घने कोहरे में जोरदार टक्कर! सूरत में NH-48 पर टकराईं दो लग्जरी बसें
Surat NH-48 Luxury Bus Accident: सूरत के कोसंबा में घने कोहरे के कारण नेशनल हाईवे-48 पर दो लग्जरी बसें आपस में भिड़ीं. बड़ा हादसा टला, सभी यात्री सुरक्षित. पढ़ें पूरी खबर...
LPG की कीमत होने वाली है कम! भारत को कहां मिल गया गैस का भंडार?
भारत की सरकारी तेल और प्राकृतिक गैस कंपनी ओएनजीसी ने बंगाल की खाड़ी के पास महानदी बेसिन के गहरे समंदर में गैस के एक बहुत बड़े भंडार की खोज कर दी है। ऐसे समय में जब पूरी दुनिया में तेल और गैस की सप्लाई को लेकर अनसर्टेनिटी बनी हुई है तो वहीं भारत की यह खोज देश की ऊर्जा सुरक्षा यानी कि एनर्जी सिक्योरिटी के लिए एक नया मोड़ साबित हो गया है। यह खोज महानदी बेसिन के डीप वाटर इलाके में हुई है। इस कुएं का नाम एमडीw है। ओएनजीसी के मुताबिक इस कुएं से 18 सितंबर 2026 को ड्रिलिंग पूरी होने के बाद गैस फ्लो शुरू हो गया। फिलहाल कुएं से काफी अच्छी दर पर गैस बाहर निकल रही है और कुएं के अंदर रिजवियर प्रेशर भी काफी मजबूत और स्वस्थ स्तर पर बना हुआ है जो इस बात का संकेत है कि अंदर गैस का विशाल भंडार हो सकता है। भारत सरकार ने देश के समुद्री इलाके में छुपे तेल और गैस को ढूंढने के लिए समुद्र मंथन नामक एक विशेष पहल शुरू की। इस डीप वाटर अभियान की शुरुआत पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 25 जुलाई को की। एमडी डब्ल्यू28 इस नए अभियान के तहत खोदा गया पहला हुआ था और पहली ही कोशिश में ओएनजीसी को इतनी बड़ी सफलता हाथ लग गई। तीसरा लागत कम होगी और उत्पादन तेजी से शुरू होगा। यानी शेयर्ड इंफ्रास्ट्रक्चर। इसे भी पढ़ें: 27.43 करोड़ LPG उपभोक्ताओं का Aadhaar Biometric सत्यापन पूरा, बिना ईकेवाईसी नहीं मिलेगी सब्सिडी गैस को मार्केट तक कैसे लाया जाएगा? शेयर्ड फैसिलिटी का इस्तेमाल ओएनजीसी के अनुसार पीएनजी रूल्स 2025 के तहत इस नए कुएं को महानदी बेसिन में पहले से मजबूत दूसरे खोजों के साथ जोड़कर विकसित किया जा सकता है। अलग-अलग कुओं के लिए अलग-अलग महंगा इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के बजाय शेयरर्ड सुविधाओं का इस्तेमाल होगा। इससे गैस निकलने की लागत यानी कि डेवलपमेंट कॉस्ट घटेगी और कम समय में गैस को सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचाया जा सकेगा। आयात पर निर्भरता कम होगी। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल और प्राकृतिक गैस दूसरे देशों से इंपोर्ट करता है। जिस पर हर साल अरबों डॉलर खर्च होते हैं। दूसरा घरेलू उत्पादन में बढ़ोतरी। देश के भीतर घरेलू गैस उत्पादन बढ़ने से डॉलर की बचत होगी और देश ऊर्जा के मामलों में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। हालांकि इस खोज का वास्तविक कमर्शियल महत्व और कुल भंडार कितना बड़ा हो सकता है, इसका अंतिम आंकड़ा आगे की जांच और टेस्टिंग के बाद ही पूरी तरह से साफ हो पाएगा। कुल मिलाकर महारदी बेसिन में हुई एमडीडब्ल्यू की यह खोज भारत के एनर्जी सेक्टर में एक नए युग की शुरुआत है। इसे भी पढ़ें: Surat में LPG टैंकर से अवैध रीफिलिंग करते 9 लोग गिरफ्तार, 84 सिलेंडर और वाहन जब्त ओएनजीसी ने साफ कर दिया है कि वो भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बनाने के लिए गहरे और अति गहरे यानी अल्ट्रा डीप वाटर समुद्री इलाकों में अपनी खोज को और तेज करेगी। क्या आपको लगता है कि समंदर में मिलने वाले यह नए भंडार और आने वाले समय में भारत को तेल और गैस के मामलों में पूरी तरह आत्मनिर्भर बना पाएंगे?
क्या खाना पकाने वाला तेल सस्ता होगा? सरकार ने सूरजमुखी, सोयाबीन और पाम तेल पर कस्टम ड्यूटी घटाई
Customs Duty On Oil: जल्द ही घरेलू बाजार में खाद्य तेलों की कीमतें कम होने की उम्मीद है। केंद्र सरकार ने त्योहारी सीजन से पहले खाद्य तेल की बढ़ती कीमतों को कंट्रोल करने के लिए क्रूड और रिफाइंड सोयाबीन, पाम और सूरजमुखी तेल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) में बड़ी कटौती की है। सरकार के इस फैसले से आने वाले दिनों में घरेलू बाजार में खाद्य तेल की कीमतों पर दबाव कम होने की उम्मीद है। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, कच्चे सूरजमुखी तेल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 10 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया है। वहीं, रिफाइंड सूरजमुखी तेल पर शुल्क 32.5 प्रतिशत से घटाकर 22.5 प्रतिशत किया गया है।कच्चे सोयाबीन तेल और पाम तेल पर भी बेसिक कस्टम ड्यूटी 10 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है। इसी तरह, रिफाइंड सोयाबीन तेल और पाम तेल पर कस्टम ड्यूटी 32.5 प्रतिशत से घटाकर 27.5 प्रतिशत किया गया है। अधिसूचना के अनुसार, शुल्क में ये कटौती 24 सितंबर से प्रभावी होगी।सूरजमुखी तेल पर सबसे बड़ी राहतसरकार ने क्रूड सूरजमुखी तेल पर भी इंपोर्ट ड्यूटी में बड़ी कटौती की है। इसका बेसिक कस्टम ड्यूटी 10% से घटाकर शून्य कर दिया गया है। वहीं, रिफाइंड सूरजमुखी तेल पर ड्यूटी 32.5% से घटाकर 22.5% कर दी गई है। बता दें कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा वनस्पति तेल आयातक है। देश अपनी घरेलू वनस्पति तेल जरूरत का करीब दो-तिहाई हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है।त्योहारी सीजन से पहले क्यों लिया गया फैसला?देश में सितंबर से नवंबर के बीच त्योहारी सीजन के दौरान खाद्य तेल की मांग आम तौर पर बढ़ जाती है। इस दौरान घरों में मिठाई, नमकीन, पकौड़े और दूसरे तले हुए खाद्य पदार्थों की खपत बढ़ने से तेल की मांग भी बढ़ती है। पिछले एक साल में भारत में वनस्पति तेल की कीमतों में करीब 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि आयात शुल्क कम करके घरेलू बाजार में तेल की उपलब्धता बढ़ाई जाए और कीमतों पर दबाव कम किया जा सके।ये भी पढ़ें- Surat Employee News: ₹10 हजार बकाए के लिए बॉस की दुकान में लगाई आग! 14 दुकानें जलकर खाक; 24 करोड़ रुपये का माल स्वाहा
Surat Employee News: गुजरात के सूरत से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, महज 10 हजार रुपये के कथित बकाए पेमेंट को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि इसका अंजाम करोड़ों रुपये के नुकसान के रूप में सामने आया। सूरत पुलिस के मुताबिक, एक पूर्व अकाउंटेंट ने अपने मालिक से नाराज होकर उसकी दुकान में कथित तौर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इसकी वजह से देखते ही देखते आग ने आसपास की दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में 14 दुकानें जलकर खाक हो गईं। इस दौरान करीब 24 करोड़ रुपये का कपड़ा एवं अन्य सामान नष्ट हो गया।बताया जा रहा है कि यह घटना 9 सितंबर को सरोली इलाके के 'श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट (Surat Shyam Sangini Textile Market)' में हुई थी। शुरुआती तौर पर इसे आग लगने की घटना माना जा रहा था। लेकिन कई दिनों की जांच के बाद पुलिस ने इसे कथित रूप से सुनियोजित आगजनी बताया है। मामले में सूरत क्राइम ब्रांच ने 33 वर्षीय विनोद पंडित सावले (Vinod Pandit Sawale) को आगजनी के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कहा कि 9 सितंबर को सरोली इलाके में लगी आग कोई हादसा नहीं थी। बल्कि कर्मचारी द्वारा अपने मालिक के खिलाफ जान-बूझकर लगाई गई आग थी।अप्रैल में नौकरी शुरू की थी, कुछ समय बाद हुआ विवादपुलिस के अनुसार, सावले ने अप्रैल 2026 में मार्केट की छठी मंजिल स्थित एक दुकान में अकाउंटेंट के तौर पर काम शुरू किया था। उसे करीब 30 हजार रुपये सैलरी मिलती थी। बाद में उसके काम को लेकर दुकान मालिक के साथ विवाद हुआ। फिरउसने नौकरी छोड़ दी। पुलिस का कहना है कि सावले का करीब ₹10 हजार के कथित बकाया भुगतान को लेकर भी मालिक से विवाद था। इसीबकाए पेमेंट को लेकर वह नाराज था। कथित तौर पर उसने मालिक को सबक सिखाने के लिए आग लगाने की योजना बनाई।पहली कोशिश नाकाम, दूसरी बार पेट्रोल लेकर पहुंचाजांच में पुलिस ने दावा किया कि यह पहली बार नहीं था जब सावले ने दुकान में आग लगाने की कोशिश की। उसने कथित तौर पर पहले भी आग लगाने का प्रयास किया था। लेकिन वह सफल नहीं हुआ। इसके बाद उसने दूसरी योजना बनाई। पुलिस के मुताबिक, उसने करीब 150 रुपये का पेट्रोल खरीदा और उसे प्लास्टिक की थैली तथा एक बोतल में लेकर मार्केट पहुंचा।12:30 बजे दुकान के बाहर पेट्रोल छिड़कने का आरोपCCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने बताया कि एक सख्तचेहरे को सफेद रुमाल से ढककर और कंधे पर बैग लटकाए मार्केट में दाखिल हुआ था। पुलिस के मुताबिक, बाद में उसकी पहचान सावले के रूप में हुई। जांच के अनुसार, सावले ने देवध गांव स्थित एक पेट्रोल पंप से करीब 150 रुपये का पेट्रोल लिया। फिर 8 सितंबर की रात करीब 9 बजे वह मार्केट पहुंचा। वह 5वीं मंजिल की सीढ़ियों के पास बैठकर इंतजार करता रहा।करीब रात 12:30 बजे जब मार्केट लगभग सुनसान हो गया, उसने कथित तौर पर दुकान के बाहर रखे कपड़े के बॉक्स और पार्सल पर पेट्रोल छिड़का। फिर उसमें आग लगा दी। इसके बाद वह मौके से भाग गया। आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते आग आसपास की दुकानों तक फैल गई। पुलिस के मुताबिक, करीब 14 दुकानें पूरी तरह जल गईं। जबकि बड़ी मात्रा में कपड़ा और अन्य सामान नष्ट हो गया। आग पर काबू पाने में दमकलकर्मियों को करीब 38 घंटे लगे।1,500 CCTV कैमरों से खुला राजघटना के बाद सरोली पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच ने मार्केट और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान 1,500 से ज्यादा CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग का विश्लेषण किया गया। ये कैमरे सूरत पुलिस के 'विश्वास प्रोजेक्ट' फेज-2 के तहत लगाए गए हैं। जांचकर्ताओं ने संदिग्ध के आने-जाने के रास्ते को आगे और पीछे की दिशा में ट्रैक किया। इसी CCTV ट्रेल के आधार पर पुलिस कथित तौर पर सावले तक पहुंची।FIR की जानकारी मिलते ही बंद किया मोबाइल, परिवार के साथ भागापुलिस के अनुसार, आग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने और FIR दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद सावले ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया। इतना ही नहीं पत्नी तथा बच्चे के साथ वह सूरत सेफरार हो गया। जांच में पुलिस को पता चला कि वह पहले राजस्थान के खाटू श्याम मंदिर गया और बाद में अयोध्या पहुंचा। बाद में जब वह सूरत लौटा तो क्राइम ब्रांच को उसके ठिकाने की जानकारी मिली। गणपति सुरक्षा व्यवस्था में तैनात क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे डिंडोली के फ्लावर गार्डन के पास गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे सरोली पुलिस के हवाले कर दिया गया।पुलिस कर रही पेट्रोल खरीद और कथित साजिश की जांचसूरत के अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर करणराज वाघेला के अनुसार, आग से करीब 25 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। वहीं, पुलिस की जांच में जले हुए कपड़े और अन्य सामान की कीमत करीब ₹24 करोड़ बताई गई है। सूरत पुलिस अब आरोपी से कथित साजिश, आग लगाने की पूरी योजना और पेट्रोल की खरीद से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ कर रही है।ये भी पढ़ें- Azamgarh News: आजमगढ़ में घर में पूजा करने आए दो पंडितों और पत्नी को मारने वाले अरविंद के साथ क्या हुआ?जांचकर्ता उस पेट्रोल पंप संचालक की भूमिका की भी जांच कर रहे हैं, जिसने कथित तौर पर आरोपी को पेट्रोल बेचा था। पुलिस ने घटना का क्रम समझने के लिए आरोपी को श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट भी ले जाकर सीन का री-कंस्ट्रक्शन कराया। इस दौरान आरोपी हाथ जोड़े हुए नजर आया। फिलहाल, मामले की जांच जारी है। मामला गुजरात के सूरत शहर का है । जहां एक नौकर को नौकरी से निकालने के बाद , सूरत के सरोली विस्तार में श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट 9 तारीख को नौकर ने बदला लेने के इरादे से 150 रुपये का पेट्रोल डालकर आग लगा दी ।कुल 14 दुकान और 25 करोड़ रूपिये का कपड़ा जल कर खाक हो गया । आग को… pic.twitter.com/mVAqB7Vk8f— Rajak Shaikh (@imrajak_) September 22, 2026
रेलिंग से टकराकर हवा में उछली कार... रोंगटे खड़े कर देगा CCTV फुटेज
Surat Canal Road Car Crash: सूरत के कैनाल रोड पर टेस्ट ड्राइव के दौरान हवा में उछली कार. रोड किनारे रेलिंग से टकराने का खौफनाक CCTV वीडियो हुआ वायरल...

