प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल की व्यवस्थाओं का मंगलवार सुबह प्रशासनिक अधिकारियों ने औचक निरीक्षण किया। अपर जिलाधिकारी प्रशासन पूजा मिश्रा और अपर नगर मजिस्ट्रेट (प्रथम) ने सुबह करीब 10:30 बजे अस्पताल पहुंचकर विभिन्न विभागों, वार्डों और दवा वितरण केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. वीके पाडेण्य, अस्पताल अधीक्षक डॉ. अमित सिंह समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान अधिकांश डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ अपनी ड्यूटी पर तैनात मिले। अधिकारियों ने पीएमएसवाई, डेंटल, सर्जरी, रेडियोलॉजी और कार्डियोलॉजी विभाग की उपस्थिति पंजिका की जांच की और समय पर ड्यूटी करने के निर्देश दिए। बिना अनुमति अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। अधिकारियों ने अस्पताल में डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस को लेकर भी जानकारी ली, लेकिन ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया। प्रशासन ने मेडिकल कॉलेज और अस्पताल प्रबंधन को शासन के नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए। ट्रॉमा सेंटर और इमरजेंसी वार्ड का भी निरीक्षण किया गया। वहां भर्ती मरीजों से इलाज और सुविधाओं को लेकर बातचीत की गई। मरीजों ने अस्पताल में भोजन, दवा और अन्य व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया। अधिकारियों ने आर्थोपेडिक वार्ड, आईसीयू, अल्ट्रासाउंड यूनिट और दवा स्टोर का भी जायजा लिया। निरीक्षण में अस्पताल की सीटी स्कैन, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और एमआरआई मशीनें चालू हालत में मिलीं। मरीजों और तीमारदारों के लिए व्हीलचेयर, स्ट्रेचर और पांच सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध पाई गईं। वार्डों और गलियारों में साफ-सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक मिली। दवा वितरण केंद्र पर अधिकारियों ने लाइन में लगे तीमारदारों से बातचीत की। अधिकांश लोगों ने बताया कि अस्पताल से दवाएं आसानी से मिल जाती हैं, हालांकि कुछ दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ती हैं। निरीक्षण में किसी भी प्रकार की एक्सपायरी दवा नहीं मिली। अमृत फार्मेसी के सभी पांच काउंटर भी संचालित मिले और महिलाओं के लिए अलग काउंटर की व्यवस्था पाई गई। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग की लिफ्ट बंद मिली। अधिकारियों ने कहा कि इससे सांस और गंभीर मरीजों को काफी परेशानी होती है। लिफ्ट को जल्द चालू कराने के निर्देश दिए गए। अस्पताल परिसर में दलालों की शिकायत को लेकर भी जांच की गई, लेकिन कोई मामला सामने नहीं आया। सुरक्षा गार्ड और सुपरवाइजरों को संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने अस्पताल में पेयजल व्यवस्था, वाटर कूलर और सफाई व्यवस्था को भी संतोषजनक पाया। साथ ही गर्मी को देखते हुए अस्पताल में फायर और इलेक्ट्रिक सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए। प्रशासन ने अस्पताल प्रबंधन को साफ-सफाई, उपकरणों के रखरखाव, ड्यूटी चार्ट अपडेट रखने और अवैध पार्किंग की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी निर्देशित किया।
जज के खिलाफ अवमानना की अर्जी खारिज:हाईकोर्ट ने कहा-अदालत और वकील में तीखी बहस आपराधिक अवमानना नहीं
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अधिवक्ता द्वारा एक न्यायाधीश के विरुद्ध दाखिल आपराधिक अवमानना की अर्जी को पोषणीय न मानते हुए खारिज कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय एवं न्यायमूर्ति देवेंद्र सिंह प्रथम की खंडपीठ ने दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अदालत और वकील के बीच होने वाली तीखी बहस आपराधिक अवमानना की श्रेणी में नहीं आती। केस को किसी और पीठ में ट्रांसफर किया अधिवक्ता अरुण मिश्रा ने अर्जी में आरोप लगाया था कि 26 नवंबर 2025 को एक रिट याचिका की सुनवाई के दौरान उन्होंने संबंधित न्यायाधीश से केस को किसी अन्य कोर्ट में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था क्योंकि उन्हें उस पीठ पर विश्वास नहीं था। अरुण मिश्र के अनुसार इस पर न्यायाधीश ने उन्हें अपमानित किया, याचिका खारिज कर दी और बार कौंसिल को उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की सिफारिश कर दी। तीखी बहस का रिकॉड नहीं दिया हाईकोर्ट ने पाया कि याची ने अपने हलफनामे में उन विशिष्ट शब्दों या बयानों का उल्लेख नहीं किया है जो न्यायाधीश द्वारा कथित तौर पर उपयोग किए गए थे। कोर्ट ने कहा कि यदि न्यायाधीश और वकील के बीच कोई तीखी बहस हुई भी है, तो वह अवमानना अधिनियम 1971 की धारा 2(सी) के तहत आपराधिक अवमानना नहीं मानी जा सकती। ऐसी बहस न तो न्यायालय की गरिमा को कम करती है और न ही न्याय प्रशासन में बाधा डालती है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी न्यायाधीश के गलत आदेश को अवमानना की कार्यवाही का आधार नहीं बनाया जा सकता। ऐसे आदेशों को सक्षम उच्च या उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी जानी चाहिए। अरुण मिश्र ने संविधान के अनुच्छेद 134(ए) के तहत सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के लिए प्रमाण पत्र मांगा तो कोर्ट ने इसे यह कहते हुए खारिज कर दिया कि इस मामले में कानून का कोई ऐसा महत्वपूर्ण प्रश्न शामिल नहीं है जिसे उच्चतम न्यायालय द्वारा तय किया जाना आवश्यक हो।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्नी की दहेज हत्या व हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा पाए पति को आरोप से बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा कि घटना के समय पति घर में मौजूद था या उसी ने हत्या की थी। कोर्ट ने यह भी माना कि ट्रायल कोर्ट ने केवल इस आधार पर पति को दोषी ठहरा दिया कि मृतका की मौत ससुराल में हुई थी जबकि कानूनन यह पर्याप्त नहीं है। जानिये क्या है मामला यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा एवं न्यायमूर्ति प्रशांत मिश्र प्रथम की खंडपीठ ने दिया है। रामपुर जिले के मिलक थाने के इस मामले के तथ्यों के अनुसार मृतका के परिजनों का आरोप था कि शादी के बाद से ही पति, सास-ससुर और अन्य ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज के रूप में एक लाख रुपये, कार व मकान निर्माण के लिए धन मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर मृतका को प्रताड़ित किया जाता था। 15 अगस्त 2017 का मामला 15 अगस्त 2017 को मृतका के चाचा ने एफआईआर में आरोप लगाया कि 14-15 अगस्त की रात ससुराल वालों ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण एंटी मॉर्टम थ्रॉटलिंग से उत्पन्न श्वास अवरोध बताया गया, हालांकि डॉक्टरों ने विसरा भी सुरक्षित रखा था। ट्रायल कोर्ट ने पति महिपाल को आईपीसी की धारा 302 के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई जबकि अन्य आरोपियों को बरी कर दिया। इसी फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में आपराधिक अपील की गई। गवाहों के बयानों में विरोधाभास हाईकोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयानों में कई महत्वपूर्ण विरोधाभास थे। कोर्ट ने कहा कि मृतका की बड़ी बहन की शादी उसी गांव में हुई थी और उसे सबसे महत्वपूर्ण गवाह माना जा सकता था लेकिन अभियोजन ने अदालत में पेश ही नहीं किया। जबकि वही दहेज उत्पीड़न के आरोपों की पुष्टि या खंडन के लिए सबसे उपयुक्त गवाह हो सकती थी। पिता और चाचा के बयान भी अलग कोर्ट ने कहा कि मृतका के पिता और चाचा के बयानों में यह विरोधाभास था कि घटना की सूचना किसने दी। एक ने कहा कि बड़ी बहन ने फोन कर सूचना दी जबकि दूसरे ने कहा कि सूचना किसी अज्ञात व्यक्ति ने दी थी। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन यह भी स्पष्ट नहीं कर सका कि घटना के समय पति वास्तव में घर में था या नहीं। रिकॉर्ड से पता चला कि आरोपी पेशे से ड्राइवर था और अक्सर काम के सिलसिले में घर से बाहर रहता था। ऐसे में केवल यह मान लेना कि पति ही अपराधी था, कानून के अनुरूप नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने ने कहा कि डॉक्टर ने जिरह में स्वीकार किया कि मृतका की चोटें फांसी लगने की स्थिति में भी संभव थीं। कोर्ट ने पाया कि गले पर लिगेचर मार्क था लेकिन गला दबाने के सामान्य संकेत, जैसे नाखून के निशान या हायॉइड बोन का टूटना स्पष्ट नहीं थे। बचाव पक्ष के तीन गवाहों ने भी अदालत में बयान दिया कि मृतका ने कमरे का दरवाजा बंद कर चुन्नी से फांसी लगाई थी और बाद में दरवाजा तोड़कर उसे नीचे उतारा गया। उन्होंने यह भी कहा कि मृतका को ससुराल में प्रताड़ित नहीं किया जाता था। कोर्ट ने कहा कि जब समान साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया, तब केवल पति को दोषी ठहराना न्यायसंगत नहीं था। कोर्ट ने माना कि अभियोजन संदेह से परे अपराध सिद्ध करने में असफल रहा। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का फैसला रद्द करते हुए महिपाल को सभी आरोपों से सम्मानपूर्वक बरी कर दिया और किसी अन्य मामले में वांछित न होने पर उसकी तत्काल रिहाई का आदेश दिया।
गोरखपुर में निर्माणाधीन नाले में गिरने से 55 साल के एक मजदूर हंसराज की मौत हो गई। नाले में लगा खुला सरिया उसके पेट के आर- पार हो गया। जिसके बाद वह करीब 5 मिनट तक तड़पता रहा। आसपास के लोग तत्काल उसे बाहर निकाल कर हॉस्पिटल लेकर गए। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस पूरी घटना का वीडियो CCTV में कैद हो गया। बताया जा रहा है कि व्यक्ति देवरिया का रहने वाला था और पादरी बाजार के लक्ष्मीपुर चौराहे स्थित एक डेयरी में काम करता था। शाम को सब्जी लेने के लिए बाहर निकला कि तभी नाले को क्रॉस करते वक्त यह घटना हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं जेई को निलंबित कर दिया गया है। डीएम ने जांच के लिए कमिटी गठित की है। जानिए पूरा मामला…देवरिया जिले के रामपुर कारखाना के गौरा गांव के रहने वाले 55 साल के हंसराज यादव गोरखपुर के पादरी बाजार स्थित लक्ष्मीपुर चौराहे पर चौरसिया डेयरी में पिछले चार साल से काम करते थे। वहीं रहते थे भी थे। बताया जा रहा है कि हर रोज की तरह मंगलवार को भी दिन भर में डेयरी का काम खत्म किया। उसके बाद रात करीब 8 बजे सब्जी लेने के लिए डेयरी से निकल कर चौराहे तक गए। उसके बाद ब्यासनगर कॉलोनी जाने वाले रास्ते की तरफ से निर्माणाधीन नाले को क्रॉस कर रहे कि अचानक नीचे गिर गए और सरिया उनके पेट में धंस गया। गिरते देख आसपास के लोग जुट गए और करीब 5 मिनट बाद वहां से निकालकर बाहर निकाला। लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने जिला अस्पताल भिजवाया लेकिन वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। स्थानीय लोग बोले- लापरवाही का नतीजा स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में नाला निर्माण कार्य चल रहा है। फिर भी उस जगह पर किसी भी तरह की बेरिकेटिंग नहीं की गई थी। खतरा आंखों के सामने था। फिर भी जिम्मेदारों ने नजरअंदाज किया। यह साफ-साफ बड़ी लापरवाही का नतीजा है। परिवार को सूचना दे दी गई है इस मामले में गोरखनाथ सीओ रवि सिंह ने बताया कि मजदूर के नाले में गिरने की सूचना के बाद टीम पहुंची और अस्पताल ले जाया गया, वहां डाॅक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया गया है। परिवार को सूचना दे दी गई है। डीएम ने गठित की जांच कमिटी वहीं डीएम दीपक मीणा ने बताया कि इस घटना की जांच करायी जा रही है, प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने के कारण संबंधित ठेकेदार फर्म CLIL के खिलाफ FIR दर्ज करायी गयी है। साथ ही मुख्य अभियन्ता लोक निर्माण विभाग ने संबंधित जेई डी०के० सिंह के निलम्बन और असिस्टेंट इंजीनियर रंजन सिंह के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के आदेश दिए हैं। इसके अलावा प्रभारी अधिशासी अभियन्ता ध्रुव अग्रवाल से स्पष्टीकरण मांगा गया है। डीएम का कहना है कि मृतक के परिजनों को हर संभव शासकीय सहायता उपलब्ध करायी जा रही है। एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह के नेतृत्व में एक कमेटी गठित की गई है जो मामले की जांच करेगी। इसमें पीडब्ल्यूडी के अधिक्षण अभियंता भी हैं।
करनाल के निसिंग थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात 11 बजे सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ के मैनेजर गुरु प्रताप सिंह कांग के फार्म हाउस पर फायरिंग की अफवाह फैलने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस की कई गाड़ियां सायरन बजाते हुए मौके पर पहुंचीं, लेकिन जांच के दौरान ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई। करीब एक घंटे तक छानबीन के बाद पुलिस टीम लौट गई। गोंदर-डाचर रोड पर मिली सूचनामंगलवार रात करीब 11 बजे पुलिस को सूचना मिली कि गोंदर-डाचर रोड पर स्थित गुरु प्रताप सिंह कांग के फार्म हाउस पर फायरिंग हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कई गाड़ियों को मौके के लिए रवाना किया। सायरन बजाती पुलिस को देखकर इलाके में हलचल मच गई और लोग घरों से बाहर निकल आए। मौके पर नहीं मिला कोई सबूतपुलिस जब फार्म हाउस पर पहुंची तो वहां मौजूद लोग पुलिस को देखकर हैरान रह गए। उन्होंने बताया कि यहां किसी भी तरह की कोई फायरिंग नहीं हुई है और सभी लोग अपने-अपने घरों में सोए हुए थे। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों से बातचीत की और आसपास का निरीक्षण किया, लेकिन फायरिंग से जुड़ा कोई भी सबूत नहीं मिला। आसपास के गांवों में भी मची हलचलपुलिस के पहुंचने की खबर तेजी से फैल गई, जिसके बाद आसपास के गांवों के लोग भी मौके पर जुटने लगे। हर कोई जानना चाहता था कि आखिर इतनी पुलिस अचानक यहां क्यों पहुंची। कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया, लेकिन स्थिति जल्द ही सामान्य हो गई। पूर्व सरपंच जोगा सिंह ने किया खंडनपूर्व सरपंच जोगा सिंह ने भी फायरिंग की खबर को पूरी तरह से नकार दिया। उन्होंने कहा कि फार्म हाउस पर सभी लोग गेट बंद करके सो रहे थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गेट खुलवाया और पूरी जांच की, लेकिन कोई भी संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई। सोशल मीडिया पर फैली गैंग की चर्चाघटना के बाद सोशल मीडिया पर यह भी चर्चा फैल गई कि फायरिंग की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है। हालांकि इस तरह की किसी भी बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और इसे अफवाह ही माना जा रहा है।
मेरठ की माधवपुरम पुलिस चौकी पर मंगलवार देर रात बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर दिया। उनका आरोप था कि एक जनरल स्टोर के कर्मचारियों ने बच्चों पर चोरी का आरोप लगा मारपीट की है लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही। पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कही तो कार्यकर्ता सीधे थाने पहुंच गए। एक नजर डालते हैं मामले परमाधवपुरम सेक्टर 1 में जनरल स्टोर है। मंगलवार शाम स्टोर पर काम करने वाले कर्मचारियों ने चार बच्चों को पकड़ लिया। आप है कि यह बच्चे वहां से सामान चुराकर ले जा रहे थे। करीब 3 घंटे तक स्टोर के कर्मचारियों ने बच्चों को बंधक बनाकर रखा और उसके बाद माफी मांगने पर छोड़ दिया। बजरंग दल का चौकी पर हंगामाजिन बच्चों को बंधक बनाया गया था, वह घर पहुंचे और अपने परिवार को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद परिवार के लोग ब्रह्मपुरी थाने की माधवपुरम चौकी पर पहुंच गए और हंगामा कर दिया। कुछ देर में बजरंग दल कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गए। उन्होंने मौजूद पुलिसकर्मियों से कार्रवाई की मांग की तो पुलिसकर्मियों ने जांच की बात कही। कार्रवाई न करने पर हंगामा जिन चार बच्चों के साथ मारपीट की गई थी उनमें से दो बिना किसी कार्रवाई के लौट गए। शेष दो बच्चों के परिवारजन वहीं रुके रहे और कार्रवाई की मांग करते रहे। उन्होंने पुलिसकर्मियों को बताया कि बच्चों के सिर और चेहरे पर चोट के निशान है। इसके बाद भी पुलिस मामले को संदिग्ध बता रही है। बंधक बनाकर मारपीट करने का आरोप बच्चों के परिवार की तरफ से आए आदित्य ने बताया कि बच्चों पर चोरी का आरोप लगाकर मारपीट की गई है जबकि वह सामान खरीदने गए थे। कई घंटे तक बंधक भी बना कर रखा गया। बंधन मुक्त होने के बाद बच्चों ने घर जाकर पूरी घटना बताई है। जो चोट लगी है पुलिस उसे मानने को तैयार नहीं है। ब्रह्मपुरी थाने पर परिजनों का हंगामारात में ही बजरंग दल कार्यकर्ता दोनों बच्चों को लेकर ब्रह्मपुरी थाने पहुंच गए और लिखित में शिकायत दी। उन्होंने कहा कि माधवपुरम चौकी जनरल स्टोर संचालक के प्रभाव में है और उन्हें निर्दोष साबित करने पर अड़ी है। अगर आरोपी पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह बुधवार को एसएसपी से शिकायत करेंगे।
भोपाल के शाहपुरा इलाके में रहने वाली एक उज़्बेकिस्तान की महिला को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। महिला बिना वीजा के किराए के मकान में रह रही थी। महिला के साथ पश्चिम बंगाल के रहने वाले एक युवक की भी गिरफ्तारी की गई है। अब तक की पुलिस जांच में सामने आया कि महिला का वीजा करीब एक साल पहले ही समाप्त हो चुका था। पुलिस के मुताबिक त्रिलोचन नगर निवासी मकान मालिक ने किराएदार साजिद हुसैन खान को फ्लैट खाली करने के लिए कहा था। सोमवार को जब साजिद सामान लेकर फ्लैट से निकल रहा था, तब पड़ोसियों को संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस पूछताछ में महिला ने अपनी पहचान उज्बेकिस्तान निवासी बखरोमोवा निलोफर के रूप में बताई। दस्तावेजों की जांच में उसका वीजा एक्सपायर पाया गया। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि साजिद के बुलावे पर महिला 8 से 10 दिन पहले भोपाल आई थी।
ग्वालियर के गिरवाई थाना क्षेत्र स्थित एबी रोड के प्रिंस मामा होटल में सोमवार रात एक हादसा हो गया। परिवार के साथ डिनर और पूल पार्टी करने गए 7 वर्षीय मासूम वेद पाल की स्विमिंग पूल में डूबने से मौत हो गई। घटना रात करीब 9:30 से 10 बजे के बीच की है। परिजन ने सोमवार-मंगलवार की रात करीब 1 बजे बच्चे के शव को दफना दिया था, लेकिन मंगलवार शाम मामला पुलिस तक पहुंचा। मासूम के पिता और चाचा गिरवाई थाने पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी दी। उन्होंने होटल प्रबंधन की जिम्मेदारी और लापरवाही तय करने के लिए शव निकलवाकर पोस्टमॉर्टम कराने की मांग की है। अब पुलिस बुधवार को लक्ष्मीगंज मुक्तिधाम से बच्चे का शव निकलवाकर पोस्टमॉर्टम कराएगी। ग्वालियर में यह संभवतः पहला मामला होगा, जिसमें दफनाए गए बच्चे के शव को निकालकर पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। चाचा के साथ होटल गया था मासूम जनकगंज स्थित गोल पहाड़िया निवासी देवेंद्र पाल ने बताया कि सोमवार रात वह अपनी पत्नी भारती पाल, बड़े भाई दिनेश पाल के बेटे वेद पाल और अन्य रिश्तेदारों के साथ डिनर व पूल पार्टी के लिए प्रिंस मामा होटल गए थे। होटल में बड़े सदस्य स्विमिंग पूल में नहा रहे थे, जबकि बच्चे पास बने बच्चों के पूल में थे। सभी लोग रात करीब 8:30 बजे होटल पहुंचे थे। बड़े स्विमिंग पूल में मिला वेद रात करीब 9:30 से 10 बजे के बीच देवेंद्र पाल ने बच्चों के पूल की तरफ देखा तो वेद वहां नजर नहीं आया। इसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। कुछ देर बाद बड़े स्विमिंग पूल में तलाश करने पर वेद का शव पूल की गहराई में मिला। परिजन तुरंत उसे अंकुर हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां से उसे जयारोग्य अस्पताल (JAH) रेफर कर दिया गया। जेएएच पहुंचने पर डॉक्टरों ने रात करीब 12 बजे बच्चे को मृत घोषित कर दिया। रात 1 बजे दफनाया, अब पुलिस के पास पहुंचेहादसे के बाद परिजन बदहवास थे और कुछ समझ नहीं पा रहे थे। घटना को हादसा मानते हुए वे सोमवार-मंगलवार की रात करीब 1 बजे मासूम के शव को लक्ष्मीगंज श्मशान घाट ले गए और वहां दफना दिया। मंगलवार सुबह मिलने पहुंचे लोगों ने परिजन को बताया कि घटना में होटल प्रबंधन की लापरवाही हो सकती है, क्योंकि वहां लाइफगार्ड और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। इसके बाद परिवार को मामले की गंभीरता का अहसास हुआ। परिजन का आरोप है कि स्विमिंग पूल पर सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। इसी के चलते मंगलवार शाम वे गिरवाई थाने पहुंचे और शव निकलवाकर पोस्टमॉर्टम कराने की मांग की। पुलिस श्मशान से मासूम वेद का शव निकलवाएगीअब गिरवाई थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मर्ग कायम कर लिया है। बुधवार सुबह पुलिस लक्ष्मीगंज मुक्तिधाम पहुंचकर बच्चों के श्मशान से मासूम वेद का शव निकलवाएगी। इसके बाद पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। पुलिस प्रिंस मामा होटल पहुंचकर जांच-पड़ताल करेगी और घटना के समय के सीसीटीवी फुटेज भी जुटाएगी। होटल प्रबंधन पर उठते सवाल परिजन ने होटल प्रबंधन की लापरवाही की शिकायत की गिरवाई थाना प्रभारी सुरेन्द्र नाथ सिंह ने बताया कि परिजन ने बच्चे के डूबने और होटल प्रबंधन की लापरवाही की शिकायत की है। चूंकि अंतिम संस्कार हो चुका है, इसलिए कानूनी प्रक्रिया के तहत शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी।
मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) की रूपरेखा तैयार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित 6 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति की पहली बैठक मंगलवार को दिल्ली स्थित मध्य प्रदेश भवन में हुई। करीब दो घंटे चली इस बैठक में कमेटी के सभी सदस्यों को उत्तराखंड और गुजरात में लागू किए गए UCC मॉडल तथा प्रक्रिया से अवगत कराया गया। बैठक में मध्य प्रदेश की स्थानीय परिस्थितियों, सामाजिक, सांस्कृतिक प्रथाओं, मान्यताओं और परंपराओं की विस्तृत जानकारी साझा की गई। सदस्यों को उत्तराखंड और गुजरात के UCC ड्राफ्ट भी अध्ययन के लिए उपलब्ध करा दिए गए हैं। सरकार का लक्ष्य दिवाली 2026 तक प्रदेश में UCC लागू करने का है। बैठक में ये रहे मौजूद 10 दिन के भीतर होगी दूसरी बैठक बैठक में तय हुआ कि अगले 10 दिनों के भीतर कमेटी की दूसरी बैठक होगी। इस बीच सभी सदस्य मप्र के आदिवासी कानूनों, प्रथाओं और मान्यताओं का गहन अध्ययन करेंगे। दूसरी बैठक के बाद कमेटी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जनसुनवाई शुरू करेगी। शुरुआत संभागीय मुख्यालयों या जिला मुख्यालयों से हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, कमेटी चाहती है कि 30 मई से पहले ही जनसुनवाई और परामर्श बैठकें शुरू कर दी जाएं ताकि ड्राफ्ट तैयार करने में जनता की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित हो सके। भोपाल और दिल्ली में शुरू होंगे दफ्तरकमेटी को कामकाज के लिए दिल्ली (मप्र भवन) और भोपाल (वल्लभ भवन, थर्ड फ्लोर) में अलग-अलग कार्यालय उपलब्ध कराए जाएंगे। बैठक में अपर सचिव अजय कटेसरिया ने भोपाल में जनसुनवाई की सुरक्षा व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा कि भोपाल संवेदनशील शहर है, यहां पहले से तारीख तय करके सुरक्षा बंदोबस्त किए जाएं। कमेटी क्या करेगी वो भी समझिए कमेटी का मुख्य काम 60 दिनों के अंदर मध्य प्रदेश के लिए UCC का पूरा ड्राफ्ट बिल और विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके राज्य सरकार को सौंपना है। इसके लिए विभिन्न व्यक्तिगत कानूनों (विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेना, संपत्ति अधिकार आदि) का अध्ययन करेगी। विशेष रूप से आदिवासी समुदायों की प्रथाओं, कानूनों और मान्यताओं का गहराई से अध्ययन तथा उनके लिए उचित प्रावधानों पर विचार करेगी। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में व्यापक जनसुनवाई और परामर्श बैठकें आयोजित की जाएगी। लिव-इन रिलेशनशिप, महिला एवं बाल अधिकारों की सुरक्षा जैसे समसामयिक मुद्दों पर सुझाव लिए जाएंगे। राज्य की सामाजिक- सांस्कृतिक विविधता को ध्यान में रखते हुए एक समावेशी और व्यावहारिक UCC ड्राफ्ट तैयार करना।
इंदौर में एक डॉक्टर ने मंगलवार को पारिवारिक विवाद के मामले में टीआई समेत हीरानगर थाने के पुलिसकर्मियों पर मारपीट के आरोप लगाए हैं। वहीं, टीआई सुशील पटेल का कहना है कि डॉक्टर, उसके इंजीनियर भाई और माता-पिता के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज किया गया है। कार्रवाई से बचने के लिए डॉक्टर झूठे आरोप लगा रहा है। दरअसल, डॉक्टर के छोटे भाई की पत्नी, मेघदूत नगर निवासीने दहेज प्रताड़ना की शिकायत की थी। महिला ने अपने पति अमन पर आरोप लगाया है कि उसका पति नोएडा में एक युवक के साथ रहता है। वह मुझसे तलाक लेने की बात कर रहा है। इसी मामले में पुलिस ने उसके इंजीनियर पति, डॉक्टर जेठ अभिषेक और माता-पिता को थाने बुलाने के लिए कॉल किया था। इस बीच, पति के परिजन सोमवार को महिला के घर पहुंच गए और वहां हंगामा किया। पुलिस ने कार्रवाई शुरू की तो महिला का जेठ सोमवार को थाने पहुंच गया। थाने में तबीयत बिगड़ने की बात कही। इसके बाद पुलिस उसे एमवाय अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन जांच के बाद वह वहां से चला गया। बाद में उसने पुलिस पर मारपीट के आरोप लगाए हैं। इधर, महिला की शिकायत पर पुलिस ने उसके पति अमन, जेठ अभिषेक, ससुर अमर सिंह और सास सुनीता के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कर लिया गया है। शादी के एक सप्ताह बाद चला गया पति महिला ने शिकायत में बताया कि उसकी शादी पारिवारिक सहमति से 29 नवंबर 2025 को हुई थी। शादी के एक सप्ताह बाद ही पति अमन नोएडा चले गए। उन्होंने कहा था कि जल्द ही अपना ट्रांसफर इंदौर करवा लेंगे। म के मुताबिक, ससुराल में सास-ससुर और जेठ कार नहीं देने को लेकर ताने देते थे। बाद में ससुर ने कहा कि नोएडा में अमन को रुपयों की जरूरत है, इसलिए मायके से पैसे मंगवाए जाएं। आरोप है कि इंकार करने पर उसे परेशान किया जाने लगा। नोएडा में युवक के साथ रहता है पति महिला ने आरोप लगाया कि बाद में उसे पता चला कि पति अमन नोएडा में एक युवक के साथ एक कमरे में रहते हैं। जब उसने अपने साथ ले जाने की बात कही तो अमन ने मना कर दिया। इंदौर आने पर भी अमन उससे दूरी बनाकर रखते थे। महिला के अनुसार, अमन ने कहा कि नोएडा में रहने वाला युवक उसकी जिम्मेदारी है। पीड़िता का आरोप है कि 27 फरवरी 2026 को अमन ने बताया कि उसने तलाक लेने की बात कही। इसके बाद महिला ने अपने मायके पक्ष को इसकी जानकारी दी। अगले दिन सास-ससुर से विवाद होने के बाद वह मायके चली गई। टीआई से की सीने में दर्द की शिकायत पीड़िता ने करीब 15 दिन पहले मामले की शिकायत की थी। पुलिस लगातार अमन और उसके परिजनों को बयान के लिए हीरानगर थाने बुला रही थी। आरोप है कि एक दिन पहले अभिषेक मेघदूत नगर स्थित महिला के घर पहुंचा और वहां विवाद किया। इसके बाद मंगलवार को पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली। मंगलवार को पुलिस ने अभिषेक को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। यहां उसने गिरफ्तारी के डर से पुलिसकर्मियों पर मारपीट का आरोप लगा दिया। टीआई सुशील पटेल के सामने उसने सीने में दर्द होने की शिकायत की। इसके बाद पुलिसकर्मी उसे एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे। जांच में उसकी तबीयत सामान्य पाई गई, जिसके बाद वह अस्पताल से चला गया।
हरियाणा के 7 निकायों में आज (बुधवार) को रिजल्ट जारी होगा। काउंटिंग सुबह 8 बजे से शुरू होगी। पहले पार्षदों और फिर मेयर व चेयरमैन/चेयरपर्सन का रिजल्ट आने की उम्मीद है। 10 मई को पंचकूला, अंबाला और सोनीपत नगर निगम, सांपला, उकलाना, धारूहेड़ा नगर पालिका व रेवाड़ी नगर परिषद के आम चुनाव के लिए वोटिंग हुई थी। सातों निकायों में करीब 54 प्रतिशत वोट डले। उसी दिन 528 जगह पंचायत उपचुनाव भी हुए थे। उसी दिन शाम को उपचुनाव का रिजल्ट जारी कर दिया गया था। अब जानिए कौन कहां आमने-सामने… वोटिंग के दिन के बड़े विवाद जानिए…
जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की सी.एस.टी. टीम ने ऑपरेशन “क्लीन स्वीप” के तहत वाणिज्यिक मात्रा में अवैध मादक पदार्थ बरामद कर एक नाइजीरियन नागरिक को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को ये कार्रवाई पुलिस थाना शिप्रापथ क्षेत्र में की गई। पुलिस के अनुसार सी.एस.टी. और शिप्रापथ थाना पुलिस की संयुक्त टीम को सूचना मिली थी कि होटल गंगा श्रेय इन, एस.एफ.एस. मानसरोवर के बाहर एक संदिग्ध नाइजीरियन व्यक्ति अवैध मादक पदार्थ के साथ मौजूद है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी TOCHUKWU DAVID (44) निवासी अनाम्ब्रा स्टेट, नाइजीरिया को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 102 ग्राम कोकीन और 17 ग्राम मेथामफेटामाइन (एमडी) बरामद की गई। बरामद मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत करीब 55 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ NDPS Act के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी जयपुर में किस नेटवर्क के माध्यम से मादक पदार्थों की सप्लाई कर रहा था तथा इसके पीछे और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
बलौदाबाजार जिले के कसडोल विकासखंड में आयोजित प्रथम समाधान शिविर मोहतरा (क) में ग्रामीणों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं मिलीं। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) को शिविर में तैनात किया गया था। बड़ी संख्या में लोगों ने इस यूनिट में मुफ्त जांच, इलाज और दवाइयों का लाभ उठाया। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने मोहतरा शिविर के पास लगे एमएमयू कैंप का निरीक्षण किया। उन्होंने तैनात चिकित्सक और स्टाफ से ओपीडी की संख्या, जांच सुविधाओं और दवाइयों की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने इलाज कराने पहुंचे ग्रामीणों से भी बातचीत की। कलेक्टर ने सुनी बुजुर्ग महिला की मांग ग्राम चांटीडीह की बुजुर्ग महिला रामबाई (65) ने बताया कि उन्हें वाहन में मुफ्त जांच, इलाज और दवाइयां मिल रही हैं। उन्होंने कलेक्टर से अनुरोध किया कि दवाइयों को लिफाफे या पैकेट में देने की व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें हाथ में रखने से गिरने का डर न रहे। रामबाई की बात सुनने के बाद कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को तत्काल निर्देश दिए कि अब से दवाइयां पैकेट में दी जाएं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने इलाज के लिए वाहन में चढ़ने हेतु एक छोटी सीढ़ी की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के एक आदेश को खारिज कर दिया है। इस आदेश के तहत हिन्दुस्तान एरोनॉटिक लिमिटेड (एचएएल) के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उच्च पेंशन का लाभ देने से इनकार किया गया था। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के वैधानिक अधिकारों को ट्रस्ट नियमों के आधार पर सीमित नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति श्री प्रकाश सिंह की एकल पीठ ने सुनील कुमार मेहरोत्रा सहित कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। कोर्ट ने ईपीएफओ द्वारा संयुक्त विकल्प (ज्वाइंट ऑप्शन) फॉर्म अस्वीकार करने के आदेश को रद्द कर दिया। न्यायालय ने कहा कि जिन कर्मचारियों और नियोक्ताओं ने वास्तविक वेतन पर अंशदान जमा किया है, उन्हें उसी के अनुरूप अधिक पेंशन पाने का अधिकार होगा। केवल ट्रस्ट नियमों में तय 6500 रुपये की सीमा का हवाला देकर इस लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त को निर्देश दिया कि वे सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के अनुरूप सभी मामलों पर नए सिरे से विचार कर निर्णय लें। सुनवाई के दौरान कर्मचारियों की ओर से न्यायालय को बताया गया कि कर्मचारी पेंशन योजना-1995 एचएएल पर पूरी तरह लागू है। इसके तहत 8.33 प्रतिशत अंशदान वास्तविक वेतन पर जमा किया गया था, इसलिए उन्हें उच्च पेंशन का लाभ मिलना चाहिए। दूसरी ओर, ईपीएफओ ने तर्क दिया कि एचएएल ट्रस्ट के नियमों में पेंशन योग्य वेतन की सीमा तय है और उसमें कोई संशोधन नहीं हुआ है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यदि ट्रस्ट के नियम कर्मचारी हित से जुड़े वैधानिक प्रावधानों से कम लाभकारी हैं, तो उन्हें प्रभावी नहीं माना जा सकता। न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं की व्याख्या कर्मचारियों के हित में की जानी चाहिए।
संभल के डीएम अंकित खंडेलवाल ने मंगलवार को विकासखंड पवांसा की ग्राम पंचायत ऐंचोली के ग्राम प्रधान रघुनाथ को पद से हटा दिया है। उन्हें अंतिम जांच में अनियमितताओं का दोषी पाया गया। इसके साथ ही, ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार में माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी से प्राप्त एक शिकायत के बाद शुरू हुई थी। तत्कालीन डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने मामले की जांच के लिए जिला पंचायती राज अधिकारी और सहायक अभियंता, डीआरडीए की दो सदस्यीय समिति का गठन किया था। तीन सदस्यीय समिति का गठन प्रारंभिक जांच में अनियमितताएं पाए जाने पर ग्राम प्रधान को उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम की धारा 95(1) जी के तहत नोटिस जारी किया गया। ग्राम प्रधान द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण संतोषजनक न पाए जाने पर दिसंबर 2025 में डीएम ने उनके वित्तीय अधिकार सीज कर दिए थे। इसके बाद, उप कृषि निदेशक, जिला लेखा परीक्षा अधिकारी (सहकारी समितियां) और अधिशासी अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की एक त्रि-सदस्यीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस रिपोर्ट के आधार पर ग्राम पंचायत के प्रशासनिक कार्यों के संचालन के लिए एक तीन सदस्यीय समिति का भी गठन किया गया था। इस मामले में ग्राम प्रधान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। न्यायालय ने ग्राम प्रधान के अधिकार बहाल करते हुए अंतिम जांच जारी रखने का निर्देश दिया था। अंतिम जांच के दौरान, जांच समिति ने ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव को पुनः नोटिस जारी किया, लेकिन उनके जवाब भी संतोषजनक नहीं पाए गए। इन सभी तथ्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर, जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए ग्राम प्रधान रघुनाथ को पद से पदच्युत करने के आदेश जारी किए। साथ ही, ग्राम पंचायत सचिव के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
लखनऊ के हजरतगंज थाना क्षेत्र में सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी और फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी अभ्यर्थियों से रुपए लेने के साथ उनके मूल दस्तावेज भी अपने कब्जे में रखता था। इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह ने बताया 9 जनवरी को हुसैनगंज स्थित एआर अपार्टमेंट निवासी प्रशांत कुमार दुबे ने हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि निखिल वर्मा और उसके साथियों ने सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे 35 लाख रुपए और मूल दस्तावेज ले लिए। फर्जी नियुक्त पत्र देकर जान से मारने की धमकी दी काफी समय बीतने के बाद भी नौकरी नहीं लगी। रुपए और दस्तावेज वापस मांगने पर आरोपियों ने फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया और जान से मारने की धमकी दी। मामले में हजरतगंज थाने में बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। जिसके बाद टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर रविवार को पुरनिया चौराहे के पास से आरोपी निखिल वर्मा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अलीगंज के चौधरी टोला इलाके का रहने वाला है। पूछताछ में आरोपी ने सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से ठगी करने, रुपए लेने और फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कराने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
आगरा में दिन-दहाड़े टूटे घर के ताले, 10 लाख चोरी:बाहर गया था परिवार, पीछे के दरवाजे से घुसे थे बदमाश
आगरा के थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र की बसेरा कॉलोनी, कालिंदी विहार में मंगलवार को दिनदहाड़े चोरी की बड़ी वारदात सामने आई। अज्ञात चोर सूने मकान का ताला तोड़कर घर में घुसे और अलमारी में रखे करीब 10 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण व नकदी चोरी कर ले गए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पीड़ित दीक्षांत मिश्रा पुत्र राजेश मिश्रा ने बताया कि मंगलवार दोपहर घर पर कोई मौजूद नहीं था। वह स्वयं नौकरी पर गए हुए थे। उनके पिता राजेश मिश्रा गार्ड की ड्यूटी पर थे, जबकि छोटा भाई निशांत मिश्रा फैक्ट्री में काम करने गया था। उनकी मां बीना मिश्रा अपने भाई के निधन के चलते जयपुर गई हुई थीं। घर में केवल पालतू कुत्ता मौजूद था। शाम करीब 4 बजे जब दीक्षांत घर लौटे तो अंदर का सामान बिखरा पड़ा मिला। दोनों अलमारियों के ताले टूटे हुए थे। मुख्य गेट पर बाहर से ताला लगा था, जबकि पीछे का दरवाजा खुला मिला। चोर घर से करीब 10 लाख रुपये के जेवर और 10 हजार रुपये नकद चोरी कर ले गए।आशंका जताई जा रही है कि चोरों ने दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच वारदात को अंजाम दिया। थाना ट्रांस यमुना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
गाजियाबाद के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित चोपला मंदिर इलाके में मंगलवार को एक पूजा सामग्री की दुकान में आग लग गई। आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का कार्य शुरू किया। दुकान में पूजा का सामान, प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग तेजी से फैल गई। देखते ही देखते आग की लपटें दुकान की पहली मंजिल तक पहुंच गईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आसपास के क्षेत्रों से भी दमकल की अतिरिक्त गाड़ियां बुलाई गईं। दमकल कर्मियों ने सबसे पहले आसपास की दुकानों और लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। उन्होंने रास्ता खाली करवाकर पाइप लाइन बिछाई। इसके बाद लगातार पानी की बौछार कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई थी, जिसे नियंत्रित करने में पुलिस टीम जुटी रही। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। फिलहाल, दमकल विभाग की कई टीमें आग बुझाने में लगी हुई हैं। नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
महोबा की दाल मिल में लगी भीषण आग:ऑयल टैंक तक पहुंची लपटें, लाखों का चना जलकर राख
महोबा शहर के समदनगर मोहल्ले में स्थित एकता दाल मिल में भीषण आग लग गई। इस घटना में मिल में रखा लाखों रुपये का चना जलकर खाक हो गया और आग ऑयल टैंक तक फैल गई। सूचना मिलने पर दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। यह घटना उस समय हुई जब मिल बंद हो चुकी थी और श्रमिक अपने घरों को जा चुके थे। मिल में केवल एक मिस्त्री मौजूद था, जिसने सबसे पहले चिंगारियां उठती देखीं। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, आग ने मिल में रखे चने के ढेर और बोरों को अपनी चपेट में ले लिया। आग ने तब और विकराल रूप ले लिया जब वह मिल के भीतर रखे ऑयल टैंक तक पहुंच गई। टैंक में आग लगते ही लपटें इतनी ऊंची उठीं कि आसपास के रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोग दहशत में आ गए। स्थानीय निवासी तुरंत घरों से बाहर निकले और बाल्टी-बर्तन लेकर अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश करने लगे। घटना की जानकारी मिलते ही अग्निशमन विभाग हरकत में आया। दमकल की दो बड़ी और एक छोटी गाड़ी मौके पर भेजी गई। पहली यूनिट को आग की तीव्रता के कारण काफी संघर्ष करना पड़ा, लेकिन बाद में पहुंची दो अन्य यूनिट्स की मदद से करीब आधे घंटे के भीतर आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। दमकल विभाग ने समय रहते कूलिंग प्रक्रिया शुरू की, जिससे आग को पास के मकानों में फैलने से रोक लिया गया। मिल मालिक भूपेंद्र साहू ने बताया कि वह एक शादी समारोह से लौटे ही थे कि उन्हें मिस्त्री ने हादसे की सूचना दी। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन इस घटना में लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
संभल में बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एक मैनेजर अपने किराए के मकान में बेहोश मिले। पुलिस की मौजूदगी में उनके कमरे का गेट तोड़कर उन्हें बाहर निकाला गया। जिला अस्पताल में प्राइमरी इलाज के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। मैनेजर राहुल चौबे (37), पुत्र राजेश चौबे, निवासी दरभंगा, बिहार, संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र के मोहल्ला हल्लू सराय में सजल नामक व्यक्ति के मकान में किराए पर रहते हैं। बैंक अधिकारियों के अनुसार, वह पिछले 10 दिनों से छुट्टी पर थे और पिछले तीन दिनों से जोनल एवं बैंक ऑफिस के फोन कॉल का जवाब नहीं दे रहे थे। मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे बैंक के कर्मचारी उनके किराए के मकान पर पहुंचे। लगभग डेढ़ घंटे तक आवाज लगाने के बाद भी जब अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली और कमरा अंदर से बंद था, तो उन्होंने संभल कोतवाली पुलिस को सूचना दी। रात करीब 8:30 बजे पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में बैंक कर्मचारियों ने कमरे का गेट तोड़ा। अंदर जाने पर राहुल चौबे अचेत अवस्था में मिले। तत्काल एंबुलेंस बुलाई गई और उन्हें इलाज के लिए जिला संयुक्त चिकित्सालय संभल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद रात 9:20 बजे उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। पुलिस ने मकान मालिक और बैंक के कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं। मैनेजर के परिवार को भी इस घटना की सूचना दे दी गई है। बैंक कर्मचारी समरजीत सिंह ने बताया कि राहुल चौबे 10 दिन की छुट्टी पर थे, लेकिन पिछले तीन दिनों से जोनल ऑफिस और बैंक ऑफिस के फोन कॉल का जवाब नहीं दे रहे थे। संदेह होने पर वे यहां पहुंचे, जहां पुलिस की मदद से उन्हें निकाला गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इंदौर के संकटमोचन हनुमान मंदिर में चोरी:दानपेटी का ढक्कन खोलकर कैश ले गया चोर; CCTV खंगाल रही पुलिस
इंदौर के तिलक नगर थाना क्षेत्र स्थित एक मंदिर में चोरी की वारदात सामने आई है। बदमाश मंदिर की दानपेटी का ढक्कन खोलकर उसमें रखी नकदी लेकर फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद मंदिर के पुजारी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। तिलक नगर पुलिस ने विजय त्रिवेदी निवासी पवनपुरी कॉलोनी की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। विजय ने पुलिस को बताया कि वह बृजेश्वरी मेन स्थित संकटमोचन हनुमान मंदिर में पुजारी हैं। सोमवार रात वह रोज की तरह मंदिर में ताला लगाकर घर चले गए थे। मंगलवार सुबह उन्हें सुनील मालवीय का फोन आया, जिसमें बताया गया कि किसी अज्ञात बदमाश ने मंदिर की दानपेटी का ढक्कन उठाकर उसमें रखे रुपए निकाल लिए हैं। घटना के बाद मंदिर से जुड़े लोगों में नाराजगी है। पुजारी के अनुसार, दानपेटी पिछले तीन महीने से नहीं खोली गई थी और उसमें करीब 50 हजार रुपए होने का अनुमान है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
बदायूं में बाइक सवार से 2 लाख रुपए लूटे:असलहों के बल पर वारदात, पुलिस मामला संदिग्ध बता रही
बदायूं में पुलिसिंग फेल होती दिख रही है। मंगलवार रात एक बार फिर एक बाइक सवार युवक से असलहों के बल पर लगभग दो लाख रुपये की लूट हो गई। यह घटना कोतवाली दातागंज इलाके में बरेली रोड पर कमा और धनौरा गांव के बीच हुई। पीड़ित युवक बरेली के भमोरा का रहने वाला है। बरेली के भमोरा निवासी धर्मेंद्र यादव अपनी बाइक से कमा गांव स्थित अपनी ससुराल आ रहे थे। बताया जा रहा है कि उनके पास लगभग 2 लाख रुपये नकद थे। रास्ते में बदमाशों ने असलहों के बल पर उनकी बाइक रुकवा ली। इसके बाद बदमाशों ने धर्मेंद्र के पास रखे नकद रुपये और मोबाइल फोन लूट लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। पीड़ित धर्मेंद्र किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागे और पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। कोतवाली दातागंज पुलिस के साथ सीओ राहुल पांडेय और एसपी सिटी अभिषेक सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित का बयान दर्ज किया और आसपास के इलाके में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं मिल सका। एसपी सिटी अभिषेक सिंह ने बताया कि पीड़ित से बातचीत हुई है, लेकिन उसकी बातों में कुछ बिंदुओं पर विरोधाभास है। उन्होंने कहा कि मामला संदिग्ध लग रहा है और जांच जारी है।
कानपुर में कल्याणपुर के पनकी रोड स्थित जीवन ज्योति अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार देर शाम एक मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ पर गलत ब्लड चढ़ाने और इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। करीब 18 घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। मामले में परिजनों की तहरीर के आधार पर अस्पताल संचालक, डॉक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं एसीएमओ की टीम भी देर शाम हॉस्पिटल पहुंची और बिना रजिस्ट्रेशन के हॉस्पिटल संचालित करने पर नोटिस थमाते हुए तीन दिन में जवाब मांगा है। पाइल्स के इलाज के दौरान बिगड़ी तबीयत कन्नौज के सौरिख थाना क्षेत्र के गड़िया निजामपुर निवासी हरिओम ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके भाई गौरव सिंह को पाइल्स की बीमारी थी। 9 मई को उनका इलाज कल्याणपुर स्थित जीवन ज्योति अस्पताल में कराया गया था। परिजनों के अनुसार, इलाज के दौरान डॉ. विक्रम सिंह ने मरीज को एक यूनिट ब्लड चढ़ाया। दो यूनिट ब्लड अगले दिन के लिए रखा गया था। आरोप है कि 10 मई को जब दोबारा ब्लड चढ़ाया जा रहा था, उसी दौरान मरीज की हालत अचानक बिगड़ गई। ICU के नाम पर पैसे मांगने का आरोप परिजनों ने आरोप लगाया कि हालत बिगड़ने पर मरीज को ICU में भर्ती करने के लिए 50 हजार रुपये जमा करने की मांग की गई। जब परिजनों ने केवल 10 हजार रुपये होने की बात कही तो अस्पताल स्टाफ द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया और मरीज को ले जाने तक की बात कह दी गई। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद स्थिति और बिगड़ती गई और 11 मई की सुबह डॉक्टरों ने गौरव सिंह को मृत घोषित कर दिया। गलत ब्लड और लापरवाही का आरोप, मुकदमा दर्ज परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गलत और संक्रमित ब्लड चढ़ाने के साथ-साथ पैसे वसूलने की नीयत से लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जीवन ज्योति अस्पताल के डॉ. विक्रम सिंह, अस्पताल संचालक और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।एसीएमओं की टीम पहुंची निरीक्षण करने कल्याणपुर में बवाल के बाद मंगलवार को एसीएमओ की टीम मौके पर पहुंची और हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान हॉस्पिटल संचालक हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन नहीं दिखा पाए। जिसके बाद हॉस्पिटल संचालक विक्रम तोमर को नोटिस थमाते हुए तीन दिन में जवाब माँगा है। जवाब ना मिलने पर हॉस्पिटल को सील किया जाएगा। पुलिस की कार्रवाई डीसीपी पश्चिम ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में पुलिस ने कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव समेत 17 कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज की है। विधायक और युवा कांग्रेस के नेताओं ने शुक्रवार 9 मई को नवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के झिरिया गांव में प्रदर्शन किया था। इस दौरान कथित रूप से 300 से अधिक गौवंशों की मौत के मामले को लेकर प्रदर्शनकारियों ने मंत्री की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली थी। इस मामले ने खाद्य मंत्री दयालदास बघेल के बेटे और जिला पंचायत सदस्य अंजय उर्फ अंजू बघेल ने चंदनू थाना में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव समेत 17 कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। वहीं इस मामले पर विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि ये लोग ताकतवर हैं, उनके खिलाफ आवाज उठाने पर तुरंत FIR कर दी जाती है, लेकिन वे डरने वाले नहीं हैं। अब जानिए पूरा मामला दरअसल, शुक्रवार 9 मई को जिला युवा कांग्रेस ने ग्राम झिरिया में प्रदर्शन करते हुए प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली थी। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शासन-प्रशासन पर संवेदनहीनता और कार्रवाई में लापरवाही का आरोप लगाया। युवा कांग्रेस नेताओं ने गौवंशों की मौत के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए विरोध प्रदर्शन किया था। जिला युवा कांग्रेस महासचिव और जनपद सदस्य दीपक दिनकर गौवंशों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर पिछले 9 दिनों से अनशन पर बैठे हुए थे। इसी मुद्दे को लेकर युवा कांग्रेस लगातार आंदोलन कर रही थी। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तीन प्रतीकात्मक शवों का अंतिम संस्कार भी किया। युवा कांग्रेस ने इस पूरे मामले के लिए खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, पशुपालन मंत्री रामविचार नेताम और गौ सेवा आयोग अध्यक्ष विशेश्वर पटेल को जिम्मेदार ठहराया। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। खाद्य मंत्री के बेटे ने थाने में की शिकायत इस मामले में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल के बेटे और जिला पंचायत सदस्य अंजय उर्फ अंजू बघेल ने चंदनू थाना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुछ राजनीतिक और स्थानीय लोगों ने उनके जीवित पिता को मृत बताकर शोक पत्र छपवाया, प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली, जिससे धार्मिक भावनाओं और परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। शिकायत के अनुसार, 9 मई 2026 को ग्राम झिरिया बाजार चौक में एकत्र होकर मंत्री दयालदास बघेल को मृत घोषित करते हुए शोक सभा, मौन धारण और प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली गई। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान मुख्य मार्ग को भी रोक दिया गया, जिससे आवाजाही बाधित हुई। साथ ही, मंत्री की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने दर्ज FIR में भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक गुरुदयाल सिंह बंजारे, आरिफ भाटिया, प्रांजल तिवारी सनतधार दीवान, सतीश मारकंडे, अंजलि मारकंडे, देवेंद्र साहू, अरमान साहू, हर्ष बघेल, प्रिंस डेहरे, शक्तिधर दीवान विजय यादव, दीपक दिनकर, विनोद तिवारी, मोटू तिवारी और अजयराज सेन समेत कुल 17 लोगों के नाम शामिल हैं। इस मामले पर कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने कहा, ये लोग ताकतवर हैं। इसलिए जो भी इनके खिलाफ आवाज उठाता है, उस पर तुरंत FIR कर दी जाती है। लेकिन हम डरने वालों में से नहीं हैं। गौरतलब है कि ग्राम झिरिया में गौवंशों की मौत को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दल लगातार सरकार पर हमलावर हैं। वहीं अब प्रतीकात्मक शव यात्रा को लेकर दर्ज FIR ने इस पूरे मामले को राजनीतिक विवाद के साथ कानूनी रंग भी दे दिया है।
उन्नाव में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे की सर्विस लाइन पर देर रात एक अज्ञात वाहन की टक्कर से ससुर और दामाद की मौत हो गई। यह घटना हसनगंज कोतवाली क्षेत्र में हुई। पुलिस ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अब जानिए पूरी घटना… जानाकारी के अनुसार, मंगलवार को लखनऊ के काकोरी थाना क्षेत्र के जलीया मऊ गांव निवासी धनीराम (55) पुत्र त्रिलोकी और उनके दामाद संजय (35) पुत्र मुन्ना, निवासी खुशहालगंज, औरास थाना क्षेत्र के राई गांव में एक रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे। मौके पर ससुर-दामाद की मौत देर रात बाइक से वापस लौटते समय शाहपुर तोंदा गांव के पास ढ़ोढेबाबा मंदिर के करीब आगरा एक्सप्रेसवे की सर्विस लाइन पर एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार हो गया, जिससे दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर मृतकों के परिजनों में शोक का माहौल है। धनीराम के पुत्र विपिन और विनीत सहित पत्नी छेदाना, तथा संजय के पुत्र अभिषेक, अंश, पुत्री महक और पत्नी निशा का बुरा हाल है। कोतवाली प्रभारी शरद कुमार ने बताया- अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हुई है और पुलिस वाहन की तलाश कर रही है। पुलिस ने शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
इटावा के जसवंतनगर में मंगलवार देर रात वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस और एक बदमाश के बीच मुठभेड़ हो गई। जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर तमंचा, कारतूस और बाइक बरामद की है। घायल आरोपी को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपी की पहचान मोहल्ला कोठी केस्त निवासी अकेला पुत्र अरविंद के रूप में हुई है। उस पर करीब 11 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, वह बलवा के एक मुकदमे में वांछित था। पुलिस पर फायरिंग, उपनिरीक्षक बाल-बाल बचे मंगलवार देर रात पुलिस क्षेत्र में वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने बाइक सवार अकेला को रुकने का इशारा किया, लेकिन वह तेज रफ्तार से बाइक दौड़ाकर भागने लगा। पुलिस टीम ने उसका पीछा किया तो कुछ दूरी पर उसकी बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई। खुद को घिरता देख आरोपी अकेला ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। बताया गया कि चलाई गई गोली उपनिरीक्षक ललित चतुर्वेदी के बेहद करीब से निकली, जिससे वह बाल-बाल बच गए। आरोपी के पैर में लगी गोली पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी अकेला के पैर में गोली लग गई। घायल होने के बाद वह मौके पर ही गिर पड़ा, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक 315 बोर तमंचा, दो जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और एक बाइक बरामद की गई। आरोपी के खिलाफ कई थानों में मुकदमा दर्ज मुठभेड़ की सूचना पर क्षेत्राधिकारी आयुषी सिंह, थानाध्यक्ष कमल भाटी, उपनिरीक्षक शुभम वर्मा, कांस्टेबल अवनीश कुमार और कांस्टेबल अरविंद धीरान सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। सीओ आयुषी सिंह ने बताया कि घायल आरोपी के खिलाफ विभिन्न थानों में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और मामले की जांच की जा रही है।
नीट यूजी परीक्षा रद्द होने होने पर युवक कांग्रेस ने उज्जैन के टावर चौक पर मंगलवार देर शाम प्रदर्शन किया और पुतला दहन कर विरोध जताया। जिलाध्यक्ष अर्पित यादव ने इस धांधली को लेकर सरकार पर निशाना साधा और इस्तीफे की मांग की। नीट यूजी परीक्षा रद्द होने से छात्रों और युवा संगठनों में लगातार आक्रोश बढ़ रहा है। इसी क्रम में युवक कांग्रेस ने केंद्र सरकार और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाए। इसे शिक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता और संगठित भ्रष्टाचार का परिणाम बताया। युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अर्पित यादव ने कहा कि यह केवल एक परीक्षा रद्द होने का मामला नहीं है, बल्कि देश के 22 लाख से अधिक छात्रों के सपनों और उनके भविष्य के साथ किया गया अन्याय है। यादव ने आरोप लगाया कि भ्रष्ट व्यवस्था ने छात्रों की वर्षों की मेहनत, त्याग और समर्पण को नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने बताया कि कई परिवारों ने अपने बच्चों को डॉक्टर बनाने के लिए कर्ज लिया, जबकि कई माता-पिता ने अपने गहने तक बेच दिए। लाखों छात्रों ने दिन-रात मेहनत कर परीक्षा की तैयारी की, लेकिन इसके बदले उन्हें पेपर लीक, प्रशासनिक लापरवाही और अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। इसी विरोध के तहत उज्जैन के टावर चौक पर युवक कांग्रेस ने प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर प्रशासन और सिस्टम के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। इस दौरान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अधिकारियों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ भी नाराजगी करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन में चंद्रभान सिंह चंदेल, अजीत सिंह ठाकुर, रहीम लाल, ललित मीना, पोप सिंह, यश जैन, हिमांशु शुक्ला और योगेश दायमा सहित बड़ी संख्या में युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सिरसा जिले के डबवाली शहर में आवारा कुत्तों का आतंक जारी है। बठिंडा रोड स्थित गली नंबर 3 में रविवार शाम 3 आवारा कुत्तों ने एक 8 वर्षीय बच्चे पर हमला करने का प्रयास किया। बच्चे की मां ने साहस दिखाते हुए उसे बचा लिया। इसका सीसीटीवी आज सामने आया है। गली निवासी सिकंदर सोनी ने बताया कि उनका 8 वर्षीय बेटा मनराज घर के बाहर निकला था। इसी दौरान तीन आवारा कुत्तों ने उसे देखकर भौंकना शुरू कर दिया। कुत्तों को अपनी ओर आता देख बच्चा घबरा गया और जान बचाने के लिए भागने लगा, जिसके बाद कुत्ते उसके पीछे पड़ गए। मां ने बेटे को कुत्तों से बचाया सिकंदर सोनी के अनुसार, उनकी पत्नी उस समय घर के गेट पर खड़ी थीं। मनराज के चिल्लाने की आवाज सुनकर और कुत्तों को उसके पीछे भागते देख, वह तुरंत बच्चे की ओर दौड़ीं। उन्होंने समय रहते बच्चे को कुत्तों के हमले से बचा लिया। इस घटना के बाद परिवार में चिंता का माहौल है। सिकंदर सोनी ने बताया कि इलाके में आवारा कुत्तों के कारण पहले भी कई लोग परेशान हो चुके हैं। उन्होंने नगर परिषद और प्रशासन से इस समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
अमेठी में गोवंश के साथ मारपीट कर वीडियो पोस्ट करना युवक को महंगा पड़ गया। पुलिस ने युवक के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। युवक थाने में लंगड़ाते हुए माफी मांगता दिखा। वीडियो में एक युवक पहले एक गोवंश को जमीन पर गिराता है। इसके बाद वह गोवंश की गर्दन पर लेटकर रील बनाता है। लगभग 20 सेकंड के इस वीडियो में युवक गोवंश की गर्दन पकड़े हुए भी दिख रहा है। रील पर 'जावेद भाई' भी लिखा हुआ था। रील वायरल होने के बाद पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया। युवक को थाने में लंगड़ाते हुए देखा गया। उसने हाथ जोड़कर कहा कि उसने एक सांड़ को गिरा दिया था, लेकिन अब ऐसी गलती वह कभी नहीं करेगा। युवक की पहचान मोहनगंज थाना क्षेत्र निवासी जावेद गुर्जर के रूप में हुई है।थाने में तैनात दरोगा राकेश सिंह की तहरीर पर युवक।के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
सहारनपुर में अवैध खनन पर DM सख्त:गैंग बनाकर अपराध करने वालों पर गैंगस्टर कार्रवाई के निर्देश
सहारनपुर में अवैध खनन और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए डीएम अरविंद कुमार चौहान ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। मंगलवार शाम को जिला टास्क फोर्स की बैठक में डीएम ने कहा कि गैंग बनाकर अवैध खनन और परिवहन करने वालों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में दर्ज एफआईआर में शीघ्र चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश भी दिए गए हैं। डीएम ने सभी उप जिलाधिकारियों (एसडीएम) और क्षेत्राधिकारियों (सीओ) को निर्देशित किया कि जिले में किसी भी कीमत पर अवैध खनन और परिवहन नहीं होना चाहिए। यदि कहीं अवैध खनन की पुष्टि होती है, तो संबंधित एसडीएम और सीओ की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने जोर दिया कि अवैध गतिविधियों पर पूर्ण रोक लगाना प्रशासन और पुलिस की संयुक्त जिम्मेदारी है। डीएम ने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) को भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बिना नंबर प्लेट, अस्पष्ट नंबर प्लेट, ग्रीस लगी नंबर प्लेट या नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करने वाले वाहनों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए। ऐसे वाहन अक्सर अवैध खनन और परिवहन में इस्तेमाल होते हैं, इसलिए इन पर कठोर कार्रवाई जरूरी है। DM ने यह भी निर्देश दिए कि राजस्व और पुलिस कर्मियों की ड्यूटी वाले स्थानों से बिना रॉयल्टी कोई भी वाहन न गुजरे। यदि किसी कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित समीक्षा बैठकें कर अभियान की निगरानी बनाए रखने का निर्देश दिया। बैठक में एसपी देहात मयंक पाठक, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सलिल कुमार पटेल, डीएफओ शुभम सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन एम.पी. सिंह, एसडीएम सदर सुबोध कुमार, एसडीएम बेहट मानवेन्द्र सिंह, एसडीएम नकुड़ सुरेन्द्र कुमार, खनन अधिकारी सुभाष, संबंधित पुलिस क्षेत्राधिकारी और थानाध्यक्ष उपस्थित रहे। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अवैध खनन में लिप्त लोगों और उनकी सहायता करने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राज्यमंत्री दिनेश खटीक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर अपनी एस्कॉर्ट गाड़ियां लौटा दी हैं। अब वे ईंधन बचाने और सरकारी खर्च कम करने के उद्देश्य से बाइक या ट्रेन से यात्रा करेंगे। उन्होंने अपने निवास स्थान की सुरक्षा भी आधी कर दी है। हस्तिनापुर सीट से विधायक राज्यमंत्री खटीक ने मंगलवार सुबह अपनी एस्कॉर्ट वापस करने की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी। उन्होंने बताया कि अब वे जिला भ्रमण के लिए बाइक का उपयोग करेंगे और सरकारी काम से बाहर जाने के लिए ट्रेन का प्रयोग करेंगे। उनके आवास पर अब केवल एक गनर तैनात रहेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर देश के विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए राष्ट्र से अपील की थी। इस आर्थिक और रणनीतिक संकट के समय, उन्होंने नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से कई महत्वपूर्ण अनुशासन अपनाने का आग्रह किया था। प्रधानमंत्री की अपील में ईंधन की बचत, वर्क-फ्रॉम-होम को बढ़ावा देना, गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं को टालना और कम से कम एक साल तक सोना न खरीदना जैसे उपाय शामिल थे। मंत्री दिनेश खटीक के इस निर्णय से सरकारी खर्च में कमी के साथ-साथ ईंधन संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अपने समर्थकों से भी गाड़ी का प्रयोग कम करने की अपील की है।
पीएसी कैंपस में महिला सिपाही का शव लटका मिला:सरकारी आवास में सुसाइड नोट बरामद, निजी परेशानी बताई वजह
बाराबंकी के मसौली थाना क्षेत्र स्थित 10वीं वाहिनी पीएसी परिसर में महिला हेड कांस्टेबल का शव सरकारी आवास में फंदे से लटका मिला। मंगलवार शाम हुई इस घटना से परिसर में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। इसमें मृतका ने अपनी आत्महत्या का कारण निजी परेशानियां बताया है। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। कमिश्नरेट कानपुर में तैनात महिला सिपाही शिल्पी यादव (32) तीरंदाजी खिलाड़ी थीं। वह पिछले कुछ महीनों से 10वीं वाहिनी पीएसी परिसर में रहकर अपनी टीम के साथ अभ्यास कर रही थीं। मंगलवार शाम जब शिल्पी समय पर प्रैक्टिस ग्राउंड नहीं पहुंचीं, तो साथी खिलाड़ी उन्हें बुलाने सरकारी आवास पर गए। काफी देर तक आवाज देने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अनहोनी की आशंका होने पर कर्मचारियों ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। कमरे के भीतर शिल्पी यादव का शव फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मृतका मूल रूप से जनपद इटावा की निवासी थीं और उनके परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। एसपी अर्पित विजयवर्गीय और एसपी उत्तरी विकास चंद्र त्रिपाठी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच-पड़ताल की। पुलिस के अनुसार, शिल्पी यादव की शादी हो चुकी थी, लेकिन करीब दो साल पहले उनका तलाक हो गया था। अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कौशांबी में मंगलवार को नौ दिन से लापता ढाई साल की बच्ची का क्षत-विक्षत शव मिला। यह शव गांव के तालाब किनारे बने एक खंडहरनुमा बेसमेंट से बरामद किया गया, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। आशंका जताई जा रही है कि शव लंबे समय तक पड़े रहने के कारण जंगली जानवरों ने उसे नोच खाया। सूचना मिलने पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। देखिए 3 तस्वीरे… अब जानिए पूरा मामला विस्तार से… प्रयागराज के नैनी थाना क्षेत्र स्थित बारामार नीबी औद्योगिक क्षेत्र निवासी चमन कुमार चार मई को पत्नी वंदना देवी, बेटी रिवांसी और बेटे रिवांश के साथ रिश्तेदारी में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने कौशांबी जनपद के पिपरी थाना क्षेत्र के लोधौर गांव आए थे। यहां उनके चचिया ससुर गुलाब के घर कथा, पूजा-पाठ और भंडारे का आयोजन था। शाम को चमन कुछ लोगों के साथ बाइक से नेवादा बाजार चले गए थे। संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी लापता घर पर उनकी पत्नी और अन्य महिलाएं भोजन व्यवस्था में जुटी थी। इसी दौरान ढाई वर्षीय रिवांशी अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। रात में चमन वापस लौटे तो बेटी के गायब होने की जानकारी मिली। इसके बाद परिवार और रिश्तेदारों ने आसपास काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने तलाश अभियान शुरू की परिजनों ने मौके पर ही घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने जांच के बाद अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने गांव और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तालाबों और खेतों में तलाश अभियान चलाया और रिश्तेदारों से भी पूछताछ की। शव को कुत्ते नोंच रहे थे, बच्चों ने देखा मंगलवार दोपहर गांव के कुछ बच्चे तालाब किनारे बने एक पुराने खंडहरनुमा बेसमेंट के पास खेलने गए थे। वहां कुत्तों को मंडराते देख बच्चों ने पास जाकर देखा तो अंदर एक बच्ची का शव पड़ा मिला। सूचना फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। हाथ में पहनी चूड़ी से हुई पहचान सूचना मिलने पर चमन और उनके परिजन बदहवास हालत में पहुंचे और बच्ची के हाथ में पहनी चूड़ी से उसकी पहचान रिवांसी के रूप में की। लोगों के मुताबिक शव का एक पैर घुटने तक गायब था, जबकि दूसरे पैर का पंजा नहीं था। सिर का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त मिला। सीओ फोरेंसिक टीम के साथ पहुंचे शव मिलने की सूचना पर सीओ चायल अभिषेक सिंह, पिपरी इंस्पेक्टर विकास सिंह और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस हत्या, अपहरण और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। खंडहरनुमा बेसमेंट बना चर्चा का विषय जिस बेसमेंट में शव मिला, वह तालाब किनारे लंबे समय से खंडहर हालत में पड़ा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक वहां अक्सर आवारा जानवरों और कुत्तों का जमावड़ा रहता है। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत है। लोगों ने प्रशासन से ऐसे जर्जर और सुनसान स्थानों की जांच कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। सीओ अभिषेक सिंह ने बताया- घटना की सूचना मिलने पर फोरेंसिक टीम पहुंची थी और पुलिस के द्वारा शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की बारीकी से जांच कर जल्द ही खुलासा किया जाएगा।
मऊ के दोहरीघाट रेलवे स्टेशन पर मेमू ट्रेन के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान फायरिंग का वीडियो सामने आया था। यह घटना सोमवार को कार्यक्रम स्थल से लगभग 800 मीटर पहले पुलिस बूथ के पास हुई थी। वीडियो में भाजपा के दो गुटों के बीच वर्चस्व को लेकर हाथापाई के बाद हवाई फायरिंग होते दिख रही है। दोहरीघाट-औड़िहार मेमू ट्रेन का शुभारंभ सोमवार को किया गया था। इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री एके शर्मा और घोसी लोकसभा के सपा सांसद राजीव राय भी उपस्थित थे। उद्घाटन के दौरान भाजपा और समाजवादी पार्टी के समर्थक आमने-सामने आ गए थे, जिसके बाद कार्यक्रम स्थल के पास हंगामा हुआ। मंगलवार को इस घटना से संबंधित हवाई फायरिंग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। 45 मिनट के इस वीडियो का संज्ञान लेते हुए दोहरीघाट थाना पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और एक वाहन को भी जब्त किया है। थानाध्यक्ष दोहरीघाट संजय त्रिपाठी ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा एक उपनिरीक्षक की शिकायत पर दर्ज हुआ है। उन्होंने पुष्टि की कि जांच के दौरान एक वाहन भी जब्त किया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। थानाध्यक्ष ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
प्रयागराज में भीषण आग, मां जिंदा जली:चाची-भतीजी झुलसीं; मकान-दुकान जलकर राख, बाजार को बंद कराया
प्रयागराज के नैनी बाजार में मंगलवार रात एक मकान में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि घर के अंदर मौजूद मां-बेटी उसमें फंस गईं। दोनों गंभीर रूप से झुलस गईं। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। इलाज के दौरान मां की मौत हो गई, जबकि बेटी की हालत गंभीर है। बताया जा रहा है कि मकान के नीचे क्रॉकरी की दुकान और गोदाम भी है। आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के दुकानदारों और लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। चार दमकल गाड़ियां आग बुझाने में जुटी हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है। 3 तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए पूरा मामला यह मकान नैनी बाजार निवासी राम लाल केसरवानी का बताया जा रहा है। मकान के नीचे ‘संजीवनी क्रॉकरी’ नाम से दुकान है। दुकान के नीचे बने गोदाम में अचानक शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। देखते-ही-देखते आग ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। मकान में तीन भाइयों का परिवार रहता है। आग लगने के बाद ऊपर मौजूद सभी लोग अंदर फंस गए। हादसे में दुकान मालिक संजीव केसरवानी की पत्नी अर्चना, भाभी सरिता और बेटी गंभीर हालत में बाहर निकाली गईं। वहीं परिवार के अन्य सदस्यों ने पड़ोसी की छत पर कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई। इसके बाद अर्चना और उनकी बेटी को गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान अर्चना की मौत हो गई। 13 वर्षीय बेटी की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।उसका आईसीयू में इलाज जारी है। आग धीरे-धीरे पूरे मकान में फैल गई, जिससे घर का सारा सामान जलकर राख हो गया। घटना के बाद उनकी भाभी सरिता को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के समय परिवार के सभी पुरुष नीचे दुकान पर थे, जबकि महिलाएं घर के अंदर मौजूद थीं। मौके पर दमकल की चार गाड़ियां मौजूदसूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। आग बुझाने के लिए 4 दमकल गाड़ियां लगातार प्रयास कर रही हैं। आग लगने के बाद इलाके की सभी दुकानें बंद करा दी गई हैं। नैनी इंस्पेक्टर बृजकिशोर गौतम ने बताया कि जैसे ही उन्हें आग लगने की सूचना मिली, तत्काल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अंदर फंसे लोगों को बचाने का कार्य शुरू कर दिया। इस दौरान राहुल और धर्मेंद्र नाम के दो सिपाही झुलस गए। उसके बाद भी राहत कार्य पूरा करके सभी को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना में दम घुटने से एक महिला की मौत हुई है और दो अन्य घायल हैं, जिनका इलाज चल रहा है। --------------------------------- ये खबर भी पढ़ें 26 घंटे में 3 हत्याएं करने वाला साइको किलर ढेर:यूपी पुलिस बोली- आरोपी ने पिस्तौल छीनकर फायरिंग की, एनकाउंटर में मारा गया यूपी में चलती ट्रेन और अस्पताल में तीन हत्याएं करने वाला साइको किलर सोमवार रात 12 बजे पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। चंदौली SP आकाश पटेल ने बताया- पुलिस आरोपी को क्राइम सीन रीक्रिएट कराने लेकर गई थी। पढे़ं पूरी खबर…
कानपुर में फीलखाना हत्याकांड का आरोपी गिरफ्तार:पुलिस मुठभेड़ में पैर में लगी गोली, अस्पताल में भर्ती
कानपुर के फीलखाना थाना क्षेत्र में हुए हत्याकांड के फरार आरोपी विशाल गुप्ता को मंगलवार को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी है। उसे घायल अवस्था में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस को विशाल गुप्ता के बारे में गोपनीय सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की। इस दौरान आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में विशाल गुप्ता के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे पकड़ लिया गया। इस संबंध में अपर पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) ने बताया, फीलखाना थाना क्षेत्र में हुई हत्या की घटना में वांछित अभियुक्त विशाल गुप्ता को आज पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया है। मुठभेड़ के दौरान अभियुक्त घायल हुआ है, जिसे उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया है। अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। बताया जा रहा है कि आरोपी विशाल गुप्ता पर पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। फीलखाना हत्याकांड के बाद से ही पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही थी। पुलिस ने मौके से आरोपी के पास से एक अवैध असलहा और कारतूस भी बरामद किए हैं। फिलहाल इलाके में शांति व्यवस्था बनी हुई है।
अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) के 15 विषयों के 3539 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा चार साल बाद 3 और 4 जून को आयोजित होगी। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (यूपीईएसएससी) ने परीक्षा की तैयारियां तेज कर दी हैं। परीक्षा के लिए 36 जिलों में 614 केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां 8,68,531 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। परीक्षा केंद्रों पर स्मार्टफोन प्रतिबंधित हैं, आयोग ने केंद्राध्यक्षों से सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। आयोग के अधिकारी वॉयस ओवर इंटरनेट फोन (वीओआईपी) के माध्यम से केंद्राध्यक्षों से संपर्क करेंगे। सभी केंद्रों पर ये विशेष फोन एजेंसियों द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे परीक्षा प्रक्रिया सुचारू रूप से चलेगी और किसी भी संभावित समस्या का तत्काल समाधान संभव होगा। आयोग को आधार सत्यापन के लिए लाइसेंस भी प्राप्त हो गया है। अब आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों द्वारा आधार में दी गई सूचनाओं का सत्यापन आयोग के स्तर से ही किया जा रहा है। पहले यह काम दूसरी एजेंसियों के माध्यम से होता था। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और त्वरितता आएगी। यह भर्ती लंबे समय से अभ्यर्थियों की प्रतीक्षा का विषय रही है। चार साल के बाद परीक्षा आयोजित होगी। आयोग ने अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र डाउनलोड करने और केंद्र निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। परीक्षा में नकल या अनुचित साधनों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी जारी की गई है।
इंदौर स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट लिमिटेड की मंगलवार को 38वीं बोर्ड मीटिंग हुई। इसमें शहर के कई प्रोजेक्ट्स पर मुहर लगाई गई। इसमें खास निर्णय MOG लाइन पुनर्विकास योजना को लेकर लिया गया। मीटिंग में कलेक्टर, इंदौर सह चेयरमैन इंदौर स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट लिमिटेड शिवम वर्मा की अध्यक्षता में ये मीटिंग हुई। इसमें मुख्य रूप से नगर निगम कमिश्नर व सह कार्यपालक निदेशक क्षितिज सिंघल, मुख्य कार्यापालन अधिकारी अर्थ जैन सहित आईडीए व नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में विभिन्न विषयों पर चर्चा की गए और कई निर्णय लिए गए। टेंडर प्रोसेस को दी मंजूरी बैठक में MOG लाइन पुनर्विकास एवं विकास परियोजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बोर्ड ने MOG लाइन लैंड पार्सल -1( ओल्ड गवर्नमेंट क्वार्टर्स) महू नाका क्षेत्र से रोड, पानी सप्लाई, सीवर, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज, अंडरग्राउंड जलाशय, ओपन एरिया डेवलपमेंट, 33/11 केवी AIS सब-स्टेशन, अंडरग्राउंड HT/LT केबलिंग एवं स्ट्रीट लाइटिंग सहित व्यापक अधोसंरचना और विद्युत विकास कामों के लिए टेंडर प्रोसेस को मंजूरी दी। बोर्ड ने MOG लाइंस लैंड पार्सल-1 के बाकी ब्लॉकों और MOG लाइंस लैंस पार्सल-2 के लगभग 68,510 वर्गमीटर क्षेत्र के विकास और मुद्रीकरण के लिए DBFOS आधारित विकास मॉडल को स्वीकृति दी। MOG लाइंस-2 परियोजना का कलेक्टर गाइडलाइन अनुसार, आरक्षित मूल्य लगभग 452 करोड़ रुपए निर्धारित किया है और इसमें ग्रीन, इको एवं क्लाइमेट रेस्पॉन्सिव टाउनशिप विकसित करने की अवधारणा शामिल है। मीटिंग में मेसर्स तीर्थ गोपीकॉन लिमिटेड को आवंटित MOG लाइन लैंड पार्सल-1 के ब्लॉक-11 परियोजना में भुगतान दायित्वों का पालन न किए जाने, निर्धारित समय-सीमा में निर्माण काम पूरे नहीं होने और अन्य एग्रीमेंट के प्रावधानों अनुसार आवश्यक कार्रवाई किए जाने के संबंध में चर्चा की गई। एजेंसी को लेटर जारी करने की स्वीकृति दी बोर्ड बैठक में गीता भवन-गोपाल मंदिर कॉम्प्लेक्स के संचालन एवं रखरखाव के लिए वार्षिक प्रीमियम आधारित मॉडल के अंतर्गत चयनित एजेंसी को Letter of Acceptance (LOA) जारी करने की स्वीकृति प्रदान की गई। पीपीपी मॉडल पर होगा ITMS सिस्टम लगाने का काम बैठक में शहर में संचालित इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के संचालन एवं रखरखाव की समीक्षा के साथ-साथ शहर के विभिन्न अतिरिक्त स्थानों पर ITMS सिस्टम लगाने कि भी मंजूरी दी गई। यह काम PPP मॉडल के अंतर्गत किए जाने का फैसला लिया। पार्किंग के लिए टेंडर छप्पन दुकान परिसर में पार्किंग संचालन एवं पैदल यात्री अनुकूल वातावरण बनाए रखने के लिए दोपहिया पार्किग संचालन एवं रखरखाव काम के लिए पुनः निविदा जारी करने के प्रस्ताव को बोर्ड ने मंजूरी दी है। वहीं बोर्ड बैठक में कबीटखेड़ी स्थित 1500 kCi गामा रेडिएशन प्रोसेसिंग फैसिलिटी के संचालन, रखरखाव और मैनेजमेंट के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के प्रस्ताव पर चर्चा की। लैंडमार्क पब्लिक लाइब्रेरी को मंजूरी अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय कला एवं वाणिज्य कॉलेज परिसर में अत्याधुनिक लैंडमार्क पब्लिक लाइब्रेरी विकसित किए जाने के प्रस्ताव को बोर्ड ने सैद्धांतिक मंजूरी दी। परियोजना के अंतर्गत आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी, रीडिंग जोन, कैफेटेरिया सहित विभिन्न बहुउद्देश्यीय सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
टीकमगढ़ जिले के दिगौड़ा थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम करीब 7 बजे आकाशीय बिजली गिरने से दो बच्चियों की मौत हो गई। यह हादसा बैदौरा गांव में उस समय हुआ जब अचानक शुरू हुई बारिश से बचने के लिए दोनों बच्चियां एक आम के पेड़ के नीचे खड़ी हो गई थीं। पेड़ पर बिजली गिरने से चपेट में आईं मासूम बैदौरा निवासी बालाराम साहू की 8 वर्षीय पुत्री निबिया और बृजेन्द्र साहू की 8 वर्षीय पुत्री तन्वी साहू गांव के स्कूल के पास खड़ी थीं। इसी दौरान तेज कड़कड़ाहट के साथ पेड़ पर बिजली गिर गई। बच्चियों को गंभीर हालत में तत्काल दिगौड़ा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बुधवार सुबह होगा बच्चियों का पोस्टमार्टम पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर शवों को अस्पताल की मर्चुरी में रखवा दिया है। प्रशासन के अनुसार, बुधवार सुबह दोनों बच्चियों के शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इस दुखद घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। आकाशीय बिजली से दो मवेशियों की भी मौत वहीं थाना क्षेत्र के बछौड़ा गांव में बिजली गिरने से दो भैंसों की मौके पर ही मौत हो गई। राजस्व विभाग की टीम ने नुकसान का आकलन कर राहत प्रकरण तैयार किया।
रोहतक में सेक्टर-33A आईएमटी थाना क्षेत्र में एक 9वीं कक्षा के छात्र ने खुद को लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सूचना पाकर आईएमटी थाना पुलिस, एसपी व एफएसएल एक्सपर्ट टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। मृतक का कल पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा। मृतक की पहचान 14 वर्षीय जनक के रूप में हुई, जो मूलरूप से गांव डीघल का रहने वाला है और परिवार के साथ हाल में सेक्टर-33A में रहता है। परिजनों के अनुसार, जनक ने स्टोर रूम में जाकर खुद को कनपटी से सटाकर गोली चलाई है, जिसके कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। तीन भाईयों में सबसे छोटा बताया जा रहा है कि सतीश अपने तीन भाईयों में सबसे छोटे हैं। उनके भाई राजेश फौज से सेवानिवृत्त हैं और दीपक प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। तीनों भाई एक साथ ही रहते हैं। घटना की जानकारी मिलने पर डीघल गांव में मातम का माहौल बन गया है। परिवार को इकलौता बेटा है गांव डीघल निवासी अहलावत फैमिली का इकलौता बच्चा जनक है, जो 9वीं कक्षा का स्टूडेंट था। अचानक से खुद को गोली मारकर सुसाइड करने के पीछे की वजह अभी तक परिवार को भी समझ नहीं आई। मामले में एसपी गौरव राजपुरोहित ने खुद मौके पर जाकर निरीक्षण किया और परिजनों से बात की। पुलिस मामले में कर रही जांच पुलिस का कहना है कि एक 14 वर्षीय बच्चे द्वारा खुद को गोली मारने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए डेड हाउस में रखवा दिया है। मृतक का कल पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा।
पानीपत जिले में समालखा के चुलकाना धाम स्थित श्याम बाबा मंदिर समिति की बैठक हंगामे के बीच स्थगित कर दी गई। इस बैठक का एक वीडियो भी सामने आया है। मंदिर से जुड़ा यह विवाद पहले से ही पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन है, जिसकी अगली सुनवाई 14 मई को होनी है। प्रधान रोशन लाल छौक्कर ने बताया कि कोरम पूरा न होने के कारण बैठक को टाला गया है। उन्होंने कहा कि विचार-विमर्श के बाद नई तिथि तय की जाएगी। यह बैठक मंगलवार को प्रस्तावित थी। प्रधान और महासचिव के बीच हुआ विवाद बैठक के दौरान प्रधान और महासचिव के बीच विवाद हो गया। प्रधान इसे आमसभा बता रहे थे, जबकि महासचिव इसे कार्यकारिणी की बैठक कह रहे थे। प्रधान का तर्क था कि समिति की कोई कार्यकारिणी नहीं है, केवल 5 पदाधिकारी हैं। इसी मुद्दे पर हंगामा बढ़ गया और दोनों पक्षों के समर्थक एक-दूसरे का समर्थन करने लगे। तालमेल की कमी के चलते महासचिव पक्ष बैठक से उठ गया। मंदिर पर कब्जे का आरोप वायरल वीडियो में एक युवक मंदिर पर कब्जे का आरोप लगा रहा है। चुलकाना श्याम बाबा मंदिर में प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए का दान आता है, जिसकी देखरेख समिति करती है। इस वीडियो के वायरल होने से यह मुद्दा गांव से लेकर शहर तक चर्चा का विषय बन गया है। 14 मई को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट सुनवाई मंदिर विवाद पहले से ही पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित है, जिसकी सुनवाई 14 मई को निर्धारित है। स्थानीय पंचायत ने सरकार को मंदिर के लिए श्राइन बोर्ड बनाने का प्रस्ताव भेजा है। सरपंच सतीश छौक्कर ने आरोप लगाया कि समिति भक्तों के दान के पैसे को अपना मानकर खर्च कर रही है और उनकी आस्था व व्यवस्था से उनका कोई सरोकार नहीं है। यही कारण है कि समिति श्राइन बोर्ड का विरोध कर रही है।
गाजियाबाद में कैश वैन से 27 लाख लूटने वाले दो 2 बदमाश समीर और जुबैर को मंगलवार रात पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। दोनों पर एक-एक लाख का इनाम था। जुबैर लूटकांड का मास्टरमाइंड था। यह मुठभेड़ वेव सिटी थाना क्षेत्र में हुई। DCP सिटी धवल जायसवाल ने बताया, पुलिस को सूचना मिली कि रात में वेव सिटी क्षेत्र में बदमाश किसी घटना को अंजाम देने जा रहे हैं। पुलिस ने घेराबंदी की, तभी संदिग्ध स्विफ्ट कार दिखाई दी। पुलिस ने जब गाड़ी रुकवाने की कोशिश की, तो बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। एक सब इंस्पेक्टर और दो कॉन्स्टेबल गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की तो बदमाश जंगल में कार छोड़कर पैदल भागने लगे। दोनों तरफ से 20 मिनट में करीब 15 से ज्यादा राउंड फायर हुए, जिसमें दो बदमाश मारे गए हैं। जबकि 2 अन्य फरार हो गए हैं। फरार बदमाशों की तलाश में 5 टीम में लगाई गई हैं। 4 फोटो देखिए… लूट के 9 लाख 10 हजार रुपए मिलेपुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ ने बताया, 4 बदमाश स्विफ्ट कार से आए थे। समीर और जुबैर के पास से लूटे गए 9 लाख 10 हजार रुपए कैश बरामद हुए हैं। पुलिस ने मौके से दो पिस्टल, दो तमंचे और लूट में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार भी बरामद की है। दोनों बदमाश गाजियाबाद के विजयनगर इलाके के रहने वाले थे। घायलों को अस्पताल भेजा गया है। 6 बदमाशों ने 6 मई को कैश वैन के ड्राइवर को बंधक बनाकर 27 लाख रुपए लूट लिए थे। बाद में घटनास्थल से करीब 8 किलोमीटर दूर वैन को मसूरी थाना क्षेत्र में एक्सप्रेस-वे पर छोड़कर भाग गए थे। बदमाशों ने सबूत मिटाने के लिए कैश वैन में लगे सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर को कुल्हाड़ी से तोड़ दिया था। मामले की जांच में जुटी पुलिस ने सोमवार को मोहम्मद कैफ और मोहम्मद रिजवान को गिरफ्तार किया था। डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ ने समीर और जुबैर पर एक-एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। अभी समीर का भाई शोएब और फिरोज फरार हैं। बांस-बल्ली की दुकान चलाता था जुबैरडकैती का मास्टरमाइंड जुबैर विजयनगर में बांस-बल्ली की दुकान चलाता था। उसका पिता भी इसी दुकान पर रहता है, जबकि लूट में शामिल जुबैर का भाई शोएब कपडों की फेरी और पैठ बाजार में दुकान लगाता है। दोनों भाइयों ने कैश वैन में डकैती के लिए पड़ोसी फिरोज को शामिल किया था। फिरोज दुकानों पर कॉस्मेटिक का सामान आपूर्ति करता है। वहीं, पकड़े गए मोहम्मद कैफ का भाई समीर कोई काम नहीं करता था।अब लूट की पूरी घटना जानिए…क्रासिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र में एक्सप्रेस-वे से सटे एचपी पेट्रोल पंप के पास इंडिया वन का ATM बूथ है। यह मेन रोड से करीब 50 मीटर अंदर गली में है। 6 मई की दोपहर 1 बजे कंपनी के 4 कर्मचारी कैश वैन लेकर ATM में पैसा डालने गए थे। गार्ड और 2 कर्मचारी कैश लेकर ATM की तरफ चले गए। ड्राइवर तेजभान निवासी नोएडा कैश वैन में बैठा था, तभी मौका पाकर बदमाशों ने वैन पर धावा बोल दिया। तमंचे के बल पर ड्राइवर को बंधक बना लिया। तमंचे की बट मारी, ड्राइवर ने विरोध करना चाहा, तो हवा में फायरिंग कर दी। इससे ड्राइवर डर गया। फिर बदमाश कैश वैन लेकर भाग गए। पुलिस को लूट की सूचना दी गई। करीब 2 घंटे बाद कैश वैन को मसूरी पुलिस ने बरामद कर लिया, लेकिन वैन में रुपए नहीं थे। पहले ड्राइवर पर शक हुआ था शुरुआत में पुलिस को कैश वैन के ड्राइवर और कर्मचारियों पर शक हुआ। कर्मचारियों ने वैन में 27 लाख रुपए होने की जानकारी दी, लेकिन पूछताछ के दौरान उनके बयान अलग-अलग मिले। इसके बाद पुलिस ने ड्राइवर और एक कर्मचारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच में सामने आया कि बदमाशों ने पूरी रेकी के बाद वारदात को अंजाम दिया। घटना के समय बदमाश पैदल ही मौके के आसपास घूम रहे थे। पुलिस को शक इस बात पर हुआ कि जब गार्ड दो कर्मचारियों को लेकर एटीएम में कैश डालने गया, तब ड्राइवर को वैन की खिड़की बंद रखनी चाहिए थी। आमतौर पर ऐसी स्थिति में वैन पीछे से लॉक रहती है। पुलिस का कहना है कि बदमाशों ने तमंचा दिखाकर ड्राइवर से खिड़की खुलवाई। ऐसे में ड्राइवर के पास गाड़ी भगाने का मौका भी था। इसी वजह से शुरुआती जांच में पुलिस को अंदरूनी मिलीभगत की आशंका हुई। लेकिन सीसीटीवी खंगालने के बाद पता चला कि लूट बदमाशों ने की है। वेव सिटी पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने 10 मई को मोहम्मद कैफ और मोहम्मद रिजवान को गिरफ्तार कर लिया था। दोनों के पास से पुलिस ने 8 लाख 6 हजार बरामद किए थे। इनमें कैफ पर 25 हजार का इनाम घोषित था। --------------------- ये खबर भी पढ़ें 26 घंटे में 3 हत्याएं करने वाला साइको किलर ढेर:यूपी पुलिस बोली- आरोपी ने पिस्तौल छीनकर फायरिंग की, एनकाउंटर में मारा गया यूपी में चलती ट्रेन और अस्पताल में तीन हत्याएं करने वाला साइको किलर सोमवार रात 12 बजे पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। चंदौली SP आकाश पटेल ने बताया- पुलिस आरोपी को क्राइम सीन रीक्रिएट कराने लेकर गई थी। इसी दौरान उसने पुलिस अफसर की पिस्टल छीन ली और फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। पढे़ं पूरी खबर…
रायपुर के मौदहापारा थाना क्षेत्र में स्थित छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिकरण कार्यालय से AC आउटडोर यूनिट चोरी मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। रात्रि गश्त टीम की सतर्कता और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने गार्ड समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी गई सभी 9 AC आउटडोर यूनिट और नगदी रकम बरामद कर ली गई है। गिरफ्तार आरोपियों का नाम अरविंद कुमार मुखर्जी, बशारत, मोहम्मद दानिश तंवर, दानिश खान, शाह हुसैन और हसीम बताया जा रहा है। आरोपियों पर आगे की कार्रवाई पुलिस कर रही है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला पुलिस के मुताबिक, कार्यालय परिसर से AC यूनिट चोरी होने की सूचना मिलने के बाद तत्काल जांच शुरू की गई। पूछताछ में रात्रि गश्त अधिकारियों ने बताया कि घटना वाली रात कार्यालय के बाहर एक संदिग्ध ऑटो वाहन खड़ा मिला था। वहां मौजूद लोगों ने खुद को गार्ड ड्यूटी और कार्यालयीन काम से जुड़ा बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी। हालांकि गश्त टीम को उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद लगातार निगरानी और तकनीकी जांच की गई। जांच के दौरान कार्यालय में कार्यरत गार्ड से पूछताछ की गई तो पूरे मामले का खुलासा हो गया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने छुट्टी और सुनसान दिन का फायदा उठाकर चोरी की योजना बनाई थी। 10 मई 2026 को आरोपियों ने मिलकर कार्यालय परिसर में लगे 9 AC आउटडोर यूनिट निकालकर ई-रिक्शा में लोड किए और मंगल बाजार क्षेत्र में पुराने AC खरीदने-बेचने वाले व्यक्ति को करीब 1.80 लाख रुपए में बेच दिया। बाद में रकम आपस में बांट ली गई। पुलिस के अनुसार आरोपी अरविंद कुमार मुखर्जी उर्फ बंटी ने कार्यालय परिसर और भवन की जानकारी देकर चोरी की साजिश रची थी। वहीं बशारत हुसैन, मोहम्मद दानिश तंवर, दानिश खान और शाह हुसैन ने यूनिट निकालने, वाहन में लोड करने और बिक्री कराने में भूमिका निभाई। आरोपी हाशिम हुसैन उर्फ सोनू चोरी का माल खरीदने और छिपाने में शामिल था। मौदहापारा थाना पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 303(2), 317(2), 317(5) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में अन्य कड़ियों की भी जांच की जा रही है।
7425 रुपए गबन के मामले में 24 साल बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट सप्तम अक्षय कुमार ने सबूतों के अभाव में आरोपी को बरी कर दिया है। अभियोजन की ओर से कोर्ट में 3 गवाह पेश किए गए थे, जिनमें से 2 गवाहों की जिरह भी नही हो सकी। सिविल लाइंस स्थित चंद्रकांता अस्पताल में संत कबीर नगर के खलीलाबाद निवासी चंद्रभान गौड़ एक जनवरी 2002 से रिसेप्शन असिस्टेंट के पद पर रात की ड्यूटी कर रहा था। अगले दिन वह दो मरीजों से 7425 रुपये लेकर फरार हो गया। हरबंश मोहाल के उसके अस्थायी पते पर आदमी भेजकर पता लगवाया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। तब अस्पताल के अवैतनिक मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. लक्ष्मीकांत निगम ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने चंद्रभान के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी थी। चंद्रभान के अधिवक्ता करीम अहमद सिद्दीकी ने बताया कि अभियोजन की ओर से सिर्फ तीन गवाह कोर्ट में पेश किए गए। उनमें से दो गवाहों की जिरह भी नहीं हो सकी। कोई ठोस सबूत न मिलने पर कोर्ट ने चंद्रभान को बरी कर दिया
राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर मुख्यपीठ ने कुड़ी भगतासनी थाने के कथित फर्जी कॉल सेंटर केस में पुलिस की कार्रवाई पर कड़ा रुख अपनाते हुए आगे की जांच सीबीआई को सौंप दी है। जस्टिस अनिल कुमार उपमन की एकल पीठ ने माना कि 10 युवतियों को बिना FIR दर्ज किए घरों से उठाकर रातभर थाने में रोके रखने, पुलिस रोजनामचे में इसका उल्लेख न होने और सीसीटीवी फुटेज गायब करने जैसी परिस्थितियां पुलिस जांच की निष्पक्षता पर गंभीर संदेह पैदा करती हैं। ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ में सामने आया था कॉल सेंटर दरअसल, 16 जनवरी 2025 को कुड़ी भगतासनी थाने की एसआई शिमला को साइबर क्राइम यूनिट के हेड कॉन्स्टेबल प्रेम चौधरी से सूचना मिली थी कि रणबंका होटल के सामने पावर ब्रेक डाउन सर्विस इंडिया और सॉल्यूशन ब्रेकडाउन सर्विस टू इंडिया नाम से चल रहे कॉल सेंटर से इलेक्ट्रॉनिक माध्यम के जरिए लोगों को ठगा जा रहा है। ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ के इस इनपुट के आधार पर थाने में एफआईआर दर्ज कर धोखाधड़ी और आईटी एक्ट का मामला दर्ज किया गया। इस प्रकरण में गिरफ्तार छात्राएं लक्षिता, लक्ष्मी, सोनिया और प्रियांका मेवाड़ा सहित कुल 10 युवतियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर खुद को फर्जी रूप से फंसाए जाने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि वे सिर्फ जॉब कर रही थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें ठगी के गिरोह का हिस्सा बता दिया। सीसीटीवी से खुलासा: घर से उठाकर रातभर थाने में रोका याचिकाकर्ता प्रियांका मेवाड़ा ने हलफनामे के साथ अपने घर के सीसीटीवी की फुटेज पेश की। इसमें 15 जनवरी 2025 को शाम 5:41 से 5:43 बजे के बीच एसआई शिमला को सरकारी वाहन से आकर प्रियंका और लक्षिता को घर से ले जाते हुए देखा जा सकता है। कोर्ट ने इसे इस बात का पुख्ता सबूत माना कि युवतियों को तब उठाया गया, जब उनके खिलाफ कोई एफआईआर ही दर्ज नहीं थी। युवतियों ने आरोप लगाया कि उन्हें 15 जनवरी की शाम से 16 जनवरी की शाम तक पूरी रात थाने में रखा गया। हाईकोर्ट ने माना कि अगर पुलिस के दावे के अनुसार उन्हें 15 जनवरी की रात पूछताछ के बाद छोड़ा गया होता, तो संबंधित प्रविष्टियां पुलिस रिकॉर्ड में स्पष्ट रूप से मिलनी चाहिए थी। रोजनामचे में गोलमाल और थाने का सीसीटीवी गायब हाईकोर्ट ने इस मामले में पुलिस कमिश्नर को निर्देश देकर एसीपी (बोरानाडा) आनंद सिंह राजपुरोहित को नोडल अधिकारी नियुक्त किया था और थाने का रिकॉर्ड मंगवाया। कोर्ट ने पाया कि एसआई शिमला के हलफनामे और एसीपी की रिपोर्ट में भारी विरोधाभास है। पुलिस का दावा था कि 15 जनवरी की रात पूछताछ के बाद युवतियों को 9 से 9:30 बजे के बीच जाने दिया गया, लेकिन थाने के रोजनामचे (शाम 4:05 बजे और रात 9:55 बजे की एंट्री) में लड़कियों को थाने लाने या छोड़ने का कोई उल्लेख ही नहीं मिला। इसके अलावा, पुलिस स्टेशन का 15 जनवरी की रात 9 बजे के बाद का सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं कराया जा सका। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस के नियंत्रण वाले इतने महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत का गायब होना यह धारणा मजबूत करता है कि युवतियों को रातभर थाने में बंधक बनाए रखने के आरोपों को छिपाने की कोशिश की गई है। गिरफ्तारी मेमो में फर्जीवाड़ा और सुप्रीम कोर्ट की नजीरें कोर्ट की पड़ताल में पुलिस का एक और बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया। रिकॉर्ड के अनुसार, 16 जनवरी को पुलिस टीम दोपहर 2:55 बजे कॉल सेंटर से युवतियों को लेकर थाने लौटी और एफआईआर दोपहर 3:37 बजे दर्ज की गई। लेकिन युवतियों की गिरफ्तारी के मेमो पर एफआईआर नंबर पहले से दर्ज था, जबकि उस वक्त तक मामला औपचारिक तौर पर जांच अधिकारी राजेंद्र चौधरी के सुपुर्द ही नहीं हुआ था। कोर्ट ने इसे बेहद गंभीर मानते हुए कहा कि यह दस्तावेज बाद में फर्जी तरीके से तैयार किए जाने की ओर इशारा करता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सूर्यास्त के बाद बिना एफआईआर महिलाओं को घर से उठाना बीएनएसएस के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन है। अदालत ने 'डी.के. बसु बनाम स्टेट ऑफ वेस्ट बंगाल' के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि बिना विधिसम्मत प्रविष्टि के किसी को भी हिरासत में रखना अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता) का हनन है। सीबीआई करेगी स्वतंत्र जांच, ट्रायल पर रोक हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब खुद स्थानीय पुलिस अधिकारियों पर ही गैरकानूनी हिरासत और साक्ष्य से छेड़छाड़ जैसे आरोप हो तो उसी एजेंसी से निष्पक्ष जांच की अपेक्षा करना व्यावहारिक नहीं है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि कुड़ी भगतासनी पुलिस एक सप्ताह के भीतर केस का पूरा रिकॉर्ड सीबीआई को सौंपे। सीबीआई को मामले की स्वतंत्र जांच कर 6 माह के भीतर कोर्ट में रिपोर्ट पेश करनी होगी। सीबीआई जांच पूरी होने तक निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) की कार्यवाही पर रोक लगा दी गई है।
कालका में कार में मिला युवक का शव:बैंक के सामने खड़ी थी, पिता बोले- कल शाम से घर नहीं पहुंचा
पंचकूला जिले के कालका में एसबीआई बैंक के सामने इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पास एक गाड़ी में 34 वर्षीय युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। मृतक की पहचान हरप्रीत सिंह पुत्र गुरशरण सिंह, निवासी साईं मंदिर कालका टगरा कलीराम के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी मनसाराम ने बताया कि सूचना मिलने पर जब वे मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि हरप्रीत सिंह गाड़ी की पिछली सीट पर मृत अवस्था में पड़ा था। उनका फोन चालू था, जिससे तुरंत हरप्रीत के परिजनों को सूचना दी गई। कल शाम से घर नहीं लौटा हरप्रीत सिंह अविवाहित थे और एक फैक्ट्री में कार्यरत थे। उनके पिता ने बताया कि हरप्रीत कल शाम से घर नहीं लौटे थे और बार-बार फोन करने पर भी उन्होंने जवाब नहीं दिया। यह भी जानकारी मिली है कि हरप्रीत ने हाल ही में फैक्ट्री से अपनी पेमेंट ली थी। वह अपने परिवार के सबसे छोटे बेटे थे, उनके एक बड़े भाई और एक बड़ी बहन हैं। पुलिस ने मौके पर सीन ऑफ क्राइम टीम को बुलाया, जिसने जांच के लिए कई नमूने एकत्र किए। मृतक हरप्रीत सिंह के शव को कालका अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए रखवाया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
जोधपुर के जालोरी गेट चौराहे पर स्थापित शहीद बालमुकुंद बिस्सा की प्रतिमा स्थल पर छतरी बनाने के कार्य का मंगलवार को शुभारंभ किया गया। शहर विधायक अतुल भंसाली के विधायक कोष से जोधपुर विकास प्राधिकरण की ओर से यहां पर 25 लाख रुपए की लागत से सौन्दर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर यहां मंगलवार शाम को भजन संध्या का आयोजन किया गया। जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं से लेकर अमर शहीद बिस्सा के परिवार और समाज के लोग शामिल हुए। इस अवसर पर शहर विधायक अतुल भंसाली ने कहा कि अमर शहीद बालमुकुंद बिस्सा, भंवरलाल आसोपा दोनों गौ रक्षक थे। जिसमें बिस्सा की मूर्ति जालोरी गेट चौराहे पर और भंवरलाल आसोपा की मूर्ति पांचवी रोड चौराहे पर लगी हुई थी। आम जन की यह भावना थी कि जिस चौराहे पर उनकी मूर्ति स्थापित की गई है, वहां सौंदर्यीकरण होना चाहिए। जन भावना के अनुरूप आज मूर्ति के ऊपर छतरी बनाने का काम विधायक कोटे से जोधपुर विकास प्राधिकरण की ओर से शुरू किया गया है। उस कार्य को शुरू करने में जितनी भी बाधाएं आई उन सब को दूर किया गया और अब यह जल्द ही कार्य पूरा होगा। बता दें कि 24 दिसंबर 1908 को पीलवा में जन्मे बिस्सा 19 जून 1942 को शहीद हो गए थे। उनकी जोधपुर के जालोरी गेट चौराहे पर प्रतिमा स्थापित की गई थी। यहां साल 2022 में हुए दंगों के चलते बैरिकेडिंग कर दी गई थी। आज भी कार्यक्रम को लेकर यहां पुलिस के आला अधिकारी भी मौजूद थे। 1942 में हुआ निधन बिस्सा जोधपुर शहर के रहने वाले थे। 26 मई 1942 में देश की आजादी के लिए सत्याग्रहियों ने जेल भरो आंदोलन की शुरुआत की थी। जिसमें उस समय के भारत रक्षा कानून के तहत बालमुकुंद बिस्सा को गिरफ्तार कर जेल में नजरबंद कर दिया गया था। सेंट्रल जेल में उन्होंने भूख हड़ताल कर दी थी, उसके चलते उनका स्वास्थ्य बिगड़ने लगा। उन्हें 15 जून को तब के विंडम हॉस्पिटल और वर्तमान के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया था। जहां 19 जून 1942 को उनका निधन हो गया था।
पहले कलाकार काफी बेबाक हुआ करते थे क्योंकि दर्शकों की राय सीधे उन तक नहीं पहुंचती थी। लेकिन अब सोशल मीडिया के दौर में दर्शकों की प्रतिक्रिया तुरंत मिल जाती है, इसलिए कलाकार अब काफी सोच-समझकर बोलते हैं। सोशल मीडिया ने कलाकारों और दर्शकों के बीच की दूरी कम कर दी है। यह बात बॉलीवुड एक्टर आयुष्मान खुराना ने मंगलवार को इंदौर में कही। दरअसल वे अपनी आगामी कॉमेडी फिल्म ‘पति पत्नी और वो दो’ के प्रमोशन के लिए इंदौर आए थे। जो 15 मई को रिलीज होने वाली है। उनके साथ इस फिल्म की एक्ट्रेस रकुल प्रीतसिंह भी थी। दोनों कलाकारों ने फिल्म, सोशल मीडिया, कॉमेडी, ओटीटी और अपने निजी अनुभवों को लेकर खुलकर बात की। आयुष्मान ने कहा कि पहले इस नाम से कलाकार संजीव कुमार की फिल्म बनी थी। इसके बाद एक और फिर बनी और अब यह रिलीज होने जा रही है। ‘पति पत्नी और वो दो’ की कहानी अलग है, लेकिन फिल्म की आत्मा पहले वाली क्लासिक कॉमेडी जैसी ही है। उन्होंने कहा कि पुरानी फिल्म के गाने आज भी लोगों को याद हैं। उन्होंने अपने किरदार के बारे में बताते हुए कहा कि फिल्म में उनका किरदार एक पत्नीव्रत पति का है, लेकिन परिस्थितियां ऐसी बनती हैं कि पत्नी को उसके अफेयर का शक होने लगता है। इसी घटनाक्रम में हास्य पैदा होता है। हर बार एक जैसी कॉमेडी नहीं कर सकता आयुष्मान ने कहा कि उन्होंने अलग-अलग तरह की कॉमेडी फिल्मों में काम किया है। ‘ड्रीम गर्ल’ जैसी फिल्में बेहद सफल रही हैं, लेकिन वे हर बार एक जैसी कॉमेडी नहीं करना चाहते। वे हर फिल्म में कुछ नया करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने अभिनेता गोविंदा की कॉमेडी को अपना पसंदीदा बताया। अगर पुरुषों में मातृ हृदय आ जाए तो हिंसा खत्म हो जाए आयुष्मान ने कहा कि उनकी मां और पत्नी दोनों का उनके जीवन में बड़ा योगदान है। धैर्य उन्हें अपनी मां से मिला है। मेरी मां कहती हैं कि मेरे अंदर मातृ हृदय है। अगर सभी पुरुषों में मातृ हृदय आ जाए तो दुनिया से हिंसा खत्म हो सकती है। इंदौर के पोहे-जलेबी हमेशा याद रहते हैं आयुष्मान ने कहा कि वे पहले भी शहर आ चुके हैं और यहां के पोहे-जलेबी तथा खानपान के बड़े प्रशंसक हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक उन्होंने इंदौर में शूटिंग नहीं की है, लेकिन भविष्य में यहां शूट करना जरूर चाहेंगे। सोशल मीडिया जरूरी भी है और चुनौती भी रकुल प्रीत सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए कलाकार सीधे दर्शकों से जुड़ पाते हैं, लेकिन इसका जीवन पर असर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि पहले काम के बाद परिवार और दोस्तों के साथ सामान्य तरीके से समय बिताना आसान था, लेकिन अब सोशल मीडिया हर समय प्रभाव डालता है। उन्होंने यह भी कहा कि बदलते दौर और तकनीक के साथ खुद को ढालना जरूरी है। रकुल ने कहा कि किसी फिल्म को चुनने के पीछे कई बातें मायने रखती हैं, जैसे कहानी, किरदार, निर्देशक, निर्माता और सह कलाकार। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में उन्हें ग्रे शेड वाला किरदार करने का मौका मिलता है तो वे जरूर करना चाहेंगी। उनके अनुसार यह प्रयोग करने का सबसे अच्छा समय है क्योंकि दर्शक अब नए तरह के किरदारों को स्वीकार कर रहे हैं। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रकुल ने कहा कि फिलहाल इसका दौर अच्छा चल रहा है, लेकिन थिएटर और ओटीटी का अनुभव अलग-अलग है। उन्होंने कहा कि सिनेमाघरों की अपनी अलग पहचान और महत्व हमेशा बना रहेगा। कॉलेज में मस्ती, छप्पन दुकान पर लिया स्वाद का आनंद मीडिया से बातचीत के बाद दोनों कलाकार शहर के एक कॉलेज पहुंचे, जहां उन्होंने छात्रों के साथ फिल्म के गानों पर डांस किया और युवाओं से बातचीत की। इसके बाद दोनों ने 65 दुकान पहुंचकर इंदौर के प्रसिद्ध व्यंजनों का स्वाद लिया। रकुल ने कहा कि इंदौर के लोग बेहद अच्छे और स्वागत करने वाले हैं। उन्होंने पोहे, जलेबी और चाट की जमकर तारीफ की। साथ ही कहा कि मध्य प्रदेश में एक अलग सकारात्मक माहौल और अपनापन महसूस होता है।
निवाड़ी जिले की ओरछा पुलिस ने एक महिला का खोया हुआ पर्स 30 मिनट में बरामद कर लिया। पर्स में करीब 5 लाख रुपए के सोने के जेवर और 7 हजार रुपए नकदी थी। जालौन निवासी महिला का यह कीमती सामान यात्रा के दौरान ट्रक में ही छूट गया था, जिसे पुलिस ने घेराबंदी कर सुरक्षित बरामद किया। ट्रक में छूटा था 5 लाख का कीमती सामान जालौन जिले के निवासी लक्ष्मण यादव अपनी बेटी छाया यादव के साथ ट्रक से यात्रा कर रहे थे। दोपहर करीब 2:30 बजे वे ओरछा तिगैला पर उतरे, लेकिन छाया का पर्स ट्रक में ही रह गया। पर्स में सोने का नेकलेस, मंगलसूत्र, झुमकी और नकदी रखी थी। ट्रक के आगे निकल जाने पर पीड़ित परिवार ने तत्काल नाराईनाका पुलिस चौकी पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। 30 मिनट में पुलिस ने पकड़ा ट्रक सूचना मिलते ही एसपी राय सिंह नरवरिया ने टीम गठित की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्ध ट्रक का पता लगाया और उसे रोककर तलाशी ली। महज आधे घंटे के भीतर पुलिस ने ट्रक से महिला का पर्स बरामद कर लिया, जिसमें सभी जेवर और नकदी सुरक्षित पाए गए। सुरक्षित सामग्री पाकर परिवार ने जताया आभार पुलिस ने बरामद सामग्री छाया यादव और उनके पिता को सुपुर्द कर दी। इस सफल कार्रवाई में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक टिंकल यादव और उनकी टीम की मुख्य भूमिका रही। कीमती आभूषण वापस मिलने पर महिला और उसके परिजनों ने पुलिस प्रशासन की ईमानदारी और सक्रियता की सराहना की है।
सीकर में आज नीट (NEET-UG) परीक्षा का पेपर रद्द होने की खबरों के बीच छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। छात्र संगठन एसएफआई (SFI) के कार्यकर्ताओं और स्टूडेंट्स ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आक्रोशित छात्रों ने ढाका भवन से कल्याण सर्किल तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पुतले की शवयात्रा निकाली और बाद में कल्याण सर्किल पर पुतला दहन किया। SFI के जिला सचिव राकेश मुवाल ने कहा कि नीट परीक्षा में जिस तरह की अनियमितताएं सामने आई हैं, उसने देश के लाखों ईमानदार स्टूडेंट्स का मनोबल तोड़ दिया है।सीकर जैसे एजुकेशन हब में देशभर से छात्र अपनी आंखों में डॉक्टर बनने का सपना लेकर आते हैं। यहां के हॉस्टलों और लाइब्रेरी में छात्र 18-18 घंटे जी-तोड़ मेहनत करते हैं, लेकिन NTA के फेल्योर ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। कल्याण सर्किल पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए छात्र नेताओं ने मांग की है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी(NTA) को भंग करके राष्ट्रीय स्तर की नई एजेंसी का गठन किया जाना चाहिए। इस पूरे प्रकरण की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। कार्यकर्ताओं का कहना है कि NEET और JEE का पेपर लीक होना NTA का फेल्योर है। कोचिंग हब सीकर में मायूसी गौरतलब है कि सीकर वर्तमान में कोटा के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा कोचिंग हब है। यहां हर साल लगभग 2.5 लाख स्टूडेंट्स NEET-JEE की तैयारी करते हैं। नीट परीक्षा रद्द होने और विवादों में घिरने के कारण यहां के कोचिंग संस्थानों और हाॅस्टल्स में सन्नाटा पसर गया है। छात्रों का कहना है कि वे सालों तक मेहनत करते हैं, लेकिन सिस्टम की एक गलती उनकी पूरी साल और मेहनत बर्बाद कर देती है। विरोध-प्रदर्शन करते हुए SFI कार्यकर्त्ताओं और स्टूडेंट्स ने NEET परीक्षा में हुई धांधली की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच करवाने, दोषी अधिकारियों और पेपर लीक माफियाओं पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
उज्जैन में पारा @ 44.4 डिग्री पर:मंगलवार सीजन का सबसे गर्म दिन, भीषण गर्मी से लोग परेशान होते रहे
उज्जैन में मंगलवार का दिन सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। शहर में पारा 44.4 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले सोमवार को तापमान 43 डिग्री था। एक ही दिन में 1.4 डिग्री तापमान बढ़ने से लोग दिनभर गर्मी से परेशान रहे। गर्मी ने एक बार फिर अपने तेवर दिखाए। दिनभर भीषण गर्मी और लू चलने के कारण लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। पांच दिन पहले 6 मई को अधिकतम तापमान 39 डिग्री था, लेकिन महज एक हफ्ते में पारा करीब 5 डिग्री बढ़ गया। इससे पहले 25 अप्रैल को 43 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था। सोमवार को पारा 43 डिग्री पर रहा, लेकिन एक दिन बाद ही यह 1.4 डिग्री बढ़कर 44.4 डिग्री पर पहुंच गया। गर्मी से बचने के लिए कई लोग सिर पर कपड़ा बांधकर निकले, तो कुछ लोग शीतल पेय का सेवन करते नजर आए। मौसम विभाग के मुताबिक, इस हफ्ते गर्मी इसी तरह लोगों को परेशान कर सकती है।
शाजापुर जिले के खेड़ा पहाड़ में जमीन की नाप-जोख के दौरान एक महिला ने जहर खा लिया। महिला को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टर के मुताबिक अब उसकी हालत ठीक है। यह पूरी घटना मंगलवार शाम करीब 6 बजे की है। पीड़ित महिला सुगनबाई का कहना है कि खेड़ा पहाड़ में उसकी तीन बीघा से ज्यादा जमीन है। उसके पड़ोसी बबलू की जमीन की नाप-जोख करने के लिए राजस्व विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची थी। सुगनबाई का आरोप है कि टीम ने उसकी तीन बीघा में से दो बीघा जमीन पड़ोसी को दे दी। जब उसने विरोध किया और अपनी जमीन मांगी, तो किसी ने उसकी बात नहीं सुनी। महिला ने बताया कि जब खेत पर जेसीबी चलाकर कब्जा किया जाने लगा, तो उसने गुस्से और दुख में जहर खा लिया। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें जहर खाने के बाद महिला मौके पर ही गिरती दिख रही है। प्रशासन की भूमिका पर सवाल महिला के परिजन का आरोप है कि सुगनबाई के गिरते ही वहां मौजूद पुलिस और राजस्व कर्मचारी उसे छोड़कर जाने लगे। बाद में डायल-112 को फोन किया गया, जिसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया। पटवारी ने बताया 'नाटक' दूसरी तरफ, मौके पर मौजूद पटवारी आर.पी. राजोरिया का कहना कुछ और ही है। उनका दावा है कि महिला ने दूसरे की जमीन पर कब्जा कर रखा था और जब वे कब्जा हटाने पहुंचे, तो महिला बेहोश हो गई। पटवारी ने जहर खाने की बात को सिरे से नकारते हुए इसे सिर्फ 'नाटक' करार दिया है। इस मामले में पूरी सच्चाई जानने के लिए राजस्व निरीक्षक निरुपम त्रिपाठी से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इस वजह से विभाग का आधिकारिक पक्ष साफ नहीं हो पाया है।
इंदौर में स्ट्रीट डॉग को डंडे से पीटा:पिता पुत्र पर एफआईआर, सीसीटीवी में कैद हुई घटना
इंदौर के कनाड़िया इलाके में एक स्ट्रीट डॉग के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद मामले की शिकायत पुलिस कमिश्नर से की गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। कनाड़िया पुलिस ने प्रमिता गुप्ता की शिकायत पर गिरनार कॉलोनी निवासी राजेंद्र भारती और उसके बेटे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। प्रमिता ने बताया कि वह व्यवसाय करती हैं और उनके घर के सामने एक काले रंग का स्ट्रीट डॉग अक्सर घूमता रहता था। दो बार किया था हमला शिकायत के अनुसार, 7 अप्रैल को वह घर के बाहर खड़ी थीं, तभी राजेंद्र भारती डंडा लेकर आया और डॉग को पीटने लगा। विरोध करने पर आरोपी ने उन्हें भी धमकाया। घायल डॉग का बाद में निजी अस्पताल में इलाज कराया गया और उसके पैर पर पट्टी बांधकर छोड़ दिया गया। प्रमिता का आरोप है कि 19 अप्रैल को आरोपी पिता-पुत्र ने फिर उसी डॉग पर डंडों से हमला किया। मामले की शिकायत लेकर वह थाने पहुंचीं, लेकिन वहां सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद मंगलवार को उन्होंने पीपुल्स फॉर एनिमल की अध्यक्ष प्रियांशु जैन के साथ पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह से मुलाकात कर शिकायत की। शिकायत के बाद कनाड़िया पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इंदौर के सदर बाजार इलाके में एक युवक को वाहन चेकिंग के दौरान शराब के नशे में पकड़ा था। उसका वाहन जब्त कर लिया गया। इसके बाद वह सोमवार देर रात अपनी बुजुर्ग मां और बच्चों को लेकर थाने पहुंचा और पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाने लगाने लगा। सदर बाजार थाने के अंदर मारपीट के सामने आए वीडियो में युवक मनोज यादव ने एक पुलिसकर्मी पर मारपीट का आरोप लगाया है। रात डेढ़ बजे मां और बच्चों को लेकर आया टीआई पप्पूलाल शर्मा के मुताबिक, मनोज को सोमवार देर रात थाना स्टाफ ने शराब पीने की हालत में पकड़ा था। पुलिस उसकी गाड़ी जब्त कर थाने ले आई थी। रात करीब डेढ़ बजे वह अपनी बुजुर्ग मां और दोनों बच्चों को लेकर थाने पहुंचा और पुलिसकर्मियों का वीडियो बनाने लगा। इस दौरान एक पुलिसकर्मी ने उसका मोबाइल छीनने की कोशिश की, तो उसने मारपीट का आरोप लगा दिया। हालांकि, मनोज के खिलाफ शराब पीकर वाहन चलाने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्रवाई की बात कही है।
खंडवा के छैगांवमाखन क्षेत्र में एक गेहूं खरीदी केंद्र पर आगजनी का मामला सामने आया है। आग की चपेट में आने से गेहूं की दर्जनों बोरियां जल गईं। किसानों ने धुआं उठता और आग की लपटें देखीं, जिसके बाद केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों को जानकारी दी। इसके बाद टैंकर से पानी लाकर आग बुझाई गई। मौके पर फायर ब्रिगेड भी पहुंची, लेकिन तब तक आग पर काबू पा लिया गया था। अष्टविनायक वेयरहाउस में हुआ हादसा घटना ग्राम पछाया स्थित अष्टविनायक वेयरहाउस की है। यहां गेहूं खरीदी कर गोदाम क्षेत्र में गेहूं से भरी बोरियों की थप्पियां लगाकर स्टॉक किया गया था। इसी स्टॉक एरिया में आग लग गई। घटना के समय वहां कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। वेयरहाउस के वेंटिलेशन से धुआं उठता दिखाई दिया। इसके बाद शटर खुलवाए गए तो अंदर आग की लपटें उठ रही थीं। हालांकि शटर लॉक नहीं थे। अलग-अलग जगह लगी आग आग अलग-अलग हिस्सों में लगी हुई थी। इससे आशंका जताई जा रही है कि किसी व्यक्ति ने आगजनी की घटना को अंजाम दिया है। बताया जा रहा है कि अष्टविनायक वेयरहाउस के भीतर किसी भी तरह की इलेक्ट्रिक कनेक्टिविटी नहीं थी, जिससे शॉर्ट सर्किट की संभावना नहीं मानी जा रही। इसे किसी की सोची-समझी साजिश माना जा रहा है। समय रहते आग पर पाया गया काबू समय रहते आग पर काबू पा लिया गया। अन्यथा वेयरहाउस में रखा हजारों मैट्रिक टन गेहूं जलकर राख हो सकता था। आग बुझाने के दौरान पानी का छिड़काव किया गया, जिससे गेहूं की कई बोरियां गीली हो गईं। अब खरीदी केंद्र से जुड़ी एजेंसी इन बोरियों को सुखाने का काम करेगी। प्रशासन पर मामला दबाने के आरोप लगे इधर, जिला प्रशासन पर मामले को दबाने की कोशिश करने के आरोप भी लग रहे हैं। गेहूं खरीदी की नोडल एजेंसी नागरिक आपूर्ति निगम, कृषि विभाग और मार्कफेड के अधिकारी मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। पुलिस बोली- सूचना नहीं दी गई थाना छैगांवमाखन पुलिस का कहना है कि उन्हें इस मामले की सूचना नहीं दी गई थी। आग की जानकारी सीधे पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई थी, जहां से फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
एसीबी इंटेलीजेंस यूनिट उदयपुर ने राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग के वरिष्ठ सहायक शेखर मथुरिया को एक लाख रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता ने बताया कि क्लेम राशि पास कराने की एवज में आरोपी ने रिश्वत मांग की थी। युनिट उदयपुर को यह शिकायत प्राप्त हुई थी कि परिवादी की भांजी (सरकारी शिक्षिका) की मृत्यु हो गई थी। जिसके बाद परिवादी डेथ क्लेम को पास कराने बीमा विभाग गया था। ऐसे में आरोपी ने क्लेम पास कराने और कमियों की पूर्ति कर ज्यादा क्लेम राशि पास करवाने की एवज में पहले 7.50 रुपए की मांग की थी। इसके लिए परिवादी को क्लेम पास नहीं होने की बात बोलते हुए बार-बार परेशान किया जा रहा था। परिवादी से 11 मई को 1.50 लाख रुपए की रिश्वत राशि लेने पर सहमती हुई। इसके बाद एसीबी ने ट्रेप का जाल बिछाया। आज मंगलवार को 1.50 में से एक लाख रुपए प्रथम किश्त लेते हुए आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में युनिट उदयपुर की प्रभारी पुलिस निरीक्षक डॉ. सोनू शेखावत ने ट्रेप कार्रवाई को अंजाम दिया। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक पुलिस एस. परिमाला के सुपरविजन में आरोपी से पूछताछ व आगे की कार्रवाई जारी है।
ग्वालियर कलेक्टर रुचिका सिंह चौहान के निर्देशन में ग्वालियर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और व्यवस्थित बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने नियमों का पालन नहीं करने वाले निजी अस्पतालों पर सख्त कदम उठाए हैं। सीएमएचओ डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने बताया कि जिले के निजी अस्पतालों और नर्सिंग होमों को मरीजों के उपचार के साथ-साथ सुरक्षा और शासकीय नियमों का पालन करना अनिवार्य है। कई संस्थानों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से आवश्यक अनुमति एवं प्रमाण पत्र लेने के लिए पहले चेतावनी और समझाइश दी गई थी, लेकिन तय समय सीमा के भीतर दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए।इसके चलते ग्वालियर जिले के 8 नर्सिंग होमों का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई नियमों के उल्लंघन और पर्यावरण संबंधी आवश्यक अनुमति नहीं लेने के कारण की गई है। जिन अस्पतालों का पंजीयन निरस्त किया गया है उनमें देहली हॉस्पिटल, डॉक्टर प्लस मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, रियल लाइफ मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, नूतन नर्सिंग होम, सर्वधर्म हॉस्पिटल, मुदगल हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर, मंगल नेत्रालय और नीलकंठ मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल शामिल हैं। सीएमएचओ ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित संस्थान यदि आदेश से असंतुष्ट हैं तो वे मध्यप्रदेश उपचर्यागृह एवं रूग्णोपचार संबंधी स्थापनाएं अधिनियम 1973 के तहत निर्धारित समयावधि में लोक स्वास्थ्य संचालनालय, भोपाल में अपील कर सकते हैं।
देवास में माता टेकरी के सीढ़ी मार्ग के समीप मंगलवार दोपहर एक सड़क हादसे में ई-रिक्शा ड्राइवर की मौत हो गई। इस हादसे में ई-रिक्शा में सवार दो महिलाएं सुरक्षित बताई जा रही हैं। जानकारी के अनुसार, महाकाल कॉलोनी निवासी निखिल पिता नंदकिशोर लोधी मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे अपना ई-रिक्शा लेकर जा रहे थे। माता टेकरी के सीढ़ी मार्ग पर एक अज्ञात वाहन ने उनके ई-रिक्शा को टक्कर मार दी, जिससे निखिल गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद परिजन निखिल को तत्काल जिला अस्पताल ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, शाम को उन्हें दोबारा देवास जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मॉर्चुरी में रखवाया गया है, जिसका पोस्टमार्टम बुधवार सुबह किया जाएगा। पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
चंदौली जिले के नियमताबाद क्षेत्र के कठौरी गांव में मंगलवार देर शाम एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की पहचान 27 वर्षीय सानू यादव के रूप में हुई है। वह वाराणसी के नगवा क्षेत्र निवासी महेंद्र यादव की पुत्री थीं। सानू का विवाह जून 2023 में कठौरी निवासी धीरज यादव से हुआ था। मृतका के मामा भानु यादव ने आरोप लगाया है कि सानू को शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि चार दिन पहले सानू ने फोन पर अपनी परेशानी और सास द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न की जानकारी दी थी। परिजनों का आरोप है कि लगातार मानसिक प्रताड़ना के कारण सानू ने यह आत्मघाती कदम उठाया। परिजनों के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि सानू ने फांसी लगा ली है। घटना की जानकारी मिलते ही अलीनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। हल्का इंचार्ज गिरीश राय ने बताया कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही परिवार के सदस्यों ने शव को फंदे से उतार दिया था। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक पूछताछ शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद मृतका के मायके पक्ष में आक्रोश और शोक का माहौल है।
सोनभद्र DM ने जनसुनवाई में की कार्रवाई:लापरवाही मिलने पर चकबंदी लेखपाल, ब्लॉक मिशन प्रबंधक संबद्ध
सोनभद्र के जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों पर कड़ा रुख अपनाया है। प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए, उन्होंने लापरवाही और अनियमितता मिलने पर संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनसुनवाई के दौरान, ग्राम कुसाही, केकराही निवासी शिव कुमार पुत्र बंधु ने एक प्रार्थना पत्र दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव में चल रही चकबंदी प्रक्रिया के तहत चक सही स्थान पर बैठाने के लिए प्रधान और चकबंदी लेखपाल द्वारा धन की मांग की जा रही है। जिलाधिकारी ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी को तत्काल जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी ने चकबंदी लेखपाल रोहित तिवारी को तत्काल प्रभाव से सहायक चकबंदी अधिकारी रॉबर्ट्सगंज द्वितीय कार्यालय से संबद्ध कर दिया। इसी क्रम में, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा की गई एक अन्य शिकायत पर भी जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया। आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से प्राप्त इस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सीएलएफ बुक कीपर पूजा के साथ मिलकर ब्लॉक मिशन प्रबंधक प्रदीप कुमार जायसवाल वित्तीय अनियमितताएं और गड़बड़ियां कर रहे हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर, जिला विकास अधिकारी और खंड विकास अधिकारी द्वारा संयुक्त जांच कराई गई। जांच में ब्लॉक मिशन प्रबंधक की कार्यप्रणाली संदिग्ध पाई गई और यह भी सामने आया कि वे अपने पदीय दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं कर रहे थे। जांच रिपोर्ट के आधार पर, उपायुक्त स्वरोजगार ने प्रदीप कुमार जायसवाल को तत्काल प्रभाव से जिला मिशन प्रबंधन इकाई से संबद्ध कर दिया। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में आने वाली प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार, अनियमितता और जनता से जुड़े मामलों में लापरवाही करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की तरफ से जारी किए गए 12वीं के परीक्षा परिणाम में 85.15 प्रतिशत के साथ रोहतक जिला प्रदेश में 16वें स्थान पर रहा। हालांकि जिले के गुरुकुल में शिक्षा ग्रहण करने वाली छात्रा उदीता दांगी हरियाणा में दूसरे नंबर पर रही, लेकिन ओवरऑल रिजल्ट में गिरावट दर्ज की गई। जिले में इस बार परीक्षा परिणाम 85.15 प्रतिशत रहा। जिले से कुल 9156 विद्यर्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें से 7796 छात्र-छात्राएं सफल रहे। वहीं, 1006 विद्यर्थियों की कंपार्टमेंट आई, जबकि 354 विद्यर्थी असफल रहे। पिछले वर्ष जिले का 12वीं कक्षा का परिणाम 88.06 प्रतिशत रहा था, इस बार परिणाम में करीब 3 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उदीता का सपना भारतीय सेना में जाना हरियाणा में दूसरे नंबर पर रहने वाली उदीता के दादा योगेंद्र दांगी ने बताया कि उदीता पिछले 8 साल से गुरुकुल रूड़की में शिक्षा ग्रहण कर रही है। 5वीं कक्षा में उदीता को गुरुकुल में छोड़ा था। गुरुकुल में फोन देखने को अनुमति नहीं थी और पढ़ाई पर पूरा फोकस करवाते थे। योगेंद्र दांगी ने बताया कि उदीता के पिता नीरज दांगी खेतीबाड़ी करते है, जबकि मां गृहणी है। उदीता 4 बहन-भाई है और उदीता तीसरे नंबर की बेटी है। उदीता हमेशा कहती है कि बाबा एक दिन बड़ी अफसर बनकर दिखाउंगी। उदीता भारतीय सेना में जाना चाहती है, जिसके लिए एनडीए की मुखर्जीनगर से कोचिंग भी ले रही है। उदीता के अच्छे अंक आने से परिवार में खुशीयोगेंद्र दांगी ने बताया कि उदीता के अच्छे अंक आने के बाद से लगातार फोन आ रहे है। उदीता के गुरुकुल से डॉ. सुकामा ने फोन पर बधाई दी। वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी मंजीत मलिक ने भी फोन पर बधाई दी है। साथ ही रिश्तेदारों के भी फोन आ रहे है। उदीता के अच्छे अंक आने के बाद से परिवार में खुशी की लहर है। परीक्षा परिणाम गिरने की करेंगे समीक्षाजिला शिक्षा अधिकारी मंजीत मलिक ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस बार 12वीं का परीक्षा परिणाम कुछ प्रतिशत गिरा है। परीक्षा परिणाम गिरने के कारणों का पता लगाकर उसे सुधारा जाएगा। जहां कमी रही हैं, उन्हें दूर किया जाएगा। अगले साल इससे बेहतर परिणाम लाने को लेकर योजना बनाई जाएगी। डीईओ मंजीत मलिक ने बताया कि जिले के गुरुकुल की एक छात्रा हरियाणा में दूसरे नंबर पर आई है, जिसके कारण रोहतक का नाम पूरे हरियाणा में हुआ है। गुरुकुल की स्टूडेंट उदीता को फोन पर बधाई दी है और उसके परिवार को भी शुभकामनाएं दी हैं।
दमोह की कोतवाली पुलिस ने कार में चाकू और हथगोला (हैंड ग्रेनेड) लेकर घूम रहे दो युवकों को पकड़ा है। यह कार्रवाई मंगलवार शाम महाराणा प्रताप स्कूल के पास की गई। पुलिस ने दोनों आरोपियों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने बताया कि उन्हें मुखबिर से खबर मिली थी कि स्कूल के पास दो कारों में कुछ संदिग्ध लोग बैठे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस ने वहां खड़ी एक स्विफ्ट और एक बलेनो कार को रोका। इस दौरान भागने की कोशिश कर रहे साहिल कुरैशी और समीम कुरैशी को पुलिस ने दबोच लिया। ये दोनों दमोह के बजरिया वार्ड के रहने वाले हैं। हथगोला और चाकू मिला पुलिस ने जब कारों की तलाशी ली, तो उनके पास से एक हथगोला और एक चाकू मिला। पुलिस अब इन दोनों से कड़ी पूछताछ कर रही है कि वे ये खतरनाक हथियार लेकर कहां जा रहे थे और उनका इरादा क्या था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि उनके पास यह हथगोला कहां से आया। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और मामले की पूरी जांच की जा रही है।
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शुक्रवार, 15 मई को बांसवाड़ा और डूंगरपुर के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे चिकित्सा और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी बड़ी सौगातों के साथ-साथ कई संगठनात्मक कार्यक्रमों में भी भाग लेंगे। जारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, मंत्री शेखावत सड़क मार्ग से उदयपुर से होते हुए सुबह 11:45 बजे कुशलगढ़ पहुंचेंगे। कुशलगढ़ में अस्पताल का लोकार्पण और जनसभा निर्धारित कार्यक्रम के तहत मंत्री शेखावत दोपहर 12 बजे कुशलगढ़ में 'मां भारती अस्पताल' का विधिवत उद्घाटन करेंगे। इसके तुरंत बाद दोपहर 1 बजे वे जनसभा को संबोधित करेंगे। दोपहर में वे क्षत्रिय सभा के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर स्थानीय संवाद भी करेंगे। त्रिपुरा सुंदरी में 'सोलर' युग की शुरुआत बांसवाड़ा शहर में भाजपा जिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक लेने के बाद, मंत्री शेखावत शाम 6 बजे शक्तिपीठ मां त्रिपुरा सुंदरी मंदिर, उमराई पहुंचेंगे। यहाँ वे मंदिर की बिजली व्यवस्था के 'सोलराइजेशन' (सौर ऊर्जा प्रणाली) का उद्घाटन करेंगे। इससे मंदिर परिसर की ऊर्जा आवश्यकताओं को प्राकृतिक संसाधनों से पूरा किया जा सकेगा। डूंगरपुर में 'रात्रि चौपाल', भीलूड़ा में ग्रामीणों से संवाद बांसवाड़ा के कार्यक्रमों के बाद मंत्री शेखावत डूंगरपुर जिले के भीलूड़ा गांव के लिए प्रस्थान करेंगे। यहाँ वे रात 7:30 बजे से 9:00 बजे तक आयोजित 'रात्रि चौपाल' और 'ग्राम' (GRAM) कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इस चौपाल का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं को सुनना और सरकारी योजनाओं पर सीधा संवाद करना है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम: केंद्रीय मंत्री को 'Z' श्रेणी की सुरक्षा (CRPF कवर) प्राप्त है, जिसके मद्देनजर उदयपुर, बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिला प्रशासन को सुरक्षा और प्रोटोकॉल के विशेष निर्देश दिए गए हैं।
भालू से डरकर भागा टाइगर, VIDEO:रणथंभौर में हुआ दोनों का आमना- सामना, पर्यटक हुए रोमांचित
राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में उस वक्त पर्यटकों की धड़कनें तेज हो गईं, जब जंगल के दो ताकतवर वन्यजीव आमने-सामने आ गए। सफारी पर निकले पर्यटकों को यहां टाइगर टी-120 ‘गणेश’ के दीदार हुए ही थे कि तभी अचानक एक भालू वहां पहुंच गया। भालू ने आक्रामक रुख अपनाया तो टाइगर पीछे हटने लगा और कुछ ही पलों में वहां से भाग खड़ा हुआ। घटना सोमवार की शाम जोन नंबर 5 में हुई, जिसका एक वीडियो आज मंगलवार को सामने आया है। पहले देखिए- PHOTOS दरअसल, रणथंभौर टाइगर रिजर्व के जोन नंबर 5 में सोमवार शाम की पारी में पर्यटक सफारी पर गए थे। इस दौरान पर्यटकों को यहां टाइगर टी -120 गणेश के दीदार हुए थे। इसी दौरान यहां अचानक से टाइगर के सामने भालू आ गया। टाइगर और भालू का आमना सामना होने पर भालू आक्रामक हो गया। टाइगर को देखकर भालू थमा नहीं, बल्कि टाइगर की तरफ दौड़ पड़ा। इससे टाइगर घबरा गया और डिफेंसिव मूड में मौके से भागने लगा। भालू ने टाइगर का पीछा भी किया। इस रोमांचक पल को मौजूद पर्यटकों ने अपने कैमरे में कैद किया। 1980 में नेशनल पार्क का दर्जा मिलादेश में टाइगर प्रोजेक्ट की शुरुआत साल 1973 में हुई थी। इसी साल रणथम्भौर राजस्थान का पहला टाइगर रिजर्व बना। साल 1980 में रणथम्भौर टाइगर रिजर्व को नेशनल पार्क का दर्जा मिला। वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की 2015-16 की रिपोर्ट के मुताबिक, रणथंभौर का क्षेत्रफल और ग्रासलैंड अधिकतम 45 से 55 बाघों के लिए उपयुक्त है। वर्तमान में यहां 77 बाघ, बाघिन और शावक मौजूद हैं। हालांकि रणथंभौर के जंगल में बाघों के अलावा दूसरे जानवरों की भी अच्छी संख्या है। इसके कारण भालू समेत कई जंगली जानवरों से बाघ-बाघिनों का सामना होता रहता है। इन्हीं घटनाओं को कैमरे में कैद करने के लिए देशभर से पर्यटक यहां आते हैं। ये खबर भी पढ़िए… एक-दूसरे को मार रहे बाघ-बाघिन:मां से अलग होते ही हो जाते हैं हमलावर, 9 साल में 9 की मौत, जानें- क्या है कारण राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में अब बाघों के लिए 'घर' छोटा पड़ने लगा है। अपनी सल्तनत (टेरिटरी) कायम करने की होड़ में बाघ एक-दूसरे के खून के प्यासे हो रहे हैं। पूरी खबर पढ़िए भालू ने युवक को जमीन पर पटका, चेहरा नोचा:चीख-पुकार सुन ग्रामीणों ने बचाया, हॉस्पिटल में भर्ती; मंदिर दर्शन कर लौट रहा था सवाई माधोपुर के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में रविवार रात भालू ने मंदिर दर्शन कर लौट रहे एक किसान पर हमला कर दिया। भालू ने चेहरे समेत शरीर के कई हिस्सों को बुरी तरह नोचा। पूरी खबर पढ़िए
संतकबीरनगर के बखिरा थाना क्षेत्र में सांथा-बांसी मार्ग पर अमथरी मोड़ के पास मंगलवार रात आठ बजे एक सड़क हादसा हुआ। रोडवेज बस और बाइक की आमने-सामने की टक्कर में बाइक सवार दो दोस्तों में से एक की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। दोनों दोस्त नन्दौर चौराहे पर दुकान का सामान लेने जा रहे थे। नन्दौर चौराहे की ओर जाते समय हुआ हादसा बखिरा के प्रभारी निरीक्षक अरविंद शर्मा ने बताया कि मृतक की पहचान जिला सिद्धार्थनगर के खेसरहा थाना क्षेत्र के बनकटा गांव निवासी राजकुमार (25) पुत्र राजेंद्र के रूप में हुई है। घायल युवक प्रवीण पुत्र रामदीन भी बनकटा गांव का ही रहने वाला है। राजकुमार और प्रवीण अपनी अपाचे बाइक (UP 55 AV 4028) से नन्दौर चौराहे की ओर जा रहे थे। अमथरी मोड़ पर सामने से आ रही राप्ती नगर डिपो की बस से उनकी बाइक की सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि राजकुमार की मौके पर ही मौत हो गई। प्रवीण को तुरंत मेंहदावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल में परिजनों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने बताया कि दोनों युवकों की अभी शादी नहीं हुई थी।
सागर के शाहपुर में शराब माफियाओं की मारपीट में हुई दो युवकों की मौत के मामले में मंगलवार को जीतू पटवारी शाहपुर पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिवारों से मुलाकात की और मामले में कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। पीड़ित परिवार को न्याय मिलेमौके से उन्होंने सागर एसपी अनुराग सुजानिया से बात की। उन्होंने कहा कि यहां आकर देखिए, क्या स्थिति है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। जीतू पटवारी ने कहा कि शाहपुर की घटना के पीड़ितों को न्याय मिलना चाहिए। यह घटना प्रशासन की विफलता है। पीड़ित परिवारों को सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। इस दौरान मृतक नीरज प्रजापति और सूरज अहिरवार के परिवार के लोगों ने पटवारी को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। शराब दुकान का लाइसेंस रद्द करने की मांग की संभागीय प्रवक्ता अभिषेक गौर ने कहा कि शाहपुर चौकी पुलिस ने अपराधियों को संरक्षण दिया है। उन्होंने पुलिसकर्मियों की कॉल डिटेल निकालने और मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को 50-50 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए। साथ ही परिवार के एक सदस्य को आउटसोर्स पर नौकरी दी जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि न्याय की लड़ाई लड़ने वाले किसी भी व्यक्ति पर बिना साक्ष्य के कोई मामला दर्ज नहीं किया जाए। अन्यथा इसके विरोध में आंदोलन किया जाएगा। एसडीओपी को हटाने की भी मांग अभिषेक गौर ने एसडीओपी प्रकाश मिश्रा को हटाने और शराब दुकान का लाइसेंस रद्द करने की मांग भी की। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी सागर ग्रामीण के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मोहसा, पूर्व मंत्री प्रभु सिंह, सुरेंद्र चौधरी, जिला संगठन महासचिव आशीष ज्योतिषी, पूर्व विधायक नारायण प्रजापति, पूर्व विधायक तरवर सिंह लोधी, नीरज शर्मा, हेमंत लारिया, देवेंद्र गौर, अनिरुद्ध गौर, यासीन खान और अमित रामजी दुबे सहित अन्य लोग मौजूद रहे। “मप्र के हर मोहल्ले में शराब बिक रही” पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि शराब माफियाओं ने मारपीट कर दो परिवारों के मुखिया की हत्या कर दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के हर मोहल्ले में शराब बिक रही है। उन्होंने कहा, “यहां प्रशासन है क्या? गृह विभाग है क्या? या फिर गृह मंत्रालय कुछ देख ही नहीं पा रहा है।” उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास गृह विभाग सहित 13 विभाग हैं। वह इस पूरे मामले को विधानसभा में उठाएंगे। गोपाल भार्गव पर भी उठाए सवाल जीतू पटवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि पेट्रोल कम जलाओ और सोना कम खरीदो, लेकिन मैं कहता हूं कि विधायक मत खरीदो। उन्होंने रहली विधायक और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गोपाल भार्गव 9 बार के विधायक रहे हैं। उनकी भी जिम्मेदारी बनती है कि क्षेत्र की कानून व्यवस्था पर ध्यान दें।
पन्ना टाइगर रिजर्व (PTR) के प्रतिबंधित इलाके में बिना इजाजत घुसने की वजह से मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और उनके समर्थकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वन विभाग अब पटवारी समेत करीब 30 से 40 लोगों पर वन्य प्राणी अधिनियम के तहत केस दर्ज करने की तैयारी में है। केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के तहत बनने वाले ढोढन बांध की वजह से कई आदिवासी परिवार विस्थापित हो रहे हैं। ये लोग पिछले चार दिनों से सही मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। जीतू पटवारी इसी आंदोलन को अपना समर्थन देने और आदिवासियों की बात सुनने पन्ना पहुंचे थे। मना करने के बाद भी पहुंचे कोर जोन पटवारी के काफिले को टाइगर रिजर्व के भूसौर नाके पर ही रोक दिया गया था। उन्होंने अंदर जाने की इजाजत मांगी, लेकिन वन विभाग के अफसरों ने सुरक्षा और नियमों का हवाला देते हुए उन्हें मना कर दिया। इसके बावजूद, जीतू पटवारी और उनके समर्थक मोटरसाइकिल के जरिए दूसरे रास्ते से प्रतिबंधित 'कोर जोन' (ढोढन बांध क्षेत्र) में जा पहुंचे। वीडियो से हो रही पहचान टाइगर रिजर्व मैनेजमेंट ने इस घुसपैठ को बहुत गंभीरता से लिया है। डिप्टी डायरेक्टर बीके पटेल ने जांच के बाद सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। असिस्टेंट डायरेक्टर देवेंद्र अहिरवार ने बताया कि नियमों के उल्लंघन पर केस दर्ज किया जाएगा। अब वीडियो और फोटो देखकर उन सभी लोगों की पहचान की जा रही है, जो उस दिन पटवारी के साथ जंगल में घुसे थे। इस मामले के बाद राजनीति भी शुरू हो गई है। कांग्रेस का कहना है कि यह आदिवासियों की आवाज दबाने का तरीका है, वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून सबके लिए बराबर है और नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सीतापुर के मिश्रिख कोतवाली क्षेत्र के ग्राम संजराबाद में मंगलवार शाम करीब 7 बजे एक युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद गांव में शोक और सनसनी का माहौल फैल गया। सूचना मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। ग्राम संजराबाद निवासी 25 वर्षीय रामेंद्र सिंह उर्फ छोटू का परिवार में किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। बताया जा रहा है कि विवाद के बाद युवक मानसिक रूप से परेशान था। कुछ देर बाद वह घर से निकलकर गांव के बाहर चला गया। वहां उसने एक आम के पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। काफी देर तक युवक के घर वापस न लौटने पर परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। इसी दौरान ग्रामीणों ने गांव के बाहर आम के पेड़ से युवक का शव लटकता देखा। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। परिजनों में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में मातम फैल गया। सूचना मिलने पर मिश्रिख कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाया। वहीं फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। प्रभारी निरीक्षक प्रदीप सिंह का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद मृतक के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
करनाल में पूर्व डिप्टी स्पीकर चौधरी वेदपाल के बेटे एवं वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी विजय पाल को 50 लाख रुपए की फिरौती मांगते हुए परिवार सहित बम से उड़ाने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। देर रात विदेशी नंबर से आई कॉल में आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी और परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। घटना के बाद इलाके में भी चर्चा का माहौल है। व्हाट्सएप कॉल पर दी धमकी, खुद को बराड़ बतायापूर्व डिप्टी स्पीकर चौधरी वेद पाल के पुत्र और भाजपा नेता एडवोकेट चौधरी विजय पाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सोमवार रात उनके पास एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को बराड़ बताया और सीधे तौर पर धमकी दी कि वह उन्हें और उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने में समय नहीं लगाएगा। आरोपी ने कहा कि वह हैंड ग्रेनेड से पूरे परिवार को उड़ा सकता है। 50 लाख रुपए मांगे, पुलिस से भी नहीं डरने की बात कहीकॉलर ने विजय पाल से 50 लाख रुपए की फिरौती मांगी। उसने धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो अंजाम बहुत गंभीर होगा। आरोपी ने यह भी कहा कि पुलिस से जितना बच सकते हो बच लो, लेकिन वह किसी से डरने वाला नहीं है। उसने बातचीत के दौरान विजय पाल के पिता चौधरी वेद पाल का नाम लिया और उनके घर का सटीक स्थान भी बताया, जिससे परिवार और ज्यादा घबरा गया। परिवार में दहशत, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षाधमकी मिलने के बाद विजय पाल और उनका पूरा परिवार दहशत में है। मामले की गंभीरता को देखते हुए करनाल पुलिस ने तुरंत सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। घर के आसपास पुलिस तैनात की गई है और आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कॉल की लोकेशन और आरोपी की पहचान के लिए तकनीकी जांच की जा रही है। मॉडल टाउन चौकी इंचार्ज गीता ने बताया कि शिकायत मिली है। जांच जारी है। सीएम और केंद्रीय मंत्री से मिल सकते हैं विजय पालसूत्रों के अनुसार इस मामले को लेकर विजय पाल जल्द ही हरियाणा के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात कर सकते हैं। उनका उद्देश्य मामले में सख्त कार्रवाई करवा कर आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करवाना है। घर के बाहर बने सुरक्षा बूथ पर चला था बुलडोजरबीती 5 मई को करनाल के एनडीआरआई चौक स्थित विजय पाल के घर के बाहर बने पुलिस सुरक्षा बूथ पर एनएचएआई का बुलडोजर चला था। यह बूथ एनएचएआई की सीमा में होने के कारण अवैध माना गया। जानकारी के मुताबिक, विजय पाल ने खुद ट्रैफिक और प्रदूषण को लेकर केंद्रीय मंत्री को शिकायत दी थी, जिसके बाद कार्रवाई हुई और उनके घर के बाहर बना अतिक्रमण हटा दिया गया। 1984 में भी हुआ था जानलेवा हमलाविजय पाल के परिवार पर धमकियों का यह पहला मामला नहीं है। 9 मार्च 1984 को मधुबन के पास चौधरी वेद पाल पर बड़ा आतंकी हमला हुआ था। उनकी गाड़ी पर करीब 80 गोलियां चलाई गई थीं। इस हमले में वे बाल-बाल बच गए थे, लेकिन उनके ड्राइवर की मौत हो गई थी और गनमैन घायल हो गया था। उस समय यह घटना पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी थी। राजनीतिक सफर की शुरुआत पंच से कीचौधरी वेद पाल ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत गांव कैड़रौली (यमुनानगर) से पंच के रूप में की थी। इसके बाद उन्होंने लगातार प्रगति की और 1967-68 में मार्केट कमेटी रादौर के चेयरमैन बने। यहीं से उनकी सक्रिय राजनीति को नई दिशा मिली। घरौंडा से विधायक बने, डिप्टी स्पीकर का पद संभाला1982 में वे घरौंडा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए। इसके बाद उन्हें हरियाणा विधानसभा का डिप्टी स्पीकर बनाया गया। उन्होंने 24 जून 1982 से 23 जून 1987 तक इस पद पर कार्य किया। उस समय प्रदेश में मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल की सरकार थी। कैबिनेट दर्जा और अन्य अहम जिम्मेदारियां निभाईंडिप्टी स्पीकर के अलावा चौधरी वेद पाल हरियाणा मार्केटिंग बोर्ड के चेयरमैन भी रहे। यह जिम्मेदारी उन्हें चौधरी बंसीलाल की सरकार में मिली, जहां उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त था। साथ ही वे ऑल इंडिया मार्केटिंग बोर्ड काउंसिल के चेयरमैन भी रहे। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय भूमिकाचौधरी वेद पाल ने राष्ट्रीय राजनीति में भी अहम भूमिका निभाई। वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष और राष्ट्रवादी किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। इसके अलावा उन्होंने डीएवी पीजी कॉलेज करनाल के प्रधान के रूप में चार बार कार्य किया। उन्होंने अपने जीवन में 44 देशों का दौरा कर भारत का प्रतिनिधित्व किया। देश के कई पूर्व राष्ट्रपतियों जैसे ज्ञानी जैल सिंह, केआर नारायणन, शंकर दयाल शर्मा, प्रणव मुखर्जी और एपीजे अब्दुल कलाम के साथ उनके करीबी संबंध रहे। 2023 में हुआ निधनचौधरी वेद पाल का जनवरी 2023 में 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन के बाद भी परिवार राजनीति और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय बना हुआ है।
राज्य सरकार ने जेल, होमगार्ड और फायर कर्मचारियों के मेस भत्ते में बढ़ोतरी की है। वित्त विभाग ने मेस भत्ता बढ़ाने के आदेश जारी किए। तीनों सेवाओं में अफसर और कर्मचारियों के मेस भत्ते में हर महीने 150 रुपए की बढ़ोतरी की है। बढ़ा हुआ मेस भत्ता 1 अप्रैल से मिलेगा। तीनों सेवाओं के हजारों कर्मचारियों को इसका फायदा मिलेगा। 2700 रुपए से बढ़ाकर 2850 रुपए किया मेस भत्ता जेल विभाग में वार्डर, हेड वार्डर, डिप्टी जेलर और जेलर का मेस भत्ता 2700 रुपए से बढ़ाकर 2850 रुपए किया है। इसी तरह होमगार्ड कॉन्स्टेबल, ड्राइवर, मुख्य आरक्षी, नागरिक सुरक्षा के फायर बिग्रेड ड्राइवर और कॉन्स्टेबल का मेस भत्ता भी अब 2700 से बढ़ाकर 2850 रुपए किया है। हर बार बजट पास होने वाले दिन मेस भत्ता बढ़ाने की घोषणा होती है। एप्रोप्रिएशन बिल का जवाब देते हुए मेस भत्ते बढ़ाने की घोषणाा की गई थी। अब वित्त विभाग ने बढ़ा हुआ मेस भत्ता देने के औपचारिक आदेश जारी किए हैं।
लखनऊ के गोमतीनगर स्थित लोहिया पार्क के सामने मंगलवार को बड़े मंगल के अवसर पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस पूरे आयोजन की जिम्मेदारी महिलाओं ने संभाली। सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं और प्रसाद वितरण देर शाम तक जारी रहा। भंडारे में लगभग हजारों लोगों के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई थी। श्रद्धालुओं को पूरी-सब्जी, छोला, चावल और बूंदी का प्रसाद वितरित किया गया। महिलाओं ने प्रसाद वितरण से लेकर अन्य सभी व्यवस्थाओं की कमान संभाली। हर साल भंडारे का आयोजन किया जाता है आयोजन से जुड़ी लोहिया ग्रुप सी की सदस्य आशा सिंह ने बताया कि बड़े मंगल के अवसर पर हर साल इस तरह के भंडारे का आयोजन किया जाता है। उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि सभी लोग एकजुट होकर प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। आशा सिंह ने बताया कि लखनऊ में बड़े मंगल का पर्व धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से भंडारे में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करने की अपील भी की। भंडारे में आए श्रद्धालुओं ने इस आयोजन की सराहना की। उनका कहना था कि बड़े मंगल पर ऐसे आयोजन शहर की धार्मिक और सामाजिक एकता को बढ़ावा देते हैं। पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राज कुमार भाटी द्वारा ब्राह्मण समाज को लेकर दिए गए बयान के विरोध में निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री मंगलवार को सपा मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। धरने के दौरान अलंकार अग्निहोत्री ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मांग की कि राज कुमार भाटी को तत्काल पार्टी से बर्खास्त किया जाए। सूचना पर पहुंची पुलिस से उनकी नोकझोंक हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस अलंकार अग्निहोत्री को घसीटते हुए जीप तक ले गई और वहां से उन्हें अपने साथ ले गई। देखिए 2 तस्वीरें… ब्राह्मण समाज का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा इस दौरान अंलकार अग्निहोत्री ने कहा कि केवल माफी मांग लेने से मामला खत्म नहीं होगा और जब तक कार्रवाई नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि ब्राह्मण समाज का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। 5 मई को 1 कार्यक्रम में दिया था बयानसपा प्रवक्ता राज कुमार भाटी ने 5 मई को कार्यक्रम में एक मुहावरा सुनाते हुए कहा- ब्राह्मण भला न वेश्या, इनमें भला न कोय। और कोई-कोई वेश्या तो भली, ब्राह्मण भला न कोय…। मतलब- ब्राह्मण वेश्याओं से ज्यादा खराब हैं। उनका यह वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर होने लगा, तब हंगामा मचने लगा। राज कुमार ने मामले में माफी मांगी इस मामले में राज कुमार भाटी ने कहा- अगर मेरे शब्दों से ब्राह्मण भाइयों के दिल को आघात पहुंचा है, तो मैं उनसे हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं। मैं समाजवादी विचारधारा पर चलने वाला व्यक्ति हूं। जो सच्चा समाजवादी होगा, वह किसी जाति या धर्म का अपमान नहीं करेगा। भाजपा और उसका आईटी सेल मेरे खिलाफ लगातार अभियान चलाते रहते हैं कि मैं ब्राह्मण विरोधी हूं, सनातन विरोधी हूं और हिंदू विरोधी हूं। जबकि ये तीनों आरोप बिल्कुल गलत हैं। मैं ब्राह्मणों का बहुत सम्मान करता हूं। ब्राह्मण समाज में एक से एक विद्वान, राष्ट्रभक्त, वीर योद्धा और बुद्धिजीवी पैदा हुए हैं। मैं किसी भी जाति या धर्म के अपमान के बारे में सपने में भी नहीं सोच सकता। मैं समाज में प्रचलित गंदी लोकोक्तियों और मुहावरों के खिलाफ बोल रहा था, उनके समर्थन में नहीं। मैं स्वीकार करता हूं कि वे बहुत गलत लोकोक्तियां हैं। ब्राह्मण समाज को बहुत शिक्षित और समझदार समाज माना जाता है। इसलिए मैं ब्राह्मण समाज से कहना चाहता हूं कि पूरी बात को समझें। पूरा वीडियो देखेंगे तो आपकी शिकायत दूर हो जाएगी। मैंने अपने फेसबुक पर पूरा वीडियो डाल दिया है। उसे जरूर देखें। आधी क्लिप देखकर अपनी राय न बनाएं।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राज कुमार भाटी द्वारा ब्राह्मण समाज को लेकर दिए गए बयान के विरोध में निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री मंगलवार को सपा मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। धरने के दौरान अलंकार अग्निहोत्री ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मांग की कि राज कुमार भाटी को तत्काल पार्टी से बर्खास्त किया जाए। सूचना पर पहुंची पुलिस से उनकी नोकझोंक हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस अलंकार अग्निहोत्री को घसीटते हुए जीप तक ले गई और वहां से उन्हें अपने साथ ले गई। देखिए 2 तस्वीरें… ब्राह्मण समाज का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा इस दौरान अंलकार अग्निहोत्री ने कहा कि केवल माफी मांग लेने से मामला खत्म नहीं होगा और जब तक कार्रवाई नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि ब्राह्मण समाज का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
ग्वालियर में पुरानी रंजिश और गाड़ी पार्किंग को लेकर चला आ रहा विवाद मंगलवार शाम खूनी संघर्ष में बदल गया। गिरवाई थाना क्षेत्र में 3 बदमाशों ने एक युवक को रास्ते में घेरकर लाठी-डंडों से जमकर पीटा और पिस्टल से गोली मार दी। गोली युवक के पेट में लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे तत्काल ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार घायल की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना मंगलवार शाम करीब 5 बजे की है। गोली मारने से पहले सड़क पर की मारपीट घटना के वक्त शंकर कॉलोनी (जागृति स्कूल के पास) में रहने वाला अखिलेश शिकारिया पिता मदन शिकारिया (34) पुराना गिरवाई थाना क्षेत्र से गुजर रहा था। तभी कार में सवार होकर आए रिहान गुर्जर, आकाश गुर्जर और आनंद गुर्जर ने उसे रोक लिया। तीनों आरोपियों ने पहले गाली-गलौज की और फिर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। अखिलेश को सड़क पर घेरकर बेरहमी से पीटा। इसके बाद आरोपी रिहान गुर्जर ने अवैध पिस्टल निकालकर अखिलेश पर फायर कर दिया। फायरिंग में एक गोली उसके पेट में जाकर लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा। गोली चलने की आवाज सुनते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। घटना को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी कार में सवार होकर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही घायल युवक के परिजन मौके पर पहुंचे और उसे गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम लगातार उसका उपचार कर रही है। पार्किंग को लेकर 5 महीने पहले हुआ था विवाद प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि करीब पांच महीने पहले अखिलेश और आरोपियों के बीच गाड़ी पार्किंग को लेकर विवाद हुआ था। उसी रंजिश में आरोपियों ने हमले की साजिश रची। बताया जा रहा है कि सभी आरोपी गिरवाई थाना क्षेत्र के ही रहने वाले हैं और वारदात के बाद अपने घर छोड़कर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी और गिरवाई थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है। घायल अखिलेश की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी डीएसपी ने बताया कि गाड़ी पार्किंग के विवाद में तीन बदमाशों ने युवक को रास्ते में घेरकर गोली मार दी। घायल का अस्पताल में इलाज जारी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
लखनऊ में मातृशक्ति ने अनोखा भंडारा किया:प्रसाद के साथ बांटे पौधे, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
लखनऊ के राजाजीपुरम स्थित जगदीश उपवन ग्रीनफील्ड स्कूल के सामने मंगलवार को मातृशक्ति द्वारा एक अनोखे मंगलमान भंडारे का आयोजन किया गया। इस भंडारे की विशेषता यह रही कि यहां प्रसाद वितरण के साथ-साथ स्वच्छ और हरित पर्यावरण का संदेश देने के लिए पौधों का भी वितरण किया गया। बड़ी संख्या में लोगों को पौधे देकर पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री संदीप बंसल, पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया, मंगलमान अभियान के संयोजक डॉ. रामकुमार तिवारी और मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधिकारी आयुष डॉ. सुनीत कुमार मिश्रा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने मातृशक्ति के इस अभिनव प्रयास की सराहना की। सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करने का माध्यम संदीप बंसल ने इस अवसर पर कहा कि बड़े मंगल के भंडारे अब केवल प्रसाद वितरण तक सीमित नहीं रह गए हैं। ये अब लोगों को स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करने का माध्यम बन चुके हैं। उन्होंने जोर दिया कि लोगों में अपने घर के साथ-साथ आसपास के वातावरण और सड़कों को भी साफ रखने की भावना विकसित हो रही है। हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया बंसल ने आगे कहा कि मंगलमान अभियान का संदेश अब पूरे प्रदेश और देश तक पहुंच रहा है। उन्होंने लखनऊवासियों से आने वाले बड़े मंगलों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ भंडारे आयोजित करने की अपील की। इस आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और पौधे प्राप्त कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
लखनऊ के बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान में आयोजित मंथन सत्र में वैज्ञानिकों ने भविष्य की जलवायु को लेकर बड़ा दावा किया। विशेषज्ञों का मानना है कि करोड़ों साल पुराने जीवाश्मों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के मेल से जलवायु परिवर्तन का पहले से ज्यादा सटीक अनुमान लगाया जा सकेगा। संस्थान के निदेशक प्रो. एम.जी. ठक्कर ने कहा कि अब पारंपरिक तकनीकों के भरोसे रहने का दौर खत्म हो रहा है। AI की मदद से जीवाश्मों का विश्लेषण और जलवायु मॉडलिंग बेहद तेज गति से संभव हो रही है। उन्होंने कहा कि जिन शोधों में पहले महीनों लगते थे, वे अब कुछ घंटों में पूरे किए जा सकते हैं। AI पुराविज्ञान के लिए नई क्रांतिकारी तकनीक कार्यक्रम का संयोजन डॉ. अंजलि त्रिवेदी और डॉ. निलय गोविंद ने किया। सत्र में विशेषज्ञों ने AI को पुराविज्ञान के लिए नई क्रांतिकारी तकनीक बताया। मुख्य अतिथि प्रो. अशोक साहनी ने कहा कि मशीन लर्निंग के जरिए 25 करोड़ साल पहले हुई पर्मियन-ट्राइसिक महाविलुप्ति जैसी घटनाओं को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है। उन्होंने बताया कि डायनासोर के खत्म होने, प्राचीन मानसून के पैटर्न और मानव पलायन जैसे रहस्यों को सुलझाने में AI अहम भूमिका निभाएगा। इमेज रिकॉग्निशन तकनीक से हजारों साल पुराने परागकणों और पत्तियों की पहचान अब मिनटों में संभव हो गई है। AI के कानूनी और नैतिक पहलुओं पर चिंता जताई डॉ. जी. के. गोस्वामी ने AI के कानूनी और नैतिक पहलुओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि AI जितना शक्तिशाली है, उतना ही जोखिम भरा भी साबित हो सकता है। डिजिटल अरेस्ट, डेटा सुरक्षा और शोध की विश्वसनीयता जैसे मुद्दों पर सतर्क रहने की जरूरत है। सत्र के अंत में विशेषज्ञों ने मजबूत जीवाश्म डेटाबेस तैयार करने पर सहमति जताई। आईआईटी कानपुर, आईआईएम लखनऊ और केजीएमयू के विशेषज्ञों ने भी विचार रखे। कार्यक्रम ने साफ संकेत दिया कि BSIP अब केवल जीवाश्मों के अध्ययन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य की आधुनिक रिसर्च लैब बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
कन्नौज की तिर्वा विधानसभा सीट से नवनियुक्त मंत्री कैलाश राजपूत मंगलवार को उन्नाव पहुंचे। यहां भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने उनका स्वागत किया। मंत्री बनने के बाद पहली बार उन्नाव आए राजपूत ने साक्षी महाराज से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा हुई। मीडिया से बातचीत में मंत्री कैलाश राजपूत ने कहा कि वह सांसद साक्षी महाराज के आशीर्वाद से मंत्री बने हैं। उन्होंने बताया कि जैसे ही उन्हें साक्षी महाराज के उन्नाव आने की जानकारी मिली, वह तुरंत लखनऊ से उनसे मिलने पहुंचे। उन्होंने इसे महाराज जी के दर्शन और मार्गदर्शन का सौभाग्य बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तेलंगाना दौरे के दौरान दिए गए बयान पर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री कैलाश राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री देश और दुनिया के बड़े नेता हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों से जो भी अपील की है, वह निश्चित रूप से देशहित और जनता के भविष्य को ध्यान में रखकर की गई होगी। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का कोई राजनीतिक भविष्य नहीं दिख रहा है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्रियों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस परिवार को लंबे समय तक देश की सत्ता मिली, लेकिन अब जनता का विश्वास उनसे उठ चुका है। मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी केवल बयानबाजी कर रहे हैं और जनता अब उनके बयानों को गंभीरता से नहीं लेती। इसके अतिरिक्त, मंत्री कैलाश राजपूत ने पश्चिम बंगाल की राजनीति और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में भाजपा और एनडीए को भारी सफलता मिली, जबकि अखिलेश यादव की सभाओं का कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में भी भाजपा को जनता का व्यापक समर्थन मिला है। मंत्री ने नारी वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा महिलाओं को राजनीतिक रूप से मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण का विरोध किया, जबकि भाजपा सरकार महिलाओं को अधिक अधिकार और प्रतिनिधित्व देने के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं जागरूक हैं और उन्हें पता है कि कौन उनके हित में काम कर रहा है।
मुजफ्फरनगर में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने और आमजन में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाने के उद्देश्य से मंगलवार शाम पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला। एसपी सिटी अमृत जैन के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने नगर क्षेत्र में यह मार्च किया, जिससे सुरक्षा का सशक्त संदेश दिया गया। एसएसपी संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में आयोजित इस फ्लैग मार्च में एएसपी/सीओ सिटी सिद्धार्थ मिश्रा, खालापार थाना प्रभारी बबलू सिंह वर्मा और महिला थाना प्रभारी संगीता डागर सहित विभिन्न थानों का पुलिस बल शामिल था। पुलिसकर्मी पूरी तरह अनुशासित और दंगा नियंत्रण उपकरणों से लैस थे। यह फ्लैग मार्च शहर के प्रमुख और संवेदनशील क्षेत्रों जैसे मीनाक्षी चौक, शिव चौक, फक्करशाह चौक, नावल्टी चौराहा और शामली बस स्टैंड से होकर गुजरा। भीड़भाड़ वाले बाजारों और मुख्य मार्गों पर पुलिस की सख्त मौजूदगी ने लोगों में सुरक्षा और विश्वास का माहौल बनाया। फ्लैग मार्च के दौरान एसपी सिटी अमृत जैन ने लगातार निगरानी की। उन्होंने संवेदनशील बिंदुओं का जायजा लेते हुए अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की अफवाह, असामाजिक गतिविधि या माहौल बिगाड़ने की कोशिश पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। एसपी सिटी ने व्यापारियों, धर्मगुरुओं और स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद किया। उन्होंने सभी से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि मुजफ्फरनगर की पहचान आपसी भाईचारे से है और इसे बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ संदेशों से दूर रहने का भी आग्रह किया। एसपी सिटी ने पुलिस बल को भी ब्रीफ किया। उन्होंने निर्देश दिए कि ड्यूटी के दौरान सतर्कता, अनुशासन और संवेदनशीलता बनाए रखी जाए और आमजन के साथ विनम्र व्यवहार करते हुए कानून-व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
मेरठ की चौधरी चरण सिंह विवि में आरके हॉस्टल के छात्रों ने खराब खाना मिलने को लेकर मंगलवार को जमकर हंगामा किया। नाराज छात्रों ने कुलसचिव कार्यालय का घेराव करते हुए मेस टेंडर निरस्त करने और ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की मांग उठाई। प्रदर्शन का नेतृत्व छात्र नेता शान मोहम्मद ने किया। छात्र खराब भोजन से भरी थाली लेकर कुलसचिव अनिल कुमार के कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी की। शान मोहम्मद ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी हॉस्टल के खाने को लेकर कई बार शिकायत की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि रविवार को डीडीयू हॉस्टल के छात्रों ने भी खराब सब्जी को लेकर वीसी आवास पर प्रदर्शन किया था। वहीं करीब दस दिन पहले कुलसचिव ने हॉस्टल मेस का निरीक्षण भी किया था, लेकिन व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं हुआ। छात्रों का कहना है कि तीन दिन पहले वार्डन द्वारा मेस ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया था, इसके बावजूद खाने की गुणवत्ता में सुधार नहीं किया गया। इससे छात्रों में भारी नाराजगी है।प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने मांग रखी कि असिस्टेंट वार्डन को तत्काल पद से हटाया जाए। साथ ही मेस ठेका निरस्त कर ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाए। छात्रों ने यह भी मांग की कि पांच सदस्यीय छात्र समिति बनाकर खाने की नियमित जांच कराई जाए और मेन्यू चार्ट मेस गेट पर चस्पा किया जाए। छात्रों ने यह भी कहा कि जिस दिन छात्र बाहर का खाना खाते हैं, उस दिन का मेस शुल्क उनके खाते में नहीं जोड़ा जाए, बल्कि सत्र समाप्ति पर वापस किया जाए। इस दौरान यश चौधरी, अकसांस, चिकारा और आरफिन चौहान समेत कई छात्र मौजूद रहे।
भिंड के लहार में पिकअप से भिड़ी बाइक:युवक की मौत, मोबाइल में लगी डीपी से हुई पहचान
भिंड जिले के लहार थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। हादसा लहार के महाराणा प्रताप चौराहे के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार पिकअप वाहन से बाइक की भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। डीपी से हुई युवक की पहचानपुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान मोबाइल फोन में लगी डिपी से हुई। मसेरन गांव निवासी 30 वर्षीय आशीष शाक्य के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आशीष बाइक से लहार की ओर आ रहा था। इसी दौरान महाराणा प्रताप चौराहे के पास सामने से आ रहे तेज रफ्तार पिकअप वाहन से उसकी बाइक टकरा गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही लहार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पहचान कराने का प्रयास शुरू किया। मोबाइल की डीपी से हुई पहचान प्रारंभिक तौर पर युवक के पास कोई पहचान पत्र नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने उसकी जेब से मिले मोबाइल फोन की जांच की। मोबाइल में लगी डिस्प्ले फोटो (डीपी) के आधार पर युवक की पहचान कराई गई। पहचान होने के बाद पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दी और शव को पोस्टमार्टम के लिए पीएम हाउस में रखवाया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
मऊगंज जिले की नईगढ़ी तहसील कोर्ट परिसर में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस हिंसक झड़प का एक वीडियो भी सामने आया है। तहसील परिसर जैसे संवेदनशील सरकारी स्थान पर हुई इस घटना के बाद से लोगों में आक्राेश है। पेशी के बाद लौट रहे फरियादी पर हमला घटना उस समय हुई जब लौर थाना क्षेत्र के ग्राम उरूआ निवासी केशरी प्रसाद मिश्रा (60) अपने भाई अमरनाथ और भतीजे रोहित के साथ जमीन संबंधी मामले की पेशी के लिए नईगढ़ी तहसील आए थे। आरोप है कि जैसे ही वे न्यायालय कक्ष से बाहर निकले, विपक्षी पक्ष के स्वपनिल पाण्डेय, जानेन्द्र पाण्डेय, वेदप्रकाश और दिनेश मिश्रा ने उन्हें घेर लिया और गाली-गलौज शुरू कर दी। लात-घूंसों से की गई पिटाई, कई घायल विरोध करने पर आरोपियों ने बुजुर्ग केशरी प्रसाद पर लात-घूंसों से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे उनके भाई और भतीजे को भी बेरहमी से पीटा गया। इस हमले में केशरी प्रसाद के होंठ, नाक और कमर में चोटें आई हैं, जबकि अमरनाथ मिश्रा के सिर और नाक पर गंभीर प्रहार किए गए। परिसर में मौजूद लोगों के हस्तक्षेप के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल करीब एक दिन पुराने बताए जा रहे इस वीडियो के वायरल होने के बाद स्थानीय नागरिकों और अधिवक्ताओं में आक्रोश है। लोगों ने तहसील परिसर में पुलिस बल की तैनाती और सुरक्षा पुख्ता करने की मांग की है। पुलिस ने वीडियो और शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पंचकूला जिले में पिंजौर के शिवा कॉम्प्लेक्स मार्केट में एक बिजली के ट्रांसफार्मर की चपेट में आने से एक बंदर की मौत हो गई, जबकि दो अन्य बंदरों को करंट लगा। यह ट्रांसफार्मर स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है। ट्रांसफार्मर से अक्सर चिंगारियां निकलती हैं और तेज धमाके होते रहते हैं। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बंदर इस ट्रांसफार्मर की चपेट में आकर जान गंवा चुके हैं। दुकानदारों ने यह भी जानकारी दी कि कुछ समय पहले एक युवक की भी ट्रांसफार्मर से निकले करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। ट्रांसफार्मर को कहीं लगाने की मांग इन लगातार हादसों के बावजूद, संबंधित विभाग द्वारा अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। दुकानदारों ने बताया कि ट्रांसफार्मर के करीब आधा दर्जन से अधिक दुकानें हैं, जिससे उनमें सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती है। स्थानीय व्यापारियों ने बिजली विभाग और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि ट्रांसफार्मर को कहीं और स्थानांतरित किया जाए और सुरक्षा के उचित इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके। नगर परिषद कर्मचारियों की हड़ताल के चलते दुकानदारों ने स्वयं ही किसी व्यक्ति को बुलाकर मृत बंदर को दफनाया।
जोधपुर से अलवर दो दोस्तों के साथ आए व्यक्ति का अलवर जंक्शन के बाहर अपहरण हो गया। पुलिस ने करीब साढ़े 3 घंटे की मशक्कत के बाद 55 किलोमीटर दूर बॉर्डर के आसपास से 3 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से एक कार बरामद की है। फिरौती के 5 लाख रुपए मांगे थे। मारपीट कर पीड़ित व्यक्ति से ऑनलाइन 60 हजार रुपए ले लिए थे। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के आधार पर पुलिस बदमाशेां तक पहुंची। इस मामले का अलवर पुलिस ने सोमवार शाम को खुलासा किया। अपहरण की घटना सोमवार दोपहर की है। जोधपुर निवासी उम्मेद सिंह अपने दो दोस्तों के साथ अलवर घूमने आया था। जैसे ही तीनों दोस्त रेलवे स्टेशन से बाहर निकले, तभी बदमाशों ने उम्मेद सिंह को जबरन थार गाड़ी में डाल लिया और हरियाणा की तरफ फरार हो गए। अपहरणकर्ताओं ने युवक के परिजनों को फोन कर पांच लाख रुपए की फिरौती मांगी। डर के चलते परिजनों ने पहले 60 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। पुलिस उपाधीक्षक शहर अंगद शर्मा के नेतृत्व में टीम गठित की गई और तकनीकी सहायता से उस बैंक खाते तक पहुंच बनाई गई जिसमें फिरौती की रकम डाली गई थी। पुलिस ने खाताधारक को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि यह गैंग पहले भी कई वारदातों को अंजाम दे चुकी थी। पुलिस के पीछे होने का पता चलने पर बदमाश थार की बजाय क्रेटा कार में सवार हो गए। लेकिन पुलिस ने पीछा नहीं छोड़ा। आखिरकार भिवाड़ी-हरियाणा बॉर्डर के पास नूंह क्षेत्र में दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने साहिद उर्फ जाहुल, नौफिल और नौसाद को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक कार जब्त की है, जबकि मुख्य आरोपी आवेद सहित दो अन्य बदमाश फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। अपहरण से मुक्त हुए उम्मेद सिंह ने बताया कि बदमाश लगातार मारपीट कर रहे थे और धमकी दे रहे थे कि पैसे नहीं मंगवाए तो जान से खत्म कर देंगे। करीब तीन घंटे तक उसे हरियाणा के अलग-अलग इलाकों में घुमाया गया।
पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी मंगलवार शाम एसपी अमित कुमार से मिले। वह अपने बचपन के साथी बसंत पुरोहित की जमीन पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत लेकर पहुंचे थे। पूर्व मंत्री ने एसपी से कहा कि थाने में शिकायत की गई, लेकिन टीआई इसे सिविल केस बता रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह सिविल केस कैसे हो सकता है। मेरा इतिहास रहा है कि मैं खुद फैसला कर देता था, लेकिन अब झगड़ा करने की उम्र नहीं है। इसलिए आप ही इसे दिखवाइए। कल से तो कोई भी मेरे तीन प्लॉट पर कब्जा कर लेगा।” “कोई भी प्लॉट पर कब्जा कर गुंडागर्दी करेगा” पूर्व मंत्री कोठारी ने एसपी से कहा कि कल से कोई भी अपना प्लॉट बताकर उस पर कब्जा जमाकर गुंडागर्दी करने लग जाएगा। थाने पर जाएंगे तो पुलिस इसे सिविल केस बता देगी। ऐसे में कोई भी किसी के प्लॉट पर कब्जा कर सकता है। एसपी बोले- पहले सीधे मेरे पास आते एसपी अमित कुमार ने कोठारी के साथ आए उनके मित्र से पूछा कि क्या वह पहले उनके पास आए थे। जब उन्होंने मना किया तो एसपी ने कहा कि पहले ही सीधे उनके पास आना चाहिए था। इस पर कोठारी ने कहा कि यह उनके बचपन के साथी हैं। वह थाने गए थे। उनके बयान भी हो चुके हैं और सामने वाले पक्ष के भी बयान हो गए हैं, लेकिन टीआई ने इसे सिविल नेचर का मामला बता दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे में जिन लोगों ने प्लॉट खरीदकर रखे हैं, उन पर कोई भी गुंडागर्दी कर कब्जा जमा सकता है। इस पर एसपी ने कहा कि वह मामले की जांच करवा लेते हैं और आवेदन देने को कहा। इसके बाद कोठारी वहां से रवाना हो गए। “शहर में गुंडागर्दी बढ़ जाएगी” एसपी से मुलाकात के बाद हिम्मत कोठारी ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि रतलाम नगर में सैकड़ों प्लॉट लोगों ने खरीदकर रखे हैं। उन्होंने कहा कि एक प्रकरण उनके सामने आया, जिससे चिंता बढ़ गई कि कल कोई भी किसी के प्लॉट पर कब्जा कर सकता है। उन्होंने कहा कि बिना दस्तावेज और बिना आधार के लोग गुंडागर्दी कर कब्जा करने लगेंगे। पुलिस से शिकायत करने पर यदि टीआई इसे सिविल केस बताएंगे, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। कोठारी ने कहा कि उनके मित्र के पास प्लॉट की रजिस्ट्री है, जबकि सामने वाले के पास कोई रजिस्ट्री नहीं है। वह सिर्फ यह कह रहा है कि उसके पिता कहते थे कि प्लॉट उनका है। उन्होंने कहा कि अगर इस तरह की घटनाएं बढ़ीं, तो शहर में गुंडागर्दी बढ़ जाएगी। कोई भी किसी के प्लॉट पर कब्जा कर पैसे मांगने लगेगा। “यह सिविल केस नहीं है” पूर्व मंत्री ने कहा कि उन्होंने एसपी को टीआई के रवैये की भी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि यह मामला सिविल नेचर का नहीं है। कोठारी ने कहा, “सिविल केस वह होता है, जहां मकान की दीवार या प्लॉट की नपती को लेकर विवाद हो। लेकिन कोई दादागिरी करके जमीन पर कब्जा करे, यह गलत है। मेरी मंशा है कि इस तरह की घटनाएं न हों।”
उदयपुर के गोगुंदा थाना क्षेत्र में गोगुंदा-पिंडवाड़ा नेशनल हाईवे पर मंगलवार देर शाम अनियंत्रित कार डिवाइडर पार करते हुए सामने से आ रहे ट्रेलर से जा भिड़ी। कार सवार युवक की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना जोरदार था कि कार पूरी तरह पिचक गई। घटना के बाद ट्रेलर भी सड़क किनारे उतर गया। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। हादसा मदारडा कट पर शाम करीब 6:30 बजे हुआ। कुछ देर के लिए हाईवे पर ट्रेफिक जाम के हालात बन गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव गोगुंदा हॉस्पिटल मोर्चरी शिफ्ट कराया। वहीं, ट्रेलर को जब्त करते हुए थाने खड़ कराया। कार में फंसा रहा युवक, ग्रामीणों ने मशक्क्त से निकालापुलिस के अनुसार राहुल(25) पिता थाणा राम जाट निवासी नेतराड, बाड़मेर कार से उदयपुर की ओर जा रहा था। इसी दौरान कार की स्पीड तेज होने के कारण अचानक अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर पार करते हुए सामने रॉन्ग साइड रोड पर पहुंच गई। जहां उदयपुर की ओर से आ रहे ट्रेलर से उसकी जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार की बॉडी बुरी तरह पिचक गई। युवक कार में बुरी तरह फंस गया। मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद युवक के शव को क्षतिग्रस्त कार से बाहर निकाला। सूचना पर हाईवे पेट्रोलिंग टीम के भगवत सिंह झाला और गोगुंदा थाने के एएसआई भरत सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार और ट्रेलर हटाकर ट्रेफिक व्यवस्था बहाल कराई। वहीं मृतक के परिजनों को हादसे की सूचना दी गई। पुलिस के अनुसार बुधवार को परिजनों के पहुंचने के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। इनपुट: गोपाल लोढ़ा, गोगुंदा
फीलखाना में होजरी कारोबारी की गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपी की गंगा बैराज के पास पुलिस से मुठभेड़ हो गई। खुद को घिरा देख हत्यारोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी। पुलिस ने घायल हत्यारोपी को गिरफ्तार कर हैलट अस्पताल में भर्ती कराया। आरोपी के पास से पुलिस तमंचा बरामद किया है। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य संकलित किए। वहीं हत्या के विरोध में सोमवार शाम मृतक के परिजनों और व्यापारियों ने सिरकी मोहाल से कैंडल मार्च निकाला। कैंडल मार्च सिरकी मोहाल से होते हुए, नारियल बाजार, काली माता मंदिर, शिवाला बाजार होते हुए बड़ा चौराहा तक पहुंचा। इस दौरान कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने हत्यारों को फांसी दो… पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। पहले देखिए एनकाउंटर की तीन तस्वीरें… अब जानिए पूरा प्रकरण सिरकी मोहाल निवासी होजरी कारोबारी विजय कुमार चौरसिया की शुक्रवार शाम सिर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनका शव सवाई सिंह का हाता के जर्जर मकान की सीढि़यों पर मिला था। वह घटना से पूर्व अपनी दुकान पर थे। उन्हें सामने के रस्टोरेंट संचालक का बेटा विशाल गुप्ता स्कूटी से बिठाकर हाते के पास ले गया। सीसीटीवी कैमरे में हत्या के बाद भी वह अकेले की जाता हुए नजर आया था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कोतवाली, फीलखाना, मूलगंज, कलक्टरगंज, हरबंश मोहाल समेत अन्य थानों का फोर्स लगाया गया था। एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह ने बताया कि पुलिस टीम को आरोपी विशाल के बिठूर से गंगा बैराज की ओर जाने की जानकारी मिली, पुलिस टीम ने घेराबंदी की, जिस पर आरोपी गंगा बैराज की ओर भागने लगा, जहां उसकी स्कूटी फिसल गई, जिस पर वह झाड़ियों में छिपने लगा। पुलिस टीम के पीछा करने पर आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी, जवाबी फायरिंग में विशाल के बाएं पैर में गोली लगी। पुलिस ने मौके से तमंचा, स्कूटी बरामद कर आरोपी को हैलट अस्पताल में भर्ती कराया है। हत्या के विरोध में व्यापारियों ने निकाला कैंडल मार्च वहीं हत्याकांड के विरोध में मंगलवार शाम करीब 7 बजे कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के तत्वावधान में व्यापारियों ने कैंडल मार्च निकाला। कैंडल मार्च में मृतक की पत्नी हाथों में विजय की फोटो लेकर शामिल हुई। व्यापारियों ने हाथों में विजय के परिवार को न्याय दो… हत्यारों को फांसी दो… की तख्तियां लेकर जमकर नारेबाजी की। बड़ा चौराहा पर व्यापारियों ने होजरी कारोबारी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान व्यापारियों ने विजय चौरसिया के नाम पर चूड़ी मार्केट का नामकरण करने की मांग की। कैंडल मार्च में रामेश्वर गुप्ता लाला भैया, सुरेश गुप्ता, कृपाशंकर त्रिवेदी, प्रदीप गुप्ता, निर्मल त्रिपाठी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष पवन गुप्ता, अमित दोसर, सीताराम गुप्ता, विजय रुद्रा समेत अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
प्रयागराज में फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर LIC से 30 लाख रुपये का क्लमे ले लिया। आरोप है कि एक दंपती ने सड़क हादसे में मौत का पूरा फर्जी खेल रचा। इसमें नकली थाने में नकली एफआईआर, पंचनामा, फर्जी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराए। फिर एलआईसी से 30 लाख रुपये का क्लेम हासिल कर लिया। अब जब मामले की परतें खुलीं तो पता चला कि जिस मौत के आधार पर क्लेम लिया गया, वह कहानी ही फर्जी थी। यह धोखाधड़ी तब पकड़ी गई जब नॉमिनी ने दोबारा कागजात जमा किए और जांच में भिन्नता पाई गई, जिसके बाद इस मामले में सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने राजीव त्रिपाठी और उसकी पत्नी दुर्गेश नंदिनी त्रिपाठी को आरोपी बनाया है। अब पढ़िए पूरा मामला30 लाख की पॉलिसी, एक महीने बाद मौत की सूचनायह पूरा मामला एलआईसी की सिविल लाइंस प्रयागराज शाखा से संबंधित है। यहां के मैनेजर मृगेंद्रमणि त्रिपाठी ने पुलिस को बताया, राजीव त्रिपाठी के नाम 30 लाख रुपये की बीमा पॉलिसी जारी की गई थी। यह पॉलिसी दिसंबर 2025 में एजेंट शिव कुमार रावत के माध्यम से कराई गई थी। पॉलिसी के साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड, इनकम टैक्स रिटर्न, मेडिकल रिपोर्ट, कैंसिल चेक समेत तमाम जरूरी दस्तावेज जमा किए गए थे। दस्तावेज पूरी तरह असली प्रतीत हो रहे थे, जिसके बाद LIC ने पॉलिसी स्वीकृत कर दी। इसके कुछ समय बाद शाखा कार्यालय को सूचना मिली कि राजीव त्रिपाठी की सड़क हादसे में मौत हो गई है। दावा किया गया कि 25 जनवरी 2025 को मिर्जापुर के गैपुरा इलाके में अज्ञात वाहन की टक्कर से उनकी मौत हुई। FIR से पोस्टमॉर्टम तक सबकुछ ‘असली’ दिखामृत्यु दावा हासिल करने के लिए नामित व्यक्ति दुर्गेश नंदिनी त्रिपाठी ने एलआईसी में सभी जरूरी दस्तावेज जमा किए। इनमें एफआईआर की कॉपी, पंचनामा, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य कागजात शामिल थे। एलआईसी अधिकारियों के मुताबिक दस्तावेज इतने बारीकी से तैयार किए गए थे कि पहली नजर में कहीं भी फर्जीवाड़े का शक नहीं हुआ। यहां तक कि कुछ दस्तावेजों पर न्यायालय से सत्यापन होने का भी उल्लेख था। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद एलआईसी ने 27 जून 2025 को 30 लाख रुपये का भुगतान दुर्गेश नंदिनी त्रिपाठी के खाते में कर दिया। दूसरा क्लेम मांगते ही खुला पूरा खेलमामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब दुर्घटना में मौत का हवाला देकर आरोपियों ने एक्सीडेंटल बेनिफिट का अतिरिक्त क्लेम भी मांग लिया। यह फाइल जांच के लिए क्षेत्रीय कार्यालय कानपुर भेजी गई। वहीं से दस्तावेजों की गहन पड़ताल शुरू हुई और पूरा फर्जीवाड़ा सामने आने लगा। जांच में मंडलीय जिला चिकित्सालय, मिर्जापुर के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि एलआईसी में जमा किया गया मृत्यु प्रमाण पत्र फर्जी है। उधर विन्ध्याचल थाने की ओर से बताया गया कि “गैपुरा” नाम का कोई थाना प्रयागराज या मिर्जापुर में है ही नहीं। गैपुरा केवल एक पुलिस चौकी है। ऐसे में जिस FIR के आधार पर क्लेम लिया गया, वह भी संदिग्ध और फर्जी पाई गई। बैंक खाते ने खोली साजिश की परतेंएलआईसी ने जब बैंक ट्रांजेक्शन की जांच कराई तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जिस खाते में 30 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए, वह खाता दुर्गेश नंदिनी त्रिपाठी ने घटना के कुछ समय बाद ही खुलवाया था। खाते में रकम आते ही अलग-अलग खातों में NEFT, RTGS और UPI के जरिए पैसे ट्रांसफर कर दिए गए। करीब एक महीने बाद खाते में केवल 639 रुपये बचे थे। इतना ही नहीं, बैंक में जमा किए गए आधार और पैन कार्ड की प्रतियां एलआईसी में जमा दस्तावेजों से अलग पाई गईं। पैन नंबर एक ही था, लेकिन जन्मतिथि अलग-अलग दर्ज थी। पति-पत्नी पर गहराया शकएलआईसी ने अपनी शिकायत में कहा है कि प्रथम दृष्टया राजीव त्रिपाठी और उनकी पत्नी दुर्गेश नंदिनी त्रिपाठी संदिग्ध प्रतीत हो रहे हैं। शिकायत के मुताबिक यह पूरी साजिश बेहद सुनियोजित तरीके से रची गई थी। फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए, बैंक खाता खुलवाया गया और रकम को तेजी से अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। एजेंट ने वापस जमा किए 30 लाखमामले में एक दिलचस्प पहलू यह भी सामने आया है कि बीमा एजेंट शिव कुमार रावत ने एलआईसी को पूरी 30 लाख रुपये की रकम वापस जमा करा दी है। हालांकि पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे। फर्जी दस्तावेज किसने तैयार किए, बैंक खाता खोलने में किसने मदद की और रकम किन खातों में भेजी गई। EOW जांच की भी मांगएलआईसी ने अपनी शिकायत में मामले को आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को ट्रांसफर करने की मांग भी की है। फिलहाल सिविल लाइंस पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी रामाश्रय यादव ने बताया कि अब बैंक खातों, मोबाइल रिकॉर्ड और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। ----------------------------------------------------ये खबर भी पढ़ेंः- 26 घंटे में 3 हत्याएं करने वाला साइको किलर ढेर:यूपी पुलिस बोली- आरोपी ने पिस्तौल छीनकर फायरिंग की, एनकाउंटर में मारा गया यूपी में चलती ट्रेन और अस्पताल में तीन हत्याएं करने वाला साइको किलर सोमवार देर रात पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। चंदौली SP आकाश पटेल ने बताया- पुलिस आरोपी को क्राइम सीन रीक्रिएट कराने के लिए लेकर गई थी। इसी दौरान उसने पुलिस अफसर की पिस्टल छीन ली और फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। पढ़ें पूरी खबर…
संभल में खेत से घर लौटी एक महिला की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। पति ने अपने चचेरे-तहेरे भाइयों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मामला थाना बहजोई क्षेत्र के गांव धतूरा शेख का है। महिला की पहचान 30 वर्षीय नेमवती देवी, पत्नी भोपाल सिंह के रूप में हुई है। मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे नेमवती देवी ने अपने पति की गोद में दम तोड़ दिया। भूपाल सिंह ने बताया, वह सुबह पाठकपुर गांव से दवाई लेकर लौटे थे। चचेरे-तहेरे भाइयों से जमीन की जुताई को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी। उनकी पत्नी खेत से गोबर लेकर घर लौटी और अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। कुछ देर में मौत हो गई। मेरी पत्नी ने मरने से पहले रामौतार व तेजपाल का नाम लिया और उसके बाद वह बेहोश हो गईं। सास जयवंती ने बताया कि तीन-चार दिन से लठ्ठबाजी चल रही थी, जमीन को भी जोत रहे थे और मारपीट भी कर रहे थे। मेरी बहू खेत से गोबर लेने के लिए गई थी वापस लौटकर आई तो उसकी मौत हो गई। थाना प्रभारी राजीव कुमार मलिक और सीओ प्रदीप कुमार पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों से अलग-अलग बातचीत कर घटना की जानकारी जुटाई है। इंस्पेक्टर ने मृतक महिला के बेटे से बात की, जबकि सीओ ने पति और सास से जानकारी ली। सीओ प्रदीप कुमार ने बताया कि महिला की मौत हुई है और पति ने अपने चचेरे-तहेरे भाइयों पर हत्या का आरोप लगाया है। सभी आरोपियों की जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतक महिला अपने पीछे 8 साल के बेटे रूपेंद्र और 6 महीने की बेटी छाया को छोड़ गई है।
कानपुर नगर के बिल्हौर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग दलित किशोरी से दुष्कर्म और सोशल मीडिया पर अश्लील तस्वीरें डालने की धमकी देने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी कन्नौज का निवासी है, जिसे नानामऊ अंडरपास के पास सर्विस लेन से पकड़ा गया। उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। बिल्हौर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि उसकी 14 वर्षीय बेटी को कन्नौज जनपद के दाईपुर गांव निवासी शुभम यादव पुत्र राजू यादव बहला-फुसलाकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि शुभम यादव सोशल मीडिया के माध्यम से मैसेज भेजकर किशोरी को परेशान करता था। वह उसकी अश्लील तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालने और बदनाम करने की धमकी भी देता था। पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी शुभम यादव के खिलाफ दुष्कर्म, आईटी एक्ट, पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी की तलाश में जुट गई। थाना प्रभारी सुधीर कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मंगलवार को कार्रवाई की। मुखबिर की सूचना पर टीम ने नानामऊ अंडरपास के पास घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद, आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया गया और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी में उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार, हेड कांस्टेबल पुष्पेंद्र सिंह और हेड कांस्टेबल संदीप सिंह शामिल थे।
वाराणसी के आंगनबाड़ी केंद्रों की हकीकत जाने के लिए मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह नगर क्षेत्र के सिकरौल स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे थे। यहां पर करीब 1 घंटे के निरीक्षण में उन्होंने आंगनबाड़ी में पढ़ने वाले बच्चों के बारे में जानकारी ली। किस तरह से आंगनबाड़ी के बच्चों को पढ़ाया जा रहा है इस पर उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सुपरवाइजर से कई सवाल किया। मुख्य विकास अधिकारी के निरीक्षण में लापरवाही का खुलासा तब हुआ जब वह शिवांश नाम के एक बच्चे को अपने पास बुलाये और उसके बारे में पूछने लगे। पता चला कि गलत जानकारी रजिस्टर में दर्ज की गई थी। रजिस्टर में उसकी लंबाई और वजन ज्यादा दर्शाया गया था जबकि हकीकत में उसकी लंबाई और वजन बहुत कम था। इस संबंध में जब मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित सुपरवाइजर शीला राव से सवाल किये तो वह जवाब नहीं दे पाई। इस पर उन्होंने जमकर फटकार लगाई। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी डीके सिंह को निर्देशित किया की इस लापरवाही के लिए सुपरवाइजर को सस्पेंड करने की कार्रवाई की जाए। अंत में मुख्य कार्यकारी ने बच्चों को अपने हाथों से केले वितरित किए।

