लखनऊ के फैजुल्लागंज स्थित पुराना दाऊदनगर निवासी छह साल की मासूम सौम्या विश्वकर्मा की इंजेक्शन लगने के बाद मौत हो गई। परिवारीजनों का आरोप है कि इलाके के झोलाछाप डॉक्टर की दवा से बच्ची की हालत बिगड़ी थी। नाराज परिवारीजनों ने क्लीनिक के बाहर हंगामा किया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। ये था पूरा मामलापुराना दाऊदनगर निवासी अनूप विश्वकर्मा पुताई मजदूर है। जबकि पत्नी गुड़िया गृहणी हैं। 10 साल का बेटा शिवम कक्षा छह का छात्र है। मामा कौशल ने बताया भांजी सौम्या को बीते कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। सोमवार सुबह बुखार तेज हो गया। मां गुड़िया बच्ची को लेकर घर के नजदीक मेडिकल स्टोर पहुंची। मेडिकल स्टोर का संचालन खुद को डॉक्टर बताता था। उसने बच्ची की सेहत की जांच की। एक इंजेक्शन लगाया। तीन खुराक दवा दी। फीस के नाम पर 100 रुपये वसूले। शरीर पड़ गया था नीलाघर पहुंचने के बाद मां ने बेटी को एक खुराक दवा खिलाई। कुछ समय बाद बेटी की तबीयत बिगड़ने लगी। उसका शरीर नीला पड़ने लगा। शरीर पर चक्कते पड़ने लगे। पेट में भीषण दर्द होने लगा। आनन-फानन परिवारीजन बच्चे को लेकर दूसरे अस्पताल पहुंचे। जहां कुछ देर बाद सौम्या की मौत हो गई। क्लीनिक बंद कर फरार हुआ झोलाछापपिता ने मेडिकल स्टोर संचालक पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि झोलाछाप के गलत इलाज से बेटी की सांसें थमी। नाराज परिवारीजन शव लेकर मेडिकल स्टोर पहुंचे। हंगामा शुरू कर दिया। माहौल बिगड़ता देख झोलाछाप मेडिकल स्टोर बंद कर फरार हो गया। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह परिवारीजनों को समझाया। इंसाफ का भरोसा दिलाया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिवारीजनों का आरोप है कि झोलाछाप हर प्रकार की बीमारी का इलाज करता था। स्थानीय लोगों ने बताया कि झोलाछाप मेडिकल स्टोर का संचालन करता था। उसमें मरीजों को इलाज मुहैया कराता था। स्टोर में बैठने के दौरान झोलाछाप के गले में हमेशा आला पड़ा रहता था। ताकि लोग उसे डॉक्टर समझे। इलाज कराएं। वह सभी को हमेशा खुद को डॉक्टर बताता था। डिग्री पूछने पर चुप्पी साध लेता था।
कोतवाली के एक प्राचीन मंदिर को तोड़े जाने की सूचना पर एकत्र हुए लोगों ने मंगलवार रात हंगामा कर दिया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत किया। बुधवार सुबह दोनों पक्षों के लोगों को थाने में बुलाया गया है। लोगों ने बताया कि यह दान की जमीन है लेकिन कुछ लोग कब्जा करने की साजिश रच रहे हैं। तीन तस्वीरें देखें… बुढ़ानागेट पर इस्माइल कॉलेज के सामने काफी पुराना शीतला बुद्धो माता मंदिर बना है। यहां मठ के अलावा पित्रों के स्थान बने हैं। मंगलवार देर रात लोगों को सूचना मिली कि किसी ने गुपचुप तरीके से मंदिर को तोड़ दिया है। देखते ही देखते लोगों की भीड़ जमा हो गई और वह मौके पर एकत्र हो गए। षड्यंत्र के तहत तोड़ने का आरोप मंदिर तोड़े जाने की सूचना जंगल में आग की तरह फैल गई। जब तक लोग मौके पर पहुंचते, तब तक वहां से तोड़फोड़ करने वाले जा चुके थे। लोग इकट्ठा होकर कोतवाली पहुंच गए। इतने लोगों की भीड़ देख पुलिस भी हैरान रह गई। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। आरोपी से फोन पर की बात मंदिर तोड़े जाने की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों ने बताया कि राजेंद्र गुप्ता नाम के व्यक्ति द्वारा जमीन को कब्जाने का प्रयास हो रहा है। उमेश चौहान ने बताया कि पूर्व में यहां एक दीवार गिरी थी। वह दीवार नहीं बनाई गई। जो नुकसान हुआ, उसे ठीक नहीं कराया गया। अब राजेंद्र गुप्ता यहां बिल्डिंग बनाने का प्रयास कर रहा है। मंदिर परिसर का किया निरीक्षण काफी संख्या में महिलाएं भी एकत्र होकर कोतवाली पहुंच गई। पुलिस से भी नोकझोंक होने लगी। तभी एसएचओ पंकज कुमार सिंह यहां पहुंच गए। उन्होंने राजेंद्र गुप्ता का नंबर लेकर फोन मिलाया लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इसके बाद पुलिस ने यह कहकर लोगों को वापस भेज दिया कि वह बुधवार सुबह राजेंद्र को बुलाकर बात करेंगे।
जिस घर में कुछ दिन पहले तक दो साल की काशवी की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा है। मासूम की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। परिजनों का आरोप है कि एक निजी क्लिनिक में हुए गलत इलाज के कारण उनकी बेटी की जान चली गई। मामले की सच्चाई जानने के लिए मौत के 5 दिन बाद प्रशासन की अनुमति से मंगलवार को बच्ची का शव श्मशान घाट से निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। मामला बालदा कॉलोनी निवासी नितिन यादव की दो वर्षीय बेटी काशवी का है। उसे 27 मई को हल्के उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी। उन्होंने उसे भोलाराम उस्ताद मार्ग स्थित ‘द हेल्थ केयर क्लिनिक’ पर दिखाया। 28 मई को काशवी की मौत हो गई थी। ड्रिप लगाई फिर हालत बिगड़ने लगी आरोप है कि क्लिनिक पर डॉ. अनिल घई ने उसे देखा और ड्रिप लगवाई थी। पहले चार बोतल ड्रिप लगाई। इसके बाद उसे एक उल्टी हुई। परिजन का आरोप है कि डॉ. घई ने कहा कि अभी उसे एक डोज और दिया जाना है। इसके बाद उसे फिर ड्रिप लगाई गई। फिर कुछ समय बाद ही उसकी हालत बिगड़ने लगी। उसकी हार्ट बीट तेज हो गई। परिजन ने बात की तो डॉक्टर ने विश्वास दिलाया कि वह ठीक हो जाएगी। इसके बाद जब हालत और बिगड़ी तो डॉक्टर ने परिजन को कहा कि ड्रिप पूरी हो चुकी है। इसे घर ले जाओ, ठीक हो जाएगी। इसके बाद परिजन उसे रात को घर ले आए। फिर रात को उसके हाथ-पैर और होंठ नीले पड़ गए तो परिजन सुबह उसे एक प्राइवेट हॉस्पिटल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उसकी हालत देखी तो सरकारी चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय ले गए। यहां उसकी गंभीर हालत देख उसे वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के बाद सदमे में मां निशा तो बदहवास हो गई। परिजन ने मांग की तो पीएम की अनुमति मिली मामले में परिजन को शुरू से ही डॉ. घई द्वारा किए गए इलाज को लेकर शक है। उन्होंने भंवरकुआ पुलिस को शिकायत की तो पुलिस ने कहा कि जब तक पोस्टमॉर्टम नहीं होगा तब तक मौत का कारण स्पष्ट नहीं होगा। इसके बाद परिजन ने एसडीएम से अनुमति ली। मंगलवार दोपहर को पुलिस की मौजूदगी में पचकुइया शमशान से मासूम का शव कब्र से निकाला गया और उसे पोस्टमॉर्टम के लिए एमवाय अस्पताल भेजा। शाम को काशवी का पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन ने उसका अंतिम संस्कार किया और फूट पड़े। मां की आंखों से नहीं थम रहे आंसू मासूम की मौत के बाद मां निशा की हालत बेहद खराब है। परिवार के सदस्य बताते हैं कि बेटी को खोने का दर्द पूरे परिवार को भीतर तक तोड़ गया है। एक माह पहले ही परिवार ने उसका जन्मदिन मनाया थाथ काशवी की तस्वीरें और उसकी छोटी-छोटी यादें अब घरवालों की आंखें नम कर देती हैं। मेरी बेटी तो चली गई, किसी और बच्चे के साथ ऐसा न हो पोस्टमॉर्टम के बाद अंतिम संस्कार के दौरान पिता नितिन यादव भावुक हो उठे। उन्होंने कहा मेरी बेटी अब वापस नहीं आ सकती, लेकिन मैं चाहता हूं कि किसी और परिवार को यह दर्द न झेलना पड़े। यदि किसी की लापरवाही से मेरी बच्ची की जान गई है तो सच सामने आना चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। पिता का कहना है कि इलाज से संबंधित दस्तावेज, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके। 5 डॉक्टरों की स्पेशल टीम किया पोस्टमॉर्टम भंवरकुआं पुलिस के अनुसार परिजनों की शिकायत के बाद एसडीएम की अनुमति से बच्ची का शव निकालकर पोस्टमॉर्टम कराया गया है। पीएम 5 डॉक्टरों की स्पेशल टीम ने किया है। जांच अधिकारी एएसआई दिवेश कलेश ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है। मामले में अब अस्पतालों से भी दस्तावेज मांगे गए हैं। वहीं आरोपों से घिरे डॉक्टर घई से भास्कर ने बातचीत करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
भोपाल में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई एक बार फिर नोटिसों तक सिमटती नजर आ रही है। नगर निगम ने कोलार क्षेत्र में 15 निर्माणाधीन निजी कॉलोनियों को चिह्नित कर उनके कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किए हैं। उन्हें 15 दिन के भीतर वैध अनुमतियों से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है। दस्तावेज नहीं देने पर एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है। पिछले तीन वर्ष का रिकॉर्ड प्रशासनिक कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है। शहर में सैकड़ों अवैध कॉलोनियां चिन्हित होने और बड़ी संख्या में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद किसी भी मामले में कार्रवाई अंतिम नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है। आंकड़ों में बड़ी कार्रवाई, जमीन पर नतीजे शून्यप्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2023 में भोपाल में 576 अवैध कॉलोनियां चिन्हित की गई थीं। इनमें से दिसंबर 2016 से पहले विकसित 320 कॉलोनियों को नियमों में छूट देकर वैध करने की प्रक्रिया शुरू की गई। शेष कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई की घोषणाएं तो हुईं, लेकिन अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए। 300 एफआईआर दर्ज, गिरफ्तारी एक भी नहींअवैध कॉलोनियों के मामलों में अब तक करीब 300 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इसके बावजूद किसी भी कॉलोनाइजर की गिरफ्तारी नहीं हुई। इतना ही नहीं, किसी एक मामले में भी अदालत में चालान पेश नहीं किया गया। कई स्थानों पर केवल प्रतीकात्मक तौर पर बाउंड्रीवाल या निर्माण का हिस्सा तोड़ा गया, जबकि अधिकांश कॉलोनियों में गतिविधियां जारी रहीं। कोलार की इन 15 कॉलोनियों पर कार्रवाईनगर निगम और कॉलोनी सेल ने कोलार क्षेत्र में 15 कॉलोनियों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें रतनपुर, बैरागढ़ चीचली, अकबरपुर और नयापुरा क्षेत्र की कई निर्माणाधीन कॉलोनियां शामिल हैं। संबंधित कॉलोनाइजरों से स्वीकृत नक्शे, डायवर्जन और अन्य वैधानिक अनुमतियों के दस्तावेज मांगे गए हैं। फिर शुरू हुआ नोटिस अभियान1 जून को हुई कॉलोनी सेल की बैठक के बाद सभी जोन अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। संदिग्ध निर्माण या बिना अनुमति विकसित हो रही कॉलोनियों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया है।
करनाल में इंद्री के चूरनी जागीर गांव के 22 वर्षीय बॉबी की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के सात दिन बाद भी परिवार ने शव का अंतिम संस्कार नहीं किया है। परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं। इसी बीच बुधवार को करनाल के शवगृह के बाहर दलित समाज की महापंचायत बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति और अंतिम संस्कार को लेकर फैसला लिया जाएगा। मामले को लेकर बढ़ते दबाव के बीच पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारणियां ने जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित कर दी है। अब पुलिस और प्रशासन की नजर भी महापंचायत पर टिकी हुई है। गिरफ्तारी तक संस्कार नहीं करने की जिदबॉबी के परिजनों का कहना है कि जब तक मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। पिछले सात दिनों से शव पोस्टमॉर्टम हाउस में रखा हुआ है और परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है। मृतक के चाचा मुकेश, बंटी, दीपक, पिता संदीप और भाई अभिषेक समेत अन्य परिजन सोमवार को एसपी कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने जांच अधिकारी बदलने और मामले की जांच किसी अन्य अधिकारी को सौंपने की मांग की थी। एसपी ने उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया था। डीएसपी मुख्यालय के नेतृत्व में बनी एसआईटीपरिजनों की मांग और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने डीएसपी मुख्यालय संदीप कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है। टीम में कुंजपुरा थाना प्रभारी राजपाल समेत अन्य अधिकारियों को शामिल किया गया है। एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है और लगातार परिजनों के संपर्क में बनी हुई है। पीजीआई की रिपोर्ट पहुंची, डॉक्टरों की राय का इंतजारमंगलवार देर शाम पीजीआई चंडीगढ़ से एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट पुलिस के पास पहुंची। पुलिस ने रिपोर्ट की जानकारी परिजनों को भी दी है। अब बुधवार को डॉक्टरों से राय लेने के बाद रिपोर्ट के निष्कर्षों पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मौत के कारणों को लेकर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अहम भूमिका निभाएगी। महापंचायत में जुटेंगे बड़ी संख्या में लोगआज यानी बुधवार को प्रस्तावित महापंचायत को लेकर दलित समाज ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। बड़ी संख्या में लोगों के शवगृह के बाहर पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए पुलिस का खुफिया तंत्र भी सक्रिय हो गया है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति न बने। पुलिस बोली- हर पहलू की जांच जारीएसआईटी प्रभारी एवं डीएसपी मुख्यालय संदीप कुमार ने कहा कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। परिजनों से लगातार संवाद किया जा रहा है। पोस्टमॉर्टम और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मौत के कारण स्पष्ट होंगे। महापंचायत के बाद परिजनों से अंतिम संस्कार को लेकर भी बातचीत की जाएगी।
ग्वालियर शहर के कोटेश्वर कॉलोनी में युवक का अपहरण कर उसे गोली मारने वाले बदमाश छोटू कमरिया को पुलिस ने घेराबंदी के बाद हाईवे से दबोच लिया है। वारदात के बाद से ही पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे इस बदमाश पर ग्वालियर पुलिस कप्तान द्वारा 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई अवैध पिस्टल भी जब्त कर ली है। अब इस सनसनीखेज वारदात में शामिल उसके अन्य साथियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस पूछताछ में जुट गई है। विवाद की वजह केबल नेटवर्क का कारोबार पुलिस जांच में सामने आया है कि यह पूरी खूनी रंजिश व्यापारिक वर्चस्व को लेकर शुरू हुई थी। पीड़ित विक्की यादव निवासी कोटेश्वर कॉलोनी 'डिस्क' (केबल नेटवर्क) के कारोबार से जुड़ा हुआ है। आरोपी छोटू कमरिया और उसके साथी विक्की के इस चलते हुए धंधे में जबरन अपनी हिस्सेदारी (पार्टनरशिप) मांग रहे थे। विक्की द्वारा पार्टनरशिप देने से साफ इनकार करने पर आरोपियों ने उसे रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली। बातचीत के बहाने कार में बैठाया शनिवार रात छोटू कमरिया और उसके साथियों ने विक्की यादव को समझौते और बातचीत के बहाने बुलाया और जबरन अपनी कार में बैठा लिया। बदमाश, विक्की का अपहरण कर उसे पॉश इलाके सिटी सेंटर की तरफ ले गए। चलती कार और सुनसान जगह पर आरोपियों ने पहले विक्की को बेरहमी से पीटा और जब वह लहूलुहान हो गया, तो उस पर पिस्टल से फायर ठोंक दिया। गोली विक्की को लगी और आरोपी उसे मरणासन्न हालत में फेंककर फरार हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ अपहरण और हत्या के प्रयास का संगीन मामला दर्ज किया था। बेहटा चौकी के पास से दबोचा गया इनामी कातिल वारदात के बाद से ही सभी आरोपी शहर छोड़कर अंडरग्राउंड हो गए थे, जिसके बाद एसएसपी ग्वालियर ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया था। मंगलवार रात को मुखबिर के जरिए पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि इनामी बदमाश छोटू कमरिया बेहटा चौकी के पास हाइवे पर किसी वाहन के इंतजार में खड़ा है और शहर से भागने की फिराक में है। सूचना मिलते ही सब-इंस्पेक्टर अतुल सिंह और रामचंद्र शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर रवाना हुए। पुलिस टीम ने सादे कपड़ों में घेराबंदी की और जैसे ही आरोपी ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की, जवानों ने उसे जमीन पर पटककर दबोच लिया। तलाशी लेने पर उसकी कमर से वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल और कारतूस बरामद हुए हैं।
वीआईपी रोड पर भारत सरकार लिखी तेज रफ्तार लग्जरी कार ने बाइक सवार युवक को सामने से टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं कार सवार लोग मौके पर कार छोड़कर भाग निकले। सूचना पर पहुंची ग्वालटोली पुलिस ने घायल बाइक सवार को इलाज के लिए भेजा। पहले देखिए हादसे की 2 तस्वीरें… हादसे के बाद कार के सभी एयरबैग खुले प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मंगलवार देर रात वीआईपी रोड पर ग्रीनपार्क की ओर से भारत सरकार लिखी हुई एक इनोवा कार तेज रफ्तार से आ रही थी। कार चालक ने परमट पेट्रोल पंप के पास सामने से आ रहे बाइक सवार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के सभी एयरबैग खुल गए। वहीं बाइक सवार उछल कर कार की शीशे पर जा गिरा, जिससे बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। इस बीच कार सवार लोग कार छोड़कर मौके से भाग निकले। सूचना पर पहुंची ग्वालटोली पुलिस ने घायल को इलाज के लिए हैलट अस्पताल भेजा। साथ ही क्षतिग्रस्त वाहनों को थाने भेजा। अस्पताल में बाइक सवार ने अपना नाम 32 वर्षीय कान्हा कश्यप बताया। डॉक्टरों के मुताबिक युवक का हाथ, पैर व पसलियां फ्रैक्चर हो गई है। इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह ने बताया कि बाइक कृष्णा मुखिया पुत्र किशोरी मुखिया निवासी कैंट के नाम से रजिस्टर्ड है। पीड़ित की शिकायत पर रिपोर्ट दर्जकर कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के जंगल हकीम नंबर-दो,मोहनापुर में मंगलवार शाम ट्यूशन पढ़ने जा रही 05 छात्राओं के साथ छेड़खानी और मारपीट का मामला सामने आया है। छात्राओं की शिकायत पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस सीसीटीवी कैमरे की मदद ले रही है। वहीं घटना के बाद सभी छात्राएं डरी-सहमी हुई हैं। अब विस्तार से जानिए पूरा मामला…शाहपुर के पादरी बाजार क्षेत्र के विभिन्न मोहल्लों की रहने वाली कक्षा 08 की पांच छात्राएं मंगलवार शाम करीब पांच बजे पैदल ट्यूशन पढ़ने के लिए जंगल हकीम नंबर-दो स्थित टीएन पब्लिक स्कूल के पास जा रही थीं। छात्राओं का आरोप है कि स्कूल के पास पहुंचने पर तीन युवक वहां आए और उन्हें देखकर भोजपुरी गाना गाते हुए रास्ता मांगने लगे। छात्राओं ने बताया कि रास्ता पर्याप्त होने की बाद भी युवक अभद्र व्यवहार करते रहे। आरोप है कि कुछ दूरी आगे बढ़ने के बाद युवकों ने गाली-गलौज करते हुए छात्राओं की ओर फ्लाइंग किस किया। छात्राओं ने इसका विरोध किया तो आरोपी युवक आक्रोशित हो गए। पीड़िताओं का आरोप है कि तीनों युवक डंडा और ईंट लेकर वापस आए और छात्राओं के साथ अभद्रता करते हुए मारपीट की। इस दौरान कुछ छात्राओं के हाथ पकड़कर उन्हें धमकाया भी। शोर-शराबा होने पर जब कुछ लोग उस ओर दौड़े तो आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद छात्राओं ने डायल-112 पर सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें संबंधित चौकी पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। इसके बाद छात्राओं ने मोहनापुर चौकी पहुंचकर लिखित प्रार्थना पत्र दिया। छात्राओं के साथ हुई घटना के बाद पुलिस ने आस-पास लगे सीसी टीवी फुटेज की मदद से शोहदों की पहचान करने की कोशिश शुरू कर दी है। इस संबंध में शाहपुर थाना प्रभारी राकेश रोशन सिंह ने बताया कि इस मामले की शिकायत प्राप्त हुई है। छात्राओं के आरोप की जांच कराई जा रही है। जांच में तथ्य सामने आने पर आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
खरखौदा के तुषार हत्याकांड का मेरठ पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ही खुलासा कर दिया। तुषार की हत्या उसके पिता सुंदर ने की थी। पुलिस ने सुंदर व उसके एक सहयोगी अमित को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की मानें तो सुंदर को शक था कि उसके बेटे ने 10 लाख रुपये में उसकी किसी को सुपारी दी हुई है। हत्या से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मेरठ के खरखौदा थाना क्षेत्र में सोमवार रात 23 साल के प्रोपर्टी डीलर की उसी की स्कार्पियो कार में गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद आरोपी ने पत्नी को फोन कर बताया कि तुषार का मर्डर कर दिया है। डेड बॉडी उठाकर ले जाओ। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और फिर रात में ही तुषार को ढूंढने निकल गए। रात में ही तुषार का शव लहूलुहान हालत में उसकी स्कार्पियो से बरामद हो गया। तुषार को दो गोली मारी गई थी। पहली गोली कनपटी पर तो दूसरी ठोडी पर मारी गई थी। तुषार की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। दो साल पहले ही उसकी शादी शिखा त्यागी से हुई थी। शादी के बाद उनके दो बच्चे हैं। 4 जून को तुषार का जन्मदिन भी था। इसके बाद पुलिस वारदात के खुलासे में जुट गई। चार टीमों को खुलासे के लिए लगाया गया। अब विस्तार से समझिए पूरी वारदात को हापुड़ के दोयमी गांव निवासी तुषार त्यागी किसान थे। वह प्रोपर्टी डीलिंग का भी काम करते थे। सोमवार शाम करीब 8 बजे तुषार को किसी का फोन आया। कॉलर ने कहा कि भूख लगी है। घर से खाना लेकर आ जाओ। तुषार ने खाना पैक कराया और स्कार्पियो से निकल गया। एक कॉल ने कराया अनहोनी का एहसासतुषार की बहन मोना ने बताया कि घर से निकलने के एक घंटे बाद ही तुषार का भाभी शिखा के पास फोन आया। तुषार बोल रहा था कि बिट्टू उर्फ अरविंद त्यागी उसे किडनेप कर जंगल में ले जा रहे हैं। यह लोग मुझे मार डालेंगे। इसके बाद फोन बंद हो गया और परिवार तुषार को खोजने के लिए निकल गया। बिट्टू बोला- मैने तुषार को गोली मार दी काफी देर तक मोना कुछ लोगों को साथ लेकर भाई को ढूंढती रही लेकिन उसका कहीं कुछ पता नहीं चल पा रहा था। इसी बीच शिखा के फोन पर एक कॉल आई। कॉल करने वाला बोला कि वह अरविंद उर्फ बिट्टू त्यागी है। उसने तुषार को गोली मार दी है। तुषार कार में पड़ा है। जाकर उसकी डेड बॉडी उठा लो। आनन फानन में बताई लोकेशन पर पहुंचे तो वास्तव में तुषार मृत अवस्था में अपनी स्कार्पियो की ड्राइविंग सीट पर पड़ा था। शिखा बोली- तरुण ने दी थी धमकी फोन करने वाला अपना नाम अरविंद उर्फ बिट्टू बता रहा था लेकिन शिखा ने पुलिस को बताया कि उसके पति तुषार का तरुण त्यागी नाम के युवक से विवाद चल रहा था। यह भी बताया कि तरुण ने उसके पति को जान से मारने की धमकी दी थी। राष्ट्रवादी निर्माण दल के जिलाध्यक्ष अरविंद उर्फ बिट्टू त्यागी ने उनके बीच समझौता करा दिया था। इसके बाद पुलिस की जांच तरुण और अरविंद उर्फ बिट्टू के बीच उलझकर रह गई। पिता पर पहले से शक था पुलिस को परिजनों से बातचीत के दौरान स्पष्ट हो चुका था कि पिता सुंदर त्यागी से भी तुषार के अच्छे संबंध नहीं थे। पिता ने पूर्व में तुषार को मारने की धमकी दी थी, जिस कारण उसकी मां ने उसे अपने मायके भेजा हुआ था। कुछ समय पहले ही तुषार वापस गांव लौटा था। पुलिस ने पिता की लोकेशन पर काम किया तो जो कुछ सामने आया, उसने पुलिस का काम आसान कर दिया। जल्द पुलिस को पता चल गया कि हत्या के वक्त सुंदर भी खरखौदा में मौजूद था। सुंदर समेत दो लोगों की हुई पहचान पुलिस ने पिता की घेराबंदी शुरु कर दी। खुलासा हुआ कि हत्या वाली शाम तुषार का पिता सुंदर त्यागी अपने एक दोस्त अमित उर्फ वेदवान के साथ खरखौदा आया था। दोनों ने एक दुकान से बीयर खरीदी थी। जिस संदिग्ध कार का जिक्र ग्रामीणों ने किया था, वह सुंदर की ही थी। पुलिस ने जल्द ही उसे ट्रेस किया और सुंदर व अमित उर्फ वेदवान को दबोच लिया। पूछताछ में सुंदर ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। पुलिस की मानें तो तुषार के साथ सुंदर स्कार्पियो में बैठा था। मौका पाकर सुंदर ने तुषार को गोली मार दी। सुंदर को शक था, बेटा हत्या करा देगा पुलिस की छानबीन में सामने आया कि तुषार की हत्या करने के बाद सुंदर व अमित कार को ले जाकर पांची अंडर पास के निकट छोड़ आए और फरार हो गए। इस हत्या के पीछे की वजह भी बेहद चौकाने वाली सामने आई। दरअसल, सुंदर व बेटे तुषार में 36 का आंकड़ा था। सुंदर को शक था कि उसके बेटे तुषार ने 10 लाख रुपये में उसकी किसी को हत्या की सुपारी दे रखी है। इसी कारण उसने तुषार को मारने का मन बना लिया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि पेयजल आपूर्ति में किसी भी क्षेत्र में कमी नहीं रहनी चाहिए। सीएम ने पीएचई विभाग के अफसरों से कहा कि केवल ट्यूबवेल पर निर्भरता कम करनी होगी और तालाब-सरोवर निर्माण तथा जल रिचार्जिंग पर विशेष फोकस करना होगा। साथ ही केंद्र सरकार से जल जीवन मिशन के लिए 5000 करोड़ रुपए की राशि मिलने जा रही है। जिससे मार्च 2028 से पहले प्रदेश में हर घर नल से जल का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। जल जीवन मिशन की प्रगति प्रदेश में जल जीवन मिशन का 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। उज्जैन राजस्व संभाग सहित 11 जिलों में शत-प्रतिशत काम पूरा किया जा चुका है। अब तक 1 करोड़ 11 लाख से अधिक परिवारों को नल कनेक्शन दिए गए हैं। प्रदेश के 75 प्रतिशत परिवार इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। दिसंबर 2023 से अब तक 16.50 लाख से अधिक नए घरेलू नल कनेक्शन जारी किए गए हैं और 15,238 नए नलकूप व हैंडपंप स्थापित किए गए हैं। 14,200 गांवों को पहले ही 'हर घर जल' घोषित किया जा चुका है। केन्द्र से मिलेंगे 5 हजार करोड़ केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय से मध्यप्रदेश को जल जीवन मिशन के तहत लगभग 5 हजार करोड़ रुपए का आवंटन मिलने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल द्वारा दी गई सहमति का स्वागत किया और अधिकारियों को केंद्र के साथ समन्वय तेज करने के निर्देश दिए। वर्ष 2026-27 के लिए विभाग को 5 हजार करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान किया गया है। जल जीवन मिशन 2.0 की भी तैयारी शुरू कर दी गई है। सीएम बोले- हवा में मत रहिए, हम भागीरथपुरा देख चुके हैंपीएचई की बैठक में एसीएस मनीष रस्तोगी जब ये बता रहे थे कि जल जीवन मिशन के जरिए इतने गांवों में जल प्रदाय योजनाओं के काम हो चुके हैं। इसी दौरान सीएम ने कहा आप लोग ज्यादा हवा में मत रहिए पेयजल के साथ सीवेज प्रबंधन की भी चिंता कीजिए। हम अभी कुछ समय पहले भागीरथपुरा की स्थिति देख चुके हैं। मैं जब इंदौर जाता हूं तो सीवेज की गंदगी देखकर शर्म आती है। जल निगम का नाम बदलेगाबैठक में सीएम ने यह निर्देश दिए कि अब जल निगम का नाम जल एवं सीवेज प्रबंधन निगम होगा। अब पेयजल के साथ ही सीवेज प्रबंधन के कामों पर भी ध्यान दिया जाएगा। मेट्रोपॉलिटिन रीजन के लिए पानी प्रबंधन पर काम करोबैठक में सीएम ने कहा कि इंदौर और भोपाल मेट्रोपॉलिटिन एरिया में जब क्षेत्र बढ़ेगा तो पानी की जरूरत बढ़ेगी। तब पानी कहां से लाएंगे। इसके लिए सरफेस वाटर मैनेजमेंट प्लान बनाओ। दोनों मेट्रोपॉलिटिन रीजन में पेयजल, उद्योग और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता हो ऐसा प्लान बनाकर तैयार करो। केवल ट्यूबवैल पर निर्भर मत रहो, तालाब सरोवर से वॉटर रिचार्जिंग बढ़ाओ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने साफ कहा कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग अब केवल ट्यूबवेल पर आश्रित न रहे। तालाब व सरोवर निर्माण, जल संग्रहण और वॉटर रिचार्जिंग को प्राथमिकता दी जाए। इससे जल संरक्षण, भूजल स्तर में वृद्धि और नल योजनाओं को स्थायी जल स्रोत मिलेंगे। इस कार्य में म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिसर (MAPCAST) की विशेषज्ञता ली जाएगी। ट्यूबवैल में गिरने की दुर्घटनाएं रोकने एमपी ने देश में सबसे पहले बनाई पॉलिसी सुरक्षा, नवाचार और जनभागीदारी मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बना है जिसने बोरवेल अधिनियम बनाया है, ताकि बोरवेल में गिरकर होने वाली दुर्घटनाएं रोकी जा सकें। विभाग सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा दे रहा है। बेहतर कार्य करने वाले गांवों और ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा। जल महोत्सव और जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जन भागीदारी बढ़ाई जा रही है। जल दर्पण पोर्टल के माध्यम से शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। अन्य महत्वपूर्ण फैसले
ग्वालियर के उटीला थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम कुछ घंटों के भीतर दो अलग-अलग सड़क हादसों ने इलाके को झकझोर दिया। एक हादसे में सड़क पार कर रहे युवक की तेज रफ्तार कार की टक्कर से मौत हो गई, जबकि दूसरे हादसे में कोचिंग जा रहे एक नाबालिग छात्र को 108 एम्बुलेंस ने टक्कर मार दी। दोनों मामलों में पुलिस ने वाहन चालकों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहला हादसा टांकोली गांव के पास हुआ। गोल पहाड़िया निवासी प्रीतम सिंह सोलंकी मंगलवार शाम उटीला के टांकोली गांव में रिश्तेदारी में आयोजित शोक सभा में शामिल होने पहुंचे थे। वह बस से उतरकर सड़क पार कर रहे थे, तभी सामने से तेज रफ्तार में आ रही सफेद रंग की वैगनआर कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि प्रीतम सिंह हवा में उछलकर सड़क पर जा गिरे और उनके सिर व सीने में गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही उटीला पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान रात में उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर अज्ञात वैगनआर चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस वाहन नंबर के आधार पर आरोपी चालक की तलाश में जुटी है। इसी क्षेत्र में कुछ दूरी पर दूसरा हादसा मुरार-बेहट रोड पर हुआ। टिहोली गांव निवासी छात्र संदीप पाल साइकिल से कोचिंग के लिए जा रहा था। जैसे ही वह मुख्य सड़क पार कर रहा था, तभी ग्वालियर की ओर से आ रही 108 एम्बुलेंस (क्रमांक CG 04 NV-6453) ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया और सड़क किनारे जा गिरा। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल छात्र को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस ने दुर्घटना करने वाली सरकारी एम्बुलेंस को जब्त कर लिया है और चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। टांकोली हादसे में फरार कार चालक की तलाश जारी है, जबकि एम्बुलेंस चालक के खिलाफ भी जांच शुरू कर दी गई है।
इंदौर नगर निगम के चर्चित फर्जी बिल घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड और निगम के पूर्व सहायक यंत्री अभय सिंह राठौर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में मोहम्मद जाकिर और राहुल वडेरा शामिल हैं। तीनों को मंगलवार को स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की ईडी रिमांड पर सौंप दिया गया। ED की जांच में अब तक करीब 92 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के दस्तावेजी प्रमाण सामने आए हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि सरकारी धन की हेराफेरी कर अर्जित राशि से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में संपत्तियां खरीदी गईं। इसी के तहत 43 संपत्तियों को अटैच किया गया है। फर्जी बिलों के जरिए निकाली गई करोड़ों की राशि जांच में सामने आया है कि ड्रेनेज, सीवरेज और अन्य निर्माण कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जी बिल तैयार किए गए। आरोप है कि नगर निगम के कुछ अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों ने मिलीभगत कर ऐसे कामों के भुगतान मंजूर कराए, जो या तो धरातल पर अस्तित्व में ही नहीं थे या फिर वास्तविक कार्य की तुलना में कई गुना अधिक दर्शाए गए। ED के अनुसार कई प्रोजेक्ट में करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया, लेकिन मौके पर जांच के दौरान संबंधित कार्यों का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला। एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच के प्रमुख बिंदु- करीब 92 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के साक्ष्य मिले।- पूर्व सहायक यंत्री अभय सिंह राठौर समेत तीन आरोपी गिरफ्तार।- स्पेशल कोर्ट ने तीन दिन की ईडी रिमांड मंजूर की।- मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की 43 संपत्तियां अटैच।- फर्जी निर्माण कार्यों और जाली बिलों के माध्यम से राशि निकाले जाने का आरोप।- अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों की भूमिका जांच के दायरे में। घोटाले की परतें खुलने की उम्मीद ED की कार्रवाई के बाद नगर निगम के /यह चर्चित घोटाले में फिर चर्चाओं में है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान पूछताछ से रुपयों के लेन-देन, संपत्तियों की खरीद और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।
गोरखपुर में खनन के बाद ओवरलोड मिट्टी ढोने वाले डंपर सहित 39 गाड़ियों को पुलिस ने सीज कर लिया। इसके अलावा जांच में नंबर प्लेट में गड़बड़ी और मिट्टी ढुलाई के पेपर्स नहीं पाए जाने पर 22 गाड़ियों का चालान भी किया गया। यह कार्रवाई मंगलवार की देर रात अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस और प्रशासन की ओर से गठित एक स्पेशल टीम की ओर से की गई। जानकारी के मुताबिक जिले में अवैध खनन और सड़कों पर लापरवाही से तेज रफ्तार में गाड़ी चलाने की लगातार शिकायतें मिली। जिस पर अंकुश लगाने के लिए यह कदम उठाया गया। पुलिस ने गठित की स्पेशल टीम जिले भर में अवैध खनन और सड़कों पर लापरवाही से तेज रफ्तार में गाड़ी चलाने की लगातार शिकायतें मिली। जिसके बाद पुलिस और प्रशासन की ओर से एक स्पेशल टीम गठित की गई है। यह टीम देर रात शहर के अलग- अलग थाना क्षेत्रों में मिट्टी ले जाने वाले गाड़ियों की जांच करती है। जबकि थाने की पुलिस ओवरलोडिंग, रफ्तार और मिट्टी ढुलाई के परमिट की जांच करती है। वहीं प्रशासन की टीम खनन स्थलों की जांच करती है। 4 दिन पहले भी हुई थी कार्रवाई इन तीनों तरह की जांच में अनियमितता पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाती है। इसी के अंतर्गत चार दिन पहले भी टीम ने 49 जगहों की जांच करते हुए 45 वाहनों को सीज किया था। इसके बाद भी शिकायतों में कोई कमी नहीं आई। जिसके बाद मंलवार की रात एक बार फिर टीम ने विशेष जांच अभियान चलाया। इन थानों पर सीज हुई गाड़ियां इसमें कैंट पुलिस ने एक, खोराबार ने दो, एम्स ने एक, शाहपुर ने सात, गुलरिहा ने तीन, पीपीगंज ने एक, चिलुआताल ने तीन, गीडा ने एक, सहजनवा ने एक, हरपुर बुदहट ने एक, झंगहा ने एक, पिपराइच ने एक, गगहा ने तीन, बेलीपार ने तीन, उरुवा बाजार ने चार, खजनी ने तीन, सिकरीगंज ने एक और बेलघाट थाना पुलिस ने दो वाहनों को सीज किया। वहीं चार थानों की पुलिस ने 22 वाहनों का चालान किया।
राज्य सरकार की ओर से फरवरी में कराए गए निरीक्षण में वाराणसी मंडल के स्वास्थ्य केंद्रों का प्रदर्शन प्रदेश स्तर पर बेहतर रहा। मंडल के तीन जनपदों ने प्रदेश की रैंकिंग में स्थान बनाकर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का प्रमाण दिया है। चंदौली जनपद ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि वाराणसी पांचवें और जौनपुर दसवें स्थान पर रहा। वाराणसी के रामनगर में स्थित लाल बहादुर शास्त्री जिला राजकीय चिकित्सालय प्रदेश में छठवें स्थान पर आया। वाराणसी मंडल के अपर निदेशक, स्वास्थ्य डॉ. एनडी शर्मा ने बताया कि, 21 से 23 फरवरी के बीच स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने मंडल के अस्पतालों और स्वास्थ्य इकाइयों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाएं, चिकित्सकों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई, मानव संसाधन और मरीजों को मिलने वाली सेवाओं का मूल्यांकन किया गया था। चंदौली प्रदेश में पहले स्थान पर चंदौली जिले में कुल 328 स्वास्थ्य इकाइयों में से 158 इकाइयों का निरीक्षण किया गया थ। इनमें 4 सीएचसी, 25 पीएचसी, 3 यूपीएचसी और 126 आयुष्मान आरोग्य मंदिर शामिल रहे। जिले को कुल 135 संकेतकों में से 15 संकेतकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन का लाभ मिला, जिसके चलते प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त हुआ। इसी प्रकार वाराणसी जिले की 629 स्वास्थ्य इकाइयों में से 270 इकाइयों का निरीक्षण हुआ। इनमें मेडिकल कॉलेज, सीएचसी, पीएचसी और आयुष्मान आरोग्य मंदिर शामिल रहे। जिले ने 137 संकेतकों में से 25 संकेतकों पर 15 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर प्रदेश में पांचवां स्थान प्राप्त किया। जौनपुर का स्वास्थ्य विभाग प्रदेश में 10वें स्थान पर जौनपुर जिले में 768 स्वास्थ्य इकाइयों में से 420 इकाइयों का मूल्यांकन किया गया। निरीक्षण के दौरान जिले को 131 संकेतकों में से 22 संकेतकों पर 17 प्रतिशत से कम अंक मिलने के कारण कुछ कमियां पाई गईं, फिर भी जनपद प्रदेश में दसवें स्थान पर पहुंचने में सफल रहा। निरीक्षण रिपोर्ट में अस्पतालों की आधारभूत सुविधाओं, इंडेंट के सापेक्ष दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सालय संचालन व्यवस्था और मरीजों को मिलने वाली सेवाओं को प्रमुख आधार बनाया गया। अपर निदेशक डॉ. एनडी शर्मा ने बताया कि जिन संकेतकों पर कम अंक प्राप्त हुए हैं, उनमें सुधार के लिए मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
जयपुर में जहर पीकर शिवदासपुरा पुलिस स्टेशन पहुंचे एक युवक की मंगलवार दोपहर मौत हो गई। पिछले 5 दिन से घर से गायब होने पर परिजन उसको ढूंढ़ रहे थे। कोर्ट में मकान विवाद को लेकर वह परेशान चल रहा था। पुलिस ने महात्मा गांधी हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। SI धर्म सिंह ने बताया- जहर खाने से जयराम गुर्जर (45) पुत्र भगवान सहाय निवासी रामचंद्रपुरा सांगानेर की मौत हो गई। वह पिछले 5 दिनों से अपने घर से गायब था। परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग पाया था। मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे एक व्यक्ति ने कॉल कर बताया कि उसने जहर खा लिया है। उसके बाद वह शिवदासपुरा थाने पहुंच गया। पुलिस टीम ने तुरंत उसे महात्मा गांधी हॉस्पिटल पहुंचाया। जहां इलाज के दौरान करीब 2 घंटे बाद उसकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है जयराम के घर से लापता रहने और इस कदम के पीछे के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों की पता चल सकेगा। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक जयराम गुर्जर का परिवार के सदस्यों से एक मकान खाली कराने को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। यह मामला कोर्ट में भी विचाराधीन था। घटना से चार-पांच दिन पहले से ही जयराम घर से बाहर था। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आत्महत्या के पीछे संपत्ति विवाद को मुख्य वजह मान रही है।
राजधानी के एम्स भोपाल ने जटिल कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यहां 52 वर्षीय मरीज के शरीर में एक साथ पनपे दो अलग-अलग प्राथमिक कैंसर का एक ही ऑपरेशन में सफल इलाज कर डॉक्टरों ने नई मिसाल कायम की है। यह मामला चिकित्सा विज्ञान में बेहद दुर्लभ माना जाता है। मरीज को पित्त नली का कैंसर (कोलेंजियोकार्सिनोमा) और किडनी कैंसर (रीनल सेल कार्सिनोमा) दोनों एक साथ थे। डॉक्टरों की बहुविषयक टीम ने चुनौती स्वीकार करते हुए एक ही सर्जरी में दोनों कैंसर को पूरी तरह निकाल दिया। वर्तमान में मरीज तेजी से स्वस्थ हो रहा है। दो विभागों की संयुक्त टीम ने संभाली कमान यूरोलॉजी और सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभागों के विशेषज्ञों ने मिलकर उपचार की रणनीति बनाई। ऑपरेशन के दौरान गैस्ट्रोएंटरोलॉजी टीम ने व्हिपल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया, जबकि यूरोलॉजी टीम ने दाहिनी किडनी को पूरी तरह निकालते हुए राइट रेडिकल नेफ्रेक्टॉमी की। डॉक्टरों के अनुसार, एक ही मरीज में दो अलग-अलग प्राथमिक कैंसर का मिलना बेहद दुर्लभ होता है। ऐसे मामलों में आमतौर पर अलग-अलग समय पर सर्जरी करनी पड़ती है, लेकिन इस केस में एक साथ ऑपरेशन कर मरीज को बड़ी राहत दी गई। पीलिया और वजन घटने से खुला राज मरीज लंबे समय से पीलिया, शरीर में खुजली और तेजी से वजन घटने की समस्या से जूझ रहा था। जांच में पित्त नली में अवरोध और किडनी में करीब 6.5 सेमी का ट्यूमर पाया गया। इसके बाद विशेषज्ञों ने संयुक्त ऑपरेशन का निर्णय लिया। डॉक्टरों का कहना है कि एक ही ऑपरेशन में दोनों कैंसर हटाने से मरीज को बार-बार बड़े ऑपरेशन से बचाया जा सका। इससे न केवल जोखिम कम हुआ, बल्कि रिकवरी भी तेज हो रही है। एम्स में बढ़ रही कैंसर सर्जरी की सफलता एम्स भोपाल के विशेषज्ञों ने बताया कि संस्थान में जठरांत्र और मूत्र संबंधी कैंसर के लिए उन्नत इलाज उपलब्ध है। पिछले एक साल में करीब 75 किडनी कैंसर मरीजों का सफल उपचार किया जा चुका है। विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि पीलिया, पेशाब में खून, लगातार बुखार, अचानक वजन घटना और भूख कम लगना जैसे लक्षणों को हल्के में न लें। समय पर जांच से कैंसर का इलाज संभव है। बहुविषयक टीमवर्क बनी सफलता की कुंजी इस जटिल सर्जरी में यूरोलॉजी, सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, एनेस्थीसियोलॉजी और नर्सिंग टीम का समन्वय अहम रहा। डॉक्टरों ने इसे संस्थान की आधुनिक सुविधाओं और टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
3 दिवसीय दौरे पर गोरखपुर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ गोरखनाथ मंदिर में बैठक की। उन्होंने कहा कि समय से बाढ़ बचाव की तैयारी पूरी करें। महानगर में जलभराव से निपटने के इंतजाम किए जाएं। किसी भी दशा में जलभराव नहीं होना चाहिए। जो निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गए हैं, उनका कार्य बरसात शुरू होने से पहले पूरा कर लिया जाए। मजदूरों की संख्या बढ़ाकर तेजी से काम करें। सीएम ने कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गर्मी के मौसम में बिजली आपूर्ति की भी सीएम ने समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति निर्बाध होनी चाहिए। बिजली के तार दुरुस्त रखें, जिससे फाल्ट न होने पाए। निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि पैडलेगंज-ट्रांसपोर्टनगर सिक्सलेन ओवरब्रिज, पैडलेगंज-नौसड़ सिक्स लेन, पैडलेगंज-छात्रसंघ चौराहा-बेतियाहाता सहित ज्यादातर बड़ी परियोजनाएं निर्माण के अंतिम चरण में चल रही हैं। मुख्यमंत्री ने ओवरब्रिज का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने को कहा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के सभी एंट्री प्वाइंट को और सुंदर बनाएं। वहां विशेष सफाई व्यवस्था के साथ हरित पट्टी विकसित की जाए। छायादार और मनोहारी पौधे लगाए जाएं। उन्होंने जीडीए से एंट्री गेट का काम जल्द शुरू कराने के साथ ही रामगढ़ताल के सुदृढ़ीकरण और सुंदरीकरण के लिए और भी प्रयास करने को कहा। सीएम ने ताल और नया सवेरा की सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा। जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने बताया कि ताल की सफाई के लिए कार्ययोजना बना ली गई है। पैडलेगंज रिंग रोड के पास के क्षेत्र को भी सुंदर बनाने के साथ यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि वहां नालों का पानी ओवरफ्लो होकर ताल में न गिरे। उपाध्यक्ष ने मोहद्दीपुर- सहारा एस्टेट रिंग रोड निर्माण की प्रगति के बारे में भी जानकारी दी। पशु तस्करों पर करें सख्ती, भू माफिया पर हो कड़ी कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पुलिस और प्रशासन को पशु तस्करों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा कि पशु तस्करी पर पूरी तरह लगाम लगाई जाए। उन्होंने कहा कि गरीबों, असहायों की भूमि कब्जा करने वाले भूमाफियाओं पर सख्ती की जाएं और उन्हें जेल भेजा जाए। मुख्यमंत्री ने भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखने के साथ ही रात में गश्त बढ़ाने का निर्देश दिया।
वाराणसी में मंगलवार आधी रात करीब 12 बजे प्रशासन ने 200 साल पुरानी अजगैब शहीद मस्जिद को ढहा दिया। ये मस्जिद राजघाट में थी। यहां नया मॉडल स्टेशन बनाया जाना है। इससे पहले ACP शिवहरी मीणा ने अफसरों के साथ मौके पर पहुंचकर मस्जिद का जायजा लिया। मस्जिद के चारों तरफ बेरिकेडिंग कर दी गई थी। मौके पर 5 बुलडोजर मंगवाए गए। इसके बाद करीब 42 फीट ऊंची मस्जिद को ढहा दिया गया। इस दौरान पुलिस और पीएसी के करीब एक हजार जवान तैनात थे। डीसीपी काशी गौरव बंसवाल, एडीसीपी वैभव बांगर एसीपी विजय प्रताप, कोतवाली एसीपी चेतगंज समेत कई अफसर भी मौजूद रहे। रात में ही मस्जिद के मलबे को गाड़ियों में भरकर हटा दिया गया। 2 तस्वीरें देखिए… दो साल से कोर्ट में था मामलावाराणसी के भदऊ चुंगी स्थित किला कोहना क्षेत्र में अजगैब शहीद की मस्जिद और कब्रिस्तान है। मुस्लिम पक्ष का दावा है कि मस्जिद का इतिहास करीब 200 साल पुराना है। मस्जिद के मुतवल्ली शमीम उस्ताद थे, जिनका लगभग दो महीने पहले निधन हो गया था। प्रशासन का कहना है कि यह रेलवे की पुरानी जमीन है। जिस पर कुछ लोगों द्वारा मजार बनाकर कब्जा किया गया था। इसके बाद यहां मस्जिद और कब्रिस्तान भी बना लिए गए। साल 2024 में जब काशी मॉडल रेलवे स्टेशन की योजना लाई गई, तो जमीन की पैमाईश की गई। तब अवैध कब्जे का पता चला। जिसके बाद रेलवे ने इसे खाली करने के लिए कहा। मामला कोर्ट में भी पहुंचा, जहां से हाल ही में संबंधित मुतवल्ली केस हार गए। इसके बाद रेलवे की ओर से जमीन खाली करने का नोटिस जारी किया गया, लेकिन इसका पालन नहीं किया गया। आज प्रशासन द्वारा कार्रवाई की गई है। मस्जिद के ध्वस्तीकरण की पल-पल की अपडेट्स जानने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
रामपुर के शाहबाद क्षेत्र में तीन किशोरों की कथित संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की जांच की चर्चा ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। सूत्रों के अनुसार, आतंकवादी गतिविधियों से संभावित ऑनलाइन संपर्क के संदेह में जांच एजेंसियों ने कुछ किशोरों की डिजिटल गतिविधियों की पड़ताल की है। हालांकि, मामले में अब तक किसी भी एजेंसी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि शाहबाद नगर के एक मोहल्ले से जुड़े तीन किशोर जांच एजेंसियों के रडार पर आए। इनमें से दो किशोरों को पूछताछ के लिए मुरादाबाद ले जाया गया, जहां उनसे कई घंटों तक पूछताछ की गई। बाद में उन्हें वापस भेज दिया गया। तीसरे नाबालिग किशोर को कथित तौर पर उसकी कम उम्र के कारण साथ नहीं ले जाया गया। मोबाइल फोन जब्त कर जांच जारी सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के बाद दोनों किशोरों के मोबाइल फोन जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिए गए। तीसरे किशोर का मोबाइल भी जब्त कर उसकी ऑनलाइन गतिविधियों, सोशल मीडिया संपर्कों और डिजिटल नेटवर्क की जांच की जा रही है। प्रारंभिक स्तर पर यह बात सामने आने की चर्चा है कि कुछ किशोर कथित रूप से पाकिस्तान से जुड़े एक विवादित सोशल मीडिया अकाउंट को फॉलो कर रहे थे और उसकी पोस्ट पर सक्रियता दिखा रहे थे। इसी आधार पर उनकी ऑनलाइन गतिविधियों की गहन पड़ताल की जा रही है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस पूरे मामले में अभी तक न तो किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक जानकारी दी गई है और न ही किसी आतंकवादी गतिविधि से प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि हुई है। स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी ऐसी किसी कार्रवाई की जानकारी होने से इनकार किया है। वहीं, एटीएस या अन्य जांच एजेंसियों की ओर से भी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले रामपुर के स्वार क्षेत्र से जुड़े एक युवक का नाम भी आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित एक मामले में सामने आया था।
CM से मिले आवंटी, मिला भरोसा:कहा-सभी के भवन सुरक्षित रहेंगे; आवास विकास परिषद सुलझाएगा मामला
बेतियाहाता में उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद से भूखंड व भवन आवंटित कराने वाले आवंटियों को मुख्यमंत्री ने राहत दी है। 3 दिवसीय दौरे पर आए मुख्यमंत्री से आवंटी मंगलवार को मिलने पहुंचे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री को अपनी समस्या बताई। उनकी समस्या सुनकर मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिया कि उनके भवन पूरी तरह से सुरक्षित रहेंगे। उनका वैध तरीके से आवंटन हुआ है, इसलिए उन्हें कोई नुकसान नहीं होगा। आवास विकास परिषद इस मामले का हल निकालेगा। सीएम से मिलने के बाद आवंटी खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि उनके स्वामित्व पर कोई आंच नहीं आएगी। जिस वादी ने कोर्ट में जमीन के लिए मुआवजा दिया है, उसे आवास विकास परिषद जमीन उपलब्ध कराएगा या मुआवजा देगा। सरकार भी इस कार्य में सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री से मिलने वालों में पूर्व विधायक बृजेश सिंह, डा. राजीव जायसवाल, डा. दुर्गेश गुप्ता, डा. बीआर सिंह, दिलीप मुरारका, मंटू त्रिपाठी, पूजा नथानी, अरविंद पांडेय आदि शामिल रहे। जानिए क्या है मामला बेतियाहाता निवासी श्याम सुंदर सराफ की लगभग 2 एकड़ 55 डिसमिल जमीन उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने 1980 के दशक में ली थी। इसमें से 2 एकड़ जमीन का मुआवजा दिया गया और 55 डिसमिल जमीन ऐसे ही ले ली गई। अतिरिक्त 55 डिसमिल जमीन को भी आवंटित कर दिया गया। इसी में पूर्व विधायक बृजेश सिंह, कुछ डॉक्टर व व्यसायियों के परिवारों ने भी जमीन आवंटित कराई थी।बिना मुआवजा दिए गलत तरीके से जमीन लेने के खिलाफ श्याम सुंदर सराफ स्थानीय कोर्ट चले गए। 1999 में उनके पक्ष में फैसला आ गया। उसके बाद आवास विकास परिषद ने जिला जज एवं हाईकोर्ट में इस मामले में अपील की लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल सकी। कुछ महीने पहले श्याम सुंदर सराफ के आवेदन पर स्थानीय कोर्ट ने उन्हें जमीन पर कब्जा दिलाने का निर्देश दिया।कोर्ट के आदेश पर कब्जा दिलाने के लिए जब कोर्ट के अमीन पहुंचे तो 11 आवंटियों ने हंगामा कर दिया। उन्होंने इस बात का विरोध किया। टीम केवल चिह्नांकन करने के बाद वापस लौट गई। हालांकि टीम अपने साथ बुलडोजर लेकर भी गई थी लेकिन उसका प्रयोग नहीं किया गया। यह बात सार्वजनिक होने के बाद आवंटी भी एक्टिव हो गए। उन्होंने कोर्ट के रुख की तैयारी भी की है। इसी क्रम में आवंटियों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात की। आसान नहीं होगा मामले का निस्तारणउत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद के अधिकारियों की लापरवाही के कारण ही यह स्थिति पैदा हुई है। लेकिन परिषद की ओर से मामले को सुलझा पाना इतना आसान नहीं होगा। श्याम सुंदर सराफ को इस जमीन के मालियत के बराबर जमीन देनी होगी। परिषद के पास इस समय लैंड बैंक न के बराबर है। यदि मुआवजे की बात करें तो वह भी 20 करोड़ से अधिक का होगा। हालांकि एक बात तय है कि इस पूरे मामले में आवंटियों का भी नुकसान होने वाला नहीं है। अब सरकार उन्हें राहत देने के लिए आवास विकास परिषद पर दबाव बनाएगी। सूत्रों की मानें तो आवंटियों के सीएम से मिलने के बाद डीएम ने आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता को तलब किया था। स्थानीय पार्षद ने कहा गड़बड़ी करने वाले कर्मियों की संपत्ति नीलाम हो इस मामले में बेतियाहाता के पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने कहा कि वादी श्याम सुंदर सराफ और आवंटियों के साथ आवास विकास परिषद की ओर से अनियमितता की गई है। ऐसा करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चिह्नित करना चाहिए। ऐसे अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संपत्ति को नीलाम करके वादी को उनका मुआवजा दिया जाना चाहिए।
उदयपुर में कुम्हारों का भट्टा स्थित निजी जेपी ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल में डॉक्टर द्वारा मरीज के इलाज में लापरवाही को लेकर परिजन और रिश्तेदारों ने जमकर हंगामा किया। हॉस्पिटल में तोड़फोड़ करते हुए कांच का गेट तोड़ दिया। आक्रोशित रिश्तेदार और समाज के लोगों ने एक डॉक्टर के साथ भी मारपीट कर दी। समझाइश को पहुंचे इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ आनंद गुप्ता के कपड़े तक फाड़ दिए। उन्हीं बड़ी मुश्किलों से आक्रोशित भीड़ से बचाकर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। हंगामा इस कदर बढ़ा कि मौके पर भूपालपुरा, प्रतापनगर और सूरजपोल थानों का जाब्ता लगाया गया। एडिशनल एसपी उमेश ओझा मौके पर पहुंचे और परिजनों से समझाइश का प्रयास किया। करीब एक घंटे तक हंगामा चला। इस दौरान हॉस्पिटल के सामने रोड पर भारी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई और ट्रेफिक जाम के हालात बन गए। नील गाय सामने से बाइक दुर्घटना में दोनों हाथ फ्रेक्चर हुए थेजानकारी अनुसार लसाड़िया के कूण निवासी 50 वर्षीय कुलदीप जैन बाइक से किसी काम से उदयपुर आ रहे थे। तभी कानोड़ के पास रोड पर सामने नील गाय आने से उनकी बाइक अनियंत्रित हो गई। वे रोड पर गिर गए। जिससे उनके दोनों हाथ फ्रेक्चर हो गए। उन्हें एम्बुलेंस से जेपी ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल पहुंचाया गया। जहां हालत गंभीर देखते हुए उनका ऑपरेशन किया गया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद से उन्हें होश नहीं आया। वहीं, इसे लेकर जब हमने संबंधित डॉक्टरों से पक्ष जानने की कोशिश की तो उनसे कोई सम्पर्क नहीं हो पाया। भाई बोला-डॉक्टरों ने इलाज में लापरवाही बरतीमरीज के भाई कमलेश जैन ने बताया कि मेरा भाई पैदल चलकर हॉस्पिटल आया था। यहां उसका 4 बजे ऑपरेशन हुआ। जिसके बाद से वह होश में नहीं आया है। उसके इलाज में डॉक्टरों ने लापरवाही बरती है। हमने इसका कारण पूछा तो हमें कोई संतुष्ट जबाव नहीं दे रहा। ऐसे में हम मरीज को दूसरे हॉस्पिटल ले गए। हमने पुलिस प्रशासन से लापरवाही डॉक्टरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
NEET-CUET विवाद- NSUI ने किया प्रदर्शन:शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका, पुलिस से झड़प भी हुई
मथुरा में मंगलवार शाम करीब 6 बजे एनएसयूआई और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नीट-यूजी 2026 और सीयूईटी-यूजी 2026 परीक्षाओं से जुड़े विवादों के विरोध में प्रदर्शन किया। मथुरा के होली गेट पर हुए इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प भी हुई। प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे। उनका आरोप था कि इन परीक्षाओं में धांधली हुई है, जिससे छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की कार्यकर्ताओं ने जैसे ही शिक्षा मंत्री का पुतला जलाने का प्रयास किया, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। पुलिस ने पुतला छीनने का प्रयास किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच छीना-झपटी हुई। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर तक खींचतान दिखाई दे रही है। पुलिस के प्रयासों के बावजूद, प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री का पुतला दहन कर दिया। इसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उन पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। कार्रवाई होने तक आंदोलन चलता रहेगा उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव अनाम धन्य तिवारी एडवोकेट ने कहा कि लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी अनियमितताओं से छात्रों और अभिभावकों का भरोसा कमजोर हुआ है। युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष दुर्गेश बघेल और एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष हर्ष चौरसिया ने संयुक्त रूप से कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा और दोषियों पर कार्रवाई होने तक आंदोलन चलता रहेगा। इस प्रदर्शन में दीपक पाठक, उदय तिवारी, गौरव कश्यप, शिवम चतुर्वेदी, राहुल पाल, राजू फारूकी, पूरन सिंह, अनवर फारूकी, दीपक मौर्य सहित बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता मौजूद थे।
गोरखपुर में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने और उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति देने के लिए बिजली विभाग की ओर से बिजनेस प्लान के तहत सुधार कार्य कराया जाएगा। इसके चलते बुधवार को बक्शीपुर न्यू उपकेंद्र से जुड़े निजामपुर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति आंशिक रूप से प्रभावित रहेगी। सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक संबंधित इलाकों में बिजली कटौती रहेगी। विभाग के मुताबिक बक्शीपुर न्यू उपकेंद्र के 11 केवी निजामपुर फीडर पर काम किया जाएगा। इस दौरान निजामपुर गोड़ियाना क्षेत्र में लगा 400 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर बंद रखा जाएगा। इससे ट्रांसफार्मर से जुड़े घरों और प्रतिष्ठानों की बिजली आपूर्ति प्रभावित होगी। समय से पहले निपटा लें जरूरी काम बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि कटौती के समय को ध्यान में रखते हुए बिजली से जुड़े जरूरी काम पहले ही पूरे कर लें। विभागीय टीम तय समय में कार्य पूरा कर आपूर्ति बहाल करने का प्रयास करेगी। अधिकारियों का कहना है कि बिजनेस प्लान के तहत नेटवर्क को मजबूत करने और आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए यह कार्य किया जा रहा है। काम पूरा होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।
वाराणसी के चर्चित नमो घाट हत्याकांड में मृतक राजेश उर्फ चिंटू जायसवाल के परिजनों से मिलने मंगलवार को समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल उनके खलियारी स्थित आवास पहुंचा। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पहुंचे नेताओं ने मृतक को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। मुलाकात के दौरान मृतक के पिता बद्रीनारायण जायसवाल ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि वे अब तक हुई पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। उनका आरोप है कि घटना में शामिल कुछ आरोपी अभी भी गिरफ्त से बाहर हैं। उन्होंने सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, 50 लाख रुपये मुआवजा और मृतक की स्मृति में प्रतिमा स्थापित किए जाने की मांग दोहराई। सपा नेताओं ने दिया हरसंभव सहयोग का भरोसा प्रतिनिधिमंडल में शामिल सांसद छोटेलाल ने परिवार को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को सड़क से लेकर संसद तक उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मृतक परिवार को उचित मुआवजा दिलाने, घायलों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पार्टी हर स्तर पर प्रयास करेगी। व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष Pradeep Jaiswal ने आरोप लगाया कि मामले के सभी आरोपियों के खिलाफ अभी तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सभी हमलावरों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की मांग की। मुआवजा और नौकरी की मांग सपा नेताओं ने मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये, घायलों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग भी उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यदि पीड़ित परिवार की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विचार करेगी। एमएलसी आशुतोष ने कहा कि घटना में घायल युवकों की शिकायतों पर कार्रवाई कराने और नमो घाट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सार्वजनिक कराने की मांग की जाएगी, ताकि घटना की वास्तविकता सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित हो। प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष राम निहोर यादव, पूर्व विधायक अवनीश, प्रदेश सचिव डॉ. अजय चौरसिया, व्यापार सभा के जिलाध्यक्ष दिनेश अग्रहरी सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
झूंसी में पीडीए की बड़ी कार्रवाई:27 बीघा अवैध प्लाटिंग पर चला बुलडोजर, तीन स्थानों पर ध्वस्तीकरण
प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने प्रयागराज में अवैध निर्माणों और बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ अपना अभियान जारी रखा है। इसी क्रम में सोमवार को पीडीए ने झूंसी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 27 बीघा जमीन पर की गई अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई जोन-05 के अंतर्गत जोनल अधिकारी प्रवीण कुमार के नेतृत्व में की गई। पीडीए की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पहली कार्रवाई भागीपुर-अन्दावा झूंसी क्षेत्र में हाईवे के किनारे की गई। यहां गुलाब यादव, दिलीप यादव व अन्य लोगों द्वारा लगभग 12 बीघा क्षेत्रफल में अवैध प्लाटिंग विकसित की जा रही थी। पीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी की मदद से इस अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। इसके बाद टीम ने सरपतीपुर अन्दावा क्षेत्र में कार्रवाई की। यहां अजय मौर्या व अन्य लोगों द्वारा लगभग 5 बीघा में कराई जा रही अवैध प्लाटिंग को हटाया गया। इसी क्षेत्र में पंचम लाल मौर्या व अन्य लोगों द्वारा करीब 10 बीघा जमीन पर विकसित की गई अवैध प्लाटिंग पर भी बुलडोजर चलाया गया। पीडीए अधिकारियों का कहना है कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना मानचित्र स्वीकृति के किसी भी प्रकार का निर्माण या प्लाटिंग करना नियमों के विरुद्ध है। ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। प्राधिकरण ने निर्माणकर्ताओं और डेवलपर्स को निर्देश दिया है कि किसी भी विकास कार्य को शुरू करने से पहले संबंधित मानचित्र की स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। साथ ही, पीडीए ने आम लोगों से भी अपील की है कि किसी भी कॉलोनी, प्लॉट या जमीन की खरीद-फरोख्त से पहले उसकी वैधता और प्राधिकरण से स्वीकृति की जांच जरूर कर लें। इससे भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस कार्रवाई के दौरान जोनल अधिकारी के अलावा अवर अभियंता, सुपरवाइजर, पीडीए प्रवर्तन टीम और थाना सरायइनायत पुलिस की मौजूदगी रही।
संभल में बिजली के करंट से भाई और बहन की मौत हो गई। यह घटना जनपद संभल की तहसील चंदौसी के थाना बहजोई क्षेत्र के वहांपुर पट्टी गांव में हुई। मृतकों की पहचान 25 वर्षीय राशिद और 22 वर्षीय गुड़िया के रूप में हुई है। वह गांव निवासी यामीन के बेटे और बेटी थे। राशिद कमरे में बिजली का तार ठीक कर रहा था, तभी उसे करंट लग गया। उसकी चीख सुनकर बहन गुड़िया उसे बचाने दौड़ी और वह भी करंट की चपेट में आ गई। दोनों भाई-बहन बुरी तरह झुलस गए। परिवार और पड़ोसियों ने दोनों को करंट से अलग किया और इलाज के लिए निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। राशिद दिल्ली में रहकर बिजली फिटिंग का काम करता था और बकरीद का त्योहार मनाने के लिए घर आया हुआ था। दोनों को मंगलवार शाम 7:30 बजे नमाज के बाद गांव के ही कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक कर दिया गया। मृतक गुड़िया अपने पांच भाइयों की इकलौती बहन थी। परिजनों से जानकारी के अनुसार मृतक युवक राशिद का दोस्त कासिम बीते सोमवार को उसे अपने साथ दिल्ली चलने की जिद कर रहा था। मृतक चुंबक ने घर में पलाश पर और बिजली फिटिंग का काम होने की बात कहकर अपने दोस्त को टाल दिया था, अगर दोस्त के साथ दिल्ली चला जाता तो आज वह जिंदा होता लेकिन कुदरत को कुछ ओर ही मंजूर था। बहजोई थाना प्रभारी राजीव मलिक ने बताया कि उन्हें इस घटना की कोई जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और यदि कोई शिकायत मिलती है तो नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
मथुरा में जिला कांग्रेस कमेटी ने बिजली संकट और प्रस्तावित सरचार्ज वृद्धि के विरोध में प्रदर्शन किया। मंगलवार शाम करीब 7 बजे जिलाधिकारी कार्यालय पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दीपक जलाकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुकेश धनगर के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य जिले में व्याप्त विद्युत समस्याओं, लगातार हो रही बिजली कटौती और प्रदेश सरकार द्वारा बिजली पर प्रस्तावित 10 प्रतिशत सरचार्ज वृद्धि के खिलाफ आवाज उठाना था। बिजली और पानी की समस्याओं से जूझ रहे मुकेश धनगर ने आरोप लगाया कि मथुरा में बिजली आपूर्ति की स्थिति बेहद खराब है। कई क्षेत्रों में लगातार चार-चार दिन तक बिजली नहीं आ रही है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। भीषण गर्मी में लोग बिजली और पानी की समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने बताया कि हालात इतने गंभीर हैं कि कई कॉलोनियों के लोगों को रात में सड़कों पर उतरकर धरना-प्रदर्शन करना पड़ रहा है। धनगर ने सत्ता पक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिले में कई विधायक, मंत्री, जिला पंचायत और ब्लॉक प्रमुख होने के बावजूद जनता को बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। अधिकारियों से नाराज लोग बोले- एसी कमरे में बैठने नहीं देंगे कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बिजली आपूर्ति जल्द सुचारू नहीं की गई तो अधिकारियों को उनके वातानुकूलित कमरों में बैठने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता अधिकारियों के कार्यालयों में तालाबंदी करने के लिए बाध्य होंगे ताकि उन्हें भी आम जनता की समस्याओं और गर्मी का एहसास हो सके। मुकेश धनगर ने प्रदेश सरकार द्वारा बिजली पर 10 प्रतिशत सरचार्ज बढ़ाने के प्रस्ताव का भी कड़ा विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि पहले से ही डीजल, पेट्रोल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में बिजली दरों में बढ़ोतरी का यह निर्णय आम आदमी, किसान, मजदूर और मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेगा।
रामपुर में साइड को लेकर दो कार चालकों में विवाद:पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शांत कराकर जाम खुलवाया
रामपुर के माल गोदाम तिराहे पर मंगलवार को साइड न देने को लेकर दो कार चालकों के बीच विवाद हो गया। कोतवाली सिविल लाइंस क्षेत्र में हुई इस घटना में पहले दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद मामला बढ़ने पर दोनों चालक अपनी-अपनी कारों से बाहर आ गए। सूचना मिलने पर डायल 112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, माल गोदाम तिराहे के पास सड़क पर वाहन निकालने के दौरान साइड को लेकर दोनों चालकों के बीच बहस शुरू हुई थी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाने लगे। इसके बाद दोनों ने अपनी गाड़ियां सड़क किनारे रोक दीं। सड़क पर जुट गई भीड़ विवाद के दौरान दोनों चालक वाहन से बाहर निकल आए, जिससे मौके पर लोगों की भीड़ जमा होने लगी। चूंकि यह क्षेत्र व्यस्त यातायात वाला है, इसलिए कुछ समय के लिए जाम जैसी स्थिति बनने की आशंका पैदा हो गई। इसी बीच किसी ने डायल 112 पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास शुरू किया। पुलिस ने समझाकर कराया समझौता मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों से बातचीत की और उन्हें शांत कराया। पुलिस के अनुसार, विवाद केवल साइड देने-न देने को लेकर हुआ था। समय रहते हस्तक्षेप किए जाने के कारण मामला आगे नहीं बढ़ा। डायल 112 टीम ने दोनों वाहन चालकों को समझाकर शांतिपूर्वक वहां से रवाना कर दिया। पुलिस की तत्परता के चलते न तो यातायात लंबे समय तक प्रभावित हुआ और न ही कोई अप्रिय घटना सामने आई।
सहारनपुर में सोना चांदी छोड़ गैस सिलेंडर चोरी:तीन चोर गिरफ्तार, गैस सिलेंडर और अन्य सामान बरामद
सहारनपुर पुलिस ने गैस सिलेंडर चोरी के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से चोरी के तीन गैस सिलेंडर, एक मोटरसाइकिल और नकदी बरामद की है। यह मामला थाना कुतुबशेर क्षेत्र के ग्राम उनाली स्थित प्राथमिक विद्यालय का है। 11-12 मई की रात अज्ञात चोरों ने स्कूल से तीन इंडेन गैस सिलेंडर, एक इन्वर्टर और दो बैटरियां चुरा ली थीं। प्रधानाध्यापक प्रवीण कुमार की तहरीर पर थाना कुतुबशेर में मुकदमा दर्ज किया गया था। कुतुबशेर पुलिस ने जांच शुरू की घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कुतुबशेर पुलिस ने जांच शुरू की। मंगलवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने गंगोह रोड स्थित उनाली पशु पैठ के पास एक खंडहर से जुनैद, सादिक और दिलशाद नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ और निशानदेही के आधार पर पुलिस ने चोरी के तीन गैस सिलेंडर, एक मोटरसाइकिल, 7500 रुपये नकद और तीन अवैध चाकू बरामद किए। पुलिस के अनुसार, चोरी की गई बैटरियां और इन्वर्टर बेच दिए गए थे, जिनकी रकम आरोपियों के पास से बरामद हुई है। रकम आरोपियों के पास से बरामद पुलिस का कहना है कि गैस सिलेंडरों की बढ़ती कीमतों और मांग के चलते चोर अब इन्हें आसान निशाना मान रहे हैं। स्कूल जैसी सार्वजनिक संस्थाएं भी अब चोरों के निशाने पर हैं। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में अतिरिक्त धाराएं बढ़ाई गई हैं और तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
नाबालिग से यौन दुराचार मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम मंगलवार को एक बार फिर हॉस्पिटल पहुंचा। सेंट्रल जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच इलाज के लिए एक बार फिर आरोग्यम अस्पताल लाया गया। यहां उसे डॉक्टर्स की निगरानी में रखा गया है। जानकारी के अनुसार- राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद वह 28 मई को जोधपुर पहुंचा था। दोपहर 2:50 बजे आसाराम के आने की सूचना पर जोधपुर एयरपोर्ट पर उसके समर्थकों की भीड़ लग गई थी। आसाराम एयरपोर्ट से सीधे पाल गांव स्थित अपने आश्रम पहुंचा था। वहां से एम्स गया, जांच करवाने के बाद शाम करीब 5 बजे सेंट्रल जेल में सरेंडर कर दिया था। हाईकोर्ट में लगाई थी याचिका सरेंडर करने के बाद आसाराम ने अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देते हुए राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोग्यम अस्पताल में उपचार कराने की अनुमति मांगी थी। मामले की सुनवाई हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच के समक्ष हुई थी। हाईकोर्ट ने बरकरार रखी है उम्रकैद हाईकोर्ट के जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की खंडपीठ ने इस चर्चित मामले में अपना विस्तृत फैसला सुनाया था। कोर्ट ने निचली अदालत की ओर से सुनाई गई उम्रकैद (प्राकृतिक जीवन के शेष समय तक जेल में रहने) की सजा को पूरी तरह से बरकरार रखा था। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि ‘आरोपी की कैद की तो दीवारें हैं लेकिन पीड़िता को जो मानसिक आघात और आजीवन पीड़ा दी गई है, उसकी कोई दीवार नहीं है।’ इसी आदेश के तहत कोर्ट ने उसकी अंतरिम जमानत रद्द कर तुरंत गिरफ्तारी वारंट जारी करने के निर्देश दिए थे। यह खबर भी पढ़ें... हाईकोर्ट का फैसला-आसाराम को करना होगा सरेंडर, सजा बरकरार:नाबालिग से यौन उत्पीड़न केस में 2 आरोपी बरी, करीब एक महीने बाद सुनाया डिसीजन
उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री, मत्स्य विभाग के प्रमुख एवं निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद मंगलवार शाम घाटमपुर पहुंचे। यहां आयोजित पदयात्रा और कार्यकर्ता बैठक में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखने को मिली। घाटमपुर नगर के मुख्य चौराहे से निकाली गई पदयात्रा के दौरान समर्थकों का उत्साह देखने लायक रहा। इसमें समाज के विभिन्न वर्गों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को राजनीतिक और सामाजिक रूप से खास बना दिया। “सामाजिक एकता और अधिकारों की आवाज” का संदेश कार्यकर्ताओं ने इस पदयात्रा को सामाजिक एकता, सम्मान और अधिकारों की आवाज को मजबूत करने वाला आयोजन बताया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने समाज के विकास, संगठन की मजबूती और जनहित से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्रतिबद्धता जताई। बड़ी संख्या में जुटी भीड़ ने निषाद समाज की राजनीतिक सक्रियता और संगठनात्मक ताकत का संदेश भी दिया। बाल उद्यान गेस्ट हाउस में हुई कार्यकर्ता बैठक पदयात्रा के बाद घाटमपुर स्थित बाल उद्यान गेस्ट हाउस में कार्यकर्ता बैठक आयोजित की गई। इसमें पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समाज के गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, जनसंपर्क अभियान को गति देने और आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बूथ स्तर तक संगठन विस्तार का आह्वान बैठक को संबोधित करते हुए संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि समाज के अधिकार, सम्मान और राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने के लिए एकजुट होकर कार्य करना जरूरी है। कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर लोगों को जोड़ने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं में खास उत्साह देखने को मिला। पदाधिकारियों ने इसे संगठन की मजबूती का संकेत बताते हुए कहा कि आने वाले समय में इसी ऊर्जा और एकजुटता के बल पर निषाद पार्टी क्षेत्र में अपनी पकड़ और मजबूत करेगी।
आगरा में बल्केश्वर महादेव भक्त मंडल द्वारा बल्केश्वर पार्क में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन मंगलवार को कथा व्यास आचार्य इंद्रेश उपाध्याय ने कहा कि जीवन चुनौतियों से भरा है। इनसे भागने वाला या शॉर्टकट अपनाने वाला भगवान को प्रिय नहीं होता। चुनौतियों का सामना हिम्मत से करें। अगर आप गलत नहीं हैं तो चिंता न करें, प्रभु एक दिन सत्य उजागर करेंगे। कथा की शुरुआत संकट हरेंगी, करेंगी भली वृषभान की लली’ भजन से हुई। आचार्य इंद्रेश ने नरसिंह अवतार और वामन अवतार का प्रसंग रोचक शैली में सुनाया। उन्होंने कहा कि भागवत जी भगवान की शब्दमय मूर्ति हैं। भागवत सुनने वालों को कोई फल नहीं मांगना चाहिए, क्योंकि यह स्वयं ही फल है। इससे यश-कीर्ति और धन की भूख खत्म हो जाती है। आचार्य ने चिंता जताई कि आज बच्चों में मोबाइल का एडिक्शन है। इसके लिए माता-पिता दोषी हैं। बच्चों को तोता-मैना की कविता के बजाय हरि के गीत याद कराएं। जगन्नाथ चकानंद जैसे भजन बच्चों पर भक्ति का असर डालते हैं। उन्होंने कहा कि आत्महत्या करने वालों को 2000 वर्ष तक प्रेत योनि भोगनी पड़ती है। प्रेत वह बनता है जिसे नरक में भी जगह नहीं मिलती। यह योनि बहुत कष्टदायक होती है। धर्म अपने कल्याण की कामना है, लेकिन सबके कल्याण की भावना परम धर्म है। कथा में पधारे संत अरविंद जी महाराज ने कहा कि जब अधर पर मुस्कान और आंखों में आंसू आ जाएं तो समझिए श्रद्धा का चरमोत्कर्ष है। आगरा में ऐसे रसिक श्रोता हैं जो भजन पर तीन घंटे लगातार नृत्य कर सकते हैं। वृंदावन से भी कई संत-महंत पहुंचे।
लखनऊ में ज्येष्ठ मास के पांचवें बड़े मंगल के अवसर पर सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था उड़ान ने एक भव्य भंडारे का आयोजन किया। यह भंडारा इंदिरा नगर स्थित महालक्ष्मी मार्केट, चांदन रोड पर आयोजित किया गया, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और जरूरतमंदों ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम का शुभारंभ हनुमान स्मरण और सुंदरकांड पाठ से हुआ। इस दौरान भक्तिमय वातावरण में बजरंगबली के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की, जिससे पूरे परिसर में धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना रहा। बड़े मंगल का पर्व सेवा, दान और मानवता का संदेश संस्था की अध्यक्ष सरिता सिंह और सचिव नरेंद्र यादव ने विधि-विधान से हनुमानजी की पूजा-अर्चना कर भोग अर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बड़े मंगल का पर्व सेवा, दान और मानवता का संदेश देता है, जो समाज को एक-दूसरे की सहायता के लिए प्रेरित करता है। इस भंडारे की एक खास बात महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही। उड़ान समूह की महिलाओं ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ प्रसाद वितरण की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने श्रद्धालुओं और जरूरतमंदों को पूड़ी-सब्जी, छोला-चावल, मट्ठा, बूंदी, सेब और केले का प्रसाद वितरित किया। ऐसे आयोजन सामाजिक और धार्मिक आस्था का प्रतीक भंडारे में सैकड़ों लोगों ने यह प्रसाद ग्रहण किया। सेवा भाव से ओतप्रोत महिलाओं ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया और उन्हें सम्मानपूर्वक प्रसाद प्रदान किया। इस आयोजन में सामाजिक एकता, सहयोग और धार्मिक आस्था की स्पष्ट झलक दिखाई दी। संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि उड़ान समय-समय पर विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से जनसेवा के कार्य करती रहती है। बड़े मंगल पर आयोजित यह भंडारा भी उनकी इसी सेवा भावना का एक महत्वपूर्ण प्रयास था, जिसकी लोगों ने खूब सराहना की।
लखनऊ के कुड़िया घाट पर स्वच्छता, वृक्षारोपण अभियान:विश्व पर्यावरण और समुद्री दिवस पर हुआ आयोजन
लखनऊ के कुड़िया घाट पर मंगलवार को विश्व पर्यावरण दिवस और विश्व समुद्री दिवस के उपलक्ष्य में एक स्वच्छता और वृक्षारोपण अभियान आयोजित किया गया। नोवोटेल की पहल पर हुए इस कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ताओं, पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों की स्वच्छता और हरित जीवनशैली के प्रति जागरूक करना था। सुबह शुरू हुए इस अभियान के दौरान घाट परिसर में व्यापक सफाई की गई। स्वयंसेवकों ने घाट के आसपास फैले कचरे को हटाकर स्वच्छता का संदेश दिया। सफाई के बाद, विभिन्न प्रजातियों के 21 पौधों का रोपण किया गया। प्रतिभागियों ने पौधों की देखभाल का संकल्प लेते हुए हरियाली बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। नदी और घाटों की सफाई को जन आंदोलन बनाने की अपील कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि एक निरंतर सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जल स्रोतों को स्वच्छ बनाए रखने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। इस दौरान लोगों ने नदी और घाटों की सफाई को जन आंदोलन बनाने की अपील भी की। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नगर सह कार्यवाह रजनीश कुमार ने इस अवसर पर कहा कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता केवल शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को इसमें सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि अधिक से अधिक वृक्षारोपण और सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई से आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण प्रदान किया जा सकता है। सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए अभियान के अंत में, सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, जल संसाधनों के संवर्धन और प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर नोवोटेल के महाप्रबंधक राहुल नामा, होटल के स्टाफ सदस्य, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
लखनऊ के सीतापुर रोड स्थित बृज की रसोई परिसर में नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के दूसरे दिन जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने नवधा भक्ति की व्याख्या की, जिसमें कीर्तन और ईश्वर में अटूट विश्वास को भक्ति का सबसे प्रभावी साधन बताया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े और उनके प्रवचनों पर जयकारे लगाते रहे। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने अपने प्रवचन में कहा कि संस्कृत में माया को नर्तकी कहा गया है, और इसी शब्द को पलटने पर ‘कीर्तन’ बनता है। जब कोई व्यक्ति प्रभु का कीर्तन करता है, तो माया का प्रभाव स्वतः समाप्त होने लगता है। उन्होंने भक्ति का दूसरा महत्वपूर्ण आधार विश्वास को बताया। उनके अनुसार, जिस व्यक्ति का भगवान पर दृढ़ भरोसा होता है, उसके लिए ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग सहज और सरल हो जाता है। कर्म पर ही मनुष्य का अधिकार कथा के दौरान रामभद्राचार्य ने कर्मयोग का संदेश देते हुए कहा कि मनुष्य को अपने दायित्व पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाने चाहिए। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता का उल्लेख करते हुए बताया कि कर्म पर ही मनुष्य का अधिकार है। जो व्यक्ति ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करता है, उसके पास अधिकार स्वयं आ जाते हैं। उन्होंने कर्मनिष्ठा और कर्तव्यपरायणता को सफलता का वास्तविक मार्ग बताया। उन्होंने यह भी कहा कि सच्ची सेवा प्रभु की सेवा है। सरकारी नौकरी में एक निश्चित समय के बाद सेवानिवृत्ति हो जाती है, लेकिन भगवान की सेवा में कभी रिटायरमेंट नहीं होता। वहां भक्त के योगक्षेम की चिंता स्वयं प्रभु करते हैं। उन्होंने लोगों से अपने जीवन का अधिकाधिक समय लोकमंगल और ईश्वर सेवा में लगाने का आह्वान किया।अपने संबोधन में जगद्गुरु ने रामजन्मभूमि आंदोलन का भी स्मरण किया और कारसेवकों के बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि उन्हें सदैव ईश्वर की व्यवस्था पर पूर्ण विश्वास रहा है। ये लोग शामिल हुए कथा में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी, डिप्टी सी. एम बृजेश पाठक, विधायक डॉ. नीरज बोरा, महंत पवन दास सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों ने व्यासपीठ का आशीर्वाद प्राप्त किया। विशेष आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और यजमानों ने सहभागिता की।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) परीक्षा 3 और 4 जून को प्रदेशभर में आयोजित की जा रही है। लखनऊ में अभ्यर्थियों की संख्या अधिक होने के कारण विभिन्न महाविद्यालयों को टीजीटी परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इसके चलते लखनऊ विश्वविद्यालय ने अपनी नियमित परीक्षाओं के नौ केंद्रों में बदलाव किया है। लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबद्ध महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को सूचित किया है कि 3 और 4 जून को होने वाली परीक्षाओं के लिए पूर्व निर्धारित केंद्रों को अन्य महाविद्यालयों में स्थानांतरित किया गया है। विद्यार्थियों को संशोधित केंद्रों पर ही परीक्षा देनी होगी। कई कॉलेजों के परीक्षा केंद्र किए गए स्थानांतरित विश्वविद्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार डीएवी पीजी कॉलेज और नवयुग कन्या महाविद्यालय के परीक्षार्थियों का केंद्र अब बीएसएनवी पीजी कॉलेज होगा। वहीं कालीचरण पीजी कॉलेज के विद्यार्थियों को ब्राइट कैरियर कॉलेज, ठाकुरगंज में परीक्षा देनी होगी। लखनऊ क्रिश्चियन पीजी कॉलेज और मुमताज पीजी कॉलेज के छात्रों की परीक्षा अब जय नारायण पीजी कॉलेज में आयोजित की जाएगी। इसके अलावा नारी शिक्षा निकेतन डिग्री कॉलेज और शशिभूषण डिग्री कॉलेज के विद्यार्थियों को एपी सेन पीजी कॉलेज में परीक्षा देनी होगी। शिया पीजी कॉलेज और विद्यान्त पीजी कॉलेज के परीक्षार्थियों का केंद्र लखनऊ विश्वविद्यालय का पुराना परिसर निर्धारित किया गया है। विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों से परीक्षा में शामिल होने से पहले अपने संशोधित केंद्र की जानकारी अवश्य जांच लेने की अपील की है।
धार शहर के मांडव नाका स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के पास मंगलवार शाम बाइक के दस्तावेजों की जांच के दौरान शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते बड़े हंगामे में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कोतवाली पुलिस के जवानों ने एक बाइक सवार व्यक्ति को रोककर वाहन के कागजात मांगे। लोगों का कहना है कि यदि शुरुआत में बातचीत शालीनता और संयम से की जाती तो शायद मामला इतना नहीं बढ़ता। मौके पर मौजूद लोगों का आरोप है कि पूछताछ के दौरान पुलिसकर्मियों ने बाइक सवार से अभद्र भाषा में बात की और अपशब्दों का प्रयोग किया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाइक सवार वाहन के दस्तावेज दिखाने की बात कर रहा था, लेकिन बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ता चला गया। आरोप- पुलिसकर्मी ने कॉलर पकड़ी दो थप्पड़ माराइसी दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि कथित रूप से कोतवाली थाने में पदस्थ अरविंद ने एक व्यक्ति का कॉलर और सिर पकड़ लिया। इसके बाद दूसरे व्यक्ति ने पुलिसकर्मी अरविंद को जोरदार थप्पड़ मार दिया, जिससे वह नीचे गिर गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और हालात तनावपूर्ण हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि इसके बाद पुलिसकर्मियों ने युवक के साथ मारपीट की। वहीं बाइक पर मौजूद महिलाओं के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। घटना के समय महिलाओं के साथ छोटे बच्चे भी मौजूद थे, जो पूरे घटनाक्रम के दौरान डरे-सहमे नजर आए। महिलाओं की चीख-पुकार से मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ और बढ़ गई। इंदौर के रहने वाले हैं बाइक सवारजानकारी के अनुसार बाइक सवार लोग इंदौर के रहने वाले बताए जा रहे हैं। वे धार के समीप सीतापाट-भूतिया क्षेत्र में अपने रिश्तेदारों के यहां आए हुए थे और पिछले दो दिनों से वहीं रुके थे। मंगलवार को वे सीतापाट-भूतिया से इंदौर लौट रहे थे, तभी मांडव नाका पर यह विवाद हो गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। फिलहाल विवाद क्यों हुआ और क्या कारण रहा इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इस मामले को लेकर हमने कोतवाली थाना प्रभारी दीपक सिंह चौहान से भी संपर्क करने की कोशिश की किंतु संपर्क नहीं हो सका।
लखनऊ में इंडिया एक्सीलेंस अवार्ड सीजन-4 का आयोजन:विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों को किया गया सम्मानित
लखनऊ में इंडिया एक्सीलेंस अवार्ड सीजन-4 समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को सम्मानित किया गया। इनमें पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के कार्यालय सचिव रहे विपिन गुप्ता, टीवी कलाकार प्रियंका चौधरी चाहर और समाजसेवी अनुराग जायसवाल शामिल थे, जिन्हें इंडिया एक्सीलेंस अवार्ड से नवाजा गया। सम्मान ग्रहण करने के बाद, तीनों सम्मानित व्यक्तियों ने राज्य सूचना आयुक्त डॉ. दिलीप अग्निहोत्री से शिष्टाचार भेंट की। डॉ. अग्निहोत्री ने सभी को बधाई दी और उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज, पत्रकारिता और कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित करना एक प्रेरणादायक पहल है। टीवी कलाकार प्रियंका चौधरी चाहर ने लोकप्रिय रियलिटी शो 'बिग बॉस' और चर्चित धारावाहिक 'भाभी जी घर पर हैं' के माध्यम से दर्शकों के बीच अपनी पहचान बनाई है। वहीं, समाजसेवी अनुराग जायसवाल को उनके सामाजिक कार्यों और जनसेवा के लिए सम्मानित किया गया। मुलाकात के दौरान, सम्मानित अतिथियों ने अपने अनुभव साझा किए और आयोजन समिति के प्रति आभार व्यक्त किया। यह समारोह सम्मान, प्रेरणा और उपलब्धियों के उत्सव के रूप में यादगार रहा।
लखनऊ में बड़े मंगल पर भंडारा, 2 पुस्तकों का विमोचन:मानस मठिया में तुलसी स्मारक समिति ने किया आयोजन
लखनऊ के गोमती नगर स्थित मानस मठिया में बड़े मंगल के अवसर पर तुलसी स्मारक समिति ने भंडारे का आयोजन किया। इस दौरान वरिष्ठ साहित्यकार और आकाशवाणी समाचार के पूर्व अपर महानिदेशक रामसागर शुक्ल की दो पुस्तकों 'देवरिया के प्रतिनिधि कवि' और 'आइये देवरिया चलें' का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति और इतिहास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। रामसागर शुक्ल ने अपनी पुस्तकों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि देवरिया की धरती ने अनेक महान रचनाकार दिए हैं, जिन्होंने भारतीय साहित्य को समृद्ध किया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जिले के कई ऐतिहासिक स्थलों में वैदिक काल के संदर्भ मिलते हैं। भगवान कृष्ण, भगवान परशुराम और अश्वत्थामा से जुड़े कई स्थान आज भी लोगों के आकर्षण का केंद्र हैं। रामसागर शुक्ल की रचनाएँ नई पीढ़ी तक पहुंचा रही उत्तर प्रदेश फिल्म बंधु के पूर्व संयुक्त निदेशक राम मनोहर त्रिपाठी ने कहा कि रामसागर शुक्ल की रचनाएँ भारतीय संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुँचा रही हैं। उनके साहित्य में भारतीय समाज की जड़ों से गहरा जुड़ाव स्पष्ट दिखाई देता है। प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय के पूर्व डीन प्रोफेसर अंबिका प्रसाद तिवारी ने रामसागर शुक्ल के साहित्य को एक विशाल सागर बताया, जिससे पाठकों को ज्ञान और अनुभव के बहुमूल्य मोती मिलते रहते हैं। भाजपा नेता देवानंद त्रिपाठी ने भी पुस्तकों की सराहना की और उनके महत्व पर प्रकाश डाला। ये लोग मौजूद रहे वरिष्ठ पत्रकार अभयानंद शुक्ल ने देवरिया के साहित्यिक और सांस्कृतिक योगदान को रेखांकित किया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने हनुमान जी का स्मरण कर प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर शरद मिश्र, ओम अवस्थी, गिरीश चंद्र अग्निहोत्री, पंकज बिंद्रा, अनिमेष मिश्रा, आयुष शुक्ला, वैभव शुक्ला, अनुज सिंह, अरिंदम शुक्ल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
ललितपुर में मंगलवार शाम एक युवक ने गोलगप्पा विक्रेता पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में दुकानदार गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। आजादपुरा लेड़ियापुरा निवासी राहुल कुशवाहा (30), पुत्र काशीराम, वर्णी चौराहे पर गोलगप्पे का ठेला लगाते हैं। मंगलवार रात करीब आठ बजे वह अपनी दुकान पर मौजूद थे। घटना कोतवाली सदर क्षेत्र के वर्णी चौराहे से आगे नई बस्ती मार्ग पर हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसी दौरान तीन युवतियां गोलगप्पे खाने के लिए वहां पहुंचीं और अपनी स्कूटी ठेले के पास खड़ी कर दी। तभी एक युवक वहां आया और स्कूटी को लेकर विवाद करने लगा। आरोप है कि उसने युवतियों के साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की। विरोध होने पर विवाद बढ़ गया। विवाद के बाद लौटकर किया हमला बताया गया कि घटना की जानकारी मिलने पर युवतियों के परिजन मौके पर पहुंचे और आरोपी युवक की पिटाई कर दी। इसके बाद वह वहां से चला गया। आरोप है कि कुछ समय बाद वह चाकू लेकर वापस लौटा। उधर, दुकान बंद कर राहुल कुशवाहा अपना ठेला लेकर घर लौट रहे थे। जब वह नई बस्ती मार्ग स्थित मनोज की चक्की के पास पहुंचे, तभी आरोपी ने उन पर हमला कर दिया। चाकू का एक वार उनके सिर पर और दूसरा हाथ पर लगा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल राहुल को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। राहुल ने पुलिस को बताया कि आरोपी युवक कथित तौर पर उन लड़कियों का पता पूछ रहा था और पता बताने से इनकार करने पर उसने हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है तथा आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजनांदगांव के सोमानी थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची को नियमों के खिलाफ रात में थाने में रखकर प्रताड़ित करने और गलत मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मानसिक रूप से परेशान करने के मामले में शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव कर सभी आरोपियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इससे पहले पूर्व महापौर हेमा देशमुख ने कांग्रेस पदाधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने बच्ची का हौसला बढ़ाते हुए कहा, पढ़ाई इतनी करो कि एक अच्छी पुलिस ऑफिसर बनकर उनको संदेश दो…और यह साबित करो कि मैं कभी किसी पर अन्याय होने नहीं दूंगी। पूर्व महापौर ने प्रशासन पर निशाना साधते हुए चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय नहीं मिला, तो वे एक उग्र आंदोलन की शुरुआत करेंगे। TI और महिला प्रधान आरक्षक सस्पेंड इस मामले में पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने सोमनी थाना प्रभारी (TI) और एक महिला प्रधान आरक्षक (सिपाही) को तुरंत निलंबित कर दिया है। जबकि इस मामले की दो जांच एक साथ चल रही हैं, एक पुलिस विभाग द्वारा और दूसरी जिला प्रशासन द्वारा। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) और ड्यूटी डॉक्टर समेत सभी आरोपियों के खिलाफ जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे आगे की कार्रवाई के लिए कलेक्टर को भेजा जाएगा। पुलिस प्रशासन ने कहा है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच की जाएगी।
मेरठ के बहुचर्चित कपसाड़ कांड में आरोपी की उम्र निर्धारण को लेकर किशोर न्याय बोर्ड (जेजे बोर्ड) में चल रही सुनवाई के दौरान बड़ा अपडेट सामने आया है। बोर्ड ने आरोपी से जुड़ी उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उसका साइकोलॉजिकल टेस्ट कराने की मांग की गई थी। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए आरोपी को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया। सूत्रों के अनुसार, वादी पक्ष की ओर से आरोपी का साइकोलॉजिकल टेस्ट कराने की याचिका दायर की गई थी। मंगलवार को इस पर विस्तृत चर्चा हुई, लेकिन बोर्ड ने इस मांग को खारिज कर दिया। पिछली तारीख पर नहीं हो सका था फैसला जेजे बोर्ड को आरोपी की उम्र पर अंतिम निर्णय देना था, लेकिन पिछली सुनवाई में दो सदस्य अनुपस्थित रहने के कारण फैसला टल गया था। मंगलवार को उम्मीद थी कि लंच के बाद निर्णय आ जाएगा, लेकिन साइकोलॉजिकल टेस्ट से जुड़ी याचिका पर बहस के चलते फिर से फैसला नहीं हो सका। 4 जून को उम्र पर आएगा अंतिम फैसला सूत्रों के मुताबिक, जेजे बोर्ड के तीन सदस्यों में से कम से कम दो की उपस्थिति आवश्यक होती है, तभी निर्णय संभव है। इसी वजह से अब मामले की अगली तारीख 4 जून तय की गई है, जब आरोपी की उम्र पर अंतिम फैसला आने की संभावना है। जानकारी के अनुसार, इससे पहले आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया गया था, जिसमें उसकी उम्र लगभग 19 वर्ष आंकी गई थी। अब सभी की नजरें 4 जून को आने वाले अंतिम निर्णय पर टिकी हैं। अब विस्तार से जानते हैं कपसाड़ कांड को मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र में कपसाड़ गांव है। 8 जनवरी को गांव का ही एक युवक खेत पर अपनी मां के साथ काम कर रही युवती को अगवा कर ले गया था। आरोप है कि युवक ने युवती की मां पर हमला किया था, जिसकी बाद में मौत हो गई थी। इस घटना के बाद गांव में तनाव फैल गया था। सहारनपुर से बरामद हुए दोनों युवती को सकुशल बरामद करने के लिए पुलिस की 10 टीमें लगाई गई। करीब 48 घंटे के अंदर दोनों को सकुशल बरामद कर लिया गया। कोर्ट ने आरोपी युवक को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया जबकि युवती अपने परिजनों के साथ घर लौट गई। परिजनों ने आरोपी को बताया नाबालिग गिरफ्तारी के बाद परिजनों ने आरोपी को नाबालिग बताया। तीन अधिवक्ताओं के पैनल ने कोर्ट में याचिका दायर की और इस मामले की सुनवाई जेजे बोर्ड में किए जाने की अपील की। मामला उम्र निर्धारण पर आकर अटक गया। बलराम बोले- बेवजह खिंच रहा समय एडवोकेट बलराम सिंह सोम का कहना है कि बेवजह मामले को खींचा जा रहा है। हमने जो रूलिंग पेश की थीं, वह एकदम सटीक बैठती हैं। हाईस्कूल का सर्टिफिकेट उम्र निर्धारित करने के लिए काफी है। हमें उम्मीद है कि निर्णय हमारे पक्ष में आएगा। राजेंद्र बोले- बोर्ड का हर निर्णय मंजूर वादी पक्ष के एडवोकेट राजेंद्र कुमार का कहना है कि अगर याचिका खारिज की गई है तो निश्चिततौर पर बोर्ड के पास निर्णय सुनाने का मजबूर आधार होगा। हमें बोर्ड के निर्णय पर पूर्ण भरोसा है। आरोपी बच नहीं पाएगा।
ग्वालियर दुर्ग स्थित सास-बहू मंदिर क्षेत्र में महिला का शव पेड़ से लटका मिलने के मामले में पुलिस ने खुलासा किया है। विस्तृत जांच के बाद पुलिस ने मृतका के पति के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण (उकसाने) का मामला दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को उत्तर प्रदेश से हिरासत में लिया गया। जानकारी के अनुसार 15 मई को किले पर गश्त के दौरान पुलिस को खाई के पास एक पेड़ से दुपट्टे के सहारे लटका महिला का शव मिला था। प्रारंभिक जांच के बाद मृतका की पहचान 35 वर्षीय प्रीति जाटव, पत्नी देवेंद्र कुमार, निवासी आगरा के रूप में हुई। वह अपने पति और बच्चों के साथ ग्वालियर के पान पत्ते की गोठ इलाके में रह रही थी। पोस्टमार्टम और जांच के दौरान पुलिस को महिला के पारिवारिक जीवन से जुड़े कई अहम तथ्य मिले। पूछताछ में सामने आया कि प्रीति का पति एक अन्य महिला के संपर्क में था और दोनों के बीच लगातार बातचीत होती थी। इस मुद्दे को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। मृतका के भाइयों निरंजन, प्रदीप और मुकेश कुमार के अलावा प्रिंटिंग प्रेस संचालक विजय अग्रवाल तथा मकान मालिक श्याम बाथम से पूछताछ में भी यही तथ्य सामने आए। परिजनों ने आरोप लगाया कि पति के व्यवहार और कथित संबंधों से प्रीति मानसिक रूप से परेशान रहती थी। जांच में मिले तथ्यों के आधार पर बहोड़ापुर थाना पुलिस ने आरोपी पति देवेंद्र कुमार के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे उत्तर प्रदेश से पकड़ लिया। बहोड़ापुर थाना प्रभारी आलोक परिहार के मुताबिक मामले की गहन जांच के बाद पति की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। पुलिस आगे की विवेचना में जुटी हुई है।
ब्यावरा के देहात थाना इलाके से एक 17 साल की नाबालिग लड़की और उसकी रिश्तेदार युवती के गायब होने के मामले में पुलिस ने चार लोगों को पकड़ा है। मंगलवार को पुलिस जांच में मानव तस्करी का खुलासा हुआ है, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों पर अपहरण और तस्करी का केस दर्ज किया है। दोनों लड़कियों की गुमशुदगी 29 मई को दर्ज कराई गई थी। नाबालिग की मां ब्यावरा में सब्जी बेचती हैं। घटना के दिन वह किसी धार्मिक स्थल पर गई हुई थीं और दोनों लड़कियां दुकान संभाल रही थीं। इसी बीच राजगढ़ चौराहे का रहने वाला बंटी कंजर अपने तीन साथियों के साथ वहां पहुंचा। बंटी पहले भी सब्जी की दुकान पर आता-जाता था, इसलिए लड़कियां उसे जानती थीं। बंटी ने लड़कियों को झांसा दिया कि वह उन्हें उनकी मां से मिलवाने ले जा रहा है और उन्हें अपनी कार में बैठा लिया। बीयर पिलाई और ढाई लाख में किया सौदा जांच में सामने आया है कि रास्ते में आरोपियों ने बीयर खरीदी और खुद पीने के साथ-साथ लड़कियों को भी जबरन पिलाई। इसके बाद वे उन्हें अलग-अलग जगहों पर ले गए। आरोप है कि रेशमपुरा इलाके में आरोपियों ने नाबालिग लड़की का करीब ढाई लाख रुपए में सौदा कर दिया। पुलिस अब लड़की को खरीदने वाले लोगों की भी तलाश कर रही है। चारों आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनके नाम इस प्रकार हैं- बंटी कंजर (32 साल, निवासी कटारियाखेड़ी) उमेश कंजर (30 साल, निवासी छोटा बैरसिया, नई दिल्ली) मिलन कंजर (40 साल, निवासी छोटा बैरसिया, नई दिल्ली) मुकेश कंजर (50 साल, निवासी छोटा बैरसिया, नई दिल्ली) एएसआई गुलाब सिंह धाकड़ ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। नाबालिग की उम्र के कागजात देखे जा रहे हैं। इस काम में शामिल अन्य लोगों का भी पता लगाया जा रहा है, जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
कोरबा में मंगलवार को युवा कांग्रेस ने जिला परिवहन कार्यालय (DTO) में गड़बड़ियों, जनता को हो रही परेशानी और दलालों की सक्रियता के खिलाफ विरोध जताया। युवा कांग्रेस ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर मांग की कि जिला परिवहन अधिकारी (DTO) को तुरंत पद से हटाया जाए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। यह ज्ञापन 2 जून 2026 को सौंपा गया। पूर्व जिला अध्यक्ष राकेश पंकज के नेतृत्व में यह ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा गया। इसमें आम लोगों से मिली शिकायतों के आधार पर 11 बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग की गई है। युवा कांग्रेस का आरोप है कि DTO कार्यालय में आम जनता को समय पर सेवाएं नहीं मिल रही हैं और वहां बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार फैला हुआ है। ज्ञापन में सबसे पहले जिला परिवहन अधिकारी को शिकायतों के आधार पर तुरंत पद से हटाने की मांग की गई है। दूसरी मांग ड्राइविंग लाइसेंस बनाने और उसके नवीनीकरण में हो रही देरी की जांच करने की है। तीसरी मांग DTO कार्यालय में कथित दलालों की गतिविधियों की जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की है। युवा कांग्रेस ने कहा कि वाहन पंजीयन (RC), फिटनेस, परमिट और NOC जैसे कामों में भी काफी देरी हो रही है, जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने मांग की है कि सभी सेवाएं बिना बिचौलियों के पारदर्शी तरीके से दी जाएं। इसके साथ ही शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूत करने और कार्यालय की कार्यप्रणाली की स्वतंत्र जांच कराने की भी मांग की गई है। युवा कांग्रेस ने यह भी कहा कि अगर जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की गलती साबित होती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। DTO कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे लगाने और जनसुविधाएं बेहतर करने की मांग भी की गई है। इस ज्ञापन की कॉपी SDM कोरबा, नगर निगम आयुक्त, पुलिस अधीक्षक और जिला परिवहन अधिकारी को भी भेजी गई है। इस मौके पर राकेश पंकज, शादाब, गोपाल, करन सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। साथ ही चेतावनी दी गई है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
यूपी में गाड़ियों के बकाया टैक्स पर लगने वाले जुर्माने में 100% छूट देने की तैयारी है। परिवहन विभाग इसके लिए एकमुश्त समाधान योजना (OTS) लागू करने जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने मंगलवार देर रात बैठक का एजेंडा जारी कर दिया। इसमें 16 प्रस्ताव शामिल हैं। बैठक बुधवार शाम 5 बजे सीएम आवास पर होगी। 5 नई जेलों के निर्माण को मंजूरी मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद कुछ प्रस्ताव एजेंडे के बाहर भी जोड़े जा सकते हैं। सरकारी वकीलों का मानदेय बढ़ेगान्याय विभाग के 2 एजेंडे कैबिनेट में रखे जाएंगे। पहला प्रस्ताव सरकारी वकीलों से जुड़ा है। योगी सरकार जिला अदालतों से लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में सरकार के मुकदमों की पैरवी करने वाले वकीलों को तोहफा दे सकती है। इनका मानदेय और मासिक भत्ते में बढ़ोतरी की जा सकती है। दूसरा एजेंडा अधिकरण अधिनियम में संशोधन का है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा (अधिकरण) अधिनियम, 1976 की धारा 3(8) में संशोधन कर उपधारा 3(8)(क) को बदलने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा जाएगा। अन्य प्रस्तावों को जानिए… कारागार विभाग: 5 जिलों में नई जेल बनेंगी मुरादाबाद: 2000 बंदी क्षमता वाली नई जिला जेल के निर्माण के लिए 386.91 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति का प्रस्ताव। ललितपुर: 552 बंदी क्षमता वाली नई जिला जेल के निर्माण के लिए 225.06 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति का प्रस्ताव। औरैया: 1056 बंदी क्षमता वाली नई जिला जेल के निर्माण के लिए 264.96 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति का प्रस्ताव। कानपुर नगर: 2030 बंदी क्षमता वाली नई जिला जेल के निर्माण के लिए 384.05 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति का प्रस्ताव। भदोही: 574 बंदी क्षमता वाली नई जिला जेल के निर्माण के लिए 209.19 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति का प्रस्ताव। सिंचाई विभाग और जलापूर्ति से जुड़े दो प्रस्ताव सिंचाई विभाग की नियमावली में बदलाव: उत्तर प्रदेश अभियंता सेवा (सिंचाई विभाग) समूह 'क' की नियमावली में सातवें संशोधन का प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। जल जीवन मिशन 2.0 को मंजूरी: ग्रामीण क्षेत्रों में पाइप से पेयजल पहुंचाने वाली योजनाओं के लिए वित्तीय स्वीकृति जारी करने की प्रक्रिया को मंजूरी देने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा जाएगा। आबकारी विभाग: आबकारी सेवा नियमावली में बदलाव का प्रस्ताव खाद्य एवं रसद विभाग: मक्का खरीद नीति पर चर्चा परिवहन विभाग: वाहन मालिकों को राहत देने की तैयारी चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग: दंत सेवा नियमों में बदलाव नागरिक सुरक्षा विभाग: नई व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव कृषि विपणन एवं विदेश व्यापार विभाग: मंडी नियमों में बदलाव का प्रस्ताव स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग: मोहनलालगंज में उप निबंधक कार्यालय के लिए भूमि …………….. ये खबर भी पढ़िए… प्रधानों को प्रशासक बनाने पर योगी सरकार से जवाब मांगा:हाईकोर्ट में याचिका, दावा- कार्यकाल खत्म होने पर अधिकार नहीं मिल सकते यूपी में प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। लखनऊ बेंच ने मंगलवार को योगी सरकार से जवाब तलब किया है। 3 जून को फिर मामले की सुनवाई होगी। जज शेखर बी सराफ और अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने यह आदेश ओमप्रकाश प्रजापति की जनहित याचिका पर शुरुआती सुनवाई के बाद दिया। पूरी खबर पढ़िए…
खंडवा में एक जनपद पंचायत के सीईओ को अज्ञात वाहन ने रौंद दिया। हादसे के बाद गंभीर हालत में सीईओ को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां कुछ देर इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें इंदौर रेफर कर दिया है। घटना रात 8 बजे करीड शहर के जसवाड़ी रोड स्थित माता चौक के पास की बताई जा रही है। पंधाना जनपद पंचायत के सीईओ सुरेशचंद्र टेमने अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी खड़ी कर सड़क किनारे टहल रहे थे। इसी दौरान एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। रात के अंधेरे के कारण वाहन की पहचान नहीं हो सकी। गंभीर हालत में इंदौर रेफर कियाड्राइवर ने स्थानीय लोगों की मदद से सीईओ टेमने को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें भर्ती कर लिया, लेकिन सिर में गंभीर चोट होने और अस्पताल में सर्जिकल आईसीयू की सुविधा न होने के कारण उन्हें इंदौर रेफर कर दिया गया। इधर, घटना की जानकारी मिलने के बाद सीईओ के सहकर्मी, कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि अस्पताल पहुंचे।
सीकर के उद्योग नगर थाना इलाके में शराब के नशे में धुत सरकारी डॉक्टर ने महिला को टक्कर मारी। टक्कर लगने के चलते महिला घायल हो गई। महिला का सीकर के प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने गाड़ी को ड्रिंक एंड ड्राइव में जब्त कर लिया। डॉक्टर सीकर के एसके हॉस्पिटल में पोस्टेड है। जानकारी के अनुसार- सीकर के उद्योग नगर थाना इलाके में पिपराली चौराहे के पास घटना मंगलवार सुबह करीब 11 बजे हुई। आरोप है कि सीकर के एसके हॉस्पिटल के डॉक्टर देशमुख (डिप्टी डायरेक्टर) शराब के नशे में थे। डॉक्टर देशमुख ने पहले किसी गाड़ी को टक्कर मारी। इसके बाद एक महिला को टक्कर मारी। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने डॉक्टर की गाड़ी को रुकवा लिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने जब ब्रेथ एनेलाइजर से डॉक्टर की जांच की तो उसमें शरीर में अल्कोहल होना पाया गया। इसके बाद एमवी एक्ट में गाड़ी को जब्त किया गया। मामले में उद्योग नगर थाने के सब-इंस्पेक्टर भंवरलाल ने कहा- मामले में अभी कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है।
विदिशा में मंगलवार को लाखों रुपए के कथित गोल्ड लोन घोटाले का मामला सामने आया है। आधा दर्जन से अधिक मजदूरों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि उनकी जानकारी के बिना उनके नाम पर फर्जी तरीके से गोल्ड लोन स्वीकृत किए गए हैं। पीड़ितों ने कुछ निजी व्यक्तियों, बैंक अधिकारियों और एक ज्वेलर्स पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, लगभग 11 महीने पहले कुछ मजदूरों ने शहर में एक मकान निर्माण का ठेका लिया था। आरोप है कि मकान मालिक और उसके सहयोगियों ने मजदूरों को जल्द भुगतान का झांसा दिया। इस दौरान उनके बैंक खाते, पासबुक, चेकबुक, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज अपने पास रख लिए गए। आरोप- धोखे से हस्ताक्षर करवाएइसके बाद, मजदूरों को अलग-अलग दिनों में बैंक ले जाकर विभिन्न दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें बताया गया था कि यह केवल कागजी प्रक्रिया है। हालांकि, हाल ही में बैंक कर्मचारियों द्वारा बकाया लोन की जानकारी दिए जाने पर उन्हें पता चला कि उनके नाम पर लाखों रुपए के गोल्ड लोन स्वीकृत हो चुके हैं। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि एक संगठित गिरोह ने कथित तौर पर नकली सोना तैयार किया। इस नकली सोने को बैंक में गिरवी रखकर गरीब मजदूरों के नाम पर गोल्ड लोन हासिल किया गया। उनका दावा है कि इस पूरे मामले में बैंक के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की भी भूमिका हो सकती है। पीड़ित बोले- राशि हमारे हाथ में नहीं आईपीड़ितों का आरोप है कि लोन की राशि उनके हाथ में नहीं आई। यह रकम चेकों के माध्यम से निकालकर अन्य लोगों ने अपने कब्जे में ले ली। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि जिले में इसी तरह के लगभग 123 लोगों को निशाना बनाया गया है। हालांकि, इस संख्या और आरोपों की पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने बताया कि गोल्ड लोन से संबंधित एक शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों ने अन्य व्यक्तियों को भरोसे में लेकर उनके नाम पर गोल्ड लोन कराया। मामले में बैंक रिकॉर्ड, दस्तावेजों और संबंधित तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि कथित गोल्ड लोन घोटाले में किन-किन लोगों की भूमिका रही और क्या वास्तव में बैंक अधिकारियों की मिलीभगत थी या नहीं।
पानीपत जिले के बलाना गांव की एक विवाहिता मंगलवार दोपहर बाद नौल्था के पास ब्राह्मण माजरा रोड पर बेहोशी की हालत में मिली। राहगीरों की सूचना पर 112 पुलिस मौके पर पहुंची और उसे एनसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। डॉक्टरों द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद महिला को होश आया। उसने अपनी पहचान बलाना गांव निवासी काफ़ी के रूप में बताई। काफ़ी ने बताया कि उसकी शादी करीब सवा 2 साल पहले काबडी रोड, अर्जुन नगर में हुई थी। पुलिस ने उसके माता-पिता को सूचना दी और उन्हें अस्पताल बुलाया। पति, सास और ससुर ने मारपीट कर घर से निकाला काफ़ी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि 26-27 मई की रात को उसके पति, सास और ससुर ने उसके साथ मारपीट की थी। पति ने उससे अपने पिता से डेढ़ लाख रुपए लाने की मांग की थी और कहा था कि जब तक पैसे नहीं आएंगे, उसे घर में नहीं घुसने दिया जाएगा। महिला ने यह भी बताया कि इससे पहले भी उसके साथ कई बार मारपीट की गई थी। पूर्व में पंचायती तौर पर उसके पिता ने ससुराल वालों को 50 हजार रुपए दिए थे। लेकिन उनका मन नहीं भरा। उन्होंने डेढ़ लाख रुपए और लाने की मांग की। 27 मई को थाना इसराना में दोनों पक्षों के बीच पंचायत हुई थी, जिसमें 50 हाजर रुपए दिए जाने की बात साबित हुई और समझौता हो गया था। घर से डेढ़ लाख रुपए लाने को कहा समझौते के बाद काफ़ी को अर्जुन नगर ले जाया गया, जहां उसी रात फिर उसके साथ मारपीट की गई। उसने बताया कि मंगलवार, 2 जून को उसे भूखी-प्यासी हालत में पैदल ही घर से निकाल दिया गया था। आज दोपहर बाद जब वह नौल्था गांव पहुंची तो उसे चक्कर आया और वह सड़क किनारे गिर गई। काफ़ी के बयान के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल के बीच चल रही सियासी तल्खी अब कानूनी लड़ाई में बदलती नजर आ रही है। बेनीवाल ने राठौड़ को लीगल नोटिस भेजकर आरोप लगाया कि उनके बयानों से मेरी राजनीतिक और सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचा है। साथ ही सार्वजनिक माफी की मांग करते हुए जवाब नहीं मिलने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। आरएलपी प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ को लीगल नोटिस भेजकर उनके खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई है। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि राठौड़ द्वारा सार्वजनिक मंचों और मीडिया में दिए गए बयानों से उनकी व्यक्तिगत, सामाजिक और राजनीतिक छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा। नोटिस में कहा गया कि बिना पर्याप्त तथ्यों और प्रमाणों के लगाए गए आरोप न केवल मानहानिकारक हैं, बल्कि समाज में भ्रम और वैमनस्य की स्थिति भी पैदा कर सकते हैं। बेनीवाल ने कहा- जिम्मेदार राजनीतिक पद पर बैठे व्यक्ति से संयमित और तथ्यपरक आचरण की अपेक्षा की जाती है, लेकिन राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से दिए गए कुछ बयान भ्रामक, उत्तेजक और तथ्यहीन रहे हैं। राठौड़ के बयानाें के कारण गलत संदेश गय आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने नोटिस में दावा किया कि मदन राठौड़ के बयानों के कारण जनता के बीच गलत संदेश गया है। मेरे समर्थकों सहित विभिन्न सामाजिक वर्गों में अनावश्यक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। नोटिस के अनुसार संबंधित टिप्पणियां न केवल मेरी प्रतिष्ठा को प्रभावित करती है, बल्कि मानहानि समेत अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत भी गंभीर सवाल खड़े करती हैं। बेनीवाल ने नोटिस से मदन राठौड़ से अपने कथित बयान को तत्काल वापस लेने और सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि अगर निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो उनके खिलाफ कोर्ट में दीवानी और आपराधिक कार्रवाई शुरू की जाएगी। यह खबर भी पढ़ें... मदन राठौड़ बोले-RLP समर्थकों की मंशा मेरी हत्या की थी:कहा- बेनीवाल के लिए मैं अकेला ही काफी हूं, ऐसे लोग राजनीति के लिए कलंक बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के कार्यकर्ताओं की मंशा तो मेरी हत्या करने की थी। उन्होने कहा कि मैं मेरी पार्टी के कार्यक्रम में जा रहा था। वो मेरा किस बात का विरोध कर रहे थे। (पूरी खबर पढ़ें)
सीहोर जिले के बिलकिसगंज थाना क्षेत्र में पति को बांधकर महिला के साथ दुष्कर्म किया। 22 साल की विवाहिता घर में अकेली थी तभी आरोपी उसके घर में घुसा और हाथ-पैर बांधकर उसके साथ रेप किया। इसी दौरान पीड़िता का पति अचानक घर पहुंचा, तो आरोपी ने उसके साथ भी मारपीट की और उसे भी बांध दिया। महिला की शिकायत पर पुलिस ने सोमवार रात मामला दर्ज किया और मंगलवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। रात में घर में घुसा आरोपीजानकारी के अनुसार, यह घटना 31 मई की रात को हुई। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसके पति पास के गांव में एक बारात में गए हुए थे। उन्होंने पीड़िता से दरवाजा पूरी तरह बंद न करने और केवल कुंडी लगाकर रखने को कहा था ताकि रात में लौटने पर उन्हें आसानी हो। रात करीब 2 बजे जब महिला अपने घर में सो रही थी और घर की लाइट जल रही थी, तभी आरोपी खालिद खां चुपके से घर के अंदर घुस आया। आरोपी ने अंदर आते ही दरवाजे की अंदर से कुंडी लगा दी। पीड़िता ने जब विरोध करने और शोर मचाने का प्रयास किया, तो आरोपी ने उसे जमीन पर पटक दिया। इसके बाद उसने पीड़िता के ही स्कार्फ से उसके हाथ-पैर बांध दिए और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता का पति पहुंचा तो उसे भी पीटाइसी दौरान पीड़िता के पति अचानक घर वापस लौट आए और उन्होंने बाहर से आवाज दी। पति की आवाज सुनकर पकड़े जाने के डर से आरोपी ने महिला के हाथ-पैर खोल दिए। जैसे ही महिला ने दरवाजा खोला, आरोपी ने पीड़िता के पति पर हमला कर दिया और उनके साथ मारपीट की। इसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देता हुआ अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकला। घटना के बाद पीड़िता अपने पति, देवर और जेठ के साथ महिला थाना सीहोर पहुंची और लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला थाना निरीक्षक ने आरोपी खालिद खां के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1) (बलात्कार), 332(सी), 115(2) तथा एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(1)(w)(i), 3(2)(v), 3(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले की जांच शुरू की। मंगलवार देर शााम आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है।
नारनौल निवासी मनीष मित्तल को हरियाणा स्टेट फार्मेसी काउंसिल पंचकूला का रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है। हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर उनकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू कर दी है। जारी आदेशों के अनुसार मनीष मित्तल को हरियाणा स्टेट फार्मेसी काउंसिल में रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह नियुक्ति हरियाणा के राज्यपाल की स्वीकृति के बाद की गई है। मनीष मित्तल इससे पहले भाजपा के सह सचिव रह चुके मनीष मित्तल हरियाणा भाजपा के प्रदेश सचिव रह चुके हैं। वहीं केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के बहुत ही करीबी हैं। फिलहाल हरियाणा ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष भी हैं। आरती राव ने की सिफारिश बताया जा रहा है कि मनीष मित्तल की नियुक्ति के लिए स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने उनके नाम की सिफारिश मुख्यमंत्री से की तथा उनकी नियुक्ति के लिए अड़ी रही। जिसके चलते मनीष मित्तल को रजिस्ट्रार बनाया गया है। सुमिता मिश्रा ने जारी किया पत्र स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा (आईएएस) की ओर से जारी आदेश में संबंधित अधिकारियों को भी नियुक्ति की जानकारी भेजी गई है। आदेश की प्रतिलिपि प्रधान महालेखाकार हरियाणा, हरियाणा स्टेट फार्मेसी काउंसिल के चेयरमैन तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को प्रेषित की गई है। जिले में खुशी की लहर मनीष मित्तल की नियुक्ति से नारनौल और महेंद्रगढ़ जिले में खुशी का माहौल है। सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों के साथ-साथ उनके शुभचिंतकों ने इसे जिले के लिए सम्मान की बात बताते हुए उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दी हैं। मनीष मित्तल फिलहाल हार्ट की समस्या के चलते अस्वस्थ चल रहे हैं। उनका इलाज गुरुग्राम के मेतांदा में चल रहा है। जिसके चलते वे गुरुग्राम में ही रह कर अपना इलाज करा रहे हैं।
चर्चित हनी ट्रैप-2 में आरोपी लखन उर्फ लाखन चौधरी को इंदौर जिला कोर्ट से राहत नहीं मिली है। मंगलवार को कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका निरस्त कर दी। जमानत याचिका का विरोध करते हुए शासन की तरफ से आपत्ति दर्ज कराई थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट जमानत आवेदन खारिज करने का आदेश दिया है। हनी ट्रैप-2 प्रकरण में किसी भी आरोपी की तरफ से दायर जमानत आवेदन के निरस्त होने का पहला मामला है। मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है। लाखन समेत कई आरोपी न्यायिक हिरासत में है। जबकि शराब तस्कर अलका दीक्षित, उसका बेटा जयदीप, हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा, जितेंद्र पुरोहित, रेशू चौधरी और श्वेता विजय जैन जेल में बंद हैं। बचाव पक्ष की दलील- मामले से कोई संबंध नहीं आरोपी लाखन चौधरी की ओर से कोर्ट में प्रस्तुत तर्कों में कहा गया कि उसका मामले से कोई संबंध नहीं है। बचाव पक्ष का दावा था कि फरियादी हितेंद्र सिंह चौहान उर्फ चिंटू ठाकुर को न तो धमकाया गया और न ही किसी प्रकार के आपत्तिजनक फोटो या वीडियो वायरल करने की बात कही गई। वकील ने कोर्ट को बताया कि यह मूल रूप से रियल एस्टेट से जुड़ा सामान्य विवाद था, जिसे अनावश्यक रूप से गंभीर आपराधिक मामले का रूप दे दिया गया। यह भी कहा गया कि कथित घटना के समय लाखन चौधरी घटनास्थल पर मौजूद नहीं था और पुलिस ने उसके मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) का समुचित परीक्षण नहीं किया। अभियोजन ने संगठित अपराध का बताया मामला शासन की ओर से प्रस्तुत पक्ष में कहा गया कि पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अलका दीक्षित, जयदीप और लाखन चौधरी ने सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में फरियादी को रोककर उसके साथ मारपीट की तथा धमकाया था। अभियोजन के अनुसार आरोपियों ने फरियादी से एक करोड़ रुपए की मांग की और राशि नहीं देने पर फोटो एवं वीडियो वायरल करने की धमकी दी। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर विनोद शर्मा, रेशू चौधरी और श्वेता जैन को भी आरोपी बनाया गया। शासन पक्ष ने कोर्ट को बताया कि यह एक संगठित अपराध का मामला है, जिसके चलते आरोपियों पर अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी गई हैं। अदालत ने माना मामला गंभीर मामले की केस डायरी और पुलिस प्रतिवेदन का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने प्रथम दृष्टया आरोपी लाखन चौधरी की कथित संलिप्तता पाई। अदालत ने माना कि जमानत दिए जाने की स्थिति में आरोपी साक्ष्यों और जांच को प्रभावित कर सकता है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने लाखन चौधरी का जमानत आवेदन निरस्त कर दिया। उल्लेखनीय है कि हनी ट्रैप-2 मामले में कई प्रभावशाली और रसूखदार लोगों के नाम सामने आने की चर्चा है। इसी कारण यह मामला शुरू से ही सुर्खियों में बना हुआ है। क्राइम ब्रांच पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।
मुजफ्फरनगर पुलिस ने क्रिप्टो करेंसी में पैसा दोगुना करने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाले दो शातिर युवकों का भंडाफोड़ किया है। ककरौली थाना पुलिस ने बिजनौर निवासी दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से 6 लाख रुपये से अधिक नकद, 8 एटीएम कार्ड, लग्जरी कारें और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। एसपी देहात महादिक अक्षय संजय के अनुसार, यह मामला 1 जून को सामने आया, जब ककरौली पुलिस संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक स्कूटी पर सवार दो युवक संदिग्ध दिखे। स्कूटी के कागजात न मिलने पर उसकी डिग्गी की तलाशी ली गई, जिसमें एक बैग से 6 लाख 13 हजार 70 रुपए नकद और 8 एटीएम कार्ड मिले। पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपियों ने बताया कि वे लोगों को पैसा दोगुना करने का लालच देते थे और उनके पैसे क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने का झांसा देकर अपने कब्जे में ले लेते थे। वे कई ग्रामीणों के एटीएम कार्ड और उनके पासवर्ड का भी इस्तेमाल कर उनकी जानकारी के बिना रकम निकालते थे। आगे की जांच में पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी कर एक एचपी लैपटॉप, एटीएम स्वाइप मशीन, बायोमेट्रिक मशीन, गूगल-पे स्कैनर, नोट गिनने की मशीन, विभिन्न बैंकों की चेकबुक और पासबुक, तीन मोबाइल फोन के साथ-साथ मारुति फ्रॉन्क्स और हुंडई वेन्यू जैसी लग्जरी कारें भी बरामद कीं। एसपी देहात महादिक अक्षय संजय ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिजनौर के शाहअलीपुर कोटरा निवासी सुलेमान और नजीबाबाद निवासी दानिश के रूप में हुई है। पुलिस अब उनके नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन की गहनता से जांच कर रही है, ताकि इस गिरोह द्वारा ठगे गए अन्य पीड़ितों का पता लगाया जा सके।
ग्वालियर के आरोन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पाटई में सोमवार को जमीन बंटवारे के विवाद ने खूनी रूप ले लिया। एक ही परिवार के दो पक्षों के बीच सरेराह लाठी-डंडों से हुए जानलेवा हमले में आधा दर्जन लोग लहूलुहान हुए हैं, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों पर क्रॉस एफआईआर (FIR) दर्ज की थी। लेकिन हैरत की बात यह रही कि केस दर्ज होने के बाद आधी रात को दोनों पक्ष अवैध हथियारों के साथ फिर आमने-सामने आ गए। गनीमत रही कि पुलिस ने समय पर दबिश देकर दोनों पक्षों के मुख्य आरोपियों को दबोच लिया, जिनके पास से लोड किए हुए दो अवैध कट्टे बरामद हुए हैं। कोई जमीन बेचना चाहता था, तो कोई बंटवारे को तैयार नहीं आरोन पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि ग्राम पाटई निवासी राहुल रावत का परिवार अपनी हिस्से की जमीन बेचकर गांव से कहीं और जाकर बसना चाहता था। इसके लिए वे अपने चचेरे भाइयों से पुश्तैनी जमीन का विधिवत बंटवारा करने की मांग कर रहे थे। दूसरी तरफ, चचेरे भाई रामवरन रावत, राहुल की जमीन खुद खरीदने को तो तैयार था, लेकिन वह जमीन का बंटवारा करने में लगातार आनाकानी कर रहा था। इसी बात को लेकर दोनों परिवारों में लंबे समय से तनाव चल रहा था, जो सोमवार शाम अचानक लाठी-डंडों के साथ झगड़े में बदल गया। सरेराह बरसे लाठी-डंडे, तीन गंभीर घायल सोमवार शाम दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई और देखते ही देखते दोनों परिवारों के पुरुष लाठियां और डंडे लेकर घरों से बाहर निकल आए। दोनों तरफ से एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ वार किए गए। एक पक्ष से: सुरेन्द्र रावत के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं हैं, जबकि दूसरी तरफ से दीपसिंह रावत और उदयभान रावत पर जानलेवा हमला हुआ, जिससे वे बेहोश होकर गिर पड़े। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल भिजवाया, जहां तीन गंभीर घायलों का इलाज डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है। पुलिस ने दोनों पक्षों पर दर्ज किया मामला पुलिस ने घायलों के बयान के आधार पर दोनों ही पक्षों के खिलाफ क्रॉस मामला दर्ज किया। राहुल रावत की शिकायत पर पुलिस ने जितेंद्र रावत, रामवरन रावत, दीपसिंह रावत, टिंकू रावत और उदयभान रावत के खिलाफ केस दर्ज किया। वहीं, दूसरे पक्ष के रामवरन रावत की शिकायत पर राहुल रावत, सुरेन्द्र रावत और भोला उर्फ अवदेश रावत के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। आधी रात का हाई-वोल्टेज ड्रामा एफआईआर की भनक लगते ही दोनों पक्ष और ज्यादा आक्रोशित हो गए। आधी रात को दोनों गुटों के लोग एक बार फिर खून-खराबा करने की नीयत से हथियारों के साथ आमने-सामने आ गए। गांव में दोबारा तनाव की खबर मिलते ही आरोन थाना प्रभारी भारी बल के साथ मौके पर दौड़े। पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों पक्षों के मुख्य आरोपी राहुल रावत और रामवरन रावत को दबोच लिया। जब दोनों की तलाशी ली गई, तो उनके पास से एक-एक अवैध कट्टा बरामद हुआ।
फर्रुखाबाद में भरभराकर गिरा टीन शेड, VIDEO:गली में खड़े लोग बाल-बाल बचे, CCTV में कैद हुआ मंजर
फर्रुखाबाद के तलैया मोहल्ले में मंगलवार को एक बड़ा हादसा टल गया। एक मकान का टीन शेड अचानक भरभराकर नीचे गिर गया, जिससे गली में खड़े लोग बाल-बाल बच गए। यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कुछ लोग गली में खड़े होकर आपस में बातचीत कर रहे थे। इसी बीच, मकान के ऊपर लगा टीन शेड अचानक नीचे आ गिरा। गनीमत रही कि लोग समय रहते वहां से हट गए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। टीन शेड गिरने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग भी अपने घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि टीन शेड कुछ सेकंड पहले गिरा होता, तो कई लोग इसकी चपेट में आ सकते थे और एक बड़ा हादसा हो सकता था। वीडियो देखने वाले लोग इसे सौभाग्य मान रहे हैं कि इतने बड़े हादसे के बावजूद किसी को कोई चोट नहीं आई।
प्रदेश के बोर्ड, निगमों, पंचायतीराज संस्थाओं और दूसरी गैर सरकारी संस्थाओं के कर्मचारियों के सीधी भर्ती से सरकारी नौकरी में आने पर उन्हें पे-प्रोटक्शन का लाभ नहीं मिलेगा। वित्त विभाग ने सभी विभाागों को सर्कुलर जारी कर इसका कड़ाई से पालन करने को कहा है। इन कर्मचारियों के पिछले संस्थान में मिले आखिरी वेतन के हिसाब से नई सैलरी तय नहीं होगी। वित्त विभाग ने सभी विभागों को सर्कुलर जारी कर बताया- 1 सितंबर 2025 को जारी प्रावधानों के अनुसार प्रदेश के PSUs, स्वायत्त निकायों, स्थानीय निकायों, पंचायती राज संस्थाओं, निगम बोर्ड के कर्मचारी सरकारी कर्मचारी नहीं हैं। यदि ऐसे कर्मचारी सीधी भर्ती से सरकारी सेवा में चयनित होकर आते हैं तो उन्हें उनकी आखिरी सैलरी के हिसाब से वेतन तय करना मंजूर नहीं किया जाएगा। राजस्थान सेवा नियम-1951 के नियम 24 और 26 के तहत पे-प्रोटेक्शन का फायदा नहीं मिलेगा। बोर्ड, निगमों और पंचायतीराज संस्थाओं में काम करने वाले कर्मचारी सीधी भर्ती से सरकारी नौकरी में आते हैं तो अब उनका वेतन कम भी हो सकता है। पुराने संस्थान में आखिरी सैलरी के बराबर वेतन फिक्स होने के पुराने प्रावधानों का फायदा नहीं मिलेगा। कई विभागों ने पे-प्रोटक्शन दिया, वित्त विभाग ने आपत्ति जताई वित्त विभाग ने ताजा सर्कुलर में विभागों को लिखा कि साफ प्रावधान होने के बावजूद वित्त विभाग को अभी भी राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्वायत्त निकायों, स्थानीय निकायों, पंचायती राज संस्थाओं में मिलने वाले आखिरी वेतन के हिसाब से पे-प्रोटक्शन की मांग के रेफरेंस भेजे जा रहे हैं। कुछ मामलों में विभागों ने हाईकोर्ट के फैसले को लागू कर दिया है। राज्य सरकार की तरफ से हाईकोर्ट के फैसलों को लागू करने के लिए उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना अंतिम वेतन को संरक्षित कर दिया है। पहले प्री-लिटिगेशन कमेटी से जांच जरूरी वित्त विभाग के सर्कुलर के अनुसार- तय प्रक्रिया के आधार पर ऐसे फैसलों की पहले प्री-लिटिगेशन कमेटी से जांच की जानी जरूरी है। इसके बाद अपील दायर करने या फैसले को लागू करने के लिए वित्त विभाग की मंजूरी लेना अनिवार्य है। कड़ाई से पालना के निर्देश वित्त विभाग ने सभी विभागों को नए सिरे से निर्देश जारी किए हैं। विभागों को कहा गया है कि वे हाईकोर्ट या अपीलेट ट्रिब्यूनल के फैसले के खिलाफ अपील दायर करने या उसे लागू करने के लिए राज्य सरकार की तरफ से तय प्रक्रिया का कड़ाई से पालन करें। सरकारी विभागों में सीधी भर्ती से चयनित होने पर पे-प्रोटक्शन का लाभ मिलता है। इसके तहत पिछली सैलरी से कम वेतन नहीं दिया जाता।
इंदौर में पानी की सप्लाई व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और नर्मदा लाइन से डायरेक्ट मोटर लगाकर पानी खींचने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए नगर पालिक निगम इंदौर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल के निर्देश पर निगम के चार विशेष दल रोजाना शहर में अलग-अलग जोन इलाकों में सघन चेकिंग और कार्रवाई कर रहे है। अभियान का उद्देश्य जल वितरण व्यवस्था को प्रभावित करने वाले मोटर पंपों को हटाना और सभी लोगों को समान रूप से पानी की उपलब्धता करना है और पानी ढोलने व गंदगी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना है। 19 अवैध मोटर पंप किए जब्त मंगलवार को निगम के दलों ने अलग-अलग क्षेत्रों में अभियान चलाते हुए नर्मदा लाइन से डायरेक्ट मोटर लगाकर पानी खींचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान जोन क्रमांक 12 के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 66 स्थित कोयला बाखल इलाके से 8 पानी की मोटर जब्त की गई। वार्ड क्रमांक 44 के नया बसेरा इलाके से 4 पानी की मोटर जब्त की गई। वार्ड 18 के बजरंगपुरा एवं सुगंधा नगर इलाके में कार्रवाई करते हुए 6 पानी की मोटर जब्त की गई। इस तरह अलग-अलग इलाकों में अभियान चलाकर 19 अवैध मोटर पंप जब्त किए। 61 लोगों पर की चालानी कार्रवाई निगम कमिश्नर ने कहा कि पानी की लाइन पर डायरेक्ट मोटर लगाकर पानी खींचने से पानी की सप्लाई व्यवस्था प्रभावित होती है और अन्य उपभोक्ताओं को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता है। ऐसे मामलों में निगम द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। इधर, पानी की अनावश्यक बर्बादी करने, सड़क पर पानी बहाने और पानी बहाकर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान 61 लोगों के चालान बनाकर 37 हजार 550 की राशि वसूल की गई। 4 कर्मचारियों की सेवा समाप्त नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल के निर्देशा पर गर्मी के मौसम में शहर की जनता को निर्बाध व सुचारू रूप से पानी की सप्लाई सुनिश्चित किए जाने के लिए झोन में आने वाली टंकियों को पूरा क्षमता से भरकर पानी की सप्लाई किए जाने के क्रम में झोन 5 अंतर्गत बजरंग नगर पानी की टंकी पर टेंकरो के समुचित संचालन एवं व्यवस्था में लापरवाही बरतने पर 4 विनियमित एवं मस्टर कर्मचारी की सेवा समाप्त की गई।
रोहतक के जींद रोड स्थित सुखपुरा चौक के पास पावर हाउस के पीछे पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के फार्म हाउस के सामने खाली प्लाट में एक व्यक्ति का शव गली सड़ी हालत में पड़ा मिला। सूचना पाकर ओल्ड सब्जी मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। मृतक का शव 7-8 दिन पुराना लग रहा है। शव का पूरा शरीर काला पड़ चुका है और कुत्तों व जंगली जानवरों ने नोंच रखा है। मृतक की अभी पहचान नहीं हो पाई है, क्योंकि चेहरा भी काला पड़ चुका है। पुलिस ने आसपास शव की शिनाख्त करने का प्रयास किया, लेकिन शिनाख्त नहीं हो सकी। पुलिस ने शव को डेड हाउस में रखवा दिया। दुर्गंध फैलने से लोगों को हुआ अंदेशा प्लाट में शव गली सड़ी हालत में था, जिसके आसपास काफी दुर्गंध उठ रही थी। जब दुर्गंध आसपास के एरिया में जाने लगी तो लोगों ने प्लाट में जाकर देखा, जहां एक शव पड़ा था। इसके बाद लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। हत्या की आशंका से नहीं किया जा सकता इनकार शव कई दिन पुराना है, क्योंकि शव की हालत खराब हो चुकी है। जंगली जानवरों व कुत्तों ने शव को नोंचा हुआ है। एक पैर ही हड्डियां तक दिख रही है। संभव है कि व्यक्ति की हत्या करके शव को प्लॉट में फेंका गया हो। वहीं अनुमान यह भी लगाया जा रहा है कि शराब पीने के बाद शौचालय की तरफ गया और गिरने के कारण मौत हुई हो। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से होगा मौत के कारण का खुलासाशव को पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए डेड हाउस भेजा है। शव से काफी दुर्गंध आ रही थी। शव का पोस्टमॉर्टम होने के बाद ही मौत के असल कारणों का पता लग सकेगा। वहीं, शव की अभी तक शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस शिनाख्त करवाने का प्रयास कर रही है। पुलिस मामले की जांच में जुटी ओल्ड सब्जी मंडी थाना पुलिस ने बताया कि खाली प्लॉट में एक शव पड़ा होने की सूचना मिली थी। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए डेड हाउस भेज दिया। शव की अभी शिनाख्त नहीं हो पाई है। पुलिस मामले में जांच कर रही है।
अलीगढ़ के बिजौली क्षेत्र में ब्लॉक प्रमुख के आवास पर कार्यरत एक 27 वर्षीय रसोइये ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। हालांकि, मृतक के परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। पत्नी से फोन पर कहासुनी के बाद था परेशान जानकारी के अनुसार, मृतक बिजौली ब्लॉक प्रमुख के आवास पर रसोइये का कार्य करता था। बताया गया कि मंगलवार सुबह उसकी अपनी पत्नी से फोन पर किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। इसके बाद वह मानसिक रूप से परेशान दिखाई दे रहा था। ग्रामीणों के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच पिछले कुछ समय से घरेलू विवाद भी चल रहा था। घर में अकेला होने पर उठाया कदम प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय आवास पर परिवार के अधिकांश सदस्य बाहर गए हुए थे। इसी दौरान युवक ने घर के आंगन में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। कुछ समय बाद जब लोगों की नजर उस पर पड़ी तो घटना की जानकारी हुई। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई और वे मौके पर पहुंच गए। हत्या की सूचना पर पहुंची पुलिस, जांच में आत्महत्या की आशंका घटना के संबंध में किसी ने पुलिस को हत्या की सूचना दे दी थी। सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हुआ। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी कर रही थी, लेकिन परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। कार्यवाहक थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि परिजनों की सहमति न मिलने पर आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर दी गई हैं। मृतक अपने पीछे पत्नी और एक छोटे बेटे को छोड़ गया है।
प्रतापगढ़ में मंगलवार दोपहर पृथ्वीगंज-दुर्गागंज रोड पर दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा बाइक सवार घायल हो गया। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के बकुलाही गांव निवासी रमेश कुमार शर्मा (32) पुत्र अवध नारायण शर्मा के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, रमेश अपनी दादी के निधन के बाद आयोजित होने वाली तेरहवीं के निमंत्रण कार्ड देने ससुराल गए थे और वहां से वापस घर लौट रहे थे। बताया गया कि दोपहर करीब 1:30 बजे रमेश अपनी अपाची बाइक से दो बच्चियों के साथ घर आ रहे थे। उगईपुर बाजार के पास सामने से आ रही तेज रफ्तार पल्सर बाइक से उनकी बाइक की सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि रमेश सड़क पर गिर पड़े और उनके सिर व पैर में गंभीर चोटें आईं। बाइक पर सवार दोनों बच्चियों को मामूली चोटें आईं और वे सुरक्षित हैं। वहीं पल्सर बाइक सवार युवक भी घायल हुआ है, जिसकी पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने रमेश कुमार शर्मा को मृत घोषित कर दिया। घायल दूसरे युवक का उपचार कराया जा रहा है। सूचना मिलने पर थाना देल्हूपुर पुलिस और शनिदेव चौकी की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों क्षतिग्रस्त बाइकों को कब्जे में लेकर चौकी पर खड़ा करा दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी राधे श्याम ने बताया कि दुर्घटना में घायल अज्ञात पल्सर सवार की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परिजनों से तहरीर मिलने के बाद नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा पदाधिकारियों ने की परिक्रमा:सुशांत सिटी में बनी नई कार्यकारिणी; पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें
जोधपुर शहर में मंगलवार को विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। भाजपा के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान शिविर के दूसरे दिन मंगलवार को शुरुआत शाखा और योग से की गई। इस दौरान पदाधिकारियों ने परिक्रमा भी की। वहीं शहर के सुशांत सिटी रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसायटी की नई कार्यकारिणी निर्वाचित की गई। इसमें रामलाल गोरा को अध्यक्ष बनाया गया। भारतेश्वर सम्राट पृथ्वीराज चहुआण की जयंती उनके वीर योद्धा सहयोगी के नाम पर पुरस्कार देने की घोषणा की गई। पढ़ें जोधपुर शहर की प्रमुख खबरें… भाजपा के जोधपुर ग्रामीण दक्षिण की ओर से केशव प्रिय गौशाला केलावा खुर्द बावड़ी में चल रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान शिविर के दूसरे दिन विभिन्न कार्यक्रम हुए। जिलाध्यक्ष त्रिभुवन सिंह भाटी के नेतृत्व में उपस्थित सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने योग प्रशिक्षक श्याम विश्नोई से योग अभ्यास सीखा। इसके बाद महाभियान शिविर के सातवें सत्र में मुख्य वक्ता आईदान सिंह भाटी प्रदेश मंत्री रहे और अध्यक्षता जिला महामंत्री शिवराम ग्वाला ने की। सातवें सत्र को संबोधित करते हुए आईदान सिंह भाटी ने सरल एप्प, सोशल मीडिया, आइटी सेल एवं सोशल मीडिया में भारतीय जनता पार्टी की भूमिका पर जानकारी दी। आठवें सत्र के लिए मुख्य वक्ता राजेंद्र बोराणा और अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष अशोक विश्नोई ने की। नौवें सत्र को मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय जनता पार्टी राजस्थान के प्रदेश उपाध्यक्ष नाहर सिंह जोधा और सत्र की हरिराम देवासी ने की। नाहर सिंह जोधा ने संबोधित करते हुए कार्यकर्ताओं को व्यवहारिक के बारे में जानकारी प्रदान की। दसवें सत्र को जीव जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत सिंह विश्नोई ने संबोधित किया और अध्यक्षता सत्यनारायण पुष्करणा ने की। अंतिम एवं ग्यारहवें सत्र में मुख्य वक्ता राजेन्द्र सिंह थे। जिन्होंने संगठन एवं विचार परिवार के बारे में विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया। अंतिम सत्र की अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष भंवर पटेल ने की। दो दिवसीय प्रशिक्षण महाभियान शिविर का आज कुल सत्रों के बाद समापन हुआ। जिला अध्यक्ष त्रिभुवन सिंह भाटी ने सभी का आभार जताया। कार्यकर्ताओं को सशक्त और कुशल बनाने के लिए प्रशिक्षण महाभियान शिविर के आयोजन कार्यक्रम को धरातल पर उतारने में सहयोग मिलेगा। कार्यक्रम का संचालन यशपाल गोधा और जयकिशन पंचारिया ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग हेतु स्थानीय मंडल अध्यक्ष प्रकाश सोनी का धन्यवाद प्रेषित किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर जीव जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत सिंह विश्नोई, ओसियां विधायक भैराराम सियोल, बिलाड़ा विधायक अर्जुन लाल गर्ग, पूर्व मंत्री रामनारायण डूडी, पूर्व मंत्री कमसा मेघवाल, पूर्व विधायक पुखराज गर्ग प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जगराम विश्नोई और भोपालसिंह बड़ला समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। वीर योद्धा सहयोगी के नाम से दिए जाएंगे पुरस्कार भारतेश्वर सम्राट पृथ्वीराज चहुआण संस्थान की बैठक मंगलवार को हुई। महाराजा गजसिंह राजपूत विश्राम सभा भवन राइकाबाग स्थित ऑफिस में हुई बैठक में कई निर्णय लिए गए। इसमें सम्राट की 860वीं जयंती 7 जून 2026 को मालाणी की धन्य धरा बाड़मेर में श्री मल्लिनाथ राजपूत महाविद्यालय छात्रावास मे संभाग स्तर के कार्यक्रम के रूप में मनाई जाएगी। इसमें बताया- भारतेश्वर सम्राट पृथ्वीराज चहुआण की जयंती पर उनके वीर योद्धा सहयोगी पंजवनराय कच्छवाह, नाहड़राव प्रतिहार, चामुंडराय दाहिमा, अजानबाहु लोहाना तंवर, विद्यावाचस्पति जयानक और चंद्रवरदाई के नाम पर पुरस्कार दिए जाएंगे। इन लोगों को किया जाएगा सम्मानित 1- रविंद्र सिंह राठौड़ उप कमांडेंट बीएसएफ को वीरता के क्षेत्र में पंजवनराय कच्छवाह सम्मान उनके द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के समय में राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा के लिए किए गए अतुलनीय योगदान के लिए दिया जाएगा। 2- क्षत्रिय सामूहिक विवाह सम्मलेन समिति सिंगोली चारभुजा को समाज उत्थान के क्षेत्र में चामुंडराय दाहिमा सम्मान उनके द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर और विधवा माता की बेटियों का निशुल्क विवाह 2010 से 2026 तक लगातार 1186 जोड़ों की शादी करवाई गई। 3- शैतान सिंह गिरवर एडवोकेट को संस्कृति संरक्षण के क्षेत्र में अजान बाहु लोहान तंवर सम्मान पाली के शासक अखेराज सोनीगरा की सुमेलगिरी में मूर्ति लगवाने एवं महाराणा प्रताप जन्मस्थली विकास समिति के माध्यम से पाली के इतिहास को संवर्धित करने के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया जाएगा।4- कमल सिंह महेचा चुली को शिक्षा उत्थान के क्षेत्र में विद्या वाचस्पति जयानक सम्मान पश्चिमी राजस्थान में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए दिया जाएगा।5- सुमेरसिंह सावता व टीम ओरण को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नाहड़राव प्रतिहार सम्मान उनके द्वारा ओरण गोचर बचाओ अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण के लिए के उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया जाएगा।6- कालू सिंह गंगासरा को कला संस्कृति एवं साहित्य के क्षेत्र में चंद्रवरदाई सम्मान उनके डिंगल साहित्य सृजन एवं काव्य लेखन मे उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया जाएगा। संस्थान के अध्यक्ष गोपाल सिंह रुदिया बताया कि यह जयंती समारोह मात्र सम्राट पृथ्वीराज चहुआण का जयंती समारोह नहीं है, बल्कि उनके सभी प्रमुख वीर योद्धा सहयोगियों जिनको 100 सामंत या मंत्रिमंडल के सहयोगी के रूप में कह सकते हैं। उनका स्मरण दिवस भी है। प्रवक्ता दयाल सिंह सिलारी ने बताया कि सम्राट पृथ्वीराज चहुआण के मंत्रिमंडल में उस समय के राजपूतों के सभी वंश जातियां के प्रमुख योद्धा थे। इस बैठक में संस्थान के संयोजक श्यामसिंह सजाड़ा , वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम सिंह रोहिणा, समन्वयक गोपाल सिंह भलासरिया, महासचिव एडवोकेट राजेंद्र सिंह पीपरली, कोषाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह सजाड़ा, देवेंद्र सिंह, विक्रम सिंह भाचरना, पूनम सिंह संखवास, देवेंद्रसिंह सायला, संग्राम सिंह रोहिचा, राजबहादुर सिंह सिलारी, परविंदर सिंह पांचला, बनेसिंह सजाडा सहित संस्था कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित थे। सुशांत सिटी रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसायटी की नई कार्यकारिणी निर्वाचित, रामलाल गोरा बने अध्यक्ष सुशांत सिटी रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसायटी के चुनाव शांतिपूर्ण हुए। चुनाव अधिकारी दीपक नेहरा की देखरेख में मतदान और मतगणना की प्रक्रिया पूरी कराई गई। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। चुनाव में रामलाल गोरा अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए। इसी प्रकार महेश चंद उपाध्याय उपाध्यक्ष, तेज प्रकाश पाठक सचिव, प्रकाश कुमार संयुक्त सचिव तथा विक्रम वेदीदास राजपुरोहित कोषाध्यक्ष चुने गए। वहीं अक्षत शर्मा वित्त सचिव और दला राम सांस्कृतिक सचिव निर्वाचित हुए हैं। लीगल एडवाइजर के रूप में एन. श्रीनिवासन और विनोद कुमार झाझरिया को जिम्मेदारी सौंपी गई है। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद सोसायटी के सदस्यों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। नई कार्यकारिणी ने सोसायटी में मूलभूत सुविधाओं के विकास, स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने, सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को मजबूत करने और निवासियों की समस्याओं के तुरंत समाधान के लिए प्राथमिकता से कार्य करने का भरोसा दिलाया। चुनाव अधिकारी दीपक नेहरा ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। नई कार्यकारिणी के गठन के साथ ही सोसायटी के विकास कार्यों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सीधी शहर में मंगलवार रात युवा कांग्रेस ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और बदहाल बिजली व्यवस्था के खिलाफ 'चिमनी आंदोलन' किया। कार्यकर्ता हाथों में चिमनी लेकर गांधी चौराहे से अधीक्षण यंत्री कार्यालय तक करीब एक किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए पहुंचे। वहां उन्होंने बिजली कंपनी के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर अघोषित बिजली कटौती बंद करने और खराब केबल बदलने की मांग की। इस प्रदर्शन में युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह दादू मुख्य रूप से शामिल हुए। हालांकि, यह आंदोलन अपने मुद्दों से ज्यादा कार्यकर्ताओं की संख्या को लेकर चर्चा में आ गया। प्रदर्शन में केवल 15 से 20 युवा कार्यकर्ता ही दिखाई दिए, जबकि उनका साथ देने के लिए 80 से 100 बुजुर्ग और ग्रामीण समर्थक मौजूद रहे। युवाओं की इस कम भागीदारी पर विरोधियों को तंज कसने का मौका मिल गया। पुलिस और कार्यकर्ताओं में बहस आंदोलन खत्म होने के बाद माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब कार्यकर्ताओं ने एक जगह पर जलती हुई चिमनियां इकट्ठा कर दीं। आग लगने के खतरे को देखते हुए जब ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें वहां से हटाने की कोशिश की, तो कुछ कांग्रेस नेता भड़क गए। इस बात पर उनकी जमोड़ी थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश त्रिपाठी से तीखी बहस हो गई। बाद में वरिष्ठ नेताओं के बीच-बचाव करने पर मामला शांत हुआ।
आप विधायक जगतार सिंह दयालपुरा ने पंजाब के लुधियाना जिले के समराला में नगर कौंसिल की करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया है। उन्होंने यह वादा पूरा करने के लिए करीब 12 दिनों तक नंगे पांव रहने का प्रण लिया था। मंगलवार को जमीन कब्जा मुक्त होने के बाद विधायक ने दोबारा चप्पल पहनी। विधायक दयालपुरा ने बताया कि समराला बाईपास के पास नगर कौंसिल की लगभग एक से डेढ़ एकड़ कीमती जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जा था। इसे छुड़ाने के कई प्रयास पहले भी किए गए थे, लेकिन सफलता नहीं मिली। उन्होंने जनता से वादा किया था कि जब तक यह जमीन मुक्त नहीं होगी, तब तक वह जूते-चप्पल नहीं पहनेंगे। मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में जमीन की पैमाइश की गई और मौके पर निशान लगाए गए। इसके बाद जमीन को नगर कौंसिल के अधिकार में लेने की प्रक्रिया पूरी की गई। विधायक ने कहा कि यह सार्वजनिक संपत्ति है और इसका उपयोग अब शहर के विकास कार्यों के लिए किया जाएगा। कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति भी बनी सुबह पैमाइश के दौरान कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति भी बनी थी। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद मामला शांतिपूर्वक सुलझ गया और कार्रवाई बिना किसी बाधा के पूरी हुई। कब्जाधारियों में एक अकाली नेता का नाम भी सामने आया है। 40 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन विधायक ने यह भी दावा किया कि क्षेत्र में लगभग 40 करोड़ रुपये मूल्य की एक अन्य सरकारी जमीन को भी अवैध कब्जे से मुक्त कराने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि सरकारी और पंचायत की जमीनों को कब्जा मुक्त कराकर जनता के हित में उपयोग किया जाएगा। विधायक ने इस कार्रवाई को शहर के लोगों की जीत बताया और कहा कि सार्वजनिक संपत्तियों की रक्षा के लिए उनका अभियान जारी रहेगा।
जोधपुर के जोजरी नदी में लगातार फैक्ट्री का पानी छोड़ा जा रहा है। इसे लेकर मंगलवार को जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की ओर से थुंबली-भांडू में अवैध कपड़ा फैक्ट्री पर कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि जोधपुर के ग्रामीण इलाकों में चल रही इन फैक्ट्रियों को पकड़ने के लिए ड्रोन सर्वे भी करवाया जा रहा है। टीम जब थुंबली-भांडू पहुंची तो यहां 18 प्लास्टिक के टैंक मिले, जिन्हें जेसीबी से तोड़ा गया। जेडीए आयुक्त उत्साह चौधरी के नेतृत्व में जेडीए की ओर से ड्रोन क्षेत्र में संचालित अवैध रंगाई-छपाई इकाइयों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। ड्रोन सर्वे से चिन्हित की जा रही अवैध इकाइयां जेडीए उप आयुक्त राजेश भाई कलबी ने बताया- जोनवार ड्रोन सर्वे के जरिए अवैध और अनाधिकृत रंगाई-छपाई फैक्ट्रियों को चिन्हित किया जा रहा है। जेडीए प्रवर्तन शाखा की टीम ने सांगरिया, बासनी, भांडू तथा आसपास के क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर कार्रवाई की। जोन-3 के तहसीलदार डॉ. हंसराज राठौड़ के नेतृत्व में जेडीए और राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल की संयुक्त टीम ने थुंबली-भांडू क्षेत्र में कार्रवाई की थी। यहां अवैध रूप से संचालित रंगाई-छपाई फैक्ट्री को जेसीबी की सहायता से तोड़ा गया। कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री में लगी 18 प्लास्टिक हौदियां, विभिन्न मशीनें भी हटाई गई। कपड़ों से भरा ट्रक और कैंपर वाहन जब्त कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री में कपड़ों के थानों से भरा एक ट्रक और कैंपर भी खड़ी थी। जिन्हें जब्त कर कार्रवाई के लिए बोरानाड़ा पुलिस थाने के सुपुर्द कर दिया गया। कार्रवाई में प्रवर्तन अधिकारी जोगेंद्र सिंह चौधरी, पटवारी विकास धायल, बोरानाड़ा थाना पुलिस जाब्ता तथा जेडीए का अतिक्रमण निरोधक दस्ता मौजूद रहा। जेडीए अधिकारियों का कहना है कि अवैध रंगाई-छपाई इकाइयों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
रामपुर के अजीमनगर थाना क्षेत्र के पैंदानगर गांव में मंगलवार सुबह 11 बजे घर की सफाई करते समय बिजली की चपेट में आने से एक 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। यह घटना मंगलवार को हुई, जिससे परिवार में मातम छा गया। मृतक की पहचान रियासत अली के बेटे मोहम्मद शानिब के रूप में हुई है। शानिब पानीपत में बिरयानी का होटल चलाता था और ईद के मौके पर अपने घर आया हुआ था। मंगलवार को शानिब अपने घर की पानी से धुलाई कर रहा था। उसने घर की दीवार पर सीढ़ी लगाई और सफाई करने लगा। इसी दौरान वह बिजली के तारों के संपर्क में आ गया। बिजली का जोरदार झटका लगने से वह सीढ़ी से नीचे गिर गया। परिजनों ने शानिब को जमीन पर गिरा देखा तो तुरंत उसे उठाने की कोशिश की। उसमें कोई हलचल न देखकर घर में अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार सुनकर आस-पड़ोस के लोग भी मौके पर पहुंच गए। परिजन तत्काल शानिब को एक वाहन में डालकर पास के एक चिकित्सक के पास ले गए। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक का शव घर पहुंचते ही परिवार में शोक का माहौल बन गया।
सिरसा जिले में रानियां के नानुआना रोड स्थित पंज पीरों की दरगाह से गोलक चोरी कर भाग रहे दो युवकों को सेवादारों ने पकड़ लिया। बाद में दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। सेवादारों ने युवकों को गोलक के साथ भागते हुए देखा। रोकने और पूछताछ करने पर दोनों युवक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद डायल 112 टीम को सूचना दी गई, जो मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को थाने ले गई। जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपी रानियां के वार्ड नंबर 8 के निवासी हैं। सेवादारों ने बताया कि गोलक में लगभग पांच से छह हजार रुपए की राशि होने का अनुमान है। सालाना मेले की तैयारियों में जुटे थे सेवादार दरगाह के सेवादारों ने बताया कि वे 25 तारीख को होने वाले सालाना मेले की तैयारियों में जुटे थे। इसी दौरान उन्होंने इन युवकों को चोरी करते हुए देखा और पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सतपाल सिंह और जसवंत सिंह के रूप में हुई है। दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
श्रीगंगानगर जिले की जवाहर नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रोहित गौदारा गैंग के हथियार सप्लायर्स व एक शूटर को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को पंजाब से गिरफ्तार किया गया है। एसपी हरीशंकर ने जानकारी देते हुए बताया- 18 मार्च को श्रीकरणपुर थाना पुलिस ने गुरजीत सिंह गिल (23) निवासी गुरुसर (श्रीगंगानगर) को 1 पिस्टल चार मैगजीन सहित और 4 अतिरिक्त मैगजीन के साथ गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान जवाहर नगर थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह की टीम ने राहुल नागपाल (30) और नवजोत सिंह (23) को भी गिरफ्तार किया। जिसके बाद पुलिस ने गैंगस्टर रोहित गोदारा के बड़े भाई हनुमान स्वामी को गिरफ्तार किया। आरोपी ने 18 मार्च को पकड़े गए बदमाश को एक पिस्टल चार मैगजीन सहित, चार अतिरिक्त मैगजीन और 1 लाख रुपए वारदात को अंजाम देने के लिए उपलब्ध कराए थे। इसी मामले में पुलिस ने अब कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए रोहित गोदारा गैंग के एक शूटर व एक हथियार सप्लायर को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान हरमन प्रीत (27) और रोहित सहोता (21) के रूप में हुई है। दोनों को पंजाब के अलग-अलग इलाकों से दबोचा गया। दोनों आरोपी गैंग के लिए हथियारों की सप्लाई करने और फायरिंग की घटनाओं में सक्रिय भूमिका रखने वाले बताए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
मंडला में कार और बाइक भिड़ंत में 3 युवक घायल:बाइक सवार आगे चल रहे एक वाहन को ओवरटेक कर रहे थे
मंडला जिले के बिछिया थाना क्षेत्र में मंडला-रायपुर नेशनल हाईवे-30 पर मंगलवार शाम एक कार और बाइक की आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। ठोंड़ा गांव के पास हुए इस हादसे में बाइक सवार तीन युवक घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिछिया पहुंचाया गया है। डॉक्टर्स के मुताबिक, इनमें से दो की हालत गंभीर है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि बाइक सवार युवक आगे चल रहे एक वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान उनकी सामने से आ रही तेज रफ्तार कार से सीधी टक्कर हो गई। भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घायलों और कार मालिक की पहचान हादसे में घायल हुए युवकों की पहचान मनोज मरकाम (21 वर्ष, निवासी बंजर टोला), शैलेष धुर्वे (19 वर्ष, निवासी रहंगी समनापुर) और लतेश धुर्वे (22 वर्ष, निवासी बंजर टोला) के रूप में हुई है। वहीं, दुर्घटना का शिकार हुई कार बिछिया के बीआरसी (BRC) हेम सिंह मरावी की है, जो जबलपुर से बिछिया की तरफ आ रहे थे। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची बिछिया थाना पुलिस ने दोनों वाहनों को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बागपत प्रशासन ने बेटियों की सुरक्षा, गिरते लिंगानुपात में सुधार और भ्रूण लिंग जांच जैसी अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी पहल की है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल की अध्यक्षता में आयोजित पीसीपीएनडीटी एक्ट की बैठक में जिले के सभी 46 पंजीकृत अल्ट्रासाउंड सेंटरों में एक्टिव ट्रेकर सिस्टम लगाने का निर्णय लिया गया। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद प्रत्येक अल्ट्रासाउंड मशीन की गतिविधियों पर प्रशासन की डिजिटल निगरानी रहेगी। प्रशासन के अनुसार, इस तकनीक को अपनाने वाला बागपत प्रदेश का दूसरा जिला होगा। मशीनों की गतिविधियों पर रहेगी नजर एक्टिव ट्रेकर सिस्टम के माध्यम से यह रिकॉर्ड किया जाएगा कि अल्ट्रासाउंड मशीन कब चालू हुई, कितनी देर तक संचालित रही और उसका कितनी बार उपयोग किया गया। इससे मशीनों के संदिग्ध समय पर संचालन, रिकॉर्ड में संभावित गड़बड़ियों और बिना प्रविष्टि के उपयोग जैसे मामलों की पहचान करना आसान होगा। प्रशासन का मानना है कि यह पहल बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को तकनीकी स्तर पर मजबूती प्रदान करेगी और पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रभावी अनुपालन में मददगार साबित होगी। उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई बैठक में जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के उल्लंघन को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को संयुक्त रूप से सघन निगरानी अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा और सम्मान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। रिकॉर्ड का होगा नियमित सत्यापन मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को सभी अल्ट्रासाउंड सेंटरों के रिकॉर्ड, फॉर्म-एफ और मशीनों के संचालन का नियमित सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिन केंद्रों में रिकॉर्ड और मशीन उपयोग में विसंगतियां पाई जाएंगी, वहां तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा बिना पंजीकरण संचालित मशीनों और संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने, एसडीएम स्तर पर संयुक्त निरीक्षण टीमें गठित करने और आकस्मिक निरीक्षण बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए हैं। जागरूकता अभियान पर भी जोर बैठक में महिला समूहों, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी नेटवर्क और ग्राम पंचायतों के माध्यम से जनजागरूकता अभियान को और तेज करने पर भी बल दिया गया, ताकि कन्या भ्रूण हत्या और लिंग चयन जैसी कुप्रथाओं के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाई जा सके। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक अनुराग, एसडीएम ज्योति शर्मा, मनीष यादव, परियोजना निदेशक राहुल वर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कोरबा में सर्वमंगला मंदिर के समीप स्थित प्राचीन रानी गुफा और हनुमान मंदिर के जीर्णोद्धार तथा सड़क पर जमी धूल-मिट्टी की समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। दर्जनों ग्रामीणों ने कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर दो दिन के भीतर मांगें पूरी करने की चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने साफ कहा है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो 5 जून को खैरभवना में आयोजित होने वाले सुशासन तिहार का विरोध करते हुए सामूहिक घेराव किया जाएगा। दो साल से कर रहे संघर्ष ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले दो वर्षों से शांतिपूर्ण तरीके से आवेदन, निवेदन, धरना और आंदोलन के माध्यम से अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं। उनका आरोप है कि रेलवे पुल निर्माण के दौरान ठेका कंपनी ने क्षेत्र के आस्था केंद्र रानी गुफा और हनुमान मंदिर को क्षतिग्रस्त कर दिया था। घटना के बाद तत्कालीन पटवारी नम्रता राजवाड़े ने मौके का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया था। इसके बाद कई राजस्व अधिकारियों और तत्कालीन एसडीएम रोहित सिंह ने स्थल का निरीक्षण कर जीर्णोद्धार का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्य नहीं हुआ। बैठकें हुईं, आश्वासन मिले, काम नहीं हुआ ग्रामीणों के अनुसार, मामला बढ़ने पर कटघोरा के वर्तमान एसडीएम तनमय खन्ना, नहर विभाग के अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच बैठक भी हुई थी। बैठक में जल्द स्थायी समाधान का भरोसा दिया गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था। बाद में एसईसीएल कुसमुंडा प्रबंधन, सर्वमंगला चौकी प्रभारी और स्थानीय पार्षद ने 23 दिसंबर 2024 को लिखित आश्वासन दिया था कि सड़क पर जमी धूल-मिट्टी हटाई जाएगी और नियमित पानी का छिड़काव कराया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि यह वादा भी आज तक पूरा नहीं किया गया। धूल से परेशान हजारों ग्रामीण सर्वमंगला मंदिर से सोनपुरी नहर मार्ग तक पिछले दो वर्षों से भारी मात्रा में धूल-मिट्टी जमा है। इस मार्ग से पाली, पडनिया, सोनपुरी, खैरभवना, कनबेरी, जटराज, भलपहरी, जपेली, तरदा, भादा और रिस्दी सहित दर्जनों गांवों के हजारों लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर उड़ती धूल से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं और लोगों का आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। आस्था और जनसुविधा दोनों की अनदेखी पडनिया के शिवरतन, जटराज के टिकेश्वर, पाली के संदीप, खैरभवना के जागेश्वर, कनबेरी के विमल और सोनपुरी के संतोष सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन ने न तो धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार की दिशा में कोई कदम उठाया और न ही धूल-मिट्टी की समस्या का समाधान किया। ग्रामीणों का कहना है कि जब आस्था के केंद्र उजड़ चुके हैं और लोग धूल के गुबार में जीने को मजबूर हैं, तब प्रशासन की लगातार अनदेखी स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दो दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो सुशासन तिहार के दौरान बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
लखनऊ के जानकीपुरम थाना क्षेत्र के मिर्जापुर गांव में 15 साल की मानसिक रूप से कमजोर किशोरी के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता की मां ने बताया कि उनकी बेटी को रातभर एक खाली मकान में बंधक बनाकर रखा गया और उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है। जानकीपुरम विस्तार निवासी पीड़िता की मां के अनुसार उनकी बेटी मानसिक रूप कमजोर है। सोमवार शाम करीब 8 बजे घर से टहलने के लिए निकली थी। काफी देर तक वापस न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन रातभर उसका कोई पता नहीं चला। मंगलवार सुबह करीब 5 बजे गांव के कुछ लोगों ने एक नव-निर्मित खाली मकान से किशोरी को निकलते हुए देखा। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे। आरोप है कि मकान के अंदर किशोरी के कपड़े मिले। वहीं दो युवक मौजूद थे। इनमें एक की पहचान दिनेश के रूप में हुई, जबकि दूसरा युवक को नहीं पहचान पाए। जो मौके से फरार हो गया। पीड़िता की मां का आरोप है दोनों आरोपियों ने उसकी बेटी के साथ रात भर दुष्कर्म किया है।मामले में इंस्पेक्टर जानकीपुरम बच्ची का मेडिकल टेस्ट कराया गया है दोनों ने बच्चों के साथ दुष्कर्म किया है मुकदमा दर्ज करके एक आरोपी को पकड़ा गया है, दूसरे की तलाश जारी है। गुस्साई पब्लिक ने पीटा बच्ची के मिलने के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। इसके बाद गुस्साए लोगों ने एक आरोपी दिनेश को पड़कर बुरी तरह पीट दिया। वहां मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो भी बनाया। जिसमें आरोपी अपनी गलती मानते हुए दिखाई दे रहा है।
मासूम से रेप के दोषी को 20 साल की कैद:5 साल बाद कोर्ट का फैसला, 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगा
जौनपुर की एक अदालत ने 11 वर्षीय मासूम से दुष्कर्म के मामले में दोषी नितिन तिवारी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 50,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि जुर्माना अदा न करने पर उसे छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना 4 अप्रैल 2021 को खुटहन थाना क्षेत्र में हुई थी। शाम करीब 5 बजे आरोपी नितिन तिवारी (निवासी मेढ़ा, खुटहन) ने 11 वर्षीय पीड़ित बच्चे को बहला-फुसलाकर गांव के एक सुनसान नाले के पास ले गया। वहां आरोपी ने बच्चे के साथ अप्राकृतिक दुराचार किया। पीड़ित बच्चा लगातार चीखता रहा और रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन आरोपी ने उसकी एक न सुनी और अपनी हैवानियत की हदें पार कर दीं। शाम को जब पीड़ित का पिता काम से घर लौटा, तो उसने अपनी पत्नी और लहूलुहान मासूम बेटे को फूट-फूटकर रोते हुए पाया। मां की गोद में सिर छिपाकर बच्चे ने अपने साथ हुई उस खौफनाक दरिंदगी की एक-एक बात पिता को बताई। पीड़ित पिता जब लोक-लाज भूलकर आरोपी नितिन तिवारी के घर शिकायत करने पहुंचा, तो आरोपी के परिवार वालों ने उसे सरेआम भद्दी-भद्दी गालियां दीं, जान से मारने की धमकी दी और लाठी-डंडों से मारने के लिए दौड़ाया।
हरदा के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम एक महिला से चेन स्नेचिंग का प्रयास किया गया। इंदौर रोड पर स्कूटी से घर लौट रही महिला के गले से बाइक सवार दो युवकों ने चेन का पेंडल और कुछ हिस्सा झपट लिया। हालांकि, पूरी चेन महिला के गले में ही रह गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। शिक्षक कॉलोनी निवासी वर्षा यादव अपनी बेटी के साथ मां शारदा विद्यापीठ हायर सेकेंडरी स्कूल से कोचिंग पढ़ाकर शाम करीब 6 से 6:30 बजे के बीच घर लौट रही थीं। न्यू गुरुकृपा होटल के सामने जब वे मुड़ने वाली थीं, तभी पीछे से आए बाइक सवार दो युवकों ने उनके गले पर झपट्टा मारा। इस दौरान आरोपियों के हाथ में चेन का पेंडल और कुछ हिस्सा ही आया। घटना के बाद महिला ने अपने परिजनों को सूचना दी और थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। टीआई रोशनलाल भारती ने बताया कि आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस को आशंका है कि यह वही आरोपी हो सकते हैं, जिन्होंने 29 मई को भी सिविल लाइन थाना क्षेत्र के जैसानी चौक के पास भाजपा पार्षद अंजना पाराशर के मकान के सामने एक बुजुर्ग महिला से चेन छीनने का प्रयास किया था। उस घटना में महिला की सतर्कता के कारण आरोपी खाली हाथ लौट गए थे। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
नाबालिग से रेप के दोषी को 20 साल की जेल:अपर जिला जज ने सुनाई सजा, 50 हजार का जुर्माना भी लगाया
शाहजहांपुर में नाबालिग से दुष्कर्म के एक दोषी को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है। अपर जिला जज विशेष जज पॉक्सो एक्ट कृष्ण लीला यादव ने सजा सुनाई है। ये घटना छह साल पुरानी है जिसका फैसला मंगलवार को आया। दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह मामला शाहजहांपुर के कलान क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा है। 14 सितंबर 2018 को गांव निवासी एक व्यक्ति ने एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी 15 वर्षीय बेटी खेत पर शौच के लिए गई थी। वहां फर्रुखाबाद के कम्पिल निवासी रघुनाथ और कलान निवासी रामसेवक ने उनकी बेटी को पकड़ लिया। दोनों उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जा रहे थे। जब गांव के लोगों की नजर पड़ी और उन्होंने शोर मचाते हुए पीछा किया, तो आरोपी एक बाइक वहीं छोड़कर दूसरी बाइक से किशोरी को अगवा कर ले गए। पीड़िता के पिता ने थाने पहुंचकर पुलिस को छोड़ी गई बाइक सौंप दी। पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर किशोरी को बरामद किया और आरोपियों को गिरफ्तार किया। विवेचना के बाद रघुनाथ के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया था। शासकीय अधिवक्ता दीप कुमार गुप्ता ने बताया कि गवाहों के बयानों, साक्ष्यों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर विशेष जज पॉक्सो एक्ट कृष्ण लीला यादव ने रघुनाथ को कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
देवास जिले के विजयागंज मंडी क्षेत्र के बरखेड़ा गांव में मंगलवार शाम करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई। युवक खेत पर चरी काटने गया था, तभी वह टूटे हुए बिजली के तार की चपेट में आ गया। परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान अरुण मालवीय (22) के रूप में हुई है। मंगलवार शाम जब अरुण खेत पर चरी काट रहा था, तभी खेत से गुजर रही विद्युत लाइन का तार टूटकर नीचे आ गया और वह उसकी चपेट में आ गया। इस हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के परिजन धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि खेत के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन के तार काफी समय से नीचे झूल रहे थे। इस संबंध में कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को अवगत कराया गया था, लेकिन डेढ़ से दो वर्ष से स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ था। मंगलवार को हुई यह घटना इसी लापरवाही का परिणाम मानी जा रही है। परिजनों ने बताया कि जब काफी देर तक अरुण का फोन नहीं उठा तो ग्रामीण और परिवार के लोग खेत पर पहुंचे। वहां अरुण बिजली के तार की चपेट में आने के बाद खेत में पड़ा मिला। इसके बाद उसे तत्काल जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की शवगृह में रखवाया गया है। बुधवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
देवरिया में लंबे समय से अधिशासी अधिकारी के पद पर कार्यरत अमिताभ मणि का स्थानांतरण चंदौली कर दिया गया है। नगर विकास विभाग, लखनऊ द्वारा जारी आदेश के अनुसार उन्हें तत्काल प्रभाव से नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। अमिताभ मणि पिछले लगभग सात वर्षों से देवरिया जनपद की विभिन्न नगर निकायों में अधिशासी अधिकारी के रूप में सेवाएं दे रहे थे। वर्तमान में वह नगर पंचायत बरियारपुर में अधिशासी अधिकारी के पद पर तैनात थे। बरियारपुर के अलावा उनके पास नगर पंचायत बैतालपुर और नगर पंचायत भलुअनी का अतिरिक्त प्रभार भी था। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों, स्वच्छता अभियानों और नगरीय योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नगर विकास विभाग के सचिव द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश के बाद उन्हें तत्काल चंदौली में कार्यभार ग्रहण करने के लिए कहा गया है। आदेश के अनुपालन में संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाएं शुरू कर दी गई हैं। नए प्रभार को लेकर शुरू हुई प्रक्रिया अमिताभ मणि के स्थानांतरण के बाद नगर पंचायत बरियारपुर, बैतालपुर और भलुअनी में प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए नए प्रभार या नए अधिकारी की तैनाती को लेकर विभागीय स्तर पर विचार-विमर्श शुरू हो गया है। प्रशासनिक हलकों में इस तबादले को देवरिया के नगरीय प्रशासन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। अब विभाग द्वारा जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की संभावना जताई जा रही है, ताकि नगर निकायों के नियमित कार्य प्रभावित न हों।
क्राइम मीटिंग के बाद थानेदारों के फेरबदल की जिस सूची का पुलिस कर्मियों को इंतजार था, वह मंगलवार शाम को जारी हुई, जिसमें सात थानेदारों के नाम शामिल हैं। डेढ़ महीना पहले पहले ही अनवरगंज से किदवई नगर थाने भेजे गए इंस्पेक्टर अशोक कुमार दुबे को अब गोविंद नगर का प्रभार सौंपा गया है। जबकि एक दिन पहले ही विराट नगर चौकी प्रभारी बने मनीष कुमार सिंह को अब कोहना थानाध्यक्ष बनाया गया है। चमनगंज इंस्पेक्टर संजय राय को हटाया गया पुलिस कमिश्नर कार्यालय से जारी इस तबादला सूची के अनुसार चमनगंज इंस्पेक्टर संजय राय को हटा कर गोविंद नगर इंस्पेक्टर रिकेश कुमार सिंह को चमनगंज थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर केशव तिवारी को कल्याणपुर थाने की जिम्मेदारी देकर भेजा गया है, यहां थाना प्रभारी रहे संतोष कुमार सिंह निजी कारणों से अवकाश पर गए हैं। विनय तिवारी बने अरौल थाना प्रभारी वहीं अरौल थाना प्रभारी रहे जनार्दन सिंह को कलक्टरगंज थाना प्रभारी बनाया गया है, जबकि कलक्टरगंज में रहे विनय तिवारी अब अरौल के नए थानाध्यक्ष होंगे। सेन पश्चिम पारा थाने के दरोगा विजय सिंह को किदवई नगर थानाध्यक्ष बनाकर भेजा गया है। कोहना थानाध्यक्ष रहे प्रतीक सिंह का तबादला एटीएस में होने के बाद से थानेदार की कुर्सी खाली थी।
घाटमपुर से कानपुर आने-जाने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से बंद पड़ी सीएनजी बस सेवा के कारण क्षेत्रीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अब समाजसेवी जन्मजेय गोस्वामी की पहल पर मंगलवार को घाटमपुर में एक सीएनजी बस सेवा पुनः शुरू कर दी गई, जिससे क्षेत्रीय लोगों में खुशी का माहौल है। मंगलवार दोपहर घाटमपुर नगर बस स्टॉप में आयोजित कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी जन्मजेय गोस्वामी और डॉ. रामकिशन गुप्ता ने सीएनजी बस को हरी झंडी दिखाकर कानपुर के लिए रवाना किया। इस मौके पर मौजूद लोगों ने बस सेवा शुरू होने को क्षेत्र की बड़ी जरूरत बताते हुए खुशी जाहिर की। समाजसेवी जन्मजेय गोस्वामी ने बताया कि घाटमपुर से कानपुर के बीच सीएनजी बस सेवा बंद होने से छात्र, नौकरीपेशा लोग, व्यापारी और आम यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इसी समस्या को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने बीते दिनों प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था और बस सेवा बहाल करने की मांग उठाई थी। उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग की ओर से फिलहाल एक सीएनजी बस सेवा शुरू की गई है, जबकि आगामी एक सप्ताह के भीतर तीन और सीएनजी बसें घाटमपुर-कानपुर मार्ग पर संचालित होने लगेंगी। जन्मजेय गोस्वामी ने फोन के माध्यम से परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह को घाटमपुर की जनता की ओर से धन्यवाद भी ज्ञापित किया। यह लोग रहे मौजूद इस दौरान योगेंद्र दीक्षित, नरेश सिंह, मोंटी सैनी, विकास गोस्वामी, सुनील विश्वकर्मा समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की 'गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा' सोमवार शाम औरैया पहुंची। इस दौरान उन्होंने गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग दोहराते हुए कहा कि जब तक इस मांग को संवैधानिक मान्यता नहीं मिलती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। शंकराचार्य ने बताया कि वह इस अभियान के तहत उत्तर प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों का भ्रमण कर रहे हैं। उनके अनुसार अब तक लगभग 150 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा पूरा किया जा चुका है। उन्होंने युवाओं से गौ संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि गाय की केवल पूजा ही नहीं, बल्कि उसकी रक्षा करना भी धार्मिक कर्तव्य है। आवारा गोवंश की समस्या पर जताई चिंता स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने औरैया तथा बुंदेलखंड क्षेत्र में आवारा गोवंश की समस्या पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए 'एक गांव-एक गौशाला' मॉडल लागू करने की मांग की और कहा कि इससे गोवंश संरक्षण को मजबूती मिलेगी। भाजपा और आरएसएस पर साधा निशाना यात्रा के दौरान शंकराचार्य ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में बड़ी संख्या में लोग गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने के पक्ष में हैं, लेकिन भाजपा और आरएसएस इस दिशा में पहल नहीं कर रहे हैं। धारा 370 को लेकर भी उन्होंने अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि इसके हटने के बाद गौ संरक्षण से जुड़े हालात प्रभावित हुए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के हालिया बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी यात्रा शुरू होने के बाद गौ संरक्षण का मुद्दा अधिक चर्चा में आया है। अयोध्या और हिंदुत्व पर भी की टिप्पणी शंकराचार्य ने अयोध्या और हिंदुत्व से जुड़े विषयों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भगवान राम के अवतार का उद्देश्य केवल मंदिर निर्माण तक सीमित नहीं था। साथ ही, उन्होंने गौ संरक्षण के मुद्दे को हिंदुत्व की मूल भावना से जोड़ते हुए अपने विचार व्यक्त किए। 23 जुलाई को पूरी होगी यात्रा शंकराचार्य ने बताया कि 81 दिनों की यह यात्रा 23 जुलाई को समाप्त होगी। इसके बाद 24 जुलाई को Lucknow में एक महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में आगे की रणनीति और संकल्पों की घोषणा की जाएगी। मंगलवार शाम औरैया के कालीमाता मंदिर प्रांगण में गो ध्वज स्थापना और जनसभा का आयोजन किया गया। यात्रा में चतुरंगिणी सेना और साध्वी जगदम्बा सहित कई संत और समर्थक भी शामिल रहे। यहां से यात्रा बुंदेलखंड और इटावा क्षेत्र की ओर आगे बढ़ेगी।
बागपत की एडीजे स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने एक नाबालिग के अपहरण मामले में आरोपी अमजद को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने अमजद को भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत चार वर्ष दो माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त, उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि यदि अमजद निर्धारित समय में जुर्माने की राशि जमा नहीं करता है, तो उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह फैसला एडीजे स्पेशल पॉक्सो कोर्ट बागपत के न्यायाधीश संजीव कुमार द्वारा सुनाया गया। यह मुकदमा सरकार बनाम अमजद, थाना बागपत, सीसी नंबर 183/22 के तहत चल रहा था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष सात गवाह पेश किए। गवाहों के बयानों, उपलब्ध साक्ष्यों और पत्रावली में मौजूद तथ्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी नरेंद्र सिंह पंवार ने प्रभावी पैरवी की। उन्होंने अदालत के समक्ष साक्ष्यों और गवाहों के माध्यम से अपना पक्ष मजबूती से रखा, जिसके बाद न्यायालय ने आरोपी के खिलाफ दोष सिद्ध माना। अदालत के इस फैसले को कानून व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। न्यायालय ने अपने निर्णय के माध्यम से यह संदेश दिया है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और अपराध साबित होने पर दोषियों को दंडित किया जाएगा। अदालत के आदेश के अनुसार, अमजद को चार वर्ष दो माह का कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा भुगतनी होगी। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना पड़ेगा।
गर्मी में फिल्टर प्लांट और पाइप लाइनों की साफ-सफाई के लिए एक दिन के लिए पानी की सप्लाई बंद रहेगी। शहर के सभी फिल्टर हाउस से सप्लाई होने वाली वाटर सप्लाई बंद रहेगी। पीएचईडी डिपार्टमेंट के एसई राजेंद्र मेहता ने बताया कि 4 जून को शहर में पानी की सप्लाई नहीं आएगी। जोधपुर शहर के कायलाना, चौपासनी व सुरपुरा फिल्टर हाउस से संबंधित सभी क्षेत्रों में 4 जून को होने वाली पानी की सप्लाई 5 जून को और 5 जून को होने वाली जलापूर्ति 6 जून को की जाएगी। ये क्षेत्र भी होंगे प्रभावित झालामंड और तख्त सागर फिल्टर हाउस से जुड़े क्षेत्र सरस्वती नगर एवं कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड के विभिन्न सेक्टरों एवं पाल बाईपास, शिल्पग्राम के आस पास क्षेत्रो में 4 जून को सुबह 10ः00 बजे तक की जाने वाली जलापूर्ति सामान्य रूप से होगी। इन क्षेत्रों में 5 जून को की जाने वाली जलापूर्ति 6 जून को और 6 जून को की जाने वाली जलापूर्ति 7 जून को होगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच शिक्षा, पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तीकरण, भारतीय संस्कृति और संस्कृत भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था, ग्रामीण विकास और स्थानीय स्वशासन को अधिक प्रभावी बनाने के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों नेताओं ने राज्यों के बीच अनुभवों के आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड में नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन, विद्यालयी शिक्षा के सुदृढ़ीकरण, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने और पंचायतों को मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, संस्कृत भाषा और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण के लिए राज्यों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। नई शिक्षा नीति और डिजिटल शिक्षा पर हुई चर्चा मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड में नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और विद्यालयी शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों तक आधुनिक संसाधन पहुंचाने के प्रयासों का भी उल्लेख किया। पंचायतों और स्थानीय स्वशासन को मजबूत बनाने पर जोर बैठक में पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्वशासन को अधिक प्रभावी बनाने के विषय पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने पंचायतों को विकास की मुख्य इकाई के रूप में मजबूत करने की आवश्यकता बताई। संस्कृत और भारतीय संस्कृति के संरक्षण पर विचार-विमर्श मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति, संस्कृत भाषा और पारंपरिक ज्ञान की विरासत को संरक्षित और संवर्धित करने के लिए राज्यों के बीच अनुभव साझा करना महत्वपूर्ण है। इस दिशा में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। राजस्थान मंत्री ने उत्तराखंड के प्रयासों की सराहना की राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर ने शिक्षा, संस्कृति संरक्षण और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उत्तराखंड सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने दोनों राज्यों के बीच शिक्षा, संस्कृति और स्थानीय स्वशासन से जुड़े विषयों पर सहयोग और समन्वय को और मजबूत बनाने पर बल दिया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी मंगलवार शाम मंदसौर पहुंचे, जहां उन्होंने कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत आयोजित बैठक में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ वन-टू-वन संवाद कर संगठन को मजबूत बनाने और आगामी चुनावों की रणनीति पर चर्चा की। बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए पटवारी ने भाजपा और मध्यप्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने प्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार, किसानों की समस्याओं, पेपर लीक मामलों, बेरोजगारी और गौवंश संरक्षण जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। ‘भ्रष्टाचार का कैंसर जड़ों तक पहुंच चुका है’जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार के शासनकाल में भ्रष्टाचार का कैंसर जड़ों तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश से भ्रष्टाचार खत्म करना है तो पंचायत से लेकर सांसद तक भाजपा को हराना होगा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस लगातार जनता के मुद्दे उठा रही है और सरकार को जवाबदेह बनाने का काम कर रही है। किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए पटवारी ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों से किए गए वादे पूरे नहीं कर पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को उनकी उपज का उचित समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री से इस विषय में सवाल पूछा जाता है तो उन्हें बुरा लग जाता है, जबकि किसानों को न्याय मिलना चाहिए। पेपर लीक और बेरोजगारी पर सरकार घिरीपीसीसी चीफ ने प्रदेश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों और युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और रोजगार के अवसर लगातार कम होते जा रहे हैं। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा पर लगाए गंभीर आरोपमीडिया से चर्चा के दौरान जीतू पटवारी ने उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि तस्करों के साथ उनकी तस्वीरें सामने आती हैं और ऐसे मामलों में आरोपी आसानी से बच निकलते हैं, जबकि आम किसान और गरीब लोग परेशान होते हैं। यदि प्रदेश में माफियाराज सरकार के संरक्षण में बढ़ रहा है तो विपक्ष का दायित्व है कि वह सरकार से सवाल पूछे। ‘बहनों को तीन हजार रुपए दो, किसानों के साथ न्याय करो’पटवारी ने सरकार से मांग की कि किसानों के साथ न्याय किया जाए और महिलाओं से किए गए वादों को पूरा करते हुए उन्हें तीन हजार रुपए की सहायता राशि दी जाए। साथ ही जीतू ने कहा प्रदेश को भ्रष्टाचार के दलदल से बाहर निकालने के लिए सरकार को गंभीर कदम उठाने होंगे। उन्होंने दावा किया कि यदि सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी तो आने वाले समय में प्रदेश में किसानों और गरीबों की सरकार बनेगी। गौवंश संरक्षण के मुद्दे पर भी सरकार को घेरागौवंश संरक्षण के मुद्दे पर भी PCC चीफ ने भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने भोपाल में सामने आए गौहत्या के एक मामले का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई क्योंकि उनका संबंध भाजपा से था। उन्होंने कहा कि कई संतों और अभिमुक्तेश्वरानंद महाराज द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की जा चुकी है, लेकिन सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बूचड़खानों से जुड़े लोगों को संरक्षण देती है और उसके शासनकाल में गौमांस का निर्यात जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार को गौसंरक्षण के मुद्दे पर अपनी मंशा स्पष्ट करनी चाहिए। जीतू पटवारी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया। संगठन की मजबूती ही कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत है और आगामी चुनावों में जनता के मुद्दों को लेकर पार्टी पूरी मजबूती से मैदान में उतरेगी। इस दौरान जिले भर के कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू), हिसार ने स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब इच्छुक उम्मीदवार 8 जून, 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बताया कि विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिले के प्रति विद्यार्थियों में भारी उत्साह है। विद्यार्थियों और अभिभावकों की मांग को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाने का निर्णय लिया है। प्रो. बिश्नोई ने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा संचालित सभी मौजूदा और नए पाठ्यक्रम उद्योग तथा बाजार की वर्तमान मांगों के अनुरूप हैं। ये सभी रोजगारोन्मुखी हैं और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत संचालित किए जा रहे हैं। जीजेयू की साइट पर उपलबध है प्रॉस्पेक्टस : कुलपति दाखिले से संबंधित विस्तृत जानकारी, जैसे सीटों की संख्या, पात्रता मानदंड, प्रवेश प्रक्रिया, प्रवेश परीक्षा (जहां लागू हो), काउंसलिंग शेड्यूल और शुल्क संरचना, विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध प्रॉस्पेक्टस 2026-27 में दी गई है। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 08 जून है। बीटेक, बीफार्मा और संबंधित लेटरल एंट्री कार्यक्रमों में प्रवेश हरियाणा स्टेट टेक्निकल एजुकेशन सोसायटी (एचएसटीईएस), पंचकूला के माध्यम से ऑनलाइन काउंसलिंग द्वारा किया जाएगा। सभी अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे नवीनतम अपडेट के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.gjust.ac.in का नियमित रूप से अवलोकन करते रहें। अधिक जानकारी क्यूआर कोड के माध्यम से भी प्राप्त की जा सकती है।
मुजफ्फरनगर में प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। सुजड़ू इंडस्ट्रियल एरिया के संधावली में मंगलवार शाम एक साथ 6 फैक्ट्रियों और स्लैग यूनिटों को सील कर दिया गया। इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। छापेमारी के दौरान कई यूनिट संचालकों ने अपनी इकाइयों के शटर बंद कर दिए, जबकि कुछ संचालक कार्रवाई की भनक लगते ही मौके से फरार हो गए। प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को क्षेत्र में लंबे समय से प्रदूषण फैलने और पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर के नेतृत्व में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने औचक निरीक्षण अभियान चलाया। जांच के दौरान कई इकाइयों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इसके बाद लिमरा ट्रेडिंग कंपनी, हमजा ट्रेडर्स, अजलान एंटरप्राइजेज और नाइस ट्रेडिंग कंपनी सहित कुल 6 स्लैग यूनिटों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने इन इकाइयों के मुख्य गेट पर सील लगाकर उनका संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया। कार्रवाई के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता कुंवर संतोष कुमार, अवर अभियंता राजा गुप्ता, शुभम कुमार और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। टीम ने इकाइयों के संचालन, प्रदूषण नियंत्रण उपायों और आवश्यक दस्तावेजों की भी गहन जांच की। औचक निरीक्षण की सूचना फैलते ही कई यूनिट मालिकों में अफरा-तफरी मच गई। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद पूरे औद्योगिक क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। सहायक अभियंता कुंवर संतोष कुमार ने स्पष्ट किया कि पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी करने वाली इकाइयों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार का अभियान जारी रहेगा। प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए जनस्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी।
नागौर से सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संयोजक हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को मानहानि का लीगल नोटिस भेजा है। यह नोटिस बेनीवाल की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वकील सुमित्रा चौधरी ने जारी किया है। नोटिस में राठौड़ की ओर से हाल ही में दिए गए एक बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए उनसे 7 दिन के भीतर बिना शर्त लिखित माफी मांगने और सोशल मीडिया से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट हटाने की मांग की गई है। ऐसा न करने पर दीवानी और आपराधिक कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इस बयान पर भड़के बेनीवाल, नोटिस में उठाए यह 4 मुद्दे: 7 दिन का अल्टीमेटम, अन्यथा होगी अदालती कार्रवाई लीगल नोटिस में साफ कहा गया है कि मदन राठौड़ के इन बयानों से हनुमान बेनीवाल की सामाजिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा को भारी नुकसान पहुंचा है। यदि राठौड़ ने नोटिस मिलने के 7 दिनों के भीतर अपने बयान वापस लेकर लिखित में माफी नहीं मांगी, तो उनके खिलाफ मानहानि, आपराधिक साजिश और अन्य धाराओं के तहत अदालत में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
सीएसआर फंड ब्योरा न देने पर मेरठ DM नाराज:डीएलएससी बैठक में तीन दिन में मांगी रिपोर्ट
जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने सरकारी बैंकों द्वारा पिछले तीन वित्तीय वर्षों के सीएसआर फंड का विवरण उपलब्ध न कराने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने यह नाराजगी विकास भवन सभागार में आयोजित डीसीसी/डीएलआरसी/डीएलएससी की बैठक में जताई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने लीड बैंक मैनेजर को निर्देश दिए कि सभी बैंक अगले तीन दिनों के भीतर पिछले तीन वित्तीय वर्षों में खर्च किए गए सीएसआर फंड का विवरण और चालू वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना प्रस्तुत करें। उन्होंने चेतावनी दी कि आदेश का पालन न होने पर संबंधित बैंकों के विरुद्ध उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई की जाएगी। इस बैठक में सरकार की प्राथमिकता वाले ऋण प्रकरणों और विभिन्न योजनाओं की बैंकवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने लंबित ऋण प्रकरणों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कार्य सर्वोपरि हैं और सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने उपायुक्त उद्योग को निर्देश दिए कि बैंकों के साथ लंबित प्रकरणों की प्रत्येक सप्ताह समीक्षा कर उनका निस्तारण सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि लंबित और अस्वीकृत ऋण आवेदनों की समीक्षा कर छोटी-छोटी कमियों को ठीक करते हुए कार्यवाही की जाए। प्रत्येक बैंक उद्यमी योजना के तहत प्राथमिकता पर ऋण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करे। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), उपायुक्त उद्योग, लीड बैंक मैनेजर सहित संबंधित बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
छतरपुर में एक युवक द्वारा चलती बाइक पर खतरनाक स्टंट करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह घटना मंगलवार, 2 जून को सुबह करीब 11 से 12 बजे के बीच की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में युवक पेप्टिक टाउन से ओरछा थाना और ट्रांसपोर्ट नगर मार्ग तक व्यस्त सड़क पर बाइक का हैंडल छोड़कर तेज रफ्तार में वाहन चलाता दिखाई दे रहा है। इस दौरान वह बार-बार बाइक का संतुलन छोड़कर स्टंट करता नजर आया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि सड़क पर अन्य वाहन और राहगीर भी मौजूद हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना से स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। आसपास के लोगों के लिए भी खतरास्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के स्टंट न केवल करने वाले युवक की जान के लिए खतरा हैं, बल्कि अन्य राहगीरों की सुरक्षा भी जोखिम में डालते हैं। बता दें सड़क सुरक्षा नियमों के तहत सार्वजनिक स्थानों पर लापरवाही से वाहन चलाना और स्टंट करना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में पुलिस चालानी कार्रवाई के साथ अन्य कानूनी कदम भी उठा सकती है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने प्रशासन से युवक की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

