इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मदरसा जामिया अरबिया हयातुल उलूम की मुरादाबादी के गांव मंगूपुरा में जमीन अधिग्रहण की चुनौती याचिका खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने दिया है। कोर्ट ने कहा कि भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही बहुत पहले ही पूरी हो चुकी है और अब लंबी अवधि बाद हस्तक्षेप की कोई आवश्यकता नहीं है। नया मुरादाबाद योजना मुरादाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा 'नया मुरादाबाद' योजना के तहत आवासीय और व्यावसायिक कॉलोनी विकसित करने के लिए 175.44 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया था।मदरसे ने तर्क दिया था कि उनकी भूमि पर 1979-80 से शैक्षणिक संस्थान चल रहा है और अधिग्रहण की कार्यवाही नए भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 2013 की धारा 24(2) के तहत रद्द हो जानी चाहिए क्योंकि उन्हें मुआवजा नहीं मिला और भौतिक कब्जा भी नहीं लिया गया। चार याचिकाएं पहले ही थीं अदालत ने पाया कि याचिकाकर्ता ने इस अधिग्रहण को चुनौती देने के लिए पहले भी चार बार याचिकाएं दायर की थीं, जो अलग-अलग समय पर निस्तारित या खारिज कर दीइ गई थीं। प्राधिकरण की दलील थी कि भूमि का कब्जा 7 नवंबर 2000 को ही लिया जा चुका था और निर्धारित मुआवजे की राशि भी सरकारी खजाने में जमा करा दी गई थी। यह भी बताया गया कि अधिगृहीत भूमि पर पहले ही एक आवासीय कॉलोनी विकसित की जा चुकी है और कई लोगों को भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। 'इंदौर डेवलपमेंट अथॉरिटी का हवाला हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के 'इंदौर डेवलपमेंट अथॉरिटी बनाम मनोहर लाल' मामले के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि 2013 के अधिनियम की धारा 24(2) का उपयोग उन मामलों को पुनर्जीवित करने के लिए नहीं किया जा सकता जो पहले ही समाप्त हो चुके हैं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि एक बार जब भूमि का कब्जा लेकर वह राज्य में निहित हो जाती है, तो उसे अधिग्रहण से मुक्त नहीं किया जा सकता। याचिकाकर्ता द्वारा बार-बार याचिकाएं दायर करने को अदालत ने न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग माना और याचिका खारिज कर दिया।
शहर में राशन के गेहूं की अवैध खरीद-फरोख्त की सूचना पर गरीबी उपशमन प्रकोष्ठ के एमआईसी मेंबर मनीष शर्मा ने जिंसी हाट मैदान क्षेत्र की एक दुकान पर दबिश दी। मौके पर गेहूं से भरी गाड़ी मिलने पर उन्होंने जांच करवाई और सैंपल लेकर परीक्षण के लिए भेजे गए हैं। मनीष शर्मा ने बताया कि मंगलवार को उन्हें सूचना मिली थी कि जिंसी हाट मैदान स्थित दुकान पर कंट्रोल का गेहूं लाया जा रहा है। सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे, जहां गेहूं से भरी गाड़ी खड़ी मिली। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तुरंत कलेक्टर कार्यालय और खाद्य विभाग को सूचना दी। इसके बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर गेहूं के सैंपल लिए और जांच के लिए भेज दिए। पूछताछ में दुकानदार आरिफ लाला ने बताया कि गेहूं किसानों और अन्य लोगों से खरीदा गया है। फिलहाल प्रारंभिक जांच में कालाबाजारी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मामले की विस्तृत जांच जारी है। एमआईसी मेंबर ने दुकानदार को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि सामने आती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राजनांदगांव जिले में भीषण गर्मी का असर लगातार बना हुआ है। तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में चक्रवाती सिस्टम के असर से धूल भरी आंधी और हल्की बारिश की संभावना जताई है, लेकिन फिलहाल गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है। महापौर ने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील शहर में बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए महापौर मधुसूदन यादव ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि खासकर बच्चे और बुजुर्ग ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। लू के प्रमुख लक्षण महापौर ने कहा कि शहर की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह मुस्तैद हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज लें। राजनंदगांव मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर और प्रसिद्ध डॉक्टर प्रकाश खुंटे ने गर्मी के मौसम में स्वास्थ्य की देखभाल के लिए महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने लू को दो मुख्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया है: हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक। हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक का फर्क 1. हीट एग्जॉशन 2. हीट स्ट्रोक (मेडिकल इमरजेंसी) क्या करें डॉ. खुंटे ने बचाव के उपाय बताते हुए कहा कि भरपूर पानी पिएं और जलयुक्त फलों जैसे तरबूज, खरबूजा, और खीरा का सेवन करें। दोपहर 12 से 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। सूती और ढीले कपड़े पहनें जो आरामदायक हों। क्या न करें प्रशासन ने की अपील स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं, ताकि गर्मी के इस दौर में सभी सुरक्षित रह सकें।
आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ एवं दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा 15 दिवसीय सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। सही दवा शुद्ध आहार यही छत्तीसगढ़ का आधार थीम के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम जिलेभर में निरीक्षण के साथ-साथ आम नागरिकों को जागरूक भी कर रही है। अभियान खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक दीपक कुमार अग्रवाल के निर्देशानुसार संचालित किया जा रहा है। टीम ने गन्ना रस, सॉफ्ट ड्रिंक, आइसक्रीम और जूस सेंटरों पर विशेष जांच अभियान चलाते हुए कुल 17 दुकानों का निरीक्षण किया। जांच में एक दुकान को नोटिस, खराब सामग्री जब्तनिरीक्षण के दौरान एक दुकान को सुधार सूचना पत्र जारी किया गया। साथ ही 6 किलो खराब नींबू, 5 किलो मैंगो पल्प और रंगयुक्त सोडा वॉटर की 7 बोतलें जब्त कर मौके पर ही नष्ट कराई गईं, ताकि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर खतरा न हो। खाद्य सुरक्षा कानून के तहत दिए गए सख्त निर्देशदुकानदारों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के प्रावधानों के अनुरूप साफ-सफाई, गुणवत्ता और मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सिरोही के पीएम श्री राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल में छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के उद्देश्य से एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सा और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन की उपयोगिता, सुरक्षा और समय पर टीकाकरण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि यह वैक्सीन भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है। बालिकाओं को दी स्वास्थ्य सुरक्षा की अहम जानकारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश खराड़ी के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में ब्लॉक सीएमएचओ डॉ. विवेक जोशी ने छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि एचपीवी वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव का एक प्रभावी माध्यम है। डॉ. जोशी ने समझाया कि समय रहते यह टीका लगवाने से बालिकाएं भविष्य में इस गंभीर बीमारी के जोखिम को कम कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं से स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और समय-समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील भी की। अभिभावकों से सहयोग की अपील मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी भबूता राम मेघवाल ने कहा कि वर्तमान समय में स्वास्थ्य जागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे इस अभियान में सकारात्मक सहयोग दें और अपनी बेटियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए टीकाकरण को प्राथमिकता दें। उन्होंने छात्राओं से भी कहा कि वे अपने स्वास्थ्य को लेकर सजग रहें और किसी भी समस्या होने पर विशेषज्ञ से परामर्श लें। सुरक्षित भविष्य की दिशा में अहम कदम स्कूल की प्रिंसिपल हीरा खत्री और पीएमसी प्रभारी गोपाल सिंह राव ने कहा कि एचपीवी टीकाकरण बालिकाओं के सुरक्षित, स्वस्थ और बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गोपाल सिंह राव ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपनी बालिकाओं को इस टीकाकरण अभियान से जोड़ें, ताकि उन्हें भविष्य में गंभीर बीमारियों से सुरक्षा मिल सके। छात्राओं ने पूछे सवाल, विशेषज्ञों ने दिए जवाब कार्यक्रम के दौरान वाइस प्रिंसिपल वर्षा त्रिवेदी, ममता कोठारी, कुसुम परमार, कल्पना चौहान, भारती सुथार सहित स्कूल स्टाफ मौजूद रहा। बड़ी संख्या में छात्राओं ने कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान छात्राओं ने स्वास्थ्य से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल और प्रभावी तरीके से समाधान किया। कार्यक्रम ने छात्राओं में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
कासगंज जनपद की पटियाली विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी (सपा) नादिरा सुल्तान को जनता ने पसंद नहीं किया है। भास्कर के सर्वे में 90% जनता का मत है कि इन्हें टिकट नहीं मिलना चाहिए। हालांकि सपा में उम्मीदवार के रूप में पहली पसंद अब्दुल हफीज गांधी हैं। यहां पर पार्टी के रूप में सबसे पहली पसंद समाजवादी पार्टी की है। दूसरे नंबर पर भाजपा, तीसरे नंबर पर बसपा है। पार्टीवार देखें तो सपा में पहली पसंद अब्दुल हफीज गांधी हैं। उन्हें 68% लोगों ने पसंद किया है। नाशी खान को 11% और जाहिदा सुल्तान को 8% लोगों ने पसंद किया है। मौजूदा विधायक नादिरा सुल्तान को 6% पसंद किया है। भाजपा के संभावित उम्मीदवारों में डॉ. शिवप्रताप सिंह को सर्वाधिक 41% समर्थन मिला। इसके बाद ममतेश शाक्य को 33% और केपी सिंह सोलंकी को 7% लोगों ने पसंद किया। शेष 19% में अन्य उम्मीदवार शामिल रहे। बसपा के संभावित प्रत्याशियों में जुनैद मियां को 84% लोगों ने पसंद किया। वहीं, जहीर अहमद और जाहिद निजामी को 3-3% समर्थन प्राप्त हुआ। अन्य उम्मीदवारों को 10% वोट मिले। अपने विधायक का नतीजा देखिए: कई सीटों पर उम्मीदवारों के चौंकाने वाले नाम, यूपी की 403 सीटों का रिजल्ट … लिंक
भतीजी की शादी के दिन चाचा की मौत:खेत में दवा छिड़कने गया था, वहां बेहोश मिला, अस्पताल में दम तोड़ा
अलवर जिले के मालाखेड़ा थाना क्षेत्र के केरवाड़ा गांव में भतीजी की शादी के दिन चाचा की मौत हो गई। बुधवार को ही घर में भतीजी की शादी है। उससे पहले दिन चाचा खेत में दवा छिड़कने गया तब बेहोश हो गया। अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पूरे घर में की खुशियां मातम में बदल गई। गांव के सरंपच रंगलाल मीणा ने बताया कि केरवाड़ा गांव निवासी राजू (40) मीणा पुत्र मिट्ठन लाल के छोटे भाई की बेटी की बुधवार को शादी है। एक दिन पहले मंगलवार को घर में भात का कार्यक्रम में था। लेकिन राजू मीणा भिंडी की फसल में कीटनाशक दवा का छिड़काव करने चला गया। वहां दवा छिड़कते समय उसकी तबीयत बिगड़ गई। वह खेत में ही बेहोश हो गया। पड़ौसियों के जरिए राजू के खेत में पड़े होने की सूचना मिली। उसे तुरंत मालाखेड़ा अस्पताल लेकर गए। वहां से अलवर रैफर कर दिया। अलवर जिला अस्पताल में देर रात दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि राजू मीणा के छोटे भाई की बेटी का विवाह बुधवार को होना था, लेकिन शादी से एक दिन पहले राजू की मौत से घर में खुशी की जगह मातम छा गया। मृतक के दो पुत्र हैं।
महम कस्बे में एक बुजुर्ग व्यक्ति के साथ 78 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। वार्ड 13 निवासी 58 वर्षीय तिलक राज पुत्र सीता राम ने पुलिस को इस संबंध में शिकायत दी है। पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने इस ऑनलाइन ठगी के मामले में जांच शुरू कर दी है। अपने आप फोन हो गया रीसेट तिलक राज ने बताया कि उनका मोबाइल फोन अपने आप रीसेट हो गया था। उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनके पास कोई संदिग्ध लिंक आया था। फोन रीसेट होने के बाद जब उन्होंने अपना मोबाइल ऑन किया, तो उन्हें धोखाधड़ी का पता चला। जांच में सामने आया कि उनके पंजाब नेशनल बैंक के बचत खाते और एसबीआई क्रेडिट कार्ड से कुल 78 हजार रुपये का फ्रॉड हुआ है। इन पैसों का इस्तेमाल ऑनलाइन शॉपिंग के लिए किया गया। अमेजन ऐप के माध्यम से तनिष्क शॉपिंग ऐप के तीन कॉयन गिफ्ट कार्ड खरीदे गए थे।
शाहजहांपुर के एक युवक को लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी में एक बारात के दौरान हर्ष फायरिंग में गोली लग गई। मंगलवार रात हुई इस घटना में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद उसे शाहजहांपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज लाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। यह बारात शाहजहांपुर के सिंधौली थाना क्षेत्र के एक गांव से लखीमपुर के मोहम्मदी क्षेत्र के एक गांव गई थी। शादी समारोह में पहुंचने के बाद हर्ष फायरिंग की गई। इसी दौरान अचानक गोली दूल्हे के भाई के गले के निचले हिस्से में जा लगी। घटना के बाद शादी में भगदड़ मच गई। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गोली किसने चलाई और वह किस पक्ष से संबंधित था। हर्ष फायरिंग के दौरान लगी गोली घायल युवक को परिजन तुरंत राजकीय मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजनों ने इस संबंध में पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी है। उन्होंने कहा कि हर्ष फायरिंग में गोली चली है और इसमें किसी की कोई गलती नहीं है। डॉक्टर मेहराज अहमद ने बताया कि एक युवक को गोली लगने की हालत में मोहम्मदी से लाया गया था। परिजनों ने बताया कि शादी में हर्ष फायरिंग के दौरान उसे गोली लगी है। उसका इलाज किया गया। हालत गंभीर होने पर उसको रेफर किया गया है।
डूंगरपुर के नेजपुर गांव में सोमनाथ महादेव और हनुमान मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव 2 और 3 मई को आयोजित होगा। इस आयोजन की तैयारियां नेजपुर की कुवैत कमेटी और स्थानीय ग्रामीणों द्वारा की जा रही हैं। कार्यक्रम में प्रदेश के कानून मंत्री जोगाराम पटेल सहित कई विधायकों के शामिल होने की संभावना है। मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कमेटी के सुनील पटेल सन्नाटा और कुवैत कमेटी के कांतिलाल पाटीदार व गजेंद्र पाटीदार ने बताया कि गांव में भगवान सोमनाथ महादेव और हनुमानजी का एक ऐतिहासिक मंदिर था। यह मंदिर पुराना होने के कारण जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच गया था। करीब नौ साल पहले कुवैत में कार्यरत गांव के युवाओं ने मंदिर के जीर्णोद्धार की योजना बनाई। इन युवाओं ने अपनी कमाई का एक हिस्सा मंदिर के लिए इकट्ठा करना शुरू किया। नौ वर्षों में उन्होंने 15 लाख रुपए से अधिक का फंड जुटाया। फंड इकट्ठा होने के बाद मंदिर के निर्माण कार्य की नींव रखी गई। अब जीर्णोद्धार का कार्य पूरा हो चुका है और मंदिर अपने नए स्वरूप में तैयार है। दो दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत 2 मई को पहले दिन मंदिर में पूजा-अर्चना के आयोजन होंगे। इसके बाद शाम को मूर्तियों की शोभायात्रा निकाली जाएगी और रात में भजन-कीर्तन का कार्यक्रम होगा। अगले दिन 3 मई को मंदिर पर शिखर प्रतिष्ठा के साथ पूर्णाहुति और महाप्रसाद का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर कमेटी के मुकेश पाटीदार, रमेश पाटीदार, रामलाल पाटीदार, चिराग पाटीदार, मनोज पाटीदार, सुशील पाटीदार, प्रिंस पाटीदार, जितेंद्र पाटीदार सहित कई पदाधिकारी तैयारियों में जुटे हुए हैं।
संभल के श्रीकल्कि धाम में आयोजित श्रीकल्कि जयंती कार्यक्रम से रवाना होते हुए प्रेमेश्वर पीठाधीश्वर सतीशचार्य महाराज ने बागेश्वर धाम बाबा के 'चार बच्चे' वाले बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि प्रत्येक परिवार में चार बच्चे नहीं होंगे, तो चाचा, ताऊ, मौसी, बुआ जैसे कई रिश्ते विलुप्त हो जाएंगे। सतीशचार्य ने यह भी तर्क दिया कि धर्म की रक्षा के लिए यदि एक व्यक्ति घर से निकलता है, तो इससे देश का भी संवर्धन होता है। सतीशचार्य महाराज ने सुझाव दिया कि देश का एक बच्चा सिपाही बने, दूसरा मिलिट्री में जाए और तीसरा अच्छे कामों में लगे। उन्होंने धर्म को भी एक व्यवस्था और 'मिलिट्री' बताते हुए कहा कि यह एक अच्छा विचार है और हर हिंदू को इस पर विचार करना चाहिए। विरोध करने वालों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के पास कोई काम नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि अच्छे विचारों का स्वागत किया जाना चाहिए, क्योंकि शिक्षित और अच्छे विचारक लोग सकारात्मक चीजों का समर्थन करते हैं। उनके अनुसार, विरोध करने का अर्थ है कि व्यक्ति को कुछ आता-जाता नहीं है। महिला आरक्षण बिल पर बोलते हुए सतीशचार्य ने कहा कि महिलाओं, बेटियों और माताओं को आगे आने देना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि मां, बहन और बेटी के बिना विश्व में कुछ भी संभव नहीं है। उनका मानना है कि महिलाओं का प्रतिनिधित्व निश्चित रूप से बढ़ना चाहिए और उन्हें आगे लाना ही होगा। उन्होंने कहा कि यदि भारत को विश्व की सबसे बड़ी शक्ति बनना है, तो नारी शक्ति के बिना यह संभव नहीं होगा। सतीशचार्य ने यह भी दावा किया कि महिला आरक्षण का चुनावों पर सीधा असर पड़ेगा, क्योंकि देश में माताएं निर्णायक भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि माताएं जो चाहती हैं, बच्चे वही करते हैं, और भारत में धरती तथा देश को भी मां का दर्जा दिया जाता है। इसलिए, नारी वंदन मातृत्व का सम्मान है। पश्चिम बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी पर हो रही टिप्पणी को लेकर विपक्षी विरोध पर कहा कि वो देशकाल परिस्थिति है, कौन क्या कह रहा है। मुझे लगता है राजनीति में किसी भी विपक्ष को गलत कहने से ज्यादा अच्छा है, अपनी लाइन बड़ी खींचें। जो भी किसी की बुराई कर रहा है, गलत कर रहा है, अच्छी बात नहीं है।
फर्रुखाबाद में भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभाकांत मिश्रा ने आरोप लगाया है कि उन्हें मंगलवार शाम से उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया है। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सात सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन देने के लिए हरदोई जाने की तैयारी में थे। प्रधानमंत्री हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे का शुभारंभ करने पहुंचे हैं। प्रभाकांत मिश्रा ने बताया कि उनके घर के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अन्य पदाधिकारियों को भी अलग-अलग स्थानों पर नजरबंद किया गया है, ताकि वे हरदोई न जा सकें। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मिश्रा ने बताया कि वे प्रधानमंत्री को किसानों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं से अवगत कराना चाहते थे। उनके ज्ञापन में मुख्य रूप से सात प्रमुख मांगें शामिल थीं। पहली मांग नगर पंचायत खीमसेपुर के माजरा नंद गांव से संबंधित है। यहां आबादी क्षेत्र में लिंक एक्सप्रेसवे का कट बनाया जा रहा है, जिससे कई लोगों के मकान प्रभावित हो रहे हैं। किसान यूनियन की मांग है कि इस कट को आबादी क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित किया जाए। सर्किल रेट को बराबर करने की मांग दूसरी मांग कृषि भूमि के सर्किल रेट से जुड़ी है। नगर पंचायत मोहम्मदाबाद में कृषि के सर्किल रेट अधिक हैं, जबकि नगर पंचायत खीमसेपुर में ये कम हैं। इस असमानता के कारण खीमसेपुर के किसानों को नुकसान हो रहा है। यूनियन ने सर्किल रेट को बराबर करने की मांग की है। तीसरी प्रमुख मांग आलू किसानों के लिए है। जनपद में आलू का अधिक उत्पादन होता है, लेकिन किसानों को इसका उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। यूनियन ने फर्रुखाबाद के आलू को बाहर भेजने की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि किसानों को बेहतर दाम मिल सकें। प्रभाकांत मिश्रा ने कहा कि नजरबंद किए जाने के बावजूद वे ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने लिंक एक्सप्रेसवे और सर्किल रेट से संबंधित मुद्दों पर प्रधानमंत्री से सीधे बात करने की इच्छा व्यक्त की थी। इस दौरान बड़ी संख्या में पदाधिकारी भी मौजूद रहे। वहीं घर के बाहर कादरी गेट थानाध्यक्ष सहित अन्य पुलिस बल भी मौजूद रहा।
गांव-गांव पहुंचेगा विकास का रथ:बूंदी में ‘ग्राम रथ अभियान’ शुरू, योजनाओं का लाभ अब घर-घर तक
बूंदी जिले में मंगलवार से राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी ‘ग्राम रथ अभियान’ की शुरुआत हो गई। अभियान का मकसद ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें लाभान्वित करना है। इसी क्रम में जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव ने बूंदी विधानसभा क्षेत्र के गुढानाथावतान में आयोजित संध्या चौपाल में पहुंचकर ग्रामीणों से संवाद किया, सुझाव सुने और योजनाओं की जानकारी दी। ग्रामीण विकास और जागरूकता पर फोकस राज्य सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। अक्सर जानकारी के अभाव, जटिल कागजी प्रक्रिया और दूरदराज क्षेत्रों में संसाधनों की कमी के कारण पात्र लोग योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। अब इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए ग्राम रथ अभियान शुरू किया गया है, ताकि हर गांव तक योजनाओं की जानकारी सीधे पहुंचे। सिर्फ प्रचार वाहन नहीं, जागरूकता का चलता-फिरता केंद्र प्रशासन के अनुसार, ग्राम रथ केवल प्रचार वाहन नहीं हैं, बल्कि ये जागरूकता और सशक्तिकरण के मोबाइल केंद्र हैं। ये रथ जिले के गांव-गांव, ढाणियों और दूरस्थ बस्तियों तक पहुंचकर राज्य सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दे रहे हैं। इन रथों के जरिए ग्रामीणों को योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और लाभ लेने के तरीके बेहद सरल भाषा में समझाए जा रहे हैं। ग्रामीणों की शंकाओं का मौके पर समाधान अभियान के तहत रथों के साथ मौजूद कर्मचारी ग्रामीणों की समस्याएं सुन रहे हैं और मौके पर ही समाधान भी बता रहे हैं। लोगों को आवेदन की सही प्रक्रिया, ऑनलाइन सेवाओं और जरूरी दस्तावेजों के बारे में मार्गदर्शन दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। हर विधानसभा क्षेत्र में लगेगी संध्या चौपाल ग्राम रथ अभियान के तहत प्रतिदिन प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की एक पंचायत में संध्या चौपाल आयोजित की जाएगी। इसमें प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी ग्रामीणों से सीधा संवाद करेंगे। गुढानाथावतान में आयोजित चौपाल में भी ग्रामीणों ने अपनी बात रखी, सुझाव दिए और योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर बोले- योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लें जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव ने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और कहा कि ग्राम रथों के जरिए दी जा रही जानकारी का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का फायदा लेकर अपने परिवार और गांव के विकास में भागीदार बनें। सुशासन की दिशा में बड़ा कदम प्रशासन का मानना है कि यह अभियान सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। ग्राम रथों के माध्यम से योजनाओं की जानकारी सीधे आमजन तक पहुंचेगी, जिससे अधिक से अधिक पात्र लोगों को लाभ मिल सकेगा।
जौनपुर के बक्शा थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह उपभोक्ताओं ने 33/11 के.वी. विद्युत उपकेंद्र बक्शा का घेराव किया। भीषण गर्मी और लगातार बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। क्षेत्र में पिछले चार दिनों से बिजली व्यवस्था बाधित है। उमरपुर, चकपटैला, शिवगुलामगंज और दुबेचक सहित कई गांव प्रभावित हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि ट्रांसफार्मर खराब होने और भूमिगत केबल में खराबी के कारण बिजली आपूर्ति ठप है। शिवगुलामगंज बाजार में स्थिति विशेष रूप से खराब बताई गई है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि चार दिनों से बिजली गुल होने के बावजूद उनके स्मार्ट मीटर में बिजली बिल बन रहे हैं। सभी उपभोक्ताओं के मोबाइल फोन पर बिल के मैसेज भी आ रहे हैं। उन्होंने विभाग पर केवल आश्वासन देकर खानापूर्ति करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों और ग्राम प्रधानों ने बक्शा के जेई सुरेंद्र कुमार यादव पर फोन न उठाने और समय पर पावर हाउस पर अनुपस्थित रहने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना है कि जेई सुरेंद्र कुमार यादव ट्रांसफार्मर का तेल चोरी दिखाकर पैसे बचाने के लिए चार दिनों से नया ट्रांसफार्मर नहीं लगवा रहे हैं। जेई की लापरवाही पर नाराजगी इस मामले पर बक्शा के जेई सुरेंद्र कुमार यादव और क्षेत्रीय लाइनमैन ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। उपभोक्ताओं ने जेई की लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ग्राम प्रधान विजय बहादुर यादव ने बताया कि चार दिन से बिजली न होने के कारण जनता में भारी आक्रोश है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि आज ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू करेंगे।
रायपुर के अभनपुर क्षेत्र स्थित मां मातंगी दिव्य धाम के पीठाधीश्वर डॉ. प्रेमासाई जी महाराज को व्हाट्सएप के जरिए जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। उन्होंने थाना अभनपुर में लिखित शिकायत देकर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और अपनी व परिवार की सुरक्षा की मांग की है। पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए जांच शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार, डॉ. प्रेमासाई महाराज धर्म, समाज, लव जिहाद और धर्मांतरण जैसे विषयों पर लगातार प्रवचन देते रहे हैं। उनके नेतृत्व में हिंदू एकता शोभायात्रा, हिंदू जगाओ शोभायात्रा और दिव्य दरबार जैसे बड़े आयोजन होते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। केरल यात्रा के दौरान मिली धमकी, परिवार को भी निशाना बनायाशिकायत में बताया गया है कि 10 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 12:40 बजे, जब वे परिवार के साथ केरल में निजी यात्रा पर थे, उसी दौरान उनके व्हाट्सएप नंबर पर एक अज्ञात व्यक्ति ने अश्लील गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। आरोपी ने उनके साथ-साथ पूरे परिवार को नुकसान पहुंचाने की बात भी कही। जम्मू-कश्मीर से जुड़ा नंबर, आरोपी की पहचान की मांगबताया जा रहा है कि संबंधित मोबाइल नंबर की प्रारंभिक जांच में वह जम्मू-कश्मीर क्षेत्र से जुड़ा प्रतीत हो रहा है और ट्रूकॉलर पर ‘हिलाल बानी’ नाम सामने आया है। पीड़ित के अनुसार, उन्हें पहले भी इस तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। उन्होंने प्रशासन से आरोपी की जल्द पहचान कर सख्त कार्रवाई और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय में बुधवार को सोनोग्राफी कक्ष बंद रहने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह 7 बजे से ही सोनोग्राफी के लिए आए मरीज और उनके परिजन घंटों इंतजार करते रहे। सुबह 10 बजे तक भी सोनोग्राफी कक्ष का ताला नहीं खुला। दूर-दराज के गांवों से आई गर्भवती महिलाएं और बुजुर्ग बिना किसी सूचना के इंतजार करते रहे। पथरी और पेट दर्द से पीड़ित मरीज अस्पताल के बरामदे में असुविधा महसूस कर रहे थे। जांच करने पर पता चला कि सोनोग्राफी डॉक्टर के अवकाश पर होने के कारण कक्ष बंद था। हालांकि, अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीजों के लिए कोई पूर्व सूचना या नोटिस चस्पा नहीं किया गया था।इस स्थिति के कारण मरीजों को मजबूरन निजी केंद्रों से सोनोग्राफी करवानी पड़ी, जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ा।
नाव पलटने से बालक नदी में डूबा, मौत:गाजीपुर में खेत से घर लौटते समय हादसा, अस्पताल में मृत घोषित
गाजीपुर जिले के जमानियां स्थित ताड़ीघाट मल्लाह बस्ती निवासी एक 12 वर्षीय छात्र की बुधवार को गंगा नदी में डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान आकाश चौधरी के रूप में हुई है। इस घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजनों ने बताया कि आकाश चौधरी गंगबरार क्षेत्र से नाव से अपने घर लौट रहा था। बीच नदी में अचानक नाव अनियंत्रित हो गई, जिससे आकाश संतुलन खोकर गहरे पानी में गिर गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे नदी से बाहर निकाला और तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के पिता प्रेमचंद, जो पेशे से मजदूर हैं, ने जानकारी दी कि आकाश उनके दो बेटों में सबसे छोटा था। वह गांव के एक विद्यालय में कक्षा दो का छात्र था। प्रेमचंद ने बताया कि परिवार के भरण-पोषण के लिए वे गंगबरार क्षेत्र में सब्जियों की खेती करते हैं। आकाश उसी खेती की देखरेख के बाद नाव से घर लौट रहा था, तभी यह हादसा हुआ। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की और पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ताड़ीघाट मल्लाह बस्ती में इस घटना के बाद शोक का माहौल है। तहसीलदार रामनारायण वर्मा ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि गंगा में डूबने से एक किशोर की मृत्यु हुई है। प्रशासन की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है और पीड़ित परिवार को जल्द ही आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
सोनीपत के खरखौदा की अनाज मंडी में अव्यवस्था और लापरवाही की पोल खोल दी। समय पर गेहूं का उठान न होने के कारण मंडी में खुले में पड़ा हजारों कट्टों का अनाज भीग गया, जिससे आढ़तियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। आढ़तियों का कहना है कि अगर समय रहते उठान हो जाता तो यह स्थिति नहीं बनती। अब उन्हें भीगे हुए गेहूं को दोबारा सुखाने और अतिरिक्त मजदूरी देने की दोहरी मार झेलनी पड़ेगी। इस घटना ने मंडी प्रबंधन, खरीद एजेंसियों और ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बारिश में भीगे हजारों कट्टे गेहूं रोहताश दहिया ने बताया खरखौदा की मंडी में उठान में देरी के कारण करीब 35 से 40 आढ़तियों के लगभग हजारों गेहूं के बैग बारिश में भीग गए। खुले में रखा अनाज पूरी तरह भीगने से उसकी गुणवत्ता पर भी असर पड़ा है। आढ़तियों को दोहरी मार: नुकसान और बढ़ा खर्च आढ़तियों का कहना है कि अब उन्हें भीगे गेहूं को सुखाने के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने होंगे और मजदूरों को दोबारा भुगतान करना पड़ेगा। इससे लागत बढ़ गई है और मुनाफा घटने का खतरा है।36 नंबर दुकान के आढ़ती ने बताया कि उसके 25,000 कट्टों का उठान होना था, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते केवल 8,000 कट्टे ही उठाए गए। बाकी गेहूं खुले में पड़ा रहा और बारिश में भीग गया। मंडी प्रधान का बयान मंडी प्रधान नरेश कुमार के अनुसार गेहूं उठान और ट्रांसपोर्टर की उपलब्धता में देरी इस नुकसान की सबसे बड़ी वजह है। समय पर वाहन न मिलने के कारण अनाज मंडी में ही पड़ा रह गया। खरखौदा अनाज मंडी के पूर्व अध्यक्ष रोहताश दहिया ने कहा कि किसान द्वारा फसल का वजन होने के बाद अनाज आढ़तियों के जिम्मे होता है। बारिश के कारण दुकानदारों को भारी नुकसान हुआ है, जिसके लिए खरीद एजेंसी की लापरवाही जिम्मेदार है। ठेकेदार पर वाहनों की कमी का आरोप रोहतास दहिया ने आरोप लगाया कि उठान कार्य के लिए लगाए गए ठेकेदार के पास पर्याप्त वाहन नहीं हैं। इसी वजह से समय पर उठान नहीं हो पाया और मंडी में अनाज भीग गया। मामले में यह भी आरोप लगाए गए हैं कि गेहूं की बोरियों से अनाज निकाला जा रहा है, जिससे वजन कम हो जाता है। ड्राइवर और ठेकेदार की मिलीभगत से यह खेल चल रहा है। गाड़ी से अनाज और बारदाना बरामद आढ़तियों ने दावा किया कि एक गाड़ी से अनाज और बारदाना बरामद किया गया है। इस मामले में संबंधित अधिकारियों को शिकायत भी दी गई है और जांच की मांग उठाई गई है। आढ़तियों ने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत गेहूं का उठान कराया जाए और हुए नुकसान की भरपाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
हरियाणा के हांसी शहर में गल देवी अस्पताल के नजदीक स्थित दुर्गा माता मंदिर में चोरी की घटना सामने आई है। चोरों ने मंदिर के मुख्य गेट का ताला तोड़कर दानपात्र, इनवर्टर और बैटरी चुरा ली। चोरी का पता बुधवार सुबह तब चला जब पुजारी पूजा करने के लिए मंदिर आए। मंदिर के पुजारी वेद शर्मा ने बताया कि मंगलवार शाम करीब 8 बजे उन्होंने मंदिर का मुख्य गेट बंद किया था। बुधवार सुबह लगभग 6 बजे जब वह मंदिर पहुंचे, तो गेट का ताला टूटा हुआ मिला। अंदर देखने पर मंदिर का सामान बिखरा हुआ था और दानपात्र खाली पड़ा था। आठ फीट ऊंचाई पर रखी थी बैटरी चोरों ने दानपात्र में रखी नकदी के साथ-साथ दुर्गा माता की मुख्य मूर्ति के सामने चढ़ावे के रूप में रखे पैसे भी चुरा लिए। इसके अतिरिक्त, मंदिर में कुछ समय पहले लगाया गया इनवर्टर और उसकी बैटरी भी चोरी हो गई। इनवर्टर और बैटरी जमीन से लगभग 8 फीट की ऊंचाई पर रखे थे, जिन्हें उतारने के लिए चोरों ने मंदिर में रखे 3 फीट ऊंचे लोहे के बेंच का इस्तेमाल किया। मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे होने के कारण चोरी की घटना का कोई फुटेज उपलब्ध नहीं है। हालांकि, पुलिस आसपास की दुकानों पर लगे कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि चोरों का सुराग मिल सके। कई बार हो चुकी चोरी की घटनाएं घटना की सूचना मिलने पर बस स्टैंड चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुजारी वेद शर्मा ने बताया कि मंदिर में पहले भी कई बार चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अभी तक आरोपी पकड़े नहीं गए हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द चोरों को गिरफ्तार करने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने भी मंदिर की सुरक्षा बढ़ाने की मांग उठाई है।
कुशीनगर जिले की हाटा विधानसभा सीट पर भाजपा पार्टी विधायक मोहन वर्मा को जनता ने पसंद नहीं किया है। भास्कर के सर्वे में 64% जनता का मत है कि इन्हें टिकट नहीं मिलना चाहिए। हालांकि भाजपा में उम्मीदवार के रूप में पहली पसंद मोहन वर्मा हैं। सर्वे में पार्टी वरीयता के मामले में सबसे पहली पसंद भाजपा की है। दूसरे नंबर पर सपा, तीसरे नंबर पर बसपा है, जबकि चौथे नंबर पर कांग्रेस है। पार्टीवार देखें तो भाजपा में पहली पसंद मोहन वर्मा हैं। उन्हें 31% लोगों ने पसंद किया है। पूर्व विधायक पवन केडिया को 21% लोगों का समर्थन मिला है। इसके अतिरिक्त, अभय राव को 9%, जेपी शाही को 6% और अन्य उम्मीदवारों को 33% लोगों ने पसंद किया है। समाजवादी पार्टी को कुल 22% समर्थन प्राप्त हुआ है। पार्टी के भीतर रणविजय सिंह उर्फ मोहन सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभरे हैं, जिन्हें 62% लोगों ने पसंद किया है। वीरेंद्र सिंह सैंथवार को 18%, अजय उर्फ पिंटू सिंह को 8% और अन्य उम्मीदवारों को 12% लोगों का समर्थन मिला है। बहुजन समाज पार्टी को 4% लोगों का समर्थन मिला है। पार्टी के भीतर देवेंद्र सिंह और जयप्रकाश को 26-26% लोगों ने पसंद किया है, जबकि जावेद खान को 13% और अन्य को 35% लोगों का समर्थन प्राप्त हुआ है। कांग्रेस का जनाधार काफी कमजोर रहा, जिसे लगभग 2% वोट मिले। कांग्रेस में अमरेंद्र मल्ल को 69% और अन्य को 31% लोगों ने पसंद किया है।
जगराओं के करनैल गेट इलाके में बुधवार सुबह एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान गुरविंदर सिंह के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही बस स्टैंड चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है। थाना सिटी के बस स्टैंड चौकी इंचार्ज आत्मा सिंह ने बताया कि पुलिस को करनैल गेट की गली नंबर-1 में एक युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने की सूचना मिली थी। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक गुरविंदर सिंह अपने भाई और बहन के साथ करनैल गेट की गली नंबर-1 में एक किराए के मकान में रहता था। पुलिस जांच में जुटी मंगलवार रात तीनों ने साथ खाना खाया और सो गए थे। बुधवार सुबह जब भाई-बहन जागे, तो उन्होंने गुरविंदर सिंह को फंदे से लटका पाया। पुलिस के अनुसार, मृतक की मां खन्ना शहर में रहती हैं। उनके आने के बाद शव का पोस्टमार्टम और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए जांच कर रही है।
हाईकोर्ट ने आसाराम को 25 मई तक जमानत दी:मेडिकल ग्राउंड पर बढ़ाई, 6 मई को खत्म हो रही थी अवधि
राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम की अंतरिम जमानत अवधि 25 मई तक बढ़ा दी है। पहले आसाराम की जमानत अवधि 6 मई को खत्म हो रही थी। आसाराम ने जमानत अवधि बढ़ाने के लिए हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र लगाया था। उस प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और जस्टिस संगीता शर्मा की बेंच ने आसाराम की जमानत अवधि को मेडिकल ग्राउंड पर 25 में तक बढ़ाने के निर्देश दिए। आसाराम की ओर से पैरवी करते हुए उनके अधिवक्ता यशपाल राजपुरोहित ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हाईकोर्ट उनकी अपील पर सुनवाई पूरी करके फैसला सुरक्षित रख चुका है। हमारा इलाज अभी जारी है ऐसे में इलाज पूरा होने तक जमानत की अवधि बढ़ाई जाए।
खंडवा जिले के मूंदी थाना क्षेत्र में एक 32 वर्षीय आंगनवाड़ी सहायिका के साथ बंधक बनाकर दुष्कर्म किया गया है। 24 अप्रैल की रात 22 वर्षीय रिश्तेदार युवक ने महिला के साथ रेप किया और मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी। मामले में 28 अप्रैल को शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने बुधवार सुबह आरोपी शिवकुमार को गिरफ्तार कर लिया है, जिसे आज दोपहर तक कोर्ट में पेश किया जाएगा। 24 अप्रैल की रात बंधक बनाकर की वारदात पुलिस के अनुसार, पीड़िता (32) शादीशुदा है और दो बच्चों की मां है। वह महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत आंगनवाड़ी केंद्र पर सहायिका के रूप में काम करती है। महिला का आरोप है कि 24 अप्रैल की रात 10 से 12 बजे के बीच एक रिश्तेदार युवक ने उसे घर में बंधक बना लिया। इसके बाद आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी। 4 दिन बाद दर्ज कराई FIR, आरोपी गिरफ्तार वारदात के बाद महिला ने किसी तरह आरोपी के चंगुल से छूटकर घर जाकर पति को घटना की जानकारी दी। घटना के चार दिन बाद 28 अप्रैल को पीड़िता ने बीड़ पुलिस चौकी पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। महिला एसआई ने पीड़िता के बयान दर्ज कर एफआईआर दर्ज की। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बुधवार सुबह आरोपी को दुष्कर्म, बंधक बनाने और धमकाने की धाराओं में गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के बीच अफेयर और पारिवारिक विवाद की बात आई सामने जानकारी के अनुसार, आरोपी बेरोजगार है और पीड़िता से 10 साल छोटा है। दोनों एक-दूसरे के परिचित हैं। दुष्कर्म की इस घटना से पहले दोनों के बीच अफेयर होने की बात भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि इस अफेयर की भनक महिला के पति को लग गई थी, जिसे लेकर महिला का अपने परिवार में पहले भी विवाद हो चुका है।
पंचकूला में मिला अज्ञात युवक का शव:पुल नीचे के नीचे मिला, सिर व कंधे पर चोट के निशान, हत्या की आशंका
हरियाणा के पंचकूला में पुल के नीचे एक युवक का शव मिला है। जिसकी शिनाख्त अभी नहीं हो पाई है। पुलिस शव की शिनाख्त के लिए प्रयास कर रही है। प्रारंभिक जांच में पुलिस हत्या का मामला मानकर चल रही है। पंचकूला के रायपुर रानी थाना के गांव खेतपुराली में पुल के नीचे शव पड़ा हुआ मिला है। जिस जगह से शव मिला है, वहां से पुल की ऊंचाई करीब 100 फीट है। ऐसे में पुलिस मानकर चल रही है कि किसी ने इसे ऊपर से फैंककर मारा है या फिर हत्या के बाद पुल से फैंका गया है। सिर पर गहरा घाव, पेट-छाती पर घसीटने के निशानमृतक पाए गए युवक के सिर व लेफ्ट साइड के कंधे पर चोट के गहरे निशान हैं। वहीं चेहरे पर भी 2 चोट के निशान मिले हैं। वहीं कमर व छाती-पेट पर रगड़-घिसट के निशान बने हुए हैं। जिससे मामला संदिग्ध बना हुआ है। पुलिस आसपास के गांवों में मृतक की शिनाख्त के लिए प्रयास में जुटी हुई है। शव की शिनाख्त के बाद हत्या की वजह सामने आएगी। र
गुरुग्राम में लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए 9 मई को जिला न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की चेयरमैन वाणी गोपाल शर्मा के मार्गदर्शन में होगा। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राकेश कादियान इसका नेतृत्व करेंगे। राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आमजन को सस्ता, सुलभ और शीघ्र न्याय उपलब्ध कराना है। इसके तहत विभिन्न प्रकार के मामलों का आपसी सहमति से समाधान किया जाएगा, जिससे लोगों को लंबे समय तक अदालती चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सीजेएम राकेश कादियान ने आमजन से अपील की है कि वे इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।इन मामलों को होगा निपटारा इस लोक अदालत में ट्रैफिक चालान, बैंक रिकवरी, मोटर वाहन दुर्घटना दावे, पारिवारिक विवाद और दीवानी मामले शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, जमानती फौजदारी केस, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण, बिजली-पानी बिल से जुड़े विवाद, राजस्व प्रकरण और अन्य छोटे-मोटे मामलों का भी निपटारा किया जाएगा।
शाजापुर में बुधवार को मौसम के तेवर नरम पड़े, जिससे तापमान में दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। पश्चिमी विक्षोभ के कारण आसपास के जिलों में हुई बारिश और हवाओं की दिशा में बदलाव से लोगों को गर्मी से तत्काल राहत मिली है। इससे पहले, शाजापुर के लोग 43 से 44 डिग्री की भीषण गर्मी का सामना कर रहे थे। दिन और रात दोनों समय असहनीय गर्मी थी, जिससे लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। रात में भी गर्म हवाओं के कारण उन्हें तपिश झेलनी पड़ रही थी। दो दिनों से बारिश के बाद गर्मी का असर सोमवार रात और मंगलवार को आसपास के जिलों में हुई बारिश के बाद गर्मी का असर कम हुआ। मंगलवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री से घटकर 42 डिग्री पर आ गया। हवाओं की दिशा भी उत्तर-पश्चिमी से बदलकर पश्चिमी हो गई, जिससे गर्मी का प्रभाव और कम हुआ। हालांकि, रात का तापमान बढ़कर 26 डिग्री दर्ज किया गया। अगले दो से तीन दिनों तक मौसम ऐसा ही रहेगा मौसम विशेषज्ञ सत्येंद्र धनोतिया ने बताया कि अगले दो से तीन दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। उन्होंने अनुमान लगाया कि गुरुवार को तापमान और गिरकर 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, और यह अगले कुछ दिनों तक इसी स्तर पर बना रहेगा। हालांकि, रात के तापमान में अधिक बदलाव की संभावना नहीं है।
गोरखपुर पुलिस ने देवरिया में मारा छापा:दो दर्जन से अधिक संदिग्ध युवक हिरासत में, मोबाइल जब्त
देवरिया में गोरखपुर पुलिस और एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) की टीम ने मंगलवार देर रात एक बड़ी कार्रवाई की। सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के सोमनाथ नगर मोहल्ले में मुस्लिम अंसारी के मकान पर छापा मारा गया। इस दौरान दो दर्जन से अधिक संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया गया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, मंगलवार देर रात कई पुलिस वाहन अचानक मोहल्ले में पहुंचे। उन्होंने मकान को चारों ओर से घेर लिया, जिसके बाद गोरखपुर पुलिस और एसओजी टीम ने अंदर सघन तलाशी अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान कई युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए गोरखपुर ले जाया गया। पुलिस ने मौके से एक दर्जन से अधिक मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। बताया जा रहा है कि हिरासत में लिए गए अधिकांश युवक ऑनलाइन कार्य या किसी संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस सभी संदिग्धों को गोरखपुर ले गई है, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह मकान पहले भी कई बार पुलिस की जांच के दायरे में आ चुका है। पूर्व में भी यहां छापेमारी हो चुकी है, जिसके कारण इलाके में इस मकान को लेकर पहले से ही तरह-तरह की चर्चाएं होती रही हैं। इस कार्रवाई की भनक सदर कोतवाली पुलिस को पहले से नहीं लगी थी। गोरखपुर पुलिस और एसओजी टीम ने पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दी। इस घटना से स्थानीय पुलिस की सक्रियता पर भी सवाल उठने लगे हैं। देर रात तक पुलिस की ओर से आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि छापेमारी किस मामले में की गई है। हिरासत में लिए गए युवक किस गतिविधि से जुड़े हैं, यह भी अभी तक साफ नहीं है। सूत्रों के अनुसार, मामला साइबर ठगी, संगठित अपराध या किसी संदिग्ध नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। फिलहाल, पुलिस सभी संदिग्ध युवकों से पूछताछ कर रही है। इस मामले को लेकर पूरे शहर में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
हापुड़ में कसेरा एसोसिएशन ने वरिष्ठ व्यापारी नेता स्वर्गीय नरेश चंद्र अग्रवाल 'नेता जी' की पंचम पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई। भगवान महावीर मार्ग स्थित कसेरठ बाजार में सुधीर जैन टप्पू के प्रतिष्ठान पर आयोजित कार्यक्रम में व्यापारियों ने पुष्पांजलि अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। हापुड़ उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष विजेंद्र पंसारी ने कहा कि नरेश अग्रवाल ने व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए जीवनभर संघर्ष किया, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक एवं सांसद प्रतिनिधि विनोद गुप्ता ने बताया कि 'नेता जी' ने अपने परिवार से ऊपर व्यापारियों के हितों को रखा। उन्होंने हर संघर्ष में अग्रणी भूमिका निभाई और व्यापारी समाज को एकजुट कर कई बड़े आंदोलन खड़े किए। कसेरा एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप जैन ने कहा कि 'नेता जी' का असमय निधन व्यापारिक समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने संकल्प लिया कि उनके पदचिह्नों पर चलकर व्यापारी हितों की लड़ाई जारी रखी जाएगी। वरिष्ठ मंत्री योगेंद्र अग्रवाल (मोनू) ने कहा कि 'नेता जी' ने व्यापारियों को राहत दिलाने के लिए सैकड़ों संघर्ष किए, जिन्हें हमेशा याद रखा जाएगा। इस अवसर पर छबीली प्याऊ, ठंडाई, शरबत और समोसों का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने 'नेता जी' के व्यापारी हितों के लिए किए गए संघर्षों को याद किया और उन्हें व्यापारिक समाज का भामाशाह बताया। इस अवसर पर अमन गुप्ता, अशोक बबली, दिनेश गुप्ता, सोनू जैन, जितेंद्र कंसल, अंकुर गोयल, सचिन गोयल, गोविंद अग्रवाल, राजेश जैन, दीपांशु, सौरभ गोयल, अंकुर जिंदल, बबलू अग्रवाल सहित सैकड़ों व्यापारी मौजूद रहे।
बुलंदशहर के खुर्जा देहात क्षेत्र के गांव फतेहगढ़ में 22 अप्रैल की रात एक घर में 40 लाख रुपये की चोरी हुई। विजय शर्मा के मकान में हुई इस वारदात से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। चोरों ने उस समय घर में धावा बोला जब परिवार गहरी नींद में सो रहा था। उन्होंने दरवाजे के ताले और कुंडी काटकर प्रवेश किया। इसके बाद संदूक के ताले तोड़कर करीब 15 तोला सोने के आभूषण, चांदी के सामान और अन्य कीमती वस्तुएं चुरा लीं। पीड़ित परिवार के अनुसार, कुल नुकसान लगभग 40 लाख रुपये का है। घटना के बाद पीड़ित विजय शर्मा ने खुर्जा देहात थाना में एक नामजद सहित अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेने के बाद छोड़ दिया, जिससे उनमें नाराजगी है। आरोपियों से सांठगांठ का आरोप इसी नाराजगी के चलते पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने मंगलवार को बुलंदशहर स्थित एसएसपी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने पुलिस पर आरोपियों से सांठगांठ का आरोप लगाते हुए जल्द गिरफ्तारी की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी का खुलासा नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस संबंध में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
गोरखपुर के व्यस्ततम इलाके गोलघर को जाम से राहत दिलाने के लिए प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। इसी कड़ी में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और जरूरी कदम उठाने की योजना बनाई। एसपी ट्रैफिक और अपर नगर आयुक्त ने किया सर्वे ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एसपी ट्रैफिक अमित कुमार श्रीवास्तव और अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार सिंह ने कचहरी चौराहे से लेकर गोलघर चौराहे तक पूरे इलाके का सर्वे किया। इस दौरान उन्होंने खास तौर पर पार्किंग व्यवस्था का निरीक्षण किया और देखा कि कहां-कहां वाहन खड़े होने से जाम की स्थिति बन रही है। अधिकारियों ने पाया कि अव्यवस्थित पार्किंग और सड़क किनारे खड़े ठेले-खोमचे जाम का बड़ा कारण हैं। इसी वजह से नो वेंडर जोन में खड़े दुकानदारों को वहां से हटने के निर्देश दिए गए। उन्हें वैकल्पिक स्थान पर जाने के लिए भी कहा गया, ताकि सड़कें खाली रहें और यातायात सुचारू रूप से चल सके। इस सर्वे के दौरान गोलघर व्यापार मंडल के अध्यक्ष अभिषेक शाही, गोरखपुर मोबाइल इलेक्ट्रॉनिक्स के अध्यक्ष नवीन कुमार चौरसिया, राजेश चंद कौशिक, सुनील गुप्ता समेत कई व्यापारी नेता भी मौजूद रहे। व्यापारियों ने भी इलाके की छोटी-बड़ी समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा, जिनमें पार्किंग की कमी, सड़क पर अतिक्रमण और भीड़भाड़ प्रमुख मुद्दे रहे। अधिकारियों ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। साथ ही, यह भी कहा गया कि ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए प्रशासन, व्यापारी और आम जनता सभी को मिलकर सहयोग करना होगा। इससे पहले शनिवार को बैठक में लिया गया फैसला गोरखपुर के प्रमुख बाजार गोलघर में शनिवार को व्यापारियों और प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का नेतृत्व गोलघर व्यापार मंडल के अध्यक्ष अभिषेक शाही और संयुक्त व्यापार मंडल के संयोजक रमेश चंद्र गुप्त ने किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य बाजार क्षेत्र में व्यापारियों को हो रही समस्याओं का समाधान निकालना था। बैठक की शुरुआत में व्यापार मंडल के संयोजक राजा त्रिपाठी ने व्यापारियों की समस्याओं को क्रमवार तरीके से प्रशासन के सामने रखा। इसके बाद अन्य व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी-अपनी समस्याएं साझा कीं। खास तौर पर बाजार में बढ़ती भीड़ और अव्यवस्थित ठेले-खोमचे को लेकर चिंता जताई गई। व्यापारियों ने मांग की कि गोलघर क्षेत्र से अनधिकृत ठेले और खोमचे हटाए जाएं, ताकि बाजार में व्यवस्था बनी रहे। संयुक्त व्यापार मंडल की ओर से यह भी सुझाव दिया गया कि बाहर से आने वाले ग्राहकों और आसपास रहने वाले बुजुर्गों की सुविधा के लिए सीमित संख्या में ई-रिक्शा चलने की अनुमति दी जाए। वहीं, व्यापार मंडल के अध्यक्ष अभिषेक शाही ने मांग रखी कि व्हाइट लाइन के अंदर खड़ी गाड़ियों का चालान न किया जाए, खासकर जब वाहन निर्धारित सीमा में खड़े हों। प्रशासन ने क्या आश्वासन दिए व्यापारियों की सभी मांगों को सुनने के बाद प्रशासन ने सकारात्मक रुख अपनाया और कई प्रस्तावों पर सहमति दी। नगर निगम की ओर से अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार ने बताया कि— दुकानदारों और उनके कर्मचारियों के लिए रियायती दर पर मासिक पास की सुविधा दी जाएगी, जिसमें दोपहिया वाहनों को विशेष छूट मिलेगी। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद व्हाइट लाइन दोबारा बनाई जाएगी और उसी के अनुसार पार्किंग व्यवस्था लागू होगी। अवैध ठेले और खोमचे हटाने के लिए नियमित अभियान चलाया जाएगा। पार्किंग स्थलों के लिए दिशा बताने वाले बोर्ड अधिक संख्या में लगाए जाएंगे। दुकानदार अपने ग्राहकों को पार्किंग शुल्क के टोकन मुफ्त दे सकेंगे, जिस पर नगर निगम ने सहमति जताई। सीएम ग्रिड से जुड़े निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाएगा।ट्रैफिक व्यवस्था पर भी चर्चा ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। एसपी ट्रैफिक अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जब तक ई-रिक्शा के लिए अलग जोन तय नहीं हो जाता, तब तक कुछ हद तक ट्रैफिक अव्यवस्था बनी रह सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि व्हाइट लाइन के अंदर वाहन खड़ा करने को लेकर नगर निगम से सहमति बन गई है और ट्रैफिक पुलिस को इसके निर्देश दे दिए गए हैं। प्रमुख मांगें जिन पर बनी सहमति
हाथरस में 19 साल की युवती ने प्रेम प्रसंग में विवाद के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना मंगलवार रात की है, जब युवती घर पर अकेली थी। मृतक युवती की पहचान आरती (19) के रूप में हुई है, जो बीएससी की छात्रा थी। उसके पिता योगेंद्र खेती-बाड़ी करते हैं। घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य दिल्ली में एक शादी समारोह में गए हुए थे। बताया जा रहा है कि आरती का कासगंज के पटियाली निवासी अपने ही दूर के रिश्तेदारी के एक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों के बीच अक्सर फोन पर बातचीत होती थी। बताते हैं कि किसी बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया, जिसके बाद आरती ने यह कदम उठाया। आरती के प्रेमी ने ही फोन पर उसके ताऊ की लड़की को घटना की सूचना दी। जब ताऊ की लड़की घर पहुंची, तो आरती फांसी के फंदे पर लटकी मिली। उसने तुरंत गांव के अन्य लोगों को इकट्ठा किया और परिवार को सूचित किया। परिवार के लोग भी दिल्ली से आ गए। मृतक युवती के भाई शोमेंद्र ने आरोप लगाया है कि यह युवक पिछले कुछ समय से उनकी बहन को परेशान (टॉर्चर) कर रहा था, जिसके चलते उनकी बहन ने आत्महत्या की है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। सीओ सिकंद्राराऊ आस्थाना ने बताया कि युवती ने फांसी लगाकर खुदकुशी की है और मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है।
प्रयागराज नगर निगम ने शहरवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। फाफामऊ घाट पर लगभग 1 करोड़ 26 लाख रुपये की लागत से निर्मित दूसरे विद्युत शवदाह गृह का लोकार्पण महापौर गणेश केसरवानी ने किया। यह सुविधा 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत स्थापित की गई है। इस नए शवदाह गृह के शुरू होने से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया अधिक सुगम, तेज और व्यवस्थित होगी। महापौर गणेश केसरवानी ने बताया कि यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है, क्योंकि यह पारंपरिक लकड़ी आधारित दाह संस्कार की तुलना में अधिक पर्यावरण अनुकूल है। महापौर ने लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि नागरिकों को हर स्तर पर सम्मानजनक सेवाएं प्रदान करना है। उन्होंने इस सुविधा को शहरवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। स्थानीय नागरिकों ने इस नई सुविधा का स्वागत करते हुए इसे जनहित में सराहनीय कदम बताया। लोगों का कहना है कि अब उन्हें अंतिम संस्कार के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी। फाफामऊ घाट पर स्थापित यह अत्याधुनिक विद्युत शवदाह गृह नवीन तकनीक से सुसज्जित है, जो कम समय में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करने में सक्षम है। इस अवसर पर अपर नगर आयुक्त अरविंद राय, मुख्य अभियंता संजय कटियार सहित नगर निगम के कई अधिकारी और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अजमेर संभाग के सबसे बड़े जेएलएन अस्पताल में चोरों का आतंक है। बुधवार को भी ओपीडी में भीड़ का फायदा उठा कर वारदात को अंजाम देते एक युवक को पकड़ लिया। जिसकी पिटाई कर दी। सूचना पर अस्पताल के प्राइवेट गार्ड और स्टाफ मौके पर इकट्ठे हुए और उसे अस्पताल पुलिस चौकी के हवाले किया गया। कोतवाली थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है। खानपुरा के रहने वाले अब्दुल ने बताया कि वह अपने दोहिते को दिखाने के लिए जेएलएन की ओपीडी में पहुंचे थे। जांच करवाने के दौरान एक युवक ने जेब से पैसे निकाल लिए। पैसे निकालते वक्त वह नीचे गिर गए। पास खड़े अन्य मरीज के परिजनों ने देख लिया। चोर को पकड़ा था और वह भाग गया। तभी थोड़ी देर बाद वापस एक अन्य संदिग्ध युवक वारदात कर रहा था, जिसे पकड़ लिया। इसके बाद चोर को पकड़ कर अस्पताल गार्ड और स्टाफ के हवाले किया गया। अस्पताल गार्ड ने उसे कोतवाली थाना पुलिस के हवाले किया है। कोतवाली थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है। 150 गार्ड, 10 लाख खर्च, फिर भी चोरी की वारदात अस्पताल में सुरक्षा के लिए प्लेसमेंट एजेंसी से डेढ़ सौ गार्ड तैनात हैं, जिन पर हर महीने 10 लाख रुपए से ज्यादा रुपए खर्च हो रहे हैं। इसके बावजूद पिछले 5 दिन पहले एसी के कॉपर वायर और पाइप चोरी कर लिए गए। 20 से ज्यादा एस के पाइप और कॉपर लाइन काट दिए गए। इस मामले में अस्पताल उपाध्यक्ष डॉ. अमित यादव की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर क्षेत्र के भीलगट्टी गांव में एक कुएं से सड़ी-गली हालत में एक युवक की लाश मिलने का मामला सामने आया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि शव करीब एक से डेढ़ महीने पुराना है, जो लंबे समय तक पानी में पड़े रहने के कारण पूरी तरह गल चुका था। लाश की हालत इतनी खराब थी कि मौके पर उसकी पहचान कर पाना संभव नहीं हो सका। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सिविल डिफेंस टीम की सहायता से शव को कुएं से बाहर निकलवाया गया। आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की गई, लेकिन तत्काल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई। इस बीच परिजनों की ओर से हत्या की आशंका जताई गई है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है। पोस्टमार्टम कर डीएनए सैंपल लिए गए शव को बाहर निकालने के बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे जिला हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया, जहां बुधवार को मेडिकल बोर्ड की निगरानी में पोस्टमार्टम किया गया। शव की प्रारंभिक रूप से पहचान लढेर गांव का निवासी पप्पू भील के रूप में हुई। मृतक के काका माधु लाल ने कपड़ों के आधार पर पहचान की, लेकिन पूरी तरह पुष्टि होने के कारण DNA सैंपल लिए गए। पुलिस का कहना है कि जब तक डीएनए जांच की रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक शव की पहचान को पूरी तरह पक्का नहीं माना जाएगा। इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि मृतक की मौत कैसे हुई। लापता पप्पू भील से जुड़ता मामला, परिवारिक हालात के कारण नहीं हुई तलाश भदेसर थानाधिकारी विनोद मेनारिया ने बताया कि यह लाश लढेर गांव का निवासी पप्पू भील, जिसकी उम्र करीब 25 से 26 वर्ष बताई जा रही है, पिछले 6-7 महीनों से लापता था। उसके परिवार की स्थिति ऐसी थी कि उसकी गैरमौजूदगी पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया। माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है, पत्नी मनमुटाव के चलते अपनी बेटी के साथ पीहर में रह रही है और बहनें शादी के बाद अपने-अपने ससुराल में हैं। पप्पू भील अकेला रहता था और मजदूरी व खलासी का काम करता था। वह अक्सर लंबे समय तक घर से बाहर रहता था, जिससे उसकी अनुपस्थिति सामान्य मानी गई। अब कुएं से मिले शव को उसी से जोड़कर देखा जा रहा है। वायरल वीडियो से बढ़ा शक, हत्या कर शव फेंकने का दावा थानाधिकारी मेनारिया ने बताया कि सोशल मीडिया पर सोमवार को एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में कुछ युवक एक व्यक्ति की हत्या कर शव को कुएं में फेंकने की बात करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया है। परिजनों ने वो वीडियो दिखाया, जिसके बाद मौके पर जाकर देखा तो सच में लाश मिली। वीडियो में बताए गए नामों और तथ्यों की जांच की जा रही है। कपड़ों से काका ने की प्रारंभिक पहचान, लेकिन पूरी पुष्टि नहीं शव की पहचान के लिए पुलिस ने पप्पू भील के काका माधु लाल को बुलाया। उन्होंने शव को देखकर कपड़ों के आधार पर यह बताया कि यह उनके भतीजे पप्पू भील का हो सकता है। हालांकि शव की हालत अत्यधिक खराब और सड़ी-गली होने के कारण वे पूरी तरह से पक्के तौर पर पहचान नहीं कर सके। रिपोर्ट पर हत्या का केस दर्ज, नामजद आरोपियों की तलाश शुरू मामले में काका माधु लाल ने पुलिस थाना भदेसर में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। उन्होंने रिपोर्ट में बताया कि उनका भतीजा करीब 6 से 7 महीने पहले से घर पर नजर नहीं आ रहा था और तब से उसका कोई पता नहीं था। उन्होंने वायरल वीडियो में सामने आए कुछ लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है और कहा है कि उनके भतीजे की हत्या कर शव को कुएं में फेंका गया है। थानाधिकारी ने बताया कि इस आधार पर पुलिस ने आंतरी निवासी चांदमल उर्फ चंदू पुत्र गोटू लाल भील, भीलगट्टी। निवासी कन्हैया लाल उर्फ किशन पुत्र ओंकार भील, दिनेश पुत्र हरदेव रावल, पीपलवास निवासी राजू भील पुत्र गंगाराम भील के खिलाफ हत्या, आपराधिक षड्यंत्र और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। नामजद आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। थानाधिकारी विनोद मेनारिया का बयान, हर एंगल से जांच जारी भदेसर थानाधिकारी विनोद मेनारिया ने बताया कि मामले की जांच पूरी गंभीरता के साथ हर पहलू से की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी में यह भी सामने आया है कि युवक का कुछ लोगों के साथ पहले विवाद हुआ था, जिसे भी जांच में शामिल किया गया है। पुलिस वायरल वीडियो, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और परिजनों के बयानों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है।
कानपुर के चकेरी में प्रेमिका ने शादी से मना किया तो नाराज युवक ने मंगलवार दोपहर फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। युवक की फेसबुक के जरिए सूरत की युवती से करीब 12 साल से पहले दोस्ती हुई थी। परिजनों का आरोप है कि युवती लंबे समय से पैसे ऐंठ रही थी। करीब 2 माह पहले उसने इंटरकास्ट होने की बात कहते हुए शादी से इनकार कर दिया था, जिसके बाद से वह डिप्रेशन में चल रहा था। घटना के कुछ घंटे बाद युवक के चाचा की भी हार्ट अटैक पड़ने से मौत हो गई। घर में एक साथ दो मौतों से परिवार में कोहराम मच गया। हार्डवेयर की दुकान चलाता था अंकित कांजीखेड़ा, चकेरी निवासी 30 वर्षीय अंकित जायसवाल ने सुसाइड किया है। अंकित की घुमनी बाजार में हार्डवेयर की दुकान है। परिवार में मां प्रमिला देवी, छोटा भाई अवनीश व एक बहन मानसी है। अवनीश ने बताया कि परिजन शादी को तैयार थे, लेकिन युवती ने मना कर दिया था। छोटी बहन से फंदे लटकते देखा शव मंगलवार को चाचा ज्ञानदत्त जायसवाल को कार्डियक अटैक आया था, जिस पर उन्हें कॉर्डियोलॉजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिन्हें देखने के लिए परिवार अस्पताल गया था। इस दौरान अंकित ने कमरे में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। छोटी बहन मानसी उसे बुलाने गई तो उसने शव फंदे से लटकता देख परिजनों को जानकारी दी। घटना की जानकारी पर मौके पर पहुंची चकेरी पुलिस ने जांच पड़ताल कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्रा ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
कोडरमा जिले के तिलैया थाना क्षेत्र के मड़ुआटांड़ में एक निर्माणाधीन मकान में काम करते समय एक मजदूर की 11 हजार वोल्ट के हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। यह घटना बुधवार सुबह हुई। मृतक की पहचान जयनगर थाना क्षेत्र के कन्द्रपडीह गांव निवासी 45 वर्षीय मनोज रजक उर्फ करू रजक के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मड़ुआटांड़ रेलवे ब्रिज के पास उमेश मोदी नामक व्यक्ति के मकान का निर्माण कार्य चल रहा था। मनोज रजक बुधवार सुबह मकान के दूसरे माले पर सरिया रखने के लिए वहां पहुंचे थे। सरिया 11 हजार हाई वोल्टेज तार से सटा उमेश मोदी के पुत्र अंकित ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि मनोज घर के बाहर रखे सरिया को छत के दूसरे माले पर खींच रहा था। इसी दौरान, सरिया मकान के बगल से गुजर रहे 11 हजार हाई वोल्टेज तार की चपेट में आ गया। इससे मनोज को जोरदार झटका लगा और वह दूसरे माले से नीचे जमीन पर गिर गया। मकान मालिक से मुआवजे की मांग करंट लगने और ऊंचाई से गिरने के कारण मनोज का शरीर सुन्न पड़ गया। इसके बाद उमेश मोदी उसे अपने निजी वाहन से सदर अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन सदर अस्पताल पहुंचे। वे गहरे सदमे में हैं और मकान मालिक से मुआवजे की मांग कर रहे हैं। घटना की सूचना मिलने पर तिलैया थाना के पैंथर जवान घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी है। मनोज की मौत के बाद मकान मालिक उमेश मोदी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।मृतक मनोज अपने पीछे दो पुत्रियों और एक पुत्र को छोड़ गए हैं। वह अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे।
अयोध्या में किसानों की आय बढ़ाने और कम लागत में अधिक उत्पादन हासिल करने के उद्देश्य से अमरूद की वैज्ञानिक खेती पर विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के उद्यान एवं वानिकी महाविद्यालय के तत्वावधान में फल विज्ञान विभाग द्वारा संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम में डॉ. निरंजन सिंह के नेतृत्व में किसानों को सघन बागवानी की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को “ओपन सेंटर लीडर सिस्टम” के बारे में विस्तार से बताया गया। इस पद्धति में पौधों के बीच का मुख्य तना हटाकर 4-5 प्रमुख शाखाओं को रस्सी की मदद से छतरी के आकार में विकसित किया जाता है। इससे सूर्य का प्रकाश पौधे के अंदर तक पहुंचता है, जिससे नई टहनियां (कल्ले) तेजी से निकलती हैं और फलन क्षमता बढ़ती है। विशेषज्ञों के अनुसार, जितने अधिक नए कल्ले विकसित होंगे, उतना ही अधिक फल उत्पादन संभव होगा। डॉ. निरंजन सिंह ने बताया कि इस विधि से पौधों की ऊंचाई नियंत्रित रहती है, जिससे देखभाल और फल तुड़ाई आसान हो जाती है। उन्होंने कहा कि सघन बागवानी अपनाने पर प्रति हेक्टेयर 30 से 40 मीट्रिक टन तक उत्पादन प्राप्त हो रहा है, जबकि पारंपरिक खेती में यह उत्पादन केवल 8 से 10 मीट्रिक टन तक सीमित रहता है। इस प्रकार किसान 4 से 5 गुना तक अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. भानु प्रताप ने भी किसानों को उन्नत तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के शोध प्रक्षेत्र में वर्तमान में करीब 40 जर्मप्लाज्म और 16 अमरूद की विभिन्न प्रजातियों पर शोध कार्य चल रहा है, जिनमें भारतीय और विदेशी दोनों किस्में शामिल हैं। आने वाले समय में “नरेंद्र 1, 2, 3, 4” नाम से नई उन्नत किस्में किसानों को उपलब्ध कराई जाएंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि अमरूद में विटामिन की प्रचुर मात्रा होती है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है। ऐसे में इसकी वैज्ञानिक खेती न केवल किसानों की आय बढ़ाएगी, बल्कि पोषण सुरक्षा में भी अहम भूमिका निभाएगी।
पशुओं के लिए पानी भरने गई महिला का पाइपलाइन को लेकर परिवार के युवक से विवाद हो गया। इससे नाराज होकर युवक ने लोहे की रॉड से महिला के सिर पर हमला कर दिया। जिससे महिला की मौत हो गई। घटना करौली जिले के हिंडौन सिटी थाना क्षेत्र के कल्याणपुर सायटा की है। मंगलवार सुबह करीब 8 बजे हुई इस घटना में घायल महिला रचना जाट (40) के पुत्र ने बुधवार को सदर थाने में एक आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। लोहे की रॉड से किया सिर पर हमला मृतका के बेटे राजा द्वारा दर्ज कराई गई। जिसमें बताया कि मंगलवार सुबह उनकी मां रचना घर से कुछ दूरी पर स्थित पशुवाड़ा में पानी भरने गई थीं। इसी दौरान परिवार के एक युवक ने पाइपलाइन को लेकर विवाद शुरू कर दिया और लोहे की रॉड से महिला के सिर पर हमला कर दिया। इस हमले में महिला के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं। आसपास के लोग जिला अस्पताल लेकर पहुंचे महिला की चीख-पुकार सुनकर काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उसे तुरंत जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सदर थाना प्रभारी पुरषोत्तम सिंह ने बताया कि करौली से एफएसएल की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। सिर पर तीन जगह चोट के निशान शव के पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल के मेडिकल ज्यूरिस्ट डॉ. रामनरेश कुम्भकार, सर्जन डॉ. जेपी मीना और डॉ. सुनील गुर्जर का एक मेडिकल बोर्ड गठित किया गया था। डॉ. रामनरेश कुम्भकार ने बताया कि मृतका के सिर पर तीन जगहों पर गंभीर चोट के निशान थे। प्रारंभिक आशंका है कि सिर पर हुए हमले के कारण आई अंदरूनी गंभीर चोटों से ही उनकी मौत हुई है। पुलिस के अनुसार, मामले में आरोपी की तलाश जारी है। … यह खबर भी पढ़ें पत्नी को थप्पड़ मारे तो कुएं में कूदी:बचाने के लिए पति और देवर ने लगाई छलांग, दम घुटने से भाइयों की मौत डीग जिले के बादीपुर गांव में दो भाइयों की दम घुटने से मौत हो गई। दरअसल, पति के थप्पड़ मारने से नाराज एक महिला ने कीचड़ से भरे कुएं में छलांग लगा दी थी। उसे बचाने के लिए पति और देवर भी कुएं में कूद गए थे। (पढ़ें पूरी खबर)
बैतूल मंडी बंद, हमालों की छुट्टी से किसान परेशान:एसडीएम बोले- उन्हें मंडी बंद की सूचना नहीं दी गई
बैतूल मंडी में अव्यवस्था के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हमालों द्वारा छुट्टी का आवेदन देने के बाद मंडी प्रबंधन ने बिना पर्याप्त सूचना के मंडी बंद कर दी, जिससे किसान अपनी उपज नहीं बेच पाए। मंडी सूत्रों के अनुसार, हमालों ने शादियों के कारण काम बंद रखने की बात कही थी। मंडी में लगभग डेढ़ हजार हमाल हैं और बड़ी संख्या में उनके अवकाश पर होने से तुलाई का काम पूरी तरह ठप हो गया। इस मामले में बड़ी लापरवाही यह सामने आई कि मंडी बंद होने की जानकारी भारसाधक अधिकारी एसडीएम अभिजीत सिंह को भी नहीं दी गई। एसडीएम ने स्वीकार किया कि मंडी सचिव ने उन्हें इस संबंध में कोई सूचना नहीं दी, जबकि नियमानुसार अवकाश की घोषणा उनकी अनुमति से ही की जानी चाहिए थी। वहीं, मंडी प्रबंधन का दावा है कि एक दिन पहले मंडी में उद्घोषणा की गई थी और व्हाट्सएप ग्रुप पर भी सूचना डाली गई थी। हालांकि, यह व्यवस्था अपर्याप्त साबित हुई, क्योंकि बाहर से आने वाले कई किसानों को इसकी जानकारी नहीं मिल पाई और वे अपनी उपज बेचने से वंचित रह गए। वर्तमान में गेहूं और मक्का की आवक चरम पर है, लेकिन मंडी बंद होने से खरीदी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही पंजीकृत लाइसेंसी खरीदारों की सक्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, मंडी में केवल आधा दर्जन खरीदार ही नियमित रूप से खरीदी कर रहे हैं, जबकि अन्य लाइसेंसधारी निष्क्रिय हैं। । हालांकि कहा जा रहा है कि एक ही फर्म के कई अलग अलग नाम से लाइसेंस है ।जबकि निष्क्रिय लाइसेंस रद्द होने चाहिए। किसानों की परेशानी तब और बढ़ गई जब पिछले दो दिनों से सरकारी खरीदी के स्लॉट भी बुक नहीं हो पा रहे हैं। सोमवार और मंगलवार के बाद बुधवार को भी स्लॉट बुकिंग नहीं हो सकी। किसान नेता रमेश गायकवाड़ ने बताया कि छुट्टी की घोषणा की जानकारी उन्हें आज मिली। पर्याप्त प्रचार-प्रसार न होने के कारण किसान भ्रमित हुए। कई किसान बिना जानकारी के मंडी पहुंच गए, लेकिन तुलाई न होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा।
लखनऊ में हुसैनगंज स्थित 1912 के ऑफिस पर स्मार्ट मीटर के खिलाफ जोरदार हंगामा विरोध प्रदर्शन। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया । प्रदर्शनकारियों ने पूरा ऑफिस घेर कर नारेबाजी किया। कार्यालय के अंदर बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं जमा हो गई और स्मार्ट मीटर का विरोध करते हुए इसे बंद करने की मांग किया। प्रदर्शन कर रहे सपा नेता प्रदीप शर्मा ने कहा कि स्मार्ट मीटर धोखा है धोखा है। स्मार्ट मीटर के नाम पर हम सभी लोगों को गुमराह किया जा रहा है। जबरदस्ती घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं जो हमें स्वीकार नहीं है। उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर लगाने से मना किया तो पुलिस बुलाने की धमकी दी गई और ₹10000 जुर्माना की बात कही गई। स्मार्ट मीटर हमें स्वीकार नहीं है इसके खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और जब तक स्मार्ट मीटर लगा बंद नहीं हो जाएगा विरोध चलता रहेगा। प्रदर्शन में शामिल सदर कैंट की निवासी सुशील ने कहा कि यह मीटर हम लोगों के समझ में नहीं आ रहा। जब मीटर लगाने आए तो कई घंटे तक बिजली गुल रही। पैसे डालने के बाद भी बिजली कट जाती है स्मार्ट मीटर एक धोखाधड़ी है यह मीटर क्यों लग रहा है। हमें को इसके बारे में कुछ नहीं बताया गया। इसके बारे में सही जानकारी भी नहीं है। मीटर गुमराह करके जबरदस्ती लगा दिया गया। पहले ₹ 1500 बिल देते थे अब 3500 से 4000 के बीच बिजली बिल दे रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे सपा नेता प्रदीप ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता इस सरकार से और स्मार्ट मीटर से परेशान हो चुकी है। हम लोग विरोध प्रदर्शन करके जनता की आवाज को जिम्मेदारों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। 2027 में यूपी की जनता स्मार्ट मीटर लगाने वालों को सबकसिखाएगा। समाजवादी पार्टी जनता का दर्द समझता है इसलिए हमारी सरकार बनने के बाद 300 यूनिट बिजली मुफ्त दिया जाएगा।
सागर में मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ। राजघाट रोड पर बीडी अस्पताल के पास एक तेज रफ्तार कार ने दो बाइकों और एक ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। इसके बाद कार अनियंत्रित होकर एक मकान की दीवार से टकरा गई। हादसे में बाइक सवार एक 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल है। घटना के बाद आरोपी कार चालक मौके से फरार हो गया। मोतीनगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक की हुई पहचान, घायल बीएमसी अस्पताल में भर्ती पुलिस जांच के दौरान मृतक की पहचान कटंगी निवासी रामस्वरूप दीक्षित (50) पिता हरिनारायण दीक्षित के रूप में हुई है। हादसे के वक्त उनके साथ बाइक पर शिवराज गौड़ (45) भी सवार थे। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल शिवराज को इलाज के लिए बीएमसी (BMC) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर परिवार वालों को सौंप दिया है। नशे में था ड्राइवर, हादसे के बाद मौके से भागा हादसे के प्रत्यक्षदर्शी प्रदीप पटेल ने बताया, रात 11.30 से 12 बजे के बीच की घटना है। एक काले कलर की तेज रफ्तार कार ने दो बाइक और आटो टक्कर मारी। जिसके बाद कार मेरे मकान की दीवार से टकरा गई। घटना देख लोग मौके पर पहुंचे। कार में बैठे ड्राइवर को बाहर निकाला। वह नशे की हालत में था। थोड़ी देर बाद वह मौके पर भाग गया। आरोपी की तलाश में जुटी मोतीनगर पुलिस स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना को अंजाम देने वाले कार चालक का नाम राजेश बताया जा रहा है, जो शहर के विवेकानंद वार्ड क्षेत्र का रहने वाला है। मोतीनगर थाना पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर फरार आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है।
पानीपत जिले के गांव बिहोली में सोमवार(27 अप्रैल) को हुई हत्या के मामले में बुधवार को तीसरे दिन मृतक रणजीत का पोस्टमॉर्टम करवाया गया। बिहार से पानीपत पहुंची पत्नी अपने पति का लहूलुहान शव देखकर सिविल अस्पताल के शवगृह (मॉर्चरी हाउस) की दहलीज पर ही बेहोश हो गई। परिजनों ने किसी तरह उसे संभाला, लेकिन अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मचने से माहौल गमगीन हो गया। मृतक रणजीत पिछले 12 वर्षों से पूर्व सरपंच जिले सिंह के खेतों में काम कर रहा था। उसके परिवार की बेहद खराब आर्थिक स्थिति को देखते हुए, पानीपत के जन सेवा दल ने मानवता की मिसाल पेश की है। परिजनों की सहमति से संस्था ने ही मृतक का अंतिम संस्कार सम्मानजनक तरीके से करने का जिम्मा उठाया है। खेत में बने कमरे में लहूलुहान मिला शव प्राप्त जानकारी के अनुसार, रणजीत (35) निवासी पूर्णिया बिहार, गांव बिहोली के पूर्व सरपंच जिले सिंह के खेतों में करीब 12 साल से नौकरी करता था। वह अभी दो महीने पहले ही अपने गांव से वापस काम पर लौटा था। सोमवार सुबह रणजीत का शव बिहोली-बापौली रोड पर रतन के खेत में मिला। अज्ञात हमलावर ने तेजधार हथियार से उसका गला काटकर उसे मौत के घाट उतार दिया था। रिश्तेदार विनोद पर हत्या का अंदेशा पुलिस जांच में एक अहम कड़ी सामने आई है। पूर्व सरपंच जिले सिंह के भतीजे अमित ने करीब 15-20 दिन पहले ही विनोद नाम के एक नए नौकर को काम पर रखा था। विनोद, मृतक रणजीत का रिश्तेदार बताया जा रहा है और वह रणजीत के साथ ही खेत में बने कमरे में अपने परिवार सहित रह रहा था। पुलिस को अंदेशा है कि रविवार रात दोनों ने साथ बैठकर शराब पी थी, जिसके बाद किसी बात को लेकर उनके बीच झगड़ा हुआ। इसी झगड़े में विनोद ने तेजधार हथियार से रणजीत की हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया। विनोद की तलाश के लिए पुलिस टीमें रवाना कर दी गई हैं।
राज्य सरकार में ग्राम रथ अभियान को लेकर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म गंभीर हैं। डीग पंचायत समिति सभागार में बुधवार को उन्होंने बिजली, पानी, सार्वजनिक निर्माण एवं स्वास्थ्य विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में बेढ़म ने स्पष्ट किया कि विकास रथ केवल योजनाओं के प्रचार का माध्यम नहीं है। यह आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का एक चलता-फिरता प्रकल्प है। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां-जहां यह रथ जाएगा, वहां की सभी मूलभूत समस्याएं उसी समय सुलझाई जानी चाहिए। लापरवाही बरतने पर होगी सख्त कार्रवाईराज्य मंत्री बेढ़म ने अधिकारियों से दो टूक कहा कि आम जनता के लिए काम करें, भले ही इसके लिए उन्हें कम सोना पड़े या ड्यूटी टाइम से ज्यादा काम करना पड़े। उन्होंने प्रभावी मॉनिटरिंग और जवाबदेही तय करते हुए कहा कि जन-समस्याओं के समाधान में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य मंत्री ने अधिकारियों को सख्ती से काम लेने और लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी और सार्वजनिक निर्माण विभाग को निर्देशित किया गया कि वे ग्राम रथ अभियान के तहत आमजन की समस्याओं को चिन्हित कर उनका तुरंत समाधान करें। '60-65 गांवों के लिए बनेगा 5-दिवसीय टारगेट'बैठक में जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने गृह राज्य मंत्री के निर्देशों की अनुपालना में तुरंत एक कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने बिजली, पानी और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आगामी 5-5 दिन का एक सघन प्लान बनाएं और 60-65 गांवों को टारगेट करें। इस दौरान एसडीएम देवीप्रसाद मीना, अमित मीना, अधीक्षण अभियंता बी.एल. वर्मा, इशू नारंग और पवन सोलंकी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष और कांग्रेस के प्रदेश संयुक्त महामंत्री आलोक चंद्राकर ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे AI जनरेटेड वीडियो को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इसे साजिश करार देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। आलोक चंद्राकर ने कहा कि भूपेश बघेल की बढ़ती लोकप्रियता और उनके द्वारा लगातार जनहित के मुद्दे उठाए जाने से भाजपा घबरा गई है। इसी कारण उनकी छवि खराब करने के लिए फर्जी वीडियो वायरल किए जा रहे हैं। जनता को भ्रमित करने का प्रयास उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री लगातार सरकार की कमियों और कथित भ्रष्टाचार को उजागर कर रहे हैं, जिससे भाजपा असहज है। चंद्राकर ने इस पूरे मामले को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया। उनका कहना है कि इस तरह के AI जनरेटेड वीडियो फैलाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में हर वर्ग के विकास को ध्यान में रखकर कई जनहितकारी योजनाएं चलाई गई थीं। भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप आलोक चंद्राकर ने वर्तमान भाजपा सरकार पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनता आज महंगाई की मार झेल रही है। चंद्राकर ने भाजपा के संकल्प पत्र का जिक्र करते हुए कहा कि कई बड़े वादे अब तक अधूरे हैं। अधूरे वादों की सूची 1 लाख शासकीय पदों पर भर्ती,18 लाख प्रधानमंत्री आवास, छात्राओं को ट्रेवल अलाउंस, उज्ज्वला योजना में 500 रुपए गैस सिलेंडर। उन्होंने दावा किया कि कई आवास निर्माण अधूरे हैं और हितग्राहियों को पहली किस्त के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। जल, जंगल और जमीन पर भी आरोप उन्होंने कहा कि प्रदेश के जल, जंगल और जमीन बड़े उद्योगपतियों को सौंपे जा रहे हैं, जिससे आदिवासी समुदाय प्रभावित हो रहा है। जांच और कार्रवाई की मांग आलोक चंद्राकर ने मांग की कि AI जनरेटेड फेक वीडियो मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
बलिया के बेल्थरा रोड में भीषण अग्निकांड के बाद हल्दीरामपुर-छपिया गांव अब धीरे-धीरे राहत से आगे बढ़कर पुनर्निर्माण की राह पर कदम बढ़ा रहा है। शुरुआती दिनों की अफरा-तफरी और बेबसी के बीच अब हालात में बदलाव दिखने लगा है, हालांकि जख्म अभी भी गहरे हैं। अग्निकांड के बाद से पीड़ित परिवारों की मदद के लिए समाज के विभिन्न वर्ग लगातार आगे आ रहे हैं। बुधवार को नवजीवन इंग्लिश स्कूल की प्रिंसिपल ग्रेसी जान के नेतृत्व में विद्यालय परिवार ने गांव पहुंचकर राहत सामग्री वितरित की। इस दौरान उन्होंने उन परिवारों से भी मुलाकात की, जिनकी बेटियों की शादी के लिए जुटाए गए सामान और नकदी आग में जल गई थी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शादी से पहले इन परिवारों को आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उनकी खुशियां दोबारा संवर सकें। बेबसी, बदलाव और मदद की 7 तस्वीरें देखिए.. अग्निकांड में 60 से अधिक घर जलकर राख हुए गौरतलब है कि इस अग्निकांड में 60 से अधिक घर जलकर राख हो गए थे, जिससे सैकड़ों लोग बेघर हो गए थे। शुरुआत में लोगों को खुले आसमान के नीचे रात गुजारनी पड़ी, लेकिन अब ग्रामीण, प्रधान और प्रशासन के सहयोग से लोग तिरपाल और अस्थायी साधनों के सहारे अपने आशियाने खड़े करने लगे हैं। राहत के रूप में चलाया गया लंगर, जिसने शुरुआती दिनों में सैकड़ों लोगों की भूख मिटाई, अब रविवार से बंद हो चुका है। गांव के लोग धीरे-धीरे सामान्य दिनचर्या की ओर लौटते हुए खुद भोजन बनाने लगे हैं। यह बदलाव इस बात का संकेत है कि हालात अब धीरे-धीरे स्थिर हो रहे हैं। शासन ने 65 आवासों को मंजूरी दी सरकारी स्तर पर भी राहत कार्यों में तेजी आई है। शासन द्वारा 65 आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिससे प्रभावित परिवारों को स्थायी छत मिलने की उम्मीद जगी है। इसके अलावा 76 पीड़ित परिवारों के खातों में 13-13 हजार रुपये की सहायता राशि भी भेजी गई है, जिससे तत्काल जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है। हालांकि इस त्रासदी का सबसे संवेदनशील पहलू अब भी स्वास्थ्य से जुड़ा है। आग में गंभीर रूप से झुलसी कंचन का इलाज लखनऊ के पीजीआई में जारी है, जहां उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों और सामाजिक संगठनों ने सहायता की पिछले दिनों जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, शिक्षक दंपति, व्यापार मंडल और सामाजिक संगठनों द्वारा की गई मदद ने गांव को संभालने में अहम भूमिका निभाई है। उपजिलाधिकारी शरद चौधरी ने जहां अपने तरफ से 5 हजार वहीं लेखपाल संघ ने 25 हजार रुपए की मदद की। अब नवजीवन इंग्लिश स्कूल की पहल ने इस सहयोग की कड़ी को और मजबूत किया है। हल्दीरामपुर-छपिया की कहानी अब सिर्फ दर्द की नहीं, बल्कि संघर्ष और पुनर्निर्माण की भी बनती जा रही है, जहां राख के ढेर से उठकर लोग फिर से अपने घर, अपने सपने और अपनी जिंदगी को संवारने में जुटे हैं।
ग्वालियर में बढ़ते तापमान और वायु प्रदूषण को देखते हुए नगर निगम ने एक नई पहल शुरू की है। शहर के व्यस्त पड़ाव चौराहे पर 'मिस्ट स्प्रे' सिस्टम का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। लगभग ढाई लाख रुपए की लागत से स्थापित इस प्रणाली का उद्देश्य हवा में मौजूद सूक्ष्म धूल कणों को नियंत्रित करना और राहगीरों को गर्मी से राहत प्रदान करना है। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, इस सिस्टम के तहत चौराहे पर चार स्थानों पर पोल लगाए गए हैं। इन पोलों पर विशेष नोजल फिट किए गए हैं, जो 4 से 5 फीट तक फुहार छोड़ते हैं। यह फुहार हवा में उड़ने वाली धूल को नीचे बिठा देती है, जिससे वातावरण में प्रदूषण का स्तर कम होता है और आसपास से गुजरने वाले लोगों को तुरंत ठंडक का अनुभव होता है। पानी की टंकी लगाने के लिए बॉक्स तैयार निगम ने जानकारी दी कि बुधवार को पानी की टंकी लगाने के लिए आवश्यक बॉक्स तैयार किया जाएगा। गुरुवार से इस सिस्टम को नियमित रूप से संचालित करने की योजना है। मिस्ट स्प्रे को पीक आवर्स (सुबह और शाम) में तीन-तीन घंटे तक चलाया जाएगा, जब ट्रैफिक और धूल का स्तर सबसे अधिक रहता है। पानी की महीन बूंदें धूल कणों को नीचे गिरा देती हैं विशेषज्ञों का मानना है कि मिस्ट स्प्रे तकनीक हवा में मौजूद पार्टिकुलेट मैटर (PM) को कम करने में प्रभावी साबित हो सकती है। पानी की महीन बूंदें धूल कणों को अपने साथ नीचे गिरा देती हैं, जिससे हवा अपेक्षाकृत साफ होती है। साथ ही, यह व्यवस्था गर्मी के दौरान राहगीरों और वाहन चालकों को राहत देने में भी मददगार है। शहर के अन्य प्रमुख चौराहों पर लगा सकते हैं जानकारों का यह भी कहना है कि इस तरह के सिस्टम से अल्पकालिक राहत मिलती है और लंबे समय में प्रदूषण नियंत्रण के लिए ठोस और स्थायी उपायों की आवश्यकता बनी रहती है। नगर निगम फिलहाल इस पायलट प्रोजेक्ट के परिणामों का आकलन करेगा और सफलता मिलने पर इसे शहर के अन्य प्रमुख चौराहों पर भी लागू किया जा सकता है। स्वास्थ्य को कोई नुकसान नहीं डॉ. प्रदीप शर्मा ने बताया कि मिस्ट स्प्रे सिस्टम से स्वास्थ्य को कोई नुकसान नहीं है। दरअसल, यह पानी का स्प्रे है, जिसमें पानी की मात्रा बेहद कम रहती है। इतनी गर्मी में स्प्रे से निकलने वाली फुहार हवा के साथ और हल्की हो जाती है। जिसकी वजह से सीधेतौर पर कोई नुकसान नहीं होता है।
मैनपुरी में विधवा की गेहूं फसल पर दबंगों का कब्जा:पीड़िता ने DM से न्याय मांगा, जांच के आदेश
मैनपुरी के नारायणपुर गांव में एक विधवा महिला की गेहूं की फसल पर दबंगों द्वारा कब्जा करने का आरोप लगा है। पीड़िता रेखा देवी ने जिलाधिकारी से शिकायत की है कि गांव के कुछ लोगों ने उनकी कटी हुई गेहूं की फसल की जबरन थ्रेसिंग कराकर उसे अपने घर उठा लिया और अब खेत पर कब्जे की धमकी दे रहे हैं। जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। रेखा देवी नगला हरकेशी, मौजा नारायणपुर की निवासी हैं। उनका कहना है कि वह अपने ससुर हाकिम सिंह के नाम दर्ज गाटा संख्या 819/2क की भूमि पर लंबे समय से खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। खेत पर कब्जा करने की धमकी उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार गेहूं की फसल कट चुकी थी और थ्रेसिंग बाकी थी, तभी 24 अप्रैल की सुबह गांव के कुछ लोगों ने जबरन थ्रेसिंग कराकर गेहूं अपने घर पहुंचा दिया। रेखा देवी के अनुसार, जब उन्होंने इस कार्रवाई का विरोध किया तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की, मारपीट पर उतारू हो गए और उन्हें अपमानित करते हुए खेत पर कब्जा करने की धमकी दी। जिलाधिकारी कार्यालय का रुख पीड़िता ने स्थानीय थाना पुलिस पर भी उनकी शिकायत न सुनने का आरोप लगाया है। इसके बाद उन्होंने न्याय के लिए जिलाधिकारी कार्यालय का रुख किया। अपनी शिकायत में महिला ने बताया कि वह विधवा और असहाय हैं, और दबंगों की इस कार्रवाई से उनकी आजीविका पर संकट आ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों रुपये कीमत की गेहूं की फसल जबरन काटकर और उठाकर ले जाई गई है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तहसील सदर प्रशासन को तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को विवादित भूमि और फसल से संबंधित पूरे प्रकरण की पड़ताल कर जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
पाकुड़ जिले के महेशपुर प्रखंड स्थित एक पेट्रोल पंप पर ऑटो के इंजन से एक जहरीले कोबरा सांप को बचाया गया। बुधवार को तेल भरवाते समय लोगों ने सांप को देखा, जिसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई। वन विभाग के सर्प मित्र ने काफी मशक्कत के बाद सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया। यह घटना महेशपुर प्रखंड के गड़बाड़ी के पास स्थित दीपक कुमार के पेट्रोल पंप पर हुई। बुधवार को वाहनों की लंबी कतार लगी थी। एक मालवाहक ऑटो में तेल भरा जा रहा था, तभी पेट्रोल पंप के कर्मचारियों और वहां मौजूद कुछ लोगों की नजर ऑटो के इंजन से बाहर निकलते एक विशाल सांप पर पड़ी। तेल लेने आए लोग इधर-उधर भागने लगे सांप को देखते ही लोगों में हड़कंप मच गया और अफरातफरी फैल गई। तेल लेने आए लोग इधर-उधर भागने लगे, जबकि कुछ लोग मौके पर भीड़ लगाकर खड़े हो गए। तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग के सर्प मित्र मोहम्मद अशराफुल शेख अपनी टीम के साथ पेट्रोल पंप पहुंचे। उन्होंने ऑटो के चारों ओर मुआयना किया और पाया कि इंजन के पास एक जहरीला कोबरा सांप छिपा हुआ था। सर्प मित्र ने काफी प्रयास के बाद कोबरा सांप को सुरक्षित पकड़ लिया। रेस्क्यू के बाद सर्प मित्र अशराफुल शेख ने बताया कि पकड़े गए सांप की लंबाई लगभग 5 फीट है और यह एक जहरीला कोबरा है, जो काफी खतरनाक होता है। उन्होंने आशंका जताई कि संभवतः रात के समय जब ऑटो घर में खड़ा रहा होगा, तब सांप इंजन के पास छिप गया होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सांप ड्राइवर के केबिन तक पहुंच जाता तो कोई भी अनहोनी हो सकती थी।
बंगाल चुनाव में ऑब्जर्वर बनाए गए यूपी के IPS अजय पाल शर्मा चर्चा में हैं। TMC नेता जहांगीर खान पर कार्रवाई को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के निशाने पर हैं। उनकी कार्रवाई पर पूर्व CM और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तल्ख टिप्पणी की और भाजपा का एजेंट बता दिया। हालांकि IPS अजय पाल खुद अखिलेश यादव के सीएम रहते हुए प्राइम पोस्टिंग पर रहे। पहले पढ़िए अखिलेश यादव ने क्या X पर पोस्ट किया… रामपुर के एसपी रहे, संभल में तैनाती नहींIPS अजयपाल रामपुर में तो तैनात रहे लेकिन उन्हें संभल में कभी तैनाती नहीं मिली। जबकि सपा की सरकार में IPS अजय पाल को कई जिलों में प्राइम पोस्टिंग मिली चुकी है। IPS अजयपाल भाजपा शासनकाल में 3 जिलों के कप्तान रहे। इनमें गौतमबुद्ध नगर, रामपुर और जौनपुर शामिल हैं। जबकि खुद अखिलेश के सीएम रहते उन्हें तीन प्राइम पोस्टिंग मिली। गाजियाबाद में वह एसपी सिटी रहे तो हाथरस और शामली जिले के एसपी भी रहे। गाजियाबाद में 2015 से 2016 तक वह एसपी सिटी रहे। इसके बाद करीब 8 महीने तक हाथरस के कप्तान रहे। फिर 2016 से 2018 तक शामली के कप्तान रहे। अखिलेश 19 मार्च 2017 तक यूपी के सीएम रहे। 2017 में योगी बने यूपी के CM19 मार्च 2017 को योगी आदित्यनाथ यूपी के सीएम बने। 2018 को योगी सरकार ने IPS अजयपाल को गौतमबुद्ध नगर का एसएसपी बनाया। इसके बाद वह 2019 तक यहां तैनात रहै। 2019 को उन्हें बतौर एसपी रामपुर पोस्टिंग दी गई। 2020 को उन्हें पीटीएस उन्नाव भेज दिया गया। 2023 को वह जौनपुर के एसपी बनाए गए। 2024 को महाकुंभ से ठीक पहले उन्हें प्रयागराज कमिश्नरेट में एडिशनल सीपी बनाकर भेजा गया और महाकुंभ का नोडल अफसर भी बनाया गया। चलिए पूरा मामला समझते हैं… टीएमसी ने दक्षिण 24 परगना जिले में फाल्टा विधानसभा क्षेत्र से जहांगीर खान को टिकट दिया है। जहांगीर की उम्र 41 साल और वह 12वीं पास हैं। IPS अजय पाल शर्मा दक्षिण 24 परगना जिले के ऑब्जर्वर हैं। जहांगीर द्वारा स्थानीय लोगों को डराने-धमकाने की शिकायत IPS अजय पाल को मिली थी। इसके बाद वह टीम के साथ जहांगीर के घर पहुंचे। वहां बंगाल पुलिस के 14 जवान सुरक्षा में तैनात मिले। स्थानीय एसपी से जानकारी मांगने पर पता चला कि जहांगीर को Y कैटेगरी की सुरक्षा मिली है। इसके तहत 10 पुलिसकर्मी मिले हैं। उन्होंने मौके पर तैनात 4 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को लेकर एसपी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। पूछा कि नियम विरुद्ध इस तरीके से अतिरिक्त फोर्स क्यों तैनात की गई? सोमवार को अजय पाल के 18 और 15 सेकंड के 2 वीडियो वायरल हुए। इसमें वो कह रहे हैं, ‘फिर उसकी खबर अच्छे से लेंगे हम। ये जहांगीर के घर वाले भी खड़े हैं। उसको बता देना कायदे से। ये बार बार जो खबरें आ रही हैं कि उसके लोग धमका रहे हैं। उसकी खबर अच्छे से लेंगे। फिर बाद में रोना-पछताना मत। अब अजय पाल शर्मा के बारे में पढ़िए- अजय पाल शर्मा- डेंटल सर्जन से एनकाउंटर स्पेशलिस्ट तक डेंटिस्ट से 2011 में IPS बने अजय पाल शर्मा को 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' के नाम से भी जाना जाता है। वह 15 साल के करियर में 500 से अधिक एनकाउंटर कर चुके हैं। इनमें 15 अपराधी मारे गए, जबकि अन्य गिरफ्तार किए गए। पंजाब के लुधियाना के रहने वाले डॉ. अजय पाल शर्मा IPS बनने से पहले डेंटल सर्जन थे। उन्होंने पटियाला के सरकारी मेडिकल कॉलेज से बीडीएस (डेंटल साइंसेज) की डिग्री ली थी। उनके छोटे भाई अमित पाल शर्मा एक IAS अधिकारी हैं। 41 साल के अजय पाल अभी प्रयागराज में एडिशनल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) के पद पर तैनात हैं। इससे पहले वह पांच जिलों में एसपी/एसएसपी रह चुके हैं। जौनपुर में बतौर एसपी अपने 22 महीने के कार्यकाल में उन्होंने रिकॉर्ड 136 एनकाउंटर किए। यह किसी भी जिले में एक एसपी के कार्यकाल में हुई मुठभेड़ों की संख्या के मामले में सबसे अधिक है। इन जिलों की संभाली कमानवह हाथरस, शामली, रामपुर और जौनपुर के कप्तान रह चुके हैं। वर्ष 2013 में प्रयागराज में आयोजित कुंभ मेले में बतौर एएसपी तैनात रहे। पुलिस मुख्यालय में एसपी कार्मिक और यूपी-112 के कप्तान के रूप में भी उन्हें जिम्मेदारी दी गई। महिला ने लगाए थे गंभीर आरोपअजय पाल शर्मा का करियर केवल सफलताओं से ही नहीं, बल्कि विवादों से भी भरा रहा है। 2020 में दीप्ति शर्मा नाम की एक महिला ने उन पर गंभीर आरोप लगाए थे। महिला का दावा था कि अजय पाल ने उनसे 2016 में शादी की थी और बाद में मुकर गए। इस मामले ने इतना तूल पकड़ा कि लखनऊ के हजरतगंज थाने में उनके खिलाफ FIR दर्ज हुई और एसआईटी जांच भी बैठी। इसी विवाद के चलते उनका प्रमोशन भी लंबे समय तक अटका रहा, हालांकि बाद में उन्हें क्लीन चिट मिल गई। महाकुंभ में नोडल अधिकारी रहेमहाकुंभ से ठीक पहले उन्हें प्रयागराज में नोडल अधिकारी (महाकुंभ, कमिश्नरेट प्रयागराज) के पद पर तैनात किया गया। 22 दिसंबर 2024 को उन्हें एडिशनल सीपी प्रयागराज बनाया गया। इस दौरान महाकुंभ के सफल आयोजन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। महाकुंभ के बाद उन्हें एडिशनल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रयागराज का दायित्व सौंपा गया।
फरीदाबाद नगर निगम चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों को चुनाव हारने वाले निर्दलीय पार्षद आज पंचकूला स्थित प्रदेश कार्यालय पंचकमल में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए हैं बल्लभगढ़ से निर्दलीय विधानसभा चुनाव लड़े राव रामकुमार भी आज भाजपा में शामिल हुए हैं। भाजपा में शामिल होने वाले तीनों पार्षद एक ही परिवार के है और तीनों ने अलग-अलग वार्ड आजाद कंडीडेट के तौर पर चुनाव लड़कर भाजपा के उम्मीदवार को हराया था। निगम में मार्च 2025 में मेयर और पार्षद पदों के लिए चुनाव हुआ। इस चुनाव में बल्लभगढ़ से एक ही परिवार से तीन पार्षद चुने गए। इन तीनो की जीत की प्रदेश में जमकर चर्चा हुई। तीनों ने आजाद चुनाल लड़ा ,जिसके चलते भाजपा के कंडीडेट को हार का सामना करना पड़ा। दो पार्षद पति-पत्नी, तीसरा चचेरा भाई फरीदाबाद के वार्ड नंबर 42 से आजाद चुनाव जीतकर दीपक यादव पार्षद है। उनकी पत्नी रश्मि दीपक यादव भी वार्ड नंबर-43 से पार्षद बनी है। इसके साथ ही दीपक यादव का चचेरा भाई पवन यादव भी वार्ड-40 से पार्षद है। तीनों एक ही परिवार के सदस्य हैं और तीनों को एक ही चुनाव चिन्ह मिला है। दीपक यादव को चुनाव में 5,614 वोट मिले थे और उन्होंने 949 से उन्होंने बीजेपी के कंडीडेट को हराया था। पत्नी रश्मि दीपक यादव को 9,931 वोट मिले थे उन्होंने बीजेपी कंडीडेट को 6,199 वोट से हराया था। दीपक यादव के भाई पवन यादव को 6,189 वोट मिले थे और उन्होंने बीजेपी कंडीडेट को 2,125 वोट से हराया था। तीनो को मिला था वायुयान चिन्ह पार्षद दीपक यादव ने बताया कि साल 2010 में उनके चाचा राव राम कुमार ने निगम का चुनाव लड़ा था। जिसमें उनको वायुयान चिन्ह मिला था और वे जीत दर्ज करने में सफल रहे थे। साल 2025 के चुनाव में भी उनको ये चिन्ह मिला था। सीएम सैनी से प्रभावित पार्षद दीपक यादव ने बताया कि उनका परिवार सीएम सैनी की कार्यशैली से बेहद प्रभावित है। प्रदेश में विकास को लेकर जो उनकी सोच है उसी से प्रभावित होकर उन्होंने बीजेपी ज्वाइन कि है। उनका मकसद अपने वार्ड का विकास करना है। उनके परिवार के तीन लोगों को वार्ड की जनता की सेवा करने का मौका मिल रहा है।
कुशीनगर जिले की फाजिलनगर विधानसभा सीट पर भाजपा विधायक सुरेंद्र कुमार कुशवाहा को जनता ने पसंद नहीं किया है। भास्कर के सर्वे में 76% जनता का मत है कि इन्हें टिकट नहीं मिलना चाहिए। हालांकि भाजपा में उम्मीदवार के रूप में पहली पसंद फुलबदन कुशवाहा हैं। यहां पर पार्टी के रूप में सबसे पहली पसंद समाजवादी पार्टी की है। दूसरे नंबर पर भाजपा, तीसरे नंबर पर कांग्रेस है, जबकि चौथे नंबर पर बसपा है। पार्टीवार देखें तो भाजपा में पहली पसंद फुलबदन कुशवाहा हैं। उन्हें 38% लोगों ने पसंद किया है। मौजूदा विधायक सुरेंद्र कुशवाहा को 25% समर्थन मिला है। इसके अतिरिक्त, बैरिस्टर जायसवाल को 12%, डॉ. पीएन रॉय को 7%, एसपी सिंह को 5% और अन्य को 13% लोगों ने पसंद किया है। सपा इस सीट पर मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है। पार्टी के भीतर राजन शुक्ला सबसे आगे हैं, जिन्हें 75% लोगों ने पसंद किया है। पूर्व जिलाध्यक्ष इलियास अंसारी को 15% और अन्य उम्मीदवारों को 10% लोगों का समर्थन मिला है। बसपा इस सीट पर बेहद कमजोर स्थिति में है, जिसे केवल 1% लोगों ने समर्थन दिया। पार्टी के भीतर उमेश भारती और जयश्री प्रकाश को 45-45% लोगों ने पसंद किया, जबकि अजीज को 10% समर्थन मिला। कांग्रेस को कुल 2% वोट मिले। पार्टी के भीतर मनोज सिंह को 40%, नागेंद्र सिंह को 20% और अन्य उम्मीदवारों को लगभग 40% लोगों ने पसंद किया। अपने विधायक का नतीजा देखिए: कई सीटों पर उम्मीदवारों के चौंकाने वाले नाम, यूपी की 403 सीटों का रिजल्ट … लिंक
टीकमगढ़ शहर के वार्ड नंबर 18 स्थित सुभाषपुरम कॉलोनी में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए अंडरग्राउंड नाले का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। बुधवार को नाले के लिए पाइप मौके पर पहुंचाए गए। इससे पहले कॉलोनी की सीसी रोड की खुदाई की जा चुकी है। हर साल होती थी परेशानीसुभाषपुरम कॉलोनी में हर बारिश के मौसम में सड़कों पर पानी भर जाता है। पुलिस लाइन क्षेत्र से आने वाले पानी की निकासी का कोई पक्का इंतजाम नहीं था, जिसके कारण कॉलोनी की मुख्य सड़क सहित कई हिस्सों में पानी जमा हो जाता था। इससे लोगों को आने-जाने में दिक्कत होती थी। शिकायतों के बाद शुरू हुआ कामस्थानीय लोगों की लगातार शिकायतों के बाद करीब एक साल पहले अंडरग्राउंड नाले के लिए भूमि पूजन किया गया था। अब जाकर इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ है। नगर पालिका के सीएमओ ओमपाल सिंह भदोरिया ने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर करीब 50 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। नाले के लिए अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाई जाएगी। बारिश से पहले पूरा करने का लक्ष्यसीएमओ के अनुसार, पहले सड़क की खुदाई कर पाइपलाइन डाली जाएगी और उसके बाद सड़क की मरम्मत की जाएगी। ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं कि काम बारिश के मौसम से पहले पूरा किया जाए, ताकि इस साल कॉलोनी के लोगों को जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।
युवती को घर से घसीटते हुए ले गया मनचला:शादी से मना करने पर रात को घर से उठाया, वीडियो हो रहा वायरल
आगरा के थाना एत्माद्दौला क्षेत्र में गैर धर्म के मनचले के दुस्साहस का मामला सामने आया है। आरोपी युवक एक तरफा प्रेम में घर में घुसकर जबरन युवती को घसीटते हुए ले गया। युवती की बहन उसको बचाने के लिए चीखती चिल्लाती रही। उसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी युवक युवती को खींचकर ले गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर ली है। एत्माद्दौला क्षेत्र के गौतम नगर में रहने वाली युवती की मां का आरोप है कि परवेज नाम का युवक आते-जाते उनकी बड़ी बेटी के साथ छेड़छाड़ करता था। वह काफी समय से बेटी पर शादी के लिए दवाब बना रहा था। बेटी ने उसको मना कर दिया था। इसके बाद भी वो अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा था। आरोपी परवेज अपनी मां और पिता के साथ 28 अप्रैल को उनके घर पर आया। सभी लोग जबरन बेटी से शादी करने का दबाव बनाने लगे। उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद रात करीब 9 बजे परवेज उनके घर पर आया। जबरन बेटी को उठाकर ले जाने लगा। छोटी बहन ने रोकने का प्रयास किया। इसके बाद भी आरोपी युवक युवती का हाथ पकड़कर घसीटते हुए घर से उठाकर ले गया। घर में मौजूद सदस्य ने इसकी वीडियो बना ली। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई। थाना प्रभारी एत्माद्दौला देवेंद्र दुबे ने बताया कि पीड़िता की मां की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी युवक और उसकी मां को हिरासत में लिया गया है।
बस्ती के हरैया थाना क्षेत्र के बिहरा ग्राम पंचायत का एक नाबालिग पीड़ित मंगलवार को लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिला। पीड़ित ने थाने और प्रशासन से न्याय न मिलने का आरोप लगाते हुए अपनी शर्ट उतारकर शरीर पर बने मारपीट के निशान दिखाए और न्याय की गुहार लगाई। अखिलेश यादव ने पीड़ित की पूरी बात गंभीरता से सुनी। उन्होंने पीड़ित को पार्टी कार्यालय बुलाकर मामले में न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। पीड़ित नाबालिग ने बताया कि वह बिहरा ग्राम पंचायत में चल रहे विकास कार्यों में अनियमितताओं की जांच कराने का प्रयास कर रहा था। इसी बात से नाराज होकर सपा कार्यकर्ता और बिहरा ग्राम पंचायत के प्रधान सहित एक अन्य व्यक्ति ने उसे बेरहमी से पीटा। वहीं, जब नाबालिग ने अपनी चोट अखिलेश यादव को दिखाई तो उन्होंने पूछा कि किसने मारा है। लड़के ने संजय सिंह का नाम लिया तो अखिलेश बोले- देख लीजिए सीएम से स्वजातीय हैं। इसके बाद आज पार्टी कार्यालय में लड़के को मिलने बुलाया है। पीड़ित ने अपने बयान में आरोपी को स्थानीय सांसद का करीबी बताया है। पीड़ित पक्ष ने पहले ही पुलिस अधीक्षक बस्ती को इस संबंध में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन की उदासीनता से तंग आकर पीड़ित ने अखिलेश यादव से मुलाकात की।
उन्नाव में डीजे वाहन-बाइक की टक्कर, किशोर की मौत:मां-भाई गंभीर घायल, चालक गिरफ्तार, जांच शुरू
उन्नाव जनपद में बुधवार दोपहर एक सड़क हादसे में 13 वर्षीय बालक की मौत हो गई। बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के संडीला क्रॉसिंग पर एक डीजे वाहन और मोटरसाइकिल की जोरदार टक्कर में यह हादसा हुआ। बालक की मां और भाई गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, मोटरसाइकिल पर सवार परिवार किसी काम से जा रहा था, तभी तेज रफ्तार डीजे वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मोटरसाइकिल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उस पर सवार लोग दूर जा गिरे। हादसे में राम विलास के 13 वर्षीय पुत्र प्रांशु की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायलों को उठाकर उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांगरमऊ पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल भाई को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज जारी है। मां का इलाज भी सीएचसी में चल रहा है। हादसे की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करते हुए यातायात को सुचारु कराया। पुलिस ने डीजे वाहन चालक को मौके से गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डीजे वाहन काफी तेज गति से चल रहा था, जिसके कारण चालक नियंत्रण खो बैठा और सामने से आ रही मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाया जा रहा है और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रायबरेली में दहेज में बाइक ने मिलने पर दूल्हे का पारा हाई हो गया। इतना ही नहीं उसने जयमाल के समय ही शादी तोड़ दी। इसपर दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान दूल्हे ने शेरवानी में लगी तलवार निकालकर दुल्हन के भाई को घायल कर दिया। घटना के बाद दूल्हा बिना शादी किए ही बारात लेकर वापस लौट गया। परिजनों के अनुसार जैसे ही दुल्हन जयमाल स्टेज पर पहुंची, दूल्हे ने अचानक दहेज में मोटरसाइकिल और अंगूठी की मांग रख दी। दुल्हन पक्ष ने कुछ समय मांगा, लेकिन दूल्हा अपनी मांग पर अड़ा रहा। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई। मामले में लड़की के पिता ने थाने में एफआईआर दर्ज करा दी है। दूल्हे को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना मंगलवार रात की बछरावां थाना क्षेत्र की है। देवी खेड़ा मजरे राघवपुर गांव में मोहनलाल की बेटी प्रीती गौतम की शादी थी। बारात खचोहन का पुरवा से रामसागर के बेटे सूरज गौतम की आई थी। शाम को बारात पहुंची, जनवासे में स्वागत हुआ और बैंड-बाजे के साथ दूल्हे की अगवानी की गई। जयमाल की तैयारी पूरी थी और माहौल खुशी से भरा हुआ था। के बछरावां थाना क्षेत्र विवाद बढ़ने पर दूल्हे ने आपा खो दिया और दुल्हन के भाई धीरज के सिर पर तलवार से हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से शादी समारोह में अफरा-तफरी मच गई। घायल धीरज को तुरंत इलाज के लिए ले जाया गया। बिना शादी लौट गई बारात, पुलिस पहुंची मौके पर घटना के बाद दूल्हा जयमाल से पहले ही बारात लेकर वापस लौट गया। दुल्हन पक्ष का आरोप है कि उन्होंने पूरी व्यवस्था की थी और सिर्फ समय मांगा था, लेकिन लड़के वालों ने बात नहीं मानी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रयागराज में भीषण गर्मी के कारण बिजली आपूर्ति बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। चिलचिलाती धूप और लू के चलते बिजली की मांग चरम पर पहुंच गई है। घरों, दफ्तरों और दुकानों में एयर कंडीशनर, कूलर तथा पंखों के अत्यधिक उपयोग से बिजली व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ रहा है। बढ़ते बिजली लोड का सीधा असर ट्रांसफार्मरों पर दिख रहा है। अधिक तापमान और ओवरलोडिंग के कारण ट्रांसफार्मर तेजी से गर्म हो रहे हैं, जिससे उनके ट्रिप होने और खराब होने की आशंका बढ़ गई है। हाल ही में शहर के कई इलाकों में ट्रांसफार्मर ओवरहीट होने से बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायतें भी सामने आई थीं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए प्रयागराज पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम ने नई पहल शुरू की है। विभाग अब ट्रांसफार्मरों को ठंडा रखने के लिए कूलर और बड़े पंखों का उपयोग कर रहा है। शहर के प्रमुख पावर हाउसों में ट्रांसफार्मरों के सामने डेजर्ट कूलर लगाए गए हैं, ताकि उनके तापमान को नियंत्रित किया जा सके। यह व्यवस्था बमरौली, चौफटका और करेली जैसे क्षेत्रों के पावर हाउसों में भी लागू की गई है। यहां लगाए गए कूलर लगातार ठंडी हवा देकर मशीनों के तापमान को संतुलित बनाए रखने में मदद कर रहे हैं। बिजली विभाग का कहना है कि इस कदम से ट्रांसफार्मर ट्रिपिंग की समस्या काफी हद तक कम होगी और बिजली आपूर्ति निर्बाध रखने में मदद मिलेगी। हालांकि यह एक अस्थायी उपाय है, लेकिन मौजूदा भीषण गर्मी में यह काफी प्रभावी साबित हो रहा है। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे आने वाले दिनों में बिजली कटौती की समस्या में राहत मिलेगी।
डूंगरपुर में ऑटोमैटिक ड्राइविंग ट्रैक तैयार:लाइसेंस प्रक्रिया अब होगी तेज, कंप्यूटर तय करेगा पास-फेल
डूंगरपुर जिले के आरटीओ ऑफिस में 15 लाख रुपए की लागत से अत्याधुनिक स्वचालित (ऑटोमैटिक) ड्राइविंग ट्रैक बनकर तैयार हो गया है। इस ट्रैक के शुरू होते ही ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और निष्पक्ष हो जाएगी। अब लाइसेंस टेस्ट में पास या फेल का फैसला इंस्पेक्टर नहीं, बल्कि सेंसर और कंप्यूटर सिस्टम करेगा। साथ ही फेस आईडी तकनीक और स्लॉट बुकिंग जैसी सुविधाओं से आवेदकों को लंबी कतारों से राहत मिलेगी। आरटीओ कार्यालय में तैयार हुआ हाईटेक ट्रैक डूंगरपुर जिले के आरटीओ कार्यालय में नया अत्याधुनिक ऑटोमैटिक ड्राइविंग ट्रैक तैयार कर लिया गया है। यह ट्रैक आधुनिक तकनीक से लैस है, जिससे ड्राइविंग टेस्ट की पूरी प्रक्रिया पहले से अधिक आसान और भरोसेमंद बनेगी। सेंसर और कैमरे रखेंगे हर गतिविधि पर नजर जिला परिवहन अधिकारी मनीष माथुर ने बताया कि इस ट्रैक पर आधुनिक सेंसर और कैमरे लगाए गए हैं। टेस्ट के दौरान वाहन की हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखी जाएगी। यदि चालक नियमों के अनुसार वाहन चलाएगा तो सिस्टम स्वतः उसे पास घोषित करेगा, जबकि गलती होने पर फेल का परिणाम सामने आएगा। इंस्पेक्टर की भूमिका केवल निगरानी तक सीमित नई व्यवस्था में इंस्पेक्टर या डीटीओ की भूमिका केवल निगरानी तक सीमित रहेगी। पहले जहां पास-फेल का निर्णय अधिकारियों पर निर्भर होता था, अब यह पूरी तरह कंप्यूटर सिस्टम द्वारा सेंसर से मिले डेटा के आधार पर होगा। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और पक्षपात की संभावना खत्म होगी। फेस आईडी से होगी पहचान, स्लॉट बुकिंग की सुविधा ड्राइविंग टेस्ट शुरू करने से पहले आवेदक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए फेस आईडी तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा आवेदक अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन स्लॉट बुक कर सकेंगे। इससे लंबी कतारों और अनावश्यक इंतजार से राहत मिलेगी। सारथी सॉफ्टवेयर से जोड़ा जा रहा ट्रैक मनीष माथुर ने बताया कि फिलहाल इस ट्रैक को 'सारथी' सॉफ्टवेयर के साथ एकीकृत करने की प्रक्रिया चल रही है। मुख्यालय से अनुमति मिलते ही इसे आम जनता के लिए शुरू कर दिया जाएगा। सड़क सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा इस नई तकनीक से केवल कुशल और योग्य चालक ही ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त कर सकेंगे। इससे सड़क पर सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा मिलेगा और दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
करनाल में विधानसभा बहिष्कार के मुद्दे और किसानों की मांगों को लेकर अहम गतिविधियां सामने आईं। विधानसभा में कांग्रेस के बहिष्कार पर स्पीकर ने सख्त रुख दिखाते हुए नोटिस जारी किया है। वहीं करनाल में रिंग रोड को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच बैठक हुई, जिसमें सर्विस लेन बनाने पर सहमति बनी। किसान यूनियन ने इसे सकारात्मक बताते हुए धरना स्थगित करने का निर्णय लिया है। संविधान और नियमों के तहत ही चलता है सदनहरियाणा विधानसभा स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने कांग्रेस के बहिष्कार के मामले में कहा कि देश संविधान के अनुरूप चलता है और सभी संवैधानिक संस्थाओं की जिम्मेदारी है कि व्यवस्था सुचारू रूप से चले। उन्होंने कहा कि सदन में हर कार्य नियमों और प्रक्रिया के तहत होता है। अगर कहीं कोई कमी रहती है तो सदन की गरिमा और परंपराओं को बनाए रखने के लिए कदम उठाने पड़ते हैं। नेता प्रतिपक्ष, सरकार और सचिवालय से मांगी रिपोर्टस्पीकर हरविंद्र कल्याण ने बताया कि इस मामले में नेता प्रतिपक्ष के साथ-साथ सरकार से भी टिप्पणी मांगी गई है। साथ ही विधानसभा सचिवालय को पूरे मामले पर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके और आगे की कार्रवाई तय की जा सके। करनाल शुगर मिल रेस्ट हाउस में हुई अहम बैठककरनाल शुगर मिल के रेस्ट हाउस में हरविंद्र कल्याण, भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधियों और एनएचएआई अधिकारियों के बीच बैठक हुई। इस बैठक में करनाल रिंग रोड के साथ सर्विस लेन बनाने का मुद्दा प्रमुख रूप से उठाया गया। 4 महीने से धरने पर बैठे किसान, अब सहमति बनीभाकियू के प्रदेश अध्यक्ष रतनमान ने बताया कि रिंग रोड के पास सर्विस लेन की मांग को लेकर किसान करीब 4 महीने से धरने पर बैठे थे। बुधवार को हुई बैठक में किसानों ने अपनी मांगें रखीं, जिस पर स्पीकर ने भरोसा दिलाया कि सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि कई स्थानों पर सर्विस लेन बनाई जाएगी। इस आश्वासन के बाद किसान संतुष्ट हुए और धरना स्थगित करने पर सहमति बन गई। बायोमेट्रिक को लेकर नेताओं पर तंजरतनमान ने मंडियों में बायोमेट्रिक व्यवस्था को लेकर नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि जब नेता गांवों में वोट मांगने आएंगे, तो उनके लिए भी बायोमेट्रिक मशीन लगाई जाएगी, ताकि उन्हें इसकी असलियत समझ आ सके। उन्होंने कहा कि बायोमेट्रिक के जरिए किसानों को परेशान किया जा रहा है और नए पोर्टल व नियमों में उन्हें उलझाया जा रहा है। मंडियों में तालाबंदी, 30 अप्रैल को जींद में बड़ी बैठकरतनमान ने बताया कि इन समस्याओं के विरोध में मंडियों में तालाबंदी की गई है और किसानों की मांगें सरकार के सामने रखी गई हैं। उन्होंने कहा कि 30 अप्रैल को जींद में एक बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें आगे की रणनीति तय होगी। रिंग रोड प्रोजेक्ट पर लगातार हो रही समीक्षाहरविंद्र कल्याण ने बताया कि करनाल रिंग रोड निर्माणाधीन है और इसे लेकर किसानों की तरफ से समय-समय पर कई मुद्दे सामने आए हैं। इन सभी पर प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए समीक्षा बैठकें की हैं। किसानों की मुख्य मांग सर्विस लेन की थी, ताकि उन्हें आने-जाने में परेशानी न हो। एनएचएआई ने दी स्वीकृति, जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया होगी शुरूउन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर एनएचएआई और केंद्रीय मंत्री से भी बातचीत की गई थी। अब एनएचएआई ने सर्विस लेन के लिए स्वीकृति दे दी है और संबंधित क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण किया जाएगा। इसके बाद मामला हरियाणा सरकार के पास जाएगा, जहां से फंडिंग की जाएगी। मुख्यमंत्री से भी हुई चर्चा, धरना खत्म करने की अपीलस्पीकर ने कहा कि इस पूरे विषय पर मुख्यमंत्री से भी चर्चा की गई है। बैठक में मौजूद किसानों को सभी जानकारी दी गई, जिस पर वे सहमत नजर आए। उन्होंने किसानों से धरना समाप्त करने की अपील भी की, जिसे किसानों ने स्वीकार कर लिया।
पीथमपुर के सेक्टर-1 थाना क्षेत्र में महू-नीमच मार्ग पर बीती रात एक अज्ञात युवक का शव मिला। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू की। शिनाख्त नहीं हो पाईपुलिस के अनुसार, मृतक की उम्र करीब 25 से 28 वर्ष के बीच है। तलाशी के दौरान उसके पास कोई पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं मिले, जिससे उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है। शरीर पर मिले निशानमृतक के चेहरे पर रगड़ के निशान हैं। वहीं उसके हाथ पर “A V P” लिखा हुआ टैटू बना है, जो पहचान में सहायक हो सकता है। हादसे की आशंकाप्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि युवक की मौत सड़क दुर्घटना में हुई है। माना जा रहा है कि किसी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मारी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पहचान के प्रयास जारीपुलिस ने पंचनामा बनाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया है। आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को युवक की पहचान के बारे में जानकारी हो, तो सेक्टर-1 थाना पुलिस से संपर्क करें। फिलहाल शव को मर्च्युरी में सुरक्षित रखा गया है।
आगरा के सिकंदरा क्षेत्र में ऑनलाइन ठगी का नया मामला सामने आया है। पश्चिमपुरी निवासी दीपक जैन के क्रेडिट कार्ड से बिना OTP आए 33,146 रुपए निकल गए। पीड़ित को धोखाधड़ी का पता तब चला जब वह कार्ड का बकाया भर रहा था। स्टेटमेंट में अनजान ट्रांजैक्शन देख होश उड़ गए। पीड़ित ने सिकंदरा थाने में FIR के लिए तहरीर दी है। दीपक पश्चिमपुरी के रहने वाले हैं। उन्होंने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 28 मार्च को दोपहर 12 बजे करीब उनके क्रेडिट कार्ड नंबर से 33,146.91 रुपए निकल गए। रकम Cheq ऑनलाइन ऐप के जरिए निकाली गई है। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने यह ट्रांजैक्शन किया ही नहीं। न किसी को OTP, CVV या PIN बताया। हैरानी की बात ये है कि लेन-देन के वक्त मोबाइल पर न OTP आया और न ही बैंक का कोई SMS या ईमेल अलर्ट मिला। कार्ड का बकाया चुकाते समय स्टेटमेंट देखा तो फ्रॉड का पता चला। घटना के तुरंत बाद दीपक ने बैंक कस्टमर केयर को सूचना देकर कार्ड ब्लॉक करा दिया। साथ ही राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई। दीपक ने सिकंदरा पुलिस से IPC और IT एक्ट की धाराओं में FIR दर्ज करने की मांग की है। तहरीर में बैंक, पेमेंट गेटवे और Cheq ऐप से IP एड्रेस, डिवाइस डिटेल्स जैसी तकनीकी जानकारी निकलवाने और 33,146 रुपए की रिकवरी कराने की अपील की है। इस घटना से आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक तनाव भी हुआ है।
बहादुरगढ़ में विधायक राजेश जून के बेटे सचिन जून के विवाह समारोह के दौरान एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने सोशल मीडिया पर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज कर दी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी जब समारोह में पहुंचे तो विधायक राजेश जून स्वयं उन्हें रिसीव कर पंडाल की ओर लेकर जा रहे थे। इसी दौरान बहादुरगढ़ नगर परिषद के पूर्व वाइस चेयरमैन धर्मवीर वर्मा ने मुख्यमंत्री को एक कागज सौंप दिया, जिस पर विधायक राजेश जून ने नाराजगी जताते हुए उन्हें मौके पर ही टोक दिया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और चर्चाओं का विषय बन गया। बहादुरगढ़ में आयोजित विधायक राजेश जून के पुत्र सचिन जून के विवाह समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सैनी की मौजूदगी के बीच एक छोटा-सा घटनाक्रम अचानक चर्चा का विषय बन गया। मुख्यमंत्री जैसे ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, विधायक राजेश जून ने उनका पारंपरिक स्वागत किया और उन्हें कार्यक्रम स्थल के भीतर लेकर जा रहे थे। इसी दौरान बहादुरगढ़ नगर परिषद के पूर्व वाइस चेयरमैन धर्मवीर वर्मा मुख्यमंत्री के पास पहुंचे और उन्हें एक कागज सौंप दिया। यह दृश्य देखते ही विधायक राजेश जून ने नाराजगी भरे अंदाज में धर्मवीर वर्मा को टोका और कहा— “वर्मा जी ऐसा मत करो, कल को आपका भी कोई प्रोग्राम होगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विधायक ने यह बात उंगली दिखाते हुए कही, जिससे मौके पर कुछ देर के लिए माहौल गंभीर हो गया। हालांकि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने वह कागज अपने हाथ में लेकर तुरंत अपने पीए को सौंप दिया और कार्यक्रम में आगे बढ़ते हुए अन्य मेहमानों से मिलना शुरू कर दिया। लेकिन इस दौरान विधायक राजेश जून लगातार धर्मवीर वर्मा को समझाते नजर आए कि निजी पारिवारिक समारोह में इस तरह ज्ञापन या कागज देना उचित नहीं है। घटना का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई लोगों ने इसे विधायक की नाराजगी के रूप में देखा, जबकि कुछ लोगों ने इसे कार्यक्रम की मर्यादा बनाए रखने की कोशिश बताया। जब इस मामले में धर्मवीर वर्मा से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को कोई ज्ञापन नहीं दिया था, बल्कि टाउन प्लानिंग से संबंधित एक कागज सौंपा था। उनके अनुसार मुख्यमंत्री ने कागज लेते हुए आश्वासन दिया कि उस पर काम किया जाएगा। विधायक की नाराजगी के सवाल पर धर्मवीर वर्मा ने कहा कि राजेश जून नाराज नहीं थे, उन्होंने मजाकिया लहजे में केवल इतना कहा था कि धर्मवीर, कल को तुम्हारा भी कोई कार्यक्रम होगा। वहीं विधायक राजेश जून ने भी पूरे घटनाक्रम को सामान्य बताते हुए कहा कि यह कोई बड़ी बात नहीं थी और ऐसे प्रसंग सार्वजनिक जीवन में होते रहते हैं। उन्होंने कहा कि इसे अनावश्यक रूप से बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। फिलहाल वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है, हालांकि दोनों पक्ष इसे सामान्य बातचीत और रूटीन घटना बता रहे हैं।
हेरोइन, अफीम, चूरा-पोस्त के साथ 3 बदमाश गिरफ्तार:नशे के खिलाफ विशेष अभियान में की 3 कार्रवाई
हनुमानगढ़ में पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत 3 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इन कार्रवाइयों में हेरोइन, अफीम और चूरा-पोस्त बरामद किया गया। यह कार्रवाई जिले के अलग-अलग थाना इलाकों में की गई। पहली कार्रवाई हनुमानगढ़ टाउन थाना पुलिस ने की। गश्त के दौरान पुलिस ने मुंडा निवासी विनोद कुमार (27) को 51 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) और 4450 रुपए की नकदी के साथ पकड़ा। बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 10 लाख रुपए बताई गई है। दूसरी कार्रवाई साइबर थाना पुलिस ने की। पुलिस ने 500 ग्राम अफीम बरामदगी के एक पुराने मामले में वांछित आरोपी जसपाल आंजना उर्फ बिरजू (43) को गिरफ्तार किया। वह प्रतापगढ़ के गंधेर का निवासी है। पुलिस के अनुसार, जसपाल के खिलाफ पहले भी मादक पदार्थों की तस्करी के मामले दर्ज हैं। तीसरी कार्रवाई संगरिया थाना पुलिस ने की। पुलिस ने 25 मार्च के एक पुराने मामले में फरार चल रहे आरोपी जसकरण सिंह उर्फ जस्सा (50) को गिरफ्तार किया। जसकरण मलखेड़ा का निवासी है। इस मामले में उसकी गाड़ी से 2 किलो 600 ग्राम चूरा पोस्त बरामद किया गया था, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था। तीनों आरोपियों पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
नीमच के रतनगढ़ थाना क्षेत्र में सिंगोली मार्ग पर कुख्यात तस्कर पप्पू धाकड़ ने पैरोल पर जेल से बाहर आए अशोक धाकड़ पर जानलेवा हमला कर दिया। दरअसल, आरोपी तस्कर ने युवक की बाइक को टक्कर मारी। इसके बाद उसे वाहन से कुचलने की भी कोशिश की। स्कॉर्पियो से टक्कर मारने के बाद अशोक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। पत्नी को ससुराल छोड़कर बाइक से गांव लौट रहे थेजानकारी के मुताबिक, हाथीपुरा निवासी अशोक धाकड़ अपनी पत्नी को ससुराल छोड़कर बाइक से गांव लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे पप्पू धाकड़ और उसके साथियों ने उनकी बाइक को स्कॉर्पियो से टक्कर मार दी और कुचलने की कोशिश की। इस हमले में अशोक के हाथ, पैर और कमर में गंभीर चोटें आई हैं। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। मुखबिरी की शव में जानलेवा हमला कियापरिजनों के अनुसार, करीब तीन साल पहले हुए एक विवाद के बाद पप्पू धाकड़ को अशोक पर मुखबिरी का शक था। इसी के चलते वह लगातार अशोक और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहा था।घायल के पिता देवीलाल धाकड़ ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पहले भी सुरक्षा की मांग को लेकर थाने में आवेदन दिया गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से आरोपियों के हौसले बढ़े और यह हमला हुआ। वाहन जब्त, आरोपियों की तलाश जारीरतनगढ़ पुलिस ने घटना में इस्तेमाल स्कॉर्पियो वाहन को जब्त कर लिया है। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। घायल अशोक का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है। पिता बोले-परिवार को जान से मार सकता है आरोपी घायल अशोक धाकड़ के पिता देवीलाल धाकड़ ने बताया कि उनका बेटा अपनी पत्नी को ससुराल छोड़कर वापस हाथीपुरा लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में तस्कर पप्पू धाकड़ अपने साथियों के साथ स्कॉर्पियो लेकर आया और अशोक की बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में अशोक का हाथ फ्रैक्चर हो गया है और पेट में भी गंभीर चोट आई है। फिलहाल उनका इलाज आईसीयू में चल रहा है। देवीलाल धाकड़ ने आगे बताया कि करीब तीन साल पुराने एक मामले को लेकर विवाद चल रहा है। पप्पू धाकड़ को शक है कि अशोक ने उसकी मुखबिरी की थी। इसी कारण वह लगातार उनके बेटे और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहा था। उन्होंने बताया कि अशोक एक मामले में पिछले तीन साल से जेल में बंद था और हाल ही में पैरोल पर बाहर आया था। देवीलाल धाकड़ ने आशंका जताई है कि आरोपी पप्पू धाकड़ उनके बेटे और परिवार को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा पेपर लीक मामले में फरार चल रहे आरोपी वेणु जंघेल पर रायपुर पुलिस ने 5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। सिटी कोतवाली थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 130/2026 में आरोपी की लंबे समय से तलाश की जा रही है, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हो सकी। अब पुलिस ने आरोपी की सूचना देने या गिरफ्तारी कराने वाले को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस के मुताबिक आरोपी वेणु जंघेल (18) बेमेतरा जिले के बोरतरा गांव का निवासी है। वह वर्तमान में रायपुर के अशोक नगर गुढ़ियारी में रह रहा था। आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ परीक्षा अधिनियम की धारा 4, 5, 10 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316 के तहत मामला दर्ज है। यह मामला 14 मार्च 2026 को सामने आए परीक्षा अनियमितता और पेपर लीक केस से जुड़ा है। डिप्टी पुलिस कमिश्नर ने जारी की उद्घोषणा सेंट्रल जोन के डिप्टी पुलिस कमिश्नर डॉ. अर्चना झा ने रायपुर पुलिस रेग्युलेशन के पैरा 80-ए के तहत इनाम की उद्घोषणा जारी की है। आदेश में कहा गया है कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए छिपा हुआ है और उसके स्वच्छंद घूमने से समाज के लिए खतरा हो सकता है। सूचना देने वाले को मिलेगा इनाम पुलिस ने कहा है कि जो व्यक्ति आरोपी को गिरफ्तार करेगा, गिरफ्तारी में मदद करेगा या ऐसी पुख्ता सूचना देगा, जिससे आरोपी की विधिपूर्वक गिरफ्तारी हो सके। उसे 5 हजार रुपए का नगद पुरस्कार दिया जाएगा। इनाम वितरण पर अंतिम निर्णय डिप्टी पुलिस कमिश्नर मध्य क्षेत्र का होगा। पेपर लीक मामले में बढ़ी कार्रवाई 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम जारी होने से ठीक पहले इस कार्रवाई को अहम माना जा रहा है। पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। अब इनाम घोषित होने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी है।
जयपुर के जयसिंहपुरा खोर थाना क्षेत्र में एक फल-सब्जी विक्रेता के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार 2 नंबर बस स्टैंड के पास फल-फ्रूट व सब्जी की दुकान लगाने वाले पप्पू लाल सैनी के साथ 27 अप्रैल की रात करीब 10 बजे यह घटना हुई। पीड़ित पप्पू लाल सैनी ने बताया कि कुण्ड रोड निवासी मोहित शर्मा उसकी दुकान पर नींबू खरीदने आया था। नींबू लेने के बाद जब उससे पैसे मांगे गए तो उसने भुगतान करने से इनकार कर दिया। इस बात को लेकर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद मोहित शर्मा ने गाली-गलौच करते हुए लकड़ी के डंडे से पप्पू लाल सैनी पर हमला कर दिया। हमले में पप्पू लाल सैनी के दोनों हाथों और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। घटना के दौरान आसपास मौजूद दुकानदारों और राहगीरों ने बीच-बचाव कर पीड़ित को आरोपी से छुड़ाया। पीड़ित के अनुसार, जाते समय आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी। पप्पू लाल सैनी ने बताया कि आरोपी मोहित इससे पहले भी उसकी दुकान से उधार सब्जी लेकर गया था। जिसका पैसा नहीं दिया। 27 अप्रैल की रात जब मोहित अपने साथियों के साथ आया तो उधारा नींबू और सब्जी देने के लिए दबाव बना रहा था। मना करने पर उसने अपने साथियों के साथ दुकान में मेरे साथ मारपीट की। दुकान में लगे सीसीटीवी में मारपीट रिकॉर्ड हो गई जिसमें मोहित और उसके साथ मुझे लाठी-डंडों से पीट रहे है। हालांकि जब इनको सीसीटीवी दिखा तो उन लोगों ने मुझे दुकान से बाहर ले जाकर भी पीटा। लोगों की भीड़ एकत्रित होती देखकर युवक मौके से हुए फरार हो गए। पीड़ित ने इस संबंध में पुलिस थाना जयसिंहपुरा खोर में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश जारी है।
जयपुर की युवा उद्यमी मेघा सोनी ने एक बार फिर शहर का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। मेघा सोनी को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित समारोह में राष्ट्रीय रत्न सम्मान-2026 से सम्मानित किया गया। उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान उभरते लक्जरी सिल्वर ज्वेलरी ब्रांड श्रेणी में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया। देश की अलग-अलग क्षेत्र की प्रतिभाओं का सम्मान यह सम्मान मेघा सोनी को उनके चर्चित और तेजी से लोकप्रिय हो रहे सिल्वर ज्वेलरी ब्रांड ‘गजाह’ के लिए दिया गया। कम समय में ही ‘गजाह’ ने सिल्वर ज्वेलरी सेक्टर में अपनी अलग पहचान बनाई है। आधुनिक डिजाइनों, पारंपरिक भारतीय कला और उत्कृष्ट गुणवत्ता के कारण यह ब्रांड ग्राहकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ है और खासतौर पर महिलाओं की पहली पसंद बनकर उभरा है। नई दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में आयोजित इस सम्मान समारोह में देशभर से विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। समारोह की मुख्य अतिथि सांसद एवं पद्मश्री सम्मानित अभिनेत्री कंगना रनौत रहीं, जिन्होंने मेघा सोनी को मंच पर यह सम्मान प्रदान किया। सोनी बोलीं- ये ज्वेलरी ब्रांड नहीं, भारतीय कला का संगम है पुरस्कार प्राप्त करने के बाद मेघा सोनी ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए गर्व, प्रेरणा और जिम्मेदारी तीनों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य भारतीय पारंपरिक शिल्प, हस्तकला और आधुनिक फैशन को एक मंच पर लाकर महिलाओं के लिए प्रीमियम, आकर्षक और विशिष्ट ज्वेलरी उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि ‘गजाह’ केवल एक ज्वेलरी ब्रांड नहीं, बल्कि भारतीय कला और आधुनिक सौंदर्यबोध का संगम है। मेघा सोनी ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने परिवार, टीम और ग्राहकों को दिया। उन्होंने कहा कि उनके विश्वास, सहयोग और निरंतर समर्थन के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में और बेहतर काम करने तथा भारतीय ज्वेलरी को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रेरित करेगा।
रायबरेली में नवजीवन अस्पताल में महिला की मौत:परिजनों ने लगाया लापरवाही और लूट का आरोप, अस्पताल सील
रायबरेली के मिल एरिया थाना क्षेत्र स्थित नवजीवन अस्पताल में मंगलवार शाम 4 बजे 34 वर्षीय सीमा नामक महिला की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज के नाम पर धोखाधड़ी और 'लूट' का गंभीर आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने अस्पताल को सील कर दिया है। परिजनों के अनुसार, सीमा एक सड़क हादसे में घायल हुई थीं। उन्हें जिला अस्पताल और एम्स से रेफर किए जाने के बाद सोमवार शाम 8 बजे सारस चौराहे के पास स्थित नवजीवन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर शैलेश श्रीवास्तव ने महिला को जल्द स्वस्थ करने का आश्वासन दिया और किस्तों में अब तक डेढ़ लाख रुपये वसूल लिए। परिजनों ने यह भी दावा किया कि सीमा की मौत काफी पहले हो चुकी थी, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने उनसे पैसे ऐंठने के लिए उन्हें गुमराह किया और मौत की सही जानकारी नहीं दी। घटना की सूचना मिलते ही मिल एरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. नवीन चंद्र ने तत्काल जांच के आदेश दिए। दैनिक भास्कर की खबर और परिजनों के भारी विरोध के बाद विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, अस्पताल में गंदगी और मूलभूत सुविधाओं का भारी अभाव पाया गया। लापरवाही की पुष्टि होने पर अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। सीएमओ डॉ. नवीन चंद्र ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बुरहानपुर में मक्का की फसल में लगी आग:एक एकड़ फसल जली; फायर फायटर ने बुझाया
बुरहानपुर जिले के ग्राम भावसा में बुधवार सुबह एक खेत में खड़ी मक्का की फसल में आग लग गई। इस घटना में करीब एक एकड़ फसल जलकर खाक हो गई, हालांकि फायर फायटर की मदद से आग पर काबू पा लिया गया। यह खेत किसान रविंद्र त्रयंबक पाटिल का है, जो बंभाड़ा निवासी हैं। उन्होंने अपने खेत में चार एकड़ में मक्का की फसल लगाई थी। आग लगने का कारण अभी अज्ञात है। भावसा के किसान गफ्फार मंसूरी ने बताया कि आग लगने की सूचना तत्काल नगर परिषद शाहपुर को दी गई। शाहपुर से फायर फायटर मौके पर पहुंचा और स्थानीय किसानों की मदद से कुछ ही देर में आग पर नियंत्रण पा लिया गया। आग लगने से लगभग एक एकड़ मक्का की फसल पूरी तरह जल गई। फायर फायटर और किसानों के प्रयासों से शेष तीन एकड़ फसल को जलने से बचा लिया गया। किसान रविंद्र त्रयंबक पाटिल के अनुसार, उन्हें करीब 60 से 70 हजार रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। घटना की सूचना मिलने पर पटवारी ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा बनाया।
शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस ने ड्राइविंग के दौरान मोबाइल इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया है। ट्रैफिक पुलिस ने अलग-अलग चौराहों पर कार्रवाई करते हुए 118 वाहन चालकों के चालान बनाए गए, वहीं 72 के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस का फोकस उन चालकों पर है जो टू-व्हीलर या फोर-व्हीलर चलाते समय मोबाइल पर बात करते या उसका इस्तेमाल करते हुए पाए जा रहे हैं। डीसीपी राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत मंगलवार को सघन चेकिंग के दौरान बड़ी कार्रवाई की गई। पुलिस के मुताबिक, वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल न सिर्फ चालक के लिए बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों के लिए भी गंभीर खतरा बनता है। यह सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में से एक है। गंभीर उल्लंघन को देखते हुए 72 वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई भी की गई है। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग न करें और नियमों का पालन करें।
सोनीपत में दिनदहाड़े ऑटो ड्राइवर पर हमला करने का मामला सामने आया है। ड्राइवर ने दो युवकों से किराया मांगा तो दोनों ने हमला कर दिया। कुंडली बॉर्डर से नाथूपुर मोड़ तक सवारी लेकर पहुंचे चालक से जब किराया मांगा गया, तो दो युवकों ने पहले उसके साथ मारपीट की और फिर चाकू से हमला कर दिया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल चालक को पहले सिविल अस्पताल सोनीपत लाया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर उसे रोहतक रेफर कर दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। कुंडली बॉर्डर से बैठी सवारियां गांव कवाली निवासी 35 वर्षीय अनिल ने बताया कि वह कुंडली सिंधु बॉर्डर से सोनीपत तक ऑटो चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। घटना के दिन उसकी ऑटो में दो युवक नाथूपुर जाने के लिए बैठे थे। जैसे ही वह गांव नाथूपुर के मोड़ पर पहुंचा और सवारियों से 40 रुपये किराया मांगा, उसी दौरान दोनों युवक भड़क गए और विवाद शुरू हो गया। पहले बेल्ट से पिटाई, फिर चाकू से किया हमला अनिल के अनुसार, किराया मांगने पर दोनों युवकों ने पहले बेल्ट से उसकी पिटाई शुरू कर दी। जब उसने विरोध किया तो आरोपियों ने चाकू निकालकर उस पर कई वार कर दिए। अचानक हुए इस हमले में अनिल गंभीर रूप से घायल हो गया और खून से लथपथ होकर वहीं गिर पड़ा। मोबाइल फोन भी ले उड़े आरोपी, वारदात के बाद फरार हमले के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। कुछ देर बाद अनिल को एहसास हुआ कि उसका मोबाइल फोन भी गायब है। आशंका है कि हमलावर ही उसका फोन लूटकर ले गए। घायल हालत में दिखाई हिम्मत, खुद ही पहुंचा अस्पताल गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद अनिल ने हिम्मत नहीं हारी। उसने किसी अन्य व्यक्ति से फोन लेकर अपने भाई कुलदीप को घटना की जानकारी दी और खुद ही किसी तरह सिविल अस्पताल सोनीपत पहुंचा। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे रोहतक रेफर कर दिया गया। पुलिस जांच में जुटी, CCTV खंगालकर आरोपियों की तलाश घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हमलावरों की पहचान हो सके। पुलिस का कहना है कि पीड़ित के बयान के आधार पर जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
हरदा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर अमृत भारत एक्सप्रेस पहुंची। पहले दिन यह ट्रेन 15 मिनट की देरी से आई। बुधवार को केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उइके सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और रेलवे अधिकारियों ने ट्रेन का स्वागत किया और इसे हरी झंडी दिखाकर आगे के सफर के लिए रवाना किया। 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली यह ट्रेन उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को जोड़ेगी। इससे मध्यम और सामान्य वर्ग के यात्रियों को आवागमन में विशेष सुविधा मिलेगी। मध्यम और सामान्य वर्ग को होगा सबसे बड़ा लाभकेंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री डी.डी. उइके ने कहा, बनारस-हड़पपुर-बनारस अमृत भारत एक्सप्रेस के शुरू होने से हरदा और आसपास के क्षेत्र को व्यापार, पर्यटन और यात्री सुविधा में बढ़ावा मिलेगा। यह ट्रेन आधुनिक रेल सुविधाओं से सुसज्जित है। इसका सबसे बड़ा लाभ मध्यम एवं सामान्य वर्ग के यात्रियों को होगा। इस ट्रेन के प्रारंभ होने से क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। अतिथियों ने रेल चालक दल का शॉल, श्रीफल और पुष्पहार से स्वागत किया तथा यात्रियों को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान विधायक डॉ. आर.के. दोगने, पूर्व मंत्री कमल पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेशसिंह वर्मा और नगर पालिका अध्यक्ष भारती कमेडिया, रेल उपयोगकर्ता सालाहकार समिति सदस्य सुयोग सोनी मौजूद रहे। बिना मांगे मिली सौगात, 20 स्टेशनों पर होगा स्टॉपेजविधायक डॉ. आर.के. दोगने ने कहा, इस ट्रेन से जिले के यात्रियों को पुणे से बनारस के बीच आवागमन की सुविधा मिलेगी। जिले के नागरिकों को इस ट्रेन की सुविधा मिलने पर शुभकामनाएं। उल्लेखनीय है कि हरदा स्टेशन पर लंबे समय से कर्नाटक और सचखंड जैसी ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग की जा रही थी, लेकिन अमृत भारत एक्सप्रेस की सौगात बिना मांगे ही मिल गई। यह ट्रेन बनारस से हडपसर (पुणे) के बीच 20 रेलवे स्टेशनों पर रुकेगी। इनमें बनारस, ज्ञानपुर रोड, प्रयागराज, फतेहपुर, गोविंदपुरी, ओराई, झांसी, बीना, रानी कमलापति, नर्मदापुरम, इटारसी, हरदा, खंडवा, भुसावल, जलगांव, मनमाड़, कोपरगांव, अहिल्याबाई नगर, डाउंड कोर्ड लाइन और हडपसर रेलवे स्टेशन शामिल हैं। 22 कोच की ट्रेन में प्रत्येक सीट पर चार्जिंग व स्नैक टेबलअपर मंडल रेल प्रबंधक अविराम खरे ने बताया, 110 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड तक चलने वाली यह अमृत भारत एक्सप्रेस अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। इस ट्रेन में प्रत्येक सीट पर मोबाइल चार्जिंग एवं स्नैक टेबल की सुविधा रहेगी। ट्रेन की सीटों को आरामदायक बनाया गया है। इस ट्रेन में शयनयान (स्लीपर) श्रेणी के 8, सामान्य द्वितीय श्रेणी के 11, एसएलआरडी के 2 और 1 पैंट्री कार सहित कुल 22 कोच लगाए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत दिवस बनारस में इस ट्रेन का शुभारंभ किया था। स्कूली बच्चों ने दी प्रस्तुतियां, विजेता हुए पुरस्कृतअमृत भारत एक्सप्रेस के संचालन से यात्रियों को बेहतर गति और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। स्वागत कार्यक्रम के अवसर पर स्कूली विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए और एक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई। इस मौके पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में सीनियर डीसीएम (वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबन्धक) श्याम सिंह बरेडिया, कलेक्टर सिद्धार्थ जैन, पुलिस अधीक्षक शशांक सहित रेलवे के अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। देखिए तस्वीरें…
अंबेडकरनगर में झाड़ी में मिला युवक का शव:शिनाख्त में जुटी पुलिस, मौत का कारण स्पष्ट नहीं
अंबेडकरनगर के कटका थाना क्षेत्र में अमड़ी टोल प्लाजा के पास हाइवे किनारे झाड़ियों में एक युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना बुधवार सुबह सामने आई, जब स्थानीय लोगों ने झाड़ियों में एक युवक का शव देखा। शव मिलने की खबर तेजी से फैली और आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही कटका थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने युवक की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी। इसके बाद, पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। कटका थानाध्यक्ष ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस युवक की पहचान और मौत के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
गोरखपुर में बेकाबू ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से बीएसएफ जवान की मौत हो गई। बुधवार सुबह 8 बजे जोरदार टक्कर के बाद ट्रॉली ने उन्हें 10 मीटर तक घसीटा। जिससे मांस के टुकड़े सड़क पर बिखर गए। दुर्घटना के कुछ देर बाद वह सड़क पर ही तड़पते रहें। राहगीरों ने उन्हें गोरखपुर ले जाने के लिए एम्बुलेंस बुलाई लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। मृतक बीएसएफ जवान असम में तैनात थे। बीते 21 अप्रैल को वह गांव लौटे थे। वह निजी काम से चौरीचौरा जा रहे थे। तभी परसौनी के पास एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी। वह सड़क पर गिरकर घायल हो गए। हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। बीएसएफ जवान की मौत के बाद पत्नी और परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने ट्रैक्टर को कब्जे में लेकर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। हादसा झंगहा थाना क्षेत्र के परसौनी में हुआ। अब पूरा मामला पढ़िए ... ब्रह्मपुर विकास खंड के ग्राम बेलवा निवासी पवन(35) पुत्र बुद्धू प्रसाद 21 अप्रैल को ही छुट्टी लेकर अपने परिवार के बीच लौटे थे। झंगहा थाना क्षेत्र के परसौनी में एक बेकाबू ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बीएसएफ जवान की कुचल दिया। हादसे में पवन की मौत हो गई। घायल हालत में वह कुछ देर वहीं पड़े तड़पते रहें। राहगीरों ने पुलिस टीम और एम्बुलेंस को हादसे की सूचना दी। जिसके बाद उन्हें गोरखपुर इलाज के लिए ले जाया जा रहा था। रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। पवन किसी निजी काम से चौरीचौरा जा रहे थे। परसौनी के पास पहुंचते ही हादसा हो गया। पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पवन सड़क किनारे गिर गए। ट्रैक्टर-ट्रॉली के पहिए में फंसकर कुछ दूर तक घसीटते हुए गए। जिससे उनका पैर फट गया। मांस के टुकड़े काफी दूर तक पड़े दिखें। अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से गंभीर हालत में पवन को इलाज के लिए गोरखपुर ले जाया जा रहा था। रास्ते में उनकी हालत बिगड़ती गई और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद घर में कोहराम मच गया। पवन के परिवार में पत्नी चंदा, बेटा अभय(5) और बेटी हर्षिता(2) हैं। 21 अप्रैल को आए थे घर, बच्चों में मातम पवन बीएसएफ (BSF) में तैनात थे और वर्तमान में उनकी पोस्टिंग असम में थी। वह महज 8 दिन पहले ही छुट्टी पर घर आए थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि दुर्घटना के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली का चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में ले लिया है और आगे की कार्रवाई कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कल गुरुवार 30 अप्रैल को प्रस्तावित नरसिंहपुर दौरा रद्द कर दिया गया है। वे भगवान नरसिंह जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे। नरसिंह जयंती पर था कार्यक्रमनगर पालिका क्षेत्र में नरसिंह जयंती के मौके पर नगर गौरव दिवस, भ्रमण, रोड शो और आमसभा का आयोजन रखा गया था। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की उपस्थिति तय थी, लेकिन अब उनका दौरा निरस्त हो गया है। आकस्मिक कारण से लिया फैसलाकलेक्टर रजनी सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के आकस्मिक कार्यक्रम के चलते उनका नरसिंहपुर दौरा रद्द किया गया है। हालांकि, आकस्मिक कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। महोत्सव में नहीं हो पाएंगे शामिलमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का नरसिंह महोत्सव में शामिल होने का कार्यक्रम तय था, लेकिन दौरा रद्द होने के कारण अब वे इस आयोजन में उपस्थित नहीं हो पाएंगे।
उन्नाव में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जनपद में तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से लोगों की दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो गई है। तेज धूप और लू के थपेड़ों के चलते बुधवार दोपहर सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। लोग केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं, और बाहर निकलने वाले लोग भी गर्म हवाओं तथा तपती धूप से परेशान दिखे। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर है, जहां लगातार बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। घंटों बिजली गुल रहने से पंखे और कूलर बंद पड़े हैं, जिससे दिन और रात दोनों समय गर्मी व उमस का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए हालात अधिक कठिन हो गए हैं। भीषण गर्मी का सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दिख रहा है। जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। स्थिति यह है कि एक-एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है, और इमरजेंसी वार्ड भी पूरी तरह भरा हुआ है। अस्पताल में बुखार, उल्टी और दस्त से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डॉक्टरों के अनुसार, लू लगने और दूषित पानी के सेवन से लोग अधिक बीमार पड़ रहे हैं। अस्पताल प्रशासन पर भी दबाव बढ़ गया है। सीमित संसाधनों के बीच बढ़ती मरीजों की संख्या को संभालना एक चुनौती बन गया है। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को सभी मरीजों को समय पर उपचार देने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़ रहे हैं। इस बीच, अपर जिलाधिकारी सुशील कुमार गोंड ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे अत्यधिक आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। उन्होंने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्का और सुपाच्य भोजन करने तथा धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
दौसा से कांग्रेस विधायक दीनदयाल बैरवा ने भाजपा प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल पर विवादित बयान दिया है। बैरवा ने कहा- युवाओं ने उनके बयान को लेकर बेहद आक्रोश है, अगर वे कहीं मिल गए तो तो उनकी वो हालत होगी कि सोच नहीं सकते। उन्हें लोग जूतों की माला पहना देंगे। अब वो कभी दौसा के आसपास नहीं आ सकेंगे। हमारे कार्यकर्ताओं ने उन्हें चिन्हित कर लिया है। कब वो राजस्थान आते हैं। बुधवार को दौसा में सचिन पायलट पर बीजेपी प्रदेश प्रभारी की बहरूपिया कहने वाली टिप्पणी के विरोध में कांग्रेस द्वारा कलेक्ट्रेट के सामने आयोजित विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा समेत अन्य नेता मौजूद रहे। बैरवा ने कहा- राधामोहन दास अग्रवाल का बयान अमर्यादित था। उन्होंने पहले भी एक बार सचिन पायलट के बारे में टिप्पणी की थी। युवा अब आक्रोशित हैं, दौसा के अलावा वे कहीं भी मिल गए तो उनकी वो हालत होगी जो आप सोच नहीं सकते हो। उनके चपेड़े पड़ेंगे, मैं मानता हूं युवा इतने आक्रोशित हैं कि उनके जूतों की माला डाल दें। सचिन पायलट के बारे में इस तरह की टिप्पणी करना अशोभनीय है और पूरी पार्टी इसकी निंदा करती है। भविष्य में राधामोहन दास दौसा के आसपास नहीं नजर आएंगे। सचिन पायलट सर्वसमाज के चहेते राजनेता हैं, उनके खिलाफ अनर्गल बयानबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पूर्व मंत्री बोलीं- दिमागी दिवालियापन पूर्व मंत्री व कांग्रेस एससी प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष ममता भूपेश ने कहा- यह तो नेता की लोकप्रियता होती है कि वह देश में कहीं से भी चुनाव लड़ सकता है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की वायनाड से चुनाव लड़ा, सुषमा स्वराज कर्नाटक के बेल्लारी से चुनाव लड़ी, निर्मला सीतारमण और स्मृति ईरानी भी कई जगह से चुनाव लड़ चुकी हैं। ऐसे अनर्गल बयानबाजी करने वाले राधा मोहन अग्रवाल का दिमागी दिवालियापन निकल गया है। राजनीति में भाषा का संयम जरूरी पूर्व विधायक जीआर खटाना ने कहा कि राजनीति में भाषा का संयम सबसे अहम होता है और जनप्रिय नेता के लिए अशोभनीय भाषा का उपयोग करना स्वीकार नहीं किया जा सकता। जिलाध्यक्ष रामजीलाल ओढ़ ने कहा कि भाजपा के नेता सोची समझी रणनीति के तहत सचिन पायलट को निशाना बना रहे हैं। पायलट राज्य ही नहीं देश में लोकप्रिय नेता ओबीसी प्रकोष्ठ के भरतपुर संभाग प्रभारी व पूर्व जिला प्रमुख अजीत सिंह महुवा ने कहा कि सचिन पायलट राजस्थान ही नहीं देश में लोकप्रिय नेता है। राज्य का बच्चा-बच्चा उन्हें अपने परिवार के सदस्य के रूप में मानता है। इसलिए भाजपा प्रदेश प्रभारी द्वारा की गई टिप्पणी की निंदा करते हैं। उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
गाजीपुर की सैदपुर विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक अंकित भारती को जनता ने पसंद नहीं किया है। भास्कर के सर्वे में 58% जनता का मत है कि इन्हें टिकट नहीं मिलना चाहिए। सपा में उम्मीदवार के रूप में पहली पसंद श्यामा कनौजिया हैं। यहां पर पार्टी के रूप में सबसे पहली पसंद सपा है। दूसरे नंबर पर भाजपा और तीसरे नंबर पर बसपा है। पार्टीवार देखें तो भाजपा में पहली पसंद सुभाष पासी हैं। उन्हें 31% लोगों ने पसंद किया है। दूसरे नंबर पर भोनूराम सोनकर हैं, सोनकर को 28% लोगों ने पसंद किया है। जबकि तीसरे नंबर पर शीला सोनकर हैं, उन्हें 16% ने पसंद किया है। सपा में पहली पसंद श्यामा कनौजिया हैं। इन्हें 29% लोगों ने पसंद किया है। रामजी सोनकर को 24% और अंकित भारती को 23% लोगों ने पसंद किया है। जबकि शशि सोनकर को 10%, तनिष्क कुमार को 2% और ओपी भारती को 1% लोगों का समर्थन मिला। वहीं, बसपा में विनोद कुमार और जितेंद्र मानव को 24-24% लोगों ने पसंद किया है। जबकि राकेश कुमार को 22% का समर्थन मिला।
मध्यप्रदेश में नर्सिंग क्षेत्र के अभ्यर्थियों के लिए एक बार फिर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। नर्सिंग ऑफिसर और सिस्टर ट्यूटर के 2,646 पदों के लिए संयुक्त भर्ती परीक्षा-2026 आयोजित की जा रही है। यह भर्ती लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत होगी, जिसका संचालन मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) द्वारा किया जाएगा। खास बात यह है कि इस भर्ती से जुड़े मामलों में उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश के तहत अभ्यर्थियों को आवेदन करने की अनुमति दी गई है। उम्मीदवारों को आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और अन्य शर्तों को ध्यानपूर्वक समझकर ही आवेदन करना होगा। इस भर्ती से संबंधित विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत देते हुए आवेदन करने की अनुमति दी है। इसके तहत पात्र याचिकाकर्ता अभ्यर्थी 29 अप्रैल से 3 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह अवसर केवल उन्हीं अभ्यर्थियों के लिए है, जो संबंधित याचिकाओं में शामिल हैं। प्रोविजनल रहेगी अभ्यर्थिता, परिणाम पर रोक उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार इन याचिकाकर्ता अभ्यर्थियों की अभ्यर्थिता पूरी तरह प्रावधिक (प्रोविजनल) रहेगी। इसके साथ ही, उनके परीक्षा परिणाम अंतिम निर्णय आने तक रोके (Withheld) रखे जाएंगे। यानी चयन प्रक्रिया में शामिल होने के बावजूद अंतिम नियुक्ति न्यायालय के फैसले पर निर्भर करेगी। गलत जानकारी देने पर रद्द होगी अभ्यर्थिता आवेदकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि आवेदन पत्र में दी गई सभी जानकारी पूरी तरह सही और सत्य हो। किसी भी स्तर पर जानकारी गलत या भ्रामक पाए जाने पर अभ्यर्थिता निरस्त कर दी जाएगी। साथ ही, निर्धारित समय सीमा में आवेदन नहीं करने पर अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं उम्मीदवार की होगी। संयुक्त भर्ती में 2,646 पद भरे जाएंगे मध्यप्रदेश में संयुक्त भर्ती में 2,646 पद भरे जाएंगे। नर्सिंग ऑफिसर के 1,256 पद सरकारी अस्पतालों में और 954 पद सरकारी मेडिकल कॉलेजों में भरे जाएंगे। सिस्टर ट्यूटर के 218 पद भी इसी संयुक्त परीक्षा से भरे जाएंगे। पदों का स्वरूप और सैलरी नर्सिंग ऑफिसर- लेवल-7, वेतनमान 28,700 रुपए। यह पद नियमित और तृतीय श्रेणी सेवा के अंतर्गत आते हैं। सिस्टर ट्यूटर- लेवल-9, वेतनमान 36,200 रुपए। पद नियमित और तृतीय श्रेणी सेवा के अंतर्गत आते हैं। केवल ऑनलाइन होंगे आवेदन संयुक्त परीक्षा के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन होंगे। आधार आधारित पंजीयन अनिवार्य है। आवेदन संख्या सुरक्षित रखना जरूरी है। परीक्षा में फोटो आईडी (आधार, पैन, वोटर आईडी आदि) अनिवार्य है। रोजगार कार्यालय में जीवित पंजीयन भी जरूरी है। सामान्य वर्ग को 500 रुपए देने होंगे संयुक्त भर्ती परीक्षा के लिए सामान्य वर्ग को 500 रुपए शुल्क देना होगा। MP के SC/ST/OBC/EWS/दिव्यांग उम्मीदवारों को 250 रुपए फीस देनी होगी। बैकलॉग पद के लिए कोई शुल्क नहीं है। पोर्टल शुल्क 60 रुपए (कियोस्क) और 20 रुपए (स्वयं लॉगिन) तय है। परीक्षा का पैटर्न भर्ती परीक्षा में 100 सवाल होंगे। हर प्रश्न 1 अंक का होगा। समय 2 घंटे मिलेगा। 25 अंक के सवाल सामान्य ज्ञान, हिंदी, अंग्रेजी, गणित और विज्ञान से होंगे। नर्सिंग विषय के 75 अंक के सवाल होंगे। परीक्षा दो शिफ्ट में होगी। पहली शिफ्ट 10 से 12 बजे और दूसरी 3 से 5 बजे होगी। चयन लिखित परीक्षा की मेरिट के आधार पर होगा। सामान्य वर्ग के लिए 50% और आरक्षित वर्ग के लिए 40% न्यूनतम अंक हैं। मेरिट के बाद नियुक्ति विभाग की जरूरत और सत्यापन पर निर्भर होगी।
रायसेन में चोपड़ा तालाब हुई सफाई:नगर पालिका अध्यक्ष सहित कई लोगों ने किया श्रमदान
रायसेन शहर के भोपाल रोड स्थित प्राचीन चोपड़ा तालाब में बुधवार को जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इसमें जनप्रतिनिधियों, नगर पालिका कर्मचारियों, वार्डवासियों और स्कूली बच्चों सहित लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अभियान के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष सविता जमुना सेन, एसडीएम मनीष शर्मा, सीएमओ सुरेखा जाटव, रानी तिवारी और अर्चना शर्मा सहित अन्य नगर पालिका कर्मचारी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। सभी प्रतिभागियों ने मिलकर तालाब के किनारों और घाटों की सफाई की। इस दौरान स्वच्छता और जल संरक्षण का संदेश दिया गया। यह सफाई अभियान 'जल गंगा संवर्धन अभियान' का हिस्सा है, जो जिलेभर में 19 मार्च से 30 जून तक चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य तालाबों और बावड़ियों की साफ-सफाई कर जल संरक्षण को बढ़ावा देना है। नगर पालिका शहर के अन्य जल स्रोतों को भी स्वच्छ बनाने का कार्य लगातार कर रही है। वार्ड क्रमांक 18 स्थित चोपड़ा तालाब पर चले इस अभियान में स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। लोगों ने श्रमदान कर तालाब को स्वच्छ बनाने में योगदान दिया और जल संरक्षण का संकल्प लिया। इस पहल से प्राचीन जल स्रोतों के संरक्षण और शहर में जल स्तर सुधारने की उम्मीद है।
शिवपुरी के डेहरवारा गांव में 22 अप्रैल को 3 अज्ञात युवकों द्वारा एक बुजुर्ग महिला की सिर में गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में मृतका के बेटे ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) से शिकायत की है। बेटे मुनेश धाकड़ ने 6 बीघा जमीन के विवाद का हवाला देते हुए अपने रिश्तेदारों पर हत्या की साजिश का आरोप लगाया है। फिलहाल तेंदुआ थाना पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज किया है और किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। शादी का कार्ड देने के बहाने आए थे 3 युवक घटना 22 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 3:15 बजे की है। मृतका का बेटा मुनेश धाकड़ एक शादी समारोह में गया हुआ था। घर पर उसकी मां रामसखी, पत्नी और बच्चे मौजूद थे। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर 3 युवक आए और शादी का कार्ड देने का बहाना बनाकर आवाज लगाई। जैसे ही रामसखी घर से बाहर आईं, एक युवक ने उनके पैर छुए और दूसरे ने सीधे उनके सिर में गोली मार दी। गोली लगने से रामसखी की मौके पर ही मौत हो गई और तीनों आरोपी वहां से फरार हो गए। 6 बीघा जमीन का है विवाद, रिश्तेदारों पर साजिश का आरोप एसपी को दिए आवेदन में मुनेश धाकड़ ने आरोप लगाया है कि हत्या का मुख्य कारण 6 बीघा कृषि भूमि है, जो मृतका के नाम पर दर्ज है। इसे लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा है। मुनेश ने शिवराज, उसके बेटे, साहब सिंह, प्रांजुल, तनुश, गुड्डी और उसके पति कमलेश सहित अन्य लोगों पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि ये लोग पहले भी उनकी मां को जान से मारने की धमकी दे चुके थे। खुलेआम घूम रहे आरोपी, पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप तेंदुआ थाना पुलिस ने घटना के बाद अपराध क्रमांक 60/2026 के तहत अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। मुनेश ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा है कि आरोपी प्रभावशाली और राजनीतिक पहुंच वाले हैं, जिसके कारण पुलिस सख्त कार्रवाई नहीं कर रही है और एफआईआर में भी उन्हें नामजद नहीं किया गया है। मुनेश का कहना है कि आरोपी अभी भी अवैध हथियार लेकर खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे उनके परिवार में दहशत का माहौल है।
धौलपुर में जयपुर डिस्कॉम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत बिजली चोरी रोकने और राजस्व वसूली बढ़ाने के लिए एक संयुक्त अभियान चलाया। इस अभियान में पुलिस और डिस्कॉम की टीमों ने बकायेदारों और अवैध कनेक्शन धारकों के खिलाफ कार्रवाई की। अभियान के दौरान राजाखेड़ा उपखंड में 21 लाख रुपए के बकाया पर 8 ट्रांसफॉर्मर हटाए गए। इसी तरह धौलपुर ग्रामीण उपखंड में 6 लाख रुपए के बकाया पर 2 ट्रांसफॉर्मर उतारे गए। कुल 27 लाख रुपए के बकाया पर 10 ट्रांसफॉर्मर हटाए गए और मौके पर ही 1 लाख रुपएकी वसूली भी की गई। 130 जंपर हटाकर जब्त किएइस कार्रवाई में 130 अवैध जंपर हटाकर जब्त किए गए। बिजली चोरी के 35 मामलों में सतर्कता टीम ने जांच प्रतिवेदन तैयार कर करीब 15 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता (एसई) विवेक शर्मा ने बताया कि बिना कनेक्शन या बकाया होने के बावजूद ट्रांसफॉर्मर लगाकर बिजली का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को चिन्हित किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा। इस संयुक्त अभियान में पुलिस बल के साथ लगभग 35 बिजलीकर्मी मौजूद थे।
मुरादाबाद के केजीके कॉलेज में एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। प्रबंधक ने आयोग द्वारा नियुक्त प्राचार्य से उनकी प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियां वापस ले ली हैं। इन जिम्मेदारियों को अब दो अन्य वरिष्ठ प्रोफेसरों को सौंपा गया है। इस निर्णय से कॉलेज प्रशासन में हलचल मच गई है। कॉलेज प्रबंधक विवेक खन्ना ने एक पत्र जारी कर इस फैसले की जानकारी दी। पत्र में कहा गया है कि महाविद्यालय की आधारभूत संरचना लगातार खराब होती गई, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। आवश्यक मरम्मत कार्यों में लापरवाही के कारण भवन की स्थिति जर्जर हो चुकी है, जिसके कई हिस्सों में पुनर्निर्माण ही एकमात्र विकल्प बचा है। इससे कॉलेज पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। प्रबंधक ने यह भी उल्लेख किया है कि प्रबंधन द्वारा लगातार सहयोग दिए जाने के बावजूद विकास कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी। पुस्तकालय सुधार, भवन रखरखाव और अन्य आवश्यक कार्यों को लेकर बार-बार अनावश्यक प्रक्रियाओं और पत्राचार के कारण काम बाधित होते रहे। पत्र में प्राचार्य पर शिक्षकों के बीच भेदभाव करने का भी आरोप लगाया गया है। प्रबंधक के अनुसार, इस तरह की कार्यशैली ने संस्थान के माहौल को प्रभावित किया है और छात्रों व स्टाफ की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं। प्रबंधन के इस निर्णय के बाद कॉलेज में अब नई व्यवस्था के तहत कामकाज शुरू होने की तैयारी है। इस पूरे घटनाक्रम पर कॉलेज के शिक्षकों और छात्रों की नजर बनी हुई है।
सतना जिले के चित्रकूट स्थित सदगुरु नेत्र चिकित्सालय के हॉस्टल में बुधवार सुबह विजन टेक्नीशियन की एक छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मऊगंज जिले की रहने वाली छात्रा कीर्ति तिवारी बीमारी के कारण सुबह 8:30 बजे पेपर देने नहीं गई और 9:30 बजे उसका शव फंदे से लटकता मिला। कमरे से दवाइयों के पर्चे भी मिले हैं, जिससे बीमारी से परेशान होकर यह कदम उठाने का अनुमान है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। बीमारी का बोलकर पेपर देने नहीं गई, एक घंटे बाद फंदे पर मिली पुलिस के अनुसार, बुधवार को हॉस्टल में रह रही छात्राओं का पेपर था। सुबह करीब 8:30 बजे सभी छात्राएं पेपर देने चली गईं, लेकिन कीर्ति तिवारी ने बीमार होने की बात कहकर पेपर नहीं दिया। लगभग 9:30 बजे कुछ छात्राओं ने उसे फांसी के फंदे पर लटका देखा। घटना की सूचना पहले सद्गुरु प्रबंधन को दी गई, जिसके बाद चित्रकूट थाना प्रभारी गिरिजाशंकर बाजपेई मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। कमरे में मिले दवाइयों के पर्चे, माता-पिता का हो चुका है निधन मृतक छात्रा कीर्ति तिवारी जानकीकुंड चिकित्सालय में प्रशिक्षण ले रही थी। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि छात्रा कुछ समय से बीमार चल रही थी। उसके कमरे से पुलिस को दवाइयों के पर्चे भी मिले हैं। कीर्ति के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। पुलिस ने घटना की जानकारी उसके नाना-नानी को दे दी है। हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस घटना के बाद से सद्गुरु प्रबंधन में हड़कंप है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और आत्महत्या के कारणों की विस्तृत जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की पड़ताल कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मौत के सही कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सके।
आगर मालवा में बुधवार को शहर के वार्ड क्रमांक 19 में साईं मंदिर के पीछे गोवंश के अवशेष मिले। इससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई और बड़ी संख्या में लोग विरोध के लिए सड़क पर उतर आए। प्रदर्शन और शव यात्रा निकालीघटना के विरोध में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने गोवंश के अवशेषों की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली। यह यात्रा अलग-अलग रास्तों से होती हुई छावनी नाका चौराहे तक पहुंची, जहां लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांगप्रदर्शन कर रहे लोगों ने मांग की कि मौके पर मिले सभी अवशेषों को इकट्ठा कर उनका सही तरीके से अंतिम संस्कार किया जाए। साथ ही, गोवंश की मौत का कारण पता करने के लिए पोस्टमार्टम कराने की भी मांग की गई। लोगों ने यह भी कहा कि अगर किसी ने जानबूझकर यह घटना की है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। एसडीओपी ने जांच का दिया आश्वासनसूचना मिलते ही एसडीएम मिलिंद ढोके और एसडीओपी मोतीलाल कुशवाह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझाया और स्थिति को शांत कराया। एसडीओपी मोतीलाल कुशवाह ने जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को शाम 4 बजे तक का समय देकर शांतिपूर्वक प्रदर्शन खत्म कर दिया।एसडीएम मिलिंद ढोके ने बताया कि बाकी अवशेषों की तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से जांच और पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिससे मौत के कारण साफ हो सकें। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लातेहार में कोयला लदे हाइवा में लगी आग:टायर फटने से हुआ हादसा, वाहन राख; चालक ने कूदकर बचाई जान
लातेहार जिले के हेरहंज थाना क्षेत्र अंतर्गत नवादा गांव के पास मंगलवार रात करीब 8 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। कोयला लदा एक हाइवा वाहन अचानक आग की चपेट में आ गया, जिससे पूरा वाहन जलकर राख हो गया। हालांकि, इस घटना में चालक बाल-बाल बच गया। जानकारी के अनुसार, हाइवा तुबेद कोल माइंस से कोयला लेकर बालूमाथ साडिंग जा रहा था। रास्ते में अचानक वाहन का टायर फट गया (ब्लास्ट)। टायर फटने के तुरंत बाद वाहन में आग लग गई, जिसने देखते ही देखते पूरे हाइवा को अपनी चपेट में ले लिया। हाइवा चालक ने बताया कि तेज धमाके के साथ टायर फटते ही आग तेजी से फैलने लगी। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए उसने तुरंत वाहन से कूदकर अपनी जान बचाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी भीषण थी कि उसकी लपटें और धुआं दूर से ही दिखाई दे रहा था। 40 से 50 लाख रुपए का अनुमानित नुकसान स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक वाहन पूरी तरह जल चुका था। बताया जा रहा है कि यह हाइवा बिहार का था और आदर्श ट्रांसपोर्टिंग कंपनी के अधीन संचालित हो रहा था। इस घटना में ट्रक मालिक को 40 से 50 लाख रुपए का अनुमानित नुकसान हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। हेरहंज थाना प्रभारी कृष्ण पाल सिंह पवैया ने पुष्टि की कि हाइवा का टायर फटने से आग लगी है और मामले की जांच की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर भारी वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था और नियमित जांच पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोनीपत निकाय चुनाव की जंग में भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को संकल्प पत्र जारी किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और भाजपा अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने पंचकूला के 'पंचकमल' कार्यालय में जारी किए संकल्प पत्र में केवल वादे नहीं, बल्कि करोड़ों रुपए की उन परियोजनाओं का ब्यौरा दिया है, जो सोनीपत को एक 'ग्लोबल सिटी' बनाने का दम भरती हैं। इसमें शहरी विकास, सुशासन और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है। सोनीपत निगम क्षेत्र के व्यापक विकास के लिए करोड़ों रुपये की बड़ी परियोजनाओं का खाका तैयार किया गया है। जल निकासी से लेकर स्मार्ट सिटी इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़कों, खेल सुविधाओं और शहरी सौंदर्यीकरण तक हर क्षेत्र में बड़े स्तर पर काम प्रस्तावित है। जल निकासी एवं जल प्रबंधन स्मार्ट सिटी एवं प्रशासनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर खेल इनफ्रास्ट्रक्चर विकास सोनीपत शहर में लगभग ₹80.00 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक मल्टी-लेवल पार्किंग का निर्माण किया जाएगा।सेक्टर-4 स्पोर्ट्स स्टेडियम में विश्व मानकों के अनुरूप लगभग ₹50.00 करोड़ की लागत से अतिरिक्त खेल सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। सोनीपत शहर में लगभग ₹20.00 करोड़ तथा ₹10.00 करोड़ की लागत से क्रमशः गाँव लहराडा एवं ऋषि कॉलोनी में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा। सार्वजनिक एवं सामुदायिक इनफ्रास्ट्रक्चरसोनीपत शहर में लगभग ₹40.00 करोड़ की लागत से 520 सीटिंग क्षमता वाले सभागार का निर्माण किया जाएगा। सेक्टर-23, सोनीपत में लगभग ₹10.00 करोड़ की लागत से आधुनिक सुविधाओं से युक्त डिस्पेंसरी का निर्माण किया जाएगा। शहरी सौंदयीकरण एवं विकास
अजमेर में बीजेपी प्रदेश प्रभारी राधामोहनदास अग्रवाल की टिप्पणी के विरोध में कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है। पायलट समर्थकों ने अग्रवाल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला जलाया। इस दौरान शहर कांग्रेस में दो फाड़ नजर आई। पूर्व शहर अध्यक्ष विजय जैन के नेतृत्व में पायलट समर्थक कांग्रेसी गांधी भवन पर इकट्ठा हुए और भाजपा नेता का पुतला फूंकर नारेबाजी की। लेकिन इसमें वर्तमान शहर अध्यक्ष डॉ राजकुमार जयपाल शामिल नहीं हुए। विजय जैने बोले- राजकुमार की राजनीति पर लगेगा फुलस्टॉप डॉ राजकुमार जयपाल द्वारा फेसबुक पर की गई पोस्ट पर पूर्व शहर अध्यक्ष विजय जैन ने टिप्पणी की। उन्होंने लिखा कि सचिन पायलट अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महामंत्री हैं। अगर उनके लिए किसी ने टिप्पणी की है तो डॉ राजकुमार जयपाल का फर्ज था कि वह घर से बाहर निकाल कर सड़कों पर उतरे। वह प्रदर्शन में नहीं आए यह उनकी एक बड़ी नादानी है। आने वाले समय में उनकी राजनीति पर फुलस्टॉप लग जायेगा। हमारे लिए सारे नेता सम्मानजनक हैं। विजय जैन की टिप्पणी पर राजकुमार ने किया पलटवार वर्तमान शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ राजकुमार जयपाल ने कहा कि वह वर्तमान में जयपुर हैं। लेकिन उन्हें कोई कार्यक्रम की जानकारी नहीं थी। सचिन पायलट सबके नेता हैं। मैं अजमेर शहर का वर्तमान में हेड हूं। शहर में जो भी कार्यक्रम होंगे वह मेरी देखरेख या मेरे कहने पर ही होंगे। नहीं तो ऐसे कोई भी कांग्रेस के नाम पर कार्यक्रम कर देगा। पार्टी में अनुशासन होना जरूरी है। सचिन पायलट के लिए जो टिप्पणी की गई उसकी मैं निंदा करता हूं।' कांग्रेस शहर अध्यक्ष डॉ राजकुमार जयपाल द्वारा फेसबुक पर की गई पोस्ट.... पायलट के समर्थन में कांग्रेसियों ने भाजपा नेता का पुतला फूंका दरअसल, बुधवार को पायलट समर्थक कांग्रेसियों ने बीजेपी प्रदेश प्रभारी के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने बीजेपी प्रभारी द्वारा सचिन पायलट से मांगी मांगने की मांग की, ऐसा न करने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। इस दौरान समर्थकों ने गांधी भवन के बाहर भाजपा नेता का पुतला फूंका और नारेबाजी की। प्रदर्शन में कांग्रेस नेता महेंद्र सिंह रलावता, नसीराबाद से विधानसभा प्रत्याशी शिव प्रकाश गुर्जर सहित कई कार्यकर्ता शामिल हुए। पूर्व शहर अध्यक्ष बोले- माफी मांगे बीजेपी नेता शहर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विजय जैन ने कहा कि बीजेपी राजस्थान प्रभारी राधा मोहन दास ने अपनी जुबान को बिगाड़ने का काम किया है। सचिन पायलट के लिए जो टिप्पणी की गई उस पर राजस्थान में काफी आक्रोश है। राधा मोहन दास को जल्द सचिन पायलट से माफी मांग कर अपने शब्दों को वापस लेने की जरूरत है। इसके विरोध में आज कांग्रेसियों ने प्रदर्शन कर आंदोलन की चेतावनी दी है।
कोडरमा के जयनगर थाना क्षेत्र स्थित नंदोडीह गांव में विवाहिता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। मृतका की पहचान 25 वर्षीय अर्चना कुमारी के रूप में हुई है। उसके पति का नाम संतोष कुमार पंडित है। अर्चना का शव घर के अंदर बाथरूम के समीप पड़ा मिला। उसके गले पर फंदे के निशान पाए गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। इधर, सूचना मिलने पर जयनगर थाना प्रभारी विकास कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। शव को कब्जे में ले लिया। भाई ने लगाया प्रताड़ना और हत्या का आरोप मृतका के भाई अनिल पंडित ने बताया कि अर्चना की शादी वर्ष 2018 में नंदोडीह निवासी संतोष पंडित के साथ हुई थी। उनके दो बेटियां हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ महीने पहले पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। जिसके बाद से ससुराल पक्ष अर्चना को लगातार प्रताड़ित कर रहा था। आज सुबह करीब 9 बजे अर्चना की ननद ने फोन कर उसकी तबीयत खराब होने की जानकारी दी। अनिल ने तुरंत अस्पताल ले जाने को कहा, लेकिन बातचीत के दौरान फोन कट गया। संदेह होने पर जब उन्होंने संतोष को फोन किया तो उसका मोबाइल बंद मिला। इसके बाद वे तुरंत नंदोडीह पहुंचे, जहां उन्होंने अर्चना को मृत अवस्था में पाया। परिजनों का आरोप है कि अर्चना की हत्या उसके पति और ससुराल वालों ने मिलकर की है। पति, सास-ससुर मौके पर फरार घटना के बाद से मृतका का पति संतोष पंडित और उसके माता-पिता घर से फरार बताए जा रहे हैं। परिजनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए घटनास्थल पर हंगामा किया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी विकास कुमार ने बताया कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मृतका का पति गांव के पास ही किराने की दुकान चलाता था।
यमुनानगर के करेड़ा खुर्द गांव के पास तेज रफ्तार कार की टक्कर से एक ऑटो पलट गया। इस भीषण हादसे में ऑटो में सवार एक ही परिवार के 7 महिलाओं सहित 10 सदस्य घायल हो गए। हादसे में तीन महिलाओं को गंभीर चोटें आई हैं। दुर्घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी कार चालक मौके से फरार हो गया। मौके पर डायल 112 की गाड़ी पहुंची और परिजन भी आ गए। सभी घायलों को तुरंत सिविल अस्पताल यमुनानगर लाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। वहीं सूचना मिलते ही थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और घायलों के बयान दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। चौक पर एक और सवारी बैठाने के लिए रूके थे गांव करेड़ा खुर्द निवासी अनिल ने बताया कि वह ऑटो चलाता है। आज सुबह वह ऑटो में अपने परिवार के सदस्यों के साथ अंबाला के गांव मंगलोई बुआ के लड़के की रस्मक्रिया में शामिल होने के लिए जा रहा था। ऑटो में उसका भाई अमन कुमार, मनीष कुमार, पत्नी किरणा देवी, भाभी प्रकाशो, सलोचना, सोना निवासी करेड़ा खुर्द और भाभी दर्शनी देवी, शीला देवी व कमलेश निवासी दोसानी सवार थे। सुबह करीब साढ़े 10 बजे वे ऑटो में सवार होकर घर से निकले थे। गांव के चौक से ही उन्होंने एक अन्य सवारी नीलम को बिठाना था। ऐसे में ऑटो लेकर जैसे ही वे चौक के पास पहुंचे और ऑटो को सड़क की साइड में लगाने लगे, तभी पीछे से एक कार चालक अपनी ऑल्टो गाड़ी को तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाते हुए आया और ऑटो में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। ऑटो पलटते ही मची चीख-पुकार टक्कर लगने से ऑटो सड़क पर पलट गया और सभी सवारियां उसमें फंस गईं। इतने में मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहगीर तुरंत सहायता के लिए मौके पर इकट्ठा हो गए। भीड़ का फायदा उठाकर आरोपी कार चालक मौके से फरार हो गया। राहगीरों द्वारा इस बारे में तुरंत डायल 112 पर सूचना दी गई। जानकारी मिलते ही उनके परिजन भी मौके पर आ गए। सभी घायलों को एंबुलेंस की मदद से सिविल अस्पताल यमुनानगर पहुंचाया गया, जहां सभी का इलाज किया जा रहा है। बाजू, सिर तो किसी की टांग पर आई गहरी चोट अनिल ने बताया कि हादसे में उसके सिर में चोट आई है। वहीं कुछ महिलाओं की हालत ज्यादा गंभीर है, जिनमें सलोचना की बाजू पर गहरा कट लगा है, प्रकाशो को टांग पर गंभीर चोट आई है। इसी प्रकार दर्शनी देवी के कंधे पर और शीला देवी के घुटने व सिर में चोट लगी है। अन्य लोगों को शरीर पर कई जगह चोटें आई हैं। अनिल ने कहा कि यह हादसा ऑल्टो कार चालक की लापरवाही के कारण हुआ है। सूचना मिलते ही संबंधित थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों के बयान दर्ज कर मामले में कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

