ऑनलाइन बुक कर सकेंगे पौधे, नर्सरी आने का झंझट खत्म:हरियालो राजस्थान में वन-विभाग 20 लाख पौध लगाएगा
मानसून की शुरुआत के साथ ही चित्तौड़गढ़ में हरियालो राजस्थान अभियान में 32 लाख 50 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए प्रशासन ने सभी विभागों को जिम्मेदारी सौंप दी है और वन विभाग की नर्सरियों से पौधों का वितरण भी शुरू हो गया है। जिले में सरकारी विभागों के साथ ग्राम पंचायतें, स्कूल, उद्योग, स्वयंसेवी संस्थाएं और आम लोग भी इस अभियान से जुड़ेंगे। इस बार पौधरोपण में फलदार, छायादार, कांटेदार और स्थानीय जलवायु के अनुसार तैयार किए गए पौधों को प्राथमिकता दी जाएगी। डीएफओ राहुल झाझड़िया ने बताया- पौधे लेने के लिए संस्थाएं ऑनलाइन अप्लाई कर सकती हैं। इससे बार-बार नर्सरी जाने की जरूरत नहीं होगी। हरियालो राजस्थान के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में बैठक कर सभी विभागों को उनके लक्ष्य दे दिए गए हैं। 20 नर्सरियों में तैयार हैं लाखों पौधे डीएफओ राहुल झाझड़िया ने बताया कि जिले में वन विभाग की 20 नर्सरियां संचालित हैं। इनमें पिछले साल बचे पौधों और इस साल तैयार किए गए नए पौधों को मिलाकर करीब 13 लाख 70 हजार पौधे अभी वितरण के लिए उपलब्ध हैं। इसके अलावा वन विभाग ने अपने स्तर पर 6 लाख 27 हजार 700 पौधे और तैयार किए हैं। वहीं ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने लगभग हर ग्राम पंचायत में 5-5 हजार पौधे तैयार किए हैं। जिन जगहों पर स्थानीय स्तर पर पौधे कम होंगे, वहां आसपास के जिलों से भी पौधों की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में पौधों की कमी नहीं आने दी जाएगी और जरूरत पड़ने पर अन्य नर्सरियों से भी पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। 5 से 75 रुपये तक मिलेंगे पौधे जिले में एक जून से 3 जुलाई तक 169.67 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है। बारिश शुरू होने के साथ ही वन विभाग की नर्सरियों से पौधों का वितरण भी तेज हो गया है। सरकारी नर्सरियों से कांटेदार पौधे 5 रुपए प्रति पौधा मिल रहे हैं, जबकि छायादार और फलदार पौधों की कीमत उनके आकार और उम्र के अनुसार 6 रुपये से 75 रुपए तक रखी गई है। नर्सरियों में करीब 2 फीट से लेकर 10 फीट तक ऊंचाई वाले पौधे उपलब्ध हैं। चित्तौड़गढ़ मुख्यालय की नर्सरी सहित जिले की सभी नर्सरियों में लोग पौधे खरीदने पहुंच रहे हैं। डीएफओ राहुल झाझरिया ने कहा कि पौधरोपण तभी सफल माना जाएगा जब लोग पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल भी करें। इसी से हरियालो राजस्थान अभियान का उद्देश्य पूरा होगा और आने वाले सालों में जिले की हरियाली भी बढ़ेगी।
हरियाणा के नारनौल और आसपास के क्षेत्रों में दो दिनों के दौरान दो युवतियों और दो महिलाओं के लापता होने के चार अलग-अलग मामले सामने आए हैं। सभी मामलों में परिजनों ने काफी तलाश के बाद संबंधित थानों में शिकायत दी, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर इनकी तलाश शुरू कर दी। पहला मामला थाना निजामपुर क्षेत्र का है, जहां गांव छीलरो से 19 वर्षीय युवती सुबह घर से बिना बताए चली गई। परिजनों ने अपने स्तर पर तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगने पर पुलिस को शिकायत दी। शिकायत में एक युवक पर संदेह भी जताया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शहर से भी लड़की गायब दूसरा मामला थाना शहर नारनौल क्षेत्र का है, जहां मोहल्ला बड़ा बाग से 18 वर्षीय युवती रात के समय घर से लापता हो गई। परिजनों ने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां तलाश करने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। मानसिक परेशान महिला लापता तीसरा मामला शहर के दयानगर क्षेत्र का है। यहां 57 वर्षीय महिला दोपहर के समय घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटी। परिजनों के अनुसार महिला का मानसिक संतुलन पूरी तरह ठीक नहीं है। काफी तलाश के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस में शिकायत दी गई। राजस्थान की रहने वाली महिला गई चौथा मामला शास्त्री नगर क्षेत्र का है, जहां 22 वर्षीय विवाहिता रात के समय घर से बिना बताए चली गई। परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उक्त महिला यहां रिश्तेदारी में रहती थी, जो मूल रूप से राजस्थान के नीम का थाना की निवासी है। मामला दर्ज, तलाश शुरू चारों मामलों में संबंधित थाना पुलिस ने मुकदमे दर्ज कर लापता महिलाओं और युवतियों की तलाश के लिए विभिन्न स्थानों पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
नमस्कार राजस्थान यूनिवर्सिटी में VC टैक्स की बड़ी चर्चा है। शिक्षामंत्रीजी ने सरकारी टीचर्स को खूब उपदेश दिए और खुद नियम भूल गए और धंधा अगर मंदा चले तो सोच-समझकर टोटका करना चाहिए। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. राजस्थान यूनिवर्सिटी में क्या है ‘VC टैक्स’? अगली क्रांति अगर हुई तो न हथियार से होगी और न व्यापार से। क्रांति का नया हथियार कला होगी। एक वक्त था जब विश्वविद्यालयों में अपनी राजनीति चमकाने के लिए युवा हाथ में जूता लेकर घूमते थे। हो-हल्ला, हुड़दंग, मारपीट और नारेबाजी कर अपनी ताकत दिखाया करते थे। जिसको पुलिस ने सड़क पर पटककर घसीट लिया, उसकी जीत पक्की। लेकिन अब कला का काल है। छात्रनेता कला यानी आर्ट का महत्व और मारक क्षमता समझते हैं। एक छात्रनेता राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग का झंडा उठाए हुए हैं। इसके लिए वे छात्रों के मुद्दों को कलात्मक तरीके से उठाते हैं। कभी यूनिवर्सिटी में आ रहे पेयजल को फ्लोटमीटर से मापते हैं। कभी चाय बनाकर अधिकारियों के केबिन तक कुल्हड़ ले जाते हैं। कभी लाइब्रेरी इंचार्ज का फ्रीज छात्रों के लिए उठा लाते हैं। इस बार छात्रों के बैक लगने और पुनर्मूल्यांकन के नाम पर मोटी फीस लिए जाने पर उन्होंने नाटक का सहारा लिया। नाटक में मुख्य पात्र निभाते हुए नया एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स को बता रहे हैं कि फीस के नाम पर हो रही उगाही ही वाइस चांसलर टैक्स यानी वीसी टैक्स है। 2. शिक्षा मंत्रीजी ने 'उन' शिक्षकों को कहा निकम्मा टोंक में शिक्षा मंत्रीजी समाज के कार्यक्रम में पहुंचे थे। शिक्षा और संस्कार की बातें करने लगे। पहले तो बताया कि किस तरह सरकारी स्कूलों ने रिकॉर्ड प्रदर्शन किया और सरकारी स्कूलों के बच्चे किस तरह मैरिट में आए हैं। जनता समझ गई कि यह शिक्षा मंत्रीजी की ही लीला है, उन्हीं के कारण शिक्षा का उद्धार और कायाकल्प हुआ है। इसके बाद शिक्षामंत्रीजी बताने लगे कि किस भांति सरकारी अध्यापकों ने शिक्षा का बेड़ा गर्क कर रखा है। अध्यापक गुटखा खाते हैं, शराब पीते हैं। उनकी सूची बनाएंगे। एक-एक मास्टर की आदतों का पता लगाकर रिकॉर्ड रखेंगे ताकि वक्त आने पर उन्हें 'दूरस्थ-दर्शन' कराया जा सके। उन्हें निकम्मे मास्टर की परिभाषा देते हुए कहा कि जो मास्टर अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाते हैं वे निकम्मे हैं। उन्होंने सिर्फ निकम्मा कहा। वे इसमें नालायक और नकारा भी जोड़ सकते थे। लेकिन एक साथ तीनों शब्दों पर किसी और पेटेंट है। सभा समाप्त हुई। पत्रकारों को भी थोड़ी बहुत मास्टरी आती है। उन्होंने मंत्रीजी की कुंडली निकाली ली। अखबार में खबर छाप दी- मंत्रीजी के खुद के पोते प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाई कर रहे हैं। 3. ब्यूटी पार्लर में 'टोटका' टोटका करने से अगर धंधा बढ़िया चलता तो फिर भारत दुनिया का सबसे अमीर देश होता और अमेरिका से पूछता- तू क्या है बे? यहां भले शिकंजी बनाते वक्त 80 रुपए पाव वाला नींबू महंगा लगे, लेकिन दुकान पर मिर्ची के साथ लटकाते वक्त यह सस्ता हो जाता है। यहां भले मिट्टी के घड़े का रेट 120 रुपए बताने वाले कुंभकार पर लूटने का इल्जाम लगाया जाए, लेकिन चौराहे पर रखते वक्त उस निवेश की याद नहीं आती। यहां हर चौक, चौराहे, सर्किल, फुटपाथ, नाले, जोहड़े, नदी, पहाड़ी, डूंगर, टीले पर कोई न कोई बाबा बैठकर ताबीज बनाता है। धर्म, आस्था और विश्वास की चाशनी में आदमी को लपेटकर कई ठेकेदार अपने चेले-चपेटियों के साथ करोड़ोंपति बन गए और टीवी पर बैठकर उपदेश देते हैं- सज्जनों, कोई उल्लेखनीय बात ध्यान में नहीं आई है। बात चूरू के सादुलपुर की है। ब्यूटी पार्लर का धंधा मंदा चल रहा था। पार्लर पर उसने कुछ लड़कियों को काम पर रखा था। मालिक ने सोचा कि शायद टोटका करने से बात बन जाए। टोटके को लेकर यह बात प्रसिद्ध है कि यह गुप्त रूप से किया जाना चाहिए, तभी फलित होता है। तो इसी नियम का पालन करते हुए मालिक ने लड़कियों के कैंपर से पानी निकाला और अपने कुर्ते की जेब से कुछ टोटकात्मक सामग्री निकाल कर पानी में मिला दी। लड़कियों को पहले से शक था। उन्होंने मालिक पर मोबाइल कैमरा सेट कर रखा था। यह काम भी लड़कियों ने गुप्त रूप से किया था। कैमरे में मालिक की करतूत सामने आ गई। फिर क्या था। लड़कियों ने चंडी का रूप धारण कर लिया। चप्पल उठाई और मालिक की ही हजामत बना दी। पत्रकारों ने गिनकर खबर लिखी- लड़कियों ने 6 मिनट में 43 चप्पलें मारी। इनपुट सहयोग- महावीर बैरवा (टोंक), नरेश भाटी (चूरू), विजय कुमार (बाड़मेर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।
मानसून की रफ्तार बढ़ने के साथ ही राजस्थान में बारिश का दौर भी तेज होने लगा है। शुक्रवार को जोधपुर, फलोदी, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। जैसलमेर में देर शाम रेत का बवंडर उठा। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश बांसवाड़ा जिले में करीब दो इंच रिकॉर्ड हुई। वहीं, मानसून के सक्रिय होने के बाद जयपुर सहित कई शहरों का दिन का तापमान 35 डिग्री से नीचे पहुंच गया। मौसम विभाग ने अगले 3 दिन पूरे राज्य में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। राजस्थान में क्या है बारिश की स्थिति अब देखिए- राजस्थान में बारिश की PHOTOS… ये शहर रहे सबसे ज्यादा गर्म बारिश के बड़े अपडेट्स कहां-कितनी बारिश हुई?: बांसवाड़ा के घाटोल में 41, केसरपुरा में 36, भूंगड़ा में 25, बीकानेर के बज्जू में 27, जोधपुर के भोपालगढ़ में 22, नागौर में 35, प्रतापगढ़ के अरनोद में 47, धरियावद में 20, टोंक के टोडारायसिंह में 36, उदयपुर के वल्लभनगर में 33 और बारापाल में 20 एमएम बरसात दर्ज हुई। इनके अलावा जयपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, फलोदी, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर समेत कई अन्य शहरों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। बीकानेर, जैसलमेर में तेज गर्मी, पारा 43 डिग्री: बारिश के बीच भी राजस्थान के कई हिस्सों में दिनभर उमस और गर्मी रही। सबसे अधिक तापमान 43 डिग्री सेल्सियस बीकानेर और जैसलमेर में दर्ज हुआ। इसके अलावा बाड़मेर में 42.3, श्रीगंगानगर में 41.5, जोधपुर में 40.8, फतेहपुर में 39, जालोर में 39.2, नागौर में 38 और चूरू में 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। आगे कैसा रहेगा मौसम…
प्रदेश के आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय के एसडीजी इंडेक्स-2025 में विकास की कई विरोधाभासी तस्वीरें सामने आई हैं। प्रदेश की राजधानी जयपुर में जहां गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवारों का अनुपात सबसे कम, 6.15 प्रतिशत है, वहीं सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की रैंकिंग में यह 10वें स्थान से फिसलकर 22वें स्थान पर पहुंच गया है। दूसरी ओर, आदिवासी बाहुल्य उदयपुर में हर तीसरा परिवार अब भी गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन कर रहा है। हालांकि, स्वास्थ्य और टीकाकरण जैसे सामाजिक संकेतकों में उदयपुर कई विकसित जिलों से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य का औसत एसडीजी स्कोर 59.11 से बढ़कर 60.80 हो गया है। 100 अंकों में 67.13 अंक हासिल कर झुंझुनूं दूसरे वर्ष भी पहले स्थान पर बना हुआ है, जबकि चित्तौड़गढ़ 65.41 और राजसमंद 65.00 अंकों के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। वहीं, जैसलमेर 51.82 अंकों के साथ प्रदेश में सतत विकास लक्ष्यों की रैंकिंग में सबसे निचले पायदान पर पहुंच गया है। मेवाड़ के चित्तौड़गढ़ और राजसमंद का टॉप-3 में शामिल होना क्षेत्र की मजबूत विकास स्थिति को दर्शाता है।उदयपुर जिले का एसडीजी स्कोर 59.19 रहा और उसे प्रदेश में 17वां स्थान मिला। पिछले वर्ष उदयपुर की रैंकिंग 12वें स्थान पर थी। दक्षिणी राजस्थान के डूंगरपुर (57.03), बांसवाड़ा (55.47) और प्रतापगढ़ (57.81) भी राज्य के औसत स्कोर से नीचे रहे।राजस्थान के अधिकांश जिले अभी ‘परफॉर्मर’ श्रेणी में हैं। केवल झुंझुनूं, चित्तौड़गढ़ और राजसमंद ही सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में बेहतर प्रगति दर्ज कर पाए हैं। गरीबी : दक्षिणी राजस्थान के आदिवासी जिलों पर अब भी गरीबी का सबसे बड़ा दबावडूंगरपुर में 40.87 प्रतिशत, बांसवाड़ा में 37 प्रतिशत और उदयपुर में 33.83 प्रतिशत परिवार गरीबी रेखा के नीचे हैं। प्रतापगढ़ में यह आंकड़ा 28.55 प्रतिशत है, जबकि राज्य का औसत 15.92 प्रतिशत है। यानी प्रदेश में गरीबी का सबसे बड़ा दबाव अब भी दक्षिणी आदिवासी जिलों पर है। स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार के बावजूद यही क्षेत्र समग्र विकास की दौड़ में पीछे हैं। जानिए एसडीजी इंडेक्स के बारे मेंएसडीजी इंडेक्स भारत में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की प्रगति को मापने वाला सूचकांक है, जिसे नीति आयोग जारी करता है। इसका उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के 17 सतत विकास लक्ष्यों के आधार पर राज्यों के प्रदर्शन का आकलन करना है। उदयपुर में हर तीसरा परिवार अब भी गरीब - मेवाड़ से चित्तौड़गढ़ और राजसमंद दूसरे और तीसरे पर, उदयपुर 17वें स्थान पर सेहत : जयपुर की सेहत सबसे खराब, उदयपुर की हालत भी ठीक नहीं, बारां सबसे स्वस्थ जयपुर स्वास्थ्य और खुशहाली में मात्र 37.60 अंकों के साथ अंतिम स्थान पर रहा। उदयपुर भी 42.22 स्कोर के साथ फिसड्डी है। 63.54 अंकों के साथ बारां की सेहत सबसे अच्छी है। सिकर, कोटा, भरतपुर, अजमेर और अलवर के लोग स्वास्थ्य और खुशहाली में सबसे पीछे हैं। जेंडर इक्वालिटी - प्रदेश लैंगिक समानता में फेल प्रदेश, झुंझुनूं को छोड़ सभी जगह हालात खराबमहिला सशक्तिकरण-लैंगिक समानता में प्रदेश की स्थिति खराब है। इस लक्ष्य में राज्य का औसत स्कोर केवल 39.60 है। झुंझुनूं (52.88 इंडेक्स स्कोर) को छोड़कर बाकी सभी अति-पिछड़ी श्रेणी में हैं। महिलाओं के खिलाफ सबसे कम अपराध दर पाली (18.08 प्रति लाख) में दर्ज की गई। स्कूलों में बिजली - प्रदेश में 90 से बढ़कर 96% हुआ कवरेज, बारां 70 से बढ़कर 90 पर पहुंचा प्रदेश में स्कूलों तक बुनियादी सुविधाओं की पहुंच तेजी से बढ़ी है। बिजली कनेक्शन वाले स्कूलों का प्रतिशत वर्ष 2024 के मुकाबले 2025 में 90.01% से बढ़कर 96.18 हो गया है। सबसे बड़ा सुधार बारां जिले में दर्ज किया गया है। यहां बिजली सुविधा वाले स्कूलों का अनुपात 70.80 प्रतिशत से बढ़कर सीधा 90.20 प्रतिशत तक पहुंच गया है। बड़ा बदलाव -विकास यात्रा अब शहरी और ग्रामीण अंतर से आगे रिपोर्ट का सबसे बड़ा निष्कर्ष यह है कि राजस्थान की विकास यात्रा अब केवल शहरी-ग्रामीण अंतर की कहानी नहीं रह गई है। जयपुर जैसा समृद्ध जिला विकास सूचकांक में अपेक्षा से पीछे है, जबकि उदयपुर जैसा जिला गरीबी से जूझते हुए भी स्वास्थ्य और सामाजिक संकेतकों में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। प्रदेश के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती विकास की रफ्तार बढ़ाने से ज्यादा विकास की खाई को पाटने की है।
राजस्थान के जयपुर में तेज बारिश के बाद सवाई मानसिंह हॉस्पिटल के माइनर ओटी में पानी भर गया। यहां से मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट किया। वहीं ओटी के पास कॉरिडोर में फॉल सीलिंग गिर गई। जयपुर में सड़क धंस गई और 10 फीट गहरा गड्ढा हो गया। जैसलमेर के रामदेवरा में शुक्रवार शाम रेत का बवंडर आया। इससे दिन में ही अंधेरा छा गया। दिन में ही गाड़ियों की लाइट जलानी पड़ी। मध्य प्रदेश के भोपाल-इंदौर समेत 26 से ज्यादा जिलों में शुक्रवार को तेज बारिश हुई। हरदा में माचक नदी उफान पर आने से 12 से ज्यादा गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया। उज्जैन में पुलिया पार करने की कोशिश में युवक मोटरसाइकिल समेत बह गया। यूपी के 20 जिलों में बारिश हुई। मथुरा में भारी बारिश से रेलवे अंडरपास में गर्दन तक पानी भर गया। कानपुर में GSVM मेडिकल कॉलेज में पानी भर गया। कारें-बाइक आधी डूब गईं। झांसी में बिजली गिरने से किसान की मौत हो गई। पंजाब के पठानकोट में माता वैष्णो देवी की ओर जा रही श्रद्धालुओं से भरी एक टूरिस्ट बस रेलवे अंडरपास के नीचे 8 फीट पानी में फंस गई। बस में 13 बच्चों समेत 55 यात्री सवार थे। मानसून 5 जुलाई तक पूरे देश को कवर कर सकता है… देशभर से बारिश की 5 तस्वीरें… देशभर के मौसम से जुड़े अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
आमेर रोड स्थित होटल जयपुर हेरिटेज में क्वीन ऑफ राजस्थान सीजन-5 की सैश सेरेमनी और टैलेंट राउंड का आयोजन किया गया। पूरे राजस्थान से चयनित टॉप-30 फाइनलिस्ट ने अपने व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अब ये सभी प्रतिभागी पांच दिवसीय ग्रूमिंग सेशन के बाद ग्रैंड फिनाले में अपनी अंतिम चुनौती पेश करेंगी। कार्यक्रम की शुरुआत सैश सेरेमनी से हुई, जहां सभी टॉप-30 फाइनलिस्ट को मंच पर सम्मानपूर्वक सैश पहनाकर प्रतियोगिता के अगले चरण के लिए शुभकामनाएं दी गईं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि शिव सिंह शेखावत, आमेर गुप्ता, अशोक बड़गुर्जर, मिसेज क्वीन ऑफ राजस्थान-2025 शालिनी शर्मा, क्वीन ऑफ इंडिया-2025 की फाइनलिस्ट कोमल गिल, भारत की फर्स्ट रनरअप क्वीन 2025 उर्वशी सुखवानी, राजस्थान क्वीन 2025 की सेकेंड रनरअप ऊर्जा पटेल, विकास मेघवाल, पीहू सिंह एवं मनीष खंडेलवाल ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर मेहनत ही किसी भी मंच पर सफलता की सबसे बड़ी कुंजी होती है। इसके बाद आयोजित टैलेंट राउंड में प्रतिभागियों ने अपनी छिपी हुई प्रतिभाओं से सभी को प्रभावित किया। किसी ने शानदार डांस प्रस्तुति दी, तो किसी ने अपनी सुरीली आवाज से समां बांध दिया। कई प्रतिभागियों ने अभिनय और मिमिक्री के माध्यम से अपनी अभिव्यक्ति का परिचय दिया। मंच पर उनका आत्मविश्वास, स्टेज प्रेजेंस और प्रस्तुति का अंदाज दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। क्वीन ऑफ राजस्थान के संस्थापक एवं निदेशक मोनू वर्मा ने बताया कि प्रतियोगिता का अगला चरण बेहद महत्वपूर्ण होगा। सभी फाइनलिस्ट के लिए पांच दिनों का विशेष ग्रूमिंग सेशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें फैशन इंडस्ट्री के अनुभवी विशेषज्ञ उन्हें रैंप वॉक, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, कम्युनिकेशन स्किल्स, स्टेज प्रेजेंस, ग्रूमिंग, फोटो पोजिंग और कैमरा फेसिंग जैसी बारीकियों का प्रशिक्षण देंगे, ताकि वे ग्रैंड फिनाले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें। जयपुर डायरेक्टर विराट गोविंद्र ने कहा कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल एक विजेता चुनना नहीं, बल्कि युवतियों के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई देना और उन्हें फैशन एवं ग्लैमर इंडस्ट्री में सफल करियर के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि इस मंच से कई प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाई है और आने वाले वर्षों में भी यह मंच नई प्रतिभाओं को अवसर देता रहेगा। कार्यक्रम का संचालन आरजे राहुल ने अपने ऊर्जावान और मनोरंजक अंदाज में किया। वहीं आयोजन के दौरान प्रतिभागियों के रैंप वॉक, टैलेंट परफॉर्मेंस और यादगार पलों को फोटोग्राफर अनिल कुमार ने अपने कैमरे में कैद किया।
मोदी शनिवार को एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी राष्ट्र को करेंगे समर्पित
जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राजस्थान में बालोतरा जिले के पचपदरा में शनिवार को देश की प्रथम ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स राष्ट्र को समर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार मोदी इससे पहले जोधपुर हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन का उद्घाटन भी करेंगे। प्रधानमंत्री शनिवार को पूर्वाह्न लगभग 10:45 बजे इस टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे और […] The post मोदी शनिवार को एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी राष्ट्र को करेंगे समर्पित appeared first on Sabguru News .
गुरुग्राम पुलिस की साइबर अपराध दक्षिण थाना टीम ने निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए की साइबर ठगी के मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान जयपुर निवासी पराग जोशी के रूप में हुई है, जिसने ठगों को अपना बैंक अकाउंट उपलब्ध कराया था। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, 8 सितंबर 2025 को एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता को स्टॉक मार्केट में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया था। साइबर ठगों ने एक फर्जी निवेश योजना के माध्यम से उससे करीब 1 करोड़ 9 लाख रुपए की ठगी की। इस शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। निजी कंपनी के नाम पर खुलवाया था बैंक अकाउंट जांच के दौरान, पुलिस ने साक्ष्यों और बैंकिंग लेनदेन का विश्लेषण किया और 1 जुलाई को आरोपी पराग जोशी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि ठगी की रकम में से लगभग 12 लाख रुपए जिस बैंक खाते में आए थे, वह खाता पराग जोशी ने एक निजी कंपनी के नाम पर खुलवाया था। उसने यह बैंक खाता साइबर ठगी में शामिल एक अन्य आरोपी को 1.20 लाख रुपए के बदले उपलब्ध कराया था। पुलिस ने आरोपी पराग जोशी को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस इस गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों और ठगी की रकम के इस्तेमाल के बारे में जानकारी जुटाएगी। गुरुग्राम पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जा सकती है।
नूंह जिले से गुजर रहे दिल्ली-अलवर नेशनल हाईवे-248ए पर शुक्रवार सुबह एक सड़क हादसा होते-होते टल गया। पाटखोरी गांव के पास एक ट्रेलर ने सड़क पर बने गड्ढे से बचने के प्रयास में राजस्थान रोडवेज की बस को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बस बेकाबू होकर सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। इस घटना में कोई यात्री हताहत नहीं हुआ, लेकिन कुछ को मामूली चोटें आईं। जानकारी के अनुसार, हादसा शुक्रवार सुबह करीब सात बजे हुआ। राजस्थान रोडवेज की एक बस अलवर से दिल्ली जा रही थी। पाटखोरी गांव के बस स्टैंड के पास सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ड्राइवर ने सड़क पर बने गहरे गड्ढे से बचने के लिए अपनी साइड दबाई, जिससे वह बस से टकरा गया। बस ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए यात्रियों की जान बचाने के लिए बस को सड़क से नीचे उतार दिया, जिससे बस अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। ट्रेलर मौके पर छोड़कर ड्राइवर हुआ फरार हादसे के बाद ट्रेलर ड्राइवर मौके पर अपना वाहन छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही सोलपुर, ढाढोली और पाटखोरी गांव के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बस में सवार यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की और घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। इस घटना के कारण कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात भी प्रभावित रहा। सूचना मिलने पर थाना सदर फिरोजपुर झिरका पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। थाना प्रभारी सुभाष ने बताया कि ट्रेलर को कब्जे में ले लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। फरार ड्राइवर की पहचान कर उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस हादसे के कारणों की गहनता से जांच कर रही है। स्थानीय लोग बोले- गड्ढों की वजह से हो रहे हादसे स्थानीय लोगों ने हाईवे पर बने गहरे गड्ढों को दुर्घटनाओं की मुख्य वजह बताया है। उन्होंने प्रशासन से इन गड्ढों की जल्द से जल्द मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
रेवाड़ी में वीरवार की रात गढ़ी बोलनी रोड पर अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार तीन युवक घायल हो गए। राहगीरों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। 3 को घायल अवस्था में ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। जहां एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों में एक मध्यप्रदेश और दो राजस्थान के रहने वाले हैं। तीनों एक ठेकेदार के पास इलेक्ट्रिशियन का काम करते हैं। सूचना के बाद मॉडल टाउन थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। एक बाइक पर थे सवार जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश निवासी होशियार सिंह और राजस्थान निवासी मनोज और वाशु ठेकेदार के पास इलेक्ट्रिशियन का काम करते हैं। वीरवार को तीनों काम के लिए किसी साइट पर गए हुए थे। रात को एक बाइक पर सवार होकर गढ़ी बोलनी रोड से वापस आ रहे थे। इसी दौरान राजेश पायलट चौक के पास अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। जिससे तीनों घायल हो गए। वाहन चालक मौके से फरार हादसे के बाद ड्राइवर वाहन सहित मौके से फरार हो गए। राहगीरों ने घटना की सूचना पुलिस को दी और राहगीरों को ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। घायल होशियार सिंह ने बताया कि वे तीनों साइट से वापस लौट रहे थे। जब उनकी बाइक राजेश पायलट चौक के पास पहुंची तो गाड़ी ने टक्कर मार दी। जिसके बाद क्या हुआ, उसे ठीक से पता नहीं। जब थोड़ा होश आया तो खुद को अस्पताल में पाया।
मिस राजस्थान-2026 के फिनाले वीक में मॉडल निहारिका राठौड़ (21) टूटे पैर के साथ रैंप वॉक कर रही हैं। ट्रेनिंग सेशन के दौरान निहारिका का पैर बुरी तरह मुड़ गया था, जिससे उनके पैर की मांसपेशियां फट गई थीं। डॉक्टर ने 15 दिन तक पूरी तरह आराम करने की सलाह दी थी। इसके बावजूद, निहारिका अपने सपने को पूरा करने के लिए दर्द में भी इस ब्यूटी पेजेंट (कॉम्पिटिशन) में उतरी हैं। फाइनलिस्ट प्रज्ञा चौधरी के नाना का मिस राजस्थान के फिनाले से पहले निधन हो गया। प्रज्ञा ने ट्रेनिंग सेंटर पर ही उनके अंतिम दर्शन किए। जयपुर के हैवन रिसॉर्ट में मिस राजस्थान 2026 का फिनाले वीक चल रहा है। इसमें 9 फाइनलिस्ट्स को 9 दिनों की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसका ग्रैंड फिनाले जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में 4 जुलाई को होगा। दैनिक भास्कर ने टॉप फाइनलिस्ट्स से बातचीत की… प्रज्ञा चौधरी परिवार पार्थिव देह लेकर ट्रेनिंग सेंटर आया जयपुर की रहने वाली प्रज्ञा ने बताया- मिस राजस्थान 2026 की ट्रेनिंग सेशन के दौरान ही उनके नाना का निधन हो गया। अंतिम समय में नाना की इच्छा थी कि वे अपनी नातिन को मिस राजस्थान के मंच पर देखें। परिवार उनके पार्थिव शरीर को ट्रेनिंग स्थल तक लेकर आया, जहां मैंने ने अंतिम बार अपने नाना को श्रद्धांजलि दी, उनका आशीर्वाद लिया और वापस रैंप पर लौट आईं। प्रज्ञा ने कहा- नाना हमेशा कहते थे कि तुम जीतकर आओगी और पहले नंबर पर रहोगी। मैं उनकी इस आखिरी इच्छा को अधूरा नहीं छोड़ना चाहती थी। मुझे विश्वास है कि उनका आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ रहेगा। प्रज्ञा एक साल पहले कैंसर से अपने भाई को भी खो चुकी हैं। अस्पताल में इलाज के दौरान उनके भाई की मुलाकात पूर्व मिस राजस्थान विजेता से हुई थी। उसी दिन भाई ने उनसे कहा था कि वे भी एक दिन मिस राजस्थान का ताज पहनें। अब वे अपने भाई और नाना, दोनों का सपना पूरा करना चाहती हैं। झुंझुनूं के गांव से आईं ज्योति चौधरी, तानों के बीच बना रही हैं अपनी पहचान झुंझुनूं जिले के मेहरा दासी गांव की रहने वाली ज्योति चौधरी पहली बार किसी ब्यूटी पेजेंट में हिस्सा ले रही हैं। ज्योति चौधरी ने बताया- मेरे परिवार का फैशन या मॉडलिंग से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं रहा। इसके बावजूद मैंने खुद पर भरोसा किया और आज टॉप-28 फाइनलिस्ट्स में अपनी जगह बनाई। ज्योति ने कहा- गांव में आज भी कई लोग मॉडलिंग और फैशन इंडस्ट्री को अच्छी नजर से नहीं देखते। छोटे कपड़े पहनने पर लड़कियों के चरित्र पर भी सवाल उठाए जाते हैं। मिस राजस्थान में आने के बाद उन्होंने पहली बार सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया। सोशल मीडिया पर जहां कई लोगों ने उनका हौसला बढ़ाया, वहीं कुछ लोगों ने उनकी आलोचना भी की। हालांकि, वे नकारात्मक टिप्पणियों पर ध्यान देने के बजाय सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रही हैं। ज्योति फिलहाल M.Sc. की पढ़ाई कर रही हैं। साथ ही SSC CGL और CDS जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रही हैं। उनका सपना भारतीय सेना में अधिकारी बनने का भी है। दौसा के छोटे गांव से निकलकर मिस राजस्थान तक पहुंचीं दिव्यांशी जांगिड़दौसा जिले के भांडारेज गांव की 18 साल की दिव्यांशी जांगिड़ अपने गांव की पहली लड़की हैं, जो मिस राजस्थान के मंच तक पहुंची हूं। दिव्यांशी ने बताया- मेरे गांव में मॉडलिंग को लेकर आज भी लोगों की सोच सकारात्मक नहीं है। कई रिश्तेदार भी इस फैसले के पक्ष में नहीं थे, लेकिन मेरी मां ने हमेशा मेरा साथ दिया। मां ने मुझसे कहा कि मेरे दोनों भाइयों के सपने पूरे नहीं हो सके, इसलिए अब मैं अपने सपनों को जरूर पूरा करूं। दिव्यांशी ने बताया- परिवार में माता-पिता और दो बड़े भाई हैं। एक भाई नौकरी करता है, जबकि दूसरा UPSC की तैयारी कर रहा है। वह खुद बीए (BA) द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं। आज उनके गांव की कई लड़कियां सोशल मीडिया के जरिए उनसे संपर्क कर रही हैं। दिव्यांशी उन्हें यही सलाह देती हैं कि सबसे पहले अपने परिवार का विश्वास जीतें, क्योंकि परिवार का साथ मिलने के बाद ही सपनों की उड़ान आसान होती है। सिंगल मदर की बेटी पलक शर्मा बोलीं- मेरी मां ही मेरी सबसे बड़ी ताकत हैं जयपुर की रहने वाली 19 साल की पलक शर्मा बचपन से ही ब्यूटी पेजेंट में हिस्सा लेना चाहती थीं। पलक ने बताया- मेरे पिता नहीं हैं और मेरी मां ही अकेले पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। तमाम आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद मां ने कभी मेरे सपनों को रोकने की कोशिश नहीं की। पलक कहती हैं- जब मैंने मॉडलिंग में आने की इच्छा जताई, तो मां ने सिर्फ इतना कहा कि लोग क्या कहेंगे, इसकी चिंता मत करो, बस अपने सपने को पूरा करो। पलक ने टॉप मॉडल राउंड के लिए अपनी ड्रेस भी खुद डिजाइन की है, जिसकी थीम 'विक्टोरियन गॉथिक लुक' थी। उन्होंने इस ड्रेस की स्कर्ट खुद तैयार की, जबकि पूरी ड्रेस को सिलने और उसे अंतिम रूप देने में उनकी मां ने घंटों मेहनत की। पलक के लिए यह ड्रेस सिर्फ एक कॉस्ट्यूम नहीं, बल्कि मां-बेटी की साझा मेहनत और अटूट प्यार का प्रतीक है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में चयन के बाद मिस राजस्थान पहुंचीं आस्था भूटानी जयपुर की आस्था भूटानी का चयन दुनिया की प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में हो चुका है। अगस्त से उनकी पढ़ाई शुरू होने वाली है, लेकिन उससे पहले उन्होंने खुद को एक नए अनुभव के लिए मिस राजस्थान के मंच पर आजमाने का फैसला किया। IIT बैकग्राउंड रखने वाली आस्था का कहा- व्यक्ति को खुद को केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रखना चाहिए। हार्वर्ड जाने से पहले उनके पास कुछ समय था, उसी दौरान मिस राजस्थान के ऑडिशन हुए और उन्होंने बिना ज्यादा सोचे इसमें हिस्सा ले लिया। पहली बार मॉडलिंग करने के बावजूद वे टॉप-28 तक पहुंच गईं। उनका मानना है कि अकादमिक करियर (पढ़ाई) और मॉडलिंग दोनों को साथ-साथ आगे बढ़ाया जा सकता है। आगे चलकर वे इन दोनों क्षेत्रों के बीच बेहतरीन संतुलन बनाने की कोशिश करेंगी। गंभीर चोट के बावजूद रैंप नहीं छोड़ा निहारिका राठौड़ ने निहारिका ने बताया- ट्रेनिंग सेशन मैं पैर बुरी तरह मुड़ गया, जिससे उनके पैर की मांसपेशियों में गंभीर चोट आ गई (मांसपेशियां फट गईं)। 'टॉप मॉडल राउंड' मेरे लिए बेहद महत्वपूर्ण था और बचपन का सपना बीच में छोड़ना उन्हें मंजूर नहीं था। पैर पर प्लास्टर इसलिए नहीं चढ़वाया, क्योंकि लगातार चलने-फिरने से उसके टूटने का खतरा था। मैं पेनकिलर्स के सहारे लगातार प्रशिक्षण ले रही हैं और रैंप पर उतर रही हैं। यह मेरा पहला ऑडिशन था और पहली ही कोशिश में मुझे सफलता मिली। मुझे लगता है कि भगवान ने मुझे यह अवसर किसी खास मकसद से दिया है, इसलिए मैं किसी भी हाल में पीछे नहीं हटूंगी। ----------- मिस राजस्थान फिनाले वीक से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… मॉडल ने ताश के पत्तों से बना आउटफिट पहना:कोई बनी आईफा ट्रॉफी, मां की ज्वैलरी से बनी ड्रेस; मिस राजस्थान फिनाले वीक में अनोखे लुक मिस राजस्थान 2026 के फिनाले वीक में टॉप-28 फाइनलिस्ट मॉडल्स ने रैंप वॉक किया। इस दौरान सभी मॉडल्स अपनी अनोखी और रचनात्मक ड्रेसेस को लेकर काफी सुर्खियों में रहीं। रैंप वॉक के दौरान किसी मॉडल ने ताश के पत्तों से बना अनोखा आउटफिट पहना, तो किसी ने खुद को आईफा अवॉर्ड ट्रॉफी के रूप में खूबसूरती से प्रस्तुत किया। (पढ़ें पूरी खबर)
रेस्ट अॉफ राजस्थान और कोल्विन शील्ड चैम्पियन सीकर के बीच मैच अब 5 जुलाई से
जयपुर | रेस्ट अॉफ राजस्थान और कोल्विन चैम्पियन सीकर की टीमों के बीच तीन दिवसीय मैच अब 5 जुलाई से खेला जाएगा। पहले ये मैच 6 जुलाई से होना था। इस मैच में राजस्थान के बेस्ट क्रिकेटर्स खेलते नजर आएंगे। हालांकि राजस्थान की क्रिकेट के कुछ बड़े नाम इन दोनों ही टीमों में शामिल नहीं है। दोनों टीमों के खिलाड़ी जयपुर पहुंच गए हैं। दो दिन कैम्प के बाद 5 जुलाई से यह मैच खेला जाएगा। इस मैच में खेलने वाले खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर विजेन्द्र यादव वाली सलेक्शन कमेटी की नजर रहेगी। आरसीए सूत्रों के अनुसार, 5 जुलाई को महिलाओं का डे-नाइट मैच अभी स्थगित कर दिया गया है। {रेस्ट ऑफ राजस्थान टीम : रोहन राजभर (कप्तान), आर्यन जैन, अजय गिगना, करण सिंह राणावत. दर्शन जैन, समर्पित जोशी, शुभम पटवाल, आयुष आमेरिया, सव्य गजराज, छगन सिंह पुरोहित, मोहित जैन, साहिल दीवान, राजीव दुक्तावा, भगवान सिंह, हेमंत चौधरी। कोच : राजेश बिश्नोई और चंद्रपाल सिंह चूंडावत।
वीबी जी राम जी के लिए राजस्थान में 12 हजार 636 करोड़ का प्रावधान : भजनलाल शर्मा
ब्यावर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि गांवों की समृद्धि और विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन में वीबी जी राम जी योजना लायी गयी है और इसके लिए राजस्थान में 12 हजार 636 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ब्यावर जिले के मसूदा कृषि उपज […] The post वीबी जी राम जी के लिए राजस्थान में 12 हजार 636 करोड़ का प्रावधान : भजनलाल शर्मा appeared first on Sabguru News .
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सरकारी भुगतान तंत्र के पूरी तरह ठप होने का दावा करते हुए सीएम भजनलाल शर्मा को लैटर लिखा है। गहलोत ने लैटर में गंभीर वित्तीय संकट का हवाला देते हुए सरकारी कर्मचारियों को होने वाली परेशानियों और वेंडर्स का भुगतान नहीं होने पर सवाल उठाए। गहलोत ने लैटर में लिखा- राजस्थान में सरकारी भुगतान तंत्र जिस तरह ठप पड़ चुका है, उसे लेकर मैं गहरी चिंता के साथ यह लिख रहा हूं। यह किसी एक विभाग या किसी एक योजना की समस्या नहीं है। कर्मचारी, पेंशनभोगी, दुर्घटना पीड़ित परिवार, अस्पताल, दवा विक्रेता और छोटे ठेकेदार, लगभग हर वर्ग आज अपने वाजिब भुगतान के लिए भटक रहा है। प्रदेश के इतिहास में वित्तीय कुप्रबंधन का ऐसा स्वरूप पहले कभी नहीं देखा गया। गहलोत ने कहा- मुख्यमंत्री को समय रहते इसमें हस्तक्षेप कर लोगों को राहत दिलानी चाहिए। आरजीएचएस योजना में अस्पतालों-मेडिकल स्टोरों का भुगतान अटका गहलोत ने लिखा- आरजीएचएस योजना के तहत निजी अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटरों और दवा विक्रेताओं का करोड़ों रुपए का भुगतान महीनों से अटका है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि राज्य मानवाधिकार आयोग को इसे मानवाधिकार उल्लंघन मानते हुए स्वतः संज्ञान लेना पड़ा। कई अस्पतालों ने योजना से जुड़ी सेवाएं सीमित करने या एमओयू समाप्त करने तक की चेतावनी दे डाली। नतीजा यह है कि कैशलेस इलाज का दावा करने वाली योजना में भी कर्मचारियों और पेंशनरों को पहले अपनी जेब से पैसे जमा करवाने पड़ रहे हैं। इस भरोसे पर कि सरकार से भुगतान आने पर बाद में वापसी होगी। ऐसे मामलों में राज्य सरकार को लिखित गारंटी देकर अस्पतालों को पुनर्भुगतान के लिए पाबंद करना चाहिए। एक्सीडेंट में मौत पर पांच लाख की सहायता भी नहीं मिल रही गहलोत ने लिखा- मुख्यमंत्री चिरंजीवी, आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के तहत भी रुपए नहीं मिल रहे हैं। इसके तहत दुर्घटना में मौत होने पर पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपए की सहायता राशि मिलनी होती है। यह जानकारी मिल रही है कि सैकड़ों मामलों में दावे स्वीकृत होने के बावजूद पीड़ित परिवारों को भुगतान नहीं मिल पाया है। जिस परिवार ने अपना कमाने वाला सदस्य खोया हो, उसे स्वीकृति के बाद भी महीनों राशि के लिए इंतजार करना पड़े, यह राज्य सरकार की असंवेदनहीनता को दिखाता है। रिटायरमेंट के बाद कई महीनों तक कर्मचारियों को नहीं मिल रहे रुपए गहलोत ने लिखा- राज्य के रिटायर्ड कर्मचारियों की हालत भी उतनी ही चिंताजनक है। जीपीएफ, ग्रुप बीमा, ग्रेच्युटी और अर्जित अवकाश (पीएल) जैसी रकम, जो कर्मचारी का हक है। रिटायरमेंट के बाद कई महीनों तक जारी नहीं हो रहा। साथ ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन भी प्रदेश के कई जिलों में कई महीनों से लंबित चल रही है। इससे बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग पेंशनभोगी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। ट्रेजरी से पास हो चुके बिलों का भुगतान नहीं हो रहा गहलोत ने लिखा- ट्रेजरी से पास हो चुके बिलों के भुगतान पर भी कई महीनों से संकट बना हुआ है। इसका सीधा असर सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं पर पड़ रहा है। हालत यह हो गई है कि छोटे-छोटे ठेकेदारों को अपने वाजिब भुगतान के लिए अखबारों में विज्ञापन देकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना पड़ रहा है। हजारों श्रमिकों और छोटे उद्यमियों की आजीविका इसी भुगतान संकट के कारण खतरे में है। भुगतान संकट प्रशासनिक लापरवाही नहीं गहलोत ने लिखा- भुगतान का यह संकट केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की आजीविका और सम्मान से जुड़ा प्रश्न है। जिस राज्य को अपने कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और सेवा प्रदाताओं के भरोसे पर खड़ा होना चाहिए, वहां आज यह भरोसा ही डगमगा रहा है। आम आदमी, सरकारी कार्मिक, पेंशनभोगी, ठेकेदार समेत समाज का हर वर्ग आज परेशान है। इस विषय की गंभीरता को समझते हुए समय रहते निर्णय लेना जरूरी है, ताकि प्रदेश के लाखों परिवारों को इस अनावश्यक संकट से राहत मिल सके।
आरपीएससी ने जारी किया संशोधित परीक्षा कैलेंडर, जानें कौन सी 4 बड़ी परीक्षाओं की तारीखें बदलीं
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक बेहद जरूरी और बड़ी खबर सामने आई है। आरपीएससी ने अपनी आगामी भर्ती परीक्षाओं को लेकर एक नया संशोधित परीक्षा कैलेंडर जारी कर दिया है। आयोग द्वारा जारी किए गए इस आधिकारिक नोटिफिकेशन के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों में हलचल तेज हो गई है। इस नए शेड्यूल के तहत आयोग ने प्रशासनिक और अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए चार प्रमुख परीक्षाओं की तारीखों में बड़ा फेरबदल किया है, जिसे जानना हर उम्मीदवार के लिए बेहद जरूरी है।इन चार बड़ी परीक्षाओं की तारीखों में हुआ बड़ा फेरबदलआरपीएससी द्वारा जारी संशोधित कैलेंडर के अनुसार, जिन चार मुख्य परीक्षाओं की तिथियों को बदला गया है, उनमें राज्य के हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ी अहम भर्तियां शामिल हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि अब ये परीक्षाएं पुरानी घोषित तारीखों के बजाय नई निर्धारित तिथियों पर आयोजित की जाएंगी। तारीखों में बदलाव की वजह से अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी की रणनीति में भी बदलाव करना होगा। आयोग ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे किसी भी तरह के भ्रम से बचने के लिए केवल ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी शेड्यूल को ही अंतिम मानें।जानिए किस वजह से आरपीएससी को बदलना पड़ा अपना शेड्यूलराजस्थान लोक सेवा आयोग के सूत्रों के मुताबिक, राज्य में होने वाली अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ तारीखों के टकराव (क्लेश) और कुछ केंद्रों की अनुपलब्धता को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। आयोग का मुख्य उद्देश्य परीक्षाओं को पूरी तरह से पारदर्शी, नकल विहीन और सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित करना है। पूर्व में जारी कैलेंडर को अपडेट करते हुए इस नए नोटिफिकेशन में न सिर्फ परीक्षा की तारीखें बल्कि परीक्षा के आयोजन से जुड़े कुछ अन्य जरूरी दिशा-निर्देश भी साझा किए गए हैं, ताकि उम्मीदवारों को केंद्र पर किसी तरह की परेशानी न हो।आधिकारिक वेबसाइट पर ऐसे चेक करें नया संशोधित कैलेंडरपरीक्षा की नई तारीखों को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों से बचने के लिए आरपीएससी ने अभ्यर्थियों से आधिकारिक पोर्टल का रुख करने को कहा है। उम्मीदवार आरपीएससी की ऑफिशियल वेबसाइट (rpsc.rajasthan.gov.in) के 'न्यूज एंड इवेंट्स' सेक्शन में जाकर नया पीडीएफ कैलेंडर सीधे डाउनलोड कर सकते हैं। इसके साथ ही एडमिट कार्ड और परीक्षा के नए पैटर्न से जुड़े अपडेट्स के लिए भी आयोग जल्द ही अलग से नोटिफिकेशन जारी करेगा। इस बदलाव के बाद अब प्रदेश के कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी में तैयारी का माहौल एक बार फिर बदल गया है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में नाबालिग लड़की को राजस्थान ले जाकर 20 हजार रुपए में बेचने की साजिश रचने मामले में पुलिस ने 4 साल से फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को जशपुर जिले से पकड़ा गया। इससे पहले इस मामले में तीन आरोपियों को साल 2022 में ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। मामला धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, 28 जून 2022 को एक 17 वर्षीय बालिका के पिता ने धरमजयगढ़ थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी बेटी 23 जून 2022 की शाम घर से बिना बताए कहीं चली गई थी। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चलने पर अपहरण की आशंका जताई गई थी। ट्रेन में मिली थी नाबालिग जांच के दौरान मध्यप्रदेश के अनुपपुर रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने बालिका को ट्रेन से दो संदिग्धों हीरालाल चौहान और देवलाल तिग्गा के साथ बरामद किया था। सूचना मिलने पर धरमजयगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और बालिका को सुरक्षित वापस लेकर आई। राजस्थान में 20 हजार में बेचने की थी योजना पूछताछ में खुलासा हुआ कि हीरालाल चौहान, देवलाल तिग्गा, रामपाल यादव और रामा चौहान ने मिलकर बालिका को बहला-फुसलाकर राजस्थान ले जाने की योजना बनाई थी। वहां शादी कराने के नाम पर उसे 20 हजार रुपए में बेचने की साजिश रची गई थी। इसके बाद पुलिस ने मानव तस्करी समेत अन्य गंभीर धाराएं जोड़कर मामला दर्ज किया। तीन आरोपी पहले ही हो चुके थे गिरफ्तार इस मामले में साल 2022 में ही हीरालाल चौहान, देवलाल तिग्गा और रामपाल यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया था। जबकि चौथा आरोपी रामा चौहान (35), निवासी ग्राम जोराडोल, जिला जशपुर, लगातार फरार चल रहा था। ऑपरेशन क्लीन हंट में मिली सफलता एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत फरार आरोपियों की तलाश के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि रामा चौहान अपने गांव जोराडोल आया हुआ है। सूचना पर धरमजयगढ़ थाना प्रभारी राजेश जांगड़े के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। SSP बोले- मानव तस्करी के आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराधों में शामिल किसी भी आरोपी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा। ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत वर्षों से फरार अपराधियों की लगातार गिरफ्तारी की जा रही है और आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।
डेढ़ दशक का लंबा इंतजार, दो बार शिलान्यास, दो बार उद्घाटन की तारीखें और जमीन के खेल से लेकर अपनों की बगावत तक... राजस्थान के रेगिस्तान में देश की पहली BS-6 मानक वाली हाईटेक 'HPPCL राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड' (HRRL) बनकर तैयार है। आगामी 4 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मेगा प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे। माना जा रहा है कि बालोतरा के पचपदरा में बनी इस रिफाइनरी की वजह से पूरे राजस्थान की तस्वीर बदल जाएगी। 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) की क्षमता वाली यह रिफाइनरी पेट्रोकेमिकल उत्पादन में भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी। आइए जानते हैं 2012 से 2026 तक के इस सफर की पूरी कहानी… आग लगने के कारण टल गया था PM का दौरा देश की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड रिफाइनरी के लिए राजस्थान की सियासत में 'हाई-वोल्टेज ड्रामा' हुआ था। 2012 से 2026 तक का सफर इतना आसान नहीं था। इस प्रोजेक्ट ने न केवल दो बार शिलान्यास देखा, बल्कि जमीन के फेर में अपनों को अपनों के खिलाफ लड़ते भी देखा। संयोग से दो बार उद्घाटन की तारीख की घोषणा भी हुई। 21 अप्रैल को पीएम नरेंद्र मोदी रिफाइनरी का उद्घाटन करने वाले थे। लेकिन इससे ठीक एक दिन पहले 20 अप्रैल को सीडीयू-वीडीयू यूनिट में लीकेज होने से आग लग गई। इससे पीएम का उद्घाटन दौरा स्थगित हो गया था। लीलाना से पचपदरा कैसे पहुंची रिफाइनरी शुरुआत में रिफाइनरी बालोतरा (पूर्व में बाड़मेर) के बायतु के लीलाना गांव में लगनी तय थी। जैसे ही घोषणा हुई, राजनीतिक रसूख वाले लोगों और भूमाफिया ने वहां हजारों बीघा जमीन औने-पौने दाम पर खरीद ली। जब सरकार जमीन अवाप्त (कब्जा लेने) करने पहुंची, तो किसानों ने हाथ खींच लिए। कुछ ने 1 बीघा जमीन के बदले 1 करोड़ रुपए की मांग रख दी। तत्कालीन सीएम अशोक गहलोत ने पचपदरा का रुख किया, जहां सरकारी जमीन उपलब्ध थी। रिफाइनरी शिफ्ट होते ही लीलाना में करोड़ों के ख्वाब देख रहे भूमाफिया और नेता अर्श से फर्श पर आ गए। कर्नल सोनाराम का विद्रोह बाड़मेर के राजनीतिक मामलों के जानकार शिव प्रकाश सोनी बताते हैं- रिफाइनरी शिफ्ट होने पर राजनीति में भूचाल आ गया था। बायतु के तत्कालीन विधायक कर्नल सोनाराम चौधरी (स्वर्गीय) ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि अशोक गहलोत काकाणी में पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स लगाकर अपने गृह जिले जोधपुर को फायदा देना चाहते हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया था- जान दे दूंगा, लेकिन रिफाइनरी को यहां से जाने नहीं दूंगा। उस समय राजस्व मंत्री हेमाराम चौधरी ने भी इस्तीफा तक दे दिया था। देश की सबसे हाईटेक रिफाइनरी यह रिफाइनरी HPCL (74%) और राजस्थान सरकार (26%) का संयुक्त उपक्रम है। 15 साल के लंबे इंतजार और ₹42,229 करोड़ की अतिरिक्त लागत (शुरुआती लागत से तुलना) के बाद अब यह रेगिस्तान की तस्वीर बदलने को तैयार है। पचपदरा रिफाइनरी की सबसे बड़ी खासियत इसका नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स (NCI) है। यह लगभग 17 है। तकनीकी भाषा में इसका मतलब है कि यह देश की सबसे उन्नत, हाई-कन्वर्जन रिफाइनरी है। यह दुनिया के किसी भी कोने से आने वाले भारी, निम्न गुणवत्ता (लो क्वालिटी) वाले कच्चे तेल को भी बेशकीमती पेट्रोल, डीजल, पेट्रोकेमिकल में बदलने की क्षमता रखती है। आत्मनिर्भर भारत का जीवंत उदाहरण देते हुए इस रिफाइनरी के अधिकांश रिएक्टर, कॉलम, भारी टैंक भारत में ही बने हैं। इसका दिमाग यानी कंट्रोल सिस्टम, हाई-प्रेशर कंप्रेसर के लिए अमेरिका, जापान, यूरोप की तकनीक का सहारा लिया गया है। इसकी फिनिशिंग, वेल्डिंग की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर की बनाए रखने के लिए नीदरलैंड के तकनीशिय ने पचपदरा की तपती धूप में पसीना बहाया है। खास हीटिंग पाइपलाइन बिछाई गई कच्चे तेल की प्रकृति वैक्सी (मोम जैसी) होती है। इसे पाइपलाइन में जमने से रोकने के लिए मुंद्रा (गुजरात) से पचपदरा तक एक विशेष हीटिंग पाइपलाइन बिछाई गई है। इसमें जगह-जगह हीटिंग स्टेशन, थर्मल इंसुलेशन लगाया गया है। इससे तेल का तापमान बना रहेगा। इस मेगा प्रोजेक्ट के पीछे दुनिया के सबसे बड़े तकनीकी दिमाग काम कर रहे हैं। इंजीनियर्स इंडिया इसकी कमान संभाल रही है। लमस टेक्नोलॉजी, यूओपी, यूनिवेशन टेक्नोलॉजीज जैसी ग्लोबल कंपनियों ने अपनी पेट्रोकेमिकल, क्रैकर यूनिट्स की तकनीक प्रदान की है। लाखों टन स्ट्रक्चरल स्टील और विशेष एलॉय स्टील से स्ट्रक्चर बनाए गए हैं। हजारों किलोमीटर की केबलिंग और मोटरों में कॉपर का अधिक उपयोग किया गया है, जिससे वायरिंग फ्रिक्वेंसी मजबूत रहे। रिफाइनरी शुरू होते ही राजस्थान भी मजबूती से आर्थिक क्षेत्र में उभरेगा। रिफाइनरी से प्रोडक्शन शुरू होने के बाद राजस्थान केवल कच्चा तेल निकालने वाला राज्य नहीं रहेगा। वह उसे प्रोसेस कर वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट (जैसे पॉलीप्रोपाइलीन और पॉलिमर) बनाने वाला हब बन जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर प्लास्टिक, केमिकल उद्योगों की बाढ़ आएगी। ---- ये खबरें भी पढ़िए… 1- राजस्थान में हिंदुस्तान पेट्रोलियम की रिफाइनरी में आग, कई घंटे बाद काबू पाया गया; कल प्रधानमंत्री उद्घाटन करने वाले थे राजस्थान में बाड़मेर के नजदीक बालोतरा में हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड (HPCL) की रिफाइनरी में सोमवार दोपहर 2 बजे भीषण आग लग गई। जानकारी के मुताबिक आग रिफाइनरी में कच्चे तेल को साफ करने वाली दो यूनिट में लगी। पढ़ें पूरी खबर... 2- राजस्थान की रिफाइनरी से देश बनेगा एनर्जी सुपरपावर; एक्सपर्ट बोले- जामनगर और भटिंडा की तरह बनेगा नया पेट्रोकेमिकल हब राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में बन रही देश की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड तेल रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल परियोजना अब अंतिम चरण में है। दैनिक भास्कर ने करीब 79,459 करोड़ रुपए की लागत से बनी रिफाइनरी की स्टेट्स रिपोर्ट को खंगाला। पढ़ें पूरी खबर...
भारत के डिजिटल भविष्य के निर्माण में राजस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका : भजनलाल
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत- विकसित राजस्थान 2047 के विजन को साकार करने के लिए राज्य में डिजिटल ढांचा विकसित किया जा रहा है। शर्मा आज यहां 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन के बाद राउण्ड टेबल वार्ता में उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद […] The post भारत के डिजिटल भविष्य के निर्माण में राजस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका : भजनलाल appeared first on Sabguru News .
झज्जर जिले में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्पेशल स्टाफ की टीम ने कार्रवाई करते हुए 4 किलो 200 ग्राम अवैध अफीम के साथ एक अंतरराज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किया गया नशा तस्कर राजस्थान का रहने वाला है और झज्जर-रेवाड़ी रोड स्थित अहरी मोड़ पर कथित तौर पर ग्राहक का इंतजार कर रहा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। मुखबिर की सूचना पर की घेराबंदी स्पेशल स्टाफ प्रभारी उप निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि पुलिस टीम गश्त पर थी। इसी दौरान सूचना मिली कि एक व्यक्ति अहरी मोड के पास अफीम बेचने के लिए खड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और चारों ओर से घेराबंदी कर दी। पुलिस को देखकर आरोपी भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में हुई तलाशी पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के सभी कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए आरोपी को उसके अधिकारों की जानकारी दी। उसकी इच्छा के अनुसार राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में तलाशी ली गई, जिसमें उसके कब्जे से 4 किलो 200 ग्राम अवैध अफीम बरामद हुई। बरामदगी के बाद थाना माछरौली में मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। राजस्थान का रहने वाला है तस्कर पूछताछ में तस्कर की पहचान दुर्गा शंकर निवासी ग्राम चामेरा, तहसील बिछीवाड़ा, जिला डूंगरपुर (राजस्थान) के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर 3 दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान अफीम के स्रोत, खरीद-फरोख्त, सप्लाई चेन और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ की जा रही है। इस साल 11 केस, 13 आरोपी गिरफ्तार पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने कहा कि झज्जर पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार कार्रवाई कर रही है। वर्ष 2026 में अब तक नशीले पदार्थों से जुड़े 11 मामले दर्ज किए जा चुके हैं और 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन मामलों में गांजा, स्मैक, अफीम और नशीले इंजेक्शन समेत विभिन्न मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी नशीले पदार्थों की तस्करी, बिक्री या सेवन की सूचना मिले तो तुरंत पुलिस को अवगत कराएं। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
राजस्थान के शेखावाटी और मरुस्थलीय इलाकों के लिए एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक खुशखबरी सामने आई है। पिछले 32 वर्षों से अधर में लटका हुआ यमुना जल समझौता आखिरकार धरातल पर उतरने के बेहद करीब पहुंच गया है। राज्य की प्यासी धरती और करोड़ों लोगों की उम्मीदों को नया जीवन देते हुए यमुना नदी का पानी राजस्थान लाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। हरियाणा, दिल्ली और केंद्र सरकार के साथ लंबे समय तक चले विचार-विमर्श और हालिया उच्च स्तरीय बैठकों के बाद इस जटिल विवाद का समाधान निकाल लिया गया है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद जहां एक तरफ प्रभावित जिलों में जश्न का माहौल है, वहीं दूसरी तरफ इसके राजनीतिक नफे-नुकसान को लेकर सियासी गलियारों में घमासान भी तेज हो गया है।क्या है 1994 का मूल समझौता और तीन दशकों का इंतजारयमुना नदी के पानी के बंटवारे को लेकर मूल समझौता साल 1994 में पांच राज्यों— उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के बीच हुआ था। इस समझौते के तहत राजस्थान को उसके हक का पानी मिलना तय हुआ था, लेकिन बुनियादी ढांचे की कमी, रूट के निर्धारण पर असहमति और पड़ोसी राज्यों के साथ आपसी तालमेल न बैठ पाने के कारण यह प्रोजेक्ट फाइलों में ही दबा रहा। तीन दशकों से अधिक समय तक राजस्थान के चूरू, झुंझुनूं और सीकर जैसे जिले पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसते रहे और भूमिगत जल स्तर लगातार खतरनाक स्तर तक नीचे गिरता चला गया। अब नए सिरे से हुए तकनीकी और प्रशासनिक बदलावों ने इस मृतप्राय योजना में नई जान फूंक दी है।पाइपलाइन से शेखावाटी पहुंचेगा पानी और समझौते पर शुरू हुई सियासतनए त्रिपक्षीय मसौदे के अनुसार, यमुना के पानी को हरियाणा के रास्ते अंडरग्राउंड पाइपलाइनों के जरिए राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र तक लाया जाएगा, जिससे पानी की बर्बादी और वाष्पीकरण को रोका जा सके। इस बेहद महत्वाकांक्षी और अरबों रुपये की परियोजना के अमलीजामा पहनते ही राजस्थान में इसका श्रेय लेने की होड़ मच गई है। सत्ताधारी दल इसे अपनी डबल इंजन सरकार की बहुत बड़ी प्रशासनिक और कूटनीतिक जीत बता रहा है, जिसका सीधा फायदा आने वाले चुनावों में किसानों और आम जनता के बीच भुनाने की तैयारी है। वहीं दूसरी ओर, विपक्ष ने इस समझौते की टाइमिंग और शर्तों पर सवाल उठाते हुए इसे केवल एक चुनावी स्टंट करार दिया है और सरकार से इस परियोजना को पूरा करने की समयसीमा और बजट आवंटन पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।
राजस्थान के भीलवाड़ा में हुए एक भीषण सड़क हादसे ने इंदौर के एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन ली हैं। इंदौर की रहने वाली 22 वर्षीय होनहार युवती भूमि की इस दर्दनाक बस दुर्घटना में असमय मौत हो गई। हादसे से कुछ ही घंटे पहले भूमि ने अपने पिता को फोन कर कहा था कि 'पापा, सब ठीक है, मैं सुबह तक घर लौट आऊंगी।' लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; सुबह बेटी तो नहीं लौटी, बल्कि उसकी मौत की बेहद मनहूस और झकझोर देने वाली खबर आई। इस हृदयविदारक हादसे के बाद से पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।त्योहार मनाकर लौट रही थी घर, रास्ते में काल बनी निजी बसपारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इंदौर के अन्नपूर्णा क्षेत्र की रहने वाली भूमि पिछले कुछ दिनों से एक पारिवारिक समारोह और त्योहार में शामिल होने राजस्थान गई हुई थी। अपना सफर पूरा कर वह स्लीपर कोच ट्रेवल्स की एक निजी बस में सवार होकर इंदौर वापस लौट रही थी। भीलवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर देर रात तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर पलट गई। चश्मदीदों के मुताबिक हादसा इतना भीषण था कि बस के परखच्चे उड़ गए और सोते हुए यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। इस दर्दनाक हादसे में भूमि ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।आखिरी कॉल की बातें याद कर बिलख रहे परिजन, इंदौर में पसरा मातमभूमि के पिता ने रुंधे गले से बताया कि रात को सफर के दौरान उनकी बेटी से सामान्य बातचीत हुई थी। उसने बेहद खुश होकर सुबह समय पर इंदौर पहुंचने और साथ में नाश्ता करने की बात कही थी। लेकिन तड़के भीलवाड़ा पुलिस की तरफ से आए एक फोन कॉल ने उनकी पूरी दुनिया ही उजाड़ दी। भीलवाड़ा जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भूमि के पार्थिव शरीर को इंदौर लाया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस मामले की जांच कर रही है कि दुर्घटना बस चालक की लापरवाही के कारण हुई या किसी तकनीकी खराबी की वजह से, लेकिन इस हादसे ने सुरक्षा दावों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, चेन्नई सुपरकिंग्स ने भी हार्दिक पंड्या की संभावित ट्रेड रेस में दिलचस्पी दिखाई है। माना जा रहा है कि टीम को मध्यक्रम में एक ऐसे अनुभवी ऑलराउंडर की जरूरत है, जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में योगदान दे सके।
राजस्थान की लोक संस्कृति, मानवीय संवेदनाओं और ग्रामीण जीवन की सादगी को वैश्विक मंच तक पहुंचाने वाली चर्चित राजस्थानी-हिंदी फिल्म ‘ओमलो’ अब अपने सबसे बड़े डिजिटल सफर की शुरुआत करने जा रही है। दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म मंच कान्स में सराही जा चुकी यह फिल्म अब 3 जुलाई से वेव्स ओटीटी पर रिलीज होगी। खास बात यह है कि फिल्म एक साथ करीब 120 देशों के दर्शकों तक पहुंचेगी, जिससे राजस्थान की संस्कृति, लोकजीवन और यहां की कहानियां वैश्विक दर्शकों के सामने नई पहचान बनाएंगी। जयपुर में आयोजित कार्यक्रम में फिल्म की टीम मौजूद रही। फिल्म के लेखक, निर्देशक, अभिनेता और निर्माता सोनू रणदीप चौधरी, निर्माता रोहित माखीजा, मनीष गोपलानी, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता संगीतकार एवं गायक गाजी खान बरना, सह-निर्माता अजय राठौड़, अभिनेता शंभू महाजन, देव शर्मा, महेश जिलावा, वंदना गुप्ता और हेड ऑफ प्रोडक्शन एवं आर्ट डायरेक्टर यतीन राठौड़ ने फिल्म के सफर और उपलब्धियों को साझा किया। राजस्थान की मिट्टी से निकली कहानी, जिसने दुनिया को छुआ एक्टर प्रोड्यूसर सोनू चौधरी ने बताया कि ‘ओमलो’ की कहानी राजस्थान के बीकानेर जिले के श्री डूंगरगढ़ क्षेत्र के धोलिया गांव की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म एक सात वर्षीय मासूम बच्चे और एक ऊंट की जिंदगी के समानांतर चलती संवेदनशील कहानी को पर्दे पर उतारती है। दोनों के संघर्ष, दर्द, बेबसी और जीवन की परिस्थितियों के जरिए फिल्म समाज के कई ऐसे सवाल उठाती है, जो दर्शकों को भीतर तक झकझोर देते हैं। फिल्म की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसकी पूरी शूटिंग राजस्थान में हुई है और इसमें स्थानीय कलाकारों एवं वास्तविक परिवेश को ही प्रमुखता दी गई है। यही वजह है कि फिल्म में राजस्थान की संस्कृति, बोली, लोकजीवन और मानवीय भावनाएं पूरी प्रामाणिकता के साथ दिखाई देती हैं। कान्स से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक मिली पहचान ‘ओमलो’ ने रिलीज से पहले ही अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में अपनी अलग पहचान बना ली है। कान्स फिल्म मार्केट में विशेष स्क्रीनिंग के बाद फिल्म को वैश्विक स्तर पर सराहा गया। इसके अलावा फिल्म ने अमेरिका के अटलांटा इंडियन फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट फीचर फिल्म का सम्मान जीता। राजस्थान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में फिल्म को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म और सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक का पुरस्कार मिला। वहीं नई दिल्ली फिल्म फेस्टिवल में इसे बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर के सम्मान से नवाजा गया। गोल्डन ज्यूरी अवॉर्ड्स में फिल्म ने बेस्ट डायरेक्टर, बॉलीवुड इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट फीचर फिल्म, बेस्ट एक्टर और बेस्ट एक्ट्रेस, जबकि विंध्य इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट फीचर फिल्म, बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट एक्टर का पुरस्कार अपने नाम किया। ग्लोबल बेंगलुरु फिल्म फेस्टिवल में भी फिल्म को बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट का सम्मान मिला। ‘ओमलो’ सिर्फ फिल्म नहीं, राजस्थान की पहचान है फिल्म के निर्देशक और निर्माता सोनू रणदीप चौधरी ने कहा कि ‘ओमलो’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि राजस्थान की आत्मा, यहां की संस्कृति और लोगों की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करती है। उनका कहना था कि उद्देश्य ऐसी कहानी कहना था, जो स्थानीय होकर भी दुनिया के हर इंसान के दिल तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि वेव्स ओटीटी के माध्यम से यह फिल्म 120 देशों में देखी जाएगी। इससे न केवल राजस्थान की लोक संस्कृति और खूबसूरती को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी, बल्कि यहां के कलाकारों और फिल्म उद्योग के लिए भी नए अवसर खुलेंगे।
राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से लेक्चरर एंड कोच (माध्यमिक शिक्षा विभाग) परीक्षा-2025 के अंतर्गत सोशियोलॉजी, इकोनॉमिक्स, म्यूजिक, ड्राइंग, उर्दू, पंजाबी, एग्रीकल्चर, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, होम साइंस एवं राजस्थानी विषय की मॉडल आंसर-की जारी कर दी है। इस संबंध में विस्तृत सूचना आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। मुख्य परीक्षा नियंत्रक आशुतोष गुप्ता ने बताया-यदि किसी अभ्यर्थी को इन मॉडल आंसर-की पर कोई आपत्ति हो तो निर्धारित शुल्क के साथ आज से 3 जुलाई 2026 को रात्रि 12 बजे तक अपनी आपत्ति ऑनलाईन दर्ज करवा सकता है। आपत्तियां आयोग की वेबसाईट पर उपलब्ध मॉडल प्रश्न पत्र के क्रमानुसार ही दर्ज करनी होगी। परीक्षा के मॉडल प्रश्न पत्र आयोग की वेबसाईट पर उपलब्ध है। बिना प्रमाण आपत्ति पर विचार नहीं मॉडल प्रश्न-पत्र आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। आपत्तियां केवल इन मॉडल प्रश्न-पत्रों के क्रम के अनुसार ही दर्ज की जा सकती है। हर आपत्ति के साथ प्रामाणिक (स्टैंडर्ड और ऑथेंटिक) पुस्तकों से प्रमाण अटैच करना जरूरी है। बिना प्रमाण के आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा। आपत्ति केवल अभ्यर्थी स्वयं ही दर्ज कर सकते हैं। कोई अन्य व्यक्ति इसमें शामिल नहीं हो सकता। फीस और पेमेंट की प्रोसेस यहां करें कॉन्टेक्ट ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करने में किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई होने पर अभ्यर्थी recruitmenthelpdesk@rajasthan.gov.in पर ईमेल से अथवा फोन नम्बर 9352323625 और 7340557555 पर संपर्क कर सकते हैं। …………. पढें ये खबर भी… CBSE-12वीं सप्लीमेंट्री एग्जाम 28 जुलाई को:आवेदन प्रोसेस शुरू, 8 जुलाई लास्ट डेट; 320 रुपए होगी प्रति सब्जेक्ट फीस केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की शैक्षणिक सत्र 2025-26 की 12वीं की सप्लीमेंट्री एग्जाम के लिए रेग्यूलर व प्राइवेट स्टूडेन्ट्स की लिस्ट ऑफ कैंडिडेट (एलओसी) सबमिशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रति सब्जेक्ट फीस 320 रुपए होगा। इसकी अंतिम तिथि 8 जुलाई होगी। इस दौरान किसी विषय में इम्प्रूवमेंट करने वाले स्टूडेन्ट्स भी आवेदन कर सकेंगे। (पूरी खबर पढें)
राजस्थान में महिलाओं की पढ़ाई सीधे तौर पर परिवार के आकार को बदल रही है। सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम स्टैटिस्टिक्स (एसआरएस) के अनुसार, राज्य में अशिक्षित महिलाओं की कुल प्रजनन दर (टीएफआर) 3.6 है, जबकि स्नातक और उससे अधिक शिक्षित महिलाओं में यह सिर्फ 1.7 ही रह गई है। यानी उच्च शिक्षित महिलाएं अशिक्षित महिलाओं के मुकाबले आधे से भी कम बच्चों को जन्म दे रही हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि 11 साल पहले 2013 में अशिक्षित महिलाओं की टीआरएफ 3.6 ही थी। आंकड़े बताते हैं कि जैसे-जैसे शिक्षा का स्तर बढ़ता है, बच्चों की औसत संख्या घटती जाती है। प्राथमिक शिक्षित महिलाओं की टीएफआर 3.1, मिडिल पास की 2.9, 10वीं पास की 2.4, 12वीं पास की 2 और स्नातक या उससे ऊपर शिक्षित महिलाओं की 1.7 है। किशोरी और युवतियों के मातृत्व में भी शिक्षा का असर शिक्षा का सबसे बड़ा असर किशोर मातृत्व पर दिख रहा है। 15 से 19 आयु वर्ग में प्रति 100 अनपढ़ किशोरी-युवतियों के 113.4 बच्चे हैं, जबकि इसी ग्रुप की स्नातक किशोरियों में यह शून्य दर्ज की गई। 20 से 24 आयु वर्ग में प्रति 100 अनपढ़ महिलाओं के 274.4, जबकि स्नातक में 78.7 बच्चे हैं। अनपढ़ ग्रामीण महिला के 4, शहरी के 3 बच्चे औपचारिक शिक्षित भी सजग
राजस्थान यूनिवर्सिटी (आरयू) के संघटक कॉलेजों की पहली मेरिट ने बोर्डवार एडमिशन का बड़ा अंतर दिखाया है। महाराजा कॉलेज में 1010 सीटों में सिर्फ 9.4% सीटों पर सीबीएसई छात्र चुने गए, यानी करीब 90% सीटें राजस्थान बोर्ड के नाम रहीं। राजस्थान कॉलेज में भी बीए की पहली लिस्ट में सीबीएसई हिस्सेदारी महज 16% रही। महारानी और कॉमर्स कॉलेज में भी यही ट्रेंड दिखा। वजह- आरबीएसई का 12वीं में 97% तक रिजल्ट और सीबीएसई रिजल्ट/री-चैकिंग में देरी मानी जा रही है। कॉलेजवार बोर्ड दबदबा महाराजा कॉलेज: 1010 सीटें; CBSE सिर्फ 9.4%, RBSE करीब 90.6%राजस्थान कॉलेज: BA में CBSE करीब 16%, RBSE करीब 84%महारानी कॉलेज: 2660 सीटों में करीब 80% सीटें RBSE छात्राओं के नामकॉमर्स कॉलेज: ट्रेंड RBSE के पक्ष में, CBSE सीमित इसलिए पिछड़ा CBSE पहले रिजल्ट पैटर्न पर होता था एडमिशन पहले RBSE-CBSE रिजल्ट पैटर्न के अंतर को संतुलित करने के लिए पर्सेंटाइल फार्मूला लागू था। करीब 5 साल पहले फार्मूला हटने के बाद सीधे प्रतिशत आधारित मेरिट बनी। पहले पर्सेंटाइल से CBSE छात्रों को अपेक्षाकृत ज्यादा मौका मिलता था। 12वीं RBSE रिजल्ट - स्ट्रीमवार तुलना भास्कर एनालिसिस मेरिट में 2-4% का इजाफा
जाने-माने चेस्ट फिजिशियन एवं पल्मोनरी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. नलिन जोशी को नई दिल्ली में आयोजित डॉक्टर्स डे कॉन्क्लेव 2026 पर प्रतिष्ठित ''राजस्थान इंस्पायरिंग चेस्ट स्पेशलिस्ट ऑफ इंडिया” सम्मान से अलंकृत किया है। यह सम्मान छत्तीसगढ़ के राज्यपाल ने प्रदान किया। इस अवसर पर माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस राष्ट्रीय मंच पर देशभर के प्रतिष्ठित चिकित्सक, स्वास्थ्य विशेषज्ञ, नीति-निर्माता, शोधकर्ता एवं चिकित्सा जगत के अग्रणी व्यक्तित्व एकत्रित हुए। इस अवसर पर भारत सरकार की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। डॉ. जोशी को यह राष्ट्रीय सम्मान पल्मोनरी एवं रेस्पिरेटरी मेडिसिन (फेफड़ों एवं श्वसन रोगों) के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट चिकित्सीय योगदान, रोगी-केंद्रित सेवाओं, चिकित्सा अनुसंधान, शैक्षणिक उत्कृष्टता और समाज में श्वसन रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रदान किया। डॉ. जोशी एक प्रतिष्ठित चिकित्सक होने के साथ-साथ उत्कृष्ट शोधकर्ता एवं शिक्षाविद भी हैं। उनके नाम 95 शोध प्रकाशन दर्ज हैं, जिनमें 5 अंतरराष्ट्रीय एवं 91 राष्ट्रीय शोध पत्र शामिल हैं।
हरियाणा के नारनौल के साथ लगते राजस्थान के कोटपूतली में सड़क पर साइड देने को लेकर हरियाणा रोडवेज की चरखी दादरी डिपो की बस के कंडक्टर और एक डंपर ड्राइवर के बीच विवाद हो गया। मामूली कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। बीच सड़क हुई धक्का-मुक्की का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, दैनिक भास्कर वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता। मंगलवार सुबह दादरी डिपो की बस नारनौल होते हुए जयपुर जा रही थी। कोटपूतली में करीब 8:50 बजे सड़क पर आगे और पीछे दो बसें खड़ी हो गईं। साइड देने पर हुआ था विवाद इसी दौरान एक बंद डंपर को निकालने के दौरान साइड देने को लेकर विवाद शुरू हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहले दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला हाथापाई तक पहुंच गया। अभद्र भाषा का प्रयोग किया आरोप है कि रोडवेज बस के कंडक्टर ने डंपर ड्राइवर के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इसके बाद बस रुकने पर कंडक्टर और उसके साथ मौजूद कुछ अन्य लोगों ने डंपर ड्राइवर के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। वायरल वीडियो में बनियान पहने डंपर ड्राइवर को धक्का देकर सड़क पर गिराते हुए देखा जा सकता है। राहगीरों ने किया बीच-बचाव घटना के समय बस में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे। सड़क पर अचानक हुए हंगामे से कुछ देर के लिए माहौल गर्म हो गया। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। किसी ने शिकायत नहीं दी फिलहाल, किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि यदि शिकायत मिलती है तो वायरल वीडियो और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पलवल में संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने केंद्र सरकार के उस फैसले का विरोध किया है, जिसमें हरियाणा के हिस्से का यमुना जल राजस्थान को देने की बात कही गई है। मोर्चा ने तर्क दिया है कि दक्षिणी हरियाणा के पलवल, फरीदाबाद, गुरुग्राम और नूंह जिलों में पहले से ही पानी की भारी कमी है। किसान संगठनों के मुताबिक, इन जिलों के बड़े हिस्से में सिंचाई की उचित व्यवस्था नहीं है। इस कारण किसानों को खेती में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। मोर्चा का कहना है कि सरकार का यह निर्णय क्षेत्र के किसानों की परेशानी को और बढ़ाएगा। किसान नेता बोले- SYL समझौता लागू नहीं कर रही सरकार इस मुद्दे पर संयुक्त किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष मास्टर महेंद्र सिंह चौहान, धर्मचंद और उदय सिंह ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर समझौता दशकों से लंबित है, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे लागू करने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए हैं। नेताओं ने बताया कि पिछले 12 वर्षों से केंद्र में भाजपा गठबंधन की सरकार है। पंजाब में भी एक समय अकाली दल-भाजपा गठबंधन की सरकार रही थी। इसके बावजूद, हरियाणा के किसानों के लिए महत्वपूर्ण SYL नहर समझौते को लागू करवाने में केंद्र और राज्य सरकारों ने गंभीरता नहीं दिखाई। राजस्थान को पानी देने से बिगड़ सकती है स्थिति मोर्चा ने जोर दिया कि SYL समझौते के लागू न होने के कारण हरियाणा के बड़े हिस्से में सिंचाई व्यवस्था नहीं हो पाई है। अब सरकार ने यमुना के पानी को राजस्थान में देने का समझौता कर लिया है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है। संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्र और हरियाणा सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने और दशकों से लंबित SYL नहर समझौते को तुरंत लागू करने की मांग की है, ताकि हरियाणा के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके। इस दौरान संयुक्त किसान मोर्चा के नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान, उदय सिंह सरपंच, किसान सभा के जिला प्रधान रूपराम तेवतिया के साथ किसान नेता डॉ. रघुवीर सिंह, श्याम दत्त नंबरदार और नरेंद्र सहरावत भी शामिल थे।
MP के 25 साल के युवक ने 16 साल की नाबालिग गर्लफ्रेंड का शव राजस्थान के दौसा में लाकर दफना दिया। पुलिस ने आरोपी से सख्ती पूछताछ की तो उसने पूरा राज उगल दिया। आरोपी दौसा में ही काम करता था, ऐसे में उसने ये जगह चुनी, ट्रेन से नाबालिग को लेकर आया और ट्रैक के पास ही मारकर दफना दिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी की शादी तय हो गई थी। नाबालिग उसे शादी करने का दबाव बना रही थी। ऐसे में, उसने गर्लफ्रेंड की हत्या कर शव को जमीन में गाड़ दिया। MP से आई पुलिस ने मंगलवार को शव को निकाला तो कंकाल बरामद हुआ। नाबालिग लापता, परिजनों को शक था MP से आए पुलिसकर्मी ने बताया- मार्च महीने में परिजनों ने नाबालिग के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। परिजनों को युवक पर शक था। ऐसे में, इस पर नजर रखी गई थी। नाबालिग के पास कोई फोन भी नहीं था तो उसके बारे में कोई लोकेशन भी नहीं मिल रही थी। सोमवार को सबूतों के साथ युवक को डिटेन कर पूछताछ की तो उसने हत्या कर शव को दौसा जिले में दफनाने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद आज उसे यहां लेकर आए और खाली प्लाट से शव को निकलवाया है। ये 4 फीट नीचे कट्टे में डालकर गाड़ दिया गया था। पूछताछ में बोला- शादी का दबाव बना रही थी आरोपी ने पूछताछ में बताया- मार्च महीने में युवक की सगाई कहीं और हो गई थी। इस पर नाबालिग उससे शादी करने का दबाव बना रही थी। ऐसे में, युवक उसे दौसा लेकर आया और एक खाली प्लाट में उसकी हत्या कर शव कट्टे में भरकर दफना दिया। इसके बाद वापस MP आ गया। मार्च महीने में ही युवक की शादी थी। यह शादी के दिन ही गांव लौटा था। परिजनों से पूछताछ की तो शक गहराया पुलिस ने बताया- इधर, पुलिस की छानबीन जारी थी। परिजनों से भी संभावित ठिकानों को लेकर पूछताछ की तो सामने आया कि युवक दौसा में काम करता है। इसके बाद युवक को पकड़कर सख्ती से पूछताछ की तो उसने पूरा राज उगल दिया। DNA जांच होगी मंगलवार को दौसा पहुंच कर खाली प्लाट में खुदाई करवाई। 4 फीट खोदने पर सफेद रंग का कट्टा नजर आया। इसी में नाबालिग का शव था। शव पूरी तरह कंकाल में बदल जाने के कारण डीएनए जांच भी कराई जाएगी।
जयपुर के सीके बिरला हॉस्पिटल में रोबोटिक तकनिक से राजस्थान का पहला सफल किडनी ट्रांसप्लांट किया गया है। अलग ब्लड ग्रुप (एबीओ-इनकम्पेटिबल) होने के बावजूद पत्नी ने पति के लिए किडनी दान की और रोबोट से सर्जरी की गई। इस सर्जनी का नेतृत्व सीनियर ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ.देवेंद्र के.शर्मा ने किया। यह ट्रांसप्लांट बूंदी निवासी एंड स्टेज रीनल डिजीज (ESRD) से पीड़ित मरीज पर किया गया, जो लंबे समय से डायलिसिस पर निर्भर था। मरीज की पत्नी ने किडनी दान करने की इच्छा जताई, लेकिन दोनों के ब्लड ग्रुप अलग थे। मरीज का ब्लड ग्रुप बी-पॉजिटिव, जबकि पत्नी का ए-पॉजिटिव था। इतना ही नहीं, दोनों का एचएलए (ह्यूमन ल्यूकोसाइट एंटीजन) मैच भी शून्य था, जिससे यह ट्रांसप्लांट बेहद चुनौतीपूर्ण बन गया। डॉ. देवेंद्र शर्मा और उनकी टीम ने सर्जरी के दौरान पहले डोनर की किडनी को लैप्रोस्कोपिक डोनर नेफ्रेक्टोमी तकनीक से निकाला गया। इसके बाद रोबोटिक असिस्टेड रीनल एलोग्राफ्ट ट्रांसप्लांट के जरिए नई किडनी मरीज के शरीर में सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित की गई। नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. शील भद्र जैन और डॉ. अश्विनी शर्मा ने ऑपरेशन से पहले और बाद में दवाओं तथा इम्यूनोसप्रेशन प्रोटोकॉल का सफल प्रबंधन किया, जिससे मरीज का शरीर नई किडनी को स्वीकार कर सका। सर्जरी के तुरंत बाद नई किडनी ने सामान्य रूप से काम करना शुरू कर दिया। सफल रिकवरी के बाद मरीज को स्वस्थ अवस्था में हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई। इस जटिल ऑपरेशन में एनेस्थीसिया टीम के डॉ. अतुल और डॉ. रुचि, जबकि सर्जिकल टीम के डॉ. महेश जोशी और डॉ. प्रतीक का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
रतलाम शहर के थाना औद्योगिक में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई को राजस्थान के भीलवाड़ा में एसीबी टीम ने सोमवार शाम 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई पर धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ्तार आरोपी के भाई के साथ मारपीट नहीं करने और जांच में सहयोग के बदले 1 लाख 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप है। इसके पहले भी वह 10 हजार रुपए ले चुका था और शेष राशि में से 50 हजार रुपए लेने के लिए भीलवाड़ा के एक होटल में पहुंचा था। जिस होटल में आरोपी अपनी टीम के साथ ठहरा था, उसी होटल में एसीबी ने भी गोपनीय रूप से डेरा डाल रखा था। जैसे ही उसने कमरे में परिवादी से रिश्वत की रकम ली, एसीबी टीम ने तुरंत दबिश देकर उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। रतलाम से जुड़ा है मामलाएसीबी के महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता ने बताया, मामला रतलाम (मध्यप्रदेश) के 80 फीट रोड निवासी व्यापारी रतन जांगिड़ की शिकायत से जुड़ा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि जूनावास (भीलवाड़ा) निवासी मोहम्मद लियाकत ने रतलाम में नए आरटीओ कार्यालय के सामने स्थित बंद पड़ी ऑयल मिल और जमीन का 11 करोड़ 10 लाख रुपए में सौदा कर 25 लाख 76 हजार रुपए ले लिए, लेकिन न जमीन का अनुबंध कराया और न ही मालिक से मुलाकात कराई। इस शिकायत पर औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था और आरोपी को जांच के लिए रविवार को भीलवाड़ा लाया गया था। भीलवाड़ा एसीबी-द्वितीय को शिकायत मिली थी कि हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई, जो रतलाम के औद्योगिक क्षेत्र थाने में दर्ज एक धोखाधड़ी के मामले की जांच कर रहा था, परिवादी से रिश्वत मांग रहा है। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई। पहले 10 फिर 50 हजार लेने बुलायाएसीबी महानिदेशक के अनुसार जांच में सामने आया कि हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई ने गिरफ्तार आरोपी के भाई के साथ मारपीट नहीं करने और मामले में सहयोग करने के बदले 1 लाख 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। आरोपी पहले ही 10 हजार रुपए ले चुका था। इसके बाद शेष राशि में से 50 हजार रुपए लेने के लिए भीलवाड़ा के सर्किट हाउस के पास स्थित एक होटल में समय तय किया गया। वर्दी की जेब से मिले 50 हजार रुपएडिप्टी एसपी नरपत सिंह चारण के नेतृत्व में एसीबी टीम ने होटल में ट्रैप कार्रवाई की। इस दौरान हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई (40), निवासी रतलाम, परिवादी से 50 हजार रुपए लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान रिश्वत की पूरी राशि उसकी पहनी हुई पुलिस वर्दी की पैंट की जेब से बरामद हुई। एसीबी ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। रिश्वत लेते हेड कॉन्स्टेबल को सोमवार को पकड़ा था। टीम से अलग कमरे में बुलाकर लिए रुपएट्रैप कार्रवाई के दौरान हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई होटल के कमरा नंबर 104 में अपनी टीम से अलग ठहरा हुआ था। उसने परिवादी को इसी कमरे में रुपए लेकर आने के लिए बुलाया था। जबकि उसके साथ आई एएसआई सहित चार अन्य पुलिसकर्मी होटल के कमरा नंबर 105 में रुके हुए थे। शिकायत के सत्यापन के बाद बनाई गई रणनीति के तहत एसीबी टीम ने पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। जैसे ही आरोपी हेड कॉन्स्टेबल ने परिवादी से 50 हजार रुपए लिए, टीम ने तत्काल उसे दबोच लिया। रिश्वत की राशि मौके पर ही बरामद कर ली गई। अब आरोपी से पूछताछ के साथ मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
पुणे में 18 जून को केतन अग्रवाल हत्याकांड में गिरफ्तार सिया गोयल और उसके बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी को लेकर लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। पुणे में रहने वाले जोधपुर के चेतन के कुछ दोस्तों ने बताया कि चेतन के पिता की दुकान के सामने सिया गोयल के पिता का ऑफिस था। वह कॉलेज में पढ़ाई करते वक्त क्रिकेट खेलने के दौरान सिया के भाई साहिल के संपर्क में आया। इसके बाद सिया से दोस्ती हुई। दोनों को साथ घूमते उसके दोस्तों ने भी देखा था। चेतन ने अपने दोस्तों को बताया था कि वह और सिया रिलेशनशिप में हैं और जल्द ही शादी करेंगे। चेतन कई बार सिया को मारवाड़ी महिलाओं के पहनावे और राजस्थान के कल्चर से जुड़ी रील्स दिखाता था। सिया कई बार राजस्थान घूमने आई थी। उसने दोस्तों को बताया था कि- सिया और वह शादी के बाद उदयपुर या जोधपुर में शिफ्ट हो जाएंगे। इसके लिए सिया अपने परिवार से पैसों का इंतजाम कर लेगी। चेतन ने केतन हत्याकांड से दो–तीन महीने से समाज के लोगों और दोस्तों से मिलना भी बंद कर दिया था। मामले में पुणे पुलिस सिया और चेतन के मोबाइल डाटा की रिकवरी कर सर्च हिस्ट्री का पता लगा रही है। रिश्तेदार के पास रह रहा चेतन का परिवार पुणे में मार्केट यार्ड नाम के इलाके में जोधपुर के पलासनी गांव के चेतन के पिता बाबूलाल सीरवी की दुकान थी। 25 जून से दुकान बंद है और चेतन का परिवार घर के बजाय रिश्तेदार के वहां रह रहा है। इलाके में अधिकांश दुकानें मारवाड़–मेवाड़ के लोगों की है। जहां वे ड्राइफ्रूट और किराना का बिजनेस करते हैं। मार्केट में पाली, जोधपुर, नागौर, उदयपुर, जालोर–सिरोही के लोग बिजनेस करते हैं। वे परिवार के साथ मार्केट में दुकान के ऊपर ही रहते हैं। मार्केट यार्ड में अधिकांश व्यापारियों ने 27 जून को कैंडल मार्च निकालने की घटना के बाद से दुकान नहीं खोली हैं। मार्केट में दिन–रात पुलिस का पहरा है। घटना सामने आने के बाद से लोग चेतन को लेकर गुस्से में हैं। इस वजह से पुणे में मारवाड़ी लोगों के खिलाफ माहौल गरम है। ऐसे में वहां रहने वाले लोग भय व दहशत में रह रहे हैं। अभी माहौल गरम, कुछ बोले तो पुलिस–पब्लिक का डर पुणे के मार्केट यार्ड में 40 साल से बिजनेस कर रहे सोजत (पाली) के 65 साल के व्यक्ति ने बताया कि पुणे में काफी मारवाड़ी हैं। कई बार पहले भी हत्या, लूट और चोरी जैसे मामले में मारवाड़ के लोगों की गिरफ्तारी हुई है। लेकिन केतन हत्याकांड के बाद लोकल व मारवाड़ी लोगों के बीच खाई बनती जा रही है, जिसे ठीक होने में समय लगेगा। यहां रहने वाले बाली (पाली) के 35 साल के व्यक्ति ने बताया कि 27 जून को इस केस से आक्रोशित लोगों ने कैंडल मार्च निकाला था। कैंडल मार्च में मारवाड़ी लोग भी शामिल हुए, लेकिन अभी तक माहौल गरम है। इसलिए चेतन–सिया और उसके परिवार के बारे में कोई भी खुलकर नहीं बोल रहा है। दोनों के परिवार वालों को रिश्ते की जानकारी थी इधर, पुणे पुलिस की ओर से रिमांड में की गई पूछताछ से सामने आया है कि सिया और चेतन के रिश्ते की जानकारी दोनों परिवार को थी। सिया के परिवार ने केतन हत्याकांड के बाद चेतन के परिवार को घटना के बारे में बताया था। हालांकि उस वक्त तक दोनों परिवार को यह नहीं पता था कि केतन की हत्या में सिया या चेतन शामिल हैं। केतन हत्याकांड में कब क्या हुआ? 31 मई: सिया को केतन की हत्या का प्लान सूझा 11 फरवरी को सगाई के बाद केतन, सिया को घर लेकर आता था, साथ घुमाने ले जाता था। उसे ट्रैकिंग यानी पहाड़ी चढ़ने का शौक था। उसने सिया से ट्रैकिंग के लिए लोहगढ़ किले चलने को कहा। यहीं सिया को केतन की हत्या की प्लान सूझा। 5 जून: किले पर जाने की जिद की, केतन नहीं गया सिया ने 4 जून को केतन से दोबारा लोहगढ़ किला जाने की जिद की। केतन नहीं माना। 6 जून को केतन, उनकी बहन, एक दोस्त और सिया के इंडोनेशिया के बाली जाने के टिकट बुक थे। पुणे पुलिस के मुताबिक बाली न जाना पड़े, इसलिए सिया ने केतन का पासपोर्ट छिपा लिया। 14 जून: दूसरी कोशिश, धक्का दिया, लेकिन केतन बच गया सिया ने केतन से दोबारा किले पर चलने को कहा। पुलिस के मुताबिक 14 जून को दोनों किले पहुंचे। सिया ने केतन को धक्का दिया। लेकिन पेड़ का सहारा मिलने से केतन बच गया। उसने पूछा- धक्का क्यों दिया? सिया ने कहा, ‘एक सांप था, तुम्हें उससे बचाने के लिए धक्का दिया।’ केतन ने घर आकर सबको बताया कि सिया की वजह से उसकी जान बच गई। 18 जून: तीसरी कोशिश में बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर धक्का दिया 19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए केतन ने महाबलेश्वर में एक लग्जरी रिजॉर्ट बुक किया था। सिया ने उससे पहले केतन को प्री-वेडिंग फोटोशूट की बात कहकर लोहगढ़ किले पर जाने के लिए मना लिया। इस बार पीछे-पीछे चेतन भी था। एक जगह जब केतन पहाड़ियों की तरफ देख रहा था, तभी दोनों ने उसे पीछे से धक्का दे दिया। …. केतन हत्याकांड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1. बॉयफ्रेंड चेतन के साथ उदयपुर आई थी सिया:3 करोड़ में बुक किया था आलीशान रिसॉर्ट, केतन से यहीं शादी करने की जिद की थी पुणे (महाराष्ट्र) के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की आरोपी सिया गोयल अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी (23) के साथ उदयपुर भी आई थी। पूरी खबर पढ़िए… 2. जोधपुर का रहने वाला है सिया का बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी:गर्लफ्रेंड को पुणे से मेहरानगढ़ किला घुमाने लाया था, पैतृक घर पहुंचा भास्कर पुणे (महाराष्ट्र) में चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की आरोपी मंगेतर सिया गोयल का बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी (23) जोधपुर का रहने वाला है। चेतन का बिलाड़ा कस्बे के पलासनी गांव में पैतृक घर है। पूरी खबर पढ़िए…
राजस्थान में भीषण गर्मी और उमस ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। श्रीगंगानगर 45.1 डिग्री तापमान के साथ सोमवार को देश का सबसे गर्म जिला रहा। वहीं, जोधपुर, बीकानेर में भी इन दिनों मई जैसी गर्मी महसूस हो रही है। वहीं, कोटा, झालावाड़, बारां सहित कई जिलों में कल हल्के बादल छाए रहे। कुछ जिलों में बारिश भी हुई। मौसम विभाग ने मंगलवार को भी प्रदेश के 26 जिलों में आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम एक्सपर्ट के अनुसार राज्य में इस सप्ताह के अंत तक मानसून की एंट्री हो सकती है। कोटा, बारां के एरिया से मानसून के राजस्थान में प्रवेश करने की संभावना है। राजस्थान के मौसम की PHOTOS… ये शहर सबसे ज्यादा गर्म गर्मी-बारिश की बड़ी अपडेट्स कुछ एरिया में बारिश से राहत: पिछले 24 घंटों में झालावाड़ के अकलेरा में 6 मिमी, खानपुर में 12 मिमी, पिड़ावा में 3 मिमी, भरतपुर के नगर में 11 मिमी और अलवर के कठूमर में 9 मिमी बारिश दर्ज की गई। इन जिलों के अलावा दौसा और डूंगरपुर के इलाकों में भी हल्की बूंदाबांदी हुई। पारा 45 डिग्री सेल्सियस पार: सोमवार को सबसे ज्यादा तापमान श्रीगंगानगर में 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। फलोदी में 43.6, चूरू, बीकानेर में 42.8, बाड़मेर में 42.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इधर कोटा, बूंदी, टोंक, अजमेर, भीलवाड़ा समेत कई जिलों में गर्मी के साथ तेज उमस रही। राज्य के अधिकांश जिलों में ह्यूमिडिटी लेवल 60 से ऊपर है। आगे कैसा रहेगा मौसम… राजस्थान के बड़े शहरों में कैसा रहा मौसम जयपुर: राजधानी में सोमवार को सुबह हल्की बूंदाबांदी के बाद हवा थमने से उमस अचानक बढ़ गई, जिससे दिनभर लोग गर्मी और चिपचिपाहट से परेशान रहे। जयपुर में सोमवार को अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धूप में भी तेजी होने से लोग परेशान रहे। उदयपुर: लेकसिटी में सोमवार सुबह से मौसम सामान्य और सुहावना रहा। पिछले दिनों हुई बारिश के कारण हवा में ठंडक घुली हुई है। यहाँ अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कोटा: सोमवार को गर्मी और उमस का तीखा असर बना रहा। यहां अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी बढ़कर 29.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। दिनभर हवा में नमी के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी से जूझना पड़ा। अलवर: तेज गर्मी और उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया है। सोमवार को अधिकतम तापमान करीब 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दोपहर में कुछ समय के लिए आसमान में बादल जरूर छाए, लेकिन गर्मी से कोई राहत नहीं मिली। शाम करीब 6 बजे के बाद भी जिले के कई इलाकों में फिर से घने बादल नजर आए। जोधपुर: गर्मी और उमस का दौर लगातार जारी है। जिले का अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.6 डिग्री अधिक है। वहीं, न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 4.1 डिग्री अधिक 32.3 डिग्री रहा। मौसम विभाग ने जोधपुर में जुलाई के पहले सप्ताह से बारिश की संभावना जताई है। अजमेर: सोमवार को सुबह से ही लोग तीखी धूप और उमस से परेशान रहे। अजमेर में सोमवार को अधिकतम तापमान 39.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस रहा। गर्मी के कारण दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही भी कम नजर आई। सीकर: जिले में दिनभर बादल छाए रहे। उमस और तीखी गर्मी से लोग परेशान रहे। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में जिले में अच्छी बारिश होने की संभावना है। जिससे तापमान में गिरावट आएगी। सीकर में सोमवार को अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस, वहीं न्यूनतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग : राजस्थान ने जीते 15 पदक, सब जूनियर बालक वर्ग में बना चैंपियन
उदयपुर | हैदराबाद के जीएमसी बालयोगी स्टेडियम में संपन्न राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर इक्विप्ड पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में राजस्थान टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 15 पदक (4 स्वर्ण, 8 रजत और 3 कांस्य) जीते हैं। राजस्थान ने सब जूनियर बालक वर्ग में टीम चैंपियनशिप का खिताब जीता, जबकि सब जूनियर बालिका वर्ग में टीम उपविजेता रही। संघ के आयोजन सचिव विनोद साहू ने बताया कि सब जूनियर वर्ग में रंजीत मंडल, श्रीकांत बिस्सा, ममता चांवरिया और कशिश बन ने स्वर्ण; व्योम जावा, सांकेत चतुर्वेदी, सिद्धि कुमारी ने रजत और जीनल गुजराती ने कांस्य पदक जीता। जूनियर वर्ग में चिराग शर्मा, प्रिंस, महेश कुमार, भूमिका सारस्वत व आकांक्षा कुमावत ने रजत, जबकि जितेंद्र शर्मा और मनीष चौधरी ने कांस्य पदक हासिल किया। टीम के कोच आशीष जैमन, हंसराज किराडू और आशीष ओझा थे। इस उपलब्धि पर संघ के अध्यक्ष दिनेश श्रीमाली व सचिव डॉ. देवेंद्र साहू ने बधाई दी। सभी विजेताओं को अगले माह जुलाई में होने वाली राज्य सीनियर प्रतियोगिता में सम्मानित किया जाएगा।
इंटरनेशनल पिच पर राजस्थान टूरिज्म की ब्रांडिंग, भारत-आयरलैंड मैच में मिला मंच
उदयपुर | विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पर्यटन विभाग ने नई पहल शुरू की है। अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के जरिए भी राजस्थान टूरिज्म का प्रचार किया जा रहा है। हाल ही भारत और आयरलैंड के बीच हुई दो टी20 मैचों की सीरीज के दौरान मैदान के चारों ओर राजस्थान टूरिज्म की ब्रांडिंग की गई। विभाग का उद्देश्य मैच देखने स्टेडियम पहुंचे दर्शकों के साथ-साथ टीवी पर मुकाबले देखने वाले करोड़ों लोगों तक राजस्थान की पर्यटन संभावनाओं को पहुंचाना है। विभाग का मानना है कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रचार-प्रसार से न केवल देश बल्कि विदेशों में भी राजस्थान की पहचान और मजबूत होगी। खासकर आयरलैंड जैसे देशों से, जहां से अभी प्रदेश में पर्यटकों की संख्या अपेक्षाकृत कम है, वहां से पर्यटकों की संख्या बढ़ाने में यह पहल अहम साबित हो सकती है। दूसरा पहलू ये भी है कि कोविड टाइम के बाद विदेशी पर्यटक कुछ घटे हैं। अधिकारियों के अनुसार इस तरह की मार्केटिंग से विदेशी पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी। उदयपुर में हर साल करीब दो लाख विदेशी पर्यटक आते हैं। विभाग को उम्मीद है कि इस पहल से आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ेगी। पर्यटन विभाग की योजना भविष्य में अन्य बड़े अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों और खेल आयोजनों में भी राजस्थान टूरिज्म का इसी तरह प्रचार करने की है, ताकि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और प्रमुख पर्यटन स्थलों को विश्व स्तर पर अधिक पहचान मिल सके। होटल एसोसिएशन बोला- इससे पर्यटन उद्योग को नई गति मिलेगी होटल एसोसिएशन दक्षिणी राजस्थान के सचिव राकेश चौधरी ने इस पहल को सराहनीय और दूरदर्शी बताया। उन्होंने कहा कि क्रिकेट जैसे वैश्विक मंच पर राजस्थान पर्यटन का प्रचार प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली विरासत और पर्यटन स्थलों को दुनिया भर में नई पहचान दिलाएगा। इससे पर्यटन उद्योग को नई गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। पर्यटन विभाग का टारगेट- विदेशों के पर्यटक, जो कोरोना काल के बाद कम हुए
राजस्थान विश्वविद्यालय ने सत्र 2026-27 के ग्रेजुएशन एडमिशन के लिए पहली मेरिट लिस्ट जारी कर दी है। यूनिवर्सिटी महारानी कॉलेज, महाराजा कॉलेज, राजस्थान कॉलेज और यूनिवर्सिटी कॉमर्स कॉलेज समेत सभी संघटक कॉलेजों की पहली कट-ऑफ सोमवार को वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई। सीटों के मुकाबले कई गुना आवेदन आने के कारण इस बार अधिकांश लोकप्रिय कोर्सों की कट-ऑफ पिछले सालों की तुलना में अधिक रही।पहली मेरिट लिस्ट में चयनित विद्यार्थियों को 30 जून से 2 जुलाई तक संबंधित कॉलेज में दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा। इसके बाद 3 जुलाई तक फीस जमा कर प्रवेश सुनिश्चित करना होगा।महारानी कॉलेज में बीकॉम पास कोर्स की कट-ऑफ सबसे ज्यादा 97%यूनिवर्सिटी महारानी कॉलेज में कॉमर्स संकाय की कट-ऑफ सबसे अधिक रही। बीकॉम पास कोर्स में सामान्य वर्ग की कट-ऑफ 97 प्रतिशत रही। ओबीसी के लिए 94.40, एससी 87.20, एसटी 75.60, ईडब्ल्यूएस 92.40 और एमबीसी 80.40 प्रतिशत रही।बीकॉम मेजर (एबीएसटी) में सामान्य वर्ग की कट-ऑफ 96.20 प्रतिशत, ओबीसी 92.30, एससी 79, एसटी 61, ईडब्ल्यूएस 91.20 और एमबीसी 80.80 प्रतिशत रही। बीकॉम मेजर (बीएडीएम) में सामान्य वर्ग की कट-ऑफ 95.40 प्रतिशत, जबकि बीकॉम मेजर (ईएएफएम) में 96.20 प्रतिशत रही। वहीं बीबीए (एसएफएस) में सामान्य वर्ग की कट-ऑफ 91.20 प्रतिशत रही। राजस्थान कॉलेज में बीए के लिए 95.79% तक पहुंची कट-ऑफराजस्थान कॉलेज में थ्री/फोर ईयर बीए पास कोर्स (डे) में सामान्य वर्ग की कट-ऑफ 95.79 प्रतिशत रही। ओबीसी 93.80, एससी 91, एसटी 91.60, ईडब्ल्यूएस 92.40 और एमबीसी 93 प्रतिशत रही।एसएफएस बीए पास कोर्स में सामान्य वर्ग की कट-ऑफ 68.40 प्रतिशत रही। बीए मेजर में भूगोल और राजनीति विज्ञान के लिए सामान्य वर्ग की कट-ऑफ 94-94 प्रतिशत रही। अर्थशास्त्र में 91.60, इतिहास में 90.60, अंग्रेजी साहित्य में 90, हिंदी में 75.80, मनोविज्ञान में 74 और समाजशास्त्र में 70 प्रतिशत कट-ऑफ रही। लोक प्रशासन विषय में 50 प्रतिशत तक प्रवेश रखा गया है। कॉमर्स कॉलेज में बीकॉम रेगुलर के लिए 93% कट-ऑफकॉमर्स कॉलेज में बीकॉम रेगुलर के लिए सामान्य वर्ग की कट-ऑफ 93 प्रतिशत रही। ओबीसी 88, एससी 75, एसटी 45.20, एमबीसी 61.60 और ईडब्ल्यूएस 85 प्रतिशत रही।बीबीए में सामान्य वर्ग की कट-ऑफ 90.20 प्रतिशत, बीसीए में 87.60 प्रतिशत रही। बीकॉम (एबीएसटी) में सामान्य वर्ग की कट-ऑफ 93 प्रतिशत, बीकॉम (बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) में 86.50 प्रतिशत और बीकॉम (ईएएफएम) में 84.60 प्रतिशत रही। बीकॉम (एसएफएस) में सामान्य वर्ग की कट-ऑफ 75 प्रतिशत और बीकॉम (बीएफएसआई) में 75.80 प्रतिशत रही। महाराजा कॉलेज में बीएससी (मैथ्स) की कट-ऑफ सबसे ज्यादा 96%महाराजा कॉलेज में विज्ञान संकाय की पहली मेरिट लिस्ट में सबसे अधिक कट-ऑफ बीएससी (मैथ्स) के लिए रही। सामान्य वर्ग में बीएससी (मैथ्स) की कट-ऑफ 96 प्रतिशत दर्ज की गई। इसके अलावा बीएससी (मैथ्स ग्रुप) में 95.40 प्रतिशत, बीएससी (फिजिक्स) में 95.40 प्रतिशत, बीएससी (केमिस्ट्री) में 93.40 प्रतिशत, बीएससी (जूलॉजी) में 92 प्रतिशत, बीएससी (बायो ग्रुप) में 91.20 प्रतिशत और बीएससी (बॉटनी) में 91 प्रतिशत कट-ऑफ रही। वहीं बीसीए में सामान्य वर्ग की कट-ऑफ 90 प्रतिशत और बीएससी (स्टैटिस्टिक्स) में 71 प्रतिशत रही। अधिकांश पाठ्यक्रमों में ओबीसी, एससी, एसटी, ईडब्ल्यूएस और एमबीसी वर्ग की कट-ऑफ भी 80 से 94 प्रतिशत के बीच रही, जिससे स्पष्ट है कि इस बार महाराजा कॉलेज में भी प्रवेश के लिए कड़ा मुकाबला देखने को मिला। रिक्त सीटें बचने पर जल्द जारी होगी दूसरी मेरिट लिस्ट राजस्थान विश्वविद्यालय में इस बार 22 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि चारों संघटक कॉलेजों में करीब 6700 आवेदन जमा हुए। सीटों की तुलना में कई पाठ्यक्रमों में तीन गुना तक आवेदन आने से प्रवेश के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ी और पहली कट-ऑफ भी ऊंची रही। विश्वविद्यालय के अनुसार पहली मेरिट लिस्ट में चयनित विद्यार्थियों को 30 जून से 2 जुलाई तक दस्तावेज सत्यापन कराना होगा। इसके बाद 3 जुलाई तक फीस जमा करने के बाद संबंधित कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी। रिक्त सीटें बचने पर विश्वविद्यालय दूसरी मेरिट लिस्ट जारी करेगा।
पर्यटन के क्षेत्र में राजस्थान ने वर्ष 2026 की पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर देश और दुनिया के पर्यटकों की पहली पसंद बनने का प्रमाण दिया है। सोमवार को विभाग की ओर से जारी हुए आकड़ों में जनवरी से मार्च 2026 के बीच राज्य में कुल 6 करोड़ 19 लाख 86 हजार 185 पर्यटक यात्राएं दर्ज की गईं। इनमें 6 करोड़ 12 लाख 87 हजार 727 घरेलू और 6 लाख 98 हजार 458 विदेशी पर्यटक शामिल रहे। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि राजस्थान में धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक धरोहर, संस्कृति और प्राकृतिक पर्यटन का अनूठा संगम लगातार पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक दलीप सिंह राठौड़ ने बताया कि इस अवधि के आंकड़ों का विश्लेषण यह दर्शाता है कि घरेलू और विदेशी पर्यटकों की पसंद अलग-अलग रही। जहां देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं ने धार्मिक स्थलों को सबसे अधिक महत्व दिया, वहीं विदेशी पर्यटकों ने राजस्थान के किलों, महलों, यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों और वन्यजीव अभयारण्यों को अपनी पहली पसंद बनाया। खाटूश्यामजी बने घरेलू पर्यटकों की पहली पसंद घरेलू पर्यटन के आंकड़ों में सीकर स्थित खाटूश्यामजी मंदिर ने सबसे अधिक श्रद्धालुओं को आकर्षित किया। केवल तीन महीनों में यहां 68 लाख श्रद्धालु पहुंचे। दूसरे स्थान पर करौली का कैलादेवी मंदिर रहा, जहां 47.42 लाख पर्यटकों ने दर्शन किए। चित्तौड़गढ़ स्थित सांवलियाजी मंदिर करीब 28.70 लाख श्रद्धालुओं के साथ तीसरे स्थान पर रहा। इसके बाद पुष्कर, अजमेर शरीफ दरगाह और जैसलमेर के प्रमुख पर्यटन स्थलों ने भी बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित किया। खास बात यह रही कि जैसलमेर ने अकेले पांच पर्यटन स्थलों जैसलमेर किला, रामदेवरा, सम सैंड ड्यून्स, पटवों की हवेली और तनोट माता मंदिर के साथ शीर्ष दस घरेलू पर्यटन स्थलों में सबसे अधिक प्रतिनिधित्व दर्ज कराया। विदेशी पर्यटकों को सबसे ज्यादा पसंद आया आमेर विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद जयपुर का आमेर पैलेस रहा, जहां तीन महीनों में 91,422 विदेशी पर्यटक पहुंचे। इसके बाद जंतर-मंतर, जोधपुर का मेहरानगढ़ किला, उदयपुर का सिटी पैलेस और सहेलियों की बाड़ी ने विदेशी पर्यटकों को सबसे अधिक आकर्षित किया। वन्यजीव पर्यटन में रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान ने भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं जगदीश मंदिर (उदयपुर), आभानेरी की चांद बावड़ी, जोधपुर का जसवंत थड़ा और रणकपुर जैन मंदिर भी विदेशी पर्यटकों के पसंदीदा स्थलों में शामिल रहे। इससे स्पष्ट है कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटक राजस्थान की शाही विरासत, स्थापत्य कला, संस्कृति और प्राकृतिक विविधता को करीब से अनुभव करना चाहते हैं। धार्मिक पर्यटन बना सबसे मजबूत आधार पर्यटन विभाग के अनुसार राजस्थान में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन लगातार मजबूत हो रहा है। खाटूश्यामजी, कैलादेवी, सांवलियाजी, पुष्कर और अजमेर शरीफ जैसे स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से यह स्पष्ट है कि धार्मिक पर्यटन राज्य की पर्यटन अर्थव्यवस्था का सबसे मजबूत स्तंभ बन चुका है। वहीं दूसरी ओर विदेशी पर्यटकों के लिए राजस्थान आज भी अपनी ऐतिहासिक धरोहर, शाही महलों, किलों, संग्रहालयों और वन्यजीव पर्यटन के कारण वैश्विक स्तर पर आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। राठौड़ ने कहा कि राजस्थान का पर्यटन अब केवल विरासत पर्यटन तक सीमित नहीं रहा है। धार्मिक, सांस्कृतिक, रेगिस्तानी, साहसिक और वन्यजीव पर्यटन एक-दूसरे के पूरक बनकर राज्य की पर्यटन अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं। यही विविधता राजस्थान को देश ही नहीं बल्कि दुनिया के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में मजबूती से स्थापित करती है। पहली तिमाही में पर्यटन की प्रमुख झलकियां कुल पर्यटक यात्राएं – 6,19,86,185 घरेलू पर्यटक – 6,12,87,727 विदेशी पर्यटक – 6,98,458 घरेलू पर्यटकों की पहली पसंद – खाटूश्यामजी, सीकर विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद – आमेर पैलेस, जयपुर शीर्ष 10 घरेलू स्थलों में सबसे अधिक प्रतिनिधित्व – जैसलमेर (5 स्थल) जनवरी–मार्च 2026 में घरेलू पर्यटकों की पहली पसंदरैंक पर्यटन स्थल जिला घरेलू पर्यटक1 खाटूश्यामजी सीकर 68,00,0002 कैलादेवी मंदिर करौली 47,42,5683 सांवलियाजी मंदिर चित्तौड़गढ़ 28,70,0004 पुष्कर अजमेर 18,78,3125 जैसलमेर किला जैसलमेर 16,86,3306 रामदेवरा जैसलमेर 16,86,3307 सम सैंड ड्यून्स जैसलमेर 15,96,2008 पटवों की हवेली जैसलमेर 15,70,5509 तनोट माता मंदिर जैसलमेर 15,01,00010 अजमेर शरीफ दरगाह अजमेर 14,93,122 जनवरी–मार्च 2026 में विदेशी पर्यटकों की पहली पसंदरैंक पर्यटन स्थल विदेशी पर्यटक1 आमेर पैलेस, जयपुर- 91,4222 जंतर-मंतर, जयपुर- 80,8203 मेहरानगढ़ किला, जोधपुर- 38,8344 सिटी पैलेस, उदयपुर- 36,8505 सहेलियों की बाड़ी, उदयपुर- 34,4806 रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान- 30,8297 जगदीश मंदिर, उदयपुर- 30,5508 चांद बावड़ी, आभानेरी- 29,0309 जसवंत थड़ा, जोधपुर- 26,11710 रणकपुर जैन मंदिर- 25,593
स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने फर्जी FMGE (फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन) सर्टिफिकेट मामले में विदेश से MBBS करने वाले तीन और डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने 25 लाख रुपए तक खर्च कर फर्जी प्रमाण-पत्र तैयार करवाए और उनके आधार पर राजस्थान मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण कराकर मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप भी की। मामला एसओजी थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 08/2026 से जुड़ा है, जिसमें धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश की धाराओं में जांच चल रही है। फिलहाल एसओजी की टीम आरोपियों से पूछताछ में जुट गई है। गिरफ्तार आरोपी डॉक्टर्स के नाम नवदीप तंबोलिया (27), निवासी उम्मेदगढ़, बागीदौरा, जिला बांसवाड़ा, चिराग साहू (28), निवासी छोटी सादड़ी, जिला प्रतापगढ़ और आफरीदी खान (25), निवासी मंडावर, जिला दौसा है। तीनों आरोपियों को 28 और 29 जून 2026 को गिरफ्तार किया गया। कई सरकारी मेडिकल कॉलेजों में की इंटर्नशिप ADG (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया- जांच में खुलासा हुआ कि विदेश से MBBS करने के बाद FMGE स्क्रीनिंग परीक्षा पास नहीं कर पाने वाले अभ्यर्थियों के लिए फर्जी सर्टिफिकेट तैयार किए गए। इन प्रमाणपत्रों के आधार पर राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराया गया और कई सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप भी की गई। तीनों आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने क्रमशः किर्गिस्तान और कजाकिस्तान से एमबीबीएस करने के बाद फर्जी एफएमजीई प्रमाण पत्र बनवाए और इसके जरिए मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप की। जांच के अनुसार, फर्जी सर्टिफिकेट बनवाने के लिए 23.5 लाख से 25 लाख रुपए तक की रकम चुकाई गई। इस रैकेट का मुख्य सरगना भानाराम माली और उसके सहयोगी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। आरोप है कि गिरोह प्रत्येक अभ्यर्थी से 20 से 30 लाख रुपए लेकर फर्जी प्रमाणपत्र तैयार करता था। तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर 4 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है। एसओजी पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच में जुटी हुई है। नवदीप तंबोलिया ने वर्ष 2022 में किर्गिस्तान से किया था एमबीबीएस पूछताछ में सामने आया कि नवदीप तंबोलिया ने वर्ष 2022 में किर्गिस्तान से एमबीबीएस किया था। भारत लौटने के बाद उसने कई बार एफएमजीई परीक्षा दी, लेकिन सफल नहीं हुआ। इसके बाद अपने गांव के पड़ोसी निशांत टेलर के माध्यम से पहले से गिरफ्तार आरोपी शुभम गुर्जर से संपर्क किया। करीब 25 लाख रुपए देकर फर्जी एफएमजीई सर्टिफिकेट बनवाया। इसके आधार पर उसने राजकीय मेडिकल कॉलेज दौसा में इंटर्नशिप भी कर ली। शुभम गुर्जर पहले से न्यायिक हिरासत में है। चिराग साहू ने वर्ष 2023 में कजाकिस्तान से किया था एमबीबीएस चिराग साहू ने वर्ष 2023 में कजाकिस्तान से एमबीबीएस किया। कई प्रयासों के बावजूद एफएमजीई परीक्षा पास नहीं कर पाया। इसके बाद कजाकिस्तान में साथ पढ़ने वाले विकास यादव के जरिए 23.50 लाख रुपए में फर्जी एफएमजीई सर्टिफिकेट बनवाया और राजकीय पैसिफिक मेडिकल कॉलेज, उदयपुर में इंटर्नशिप की। विकास यादव को एसओजी 26 मार्च 2026 को ही गिरफ्तार कर चुकी है और वह न्यायिक हिरासत में है। आफरीदी खान ने वर्ष 2022 में कजाकिस्तान से किया था एमबीबीएस आफरीदी खान ने वर्ष 2022 में कजाकिस्तान से एमबीबीएस किया था। भारत लौटने के बाद कई बार एफएमजीई परीक्षा में असफल रहा। इसके बाद उसने अपने सीनियर शुभम गुर्जर के माध्यम से 25 लाख रुपए देकर फर्जी एफएमजीई सर्टिफिकेट बनवाया और राजकीय मेडिकल कॉलेज अलवर में इंटर्नशिप पूरी की। पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड था भानाराम माली ADG (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया- एसओजी की जांच में सामने आया है कि इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड भानाराम माली था। वह अपने सहयोगियों शुभम गुर्जर और इंद्रराज गुर्जर के साथ मिलकर फर्जी एफएमजीई सर्टिफिकेट तैयार करवाता था। इसके बाद राजस्थान मेडिकल काउंसिल में पंजीयन कराने की व्यवस्था भी यही गिरोह करता था। इसके लिए प्रत्येक अभ्यर्थी से 20 से 30 लाख रुपए वसूले जाते थे। इस मामले में पहले ही फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर इंटर्नशिप करने वाले 17 डॉक्टर, राजस्थान मेडिकल काउंसिल के तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा, यूडीसी अखिलेश माथुर, एलडीसी फरहान हसन, मुख्य आरोपी भानाराम माली और एक दलाल सहित कुल 25 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके थे। अब तीन और डॉक्टरों की गिरफ्तारी के बाद कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 28 हो गई है। ---------------- मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… विदेश से MBBS करके आए 3 डॉक्टर गिरफ्तार:तीनों ने 74 लाख रुपए में बनवाए थे फर्जी सर्टिफिकेट; RMC में करवा लिया रजिस्ट्रेशन राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने विदेश (कजाकिस्तान) से MBBS करने वाले तीन डॉक्टर को शनिवार को गिरफ्तार किया। आरोप है कि तीनों डॉक्टर ने कुल 74 लाख रुपए देकर फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट (FMG) का फर्जी सर्टिफिकेट बनवाया। (पूरी खबर पढ़ें…) 5 लाख लेकर फर्जी प्रमाण-पत्र को वेरिफाई करने वाला गिरफ्तार:सरकारी कर्मचारी ने विदेश से MBBS करने वाले स्टूडेंट्स के फर्जी रजिस्ट्रेशन किए विदेश से MBBS करने वालों को नौकरी नहीं मिलेगी:प्राइवेट प्रैक्टिस भी नहीं कर पाएंगे, राजस्थान मेडिकल काउंसिल ने रजिस्ट्रेशन अटकाया
हरियाणा के हिसार घग्घर मल्टीपरपज ड्रेन से नोहर फीडर नहर पर ओवरफ्लो पानी की निकासी के लिए चल रहे निर्माण कार्य को लेकर विवाद गहरा गया है। इसका पता चलते ही सोमवार को राजस्थान के नोहर तहसील के लगभग 20 से 25 गांवों के किसान हरियाणा के चौपटा स्थित नहर स्थल पर पहुंचे और धरना शुरू कर दिया। किसानों ने मौके पर दरी बिछाकर प्रदर्शन किया और राजस्थान के नोहर नहरी विभाग के सहायक अभियंता (एसी) संजीव वर्मा तथा अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) मनदीप धालीवाल को अपने बीच बैठाकर उच्च अधिकारियों को बुलाने की मांग की। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक सिरसा से हरियाणा नहरी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर आकर बातचीत नहीं करेंगे, तब तक वे धरना समाप्त नहीं करेंगे। कुछ देर बाद नोहर नहरी विभाग के एसी संजीव वर्मा पहुंचे। इस दौरान किसानों ने अधिकारियों का घेराव भी किया। सोहन लाल बोले- विभाग ने किसानों के साथ धोखा किया पूर्व प्रधान सोहन लाल ढील ने आरोप लगाया कि हरियाणा के नहरी विभाग ने किसानों के साथ धोखा किया है। उन्होंने बताया कि किसानों द्वारा पहले निर्माण कार्य रुकवा दिया गया था, इसके बावजूद इसे दोबारा शुरू कर दिया गया है। ढील ने कहा कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। धरने में प्रधान गुरमैल सिंह जसाना, रामचंद्र न्यौल, महावीर शर्मा, सर्वमित्र, मांगेराम, गोपीराम, मानसिंह और रमेश सहित कई किसान मौजूद रहे। यह विवाद कई देर तक चला। जानें…पूरा विवाद दरअसल, यह नोहर फीडर नहर और हिसार घग्गर ड्रेन की माखोसरानी गांव के पास क्रॉसिंग है। यह ड्रेन बारिश के दिनों में अक्सर ओवरफ्लो रहती है। ऐसे में सिरसा का नहरी विभाग ग्रामीणों की मांग पर ओवरफ्लो का पानी इस नोहर फीडर नहर के जरिए डालने की प्लानिंग कर रहा है। इसका कंट्रक्शन कार्य भी जारी है। इसकी भनक राजस्थान के किसानों को लग गई और यहां आ पहुंचे। राजस्थान के किसान बोले-दूषित पानी पीकर बीमार हो रहे राजस्थान के किसानों का कहना है कि यह नोहर फीडर का पानी हमारे गांव के जलघरों में जाता है। अगर यह बारिश का पानी इस नहर में छोड़ दिया जाएगा तो यह सीधा जलघरों में आएगा। ऐसे में सप्लाई से घर में छोड़ा जाएगा और ये दुषित पानी पीकर सब बीमार हो जाएंगे। इस कारण ये कंट्रक्शन बंद कर पानी का कोई विकल्प तलाश लिया जाएगा। इस नहर में पानी डालने के बजाय घग्गर की चौड़ाई की जाएगाी एसई बोले- हरियाणा ने बिना अनुमति के निर्माण कार्य कराया नोहर नहरी विभाग के एसई संजीव वर्मा ने बताया कि हरियाणा के नहरी विभाग ने उनके विभाग से बिना अनुमति लिए यह निर्माण कार्य कराया है और यह अभी भी जारी है। उन्होंने किसानों की चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जिस क्षेत्र में 14 वाटर वर्क्स के लिए पेयजल का भंडारण होता है। वहां ओवरफ्लो का पानी पहुंचने से पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। एसई ने कहा कि वे किसानों के साथ हैं और उनकी मांग के अनुसार सिरसा के उच्च अधिकारियों से बातचीत कराने का प्रयास किया जा रहा है।
जयपुर के फिल्ममेकर दीपांकर प्रकाश की फिल्म ने मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (MIFF)-2026 में सिल्वर कॉन्च अवॉर्ड जीतकर राजस्थान का गौरव बढ़ाया है। प्रतिष्ठित फिल्म समारोह में मिली इस उपलब्धि ने प्रदेश की फिल्म प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। फिल्ममेकर दीपांकर प्रकाश ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराते हुए राजस्थान का नाम रोशन किया है। दीपांकर की ओर से निर्मित इंडो-ईरानी शॉर्ट फिक्शन फिल्म 'अंडर द स्नो' (Under The Snow) को देश के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म समारोह MIFF 2026 में 'सिल्वर कॉन्च- बेस्ट इंटरनेशनल शॉर्ट फिक्शन फिल्म' पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान फिल्म के निर्माता दीपांकर प्रकाश ने समापन समारोह में निर्देशक नफीसेह जारे और सह-निर्माता कोट्टुकाथिरा प्रकाश की ओर से प्राप्त किया। यह उपलब्धि न केवल जयपुर, बल्कि पूरे राजस्थान के फिल्म जगत के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दुनिया के कई देशों की फिल्मों के बीच इस फिल्म का सम्मानित होना भारतीय सिनेमा के लिए भी बड़ी उपलब्धि है। थिएटर से शुरू हुआ सफर, अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहचान जयपुर में पले-बढ़े दीपांकर प्रकाश ने अपने करियर की शुरुआत थिएटर से की। रंगमंच पर अभिनय और प्रस्तुति के अनुभव ने उन्हें फिल्म निर्माण की ओर प्रेरित किया। बाद में उन्होंने मुंबई का रुख किया और स्वतंत्र फिल्म निर्माता के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने ऐसी फिल्मों का निर्माण किया, जिनकी कहानियों और प्रस्तुति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। अब तक दीपांकर तीन फीचर फिल्मों और कई शॉर्ट फिल्मों का निर्माण कर चुके हैं। उनकी फिल्मों का प्रदर्शन देश-विदेश के कई प्रतिष्ठित फिल्म समारोहों में हो चुका है और उन्हें कई सम्मान भी मिल चुके हैं। भारत और ईरान के रचनात्मक सहयोग का उदाहरण बनी फिल्म 'अंडर द स्नो' भारत और ईरान के फिल्मकारों के संयुक्त प्रयास का परिणाम है। यह एक इंडो-ईरानी को-प्रोडक्शन है, जिसने दोनों देशों के रचनात्मक सहयोग को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है। फिल्म अपनी संवेदनशील कहानी, प्रभावशाली सिनेमैटोग्राफी और मानवीय भावनाओं की गहराई के कारण अंतरराष्ट्रीय जूरी को प्रभावित करने में सफल रही। मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का आयोजन राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम और भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से किया जाता है। यह देश का सबसे प्रतिष्ठित गैर-फीचर फिल्म महोत्सव माना जाता है, जहां दुनिया भर से चुनी हुई डॉक्यूमेंट्री, शॉर्ट फिक्शन और एनीमेशन फिल्मों का प्रदर्शन होता है। इस मंच पर सम्मान मिलना किसी भी फिल्म निर्माता के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सीआईए नारनौल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को अवैध हथियार और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक युवक हत्या के मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था, जिसकी गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है। पुलिस के अनुसार सीआईए नारनौल की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए राजस्थान के बहरोड़ थाना सदर क्षेत्र के गांव भिंढोर निवासी सचिन को एक अवैध देशी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ और रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि सचिन थाना नांगल चौधरी में दर्ज हत्या के एक मामले में काफी समय से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी से पुलिस को लंबित मामले की जांच में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। इसी अभियान के दौरान पुलिस ने अटेली थाना क्षेत्र के गांव गुजरवास निवासी रवि को भी एक अवैध देशी कट्टा और दो जिंदा कारतूस सहित गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना नांगल चौधरी में शस्त्र अधिनियम के तहत अलग-अलग मामले दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों से बरामद हथियारों के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि हथियार कहां से लाए गए थे और उनका इस्तेमाल किसी अन्य आपराधिक घटना में तो नहीं हुआ। इसके अलावा दोनों आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार जिले में अपराधियों और अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने आमजन से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास अवैध हथियार होने या किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
हरियाणा और राजस्थान के बीच ऐतिहासिक समझौता, प्यासी मरुधरा को मिलेगी यमुना की धार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, सहकारी संघवाद की भावना तथा केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के सतत मार्गदर्शन और समन्वयकारी प्रयासों से राजस्थान की बहुप्रतीक्षित यमुना जल परियोजना को ऐतिहासिक सफलता मिली।
मंडी-सुंदरनगर फोरलेन पर STF की कार्रवाई:कार से 1.055 किलो चरस बरामद, राजस्थान के चार युवक गिरफ्तार
स्पेशल टास्क फोर्स (STF) कुल्लू की टीम ने मंडी-सुंदरनगर फोरलेन पर तरोट के पास नाकाबंदी के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए 1.055 किलोग्राम चरस बरामद की है। इस मामले में राजस्थान के चार युवकों को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के अनुसार, STF कुल्लू की टीम नियमित वाहन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान मंडी की ओर से आ रही एक कार को शक के आधार पर रोका गया। तलाशी लेने पर कार की डिक्की में बिछे मैट के नीचे छिपाकर रखे गए पांच पैकेट मिले, जिनमें कुल 1.055 किलोग्राम चरस पाई गई। पुलिस ने मौके पर ही कार में सवार चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान राजस्थान के झुंझुनू जिले के आशीष कुमार, वीरेंद्र कुमार, जैकी और प्रमोद के रूप में हुई है। सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज चारों आरोपियों के खिलाफ धनोटू पुलिस थाना में मादक पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) की धारा 20, 25 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि बरामद चरस कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था। साथ ही, आरोपियों के संभावित नेटवर्क और अन्य लोगों की संलिप्तता की भी पड़ताल की जा रही है। इस कार्रवाई को STF कुल्लू की टीम के एएसआई भानु प्रताप, आरक्षी शाहिद अली, मोमिन खान और शंकर सिद्धार्थ ने अंजाम दिया। STF कुल्लू के डीएसपी हेमराज ने बताया कि मामले की आगे की जांच धनोटू पुलिस कर रही है और उम्मीद है कि जांच के दौरान इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य अहम सुराग भी सामने आ सकते हैं।
यशवीर को रजत, उमा-राहुल-पर्रु को कांस्य; राजस्थान का अच्छा प्रदर्शन
जयपुर | ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित कलिंगा स्टेडियम में आयोजित 65वीं नेशनल इंटर स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में राजस्थान के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक रजत और तीन कांस्य जीते। पुरुष जैवलिन थ्रो में यशवीर सिंह ने 83.72 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर रजत जीता। वहीं महिला जैवलिन में उमा चौधरी ने 53.06 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य अपने नाम किया। ट्रैक स्पर्धाओं में राहुल बालोदा ने पुरुष 1500 मीटर दौड़ 3 मिनट 40.07 सेकंड में पूरी कर कांस्य अपने नाम किया। वहीं महिला 3000 मीटर स्टीपलचेज में कुमारी पर्रु ने 10 मिनट 52.28 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता। इसी स्पर्धा में राजस्थान की निकिता चौथे स्थान पर रहीं। राजस्थान एथलेटिक्स संघ के सचिव देवनारायण गुर्जर ने सभी पदक विजेता एथलीटों को बधाई दी।
ANTF टीम ने रविवार को भीनमाल और रानीवाड़ा के बीच कागमाला टोल पर कार्रवाई की है। इस दौरान 25 हजार रुपए के इनामी तस्कर जालमसिंह को गिरफ्तार किया। ANTF ने इनामी आरोपी के पार्टनर तस्कर ने इनामी वांटेड को एमडी सप्लाई करने और पार्टनरशिप की मीटिंग के लिए महाराष्ट्र से राजस्थान बुलाया था। वह प्राइवेट बस से आ रहा था। एएनटीएफ टीम बालोतरा से जालोर तक प्राइवेट बसों पर नजर रखी हुई थी। ऐसे में मल्लिनाथ ट्रेवल्स बस भीनमाल और रानीवाड़ा के बीच कागमाला टोल पर पहुंची। ऐसे में टीम ने कागमाला टोल पर बस को रुकवाकर तलाशी ली। सभी पैसेंजर को चैक किया गया। लेकिन, जालमसिंह नाम कोई व्यक्ति बस में नहीं मिला। कंडेक्टर से लिस्ट लेकर उसे चेक की लेकिन उसमे भी जालमसिंह का नाम नहीं था। टीम को पुख्ता जानकारी थी। ऐसे में टीम ने बस में सवार सभी पैसेंजर की आईडी चैक की। इस दौरान जब जगदीश से आईडी मांगी तो घबराने लगा, बोला मैं महाराष्ट्र से आया हूं। टीम को आईडी दिखाने से मना कर दिया। तब टीम को शक हुआ तो सख्ताई से पूछताछ की। तो जगदीश ही जालमसिंह निकला। उसके बाद टीम ने उसे दबोच लिया। ANTF टीम ने की प्लानिंग एएनटीएफ टीम को सूचना मिलने पर पुणे और वलसाड जाकर उसके बारे में जानकारी जुटाई कई दिनों तक जालमसिंह की तलाश करती, लेकिन सफलता नहीं मिली। टीम वापस राजस्थान आकर जालमसिंह को पकड़ने की प्लानिंग की। 6 माह पहले फरार हुआ था आईजी विकास कुमार ने बताया- एएनटीएफ टीम ने 6 माह पहले जालोर के भीनमाल में अवैध मादक- तस्करी करते हुए एक युवक को पकड़ा था, युवक से जब एएनटीएफ ने पूछताछ की तो उसने बताया- यह एमडी जालमसिंह को देनी थी। वो मुझसे लेने आने वाला था। उससे पहले ही पुलिस ने मुझे पकड़ लिया। दोस्त को पकड़ने जाने की सूचना मिलने पर जालमसिंह वापस गुजरात चला गया। भीनमाल पुलिस थाने में जालमसिंह का नाम दर्ज है। गुजरात, महाराष्ट्र में काटी फरारी आईजी ने बताया- जालमसिंह इतना शातिर था कि मामले की खबर लगते ही राजस्थान आने का रास्ता छोड़ दिया। अपने घर आना-जाना बंद कर दिया। आरोपी को पता था कि पुलिस उसे पकड़ने के लिए हिम्मतनगर भी आएगी। इस दौरान जालमसिंह अपना ठिकाना बदलता रहा। कभी वलसाड़, सूरत, मुंबई, थाणे, पुणे में फरारी काटता रहा। इनाम घोषित होते ही छोड़ा राजस्थान आईजी ने बताया- जालमसिंह जब राजस्थान आया हुआ था तो उसे उसके मिलने वाले से पता चला कि उस पर इनाम घोषित है। ऐसे में वह फरारी काटने के लिए राजस्थान छोड़कर गुजरात, महाराष्ट जा निकला। वहीं अपने परिवार वालों से भी संपर्क तोड़ दिए। 200 रुपए प्रति ग्राम की दर पर बेचते है आईजी ने बताया- आरोपी जालमसिंह को उसका दोस्त अवैध मादक पदार्थ एमडी लाकर देता था। जालमसिंह एमडी और उसके सहायक पाउडर मिलाकर उसकी मात्रा बढ़ा देता। गुजरात में हिम्मत नगर और उसके आस-पास सप्लाई करता। इस तरीके से डबल मुनाफा कमाता। एक तरफ कमीशन तो दूसरी तरफ सहायक पाउडर से कमाई करता। दोस्त से 160 रुपए प्रतिग्राम में खरीद कर और आगे 200 रुपए प्रति ग्राम की दर से बेचता था। पार्टनर के सहारे राजस्थान बुलाया आईजी ने बताया- टीम ने राजस्थान में जालमसिंह के साथ तस्करी करने वाले पार्टनर के रूप में काम कर रहे व्यक्ति से कस्टमर बनकर संपर्क कर बड़ी मात्रा में एमडी खेप खरीदने की बात कही। साथ ही राजस्थान में बड़ी मात्रा में एमडी सप्लाई करना चाहते है। टीम ने जालमसिंह के पार्टनर को पार्टनरशिप देने का लालच दिया। तब तस्कर ने अपने पार्टनर जालमसिंह से बात करने को कहा। कुछ दिनों बाद तस्कर ने टीम को बताया कि जालमसिंह से बात हो गई है। प्राइवेट बस से महाराष्ट्र से रवाना होकर आ जाएगा। टीम ने महाराष्ट्र से आने वाली प्राइवेट बस के बारे में जानकारी ली। खुद नहीं रखता मोबाइल आईजी ने बताया- आरोपी इतना शातिर था कि फरारी काटने के समय मोबाइल का भी उपयोग नहीं करता था। फरारी के दौरान जहां भी वह जाता लोगों को अपने पास मोबाइल नहीं होने का बताकर घरवालों से बात करने के लिए उनका मोबाइल लेता व काम से ही अपने घर बात करता। थापन गांव में खोली होटल, फिर भागा गुजरात आरोपी जालमसिंह ने करीब 3 माह पहले राजस्थान के बाहर फरारी काटी और छुपते-छुपते घरवालों से मिलने अपने गांव आया। अपने भाई को नया धंधा करवाने के लिए अपने गांव के नजदीक थापन, सिवाना गांव में नवदुर्गा नाम से एक होटल खोली और वहां बड़े भाई लालसिंह को बैठाया। भेष बदलकर आता था आरोपी भेष बदलकर होटल पर आता। कुछ समय रुककर होटल के कामकाज देखकर वापस चला जाता। जालमसिंह अपने परिवार वालों से मिलकर घर पर नहीं रुकता था। रुकने के लिए अपने किसी परिचित के यहां चला जाता। राजस्थान में कारोबार फैलाना था आरोपी जालमसिंह इतना शातिर था कि तस्कर पार्टनर की ओर से रखी मीटिंग में आने के लिए हां तो भर दी, लेकिन पकड़ने जाने का डर भी सताता था। प्राइवेट बस का टिकट जगदीश के नाम से करवाता था। राजस्थान में आने का पता नहीं चलता और काम पूरा कर महाराष्ट्र लौट सकें। 16 साल तक चला ईमानदार की राह पर आईजी विकास कुमार ने बताया- जालमसिंह पढ़ा लिखा नहीं था। मजदूरी करने के लिए हिमंत नगर, गुजरात चला गया। वहां पर 16 साल तक बारदाने की मजदूरी का काम ईमानदारी से किया। वहां पर एक व्यक्ति से दोस्ती हुई। दोस्त पैसे कमाने की स्कीम बताई साथ मिलकर अवैध मादक-पदार्थ की तस्करी का धंधा शुरू किया।
मोगा जिले के अंतर्गत आते थाना बधनी कलां के अधीन एक गांव में खेत के विवाद को लेकर हुई फायरिंग में एक युवक की दर्दनाक मौत का मामला सामने आया है। जामुन का पेड़ काटने से रोकने पर शुरू हुआ मामूली विवाद इस कदर बढ़ा कि हमलावरों ने शिकायतकर्ता की ही लाइसेंसी राइफल छीनकर उसके युवा बेटे की जान ले ली। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस मामले के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को दी शिकायत में कुन्नर बस्ती (बुट्टर कलां) के निवासी जगरूप सिंह पुत्र दलजीत सिंह ने बताया कि वह और उनके चाचा सतनाम सिंह मिलकर गांव के ही नच्छत्तर सिंह की जमीन ठेके (लीज) पर लेकर खेती करते हैं। उनके पड़ोसी खेत में कुछ लोग धान (जीरी) लगाने के लिए आए हुए थे। इस दौरान वे लोग खेत के पास लगे जामुन के पेड़ को काटने लगे। चाचा से हुई मारपीट की सूचना पर राइफल लेकर पहुंचे जब चाचा सतनाम सिंह ने उन्हें हरे-भरे पेड़ काटने से मना किया, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। सतनाम सिंह ने किसी तरह वहां से भागकर घर आए और पूरी आपबीती जगरूप सिंह को बताई। चाचा के साथ हुई मारपीट की खबर सुनकर जगरूप सिंह अपनी सुरक्षा के लिए अपनी लाइसेंसी 12 बोर की राइफल लेकर तुरंत खेत की ओर भागे। उनके साथ उनका बेटा हरसदीप सिंह भी था। खेत पर पहुंचते ही आरोपियों ने तैश में आकर जगरूप सिंह पर हमला कर दिया और उनके हाथ से उनकी लाइसेंसी राइफल छीन ली। राइफल छीनने के बाद आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से सीधे जगरूप सिंह के बेटे हरसदीप सिंह पर फायर झोंक दिया। गोली सीधे हरसदीप के पेट में जा लगी, जिससे वह खून से लथपथ होकर वहीं गिर गया। अस्पताल में तोड़ा दम; राजस्थान के दो आरोपी गिरफ्तार गंभीर रूप से घायल हरसदीप सिंह को परिजन और ग्रामीण तुरंत इलाज के लिए मोगा के मेडिसिटी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन घाव गहरा होने के कारण उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। बेटे की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। थाना बधनी कलां के एएसआई (ASI) गुरचरण सिंह ने बताया कि वारदात को अंजाम देकर भाग रहे दो आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान जोरा सिंह पुत्र सतनाम सिंह, दारा सिंह पुत्र सतनाम सिंह (दोनों निवासी: 11-ए, जिला गंगानगर, राजस्थान) के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या सहित विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की अगली कड़ियों को जोड़ने और हथियार बरामदगी के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।
पलवल जिले में एंटी नारकोटिक्स सेल ने कार्रवाई करते हुए 2 अंतरराज्यीय नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से एक केंटर में छिपाकर लाया गया 201.75 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ है, जिसकी कीमत लगभग 60 लाख रुपए आंकी गई है। तस्कर यह गांजा ओडिशा से लेकर आ रहे थे। पुलिस को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर नेशनल हाईवे पर होडल के पास नाकाबंदी की गई थी। इसी दौरान गांजे से भरा केंटर पकड़ा गया। तस्करों ने गांजे को कांच की बोतलों के नीचे छिपा रखा था। इस संबंध में होडल थाना पुलिस में मामला दर्ज कर लिया गया है। एंटी नारकोटिक्स सेल के प्रभारी विश्व गौरव ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि रात के समय सेल की टीम पीएसआई आलोक कुमार के नेतृत्व में हसनपुर चौक, होडल में गश्त कर रही थी। तभी उन्हें गुप्त सूचना मिली कि अलवर (राजस्थान) निवासी पवन नावरिया और लियाकत एक टाटा केंटर में भारी मात्रा में गांजा छिपाकर ओडिशा से ला रहे हैं। गांजे से भरे 18 कट्टे केंटर में छिपा रखे थे सूचना में बताया गया था कि यह गाड़ी मथुरा के रास्ते होडल और मेवात होते हुए अलवर की तरफ जाएगी। इंस्पेक्टर विश्व गौरव ने तुरंत कार्रवाई करते हुए नेशनल हाईवे-19 पर कोसी की तरफ से आने वाले वाहनों की जांच शुरू कर दी। कुछ देर बाद कोसीकलां (यूपी) की तरफ से वह केंटर आता दिखाई दिया। पुलिस टीम ने सरकारी वाहनों की मदद से केंटर को सड़क किनारे घेर लिया। चालक सीट और उसके बगल में बैठे दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान अलवर (राजस्थान) निवासी पवन कुमार और लियाकत के रूप में बताई। केंटर की तलाशी लेने पर उसके भीतर छिपाकर रखे गए कुल 18 प्लास्टिक के बड़े कट्टे बरामद हुए। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन करने पर इन कट्टों में कुल 201.75 किलोग्राम गांजा भरा हुआ पाया गया। आरोपी बिना किसी वैध परमिट या लाइसेंस के इतनी बड़ी खेप की तस्करी कर रहे थे। कोर्ट में पेश करके 7 दिनों का रिमांड लिया एंटी नारकोटिक्स सेल प्रभारी विश्व गौरव ने बताया कि पुलिस टीम ने बरामद गांजे की खेप, केंटर गाड़ी और उसमें लोड कांच की शिशियों को सबूत के तौर पर कब्जे में लेकर होडल थाने में आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। ड्रग रैकेट की जड़ों को उखाड़ने, नेटवर्क के मास्टर माइंड्स तक पहुंचने और गहन पूछताछ के लिए आरोपियों को अदालत में पेश कर 7 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। एसपी नीतीश अग्रवाल कहा कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ जिला पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है। नशा तस्करी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
औरैया में काम की तलाश में राजस्थान जा रहे एक युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई। शनिवार देर रात करीब 11 बजे खानपुर चौराहे पर वाहन का इंतजार करते समय एक अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल युवक को जिला संयुक्त चिकित्सालय औरैया ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान पुरवा गोविंद, हरचंदपुर निवासी बहादुर (20) पुत्र रामचंद्र के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि बहादुर अपने भाई के पास राजस्थान काम की तलाश में जाने के लिए निकला था। मृतक युवक खानपुर चौराहे पर किसी वाहन का इंतजार कर रहा था, तभी तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर मारने के बाद चालक मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक की शिनाख्त कर उसके परिजनों को सूचना दी। रविवार सुबह करीब आठ बजे परिजन कोतवाली पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बहादुर अपने तीन भाइयों और तीन बहनों में दूसरे नंबर का था। उसके पिता रामचंद्र खेती-बाड़ी करते हैं। बहादुर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से रोजगार की तलाश में घर से निकला था। पुलिस अज्ञात वाहन की पहचान करने और चालक का पता लगाने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
मॉडलिंग की दुनिया में केवल खूबसूरती ही नहीं, बल्कि कैमरे के सामने खुद को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करना भी एक कला है। चेहरे के भाव, आंखों की अभिव्यक्ति, बॉडी लैंग्वेज, सही एंगल, आकर्षक पोज और कैमरे से जुड़ाव ही किसी मॉडल को फोटोजेनिक बनाता है। इसी कला की परख के लिए मिस राजस्थान 2026 के अंतर्गत मिस फोटोजेनिक राउंड का आयोजन सीकर रोड स्थित आर. चंद्रा पैलेस में किया गया, जहां टॉप फाइनलिस्ट ने अपने स्टाइल, आत्मविश्वास और कैमरा प्रेजेंस से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। फ्यूजन ग्रुप और रूवी डिजिटल के सहयोग से आयोजित इस विशेष फोटोशूट में प्रतिभागियों ने कैमरे के सामने प्रोफेशनल मॉडल्स की तरह अलग-अलग पोज दिए। किसी ने स्माइल के जरिए अपनी सहजता दिखाई, तो किसी ने आंखों के एक्सप्रेशन और कॉन्फिडेंस से तस्वीरों में अलग पहचान बनाई। फोटोशूट के दौरान प्रतिभागियों को यह भी सिखाया गया कि कैमरे के सामने कैसे खड़ा होना है, चेहरे के भाव किस तरह बदलने हैं, हाथों और शरीर की मुद्रा कैसे रखनी है और किस तरह हर क्लिक में अपनी पर्सनैलिटी को उभारना है। फोटोजनिक सेशन की तस्वीरें देखिए… प्रसिद्ध फैशन फोटोग्राफर वासु जैन ने प्रतिभागियों का फोटोशूट किया। उन्होंने अलग-अलग लाइटिंग, कैमरा एंगल और फ्रेमिंग के जरिए प्रत्येक प्रतिभागी की सबसे बेहतरीन तस्वीरें कैद कीं। उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि एक सफल मॉडल के लिए कैमरे से जुड़ाव, नेचुरल एक्सप्रेशन और हर फ्रेम में आत्मविश्वास बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण होता है। सही एंगल, चेहरे का प्रोफाइल और आंखों का संपर्क ही एक सामान्य तस्वीर को शानदार फैशन पोर्ट्रेट में बदल देता है। फोटोशूट को और आकर्षक बनाने के लिए मैजेस्टिक मेकओवर्स की मेकअप एक्सपर्ट मधु यादव ने सभी प्रतिभागियों को स्टाइलिश कॉकटेल लुक दिया। मेकअप, हेयर स्टाइल और आउटफिट्स के संयोजन ने फोटोशूट को पूरी तरह फैशन मैगजीन जैसा प्रोफेशनल लुक प्रदान किया। आयोजक योगेश मिश्रा और निमिषा मिश्रा ने बताया कि मिस फोटोजेनिक राउंड केवल सुंदर तस्वीरें लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य यह जानना होता है कि कोई प्रतिभागी कैमरे के सामने कितनी सहज है, उसका आत्मविश्वास कितना मजबूत है, वह अपने एक्सप्रेशन और बॉडी लैंग्वेज के जरिए अपनी पर्सनैलिटी को कितनी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकती है। यही गुण आगे चलकर फैशन, विज्ञापन और मनोरंजन जगत में सफलता की पहचान बनते हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुकेश सैनी ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि मॉडलिंग केवल रैंप वॉक तक सीमित नहीं है, बल्कि कैमरे के सामने हर तस्वीर में अपनी अलग पहचान बनाना भी उतना ही जरूरी है। इसी अवसर पर मिस राजस्थान 2026 के फिनाले वीक की भी आधिकारिक घोषणा की गई। आयोजकों के अनुसार 28 जून से 2 जुलाई तक होटल हैवा हेवन रिजॉर्ट और 2 जुलाई से 4 जुलाई तक होटल पार्क ओशन में प्रतिभागियों के लिए ग्रूमिंग, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, फिटनेस, रैंप वॉक, कैमरा फेसिंग, फैशन स्टाइलिंग और विभिन्न प्री-फिनाले गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इन सत्रों में विशेषज्ञ प्रतिभागियों को ग्रैंड फिनाले के लिए तैयार करेंगे।
झालावाड़ के राजकीय विधि कॉलेज में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विधि प्रथम वर्ष (एलएल.बी.) में प्रवेश प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो जाएगी। यह प्रक्रिया बार काउंसिल ऑफ इंडिया, नई दिल्ली के निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है। कॉलेज की प्रवेश प्रभारी सहायक आचार्य डॉ. ममता चावला ने बताया कि प्रथम वर्ष की 60 सीटों पर प्रवेश के लिए ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया 29 जून से 8 जुलाई तक संचालित की जाएगी। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित आवेदन पत्र को आवश्यक दस्तावेजों सहित 8 जुलाई तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच कॉलेज कार्यालय में जमा कर सकते हैं। प्रवेश से संबंधित दिशा-निर्देश और अन्य आवश्यक जानकारी कॉलेज के नोटिस बोर्ड पर उपलब्ध करा दी गई है। अभ्यर्थी सामान्य प्रवेश आवेदन पत्र https://dceapp.rajasthan.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं। कॉलेज प्रशासन ने पात्र एवं इच्छुक छात्रों से निर्धारित समयावधि में आवेदन करने का आग्रह किया है।
भिवानी के एक गांव में रह रही राजस्थान की महिला संदिग्ध हालात में लापता हो गई। जिसकी शिकायत पुलिस को दी गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। महिला अपने पति के साथ राजस्थान से यहां भिवानी के एक गांव में आकर रह रही थी। राजस्थान के एक गांव निवासी व्यक्ति ने भिवानी जिले के बहल थाना में शिकायत दी। शिकायत में बताया कि वह भिवानी जिले के एक गांव में काम करता है। इसलिए वह परिवार के साथ यहां पर गांव में ही रहता है। उसकी पत्नी की उम्र करीब 31 वर्ष है। जो बिना बताए घर से चली गई। जिसके बाद अपने स्तर पर पता करने का प्रयास किया, लेकिन कहीं पर कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दे दी। पुलिस को दी शिकायत में उसने पड़ोस के गांव के ही एक व्यक्ति पर शक जताया। आरोपों में कहा कि उसकी पत्नी पड़ोसी गांव के एक व्यक्ति के साथ चली गई है। इधर, मामले की शिकायत पुलिस को देकर तलाश करने की गुहार लगाई। वहीं पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। वहीं महिला की तलाश भी की जा रही है।
अभी नहीं थमेगी बारिश-आंधी, दिल्ली-यूपी से लेकर राजस्थान तक एक हफ्ते का अलर्ट जारी
दिल्ली, यूपी, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले एक सप्ताह तक आंधी, बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली के बाद अब राजस्थान में भी टैक्स फ्री हुई फिल्म '120 बहादुर'
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैपी स्टूडियोज की वॉर एपिक '120 बहादुर' आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है, और इसके साथ ही पूरे देश में जबरदस्त उत्साह की लहर दौड़ गई है। साल की सबसे ज्यादा चर्चा वाली फिल्मों में शामिल इस फिल्म को मीडिया और ...
राजस्थान बोर्ड ने जारी किया 10वीं-12वीं सप्लीमेंट्री परीक्षा 2024 का शेड्यूल, यहां करें चेक
Rajasthan Board 10th-12th Supplementary Exam 2024: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने बीएसईआर सप्लीमेंट्री परीक्षा 2024 की डेटशीट जारी कर दी है। जिन छात्रों के परीक्षा में 33 प्रतिशत से कम अंक
क्या 6 महीने बाद फिर से राजस्थान के इस महल में शादी करने जा रहे हैं विक्की कैट
राजस्थान अपने खूबसूरत किलों और महलों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। कला और संस्कृति के इस अनूठे संगम, शाही ठाठ बाठ समेत राजपुताना वास्तुकला का आनंद उठाने दुनिया के कोने-कोने से पर्यटक यहां आते हैं..........
Salman Khan फायरिंग केस में आया सनसनीखेज अपडेट, राजस्थान के इस राज्य से पकड़ा गया मामले का एक और आरोपी
सलमान खान के घर पर गोलीबारी प्रकरण में नया मामला दर्ज, राजस्थान से एक व्यक्ति गिरफ्तार
मुंबई। मुंबई पुलिस ने अप्रैल में अभिनेता सलमान खान के आवास के बाहर हुई गोलीबारी के सिलसिले में एक नया मामला दर्ज किया है और आपराधिक धमकी के आरोप में राजस्थान से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। अपराध शाखा के अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान राजस्थान के बूंदी निवासी बनवारीलाल लटूरलाल गुर्जर (25) के रूप में हुई है। अधिकारी ने बताया कि गुर्जर ने कथित तौर पर अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो अपलोड किया था जिसमें उसने कहा था, लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और गिरोह के अन्य सदस्य मेरे साथ हैं तथा मैं सलमान खान को मारने जा रहा हूं क्योंकि उसने अभी तक माफी नहीं मांगी है। आरोपी ने राजस्थान में एक राजमार्ग पर वीडियो बनाया और उसे अपने चैनल पर अपलोड कर दिया। अधिकारी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक टीम जांच के लिए राजस्थान भेजी गई और उसने आरोपी को पकड़ लिया। उन्होंने कहा कि मुंबई के साइबर पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। अधिकारी ने कहा, हम जांच कर रहे हैं कि आरोपी गुर्जर का कोई पिछला आपराधिक इतिहास तो नहीं है। उसे भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं, 506 (2) (आपराधिक धमकी के लिए सजा) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है और जांच जारी है। बांद्रा इलाके में 14 अप्रैल की सुबह सलमान खान के घर के बाहर मोटरसाइकिल सवार दो लोगों ने कई गोलियां चलाई थीं। इस मामले में कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से एक अनुज थापन ने एक मई को पुलिस हवालात में कथित तौर पर फांसी लगा ली थी।
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'एकलव्य' के बारे में कुछ अनकहे किस्से
एकलव्य : रॉयल गार्ड का मूल नाम यज्ञ था। उत्पादन 2005 की शुरुआत में शुरू हुआ..........
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'परमाणु' के बारे में कुछ अनकहे किस्से
जॉन अब्राहम की फिल्म 'परमाणु- द स्टोरी ऑफ पोखरण' को रिलीज हुए 6 साल हो गए हैं। यह फिल्म 25 मई 2018 को रिलीज हुई थी..........
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बादशाहो' के बारे में कुछ अनकही बाते
बादशाहो एक पीरियड एक्शन-थ्रिलर थी.......
देसी मिट्टी से शाहरुख खान ने कमा डाले 200 करोड़ रुपये, राजस्थान में करी थी फिल्म जवान की शूटिंग?
शाहरुख खान की फिल्म जवान ने पहले तीन दिनों में 200 करोड़ रुपये की कमाई कर शानदार प्रदर्शन किया है. 7 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म ने 75 करोड़ की बड़ी ओपनिंग का रिकॉर्ड बनाया है............
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'ये जवानी है दीवानी' के बारे में कुछ रोचक बाते
उदयपुर में शूट की गई रोमांटिक और कॉमेडी फिल्मों की जबरदस्त अवधारणाओं में से एक का निर्माण करण जौहर द्वारा किया गया था और अयान मुखर्जी द्वारा निर्देशित किया गया था। यह उदयपुर में शूटिंग की गई सबसे लोकप्रिय फिल्मों में से एक थी.........
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'गाइड' के बारे में कुछ अनकही बाते
उदयपुर में शूट की गई पहली फिल्मों में से एक वहीदा रहमान और देव आनंद अभिनीत एक रोमांस ड्रामा थी। यह फिल्म आर.के. नारायण के प्रसिद्ध उपन्यास पर आधारित है, जिसे व्यापक रूप से भारतीय सिनेमा उद्योग की उपलब्धियों में से एक माना जाता है.............
फिल्मों की शूटिंग के लिए बेस्ट लोकेशन बन रहा राजस्थान का अलवर
राजस्थान प्रदेश का अलवर जिला इन दिनों फिल्मों और वेब सीरीज समेत शॉर्ट फिल्मों के लिए बेस्ट लोकेशन बनता जा रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बॉलीवुड एक्टर उज्जवल चोपड़ा अपनी शॉर्ट फिल्म की 4 दिन की शूटिंग के लिए अलवर पहुंचे..........
जोधा अकबर की शूटिंग के बाद मशहूर हुई राजस्थान की ये जगहे
भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की पीरियड फिल्म 'जोधा अकबर' के कुछ सीन जयपुर के आमेर किले में शूट किए गए हैं. आपको आशुतोष गोवारिकर की फिल्म का वो सीन याद होगा, जिसमें ऐश्वर्या राय किचन में राजा के लिए खाना बनाती है......
बॉलीबुड और हॉलीवुड फिल्मों के लिए फेमस है राजस्थान की ये जगहे, देखें वीडियो
राजस्थान और फिल्में हमेशा से मनोरंजन का तड़का लगाती रही हैं। राजधानी जयपुर हमेशा से फिल्म निर्माताओं की पसंदीदा रही है। 'पिंक सिटी' में एक-दो नहीं बल्कि कई बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है......
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'लगान' के बारे में कुछ रोचक तथ्य
मिस्टर परफेक्शनिस्ट के नाम से मशहूर आमिर खान की फिल्म 'लगान' उनके फिल्मी करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई। फिल्म में एक ऐसे गांव का चित्रण किया गया था जहां के लोग किराए के बोझ तले दबे हुए थ......
करण-अर्जुन की शूटिंग के बाद मशहूर हुई राजस्थान की ये जगहे
आप सभी ने फिल्म अर्जुन तो देखी ही होगी, यह उस समय की ब्लॉकबस्टर फिल्म थी। और इस फिल्म में दिखाया गया गांव और ठाकुर दुर्जन सिंह की हवेली सभी को याद होगी. लेकिन ज्यादातर लोगों को ये नहीं पता कि इस फिल्म की शूटिंग किस गांव में हुई थी.........
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बोल बच्चन' के बारे में कुछ अनोखी बातें
रोहित शेट्टी की फिल्म 'बोल बच्चन' में अभिषेक बच्चन, अजय देवगन और असिन नजर आए हैं. फिल्म की आधे से ज्यादा शूटिंग पिंक सिटी जयपुर में हुई है. फिल्म का हिट गाना 'चलाओ न नैनों से बाण रे' की शूटिंग जयपुर के मशहूर रिजॉर्ट चोखी ढाणी में हुई है......
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बाजीराव मस्तानी' के बारे में कुछ अनोखी बातें
राजस्थान और फिल्मों का साथ हमेशा से ही एंटरटेनमेंट का तड़का लगा रहा है. राजधानी जयपुर (Jaipur) हमेशा से ही फिल्मकारों की पसंद रही है. बॉलीवुड की एक-दो नहीं बल्कि कई फिल्में 'पिंक सिटी' में शूट हो चुकी हैं.......
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' के बारे में कुछ अनोखी बातें
जब आलिया भट्ट और वरुण धवन अपनी फिल्म 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' के प्रमोशन के लिए जयपुर आए तो यह उनके लिए घर वापसी जैसा था। आप पूछेंगे कैसे? दोनों ने राजस्थान में फिल्म की शूटिंग के लिए इतना समय बिताया है कि उन्हें लगता है कि वे यहीं के हैं.....
Rajasthan 12th Board: दो दिन बाद समाप्त होंगे पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन, ऐसे भरें फॉर्म
राजस्थान बोर्ड कक्षा 12वीं रिजल्ट 2024: पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 30 मई है। जो छात्र अपने अंक से असंतुष्ट हैं, वे आवेदन कर सकते हैं। आइए जानते हैं, कैसे करना है आवेदन। यहां देखें
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'हम साथ साथ हैं' के बारे में कुछ अनोखी बातें
4 अक्टूबर 1998 को ग्रोव के संरक्षक मांगीलाल सोनल द्वारा सार्वजनिक पार्क में फिल्म ' हम साथ - साथ हैं ' की शूटिंग की अनुमति दी गई थी। यह खुलासा वन विभाग के अधिकारी शिवचंद बोहरा और सोनल से जिरह के दौरान हुआ.........
कभी राजस्थान में हुई थी इस फेमस मूवी की शूटिंग, देखें वायरल वीडियो
राजस्थान के बीकानेर ज़िले में स्थित लक्ष्मी निवास पैलेस अपनी भव्यता से भर जाता है.यह आलीशान और लग्ज़री होटल है, जिसकी बनावट और महीन कारीगरी काफ़ी खास है.इस पैलेस को 1904 में महाराजा गंगा सिंह के लिए बनवाया गया था.......
फिल्म करण अर्जुन 1995 में रिलीज हुई थी। रिलीज के इतने साल बाद भी फिल्म करण अर्जुन का नशा लोगों के दिलों में इस कदर छाया हुआ है कि लोग इसे भूल नहीं पाते हैं। आज हम इस फिल्म से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातों के बारे में बात करेंगे......
पिछले कई महीनों से एक दर्जन सहित क्षेत्रीय भाषा और विदेशी फिल्मों की शूटिंग का हिस्सा रही जैसलमेर की धरती पर लाइट...एक्शन...कैमरे की आवाज नहीं गूंज रही है। एक साल में दर्जनों बॉलीवुड फिल्में......
जॉली एलएलबी की तीसरी किस्त में अक्षय कुमार और अरशद वारसी स्क्रीन शेयर करने जा रहे हैं। शूटिंग राजस्थान में चल रही थी और उन्होंने पहला शेड्यूल पूरा कर लिया है। हाल ही में, अभिनेताओं ने शूटिंग खत्म करते हुए एक मजेदार वीडियो साझा किया। कुछ ही देर में ये वायरल हो गया। दोनों को बड़ी मुस्कान के साथ बाइक चलाते देखा गया। अक्षय और अरशद ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर किया अक्षय और अरशद ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर वीडियो साझा किया और लिखा, “और यह एक शेड्यूल रैप है! जैसा कि आप देख सकते हैं कि दोनों जॉलीज़ ने राजस्थान में अच्छा समय बिताया। वीडियो में दोनों सड़क पर बाइक चला रहे हैं। अरशद की शर्ट खून से लथपथ है. हाल ही में, बड़ी संख्या में अक्षय के प्रशंसक उनकी फिल्म के सेट पर उन्हें आश्चर्यचकित करने और उनके साथ तस्वीरें लेने के लिए पहुंचे। अब सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में, राम सेतु अभिनेता को जॉली एलएलबी 3 के सेट पर उनका स्वागत करने आए लोगों के लिए तस्वीरें लेते और ऑटोग्राफ देते देखा जा सकता है। अक्षय पहले भी वीडियो शेयर कर चुके हैं इससे पहले, जॉली एलएलबी 3 के सेट से एक बिहाइंड द सीन वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था जिसमें अक्षय शर्टलेस बैठे नजर आ रहे थे और उन्होंने सन बाथ का भी आनंद लिया था। वीडियो को इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए अक्षय के फैन पेज ने लिखा, @अक्षयकुमार #JollyLLB3 के सेट पर सन बाथ ले रहे हैं...अगर आप ठीक से सुनेंगे तो बजरंग बैन चल रहा है। बता दें, अक्षय कुमार ने इस महीने की शुरुआत में जॉली एलएलबी 3 की शूटिंग शुरू की थी, जब उन्होंने सेट से एक मजेदार वीडियो भी जारी किया था। वीडियो में अक्षय के साथ अरशद वारसी भी शामिल थे और दोनों काले कपड़े पहने नजर आ रहे थे। इसकी शुरुआत अक्षय द्वारा सभी को जगदीश त्यागी उर्फ जॉली बीए एलएलबी डुप्लिकेट से सावधान रहने की चेतावनी देने से हुई। इसके बाद, अरशद को खुद को असली जॉली के रूप में पेश करते देखा गया। जॉली एलएलबी की 3 किस्त आ रही है पहली जॉली एलएलबी फिल्म, जो 2013 में रिलीज हुई थी, जिसमें अरशद वारसी और सौरभ शुक्ला मुख्य भूमिका में थे। दूसरी ओर, फिल्म का सीक्वल 2017 में सिनेमाघरों में आया जिसमें अक्षय कुमार ने अरशद वारसी की जगह ली। उनके साथ हुमा कुरेशी भी उनकी प्रेमिका के रूप में शामिल हुईं। कथित तौर पर, तीसरी किस्त में, अक्षय कुमार और अरशद वारसी आमने-सामने होंगे, जबकि सौरभ शुक्ला जज के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे। हालांकि, अभी तक मेकर्स ने फिल्म की कहानी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। View this post on Instagram A post shared by Akshay Kumar (@akshaykumar)
सलमान खान के घर फायरिंग मामला: मुंबई क्राइम ब्रांच ने पांचवें आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया
सलमान खान के घर फायरिंग मामले में ताजा घटनाक्रम में मुंबई क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को पांचवें आरोपी मोहम्मद चौधरी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। इंडिया टीवी के अतुल सिंह की एक रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद चौधरी ने दो शूटरों, सागर पाल और विक्की गुप्ता को पैसे देकर और रेकी करके भी मदद की। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, चौधरी को आज मुंबई लाया जा रहा है जहां उसे किला कोर्ट में पेश किया जाएगा और पांच दिन की हिरासत की मांग की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Kareena Kapoor Khan ने Saif Ali Khan के बड़े बेटे इब्राहिम की नवीनतम तस्वीरों पर सबसे मनमोहक टिप्पणी की इससे पहले, अनुज थापन नाम के एक आरोपी ने पुलिस हिरासत में चादर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बता दें, अनुज पर शूटरों को हथियार मुहैया कराने का आरोप है। थापन को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले, बांद्रा में अभिनेता के आवास के बाहर गोलीबारी करने वाले दोनों शूटर विक्की गुप्ता और सागर पाल को गुजरात के भुज से हिरासत में लिया गया था। इसे भी पढ़ें: सलमान खान के घर के बाहर गोली चलाने के मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य गिरफ्तार सलमान खान के घर फायरिंग मामले की जानकारी मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, कथित तौर पर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग करने वाले शूटरों के पास दो बंदूकें थीं और उन्हें 10 राउंड गोलियां चलाने का आदेश दिया गया था. 14 अप्रैल की सुबह, दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आए और अभिनेता के आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर चार गोलियां चलाईं। घटना के बाद हमलावर तेजी से मौके से भाग गए। निगरानी फुटेज से पता चला कि दोनों संदिग्धों ने टोपी पहन रखी थी और बैकपैक ले रखा था। इस महीने की शुरुआत में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने का अनुरोध किया था. अनमोल बिश्नोई ने घटना के कुछ घंटों बाद अपने फेसबुक प्रोफाइल के जरिए सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। सलमान खान की नवीनतम सार्वजनिक उपस्थिति सलमान खान हाल ही में लंदन में थे जहां उन्होंने ब्रिटेन के ब्रेंट नॉर्थ निर्वाचन क्षेत्र से सांसद बैरी गार्डिनर से मुलाकात की। इंटरनेट पर कई तस्वीरें वायरल हुईं, जिनमें बैरी और सलमान दोनों वेम्बली स्टेडियम के अंदर नजर आ रहे हैं।
अपनी बायोपिक में Shahrukh Khan को काम करते देखना चाहता है ये मशहूर विदेशी क्रिकेटर,Rajasthan Royals टीम का है हिस्सा
भारत के राष्ट्रीय प्रसारक Doordarshan ने नए लोगो का अनावरण किया, जिसका रंग लाल से नारंगी हुआ
भारत सरकार के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक दूरदर्शन ने अपने समाचार चैनल डीडी न्यूज का लोगो लाल से बदलकर भगवा कर दिया है। यह लोगो 16 अप्रैल, 2024 को लागू हुआ, जिसने पिछले लाल वाले को बदल दिया। अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेजों के माध्यम से, डीडी न्यूज़ ने कहा कि उनके मूल्य वही रहेंगे और वे अब एक नए अवतार में उपलब्ध हैं। इसे भी पढ़ें: Barahi Devi Temple: बाराही देवी मंदिर में दर्शन मात्र से दूर होती है गंभीर बीमारियां, जानिए मंदिर से जुड़ी मान्यता पोस्ट में कहा गया एक ऐसी समाचार यात्रा के लिए तैयार हो जाइए जो पहले कभी नहीं देखी गई.. बिल्कुल नए डीडी न्यूज का अनुभव करें। हमारे पास यह कहने का साहस है: गति से अधिक सटीकता, दावों से अधिक तथ्य, सनसनीखेज से अधिक सत्य। क्योंकि अगर यह डीडी न्यूज पर है, तो यह सच है। दूरदर्शन का इतिहास दूरदर्शन ने 15 सितंबर, 1959 को सार्वजनिक सेवा प्रसारण में एक मामूली प्रयोग के साथ शुरुआत की। यह प्रयोग 1965 में एक सेवा बन गया जब दूरदर्शन नई दिल्ली और उसके आसपास के लिविंग रूम में टेलीविजन सेट तक पहुंच गया। 1975 तक सेवाओं को मुंबई, अमृतसर और सात अन्य शहरों तक बढ़ा दिया गया। 1 अप्रैल, 1976 को यह सूचना और प्रसारण मंत्रालय में एक अलग विभाग के अंतर्गत आ गया। 1982 में दूरदर्शन राष्ट्रीय प्रसारक बन गया। इसे भी पढ़ें: Rajasthan: पाली में बोले अमित शाह, हम भारत को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा अर्थतंत्र बना देंगे, ये मोदी की गारंटी है 1982 में, दूरदर्शन का रंगीन संस्करण तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी के स्वतंत्रता दिवस के भाषण के सीधे प्रसारण के साथ शुरू हुआ, इसके बाद दिल्ली में 1982 के एशियाई खेलों का रंगीन प्रसारण हुआ। वर्तमान में, दूरदर्शन 6 राष्ट्रीय चैनल और 17 क्षेत्रीय चैनल संचालित करता है। राष्ट्रीय चैनलों में डीडी नेशनल, डीडी इंडिया, डीडी किसान, डीडी स्पोर्ट्स, डीडी उर्दू और डीडी भारती शामिल हैं। दूसरी ओर, डीडी अरुणप्रभा, डीडी बांग्ला, डीडी बिहार, डीडी चंदना, डीडी गिरनार, डीडी मध्य प्रदेश, डीडी मलयालम, डीडी नॉर्थ ईस्ट, डीडी ओडिया, डीडी पोधिगई, डीडी पंजाबी, डीडी राजस्थान, डीडी सह्यगिरी, डीडी सप्तगिरी, डीडी उत्तर प्रदेश, डीडी यादगिरी और डीडी काशीर इसके क्षेत्रीय चैनल हैं। While our values remain the same, we are now available in a new avatar. Get ready for a news journey like never before.. Experience the all-new DD News! We have the courage to put: Accuracy over speed Facts over claims Truth over sensationalism Because if it is on DD News, it… pic.twitter.com/YH230pGBKs — DD News (@DDNewslive) April 16, 2024
बच्चों के साथ राजस्थान की सैर पर निकलीं शिल्पा शेट्टी, वीडियो शेयर कर...
शिल्पा शेट्टी इन दिनों राजस्थान की सैर पर निकली हैं. शिल्पा के साथ उनके बच्चे भी राजस्थान के नेशनल पार्क में घूमते नजर आ रहे हैं. शिल्पा ने इसका वीडियो शेयर किया है. वीडियो में शिल्पा शेट्टी बच्चों के साथ मस्ती करती नजर आ रही हैं.

