीड़िता को 17 अगस्त 2026 को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो विज्ञापन दिखा था। विज्ञापन के लिंक से उसने टेलीग्राम डाउनलोड किया और विश्वाबुक पब्लिकेशन नाम के ग्रुप से जुड़ गई। ठगों ने उसे घर बैठे कंटेंट और बुक राइटिंग का काम देकर 25,000 रुपए महीने देने का वादा किया था। फर्जी चार्जेस इसके बाद ठगों ने रजिस्ट्रेशन फीस, डिलीवरी चार्ज, सिक्योरिटी डिपॉजिट, विड्रॉल चार्ज और बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन के नाम पर पैसे मांगने शुरू कर दिए। अलग-अलग क्यूआर कोड भेजकर यूपीआई और फोनपे से बार-बार पैसे ट्रांसफर करवाए गए। पूरी रकम और सैलरी वापस मिलने के झांसे में आकर युवती ने किश्तों में कुल 5,87,391 रुपए गंवा दिए। दौसा में दबिश ठगी का अहसास होने पर पीड़िता ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस और साइबर सेल की विशेष टीम ने बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल फुटप्रिंट्स के जरिए राजस्थान के दौसा जिले के लालसोट इलाके में दबिश दी। पुलिस ने इन्हें पकड़ा पुलिस ने मौके से दिलखुश मीना (18 वर्ष), छोटा उर्फ हेमराज मीना (20 वर्ष), संतोष मीना (23 वर्ष), अजयकुमार मीना (20 वर्ष) और एक नाबालिग को पकड़ा। पुलिस को ठगे गए रुपयों में से 5 लाख 82 हजार मिल गए हैं। इसके अलावा 2 आईफोन और 2 एंड्रॉइड मोबाइल (कीमत 2.5 लाख) समेत कुल 8.32 लाख रुपए का सामान जब्त किया है। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे सोशल मीडिया पर 'पेंसिल पैकिंग' और 'बुक राइटिंग' के फर्जी विज्ञापन चलाकर टेलीग्राम ग्रुप के जरिए लोगों को ठगते थे। पटना-समस्तीपुर में दबिश देकर 3 युवक पकड़ाए, फर्जी सर्टिफिकेट से देते थे झांसा इसके अलावा पन्ना पुलिस ने नामी कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप देने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले बिहार के तीन युवकों को पकड़ा है। पुलिस टीम ने पटना और समस्तीपुर में छापेमारी की। पीड़ित ने सोशल मीडिया पर 'टाटा पावर सोलर' की डिस्ट्रीब्यूटरशिप का विज्ञापन देखकर संपर्क किया था। ठगों ने कंपनी का प्रतिनिधि बनकर और फर्जी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट दिखाकर 25 साल के एग्रीमेंट के नाम पर 1,60,200 रुपए अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए। दोबारा पैसे मांगने पर जब पीड़ित ने कंपनी के असली कस्टमर केयर पर पता किया, तब ठगी का खुलासा हुआ। बिहार में दी दबिश साइबर सेल ने जब बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के ट्रांजैक्शन खंगाले, तो ठगी के तार बिहार से जुड़े मिले। पुलिस टीम ने तुरंत पटना और समस्तीपुर में दबिश देकर आरोपी पीयूष कुमार, विक्की उर्फ अभय कुमार और नीरज उर्फ कृष्णा को को पकड़ा। पैसा और फोन जब्त पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे फर्जी विज्ञापन बनाकर लोगों को झांसे में लेते थे। पुलिस को आरोपियों के कब्जे से 47,000 रुपए नकद और 5 महंगे एंड्रॉइड मोबाइल मिले हैं।
जस्टिस संजय के. अग्रवाल बने राजस्थान हाईकोर्ट के 44वें मुख्य न्यायाधीश, वीडियो में जाने राज्यपाल ने दिलाई शपथ
उत्तर प्रदेश पुलिस ने लखनऊ में राज्य कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को हिरासत में ले लिया। उन्होंने सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद एक ऐतिहासिक मस्जिद को सरकार द्वारा गिराए जाने के विरोध में प्रदर्शन का नेतृत्व किया था। पत्रकारों से बात करते हुए राय ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला और सरकार के कदमों को ज़बरदस्ती वाला और अन्यायपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, सरकार ज़बरदस्ती कर रही है; अन्याय और दमन के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने पर हमें ज़बरदस्ती गिरफ़्तार किया जा रहा है। हम इस ज़ुल्म के ख़िलाफ़ ज़रूर लड़ेंगे। आज मुसलमानों को निशाना बनाने वाली इस सरकार को हम उखाड़ फेंकेंगे और कांग्रेस कार्यकर्ता मुस्लिम समुदाय के ख़िलाफ़ होने वाले किसी भी और अत्याचार के ख़िलाफ़ मज़बूती से खड़े रहेंगे। इसे भी पढ़ें: Rajasthan में 'गुटबाजी राजनीति' के माहिर खिलाड़ी Sachin Pilot आखिर कैसे Punjab Congress को एकजुट कर पाएंगे? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद को शनिवार सुबह गिरा दिया गया, क्योंकि कोर्ट ने इसे हटाने के आदेश को सही ठहराया था। इससे पहले रविवार को राय ने कहा कि हालात को समझने के लिए 7 सितंबर को एक फैक्ट-फाइंडिंग टीम सहारनपुर पहुंचेगी। राय ने कहा, यह बहुत दुखद है। हमारी फैक्ट-फाइंडिंग टीम 7 सितंबर को सहारनपुर पहुंचेगी और हालात को समझने के लिए अधिकारियों से मिलेगी। कहा जाता है कि यह मस्जिद लगभग सौ साल पुरानी थी और कलेक्ट्रेट बनने से पहले से ही वहां मौजूद थी। इसे भी पढ़ें: Uttar Pradesh समेत 5 States Assembly Elections की तारीखों को लेकर सामने आया बड़ा अपडेट लखनऊ ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने भी सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी अवैध मस्जिद को गिराए जाने की निंदा की। शुक्रवार, 4 सितंबर को डिस्ट्रिक्ट जज की कोर्ट ने मस्जिद कमेटी की अपील खारिज कर दी और सिटी मजिस्ट्रेट के पहले के आदेश को बरकरार रखा। सिटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने 17 जुलाई को सरकारी ज़मीन पर कथित कब्ज़े और उसके गलत इस्तेमाल के मामले में इस ढांचे को गिराने और लगभग 6.41 करोड़ रुपये का मुआवज़ा लगाने का आदेश दिया था। सहारनपुर के DIG अभिषेक सिंह ने कहा कि यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत की गई।
भरतपुर: भ्रष्टाचार पर भाजपा को घेरते हुए पूर्व सांसद राम किशन शर्मा बोले, बदलाव जरूरी
भरतपुर, 7 सितंबर . Rajasthan में पूर्व सांसद राम किशन शर्मा ने भाजपा पर निशाना साधा और नगर निकाय चुनावों में मतदाताओं से इंडिया गठबंधन का समर्थन करने की अपील की. पंडित राम किशन शर्मा ने समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान कहा, “ये चुनाव कोई आम चुनाव नहीं हैं. वैसे तो हर चुनाव खास ... Read more
हरियाणा के नारनौल में सीआईए द्वारा अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़े एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने रितिक निवासी मोलाहेड़ा, थाना पनियाला, राजस्थान को नांगतिहाडी क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। डीएसपी मुख्यालय भारत भूषण ने बताया कि दिनांक 28 जून 2026 को सीआईए नारनौल द्वारा आरोपी सचिन निवासी ढीढोर, राजस्थान तथा रवि निवासी गुजरवास, थाना अटेली को अवैध हथियार एवं जिंदा कारतूस सहित गिरफ्तार किया गया था। नेटवर्क की हो रही जांच मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए सीआईए नारनौल ने जांच, तकनीकी एवं अन्य तथ्यों के आधार पर हथियार सप्लाई करने वाले आरोपी रितिक निवासी मोलाहेड़ा, थाना पनियाला, राजस्थान को गिरफ्तार किया है। मामले में हथियारों के स्रोत एवं सप्लाई नेटवर्क के संबंध में आगे की जांच जारी है। आरोपी हिस्ट्रीशीटर प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी रितिक के विरुद्ध पूर्व में भी करीब 4-5 आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं, जिनमें लड़ाई-झगड़े एवं जालसाजी से संबंधित मामले शामिल हैं। पुलिस को बताएं महेंद्रगढ़ पुलिस अवैध हथियारों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस आमजन से अपील करती है कि अवैध हथियारों के संबंध में कोई भी जानकारी होने पर तुरंत नजदीकी थाना या डायल 112 पर सूचना दें, ताकि प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
राजस्थान में एक समय बगावत का रायता फैलाने वाले सचिन पायलट आखिर पंजाब कांग्रेस को एकजुट कैसे रख पाएंगे? यह सवाल इसलिए अहम है क्योंकि राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट की खुली जंग का खामियाजा कांग्रेस को विधानसभा चुनावों में उठाना पड़ा था। विडंबना देखिए, उस समय पंजाब के वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी थे। अब भूमिकाएं बदल चुकी हैं। सचिन पायलट पंजाब कांग्रेस के प्रभारी बन गए हैं और रंधावा पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं तथा चन्नी गुट के साथ खड़े हैं। ऐसे में पायलट के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि जो नेता अपने गृह प्रदेश में गुटबाजी की आग को नहीं बुझा पाया, वह पंजाब में बिखरी कांग्रेस को कैसे एकजुट करेगा? हम आपको बता दें कि कांग्रेस हाईकमान ने एआईसीसी महासचिव सचिन पायलट को भूपेश बघेल की जगह पंजाब का प्रभारी बनाकर भेजा है। भूपेश बघेल को असम की जिम्मेदारी दी गई है। पंजाब में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं और कांग्रेस के पास अंदरूनी कलह सुलझाने के लिए बहुत अधिक समय नहीं है। ऐसे में 49 वर्षीय सचिन पायलट की नियुक्ति को कांग्रेस की ओर से एक बड़े राजनीतिक प्रयोग के रूप में देखा जा रहा है। लेकिन सवाल उठता है कि राजस्थान का कभी का ‘बागी’ क्या अब पंजाब में ‘शांतिदूत’ की भूमिका निभा पाएगा? इसे भी पढ़ें: Uttar Pradesh समेत 5 States Assembly Elections की तारीखों को लेकर सामने आया बड़ा अपडेट देखा जाये तो सचिन पायलट का अपना राजनीतिक इतिहास इस जिम्मेदारी को और दिलचस्प बनाता है। 2014 में राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने संगठन को खड़ा किया और 2018 में पार्टी को सत्ता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लेकिन सत्ता मिलते ही अशोक गहलोत और पायलट के बीच नेतृत्व, संगठन और राजनीतिक भविष्य को लेकर संघर्ष शुरू हो गया। जुलाई 2020 में यह संघर्ष खुली बगावत में बदल गया। पायलट अपने समर्थक विधायकों के साथ अलग हो गए, राज्य सरकार संकट में आई और उन्हें उपमुख्यमंत्री तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटा दिया गया। सचिन पायलट ने तब भाजपा में जाने से साफ इंकार किया था और कहा था कि उनकी लड़ाई कांग्रेस से नहीं, बल्कि गहलोत से है। वह कांग्रेस में रहे, लेकिन गहलोत-पायलट की प्रतिद्वंद्विता वर्षों तक पार्टी के लिए सिरदर्द बनी रही। बाद में सार्वजनिक तौर पर रिश्तों में नरमी दिखाई गई। 2025 में गहलोत ने यहां तक कहा कि “हम कब अलग थे?” लेकिन राजनीतिक इतिहास इतनी आसानी से मिटता नहीं। पायलट और गहलोत के बीच मतभेद खत्म होने के दावे के बावजूद समय-समय पर दोनों खेमों की दूरियां सामने आती रही हैं। यही नहीं, 2028 में होने वाले राजस्थान विधानसभा चुनावों से पहले गहलोत-पायलट की प्रतिस्पर्धा फिर तेज हो सकती है। ऐसे में यह सवाल स्वाभाविक है कि जिस नेता ने अपने ही प्रदेश में मजबूत राजनीतिक गुट खड़ा किया और गुटबाजी को हवा दी, वह दूसरे प्रदेश में गुटबाजी खत्म करने का कौन-सा सफल फार्मूला अपनाएगा? हालांकि पंजाब में पायलट के अनुभव का दूसरा पहलू भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्वयं देखा है कि अनसुलझी नेतृत्व की लड़ाई किसी राज्य इकाई को कितना नुकसान पहुंचा सकती है। शायद इसी अनुभव के कारण हाईकमान उन्हें एक ‘ऑर्गेनाइजेशनल फिक्सर’ के तौर पर आजमा रहा है। उधर, पंजाब कांग्रेस में संकट गंभीर है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व वाला एक गुट राजा वारिंग को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने की मांग करता रहा है। हाईकमान ने जुलाई में वारिंग को पद पर बनाए रखा और चन्नी को चुनाव अभियान समिति की कमान दी, लेकिन इससे असंतोष खत्म नहीं हुआ। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं बताए जाते। सुखजिंदर सिंह रंधावा और विजय इंदर सिंगला जैसे नेता भी वारिंग विरोधी खेमे में रहे हैं। भूपेश बघेल इस खींचतान को खत्म नहीं कर पाए। उन पर वारिंग के ज्यादा करीब होने और निष्पक्षता बनाए रखने में विफल रहने के आरोप लगे। उनके खिलाफ पंजाब के कुछ इलाकों में पोस्टर तक लगाए गए। अब पायलट की नियुक्ति को वारिंग विरोधी नेताओं को संतुष्ट करने की कोशिश माना जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि वारिंग, चन्नी और रंधावा, सभी ने पायलट की नियुक्ति का स्वागत किया है। लेकिन असली परीक्षा स्वागत संदेशों से नहीं होगी। सवाल यह है कि क्या चन्नी वारिंग को हटाने की मांग छोड़ेंगे? क्या बाजवा, रंधावा और अन्य वरिष्ठ नेता एक मंच पर वास्तविक रूप से साथ आएंगे? इसके साथ ही राहुल गांधी का प्रस्तावित पंजाब बस दौरा, सचिन पायलट की पहली बड़ी परीक्षा हो सकता है। पायलट को केवल नेताओं की बैठकें नहीं करानी होंगी। उन्हें गुटों के बीच भरोसा पैदा करना होगा, टिकट वितरण को नए संघर्ष का कारण बनने से रोकना होगा और महत्वाकांक्षी नेताओं को समझाना होगा कि एक-दूसरे को कमजोर करने से अधिक नुकसान कांग्रेस का होगा। 2027 में कांग्रेस का मुकाबला भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार से है। भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के संभावित गठजोड़ से मुकाबला और जटिल हो सकता है। क्षेत्रीय राजनीतिक ताकतें भी समीकरण बदल सकती हैं। इसलिए पंजाब सचिन पायलट के लिए महज एक नई जिम्मेदारी नहीं है। यह उनकी राजनीतिक परिपक्वता की सबसे कठिन परीक्षा है। राजस्थान में वह कभी कांग्रेस के भीतर बगावत का चेहरा बने थे, पंजाब में उन्हें समझौते और एकजुटता का चेहरा बनना है। देखना होगा कि क्या पायलट अपने अतीत से सबक लेकर पंजाब कांग्रेस को जोड़ पाएंगे, या पंजाब की गुटबाजी साबित करेगी कि कांग्रेस के भीतर कुछ दरारें इतनी गहरी हैं जिन्हें कोई भी प्रभारी भर नहीं सकता? -नीरज कुमार दुबे
समारोह के अंत में मुख्य अतिथि एवं नवनियुक्त डीन प्रो. शाहिद अली खान ने कॉलेज प्रबंधन, शिक्षकों, शिक्षणेतर कर्मचारियों एवं मंत्रालयिक स्टाफ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि “यह सम्मान केवल मेरा व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि यह पूरे संस्थान, शिक्षकों और कॉलेज के समस्त स्टाफ का सम्मान है।”

