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राजस्थान के भीलवाड़ा में चोर नरेंद्र मोदी का मुखौटा लगाकर आए और दुकान से 40 मोबाइल चुराकर ले गए

rajasthan bhilwara mobile theft: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में एक चौंकाने वाली चोरी की घटना सामने आई है। एक चोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुखौटा लगाकर मोबाइल फोन की दुकान में घुसपैठ की और लगभग 40 मोबाइल फोन चुराकर फरार हो गया। घटना का पूरा ...

वेब दुनिया 30 Jun 2026 4:46 pm

भीलवाड़ा बनेगा टेक्सटाइल निर्यात का हब, नई निर्यात नीति से चमकेगा टेक्सटाइल कारोबार

भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा देश के प्रमुख टेक्सटाइल हब के रूप में पहचान रखने वाले भीलवाड़ा के वस्त्र उद्योग के लिए केंद्र सरकार की नई निर्यात नीति उत्साहजनक संकेत लेकर आई है। वर्ष 2030 तक भारत के वस्त्र एवं परिधान निर्यात को 37 अरब डॉलर से बढ़ाकर 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। ऐसे में सिंथेटिक सूटिंग, यार्न और फैब्रिक उत्पादन के लिए प्रसिद्ध भीलवाड़ा इस अभियान का महत्वपूर्ण भागीदार बन सकता है। निर्यात वृद्धि, उत्पाद विविधीकरण, मूल्यवर्धन, तकनीकी वस्त्र, ब्रांडिंग और वैश्विक बाजारों तक बेहतर पहुंच में भीलवाड़ा पहले से मजबूत आधार रखता है और नई नीतियों का लाभ मिलने पर यहां के उद्योगों को वैश्विक बाजार में और अधिक अवसर प्राप्त होंगे। भीलवाड़ा देश का प्रमुख मानव निर्मित फाइबर (एमएमएफ) एवं सिंथेटिक टेक्सटाइल केंद्र होने के कारण इस बदलाव का सबसे बड़ा लाभार्थी बन सकता है। तकनीकी वस्त्र, नवाचार, डिजाइन विकास और ब्रांड निर्माण पर केंद्रित योजनाएं स्थानीय उद्योगों को उच्च मूल्य वाले उत्पादों के निर्माण के लिए प्रेरित करेंगी। भीलवाड़ा जैसे स्थापित टेक्सटाइल क्लस्टरों को आधुनिक अवसंरचना, लॉजिस्टिक्स, कौशल विकास, वित्तीय सहायता और वैश्विक बाजारों से जुड़ने के नए अवसर मिल सकते हैं। तकनीकी शिक्षा विभाग ने इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए REAP-2026 का विस्तृत काउंसलिंग कार्यक्रम घोषित कर दिया था। शेड्यूल के अनुसार, 28 जून को अभ्यर्थियों की अस्थाई मेरिट सूची जारी होगी, जिस पर 1 जुलाई तक आपत्तियां ली जाएंगी। फाइनल मेरिट लिस्ट 2 जुलाई को आएगी और 3 जुलाई को मॉक राउंड होगा। अभ्यर्थियों को 6 जुलाई तक अपनी चॉइस लॉक करनी होगी। टीएफडब्ल्यूएस (TFWS) सीटों का आवंटन 8 जुलाई को होगा। बाहरी राज्यों, दिव्यांग व एक्स-सर्विसमैन कोटा का अलॉटमेंट 14 जुलाई को होगा, जिनकी फाइनल फिजिकल रिपोर्टिंग 20 से 25 तक होगी। इस पेज को लेकर आपका सुझाव/फीडबैक हमें इस मेल dainikbhaskarbhilwara@gmail.com पर या वाट्सएप नंबर 9649403345 पर दे सकते हैं कपड़ा नगरी 1990 के दशक में विस्तार ने गति पकड़ी भीलवाड़ा में कपड़ा उद्योग की नींव वर्ष 1938 में मेवाड़ टेक्सटाइल मिल की स्थापना से पड़ी। इसके बाद स्वतंत्रता के बाद स्थानीय उद्यमियों ने सूत, सिंथेटिक यार्न, प्रोसेसिंग और सूटिंग-शर्टिंग निर्माण में निवेश बढ़ाया। 1980 और 1990 के दशक में आधुनिक मशीनों, नई तकनीक और पावरलूम इकाइयों के विस्तार से उद्योग ने तेज गति पकड़ी। आज भीलवाड़ा में स्पिनिंग, वीविंग, प्रोसेसिंग, डाइंग और फिनिशिंग की संपूर्ण उत्पादन श्रृंखला विकसित हो चुकी है। यहां निर्मित सिंथेटिक सूटिंग, फैब्रिक, यार्न और तकनीकी वस्त्र देश-विदेश के बाजारों में अपनी गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध हैं। वस्त्र उद्योग ने जिले में लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराया है तथा यह स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। आधुनिक तकनीक, निर्यात वृद्धि और औद्योगिक निवेश के साथ भीलवाड़ा का कपड़ा उद्योग निरंतर नए आयाम स्थापित कर रहा है। ^यदि निर्यात प्रोत्साहन, एफटीए (मुक्त व्यापार समझौते), तकनीकी उन्नयन और ब्रांडिंग को प्रभावी ढंग से लागू किया गया तो भीलवाड़ा न केवल राजस्थान बल्कि देश के वस्त्र निर्यात में भी अपनी हिस्सेदारी उल्लेखनीय रूप से बढ़ा सकेगा। केंद्र की नई रणनीति से जिले के हजारों उद्योगों, व्यापारियों और लाखों श्रमिकों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। -प्रेम स्वरुप गर्ग, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, भीलवाड़ा टेक्सटाइल ट्रेड फैडरेशन आधुनिक ऑटोमेटेड मशीनरी, डिजिटल टेक्सटाइल प्रोसेसिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित गुणवत्ता नियंत्रण तकनीकों को अपनाया जा रहा है। जल संरक्षण के लिए जीरो लिक्विड डिस्चार्ज, रीसाइक्लिंग प्लांट और ऊर्जा दक्ष उत्पादन प्रणालियों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कई इकाइयों ने सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाकर उत्पादन लागत और कार्बन उत्सर्जन कम किया है। उद्यमी तकनीकी वस्त्र (टेक्निकल टेक्सटाइल), फंक्शनल फैब्रिक, रिसाइकल्ड फाइबर और वैल्यू एडेड उत्पादों का निर्माण कर नए बाजारों में अपनी पहचान बना रहे हैं। ई-कॉमर्स, डिजिटल मार्केटिंग और वैश्विक ब्रांडों के साथ साझेदारी के माध्यम से निर्यात का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है। टेक्सटाइल नगरी अब पेपर प्रिंटिंग के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। शहर की कई इकाइयों में अत्याधुनिक डिजिटल मशीनों से वॉलपेपर, गिफ्ट रैप, पैकेजिंग पेपर और सजावटी प्रिंटेड पेपर का उत्पादन शुरू हो गया है। कंप्यूटर आधारित तकनीक से कम समय में आकर्षक और हाई क्वालिटी डिजाइन तैयार किए जा रहे हैं। इससे स्थानीय बाजार के साथ देशभर से ऑर्डर मिल रहे हैं। उद्यमियों का कहना है कि बदलती मांग को देखते हुए नए डिजाइन और पर्यावरण अनुकूल प्रिंटिंग तकनीक अपनाई जा रही है। इस क्षेत्र के विस्तार से रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। टेक्सटाइल के बाद अब पेपर प्रिंटिंग भी भीलवाड़ा के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के साथ शहर की औद्योगिक पहचान को और मजबूत कर रही है।

दैनिक भास्कर 27 Jun 2026 5:30 am