अक्षय तृतीया से शुरू हुए चार दिवसीय पाटोत्सव का गुरुावारको गुप्त वृन्दावन धाम में समापन हुआ। अंतिम दिन भगवान श्री कृष्ण-बलराम के महाभिषेक का आयोजन किया गया, जिसमें शहरभर से हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आशीर्वाद प्राप्त किया। समारोह के अंतिम दिन भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया। इसके बाद 108 कलशों से महाभिषेक किया गया। 108 प्रकार के भोग अर्पित किए गए। अभिषेक में फूलों, फलों के रस और पवित्र जल का उपयोग किया गया। जैसे ही भगवान पालकी में विराजमान होकर वृन्दावन गार्डन पहुंचे, श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ पड़े। संकीर्तन में झूमे भक्त हरिनाम संकीर्तन की गूंज के साथ पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु भजन-कीर्तन पर झूमते नजर आए और वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। महाभिषेक के समापन पर भव्य आतिशबाजी की गई, जिससे पूरा गुप्त वृन्दावन धाम रोशनी से नहा उठा और कार्यक्रम का समापन यादगार बन गया। धाम के अध्यक्ष अमितासना दास ने सभी श्रद्धालुओं को पाटोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान की भक्ति ही जीवन में सच्ची शांति और संतोष का मार्ग है।
ग्वालियर में एलिवेटेड रोड के निर्माण कार्य के दौरान शहर की मुख्य सीवर ट्रंक लाइन टूट गई है। इस घटना के कारण पूरे शहर में सीवर संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां से एलिवेटेड रोड गुजर रही है। कई स्थानों पर लोगों के घरों तक गंदा पानी पहुंच रहा है। लगभग 1300 करोड़ रुपए की लागत से स्वर्ण रेखा नदी के ऊपर एलिवेटेड रोड का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण कार्य के दौरान कई स्थानों पर पुरानी सीवर लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इन टूटी हुई लाइनों के कारण सीवर का पानी घरों में घुस रहा है, जिससे नागरिक परेशान हैं। जनसुनवाई में भी ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं। दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में स्थिति और भी गंभीर है। यहां एलिवेटेड रोड के निर्माण सामग्री लाने-ले जाने के लिए भारी वाहनों का उपयोग किया जाता है, जिससे कई स्थानों पर सीवर चैंबर टूट गए हैं। इसके परिणामस्वरूप घरों से निकलने वाली गंदगी का निकास बाधित हो गया है। स्थानीय पार्षदों ने इस संबंध में नगर निगम आयुक्त को भी अवगत कराया है। इस मामले पर नगर निगम महापौर शोभा सेकरवार ने कहा कि एलिवेटेड रोड के कारण मुख्य ट्रंक लाइन क्षतिग्रस्त हुई है। उन्होंने निर्माण कार्य कर रही कंपनी को तत्काल मरम्मत करने की चेतावनी दी है। महापौर ने यह भी कहा कि यदि कंपनी लापरवाही बरतती है, तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। मामले में आयुक्त नगर निगम का कहना है कि ऐलिवेटेड रोड के निर्माण के कारण जो स्वर्ण रेखा के अलोंग में ट्रंक लाइन है जो कि बहुत पुरानी भी है। वो कई जगह उसके चेंबर जो हैं वो डेमेज हुए हैं। कुछ जगह लाइन क्षतिग्रस्त हुई है तो इसके संबंध में 6 अप्रैल को कलेक्टर महोदय को और जो एलिवेटेड रोड पीडब्ल्यूडी ब्रिज है उनके EE को भी पत्र लिखा गया था। उनके द्वारा सुधार भी किया जा रहा है। उनके साथ मीटिंग की गई थी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा है कि बच्चे के भविष्य और समग्र विकास को सर्वोपरि माना जाएगा। कोर्ट ने कहा कि बच्चे की कस्टडी के मामलों में बच्चे का सर्वोत्तम हित सबसे महत्वपूर्ण होता है। केवल बच्चे की इच्छा ही निर्णायक नहीं होती बल्कि उसकी शिक्षा, सुरक्षा और भविष्य को ध्यान में रखना जरूरी है। यह आदेश न्यायमूर्ति संदीप जैन ने डॉ भावना सिंह की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के बाद नाबालिग बच्चे की कस्टडी मां (याची) को सौंपते हुए दिया है। जानिये क्या है पूरा मामला याचिका में कहा गया कि बच्चे के पिता शराब के आदी हैं और आर्थिक रूप से भी स्थिर नहीं हैं इसलिए बच्चे का सही पालन-पोषण उनके पास संभव नहीं है। मां ने बताया कि उन्होंने अपने 10 वर्षीय बेटे का दाखिला शिमला के प्रतिष्ठित स्कूल में करा दिया है और इसके लिए लगभग 17 लाख रुपये खर्च किए हैं। पिता की ओर से कहा गया कि बच्चा उनके साथ मेरठ में रह रहा है और वहीं पढ़ाई कर रहा है। साथ ही बच्चे ने खुद पिता के साथ रहने की इच्छा जताई है। कोर्ट ने बच्चे से बातचीत की तो पाया कि उसके बयान प्रभावित लग रहे थे इसलिए उन्हें पूरी तरह भरोसेमंद नहीं माना। साथ ही कहा कि मां योग्य डॉक्टर हैं और आर्थिक रूप से पूरी तरह सक्षम हैं। बच्चे के लिए बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध करा सकती हैं। शिमला का स्कूल उच्च स्तर की शिक्षा और समग्र विकास के बेहतर अवसर प्रदान करता है। दूसरी ओर पिता को गंभीर शराब की लत है और उनका लीवर ट्रांसप्लांट हो चुका है। चिकित्सा खर्च भी उनके परिवार द्वारा उठाया गया जिससे उनकी आर्थिक निर्भरता सामने आई। इसी के साथ कोर्ट ने बच्चे की पढ़ाई शिमला के स्कूल में ही जारी रखने की अनुमति देते हुए माता-पिता को महीने में एक बार स्कूल में मिलने का अधिकार दिया। कोर्ट ने स्कूल के हेडमास्टर को मुलाकात की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
पत्नी से गुजारा मांग रहे वकील पर 15 लाख हर्जाना:खुद को बेरोजगार बताया, अदालत से तथ्य छिपाए गए
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग और वैवाहिक शोषण के एक मामले में सख्त रुख अपनाते हुए पति की याचिका को न केवल खारिज कर दिया, बल्कि उस पर 15 लाख रुपये का हर्जाना भी लगाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि विवाह किसी का शोषण करने का लाइसेंस नहीं है। कोर्ट ने कहा कि यह हर्जाना न केवल पीड़ित पत्नी को राहत देने के लिए है, बल्कि उन लोगों के लिए एक सबक भी है जो झूठे आधारों पर न्यायालयों का समय बर्बाद करते हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने रंजीत सिंह की याचिका पर सुनवाई के बाद दिया है। याची रंजीत सिंह ने याचिका दाखिल कर इटावा फैमिली कोर्ट में लंबित अपने भरण-पोषण के मामले को जल्द निपटाने की मांग की थी। उसने दावा किया था कि वह एक बेरोजगार युवा है और उसके पास आय का कोई साधन नहीं है जबकि उसकी पत्नी नीतू सिंह इलाहाबाद हाईकोर्ट में अतिरिक्त निजी सचिव के पद पर कार्यरत है। जरूरी तथ्य छिपाए गए सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि पति ने न्यायालय से कई महत्वपूर्ण तथ्य छिपाए थे। पति पहले से ही एक अन्य मामले में पत्नी से पांच हजार रुपये प्रति माह का अंतरिम भरण-पोषण प्राप्त कर रहा था, जिसकी जानकारी उसने इस याचिका में नहीं दी। पत्नी ने कोर्ट को बताया कि पति ने उसे झांसा देकर उसके वेतन खाते से साढ़े 11 लाख और 13.56 लाख रुपये के दो व्यक्तिगत ऋण लिए। उसने इन पैसों का उपयोग विलासिता और शराब पर किया तथा पत्नी अब भी 26,020 रुपये की मासिक ईएमआई भर रही है। कोर्ट ने वकील की कार्यशैली पर उठाए सवाल कोर्ट ने कहा कि पति पेशेवर वकील है और शारीरिक रूप से स्वस्थ है। कानून के अनुसार स्वस्थ और शिक्षित पति अपनी पत्नी पर पूरी तरह निर्भर होकर गुजारा भत्ता नहीं मांग सकता। कोर्ट ने अपने 30 पन्नों के आदेश में पति के आचरण को निंदनीय बताते हुए कहा कि पति एक धोखेबाज और झूठा व्यक्ति प्रतीत होता है जो विलासितापूर्ण जीवन जीने के लिए पत्नी की मेहनत की कमाई पर नजर गड़ाए हुए है। बीएनएसएस की धारा 144 के तहत ऐसा पति अपनी पत्नी से भरण-पोषण पाने का कानूनी हकदार नहीं है। कोर्ट ने पति पर 15 लाख रुपये का हर्जाना लगाते हुए उसे आदेश दिया कि वह छह सप्ताह के भीतर पत्नी को हर्जाने की रकम का भुगतान करे। यदि पति यह राशि नहीं चुकाता है, तो इटावा के जिला मजिस्ट्रेट को उसकी संपत्ति से भू-राजस्व के बकाया के रूप में इसे वसूलने का निर्देश दिया गया है। कोर्ट ने हर्जाने की वसूली तक पति की किसी भी संपत्ति के हस्तांतरण या बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी है। साथ ही फैमिली कोर्ट प्रयागराज को याची पति द्वारा झूठा हलफनामा दाखिल करने के लिए उसके खिलाफ उचित कानूनी कार्यवाही शुरू करने पर विचार करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने पत्नी की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य की सुनवाई बंद कमरे में करने का भी आदेश दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश के मदरसों की एंटी-टेररिज्म स्क्वाड द्वारा जांच कराए जाने के आदेश पर राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह उस आधार को स्पष्ट करे जिसके तहत एटीएस को इन शिक्षण संस्थानों की जांच करने का निर्देश दिया गया। यह आदेश न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा और न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह की खंडपीठ ने टीचर्स एसोसिएशन मदारिस अरबिया व अन्य प्रबंध समितियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। जानिये क्या है पूरा मामला याचिकाकर्ताओं ने आईजी एटीएस द्वारा 9 दिसंबर 2025 को जारी उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें प्रदेश के मदरसों की जांच एटीएस से कराने को कहा गया था। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि राज्य के मदरसे उत्तर प्रदेश बोर्ड ऑफ मदरसा एजुकेशन एक्ट 2004 और 2016 की नियमावली के तहत कानूनी रूप से संचालित हो रहे हैं। ऐसे में अचानक एटीएस जांच का आदेश देना उनके अधिकारों का हनन है। मदरसों के वकीलों ने कहा कि जांच का आदेश पूरी तरह से मनमाना और निराधार है। एटीएस के 26 दिसंबर 2025 के मांग पत्र में विदेशी फंडिंग या किसी भी संदिग्ध गतिविधि का कोई ठोस जिक्र नहीं है। बिना किसी पूर्व सूचना या संदेह के ऐसी कार्रवाई संस्थानों की छवि खराब करने वाली है। राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि यह याचिका समय से पहले दाखिल की गई है। सरकार का कहना है कि यह केवल एक सामान्य जांच है। यदि जांच में कुछ गलत नहीं पाया जाता है, तो रिपोर्ट में भी वही तथ्य सामने आएंगे। इससे किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने इस आदेश को मनमाना बताया है और वे कानूनी ढांचे के भीतर काम करने का दावा कर रहे हैं, इसलिए सरकार को यह साफ करना होगा कि इस आदेश को जारी करने के पीछे ठोस आधार क्या थे। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 4 मई की तारीख लगाई है।
लखनऊ के विभूतिखंड थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में ठहरे युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। युवक कमरे में बेहोश पड़ा मिला, उसके मुंह से झाग निकल रहा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जानकारी के मुताबिक, नोएडा से चार दोस्त लखनऊ घूमने आए थे और होटल में ठहरे हुए थे। इनमें एक कमरे में दीपक और दीप्ति रुके थे, जबकि दूसरे कमरे में 26 वर्षीय सुधीर ठहरे हुए थे। इनके साथ एक दरोगा अरुण चौधरी भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि सुबह तीनों दोस्त घूमने के लिए बाहर चले गए थे। दोपहर में जब वे होटल लौटे तो सुधीर कमरे में बेहोश पड़े मिले। उनके मुंह से झाग निकल रहा था। घबराए साथियों ने तुरंत डायल 112 पर करीब तीन बजे सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने साथियों की मदद से युवक को तत्काल लोहिया अस्पताल पहुंचाया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध लग रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन पहली बार प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं। वे 27 अप्रेल को राजस्थान के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे प्रदेश में बूथ कार्यकर्ता से लेकर प्रदेश की टॉप लीडरशिप से संवाद करेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्ता व संगठन के कामकाज का जायजा भी लेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद पहली बार नितिन नबीन राजस्थान के दौरे पर आ रहे हैं। पहले वे टोंक जाएंगे, यहां से बीजेपी के नव निर्मित 7 जिला कार्यालयों का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद जयपुर पहुंचकर प्रदेश बीजेपी कार्यालय में पार्टी पदाधिकारियों और कोर कमेटी की बैठक लेंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष विशेष विमान से सुबह 10:55 पर दिल्ली से जयपुर एयरपोर्ट पहुंचेगे। यहां से हैलीकोप्टर से टोंक के लिए रवाना होंगे। इस दौरान सीएम भजनलाल शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ भी उनके साथ रहेंगे। टोंक में बूथ कार्यकर्ता सम्मेलनबीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन टोंक से बीजेपी के नव निर्मित 7 जिला कार्यालयों का उद्घाटन और जालौर कार्यालय का शिलान्यास करेंगे। इसमें टोंक, बूंदी, प्रतापगढ़, बाड़मेर, चुरू, डूंगरपुर और पाली जिले शामिल हैं। टोंक में जिला कार्यालय के उद्घाटन के मौके पर वे बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे। बूथ बीजेपी की सबसे छोटी ईकाई है, ऐसे में राष्ट्रीय अध्यक्ष के अपने पहले दौरे का पहला भाषण बूथ कार्यकर्ताओं के नाम रहेगा। इस दौरान सभी नव निर्मित जिला कार्यालयों पर उनका भाषण लाइव दिखाया जाएगा। जयपुर में टॉप लीडरशिप से चर्चाटोंक के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन जयपुर पहुंचेंगे। यहां वे प्रदेश बीजेपी कार्यालय में पहले पार्टी पदाधिकारियों की बैठक लेंगे। इस बैठक में पार्टी पदाधिकारियों के साथ मोर्चा अध्यक्ष और प्रकोष्ठों के प्रदेश संयोजक भी मौजूद रहेंगे। उसके बाद कोर कमेटी की बैठक में प्रदेश की टॉप लीडरशिप से प्रदेश के राजनीतिक हालत, सत्ता व संगठन के कामकाज और बीजेपी के प्रशिक्षण अभियान सहित आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा करेंगे। महिला बैंड से स्वागत, बाइक रैली से एस्कॉर्टजयपुर दौरे के दौरान पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के भव्य स्वागत की तैयारी की हैं। जयपुर एयरपोर्ट से प्रदेश बीजेपी कार्यालय के 12 किलोमीटर के सफर के दौरान जगह-जगह राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत किया जाएगा। इसके लिए 11 स्वागत मंच बनाने का फैसला हुआ हैं। जयपुर एयरपोर्ट के बाहर पहला स्वागत मंच होगा, यहां पर राष्ट्रीय अध्यक्ष का संक्षिप्त संबोधन भी होगा। यहां पर सांगानेर, चाकसू और बगरू विधानसभा के कार्यकर्ताओं की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष का अभिनंदन किया जाएगा। वहीं महिला मोर्चा की टीम राजमहल चौराह पर महिला बैंड से राष्ट्रीय अध्यक्ष का अभिनंदन करेगी। वहीं युवा मोर्चा की टीम बाइक रैली से राष्ट्रीय अध्यक्ष को एस्कॉर्ट करेगी। स्वागत मंच जिम्मेदारीएयरपोर्ट- सांगानेर, चाकसू और बगरू विधानसभा जवाहर सर्किल- फुलेरा, दूदू और बस्सी विधानसभा डब्ल्यूटीपी- आदर्श नगर और मालवीयनगर विधानसभाशिक्षा संकुल- जमवारामगढ़ और आमेर विधानसभागांधी सर्किल- विद्याधरनगर विधानसभाजेडीए सर्किल- झोटवाड़ा के कार्यकर्तारामबाग चौराहा- किशनपोल और हवामहल विधानसभाअम्बेडकर सर्किल- सिविल लाइंस विधानसभाबाइस गोदाम- ओबीसी,एसटी और अल्पसंख्यक मोर्चाराजमहल चौराहा- महिला मोर्चाबीजेपी कार्यालय- एससी और किसान मोर्चा(युवा मोर्चा की टीम जयपुर एयरपोर्ट से बाइक रैली निकालते हुए साथ-साथ चलेगी।)
इंदौर के एरोड्रम इलाके में क्रिप्ट्रो करेंसी एक्सचेंज को लेकर मामला सामने आया है। बताया जाता है कि बुधवार को कृष्णा नाम के युवक के साथ कुछ लोगों ने डरा धमका रुपए वसूले हैं। कृष्णा को धमकाने वाले युवक खुद को पुलिसकर्मी बता रहे थे। बाद में कृष्णा मामले की जानकारी लेकर एरोड्रम थाने भी पहुंचा। यहां से उसे भगा दिया। गुरुवार को डीसीपी से शिकायत हुई है। इसके बाद अफसर थाने पहुंचे और दो घंटे के फुटेज अपने साथ लेकर चले गए। मामला विद्याधाम मंदिर के पास का है। बुधवार को यहां कृष्णा नाम के युवक को किप्ट्रो करेसी एक्सचेंज के नाम पर कुछ लोगों ने बुलाया था। बताया जाता है कि कृष्णा से इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मी बताकर पकड़ा और रुपए अपने पास रखकर उसे बंद करने की धमकी दी। बाद में युवक वहां से चले गए। कृष्णा शिकायत लेकर एरोड्रम थाने पहुंचा। लेकिन यहां बाहर से ही पुलिसकर्मियों ने उसकी शिकायत सुने बिना उसे भगा दिया। गुरुवार को डीसीपी कृष्णा लाल चंदानी से युवक अपने परिचित के साथ मिला था। सूत्रो के मुताबिक रात मे एडिशनल डीसीपी सुमित केरकेटटा एरोड्रम थाने पहुंचे थे। यहां उन्होंने दो घंटे के सीसीटीवी फुटेज उन्होंने देखे। इसके बाद वह लैपटॉप में फुटेज लेकर अपने साथ चले गए। हालांकि इस मामले से जुड़ी पुष्टि अफसरों ने नहीं की है। कृष्णा से रुपए लेने वाले युवक एरोड्रम के स्टॉफ से जुड़े बताए जा रहे हैं।
मध्यप्रदेश के इंदौर में गुरुवार शाम दो बच्चे रहस्यमय तरीके से लापता हो गए। दोनों बच्चे तिरुपति गार्डन के पास खेल रहे थे। इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर एक नाबालिग लड़की उन्हें अपने साथ ले जाते हुए दिखाई दे रही है। लापता बच्चों की पहचान नैतिक और सम्राट के रूप में हुई है। दोनों पास के ही इलाके के रहने वाले हैं। बच्चों के दादा पूनमचंद जयदेव ने बताया कि उन्हें एक महिला ने वीडियो कॉल के जरिए 15 लाख रुपए की फिरौती मांगी। कहा कि 15 लाख रुपए दो और दोनों बच्चों को ले जाओ। इसके बाद वह नंबर बंद हो गया। सूचना मिलते ही टीआई सुरेंद्र रघुवंशी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पलासिया थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है। दादी देखने पहुंची तो बच्चे नहीं मिले सीसीटीवी फुटेज में 15-16 साल की एक सांवली लड़की, जींस पहने हुए, दोनों बच्चों को ले जाते हुए दिखाई दे रही है। बच्चे के दादा ने बताया कि वह उन्हें रामभक्त नगर की तरफ ले गई, जहां से आगे कार में बैठाकर ले जाने की आशंका है। बच्चे शाम करीब 6 बजे तिरुपति गार्डन में क्रिकेट खेल रहे थे। जब दादी उन्हें देखने पहुंचीं, तो दोनों वहां नहीं मिले। नैतिक के पिता जूस का ठेला लगाते हैं, जबकि सम्राट के पिता ढोलक बजाते हैं। महिला ने वीडियो कॉल में बच्चों को दिखाया स्थानीय निवासी अशोक मेहता के अनुसार घटना शाम करीब 7 बजे की है। दो बच्चों को बहला-फुसलाकर ले जाया गया है। उन्होंने बच्चों को 'कुंकुम कलेक्शन' परिवार से जुड़ा बताया। उन्होंने बताया कि अपहरण में एक महिला शामिल है, जिसने वीडियो कॉल किया। कॉल के दौरान बच्चों को दिखाया गया और वे सुरक्षित दिखाई दे रहे थे। मेहता के मुताबिक, महिला ने 15 लाख रुपए की फिरौती मांगी है। अशोक मेहता ने बताया कि पुलिस की टीमें सक्रिय हैं। सभी थानों की फोर्स लगाई गई है और शहर के अलग-अलग इलाकों में नाकाबंदी की गई है।
लखनऊ के नाका थाना क्षेत्र के एक होटल में ठहरे युवक ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। जानकारी के मुताबिक, गुरुवार रात करीब 8:30 बजे होटल से पुलिस को सूचना मिली कि एक युवक कमरे में फांसी के फंदे पर लटका हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो युवक का शव फंदे से लटका मिला। मृतक की पहचान जितेंद्र गोयल (34) पुत्र वासुदेव प्रसाद, निवासी कागारोल (आगरा) के रूप में हुई है। वह गुरुवार सुबह करीब 9 बजे होटल में आकर ठहरा था। इसके बाद उसने कमरे में ही फांसी लगा ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना की सूचना परिजनों को दे दी गई है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है।
लखनऊ के विभूतिखंड थाना क्षेत्र में युवती से गैंगरेप, मारपीट और ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने 7 नामजद और 5-6 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। पीड़िता पल्लवी सिंह (निवासी पिपरौली, बलिया) के मुताबिक, आरोपियों ने साजिश के तहत उसे एक होटल में बुलाया और वहां बंधक बना लिया। आरोप है कि उसे नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। विरोध करने पर मारपीट की गई। पीड़िता ने बताया कि आरोपियों ने घटना का अश्लील वीडियो भी बना लिया और उसे वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने लगे। साथ ही मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। जान से मारने की धमकी देने और हत्या की साजिश रचने का भी आरोप लगाया गया है। मामले में भूपेंद्र सिंह तोमर उर्फ आदित्य उर्फ मोनू, अभिषेक श्रीवास्तव उर्फ सम्राट, काजल यादव, मोहम्मद आलम, नूर आलम, अभिषेक प्रताप सिंह और अनुराधा सिंह को नामजद किया गया है।
भोपाल में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम में टू आईसी मॉडल लागू कर दिया गया है। इसके तहत हर थाने में दो थाना प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे। जिसका मकसद तत्काल फरियाद सुन त्वरित निराकरण करना होगा। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सबसे पहले यह व्यवस्था भोपाल में लागू की गई है। भोपाल के दो थानों निशातपुरा और हबीबगंज में अतिरिक्त थाना प्रभारी (टीआई) की नियुक्ति की गई है। निशातपुरा थाने में कार्यवाहक निरीक्षक अनिल यादव और हबीबगंज थाने में नीतू कुंसारिया को अतिरिक्त टीआई के रूप में पदस्थ किया गया है। ये अधिकारी थाना प्रभारी के समान ही जिम्मेदारियां निभाएंगे और पुलिस कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने इस बात पर विशेष जोर दिया है कि शिकायतों के निपटारे में किसी तरह की देरी न हो। नई व्यवस्था के तहत अतिरिक्त टीआई सीधे तौर पर शिकायतों की मॉनिटरिंग करेंगे और लंबित मामलों को तेजी से सुलझाने की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। अधिकारियों का मानना है कि इससे थानों में कार्यभार कम होगा और आम नागरिकों को बेहतर पुलिस सेवाएं मिलेंगी। इन अतिरिक्त निरीक्षकों (टूआईसी) को माइक्रो बीट सिस्टम को मजबूत करने, सीएम हेल्पलाइन से जुड़ी शिकायतों के समाधान और रात्रि गश्त की निगरानी जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं।
मालवीय नगर इलाके में 14 अप्रैल को खड़ी कारों के शीशे तोड़कर लैपटॉप और महंगे सामान चोरी करने की दो सनसनीखेज वारदातें सामने आईं। शातिर चोरों ने सुनसान जगहों पर खड़ी कारों को निशाना बनाकर कुछ ही मिनटों में वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गए। पहली घटना: डी-ब्लॉक में खड़ी मोहित कुमार की कार का शीशा तोड़कर लैपटॉप बैग, चार्जर, 100 सिम कार्ड और अन्य जरूरी सामान चोरी कर लिया गया। दूसरी घटना: गिरधर मार्ग में पंकज अग्रवाल की Ciaz कार से दुकान के सामने ही बैग चुरा लिया गया, जिसमें HP लैपटॉप, टैबलेट, चार्जर और दस्तावेज रखे थे। दोनों घटनाएं एक ही दिन और आसपास के इलाकों में हुईं, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। जवाहर सर्किल थाना की टीम ने 100 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और संदिग्धों की पहचान कर एक आरोपी को दबोच लिया। 3 आरोपी मिलकर वारदात करते डीसीपी ईस्ट ने बताया कि मामले में पुलिस ने राजकुमार (37) को गिरफ्तार किया, जो टोंक जिले का रहने वाला है और वर्तमान में सांगानेर में रह रहा था। आरोपी से 2 चोरी के लैपटॉप, 2 चार्जर, लैपटॉप बैग और वारदात में प्रयुक्त स्कूटी (DL 11 AH 1617) को जब्त किया है। डीसीपी ईस्ट ने बताया कि जांच में सामने आया कि यह एक संगठित गैंग है। 3 आरोपी मिलकर वारदात करते थे एक साथी स्कूटी पर थोड़ी दूरी पर इंतजार करता और दो आरोपी कार के पास एक निगरानी करता, दूसरा शीशा तोड़कर सामान निकालता। फिर चोरी के बाद सामान स्कूटी वाले को देकर तुरंत फरार हो जाते। गांधीनगर, रामनगरिया और प्रतापनगर इलाकों में भी चोरी करना कबूला पूछताछ में आरोपी ने अपने दो साथियों विकास और एक अन्य के साथ मिलकर गांधीनगर, रामनगरिया और प्रतापनगर इलाकों में भी चोरी की वारदातें करना कबूल किया है।दोनों साथी फिलहाल फरार हैं।
जिस महिला पर धारदार हथियार से हमला किया गया उसे न्याय दिलाने के बजाय ब्रह्मपुरी पुलिस ने धक्के मार कर भगा दिया। गुरुवार को यह महिला अपने परिवार के साथ एसपी ऑफिस पहुंची और फूट-फूट कर रोई। महिला का आरोप है कि पुलिस उसके हमलावर ससुरालियों को बचाने का काम कर रही है। उधर महिला ने हंगामा किया और 2 घंटे बाद ही पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। दो तस्वीरें देखें… गुरुवार को ई रिक्शा में सवार होकर एक महिला एसएसपी ऑफिस पहुंची। महिला की गर्दन पर घाव था और पट्टी लगी हुई थी। पूछने पर बताया कि वह लिसाड़ी गेट के श्याम नगर की रहने वाली है। उसे पर गलत काम करने का दबाव बनाया जा रहा था। उसने जब मना किया तो पति ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गई। शादी के बाद से ही परेशान करने का आरोप घायल बेटी को लेकर एसएसपी ऑफिस पहुंची मन्नो ने बताया कि 8 साल पहले उसने अपनी बेटी की शादी रशीद नगर के दिल नवाज से की थी। शादी के बाद ही बेटी को तरह-तरह से परेशान किए जाने लगा। कई बार विवाद हुआ लेकिन हर बार उन्होंने ही बेटी को शांत कर दिया। 2 दिन पहले पति ने उस पर जानलेवा हमला किया, जिसमें वह लहूलुहान हो गई। पुलिस पर लगाया अभद्रता का आरोप पीड़िता ने बताया कि वह घायल अवस्था में ही दर-दर भटक रही है। वह अपने परिवार को लेकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए ब्रह्मपुरी थाने पहुंची थी लेकिन वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने उसे धक्के देकर भगा दिया। मजबूर होकर उसे यहां आना पड़ा है। इस दौरान पीड़िता को परिजनों ने गोद में उठाया हुआ था। हमलावर पति को किया गया गिरफ्तार दोपहर में पीड़िता ने एसएसपी ऑफिस पर ब्रह्मपुरी पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया और उसके कुछ घंटे बाद ही पुलिस ने आरोपी पति दिलनवाज पुत्र खलील को गिरफ्तार कर लिया। अभी इस मामले में कुछ और लोग फरार बताए जा रहे हैं जिनकी तलाश पुलिस कर रही है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने गुरुवार को राज्य सरकार द्वारा दाखिल 11 विशेष अपीलों को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने कहा कि सरकार अपीलें दाखिल करने में हुई देरी के लिए पर्याप्त कारण प्रस्तुत नहीं कर सकी। इस फैसले के बाद पीडब्ल्यूडी के तमाम जूनियर इंजीनियरों को बड़ी राहत मिली है। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने राम गोपाल गुप्ता व अन्य के विरुद्ध राज्य सरकार द्वारा अलग-अलग दाखिल विशेष अपीलों पर एक साथ सुनवाई करते हुए पारित किया। ये सभी अपीलें 9 सितंबर 2025 को एकल पीठ द्वारा दिए गए फैसले के खिलाफ दाखिल की गई थीं। एकल पीठ ने पीडब्ल्यूडी में 1984 से 1989 के बीच डेली वेजेज अथवा वर्क चार्ज कर्मचारी के रूप में नियुक्त जूनियर इंजीनियरों को 2006 के बजाय 2001 से विनियमित करने का आदेश दिया था। इस आदेश के परिणामस्वरूप, इन जूनियर इंजीनियरों को अन्य तमाम लाभों के साथ-साथ पुरानी पेंशन स्कीम का लाभ मिलना भी तय हो गया था। राज्य सरकार ने एकल पीठ के इस आदेश को विशेष अपीलें दाखिल कर चुनौती दी थी। अपीलों पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने पाया कि सभी अपीलें समय सीमा समाप्त होने के बाद दाखिल की गई थीं, जिनमें 93 दिन से लेकर 195 दिन तक की देरी थी। राज्य सरकार की ओर से अपीलों के दाखिल में देरी के लिए फाइलों के मूवमेंट, विभागीय प्रक्रिया, छुट्टियों और विधानमंडल सत्र जैसे कारण बताए गए। हालांकि, खंडपीठ ने इन कारणों को पर्याप्त नहीं माना। न्यायालय ने टिप्पणी की कि सरकार के पास सुव्यवस्थित तंत्र और संसाधन होते हैं, ऐसे में सिर्फ प्रशासनिक प्रक्रियाओं का हवाला देकर देरी को उचित नहीं ठहराया जा सकता। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि देरी माफी के आवेदन पर विचार करते समय मुख्य प्रश्न यह होता है कि देरी के लिए उचित कारण है या नहीं, और सरकारी विभागों की सुस्ती को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता।
मथुरा स्थित एसएसपी कार्यालय पर गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक परिवार द्वारा आत्मदाह करने की चेतावनी दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस विभाग सक्रिय हो गया और तत्काल भारी पुलिस बल के साथ फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर तैनात कर दी गईं। बरसाना थाना क्षेत्र के पिसावा गांव निवासी रमेश अपने परिवार के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि 18 अप्रैल को ग्राम समाज की जमीन पर काम करते समय गांव के कन्हैया, रघुवर और गिरधारी सहित लगभग 11 लोगों ने उनकी बेटियों सुधा और भानवती पर लोहे की सरियों से हमला कर दिया था। इस हमले में दोनों बेटियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस ने इस मामले में मुकदमा तो दर्ज कर लिया है, लेकिन 11 आरोपियों में से केवल दो को ही गिरफ्तार किया गया है। शेष आरोपी अभी भी खुले घूम रहे हैं। इसी बात से आक्रोशित होकर रमेश अपने परिवार के साथ कथित तौर पर ज्वलनशील पदार्थ लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंचे और आत्मदाह की चेतावनी दी। आत्मदाह की चेतावनी मिलने के बाद पुलिस प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए परिवार को समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने रमेश और उनके परिवार की तलाशी ली, लेकिन उनके पास से कोई भी ज्वलनशील पदार्थ बरामद नहीं हुआ। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। पीड़ित परिवार की शिकायत पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इस घटना के बाद एसएसपी कार्यालय के बाहर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल रहा। हालांकि, पुलिस की सतर्कता और तत्परता के कारण स्थिति को जल्द ही नियंत्रण में कर लिया गया।
सोनभद्र में भाजपा का आंतरिक विवाद अब सोशल मीडिया से निकलकर जमीनी स्तर पर खुलकर सामने आ गया है। जिलाध्यक्ष की कार्यशैली को लेकर पार्टी के भीतर विरोध के स्वर लगातार तेज हो रहे हैं, जिससे संगठन में गहरी दरारें दिखाई देने लगी हैं। बताया जा रहा है कि नई जिला कमेटी के गठन के बाद असंतोष और बढ़ गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने खुलकर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया है कि संगठन के सिद्धांतों और रीति-नीति की अनदेखी कर मनमाने ढंग से पदों का बंटवारा किया गया है।इसी मुद्दे को लेकर गुरुवार को रॉबर्ट्सगंज स्थित बरैला महादेव मंदिर प्रांगण में गौरी शंकर मंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में भाजपा किसान मोर्चा के महामंत्री नार सिंह पटेल और पिछड़ा मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह पटेल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। बैठक के दौरान वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा, संगठन में पक्षपात और मनमानी को लेकर जमकर नाराजगी जताई गई। भाजपा किसान मोर्चा के महामंत्री नार सिंह पटेल ने कहा कि जिलाध्यक्ष की कार्यशैली पार्टी की मूल भावना के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि नियमों और सिद्धांतों को दरकिनार कर पदों का वितरण किया जा रहा है, जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल गिर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों को एक साथ कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देना गलत है और इससे समर्पित कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय हो रहा है। साथ ही आरोप लगाया कि बाहर से आए लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि लंबे समय से जुड़े कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है। नार सिंह पटेल ने चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो इसका असर आगामी विधानसभा चुनाव में देखने को मिल सकता है और संगठन को नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं, पिछड़ा मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह पटेल ने भी जिलाध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि “कार्यकर्ता पार्टी की रीढ़ होता है, लेकिन वही आज सबसे ज्यादा उपेक्षित महसूस कर रहा है।” इस पूरे घटनाक्रम के बाद जिले की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और आने वाले दिनों में पार्टी के भीतर इस विवाद के और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट सीलिंग प्रकरण के बाद आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जहां मार्केट के सेक्टर 2 में विरोध प्रदर्शन जारी है तो सीलिंग कार्रवाई को लेकर भी में अब नए-नए खुलासे और आरोप सामने आ रहे हैं। बीते दिन उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ सलाहकार अवनीश अवस्थी के मेरठ दौरे के दौरान व्यापारियों और अधिकारियों के बीच हुई बैठक में कई गंभीर मुद्दे उठाए गए। बैठक में व्यापारियों ने आवास एवं विकास परिषद के अधिकारियों पर सीधे तौर पर पक्षपात और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। सबसे बड़ा सवाल यह रहा कि आखिर 56 भवनों की सूची में से 12 नाम कैसे हट गए और केवल 44 पर ही सीलिंग कार्रवाई क्यों हुई? लिस्ट लीक होने का दावाव्यापारियों का दावा है कि जो सूची सुप्रीम कोर्ट में पेश होनी थी, वह पहले ही 3 तारीख को कुछ लोगों तक पहुंच गई। इस पर सवाल उठाते हुए व्यापारियों ने कहा कि अगर कोई गड़बड़ी नहीं थी, तो लिस्ट पहले कैसे बाहर आई? इस पूरे मामले में यह भी आरोप लगाया गया कि आवास विकास के अधिकारियों ने कोर्ट और सरकार दोनों को गुमराह किया।कैलाश डेरी को लेकर विवादसूची से बाहर किए गए 12 भवनों में कैलाश डेरी का नाम प्रमुख रूप से चर्चा में है। मार्कैट के व्यापारियों का कहना है कि वहां व्यावसायिक गतिविधियां जारी थी इसके बाद भी सीलिंग लिस्ट से उनका नाम कट गया । इसी प्रकार IDBI बैंक की बिल्डिंग को सील कर दिया गया लेकिन पास ही स्थित SBI की बिल्डिंग को छोड़ दिया गया। इसे लेकर भी अधिकारियों पर दोहरी नीति अपनाने के आरोप लगे। 14 लाख के चंदे पर भी विवादइस पूरे आंदोलन के बीच एक और विवाद सामने आया है। बताया जा रहा है कि सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों से करीब 14 लाख रुपये का चंदा जुटाया गया अब इस रकम का कोई स्पष्ट हिसाब नहीं दिया जा रहा है। पूरे प्रकरण को लेकर व्यापारियों द्वारा बनाए गए एक व्हाट्सएप ग्रुप्स में व्यापारी इस पर नाराजगी जता रहे हैं और कुछ “सफेदपोश” लोगों के नाम सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। सेंट्रल मार्केट सीलिंग प्रकरण अब सिर्फ अतिक्रमण या नियमों का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह पारदर्शिता, प्रशासनिक निष्पक्षता और जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। फिलहाल व्यापारियों को राहत के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिला है। अब जानिए सेट बैक की शर्तें सेंट्रल मार्किट में पिछले काफी समय से सेट बैक को लेकर भ्रम की स्थिति है। यह साबित करने का प्रयास हो रहा है कि 60 मीटर तक के आवास के लिए सेट बैक जरूरी नहीं है। जबकि विभागीय सूत्रों की मानें तो नियम सब के लिए बराबर हैं। सेट बैक नहीं छोड़ा तो छोटे आवासों पर भी कार्रवाई होना तय है। सेट बैक का गणित भी समझें फ्रंट सेटबैक (F): घर के सामने, सड़क और भवन के बीच की दूरी (सामने की तरफ)।रियर सेटबैक (R): घर के पीछे, प्लॉट की पिछली सीमा और भवन के बीच की दूरी।साइड सेटबैक (S1): घर के दाएं और बाएं किनारों पर, पड़ोसी प्लॉट की सीमा और भवन के बीच की दूरी।स्ट्रीट सेटबैक (S2): कॉर्नर प्लॉट के मामले में, मुख्य सड़क के अतिरिक्त दूसरी सड़क की ओर की जगह। सेंट्रल मार्किट के आवास पर सेटबैक - रेजीडेंशियल 150 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 1 मीटर, रियर सेटबैक शून्य, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य।- रेजीडेंशियल 151 वर्ग मीटर से 300 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 3 मीटर, रियर सेटबैक 1.5 मीटर, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य। - रेजीडेंशियल 300 वर्ग मीटर से 500 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 3 मीटर, रियर सेटबैक 3 मीटर, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य। कमर्शियल के लिए सेटबैक - कमर्शियल 100 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 1.5 मीटर, रियर सेटबैक शून्य, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य। - कमर्शियल 101 वर्ग मीटर से 300 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 3 मीटर, रियर सेटबैक शून्य, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य।- कमर्शियल 301 वर्ग मीटर से 1000 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 4.5 मीटर, रियर सेटबैक 3 मीटर, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य। नोटिस के बाद मिलेगा 15 दिन का समय उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह बताते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने इन संपत्तियों को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं। नोटिस तैयार हो रहे हैं, जिनका जल्द वितरण शुरु हो जाएगा। इसके बाद केवल 15 दिन का समय संपत्ति स्वामी को मिलेगा। 16वें दिन से आवास एवं विकास परिषद कार्रवाई करेगा।
अवध बार ने 400 नए अधिवक्ताओं को दी ट्रेनिंग:गरिमा व अनुशासन बनाए रखने की सीख भी मिली
अवध बार एसोसिएशन ने गुरुवार को 400 नए सदस्य अधिवक्ताओं को ट्रेनिंग दी। यह जानकारी अवध बार के महासचिव ललित तिवारी ने प्रदान की है। ट्रेनिंग कार्यक्रम में लखनऊ खंडपीठ के वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला ने भी शिरकत की। न्यायमूर्ति राजन रॉय ने नए अधिवक्ताओं को उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और गरिमा व अनुशासन बनाए रखने की सीख दी। अवध बार की सदस्यता के लिए आवेदन किया महासचिव ललित तिवारी ने बताया कि यूपी बार काउंसिल में पंजीकृत वकीलों ने बड़ी संख्या में अवध बार की सदस्यता के लिए आवेदन किया है। इस बार इन अधिवक्ताओं को अवध बार का सदस्य बनाने से पहले प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया गया है। तिवारी ने आगे बताया कि 'अपने बार को जानिये, अपनी बेंच को जानिये' नामक इस कार्यक्रम में नए बार सदस्यों को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण में नए अधिवक्ताओं को कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ताओं के साथ व्यवहार के तौर-तरीके और अन्य महत्वपूर्ण बातें बताई जाएंगी। अगली कार्यशाला 27 अप्रैल को आयोजित होगी, जबकि तीसरी और अंतिम कार्यशाला 29 अप्रैल को आयोजित की जाएगी।
इंदौर के तिरुपति गार्डन के पास गुरुवार रात दो बच्चे लापता हो गए। दोनों यहां खेल रहे थे। परिजनों ने एक महिला पर ले जाने को लेकर शंका जाहिर की है। इधर, सूचना के बाद अफसर मौके पर पहुंचे हैं। बच्चों की तलाश की जा रही है। सूत्रो के मुताबिक 20 लाख की फिरौती मांगने का वॉटसएप कॉल परिवार के पास आया है। हालांकि पुलिस इसकी पुष्टि नहीं कर रही है। पुलिस उक्त नंबर की जानकारी निकाल रही है। मोबाइल नंबर फिलहाल बंद है। आसपास के ओर सीसीटीवी फुटेज के साथ मोबाइल डाटा की पुलिस जांच कर रही है। पलासिया पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक लापता बच्चे नैतिक ओर सम्राट हैं। दोनों इलाके में रहते हैं। बताया जाता है कि गुरुवार रात करीब 8 बजे दोनों यहां गार्डन के पास खेल रहे थे। इस दौरान वह लापता हो गए। आसपास के लोगों ने यह शंका फैलाई की कोई महिला उन्हें साथ लेकर गई है। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना के बाद टीआई सुरेन्द्र रघुवंशी और अन्य पुलिसकर्मी बच्चों की तलाश मे लगे हैं। नैतिक के पिता जूस का ठेला लगाते हैं। जबकि सम्राट के पिता ढोलक बजाते हैं। देखिए बच्चों को ले जाते हुए दिखी महिला…
यूपी बोर्ड के रिजल्ट में जनपद संभल का 83.54 प्रतिशत रिजल्ट रहा है। उत्तर प्रदेश में हमारा जनपद संभल 29 वें स्थान पर रहा है। यूपी की माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी की चंदौसी विधानसभा क्षेत्र के जगदीश सरन सर्राफ एसएसएमआईसी चंदौसी की अपूर्वा ने 92.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिला टॉप किया है। संजीव एवं ख़ुशी वार्ष्णेय ने 92.60 ने दूसरे और सागर गुप्ता ने 91.40 प्रतिशत अंक के साथ जनपद में तीसरे नंबर पर टॉप किया है। इंटरमीडिएट की टॉपर अपूर्वा पुत्री डॉ. श्रीनिवासन यादव ने कहा कि आप मेहनत करिए और आगे बढ़िए, आप सफल ज़रूर होंगे, बस लगातार मेहनत करते रहिए। मैं स्कूल पे डिपेंड थी, मेरे पापा ने मुझे गाइड किया और उन्होंने मुझे सबसे ज़्यादा सपोर्ट किया है। स्कूल का मेरे ऊपर बहुत ज़्यादा समय दिया, उन्होंने मुझे कुछ एक्स्ट्रा क्लास भी चलवाईं और उन्होंने समझाया कि कैसे-कैसे पढ़ाई करनी है। अपूर्वा ने कहा कि मैं प्रोफेसर बनना चाहती हूँ। सैकेंड टॉपर खुशी वार्ष्णेय ने कहा कि मैं स्पेशल में मास्टरमाइंड क्वेश्चन आंसर पढ़ा था, मैं अपनी इस कामयाबी का श्रेय अपने स्कूल को देना चाहूंगी। सेकंड टॉपर संजीव ने कहा कि मेरे पिता किसान है और उनके साथ खेती वाले का काम करता हूं स्कूल जाने के अलावा 6-7 घंटे ओर पढ़ता था। इंटरमीडिएट की थर्ड टॉपर संभल नगर पालिका परिषद के वार्ड संख्या 18 ठेर निवासी सागर गुप्ता पुत्र संजय गुप्ता ने बताया कि उनके पिता घर में ही छोटी सी जनरल दुकान चलाते हैं। मैंने इस वर्ष उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की कक्षा 12 की परीक्षाएँ दी थीं। आशा तो ज़्यादा लाने की थी, लेकिन यह भी बुरे नहीं हैं। मेरे हाईस्कूल में 94 प्रतिशत अंक आए थे, जिसमें मैंने अपने जनपद में तृतीय स्थान प्राप्त करा था। आज का भारत आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर हो रहा है, उसके लिए मुझे ऐसा लगता है कि एंटरप्रेन्योर्स की ओर ज़्यादा ज़रूरत है। फाइनेंस के एरिया में मेरे पास कॉमर्स थी, मुझे बहुत इंटरेस्ट है और मुझे लगता है फाइनेंस में इंडिया में बहुत ज़्यादा संभावनाएँ हैं, तो भविष्य में इसी क्षेत्र में संभावनाएँ दिखती हैं। सागर ने कहा कि जब एक विद्यार्थी कुछ अच्छी सफलता प्राप्त करता है, और विशेषकर परीक्षाओं में, तो उसमें मुझे लगता है कि उससे ज़्यादा उसके गुरुजनों का आशीर्वाद और माता-पिता का आशीर्वाद होता है। तो मुझे लगता है इसमें मैंने जितनी मेहनत करी है पूरे वर्ष, उससे कहीं ज़्यादा मेहनत मेरे लिए मेरे गुरुजनों ने करी है। मेरे माता-पिता के आशीर्वाद के द्वारा ही मैंने यह मुकाम हासिल करा है।
सीतापुर के हरगांव थाना क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां यूपी बोर्ड हाईस्कूल का रिजल्ट घोषित होने के दो छात्राओं ने यूपी टॉप कर जिले का नाम रोशन किया तो वही एक छात्र ने असफल होने पर आत्महत्या का प्रयास कर लिया। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और आनन-फानन में छात्र को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जानकारी के अनुसार थाना इलाके के रहने वाले 18 वर्षीय छात्र विकास, जो ढुलई कला इंटर कॉलेज का छात्र था, पिछले वर्ष फेल होने पर इस वर्ष भी यूपी बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा में शामिल हुआ था। गुरुवार को रिजल्ट घोषित होने पर वह परीक्षा में असफल हो गया। परिणाम से आहत होकर देर शाम छात्र ने घर में ही जहरीला पदार्थ खा लिया। कुछ ही देर में उसकी हालत बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजनों को घटना की जानकारी हुई। परिजन तुरंत उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। फिलहाल छात्र की हालत गंभीर बताई जा रही है और चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। छात्र की दादी जयंत्री ने बताया कि विकास पिछले वर्ष भी हाईस्कूल की परीक्षा में असफल हो गया था, जिससे वह पहले से ही मानसिक दबाव में था। इस बार भी फेल होने के बाद उसने यह खतरनाक कदम उठा लिया। घटना ने एक बार फिर परीक्षा परिणाम के बाद छात्रों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव और तनाव को उजागर कर दिया है।
जिला बार एसोसिएशन की नई प्रबंधन समिति के चुनाव के लिए गुरुवार को सुबह 9 बजे से मतदान शुरू हुआ, जो शाम 5 बजे तक शांतिपूर्ण तरीके से चला। अब सभी की नजरें शुक्रवार को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। इस बार 21 पदों के लिए कुल 31 उम्मीदवार मैदान में हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी मोहम्मद शोएब अहमद के अनुसार अध्यक्ष पद पर रवींद्र कुमार सिंह और राजीव नागर के बीच सीधा मुकाबला है। महामंत्री पद के लिए देवेंद्र शर्मा और प्रशांत गुप्ता आमने-सामने हैं, जबकि वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर संजय त्यागी प्रत्याशी हैं। कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए तनुज शर्मा, योगेंद्र शर्मा, संजय कुमार और अमरीश कुमार चुनाव लड़ रहे हैं। कोषाध्यक्ष पद पर सरलेश भारद्वाज और रेखा के बीच मुकाबला है। संयुक्त मंत्री प्रशासन के लिए इंद्रपाल सिंह और चक्रेश बघेला, प्रकाशन पद पर प्रदीप कुमार और विनय कुमार तथा पुस्तकालय पद पर केवल सदाकत अली ने नामांकन किया है। चुनाव के दौरान अधिवक्ताओं ने अपनी प्राथमिकताओं को भी सामने रखा। अधिवक्ता मिंटी ने हाईकोर्ट बेंच की स्थापना, चैंबर की व्यवस्था, बेहतर वाशरूम और महिला अधिवक्ताओं की सुरक्षा को प्रमुख मुद्दा बताया। अधिवक्ता अर्शी ने कहा कि सबसे बड़ा मुद्दा बिना चैंबर वाले वकीलों को चैंबर दिलाना है । वहीं पूर्व महामंत्री पंडित आनंद कश्यप ने अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू करने, नए वकीलों के लिए चैंबर और लाइब्रेरी सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत बताई। इस बार चुनाव में महिलाओं की भागीदारी भी चर्चा में रही। कई महिला प्रत्याशी मैदान में हैं, वहीं आरक्षण को लेकर भी बहस छिड़ी हुई है।
पन्ना जिले के धरमपुर रेंज में वन विभाग की टीम पर हमला कर पत्थर माफियाओं द्वारा ट्रैक्टर-ट्रॉली लूट लिया। इस मामले में कांग्रेस नेता और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी भरत मिलन पाण्डेय पर आरोपियों को संरक्षण देने और वनकर्मियों को सरेआम धमकाने के गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस ने वन विभाग की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। वनपाल के साथ झूमाझटकी कर छीनी चाबी गुरुवार सुबह धरमपुर रेंज की टीम ने पिस्टा बीट में अवैध पत्थर ले जा रहे एक ट्रैक्टर को घेराबंदी कर पकड़ा था। कार्रवाई के दौरान आरोपी लखन लाल पाण्डेय और उनके बेटे सोलू पाण्डेय ने वनपाल महीप कुमार रावत की वर्दी पकड़कर झूमाझटकी की। आरोपियों ने वनपाल की जेब से जबरन मोबाइल और ट्रैक्टर की चाबी छीन ली और जान से मारने की धमकी दी। कांग्रेस नेता पर आरोपियों को भगाने का आरोप वनपाल महीप कुमार रावत ने बताया कि घटना के दौरान पूर्व विधानसभा प्रत्याशी भरत मिलन पाण्डेय अपनी गाड़ी से मौके पर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने वन अमले को धमकाते हुए कहा कि वे बीट गार्ड और डिप्टी को बाद में देख लेंगे। नेता के कथित हस्तक्षेप के बाद आरोपी पत्थरों से भरा ट्रैक्टर लेकर मौके से फरार होने में सफल रहे। देर रात अजयगढ़ थाने में शिकायत वन विभाग ने इस मामले में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 44421/25 दर्ज कर लिया है। देर रात शासकीय कार्य में बाधा डालने, मारपीट और लूटपाट की लिखित शिकायत अजयगढ़ थाना पुलिस को सौंपी गई है। फिलहाल इस मामले में थाना प्रभारी से संपर्क नहीं हो सका है, लेकिन वन अमले ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
संतकबीरनगर में यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा के परिणाम घोषित होते ही छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया। टॉप-10 सूची में 12 विद्यार्थियों ने जगह बनाकर जिले का नाम रोशन किया।संतकबीरनगर में इंटरमीडिएट परीक्षा में इस वर्ष मेधावी छात्रों का दबदबा देखने को मिला। श्री हरिवंश इंटर कॉलेज, कोदवट (चोलखरी) की छात्रा पूनम यादव ने 500 में से 472 अंक (94.40%) प्राप्त कर जिले में पहला स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि से विद्यालय और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। दूसरे स्थान पर पं. शिव गोपाल उपाध्याय इंटर कॉलेज, भिटिनी नाथनगर के छात्र प्रवीण सिंह रहे, जिन्होंने 460 अंक (92%) प्राप्त किए। तीसरे स्थान पर स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज, गागरगाड़ (धनघटा) की छात्रा आर्या त्रिपाठी ने 454 अंक (90.80%) हासिल किए। चौथे स्थान पर श्रीराम नरेश चौधरी कृषक विद्यामंदिर इंटर कॉलेज, रमवापुर सरकारी (सांथा) की छात्रा निशा ने 452 अंक प्राप्त किए। पांचवें स्थान पर एकबीआएल इंटर कॉलेज, गिठिनी की आरुषी चौधरी 451 अंकों के साथ रहीं। छठे स्थान पर एसएसडीजीआईसी धनघटा की छात्रा आंचल ने 448 अंक प्राप्त किए, जबकि सातवें स्थान पर स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज, गागरगाड़ के शिवम ने 447 अंक हासिल किए। आठवें स्थान पर संतकबीर आचार्य रामबिलास इंटर कॉलेज, मगहर के अभय गुप्ता ने 446 अंक प्राप्त किए। नौवें स्थान पर एमएन पब्लिक स्कूल, सोनौरागौसी की आमिना खातून, राम नरेश बुधिसागर पब्लिक कॉन्वेंट इंटर कॉलेज, उदहा के शुभम गुप्ता और मुन्नी देवी राम बेलास इंटर कॉलेज, संठी के हर्षित 445 अंकों के साथ संयुक्त रूप से रहे। दसवें स्थान पर रामेश्वर प्रसाद मौर्य स्मारक इंटर कॉलेज, ठकुराडाड़ी की तृप्ति ने 443 अंक (88.60%) प्राप्त किए। परिणाम घोषित होने के बाद विद्यालयों में जश्न का माहौल रहा। शिक्षकों ने इस सफलता का श्रेय छात्रों की मेहनत, अनुशासन और नियमित अध्ययन को दिया, वहीं अभिभावकों ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
यूपी एटीएस ने गुरुवार को नोएडा से 2 संदिग्ध आतंकियों को पकड़ा है। आरोपी पाकिस्तानी गैंगस्टर्स के जरिए ISI के संपर्क में थे और सोशल मीडिया के माध्यम से देश में स्लीपर सेल तैयार कर रहे थे। एटीएस के अनुसार, दोनों यूपी के एक्स मुस्लिमों को हैंड ग्रेनेड से मारने की प्लानिंग कर रहे थे। टारगेट किलिंग के लिए उन्हें 3 लाख रुपए की लालच दी गई थी। पूछताछ में एक ने अपना तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्लाह अली खान और दूसरे ने समीर खान बताया है। तुषार मेरठ और समीर खान दिल्ली का रहने वाला है। दोनों पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी, आबिद जट के संपर्क में थे। कट्टरपंथी पाकिस्तानी यूट्यूबर्स द्वारा सोशल मीडिया के जरिए भारतीय नौजवानों को निशाना बनाते थे। पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद से सीधे बात करता था तुषारपूछताछ में तुषार उर्फ हिजबुल्ला ने एटीएस को बताया कि वह सोशल मीडिया और कुछ लोगों के बहकावे में आ गया था। धीरे-धीरे उसका झुकाव इस्लाम धर्म की ओर बढ़ा और वह धार्मिक परंपराओं का पालन करने लगा। इसी दौरान इंस्टाग्राम के जरिए उसकी पहचान पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट से हुई। बाद में इनसे उसकी वॉइस, वीडियो और पुश-टू-टॉक कॉल पर भी बातचीत होने लगी। शहजाद भट्टी से नजदीकी बढ़ाने के लिए उसने उसके नाम से इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया, जो ब्लॉक होने के बाद दूसरी आईडी बनाकर फिर संपर्क किया। इसी माध्यम से उसने शहजाद का मोबाइल नंबर लिया और सीधे बात करने लगा। 50 हजार नकद और ढाई लाख बाद में देने का लालचतुषार ने बताया कि शहजाद भट्टी ने उसे कुछ लोगों के घर पर ग्रेनेड फेंकने और उन्हें जान से मारने का टास्क दिया था। इसके लिए आधुनिक हथियार उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिया गया था। काम शुरू करने से पहले 50 हजार रुपए और काम पूरा होने के बाद ढाई लाख रुपए देने का लालच दिया गया। साथ ही यह भी कहा गया कि पासपोर्ट बनवाकर उसे दुबई के रास्ते पाकिस्तान बुलाया जाएगा। तुषार के मुताबिक, आईएसआई के एजेंटों के नाम लेकर भी उसे टारगेट दिए जाने की बात कही गई थी। उसके पास से बरामद पिस्टल और कुछ पैसे भी इसी नेटवर्क से पहुंचाए गए थे। समीर को दीवारों पर TTH लिखने का काम सौंपापूछताछ में यह भी सामने आया कि समीर खान भी सोशल मीडिया के जरिए शहजाद भट्टी से जुड़ा था। उसकी बातचीत एन्क्रिप्टेड चैनल पर होती थी। शहजाद ने समीर को दीवारों पर TTH (तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान) लिखने और अपने साथ अन्य लोगों को जोड़ने का काम सौंपा था। समीर और तुषार इंस्टाग्राम के जरिए एक-दूसरे से जुड़े और बाद में दोनों ने मिलकर पाकिस्तानी गैंगस्टर्स द्वारा दिए गए टारगेट की रेकी शुरू कर दी। दोनों किसी भी घटना को अंजाम देने के लिए तैयार थे। एटीएस के मुताबिक, दोनों ने कुछ लोगों को जान से मारने की धमकियां भी दी थीं। कई बार इन धमकियों के दौरान कॉन्फ्रेंस कॉल में पाकिस्तानी हैंडलर्स भी शामिल रहते थे। मोबाइल फोन से मिले डिजिटल साक्ष्यों और शुरुआती पूछताछ के आधार पर यह पुष्टि हुई कि दोनों आरोपी देश विरोधी गतिविधियों में शामिल थे और पाकिस्तान से संचालित नेटवर्क के जरिए भारत में हमला करने की तैयारी कर रहे थे। इसी आधार पर एटीएस थाना लखनऊ में बीएनएस, आर्म्स एक्ट और यूएपीए की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दोनों को कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ------------- यह खबर भी पढ़िए:- कानपुर में रिटायर्ड लेक्चरर की पत्नी का मर्डर:घर में अकेली थीं, पति दवा लेने गए थे; गमछा ओढ़े बदमाश घर में घुसा कानपुर में गुरुवार दोपहर घर में घुसकर रिटायर्ड लेक्चरर की पत्नी की हत्या कर दी गई। बदमाश ने माला से गला कसा, फिर गर्दन काट दी। इसके बाद घर से कैश और जेवर लूट ले गए। लेक्चरर करीब 1 घंटे के लिए दवा लेने घर से बाहर गए थे। घर लौटकर आए तो पत्नी का खून से सना शव जमीन पर पड़ा था। पूरे घर का सामान बिखरा पड़ा था। पढ़ें पूरी खबर…
विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस के अवसर पर शासकीय मौलाना आजाद सेंट्रल लाइब्रेरी में 250 नई साहित्यिक पुस्तकों का लोकार्पण किया गया। इस मौके पर कलेक्टर और जिला पंचायत CEO ने पुस्तकालय का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और स्वयं सदस्यता लेकर आम नागरिकों से भी पुस्तकालय से जुड़ने की अपील की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने लाइब्रेरी में स्थापित RFID तकनीक, सेल्फ इश्यू-रिटर्न कियोस्क और OPAC सिस्टम का अवलोकन किया। उन्होंने व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने पर जोर देते हुए तकनीकी उन्नयन की दिशा में काम तेज करने के निर्देश दिए। ट्रेनिंग सेंटर और संरक्षण पर जोर कलेक्टर ने पुस्तकालय में पुरानी पांडुलिपियों और गजेटियर के संरक्षण के लिए विशेष ट्रेनिंग सेंटर विकसित करने को कहा। साथ ही चयनित सदस्यों के सहयोग से लाइब्रेरी के विकास को गति देने की बात कही। उन्होंने लाइब्रेरी को राजा राममोहन राय लाइब्रेरी फाउंडेशन की योजनाओं से जोड़ने और INFLIBNET, शोधगंगा व गंगोत्री जैसे रिसर्च प्लेटफॉर्म पर पंजीयन कराने के निर्देश दिए, ताकि छात्रों और शोधार्थियों को बेहतर डेटा उपलब्ध हो सके। 117 साल पुरानी धरोहर, 1 लाख से अधिक किताबें वर्ष 1908 में स्थापित यह लाइब्रेरी प्रदेश की सबसे पुरानी ज्ञान-संस्थाओं में शामिल है, जहां एक लाख से अधिक दुर्लभ पुस्तकें और पांडुलिपियां संरक्षित हैं। डिजिटल मध्यप्रदेश की दिशा में यह प्रदेश की पहली RFID-युक्त शासकीय लाइब्रेरी बन चुकी है, जहां दुर्लभ ग्रंथों का डिजिटलीकरण तेजी से जारी है। लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए स्टडी सर्किल और नि:शुल्क वाई-फाई जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे यह युवाओं के लिए करियर हब के रूप में विकसित हो रही है।
आगरा में इस वर्ष यूपी बोर्ड परीक्षा का परिणाम उत्साहजनक रहा है। हाईस्कूल (कक्षा 10) का परिणाम 93 प्रतिशत और इंटरमीडिएट का परिणाम 83 प्रतिशत दर्ज किया गया। टॉप-3 छात्रों के अलावा अन्य विद्यार्थियों ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है। परिणाम घोषित होते ही शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में खुशी की लहर देखने को मिली। कई स्कूलों में शिक्षकों ने छात्रों को मिठाई खिलाकर उनकी सफलता का जश्न मनाया। साथ ही अधिकांश विद्यालयों ने अपने-अपने टॉपर्स और परिणाम की सूची भी जारी कर दी है। हाइस्कूल में झम्मन पब्लिक स्कूल के टॉपर्स हाईस्कूल में एमडीजैन स्कूल के टॉपर्स की लिस्ट आगरा के महावीर मार्ग स्थित एम.डी. जैन इंटर कॉलेज ने वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम दर्ज किया है। हाईस्कूल में 99.80% और इंटरमीडिएट में 95.29% छात्र सफल रहे। हाईस्कूल में कृष्णा सैंगर ने 91% अंक के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया। जबकि इंटरमीडिएट में अंश रावत 87.80% के साथ टॉपर रहे। विज्ञान वर्ग का परिणाम 96.11%, कला वर्ग का 100% और वाणिज्य वर्ग का 93.77% रहा। विद्यालय प्रबंधन और प्रधानाचार्य ने सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए इस सफलता का श्रेय शिक्षकों की मेहनत और अभिभावकों के सहयोग को दिया। इंटरमीडिएट में अवन्तिबाई पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने मारी बाजी इंटरमीडिएट में झम्मन पब्लिक स्कूल के टॉपर्स
गर्मी की छुट्टियों के दौरान ट्रेनों में बढ़ते यात्री भार को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों को राहत दी है। यात्रियों की सुविधा के लिए जोधपुर मंडल से चलने व गुजरने वाली 16 जोड़ी रेलसेवाओं में कुल 38 डिब्बों की अस्थायी बढ़ोतरी की जाएगी। उत्तर-पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया- यह बढ़ोतरी मई महीने में विभिन्न ट्रेनों में चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। इन ट्रेनों में बढ़ाए जाएंगे डिब्बे यात्रियों को मिलेगा लाभ इस व्यवस्था से वेटिंग सूची में कमी आने के साथ यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने में सुविधा होगी। विशेष रूप से राजस्थान से मुंबई, दिल्ली, वाराणसी, इंदौर तथा दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा।
यूपी बोर्ड की ओर से गुरुवार को जारी किए गए 10वीं और 12वीं के परिणाम में प्रदेश स्तर पर 10वीं में जिले का चौथा व 12वीं में 16वां स्थान है। बीते सालों की अपेक्षा परीक्षा के परिणाम 2026 में कानपुर जिले ने बेहतर प्रदर्शन किया है। बीते सालों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करते हुए इस बार 10वीं में 95.20 और 12वीं में 86.14 प्रतिशत छात्र पास हुए हैं। बीते सालों से अच्छा रहा प्रदर्शन इस साल की परीक्षा में 10वीं में 46432 छात्र छात्राएं पंजीकृत थे, जिसमें 44074 ने परीक्षा दी और 41959 पास हुए हैं। वहीं, 12वीं में 46,052 पंजीकृत छात्र छात्राओं में से 44,714 परीक्षार्थी शामिल हुए और 38,516 पास हुए हैं। 2021 में 95 फीसदी के बाद यह दूसरा सबसे अच्छा प्रदर्शन माना जा रहा है। वहीं इंटरमीडिएट में भी सुधार हुआ है। मेरिट में लड़कों ने मारी बाजी 10वीं की सिटी टापर भले ही लड़की हो लेकिन यूपी बोर्ड की ओर से जारी जिले की मेरिट लिस्ट में इस बार लड़कों ने बाजी मारी है। जिले में 10वीं की टॉप 10 लिस्ट में 24 छात्र छात्राओं ने स्थान बनाया है, जिसमें 14 छात्र व 10 छात्राएं हैं। वहीं 12वीं की टॉप 10 की सूची में शामिल 10 विद्यार्थियों में 03 छात्राएं व सात छात्र हैं। बीते सालों में 10वीं का रिजल्ट बीते सालों में 12वीं का रिजल्ट
यूपी बोर्ड की ओर से जारी रिजल्ट में गोरखपुर के APJ अब्दुल कलाम मेमोरियल एकेडमी की बिदिशा मौर्या ने 95 प्रतिशत के साथ जिले में दूसरा स्थान हासिल किया है। इतना ही नहीं मैथेमेटिक्स में उन्होंने 99 नंबर प्राप्त किया है। उन्होंने मात्र दो से तीन घंटे की सेल्फस्टडी में यह मुकाम हासिल किया है। रिजल्ट आने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है।विदिशा बेहद ही सामान्य परिवार से आती हैं। उनके पिता पेंटर का काम करते हैं। मां हाऊस वाइफ हैं। बातचीत में उन्होंने बताया कि यह सफर आसान नहीं था। घर में व्यवस्थाएं बहुत कम है। रात में बिजली कट जाने की वजह से दिन में ही ज्यादा पढ़ाई करती थी। बिदिशा ने अपने सफलता का श्रेय माता- पिता और टीचर्स को दी है। उनका कहना है कि ये अभी शुरुआत है आगे बहुत कुछ करना है। जानिए बिदिशा के सफलता की कहानी…गोरखपुर के रायगंज कोइरीटोला की रहने वाली 15 साल की विदिशा मौर्या ने यूपी बोर्ड के रिजल्ट में क्लास 10th में जिले भर में दूसरा स्थान हासिल किया है। वह APJ अब्दुल कलाम मेमोरियल एकेडमी की छात्रा हैं। पिता चंद्रशेखर मौर्या हैदराबाद में पेंटर का काम करते हैं। मां बबिता मौर्या हॉउस वाइफ हैं। बिदिशा का यह सफर इतना भी आसान नहीं था। पढ़ाई करने के लिए घर में संसाधन और गांव में माहौल दोनों की कमी थी। लेकिन बिदिशा ने परेशानियों पर नहीं बल्कि अपने लक्ष्य पर ध्यान दिया। सिर्फ 2 से 3 घंटे की सेल्फ स्टडी में हासिल की मुकाम दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने बताया कि रात में बार- बार बिजली कट जाने की वजह से पढ़ाई करने में बहुत दिक्कत होती थी। इसलिए ज्यादातर पढ़ाई दिन में ही कर लेती थी। मैंने घंटा देखकर पढ़ाई नहीं की है। सिर्फ दो से तीन घंटे सेल्फस्टडी को देती थी। उतने देर मन लगाकर पढ़ाई करती थी। जो टॉपिक शुरू करती उसे अच्छे से समझ कर ही छोड़ती थी। साथ ही स्कूल में हमेशा टीचर्स के बताए गए हर एक बात पर दिया। खुद नोट्स बनाकर की पढ़ाई रेगुलर स्कूल जाती थी। कोई क्लास मिस नहीं करती थी। मैंने सिर्फ मैथ्स का ट्यूशन किया है। बाकी सब्जेक्स्ट्स का नोट्स बना कर खुद ही पढ़ाई करती थी। बिदिशा का कहना है कि घंटा देखकर पढ़ाई करने से अच्छा रेगुलर पढ़ाई करना जरुरी है। साथ ही पढ़ें गए हर टॉपिक को रिवाइज करना बहुत जरुरी होता है। मैथेमेटिक्स पढ़ कर माइंड फ्रेस करती थी बिदिशा ने बताया कि मैथेमेटिक्स मेरा फेवरेट सब्जेक्ट है। इसलिए जब किसी और सब्जेक्ट को पढ़कर मन ऊब जाता था तो मैथ्स खोल के बैठ जाती थी। उसके सम्स सॉल्व करते ही माइंड फ्रेस हो जाता था। उन्होंने इस सब्जेक्ट में 99 नंबर लाए हैं। रात में जगती थी मांउन्होंने बताया कि पापा बाहर मजदूरी करते हैं। मां घर संभालती है। अकेले घर और बाहर का देखने के बावजूद उन्होंने मुझे हर तरीके से सपोर्ट किया। कोई काम नहीं करने देती थी। इसके अलावा जब भी मुझे रात में पढ़ाई करती होती थी। मुझसे पहले जग कर मुझे जगाती थी। डर न लगे इसलिए जब तक मैं पढ़ती थी तब तक वो जगी रहती थी। रिजल्ट आने के बाद सबसे ज्यादा खुश वही थी। साईकिल से रोज 4 km का सफर तय करती थी बिदिशा ने बताया कि घर से स्कूल की दूरी करिब 4 किलोमीटर है। मैं साईकिल से रोज स्कूल जाती थी। ठंड में तो बहुत दिक्कत होती थी। लेकिन फिर मैंने स्कूल मिस नहीं किया। पैरेंट्स और टीचर्स को दी सफलता का श्रेय वहीं उन्होंने अपने सफलता का श्रेय अपने माता- पिता और स्कूल के टीचर्स को दी है। उनका कहना है कि बिना उनके विश्वास और सपोर्ट के यह कर पाना मुश्किल था। उनसे मुझे हमेशा मोटिवेशन मिला है। जीवन का लक्ष्य बड़ा है बिदिशा का कहना है कि जीवन में उनका लक्ष्य बड़ा है। जब तक वह अपने सपने को हासिल नहीं कर लेती हैं, ऐसे ही मेनहत करती रहेंगी। उनका मानना है कि हार्ड वर्क से ज्यादा स्मार्ट वर्क करना चाहिए। सफलता जरूर मिलेगी। जानिए बिदिशा के परिवार के बारे में उनके परिवार में पिता- माता और उनकी छोटी बहन रहती है। जो क्लास 3rd में पढ़ती है। बिदिशा आगे अपनी पढाई PCM सब्जेक्ट्स से जारी रखना चाहती हैं। आगे चलकर क्या बनना है, अभी इसे राज ही रखना चाहती हैं।
बिलासपुर जिले में गुरुवार सुबह करीब 9 बजे एक ट्रेलर ने बाइक सवार दो लोगों को टक्कर मार दी और उन्हें कुचल दिया। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया है। यह घटना सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम मटियारी के पास की है। मिली जानकारी के अनुसार, सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम नरगोड़ा निवासी अशोक सूर्यवंशी (40 वर्ष) और नरेंद्र बर्मन (25 वर्ष) बाइक से बिलासपुर की ओर जा रहे थे। वे बाइक (क्रमांक CG 10 AL 0594) पर सवार थे। इसी दौरान बिलासपुर से सीपत की ओर जा रहे ट्रेलर (क्रमांक CG10BH6397) के ड्राइवर ने तेज रफ्तार में ओवरटेक करने की कोशिश की। ओवरटेक के दौरान ड्राइवर ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया और सामने से आ रही बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार दोनों लोग ट्रेलर की चपेट में आ गए। दोनों युवक बाइक समेत ट्रेलर के नीचे आ गए टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार दोनों लोग बाइक समेत ट्रेलर के नीचे आ गए। इस हादसे में अशोक सूर्यवंशी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नरेंद्र बर्मन गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायल को अस्पताल पहुंचाया और पुलिस को सूचना दी। वहीं ट्रेलर ड्राइवर वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने किया चक्का जाम हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर चक्का जाम कर दिया और मुआवजे की मांग करने लगे। पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन करीब 4 घंटे बाद भी चक्का जाम जारी रहा। इससे सीपत–बिलासपुर मार्ग पर दोनों तरफ लंबा जाम लग गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस रास्ते पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। नियमों की अनदेखी कर चलने वाले ट्रेलर और अन्य वाहन राहगीरों के लिए खतरा बन गए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार चालक की तलाश जारी है।
सीकर में बिजली विभाग मेंटिनेंस में जुटा हुआ है। 33/11 केवी नेहरू पार्क जीएसएस पर आवश्यक रखरखाव के कारण इससे संचालित 11 केवी सालासर रोड, महादेव कॉलोनी, विधायक आवास, नानी बीहड़, जनाना अस्पताल, मोचीवाड़ा रोड फीडर से निकलने वाले आसपास क्षेत्रों की बिजली सप्लाई सुबह 7:30 बजे से दोपहर 11:30 बजे तक बंद रहेगी। अजमेर डिस्कॉम के सीकर सिटी के एईएन महेंद्र कुमार माहिचा ने बताया- सालासर बस स्टैंड, सालासर रोड, नेहरू पार्क, जनाना अस्पताल, मोचीवाड़ा रोड, पालवास रोड, बाइपास रोड, दयालदास आश्रम आदि क्षेत्रों की बिजली सप्लाई सुबह 4 घंटे बंद रहेगी।
इंदौर के लसूड़िया इलाके में एक गार्डन के पास खड़ी कार में गुरुवार रात अचानक आग लग गई। बताया जा रहा है कि कार के बोनट से पहले धुआं निकला और देखते ही देखते लपटें उठने लगीं। हालांकि मौके पर मौजूद लोगों ने ही आग पर काबू पा लिया। घटना स्कीम नंबर 78 की है, जहां MP09WH3402 नंबर की कार में आग लगी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार को कुछ देर पहले ही यहां खड़ा किया गया था। इसके बाद अचानक उसमें से धुआं निकलने लगा और आग भड़क गई। लोगों की सतर्कता से आग को समय रहते बुझा लिया गया। तस्वीरों में देखें कार में आग की घटना वहीं एरोड्रम क्षेत्र के 60 फीट रोड पर एक पुराने टायर की दुकान में भी आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पोल से हुए शॉर्ट सर्किट के कारण आग भड़की। आग लगने से आसपास की इमारतों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आधा टैंकर पानी डालकर आग पर काबू पाया। शहर के अलग-अलग स्थानों में आगजनी की घटना वहीं फायर ब्रिगेड के अनुसार बुधवार रात स्कीम नंबर 78 में एक पूजन सामग्री की दुकान में आग लग गई। यह दुकान ‘साईंनाथ पूजन सामग्री’ के नाम से संचालित होती है, जो शिवानी पाठक की बताई जा रही है। दमकल की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया। वहीं नेहरू नगर स्थित अमृत धाम गेट के पास कचरे में आग लग गई, जिससे उठे धुएं के कारण पहली मंजिल पर सो रही एक महिला और उसके बच्चे का दम घुटने लगा। आसपास के लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। दमकल कर्मियों ने आग बुझा दी। इसके अलावा बाणगंगा क्षेत्र की वृंदावन कॉलोनी में रंजन शर्मा की बैटरी की दुकान में भी आग लगने की घटना सामने आई। दमकल ने तीन टैंकर पानी की मदद से आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि सभी घटनाओं में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
इंदौर से जुड़े पुलिस मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने लसूडिया थाना पुलिस पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए यह राशि याचिकाकर्ता को मुआवजे के रूप में देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही शहर के प्रमुख थानों में बॉडी-वॉर्न कैमरे लगाने का आदेश भी जारी किया गया है। रेस्टोरेंट विवाद के बाद हिरासत, मारपीट के आरोप याचिकाकर्ता हर्ष जावरिया ने याचिका में बताया कि 29 दिसंबर 2025 की रात बॉम्बे अस्पताल के पास एक रेस्टोरेंट में बिल को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद मौके पर पहुंची लसूडिया थाना पुलिस उन्हें और उनके साथियों को हिरासत में लेकर थाने ले गई, जहां उनके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने प्लास्टिक पाइप से पिटाई की, मोबाइल छीन लिया और रिकॉर्ड किया गया वीडियो भी डिलीट कर दिया। थाने में दुर्व्यवहार और रिश्वत के आरोप याचिकाकर्ता के अनुसार, थाने में उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। उनकी मूंछ खींची गई और करीब एक घंटे तक मारपीट की गई। बाद में कथित रूप से रिश्वत लेकर बिना किसी कानूनी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। सीसीटीवी फुटेज पर सवाल सुनवाई के दौरान कोर्ट ने थाने के सीसीटीवी फुटेज तलब किए। रिकॉर्ड में सामने आया कि संबंधित व्यक्तियों को ऐसी जगह ले जाया गया, जहां कैमरे की कवरेज नहीं थी। याचिकाकर्ता पक्ष ने दलील दी कि वीडियो उपलब्ध नहीं है, लेकिन ऑडियो में चीखने और मारपीट की आवाजें साफ सुनाई देती हैं। वहीं शासन पक्ष ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि जिस स्थान पर उन्हें रखा गया, वहां महिला अधिकारियों का क्षेत्र होने के कारण कैमरे नहीं लगे थे। कोर्ट की सख्त टिप्पणी हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि पुलिस विभाग बॉडी-वॉर्न कैमरों के उपयोग को लेकर गंभीर नहीं है, जबकि इस संबंध में पहले भी निर्देश दिए जा चुके हैं। कोर्ट ने कहा कि उपलब्ध कैमरों का भी प्रभावी उपयोग नहीं किया जा रहा, जिससे पारदर्शिता प्रभावित होती है। 9 माह में लगाने होंगे कैमरे कोर्ट ने निर्देश दिए कि इंदौर के 35 थानों में से अपराध की दृष्टि से महत्वपूर्ण 5 थानों के सभी पुलिसकर्मियों को 9 माह के भीतर बॉडी-वॉर्न कैमरे उपलब्ध कराए जाएं। इस संबंध में अगली सुनवाई में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश भी दिए गए हैं। आदेश की प्रति गृह विभाग, डीजीपी और पुलिस कमिश्नर को भेजने के लिए कहा गया है। बताया गया कि मामले में सुनवाई के बाद 9 अप्रैल को आदेश सुरक्षित रख लिया गया था, जिसे 22 अप्रैल को जारी किया गया।
निगम में 27 अप्रैल को सामान्य सभा की विशेष बैठक:महिला आरक्षण बिल को लेकर सुबह 11 बजे होगी चर्चा
रायपुर नगर निगम की विशेष सामान्य सभा की विशेष बैठक 27 अप्रैल को आयोजित की जाएगी। सभापति सूर्यकांत राठौड़ के आदेशानुसार नगर निगम सचिवालय ने बैठक की तैयारियां पूरी कर ली हैं। यह बैठक 27 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे नगर निगम मुख्यालय महात्मा गांधी सदन के चौथे तल स्थित सभागार में होगी। बैठक की अध्यक्षता सभापति सूर्यकांत राठौड़ करेंगे। बैठक में मुख्य रूप से महिला सशक्तिकरण को लेकर अल्पकालिक जनजागरूकता अभियान के आयोजन और उसके प्रभावी समन्वय पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही अभियान को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा। 9 अप्रैल को हुई थी सामान्य सभा की पिछली बैठक रायपुर नगर निगम की पिछली सामान्य सभा 9 अप्रैल को आयोजित हुई थी, जिसमें कुल 14 एजेंडों पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान सिटी कोतवाली चौक का नाम “जैन स्तंभ” करने के प्रस्ताव पर जमकर बहस हुई, लेकिन विपक्ष के विरोध और भाजपा पार्षद दल की सहमति के बाद यह प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया। बैठक में अन्य सभी एजेंडे बहुमत से पारित किए गए। वहीं, किरण बिल्डिंग परिसर में दुकानों के व्यवस्थापन से जुड़े एक अहम एजेंडे पर शासन से मार्गदर्शन लेने का निर्णय लिया गया। सामान्य सभा से पहले नगर निगम के प्लेसमेंट कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर निगम कार्यालय का घेराव किया और केंद्र सरकार के चार नए कानून लागू करने की मांग करते हुए मेयर को ज्ञापन सौंपा। इधर, बैठक शुरू होने से पहले कांग्रेस पार्षद दल ने शहर में पानी की समस्या को लेकर मटका और बाल्टी के साथ प्रदर्शन किया और “पानी दो, पानी दो” के नारे लगाए। सामान्य सभा के दौरान चौक-चौराहों के नामकरण और प्रतिमा स्थापना को लेकर भी जमकर हंगामा हुआ, जिससे पूरे समय बैठक का माहौल गरमाया रहा।
इंदौर शहर की सफाई व्यवस्था का जायजा लेने के लिए नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल लगातार मैदान में उतरकर निरीक्षण कर रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को भी उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान सफाई कार्य में लापरवाही मिलने पर निगमकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एजेंसियों पर भी पेनल्टी लगाई गई। कमिश्नर ने अरिहंत नगर, लुनियापुरा रेलवे क्रॉसिंग, अन्नपूर्णा तालाब, सैफी नगर रेलवे स्टेशन, राजेंद्र नगर, राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन, कैलाश मार्ग और पुलिस लाइन सहित अन्य इलाकों का निरीक्षण किया। वार्ड 62 के गाड़ी अड्डा रेलवे क्रॉसिंग के पास कचरा और गंदगी मिलने पर उन्होंने संबंधित सीएसआई को फटकार लगाई और वार्ड दरोगा रविंद्र खोड़े को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए। वहीं, वार्ड 6 और 8 के लोहारपट्टी, कैलाश मार्ग, अहिल्यापुरा चौराहा और पुलिस लाइन क्षेत्र में भी सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर दरोगा पृथ्वीसिंह चौहान और दुश्यंत बोड़े की एक-एक दिन की सैलरी काटने के निर्देश दिए गए। कमिश्नर ने राजेंद्र नगर स्थित सीटीपीटी (कम्युनिटी टॉयलेट) का भी निरीक्षण किया, जहां सफाई व्यवस्था खराब मिली। वॉश बेसिन गंदे पाए गए और रजिस्टर संधारण में भी अनियमितताएं सामने आईं। इस पर संबंधित एजेंसी पर 10 हजार रुपए की पेनल्टी लगाई गई और सीटीपीटी सुपरवाइजर की 10 दिन की सैलरी काटने के निर्देश दिए गए।
करोंद इलाके में पुलिसकर्मी के घर घुसकर 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला पर पत्थर से जानलेवा हमला कर लूट करने की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। आरोपी ने महिला के चेहरे और सिर पर सीमेंट ब्लॉक से कई वार किए थे, जिससे वह लहूलुहान होकर बेहोश हो गईं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद आरोपी ने उनके कान से सोने की बाली खींचकर नोच ली, जिससे कान कट गया और गले की चेन लूटकर फरार हो गया था। घटना 21 अप्रैल की सुबह की है, जब पीड़िता शैल कुमारी मिश्रा (65) करोंद स्थित अपने घर में अकेली थीं। आरोपी अचानक घर में घुसा और मुंह दबाकर उन्हें अंदर खींच ले गया। इसके बाद दरवाजे बंद कर दिए, जिससे महिला मदद के लिए आवाज नहीं लगा सकीं। पूजा के कमरे में घसीटकर किया हमला आरोपी महिला को खींचते हुए पूजा के कमरे में ले गया, जहां हवन के लिए रखे सीमेंट ब्लॉक से उसने उनके चेहरे और सिर पर ताबड़तोड़ वार किए। विरोध करने पर वह और आक्रामक हो गया। गंभीर चोट लगने से महिला बेहोश हो गईं। मुखबिर और तकनीकी साक्ष्य से आरोपी तक पहुंची पुलिस निशातपुरा थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए टीम गठित कर जांच शुरू की। मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान मांगीलाल उर्फ मंगल अहिरवार (35) निवासी सिंगारचोली, कोहेफिजा के रूप में हुई। पुलिस ने लूटे गए जेवर भी बरामद किए गए हैं। थाना प्रभारी मनोज पटवा ने बताया कि आरोपी पर पहले से मारपीट, धमकी और आर्म्स एक्ट के आधा दर्जन मामले दर्ज हैं, जिससे उसकी आपराधिक प्रवृत्ति सामने आती है। इलाके में निकाला जुलूस, आरोपी बोला ‘अपराध करना पाप है’ गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी का निशातपुरा इलाके में जुलूस निकाला। इस दौरान आरोपी कहता नजर आया—“अपराध करना पाप है, पुलिस हमारी बाप है।” इस कार्रवाई को पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश बताया है। बता दें कि हमले में महिला के सिर, आंख के ऊपर और कमर में गंभीर चोटें आई थी।
मैहर जिले के रामनगर थाना क्षेत्र में पपरा मोड़ पर गुरुवार रात करीब 7:30 बजे एक तेज रफ्तार हाइवा ने बाइक को टक्कर मार दी। इस सड़क हादसे में एक नाबालिग सहित दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। दोनों घायलों को उपचार के लिए तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर में भर्ती कराया गया है। गोविंदगढ़ में शादी में शामिल होने जा रहे थे देवदहि निवासी अभिषेक यादव (20) और राजबहोर उर्फ पंडित यादव (17) बाइक पर सवार होकर गोविंदगढ़ एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। पपरा मोड़ के पास सामने से आ रहे अनियंत्रित हाइवा ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक उछलकर सड़क पर गिर गए और उन्हें गंभीर चोटें आईं। डायल-112 ने अस्पताल पहुंचाया हादसे की सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। आरक्षक गुड्डू पटेल और चालक रामधनी वर्मा ने स्थानीय नागरिकों की सहायता से दोनों घायलों को वाहन से रामनगर अस्पताल पहुंचाया। डॉ. शिव प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों की हालत गंभीर है। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस ने दर्ज किया मामला रामनगर थाना पुलिस ने घटना के बाद हाइवा चालक पर केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में ले लिया है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और फरार हाइवा चालक की तलाश जारी है।
आधार कार्ड में नाम नहीं सुधरा, छात्रा ने पीया जहर:परिजन बोले- कॉलेज के एडमिशन में आ रही थी दिक्कत
बांसवाड़ा में गुरुवार को एक कॉलेज छात्रा द्वारा आधार कार्ड में नाम सुधार नहीं होने से परेशान होकर जहर पी लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजन तुरंत हॉस्पिटल लेकर गए। जहां से गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। एडमिशन में आ रही थी परेशानी जानकारी के अनुसार छात्रा लंबे समय से अपने आधार कार्ड में नाम परिवर्तन करवाने के लिए परेशान थी। आधार में त्रुटि के कारण उसे कॉलेज में एडमिशन लेने में लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। कई बार ई-मित्र के चक्कर लगाने के बाद भी नहीं हुआ सुधार परिजनों ने बताया कि छात्रा ने नाम सुधार करवाने के लिए कई बार ई-मित्र केंद्र के चक्कर लगाए, लेकिन बार-बार प्रयास के बावजूद आधार कार्ड में नाम अपडेट नहीं हो पाया। इसी बात से परेशान होकर गुरुवार को गुस्से में आकर उसने घर में रखी जहरीली दवा पी ली।
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में चोरी के शक में युवक को गांव वालों ने अमानवीय सजा दी है। युवक का आधा सिर मुंडवा कर उसके गले में जूते-चप्पलों की माला पहनाई गई। इसके बाद मारपीट करते हुए उसे उसकी पत्नी के साथ पूरे गांव में घुमाया गया। पत्नी का कहना है कि उससे भी मारपीट की गई और रेप कर जान से मारने की धमकी दी गई। युवक पर पस्ता गांव के ग्रामीणों ने सोलर पैनल सिस्टम के तार चोरी करने का आरोप लगाया था। इसके बाद पस्ता गांव के सरपंच पति और ग्रामीणों ने युवक को अपने गांव में समझौते के लिए बुलाया था। लेकिन पंचायत में उसे पकड़ लिया गया और गांव में घुमाया। वहीं युवक के पिता ने मामले की शिकायत रामानुजनगर थाने में की है। घटना के बाद अब पुलिस जांच में जुट गई है। यह घटना रामानुजनगर थाना क्षेत्र के पस्ता गांव की है। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पहले देखिए ये तस्वीरें- अब जानिए पूरा मामला जानकारी के मुताबिक, कल्याणपुर निवासी मोहम्मद रहमान ताज (32) पर पस्ता गांव में सोलर पैनल सिस्टम के तार चोरी का आरोप लगा था। इसी शक के आधार पर उसे गांव के सरपंच पति और कुछ ग्रामीणों ने बुलाया। जब युवक अपनी पत्नी के साथ गांव पहुंचा, तो वहां ग्रामीणों ने मोहम्मद रहमान को पकड़ लिया। ग्रामीणों ने गुस्से में आकर उसका आधा सिर मुंडवा दिया और गले में जूते-चप्पलों की माला पहनाई। इसके बाद उसके साथ मारपीट करते हुए पूरे गांव में घुमाया गया। इस दौरान भीड़ ने युवक की पत्नी को भी नहीं छोड़ा गया। उसे भी साथ में घुमाकर अपमानित किया गया। युवक की पत्नी ने कहा कि सरपंच साहब फोन किए कि ऐसा मामला है। हम लोग पंचायत में गए। हम लोग से भी मारपीट किए। पति को भी मार रहे थे। जान से मारने की धमकी भी दी। पिता बोले- झूठे आरोपों के आधार पर सजा दी घटना के बाद मोहम्मद रहमान के पिता थाने पहुंचे और पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई। पिता का कहना है कि बेटे को झूठे आरोपों के आधार पर अमानवीय सजा दी गई, जो पूरी तरह गलत है। वहीं पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि युवक पर चोरी की नीयत से गांव आने का शक था। ग्रामीणों ने उसे पहले देखा था, लेकिन वह भाग गया था। दूसरे दिन वह अपने परिजनों के साथ गांव लौटा, जिसके बाद यह घटना हुई। इधर, सरपंच पति ने सफाई देते हुए कहा है कि ग्रामीणों में गुस्सा था और उसी के चलते यह घटना हुई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है। ……………………. क्राइम से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… विधवा को अर्धनग्न कर गांव में घुमाया, जूते-चप्पल से पीटा..VIDEO: मुंह पर पोता गोबर, शादीशुदा बॉयफ्रेंड के साथ भागी थी, आरोपी बोले-घर उजाड़ने की सजा छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के रानीझाप गांव में एक विधवा महिला की साड़ी उतारकर उसे पूरे गांव में घुमाया गया। दरअसल, महिला को प्रेम प्रसंग की सजा देने के लिए उसके कथित प्रेमी के परिवार वालों ने सारी हदें पार कर दीं। महिला को न केवल जूते-चप्पल से पीटा गया, बल्कि उसके मुंह पर गोबर भी पोता। पढ़ें पूरी खबर
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में अवैध प्लाटिंग के नाम पर नगर निगम के अफसर रसूखदारों के दबाव में काम कर रहे हैं। रसूखदारों ने किसानों की जमीन का रास्ता बंद कर दिया है। वहीं, निगम के अफसरों ने अवैध प्लाटिंग बताकर उनकी जमीन पर बुलडोजर चलवा दिया। किसानों ने नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए रसूखदारों के दबाव में काम करने का आरोप लगाया है। दूसरी तरफ भवन अधिकारी अनुपम तिवारी ने बताया कि तिफरा के सेक्टर डी में लक्ष्मी नारायण, रविनारायण खसरा नं. 1349/2 रकबा 1 एकड़, राजकुमार गुप्ता खसरा नंबर 1349/1 रकबा 55 डिस्मिल, राजेन्द्र कुमार पिता झाडु राम खसरा नंबर 1293 रकबा 67 डिस्मिल,दिलहरण खसरा नंबर 1294 रकबा 33 डिस्मिल जमीन पर अवैध प्लाटिंग की जा रही थी। निगम कमिश्नर के निर्देश पर इस अवैध प्लाटिंग के लिए बनाए गए रास्ते को बुलडोजर से गड्ढा खोदकर बंद किया गया है। किसानों ने कहा- दो लाख रुपए डिसमिल में जमीन बेचने बनाया दबाव स्थानीय किसान ने बताया कि बृजेश अग्रवाल की सामने की जमीन को मंजीत सिंह और प्रदीप झा ने खरीदी है। अब वो पीछे के किसानों की जमीन के लिए रास्ता नहीं दे रहे हैं। हम अपनी निजी जमीन पर आने-जाने के लिए रास्ता बनाया है, जिस पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। जबकि, मंजीत सिंह और प्रदीप झा उनकी जमीन को दो लाख रुपए में बेचने का दबाव बना रहे हैं। जमीन नहीं देने पर उन्हें रास्ता नहीं देने की धमकी दी जा रही है। किसानों का आरोप रसूखदारों के दबाव में निगम अफसर किसानों का कहना है कि न तो उन्होंने अवैध प्लाटिंग की है और न ही जमीन बेची है। इसके बाद भी उनकी निजी जमीन पर बनाए गए रास्ते पर बुलडोजर चला दिया गया है। उनका आरोप है कि निगम के अफसर रसूखदारों के दबाव में आकर कार्रवाई कर रहे हैं। ताकि वो परेशान होकर अपनी जमीन औने-पौने दाम पर उन्हें बेच दें। व्यापार विहार में हटाया शेड नगर निगम ने व्यापार विहार में सड़क किनारे अवैध रूप से बनाए गए शेड को भी हटाने की कार्रवाई की। यहां शेड की वजह से आने-जाने में लोगों को परेशानी हो रही थी। इस कार्रवाई में भवन अधिकारी अनुपम तिवारी,जोन कमिश्नर भूपेंद्र उपाध्याय, सब इंजीनियर आशीष गुप्ता, आशीष पाण्डेय, शिव बहादुर जायसवाल समेत राजस्व विभाग का अमला एवं अतिक्रमण की टीम शामिल रही। भवन अधिकारी बोले- टुकड़ों में बेच रहे थे जमीन भवन अधिकारी अनुपम तिवारी का कहना है कि सेक्टर डी में बिना अनुमति, ले आउट डायवर्सन के जमीन को टुकड़ो में बेच रहे थे, ऐसे चार प्रोजेक्ट पर कार्रवाई की गई है। कार्रवाई के तहत इन अवैध प्लाटिंग में बनाए गए सड़क पर बुलडोजर चलाकर जमींदोज किया गया है।
परिवहन आयुक्त के निर्देश पर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) भोपाल ने गुरुवार को ISBT बस स्टैंड पर यात्री बसों की सघन जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाली बसों पर सख्त कार्रवाई करते हुए न केवल फिटनेस निरस्त की गई, बल्कि भारी-भरकम समन शुल्क भी वसूला गया।आरटीओ जितेंद्र शर्मा ने बताया चेकिंग के दौरान बस क्रमांक MP 04 PA 3889 में फायर फाइटिंग उपकरण चालू हालत में नहीं पाए गए और फर्स्ट एड बॉक्स भी अनुपस्थित मिला। वहीं बस क्रमांक MP 04 PA 3934 में फायर एक्सटिंग्विशर ही नहीं था। इन गंभीर खामियों को देखते हुए दोनों बसों की फिटनेस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई। नियमों का उल्लंघन, 99 हजार का जुर्मानाकार्रवाई के दौरान बस क्रमांक BR 01 PS 0919 और AR 06 B 0444 को ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट होने के बावजूद स्टेज कैरेज के रूप में संचालित करते पाया गया। यह नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। इस पर परिवहन विभाग ने दोनों बसों से कुल 99 हजार रुपए समन शुल्क के रूप में वसूल किए। इसके अलावा, एक दिन पहले जप्त की गई बस क्रमांक AR 11 C 2999 से भी 49 हजार रुपए का समन शुल्क वसूला गया। इस तरह कुल वसूली 1.48 लाख रुपए तक पहुंच गई। राहवीर योजना का प्रचार, सुरक्षा पर सख्त निर्देशअभियान के दौरान बसों में राहवीर योजना के पेम्फलेट भी चिपकाए गए और चालकों-परिचालकों को योजना के बारे में जागरूक किया गया। बस चालकों को अग्नि सुरक्षा और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए। आरटीओ जितेंद्र शर्मा ने कहा कि यात्री सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में भी इस तरह के सघन जांच अभियान जारी रहने की संभावना है।
ग्वालियर जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के 16 निजी नर्सिंग होम और अस्पतालों के पंजीयन (लाइसेंस) निरस्त कर दिए हैं। यह कार्रवाई म.प्र. उपचर्यागृह तथा रूग्णोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रेशन एवं लाइसेंसिंग) अधिनियम 1993 और नियम 1997 (संशोधित 2008 एवं 2021) के तहत की गई है। सीएमएचओ के अनुसार, नियमों के तहत सभी निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम का पंजीयन हर तीन वर्ष में नवीनीकरण कराना अनिवार्य है। इसके लिए निर्धारित समय सीमा से कम से कम एक माह पहले नर्सिंग होम पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। विभाग द्वारा पहले ही 12 दिसंबर 2025, 23 दिसंबर 2025 और 2026 में संबंधित संस्थाओं को नोटिस जारी कर सूचित किया गया था कि 28 फरवरी 2026 की मध्यरात्रि तक पोर्टल खुला रहेगा। बाद में शासन स्तर से राहत देते हुए 22 मार्च 2026 तक अंतिम अवसर भी दिया गया। इसके बावजूद कई नर्सिंग होम संचालकों ने समय सीमा में आवेदन नहीं किया, जिसके चलते उनका पंजीयन स्वतः समाप्त होकर पोर्टल से हट गया। नियमों के अनुसार बिना वैध पंजीयन के किसी भी नर्सिंग होम का संचालन अवैध माना जाता है। इन 16 नर्सिंग होमों के लाइसेंस हुए निरस्त सीएमएचओ की चेतावनी स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना लाइसेंस संचालित होने वाले अस्पतालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि इलाज के लिए केवल पंजीकृत और अधिकृत अस्पतालों का ही चयन करें।यह कार्रवाई जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।
झाबुआ जिले के रायपुरिया-कल्याणपुरा मार्ग पर स्थित रामनगर घाटी में गुरुवार देर शाम एक ट्रैक्टर और बाइक की सीधी भिड़ंत में बाइक सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। ट्रैक्टर से टकराई युवकों की बाइक धनपुरा निवासी मोहन निनामा अपने भांजे के साथ बाइक पर सवार होकर घर लौट रहे थे। रामनगर घाटी के पास उनकी बाइक सामने से आ रहे ट्रैक्टर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मोहन निनामा ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद मार्ग पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। घायल युवक सिविल अस्पताल पेटलावद रेफर दुर्घटना की सूचना मिलते ही रायपुरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने गंभीर रूप से घायल मृतक के भानेज को तत्काल उपचार के लिए सिविल अस्पताल पेटलावद भिजवाया। पुलिस ने घटनास्थल का पंचनामा बनाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच कर रही है।
मेरठ की सेंट्रल मार्केट मैं सेटबैक की कार्रवाई को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन 15वे दिन भी जारी रहा। बीते दिन जहां एक विशेष प्रतिनिधि मंडल लखनऊ से मेरठ व्यापारियों और प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता के लिए पहुंचा था। जिसमें व्यापारियों को आश्वस्त किया गया था क्या उनके पक्ष मजबूती से सुप्रीम कोर्ट में रखा जाएगा। इसके बाद भी सेक्टर 2 की महिलाओं का प्रदर्शन जारी रहा। उनका कहना है कि अधिकारी हमारे बीच आए हैं इसका यह मतलब है कि सरकार ने तो संज्ञान लिया है लेकिन जब तक हमें इसका कोई लिखित में ठोस प्रमाण नहीं मिलने की हमें न्याय मिल गया है या न्याय मिलने वाला है तब तक यह प्रदर्शन जारी रहेगा। आदेश का पालन करने की दी थी सलाह वार्ता के लिए पहुंचे मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, आवास विकास के चेयरमैन और प्रमुख सचिव ने व्यापारियों से अपील करते हुए कहा था कि निर्णय सुप्रीम कोर्ट का है इसलिए उसका पालन आवश्यक रूप से करना होगा। हालांकि आपका पूरा पक्ष भी सुप्रीम कोर्ट में रखा जाएगा। इसके बाद भी प्रदर्शन जारी है वहीं अब देखना यह होगा की आवास विकास जब सेटबैक के लिए नोटिस देगा तो इस पर प्रदर्शन करने वालों की क्या प्रतिक्रिया होगी। राहत के आसार व्यापारियों का कहना है कि जैसे लखनऊ से अधिकारी हमारे बीच पहुंचे हैं तो हमें एक उम्मीद तो जगी है लेकिन लिखित में नहीं मिला है इसलिए हम बैठे हैं। वहीं वार्ता में मौजूद एडवोकेट अनजनेय सिंह ने कहा था कि वार्ता में यही बात कही गई है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने के बाद ही कुछ राहत मिलने की उम्मीद है । क्योंकि इस आदेश में कोई भी हस्तक्षेप नहीं कर सकता है। व्यापार बंद नहीं घर टूटने से दिक्कत जो लोग धरने पर बैठे हैं उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का जो आदेश है कि आवासीय प्लॉट में कमर्शल गतिविधियां नहीं कर सकते उससे हमें कोई आपत्ति नहीं है। हम अपनी दुकान बंद करने को तैयार हैं , लेकिन जो सेटबैक छोड़ने की बात कही गई है। उसका हम विरोध कर रहे हैं। क्योंकि हमारे यह मकान 37 मीटर में बने हुए हैं यदि इसमें भी हम 1 मी का सेटबैक छोड़ देंगे तो हमें अपने परिवार के साथ यहां रहने में परेशानी होगी। तोड़ना भी नहीं है आसान सेक्टर 2 में बने हुए 37 मीटर में जो मकान है वह सभी एक दूसरे से सट कर मिले इसके साथ-साथ मकान लगभग 35 से 40 साल पुराने हैं ऐसे में यदि उनको आगे से तोड़ा जाता है तो इसमें और भी नुकसान होने की संभावना है। अब जानिए क्या है मामला दरअसल बीती 6 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने शास्त्री नगर क्षेत्र की 44 संपत्तियों को सील करने का आदेश दिया था जिसका पालन आवास विकास द्वारा किया गया और 8 अप्रैल को सभी प्रॉपर्टी सील कर 9 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट दे दी गई। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि सभी 815 जो प्लॉट बचे हैं उनमें कोई भी कमर्शियल गतिविधि न चलने दी जाए इसके साथ-साथ आवासीय में भी नियम अनुसार सेटबैक छोड़ जाए इस आदेश के बाद से ही सेक्टर 2 में महिलाएं धरने पर बैठी है। अब जानिए सेट बैक की शर्तें सेंट्रल मार्किट में पिछले काफी समय से सेट बैक को लेकर भ्रम की स्थिति है। यह साबित करने का प्रयास हो रहा है कि 60 मीटर तक के आवास के लिए सेट बैक जरूरी नहीं है। जबकि विभागीय सूत्रों की मानें तो नियम सब के लिए बराबर हैं। सेट बैक नहीं छोड़ा तो छोटे आवासों पर भी कार्रवाई होना तय है। सेट बैक का गणित भी समझें फ्रंट सेटबैक (F): घर के सामने, सड़क और भवन के बीच की दूरी (सामने की तरफ)।रियर सेटबैक (R): घर के पीछे, प्लॉट की पिछली सीमा और भवन के बीच की दूरी।साइड सेटबैक (S1): घर के दाएं और बाएं किनारों पर, पड़ोसी प्लॉट की सीमा और भवन के बीच की दूरी।स्ट्रीट सेटबैक (S2): कॉर्नर प्लॉट के मामले में, मुख्य सड़क के अतिरिक्त दूसरी सड़क की ओर की जगह। सेंट्रल मार्किट के आवास पर सेटबैक - रेजीडेंशियल 150 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 1 मीटर, रियर सेटबैक शून्य, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य।- रेजीडेंशियल 151 वर्ग मीटर से 300 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 3 मीटर, रियर सेटबैक 1.5 मीटर, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य। - रेजीडेंशियल 300 वर्ग मीटर से 500 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 3 मीटर, रियर सेटबैक 3 मीटर, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य। कमर्शियल के लिए सेटबैक - कमर्शियल 100 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 1.5 मीटर, रियर सेटबैक शून्य, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य। - कमर्शियल 101 वर्ग मीटर से 300 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 3 मीटर, रियर सेटबैक शून्य, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य।- कमर्शियल 301 वर्ग मीटर से 1000 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 4.5 मीटर, रियर सेटबैक 3 मीटर, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य। नोटिस के बाद मिलेगा 15 दिन का समय उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह बताते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने इन संपत्तियों को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं। नोटिस तैयार हो रहे हैं, जिनका जल्द वितरण शुरु हो जाएगा। इसके बाद केवल 15 दिन का समय संपत्ति स्वामी को मिलेगा। 16वें दिन से आवास एवं विकास परिषद कार्रवाई करेगा।
मां की मारपीट से परेशान विदिशा का बच्चा भागा:नागपुर स्टेशन पर मिला, TTE ने चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंपा
नागपुर रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को एक आठ वर्षीय नाबालिग बच्चा मिला है। यह बच्चा अपनी मां की पिटाई से परेशान होकर घर से भाग आया था। रेलवे के हेड टिकट परीक्षक (TTE) ने उसे सुरक्षित पाया और चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंप दिया। विदिशा निवासी आठ वर्षीय कुशल नामक यह बालक नई दिल्ली से चेन्नई जाने वाली ट्रेन संख्या 12616 जीटी एक्सप्रेस से उतरकर नागपुर स्टेशन पर मिला। प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि वह अपनी मां द्वारा की गई मारपीट से परेशान होकर घर से निकला था। प्लेटफॉर्म क्रमांक 3 पर भीड़ प्रबंधन ड्यूटी के दौरान हेड टिकट परीक्षक विवेक व्यवहारे की नजर इस बच्चे पर पड़ी। उन्होंने बच्चे की स्थिति को तुरंत समझा और आवश्यक हस्तक्षेप किया। श्री व्यवहारे ने बच्चे को तत्काल भोजन और पानी उपलब्ध कराया। बच्चे के पास कोई संपर्क विवरण या मोबाइल नंबर नहीं था, जिससे उसके परिजनों से संपर्क किया जा सके। चाइल्ड हेल्पलाइन अधिकारियों को सौंपाइसके बाद बच्चे को सुरक्षित रूप से चाइल्ड हेल्पलाइन अधिकारियों को सौंप दिया गया। चाइल्ड हेल्पलाइन अब बच्चे की आगे की देखभाल और उसके परिवार का पता लगाने की कार्रवाई करेगी। यह घटना रेलवे कर्मियों की सतर्कता, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। विवेक व्यवहारे की समय पर की गई कार्रवाई ने एक संभावित गंभीर स्थिति को टालते हुए बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित की।
कोटा शहर में बिजलीलाइनों के मेंटेनेंस कार्य के चलते शुक्रवार को सुबह से शाम तक कई इलाकों में निर्धारित समय तक बिजली कटौती रहेगी। निजी बिजली कंपनी की ओर से यह शटडाउन लिया गया है, ताकि लाइनों और ट्रांसफॉर्मरों का रखरखाव किया जा सके। इस दौरान तकनीकी टीमों द्वारा वायरिंग, पोल और फीडर की जांच का कार्य किया जा रहा है। कंपनी ने लोगों से अपील की है कि वे आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें और सहयोग बनाए रखें। मेंटेनेंस पूरा होते ही प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी। इन इलाकों में की जाएगी बिजली कटौती सुबह 8 बजे से 10 बजे तक: गणेश तालाब सेक्टर-2 इलाके की 2 घंटे बिजली कटौती की जाएगी। सुबह 8:30 बजे से 11 बजे तक: करणी नगर, करणी माता मंदिर, पत्थर मंडी चौराहा, मोहन लाल सुखाड़िया आवासीय योजना इलाकों की ढाई घंटे बिजली कटौती की जाएगी। सुबह 9 बजे से 11 बजे तक: राजीव गांधी स्पेशल पार्ट-2 इलाके की 2 घंटे बिजली कटौती की जाएगी। सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक: विनोबा भावे नगर, आरोग्य नगर, गणेश नगर इलाकों की 3 घंटे बिजली कटौती की जाएगी। सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक: तलवंडी सेक्टर ए इलाके की 2 घंटे बिजली कटौती की जाएगी। शाम 4 बजे से 6 बजे तक: नांता गढ़, नांता बाड़ी, गोरूजी की बावड़ी, भौंरा कॉलोनी इलाकों की 2 घंटे बिजली कटौती की जाएगी।
चित्तौड़गढ़ जिले में बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिला कलेक्टर डॉ. मंजू (आईएएस) ने स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों के समय में बदलाव के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश 24 अप्रैल से सत्रांत तक प्रभावी रहेगा। नए आदेश के अनुसार जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में प्री-प्राइमरी से 8वीं कक्षा तक के बच्चों का समय अब सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक रहेगा। आंगनबाड़ी केन्द्रों का समय भी बदला आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों के लिए समय सुबह 7:30 बजे से 11:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। हालांकि आंगनबाड़ी स्टाफ अपने पूर्व निर्धारित समय के अनुसार ही कार्य करेगा, उनके समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 9वीं से 12वीं और परीक्षाओं पर कोई असर नहीं अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन) प्रभा गौतम ने स्पष्ट किया कि कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। साथ ही चल रही और आगामी परीक्षाएं अपने पूर्व निर्धारित समय पर ही आयोजित होंगी। आदेश की सख्ती से पालना के निर्देश जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केन्द्रों को आदेश की सख्ती से पालना करने के निर्देश दिए हैं। आदेश का उल्लंघन करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत कार्रवाई की जाएगी। गर्मी 45 डिग्री तक पहुंचने की संभावना मौसम विभाग के अनुसार जिले में गर्मी लगातार बढ़ रही है और 25-26 अप्रैल को तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। चित्तौड़गढ़ प्रदेश के सबसे गर्म जिलों में शामिल है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने यह निर्णय लिया है ताकि छोटे बच्चों को लू और तेज गर्मी से सुरक्षित रखा जा सके।
सलूंबर जिले के पिलादर गांव में आयुर्वेद विभाग की ओर से आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के तहत पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राजकीय आयुर्वेद औषधालय एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिर परिसर में आयोजित हुआ, जिसमें स्थानीय बच्चों और किशोरियों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को मोबाइल और अत्यधिक स्क्रीन टाइम से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में बताया गया। साथ ही उन्हें बाहरी खेलों और शारीरिक गतिविधियों में अधिक समय देने के लिए प्रेरित किया गया। स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए योग को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने पर भी जोर दिया गया। बच्चों की हीमोग्लोबिन जांच की आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. प्रियंका जैन ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण और हीमोग्लोबिन जांच की गई। जिन बच्चों में किसी प्रकार की कमी पाई गई, उन्हें आवश्यक परामर्श और मार्गदर्शन दिया गया। किशोरियों को पोषण, व्यक्तिगत स्वच्छता और संतुलित आहार के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। गर्मी में लू से बचाव के बताए उपाय, तरल पदार्थ लेने की सलाह भीषण गर्मी को देखते हुए प्रतिभागियों को लू से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया गया। उन्हें अधिक से अधिक पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई। आयुर्वेद कंपाउंडर रघुनाथ राम ने घरेलू उपायों के माध्यम से गर्मी से बचाव के तरीके साझा किए। कार्यक्रम में योग प्रशिक्षक दिनेश रेबारी ने गर्मियों के अनुकूल हल्के व्यायाम और योगाभ्यास की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से योग करने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकें। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और बच्चों में स्वस्थ जीवनशैली विकसित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों में उत्साह और जागरूकता स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
करनाल जिले के मधुबन थाना क्षेत्र में आर्वधन नहर की पटरी पर वीरवार शाम पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़ हो गई। जवाबी कार्रवाई में बदमाश की टांग में गोली लगी, जिसके बाद उसे काबू कर लिया गया। घायल को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया है। हालत नॉर्मल होने के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। सीआईए-1 की टीम को शाम के समय सूचना मिली कि कर्ण विहार में फायरिंग करने वाला आरोपी स्कूटी पर आर्वधन नहर के किनारे अपने गांव की तरफ जा रहा है। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखते ही वह भागने लगा और पुलिस की गाड़ी पर फायर कर दिया। इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली उसकी टांग में लगी और वह गिर गया। पुलिस ने मौके पर ही उसे काबू कर लिया और उसके पास से अवैध हथियार बरामद कर लिया। इस खबर को अपडेट किया जा रहा है…
उत्तर प्रदेश में बदली हुई कानून-व्यवस्था और सुविधाओं का असर अब पर्यटन के आंकड़ों में साफ दिखने लगा है। योगी सरकार की नीतियों के चलते विदेशी मेहमानों का भरोसा प्रदेश पर बढ़ा है। साल 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, प्रयागराज विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद बनकर उभरा है। एक साल के भीतर यहां 20 लाख 53 हजार से ज्यादा विदेशी श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे, जो राज्य के किसी भी अन्य धार्मिक शहर के मुकाबले सबसे ज्यादा है। वाराणसी और अयोध्या से भी आगे निकला प्रयागराज धार्मिक पर्यटन के मामले में प्रयागराज ने वाराणसी, मथुरा और अयोध्या जैसे शहरों को भी पीछे छोड़ दिया है। साल 2025 में जहां प्रयागराज में 20.53 लाख विदेशी पहुंचे, वहीं वाराणसी में करीब 3.21 लाख, मथुरा में 1.42 लाख और अयोध्या में 65 हजार विदेशी पर्यटकों का आगमन हुआ। गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम की महिमा और यहां की सनातन संस्कृति को समझने के लिए अमेरिका, यूरोप, रूस और जापान जैसे देशों से लोग बड़ी संख्या में आ रहे हैं। विदेशी मेहमान यहां सिर्फ घूमने नहीं, बल्कि योग, ध्यान और आध्यात्मिक शांति की तलाश में पहुंच रहे हैं। सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं ने बदली तस्वीर विदेशी पर्यटकों की इस भारी भीड़ के पीछे योगी सरकार द्वारा किए गए बदलाव प्रमुख कारण हैं। पर्यटन केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, बेहतर सड़कें, एयरपोर्ट की बढ़िया कनेक्टिविटी और साफ-सुथरे घाटों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की छवि सुधारी है। पर्यटन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रयागराज अब केवल एक तीर्थ स्थान नहीं, बल्कि ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन बन चुका है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों की वजह से विदेशी सैलानी अब यहां खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस करते हैं। महाकुंभ 2025 ने रचा नया इतिहास प्रयागराज की इस लोकप्रियता में 2025 में आयोजित हुए महाकुंभ का सबसे बड़ा हाथ रहा। 144 साल बाद बने विशेष संयोग के कारण इस महाकुंभ में रिकॉर्ड भीड़ उमड़ी। पूरे आयोजन के दौरान करीब 65 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। विदेशी मेहमानों के लिए की गई विशेष व्यवस्थाओं और सात स्तर की सुरक्षा प्रणाली ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय व्यापार और रोजगार को भी काफी बढ़ावा मिलेगा।
इंदौर हाईकोर्ट में चल रही धार भोजशाला मामले की नियमित सुनवाई के दौरान गुरुवार को मुस्लिम पक्ष की ओर से सीनियर एडवोकेट सलमान खुर्शीद ने महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज और संदर्भ प्रस्तुत किए। उन्होंने 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को लिखे गए पत्र और लेखक रामसेवक गर्ग की पुस्तक का हवाला देते हुए धार के इतिहास से जुड़े नए तथ्य अदालत के समक्ष रखे। सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष ने तर्क दिया कि लगभग 1100 ईस्वी में गुजरात के राजवंश द्वारा धार पर आक्रमण कर उसे तहस-नहस कर दिया था। प्रस्तुत पुस्तक के अंशों के आधार पर यह कहा गया कि बाद में मुस्लिम शासकों ने पहले से उजड़े हुए शहर को व्यवस्थित किया, न कि किसी नए विध्वंस को अंजाम दिया मुस्लिम पक्ष के अनुसार यह तथ्य उन दावों का खंडन करता है। जिनमें धार के ऐतिहासिक नुकसान के लिए मुस्लिम शासकों को जिम्मेदार ठहराया जाता रहा है। ब्रिटिश म्यूजियम के पत्र का भी हवाला सुनवाई में ब्रिटिश म्युजियम के एक पत्र को भी साक्ष्य के रूप में पेश किया गया। इसमें स्पष्ट किया गया कि जिस प्रतिमा को वाग्देवी (सरस्वती) बताया जा रहा है, वह दरअसल जैन धर्म से जुड़ी “अंबिका” देवी की प्रतिमा है। मुस्लिम पक्ष का कहना है कि यह दस्तावेज भोजशाला से जुड़े कई प्रचलित दावों की पुनः जांच की आवश्यकता को दर्शाता है। याचिकाकर्ता और वकील का पक्ष याचिकाकर्ता अब्दुल समद और उनके नूर मोहम्मद शेथ ने कहा कि प्रस्तुत दस्तावेज भोजशाला के इतिहास और प्रतिमा से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करते हैं, वहीं भारतीय पुरातत्व विभाग (ASI) की ओर से एडवोकेट अविरल विकास खरे ने कोर्ट को बताया कि वर्ष 1904 से भोजशाला परिसर संरक्षित स्मारक है और इस पर केंद्र सरकार का अधिकार है। ऐसे में इस परिसर पर किसी भी निजी स्वामित्व का दावा मान्य नहीं हो सकता। वीडियोग्राफी पर अगली बहस कोर्ट निर्देश दिए हैं कि एएसआई सर्वे की वीडियोग्राफी सभी पक्षों 27 अप्रैल तक उपलब्ध कराई जाए। इसके बाद आगे की बहस उसी आधार पर जारी रहेगी।
SGPGI में युवक की मौत के बाद हंगामा:सुरक्षा कर्मियों पर धक्का-मुक्की का आरोप, VIDEO आया सामने
SGPGI की इमरजेंसी में गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ। ब्रेन हैमरेज के चलते 20 साल के युवक की मौत के बाद परिजनों और सुरक्षा कर्मियों के बीच तीखी झड़प हुई। इस दौरान धक्का-मुक्की और अभद्रता भी हुई। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह दोनों पक्षों में बीच बचाव कर मामला शांत कराया। इसके बाद फिर मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इस बीच घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद संस्थान प्रशासन की तरफ से मामले की जांच कराने की बात कही जा रही हैं। ये था पूरा मामला मृतक के परिजनों के अनुसार, गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के पड़ेहरा निवासी किसान अजय पांडेय का 20 वर्षीय बेटा दिव्यांशु पांडेय गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे मोहनलालगंज स्थित अपने ननिहाल गया था। वहां पहुंचते ही वह अचानक जमीन पर गिर पड़ा। परिजन उसे आनन-फानन में SGPGI इमरजेंसी ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया और प्राथमिक तौर पर ब्रेन हेमरेज की आशंका जताई। डॉक्टरों ने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की बात कही, जबकि परिजन इसके लिए तैयार नहीं थे। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि जब परिजन और उनके साथ मौजूद अधिवक्ता अंदर जाने लगे तो सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें धक्का देकर बाहर निकाल दिया और उनके साथ अभद्रता भी की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की मां रश्मि और बहन स्नेहा का रो-रोकर बुरा हाल है। पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव SGPGI के सुरक्षा अधिकारी डीके पांडेय ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था, वीडियो देखने के बाद जांच कराई जाएगी। वहीं, पीजीआई चौकी प्रभारी परवेज आलम के अनुसार, डॉक्टरों द्वारा केस को संदिग्ध मानने पर पोस्टमार्टम कराने की बात कही गई थी, इसी को लेकर कहासुनी हुई, शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) की एडहॉक कमेटी राज्य में क्रिकेट के विकास को लेकर सक्रिय नजर आ रही है। युवा खिलाड़ियों को बेहतर क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर, पारदर्शी खेल माहौल और अधिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एडहॉक कमेटी ने जिला क्रिकेट संघों से फीडबैक लेना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में अंडर-14 और अंडर-16 क्रिकेट प्रतियोगिताओं में सुधार, खिलाड़ियों के TA-DA में बढ़ोतरी और राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव करने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए हैं। RCA एडहॉक कमेटी के संयोजक डॉ. मोहित जसवंत यादव ने बताया- कमेटी ने पदभार संभालते ही राजस्थान क्रिकेट को फिर से मजबूत और व्यवस्थित करने की दिशा में काम शुरू कर दिया था। लक्ष्य है कि राज्य के युवा खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय क्रिकेट सुविधाएं, बेहतर प्रशिक्षण और पारदर्शी खेल वातावरण मिले, ताकि वे राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने कहा- एडहॉक कमेटी हर स्तर पर जिला क्रिकेट संघों और खिलाड़ियों से समन्वय स्थापित कर रही है और उनके सुझावों को गंभीरता से लिया जा रहा है। इसी उद्देश्य से डूंगरपुर, उदयपुर, बाड़मेर और पाली जिला क्रिकेट संघों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। अंडर-14 और अंडर-16 क्रिकेट प्रतियोगिताओं को मल्टी-डे फॉर्मेट में आयोजित करें बैठक में RCA एडहॉक कमेटी के संयोजक डॉ. मोहित जसवंत यादव, सदस्य धनंजय सिंह खींवसर, आशीष तिवाड़ी, अर्जुन बेनीवाल और अरिष्ट सिंघवी मौजूद रहे। वहीं जिला क्रिकेट संघों की ओर से डूंगरपुर जिला क्रिकेट संघ के सचिव सुशील जैन, उदयपुर जिला क्रिकेट संघ के सचिव मनोज चौधरी, बाड़मेर जिला क्रिकेट संघ के सचिव देवाराम चौधरी और पाली जिला संघ के सचिव धर्मवीर सिंह ने हिस्सा लिया। बैठक में सबसे अहम सुझाव अंडर-14 और अंडर-16 क्रिकेट प्रतियोगिताओं को मल्टी-डे फॉर्मेट में आयोजित करने को लेकर दिया गया। जिला संघों का मानना है कि इससे युवा खिलाड़ियों को प्रतिभा दिखाने के अधिक अवसर मिलेंगे और वे केवल टी-20 या वनडे ही नहीं, बल्कि डे क्रिकेट के महत्व को भी समझ सकेंगे। डॉ. मोहित जसवंत यादव ने बताया कि मल्टी-डे फॉर्मेट से खिलाड़ियों की तकनीकी क्षमता और मानसिक मजबूती दोनों बेहतर होंगी, जिससे वे भविष्य में उच्च स्तर की क्रिकेट के लिए अधिक तैयार हो सकेंगे। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के TA-DA में होगी बढ़ोतरी एडहॉक कमेटी के सदस्य आशीष तिवाड़ी ने बताया- खिलाड़ियों के हितों को देखते हुए राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में मिलने वाले TA-DA में आवश्यक बढ़ोतरी की जाएगी। इससे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा और आर्थिक रूप से भी उन्हें राहत मिलेगी। कमेटी का प्रयास है कि युवा खिलाड़ियों को हर स्तर पर बेहतर समर्थन मिले। सभी जिलों में अच्छे क्रिकेट मैदान पर भी मिला फीडबैक: बेनीवाल एडहॉक कमेटी के सदस्य अर्जुन बेनीवाल ने बताया- जिला संघों से राज्य के सभी जिलों में स्तरीय क्रिकेट मैदान उपलब्ध कराने को लेकर भी फीडबैक मिला है। कमेटी का लक्ष्य है कि सभी 33 जिला क्रिकेट संघ केंद्रों पर राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं के आयोजन और खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए बेहतर क्रिकेट ग्राउंड उपलब्ध कराए जाएं। सदस्य अरिष्ट सिंघवी ने बताया- RCA एडहॉक कमेटी राज्य के सभी जिलों के पूर्व खिलाड़ियों को भी क्रिकेट गतिविधियों से जोड़ना चाहती है। उनकी योग्यता के अनुसार उन्हें सपोर्ट स्टाफ, कोचिंग और RCA पैनल से जोड़ा जाएगा, ताकि उनके अनुभव का लाभ युवा खिलाड़ियों को मिल सके।
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) की एडहॉक कमेटी राज्य में क्रिकेट के विकास और विस्तार को लेकर लगातार सक्रिय नजर आ रही है। युवा खिलाड़ियों को बेहतर क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर, पारदर्शी खेल माहौल और अधिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एडहॉक कमेटी ने जिला क्रिकेट संघों से फीडबैक लेना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में अंडर-14 और अंडर-16 क्रिकेट प्रतियोगिताओं में सुधार, खिलाड़ियों के TA-DA में बढ़ोतरी और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव करने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए हैं। RCA एडहॉक कमेटी के संयोजक डॉ. मोहित जसवंत यादव ने बताया कि कमेटी ने पदभार संभालते ही राजस्थान क्रिकेट को फिर से मजबूत और व्यवस्थित करने की दिशा में काम शुरू कर दिया था। लक्ष्य है कि राज्य के युवा खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय क्रिकेट सुविधाएं, बेहतर प्रशिक्षण और पारदर्शी खेल वातावरण मिले, ताकि वे राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि एडहॉक कमेटी हर स्तर पर जिला क्रिकेट संघों और खिलाड़ियों से समन्वय स्थापित कर रही है और उनके सुझावों को गंभीरता से लिया जा रहा है। इसी उद्देश्य से डूंगरपुर, उदयपुर, बाड़मेर और पाली जिला क्रिकेट संघों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में RCA एडहॉक कमेटी के संयोजक डॉ. मोहित जसवंत यादव, सदस्य धनंजय सिंह खींवसर, आशीष तिवाड़ी, अर्जुन बेनीवाल और अरिष्ट सिंघवी मौजूद रहे। वहीं जिला क्रिकेट संघों की ओर से डूंगरपुर जिला क्रिकेट संघ के सचिव सुशील जैन, उदयपुर जिला क्रिकेट संघ के सचिव मनोज चौधरी, बाड़मेर जिला क्रिकेट संघ के सचिव देवाराम चौधरी और पाली जिला संघ के सचिव धर्मवीर सिंह ने भाग लिया। बैठक में सबसे अहम सुझाव अंडर-14 और अंडर-16 क्रिकेट प्रतियोगिताओं को मल्टी-डे फॉर्मेट में आयोजित करने को लेकर दिया गया। जिला संघों का मानना है कि इससे युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के अधिक अवसर मिलेंगे और वे केवल टी-20 या वनडे ही नहीं, बल्कि डे क्रिकेट के महत्व को भी समझ सकेंगे। डॉ. मोहित जसवंत यादव ने बताया कि मल्टी-डे फॉर्मेट से खिलाड़ियों की तकनीकी क्षमता और मानसिक मजबूती दोनों बेहतर होंगी, जिससे वे भविष्य में उच्च स्तर की क्रिकेट के लिए अधिक तैयार हो सकेंगे। एडहॉक कमेटी के सदस्य आशीष तिवाड़ी ने बताया कि खिलाड़ियों के हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में मिलने वाले TA-DA में आवश्यक बढ़ोतरी की जाएगी। इससे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा और आर्थिक रूप से भी उन्हें राहत मिलेगी। कमेटी का प्रयास है कि युवा खिलाड़ियों को हर स्तर पर बेहतर समर्थन मिले। वहीं सदस्य धनंजय सिंह खींवसर ने बताया कि आगामी घरेलू क्रिकेट सत्र की प्रतियोगिताओं और गतिविधियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव किया जाएगा। इससे राज्य के पुरुष और महिला खिलाड़ियों के प्रदर्शन को अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सकेगा और क्रिकेट गतिविधियों में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।एडहॉक कमेटी के सदस्य अर्जुन बेनीवाल ने बताया कि जिला संघों से राज्य के सभी जिलों में स्तरीय क्रिकेट मैदान उपलब्ध कराने को लेकर भी फीडबैक मिला है। कमेटी का लक्ष्य है कि सभी 33 जिला क्रिकेट संघ केंद्रों पर राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के आयोजन और खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए बेहतर क्रिकेट ग्राउंड उपलब्ध कराए जाएं। सदस्य अरिष्ट सिंघवी ने बताया कि RCA एडहॉक कमेटी राज्य के सभी जिलों के पूर्व खिलाड़ियों को भी क्रिकेट गतिविधियों से जोड़ना चाहती है। उनकी योग्यता के अनुसार उन्हें सपोर्ट स्टाफ, कोचिंग और RCA पैनल से जोड़ा जाएगा, ताकि उनके अनुभव का लाभ युवा खिलाड़ियों को मिल सके।
राजगढ़ जिले के माचलपुर थाना क्षेत्र में पुलिया पर हुई लूट के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को 37 दिन बाद गिरफ्तार किया है। इस घटना में घायल पीड़ित को 16 दिन बाद अस्पताल में होश आया था, जिसके बाद मामला दर्ज किया जा सका। पुलिस के अनुसार, ग्राम रामगढ़ निवासी होकम सिंह (47) ने 1 अप्रैल 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 14 मार्च की रात करीब 7:30 बजे वह अपने रिश्तेदार कमल सिंह को बाइक से उसके गांव छोड़ने जा रहे थे। इसी दौरान छापी नदी की पुलिया के पास आरोपी ने उनकी जेब से पर्स निकाल लिया। जब होकम सिंह ने विरोध किया, तो आरोपी ने उन्हें धक्का दे दिया। इससे वह पुलिया के नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए और बेहोश हो गए। नकदी समेत कागज लूट फरार हो गया थाहोकम सिंह को 30 मार्च को अस्पताल में होश आया। उनके पर्स में 5 हजार रुपए नकद, आधार कार्ड, एटीएम कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस था, जिसे आरोपी लूटकर फरार हो गया था। रिपोर्ट के आधार पर माचलपुर थाने में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर 21 अप्रैल को आरोपी कमल सिंह राजपूत (54) निवासी अरनिया को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लूटी गई 5 हजार रुपए की नकद राशि बरामद की है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी आदित्य सोनी और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
मेरठ यूपी बोर्ड रिजल्ट में बेटियों का दबदबा:हाईस्कूल टॉप 10 में 9 और इंटर में 7 छात्राएं जिला टॉपर
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। मेरठ जिले में इस बार छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सफलता का परचम लहराया है। हाईस्कूल में अदीबा और इंटरमीडिएट में वंशिका उपाध्याय ने जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। परिणाम घोषित होते ही मेधावी छात्रों के घरों और स्कूलों में खुशी का माहौल बन गया। हाईस्कूल में अदीबा ने किया जिला टॉप हाईस्कूल परीक्षा में सेंट जोसेफ गर्ल्स इंटर कॉलेज, सरधना की छात्रा अदीबा ने 95.67 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले की मेरिट सूची में पहला स्थान हासिल किया। जहानारा मेमोरियल पब्लिक इंटर कॉलेज के छात्र दक्ष 95.50 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे।तीसरे स्थान पर SDHT SVM इंटर कॉलेज, गंगानगर की छात्रा तृप्ति रहीं, जिन्होंने 94.83 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। इसी स्कूल के आयुष ने 94.67 प्रतिशत अंकों के साथ चौथा स्थान हासिल किया। एमजीएस इंटर कॉलेज, अरनावली के याकुल 94.33 प्रतिशत अंक लेकर पांचवें स्थान पर रहे। इंटरमीडिएट में वंशिका उपाध्याय बनीं टॉपर इंटरमीडिएट परीक्षा में एएस इंटर कॉलेज, मवाना की छात्रा वंशिका उपाध्याय ने 93.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में पहला स्थान हासिल किया। स्टार अल फलाह इंटर कॉलेज, किठौर की ज़मरुद 91.60 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। SDHT SVM इंटर कॉलेज, गंगानगर की सपना ने 91.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान हासिल किया। इसी कॉलेज की पायल 91.20 प्रतिशत अंकों के साथ चौथे और किंजल 90.60 प्रतिशत अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहीं। छात्राओं ने पाई सर्वाधिक सफलता जिले की टॉप-10 सूची में अदीबा, दक्ष, तृप्ति, आयुष, याकूल, तान्या, आर्यन, कीर्ति, चीनू और अनन्या मित्रा है। 10 में से 7 छात्राएं और 3 छात्र हैं। 12वीं के जिला टॉपर के टॉप 10 की लिस्ट में 10 में से 9 छात्राएं हैं। वंशिका उपाध्याय टॉपर, जमररुद सेकेंड टॉपर और सपना थर्ड टॉपर हैं। इसके अलावा पायल, किंजल, निकिता, आंचल, दिव्यांशी, मेहशर भी टॉप टेन में हैं। दसवें स्थान पर एक छात्र केवल हर्ष है।
उन्नाव के शुक्लागंज क्षेत्र में गुरुवार शाम एक घर में गैस सिलेंडर फटने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में एक दंपति और उनका पांच वर्षीय मासूम बच्चा गंभीर रूप से झुलस गए। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। यह घटना शुक्लागंज के ग्राम ठाकुरखेड़ा, आजाद नगर में रात करीब 8:30 बजे हुई। डायल 112 पर सिलेंडर ब्लास्ट और लोगों के घायल होने की सूचना मिली थी। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक अपनी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, कमल नामक व्यक्ति अपने परिवार के साथ घर में मौजूद था। परिवार खाना बना रहा था, तभी अचानक गैस सिलेंडर में तेज धमाके के साथ विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना जोरदार था कि घर में अफरा-तफरी मच गई और तीनों लोग उसकी चपेट में आ गए। घायलों की पहचान कमल, उनकी पत्नी अंजना और उनके लगभग 5 वर्षीय पुत्र कृष्ण के रूप में हुई है। सभी को तुरंत एंबुलेंस की मदद से कानपुर के उर्सुला अस्पताल भेजा गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों ने तीनों की हालत गंभीर बताई है। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। आसपास के लोगों ने भी राहत कार्य में सहयोग किया। फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था बनी हुई है। पुलिस ने बताया कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह हादसा गैस रिसाव या किसी तकनीकी खराबी के कारण हुआ माना जा रहा है। पुलिस ने मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई करने की बात कही है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने गुरुवार शाम 4 बजे हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए। इसके साथ ही छात्रों का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार समाप्त हो गया। गाजियाबाद जिले में इस वर्ष कुल 53,888 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। इन्हीं परिणामों में गाजियाबाद के महर्षि दयानंद विद्यापीठ की दसवीं की छात्रा आयशा ने 89.3 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। अच्छे अंक हासिल करने के बावजूद आयशा भावुक हो गईं। दरअसल, उन्हें 95 प्रतिशत से अधिक अंक आने की उम्मीद थी, क्योंकि उन्होंने सभी विषयों की परीक्षा बेहतर ढंग से दी थी। आयशा ने बताया कि जिन विषयों में उन्हें अच्छे अंक मिलने का पूरा भरोसा था, उनमें भी अपेक्षा से कम नंबर आए हैं। इस वजह से वह थोड़ी निराश हैं। हालांकि, उन्होंने अपने परिणाम को स्वीकार करते हुए भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने का संकल्प लिया है। उनके पिता एक शिक्षक हैं, जिन्होंने उन्हें हमेशा पढ़ाई के लिए प्रेरित किया है। आयशा का सपना डॉक्टर बनने का है और वह अभी से इसकी तैयारी में जुटी हैं। उन्होंने बताया कि वह NEET परीक्षा की तैयारी कर रही हैं और आगे अपने प्रदर्शन को सुधारने का प्रयास करेंगी। उनका मानना है कि यह परिणाम उनके लिए एक सीख है और वह अपनी कमियों को सुधारकर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ेंगी। स्कूल प्रबंधन और परिवार ने आयशा की मेहनत पर गर्व व्यक्त किया है। शिक्षकों के अनुसार, आयशा शुरू से ही एक मेहनती और अनुशासित छात्रा रही हैं। उनकी यह उपलब्धि कड़ी मेहनत का परिणाम है।
लव मैरिज के दो महीने बाद किया सुसाइड:मैसेज किया-मैं मरना नहीं चाहती थी, मुझे न्याय जरूर दिलाना
आगरा में शादी के 2 महीने बाद विवाहिता ने सुसाइड कर लिया। परिजनों ने बेटी को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। सुसाइड से पहले मैसेज करके बताया। कहा कि मरने के बाद न्याय दिलाना। मृतका के भाई तरुण ने बताया कि बहन कंचन की दो महीने पहले ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र के रहने वाले शिवम वर्मा के साथ शादी हुई थी। दोनों ने लव मैरिज की थी। मगर, शादी के बाद से बहन के ससुराल वाले उसे प्रताड़ित करने लगे। अंतरजातीय विवाह होने के कारण ससुराल वाले जाति को लेकर ताने देते थे। दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे थे। इससे तंग आकर बहन ने बुधवार देर रात सुसाइड कर लिया। सुसाइड के बाद ससुरालीजनों ने कोई जानकारी नहीं दी। गुरुवार सुबह जीजा के दोस्त का फोन आया कि बहन ने सुसाइड कर लिया है। घर आ जाओ। तब हम पहुंचे। उस समय तक ससुराल वालों ने अंतिम संस्कार की तैयारी कर ली थी। बड़ी मुश्किल से बहन का मुंह दिखाया। मरने से पहले किए मैसेजमृतका के भाई ने बताया कि रात करीब दो बजे बहन कंचन ने अपनी सहेली को मैसेज किए। उन्होंने मैसेज में लिखा कि शादी के बाद से पति और दूसरे घरवाले परेशान कर रहे हैं। वो घुट-घुट कर जी रही है। जिससे शादी के लिए अपने परिवार वालों को छोड़ दिया वो पति हर बात पर ताने देता है। अब में ये सब सहन नहीं कर पा रही हूं। मैं मरना नहीं चाहती थी। मगर, ये लोग अब मेरे मायके वालों को परेशान करने वाले थे। मेरी मम्मी भी बहुत परेशान रही है। उन्हें और परेशान नहीं करना चाहती। सॉरी मम्मी। मरने के बाद न्याय दिलवाना। इन लोगों को सजा दिलवाना, जिससे ये किसी दूसरे के बेटी की जिंदगी बर्वाद न कर सके। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजापरिजनों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहु्ंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतका के भाई की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी पति व अन्य लोगों को हिरासत में ले लिया है।
उमाशंकर जायसवाल बने जिले के हाईस्कूल टॉपर:93.6% अंक हासिल किए, आर्थिक तंगी के बावजूद पढ़ाई जारी रखी
लखीमपुर खीरी के रमिया बेहड़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत रामनगर बगहा के छोटे से गांव बगहा से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो संघर्ष, हौसले और सफलता की मिसाल बन गई है। यहां के मेधावी छात्र उमाशंकर ने हाईस्कूल परीक्षा में 93.6 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में टॉप किया है और पूरे इलाके का नाम रोशन कर दिया। सीमित संसाधन और विपरीत परिस्थितियां उमाशंकर के रास्ते में हमेशा चुनौती बनकर खड़ी रहीं, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनकी इस कामयाबी में उनके माता-पिता और शिक्षकों का अहम योगदान रहा। उमाशंकर कहते हैं कि आर्थिक तंगी के बावजूद परिवार ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया और पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। घाघरा की कटान ने छीनी जमीन, झोपड़ी में गुजर-बसर उमाशंकर का परिवार बेहद गरीब है। कभी उनके पिता के पास तीन बीघा जमीन थी, लेकिन वह घाघरा नदी की कटान में बह गई। इसके बाद परिवार पर रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया। आज पूरा परिवार 3040 की एक झोपड़ी में रहकर जीवन यापन कर रहा है। इन हालातों में पढ़ाई जारी रखना आसान नहीं था, लेकिन उमाशंकर ने अपने सपनों को टूटने नहीं दिया। जिम्मेदारियों के बीच भी नहीं छोड़ी पढ़ाई परिवार में माता-पिता के अलावा बड़े भाई ओमप्रकाश हैं, जो आर्थिक तंगी के चलते केवल आठवीं तक पढ़ सके। बड़ी बहन पूजा की भी पढ़ाई आठवीं तक ही हो पाई और अब उनका विवाह हो चुका है। छोटी बहन ममता भी आर्थिक कारणों से आगे की पढ़ाई जारी नहीं रख पा रही है। ऐसे माहौल में उमाशंकर ने पढ़ाई को ही अपना लक्ष्य बनाकर लगातार मेहनत जारी रखी। पढ़ाई के साथ कविता और खेल में भी रुचि उमाशंकर सिर्फ पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि रचनात्मक गतिविधियों में भी आगे हैं। उन्हें कविता लिखने और खेलकूद में विशेष रुचि है। उनका मानना है कि पढ़ाई के साथ मानसिक संतुलन और रचनात्मकता भी जरूरी है। रिजल्ट के बाद दैनिक भास्कर की टीम को उन्होंने अपनी लिखी कविता भी सुनाई। बने क्षेत्र के लिए प्रेरणा उमाशंकर की सफलता ने यह साबित कर दिया कि हालात चाहे कितने भी मुश्किल क्यों न हों, मजबूत इरादों के आगे टिक नहीं सकते। उनकी उपलब्धि अब पूरे क्षेत्र के छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है। गांव के लोगों और शिक्षकों ने उनकी इस सफलता पर खुशी जताई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
आजम खान के दो मुकदमों में बहस पूरी:रामपुर कोर्ट में 29 अप्रैल को सुनवाई, दूसरे पर 2 मई को फैसला
रामपुर की अदालतों में सपा नेता आजम खान से जुड़े मामलों में कानूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। गुरुवार को दो अलग-अलग मुकदमों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई। रामपुर की एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में गुरुवार को आजम खान से जुड़े दो मामलों में सुनवाई हुई, जिससे आगे की कानूनी प्रक्रिया की दिशा स्पष्ट होती दिख रही है। पहला मामला 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान दर्ज हुआ था, जिसमें आजम खान पर तत्कालीन जिलाधिकारी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। यह मुकदमा भोट थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया था और तब से न्यायालय में विचाराधीन है। गुरुवार को हुई सुनवाई में अभियोजन पक्ष ने अपनी बहस पूरी कर ली। अभियोजन अधिकारी स्वदेश शर्मा ने अदालत के समक्ष अपने तर्क रखे। अब इस मामले में बचाव पक्ष अपनी दलीलें पेश करेगा। इसके लिए अदालत ने 29 अप्रैल की तारीख तय की है। दूसरा मामला शत्रु संपत्ति और उससे जुड़ी जमीन से संबंधित है। इसमें तीन अलग-अलग मुकदमों को एक साथ सुनने की मांग की गई थी। बचाव पक्ष ने इन मामलों को एकीकृत कर सुनवाई करने की अर्जी दी थी, जिस पर काफी समय से बहस चल रही थी। गुरुवार को इस मुद्दे पर भी सुनवाई पूरी हो गई। अब अदालत यह तय करेगी कि तीनों मामलों की सुनवाई एक साथ की जाए या अलग-अलग। इसके लिए 2 मई की तारीख निर्धारित की गई है। दोनों मामलों में अब अदालत के अगले फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं। एक ओर जहां 29 अप्रैल को बचाव पक्ष की बहस शुरू होगी, वहीं 2 मई को यह स्पष्ट होगा कि शत्रु संपत्ति से जुड़े मामलों की सुनवाई किस प्रकार आगे बढ़ेगी।
प्रयागराज में अज्ञात महिला का शव मिला:सिसई भट्ठे के पास झाड़ियों में मिला, पहचान मुश्किल
प्रयागराज के मऊ आइमा थाना क्षेत्र में एक अज्ञात महिला का सड़ा-गला शव मिलने से सनसनी फैल गई। यह शव सिसई कोरडी भट्ठे के पास बबूल की झाड़ियों में पाया गया। पुलिस के अनुसार, शव लगभग 5 से 7 दिन पुराना है। जानकारी के मुताबिक, भट्ठे पर काम करने वाले मजदूरों को शव से बदबू आने पर उन्होंने झाड़ियों में देखा। वहां साड़ी में लिपटा एक महिला का सड़ा-गला शव मिला। मजदूरों ने तत्काल इसकी सूचना मऊ आइमा पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आसपास के लोगों से शव की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। महिला की उम्र करीब 40 वर्ष बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, शव इतना सड़ चुका था कि ऐसा प्रतीत होता है कि महिला की हत्या कर उसे यहां फेंका गया है। भट्ठे पर काम करने वाले लोगों ने बताया कि यहां 24 घंटे लोगों का आना-जाना लगा रहता है, ऐसे में भट्ठे से थोड़ी दूर झाड़ियों में शव मिलना आश्चर्यजनक है। सूत्रों के हवाले से यह भी बताया गया है कि महिला के ऊपर किसी ज्वलनशील पदार्थ डाला गया था, जिससे उसका चेहरा पूरी तरह झुलस गया है और सिर कंकाल में बदल गया है। इस वजह से पहचान करना बेहद मुश्किल हो रहा है। इस संबंध में एसीपी फूलपुर विवेक यादव ने बताया कि उन्हें प्रकरण की जानकारी मिली है। शव की पहचान करने के प्रयास जारी हैं और थाना मऊ आइमा के प्रभारी निरीक्षक को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित कर दिया गया है।
लखनऊ के लोक भवन सचिवालय में अंबेडकर जयंती:उपमुख्यमंत्री बोले - बाबा साहब विश्वस्तरीय व्यक्तित्व
लखनऊ के लोक भवन सचिवालय ऑडिटोरियम में बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। कार्यक्रम का सहयोग 'भारत रत्न बाबा साहब अंबेडकर जन्मोत्सव आयोजन समिति, उत्तर प्रदेश सचिवालय' ने किया था। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। उन्होंने बाबा साहब को विश्व स्तर का महान व्यक्तित्व बताया। पाठक ने कहा कि बाबा साहब को केवल भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में सम्मान के साथ याद किया जाता है। उनकी विद्वता और सोच का लोहा आज भी हर देश मानता है। बाबा साहब ने भारत को एक अद्वितीय संविधान दिया अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब ने भारत को एक अद्वितीय संविधान दिया, जिसकी मिसाल दुनिया के किसी अन्य देश में नहीं मिलती। उन्होंने विषम परिस्थितियों में जन्म लेकर संघर्ष के दम पर जो ऊंचाई हासिल की, वह प्रेरणा का सबसे बड़ा उदाहरण है।ब्रजेश पाठक ने इस बात पर जोर दिया कि बाबा साहब ने दलित, शोषित और वंचित समाज के साथ-साथ महिलाओं को बराबरी का अधिकार दिलाने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। महिलाएं अब कलम से लेकर आसमान तक अपनी पहचान बना रही उन्होंने कहा कि आज देश में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी बाबा साहब की उसी सोच का परिणाम है। महिलाएं अब कलम से लेकर आसमान तक अपनी पहचान बना रही हैं।कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में सभी की अहम भूमिका है। उन्होंने सभी को अपना सहयोगी बताते हुए बेहतर समन्वय के साथ काम करने की अपील की।
देवास में औद्योगिक थाना पुलिस ने गुरुवार को कंपनी से लोहा चोरी करने वाले दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 20 अप्रैल को हुई चोरी के मामले में की गई। मामले में, शिखर्जीधाम निवासी सतीश पिता शंकरलाल बैंडवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह देवास के इंडस्ट्रियल एरिया नंबर 1 स्थित श्री निवास बोर्ड एंड पेपर प्राइवेट लिमिटेड का संचालन करते हैं। 20 अप्रैल की रात को उनकी कंपनी से लोहे का सामान चोरी हो गया था। फरियादी की रिपोर्ट के आधार पर औद्योगिक थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मुखबिर से मिली सूचना के बाद पुलिस ने दो आरोपियों, शेरसिंह पिता झुझार सिंह पंवार (38) और विशाल पिता मिश्रीलाल पाटीदार (19), दोनों निवासी सर्वोदयनगर, देवास को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी करने की बात कबूल की। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी किया गया लोहे का सामान बरामद कर लिया है। पुलिस आगे की पूछताछ कर रही है।
खैरथल-तिजारा जिला कलेक्टर अतुल प्रकाश की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला सचिवालय में शिक्षा विभाग की जिला स्तरीय निष्पादन बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने विभागीय कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने जल कनेक्शन से वंचित विद्यालयों की अद्यतन जानकारी जल्द से जल्द संकलित करने के निर्देश दिए। साथ ही भवन रहित और निर्माणाधीन विद्यालयों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा के लिए समसा अभियंता को बैठक में बुलाने को कहा। स्कूल-आंगनवाड़ी तालमेल और फंड मैनेजमेंट पर चर्चा बैठक के दौरान कलेक्टर ने विद्यालय परिसरों में संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों की जानकारी एकत्रित कर ICDS विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने सभी विद्यालयों को मिलने वाले फंड की व्यवस्थित जानकारी संधारित कर कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए। इसके साथ ही स्टाफ डिटेल का विश्लेषण कर आवश्यकतानुसार कार्मिकों की रिपोर्ट तैयार करने को भी कहा गया, ताकि संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके। शाला दर्पण पोर्टल अपडेट करने के लिए कहा अकादमिक स्तर पर कलेक्टर ने कक्षा 5 तक फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (FLN) की नियमित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विद्यार्थियों के अधिगम स्तर का मूल्यांकन कर सुधारात्मक कदम उठाने पर भी जोर दिया गया। साथ ही शाला दर्पण पोर्टल पर ब्लू और पिंक टैबलेट से संबंधित प्रविष्टियों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। डाइट के लिए भूमि आवंटन के मुद्दे पर भी हुई बात बैठक में डाइट खैरथल-तिजारा के लिए भूमि आवंटन के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने नगर परिषद के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक/माध्यमिक) रमेश कुमार मेघ, सहायक अभियंता विद्युत विभाग दिनेश भड़ाना और विभिन्न ब्लॉकों के शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक नाबालिग लड़की के अपहरण मामले में सख्त रुख अपनाया है। न्यायालय ने अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को व्यक्तिगत शपथपत्र दाखिल कर अपहरण की बरामदगी के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने एसएसपी को तीन सप्ताह के भीतर शपथपत्र दाखिल करने को कहा है। ऐसा न करने पर उन्हें अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से हाजिर होना होगा। इस मामले की अगली सुनवाई 26 मई को निर्धारित की गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन और न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने नाबालिग के पिता द्वारा दायर याचिका पर दिया। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता चंदन श्रीवास्तव ने न्यायालय को बताया कि यह मामला अयोध्या जनपद के महाराजगंज थाने से संबंधित है। आरोप है कि याची की 15 वर्षीय बेटी का 10 जनवरी को एक नामजद अभियुक्त ने अपहरण कर लिया था। इस संबंध में 13 जनवरी को प्राथमिकी दर्ज की गई थी, लेकिन पुलिस अभी तक लड़की को बरामद करने में विफल रही है। अधिवक्ता ने कोर्ट को यह भी बताया कि इसी नामजद अभियुक्त ने पहले भी याची की बेटी का अपहरण किया था। उस समय पुलिस ने उसे बिहार से गिरफ्तार कर लड़की को बरामद किया था। उस मुकदमे में गवाही से ठीक पहले अभियुक्त ने लड़की का फिर से अपहरण कर लिया। न्यायालय को यह भी जानकारी दी गई कि 'बचपन बचाओ आंदोलन बनाम भारत सरकार' मामले में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद, केंद्र सरकार ने आदेश दिया था कि यदि चार महीने के भीतर अपहृत बच्चे की बरामदगी नहीं होती है, तो मामले को एंटी-ट्रैफिकिंग यूनिट को भेजा जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए, न्यायालय ने एसएसपी को जवाब दाखिल करने या व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
मथुरा के छाता क्षेत्र स्थित संस्कृति यूनिवर्सिटी में गुरुवार को ड्यूटी के दौरान एक कर्मचारी की मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर शव रखकर मुआवजे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। मृतक की पहचान छाता क्षेत्र के सांखी गांव निवासी 50 वर्षीय बच्चू पंडित के रूप में हुई है। वह पिछले 10 वर्षों से यूनिवर्सिटी में माली के पद पर कार्यरत थे। गुरुवार शाम करीब 4 बजे ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। मृतक के भाई जवाहर ने विश्वविद्यालय प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि बच्चू पंडित लंबे समय से विश्वविद्यालय में सेवा दे रहे थे। परिजनों ने उचित मुआवजे की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव को यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया। काफी देर तक चले प्रदर्शन के बाद थाना प्रभारी कमलेश सिंह ने परिजनों को समझाकर शांत कराया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी कमलेश सिंह के अनुसार, प्रारंभिक जांच में अत्यधिक गर्मी और लू लगने से तबीयत बिगड़ने को मौत का संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि, मृत्यु का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
योगी सरकार प्रदेश के खिलाड़ियों को बड़ा मंच देने की तैयारी में है। सरकार जल्द ही 5 नए स्पोर्ट्स स्टेडियम का तोहफा देने जा रही है। इन स्टेडियमों के बनने से गाजीपुर, चंदौली, हापुड़, संभल और शामली के खिलाड़ियों को प्रैक्टिस के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। खेल विभाग इन जिलों में स्टेडियम के साथ-साथ मॉडर्न सुविधाएं भी विकसित कर रहा है। किस जिले में कितना हुआ काम? प्रदेश के 71 जिलों में अभी 84 स्टेडियम चल रहे हैं, जबकि 5 नए स्टेडियमों पर तेजी से काम हो रहा है। निर्माण कार्य की स्थिति इस प्रकार है: गाजीपुर: नया स्टेडियम 99.9% बनकर तैयार है। कुछ छोटी कमियों को दूर कर जल्द ही इसे हैंडओवर किया जाएगा। हापुड़: स्टेडियम का निर्माण लगभग 70% पूरा हो चुका है। संभल: करीब 26% काम हो गया है। शामली और चंदौली: शामली में काम शुरू हो चुका है, जबकि चंदौली में निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। सिर्फ मैदान नहीं, मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं योगी सरकार का लक्ष्य सिर्फ बिल्डिंग खड़ा करना नहीं, बल्कि खिलाड़ियों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं देना है। इन स्टेडियमों में खिलाड़ियों को मल्टीपर्पज हॉल, जिम, स्विमिंग पूल, एथलेटिक्स ट्रैक, बैडमिंटन, टेनिस, वॉलीबॉल कोर्ट, हॉकी, फुटबॉल के शानदार मैदान मिलेंगे। घर के पास मिलेगा बेहतर प्रशिक्षण यूपी के खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। इन स्टेडियमों के तैयार होने से ग्रामीण और कस्बाई इलाकों की प्रतिभाओं को निखरने का मौका मिलेगा। जब खिलाड़ियों को अपने ही जिले में आधुनिक सुविधाएं और अच्छी ट्रेनिंग मिलेगी, तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकेंगे।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) ने हाई स्कूल परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए हैं। सुल्तानपुर के छात्रों ने इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। सरस्वती इंटरमीडिएट कॉलेज, झारखंड कादीपुर के आदित्य भूषण पांडेय ने जिले में पहला और प्रदेश में छठा स्थान प्राप्त किया है। इसी विद्यालय की प्रत्युषा मिश्रा ने जिले में तीसरा और प्रदेश में नौवां स्थान हासिल किया है। राम दुलारी शारदा प्रसाद बालिका इंटर कॉलेज, मझवारा की छात्रा दीपांशी ने जिले में दूसरा और प्रदेश में आठवां स्थान प्राप्त किया है। दीपांशी के पिता सब्जी विक्रेता हैं। उन्होंने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य न होने के बावजूद उन्होंने कड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है। दीपांशी ने अपनी सफलता का श्रेय 3D कोचिंग करियर क्लासेस और अपने प्राचार्य को दिया है। वह भविष्य में सिविल सेवा की तैयारी करना चाहती हैं। दैनिक भास्कर से बात करते हुए आदित्य भूषण पांडेय ने अपनी सफलता का श्रेय प्रधानाचार्य, शिक्षकों, भगवान और माता-पिता के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने सेल्फ-स्टडी और स्कूल में पढ़ाए गए विषयों को नियमित रूप से दोहराकर यह मुकाम हासिल किया है। आदित्य का लक्ष्य संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) में शामिल होकर देश की सेवा करना है। आदित्य के पिता शांति भूषण पांडेय इसी विद्यालय में आचार्य हैं, जबकि उनकी माता शिवानी पांडेय एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं। आदित्य अपने दो भाइयों में सबसे छोटे हैं और कादीपुर के निवासी हैं। प्रत्युषा मिश्रा ने भी अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, प्रधानाचार्य, क्लास टीचर और विद्यालय के सभी शिक्षकों को दिया। उन्होंने सेल्फ-स्टडी पर विशेष ध्यान दिया और स्कूल में पढ़ाए गए पाठों को घर पर दोहराया। प्रत्युषा का लक्ष्य एक आईएएस अधिकारी बनना है। उन्होंने अन्य छात्रों को सलाह दी कि वे अपना दैनिक कार्य पूरा करें और संदेह होने पर शिक्षकों से मार्गदर्शन लें। प्रत्युषा के पिता पंकज मिश्रा बैंक ऑफ बड़ौदा में कार्यरत हैं, और उनकी माता जयश्री मिश्रा प्राथमिक सहायक अध्यापिका हैं। प्रत्युषा पड़ेला, कादीपुर की निवासी हैं।
कोटा शहर पुलिस ने चार साल से फरार 10 हजार रुपए के इनामी शातिर वाहन चोर संजय उर्फ उदय मीणा (35) को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था और लग्जरी कार चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी जयपुर के सांगानेर में हुलिया बदलकर गैराज में काम कर रहा था। पुलिस ग्राहक बनकर गैराज में पहुंची। पुलिस एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया - जिले में वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है। इसी अभियान के तहत कुन्हाड़ी थाना में दर्ज क्रेटा कार चोरी के मामले में फरार चल रहे आरोपी को ट्रैक कर गिरफ्तार किया गया। यह मामला 7 जुलाई 2022 का है, जब संगम विहार निवासी बाबूलाल की कार घर के बाहर से चोरी हो गई थी। पुलिस को देख भागने लगा आरोपी जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की मदद से गिरोह का खुलासा किया। इस मामले में पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि संजय मीणा फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी जयपुर के सांगानेर इलाके में नाम और हुलिया बदलकर गैराज में काम कर रहा है। टीम ने ग्राहक बनकर गैराज में एंट्री की। आरोपी पुलिस को देखकर भागने लगा, लेकिन करीब 2 किलोमीटर पीछा करने के बाद उसे पकड़ लिया गया। लग्जरी कारों की चोरी करता था गिरोह पूछताछ में सामने आया कि आरोपी गिरोह बनाकर लग्जरी कारों की चोरी करता था। ये लोग OBD (ऑन बोर्ड डायग्नोस्टिक) पोर्ट हैकिंग सिस्टम का इस्तेमाल करते थे। कार के अंदर डिवाइस लगाकर सॉफ्टवेयर हैक करते और नकली चाबी प्रोग्राम कर कार स्टार्ट कर लेते थे। इसके बाद चोरी की कारों को सस्ते दामों में दूसरे जिलों में बेच देते थे। कार चोर को पकड़ने में विशेष भूमिका कांस्टेबल तवंर सिह की रही हैं। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
घाटमपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम कंठीपुर में संत रविदास जी की पावन प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम का आयोजन बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। इस अवसर पर घाटमपुर की विधायक सरोज कुरील मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही उन्होंने संत रविदास जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, गणमान्य नागरिक एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे। पूरे वातावरण में भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिला। लोगों ने संत रविदास जी के विचारों को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर विधायक सरोज कुरील जी ने अपने संबोधन में कहा कि संत रविदास जी केवल एक संत ही नहीं, बल्कि समाज सुधारक और महान विचारक भी थे। उनके द्वारा दिए गए आदर्श—समरसता, समानता और मानवता—आज के समय में और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी का जीवन हमें यह सिखाता है कि समाज में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए और सभी लोगों को समान अधिकार एवं सम्मान मिलना चाहिए। विधायक सरोज कुरील ने आगे कहा कि ऐसे प्रेरणादायी कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों को एकजुट होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे संत रविदास जी के सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाएं और समाज में भाईचारा, सद्भाव एवं एकता बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाएं।
दमोह के बिजोरी पाठक गांव में एक दिव्यांग दलित दूल्हे के साथ मारपीट के मामले में पुलिस ने चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने गुरुवार शाम आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई हेतु कलेक्टर को प्रतिवेदन भेजा जा रहा है। घोड़ी पर रछवाई निकालने को लेकर विवाद यह घटना मंगलवार शाम को हुई जब गोलू अहिरवार की रछवाई घोड़ी पर निकाली जा रही थी। लोधी मोहल्ले से गुजरते समय विश्वनाथ सिंह, बिच्छू, घुप्पु और चिन्नू नामक व्यक्तियों ने दूल्हे को घोड़ी से उतरने को कहा। मना करने पर आरोपियों ने गोलू और उसकी बहन मनीषा के साथ बेरहमी से मारपीट की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था। जातिगत भेदभाव पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी एसपी सोमवंशी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ जातिगत आधार पर भेदभाव या अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि घटना के समय वहां मौजूद अन्य लोगों के भी बयान दर्ज किए जा रहे हैं। एसपी ने बताया कि यदि सोशल मीडिया पर किसी ने इस घटना के संबंध में भड़काऊ या अनर्गल टिप्पणी की, तो उन पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए दो-तीन संदिग्धों के नाम कोतवाली पुलिस को सौंपे गए हैं। शांति व्यवस्था के लिए गांव में पुलिस बल तैनात पुलिस प्रशासन ने गांव में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है। वहीं कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात कर समर्थन दिया था। एसपी ने ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी अप्रिय घटना का अंदेशा हो, तो वे तत्काल नजदीकी थाने में संपर्क कर सुरक्षा मांग सकते हैं।
तांत्रिक गैंग का भंडाफोड़, महिला समेत 3 गिरफ्तार:झाड़फूंक के नाम पर विजिटिंग कार्ड से बिछाते थे जाल
मुजफ्फरनगर के थाना खालापार क्षेत्र में पुलिस ने झाड़फूंक और तांत्रिक क्रियाओं के नाम पर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ये आरोपी लोगों को अंधविश्वास के जाल में फंसाकर उनके कीमती आभूषणों की ठगी करते थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गाजियाबाद निवासी आबिद, बागपत निवासी असलम उर्फ युसुफ और लोनी (गाजियाबाद) निवासी नगीना के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक पीली धातु का कंगन, तीन मोबाइल फोन, एक पिट्ठू बैग, 4750 विजिटिंग कार्ड और एक वैगनआर कार बरामद की है। दरअसल, 16 अप्रैल को एक पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, एक महिला ने झाड़फूंक के बहाने उसके घर आकर आभूषणों को एक पोटली में रखवाया। इसके बाद महिला चालाकी से पोटली बदलकर जेवर लेकर फरार हो गई थी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और एक टीम गठित की। गुरुवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे पहले इलाके में विजिटिंग कार्ड बांटते थे। जब कोई व्यक्ति उनसे संपर्क करता, तो वे खुद को तांत्रिक बताकर उसके घर पहुंचते थे। झाड़फूंक के नाम पर वे आभूषणों को पोटली में रखवाते और फिर उसे बदल देते थे। फिलहाल पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। गिरोह से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह कई और वारदातों में शामिल हो सकता है।
सपा नेता मोहम्मद आजम खान को शत्रु संपत्ति मामले में रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। आजम खान फिलहाल रामपुर जिला कारागार में बंद हैं। यह मामला साल 2020 में दर्ज किया गया था। इसमें रिकॉर्ड रूम के दस्तावेजों से कथित तौर पर छेड़छाड़ और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगे हैं। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने मामले में कई गंभीर धाराएं जोड़ीं। इनमें 420 (धोखाधड़ी), 467 (मूल्यवान प्रतिभूति की जालसाजी), 471 (जाली दस्तावेज का उपयोग), 120बी (आपराधिक साजिश) और 201 (सबूत मिटाना) जैसी धाराएं शामिल हैं। इन धाराओं के जुड़ने से मामले की गंभीरता बढ़ गई। आजम खान के अधिवक्ता ने जमानत के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में सुनवाई के बाद जज शोभित बंसल ने उनकी याचिका खारिज कर दी। अभियोजन पक्ष के तर्कों को देखते हुए कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। अभियोजन अधिकारी स्वदेश शर्मा ने बताया कि मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए जमानत अर्जी खारिज की गई है। आजम खान रामपुर जिला कारागार में ही रहेंगे। इस फैसले के बाद शत्रु संपत्ति मामले की कानूनी प्रक्रिया और लंबी खिंचने की संभावना है।
टोंक जिले के अलीगढ़ थाना क्षेत्र में गुरुवार दोपहर ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क किनारे करीब 10 फीट नीचे तालाब में गिर गई। हादसे में ट्रैक्टर पर सवार 16 वर्षीय नाबालिग छात्र की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा चौरू से मंडावरा जाने वाले कच्चे रास्ते पर हुआ। सिर फटने से मौके पर ही मौत मृतक की पहचान चोरू निवासी मगन सिंह सैनी पुत्र सोजी लाल सैनी के रूप में हुई है। हादसे में ट्रैक्टर के नीचे दबने से उसका सिर गंभीर रूप से फट गया, जिससे अत्यधिक खून बह गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि जिस स्थान पर ट्रैक्टर गिरा वहां तालाब में पानी नहीं था। ट्रैक्टर ड्राइवर की पहचान स्पष्ट नहीं अलीगढ़ थाना प्रभारी राजकुमार ने बताया - अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ट्रैक्टर कौन चला रहा था। परिजनों की ओर से भी इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी पुलिस को नहीं दी गई है। पुलिस को केवल इतना बताया गया कि बालक ट्रैक्टर पर बैठा था और पलटने के बाद उसके नीचे दब गया, जिससे उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद आसपास के लोग और राहगीर मौके पर पहुंचे और घायल छात्र को हॉस्पिटल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर एएसआई हरिसिंह मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार गुरुवार शाम को परिजनों ने गमगीन माहौल में मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस ने बताया कि रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर में 30 करोड़ की चारागाह भूमि कब्जामुक्त:परसौली गांव में प्रशासन ने चलाया बुलडोजर अभियान
कानपुर नगर में प्रशासन ने अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। सदर तहसील के ग्राम परसौली में जिलाधिकारी के निर्देश पर एक बड़ा अभियान चलाया गया। इस दौरान तहसीलदार विनय द्विवेदी के नेतृत्व में राजस्व टीम ने लगभग 20 बीघा चारागाह भूमि को कब्जामुक्त कराया, जिसकी बाजार कीमत करीब 30 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई गाटा संख्या 95, 183, 385, 388 और 389 पर की गई, जहां लंबे समय से अवैध कब्जे और निर्माण की शिकायतें मिल रही थीं। टीम ने मौके पर पहुंचकर पहले भूमि का सीमांकन किया। कब्जे की पुष्टि होने के बाद अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया गया। दिनभर चली इस कार्रवाई में सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर जमीन ग्रामसभा को वापस दिला दी गई। अभियान के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासनिक अधिकारियों की कड़ी निगरानी में यह पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर अनुभव सिंह ने इस संबंध में स्पष्ट किया कि सरकारी और ग्रामसभा की जमीन पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में लगातार अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सान्वी गुप्ता ने इंटरमीडिएट में किया जिला टॉप:टॉप-10 में छात्राओं का दबदबा, 93.80% अंक प्राप्त किए
गाजीपुर में यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम घोषित हो गया है। लुर्दस कॉवेंट स्कूल की छात्रा सान्वी गुप्ता ने 93.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में पहला स्थान हासिल किया है। मेरिट सूची में दूसरे स्थान पर सुप्रिया यादव 93.20 प्रतिशत अंकों के साथ रहीं। तीसरे स्थान पर आयुष यादव ने 92.40 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। चौथे स्थान पर उजाला यादव और अनुष्का भारती ने 91.80 प्रतिशत अंक हासिल किए, जबकि पांचवें स्थान पर आदित्य सिंह 91.40 प्रतिशत अंकों के साथ रहे। छठवें स्थान पर खुशी यादव ने 91.20 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। सातवें स्थान पर समीक्षा यादव ने 90 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। आठवें स्थान पर सलोनी यादव 89.80 प्रतिशत अंकों के साथ रहीं, और नौवें स्थान पर प्रियांशु यादव ने 89.60 प्रतिशत अंक हासिल किए। मेरिट सूची में दसवें स्थान पर आदित्य प्रजापति और तनु ने 89.20 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। इस वर्ष इंटरमीडिएट के टॉप टेन में छात्राओं का दबदबा रहा। बेटियों ने अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत से एक बार फिर मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
पुलिस ने परशुराम जयंती शोभायात्रा से फरसे छीने:अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद सम्मानपूर्वक लौटाए गए
भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर ब्राह्मण समाज ने एक भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया। इसमें हजारों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री सोमेन्द्र तोमर, पूर्व विधायक संगीत सोम सहित मेरठ के कई व्यापारी नेता और प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। इस दौरान सभी अतिथियों को भगवान परशुराम का प्रतीकात्मक फरसा भेंट कर सम्मानित किया गया। शोभायात्रा में कुछ श्रद्धालु पारंपरिक रूप से फरसा और धार्मिक ध्वज लेकर चल रहे थे, जो आस्था एवं संस्कृति का प्रतीक था। इसी बीच, सीओ सिविल लाइन शुचिता सिंह ने माइक से घोषणा करते हुए वीडियो रिकॉर्डिंग करने और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी। इसके बाद पुलिस ने श्रद्धालुओं से भगवान परशुराम के प्रतीक स्वरूप फरसे छीनकर अपने कब्जे में ले लिए और उपस्थित लोगों को शांत कराया। इस घटना से ब्राह्मण समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची और समाज में व्यापक आक्रोश उत्पन्न हुआ। इस विषय को गंभीरता से लेते हुए अधिवक्ता राम कुमार शर्मा ने ब्राह्मण समाज और भगवान परशुराम के सम्मान में आवाज उठाई। उन्होंने अरविंद शर्मा के साथ मिलकर आंदोलन करने का निर्णय लिया। वहीं, सुनील भराला ने उच्च अधिकारियों से वार्ता कर प्रकरण को उनके संज्ञान में लाया। इस पर एसएसपी मेरठ ने त्वरित संज्ञान लेते हुए सीओ सिविल लाइन को निर्देशित किया कि पवित्र फरसों को सम्मानपूर्वक समाज को वापस सौंपा जाए। उक्त निर्देश के अनुपालन में, आज थाना मेडिकल कॉलेज, मेरठ में राम कुमार शर्मा (एडवोकेट), अजय भराला, अरविंद शर्मा, सच्चिदानंद और अन्य समाज के प्रतिनिधियों ने पहुंचकर पुलिस प्रशासन से फरसे ससम्मान प्राप्त किए। उन्होंने इस सकारात्मक पहल के लिए एसएसपी मेरठ और समस्त उच्च अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। समाज के प्रतिनिधियों ने यह भी निर्णय लिया है कि प्राप्त पवित्र फरसों और तलवारों को जादूगर बाग स्थित भगवान परशुराम मंदिर में विधि-विधान के साथ भव्य आयोजन कर हवन-पूजन एवं वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार शुद्धिकरण उपरांत भगवान के चरणों में समर्पित किया जाएगा। यह आयोजन सनातन संस्कृति, परंपरा एवं धार्मिक आस्था के संरक्षण एवं संवर्धन का प्रतीक होगा।
मऊ की प्रतीक्षा पांडे प्रदेश में चौथे स्थान पर:यूपी बोर्ड हाईस्कूल में जिले की छात्राओं का दबदबा
यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। मऊ जिले की प्रतीक्षा पांडे ने हाईस्कूल परीक्षा में प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया है। वह जिले में भी टॉपर रही हैं।प्रतीक्षा पांडे मधुबन स्थित सुभागी देवी इंटर कॉलेज की छात्रा हैं। उनके पिता लोकेश पांडे पेशे से अध्यापक हैं, जबकि मां सोनी पांडे गृहिणी हैं। प्रतीक्षा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों और माता-पिता को दिया है। प्रतीक्षा सिविल सेवा में जाना चाहती हैं और इसके लिए उन्होंने गणित विषय चुना है। वह 11वीं में भी इसी विषय से पढ़ाई करेंगी। प्रतीक्षा स्कूल के समय के अलावा रात में पढ़ाई पर अधिक ध्यान देती हैं।सुभागी देवी इंटर कॉलेज, मधुबन की छात्रा गरिमा मौर्य ने प्रदेश में दसवां और जिले में चौथा स्थान प्राप्त किया है। गरिमा ने भी अपनी सफलता के लिए शिक्षकों और परिजनों को धन्यवाद दिया।गरिमा का लक्ष्य भी भविष्य में सिविल सेवा में शामिल होकर आईएएस बनना है। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता ने उन्हें समय पर पढ़ने के लिए प्रेरित किया। मऊ जिले के अन्य टॉपर्स में कोपागंज स्थित पंडित दीन दयाल समाज कल्याण इंटर कॉलेज की अनम कायनात दूसरे स्थान पर रहीं। कासिमपुर के ओमप्रकाश पंडित उत्तर माध्यमिक विद्यालय के अवनीश सिंह ने तीसरा स्थान हासिल किया। चकतुरंत के श्री केदारनाथ उत्तर माध्यमिक विद्यालय के रजनीश सिंह पांचवें स्थान पर रहे। जिले में 10वीं का कुल परिणाम 93.22 प्रतिशत दर्ज किया गया।
मंदसौर जिले के करजू गांव से गुरुवार रात एक सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा करजू गांव स्थित शासकीय स्कूल के पास हुआ, जहां बाइक और डंपर के बीच जोरदार टक्कर हो गई। घायल युवक की पहचान राहुल पिता रामदयाल पाटीदार (26), निवासी करजू थाना भावगढ़ के रूप में हुई। हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से राहुल को तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। चेहरे पर गंभीर चोट, हाथ-पैर भी जख्मीडॉक्टरों के अनुसार राहुल के चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं और उसका मुंह पूरी तरह से जख्मी हो चुका है। इसके अलावा उसके हाथ और पैरों में भी चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। मंदिर से लौटते समय हुआ हादसाराहुल के पिता रामदयाल पाटीदार ने बताया कि राहुल खेती करता है और आकोदड़ा स्थित कालका माता मंदिर में दर्शन कर गांव लौट रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार अज्ञात डंपर ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर के बाद डंपर चालक फरारप्राथमिक जानकारी के अनुसार हादसे के बाद डंपर चालक मौके से वाहन सहित फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है। डॉक्टरों के मुताबिक राहुल की हालत थोड़ी गंभीर बनी हुई है। ऐसे में प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाएगा।
रामपुर में इंटरमीडिएट में सेजल आर्या बनीं टॉपर:छात्राओं का टॉप-5 में दबदबा, दूसरे स्थान पर मंतशा रही
रामपुर में इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम घोषित होते ही खुशी की लहर दौड़ गई। इस बार भी छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेरिट सूची में स्थान बनाया। परिणाम आते ही छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में उत्साह देखने को मिला। श्यामा देवी इंटर कॉलेज की छात्रा सेजल आर्या ने 451 अंक (90.20 प्रतिशत) प्राप्त कर जिले में पहला स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि से विद्यालय और परिवार में खुशी का माहौल है। दूसरे स्थान पर कालावती कन्या इंटर कॉलेज मिलक की मंतशा रहीं, जिन्होंने 449 अंक (89.80 प्रतिशत) प्राप्त किए। के.के.एम.पी. इंटर कॉलेज, सरकथल टांडा की छात्रा शाहरीन ने 448 अंक (89.60 प्रतिशत) के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। रीता पब्लिक इंटर कॉलेज, परम, मिलक की प्रियांशी ने 446 अंक (89.20 प्रतिशत) प्राप्त कर चौथा स्थान प्राप्त किया। वहीं एम.डी.वी.एम. इंटर कॉलेज, बिलासपुर के छात्र अंश कुमार ने 441 अंक (88.20 प्रतिशत) के साथ पांचवां स्थान हासिल किया। शिक्षा विभाग के अनुसार, इस वर्ष इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए कुल 24,860 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 23,210 छात्र परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 1,650 अनुपस्थित रहे। अधिकारियों ने परिणामों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता छात्रों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग का नतीजा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में जिले का प्रदर्शन और बेहतर होगा।
मध्य प्रदेश में संदीपनी स्कूल, पीएम श्री स्कूल और उत्कृष्ट विद्यालय सहित सरकारी स्कूलों की मॉनिटरिंग और कार्य योजना में अब अशासकीय सदस्यों की भी भागीदारी होगी। शासन द्वारा गठित जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति में इन सदस्यों को स्कूलों के कार्यों में अपनी बात रखने और सुझाव देने का अधिकार रहेगा। कलेक्टर की अध्यक्षता में बनेगी जिला समिति जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति की अध्यक्षता कलेक्टर करेंगे। समिति में जिला पंचायत सीईओ, जिला शिक्षा अधिकारी और शासन द्वारा नियुक्त एक अशासकीय सदस्य शामिल होंगे। गुरुवार को प्रदेश के सभी जिलों के लिए ऐसे सदस्यों की सूची जारी की गई है। समिति में उन लोगों को शामिल किया गया है, जिन्हें शिक्षा के क्षेत्र में अनुभव या रुचि है। नर्मदापुरम संभाग में नर्मदापुरम से राहुल सिंह सोलंकी, बैतूल से ओमप्रकाश राठौर, हरदा से भगीरथ गौर, छिंदवाड़ा से सुधाकर घोघर और सीहोर से कैलाश सिंह पांचाल को सदस्य नामांकित किया गया है। राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले सदस्य भी शामिल जिले से नामांकित सदस्य राहुल सिंह सोलंकी की राजनीतिक पृष्ठभूमि रही है और वे भाजपा से जुड़े रहे हैं। ऐसे में समिति में अशासकीय सदस्यों की भूमिका और उनके हस्तक्षेप को लेकर आगे निगाहें रहेंगी। देखें आदेश और सूची
महिला आरक्षण बिल पर केंद्रीय मंत्री गुर्जर का बयान:विपक्ष पर लगाया महिलाओं के अपमान का आरोप
मेरठ पहुंचे केंद्रीय मंत्री कृष्ण गोपाल गुर्जर ने महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिलाओं का अपमान किया है और इस बिल को संसद में पारित नहीं होने दिया। गुर्जर ने कहा कि विपक्ष ने पंचायतों में आरक्षण का समर्थन किया था, लेकिन जब लोकसभा और विधानसभाओं में अपनी सीटें खतरे में दिखीं तो उन्होंने महिला आरक्षण का विरोध करना शुरू कर दिया। उन्होंने इसे विपक्ष की एक साजिश बताया, क्योंकि वे नहीं चाहते कि महिलाएं इन सदनों में आएं। केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष के इस सवाल का भी जवाब दिया कि बिल को 2023 में लाकर 2024 में लागू क्यों नहीं किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिल को तुरंत लागू करने में समय लगता है। इसके लिए पहले जनगणना (सेंसस) होगी, फिर केंद्र का परिसीमन आयोग बनेगा और उसके बाद राज्यों का परिसीमन आयोग गठित होगा। इस पूरी प्रक्रिया में दो साल से अधिक का समय लगता है। गुर्जर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि यदि इस प्रक्रिया का पालन किया जाता है, तो बहनों को 2029 में भी आरक्षण नहीं मिल पाएगा। इसलिए मोदी सरकार चाहती है कि महिलाओं को 2029 के लोकसभा और उसके बाद होने वाले विधानसभा चुनावों में आरक्षण का लाभ मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का यह विरोध वास्तव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ था, क्योंकि वे लगातार उनके सामने टिक नहीं पा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि पिछले 11-12 सालों में मोदी जी के नेतृत्व में देश ने प्रगति की है और भारतीय जनता पार्टी (NDA) लगातार जीत रही है। केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके जैसे दलों को 'सुधार विरोधी' करार दिया। उन्होंने कहा कि इन दलों ने महिला आरक्षण बिल की भ्रूण हत्या कर दी है। गुर्जर ने प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संदेश का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने देश की बहनों से माफी मांगी थी। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बिल को तुरंत लागू न कर पाने के कारण माफी मांगी थी, लेकिन यह प्रक्रियागत देरी के कारण था, न कि इच्छाशक्ति की कमी के कारण।
नंदनी गुप्ता रायबरेली में बनीं जिला टॉपर:12वीं यूपी बोर्ड परीक्षा में मिले 93.8 प्रतिशत अंक
रायबरेली जनपद के सराय मुगला, राही क्षेत्र की मेधावी छात्रा नंदनी गुप्ता ने यूपी बोर्ड की 12वीं (विज्ञान वर्ग) परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 469 अंक (93.8%) प्राप्त कर जिले में प्रथम स्थान हासिल किया है। उनकी इस बड़ी सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। नंदनी के पिता सुशील कुमार एक परिश्रमी किसान हैं, जबकि उनकी माता पूनम गृहिणी हैं। साधारण परिवार से आने के बावजूद नंदनी ने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। परिवार में नंदनी के साथ एक छोटा भाई और एक बड़ी बहन भी हैं, जिन्होंने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। अन्य बच्चों को मिलेगी प्रेरणा नंदनी वीणा पाणी इंटर कॉलेज, मलिकमऊ, रायबरेली की छात्रा हैं। विद्यालय परिवार ने उनकी इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। नंदनी की इस सफलता ने यह सिद्ध कर दिया है कि कड़ी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उनकी सफलता से जिले के अन्य छात्र-छात्राओं को भी नई प्रेरणा मिलेगी।
राज्यपाल रमेन डेका ने रायपुर जिले में विकासखंड स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को जनता के बीच जाकर संवाद बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए हितग्राहियों से सीधा संपर्क जरूरी है। बैठक में जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट अजा, प्रोजेक्ट ग्रीन पालना और प्रोजेक्ट रचना जैसे नवाचारों की जानकारी दी गई, जिनकी राज्यपाल ने सराहना करते हुए समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक में जल संरक्षण, कृषि और विकास कार्यों पर विशेष चर्चा हुई। राज्यपाल ने ग्राम पंचायत स्तर पर डबरी निर्माण को बढ़ावा देने और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने बताया कि जिले में मिशन मोड में कुओं का निर्माण किया जा रहा है और प्रधानमंत्री आवास योजना के घरों में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग को शामिल किया जा रहा है। साथ ही धान की अधिक जल खपत को देखते हुए किसानों को वैकल्पिक फसलों के लिए प्रोत्साहित करने की बात भी कही गई। जल संरक्षण पर जोर, डबरी निर्माण और संसाधनों का रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देशराज्यपाल ने कहा कि तेजी से विकसित हो रहे रायपुर में आने वाले समय में जल संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकता होगी। उन्होंने प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर जल स्रोतों का रिकॉर्ड तैयार करने, जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया। वृक्षारोपण, जैविक खेती और सामाजिक मुद्दों पर सख्त निर्देशराज्यपाल ने एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पौधरोपण कर अधिक से अधिक हरियाली बढ़ाने की अपील की। उन्होंने जैविक खेती, हाइड्रोपोनिक्स और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ ही यातायात व्यवस्था सुधारने, भारी वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करने और नशे पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को हरदोई पहुंचे। यहां उन्होंने 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। प्रधानमंत्री 29 अप्रैल को बिलग्राम तहसील के मल्लावां कट पर गंगा एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया और अधिकारियों को जरूरी दिशानिर्देश दिए। सुरक्षा और प्रोटोकॉल पर सख्त निर्देश मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में कोई भी चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस और प्रशासन को आपसी तालमेल बिठाकर 'मल्टी-लेयर' सुरक्षा चक्र तैयार करने के निर्देश दिए। योगी आदित्यनाथ ने कहा, प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम पूरी तरह सुव्यवस्थित और गरिमामय होना चाहिए। सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। आम जनता की सुविधाओं का रखा जाए ध्यान गर्मी और भीड़ को देखते हुए सीएम ने अधिकारियों को जनता की सुविधाओं के लिए खास निर्देश दिए। उन्होंने पंडाल की मजबूती, बैठने की व्यवस्था, पीने के पानी की उपलब्धता और मोबाइल शौचालयों के इंतजाम को जांचा। उन्होंने कहा कि बिजली की सप्लाई बिना किसी रुकावट के सुनिश्चित की जाए ताकि कार्यक्रम में आने वाले लोगों को असुविधा न हो। ट्रैफिक और पार्किंग की व्यवस्था ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कार्यक्रम के दौरान आम नागरिकों को परेशानी न हो। इसके लिए वैकल्पिक रास्तों (डायवर्जन) का चयन करने और पर्याप्त साइन बोर्ड लगाने को कहा गया है। उन्होंने हेलीपैड, पार्किंग और वीआईपी रास्तों का भी मुआयना किया। पर्यावरण और हरियाली पर जोर मुख्यमंत्री ने एक खास पहल करते हुए कार्यक्रम स्थल के पास 'हरि शंकरी' प्रजाति के पौधे लगाने के निर्देश दिए ताकि आसपास का वातावरण हरा-भरा रहे। उन्होंने अंत में कहा कि यह आयोजन जिले के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए सभी विभाग पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ काम करें। अधिकारियों ने सीएम को मैप के जरिए पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा समझाई और समय पर काम पूरा करने का भरोसा दिया।
जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में कर-करेत्तर, राजस्व संग्रह और राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने अधिकारियों को राजस्व वसूली में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने और स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए। बैठक में आबकारी, स्टांप ड्यूटी, वाणिज्य कर, प्रवर्तन, खनन, परिवहन, वानिकी, मंडी, नगर पालिका और नगर पंचायत के कर-करेत्तर तथा राजस्व संग्रह कार्यों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को वसूली में अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई करने को भी कहा। बाट माप विभाग द्वारा पिछली बैठक के निर्देशों का ठीक से पालन न करने पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए। उन्होंने नियमित रूप से सभी प्रतिष्ठानों पर बाट माप की जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया। विद्युत विभाग को निर्देश दिए गए कि शासन के निर्देशानुसार एक सप्ताह के भीतर सभी सब स्टेशनों पर स्मार्ट मीटर की शिकायतों के समाधान हेतु कैंप लगाए जाएं। इन कैंपों के माध्यम से भ्रांतियों को दूर किया जाए और अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने सुचारू विद्युत व्यवस्था बनाए रखने के लिए विद्युत पोल, ढीले तार और ट्रांसफार्मर आदि पर आवश्यक कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। एआईजी स्टांप को सभी कार्यालयों में स्टांप की जांच करने और स्टांप चोरी पर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। परिवहन विभाग को वाहनों की फिटनेस जांचने और डग्गामार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा गया। सभी विभागों को लक्ष्य के अनुरूप कर और राजस्व प्राप्ति हेतु कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। राजस्व न्यायालयों में लंबित राजस्व वादों की समीक्षा करते हुए उनके निस्तारण में प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन सत्य प्रकाश सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त सूर्य कांत त्रिपाठी, नगर मजिस्ट्रेट नवीन कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
देवास मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देवास के खिवनी वन्य-प्राणी अभयारण्य में बाघों की बढ़ती संख्या इसे वन्यजीव संरक्षण का सफल उदाहरण बनाती है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार खिवनी को एक मजबूत बाघ आवास और प्रमुख इको-टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित करना चाहती है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि खिवनी भविष्य में वन्यजीव संरक्षण और इको-टूरिज्म का आदर्श केंद्र बनेगा। लगभग 134.7 वर्ग किलोमीटर में फैला खिवनी अभयारण्य पहले रातापानी जैसे बड़े वनों को जोड़ने वाला 'ट्रांजिट कॉरिडोर' माना जाता था। अब यह बाघों के लिए सुरक्षित प्रजनन स्थल बन गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस बदलाव को राज्य की सुनियोजित नीतियों और लगातार संरक्षण प्रयासों का परिणाम बताया। खिवनी में युवराज और मीरा का स्थायी ठिकानाबाघ 'युवराज' और 'मीरा' ने खिवनी को अपना स्थायी ठिकाना बनाकर इसे नई पहचान दी है। वन विभाग ने पहले मीरा के तीन शावकों के जन्म की पुष्टि की थी, जो अब अपनी मां के साथ जंगल में सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। वर्तमान में खिवनी में लगभग एक दर्जन बाघों की मौजूदगी दर्ज की जा रही है, जो इस क्षेत्र के पारिस्थितिक पुनर्जीवन का स्पष्ट संकेत है। खिवनी वन्यजीव संरक्षण की नींव 1982 में रखी गई थी। बाद में इसका विस्तार कर इसमें सीहोर जिले के वन क्षेत्रों को भी शामिल किया गया। यह क्षेत्र अब वन्यजीवों के लिए जीवनरेखा साबित हो रहा है। राज्य सरकार अब ओंकारेश्वर वन्य-प्राणी अभयारण्य के विकास के माध्यम से इस ट्रांजिट कॉरिडोर नेटवर्क को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। खिवनी अभयारण्य केवल एक वन क्षेत्र नहीं, बल्कि पुनर्जीवन, संतुलन और नई उम्मीद की कहानी है। यह मध्यप्रदेश को वन्यजीव संरक्षण और इको-पर्यटन के क्षेत्र में एक नई पहचान दिला रहा है।

