ACME Solar का राजस्थान में 300 MW मेगा प्रोजेक्ट शुरू, अदाणी ग्रीन और NTPC को सीधी टक्कर
भारत के स्वच्छ ऊर्जा और हरित ऊर्जा बुनियादी ढांचे को मजबूती प्रदान करते हुए देश की प्रमुख रिन्यूएबल ऊर्जा कंपनियों में शुमार ACME Solar Holdings Limited ने पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी भूभाग में अपनी विशालकाय सौर परियोजना का पहला चरण सफलतापूर्वक चालू कर दिया है। कंपनी ने बीकानेर जिले में स्थित 300 मेगावाट क्षमता वाले महत्वाकांक्षी सोलर पावर प्रोजेक्ट के पहले चरण के तहत 66.68 मेगावाट क्षमता को ग्रिड से जोड़कर ऊर्जा उत्पादन शुरू किया है। इस रणनीतिक कदम के साथ ही 28,438 करोड़ रुपये के मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली यह कंपनी देश के ग्रीन एनर्जी सेक्टर में अदाणी ग्रीन एनर्जी और एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी जैसी दिग्गज कंपनियों के प्रभुत्व को सीधी चुनौती देने की स्थिति में आ गई है।बीकानेर के छत्तरगढ़ में स्थापित हुआ सोलर प्लांट, 14 सितंबर से कमर्शियल ऑपरेशन की औपचारिक शुरुआतयह अत्याधुनिक सौर ऊर्जा संयंत्र राजस्थान के बीकानेर जिले की छत्तरगढ़ तहसील के अंतर्गत आने वाले केलन गांव में धरातल पर उतारा गया है। इस परियोजना का निर्माण और संचालन ACME Solar Holdings Limited की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी इकाई ACME Renewtech Private Limited के माध्यम से संपन्न किया गया है। तकनीकी परीक्षणों और ग्रिड सिंक्रोनाइज़ेशन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद 12 सितंबर 2026 को प्लांट को आधिकारिक तौर पर चालू किया गया, जबकि 66.68 मेगावाट के इस पहले चरण के लिए कमर्शियल ऑपरेशन की तिथि यानी COD औपचारिक रूप से 14 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। जब यह 300 मेगावाट की पूरी परियोजना अपनी पूर्ण क्षमता पर काम करना शुरू कर देगी, तब यह भारत के सर्वाधिक सौर विकिरण (सोलर रेडिएशन) वाले थार मरुस्थलीय क्षेत्र में हरित बिजली उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगी।देश के टॉप-10 रिन्यूएबल प्लेयर्स में शुमार ACME Solar का 10 राज्यों में फैला विशाल नेटवर्कवर्ष 2015 में स्थापित होने के बाद से ACME Solar Holdings ने घरेलू हरित ऊर्जा बाजार में अभूतपूर्व विस्तार किया है। आज यह कंपनी भारत की शीर्ष इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स (IPP) की सूची में शुमार हो चुकी है और अपनी कुल ऑपरेशनल क्षमता के आधार पर देश की शीर्ष 10 रिन्यूएबल ऊर्जा उत्पादक कंपनियों में गिनी जाती है। कंपनी का पोर्टफोलियो केवल पारंपरिक सौर ऊर्जा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पवन ऊर्जा (विंड एनर्जी), हाइब्रिड पावर सिस्टम और आधुनिक फर्म एंड डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी (FDRE) परियोजनाएं शामिल हैं। कंपनी की ये परियोजनाएं देश के 10 अलग-अलग राज्यों में फैली हुई हैं, जिससे कंपनी को भौगोलिक विविधता और मौसम से जुड़े उतार-चढ़ाव से निपटने में रणनीतिक सुरक्षा मिलती है।25 वर्षों के फिक्स्ड टैरिफ पीपीए मॉडल से मजबूत कैश फ्लो और न्यूनतम मांग जोखिमकंपनी के टिकाऊ वित्तीय मॉडल की सबसे बड़ी आधारशिला केंद्र व राज्य सरकारों की नोडल एजेंसियों और प्रतिष्ठित निजी संस्थानों के साथ हस्ताक्षरित दीर्घकालिक पावर परचेज एग्रीमेंट्स (PPAs) हैं। कंपनी के ज्यादातर अनुबंध 25 वर्षों की लंबी अवधि के लिए निश्चित और पूर्व-निर्धारित टैरिफ दरों पर आधारित होते हैं। इस प्रकार के फिक्स्ड-टैरिफ मॉडल से बिजली की मांग में आने वाली गिरावट या बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव से जुड़ा जोखिम लगभग समाप्त हो जाता है। इसके परिणामस्वरूप कंपनी को अगले ढाई दशकों तक एक स्थिर, पारदर्शी और सुनिश्चित राजस्व प्रवाह की गारंटी मिलती है, जो भविष्य के पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) और ऋण अदायगी को आसान बनाता है।शेयर बाजार में 26% से अधिक का सालाना रिटर्न: अदाणी ग्रीन, जेएसडब्ल्यू और एनटीपीसी से सीधा मुकाबलादलाल स्ट्रीट पर ACME Solar Holdings के शेयरों में निवेशकों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। मौजूदा समय में कंपनी का शेयर लगभग ₹402.30 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जिससे इसका कुल बाजार पूंजीकरण बढ़कर ₹28,437.55 करोड़ के आंकड़े को छू चुका है। पिछले एक वर्ष के दौरान कंपनी के शेयरों ने अपने शेयरधारकों को 26.19 प्रतिशत का मजबूत और स्थिर रिटर्न दिया है। वित्तीय मजबूती, समयबद्ध परियोजना निष्पादन और आक्रामक विस्तार रणनीति के दम पर ACME Solar अब सीधे तौर पर Adani Green Energy, NTPC Green Energy और JSW Energy जैसी दिग्गज ऊर्जा कंपनियों के समकक्ष खड़ी दिखाई दे रही है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि राजस्थान में 300 मेगावाट क्षमता का यह क्रमिक विस्तार कंपनी के प्रति निवेशकों के विश्वास को और मजबूती प्रदान करेगा।
कल का मौसम,14 सितंबर: सोमवार को होगी मूसलाधार बारिश, UP से लेकर राजस्थान तक अलर्ट
उत्तर प्रदेश में सोमवार को मौसम मिलाजुला रहेगा। राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का दायरा कुछ ज्यादा रहने की संभावना है। पश्चिमी यूपी में कई जगह हल्की बारिश का अनुमान है।
कनपटीमार शंकरिया की खौफनाक कहानी, हथौड़े से 70 कत्ल कर राजस्थान में फैलाई थी दहशत, कैसे पकड़ा गया था सीरियल किलर
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में 15 सितंबर को नई दिल्ली में किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना पर छह राज्यों के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर होंगे।
Rajasthan के Jaisalmer में 642वां रामदेवरा मेला शुरू, 7 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान
राजस्थान के लोक देवता बाबा रामदेव का 642वां वार्षिक भादवा मेला रविवार को मंगला आरती के साथ शुरू हुआ। मेले में देशभर से लाखों श्रद्धालु रामदेवरा पहुंच रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, भादवा शुक्ल द्वितीया के अवसर पर तड़के तीन बजे बाबा रामदेव समाधि स्थल पर विशेष पूजा के साथ मेले का औपचारिक आरंभ हुआ। मंगला आरती से पहले समाधि को पंचामृत से स्नान कराया गया, मखमली वस्त्र से ढका गया और सूखे मेवे एवं मिश्री का भोग लगाया गया। अधिकारियों ने बताया कि दर्शन के लिए सात लाख से अधिक श्रद्धालुओं के रामदेवरा पहुंचने का अनुमान है। समाधि स्थल के बाहर करीब तीन से चार किलोमीटर लंबी कतारें देखी गईं। जैसलमेर के जिलाधिकारी अनुपमा जोरवाल, पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे, मेला अधिकारी और बाबा रामदेव समाधि समिति के सदस्यों ने उद्घाटन पूजा में हिस्सा लिया। प्रशासन ने भारी भीड़ को देखते हुए भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और सुचारू दर्शन के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। मेला क्षेत्र की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों समेत अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं की गई हैं। समाधि स्थल और मेला परिसर को फूलों और ध्वजों से सजाया गया है। विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु बाबा रामदेव के जयकारे लगाते नजर आए। अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग मेले में शामिल हो रहे हैं जिससे सामाजिक सद्भाव और भाईचारे का संदेश मिलता है। समाधि समिति के अध्यक्ष राव भोम सिंह तंवर ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए उनकी सुख-समृद्धि और कुशलक्षेम की कामना की। जिला प्रशासन, पुलिस और समाधि समिति श्रद्धालुओं के सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
Rajasthan Police ने मादक पदार्थ तस्करों की 73.64 करोड़ रुपये की संपत्ति की जब्त
राजस्थान पुलिस ने इस वर्ष जनवरी से अब तक कथित तौर पर मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित 73.64 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को मादक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) के तहत जब्त किया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है। मादक पदार्थ रोधी कार्यबल (एएनटीएफ) के पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि कुख्यात मादक पदार्थ तस्करों से जुड़े 63 मामले सक्षम प्राधिकारी को भेजे गए हैं। इनमें से 38 मामलों में संपत्तियों की कुर्की करने और जब्त करने के अंतिम आदेश स्वीकृत हो चुके हैं, जबकि 25 मामलों में कानूनी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दायरे में मकान, निर्माणाधीन दुकानें, कृषि भूमि, आवासीय भूखंड और कार, ट्रैक्टर तथा मोटरसाइकिल जैसे वाहन शामिल हैं। चित्तौड़गढ़ में सबसे बड़ी कार्रवाई हुई, जहां 20.35 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की गईं। इनमें गंगरार निवासी कथित तस्कर राहुल बंजारा की 18.79 करोड़ रुपये की संपत्तियां भी शामिल हैं। बारां में करीब 18.48 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की गई हैं, जबकि झालावाड़ में नौ आरोपियों की करीब 12.65 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त करने की मंजूरी दी गई है। प्रतापगढ़ में नवनिर्मित मकान, पोल्ट्री फार्म और वाहनों समेत करीब 8.24 करोड़ रुपये की संपत्तियां स्वीकृत मामलों में कुर्क की गई हैं। नागौर, जोधपुर ग्रामीण और हनुमानगढ़ में करीब 3.05 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि जालोर, उदयपुर, भीलवाड़ा और जोधपुर पूर्व में भी संपत्तियों को मंजूरी दी गई है। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने एक बयान में कहा कि मादक पदार्थ तस्करों के वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों को जब्त किया जाएगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए और आम लोगों से अपने क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी की जानकारी पुलिस को देने की अपील की।
राजस्थान में मानसून फिर सक्रिय है। 29 जिलों में यलो अलर्ट के बीच कई इलाकों में बारिश हुई। दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में 16 सितंबर तक बारिश, पश्चिमी जिलों में गर्मी बढ़ेगी।
बिहार के खगड़िया में SP पद पर तैनात IPS अधिकारी भानुप्रताप सिंह और उनकी पत्नी पूजा के बीच चल रहा पारिवारिक विवाद अब राजस्थान के भरतपुर के मथुरा गेट थाने तक पहुंच गया है। IPS की पत्नी पूजा ने थाने पहुंचकर पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ शिकायत दी। उनका आरोप है कि पति उनकी छह साल की बेटी को उनसे दूर करना चाहते हैं। पुलिस ने मामले को पारिवारिक विवाद बताते हुए तत्काल कार्रवाई से इनकार कर दिया। इसके बाद पूजा देर रात तक थाने में बैठी रहीं। पूजा का कहना है कि मैं उनके संघर्ष में उनके साथ थी, तो आज वह भी मेरे संघर्ष में मेरे साथ रहें। मुझे यह सब नहीं करना है। मुझे तो एक नॉर्मल जिंदगी जीनी है, जिसमें मैं, मेरी बच्ची और मेरा पति तीनों साथ रहें। मेरी बच्ची मेरे लिए रोती है, लेकिन भानु मुझसे उसकी बात तक नहीं करा रहे हैं। मुझे अपनी बेटी से मिले और उसे देखे हुए 16 दिन हो गए हैं। भानुप्रताप सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी के रहने वाले हैं। उनका परिवार भरतपुर शहर की गीता कॉलोनी में किराए के मकान में रहता है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से भानुप्रताप सिंह अपनी छह साल की बेटी के साथ भरतपुर में ही थे। इसी दौरान उनकी पत्नी पूजा बिहार से भरतपुर पहुंचीं। पत्नी के पहुंचने की जानकारी के बाद भानुप्रताप सिंह भरतपुर से निकल गए। पूजा ने बताया कि जब मैं भरतपुर पहुंचीं तो उनके साथ छह लोगों को सुरक्षा में भेजा गया था। इनमें एक महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। इसके बाद वह अपने ससुराल पहुंचीं, लेकिन वहां उन्हें घर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। पहले ससुराल पहुंचीं, फिर ननद के घर गईंपूजा ने पुलिस को बताया कि वह सबसे पहले गीता कॉलोनी स्थित ससुराल पहुंचीं। करीब एक घंटे तक दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन किसी ने गेट नहीं खोला। इसके बाद वह विजय नगर स्थित अपनी ननद के घर पहुंचीं। वहां भी दरवाजा नहीं खोला गया। परेशान होकर पूजा मथुरा गेट थाने पहुंचीं और पुलिस से मदद मांगी। थाने में एसएचओ ने भानुप्रताप सिंह से फोन पर बातचीत की। इसके बाद पुलिस ने मामले को पारिवारिक विवाद बताते हुए तत्काल कोई कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। इसके बाद पूजा देर रात तक थाने में ही बैठी रहीं। अब जानिए कैसे शुरू हुई थी दोनों की लव स्टोरी पूजा बताती हैं, ‘भानु के पिता फौज में थे और मेरे मौसा जी भी फौज में थे। भानु मेरे मौसा के दोस्त का बेटा है। साल 2015 में पहली बार हमलोग कोलकाता में एक फैमिली पार्टी में मिले और वह पहली नजर में ही मुझे पसंद करने लगे। फिर हमारी बातचीत शुरू हुई। कई दिनों तक हम लोग एक दूसरे से बातचीत करते रहे। उन्होंने मुझे फोन पर कई बार कहा कि मुझे पसंद करते हैं। बातचीत का सिलिसला इतना आगे बढ़ा कि हम दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगे। हमने जब अपने घर वालों को बताया तो उन्होंने विरोध करना शुरू कर दिया। भानु के घर वाले भी राजी नहीं थे। हम लोग लगातार घर वालों को मनाने की कोशिश कर रहे थे।’ मेरा रिश्ता डॉक्टर से कराना चाहते थे घरवाले पूजा ने बताया ‘एक दिन मेरे भैया के ससुराल पक्ष से मेरे लिए रिश्ता आया। लड़का बंगलौर से मुझे देखने आने वाला था। मैंने भानु को बताया तो उन्होंने कहा कि अभी तो मैं तैयारी ही कर रहा हूं मेरे जॉब का भी पता नहीं कब तक लगेगी। मैंने कहा कि मेरे परिवार वाले मुझपर दबाव डाल रहे है कि लड़का डॉक्टर है, अच्छे परिवार से है शादी कर लो। भानु ने कहा कि “पूजा अगर तुम किसी और से शादी कर लोगी तो मैं तुम्हारे बिना कैसे रहूंगा? हम शादी जरूर करेंगे, अगर घर वाले नहीं मान रहे तो तुम ट्रेन पकड़ कर मेरे पास आ जाओ।” अब जानिए कब दोनों ने शादी की…घर से झूठ बोलकर भरतपुर पहुंच गई पूजा पूजा उन दिनों को याद कर बताती हैं, ‘फिर मैं रात को हावड़ा जोधपुर ट्रेन पकड़ कर भानु के पास जाने के लिए निकल गई। मैंने इस बारे में अपने घर वालों को नहीं बताया। उनको बताया कि एक दोस्त की पार्टी में जा रही हूं। मुझे आने में थोड़ा वक्त लग जाएगा। मैंने भरतपुर पहुंचकर मम्मी को फोन किया और सारी बातें बताई। उस वक्त भानु ने मेरी मां से बात की। उनको बताया कि आप पूजा की चिंता मत कीजिए। मैं उसको कभी दुख नहीं दूंगा और उसका साथ कभी नहीं छोड़ूंगा। 16 जनवरी 2017 को हमारी शादी हुई। उस वक्त मेरे घर से सिर्फ मेरी मां और मौसी का परिवार आया था। भानु के घर से सब लोग आए थे। उस वक्त उन्हें ऐसा लगता था कि भानु की नौकरी मेरी वजह से लगी है। पूजा ने बताया कि भानु अक्सर कहा करते थे कि “मैं आज जो भी बना हूं वह पूजा की वजह से बना हूं।” घर चलाने के लिए स्कूल में करती थी नौकरी पूजा अपने स्ट्रगल के दिनों को याद करते हुए पूजा कहती हैं, ‘भानु राजस्थान के भरतपुर में रहकर आईपीएस बनने की तैयारी कर रहे थे। उनकी बहन की शादी भी भरतपुर में ही हुई है। पूजा और भानु वहीं कमरा लेकर रहते थे।’ पूजा ने बताया कि मैं स्कूल में नौकरी करने लगी। वह पढ़ाई करते थे इसलिए मैं घर चलाने के लिए संत पीटर्स स्कूल में नौकरी करने लगी। मुझे उस वक्त 17 हजार रुपए सैलरी मिलती थी। उसी में हम अपना गुजारा करते थे। हम बहुत खुश थे। एक साथ सामान खरीदने जाते थे। वो मुझसे कभी अपना हाईलाइटर मंगाते थे तो कभी किताबें। मैं सुबह चार बजे उठकर घर का सारा काम करती थी। उनके लिए खाना बनाकर स्कूल जाती थी। स्कूल से आने के बाद खाना बनाती थी फिर कपड़े धोती थी। सारे काम मैं खुद करती थी ताकि भानु पढ़ाई कर सकें।’ हमेशा से साथ में जिम जाते थे भानु और पूजा पूजा कहती हैं, वो पढ़ने में बहुत होशियार थे। दिन-रात पढ़ते रहते थे। वो कहते थे कि एक दिन आईपीएस बन जाऊंगा तो हमारी सारी टेंशन दूर हो जाएगी। मुझे जिम जाना बहुत पसंद था तो मैं भानु को भी कहती थी कि जब तक तुम जिम नहीं जाओगे तब तक अच्छे आईपीएस कैसे दिखोगे। तब से वह भी मेरे साथ जिम जाने लगे। हम दोनों साथ में जिम जाते थे। इस बीच भरतपुर से भानु आईपीएस की तैयारी करने मुखर्जी नगर चले गए। उस वक्त हमारे पास बहुत पैसे नहीं थे। भानु बेहद गरीब घर के लड़के थे। उनकी लैंग्वेज में भी प्रॉब्लम थी। वह कहते थे कि पूजा इतना मेहनत करने के बाद भी मैं इंटरव्यू में ही रह जा रहा हूं। मैंने उनसे कहा कि आप एक काम कीजिए इंटरव्यू देने जाइए। मैं अपना गोल्ड बेच दूंगी जो मम्मी ने शादी में दी थी। मुझे इन सारी चीजों का शौक भी नहीं है तो आप ये ले जाइए। आप जब आईपीएस बन जाएंगे तो फिर से हम बनवा लेंगे।’ मुखर्जी नगर पहुंचते ही चोरी हो गया भानु प्रताप का फोन पूजा बताती हैं, ‘भानु मुखर्जी नगर गए पहुंचते ही जूस पीने गए। जहां पर उनका फोन चोरी हो गया। मुझे स्कूल में फोन आया कि मेरे घर से फोन आया है। मैं टेंशन में आ गई। भानु ने दूसरे के नंबर से कॉल कर बताया कि पूजा मेरा मोबाइल फोन चोरी हो गया है। फिर उन्होंने एफआईआर किया, लेकिन फोन नहीं मिला। वह 6 लड़कों के साथ एक कमरे में रहने लगे। मैं उनके दोस्तों को फोन करके उनके बारे में पूछती थी। फिर एक दिन भानु का मैसेज आया कि उनका सिलेक्शन IPS में हो गया है। उस वक्त हमलोग बहुत खुश हुए थे। मीडिया वाले घर भी आए थे। हमलोग खुशी से रोने लगे थे।’ वर्ष 2020 में हुआ आईपीएस में सिलेक्शन पूजा बताती हैं, ‘जब 2020 में मेरी गुड़िया का जन्म हुआ तब इनका सेलेक्शन आईपीएस में हुआ। फिर मैंने अपनी नौकरी भी छोड़ दी। क्योंकि बेटी को फीडिंग करना था और उसका ख्याल रखना था। भानु 2020 में ट्रेनिंग के लिए शिमला चले गए। फिर मैं अपनी बेटी को लेकर अपनी मां के पास चली गई। वह रोज वीडियो कॉल करते थे। फिर 1 साल 7 दिन के बाद हम मिले। जब हमारी बेटी भी एक साल की हो गई। वो सारी यादें मैं भूल नहीं पाती हूं। अब जानिए पति से विवाद पर क्या कहती हैं पूजा पति के साथ हुए विवाद को लेकर पूजा कहती हैं कि आज भी मुझे यकीन हैं कि मेरा पति ईमानदार है। मैं उसकी बहुत इज्जत करती हूं। ये ऐसा क्यों कर रहे हैं वह मुझे समझ नहीं आ रहा। उन्हें भी पता है कि मैं उनके बिना नहीं रह सकती। आज तक मैंने एफआईआर नहीं किया। मैं उनके खिलाफ नहीं जाना चाहती हूं। मेरे आगे पीछे बस वहीं एक इंसान हैं। मुझे बस अपना परिवार चाहिए। मैं बस उसी की लड़ाई लड़ रही हूं। मेरे घर वाले भी आज बहुत खुश हैं जब भानु मेरे साथ ये सब कर रहे। उनका कहना है कि जिसके चक्कर में पूजा ने हमें छोड़ा आज उसी ने छोड़ दिया। ये बातें मैंने भानु को भी बताई कि ये जो काम अभी आप मेरे साथ कर रहे हैं ये आप नौकरी से पहले कर लेते। अभी मुझे बीच रास्ते में क्यों छोड़ रहे? भानु नहीं समझे इसलिए मैंने जहर पी लिया। मैं हताश हो गई थी, जिसके लिए सब कुछ छोड़ा और घर वालों के खिलाफ तक गई आज वहीं मुझे छोड़ रहा है। भानु ने मुझे घर तक से धक्का दिया है। आज भानु बेटी को भी मुझसे दूर ले गए। खगड़िया एसपी आवास में मुझे बंद कर दिया। मुझे उससे मिलने नहीं दे रहे। जब मैं अस्पताल से आई तब मेरी बेटी मेरे पास तक नहीं आई। मेरी बेटी ने मुझसे कहा कि पापा कहते हैं कि मम्मी तुम्हें जहर देकर मार देगी। मैंने अपनी बेटी को गले लगाना चाहा लेकिन वह अपने पापा के पीछे छिप गई। भानु के घर वाले कहते हैं कि एक करोड़ रुपए लो और मेरे बेटे को छोड़ दो। मुझे बस ये जानना है कि मैं क्यों छोड़ूं? मेरी उनसे शादी हुई है तो मैं उनको कैसे छोड़ दूं। मुझे बस ये चिंता है कि मेरी बेटी कैसे अकेली रहेगी और वो बड़ी होगी तो उस पर क्या बीतेगा। मेरे पापा नहीं हैं। मेरे बड़े भैया हैं। उन्होंने सबसे ज्यादा विरोध किया। मेरे भाई ने आज तक मुझसे कांटेक्ट नहीं किया। वह आज भी मुझसे बात नहीं करते। उन्हें ऐसा लगता है कि एक लड़के के चक्कर में मैंने उनकी इज्जत गंवा दी है।’
Varanasi News: तीज उत्सव में राजस्थानी थीम पर खूब की मस्ती
Lots of fun on Rajasthani theme in Teej festival
Bahraich News: सुजौली निवासी युवक की राजस्थान में डूबकर मौत
सुजौली निवासी युवक की राजस्थान में डूबकर मौत
Auraiya News: जीजा ने किया था किशोरी को अगवा, राजस्थान से दबोचा
जीजा ने किया था किशोरी को अगवा, राजस्थान से दबोचा
Shahjahanpur News: सिपाहियों की तलाश में हरियाणा और राजस्थान गईं पुलिस टीम
शाहजहांपुर। सराफा व्यापारी सुंदरम क्षत्रिय से दो लाख रुपये की रंगदारी वसूलने के आरोपी दो सिपाहियों की लोकेशन बदल गई है। पुलिस की टीमें दिल्ली से हरियाणा व राजस्थान भी गई हैं।
भरतपुर में नाबालिग से मारपीट और झूठे मामले में फंसाने के आरोप, 7 पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज
jaipur, 12 सितंबर . Rajasthan के भरतपुर जिले में 16 वर्षीय एक नाबालिग से कथित मारपीट, धमकी और झूठे हथियार मामले में फंसाने के आरोप में सात Policeकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. आरोपियों में जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) से जुड़े पांच Policeकर्मी, मथुरा गेट थाने में तैनात एक सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) और ... Read more
लॉरेंस बिश्नोई की पत्नी हूं, जाट नेता को धमकी देने वाली राजस्थान की महिला अरेस्ट
राजस्थान की एक महिला को लॉरेंस बिश्नोई की पत्नी बनकर सोशल मीडिया पर जाट नेता को जान से मारने की धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। क्या है पूरा मामला? विस्तृत रिपोर्ट…
Sachin Pilot की CJP को चुनौती, पंजाब के स्कूलों को Rajasthan जैसा चेक करो | Saurav Das | Congress
पंजाब में स्कूलों का ऑडिट करने पहुंची कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP को अब सचिन पायलट ने ऐसी चुनौती दे दी है, जिसने पूरे विवाद को नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है.
पलवल सीआईए टीम ने फर्जी सेल टैक्स अधिकारी बनकर ट्राला लूटने और चालक के अपहरण के मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने लूट में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन्हें कोर्ट में पेश कर तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। सीआईए प्रभारी जगमिंद्र सिंह ने बताया कि दिल्ली के योगेश गुप्ता ने शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि झारखंड से 41.4 मीट्रिक टन लोहे की सरिया गुरुग्राम के लिए ट्राला में लोड करवाई गई थी। 10 सितंबर की रात ट्राला ड्राइवर मुबारक खान जब पलवल-सोहना मार्ग पर हुडा सेक्टर-दो के पास पहुंचा तो बिना नंबर की बोलेरो गाड़ी में सवार पांच अज्ञात बदमाशों ने खुद को फर्जी सेल टैक्स अधिकारी बताकर ट्राला रुकवा लिया। ड्राला ड्राइवर के साथ की मारपीट आरोपियों ने ड्राइवर मुबारक खान के साथ मारपीट की। उसका मोबाइल फोन और पर्स छीन लिया। हथियार दिखाकर उसकी आंखों पर गमछा बांधकर अपहरण कर लिया। उसे राजस्थान के पीरूका गांव की पहाड़ियों में ले जाकर छोड़ दिया। इसके बाद आरोपी लोहे की सरियों से भरा ट्राला लूटकर फरार हो गए थे। शहर थाना पुलिस ने अज्ञात लुटेरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी दीप्ति गर्ग के निर्देश पर सीआईए पलवल की एक टीम बनाई गई। टीम ने नूंह रोड (मिंड़कौला) के पास से वारदात में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। लूटा गया ट्राला, मोबाइल बरामद उनके पास से लूटा गया लोहे की सरिए से भरा ट्राला भी बरामद किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के शाहपुर निवासी जलालुद्दीन और फरीदाबाद के अटाली गांव निवासी हुसैन शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल वाहन, दो मोबाइल फोन, कागजात और लूटा गया ट्राला बरामद किया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है, ताकि आरोपियों के साथियों की गिरफ्तारी, माल लोड करने वाले गोदामों व अन्य ठिकानों का भंड़ाफोड़ किया जाएगा। एसपी दीप्ति गर्ग ने कहा कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ जिला पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है और आगे भी रहेगी। लूट व अपहरण की वारदात से जुड़े किसी भी आरोपी व उनका सहयोग करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्सा नहीं जाएगी।
रतलाम के जावरा में महू-नीमच फोरलेन पर एक ट्रक ने 200 भेड़ों के झुंड को रौंद दिया। हादसे में 34 भेड़ों की मौत हो गई। 15 घायल हैं। उनके साथ जा रहा एक व्यक्ति भी घायल हुआ, उसका उपचार कराया गया है। घटना होते ही राजस्थान पासिंग आयशर ट्रक चालक वाहन छोड़कर भाग गया। हादसा दिन के करीब 4 बजे का है। भारत पैलेस होटल से आगे फूड गार्डन के सामने हुआ। ट्रक जावरा की तरफ से आ रहा था। दरअसल राजस्थान के कुछ लोगों ने अपनी भेड़ों के साथ जावरा के ढोढर चौकी क्षेत्र में डेरा डाल रखा है। सूचना पर ढोढर चौकी से एएसआई अशोक चौहान समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचा। मौके पर ही दफनाया जा रहाएक साथ बड़ी तादात में भेड़ों की मौत पर आसपास के खुली जमीन में भेड़ों को गाड़ा जा रहा है। ढोढर चौकी के एएसआई अशोक चौहान ने बताया कि ड्रायवर ट्रक छोड़ मौके से भाग गया। ट्रक जब्ती में लेकर चौकी पर खड़ा करवा दिया है। ड्रायवर की तलाश की जा रही है।
दौसा शहर में रविवार, 13 सितंबर को खेल प्रतिभा और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। शहर में एक ओर जहां राज्यभर के युवा मार्शल आर्ट्स खिलाड़ी 8वीं राजस्थान स्टेट कराटे चैंपियनशिप में पदकों के लिए जोर आजमाइश करेंगे, वहीं दूसरी ओर भारत विकास परिषद के तत्वावधान में स्कूली छात्र-छात्राएं राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता के जरिए अपनी सुरमयी प्रस्तुतियां देंगे।
चुनाव हारने के बाद इस्तीफा वापस लेने की मांग खारिज, राजस्थान हाईकोर्ट ने सुनाया अहम फैसला
jaipur, 12 सितंबर . Rajasthan हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि चुनाव लड़ने के लिए नौकरी से इस्तीफा देने वाला कोई Governmentी कर्मचारी सिर्फ इसलिए दोबारा नौकरी पाने का दावा नहीं कर सकता कि वह चुनाव हार गया है. जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस संदीप तनेजा की डिवीजन बेंच ने नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे के पूर्व ... Read more
निजी विद्यालय संघर्ष समिति ने राजस्थान में 41 जिला संयोजक किए नियुक्त
संगठन को मजबूत करने और आरटीई पुनर्भरण समेत निजी स्कूलों की लंबित मांगों को सरकार के समक्ष उठाने के लिए विभिन्न जिलों में जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रामदेवरा दर्शन के लिए पैदल निकले तीन युवकों की सड़क दुर्घटना में हुई मौत पर दुख प्रकट किया है। अशोक गहलोत ने इस संबंध में एक्स के माध्यम से कहा कि रामदेवरा दर्शन के लिए पैदल निकले तीन युवकों आम्बाराम, भानाराम एवं नरेश की जोधपुर के तेना में नशे में कैंपर चला रहे ड्राइवर द्वारा कुचले जाने से मृत्यु बेहद दुखद है। मीडिया रिपोटर्स की माने तो उन्होंने आगे लिखा की इस घटना से जानकारी मिलने के बाद पीड़ा हुई कि तीनों मृतक मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे, मृतक आम्बाराम के पिता कुम्भाराम एवं भानाराम के पिता अनोपाराम स्वयं सिलिकोसिस पीड़ित हैं। अब इन परिवारों के भरण-पोषण की चिंता स्वाभाविक है, सरकार को तुरंत इनके लिए समुचित आर्थिक सहायता और व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। हर साल हजारों श्रद्धालु रामदेवरा दर्शन के लिए पैदल यात्रा करते हैं, राज्य सरकार को इन पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए ठोस इंतजाम करने चाहिए ताकि ऐसी दुखद घटनाएं दोबारा न हों। दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं। pc- aaj tak
Rajasthan में PMNDP के तहत 16 हजार मरीजों को मिला मुफ्त Dialysis का लाभ
राजस्थान में अब तक 16,003 मरीजों को निशुल्क डायलिसिस की सुविधा दी गई है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार डायलिसिस सेवाओं के तहत करीब 21.11 करोड़ रुपये की उपचार सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि राज्य में गुर्दे के रोगियों को आसानी से और निःशुल्क डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में अब तक 16,003 मरीजों को कुल 1,17,258 ‘डायलिसिस सेशन’ की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इन सेवाओं के तहत मरीजों को उपलब्ध कराई गई उपचार सुविधा का कुल अनुमानित मूल्य करीब 21.11 करोड़ रुपये है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम (पीएमएनडीपी) के तहत प्रदेश के 35 जिला चिकित्सालयों में 149 डायलिसिस मशीनें संचालित हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में अप्रैल से अगस्त 2026 तक राज्य में 4,265 मरीजों को 31,675 ‘डायलिसिस सेशन’ की निःशुल्क सुविधा दी जा चुकी है। इनमें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के तहत 35 केंद्रों पर 3489 मरीजों के 25860 सेशन तथा बजट घोषणा के तहत चिह्नित चिकित्सा संस्थानों में 776 मरीजों के 5815 सेशन शामिल हैं। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में 11738 मरीजों को 85583 डायलिसिस सेशन की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई गई। इनमें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के 35 केंद्रों पर 8507 मरीजों के 65,148 सेशन तथा बजट घोषणा के तहत चिह्नित चिकित्सा संस्थानों में 3198 मरीजों के 19,187 सेशन शामिल हैं। राठौड़ ने कहा कि राज्य बजट घोषणा वर्ष 2022-23 के अनुपालन में राज्य के 182 चिकित्सा संस्थानों में हीमोडायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। इनमें से 102 चिकित्सा संस्थानों में सुविधा उपलब्ध है। शेष संस्थानों में चिकित्सकों एवं कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा 30 सितंबर 2026 तक सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि सरकारी व्यवस्था के साथ कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के माध्यम से भी निःशुल्क डायलिसिस सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिला चिकित्सालय नदबई (भरतपुर) एवं उपजिला चिकित्सालय सिवाना (बालोतरा) में हंस फाउंडेशन, गुरुग्राम के सहयोग से यह सुविधा संचालित है। सिवाना में तीन मशीनों के माध्यम से 12 मरीजों के 575 सेशन तथा नदबई में तीन मशीनों के माध्यम से 21 मरीजों के 673 सेशन आयोजित किए गए हैं।
जयपुर: राजस्थान में करीब एक सप्ताह से कमजोर पड़ा मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने लगी हैं। मौसम विभाग ने शनिवार को राजस्थान के 29 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। पूर्वी राजस्थान […] The post Rajasthan Weather: 29 जिलों में बारिश का अलर्ट, मानसून एक्टिव; पश्चिमी राजस्थान में 40C के पार तापमान first appeared on Sanjeevni Today .
Weather Alert: देश के 20 से ज्यादा राज्यों में बारिश का अलर्ट, राजस्थान समेत कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ बरसेंगे बादल
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास से शनिवार सुबह पुलिस महानिदेशक राजस्थान राजीव कुमार शर्मा ने शिष्टाचार भेंट की।
पीएम मोदी वर्ल्ड लीडर्स के साथ करेंगे डिनर: मेन्यू में यूपी के गलौटी कबाब, महाराष्ट्र की भाकरवड़ी और राजस्थान की कचौड़ी शामिल
दो वाहनों के साथ खेरागढ़ में पकड़े गए, नामी कंपनी के बैग में भरते थे, कृषि विभाग, राजस्व व पुलिस टीम ने मारा छापा।
Rajasthan: निकाय चुनाव के दोनों चरणों के चुनाव समाप्त, पार्टियां जुटी प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी में
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के दोनों चरणों के चुनाव समाप्त हो चुके हैं और अब इंतजार 14 सितंबर का हैं जिस दिन चुनाव परिणाम आने है। ऐसे में दोनों चरणों का मतदान खत्म होने के साथ ही अब राजनीतिक दलों ने बोर्ड बनाने की कवायद तेज कर दी है। उससे पहले ही बीजेपी और कांग्रेस ने अपने-अपने पार्षद प्रत्याशियों को एकजुट रखने के लिए बाड़ेबंदी शुरू कर दी है। मीडिया रिपोटर्स की माने तो अजमेर से लेकर उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और कोटपूतली तक प्रत्याशियों को होटल, रिसॉर्ट और दूसरे सुरक्षित ठिकानों पर ले जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। दरअसल, नगर निकायों में बोर्ड बनाने के लिए बहुमत के साथ-साथ निर्दलीय पार्षदों की भूमिका भी अहम हो सकती है। ऐसे में राजनीतिक दल किसी भी तरह की टूट-फूट और जोड़-तोड़ की संभावना को रोकने में जुटे हैं। खबरों की माने तो कई जगह प्रत्याशियों को प्रशिक्षण, बैठक और फीडबैक के नाम पर एकत्रित किया जा रहा है, लेकिन उन्हें चुनाव परिणाम के बाद अध्यक्ष पद के चुनाव तक अपने साथ रखने की रणनीति भी नजर आ रही है। pc- parbhat khabar
बदरीनाथ तप्त कुंड में हादसा, स्नान के दौरान राजस्थान की दो बहनों की मौत; 108 डुबकी लगाने की थी इच्छा
बदरीनाथ तप्त कुंड में हादसा, स्नान के दौरान राजस्थान की दो बहनों की मौत; 108 डुबकी लगाने की थी इच्छा
Rajasthan Municipal Body Elections: 14
जयपुर। राजस्थान के 309 नगरीय निकायों के 10167 वार्डों के लिए 38889 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला ईवीएम में बंद हो गया। अब इन सभी उम्मीदवारों की किस्मत का ताला 14 सितंबर को खुलेगा। इस दिन दोनों चरणों की मतगणना एक साथ होगी। इसके बाद 21 सितंबर को महापौर और सभापति तथा 22 सितंबर को उप महापौर, उप सभापति और नगर पालिकाओं के उपाध्यक्ष के चुनाव करवाए जाएंगे। दोनों चरणों में 77 पार्षदों का निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। खबरों के अनुसार, निकाय चुनाव के पहले चरण में 76.41 प्रतिशत जबकि शुक्रवार को दूसरे चरण में शाम 6 बजे तक 70.74 प्रतिशत मतदान होने की जानकारी सामने आई है। इस प्रकार दोनों चरण में कुल 72.95 प्रतिशत मतदान हुआ। राजधानी जयपुर में नगर निकाय के द्वितीय चरण में 63.55 प्रतिशत मतदान हुआ। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर संदेश नायक ने बताया कि नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के द्वितीय चरण के तहत नगर निगम जयपुर का मतदान प्रतिशत प्रातः 10 बजे तक 16.20 प्रतिशत, दोपहर 1 बजे तक 37.36 प्रतिशत, दोपहर 3 बजे तक 48.89 प्रतिशत तथा शाम 6 बजे तक 62.74 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। अंतिम रूप से कुल 63.55 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। वार्डों में ऐसा रहा मतदान प्रतिशत वार्डवार उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वार्ड 1 से 22 में 63.32 प्रतिशत, वार्ड 23 से 37 में 64.39 प्रतिशत, वार्ड 38 से 58 में 57.85 प्रतिशत, वार्ड 59 से 72 में 61.87 प्रतिशत, वार्ड 73 से 87 में 57.86 प्रतिशत, वार्ड 88 से 103 में 57.28 प्रतिशत, वार्ड 104 से 115 में 67.44 प्रतिशत, वार्ड 116 से 132 में 72.20 प्रतिशत, वार्ड 133 से 147 में 68.85 प्रतिशत तथा वार्ड 148 से 150 में 81.45 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। PC:navbharattimes.indiatimes अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
Rajasthan Weather Update: 12 सितंबर से बदलेगा मौसम का मिजाज, 16 सितंबर तक कई हिस्सों में बारिश के आसार
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में धीमा पड़ा मानसून एक बार फिर से एक्टिव हो गया है। प्रदेश में कुछ एक जगहों पर हल्की बारिश देखने को मिली है। आज से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में फिर से बढ़ोतरी होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 12 से 16 सितंबर के दौरान जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश का नया दौर सक्रिय हो सकता है। मध्यम से भारी बारिश हो सकती हैं मौसम विभाग की माने तो 13 और 14 सितंबर को कोटा, उदयपुर संभाग और आसपास के इलाकों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं बीकानेर और जोधपुर संभाग में 13 से 16 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है। पूर्वी राजस्थान में बारिश बढ़ने के आसार मौसम विभाग की माने तो 12 सितंबर से जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। पूर्वी राजस्थान के अजमेर अलवर, बांसवाड़ा, बारां, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा बूंदी, चित्तौड़गढ़्, दौसा, डीग, घौलपुर डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़,कराली, खैरथल तिजारा, कोटा, काटपुतली बहरोड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही , टोंक, उदयपुर में मेघगर्जन के साथ वज्रपात, बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोकेदार तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं 13 और 14 सितंबर को कोटा और उदयपुर संभाग में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है। pc- india tv hindi
Varanasi News: राजस्थानी परिधान में 501 महिलाओं ने दादी का किया मंगल पाठ
501 women in Rajasthani attire performed the Mangal Path of Dadi
राजस्थान के निकाय चुनाव में बंपर वोटिंग विकास का संकेत, गुजरात मॉडल पर गर्व: मदन राठौड़
jaipur, 11 सितंबर . Rajasthan भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि Rajasthan के निकाय चुनाव के दूसरे चरण में ज्यादा वोटिंग Government पर जनता के भरोसे और विकास की मांग को दर्शाता है. उन्होंने Gujarat मॉडल का बचाव किया और एक देश एक चुनाव का समर्थन किया. इसके साथ ही ब्रिक्स समिट ... Read more
जयपुर निकाय चुनाव: डिप्टी सीएम दीया कुमारी के सामने लगे यूसीसी वापस लेने के नारे
jaipur, 11 सितंबर . Rajasthan में निकाय चुनावों के दूसरे चरण के मतदान के दौरान jaipur में Political माहौल उस समय गरमा गया, जब कुछ लोगों ने एक मतदान केंद्र के बाहर Rajasthan की उपChief Minister दीया कुमारी के सामने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) वापस लेने की मांग करते हुए नारेबाजी की. Friday को jaipur ... Read more
डिजिटल अरेस्ट ठगी से बचाएगा सीबीआई का ‘अभय’ पोर्टल, राजस्थान पुलिस की चेतावनी
फर्जी वारंट और सम्मन की जांच के लिए सीबीआई ने एआई चैटबॉट लॉन्च किया है। ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए राजस्थान पुलिस ने गाइडलाइन जारी की।
Rajasthan SET 2026: कोटा यूनिवर्सिटी ने जारी किए परीक्षा गाइडलाइंस
13 सितंबर को 429 केंद्रों पर होगी परीक्षा, सुबह 10 बजे के बाद एंट्री बंद होगी और फोटो पहचान पत्र अनिवार्य रहेगा।
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया है कि भाजपा राजस्थान में भी गुजरात मॉडल को लागू करना चाहती है, इसका...
Rajasthan Weather Update: राजस्थान के 22 जिलों में कल भारी बारिश की चेतावनी, 15 सितंबर तक एक्टिव रहेगा मानसून
Amit Asawa: राजस्थान को अपनी कोचिंग में लगातार दो बार रणजी चैंपियन बनाया
भारतीय क्रिकेट में कई ऐसे नाम हैं जिन्हें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बहुत कम मौके मिले। इसकी वजह से उनकी अंदर मौजूद पूर्ण क्षमता का प्रदर्शन नहीं सका। ऐसे खिलाड़ी एक साधारण और गुमनाम क्रिकेटर के रूप में खेल से विदा हो जाते हैं। लेकिन, कुछ ऐसे भी खिलाड़ी होते हैं जो एक क्रिकेटर के तौर मिली असफलता से निराश नहीं होते और कोच के तौर पर बड़ी सफलता प्राप्त करते हैं। क्रिकेटर के तौर पर असफल लेकिन कोच के तौर पर बड़ी सफलता हासिल करने वाले भारतीय क्रिकेट के प्रमुख नामों में से एक नाम अमित असाव का है। अमित असावा का जन्म 12 सितंबर 1963 को इंदौर, मध्यप्रदेश में हुआ था। वह बाएं हाथ के बल्लेबाज थे और दाएं हाथ से ऑफ स्पिन गेंदबाजी किया करते थे। असावा ने राजस्थान के लिए घरेलू क्रिकेट खेला। 1984 से 1991 के बीच राजस्थान के लिए उन्होंने 26 प्रथम श्रेणी और 1 लिस्ट ए मैच खेले। 42 प्रथम श्रेणी पारियों में अमित ने 1 शतक और 6 अर्धशतक लगाते हुए 1,125 रन बनाए। उनका सर्वाधिक स्कोर 128 रन था। वहीं, 2 विकेट हासिल किए। एकमात्र लिस्ट ए मैच में उन्होंने नाबाद 34 रन की पारी खेली थी। अमित असावा का जन्म 12 सितंबर 1963 को इंदौर, मध्यप्रदेश में हुआ था। वह बाएं हाथ के बल्लेबाज थे और दाएं हाथ से ऑफ स्पिन गेंदबाजी किया करते थे। Also Read: LIVE Cricket Score राजस्थान को अपने निर्देशन में लगातार 2 बार भारतीय घरेलू क्रिकेट की सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में चैंपियन बनाना अमित असावा के नेतृत्व कौशल और रणनीति और क्रिकेट के प्रति गहरे लगाव को दिखाता है। Article Source: IANS
अमित असावा: राजस्थान को अपनी कोचिंग लगातार दो बार रणजी चैंपियन बनाया
New Delhi, 11 सितंबर . भारतीय क्रिकेट में कई ऐसे नाम हैं जिन्हें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बहुत कम मौके मिले. इसकी वजह से उनकी अंदर मौजूद पूर्ण क्षमता का प्रदर्शन नहीं सका. ऐसे खिलाड़ी एक साधारण और गुमनाम क्रिकेटर के रूप में खेल से विदा हो जाते हैं. लेकिन, कुछ ऐसे भी खिलाड़ी ... Read more
अमित असावा: राजस्थान को अपनी कोचिंग में लगातार दो बार रणजी चैंपियन बनाया
नई दिल्ली, 11 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट में कई ऐसे नाम हैं जिन्हें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बहुत कम मौके मिले। इसकी वजह से उनकी अंदर मौजूद पूर्ण क्षमता का प्रदर्शन नहीं सका। ऐसे खिलाड़ी एक साधारण और गुमनाम क्रिकेटर के रूप में खेल से विदा हो जाते हैं। लेकिन, कुछ ऐसे भी खिलाड़ी होते हैं जो एक क्रिकेटर के तौर मिली असफलता से निराश नहीं होते और कोच के तौर पर बड़ी सफलता प्राप्त करते हैं।
फतेहाबाद जिले की नागपुर पुलिस चौकी टीम ने गांव नागपुर में एक युवक से मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के मामले में कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में सह-आरोपी मनीष को गिरफ्तार किया है। मनीष कृष्ण धीरवाल बारा चुरु, राजस्थान का रहने वाला है। इस मामले में एक आरोपी को पुलिस पहले ही पकड़ चुकी है। नागपुर पुलिस चौकी के इंचार्ज सुरेंद्रपाल ने बताया कि गुरजिंदर सिंह निवासी गांव नागरपुर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 16 अगस्त को दोपहर करीब 3 बजे वह अपने घर से बस स्टैंड जा रहे थे। जब वह गांव में पीर की जगह के पास पहुंचे, तो कुछ युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया। उन लोगों ने गुरजिंदर सिंह पर गाली दी और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, हमलावरों ने लोहे की कस्सी, रॉड, बल्ली और ईंट के टुकड़ों से उन पर हमला किया, जिससे उन्हें चोटें आईं। ग्रामीणों को आते देख भागे हमलावर शोर सुनकर जब लोग वहां आने लगे, तो आरोपी मौके से भाग गए। जाते समय उन्होंने गुरजिंदर सिंह को जान से मारने की धमकी भी दी। घायल गुरजिंदर सिंह को इलाज के लिए रतिया के नागरिक अस्पताल ले जाया गया। वहां से उन्हें आगे के इलाज के लिए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। इस घटना को लेकर सदर रतिया थाने में 18 अगस्त 2026 को केस नंबर 187 दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले में आगे बढ़ते हुए सह-आरोपी मनीष को पकड़ लिया है। मामले में शामिल दूसरे आरोपियों की भूमिका की जांच अभी जारी है।
चित्तौड़गढ़: राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम का जिला स्तरीय सम्मेलन 18 सितंबर से
उदयपुर संभाग के पदाधिकारियों की उपस्थिति में तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित, ब्लॉक अध्यक्षों को सौंपी गईं जिम्मेदारियां।
जोधपुर में मतदान के दौरान पोलिंग कर्मी ने छुए अशोक गहलोत के पैर, भाजपा ने चुनाव आयोग से की शिकायत
jaipur, 11 सितंबर . Rajasthan के निकाय चुनाव के दूसरे चरण के दौरान Friday को उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब जोधपुर के एक मतदान बूथ पर पोलिंग स्टाफ के एक सदस्य ने पूर्व Chief Minister अशोक गहलोत के पैर छुए. भाजपा ने इस घटना पर आपत्ति जताई है और पोलिंग स्टाफ की निष्पक्षता ... Read more
Breaking: Rajasthan निकाय चुनाव में मचा भारी बवाल: कहीं लात-घूंसे, तो कहीं प्रत्याशी पर हमला, जयपुर में भी बढ़ा तनाव
आमेर किला जयपुर: राजस्थान की शान, फुटेज में देंखे इतिहास, वास्तुकला और राजपूताना वैभव की कहानी
आमेर किला जयपुर: राजस्थान की शान, फुटेज में देंखे इतिहास, वास्तुकला और राजपूताना वैभव की कहानी
भानगढ़ किला: राजस्थान का रहस्यमयी किला, वीडियो में जाने इतिहास, मान्यता और अनसुने किस्से
भानगढ़ किला: राजस्थान का रहस्यमयी किला, वीडियो में जाने इतिहास, मान्यता और अनसुने किस्से
अंतिम चरण का मतदान जारी: राजस्थान निकाय चुनाव
जयपुर, राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के अंतिम चरण का मतदान शुक्रवार को जारी है। भरतपुर के जिला चुनाव अधिकारी कमर चौधरी की ओर से लोगों के वोट देने की अपील की गई।
छप्पनिया अकाल 1899: द ग्रेट इंडियन फेमिन, वीडियो में जाने जिसने राजस्थान को हिला के रख दिया था
छप्पनिया अकाल 1899: द ग्रेट इंडियन फेमिन, वीडियो में जाने जिसने राजस्थान को हिला के रख दिया था
Rajasthan Municipal Election के दूसरे चरण में वोटिंग, कई केंद्रों पर EVM में तकनीकी खामी
राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के दूसरे एवं अंतिम चरण के लिए शुक्रवार सुबह से मतदान जारी है और इस दौरान कई जगह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में गड़बड़ी के मामले सामने आए हैं। मतदान के शुरुआती घंटों में ही जयपुर, झुंझुनू, पुष्कर सहित कई जगह ईवीएम में खराबी की सूचनाएं सामने आईं। ईवीएम के काम नहीं करने के कारण मतदान कुछ समय के लिए रुक गया जिस पर मतदाताओं ने नाराजगी जताई। अधिकारियों ने बताया कि मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और शाम छह बजे तक चलेगा। इस चरण में छह नगर निगम, 24 नगर परिषद तथा 117 नगरपालिकाओं में चुनाव हो रहा है और कुल 4,774 वार्डों के लिए 18,266 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, दूसरे चरण में 9,758 मतदान केंद्रों पर 87,60,884 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए पात्र हैं। इस चरण में जिन छह नगर निगमों के लिए मतदान हो रहा है, उनमें जयपुर, अजमेर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर और पाली शामिल हैं। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने जयपुर के केशवनगर सामुदायिक भवन स्थित मतदान केंद्र पर पहुंचकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि मतदान लोकतंत्र का पावन अवसर है और मतदाताओं से भयमुक्त होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर के महामंदिर इलाके में एक मतदान केंद्र पर अपनी पत्नी सुनीता गहलोत, बेटे वैभव गहलोत और बहू हिमांशी गहलोत के साथ मतदान किया। इसके बाद गहलोत ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मतदाताओं को ‘‘इसे सबक सिखाना चाहिए’’। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोग संविधान को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। संविधान को और मजबूत किए जाने की जरूरत है।’’गहलोत ने आरोप लगाया कि राजस्थान में हालात ‘‘बहुत गंभीर’’ हैं और दावा किया कि राज्य की भाजपा सरकार ने पिछले ढाई साल में कुछ नहीं किया है। वहीं भाजपा ने जोधपुर में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि वार्ड-82 के जिस मतदान केंद्र पर गहलोत ने वोट डाला वहां आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है। पार्टी ने आरोप लगाया कि जब गहलोत मतदान केंद्र पहुंचे तो मतदान दल का एक सदस्य उठकर ‘‘उनके पैर छूने लगा।’’भाजपा का दावा है कि यह हरकत किसी राजनीतिक दल को अधिक अहमियत दिया जाना दिखाती है और उसने कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पाली जिले के सुमेरपुर में अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मतदान शुरू होने से पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लोगों से अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने की अपील की। शर्मा ने कहा, ‘‘आज नगर निकाय चुनाव-2026 के द्वितीय एवं अंतिम चरण का मतदान है। आइए, हम सभी मिलकर लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें और अपने मताधिकार का अवश्य प्रयोग करें।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमारा एक-एक वोट नगर के विकास, बेहतर सुविधाओं और उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करता है। इसलिए मतदान के दिन घर से निकलें और अपने मत का प्रयोग जरूर करें।’’जयपुर में वार्ड संख्या-114 के एक केंद्र पर मतदान शुरू होने के कुछ ही देर बाद मामूली विवाद हो गया जहां एक निर्दलीय उम्मीदवार के समर्थकों ने मतदान केंद्र में कांग्रेस उम्मीदवार की मौजूदगी पर आपत्ति जताई। विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। झुंझुनूं जिले की चिड़ावा नगरपालिका में मतदान से पहले एक निर्दलीय उम्मीदवार पर कथित तौर पर हमला किया गया। उम्मीदवार अशोक शर्मा ने आरोप लगाया कि मोटरसाइकिल सवार तीन लोगों ने उन पर हमला किया, जिससे उनके सिर में चोट आई। जयपुर नगर निगम में 150 वार्ड हैं, जहां 24.33 लाख मतदाता और 2,256 मतदान केंद्र हैं। यहां कुल 723 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। जोधपुर नगर निगम में 100 वार्ड और 7.12 लाख मतदाता हैं, जबकि कोटा नगर निगम में भी 100 वार्ड हैं और 8.26 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं। अजमेर नगर निगम में 80 वार्ड और 4.38 लाख मतदाता, उदयपुर नगर निगम में 80 वार्ड और 4.16 लाख मतदाता तथा पाली नगर निगम में 65 वार्ड और 1.81 लाख मतदाता हैं। जयपुर के जिला निर्वाचन अधिकारी (शहर) संदेश नायक ने बताया कि मतदान दलों को प्रशिक्षण देने, चुनाव सामग्री वितरित करने और मतदानकर्मियों की तैनाती की व्यवस्था के तहत दलों को बृहस्पतिवार को रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि 150 वार्डों के लिए कुल 2,256 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 2,204 मुख्य मतदान केंद्र और 52 सहायक मतदान केंद्र शामिल हैं। इससे पहले, राज्य के 162 नगर निकायों के लिए नौ सितंबर को मतदान हुआ था जिसमें कुल 76.41 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। राजस्थान के कुल 309 नगर निकायों के चुनाव दो चरणों में हो रहे हैं। इनमें 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगरपालिकाएं शामिल हैं। मतगणना 14 सितंबर को होगी।
गंगानहर से इंदिरा गांधी नहर तक, दो मिनट के वीडियो में जाने कैसे बनी राजस्थान की सबसे बड़ी जल परियोजना
Rajasthan: प्रदेश में निकाय चुनाव के लिए सीएम भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के लोगों से की मतदान की अपील
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव चल रहे हैं, ऐसे में आज नगर निकाय चुनाव-2026 के द्वितीय चरण का मतदान हो रहा है। द्वितीय चरण में प्रदेश के 06 नगर निगम, 20 नगरपरिषद एवं 121 नगरपालिका सहित कुल 147 नगरीय निकायों में मतदान हो रहा है। मतदाता मताधिकार का उपयोग कर रहे हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के लोगों से मतदान की अपील की है। उन्होंने एक्स के माध्यम से कहा कि प्रिय प्रदेशवासियों, आज नगर निकाय चुनाव-2026 के द्वितीय चरण का मतदान है। आइए, हम सभी मिलकर लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें और अपने मताधिकार का अवश्य प्रयोग करें। भजनलाल ने कहा कि हमारा एक-एक वोट नगर के विकास, बेहतर सुविधाओं और उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करता है। इसलिए मतदान के दिन घर से निकलें और अपने मत का प्रयोग जरूर करें। सीएम ने कहा कि जो युवा साथी पहली बार मतदान करने जा रहे हैं, वे भी पूरे उत्साह के साथ लोकतंत्र के इस पर्व का हिस्सा बनें और अपने परिवार, मित्रों एवं परिचितों को भी मतदान के लिए प्रेरित करें। आइए, मिलकर अपने नगर के भविष्य के लिए मतदान करें। pc- india tv hindi
इंटरनेट डेस्क। सिनेमाघरों में अभी फिल्म ‘मिर्जापुर द मूवी’ लगी हुई और ये लोगों कीे पसंद भी बनी हुई है। इस फिल्म से पहले मिर्जापुर के नाम से ही वेबसीरीज भी आ चुकी है। हालांकि अभी विवाद इस फिल्म को लेकर है। फिल्म में महाराणा प्रताप के शौर्य, स्वाभिमान और त्याग से जुड़े गीत ‘शूरवीर’ को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। राजस्थान के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी नेता राजेन्द्र राठौड़ ने इस मामले में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के चेयरपर्सन शशि शेखर वेम्पति को पत्र लिखकर आपत्ति जताई है। क्या कहा राठौड़ ने मीडिया रिपोटर्स की माने तो राठौड़ का आरोप है कि महाराणा प्रताप जैसे महान ऐतिहासिक व्यक्तित्व के शौर्य और स्वाभिमान को समर्पित गीत का इस्तेमाल फिल्म में गैंगस्टर्स, नशेड़ियों और अपराधियों के संदर्भ में किया गया है। उन्होंने इसे ऐतिहासिक व्यक्तित्व और राजस्थान की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का अपमान बताया है। राठौड़ ने सेंसर बोर्ड से फिल्म से गीत के बोल हटाने की मांग की है। गाने को हटाने की मांग इस गीत को लेकर राजस्थानी गायक अशोक मंडा उर्फ रैपरिया बालम की ओर से भी सार्वजनिक रूप से आपत्ति दर्ज कराई जा चुकी है। राठौड़ ने 9 सितंबर को लिखे पत्र में कहा कि देशभर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो रही फिल्म ‘मिर्जापुररू द मूवी’ में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी के शौर्य, स्वाभिमान और त्याग को समर्पित ‘शूरवीर’ गीत का अनुचित उपयोग किए जाने की ओर ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। PC- ZEE NEWS
बद्रीनाथ धाम के महिला तप्त कुंड में स्नान करते समय दो महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई। दोनों राजस्थान के भीलवाड़ा की रहने वाली रिश्ते की बहनें थीं। वे संकल्प के तहत डुबकी लगा रही थीं, तभी बेहोश होकर कुंड में गिर गईं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत बताया। मृत महिलाओं की पहचान 71 साल की रामु देवी (पत्नी अमरचंद शर्मा) और 73 साल की प्रेम देवी (पत्नी मदन शर्मा) के रूप में हुई है। ये दोनों भीलवाड़ा, राजस्थान की रहने वाली थीं। जानकारी के मुताबिक, राजस्थान से 100 से ज्यादा श्रद्धालुओं का एक दल 4 सितंबर से बद्रीनाथ धाम में है। यह दल यहां कथा का आयोजन भी कर रहा था। शुक्रवार को चार महिला श्रद्धालु 108 डुबकी लगाने के संकल्प के साथ तप्त कुंड में स्नान करने पहुंची थीं। श्रद्धालुओं ने कुंड से महिलाओं को बाहर निकाला डुबकी लगाते समय रामु देवी और प्रेम देवी अचानक बेहोश हो गईं। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें कुंड से बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी है। कुंड में स्नान कर रहीं भगवती देवी और सोहनी देवी स्वस्थ हैं। बताया गया कि श्रद्धालु रोज तप्त कुंड में स्नान करने के बाद भगवान बद्रीविशाल के दर्शन करते थे। घटना के समय मृत महिलाओं के परिवार के सदस्य मंदिर में दर्शन के लिए गए हुए थे। थाना प्रभारी महादेव उनियाल ने बताया कि यह हादसा आज सुबह करीब 5 बजे हुआ, जब दोनों महिलाएं तप्त कुंड में स्नान कर रही थीं। दोनों कुंड के अंदर बेहोश हालत में मिलीं, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टर ने दोनों महिलाओं को मृत घोषित कर दिया। 50 डुबकी लगा चुकी थी दोनों SDRF और SHO महादेव उनियाल ने बताया कि हादसे के वक्त महिलाएं 50 डुबकी लगा चुकी थीं। शुरुआत में वे धीरे-धीरे डुबकी लगा रही थीं, लेकिन जैसे ही उनके परिवार के लोग मंदिर की तरफ गए, उन्होंने तेज-तेज डुबकी लगाना शुरू कर दिया, जिससे उनकी सांस फूल गई। परिवार ने शवों का पोस्टमॉर्टम कराने से मना कर दिया है। अब SDM के निर्देशानुसार शव परिवार को सौंप दिए जाएंगे। अमरचंद शर्मा और मदन शर्मा ने कहा कि वे आगे के संस्कार हरिद्वार में कराएंगे, इसलिए उन्हें शव चाहिए। पुलिस अपनी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों शव परिवार को सौंप देगी। --------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें…. रुद्रप्रयाग में बादल फटा, हेलीपैड के पास आया मलबा-पत्थर:केदारनाथ यात्रा रोकी; नैनीताल में उफनते नाले में उतारीं बस और बुलेट रुद्रप्रयाग में तड़के चिरबासा हेलीपैड के पास बादल फटने से करीब 150 मीटर इलाके में भारी लैंडस्लाइड हुआ। पहाड़ी से लगातार बोल्डर गिरने के कारण सुरक्षा के लिहाज से केदारनाथ यात्रा सुबह कुछ समय के लिए रोक दी गई। (पढ़ें पूरी खबर)
बदरीनाथ धाम केतप्त कुंड में स्नान करते समय आजदो बुजुर्ग महिला यात्रियों की मौत हो गई।
जयपुर। प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव के दूसरे चरण का मतदान आज सुबह शुरू हो चुका है। द्वितीय चरण में प्रदेश के 06 नगर निगम, 20 नगरपरिषद एवं 121 नगरपालिका सहित कुल 147 नगरीय निकायों में मतदान हो रहा है। उक्त नगरीय निकायों में से 40 नवगठित नगरीय निकाय हैं, जिनमे प्रथम बार निर्वाचन होगा तथा शेष 107 नगरीय निकायों में गत आम चुनावों में मतदान 67.93 प्रतिशत रहा था। दूसरे चरण के चुनावों में 147 नगरीय निकायों में कुल 4 हजार 852 वार्ड हैं, जिनमें 9 हजार 758 मदतदान बूथ बनाए गये हैं। कुल अभ्यर्थी 18 हजार 266 हैं। जबकि कुल मतदाताओं की संख्या 87 लाख 60 हजार 884 हैं। जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के लिए आज हो रहे मतदान के लिए सुबह से ही मतदान केन्द्रों पर लाइनें लग गई हैं। यहां पर सर्वाधिक 723 उम्मीदवार मैदान में है। 24 लाख 23 हजार से ज्यादा मतदाता तय करेंगे कि अगले कार्यकाल में उनके वार्ड की कमान किसके हाथ में होगी। जयपुर में मतदान के लिए 2256 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। आपको बता दें कि जयपुर के 4 वार्डों में 10 से ज्यादा प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है। वहीं, 16 वार्डों में भाजपा-कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा। प्रथम चरण में कुल 162 नगरीय निकायों में हुआ था मतदान प्रथम चरण में कुल 162 नगरीय निकायों के चुनाव संपन्न कराए गए, जिनमें से 04 नगर निगम, 27 नगरपरिषद एवं 131 नगरपालिका सम्मिलित हैं। इस में 162 नगरीय निकायों के सदस्य पदों के लिए मतदान शांतिपूर्ण सम्पन्न हुआ है तथा कुल मतदान 76.42 प्रतिशत रहा। प्रतापगढ जिले की नगरपालिका अरनोद में सर्वाधिक मतदान 91.98 प्रतिशत रहा तथा न्यूनतम मतदान भीलवाडा जिले के नगर निगम भीलवाड़ा में 63.84 प्रतिशत रहा। चुनाव का परिणाम 14 सितंबर को आएगा। इसके बाद महापौर और उप महापौर के चुनाव की प्रक्रिया होगी। PC:ndtv अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
हमारा एक-एक वोट नगर के विकास, बेहतर सुविधाओं और उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करता है: Bhajanlal
जयपुर। प्रदेश में आज नगर निकाय चुनाव-2026 के द्वितीय चरण का मतदान हो रहा है। द्वितीय चरण में प्रदेश के 06 नगर निगम, 20 नगरपरिषद एवं 121 नगरपालिका सहित कुल 147 नगरीय निकायों में मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के लोगों से मतदान की अपील की है। उन्होंने एक्स के माध्यम से कहा कि प्रिय प्रदेशवासियों, आज नगर निकाय चुनाव-2026 के द्वितीय चरण का मतदान है। आइए, हम सभी मिलकर लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें और अपने मताधिकार का अवश्य प्रयोग करें। भजनलाल ने कहा कि हमारा एक-एक वोट नगर के विकास, बेहतर सुविधाओं और उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करता है। इसलिए मतदान के दिन घर से निकलें और अपने मत का प्रयोग जरूर करें। सीएम ने कहा कि जो युवा साथी पहली बार मतदान करने जा रहे हैं, वे भी पूरे उत्साह के साथ लोकतंत्र के इस पर्व का हिस्सा बनें और अपने परिवार, मित्रों एवं परिचितों को भी मतदान के लिए प्रेरित करें। आइए, मिलकर अपने नगर के भविष्य के लिए मतदान करें। PC:dipr.rajasthan अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
Rajasthan Municipal Elections: 147 निकायों के 4774 वार्डों में वोटिंग शुरू
राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के दूसरे एवं अंतिम चरण के लिए शुक्रवार को मतदान जारी है। इस चरण में 147 नगर निकायों के 4,774 वार्डों के लिए 18,266 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और शाम छह बजे तक चलेगा। इस चरण में छह नगर निगम, 24 नगर परिषद और 117 नगरपालिकाओं में चुनाव हो रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, दूसरे चरण में 9,758 मतदान केंद्रों पर 87,60,884 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए पात्र हैं। इस चरण में जिन छह नगर निगमों के लिए मतदान हो रहा है, उनमें जयपुर, अजमेर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर और पाली शामिल हैं। राजस्थान की पूर्व मंत्री एवं अजमेर दक्षिण की विधायक अनीता भदेल शुरुआती मतदाताओं में शामिल रहीं। उन्होंने अजमेर में मतदान करने के बाद भरोसा जताया कि चुनाव में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी अच्छा प्रदर्शन करेगी। जयपुर में वार्ड संख्या-114 के एक केंद्र पर मतदान शुरू होने के कुछ ही देर बाद मामूली विवाद हो गया जहां एक निर्दलीय उम्मीदवार के समर्थकों ने मतदान केंद्र में कांग्रेस उम्मीदवार की मौजूदगी पर आपत्ति जताई। विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। झुंझुनूं जिले की चिड़ावा नगरपालिका में मतदान से पहले एक निर्दलीय उम्मीदवार पर कथित तौर पर हमला किया गया। उम्मीदवार अशोक शर्मा ने आरोप लगाया कि मोटरसाइकिल सवार तीन लोगों ने उन पर हमला किया, जिससे उनके सिर में चोट आई। जयपुर नगर निगम में 150 वार्ड हैं, जहां 24.33 लाख मतदाता और 2,256 मतदान केंद्र हैं। यहां कुल 723 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। जोधपुर नगर निगम में 100 वार्ड और 7.12 लाख मतदाता हैं, जबकि कोटा नगर निगम में भी 100 वार्ड हैं और 8.26 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं। अजमेर नगर निगम में 80 वार्ड और 4.38 लाख मतदाता, उदयपुर नगर निगम में 80 वार्ड और 4.16 लाख मतदाता तथा पाली नगर निगम में 65 वार्ड और 1.81 लाख मतदाता हैं। जयपुर के जिला निर्वाचन अधिकारी (शहर) संदेश नायक ने बताया कि मतदान दलों को प्रशिक्षण देने, चुनाव सामग्री वितरित करने और मतदानकर्मियों की तैनाती की व्यवस्था के तहत दलों को बृहस्पतिवार को रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि 150 वार्डों के लिए कुल 2,256 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 2,204 मुख्य मतदान केंद्र और 52 सहायक मतदान केंद्र शामिल हैं। इससे पहले, राज्य के 162 नगर निकायों के लिए नौ सितंबर को मतदान हुआ था जिसमें कुल 76.41 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। राजस्थान के कुल 309 नगर निकायों के चुनाव दो चरणों में हो रहे हैं। इनमें 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगरपालिकाएं शामिल हैं। मतगणना 14 सितंबर को होगी।
pc- businesstoday.in इंटरनेट डेस्क। देशभर में सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के आज के ताजा रेट जारी कर दिए है। ऐसे में आप भी अगर बाहर जाने से पहले गाड़ी में तेल भरवाने जा रहे हैं तो आपको आज के भाव जान लेने चाहिए। 11 सितंबर को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुछ खास बदलाव नहीं हुआ है। राजस्थान में क्या हैं आज पेट्रोल डीजल की कीमतें राजस्थान में पेट्रोल की आज औसत कीमत 112.56 रुपये प्रति लीटर है, राजस्थान में कल भी पेट्रोल की कीमत लगभग इतनी ही थी। वहीं राजस्थान में आज भी डीज़ल की औसत कीमत 97.78 रुपये प्रति लीटर है। यानी कल से लेकर अब तक राजस्थान में डीज़ल की कीमतों में कोई विशेष बदलाव नहीं हुआ है। शहरवार चेक करें कीमत शहर पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) डीजल की कीमत (प्रति लीटर) दिल्ली 102.12 रुपये 95.20 रुपये मुंबई 111.31 रुपये 97.97 रुपये कोलकाता 113.51 रुपये 99.82 रुपये चेन्नई 107.78 रुपये 99.56 रुपये गुरुग्राम 102.97 रुपये 95.94 रुपये पटना 113.35 रुपये 99.36 रुपये नागपुर 111.90 रुपये 98.20 रुपये श्रीनगर 104.10 रुपये 92.81 रुपये इंदौर 114.32 रुपये 99.41 रुपये
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में पिछले एक सप्ताह से कमजोर पड़ा मानसून एक बार फिर से एक्टिव हो सकता है। मौसम विभाग की माने तो मानसून की गतिविधियां बढ़ने के संकेत मिल रहे है। प्रदेश में फिलहाल मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना हुआ है, लेकिन बंगाल की खाड़ी में बने नए कम दबाव के क्षेत्र और बदलते हवाओं के रुख से 11 सितंबर से पूर्वी राजस्थान में बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है। यहां हो सकती हैं बारिश मौसम विभाग की माने तो 11 सितंबर को भरतपुर, जयपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी भी दी गई है। इसके बाद 12 से 16 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। खासकर 13 और 14 सितंबर को कोटा और उदयपुर संभाग तथा आसपास के इलाकों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश होने के संकेत हैं। क्या बता रहा मौसम विभाग आईएमडी के अनुसार उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र में 10 सितंबर को नया कम दबाव का क्षेत्र बना है। इसके प्रभाव से पूर्वी राजस्थान में नमी बढ़ने की संभावना है, 11 सितंबर को अलवर, बारां, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, झालावाड़, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़ और सवाई माधोपुर में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं की गतिविधि हो सकती है। कुछ स्थानों पर बारिश भी होने की संभावना है। जयपुर, टोंक, सीकर और आसपास के क्षेत्रों में भी दोपहर बाद बादल बनने तथा कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश के संकेत हैं। pc- aaj tak
Rajasthan: निकाय चुनाव के दूसरे चरण का मतदान हुआ शुरू, शाम 6 बजे तक डाले जाएंगे वोट
इंटरनेट डेस्क । राजस्थान के 147 शहरी निकायों में दूसरे चरण का मतदान शुरू हो चुका है। मतदाता बढ़चढ़कर चुनावों में हिस्सा ले रहे है। दूसरे चरण में 4,744 वार्डों के लिए 18,266 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। ज्यादातर वार्डों में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। कई जगह निर्दलीय और अन्य दलों के उम्मीदवार भी मजबूत स्थिति में हैं। जयपुर नगर निगम में दूसरे चरण में सबसे ज्यादा 723 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि धोरीमन्ना नगरपालिका में सबसे कम 41 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान के लिए अवकाश सरकारी और निजी कर्मचारियों की आज छुट्टी है, दूसरे शहर में जाकर वोट डालने वाले कर्मचारियों को भी मतदान के लिए छुट्टी मिली है। मतदान के लिए अवकाश लेने पर कर्मचारियों की सैलरी नहीं कटेगी। दूसरे चरण के प्रमुख निकाय (11 सितंबर) नगर निगमः जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर, पाली नगर परिषद और पालिकाएंः किशनगढ़, पुष्कर, मेड़ता सिटी, रियांबाड़ी, मेड़तारोड, डेगाना, टोंक, मालपुरा, टोडारायसिंह, डिग्गी, लाम्बाहरिसिंहपुरा, जैतारण, रायपुर, आसींद, हमीरगढ़, बनेडा, शाहपुरा (भीलवाड़ा), गुलाबपुरा, जहाजपुर, माण्डलगढ़, गंगापुर, बहरोड़, नीमराना, मांढण, बडौद, बानसूर के शेष हिस्से, खजूवाला, नौखा, देशनोक, लूणकरणसर, श्रीडूंगरगढ़, नापासर, श्रीगंगानगर, सादुलशहर, श्रीकरणपुर, केसरीसिंहपुर, पदमपुर, गजसिंहपुर, हनुमानगढ़, गोलूवाला, पीलीबंगा, सरदारशहर, तारानगर, साहवा, रतनगढ़, राजलदेसर, बीदासर, वैर, बयाना, नदबई, उच्चौन, बसेड़ी, बाड़ी, सरमथुरा, गंगापुर सिटी, वजीरपुर, बामनवास, जयपुर नगर निगम के 150 वार्ड, सीकर, रामगढ़-शेखावाटी, लोसाल, धोद, झुंझुनूं क्षेत्र की कई पालिकाएं, भीनमाल, सांचौर, बाली, सादड़ी, सुमेरपुर, सिरोही, पिंडवाड़ा, माउंट आबू, छबड़ा, मांगरोल, अटरू, लाखेरी, कापरेन, नैनवा, हिंडोली, खानपुर, अकलेरा, मनोहरथाना, पिडावा, वल्लभनगर, कानोड़, मावली, प्रतापपुरगढ़ी, कुशलगढ़, निम्बाहेड़ा, बड़ी सादड़ी, आकोला, कपासन, राजसमंद, देवगढ़, भीम, छोटीसादड़ी, धरियावाद, सागवाड़ा, मकराना, खाटू खुर्द, परबतसर, नोवा, हिंडौन सिटी, टोडाभीम, सूरौठ, दौसा, लालसोट, डीग, कुम्हेर, बृजनगर, किशनगढ़बास, मुंडावर, कोटकासिम, टपूकड़ा, पोकरण, चौहटन, बालोतरा, धोरीमन्ना, सिवाना, सिणधरी, फलोदी, बाप, सालूंबर आदि। pc- aaj tak
उदयपुर नगर निगम क्षेत्र के 80 वार्डों में पार्षद चुनने के लिए मतदान शुरू हो गया है। शहर में 413 मतदान केन्द्रों पर वोटिंग हो रही है। यहां कुल 220 कैंडिडेट्स के भाग्य का फैसला होगा। इनमें भाजपा और कांग्रेस के 160 उम्मीदवार हैं। बचे अन्य उम्मीदवारों में बाप, माकपा और निर्दलीय प्रत्याशी है। 80 में से 39 वार्डों में सीधे बीजेपी-कांग्रेस की टक्कर है। इसके साथ जिले की दो नगर पालिका (मावली और कानोड़) में भी वोटिंग शुरू हो गई है। सुबह 7 बजे पहले ही लोग पहला वोट डालने के लक्ष्य के साथ केंद्र पर पहुंच गए है। उदयपुर नगर निगम में भाजपा-कांग्रेस के मेयर दावेदारों ने अपने वार्ड में पूरी ताकत लगाई है। भाजपा से वरिष्ठ नेता दिनेश भट्ट, प्रमोद सामर, अतुल चंडालिया और पारस सिंघवी तो कांग्रेस की ओर से हितांशी शर्मा, शंकर चंदेल, अरूण टांक और डा. पूनम कुंवर राठौड़ मेयर के प्रमुख दावेदार है। वोटर लिस्ट में ऐसे चेक करें नाम आपका नाम वोटर लिस्ट में है कि नहीं यह राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट https://sec.rajasthan.gov.in/SE_Default.aspx पर जाकर देख सकते हैं। आपका नाम वोटर लिस्ट में होगा तभी आप वोट कर सकेंगे। सबसे पहले देखिए- वोटिंग से जुड़ी PHOTOS बड़े चेहरे पार्षद का चुनाव लड़ रहे इस बार मेयर का पद अनारक्षित ओपन के लिए रिजर्व है, ऐसे में बड़ी संख्या में कई बड़े चेहरे पार्षद का चुनाव लड़ रहे हैं। पिछले 30 साल में नगर निगम में 6 बार भाजपा का मुखिया बना है। खास बात ये है कि इन सालों में हर बार जीतने वाले पार्षदों की संख्या भाजपा की ज्यादा रही। चुनाव के रिजल्ट 14 सितंबर को आएंगे। मेयर पद के लिए चुनाव 21 सितंबर और डिप्टी मेयर पद के लिए चुनाव 22 सितंबर को होगा। उदयपुर में मेयर पद अनारक्षित के लिए रिजर्व है। चुनाव का रिजल्ट बहुत हद तक इस बार युवा वोटर तय करेंगे। नगर निगम में 35% वोटर 35 साल से कम हैं। इन पर भाजपा-कांग्रेस दोनों की नजर है। संबंधित समाचार भी पढ़े…. उदयपुर में 30साल में 6 बार भाजपा का मुखिया बना:डेढ़ लाख से ज्यादा युवा तय करेंगे रिजल्ट; पढ़िए भाजपा-कांग्रेस के उम्मीदवारों की पूरी प्रोफाइल लाइव अपडेट्स….
राजस्थान के 147 शहरी निकायों में आज दूसरे फेज की वोटिंग होगी। दूसरे फेज में 87.60 लाख से ज्यादा वोटर 18,266 उम्मीदवारों में से पार्षद चुनेंगे। इसमें जयपुर नगर निगम में सबसे ज्यादा 723 उम्मीदवार मैदान में है। धोरीमन्ना नगरपालिका में सबसे कम 41 उम्मीदवार हैं। 309 निकायों में कुल 4744 वार्ड हैं। जिन पर मुख्य मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी के बीच है। लेकिन कई जगह निर्दलीय और अन्य दलों के उम्मीदवार भी मजबूत है। कई जगह त्रिकोणीय और चतुष्कोणीय मुकाबला है। इससे पहले 9 सितंबर को पहले चरण में 162 निकायों के लिए वोटिंग हुई थी। इसमें कुल 76.41 प्रतिशत मतदान हुआ था। वोटिंग डे से जुड़ी अहम जानकारियां वोटिंग के लिए कर्मचारियों की छुट्टी रहेगी: वोटिंग के लिए प्राइवेट और सरकारी कर्मचारियों को छुट्टी देनी होगी। राज्य सरकार ने वोटिंग वाले दिन 11 सितंबर को सवैतनिक अवकाश घोषित किया है। वोट देने के लिए कर्मचारियों को छुट्टी देनी होगी। यह आदेश सब पर लागू होगा। अगर आपका वोट दूसरे शहर में है तो वहां वोटिंग के लिए सरकारी और प्राइवेट कंपनी से छुट्टी लेकर जा सकते हैं, इस दिन सैलरी नहीं काट सकेंगे। मतदान पर जाने से पहले ध्यान रखें: वोटिंग पर जाने से पहले देखें कि आपके पास वोटर आईडी कार्ड है या नहीं। 11 पहचान के दस्तावेज में से कोई एक आपके पास होना चाहिए। आप अपने पोलिंग स्टेशन की लोकेशन पता करके जाएं। आप अपने क्षेत्र के बीएलओ से इसके बारे में पता कर सकते हैं। वोटर आईडी नहीं है तो भी राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से तय 11 दस्तावेज दिखाकर भी आप वोट कर सकते हैं। वोटर लिस्ट में ऐसे चेक करें नाम: आपका नाम वोटर लिस्ट में है कि नहीं यह राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट https://sec.rajasthan.gov.in/SE_Default.aspx पर जाकर देख सकते हैं। आपका नाम वोटर लिस्ट में होगा तभी आप वोट कर सकेंगे। अब जानिए किस नगर निगम में कितने वोटर और उम्मीदवार… बारिश नहीं बनेगी वोटिंग में बाधा प्रदेश में 12 सितंबर तक कहीं भी बारिश का अलर्ट नहीं है, मानसून कमजोर होने की वजह से कीहीं बारिश की संभावना नहीं है। वोटिंग के दिन कहीं भी बारिश नहीं है। इन 20 नगर परिषद में वोटिंग किशनगढ़,पुष्कर,टोंक,बहरोड़, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, सरदारशहर, गंगापुर सिटी, सीकर, सिरोही, निंबाहेड़ा, राजसमंद, मकराना, हिंडौन सिटी, दौसा, लालसोट, डीग, बालोतरा, फलोदी और सलूंबर। निकाय चुनाव से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए.. CM भजनलाल के गृह जिले,वसुंधरा के क्षेत्र में वोटिंग बढ़ी:भीलवाड़ा में 3.29% कम वोटिंग ने चौंकाया; क्या निर्दलीयों का दबदबा बढ़ेगा कोटा में चुनाव-ड्यूटी के दौरान ASI की हार्टअटैक से मौत:भरतपुर में BJP प्रवक्ता ने BLO को कहा-फोड़ दूंगा; भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी
क्यूएस एशिया रैंकिंग में पहली बार राजस्थान यूनिवर्सिटी, देश में 195वें पायदान पर पहुंची
राजस्थान यूनिवर्सिटी ने पहली बार क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग: एशिया 2026 में जगह बनाई है। हालांकि यूनिवर्सिटी को एशिया में 1001-1100 रैंक बैंड मिला है, जबकि दक्षिण एशिया क्षेत्र में 330वीं रैंक हासिल हुई है। राजस्थान यूनिवर्सिटी ने इस रैंकिंग के लिए पहली बार आवेदन किया था। इस रैंकिंग में देश के 294 उच्च शिक्षण संस्थानों को जगह मिली है। इनमें आईआईटी, एनआईटी, केंद्रीय विश्वविद्यालय समेत देश के प्रमुख संस्थान शामिल हैं। देश के उच्च शिक्षण संस्थानों की बात करें तो राजस्थान यूनिवर्सिटी को 195वीं रैंक मिली है। आईक्यूएसी की अहम भूमिका; आरयू की कुलगुरु प्रो. अल्पना कटेजा ने कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, संस्थागत उत्कृष्टता और वैश्विक पहचान को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। रैंकिंग प्रक्रिया में यूनिवर्सिटी के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आईक्यूएसी ने संस्थागत डेटा, गुणवत्ता आश्वासन, बेंचमार्किंग, दस्तावेजीकरण और रैंकिंग से संबंधित प्रक्रियाओं के समन्वय का काम किया। अब एनआईआरएफ रैंकिंग का इंतजार; आरयू ने 8 महीने पहले नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क रैंकिंग के लिए भी आवेदन किया था, जो जल्द जारी होगी। एनआईआरएफ रैंकिंग शिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता का मानक होने के साथ ही ग्रांट दिलाने व अन्य के लिए जरूरी है।
गणेश उत्सव : राजस्थानी झूमर और प्रतिमाओं की बुकिंग शुरू
Ganesh Utsav: Bookings open for Rajasthani chandeliers and idols
राजस्थान के 147 शहरी निकायों में शुक्रवार को दूसरे फेज की वोटिंग होगी। दूसरे फेज में 87.60 लाख से ज्यादा वोटर 18,266 उम्मीदवारों में से पार्षद चुनेंगे। इसमें जयपुर नगर निगम में सबसे ज्यादा 723 उम्मीदवार मैदान में है। धोरीमन्ना नगरपालिका में सबसे कम 41 उम्मीदवार हैं। 309 निकायों में कुल 4744 वार्ड हैं। जिन पर मुख्य मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी के बीच है। लेकिन कई जगह निर्दलीय और अन्य दलों के उम्मीदवार भी मजबूत है। कई जगह त्रिकोणीय और चतुष्कोणीय मुकाबला है। पोलिंग बूथ के लिए रवाना हुई टीमें शुक्रवार को होने वाली वोटिंग के लिए गुरुवार को सभी जिलों से पोलिंग टीम को रवाना किया गया। इससे पहले सभी दलों को मशीनों की ट्रेनिंग दी गई। सुरक्षा संबंधित जानकारियां दी गई। इसके बाद सभी अलग-अलग पोलिंग बूथ के लिए रवाना हुए। झुंझुनूं की मंड्रेला नगरपालिका के वार्ड नंबर 13 में केवल 92 मतदाता हैं। यह वार्ड किसी वर्ग के लिए रिजर्व नहीं है। अब जानिए किस नगर निगम में कितने वोटर और उम्मीदवार… वोटिंग से जुड़ी अहम जानकारी…. वोटिंग के लिए कर्मचारियों की छुट्टी रहेगी वोटिंग के लिए प्राइवेट और सरकारी कर्मचारियों को छुट्टी देनी होगी। राज्य सरकार ने वोटिंग वाले दिन 11 सितंबर को सवैतनिक अवकाश घोषित किया है। वोट देने के लिए कर्मचारियों को छुट्टी देनी होगी। यह आदेश सब पर लागू होगा। सबसे पहले वोटर लिस्ट में अपना नाम देखें, इस तरह जांचें? आपका नाम वोटर लिस्ट में है कि नहीं यह राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट https://sec.rajasthan.gov.in/SE_Default.aspx पर जाकर देख सकते हैं। आपका नाम वोटर लिस्ट में होगा तभी आप वोट कर सकेंगे। मतदान पर जाने से पहले किन-किन बातों का ध्यान रखें? वोटिंग पर जाने से पहले देखें कि आपके पास वोटर आईडी कार्ड है या नहीं। 11 पहचान के दस्तावेज में से कोई एक आपके पास होना चाहिए। आप अपने पोलिंग स्टेशन की लोकेशन पता करके जाएं। आप अपने क्षेत्र के बीएलओ से इसके बारे में पता कर सकते हैं। वोटर आईडी कार्ड नहीं है तो कौन से दस्तावेज लेकर जा सकते हैं? वोटर आईडी नहीं है तो भी राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से तय 11 दस्तावेज दिखाकर भी आप वोट कर सकते हैं। दूसरे शहर में वोट है तो छुट्टी देनी होगी, सैलरी नहीं काट सकेंगे अगर आपका वोट दूसरे शहर में है तो वहां वोटिंग के लिए सरकारी और प्राइवेट कंपनी से छुट्टी लेकर जा सकते हैं, इस दिन सैलरी नहीं काट सकेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव आयोग की गाइडलाइन का हवाला देते हुए वोट देने के लिए दूसरे शहर जाने पर वेतन सहित छुट्टी देने के आदेश दिए हैं। इसके बाद सरकार ने भी आदेश जारी कर दिए हैं। बारिश नहीं बनेगी वोटिंग में बाधा प्रदेश में 12 सितंबर तक कहीं भी बारिश का अलर्ट नहीं है, मानसून कमजोर होने की वजह से कीहीं बारिश की संभावना नहीं है। वोटिंग के दिन कहीं भी बारिश नहीं है। इन 20 नगर परिषद में वोटिंग किशनगढ़,पुष्कर,टोंक,बहरोड़, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, सरदारशहर, गंगापुर सिटी, सीकर, सिरोही, निंबाहेड़ा, राजसमंद, मकराना, हिंडौन सिटी, दौसा, लालसोट, डीग, बालोतरा, फलोदी और सलूंबर। ये खबर भी पढ़ें CM भजनलाल के गृह जिले,वसुंधरा के क्षेत्र में वोटिंग बढ़ी:भीलवाड़ा में 3.29% कम वोटिंग ने चौंकाया; क्या निर्दलीयों का दबदबा बढ़ेगा कोटा में चुनाव-ड्यूटी के दौरान ASI की हार्टअटैक से मौत:भरतपुर में BJP प्रवक्ता ने BLO को कहा-फोड़ दूंगा; भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी
Rajasthan Urban Body Elections: 20623
जयपुर। नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण में प्रदेश के 162 निकायों में बुधवार को मतदान हुआ। इसके तहत 20623 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद हो गया है। प्रदेश के इन 162 निकायों शाम 6 बजे तक 76.04 प्रतिशत वोटिंग हुई। 32 वार्डों में पहले ही निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है। खबरों के अनुसार, प्रतापगढ़ जिले की नवगठित अरनोद नगर पालिका में सबसे ज्यादा 91.98 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। भीलवाड़ा की बीगोद नगर पालिका में भी 91.85 प्रतिशत वोटिंग हुई। वहीं चित्तौड़गढ़ नगर परिषद में सबसे कम 61.49 प्रतिशत लोगों ने ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वहीं जयपुर जिले में कुल 87.06 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान केन्द्रों पर दिनभर मतदाताओं की आवाजाही बनी रही और अनेक केन्द्रों पर उत्साहपूर्वक कतारों में खड़े होकर मतदाताओं ने मतदान किया। मतदान के दौरान मतदाताओं की बढ़ती भागीदारी का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जयपुर जिले में प्रातः 10 तक 29.47 प्रतिशत, दोपहर 1:00 बजे तक 58.29 प्रतिशत, अपराह्न 3 बजे तक 72.66 प्रतिशत तथा अन्तिम रूप से 87.06 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। जयपुर के सभी नगर निकायों में बड़ी संख्या में युवा पहली बार मतदान करने पहुंचे। पहली बार वोट डालने वाले युवाओं में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर विशेष उत्साह नजर आया। वहीं वरिष्ठ नागरिकों ने भी लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए मतदान केन्द्रों पर पहुंचकर मतदान किया। जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने मतदान केन्द्रों का दौरा किया नगरीय निकाय चुनाव के प्रथम चरण के मतदान के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए विभिन्न मतदान केन्द्रों का दौरा किया। उन्होंने मतदान केन्द्रों पर पहुंचकर मतदान प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था, मतदाताओं की सुविधा तथा निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। PC: dipr.rajasthan अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में मानसून अभी कमजोर पड़ा हुआ हैं, बारिश ना के बराबर हैं और दबाकर मई जून जैसी धूप पड़ रही है। लोग एक बार फिर से छाव ढूंढ़ते नजर आ रहे है। 10 सितंबर को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, राज्य के ज्यादातर भागों में अभी शुष्क पश्चिमी हवाओं का प्रभाव है। प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान श्रीगंगानगर में 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बदल सकता हैं मौसम मौसम विभाग की माने तो 11 सितंबर से पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। इसके बाद 12 से 15 सितंबर के बीच जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के कुछ और हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। 13-14 सितंबर को कोटा संभाग और आसपास के इलाकों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। 11 सितंबर से पूर्वी राजस्थान में बढ़ेगी बारिश आईएमडी के अनुसार 11 सितंबर से पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। 12 सितंबर से बारिश की गतिविधियां और बढ़ने की संभावना है। जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के कुछ और हिस्से इसके दायरे में आ सकते है। 13 और 14 सितंबर को कोटा संभाग तथा आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश होने के आसार हैं। pc- aapkarajasthan.com
पंजाब प्रभारी बनते ही सचिन पायलट वहां की राजनीति में एक्टिव हो गए हैं। यहां पायलट का मुकाबला राजस्थान बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और पंजाब प्रभारी सतीश पूनिया से होगा। यह पहला मौका है, जब दोनों पार्टियों ने पंजाब की जिम्मेदारी राजस्थान के नेताओं को सौंपी है। ऐसे में सवाल सिर्फ यह नहीं है कि पंजाब में पूनिया और पायलट अपनी-अपनी पार्टियों को कितना मजबूत कर पाएंगे। राजस्थान के इन दोनों नेताओं को ही पंजाब क्यों भेजा? नई जिम्मेदारी से राजस्थान की राजनीति में क्या-क्या बदलेगा? जानेंगे आज के राजस्थान एक्सप्लेनर में… सबसे पहले राजस्थान के जिन दो दिग्गजों के बीच पंजाब की राजनीति में टक्कर होनी है, उनका परिचय जान लेते हैं। सवाल-1: पंजाब में राजस्थान के नेताओं को ही क्यों भेजा गया? जवाब: मोटे तौर पर तीन कारण सबसे अहम दिखते हैं… पहला: सीमावर्ती कनेक्शन के साथ सामाजिक-राजनीतिक समझ राजस्थान के श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ और पंजाब के फाजिल्का-फिरोजपुर बेल्ट का रिश्ता सिर्फ नक्शे का नहीं है। यहां की राजनीति में खेती, सिंचाई, नहर, MSP, किसान असंतोष और ग्रामीण नेटवर्क जैसे कॉमन मुद्दे गहराई से असर डालते हैं। सतीश पूनिया जाट-किसान पृष्ठभूमि से आते हैं। लंबे समय से किसान, ग्रामीण और संगठन आधारित राजनीति का हिस्सा रहे हैं। सचिन पायलट भी गुर्जर-किसान सामाजिक आधार वाले नेता माने जाते हैं। उत्तर भारत के सियासी मुद्दों को करीब से समझते हैं। दूसरा: संगठन संभालने का अनुभव पूनिया राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष (सितंबर 2019 से मार्च 2023 तक) रहे हैं। हरियाणा में प्रभारी रहते हुए चुनाव जिताकर अपना संगठनात्मक कौशल साबित कर चुके हैं। उनकी पहचान ऐसे नेता की रही है, जो कैडर, ढांचे और चुनावी तैयारी पर काम करते हैं। पायलट के पास बतौर पार्टी प्रदेशाध्यक्ष 6 साल (2014 से 2020) से ज्यादा प्रदेश संगठन चलाने का अनुभव है। राजस्थान विधानसभा चुनाव-2018 में कांग्रेस की सत्ता में वापसी से पहले संगठन को सक्रिय करने, कार्यकर्ताओं को ऊर्जा देने में उनका अहम योगदान था। दोनों नेताओं के पास सिर्फ जनाधार ही नहीं, बल्कि कमजोर या बिखरे संगठन में फिर से जोश-ऊर्जा भरने का अच्छा-खासा अनुभव भी है। तीसरा: पार्टी की जरूरत के अनुसार दोनों नेता फिट भाजपा की चुनौती पंजाब में पार्टी विस्तार की है। अकाली दल से अलग होने के बाद उसे अपने दम पर 117 सीटों पर लड़ने लायक संगठन, स्थानीय चेहरे और सामाजिक पहुंच बनानी है। यहां पूनिया की उपयोगिता एक संगठन खड़ा करने वाले नेता की है। उनसे उम्मीद यह नहीं है कि वे अचानक करिश्माई लहर बना देंगे, बल्कि यह है कि वे बूथ से जिला लेवल तक पदाधिकारी और नए स्थानीय चेहरों को जोड़कर भाजपा को ‘अकेले लड़ने लायक’ ढांचे में बदलें। कांग्रेस की चुनौती अलग है। उसके पास पंजाब में भाजपा से ज्यादा राजनीतिक जमीन तो है, लेकिन फिलहाल अंदरूनी खींचतान ज्यादा है। वडिंग, चन्नी, रंधावा और बाजवा जैसे अलग-अलग शक्ति केंद्रों के बीच तालमेल बनाना सबसे मुश्किल काम है। यहां पायलट की उपयोगिता एक संवादकारी और संतुलन बनाने वाले नेता की है। राजस्थान की राजनीति में लंबे समय तक अलग-अलग शक्ति केंद्रों के बीच काम करने का अनुभव उन्हें पंजाब में उपयोगी बना सकता है। सवाल 2: सतीश पूनिया के सामने असली चुनौती क्या है और वे किस रणनीति से काम कर रहे हैं? जवाब: भाजपा ने ऐलान किया है कि वह 2027 में पंजाब की सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी। लंबे समय तक पंजाब में भाजपा की राजनीति शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन पर टिकी रही। 2020 में किसान कानूनों के मुद्दे पर यह गठबंधन टूट गया। इसके बाद भाजपा को पंजाब में अपना अलग आधार खड़ा करना पड़ा। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 73 सीटों पर चुनाव लड़ा, सिर्फ 2 सीटें जीतीं और उसका वोट शेयर 6.6% रहा। लोकसभा चुनाव-2024 में वोट प्रतिशत बढ़कर 18.6% हुआ, लेकिन एक भी सीट नहीं मिल पाई। यहीं से पूनिया की असली परीक्षा शुरू होती है। 117 सीटों पर उम्मीदवार उतारने से पहले वहां बूथ स्तर तक काम करने वाला संगठन खड़ा करना है। संगठन की ताकत और कमजोरी समझने के लिए पूनिया ने पंजाब पहुंचते ही पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों और जिला प्रभारियों के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं। गठबंधन के दौरान भाजपा का आधार मुख्य रूप से शहरी और हिंदू बहुल सीटों पर था, जबकि अकाली दल के पास ग्रामीण और सिख वोट का नेटवर्क था। 2022 में भाजपा का वोट शेयर 6.6% और अकाली दल का 18.38% था। इसका मतलब है कि भाजपा को अब उस ग्रामीण और सिख स्पेस में भी घुसना होगा, जहां वह पहले कमजोर रही है। इसी दिशा में 2 अगस्त 2026 को नई राज्य टीम बनाई गई। इसमें 12 उपाध्यक्षों में से कुछ नेता ऐसे शामिल किए गए, जो कांग्रेस, अकाली दल या अन्य पार्टियों से भाजपा में आए थे। यानी पूनिया का मिशन सिर्फ पुराने कैडर को सक्रिय करना नहीं, बल्कि नए स्थानीय चेहरों के जरिए नई सामाजिक-राजनीतिक जमीन भी तैयार करना है। सवाल 3: सचिन पायलट के लिए बड़ी परीक्षा क्या है? जवाब: पायलट के लिए सबसे बड़ी चुनौती कांग्रेस को अंदरूनी तौर से संभालने की है। पंजाब कांग्रेस में इस समय कई पावर सेंटर हैं। एक तरफ प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग हैं। दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में असंतुष्ट खेमा है, जो वडिंग को हटाने की मांग करता रहा है। इसके अलावा सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और विधायक परगट सिंह जैसे नेता भी सक्रिय हैं। जुलाई में चन्नी और रंधावा की बैठक के बाद इस खेमे ने हाईकमान तक यह संदेश पहुंचाया कि वडिंग के नेतृत्व में 2027 का चुनाव जीतना मुश्किल होगा। इसके बावजूद कांग्रेस ने जुलाई में वडिंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखा। साथ ही चन्नी को कैंपेन कमेटी का चेयरमैन, रंधावा को कोर कमेटी का चेयरमैन और प्रताप सिंह बाजवा को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाए रखा। यानी हाईकमान ने किसी एक नेता को पूरी कमान देने के बजाय अलग-अलग नेताओं में जिम्मेदारियां बांटकर संतुलन बनाने की कोशिश की। लेकिन यही मॉडल नई समस्या बन गया। संगठन वडिंग के पास, चुनावी अभियान चन्नी के पास और विधानसभा में नेतृत्व बाजवा के पास है। ऐसे में अलग-अलग पावर सेंटर के बीच तालमेल चुनौती बना हुआ है। जुलाई-अगस्त में चन्नी और वडिंग समर्थकों के बीच कई कार्यक्रमों में नारेबाजी और टकराव की खबरें भी सामने आईं। सवाल-4: पायलट को भूपेश बघेल की जगह क्यों भेजा गया? जवाब: क्योंकि कांग्रेस का पिछला मैनेजमेंट मॉडल पंजाब में काम नहीं कर पाया। भूपेश बघेल को पंजाब का प्रभारी बनाकर गुटों के बीच तालमेल बैठाने की कोशिश की गई थी। लेकिन चन्नी-रंधावा खेमे ने उन पर वडिंग के पक्ष में झुकाव का आरोप लगाया। कुछ कार्यक्रमों में बघेल के खिलाफ पोस्टर और नारे भी लगे। इसके बाद 5 सितंबर को कांग्रेस ने बघेल को पंजाब से हटाकर असम भेज दिया और उनकी जगह पायलट को नया प्रभारी बना दिया। नियुक्ति के अगले ही दिन चन्नी, रंधावा और वडिंग तीनों ने पायलट का सार्वजनिक तौर पर स्वागत किया और सहयोग का भरोसा दिया। लेकिन इससे विवाद खत्म मान लेना जल्दबाजी होगी। उन्हें किसी एक गुट का नहीं, बल्कि ऐसा मध्यस्थ बनना है, जिस पर सभी पक्ष भरोसा कर सकें। सवाल 5: दोनों की परीक्षा में सबसे बड़ा फर्क क्या है? जवाब: पूनिया के सामने सवाल है- भाजपा की जमीन कितनी बढ़ेगी? पायलट के सामने सवाल है- कांग्रेस की जमीन कितनी बचाई और जोड़ी जा सकेगी? भाजपा 2022 में सिर्फ 2 सीटें जीत सकी थी। 2024 लोकसभा में वोट बढ़े, लेकिन सीट नहीं मिली। इसलिए पूनिया के लिए सफलता का पैमाना संगठन विस्तार और वोट को सीट में बदलना होगा। पंजाब विधानसभा चुनाव-2022 में कांग्रेस 18 सीटों पर सिमट गई थी, लेकिन 2024 लोकसभा चुनाव में 13 में 7 सीटें जीतकर वापसी के संकेत दे चुकी है। पायलट के लिए सबसे बड़ी चुनौती इस बढ़त को विधानसभा चुनाव में जीत में बदलना और उससे पहले अंदरूनी लड़ाई को रोकना है। सवाल 6: पंजाब के नतीजों का दोनों नेताओं की सियासी पारी पर क्या असर होगा? जवाब: अगर सचिन पायलट पंजाब में कांग्रेस के धड़ों को साथ रखकर बेहतर प्रदर्शन कराते हैं, तो इससे उनका राष्ट्रीय संगठनात्मक कद बढ़ेगा। अगर पूनिया भाजपा को अकाली दल के साए से बाहर निकालकर पंजाब में सीट और वोट शेयर दोनों स्तर पर विस्तार दिला पाते हैं, तो यह बढ़त उनकी संगठनात्मक क्षमता के खाते में जाएगी। यानी पंजाब के नतीजों का असर सिर्फ चंडीगढ़ तक सीमित नहीं रहेगा। जयपुर में भी यह देखा जाएगा कि राजस्थान के इन दोनों नेताओं ने दूसरे राज्य में मिली बड़ी राजनीतिक परीक्षा को कैसे संभाला।
Bhiwani News: राजस्थान निकाय चुनाव के लिए बढ़ाई चौकसी
राजस्थान निकाय चुनाव के लिए बढ़ाई चौकसी
बर्रा निवासी युवती को राजस्थान के खाटू श्याम मंदिर में दर्शन के बहाने ले जाकर वहां के व्यक्ति को उसे तीन लाख रुपये में बेचने के मामले में फरार उसकी सहेली रिया कश्यप को चार माह बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
Rajasthan: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निशाने पर मोदी सरकार, जाने क्या हैं पूरा मामला
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जनधन योजना को लेकर केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इस संबंध में सोशल मीडिया पर कहा कि जनधन योजना का हर चौथा खाता निष्क्रिय हैं, 5.72 करोड़ खातों में एक रुपया तक नहीं। यह है मोदी सरकार के गरीब कल्याण के दावों की असली तस्वीर। यह स्पष्ट संकेत है कि मोदी सरकार की गलत नीतियों से देश में गरीबी बढ़ती जा रही है। अशोक गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी लगातार आवाज उठा रहे हैं कि देश में अमीर और गरीब की खाई बढ़ती जा रही है। मनरेगा जैसी गरीब कल्याण की योजना को बन्द करने के दुष्परिणाम अभी आएंगे तब स्थिति बद से बदतर हो जाएगी। यह बढ़ती असमानता चिंता का विषय है। मीडिया रिपोटर्स की माने माने अशोक गहलोत ने लंपी वायरस को लेकर प्रदेश सरकार को भी निशाने पर लिया है। उन्होंने एक्स के माध्यम से कहा कि चार साल बाद राजस्थान में लंपी वायरस ने फिर दस्तक दे दी है, भरतपुर, डीग, धौलपुर, करौली सहित कई जिलों में 10 हजार से ज्यादा गोवंश संक्रमित हो चुके हैं और 6 गायों की मौत हो चुकी है। pc- aaj tak
हिसार पुलिस ने 5 हजार रुपए के इनामी बदमाश कपिल निवासी बालसमंद को गिरफ्तार किया है। आरोपी चार मामलों में भगोड़ा अपराधी (PO) घोषित था। उसके खिलाफ हिसार जिले में हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और एससी/एसटी एक्ट समेत 13 मामले दर्ज हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि कपिल हिसार के अलावा राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के भिरानी थाना क्षेत्र में भी तीन मामलों में वांछित था। इन मामलों में हत्या के प्रयास, हथियार रखने और अन्य गंभीर धाराओं से जुड़े आरोप शामिल हैं। कपिल की गिरफ्तारी पर हिसार पुलिस ने 5 हजार रुपए का इनाम रखा था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी कपिल के खिलाफ सदर हिसार, सिविल लाइन, आदमपुर और आजाद नगर थानों में कई केस दर्ज हैं। इनमें 2015 का हत्या का मामला, साथ ही 2019 और 2020 के हत्या व हत्या के प्रयास के मामले शामिल हैं। कुछ मामलों में उसे PO घोषित किया गया था, जबकि कुछ मामले अभी कोर्ट में चल रहे हैं। आरोपी से पूछताछ कर रही पुलिस राजस्थान के भिरानी थाने में भी आरोपी के खिलाफ साल 2026 में तीन मामले दर्ज हुए हैं। इन पर आर्म्स एक्ट और बीएनएस की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस उसके आपराधिक नेटवर्क और अन्य वारदातों में उसकी संभावित भूमिका के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रही है। हिसार के पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने बताया कि फरार, इनामी और उद्घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि कानून से बचकर भाग रहे आरोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
पंचकूला के कमांड अस्पताल (पश्चिमी कमान) चंडी मंदिर में एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक मामला सामने आया है। वीर राजपूत रेजिमेंट के एक सेवारत सैनिक की 30 वर्षीय पत्नी संजू गुर्जर को ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद, उनके परिवार ने निजी दुःख को भुलाकर 6 लोगों को नया जीवन देने का अनुकरणीय निर्णय लिया। राजस्थान के भीलवाड़ा की रहने वाली यह वीरांगना अपने पीछे 3 साल और 1 साल के दो मासूम बच्चों को छोड़ गई हैं। रात 9 बजे हुआ फैसला, रातभर चला महा-समन्वय कल रात लगभग 9 बजे सभी कानूनी व मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत महिला को 'ब्रेन डेड' घोषित किया गया। गहरे सदमे के बावजूद, उनके सैनिक पति और पैरा स्पेशल फोर्स से सेवानिवृत्त ससुर ने उनके अंग दान करने का फैसला लिया। सहमति मिलते ही कमांड अस्पताल, SOTTO, ROTTO (PGIMER चंडीगढ़) और NOTTO (नई दिल्ली) की टीमें सक्रिय हो गईं। पारदर्शी और वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत अंगों का आवंटन किया गया। बच्चों को गर्व होगा, मां 6 लोगों में जीवित- कमांडेंट हरकीरत कमांड अस्पताल के कमांडेंट हरकीरत सिंह ने कहा कि यह भारतीय सशस्त्र बल परिवार का असली चेहरा है। अपने सबसे कठिन समय में एक युवा राजपूत सैनिक ने छह अन्य परिवारों के बारे में सोचा। पैरा स्पेशल फोर्स के योद्धा की बेटी और सैनिक की पत्नी ने मृत्यु में भी वही शौर्य दिखाया है, जो उनके परिवार ने जीवन में दिखाया। उनके दोनों छोटे बच्चे बड़े होकर जानेंगे कि उनकी मां अमर हैं और 6 अन्य लोगों में जीवित हैं।
Rajasthan Local Body Elections: 131
जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण का मतदान आज शुरू हो रहा है। आज पदेश के 39 जिलों की 131 नगरपालिका, 27 नगर परिषद व चार नगर निगमों के लिए मतदाता आपने मताधिकार का उपयोग कर रहे हैं। आज सुबह 7 से मतदान शुरू हो गया है, जो शाम 6 बजे तक चलेगा। मतदान को देखते हुए पोलिंग बूथों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 5393 वार्डों के 6930 मतदान परिसर स्थित 7067 बूथों पर 57 लाख 52 हजार से अधिक वोटर मतदान करेंगे। आज भीलवाड़ा, बीकानेर, भरतपुर व अलवर नगर निगम के कुल 279 वार्डों के लिए मतदान हो रहा है। पहले चरण में शामिल 32 वार्डों में निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है। खबरों के अनुसार, भरतपुर के मुरवाड़ा मतदान केंद्र पर ईवीएम खराब होने से मतदान प्रक्रिया प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। मतदान केन्द्रों पर सुबह से लाइन में लगनी शुरू हो चुकी है। भजनलाल ने लोगों से की मतदान करने की अपील मुख्यमंत्री भजनलाल ने लोगों से मतदान करने की अपील की है। उन्होंने इस संबंध में एक्स के माध्यम से कहा कि प्रिय प्रदेशवासियो, आज नगर निकाय चुनाव-2026 के प्रथम चरण का मतदान है। आप सभी से विनम्र अपील है कि लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपने मताधिकार का अवश्य प्रयोग करें। आपका एक-एक मत आपके नगर के विकास, बेहतर सुविधाओं और सुशासन की दिशा तय करेगा। विशेष रूप से पहली बार मतदान करने वाले युवा साथी उत्साहपूर्वक लोकतंत्र के इस पावन पर्व में भाग लें और अपने परिवारजनों एवं परिचितों को भी मतदान के लिए प्रेरित करें। PC: aajtak अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
Weather Update: राजस्थान में बारिश का दौर थमा, 12 सितंबर से फिर बदलेगा मौसम, सताने लगी उमस
इंटरेनट डेस्क। राजस्थान में अभी मानसूनी बारिश पर ब्रेक लगा हुआ हैं, ऐसे में लोगों को फिर से उमस परेशान करने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से लगे उत्तरी आंध्रप्रदेश और दक्षिणी उड़ीसा तट के आसपास 11 सितंबर को एक और नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की प्रबल संभावना है। इस नए सिस्टम का असर भारत के मैदानी राज्यों के साथ राजस्थान में भी देखने को मिलेगा। शुरू होगा बारिश का दौर जयपुर के पूर्वानुमान के अनुसार 12 सितंबर से पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों में हल्की से मध्यम बारिश का एक नया दौर शुरू होने की संभावना है। पिछले कुछ दिनों से राज्य के अधिकांश हिस्सों में मानसून परिस्थितियां काफी कमजोर दर्ज की गई थीं जिससे तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभाग में 10 और 11 सितंबर को मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। हो सकती हैं बारिश मौसम विभाग की माने तो जयपुर और आसपास के जिलों जैसे दौसा और करौली में मौसम विभाग ने 11 और 12 सितंबर के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। राजधानी जयपुर में आगामी 24 घंटों के दौरान मौसम में आंशिक बदलाव देखने को मिल सकता है। 12 सितंबर से शहर में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है। pc- etv bharat
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान नगर निकाय चुनाव 2026 का पहला चरण आज हैं, 9 सितंबर को प्रदेश में सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार पहले चरण में 39 जिलों के 162 नगरीय निकाय शामिल हैं। इनमें 4 नगर निगम बीकानेर अलवर भरतपुर और भीलवाड़ा हैं, साथ में 24 नगर परिषद और 134 नगर पालिकाएं हैं। जाने कितने हैं कुल वार्ड बता दें कि कुल 5,425 वार्डों के लिए मतदान हो रहा है। कुछ वार्ड पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं। भाजपा को उनमें बढ़त मिली है। पहले चरण के प्रमुख निकाय- नगर निगम- बीकानेर, अलवर, भरतपुर, भीलवाड़ा नगर परिषदः नागौर, कोटपूतली, ब्यावर, चूरू, सुजानगढ़, धौलपुर, सवाई माधोपुर, जालोर, बारां, बूंदी, झालावाड़, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डीडवाना, कुचामन सिटी, करौली, भिवाड़ी, जैसलमेर, बाड़मेर, खैरथल-तिजारा नगर पालिकाएंः पीसांगन, नसीराबाद, केकड़ी, सरवाड़, टाटोटी, सावर, जायल, मूंडावा, बासनी, कुचेरा, निवाई, पीपलू, देवली, उनियारा, दूनी, विजयनगर, मसूदा, बीगोद, पावटा-प्रागपुरा, विराटनगर, नारायणपुर, बानसूर, सूरतगढ़, श्रीविजयनगर, रायसिंहनगर, अनूपगढ़, घड़साना, नोहर, भादरा, संगरिया, टिब्बी, रावतसर, राजगढ़, रतननगर, छापर, भुसावर, रूपवास, राजाखेड़ा, मनियां, सैपऊ, बौंली, खंडार, बगरू, चाकसू, जोबनेर, किशनगढ़-रेनवाल, फुलेरा, सांभर, बस्सी, दूदू, जमवारामगढ़, कालाडेरा, कानोता, खेजरोली, मनोहरपुर, नारायणा, फागी, वाटिका और अन्य। जयपुर जिले में पहले चरण में 18 निकाय हैं, शाहपुरा और चौमू नगर परिषद भी पहले चरण में हैं। pc- india tv hindi
बिहार में बाढ़ से 9 से ज्यादा नदियां उफान पर हैं। इससे 13 जिलों में लगभग 34 लाख आबादी प्रभावित है। इसके बीच मौसम विभाग ने बिहार में 8 से 10 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यूपी में मानसून सीजन की बारिश का कोटा फुल हो चुका है। पिछले 24 घंटे में 55 जिलों में औसत बारिश 4.4 रिकॉर्ड की गई। बुधवार को वाराणसी-प्रयागराज समेत 23 जिलों में बारिश की संभावना है। राजस्थान में केवल चार जिलों में ही सामान्य से ज्यादा बरसात रिकॉर्ड हुई है। प्रदेश में इस मानसून सीजन में 24 फीसदी कम बारिश हुई है। हालांकि, 12 सितंबर से फिर बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग मुताबिक, मध्यप्रदेश में 11 सितंबर तक रीवा और शहडोल संभाग में तेज बारिश के आसार हैं। बाकी जिलों में हल्की बारिश होगी। 12 सितंबर के बाद नया सिस्टम एक्टिव होने पर पूरा प्रदेश फिर से भीग सकता है। सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति देशभर से मौसम की तस्वीरें
Agra News: पशुपतिनाथ के दर्शन को साइकिल से निकला राजस्थान का जत्था
पशुपतिनाथ के दर्शन को साइकिल से निकला राजस्थान का जत्था
Ghaziabad News: विधायक को घुटने तोड़ने की धमकी देने वाला इनामी राजस्थान से गिरफ्तार
लोनी। लोनी में हिंदू रक्षा दल के दो कार्यकर्ताओं से मारपीट और लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर को धमकी देने के आरोपी हाजी सलमान को मंगलवार तड़के राजस्थान के चित्तौड़ गढ़ गिरफ्तार किया है।
संभल में राजस्थान के बागड़ दर्शन कर लौट रहे संभल और मुरादाबाद के श्रद्धालुओं से भरी पिकअप हरियाणा के रोहतक जिले में हादसे का शिकार हो गई। मंगलवार शाम करीब 4 बजे पिकअप को कैंटर ने टक्कर मार दी। हादसे में 3 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। शुरुआती इलाज के बाद 6 गंभीर घायलों को मुरादाबाद रेफर किया गया है। मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम होने के बाद गुरुवार को संभल लाया जाएगा। संभल के दो और मुरादाबाद की एक महिला की मौत मृतकों की पहचान संभल के बनियाठेर थाना क्षेत्र के गुमथल गांव निवासी रुसी (65) पत्नी केदासी और धनारी थाना क्षेत्र के मानकपुर गांव निवासी ललतेश (32) के रूप में हुई है। तीसरी मृतक मुरादाबाद जिले के मैनाठेर थाना क्षेत्र के शहजाद खेड़ा गांव निवासी सुमन (20) पत्नी हरज्ञान हैं। सुमन के पति हरज्ञान भी हादसे में घायल हुए हैं। ललतेश के परिवार के कई लोग घायल हादसे में मृतक ललतेश की पत्नी सीमा (15), 2 साल की बेटी मीनाक्षी और 2 महीने की बेटी साक्षी भी गंभीर रूप से घायल हैं। परिवार के अन्य लोगों के साथ उन्हें भी इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। 3 सितंबर की रात दर्शन के लिए निकले थे जानकारी के अनुसार, सभी श्रद्धालु 3 सितंबर की रात राजस्थान के बागड़ दर्शन के लिए गए थे। दर्शन के बाद पिकअप से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान रोहतक जिले में पिकअप को पीछे से कैंटर ने टक्कर मार दी। टक्कर के बाद पिकअप में सवार श्रद्धालु घायल हो गए। संभल के इन श्रद्धालुओं को आई चोट बनियाठेर थाना क्षेत्र के गुमथल गांव निवासी ठाकुरदास (35) पुत्र केदारी, प्रेम सिंह (55) पुत्र झंडू, प्रीति (16) पुत्री राजेश, तारावती (30) पत्नी राजेश, धीरेंद्र (30) पुत्र प्रकाश और रीना (28) पत्नी धीरेंद्र भी घायल हुए हैं। इन्हें शुरुआती इलाज के बाद मुरादाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बहजोई और चंदौसी क्षेत्र के लोग भी घायल बहजोई थाना क्षेत्र के मझोला गांव निवासी संतोष और उनकी पत्नी कांति भी हादसे में घायल हुए हैं। वहीं चंदौसी तहसील के गुमथल गांव निवासी प्रेमी (24) पुत्र ठाकुर, पुरुषोत्तम (35) पुत्र ठाकुरदास, उनकी पत्नी कुशमा (32), लज्जावती (38) पत्नी मुन्नालाल और उनका बेटा अजय (18) भी घायल हैं। बदायूं के श्रद्धालु भी हादसे की चपेट में बदायूं जिले के इस्लामनगर थाना क्षेत्र के चंदौई नगला गांव निवासी रानी (15) पुत्री मुन्नालाल समेत करीब एक दर्जन अन्य लोग भी घायल हुए हैं। सभी घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए मुरादाबाद रेफर किया गया है।
महू-नीमच हाईवे पर पुलिस ने चिप्स-कुरकुरे की आड़ में हो रही नशीले पदार्थों की तस्करी पकड़ी है। चेकिंग के दौरान पुलिस ने 'बालाजी वेफर्स' लिखे एक संदिग्ध टेंपो को रोका। तलाशी लेने पर कुरकुरे के पैकेटों के नीचे छिपाकर रखा 39 किलो डोडाचूरा मिला। पुलिस ने राजस्थान के एक आरोपी को गिरफ्तार कर टेंपो जब्त कर लिया है। जीरन थाना प्रभारी उमेश यादव ने बताया कि नशीले पदार्थों के खिलाफ पूरे प्रदेश में अभियान चल रहा है। इसी के तहत रविवार को सहायक उपनिरीक्षक के.एल. परिहार और उनकी टीम महू-नीमच हाईवे पर वाहनों की जांच कर रही थी। तभी राजस्थान नंबर का एक टाटा टेंपो (RJ 06 GD 6772) वहां से गुजरा। उस पर 'बालाजी वेफर्स' लिखा था। टेंपो पर शक होने पर पुलिस टीम ने उसे रोक लिया। उसके पीछे के बंद हिस्से की तलाशी ली गई। ऊपर कुरकुरे और वेफर्स के पैकेट भरे हुए थे। पुलिस ने उन्हें हटाया तो नीचे प्लास्टिक के 3 सफेद कट्टे मिले। कट्टों को खोलने पर उनमें कुल 39 किलो डोडाचूरा भरा मिला। पुलिस ने मौके से ही टेंपो चालक किशन पिता पृथ्वीराज साल्वी (25) को गिरफ्तार कर लिया। वह चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार थाना क्षेत्र के काठी गांव का रहने वाला है। जब्त डोडाचूरा की कीमत करीब 1.95 लाख रुपये है। टेंपो की कीमत 5 लाख रुपये बताई गई है। जीरन पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है कि यह डोडाचूरा कहां से लाया गया था और इसे कहां पहुंचाना था।
राजस्थान हाईकोर्ट में जजों के बीच आरोपों का मामला फिर चर्चा में है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता ने CJI को चौथा पत्र भेजकर जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा पर आंतरिक न्यायिक जांच में हस्तक्षेप का आरोप लगाया है।
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में मानसून एक बार फिर से सुस्त पड़ गया हैं, बता दें कि अब कुछ दिनों बाद मानसून की विदाई शुरू हो जाएगी। हालांकि एक बार अभी फिर से राजस्थान में मानसून के सक्रिय होने के आसार नजर आ रहे है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर और आईएमडी के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 8 सितंबर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। अगले करीब एक सप्ताह तक व्यापक बारिश का दौर थमने के आसार हैं। हालांकि पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर और कोटा संभागों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कमजोर रहेगा मानसून आईएमडी के अनुसार 8 से 10 सितंबर के बीच राजस्थान में मानसून की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती हैं। इस दौरान प्रदेश में व्यापक बारिश की संभावना कम है। पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में स्थानीय परिस्थितियों के कारण हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है। जबकि पश्चिमी राजस्थान में ज्यादातर जगह मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है। 8 सितंबर को जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग में कहीं-कहीं बारिश के आसार हैं। पूर्वी राजस्थान में 8 सितंबर को मौसम पूरी तरह शुष्क नहीं रहेगा। भरतपुर, करौली, सवाई माधोपुर और आसपास के इलाकों में कहीं-कहीं बादल छाने के साथ बारिश हो सकती है। 12-13 सितंबर से फिर बारिश के संकेत मौसम विभाग की माने तो 12 और 13 सितंबर से पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ सकती हैं। इस दौरान पूरबाई हवाओं के कारण वातावरण में नमी बढ़ने की संभावना है, इसके चलते पूर्वी, दक्षिण-पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में कई स्थानों पर खंड-खंड बारिश हो सकती है। pc- aaj tak
गुना कुंभराज थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने दो और सह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सोमवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सोनू अहिरवार और उसकी पत्नी वर्षा को पकड़ा। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस मामले में मुख्य आरोपी अभिषेक अहिरवार समेत उसके भाई, माता-पिता और एक अन्य सहयोगी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब तक कुल 7 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। 5 मई को घर से लापता हुई थी नाबालिग 5 मई को कुंभराज थाना क्षेत्र से 15 वर्षीय बालिका लापता हो गई थी। उसकी मां ने उसी दिन थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने अपराध क्रमांक 67/26 के तहत धारा 137(2) बीएनएस में मामला दर्ज कर बालिका की तलाश शुरू की। राजस्थान के फलौदी से सुरक्षित बरामद किया पुलिस ने 28 जुलाई को राजस्थान के फलौदी से बालिका को सुरक्षित बरामद किया। इसके बाद उसे परिजनों के सुपुर्द किया गया। पुलिस ने बालिका के बयान दर्ज किए। इसमें उसने पुलिस को बताया कि ग्राम पीपल्या सिंगनपुर निवासी अभिषेक अहिरवार उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था और उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। बालिका ने यह भी बताया कि इस कृत्य में आरोपी के परिजनों और अन्य लोगों ने सहयोग किया था। उसके बयान और जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामले में दुष्कर्म समेत अन्य धाराएं और पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाईं। मुख्य आरोपी समेत 5 पहले हो चुके गिरफ्तार मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अभिषेक अहिरवार के साथ उसके भाई रिंकू अहिरवार, पिता रामचरण अहिरवार, मां गुड्डी बाई अहिरवार और बुआ के लड़के छीतरलाल अहिरवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुखबिर की सूचना पर दो और पकड़े फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। सोमवार को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर सोनू पुत्र रामचरण अहिरवार उम्र 32 वर्ष और उसकी पत्नी वर्षा पत्नी सोनू अहिरवार उम्र 25 वर्ष को गिरफ्तार किया गया। दोनों ग्राम पीपल्या सिंगनपुर के रहने वाले हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। दो फरार आरोपियों की तलाश जारी पुलिस के अनुसार मामले में अब तक मुख्य आरोपी सहित कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। मामले में शामिल दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तलाश और दबिश की कार्रवाई लगातार जारी है। कार्रवाई में SI होतम सिंह बघेल, ASI रेखा नामदेव, आरक्षक दिलीप धाकड़ और दिलीप साहू की विशेष भूमिका रही।
मुजफ्फरपुर में शराब तस्करों ने पुलिस और उत्पाद विभाग की जांच से बचने के लिए कंटेनर को इस तरह तैयार किया था कि बाहर से देखने पर उसमें किसी दूसरे सामान की ढुलाई होती नजर आए। कंटेनर को चारों तरफ से लॉक कर रखा गया था और पूछताछ में उसमें जूते होने की बात बताई गई। लेकिन मुजफ्फरपुर उत्पाद विभाग की टीम ने जब संदेह के आधार पर कंटेनर की तलाशी ली तो अंदर का नजारा देखकर टीम भी हैरान रह गई। जूते की जगह कंटेनर में पंजाब निर्मित शराब की बड़ी खेप छिपाकर रखी गई थी। उत्पाद विभाग की टीम ने मुजफ्फरपुर-दरभंगा एनएच-57 पर मैठी टोल प्लाजा के पास कार्रवाई करते हुए कंटेनर को जब्त किया है। तलाशी में पंजाब निर्मित शराब के 375 कार्टन बरामद हुए हैं। जब्त शराब की कीमत करीब 40 से 50 लाख रुपए आंकी जा रही है। मौके से कंटेनर चालक और उपचालक को गिरफ्तार किया गया है। दोनों हरियाणा के रहने वाले हैं। टोल से 100 मीटर पहले खड़ा था कंटेनर उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि पंजाब से शराब की बड़ी खेप लेकर एक कंटेनर मुजफ्फरपुर की ओर पहुंचा है। सूचना में बताया गया था कि खेप उत्तर प्रदेश, बलिया, सीवान और छपरा के रास्ते मैठी टोल प्लाजा के पास पहुंची है। इसके बाद उत्पाद विभाग की टीम ने एएसआई रंजन कुमार सिंह और अजीत कुमार समेत अन्य कर्मियों के साथ घेराबंदी की। टीम को कंटेनर टोल प्लाजा से करीब 100 मीटर पहले खड़ा मिला। उत्पाद विभाग के अधिकारी काफी देर तक चालक की गतिविधियों पर नजर रखते रहे। बताया गया कि चालक मोबाइल पर किसी से बातचीत कर रहा था। काफी देर तक कोई व्यक्ति वहां नहीं पहुंचा तो टीम ने कार्रवाई करते हुए चालक और उपचालक को हिरासत में ले लिया। खाली कैरेट और गद्दे के नीचे छिपाई शराब कंटेनर की तलाशी शुरू हुई तो आरोपितों ने उसमें जूते होने की बात कही। लेकिन जांच के दौरान जूते का एक भी कार्टन नहीं मिला। इसके बजाय खाली कैरेट की आड़ में शराब के कार्टन छिपाए गए थे। शराब के कार्टन को खाली कैरेट के नीचे बिछाए गए गद्दे पर रखा गया था। जांच टीम के अनुसार, गद्दा बिछाने का उद्देश्य शराब के कार्टन से आवाज को दबाना था, ताकि कंटेनर की तलाशी के दौरान आसानी से शक न हो। हैंड स्कैनर से बचने के लिए कंटेनर में बदलाव जांच में कंटेनर को लेकर एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। कंटेनर पर राजस्थान का नंबर लगा हुआ था। इसके पिछले हिस्से के दोनों किनारों पर लोहे की मोटी और लंबी चादर लगाई गई थी। उत्पाद विभाग को आशंका है कि कंटेनर में यह बदलाव बॉर्डर पर इस्तेमाल होने वाले हैंड स्कैनर से शराब की खेप को छिपाने के लिए किया गया था। हालांकि, इस पूरे तरीके और कंटेनर में किए गए बदलाव के पीछे किसकी भूमिका थी, इसकी जांच की जा रही है। पंजाब से मुजफ्फरपुर पहुंची थी खेप गिरफ्तार आरोपितों की पहचान हरियाणा निवासी कंटेनर चालक कुलदीप और उपचालक रामचरण के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों के पंजाब से शराब की खेप लेकर मुजफ्फरपुर पहुंचने की जानकारी सामने आई है। उत्पाद विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि शराब की खेप पंजाब में कहां से लोड हुई थी और मुजफ्फरपुर में इसे किसे सौंपना था। रात में होनी थी शराब की सप्लाई उत्पाद निरीक्षक सह थाना प्रभारी प्रकाश कुमार राम ने बताया कि पूछताछ में यह बात सामने आई है कि शराब की खेप की स्थानीय स्तर पर रात में आपूर्ति की जानी थी। चालक को पूरे दिन कंटेनर को मैठी के पास खड़ा रखने के लिए कहा गया था। इसी वजह से चालक वहां किसी व्यक्ति के पहुंचने का इंतजार कर रहा था। उन्होंने बताया कि मामले में स्थानीय शराब धंधेबाजों के नाम भी सामने आए हैं। उनकी भूमिका और पहचान का सत्यापन किया जा रहा है। शराब की खेप के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।
जूनियर फुटबॉल; राजस्थान मैच हारा, उम्मीद जीती
अंतिम सीटी बजी तो राजस्थान के खिलाड़ियों के चेहरे पर मायूसी थी। स्कोर 1-3 था और फाइनल का सपना टूट चुका था, लेकिन इस हार के बीच राजस्थान फुटबॉल के लिए उम्मीद की एक नई कहानी लिखी जा चुकी थी। लंबे समय बाद टीम ने जूनियर बॉयज फुटबॉल चैंपियनशिप में सेमीफाइनल तक पहुंचकर अपनी क्षमता साबित की। अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ राजस्थान ने शुरुआत से ही कड़ी चुनौती का सामना किया। 16वें और 26वें मिनट में गोल खाने के बाद टीम 0-2 से पीछे थी। इसके बावजूद खिलाड़ियों ने हिम्मत नहीं छोड़ी। 45वें मिनट में हर्षवर्धन ने गोल कर स्कोर 2-1 किया और राजस्थान की उम्मीदें फिर जिंदा हो गईं। दूसरे हाफ में बराबरी के लिए खिलाड़ियों ने पूरी ताकत झोंक दी। कई अच्छे हमले हुए, लेकिन गोल नहीं मिल सका। अरुणाचल ने तीसरा गोल कर मुकाबला अपने पक्ष में कर लिया। ट्रॉफी नहीं मिली, लेकिन कोच देवेंद्र सिंह भाटी के मार्गदर्शन में राजस्थान के युवा खिलाड़ियों ने जुझारूपन और आत्मविश्वास की नई पहचान बनाई। यह हार अंत नहीं, बेहतर भविष्य की शुरुआत है।
शादी के नाम पर राजस्थान के परिवार से धनबाद में ठगी, सिंदूरदान के बाद मारपीट कर मोबाइल-सामान छीना
राजस्थान से धनबाद शादी करने आए एक परिवार को ठगी और मारपीट का शिकार होना पड़ा। लड़की पक्ष ने शादी का झांसा देकर रुपये ऐंठे, सिंदूरदान कराया और फिर लूटपाट कर फरार हो गए।
Gorakhpur News: राजस्थान के एक्सपर्ट जांचेंगे निर्माण कार्य की गुणवत्ता
Experts from Rajasthan will inspect the quality of the construction work.

