महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनावों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चंद्रपुर नगर निगम में शुक्रवार को कांग्रेस के 27 में से 13 पार्षदों ने खुद का अलग गुट बना लिया। यह गुट सुदर्शन अडबाले के नेतृत्व में नागपुर स्थित संभागीय आयुक्त कार्यालय में रजिस्टर कराया गया। गुट के रजिस्ट्रेशन के दौरान कांग्रेस की स्थानीय सांसद प्रतिभा धानोरकर भी मौजूद रहीं। वहीं, कांग्रेस के बाकी 14 पार्षद भी संभागीय आयुक्त कार्यालय पहुंचे और इस पंजीकरण पर आपत्ति जताई। सूत्रों के मुताबिक, यह खींचतान वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार और सांसद प्रतिभा धानोरकर के बीच चल रहे मतभेदों से जुड़ी मानी जा रही है। चंद्रपुर में कांग्रेस के सबसे ज्यादा पार्षद जीते 15 जनवरी को हुए नगर निगम चुनाव में 66 सदस्यीय चंद्रपुर नगर निगम में भाजपा को 23 और कांग्रेस को 27 सीटें मिली थीं। निगम में बहुमत के लिए 34 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। कल्याण-डोंबिवली में उद्धव गुट के दो पार्षद लापता इधर, ठाणे जिले के कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका क्षेत्र में शिवसेना (UBT) के दो पार्षद संपर्क से बाहर हैं। पार्टी का कहना है कि दोनों के मोबाइल फोन बंद हैं और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। इस मामले में पुलिस से शिकायत की गई है। शिवसेना (UBT) के कल्याण जिला प्रमुख शरद शिवराज पाटिल ने बताया कि पार्षद मधुर उमेश म्हात्रे और कीर्ति राजन धोणे के फोन बंद आ रहे हैं। परिजनों और पार्टी कार्यकर्ताओं से पूछताछ के बावजूद दोनों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पाटिल ने कोलसेवाड़ी पुलिस थाने में शिकायत देकर दोनों के संबंध में मिसिंग पर्सन का मामला दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ व्यक्तिगत सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून-व्यवस्था और जनविश्वास से भी जुड़ा है। दूसरी पार्टी के दबाव की आशंका जताई शरद शिवराज पाटिल ने आशंका जताई कि दोनों के अचानक संपर्क से बाहर होने के पीछे दबाव, धोखाधड़ी, अपहरण या किसी आपराधिक गतिविधि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। कोलसेवाड़ी पुलिस के वरिष्ठ निरीक्षक गणेश नायंदे ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। 15 जनवरी को हुए चुनाव में 122 सदस्यीय कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) में एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 52, भाजपा को 51 और शिवसेना (UBT) को 11 सीटें मिली थीं। ----------- ये खबर भी पढ़ें… मुंबई समेत 15 नगर निगम में महिला महापौर होंगी:उद्धव गुट का आरोप- BMC के लिए नियम बदले, OBC या ST का मेयर होना था महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों में से मुंबई समेत 15 में महिलाएं मेयर होंगी। मुंबई में लॉटरी सिस्टम से इन्हें चुना गया। परभणी नगर निगम पर महिला महापौर को लेकर आपत्ति दर्ज की गई है। पूरी खबर पढ़ें…
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय को यूजीसी से ऑनलाइन लर्निंग (ओएल) और ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) दोनों मोड में स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) स्तर के शैक्षणिक कार्यक्रम संचालित करने की स्वीकृति प्राप्त हुई है। यह स्वीकृति विश्वविद्यालय को 'श्रेणी-I' (Category-I) विश्वविद्यालय के रूप में दी गई है, जो इसकी एकेडमिक गुणवत्ता, प्रशासनिक दक्षता और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में यूजीसी के विश्वास को प्रदर्शित करती है। इस स्वीकृति के साथ, विश्वविद्यालय पहले से संचालित कार्यक्रमों के अतिरिक्त नए PG कार्यक्रम भी इन लचीले मोड में प्रारंभ करने में सक्षम होगा। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है, जो उच्च शिक्षा को बहुविकल्पीय, तकनीक-समर्थित और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने पर बल देती है। ओएल और ओडीएल मोड का विस्तार से मिलेगा लाभ ये मोड कार्यरत पेशेवरों, दूरदराज के क्षेत्रों के विद्यार्थियों, महिलाओं तथा उन सभी शिक्षार्थियों के लिए वरदान साबित होंगे, जो समय या स्थान की बाध्यताओं के कारण नियमित कक्षाओं में भाग नहीं ले पाते। ऑनलाइन लर्निंग में इंटरएक्टिव डिजिटल कंटेंट, लाइव व रिकॉर्डेड लेक्चर और ऑनलाइन मूल्यांकन शामिल हैं, जबकि ओडीएल स्व-अध्ययन सामग्री और लचीले पाठ्यक्रम ढाँचे पर आधारित है। इन प्रोग्राम्स को मिली मंजूरी हमारा लक्ष्य उन तक शिक्षा पहुंचाना है, जो नियमित मोड से जुड़ नहीं पातेइस उपलब्धि पर कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने कहा- यह स्वीकृति विश्वविद्यालय की अकादमिक परिपक्वता व डिजिटल तत्परता का प्रमाण है। ओएल व ओडीएल कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षा को अधिक सुलभ और समावेशी बनाएंगे। हमारा लक्ष्य उन तक शिक्षा पहुंचाना है, जो नियमित मोड से जुड़ नहीं पाते। भविष्य में हम उद्योग व रोजगार की माँग के अनुरूप और अधिक नवाचारी व कौशल-आधारित कार्यक्रम इन मोड में लॉन्च करेंगे।
लखनऊ में हजरत इमाम हुसैन का जन्म उत्सव मनाया गया। शिया समुदाय ने बेहद अकीदत से पैगम्बर मोहम्मद साहब के नवासे की याद में जुलूस निकाला और जगह जगह भोजन वितरण किया। काजमैन और मुफ्तीगंज इलाकों में अकीदत और खुशी के साथ जुलूस निकाले गए। काजमैन से 'जुलूस-ए-मर्सरत' निकला इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। जुलूस टापे वाली गली, हसनपुरिया और कश्मीरी मोहल्ला होते हुए दरगाह हजरत अब्बास पहुंचा। रास्ते फूलों की पंखुड़ियां डालकर जुलूस का स्वागत किया गया । इस दौरान ‘हैदरी या अली’, ‘हुसैन जिंदाबाद’ और ‘अली मौला’ के नारे गूंजे। जगह-जगह लंगर (भंडारा), सबील ( प्याऊ) की व्यवस्था की गई। लोगों ने पैगंबर मोहम्मद साहब और हजरत इमाम हुसैन को याद करते हुए उनके संदेश को अपनाने की बात कही। शिया कॉलेज में दस्तरखान का आयोजन हुआ जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने एक साथ भोजन किया। इस अवसर पर शिया धर्म गुरुओं ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन की पैदाइश मनाना हम लोगों के लिए बेहद खुशी की बात है। इमाम हुसैन ने कर्बला में जंग लड़के यह बताया कि कभी भी गलत इंसान का साथ नहीं देना चाहिए। हमेशा सच और न्याय के लिए लड़ाई लड़ना चाहिए। उन्होंने हमें एक दूसरे का सम्मान करने और मानवता के साथ जीवन जीने का संदेश दिया। इमाम हुसैन का जीवन हम लोगों के लिए एक उदाहरण है उसी के अनुसार हमें जिंदगी गुजारना चाहिए। हम सभी लोगों को अधिक से अधिक शिक्षा हासिल करनी चाहिए , साथ ही जरूरतमंदों की सहायता करनी चाहिए।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अगर कोई पत्नी अपने कामों या गलतियों से अपने पति की कमाने की क्षमता को खत्म करती है या उसमें योगदान देती है तो उसे ऐसी स्थिति का फायदा उठाने और मेंटेनेंस का दावा करने की इजाज़त नहीं दी जा सकती। जस्टिस लक्ष्मी कांत शुक्ला की कोर्ट ने फैसला सुनाया कि ऐसे मामले में मेंटेनेंस देना गंभीर अन्याय होगा। खासकर जब पति की कमाने की क्षमता पत्नी के परिवार के आपराधिक कामों से खत्म हो गई हो। कोर्ट ने आगे कहा कि भारतीय समाज में यह माना जाता है कि एक पति से, भले ही उसके पास रेगुलर नौकरी न हो, उम्मीद की जाती है कि वह अपनी क्षमता के अनुसार खुद और अपने परिवार का पेट पालने के लिए कोई काम करे, लेकिन यह मामला अलग था। कोर्ट ने कहा, पहले, दूसरी पार्टी अपनी पत्नी का भरण-पोषण करने में सक्षम थी और उसके पास पर्याप्त साधन थे, लेकिन याचिकाकर्ता के भाई और पिता द्वारा किए गए आपराधिक कृत्य के कारण उसकी कमाने की क्षमता पूरी तरह से खत्म हो गई। इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 के तहत अंतरिम मेंटेनेंस की मांग करने वाली पत्नी द्वारा दायर आपराधिक रिवीजन याचिका को खारिज कर दिया। एडिशनल प्रिंसिपल जज, फैमिली कोर्ट, कुशीनगर, पडरौना ने 7 मई, 2025 को पत्नी की अंतरिम मेंटेनेंस की अर्जी खारिज कर दी थी। पति एक होम्योपैथिक डॉक्टर था और अपना क्लिनिक चलाता था। हालांकि, ट्रायल कोर्ट ने पाया कि 13 अप्रैल, 2019 को जब वह अपने प्रोफेशनल काम में लगा हुआ था तो याचिकाकर्ता (पत्नी) का सगा भाई और पिता, कुछ अन्य लोगों के साथ, उसके क्लिनिक में आए और गाली-गलौज की। जब पति ने विरोध किया तो पत्नी के भाई ने गोली चला दी। इस हमले में पति को गंभीर गोली लगी, जिससे एक छर्रा पति की रीढ़ की हड्डी में फंस गया। रिकॉर्ड पर मौजूद मेडिकल सलाह से पता चला कि छर्रे को निकालने के लिए किसी भी सर्जरी में लकवा होने का बहुत ज़्यादा खतरा है। नतीजतन, पति अब थोड़े समय के लिए भी आराम से बैठ नहीं पाता। इस वजह से वह बेरोजगार हो गया और कोई इनकम नहीं कमा पा रहा है। हाईकोर्ट के सामने याचिकाकर्ता-पत्नी ने पति डाक्टर वेद प्रकाश सिंह के वकील ने तर्क दिया कि उसके अंतरिम मेंटेनेंस की अर्जी को खारिज करने वाला आदेश गैर-कानूनी और मनमाना था, क्योंकि पति पत्नी को मेंटेनेंस देने के लिए बाध्य है। हालांकि, हाईकोर्ट ने पाया कि इस मामले में, पति की मेडिकल कंडीशन के बारे में कोर्ट के तथ्यात्मक निष्कर्षों पर कोई विवाद नहीं था। न्यायालय ने कहा कि हालांकि पत्नी का भरण-पोषण करना पति का पवित्र कर्तव्य है, लेकिन इस मामले के तथ्यों में, पत्नी और उसके परिवार के सदस्यों के व्यवहार ने पति को अपनी आजीविका कमाने में असमर्थ बना दिया था। इस संबंध में कोर्ट ने शमीमा फारूकी बनाम शाहिद खान मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया, जिसमें कहा गया कि भरण-पोषण करने की पति की ज़िम्मेदारी उसकी कमाने की क्षमता पर निर्भर करती है। हाईकोर्ट ने कहा कि चूंकि पति की शारीरिक अक्षमता, खासकर उसकी रीढ़ की हड्डी में गोली लगने से लकवा होने का खतरा, याचिकाकर्ता पक्ष के कारण हुआ था, इसलिए उसे भरण-पोषण न देने के लिए ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। इस प्रकार, हाईकोर्ट ने कहा कि निचली अदालत के आदेश में कोई बड़ी अनियमितता या स्पष्ट अवैधता नहीं की थी। कोर्ट ने रिवीजन याचिका खारिज कर दी।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के जेल वार्डरों को भोजन भत्ते के भुगतान पर महानिदेशक कारागार को दो महीने में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति विकास बुधवार ने 'यशदीप एवं अन्य' की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचियों का तर्क था कि वे भोजन भत्ते के हकदार हैं। उनकी ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि इस संबंध में 3 दिसंबर 2016 को अपर पुलिस महानिदेशक द्वारा पुलिस महानिदेशक को एक सिफारिश भी भेजी गई थी, जो अब तक लंबित है। राज्य सरकार के अधिवक्ता ने सुझाव दिया कि याचिकाकर्ताओं के दावे पर सर्वप्रथम विभागीय स्तर पर डीजी (जेल) द्वारा विचार किया जाना चाहिए। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को छूट दी है कि वे दो सप्ताह के भीतर अपनी मांगों का एक विस्तृत प्रत्यावेदन संबंधित अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करें और प्रत्यावेदन प्राप्त होने के बाद महानिदेशक, कारागार प्रशासन दो महीने के भीतर कानून के अनुसार निर्णय ले।
प्रयागराज के धूमनगंज नीम सराय मोहल्ले में 18 वर्षीय शमशाद उर्फ अल्लू की बम और गोली मारकर की गई हत्या के मामले में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। चश्मदीद रिश्तेदारों के मुताबिक, हमलावरों ने पहले बम फेंका और फिर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान बदमाश चिल्ला रहे थे— “आज कोई बचकर न जाए, घर के हर मर्द को खत्म कर देंगे।” पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर पांच नामजद और तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और विस्फोटक अधिनियम समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। बाइक–ई-रिक्शा टक्कर से शुरू हुआ विवाद इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी और घायल शमीम ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे बाइक और ई-रिक्शा की टक्कर को लेकर कुछ लोगों में झगड़ा हो रहा था। वह बीच-बचाव के लिए पहुंचा तो आरोप है कि निक्के उर्फ मोहम्मद इस्माइल ने उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में शमीम की बाईं आंख के पास गंभीर चोट आई। घायल अवस्था में परिजन उसे ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस चौकी लेकर पहुंचे, जहां लिखित शिकायत दी गई। ललकार कर बोले– बच के जाने न पाए शमीम के मुताबिक, शिकायत देकर लौटते वक्त ही निक्के उर्फ इस्माइल अपने साथियों के साथ दोबारा पहुंचा, इस बार सभी के हाथों में कट्टे और बम थे। एक आरोपी ने ललकारते हुए कहा— “आज बच के जाने न पाए।” इसके बाद अचानक बम फेंके गए और फायरिंग शुरू हो गई। इसी दौरान शमीम को बचाने के लिए शमशाद उर्फ अल्लू आगे बढ़ा, तो हमलावरों ने उसे खदेड़कर गोली मार दी। एक गोली उसकी गर्दन में और दूसरी कंधे के पास लगी, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़ा। बम के छर्रों से कई घायल, धमकी देकर फरार परिजनों द्वारा विरोध करने और शोर मचाने पर हमलावरों ने बम भी फेंके। बम के छर्रे लगने से शमीम समेत तीन अन्य लोग घायल हो गए। इसके बाद हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। इन पर दर्ज हुआ मुकदमा पुलिस के अनुसार, नामजद आरोपियों में , निक्के उर्फ मोहम्मद इस्माइल, वैस, कैस उर्फ गोलू, इमरान, युसूफ के अलावा तीन अन्य अज्ञात शामिल हैं। ACP बोले धूमनगंज एसीपी अजयेंद्र यादव ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। हमलावरों की तलाश में 3 टीमें लगाई गई हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
एमपी में युवा कांग्रेस के चुनाव को लेकर युवाओं ने तमाम शिकायतें की। भोपाल के युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष बने अंकित दुबे को शिकायतों के चलते हटा दिया गया और अमित खत्री को कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया। दोनों युवाओं के समर्थक एक दूसरे के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।यूथ कांग्रेस का विवाद अभी थमा नहीं था कि एनएसयूआई में घमासान छिड़ गया। दरअसल,एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे की अनुशंसा पर प्रदेश मीडिया चेयरमैन अंकित पाण्डेय ने 19 जनवरी को तनय शर्मा को प्रदेश प्रवक्ता नियुक्त किया गया। लेकिन, नियुक्ति की जानकारी मिलते ही 21 जनवरी को एनएसयूआई मीडिया विभाग के राष्ट्रीय चेयरमैन ने उस नियुक्ति पत्र को होल्ड कर दिया। प्रदेश अध्यक्ष बोले: मामला सुलझ गयादैनिक भास्कर ने इस मामले पर एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे से बात की तो उन्होंने कहा- वो होल्ड करने का पत्र जारी जरूर हुआ था लेकिन ये मामला सुलझ गया है। प्रदेश प्रभारी बोले: बिना परमिशन लिए नियुक्ति कीउधर, एनएसयूआई के प्रदेश प्रभारी साहिल शर्मा ने भास्कर से कहा- हमारे संगठन में एक प्रोटोकॉल है कि प्रदेश अध्यक्ष को यदि कोई नियुक्ति करनी हैतो अपने प्रदेश प्रभारी की अनुशंसा लेंगे। ताकि जिसकी नियुक्ति होनी है उसका बायोडाटा और बैकग्राउंड चेक कर लेंगे। वो एक्टिव हैं या नहीं? उस आधार पर एप्रूव करते हैं। अगर हमारी जानकारी के बिना कोई लेटर निकालेंगे तो उसे होल्ड कर दिया जाता है। मप्र में हम दो लोग प्रभारी हैं। लेकिन दोनों प्रभारियों से अप्रूवल नहीं लिया था। इसलिए होल्ड किया गया है। बाकी इंटरनल कमेटी जांच कर रही है। उसका जो निष्कर्ष निकलेगा उसके बाद आगे निर्णय करेंगे। अभी स्टूडेंट्स की तरफ से शिकायतें आ रहीं हैं कि ये इनेक्टिव थे।
कंबल वितरण में हो गया बवाल:पूर्व ब्लाक प्रमुख के पति ने दर्ज कराई FIR
पिपराइच क्षेत्र में जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल वितरण के दौरान बवाल हो गया। आरोप है कि एक भाजपा नेता व कुछ स्थानीय निवासियों में बहस हो गई। सूत्रों का कहना है कि मामला हाथापायी तक पहुंच गया। इस मामले में पूर्व ब्लाक प्रमुख के पति ने तीन लोगों पर केस दर्ज कराया है। उनपर अभद्रता एवं मारपीट का आरोप है।एम्स थाना क्षेत्र के ग्राम माड़ापार निवासी प्रेम पासवान पुत्र रामहरख ने बताया कि वह शुक्रवार को दोपहर एक बजे आनंद शाही के साथ निश्शुल्क कंबल वितरण कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहां स्थानीय विधायक महेंद्र पाल सिंह जरूरतमंदों के बीच कंबल का वितरण कर रहे थे।प्रेम का आरोप है कि वहां संदीप गुप्ता व कुंदन गुप्ता अपने दो से तीन साथियों के साथ वहां आए और विधायक व आनंद शाही को अपशब्द कहने लगे। प्रेम के अनुसार उन्होंने मना किया तो उन लोगों ने गाली देना शुरू कर दिया। इसके बाद मारपीट पर उतारू हो गए। जिसके चलते उनका कपड़ा भी फट गया। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।जानिए विधायक ने क्या कहा कंबल वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक महेन्द्र पाल सिंह ने कहा कि यह सराहनीय पहल है। सेवा ही राजनीति का असली उद्देश्य होना चाहिए। चेयरमैन संजय मद्धेशिया, ईओ पूजा सिंह परिहार ने कहा आज की उमड़ी भीड़ से लगता है कि ठंड में काफी लोगों को कंबल की आवश्यकता थी । आगे भी हम लोग जनहित का कार्य करते रहेंगे।लगभग 4000 लोगों को कंबल वितरित किया गया। इस दौरान पूर्व ब्लाक प्रमुख आनन्द शाही, सभासद अनिल कुमार मद्धेशिया, आशीष अग्रवाल, दिनेश सैनी, दीपक आदि उपस्थित रहे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गोरखपुर में मज़ार और कब्रिस्तान से जुड़ी विवादित ज़मीन के मामले में यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने मज़ार कमेटी शहीद अब्दुल गनी शाह रहमतुल्ला की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह आदेश अंतरिम प्रकृति का है और इससे मामले के गुण दोष पर कोई राय नहीं मानी जाएगी।याची की अधिवक्ता तनिशा जहांगीर मुनीर ने कोर्ट को बताया कि यूपी राजस्व संहिता 2006 की धारा 31/32 के तहत राज्य की ओर से दाखिल मुकदमे में 19 नवंबर 2025 को उनके खिलाफ आदेश किया गया था। इसके विरुद्ध कमिश्नर गोरखपुर के समक्ष अपील दाखिल की गई है, जिसमें अंतरिम राहत का प्रार्थना पत्र भी लंबित है। आरोप लगाया गया कि अपील लंबित रहने के बावजूद गत 11 जनवरी को मज़ार और कब्रिस्तान के कुछ हिस्सों को ध्वस्त कर दिया गया। हाईकोर्ट ने याची को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर अपीलीय अधिकारी के समक्ष अंतरिम राहत की अर्जी की शीघ्र सुनवाई के लिए प्रार्थना पत्र दे। साथ ही अपीलीय अधिकारी को आदेश दिया कि अर्जी प्रस्तुत होने के तीन सप्ताह के भीतर उस पर निर्णय लें। कोर्ट ने कहा कि आज की तारीख से अगले पांच सप्ताह तक या अंतरिम राहत की अर्जी के निस्तारण तक, जो भी पहले हो, पक्षकारों के बीच वर्तमान स्थिति बनी रहेगी।
मुंबई के वडाला में रहने वाली एक महिला ने महिला मसाज थेरेपिस्ट पर मारपीट का आरोप लगाया है। महिला ने एप-बेस्ड कंपनी से मसाज थेरेपिस्ट बुक किया था। असहज महसूस होने पर मसाज सेशन बीच में कैंसिल कर दिया था, जिसके बाद थेरेपिस्ट ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। पुलिस ने थेरेपिस्ट के खिलाफ नॉन-कॉग्निजेबल केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता शहनाज सैयद ने फ्रोजन शोल्डर की समस्या के इलाज के लिए मोबाइल ऐप के जरिए मसाज सर्विस बुक की थी। महिला थेरेपिस्ट अश्विनी वर्तापी उनके घर पहुंची। शिकायत में कहा गया है कि थेरेपिस्ट के व्यवहार और उसके साथ लाए गए मसाज बेड के साइज को लेकर महिला को असहजता महसूस हुई। इसके बाद उन्होंने सेशन कैंसिल कर दिया और रिफंंड की मांग करने लगी। तीन तस्वीरें देखिए… सेशन कैंसल करने पर भड़की महिला थेरेपिस्ट महिला का आरोप है कि सेशन कैंसल करने की बात सुनते ही थेरेपिस्ट नाराज हो गई। उसने पहले गाली-गलौज की और फिर घर के अंदर ही महिला के साथ मारपीट की। शिकायत के अनुसार, थेरेपिस्ट ने महिला के बाल खींचे, चेहरे पर मुक्का मारा, नाखूनों से खरोंचा और उसे धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। बीच-बचाव करने आए महिला के बेटे के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। बेटे ने ही पूरा वीडियो रिकार्ड किया। मारपीट के दौरान महिला ने पुलिस हेल्पलाइन पर कॉल किया। पुलिस के पहुंचने तक आरोपी थेरेपिस्ट वहां से जा चुकी थी। इसके बाद पीड़िता ने थाने जाकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। वडाला पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नॉन-कॉग्निजेबल अपराध दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। ---------- ये खबर भी पढ़ें… मुंबई के भांडुप में बस ने 13 लोगों को कुचला:4 लोगों की मौत, 9 घायल; रिवर्स करते समय हादसा, ड्राइवर हिरासत में मुंबई के भांडुप में रेलवे स्टेशन के बाहर सोमवार देर रात एक बस ने 13 पैदल यात्रियों को कुचल दिया। हादसे में 3 महिला सहित 4 लोगों की मौत हो गई। 9 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मुंबई पुलिस ने बताया कि हादसा रात 9:35 बजे बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) की बस से हुआ। पूरी खबर पढ़ें…
ग्वालियर व्यापार मेले में वाहन खरीद पर मिल रही रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट का शुक्रवार को पांचवां दिन था। संयोग यह रहा कि शुक्रवार को बसंत पंचमी भी थी। इसी कारण वाहनों की खरीद सुबह से शुरू होकर देर रात तक जारी रही। रात 9 बजे तक कुल 1,273 वाहन बिक चुके थे। इनमें 791 चारपहिया वाहन और 482 दोपहिया वाहन शामिल हैं। बसंत पंचमी के शुभ मुहूर्त में वाहन खरीदने के लिए सुबह से ही मेला परिसर में स्थित कार शोरूम पर खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। शुक्रवार दोपहर परिवहन विभाग का पोर्टल खुलते ही मेला आरटीओ कार्यालय के बाहर दूर-दूर तक वाहन खड़े नजर आए। ग्वालियर व्यापार मेले में शुक्रवार को सैलानी अच्छी संख्या में पहुंचे। अवसर बसंत पंचमी का था, जिससे मेले में जमकर खरीदारी हुई। सबसे अधिक खरीदारी ऑटोमोबाइल सेक्टर में दर्ज की गई। गौरतलब है कि ग्वालियर मेला 25 दिसंबर से शुरू हो चुका है। देश के गृह मंत्री अमित शाह ने मेले का शुभारंभ किया था, लेकिन मेले में रौनक 19 जनवरी से वाहन खरीद पर 50 प्रतिशत रोड टैक्स छूट मिलने के बाद बढ़ी। बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर मेले में रिकॉर्ड तोड़ वाहन खरीद हुई। शुक्रवार को एक ही दिन में कुल 1,273 वाहन बिके। इनमें 791 चारपहिया और 482 दोपहिया वाहन शामिल हैं। रोड टैक्स पर 50 प्रतिशत छूट का शुक्रवार को पांचवां दिन था। बसंत पंचमी के शुभ मुहूर्त का लाभ उठाने के लिए बड़ी संख्या में लोग मेले में पहुंचे। मेला आरटीओ कार्यालय पर लगी लंबी लाइनग्वालियर में शुक्रवार को परिवहन विभाग का पोर्टल खुलने से पहले ही मेला आरटीओ कार्यालय पर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। यह नजारा रात तक बना रहा। दोपहर 12 बजे के बाद स्थिति ऐसी हो गई कि एक के बाद एक गाड़ियां आती रहीं। मेले के कार शोरूम से बुकिंग कराने के बाद वाहनों की डिलीवरी स्थानीय कार शोरूम से दी जा रही थी। रात 9 बजे तक कुल 1,273 वाहन मेला आरटीओ कार्यालय में पंजीकृत हो चुके थे। कस्टमर बोले- दीपावली से कर रहे थे मेला छूट का इंतजार ग्वालियर मेले से कार खरीदने वाली शिक्षा खरे ने बताया कि वे दीपावली से ही कार खरीदने की योजना बना रही थीं। उन्हें मेले में वाहनों की खरीद पर मिलने वाली 50 प्रतिशत रोड टैक्स छूट का इंतजार था। उन्होंने बताया कि इस बार किस्मत से जीएसटी कम होने के कारण उन्हें अच्छा ऑफर मिल गया। रात तक चलती रही डिलीवरीमेला से मिलने वाली छूट और शुभ मुहूर्त पर मेला में वाहन खरीदी और शोरूम से वाहनों की डिलीवरी का काम देर रात तक चलता रहा। रात 12 बजे तक शोरूम खुले थे और वाहनों की डिलीवरी का काम चल रहा था।
प्रयागराज के नैनी नए यमुना पुल की रेलिंग पर चढ़कर वीडियो बनाने वाली वायरल गर्ल खुशी सिंह ने अपने ब्वॉय फ्रैंड करन से नैनी के देवरख स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूरे रीति रिवाज के साथ शादी के बंधन में बंध गए। सारे विरोध और विवादों को दरकिनार करते हुए करन ने खुशी को वरमाला पहनाया और फिर मांग में सिंदूर भरकर मंगलसूत्र पहनाकर अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया।इसके पहले करीब दो साल से एक साथ रहते जरूर थे लेकिन खुशी सिर्फ एक गर्ल फ्रेंड की तरह रह रही थी। मंदिर में शादी के बाद दोनों अपने उसी किराए के मकान में पहुंचे, जहां वह दो साल से एक साथ रह रहे थे। अब जानिए दोनों की प्रेम कहानी प्रयागराज के नए यमुना पुल की रेलिंग पर चढ़कर वीडियो बनाकर सुर्खियों में आने वाली नैनी की खुशी मौर्य मूल रूप से कोरांव की रहने वाली है। खुशी सिंह बीए की छात्रा है। खुशी ने 12वीं तक की पढ़ाई अपने गांव से ही की है। करीब दो साल पहले अपने घर को छोड़ दिया था। दरअसल खुशी अपने कॉलेज में पढ़ने वाले करन को पसंद करती थी। करन भी उसी कॉलेज में पढ़ता था।दोनों की मुलाकात 11वीं में हुई। दोनों के बीच दोस्ती बढ़ी तो बात शुरू हुई। फिर क्या था, खुशी और करन ने एक होने की ठान ली। फिर क्या था, दोनों ने अपने घरवालों से बात की, लेकिन परिवार के लोगों को यह बात नागवार गुजरी। घरवालों ने दोनों की शादी का विरोध किया। इसके बाद दोनों किसी तरह से चोरी छिपे मिलते रहे। एक साल तक इस प्रेम कहानी का कोई रास्ता नहीं मिला सका।दोनों की प्रेम कहानी में एक ऐसा मोड़ आया कि खुशी और करन 25 अगस्त 2024 को अपना घर छोड़कर भाग गए। परिवार, दोस्त और रिश्तेदारों से शादी और कोर्ट मैरिज करने की बात कहते हुए एक साथ नैनी के खरकौनी में किराए का कमरा लेकर रहने लगे। खुशी के पति करन हाईकोर्ट में नौकरी करते है। 6 महीने पहले शुरू किया वीडियो बनानाखुशी सिंह ने बताया कि वीडियो बनाने के शौक काफी समय से था। घरवाले भी मना नहीं करते थे। 6 महीने पहले ही वीडियो बनाना शुरू किया था। मेरे पति को भी मेरा वीडियो बनाना अच्छा लगता है। उन्होंने मेरा बहुत सहयोग किया है। उन्होंने मुझे कभी वीडियो बनाने के लिए नहीं मना किया। मुझे शुरू से ही वीडियो बनाने शौक था। नए यमुना पुल पर जब वीडियो बनाया तो इसके बाद काफी चर्चा में आ गई। मीडिया और सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद किराए के मकान को बदलना पड़ा। लेकिन अब एक जगह ही रह रहे हैं। खुशी का कई वीडियो आया था सामने वायरल गर्ल खुशी सिंह मौर्य का कई वीडियो सामने आया था। जिसमें कभी सड़क के डिवाइडर पर चढ़कर वीडियो बनाना, बाजारों में डांस करना, बुलडोजर पर चढ़कर वीडियो बनाने के साथ माघ मेले का भी कई वीडियो सामने आया। जिसमें सबसे ज्यादा नए यमुना पुल पर चढ़कर वीडियो बनाने के बाद खुशी सुर्खियों में आ गई। वायरल गर्ल के नाम से चर्चित हो गई। पुलिस कार्रवाई के डर से मांगी थी माफीनए यमुना पुल की रेलिंग पर चढ़कर वीडियो बनाने के बाद डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने खुशी सिंह मौर्य के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया था। हालांकि खुशी ने इस मामले में अपनी एक वीडियो माफी मांगते हुए सोशल मीडिया पर वायरल की थी।जिसके बाद मामला शांत हो गया था। इसके बाद से वह नए यमुना पुल पर दोबारा वीडियो बनाने नहीं पहुंची। - अब जानिए शादी के बाद खुशी ने क्या कहाखुशी सिंह मौर्य ने शादी करने के बाद कहा कि दो साल पहले करन ने मांग में सिंदूर भरकर अपनी पत्नी मान लिया था। लेकिन हमने कोई रीति रिवाज से से शादी नहीं की थी। इसके बाद हमने कहा कि माघ मेला शुरू हुआ है। दिन भी मंगलवार है क्यों न हम शादी कर लें। इसके बाद हम लोग सोमेश्वर महादेव मंदिर में पूरे रीति रिवाज से शादी कर ली है। वहीं पति करन ने कहा कि मुझे काफी खुशी हो रही है। इसके बाद हम अपनी लाइफ को काफी बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे। अभी तक हमारी लाइफ इतनी अच्छी नहीं चल रही थी। कोशिश करेंगे कि अब हम साथ रहे। अपनी लाइफ को आगे बढ़ाएं और कामयाबी की ओर जाएं। बहुत जल्द हम कुछ बड़ा करने वाले है। हमारी एक मूवी में भी आने वाले है। एक शॉर्ट फिल्म बहुत जल्द आने वाली है।
रामपुर में उत्तर प्रदेश दिवस-2026 और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर एक ब्लैक आउट मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य नागरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करना था। यह अभ्यास जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक, रामपुर के नेतृत्व में संपन्न हुआ। यह व्यापक मॉक ड्रिल 23 जनवरी 2026 को शाम 6 बजे से आयोजित की गई। इसमें आपदा प्रबंधन की तैयारियों का आकलन किया गया। अभ्यास के दौरान बिल्डिंग में आग लगने, भूकंप और दुश्मन के हवाई हमले जैसी आपातकालीन स्थितियों के परिदृश्य बनाए गए। यह ड्रिल तहसील सदर स्थित आवास परिसर, जिला अस्पताल और पुलिस लाइन परिसर में हुई। मॉक ड्रिल की शुरुआत आग लगने की सूचना से हुई। अग्निशमन दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाया और भवन में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। घायलों को प्राथमिक उपचार भी दिया गया। इसके बाद भूकंप की स्थिति का अभ्यास किया गया, जिसमें लोगों को खुले स्थानों पर जाने, घबराहट से बचने और सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए। जिला अस्पताल में संभावित घायलों के उपचार, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और एंबुलेंस व्यवस्था की तत्परता का भी परीक्षण किया गया। इसके बाद दुश्मन के हवाई हमले की आशंका को दर्शाते हुए सायरन बजाकर ब्लैक आउट की स्थिति बनाई गई। नागरिकों को सभी प्रकाश स्रोत बंद रखने और सुरक्षित स्थानों पर रहने का अभ्यास कराया गया। इस अभ्यास में पुलिस, अग्निशमन, स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन इकाई सहित सभी संबंधित विभागों ने सक्रिय रूप से समन्वय स्थापित किया। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसी मॉक ड्रिल आपदा के समय त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण हैं। पुलिस अधीक्षक ने इसे आमजन की सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया।
लखनऊ में उत्तरायणी कौथिग का दसवां दिन:बसंत पंचमी पर लोकसंस्कृति और लोकनाट्य की धूम
लखनऊ के पंडित गोविंद बल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन में उत्तरायणी कौथिग के दसवें दिन बसंत पंचमी का उल्लास छाया रहा। इस अवसर पर मां सरस्वती की वंदना के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ, जिसमें उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, लोकगीत और लोकनाट्य की मनमोहक झलक देखने को मिली। कार्यक्रम का उद्घाटन मंडलायुक्त लखनऊ विजय विश्वास पंत (आईएएस) और उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष रीतू शाही ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों का स्वागत सुंदरपाल बिष्ट, गोपाल दत्त जोशी, सुमन रावत और मंजू शर्मा ने पुष्पगुच्छ भेंट कर किया। मुख्य अतिथि ने पर्वतीय महापरिषद की सराहना की मुख्य अतिथि विजय विश्वास पंत ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में सभी वर्गों की संस्कृति को संरक्षण और सम्मान मिल रहा है। उन्होंने लखनऊ में उत्तराखंड की सौहार्दपूर्ण संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में पर्वतीय महापरिषद की भूमिका की सराहना की।पर्वतीय महापरिषद साहित्य प्रकोष्ठ की काव्य गोष्ठी में कवियों ने अपनी भावपूर्ण रचनाएं प्रस्तुत कीं। महासचिव महेंद्र सिंह रावत की रचना 'हे श्वेत वरणा सारदे मां..' को श्रोताओं ने विशेष रूप से सराहा। झोड़ा प्रतियोगिता में राम आसरेपुरवा गोमती नगर से पुष्पा नेगी, गोमती नगर विस्तार भरवारा से दमयंती नेगी और शांति नगर नीलमथा से गंगा धपोला के दलों ने शानदार प्रदर्शन किया। कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुति दी आकाशवाणी के वरिष्ठ कलाकार मोहन सिंह बिष्ट ने हुड़का वादन से मंच को जीवंत कर दिया। उत्तराखंड से आए लोक कलाकारों फौजी ललित मोहन जोशी, हरू जोशी, खुशी जोशी, चंद्र प्रकाश और राकेश पनेरू ने पारंपरिक लोकगीतों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ब्रह्मकमल सांस्कृतिक एवं सामाजिक समिति, इंदिरा नगर की लोकनाट्य प्रस्तुति “हरूहित” ने न्याय और वीरता की लोककथा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया, जबकि जौनसार-भाबर की प्रस्तुति “गांव का रिवाज” भी आकर्षण का केंद्र रही। युवा प्रकोष्ठ की ओर से रोशनी भारती कांडपाल, नीरू कांडपाल और विशाल धरमवाल (हल्द्वानी) को ‘युवा उत्तरायणी’ सम्मान प्रदान किया गया।
देवप्रिय सारस्वत डालसा सचिव, मयंक जायसवाल CJM बने:ललितपुर न्यायपालिका में HC के निर्देश पर फेरबदल
ललितपुर की न्यायिक व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, प्रभावी और गतिशील बनाने के उद्देश्य से इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देश पर महत्वपूर्ण न्यायिक नियुक्तियों और पदोन्नतियों से संबंधित अधिसूचना जारी की गई है। इन प्रशासनिक बदलावों से लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण और विधिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। अधिसूचना के अनुसार, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) देवप्रिय सारस्वत को पदोन्नत करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ललितपुर का पूर्णकालिक सचिव नियुक्त किया गया है। उन्होंने इस पद पर मयंक जायसवाल का स्थान लिया है। वहीं, निवर्तमान सचिव मयंक जायसवाल को ललितपुर का नया मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 9(2) के अंतर्गत जनपद में आर्थिक अपराधों से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अधिकार भी प्रदान किए गए हैं। निवर्तमान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि शंकर गुप्ता अब ललितपुर में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पद पर कार्यभार संभालेंगे। इसके अतिरिक्त, अपर सिविल जज प्रथम (जूनियर डिवीजन) अदिति जैन को पदोन्नत कर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) (फास्ट ट्रैक कोर्ट) के पद पर तैनात किया गया है। इन नियुक्तियों में फास्ट ट्रैक कोर्ट और आर्थिक अपराधों जैसे विशिष्ट क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया गया है। अदिति जैन की फास्ट ट्रैक कोर्ट में तैनाती से लंबे समय से लंबित दीवानी मामलों के त्वरित निस्तारण में सहायता मिलेगी, जबकि मयंक जायसवाल को आर्थिक अपराधों की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने से वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में न्याय प्रक्रिया अधिक प्रभावी होने की उम्मीद है। इसके अलावा, श्रीमती आकृति को अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन द्वितीय) से पदोन्नत कर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के पद पर नियुक्त किया गया है।
समर्पण ट्रस्ट की ओर से सरस्वती पूजा का आयोजन:बारिश के चलते शाम को संपन्न हुआ मुख्य कार्यक्रम
शीश का दानी समर्पण चैरिटेबल ट्रस्ट की बहनों द्वारा शुक्रवार को सूरजकुंड रोड स्थित प्राचीन सिद्धपीठ श्री सरस्वती मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान मां सरस्वती की विधिवत पूजा कर उन्हें भोग अर्पित किया गया। पूजा के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। कार्यक्रम में ट्रस्ट की अध्यक्ष शालिनी अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहीं। मंदिर अध्यक्ष विनीत गर्ग ने आयोजन की सराहना करते हुए ट्रस्ट की बहनों के धार्मिक एवं सामाजिक प्रयासों की प्रशंसा की।मंदिर के पुजारी हरिहर झा एवं रत्ना झा द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजा विधिवत संपन्न कराई गई। कार्यक्रम में नीरज भारद्वाज, पायल गुप्ता, नेहा गोयल, कविता शर्मा एवं नीरा मित्तल की सहभागिता रही।सुबह से लगातार हो रही बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई। मौसम के कारण पूजा का मुख्य आयोजन शाम के समय संपन्न हुआ, जिसमें मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने मां शारदे के भव्य एवं दिव्य स्वरूप के दर्शन कर सुख, समृद्धि और विद्या की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। ट्रस्ट की बहनों ने भविष्य में भी धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के माध्यम से श्रद्धालुओं ने धर्म लाभ प्राप्त कर पुण्य अर्जित किया।
लखनऊ लोक निर्माण विभाग में बसंत पंचमी धूमधाम से मनाया गया । कार्यालय परिसर में मिनिस्टीरियल एसोसिएशन द्वारा खिचड़ी भोज और बसंत पर्व का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष ए.के. द्विवेदी द्वारा बसंत पर्व के अवसर पर माँ सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर आयोजित खिचड़ी भोज कार्यक्रम में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों , कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया । मुख्य अभियंताओं में ए.के. दूबे , रविंद्र सिंह, ए.के. जैन, सी.पी. गुप्ता, के.के. श्रीवास्तव शामिल हुए। वहीं मुख्यालय में कार्यरत अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता के साथ अन्य कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विभागाध्यक्ष ए.के. द्विवेदी ने कहा कि ऐसे सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजन कर्मचारियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। कार्यस्थल पर बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलती है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी के साथ करने का आह्वान किया। महामंत्री मनीष कुमार शुक्ला ने बसंत पर्व को विद्या की देवी माँ सरस्वती के प्राकट्य दिवस के रूप में इसे ज्ञान की नई शुरुआत का प्रतीक बताया और कर्मचारियों से कर्तव्यों के प्रति सजग रहने की अपील की। इस अवसर पर यह भी जानकारी दी गई कि जोनल स्तर पर नामित अध्यक्ष एवं महामंत्री को उनके पद की गोपनीयता की शपथ प्रदेश अध्यक्ष राम लखन सिंह द्वारा दिलाई गई।
चलती ट्रक में लगी आग:शार्ट-सर्किट से हुआ हादसा; बाल-बाल बचा चालक
चौरी चौरा थाना क्षेत्र में शुक्रवार की रात चलती ट्रक में आग लग गई। इस घटना में ट्रक का चालक बाल-बाल बच गया। घटना ग्राम सभा चौरी बदुरहिया के पास गोरखपुर-देवरिया मार्ग पर हुई। आग लगते ही ट्रक के चालक ने गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचाई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया।ट्रक चालक ट्रक लेकर चौरी चौरा से देवरिया की ओर जा रहा था। ग्राम सभा चौरी के पास जैसे ही गाड़ी पहुंची, अचानक आग लग गई। यह पता चला कि ट्रक में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। आग लगता देख चालक आनन-फानन में कूदकर भाग गया और अपनी जान बचाई। ट्रक में आग लगी देखकर आसपास के लोगों ने फोन पर इसकी जानकारी पुलिस व फायर ब्रिगेड की टीम को दी। त्वरित कार्यवाही करते हुए टीम ने आग पर काबू पा लिया। गोरखपुर-देवरिया मार्ग पर लगी रही भीड़इस घटना में ट्रक का आगे का हिस्सा जल गया। आग लगने से सभी सकते में आ गए। एक पटरी पर गाड़ियों का संचलन ठहर गया। वहां भीड़ लग गई। आसपास के लोग खड़े होकर ट्रक को जलता देख रहे थे। साथ ही आग बुझाने का उपाय भी ढूंढ रहे थे। एक घंटे में जब आग पर काबू पा लिया गया तो उन्होंने राहत की सांस ली।
मथुरा रिफाइनरी में हुआ ब्लैक आउट:हवाई हमले से बचाव को किया अलर्ट,2 मिनट तक बजा साइरन
उत्तर प्रदेश दिवस और नेताजी सुभाष चंद बोस के जन्म दिवस के अवसर पर मथुरा रिफाइनरी में हवाई हमले से बचने के लिए मॉक ड्रिल किया गया। यहां इस दौरान पूरे इलाके में ब्लैक आउट कर दिया गया। रिफाइनरी स्टाफ, अग्निशमन विभाग, पुलिस, स्वास्थ्य ,DDMA , SDRF एव अन्य विभाग के सहयोग से नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा हवाई हमले से बचाव हेतु ब्लैक आउट मॉक ड्रिल का प्रदर्शन किया। इस मॉक ड्रिल में सभी विभागों ने अपनी अपनी भूमिका निभाई। हवाई हमले का मिला अलर्ट इस मॉक ड्रिल में हवाई हमले की सुचना मिलने पर कैसे दस मिनट में जान और माल की रक्षा कैसे की जाए इसका अभ्यास किया गया। आम लोग काम कर रहे थे कि अचानक नागरिक सुरक्षा नियंत्रण कक्ष को एन.ई. लाइन के जरिए हवाई हमले के पीले संकेत की सूचना मिलती है। जिसका मतलब है कि 10 मिनट के अन्दर हवाई हमले होने वाला है और यह सूचना जिलाधिकारी - नियंत्रक, नागरिक सुरक्षा एवं अन्य आठ सेवाओं के आफिसर कमांडिंग तथा एसेंशियल सर्विस के अधिकारियों को साइमन टेनियस ब्राडकास्टिंग फैसिलिटी के जरिए हवाई हमले के पीले संकेत की सूचना दी गई। इसी बीच एन.ई.लाइन के जरिए कन्ट्रोल रुम को हवाई हमले का लाल संकेत प्राप्त होता है। जिसका मतलब है कि 5 मिनट के अन्दर हवाई हमला हो सकता है। हवाई हमले में बरसाए बॉम्ब हवाई हमले की सूचना आम जनता को सायरन बजा कर दी गई। सायरन को 2 मिनट तक ऊंची -नीची आवाज में बजाया गया। जिसका मतलब है कि सभी आम नागरिक, जो सामान्य अवस्था में अपना काम कर रहे होते है, सायरन की आवाज को सुनकर शरण (शैल्टर) ले लेते है। आसमान से गर्जना करते विमान, अनेक स्थान पर अलग अलग तरह के बम, जैसे एच.ई.बम, इन्सैण्डरी बम आदि की बारिश करते है। जो कि कहीं तेज बिस्फोट करते है तो कहीं आग लगाते हैं। कुछ समय पश्चात एन.ई.लाइन के जरिए हवाई हमले का हरा संकेत मिलता है जिसकी सूचना आम जनता को सायरन को ऑल क्लियर की धुन में दो मिनट तक ऊची आवाज में बजाया जाता है। इस सायरन को सुनकर आम जनता शेल्टर के स्थान से निकलकर नुकसान का आकलन करती है तथा नागरिक सुरक्षा की वार्डन, फायर फाइटर एवं फर्स्ट एड की टीम सक्रिय हो जाती है। 45 मिनट तक हुई मॉक ड्रिल वार्डन सेवा द्वारा बताए गये स्थानों पर फायर फाइटर की टीम छोटी-छोटी आग को बुझाती है तथा फर्स्ट एड टीम कम घायलों को प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराती है। गम्भीर रूप से जले हुए व्यक्तियों को ऊंची इमारतों से निकालकर एम्बुलेंस वैन में लोड करती है। जिन स्थानों पर बडी आग लग जाती है वहाँ अग्निशमन विभाग के फायर टेंडर आकर आग को बुझाते है। स्वास्थ्य विभाग की टीम घायल लोगों का ट्रायज करती है और गंभीर रूप से घायल को एम्बुलेंस की सहायता से नजदीकी अस्पताल भेज देती है। यह मोचक ड्रिल करीब 45 मिनट तक चला।
भोपाल में मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय के सामने को मांस से भरे कंटेनर मिलने के मामले में रिमांड पर लिए गए स्लॉटर हाउस के संचालक असलम कुरैशी और चमड़ा और उसके चालक सोहेल से पूछताछ जारी है। दोनों से गुरुवार से शुक्रवार के बीच करीब 16 घंटे के भीतर तीन बार पूछताछ की गई। पूछताछ में असलम से भोपाल के अलावा अन्य शहरों में उसके कामकाज, जीवित और मृत मवेशियों की सप्लाई, मांस के परिवहन और पूरी सप्लाई चेन को लेकर सवाल किए गए हैं। रिमांड समाप्त होने के बाद 25 जनवरी को दोनों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। नगर निगम कार्यालय से फाइल जब्त कीपुलिस ने शुक्रवार को नगर निगम से स्लॉटर हाउस से जुड़ी फाइलें और दस्तावेज जब्त किए। इनमें वर्ष 2014-15 से अब तक के टेंडर, अनुमति पत्र और अन्य रिकॉर्ड शामिल हैं। प्रभारी सहायक यंत्री सौरभ सूद समेत दो कर्मचारियों को लगातार दो दिनों से जहांगीराबाद थाने बुलाकर पूछताछ की जा रही है। इन अधिकारियों से भी पूछताछ नहीं कीस्लॉटर हाउस के टेंडर से लेकर एमआईसी की मंजूरी तक की अधिकांश फाइलों पर अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग और कार्यपालन यंत्री आरके त्रिवेदी के साइन हैं, लेकिन अब तक इन दोनों से न तो पूछताछ हुई है और न ही उनकी भूमिका की औपचारिक जांच शुरू की गई है। इससे सीट की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
आगरा में मिलेगा कश्मीरी खाने का स्वाद:जेपी पैलेस में हुई कश्मीरी फूड फेस्टिवल की शुरुआत
आगरा के जेपी पैलेस होटल में 10 दिवसीय कश्मीरी फूड फेस्टिवल की शुरुआत हो गई है। इस फेस्टिवल में कश्मीरी शेफ द्वारा तैयार किए गए व्यंजन परोसे जाएंगे। होटल के पात्रा रेस्टोरेंट में यह 10 दिन का फूड फेस्टिवल चलेगा, और इस रेस्टोरेंट को कश्मीरी स्टाइल में सजाया गया है। रेस्टोरेंट में काम करने वाले कर्मचारी भी कश्मीरी भेष भूषा में दिखाई दे रहे है। इस फेस्टिवल में एक ही छत के नीचे देसी और विदेशी पर्यटक आगरा के मशहूर खाने के अलावा कश्मीर के मशहूर व्यंजनों का स्वाद भी ले सकेंगे। हरी सुकुमार ने बताया-होटल जेपी पैलेस हमेशा से नए नए काम के लिए जाना जाता है। अलग अलग फूड फेस्टिवल हम अपने होटल में करते हैं, जिससे कि यहां आने वाले पर्यटकों को देश के अलग अलग हिस्सों के खाने का स्वाद मिल सके। इस बार हमने 10 दिन के लिए कश्मीरी फूड फेस्टिवल की शुरुआत की है। जिसमें मुख्य उद्देश्य है कि कश्मीरी स्टाइल में ही पर्यटकों को कश्मीर के खाने का स्वाद मिलेगा। होटल के पात्रा रेस्टोरेंट में इस फेस्टिवल की शुरुआत की गई है, जो कि 23 जनवरी से एक फरवरी तक चलेगा। होटल के एक्जीक्यूटिव शेफ अजय माथुर ने बताया- इस फेस्टिवल में आने वाले मेहमानों को शाकाहारी खाने के अलावा मांसाहारी खाने का भी स्वाद मिलेगा। इसके लिए हमने कश्मीर से ही स्पेशल शेफ बुलाए है, जो अपनी टीम के साथ आए है, उन्हीं के द्वारा खाना बनाया और परोसा जाएगा। रेस्टोरेंट को कश्मीरी फूड फेस्टिवल के हिसाब से सजाया है, जिससे कि फेस्टिवल में आने वाले मेहमान एंजॉय भी कर सके।
ए.पी. सेन कॉलेज में वसंत पंचमी, एलुमनाई मीट:मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ पूर्व छात्राओं का मिलन
ए.पी. सेन मेमोरियल गर्ल्स पीजी कॉलेज, लखनऊ में वसंत पंचमी का पर्व आस्था, परंपरा और उल्लास के साथ मनाया गया। विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ कॉलेज परिसर ज्ञान, भक्ति और बसंती रंगों से सराबोर नजर आया। इस अवसर को और खास बनाते हुए महाविद्यालय में पुरातन छात्रा सम्मेलन (एलुमनाई मीट) का भी आयोजन किया गया, जिसमें वर्षों बाद लौटीं छात्राओं की यादें और भावनाएं खुलकर सामने आईं। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापना से हुई। इसके बाद महाविद्यालय परिवार के सदस्यों ने मां की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर ज्ञान, शुचिता और प्रज्ञा की कामना की। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी कॉलेज के पुस्तकालय में विशेष सरस्वती पूजा आयोजित की गई, जहां शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्राओं ने श्रद्धा सुमन अर्पित कर महाविद्यालय की उन्नति व विकास के लिए प्रार्थना की। संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धियों की जानकारी दी इसके बाद आयोजित एलुमनाई सम्मेलन में कॉलेज की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने सभी पूर्व छात्राओं का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें संस्थान की सतत प्रगति, शैक्षणिक उपलब्धियों और नवाचारों की जानकारी दी। एलुमनाई प्रभारी प्रो. श्वेता तिवारी एवं छात्रा अपर्णा के नेतृत्व में प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समां बांध दिया। नृत्य प्रस्तुतियों में खुशी, मृणालनी, रिया, प्रिया, प्रियांशु और तनु ने दर्शकों का दिल जीत लिया, वहीं पुरानी छात्राओं में प्रज्ञा, पूजा, शालिनी, कीर्ति और बबीता की प्रस्तुतियों ने पुरानी यादों को जीवंत कर दिया। पूर्व छात्राओं ने कॉलेज के दिनों के यादों को साझा किया कार्यक्रम के दौरान पूर्व छात्राओं ने कॉलेज के दिनों को साझा करते हुए कहा कि आज वे स्वयं को फिर से अपने छात्र जीवन में लौटा हुआ महसूस कर रही हैं। इस अवसर पर वरिष्ठ एलुमनाई डॉ. अनुराधा विनायक, अंजू, रूपाली और गुरमीत को प्राचार्या द्वारा शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।अंत में एलुमनाई एवं कल्चरल क्लब प्रभारी प्रो. श्वेता तिवारी और ऋचा मुक्ता ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। पूरे दिन ए.पी. सेन कॉलेज प्रांगण बसंती रंग, भक्ति भाव और पुरानी छात्राओं की खुशियों से सराबोर रहा।
पंजाब के लुधियाना में गोली लगने से एक युवक की मौत हो गई है। गोली मरने वाले के पेट से आर-पार हुई है। मरने वाला करीब 26 साल का है। मृतक युवक की पहचान राजवीर गांव थ्रीके के रूप में हुई है। राजवीर एमबीए कर रहा था। थाना पीएयू की पुलिस ने राजवीर के दोस्त के जुगराज के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राजवीर का शव डीएमसी अस्पताल में रखवाया गया है। जानकारी मुताबिक जुगराज और राजवीर अच्छे दोस्त है। जुगराज कानूनी पढ़ाई कर रहा है और राजवीर एमबीए कर रहा था। आज दोनों गांव तलवाड़ा नजदीक खेतों में गए हुए थे। किसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हो गई। इस दौरान जुगराज ने राजवीर पर गोली चला दी। खून से लथपथ राजवीर को जब लोगों ने डीएमसी अस्पताल पहुंचाया जहां उपचार दौरान उसकी मौत हो गई। पीएयू के एसएचओ विजय ने कहा कि मरने वाले के शव का कल पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा। आरोपी अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए छापामारी की जा रही है। उसकी गिरफ्तारी के बाद ही गोली चलाने का असल कारण पता चल सकेगा।
सोनभद्र में दो मैजिक वाहनों की टक्कर:एक की मौत, चार गंभीर रूप से घायल
सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के नई बाजार के सोनारी नहर पुलिया के पास देर रात दो मैजिक वाहनों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल लोढी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वही शव को कब्जे में लेते हुए उसे पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्च्युरी में भिजवा दिया गया। रॉबर्ट्सगंज के नई बाजार के पास पन्नूगंज की तरफ से आ रही मैजिक वाहन, रॉबर्ट्सगंज से जा रही मैजिक वाहन से ओवरटेक के चक्कर में आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। जबरदस्त टक्कर होने की वजह से उसमें सवार पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल ही जिला अस्पताल भेजा गया जहां डॉक्टरों ने एक को मृत घोषित कर दिया तो वहीं चार घायलों का इलाज जारी है । मृतक की पहचान करमा थाना के बसदेवा निवासी विकास (19) पुत्र राजकुमार के रूप में हुई है, जबकि अन्य घायलों में सचिन (20) पुत्र राम विलास निवासी धरमौली, थाना घोरावल; विजय (35) पुत्र जोगेंद्र निवासी पुसौली, जल निगम के पास, थाना राबर्ट्सगंज; और शुभम (21) पुत्र मुन्ना निवासी बासदेवा करकी, थाना करमा शामिल हैं। एक अन्य घायल व्यक्ति की पहचान अभी नहीं हो पाई है सभी का इलाज जारी है। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली प्रभारी रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि यह दुर्घटना ओवरटेक करने के प्रयास में हुई, जब मैजिक वाहन यूपी 63 सीटी 0850 और यूपी 63 सीटी 0929 आपस में टकरा गए। पुलिस ने दोनों वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया है। घटना में एक की मौत हो गई और चार घायल है, जिनका इलाज जारी है। शव को कब्जे में लेते हुए उसे पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्च्युरी में रखवा दिया गया है। घटनास्थल पर कानून-व्यवस्था की कोई समस्या नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
आगरा में बसंत पंचमी के अवसर पर सारंग फाउंडेशन का गरिमामयी शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर सरस्वती पूजन, कवि सम्मेलन और साहित्यकारों के सम्मान का आयोजन किया गया। महापौर हेमलता दिवाकर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कवि सम्मेलन में शायर दीपांशु शम्स को सारंग युवा सम्मान-2026 से सम्मानित किया गया। इसके अलावा 12 कवि-साहित्यकारों को सारंग सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम संयोजक ओज के सशक्त कवि सचिन दीक्षित की इन पंक्तियों ने महफिल में जोश भर दिया। सारंग युवा सम्मान से सम्मानित शायर दीपांशु शम्स के इस शेर पर लोग देर तक वाह वाह करते रहे । एटा से आए कवि आर्य राजेश यादव ने इन पंक्तियों से समाँ बाँध दिया। गीत ऋषि सोम ठाकुर ने कवि सम्मेलन की अध्यक्षता की और अपने गीतों से समारोह को यादगार बना दिया। कवि सम्मेलन में डॉ. रुचि चतुर्वेदी, सचिन दीक्षित, पवन आगरी, अशोक चौबे, पदम गौतम, शशांक प्रभाकर और आर्य राजेश यादव ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। गीत ऋषि सोम ठाकुर ने कवि सम्मेलन की अध्यक्षता की। इस अवसर पर जितेंद्र फौजदार, ब्रजकिशोर, पूर्व पार्षद अमित ग्वाला, पूर्व विधायक महेश गोयल, पार्षद गौरव शर्मा और प्रतिभा जिंदल सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
सीधी में टैंकर पलटा, ड्राइवर घायल:डीजल लूटने दौड़े लोग, वाहन उत्तर प्रदेश से बहरी की ओर जा रहा था
सीधी जिले के अमिलिया थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात करीब 10 बजे कोलदहा पुल के पास एक डीजल टैंकर बेकाबू होकर पलट गया। इस हादसे में टैंकर का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया। ड्राइवर को गंभीर चोटें आई हैं और क्लीनर गोरेलाल यादव भी जख्मी हुए हैं। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डीजल लूटने की मची होड़ टैंकर पलटते ही उससे डीजल बहने लगा। खबर फैलते ही आसपास के गांव वाले और राहगीर मौके पर जमा हो गए। खतरे की परवाह किए बिना लोग बाल्टी और डिब्बे लेकर डीजल भरने लगे। मौके पर डीजल लूटने की होड़ मच गई। धमाके का था बड़ा खतरा सड़क पर डीजल फैलने से हालात काफी खतरनाक हो गए थे। वहां मौजूद लोगों का कहना था कि अगर जरा सी भी चिंगारी उठती, तो बड़ा धमाका हो सकता था और पूरा इलाका आग की चपेट में आ जाता। पुलिस ने संभाला मोर्चा हादसे की सूचना मिलते ही अमिलिया पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर लोगों को वहां से खदेड़ना शुरू किया और डीजल लूटने से रोका। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से रास्ता बंद कर दिया है। बताया जा रहा है कि यह टैंकर उत्तर प्रदेश से बहरी की ओर जा रहा था। फिलहाल पुलिस हादसे की जांच कर रही है।
बदायूं में कार में फंसा युवक 8 किमी तक घिसटा:पीछे चल रहे गाड़ी चालक ने रुकवाई, शव निकाला
बदायूं में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवक का शव कार के नीचे फंसकर 8 किलोमीटर तक घिसटता रहा। यह मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के लालपुल इलाके में उस समय उजागर हुआ। जब पीछे चल रहे एक अन्य वाहन चालक ने कार सवार को इस बारे में सूचना दी। जानकारी मिलते ही कार रुकवाई गई, जिसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पाकर पुलिस भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। शव को कार के नीचे से बाहर निकलवाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पढ़िए पूरा मामला... पुलिस के अनुसार, शहर की मंडी समिति निवासी परवेंद्र प्रताप सिंह शुक्रवार शाम कादरचौक थाना क्षेत्र के असरसी गांव स्थित अपनी खाद-बीज की दुकान बंद कर कार से घर लौट रहे थे। उस समय बारिश हो रही थी। रास्ते में किसी अज्ञात स्थान पर एक व्यक्ति का शव उनकी कार के नीचे फंस गया। जिसकी जानकारी उन्हें नहीं हो सकी। कार शव को घसीटते हुए 8 किलोमीटर दूर लालपुल इलाके तक पहुंच गई। मौके पर शव की तलाशी लेने पर उसकी जेब से एक आधार कार्ड बरामद हुआ। जिस पर मृतक की पहचान घलेंद्र पुत्र चुन्नी लाल, निवासी रायपुर बुजुर्ग, थाना बिल्सी के रूप में दर्ज है। हालांकि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बरामद आधार कार्ड मृतक का ही है या किसी अन्य व्यक्ति का। फिलहाल शव को मॉर्च्युरी में सुरक्षित रखवा दिया गया है। सड़क पर लगा जानवर का शव पड़ा है कार चालक परवेंद्र ने पुलिस को बताया कि शहर से लगभग 8 किमी पहले वाहन चलाते समय उसे ऐसा लगा कि सड़क पर किसी जानवर का शव पड़ा हुआ है। उस समय बारिश हो रही थी और गाड़ी तेज रफ्तार में थी। इसलिए उसने वाहन को बिना रोके बदायूं की ओर बढ़ा दिया। जब वह शहर में प्रवेश कर लालपुल पुलिस चौकी के पास पहुंचा, तभी पीछे से आ रहे एक अन्य कार चालक ने ओवरटेक कर उसे बताया कि उसकी कार के नीचे कुछ फंसा हुआ है। यह सुनकर परवेंद्र ने तुरंत गाड़ी रोकी और नीचे उतरकर देखा। जहां एक व्यक्ति का शव कार के नीचे फंसा हुआ मिला। इसी दौरान सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और शव को कार के नीचे से बाहर निकलवाया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। कार पर नहीं मिले खून के निशान सदर कोतवाली प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि शव की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है। जिस कार के नीचे शव फंसा मिला, उस पर कोई स्पष्ट डेंट या खून के निशान नहीं पाए गए, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि दुर्घटना इसी वाहन से हुई थी या नहीं। पुलिस कार चालक परवेंद्र प्रताप सिंह से पूछताछ कर रही है। मामले की गहन जांच की जा रही है। साथ ही बिल्सी पुलिस को भी सूचना दे दी गई है, ताकि मृतक की सही पहचान और घटनाक्रम की पुष्टि की जा सके। ------------------------- ये भी पढ़ें.... 'पति ने जिंदगी बर्बाद की, बॉयफ्रेंड के साथ रहूंगी':गाजियाबाद में जीभ काटने वाली बोली- जेल से लौटकर सब पर केस करूंगी नामर्द से शादी के बाद मेरी जिंदगी बर्बाद हो गई। मैं अपनी तरह से जिंदगी जीना चाहती हूं, लेकिन पति और ससुराल वाले चाहते थे कि मैं उनके हिसाब से घर में रहूं।' यह कहना है कि गाजियाबाद में शादी के 7 महीने बाद पति की जीभ काटने वाली पत्नी ईशा का। उसे पुलिस ने बुधवार सुबह कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। जेल जाते वक्त भी आरोपी ईशा ने अपने पति पर सवाल उठाए। घायल पति अभी भी सुभराती अस्पताल में भर्ती है। डॉक्टरों का कहना है कि सर्जरी के बाद भी वह ठीक से बोलने की स्थिति में नहीं आ सकेगा। पढ़ें पूरी खबर...
प्रयागराज में बीमा क्लेम प्रक्रिया के दौरान ग्राहक की व्यक्तिगत और गोपनीय जानकारी लीक होने का मामला सामने आया है। कर्नलगंज निवासी अधिवक्ता पीयूष ओझा ने एक निजी इंश्योरेंस कंपनी और लखनऊ स्थित कार सर्विस सेंटर के खिलाफ थाना कर्नलगंज में लिखित शिकायत देकर अभियोग पंजीकृत किए जाने की मांग की है। इंश्योरेंस क्लेम के दौरान आया संदिग्ध कॉलशिकायत के अनुसार, अधिवक्ता ने अपनी कार को 14 जनवरी को लखनऊ स्थित एक कार सर्विस सेंटर में इंश्योरेंस क्लेम के लिए जमा किया था। वाहन का बीमा एक निजी इंश्योरेंस कंपनी से था। इसी दौरान 16 जनवरी को अपराह्न लगभग 3:51 बजे उनके मोबाइल फोन पर अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने पहले गलत नाम से पहचान पूछी और फिर यह सवाल किया कि क्या वाहन टैक्सी में चलाया जाता है। चौंकाने वाली बात यह रही कि कॉल करने वाले को वाहन का सटीक नंबर पहले से ज्ञात था। कॉल के बाद गहराया शकअधिवक्ता के अनुसार, बातचीत के तुरंत बाद कॉल काट दी गई। इससे उन्हें यह गंभीर आशंका हुई कि उनकी व्यक्तिगत जानकारी किसी बीमा कंपनी या कार सर्विस सेंटर द्वारा किसी बाहरी व्यक्ति को उपलब्ध कराई गई है, जिससे साइबर फ्रॉड या अन्य आपराधिक गतिविधि को अंजाम दिया जा सकता है। सोशल मीडिया पर की गई शिकायतघटना के तुरंत बाद अधिवक्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से संबंधित निजी इंश्योरेंस कंपनी को टैग करते हुए सार्वजनिक शिकायत दर्ज कराई, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कॉल कंपनी या उसके किसी अधिकृत प्रतिनिधि द्वारा कराई गई थी या नहीं। अब क्लेम निरस्त, बताया गया ‘टैक्सी उपयोग’शिकायत में कहा गया है कि 22 जनवरी को उन्हें यह जानकारी दी गई कि उक्त कॉल को बीमा कंपनी की ओर से कराई गई कॉल बताया जा रहा है और इसी आधार पर यह कहते हुए इंश्योरेंस क्लेम निरस्त कर दिया गया कि वाहन टैक्सी में प्रयुक्त होता है। प्रार्थी का आरोप है कि यह कार्रवाई पूरी तरह दुर्भावनापूर्ण, मनगढ़ंत और षड्यंत्रपूर्ण है। डेटा चोरी और निजता उल्लंघन का आरोपअधिवक्ता ने बताया कि बीमा लेते समय आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल नंबर, पता और वाहन से संबंधित सभी संवेदनशील दस्तावेज बीमा कंपनी को उपलब्ध कराए गए थे। ऐसे में आशंका है कि यह संवेदनशील जानकारी भी अनधिकृत रूप से साझा की गई हो, जो आईटी एक्ट 2000 और भारतीय न्याय संहिता के तहत दंडनीय अपराध है। उन्होंने यह भी कहा कि IRDAI की गाइडलाइंस में स्पष्ट प्रावधान है कि ग्राहक की जानकारी गोपनीय रखी जानी चाहिए और बिना स्पष्ट सहमति किसी भी प्रकार की टेली-कॉलिंग या थर्ड पार्टी को डेटा देना प्रतिबंधित है। फिलहाल कर्नलगंज पुलिस ने इस मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस से की गई प्रमुख मांगें शिकायत में थाना प्रभारी से मांग की गई है कि— कॉल करने वाले व्यक्ति की पहचान की जाए यह जांच हो कि वह व्यक्ति किसी बीमा कंपनी या अधिकृत एजेंसी से जुड़ा है या नहीं यह पता लगाया जाए कि व्यक्तिगत जानकारी किस स्तर से और किस उद्देश्य से साझा की गई निजी इंश्योरेंस कंपनी और लखनऊ स्थित कार सर्विस सेंटर के जिम्मेदार अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज की जाए मामले को साइबर अपराध मानते हुए विधिक कार्रवाई की जाए
दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र में मकान निर्माण को लेकर चल रहे विवाद ने अब आपराधिक रूप ले लिया है। एक बिल्डर ने अपने ठेकेदार और उसकी बहन पर गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और सरिया से हमला करने के प्रयास का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नंदिनी रोड पावर हाउस, भिलाई निवासी और लोट्स सिटी फेज-3 के प्रोपराइटर एस. सरमद इमाम ने कुम्हारी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि आरोपी गौरव वर्मा और उसकी बहन निशा श्रीवास्तव उन्हें और उनके परिवार को लंबे समय से जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। शिकायत के मुताबिक, 22 जनवरी 2026 की सुबह लगभग 8 से 9 बजे के बीच आरोपी गौरव वर्मा प्रार्थी के बड़े भाई के निवास स्थान और एक निर्माण स्थल पर पहुंचा। वहां भूमि पूजन कार्यक्रम चल रहा था। आरोप है कि इस दौरान गौरव वर्मा ने सरिया से हमला करने का प्रयास किया और अश्लील गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी। इस घटना से मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। बिल्डर ने यह भी आरोप लगाया है कि गौरव वर्मा और निशा श्रीवास्तव उनकी महिला स्टाफ के साथ भी लगातार गाली-गलौज और धमकी देते हैं। शिकायत में बताया गया है कि जब महिला स्टाफ शमा खान और निधि विश्वकर्मा (निवासी सुपेला, भिलाई) ग्राहकों को साइट विजिट कराने जाती हैं, तब आरोपी उनके साथ हाथापाई और बदसलूकी करते हैं। पुलिस के पास इन घटनाओं से संबंधित साक्ष्य और पूर्व में दर्ज बयान मौजूद हैं। एक लाख रुपए की जबरन वसूली का भी आरोप शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि पूर्व में आरोपी और उसके बाहरी साथियों ने प्रार्थी को घेरकर हथियार दिखाते हुए एक लाख रुपए की जबरन वसूली की और जबरदस्ती साइन करवाए। इस संबंध में भी पहले आवेदन दिया जा चुका है। काम पूरा, फिर भी बिना भुगतान काम कराने का दबाव प्रार्थी के अनुसार, गौरव वर्मा को मकान निर्माण का कार्य दिया गया था और जितनी राशि उसने दी, उतने मूल्य का कार्य पूरा कर दिया गया है। इसके बावजूद आरोपी बिना अतिरिक्त भुगतान के आगे का काम बलपूर्वक कराने का दबाव बना रहा है और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दे रहा है। पुलिस ने दर्ज किया मामला, सुरक्षा का भरोसा कुम्हारी थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी गौरव वर्मा और निशा श्रीवास्तव के खिलाफ धारा 296, 351(3), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। प्रार्थी ने पुलिस अधीक्षक दुर्ग से भी मुलाकात कर परिवार और महिला स्टाफ की सुरक्षा की गुहार लगाई, जिस पर उन्हें उचित कार्रवाई और सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है।
ललितपुर में ग्रामीण विकास बैंक (भूमि विकास बैंक) की तीनों शाखाओं के अध्यक्ष पद के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। यह चुनाव प्रक्रिया हाल ही में संपन्न हुई। जिला की मुख्य शाखा के अध्यक्ष पद के लिए भाजपा समर्थित प्रत्याशी और जिला महामंत्री महेश श्रीवास्तव भैया ने नामांकन दाखिल किया था। इसी तरह, महरौनी शाखा से जय हिन्द सिंह लोधी और तालबेहट शाखा से उमाशंकर भोंड़ेले ने पर्चा भरा था। इन सभी प्रत्याशियों ने अकेले ही नामांकन पत्र दाखिल किए थे, जिसके कारण उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। भाजपा समर्थित प्रत्याशियों उमाशंकर भौंडे़ले (तालबेहट), महेश श्रीवास्तव (ललितपुर) और जयेन्द्र सिंह (महरौनी) के निर्विरोध निर्वाचन पर जिला अध्यक्ष हरिश्चंद्र रावत ने उनका स्वागत किया और बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड के सदस्य प्रदीप चौबे, एसआईआर प्रमुख हरीराम निरंजन, जिला महामंत्री बब्बू राजा बुन्देला, जिला मीडिया प्रभारी देवेन्द्र गुरु, प्रान्तीय प्रतिनिधि शशिशेखर पांडेय, सह मीडिया प्रभारी ध्रुव सिंह सिसौदिया, चिकित्सा प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक डॉ. दीपक चौबे सहित रुपेश साहू, दीपक पाराशर, किंजल्क हुड्डैत, मनीष जैन वामौर, अशोक साहू दाऊ, अजय जैन साईकिल, अनुज शर्मा, शिवम पाराशर, जगभान सिंह लोधी और विक्रांत रावत आदि उपस्थित रहे।
अभिषेक शांडिल्य (IPS) ने शुक्रवार, 23 जनवरी 2026 को दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) का पदभार ग्रहण कर लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आम नागरिकों के प्रति संवेदनशील, निष्पक्ष और प्रभावी पुलिसिंग उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। पूर्व आईजी रामगोपाल गर्ग ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर शुभकामनाएं दीं। पदभार संभालने के बाद आईजी शांडिल्य ने दुर्ग रेंज के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया और रेंज की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण तथा समग्र पुलिसिंग से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान आईजी अभिषेक शांडिल्य ने पुलिसिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के साथ-साथ जनता का विश्वास जीतना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसके लिए पुलिस और आमजन के बीच बेहतर समन्वय और संवाद आवश्यक है। उन्होंने लंबित मामलों के त्वरित निराकरण, महिला अपराधों पर सख्त कार्रवाई, यातायात व्यवस्था में सुधार और आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) सुखनंदन राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मणि शंकर चंद्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) ऋचा मिश्रा सहित दुर्ग रेंज के सभी राजपत्रित अधिकारी और कार्यालयीन स्टाफ उपस्थित थे। यह पदस्थापना रायपुर में कमिश्नरी व्यवस्था लागू होने के बाद राज्य शासन द्वारा किए गए बड़े प्रशासनिक फेरबदल का हिस्सा है। इसी क्रम में रामगोपाल गर्ग (आईपीएस-2007) को दुर्ग रेंज से बिलासपुर रेंज का आईजी नियुक्त किया गया है। वहीं, अभिषेक शांडिल्य (आईपीएस-2007) को राजनांदगांव रेंज से स्थानांतरित कर दुर्ग रेंज पुलिस महानिरीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राज्य शासन का इस संबंध में आदेश 22 जनवरी 2026 को जारी किया गया था।
धमतरी के मराठापारा में भागवत कथा का आयोजन:छठवें दिन कथावाचिका देवी भूमिका ने सुनाई कृष्ण जन्म कथा
छत्तीसगढ़ के धमतरी शहर के मराठापारा वार्ड में श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन के छठवें दिन श्री कृष्ण जन्म का प्रसंग सुनाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रोता उपस्थित रहे। वार्डवासियों द्वारा अपने पूर्वजों की स्मृति में आयोजित इस सप्ताहव्यापी कथा में कथावाचिका देवी भूमिका व्यासपीठ से कथा का वाचन कर रही हैं। छठवें दिन उन्होंने श्री राम जन्म, गंगा अवतरण और श्री कृष्ण जन्म की कथा विस्तार से श्रोताओं को सुनाई। श्रोताओं ने श्री कृष्ण जन्म की कथा विस्तार से सुनी कथावाचिका ने बताया कि भगवान श्री कृष्ण का जन्म वसुदेव और देवकी की आठवीं संतान के रूप में मथुरा के कारागार में हुआ था। कंस की क्रूरता से बचाने के लिए वसुदेव उन्हें यमुना पार गोकुल में यशोदा और नंद के पास छोड़ आए थे, जहां उनका लालन-पालन हुआ। वार्डवासियों के अनुसार, यह श्रीमद् भागवत कथा 19 जनवरी से शुरू होकर 27 जनवरी तक चलेगी। इस आयोजन में धमतरी शहर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण करने पहुंच रहे हैं।
पीलीभीत के बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोप है कि आरोपियों ने इस घटना का वीडियो भी बनाया। पुलिस ने पीड़िता की मां की तहरीर पर गांव के पांच युवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना 21 जनवरी की रात करीब 11 बजे हुई। पीड़िता की मां ने आरोप लगाया है कि गांव के अवनीश कुमार ने उनकी बेटी को फोन कर घर से बाहर बुलाया। जब किशोरी बाहर पहुंची, तो वहां प्रशांत पहले से मौजूद था। अवनीश किशोरी को फुसलाकर हर्ष उर्फ विनीत के घर ले गया। आरोप है कि प्रशांत ने इसकी जानकारी अपने अन्य मित्रों विकास, शरद और सुमित को दी। इसके बाद ये चारों युवक भी हर्ष के घर पहुंचे। वहां से विकास किशोरी को पास ही स्थित एक सुनसान खंडहर में ले गया। खंडहर में मुख्य आरोपी प्रशांत ने अन्य साथियों की मदद से किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। आरोप है कि शरद और सुमित ने किशोरी के कपड़े उतारने में प्रशांत की मदद की। विकास ने मोबाइल फोन से इस घटना का वीडियो बनाया। वारदात के बाद किशोरी घर पहुंची और परिजनों को घटना के बारे में बताया। थाना अध्यक्ष संजीव कुमार शुक्ला ने जानकारी दी कि पीड़िता की मां की तहरीर पर अवनीश, प्रशांत, विकास, शरद और सुमित के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की कई टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
25 हजार का इनामी गुफरान पुलिस मुठभेड़ में घायल:मुजफ्फरनगर से तमंचा और मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार
मुजफ्फरनगर में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। रतनपुरी थाना क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में 25 हजार रुपए का इनामी गैंगस्टर गुफरान घायल हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। यह मुठभेड़ टोड़ा मार्ग पर हुई, जहां मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश कर रही थी। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें गुफरान के पैर में गोली लगी। घायल बदमाश की पहचान बागपत जिले के रमाला थाने से गैंगस्टर एक्ट में वांछित गुफरान पुत्र इरफान निवासी नगला रियावली के रूप में हुई है। उस पर लूट, चोरी और गैंगस्टर एक्ट सहित लगभग आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। गुफरान लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से फरार था। पुलिस ने गुफरान के कब्जे से एक अवैध तमंचा, कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा और एसपी देहात आदित्य बंसल के निर्देश पर रतनपुरी पुलिस लगातार अपराधियों के खिलाफ अभियान चला रही है। पिछले एक महीने में इसी क्षेत्र से वांछित 25 हजार के इनामी गुलफाम उर्फ काला और हसन को भी पुलिस मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार किया जा चुका है। ये दोनों भी नगला रियावली क्षेत्र से संबंधित थे। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी राकेश कुमार, सब इंस्पेक्टर मोहित कुमार, कांस्टेबल प्रशांत, नवीन और गजेंद्र मावी की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनपद में अपराध नियंत्रण के लिए ऐसे अभियान जारी रहेंगे और अपराधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रतनपुरी पुलिस की इस सक्रियता से इलाके में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है और अपराधियों में दहशत का माहौल है।
गोरखपुर में रोड चौड़ीकरण और विद्युत लाइन शिफ्टिंग कार्य के चलते शनिवार को शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। विभाग ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील करते हुए आवश्यक कार्य समय से पूर्व निपटाने की सलाह दी है। दिए गए कार्यक्रम के अनुसार विद्युत उपकेंद्र रुस्तमपुर के 11 केवी राजीव नगर फीडर, विद्युत उपकेंद्र राप्तीनगर के 11 केवी राम जानकी नगर, फेस तीन और मोती पोखरा फीडर, विद्युत उपकेंद्र सहजनवा ग्रामीण के 11 केवी मगहर नार्थ फीडर, विद्युत उपकेंद्र लालडिग्गी के 11 केवी हिंदी बाजार व बसंतपुर फीडर, विद्युत उपकेंद्र शाहपुर तथा विद्युत उपकेंद्र पादरी बाजार क्षेत्र में कटौती लागू रहेगी। इन इलाकों में आवासीय और व्यावसायिक उपभोक्ता प्रभावित होंगे। बिजली आपूर्ति शनिवार को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक रोक दी जाएगी। विभाग का कहना है कि यह कार्य सुरक्षा मानकों व तकनीकी आवश्यकता को देखते हुए किया जा रहा है। ऊर्जा निगम ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि कार्य पूरा होने के बाद आपूर्ति सामान्य रूप से बहाल कर दी जाएगी। साथ ही आवश्यकतानुसार वैकल्पिक व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
GSVM मेडिकल कॉलेज में वसंत पंचमी उत्सव:पैरा आर-2 टीम ने संस्कृति और शिक्षा का कार्यक्रम आयोजित किया
कानपुर स्थित जी.एस.वी.एम. मेडिकल कॉलेज में वसंत पंचमी के अवसर पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन पैरा आर-2 (Para R2) टीम के तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण माँ सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना और हवन था, जिसमें सभी उपस्थितजनों ने भाग लिया। कार्यक्रम स्थल को फूलों से सजाया गया था, जिससे वहां का वातावरण उत्सवपूर्ण बन गया। पूजा-हवन में कॉलेज के चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, रेज़िडेंट्स और विद्यार्थी शामिल हुए। सभी ने माँ सरस्वती से ज्ञान, बुद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। संस्थानों में नई ऊर्जा का संचार होता है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करना था। साथ ही, शैक्षणिक वातावरण में सकारात्मकता लाना भी इसका लक्ष्य था। उपस्थित लोगों ने इसे एक सार्थक आयोजन बताया। कार्यक्रम में कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. संजय कला और उनकी पत्नी डॉ. चयनिका कला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आचार्य डॉ. सुनीति पांडे (शरीर रचना विज्ञान विभाग), डॉ. यशवन्त राव (बाल रोग विभाग), डॉ. सीमा द्विवेदी (स्त्री रोग विभाग), डॉ. जे.एस. कुशवाह (चिकित्सा विभाग) और अन्य शिक्षकगण भी मौजूद थे। पैरा आर-2 टीम के सभी सदस्यों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके समन्वय से यह कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हुआ। उपस्थितजनों ने आयोजन की सराहना की। जी.एस.वी.एम. मेडिकल कॉलेज में इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों और स्टाफ के बीच सहयोग की भावना को बढ़ाते हैं।
ग्रेटर नोएडा के शारदा यूनिवर्सिटी में मॉक ड्रिल:हवाई हमले की चेतावनी पर सायरन बजते ही मची भगदड़
ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा विश्वविद्यालय में मंगलवार शाम हवाई हमले जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। शाम छह बजे जैसे ही सायरन बजा, पूरा विश्वविद्यालय परिसर अचानक अफरा-तफरी के माहौल में बदल गया। लोग जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ते नजर आए। इस दौरान कुछ लोग बेहोश होने और कुछ घायल होने का अभिनय करते हुए मदद के लिए पुकारते दिखाई दिए। यह दृश्य किसी वास्तविक घटना का नहीं, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशासन और नागरिकों की तैयारियों को परखने के लिए आयोजित मॉक ड्रिल का हिस्सा था। काल्पनिक हवाई हमले की चेतावनी के रूप में दो मिनट तक सायरन बजाया गया। इसके बाद पूरे परिसर की बिजली आपूर्ति बंद कर ब्लैकआउट किया गया। निर्देशानुसार नागरिकों ने जमीन पर लेटकर और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेकर बचाव का अभ्यास किया। काल्पनिक हवाई हमले के समाप्त होने के बाद ‘ऑल क्लियर’ संकेत के रूप में दो मिनट तक तेज आवाज में सायरन बजाया गया। इसके पश्चात मॉक ड्रिल के अगले चरण में हमले के कारण आग लगने और क्षति जैसी स्थिति का अभ्यास कराया गया। नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवकों ने अग्निशामक यंत्रों की मदद से छोटी आग पर काबू पाया, जबकि अग्निशमन विभाग ने फायर टेंडर के जरिए बड़ी आग को सफलतापूर्वक बुझाने का प्रदर्शन किया। इस मॉक ड्रिल में नागरिक सुरक्षा के 50 स्वयंसेवक, पावर कॉर्पोरेशन विभाग, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन और शारदा विश्वविद्यालय के कर्नल सुरेंद्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वय की क्षमता को मजबूत करना रहा।
बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा मंगलवार को प्रतापगढ़ पहुंचे, जहां उनके आगमन को लेकर जिले में खासा उत्साह देखने को मिला। इस दौरान उन्होंने कटरा स्थित प्रसिद्ध शीतला धाम मंदिर में माता शीतला का विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। दर्शन-पूजन के उपरांत गोविंदा पूर्व सांसद संगम लाल गुप्ता के नए होटल के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके साथ ही उन्होंने उनके कॉलेज में आयोजित वार्षिक समारोह में भी शिरकत की, जहां छात्रों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।देखिए तस्वीरें... प्रयागराज में माघ मेले की व्यवस्थाओं की सराहना प्रतापगढ़ आने से पूर्व गोविंदा प्रयागराज पहुंचे थे, जहां उन्होंने माघ मेले में आस्था की डुबकी लगाई। माघ मेले में योगी सरकार द्वारा की गई सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं से वह काफी प्रभावित नजर आए। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खुलकर प्रशंसा की। गोविंदा ने एक श्लोक का पाठ करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में धर्म और प्रशासनिक व्यवस्था को जिस प्रकार सुदृढ़ किया गया है, वह अत्यंत कल्याणकारी है। उन्होंने कहा, “नाभूतो न भविष्यति- ऐसी राजकीय व्यवस्था हमने अपनी आंखों से देखी है। माघ मेला जैसी भव्यता देखकर गौरव की अनुभूति होती है।” कार्यक्रम के अंत में गोविंदा ने अपने चिर-परिचित अंदाज़ में कहा कि कई बार उनकी फिल्में नहीं चलतीं, लेकिन उनकी पार्टी कभी नहीं हिलती। उन्होंने लोगों से प्रार्थना और सकारात्मक सोच बनाए रखने की अपील भी की।
लखनऊ के चारबाग स्टेशन से 3 साल की बच्ची गायब:48 दिन बाद दर्ज हुआ केस; अनजान नंबर से आया कॉल
लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन के पास बड़ी लाइन क्षेत्र से तीन साल की बच्ची रितिका के अपहरण का मामला सामने आया है। बच्ची 4 दिसंबर की रात अपने परिवार के साथ पानी की टंकी के पास सो रही थी। सुबह करीब 3 बजे मां की नींद खुली तो बच्ची गायब थी। हैरानी की बात यह है कि घटना के 48 दिन बाद 21 जनवरी को हुसैनगंज थाने में अपहरण का केस दर्ज हो सका। अनजान नंबर से आया कॉल, बच्ची के सुरक्षित होने का दावा अपहरण के बाद परिजनों के पास एक अनजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने पहले बच्ची के लखनऊ घंटाघर के पास होने की बात कही। जब इसकी सूचना जीआरपी को दी गई तो कॉल करने वाले ने खुद को कानपुर में बताया। परिजनों का आरोप है कि इसके बावजूद जीआरपी ने कोई केस दर्ज नहीं किया और मामले को टाल दिया। 20 दिन कानपुर में भटके परिजन बच्ची के पिता राजेश के मुताबिक, जीआरपी की अनदेखी के बाद वे खुद बच्ची की तलाश में कानपुर पहुंचे। करीब 20 दिन तक वहां खोजबीन की, लेकिन रितिका का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिवार वापस जौनपुर लौट गया। डीसीपी को पत्र लिखने के बाद हरकत में आई पुलिस बच्ची की मां वीना ने मामले की शिकायत डाक के जरिए डीसीपी मध्य को भेजी। इसके बाद हुसैनगंज पुलिस हरकत में आई। पुलिस टीम जौनपुर के मछलीशहर थाना क्षेत्र के फुलखा गांव पहुंची और परिजनों को लखनऊ लेकर आई। 21 जनवरी को हुसैनगंज थाने में आखिरकार अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया। दो टीमें बच्ची की तलाश में एसीपी हजरतगंज विकास जायसवाल ने बताया कि रितिका की तलाश के लिए पुलिस की दो टीमें लगाई गई हैं। कॉल डिटेल्स और संभावित ठिकानों की जांच की जा रही है।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शुक्रवार शाम ब्लैकआउट की मॉक ड्रिल आयोजित की गई। मुजफ्फरनगर में यह ड्रिल शाम 6 बजे 10 मिनट के लिए हुई, लेकिन उस समय जनपद के अधिकतर हिस्सों में पहले से ही बिजली गुल थी। दरअसल, मुजफ्फरनगर में शुक्रवार सुबह से रुक-रुक कर भारी बारिश हो रही थी। इस बारिश ने ठंड बढ़ा दी थी और विद्युत विभाग की लचर व्यवस्था के कारण सुबह से ही जनपद के अधिकांश इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित थी। बिजली गुल होने से आम जनता को बारिश और कड़ाके की ठंड के बीच काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, शाम 6 बजे मॉक ड्रिल समाप्त होते ही विद्युत विभाग ने बिजली आपूर्ति बहाल कर दी। देखिए तस्वीरें... जिलाधिकारी उमेश मिश्रा से मीडिया ने सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि अभी तो लाइट थी, लेकिन आज सुबह से पानी बरस रहा है। कहीं फॉल्ट हो जाने के कारण समस्या हुई है, उसे जल्द ही ठीक कराया जाएगा। इस ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में विभिन्न विभागों की तैयारियों का आकलन करना था। इसमें स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवा, सिविल डिफेंस के कर्मी और स्वयंसेवक शामिल रहे। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने बताया, पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, आज शाम 6 बजे हमने 10 मिनट का ब्लैकआउट किया था। सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया था कि वे अपनी लाइट बंद करें। हमने ऐसी स्थिति पैदा की, जो ब्लैकआउट के बाद उत्पन्न हो सकती है, और उसे निपटाने का प्रयास किया।
ग्वालियर के गोला का मंदिर चौराहे पर एक बुलेट सवार युवक को पुलिस से अभद्रता करना महंगा पड़ गया। पुलिस ने उसकी बाइक जब्त कर 6800 रुपए का चालान काट दिया। गोला का मंदिर ट्रैफिक पुलिस ने पिछले 2 दिनों में 15 से अधिक मॉडिफाइड साइलेंसर वाली बाइकों पर कार्रवाई की है। इनसे 35 हजार से अधिक का जुर्माना वसूला है। यातायात थाना गोला का मंदिर के प्रभारी अभिषेक रघुवंशी ने बताया कि मॉडिफाइड साइलेंसर वाली बाइकों को सड़कों पर चलने नहीं दिया जाएगा। ऐसी बाइक पकड़ी जाती है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। बाइक में मॉडिफाइड साइलेंसर लगाना अपराध की श्रेणी में आता है। कागज मांगे तो अभद्रता शुरू कर दीगोला का मंदिर चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस वाहनों की चेकिंग कर रही थी। भिंड रोड की ओर से आ रही बुलेट (MP30-MQ2926) को रोका गया। जब चालक से वाहन के कागजात मांगे गए, तो उसने पुलिसकर्मियों से अभद्रता शुरू कर दी। पुलिस द्वारा साइलेंसर की जांच के लिए गाड़ी बंद करने पर युवक ने चाबी निकाल ली और किसी को फोन करने लगा। यातायात थाना प्रभारी अभिषेक रघुवंशी ने युवक की अभद्रता को देखते हुए बुलेट को जब्त कर ट्रैफिक थाने भिजवा दिया। थाने पहुंचने पर पुलिस ने युवक को 6800 रुपए के चालान की रसीद थमाई और जुर्माना जमा करने को कहा।
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने शुक्रवार को क्रिश्चियन कॉलेज की जमीन को शासकीय घोषित कर दिया है। करीब 400 करोड़ रुपए मूल्य की इस जमीन पर भूमाफिया की नजर थी, जबकि कॉलेज प्रबंधन द्वारा इसके व्यवसायिक उपयोग की कोशिशें की जा रही थीं। लीज शर्तों के उल्लंघन को आधार बनाते हुए कलेक्टर ने यह बड़ा फैसला लिया है। साथ ही तहसीलदार जूनी इंदौर को तीन दिन के भीतर जमीन का कब्जा लेने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर के आदेश के अनुसार, कब्जा लेने के बाद इस जमीन का उपयोग शह रहित में किया जाएगा। मामले में कॉलेज प्रबंधन को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों ही स्तरों पर कोई राहत नहीं मिल सकी है। हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से भी झटका कॉलेज प्रबंधन ने कलेक्टर द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस को चुनौती देते हुए पहले हाई कोर्ट का रुख किया था, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि कलेक्टर का पत्र केवल नोटिस है, अंतिम आदेश नहीं, और कॉलेज प्रबंधन को कलेक्टर के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर है। इसके बाद प्रबंधन सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां याचिका खारिज करते हुए शीर्ष अदालत ने साफ कहा कि कलेक्टर कानून के अनुसार, फैसला लेने के लिए स्वतंत्र हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद यह तय हो गया था कि कॉलेज प्रबंधन को कलेक्टर के समक्ष जवाब देना होगा। नक्शा पास कराने की कोशिश से खुला मामला इंदौर कस्बे के खसरा नंबर 407/1669/3 की कुल 68.303 हेक्टेयर भूमि में से 1.702 हेक्टेयर भूमि पर क्रिश्चियन कॉलेज स्थित है। कॉलेज प्रबंधन ने परिसर की जमीन पर व्यवसायिक कार्यालय, दुकानें और अन्य निर्माण के लिए नक्शा मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया था। इसकी जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने पूरी जमीन की जांच शुरू कर दी। महिला अस्पताल और स्कूल के लिए दी गई थी जमीन प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार, यह जमीन वर्ष 1887 में होलकर रियासत के समय महारानी भागीरथी बाई द्वारा कैनेडियन मिशन को महिला अस्पताल और स्कूल के संचालन के उद्देश्य से दी गई थी। लीज की शर्तों में स्पष्ट था कि जब तक जमीन का उपयोग अस्पताल और स्कूल के लिए किया जाएगा, तब तक वह चर्च के पास रहेगी। उपयोग बंद होने की स्थिति में जमीन वापस लेने का अधिकार शासन को रहेगा। जांच में शर्तों के उल्लंघन की पुष्टि प्रशासन की जांच में सामने आया कि उक्त भूमि पर महिला अस्पताल का संचालन नहीं हो रहा है और कॉलेज का उपयोग भी अत्यंत सीमित हिस्से में किया जा रहा है। इसके बावजूद शेष भूमि पर व्यवसायिक गतिविधियों की योजना बनाई जा रही थी, जो मूल उद्देश्य के विपरीत है। इसके बाद कलेक्टर ने न केवल प्रस्तावित नक्शे पर रोक लगाई, बल्कि जमीन वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करते हुए कॉलेज प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया। तीन दिन में कब्जा लेने के निर्देश सभी कानूनी विकल्प समाप्त होने के बाद कलेक्टर कोर्ट से 23 जनवरी को अंतिम फैसला आया। अब अवकाश के चलते कॉलेज प्रबंधन के पास किसी भी प्रकार का स्थगन (स्टे) लेने का विकल्प नहीं बचा है। कलेक्टर ने तहसीलदार को तीन दिन के भीतर जमीन का कब्जा लेकर शासन के नाम दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
भोपाल में मिथिलांचल समाज का सरस्वती पूजन:आरोग्य भारती कार्यालय में 500 से अधिक परिवार हुए शामिल
भोपाल में मिथिलांचल समाज का सरस्वती पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। तुलसी नगर स्थित आरोग्य भारती कार्यालय में विभिन्न क्षेत्रों से मिथिलांचल समाज के 500 से अधिक परिवारों ने सहभागिता की। सुबह विधिवत मां सरस्वती का पूजन-अर्चन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। पूरे परिसर में धार्मिक वातावरण बना रहा। कार्यक्रम में मंत्री विश्वास सारंग मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में समाज द्वारा शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक समरसता के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों की सराहना की।आयोजन के दौरान स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया, जिसमें 100 से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण और परामर्श का लाभ लिया। सायंकालीन सत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसमें समाज के बच्चों और युवाओं ने लोकगीत, नृत्य और अन्य प्रस्तुतियों के माध्यम से मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को मंच पर उतारा। इसी अवसर पर समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले समाज के गणमान्य लोगों का सम्मान भी किया गया।
प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी दयालबाग में बसंत पंचमी का पर्व पूरे श्रद्धा, उल्लास और सादगी के साथ मनाया गया। शीत ऋतु के समाप्त होते ही ऋतुराज बसंत के आगमन से दयालबाग का वातावरण पूरी तरह बदल गया। पूरा क्षेत्र पीले रंग की सजावट से सजा नजर आया। घरों, गलियों, सत्संग भवनों और सार्वजनिक स्थलों पर पीतवर्णी वस्त्र, पताकाएं और सजावटी सामग्री लगाई गई। बसंत के प्रतीक पीले फूलों ने वातावरण को और भी मनोहारी बना दिया। बसंत पंचमी का दिन दयालबाग के सत्संगियों के लिए अत्यंत विशेष महत्व रखता है। इसी पावन तिथि पर 15 फरवरी 1861 को राधास्वाआमी मत के प्रथम आचार्य पूरन धनी हुजूर स्वामी जी महाराज ने जगत को सत्संग का संदेश दिया और सत्संग आम की शुरुआत की। इसके साथ ही इस दिन को राधास्वाआमी संवत के नव वर्ष के रूप में भी मनाया जाता है। सत्संगियों के लिए यह दिन नई शुरुआत, आत्मचिंतन और भक्ति भाव का प्रतीक माना जाता है। दयालबाग का इतिहास भी बसंत से गहराई से जुड़ा हुआ है। 20 जनवरी 1915 को राधास्वाआमी मत के पाँचवें आचार्य सर साहबजी महाराज ने एक शहतूत का पौधा लगाकर दयालबाग को राधास्वामी सत्संग के मुख्यालय के रूप में स्थापित किया था। इसी के साथ दयालबाग में एक नई सत्संग संस्कृति और सामाजिक व्यवस्था की नींव पड़ी, जो आज भी अनुशासन, सेवा और सामूहिक जीवन का उदाहरण बनी हुई है। शिक्षा के क्षेत्र में भी दयालबाग की पहचान विशेष है। 1 जनवरी 1916 को मिडिल स्कूल के रूप में शुरू हुआ राधास्वाआमी एजुकेशनल इंस्टिट्यूट समय के साथ विकसित होकर आज दयालबाग एजुकेशनल इंस्टिट्यूट (डीईआई) विश्वविद्यालय के रूप में जाना जाता है। इस संस्थान का प्रभाव न केवल देश के विभिन्न हिस्सों में बल्कि विदेशों तक देखने को मिलता है। बसंतोत्सव के अवसर पर शिक्षा, संस्कार और जीवन मूल्यों की इस परंपरा को भी याद किया गया। इस दौरान स्कूल, कॉलेज के बच्चों ने पीले वस्त्रों में सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी। बसंत पंचमी से पहले ही दयालबाग में व्यापक तैयारियां शुरू हो जाती हैं। छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी लोग अपने-अपने घरों और मोहल्लों की साफ-सफाई और सजावट में जुट जाते हैं। सड़कों, पार्कों और सामुदायिक स्थलों को सुंदर ढंग से सजाया जाता है। इन सामूहिक प्रयासों से दयालबाग की छटा बसंत के दिन देखने लायक होती है। पूरे दिन सत्संग, भजन, आरती और अभ्यास का आयोजन किया गया। सत्संगियों ने पूर्ण भक्तिभाव से अपने गुरु महाराज के चरणों में राधास्वाआमी दयाल का शुक्राना अदा किया। वातावरण में शांति, अनुशासन और आध्यात्मिक ऊर्जा स्पष्ट रूप से महसूस की गई। रात्रि के समय दयालबाग की सुंदरता और भी बढ़ गई। दयालबाग सहित देश-विदेश की सभी सत्संग कॉलोनियों की तरह यहां भी भव्य विद्युत सज्जा की गई। हर गली, मार्ग और सत्संग स्थल पर आकर्षक लाइटिंग की गई, जिससे पूरा इलाका रोशनी से जगमगा उठा। खास बात यह रही कि पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए मोमबत्ती और दीयों का प्रयोग नहीं किया गया। सजावट के लिए सौर ऊर्जा से चलने वाली लाइटों का उपयोग किया गया, जो दयालबाग की सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को दर्शाता है। दयालबाग में बसंतोत्सव भक्ति, सादगी, अनुशासन और पर्यावरण चेतना के साथ मनाया गया। पीले रंग की छटा, रोशनी से जगमगाता वातावरण और सत्संगियों की आस्था ने इस पर्व को खास बना दिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों का भी संदेश देता नजर आया
जयपुर में वसंत पंचमी पर जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित किए। स्कूलों में स्टूडेंट्स ने मां सरस्वती की पूजा की। वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां भी दी। झोटवाड़ा स्थित सोमानी इंटरनेशनल स्कूल में 23वां स्थापना दिवस शुक्रवार को मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। नन्हे बच्चों ने मां सरस्वती की पूजा कर प्री प्राइमरी विंग में अक्षर ज्ञान शुरू किया। हर बार की तरह इस वर्ष भी स्कूल के स्थापना दिवस पर विद्यार्थियों की एडमिशन फीस फ्री की गई। कार्यक्रम के समापन पर स्कूल के सचिव सुनिल सोमानी ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने बताया कि 26 जनवरी को कालवाड़ रोड ब्रांच पर रक्तदान शिविर आयोजित होगा। उन्होंने अभिभावकों को रक्तदान शिविर में हिस्सा लेने की अपील की।
गणतंत्र दिवस पर यात्रियों के लिए राहत:भोपाल–हजरत निजामुद्दीन के बीच 2-2 ट्रिप स्पेशल ट्रेनें चलेंगी
गणतंत्र दिवस के मौके पर बढ़ने वाली यात्री भीड़ को देखते हुए पश्चिम मध्य रेलवे ने भोपाल और हजरत निजामुद्दीन के बीच 2-2 ट्रिप स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। इससे दिल्ली रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। रेलवे के अनुसार गाड़ी संख्या 02155 भोपाल–हजरत निजामुद्दीन स्पेशल ट्रेन 24 और 26 जनवरी 2026 को भोपाल स्टेशन से रात 8 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन बीना स्टेशन पर रात 9 बजकर 55 मिनट, वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन पर रात 12 बजकर 5 मिनट, आगरा कैंट स्टेशन पर सुबह 3 बजकर 20 मिनट और मथुरा स्टेशन पर सुबह 4 बजकर 20 मिनट पहुंचेगी। इसके बाद ट्रेन सुबह 7 बजकर 20 मिनट पर हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 02156 हजरत निजामुद्दीन–भोपाल स्पेशल ट्रेन 25 और 27 जनवरी 2026 को हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से दोपहर 12 बजे प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन मथुरा स्टेशन पर दोपहर 2 बजकर 15 मिनट, आगरा कैंट स्टेशन पर दोपहर 3 बजकर 5 मिनट, वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन पर शाम 7 बजकर 30 मिनट और बीना स्टेशन पर रात 9 बजकर 30 मिनट पहुंचेगी। इसके बाद ट्रेन अगले दिन रात 12 बजकर 25 मिनट पर भोपाल स्टेशन पहुंचेगी।
एमपी कैडर के 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी अभिषेक तिवारी ने इस्तीफा दे दिया है। रतलाम, बालाघाट और सागर में एसपी रह चुके हैं। इस समय नेशनल टेक्निकल रिसर्च आर्गेनाइजेशन (NTRO) में पदस्थ हैं। तिवारी ने कहा कि वे साइबर तकनीकी के मामले में कुछ नया करने की प्लानिंग कर रहे हैं। दो साल मैनेजमेंट कंपनी में कर चुके काम6 अप्रैल 1984 को सिवनी में जन्मे अभिषेक ने आईआईएम इंदौर से फाइनेंस में पीजीडीएम किया। उन्होंने आईपीएस बनने से पहले इंजीनियरिंग की डिग्री जबलपुर से हासिल की है। मुंबई में मैनेजमेंट कंपनी में दो साल तक डिप्टी मैनेजर के रूप में काम करने के बाद वे आईपीएस बने हैं। उन्हें राष्ट्रपति के वीरता के पदक से सम्मानित किया जा चुका है। तिवारी 2012 में यूपीएससी परीक्षा पास करने के बाद 2013 में इसके लिए चयनित हुए हैं। बतौर एसपी पहली पोस्टिंग बालाघाटअभिषेक तिवारी की एसपी के रूप में पहली पोस्टिंग बालाघाट में हुई थी। बालाघाट में उनके अभियान के चलते उन्हें राष्ट्रपति का वीरता पदक दिया गया। सागर में दीवार गिरने पर पद से हटाया थाएक साल पहले सागर एसपी के रूप में पदस्थ रहे अभिषेक तिवारी को सीएम डॉ. मोहन यादव ने हटा दिया था। यहां बारिश के मौसम में दीवार गिरने से 9 बच्चों की मौत हो गई थी। हादसा रहली विधानसभा क्षेत्र के शाहपुर में हुआ था। सीएम डॉ. मोहन यादव ने ट्वीट के जरिए कहा था कि कलेक्टर, एसपी और एसडीएम (सागर) को हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद रायसेन एसपी विकास कुमार सहवाल को सागर एसपी और छतरपुर कलेक्टर संदीप जीआर को सागर कलेक्टर बनाया था। हालांकि तब एसपी तिवारी को हटाने की कार्यवाही पर सवाल उठे थे क्योंकि तिवारी केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ होने के चलते खुद को रिलीव करने के लिए सरकार से आग्रह कर रहे थे लेकिन सरकार उन्हें रिलीव नहीं कर रही थी। सागर में घटना हुई तो तिवारी को हटा दिया गया था।
उत्तर प्रदेश नागरिक सुरक्षा विभाग के निर्देशानुसार राज्य के सभी जनपदों में बुधवार सायं 6 बजे ब्लैक आउट मॉक अभ्यास का सफल आयोजन किया गया। अभ्यास में जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक सहित अन्य संबंधित विभागों ने समन्वित रूप से भाग लिया। मॉक अभ्यास का मुख्य उद्देश्य संभावित हवाई हमले अथवा आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों को सतर्क करना, सुरक्षित निकासी की प्रक्रिया को व्यवहारिक रूप से परखना, उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करना तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच आपसी समन्वय को और अधिक मजबूत करना था। देखें तस्वीर... NDRF ने चलाया राहत बचाव कार्य अभ्यास के उपरांत एनडीआरएफ की टीमों ने चिन्हित क्षेत्रों में पहुँचकर खोज एवं बचाव अभियान संचालित किया। आधुनिक उपकरणों, थर्मल कैमरा, स्ट्रेचर एवं रेस्क्यू टूल्स की सहायता से मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायलों को मौके पर ही त्वरित प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया तथा एम्बुलेंस के माध्यम से नजदीकी अस्पतालों में भेजा गया। शासन के आदेश पर हुआ ब्लैकआउट मॉक ड्रिल शासन ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती और उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर ब्लैकआउट मॉक ड्रिल के निर्देश दिए थे। प्रदेश के अधिकांश सभी जनपदों में यह मॉक ड्रिल हुआ। वाराणसी के भी DLW मैदान पर यह मॉक ड्रिल कराया गया। इसके लिए 10 मिनट का समय निर्धारित किया गया था। जैसे ही सायरन बजा,वैसे ही पूरे क्षेत्र में अंधेरा छा गया और मॉक ड्रिल शुरु हो गया।
झाबुआ जिले के सजेली नान्या के जंगलों में 6 दिसंबर को हुई गो हत्या के मामले में लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। हिंदू संगठनों के कड़े विरोध के बाद यह मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच चुका है। प्रशासन ने अब फरार आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। गो हत्या के मामले में फरार चल रहे 5 मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवदयाल सिंह ने 10-10 हजार रुपए के इनाम की घोषणा की है। इनमें माला डामोर, धुला डामोर, कादु डामोर, अनिल खराड़ी और वजिया डामोर शामिल हैं। पुलिस इन आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। चार आरोपियों को किया जिला बदर पुलिस ने चार आरोपियों प्रकाश खराड़ी, चैन सिंह डामोर, गमनिया गामड़ और माला डामोर के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की है। इस मामले में पुलिस अब तक कुल 16 आरोपियों को जेल भेज चुकी है। लापरवाही बरतने पर पहले ही थाना प्रभारी, एसडीएम और एसडीओपी को पद से हटाया जा चुका है। 27 जनवरी को बंद के आह्वान से अलर्ट सोशल मीडिया पर 27 जनवरी को जिले में बंद और बड़े प्रदर्शन की खबरों के बाद प्रशासन पूरी तरह चौकन्ना है। कलेक्टर नेहा मीना और पुलिस अधीक्षक लगातार बैठकें कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। पुलिस की प्राथमिकता फिलहाल फरार आरोपियों को पकड़ना और जिले में शांति बनाए रखना है।
अयोध्या में हवाई हमला, सायरन बजते ही छाया अंधेरा:रामपथ पर मॉकड्रिल, एनसीसी-होमगार्ड ने संभाला मोर्चा
अयोध्या के रामपथ स्थित पोस्ट ऑफिस चौराहा के पास शुक्रवार को ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल अपर जिलाधिकारी नगर योगानंद पांडेय और पुलिस अधीक्षक नगर चक्रपाणि त्रिपाठी की मौजूदगी में संपन्न हुई। मॉक ड्रिल की शुरुआत आपदा कंट्रोल रूम को सूचना देकर की गई। इसके बाद कंट्रोल रूम के निर्देश पर विद्युत विभाग ने संबंधित क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कर दी, जिसे ब्लैकआउट गतिविधि के रूप में प्रदर्शित किया गया। ब्लैकआउट के दौरान दो मिनट तक सायरन बजाया गया और विस्फोट जैसी गतिविधियों का अभ्यास कराया गया। इसके बाद मॉक ड्रिल टीम के संकेत पर ब्लैकआउट समाप्त कर दोबारा दो मिनट का सायरन बजाया गया। सुरक्षा कर्मियों ने मौके पर अग्निशमन, खोज व बचाव कार्य और प्राथमिक चिकित्सा का अभ्यास किया। साथ ही क्षेत्र को सुरक्षित रूप से खाली कराया गया। इस मॉक ड्रिल में एनसीसी और होमगार्ड जवानों की भी सक्रिय भागीदारी रही। प्रशासन ने बताया कि इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।
गुरुग्राम की आइटी कंपनी में साफ्टवेयर इंजीनियर ने इंश्योरेंस कंपनी में मैनेजर पत्नी को मेरठ के होटल में मुस्लिम युवक के साथ पकड़ लिया। इंजीनियर ने पत्नी के मोबाइल की लोकेशन ट्रैक कर वहां पहुंचा था। आरोपी भी महेंद्रा कोटक बैंक में सेल्स मैनेजर है। उसने महिला की आईडी नजमा के नाम से लगाई थी। पुलिस ने होटल स्वामी को चेतावनी देकर छोड़ दिया, जबकि तोपचीवाड़ा निवासी साफेज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। यह घटना मेरठ के आबूलेन स्थित एमडी डीलक्स होटल में हुई। अब पढ़िए पूरा मामलानौचंदी थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर में रहने वाले साफ्टवेयर इंजीनियर की तीन माह पहले इंश्योरेंस कंपनी की मैनेजर के साथ शादी हुई थी। पुलिस के मुताबिक, महिला की 6 साल से दिल्ली रोड स्थित महेंद्रा कोटक बैंक के सेल्स मैनेजर साफेज निवासी तोपचीवाड़ा से दोस्ती थी। महिला अक्सर साफेज से फोन पर बातचीत करती थी। इस दौरान साफ्टवेयर इंजीनियर को अपनी पत्नी पर शक हो गया। उसने कई बार पूछा भी लेकिन उसने कुछ नहीं बताया। वह लगातार मोबाइल पर लगी रहती थी। अपने पति से लड़ाई भी करती थी। इसके बाद साफ्टवेयर इंजीनियर ने पत्नी के मोबाइल की लाइव लोकेशन अपने मोबाइल में ले ली। एमडी डीलक्स होटल में मिली लोकेशन शाम करीब पांच बजे पत्नी की लोकेशन इंश्योरेंस कंपनी के बजाय आबूलेन स्थित एमडी डीलक्स होटल में आई। वह तत्काल वहां पहुंच गया। होटल का रिकार्ड चेक किया तो उसमें पत्नी के नाम की कोई आइडी नहीं मिली। उसने पत्नी के मोबाइल पर काल की। एक कमरे से घंटी की आवाज आने पर दरवाजा खुलवाया। अंदर कमरे में प्रेमी साफेज और उसकी पत्नी मिली। महिला की आइडी नजमा के नाम से लगाई इंजीनियर ने इसके बाद हंगामा कर दिया। कहा- बिना आइडी के महिला को कमरे में कैसे भेजा। होटल कर्मियों ने दोबारा रिकार्ड चेक किया तो सामने आया कि साफेज ने महिला की आइडी नजमा के नाम से लगाई थी। जानकारी मिलते ही सदर बाजार पुलिस मौके पर पहुंची और साफेज व महिला को थाने ले आई। सीओ नवीना शुक्ला ने बताया- महिला ने लिखित में दिया है कि वह बालिग है और अपनी स्वेच्छा से होटल गई थी। पति की शिकायत पर आरोपित साफेज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। साफेज को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। -------------------- ये खबर भी पढ़ें... सहारनपुर में डायमंड शोरूम में 2 करोड़ की चोरी:दीवार में एक फीट का छेद किया, दरवाजा तोड़ा; कैरेटलेन में 20 CCTV लगे थे सहारनपुर में एक डायमंड शोरूम में बड़ी चोरी हुई। चोरों ने गुरुवार देर रात टाटा कंपनी की जानी-मानी डायमंड फ्रेंचाइजी 'कैरट लेन' को निशाना बनाया। 2 लाख कैश और करोड़ों रुपए के गहने चुराकर भाग गए। शुक्रवार सुबह जब स्टाफ शोरूम खोलने पहुंचा तो दीवार टूटी मिली। पढ़ें पूरी खबर...
तेंदूखेड़ा में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से डेयरी यूनिट खोलने के नाम पर 68.60 लाख रुपए का लोन लेकर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस मामले में 23 जनवरी को जबलपुर ईओडब्ल्यू (EOW) ने केस दर्ज कर लिया है। जांच में पता चला कि शुद्धि मिल्क प्रोडक्ट के मालिक हेमराज किरार ने कानपुर की हेटल डेयरी मशीनरीज से करीब 98 लाख रुपए की मशीनें खरीदने के दस्तावेज बैंक में जमा किए थे। बैंक ने 68.60 लाख रुपए का लोन पास कर सीधे मशीन बेचने वाली कंपनी के खाते में भेज दिया। लेकिन आरोपियों ने न तो तय जगह पर फैक्ट्री डाली और न ही पूरी मशीनें खरीदीं। जांच में खुली पोल जब बैंक अफसरों ने मौके पर जाकर देखा, तो वहां छह में से सिर्फ दो मशीनें मिलीं और वे भी बंद पड़ी थीं। जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई कि मशीन सप्लायर ने बैंक से मिले पैसों में से 61.50 लाख रुपए वापस हेमराज किरार के खाते में ट्रांसफर कर दिए थे। इससे साफ हो गया कि दोनों ने मिलकर फर्जी बिलों के जरिए बैंक के पैसे आपस में बांट लिए। इन पर दर्ज हुआ केस ईओडब्ल्यू ने ढाई साल की जांच के बाद शुद्धि मिल्क प्रोडक्ट के मालिक हेमराज किरार और कानपुर की कंपनी के मालिक सोनी सिंह सहित अन्य के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
आगरा के कमला नगर में एक विवाहिता पर ससुराल पक्ष ने जानलेवा हमला किया। महिला घायल अवस्था में घर से बाहर निकाली गई। पुलिस पर कार्रवाई न करने और मामले को घरेलू बताकर टालने के आरोप हैं। वीडियो और CCTV फुटेज के बावजूद एफआईआर नहीं हुई। पीड़िता ने उच्चाधिकारियों से न्याय और सुरक्षा की मांग की है। पीड़िता के मुताबिक घटना के तुरंत बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन यह कहकर लौट गई कि यह “घर का मामला” है। यथा का आरोप है कि पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जबकि उनके पास हमले के सीसीटीवी फुटेज मौजूद हैं और उन्होंने खुद वीडियो जारी कर पूरी आपबीती बताई है। थाना कमलानगर निवासी एफ ब्लॉक में रहने वाली यथा अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि ससुराल पक्ष ने आधी रात उस पर जानलेवा हमला किया। हमले में वह खून से लथपथ हो गई, इसके बाद उसे घर से बाहर निकाल दिया गया। घटना के बाद उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें चोटों की पुष्टि हुई, लेकिन इसके बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई। पीड़िता का यह भी कहना है कि पुलिस और ससुराल पक्ष के बीच मिलीभगत लग रही है। जिसके चलते मामला दबाने की कोशिश की जा रही है। न्याय न मिलने से आहत यथा ने उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उनकी जान को खतरा बना रहेगा। स्थानीय लोगों में भी इस मामले को लेकर आक्रोश है और पीड़िता को सुरक्षा व निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
ललितपुर में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल आयोजित:घंटाघर मैदान में अभ्यास, फंसे कर्मियों को सुरक्षित निकाला
ललितपुर में शुक्रवार शाम 6 बजे घंटाघर मैदान में नागरिक सुरक्षा के मद्देनजर एक ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी सत्यप्रकाश और पुलिस अधीक्षक मो. मुश्ताक ने उत्तर प्रदेश दिवस-2026 तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर इस अभ्यास का आयोजन कराया। मॉक ड्रिल के तहत शाम 6 बजे घंटाघर मैदान की बिजली गुल हो गई। इसके तुरंत बाद हवाई हमले का सायरन बजा, जिससे बाजार में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। इसी दौरान आग लगने का दृश्य बनाया गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और नगर पालिका भवन की छत पर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। देखिए तस्वीरें... इस अभ्यास का उद्देश्य पुलिस बल, प्रशासन और नागरिकों को विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित करना था। सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसका मुख्य लक्ष्य नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करना, आपातकालीन स्थितियों में तत्परता बढ़ाना और आपदा प्रबंधन में कुशलता सुनिश्चित करना था। जिलाधिकारी सत्यप्रकाश और पुलिस अधीक्षक मो. मुश्ताक ने बताया कि इस प्रकार के नियमित अभ्यास नागरिकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसी तैयारियां नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी, ताकि सुरक्षा और बचाव कार्य को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
मुरादाबाद में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को नागरिक सुरक्षा विभाग ने ब्लैकआउट मॉकड्रिल का आयोजन किया। यह अभ्यास जिलाधिकारी एवं नियंत्रक नागरिक सुरक्षा मुरादाबाद की अध्यक्षता में एम.आई.टी. इंस्टीट्यूट, रामगंगा विहार में संपन्न हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य हवाई हमले जैसी आपात स्थितियों में नागरिकों को सतर्क करना और उन्हें आवश्यक सुरक्षा उपायों की व्यावहारिक जानकारी देना था। इस मॉकड्रिल में नागरिक सुरक्षा विभाग के अलावा अग्निशमन विभाग, चिकित्सा विभाग, विद्युत विभाग, एसडीआरएफ, एनसीसी और आपदा मित्रों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। अभ्यास के दौरान, हवाई हमले की चेतावनी के तौर पर दो मिनट तक ऊँची-नीची आवाज में सायरन बजाया गया। सायरन सुनते ही नागरिकों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने का प्रदर्शन किया। खतरा टलने का संकेत देने के लिए एक समान आवाज वाला सायरन बजाया गया, जिसके बाद शैल्टर से बाहर निकलने और आगे की कार्रवाई को दर्शाया गया। ब्लैकआउट के दौरान घायल व्यक्तियों को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करने, धुएँ से भरे कमरों से सुरक्षित बाहर निकालने और आग लगने की स्थिति को नियंत्रित करने के उपायों का अभ्यास किया गया। नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों ने लकड़ी और पेट्रोल से लगी छोटी आग पर काबू पाया, जबकि बड़ी आग को अग्निशमन विभाग की टीम ने नियंत्रित किया। घायलों को टू-हैंड सीट और फोर आर्म लिफ्ट जैसी आपातकालीन विधियों से कलेक्शन प्वाइंट तक पहुंचाया गया। कलेक्शन प्वाइंट पर चिकित्सकों और स्वयंसेवकों ने बैंडेज और सीपीआर जैसी प्राथमिक उपचार विधियाँ प्रदान कीं। गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजने की प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया गया। उपनियंत्रक नागरिक सुरक्षा नीरज चक ने उपस्थित नागरिकों को मॉकड्रिल के माध्यम से नागरिक सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। सहायक उपनियंत्रक सतीश कुमार के नेतृत्व में वार्डन और स्वयंसेवकों ने सभी गतिविधियों को सफलतापूर्वक पूरा किया। जिलाधिकारी ने मॉकड्रिल के सफल आयोजन पर सभी विभागों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे अभ्यास आपातकाल में जान-माल के नुकसान को कम करने में अत्यंत सहायक होते हैं।
टीकमगढ़ के ऐतिहासिक नजरबाग मंदिर में शुक्रवार को बसंत पंचमी पर एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का संकल्प लेते हुए विधि-विधान से 'लग्न पत्रिका' लिखी गई। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्ति के रंग में डूबा नजर आया और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए। 40 साल पुरानी परंपरा का हुआ निर्वाह मंदिर के पुजारी सुरेंद्र मोहन द्विवेदी ने बताया कि नजरबाग मंदिर में शिव-पार्वती विवाह की यह परंपरा पिछले 40 वर्षों से निरंतर चली आ रही है। शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे मंदिर के आचार्य गुड्डन द्विवेदी महाराज ने शुभ मुहूर्त में लग्न पत्रिका तैयार की। इसके बाद भक्तों के बीच इस पत्रिका का वाचन किया गया। इस खास मौके पर महादेव की प्राचीन प्रतिमा का फूलों से मनमोहक श्रृंगार किया गया था, जबकि महिलाओं ने मंगल भजन गाकर उत्सव की खुशियां मनाईं। महाशिवरात्रि पर मचेगी धूम, तीन दिन चलेगा महोत्सव पुजारी के अनुसार, लग्न लिखे जाने के साथ ही अब विवाह की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। इस बार महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर में तीन दिवसीय भव्य महोत्सव का आयोजन होगा। 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर विवाह की मुख्य रस्में पूरी की जाएंगी। आयोजन की शुरुआत गणेश पूजन से होगी, जिसके बाद अगले दिन भगवान का मंडप सजाया जाएगा। नगर में निकलेगी बाबा की बारात महोत्सव का मुख्य आकर्षण महाशिवरात्रि पर निकलने वाली भगवान शिव की बारात होगी। गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ निकलने वाली यह बारात नगर के मुख्य मार्गों का भ्रमण करेगी और फिर वापस नजरबाग मंदिर पहुंचेगी। मंदिर पहुंचने पर शिव-पार्वती के विवाह की रस्में पूरी होंगी। इस दौरान देर रात तक मंदिर परिसर में भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला चलता रहेगा।
झांसी के रिजर्व पुलिस लाइन ग्राउंड पर शुक्रवार शाम ठीक छह बजे अचानक अंधेरा छा गया। सायरन की गूंज के बीच जोरदार धमाके के साथ झोपड़ी में आग लग गई। यह नजारा देख मैदान पर मौजूद लोग सहम गए, लेकिन पुलिस ने माइक से स्पष्ट किया कि घबराने की जरूरत नहीं है,यह सब मॉकड्रिल का हिस्सा है। पहले मॉकड्रिल की तीन तस्वीरें देखें... दरअसल, युद्ध जैसी स्थिति, हवाई हमले, आतंकी घटना या किसी भी आपात हालात से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए यहां ब्लैकआउट मॉकड्रिल आयोजित की गई। इस रिहर्सल में SDRF, झांसी पुलिस, सिविल डिफेंस, फायर ब्रिगेड और डायल 108 की टीमों ने हिस्सा लिया। मॉकड्रिल की शुरुआत युद्ध की चेतावनी देने वाले सायरन से हुई। सायरन बजते ही जवानों ने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया। इसके साथ ही घरों और आसपास जल रही सभी लाइटें बंद कराई गईं। लोगों को समझाया गया कि मोबाइल की टॉर्च भी न जलाएं, क्योंकि इससे दुश्मन को संकेत मिल सकता है और हवाई हमला संभव है। बच्चे की टॉर्च बनी हमले की वजह जागरूकता के लिए मॉकड्रिल में यह भी दिखाया गया कि ब्लैकआउट क्यों जरूरी है। इसी दौरान एक बच्चे ने मोबाइल की टॉर्च जला दी। टॉर्च की रोशनी दिखते ही आसमान में उड़ रहे दुश्मन के फाइटर प्लेन द्वारा बम गिराए जाने का दृश्य दिखाया गया। धमाके के बाद अफरा-तफरी मच गई और कई नागरिक घायल हो गए।घायलों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया, खून रोकने के बाद एम्बुलेंस से तुरंत अस्पताल भेजा गया। फायर फाइटर्स का क्विक एक्शन बम धमाके से लगी आग को फायर ब्रिगेड की टीम ने तेजी से काबू में लिया। फायर फाइटर्स ने शानदार टीम वर्क और त्वरित कार्रवाई का प्रदर्शन करते हुए बड़े नुकसान को टाल दिया। वहीं, सिविल डिफेंस के जवानों ने झुलसे नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर इलाज की व्यवस्था कराई। ADM बोले, हर हालात से निपटने को तैयार पूरा मॉकड्रिल ADM प्रशासन शिवप्रताप शुक्ला की निगरानी में संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि हाल ही में झांसी में इसी तरह की मॉकड्रिल की गई थी और आज उसी तर्ज पर दोबारा अभ्यास कराया गया। उन्होंने कहा, इस तरह के अभ्यास से हम अपनी तैयारियों और बचाव क्षमता को परखते हैं। हमारे सभी जवान किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
डीडवाना-कुचामन में भाजपा के वरिष्ठ नेता और समाजसेवी भंवर सिंह पलाड़ा के पिता और अजमेर जिला प्रमुख सुशील कंवर पलाड़ा के ससुर स्वर्गीय पीरू सिंह का 17 जनवरी को निधन हो गया। शुक्रवार को पलाड़ा में शोक सभा रखी गई, जिसमें केंद्रीय मंत्री और उप मुख्यमंत्री समेत भाजपा और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा ने पलाड़ा पहुंचकर शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और राज्यमंत्री मंजू बाघमार ने भी दिवंगत आत्मा को पुष्पांजलि अर्पित की और परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं साझा कीं। सत्ता और विपक्ष के नेताओं ने एक साथ दी श्रद्धांजलिपूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत, भाजपा हरियाणा के प्रभारी सतीश पुनिया, जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह और किसान आयोग के अध्यक्ष सी.आर. चौधरी सहित अनेक नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनके अलावा सैनिक कल्याण बोर्ड अध्यक्ष प्रेमसिंह बाजोर, विधायक कैलाश वर्मा, अविनाश गहलोत, अजय सिंह किलक और रेवतराम डांगा जैसे जनप्रतिनिधियों ने भी पलाड़ा परिवार के प्रति अपनी सहानुभूति प्रकट की। धार्मिक जगत से स्वामी अनादि सरस्वती और विहिप के राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने भी पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। पहले देखिए 3 तस्वीरें उपमुख्यमंत्री ने किया ग्राम पंचायत का निरीक्षण और विकास पर की चर्चाशोक सभा में सम्मिलित होने के साथ ही उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने पलाड़ा ग्राम पंचायत का औचक निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि आगामी बजट पूरी तरह से जनभावनाओं और जनता की मांगों पर आधारित होगा। उन्होंने राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर देते हुए दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सड़क निर्माण की गति पूर्ववर्ती सरकार की तुलना में काफी तेज रही है और आंकड़ों के आधार पर यह अंतर स्पष्ट देखा जा सकता है। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने बंधाया ढांढसपलाड़ा जाने से पूर्व केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत डीडवाना क्षेत्र के दौरे पर रहे। वे राजस्थान बास्केटबॉल संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजीत सिंह राठौड़ के निवास पर पहुंचे और उनकी धर्मपत्नी सुमन कंवर के निधन पर आयोजित शोक सभा में शिरकत की। सुमन कंवर का 13 जनवरी को निधन हुआ था। हालांकि दिनभर जिले में रही वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
नीमच शहर के सुरक्षित माने जाने वाले कैंट थाना क्षेत्र में शुक्रवार को चेन स्नेचिंग की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। नगर पालिका से कलेक्टोरेट जाने वाले मुख्य मार्ग पर एक शातिर बदमाश ने एक महिला को अपनी बातों में उलझाया और गले से करीब 3 तोले सोने की चेन लूटकर रफूचक्कर हो गया। बीच सड़क पर हुई इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। परिचित से मिलने रुकीं थी जानकारी के अनुसार, विजय टॉकीज चौराहा क्षेत्र की रहने वाली अरुणा जैन अपनी स्कूटी से कहीं जा रही थीं। शाम करीब चार बजे अल्कोलाइट कॉलोनी के पास उन्होंने अपनी परिचित लक्ष्मी जाट को देखा और उनसे बात करने के लिए अपनी स्कूटी रोक दी। दोनों महिलाएं अभी बात कर ही रही थीं कि पीछे से एक काली बाइक पर सवार युवक वहां आकर रुका। बातों में उलझाया और मार दिया झपट्टा बदमाश ने बहुत ही शातिराना ढंग से अरुणा जैन से किसी रास्ते का पता पूछना शुरू किया। अरुणा जैसे ही उसे रास्ता बताने के लिए मुड़ी, बदमाश ने बिजली जैसी फुर्ती दिखाते हुए उनके गले पर झपट्टा मारा और करीब 4.30 लाख की सोने की चेन खीची। जब तक महिलाएं शोर मचाती, आरोपी अपनी तेज रफ्तार बाइक से फरार हो गया। चेहरे पर बंधा था कपड़ा, पुलिस ने की घेराबंदी पीड़िता ने बताया कि बदमाश ने अपना चेहरा कपड़े से ढका हुआ था। शोर सुनकर आसपास के लोग जमा हुए और तुरंत कैंट पुलिस को सूचना दी गई। वारदात की गंभीरता को देखते हुए कैंट थाना प्रभारी निलेश अवस्थी ने शहर के सभी निकास रास्तों पर नाकेबंदी करवा दी है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपी का सुराग लगाया जा सके। पुलिस अलर्ट, आरोपी की तलाश के लिए टीम बनाई थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और पड़ोसी जिलों की पुलिस को भी अलर्ट भेज दिया गया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा शुक्रवार को बसंत पंचमी के मौके पर पत्नी मलिका बनर्जी नड्डा के साथ जबलपुर पहुंचे। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सांसद आशीष दुबे और महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू के साथ मां नर्मदा की पूजा-अर्चना और आरती की। पूजन के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की गई। इस दौरान नर्मदा तट पर धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल बना रहा। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने मां नर्मदा को मध्यप्रदेश की जीवनरेखा बताया। उन्होंने नर्मदा के संरक्षण और स्वच्छता का संकल्प भी लिया। आयोजन के चलते घाट क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जहां श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
अयोध्या में मंडलायुक्त राजेश कुमार ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को राम मंदिर की एक दिव्य फोटो भेंट की। बैठक में अयोध्या मंडल में संचालित विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति और भावी कार्य योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। मंडलायुक्त ने मुख्यमंत्री को प्रमुख परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति से भी अवगत कराया। भेंट के दौरान बुनियादी ढांचे के विकास, सड़क, पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े कार्यों के साथ-साथ पर्यटन और तीर्थ विकास परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई। मंडलायुक्त ने बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए यातायात, स्वच्छता, सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। इसके अलावा स्मार्ट सिटी परियोजना, सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था, नगर सौंदर्यीकरण और आवासीय योजनाओं की प्रगति पर भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विकास कार्यों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए और कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने अयोध्या मंडल के समग्र विकास को प्रदेश की प्राथमिकताओं में रखते हुए अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए।
मंदसौर कोतवाली थाना पुलिस ने टैक्स धोखाधड़ी के एक गंभीर मामले में शुक्रवार को मैहर जिले के थाना रामनगर क्षेत्र से आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने जीएसटी और इनकम टैक्स रिटर्न भरने के नाम पर व्यापारी के साथ सुनियोजित तरीके से लाखों रुपए की धोखाधड़ी की, वहीं शासन को भी भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया। दरअसल, 11 जनवरी 2026 को फरियादी प्रभुलाल माली, निवासी रामटेकरी, मंदसौर ने थाना कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई। बताया कि आरोपी नीलेश सिंह वर्ष 2017 से उसके जीएसटी और इनकम टैक्स का कार्य देख रहा था। इससे पहले आरोपी प्रतीक डोसी की कंपनी में कार्यरत था, जहां से फरियादी का उससे परिचय हुआ। आरोपी मंदसौर की जमींदार कॉलोनी, रामटेकरी में किराए से रह रहा था। इसी दौरान उसने फरियादी के जीएसटी अकाउंट में दर्ज मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी हटाकर अपने नंबर और ई-मेल अपडेट कर दिए, जिससे जीएसटी रिबेट और विभागीय सूचनाएं फरियादी तक नहीं पहुंच सकें। फर्जी बिलों से शासन को भी नुकसानआरोपी ने फरियादी के जीएसटी अकाउंट का दुरुपयोग करते हुए अन्य फर्मों के फर्जी बिल पास किए, जिससे शासन को लाखों रुपए की राजस्व हानि हुई। इसके बदले आरोपी ने संबंधित फर्मों से कमीशन के रूप में लाखों रुपए प्राप्त किए। मई 2025 में शासकीय भुगतान मिलने के बाद जब जून 2025 में फरियादी ने आय-व्यय का रिटर्न भरने के लिए आरोपी से संपर्क किया, तो उसने फोन उठाना बंद कर दिया। जब फरियादी और उसका बेटा सुनील माली आरोपी के किराए के मकान पर पहुंचे, तो पता चला कि वह 5–6 माह पहले ही मकान खाली कर फरार हो चुका था। बाद में अन्य व्यक्ति से टैक्स कार्य करवाने पर पूरे धोखाधड़ी प्रकरण का खुलासा हुआ। अपराध दर्ज, 800 किमी दूर जाकर गिरफ्तारीफरियादी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में केस दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम ने लगभग 800 किलोमीटर दूर जिला मैहर में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया और शुक्रवार दोपहर मंदसौर लाया गया। पूछताछ में बड़ा खुलासा, 15-20 लाख की हेराफेरीप्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने वर्ष 2017 से 2024 तक फरियादी का जीएसटी और इनकम टैक्स कार्य संभाला। इस दौरान उसने जीएसटी रिबेट अन्य फर्मों को पास कर फरियादी को करीब 15 से 20 लाख रुपए का नुकसान पहुंचाया। वास्तविक नुकसान से जुड़ी जानकारी आरोपी के लैपटॉप और टेली अकाउंट में सुरक्षित पाई गई है। आरोपी ने जानबूझकर फरियादी की ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर हटाकर अपने विवरण दर्ज किए थे। 30 जनवरी तक पुलिस रिमांडजीएसटी रिबेट किन-किन फर्मों को पास की गई, लैपटॉप और दस्तावेजों की जब्ती तथा विस्तृत पूछताछ के लिए पुलिस ने न्यायालय से रिमांड मांगा, जिसे 8 दिवस के लिए मंजूर किया गया। आरोपी 30 जनवरी 2026 तक पुलिस रिमांड पर है।
लखीमपुर खीरी में उत्तर प्रदेश दिवस 2026 का आयोजन महोत्सव के रूप में किया जाएगा। प्रशासन ने इसकी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। आईटीआई ओपन ऑडिटोरियम में तीन दिवसीय कार्यक्रम शनिवार सुबह 11 बजे शुरू होगा। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष राजेश वर्मा इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिषेक कुमार ने यूपी दिवस कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यवस्थाओं की समीक्षा की, जिसमें मुख्य पंडाल, सांस्कृतिक मंच और विभागीय स्टालों की तैयारियां शामिल थीं। सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सीडीओ अभिषेक कुमार ने निर्देश दिए कि विभागीय स्टालों पर केवल योजनाओं की जानकारी न दी जाए, बल्कि पात्र लाभार्थियों को उनसे जोड़कर वास्तविक लाभ भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध, जिम्मेदार और जन-हितैषी कार्यप्रणाली अपनाने पर जोर दिया। जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के नेतृत्व में सभी विभाग इस आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं। सीडीओ ने निरीक्षण के दौरान सभी विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की और उन्हें अपने उत्तरदायित्वों का ठीक से निर्वहन करने के निर्देश दिए। सीडीओ अभिषेक कुमार ने नगरवासियों से अपील की कि वे परिवार सहित इस आयोजन में भाग लें। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही यूपी दिवस समारोह की सफलता सुनिश्चित होगी। यूपी दिवस समारोह में स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार 'लखीरा' ब्रांड के उत्पाद विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे। इन स्टालों पर ग्रामीण और स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे महिलाओं के हुनर और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
बरेली के थाना बारादरी क्षेत्र में रहने वाली इवेंट मैनेजर पूजा राणा की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि 12 जनवरी को घर से लापता हुई पूजा राणा की तलाश के दौरान सीसीटीवी फुटेज से अहम सुराग मिले, जिसमें वह विमल कुमार नामक युवक की गाड़ी में जाती दिखीं। पुलिस की पूछताछ में आरोपी विमल ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि पैसों के विवाद और शराब के नशे में उसने पूजा की गला दबाकर हत्या कर दी थी। मोबाइल बरामद करने ले गई पुलिस पर फायरिंग आरोपी ने शव को केसीएमटी के पास जंगल में दबा दिया था और मृतका की स्कूटी को पीलीभीत की बड़ी नहर में फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शुक्रवार, 23 जनवरी को पुलिस आरोपी विमल कुमार को मृतका की स्कूटी और मोबाइल फोन बरामद कराने के लिए ले गई थी। पीलीभीत से स्कूटी बरामद करने के बाद, जब पुलिस टीम उसे मोबाइल ढूंढने के लिए बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के बीडीए रामगंगा कॉलोनी लेकर पहुंची, तो आरोपी ने पुलिस को चकमा देने की कोशिश की। वहां पहले से छिपाकर रखे गए एक लोडेड तमंचे से विमल ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी और भागने का प्रयास किया। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। आरोपी के पास से अवैध तमंचा बरामद मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किया है। घायल आरोपी को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटनास्थल पर फील्ड यूनिट को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए हैं और पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या, साक्ष्य मिटाने और पुलिस पर हमला करने जैसी गंभीर धाराओं (103(1), 238, 87 BNS) के तहत मामला दर्ज कर आगे की विधिक कार्यवाही शुरू कर दी है।
उज्जैन का चक्रतीर्थ, जो अब तक केवल अंत्येष्टि स्थल था, अब आध्यात्मिक शांति और आत्मिक सुकून का केंद्र बनने जा रहा है। यहां दाह संस्कार के बाद शोकसभा स्थल पर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से गीता के सार और आध्यात्मिक संदेशों का स्लाइड शो दिखाया जाएगा, जिससे शोक संतप्त परिवारों को शांति मिल सके। चक्रतीर्थ विकास योजना के तहत इस संवेदनशील स्थल का स्वरूप पूरी तरह बदला जा रहा है। यहां लगभग 80 मीटर लंबा भव्य डोम फैब्रिक शेड तैयार किया गया है, जो धूप और बारिश से सुरक्षा प्रदान करेगा। दाह संस्कार स्थल पर नए शेड, बैठने के लिए पक्के ओटले और दीवारों पर धार्मिक चित्रकारी की गई है, जो वातावरण को आध्यात्मिक स्वरूप दे रही है। दीवारों पर यमराज, सुदर्शन चक्र, भगवान शिव के साथ-साथ स्वच्छता और जीवन के सत्य से जुड़े संदेशों की आकृतियां उकेरी गई हैं। ये चित्रकलाएं हर आने वाले को जीवन की नश्वरता और सत्य का अहसास कराती हैं। परिजनों और नागरिकों की सुविधा के लिए शोकसभा स्थल पर 50 से अधिक स्टील कुर्सियां, वाटर कूलर, प्याऊ, स्नानघर और शौचालय की व्यवस्था की गई है। उद्यान क्षेत्र में लगाया गया नया फाउंटेन भी शांतिपूर्ण माहौल बनाने में सहायक होगा। महापौर मुकेश टटवाल ने निरीक्षण के दौरान बताया कि चक्रतीर्थ को ऐसा स्वरूप दिया जा रहा है, जहां अंतिम विदाई के क्षणों में लोगों को दुख के साथ-साथ धैर्य, शांति और आत्मिक संतुलन भी मिल सके।
सीतापुर में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए कोडीन सिरप के अवैध क्रय-विक्रय के मामले में वांछित चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसे जिले में कोडीन सिरप से जुड़े मामलों में दूसरी बड़ी गिरफ्तारी माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार यह मामला नैमिषारण्य कोतवाली क्षेत्र स्थित नैमिष धाम हॉस्पिटल एंड मेडिकल स्टोर से जुड़ा हुआ है, जहां नवंबर 2025 में पुलिस और संबंधित विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी की थी। छापे के दौरान मेडिकल स्टोर से कोडीन सिरप की बिक्री से संबंधित कोई भी वैध अभिलेख या रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया जा सका, जिसके बाद स्टोर को सील कर मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच में सामने आए अहम साक्ष्य मामले की विवेचना के दौरान पुलिस को अहम साक्ष्य मिले, जिसके आधार पर शिवम कुमार पुत्र बदलू और सुरेश कुमार पुत्र श्रवण कुमार, दोनों निवासी नैमिषारण्य कोतवाली क्षेत्र, को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों की भूमिका कोडीन सिरप की अवैध खरीद और संभावित तस्करी से जुड़ी पाई गई है। नेटवर्क की जांच जारी पुलिस ने दोनों आरोपियों को संबंधित धाराओं में न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कोडीन सिरप की सप्लाई कहां से की जा रही थी और इस अवैध नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर अन्य संलिप्त लोगों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी। नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
औरैया में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती के मार्गदर्शन में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास एनटीपीसी दिबियापुर में जिला प्रशासन के सहयोग से युद्ध अथवा किसी भी आपातकालीन/संकट की स्थिति से निपटने के लिए किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान सूचना मिलते ही एनटीपीसी में इमरजेंसी साइरन बजा दिया गया। कुछ ही मिनटों के भीतर घटनास्थल पर आग बुझाने वाली गाड़ियां पहुंच गईं। शीघ्र ही गेल से भी दमकल की गाड़ियों ने पहुंचकर आग बुझाने का कार्य प्रारंभ कर दिया। पानी और फोम का प्रयोग कर आग पर नियंत्रण पाया गया। इस दौरान कुछ व्यक्ति घायल हुए, जिन्हें तुरंत एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। देखिए 5 तस्वीरें... इस मॉक ड्रिल में जिला प्रशासन, एनटीपीसी, गेल इंडिया लिमिटेड और म्यूचुअल एंड पार्टनर के सैकड़ों कर्मियों ने भाग लिया। ब्लैकआउट का सायरन बजते ही नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवकों और वार्डनों ने अपनी-अपनी चौकियों पर मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी स्थान से प्रकाश की किरण बाहर न दिखाई दे। स्वयंसेवकों द्वारा गलियों और सार्वजनिक स्थलों पर गश्त कर नागरिकों को घरों के भीतर रहने, लाइटें बंद रखने, अफवाहों से बचने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया। आमजन को यह भी बताया गया कि ब्लैकआउट का उद्देश्य केवल लाइट बंद करना नहीं, बल्कि शत्रु विमानों अथवा मिसाइलों के लिए लक्ष्य की पहचान को असंभव बनाना होता है। मॉक ड्रिल के उपरांत विभागीय अधिकारियों द्वारा अपने-अपने अनुभव साझा करते हुए और बेहतर कार्य किए जाने हेतु सुझाव दिए गए। उन्होंने कहा कि नागरिक सुरक्षा का मूल मंत्र निष्काम सेवा है तथा आधुनिक समय में शहरों की सुरक्षा भी सीमाओं जितनी ही महत्वपूर्ण है। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे कार्यों में आपसी समन्वय का महत्व बढ़ जाता है, जिसका परिणाम भी बेहतर होता है। मॉक ड्रिल में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अविनाश चंद्र मौर्य, अपर जिलाधिकारी न्यायिक नीरज प्रसाद, अपर पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार सहित गेल इंडिया लिमिटेड पाता और एनटीपीसी दिबियापुर के अधिकारी/कर्मचारी तथा संबंधित पुलिसकर्मी आदि मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश दिवस और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पूरे प्रदेश के 75 जिलों में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य आतंक या युद्ध जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों और प्रशासन की तैयारियों का आकलन करना था। इसी कड़ी में गाजियाबाद में भी सिविल डिफेंस के नेतृत्व में व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। शुक्रवार शाम 6:30 बजे सायरन बजते ही ब्लैकआउट शुरू हुआ, जो लगभग 10 मिनट तक चला। इस दौरान प्रतिभागियों को खतरे की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों और बचाव उपायों की जानकारी दी गई। ब्लैकआउट के पहले दो मिनट में ऊंची-नीची आवाज में सायरन बजाया गया, जो खतरे का संकेत था। इसके बाद दो मिनट तक समान आवाज में सायरन बजाकर स्थिति सामान्य होने का संकेत दिया गया। तत्पश्चात सभी बचाव और राहत दल अपने-अपने कार्यों में सक्रिय हो गए। मॉक ड्रिल गाजियाबाद की लैंडक्राफ्ट गोल्फ फिल्म सोसायटी में जिला प्रशासन की उपस्थिति में आयोजित की गई। इसमें एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और सिविल डिफेंस की टीमों ने संयुक्त रूप से अभ्यास किया। एनडीआरएफ ने बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया, जबकि अग्निशमन विभाग ने आग बुझाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम भी मौजूद रही। सिविल डिफेंस की टीमों का नेतृत्व सहायक उप नियंत्रक (वरिष्ठ वेतनमान) गुलाम नबी और सहायक उप नियंत्रक नेम सिंह ने किया। गाजियाबाद के वार्डन नागरिक सुरक्षा ललित जायसवाल ने इस मॉक ड्रिल को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम में सिविल डिफेंस गाजियाबाद के सभी वार्डन और स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। यह मॉक ड्रिल सफल रही और आपात स्थिति से निपटने के लिए नागरिकों को जागरूक करने में मददगार साबित हुई।
क्षत्रिय मेढ़ स्वर्णकार समाज संस्था उदयपुर संभाग द्वारा धाकड़ गार्डन बेदला में बसंत पंचमी पर स्वर्णकार समाज का निशुल्क सामूहिक व तुलसी विवाह का शुक्रवार को आयोजन हुआ। 19 जोड़े विवाह के बंधन में बंधे। अध्यक्ष ओंकार लाल सोलीवाल ने बताया कि बसंत पंचमी पर सुबह 8.30 बजे बेदला चौराहे से धाकड़ वाटिका तक गाजे-बाजे के साथ बारात निकाली गई। बैंड बाजो के साथ गाते झूमते हुए सेकड़ों समाजजन धाकड़ वाटिका पहुंचे। जिसके बाद सभी दुल्हों द्वारा तोरण की रस्म पूरी की गई। सभी वर-वधुओं के लिए अलग-अलग स्टेज बनाए थे। जहां वरमाला रस्म पूरी की गई। सभी जोड़ों को सोना-चांदी ज्वेलरी सहित कई उपहार दिएस्वर्णकार समाज उदयपुर के महासचिव किशन सोनी ने बताया कि इस अवसर पर राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार गौतम दक, शहर विधायक ताराचंद जैन, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष छगन माहुर, भाजपा देहात जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली, महामंत्री ललित सिंह सिसोदिया, हिंदू जागरण मंच प्रांत संयोज रविकांत त्रिपाठी,भाजपा शहर अध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ आदि मौजूद थे। महासचिव विष्णु शंकर वेवार, कोषाध्यक्ष गिरधारी लाल जांगलवा ने बताया कि सभी 19 जोड़ों को समाज की ओर से सोने और चांदी के गहने, डबल बेड, अलमारी, इलेक्ट्रिक सामग्री, फर्नीचर, बर्तन सहित अन्य घरेलू साथ दो से ढाई लाख की सामग्री प्रति जोड़े को दी गई।
राज्य उपभोक्ता आयोग से अभिनेता सलमान खान को राहत मिल गई है। आयोग ने जिला उपभोक्ता आयोग, कोटा के 26 दिसंबर के आदेश पर रोक लगा दी है। कोटा उपभोक्ता आयोग ने सलमान खान को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए थे। राजश्री पान मसाला और सलमान खान ने राज्य उपभोक्ता आयोग में रिवीजन दायर की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायिक सदस्य निर्मल सिंह मेड़तवाल और सदस्य जय गौत्तम की बेंच ने आगामी सुनवाई तक जिला उपभोक्ता आयोग के आदेश पर रोक लगा दी है। दरअसल, जिला उपभोक्ता आयोग ने एक परिवाद में सलमान खान के वकालतनामे और उनकी ओर से पेश जवाब पर उनके हस्ताक्षर की एफएसएल जांच करने देते हुए सलमान खान को हस्ताक्षर का नमूना देने के लिए कोर्ट में उपस्थित रहने का आदेश दिया था। परिवादी ने हस्ताक्षर को लेकर जताई थी आपत्तिदरअसल, कोटा जिला उपभोक्ता आयोग में इंद्रमोहन सिंह की ओर से परिवाद पेश किया गया था। इसमें कहा गया था कि राजश्री पान मसाला कंपनी व राजश्री पान मसाले के ब्रांड एंबेसडर बॉलीवुड स्टार सलमान खान द्वारा 'केसर युक्त इलायची' व 'केसर युक्त पान मसाला' के नाम पर भ्रामक विज्ञापन किया जा रहा है। परिवाद में कहा गया है कि केसर का मूल्य 4 लाख रुपए किलो है, तो यह 5 रुपए के पाउच में कैसे मिल सकता है? जनता को भ्रमित किया जा रहा है। युवा वर्ग पान मसाला खाने की ओर आकर्षित होकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहा है। इसके जवाब में सलमान खान के वकील की ओर से पेश वकालतनामे और जवाब पर सलमान के हस्ताक्षर पर परिवादी ने आपत्ति जताते हुए सलमान खान के हस्ताक्षर की जांच की मांग की थी। परिवाद चलने योग्य नहींराज्य उपभोक्ता आयोग में राजश्री पान मसाला और सलमान खान के वकील ने कहा कि यह परिवाद चलने योग्य नहीं है। परिवाद दायर करने वाले व्यक्ति स्वयं उपभोक्ता नहीं हैं। वह परिवाद में स्वयं कहते हुए आए हैं कि उन्होंने पब्लिक इंटरेस्ट में परिवाद दायर किया है। जबकि उपभोक्ता आयोग उपभोक्ता के हितों के लिए काम करता है। ऐसे में पहले जिला उपभोक्ता आयोग को परिवाद की पोषणीयता पर सुनवाई करनी चाहिए थी, न कि अन्य तथ्यों पर। उन्होंने कहा कि परिवाद में जिस पान मसाला के विज्ञापन की बात की गई है, वो पान मसाला का विज्ञापन न होकर केवल सिल्वर कोटेड इलायची का विज्ञापन है। इस पर राज्य उपभोक्ता आयोग ने जिला उपभोक्ता आयोग के आदेश पर रोक लगाते हुए मामले को सुनवाई के लिए राज्य उपभोक्ता आयोग की सर्किट बेंच कोटा में भेजने के निर्देश दिए। जयपुर उपभोक्ता आयोग ने भी जारी कर रखे हैं वारंटइसी विज्ञापन के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग द्वितीय, जयपुर ने भी सलमान खान को जमानती वारंट जारी कर रखे हैं। आयोग ने योगेन्द्र सिंह के परिवाद पर सुनवाई करते हुए सलमान खान को वारंट जारी किए हैं। परिवाद में सलमान खान पर भ्रामक विज्ञापन करने का आरोप लगाया गया है। मामले की अगली सुनवाई 6 फरवरी को रखी गई है। सलमान खान से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए.... 1. सलमान खान, पान मसाला कंपनी कोटा कंज्यूमर कोर्ट में तलब:आरोप- भ्रामक विज्ञापन, केसर 4 लाख रुपए किलो; 5 रुपए में कैसे दे सकते 2. सलमान का कोर्ट में जवाब-पान मसाला नहीं,इलायची का विज्ञापन किया:गलत सबूतों पर की गई शिकायत, वकील बोले- साइन एक्टर के नहीं 3. सलमान का जवाब- शिकायत प्रताड़ित करने के उद्देश्य से की:आरोप- 5 रुपए के पाउच में केसर मिलना संभव नहीं
पाली में नामदेव समाज ने निकाली शोभायात्रा:झांकियों के जरिए बताया संत नामदेव के संदेश
पाली नामदेव हिन्दू छीपा समाज की ओर से शुक्रवार को शहर में शोभायात्रा निकाली गई। श्याम मंदिर, प्यारा चौक से ठाकुरजी एवं संत शिरोमणि नामदेव की आरती के बाद शोभायात्रा रवाना हुई। हाथ में ध्वजा थामें बालिकाएं शोभायात्रा की अगुवाई करते हुए चल रही थी। सजे-धजे घोड़े एवं दो बैंड की मधुर धुनों के साथ शोभायात्रा शहर के प्रमुख रास्तों से निकली तो कई जगह फूल बरसाकर शहरवासियों ने स्वागत किया। शोभायात्रा में शामिल झांकियां और संत शिरोमणि नामदेव की रथ आकर्षण का केंद्र रहा। महिला मंडल व युवाओं की सक्रिय भागीदारीमहिला मंडल अध्यक्ष विमला भाटी के नेतृत्व में महिलाओं ने कलश यात्रा निकालते हुए संत नामदेव का गुणगान किया। शोभायात्रा के बाद पिंजारा गोशाला मैदान में समाज बंधुओं द्वारा गोमाता को चारा एवं लापसी खिलाई गई। सम्मान समारोह व सांस्कृतिक कार्यक्रमसम्मान समारोह में अतिथियों ने चित्रकला, रंगोली एवं एक मिनट डांस प्रतियोगिता के श्रेष्ठ प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया। इस मौके पाली समाज के विनोद कुमार चौहान एवं प्रदीप चौहान परिवार की ओर से नामदेव पंचांग कैलेंडर का विमोचन किया गया। साथ ही आगामी कार्यक्रमों की बोलियां बढ़-चढ़कर लगाई गई। सभी भामाशाहों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में श्री नामदेव सेवा समिति, सूरत द्वारा भजन-कीर्तन एवं नामदेव कथा समिति द्वारा धार्मिक प्रस्तुतियां दी गईं। सूरत से आए गौभक्त जगदीश परिहार का विशेष स्वागत किया गया। यह लोग रहे मौजूदकार्यक्रम में युवा समिति अध्यक्ष सिद्धार्थ भाटी, समाज अध्यक्ष चम्पालाल भाटी, राजा बाबू राठौड़, प्रदीप चौहान, भगवान गेहलोत, हेमंत पाटनेचा, गिरधारी टांडी, राजेश पाटनेचा, ब्रजमोहन गेहलोत, लक्ष्मण डुंगरी, मनोहर भाटी, यशवंत मेडतवाल, लोकेश परमार, अशोक राठौड़, प्रवीण भाटी, प्रवीण राठौड़, सज्जन देवड़ा, भंवर परिहार, नारायण सोलंकी, बाबूलाल सोलंकी, महिला मंडल अध्यक्ष विमला भाटी सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।
मऊ में अस्पताल से डायलिसिस मशीन की लूट का VIDEO:गार्ड को बांधकर उठा ले गए मशीन, कीमत 17 लाख
मऊ जिले के मिर्जाहादीपुरा स्थित आजमी अस्पताल से लाखों रुपये की डायलिसिस मशीन लुटेरों ने लूट ली। लुटेरों ने वारदात को अंजाम देने से पहले अस्पताल के सुरक्षा गार्ड को कुर्सी से बांध दिया था। यह पूरी घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, दक्षिण टोला थाना क्षेत्र के आजमी अस्पताल में देर रात बदमाश घुसे। उन्होंने सबसे पहले अस्पताल में तैनात गार्ड को बंधक बनाया और उसे कुर्सी से बांध दिया। इसके बाद चोर आसानी से डायलिसिस मशीन लेकर फरार हो गए। सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद इकी पुष्टि हुई। सीसीटीवी फुटेज वायरल होने के बाद अस्पताल प्रबंधन और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। इस घटना ने अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दक्षिण टोला थानाध्यक्ष बसंत लाल ने बताया कि डायलिसिस मशीन पुरानी थी, जिसकी अनुमानित कीमत 15 से 17 लाख रुपये के बीच है। उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल इस मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। अस्पताल मालिक को थाने बुलाया गया है और तहरीर मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की पहचान करने का प्रयास कर रही है और जल्द ही मामले का खुलासा करने का दावा किया है।
मऊगंज जिले की नईगढ़ी तहसील में शुक्रवार सुबह 14 वर्षीय किशोरी का शव घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। परिजन ने घटना को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए एक युवक पर रेप और हत्या का आरोप लगाया है। मृत किशोरी की मां का निधन हो चुका है और पिता प्रयागराज में मजदूरी करते हैं। घर पर मौजूद छोटे भाइयों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अमिरती गांव के एक युवक को कमरे से भागते हुए देखा था। जब भाई अंदर पहुंचे तो बहन फंदे पर लटकी थी। उसे नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों की टीम ने किया पोस्टमॉर्टम शाम को पिता के लौटने के बाद शव को मऊगंज अस्पताल भेजा गया। तीन डॉक्टरों की टीम ने किशोरी का पोस्टमॉर्टम किया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संदेही युवक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस की जांच शुरू पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी के अनुसार, मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस हत्या और आत्महत्या, दोनों पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।
सरगुजा के कलेक्टर अजीत वसंत ने आदेश दिया है कि नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में सभी मकान मालिक अपने किराएदारों का सत्यापन जरूर कराएं। जो मकान मालिक यह सत्यापन नहीं कराएंगे, उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया है। सरगुजा के SSP राजेश अग्रवाल ने कलेक्टर को बताया कि कुछ असामाजिक लोग अपराध की नीयत से नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों के घरों में छिपने की कोशिश करते हैं। इससे शांति व्यवस्था पर खतरा और लोक संपत्ति को नुकसान होने की आशंका रहती है। उन्होंने कहा कि कई मकान मालिक अपने किराएदारों और घरेलू सहायकों की जानकारी थाना प्रभारियों को नहीं देते, जिससे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण करना मुश्किल हो जाता है। थानों को देंगे किराएदारों की पूरी जानकारी सरगुजा के कलेक्टर ने कहा है कि सभी मकान मालिकों को अब अपने किराएदारों का पूरा विवरण संबंधित थाना प्रभारी को देना अनिवार्य होगा। बिना पुलिस सत्यापन और सूचना के कोई भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान भवन किराए पर नहीं दे सकेगा। इसके अलावा, आदेश जारी होने से पहले किराएदार के रूप में रह रहे लोगों की जानकारी भी तुरंत पुलिस को उपलब्ध कराना जरूरी है। बिना पहचान पत्र वाले किसी को किराए पर घर नहीं मिलेगा आदेश में कहा गया है कि बिना वैध पहचान पत्र के किसी भी व्यक्ति को घर किराए पर नहीं दिया जाएगा। मकान मालिकों को किराएदार का नाम, पता, मोबाइल नंबर और पहचान का विवरण अपने थाना प्रभारी को देना होगा। साथ ही, किराएदार या उनके आने-जाने वाले मेहमानों की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत निकटतम पुलिस थाना या चौकी को देना अनिवार्य है। जानकारी नहीं दी तो होगी वैधानिक कार्रवाईकलेक्टर ने कहा है कि इस आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत अपराध माना जाएगा। यह आदेश नगरीय और नगर बाहरी क्षेत्रों में तुरंत प्रभाव से लागू होगा। जिला प्रशासन ने नागरिकों से शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील भी की है। बाहरी तत्वों के प्रवेश पर लगेगी रोक सरगुजा संभाग की सीमाएं उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और झारखंड से जुड़ी हैं। इसके कारण बाहरी लोग यहां अक्सर आते-जाते रहते हैं। कुछ समय से बाहर से आए खतरनाक गैंग किराए के मकान में रहकर वारदातों को अंजाम देते रहे हैं। इसे देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर यह आदेश जारी किया गया है।
छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों की पदोन्नति के आदेश जारी किए हैं। इस आदेश के तहत अलग-अलग बैच के कई अधिकारियों को उच्च पदों पर पदोन्नत किया गया है। पदोन्नति के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद राज्य सरकार ने औपचारिक आदेश जारी किए हैं। 2001 बैच: ADG पद पर पदोन्नति राज्य कैडर के 2001 बैच के IPS अधिकारी डॉ. आनंद छाबड़ा को 25 साल की सेवा पूरी करने के बाद अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) के पद पर पदोन्नत किया गया है। इस पदोन्नति के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने 6 जनवरी 2026 को मंजूरी दी थी। 2008 बैच: दो अधिकारियों को IG पद आवंटन वर्ष 2008 के दो IPS अधिकारियों को पुलिस महानिरीक्षक (IG) के पद पर पदोन्नत किया गया है। इनमें प्रशांत कुमार अग्रवाल और मिलना कुर्रे शामिल हैं। आदेश में कहा गया है कि प्रशांत कुमार अग्रवाल को भविष्य में मिड करियर ट्रेनिंग फेज-IV में अनिवार्य रूप से भाग लेना होगा। दोनों अधिकारियों की नई पदस्थापना के आदेश बाद में अलग से जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत 2008 बैच की IPS अधिकारी नीथू कमल को 1 जनवरी 2026 से पुलिस महानिरीक्षक वेतनमान में प्रोफार्मा पदोन्नति दी गई है। इसी तरह, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत दावुलुरी श्रवण को भी समान तिथि से IG वेतनमान में प्रोफार्मा पदोन्नति मिली है। 2012 बैच: आठ अधिकारी DIG बने आवंटन वर्ष 2012 के आठ IPS अधिकारियों को उप पुलिस महानिरीक्षक (DIG) के पद पर पदोन्नत किया गया है। इनमें विवेक शुक्ला, रजनेश सिंह, शशि मोहन सिंह, राजेश कुकरेजा, श्वेता राजमणी, राजेश कुमार अग्रवाल, विजय अग्रवाल और रामकृष्ण साहू शामिल हैं। इन पदोन्नतियों को भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने 6 और 9 जनवरी 2026 को स्वीकृति दी थी। 2013 बैच: चयन श्रेणी में पदोन्नति आवंटन वर्ष 2013 के चार IPS अधिकारियों डॉ. अभिषेक पल्लव, मोहित गर्ग, भोजराम पटेल और यशपाल सिंह को चयन श्रेणी में पदोन्नत किया गया है। इसके अलावा, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत जितेंद्र शुक्ला (2013 बैच) को भी चयन श्रेणी में प्रोफार्मा पदोन्नति दी गई है।
उत्तर भारत में खराब मौसम का असर हवाई यातायात पर साफ नजर आने लगा है। चंडीगढ़ और दिल्ली में मौसम खराब होने के चलते कई फ्लाइट्स को जयपुर एयरपोर्ट पर डायवर्ट किया गया, वहीं कुछ फ्लाइट्स कैंसिल भी की गईं। इससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। योग गुरु स्वामी रामदेव भी मौसम की मार से प्रभावित हुए। स्वामी रामदेव चार्टर फ्लाइट से अयोध्या से दिल्ली जा रहे थे, लेकिन दिल्ली में खराब मौसम के चलते विमान की लैंडिंग नहीं हो पाई। इसके बाद चार्टर विमान को जयपुर एयरपोर्ट पर डायवर्ट किया गया। फिलहाल स्वामी रामदेव जयपुर एयरपोर्ट पर विमान के अंदर ही मौजूद हैं और आगे के मौसम हालात का इंतजार किया जा रहा है। चंडीगढ़ जा रही फ्लाइट को जयपुर डायवर्ट कियाचंडीगढ़ में खराब मौसम के कारण चेन्नई से चंडीगढ़ जा रही इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E - 6005 को भी जयपुर डायवर्ट किया गया। फ्लाइट चंडीगढ़ में लैंड नहीं कर सकी, जिसके बाद पायलट ने सुरक्षा कारणों से जयपुर को ऑप्शनल एयरपोर्ट चुना। मुंबई से चंडीगढ़ जा रही फ्लाइट को जयपुर एयरपोर्ट पर उताराइसी तरह मुंबई से चंडीगढ़ जा रही इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E - 5262 को भी खराब मौसम के चलते जयपुर एयरपोर्ट पर उतारा गया। इससे पहले भी मुंबई से चंडीगढ़ जाने वाली एक अन्य फ्लाइट को डायवर्ट किया जा चुका है। जयपुर एयरपोर्ट पर यात्रियों को परेशानी रहीवहीं जयपुर से चंडीगढ़ जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E - 7717 को कैंसिल कर दिया गया। यह फ्लाइट दोपहर 2 बजे जयपुर एयरपोर्ट से रवाना होने वाली थी, लेकिन चंडीगढ़ में मौसम की खराब स्थिति को देखते हुए इसे कैंसिल कर दिया गया। फ्लाइट कैंसिल होने से चंडीगढ़ जाने वाले यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं लगातार डायवर्जन और फ्लाइट कैंसिल होने से जयपुर एयरपोर्ट पर यात्रियों को परेशानी हो रही है। एयरलाइंस की ओर से यात्रियों को वैकल्पिक फ्लाइट्स और रिफंड की जानकारी दी जा रही है। वहीं अब मौसम सामान्य होने के बाद ही फ्लाइट संचालन सुचारू रूप से शुरू होने की उम्मीद है।
राजगढ़ शहर के अंदर जयपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे पर शुक्रवार दोपहर एक तेज रफ्तार वैन ने बच्चे को उड़ा दिया। वह 20 फीट दूर जाकर गिरा। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। हादसा अंजनि लाल मंदिर के पास हुआ। 11 वर्षीय बच्चा पतंग लेकर दौड़ता हुआ हाईवे पार कर रहा था। जैसे ही वह डिवाइडर कूदकर दूसरी लेन में पहुंचा, तभी बस स्टैंड की ओर से तेज रफ्तार कार ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बच्चा करीब 20 फीट दूर जाकर गिरा। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल उठाकर उसे जिला अस्पताल ले गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बच्चा बिना आगे-पीछे देखे दौड़ रहा था, जिससे वैन चालक को संभलने का मौका नहीं मिल पाया। देखिए हादसे की तस्वीरें सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुआ घटनाक्रमइस पूरे घटनाक्रम का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में साफ दिख रहा है कि बच्चा पतंग लेकर दौड़ते हुए डिवाइडर कूदता है और अगले ही पल वैन की चपेट में आ जाता है। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग बोले- शहर के पास बायपास की जरूरतघटना के बाद शहर के बीच से गुजर रहे नेशनल हाईवे को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही दुर्घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि राजगढ़ शहरी क्षेत्र के लिए जल्द बायपास की सख्त जरूरत है। लोगों ने प्रशासन से हाईवे पर सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने और बायपास निर्माण की मांग की है।
बड़वानी जिले के अंजड नगर की श्री खाटूश्याम कॉलोनी स्थित मंदिर में शुक्रवार को बसंत पंचमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ जुटी रही। बसंत पंचमी के अवसर पर पंडित बसंत शर्मा ने सुबह 4 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बाबा का पूजन किया। गंगाजल, नर्मदा जल और केसर जल से अभिषेक के बाद श्याम बाबा को नया पीताम्बरी वस्त्र पहनाया गया। बाबा का पीले फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया, जो आकर्षण का केंद्र रहा। मंदिर में विराजमान अन्य देवी-देवताओं के दरबार भी फूलों से सजाए गए। प्रसादी में बंटे बाबा के वस्त्र पर्व के दौरान भक्तों को बाबा के पुराने पीताम्बरी वस्त्र के टुकड़े प्रसाद के रूप में बांटे गए। श्याम एकादशी प्रसादी ग्रुप की ओर से दिनभर श्रद्धालुओं को केसरिया मीठे चावल, तिल्ली की मिठाई और फल वितरित किए गए। महाआरती और दर्शन सुबह की आरती के बाद शाम 6:30 बजे महाआरती हुई। हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में हाजिरी लगाई और अपनी अर्जी पेश की। दिनभर मंदिर परिसर 'जय श्री श्याम' के जयकारों से गूंजता रहा।
निजी स्कूलों की मनमानी फीस और किताब-यूनिफॉर्म को लेकर अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ के बीच जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला शुल्क नियामक समिति ने शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए फीस वसूली से जुड़े नियम तय कर दिए हैं। नियमों के उल्लंघन पर अतिरिक्त वसूली गई फीस वापस कराने के साथ भारी जुर्माना और बार-बार गलती पर मान्यता समाप्त कराने तक की कार्रवाई की जाएगी। सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार परिसर में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में स्पष्ट किया गया कि उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र (शुल्क निर्धारण) अध्यादेश-2018 का कड़ाई से अनुपालन कराया जाएगा। डीएम ने कहा कि किसी भी कीमत पर अभिभावकों का आर्थिक शोषण स्वीकार नहीं किया जाएगा। 60 दिन पहले फीस सार्वजनिक करना अनिवार्य जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी निजी विद्यालय शैक्षिक सत्र शुरू होने से पहले आगामी वर्ष में ली जाने वाली फीस का विवरण सक्षम अधिकारी को उपलब्ध कराएं। साथ ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से कम से कम 60 दिन पहले फीस की जानकारी विद्यालय की वेबसाइट और सूचना पट्ट पर सार्वजनिक करनी होगी। निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। किताब-यूनिफॉर्म किसी खास दुकान से नहीं खरीदवाएंगे स्कूल बैठक में साफ किया गया कि कोई भी विद्यालय छात्र या अभिभावक को किताब, यूनिफॉर्म, जूते-मोजे किसी विशेष दुकान से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा। इसे गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। साथ ही एक बार तय की गई यूनिफॉर्म कम से कम पांच वर्षों तक नहीं बदली जाएगी। प्रवेश व परीक्षा शुल्क पर भी नियंत्रण निर्णय लिया गया कि प्रवेश शुल्क केवल पहली बार नए प्रवेश के समय ही लिया जाएगा। परीक्षा शुल्क सिर्फ परीक्षा के लिए ही वसूला जाएगा। विद्यालय द्वारा ली जाने वाली प्रत्येक फीस की रसीद देना अनिवार्य होगा और निर्धारित शुल्क के अलावा कोई अन्य शुल्क नहीं लिया जा सकेगा। शिकायत निस्तारण की तय समय सीमा डीएम ने निर्देश दिए कि छात्र या अभिभावक की शिकायत का समाधान पहले विद्यालय स्तर पर किया जाए। 15 दिन में समाधान न होने पर मामला जिला शुल्क नियामक समिति के समक्ष रखा जाएगा और जिम्मेदारी तय की जाएगी। उल्लंघन पर 1 से 5 लाख तक जुर्माना बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन, जिला विद्यालय निरीक्षक संतोष कुमार राय, चार्टर्ड एकाउंटेंट सुधीर चौधरी, अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी अनिल कुमार, वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक शिक्षा) शिशिर जायसवाल, सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड के प्रतिनिधि तथा अभिभावक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
डिंडौरी में नर्मदा प्रकट उत्सव से दो दिन पहले शुक्रवार शाम को नर्मदा डैम घाट पर दीपोत्सव मनाया गया। मां नर्मदा स्वर्ण मंदिर समिति के आयोजित इस कार्यक्रम में 5100 दीप जलाए गए, जिससे पूरा घाट रोशनी से सराबोर हो गया। समिति के पुजारी पंडित सुशील दुबे ने बताया कि मंदिर और घाट को विशेष लाइटों से सजाया गया था। श्रद्धालुओं ने मिलकर 5100 दीपक जलाए और आतिशबाजी की गई। मंदिर परिसर में मां नर्मदा की आरती और भजनों का आयोजन हुआ। अगले दो दिनों तक मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का दौर जारी रहेगा। कलेक्टर ने की पूजा और तैयारियों की समीक्षा कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया, नगर परिषद अध्यक्ष सुनीता सारस और जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी सहित अन्य अधिकारियों ने मां नर्मदा की पूजा कर चुनरी भेंट की। दीपोत्सव के बाद कलेक्टर ने 25 जनवरी को नर्मदा जयंती और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर अधिकारियों की बैठक ली और सुचारू व्यवस्था के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
फरीदाबाद जिले के सेक्टर-12 स्थित जिला कोर्ट परिसर में आज सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए ब्लैक कमांडो, बम स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड और क्विक रिस्पांस टीम (QRT) के साथ एक विशेष मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह सुरक्षा अभ्यास आगामी 26 जनवरी गणतंत्र दिवस को ध्यान में रखते हुए किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस कंट्रोल रूम को बीटी के माध्यम से सूचना दी गई कि कोर्ट परिसर में कुछ संदिग्ध लोग देखे गए हैं और तुरंत सिक्योरिटी टीम को मौके पर भेजने की आवश्यकता है। कोर्ट परिसर को किया सील सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस पूरी तरह से अलर्ट हो गई और सेक्टर-12 स्थित सेंट्रल थाने की पुलिस ने कोर्ट परिसर को तत्काल सील कर दिया। पुलिस टीम ने परिसर के अंदर मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू किया और सुरक्षा की दृष्टि से उनके सामान की गहन जांच की गई। संवेदनशील हिस्सों की जांच इसके बाद लगभग 20 मिनट के भीतर ब्लैक कमांडो, बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमें मौके पर पहुंच गईं और कोर्ट परिसर के विभिन्न स्थानों की तलाशी अभियान शुरू किया गया। डॉग स्क्वॉड की टीम ने परिसर के अंदर और बाहर संदिग्ध स्थानों को सूंघकर जांच की, जबकि बम स्क्वॉड ने कोर्ट परिसर के संवेदनशील हिस्सों की बारीकी से जांच की। ब्लैक कमांडो की टीम ने बनाया सुरक्षा घेरा ब्लैक कमांडो टीम ने पूरे ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा घेरा बनाए रखा और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी का अभ्यास किया।इस संबंध में सेंट्रल थाना प्रभारी रणवीर सिंह ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई एक मॉक ड्रिल थी, जिसका उद्देश्य यह जांचना था कि किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षा एजेंसियां कितनी जल्दी और प्रभावी तरीके से मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करती हैं। सुरक्षा को मजबूत करने के लिए मॉक ड्रिल उन्होंने बताया कि इस अभ्यास में सभी टीमों का रिस्पांस टाइम संतोषजनक रहा और सभी एजेंसियां समय पर मौके पर पहुंचीं। थाना प्रभारी रणवीर सिंह ने कहा कि इस तरह के सुरक्षा ऑडिट और मॉक ड्रिल भविष्य में भी किए जाते रहेंगे, ताकि कोर्ट परिसर समेत अन्य संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा सके।
राजधानी रायपुर के होटल पिकाडली प्राइवेट लिमिटेड में 41 लाख 62 हजार 67 रुपए के गबन का मामला सामने आया है। होटल के इंटरनल ऑडिट में हिसाब-किताब में बड़ी गड़बड़ी देखने को मिली। इसके बाद मैनेजमेंट की शिकायत पर पुलिस ने पूर्व महाप्रबंधक और फाइनेंस मैनेजर के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के नाम रंजीत कुमार और कोमल यादव हैं। यह मामला सरस्वती नगर थाना क्षेत्र का है। अब पढ़ें क्या है पूरा मामला होटल पिकाडली प्रबंधन की ओर से मैनेजर सजल चीनी ने पुलिस थाने में शिकायत की है। मैनेजर ने पुलिस को बताया कि 1 अप्रैल 2025 से 10 जनवरी 2026 के बीच किए गए आंतरिक ऑडिट में नकद राशि की भारी कमी सामने आई। ऑडिट रिपोर्ट में पाया गया कि पूर्व जीएम और फाइनेंस मैनेजर ने विभिन्न पक्षों से वसूली गई नकदी होटल के बैंक खाते में जमा नहीं की और न ही उसे आधिकारिक वित्तीय रिकॉर्ड में दर्ज किया। आरोपियों ने होटल की नकदी अपने इस्तेमाल में ली लेजर और ऑडिट दस्तावेजों के अनुसार, कुल लंबित नकद राशि 40 लाख 11 हजार 985 रुपए पाई गई। इसके अलावा एक गुम वाउचर से जुड़ी 1 लाख 50 हजार 82 रुपए की राशि भी सामने आई। इस तरह कुल वित्तीय अंतर 41 लाख 62 हजार 67 रुपए का है। ऑडिट में यह भी पता चला कि यह राशि संबंधित कर्मचारियों ने अपने निजी उपयोग में ले ली थी। जांच में होटल के पूर्व महाप्रबंधक रंजीत कुमार और फाइनेंस मैनेजर कोमल यादव की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। दोनों पर आरोप है कि वित्तीय जिम्मेदारी होने के बावजूद राशि का हिसाब नहीं दिया, बैंक में जमा नहीं किया और दस्तावेजों में गड़बड़ी की। मैनेजमेंट की शिकायत पर पुलिस ने धारा 316(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने शुरू की जांच सरस्वती नगर थाना की पुलिस ने बताया कि होटल पिकाडली प्रबंधन की शिकायत पर पूर्व महाप्रबंधक रंजीत कुमार और फाइनेंस मैनेजर कोमल यादव के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। ऑडिट रिपोर्ट, लेजर कॉपी, वाउचर और अन्य वित्तीय दस्तावेजों के आधार पर जांच करके नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पन्ना में चारा मशीन में फंसा किसान का हाथ:ब्लेड से उंगली कटी, गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती
पन्ना जिले के अजयगढ़ क्षेत्र के ग्राम मझपुरवा में शुक्रवार को चारा काटते समय एक किसान हादसे का शिकार हो गया। मवेशियों के लिए चारा तैयार करते समय किसान का हाथ कटिया मशीन की चपेट में आ गया, जिससे हाथ की उंगली कट गई। मझपुरवा निवासी 45 वर्षीय देवीदीन पाल अपने घर पर मवेशियों के लिए चारा काट रहे थे। इसी दौरान दाहिना हाथ अचानक मशीन के ब्लेड के संपर्क में आ गया। जब तक मशीन बंद की जाती, तब तक धारदार ब्लेड ने उंगली को बुरी तरह जख्मी कर दिया था। जिला अस्पताल रेफर हादसे के तुरंत बाद परिजन घायल किसान को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अजयगढ़ लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद खून बहना रोका, लेकिन चोट गंभीर होने के कारण किसान को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल पन्ना रेफर कर दिया गया। फिलहाल जिला अस्पताल में किसान का उपचार जारी है।
टोंक में लेपर्ड की साइटिंग के बीच शुक्रवार को एक लेपर्ड की दर्दनाक मौत हो गई। एक खेत की बाड़ के तारों की जाली में लेपर्ड(मेल) की गर्दन फंस गई, जिसके कारण उसका दम घुट गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना आज शुक्रवार को बनास नदी के पास चिरोंज जाने वाले रास्ते पर एक खेत पर सुबह 10 बजे हुई। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पंहुची और विशेषज्ञ डॉक्टर की निगरानी में पोस्टमॉर्टम के बाद मृत लेपर्ड का अंतिम संस्कार किया गया। बाड़ के तार गले में फंदा बन गए थेसहायक वन संरक्षक अनुराग महर्षि ने बताया- आज सुबह ग्रामीणों ने सूचना दी कि बनास नदी के पास चिरौंज गांव जाने वाले रास्ते की ओर लेपर्ड पड़ा है। उसके गले में तार का फंदा लगा है। उसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पशु चिकित्सक को बुलाया गया। उसका पोस्टमॉर्टम कराया गया, जिसके बाद देर शाम करीब 4 बजे जिला मुख्यालय के पास दूधिया बालाजी क्षेत्र वन चौकी में लेपर्ड का अंतिम संस्कार किया गया। जिले में बढ़ा है लेपर्ड का मूवमेंटटोंक जिले में पिछले कुछ महीनों में लेपर्ड का मूवमेंट और कुनबा दोनों ही बढ़े हैं। वन विभाग की टीम के अनुसार- निवाई के शिवपुरी, चिरोंज, बहड़, बस्सी, टोंक जिला मुख्यालय, राजमहल, टोडारायसिंह सहित जिले के अन्य हिस्सों में लेपर्ड की संख्या में बढ़ोतरी होने के संकेत है। लेकिन अब एक नर पैंथर की मौत चिंता बढ़ा दी है। डॉक्टर बोले- प्रारंभिक तौर पर दम घुटने से मौत होने की आशंकापशु चिकित्सक डॉक्टर अशोक सैनी ने बताया- लेपर्ड की मौत प्रारंभिक तौर पर गले में फंसे तार के कारण हुई है। तार के कारण उसका दम घुट गया, जिससे उसने दम तोड़ दिया। हालांकि फिलहाल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आना बाकी है। लेपर्ड के ज्यादा इंजरी नहीं थी। गले में तार का फंदा था, इसलिए संभवतः दम घुटने से उसकी मौत होने की आशंका है। मृत लेपर्ड की उम्र करीब 3 साल थी। राजस्थान के इन जिलों में हैं लेपर्ड की मौजूदगी राजस्थान में जयपुर, अलवर, सीकर, भरतपुर, करौली, बूंदी, बांसवाड़ा, भीलवाड़ा, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, राजसमंद, अजमेर, पाली, सिरोही, जालोर, डूंगरपुर, झुंझुनूं, सवाईमाधोपुर, धौलपुर, कोटा, झालावाड़, बारां, टोंक और दौसा जिलों में लेपर्ड की मौजूदगी है। इनके अलावा बाड़मेर और जोधपुर में कभी-कभी अजमेर, पाली, राजसमंद, सिरोही के जंगलों से लेपर्ड का मूवमेंट होता है। .... लेपर्ड से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... लेपर्ड-टाइगर मारकर, खाल और अंगों की दलाली:कीमत 5 से 10 लाख, मूंछ के बाल तक का सौदा, भास्कर के कैमरे में खूंखार शिकारी लेपर्ड हो या टाइगर, ऑर्डर मिलते ही शिकार करेंगे...ताजा खाल से लेकर दांत, नाखून उतारकर सब कुछ बेच देंगे। दैनिक भास्कर ने ऐसे ही खतरनाक शिकारियों और वन्यजीवों के अंगों और खाल की तस्करी करने वाले रैकेट को कैमरे पर एक्सपोज किया। पूरी खबर पढ़िए
अनूपपुर जिले के जैतहरी वन क्षेत्र के मुंडा गांव में एक सफेद भालू के शावक की कुएं में गिरने से मौत हो गई। शुक्रवार सुबह जब ग्रामीणों ने कुएं में भालू का शव देखा, तो वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकाला। बिना मुंडेर के कुएं में गिरने से मौत वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात की है। मुंडा गांव के एक खेत में स्थित कुएं पर मुंडेर (सुरक्षा दीवार) नहीं थी। रात के अंधेरे में घूमते समय यह नर भालू शावक अचानक कुएं में जा गिरा और पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई। शुक्रवार तड़के ग्रामीणों ने इसकी जानकारी वनरक्षक को दी, जिसके बाद विभाग सक्रिय हुआ। पोस्टमॉर्टम के बाद किया गया अंतिम संस्कार वन परिक्षेत्र अधिकारी विवेक मिश्रा ने बताया कि भालू के शव को कुएं से निकालकर उसका पंचनामा तैयार किया गया। इसके बाद शव को जैतहरी वन डिपो लाया गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम ने उसका पोस्टमॉर्टम किया। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में भालू के शव का पूरे सम्मान के साथ दाह संस्कार कर दिया गया है। इलाके में लगातार हो रही वन्यजीवों की मौत जैतहरी क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि जनवरी के महीने में ही यह तीसरी बड़ी घटना है। इससे पहले रेलवे ट्रैक पर एक तेंदुए का शव मिला था, जिसकी मौत ट्रेन की टक्कर से हुई थी। वहीं, एक अन्य मामले में शिकारियों द्वारा बिछाए गए बिजली के करंट की चपेट में आने से भी एक तेंदुए की जान चली गई थी। लगातार हो रही इन मौतों से पर्यावरण प्रेमी और वन विभाग चिंतित हैं।
ग्रेटर नोएडा में 40 से ज्यादा दबंगों ने बारात पर हमला कर दिया। उन्होंने लाठी-डंडों और फरसों से बारातियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। 20 राउंड फायरिंग भी की। घटना में 10 बाराती गंभीर घायल हैं। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां ICU में उनका इलाज चल रहा है। सभी घायल एक ही परिवार के हैं। घटना दनकौर थाना क्षेत्र के जगनपुर गांव की है। 3 तस्वीरें देखिए... अब पढ़िए पूरा मामलादनकौर थाना क्षेत्र के जगनपुर गांव से दादरी थाना क्षेत्र के जगनपुर गांव के रहने वाले जितेंद्र के यहां से रामपुर फतेहपुर गांव में बारात गई थी। बारात में देशराज सिंह अपने पूरे परिवार के साथ गए थे। बारात चढ़त से पहले मिलाई की जा रही थी। इस दौरान कई गाड़ियों में सवार होकर हमलावर आए, जिनके हाथ में लाठी डंडे और फरसा था। उन्होंने हमला करना शुरू कर दिया। जैसे ही हमला हुआ चारों तरफ अफरा तफरी का माहौल हो गया और भगदड़ मच गई। इन लोगों के द्वारा देशराज (80) उनके बेटे देवेंद्र ,वीरेंद्र, राजेंद्र और भतीजे श्रीनिवास और अन्य लोगों पर जानलेवा हमला किया गया। यह लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई। आईसीयू में चल रहा इलाजहमला करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। इसके बाद घायलों को आनन फानन में ग्रेटर नोएडा के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों की हालत गंभीर है। सभी का आईसीयू में भर्ती हैं। पुलिस ने मामले में दो टीमों का किया गठनइस बवाल की सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस फोर्स रामपुर गांव पहुंच गई। पुलिस ने इस मामले में दो टीमों का गठन कर दिया है और हमलावरों की तलाश में जुट गई है। बताया जा रहा है कि इन लोगों के बीच पहले ही किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। दूसरा पक्ष भी जगनपुर गांव का ही रहने वाला है, कुछ दिन पहले भी इन लोगों के बीच झगड़ा हुआ था। 20 से 25 राउंड फायरिंग की गईघायलों के परिजन दीपक नागर ने बताया- हमारे गांव से बारात गई थी। बारात में हमारे पिता, बाबा, ताऊ, चाचा सहित पूरा परिवार गया था। बारात में मिलाई के दौरान गाड़ियों से 40 लोग आए और हमला कर दिया। उन लोगों के पास लाठी-डंडे, फरसे और राइफल थी। 20 से 25 राउंड फायरिंग की गई है। इस हमले में हमारे परिवार के 10 लोग घायल है। सभी की हालत गंभीर है। आईसीयू में इलाज चल रहा है। हमला किस वजह से किया गया ये तो पता नहीं है। हमले करने वाले से मौके से भाग गए है। तीन महीने पहले हुआ था झगड़ाएडीसीपी सुधीर कुमार ने बताया- दोनों पक्ष जगनपुर गांव के रहने वाले हैं। पुरानी रंजिश को लेकर बारात में झगड़ा हुआ। मारपीट में कई लोग घायल हुए, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमों का गठन किया गया है। घटना में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई की जाएगी। तीन महीने पहले भी झगड़ा हुआ था। दोनों पक्षों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद से इनके बीच रंजिश चली आ रही है। -------------------- ये खबर भी पढ़ें... सहारनपुर में डायमंड शोरूम में 2 करोड़ की चोरी:दीवार में एक फीट का छेद किया, दरवाजा तोड़ा; कैरेटलेन में 20 CCTV लगे थे सहारनपुर में एक डायमंड शोरूम में बड़ी चोरी हुई। चोरों ने गुरुवार देर रात टाटा कंपनी की जानी-मानी डायमंड फ्रेंचाइजी 'कैरट लेन' को निशाना बनाया। 2 लाख कैश और करोड़ों रुपए के गहने चुराकर भाग गए। शुक्रवार सुबह जब स्टाफ शोरूम खोलने पहुंचा तो दीवार टूटी मिली। पढ़ें पूरी खबर...
अलवर में नाबालिग से गैंग रेप के मामले में विशिष्ट न्यायालय (POCSO) संख्या-1 ने फैसला सुनाया है। न्यायाधीश जगेंद्र अग्रवाल ने 2 आरोपियों को दोषी करार देते हुए 20-20 साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, दोनों आरोपियों पर 35 हजार का अर्थदंड (जुर्माना) भी लगाया गया है। सरकारी वकील विनोद कुमार शर्मा ने बताया- यह केस 20 जुलाई 2024 को दर्ज किया गया था। पीड़िता की मां ने थाने में शिकायत की कि उनकी नाबालिग बेटी दोपहर करीब 2 बजे घर से गायब हो गई। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला। परिजनों को पास में रहने वाले एक व्यक्ति पर शक हुआ, जिसके बाद थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच की और नाबालिग को भिवाड़ी से बरामद कर लिया। जांच में दो युवकों को गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ चालान न्यायालय में पेश किया गया। मुंह पर रुमाल डालकर जबरन गाड़ी में बैठायापीड़िता के बयान में खुलासा हुआ कि वह घर के पीछे गाय बांधने गई थी, तभी एक चारपहिया वाहन में बैठे युवक ने उसके मुंह पर रुमाल डालकर जबरन गाड़ी में बैठाया और अपहरण कर उसे उत्तर प्रदेश ले गया। पुलिस के पीछे लगने की आशंका होने पर आरोपी उसे भिवाड़ी में एक साथी के कमरे पर ले गया। बारी-बारी से तीन दिन तक गैंगरेप कियावहां दोनों आरोपियों ने बारी-बारी से नाबालिग के साथ तीन दिनों तक गैंगरेप किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 26 गवाहों के बयान और 40 दस्तावेज पेश किए। सभी साक्ष्यों और तथ्यों की गहन जांच के बाद न्यायाधीश जगेंद्र अग्रवाल ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया और सजा सुनाई।
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन का सियासी विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। कोर्ट से राहत मिलने के बाद अब राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के सीनियर सिलेक्शन कमेटी के चेयरमैन राहुल कांवट और मेंटोर पंकज सिंह ने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद न सिर्फ खिलाड़ी और क्रिकेट लवर्स, बल्कि राजस्थान सरकार के सामने भी राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की मौजूदा स्थिति को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। कांवट ने कहा- राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के मौजूदा हालात काफी खराब हैं। हम खिलाड़ियों के हित में काम करने के लिए यहां आए थे, लेकिन फिलहाल जो कंट्रोवर्सी राजस्थान क्रिकेट में चल रही है। उससे सबसे ज्यादा अहित खिलाड़ियों का ही हो रहा है। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की सीनियर सिलेक्शन कमेटी के चेयरमैन राहुल कांवट और पंकज सिंह ने शुक्रवार शाम इस्तीफा दिया। इसमें दोनों ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के मौजूदा हालात में काम करने को लेकर असमर्थता जाहिर की है। दोनों पदाधिकारियों ने एडहॉक कमेटी कन्वीनर दीनदयाल कुमावत और कमेटी के चारों सदस्यों को ईमेल के जरिए इस्तीफा भेजा। कांवट बोले- कन्वीनर और मौजूद सदस्यों में बन नहीं रही दैनिक भास्कर से खास बातचीत में सीनियर सिलेक्शन कमेटी के चेयरमैन राहुल कांवट ने कहा- राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के मौजूदा हालात काफी खराब हैं। हम खिलाड़ियों के हित में काम करने के लिए यहां आए थे, लेकिन फिलहाल जो कंट्रोवर्सी राजस्थान क्रिकेट में चल रही है। उससे सबसे ज्यादा अहित खिलाड़ियों का ही हो रहा है। कन्वीनर और मौजूद सदस्यों में बन नहीं रही है। इसकी वजह से हम लोगों को जहां खिलाड़ियों के लिए काम करना चाहिए था। वहीं कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जो पूरी तरह गलत है। ऐसे में इन हालात से परेशान होकर मैंने और पंकज सिंह ने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया। हम इस तरह के हालात में काम नहीं कर सकते या फिर यह कहें कि जो भी व्यक्ति क्रिकेट की भलाई के लिए काम करना चाहता है। वह फिलहाल राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में काम नहीं कर सकता है। पिछले दिनों की थी मुलाकातराजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के सीनियर सिलेक्शन कमेटी के सिलेक्टर्स ने पिछले दिनों एडहॉक कमेटी के पदाधिकारियों से मुलाकात भी की थी। इसके बाद से ही राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में विवाद की स्थिति शुरू हो गई थी। इसके बाद अब दीनदयाल कुमावत के खास माने जाने वाले सीनियर सिलेक्शन कमेटी चेयरमैन राहुल कांवट और मेंटोर पंकज सिंह ने इस्तीफा दे दिया है। कन्वीनर दीनदयाल बोले- मुझे जानकारी नहींहालांकि पूरे विवाद पर अब एडहॉक कमेटी के कन्वीनर दीनदयाल कुमावत ने जानकारी नहीं होने की बात कही। पूरे मामले पर जब हमने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की कमेटी के कन्वीनर दीनदयाल कुमावत से उनका पक्ष जानना चाहा। तो उन्होंने बताया कि मुझे फिलहाल राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के किसी भी मेंटोर या सिलेक्टर के इस्तीफा की जानकारी नहीं है। वहीं, एडहॉक कमेटी के सदस्य धनंजय सिंह खींवसर ने कहा- यह एक गंभीर विषय है। आखिर ऐसा क्यों हो रहा है कि लगातार राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के सिलेक्टर्स अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं।
बसंत पंचमी के अवसर पर नगरपरिषद टाउन हॉल में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर और विधायक पब्बाराम विश्नोई ने विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों के साथ मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा का संबोधन सुना। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री का लाइव प्रसारण देखा मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने जयपुर के कॉमर्स कॉलेज से बसंत पंचमी पर विद्यार्थियों को संबोधित किया था। इस संबोधन का पूरे राजस्थान में सीधा प्रसारण किया गया। टाउन हॉल में इस लाइव प्रसारण को देखने और सुनने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। कार्यक्रम में जिला कलेक्टर श्वेता चौहान, एसडीएम पूजा चौधरी, डीईओ सोहन राम विश्नोई सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। भाजपा नेता डॉ. माधु सिंह देवड़ा, शंकर माचरा, सुनील व्यास, पप्पूराम जाणी, लाधुराम ढाका, शिव कुमार व्यास, शिव पंचारिया, रतन मेघवाल, जेपी बोहरा, ओम बोहरा और शंकर लाल शर्मा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी भी मौजूद थे। स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर और विधायक पब्बाराम विश्नोई ने इस अवसर पर कहा- मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कई सौगातें दी हैं और बच्चों से सीधा संवाद किया, जो एक बहुत ही अच्छा कार्यक्रम रहा। छात्राओं को मिली साइकिल इसी क्रम में, स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर और विधायक पब्बाराम विश्नोई ने कन्या उमाविद्यालय एसएमबी में बालिकाओं को साइकिलें भी वितरित कीं। विद्यालय की प्राचार्या कांता पंवार ने बताया कि नौवीं कक्षा की 21 छात्राओं को साइकिलें प्रदान की गईं। डीईओ सोहन राम विश्नोई ने जानकारी दी कि जैसे-जैसे साइकिलें प्राप्त होती जाएंगी, उनका वितरण कार्य जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि विभाग का प्रयास है कि साइकिल वितरण का कार्य जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाए।
सीकर में प्रॉपर्टी डीलर मनीष भामू मामले में तीसरी गिरफ्तारी हुई है। पुलिस ने आरोपी महिपाल सिंह जाखड़ (41) को रानोली इलाके से पकड़ा है। आरोपी राधाकिशनपुरा को रहने वाला है। बता दें कि इस मामले में पहले पुलिस कॉन्स्टेबल प्रदीप और मनोज कुमार की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस अब मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। दरअसल, पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी महिपाल सीकर के रानोली इलाके में एक जगह पर आया हुआ है। ऐसे में उद्योग नगर पुलिस थाने के कॉन्स्टेबल देवीलाल, महावीर और बलबीर ने वहां दबिश देकर उसे पकड़ लिया। मनीष भामू मर्डर केस: 3 पॉइंट में पूरी कहानी 1. मनीष को गाड़ी में बैठाकर लेकर गए 30 सितंबर 2025 को मनीष भामू के भाई प्यारेलाल ने उद्योग नगर पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज करवाया। पिपराली इलाके के भामूओं की ढाणी के रहने वाले प्यारेलाल ने रिपोर्ट में बताया कि 29 सितंबर को दोपहर के समय उनके भाई मनीष कुमार को महिपाल नाम का आदमी सीकर के नवलगढ़ रोड पर बगिया होटल के पास से अपनी गाड़ी में बैठाकर रानोली लेकर गया.प्यारेलाल ने रिपोर्ट में बताया-शराब पार्टी चल रही थी। मनीष ने गैंग के लोगों की श्रवण के साथ जमीन के विवाद में हुई मारपीट के मुकदमे में राजीनामे के लिए अपनी 5 बीघा जमीन श्रवण को गिरवी रखी थी। ऐसे में गैंग के लोगों को यह बात खटक रही थी। 2. फॉरच्यूनर कार में जयपुर के लिए रवाना पार्टी में दो गैंग के कई लोग मौजूद थे, जिन्होंने मनीष से उसके भाई दिनेश को फोन करवाया और कहा कि आपकी फॉर्च्यूनर गाड़ी दो, हमें जयपुर किसी काम से जाना है। तब दिनेश ने कहा कि मेरी गाड़ी तो खिरोड़ गांव में है। ऐसे में मनीष कुमार, रविंद्र कटेवा, मनोज भींचर, मुकेश उर्फ प्रदीप दड़िया और रोहित भूलिया उसी रात 11 बजे खिरोड़ गांव गए, जहां उन्होंने स्कॉर्पियो गाड़ी छोड़ी और फॉर्च्यूनर ले ली। इसके बाद जयपुर के लिए निकल गए। रास्ते में गैंग के लोगों ने मनीष को खूब शराब पिलाई। उसे शराब में नशीला पदार्थ मिलाकर दिया गया जिससे उसकी मौत हो गई। 3. जयपुर में हत्या, शव सीकर में छोड़ गएजयपुर पहुंचने तक शराब पार्टी चल रही थी। प्लानिंग के तहत मनीष का मर्डर कर दिया। इसके बाद सुबह 6:30 के करीब मनीष के घरवालों को सूचना दी कि मनीष की जयपुर में मौत हो गई। इसके बाद मनीष के शव को सीकर के एसके अस्पताल में छोड़कर चले गए। मर्डर केस का झुंझुनूं में हुई गैंगवार से कनेक्शनसीकर के भादवासी गांव में स्थित 24 बीघा जमीन को लेकर श्रवण और रविंद्र कटेवा के बीच विवाद चल रहा था। विवाद को लेकर रविंद्र कटेवा और उसके साथियों ने नवंबर 2024 में श्रवण के साथी सुरेश पर जानलेवा हमला करवाया था।पुलिस ने मामले में रविंद्र कटेवा और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया था। इसी मामले में राजीनामा करवाने के लिए मनीष ने अपनी 5 बीघा जमीन श्रवण के पास गिरवी रख दी थी। हालांकि बाद में रविंद्र कटेवा ने राजीनामा करने के लिए मना कर दिया। ऐसे में श्रवण ने 12 दिसंबर को रविंद्र कटेवा को मारने के लिए शूटर्स भेजे। रविंद्र कटेवा तो बच गया लेकिन उसका साथी सुनील और शूटर कृष्णकांत गैंगवार में मारा गया था।

