मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए नगर पालिका परिषद ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे नगर पालिका परिषद कार्यालय में चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इसमें सफाई व्यवस्था, जल निकासी, सार्वजनिक शौचालय, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की गई। बैठक में अधिशासी अधिकारी पवन कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तनु तथा सफाई नायक मौजूद रहे। सफाई व्यवस्था में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए बैठक के दौरान चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने सफाई नायकों से क्षेत्रवार सुझाव लिए और उनकी समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था किसी भी हालत में प्रभावित नहीं होनी चाहिए। विशेष रूप से कांवड़ मार्ग, शिविरों, प्रमुख चौराहों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। सार्वजनिक शौचालयों में सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश चेयरपर्सन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नगर क्षेत्र के सभी सार्वजनिक शौचालय पूरी तरह कार्यशील रहें। उनकी प्रतिदिन सफाई कराई जाए और वहां पर्याप्त पानी, बिजली तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहें। यदि कहीं टाइल्स टूटी हों या अन्य तकनीकी खामियां हों तो उन्हें तत्काल ठीक कराया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बझेड़ी अंडरपास में जलभराव रोकने को लगाई पंपिंग मशीन बैठक में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या पर भी चर्चा हुई। मीनाक्षी स्वरूप ने बताया कि बझेड़ी अंडरपास पर हर वर्ष बारिश के समय जलभराव की समस्या रहती है। इस बार इससे निपटने के लिए पहले से ही उच्च क्षमता की पंपिंग मशीन स्थापित कर दी गई है, जिससे बारिश होने पर पानी की निकासी तेजी से हो सके और कांवड़ियों के आवागमन में बाधा न आए। नियमित मॉनिटरिंग के दिए निर्देश चेयरपर्सन ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तनु और संबंधित अधिकारियों को सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में सफाई कर्मियों को कोई समस्या आती है तो उसकी सूचना तत्काल अधिशासी अधिकारी पवन कुमार को दी जाए, ताकि समय रहते उसका समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
मध्य प्रदेश के पूर्व राज्यपाल एवं वरिष्ठ भाजपा नेता स्वर्गीय लालजी टंडन की पुण्यतिथि पर सोमवार को राजधानी लखनऊ के हजरतगंज स्थित उनकी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। वरिष्ठ नेताओं ने किया नमन श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना और असीम अरुण, नोएडा विधायक पंकज सिंह, भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, भाजपा नेता रजनीश गुप्ता सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। टंडन परिवार की ओर से अमित टंडन और सुबोध टंडन ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्रसेवा और संगठन के प्रति समर्पण को किया याद इस मौके पर कार्यकर्ताओं ने स्वर्गीय लालजी टंडन के राजनीतिक और सामाजिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्रहित, संगठन की मजबूती और जनसेवा के लिए समर्पित किया। नेताओं ने कहा कि उनका सरल व्यक्तित्व, कुशल नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के प्रति आत्मीय व्यवहार हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।
भदोही में मंगलवार दोपहर 12:30 बजे भारत मुक्ति मोर्चा राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित 13 सूत्रीय ज्ञापन डीएम को दिया, जिसमें विभिन्न मांगों को उठाया गया। ज्ञापन के माध्यम से मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण नोटिस को तत्काल वापस लेने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय के 38 भवनों को ध्वस्त करने का नोटिस पक्षपातपूर्ण, प्रतिशोधी और अन्यायपूर्ण है। उन्होंने इसे शिक्षा विरोधी और संविधान विरोधी कदम बताया। मोर्चा ने मॉब लिंचिंग और फर्जी गो तस्करी के नाम पर होने वाली हत्याओं को बंद करने की मांग की। इसके साथ ही, बेगुनाह मुस्लिम नौजवानों और उलमा को रिहा करने तथा धार्मिक स्थलों पर हमलों को तत्काल रोकने की अपील की गई। संगठन ने धार्मिक स्वतंत्रता के अनुच्छेद 25, 26, 27, 28, 29 का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने, पीस ऑफ वर्शिप एक्ट का कठोरता से पालन करने और अनुच्छेद 341(3) की पाबंदी हटाने की भी मांग की। उन्होंने जातिगत गणना कराकर सभी को हिस्सेदारी देने और सांप्रदायिक नफरत फैलाने वाले संगठनों पर रोक लगाने की भी बात कही। इस अवसर पर काशीराम, जयप्रकाश, गुंजन खान, लालजी बिन्द, गंगासागर, नंदलाल, लालमणि सहित कई अन्य कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
सहारनपुर के बेहट क्षेत्र के गांव खिड़का भटकव्वा निवासी चंगेज खान ने अपने दिवंगत भाई तबरेज खान की चल-अचल संपत्ति, नौकरी से मिलने वाले फंड और अन्य लाभ हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप लगाते हुए एसीजेएम प्रथम न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया है। कोर्ट के आदेश पर थाना बेहट पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। प्रार्थी चंगेज खान का कहना है कि उनके भाई तबरेज खान रेशम विभाग कार्यालय, मांडूवाला में स्थायी कर्मचारी थे। उन्होंने विवाह नहीं किया था और 21 सितंबर 2025 को उनका निधन हो गया। चंगेज का आरोप है कि कुछ लोगों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत तबरेज खान की नौकरी से मिलने वाले फंड और संपत्ति पर कब्जा करने की नीयत से राहत खान को उनकी पत्नी तथा दो युवकों को उनका बेटा दर्शाने के लिए फर्जी निकाहनामा, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार करा लिए। याचिका में कहा गया है कि राहत खान के आधार कार्ड में पति का नाम बदलकर तबरेज खान दर्ज कराया गया। इसी प्रकार युसूफ खान और असद खान के आधार कार्ड में उनके वास्तविक पिता मशकूर खान का नाम हटाकर तबरेज खान का नाम दर्ज कराने का आरोप लगाया गया है। इन कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रेशम विभाग में फंड प्राप्त करने का आवेदन करने तथा अन्य संपत्तियों पर दावा करने की कोशिश की गई। साथ ही गणपति विहार के पते पर तबरेज खान का कथित रूप से फर्जी परिवार सदस्यता प्रमाण पत्र भी बनवाने का आरोप लगाया गया है। चंगेज खान का कहना है कि उनके भाई तबरेज खान जीवनभर गांव खिड़का भटकव्वा में रहे, वहीं के मतदाता थे और कभी गणपति विहार में नहीं रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाई की मृत्यु के समय उनके कुछ दस्तावेज और मोबाइल भी चोरी करा लिए गए, जिनका अब गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रार्थी के अनुसार, 23 अप्रैल 2026 को आरोपियों को फर्जीवाड़ा बंद करने के लिए कहा तो उन्होंने गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। इसकी शिकायत एसएसपी और एसीपी कार्यालय में भी की गई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
जामताड़ा सदर प्रखंड की चालना पंचायत में बादडीह से पोलकेरा के बीच बराकर नदी पर बन रहे पुल का निर्माण कार्य पिछले सात माह से ठप है। लगभग 14 करोड़ 19 लाख रुपए की लागत वाला यह पुल तकनीकी कारणों से रुका हुआ है। निर्माण शुरू होने के कुछ ही समय बाद विभागीय तकनीकी समस्या सामने आने पर काम रोक दिया गया था। इस बहुप्रतीक्षित पुल का शिलान्यास झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने 31 दिसंबर को किया था। पुल का निर्माण ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल द्वारा कराया जाना है। शिलान्यास के समय स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि यह पुल जल्द बनकर तैयार होगा और क्षेत्र की वर्षों पुरानी आवागमन की समस्या हल हो जाएगी। ग्रामीणों में मायूसी और नाराजगीहालांकि, सात माह बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं हो सका है। इससे ग्रामीणों में मायूसी और नाराजगी है। उनका कहना है कि पुल के अभाव में उन्हें अभी भी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल बनने से चालना पंचायत सहित आसपास के कई गांवों को सीधा लाभ मिलता। इससे धनबाद की दूरी कम होती, लोगों को रोजगार और व्यापार के बेहतर अवसर मिलते और गंभीर मरीजों को इलाज के लिए बड़े अस्पतालों तक तेजी से पहुंचाया जा सकता। इसके अतिरिक्त, जामताड़ा मुख्यालय से धनबाद तक आवागमन भी काफी सुगम हो जाता। चूंकि चालना पंचायत एक आदिवासी बहुल क्षेत्र है, इसलिए इस पुल का निर्माण यहां के हजारों लोगों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सारा सामान वापस उठा लिया गया: मुखियास्थानीय मुखिया राबोनी मरांडी ने कहा कि शिलान्यास के बाद ठेकेदार ने निर्माण सामग्री भी गिराई थी और प्रारंभिक कार्य शुरू किया था, लेकिन कुछ दिनों बाद सारा सामान वापस उठा लिया गया। तब से निर्माण पूरी तरह बंद है। उन्होंने विभाग से मामले की जांच कर जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह पुल क्षेत्र के विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। साथ ही उन्होंने बताया कि पुल के दोनों छोर पर करीब 100-100 मीटर अप्रोच सड़क का निर्माण प्रस्तावित है, लेकिन गांव से पुल स्थल तक जाने वाली सड़क आज भी जर्जर है और उसमें बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। पुल का निर्माण 12 से 13 पिलरों पर होगाग्रामीणों ने मांग की है कि पुल निर्माण के साथ-साथ गांव से पुल तक संपर्क सड़क का भी निर्माण कराया जाए, ताकि लोगों को आवागमन में वास्तविक सुविधा मिल सके। इधर, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता मुकेश कुमार बमबम ने बताया कि बराकर नदी में जलस्तर बढ़ने और पुल के फाउंडेशन डिजाइन में तकनीकी बदलाव की आवश्यकता के कारण निर्माण कार्य फिलहाल रोकना पड़ा है। उन्होंने कहा कि संशोधित डिजाइन के अनुसार प्रक्रिया पूरी की जा रही है और सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुल का निर्माण करीब 12 से 13 पिलरों पर किया जाएगा। विभाग का दावा है कि तकनीकी समस्याओं के समाधान के बाद निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी, ताकि लंबे समय से पुल की प्रतीक्षा कर रहे क्षेत्रवासियों को जल्द इसका लाभ मिल सके।
बारिश के मौसम में होने वाली प्राकृतिक आपदाओं से बचाव को लेकर मंगलवार को टोंक के देवधाम जोधपुरिया माशी बांध पर SDRF ने बोट चालकों और स्थानीय लोगों को जल सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और प्राथमिक रेस्क्यू की ट्रेनिंग दी। टीम ने प्रैक्टिकल करके बचाव के तरीके समझाए और बोटिंग के दौरान अपनाई जाने वाली जरूरी सावधानियों की जानकारी दी। बोटिंग से पहले लाइफ जैकेट जरूरी SDRF के राजेंद्र गुर्जर ने बताया कि रेस्क्यू टीम ने बोट चालकों को निर्देश दिए कि बोटिंग के दौरान हर व्यक्ति को लाइफ जैकेट पहनाना जरूरी है। बिना लाइफ जैकेट किसी भी व्यक्ति को बोट में नहीं बैठाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि बोट की तय क्षमता से ज्यादा लोगों को नहीं बैठाया जाए, ताकि बोट का संतुलन न बिगड़े और हादसे की आशंका कम रहे। खराब मौसम में नहीं कराएं बोटिंग रेस्क्यू टीम ने बोट चालकों को समझाया कि तेज लहरें, तेज हवा या खराब मौसम होने पर बोटिंग नहीं करानी चाहिए। मौसम सामान्य होने के बाद ही बोटिंग शुरू की जाए। साथ ही बोट चलाते समय यात्रियों की सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। डूबते व्यक्ति को बचाने का तरीका बताया SDRF टीम ने बोट चालकों को बताया कि अगर कोई व्यक्ति पानी में डूब रहा हो तो घबराने के बजाय सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करना चाहिए। डूबते व्यक्ति तक लाइफ बॉय, रस्सी और बांस पहुंचाकर उसे सुरक्षित बाहर निकालने का तरीका बताया गया। इसके साथ ही पानी से बाहर निकाले गए व्यक्ति की हालत गंभीर होने पर CPR देने का तरीका और उसका महत्व भी विस्तार से समझाया गया। आपात स्थिति में तुरंत दें सूचना रेस्क्यू टीम ने बोट चालकों को आपात स्थिति में तुरंत फैसला लेने, यात्रियों को सुरक्षित रखने, रेस्क्यू उपकरणों का सही इस्तेमाल करने और किसी भी हादसे की स्थिति में तुरंत रेस्क्यू टीम और संबंधित प्रशासन को सूचना देने के निर्देश दिए। टीम ने सभी बोट चालकों से कहा कि पर्यटकों और आम लोगों की सुरक्षा को हमेशा सबसे ज्यादा प्राथमिकता दें। इस दौरान चौकी इंचार्ज देवधाम जोधपुरिया राजेंद्र, मंदिर ट्रस्ट के मैनेजर देशराज गुर्जर, ग्रामीण रामधन केवल, सीताराम, रामदेव, कांस्टेबल शिवराज, कांस्टेबल सुरेश, जितेंद्र, रतन और हंसराज सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
सीतापुर में कमलापुर थाना पुलिस ने ओला कार बुक कर चालक से लूटपाट करने वाले गिरोह का खुलासा किया। मंगलवार को पुलिस ने लूटी गई वैगनआर कार बरामद कर दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से एक अवैध तमंचा, एक चाकू, एक जिंदा कारतूस और चालक का लूटा गया पर्स भी बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, कमलापुर पुलिस मंगलवार सुबह वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि लूटी गई वैगनआर कार (UP 32 RT 5039) कम्हरिया चौराहे से भज्जा पुल की ओर आ रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर कार को रोक लिया। उसमें सवार आशीष कुमार निवासी अमेठी और अजय प्रताप सिंह निवासी गोंडा को गिरफ्तार कर लिया। 1400 रुपये में बुक की कार पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 18-19 जुलाई की रात उन्होंने लखनऊ के कामता बस अड्डे से चालक प्रमोद कुमार सिंह की वैगनआर कार 1400 रुपये में कमलापुर जाने के लिए बुक की थी। कमलापुर से करीब चार किलोमीटर पहले विक्रमपुर लिंक रोड पर सुनसान स्थान देखकर उन्होंने चालक के साथ मारपीट की। चाकू के बल पर कार और उसका पर्स लूटकर फरार हो गए। कार से ढो रहे थे सवारियां पूछताछ में आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि लूटी गई वैगनआर कार से वे सवारियां बैठाकर किराया वसूल रहे थे। उनका इरादा मौका मिलने पर यात्रियों से नकदी और जेवर लूटने का भी था। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी हाल ही में जेल से छूटकर बाहर आए थे और फिर से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय हो गए थे। कई जिलों में दर्ज हैं गंभीर मुकदमे पुलिस के अनुसार गिरफ्तार दोनों आरोपी शातिर अंतरजनपदीय अपराधी हैं। इनके खिलाफ लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, गोंडा और अयोध्या समेत कई जनपदों में लूट, चोरी, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर जैसे गंभीर मामलों के कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पन्ना जिले के शाहनगर थाना क्षेत्र के कचौरी गांव में एक घर से लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी चोरी हो गई। यह घटना 20 और 21 जुलाई की दरमियानी रात को हुई। चोरों ने घर का ताला और दरवाजा तोड़कर वारदात को अंजाम दिया, जिसमें लगभग 8 से 10 लाख रुपये मूल्य का सामान चोरी होने का अनुमान है। ग्राम कचौरी निवासी रामसेवक विश्वकर्मा (40 वर्ष, पिता रामहेत विश्वकर्मा) घटना के समय किसी काम से बाहर गए हुए थे। घर पर उनकी पत्नी मंजू बाई और बच्चे सो रहे थे। अज्ञात चोरों ने इसी दौरान घर के पीछे का दरवाजा तोड़कर प्रवेश किया। उन्होंने कमरों में रखी पलंग पेटी और संदूक के ताले तोड़कर जेवरात और नकदी चुरा ली। चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद चोरों ने घर का आगे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। सुबह जब मंजू बाई की नींद खुली और उन्होंने बाहर निकलने का प्रयास किया, तो दरवाजा नहीं खुला। पड़ोसियों की मदद से दरवाजा खुलवाने के बाद परिजनों ने घर के अंदर सामान बिखरा हुआ पाया और जेवरात गायब मिले। रामसेवक विश्वकर्मा ने बताया कि उन्हें सुबह घर से फोन पर चोरी की सूचना मिली। उनके पहुंचने पर पेटी और संदूक टूटे हुए मिले। चोर पेटी में रखे लगभग 8 से 10 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और 7,000 से 8,000 रुपये की नकदी ले गए हैं। मंजू बाई के अनुसार, चोरी हुए सामान में सोने की लॉकेट, सोने की अंगूठी (लगभग 2 तोला), आधा किलो का डोरा (करधनी), एक पाव की पायल, सोने की झूमकी और 2-3 मालाएं शामिल हैं।
उन्नाव के माखी थाना क्षेत्र स्थित ग्राम ऐरा भदियार में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। गांव निवासी रामकिशोर ने जिलाधिकारी से शिकायत की है कि वर्तमान ग्राम प्रधान गौचर और बंजर भूमि पर अवैध निर्माण करा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे करीब 100 साल पुराने शिव मंदिर को खतरा है और विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी मिल रही है। रामकिशोर पुत्र लक्ष्मी नारायण ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि गांव के मोड़ पर लगभग 100 वर्ष पुराना शिव मंदिर है, जिसे 'मोहन लाला कुटी' के नाम से जाना जाता है। मंदिर परिसर में प्राचीन पीपल और बरगद के पेड़ भी हैं, जहां ग्रामीण नियमित रूप से पूजा-अर्चना करते हैं। रामकिशोर पूर्व ग्राम प्रधानों की सहमति से मंदिर परिसर में बनी एक कोठरी में रहकर इसकी देखरेख करते हैं। पक्की दुकानों और मार्केट का निर्माण शिकायतकर्ता का आरोप है कि वर्तमान ग्राम प्रधान द्वारा गौचर (गौशाला) की सुरक्षित भूमि पर अवैध रूप से पक्की दुकानों और मार्केट का निर्माण कराया जा रहा है। यह निर्माण सरकारी भूमि पर हो रहा है। रामकिशोर ने बताया कि इस संबंध में पहले भी उप जिलाधिकारी (एसडीएम) से शिकायत की गई थी। कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं शिकायत के आधार पर उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 132/67 एवं 112 के तहत नोटिस भी जारी किए गए थे, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अवैध निर्माण का विरोध करने पर ग्राम प्रधान और उनके समर्थक उन्हें लगातार धमकी दे रहे हैं। रामकिशोर का कहना है कि उन्हें जबरन मंदिर और कोठरी से हटाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने अपने शिकायती पत्र में यह भी उल्लेख किया कि उनके चाचा की पहले हत्या हो चुकी है, जिसके कारण उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका है। कोठरी को सुरक्षित रखने की गुहार पीड़ित ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, गौचर भूमि पर हुए कथित अवैध निर्माण को हटाने और 100 वर्ष पुराने शिव मंदिर तथा कोठरी को सुरक्षित रखने की गुहार लगाई है। उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा संबंधित लोगों के खिलाफ राजस्व संहिता की धारा 132/67 के तहत कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
बड़वानी जिले में मंगलवार को हल्की बारिश से मौसम सुहावना हो गया। रिमझिम बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली, हालांकि उमस और बिजली कटौती ने परेशानी भी बढ़ाई। जिले में इस मानसून अब तक औसतन 8 इंच बारिश दर्ज हुई है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 1.4 इंच कम है। रिमझिम बारिश से मौसम हुआ सुहावना मंगलवार सुबह से जिले में बादलों की आवाजाही बनी रही। दोपहर में हुई हल्की बारिश से मौसम का मिजाज बदल गया और सड़कों पर जमी धूल साफ हो गई। हालांकि बारिश के बाद बढ़ी उमस और कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। 24 घंटे में औसतन 0.09 इंच बारिश भू-संसाधन प्रबंधन विभाग के अनुसार मंगलवार सुबह 8 बजे तक जिले के किसी भी वर्षामापी केंद्र पर भारी वर्षा दर्ज नहीं हुई। बीते 24 घंटे में जिले में औसतन 2.18 मिमी (करीब 0.09 इंच) बारिश रिकॉर्ड की गई। किसान अब अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, ताकि खरीफ फसलों को पर्याप्त नमी मिल सके। जिले में अब तक 8 इंच बारिश 1 जून से 20 जुलाई तक जिले में औसतन 201.9 मिमी (करीब 8 इंच) वर्षा दर्ज की गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 238 मिमी (करीब 9.4 इंच) बारिश हुई थी। इस तरह इस साल अब तक जिले में लगभग 1.4 इंच कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। सेंधवा में सबसे ज्यादा, पानसेमल में सबसे कम बारिश तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार सेंधवा में 13.07 इंच, चाचरिया पाटी में 11.89 इंच और राजपुर में 11.65 इंच बारिश दर्ज की गई है। वहीं पानसेमल में सबसे कम 1.29 इंच वर्षा हुई। इसके अलावा बड़वानी में 6.46 इंच, पाटी में 7.63 इंच, अंजड़ में 6.50 इंच, वरला में 10.22 इंच और निवाली में 6.02 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में जिले में वर्षा की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई है। किसानों को उम्मीद है कि नियमित बारिश से खरीफ फसलों की स्थिति में सुधार होगा।
अलवर के ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर में मंगलवार को 72 घंटे बाद श्रद्धालुओं के लिए पट खोल दिए गए। पट खुलते ही मंदिर परिसर जय जगन्नाथ के जयघोष, भजन-कीर्तन और धार्मिक उल्लास से गूंज उठा। महिलाओं ने श्रीकृष्ण की वेशभूषा धारण कर हाथों में बांसुरी लेकर भजनों पर मनमोहक प्रस्तुति दी, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में डूब गया। अखंड संकीर्तन समाप्त दोपहर करीब पौने 12 बजे परंपरा के अनुसार भगवान श्री सीताराम जी का ध्वजारोहण किया गया। पूर्व महापौर घनश्याम गुर्जर ने मंदिर शिखर पर ध्वजा चढ़ाई। इसके साथ ही 72 घंटे से चल रहे अखंड संकीर्तन का विधिवत समापन हुआ। जलाभिषेक के बाद नए पोशाक पहनाई मंदिर के महंत पुष्पेंद्र शर्मा ने बताया कि भगवान श्रीजगन्नाथ जी का 11 पवित्र नदियों के जल से अभिषेक कर नए वस्त्र धारण कराए गए हैं। मंदिर की रसोइयां भी मंगलवार से फिर शुरू हो गई हैं। शाम को भगवान श्री सीताराम जी सजे-धजे रथ में सवार होकर सुभाष चौक स्थित जगन्नाथ मंदिर से रूपबास के लिए रवाना होंगे, जहां भगवान जगन्नाथ के विवाह समारोह की तैयारियों का अवलोकन करेंगे। बुधवार शाम को करेंगे नगर भ्रमण इसके बाद बुधवार शाम भगवान श्रीजगन्नाथ जी इंद्रविमान पर सवार होकर शाही लवाजमे के साथ बारात के रूप में नगर भ्रमण करेंगे। करीब छह किलोमीटर लंबी यह भव्य यात्रा लगभग 14 घंटे में पूरी होगी, जिसमें हजारों श्रद्धालु प्रभु के दर्शन करेंगे। महंत पुष्पेंद्र शर्मा ने बताया कि अलवर को राजस्थान का सिंहद्वार माना जाता है। यहां ऐसी धार्मिक मान्यता है कि जब भी भगवान श्रीजगन्नाथ रथयात्रा पर निकलते हैं, तब वर्षा अवश्य होती है और प्रभु अपने भक्तों के साथ-साथ तपते अलवर को भी शीतलता प्रदान करते हैं।
लखनऊ के ITI अलीगंज में मंगलवार को रोजगार मेले का आयोजन किया गया। बारिश के बावजूद मेले में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी कैंपस पहुंचे। दोपहर एक बजे तक करीब 175 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। इनमें 55 महिला अभ्यर्थी भी शामिल रहीं। ये कंपनियां हुई शामिल रोजगार मेले में लिफ्ट लाइफ लिमिटेड, ऑर्गेनिक इंडिया, कोटक महिंद्रा बैंक, एसएलएमजी बेवरेजेस, युवा शक्ति फाउंडेशन, हिटैची कैश, असाइन सर्विसेज, हिरेनिक्स सर्विसेज और सत्या सोलर समेत कई कंपनियों ने भाग लिया। इन कंपनियों ने 15000 से 25000 तक का मंथली सैलेरी पैकेज ऑफर किया है। रजिस्ट्रेशन के बाद हुआ इंटरव्यू आईटीआई लखनऊ के प्लेसमेंट ऑफिसर म खान ने बताया कि दोपहर तक 175 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया था। पंजीकरण करने के बाद लिखित परीक्षा और साक्षात्कार लिया।डेट शाम तक फाइनल सिलेक्शन लिस्ट जारी होने की उम्मीद है। सभी को।रोजगार मुहैया कराना लक्ष्य ITI अलीगंज के प्रधानाचार्य राज कुमार यादव ने बताया कि रोजगार मेले का मकसद युवाओं को उद्योगों से जोड़ना और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। जिला सेवा योजन विभाग के सहयोग से इस रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है।
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने मंगलवार को शामली कलेक्ट्रेट में किसानों और कृषि मजदूरों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। संगठन ने डीएम जरिए सरकार को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें गन्ना भुगतान से लेकर आवारा पशुओं तक विभिन्न मुद्दों को उठाया गया। यह प्रदर्शन लगभग दो घंटे तक चला। ज्ञापन में खेती की बढ़ती लागत, फसलों का लाभकारी मूल्य न मिलने, गन्ना भुगतान में देरी, उर्वरकों की उपलब्धता और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान पर चिंता व्यक्त की गई। भाकियू ने कहा कि डीजल, बिजली, बीज और कृषि यंत्रों की बढ़ती कीमतों के कारण खेती लगातार घाटे का सौदा बनती जा रही है। संगठन ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और अन्य मुक्त व्यापार समझौतों को लेकर भी किसानों की चिंताओं को उजागर किया। भाकियू का मत है कि यदि कृषि और डेयरी क्षेत्र को पर्याप्त सुरक्षा के बिना विदेशी प्रतिस्पर्धा के लिए खोला गया, तो इसका सीधा असर छोटे और सीमांत किसानों तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। भाकियू ने मांग की कि सभी फसलों पर स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सी-2 लागत पर 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी दी जाए। इसके साथ ही, गन्ने का राज्य परामर्श मूल्य (एसएपी) 500 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने और सभी लंबित गन्ना भुगतान ब्याज सहित कराने की भी मांग की गई। अन्य मांगों में किसानों और कृषि मजदूरों के लिए संपूर्ण ऋण माफी, ब्याजमुक्त कृषि ऋण, कृषि कार्य के लिए मुफ्त बिजली तथा ग्रामीण उपभोक्ताओं को 300 यूनिट निशुल्क बिजली उपलब्ध कराना शामिल है। ज्ञापन में शामली से जुड़े स्थानीय मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया। किसानों ने थानाभवन और गोगवान (गोगर) शुगर मिलों का बकाया गन्ना भुगतान तत्काल कराने की मांग की। इसके अलावा, किसानों के नलकूपों पर बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की भी अपील की गई। इसके अलावा घरेलू बिजली उपभोक्ताओं पर बढ़ाया गया भार वापस लेने, कृषि भूमि के सर्किल रेट नियमानुसार बढ़ाने।
शाहजहांपुर में समाजवादी पार्टी नेताओं ने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने राज्यपाल से हस्तक्षेप कर कार्रवाई पर रोक लगाने और विश्वविद्यालय में पढ़ रहे विद्यार्थियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल से अपील की है कि वे संविधान संरक्षक के रूप में इस संवेदनशील मामले में हस्तक्षेप करें और प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करें। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय के विरुद्ध प्रस्तावित ध्वस्तीकरण और अन्य प्रशासनिक कार्रवाइयों को लेकर विद्यार्थियों, अभिभावकों और नागरिकों में गहरी चिंता है। शैक्षणिक वातावरण प्रभावित प्रशासन का तर्क है कि विश्वविद्यालय के निर्माण संबंधी स्वीकृतियों में अनियमितताएं हैं। हालांकि, सपा नेताओं ने आशंका जताई है कि ऐसी कार्रवाई से विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हजारों छात्रों का भविष्य, उनकी शिक्षा, परीक्षाएं और शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो सकता है। पदाधिकारियों ने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के संबंध में प्रस्तावित ध्वस्तीकरण या किसी अन्य कठोर कार्रवाई पर निष्पक्ष एवं विधिसम्मत समीक्षा होने तक रोक लगाने के लिए राज्य सरकार को आवश्यक निर्देश दिए जाएं। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनकी मांग है कि यदि कोई वैधानिक या निर्माण संबंधी अनियमितता है, तो उसका समाधान न्यायालय और विधि द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने की अपील की है कि विश्वविद्यालय में पढ़ रहे विद्यार्थियों की शिक्षा, परीक्षा और डिग्री संबंधी हितों की पूर्ण सुरक्षा हो। सपा नेताओं ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है ताकि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो।
सरकारी स्कूल के टीचर ने छात्रा से की छेड़छाड़:कमर पर हाथ रखकर गलत हरकत की; महिलाओं ने चप्पल से पीटा
उदयपुर जिले के एक सरकारी स्कूल में दसवीं क्लास की छात्रा से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि बच्ची टीचर के पास कॉपी चेक कराने गई थी। इस दौरान टीचर ने बच्ची की कमर पर हाथ रखा और गलत हरकत करने लगा। घटना के बाद बच्ची डर गई और 3 दिन बाद परिजनों को टीचर की करतूत के बारे में बताया। घटना से आक्रोशित परिजन और ग्रामीणों ने स्कूल जाकर टीचर को चप्पल से मारा। इसके बाद थाने में रिपोर्ट में दर्ज करवाई। वहीं विभाग ने भी तुरंत एक्शन लेते हुए टीचर को स्कूल से हटा दिया। बच्ची ने घर जाकर परिजनों को टीचर की करतूत के बारे में बताया। इसके बाद परिजन और ग्रामीण स्कूल गए और टीचर को पीटा। टीचर को स्कूल से निकाल भी दिया गया है। कॉपी चेक करने के बहाने गलत हरकत की जानकारी अनुसार- घटना शुक्रवार की है। शनिवार और रविवार का अवकाश था। बच्ची भी घटना के बाद से डरी-सहमी हो गई थी। सोमवार को स्कूल भी गई लेकिन डर लगा रहा। ऐसे में स्कूल से घर आने के बाद अपने परिजनों को आपबीती बताई। बच्ची ने बताया कि टीचर के कॉपी चेक करवाने गई थी। तब टीचर ने कमर पर हाथ रखा और हाथ भी पकड़ा। स्कूल जाकर ग्रामीणों ने टीचर को पीटा स्कूल की छुट्टी हो जाने के कारण परिजन और ग्रामीण आज सुबह पहुंचे। क्लास रूम से बाहर टीचर को बुलाकर महिलाओं समेत अन्य लोगों ने उसकी जमकर पिटाई की। एक महिला ने उसे चप्पल से भी मारा। टीचर अंदर भागने लगा तो लोग उसके पीछे भागे और पकड़ा। हंगामे की सूचना पर पुलिस और स्थानीय विधायक भी मौके पर पहुंचे। टीचर को स्कूल से हटाया स्कूल प्रिंसिपल ने बताया कि शुक्रवार को बच्ची ने मुझे टीचर की शिकायत की थी। तत्काल मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों को दे दी गई थी, जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने टीचर को स्कूल से हटा दिया है। परिजनों ने भी टीचर के खिलाफ थाने में रिपोर्ट देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है
अयोध्या के इनायतनगर थाना क्षेत्र के उरुवा वैश्य गांव निवासी अनुराग सिंह ने एसएसपी को शिकायत देकर हरिंग्टनगंज पुलिस चौकी प्रभारी समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस ने उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर 60 हजार रुपए ले लिए और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। पीड़ित ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि यह दोनों पक्षों के बीच जमीन के विवाद का मामला है। पुलिस बोली- जमीनी विवाद का मामला, लगाए गए आरोप निराधार अनुराग सिंह के मुताबिक, 10 जुलाई 2026 की सुबह गांव के सुनील कुमार शर्मा का कुछ अज्ञात लोगों से विवाद और मारपीट हुई थी। उनका आरोप है कि पुरानी रंजिश और पुलिस की मिलीभगत के चलते उसी रात उनके और उनके भाई अवनीश सिंह के खिलाफ एनसीआर दर्ज कर दी गई, जबकि दोनों घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं थे। '307 में फंसाने की धमकी दी' शिकायत में अनुराग ने कहा कि घटना की जानकारी मिलने पर उन्होंने खुद पुलिस से संपर्क कर अपना पक्ष रखने की कोशिश की थी। इसके बावजूद उसी रात करीब 10 बजे हरिंग्टनगंज चौकी प्रभारी राणा दिग्विजय सिंह अन्य पुलिसकर्मियों के साथ उनके घर पहुंचे और दोनों भाइयों को चौकी ले गए। आरोप है कि चौकी में उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 307 जैसे गंभीर मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। 'एक लाख मांगे, 60 हजार देने के बाद भी चालान कर दिया' पीड़ित का आरोप है कि मुकदमे से बचाने के नाम पर उनसे एक लाख रुपए की मांग की गई। आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने परिचितों से उधार लेकर 60 हजार रुपए जुटाए और चौकी प्रभारी को दे दिए। इसके बावजूद, 11 जुलाई 2026 को उनका और उनके भाई का चालान कर दिया गया। एसएसपी से जांच की मांग अनुराग का कहना है कि इस पूरे मामले से उनका परिवार मानसिक रूप से परेशान और डरा हुआ है। उन्होंने एसएसपी से उच्च स्तरीय जांच कराने, फर्जी मुकदमे से राहत दिलाने और उत्पीड़न में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय व कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने आरोपों को बताया निराधार इस मामले में प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह ने मंगलवार को कहा कि शिकायत में लगाए गए आरोप निराधार हैं। उनके मुताबिक, यह दोनों पक्षों के बीच जमीन के विवाद का मामला है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।
मऊ जिले में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। 1 जून से 15 जुलाई तक चलाए गए विशेष अभियान के तहत कुल 156 वाहनों पर कार्रवाई करते हुए 29.26 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है। जिलाधिकारी आनंद वर्धन के निर्देश पर खान निरीक्षक पुनाराम अहाके के नेतृत्व में यह अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इस दौरान खनिज परिवहन करने वाले वाहनों के वैध प्रपत्रों, ओवरलोडिंग और बिना नंबर वाले वाहनों की गहन जांच की जा रही है। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। जून माह में कुल 133 वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की गई थी। इसमें बिना वैध प्रपत्र के परिवहन करने वाले वाहनों से 13.45 लाख रुपये और ओवरलोड वाहनों से 5.64 लाख रुपये की वसूली हुई थी। जून माह में कुल 19.09 लाख रुपये का राजस्व वसूला गया। वहीं, 1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक अभियान जारी रखते हुए 23 और वाहनों पर कार्रवाई की गई। इस अवधि में बिना वैध प्रपत्र वाले वाहनों से 8.65 लाख रुपये और ओवरलोड वाहनों से 1.52 लाख रुपये वसूले गए। जुलाई की इस अवधि में कुल 10.17 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। दोनों अवधियों को मिलाकर, अब तक कुल 156 वाहनों के विरुद्ध प्रवर्तन कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें बिना वैध प्रपत्र वाले वाहनों से 22.10 लाख रुपये और ओवरलोड वाहनों से 7.16 लाख रुपये की वसूली हुई है। इस प्रकार, प्रशासन ने कुल 29.26 लाख रुपये का जुर्माना वसूला है। डीएम आनंद वर्धन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर हर कीमत पर अंकुश लगाया जाए। उन्होंने नियमित प्रवर्तन अभियान जारी रखने, चालान जमा न करने वाले वाहनों को ब्लैकलिस्ट करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।
जयपुर में RTO दस्ते के मारपीट कर ट्रक ऑनर का सिर फोड़ने का मामला सामने आया है। ट्रक ओवर लोड की बताकर 50 हजार रुपए का चालान भरने को लेकर कहासुनी हुई थी। मोबाइल पर वीडियो बनाने पर गुस्साएं आरटीओ कर्मियों ने डंडा निकालकर मारपीट की। SMS हॉस्पिटल में घायल ट्रक ऑनर का इलाज करवाया गया। पीड़ित के बेटे ने कानोता थाने में सोमवार शाम मामला दर्ज करवाया है। SI सुभाष ने बताया- बूंदी के करवर गांव निवासी बबलू (20) ने कानोता थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। वह अपने पापा कालूराम व परिवार मेंबर के साथ ट्रक में खिलौने भरकर झारखण्ड बेचने के लिए निकले थे। रविवार रात करीब 10:30 बजे हिंगोनिया टोल क्रॉस किया। आरोप है कि करीब 1 KM जाने के बाद पीछे से सफेद कलर की बोलेरो आई। ट्रक के आगे बोलेरो गाड़ी लगवाकर रुकवा लिया। RTO की बोलेरो में चार पुलिसकर्मी मौजूद थे। ट्रक को ओवर लोड बताकर 50 हजार रुपए के चालान भरने का दबाव बनाने लगे। गरीब होने की कहकर 2 हजार रुपए देने की कहने पर वह नहीं माने। इस दौरान उनका वीडियो बनाने पर गुस्साएं पुलिसकर्मियों ने गाड़ी में से डंडा निकाल लिया। डंडे से मोबाइल तोड़ने के साथ ही मारपीट करने लगे। डंडे की पिता कालूराम के सिर पर लगने पर खून बहने लगा। खून से लथपथ हालत में देखकर बोलेरो में बैठकर RTO दस्ता भाग निकला। घायल हालत में पिता कालूराम का SMS हॉस्पिटल में इलाज करवाया गया। इस दौरान कालूराम के बेटे के हाथ में भी चोट आई। हॉस्पिटल से छुट्टी मिलने पर कानोता थाने में FIR दर्ज करवाई गई।
सीतापुर की ग्राम पंचायत मोहारी के मजरा किशुनपुरवा में मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे ग्रामीणों ने खराब सड़क पर धान की रोपाई कर विरोध जताया। ग्रामीण सड़क पर जलभराव और कीचड़ से परेशान हैं। विरोध प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रदेश महासचिव प्रवीण सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और किसानों के साथ कीचड़ में उतरकर धान की रोपाई कर विरोध दर्ज कराया। बारिश में पैदल चलना भी हो जाता है मुश्किल ग्रामीणों का आरोप है कि गांव को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग लंबे समय से जर्जर है। बारिश के दौरान सड़क पूरी तरह पानी और कीचड़ से भर जाती है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों, किसानों और मरीजों को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार शिकायत करने के बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। 'सड़क खेत बन गई, यही विकास की हकीकत' एनसीपी प्रदेश महासचिव प्रवीण सिंह ने कहा कि जब सड़कें खेत में तब्दील हो जाएं और लोगों को अपनी आवाज उठाने के लिए सड़क पर धान की रोपाई करनी पड़े, तो यह विकास के दावों की वास्तविकता को दर्शाता है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से तत्काल सड़क का निर्माण कराने और ग्रामीणों को राहत दिलाने की मांग की। समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन होगा तेज धान की रोपाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस अनोखे विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन उनकी समस्या का संज्ञान लेकर जर्जर सड़क के निर्माण के लिए ठोस कदम उठाएगा।
विवाहिता से परिचित और उसके साथियों ने किया गैंगरेप:जान से मारने की धमकी दी; घर में घुसकर की छेड़छाड़
सीकर जिले के एक मंदिर में दर्शन करने के लिए आई विवाहिता से गैंगरेप करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला का परिचित युवक और उसके दो साथी उसे एक होटल में लेकर गए। इसके बाद गैंगरेप किया। महिला ने घर जाकर अपने पति को आपबीती बताई। इसके बाद पुलिस में मामला दर्ज करवाया। पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता ने बताया कि वह दूसरे जिले की रहने वाली है। एक मंदिर में दर्शन करने के लिए सीकर आई थी। मंदिर में जाने से पहले परिचित युवक और उसके दो साथी मिले। वह उसे एक होटल में लेकर गए और गैंगरेप किया। आरोपियों ने घटना के बारे में किसी को भी बताने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद पीड़िता को जाने दिया। पीड़िता ने घर जाकर अपने पति को आपबीती बताई और पुलिस में मामला दर्ज करवाया। घर में घुसकर महिला से की छेड़छाड़ सीकर जिले में 34 साल की महिला से छेड़छाड़ का भी मामला सामने आया है। इस संबंध में महिला ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि 19 जुलाई की रात करीब 7 बजे गांव का ही रहने वाला एक युवक उनके घर में घुसा और उनके साथ छेड़छाड़ करने लगा। महिला ने जब शोर मचाना शुरू किया तो आरोपी वहां से फरार हो गया।
दर्शन के लिए आई महिला से गैंगरेप:परिचित और उसके दो साथी होटल लेकर गए,जान से मारने की धमकी दी
सीकर जिले के एक मंदिर में दर्शन करने के लिए आई 37 साल की महिला से गैंगरेप करने का मामला सामने आया है। परिचित युवक और उसके दो साथियों ने महिला को होटल में ले जाकर गैंगरेप किया। घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस संबंध में 37 साल की महिला ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि वह दूसरे जिले की रहने वाली है। जो सीकर जिले में स्थित एक मंदिर में दर्शन करने के लिए आई थी। यहां उसे मंदिर में जाने के पहले परिचित युवक और उसके दो साथी मिले। जो उसे अपने साथ एक होटल में लेकर गए। होटल में ले जाकर परिचित युवक और उसके दोनों साथियों ने महिला के साथ गैंगरेप किया। जब महिला ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने कहा कि यदि इसके बारे में किसी को बताया तो जान से मार देंगे। डर के मारे महिला ने यह बात पहले तो किसी को नहीं बताई। घर पहुंचकर उसने यह बात अपने पति को बताई। इसके बाद पुलिस में मुकदमा दर्ज हुआ है। मामले की जांच DYSP रैंक के ऑफिसर कर रहे हैं। 34 साल की महिला से छेड़छाड़ सीकर जिले में 34 साल की महिला से छेड़छाड़ का भी मामला सामने आया है। इस संबंध में महिला ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि 19 जुलाई की रात करीब 7 बजे गांव का ही रहने वाला एक युवक उनके घर में घुसा और उनके साथ छेड़छाड़ करने लगा। महिला ने जब शोर मचाना शुरू किया तो आरोपी वहां से फरार हो गया।
दतिया विधानसभा उपचुनाव के साथ जिले की सियासत एक बार फिर इतिहास रचने की दहलीज पर खड़ी है। आजादी के बाद यह दतिया विधानसभा का 17वां चुनाव होगा। वर्ष 1951 में विंध्य प्रदेश का हिस्सा रहे दतिया में हुए पहले चुनाव में केवल 9,421 मतदाता थे। जबकि 1956 में मध्य प्रदेश के गठन के बाद यह सीट प्रदेश की राजनीति का अहम केंद्र बन गई। इस बार उपचुनाव में 2,20,344 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। जो पहले चुनाव की तुलना में करीब 2200 प्रतिशत की वृद्धि है। राजनीतिक इतिहास पर नजर डालें तो दतिया में सबसे ज्यादा आठ बार भारती परिवार ने जीत दर्ज कर विधानसभा का प्रतिनिधित्व किया। भाजपा के गठन के बाद 1990 में शंभू दयाल तिवारी ने पहली बार कमल खिलाकर पार्टी का खाता खोला। वहीं डॉ. नरोत्तम मिश्रा तीन बार और राजपरिवार से जुड़े कुंवर घनश्याम सिंह दो बार विधायक चुने जा चुके हैं। अब 17वें चुनाव में एक बार फिर दतिया की जनता नया राजनीतिक इतिहास लिखने की तैयारी में है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने की घटना की गूंज अब हरियाणा के हिसार में भी सुनाई देने लगी है। घटना के विरोध में विभिन्न जन संगठनों ने मंगलवार को हिसार के लघु सचिवालय परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। वहीं, हिसार बार एसोसिएशन से जुड़े वकीलों ने भी अपना कामकाज ठप रखकर अदालत परिसर में धरना दिया और केंद्र सरकार व शिक्षा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लघु सचिवालय में जुटे प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर सोनम वांगचुक के साथ न्याय करो, पेपर लीक बंद करो और शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो जैसे नारे लिखे हुए थे। हिसार बार एसोसिएशन का धरना शुक्रवार तक जारी रहेगा। जानिए प्रदर्शन के दौरान किसने क्या कहा… बार प्रधान बोले- युवाओं के साथ हैं वकील : हिसार बार एसोसिएशन के प्रधान प्रदीप सिंह बाजिया ने कहा कि जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक और अन्य छात्र-छात्राएं बेहद शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे थे, लेकिन उन्हें वहां से जबरन हटा दिया गया। अपने सुरक्षित भविष्य और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे युवाओं पर आंसू गैस के गोले दागना और बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज करना लोकतंत्र में पूरी तरह निंदनीय है। किसान नेता बोले- सरकार आवाज दबा रही : वहीं, किसान सभा के जिलाध्यक्ष शमशेर सिंह लाडवा ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में बेहतर शिक्षा व्यवस्था, पारदर्शी भर्ती और पेपर लीक पर स्थायी रोक की मांग करना कोई अपराध नहीं है। सरकार लाठी और बल प्रयोग के दम पर युवाओं की आवाज दबाना चाहती है, जो लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है। प्रदर्शनकारियों ने शिक्ष मंत्री का मांगा इस्तीफा : प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने छात्रों की जायज मांगों पर तुरंत कोई ठोस कदम नहीं उठाया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा नहीं दिया, तो इस आंदोलन को पूरे देश में और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कल लाठीचार्ज हुआ हुआ था दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के मुद्दों को लेकर पर्यावरणविद सोनम वांगचुक और विभिन्न छात्र संगठनों का अनिश्चितकालीन अनशन चल रहा था। शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस ने हाई कोर्ट के आदेश और स्वास्थ्य बिगड़ने का हवाला देते हुए वांगचुक को जबरन उठाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया। इसके विरोध में सोमवार को छात्रों और कार्यकर्ताओं ने संसद चलो मार्च निकालने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़पें हुईं, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इसी हिंसक कार्रवाई के विरोध में देशभर में गुस्सा भड़क उठा है।
गाजियाबाद में हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे के इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। करहेड़ा स्थित सिटी फॉरेस्ट पूरी तरह पानी में डूब गया है। वहीं मुरादनगर और राजनगर एक्सटेंशन के आसपास कई गांवों के खेतों में पानी भर गया है। बढ़ते जलस्तर से लोगों में डर का माहौल है। कई परिवार अपना सामान सुरक्षित जगहों पर पहुंचा रहे हैं। नदी का पानी अटौर, बहौली, सुराना, भदौली, भनेड़ा खुर्द और आबिदपुर मानकी समेत कई गांवों तक पहुंच गया है। कई जगह 3 से 4 फीट तक पानी भरने से खड़ी फसलें डूब गई हैं। अगर बारिश जारी रही तो लोगों को 2023 जैसी बाढ़ की आशंका सता रही है। स्टेडियम में भरा पानी हिंडन नदी का पानी बढ़ने से नदी किनारे बने क्रिकेट स्टेडियम, निचले मैदानों और कई खुले इलाकों में भी पानी भर गया है। कई कॉलोनियों के घरों के आसपास और निचले हिस्सों तक पानी पहुंचने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कई परिवार जरूरी सामान सुरक्षित जगहों पर ले जा रहे हैं। कुछ लोगों ने एहतियात के तौर पर घर भी खाली कर दिए हैं, जबकि कई परिवार पूरी रात जागकर नदी के जलस्तर पर नजर रखे हुए हैं। ग्रामीण बोले- 2023 जैसे हालात बनने का डर स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर बारिश इसी तरह जारी रही तो 2023 जैसी बाढ़ की स्थिति फिर बन सकती है। उनका आरोप है कि हिंडन नदी की समय पर सफाई नहीं हुई। जलकुंभी के अत्यधिक फैलाव और कुछ जगह बने कच्चे बांधों की वजह से पानी का बहाव प्रभावित हो रहा है। इसी कारण पानी तेजी से खेतों और कॉलोनियों की तरफ फैल रहा है। कई जगह ग्रामीण खुद ही मिट्टी डालकर और जलकुंभी हटाकर पानी रोकने की कोशिश कर रहे हैं। 90 प्रतिशत खेत पानी में डूबे भनेड़ा गांव के किसान विनोद शर्मा ने बताया कि गांव के करीब 90 प्रतिशत खेत पानी से घिर चुके हैं। कई बीघा फसल जलमग्न हो गई है, जिससे किसानों को लाखों रुपए के नुकसान की आशंका है। उन्होंने कहा कि फिलहाल पानी गांव की आबादी तक नहीं पहुंचा है, लेकिन अगर जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो रिहायशी इलाकों पर भी खतरा बढ़ सकता है। मजदूर परिवारों की मुश्किल बढ़ी बाढ़ जैसे हालात का असर खेतों के आसपास रहने वाले मजदूर परिवारों पर भी पड़ा है। नंदकिशोर ने बताया कि पानी भरने से उनकी झुग्गी और घरेलू सामान खराब हो गया है। पिछले कई दिनों से उनका परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है। प्रशासन अलर्ट, राहत की तैयारी जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने संबंधित विभागों को लगातार निगरानी रखने और राहत-बचाव की तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं। सिंचाई विभाग हिंडन नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रशासन का कहना है कि यदि स्थिति और गंभीर होती है तो प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत शिविर शुरू करने और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के लिए तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
पलवल के उटावड़ थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी के लाखों रुपए की नकदी और आभूषण लेकर लापता होने की शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित पति ने गांव के ही एक व्यक्ति पर पत्नी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता के अनुसार, 17 जुलाई को उसकी पत्नी सलीम नामक व्यक्ति के साथ घर से चली गई। वह अपने साथ 2 लाख 76 हजार रुपए नकद, 20 ग्राम सोने की हसली और एक किलोग्राम चांदी के कड़े भी ले गई है। पति ने अपनी पत्नी और आरोपी की काफी तलाश की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। नौ साल पहले हुई थी शादी पीड़ित व्यक्ति मस्जिद में इमामत का कार्य करता है। उसकी शादी वर्ष 2017 में हुई थी और उसके दो बच्चे हैं, जिनकी उम्र सात और पांच वर्ष है। पति ने पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में अपनी पत्नी द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे चार मोबाइल नंबरों का भी उल्लेख किया है। उटावड़ थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि पुलिस की टीम लापता महिला और आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और जल्द ही उन्हें ढूंढकर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
करनाल जिले के निलाखेड़ी क्षेत्र के एक गांव में एक महिला के साथ दुष्कर्म और छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। घटना 20 जुलाई को दोपहर करीब 2 बजे की बताई जा रही है। पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि आरोपी उसके घर में घुसा और जब वह घर में अकेली थी तो उसके साथ जबरदस्ती की। घटना के बाद आरोपी ने किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता ने सुनाई आपबीतीपीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि 20 जुलाई को दोपहर 2 बजे गांव का ही एक व्यक्ति उसके घर आया। उस समय वह घर में अकेली थी। आरोप है कि आरोपी ने पहले छेड़छाड़ की और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया। वारदात के बाद आरोपी ने धमकी दी कि अगर उसने किसी को बताया तो उसे जान से मार देगा। पुलिस ने दर्ज किया केसघटना के बाद पीड़िता घबरा गई और उसने अपने घर वालों को पूरी घटना बताई। घटना के बाद परिजनों का गुस्सा भी सातवें आसमान पर पहुंच गया। परिजनों ने बुटाना थाना में पहुंचकर आरोपी के खिलाफ शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बुटाना थाना प्रभारी विपिन कुमार ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पीड़िता का मेडिकल करवाया जाएगा और ब्यान भी दर्ज करवाए जाएंगे। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली में भाजपा की नई टीम घोषित:2027 एमसीडी और 2029 लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर हुआ गठन
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने सोमवार को प्रदेश संगठन की नई टीम-2026 की घोषणा कर दी। नई टीम में कई बड़े और चर्चित चेहरों को जगह नहीं मिली है। वहीं, संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे नेताओं को प्रमोट कर महामंत्री, उपाध्यक्ष और मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, नई टीम के गठन में 2027 के एमसीडी चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखा गया है। क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों के साथ-साथ संगठनात्मक अनुभव को प्राथमिकता दी गई है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के अनुमोदन और केंद्रीय नेतृत्व से परामर्श के बाद टीम का गठन किया गया। मल्होत्रा ने कहा उन्हें उम्मीद है कि नई टीम दिल्ली में संगठन को और मजबूत करेगी तथा केंद्र और दिल्ली सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। घोषित 38 पदाधिकारियों में से 19 नेता पिछली टीम में भी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। वहीं, तीन पूर्व मोर्चा अध्यक्षों को इस बार मुख्य संगठन में शामिल किया गया है। पार्टी ने विष्णु मित्तल, योगिता सिंह और मोहनलाल गिराहा को प्रदेश महामंत्री बनाया है, जबकि सतीश गर्ग को एक बार फिर कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नई टीम में 10 उपाध्यक्ष और 9 मंत्रियों की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा, प्रवीण शंकर कपूर को दोबारा मीडिया प्रमुख बनाया गया है। डॉ. अनिल गुप्ता को मुख्य प्रवक्ता और रोहित उपाध्याय को सोशल मीडिया प्रमुख की जिम्मेदारी दी गई है। नई टीम की प्रमुख नियुक्तियां -महामंत्री: विष्णु मित्तल, योगिता सिंह, मोहनलाल गिराहा-कोषाध्यक्ष: सतीश गर्ग-मीडिया प्रमुख: प्रवीण शंकर कपूर-मुख्य प्रवक्ता: डॉ. अनिल गुप्ता-सोशल मीडिया प्रमुख: रोहित उपाध्याय-आईटी प्रमुख: पुनीत अग्रवाल 10 नए उपाध्यक्ष -राजेश भाटिया-सुनील यादव-ऋचा पांडेय मिश्रा-कौशल मिश्रा-सारिका जैन-विनोद बछेती-विक्रम बिधूड़ी-रंजीत कश्यप-सोना कुमारी-विजय सोलंकी संगठन में क्या है खास? -कुल 38 पदाधिकारियों की घोषणा।-19 नेता पिछली टीम में भी रहे शामिल।-तीन पूर्व मोर्चा अध्यक्षों को मुख्य टीम में जिम्मेदारी।-क्षेत्रीय और जातीय संतुलन पर विशेष ध्यान।-2027 एमसीडी और 2029 लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर टीम का गठन।
प्रतापगढ़ में समाजवादी पार्टी ने जौहर यूनिवर्सिटी पर संभावित प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए कार्रवाई रोकने की मांग की। इस दौरान सपा नेता साजिद अली ने खून से लिखा ज्ञापन देकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। इस दौरान, मुलायम यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष साजिद अली ने अपने खून से लिखा ज्ञापन अधिकारियों को देकर अपना विरोध दर्ज कराया। जिलाध्यक्ष साजिद अली ने आरोप लगाया कि सरकार नक्शे को आधार बनाकर जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई की तैयारी कर रही है। उन्होंने तर्क दिया कि प्रदेश में अनेक इमारतें बिना नक्शे के संचालित हो रही हैं, और यदि इसी आधार पर कार्रवाई की गई तो पूरे प्रदेश की तमाम इमारतों पर भी कार्रवाई करनी पड़ेगी। साजिद अली ने यह भी कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों के छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षा का केंद्र है। उन्होंने सरकार से इस संस्थान पर किसी भी प्रकार की बुलडोजर कार्रवाई से बचने का आग्रह किया। सपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई की गई, तो समाजवादी पार्टी प्रतापगढ़ में एक बड़ा जनआंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
उमरिया जिले के कलकेली विकासखंड की ग्राम पंचायत माली स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में तीन माह से राशन वितरण नहीं होने की शिकायत सही पाई गई है। खाद्य विभाग की जांच में अनियमितता की पुष्टि होने के बाद कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन एसडीएम बांधवगढ़ को भेज दिया गया है। ग्रामीणों की शिकायत पर खाद्य विभाग ने शासकीय उचित मूल्य दुकान की जांच कराई। जांच में सामने आया कि लाभार्थियों को पिछले तीन महीने से राशन वितरित नहीं किया गया था, जिससे शिकायत सही पाई गई। जांच में नहीं पहुंचे प्रबंधक और विक्रेता जांच के दौरान दुकान के प्रबंधक कैलाश गुप्ता और विक्रेता सुरेश सिंह को मौके पर बुलाया गया, लेकिन दोनों न तो जांच स्थल पर पहुंचे और न ही फोन कॉल का जवाब दिया। विभाग ने इसे जांच में असहयोग माना। एसडीएम को भेजा गया प्रतिवेदन राशन वितरण में अनियमितता और जांच में सहयोग नहीं करने की पुष्टि के बाद खाद्य विभाग ने विस्तृत जांच प्रतिवेदन कार्रवाई के लिए एसडीएम बांधवगढ़ को भेज दिया है। प्रभारी खाद्य अधिकारी रोहित सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत की जांच में गंभीर अनियमितता सामने आई है। मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
गुरुग्राम के सेक्टर-84 स्थित अंतरिक्ष हाइट्स ग्रुप हाउसिंग सोसायटी में बास्केटबॉल पोल गिरने से एक युवा खिलाड़ी के गंभीर रूप से घायल होने के बाद हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन (HOA) ने पूरे राज्य में खेल सुविधाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। एसोसिएशन ने गुरुग्राम के उपायुक्त और हरियाणा के रजिस्ट्रार ऑफ सोसायटीज को अलग-अलग पत्र भेजकर सभी सार्वजनिक खेल परिसरों और ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में स्थापित खेल ढांचे की तत्काल सुरक्षा जांच कराने की मांग की है। खिलाड़ी को रीढ़ में गंभीर चोटअंतरिक्ष हाइट्स सोसायटी में अभ्यास के दौरान भारी बास्केटबॉल पोल अचानक गिर गया, जिससे एक युवा खिलाड़ी की रीढ़ की हड्डी में कई फ्रैक्चर आए, जबकि अन्य खिलाड़ी बाल-बाल बच गए। एसोसिएशन का कहना है कि पोल की जर्जर स्थिति को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन समय रहते आवश्यक कार्रवाई नहीं हुई। अब जानिए क्या लिखा है पत्र में…
लुधियाना के खन्ना शहर के आनंद नगर इलाके में भारतीय सेना के एक हवलदार द्वारा आत्महत्या करने का दुखद मामला सामने आया है। मृतक की पहचान आनंद नगर निवासी जसबीर सिंह के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। अभी तक जवान ने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसका पता नहीं चल सका है। मृतक हवलदार जसबीर सिंह अपने पीछे दो बच्चे छोड़ गए हैं। इस अचानक हुई घटना से पूरे परिवार में मातम छा गया है और स्थानीय इलाके में शोक की लहर है। तीन दिन पहले ही छुट्ठी पर आए थे जानकारी के अनुसार, जसबीर सिंह भारतीय सेना में हवलदार के पद पर कार्यरत थे और वर्तमान में पठानकोट में तैनात थे। वह करीब तीन दिन पहले ही छुट्टी लेकर अपने घर आए थे। परिजनों ने उनका शव घर के कमरे में पंखे से लटका हुआ देखा, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचित किया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रहे हैं ताकि आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने आनासागर झील की बदहाली के विरोध में अपना आंदोलन तेज कर दिया है। 23 जुलाई को प्रस्तावित 'अजमेर बंद' को सफल बनाने के लिए शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल के नेतृत्व में आज सुबह शहर के प्रमुख बाजारों में जनसंपर्क रैली निकाली गई। कांग्रेस नेताओं ने व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों से बंद को समर्थन देने की अपील की। रैली आगरा गेट से शुरू होकर नया बाजार, चूड़ी बाजार, पुरानी मंडी, मदार गेट, नला बाजार, दरगाह बाजार और धान मंडी सहित शहर के प्रमुख बाजारों से होकर निकली। रैली में पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़, कांग्रेस नेता महेंद्र सिंह रलावता, डॉ. गोपाल बाहेती, नेता प्रतिपक्ष द्रौपदी कोली सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे। नेताओं ने दुकानदारों से 23 जुलाई को अपनी इच्छा दुकान बंद रखने और शहर हित में आंदोलन का साथ देने का आग्रह किया। 8 घंटे अजमेर बंद की अपील शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने कहा कि 23 जुलाई को सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक अजमेर बंद रहेगा। यह बंद शहर में बढ़ते प्रदूषण और संभावित महामारी के खतरे को देखते हुए बुलाया गया है। उनका आरोप है कि राज्य सरकार, स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के कारण आना सागर झील की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि बंद के दौरान अस्पताल, एम्बुलेंस और मेडिकल स्टोर जैसी आवश्यक सेवाओं को छूट रहेगी। कांग्रेस नेता बोले- विकास में पिछड़ता जा रहा अजमेर कांग्रेस नेता महेंद्र सिंह रलावता ने कहा कि कभी राजस्थान के प्रमुख शहरों में गिने जाने वाला अजमेर आज विकास के मामले में पिछड़ता जा रहा है। आनासागर झील, जो शहर की पहचान और स्वाभिमान का प्रतीक रही है, आज प्रशासनिक लापरवाही का शिकार है। उन्होंने शहरवासियों, व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं से आंदोलन को सफल बनाने की अपील की। डॉ. गोपाल बाहेती ने कहा कि आनासागर झील में गिर रहे 13 गंदे नालों को बंद कराने, सड़कों के गड्ढों की मरम्मत कराने और शहर को प्रदूषण व महामारी के खतरे से बचाने के लिए यह आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग से सरकार और प्रशासन को शहर की समस्याओं पर गंभीरता से काम करने के लिए मजबूर किया जाएगा।
जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम अमोरा में 45 वर्षीय महिला ने घर के भीतर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जांच में महिला के लंबे समय से बीमार रहने की जानकारी सामने आई है। हालांकि आत्महत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। थाना प्रभारी मणिकांत पाण्डेय ने बताया कि मृतका की पहचान बुधवारा बाई (45) के रूप में हुई है। सोमवार रात महिला ने घर के कमरे में मियार पर गमछे का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार सुबह परिजनों ने उसे फंदे पर लटका देखा और पुलिस को सूचना दी। एक माह पहले गांव लौटी थी पुलिस के अनुसार, महिला करीब एक माह पहले अपने परिवार के साथ दूसरे राज्य से काम कर गांव लौटी थी। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वह लंबे समय से बीमार थी। इसी कारण उसके पति और दोनों बेटे काम के लिए दूसरे राज्य गए हुए थे। घटना के समय महिला घर में अकेली थी। सुसाइड नोट नहीं मिला सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने मर्ग कायम कर आत्महत्या के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में पीलीभीत में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में किसानों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। किसानों ने समझौते को कृषि और डेयरी क्षेत्र के लिए नुकसानदायक बताते हुए प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और मांगें पूरी नहीं होने पर दोबारा दिल्ली कूच की चेतावनी दी। किसानों का आरोप है कि प्रस्तावित व्यापार समझौता देश के कृषि, डेयरी क्षेत्र और छोटे किसानों को तबाह कर देगा। प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन सौंपा। किसान नेताओं ने अपनी बात रखते हुए कहा कि किसी भी मुक्त व्यापार समझौते में कृषि और दुग्ध क्षेत्र को विदेशी कॉरपोरेट कंपनियों के लिए खोलना देश के करोड़ों छोटे और सीमांत किसानों के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सीधा हमला है। उनका तर्क है कि अत्यधिक सब्सिडी प्राप्त विदेशी कृषि और डेयरी उत्पादों के आयात से देशी किसान बर्बाद हो जाएंगे। किसानों ने मांग की है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते सहित ऐसे सभी समझौतों को तत्काल रद्द किया जाए, जो देश की खाद्य सुरक्षा और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) व्यवस्था को नुकसान पहुंचाते हैं। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बीकेयू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष गुरदीप सिंह (गोगी) ने सरकार को कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा, यह प्रदर्शन ट्रेड डील और किसानों की अनदेखी के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर है। यदि सरकार ने हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया और संगठन का आदेश मिला, तो किसान एक बार फिर दिल्ली का रुख करेंगे और उसे घेरेंगे। इसके लिए हमारे वाहन, घोड़े और ट्रैक्टर पूरी तरह से तैयार हैं।ज्ञापन में ट्रेड डील को रद्द करने के अलावा कई अन्य मांगें भी शामिल थीं। इनमें सभी फसलों पर स्वामीनाथन आयोग (C2+50) के तहत एमएसपी की कानूनी गारंटी, गन्ने का भाव ₹500 प्रति क्विंटल करना, बिजली बिल 2025 और स्मार्ट मीटर वापस लेना, उर्वरकों की कालाबाजारी पर रोक लगाना और पीलीभीत की स्थानीय समस्याओं का समाधान करना शामिल है।
बुरहानपुर के इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर खराब सड़क और डिवाइडर निर्माण कार्य के चलते वाहन चालकों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। सोमवार रात रिलायंस पेट्रोल पंप के सामने एक आइसर वाहन सड़क पर बने गड्ढे में फंस गया, जिससे हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया। करीब आधी रात 12 बजे क्रेन की मदद से वाहन को बाहर निकाला गया, जिसके बाद आवागमन सामान्य हो सका। यह घटना उस स्थान पर हुई, जहां शनवारा से गणपति नाका तक रोड डिवाइडर का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य के साथ-साथ सड़क की खराब स्थिति के कारण यहां बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनमें आए दिन भारी वाहन फंस रहे हैं और दुर्घटनाएं हो रही हैं। दो दिन में दूसरी घटना, बढ़ रही परेशानी रविवार को भी इसी स्थान पर एक आइसर वाहन गड्ढे में फंस गया था, जिसे काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया था। सोमवार रात फिर उसी जगह एक और आइसर फंस गया। लगातार दो दिनों में हुई ऐसी घटनाओं ने सड़क निर्माण की धीमी रफ्तार और खराब व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वाहन चालकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि सड़क की बदहाल स्थिति के कारण रोजाना हादसे का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित एजेंसी से मांग की है कि डिवाइडर निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाए और सड़क पर बने गड्ढों की तत्काल मरम्मत कर पेचवर्क कराया जाए, ताकि दुर्घटनाओं और जाम की स्थिति से राहत मिल सके। पहले भी हो चुके हैं कई हादसे स्थानीय लोगों के अनुसार, सब्जी मंडी और उसके आसपास के क्षेत्र में भी सड़क की खराब हालत के कारण कई वाहन पलट चुके हैं। बावजूद इसके अब तक सड़क की मरम्मत और सुरक्षा इंतजामों को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर खराब सड़क और डिवाइडर निर्माण कार्य के चलते वाहन चालकों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। सोमवार रात रिलायंस पेट्रोल पंप के सामने एक आइसर वाहन सड़क पर बने गड्ढे में फंस गया, जिससे हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया। करीब आधी रात 12 बजे क्रेन की मदद से वाहन को बाहर निकाला गया, जिसके बाद आवागमन सामान्य हो सका। यह घटना उस स्थान पर हुई, जहां शनवारा से गणपति नाका तक रोड डिवाइडर का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य के साथ-साथ सड़क की खराब स्थिति के कारण यहां बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनमें आए दिन भारी वाहन फंस रहे हैं और दुर्घटनाएं हो रही हैं। दो दिन में दूसरी घटना, बढ़ रही परेशानी रविवार को भी इसी स्थान पर एक आइसर वाहन गड्ढे में फंस गया था, जिसे काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया था। सोमवार रात फिर उसी जगह एक और आइसर फंस गया। लगातार दो दिनों में हुई ऐसी घटनाओं ने सड़क निर्माण की धीमी रफ्तार और खराब व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वाहन चालकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि सड़क की बदहाल स्थिति के कारण रोजाना हादसे का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित एजेंसी से मांग की है कि डिवाइडर निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाए और सड़क पर बने गड्ढों की तत्काल मरम्मत कर पेचवर्क कराया जाए, ताकि दुर्घटनाओं और जाम की स्थिति से राहत मिल सके। पहले भी हो चुके हैं कई हादसे स्थानीय लोगों के अनुसार, सब्जी मंडी और उसके आसपास के क्षेत्र में भी सड़क की खराब हालत के कारण कई वाहन पलट चुके हैं। बावजूद इसके अब तक सड़क की मरम्मत और सुरक्षा इंतजामों को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
रामपुर में मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के खिलाफ चल रही प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष सतनाम सिंह और 100 से ज्यादा अधिवक्ता कलक्ट्रेट पहुंचे और सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जौहर विश्वविद्यालय पर होने वाली कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे रोकने की मांग की गई। सतनाम सिंह ने कहा- जिस विद्यालय में डीएम अजय कुमार द्विवेदी के बच्चे पढ़ते हैं, उसका भी नक्शा पास नहीं है। उन्होंने दावा किया कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, लखनऊ विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय समेत कई संस्थानों और यहां तक कि डीएम की कोठी का भी नक्शा पास नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे कई संस्थान हैं तो केवल जौहर विश्वविद्यालय के खिलाफ ही सख्त कार्रवाई क्यों की जा रही है। 'हजारों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है विश्वविद्यालय' मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे सौंपे गए ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कहा कि मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय हजारों छात्र-छात्राओं के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थान है। उनका कहना था कि भवनों के ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई छात्रों के हितों के विपरीत होगी। यदि किसी समन्वय शुल्क, जुर्माना या अन्य वैधानिक देय राशि का भुगतान कर मामला सुलझाया जा सकता है तो उसी रास्ते को अपनाया जाए और भवनों को न तोड़ा जाए। 'चुनिंदा तरीके से निशाना बनाया जा रहा' अधिवक्ताओं का आरोप है कि जौहर विश्वविद्यालय को चुनिंदा तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि इस कार्रवाई का सबसे अधिक असर यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं पर पड़ेगा। उन्होंने राज्यपाल से छात्रों के भविष्य को देखते हुए जिलाधिकारी के आदेश को वापस लेने और प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। प्रशासन की ओर से नहीं आया जवाब ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। हालांकि, पूर्व बार अध्यक्ष सतनाम सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों पर जिला प्रशासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
करनाल जिला के मधुबन थाना क्षेत्र में सीआईए-1 की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए चोरी की एक क्रेटा कार के साथ आरोपी को काबू किया है। आरोपी फर्जी नंबर प्लेट लगाकर कार को बेचने की फिराक में था। पुलिस ने मौके पर ही उसे गिरफ्तार कर वाहन कब्जे में ले लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कार दिल्ली के मायापुरी थाना क्षेत्र से बीती 30 जून को चोरी हुई थी। मामले में केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। गुप्त सूचना पर बनाई रेडिंग पार्टी जानकारी के अनुसार सीआईए-1 की टीम को एक मुखबिर ने सूचना दी कि जीटी रोड से कुटेल की तरफ जाने वाले रिंग रोड के नीचे एक काली क्रेटा कार खड़ी है, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई है। कार को साद पुत्र अजीज, निवासी गांव मलौखड़ा जिला पलवल लेकर खड़ा है और उसे बेचने की तैयारी में है। घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा सूचना को विश्वसनीय मानते हुए एचसी अमित कुमार ने टीम के साथ रेडिंग पार्टी तैयार की और राह चलते 4-5 लोगों को शामिल करने का प्रयास किया, लेकिन वे बिना नाम-पता बताए मौके से चले गए। इसके बाद टीम ने गुप्त तरीके से मौके पर पहुंचकर सरकारी गाड़ी की लाइट बंद कर दी और संदिग्ध कार को घेर लिया। पुलिस ने काली क्रेटा के आगे गाड़ी लगाकर अंदर बैठे युवक को काबू कर लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम साद पुत्र अजीज, निवासी मलौखड़ा थाना हथीन जिला पलवल बताया। कागज नहीं दिखाने पर खुला राज जब पुलिस ने कार के दस्तावेज मांगे तो आरोपी कोई कागजात पेश नहीं कर सका। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने कबूल किया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर यह कार दिल्ली के जनकपुरी, थाना मायापुरी के पास से चोरी की थी। एचसी अमित कुमार ने अपने मोबाइल से जीप नैट साइट पर चेक किया, तो कार 30 जून को थाना मायापुरी, वेस्ट दिल्ली क्षेत्र से चोरी होना पाई गई। इस संबंध में मुकदमा भी दर्ज था। वहीं फर्जी नंबर प्लेट की जांच में वाहन का असली नंबर यूपी का पाया गया। वीडियो रिकॉर्डिंग कर वाहन कब्जे में लिया पुलिस ने बरामद कार को सबूत के तौर पर कब्जे में लिया और मोबाइल से वीडियो भी रिकॉर्ड की गई। आरोपी साद के खिलाफ चोरी, फर्जी नंबर प्लेट लगाने और अवैध कब्जे के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ कर उसके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है और मामले की गहन जांच जारी है।
हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं उपभोक्ता संघर्ष मंच के आह्वान पर मंगलवार को नूंह बिजली निगम कार्यालय परिसर में निजीकरण के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन गुरुग्राम और नूंह में पैरलल बिजली लाइसेंस, एग्री डिस्कॉम के गठन और स्मार्ट मीटरिंग जैसी सरकारी नीतियों के विरोध में किया जा रहा है। इसमें बिजली कर्मचारी, पेंशनर, किसान संगठनों के प्रतिनिधि और विभिन्न कर्मचारी संगठन एक मंच पर एकजुट हुए। धरने में प्रदेश के कई जिलों से कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल हुए। किसान नेता सुमित दलाल ने भी प्रदर्शन में पहुंचकर बिजली कर्मचारियों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए बिजली क्षेत्र में निजीकरण की नीतियों को वापस लेने की मांग उठाई। सरकारी व्यवस्था को कमजोर करेंगी डिस्कॉम जैसी व्यवस्थाएं : राजेश शर्मा यूनियन के प्रधान राजेश शर्मा ने कहा कि बिजली वितरण व्यवस्था में पैरलल लाइसेंस और एग्री डिस्कॉम जैसी योजनाएं सरकारी व्यवस्था को कमजोर करेंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका सीधा असर कर्मचारियों, किसानों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। स्मार्ट मीटरिंग के जरिए उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जाएगा। किसान नेता सुमित दलाल ने इस अवसर पर कहा कि किसान और बिजली कर्मचारी एक ही लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने निजीकरण की नीतियों को वापस नहीं लिया तो प्रदेशभर में संयुक्त आंदोलन को और तेज किया जाएगा। राज्यव्यापी आंदोलन करने की चेतावनी संघर्ष मंच के नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों और उपभोक्ताओं की मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन को राज्यव्यापी रूप दिया जाएगा। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में कर्मचारी और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। पूरे परिसर में सरकार विरोधी नारों की गूंज सुनाई दी और आंदोलन को निर्णायक लड़ाई तक जारी रखने का ऐलान किया गया।
डीडवाना-कुचामन पुलिस ने किडनैप और रेप के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक भी जब्त की है। यह कार्रवाई एसपी डॉ. प्यारेलाल शिवरान के निर्देश पर की गई। थाना पीलवा के थानाधिकारी अजय सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी।पुलिस के अनुसार, थाना पीलवा में एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बेटी को आरोपी बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। पुलिस ने किडनैप का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ रेप भी किया था। इसके बाद विशेष टीम ने आरोपी की तलाश तेज की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और वारदात में प्रयुक्त बाइक भी जब्त कर ली।
भरतपुर में एक रिटायर्ड ASI के परिवार पर एक युवक की पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगा है। आरोप है कि परिवार युवक की करोड़ों रुपए की जमीन अपने नाम करवाना चाहता था। जब युवक ने जमीन देने से मना कर दिया, तो उसे बहाने से अपने घर बुला लिया। वहां परिवार के सभी लोगों ने मिलकर लाठी-डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। यह घटना भरतपुर के उद्योग नगर थाना इलाके में सोमवार शाम हुई। घर से जबरन अपने साथ ले गए तुहिया निवासी नकुल सिंह ने पुलिस में दर्ज FIR में बताया कि उसके भतीजे सुशील कुमार (30) के माता-पिता का काफी समय पहले निधन हो चुका था। सुशील के नाम हाईवे किनारे करोड़ों रुपए की जमीन थी। आरोप है कि पड़ोसी गजेंद्र सिंह उस जमीन पर कब्जा करना चाहता था, लेकिन सुशील जमीन देने से साफ मना कर देता था। नकुल सिंह के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 4 बजे सुशील अपने घर में सो रहा था। तभी पड़ोसी गजेंद्र सिंह, उसकी पत्नी मिथलेश, बेटा योगेश, उसकी पत्नी ममता, दूसरा बेटा जयदेव और उसकी पत्नी संगीता वहां पहुंचे। आरोप है कि सभी लोग सुशील को जबरन अपने घर ले गए। वहां उन्होंने सुशील पर जमीन अपने नाम करने का दबाव बनाया। लाठी-डंडों और सरिये से पीटा आरोप है कि जब सुशील ने जमीन देने से इनकार कर दिया, तो गजेंद्र सिंह (रिटायर्ड ASI) ने अपने परिवार के लोगों के साथ मिलकर उस पर लाठी-डंडों और सरिये से हमला कर दिया। मारपीट में सुशील गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद गजेंद्र के परिवार के लोग ही उसे गंभीर हालत में भरतपुर के आरबीएम हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। रात में ही आरोपी पक्ष ने सुशील के शव को हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया और इसके बाद उसके परिजनों को घटना की सूचना दी। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस उद्योग नगर थाना अधिकारी राजेश कसाना ने बताया कि नकुल सिंह की शिकायत पर उसके भतीजे सुशील की हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
बैतूल जिले में करीब 12 दिनों के लंबे अंतराल के बाद मानसून ने एक बार फिर दस्तक दी है। पिछले कई दिनों से बारिश नहीं होने के कारण खेतों में नमी लगातार कम हो रही थी और खरीफ फसलों पर संकट गहराने लगा था। अब जिले के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज होने से किसानों को आंशिक राहत मिली है, लेकिन मानसून अभी भी पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ है। लगातार बादल छाए रहने के बावजूद उमस बनी हुई है और किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। 9 जुलाई के बाद से जिले में मानसून लगभग थम गया था। बारिश के लंबे ब्रेक के कारण सोयाबीन और मक्का जैसी खरीफ फसलों की बढ़वार प्रभावित होने लगी। कई स्थानों पर फसलें मुरझाने लगीं, जिसके चलते किसानों को स्प्रिंकलर से सिंचाई कर फसल बचाने की कोशिश करनी पड़ी। हल्की बारिश से बढ़ी संचयी वर्षा वर्षा रिकॉर्ड के अनुसार, 17 जुलाई तक जिले की औसत वर्षा 290.6 मिमी दर्ज की गई थी। 18 जुलाई को यह बढ़कर 290.9 मिमी, 19 जुलाई को 291.9 मिमी और 20 जुलाई को हुई 15.8 मिमी औसत वर्षा के बाद संचयी वर्षा 307.7 मिमी तक पहुंच गई। 21 जुलाई की सुबह तक जिले में कुल औसत वर्षा 310.7 मिमी रिकॉर्ड की गई। घोड़ाडोंगरी में सबसे अधिक 50 मिमी बारिश 20 जुलाई को जिले में सबसे अधिक 50 मिमी बारिश घोड़ाडोंगरी में दर्ज की गई। इसके अलावा भैंसदेही में 24 मिमी, शाहपुर में 23.4 मिमी, चिचोली में 16 मिमी, आमला में 10 मिमी, मुलताई में 4 मिमी और बैतूल में 1.8 मिमी वर्षा हुई। वहीं 21 जुलाई की सुबह तक मुलताई में 13.4 मिमी, प्रभातपट्टन में 9 मिमी, शाहपुर और आमला में 3-3 मिमी, जबकि बैतूल में 2.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे किसान किसानों का कहना है कि लंबे समय तक बारिश नहीं होने से खेतों की ऊपरी सतह पूरी तरह सूख गई थी। हल्की बारिश से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो सोयाबीन और मक्का की फसलों की बढ़वार गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है। लगातार बादल और अधिक नमी के कारण दिनभर उमस बनी हुई है। अगले पांच दिन बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार, बैतूल जिले में अगले 4 से 5 दिनों तक आंशिक रूप से बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश तथा कुछ स्थानों पर तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। विभाग ने बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। इस दौरान अधिकतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
कोरबा शहर के आयुष्मान हॉस्पिटल में जन्म के बाद भर्ती जुड़वा नवजातों की पीलिया से मौत के बाद परिजनों ने सोमवार को अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। जानकारी के अनुसार, प्रसव के बाद दोनों नवजात पीलिया से पीड़ित हो गए थे। शनिवार रात एक नवजात की मौत हो गई थी, जबकि दूसरे को बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर किया गया था। रविवार शाम दूसरे नवजात ने भी दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचकर परिजनों ने किया प्रदर्शन दोनों बच्चों की मौत से नाराज परिजन सोमवार को आयुष्मान हॉस्पिटल पहुंचे और अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर मानिकपुर चौकी प्रभारी परमेश्वर राठौर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों से चर्चा की। 14 बिंदुओं पर जांच की मांग पीड़ित पक्ष के संदीप कुमार ने बताया कि अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही हुई है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में कार्यरत कर्मचारियों की योग्यता की भी जांच होनी चाहिए। परिजनों ने पूरे मामले की 14 बिंदुओं पर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। प्रशासन को सौंपा ज्ञापन शाम को नायब तहसीलदार दीपक पटेल मौके पर पहुंचे। परिजनों ने उन्हें ज्ञापन सौंपते हुए अस्पताल प्रबंधन पर समय पर सही जानकारी नहीं देने और इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। जांच टीम गठित होगी नायब तहसीलदार दीपक पटेल ने बताया कि परिजनों से ज्ञापन प्राप्त हुआ है। मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। उनके निर्देश पर जांच टीम गठित कर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जयपुर में दो युवकों द्वारा मिलकर अपनी एक्स-गर्लफ्रेंड से मारपीट करने और उसके कपड़े फाड़ने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि युवती ने दोनों युवकों के परेशान करने और मारपीट से तंग आकर उनसे दूरी बना ली थी। युवती के एक-दूसरे को छोड़ने की बात से नाराज दोनों युवकों ने कथित तौर पर एकजुट होकर उससे बदला लेने की कोशिश की। पुलिस ने पीड़ित कॉलेज छात्रा की शिकायत पर निर्वस्त्र कर मारपीट का मामला दर्ज किया। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को अरेस्ट किया है, जबकि दूसरा आरोपी फरार चल रहा है। साथ पढ़ने वाले स्टूडेंट से हुई थी दोस्ती थानाधिकारी ने बताया- जयपुर में रहने वाली 23 साल की युवती एक प्राइवेट कॉलेज की स्टूडेंट है। आरोप है कि उसकी दोस्ती कॉलेज में पढ़ने वाले एक युवक से हुई थी। दोस्ती बढ़ने के बाद दोनों साथ रहने लगे,लेकिन कुछ समय बाद युवक कथित तौर पर उसके साथ मारपीट और परेशान करने लगा। इससे तंग आकर युवती ने उससे दूरी बना ली। इस दौरान दूसरे लड़के से नजदीकियां बढ़ने पर वह उसके साथ चली गई। कुछ दिनों बाद दूसरा दोस्त भी परेशान करने लगा। टॉर्चर बढ़ने पर उसने दूसरे लड़के को भी छोड़ दिया। दोनों स्टूडेंट्स ने बदला लेने की योजना बनाई पुलिस के मुताबिक, दोनों स्टूडेंट्स को जब पता चला कि युवती ने उन्हें छोड़ दिया है, तो वे कथित तौर पर नाराज हो गए। दोनों ने आपस में मिलकर युवती से बदला लेने की योजना बनाई। 14 जुलाई को कॉलेज जाते समय युवती को देखकर दोनों आरोपियों ने उसे पकड़ लिया। आरोप है कि दोनों ने उसके साथ मारपीट की और उसके कपड़े फाड़ दिए। मौके पर लोगों की भीड़ जुटने पर दोनों आरोपी वहां से फरार हो गए। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने निवस्त्र कर मारपीट का मामला दर्ज किया। पुलिस ने दबिश देकर सोमवार तड़के एक आरोपी को धर-दबोचा, जबकि फरार दूसरे आरोपी की तलाश की जा रही है।
सिरसा जिले में डबवाली के गांव अलीकां में नशा मुक्ति अभियान चलाने पर एक पंचायत सदस्य पर जानलेवा हमला किया गया। आरोप है कि नशा बेचने का विरोध करने से नाराज तीन युवकों ने उनके घर में घुसकर तलवार, लोहे के पाइप और डंडों से हमला किया। हमले में पंचायत सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें डबवाली से सिरसा रेफर किया गया है। पंचायत सदस्य गुरमीत सिंह ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि 18 जुलाई को गांव में नशा मुक्ति पंचायत का आयोजन किया गया था। इस पंचायत में युवाओं और नशा करने वाले लोगों को जागरूक कर नशा छोड़ने तथा गांव में नशा बेचने वालों का विरोध करने का निर्णय लिया गया था। बाइक पर सवार होकर पहुंचे 3 युवक गुरमीत सिंह के अनुसार, 20 जुलाई की सुबह करीब 8 बजे जब वे अपने घर पर काम कर रहे थे, तभी गांव के कुलदीप, अंशश और आकाशदीप बाइक पर सवार होकर उनके घर में घुस आए। आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि, तुम रोकोगे गांव में नशा बेचने से? और इसके बाद तलवार से उनके सिर पर वार कर दिया। बचाव करते वक्त तलवार उनके हाथ पर लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद आरोपियों ने लोहे के पाइप और डंडों से भी हमला किया। जान से मारने की धमकी देकर हुए फरार शोर सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। घायल गुरमीत सिंह को पहले नागरिक अस्पताल डबवाली ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें सिरसा रेफर कर दिया गया। हमले में उनके हाथ और सिर पर कई टांके आए हैं। शहर थाना डबवाली पुलिस ने पीड़ित के बयान के आधार पर तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी है।
संभल में 25 मिनट की बारिश से मौसम बदला:11 डिग्री सेल्सियस गिरा पारा, आंधी-बारिश का अलर्ट जारी
संभल में मंगलवार को असमोली ब्लॉक के 10 से ज्यादा गांवों में करीब 25 मिनट तक झमाझम बारिश हुई, जबकि 25 से अधिक गांवों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। बारिश के बाद लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। इस दौरान तापमान में 11 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। सुबह करीब 11 बजे असमोली ब्लॉक के बुकनाला, डोडी, बेला, टांडा कोठी, खासपुर, बेला मिल्क, मढ़न, मुबारकपुर बंद, सेंधरी और तेलीपुरा समेत कई गांवों में करीब 25 मिनट तक तेज बारिश हुई। वहीं, मढ़न, गुमसानी सहित 25 से अधिक गांवों में करीब 10 मिनट तक हल्की बारिश हुई। गंगा किनारे स्थित गुन्नौर तहसील के बबराला और गुन्नौर कस्बों में भी बूंदाबांदी हुई। जुनावई ब्लॉक में दिनभर धूप और बादलों की आवाजाही के बीच बारिश जैसा मौसम बना रहा, जबकि संभल शहर में करीब 20 मिनट तक रिमझिम बारिश हुई। आंधी-बारिश का अलर्ट मंगलवार दोपहर 12 बजे अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और सुबह न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दौरान करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। मौसम विभाग ने पूरे दिन बारिश और तेज हवा चलने का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों तक मौसम इसी तरह बना रह सकता है। मानसून की दूसरी दस्तक से लगातार हो रही बारिश जिले में मानसून की दूसरी सक्रियता के बाद पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर 20 से 25 मिनट तक बारिश हो रही है। इससे पहले जुलाई में मानसून की पहली बारिश के दौरान 128 मिलीमीटर से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई थी, जिससे किसानों को धान की बुवाई में काफी फायदा मिला था। बारिश से तापमान में आई गिरावट जुलाई में एक समय अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। हालांकि, बारिश के बाद तापमान में करीब 11 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई और यह 29-30 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया। लगातार हो रही बारिश से मौसम सुहावना बना हुआ है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल रही है।
राजसमंद में नेगड़िया में निर्माणाधीन फ्लाईओवर के डायवर्जन पर लगातार हादसे हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही के कारण एक ही जगह अब तक 8 से 10 बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं। रोजाना बाइक सवार फिसलकर घायल हो रहे हैं। सोमवार रात भी डायवर्जन पर बाइक हादसे में दो लोग गंभीर घायल हो गए। सोमवार रात फिर हुआ हादसा, दो लोग गंभीर घायल जानकारी के अनुसार, सोमवार रात भी डायवर्जन पर एक बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में बाइक सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय निवासी सुनील जोशी ने बताया - निर्माण कार्य कर रही एजेंसी ने डायवर्जन पर पर्याप्त रिफ्लेक्टर नहीं लगाए हैं और रात के समय रोशनी की भी व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा बनाया गया कट इतना संकरा है कि वाहन चालकों को सड़क का सही अंदाजा नहीं लग पाता और वाहन मिट्टी में चढ़कर पलट जाते हैं। कई बार शिकायत, फिर भी नहीं सुधरे हालात स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार ठेकेदार और टोल प्लाजा पर शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं हुआ। एनएचएआई और निर्माण एजेंसी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है। लोगों का कहना है कि इससे पहले भी इसी स्थान पर कई कार, ट्रक और बसें दुर्घटनाग्रस्त हो चुकी हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया।
देवरिया में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने मंगलवार सुबह भटनी विकासखंड के रुपई स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने पठन-पाठन व्यवस्था, छात्राओं की उपस्थिति, उपस्थिति पंजिका, अभिलेखीय व्यवस्थाओं और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने और छात्राओं की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने छात्राओं की डिजिटल उपस्थिति की समीक्षा की और कहा कि किसी भी छात्रा का ड्रॉपआउट नहीं होना चाहिए। उन्होंने कक्षा छह और कक्षा आठ की छात्राओं से संवाद किया, उनसे पाठ्यपुस्तक पढ़वाई और विषय से संबंधित प्रश्न पूछकर उनकी शैक्षणिक प्रगति का आकलन किया। उन्होंने शिक्षकों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएम ने विद्यालय के रसोईघर, कक्षाओं और अन्य व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालय की वार्डन ने भवन में सीलन और बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से अवगत कराया। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के समय विद्यालय के लगभग सभी शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
झाबुआ जिले के पेटलावद, रायपुरिया समेत कई गांवों और कस्बों में लंबे समय से बारिश नहीं होने से चिंतित ग्रामीणों ने मंगलवार को पारंपरिक उज्जैनी का आयोजन किया। ग्रामीणों ने इंद्रदेव की पूजा-अर्चना कर अच्छी बारिश की कामना की। इसके बाद सुबह से शुरू हुई रिमझिम बारिश ने किसानों के चेहरों पर उम्मीद लौटा दी। किसानों ने इसे खरीफ फसलों के लिए राहत भरी बारिश बताया। इंद्रदेव को नैवेद्य अर्पित कर की बारिश की प्रार्थना उज्जैनी परंपरा के तहत गांव के सभी परिवारों ने अपने-अपने घरों के बाहर भोजन तैयार किया। पहले इंद्रदेव को नैवेद्य अर्पित कर पूजा-अर्चना की गई, इसके बाद पूरे परिवार ने वहीं भोजन ग्रहण किया। इस दौरान गांव के लोग मंदिरों में भी पहुंचे और तेल, सिंदूर, नारियल, अगरबत्ती व श्रीफल चढ़ाकर अच्छी बारिश, हरियाली और सुख-समृद्धि की कामना की। रायपुरिया निवासी शिवराम भाई ने बताया कि उज्जैनी का आयोजन करते ही सुबह से हल्की बारिश शुरू हो गई। ग्रामीण इसे इंद्रदेव की कृपा मान रहे हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण खेतों में बोई गई खरीफ फसलें प्रभावित होने लगी थीं। ऐसे में यह बारिश किसानों के लिए किसी अमृत से कम नहीं है। पूरे दिन बंद रहे बाजार, ग्रामीण पूजा-पाठ में रहे शामिल उज्जैनी के दौरान गांवों में अधिकांश प्रतिष्ठान बंद रहे। ग्रामीण सामूहिक रूप से धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हुए। खेतों और मंदिरों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और क्षेत्र में अच्छी वर्षा तथा पशु-पक्षियों के लिए पर्याप्त पानी और चारे की व्यवस्था की प्रार्थना की। पेटलावद, सारंगी, टेमरिया, बरवेट सहित अंचल के कई गांवों में भी उज्जैनी मनाई गई और मंदिरों में हवन-पूजन किया गया। बारिश की कमी से चिंतित थे किसान क्षेत्र में 8 जुलाई को 44.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी। इसके बाद लंबे समय तक अच्छी बारिश नहीं हुई। 1 जून से अब तक जिले में कुल 184 मिमी बारिश ही दर्ज की गई है, जो सामान्य से कम मानी जा रही है। लगातार बारिश नहीं होने से सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों पर नमी का संकट बढ़ने लगा था। मंगलवार की रिमझिम बारिश से खेतों में नमी लौटी है और किसानों को अच्छी फसल की उम्मीद जगी है।
अलवर के सिलीसेढ़ बांध के निचले हिस्से में भरे पानी में सोमवार शाम एक युवक डूब गया। जो अपने दोस्तों के साथ घूमने निकला था। दोस्त पानी में नहाने उतरे थे, लेकिन युवक सूखी जगह पर बैठा रहा। दोस्त पानी से बाहर आए तो देखा बाहर बैठा साथी नहीं था। उसके कपड़े बाहर रखे थे। अब मंगलवार सुबह पूरे पानी में सर्च कर लिया। लेकिन युवक नहीं मिला। अकबरपुर थाना प्रभारी रमेश सैनी का कहना है कि ये युवक शराब के नशे में गए थे। एक युवक गायब है। उसके कपड़े वहां मिले हैं। लेकिन पानी में डूबा है या नहीं। यह कंफर्म नहीं है। इसलिए युवक को गुमशुदा ही माना जा रहा है। दोस्तों के नहाकर बाहर आने पर मिले कपड़े जानकारी के अनुसार, बगड़ तिराहा निवासी रवि कुमार बैरवा (32) अपने 5 दोस्तों के साथ सोमवार शाम सिलीसेढ़ घूमने गया था। सिलीसेढ़ के निचले हिस्से में बने पानी के भराव में 5 दोस्त पानी में उतरकर नहा रहे थे, जबकि रवि कुमार ऊपर सूखी जगह पर बैठा हुआ था। जब पांचों दोस्त नहाकर बाहर निकले तो उन्हें किनारे पर रवि के कपड़े रखे मिले, लेकिन रवि वहां नजर नहीं आया। काफी देर खोजबीन करने के बाद जब उसका कोई पता नहीं चला तो दोस्तों ने उसके पानी में डूबने की आशंका जताई। तुरंत पुलिस को सूचना दी। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी देर रात हादसे की जानकारी मिलते ही अकबरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। सुबह 6 बजे इसके बाद सिविल डिफेंस और SDRF की टीम को भी बुलाया गया। फिलहाल पानी के अंदर रवि की तलाश की जा रही है। पुलिस ने पांचों दोस्तों को बुलाया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। अब तक जांच कर रही टीमों को युवक नहीं मिला है। सिविल डिफेंस की टीम के प्रतिनिधि मान सिंह का कहना है कि स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई कि कहां युवक नहा रहे थे। किस जगह युवक डूबा है। हमें जैसा पुलिस ने जानकारी दी है उसके अनुसार सर्च कर रहे हैं।
उदयपुर शहर के स्वरूपसागर में सोमवार सुबह एक 56 साल की महिला ने झील में कूदकर सुसाइड का प्रयास किया। मौके पर मौजूद दो लोगों ने बिना देर किए झील में छलांग लगाकर महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद कालिका पेट्रोलिंग टीम की महिला पुलिसकर्मियों की तत्परता से महिला को तत्काल एमबी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। घटना सुबह करीब 9 बजे की है। स्वरूपसागर के पास स्थित पार्क में रोजाना की तरह लोग मॉर्निंग वॉक कर रहे थे। इसी दौरान एक महिला अचानक झील में कूद गई। महिला को झील में गिरते देख वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। दो युवकों ने तुरंत झील में छलांग लगाई और महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसी दौरान क्षेत्र में राउंड कर रही पुलिस की कालिका पेट्रोलिंग टीम भी मौके पर पहुंच गई। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए टीम की हेड कॉन्स्टेबल भंवर कुंवर और कॉन्स्टेबल सुनीता मदद में जुट गई। कुछ देर बाद ही हॉस्पिटल पहुंचा दिया पास के ऑटो स्टैंड से वाहन लाने को लेकर हेड कॉन्स्टेबल भंवर कुंवर करीब 200 मीटर दौड़कर ऑटो लेकर आई। इसके बाद लोगों की मदद से महिला को ऑटो में बैठाकर एमबी अस्पताल के ट्रॉमा इमरजेंसी वार्ड पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया। हेड कॉन्स्टेबल भंवर कुंवर ने बताया कि महिला की पहचान विमला के रूप में हुई है। वह स्वरूपसागर क्षेत्र में ही रहती है और मूल रूप से चूरू की निवासी है। सूचना मिलने पर उनके बेटे और बहू भी अस्पताल पहुंच गए। बेटे-बहू दोनों डॉक्टर भंवर कुंवर ने बताया कि बेटे-बहू दोनों पेशे से डॉक्टर हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थीं। सोमवार सुबह वह घर से उस समय निकल गईं, जब परिवार के अन्य सदस्य सो रहे थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
शाहजहांपुर में विश्व हिंदू महासंघ के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के बाद एक ज्ञापन दिया। मांग की गई कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर दुकान मालिक का नाम स्पष्ट तरीके से लिखा जाए। प्रशासन ने सभी मांगों पर विचार करने का भरोसा दिया है। पदाधिकारियों ने बताया कि 29 जुलाई से पवित्र श्रावण माह शुरू हो रहा है, जिसमें लाखों भक्त कांवड़ लेकर निकलते हैं। शिवभक्तों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए संगठन ने प्रशासन के सामने 10 मांगें रखी हैं। इसमें कांवड़ यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले सभी होटल, रेस्टोरेंट, फल-फ्रूट, जूस काउंटर और दुकानों पर उनके स्वामियों के असली नाम स्पष्ट तरीके से लिखवाने की मांग की गई है। इसके अलावा, कांवड़ियों की सुविधा के लिए रास्ते में स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक उपचार केंद्र बनाने, सफाई और लाइट की उचित व्यवस्था करने को कहा गया है। संगठन ने पूरे सावन महीने में कांवड़ मार्ग पर मांस, मछली और अन्य नशीले पदार्थों की दुकानों को बंद रखने की अपील की है। साथ ही, मार्ग पर जगह-जगह पेयजल की व्यवस्था करने, संवेदनशील स्थानों, चौराहों और कांवड़ मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे और हाईमास्ट लाइट लगाने की मांग भी की गई है। इसके अलावा, कांवड़ मार्ग से पांच सौ मीटर की परिधि में शराब, भांग, गुटखा एवं नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है। यात्रा मार्ग पर घूम रहे आवारा गोवंश को हटाकर गोशाला में रखने का भी आग्रह किया गया है, ताकि दुर्घटनाएं रोकी जा सकें और गो-सेवा भी हो सके। विश्व हिंदू महासंघ के कार्यकर्ताओं को सेवा शिविर लगाने के लिए प्रशासन से अनुमति और सहयोग प्रदान करने की मांग भी की गई है।
266 की यूरिया 580 रुपए में बेचने का आरोप:बाराबंकी में जिंक टैगिंग से परेशान, किसानों ने की शिकायत
बाराबंकी में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को यूरिया खाद ऊंचे दामों पर खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सरकारी समितियों पर खाद की कमी और सर्वर डाउन की समस्या का फायदा उठाकर निजी विक्रेता यूरिया के साथ जिंक टैग कर मनमानी कीमतें वसूल रहे हैं। किसानों का आरोप है कि 266.50 रुपये की यूरिया की बोरी उन्हें 570 से 580 रुपये में बेची जा रही है। उनकी मर्जी के बिना यूरिया के साथ जिंक अनिवार्य रूप से बेचा जा रहा है। डफरापुर चौराहे के किसान धर्मेंद्र ने बताया कि उन्हें दो किलो जिंक के साथ एक बोरी यूरिया 580 रुपये में खरीदनी पड़ी। इसी तरह, सिद्धौर क्षेत्र के तपापुर निवासी महेश ने भी 570 रुपये में यूरिया और दो किलो जिंक खरीदा। किसानों का कहना है कि वे कई दिनों तक सहकारी समितियों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन ई-पॉश मशीन का सर्वर डाउन रहने और खाद उपलब्ध न होने के कारण उन्हें निजी दुकानों से खाद खरीदनी पड़ी। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि यूरिया के साथ दी जा रही जिंक की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं है। अनिवार्य बिक्री नियमों के विरुद्ध इस मामले की शिकायत भाजपा नेता राम विलास वर्मा समेत गोठिया, अजपुरा और गुलरिया के किसानों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी दर्ज कराई है। जिला कृषि अधिकारी राजित राम ने इस संबंध में कहा कि किसान की सहमति के बिना यूरिया के साथ जिंक या अन्य उत्पाद की अनिवार्य बिक्री नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, ई-पॉश मशीन के सर्वर की समस्या को भी जल्द दूर करने का दावा किया गया है।
बांसवाड़ा के बाद अब डूंगरपुर जिले में भी शौर्य फाउंडेशन पर युवाओं को नौकरी का झांसा देकर लाखों की ठगी का आरोप लगा है। सरकारी स्कूलों में नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से डेढ़-डेढ़ लाख रुपए ठगे गए। बाद में न तो मानदेय दिया गया और न ही राशि लौटाई गई। पीड़ित युवाओं ने अब जिला कलेक्टर से शौर्य फाउंडेशन के फाउंडर और एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित युवाओं ने आरोप लगाया कि शौर्य फाउंडेशन ने वर्ष 2024 में एक विज्ञापन जारी किया था। इसके आधार पर सरकारी स्कूलों में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया गया। सरकारी स्कूलों में नौकरी के लिए प्रत्येक अभ्यर्थी से 1.50 लाख रुपए लिए गए और उन्हें नियुक्ति आदेश भी दिए गए। 4 महीने तक नौकरी भी की, 1 रुपया भी नहीं मिलाइसके बाद अभ्यर्थियों ने संबंधित स्कूलों में 3 से 4 माह तक रोजाना नौकरी की। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें हर महीने 12,700 रुपए मानदेय देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन उन्हें एक भी माह का भुगतान नहीं मिला। मानदेय नहीं मिलने पर उन्होंने स्कूलों में सेवाएं देना बंद कर दिया और फाउंडेशन के कार्यालय व एजेंट से संपर्क कर अपनी जमा राशि और मानदेय की मांग रखी। अभ्यर्थियों का आरोप है कि उन्हें लगातार एक-एक माह का समय देकर टालमटोल किया जाता रहा। 1 साल से ज्यादा का समय बीताएक साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न तो उनकी जमा राशि लौटाई गई और न ही बकाया मानदेय का भुगतान हुआ। पीड़ितों ने बताया कि एजेंट ने भरोसा दिलाने के लिए एक खाली चेक दिया था, लेकिन बैंक में जानकारी लेने पर संबंधित खाते में पर्याप्त राशि नहीं मिली। आर्थिक परेशानी झेल रहे इन पीड़ितों ने अब जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने, दोषियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में कार्रवाई करने और उनकी जमा राशि वापस दिलाने की मांग की है।
सीतापुर में सांड घर की दूसरी मंजिल पर चढ़ा:सीढ़ियां चढ़कर पहुंचा था, रेस्क्यू के बाद नीचे उतारा गया
सीतापुर के आदर्श नगर मोहल्ले में मंगलवार सुबह करीब 9 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक सांड अचानक एक मकान की दूसरी मंजिल की छत पर पहुंच गया। छत पर सांड को घूमता देख परिवार के सदस्य घबरा गए। देखते ही देखते मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। छत पर घूमता रहा, लोगों में बनी रही दहशत प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सांड किसी तरह घर के अंदर घुस गया और सीढ़ियों के रास्ते दूसरी मंजिल तक पहुंच गया। परिवार के लोगों ने उसे नीचे उतारने की कोशिश की, लेकिन वह काफी देर तक छत पर इधर-उधर घूमता रहा। इससे उसके छत से गिरने या किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने की आशंका के चलते लोगों में दहशत का माहौल बना रहा। पुलिस और नगर पालिका ने शुरू किया रेस्क्यू सूचना मिलते ही कोतवाली देहात पुलिस मौके पर पहुंची और सांड को सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास शुरू किया। काफी देर तक सफलता नहीं मिलने पर नगर पालिका परिषद सीतापुर को सूचना दी गई। कई घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला गया नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी और उप जिलाधिकारी सीमा सिंह के निर्देश पर नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस, नगर पालिका कर्मियों और स्थानीय लोगों ने संयुक्त रूप से कई घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया। टीम ने सावधानीपूर्वक सांड को काबू में कर सुरक्षित तरीके से मकान से बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू के बाद लोगों ने ली राहत की सांस रेस्क्यू अभियान के दौरान पूरे मोहल्ले में लोगों की भीड़ लगी रही। सांड के सुरक्षित बाहर निकलने के बाद परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। स्थानीय लोगों ने कहा कि शहर में निराश्रित गोवंश की बढ़ती संख्या लगातार परेशानी का कारण बन रही है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे पशुओं के उचित प्रबंधन की मांग की, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
शिवपुरी शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में सोमवार शाम बीच सड़क दबंगई का मामला सामने आया है। मनियर आदिवासी मोहल्ले में 10 से 12 युवकों ने लाठी-डंडों और हथियारों के दम पर जमकर उत्पात मचाया। इसी दौरान स्कॉर्पियो सवार युवक और उसके परिजनों के साथ मारपीट की गई तथा वाहन में तोड़फोड़ कर दी गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक युवक बाइक पर बैठकर हाथ में कट्टा लहराता नजर आ रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार, ग्राम ईटमा निवासी हेमंत रावत अपनी स्कॉर्पियो से नवाब साहब रोड स्थित घर जा रहे थे। जब वे मनियर आदिवासी मोहल्ले से गुजर रहे थे, तब सड़क पर कुछ युवक खड़े थे। हेमंत द्वारा हॉर्न बजाकर रास्ता देने की बात कहने पर विवाद शुरू हो गया। बेल्ट, डंडों और नुकीली वस्तु से किया हमला आरोप है कि सूरज कुचवंदिया, अतुल गोस्वामी और लाला कुचवंदिया सहित अन्य युवकों ने हेमंत रावत, उनके चाचा हरनाम रावत और भरत रावत के साथ बेल्ट, डंडों और नुकीली वस्तु से मारपीट की। हमले के दौरान आरोपियों ने स्कॉर्पियो के पीछे का कांच और हेडलाइट भी तोड़ दी, जिससे वाहन को करीब 20 से 25 हजार रुपये का नुकसान हुआ। वायरल वीडियो में कट्टा लहराता दिखा युवक घटना के बाद सामने आए वीडियो में 10 से 12 युवक लाठियां लेकर सड़क पर दौड़ते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में एक युवक बाइक पर बैठकर हाथ में कट्टा लहराता भी नजर आ रहा है। हथियारों के खुलेआम प्रदर्शन का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद क्षेत्र में भय का माहौल बन गया है। पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, वीडियो की भी जांच कोतवाली पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है। वीडियो में दिखाई दे रहे अन्य युवकों की पहचान कर उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गुरुग्राम जिले में सोहना क्षेत्र के गांव रायपुर से एक नाबालिग छात्रा के अपहरण का मामला सामने आया है। पुलिस ने छात्रा की मां की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, पीड़ित छात्रा आठवीं कक्षा में पढ़ती है। घटना के समय वह अपने घर के बाहर खड़ी थी। आरोप है कि इसी दौरान गांव रायपुर निवासी नदीम अपनी थार गाड़ी लेकर मौके पर पहुंचा और छात्रा का अपहरण कर उसे अपने साथ ले गया। छात्रा की मां ने तुरंत सोहना थाना पुलिस को घटना की सूचना दी। शिकायत के आधार पर, पुलिस ने आरोपी नदीम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। सोहना थाना प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी नदीम की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि छात्रा की सुरक्षित बरामदगी के लिए तलाश अभियान जारी है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
नेपाल से निकली बानगंगा नदी में आई तेज जलधारा और कटान के कारण शोहरतगढ़ के नवडीहवा गांव में हाईटेंशन बिजली का खंभा नदी में गिर गया। इससे करीब 500 घरों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है, जबकि लगातार कटान से कई मकानों और बसहिया-शोहरतगढ़ संपर्क मार्ग पर भी खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों के अनुसार, बानगंगा नदी पिछले कई वर्षों से गांव के उत्तर-पश्चिमी छोर पर लगातार कटान कर रही है। पिछले वर्ष इसी कटान की चपेट में आकर ग्रामीण खदेरू का पक्का मकान नदी में समा गया था। इससे पहले भी कई परिवारों को अपने घर और जमीन गंवानी पड़ी है। इस वर्ष मानसून की शुरुआत में ही नदी का रौद्र रूप सामने आने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। बिजली का खंभा गिरने की सूचना मिलने पर विद्युत विभाग को इसकी जानकारी दी गई। बिजली आपूर्ति ठप होने से बरसात के मौसम में ग्रामीणों को रात के समय अंधेरे का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीवों का खतरा भी बढ़ गया है। नदी के लगातार कटान के कारण गांव के सोमराज और जोखन समेत कई परिवारों के घरों पर खतरा मंडरा रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कुछ परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हो गए हैं। ग्रामीण राजेंद्र यादव, खदेरू, हरिश्चंद्र, रामकुमार, राजमन, सोमराज, जोखन और शिवबालक यादव ने बताया कि नदी कटान की समस्या को लेकर उन्होंने कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को अवगत कराया है। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण भी किया, लेकिन अब तक कोई स्थायी सुरक्षा कार्य नहीं कराया गया है। इससे हर वर्ष बरसात में गांव के लोगों की चिंता बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि कटान की रफ्तार इसी तरह जारी रही तो नदी के उत्तर-पश्चिमी छोर पर पुल के समीप हो रहा भीषण कटाव बसहिया-शोहरतगढ़ संपर्क मार्ग के लिए भी खतरा बन सकता है। कटान बढ़ने पर सड़क का संपर्क टूटने के साथ ही पुल की सुरक्षा पर भी संकट गहरा सकता है।
अयोध्या में सीढ़ी से गिरने से व्यक्ति की मौत:छत पर सोने जा रहे थे, पैर फिसलने से गई जान
जिले के मटियारी भले सुल्तान गांव में जीने से गिरने के कारण एक 40 साल के व्यक्ति की मौत हो गई। घटना 20 जुलाई सोमवार रात करीब 11 बजे की बताई जा रही है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जानकारी के अनुसार मटियारी भले सुल्तान निवासी सुनील सिंह (40) पुत्र दल बहादुर सिंह रात करीब 11 बजे जीने के रास्ते छत पर जा रहे थे। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर पड़े। गिरने से उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद परिजन आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय, कुमारगंज लेकर पहुंचे। अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों ने जांच के बाद सुनील सिंह को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने मामले की सूचना कुमारगंज पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस रात करीब एक बजे अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने बताया कि सुनील सिंह छत पर जाने के लिए जीने पर चढ़ रहे थे। इसी दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया या संतुलन बिगड़ गया, जिससे वह नीचे गिर गए। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी हालत बिगड़ गई और अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि शुरुआती तौर पर परिवार के सदस्य पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे, लेकिन अस्पताल प्रशासन द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। कुमारगंज पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला जीने से गिरने का प्रतीत हो रहा है। हालांकि मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने बिलासपुर में केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर सरकार 136 मुद्दों पर जवाब नहीं दे पाई। केंद्र और राज्य सरकार लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों का हनन कर रही है। विपक्षी नेताओं और उनके समर्थकों को झूठे मामलों में फंसाकर प्रताड़ित किया जा रहा है। सोमवार को बिलासपुर प्रवास के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि, यदि केंद्र सरकार को राष्ट्रगुरु बनने की इच्छा है, तो देश में रामराज्य स्थापित करना चाहिए, लेकिन मौजूदा हालात में भाजपा रामराज्य नहीं, बल्कि रावणराज्य बनाने में जुटी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को अपनी बात रखने का अधिकार भी नहीं दिया जा रहा। किसान, युवा, शिक्षक और स्टूडेंट के लिए सरकार ने पाप किया है नेता प्रतिपक्ष डा. महंत ने कहा कि कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर करीब 15 घंटे चर्चा हुई। कांग्रेस ने सरकार के 136 सप्ताह के कार्यकाल से जुड़े 136 मुद्दे उठाए, जिनमें किसानों, युवाओं, विद्यार्थियों और शिक्षकों से जुड़े विषय शामिल थे। लंबी बहस के बावजूद सरकार ने विपक्ष के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। सरकार ने किसान, युवा, शिक्षक और स्टूडेंट्स के साथ पाप किया है। राममंदिर चोरी के लिए RSS-BJP नहीं, नरेंद्र मोदी जिम्मेदार हैं उन्होंने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि इसके लिए से RSS-BJP नहीं। बल्कि, नरेंद्र मोदी जिम्मेदार हैं। जब ट्रस्ट के गठन की घोषणा पीएम मोदी ने की थी तो उसकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। भगवान राम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और यदि वहां किसी तरह की अनियमितता होती है तो जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष बोले-लोकतंत्र में लाठी चार्ज की घटना दुखद है डॉ. महंत ने कहा कि देशभर में विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हुई कार्रवाई का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस छोड़ी गई और लाठीचार्ज किया गया। लोकतंत्र में विपक्ष को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन उसे भी दबाया जा रहा है। कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि छोटी बच्चियों के साथ दुष्कर्म जैसी घटनाएं हो रही हैं, लेकिन सरकार प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही। लोकतंत्र में इस तरह की घटना बहुत दुखद है। छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाएं उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश की सामाजिक व्यवस्था पूरी तरह खराब हो गई है। स्कूल-कॉलेज के बच्चे सुखा नशा कर रहे हैं, जिसके कारण हत्याएं सहित आपराधिक घटनाएं लगातार बढ़ रही है। इसके लिए दोषी गृह विभाग है। कांग्रेस नेताओं के घर पहुंचे, संगठनात्मक चर्चा भी की बिलासपुर प्रवास के दौरान डॉ. चरणदास महंत ने शहर के कई कांग्रेस नेताओं के निवास पर पहुंचकर सौजन्य भेंट की और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। सबसे पहले वे मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया के एसईसीएल वसंत विहार कॉलोनी स्थित निवास पहुंचे, जहां क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से संगठनात्मक व राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की। इसके बाद वे वेयरहाउस रोड स्थित कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव के निवास पहुंचे। यहां अटल श्रीवास्तव, उनके परिजनों तथा कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता मुंशीराम उपवेजा के निवास पर भी भेंट की। दयालबंद में स्वर्गीय अशोक गांधी के निवास पहुंचकर उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान पूर्व विधायक शैलेष पांडेय, पूर्व जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी, शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, विजय पांडेय सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
बिजुआ खीरी। भीरा वनरेंज क्षेत्र के ग्राम पंचायत दौलतापुर में मगरमच्छों का आतंक बढ़ गया है। बरसात के पानी और शारदा नदी में उफान के कारण मगरमच्छ गांव के अंदर और आसपास देखे जा रहे हैं, जो पालतू और बेसहारा कुत्तों को अपना शिकार बना रहे हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। बीती शाम गांव के पास एक मगरमच्छ ट्रैक्टर के सामने से गुजरा। कुछ ही देर बाद सड़क पर एक और मगरमच्छ आराम करता हुआ देखा गया। मगरमच्छों के बार-बार दिखने से बच्चे, किसान और राहगीर भयभीत हैं। ग्राम प्रशासक प्रतिनिधि शकील अहमद ने इसकी जानकारी तुरंत भीरा वन क्षेत्राधिकारी रमाकांत सक्सेना को दी। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक वन विभाग की टीम गांव नहीं पहुंची थी। इस मामले में भीरा वन क्षेत्राधिकारी रमाकांत सक्सेना ने बताया कि क्षेत्र में पानी अधिक होने के कारण मगरमच्छ आबादी वाले इलाकों की ओर आ रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रयास किया जाएगा और यदि ऊंचे स्थान पर मगरमच्छ मिलता है, तो उसे पकड़कर शारदा नदी में छोड़ दिया जाएगा। पालतू कुत्तों के लगातार शिकार होने और मगरमच्छों के रिहायशी इलाकों तक पहुंचने से दौलतापुर के लोग डरे हुए हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से गांव में गश्त बढ़ाने और मगरमच्छों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छुड़वाने की मांग की है।
जमशेदपुर में सोमवार देर शाम रंगदारी नहीं देने पर चापड़ से लैस युवकों ने एक दुकानदार पर हमला कर दिया। हमले में दुकानदार बिचुन के हाथ में गंभीर चोट आई। घटना के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। घटना सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के छायानगर की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ युवक दुकान पर पहुंचे और बिचुन से रंगदारी की मांग करने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने चापड़ (धारदार हथियार) से हमला कर दिया। स्थानीय लोगों ने एक आरोपी को पकड़ाशोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर जुट गए। भीड़ बढ़ती देख हमलावर भागने लगे। इस दौरान स्थानीय लोगों ने नंदू लोहार नामक युवक को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। इसी बीच सूचना मिलने पर नंदू के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। इधर, घटना की जानकारी मिलते ही सीतारामडेरा थाना पुलिस पहुंची और लोगों के चंगुल से नंदू को छुड़ाकर थाना ले जाने लगी। इस दौरान नंदू के घरवालों की पुलिस से नोकझोंक हो गई। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने घेराबंदी कर नंदू को अपनी कस्टडी में लिया और सीतारामडेरा थाना ले गई। महिलाएं भी सीतारामडेरा थाना पहुंच गईंनंदू को थाना ले जाने के बाद उसके समर्थन में काफी संख्या में महिलाएं भी सीतारामडेरा थाना पहुंच गईं और हंगामा करने लगीं। बाद में पुलिस ने उन्हें समझाकर मामला शांत कराया। उधर, घायल दुकानदार बिचुन को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में रंगदारी को लेकर हमला किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस फरार अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। साथ ही घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि वारदात में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके। एक साल पहले हुई हत्या से जुड़ा है मामला29 अगस्त 2025 को सीतारामडेरा के छायानगर में रात करीब 1.30 बजे चोरी के संदेह में राहुल भुईंया नामक युवक की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। सोमवार रात दुकानदार बिचुन पर हुए चापड़ हमले का संबंध राहुल की मौत के मामले से जुड़ा माना जा रहा है। पुलिस इस बिंदु पर गंभीरता से जांच कर रही है। आपसी विवाद को लेकर छायानगर में दुकानदार बिचुन पर जानलेवा हमला हुआ है। पुलिस ने नंदू को गिरफ्तार कर लिया है। महिलाएं उसकी गिरफ्तारी का विरोध कर रही थीं। हमला एक साल पहले से चले आ रहे विवाद से जुड़ा माना जा रहा है। फिलहाल सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। -ललित मीणा, सिटी एसपी
हांसी में छात्रों ने मंगलवार को सोनम वांगचुक के समर्थन में और नीट पेपर लीक मामले को दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ रोष मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। यह रोष मार्च हांसी के अंबेडकर चौक से शुरू होकर बड़सी गेट और उमरा गेट होते हुए जाट धर्मशाला में समाप्त हुआ। प्रदर्शनकारी छात्रों ने हाथों में तख्तियां लेकर 'सोनम वांगचुक के साथ न्याय करो', 'पेपर लीक बंद करो' और 'शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो' जैसे नारे लगाए। छात्रों पर आंसू गैस छोड़ना निंदनीय : निशांत मार्च का नेतृत्व कर रहे निशांत तंवर ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, जिन्हें जबरन हटाया गया। उन्होंने पेपर लीक के खिलाफ अपने भविष्य को सुरक्षित करने की मांग कर रहे छात्र-छात्राओं पर आंसू गैस के गोले दागने और लाठीचार्ज करने को निंदनीय बताया। तंवर ने जोर दिया कि अपने अधिकारों और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग करना अपराध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा छात्रों की आवाज को बलपूर्वक दबाने का प्रयास लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है। आंदोलन तेज करने की चेतावनी उन्होंने आगे कहा कि देश के युवा रोजगार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और पेपर लीक पर रोक जैसी जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। यदि सरकार ने छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो देशभर में आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस रोष मार्च में हितेश कांगरा, अमन, रोहित, रमन, अमित, वंश राणा, सनी दुग्गल, विनय और अंकित सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
खंडवा में सोमवार रात को दो घंटे तक रूक-रूककर बारिश हुई। इस दौरान एक इंच तक पानी रिकॉर्ड किया गया। वहीं मंगलवार सुबह से बादल छाए रहे, दोपहर तक रिमझिम बरसात जारी रही। बारिश ने जहां गर्मी और उमस को शांत कर दिया। वहीं खेती के लिए एक वरदान साबित हो गई। धूप और पानी ना मिलने से मुरझा रही फसलों को बूस्टर डोज मिल गया। बारिश का पिछले साल जैसा ही हाल मौसम के पिछले रिकॉर्ड्स को देखें तो इस साल की स्थिति पिछले साल जैसी ही बनी हुई है 2025 जुलाई में कुल 136 मिमी बारिश हुई थी। तब 9 जुलाई से लेकर 25 जुलाई तक का एक लंबा ड्राई स्पेल आया था, जिसमें 14 जुलाई को महज 2 मिमी की मामूली बूंदाबांदी हुई थी। इस साल जुलाई के पहले सप्ताह में तो बहुत अच्छी बारिश हो गई, लेकिन उसके बाद 8 जुलाई से मौसम खुला था। आगे क्या...अभी अगले 5 दिन ऐसे ही रहेगा मौसम मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून के इस तरह कमजोर पड़ने और लंबे ड्राई स्पेल आने के पीछे मुख्य कारण अलनीनो का प्रभाव है। लगातार हो रही जंगलों की कटाई और पर्यावरण में आ रहे बदलावों की वजह से भी मानसूनी सिस्टम को आगे बढ़ने में रुकावट आ रही है। फिलहाल जुलाई के बाकी बचे दिनों में भी अच्छी बारिश की उम्मीद नहीं दिख रही है।
सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड की ग्राम पंचायत सलका में बारिश के दौरान पंचायत भवन जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। मुख्य सड़क पंचायत भवन से ऊंची होने और जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी सीधे परिसर में भर जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, हल्की बारिश होते ही पंचायत भवन के चारों ओर पानी जमा हो जाता है। लगातार बारिश होने पर पानी भवन के अंदर तक पहुंच जाता है, जिससे महत्वपूर्ण दस्तावेज, फर्नीचर और अन्य शासकीय सामग्री के खराब होने का खतरा बना रहता है। कर्मचारियों और ग्रामीणों को आने-जाने में भी काफी दिक्कत होती है। सड़क निर्माण के दौरान नहीं बनी जल निकासी स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्य सड़क निर्माण के समय जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई। इसी वजह से हर वर्ष बरसात में पंचायत भवन जलभराव की समस्या से घिर जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया तो भवन को गंभीर नुकसान हो सकता है। ग्रामीणों ने रखी ये मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से पंचायत भवन को ऊंचे प्लेटफॉर्म पर विकसित करने और स्थायी जल निकासी के लिए पक्की नाली का निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे हर साल होने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।
बिजनौर में जिला कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग विभाग ने आज कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष मोहित प्रजापति के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में 2017 के बाद से ओबीसी वर्ग के साथ अत्याचार, फर्जी एनकाउंटर, थानों में हिरासत में मौतें और हत्याएं बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व के नाम पर ओबीसी वर्ग को भाजपा ने गुमराह किया है। शासन और प्रशासन के दोहरे रवैये से यह वर्ग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि प्रदेश का कोई ऐसा जिला नहीं है, जहां ओबीसी की किसी न किसी जाति के साथ अन्याय या हत्या न हुई हो। जिला कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग विभाग, बिजनौर ने राष्ट्रपति से मांग की है कि उत्तर प्रदेश में पिछड़ों के साथ हो रहे घोर अन्याय, शोषण और हत्याओं को रोकने के लिए शासन-प्रशासन संज्ञान ले और ओबीसी वर्ग का संरक्षण सुनिश्चित करे। इस अवसर पर नज़ाक़त अल्वी, नीरज चौधरी, चौधरी जसवेन्द्र सिंह, कसरफराज मलिक, पूर्व कमिश्नर आर के सिंह, वसीम अकरम, अब्दुल समद आज़ाद, मीनाक्षी सिंह, खालिद अंसारी एडवोकेट, मेराज सिद्दीकी, अनिल कुमार एडवोकेट, सदिलाल मारवाड़ी, नदीम नज़ाकत ख़ां, मो. रफत, पूर्व जिला महासचिव डॉ हर्षवर्धन सिंह राणा, नसीम मंसुरी उर्फ राणा जी, सददाम अंसारी, चौधरी कोमन सिंह, रहनुमा अंसारी, सिंह, मो अकील, दीपक कुमार, मो अजमल, किजी आतिफ, इकबाल ठेकेदार, वसीम रजा और शमीम कुरैशी सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। डीएम के न होने पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया गया।
राजगढ़ जिले में करीब 10 दिन के लंबे इंतजार के बाद मंगलवार को मानसून ने जोरदार वापसी की। रात करीब 3 बजे शुरू हुई बारिश सुबह 11 बजे तक लगातार होती रही। करीब आठ घंटे तक हुई झमाझम बारिश से पूरे जिले में मौसम का मिजाज बदल गया। आसमान दिनभर घने काले बादलों से ढका रहा, जिससे दिन में भी अंधेरा जैसा माहौल बना रहा। लगातार बारिश से उमस भरी गर्मी से राहत मिली, जबकि शहर की कई सड़कों पर जलभराव होने से लोगों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा। सोमवार को जिले में करीब 15 मिनट की हल्की बारिश हुई थी, जिससे मानसून के सक्रिय होने के संकेत मिले थे। हालांकि उसके बाद उमस और बढ़ गई थी। मंगलवार तड़के से शुरू हुई लगातार बारिश ने किसानों और आम लोगों को राहत दी। दोपहर तक रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा और पूरे जिले में मौसम सुहावना बना रहा। मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट मौसम विभाग ने राजगढ़ जिले के लिए गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, जिले के कई हिस्सों में दिनभर बारिश और बिजली चमकने की संभावना बनी हुई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े नहीं होने की सलाह दी गई है। आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील भी की गई है। इस सीजन में अब तक औसतन 308.9 मिमी बारिश कलेक्टर कार्यालय (भू-अभिलेख) द्वारा जारी वर्षा रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार सुबह तक जिले में औसतन 26.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं 1 जून से 21 जुलाई तक जिले में कुल औसतन 308.9 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि तक जिले में 498.5 मिमी बारिश हुई थी। इस तरह इस वर्ष अब तक करीब 190 मिमी कम वर्षा दर्ज की गई है। राजगढ़ तहसील में सबसे अधिक बारिश मंगलवार को जिले में सबसे अधिक 76.2 मिमी बारिश राजगढ़ तहसील में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा जीरापुर में 52 मिमी, नरसिंहगढ़ में 19.2 मिमी, ब्यावरा में 17 मिमी, सारंगपुर में 8.1 मिमी, खिलचीपुर में 5.3 मिमी और पचोर में 5 मिमी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे तक मानसून सक्रिय रहने की संभावना है, जिससे जिले के कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश हो सकती है। जिलेभर के स्कूलों में आधे दिन की छुट्टी घोषित राजगढ़ जिले में लगातार हो रही तेज बारिश को देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर मंगलवार को नर्सरी से 12वीं तक के सभी सरकारी, निजी, सीबीएसई और आईसीएसई स्कूलों में आधे दिन की छुट्टी घोषित की गई है। जिला शिक्षा अधिकारी ने यह आदेश कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के निर्देश पर जारी किया। हालांकि सभी शिक्षक और कर्मचारी अपने निर्धारित समय पर स्कूल पहुंचेंगे।
नर्मदापुरम में मंगलवार की शुरुआत बारिश के साथ हुई। तड़के 5 बजे से रिमझिम बारिश जारी है। जो सुबह 11बजे तक भी जारी रही। इसके बाद बारिश की बौछारें होती रही। पिछले 12 घंटे में अबतक में 20 मिमी यानि पौन इंच बारिश दर्ज हो चुकी है। इसके अलावा सोहागपुर, बनखेड़ी, इटारसी, पिपरिया, डोलरिया में भी बारिश हो रही है। यसोहागपुर, बनखेड़ी में डेढ़-डेढ़ इंच पानी दर्ज हुआ है। बारिश होने से सुबह से वातावरण ठंडा हो गया। बारिश की राह देख रहे किसानों के चेहरे खिल उठे। अब अगले तीन दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसमविद पीके रैकवार ने बताया कि इस दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे। 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। लोकल सिस्टम बनने से बारिश होने का अनुमान है। धान रोपाई का काम तेज हुआ बारिश के बाद किसानों ने खेतों में धान की रोपाई का काम तेज कर दिया। एक सप्ताह से बारिश नहीं होने के कारण धान और सोयाबीन की फसल प्रभावित हो रही थी। इससे बोवनी का काम रुका था। पिछले साल से 14 इंच बारिश जिले में 1 जून से अब तक जिले में महज 9.50 इंच ही बारिश हुई, जो सामान्य से काफी कम है। पिछले साल 1 जून से 21 जुलाई के दौरान 24 इंच बारिश हो चुकी थी। इस साल सीजन की बारिश 14 इंच कम दर्ज हुई।
कानपुर में गंगा का जलस्तर लगातार घट रहा है। पिछले तीन दिनों में नदी का जलस्तर 55 सेंटीमीटर कम हुआ है। मंगलवार सुबह शुक्लागंज गेज पर गंगा का जलस्तर 109.92 मीटर दर्ज किया गया। वहीं बीते 12 घंटे में जलस्तर में 6 सेंटीमीटर की और कमी आई है। गंगा का जलस्तर बीते दिनों बढ़ने पर घाट किनारे सीढ़ियों में पानी चढ़ गया था। लेकिन लगातर पान कम होने की वजह से सीढ़ियों से पानी उतर गया है। शहर के परमट घाट किनारे सीढ़ियों से पानी नीचे आ गया है। गंगा में पानी आया और डिस्चार्ज किया गया पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के बाद गंगा में पानी जरूर बढ़ा, लेकिन बैराज से लगातार डिस्चार्ज किए जाने के कारण जलस्तर में बढ़ोतरी नहीं हो सकी। मंगलवार को हरिद्वार से 57,804 क्यूसेक और नरौरा से 19,263 क्यूसेक पानी गंगा में आया। इसके मुकाबले कानपुर गंगा बैराज से 38,172 क्यूसेक पानी आगे की ओर छोड़ा गया। कटरी किनारे गांव में किसानों ने राहत महसूस की जलस्तर घटने से कटरी क्षेत्र के बैराज किनारे बसे गांवों के किसानों ने राहत की सांस ली है। पिछले दिनों बढ़े जलस्तर से फसलों पर खतरा मंडरा रहा था, लेकिन अब पानी उतरने से खेतों में नुकसान की आशंका कम हुई है। प्रशासन सतर्क हालांकि प्रशासन ने अभी सतर्कता बरकरार रखी है। हाल ही में गंगा बैराज का निरीक्षण करने के बाद अधिकारियों ने नदी में नाव संचालन पर रोक लगाने और घाटों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए थे। जलस्तर कम होने के बावजूद घाटों पर जल पुलिस की तैनाती जारी है और लोगों से नदी के किनारे सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
वाराणसी में गंगा का जलस्तर स्थिर:रत्नेश्वर महादेव मंदिर 50% डूबा; 25 जुलाई तक बारिश के आसार
वाराणसी में पिछले 8 जुलाई से लगातार बढ़ रहे गंगा के जलस्तर पर मंगलवार सुबह कुछ राहत देखने को मिली। सुबह 6 बजे के बाद गंगा का जलस्तर स्थिर हो गया। सुबह 10 बजे केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर 60.92 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि जलस्तर अभी भी ऊंचा बना हुआ है, जिसके चलते घाटों पर प्रशासन और स्थानीय संस्थाओं ने सतर्कता बढ़ा दी है। गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर शहर के प्रमुख घाटों पर साफ दिखाई देने लगा है। विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती स्थल तक पानी पहुंचने की आशंका को देखते हुए आरती आयोजकों ने एहतियातन बैनर, पोस्टर और लोहे के पाइप हटाने की तैयारी शुरू कर दी है। यदि जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी होती है तो आरती की व्यवस्था में भी बदलाव किया जा सकता है। 50 से अधिक छोटे मंदिरों तक पहुंचा पानी अस्सी घाट से लेकर नमो घाट तक गंगा किनारे स्थित करीब 50 से अधिक छोटे-बड़े मंदिरों तक पानी पहुंच चुका है। इनमें कई मंदिर घाट की सीढ़ियों के पास बने हुए हैं, जहां जलभराव की स्थिति बन गई है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों को इन क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। वाराणसी का प्रसिद्ध रत्नेश्वर महादेव मंदिर भी गंगा के बढ़ते जलस्तर की चपेट में आ गया है। यह ऐतिहासिक मंदिर लगभग 50 प्रतिशत तक जलमग्न हो चुका है। हर वर्ष मानसून के दौरान यह मंदिर आंशिक रूप से डूब जाता है, लेकिन इस बार भी इसका नजारा श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस बार देरी से बढ़ा जलस्तर स्थानीय लोगों का कहना है कि इस वर्ष गंगा का जलस्तर अपेक्षाकृत देर से बढ़ा है। उनका कहना है कि 21 जुलाई 2025 तक गंगा का जलस्तर करीब 65 मीटर तक पहुंच गया था, जबकि इस बार जलस्तर अभी 60.92 मीटर पर स्थिर है। इससे स्पष्ट है कि इस वर्ष बाढ़ की स्थिति फिलहाल सामान्य बनी हुई है। संभावित बाढ़ और सावन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रमुख घाटों पर सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग और जाल लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा जल पुलिस के जवानों की संख्या बढ़ा दी गई है। प्रत्येक प्रमुख घाट पर जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें तैनात की जा रही हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके। अगले 25 जुलाई तक बारिश के आसार मौसम की बात करें तो मंगलवार सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई, जिसके बाद आसमान में बादल छाए रहे। बीच-बीच में हल्की धूप भी निकलती रही। मौसम विभाग ने 25 जुलाई तक बारिश की संभावना जताई है। यदि अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश होती है तो गंगा के जलस्तर में फिर बढ़ोतरी हो सकती है। बारिश का सबसे अधिक लाभ धान की खेती करने वाले किसानों को मिल रहा है। खेतों में पर्याप्त नमी बनने से रोपाई का कार्य गति पकड़ रहा है। हालांकि अब तक जिले में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। 1 जुलाई से 20 जुलाई के बीच वाराणसी में 139.05 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जो सामान्य से 49 प्रतिशत कम है। मौसम विभाग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में होने वाली बारिश से वर्षा की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है।
शामली के झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव टपराना निवासी एक व्यक्ति ने गांव के कुछ लोगों पर अवैध रूप से जमीन कब्जाने के आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने एसपी को शिकायत देकर बताया कि कुछ लोग फर्जी बैनामे के आधार पर मेरी आबादी की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। विरोध करने पर उसे जान से मारने और परिवार की महिलाओं के साथ दुष्कर्म की धमकी भी दी जा रही है। पीड़ित ने एसपी से मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित की जुबानी पढ़िए पूरा मामला गांव टपराना निवासी नाजिम खान पुत्र नईम खान ने एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसकी आबादी की भूमि खसरा संख्या 1019 में है। इस भूमि के संबंध में उसके पास पंजीकृत दान-पत्र और घरौनी यूनिक आईडी भी है। नाजिम खान के अनुसार, उसका परिवार पिछले करीब 50 साल से इस जमीन पर काबिज है। नाजिम खान ने आरोप लगाया कि गांव के बासिद, शाहिना, साहिल, अफसर, नवाब अली, फुरकान, आबिद और इस्लामपुर घसौली निवासी सरताज फर्जी बैनामे के आधार पर उसकी भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि नवाब अली के पिता अपनी खसरा संख्या 1018 की भूमि पहले ही बेच चुके थे, लेकिन दाखिल-खारिज न होने का लाभ उठाकर उसी भूमि का कथित रूप से दोबारा बैनामा कर दिया गया। नाजिम खान का आरोप है कि इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर उनकी खसरा संख्या 1019 को 1018 बताकर विवाद पैदा किया जा रहा है। पूर्व में हल्का लेखपाल ने मौके पर जांच की थी और विवादित स्थान को खसरा संख्या 1019 में ही होना बताया था। इसके बावजूद विपक्षी लगातार वहां लकड़ी डालने, ठेली खड़ी करने और कपड़े सुखाने जैसे कार्य कर कब्जे का प्रयास कर रहे हैं। नाजिम खान ने आरोप लगाया कि जब वह इन हरकतों का विरोध करते हैं, तो उन्हें जान से मारने और परिवार की महिलाओं के साथ दुष्कर्म की धमकी दी जाती है। पीड़ित के अनुसार, मामले में पहले दोनों पक्षों के विरुद्ध चालान की कार्रवाई हो चुकी है। पुलिस और डायल-112 पर तीन बार शिकायत देने और एफआईआर दर्ज कराने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई। आईजीआरएस शिकायत सिविल न्यायालय में वाद लंबित होने का हवाला देकर निस्तारित कर दी गई, जबकि न्यायालय की ओर से कोई स्थगन आदेश नहीं है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से आरोपियों पर कार्रवाई कराने तथा परिवार की सुरक्षा देने की मांग की है।
उन्नाव में हाल की बारिश के बाद मौसम में आए बदलाव का असर लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। मौसमी बीमारियों के बढ़ते प्रकोप के बीच मंगलवार को जिला अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। ओपीडी से लेकर इमरजेंसी, पैथोलॉजी और एक्स-रे कक्ष तक मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं। पंजीकरण, जांच और दवा लेने के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 500 से अधिक मरीजों ने पंजीकरण कराया। अस्पताल पहुंचे अधिकांश मरीज वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी, पेट दर्द, उल्टी-दस्त, फंगल संक्रमण और त्वचा संबंधी बीमारियों से पीड़ित थे। मरीजों में बच्चों और बुजुर्गों की संख्या भी काफी अधिक रही, जिन्हें मौसम में बदलाव का सबसे ज्यादा असर झेलना पड़ रहा है। डॉक्टरों ने किया उपचार, बरतने को कहा एहतियात ओपीडी में तैनात डॉ. कौशलेंद्र, डॉ. शोभित और अन्य चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराईं। डॉक्टरों ने लोगों को मौसम में हो रहे बदलाव को देखते हुए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने, पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी पीने और बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई भी दवा न लेने की सलाह दी। पैथोलॉजी और एक्स-रे कक्ष में भी लगी रही भीड़ अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग और एक्स-रे कक्ष में भी पूरे दिन मरीजों की भीड़ बनी रही। रक्त जांच, एक्स-रे और अन्य आवश्यक जांच कराने के लिए लोगों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ा। कई मरीजों ने जांच और रिपोर्ट मिलने में देरी की शिकायत भी की, जिससे उन्हें काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। बारिश के बाद तेजी से फैल रहे वायरल और फंगल संक्रमण चिकित्सकों के अनुसार बारिश के बाद जलभराव, वातावरण में बढ़ी नमी और तापमान में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसके अलावा फंगल संक्रमण और त्वचा संबंधी रोगों के मामलों में भी लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। ऐसे मौसम में लापरवाही स्वास्थ्य के लिए गंभीर समस्या बन सकती है। डॉक्टरों की सलाह- लक्षण दिखें तो तुरंत कराएं जांच डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि बुखार, लगातार खांसी, उल्टी-दस्त, त्वचा पर संक्रमण या अन्य मौसमी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। साथ ही उबला या स्वच्छ पानी पीने, ताजा भोजन करने, आसपास साफ-सफाई बनाए रखने और जलभराव वाले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है। भीड़ के बीच उपचार व्यवस्था जारी मरीजों की बढ़ती संख्या के बावजूद जिला अस्पताल में पूरे दिन उपचार कार्य जारी रहा। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीजों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। हालांकि अत्यधिक भीड़ के कारण कई मरीजों और उनके तीमारदारों को पर्चा बनवाने, जांच कराने और दवा लेने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।
जौनपुर। नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष घनश्याम सिंह के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के समर्थन में आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि NEET पेपर लीक मामले ने देश के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने युवाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे सोनम वांगचुक की मांगों को भी सरकार से शीघ्र स्वीकार करने की अपील की। बार सभागार में हुई आवश्यक बैठक प्रदर्शन से पहले मंगलवार दोपहर 12 बजे कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के सभागार में अधिवक्ताओं की आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष घनश्याम सिंह एडवोकेट ने की, जबकि संचालन महामंत्री मनोज कुमार मिश्र एडवोकेट ने किया। बैठक में अधिवक्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। कलेक्ट्रेट परिसर में किया चक्रमण बैठक के बाद अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर का चक्रमण कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों के हितों की रक्षा और पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की। पूरे दिन न्यायिक कार्य से रहे विरत प्रदर्शन के चलते अधिवक्ताओं ने मंगलवार को न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। बार एसोसिएशन के निर्णय के अनुसार सभी अधिवक्ता पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे। उनका कहना था कि जब तक छात्रों के साथ न्याय नहीं होगा और उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होगी, तब तक इस तरह के लोकतांत्रिक विरोध जारी रहेंगे।
नीट पेपर लीक मामले में दिल्ली जंतर मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में जजपा और इनेलो भी शामिल होने के लिए पहुंची। जजपा और इनेलो ने खुलकर समर्थन किया और खुद दोनों पार्टी के विधायक व नेता पहुंचे हैं। 20 तारीख को भी प्रदर्शन में शामिल हुए और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए उनके हकों की लड़ाई लड़ी। प्रदर्शन के दौरान जजपा से यूथ प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने मीडिया को दिए बयान में कहा, ये हरियाणा नहीं समूचे राष्ट्र की लड़ाई है और सभी लोग अपनी भावनाएं लेकर आए हैं। कोई हिन्दू, सिख, मुसलमान, ईसाई नहीं है। ये सब देश के ही नागरिक है और भारत सरकार से, जो मैल कानों में जमा करके बैठी है, उस मैल को निकालने आए हैं। अपने हक और हुकूब लेने आए हैं। दिग्विजय बोले, पुलिस बेरहम होकर 10-10-15 फुट के बैरिकेट्स लगाकर दिल्ली को किला बनाकर इन लोगों की भावना को दबा नहीं सकती। मैं मोदी जी से कहूंगा और देश की सरकार से कहूंगा कि राजा रहमदिल होना चाहिए, बेरहम नहीं होना चाहिए। लोगों की आवाज सुनना चाहिए और भावना को समझना चाहिए। शुक्रवार को भी समर्थन देने गए थे जजपा व इनेलो नेता इससे पहले शुक्रवार को भी इनेलो से रानियां विधायक अर्जुन चौटाला और जजपा से यूथ प्रदेशध्यसक्ष दिग्विजय चौटाला समर्थन देने के लिए जंतर मंतर पर गए थे। इस दौरान पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला भी साथ थे और उन्होंने सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके को देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल के जीवन संघर्ष पर लिखी किताब और बाबा साहेब के साथ की तस्वीर भेंट की थी। अभय चौटाला बोले, 22 बच्चों के सुसाइड के जिम्मेवार का इस्तीफा हो अब इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला का भी कॉकरेज व युवाओं के समर्थन में बयान आया है। अभय चौटाला बोले, जंतर मंतर पर हजारों की संख्या में बच्चे इकट्ठा हो रहे थे और शांतिपूर्ण तरीके से लगातार सरकार के समक्ष अपनी बात रख रहे थे। बारी-बारी ये कह रहे थे कि उन बच्चों के साथ न्याय करो, जिन्होंने सुसाइड किया है। 22 बच्चों ने नीट लीक के पेपर में सुसाइड किया है, उस जिम्मेवार का इस्तीफा मांग रहे थे। सरकार से कह रहे थे कि इसकी जांच करवाओ और कौन जिम्मेवार है। मंत्री ध्रमेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो। सरकार ने उनकी बात सुनने के बजाय उन पर लाठीचार्ज करवाया और आंसू गैस के गोले फेंके। कई बच्चों को चोटें आई। ये मूवमेंट थी जो प्रदर्शन था, वो राजनीतिक नहीं था, गैर राजनीतिक था। उसे तो देश के राजनीतिक दलों को समर्थन करना चाहिए। क्योंकि ये हमारी नई पीढ़ी के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ है। ये अकेला नीट का पेपर लीक नहीं हुआ। हरियाणा प्रदेश के 20-22 पेपर लीक हुए हैं। अगर हमारे बच्चों के साथ इसी तरह खिलवाड़ करे तो फेर मानकर चलो, भविष्य में बच्चा अपने मां-बाप पर भी भरोसा नहीं करेगा। स्वार्थ से ऊपर समर्थन करना चाहिए : अभय अभय बोले, इसीलिए सब राजनीतिक दलों को एक संकल्प लेना चाहिए, जो वहां जाकर समर्थन कर रहे हैं। उनको समर्थन के साथ अपने बच्चों में जागृति पैदा करनी चाहिए। इन बच्चों के साथ जब तक न्याय न हो, उनके साथ खड़ा होना चाहिए। कोई पार्टी का नाम न हो। वहां पर इस तरह की भाषा प्रयोग न हो, जिसमें राजनीतिक बूं आए या राजनीतिक स्वार्थ साधना चाहता हो। स्वार्थ से ऊपर इसका समर्थन करना चाहिए। देश के प्रधानमंत्री को भी इस पर तुरंत विचार करना चाहिए।
महराजगंज के हनुमानगढ़ी के पास स्थित बलिया नाले में मंगलवार को एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव नाले में जलकुंभी के बीच फंसा हुआ था। तेज दुर्गंध आने पर स्थानीय लोगों ने नाले में झांककर देखा तो शव दिखाई दिया। इसके बाद तत्काल सदर कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को नाले से बाहर निकलवाया और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। शरीर पर केवल अंडरवियर, पहचान नहीं हो सकी पुलिस के अनुसार, मृतक के शरीर पर केवल अंडरवियर था। उसके पास से कोई पहचान पत्र, मोबाइल या अन्य सामान बरामद नहीं हुआ। इसी वजह से मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी। शव मिलने की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कई दिन पुराना हो सकता है शव प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि शव कई दिनों से नाले के पानी में पड़ा हुआ था। इसी कारण उसमें से तेज दुर्गंध आने लगी थी। हालांकि मौत के कारणों का स्पष्ट पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। गुमशुदगी के मामलों से कराया जा रहा मिलान सदर कोतवाल निर्भय कुमार सिंह ने बताया कि मृतक की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों का भी मिलान कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच में जुटी है।
मथुरा-वृंदावन में गेस्ट हाउसों पर प्रशासन की कार्रवाई के बाद संचालकों ने एकजुट होकर नया संगठन बना लिया है। मंगलवार को हुई बैठक में तय किया गया कि संगठन के पदाधिकारी गेस्ट हाउस संचालकों की समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखेंगे और कार्रवाई को लेकर प्रशासन से बातचीत करेंगे। बैठक में सर्वसम्मति से आशु गौतम को अध्यक्ष, रामु गुप्ता को महामंत्री और आकाश गोस्वामी को कोषाध्यक्ष चुना गया। नव नियुक्त पदाधिकारियों ने कहा कि शहर के सभी गेस्ट हाउस संचालकों की समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। आकाश गोस्वामी बने कोषाध्यक्ष वृंदावन के चैतन्य बिहार स्थित पाराशर धाम में गेस्ट हाउस संचालकों की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता संगठन के संस्थापक अध्यक्ष आलोक बंसल ने की। बैठक में गेस्ट हाउस संचालकों की समस्याओं, उनके हितों की रक्षा और आपसी समन्वय को मजबूत बनाने के उद्देश्य से 'वृंदावन गेस्ट हाउस संगठन' का गठन किया गया। कार्यकारिणी का हुआ गठन संस्थापक अध्यक्ष आलोक बंसल के मार्गदर्शन में संगठन की कार्यकारिणी घोषित की गई। इसमें आशु गौतम को अध्यक्ष, रामु गुप्ता को महामंत्री और आकाश गोस्वामी को कोषाध्यक्ष बनाया गया। इस दौरान नगर निगम मथुरा-वृंदावन के उपसभापति मुकेश सारस्वत समेत सोहन सिंह सिसौदिया, ठाकुर कालीचरण सिंह, यदुराज यादव, नारायण यादव, लक्ष्मीनारायण दीक्षित, जय इंदोरिया और सुधीर शुक्ला ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि संगठन पूरी एकजुटता के साथ गेस्ट हाउस संचालकों की समस्याओं का समाधान कराने, उनके अधिकारों की रक्षा करने और प्रशासन के साथ सकारात्मक संवाद स्थापित करने का काम करेगा। अध्यक्ष बोले- कार्रवाई के नाम पर शोषण नहीं होने देंगे नवनियुक्त अध्यक्ष आशु गौतम ने कहा- संचालक करोड़ों रुपए खर्च करके गेस्ट हाउस बनाते हैं। निर्माण के समय किसी अधिकारी को मानकों की याद नहीं आती। लेकिन जब कहीं कोई घटना हो जाती है तो कार्रवाई के नाम पर संचालकों का शोषण किया जाता है। अब यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में आशीष ठाकुर, कृष्णा शर्मा, सौरभ शर्मा, संदीप वर्मा, लक्ष्मीनारायण निषाद, राधारमण, कृष्णा राठौर, लकी गौतम, नितिन एडवोकेट, सचिन तोमर, पुनीत शर्मा, रितिक अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल और हिमांशु बंसल समेत बड़ी संख्या में होटल और गेस्ट हाउस संचालक मौजूद रहे।
गुरुग्राम जिले में फर्रुखनगर के गांव मोहम्मदपुर में एक व्यक्ति का शव झाड़ियों में मिला है। मृतक की पहचान 57 वर्षीय जयपाल पुत्र खुशीराम के रूप में हुई है, जिन्हें हाल ही में गांव में एक निर्माणाधीन मकान के लिए चौकीदार नियुक्त किया गया था। इस घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। पुलिस के अनुसार, जयपाल 20 जुलाई को घर से लापता हो गया था। काफी तलाश के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने फर्रुखनगर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर की शिनाख्त इसी बीच, पुलिस को मोहम्मदपुर बस स्टैंड के पास वजीरपुर रोड किनारे झाड़ियों में एक शव पड़े होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही फर्रुखनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के दौरान शव की पहचान जयपाल के रूप में हुई। शव मिलने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन घटनास्थल पर जमा हो गए। प्रारंभिक जांच में मृतक के एक हाथ से खून निकला हुआ पाया गया, जबकि उनके पेट पर खरोंच के निशान भी मिले हैं। शव की स्थिति को देखते हुए मौत के कारणों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जयपाल की मौत किसी दुर्घटना, आत्महत्या या आपराधिक घटना का परिणाम है। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फर्रुखनगर पुलिस ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल में एक महिला असिस्टेंट डायरेक्टर (TCP) बनने के बाद अपने पति पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाकर बच्चे के साथ मायके चली गई। शादी के 20 साल बाद महिला ने महिला आयोग में शिकायत कराई और पति से तलाक की मांग की। महिला आयोग पहुंचे पति ने बेंच के सामने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ रहना चाहता है। इस उम्र में वह अकेला कहां जाएगा। पति सरकारी कॉलेज में प्रोफेसर है। एक अन्य मामले में पति ने अपनी पत्नी पर दूसरी महिला के साथ अवैध संबंध के आरोप लगाए। पति ने कहा कि मुझे अपनी पत्नी से जान का खतरा है। जबकि पत्नी ने पति पर उसकी अश्लील फोटो वायरल करने, जबरन अबॉर्शन कराने और दहेज के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया। दरअसल, महिला आयोग में पेंडिंग केसेस की जनसुनवाई चल रही है, जिसमें सोमवार को 30 मामलों की सुनवाई की गई। इसी दौरान यह मामले भी सामने आए। केस-1 : असिस्टेंट डायरेक्टर (TCP) बनने के बाद पति को छोड़ा शादी के 20 साल बाद महिला ने पति पर मानसिक प्रताड़ना और पैसे के लेन-देन की महिला आयोग में शिकायत की। जिसकी सुनवाई में महिला नहीं पहुंची, पर उसके पति ने बताया कि हमारी शादी में सब ठीक था। आज भी मैं अपनी पत्नी के साथ रहना चाहता हूं। वह बिना मुझसे कुछ कहे चली गई और मेरे बेटे को भी साथ ले गई। मैं उसके साथ रहना चाहता हूं। मैं उनके साथ उनके मायके में भी रहने को तैयार हूं। पति ने कहा कि जब से मेरी पत्नी की नौकरी लगी है, वह बदल गई है। पति बोला- प्रताड़ित होती तो IVF से बच्चा कैसे होता? पति ने कहा कि हमारा बेटा IVF से हुआ है। अगर इनके साथ मानसिक प्रताड़ना होती तो IVF से बच्चा होना संभव ही नहीं था। पति बोला, उसके जाने के बाद मेरी मां को भी पैरालिसिस का दूसरा अटैक आ चुका है। यह हमारी दूसरी शादी थी। अब इस उम्र में मैं तलाक लेकर कैसे जीवन गुजारूंगा। केस-2: पति बोला- मुझे पत्नी से जान का खतरा पति ने आयोग में दावा किया कि पत्नी के दूसरी महिला के साथ अवैध संबंध हैं। उसने कहा कि इस संबंध में उसने न्यायालय में दस्तावेज और साक्ष्य भी प्रस्तुत किए हैं। हालांकि पत्नी ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है। आयोग के समक्ष दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे। महिला आयोग के समझाने पर पति ने कहा, मुझे अपनी पत्नी से जान का खतरा महसूस होता है। मैंने अपनी पत्नी और इनके पार्टनर को फोन पर बात करते हुए सुना है। ये मुझे बीच से हटाने की बात कर रहे थे। अगर कभी इसने मेरे खाने में जहर मिला दिया तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। शादी के पहले दिन से दहेज की मांग का आरोप वहीं, महिला ने आयोग को बताया कि शादी के बाद से ही पति और ससुराल पक्ष सोना, नकदी और अन्य सामान की मांग करते थे। जब उसके परिवार ने लगातार आर्थिक मदद देने से इनकार किया तो उसके साथ दुर्व्यवहार शुरू हो गया। महिला का आरोप है कि उसे बार-बार ताने दिए गए और प्रताड़ित किया गया। कमरे में कैमरे लगाने का आरोप महिला ने आरोप लगाया कि उसके बेडरूम में कैमरे लगाए गए और उसकी जानकारी के बिना निजी वीडियो रिकॉर्ड किए गए। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए गए, जिससे उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। महिला ने कहा कि इस पूरे मामले की शिकायत उसने पुलिस और अन्य संबंधित अधिकारियों से भी की है। महिला बोली- कमरे में बंद रखा, बच्चे का अबॉर्शन कराया महिला का आरोप है कि कई बार उसे कमरे और बाथरूम में बंद रखा गया। उसके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। महिला बोली, मेरे पति का उनकी मौसी की लड़की के साथ अवैध संबंध है। मेरा ससुर भी मेरे साथ गलत हरकत करता है। महिला ने आरोप लगाया कि मेरे पति ने मेरी मर्जी के खिलाफ मेरा अबॉर्शन कराया। मुझे 10 से 12 दिन हॉस्पिटलमें भर्ती कराया। तीन महीने तक टायफाइड कराकर बिस्तर पर मरने के लिए छोड़ दिया। पत्नी ने बताया कि मेरा मायका नागपूर है। भोपाल में मेरे ससूराल वाले मुझे घर में अकेले छोड़कर भाग गए। मैं कई सालों से घर में अकेले रह रही हूं। मेरा खर्चा मेरे मायके वाले देते है। दंपती का प्रेम विवाह हुआ था महिला ने बताया कि मेरे पति मेरे दूर के जीजा के भाई थे। हम 2015 से एक-दूसरे को जानते थे। 2022 में मैंने इनसे शादी की थी। शादी के बाद से ही यह बदल गए और मेरे साथ गलत करने लगे। पति ने सभी आरोपों से किया इनकार पति ने पत्नी के सभी आरोपों को निराधार बताया। उसका कहना है कि उसने स्वयं पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन उसकी शिकायत पर भी उचित कार्रवाई नहीं हुई। उसने आयोग के सामने दावा किया कि उसके पास अपने पक्ष के समर्थन में दस्तावेज और साक्ष्य मौजूद हैं, जिन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है।
बागपत के अहेड़ा गांव के पास मंगलवार सुबह एक मालगाड़ी की कपलिंग टूट गई, जिससे ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई। इससे दिल्ली-सहारनपुर रेल मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यह मालगाड़ी दिल्ली से चंडीगढ़ जा रही थी। कपलिंग टूटने के बाद कई यात्री ट्रेनों को घंटों तक स्टेशनों पर रोकना पड़ा। दिल्ली से सहारनपुर और सहारनपुर से दिल्ली जाने वाली पैसेंजर ट्रेनों के यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। स्थानीय निवासी राहुल मुकेश ने बताया कि ट्रेन के दो हिस्सों में बंटने के बाद अन्य पैसेंजर ट्रेनें भी देरी से चलीं, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे। घंटों की मशक्कत के बाद मालगाड़ी की टूटी हुई कपलिंग को ठीक किया गया और दोनों हिस्सों को फिर से जोड़ा गया। मरम्मत का काम पूरा होने के बाद मालगाड़ी अपने गंतव्य के लिए रवाना हुई और इसके साथ ही रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों का आवागमन सामान्य हो सका।
डूंगरपुर में एक बुजुर्ग किसान की सांप के डसने से मौत हो गई। यह घटना सदर थाना क्षेत्र के सटोडा गांव में सोमवार देर शाम हुई। किसान खेत में फसल को पानी दे रहा था, तभी सांप ने उसे डस लिया।सदर थाना पुलिस के अनुसार, 65 वर्षीय देवीलाल पुत्र सेगाजी पारगी अपने खेतों में फसल को पानी देने के लिए गए थे। इसी दौरान सांप ने उनके दोनों हाथों पर डस लिया। सांप के डसने के बाद देवीलाल घर जाकर सो गए। बाद में परिवार के सदस्यों ने उनके हाथों से खून बहता देखा। पूछताछ करने पर देवीलाल ने सांप के डसने की बात बताई।इसके बाद परिजन उन्हें तुरंत डूंगरपुर अस्पताल ले गए। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव को अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। सदर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
दिल्ली जा रहे किसानों को झज्जर जिले के बहादुरगढ़ में यूईआर-2 यानी अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 के एंट्री पॉइंट पर पुलिस ने रोक दिया। एयरपोर्ट और द्वारका की ओर जाने वाले मार्ग पर हरियाणा पुलिस ने बैरिकेडिंग कर पंजाब से आई किसानों की पांच बसों को हाईवे पर ही रोक लिया। इस दौरान मौके पर कुछ देर के लिए तनाव और टकराव जैसी स्थिति भी बनी। जानकारी के अनुसार, पंजाब से आए किसान देश बचाओ मोर्चा के बैनर तले दिल्ली के किसान घाट पर आयोजित बैठक में शामिल होने जा रहे थे। किसानों का कहना था कि उनका कार्यक्रम पहले से तय था और वे जंतर-मंतर पर चल रहे किसी अन्य प्रदर्शन में शामिल होने नहीं जा रहे थे। किसान घाट पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बैठक और एक दिवसीय धरना प्रस्तावित था। हालांकि, दिल्ली की सीमाओं पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के चलते किसानों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई। दिल्ली सीमा पर दिल्ली पुलिस और हरियाणा की सीमा पर हरियाणा पुलिस ने बैरिकेड लगाकर किसानों को रोक दिया। बताया जा रहा है कि दिल्ली आने वाले प्रमुख बॉर्डरों पर किसान संगठनों को रोकने के निर्देश दिए गए थे। भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध किसानों का यह कार्यक्रम भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में आयोजित किया गया था। किसानों का आरोप है कि इस ट्रेड डील से देश के किसानों को गंभीर आर्थिक नुकसान हो सकता है। किसानों ने कहा कि उनका कार्यक्रम केवल एक दिन का था और वे धरना खत्म कर शाम तक वापस लौटने वाले थे, लेकिन सरकार ने उन्हें दिल्ली पहुंचने से पहले ही रोक दिया। भारतीय किसान यूनियन (खोसा) के प्रधान सुखजिंदर खोसा की अगुवाई में किसान दिल्ली जा रहे थे। खोसा ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह किसानों के मुद्दों और भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध को लेकर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका किसी अन्य संगठन के प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है। किसानों के साथ अन्याय कर रही सरकार खोसा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है और ट्रेड डील किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों को इसी तरह जबरन रोका गया तो देशभर की किसान यूनियनें संयुक्त रणनीति बनाकर सीमाओं पर स्थायी मोर्चा लगाने का निर्णय ले सकती हैं। फिलहाल पुलिस की रोक के चलते किसान घाट पर प्रस्तावित बैठक और एक दिवसीय धरना स्थगित हो गया। बहादुरगढ़ के यूईआर-2 पर किसानों को रोकने के दौरान कुछ देर तक पुलिस और किसानों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
योगी सरकार इस साल ग्रेजुएशन पास करने वाली छात्राओं को स्कूटी देगी। इसका फायदा उन छात्राओं को होगा, जिनके परिवार की सालाना आय 10 लाख रुपए तक होगी। हालांकि, दिव्यांग छात्राओं, शहीदों और निराश्रित परिवार की बेटियों पर आय सीमा नहीं लागू होगी। स्कूटी हर विश्वविद्यालय और कॉलेज की टॉप 5% छात्राओं को ही मिलेगी। सरकार सिर्फ स्कूटी ही नहीं देगी, बल्कि उसका बीमा, रजिस्ट्रेशन, हेलमेट, जरूरी एक्सेसरीज और 4 लीटर पेट्रोल भी देगी। हालांकि, छात्राओं को ड्राइविंग लाइसेंस खुद बनवाना होगा। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया- स्कूटी बांटने के लिए 400 करोड़ का बजट मंजूरी दी गई है। स्कूटी पेट्रोल से चलने वाली होगी। इसकी खरीद जेम (GeM) पोर्टल से की जाएगी। 10 लाख से ज्यादा इनकम वाले परिवारों की बेटियों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। दरअसल, मंगलवार दोपहर 12 बजे योगी कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना समेत 18 प्रस्तावों पर मुहर लगी। सरकार ने बताया कि यूपी विधानमंडल का मानसून सत्र 3 अगस्त से 6 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान सदन में संभल दंगों की जांच रिपोर्ट रखी जाएगी। साथ ही अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। इसके अलावा, प्रदेश में 2 और एक्सप्रेस-वे बनाए जाएंगे। इनमें विंध्य एक्सप्रेस-वे और विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस-वे शामिल हैं। अब दोनों एक्सप्रेस-वे कहां से कहां तक बनेंगे, पढ़िए विंध्य एक्सप्रेस-वे- इसकी लंबाई 333 किलोमीटर होगी। प्रयागराज में गंगा एक्सप्रेस-वे के अंतिम छोर (सोनवार तहसील) से शुरू होगा। इसके बाद यह मिर्जापुर, भदोही, वाराणसी और चंदौली से होते हुए सोनभद्र तक जाएगा। यह यूपी को बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमाओं से सीधे जोड़ेगा। एक्सप्रेस-वे बनने के बाद प्रयागराज से सोनभद्र का सफर सवा तीन घंटे में पूरा हो जाएगा, इसमें अभी साढ़े छह घंटे लगते हैं। प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 26,315 करोड़ रुपए है। एक्सप्रेस-वे करीब 341 गांवों से होकर गुजरेगा। इसके लिए 2800 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी। विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस-वे- यह 117 किलोमीटर लंबा होगा। चंदौली-गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के अंतिम छोर को विंध्य एक्सप्रेस-वे से जोड़ेगा। यह गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी और मिर्जापुर के 135 गांवों से होकर गुजरेगा। अनुमानित लागत 9,039 करोड़ रुपए है। इसके लिए 2800 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी। इस एक्सप्रेस-वे के बनने के बाद पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, विंध्य एक्सप्रेस-वे और गंगा एक्सप्रेस-वे आपस में जुड़ जाएंगे, जिससे दिल्ली से लेकर सीधे बिहार और मध्य प्रदेश की सीमा तक कनेक्टिविटी मिलेगी। इन अहम फैसलों को भी पढ़िए- खबर लगातार अपडेट की जा रही है….
रीवा में ट्रक ने बाइक सवार को रौंदा:सुसराल से घर आ रहे पति की मौत, पत्नी घायल; छुहिया घाटी में हादसा
रीवा जिले की छुहिया घाटी में मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दंपती को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बाइक चला रहे युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं। दंपती उमरिया स्थित ससुराल से अपने घर गढ़ लौट रहे थे। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया, वहीं मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए संजय गांधी अस्पताल भेजा गया। उमरिया से गढ़ लौट रहे थे दंपती मृतक की पहचान शेख अजमद के रूप में हुई है। हादसे में उनकी पत्नी सकीतुरनिशा घायल हुई हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। परिजनों के अनुसार, शेख अजमद अपनी पत्नी के साथ उमरिया स्थित ससुराल गए थे। मंगलवार को दोनों बाइक से वापस अपने घर गढ़ लौट रहे थे। इसी दौरान छुहिया घाटी क्षेत्र में उनकी बाइक को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि युवक ने मौके पर तोड़ा दम प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक की टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार शेख अजमद सड़क पर गिर पड़े। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं उनकी पत्नी सकीतुरनिशा भी गंभीर रूप से घायल हो गईं। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल मदद करते हुए पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। हादसे के बाद ट्रक चालक फरार घटना के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास मौजूद लोगों से घटना की जानकारी ली और फरार ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी है। हादसे के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ, जिसे बाद में सामान्य कराया गया। सीसीटीवी फुटेज से ट्रक की तलाश पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके अलावा प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ट्रक और चालक की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। फरार चालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। घायल महिला का अस्पताल में चल रहा इलाज पुलिस ने बताया कि मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। वहीं घायल महिला का इलाज अस्पताल में जारी है। चिकित्सक लगातार महिला की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
प्रयागराज में चलती मालगाड़ी पर पत्थरबाजी के मामले में आखिरकार सोमवार को आरपीएफ ने एफआईआर दर्ज कर ली है। शुरुआत में घटनास्थल की पुष्टि नहीं होने की बात कही गई थी, लेकिन अब अज्ञात युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। यह मामला शनिवार 18 जुलाई का बताया जा रहा है। दारागंज के अलोपीबाग के पास रेलवे ट्रैक पर कुछ युवकों ने मालगाड़ी पर पत्थर चलाए थे। इसका वीडियो रविवार 19 जुलाई की सुबह 8 बजे सामने आया था। सोमवार 20 जुलाई को मुकदमा दर्ज किया गया। आरपीएफ का कहना है कि फिलहाल आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी है। सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर युवकों की तलाश की जा रही है। ट्रैक किनारे खड़े थे कई युवक बताया जा रहा है कि शनिवार को अलोपीबाग के पास रेलवे ट्रैक के किनारे कुछ युवक खड़े थे। इसी दौरान एक मालगाड़ी वहां से गुजर रही थी। जैसे ही ट्रेन उनके सामने पहुंची, युवकों ने उस पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। घटना के दौरान आसपास मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरी वारदात का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि युवकों ने मालगाड़ी पर पत्थरबाजी किस वजह से की। वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद रेलवे से शिकायत की गई है। रेलवे सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही हैं और घटना स्थल की भी जानकारी जुटाई जा रही है। इंस्पेक्टर बोले थे, जांच कराई जा रही आरपीएफ रामबाग पोस्ट के इंस्पेक्टर दयाशंकर यादव ने बताया था कि उन्होंने खुद अपनी टीम को भेजकर जांच कराई लेकिन घटनास्थल की पुष्टि नहीं हो पा रही है। हालांकि सोमवार रात इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई। इंस्पेक्टर ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।
कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने राज्यसभा चुनाव परिणाम को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती दी है। मंगलवार को जबलपुर पहुंचीं मीनाक्षी नटराजन ने बताया कि उन्होंने निर्धारित 45 दिनों की समय-सीमा के भीतर चुनाव याचिका दायर कर दी है और जल्द ही इस पर सुनवाई होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के अधिकारी द्वारा उनका चुनावी दावा खारिज किया जाना पूरी तरह गलत है। उनका आरोप है कि जिस मामले का संज्ञान तक नहीं लिया गया, उसी को आधार बनाकर उनकी आपत्ति निरस्त कर दी गई। मीनाक्षी ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और हाईकोर्ट से न्याय मिलने की उम्मीद है। सुप्रीम कोर्ट ने की थी याचिका खारिज दरअसल, मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया था। कांग्रेस के पास पर्याप्त संख्या बल भी था, लेकिन 9 जून को मीनाक्षी का नामांकन फॉर्म निरस्त कर दिया गया। नटराजन ने उनका नामांकन रद्द किए जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि इस मामले में सीधे रिट याचिका नहीं सुनी जा सकती। अगर उन्हें फैसले पर आपत्ति है तो वे चुनाव याचिका दायर करें। याचिका खारिज होने पर मीनाक्षी ने कहा कि पहले वोट चोरी होती थी, इस बार सीट चोरी हुई। जंतर-मंतर घटना पर केंद्र सरकार को घेरा दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को हुई घटना का जिक्र करते हुए मीनाक्षी नटराजन ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह देश के इतिहास का काला दिन था, जब छात्राओं पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हर आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है और आंदोलन करने वालों को आतंकवादी बताने की कोशिश की जा रही है। मीनाक्षी ने कहा कि देश के युवा देश के खिलाफ नहीं, बल्कि देश के हित में संघर्ष कर रहे हैं और छात्रों पर हुआ लाठीचार्ज बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन की तरह आज भी युवा अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और अब सरकार की कथनी और करनी बेनकाब होने का समय आ गया है। सांसद विवेक तन्खा ने भी सरकार पर उठाए सवाल राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने भी दिल्ली की घटना और सोनम वांगचुक के जारी अनिश्चितकालीन अनशन को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि यदि सरकार वांगचुक का अनशन समाप्त नहीं करवा पा रही है, तो यह संसद, सरकार और न्यायपालिका सभी की सामूहिक विफलता होगी। तन्खा ने लिखा कि यदि सोनम वांगचुक को कोई नुकसान पहुंचता है, तो यह पूरे लोकतांत्रिक तंत्र की असफलता होगी। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में कम से कम मैं तो सांसद बने रहना बिल्कुल पसंद नहीं करूंगा। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… राज्यसभा नामांकन रद्द होने के खिलाफ मीनाक्षी की याचिका खारिज सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन की याचिका खारिज कर दी। उन्होंने राज्यसभा चुनाव के लिए उनका नामांकन रद्द किए जाने के फैसले को चुनौती दी थी। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में सीधे रिट याचिका नहीं सुनी जा सकती। अगर उन्हें फैसले पर आपत्ति है तो वे चुनाव याचिका दायर करें। पढ़ें पूरी खबर… राज्यसभा नॉमिनेशन खारिज होने में कांग्रेसी नेताओं का दोष नहीं कांग्रेस की वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन ने राज्यसभा चुनाव में अपना नामांकन खारिज होने के मामले में पहली बार खुलकर चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नामांकन निरस्त होने के लिए कांग्रेस के किसी नेता या फॉर्म भरने वालों की कोई गलती नहीं थी। पढ़ें पूरी खबर…
गुना जिले में करीब दस दिन के अंतराल के बाद मानसून एक बार फिर सक्रिय हुआ है। जिले के कई इलाकों में तेज बारिश दर्ज की गई, हालांकि गुना शहर में केवल बूंदाबांदी ही होती रही। मृगवास क्षेत्र में हुई जोरदार बारिश के बाद सानई चौकी के सामने कमर तक पानी भर गया, जिससे चौकी तक आने-जाने का रास्ता बंद हो गया। बारिश के बाद जहां कुछ इलाकों में लोगों को राहत मिली है, वहीं कम बारिश के कारण किसानों की चिंता अभी भी बनी हुई है। जिले में अब तक औसत बारिश का 25 प्रतिशत कोटा भी पूरा नहीं हो सका है, जिससे सूखे की आशंका जताई जा रही है। दस दिन बाद शुरू हुआ बारिश का दौर गुना जिले में पिछले दस दिनों से बारिश नहीं हुई थी। सोमवार रात से मौसम में बदलाव आया और बारिश का दौर फिर शुरू हुआ। शहर में रातभर रुक-रुककर रिमझिम बारिश होती रही। हालांकि, गुना शहर में इस दौरान केवल 1.6 मिमी बारिश ही दर्ज की गई। शहरवासियों को अच्छी बारिश का अभी भी इंतजार है। मृगवास में मूसलाधार बारिश, चौकी के सामने भरा पानी सबसे ज्यादा बारिश मृगवास इलाके में दर्ज की गई। यहां करीब एक घंटे तक तेज बारिश हुई, जिसके कारण नदी और नाले उफान पर आ गए। मृगवास क्षेत्र की सानई चौकी के सामने कमर तक पानी भर गया। पानी अधिक होने के कारण चौकी में आने-जाने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। पुलिसकर्मियों को भी कमर तक भरे पानी से होकर निकलना पड़ा। बारिश के कारण कस्बे के कई घरों में भी पानी भर गया, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पिछले साल से काफी पीछे चल रही बारिश बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार मानसून की रफ्तार कमजोर रही है। पिछले साल 20 जुलाई तक गुना जिले में करीब 870 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी थी। इसके मुकाबले इस साल अभी तक जिले की औसत बारिश का 25 प्रतिशत कोटा भी पूरा नहीं हो पाया है। कम बारिश के कारण जिले में सूखे की स्थिति बनने की आशंका जताई जा रही है। फसलों को पानी की जरूरत, किसान चिंतित लगातार कई दिनों तक बारिश नहीं होने के कारण अब खेतों में फसलों पर असर दिखाई देने लगा है। कई जगह फसलें सूखने लगी हैं और किसानों को अच्छी बारिश का इंतजार है। किसानों का कहना है कि फसलों को इस समय पानी की जरूरत है। अगर जल्द बारिश नहीं हुई तो फसलों में खाद डालने का काम भी प्रभावित हो सकता है। बारिश नहीं होने की स्थिति में उत्पादन पर असर पड़ने की चिंता किसानों को परेशान कर रही है। अब किसान मानसून के दोबारा सक्रिय होने और अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
शाजापुर शहर में मंगलवार सुबह से रुक-रुककर बारिश हो रही है। इस बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है, जिससे मौसम सुहावना हो गया है।पिछले लगभग 12 दिनों से जिले में पर्याप्त बारिश नहीं हुई थी, जिसके कारण लोग अच्छी वर्षा का इंतजार कर रहे थे। इससे पहले रविवार शाम को शहर के कुछ हिस्सों में 10 से 15 मिनट तक हल्की बारिश हुई थी, जबकि कई इलाकों में सूखा रहा। सोमवार को भी कुछ क्षेत्रों में हल्की वर्षा दर्ज की गई, लेकिन यह व्यापक नहीं थी। किसानों को अच्छी फसल की उम्मीद जगी मंगलवार सुबह से मौसम में बदलाव आया और शहर में रिमझिम बारिश शुरू हो गई। रुक-रुककर हो रही इस बारिश के बीच लोग छतरी और रेनकोट पहनकर अपने दैनिक कार्यों के लिए आवाजाही करते दिखे। गर्मी और उमस से मिली राहत ने लोगों को सुकून दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार शाम तक जिले में इसी तरह का मौसम बना रह सकता है। इस दौरान कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। लंबे अंतराल के बाद हो रही इस बारिश से किसानों में भी अच्छी फसल की उम्मीद जगी है।
गुरुग्राम में मंगलवार अलसुबह से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने एक तरफ जहां भीषण गर्मी और उमस से राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ सुबह-सुबह काम पर निकलने वाले लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दीं। सुबह ड्यूटी टाइम के दौरान शहर के लगभग सभी प्रमुख रास्तों और चौराहों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं, जिससे यातायात रेंगता नजर आया। सुबह करीब 8:30 बजे जैसे ही दफ्तर और फैक्ट्रियों में जाने वाले लोगों का पीक ऑवर शुरू हुआ, बारिश की वजह से ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई। दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे, राजीव चौक, इफ्को चौक, सेक्टर-10 से हीरो होंडा चौक, सोहना रोड और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड जैसे व्यस्ततम मार्गों पर जाम की स्थिति बन गई। दुपहिया वाहन ड्राइवर फ्लाईओवरों और मेट्रो स्टेशनों और फ्लाईओवरों के नीचे शरण लेते दिखाई दिए, जिससे सड़क पर वाहनों का दबाव और अधिक बढ़ गया। आईटी कंपनियों और अन्य निजी दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से दो से तीन गुना अधिक समय लगा। निचले इलाकों में जलभराव, लेकिन स्थिति नियंत्रण में लगातार हो रही बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों और रिहायशी सोसायटियों की अंदरूनी सड़कों पर पानी जमा हो गया। मुख्य रूप से ओल्ड गुरुग्राम के कुछ हिस्सों, सेक्टर-15, सेक्टर-31 और कुछ सर्विस लेनों में घुटनों तक पानी भर गया। हालांकि, जिला प्रशासन और नगर निगम की मुस्तैदी के कारण इस बार स्थिति ज्यादा नहीं बिगड़ी। जलभराव वाले पॉइंट्स से पानी की निकासी के लिए तुरंत पंपिंग सेट चलाए गए। प्रशासन द्वारा ड्रेनेज सिस्टम की पहले से की गई सफाई और त्वरित कार्रवाई की वजह से शहर में बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति पैदा नहीं हुई और पानी का जलस्तर तेजी से कम होने लगा। जारी रहेगी बारिश मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की सक्रियता के चलते अगले 24 से 48 घंटों तक रुक-रुक कर बारिश का यह सिलसिला जारी रह सकता है। ट्रैफिक पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से वाहन चालकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सड़कों पर वाहनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखें, हेडलाइट्स ऑन रखें और जलभराव वाले रास्तों पर जाने से बचें। जाम को नियंत्रित करने के लिए सभी प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को तैनात कर दिया गया है। फिलहाल, बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे दिल्ली-एनसीआर के लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है। फोटो में देखिए बारिश के दौरान के हालात…
कानपुर के नवीन नगर में हार्मोनी डीलक्स अपार्टमेंट के संचालक भरत भाटिया ने अपार्टमेंट की दीवार धंसने के मामले में अब नगर निगम और मेट्रो परियोजना पर सवाल उठाए हैं। हार्मोनी डीलक्स अपार्टमेंट के भरत भाटिया ने नगर निगम को पत्र भेजकर क्षतिग्रस्त अपार्टमेंट के बाहर मुख्य नाली और फुटपाथ की इंटरलॉकिंग धंसने को दुरुस्त कराने की मांग की है। भरत भाटिया का कहना है कि लगातार हो रही बारिश और क्षेत्र में चल रहे मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण कार्यों के कारण अपार्टमेंट के बाहर नगर निगम की मुख्य नाली पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। उनका आरोप है कि नाली का पानी रिसकर अपार्टमेंट परिसर के अंदर आ रहा है। रिसाव से अपार्टमेंट के अंदर की पीसीसी के नीचे की मिट्टी बैठ गई और वह हिस्सा धंस गया। जब तक बाहर से पानी का रिसाव बंद नहीं होगा अंदर जलभराव की स्थिति रहेगी। नगर निगम और मेट्रो को ठहराया जिम्मेदार पत्र में उन्होंने कहा है कि बाहरी नाली का टूटना और फुटपाथ धंसना मेट्रो के कार्यों के प्रभाव और भारी बारिश के कारण हुआ है। नाली क्षतिग्रस्त होने से बारिश का पानी सही तरीके से निकासी नहीं कर पा रहा है। इससे अपार्टमेंट के आसपास जलभराव की आशंका बढ़ गई है। अगर जल्द मरम्मत नहीं कराई गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है और अपार्टमेंट की सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने नगर निगम से मांग की है कि मौके का तत्काल निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त मुख्य नाली की मरम्मत कराई जाए और धंसी हुई इंटरलॉकिंग को भी ठीक कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका न रहे। बेघर हुए 50 लोग भटकने को मजबूर दरअसल, बिल्डर अशोक मेहरा ने आठ साल पहले हार्मोनी अपार्टमेंट बनवाया था, इसमें 16 फ्लैट हैं। कानपुर में 2 जुलाई की देर रात भीषण बारिश होने के चलते 3 जुलाई की सुबह इस अपार्टमेंट का बेसमेंट धंसने से एक फ्लैट की दीवार भरभराकर गिर गई थी। जानकारी मिलने के बाद केडीए के अफसर मौके पर जांच करने पहुंचे थे। बिल्डिंग धंसने की आशंका के चलते वहां पर रहने वाले 13 फ्लैट खाली कराकर केडीए ने बिल्डिंग को सील कर नोटिस चस्पा कर दिया था। अभी भी अपार्टमेंट के 50 लोग इधर-उधर रहने को मजबूर हैं। एचबीटीयू की नहीं आई जांच रिपोर्ट एचबीटीयू की टीम जांच कर रही है, लेकिन अभी तक केडीए और एचबीटीयू की जांच रिपोर्ट नहीं आई है। वहीं बिल्डर ने सील हटाकर और नोटिस फाड़कर निर्माण कार्य शुरू करा दिया था। इसकी जानकारी होने पर केडीए ने दोबारा अपार्टमेंट को सील कराकर काकादेव थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
शाजापुर जिले के सिरोलिया गांव में निजी स्कूल के शिक्षक (38) ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उन्होंने व्हाट्सएप ग्रुप में संदेश लिखकर कुछ लोगों पर मानसिक प्रताड़ना और अफवाह फैलाने के आरोप लगाए। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ट्रेन की चपेट में आने से मौत घटना सोमवार शाम सिरोलिया रेलवे स्टेशन के पास पोल नंबर 1298/08 से 1298/06 के बीच हुई। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। मंगलवार को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक की पहचान सिरोलिया निवासी सतीश जोशी (38) पिता मणीशंकर जोशी के रूप में हुई। वह गांव से करीब छह किलोमीटर दूर साजोद के एक निजी स्कूल में शिक्षक थे और प्रतिदिन पैदल स्कूल आते-जाते थे। सुसाइड से पहले WhatsApp पर लिखा मैसेज आत्महत्या से पहले सतीश ने एक व्हाट्सएप ग्रुप में संदेश लिखकर आरोप लगाया कि कुछ लोग उनके बारे में गलत अफवाहें फैला रहे थे, जिससे वह पिछले दो महीने से मानसिक रूप से परेशान थे। उन्होंने दीपक (कालु) पाटीदार पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही मित्रों और परिचितों से अंतिम प्रणाम करते हुए किसी को ठेस पहुंची हो तो क्षमा भी मांगी। भाई ने बताई मानसिक परेशानी परिजनों के अनुसार सतीश की शादी नहीं हुई थी। भाई राहुल ने बताया कि इसी बात को लेकर गांव के कुछ लोग उन्हें परेशान करते थे, जिससे वह मानसिक तनाव में रहने लगे थे। सोमवार शाम इंदौर-कोटा ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। मक्सी थाना प्रभारी मदन इवने ने बताया कि आत्महत्या से पहले व्हाट्सएप ग्रुप में संदेश पोस्ट किए जाने की जानकारी मिली है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यूपी सरकार में पंचायती राज मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि अगले साल बनने वाली नई सरकार में एक मजबूत विपक्ष मिले। यदि अच्छा विपक्ष बनना है, तो सपा को 'लुटेरे' नेताओं पर लगाम लगानी होगी। मंगलवार सुबह करीब 11:45 बजे राजभर ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा- आपके सांसद ने एक दलित महिला की 50 बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया है। उसके चारों ओर करंट वाला तार लगवा दिया है, ताकि कोई गरीब वहां जाए और उसकी मौत हो जाए। आप अपने भाई धर्मेंद्र यादव से पूछ लीजिए। राजभर ने अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव को 'मित्र' और 'महाराज' कहकर संबोधित किया। वह सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर लगातार हमलावर हैं। एक दिन पहले भी राजभर ने श्रीकृष्ण को मुसलमान बताने वाले मौलाना जरजिस के बयान को लेकर अखिलेश यादव पर तंज कसा था। पहले पढ़िए मंत्री राजभर ने पोस्ट में क्या लिखा? राजभर ने लिखा, “अखिलेश भैया, सुबह की राम-राम! एक बात बताइए मित्र, क्या आपकी पार्टी के लोगों को गरीबों, पिछड़ों और दलितों को सताने में मजा आता है?” प्रदेश में लगभग हर रोज हो रहे अपराधों की जांच में सपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आ रहे हैं। हत्या, हुड़दंग से लेकर चोरी-छिनैती तक की घटनाओं में आपकी पार्टी के लोगों का नाम क्यों आता है? उन्होंने आगे लिखा, महाराज, ऐसे लोगों को पार्टी में क्यों भर रखा है? यह पार्टी है या गैंग? इसके साथ ही उन्होंने आजमगढ़ के लालगंज से सपा सांसद दरोगा प्रसाद सरोज पर निशाना साधते हुए उन्हें 'लुटेरा' करार दिया। राजभर ने कहा कि नाम भले ही 'दरोगा' हो, लेकिन काम लुटेरों वाला है। आपको उनका कांड पता चल ही गया होगा। दरोगा नाम के लुटेरे को सांसद बनाये किस लिए हैं? 50 बीघा जमीन कब्जाने और 'करंट वाले तार' का आरोप राजभर ने आजमगढ़ के मोहनपुर पटवास गांव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सपा सांसद एक गरीब दलित महिला गीता सरोज की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। उनका दावा है कि सांसद ने इसके लिए अपने बेटे और पोते को लगा रखा है, जो शराब के नशे में गाली-गलौज करते हैं और धमकियां देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 50 बीघा जमीन और एक तालाब पर कब्जा कर वहां स्विमिंग पूल वाला फार्महाउस बना लिया गया है। कब्जाई गई जमीन के चारों ओर करंट वाला तार लगवाया गया है, ताकि कोई गरीब या दलित वहां जाए तो करंट लगने से उसकी मौत हो जाए। राजभर ने इसे सामंती सोच का नतीजा बताया। राजभर ने अखिलेश यादव से कहा कि यदि उन्हें अपनी ही पार्टी के सांसद के कारनामों पर भरोसा न हो, तो वे अपने भाई धर्मेंद्र यादव से पूछ लें, उन्हें सब पता है। 'सलाह मानिए, वरना नेता प्रतिपक्ष का पद भी चला जाएगा' तंज कसते हुए राजभर ने लिखा कि वह चाहते हैं कि अगले साल बनने वाली नई सरकार में उन्हें एक मजबूत विपक्ष मिले। यदि अच्छा विपक्ष बनना है, तो ऐसे 'लुटेरे' नेताओं पर लगाम लगानी होगी। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे नेताओं पर कार्रवाई नहीं की गई, तो सपा के हाथ से नेता प्रतिपक्ष का पद भी निकल जाएगा। अंत में उन्होंने लिखा, “जय भारत, जय श्रीराम, जय श्रीकृष्ण, जय महाराजा सुहेलदेव।” अखिलेश भैया, सुबह की राम राम।एक बात बताइये मित्र। क्या आपकी पार्टी के लोगों को गरीबों, पिछड़ों और दलितों को सताने में मज़ा आता है क्या? ये बात इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि लगभग हर रोज़ कहीं ना कहीं अपराध की ख़बरें सामने आती हैं और जब जांच होती है तो पता चलता है कि घटना के पीछे…— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) July 21, 2026 राजभर ने एक दिन पहले अखिलेश से पूछा- क्या आप यदुवंशी हैं? एक दिन पहले सोमवार को एक्स पर मंत्री राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के यदुवंशी होने पर ही सवाल उठाया था। लिखा था- अगर अखिलेश सच्चे यदुवंशी होते तो मौलाना जरजिस अंसारी के भगवान श्रीकृष्ण पर आपत्तिजनक बयानों पर खून खौलता। मौलाना जरजिस हम सब के आराध्य भगवान श्रीकृष्ण को लेकर लगातार आपत्तिजनक बयानबाजियां कर रहा है और आप वोट बैंक की राजनीति के चक्कर में मुंह सिलकर पूरे यदुवंश की नाक कटा रहे हैं। वैसे आपसे अपेक्षा ही क्या की जा सकती है। आप तो वोटबैंक की राजनीति में इतने गिर चुके हैं कि कोई मौलाना आपकी धर्मपत्नी पर भी अभद्र टिप्पणी करके आप का चहेता बना रह सकता है --------------- ये भी पढ़ें… डिंपल यादव पुलिस से भिड़ीं, बैरिकेडिंग पर चढ़ीं, 2 घंटे हिरासत में रहीं समाजवादी पार्टी ने सोमवार को यूपी की राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में नीट पेपरलीक के खिलाफ प्रदर्शन किया। सपा सांसद डिंपल खुद दिल्ली में जंतर-मंतर पर रहीं। VIDEO में देखिए पूरा प्रदर्शन…

