फर्जी लेखपाल मामले में डीएम ने लिया एक्शन:एसडीएम को सौंपी जांच, कहा- सरकारी धन की होगी वसूली
मैनपुरी में एक मृतक व्यक्ति के नाम पर लेखपाल पद पर नौकरी करने के मामले में प्रशासन ने संज्ञान लिया है। जिलाधिकारी अंजनी कुमार के निर्देश पर इस प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है। जांच की जिम्मेदारी उपजिलाधिकारी करहल को सौंपी गई है। यह मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला हंसनगर निवासी अखिलेश कुमार से संबंधित है। आरोप है कि अखिलेश ने अपने मृतक भाई अनिल कुमार के नाम से जाली दस्तावेज बनाकर लेखपाल पद पर नौकरी हासिल की। अनिल कुमार ने लेखपाल पद की परीक्षा उत्तीर्ण की थी, लेकिन 11 फरवरी 2016 को जहरीला पदार्थ खाने से उनकी मृत्यु हो गई थी। अगले दिन इटावा में उनका पोस्टमार्टम हुआ था। अनिल की मृत्यु के बाद उनका नियुक्ति पत्र घर पहुंचा था। आरोप है कि इसके बाद अखिलेश कुमार ने आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों में मृतक भाई का नाम दर्ज कराकर वर्ष 2016 में लेखपाल पद पर कार्यभार ग्रहण कर लिया। वर्तमान में वह करहल तहसील में अनिल कुमार के नाम से कार्यरत बताया जा रहा है। इस फर्जीवाड़े में अखिलेश की मां पर भी साथ देने का आरोप है। अखिलेश की पत्नी सुबीना देवी ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर इस पूरे मामले की जानकारी दी। सुबीना देवी का आरोप है कि जब उन्होंने मृतक के नाम पर नौकरी करने का विरोध किया, तो उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज और मानसिक उत्पीड़न किया गया। उन्हें जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। जिलाधिकारी अंजनी कुमार ने बताया कि प्रकरण की जांच एसडीएम द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में यह सामने आता है कि किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर जालसाजी कर सरकारी नौकरी प्राप्त की गई है, तो इसे शासकीय धन का दुरुपयोग माना जाएगा। ऐसी स्थिति में नियमानुसार वसूली और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हीं के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह मामला फिलहाल जांचाधीन है।
भोपाल के बड़ा तालाब के एफटीएल (फुल टैंक लेवल) से 50 मीटर के दायरे में आ रहे अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई है। नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (NGT) के आदेश के बाद सोमवार को जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम नयागांव और भदभदा बस्ती पहुंची। जिसे लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। वहीं, कांग्रेसियों ने भी विरोध जताया। इसके बाद टीम वापस लौट गई। सोमवार को टीटी नगर अनुभाग और नगर निगम की टीमें भदभदा चौराहा पहुंची। यहां पर बस्ती और नयागांव के एक दर्जन से ज्यादा मकान एवं दुकानें एफटीएल के दायरे में आ रहे हैं। इन्हें हटाने की कार्रवाई जैसे ही शुरू हुई, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी, पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान, शोएब खान समेत कई कांग्रेसी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने प्रशासन की टीम को साल 1930 के दस्तावेज दिखाए और कार्रवाई को रोकने की मांग की। विरोध के बाद स्थगित की कार्रवाईकांग्रेसी और स्थानीय लोगों के विरोध के बाद अमले को कार्रवाई को स्थगित करना पड़ा। इस दौरान बस्ती के कई लोग भी एकजुट हो गए थे। पूर्व मंत्री शर्मा ने कहा कि भदभदा बस्ती से पहले 400 लोगों को हटाया गया था, लेकिन कई तो आज तक मकान नहीं मिले। जहां उन्हें शिफ्ट किया गया, वहां पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिली है। इस कारण उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। आज भी जिला प्रशासन एवं नगर निगम की टीम कार्रवाई करने पहुंची हैं। एनजीटी ने हटाने जैसा कोई आदेश नहीं दिया है। सुनवाई के लिए समय दियाविरोध के बाद एसडीएम अर्चना शर्मा ने सुनवाई के लिए लोगों को समय दिया है। इस दौरान लोग अपने दस्तावेज भी प्रस्तुत कर सकेंगे। इधर, नगर निगम अमले ने सड़क किनारे अतिक्रमण को हटाया। इस दौरान करीब चार ट्रक सामान भी जब्त किया गया।
भारतीय जनता पार्टी के किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और फतेहपुर सीकरी से सांसद राजकुमार चाहर सोमवार को बुलंदशहर पहुंचे। उन्होंने ग्राम किसौली में किसानों से संवाद किया, उनकी समस्याएं सुनीं और देश के आम बजट पर विस्तृत चर्चा की। किसानों को संबोधित करते हुए राजकुमार चाहर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत आम बजट महिला, गरीब, किसान और नौजवान सहित सभी वर्गों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने इसे ‘सर्वहित’ के नारे के साथ देश के समग्र विकास को गति देने वाला बताया। उन्होंने बताया कि बजट में किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि अवसंरचना को मजबूत करने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने और कृषि ऋण की उपलब्धता को आसान बनाने जैसी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। साथ ही, फसल बीमा योजना को और प्रभावी बनाने, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान किसानों को मुआवजा न मिलने से जुड़े सवाल पर राजकुमार चाहर ने स्पष्ट किया कि मुआवजा किसानों का हक है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है, तो उसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत ऋण न मिलने के प्रश्न पर उन्होंने इसे बैंकों की लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की है और इसमें किसी भी प्रकार की अड़चन बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चाहर ने किसानों से सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने और नीतियों के क्रियान्वयन में सहयोग करने की अपील की। इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अतुल तेवतिया, सांसद भोला सिंह, जिला उपाध्यक्ष दीपक ऋषि, संतोष वाल्मीकि, अभिनव वर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कानपुर में सनातन धर्म स्कूल में क्लास 4 पढ़ने वाला छात्र पार्थ स्कूल की दोपहर 2.20 बजे छुट्टी होने के बाद गायब हो गया था। जिसके बाद में छात्र करीब दो घंटे तक गायब रहा। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने चार टीमों का गठन किया, जिसके बाद छात्र को 12 किमी दूर बर्रा कर्रही से बरामद किया गया है। स्कूल से गायब हुआ बच्चा रामबाग के रहने वाला छात्र पार्थ श्री सनातन धर्म एजूकेशन में पढ़ता क्लास 4 में पढ़ता है। स्कूल की छुट्टी दोपहर 2 बजकर 20 मिनट पर होती है। छात्र स्कूल से घर वैन के जरिए वापस जाता है। जब बच्चा घर नहीं पहुंचा बच्चे की मां ने स्कूल में पता किया। जिसके बाद पुलिस को सूचना दी। सूचना के बाद थाना नजीराबाद पुलिस एक्टिव हुई आसपास में लगे सीसीटीवी कैमरों को चेक करने लगी। इस दौरान बच्चे की मां ने स्कूल में आकर पार्थ के बारे में जानकारी ली। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस कमिश्नरेट सेंट्रल की ADCP अर्चना सिंह मौके पर पहुंची। जिसके बाद मौके पर पहुंची ADCP ने आसपास के लोगों से बातचीत की और कैमरों को चेक किया। 2.30 घंटे बाद 12 किमी दूर मिला बच्चा ADCP अर्चना सिंह के मुताबिक पुलिस ने चार टीमों का गठन किया था। जिसके बाद बच्चे को बर्रा कर्रही से बरामद किया गया है। इस दौरान मां के आंखों से खुशी के आंसू छलक आए। भावुक मां तुरंत पुलिस अफसरों के गले लग कर रोने लगी। पुलिस अधिकारी अर्चना सिंह ने बताया आज थाना नजीराबाद पुलिस को सूचना मिली थी, एक यहां श्री सनातन धर्म स्कूल है, यहां से एक बच्चा गायब हुआ था। जिसके बाद तुरंत पुलिस एक्टिव हुई, कैमरे चेक करवाए गए। तुरंत अभी सूचना मिली है बच्चा मिल गया है। इसके बाद बच्चा तुरंत माता पिता को सौप दिया जाएगा। हम लोगों को 3 बजे बच्चे के मिसिंग होने की सूचना मिली थी। चार टीमों के अलावा एक साइबर सेल की टीम लगाई थी। स्कूल के टीचर और परिजनों के प्रयास से बच्चा मिल गया है।
ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय में रैगिंग और मारपीट के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रबंधन की ढीली कार्रवाई से नाराज छात्र अब सीधे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की शरण ले रहे हैं। पिछले पंद्रह दिनों में यूजीसी हेल्पलाइन पर जीवाजी विश्वविद्यालय से जुड़ी रैगिंग की तीन शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। ताजा मामला शनिवार को सामने आया, जब आर्यभट्ट हॉस्टल से एक बार फिर रैगिंग की शिकायत यूजीसी तक पहुंची। पीड़ित छात्र ने बताया कि वह विश्वविद्यालय के गालव सभागार में आयोजित एक राष्ट्रीय संगोष्ठी में शामिल होने गया था। कार्यक्रम के दौरान भोज में रोटी लेने को लेकर आर्यभट्ट हॉस्टल के फार्मेसी के छात्र निखिल, सूरज, दीपक सहित चार अन्य छात्रों ने उसके साथ मारपीट की। पीड़ित ने आरोप लगाया कि हमलावर छात्रों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी और कहा कि हॉस्टल में उनके ही नियम चलेंगे। इस घटना के बाद पीड़ित छात्र ने यूजीसी हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। पहले भी मिल चुकी हैं रैगिंग की शिकायतें यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब आर्यभट्ट हॉस्टल से पहले भी रैगिंग की दो शिकायतें सामने आ चुकी थीं। इन शिकायतों के बाद विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड और एंटी-रैगिंग कमेटी के सदस्यों के साथ हॉस्टल का निरीक्षण किया था और छात्रों को सख्त हिदायत दी थी। इसके बावजूद नई घटना सामने आने से विश्वविद्यालय की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। शनिवार की इस घटना पर भी जांच बैठा दी गई है। वहीं, रविवार को कुलगुरु प्रो. राजकुमार आर्य ने आर्यभट्ट और कैप्टन रूपसिंह हॉस्टल का दौरा कर छात्रों से बातचीत की और उन्हें समझाया। इससे पहले एक अन्य गंभीर मामले में आर्यभट्ट हॉस्टल में लॉ के एक सीनियर छात्र के साथ फार्मेसी के लगभग आठ जूनियर छात्रों ने बेरहमी से मारपीट की थी। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। उस मामले में जांच के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने तीन छात्रों को दंडित किया था। रैगिंग शिकायतों पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड की जांच जारी विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. विमलेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि रैगिंग की शिकायतों पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड द्वारा जांच की जा रही है और प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। एक मामले में आरोपियों को एक आंतरिक परीक्षा से वंचित किया गया है, जिससे उनके परीक्षा परिणाम प्रभावित होंगे। ये खबर भी पढ़ें… फार्मेसी स्टूडेंट्स ने सीनियर को लात-घूंसों से पीटा...VIDEO ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट हॉस्टल में फार्मेसी के स्टूडेंट्स समेत 8 लोगों ने लॉ के छात्र को लात घूंसों से जमकर पीटा। फॉर्मेसी के छात्रों ने शराब पार्टी के बाद अपने सीनियर से मारपीट की। छात्र को गंभीर चोटें आई हैं। वारदात CCTV कैमरे में कैद हो गई है। पढ़िए पूरी खबर।
रतनगढ़ के वार्ड 14 में गोवंश की टक्कर से घायल हुए 85 वर्षीय बुजुर्ग अमरचंद दाधीच का सोमवार को जयपुर में इलाज के दौरान निधन हो गया। इस घटना के बाद शहर के लोगों में नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ नाराजगी बढ़ गई। बुजुर्ग के अंतिम संस्कार के बाद लोग सीधे एसडीएम कार्यालय पहुंचे। यहां समाज के लोगों ने एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें शहर को बेसहारा गोवंश से मुक्ति दिलाने की मांग की गई। ज्ञापन में बताया गया कि शहर में बेसहारा गोवंश मौत का कारण बन रहे हैं और लोग आए दिन इनकी चपेट में आकर घायल हो रहे हैं या जान गंवा रहे हैं। लोगों ने मांग की कि नगर पालिका प्रशासन खुले घूम रहे नंदियों के लिए नंदीशाला या अन्यत्र उचित व्यवस्था करे। ज्ञापन में यह भी चेतावनी दी गई कि यदि नगर पालिका द्वारा इस मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं की गई, तो जन आंदोलन किया जाएगा। एसडीएम की ओर से यह ज्ञापन तहसीलदार पूजा पारीक ने लिया। गौरतलब है कि यह घटना 4 फरवरी की शाम वार्ड 14 में नाइयों के मंदिर के पास हुई थी। अमरचंद दाधीच बाइक पर पीछे बैठकर जा रहे थे, तभी सड़क पर लड़ते हुए दो गोवंश बाइक से टकरा गए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल अमरचंद को पहले रतनगढ़ के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें सीकर रेफर किया गया। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें जयपुर रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
देवघर पुलिस ने नगर थाना क्षेत्र के बिलासी टाउन स्थित होटल शुभम वाटिका में देर रात छापेमारी कर तीन युवकों को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 8 फरवरी की रात गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिससे एक संभावित आपराधिक घटना को समय रहते टाल दिया गया। पुलिस को सूचना मिली थी कि होटल शुभम वाटिका में कुछ संदिग्ध युवक ठहरे हुए हैं, जिनके पास अवैध हथियार हो सकते हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल एक टीम गठित कर होटल में छापेमारी की। एक देसी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद छापेमारी के दौरान पुलिस ने तीन युवकों को हिरासत में लिया। उनकी तलाशी लेने पर एक देसी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। गिरफ्तार युवकों की पहचान नेहाल मिश्रा, अंकित झा उर्फ खुशली और दिलीप कुमार यादव के रूप में हुई है। तीनों युवक देवघर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़े बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है। हालांकि आरोपियों ने अभी तक किसी बड़ी वारदात की योजना बनाने की बात स्वीकार नहीं की है। पुलिस ने इस मामले में नगर थाना कांड संख्या 46/2026 दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। जांच का विषय है कि क्या ये युवक किसी अपराध गिरोह से जुड़े हैं या वे किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे। यह भी पता लगाया जा रहा है कि हथियार कहां से लाया गया और इसके पीछे किसका नेटवर्क काम कर रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में नगर क्षेत्र में ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे आम नागरिकों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। वहीं, पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है और कानून-व्यवस्था को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध हथियार रखने वालों और अपराधी प्रवृत्ति के लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
धार नगर के बनियावाड़ी निवासी और श्री हरि ज्वेलर्स के संचालक हरिराम अग्रवाल की आत्महत्या के मामले में सोमवार को सराफा एसोसिएशन और अग्रवाल समाज के सदस्य बड़ी संख्या में कोतवाली थाना और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी को एक ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की। सराफा एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष पराग अग्रवाल ने बताया कि सोने-चांदी के भावों में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण कुछ लोग पुराने लेन-देन को लेकर व्यापारियों पर अनुचित दबाव बना रहे हैं। इसी दबाव और मानसिक प्रताड़ना के चलते हरिराम अग्रवाल पिछले 15 से 20 दिनों से अत्यधिक तनाव में थे, जिसके कारण उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया। पराग अग्रवाल ने यह भी बताया कि कुछ ग्राहक अपनी पुरानी बेची गई ज्वेलरी को गिरवी बताकर वापस मांग रहे थे और शिकायत करने की धमकी देकर व्यापारियों को परेशान कर रहे थे। इस तरह की घटनाओं से पूरे जिले के सराफा व्यापारियों में भय का माहौल बन गया है। एसपी ने उचित जांच के लिए आश्वस्त कियाप्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि ऐसे मामलों में व्यापारियों पर बिना पूरी जांच के कोई कार्रवाई न की जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि किसी ग्राहक द्वारा शिकायत की जाती है, तो सराफा संगठन के पदाधिकारियों को भी इसमें शामिल किया जाए और दोनों पक्षों को सुनने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाए, ताकि निर्दोष व्यापारियों को मानसिक प्रताड़ना से बचाया जा सके। इस मामले पर एसपी मयंक अवस्थी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया। उन्होंने बताया कि जिले के सभी थाना प्रभारियों को ऐसे मामलों में संतुलित और संवेदनशील रवैया अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। आत्महत्या के इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीएसपी धार सुजावल जग्गा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। एसपी ने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसपी अवस्थी ने यह भी कहा कि व्यापारियों की वास्तविक समस्याओं को गंभीरता से सुना जाएगा। साथ ही, यदि कोई आपराधिक तत्व या अवैध दबाव बनाने वाला सामने आता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान बड़ी संख्या में सराफा व्यापारी और अग्रवाल समाज के सदस्य उपस्थित रहे।
बैक कर्मचारी ने किया सुसाइड:बैक के लोग घर खाली करवाने पहुंचे थे
इंदौर के विजयनगर में बैक के कर्मचारी ने सुसाइड कर लिया। बताया जाता है कि बैक के कर्मचारी यहां मकान खाली कराने पहुंचे थे। विजय नगर पुलिस के मुताबिक घटना सोमवार शाम सिनर्जी अस्पताल के पास की है। यहां पर कॉपरेटिव बैक कर्मचारी ब्रहमवंशी ने खुद को गोली मार ली। बताया जाता है कि बैक के कर्मचारी नोटिस पर यहां पर मकान खाली कराने पहुंचे थे। तब बैक के कर्मचारी उपर के कमरे में लिखापढ़ी कर रहे थे। इस दौरान यह कदम उठा लिया। कर्मचारी बैक आफ महाराष्ट्र के बताए जा रहे है। बताया जाता है कि उनके मकान में पर ढाई करोड का कर्ज था। जिसमें डेढ साल से बैक में बकाया चल रहा था। मृतक के परिवार में दो लड़के एक लड़की और मां है।
डिंडोरी में सोमवार को भाजपा कार्यालय में मध्य प्रदेश के राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर पत्रकारों से चर्चा की। उन्होंने बजट को गरीब, किसान, युवा, महिला, मध्यम वर्ग और उद्यमियों के सशक्तिकरण वाला बताया। राज्यमंत्री ने कहा कि यह इस शताब्दी के दूसरे क्वार्टर का पहला बजट है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवीं बार संसद में बजट पेश किया है, जो भारत के इतिहास में एक गौरवपूर्ण क्षण है। जायसवाल के अनुसार, यह बजट युवाओं के सपनों को उड़ान देगा, किसानों के विश्वास को मजबूत करेगा और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा। यह मध्यम एवं गरीब वर्ग को सशक्त करने की सोच को आगे बढ़ाता है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार 'रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म' के सिद्धांत पर काम कर रही है। स्वास्थ्य खर्च कम करने के लिए दवाओं पर शुल्क में कटौती की गई है। बायो फॉर्म और आयुष केंद्रों के लिए दस हजार करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया गया है। मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए विदेश यात्रा और बच्चों की पढ़ाई अब सस्ती होगी, क्योंकि टीसीएस (TCS) को 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है। राज्यमंत्री ने मनरेगा (MNREGA) पर भी बात की। उन्होंने कहा कि 1830 से अंग्रेजों के जमाने से ऐसी योजनाएं सूखा और अकाल के समय से संचालित होती रही हैं और समय-समय पर इनके नाम बदले गए हैं। मनरेगा पहले रोजगार गारंटी योजना थी। उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी के सपनों को साकार करते हुए 'विकसित भारत' की परिकल्पना के तहत योजना में बहुत सुधार किया गया है। पहले इस योजना में देश का अरबों रुपया भ्रष्टाचार के कारण मिट्टी और पानी में बह जाता था, और मशीनों से काम कराया जाता था। अब ग्राम पंचायतें और ग्राम सभाएं प्रस्ताव पास करके निर्माण कार्य कर सकती हैं। रोजगार के दिन भी 25 दिन बढ़ाए गए हैं। जब मंत्री से मऊगंज के भाजपा विधायक प्रदीप पटेल के 30 दिनों से गायब होने और उनके परिवार के सदस्यों के घर में कैद होने के सवाल पर पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि सरकार उन्हें सुरक्षित परिवार के सामने लाएगी।
कोटपूतली-बहरोड़ जिले के सुरजपुरा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में निःशुल्क विधिक सहायता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर सत्यार्थी मूवमेंट फॉर ग्लोबल कम्पैशन के बाल आश्रम द्वारा संचालित बाल मित्र ग्राम सुरजपुरा में आयोजित हुआ। इसका संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोटपूतली-बहरोड़ के तत्वावधान में विधिक सेवा समिति विराटनगर के सहयोग से किया गया। स्कूल प्रधानाचार्य ने की अध्यक्षताकार्यक्रम में भाभरू थानाधिकारी रामकिशोर चौधरी मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। विद्यालय प्रधानाचार्य धर्मराज गुर्जर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। तालुका विधिक सेवा समिति विराटनगर से पैरालीगल वालंटियर मुकेश कुमार सैनी और मनीष मिठावा के साथ पुलिस सखी मोनू शेखावत भी शिविर में मौजूद थीं। कानूनी अधिकारों के बारे में बतायाइस विधिक जागरूकता शिविर का मुख्य उद्देश्य महिला एवं बाल सुरक्षा, घरेलू हिंसा, बाल विवाह, पॉक्सो अधिनियम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर लोगों को जागरूक करना था। साथ ही, शिविर में उपस्थित लोगों को उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के प्रति भी जानकारी दी गई। आमजन को निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने के तरीकों के बारे में भी बताया गया। थानाधिकारी रामकिशोर चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी प्रकार के शोषण, हिंसा या अन्याय की स्थिति में पीड़ितों को डरने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि पुलिस आमजन की मित्र है और समाज में विश्वास कायम करना उसका प्राथमिक उद्देश्य है। चौधरी ने महिला सुरक्षा के लिए गरिमा हेल्पलाइन 181 और बच्चों के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। पैरालीगल वालंटियर मुकेश कुमार सैनी ने बच्चों और अभिभावकों को लैंगिक भेदभाव, कन्या भ्रूण हत्या, बाल विवाह की रोकथाम और शिक्षा के अधिकार से जुड़े कानूनी प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि कानून का सही ज्ञान सामाजिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इनकी रही सक्रिय सहभागिताशिविर में बाल मित्र ग्राम सुरजपुरा, छीतौली और बागावास अहिरान सहित आसपास के गांवों से 265 से अधिक ग्रामीणों, महिलाओं, किशोर-किशोरियों और युवाओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का विशेषज्ञों ने समाधान किया। कार्यक्रम में महिला मंडल, युवा मंडल, बच्चों, गणमान्य नागरिकों और करुणा सर्किल के सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही।
बरेली स्थित ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने पाकिस्तान के पेशावर में इमामबाड़े पर हुए आत्मघाती हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि इबादतगाहों को निशाना बनाना और बेगुनाह लोगों की जान लेना इंसानियत के खिलाफ है। मौलाना ने स्पष्ट किया कि इस्लाम शांति और भाईचारे का संदेश देता है, न कि निर्दोषों के खून बहाने का। शिया-सुन्नी विवाद पर नसीहतपाकिस्तान में इस घटना के बाद उपजे शिया-सुन्नी विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मौलाना ने कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म या फिरका नहीं होता। उन्होंने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि कुछ शरारती तत्व और कट्टरपंथी संगठन मुसलमानों को आपस में लड़ाकर अपनी रोटियां सेकना चाहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आपसी मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। पाकिस्तान सरकार को घेरामौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने पाकिस्तान सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां की हुकूमत अल्पसंख्यकों और धार्मिक स्थलों की रक्षा करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में आए दिन हो रहे धमाके यह दर्शाते हैं कि वहां कट्टरपंथ हावी हो चुका है। बरेली से जारी बयान में उन्होंने मांग की कि इस हमले के पीछे जो भी ताकतें हैं, उन्हें बेनकाब कर सख्त सजा दी जानी चाहिए। भारतीय मुसलमानों से अपीलअंत में मौलाना ने भारत के मुसलमानों से भी सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहाँ के मुसलमानों को बाहरी मुल्कों की विचारधारा या विवादों से प्रभावित होने की जरूरत नहीं है। हमें अपनी गंगा-जमुनी तहजीब को बरकरार रखना चाहिए और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
लखनऊ में मेयर सुषमा खर्कवाल ने सोमवार को नगर निगम में अभियंत्रण विभाग की समीक्षा बैठक ली। इसमें शहर में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भी सड़क निर्माण कराया जा रहा है, वहां सड़क को एक छोर से दूसरे छोर तक पूरी तरह से पूरा किया जाए। अधूरे या टुकड़ों में बने कार्यों से नागरिकों को परेशानी होती है, जिसे हर हाल में रोका जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सड़क के दोनों ओर नालियों का निर्माण अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि जल निकासी की समस्या उत्पन्न न हो। चौड़ी सड़कों के किनारे पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए पटरी (फुटपाथ) निर्माण को भी आवश्यक बताया गया। गुणवत्ता में लापरवाही पर सख्त रुख मेयर ने अभियंत्रण विभाग के सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सड़कों एवं अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही न की जाए। उन्होंने कहा कि खराब गुणवत्ता के कार्य न केवल सरकारी धन की बर्बादी हैं, बल्कि, आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बनते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सभी प्रमुख कार्यों की थर्ड पार्टी जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही अवर अभियंताओं को बिल निर्माण के दौरान विशेष सावधानी बरतने को कहा गया, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या त्रुटि की संभावना न रहे। नालों की मरम्मत और मानसून तैयारी पर जोर बैठक में नालों की स्थिति को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। मौके पर सभी अभियंताओं को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नालों के स्ट्रक्चर की स्थिति का आकलन करें। जहां कहीं भी नाले क्षतिग्रस्त हैं, वहां तत्काल एस्टीमेट तैयार कर मरम्मत कार्य शुरू किया जाए। इसके अतिरिक्त जिन स्थानों पर नाले खुले हैं और सड़क मार्ग के पास स्थित हैं, ऐसे नालों को चिन्हित कर उन्हें ढकने के निर्देश दिए गए, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके। मानसून से पहले सभी नालों की समुचित सफाई सुनिश्चित कराने के भी स्पष्ट निर्देश दिए गए। ठेकेदारों पर कार्रवाई के निर्देश बैठक में वार्ड विकास निधि, 15 वां वित्त आयोग, अवस्थापना निधि, सीएम वैश्विक नगरोदय योजना, सीएम ग्रिड एवं सीएम नगर सृजन योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिन कार्यों की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई, उन ठेकेदारों को अंतिम चेतावनी पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए। मेयर ने स्पष्ट कहा कि यदि चेतावनी के बावजूद भी कार्यों में सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर नए सिरे से टेंडर जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नगर विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
आगरा में छोटे भाई की शादी का कार्ड बांटने जा रहे बड़े भाई हरेंद्र की सड़क हादसे में मौत हो गई। हरेंद्र और उसका चाचा का लड़का रिश्तेदारी में कार्ड बांटने के लिए जा रहे थे। उसी दौरान एक पिकअप लोड़र वाहन ने पीछे से टक्कर मार दी। इससे दोनों युवक घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को नजदीकी हॉस्पिटल भेजा। जहां पर डॉक्टर ने हरेंद्र को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमाटम के लिए भेज दिया है। एक्सीडेंट देख मौके पर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। इससे रोड पर जाम लग गया। इसके बाद जाम को खुलवाया जा सका ।मामला थाना ट्रांस यमुना का है। पूरा मामला पढ़ेंआगरा खेरागढ़ तहसील स्थित नगला विष्णु निवासी श्रीपति सिंह सौनी के दो बेटे है। उनके छोटे बेटे उमेश की 19 फरवरी को जारूआ कटरा की निवासी नत्थीराम की बेटी कुसुम से शादी हो रही है।उमेश के भाई हरेंद्र और चाचा का लड़का सुबह दोनों शादी का कार्ड बांटने के लिए निकले थे। वे आगरा में किसी रिश्तेदार के घर शादी का कार्ड देने के लिए आए थे। करीब दो बजे वे थाना ट्रांस यमुना से हो कर मच्छी पुलिया से हाथरस रोड पर से निकल रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रही एक पिकअप लोडर वाहन ने टक्कर मार दी। इससे दोनों वाइक से गिर गए। इसमें हरेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को इलाज के लिए हास्पिटल भेज दिया। जहां पर डॉक्टर ने हरेंद्र को मृत घोषित कर दिया।
जयपुर में फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट की टीम ने आज चारदीवारी स्थित डेयरी पर छापा मारकर वहां से 650 किलो नकली पनीर बरामद कर उसे नष्ट करवाया। ये पनीर तेल और मिल्क पाउडर मिलाकर तैयार किया जाता था। पनीर अलवर, रामगढ़ के एरिया से 200 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से खरीद करके जयपुर के चारदीवारी और उसके आसपास के बाजारों में 220 या उससे ज्यादा कीमत पर बेचा जाता था। कमिश्नर फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया- जयपुर सीएमएचओ की टीम ने आज चौकड़ी तोपखाना घाटगेट स्थित मदीना डेयरी एंड बेकर्स पर छापा मारा। जहां टीम को बड़ी मात्रा में पनीर का स्टॉक मिला। प्रथम जांच में पनीर मिलावटी और खराब मिला। पनीर में अगर तरह की दुर्गन्ध आने के बाद टीम ने उसके सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भिजवाए और फर्म मालिक से पूछताछ की। इस दौरान वहां मौजद पनीर का माप करवाया था वह करीब 650 किलोग्राम मिला। फर्म मालिक मुस्तफा खान ने बताया- कि वह ये पनीर 200 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से रामगढ़ (अलवर) से मंगवाता है। उसने बताया कि ये पनीर तेल, मिल्क पाउडर मिलाकर तैयार किया जाता है।वह इसे बाजार में करीब 220 रुपए या जहां ज्यादा मिले उस दर पर बेचता है।
भिवानी के कोर्ट परिसर में फायरिंग करने के मामले में 4 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जो पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के बाद घायल हो गए थे। जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया था। भिवानी पुलिस ने कोर्ट परिसर में कैंटीन के पास युवक पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सीआइए स्टाफ द्वितीय भिवानी के इंचार्ज उप-निरीक्षक विशेष कुमार को मोबाइल फोन के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि अरविंद नामक युवक किसी कार्य से कोर्ट परिसर आया हुआ था, जहां कैंटीन के पास कुछ युवकों ने उस पर जान से मारने की नीयत से गोली चलाई। सूचना में यह भी बताया गया कि आरोपी फायरिंग के बाद बीपीएस स्कूल की ओर झाड़ियों के रास्ते से फरार हो गए हैं। पुलिस के साथ हुई थी मुठभेड़सूचना पर उप-निरीक्षक विशेष कुमार द्वारा पुलिस टीम गठित कर बताए गए क्षेत्र में चेकिंग व सर्च अभियान चलाया गया। सर्चिंग के दौरान आरोपियों जितेंद्र व जीतू ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस टीम द्वारा आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में जितेंद्र के पैर में गोली लगी, जबकि एक अन्य आरोपी श्रीपाल को मौके पर ही काबू कर लिया गया। घायल आरोपी जितेंद्र व काबू किए गए आरोपी श्रीपाल को उपचार के लिए सामान्य अस्पताल भिवानी में दाखिल कराया गया। मामले में थाना सिविल लाइन भिवानी में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज किया गया। थाना सिविल लाइन भिवानी के अंतर्गत पुलिस चौकी सेक्टर-13 के इंचार्ज एएसआई विजय कुमार द्वारा पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से गोली चलाने के मामले में दोनों आरोपियों को सामान्य अस्पताल भिवानी से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भिवानी की ब्रह्मा कॉलोनी निवासी जितेंद्र उर्फ जीतू तथा दिनोद गेट हाल डाबर कॉलोनी निवासी श्रीपाल के रूप में हुई है। आरोपी जितेंद्र के कब्जे से एक अवैध हथियार भी मौके से बरामद किया। दोनों को न्यायालय में पेश किया और उन्हें जिला कारागार भेज दिए। सीआईए स्टाफ प्रथम ने 2 आरोपी पकड़ेवहीं सीआईए स्टाफ प्रथम ने फायरिंग केस में मुख्य आरोपी सहित एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। सीआइए स्टाफ प्रथम भिवानी के इंचार्ज निरीक्षक रविंद्र कुमार अपनी टीम के साथ आरोपियों का पीछा करते हुए हुड्डा पार्क के पास पहुंचे। इस दौरान आरोपी आयुष ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस टीम ने आत्मरक्षा की। जवाबी कार्रवाई में आरोपी आयुष के पैर में गोली लगी। मौके से दूसरे आरोपी ईजराइल को भी पत्थरों पर गिरने से चोट आने के बाद काबू किया गया था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भिवानी की डाबर कॉलोनी निवासी आयुष उर्फ बॉक्सर तथा चरखी दादरी के गांव हिंडोल निवासी ईजराइल के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों को घायल अवस्था में सामान्य अस्पताल भिवानी में दाखिल कराया गया। आरोपियों के विरुद्ध थाना सिविल लाइन भिवानी में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। दोनों आरोपियों को सामान्य अस्पताल भिवानी से गिरफ्तार किया गया। आरोपी आयुष के कब्जे से एक पिस्टल को मौके से ही बरामद की गई थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी ईजराइल के विरुद्ध पूर्व में भी हत्या के प्रयास व लड़ाई-झगड़े से संबंधित दो केस दर्ज हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायालय ने उन्हें जिला जेल भेजने के आदेश दिए हैं।
लखीमपुर खीरी के धौरहरा वन क्षेत्र के रोशनदान इलाके में कई दिनों से दहशत फैला रहा एक तेंदुआ सोमवार को वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। इस तेंदुए ने कुछ दिन पहले एक व्यक्ति पर हमला किया था, जिसके बाद ग्रामीणों में भय का माहौल था। तेंदुए के पकड़े जाने से क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है। वन विभाग की टीम ने तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी हुई थी। संभावित स्थानों पर पहले से पिंजरे लगाए गए थे। सोमवार को तेंदुआ उन्हीं पिंजरों में से एक में फंस गया। दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जोन की उपनिदेशक कीर्ति चौधरी ने बताया कि तेंदुआ कई दिनों से इलाके में सक्रिय था और ग्रामीणों के लिए खतरा बना हुआ था। वन विभाग की टीम लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी और उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ने का प्रयास कर रही थी। चौधरी ने आगे बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ नर है। उसे सुरक्षित रूप से रेंज कार्यालय में रखा गया है। वन्यजीव नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद क्षेत्र में फैली दहशत कम हुई है। ग्रामीणों ने वन विभाग की इस कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है।
सलूंबर में स्वच्छ भारत मिशन 2.0 कार्यशाला:लक्ष्य पूरा करने का आह्लान, सफाई और पौधारोपण पर दिया जोर
सलूंबर में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन और जन जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला कलेक्ट्री परिसर स्थित वीसी सभागार में हुई। इसमें मिशन के द्वितीय चरण के लक्ष्यों, नए पहलुओं और जमीनी स्तर पर होने वाले कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला में मिशन के परिणामों के बारे में बतायाकार्यशाला को संबोधित करते हुए मिशन के ब्रांड एंबेसडर के.के. गुप्ता ने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 की रूपरेखा, प्रमुख घटकों और अपेक्षित परिणामों पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मिशन 2.0 में सूखा व गीला कचरा अपशिष्ट प्रबंधन, कचरे का स्रोत पर पृथक्करण, सिंगल यूज प्लास्टिक का उन्मूलन, सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता और कर्मचारियों के कार्य करने के तरीकों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जनभागीदारी को बताया जरूरीगुप्ता ने कहा-मिशन की सफलता के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने नगरीय निकायों के कार्मिकों, स्वच्छता कर्मियों और संबंधित विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए स्वच्छता को जन आंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री के 2047 तक स्वच्छता लक्ष्य को पूर्ण करने का संकल्प लेने पर भी जोर दिया। साथ ही, उन्होंने स्वच्छता सर्वेक्षण, गतिविधियों और नवाचारों के माध्यम से स्वच्छता व्यवहार को स्थायी बनाने पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि सफाई के संबंध में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गुप्ता ने कहा कि जिस तरह हम मंदिरों और घरों को साफ रखते हैं, उसी तरह हमें शहर को भी स्वच्छ रखना चाहिए। डोर-टू डोर कचरा संग्रहण पर दिया जोरगुप्ता ने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने और इसके लिए समय निर्धारित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कचरा संग्रहण का समय सुबह 6 से 10 बजे तक तय किया जाए और इसमें कोई लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता पर भी बल दिया और प्लास्टिक को एक जगह स्टोर कर रीसायकल करने के कई उपाय सुझाए। सफाई और पौधारोण पर दिया जोरइसके अतिरिक्त, उन्होंने विभिन्न सार्वजनिक शौचालयों और नगरीय निकाय के सरकारी विद्यालयों के शौचालयों को प्रेशर मशीन से प्रतिदिन पानी से साफ करने के निर्देश दिए। सभी नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया गया। उन्होंने श्मशान घाट को भी स्वच्छ बनाने के उपाय बताते हुए कहा कि वहां किस तरह पौधारोपण,स्वच्छ जल,बैठने की व्यवस्था को लेकर भी ध्यान आकर्षित किया। कार्यशाला में नगर निकाय के प्रशासक अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ दिनेश रॉय सापेला नगर निकाय के अधिकारी, कर्मचारी, स्वच्छता प्रभारी,स्वच्छता से जुड़े हितधारक एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।कार्यशाला में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के उद्देश्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से प्राप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों का संकल्प लिया गया।
कोतवाली थाना पुलिस ने 5-5 हजार रुपये के दो इनामी बदमाशों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी पिछले काफी समय से पुलिस को चकमा दे रहे थे और अपनी फरारी काटने के लिए ठिकाने बदल रहे थे।थानाधिकारी कोतवाली श्रवण कुमार ने बताया किविनोद बावरिया (36) पुत्र बच्चू बावरिया, निवासी सुंदरवास, थाना अकबरपुर, जिला अलवर औरमोनू बावरिया (19) पुत्र खली बावरिया, निवासी सुंदरवास, थाना अकबरपुर, जिला अलवर को गिरफ्तार किया गया है। यह थी वारदात वारदात 4 अगस्त 2024 की है, जब वार्ड नंबर 10 निवासी कामिनी गुप्ता अपने पति के साथ स्कूटी पर जा रही थीं। शाम करीब 6 से 7 बजे के करीब गाड़िया भवन के पास बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों ने उनके गले से सोने की चेन तोड़ ली और मौके से फरार हो गए। इस संबंध में कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस की घेराबंदी और तकनीकी जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने विशेष टीमों का गठन किया। थानाधिकारी श्रवण कुमार नील के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास के दर्जनों CCTV फुटेज खंगाले। मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और तकनीकी सहायता ली।आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी, जिससे आरोपी अपने स्थाई ठिकाने छोड़ने पर मजबूर हो गए। चिड़ावा बस स्टैंड से हुई गिरफ्तारी फरारी के दौरान आरोपियों के पास आर्थिक संसाधन खत्म हो चुके थे। इसी बीच एएसआई नरेन्द्र सिंह को सटीक मुखबिर सूचना मिली कि आरोपी विनोद और मोनू बावरिया चिड़ावा बस स्टैंड पर कहीं भागने की फिराक में खड़े हैं। सूचना मिलते ही टीम ने घेराबंदी की और दोनों आरोपियों को धर दबोचा।
सिंगरौली जिले के बैढ़न स्थित निजी विद्यालय में 9 फरवरी 2026 को विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देश पर यह शिविर आयोजित किया। इसका मुख्य उद्देश्य स्कूली छात्र-छात्राओं को कानून संबंधी बुनियादी जानकारी प्रदान करना था। शिविर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिवचरण पटेल ने विद्यार्थियों को निःशुल्क विधिक सहायता की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है। पटेल ने ट्रैफिक नियमों की जानकारी देते हुए सड़क सुरक्षा के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। कार्यक्रम के दौरान पॉक्सो अधिनियम पर भी विस्तृत चर्चा हुई। इसमें बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा से संबंधित कानूनी प्रावधानों के बारे में बताया गया। इसके अतिरिक्त, छात्रों को संविधान में निहित मौलिक अधिकारों और मौलिक कर्तव्यों से अवगत कराया गया। उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया। मोबाइल के दुष्प्रभाव बताए न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मनोरम तिवारी ने मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को बताया कि मोबाइल का अनियंत्रित प्रयोग उनकी पढ़ाई, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक व्यवहार पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। शिविर के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा पूछे गए कई सवालों के व्यावहारिक उत्तर भी दिए गए। इस अवसर पर जिला विधिक सहायता अधिकारी अमित शर्मा, अधिवक्ता योगेश शाह, विद्यालय के शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इस आयोजन को विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया गया।
रतलाम शहर के कोठारी वास में सोमवार दोपहर निर्माणाधीन मकान के पास बने दो मंजिला मकान की दीवार गिर गई। हादसे में एक मजदूर मलबे में दब गया। जिसे बड़ी मुश्किल से लोगों ने निकाला। घायल मजदूर को मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया है। गंभीर हालात होने र उसे इंदौर रेफर करने की तैयारी का जा रही है। हादसा सोमवार दोपहर करीब 3.45 बजे हुआ। निर्माणाधीन मकान तरुण पिता मनोहरलाल जैन निवासी रतलाम हालमुकाम जखनावदा (झाबुआ) का है। मकान के पास दो मंजिला खंडहर व खाली मकान जितेंद्र ओझा निवासी रतलाम का है। दोपहर में मजदूर दिनेश (30) पिता मांगू मईड़ा निवासी पलसोड़ी काम कर रहा था। पास में मकान निर्माण का काम चल रहा थापास में ही मकान के चौकीदार की पत्नी सोनू व भतीजी अनन्या पिता जितेंद्र पांचाल (8) साल भी मौजूद थी। हालांकि वह निर्माणाधीन मकान से कुछ दूरी पर थी। अचानक से पास के मकान की दीवार गिरने से मजदूर उसमें दब गया। दीवार का पूरा मलबा मजदूर पर आकर गिरा। मकान बनाने का काम मकान मालिक ने ठेकेदार विजय कुमावत को दिया है। घटना के समय मकान मालिक व ठेकेदार मौके पर नहीं मिले। आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े दीवार गिरते ही आसपास के लोग व राहगीर रुके। मौके पर जिला, पुलिस व नगर निगम के अधिकारी भी पहुंचे। लोगों के मदद से मजदूर का मलबे से निकालकर सीधे मेडिकल कॉलेज भेजा। वहीं चौकीदार की पत्नी व भतीजी को भी हल्की पैर में चोट आने पर जिला अस्पताल में उपचार कर वापस निर्माणाधीन मकान पर बने ईट के कमरे पर आ गए। मेडिकल कॉलेज पहुंचे अधिकारी घटना स्थल के बाद घायल मजदूर की हालात देखने व पर्याप्त उपचार के लिए एसडीएम आर्ची हरित, तहसीलदार ऋषभ ठाकुर, सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, माणकचौक थाना प्रभारी पातीराम डावरे मेडिकल कॉलेज पहुंचे। स्थिति गंभीर दिखने पर इंदौर रेफर करने की तैयारी की। आज ही काम पर गया था, 7 बच्चे मजदूर के घायल होने की जानकारी मिलते ही गांव से परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंचे। घायल मजदूर की बहन पूजा ने बताया कि भाई के शादी शुदा है। 7 बच्चे है। जिनमें सबसे बड़ा बेटा पिंटू, कालू, राजेश, विक्रम, आयुष, बेटी संदू (4) व सबसे छोटी 2 साल की बेटी है। बहन के अनुसार घायल भाई सोमवार को ही काम पर गया था। एसडीएम आर्ची हरित ने बताया कि निर्माणाधीन मकान के पास बने मकान की दीवार गिरी है। एक मजदूर घायल हुआ है। जिसका इलाज किया जा रहा है। पड़ोस का मकान जर्जर हालात में था। इसको लेकर नगर निगम से जानकारी ली जा रही है। जांच के बाद जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
जालौन जनपद के कुठौंद थाना क्षेत्र के ग्राम हाजीपुर में रविवार रात एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने कुएं में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सोमवार सुबह घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कुएं से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतका की पहचान राजा बेटी (70 वर्ष), पत्नी कालीचरण के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, राजा बेटी रविवार रात करीब 10 बजे तक घर पर थीं। इसके बाद परिवार के सदस्य सोने चले गए। रात के दौरान वह घर से बाहर निकलीं और घर से कुछ दूरी पर स्थित एक कुएं की मुंडेर पर रस्सी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों को रात में इस घटना की जानकारी नहीं हो पाई। सोमवार सुबह जब परिजन जागे और राजा बेटी घर में नहीं मिलीं, तो उनकी तलाश शुरू की गई। पहले घर के आसपास और फिर मोहल्ले में खोजबीन की गई। काफी तलाश के बाद भी जब उनका पता नहीं चला, तो ग्रामीणों की नजर पास के एक कुएं पर पड़ी। कुएं में रस्सी लटकी दिखाई देने पर संदेह हुआ। ग्रामीणों ने कुएं में झांककर देखा, तो अंदर राजा बेटी का शव फंदे से लटका हुआ पाया। घटना की सूचना तत्काल कुठौंद थाना पुलिस को दी गई। पुलिस दल मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों की सहायता से शव को कुएं से बाहर निकाला। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया। परिजनों ने बताया कि राजा बेटी की दो विवाहित बेटियां हैं। उनका एक पुत्र विजय भी है, जो परिवार के साथ गांव में ही रहता है और वह भी शादीशुदा है। आत्महत्या के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। हालांकि, प्रारंभिक जांच में घरेलू कलह को एक संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
अपनी मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे ई-रिक्शा चालकों का प्रदर्शन सोमवार को समाप्त हो गया। नगर निगम के महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी के प्रभावी हस्तक्षेप और आश्वासन के बाद यूनियन ने हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया है। कृष्णा फाउंडेशन और अयोध्या जी ई-रिक्शा कल्याण सेवा समिति आंदोलनरत थीयह आंदोलन कृष्णा फाउंडेशन और अयोध्या जी ई-रिक्शा कल्याण सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में चलाया जा रहा था। ई-रिक्शा चालक अपनी रोजी-रोटी और रूट निर्धारण जैसी समस्याओं को लेकर आंदोलित थे। गतिरोध बढ़ता देख महापौर ने इसमें मध्यस्थता की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक वार्ता हुई। ई-रिक्शा का संचालन पुनः शुरू हो जाएगा यूनियन के संस्थापक माधव मुकुंद त्रिपाठी ने आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि महापौर के आश्वासन के बाद आज से हड़ताल समाप्त की जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन ने फिलहाल कुछ प्रमुख मांगों को स्वीकार करते हुए राहत दी है। हड़ताल खत्म होने के साथ ही ई-रिक्शा का संचालन पुनः शुरू हो जाएगा। परिवहन व्यवस्था फिर से पटरी पर लौटने की उम्मीद हालांकि, यह विराम पूर्ण विराम नहीं है; शेष मांगों को लेकर कानूनी और प्रशासनिक लड़ाई जारी रहेगी हमारा उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि ई-रिक्शा चालकों के हितों की रक्षा करना है। महापौर के हस्तक्षेप का हम स्वागत करते हैं, लेकिन अपनी बाकी मांगों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।पिछले कई दिनों से जारी इस हड़ताल के कारण अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को भारी आवागमन की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। हड़ताल समाप्त होने की घोषणा से शहर की परिवहन व्यवस्था फिर से पटरी पर लौटने की उम्मीद है।
अज्ञात वाहन की टक्कर से किसान की मौत:सड़क किनारे मिला शव, पुलिस जांच में जुटी
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक सड़क हादसे में किसान की मौत हो गई। चांदपुर थाना क्षेत्र के बुड़दा गांव के पास अज्ञात वाहन ने बाइक सवार किसान को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। राहगीरों ने सड़क किनारे शव पड़ा देखा और ग्राम प्रधान को सूचना दी। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान जाफरगंज थाना क्षेत्र के ककोरा ग्राम पंचायत के मजरे खदरी गांव निवासी 50 वर्षीय छेदा लाल निषाद के रूप में हुई है। छेदा लाल गांव में खेती-किसानी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। रविवार को वह अपनी मोटरसाइकिल से चांदपुर थाना क्षेत्र के बुड़दा गांव स्थित तारनडेरा अपने ससुराल गए थे। देर शाम घर लौटते समय बुड़दा गांव के पास अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। सोमवार को ग्राम प्रधान पूनम देवी को चांदपुर थाने में तैनात उप निरीक्षक वीरेंद्र पांडे ने इस घटना की जानकारी दी। ग्राम प्रधान ने बताया कि मृतक अपने साले की बटाई पर ली गई जमीन के लिए खाद डालने के पैसे लेने गए थे। किसान की मौत की खबर सुनकर परिजन बेहाल हो गए। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उपनिरीक्षक ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
कानपुर के घाटमपुर में एसीपी और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) ने अतिक्रमण के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान चौराहे के चारों ओर सौ मीटर तक खड़े 25 वाहनों को सीज किया गया, जबकि 50 से अधिक वाहनों का चालान किया गया। हाइवे किनारे अतिक्रमण करने वाले 11 दुकानदारों पर भी जुर्माना लगाया गया। सोमवार दोपहर घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत यादव और नगर पालिका ईओ डॉ महेंद्र कुमार की टीम ने की। इसका उद्देश्य प्रमुख चौराहे पर लगने वाले जाम से लोगों को निजात दिलाना था, जो डग्गामार वाहनों और अतिक्रमण के कारण लगता है। अभियान के दौरान पुलिस को देखते ही डग्गामार वाहन चालक अपनी गाड़ियां लेकर भागने लगे। पुलिस ने चौराहे के आसपास हाइवे पर खड़े बिना नंबर प्लेट, ब्लैक फिल्म लगी कार, थ्री व्हीलर और बाइक समेत 25 वाहनों को सीज किया। इसके अतिरिक्त, हाइवे पर खड़े 50 वाहनों पर फाल्टी नंबर प्लेट और नो पार्किंग के उल्लंघन के लिए चालान किए गए। एसीपी बोले- आगे भी चलेगा अभियान घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत यादव ने बताया कि संयुक्त टीम द्वारा यह अतिक्रमण अभियान चलाया गया है। उन्होंने कहा कि लोग हाइवे किनारे आड़े-तिरछे वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे जाम की स्थिति बन जाती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि समय-समय पर ऐसे अतिक्रमण अभियान जारी रहेंगे। ईओ बोले- हाइवे पर अतिक्रमण में होगी कार्रवाई नगर पालिका अधिशासी अधिकारी डॉ महेंद्र कुमार ने जानकारी दी कि संयुक्त कार्रवाई में हाइवे किनारे अतिक्रमण करने वाले लगभग 11 दुकानदारों से 9600 रुपये का जुर्माना वसूला गया है। उन्होंने बताया कि नगर पालिका द्वारा सड़क पर अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा।
मेरा बेटा बहुत सीधा था। सबकी बहुत इज्जत करता था। कभी किसी से नजर मिलाकर बात नहीं करता था। ऐसा बेटा तो बहुत मुश्किल से मिलता है। पूरा घर संभाल रखा था। परिवार की हर जरूरत का ख्याल रखता था। पूरा मोहल्ला बता देगा मेरे कैफ के बारे में…! यह दर्द है मोहम्मद कैफ की मां तस्लीम का जिनकी आंखों से आंसू रुक नहीं पा रहे हैं। बार बार वह बेटे कैफ को याद कर रोने लगती हैं। तस्लीम कहती हैं कि उनका बेटा निहायत ही शरीफ था। आज तक भी किसी से विवाद नहीं हुआ। हर किसी के दिल में वह जगह बना लेता था। दरअसल, 22 वर्ष के मोहम्मद कैफ की जिंदगी पर मोबाइल की लत भारी पड़ गई। वह कोरोना काल में मोबाइल पर PUBG खेलने लगा था। कई कई घंटे मोबाइल पर बिताता। ब्रेन हेमरेज से पहले भी उसके हाथ में मोबाइल था। वह अपने बिस्तर से किसी काम के लिए खड़ा हुआ और फिर जमीन पर गिर गया। परिवार दौड़ा और उसे उठाकर अस्पताल भागा...! आइए जानते हैं परिवार के बारे में देहलीगेट थाना क्षेत्र के खैरनगर निवासी फारूख पिछले करीब आठ वर्ष से गूलर वाली गली में किराए का मकान लेकर रह रहे थे। फारूख प्रोपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। परिवार में पत्नी तस्लीम के अलावा एक बेटी और एक बेटा 22 वर्षीय मोहम्मद कैफ रहे। बेटी की शादी हो चुकी है और मोहम्मद कैफ कंप्यूटर डिजाइनिंग का काम करता था। घर चलाने में कैफ अपने पिता का पूरा सहयोग कर रहा था। परिवार की जुबानी, उस रात की कहानी 6 फरवरी की शाम मोहम्मद कैफ काम पर से घर लौट आया। कुछ देर घर पर रुका। खाना खाया और फिर उसका दोस्त शोएब उर्फ कैफ आ गया। दोनों हर रोज की तरह घूमने के लिए निकल गए। रात करीब 11 बजकर 30 मिनट पर शोएब ने कैफ को घर पर छोड़ दिया। परिजनों की मानें तो घर आने के बाद कैफ भी अपने बिस्तर में चला गया लेकिन मोबाइल चलाने लगा। एक घंटे बाद ही कैफ किसी काम के लिए उठा और गिर गया। कैफ के गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि परिवार ही नहीं पड़ोसियों में भी जाग हो गई। अस्पताल-अस्पताल दौड़ते रहे परिजन फारूख ने बताया कि गिरने के बाद उन्होंने कैफ को संभाला। वह अपने सिर में हाथ मार रहा था। संभवत: सिर में दर्द हो रहा था। वह बेटे कैफ को लेकर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल दौड़ते रहे। सबसे पहले होप हॉस्पिटल गए लेकिन डाक्टर नहीं मिला। यहां के बाद सुशीला जसवंत राय और फिर साकेत के निजी अस्पताल आ गए। बिलिंग पर तो स्टाफ चर्चा करता रहा लेकिन उपचार की किसी ने बात नहीं की। कुछ देर बाद एक कर्मचारी ने आकर कहा कि मरीज की हालत सीरियस है। आप इसे दिल्ली ले जाओ। दिल्ली में बामुश्किल किया गया भर्ती फारूख का आरोप है कि मेरठ के अस्पताल ने रेफर लेटर नहीं दिया, जिस कारण दिल्ली एम्स और जीबी पंत में कैफ को भर्ती नहीं किया। बामुश्किल सफदरजंग अस्पताल ने कैफ को भर्ती किया, जिसके बाद कैफ का उपचार शुरु हो पाया। हालांकि कुछ घंटे बाद ही कैफ ने दम तोड़ दिया। पिता का आरोप है कि समय पर उपचार मिलता तो उनका बेटा कैफ बच जाता। वह कैफ को लेकर मेरठ आ गए और रात में ही उसको सुपुर्द ए खाक कर दिया। साढ़े आठ बजे तक भी ठीक था कैफ कैफ कंप्यूटर डिजाइनर था और शेख मिराज की शॉप पर काम करता था। शेख मिराज बताते हैं कि वह अपने काम के प्रति ईमानदार था। उनके यहां कोई भी वर्कर मोबाइल का प्रयोग नहीं कर सकता है, इसलिए कैफ भी मोबाइल नहीं चलाता था। रात को 8:30 बजे दुकान बंद हुई तो वह बिल्कुल ठीक था। परिजनों की मानें तो वह मोबाइल पर कुछ देख रहा था। कान में लीड भी लगी थी।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री कैलाश यादव की दसवीं पुण्यतिथि उनके पैतृक निवास पर मनाई गई। इस अवसर पर जंगीपुर के विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव ने एक कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें समाजवादी पार्टी के सांसद भी शामिल हुए। मीडिया से बातचीत के दौरान सपा सांसद अफजाल अंसारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयानों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। सपा सांसद ने संसद की कार्यवाही के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उपस्थित न होने और सुरक्षा कारणों का हवाला देने के मामले पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह पहली बार हुआ है जब लोकसभा अध्यक्ष ने पीठ से कहा कि प्रधानमंत्री को उनकी जान के खतरे के कारण संसद में आने से मना किया गया है। सांसद ने सवाल उठाया, जब देश के प्रधानमंत्री को देश की संसद में भी खतरा महसूस होता है और वे विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए संसद में नहीं बैठ सकते, तो उनके हाथों में देश की सीमाएं कैसे सुरक्षित रहेंगी? उन्होंने इसे 'जिम्मेदारी से भागने का संकेत' बताया और कहा कि यह सदन के इतिहास का एक अजीब दिन था। इसके अतिरिक्त, सपा सांसद ने मोहन भागवत के जनसंख्या संबंधी बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। भागवत ने 19 से 25 वर्ष की आयु के बीच विवाह करने और तीन बच्चे होने को स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद बताया था। इस पर सांसद ने तंज कसते हुए कहा कि भागवत एक ही समय में वैज्ञानिक, डॉक्टर और दार्शनिक हैं। उन्होंने भागवत के पूर्व के एक बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि देश की सीमा पर तीन लाख स्वयंसेवक मुकाबला करने के लिए तैयार हैं।
महोबा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 'विराट हिंदू सम्मेलन' का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में पहलगाम आतंकी हमले में शहीद शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशन्या द्विवेदी और महंत अर्पित दास महाराज ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव को समाप्त कर एकजुटता स्थापित करना और राष्ट्रविरोधी ताकतों के खिलाफ कड़ा संदेश देना था। सम्मेलन में कानपुर से आईं ऐशन्या द्विवेदी ने अपने विचार रखे। उनके पति शुभम द्विवेदी पिछले वर्ष 22 अप्रैल 2025 को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहीद हो गए थे। ऐशन्या ने कहा कि जो हिंदुस्तान को अपना समझेगा, वही हिंदुस्तानी है, और जो 'वंदे मातरम' नहीं बोल सकता, वह भारत का नहीं हो सकता। उन्होंने जेएनयू में प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के खिलाफ लगे नारों को देश के लिए गंभीर आघात बताया और भारत की वैश्विक पहचान का विरोध करने को निंदनीय करार दिया। महंत अर्पित दास महाराज ने हिंदू समाज को जागरूक करते हुए एकजुटता का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की चुनौतियों को देखते हुए हिंदू और सिख समाज को एकजुट रहना होगा। महंत ने संदेश दिया कि आपसी भेदभाव भूलकर एक होने का समय आ गया है, क्योंकि आंतरिक फूट ही राष्ट्रविरोधी ताकतों को बल देती है। महोबा के एक निजी गेस्ट हाउस में आयोजित इस 'विराट हिंदू सम्मेलन' में भारी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया, जिसका उद्देश्य समाज में ऊंच-नीच की दीवारों को तोड़कर राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोना था।
बलिया के मुख्य राजस्व अधिकारी (CRO) त्रिभुवन ने जिलाधिकारी के निर्देश पर दुबहड़ थाने का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि थाना एक निजी भवन में संचालित हो रहा है। सीआरओ ने तत्काल प्रभाव से सरकारी भूमि पर नया थाना भवन निर्मित कर उसे वहां स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। इसके लिए ग्राम दुबहड़ में ही भूमि चिन्हित की जा चुकी है और शासन से भूमि आवंटन की मांग की गई है। उन्होंने शासन स्तर पर जल्द से जल्द पैरवी कर नवीन थाना भवन के निर्माण को गति देने के निर्देश दिए। साथ ही, थाने में साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी निर्देशित किया गया। अपराध नियंत्रण के संबंध में, सीआरओ ने रजिस्टर नंबर 8 (अपराध रजिस्टर) पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य गुंडा, गैंगस्टर और अन्य असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। थानाध्यक्ष को ऐसे अराजक तत्वों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया, ताकि आम जनता में भयमुक्त वातावरण स्थापित हो सके। सभी भूमाफिया और गुंडों को जेल भेजने के लिए भी कहा गया। सीआरओ ने थाना समाधान दिवस, महिला शिकायत और दैनिक शिकायतों के अवलोकन के बाद निर्देश दिए कि जनसुनवाई प्रतिदिन की जाए। आम लोगों की समस्याओं को सुनकर नियमों के अनुसार उनका निस्तारण किया जाए, जिससे थाने के प्रति जनता का विश्वास बढ़ सके।
करौली के श्रीराधा नवलबिहारी मंदिर में होली उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर महिला भक्त मंडलियों ने फाग और रसिया गाकर ठाकुरजी को रिझाया। मंदिर परिसर में गुलाल तिलक, पुष्पवर्षा और नृत्य के साथ उत्सव का आयोजन हुआ। उत्सव के दौरान महिला भक्त मंडलियों ने पारंपरिक होली गीतों और रसियाओं की प्रस्तुतियां दीं। भक्तों ने ठाकुरजी के समक्ष फाग गाकर सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।महिलाओं ने होली गीतों पर नृत्य किया, गुलाल का तिलक लगाया और पुष्पवर्षा की। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन मंदिर के पुजारी मनोज शर्मा के माता-पिता रघुनाथ प्रसाद शर्मा और गोपाली देवी ने अपनी शादी की वर्षगांठ के अवसर पर किया। इस दौरान मेरे मदन मोहन रसिया…, मेरा खो गया बाजूबंद…, भोला नाचे पार्वती नाचे… और रसिया वनों मदन मोहन… जैसे कई पारंपरिक फाग प्रस्तुत किए गए। मठ-मंदिर संघ करौली के जिला अध्यक्ष दिलीप शर्मा ने बताया कि उत्सव में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु शामिल हुईं। महिला मंडली में नीरज शर्मा, रवि शर्मा, रति देवी, गोपाली देवी, उषा शर्मा, राजकुमारी, सरोज, सुमन, मीरा, राम दुलारी, ज्योति सोनी, सुलोचना, प्रिया, माधुरी और लीला देवी सहित अन्य महिलाएं उपस्थित थीं।
चंदौली जिले की चकिया तहसील के मुजफ्फरपुर इलाके में सोमवार को वन विभाग, राजस्व और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान वन विभाग की 100 बीघा जमीन को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराया गया। इस भूमि पर पिछले 25 सालों से कुछ लोगों द्वारा खेती और अन्य कार्य किए जा रहे थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस और पीएसी के जवान बड़ी संख्या में मौजूद थे। भारी सुरक्षा बल की उपस्थिति के कारण किसी भी प्रकार के विरोध का सामना नहीं करना पड़ा। चकिया तहसील के मुजफ्फरपुर क्षेत्र में वन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जे की जानकारी मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। मामला संज्ञान में आने पर वन और राजस्व विभाग की टीमें सक्रिय हो गईं। संयुक्त टीम बुलडोजर और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। इसके बाद जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। कई घंटों तक चले इस अभियान में लगभग 100 बीघा से अधिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। मौके पर मौजूद वन विभाग के रेंजर अखिलेश दुबे ने बताया कि वन विभाग की जमीन पर कई सालों से अवैध कब्जा था। इसे शासन के निर्देशानुसार मुक्त करा दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी व्यक्ति द्वारा सरकारी भूमि पर दोबारा कब्जा करने का प्रयास किया गया, तो ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डीडवाना कब्रिस्तान में लगी आग:दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद काबू, जनहानि या बड़ी दुर्घटना नहीं
डीडवाना शहर के कायमखानी हॉस्टल के समीप स्थित कब्रिस्तान में अज्ञात कारणों से अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने सूखी घास को अपनी चपेट में ले लिया और विकराल रूप धारण कर लिया। स्थानीय लोगों की सजगता और दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कब्रिस्तान से धुआं और आग की लपटें उठती देख क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। तेज हवा और सूखी घास के कारण आग तेजी से फैलने लगी, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों में भी दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय निवासियों ने तुरंत नगर परिषद के अग्निशमन केंद्र को सूचना दी। सूचना मिलते ही नगर परिषद की दमकल गाड़ी मौके पर पहुंची। फायरमैन श्रवण कुमार और पायलट नूर मोहम्मद खान ने मुस्तैदी दिखाते हुए आग पर काबू पाने का अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग को पूरी तरह बुझा दिया और उसे फैलने से रोक लिया। आगजनी में किसी प्रकार की जनहानि या बड़ी दुर्घटना नहीं हुई। समय पर आग पर नियंत्रण पा लेने से कब्रिस्तान के पास स्थित रिहायशी इलाकों और संपत्ति को नुकसान से बचा लिया गया। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
गोंडा जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र में आई.ओ.डब्लू. कार्यालय के सामने बने नाले में एक 30 वर्षीय युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई है। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची नगर कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से मृतक युवक के शव को नाले से बाहर निकाला। मौके पर फॉरेंसिक और डॉग स्क्वायड टीम को भी बुलाया गया। आवश्यक पंचनामा की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही सहायक पुलिस अधीक्षक प्रशिक्षु प्रदीप कुमार, सीओ सिटी आनंद राय और नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक युवक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, जिसके लिए गोंडा नगर कोतवाली पुलिस और सेमरा चौकी की पुलिस सोशल मीडिया का भी सहारा ले रही है। नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि मृतक की उम्र लगभग 30 साल बताई जा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा। पुलिस आसपास के लोगों से भी मृतक युवक के बारे में पूछताछ कर रही है और आगे की जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की अन्य कार्यवाही गोंडा की नगर कोतवाली पुलिस द्वारा पूरे मामले में की जाएगी।
नीमच में भ्रष्टाचार और उत्पीड़न से तंग आकर आत्महत्या करने वाले हेड कांस्टेबल होशियार सिंह के मामले में पुलिस विभाग की संवेदनहीनता सामने आई है। सुसाइड नोट में पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाने वाले होशियार सिंह की मौत के बाद, उनके परिजनों को अंतिम समय में शव के पास नहीं जाने दिया गया। मृतक की पत्नी कमलेश बाई और बच्चों ने आरोप लगाया है कि पोस्टमार्टम के बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें शव से दूर रखा। जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान परिवार को अस्पताल नहीं ले जाया गया, बल्कि उन्हें पुलिस लाइन स्थित उनके क्वार्टर पर ही रखा गया था। पुलिस ने परिवार को 7 किमी दूर रोका परिजन के अनुसार, पोस्टमार्टम के बाद जब शव को पुलिस लाइन ले जाना था, तो पुलिस ने मृतक की पत्नी, दो बेटियों और एक बेटे को एक अलग वाहन में बैठाकर घटनास्थल से करीब 7 किलोमीटर दूर जावद फंटे पर छोड़ दिया। इसके बाद शव को दूसरी गाड़ी में पुलिस लाइन ले जाया गया। जब होशियार सिंह का शव पुलिस लाइन पहुंचा, तब केवल उनके बड़े भाई वहां मौजूद थे। पुलिस लाइन कॉलोनी में रहने वाले पुलिस जवानों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। शव वाहन परिवार से पहुंचने से पहले रवाना इस दौरान, 7 किलोमीटर दूर खड़े मृतक की पत्नी कमलेश बाई और उनकी बेटियों ने वापस पुलिस लाइन ले जाने की मांग की। काफी देर बाद उन्हें पुलिस लाइन के लिए रवाना किया गया। परिवार के वापस आने तक शव ले जाने वाले वाहन को रोके रखा गया था, क्योंकि पुलिस उसे पहले ही ले जाने का प्रयास कर रही थी। महिलाओं ने वाहन के आगे खड़े होकर विरोध प्रदर्शन किया। बाद में, केंट थाना प्रभारी की समझाइश पर शव को मृतक की पत्नी और बच्चों के पहुंचने से पहले ही रवाना कर दिया गया। सुसाइड नोट में यह लिखा श्रीमान डीजीपी, आईजी, डीआईजी, एसपी महोदय। निवेदन है कि मैं प्रार्थी 83 होशियार सिंह आपके अधीनस्थ पुलिस लाइन नीमच पर तैनात हूं। डीजीपी सर से निवेदन है कि पुलिस को इतना भी मत बेचो कि सही आदमी नौकरी नहीं कर पाए। नीमच जिले में सब कुछ बिक रहा है। कोई सुनने को तैयार नहीं है। थाने में पीसीआर 1, पीसीआर 2, लाइन का रोजनामचा, जिम, खेल सब पैसों में बिक रहे हैं। जहर खाने का कारण साफ नहीं टीआई नीलेश अवस्थी ने कहा- अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि हेड कॉन्स्टेबल होशियार सिंह ने जहर क्यों खाया? पुलिस इस मामले की बारीकी से जांच कर रही है।
सोमवार को ग्राम स्तरीय वनाधिकार समिति के बैनर तले ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन सामुदायिक वनाधिकार दावों के निस्तारण में हो रही देरी और पूर्व में दाखिल दावों पर कार्रवाई न होने के विरोध में किया गया। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि जनपद के विभिन्न गांवों की ओर से वर्ष 2018 और 2022 में वनाधिकार अधिनियम के तहत सामुदायिक दावा फार्म संबंधित तहसीलों के माध्यम से जिला प्रशासन को सौंपे गए थे। हालांकि, वर्षों बीत जाने के बावजूद इन दावों का न तो निस्तारण हुआ है और न ही उन पर कोई ठोस कार्रवाई की गई है। प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने जानकारी दी कि रॉबर्ट्सगंज, दुद्धी, घोरावल और ओबरा तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों ने सामुदायिक वनाधिकार के लिए विधिवत आवेदन किया था। इसके बावजूद, फाइलें लंबित पड़ी हैं, जिससे ग्रामवासी अपने परंपरागत वन अधिकारों से वंचित हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग और प्रशासनिक स्तर पर इस मामले में उदासीनता बरती जा रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सामुदायिक वनाधिकार को मान्यता नहीं दी गई, तो उनके समक्ष आजीविका और संरक्षण दोनों का संकट गहरा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि शीघ्र ही सामुदायिक वनाधिकार दावों पर निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस मौके पर शुभलाल सिंह गोंड़, महेन्द्र चेरो, कैलाश, भगवंती, नान्हक, पानकुंवर, शीला, नंदू, किसमतिया, पार्वती देवी, नन्हकी, जवाहर लाल, शांति सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।
अलवर की पोक्सो कोर्ट संख्या-1 ने नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने और दोस्त के साथ मिलकर गैंगरेप करने के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। पोक्सो कोर्ट-1 के न्यायाधीश जघेंद्र अग्रवाल ने दोनों आरोपियों को उम्रकैद यानी मरते दम तक की सजा से दंडित किया है। साथ ही दोनों आरोपियों पर 28 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में कुल 22 गवाहों के बयान और 26 दस्तावेज पेश किए गए, जिनके आधार पर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आरोपियों द्वारा किया गया कृत्य जघन्य अपराध है और इसका समाज पर गलत प्रभाव पड़ता है। सरकारी वकील विनोद शर्मा ने बताया कि पीड़िता की मां ने 7 नवंबर 2024 को अलवर जिले के एक थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उसकी 14 वर्षीय नाबालिग बेटी 6 नवंबर की रात घर पर सोई थी, लेकिन अगले दिन सुबह जब उसे चाय देने के लिए उठाया गया तो वह घर पर नहीं मिली। परिजनों को एक युवक पर शक हुआ, जब उसके घर पहुंचे तो वह भी घर से गायब था और उसकी बाइक भी नहीं मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और तलाश शुरू की गई। पुलिस द्वारा बरामदगी के बाद पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसे अपने दोस्त के साथ भिवाड़ी ले गया, जहां एक कमरे में कई दिनों तक रखा गया और दोनों आरोपियों ने उसके साथ गैंगरेप किया। मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान पेश किया, जिसके बाद अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
सरगुजा जिले के भैंसाखार में बीती शाम तेज रफ्तार यात्री बस ने बाइक सवार दो दोस्तों को टक्कर मार दी। हादसे के बाद दोनों युवकों को हॉस्पिटल में दाखिल किया गया। इलाज के दौरान एक युवक की मौत हो गई। दूसरे युवक का उपचार जारी है। मामला सीतापुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, रविवार को कांसाबेल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नकबार बहमा निवासी राजकुमार पिता सोहन (26 वर्ष) अपने मित्र रूपेश कुजूर के साथ बजाज एवेंजर बाइक क्रमांक सीजी 11 एजे 6250 से किसी काम के लिए बीजापानी कापू गया था। दोनों शाम करीब चार बजे वापस लौट रहे थे। सामने से बस ने मारी टक्कर, एक ने तोड़ा दमसीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम भैंसाखार के पास सामने से आ रही तेज रफ्तार ताज बाबा बस क्रमांक सीजी 13 क्यू 1700 ने तेज रफ्तार में बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार उछलकर दूर जा गिरे एवं दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची एवं दोनों युवकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीतापुर स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान डॉक्टरों ने राजकुमार को मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल रूपेश कुजूर का इलाज जारी है। घटना की सूचना पर मृतक एवं घायल के परिजन हॉस्पिटल पहुंचे। मृतक राजकुमार के शव का सोमवार को पोस्टमॉर्टम करा परिजनों को सौंप दिया है। मामले में पुलिस ने बस चालक के विरुद्ध बीएनएस की धारा 281, 125(ए) एवं 106(1) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। घटना के बाद बस चालक फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
सुलतानपुर में किसान सहकारी चीनी मिल को अचानक बंद करने पर पूर्व अध्यक्ष गन्ना विकास परिषद अशोक कुमार वर्मा ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस कदम को किसानों के गन्ने की पेराई रोकने और मिल को बेचने की सुनियोजित साजिश बताया। वर्मा ने बताया कि मिल ने बिना किसी पूर्व सूचना, विज्ञापन या नोटिस के पेराई कार्य बंद कर दिया। गन्ना समितियों से कोई नोड्यूज नहीं लिया गया और न ही किसानों, गन्ना विभाग के अधिकारियों या समिति पदाधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। उन्होंने इसे गन्ना खरीद आपूर्ति नियमावली का स्पष्ट उल्लंघन बताया। मिल के अचानक बंद होने से हजारों गन्ना किसान प्रभावित हुए हैं। उन्हें अब अपना गन्ना निजी मिलों या अन्य स्थानों पर कम मूल्य पर बेचना पड़ रहा है, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। वर्मा ने आरोप लगाया कि मिल की मरम्मत के लिए मिले करोड़ों रुपये का दुरुपयोग किया गया और मरम्मत कार्य नहीं कराया गया। उन्होंने कहा कि इस सत्र में मिल की गन्ना पेराई क्षमता 22 लाख क्विंटल तक थी, लेकिन इसे जानबूझकर रोका गया। वर्मा के अनुसार, चीनी मिल की 14 हेक्टेयर बहुमूल्य जमीन का बाजार मूल्य आज 250 से 300 करोड़ रुपये है। उन्होंने इस जमीन को ही मिल बंद करने का मुख्य कारण बताया। उन्होंने याद दिलाया कि बसपा सरकार के दौरान भी मिल को बेचने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। उस समय बजाज ग्रुप, बलराम ग्रुप और जे.पी. ग्रुप जैसे बड़े उद्योगपति इसमें रुचि ले रहे थे, लेकिन किसानों, कर्मचारियों के विरोध और हाईकोर्ट में मुकदमों के कारण यह प्रक्रिया रुक गई थी। पूर्व सांसद मेनका गांधी और मुख्यमंत्री ने मिल के नवीनीकरण का आश्वासन दिया था, जो पूरा नहीं हुआ। वर्मा का सुझाव है कि मिल को चालू रखने के लिए उसके कुछ हिस्से की जमीन बेचकर नवीनीकरण किया जा सकता है। उन्होंने मिल बंद करने को किसानों के साथ अन्याय बताया। अशोक कुमार वर्मा ने मांग की है कि मिल को तत्काल चालू किया जाए, शेष गन्ने की पेराई सुनिश्चित की जाए और इस मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
बुरहानपुर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. प्रदीप कुमार मोजेस को सोमवार को निलंबित कर दिया गया। वे नर्मदापुरम में सीएमएचओ भी रह चुके हैं। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के एक मामले में लोकायुक्त एसपी भोपाल की सिफारिश पर की गई है। डॉ. दर्पण टोके को सिविल सर्जन का अस्थायी प्रभार सौंपा गया है। डॉ. मोजेस का निलंबन संचालनालय लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा भोपाल के निर्देश पर हुआ है। डॉ. दर्पण टोके को प्रभारलोकायुक्त एसपी भोपाल ने मध्य प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव से डॉ. मोजेस को निलंबित करने का अनुरोध किया था। सोमवार दोपहर कलेक्टर हर्ष सिंह ने एक पत्र जारी कर डॉ. दर्पण टोके को सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक जिला अस्पताल बुरहानपुर का अस्थायी प्रभार आगामी आदेश तक सौंपा है। डॉ. टोके शल्य क्रिया विशेषज्ञ हैं। बता दें कि डॉ. मोजेस के खिलाफ नर्मदापुरम में पूर्व पदस्थापन के दौरान रिश्वत लेने का मामला है। राज्य सरकार ने 15 दिसंबर 2025 को उनके खिलाफ कोर्ट में अभियोजन चलाने की स्वीकृति दी थी। अब इस मामले में डॉ. मोजेस के खिलाफ न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया जाएगा। यह है पूरा मामला पूरा मामला रिश्वतखोरी से जुड़ा है। डॉ प्रदीप मोजेस और एक महिला संविदा लेखा प्रबंधक ने सीएमएचओ कार्यालय नर्मदापुरम में पदस्थ रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग किया था। दोनों ने सहायक ग्रेड.3 मदनमोहन वर्मा से बिल भुगतान के बदले रिश्वत की मांग की थी। यह घटना 29 अप्रैल 2022 की है। 2 मई 2022 को डॉ प्रदीप मोजेस ने 2 हजार रुपए और महिला लेखा प्रबंधक ने 3 हजार रुपए रिश्वत के रूप में लिए थे। इसी दौरान लोकायुक्त टीम ने दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया था। संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं स्तर पर गठित राज्य स्तरीय समिति की 10 नवंबर 2025 को हुई बैठक में इस प्रकरण में अभियोजन स्वीकृति की अनुशंसा की गई थी। लोकायुक्त ने पिछले दिनों लिखे अपने पत्र में मध्य प्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील नियम 1966 के नियम 9.1 बी का हवाला दिया था। जिसके अनुसार शासकीय सेवक के विरुद्ध अपराध में चालान प्रस्तुत होने पर संबंधित कर्मचारी को निलंबित किया जाना अनिवार्य है। इसके बाद उनका निलंबन हुआ है।
मिर्गी एक दिमाग से जुड़ी बीमारी है, जिसमें व्यक्ति को बार-बार दौरे पड़ते हैं। देशभर में बड़ी संख्या में लोग इस बिमारी से प्रभावित हैं। विश्व मिर्गी दिवस पर स्वरूप रानी नेहरू हॉस्पिटल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ एन एन गोपाल ने बताया कि मिर्गी(Epilepsy) कोई दुर्लभ नहीं, बल्कि बहुत आम बीमारी है। जो हर उम्र के बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों सभी में पाई जाती है। अलग-अलग उम्र में इसके कारण भी अलग होते हैं। लेकिन समय पर इलाज से यह पूरी तरह नियंत्रित और ठीक की जा सकती है। क्या होता है मिर्गी (Epilepsy) मिर्गी (Epilepsy) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का एक न्यूरोलॉजिकल विकार है, जिसमें मस्तिष्क में असामान्य विद्युत गतिविधि के कारण बार-बार दौरे (seizures) पड़ते हैं। इसके मुख्य लक्षणों में बेहोशी, शरीर में झटके, घूरना, मांसपेशियों में अकड़न और मानसिक उलझन शामिल हैं। इसका इलाज दवाओं (एंटी-सीज़र दवाएं) और कभी-कभी सर्जरी से संभव है। बच्चों में बढ़ती समस्या डॉक्टर के अनुसार बच्चों में मिर्गी के दौरे का सबसे बड़ा कारण दिमाग में गांठें पड़ जाना है, जो अक्सर सिस्टिसरकोसिस नामक कीड़े की वजह से होता है। पेट में मौजूद कीड़ों के अंडे कभी-कभी दिमाग में जाकर गांठ बना लेते हैं। यह समस्या खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा दिखाई देती है, जहां बच्चे नंगे पैर खेलते हैं, खेतों में जाते हैं और जमीन से गिरी चीजें बिना धोए खा लेते हैं। यह बीमारी दवाओं से पूरी तरह ठीक हो सकती है, लेकिन इलाज में लापरवाही के कारण कई बार यह बड़े होने तक बनी रहती है। उन्होंने कहा कि आज भी बहुत से लोग मानते हैं कि मिर्गी ठीक नहीं होती, इसलिए दौरा पड़ने पर जूते सुंघाना, प्याज सुंघाना या भूत-प्रेत का इलाज कराने जैसी गलत प्रथाएं अपनाई जाती हैं। जबकि मिर्गी एक चिकित्सीय बीमारी है। जिसका वैज्ञानिक इलाज उपलब्ध है और यदि मरीज नियमित रूप से डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा ले, तो लगभग तीन साल तक दौरा न आने पर दवा बंद भी की जा सकती है। युवाओं और वयस्कों में मिर्गी सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ते हेड इंजरी के मामलों के कारण मिर्गी के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। डॉक्टर ने कहा कि दुनिया में सबसे ज्यादा सड़क हादसे भारत में हो रहे हैं और इनसे जुड़े सिर की चोट के मामले पूरे परिवार पर आर्थिक और सामाजिक बोझ बन जाते हैं, क्योंकि अकसर घायल युवक ही घर का कमाने वाला सदस्य होता है। उन्होंने हेलमेट लगाने, नशा कर वाहन न चलाने और ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की।इसके अलावा दिमाग की टीबी और ब्रेन ट्यूमर को भी मिर्गी के बड़े कारणों में गिना गया। ऐसे मरीजों में ऑपरेशन के बाद भी दौरे की संभावना बनी रहती है, इसलिए उन्हें लम्बे समय तक नियमित दवा और न्यूरोलॉजिस्ट की निगरानी की जरूरत होती है। आजकल मोबाइल फोन की अत्यधिक आदत मिर्गी के मरीजों में दौरे न रुकने का अहम कारण बन रही है। उन्होंने बताया कि जो मरीज इलाज के बावजूद लगातार मोबाइल पर गेम खेलते हैं, रील्स देखते हैं या स्क्रीन पर अधिक समय बिताते हैं, उनमें दौरे नियंत्रित करना कठिन हो जाता है। बच्चों को मोबाइल से दूर रखना जरूरी उन्होंने विशेष रूप से बच्चों को मोबाइल से दूर रखने की सलाह दी और कहा कि मोबाइल कोई खिलौना नहीं सीमित समय तक इस्तेमाल की जाने वाली वस्तु है। प्रतिदिन ओपीडी में आने वाले मरीजों के बारे में डॉक्टर ने बताया कि रोजाना उनके पास पहुंचने वाले कुल न्यूरोलॉजी मरीजों में लगभग 60 से 70 होते हैं, जिन्हें मिर्गी के दौरे की समस्या रहती है। हर 1 लाख की आबादी में लगभग 2 से 2.5 व्यक्ति मिर्गी से प्रभावित पाए जाते हैं। उत्तर प्रदेश के संदर्भ में उन्होंने बताया कि करीब 50 लाख लोग मिर्गी से प्रभावित हो सकते हैं। इनमें सबसे अधिक प्रभावित वर्ग बच्चे हैं। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान, सही जानकारी, नियमित दवा, सड़क सुरक्षा और मोबाइल के सीमित उपयोग से मिर्गी के बोझ को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
विश्व मिर्गी दिवस पर स्वरूप रानी नेहरू हॉस्पिटल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ एन एन गोपाल ने बताया कि मिर्गी(Epilepsy) कोई दुर्लभ नहीं, बल्कि बहुत आम बीमारी है। जो हर उम्र के बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों सभी में पाई जाती है। अलग-अलग उम्र में इसके कारण भी अलग होते हैं। लेकिन समय पर इलाज से यह पूरी तरह नियंत्रित और ठीक की जा सकती है। क्या होता है मिर्गी (Epilepsy) मिर्गी (Epilepsy) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का एक न्यूरोलॉजिकल विकार है, जिसमें मस्तिष्क में असामान्य विद्युत गतिविधि के कारण बार-बार दौरे (seizures) पड़ते हैं। इसके मुख्य लक्षणों में बेहोशी, शरीर में झटके, घूरना, मांसपेशियों में अकड़न और मानसिक उलझन शामिल हैं। इसका इलाज दवाओं (एंटी-सीज़र दवाएं) और कभी-कभी सर्जरी से संभव है। बच्चों में बढ़ती समस्या डॉक्टर के अनुसार बच्चों में मिर्गी के दौरे का सबसे बड़ा कारण दिमाग में गांठें पड़ जाना है, जो अक्सर सिस्टिसरकोसिस नामक कीड़े की वजह से होता है। पेट में मौजूद कीड़ों के अंडे कभी-कभी दिमाग में जाकर गांठ बना लेते हैं। यह समस्या खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा दिखाई देती है, जहां बच्चे नंगे पैर खेलते हैं, खेतों में जाते हैं और जमीन से गिरी चीजें बिना धोए खा लेते हैं। यह बीमारी दवाओं से पूरी तरह ठीक हो सकती है, लेकिन इलाज में लापरवाही के कारण कई बार यह बड़े होने तक बनी रहती है। उन्होंने कहा कि आज भी बहुत से लोग मानते हैं कि मिर्गी ठीक नहीं होती, इसलिए दौरा पड़ने पर जूते सुंघाना, प्याज सुंघाना या भूत-प्रेत का इलाज कराने जैसी गलत प्रथाएं अपनाई जाती हैं। जबकि मिर्गी एक चिकित्सीय बीमारी है। जिसका वैज्ञानिक इलाज उपलब्ध है और यदि मरीज नियमित रूप से डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा ले, तो लगभग तीन साल तक दौरा न आने पर दवा बंद भी की जा सकती है। युवाओं और वयस्कों में मिर्गी सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ते हेड इंजरी के मामलों के कारण मिर्गी के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। डॉक्टर ने कहा कि दुनिया में सबसे ज्यादा सड़क हादसे भारत में हो रहे हैं और इनसे जुड़े सिर की चोट के मामले पूरे परिवार पर आर्थिक और सामाजिक बोझ बन जाते हैं, क्योंकि अकसर घायल युवक ही घर का कमाने वाला सदस्य होता है। उन्होंने हेलमेट लगाने, नशा कर वाहन न चलाने और ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की।इसके अलावा दिमाग की टीबी और ब्रेन ट्यूमर को भी मिर्गी के बड़े कारणों में गिना गया। ऐसे मरीजों में ऑपरेशन के बाद भी दौरे की संभावना बनी रहती है, इसलिए उन्हें लम्बे समय तक नियमित दवा और न्यूरोलॉजिस्ट की निगरानी की जरूरत होती है। आजकल मोबाइल फोन की अत्यधिक आदत मिर्गी के मरीजों में दौरे न रुकने का अहम कारण बन रही है। उन्होंने बताया कि जो मरीज इलाज के बावजूद लगातार मोबाइल पर गेम खेलते हैं, रील्स देखते हैं या स्क्रीन पर अधिक समय बिताते हैं, उनमें दौरे नियंत्रित करना कठिन हो जाता है। बच्चों को मोबाइल से दूर रखना जरूरी उन्होंने विशेष रूप से बच्चों को मोबाइल से दूर रखने की सलाह दी और कहा कि मोबाइल कोई खिलौना नहीं सीमित समय तक इस्तेमाल की जाने वाली वस्तु है। प्रतिदिन ओपीडी में आने वाले मरीजों के बारे में डॉक्टर ने बताया कि रोजाना उनके पास पहुंचने वाले कुल न्यूरोलॉजी मरीजों में लगभग 60 से 70 होते हैं, जिन्हें मिर्गी के दौरे की समस्या रहती है। हर 1 लाख की आबादी में लगभग 2 से 2.5 व्यक्ति मिर्गी से प्रभावित पाए जाते हैं। उत्तर प्रदेश के संदर्भ में उन्होंने बताया कि करीब 50 लाख लोग मिर्गी से प्रभावित हो सकते हैं। इनमें सबसे अधिक प्रभावित वर्ग बच्चे हैं। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान, सही जानकारी, नियमित दवा, सड़क सुरक्षा और मोबाइल के सीमित उपयोग से मिर्गी के बोझ को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
हिसार जिले के जिला कोर्ट में तैनात एक नायब कोर्ट को रोहतक रेंज के अंतर्गत आने वाली झज्जर ACB टीम ने ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। बता दे कि यह कार्रवाई निरीक्षक फतेह सिंह के नेतृत्व में की गई। आरोपी की पहचान मुख्य सिपाही सुनील कुमार के रूप में हुई है, जो एडीजे कोर्ट नंबर-4 में नायब कोर्ट के पद पर कार्यरत था। रंगे हाथ पकड़ा गया आरोपी जानकारी के अनुसार एसीबी टीम ने सिटी थाना के पास पटवार भवन के नजदीक ट्रैप लगाकर आरोपी को पकड़ लिया। टीम ने मौके से ₹500-₹500 के नोटों की दो गड्डियां, कुल ₹1,00,000 नगद बरामद किए हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक यह रिश्वत किसी लड़ाई-झगड़े से जुड़े मामले में ली जा रही थी। गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले की गहन जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
प्रयागराज के नैनी में दबंगों ने सरेआम गुंडई दिखाई। नैनी रेलवे स्टेशन के सामने रेस्टोरेंट में घुसकर ओनर पर थप्पड़ बरसाए। , गाली-गलौज की और गुंडा टैक्स भी मांगा। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। फिलहाल पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की है। कई साल से चला रहे हैं रेस्टोरेंट पीड़ित राजेश तिवारी का कहना है कि वह नैनी रेलवे स्टेशन के सामने कई वर्षों से रेस्टोरेंट संचालित कर रहा है। आरोप लगाया कि 8 फरवरी की रात करीब 10:35 बजे कुलदीप मिश्रा और अनिल भारतीय अपने 10–12 अज्ञात साथियों के साथ उनके रेस्टोरेंट पर पहुंचे। खाना खाने के बाद जब उन्होंने पैसे मांगे, तो सभी गाली गलौज करने लगे। हाथापाई, जान से मारने की धमकी पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने पैसे देने के बजाय उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और हाथापाई करने लगे। खुलेआम धमकी दी कि अगर दोबारा पैसे मांगे तो गोली मार देंगे। घटना के दौरान रेस्टोरेंट में मौजूद अन्य लोग दहशत में आ गए। बोले, पैसे नहीं दिए तो नहीं चलने देंगे रेस्टोरेंट राजेश का आरोप है कि दबंगों ने उनसे 2000 रुपये प्रति सप्ताह रंगदारी की मांग की। आरोपियों ने साफ शब्दों में कहा कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो रेस्टोरेंट नहीं चलने देंगे और जान से मार देंगे। पीड़ित का कहना है कि वह इस घटना के बाद से बेहद परेशान है। SC-ST मुकदमे में फंसाने को धमकाया रेस्टोरेंट मालिक का आरोप लगाया कि आरोपियों ने यह भी धमकी दी कि उसने पुलिस में शिकायत की या रंगदारी देने से इनकार किया, तो उसे झूठे एससी-एसटी एक्ट के मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवा देंगे। इस धमकी से पीड़ित और उसका परिवार मानसिक तनाव में है। CCTV फुटेज पुलिस को सौंपा पीड़ित का कहना है कि पूरी घटना रेस्टोरेंट में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। उसने मामले की लिखित शिकायत नैनी थाने में की है। साथ ही पुलिस को फुटेज भी सौंप दिया है। एसीपी करछना सुनील कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित शिकायत लेकर आया था। मुकदमा दर्ज करने का आदेश दे दिया गया है।
मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) सान्या छाबड़ा ने सोमवार को विकास भवन स्थित विभिन्न कार्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण 10 फरवरी को मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत के संभावित दौरे के मद्देनजर प्रातः 10:15 बजे किया गया। इस दौरान जिला विकास कार्यालय, समाज कल्याण विभाग, दिव्यांग कल्याण विभाग, डीआरडीए, मनरेगा, एनआरएलएम, लघु सिंचाई कार्यालय, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग और नेडा सहित कई कार्यालयों की कार्यप्रणाली का जायजा लिया गया। निरीक्षण में सात कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इनमें संविदा सहायक लेखाकार मानव कुमार, कनिष्ठ सहायक मदलसा पाण्डेय, बीएमएम विनय कुमार सिंह, कनिष्ठ सहायक विनोद कुमार, ग्राम पंचायत अधिकारी सुनीता देवी, संविदा लेखाकार रवि बाबू और कंप्यूटर ऑपरेटर मो. जान शामिल हैं। सीडीओ ने इन सभी अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, सीडीओ ने विकास भवन परिसर में कई सुधारों के निर्देश भी दिए। इनमें पुराना नक्शा पुनः पेंट कर पोर्टिको में लगाना, गैलरी में प्रकाश व्यवस्था में सुधार करना और सभी कर्मचारियों के लिए नेम प्लेट व सूचना बोर्ड लगाना शामिल है। उन्होंने परिसर में दोपहिया वाहनों की सुव्यवस्थित पार्किंग सुनिश्चित करने, पीछे की रिक्त भूमि पर पौधारोपण करने, नियमित सफाई व्यवस्था बनाए रखने और अनुपयोगी सामग्री व अभिलेखों की बीडिंग कर उनका निस्तारण करने के आदेश भी दिए। निरीक्षण के समय जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
इंद्रा शर्मा ने जीती केरम प्रतियोगिता:महिला वकीलों के लिए धौलपुर अभिभाषक संघ ने करवाया टूर्नामेंट
धौलपुर में अभिभाषक संघ की ओर से आयोजित खेलकूद प्रतियोगिताओं के तहत महिला अधिवक्ताओं की केरम प्रतियोगिता संपन्न हुई। प्रतियोगिता में कुमारी इंद्रा शर्मा ने विजेता का खिताब जीता, जबकि कुमारी प्रतिमा उपविजेता रहीं। बाड़ी अभिभाषक संघ के अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह जादौन इस आयोजन के मुख्य अतिथि थे। जादौन ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार अधिवक्ता न्यायालय में पूरी शक्ति से पैरवी करते हैं, उसी प्रकार उन्हें खेलों में भी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहिए। उन्होंने धौलपुर अभिभाषक संघ की ओर से अधिवक्ताओं के मानसिक विकास के लिए आयोजित इन प्रतियोगिताओं की सराहना की और ऐसे आयोजन प्रतिवर्ष होते रहने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं। धौलपुर अभिभाषक संघ के अध्यक्ष हरिओम शर्मा ने बताया कि उनका उद्देश्य सभी वर्गों के अधिवक्ताओं के लिए खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करना है। उन्होंने सभी अधिवक्ताओं से इन आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग लेकर इन्हें सफल बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर धौलपुर अभिभाषक संघ के महासचिव अरविंद सिंह गुर्जर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश त्यागी, उपाध्यक्ष हेमंत पचौरी, संयुक्त सचिव ब्रजेश सिंह बघेला, कोषाध्यक्ष विनय शर्मा, पुस्तकालय सचिव प्रशांत बघेल और ऑडिटर विवेक व्यास भी उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में मोहम्मद जाकिर हुसैन, विमल शर्मा और पूजा नरसल शामिल थे।
छतरपुर में शासकीय तालाबों पर अवैध कब्जे और मछली माफियाओं के खिलाफ रैकवार समाज ने विरोध प्रदर्शन किया। युवा रैकवार समाज के बैनर तले समाज के सदस्यों ने पैदल मार्च निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। युवा रैकवार समाज के नेतृत्व में बड़ी संख्या में समाजजन पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। समाज ने ज्ञापन के माध्यम से शासकीय तालाबों से अवैध कब्जे हटाने, मछली माफियाओं पर कार्रवाई करने और मत्स्य पालन से जुड़ी समितियों की जांच की मांग की। शासकीय तालाबों पर अवैध कब्जे का आरोप रैकवार समाज का आरोप है कि छतरपुर जिले के कई शासकीय तालाबों पर अवैध कब्जा किया गया है, जिससे पारंपरिक मछुआरों को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। समाज ने आरोप लगाया कि कुछ मछली पालन से जुड़ी समितियां नियमों को दरकिनार कर अपात्र लोगों को लाभ पहुंचा रही हैं, जिससे वास्तविक मछुआरा समाज को नुकसान हो रहा है। सभी तालाबों की निष्पक्ष जांच की मांग ज्ञापन में जिले के सभी शासकीय तालाबों की व्यापक और निष्पक्ष जांच कराने, अवैध कब्जे तुरंत हटाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई। रैकवार समाज ने प्रशासन को एक माह के भीतर कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया है। रैकवार समाज के नेता एवं वार्ड पार्षद दिलीप (पल्ली) रैकवार ने चेतावनी दी कि यदि एक माह में ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो समाज शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक आंदोलन करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
उज्जैन में 11 से 16 फरवरी तक प्रदेश स्तरीय महाकाल वन मेले का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों, जड़ी-बूटियों और वन उत्पादों को एक मंच पर लाना है। यह मेला दशहरा मैदान पर आयोजित होगा, जिसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। डोम और पवेलियन लगाए जा रहे हैं। यह वन मेला प्रदेश में उपलब्ध जड़ी-बूटियों, आयुष आधारित उपचार पद्धतियों और पारंपरिक औषधीय ज्ञान को आमजन तक पहुंचाने के लिए आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले भोपाल में कई वर्षों तक इस तरह के मेले का आयोजन होता रहा है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर अब उज्जैन जैसे धार्मिक और पौराणिक नगर में इसका आयोजन किया जा रहा है। 200 से अधिक स्टॉल्स लगेंगे मेले में पूरे प्रदेश और देश से उत्पाद आएंगे। इसमें प्रदेश भर के वन धन केंद्र, स्वयं सहायता समूह और निजी स्टॉल्स शामिल होंगे। यहां आयुर्वेदिक, हर्बल उत्पाद, मिलेट्स आधारित खाद्य सामग्री, पारंपरिक खान-पान से जुड़े उत्पाद और वन उपज से बने सामान प्रदर्शित किए जाएंगे। असम सहित अन्य राज्यों की औषधीय वनस्पतियां भी मेले का हिस्सा होंगी। महाकाल वन मेले में 200 से अधिक स्टॉल्स लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, 50 से अधिक आयुर्वेदिक चिकित्सक निशुल्क चिकित्सा परामर्श शिविर के माध्यम से लोगों को आयुर्वेद से जुड़े रोगों की जानकारी और उपचार प्रदान करेंगे। खास फूड जोन भी तैयार होगा मेले में एक विशेष फूड जोन भी तैयार किया जाएगा, जहां प्रदेश के विभिन्न अंचलों के पारंपरिक व्यंजन उपलब्ध होंगे। साथ ही, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए औषधीय पौधों, उनके गुणों और उपयोग की जानकारी भी दी जाएगी। उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि यह प्रदेश स्तरीय महाकाल वन मेला केवल उत्पादों के प्रदर्शन का मंच नहीं होगा, बल्कि रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराएगा। वन उपज आधारित उत्पादों के माध्यम से लोगों को नए अवसर मिलेंगे।
कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के निर्देशानुसार 13 फरवरी को अयोध्या जनपद के बीकापुर विधानसभा में मनरेगा बचाओ संग्राम पदयात्रा निकाली जाएगी, पद यात्रा में पड़ने वाले बाजारों में कांग्रेस पार्टी नुक्कड़ सभा भी आयोजित करेगी।जिला कांग्रेस प्रवक्ता शीतला पाठक ने बताया कि कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष चेतनारायण सिंह ने जनपद के समस्त पदाधिकारी, फ्रंटल संगठनों के अध्यक्ष उनके पदाधिकारी, एआईसीसी सदस्य, पीसीसी सदस्य एवं जनपद के वरिष्ठ कांग्रेस जन इस पदयात्रा में शामिल होने की अपील किया है। उन्होंने बताया यह पदयात्रा रामपुर भगन बाजार से प्रातः 11:00 बजे शुरू होकर ग्राम मीतनपुर, गूंथौर, वासुदेवपुर, दशरथपुर चौराहा, पूरे बजाज, पिपरी चौराहा, जलालपुर तिराहा, चांदपुर शुक्लैया, तेंदुआ माफी, तहसील मुख्यालय बीकापुर में सभा के उपरांत पदयात्रा का समापन किया जाएगा। इन गांवों के चौराहों पर भाजपा की मोदी सरकार द्वारा मनरेगा कानून बदलने के संदर्भ में नुक्कड़ सभाओं व संपर्क के माध्यम से जन जागरूक किया जाएगा।
मैनपुरी के करहल थाना क्षेत्र में एक महिला ने गंभीर मारपीट के मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने और लगातार मिल रही धमकियों को लेकर जिलाधिकारी से शिकायत की है। यह घटना तीन महीने पहले हुई थी। करहल थाना क्षेत्र के नगला चक गांव निवासी सुनीता देवी ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 31 अक्टूबर 2025 की सुबह करीब 8 बजे कूड़ा डालने की जगह को लेकर गांव के कुछ लोगों से उनका विवाद हो गया था। आरोप है कि विवाद के दौरान विपक्षियों ने उनके घर में घुसकर सुनीता देवी और उनके ससुर के साथ मारपीट की। इस हमले में सुनीता देवी के सिर में गंभीर चोटें आईं, जिनमें 25 टांके लगे। उनका दाहिना हाथ भी फ्रैक्चर हो गया, जो अब तक ठीक नहीं हुआ है। वहीं, उनके ससुर के दो दांत टूट गए और शरीर में कई अन्य चोटें आईं। पीड़िता का कहना है कि घटना की सूचना थाना करहल में दी गई थी, जिसके बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया। हालांकि, एफआईआर में न तो घर में घुसकर हमला करने की धाराएं जोड़ी गईं और न ही हाथ में हुए फ्रैक्चर की गंभीरता को दर्शाया गया। आरोप है कि घटना को तीन महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस ने किसी भी नामजद आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी खुलेआम गांव में घूम रहे हैं और पीड़िता व उसके परिजनों को जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। आरोपियों ने कथित तौर पर कहा है कि वे जेल जाने से पहले किसी बड़ी वारदात को अंजाम देंगे। इससे पीड़िता और उसका परिवार भय के माहौल में जीने को मजबूर है। पीड़िता ने बताया कि आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका जिला एवं सत्र न्यायालय से खारिज हो चुकी है, इसके बावजूद उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस द्वारा कुर्की की कार्रवाई की केवल औपचारिक मुनादी कराई गई, लेकिन वास्तविक कार्रवाई आज तक नहीं की गई है। इस संबंध में थाना प्रभारी महाराज सिंह भाटी ने बताया 31 अक्टूबर की घटना है। करहल थाने पर मुकदमा पंजीकृत है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी है। जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यमुनानगर जिले के जगाधरी क्षेत्र स्थित केसर कॉलोनी से एक बच्चा संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया है। वह शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे तक पड़ोस में लगे सीसीटीवी कैमरे में गली में खेलता हुआ दिखाई दिया था, जिसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं लग पाया है। बच्चे को सुबह के समय उसके बड़े भाई ने साइकिल चालने को लेकर डांटा था और एक थप्पड़ भी मारा था, जिसके बाद से ही वह लापता है। घटना के बाद परिजन लगातार बच्चे की तलाश में जुटे हुए हैं। वहीं पुलिस ने भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गले के इलाज के लिए बिहार से आया था केसर कॉलोनी के पुनीत ने बताया कि पंकज के गले में दिक्कत थी, जिसके कारण वह बोलने में असमर्थ था। करीब दो माह पहले उसे इलाज के लिए बिहार से यमुनानगर लाया गया था और उसका उपचार सिविल अस्पताल, यमुनानगर में चल रहा था। पंकज अधिकतर घर पर ही रहता था। पंकज को साइकिल चलानी नहीं आती थी, फिर भी वह कई बार साइकिल चलाने का प्रयास करता था। शुक्रवार की सुबह जब वह काम पर जाने लगा, तो पंकज ने साइकिल चलाने की जिद की, जिस पर उसने पंकज को डांटते हुए एक थप्पड़ भी मार दिया। कैमरे में बच्चों के साथ खेलता आ रहा नजर इसके बाद वह काम पर चला गया। शाम को जब वह काम से लौटा, तो देखा कि पंकज घर पर नहीं था। उसके आस पड़ोस में उसके बारे पता किया, तो कुछ भी जानकारी नहीं मिली। परिवार ने अपने स्तर पर आसपास के इलाकों में काफी खोजबीन की, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला। पुनीत ने बताया कि उन्होंने आसपास के सीसीटीवी कैमरा जांचे, तो वह सुबह 11 बजे तक वहीं खेलता नजर आ रहा है, लेकिन उसके बाद वह कहीं दिखाई नहीं दिया। पुनीत की शिकायत पर जगाधरी सिटी थाना पुलिस ने बच्चे की तलाश शुरू कर दी है।
लाइन बनाते समय करंट से बिजलीकर्मी की मौत:गोरखपुर में परिजनों ने सड़क जाम कर किया हंगामा, लगाए आरोप
गोरखपुर में तिवारीपुर उपकेंद्र पर तैनात संविदा कर्मी राजू की 11 केवी हाई टेंशन लाइन पर काम के दौरान करंट लगने से मौत हो गई। राजू को लाइन से संबंधित कार्य के लिए खंभे पर चढ़ाया गया था। काम शुरू करते ही अचानक लाइन में करंट आने से उसे तेज झटका लगा और वह बुरी तरह झुलस गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद सहकर्मियों ने किसी तरह राजू को नीचे उतारा और तत्काल सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की पुष्टि होते ही वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। मौत की खबर से भड़के परिजन संविदा कर्मी की मौत की सूचना मिलते ही उसके परिजन और रिश्तेदार बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, लेकिन गुस्सा भी साफ नजर आया। उन्होंने घटना को हादसा नहीं बल्कि विभागीय लापरवाही का नतीजा बताया। परिजनों का आरोप है कि 11 केवी जैसी जानलेवा लाइन पर काम कराने से पहले न तो पूरी तरह शटडाउन लिया गया और न ही जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए। उनका कहना है कि संविदा कर्मियों से दबाव में खतरनाक काम कराया जाता है और सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज किया जाता है। अस्पताल के बाहर सड़क जाम मौत से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के बाहर सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने पोस्टमार्टम कराने का भी विरोध किया और पहले मुआवजा तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए आवागमन बाधित रहा। मामले में बक्शीपुर खंड के अधिशासी अभियंता अतुल रघुवंशी ने बताया कि संविदा कर्मी को करंट का झटका लगा था और उसे तत्काल सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, लाइन पर काम के समय शटडाउन और सुरक्षा इंतजामों को लेकर विभाग की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
जिले की प्रभारी सचिव रुक्मणि रियार ने सोमवार को हिंडोली पंचायत समिति सभागार में विभिन्न विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने इस दौरान आयोजित ग्राम उत्थान शिविर का भी अवलोकन किया। प्रभारी सचिव ने केंद्र और राज्य सरकार की फ्लैगशिप व अन्य विभागीय योजनाओं में अब तक हुई प्रगति की जानकारी ली और अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप प्रगति हासिल करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को समय पर लाभ मिल सके। बैठक में प्रभारी सचिव ने कृषि विभाग की 'तारबंदी योजना' की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने योजना के लक्ष्यों, प्राप्त आवेदनों की प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृतियों और जारी किए गए अनुदान की जानकारी ली। इसके साथ ही 'फार्म पोंड योजना' की उपलब्धियों का भी जायजा लिया गया। उद्यान विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए प्रभारी सचिव ने किसानों के लिए शेड नेट लगाने के कार्य और 'आत्मनिर्भर भारत अभियान' पर विशेष जोर दिया। उन्होंने 'प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण योजना' के तहत खाद्य उद्योग स्थापित करने वाले लाभार्थियों को अनुदान, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता तत्परता से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रभारी सचिव ने सहकारिता विभाग द्वारा संचालित 'किसान क्रेडिट कार्ड' (केसीसी) और 'सहकार किसान योजना' सहित अन्य योजनाओं में विशेष ध्यान देते हुए प्रगति लाने को कहा। उन्होंने 'मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना' के तहत निर्धारित लक्ष्यों के विरुद्ध वर्तमान स्थिति की समीक्षा की और इसे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करने के निर्देश दिए। 'प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना' की समीक्षा करते हुए जिला प्रभारी सचिव ने अधिक से अधिक मत्स्य पालकों को योजना से जोड़ने और लाभान्वित करने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मत्स्य आखेट (मछली पकड़ने का कार्य) पूरी तरह से विभागीय नियमों के तहत ही होना चाहिए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। ग्राम उत्थान शिविर का किया अवलोकनइस दौरान जिला प्रभारी सचिव ने हिण्डोली पंचायत समिति परिसर में आयोजित ग्राम उत्थान शिविर का अवलोकन किया और यहां किए जा रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा शिविर में आमजन को अब तक उपलब्ध कराए गए कल्याणकारी योजनाओं के लाभ के बारे में जानकारी ली और शिविर की प्रगति के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने लाभार्थियों को मंगला पशु बीमा पॉलिसी, आर्थिक सहायता राशि के चैक भी प्रदान किए। इस दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि वर्मा, उपखंड अधिकारी हिंडोली शिवराज मीणा, तहसीलदार हिंडोली रतन लाल मीणा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
पिकअप की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत:हसनगंज में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे सर्विस लाइन पर हादसा
हसनगंज कोतवाली क्षेत्र के ताला सराय गांव के पास लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे की सर्विस लाइन पर एक तेज रफ्तार पिकअप ने बाइक सवार युवक को पीछे से टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक की पहचान ताला सराय गांव निवासी 25 वर्षीय रिंकू पुत्र बिरजू उर्फ बृजलाल के रूप में हुई है। सोमवार शाम करीब 4 बजे रिंकू अपनी बाइक से शाहपुर तोदा मार्केट जा रहा था। जब वह सर्विस लाइन पर ताला सराय गांव के पास पहुंचा, तभी मटेरिया की तरफ से आ रही तेज रफ्तार पिकअप ने उसकी बाइक में पीछे से टक्कर मार दी। हादसे के बाद रिंकू ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। रिंकू अपने तीन भाइयों में मंझला था; पिंटू सबसे बड़ा और रामबाबू सबसे छोटा अविवाहित है। रिंकू की शादी चार वर्ष पूर्व हुई थी। उसके परिवार में पत्नी अंजू, मां राजरानी और दो वर्षीय बेटी खुशबू हैं। इस घटना से परिवार में शोक का माहौल है। इस संबंध में कोतवाल शरद कुमार ने बताया कि पिकअप की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हुई है। पुलिस ने टक्कर मारने वाले पिकअप को कब्जे में ले लिया है। परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।
डीडवाना के निकटवर्ती ग्राम बड़ी छापरी स्थित केसरिया कंवर जी महाराज मंदिर परिसर में एक हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन, युवा और मातृशक्ति ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सामाजिक कुरीतियों को त्यागने और आंतरिक सुधार पर बल देना था। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता शास्त्री गजेंद्र गोपाल महाराज ने अपने संबोधन में हिंदू समाज में व्याप्त कुरीतियों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने आंतरिक सुधार और सकारात्मक परिवर्तन की आवश्यकता पर बल दिया। महाराज ने कहा कि समाज की मजबूती के लिए संगठित रहना, संस्कारों को अपनाना और जागरूक रहना अत्यंत आवश्यक है। महाराज ने युवाओं को शिक्षित, संस्कारवान और राष्ट्रहित में समर्पित बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग ही धर्म और समाज की उन्नति का आधार है। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि वे परंपराओं की मूल भावना को समझें और कुरीतियों का त्याग करें।सम्मेलन में उपस्थित श्रद्धालुओं ने धर्म लाभ लिया। कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण के साथ हुआ। ग्रामीणों ने इस आयोजन को सामाजिक एवं वैचारिक जागृति की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में 12 फरवरी को जिला मुख्यालय के गांधी पार्क में किसान महापंचायत और प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में विकासखंड पूरा बाजार से सैकड़ों किसान शामिल होने के लिए पहुंचेंगे। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा एडवोकेट ने विकासखंड परिसर में आयोजित किसान पंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि यह व्यापारिक समझौता भारत के किसानों को बर्बाद कर देगा। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सरकार अपने किसानों को भारत की तुलना में 267 गुना अधिक सब्सिडी देती है, जिससे उनकी लागत कम हो जाती है। वर्मा ने आगे कहा कि भारत में जीरो टैरिफ होने के कारण अमेरिकी उत्पाद भारतीय बाजारों में सस्ते दामों पर बिकेंगे। इसके विपरीत, भारतीय उत्पादों की लागत अधिक होने के बावजूद वे महंगे दामों पर नहीं बिक पाएंगे, जिससे देश का किसान कंगाल हो जाएगा। घनश्याम वर्मा ने मांग की कि भारत सरकार को सबसे पहले भारतीय किसानों को फसलों के लाभकारी मूल्य और अमेरिका के बराबर सब्सिडी व सुविधाएं देकर उन्हें अमेरिका से मुकाबला करने के लिए तैयार करना चाहिए, उसके बाद ही कोई समझौता करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत सरकार भारतीय कृषि को घाटे का सौदा बनाकर किसानों को कृषि भूमि बेचने पर मजबूर करना चाहती है, ताकि पूंजीपतियों को कृषि भूमि और सस्ता श्रम उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि इसे होने नहीं दिया जाएगा और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। जिला अध्यक्ष राम गणेश मौर्य ने संगठन की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि गांव कमेटियों को सशक्त करते हुए किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए मजबूती से आंदोलन करना आवश्यक है। उन्होंने 12 फरवरी को गांधी पार्क (निकट रोडवेज) में होने वाली पंचायत और प्रदर्शन में भाग लेने की अपील की। इस पंचायत को जिला उपाध्यक्ष भागीरथी वर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष पूरा रामवचन भारती, ब्लॉक अध्यक्ष माया जगदीश यादव, विवेक पटेल, पंकज सिंह, राम सिधार यादव, राजाराम यादव, बनवारी लाल, सरोज वर्मा, संगीता देवी और शीला देवी सहित अन्य लोगों ने भी संबोधित किया।
रिहंद डैम में नाव से गिरा युवक लापता:वीडियो बनाते समय डूबा, एसडीआरएफ ने शुरू किया रेस्क्यू
सिंगरौली जिले के रिहंद डैम में सोमवार दोपहर एक 18 वर्षीय युवक नाव से गिरकर लापता हो गया। युवक की पहचान संतोष कुमार शाह के रूप में हुई है। घटना के बाद से जिला प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है, लेकिन कई घंटे बीत जाने के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है। जानकारी के अनुसार, संतोष अपने पांच दोस्तों के साथ बैढ़न थाना क्षेत्र के बलियरी इलाके में स्थित डैम घूमने आया था। सभी दोस्त एक स्थानीय मछुआरे की नाव में सवार होकर डैम के भीतर घूमने निकले थे। नाव जब किनारे से करीब आधा किलोमीटर दूर पहुंच गई, तब संतोष नाव पर खड़े होकर मोबाइल से वीडियो बना रहा था। उसके दोस्त संजय कुमार ने बताया कि संतोष सोशल मीडिया के लिए वीडियो बना रहा था। इसी दौरान नाव चला रहे मछुआरे ने स्टेयरिंग घुमाई, जिससे संतोष का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे डैम के पानी में गिर गया। संजय कुमार ने बताया कि उसने संतोष को बचाने के लिए तुरंत पानी में छलांग लगा दी। हालांकि, पानी की अधिक गहराई के कारण संतोष का हाथ छूट गया और वह कुछ ही पलों में पानी के भीतर समा गया। इसके बाद नाव किनारे पहुंची और दोस्तों ने ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही बैढ़न थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीआरएफ की टीम को बुलाकर रिहंद डैम में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है। गोताखोरों की मदद से युवक की तलाश जारी है, लेकिन पानी की अत्यधिक गहराई रेस्क्यू अभियान में बाधा बन रही है। संतोष के पिता राम सजीवन शाह ने बताया कि संतोष उनके साथ मिलकर दूध का व्यापार करता था। परिवार में तीन संताने हैं, जिनमें संतोष सबसे छोटा बेटा था। परिजनों के अनुसार संतोष इंस्टाग्राम पर रील बनाने का शौक रखता था और अक्सर जोखिम भरे वीडियो बनाता रहता था। परिजनों का कहना है कि इसी शौक के चलते यह हादसा हुआ।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की सरसीवां पुलिस ने रायकोना ठगी कांड में कार्रवाई करते हुए एचडीएफसी बैंक के छह कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इन पर होल्ड किए गए खातों से पुलिस के फर्जी लेटरपैड और सील का इस्तेमाल कर 31 लाख रुपए निकालने में मदद करने का आरोप है। यह मामला महाठग शिवा साहू से जुड़ा है। गिरफ्तार कर्मचारियों में एचडीएफसी बैंक सारंगढ़ शाखा के अभिषेक जायसवाल, दिनेश अनंत और पूजा मानिकपुरी शामिल हैं। बिलाईगढ़ शाखा से टीकाराम साहू, हनुमंत राव टंडन और प्रमोद देवांगन को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने दोनों ब्रांच मैनेजरों की भूमिका को भी संदिग्ध मानते हुए जांच शुरू कर दी है। होल्ड किए गए बैंक खाते से फर्जी निकासी का आरोप इस मामले में सरसीवां पुलिस ने पहले भी तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें शिवा साहू की कथित मंगेतर रितु साहू, उनके पिता चंद्रहास साहू और सहयोगी डिगम जोल्हे शामिल थे। इन पर होल्ड किए गए बैंक खाते से लगभग 31 लाख रुपए की फर्जी निकासी का आरोप था। इससे पूर्व ठग की मां को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। करोड़ों की ठगी में शिवा साहू समेत कई आरोपी पहले ही गिरफ्तार यह पूरा मामला रायकोना निवासी कुख्यात ठग शिवा साहू से जुड़ा है। शिवा साहू पर लोगों को रकम ढाई गुना करने का लालच देकर करोड़ों रुपए की ठगी करने का आरोप है। इस मामले में पुलिस पहले ही शिवा साहू समेत कई अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने जांच के दौरान शिवा साहू की करोड़ों की संपत्ति, सोना-चांदी, नकदी और बैंक खातों को होल्ड किया था। इसी दौरान, शिवा साहू के खाते से उसकी कथित मंगेतर रितु साहू के बैंक खाते में रकम ट्रांसफर होने का पता चला, जिसके बाद रितु साहू का खाता भी होल्ड कर दिया गया। सरसीवां थाना प्रभारी वीणा यादव ने बताया कि पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि सारंगढ़ स्थित एचडीएफसी बैंक शाखा से 10 लाख रुपए और बिलाईगढ़ शाखा से करीब 21 लाख रुपए, कुल लगभग 31 लाख रुपए की अवैध निकासी फर्जी तरीके से खाते खुलवाकर की गई थी।
गाजियाबाद में कृषि भूमि सर्किल रेट नहीं बढ़े:किसानों ने मंडलायुक्त मेरठ मंडल को सौंपा ज्ञापन
गाजियाबाद में कृषि भूमि के सर्किल रेट न बढ़ने से नाराज किसानों ने मंडलायुक्त मेरठ मंडल को ज्ञापन सौंपा। हरनंदिपुरम किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में सोमवार को बड़ी संख्या में किसान मेरठ मंडल कार्यालय पहुंचे और अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। किसानों ने मंडलायुक्त मेरठ मंडल के नाम से अपर आयुक्त अमित कुमार को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने बताया कि वे लंबे समय से परेशान हैं और अपनी बात सीधे मंडलायुक्त से मिलकर रखना चाहते हैं। इसके बाद किसान संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी से मुलाकात की। किसानों के प्रतिनिधियों ने बताया कि पिछले दस वर्षों में गाजियाबाद की कृषि भूमि के सर्किल रेट केवल दो या तीन बार ही बढ़ाए गए हैं। अजय चौधरी ने जानकारी दी कि पिछले साल सर्किल रेट बढ़े थे, लेकिन इस साल जिला प्रशासन ने जीडीए के निर्देश पर पूरे जिले के कृषि भूमि सर्किल रेट रोक दिए हैं। किसानों ने जीडीए की हरनंदिपुरम आवासीय योजना पर भी आपत्ति जताई। दक्ष नागर मथुरापुर ने आरोप लगाया कि जीडीए किसानों के साथ तानाशाही रवैया अपना रहा है और शासन को गलत रिपोर्ट भेज रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसान इस कीमत पर अपनी जमीन देने को तैयार नहीं हैं और इस संबंध में अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है। एडवोकेट इंदरपाल ने कहा कि जिला प्रशासन किसानों का शोषण कर रहा है। मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने किसानों की समस्याओं को ध्यान से सुना और आश्वासन दिया कि वे इस मामले में जिलाधिकारी और जीडीए उपाध्यक्ष से बात करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों के साथ किसी भी तरह का सौतेला व्यवहार नहीं होने दिया जाएगा। इस अवसर पर कृष्ण पाल चौधरी, पप्पू प्रधान, इंद्रपाल चौधरी, केके त्यागी, वीर सिंह नागर, राजू चौधरी, राजेंद्र चौधरी, लोकेंद्र चौधरी, ओमपाल शर्मा, गौतम चौधरी, मनीष नागर, ओमवीर चौधरी सहित सैकड़ों किसान और युवा उपस्थित थे।
बड़वानी शहर के कुंदन नगर स्थित श्री कुन्दकेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में मंगलवार से संगीतमय शिवमहापुराण कथा का आयोजन होगा। कथा को लेकर मंदिर समिति ने अपनी कमर कस ली है। सोमवार को समिति के पदाधिकारियों ने कथा स्थल का दौरा कर अंतिम तैयारियों का जायजा लिया। कालिका माता मंदिर से निकलेगी कलश यात्रा समिति सदस्य विशाल निहाले ने बताया कि कथा के पहले दिन, 10 फरवरी को एक विशाल कलश यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा स्थानीय कालिका माता मंदिर से गाजे-बाजे के साथ प्रारंभ होगी, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कुंदन नगर स्थित कथा स्थल तक पहुंचेगी। इस यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर मंगल कलश धारण कर शामिल होंगी। दोपहर 12 से 4 बजे तक होगी कथा परम पूज्य पंडित विवेक शर्मा के मुखारविंद से शिवपुराण की महिमा का बखान किया जाएगा। वे भगवान शिव की लीलाओं का सरल और भावपूर्ण वर्णन करेंगे। कथा का समय प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बड़े पंडाल, बैठने की व्यवस्था, पेयजल और पार्किंग के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। शिव-पार्वती विवाह और महाप्रसादी के विशेष आयोजन समिति सदस्य चंपालाल देवले ने बताया कि कथा के दौरान भगवान शिव के विभिन्न प्रसंगों के साथ-साथ पार्थिव पूजन, महाअभिषेक और शिव-पार्वती विवाह जैसे उत्सव धूमधाम से मनाए जाएंगे। महाशिवरात्रि पर्व पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और अभिषेक होगा। कथा के समापन पर पूर्णाहुति के साथ विशाल भंडारे (महाप्रसादी) का आयोजन भी किया जाएगा। यह रहे उपस्थित इस दौरान समिति के अनुज कमल, विशाल निगवाल, प्रमिला निगवाल सहित बड़ी संख्या में पुरुष व महिला सदस्य उपस्थित रहे। समिति ने सभी नगरवासियों और आसपास के ग्रामीणों से इस धर्मलाभ लेने की अपील की है।
सतना के धारकुंडी आश्रम के संस्थापक परमहंस स्वामी सच्चिदानंद महाराज को सोमवार दोपहर 3 बजे समाधिलीन किया गया। आश्रम परिसर में निर्माणाधीन नए मंदिर के हॉल में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्हें सिंहासन पर विराजित कर समाधि दी गई। यह प्रक्रिया पूरे धार्मिक वातावरण और श्रद्धा के भाव के साथ संपन्न हुई। समाधि कार्यक्रम में वैदिक रीति-रिवाज के अनुसार सभी अनुष्ठान पूर्ण किए गए। सुबह से ही आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं और अनुयायियों की भारी भीड़ जुटने लगी थी। स्वामी सच्चिदानंद महाराज की पार्थिव देह को ध्यान मुद्रा में विराजित कर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था। सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर अपने गुरुदेव के दर्शन किए और श्रद्धांजलि अर्पित की। रविवार को सीएम और डिप्टी सीएम अंतिम दर्शन करने पहुंचेपरमहंस सच्चिदानंद महाराज के ब्रह्मलीन होने की खबर के बाद रविवार से ही धारकुंडी आश्रम में देशभर से भक्त पहुंच रहे थे। रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों ने देर रात तक गुरु महाराज के अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी थी। सोमवार को भी आश्रम के निचले तल पर स्वामी जी की पार्थिव देह अंतिम दर्शन के लिए रखी गई थी। हजारों भक्तों के पहुंचने के कारण प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए आश्रम से 2 किलोमीटर पहले बैरिकेड लगाकर वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया था। गुरु के अंतिम दर्शन के लिए भक्त पैदल आश्रम तक पहुंचे। कई परिवार छोटे बच्चों को कंधे पर बैठाकर आश्रम तक पहुंचे। दोपहर 1 बजे के बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच समाधि यात्रा निकाली गई, जिसके बाद उन्हें समाधिलीन किया गया।
गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने सोमवार को डीग में नगर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम अलीपुर (आदिबद्री धाम) में एक वृहद पेयजल परियोजना का शिलान्यास किया। 65.55 लाख रुपए की लागत वाली इस परियोजना की आधारशिला वैदिक मंत्रोच्चार और साधु-संतों की उपस्थिति में रखी गई। यह परियोजना राज्य सरकार की 'हर घर जल' परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक कदम है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा क्रियान्वित की जा रही इस परियोजना के तहत ग्राम अलीपुर में 1 लाख लीटर क्षमता का आरसीसी उच्च जलाशय बनाया जाएगा। इसके अलावा जलापूर्ति को सुचारू बनाने के लिए 200 एमएम व्यास का नलकूप खनन और एक विस्तृत पाइपलाइन नेटवर्क भी स्थापित किया जाएगा।इससे क्षेत्र में दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित होगी। स्थानीय निवासियों और आदिबद्री धाम आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सकेगा, जिससे उनकी मूलभूत आवश्यकता पूरी होगी। अधिकारियों ने ढाई महीने में काम पूरा करने का दिया आश्वासनशिलान्यास समारोह के दौरान मंत्री बेढ़म ने विभागीय अधिकारियों और संवेदकों को कार्य में किसी भी प्रकार की देरी न करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने मंत्री को आश्वस्त किया कि निर्धारित 6 माह की समय सीमा के बजाय, परियोजना को युद्धस्तर पर काम करते हुए मात्र ढाई माह में पूरा कर लिया जाएगा। इसका उद्देश्य ग्रीष्मकाल से पहले श्रद्धालुओं को परियोजना का लाभ पहुंचाना है। 'यह परियोजना केवल कंक्रीट का निर्माण नहीं'जनसमूह को संबोधित करते हुए बेढम ने कहा कि यह परियोजना केवल कंक्रीट का निर्माण नहीं, अपितु क्षेत्रवासियों, विशेषकर मातृशक्ति को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में हमारी सरकार की संवेदनशीलता का प्रमाण है। प्रदेश सरकार अंत्योदय के मूल मंत्र और हर घर जल, हर घर खुशहाली के संकल्प के साथ निरंतर विकास पथ पर अग्रसर है। कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना और शिलान्यास पट्टिका के अनावरण के साथ हुआ। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य साधु-संतों ने पूजा संपन्न कराई और मंत्री को आशीर्वाद प्रदान किया।
मुरादाबाद के गोकुलदास हिंदू गर्ल्स कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाइयों द्वारा सड़क सुरक्षा एवं ज़ीरो फैटेलिटी विषय पर एक दिवसीय शिविर आयोजित किया गया। यह इस श्रृंखला का तीसरा शिविर था। शिविर के दौरान स्वयंसेविकाओं ने बस्ती क्षेत्र में जाकर राहगीरों और स्थानीय नागरिकों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने राहवीर योजना तथा कैशलेस उपचार योजना की विस्तृत जानकारी भी दी। स्वयंसेविकाओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बच्चों और स्थानीय लोगों को यातायात नियमों का पालन करने का संदेश भी दिया। कॉलेज की प्राचार्या प्रोफेसर चारु मेहरोत्रा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाएं एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुकी हैं। उन्होंने बताया कि थोड़ी सी लापरवाही और नियमों की अनदेखी से कई बहुमूल्य जीवन असमय समाप्त हो जाते हैं। प्रोफेसर मेहरोत्रा ने राहवीर योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह उन नागरिकों को सम्मानित करने की पहल है जो दुर्घटना पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आते हैं। कैशलेस उपचार योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों को सरकारी और निजी अस्पतालों में तत्काल व निशुल्क उपचार की सुविधा मिलती है। मुख्य अनुशासिका प्रो. किरण साहू ने कहा कि सड़क सुरक्षा आज के समय का अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है और ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लोगों को जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं। इस अवसर पर सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा विषय पर एक भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में शारफ़ा ने प्रथम, अतूफा ने द्वितीय तथा नेहा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रो. सुधा सिंह एवं डॉ. प्रीति पांडे ने प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन एनएसएस की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सविता अग्रवाल ने किया। इस दौरान प्रो. सीमा गुप्ता एवं डॉ. सीमा रानी का विशेष सहयोग रहा। निहा, मारिया, पायल, मुस्कान, हुजैफा, वंशिका, निमत सहित कई अन्य स्वयंसेविकाएं कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।
बहराइच के रुपईडीहा में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) 42वीं वाहिनी ने हैदराबाद लूटकांड के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन नेपाली युवकों के पास से लूटे गए करोड़ों रुपए के जेवरात भी बरामद किए गए हैं। एसएसबी 42वीं वाहिनी के कमांडेंट गंगा सिंह उदावत ने बताया कि 6 फरवरी को हैदराबाद के जुबली हिल्स थाना क्षेत्र में एक बड़ी लूट हुई थी। हैदराबाद पुलिस ने अलर्ट जारी कर बताया था कि दो नेपाली नागरिक लाखों रुपए के जेवरात लूटकर भारत-नेपाल सीमा के रास्ते नेपाल भागने की कोशिश कर रहे हैं। इस सूचना के बाद रुपईडीहा सीमा पर चेकिंग अभियान चलाया गया। 8 फरवरी को हैदराबाद पुलिस की एक टीम भी रुपईडीहा पहुंची। एसएसबी और हैदराबाद पुलिस के संयुक्त अभियान में दोनों संदिग्धों को सीमा क्षेत्र में पहचान कर पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कृष्ण चंद्र (23 वर्ष) पुत्र मन बहादुर चंद्र और भूपेंद्र शाही (19 वर्ष) पुत्र शेर बहादुर शाही के रूप में हुई है। ये दोनों नेपाल के दैलेख जिले के निवासी हैं। तलाशी में आरोपियों के पास से लाखों रुपए मूल्य के सोने के जेवरात बरामद हुए, जिनमें हीरे जड़े आभूषण भी शामिल हैं। एसएसबी ने बरामद सामान को जब्त कर दोनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में सौंप दिया। हैदराबाद पुलिस के इंस्पेक्टर कविउद्दीन और आरक्षी विजय कुमार पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए रुपईडीहा पहुंचे थे। बाद में, विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों और बरामद जेवरात को हैदराबाद पुलिस को सौंप दिया गया।
अमरोहा में गोकशी कांड के दो आरोपी गिरफ्तार:नौगावां सादात पुलिस ने दो दिन बाद किया खुलासा, एक फरार
अमरोहा के नौगावां सादात थाना क्षेत्र में दो दिन पहले मिले गोवंशीय अवशेष मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस संबंध में पुलिस ने दो शातिर गौतस्करों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से पशु कटान में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए हैं। यह घटना 7 फरवरी 2026 को धनौरा-अमरोहा रोड पर निजामपुर गर्वी के पास हुई थी, जहां सड़क किनारे गोवंशीय अवशेष मिले थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से पुलिस ने ग्राम सैदपुर इम्मा निवासी शौकीन और अब्दुल रहीम उर्फ रहीश उर्फ ढबरा को नौगावां तगा कमालपुर चौराहे से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने आवारा गोवंशीय पशुओं का वध कर उनका मांस बेचने की बात स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों पर पहले से करीब एक दर्जन गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। उनका एक साथी अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
रेवाडी में पेटीएम का डिलीवरी ब्वॉयज मोटर चोर गिरोह का सदस्य निकला। गुरुग्राम का रहने वाला आरोपी दिन में नौकरी और रात में चोरी करता था। पुलिस को खेतों से मोटर चोरी के 24 मामलों में आरोपी की तलाश थी। आरोपी सुमित को कोर्ट से दो दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस को उसके दूसरे साथी की तलाश है। दोनों आरोपी गुरुग्राम के नानकपुरा के रहने वाले हें। चोरी के 24 मामलों में थी आरोपी की तलाश डीएसपी रविंद्र कुमार ने बताया कि रामगढ़ का इ्ंद्रजीत खेतों की रखवाली करता है। 8 फरवरी को उसने दो युवकों को खेतों में देखा। पुलिस ने मौके से गुरुग्राम के नानकपुरा निवासी सुमित को गिरफ्तार किया है। सुमित ने नानकपुरा के कर्मबीर के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। सदर थाना में 2024-25 में मोटर चोरी के 24 मामलों में आरोपियों की तलाश थी। आरोपी के पास एक चोरी की बाइक और एक मोटर मिली है। खंगाला जा रहा आपराधिक रिकार्ड उन्होंने बताया कि सदर थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार ने अपनी टीम के साथ आरोपी को रामगढ़ के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपी का आपराधिक रिकार्ड खंगलाने के लिए पुलिस थानों से संपर्क साधा जा रहा है। रिमांड के दौरान आरोपी से चोरी की वारदातों के साथ इनके दूसरे साथियों का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा। नशे के लिए करता था चोरी डीएसपी रविंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी नशे का आदी है। अपनी नशे की लत पूरी करने के लिए उसने चोरी का रास्ता चुना। दिन में पेटीएम की डिलीवरी करता था और रात को खेतों से मोटर चोरी। जिन्हें बेचकर अपने लिए नशीले पदार्थ खरीदता था। आरोपी के पास मोटरसाइकिल भी चोरी की मिली है।
बूंदी ब्लॉक की हटीपुरा पंचायत के दौलतपुरा गांव में कांग्रेस ने 'मनरेगा बचाओ संग्राम' कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर एक कार्यकर्ता सम्मेलन के रूप में संपन्न हुआ। सम्मेलन में बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा, कांग्रेस जिला अध्यक्ष महावीर मीणा, पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल और पीसीसी सदस्य सत्येश शर्मा मुख्य वक्ता थे। कार्यकर्ताओं और आमजनों ने अतिथियों का स्वागत किया। बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा ने कार्यकर्ताओं और आमजन से आगामी पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस की विचारधारा वाले और विकास को प्राथमिकता देने वाले उम्मीदवार को वोट देने की अपील की। शर्मा ने बूंदी विधानसभा क्षेत्र और पूरे बूंदी जिले की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सांसद ओम बिरला देश के सर्वोच्च पद पर होने के बावजूद बूंदी विधानसभा क्षेत्र में कोई बड़ी उपलब्धि हासिल नहीं कर पाए हैं। उन्होंने पिछली सरकार के दौरान हुए विकास कार्यों का भी जिक्र किया। विधायक शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार को लगभग दो-तीन वर्ष हो चुके हैं, लेकिन बूंदी विधानसभा क्षेत्र के किसी भी गांव में विकास कार्यों के लिए कोई नया फंड जारी नहीं किया गया है। उन्होंने मनरेगा योजना को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार नाम और स्वरूप बदलने के बहाने इसे बंद कर गरीबों की आजीविका छीनने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस गरीबों की है भाजपा अमीरों की है: मीणाकांग्रेस जिला अध्यक्ष महावीर मीणा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी गरीब अन्य पिछड़ा वह शोषण परिवारों की सरकार है और भारतीय जनता पार्टी अमीरों धन्नासेठों की सरकार है। गरीब लोगों का जो काम का अधिकार मनरेगा योजना के तहत मिला उस अधिकार को भी छीनना चाह रही है, लेकिन कांग्रेस पार्टी हर गरीब अन्य पिछड़ा वर्ग शोषित परिवारों के साथ है। हम अब जिले में सभी गांवों में मनरेगा संग्राम बचाव के तहत कार्यक्रम कर आमजन को जागरूक करने का लगातार काम कर रहे हैं। जन विरोधी सरकार जल्द हटने वाली है: गुंजललोकसभा कांग्रेस प्रत्याशी प्रहलाद गुंजल ने कहा कि यह सरकार जन विरोधी है, जो जल्द हटने वाली है। यह सरकार अमीरों की सरकार है, जिसको गरीब अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों से कोई मतलब नहीं है। इसको तो इनको लाचार बनाकर चुनाव के टाइम में पैसा का लाभ देकर वोट लेने का स्वार्थ है। देश के हालात जो आज हुए हैं वह आजादी के पूर्व से अभी तक कभी नहीं हुए। यह देश कर्ज से डूबा हुआ है। गरीबों को हटाओ महंगाई लाओ: शर्माकार्यक्रम के दौरान पीसीसी सदस्य सत्येश शर्मा ने कहा कि पूरे देश में भारतीय जनता पार्टी गरीबों को हटाकर मंगाई बढ़ाकर धनासेठों के व्यापार बढ़ा रही है। कांग्रेस पार्टी ने हमेशा गरीबों को गणेश मानकर उसकी सेवा करने का काम किया है। आज भारतीय जनता पार्टी केंद्रीय और राज्य में सभी गरीब मतदाताओं को SIR के माध्यम से हटाने का काम कर रही है। पूर्ववर्ती सरकार के समय गरीबों को प्रत्येक मां खाने पीने का राशन सामग्री मिलता था। वह भी सरकार ने बंद कर दिया और अब मनरेगा जिससे गरीबों की रोजी-रोटी चलती थी उसे योजना को भी नाम के बहाने से बंद करने का प्रयास कर रही है। कार्यक्रम में बाबूलाल भातडिया, सत्यदेव पालीवाल, इकाई अध्यक्ष दुर्गा लाल सैनी पन्नालाल मीणा, गिरिराज गुर्जर, राधेश्याम मीणा, नन्दकिशोर कुशवाह, रामस्वरूप गुर्जर, रमेश मीणा, नेत्रपाल बंजारा, महेश वर्मा, सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और आमजन उपस्थित रहे! !
सहारनपुर में जमीयत दावातुल मुस्लिमीन के संरक्षक और देवबंदी उलेमा मौलाना कारी इसहाक गोरा ने देवबंद स्थित विश्व प्रसिद्ध इस्लामी शिक्षण संस्थान दारुल उलूम को लेकर दिए गए कथित बयान पर सियासी घमासान तेज हो गया है। उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी पर तीखा पलटवार करते हुए उनके बयान की कड़ी निंदा की है और उसे वापस लेने की मांग की है। मौलाना कारी इसहाक गोरा ने कहा कि वो अब तक मुख्तार अब्बास नकवी को एक समझदार और अकलमंद व्यक्ति मानते थे, लेकिन हाल ही में दारुल उलूम देवबंद को लेकर दिए गए उनके बयान ने उन्हें अपनी सोच पर पुनर्विचार करने पर मजबूर कर दिया है। उन्होंने कहा-मैं मुख्तार अब्बास नकवी को बहुत अकलमंद व्यक्ति समझता था, लेकिन उनके हालिया बयान ने मुझे हैरान कर दिया है। मैं सोचने पर मजबूर हूं कि मैंने उन्हें अकलमंद कैसे समझ लिया। मौलाना ने कहा कि दारुल उलूम देवबंद पूरी दुनिया में अपना एक अलग मुकाम रखता है और इसका इतिहास देश की आजादी और सामाजिक सुधार आंदोलनों से जुड़ा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नकवी ने अपने बयान में कहा कि दारुल उलूम को देशभक्ति की शिक्षा देनी चाहिए, न कि दहशतगर्दी की। इस टिप्पणी को लेकर मौलाना ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बयान न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि संस्थान की छवि को ठेस पहुंचाने वाला भी है। कारी इसहाक गोरा ने कहा-मैं उनके इस बयान की कड़ी निंदा करता हूं। उन्हें तुरंत अपना बयान वापस लेना चाहिए। दारुल उलूम देवबंद ने इस मुल्क के लिए क्या योगदान दिया है, यह जानने के लिए इतिहास पढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग दारुल उलूम की शिक्षा प्रणाली पर सवाल उठाते हैं, उन्हें चाहिए कि वे खुद मदरसे में आकर देखें कि वहां किस तरह की तालीम दी जाती है और बच्चों की किस प्रकार तरबीयत की जाती है। उन्होंने कहा-अगर किसी को दारुल उलूम की तालीम से आपत्ति है तो वो यहां आकर दाखिला लेकर रहे और देखे कि यहां क्या पढ़ाया जाता है। खाली बयानबाजी से कुछ नहीं होता। मौलाना ने यह भी कहा कि अगर नेताओं को दारुल उलूम के इतिहास की जानकारी नहीं है तो उन्हें पढ़ना चाहिए या बुजुर्गों की महफिल में बैठकर देश के इतिहास और उलेमा के योगदान के बारे में जानकारी लेनी चाहिए।
शाइन सिटी घोटाले में एक और आरोपी गिरफ्तार:EOW लखनऊ टीम ने कृष्णा नगर से फरार नेकपाल सिंह को पकड़ा
शाइन सिटी इन्फ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े करोड़ों रुपये के निवेश घोटाले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) उत्तर प्रदेश को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे वांछित अभियुक्त नेकपाल सिंह उर्फ निक्की को ईओडब्ल्यू की टीम ने लखनऊ के कृष्णानगर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी निवेशकों को सस्ते भूखंड और धन दोगुना करने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी में शामिल था। निवेशकों से करोड़ों की ठगी का मामलाईओडब्ल्यू के अनुसार शाइन सिटी इन्फ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड ने प्रदेश के कई जनपदों में सस्ते भूखंड और आकर्षक योजनाओं के नाम पर निवेशकों से भारी धनराशि निवेश कराई। बाद में न तो निवेशकों को भूखंड दिए गए और न ही उनकी जमा पूंजी वापस की गई। कंपनी के निदेशक और पदाधिकारी कार्यालय बंद कर फरार हो गए। लखनऊ कार्यालय में एसोसिएट था आरोपीगिरफ्तार आरोपी नेकपाल सिंह उर्फ निक्की, निवासी गागन, थाना माल, लखनऊ, शाइन सिटी के लखनऊ स्थित कार्यालय आर स्क्वायर, विपुल खंड में एसोसिएट के पद पर कार्यरत था। वह आम जनता और निवेशकों को गुमराह कर कुछ ही महीनों में पैसा दोगुना होने जैसे प्रलोभन देकर निवेश कराता था। 2020 में दर्ज हुआ था मुकदमा, ईओडब्ल्यू को सौंपी गई विवेचनाइस मामले में थाना गोमतीनगर, लखनऊ में वर्ष 2020 में मुकदमा संख्या 05/2020 दर्ज किया गया था। इसमें धारा 409, 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत केस पंजीकृत हुआ। प्रारंभिक विवेचना जिला स्तर पर हुई, बाद में शासन के आदेश पर जांच ईओडब्ल्यू को सौंप दी गई। नाम बदलकर कर रहा था रियल एस्टेट कंपनी में काममुकदमा दर्ज होने के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपना नाम बदलकर हर्षित सिंह रख लिया और WIN-MORE नामक रियल एस्टेट कंपनी में काम कर रहा था। ईओडब्ल्यू की टीम ने तकनीकी और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर उसे ट्रेस कर लिया। कृष्णानगर से हुई गिरफ्तारीईओडब्ल्यू टीम ने सोमवार, 9 फरवरी की दोपहर आरोपी को कोतवाली कृष्णानगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है और घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (PMSG-MBY) को लेकर केंद्र सरकार ने ताजा आंकड़े जारी किए हैं। 30 जनवरी 2026 तक की स्थिति के अनुसार, राजस्थान में सौर ऊर्जा को लेकर मिला-जुला रुझान देखने को मिल रहा है। प्रदेश में अब तक कुल 1 लाख 32 हजार 231 घरों की छतों पर सोलर प्लांट इंस्टॉल किए जा चुके हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस योजना से अब तक 1 लाख 36 हजार 187 परिवारों को जोड़ा गया है और कुल 925.12 करोड़ रुपए की सब्सिडी (CFA) जारी की गई है। उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत के सवाल पर केन्द्र सरकार के जवाब दिया है। रिपोर्ट का गहराई से विश्लेषण करें तो साफ पता चलता है कि योजना का लाभ कुछ बड़े शहरों तक ही सिमटकर रह गया है, जबकि नए और ग्रामीण जिलों में यह अभी भी संघर्ष कर रही है। जयपुर का एकतरफा दबदबा, श्रीगंगानगर दूसरे नंबर पर योजना के क्रियान्वयन में राजधानी जयपुर प्रदेश के अन्य सभी जिलों से कोसों आगे है। यहां अब तक 27,090 सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं, जिसके बदले सरकार ने 192.35 करोड़ रुपए की सब्सिडी सीधे लोगों के खातों में भेजी है। जयपुर के बाद श्रीगंगानगर में 11,923 और हनुमानगढ़ में 7,752 घरों में सोलर सिस्टम लगे हैं। शेखावाटी बेल्ट में सीकर (7,813) और झुंझुनू (6,067) में भी काम अच्छा हुआ है। यह आंकड़े बताते हैं कि योजना की पहुंच और जागरूकता उत्तरी राजस्थान और राजधानी के आसपास ही केंद्रित है। जोधपुर-उदयपुर में औसत काम, औद्योगिक हब पीछेपश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े केंद्र जोधपुर में अब तक 7,389 घरों पर पैनल लगे हैं, जबकि पाली जिले में यह संख्या 2,598 ही है। मेवाड़ के केंद्र उदयपुर में 6,700 और बीकानेर में 5,406 परिवारों ने योजना का लाभ लिया है। औद्योगिक शहरों की बात करें तो कोटा में 4,828, भीलवाड़ा में 4,437 और चित्तौड़गढ़ में 4,293 इंस्टॉलेशन दर्ज किए गए हैं। अजमेर में भी 5,361 घरों में सोलर सिस्टम लगाए गए हैं। इन बड़े शहरों में आबादी के अनुपात में सोलर इंस्टॉलेशन की संख्या अभी और अधिक होने की उम्मीद थी। नए जिलों की स्थिति चिंताजनक, जैसलमेर में भी रुझान कमरिपोर्ट का सबसे चौंकाने वाला पहलू नए बने जिलों और दूर-दराज के इलाकों की खराब स्थिति है। आंकड़ों के अनुसार, दूदू जिले में अब तक मात्र 8 और जोधपुर ग्रामीण में केवल 3 सोलर प्लांट लगे हैं। इसी तरह जयपुर ग्रामीण में 24, सांचौर में 151, सलूंबर में 157 और डीग में 154 इंस्टॉलेशन ही हो पाए हैं। हैरानी की बात यह है कि जैसलमेर जैसे जिले में, जहां सौर ऊर्जा की सबसे अधिक संभावनाएं हैं और धूप की प्रचुरता है, वहां भी आंकड़ा महज 270 पर ही अटका हुआ है। राजस्थान की रिपोर्ट के मुख्य बिंदु :राजस्थान में अब तक कुल 1,32,231 सोलर प्लांट लगे हैं, जिनसे 1,36,187 परिवारों को लाभ पहुंचा है।
आजमगढ़ के अहिरौला थाना क्षेत्र में 2 फरवरी को दो पक्षों के बीच कुत्ते को लेकर विवाद हुआ था। यह विवाद इतना बढ़ गया कि एक पक्ष के लोगों ने जान से करने की नीयत से फायर कर दिया गया था। जिससे गोली युवक को न लगकर पालतू कुत्ते को लग गई थी। गोली लगने से कुत्ता गंभीर रूप से घायल हुआ था। जिसे इलाज के लिए आजमगढ़ के पशु अस्पताल लाया गया था जहां ऑपरेशन कराया गया। इस मामले में पीड़ित की तहरीर पर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। मामले की विवेचना सब इंस्पेक्टर विश्राम गुप्ता द्वारा की जा रही थी। दर्ज हुआ था मुकदमा इस बारे में जिले के एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि 2 फरवरी को रात्रि 8:00 बजे कुत्ते को लेकर हुए विवाद में अभियुक्त विवेक चौबे द्वारा अवैध असलहे से फायर किया गया था। जिस गली रिशु शुक्ला को न लगकर पालतू कुत्ते को लग गई थी। घटना के बाद दो आरोपी मौके से फरार हो गए थे। इस मामले में पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी इसी बीच पुलिस ने आरोपी दीपक चौबे को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से एक अवैध पिस्तौल भी बरामद की गई है। आरोपी पर तीन गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस न्यायालय भेज रही जहां से जेल रवाना किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
जैसलमेर के रामगढ़ क्षेत्र में ओरण और गोचर भूमि को बचाने की मुहिम अब जन आंदोलन का रूप ले चुकी है। रामगढ़ में डालमिया कंपनी के खिलाफ पिछले एक महीने से चल रहा धरना सोमवार को उग्र हो गया। ग्रामीणों को सूचना मिली कि कालरा तला के पास एक सोलर कंपनी को जमीन आवंटित की गई है। इस फैसले के विरोध में खडाल क्षेत्र से हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और 'जन आक्रोश रैली' निकालकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन दिया। बोले- परिणाम गंभीर होंगे रैली का आगाज रामगढ़ के श्रीराम मंदिर प्रांगण से हुआ। इसमें केवल युवा ही नहीं, बल्कि बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। रैली में शामिल लोग हाथों में तख्तियां लिए ओरण-गोचर संरक्षण के नारे लगा रहे थे। मंदिर प्रांगण में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए महंत बाल भारती महाराज ने सरकार को कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा- ओरण और गोचर हमारी सांस्कृतिक विरासत और जीविका का आधार है। सरकार ने इन जमीनों को निजी कंपनियों के हवाले करना बंद नहीं किया, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। पशुपालन और पर्यावरण पर संकट सभा के पश्चात भारत माता की आरती कर रैली तहसील कार्यालय की ओर रवाना हुई। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस मरुस्थलीय क्षेत्र की आजीविका पूरी तरह से पशुपालन पर टिकी है। यदि ओरण-गोचर की जमीनें कंपनियों को दे दी गईं, तो मवेशियों के चरने के लिए जगह नहीं बचेगी, जिससे क्षेत्र में आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। ग्रामीणों ने चिंता जताई धार्मिक और प्राकृतिक स्थल: प्रस्तावित जमीनों के बीच प्राचीन देवस्थान, तालाब, तले और नाड़ियां स्थित हैं। वन्यजीव संरक्षण: यह क्षेत्र दुर्लभ वन्य जीवों का बसेरा है, जो सोलर प्लांट लगने से विलुप्त हो सकते हैं। पर्यावरण पर प्रभाव: बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य से स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र (Eco-system) बिगड़ जाएगा। महिलाओं ने सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन महिलाओं ने आगे आकर रामगढ़ तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि कालरा तला और आसपास के क्षेत्रों में सोलर कंपनियों को किए गए भूमि आवंटन को तुरंत रद्द किया जाए और ओरण-गोचर को 'संरक्षित श्रेणी' में घोषित किया जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन और तेज किया जाएगा।
MPPSC 2026: आवेदन का आज आखिरी दिन:सर्वर ठप होने से अभ्यर्थी परेशान; रात 12 के बाद लगेगी ₹3 हजार फीस
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की राज्य सेवा परीक्षा 2026 के लिए आवेदन करने वाले हजारों अभ्यर्थियों के लिए आज यानी 9 फरवरी बेहद अहम दिन है। आज बिना किसी पेनल्टी के आवेदन करने की आखिरी तारीख है, लेकिन बीते दो दिनों से सर्वर की समस्या ने उम्मीदवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई अभ्यर्थी लगातार साइबर कैफे के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन फॉर्म सबमिट नहीं हो पा रहा। रात 12 बजे के बाद आवेदन करने पर 3 हजार रुपए की लेट फीस लगेगी, जिससे छात्रों में असमंजस और तनाव का माहौल है। सर्वर स्लो, अंतिम दिन बढ़ा दबाव अभ्यर्थियों का कहना है कि वेबसाइट खुल तो रही है, लेकिन फॉर्म सबमिट करते समय बार-बार एरर आ रहा है। खासकर फोटो, सिग्नेचर अपलोड और फीस भुगतान के दौरान सर्वर हैंग हो रहा है। कई उम्मीदवारों ने बताया कि वे दो दिन से प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक आवेदन पूरा नहीं हो सका है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित कई शहरों में साइबर कैफे पर भारी भीड़ देखी जा रही है। छात्र सुबह से शाम तक इंतजार कर रहे हैं। कुछ अभ्यर्थियों ने कहा कि यदि आज भी फॉर्म नहीं भर पाया, तो मजबूरी में 3 हजार रुपए अतिरिक्त देने पड़ेंगे, जो मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बड़ी रकम है। कोचिंग एक्सपर्ट बोले- आयोग भी जिम्मेदार ध्येय आईएएस पीएससी एकेडमी के फैकल्टी मेंबर विकास सिंह का कहना है कि अधिकतर अभ्यर्थी अंतिम दिन तक आवेदन टालते हैं, जिससे अचानक सर्वर पर लोड बढ़ जाता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि आयोग को ऐसी तकनीकी व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे अंतिम दिन भी उम्मीदवार आसानी से फॉर्म भर सकें। साथ ही उन्होंने 3 हजार रुपए की लेट फीस को ज्यादा बताते हुए इसे कम करने की मांग की। आयोग का पक्ष- एक्स्ट्रा लिंक की व्यवस्था एमपीपीएससी अध्यक्ष प्रोफेसर राजेश लाल मेहरा ने कहा कि सर्वर पर दबाव कम करने के लिए एक अतिरिक्त लिंक तैयार की गई है। अब उम्मीदवार एक साथ दो लिंक के जरिए आवेदन कर सकेंगे। इससे लोड बंटेगा और फॉर्म भरने में आसानी होगी। उन्होंने बताया कि अंतिम दिन अचानक बड़ी संख्या में आवेदन आने से ऐसी स्थिति बनती है। परीक्षा और भर्ती से जुड़ी जरूरी जानकारी एमपीपीएससी राज्य सेवा परीक्षा 2026-27 के लिए कुल 155 पदों पर भर्ती की जाएगी। आवेदन प्रक्रिया 10 जनवरी से शुरू हुई थी। बिना विलंब शुल्क के आवेदन की अंतिम तिथि 9 फरवरी है, जबकि 16 फरवरी तक 3 हजार रुपए लेट फीस के साथ फॉर्म भरे जा सकते हैं। प्रारंभिक परीक्षा 26 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित है। पात्रता के लिए स्नातक डिग्री और आयु सीमा 21 से 40 वर्ष निर्धारित की गई है। ये खबर भी पढ़ें… असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए आवेदन की तारीख बढ़ी मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए आवेदन की तारीख आगे बढ़ा दी है। वहीं, असिस्टेंट टाउन प्लानर के 39 पदों के लिए भर्ती का विज्ञापन जारी किया है। इसके लिए 20 सितंबर को एग्जाम होगा। असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए अभ्यर्थी अब 10 मई से 9 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पहले यह प्रक्रिया 27 फरवरी से 26 मार्च तक प्रस्तावित थी। पढ़िए पूरी खबर। इस साल 14 हजार सरकारी पदों पर होगी भर्ती इस साल होने वाली भर्ती और पात्रता परीक्षाओं का कैलेंडर जारी हो गया है। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) और कर्मचारी चयन मंडल (ESB) के कैलेंडर के अनुसार, 2026 में ग्रुप 'ए' से लेकर ग्रुप 'डी' तक के 14,000 से अधिक पदों को भरने के लिए कुल 22 भर्ती परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। पढ़िए पूरी खबर।
सागर में सोमवार को अखिल भारतवर्षीय जिला यादव महासभा ने बांदरी थाना पुलिस के खिलाफ एसपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बांदरी थाना प्रभारी और स्टाफ पर यादव समाज के लोगों के साथ सार्वजनिक स्थल पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। यादव समाज के लोग सोमवार को रैली के रूप में एसपी कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने ज्ञापन में कहा कि 6 फरवरी को नगर परिषद बांदरी में यादव समाज के राजा यादव, मुंशीराम यादव, रामजी यादव का आपसी विवाद हुआ था। विवाद में पुलिस ने कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान बांदरी थाना प्रभारी समेत स्टाफ ने कानूनी कार्रवाई करने की वजह सार्वजनिक स्थान पर उक्त लोगों के साथ मारपीट की। मारपीट में उन्हें चोटे आई हैं। इतना ही नहीं पुलिस ने बाजार में उनका जुलूस निकाला। जबकि वह लोग आपराधिक प्रवृत्ति के नहीं हैं। उन्होंने थाना प्रभारी समेत अन्य स्टाफ पर कार्रवाई की मांग की। एडिशनल एसपी संजीव उईके ने मामले में घायलों की एमएलसी कराकर जांच कराने का आश्वासन दिया है। कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट जाएंगेशिकायत करने पहुंचे राजा यादव ने बताया कि 6 फरवरी को दूध के लेनदेन को लेकर आपसी विवाद हुआ था। विवाद में पुलिस पकड़कर ले गई और हम लोगों के साथ मारपीट की गई। मारपीट में मेरा हाथ फ्रैक्चर हुआ है। यादव महासभा के जिला अध्यक्ष शिवशंकर यादव ने कहा कि जिन लोगों के साथ पुलिस ने मारपीट की, वह अपराधी नहीं है। मामले में कार्रवाई का आश्वासन मिला है। यदि पुलिस कार्रवाई नहीं करेगी तो न्यायालय की शरण लेंगे। इस दौरान रुपनारायण यादव, रज्जन यादव, गोपालाल यादव, लीलाधर यादव, बब्बू यादव, मोंटी यादव समेत अन्य यादव समाज के लोग मौजूद थे।
सोमवार को मेरठ की चौधरी चरण सिंह विवि में छात्र संघ चुनाव की बहाली को लेकर विवि और अन्य कॉलेजों के छात्र नेताओं ने कुलपति कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान दिल्ली विवि के छात्र संघ उपाध्यक्ष राहुल झांसला ने भी पहुंच मेरठ कर छात्रों को अपना समर्थन दिया और प्रबंधन से चुनाव की मांग की। सिर्फ युपी में ही क्यों बंद- झांसलादिल्ली विवि के छात्र संघ उपाध्यक्ष राहुल झांसला ने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली में हर वर्ष छात्र संघ के चुनाव होते हैं। इसके साथ ही अन्य प्रदेशों में भी चुनाव होते हैं। सिर्फ उत्तर प्रदेश में ऐसा क्या है कि यहां सरकार नहीं चाहती कि चुनाव बहाल किए जाए। हमारे साथियों के पास अगर अपने प्रतिनिधि ही नहीं होंगे तो उनकी समस्या को कौन उठाएगा। सिर्फ छात्र संघ से ही क्या परेशानी- शुभम मलिकमेरठ कॉलेज के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष शुभम मलिक ने कहा कि प्रदेश में एक मात्र चुनाव छात्र संघ ही है कि जिसपर प्रतिबंध लगाया हुआ है। बाकि जिला पंचायत, विधानसभा, लोकसभा, विधान परिषद किसी चुनाव से सरकार को कोई समस्या नहीं है तो आखिर इस चुनाव में ऐसा क्या है जो बहाल नहीं हो पा रहे हैं। किसान के बेटे को रोकने की साजिशछात्र नेता आदित्य पंवार ने कहा कि अधिकांश इस प्रकार के कॉलेजों में किसान, मजदूरों के बच्चे पढ़ने आते हैं। सरकार नही चाहती कि इन्हीं के बीच से आकर कल कोई आगे आकर सरकार से अपने हक की मांग रखे, इसलिए छात्र संघ चुनाव पर प्रतिबंध लगाया हुआ है।
अपनायत के शहर जोधपुर में जीवों के प्रति प्रेम का अनूठा नजारा दिखाई दिया। यहां जोधपुर के नागोरी गेट सर्कल पर करीब 100 फीट ऊंची हाई मास्क लाइट पर एक बाज फंस गया। जिसे निकालने के लिए फायर ब्रिगेड टीम की क्रेन पहुंची और उसकी जान बचाई गई। पूरा वाकया आज दोपहर 12 बजे के करीब का है। शहर के नागौरी गेट सर्किल के पास हाई मास्क लाइट पर बैठे बाज के पंख फंस गए थे। इस दौरान उसकी मदद के लिए कई अन्य बाज उसके ऊपर मंडराते रहे। काफी देर तक बाज मदद के लिए तड़पता रहा लेकिन किसी की नजर उसे पर नहीं गई। इस दरमियान वहां से निकल रहे एक युवक आशीष भाटी ने बाज को इस हालत में देखा तो उसने तुरंत एक्सपर्ट इस्माइल रंगरेज को सूचना दी। इस्माइल मौके पर पहुंचे। ऊंचाई अधिक होने की वजह से बाज को बचा पाना काफी कठिन था। इस पर उन्होंने फायर ब्रिगेड टीम को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड टीम मौके पर पहुंची। यहां पर हाइड्रा क्रेन की मदद से बाज को पकड़कर लाइट से निकाला गया। बाद में उसे नीचे उतारकर वन विभाग की टीम को सुपुर्द किया गया।
भोपाल के करीब 20 इलाकों में मंगलवार को 3 से 7 घंटे तक बिजली कटौती होगी। इन इलाकों में बिजली कंपनी मेंटेनेंस करेगी। इसके चलते सप्लाई पर असर पड़ेगा। जिन इलाकों में बिजली बंद रहेगी, उनमें गोविंदपुरा, पलासी, बड़वई, गांधीनगर, न्यू कोहेफिजा, बंजारा बस्ती समेत कई बड़े इलाके भी शामिल हैं। ऐसे में बिजली संबंधित जरूरी काम पहले से निपटा लें। ताकि परेशानी का सामना न करना पड़े। इन इलाकों में पड़ेगा असर
झज्जर के मुक्केबाजों ने कर्नाटक के बेंगलुरु शहर में 4 से 9 फरवरी तक आयोजित 69वीं राष्ट्रीय स्कूली मुक्केबाजी प्रतियोगिता में अपने शानदार प्रदर्शन से जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया। झज्जर स्टेडियम में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों ने कड़े मुकाबलों में अद्भुत साहस, तकनीक और संयम का परिचय देते हुए तीन पदक अपने नाम किए। प्रतियोगिता में देशभर से आए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के बीच मुकाबले बेहद चुनौतीपूर्ण रहे। ऐसे माहौल में झज्जर के खिलाड़ियों ने न केवल आत्मविश्वास के साथ रिंग में कदम रखा, बल्कि अपने दमदार पंच और रणनीतिक खेल से दर्शकों और निर्णायकों का दिल भी जीत लिया। अभिनव ने रजत पर जमाया कब्जा 75 किलोग्राम भार वर्ग में अभिनव भलारा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने जबरदस्त संघर्ष किया और अंत तक पूरी ताकत से लड़े। वहीं 90 किलोग्राम भार वर्ग में सागर ने कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। शगुन ने जीता कांस्य पदक सागर ने सेमीफाइनल तक पहुंचने के लिए कठिन मुकाबलों में बेहतरीन संयम और ताकत का प्रदर्शन किया। इसी तरह 80 किलोग्राम भार वर्ग में शगुन ने कांस्य पदक जीतकर झज्जर का परचम लहराया और साबित किया कि जिले की बेटियां भी किसी से कम नहीं हैं। कोच हितेश देशवाल ने दी बधाई कोच हितेश देशवाल ने खिलाड़ियों की इस सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि नियमित अभ्यास, अनुशासन और अथक परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने बताया कि झज्जर स्टेडियम में खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, साथ ही तकनीकी मार्गदर्शन और फिटनेस पर विशेष ध्यान दिया जाता है। हमारा लक्ष्य केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि खिलाड़ियों का समग्र विकास करना है। अभिभावकों व खेल संगठनों ने कोच को दी शुभकामनाएं इस उपलब्धि की खबर मिलते ही जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। खेल प्रेमियों, अभिभावकों और विभिन्न खेल संगठनों ने कोच हितेश देशवाल और सभी पदक विजेता मुक्केबाजों को हार्दिक बधाई दी। कई सामाजिक संगठनों ने खिलाड़ियों को सम्मानित करने की भी घोषणा की है। झज्जर के इन होनहार मुक्केबाजों की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि प्रतिभा को सही दिशा और मंच मिले, तो छोटे शहरों के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।
इंदौर में रालामंडल ब्रिज पर ट्रैफिक शुरू:6-लेन फ्लायओवर से अब खंडवा रोड और तिंछा जाना हुआ आसान
40 करोड़ की लागत से तैयार रालामंडल फ्लायओवर को सोमवार से खोल दिया गया है। डेढ़ साल की देरी और कई हादसों के बाद खुले इस ब्रिज से अब हर दिन 1 लाख से ज्यादा वाहन बिना रुके गुजर सकेंगे। रालामंडल फ्लायओवर शुरू होने से अब तिल्लौर और रालामंडल की तरफ जाने वाले वाहनों को जान जोखिम में डालकर डिवाइडर पार नहीं करना पड़ेगा। इस ब्रिज के शुरू होने से न केवल समय बचेगा बल्कि ईंधन की भी बड़ी बचत होगी। 800 मीटर लंबा यह छह लेन ब्रिज अपनी तय समयसीमा से लगभग दो साल देरी से तैयार हुआ है। फिलहाल अधूरी तैयारियों के बीच इसकी एक ही लेन ट्रैफिक के लिए शुरू की गई है। अभी मांगलिया से तेजाजी नगर की दिशा में जाने वाली लेन ही खोली गई है, जबकि दूसरी लेन पर ट्रैफिक शुरू नहीं किया गया है। पिछले चार दिनों से ब्रिज पर ट्रायल रन चल रहा था, जिसके बाद सोमवार से आंशिक रूप से इसे खोल दिया गया। फिनिशिंग अधूरी है और डिवाइडर की जगह रेत की बोरियां रखी हैं, लेकिन ट्रैफिक के दबाव को देखते हुए प्रशासन ने इसे शुरू करने का फैसला लिया है। इस ब्रिज के बनने से क्या-क्या बदलेगा फायदा: रालामंडल, तिल्लौर, तिंछा फॉल और खंडवा रोड की तरफ जाने वाले वाहन चालक अब बिना चक्कर लगाए सीधे निकल सकेंगे। समय की बचत: पहले फ्लायओवर नहीं होने से बायपास पर लंबा जाम लगता था। अब रोजाना करीब 1 लाख वाहन ऊपर से फर्राटा भर सकेंगे। सुरक्षा: पहले ग्रामीण रास्ता न होने के कारण डिवाइडर तोड़कर वाहन निकालते थे, जिससे हादसे होते थे। अब ब्रिज के नीचे से सुरक्षित रास्ता दिया गया है। आगे ये प्रोजेक्ट भी सुधारेंगे इंदौर का ट्रैफिक बायपास पर अर्जुन बड़ौद और एमआर-10 जंक्शन के ब्रिज भी तैयार किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार इन्हें ट्रैफिक के लिए खोलने में अभी तीन से चार महीने लग सकते हैं। इन प्रोजेक्ट्स के पूरे होने से शहर का ट्रैफिक और सुगम होने की उम्मीद है।
MP दिनभर में आज दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। दिनभर की 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते है, एमपी में आज, क्या रहा खास… 1. रेबीज इंजेक्शन के बावजूद मौत: कुत्ते के काटने से बच्चे की जान गई दतिया जिले में कुत्ते के काटने के बाद इलाज कराने के बावजूद एक बच्चे की मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, कुत्ते के काटने के बाद बच्चे को अस्पताल ले जाया गया था, जहां उसे एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाया गया। इसके बावजूद कुछ दिनों बाद उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। पढ़ें पूरी खबर 2. पुलिसकर्मी की पत्नी ने की आत्महत्या, कारणों की जांच में जुटी पुलिसइंदौर में एक पुलिसकर्मी की पत्नी द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। अभी आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस परिवारजनों से पूछताछ कर रही है और घरेलू परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। पढ़ें पूरी खबर 3. BJP नेता की दबंगई: युवक को लात-घूंसों से पीटने का VIDEO अशोकनगर में भाजपा नेता द्वारा एक युवक के साथ मारपीट का वीडियो सोशल सामने आया है। वीडियो में युवक को लात-घूंसों से पीटते हुए देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि किसी विवाद के बाद यह घटना हुई। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। पुलिस का कहना है कि वीडियो की जांच की जा रही है और शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। पढ़ें पूरी खबर 4. शिवपुरी स्टेशन पर बड़ा हादसा टला: चलती ट्रेन में चढ़ते वक्त महिला गिरीशिवपुरी रेलवे स्टेशन पर चलती ट्रेन में चढ़ने के दौरान एक महिला का संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गई। घटना के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद यात्रियों और कर्मचारियों की मदद से महिला को बाहर निकाला गया। महिला को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से चलती ट्रेन में चढ़ने से बचने की अपील की है। पढ़ें पूरी खबर 5. MP में दो दिन और कड़ाके की ठंड, फिर चढ़ेगा पारा मध्य प्रदेश में अगले दो दिनों तक तेज सर्दी का असर बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार कटनी और शहडोल में तापमान सबसे कम दर्ज किया गया है। भोपाल और इंदौर में भी ठंड बढ़ी है और रात के तापमान में गिरावट आई है। इसके बाद धीरे-धीरे तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। लोगों को ठंड से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पढ़ें पूरी खबर 6. भभूत समझकर जहर खा गई 12वीं की छात्रा, इलाज के दौरान मौतभोपाल में एक 12वीं कक्षा की छात्रा ने भभूत समझकर जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजन छात्रा को तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक घर में रखा चूहे मारने का जहर भभूत जैसा दिख रहा था। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर 7. नशे में ड्यूटी पर डॉक्टर: गुना जिला अस्पताल का VIDEO सामने आयागुना जिला अस्पताल में ड्यूटी के दौरान एक डॉक्टर के नशे में होने का वीडियो सामने आया है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया है। आरोप है कि डॉक्टर शराब पीकर अस्पताल पहुंचा था। मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पढ़ें पूरी खबर पॉजिटिव खबर 8.भोपाल में हार्ट मरीजों को राहत: 80 हजार की जांचें अब मुफ्त भोपाल के हमीदिया अस्पताल में हार्ट मरीजों के लिए बड़ी सुविधा शुरू की गई है। यहां अब हार्ट की उन्नत जांचें मुफ्त की जाएंगी, जिनकी कीमत करीब 80 हजार रुपए तक होती है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को राहत मिलेगी। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इस सुविधा से हृदय रोगों की सही और समय पर पहचान संभव हो सकेगी। पढ़ें पूरी खबर खबर जरा हटके 9. शादी में हादसा टला: दूल्हे की घोड़ी कुएं में गिरी, कूदकर बचाईखंडवा में शादी समारोह के दौरान बड़ा हादसा होते-होते टल गया। दूल्हे की घोड़ी अचानक कुएं में गिर गई। हालात बिगड़ते देख दूल्हा खुद कुएं में कूद गया और घोड़ी की जान बचाई। कुछ देर की मशक्कत के बाद घोड़ी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पढ़ें पूरी खबर कल का बिग इवेंट10. MP में कल से बोर्ड परीक्षा..16 लाख स्टूडेंट्स होंगे शामिल मध्य प्रदेश में कल से बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। मंगलवार को 12वीं क्लास का पहला पेपर अंग्रेजी का होगा।सभी परीक्षाएं सुबह 9 से 12 बजे तक होंगी। इस बार प्रदेश में 10वीं और 12वीं की परीक्षा में करीब 16 लाख छात्र परीक्षा में शामिल होंगे। इनमें 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी कक्षा 10वीं की परीक्षा देंगे, जबकि करीब 7 लाख छात्र 12वीं की बोर्ड परीक्षा में बैठेंगे।
करनाल जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक और सफलता मिली है। सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में भारी मात्रा में नशीली गोलियों की बरामदगी हुई है। पुलिस ने मौके से एक युवक को काबू किया है और उससे पूछताछ शुरू कर दी है। मामले को लेकर पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नशीली गोलियों की सप्लाई कहां से हो रही थी और इसके पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं।करनाल की सीआईए-2 पुलिस टीम ने इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार के नेतृत्व में यह कार्रवाई की। तलाशी के दौरान नशे की गोलियां बरामद बता दे कि एएसआई रामनिवास की अगुवाई में टीम ने तरावड़ी क्षेत्र में दबिश दी, जहां संदिग्ध युवक को रोका गया। तलाशी के दौरान उसके पास से 600 नशीली गोलियां बरामद की गईं। पुलिस ने इस मामले में गांव सोकड़ा जिला करनाल अजय को गिरफ्तार किया है। बरामदगी के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें नशीली गोलियों को लेकर अहम जानकारियां जुटाई जा रही हैं। थाना तरावड़ी में दर्ज किया गया मामला जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ थाना तरावड़ी में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस द्वारा नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है और बरामद नशीली गोलियों को कब्जे में ले लिया गया है। अन्य साथियों और सप्लाई चेन की जांच जारी पुलिस का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति तक सीमित मामला नहीं हो सकता। नशे के इस कारोबार में शामिल अन्य साथियों की भूमिका को लेकर जांच जारी है। संभावित लिंक और सप्लाई नेटवर्क को खंगाला जा रहा है, ताकि पूरे गिरोह तक पहुंचा जा सके। पुलिस ने साफ किया है कि नशे के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
मऊगंज जिले में अवैध उत्खनन और खनिज माफिया के आतंक को लेकर रीवा संभाग आयुक्त कार्यालय में सोमवार को शिकायत दर्ज कराई गई है। सामाजिक कार्यकर्ता और अधिवक्ता बीके माला ने आरोप लगाया है कि खनिज विभाग के स्थानीय अधिकारी माफिया के साथ मिले हुए हैं और उन्हें संरक्षण दे रहे हैं। शिकायत के मुताबिक, हनुमना, नईगढ़ी और लोढ़ी क्षेत्रों में आबादी के पास ही अवैध रूप से क्रेशर चलाए जा रहे हैं और भारी ब्लास्टिंग की जा रही है। इसकी वजह से ग्रामीणों के कच्चे मकानों में दरारें आ गई हैं और कई घर गिरने की स्थिति में हैं। अधिवक्ता ने बताया कि रात और सुबह के समय होने वाली इन धमाकों से बच्चों और ग्रामीणों की जान जोखिम में है। कार्रवाई न होने पर माफिया के हौसले बुलंद बीके माला का आरोप है कि पहले भी कई बार शिकायतें की गईं और बड़े अधिकारियों ने जांच के आदेश भी दिए, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। खनिज विभाग के अधिकारी मौके पर जाने से बचते हैं, जिससे अवैध उत्खनन बेखौफ जारी है। यह भी आरोप है कि यहां से निकलने वाली गिट्टी और पत्थर उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे माफियाओं को बेचे जा रहे हैं। एनजीटी जाने की चेतावनी सामाजिक कार्यकर्ता ने संभाग आयुक्त और मऊगंज कलेक्टर से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही अवैध खनन और ब्लास्टिंग नहीं रोकी गई, तो वे राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। फिलहाल अधिकारियों ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।
सीधी आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के बैनर तले सोमवार को जिले के शिक्षकों ने अपनी बरसों से लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। संघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश की राज्य मंत्री राधा सिंह और सीधी विधायक रीति पाठक से मुलाकात कर उन्हें सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान शिक्षकों ने कहा कि उनकी जायज मांगों का जल्द निराकरण नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। पुरानी पेंशन योजना' बहाली की मांग शिक्षकों की सबसे प्रमुख मांग 'पुरानी पेंशन योजना' (OPS) को बहाल करना है। ज्ञापन में बताया कि अध्यापक संवर्ग की सेवा अवधि की गणना उनकी प्रथम नियुक्ति तिथि से की जाए, ताकि उन्हें अवकाश के बदले नकद भुगतान (लीव एनकैशमेंट) और अन्य लाभ मिल सकें। इसके साथ ही, शिक्षकों ने दोषपूर्ण 'ई-अटेंडेंस' प्रणाली को बंद करने की भी पुरजोर मांग की है। इन 5 बड़ी मांगों पर अड़ा शिक्षक संघ शिक्षकों ने अपनी समस्याओं को लेकर 12 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा है, जिनमें प्रमुख ये हैं: वेतन विसंगति: नवनियुक्त शिक्षकों को उनकी पहली नियुक्ति से ही 100 प्रतिशत वेतन दिया जाए। अतिथि शिक्षक: अतिथि शिक्षकों को नियमित किया जाए और उन्हें मेडिकल व बीमा जैसी सुविधाएं मिलें। कैश लेस इलाज: सभी शिक्षकों के लिए हेल्थ केयर कैशलेस कार्ड योजना लागू हो। विभाग विलय: जनजातीय कार्य विभाग में कार्यरत शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग में शामिल किया जाए। काम का दबाव: रविवार और सरकारी छुट्टियों के दिन शिक्षकों को ट्रेनिंग या मीटिंग से मुक्त रखा जाए। शिक्षक बोले- नीतिगत उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री और विधायक को बताया कि प्रदेश का शिक्षक संवर्ग लंबे समय से प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार है। गुरुजी संवर्ग को वरिष्ठता देने और राज्य शिक्षा सेवा में संविलियन से छूटे हुए शिक्षकों के क्रमोन्नति आदेश तत्काल जारी करने की जरूरत है। राज्य मंत्री राधा सिंह और विधायक रीति पाठक ने शिक्षकों की मांगों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि वे इन मांगों को सरकार के उच्च स्तर तक पहुंचाकर समाधान का प्रयास करेंगी।
झालावाड़ में राजकीय कन्या महाविद्यालय में महिला प्रकोष्ठ और नशा मुक्ति केंद्र के तहत एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य छात्राओं को नशा मुक्ति, साइबर क्राइम और रोड सेफ्टी के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम का उद्घाटन कार्यवाहक प्रिंसिपल अजय मीना ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। झालरापाटन सदर पुलिस थाने के एएसआई महावीर ने मुख्य वक्ता के रूप में नशा मुक्ति, साइबर क्राइम और रोड सेफ्टी पर महत्वपूर्ण व्याख्यान दिया। उन्होंने छात्राओं को दैनिक जीवन में होने वाले सामान्य और गंभीर अपराधों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी। इस अवसर पर कार्यवाहक प्राचार्य अजय मीना ने छात्राओं को प्रेरित किया, जबकि नशा मुक्ति केंद्र प्रभारी चेतन पुरी ने नशे से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम के दूसरे चरण में नंदी फाउंडेशन के ट्रेनर संदीप शर्मा ने छात्राओं को आत्मविश्वास से बात करने और कम्युनिकेशन स्किल्स (संचार कौशल) पर प्रशिक्षण दिया।संदीप शर्मा ने रोजगार संबंधी कौशल पर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। इसमें इंटरव्यू कैसे दें, सवालों के जवाब कैसे दें, रिज्यूम कैसे बनाएं, कार्यस्थल पर व्यवहार और करियर प्लानिंग जैसे विषय शामिल थे। यह प्रशिक्षण छात्राओं को बिल्कुल मुफ्त प्रदान किया गया। कार्यक्रम में सहायक आचार्य हर्षित शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया, और मंच संचालन रुचि कुलश्रेष्ठ ने किया। इस अवसर पर सहायक आचार्य प्रवेश कुमार चौहान, धापू जाट, विनय यादव, खुशबू विजय, राकेश शर्मा, गोपाल गालय, रामहेत, अभिषेक सहित अन्य उपस्थित रहे।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर शिवपाल जाट की अध्यक्षता में जिला स्तरीय साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में संपर्क पोर्टल पर लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को 30 दिन से ज्यादा पुरानी परिवादों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। एडीएम ने एवरेज डिस्पोजल टाइम में सुधार लाने और तय समय-सीमा में शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही निर्देश दिए कि जिला स्तरीय अधिकारी रोज कम से कम 2 शिकायतकर्ता परिवारों से फोन पर बात कर फीडबैक लें और उसका रिकॉर्ड भी रखें। घुमंतू समुदाय के लिए लगेंगे शिविर बैठक में विमुक्त, घुमंतू और अर्द्धघुमंतू समुदाय के उत्थान पर भी चर्चा हुई। इन समुदायों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए सहायता शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में पात्र लोगों के- मतदाता पहचान पत्र आधार कार्ड जाति प्रमाण पत्र मूल निवास प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज बनवाने की प्रक्रिया कराई जाएगी, ताकि वे योजनाओं का लाभ ले सकें। बैठक में समाज कल्याण अधिकारी रमेश देहमिवाल, कोषाधिकारी सुरेश कुमार बंसल, पीएचईडी अभियंता धर्मवीर यादव, अधीक्षण अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग ओमप्रकाश किराड, नगर परिषद आयुक्त मुकेश शर्मा, उपनिदेशक सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग वीरेंद्र त्यागी, कृषि अधिकारी गोपाललाल मीणा, सहायक निदेशक कोऑपरेटिव वेदप्रकाश सैनी, एसीएफ वन विभाग संजय चौधरी, अधिशासी अभियंता वाटरशेड छत्रपाल, सहायक अभियंता बिजली विभाग दिनेश भड़ाना, प्रवर्तन अधिकारी पूनम चौधरी सहित पुलिस, राजीविका, बिजली, कृषि, वन, शिक्षा एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
लखनऊ में पुलिस ने एक बुजुर्ग की जान बचा ली। बुजुर्ग अपार्टमेंट में अपने फ्लैट पर थे। पुलिस को सूचना मिली कि वह न फोन उठा रहे हैं, न ही कुछ बोल रहे हैं। इसके बाद पुलिस आनन-फानन में पहुंची। चौथी मंजिल पर चढ़कर 2 दरवाजे तोड़े। फ्लैट के अंदर दाखिल हुई तो देखा कि बुजुर्ग बेड पर लगभग अचेत पड़े थे। उन्हें हॉस्पिटल पहुंचाया। मैक्स हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। घटना महानगर थाना क्षेत्र की सोमवार दोपहर की है। डोगरा कोठी में फ्लैट नंबर 405 पर रहने वाले 85 वर्षीय वंशीधर डोगरा फोन नहीं उठा रहे थे। उनकी मेड पहुंची लेकिन दरवाजा अंदर से नहीं खुला। वह वापस लौट गई। उनका केयरटेकर पहुंचा तब भी अंदर से दरवाजा नहीं खुला। काफी देर तक संपर्क न होने और दरवाजा न खुलने से आशंका गहराई तो पुलिस बुलाई गई। GSI से डिप्टी कमिश्नर पद से रिटायर हैं बुजुर्ग बुजुर्ग वंशीधर डोगरा जिओलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) से डिप्टी कमिश्नर पद से रिटायर हैं। पिता के बीमार होने की सूचना पर अल्मोड़ा से उनके एक बेटे लखनऊ आ रहे हैं। वहीं परिवार के लोग आगरा और दिल्ली में भी रहते हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वंशीधर कोठी में अकेले ही रहते हैं। सवेरे मेड को लौटना पड़ा, केयरटेकर आया पुलिस ने बताया है कि सवेरे मेड खाना बनाने पहुंची थी। अंदर से दरवाजा नहीं खुला तो वह वापस लौट आई। उसने अपार्टमेंट (कोठी) के गार्ड को सूचना दी। गार्ड ने वंशीधर के केयरटेकर शिवम को फोन किया। शिवम पहुंचा तो वह भी दरवाजा नहीं खुलवा पाया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने पहुंचकर 2 दरवाजे तोड़े। उसके बाद देखा कि वंशीधर अचेत अवस्था में पड़े हैं। पुलिस उन्हें तत्काल लारी लेकर गई। वहां से ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। उसके बाद बुजुर्ग के बेटे के निवेदन पर उन्हें मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया गया है। वहां केयरटेकर शिवम मौजूद है।
चंडीगढ़ में रूफटॉप सोलर सिस्टम को तेजी से बढ़ावा देने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन की संस्था चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी, साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (CREST) की ओर से PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर अवेयरनेस और फैसिलिटेशन कैंप लगाए जा रहे हैं। ये कैंप 10 फरवरी से 14 फरवरी 2026 तक शहर के विभिन्न प्रमुख इलाकों में आयोजित होंगे। इन कैंपों के जरिए आम नागरिकों को सोलर सिस्टम से जुड़ी पूरी जानकारी दी जाएगी, वहीं रूफटॉप सोलर लगवाने के इच्छुक लोगों को मौके पर ही आवेदन, सब्सिडी और बैंक लोन से जुड़ी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। जानिए कहां लगेंगे सोलर अवेयरनेस कैंपCREST की ओर से 10 से 14 फरवरी 2026 तक शहर के अलग-अलग प्रमुख इलाकों में सोलर अवेयरनेस और फैसिलिटेशन कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों का आयोजन सेक्टर-17 मार्केट (फाउंटेन के पास), एलांते मॉल (फ्रंट गेट पार्किंग के पास), शास्त्री मार्केट सेक्टर-22 (PNB बैंक के पास), मौली जागरण और किशनगढ़ (पुराने सरकारी मिडिल स्कूल के पास) किया जाएगा। इन सभी कैंपों में प्रमुख बैंकों के प्रतिनिधि और CREST से अधिकृत वेंडर मौजूद रहेंगे, जो मौके पर ही आवेदन, लोन और सब्सिडी से जुड़ी पूरी जानकारी और सहायता उपलब्ध कराएंगे।इस योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से घरों की छत पर सोलर सिस्टम लगाने पर ₹78 हजार तक की सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा बैंकों के माध्यम से कम ब्याज दर पर लोन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे आम नागरिक आसानी से सोलर सिस्टम लगाकर बिजली बिल में बड़ी राहत पा सकते हैं।
डीग जिले के कामां थाना क्षेत्र में गांव सबलाना और मोरोली के बीच दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में 13 वर्षीय एक बालक की मौत हो गई, जबकि दोनों बाइकों पर सवार तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को कामां अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने गांव सबलाना निवासी अरमान खान (13) को मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार कामां थाना क्षेत्र के गांव सबलाना निवासी तौहीद खान के तीन पुत्र अरमान खान, अयान खान और कैफ खान एक बाइक पर सवार होकर अपने गांव सबलाना से मोरोली गांव की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रहे गांव चुल्हैरा निवासी मुबीन खान की बाइक से उनकी टक्कर हो गई। हादसे में एक बाइक पर सवार गांव चुल्हैरा निवासी मुबीन खान (13) और दूसरी बाइक पर सवार अयान खान (11) व कैफ खान (9) घायल हो गए। बाइक चला रहे अरमान खान की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक अरमान खान के पिता ट्रक ड्राइवर हैं और इस समय गांव में मौजूद नहीं हैं। वहीं, हादसे में घायल हुए गांव चुल्हैरा निवासी मुबीन खान भी ट्रक ड्राइवर हैं। वह अपने गांव से कंपनी में ट्रक चलाने के लिए जा रहे थे, तभी यह दुर्घटना हो गई।
टीकमगढ़ में रेलवे रैक पॉइंट पर अब ट्रक गलत दिशा (रॉन्ग साइड) से नहीं जाएंगे। यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से नगर पालिका ने रेलवे पुल के पास बने डिवाइडर को तोड़ दिया है। इस कदम से रेलवे स्टेशन पर खाद और अनाज के रैक उठाने वाले ट्रकों को सीधा रास्ता मिलेगा, जिससे लगातार लगने वाले जाम और यातायात की समस्या से निजात मिलेगी। यह निर्णय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिया गया था, जिस पर अब अमल किया जा रहा है। सोमवार को जेसीबी मशीन की मदद से डिवाइडर को तोड़ा गया। आए दिन लगता था जाम दरअसल, टीकमगढ़ के प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर खाद, अनाज और अन्य सामग्री के रैक लगाए जाते हैं। प्लेटफॉर्म के निर्माण से पहले, जिला न्यायालय द्वार से रेलवे पुल तक नगर पालिका द्वारा डिवाइडर का निर्माण किया गया था। इस डिवाइडर के कारण स्टेशन पर आने-जाने वाले भारी वाहनों और ट्रकों को निकलने में काफी परेशानी होती थी, जिससे आए दिन घंटों जाम की स्थिति बन जाती थी। इससे आम जनता और कार्यालय आने वाले लोग परेशान होते थे। डिवाइडर हटने से दोनों ओर से आने-जाने वाले वाहनों को सीधा रास्ता मिल जाएगा और ट्रकों की लंबी कतारें समाप्त हो सकेंगी। इससे जिला न्यायालय, संयुक्त कार्यालय सहित अन्य शासकीय विभागों में आने वाले लोगों को ट्रकों के जाम के कारण होने वाली परेशानी से भी राहत मिलेगी। इससे पहले भी डिवाइडर तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन उसे रोक दिया गया था। अब समिति के निर्णय के बाद यह कार्य दोबारा शुरू किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सड़क पर जाम की स्थिति न बने, इसके लिए यह कार्य किया जा रहा है और जल्द ही शहर की अन्य यातायात संबंधी समस्याओं का भी समाधान किया जाएगा।
वेदांता समूह के चैयरमैन अनिल अग्रवाल ने सोमवार को मौजूदा अस्थिर वैश्विक हालात पर ट्वीट करते लिखा कि दुनिया नहीं चाहती कि भारत कच्चे तेल और गैस का उत्पादन करे। बल्कि वह चाहती है कि भारत इन उत्पादों का केवल एक बड़ा बाजार बना रहे। लेकिन घरेलू उत्पादन रोजगार पैदा करता है, जो दुनिया के कई हिस्सों में सिद्ध हो चुका है। हमें इसका मुकाबला करना होगा और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रयास करना होगा। अनिल अग्रवाल ने कहा है कि मौजूदा अस्थिर वैश्विक हालात में भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा बेहद अहम हो गई है। देश को तेल व गैस के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर घरेलू खोज (एक्सप्लोरेशन) बढ़ाने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि भारत अपनी तेल और गैस की लगभग 90 प्रतिशत जरूरतें आयात से पूरी करता है, जिससे देश की स्थिति संवेदनशील बनी रहती है। तीन ओर से समुद्र से घिरे होने के कारण युद्ध या तनाव की स्थिति में समुद्री नाकेबंदी का खतरा भी रहता है। हमारे पास कोई दूसरा ठोस विकल्प नहीं अनिल अग्रवाल ने कहा- आज के हालात में घरेलू उत्पादन बढ़ाने के अलावा हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। उन्होंने बताया कि भारत दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता तेल और गैस बाजार है। अगले कम से कम 20 सालों तक इसकी मांग लगातार बढ़ती रहेगी। ऐसे में ऊर्जा आत्मनिर्भरता भारत के लिए रणनीतिक के साथ-साथ आर्थिक जरूरत भी है। अनिल अग्रवाल के अनुसार भारत के पास लगभग 300 अरब बैरल तेल और गैस के बराबर संसाधनों की संभावना है। जो गुयाना जैसे देशों से कई गुना अधिक है। उन्होंने कहा कि देश के पास कुशल मानव संसाधन, युवा उद्यमी और स्टार्टअप की मजबूत क्षमता मौजूद है और दुनिया भर में इस क्षेत्र के करीब 10 प्रतिशत विशेषज्ञ भारतीय हैं। अमेरिका पहले आयात पर निर्भर था, अब आत्मनिर्भर अग्रवाल ने कहा कि तेल और गैस उद्योग की सबसे बड़ी जरूरत खोज है। अमेरिका का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि दो दशक पहले अमेरिका भी आयात पर निर्भर था, लेकिन खोज को उद्यमियों के लिए खोलने के बाद वह आत्मनिर्भर बन गया। भारत आयात की तुलना में आधी लागत पर तेल और गैस का उत्पादन कर सकता है। अब तक इस उद्योग ने सरकारी खजाने में करीब 40 अरब डॉलर का योगदान दिया है और बीते वर्षों में 1.3 अरब बैरल तेल का उत्पादन किया जा चुका है। लाइसेंस की संख्या बढ़ाने की जरूरत वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए अग्रवाल ने कहा कि भारत में खोज के लिए केवल करीब 20 लाइसेंस हैं, जबकि यह संख्या कहीं अधिक होनी चाहिए। नोटिस, कानूनी मामलों और लाइसेंस रद्द होने की आशंका से निवेशक असहज रहते हैं, जिससे निवेश का माहौल प्रभावित होता है। स्थिर और सहयोगी माहौल जरूरी अनिल अग्रवाल ने कहा- अगर हमें ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना है तो स्थिर और सहयोगी माहौल बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि घरेलू उत्पादन से रोजगार के अवसर पैदा होते हैं और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। जिस तरह भारत खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर बना, उसी तरह ऊर्जा के क्षेत्र में भी यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। अग्रवाल ने कहा कि वेदांता का लक्ष्य उत्पादन को पांच गुना बढ़ाने का है, जबकि देश की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए कुल उत्पादन को दस गुना तक बढ़ाना होगा। इसके लिए नीतियों में सरलता और सहयोग जरूरी है।
चूरू जिले के राजलदेसर में स्वायत्त शासन विभाग के निर्देश पर सीवरेज योजना के सर्वेक्षण के लिए एक टीम सोमवार को पहुंची। यह टीम नगरपालिका क्षेत्र में सीवरेज बिछाने की संभावनाओं का आकलन करेगी।सीनियर डिप्टी मैनेजर महेंद्र कुमार के नेतृत्व में यह टीम राजलदेसर नगरपालिका क्षेत्र का विस्तृत सर्वे करेगी। सर्वे पूरा होने के बाद टीम अपनी रिपोर्ट स्वायत्त शासन विभाग को सौंपेगी। राजलदेसर निवासी गोपाल मारू ने बताया कि पूर्व विधायक अभिनेष महर्षि की मांग पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजलदेसर में पानी निकासी की समस्या के समाधान के लिए पहल की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सर्वे से क्षेत्र की जल निकासी की समस्या का समाधान होगा। सीनियर डिप्टी मैनेजर महेंद्र कुमार ने जानकारी दी कि उनकी टीम को 6 भागों में बांटा गया है। यह टीमें राजलदेसर कस्बे में सीवरेज लाइन बिछाने के लिए सर्वेक्षण कर रही हैं। उन्होंने बताया कि सर्वे 2 से 3 दिन में पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद रिपोर्ट स्वायत्त शासन विभाग को सौंपी जाएगी और आगे की कार्रवाई की जाएगी।

