लखनऊ के फैजुल्लागंज इलाके में बुधवार को बड़ा हादसा हो गया। 11 हजार वोल्ट की लाइन पर काम कर रहे लाइनमैन उदय राज की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। अचानक हुई इस घटना से हड़कंप मच गया। काम के दौरान हुआ हादसा जानकारी के मुताबिक, उदय राज अपने एक साथी के साथ फैजुल्लागंज स्थित नीलकंठ मंदिर के पास फैजुल्लागंज फीडर पर काम कर रहा था। इसी दौरान अचानक लाइन में करंट दौड़ गया और वह 11 हजार लाइन की चपेट में आ गया। हादसे में वह गंभीर रूप से झुलस गया। मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने आनन-फानन में उसे इलाज के लिए KGMU पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस घटना बुधवार देर शाम की बताई जा रही है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
मेरठ के गंगानगर स्थित IIMT यूनिवर्सिटी में छात्रा की मौत के बाद कैंपस का माहौल गमगीन बना हुआ है। घटना के बाद छात्रों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर कैंडल मार्च और श्रद्धांजलि सभा की अपील की है। छात्रा की मौत से गुस्साए स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी गेट खुलवाकर धरने पर बैठ रहे और देर रात तक धरना जारी रहा। इंस्टाग्राम पर साझा पोस्ट में छात्रों से 21 मई की शाम 6:30 बजे IIMT मेन गेट नंबर-2 के सामने एकत्र होकर छात्रा की याद में मोमबत्ती जलाने की अपील की गई। पोस्ट में लिखा गया कि “एक कैंडल भी मायने रखती है” और सभी से इंसानियत के नाते शामिल होने को कहा गया। इंस्टाग्राम पर साझा की गई पोस्ट - एक अन्य पोस्ट में छात्रा के लिए प्रार्थना करने और एक-दूसरे के प्रति संवेदनशील रहने की बात कही गई। पोस्ट में लिखा गया कि “हर व्यक्ति अपनी जिंदगी में चुपचाप लड़ाई लड़ रहा है, इसलिए लोगों के प्रति दयालु बनें।” छात्रों का कहना है कि बुधवार को विरोध-प्रदर्शन के कारण कैंडल मार्च नहीं हो सका, इसलिए गुरुवार को दोबारा श्रद्धांजलि सभा आयोजित करने की योजना बनाई गई है। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में छात्र पोस्ट शेयर कर घटना पर दुख जता रहे हैं। गौरतलब है कि IIMT यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल में MBA छात्रा की तीसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई थी। मामले को लेकर छात्रों में नाराजगी और दुख का माहौल बना हुआ है। छात्रा की मौत मामले के बाद अब एक नया वीडियो सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में गर्ल्स हॉस्टल के अंदर मैनेजमेंट और मेल फैकल्टी की मौजूदगी के बीच तनावपूर्ण माहौल दिखाई दे रहा है।
मेरठ के कोतवाली क्षेत्र में 13 साल की किशोरी ने कोल्ड ड्रिंक समझकर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। किशोरी को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। पहले एक नजर वरदात पर पुलिस के अनुसार, कोतवाली के मोहल्ला करम अली में रहने वाली 13 वर्षीय सारा ने बुधवार देर रात घर के अंदर कोल्ड ड्रिंक की बोतल में रखा जहरीला पदार्थ कोल्ड ड्रिंक समझकर पी लिया। देखते ही देखते किशोरी की हालत बिगड़ गई और परिजन उसे अस्पताल लेकर भागे। मुंह से झाग निकलता देख भागे परिजन बोतल का तरल पदार्थ पीते ही बच्ची बेसुध होने लगी। वह ज़मीन पर गिर गई। मुंह से झाग निकलते देख परिवार में कोहराम मच गया। मां तबस्सुम बुरी तरह रोने लगी। किशोरी को उलटी होते देख परिजन उसे लेकर अस्पताल की तरफ दौड़े और भर्ती करा दिया। फिलहाल किशोरी का अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ली जानकारी सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। तबस्सुम ने बताया कि उसकी बेटी ने गलती से जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया है। किशोरी की हालत गंभीर बनी हुई है। सीओ कोतवाली अभिषेक पटेल का कहना है कि फिलहाल किशोरी के उपचार पर फोकस है। परिजन कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं है।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के बाल गंगाधर तिलक छात्रावास के बाहर छात्रों ने आधीरात विरोध शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर मौके पे प्राक्टोरियल बोर्ड की टीम पहुंची। बताया जा रहा एमएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष के छात्र एवं छात्रावास अंतःवासी कुमार सौरभ ने छात्रावास वार्डन पर अभद्र व्यवहार, मानसिक प्रताड़ना एवं अमानवीय रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। छात्र द्वारा लिखे गये पत्र में कहा गया कि छात्रावास में मेस का नियमित संचालन नहीं हो रहा है तथा भोजन की गुणवत्ता खराब होने के कारण छात्रों को लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य खराब होने के कारण कुछ छात्र रात्रि लगभग 10 बजे अपने कमरे में भोजन बना रहा था। इसी दौरान छात्रावास वार्डन कुछ गार्डों के साथ कमरे में पहुंचे और छात्र के साथ अभद्र व्यवहार किया। छात्र ने शिकायत पत्र में लिखा- वार्डन ने भोजन डस्टबिन में फेकवाया आरोप है कि वार्डन ने छात्र का कॉलर पकड़कर उससे दुर्व्यवहार किया, उसके द्वारा तैयार भोजन को डस्टबिन में फिंकवा दिया तथा भोजन बनाने के सामान को जब्त कर लिया। इतना ही नहीं, छात्र को कमरे से बाहर निकालकर कमरे में ताला लगा दिया गया और उसे पूरी रात छात्रावास परिसर के ग्राउंड में रहने को मजबूर होना पड़ा। छात्रों ने कारवाई की उठाई मांग मामले को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रों ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की है। साथ ही छात्रावासों में मेस संचालन, भोजन की गुणवत्ता एवं छात्रों की मूलभूत सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गौतमबुद्धनगर के गौर यमुना सिटी पार्क में बने इलेक्ट्रिकल सब स्टेशन को एक माह में शिफ्ट करने का मेसर्स गौरसन रीलटेक प्रा लि को समय दिया है और कहा है कि पार्क को खाली कर पूर्ववत बहाल करें। कोर्ट ने यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण को भी आदेश दिया है कि किसी भी पार्क का अतिक्रमण या अन्य उपयोग करने की अनुमति न दें। यह आदेश न्यायमूर्ति एम सी त्रिपाठी तथा न्यायमूर्ति कुणाल रवि सिंह की खंडपीठ ने राजेन्द्र सिंह सोलंकी व चार अन्य की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। जानिये क्या है मामला याचिका पर अधिवक्ता का कहना था कि कंपनी के सब स्टेशन के कारण पार्क ढंक गया है।पार्क याचीगण के आवास के सामने स्थित है।यमुना एक्सप्रेस वे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी(एडा) की तरफ से कहा गया कि कार्रवाई की गई है।पार्क खाली होगा। कंपनी ने एडा को पत्र लिखकर सब स्टेशन शिफ्ट करने की इच्छा जताई है। कंपनी की तरफ से कहा गया कि सब स्टेशन शिफ्ट करने के लिए कुछ समय दिया जाय।जिस पर कोर्ट ने एक माह का समय दिया है। गौर यमुना सिटी पार्क से इलेक्ट्रिकल सब स्टेशन एक माह में शिफ्ट करने का निर्देश एडा को पार्क के अतिक्रमण या अन्य उपयोग में लेने की अनुमति न देने का भी निर्देश इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गौतमबुद्धनगर के गौर यमुना सिटी पार्क में बने इलेक्ट्रिकल सब स्टेशन को एक माह में शिफ्ट करने का मेसर्स गौरसन रीलटेक प्रा लि को समय दिया है और कहा है कि पार्क को खाली कर पूर्ववत बहाल करें। कोर्ट ने यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण को भी आदेश दिया है कि किसी भी पार्क का अतिक्रमण या अन्य उपयोग करने की अनुमति न दें। यह आदेश न्यायमूर्ति एम सी त्रिपाठी तथा न्यायमूर्ति कुणाल रवि सिंह की खंडपीठ ने राजेन्द्र सिंह सोलंकी व चार अन्य की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। अधिवक्ताओं ने दिए अपने तर्क याचिका पर अधिवक्ता का कहना था कि कंपनी के सब स्टेशन के कारण पार्क ढंक गया है। पार्क याचीगण के आवास के सामने स्थित है।यमुना एक्सप्रेस वे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी(एडा) की तरफ से कहा गया कि कार्रवाई की गई है।पार्क खाली होगा। कंपनी ने एडा को पत्र लिखकर सब स्टेशन शिफ्ट करने की इच्छा जताई है। कंपनी की तरफ से कहा गया कि सब स्टेशन शिफ्ट करने के लिए कुछ समय दिया जाय।जिस पर कोर्ट ने एक माह का समय दिया है।
लखनऊ में बुधवार रात को बिजली कटौती से परेशान लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए लोगों ने आधी रात में कई पावर हाउस का घेराव किया। लोगों के गुस्से को देखकर बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पावर हाउस को छोड़कर भाग गए। कई पावर हाउसों की भी बत्ती गुल हो गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन लोग बिजली आपूर्ति बहाल होने पर पावर हाउसों से नहीं हटने की जिद पर अड़े रहे। आरोप है कि फैजुल्लागंज पावर हाउस पर पुलिस ने लोगों को खदेड़ दिया। उतरेठिया न्यू और ओल्ड पावर हाउस का करीब 400 लोगों ने घेराव किया। बीबीएयू पावर हाउस पर देर रात को लोगों ने हंगामा किया। दोनों पावर हाउसों पर पुलिस तैनात रही। इसके पहले मंगलवार रात में भी कई पावर हाउसों पर जबरदस्त हंगामा हुआ था। बुधवार दिन में लखनऊ पश्चिम विधानसभा के विधायक अरमान खान तालकटोरा पावर हाउस पर धरने पर बैठ गए थे। बुधवार आधी रात को हुए हंगामे की 3 तस्वीरें… 25 हजार आबादी को समस्या पर मंगलवार रात में बवाल हुआ केसरी खेड़ा के स्थानीय पार्षद देवेंद्र सिंह यादव जीतू ने बताया कि सूर्य नगर के ट्रांसफार्मर आए दिन खराब हो जाता है। इसकी शिकायत पर बिजली विभाग के लोग सुबह बनाते हैं। रात में फिर बिजली चली जाती है। इसके कारण 25 हजार की आबादी प्रभावित है। आज करीब 1 हजार की संख्या में आक्रोशित लोगों पावर हाउस का घेराव कर लिया। मौके पर बिजली विभाग को लेकर जमकर नारेबाजी की। बिजली विभाग के लोग लोगों का फोन तक नहीं उठा रहे हैं। ऐसे में समस्या बढ़ गई है। कोई सुनने वाला नहीं है। देर शाम करीब 7 बजे से बिजली कटी। इसके बाद देर रात तक लोग पॉवर हाउस के बाहर प्रदर्शन करते रहे। अब मंगलवार रात के हंगामे की 4 तस्वीरें… लोगों के विरोध पर एसएसओ भागा नादरगंज के अंबेडकर पावर पर बिजली कटौती को लेकर जोरदार प्रदर्शन स्थानीय लोगों ने किया है। उनका कहना है कि आए दिन बिजली कटौती से परेशान हो गए हैं। कोई सुनने वाला नहीं है। लोगों के विरोध के बीच पॉवर हाउस को एसएसओ सहित अन्य अधिकारी छोड़कर भाग गए। काकोरी में भी जोरदार प्रदर्शन काकोरी थाना क्षेत्र अंतर्गत जनता विहार कॉलोनी में पिछले चार दिनों से गंभीर बिजली संकट बना हुआ है। कॉलोनी में पूरे दिन मात्र 2-3 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। लो वोल्टेज और कभी-कभी हाई वोल्टेज की समस्या से परेशान हैं। भीषण गर्मी में पानी की किल्लत भी बढ़ गई है।आक्रोशित उपभोक्ताओं ने मंगलवार रात करीब 8 बजे एफसीआई पावर हाउस पहुंचकर घेराव किया। पावर हाउस का गेट बंद रहा और कोई बिजली कर्मी समस्या सुनने नहीं पहुंचा। प्रदर्शन करीब दो घंटे तक चला। कॉलोनी निवासियों अमित कुमार, रमेश राजपूत, शिवम गौतम, आदित्य कश्यप, रोहित गुप्ता समेत कई लोगों ने बताया कि कॉलोनी में सिर्फ एक ट्रांसफार्मर है और तारों की भी समस्या है। द्वारिकापुरी और आदर्श विहार में आधी कॉलोनी में बिजली है तो आधी में अंधेरा है। काकोरी पुलिस मौके पर पहुंची और बिजली अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया। पुलिस ने देर रात तक बिजली आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया। बिजली के खंभे में लगी भीषण आग त्रिवेणी नगर-3 स्थित त्रिकोणेश्वर मंदिर बांधा के पास खंभे में भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना की सूचना तुरंत बिजली विभाग को दी गई, लेकिन विभाग की ओर से फोन तक नहीं उठाया गया। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग की इस बड़ी लापरवाही से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। आग लगने के दौरान आसपास मौजूद लोगों में दहशत का माहौल बना रहा। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। राजाजीपुरम में भी बिजली कटौती पर विरोध मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड राजाजीपुरम सी ब्लॉक में बत्ती ना आने पर उत्कर्ष शिकायत करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि सेक्टर 12 सेक्टर ए इन सब इलाकों में आज कई दिनों से बत्ती आ रही है जा रही है। कंप्लेंट लिखने पर कहा जाता है कि हमारे पास लाइनमैन नहीं है। कुछ समय लगेगा 7:00 बजे से गई बत्ती रात के 11 बज रहे हैं। अभी तक नहीं आई । फैजुल्लागंज में देर रात ट्रांसफार्मर में लगी आग फैजुल्लागंज में देर रात ट्रांसफार्मर में आग लगने पर लोगों के घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। इससे परेशान लोगों ने बिजली विभाग के अधिकारियों को फोन किया लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। स्थानीय निवासियों ने बताया कि मामले में तुरंत लेसा अधिकारियों को फोन किया गया। जेई ने फोन नहीं उठाया तो एसडीओ को फोन किया गया। आरोप है इसके बाद स्थानीय लोगों में ही दो पक्षों में विवाद की स्थिति बन गई। सारीपुर में बिजली कटौती से लोग सड़कों पर उतर आए राजाजीपुरम स्थित सारीपुर इलाके में बिजली कटौती से परेशान लोग सड़कों पर उतर आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब वह शिकायत लेकर उपकेंद्र पहुंचे तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि लाइनमैन नहीं है, इसलिए फिलहाल फॉल्ट ठीक नहीं हो पाएगा। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि उनकी पत्नी गर्भवती हैं, लेकिन लंबे समय से बिजली नहीं आने के कारण परिवार को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली कटने से नाराज उपभोक्ताओं का हंगामा पार्क रोड स्थित कसमंडा हाउस के सामने ट्रांसफार्मर में आग लग गई। सूचना मिलते ही थाना हजरतगंज पुलिस मौके पर पहुंची और बिजली विभाग व दमकल कर्मियों को जानकारी दी। मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ी ने आग पर काबू पा लिया। वहीं तालकटोरा औद्योगिक क्षेत्र स्थित अपट्रान उपकेंद्र पर देर रात बिजली कटौती से नाराज उपभोक्ताओं ने हंगामा किया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को बुलाना पड़ा। देर रात तक लोग बिजली संकट से परेशान रहे। उधर जानकीपुरम विस्तार सेक्टर-6 पावर हाउस पर भी उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज लोग उपकेंद्र के अंदर जमीन पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की। स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
आज 17 हजार से अधिक देंगे लेखपाल की परीक्षा:गोरखपुर में बनाए गए है 39 केंद्र, CCTV से होगी निगरानी
गोरखपुर में लेखपाल भर्ती के लिए लिखित परीक्षा आज यानी बृहस्पतिवार को होगा। परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगी। इसके लिए शहर में कुल 39 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा में शामिल होने के लिए 17,832 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। परीक्षा को शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार को परीक्षा का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और सभी संबंधित विभागों को जरूरी निर्देश जारी कर दिए गए हैं। हर परीक्षा केंद्र पर केंद्राध्यक्ष के साथ एक सेक्टर मजिस्ट्रेट और एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट की भी तैनाती की गई है। वहीं शिक्षा विभाग की ओर से कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि परीक्षा निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में परीक्षा कराई जाएगी। केंद्रों के बाहर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहेगा, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए प्रशासन ने सभी परीक्षा केंद्रों पर बिजली और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और सख्ती के साथ आयोजित कराया जाएगा।
शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह उर्फ चिंटू ठाकुर से जुड़े हनी ट्रैप मामले में इंदौर पुलिस ने एक और महिला आरोपी को हिरासत में लिया है। सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को सागर से हिरासत में ली गई इस आरोपी का नाम रेशू उर्फ अभिलाषा चौधरी है। इसे ही हनी ट्रैप नेटवर्क की मुख्य कड़ी माना जा रहा है। रेशू भाजपा के एक प्रकोष्ठ में पदाधिकारी रह चुकी है। इससे पहले क्राइम ब्रांच ने मामले की मास्टरमाइंड श्वेता विजय जैन, महिला शराब तस्कर अलका दीक्षित, उसके बेटे जयदीप, प्रॉपर्टी कारोबारी लाखन चौधरी समेत हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा को हिरासत में लिया था। श्वेता ने पुलिस के सामने मामले में सरकारी गवाह बनाने की इच्छा जताई है। क्राइम ब्रांच डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने कहा- जांच में सामने आया है कि रेशू, अलका और श्वेता के साथ कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क में सक्रिय थी। उसने श्वेता विजय जैन के माध्यम से इंदौर निवासी अलका दीक्षित से संपर्क किया था। इसके बाद तीनों ने मिलकर प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाने की योजना बनाई। अब पुलिस की प्राथमिकता रेशू और अलका के पास मौजूद कथित हनी ट्रैप वीडियो, ऑडियो और अन्य डिजिटल सबूत जब्त करने की है। आरोपियों के मोबाइल फोन से कुछ ऑडियो-वीडियो फाइलें भी रिकवर किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा से भी देर रात तक पूछताछ की गई। पुलिस को अलका से उसके सीधे संपर्क के संकेत मिले हैं। निमाड़ के नेता को भी बनाया था निशाना जांच में यह भी सामने आया है कि रेशू और उसके साथियों ने निमाड़ क्षेत्र के एक प्रभावशाली नेता को भी निशाना बनाया था। इस नेता का इंदौर स्थित मकान अलका दीक्षित के इलाके में ही है। जब अलका ने चिंटू ठाकुर को ब्लैकमेल करने की कोशिश की, तब उसने अपनी ऊंची पहुंच का हवाला दिया था। इसके जवाब में अलका ने कथित हनी ट्रैप वीडियो दिखाते हुए कहा कि जिन बड़े लोगों के नाम लिए जा रहे हैं, उनके वीडियो भी उसके पास मौजूद हैं। जानकारी के मुताबिक, ब्लैकमेलिंग की शिकायत मिलने के 19 दिन बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। चिंटू ठाकुर पहले से ही इंदौर के आजाद नगर थाने में हत्या के प्रयास के एक मामले में आरोपी है। पेशी के दौरान बनाई ब्लैकमेलिंग की योजना सूत्रों के अनुसार, श्वेता विजय जैन की अलका दीक्षित से जेल में दोस्ती हुई थी। कोर्ट में पेशी के लिए जाने के दौरान श्वेता, रेशू को लेकर अलका से मिलने पहुंचती थी। इसी दौरान कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क की योजना बनाई गई। रेशू ने अलका को बताया था कि उसके कई नेता, प्रॉपर्टी कारोबारी, फाइनेंसर, शराब कारोबारी और अफसरों से संपर्क हैं, जिन्हें निशाना बनाकर आसानी से रुपए ऐंठे जा सकते हैं। पुलिस रिमांड के दौरान श्वेता विजय जैन ने बताया कि अलका और रेशू दोनों उसके संपर्क में थीं। उसने अलका को समझाया था कि जिन लोगों को फंसाने की कोशिश की जा रही है, वे बेहद प्रभावशाली हैं। इसके बावजूद अलका नहीं मानी। श्वेता ने सरकारी गवाह बनाने की इच्छा भी जताई है। मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… जेल में श्वेता-अलका की दोस्ती, बाहर आकर बनाया हनीट्रैप गैंग इंदौर के हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग कांड में पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह ठाकुर उर्फ चिंटू ठाकुर से एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने वाले गिरोह की मास्टरमाइंड भोपाल निवासी श्वेता विजय जैन बताई जा रही है। पुलिस जांच में सामने आया है कि श्वेता और शराब तस्करी से जुड़ी अलका दीक्षित की दोस्ती जिला जेल में हुई थी। वहीं हनीट्रैप नेटवर्क की योजना बनी। पढे़ं पूरी खबर… शराब कारोबारी को हनी ट्रैप में फंसाया, एक करोड़ मांगे इंदौर में शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह ठाकुर उर्फ चिंटू ठाकुर को हनीट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। क्राइम ब्रांच ने महिला शराब तस्कर अलका दीक्षित, उसके बेटे जयदीप, प्रॉपर्टी कारोबारी लाखन चौधरी समेत हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा को हिरासत में लिया है। आरोप है कि ये गैंग, कारोबारी के निजी फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर रुपए की डिमांड कर रहा था। पढ़ें पूरी खबर…
विधायकपुरी थाना पुलिस ने छह राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बने 5 हजार रुपये के इनामी हार्डकोर बदमाश और नकबजनी गैंग के मास्टरमाइंड विजय लाम्बा (52) को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में चोरी, लूट, डकैती और हत्या जैसे संगीन अपराधों के करीब छह दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी की पहचान ओम विहार उत्तम नगर विकासपुरी नई दिल्ली हाल पता जागरण काँलेज सेलाकुई देहरादून निवासी विजय लाम्बा (52) के रूप में हुई है। डीसीपी साउथ राजर्षिराज ने बताया कि 28 जनवरी की रात भागीरथ कॉलोनी स्थित एक मकान में हुई लाखों रुपये की चोरी की वारदात में विजय लाम्बा मुख्य सरगना था। घटना के समय परिवार घर से बाहर गया हुआ था। वापस लौटने पर घर के मुख्य दरवाजे की कुंडी टूटी मिली, सीसीटीवी कैमरा क्षतिग्रस्त था और अलमारी से लाखों रुपये के गहने और नकदी चोरी मिले। घटना की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी इनपुट्स और पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी तक पहुंच बनाई। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि विजय लाम्बा छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में लूट की एक बड़ी वारदात में भी वांछित है और केंद्रीय जेल बिलासपुर में बंद है। इसके बाद जयपुर पुलिस ने छत्तीसगढ़ पुलिस से समन्वय स्थापित कर आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में सामने आया कि विजय लाम्बा साल 1995 से लगातार आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है और अधिकतम समय जेल में ही बिताया है। साल 2023 में हत्या के एक मामले में जेल से बाहर आने के बाद उसने दोबारा अपनी गैंग सक्रिय कर दी थी। आरोपी अपने साथियों के साथ पॉश कॉलोनियों और ज्वैलरी शोरूम की रेकी कर सुनियोजित तरीके से वारदातों को अंजाम देता था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के कब्जे से चोरी की गई राशि में से 2.50 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। विधायकपुरी थाना पुलिस इससे पहले गैंग के तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर 25 लाख रुपये नकद और लाखों के गहने बरामद कर चुकी है। इस प्रकार मामले में अब तक कुल 27.50 लाख रुपये नकद एवं लाखों के गहने बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस आरोपी विजय लाम्बा से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में अन्य राज्यों में हुई कई बड़ी चोरी और लूट की वारदातों का खुलासा हो सकता है।
जयपुर में एक व्यापारी को विदेश नंबर से कॉल कर पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर श्याम नगर थाना में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। एफआईआर के अनुसार, पीड़ित परिवार अपने निजी मकान में रह रहा है। शिकायत में बताया गया कि 18 मई को दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने स्वयं को कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा बताया और कहा कि उसे पांच करोड़ रुपये की आवश्यकता है। आरोपी ने धमकी देते हुए कहा कि “परसों तक पैसे दे देना, नहीं तो जान से मार दूंगा।” शिकायत में उल्लेख किया गया है कि कॉल आने के बाद बच्चा घबरा गया और उसने फोन बंद कर दिया। इसके बाद आरोपी ने मैसेज भेजकर कहा कि “फोन बंद करने से कोई फायदा नहीं है। जान प्यारी है तो पैसे भेज दो, वरना दुकान और सब कुछ खत्म कर दूंगा।” धमकी से भयभीत होकर बच्चा घर से बाहर चला गया। इसके बाद उसके पिता ने थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस के अनुसार, कॉल विदेश नंबर से किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉल डिटेल, नंबर की लोकेशन और मैसेज की तकनीकी जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि धमकी वास्तव में किसी गैंग से जुड़ी है या फिर किसी ने डराने के उद्देश्य से फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया है।
मध्य प्रदेश लोकायुक्त संगठन को सूचना के अधिकार (RTI) से बाहर रखने वाली राज्य सरकार की 2011 की अधिसूचना की वैधानिकता पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई पूरी हो गई। जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने राज्य सरकार और अन्य पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट के पिछले आदेश के अनुपालन में मध्यप्रदेश के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह स्वयं उपस्थित हुए। उन्होंने लोकायुक्त को RTI से छूट देने के पीछे राज्य सरकार के तर्क रखे हालांकि, कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका था कि धारा 24(4) के तहत केवल ‘खुफिया’ या ‘सुरक्षा’ संगठनों को ही ऐसी छूट मिल सकती है। ऐसे में लोकायुक्त के कार्य इस श्रेणी में कैसे आते हैं, यह बड़ा सवाल बना हुआ है। कोर्ट की तल्ख टिप्पणीकोर्ट ने दोहराया कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई तथ्य नहीं है, जिससे यह साबित हो कि लोकायुक्त स्थापना एक ‘खुफिया या सुरक्षा’ संगठन है। इसके बिना सरकार की 2011 की अधिसूचना RTI अधिनियम की मूल भावना के खिलाफ प्रतीत होती है। सुनवाई के दौरान यह भी चर्चा में रहा कि उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में लोकायुक्त संगठन RTI के दायरे में रहकर पारदर्शिता के साथ काम कर रहे हैं। 20 दिसंबर 2021 के आदेश के खिलाफ दायर की गई याचिकायह मामला मप्र हाईकोर्ट के 20 दिसंबर 2021 के उस आदेश के खिलाफ है, जिसमें कोर्ट ने लोकायुक्त संगठन को RTI में मांगी गई जानकारी 30 दिन के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। साथ ही लोकायुक्त संगठन पर 5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया था। सरकारी वकीलों के रवैये पर नाराजगी बरकरारसुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार के पैनल वकीलों की लापरवाही पर फिर चिंता जताई। कोर्ट पहले ही मुख्य सचिव और विधि सचिव को निर्देश दे चुका है कि वे अपने वकीलों के पैनल की समीक्षा करें, क्योंकि कई मामलों में राज्य का पक्ष रखने के लिए कोई वकील मौजूद नहीं होता। अगस्त 2011 से RTI के दायरे से बाहर है मप्र लोकायुक्तमप्र सरकार ने अगस्त 2011 में अधिसूचना जारी कर लोकायुक्त के विशेष पुलिस स्थापना (SPE) और राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) को RTI के दायरे से बाहर कर दिया था। सरकार का तर्क था कि शिकायतकर्ताओं और गवाहों की सुरक्षा के लिए यह जरूरी है। यूपी में पहले ही खत्म हो चुकी है छूटउत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2012 में यूपी लोकायुक्त संगठन को RTI से बाहर रखने की अधिसूचना जारी की थी। हालांकि, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इसे रद्द कर दिया था। कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि भ्रष्टाचार विरोधी जांच को पारदर्शिता से अलग नहीं रखा जा सकता। तब से यूपी लोकायुक्त में RTI कानून लागू है। कर्नाटक लोकायुक्त भी RTI के तहत सूचनाएं साझा करता है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लोकायुक्त संगठन भी RTI अधिनियम की धारा 4(1)(b) के तहत अपनी जानकारियां वेबसाइट पर सार्वजनिक कर चुके हैं। वहीं, केरल, महाराष्ट्र और राजस्थान में भी लोकायुक्त संगठनों में RTI के तहत लोक सूचना अधिकारी नियुक्त हैं।
मोहन कैबिनेट की बैठक में शिक्षकों और पंचायत सचिवों व रोजगार सहायकों के तबादलों को लेकर मंत्रियों ने मुख्यमंत्री से कहा कि इसके लिए कार्यकर्ता दबाव बनाते हैं लेकिन तबादले नहीं कर पाने से विरोध झेलना पड़ता है। पंचायत सचिवों और रोजगार सहायकों के तबादले जिले के बाहर नहीं हो पाने को लेकर तो मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत के सवाल पर मुख्य सचिव अनुराग जैन ने यह तक कह दिया कि ये यूपी और एमपी कैडर के अधिकारी थोड़े ही हैं जो इन्हें जिले से बाहर किया जाए। अभी जो पॉलिसी बनी है उसमें वे जिले के भीतर ही रह सकते हैं और सीईओ जिला पंचायत ऐसे मामलों में कार्यवाही करते हैं। यह मामला मंत्रालय में गुरुवार को हुई बैठक के दौरान तब आया जब सभी एजेंडों पर चर्चा के बाद प्रदेश की 2026 की तबादला नीति पर अलग से चर्चा शुरू हुई। बताया जाता है कि सबसे पहले स्वैच्छिक तबादले को लेकर मुद्दा उठा तो चीफ सेक्रेट्री जैन ने कहा कि पति पत्नी और गंभीर बीमारी वाले तबादलों को स्वैच्छिक तबादलों से बाहर रखा गया है। ऐसे मामलों में स्वैच्छिक तबादले का प्रतिशत नहीं जोड़ा जाएगा और आवश्यकता के आधार पर तबादले किए जा सकेंगे। जैन ने यह भी साफ किया कि गंभीर बीमारी के मामले में सिर्फ संबंधित कर्मचारी की गंभीर बीमारी को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रद्युम्न सिंह बोले- कार्यकर्ता नाराज होते हैं बैठक के दौरान ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग के तबादलों को लेकर दिक्कत होती है। कार्यकर्ता नाराज होते हैं कि उनके बताए तबादले नहीं हो पाते हैं। इस पर स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि विभाग की अलग पॉलिसी जारी की जाएगी और पिछले साल की तरह ऐसी स्थिति नहीं बनने देंगे। मंत्रियों की ओर से कार्यकर्ताओं की सिफारिश पर की जाने वाली अनुशंसाओं को भी तबादले में शामिल किया जाएगा। इस बार की नीति में इसका ध्यान रखा जाएगा। गोविंद सिंह ने उठाया था मुद्दा खाद्य मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने पंचायत सचिवों और रोजगार सहायकों के तबादले का मामला उठाते हुए कहा कि इनका भी स्थानांतरण होना चाहिए लेकिन नीति में इसका प्रावधान नहीं है। कार्यकर्ता इसको लेकर शिकायत करते हैं। इस पर मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि रोजगार सहायक और पंचायत सचिव का तबादला एमपी कैडर या यूपी कैडर की तर्ज पर तो किया नहीं जा सकता। जब इनके लिए जिला स्तर पर तबादले का प्रावधान है तो जिला पंचायत सीईओ अपने स्तर पर तबादले कर देते हैं और जिला में ही ये पदस्थ रहते हैं। इस पर मंत्रियों ने जिला स्तर पर बदलाव की बात कही। इस पर मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद आने वाले समय में इस मामले में निर्णय लेने को कहा गया।
मेरठ से अपहृत किशोरी पानीपत से बरामद:सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में कई युवक हिरासत में
मेरठ के खरखौदा थाना क्षेत्र से करीब 20 दिन पहले लापता हुई एक किशोरी को पुलिस ने बुधवार को हरियाणा के पानीपत से बरामद कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अविनाश पांडे ने बुधवार को खरखौदा थाने पहुंचकर अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। किशोरी की मां ने 26 अप्रैल को खरखौदा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी 17 वर्षीय बेटी अचानक घर से लापता हो गई है। पीड़िता की मां ने पड़ोस के रिश्तेदार विजय पुत्र सत्यवान निवासी गंगानगर पर बेटी के अपहरण का आरोप लगाया था। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। सूत्रों के अनुसार, एसओजी और थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार देर रात हरियाणा के पानीपत में दबिश देकर किशोरी को बरामद किया। इसके बाद किशोरी को मेडिकल परीक्षण और बयान दर्ज कराने के लिए मेरठ लाया गया। इस मामले में पुलिस ने खरखौदा और आसपास के क्षेत्रों से एक दर्जन से अधिक युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस युवकों पर सामूहिक दुष्कर्म के आरोपों की जांच कर रही है। पुलिस किशोरी के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, किशोरी द्वारा दिए गए बयानों के बाद नालपुर और सेतकुआ गांव के कुछ युवकों को भी पूछताछ के लिए उठाया गया है। पुलिस ने कुछ आरोपियों को जेल भेज दिया है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
बुरहानपुर में दो नाबालिगों ने 19 वर्षीय युवक की हत्या कर उसका शव ताप्ती नदी किनारे स्थित श्मशान घाट में दफना दिया। बुधवार रात करीब 7 बजे शिकारपुरा थाना पुलिस ने मृतक के दो नाबालिग दोस्तों की निशानदेही पर जमीन में दबा शव बरामद किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आपसी विवाद के बाद युवक की हत्या की गई और पहचान छिपाने के लिए शव को श्मशान घाट में दफना दिया गया। पुलिस ने दोनों नाबालिगों को हिरासत में लेकर शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। गुमशुदगी की जांच में सामने आया मामला पुलिस को सूचना मिलने के बाद शिकारपुरा थाना पुलिस ने मृतक के दो दोस्तों को अभिरक्षा में लिया। दोनों आरोपी नाबालिग बताए जा रहे हैं। सीएसपी गौरव पाटिल के नेतृत्व में पुलिस टीम दोनों नाबालिगों को लेकर मौके पर पहुंची। उनकी निशानदेही पर श्मशान घाट में खुदाई कर शव बाहर निकलवाया गया। शव मिलने के बाद मौके पर लगी भीड़ पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। शव मिलने की खबर के बाद श्मशान घाट पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। एसपी बोले- आपसी मनमुटाव में की हत्या एसपी आशुतोष बागरी ने बताया कि मंगलवार को शिकारपुरा थाने में एक 19 वर्षीय युवक चेतन की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। परिजनों ने बताया था कि युवक शाम को घर नहीं पहुंचा था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने युवक की लोकेशन और उसके साथ आखिरी बार देखे गए लोगों की जानकारी जुटाई। जांच में सामने आया कि युवक अपने दो साथियों के साथ गया था। शुरुआत में दोनों लड़कों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और कहा कि चेतन उनके साथ टॉयलेट गया था, बाद में अलग हो गया। दोस्त ने सिर पर किया हमलाहालांकि पुलिस को शक होने पर दोनों से दोबारा पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान एक नाबालिग टूट गया और उसने हत्या की बात कबूल कर ली। आरोपी ने बताया कि आपसी मनमुटाव के चलते एक लड़के ने चेतन के सिर पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को नाले किनारे श्मशान घाट में गाड़ दिया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गुरुवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
यूपी सरकार ने पंचायत चुनाव के लिए राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग (ओबीसी आयोग) का गठन कर दिया है। आयोग का कार्यकाल 6 महीने का होगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज राम औतार सिंह को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। साथ ही आयोग में 2 रिटायर्ड अपर जिला जज और 2 रिटायर्ड आईएएस अधिकारी शामिल किए गए हैं। आयोग की रिपोर्ट नवंबर 2026 तक आ सकती है। इसके बाद आरक्षण तय होगा। साफ हो गया है कि पंचायत चुनाव विधानसभा- 2027 के बाद ही हो सकेंगे। 4 फरवरी 2025 को हाईकोर्ट ने सरकार को आयोग गठन का आदेश दिया था। जानिए, कौन हैं राम औतार सिंह? पिछड़ा आयोग का गठन क्यों हुआ?पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट और सर्वे के आधार पर ही यह तय होगा कि आपके क्षेत्र की कौन-सी पंचायत सीट ओबीसी (महिला या पुरुष) के लिए आरक्षित होगी और कौन-सी सामान्य रहेगी। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- स्थानीय निकायों (जैसे ग्राम पंचायत, जिला पंचायत) में ओबीसी आरक्षण देने से पहले राज्यों को ‘ट्रिपल टेस्ट’ यानी तीन-स्तरीय जांच के बाद प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस आयोग का गठन इसी ट्रिपल टेस्ट को पूरा करने के लिए किया गया है। आयोग ओबीसी समाज के आंकड़े जुटाएगा। अगर सरकार बिना आयोग की रिपोर्ट के सीधे आरक्षण लागू कर देती, तो मामला कोर्ट में फंस सकता था और पंचायत चुनावों पर रोक लग सकती थी। आयोग के गठन से अब चुनाव कानूनी रूप से सुरक्षित तरीके से कराए जा सकेंगे। आयोग के 3 मुख्य काम होंगे- आंकड़े जुटाना- आयोग यह जांच करेगा कि स्थानीय निकायों (ब्लॉक और पंचायत स्तर पर) में पिछड़ी जातियों की आबादी कितनी है और उन्हें राजनीतिक प्रतिनिधित्व की कितनी आवश्यकता है। इसी आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। 50% की सीमा का ध्यान रखना- आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग तीनों को मिलाकर कुल आरक्षण 50% से अधिक न हो। आरक्षण का अनुपात तय करना- आयोग की सिफारिशों के आधार पर हर स्थानीय निकाय में ओबीसी आबादी के अनुपात के अनुसार आरक्षित सीटों की संख्या तय की जाएगी। इसी महीने पूरा हो रहा पंचायत सदस्यों का कार्यकाल यूपी में पिछला पंचायत चुनाव 2021 में हुआ था। पंचायतों का 5 साल का कार्यकाल 25-26 मई 2026 तक पूरा हो रहा है। संवैधानिक नियमों के अनुसार, मौजूदा कार्यकाल खत्म होने से पहले ही नए चुनाव संपन्न हो जाने चाहिए थे। यानी यूपी में पंचायत चुनाव मई, 2026 से पहले या मई के महीने में ही होने तय थे। हालांकि, यूपी में चुनाव का ऐलान से पहले मामला हाईकोर्ट में पहुंच गया। हाईकोर्ट ने ओबीसी आयोग बनाकर नए सिरे से आरक्षण का आदेश दिया। यही वजह है कि इस बार एक साल देर से चुनाव होगा। ऐसे में पंचायतीराज विभाग ने ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने के बाद कामकाज संभालने के लिए प्रशासक की नियुक्ति या प्रशासनिक समिति के गठन का प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा है। कुछ दिनों में प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। हालांकि, करीब दो महीने पहले भास्कर को दिए इंटरव्यू में पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा था कि 12 जुलाई तक पंचायत चुनाव हो जाएंगे। ये खबर भी पढ़ें… काबा गाने वाली सायोनी घोष पर एक करोड़ का इनाम:यूपी भाजपा नेता ने की घोषणा; टीएमसी सांसद ने पीएम मोदी से पूछे तीखे सवाल तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद सायोनी घोष ने यूपी के एक भाजपा नेता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया X पर पोस्ट में लिखा- मैं यह देखकर हैरान हूं कि सिकंदराबाद से नगर पालिका चेयरमैन डॉ. प्रदीप दीक्षित ने घोषणा की है कि मेरा सिर कलम करने वाले को 1 करोड़ का इनाम दिया जाएगा। पूरी खबर पढ़िए…
मथुरा के जैत थाना क्षेत्र में आझई फ्लाईओवर पर बुधवार को एक तारकोल से भरे ट्रक में भीषण आग लग गई। यह ट्रक मथुरा से दिल्ली की ओर जा रहा था। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरा ट्रक धूं-धूं कर जलने लगा। चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते ट्रक से कूदकर अपनी जान बचा ली। आसपास मौजूद राहगीरों ने भी तत्परता दिखाते हुए ट्रक के केबिन में रखा कुछ जरूरी सामान बाहर निकाल लिया। घटना की सूचना मिलते ही जीएलए यूनिवर्सिटी की फायर ब्रिगेड सबसे पहले मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। आग की भयावहता को देखते हुए दमकल कर्मियों को गाड़ी में चार बार पानी भरना पड़ा। करीब आधे घंटे बाद सरकारी फायर ब्रिगेड की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। फायर ऑफिसर प्रमेन्द्र और नरेश ने बताया कि ट्रक में तारकोल भरा होने के कारण आग तेजी से फैली थी। दमकल कर्मियों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। हालांकि, आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। जलते ट्रक और उठते धुएं के गुबार को देखकर जैत पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। किसी बड़े हादसे की आशंका को देखते हुए पुलिस ने एहतियातन दिल्ली-मथुरा हाईवे पर यातायात रोक दिया। इस कारण करीब आधे घंटे तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। आग बुझने के बाद यातायात को दोबारा सुचारू रूप से शुरू किया गया।
दक्षिण में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट गहराता जा रहा है। लगातार चौथे दिन भी गुस्साए लोगों ने सबस्टेशनों पर जमकर हंगामा किया। वहीं, गुंजन विहार में लोगों का गुस्सा उस समय फूटा, जब 48 घंटे बाद नया ट्रांसफार्मर लेकर पहुंचे केस्को कर्मी ने केबल और औजार भूल जाने की बात कही तो उसे बंधक बना लिया। इस दौरान वहां केस्को अधिकारियों को लगातार फोन मिलाता रहा, लेकिन किसी ने भी काल रिसीव नहीं किया। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद जाकर मरम्मत का कार्य शुरू हो सका। मंगलवार शाम पहुंचे थे बिजलीकर्मी गुंजन विहार निवासी सोनू के मुताबिक दो दिन पहले लक्ष्मण पार्क में लगा ट्रांसफार्मर फुंक गया था, जिसके बाद से सैकड़ों घरों की बिजली आपूर्ति बाधित थी। भीषण गर्मी में लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया था। कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। मंगलवार को हंगामे के बाद बुधवार शाम करीब चार बजे केस्कोकर्मी नया ट्रांसफार्मर लेकर पहुंचा, जिसके बाद आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद जगी, लेकिन ट्रांसफार्मर उतारने के बाद जैसे ही कर्मी ने बताया कि वह केबल और औजार लाना भूल गया है। उन्हें वापस जाना पड़ेगा। यह सुनते ही वहां मौजूद लोग भड़क गए। लोगों ने आरोप लगाया कि विभाग की लापरवाही से पहले ही दो दिन से क्षेत्र अंधेरे है और अब काम में फिर देरी की जा रही है। इसके बाद लोगों ने कर्मी को जाने नहीं दिया और उसे वहीं बैठा लिया। इसके बाद केस्को कर्मी ने मोबाइल से अधिकारियों को फोन कर स्थिति की जानकारी देने और मदद मांगने की कोशिश की, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। इससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। करीब तीन घंटे तक लोग उसे घेरकर खड़े रहे। बाद में पुलिस ने पहुंचकर लोगों को समझाया। वहीं, केस्को अधिकारियों ने जल्द केबल और औजार भेजकर ट्रांसफार्मर बदलवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद भी लोग मौके से नहीं हटे। वहीं बार-बार आपूर्ति बाधित होने से गुस्साए लोगों ने कर्रही और बर्रा दो स्थित विद्युत कालोनी सबस्टेशन का घेराव करके नारेबाजी की। यहां पुलिस ने पहुंचकर स्थिति को संभाला।
शारदा नहर में डूबने से लड़के की मौत:दो दोस्तों के साथ नहाने गया था, हादसा देख डरकर भागे
हरदोई के बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र में चौंधीपुरवा में बुधवार शाम शारदा नहर में डूबने से एक किशोर की मौत हो गई। किशोर अपने दो दोस्तों के साथ नहर में नहाने गया था, तभी वह गहरे पानी में चला गया। यह घटना चौंधीपुरवा गांव के पास शारदा नहर में हुई। कोरोकला निवासी 14 वर्षीय पवन अपने दोस्त 13 वर्षीय लड़ैतू और 15 वर्षीय करिया के साथ नहर में नहा रहा था। नहाते समय पवन गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। पवन के दोस्तों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। बताया जा रहा है कि डरकर दोनों दोस्त मौके से भाग गए। पवन की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत नहर में छलांग लगाकर उसे बचाने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद पवन को नहर से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पवन, काशीराम का 14 वर्षीय पुत्र था, जो खेती करते हैं। पवन घर से अपनी बुआ के घर कोथावां जाने की बात कहकर निकला था। वह चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर था। सूचना मिलने पर बेनीगंज कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। कोतवाल सतीश चंद्र ने बताया कि परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। परिजनों के शिकायती पत्र और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ कपसाड़ कांड का आरोपी बालिग है अथवा नाबालिग, गुरुवार को इसका खुलासा हो जाएगा। दरअसल, जेजे बोर्ड ने आरोपी का मेडिकल टेस्ट कराया गया था जिसकी रिपोर्ट खोली जाएगी। वादी और प्रतिवादी, दोनों ही पक्ष रिपोर्ट के अपने पक्ष में होने का दावा कर रहे हैं। पहले एक नजर पूरे मामले परमेरठ के सरधना थाना क्षेत्र में कपसाड़ गांव है। 8 जनवरी को गांव का ही एक युवक खेत पर अपनी मां के साथ काम कर रही युवती को अगवा कर ले गया था। आरोप है कि युवक ने युवती की मां पर हमला किया था, जिसकी बाद में मौत हो गई थी। इस घटना के बाद गांव में तनाव फैल गया था। सहारनपुर से बरामद हुई युवती युवती को सकुशल बरामद करने के लिए पुलिस की 10 टीमें लगाई गई। करीब 48 घंटे के अंदर दोनों को सकुशल बरामद कर लिया गया। कोर्ट ने आरोपी युवक को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया जबकि युवती अपने परिजनों के साथ घर लौट गई। परिजनों ने आरोपी को बताया नाबालिग गिरफ्तारी के बाद परिजनों ने आरोपी को नाबालिग बताया। तीन अधिवक्ताओं के पैनल ने कोर्ट में याचिका दायर की और इस मामले की सुनवाई जेजे बोर्ड में किए जाने की अपील की। मामला उम्र निर्धारण पर आकर अटक गया। आरोपी पक्ष ने कुछ दस्तावेज भी पेश किये लेकिन वादी पक्ष ने मेडिकल टेस्ट कराने की मांग उठा दी। जेजे बोर्ड के आदेश पर हुआ मेडिकल टेस्टआरोपी की उम्र तय करने के लिए जेजे बोर्ड ने मेडिकल टेस्ट कराए जाने के आदेश किये। मुख्य चिकित्सा अधिकारी अशोक कटारिया ने अपनी देखरेख में आरोपी का मेडिकल टेस्ट कराया और शनिवार को रिपोर्ट जेजे बोर्ड भेज दी जो गुरुवार को खोली जाएगी। वादी-प्रतिवादी पक्ष का यह है कहना आरोपी की मेडिकल रिपोर्ट भले ही गुरुवार को खुलेगी लेकिन दोनों ही पक्ष इस रिपोर्ट के अपने पक्ष में होने का दावा कर रहे हैं। वादी पक्ष के अधिवक्ता राजेंद्र सिंह का कहना है कि वह पहले ही दिन से आरोपी को बालिक बताते आ रहे हैं जो अब स्पष्ट हो जाएगा। जबकि प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता बलराम सिंह सोम का कहना है कि मेडिकल टेस्ट के अनुसार भी वास्तविक उम्र तय नहीं की जा सकती। 5 महीने का अंतर भी तय करना होगा।
पत्नी से झगड़े के बाद युवक टावर पर चढ़ा:पुलिस ने एक घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित नीचे उतारा
देवरिया जिले के सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र में बुधवार शाम एक युवक घरेलू विवाद के बाद मोबाइल टावर पर चढ़ गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। यह घटना मझौली राज चौकी क्षेत्र के जामा मस्जिद मोहल्ले की है। मझौली राज चौकी क्षेत्र के जामा मस्जिद मोहल्ले के निवासी सादिक उर्फ गुड्डू हाशमी (32) का बुधवार शाम अपनी पत्नी से विवाद हो गया था। बताया जा रहा है कि विवाद के बाद सादिक गुस्से में घर से निकल गया और शाम करीब 7:30 बजे मोहल्ले के पास स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक को टावर पर चढ़ा देख मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने उसे नीचे उतरने के लिए कहा, लेकिन वह काफी देर तक टावर पर बैठा रहा। किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही मझौली राज चौकी इंचार्ज इंद्रेश यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम में हेड कांस्टेबल मुराद हसन और कांस्टेबल अभिषेक यादव भी शामिल थे। पुलिसकर्मियों ने युवक से लगातार बातचीत कर उसे शांत कराने का प्रयास किया। घंटों तक चली मान-मनौवल और समझाइश के बाद युवक नीचे उतरने को तैयार हुआ। पुलिस ने पूरी सावधानी बरतते हुए उसे सुरक्षित टावर से नीचे उतारा। युवक के नीचे आते ही स्थानीय लोगों और पुलिस ने राहत की सांस ली। इसके बाद पुलिस युवक को मझौली राज चौकी ले गई, जहां उससे पूछताछ की गई। पुलिस ने उसके परिजनों को भी बुलाकर मामले की जानकारी ली। प्रारंभिक जांच में यह मामला घरेलू विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस ने युवक और उसके परिवार को समझाकर शांत कराया।
सूरजपुर जिले के रामानुजनगर में बुधवार को कांग्रेस कमेटी ने बढ़ती महंगाई के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशि सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बस स्टैंड के समीप स्थित पेट्रोल पंप पर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण पेट्रोल-डीजल, खाद, सोना-चांदी सहित रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई ने आम जनता की कमर तोड़ दी है और हर वर्ग आर्थिक संकट से जूझ रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने पेट्रोल पंप के सामने धरना दिया। उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार से बढ़ती महंगाई पर तत्काल नियंत्रण करने की मांग की। जिलाध्यक्ष शशि सिंह ने कहा, महंगाई से जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। सरकार को आम आदमी की परेशानी समझनी चाहिए और पेट्रोल-डीजल के दाम कम कर राहत देनी चाहिए। इस प्रदर्शन में कांग्रेस कमेटी के बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द महंगाई पर काबू नहीं पाया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
रायसेन जिले के बेगमगंज वन परिक्षेत्र में पदस्थ रेंजर अरविंद अहिरवार को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की टीम ने बुधवार देर शाम 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई बेगमगंज स्थित उनके शासकीय निवास पर की गई। EOW को फरियादी शकील अहमद ने शिकायत दर्ज कराई थी। शकील अहमद के अनुसार, रेंजर अरविंद अहिरवार फर्नीचर के बिल के भौतिक सत्यापन के बदले लगातार रिश्वत की मांग कर रहे थे। शिकायत के सत्यापन के बाद EOW ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की। केमिकल लगे नोट लेते ही दबोचा बुधवार को फरियादी जैसे ही केमिकल लगे 5 हजार रुपये रेंजर को देने पहुंचा, पहले से तैनात EOW टीम ने उन्हें पकड़ लिया। टीम ने मौके पर रेंजर के हाथ धुलवाए, जिससे उनकी उंगलियां गुलाबी हो गईं और रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। इसके बाद नोट जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई EOW के डीएसपी पंकज गौतम ने बताया कि आरोपी के खिलाफ रिश्वत लेने के पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है और आगे की जांच जारी है। पहले भी सुर्खियों में रहा था मामला यह भी बताया जा रहा है कि 5 नवंबर 2025 को मुकरबा मोहल्ला स्थित एक फार्म हाउस पर वन विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने छापामार कार्रवाई की थी। इस दौरान करीब 9 घन मीटर अवैध सागौन लकड़ी जब्त की गई थी, जिसकी कीमत लगभग 5 लाख रुपये बताई गई थी। उस कार्रवाई का नेतृत्व भी रेंजर अरविंद अहिरवार ने किया था। इस मामले में शकील पठान को आरोपी बनाया गया था और वन अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया था।
भोपाल की भाजपा कार्यकारिणी में पिछले साढ़े तीन महीनों से चल रही अंतर्कलह और 'होल्ड-रिलीज' का खेल आखिरकार अब थमता नजर आ रहा है। 10 फरवरी से शुरू हुआ यह सियासी ड्रामा अब 20 एक नए नियुक्ति पत्र के साथ तीसरे और अंतिम दौर में पहुंच गया है। पार्टी ने डैमेज कंट्रोल करते हुए उन चेहरों को फिर से जिला पदाधिकारी बनाया है, जिन्हें पहली और दूसरी सूचियों के विवादों के कारण किनारे कर दिया गया था। पहली लिस्ट पर ही विवाद: बब्बा की एंट्री से सूची होल्ड इस ड्रामे की शुरुआत 10 फरवरी 2026 को हुई, जब जिला अध्यक्ष रविंद्र यती ने पहली कार्यकारिणी घोषित की थी। इस सूची में भाजपा कार्यालय में ही तोड़फोड़ करने के आरोपी सचिन दास बब्बा को जिला महामंत्री बना दिया गया। पार्टी दफ्तर को नुकसान पहुंचाने वाले को ही बड़ा पद सौंपे जाने पर स्थानीय सीनियर नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं ने बगावत कर दी। नतीजा यह हुआ कि महज 24 घंटे के भीतर 11 फरवरी को प्रदेश नेतृत्व के दखल के बाद इस लिस्ट को सोशल मीडिया से हटाकर पूरी कार्यकारिणी को 'होल्ड' (सस्पेंड) कर दिया गया। इस विवाद की गाज में कई अन्य योग्य नाम भी लपेटे में आ गए। दूसरी लिस्ट: 'दागियों और पार्षदों' की नो-एंट्री, नई साफ-सुथरी लिस्ट करीब 20 दिनों की लंबी माथापच्ची और आंतरिक समीक्षा के बाद 1 मार्च को भाजपा ने अपनी दूसरी और संशोधित सूची जारी की। प्रदेश संगठन के कड़े रुख के बाद इस सूची से विवादित चेहरा सचिन दास बब्बा और वर्तमान में निगम पार्षदों के नाम पूरी तरह साफ कर दिए गए। संगठन ने संदेश दिया कि केवल निर्विवाद और पुराने कार्यकर्ताओं को ही जगह मिलेगी। लेकिन इस कड़े फिल्टर के चक्कर में कई ऐसे कद्दावर और निष्ठावान नेता भी छूट गए, जिनका पहली लिस्ट में नाम तो था पर वे बब्बा विवाद की भेंट चढ़ गए थे। सूची से बाहर होने के बाद इन छूटे हुए नेताओं और उनके समर्थकों में भीतर ही भीतर नाराजगी पनप रही थी। डैमेज कंट्रोल की 'तीसरी चिट्ठी', छूटे नेताओं की वापसी इसी अंदरूनी असंतोष को शांत करने और संगठन में संतुलन बनाने के लिए आज 20 मई को जिला अध्यक्ष रविंद्र यती ने प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति से एक नया पत्र जारी किया है। इस नए आदेश में उन वरिष्ठ चेहरों को भोपाल भाजपा का जिला पदाधिकारी बनाकर एड्जस्ट किया गया है, जो पिछली दोनों सूचियों के फेरबदल में पीछे छूट गए थे।
संभल में अवैध खनन में पुलिस की मिलीभगत सामने आने पर पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने शहीद भगत सिंह ग्राम मझोला पुलिस चौकी पर तैनात पूरे स्टाफ को निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। जनपद संभल की तहसील चंदौसी के थाना बहजोई की मझोला चौकी क्षेत्र में लंबे समय से बड़े पैमाने पर अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने 16 मई की रात विशेष छापामार कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी, जहां बड़े स्तर पर अवैध खनन चलता मिला। पुलिस ने छह ट्रैक्टर-ट्रॉली, एक जेसीबी मशीन और एक बाइक को कब्जे में लिया। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि खनन के लिए कोई वैध अनुमति नहीं ली गई थी और पूरी गतिविधि अवैध तरीके से संचालित की जा रही थी। पुलिस अधीक्षक ने स्थानीय पुलिस की भूमिका को लेकर विस्तृत जांच कराई। जांच में यह तथ्य उजागर हुआ कि मझोला पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से ही अवैध खनन का यह कारोबार चल रहा था। जांच रिपोर्ट आने के बाद बुधवार को पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने तत्काल प्रभाव से चौकी प्रभारी सुनील कुमार, हेड कांस्टेबल विशाल कुमार और सिपाही दीपक भट्ट और सोनपाल को निलंबित कर दिया। पूरे चौकी स्टाफ पर की गई इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में खलबली मची हुई है। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अवैध खनन या किसी भी गैरकानूनी गतिविधि में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून व्यवस्था से समझौता करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही, उन्होंने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर पूरी निगरानी रखें, अन्यथा जिम्मेदारी तय की जाएगी। गौरतलब है कि एसपी ने इससे पहले 12 मई को तहसील गुन्नौर के थाना धनारी क्षेत्र की भकरौली पुलिस चौकी प्रभारी सदाकत अली और कांस्टेबल कादिर चौधरी को बिना अनुमति के खनन रोकने पर निलंबित किया था।
डीएम के आदेश पर 3 दिन बंद रहेंगे स्कूल:मेरठ में 21 से 23 मई तक कक्षा 10 तक अवकाश घोषित
मेरठ में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और हीटवेव को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने जिले के सभी बोर्ड के स्कूलों में प्री-प्राइमरी से कक्षा 10 तक 21 मई से 23 मई 2026 तक अवकाश घोषित किया है। डीएम ने कहा कि छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। साथ ही सभी स्कूलों और संबंधित अधिकारियों को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में अगले तीन दिनों तक तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण हीटवेव की स्थिति बनी रहेगी। दोपहर के समय बाहर निकलने से लोगों को बचने की सलाह दी गई है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी अलर्ट जारी करते हुए बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों के मुताबिक लगातार गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, उल्टी और हीट स्ट्रोक के मामले बढ़ सकते हैं। लोगों को अधिक से अधिक पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।
सतना जिले के पुरवा गांव में बुधवार शाम बरहों कार्यक्रम की तैयारियों के बीच एक घर में भीषण आग लग गई। हादसे में लाखों रुपये का घरेलू सामान, खाद्यान्न और गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया। आग बुझाने के प्रयास में एक महिला भी झुलस गई। जानकारी के अनुसार कोठी थाना क्षेत्र के पुरवा निवासी सूरज वर्मा के घर पर बरहों (बच्चा होने के बाद होने वाला कार्यक्रम) कार्यक्रम का आयोजन होना था। बुधवार शाम करीब 6 बजे कार्यक्रम के लिए खाना बनाया जा रहा था, तभी अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे कच्चे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। घर का पूरा सामान जलाआग इतनी भीषण थी कि छप्परनुमा मकान पूरी तरह जलकर राख हो गया। घर में रखा खाद्यान्न, कपड़े, बर्तन और अन्य घरेलू सामान भी जल गया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। बाद में मौके पर पहुंची दमकल टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझाने के दौरान एक महिला झुलस गई, जिसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोठी भेजा गया है। घर मालिक सूरज वर्मा ने बताया कि इस हादसे में उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि घटना की सूचना अधिकारियों को दे दी गई थी, लेकिन देर शाम तक कोई भी अधिकारी मौका मुआयना करने नहीं पहुंचा। देखें तस्वीरें
अयोध्या जिले में बूथ संख्या 222 में वोट काटे जाने के मुद्दे पर सियासत गरमा गई है। सपा नेता व पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय पवन द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद भाजपा ने भी मोर्चा संभाल लिया है। भाजपा महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव ने सपा पर भ्रम फैलाने और जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। विपक्ष मुद्दाविहीन हो चुका है और अब केवल नकारात्मक राजनीतिकमलेश श्रीवास्तव ने कहा कि विपक्ष मुद्दाविहीन हो चुका है और अब केवल नकारात्मक राजनीति कर रहा है। उन्होंने कहा कि बूथ संख्या 222 में पहले जनौरा ग्रामसभा के पांच पुरवा शामिल थे। इनमें राजाबोध का पुरवा, पतियारिया, शंकर का पुरवा, भुजवा की बाग और बल्दी पांडे का पुरवा शामिल हैं। इन क्षेत्रों के मतदाता अवध विश्वविद्यालय स्थित बूथ पर मतदान करते थे। ऐसे मतदाताओं को शिफ्टेड वोटर श्रेणी में शामिल किया गयाउन्होंने बताया कि एयरपोर्ट निर्माण के दौरान इन पुरवों के लोगों को मुआवजा देकर अन्य स्थानों पर बसाया गया। इसके बाद सभी परिवार अपने नए निवास स्थानों पर मतदाता के रूप में दर्ज हुए। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान ऐसे मतदाताओं को शिफ्टेड वोटर श्रेणी में शामिल कर उनके वोट नए बूथों पर स्थानांतरित किए गए। सपा नेता तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैंभाजपा महानगर अध्यक्ष ने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई है। उन्होंने कहा कि सपा नेता तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं और जनता में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या की जनता जागरूक है और विपक्ष के बहकावे में आने वाली नहीं है।
रायबरेली पुलिस ने अंतरराज्यीय बच्चा चोरी और बिक्री गिरोह का खुलासा करते हुए चार महिलाओं समेत नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरोह के कब्जे से 9 माह के एक शिशु को बरामद किया है। साथ ही एक कार भी जब्त की गई है। पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने बताया कि मामले का खुलासा तब हुआ जब मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ की एक महिला ने थाना कोतवाली नगर में शिकायत दर्ज कराई। महिला 12 मई को पति से नाराज होकर दिल्ली से लखनऊ चारबाग स्टेशन पहुंची थी। अगले दिन वह त्रिवेणी एक्सप्रेस से अपने मायके सिंगरौली जा रही थी। यात्रा के दौरान ट्रेन में मिले एक महिला और पुरुष ने बच्चे को खिलाने के बहाने गोद में लिया और रायबरेली स्टेशन पर मौका पाकर 9 माह के शिशु को लेकर फरार हो गए। संगठित बच्चा चोरी और बिक्री गिरोह पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से जांच आगे बढ़ी तो एक संगठित बच्चा चोरी और बिक्री गिरोह का पर्दाफाश हुआ। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह अस्पतालों और आशा बहुओं के जरिए निसंतान दंपत्तियों की जानकारी जुटाता था और फिर नवजात बच्चों की खरीद-फरोख्त करता था। रेलवे कॉलोनी के पास से आरोपी गिरफ्तार संयुक्त पुलिस टीम ने रेलवे कॉलोनी पानी की टंकी के पास से आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी में बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के निवासी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया शिशु और सफेद रंग की हुंडई वेन्यू कार भी बरामद की है। गिरोह के सदस्यों की पहचान वहीं गिरफ्तार आरोपियों में रामकुमार दास निवासी अररिया (बिहार), सुमित कुमार निवासी रामपुर, संजय कुमार निवासी मुरादाबाद, हरीश चंद्र निवासी अमरोहा, रेशमा निवासी अररिया, किरणजीत कौर निवासी उधमसिंह नगर (उत्तराखंड), बबीता सैनी, अर्चना सिंह और ब्रह्मपाल सिंह निवासी मुरादाबाद शामिल हैं। पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क, अन्य संभावित मामलों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की गहन जांच कर रही है।
राजगढ़ में बुधवार को डिप्टी कलेक्टर निधि भारद्वाज के सरकारी आवास से चंदन का पेड़ चोरी होने का मामला सामने आया। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। इससे एक दिन पहले मंगलवार को जिला वन मंडल अधिकारी (डीएफओ) वैणी प्रसाद के सरकारी बंगले परिसर से भी अज्ञात बदमाश चंदन का पेड़ काटकर ले गए थे। इसके अलावा न्यायालय परिसर में जिला विधिक प्राधिकरण से जुड़े अधिकारी के आवास से भी चंदन चोरी की वारदात सामने आई थी। दोनों मामलों में कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। सरकारी अफसरों के बंगले से चोरी के बाद उठे सवालअब जल संसाधन विभाग के ईई जेके ठाकुर के सरकारी आवास से भी चंदन चोरी होने की जानकारी सामने आई है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्त पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोतवाली टीआई मंजू मखेनिया ने बताया कि डीएफओ बंगले और जिला विधिक प्राधिकरण से जुड़े अधिकारी के आवास से चंदन चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। वहीं एसडीएम आवास से चोरी की सूचना मिलने के बाद पुलिस कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी मामलों की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। काटे गए चंदन पेड़ की कीमत करीब 30 हजार रुपएसूत्रों के मुताबिक चोरी हुए प्रत्येक चंदन के पेड़ की कीमत करीब 30 हजार रुपए बताई जा रही है। बाजार में चंदन की लकड़ी की ऊंची कीमत होने के कारण तस्करों और चोरों की नजर लंबे समय से इस पर रहती है। ऐसे में सरकारी परिसरों से पेड़ों की चोरी होना प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। लगातार हो रही इन वारदातों के बाद शहर में चर्चा है कि जब अफसरों के सरकारी आवास ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम लोगों के घरों की सुरक्षा का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है, लेकिन चंदन चोरी की इन घटनाओं ने पूरे शहर में चिंता बढ़ा दी है। देखें तस्वीरें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोक निर्माण विभाग की कमियों और ठेकेदारों की गलतियां का दायित्व जनप्रतिनिधियों का नहीं है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में समयबद्धता और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सीएम ने अपने सरकारी आवास पर बुधवार को लोक निर्माण विभाग की वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। इस दौरान प्रदेश के सभी जिलाधिकारी, मंत्री एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में मानक, गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास प्रस्ताव तैयार कर एक सप्ताह के अंदर भेजा जाए, जून के प्रथम सप्ताह में कार्ययोजना को शासन से स्वीकृति मिल जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारी जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करें और विकास योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर अंतिम रूप दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं शिलान्यास संबंधित जनप्रतिनिधियों के कर कमलों से ही कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विभागीय कमियों अथवा ठेकेदारों की गलतियों का दायित्व जनप्रतिनिधियों का नहीं है। विकास कार्यों की गुणवत्ता और निर्धारित समय में कार्यों को पूर्ण कराना विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कनेक्टिविटी और मजबूत अवस्थापना किसी भी राज्य की आर्थिक प्रगति की जीवनरेखा होती है। सड़क, पुल और संपर्क मार्ग केवल आवागमन के साधन नहीं होते, बल्कि वे व्यापार, रोजगार और सामाजिक विकास को गति देने का माध्यम भी बनते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रस्ताव तैयार करते समय “पिक एंड चूज” की प्रवृत्ति से बचा जाए और हर क्षेत्र की आवश्यकता को समान महत्व दिया जाए। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में संचालित प्रत्येक परियोजना के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए, जो नियमित रूप से कार्य की प्रगति की निगरानी करे और गुणवत्ता सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष स्वीकृत परियोजनाओं की समीक्षा कर उनकी प्रगति रिपोर्ट समय पर शासन को भेजी जाए। साथ ही लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक जनपद में अलग से टीम भेजकर कार्यों का स्थलीय निरीक्षण और स्वतंत्र समीक्षा कराई जाए। बैठक में मुख्यमंत्री ने आपात परिस्थितियों के दृष्टिगत हेलीपैड निर्माण को भी आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा, स्वास्थ्य आपातकाल अथवा अन्य संकट की स्थिति में हेलीपैड अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं। इसके मद्देनज़र प्रत्येक ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय के निकट हेलीपैड बनाए जाएं। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि इनके रखरखाव की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग निभाए और इनके प्रयोग के लिए निर्धारित शुल्क व्यवस्था भी विकसित की जाए। मुख्यमंत्री ने वैश्विक परिस्थितियों के कारण ईंधन एवं बिटुमेन की उपलब्धता पर पड़ रहे प्रभाव का उल्लेख करते हुए लोक निर्माण विभाग को तकनीकी नवाचार अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बदलती परिस्थितियों के अनुरूप विभाग को कार्यप्रणाली में व्यावहारिक सुधार लाने होंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि दो किलोमीटर तक के ग्रामीण मार्गों पर आवश्यकता अनुसार गुणवत्तापूर्ण सीसी रोड का निर्माण कराया जाए। साथ ही बिटुमेन की खपत कम करने के लिए जीएसबी के स्थान पर सीटीएसबी (सीमेंट ट्रीटेड सबबेस) तथा डब्ल्यूएमएम के स्थान पर सीमेंट ट्रीटेड बेस तकनीक को प्राथमिकता से अपनाया जाए, ताकि सड़क निर्माण अधिक टिकाऊ और किफायती बन सके। मुख्यमंत्री ने नगर विकास विभाग की “सीएम ग्रिड” योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह शहरी कनेक्टिविटी को मजबूत करने की महत्वपूर्ण पहल है, लेकिन इसकी गति और तेज करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नगर विकास विभाग स्थानीय जरूरतों के अनुरूप प्रस्ताव तैयार करे और यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश के प्रत्येक मोहल्ले और कॉलोनी तक बेहतर सड़क और संपर्क व्यवस्था पहुंचे। बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग की ओर से विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि विभाग के 17 मदों के अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए अब तक 30,000 से अधिक प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी प्रस्तावों की प्राथमिकता तय कर योजनाओं को चरणबद्ध और समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाए, ताकि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। इस अवसर पर केंद्रीय पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री एस पी सिंह बघेल, उत्तर प्रदेश के वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)अरुण कुमार सक्सेना व लोक निर्माण राज्य मंत्री ब्रजेश सिंह तथा विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मेरठ में महिला दरोगा को परेशान करने वाला युवक:गिरफ्तार, शांतिभंग में भेजा जेल
मेरठ के सिविल लाइन थाने में तैनात एक महिला दरोगा को परेशान करने का मामला सामने आया है। एक युवक को लगातार तीन दिनों तक थाने के आसपास घूमने और अलग-अलग बहाने बनाकर संपर्क करने के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया है। उसे शांति भंग की आशंका में कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पहले एक महिला ने इसी युवक के खिलाफ परेशान करने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसी मामले में पूछताछ के लिए युवक को थाने बुलाया गया था। आरोप है कि पूछताछ के बाद युवक महिला दरोगा को लेकर असामान्य व्यवहार करने लगा और बार-बार थाने के आसपास मंडराने लगा। बताया गया कि युवक कभी शिकायत दर्ज कराने तो कभी जानकारी लेने के बहाने थाने पहुंच जाता था। उसकी हरकतों को देखकर पुलिसकर्मियों को शक हुआ। महिला दरोगा ने भी युवक की गतिविधियों पर आपत्ति जताई, जिसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया। थाने में पूछताछ के दौरान युवक की बातचीत और व्यवहार संदिग्ध पाया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवक मानसिक रूप से अस्थिर प्रतीत हो रहा था। फिलहाल पुलिस ने एहतियात के तौर पर आरोपी का शांति भंग की धारा में चालान कर दिया है। पुलिस अब युवक के परिवार और उसकी पृष्ठभूमि की जानकारी जुटा रही है। वहीं, थाने के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो सके।
संभल में ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पीस कमेटी की बैठक की गई। यह बैठक बुधवार शाम 6:30 बजे जिला कलेक्ट्रेट सभागार बहजोई में जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई की अध्यक्षता में हुई। दो घंटे से अधिक समय तक चली इस बैठक में मुस्लिम धर्मगुरुओं, प्रबुद्धजनों और नागरिकों से आपसी सौहार्द बनाए रखने में सहयोग का आह्वान किया गया। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने सभी अधिशासी अधिकारियों (नगर पालिका एवं नगर पंचायत) को 28, 29 और 30 मई को साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने पानी की सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करने और पानी के टैंकरों की वैकल्पिक व्यवस्था रखने को कहा। कुर्बानी स्थलों के आसपास बैरिकेडिंग की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए, ताकि कोई जानवर प्रवेश न कर सके। इसके अतिरिक्त, विद्युत आपूर्ति सुचारु रखने और कुर्बानी के बाद अपशिष्ट का समय पर उठान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने धर्मगुरुओं और संभ्रांत लोगों से संवाद करते हुए त्योहार के दौरान कोई नई परंपरा स्थापित न करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी हर हाल में प्रतिबंधित रहेगी। सभी एसडीएम, सीओ, प्रभारी निरीक्षक और थानाध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों में निरंतर भ्रमणशील रहकर शांति व सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। एसपी ने चेतावनी दी कि धार्मिक संवेदनशील मामलों में माहौल खराब करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन और पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी। उन्होंने सभी से अपील की कि कुर्बानी से संबंधित कोई भी वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड या शेयर न करें। आपसी भाईचारा बनाए रखने और खुले में कुर्बानी न करने पर भी विशेष बल दिया गया। इस अवसर पर सीडीओ गोरखनाथ भट्ट, एएसपी उत्तरी कुलदीप सिंह, एएसपी दक्षिणी मनोज कुमार रावत, एसडीएम संभल निधि पटेल, एसडीएम गुन्नौर विकास चंद्र, एसडीएम चंदौसी नीतू रानी, डिप्टी कलेक्टर आशुतोष तिवारी, सीओ गुन्नौर आलोक सिद्धू, सीओ चंदौसी दीपक तिवारी, सीओ संभल कुलदीप कुमार, नगर पालिका परिषद संभल अधिशासी अधिकारी डॉ. मणिभूषण तिवारी एवं मुफ्ती आलम रजा नूरी, तनजीम अशरफ, सलमान अब्बास जैदी आदि दर्जनों लोग मौजूद रहे।
प्रयागराज में माफिया अशरफ के गनर रहे प्रॉपर्टी डीलर इरफान(45) की हत्या का मास्टरमाइंड आसिफ दुर्रानी बुधवार को कोर्ट में सरेंडर कर जेल चला गया। पुराने मामले में जमानत तोड़वाकर उसने सरेंडर कर दिया। 50 हजार का यह इनामी इरफान हत्याकांड में आठ अप्रैल से फरार चल रहा था। 2016 में मर्डर में हुआ था नामजद जिस मामले में दुर्रानी ने सरेंडर किया वह धूमनगंज में 2016 में हुई हत्या का केस है। इसमें वह माफिया अतीक के शार्प शूटर जुल्फिकार उर्फ तोता के साथ नामजद था। उसे गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया था। 2018 में उसे जमानत मिल गई थी। इसी मामले में उसके खिलाफ वारंट हुआ था, जिसमें बुधवार दोपहर तीन बजे के करीब उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इरफान हत्याकांड में उस पर 50 हजार का इनाम घोषित किया गया था। प्रयागराज पुलिस की पांच टीमें उसकी तलाश में खाक छान रही थीं। इनमें एसओजी की तीन टीमें भी शामिल रहीं। हालांकि उसने सभी टीमों को चकमा दे दिया। माफिया अतीक अहमद का कुख्यात शूटर रहा यह गैंगस्टर रील बनाने का शौकीन है और उसने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर ढेरों रील वीडियो पोस्ट कर रखे थे। हत्याकांड के एक दिन बाद यानी नौ अप्रैल तक उसका अकाउंट एक्टिव था लेकिन इसके बाद इसे डिलीट कर दिया गया था। कुख्यात शूटर तोता की तस्वीर लगाकर बनाई रीलइनमें से एक रील भी सामने आया है। सूत्रों का कहना है कि इस अकाउंट पर उसने कई पोस्ट किए। डिलीट किए जाने से पहले इस पर आठ रील वीडियो भी मौजूद थे। इन सभी रील में उसने बॉलीवुड मूवीज व वेब सिरीज के डॉयलॉग भी लगाए थे। इन रील में से एक में उसने अतीक अहमद के कुख्यात शूटर जुल्फिकार उर्फ तोता के साथ अपनी फोटो लगाई थी और फोटो पर लिखा था aayenge ek din, Wait watch। IS-227 का सक्रिय सदस्यअतीक के आईएस-227 गैंग का सक्रिय मेंबर आसिफ माफिया भाइयों के सबसे खास शूटरों में गिना जाता था। उसकी बहन समेत दो अन्य आरोपी भी इस मामले में अब तक गिरफ्त से दूर हैं। भाई ने मारी थी गोली, भेजा जा चुका है जेल इस मामले में आसिफ दुर्रानी के भाई राशिद को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। पुलिस का दावा है कि उसने ही प्रॉपर्टी डीलर को गोली मारी थी। दावा यह भी किया जा रहा है कि जिस जगह प्रॉपर्टी डीलर को गोली मारी गई, उससे कुछ दूर पर ही आसिफ अपने एक साथी के साथ बाइक पर खड़ा था। इस मामले में राशिद समेत पांच आरोपी अब तक जेल भेजे जा चुके हैं। अब तक पिस्टल नहीं बरामद कर पाएइस मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी तो नहीं ही हो पाई, अब तक हत्या में प्रयुक्त पिस्टल भी बरामद नहीं की जा सकी है। पुलिस का कहना है कि जेल भेजे जाने से पहले राशिद ने पूछताछ में बताया था कि पिस्टल आसिफ के पास है। अब पुलिस उसे कस्टडी रिमांड पर लेकर पिस्टल बरामद करने का प्रयास करेगी। अब पूरा मामला जानिएकरेली के बिस्मिल्लाह चौराहे के पास रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर इरफान की आठ अप्रैल की शाम 6:30 बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह चाय पीने गया था तभी दो बाइक से आए चार शूटरों ने उस पर हमला किया। इरफान माफिया अतीक के भाई अशरफ का गनर रह चुका था। परिजनों की तहरीर पर इस हत्याकांड को अंजाम दिलवाने के आरोप में अतीक के शूटर आसिफ दुर्रानी व राशिद दुर्रानी को नामजद किया गया। जबकि अन्य अज्ञात भी आरोपी बनाए गए। बाद में इसमें विवेचना के दौरान पांच और नाम सामने आए।
लखनऊ। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयानों पर प्रतिक्रिया जाहिर की है। पंकज चौधरी ने कहा कि अखिलेश यादव जनता को गुमराह करने का असफल प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की जनता अब विपक्ष की नकारात्मक, भ्रम फैलाने वाली और अवसरवादी राजनीति को पूरी तरह समझ चुकी है। जिन दलों ने दशकों तक देश की अर्थव्यवस्था, सामाजिक न्याय और संविधान को केवल अपने परिवार और वोटबैंक की राजनीति का माध्यम बनाया, आज वही लोग जनता को गुमराह करने का असफल प्रयास कर रहे हैं। श्चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का वैश्विक स्तर पर बढ़ता सम्मान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को पच नहीं रहा है। आज भारत दुनिया की सबसे तेज गति से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। दुनिया के बड़े-बड़े राष्ट्र भारत के साथ रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी साझेदारी बढ़ाने को उत्सुक हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी के विदेश दौरे भारत के हितों को मजबूत करने, निवेश लाने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए होते हैं, लेकिन राहुल गांधी हर राष्ट्रीय उपलब्धि में भी राजनीति और नकारात्मकता खोजने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि इटली में प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच सौहार्दपूर्ण संवाद को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी उनकी अपरिपक्व मानसिकता और हताशा को दर्शाती है। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में मित्रता, विश्वास और व्यक्तिगत संबंध भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लेकिन कांग्रेस पार्टी हमेशा भारत की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करती रही है। राहुल गांधी को यह समझना चाहिए कि विश्व मंच पर भारत की प्रतिष्ठा जितनी आज बढ़ी है, उतनी पहले कभी नहीं रही। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा देश में आर्थिक संकट की बात करना हास्यास्पद है। जब कांग्रेस की सरकार थी तब देश भ्रष्टाचार, घोटालों, नीति पक्षाघात और आर्थिक अस्थिरता से जूझ रहा था। आज प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। रिकॉर्ड विदेशी निवेश आ रहा है, एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट, डिफेंस कॉरिडोर, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसे अभियान देश को आत्मनिर्भर बना रहे हैं। करोड़ों गरीबों को मुफ्त राशन, किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल रहा है। यह विकास और गरीब कल्याण की राजनीति है, जिसे विपक्ष देख नहीं पा रहा है। चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी लगातार देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं, संविधान और संवैधानिक पदों के तहत अनर्गल आरोप लगाकर लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। जिस कांग्रेस ने आपातकाल लगाकर संविधान की आत्मा को कुचलने का काम किया, आज वही संविधान की दुहाई दे रही है। देश की जनता जानती है कि संविधान की रक्षा और गरीब, दलित, पिछड़े, आदिवासी तथा महिलाओं के अधिकारों को सबसे अधिक मजबूती भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने दी है। उन्होंने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी को आरक्षण और सामाजिक न्याय पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। सपा सरकार के समय प्रदेश में भर्ती प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार, जातिवाद और परिवारवाद चरम पर था। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया, कानून व्यवस्था ध्वस्त थी और गरीब तथा पिछड़े वर्ग केवल राजनीतिक नारे बनकर रह गए थे। भाजपा सरकार ने बिना भेदभाव पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू की और लाखों युवाओं को सरकारी नौकरियां देने का कार्य किया। श्री चौधरी ने कहा कि भाजपा सामाजिक न्याय और सबका साथ-सबका विकास के सिद्धांत पर कार्य करती है। आरक्षण संविधान प्रदत्त अधिकार है और भाजपा सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ उसे लागू कर रही है। लेकिन समाजवादी पार्टी आरक्षण के नाम पर केवल समाज को बांटने और भ्रम फैलाने की राजनीति करती है। अखिलेश यादव को यह बताना चाहिए कि उनकी सरकार में कितने पिछड़े, दलित और गरीब युवाओं को निष्पक्ष अवसर मिले थे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने पिछड़े वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए। दूसरी ओर विपक्ष केवल जातीय तनाव और सामाजिक वैमनस्य फैलाने का काम कर रहा है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि ‘लेटरल एंट्री’ जैसे विषयों को लेकर भ्रम फैलाना भी विपक्ष की राजनीतिक हताशा का प्रमाण है। देश में प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और विशेषज्ञता लाने के उद्देश्य से समय-समय पर सुधार किए जाते रहे हैं। लेकिन विपक्ष हर सुधार का विरोध केवल राजनीतिक लाभ के लिए करता है। चौधरी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है। माफिया और अपराधियों पर कार्रवाई हो रही है। गरीबों की जमीनों पर कब्जा करने वालों पर बुलडोजर चल रहा है। यही कारण है कि जिन लोगों ने वर्षों तक अपराध और भ्रष्टाचार की राजनीति की, उन्हें भाजपा सरकार की सख्ती से परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव दोनों जनता के वास्तविक मुद्दों से कट चुके हैं। एक ओर प्रधानमंत्री मोदी जी विकसित भारत के संकल्प को लेकर दिन-रात कार्य कर रहे हैं, वहीं विपक्ष केवल भ्रम, भय और झूठ की राजनीति कर रहा है। देश और प्रदेश की जनता विकास, सुशासन और राष्ट्रहित की राजनीति के साथ मजबूती से खड़ी है और विपक्ष की नकारात्मक राजनीति को लगातार नकार रही है। चौधरी ने कहा कि भाजपा सरकार गरीब कल्याण, युवाओं के भविष्य, किसानों की समृद्धि और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करती रहेगी। विपक्ष चाहे जितना भ्रम फैलाए, जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व पर विश्वास करती है और विकसित, आत्मनिर्भर तथा शक्तिशाली भारत के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के सर्किट हाउस के पीछे स्थित सरकारी वन क्षेत्र में बुधवार शाम अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और तेज हवाओं के साथ पूरे जंगल में फैल गई। इस दौरान वन विभाग के बेशकीमती सागवान के सैकड़ों पेड़ जलकर पूरी तरह खाक हो गए। घने जंगल और सूखी पत्तियों के कारण आग इतनी तेजी से भड़की कि आसमान में धुएं का गुबार और ऊंची लपटें दूर-दूर तक दिखाई देने लगीं। सूखी पत्तियों से फैली आगकोतवाली थानाधिकारी बुधाराम बिशनोई ने बताया कि घने जंगल में सूखी पत्तियों और तेज हवा के झोंकों के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। दमकल की 10 गाड़ियों ने लगातार कई फेरे कर आग पर काबू पाया। हालांकि रास्ता सही न होने और घने जंगल के कारण शुरुआत में दमकल कर्मियों को भीतर तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लेकिन घंटों तक चले प्रयास के बाद आग पर काबू पाया जा सका। फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है। कोतवाली थाना पुलिस और वन विभाग की टीम आग लगने के कारणों की जांच में जुट गई है। कल सर्किट हाउस जा सकते हैं सीएमगुरुवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कलेक्ट्रेट में अधिकारियों की बैठक के बाद लंच के लिए सर्किट हाउस भी जा सकते हैं। ऐसे में एक दिन पहले आग की घटना होने से प्रशासन अलर्ट हो गया है।
लखनऊ में चलती केटीएम बाइक बनी आग का गोला:10 फीट ऊंची लपटें निकलीं, युवक ने कूदकर बचाई जान
लखनऊ के महानगर थाना क्षेत्र स्थित गोल मार्केट में बुधवार रात चलती केटीएम बाइक में अचानक आग लग गई। घटना रात करीब नौ बजे की है। बाइक से धुआं और आग की लपटें उठती देख सवार युवक ने फौरन कूदकर अपनी जान बचाई। देखते-देखते करीब 10 फीट ऊंची लपटें उठने लगीं। कुछ ही देर में बाइक पूरी तरह जलकर राख हो गई। घटना के समय गोल मार्केट में बुधवार बाजार लगा हुआ था। जिससे इलाके में काफी भीड़ थी। आग लगने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी महानगर अखिलेश मिश्रा, चौकी इंचार्ज आर्यन शर्मा और महानगर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पा लिया। समय रहते आग बुझा लिए जाने से बड़ा हादसा टल गया। आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में बुधवार शाम एक बोलेरो में भीषण आग लग गई। यह घटना भटगांव थाना क्षेत्र के सोनगरा बाजार के पास हुई। आग लगने के समय गाड़ी में एक बच्चा मौजूद था, जो समय रहते सुरक्षित बाहर निकल आया। जानकारी के अनुसार, वाहन चालक बाजार जाने से पहले बच्चे को बोलेरो में छोड़कर गया था और एसी चालू कर दी थी। इसी दौरान सड़क किनारे खड़ी गाड़ी में अचानक आग भड़क उठी। बच्चे ने सूझबूझ दिखाते हुए आग बढ़ने से पहले ही गाड़ी से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि बच्चा 10-15 सेकंड भी और अंदर रहता तो एक बड़ा हादसा हो सकता था। घटना की सूचना मिलते ही भटगांव थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आग लगने के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक जांच में गर्मी के कारण एसी ऑन रहने से शॉर्ट सर्किट या इंजन ओवरहीट होने की आशंका जताई जा रही है। फॉरेंसिक टीम भी इस मामले की जांच कर सकती है।
मंदसौर स्थित विश्व प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था अब दान राशि के आंकड़ों में भी साफ नजर आने लगी है। बुधवार को मंदिर परिसर में रखी गई 6 दान पेटियों को खोला गया। देर शाम तक चली गणना में पहले ही दिन 15 लाख 83 हजार रुपए की राशि प्राप्त हुई। मंदिर समिति के अनुसार शेष राशि की गिनती गुरुवार को पूरी की जाएगी, जिसके बाद कुल आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है। मंदिर प्रबंधन समिति ने बताया कि दान पेटियों से केवल नगद राशि ही नहीं, बल्कि विदेशी मुद्राएं और सोने-चांदी के आभूषण भी प्राप्त हुए हैं। विदेशी मुद्रा का मिलना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि बाबा पशुपतिनाथ में विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था भी लगातार बढ़ रही है। लगातार बढ़ रही दान राशिपिछले दो वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो मंदिर में दान का ग्राफ तेजी से ऊपर गया है। वर्ष 2025 में 6 बार दान पेटियां खोली गई थीं, जिनसे कुल 1 करोड़ 58 लाख रुपए से अधिक की राशि प्राप्त हुई थी। वहीं वर्ष 2026 में अब तक तीन चरणों में ही 65 लाख 54 हजार 20 रुपए से अधिक का दान प्राप्त हो चुका है। इसमें मई 2026 की गणना अभी पूरी भी नहीं हुई है। वर्ष 2025 में फरवरी में 22.79 लाख, अप्रैल में 26.14 लाख, जून में 31.48 लाख, अगस्त में 32.70 लाख, सितंबर में 22.40 लाख और नवंबर में 22.81 लाख रुपए से अधिक की राशि दान पेटियों से प्राप्त हुई थी। वहीं वर्ष 2026 में जनवरी में 25.43 लाख और मार्च में 24.27 लाख रुपए मिले थे। अब मई में पहले दिन ही 15.83 लाख रुपए की गणना हो चुकी है। देश-विदेश से पहुंच रहे श्रद्धालुअष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ की प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध यह मंदिर अब धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन का भी बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। देशभर के श्रद्धालुओं के साथ विदेशों से आने वाले भक्तों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। मंदिर समिति का मानना है कि बढ़ती दान राशि और श्रद्धालुओं की संख्या धार्मिक पर्यटन के विस्तार का बड़ा संकेत है। धार्मिक पर्यटन से जिले को फायदालगातार बढ़ती श्रद्धा का असर मंदसौर जिले की पहचान पर भी दिखाई दे रहा है। मंदिर में बढ़ती भीड़ से स्थानीय व्यापार, होटल और धार्मिक पर्यटन से जुड़े व्यवसायों को भी फायदा मिल रहा है। मंदिर समिति द्वारा प्राप्त दान राशि को जिला सहकारी बैंक में जमा कराया जाएगा और पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ पूरी की जा रही है।
आगरा में भीषण गर्मी को देखते हुए जिले के 12वीं तक के सभी स्कूल 21 मई से अगले एक सप्ताह के लिए बंद कर दिए गए हैं। डीएम मनीष बंसल के निर्देश पर डीआईओएस चंद्रशेखर ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। हालांकि सरकारी स्कूलों में 20 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश हो चुका है। अधिकांश प्राइवेट स्कूलों में भी छुटि्टयां हो चुकी हैं। पहले पढ़िये क्या है आदेश मौसम विभाग द्वारा दी गई हीटवेव, अत्यधिक तापमान, प्रतिकूल मौसम की चेतावनी को देखते हुए डीएम मनीष बंसल ने सभी बोर्ड से मान्यता प्राप्त कक्षा 1 से 12 तक के विद्यालयों को अगले एक सप्ताह तक बंद रखने का आदेश दिया है। डीआईओएस चंद्रशेखर के अनुसार, आईसीएससी, सीबीएससी, मदरसा बोर्ड व अन्य बोर्ड से मान्यता प्राप्त प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक के स्कूल 21 मई से एक सप्ताह के लिए बंद रहेंगे। आदेश का पालन न करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।हालांकि जिले के सभी राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त, वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालय, परिषदीय विद्यालयों में 20 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित है। इस कारण विद्यालय 20 मई से बंद हैं।आगरा भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। बुधवार को अधिकतम तापमान 45.3C और न्यूनतम तापमान 28.2C रहा। मंगलवार सीजन का सबसे गर्म दिनआगरा में मंगलवार को सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। अधिकतम तापमान 46.5C पर पहुंच गया। ये इस साल का सबसे अधिक अधिकतम तापमान है। दिन ही नहीं, रात भी इस सीजन की गर्म रही। 1.9C की बढ़ोत्तरी के साथ ही न्यूनतम तापमान 27.4C पर पहुंच गया। आगरा में लू के थपेड़ों और शरीर को झुलसा देने वाली धूप ने लोगों को बेहाल कर दिया है। दिन का तापमान सामान्य से 3.6C अधिक हो गया है। रात भी तपने लगी है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 2.3C अधिक है। आगरा में दिन के साथ-साथ रात भी तप रही है। जमीन तपने लगी है। खुले में रहने वाले छांव की तलाश कर रहे हैं। हीटवेट का अलर्टमौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को दिनभर गर्म हवाएं चलेंगी। तेज धूप रहेगी। तापमान में बढ़ोत्तरी होगी। 24 मई तक हीटवेव रहेंगी। इससे तापमान और बढ़ेगा। दिन ही नहीं, रात और तपने लगेगी।
राजधानी में चर्चित ट्विशा शर्मा सुसाइड केस को लेकर अब संत समाज की भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। स्वामी हर्षानंद गिरि (पूर्व में हर्षा रिछारिया) ने दहेज प्रथा पर करारा प्रहार करते हुए इसे बेटियों की मौत का बड़ा कारण बताया है। उन्होंने कहा कि हाल के समय में ट्विशा शर्मा, पलक और दीपिका जैसे तीन मामलों ने पूरे समाज को झकझोर दिया है, जिनमें दहेज की लालच प्रमुख वजह बनकर सामने आई है। स्वामी हर्षानंद गिरि ने कहा “माता-पिता अपनी बेटी को यह सोचकर ससुराल भेजते हैं कि उन्होंने पर्याप्त दिया है, लेकिन दहेज के लालच की कोई सीमा नहीं होती। जब यह लालच बढ़ता है, तो अंततः बेटी की जिंदगी ही खत्म हो जाती है। मौत से पहले हर दिन घुटती है पीड़िता उन्होंने कहा कि जो महिलाएं आत्महत्या जैसा कदम उठाती हैं, वे एक दिन में यह निर्णय नहीं लेतीं, बल्कि लंबे समय तक मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना सहती हैं। “जो इंसान मौत को गले लगाता है, वह उससे पहले हर दिन मर रहा होता है, हर दिन घुट रहा होता है। मौत के बाद भी चरित्र हनन का आरोप स्वामी हर्षानंद गिरि ने यह भी आरोप लगाया कि कई मामलों में पीड़िता की मौत के बाद ससुराल पक्ष उसके चरित्र, परवरिश और परिवार पर सवाल उठाकर बदनाम करने की कोशिश करता है। उन्होंने इसे “दूसरी सजा” बताया, जो मृतक के परिवार को झेलनी पड़ती है। समाज में गलत संदेश, महिलाओं को नहीं डरना चाहिए स्वामी हर्षानंद गिरि ने कहा कि समाज में लंबे समय से महिलाओं के खिलाफ ऐसे मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद महिलाओं को डरने की जरूरत नहीं है। वहीं पुरुष समाज की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ मामलों के बाद पूरे समाज में गलत धारणा बना दी जाती है। न्याय के लिए परिवार को लड़नी पड़ती है दूसरी लड़ाईस्वामी हर्षानंद गिरि ने कहा कि सबसे दुखद पहलू यह है कि बेटी को खोने के बाद भी माता-पिता को न्याय के लिए लंबी लड़ाई लड़नी पड़ती है। “उन्हें अपनी बेटी को निर्दोष साबित करने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए एक और संघर्ष करना पड़ता है।
कोरबा में पति-पत्नी के बीच हुए विवाद का फायदा उठाकर पति के दोस्त ने महिला को शराब पिलाकर दुष्कर्म किया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मुख्य आरोपी और उसके साथी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना बालको थाना क्षेत्र की है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसके दो बच्चे हैं 15 मई 2026 की शाम करीब 7:30 बजे खाना बनाने की बात पर पति से विवाद हुआ। गुस्से में वह घर से निकल गई और बालको पुल के पास सब्जी दुकान पर रुक गई। रात होने के कारण वह वहीं मंदिर में रुक गई। 16 मई की सुबह करीब 8 बजे वह ऑटो से बालको पहुंची। वहां उसे उसके पति के दो दोस्त संजय और विजय (बदला हुआ नाम) मिले। संजय उसके पति का दोस्त था और पहले से परिवार का आना-जाना था। संजय के कहने पर विजय उसे अपने घर ले गया और परिवार के साथ रखा। महिला को घुमाने के बहाने जंगल ले गया, पिलाई शराब शाम को विजय की बहन ने उसे घर छोड़ने को कहा। विजय उसे शाम 7 बजे छोड़ने जा रहा था, तभी रास्ते में संजय मिल गया। संजय ने घुमाकर लाने की बात कहकर दोनों उसे बाइक से लालघाट बालको ले गए। वहां दोनों ने उसे जबरदस्ती शराब पिलाई। इसके बाद पेट्रोल पंप पर पेट्रोल डलवाकर उसे लालघाट जंगल की ओर ले गए। वहां विजय उसे और संजय को छोड़कर चला गया। पीड़िता के अनुसार रात करीब 10 बजे संजय ने उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। सुबह करीब 4 बजे संजय ने विजय को फोन कर बुलाया। विजय दोनों को लेकर बालको के पास छोड़कर चला गया। वहां से पीड़िता पैदल अपनी मामी के घर पहुंची और पूरी घटना बताई। मामी ने उसके पति को बुलाया। इसके बाद 19 मई 2026 को पीड़िता ने बालको थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की गई। आरोपी संजय और उसके सहयोगी विजय को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर क्लस्टर परियोजना प्रदेश के एआई मिशन की बुनियादी संरचना तैयार करेगी। सीएम ने कहा कि परियोजना को केवल एनसीआर तक सीमित नहीं रखा जाएगा बल्कि प्रदेश के अन्य हिस्सों से भी जोड़ा जाएगा। सीएम योगी ने बुधवार को अपने सरकारी आवास पर उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर क्लस्टर, प्रोजेक्ट गंगा और गेहूं के इन-हाउस प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए मण्डी शुल्क एवं मण्डी सेस में सम्भावित छूट की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि डाटा सेंटर क्लस्टर परियोजना की शुरुआत बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) क्षेत्र से की जा सकती है। बुंदेलखंड में बड़े पैमाने पर जमीन उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि टाटा समूह सहित बड़ी टेक कम्पनियों से संवाद स्थापित कर लखनऊ को ‘ए0आई0 सिटी’ के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर क्लस्टर, प्रदेश को भारत और ग्लोबल साउथ का सबसे बड़ा ए0आई0 कम्प्यूट पावर सेण्टर बनाने की दीर्घकालिक रणनीति है। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश को आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस, डेटा सेण्टर, क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर और हाई-टेक डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केन्द्र बनाना है। यह केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि अगले 50 वर्षों के लिए उत्तर प्रदेश की नई आर्थिक संरचना का खाका है। इसके तहत वर्ष 2040 तक 05 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था, 1.5 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार और 05 गीगावॉट एआई कम्प्यूट कॉरिडोर विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्ष 2040 तक दुनिया की नई अर्थव्यवस्था एआई, क्लाउड, साइबर सिक्योरिटी, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक व्हीकल, रोबोटिक्स और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे ‘फ्यूचर एरेना’ के इर्द-गिर्द विकसित होगी, जिनका संयुक्त वैश्विक बाजार 29 से 48 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच सकता है। भारत के लिए एआई सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज, क्लाउड सर्विसेज, साइबर सिक्योरिटी, सेमीकण्डक्टर्स, एयरोस्पेस और ईवी जैसे सेक्टर भविष्य के प्रमुख आर्थिक इंजन होंगे। बैठक में उत्तर प्रदेश को ‘एशिया का मोस्ट सिक्योर, स्केलेबल एवं कनेक्टेड इनलैण्ड ए0आई0 टेरिटरी’ बताया गया। देश के लगभग सभी प्रमुख फाइबर नेटवर्क यूपी से होकर गुजरते हैं और राज्य भारत के सभी समुद्री केबल लैण्डिंग प्वाइण्ट्स से जुड़ा हुआ है। राज्य के भीतर 05 मिलीसेकण्ड से कम लेटेन्सी तथा मुम्बई और चेन्नई जैसे डिजिटल हब तक 5-12 मिलीसेकण्ड कनेक्टिविटी उपलब्ध है। वैश्विक टेक कम्पनियों के लिए यूपी कम लागत, बेहतर स्केलेबिलिटी और अधिक नेटवर्क रिडण्डेंसी वाला आदर्श ए0आई0 इन्फ्रास्ट्रक्चर हब है। मुख्यमंत्री ने ‘प्रोजेक्ट गंगा’ यानी गवर्नेण्ट असिस्टेड नेटवर्क फॉर ग्रोथ एंड एडवांसमेण्ट की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन युवाओं को डिजिटल उद्यमी के रूप में चुना जाए, उन्हें गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जाए। सर्वेक्षण कार्य करने वाली कम्पनियाँ भी इन युवाओं का उपयोग कर सकें, ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए। उन्होंने ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के तेजी से विस्तार और कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर बल देते हुए कहा कि शुरुआत से ही डिजिटल उद्यमियों को उचित इन्सेंटिव उपलब्ध कराए जाएं। बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि प्रोजेक्ट गंगा ग्रामीण उत्तर प्रदेश में हाई-स्पीड ब्रॉडबैण्ड नेटवर्क पहुँचाने की महत्वाकांक्षी पहल है। इसका उद्देश्य केवल इण्टरनेट उपलब्ध कराना नहीं बल्कि टेलीमेडिसिन, डिजिटल शिक्षा, स्किल डेवलपमेण्ट, ई-गवर्नेंस, डिजिटल रोजगार और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना है। परियोजना के तहत 10 हजार से अधिक युवाओं को डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर (डी0एस0पी0) के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है, जिससे लगभग 50 हजार प्रत्यक्ष और 01 लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने गेहं के इन-हाउस प्रसंस्करण को बढ़ावा देने की रणनीति की समीक्षा करते हुए मण्डी टैक्स और मण्डी शुल्क व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मण्डियों को आधुनिक, स्वच्छ और आकर्षक बनाया जाना चाहिए। मण्डियों में साफ-सफाई, रंगाई-पुताई, पर्वों के दौरान लाइटिंग, अतिक्रमण हटाने और बेहतर प्रबन्धन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने अल नीनो के सम्भावित प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि आगामी वर्षों में फसलों पर इसका असर पड़ सकता है, इसलिए प्रदेश को खाद्यान्न सुरक्षा के लिए अभी से तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य के खाद्यान्न भण्डार पर्याप्त और मजबूत होने चाहिए। बैठक में अवगत कराया गया कि उत्तर प्रदेश, देश का सबसे बड़ा गेहूँ उत्पादक राज्य है। वर्ष 2025-26 में प्रदेश में 372 लाख मीट्रिक टन गेहूँ उत्पादन का अनुमान है, जबकि कुल उपलब्धता 407 लाख मीट्रिक टन तक पहुँचती है। प्रदेश में लगभग 2.88 करोड़ किसान गेहूँ उत्पादन से जुड़े हैं। इसके बावजूद सीमित प्रसंस्करण क्षमता के कारण बड़ी मात्रा में गेहूँ कच्चे अनाज के रूप में दूसरे राज्यों में चला जाता है, जिससे मूल्य संवर्धन, जी0एस0टी0 राजस्व और रोजगार के अवसर प्रदेश से बाहर चले जाते हैं। प्रदेश में 559 रोलर फ्लोर मिल्स हैं, जिनकी कुल मिलिंग क्षमता 218.4 लाख मीट्रिक टन है, लेकिन वास्तविक उपयोग केवल 126.45 लाख मीट्रिक टन तक सीमित है। इसके अलावा, 40 हजार से अधिक आटा चक्कियांँ भी संचालित हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि यदि राज्य के भीतर ही गेहूँ प्रसंस्करण को बढ़ावा मिले तो रोजगार, बिजली खपत, जी0एस0टी0 संग्रह और खाद्य उद्योगों में बड़ा विस्तार हो सकता है। समिति ने सुझाव दिया कि उत्तर प्रदेश में पंजीकृत मिलों द्वारा राज्य के भीतर प्रसंस्करण हेतु खरीदे गए गेहूँ पर मण्डी शुल्क एवं विकास उपकर में छूट दी जाए, लेकिन व्यापारिक गतिविधियों पर यह छूट लागू न हो।
लखनऊ में बढ़ते अतिक्रमण और उससे प्रभावित यातायात व्यवस्था को लेकर नगर निगम ने बुधवार को सख्त अभियान चलाया। नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देश पर अलग-अलग जोनों में कार्रवाई करते हुए सड़क और फुटपाथ पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया। इस दौरान कई अस्थायी ढांचे तोड़े गए और सामान जब्त किया गया। कपूरथला पर चला बुलडोजरनगर निगम जोन-3 में जोनल अधिकारी मनोज यादव की अगुवाई में 296 टीम ने कपूरथला चौराहे से प्रगति बाजार तक विशेष अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान सड़क और फुटपाथ पर बने 8 पक्के अतिक्रमण हटवाए गए। इसके अलावा एक काउंटर, एक ठेला और एक जनरेटर समेत अन्य सामान जब्त किया गया। दुकानदारों को दोबारा अतिक्रमण न करने की चेतावनी भी दी गई। 296 लोगों की टीम रही मौजूदवहीं जोन-7 में जोनल अधिकारी रामेश्वर प्रसाद की अगुवाई में लेखराज मार्केट से नीलगिरी चौराहे तक अभियान चलाया गया। इस दौरान नाली, नालों और सड़क किनारे रखे सामान और अवैध ढांचों को हटाया गया। नगर निगम टीम ने एक मेज, पानी का ड्रम, दो कुर्सियां और दो भगोने जब्त किए। साथ ही चार लोहे के काउंटर, दो ठेले, तीन ठेलियां और चार गुमटियां हटाई गईं।अभियान में कर अधीक्षक विनय मौर्य, ईटीएफ टीम और 296 टीम के कर्मचारी मौजूद रहे। नगर निगम ने साफ किया कि शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
दमोह में फर्जी MBBS डिग्री के सहारे नौकरी करने के मामले का मास्टरमाइंड हीरा सिंह कौशल पुलिस की पकड़ में आ गया है। दमोह पुलिस ने उसे बुधवार को भोपाल के कोहेफिजा इलाके से गिरफ्त में लिया। एसपी आनंद कलादगी ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संजीवनी क्लिनिकों में फर्जी डिग्री से नौकरी कर रहे ऐसे डॉक्टर्स की संख्या 50 से ज्यादा हो सकती है। हीरा सिंह ने नेटवर्क में शामिल कई लोगों के नाम का खुलासा किया है। इनकी तलाश में पुलिस की टीमें भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, धार, मंडला और जबलपुर में दबिश दे रही हैं। बता दें कि हीरा सिंह को मिलाकर मामले में अब तक कुल चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इससे पहले गिरफ्तार डॉ. कुमार सचिन यादव, डॉ. राजपाल गौर और डॉ. अजय मौर्य को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें और दो दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया गया। पुलिस जांच में पता चला है कि हीरा सिंह कौशल ही इस पूरे गिरोह को चला रहा था। उसने सबसे पहले अजय मौर्य की फर्जी डिग्री बनवाई थी। फिर अजय के जरिए कुमार सचिन यादव और राजपाल गौर ने भी फर्जी डिग्री और रजिस्ट्रेशन बनवाकर सरकारी नौकरी हासिल कर ली। दूसरे डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन नंबर पर कर रहे थे नौकरी इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ, जब दमोह सीएमएचओ डॉ. राजेश अठ्या ने गोपनीय सूचना के बाद इन तीनों डॉक्टर्स की डिग्रियों की जांच करवाई। मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल की जांच में राजपाल गौर का रजिस्ट्रेशन फर्जी निकला। उसने साल 2018 के एक पुराने रजिस्ट्रेशन नंबर को बदलकर 2023 का बना लिया था। असल में वह रजिस्ट्रेशन नंबर डॉ. अभिषेक यादव का था, जो नर्मदापुरम में पदस्थ हैं। जांच के दौरान ये भी खुलासा हुआ है कि तीनों आरोपियों ने 8 से 10 लाख रुपए में MBBS की फर्जी डिग्री और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया का फर्जी रजिस्ट्रेशन खरीदे थे। सचिन यादव और राजपाल गौर दमोह के सरकारी आरोग्य केंद्र और संजीवनी क्लिनिक में काम कर रहे थे। वहीं, अजय मौर्य पिछले ढाई साल से जबलपुर में संजीवनी अस्पताल में डॉक्टर के रूप में काम कर रहा था। फर्जी डिग्री मामले में जीवाजी यूनिवर्सिटी और रीवा मेडिकल कॉलेज का नाम भी सामने आ रहा है। NHM भोपाल को नियुक्ति रद्द करने लिखा पत्र जांच में सामने आया कि डॉ. सचिन यादव के पास बीडीएस की असली डिग्री है। वह करीब पांच महीने पहले संजीवनी क्लिनिक में नियुक्त हुआ था। वहीं, राजपाल गौर करीब एक साल से काम कर रहा था। उसके पास बीएचएमएस की डिग्री मिली है। दमोह सीएमएचओ डॉ. राजेश अठ्या ने बताया कि फर्जी डॉक्टरों की नियुक्ति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के माध्यम से हुई थी। नियुक्ति रद्द करने का अधिकार भी NHM के पास है। उन्हें इस बारे में पत्र लिखा गया है। दमोह जिले के सभी डॉक्टरों की डिग्रियों की होगी जांच मामला सामने आने के बाद दमोह के स्वास्थ्य विभाग ने जिलेभर में डॉक्टरों की डिग्रियों की जांच के आदेश जारी किए हैं। सीएमएचओ कार्यालय के अनुसार, शहर में कुल 6 संजीवनी क्लिनिक संचालित हैं, जिनमें 4 डॉक्टर तैनात हैं। इनमें से दो डॉक्टर फर्जी पाए गए, जबकि दो की डिग्रियां सही मिली हैं। अब दमोह जिले में सभी रेगुलर, NHM और बॉन्ड वाले डॉक्टरों के दस्तावेजों की जांच की जाएगी। आंकड़ों के मुताबिक, जिला अस्पताल में 38, NHM में 15 और ब्लॉक स्तर पर करीब 28 डॉक्टर तैनात हैं। स्वास्थ्य विभाग सभी की डिग्रियों और रजिस्ट्रेशन की जांच कर रहा है। यह खबर भी पढ़ें… एक नाम-दो डॉक्टर, सरकारी अस्पताल में 15 साल से फर्जी इलाज मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक ही एमबीबीएस डिग्री पर दो डॉक्टर 15 साल से ज्यादा समय से सरकारी नौकरी कर रहे हैं। दोनों ने करोड़ों की सैलरी ली और सरकारी अस्पतालों में इलाज के साथ निजी क्लीनिक भी चलाए। सबसे चौंकाने वाली बात है कि विभाग को इसकी भनक नहीं है। पढ़ें पूरी खबर…
मेरठ के युवा लेखक और उद्यमी आशीष सिंह रुद्रा का चयन नेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स सम्मान के लिए किया गया है। उन्हें “वास्तविक जीवन के अनुभवों पर आधारित आत्मकथात्मक उद्यमिता पुस्तक प्रकाशित करने वाले सबसे युवा भारतीय लेखक” श्रेणी में सम्मानित किया जाएगा। इस उपलब्धि के बाद साहित्य और युवा उद्यमिता जगत में खुशी का माहौल है। आशीष सिंह रुद्रा इन दिनों अपनी पुस्तक ‘द वायरल ओनर’ को लेकर चर्चा में हैं। यह पुस्तक संघर्ष, चुनौतियों, आत्मविश्वास और उद्यमिता की वास्तविक यात्रा पर आधारित है। इसमें उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों को सरल और प्रेरणादायक अंदाज में प्रस्तुत किया है, जिससे युवा वर्ग खुद को जुड़ा हुआ महसूस कर रहा है। कम उम्र में वास्तविक जीवन पर आधारित आत्मकथात्मक उद्यमिता पुस्तक प्रकाशित करना एक बड़ी उपलब्धि माना गया। इसी वजह से उनका चयन इस राष्ट्रीय सम्मान के लिए किया गया है। उनकी सफलता अब युवाओं के लिए प्रेरणा बनती जा रही है। विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर उनकी पुस्तक का भव्य विमोचन भी किया गया था। कार्यक्रम में सामाजिक, साहित्यिक और जनप्रतिनिधि वर्ग से जुड़े कई लोग मौजूद रहे। इसके बाद से लगातार विभिन्न मंचों और मीडिया में उनकी पुस्तक और यात्रा की सराहना हो रही है। आशीष सिंह रुद्रा ने कहा कि उनका उद्देश्य सिर्फ पुस्तक लिखना नहीं, बल्कि युवाओं को संघर्षों के बीच आगे बढ़ने की प्रेरणा देना है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य के प्रति समर्पण हो तो सीमित संसाधनों में भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। मेरठ समेत पूरे उत्तर प्रदेश में इस उपलब्धि को गर्व के रूप में देखा जा रहा है। साहित्य और उद्यमिता के क्षेत्र में युवा लेखक की यह पहचान आने वाले समय में कई युवाओं को लेखन, आत्मविकास और सकारात्मक सोच की दिशा में प्रेरित कर सकती है।
प्रदेश में बिजली की नई टैरिफ दर तय करने से पहले नियामक आयोग ने बुधवार को राज्य सलाहाकार समिति की बैठक की। बैठक में स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट पर सबसे अधिक बहस हुई। बिजली कंपनियों की ओर से प्रस्तावित दरों का ये कहते हुए विरोध किया गया कि 51 हजार करोड़ रुपए पहले ही इन बिजली कंपनियों पर आम उपभोक्ताओं का सरप्लस है। ऐसे में बिजली की दरों में 10 प्रतिशत की कमी करनी चाहिए। घरेलू उपभोक्ताओं पर भी TOD टैरिफ लागू कराना चाहती हैं प्रदेश की बिजली कंपनियों ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 16,448 करोड़ रुपए का कृत्रिम गैप दिखाकर दरें बढ़ाने की नियामक आयोग के समक्ष याचिका दायर की है। कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं पर भी TOD टैरिफ लागू करने की याचिका में मांग की है। TOD टैरिफ बिजली बिलिंग की एक ऐसी प्रणाली है, जिसमें दिन के अलग-अलग समय के अनुसार बिजली की दरें (प्रति यूनिट चार्ज) बदलती हैं। इसके तहत सामान्य घंटों में सामान्य रेट, पीक आवर्स (अधिक मांग के समय) में महंगी बिजली, और ऑफ-पीक आवर्स (कम मांग के समय) में सस्ती बिजली मिलती है। स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट को लेकर उपभोक्ता परिषद का सवाल सलाहकार समिति की बैठक में उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर योजना पर सवाल उठाया। कहा कि 3,838 करोड़ रुपए का बोझ उपभोक्ताओं पर डालने की कोशिश की जा रही है, जो केंद्र सरकार की नीति के खिलाफ है। योजना की लागत 18,885 करोड़ से बढ़कर 27,342 करोड़ रुपए हो गई है, यानी करीब 9 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ उपभोक्ताओं पर डालने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने तुरंत इस प्रोजेक्ट तत्काल खारिज करने की मांग की। नोएडा पावर कंपनी की कैग से जांच कराएं परिषद अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने नोएडा पावर कंपनी पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कंपनी को अगले कई वर्षों तक 10 प्रतिशत रिबेट जारी रखनी चाहिए। साथ ही कंपनी में बड़े घोटालों की सीएजी से जांच कराई जाए। कंपनी गलत आंकड़े दिखाकर मुनाफा कमा रही है। परिषद ने रोस्टर व्यवस्था तुरंत समाप्त करने और पूरे प्रदेश में सभी उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली देने की मांग की। साथ ही 35 लाख छोटी दुकानें चलाने वाले गरीब परिवारों को घरेलू कनेक्शन पर ही रोजगार चलाने की इजाजत देने की मांग रखी। बिजली विभाग में मैनपावर की कमी दूर करें उपभोक्ता परिषद ने बिजली विभाग में भारी स्टाफ की कमी दूर करने के लिए तत्काल भर्ती शुरू करने का भी प्रस्ताव दिया। 51 हजार करोड़ रुपए से अधिक का सरप्लस जमा होने के बावजूद बिजली दरें बढ़ाने की साजिश पर उपभोक्ता परिषद ने सख्त एतराज जताया। कहा कि यह उपभोक्ताओं के साथ धोखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि वास्तविक सरप्लस समायोजित किया जाए तो बिजली दरों में एकमुश्त 45 प्रतिशत कमी की जा सकती है। या अगले पांच साल तक हर साल 8 से 10 प्रतिशत की कमी की जा सकती है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर जोन ने यात्रियों की सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। गाड़ी संख्या 18237/18238 कोरबा-अमृतसर-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में अस्थायी रूप से एक अतिरिक्त एसी-3 कोच जोड़ा जा रहा है। रेल प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह सुविधा गाड़ी संख्या 18237 कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में 21 मई से 24 मई तक और फिर 26 मई से 29 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इसी तरह, गाड़ी संख्या 18238 अमृतसर-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में यात्री 23 मई से 26 मई तक और 28 मई से 31 मई 2026 तक इस अतिरिक्त कोच का लाभ उठा सकेंगे।
सीकर में सांसद, विधायकों और कलेक्टर की मौजूदगी में हुई बैठक में एयर कंडीशनर (AC) नहीं चला। इस बीच सभी सदस्यों को गर्मी लगने लगी तो कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने चुटकी लेते हुए कहा लगता है कि कलेक्टर हमें जल्दी रवाना करना चाहते हैं। सीकर के कलेक्ट्रेट सभागाार में दिशा (जिला विकास समन्वय व निगरानी समिति) की बुधवार को बैठक हुई। इसमें 1 सांसद, 5 विधायक, कलेक्टर, ASP समेत कई सरकारी अधिकारियों और जनप्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक में पुरानी टूटी सड़कों से लेकर कई मुद्दों पर चर्चा हुई। अफसरों की कार्यशैली पर नाराज हुए जनप्रतिनिधि सीकर जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला विकास समन्वयक एवं निगरानी समिति यानी दिशा की बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता सीकर सांसद अमराराम ने की। बैठक में बिजली, सड़क, पेयजल, शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सहित विभिन्न विभागों की सरकारी योजनाओं और कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान कई मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। डोटासरा बोले- पिछली बैठक के मुद्दों पर नहीं हुई कार्रवाई बैठक के दौरान पीसीसी चीफ और लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंदसिंह डोटासरा और सांसद अमराराम ने कई विभागों के अधिकारियों को फटकार लगाई। डोटासरा ने कहा- पिछली दिशा बैठक में उठाए गए मुद्दों पर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने अधिकारियों पर जनप्रतिनिधियों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा- जब अधिकारी जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेते तो जनप्रतिनिधियों को क्या समझेंगे। बैठक में कई विभागों के अधिकारी बिना तैयारी के पहुंचे। इस पर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई और जवाबों को असंतोषजनक बताया। वहीं जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने सभी अधिकारियों को सरकार की योजनाओं का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए। बैठक में सीकर विधायक राजेंद्र पारीक, खंडेला विधायक सुभाष मील, नीमकाथाना विधायक सुरेश मोदी, फतेहपुर विधायक हाकम अली खान सहित कई जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही एडीशनल एसपी तेजपाल सिंह और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। पीसीसी चीफ व लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंदसिंह डोटासरा ने मीडिया से बातचीत करते हुए अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि 10 महीने पहले हुई दिशा बैठक में जिन समस्याओं और प्रस्तावों पर चर्चा हुई थी, उनकी पालना रिपोर्ट तक अधिकारी सही तरीके से प्रजेंट नहीं कर पाए। डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय स्वीकृत कई बजट घोषणाओं की टाइमलाइन समाप्त हो चुकी है, लेकिन विभाग अब तक काम पूरे नहीं कर पाए हैं। नई बजट घोषणाओं पर भी काम शुरू नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि सीकर जिले में पेयजल संकट गंभीर स्थिति में है, लेकिन उसके समाधान के लिए कोई ठोस रोडमैप या स्वीकृतियां नजर नहीं आ रही हैं। विधायक और सांसद कोटे के काम भी आगे नहीं बढ़ पाए हैं। डोटासरा ने अधिकारियों पर बिना तैयारी बैठक में आने का आरोप लगाते हुए कहा कि केवल देख लेंगे और करवा देंगे जैसे जवाब दिए जा रहे हैं, जबकि कई काम 10-10 महीने से लंबित पड़े हैं। डोटासरा ने कहा कि आज सीकर जिले में बिजली, पानी, चिकित्सा, सड़क सहित लगभग हर विभाग की स्थिति खराब है। नीमकाथाना जिला अस्पताल करीब एक साल से केवल उद्घाटन का इंतजार कर रहा है, इस वजह से अस्पताल तैयार होने के बावजूद शुरू नहीं किया जा रहा।प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह चरमरा चुका है और आमजन परेशान है। आज सभी जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं उठाई हैं। सांसद अमराराम ने भरोसा दिलाया है कि आगामी 3 माह बाद होने वाली बैठक से पहले अधिकांश समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। सांसद अमराराम ने जिले में पेयजल संकट को सबसे बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि वर्ष 2021 से चूरू और झुंझुनूं क्षेत्र की पेयजल योजनाओं पर कोई ठोस काम नहीं हुआ है। जल जीवन मिशन की कई स्वीकृतियां वर्ष 2028 तक की हैं, लेकिन धरातल पर काम बेहद धीरे चल रहा है। सीकर जिले में बड़ी संख्या में ट्यूबवेल खोदे गए, लेकिन अब तक केवल 6 ट्यूबवेलों के कनेक्शन ही हो पाए हैं। मनरेगा और सांसद निधि के कामों की स्वीकृति महीनों पहले होने के बावजूद जनता को लाभ नहीं मिल रहा है। प्रदेश सरकार योजनाओं के लिए पर्याप्त बजट जारी नहीं कर रही और केवल जांच के नाम पर काम चलाया जा रहा है। खंडेला विधायक सुभाष मील ने कहा कि आज की मीटिंग में बिजली-पानी-सड़क और चिकित्सा के क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावाें पर काम शुरू होंगे। प्रदेश सरकार की योजनाएं आम जनकल्याण के लिए कटिबद्ध हैं। विपक्ष के जनप्रतिनिधियों ने भी मीटिंग में अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों के लिए विकास कार्यों के प्रस्ताव दिए हैं। बिना किसी भेदभाव के समग्र विकास का काम किया जाएगा। नीमकाथाना विधायक सुरेश मोदी ने कहा कि राज्य सरकार ने DMFT का बजट जारी करने पर अनावश्यक रूप से रोक लगा दी है, जबकि DMFT के बजट पर राज्य सरकार की कोई स्वीकृति की जरूरत नहीं होती है। पिछले डेढ़ साल से DMFT का कोई काम नहीं हुआ है। जहां खनन होगा वहां अवैध खनन होगा। वैध खनन को प्रोत्साहित नहीं करोगे तो अवैध खनन बढ़ेगा। भूख लगने पर रोटी नहीं दोगे तो दूसरे तरीके से भूख मिटाई जाएगी। मकान बनाते समय बजरी की जरूरत होती है। बजरी की लीज नहीं होगी तो अवैध खनन बढ़ेगा, जिससे जनता पर रॉयल्टी की मार पड़ेगी। फतेहपुर विधायक हाकम अली ने कहा कि आज की मीटिंग में कोई भी अधिकारी संतोषप्रद जवाब नहीं दे सका। 10 महीने पहले हुई दिशा की बैठक के मुद्दों का अधिकारी जवाब नहीं दे सके। 5 साल पहले कांग्रेस के शासन में जो सड़कें बनी थीं, वह पूरी तरह टूट चुकी है। यहां तक कि MLA फंड के पैसे का काम भी नहीं हो रहा है। कुछ सड़कों के ठेकेदार भाग गए, पहले अधिकारी से ठेकेदार डरते थे अब उल्टा हो रहा है ठेकेदार अधिकारियों पर हावी हो रहे हैं।
‘वायरल गर्ल’ ने खुद को बालिग साबित करने के लिए बुधवार को अपने पति के साथ इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। दावा किया है कि उनकी शादी को अपराध की श्रेणी में लाने के लिए सरकारी जन्म प्रमाण पत्र में फर्जी बदलाव किए गए। उन्हें नाबालिग दिखाने की कोशिश की गई। याचिका में कहा गया है कि मूल जन्म प्रमाण पत्र को बिना नोटिस और कानूनी प्रक्रिया के सरकारी पोर्टल से हटा दिया गया। उसकी जगह कथित रूप से गलत जन्मतिथि दर्ज कर दी गई। साजिश कर नाबालिग दिखाया गया। मूल जन्म प्रमाण पत्र बहाल करने और सरकारी रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की स्वतंत्र जांच की मांग की है। फिल्म शूटिंग के दौरान हुई थी मुलाकात याचिका के अनुसार, वायरल गर्ल की मुलाकात केरल में फिल्म शूटिंग के दौरान एक युवक से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और मार्च 2026 में दोनों ने शादी कर ली। खरगोन जिले की रहने वाली लड़की पिछले साल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरों के कारण चर्चा में आई थीं। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने जताई थी आपत्ति मामला उस समय विवादों में आया, जब राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने विवाह पर आपत्ति जताई। आयोग का दावा था कि शादी के समय वायरल गर्ल की उम्र 16 वर्ष थी और विवाह के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद खरगोन पुलिस ने वायरल गर्ल के पति के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। हालांकि, 20 अप्रैल 2026 को केरल हाईकोर्ट ने युवक की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। ‘लव जिहाद’ बताकर माहौल बिगाड़ने का आरोप याचिका में आरोप लगाया गया है कि उनके पिता और कुछ अन्य लोगों ने सोशल मीडिया पर पति के खिलाफ भड़काऊ और द्वेषपूर्ण प्रचार किया। व्यक्तिगत विवाह को ‘लव जिहाद’ जैसे संवेदनशील शब्दों से जोड़कर सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई, ताकि सामाजिक माहौल प्रभावित हो सके। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह उनका निजी और कानूनी विवाह है, लेकिन इसे सोशल मीडिया पर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। वकील बोले- रिकॉर्ड में फर्जी बदलाव किए गए वायरल गर्ल के वकील बीएल नागर ने आरोप लगाया कि पिता ने विवाह का विरोध करने के लिए सरकारी रिकॉर्ड और जन्म प्रमाण पत्र में फर्जी बदलाव करवाए। मूल दस्तावेज को सरकारी पोर्टल से हटाकर नया रिकॉर्ड तैयार किया गया, ताकि उन्हें कानूनन नाबालिग साबित किया जा सके। वकील के मुताबिक, शादी के समय वायरल गर्ल बालिग थीं। दोनों ने अपनी मर्जी से केरल में विवाह किया था। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ही पति के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कराया गया, जिस पर केरल हाईकोर्ट पहले ही गिरफ्तारी पर रोक लगा चुका है। स्वतंत्र जांच की मांग याचिका में मांग की गई है कि मूल जन्म प्रमाण पत्र दोबारा बहाल किया जाए। बिना कानूनी प्रक्रिया के सरकारी पोर्टल से दस्तावेज हटाने वाले लोगों के खिलाफ स्वतंत्र जांच कर कार्रवाई की जाए। इंदौर खंडपीठ में मामले पर जल्द सुनवाई हो सकती है। 29 अप्रैल को डायरेक्टर के खिलाफ केरल में दर्ज कराई थी FIR वायरल गर्ल ने 29 अप्रैल 2026 को डायरेक्टर सनोज मिश्रा और तीन अन्य के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में FIR कराई थी। FIR के बाद केरल की एर्नाकुलम सेंट्रल पुलिस ने केस दर्ज जांच शुरू कर दी है। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि जब वह नाबालिग थी, तब डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने फिल्म 'द डायरी ऑफ मणिपुर' की शूटिंग के दौरान उसके साथ दुर्व्यवहार किया था। मिश्रा ने उसे एक्टिंग के मौके देने का झांसा देकर उसका शोषण किया। आरोपियों में केरल के विहिप नेता और वकील अनिल विलायल भी शामिल हैं। पीड़िता ने उन पर सोशल मीडिया पर बदनामी करने का आरोप लगाया है। दो अन्य आरोपियों के नामों का फिलहाल खुलासा नहीं हो पाया है। फिल्म डायरेक्टर बोले- आरोप सोची-समझी साजिश उधर, फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा ने इन आरोपों को सोची-समझी साजिश बताया है। दावा किया कि उन्हें 'लव जिहाद' जैसे मुद्दों पर आवाज उठाने के कारण निशाना बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई थी। मिश्रा ने आरोप लगाया कि उनकी फिल्म की अभिनेत्री को बहला-फुसलाकर केरल पहुंचाया गया। नाबालिग लड़की से फर्जी कागजों के आधार पर शादी की गई। अब मामले में आवाज उठाने पर उन्हें ही झूठे केस में फंसाया जा रहा है।
रोहतक पुलिस ने पुणे (महाराष्ट्र) में फर्नीचर कारोबारी से 2 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने के मामले में 3 आरोपियों को हरिद्वार से काबू किया। आरोपियों को काबू करके पुणे पुलिस के हवाले किया गया है। रंगदारीना देने पर आरोपियों ने फर्नीचर हाउस पर फॉयरिंग की थी। अब पुणे पुलिस मामले में आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस प्रवक्ता मनीष ने बताया कि पुणे महाराष्ट्र स्थित एजे फर्नीचर हाउस के मालिक से किसी गैंग के सदस्य द्वारा फोन कॉल के माध्यम से 2 करोड़ रुपए रंगदारी मांगी गई थी। रंगदारी ना देने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। आरोपियों द्वारा 16 मई को एजे फर्नीचर हाउस पर फॉयरिंग भी की गई। इस मामले में थाना रावेत (ठाणे) में विभिन्न धाराओं में केस दर्ज है। हरिद्वार से पकड़े तीनों आरोपी पुलिस प्रवक्ता मनीष ने बताया कि CIA-1 स्टाफ निरीक्षक कुलदीप सिंह के मार्गदर्शन में टीम एक मामले में हरिद्वार गई हुई थी। हरिद्वार में टीम ने छापेमारी करते हुए तीन आरोपियों को काबू किया। आरोपियों की पहचान प्रवीण पुत्र रामनिवास निवासी छज्जन जिला झज्जर व सागर पुत्र अजयपाल निवासी सोनीपत व पंकज पुत्र कुलदीप निवासी ककराना रोहतक के रुप में हुई। आरोपी किसी गेस्ट हाउस में रह रहे थे। वारदात को अंजाम देने की फिराक थे पुलिस प्रवक्ता मनीष ने बताया कि CIA-1 स्टाफ की टीम ने किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे गाड़ी सवार दो युवकों को अवैध हथियार सहित गिरफ्तार किया। आरोपियों से 5 देसी पिस्तौल व 25 रौंद बरामद हुए। आरोपियों की पहचान प्रशांत उर्फ पुष्कर पुत्र धर्मबीर निवासी ब्रहामणवास व आकाश उर्फ गोलू पुत्र अरुण निवासी सांघी के रुप में हुई। दोनों आरोपियों को दो दिन के रिमांड पर लिया गया है।
दमोह के कोतवाली थाना क्षेत्र में धरमपुरा फाटक के पास बुधवार रात एक हार्डवेयर व्यापारी के साथ मारपीट और लूटपाट का मामला सामने आया है। दो लोगों ने मिलकर व्यापारी पर हमला किया और उनका सामान छीन लिया। घायल व्यापारी को उनका भाई इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर गया, जहां पुलिस ने पहुंचकर उनके बयान लिए। हटा नाका के रहने वाले व्यापारी रजनीश उर्फ रानू साहू ने बताया कि उनकी हटा नाका पर ही हार्डवेयर की दुकान है। वे ट्रैक्टर-ट्रॉली में लोहे के सरिया लादकर धरमपुरा फाटक की तरफ जा रहे थे। तभी पीछे से पप्पू उर्फ आशिक और उसका बाप पुल्लि कुरैशी आए। उन्होंने रानू को टोकते हुए पूछा कि सरिया में कुछ बांधा क्यों नहीं है? रानू ने ट्रैक्टर रोककर कहा कि बोरी बांधी थी, शायद कहीं गिर गई होगी। पैसे मांगे और फिर कर दी लूटपाट विवाद के दौरान आरोपियों ने रानू से पैसे मांगे। जब रानू ने अपने भाई को फोन लगाया और भाई के आने में थोड़ी देर हुई, तो दोनों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने रानू की सोने की चेन, अंगूठी और मोबाइल लूट लिया। इतना ही नहीं, उन्होंने बंदूक की बट और लोहे की रॉड से भी रानू पर हमला किया और वहां से भाग निकले। पुलिस ने शुरू की आरोपियों की तलाश घटना की खबर मिलते ही सीएसपी एचआर पांडे और कोतवाली टीआई मनीष कुमार अस्पताल पहुंचे और घायल रानू से पूरी जानकारी ली। सीएसपी ने बताया कि रानू साहू के साथ पुल्लि कुरैशी और उसके बेटे आशिक कुरैशी ने मारपीट की है। इनके बीच पहले भी कोई विवाद हुआ था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश में जुट गई है।
केनोय मेराथन में कनिष्का-आयुष का भारतीय टीम में चयन:दोनों खिलाड़ी आज जापान के लिए हुए रवाना
उदयपुर के कयाकिंग खिलाड़ी कनिष्का कुमावत और आयुष चौधरी का चयन केनोय मेराथन वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय टीम में हुआ है। दोनों खिलाड़ी आज दिल्ली से भारतीय दल के साथ चीन रवाना हुए। राजस्थान कायकिंग एवं कैनोइंग संघ के सचिव दिलीप सिंह चौहान ने बताया कि खिलाड़ियों के चयन से पूरे उदयपुर में उत्साह का माहौल है। रवानगी से पूर्व संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी और पूर्व मेवाड़ राजपरिवार सदस्य डॉ. लक्ष्यराजसिंह मेवाड़ ने दोनों खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी। संघ चेयरमैन चंद्रगुप्त सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और संघ की कड़ी मेहनत का परिणाम है। उन्होंने उदयपुर में वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि पर्याप्त संसाधन मिलने पर यहां से और अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं। वहीं, चयनित दोनों खिलाड़ियों ने खिलाड़ियों ने अपनी सफलता का श्रेय संघ के पदाधिकारियों, प्रशिक्षकों और साथी खिलाड़ियों को दिया है। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद मिले तकनीकी मार्गदर्शन और सहयोग के लिए सभी का आभार जताया।
नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर बुधवार को राजधानी जयपुर में NSUI ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। गुर्जर की थड़ी से त्रिवेणी नगर चौराहे तक निकाले गए विरोध मार्च में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी (या जो भी वर्तमान अध्यक्ष हों) और स्थानीय नेताओं के साथ विनोद जाखड़ भी मौजूद रहे। विरोध मार्च के दौरान युवाओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर 'पेपर लीक बंद करो', 'छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो' और 'NTA जवाब दो' जैसे नारे लगा रहे थे। मार्च के चलते कुछ समय के लिए गोपालपुरा बाईपास और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। पेपर माफिया और NTA की मिलीभगत से टूटे युवाओं के सपने छात्रों को संबोधित करते हुए विनोद जाखड़ ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण आज गरीब, किसान और मजदूर वर्ग के लाखों होनहार युवाओं के सपने चकनाचूर हो गए हैं। जाखड़ ने गंभीर आरोप लगाया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और पेपर माफिया की मिलीभगत के चलते परीक्षाओं की गोपनीयता बार-बार भंग हो रही है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यह केवल इस साल की समस्या नहीं है, बल्कि पूर्व में भी कई बार नीट पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई के अभाव में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ का यह सिलसिला थम नहीं रहा है। जवानों को 'कॉकरोच' समझने वाली व्यवस्था को उखाड़ फेंकेंगे युवा विनोद जाखड़ ने कहा- कहा, इस देश के नौजवानों को कॉकरोच कहा जाता है, लेकिन यही नौजवान एक दिन इस भ्रष्ट और तानाशाही व्यवस्था के खिलाफ खड़े होंगे। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक संगठन का विरोध जारी रहेगा।
बांदा जिला अस्पताल के डायलिसिस केंद्र प्रभारी पर एक महिला तीमारदार से छेड़खानी का आरोप लगा है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला कमासिन कस्बे की युवती से जुड़ा है। युवती ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसके पिता की किडनी खराब है और वह पिछले दो वर्षों से जिला अस्पताल में उनका डायलिसिस करा रही है। इसी दौरान डायलिसिस केंद्र प्रभारी जितेंद्र सिंह कथित रूप से उसके साथ अभद्रता और छेड़खानी करते थे। बाथरूम से निकलने पर रोककर अश्लील हरकत पीड़िता के मुताबिक, 26 फरवरी को वह अपने पिता का डायलिसिस कराने अस्पताल पहुंची थी। आरोप है कि उसी दौरान आरोपी ने बाथरूम से निकलते समय उसे रोककर अश्लील हरकत की। युवती का कहना है कि जब भी वह विरोध करती थी तो आरोपी अपने कर्मचारियों से उसके पिता का डायलिसिस न करने के लिए कहता था। युवती ने बताया कि उसने इस मामले की शिकायत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से भी की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, डायलिसिस केंद्र प्रभारी जितेंद्र सिंह ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि युवती बिना नंबर के डायलिसिस कराने का दबाव बना रही थी और मना करने पर झूठे आरोप लगा रही है। शहर कोतवाली प्रभारी बलराम सिंह ने बताया- युवती की तहरीर के आधार पर डायलिसिस केंद्र प्रभारी के खिलाफ छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई करेगी।
मेरठ में नगर निगम मेरठ के प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन आंदोलन की तैयारी कर ली थी। लेकिन इसी बीच बुधवार को महापौर हरिकांत आहलुवालिया और अपर नगर आयुक्त लवी त्रिपाठी की ओर से लिखित वार्ता के आश्वासन के बाद 22 मई से प्रस्तावित चरणबद्ध आंदोलन को पांच दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। भारतीय संविदा आउटसोर्सिंग कर्मचारी संघ शाखा नगर निगम मेरठ के अध्यक्ष दिनेश सूद के नेतृत्व में बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी महापौर कैंप कार्यालय पहुंचे और धरना-प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। कर्मचारियों ने मांग उठाई कि 20 जून 2023 को महापौर की अध्यक्षता में हुई नगर निगम बोर्ड बैठक में सफाई मजदूरों के हित में पारित प्रस्तावों को तत्काल लागू किया जाए। महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता करते हुए आश्वासन दिया कि पांच दिन बाद उप श्रमायुक्त मेरठ की मौजूदगी में संघ प्रतिनिधियों और नगर निगम प्रशासन के बीच बैठक कर समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। इसके बाद कर्मचारियों से आंदोलन स्थगित करने की अपील की गई। संघ नेताओं ने बताया कि हमने एक बार फिर से अपने अधिकारियों और जनप्रतिनिधायों पर यकीन किया है अब 5 दिन बाद आंदोलन किया जाएगा। इस प्रदर्शन में विनोद कुमार बेचैन, रविंद्र कुमार वैद, शिवकुमार नाज़, राजकुमार तन्हा, लोकेश टंडन, कमल मनोठिया, दीपक मनोठिया, रविंद्र बैरागी, दिनेश लोहरे, नवीन गेहरा सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी और पदाधिकारी मौजूद रहे।
इटावा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में घरेलू सहायिका द्वारा अपने मकान मालिक के घर से धीरे-धीरे लाखों रुपये के जेवर चोरी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 76 हजार 700 रुपये नकद, आधार कार्ड और 70 हजार रुपये के लेनदेन की रसीद बरामद की है। जांच में खुलासा हुआ कि महिला इंस्टाग्राम पर एक युवक के प्रेम जाल में फंस गई थी और चोरी के जेवर बेचकर मिलने वाली रकम अलग-अलग बारकोड और खातों के जरिए उसे भेजती रही। पुलिस जांच में यह युवक भी साइबर ठग निकला। धीरे-धीरे चोरी करती रही घरेलू सहायिका एसएसपी निर्देशन में अपराधियों की गिरफ्तारी और मिशन शक्ति अभियान के तहत थाना सिविल लाइन पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि चोरी की घटना में शामिल महिला सिया देवी हॉस्पिटल कट हाईवे के पास खड़ी है और कहीं जाने की तैयारी में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और महिला को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में महिला ने अपना नाम रूचि पत्नी ज्वाल सिंह कठेरिया निवासी नगला उदई थाना सिविल लाइन बताया। पूछताछ में उसने बताया कि वह शिवा कॉलोनी निवासी मिथलेश सक्सेना के घर घरेलू सहायिका के रूप में काम करती थी। दिसंबर 2025 में उसने घर में रखे चार सोने के कंगन, दो हार, मंगलसूत्र, सोने की चेन, लेडीज अंगूठी और चांदी की पायल को धीरे-धीरे चोरी कर लिया था। गिरफ्तार महिला ने पुलिस को बताया कि इंस्टाग्राम पर उसकी दोस्ती एक युवक से हुई थी। बातचीत बढ़ने के बाद वह उसके प्रभाव में आ गई। इसके बाद उसने चोरी किए गए जेवर अलग-अलग सुनारों और राह चलते लोगों को बेच दिए। जेवर बेचकर जो रकम मिलती थी, उसे विभिन्न खातों और बारकोड के माध्यम से युवक को भेजती रहती थी। महिला ने बताया कि उसके पास बची हुई रकम लेकर वह दिल्ली जाने की तैयारी में थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पुलिस ने महिला के पास से 76 हजार 700 रुपये नकद और 70 हजार रुपये के लेनदेन से जुड़ी रसीद बरामद की है। जांच में प्रेमी निकला साइबर ठग सिविल लाइन थाना प्रभारी कण्व कुमार मिश्रा ने बताया कि महिला सोशल मीडिया के जरिए एक युवक के संपर्क में आई थी। युवक ने उसे अपने प्रेम जाल में फंसाया और धीरे-धीरे उससे पैसे मंगाने लगा। महिला चोरी के जेवर बेचकर लगातार रकम भेजती रही। पुलिस ने जब महिला द्वारा भेजी गई रकम और संबंधित खातों की जांच की तो पता चला कि जिस युवक को वह अपना प्रेमी समझ रही थी, वह वास्तव में साइबर ठग है। पुलिस अब साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क की भी जांच कर रही है। इस मामले में थाना सिविल लाइन में बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक कण्व कुमार मिश्रा, उप निरीक्षक सुरेश चन्द्र, हेड कांस्टेबल जीतू सिंह, कांस्टेबल रामनरेश, महिला कांस्टेबल अंजना और महिला कांस्टेबल खुशी वर्मा शामिल रहीं।
बिलासपुर में दवा विक्रेताओं की प्रदेशव्यापी हड़ताल के कारण बुधवार को शहर सहित जिले की लगभग 1500 दवा दुकानें बंद रहीं। तेलीपारा स्थित होलसेल मार्केट मेडिकल कॉम्प्लेक्स सहित सदर बाजार, गोल बाजार, बुधवारी और पुराना बस स्टैंड जैसे प्रमुख क्षेत्रों की दुकानें बंद रहीं। इस दौरान 5 करोड़ रुपए से अधिक का दवा कारोबार प्रभावित हुआ। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध और विभिन्न मांगों को लेकर एकदिवसीय राष्ट्रव्यापी बंद का आह्वान किया था। इसी के तहत बिलासपुर में भी दुकानें बंद रखी गईं। औषधि विक्रेता संघ के प्रदेश अध्यक्ष राकेश शर्मा ने दावा किया कि प्रदेश भर में 20 हजार से अधिक दवा दुकानें बंद रहीं। दवा विक्रेताओं ने निकाला विरोध मार्च हड़ताल के समर्थन में शहर के दवा विक्रेताओं ने दोपहर तेलीपारा स्थित मेडिकल कॉम्प्लेक्स से जुलूस निकाला। यह जुलूस बस स्टैंड, अग्रसेन चौक, तोरवा होते हुए कलेक्टोरेट पहुंचा। जिला औषधि विक्रेता संघ ने प्रधानमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष राकेश शर्मा, सचिव सच्चिदानंद तिर्थानी, कोषाध्यक्ष हरेंद्र सिंह, संजय महोबे, जय साईं कृष्णा, महासचिव विशाल गोयल, सह सचिव हरपाल सिंह सलूजा और रिकी अजीत वर्मा शामिल थे। दवा दुकानों के बंद रहने से मरीजों को दवाओं के लिए भटकना पड़ा। हालांकि, प्रशासन ने सिम्स, जिला अस्पताल में रेड क्रॉस, शासकीय जेनेरिक दवा दुकानों और अपोलो फार्मेसी के माध्यम से दवाएं उपलब्ध कराने का दावा किया। प्रदेश अध्यक्ष राकेश शर्मा ने बताया कि आपात स्थिति में शिशु भवन को आवश्यक दवाएं उनके द्वारा सप्लाई की गईं। दवा विक्रेताओं ने रैली के दौरान ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने छोटे केमिस्टों के संरक्षण के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। देश भर के दवा विक्रेता नाराज औषधि विक्रेता संघ के प्रदेश अध्यक्ष राकेश शर्मा ने बताया कि ऑनलाइन दवा बिक्री की गलत नीति के कारण देश के लाखों केमिस्ट और दवा विक्रेताओं में असंतोष है। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट और छत्तीसगढ़ राज्य केमिस्ट एवं डिस्ट्रीब्यूटर संगठन के आह्वान पर बिलासपुर जिले के सभी केमिस्टों ने बाइक रैली निकाली और कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला प्रशासन को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। जनस्वास्थ्य के लिए खतरा, बेरोजगारी भी बढ़ेगी दवा विक्रेताओं का कहना है कि ऑनलाइन माध्यम से दवाओं की बिक्री से नशाखोरी और अवैध गर्भपात जैसी दवाओं का गलत इस्तेमाल होगा। बिना प्रिस्क्रिप्शन के दवाओं की घर पहुंच सप्लाई से मरीजों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा पर असर पड़ेगा। वहीं देश भर के लाखों लाइसेंसधारी छोटे दवा दुकानदारों के अस्तित्व में संकट उत्पन्न हो जाएगा। संघ का कहना है कि देश भर में 12 लाख से अधिक दवा दुकानदार हैं और इनके द्वारा करीब एक करोड़ लोगों को रोजगार दिया गया है। ऑनलाइन दवा विक्रय के चलते इनके कारोबार, रोजगार पर बुरा असर पड़ेगा। प्रशासन ने ये तैयारी की थी हड़ताल के दौरान प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के तहत संचालित जन औषधि केंद्र, जिला चिकित्सालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में संचालित धन्वंतरि जेनेरिक मेडिकल स्टोर और रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से संचालित मेडिकल स्टोर खुले रखे गए। इन केंद्रों से आम लोगों को सस्ती और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गईं।
रोहतक के गौड़ ब्राह्मण डिग्री कॉलेज में दो छात्र गुटों के बीच जमकर लाठी डंडे चले। मारपीट के दौरान दो युवकों को गंभीर चोट आई है, जिन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। घायलों का आरोप है कि अभी तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और ना ही कॉलेज प्रशासन की तरफ से आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई की। गौड़ कॉलेज की पार्किंग एरिया में सुबह दो छात्र गुटों के बीच झगड़ा हो गया। एक गुट ने बाहर से अपने दोस्तों व परिवार के लोगों को बुलाकर दूसरे गुट के दो युवकों के साथ जमकर मारपीट की। लाठी डंडों से दोनों युवकों को गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिसके कारण दोनों युवकों के पैर, हाथ व चेहरे पर चोट आई है। घायलों को सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। बीए द्वितीय वर्ष के छात्र ने की मारपीट मारपीट में घायल हुए गांव ककराना निवासी जयहिंद ने बताया कि वह बीए द्वितीय वर्ष का स्टूडेंट है और सुबह वह अपने दोस्तों के साथ कॉलेज की पार्किंग एरिया में खड़ा था। इसी दौरान उसी की क्लास का स्टूडेंट अरुण अपने दोस्तों व परिवार के साथ हथियारों से लैस होकर आया और आते ही मारपीट शुरू कर दी। जयहिंद ने बताया कि उसकी अरुण के साथ कोई रंजिश नहीं है और ना ही पहले किसी बात को लेकर कोई झगड़ा हुआ। आज सुबह आते ही अरुण ने हवाबाजी करते हुए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया और विरोध करने पर बाहर से युवकों को बुलाकर मारपीट की। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी। अरुण ने आते ही मारपीट करना शुरू कियागांव मोखरा हाल कलानौर निवासी घायल अजय ने बताया कि वह बीए प्रथम वर्ष का स्टूडेंट है। सुबह दोस्तों के साथ कॉलेज की पार्किंग में खड़ा था। इसी दौरान 10-12 लोग आए और आते ही मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने उसके पैर, हाथ, आंख के पास गंभीर रूप से चोट मारी है। वह आरोपियों को नहीं जानता और ना ही मारपीट की वजह जानता। घायल अजय ने बताया कि सुबह से सिविल अस्पताल में एमएलआर कटवा रखी है लेकिन अभी तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस उनके बयान तक लेने नहीं आई है। शायद पुलिस पर किसी का दबाव है, जिसके कारण अभी तक आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्टूडेंट के बीच का झगड़ा था, कॉलेज के बाहर से ही चले गएगौड़ ब्राह्मण डिग्री कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. जयपाल शर्मा ने बताया कि सुबह स्टूडेंट के बीच कॉलेज के बाहर झगड़ा हुआ था और बाहर से ही वह चले गए। बच्चों के बीच हुए झगड़े के बारे में पुलिस को बताया था, जिसके बाद पुलिस आई थी और मामला निपटा दिया था। पुलिस के पास अभी तक नहीं आई कोई शिकायतसिटी थाना एसएचओ रमेश ने बताया कि सुबह कॉलेज प्रिंसिपल का फोन आया था, जिसके बाद पुलिस कॉलेज गई थी। अभी तक पुलिस के पास कोई लिखित शिकायत नहीं आई है और ना ही कोई रुक्का आया है। जैसे ही शिकायत आएगी, उसके हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अमेठी के युवक की कुवैत में मौत:परिजनों ने शव वापसी की मांग की, सांसद से लगाई गुहार
अमेठी के एक युवक की कुवैत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। करीब एक साल पहले काम करने कुवैत गए इस युवक के परिजनों ने अब शव को स्वदेश वापस लाने की मांग की है। उन्होंने अमेठी सांसद से इस मामले में हस्तक्षेप कर मदद की गुहार लगाई है। मृतक की पहचान अमेठी कोतवाली क्षेत्र के दुबेपुर गांव निवासी फैयाज अली पुत्र रोजई के रूप में हुई है। वह कुवैत में एक दूध डेयरी कंपनी में कार्यरत था। परिजनों को एक दिन पहले साथ रहने वाले दूर के रिश्तेदार तस्लीम ने फोन पर बताया कि फैयाज ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। मौत की खबर सुनते ही परिवार में गम का माहौल छा गया। पिता रोजई ने बताया कि मंगलवार सुबह उन्हें फैयाज के साथ रहने वाले साढ़ू के बेटे ने फोन पर आत्महत्या की जानकारी दी। इसके बाद से उस व्यक्ति का फोन भी नहीं लग रहा है। पिता ने सांसद से बेटे का शव भारत लाने की अपील की है। फैयाज अपने तीन बहनों और एक भाई में सबसे बड़ा था। उसकी बहनों के नाम आसमीना, नजमा और हिना हैं, जबकि भाई का नाम साहिल है। फैयाज की शादी 2020 में जगदीशपुर निवासी रुखसाना बानो से हुई थी। उसके दो बेटे हैं, 5 वर्षीय मो. जिलानी और 3 वर्षीय मो. अरहान। पिता के अनुसार, फैयाज से उनकी आखिरी बार रविवार शाम को बात हुई थी। उस दौरान फैयाज ने परिवार का हालचाल पूछा था।
मंदसौर जिले के गरोठ थाना क्षेत्र के ग्राम सुरजना में पकड़ी गई MD ड्रग्स फैक्ट्री मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे मामले के मास्टरमाइंड हुकुम सिंह सौंधिया राजपूत को सीतामऊ पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी वर्तमान में सरपंच भी बताया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब पुलिस अधीक्षक स्वयं आरोपी से पूछताछ करेंगे। दरअसल 8 फरवरी 2026 को गरोठ पुलिस ने ग्राम सुरजना में धनराज सिकलीगर के खेत स्थित कुएं के पास दबिश देकर अवैध MD ड्रग्स फैक्ट्री पकड़ी थी। कार्रवाई के दौरान दीपक सिकलीगर और सुमित सिकलीगर को गिरफ्तार किया गया था। दोनों आरोपी केमिकल मिश्रण को मशीन से प्रोसेस करते मिले थे। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान मौके से 102 ग्राम MD ड्रग्स, 12 किलो से अधिक केमिकल मिश्रण, गैस सिलेंडर, सेंट्रीफ्यूज मशीन, चूल्हा-भट्टी, मोबाइल फोन सहित बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की थी। मामले में NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच में सामने आया ड्रग्स नेटवर्क पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि फैक्ट्री में उपयोग किए गए केमिकल मुख्य आरोपी प्रधान सिंह द्वारा उपलब्ध कराए गए थे। इसके बाद पुलिस ने मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी प्रधान सिंह को बाद में शामगढ़ पुलिस ने अफीम तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से 1 किलो 245 ग्राम अवैध अफीम बरामद हुई थी। पूछताछ के दौरान ही हुकुम सिंह की भूमिका सामने आई थी। अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस पुलिस सूत्रों के मुताबिक प्रधान सिंह की निशानदेही के बाद पुलिस लगातार हुकुम सिंह की तलाश कर रही थी। अब गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूरे ड्रग्स नेटवर्क, केमिकल सप्लाई और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है। इस मामले में अब तक पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस को उम्मीद है कि हुकुम सिंह से पूछताछ में जिले और आसपास सक्रिय ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
अंबाला के सिटी प्लाजा के पास होटल कारोबारी पर जानलेवा हमला करने और हत्या की साजिश रचने के मामले में कोर्ट ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समप्रीत कौर की कोर्ट ने सभी सात आरोपियों को दोषी मानते हुए 10-10 साल की सजा सुनाई है। प्रत्येक आरोपी पर 20-20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। वहीं, पीड़ित को एक लाख रुपए मुआवजा देने के आदेश दिए गए हैं। सजा के बाद सभी दोषियों को जेल भेज दिया गया। तीन बार के विधायक का बेटा भी शामिल कोर्ट ने अंबाला सिटी निवासी रोहित, देवेंद्र उर्फ टीटू, जितेंद्र उर्फ राजू, अनिल कुमार, लुधियाना निवासी मुख्य शूटर सुखविंदर सिंह उर्फ मोनी, रेकी करने वाला जतिन कुमार और मददगार दर्पण कुमार को दोषी करार दिया। इनमें अनिल कुमार भाजपा के अंबाला सिटी से तीन बार के विधायक रहे मास्टर शिव प्रसाद के बेटा है। 6 दिसंबर 2019 को हुई थी वारदात यह घटना 6 दिसंबर, 2019 की रात करीब 10:30 बजे की है। रेलवे रोड स्थित होटल ग्रैंड के मालिक सेक्टर-7 निवासी राजेश कुमार अहलूवालिया अपनी सेंट्रो कार से घर लौट रहे थे। जैसे ही वह सिटी प्लाजा के पास पहुंचे, बाइक पर आए दो युवकों ने उन्हें रुकने का इशारा किया। कार का शीशा नीचे करते ही मारी गोली जैसे ही कारोबारी ने कार का शीशा नीचे किया, पीछे बैठे युवक ने सीधे सिर पर गोली चला दी। गोली सिर के बाईं ओर लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें नागरिक अस्पताल पहुंचाया। पीजीआई चंडीगढ़ किया रेफर गंभीर हालत के चलते डॉक्टरों ने उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया, जहां इलाज के बाद उनकी जान बचाई जा सकी। इस घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। दुकान खाली कराने को लेकर चल रहा था विवाद जांच में सामने आया कि रेलवे रोड पर शिकायतकर्ता की तीन दुकानें थीं। इन दुकानों में रोहित, देवेंद्र, जितेंद्र और अनिल कुमार किरायेदार थे। दुकान खाली कराने को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था, जिसके चलते आरोपियों ने मिलकर हमले की साजिश रची।
राजस्थान का रावतभाटा क्षेत्र अब प्रोजेक्ट चीता के तहत चीता पुनर्स्थापन के लिए संभावित नए ठिकाने के रूप में उभर रहा है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण यानी (National Tiger Conservation Authority)की ओर से गठित उच्चस्तरीय समिति ने बुधवार को रावतभाटा क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। सीसीएफ सुगनाराम जाट ने बताया कि यह सर्वेक्षण NTCA की 28वीं बैठक में लिए गए फैसले के तहत किया जा रहा है, जिसमें इस क्षेत्र को मेटा-पॉपुलेशन साइट के रूप में विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। समिति में NTCA सदस्य एस. एस. श्रीवास्तव, मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव कोटा सुगना राम जाट, भारतीय वन्यजीव संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. बिपिन, गांधी सागर अभयारण्य के वन मंडल अधिकारी संजय रायखेरे और NTCA के एआईजी पवन जेफ शामिल रहे। टीम ने रावतभाटा रेंज के उस वन क्षेत्र का निरीक्षण किया जो राणा प्रताप सागर बांध के पूर्वी हिस्से में फैला हुआ है। करीब 299 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला यह इलाका प्राकृतिक रूप से पर्वतीय श्रेणियों से घिरा हुआ है। इसके उत्तर में मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिज़र्व और दक्षिण में गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी स्थित होने के कारण यह क्षेत्र महत्वपूर्ण वन्यजीव कॉरिडोर माना जा रहा है। निरीक्षण के दौरान समिति ने वनस्पति, शिकार प्रजातियों की उपलब्धता, मिट्टी की संरचना, जैविक दबाव और अन्य पारिस्थितिकीय पहलुओं का अध्ययन किया। टीम ने राणा प्रताप सागर बांध, गॉर्ज क्षेत्र और आसपास के जंगलों का दौरा करते हुए एकलिंगपुरा और बरखेड़ा मार्ग से गांधी सागर तक निरीक्षण किया। समिति गुरुवार को कुल्थी, जावदा और भैंसरोड़गढ़ क्षेत्र का भी दौरा करेगी। यह सर्वे भविष्य में प्रोजेक्ट चीता के विस्तार और संरक्षण योजनाओं के लिए अहम माना जा रहा है।
रायसेन जिले में अवैध उत्खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ माइनिंग विभाग का अभियान लगातार जारी है। बुधवार को खनिज विभाग ने दो अलग-अलग स्थानों पर छापामार कार्रवाई करते हुए अवैध खनन में उपयोग हो रहे वाहनों को जब्त किया। अधिकारियों के अनुसार बंद पड़ी खदान से पत्थरों की चोरी की जा रही थी। कलेक्टर के निर्देशन में जिला खनिज अधिकारी महेंद्र पटेल और खनिज निरीक्षक अर्चना ताम्रकार ने टीम के साथ कानपोहरा खदान पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान एक हाइड्रा मशीन और फर्शी पत्थर के टुकड़ों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की गई। सांची थाने में रखे गए जब्त वाहन खनिज विभाग ने जब्त वाहनों को सांची थाना पुलिस की अभिरक्षा में रखवाया है। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित वाहनों के खिलाफ मध्यप्रदेश खनिज नियम 2022 के तहत प्रकरण दर्ज कर कलेक्टर न्यायालय में पेश किया जाएगा। इसी अभियान के तहत सत्रावण रेत खदान पर भी कार्रवाई की गई। यहां अवैध उत्खनन में लगे एक ट्रैक्टर-लोडर को जब्त किया गया। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर देर रात श्रद्धालुओं से भरी एक मिनी बस हादसे का शिकार हो गई। डकोर थाना क्षेत्र के फूलपुरा गांव के पास किलोमीटर संख्या 170 पर बस अज्ञात वाहन से टकरा गई। हादसे में सात यात्री घायल हो गए। घटना मंगलवार रात करीब 3:30 बजे की बताई जा रही है। मिनी बस चित्रकूट दर्शन कर राजस्थान लौट रही थी। चालक कमल सिंह राजपूत निवासी लक्ष्मणगढ़, अलवर ने बताया कि ओवरटेक करते समय उसे नींद की झपकी आ गई, जिससे बस अनियंत्रित होकर आगे चल रहे वाहन से टकरा गई। हादसे के समय बस में बच्चों समेत 18 श्रद्धालु सवार थे। टक्कर के बाद बस में चीख-पुकार मच गई। हादसे में चालक कमल सिंह राजपूत के अलावा पप्पू राम गुप्ता (55), कुसुम देवी (50), नीमा देवी (35), रेखा गुप्ता (36), किशन लाल सोनी (55) और जयद्रा (52) घायल हो गए। सभी यात्री राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बास दयाल थाना क्षेत्र के कैराना गांव के निवासी बताए गए हैं। सूचना मिलते ही डकोर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। सभी घायलों को एंबुलेंस के जरिए मेडिकल कॉलेज उरई भेजा गया। डॉक्टरों के मुताबिक सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर है और किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारण एक्सप्रेसवे पर कुछ देर तक यातायात भी प्रभावित रहा।
सहारनपुर के रामपुर मनिहारान कस्बे की शिवपुरी कॉलोनी में बुधवार को मकान के पैसों को लेकर एक पारिवारिक विवाद सामने आया। एक युवक ने अपने सौतेले पिता से कहासुनी के बाद मोहल्ले में हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। शिवपुरी निवासी नीरज का अपने सौतेले पिता अभय राम से मकान और पैसों के लेनदेन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। बुधवार को दोनों के बीच फिर कहासुनी हुई, जो जल्द ही झगड़े में बदल गई। युवक नीरज ने गुस्से में आकर ऊंची आवाज में हंगामा करना शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस हंगामे के कारण कुछ देर के लिए इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन वह लगातार विवाद करता रहा। इसके बाद पुलिस उसे हिरासत में लेकर थाने ले गई। थानाध्यक्ष उम्मेद कुमार ने बताया कि युवक के व्यवहार से क्षेत्र में शांति व्यवस्था बिगड़ने की आशंका थी। इसी के मद्देनजर उसके खिलाफ शांति भंग की धाराओं में कार्रवाई की गई। आरोपी को बाद में कोर्ट में पेश किया गया। रामपुर मनिहारान थाना पुलिस ने गिरफ्तार युवक की पहचान नीरज पुत्र भंवर सिंह निवासी शिवपुरी कॉलोनी के रूप में की है। पुलिस के अनुसार, आरोपी अपने सौतेले पिता से मकान के पैसों की मांग को लेकर विवाद कर रहा था। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक ललित कुमार और हेड कांस्टेबल योगेंद्र सिंह शामिल थे। थाना प्रभारी उम्मेद कुमार ने पुष्टि की कि आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय भेज दिया गया है।
महराजगंज जिला अस्पताल में मौसम में बदलाव और बढ़ती गर्मी के कारण डायरिया और बुखार के मरीजों की संख्या में तेजी आई है। विशेषकर बच्चों में वायरल बुखार और डायरिया के मामले अधिक सामने आ रहे हैं। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राम नवल ने अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि तेज गर्मी और दूषित खानपान बच्चों में डायरिया, उल्टी और बुखार की समस्या बढ़ा रहा है। डॉ. राम नवल के अनुसार, बच्चों को ठंडा और स्वच्छ पानी पिलाना चाहिए तथा उन्हें बाहर का खुला भोजन खाने से बचाना चाहिए। यदि बच्चे को तेज बुखार हो, तो शरीर पर गीले कपड़े से पोछा लगाएं और तुरंत पेरासिटामोल दें। शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए ओआरएस का घोल नियमित रूप से पिलाते रहें। उन्होंने जोर दिया कि बच्चों में लगातार उल्टी, दस्त या तेज बुखार होने पर लापरवाही न बरतें और तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें। जिला अस्पताल में ऐसे मरीजों के इलाज के लिए समुचित व्यवस्था की गई है।
बागपत शहर कोतवाली क्षेत्र के सिसाना गांव के पास तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से एक युवा बॉक्सिंग खिलाड़ी गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे में उसका एक पैर कट गया। घायल खिलाड़ी को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर दिल्ली के हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। घायल खिलाड़ी की पहचान खुशी (17) पुत्री महिपाल निवासी सिसाना गांव के रूप में हुई है। खुशी एक प्रतिभावान बॉक्सिंग खिलाड़ी है, जो दो बार स्टेट लेवल प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी है और 10 से अधिक पदक जीत चुकी है। बताया गया कि खुशी कक्षा 12 की छात्रा है। बुधवार को वह बागपत शहर से इंटरमीडिएट की ट्यूशन पढ़कर अपने गांव लौट रही थी। इसी दौरान रॉन्ग साइड से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि उसका एक पैर कट गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे दिल्ली रेफर कर दिया। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपी चालक की तलाश की जा रही है।
बुरहानपुर जिले के नेपानगर में कल 21 मई को चार घंटे तक विद्युत प्रदाय बाधित रहेगा। यह बिजली कटौती सुबह 08 बजे से दोपहर 12 बजे तक 33-11 केवी नेपानगर सब स्टेशन से जुड़े सभी 11 केवी फीडरों पर लागू होगी। बिजली कंपनी सहायक यंत्री नेपानगर आरके पाटिल ने बताया विद्युत प्रदाय बंद करने का कारण शासन की आरडीएसएस स्कीम के तहत कंडक्टर बदलने का कार्य और टीएसजी टीम द्वारा न्यू 11 केवी सिंचाई फीडर को चार्ज करने के लिए वीसीबी (वैक्यूम सर्किट ब्रेकर) लगाने का कार्य है। इस कटौती से सम्राट अशोक नगर, पुलिस स्टेशन, पावर हाउस कॉलोनी, ई टाइप, मिल गेट, संजय नगर, लेबर कैंप क्षेत्र, भातखेड़ा, अंधारवाड़ी, सातपायरी, बदनापुर, नावथा, चूना भट्टा, मस्क एरिया, एमजी नगर, बुधवारा मार्केट, आदर्श कॉलोनी, तहसील, कोर्ट, बीड़ गांव और 7 नंबर गेट एरिया में घरेलू तथा सिंचाई विद्युत आपूर्ति प्रभावित रहेगी। विद्युत विभाग के अनुसार, कार्य की आवश्यकता के अनुसार विद्युत प्रदाय बंद रहने का समय बढ़ाया या घटाया जा सकता है।
जालौन में किशोरी ने जहरीला पदार्थ खाकर की आत्महत्या:इलाज के दौरान हुई मौत, पुलिस जांच में जुटी
जालौन के कुठौंद क्षेत्र में एक किशोरी की जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो गई। इलाज के दौरान हुई इस मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना थाना सिरसा कलार क्षेत्र के ग्राम टिकरी मुस्तकिल की है। यहां रहने वाली मोलवती उर्फ छोटी पुत्री पिंटू निषाद ने बुधवार दोपहर अज्ञात कारणों से जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजनों को जब उसकी हालत बिगड़ने की जानकारी हुई तो उसे तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुठौंद ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने किशोरी का इलाज शुरू किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण कुछ ही देर बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। बताया गया कि किशोरी ने दोपहर करीब तीन बजे दम तोड़ दिया। मौत की सूचना मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और गांव में शोक का माहौल फैल गया। सूचना पर थाना सिरसा कलार पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए उरई स्थित विच्छेदन गृह भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि किशोरी ने किन परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ का सेवन किया।
बांदा में ट्रैक्टर पलटने से युवक की मौत:ट्रैक्टर से कूदने पर खंती में गिरा, अस्पताल में मृत घोषित
बांदा के बिसंडा थाना क्षेत्र में एक ट्रैक्टर पलटने से 18 वर्षीय युवक राहुल की मौत हो गई। बुधवार सुबह मिट्टी लेने जा रहा ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। राहुल ट्रैक्टर से कूदकर सड़क किनारे खंती में जा गिरा, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। ग्राम तेंदुरा निवासी राहुल को गांव के हनुमान तिवारी ट्रैक्टर चलाने के लिए अपने साथ ले गए थे। गांव के बाहर मिट्टी लेने जाते समय ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित हो गया और उसकी ट्राली पलट गई। ट्राली पलटते देख राहुल घबराकर ट्रैक्टर से कूद गया। ट्रैक्टर से कूदने के कारण राहुल सड़क किनारे खंती में जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों और परिजनों ने उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिसंडा पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद राहुल को मृत घोषित कर दिया। बिसंडा थाना प्रभारी सुखराम सिंह ने बताया कि ट्राली पलटने के दौरान ट्रैक्टर से कूदने पर राहुल के सिर में गंभीर चोट लग गई थी। यही चोट उसकी मौत का कारण बनी। मृतक की चाची राजरानी ने जानकारी दी कि राहुल अपने दो भाइयों में बड़ा था। करीब दो वर्ष पहले एक सड़क दुर्घटना में उसके पिता घनश्याम की भी मृत्यु हो गई थी। राहुल ही परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था।
मुरादाबाद में गागन नदी में नहाने गए दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। दोनों युवक नदी के तेज बहाव में नहाते हुए मोबाइल से वीडियो बना रहे थे। अचानक पैर फिसलने से वे गहरे पानी में समा गए। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों के शवों को नदी से बाहर निकाला। घटना बुधवार दोपहर कुंदरकी थाना क्षेत्र के जैतवाड़े इलाके में हुई। रील बना रहे थे पुलिस के अनुसार, दो युवक दोपहर के समय पास की गागन नदी में नहाने गए थे। वे नदी किनारे नहाते हुए सोशल मीडिया के लिए रील बना रहे थे। वीडियो बनाते समय दोनों युवक धीरे-धीरे किनारे से दूर चले गए। गागन नदी में जलस्तर और पानी का बहाव तेज था, जिसके कारण वे अचानक एक गहरे गड्ढे में चले गए। पानी के तेज बहाव में संतुलन बिगड़ने से दोनों युवक डूबने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने उनकी चीख-पुकार सुनकर तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। गोताखोरों ने बाहर निकाला हादसे की जानकारी मिलते ही कुन्दरकी थाना पुलिस गोताखोरों और बचाव दल के साथ मौके पर पहुंची। नदी में पानी का तेज बहाव होने के कारण बचाव अभियान में काफी समस्या हुई। गोताखोरों की टीम ने लंबे समय तक पानी में सघन तलाशी अभियान चलाया। काफी मशक्कत के बाद दोनों युवकों के शवों को नदी से बाहर निकाला गया। हालांकि, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती कल अमेठी पहुंच रहे हैं। उनका यह दौरा गो संरक्षण और सनातन परंपरा का संदेश देने पर केंद्रित है। उनके अमेठी दौरे को लेकर सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। गौरीगंज स्थित शंकराचार्य कार्यालय में बुधवार की शाम एक बैठक कर यात्रा की रूपरेखा तय की गई थी। अमेठी दौरे के दौरान गौरीगंज के दयालापुर में 108 फीट ऊंची सनातन धर्म ध्वजा की स्थापना का शिलान्यास किया जाएगा। इसके साथ ही रघुपुर में रामा गो-धाम का भी शिलान्यास प्रस्तावित है। गो-धाम की स्थापना से क्षेत्र में गो संरक्षण को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। यह पहल स्थानीय लोगो के लिए गोवंश के प्रति जागरूकता और उनके संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। गो सांसद राकेश तिवारी ने बताया कि शंकराचार्य का अमेठी दौरा ऐतिहासिक होगा। यात्रा के दौरान दुर्गापुर, भादर, अमेठी, गौरीगंज और जगदीशपुर में भव्य स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विभिन्न स्थानों पर पुष्प वर्षा, आरती और कलश यात्रा भी निकाली जाएगी। कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए युवाओं की बाइक यात्रा और महिलाओं की कलश यात्रा निकालने की तैयारी की गई है। आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से कार्यक्रम में शामिल होकर धर्म लाभ लेने की अपील की है। इस मौके पर कृष्णानंद पांडेय, हरिकृष्ण तिवारी, जीत बहादुर यादव, जिलाजीत और अनिल तिवारी समेत अन्य लोग मौजूद रहे। शंकराचार्य के आगमन को लेकर जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
संभल में मुस्लिम लीग की एक बैठक के दौरान पार्टी उपाध्यक्ष मोहम्मद कौसर हयात खान ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में कांग्रेस के साथ गठबंधन की पुष्टि की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयानों की आलोचना की, जिसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई, उन्हें गिरफ्तार किया गया और बाद में जमानत मिली। केरल में कांग्रेस की जीत पर कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर जश्न भी मनाया। बुधवार शाम 6 बजे संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र के मोहल्ला नल स्थित मुस्लिम लीग कार्यालय पर कौसर हयात खान का कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। उपाध्यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों में मुस्लिम लीग कांग्रेस के साथ इंडिया गठबंधन का हिस्सा बनी रहेगी। उन्होंने बताया कि 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए सीटों के बंटवारे पर अभी कोई बातचीत नहीं हुई है, लेकिन भविष्य में इस पर चर्चा होगी। खान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सड़क पर नमाज अदा न करने संबंधी बयान को उनका 'पुराना एजेंडा' बताया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस संबंध में उन्होंने पिछले साल भी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखा था। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ कांग्रेस के रुख का समर्थन किया। कौसर हयात खान ने मुख्यमंत्री द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली भाषा पर भी आपत्ति जताई, जिसे उन्होंने एक मुख्यमंत्री के पद के अनुरूप नहीं बताया। इस आलोचना के परिणामस्वरूप, उनके खिलाफ 6 मई को एफआईआर दर्ज की गई, उन्हें गिरफ्तार किया गया और 8 मई को उन्हें जमानत मिली। मुस्लिम लीग उपाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी का संघर्ष लगातार जारी है। उन्होंने मौजूदा राजनीतिक हालात की तुलना कांग्रेस से की, जो कभी पूरे देश में सत्ता में थी, लेकिन अब विपक्ष में है। उन्होंने जोर दिया कि पार्टी इन बदलते हालात से जूझ रही है और लगातार संघर्ष कर रही है। खान ने यह भी कहा कि इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग 'नफरत का शिकार' हो रहे हैं, और इस स्थिति का मुकाबला करने में न केवल मुस्लिम लीग बल्कि अन्य दल भी खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। मुस्लिम लीग के उपाध्यक्ष मोहम्मद कौसर हयात खान ने बताया कि पार्टी ने केरल और तमिलनाडु में जीत हासिल की है। उन्होंने कहा कि इन दोनों राज्यों में पार्टी सरकार का हिस्सा है, जिससे कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पार्टी के संगठनात्मक दौरे जारी हैं। इस चुनौती का सामना कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी जैसी अन्य पार्टियां भी कर रही हैं, जो इसी वजह से सत्ता से बाहर हो गई हैं और नीचे की ओर जा रही हैं। समाज में एक खास तबके द्वारा फैलाई जा रही इस तरह की नफरत का प्रभावी ढंग से मुकाबला नहीं हो पा रहा है।
बस्ती में छात्रनेता कबीर तिवारी हत्याकांड में कोर्ट सख्त:3 आरोपियों पर जमानती वारंट जारी, 4 को समन
सात साल पुराने छात्रनेता कबीर तिवारी हत्याकांड में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि की अदालत ने पेशी पर अनुपस्थित रहने पर तीन आरोपियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए हैं, जबकि चार अन्य आरोपियों को समन जारी कर अगली सुनवाई में उपस्थित होने का आदेश दिया है। अदालत ने इससे पहले 7 मई को इस मामले से बाहर किए गए सात आरोपियों को बतौर मुलजिम तलब किया था। सभी आरोपियों को 20 मई को अदालत में पेश होना था, लेकिन कोई भी उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद अदालत ने मोहम्मद साद उर्फ सद्दू, साहिल सिंह और इमरान उर्फ शिबू के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया। वहीं अमन प्रताप सिंह, अक्षय प्रताप सिंह, समीर खान और अवनीश सिंह को समन जारी किया गया है। 10 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ था मुकदमा कबीर तिवारी कप्तानगंज थाना क्षेत्र के एंठीडीह गांव के निवासी थे और एपीएन पीजी कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके थे। 9 अक्टूबर 2019 को मालवीय रोड पर दिनदहाड़े गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कुल 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। वादी शिवप्रसाद तिवारी की ओर से दर्ज एफआईआर में कई नामजद आरोपी शामिल थे। वादी पक्ष और शासकीय अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि आरोपी प्रभावशाली हैं। उनके रसूख को देखते हुए पहले मामले की सीबीआई जांच की मांग की गई थी, हालांकि बाद में जांच CBCID को सौंप दी गई। वादी पक्ष का आरोप है कि सीबीसीआईडी ने जांच में देरी करते हुए सात आरोपियों के खिलाफ क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। अब अदालत द्वारा इन आरोपियों को दोबारा तलब किए जाने के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया है।
क्षेत्र के लहुरेटा गांव के पास केन नदी में नहाते समय 19 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान भवाई गांव निवासी सद्दाम पुत्र स्वर्गीय कल्लू के रूप में हुई है। मंगलवार सुबह सद्दाम अपनी बहन सितारा के घर लहुरेटा जाने की बात कहकर निकला था। बताया गया कि बहन के घर पहुंचने के बाद सद्दाम गांव के चार-पांच दोस्तों के साथ केन नदी घूमने गया। सभी दोस्त नदी में नहाने लगे। इसी दौरान सद्दाम गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। साथियों ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सद्दाम को नदी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों के अनुसार, सद्दाम अपने दो भाइयों में सबसे छोटा था। पुलिस ने शव का पंचायतनामा कर रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
राष्ट्रीय लोकदल युवा प्रकोष्ठ में संगठन विस्तार के तहत मेरठ के विकास त्यागी को महानगर महासचिव पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह मनोनयन राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी के निर्देश एवं युवा प्रदेश अध्यक्ष की सहमति से किया गया। पार्टी पदाधिकारियों ने बताया कि की विकास त्यागी को युवाओं के बीच पार्टी की नीतियों और विचारधारा को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी नेतृत्व ने विश्वास जताया कि वह स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह और स्वर्गीय चौधरी अजित सिंह के सिद्धांतों को आगे बढ़ाते हुए संगठन को नई ऊर्जा प्रदान करेंगे। वहीं नई जिम्मेदारी मिलने पर विकास त्यागी ने कहा कि लंबे समय से वह चौधरी चरण सिंह की विचारधारा को अपना कर आगे बढ़ रहे हैं। रालोद सुप्रीमों ने जो जिम्मेदारी दी है उस पर खरा उतर रालोद परिवार को आगे बढ़ाने का काम करूंगा। इस मौके पर विनय प्रधान, ऋचा सिंह, नरेंद्र खजूरी, दिलप्रीत सिंह कोहली, कवल जीत सिंह, अभी सिंघल, कपिल त्यागी भदौली, नीरज त्यागी रजपुरा, जहीर अब्बासी, विवेक बाफर, अभिमन्यु ललसाना, हेमंत चौधरी और राकेश त्यागी खजूरी सहित कई नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने विकास त्यागी को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोनभद्र की खनन पट्टा ई-नीलामी में बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है। कोर्ट ने जिला प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। कोर्ट ने कहा कि कंपनियों ने सभी जरूरी डॉक्यूमेंट ऑनलाइन अपलोड किए थे और हार्ड कॉपी भी जमा की थी, लेकिन टेंडर बॉक्स खोलते समय डॉक्यूमेंट गायब कर दिए गए। कोर्ट ने इसे नीलामी प्रक्रिया में हेराफेरी का मामला माना। जस्टिस अरिंदम सिन्हा और सत्यवीर सिंह की डिवीजन बेंच ने डीएम की ओर से जारी LOI (लेटर ऑफ इंटेंट) रद्द कर दिया। कोर्ट ने प्रशासन को याचिकाकर्ता कांत कंस्ट्रक्शन कंपनी और रुद्रा एंटरप्राइजेज के पक्ष में नया LOI जारी करने का आदेश दिया है। क्या है पूरा मामला? 12 जनवरी 2026 को सोनभद्र में कई खनन क्षेत्रों के लिए ई-नीलामी निकाली गई थी। इसमें कांत कंस्ट्रक्शन ने एक पट्टे के लिए 1051 रुपए प्रति घन मीटर की सबसे ऊंची बोली लगाई थी, जबकि बेस प्राइस 165 रुपए तय था। इसके बाद भी कंपनी की बोली ये कहकर कैंसिल कर दी गई कि उसने एफिडेविट, डिमांड ड्राफ्ट और चालान की हार्ड कॉपी जमा नहीं की। बाद में यही पट्टा 207 रुपए प्रति घन मीटर की बोली लगाने वाली मां दुर्गा माइनिंग वर्क्स को दे दिया गया। इसी तरह दो अन्य पट्टों में 333-333 रुपए की बोलियां कैंसिल कर 201 और 202 रुपए वाली कंपनियों को ठेका दे दिया गया। HC ने कहा- पहले ही खुल चुकी थीं बिड याचिकाकर्ताओं के वकील देवव्रत मुखर्जी ने कोर्ट में कहा कि सभी डॉक्यूमेंट टाइम से जमा किए गए थे, लेकिन 24 फरवरी को टेंडर बॉक्स खोलते समय डॉक्यूमेंट गायब कर दिए गए। कोर्ट ने पाया कि बिड खुलने की डेट 24 फरवरी थी, जबकि बोलियां कैंसिल करने की सूचना 25 फरवरी को दी गई। इससे साफ है कि सभी कॉमर्शियल बोलियां पहले ही देख ली गई थीं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के ‘शांति कंस्ट्रक्शन’ फैसले का जिक्र किया। कोर्ट ने कहा, नीलामी का मकसद ज्यादा रेवेन्यू हासिल करना होता है, न कि टेक्निकल फाल्ट के बहाने सबसे ऊंची बोली को बाहर करना। कोर्ट ने कहा कि ज्यादा बोली लगाने वाले को बाहर करने से राज्य सरकार को भारी नुकसान हो रहा था। जहां सरकार को 1051 रुपए प्रति घन मीटर मिल सकते थे, वहां सिर्फ 207 रुपए में पट्टा दिया गया। कोर्ट ने जताया डॉक्यूमेंट्स गायब करने का शक कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने एफिडेविट में ओरिजनल डॉक्यूमेंट जमा करने की बात कही थी और राज्य सरकार इसे साफ तौर पर नकार नहीं सकी। ऐसे में डॉक्यूमेंट गायब किए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे चलता है सोनभद्र का खनन सिंडिकेट सोनभद्र में खनन का पूरा खेल सिंडिकेट के जरिए चलता है। पट्टा अक्सर किसी गरीब या कमजोर व्यक्ति के नाम पर लिया जाता है। लेकिन खदान का असली संचालन प्रभावशाली लोग करते हैं। इसमें खनन विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप भी लगते रहे हैं। खनन अधिकारी, सर्वेयर और इंस्पेक्टर पर आरोप है कि वे फर्जी डिस्पैच स्लिप और परमिट जारी कर अवैध खनन को नजरअंदाज करते हैं। कई बार तय लिमिट से बाहर और जरूरत से ज्यादा खनन कराया जाता है। CAG रिपोर्ट में भी खुल चुकी है पोल पिछले साल विधानसभा में पेश CAG रिपोर्ट में भी सोनभद्र में बड़े पैमाने पर धांधली का खुलासा हुआ था। रिपोर्ट में साईंराम इंटरप्राइजेज और सीएस इंफ्रा कंस्ट्रक्शन पर अवैध खनन कर सरकार को 172 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाने का जिक्र किया गया था। ----------------- ये खबर भी पढ़ें… यूपी में पेट्रोल-डीजल की किल्लत, लंबी-लंबी लाइनें लगीं: ट्रैक्टर से 3-3 ड्रम लेकर पहुंचे लोग; बिजनौर डीएम पैदल चलकर कलेक्ट्रेट गईं यूपी में एक बार फिर पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी लाइनें दिख रही हैं। लगातार दूसरे दिन बुधवार को कुशीनगर, सोनभद्र, महराजगंज, गोरखपुर, देवरिया और बस्ती में कई पंपों पर पेट्रोल-डीजल खत्म हो गया। हालांकि, तेल कंपनियों और अधिकारियों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। लोग अफवाहों पर ध्यान न दें। पूरी खबर पढें…
फलोदी जिले में प्री.डी.एल.एड. परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। जिला समन्वयक शशांक दवे ने बताया कि कुल 8969 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 7565 उपस्थित रहे, जबकि 1404 अनुपस्थित थे। इस प्रकार कुल उपस्थिति 84.35 प्रतिशत दर्ज की गई। जिले में कुल 16 परीक्षा केंद्र बनाए जिले में परीक्षा के लिए कुल 16 केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा को पारदर्शी, नकलमुक्त और सुव्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे और सभी उपस्थित परीक्षार्थियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति एवं सत्यापन भी किया गया। फ्लाइंग दलों ने किया निरीक्षण परीक्षा के दौरान जिला प्रशासन द्वारा गठित विभिन्न फ्लाइंग दलों ने केंद्रों का निरीक्षण किया। इनमें एडीएम अजय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ब्रजराज सिंह चारण, एसडीएम पूजा चौधरी और जिला शिक्षा अधिकारी सोहनराम बिश्नोई शामिल थे। प्रत्येक केंद्र पर निगरानी के लिए एक पर्यवेक्षक भी नियुक्त किया गया था। दो पारियों में हुआ एग्जाम परीक्षा दो पारियों में आयोजित की गई। पहली पारी सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पारी दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक चली। परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले तक ही प्रवेश दिया गया। निर्धारित समय समाप्त होने के बाद किसी भी परीक्षार्थी को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। प्रवेश से पहले सुरक्षाकर्मियों और आंतरिक फ्लाइंग दलों द्वारा अभ्यर्थियों की गहनता से जांच की गई।
दुर्ग जिले के भिलाई के गदा चौक पर बुधवार को NSUI कार्यकर्ताओं ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। एनएसयूईआई ने इस मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद प्रधान का पुतला भी दहन किया गया। कार्यकर्ताओं ने नीट परीक्षा दोबारा कराने, पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में एनएसयूआई के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और NTA के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। NSUI नेताओं का कहना था कि NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में पेपर लीक होना लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। छात्रों ने सालभर मेहनत कर परीक्षा की तैयारी की, लेकिन पेपर लीक की खबरों से पूरे देश में नाराजगी है। प्रदेश महासचिव NSUI आकाश कनौजिया ने कहा कि यह सिर्फ एक परीक्षा का मामला नहीं है, बल्कि लाखों छात्रों के भरोसे का सवाल है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से लगातार परीक्षा में गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, उससे छात्रों और अभिभावकों का विश्वास टूट रहा है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और जिन लोगों की भूमिका सामने आए, उन पर सख्त कार्रवाई की जाए। आगे भी जारी रहेगा प्रदर्शनआकाश कनौजिया ने कहा कि NSUI आगे भी लगातार आंदोलन जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए मजबूत कानून बनाया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो संगठन उग्र आंदोलन करेगा। देशभर में हो रहा विरोध प्रदर्शनबता दें कि NEET परीक्षा को लेकर देशभर में विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। कई राज्यों में पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं। विपक्षी दल और छात्र संगठन लगातार परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि पेपर लीक की वजह से मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ है। इसी मुद्दे को लेकर दुर्ग में भी NSUI सड़क पर उतर आई। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
बरेली में वर्ष 2019 के एक चर्चित 11 वर्षीय बच्चे के हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। एससी/एसटी कोर्ट बरेली ने इस मामले में दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, उन पर कुल 1.30 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह घटना थाना इज्जतनगर क्षेत्र के ग्राम अहलादपुर की है। मामले के अनुसार, 9 अप्रैल 2019 की शाम गांव के ही किशन श्रीवास्तव उर्फ कृष्णा और हिमांशु शर्मा ने 11 वर्षीय गुलाब सिंह को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए थे। आरोप है कि दोनों आरोपियों ने बच्चे से अश्लील हरकत कराई और उसे 50 रुपये देने का लालच दिया। जब बच्चे ने पैसे मांगे और घर जाकर पूरी बात बताने की धमकी दी, तो आरोपियों को राज खुलने का डर सताने लगा। इसी डर से दोनों ने रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को गांव के पास गन्ने के खेत में छिपा दिया गया था। बच्चे के पिता इंद्रपाल पुत्र सियाराम की शिकायत पर थाना इज्जतनगर में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई एससी/एसटी कोर्ट बरेली में हुई। अभियोजन पक्ष ने अदालत में 9 गवाह पेश किए और साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी साबित किया। अदालत ने दोनों दोषियों को आजीवन कारावास के साथ 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी सुनाया। इसके अतिरिक्त, उन्हें 7-7 वर्ष के कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड, तथा 3-3 वर्ष के कारावास और 5-5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा भी दी गई है। अर्थदंड अदा न करने पर प्रत्येक दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
गोरखपुर में निजीकरण और बिजली कर्मियों पर हो रही कार्रवाई के विरोध में बुधवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले जोरदार विरोध सभा आयोजित की गई। सभा में बड़ी संख्या में बिजली कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर, अभियंता और संविदा कर्मियों ने हिस्सा लेकर प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि भीषण गर्मी में दिन-रात मेहनत कर बिजली व्यवस्था संभालने वाले कर्मचारियों का सम्मान करने के बजाय उन पर दबाव बनाया जा रहा है। शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल कर्मचारियों पर कार्रवाई कर डराने और उनका मनोबल गिराने की कोशिश की जा रही है, जिसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। कर्मचारियों की कमी से व्यवस्था प्रभावित कर्मचारियों ने कहा कि विभाग पहले से ही कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहा है। इसके बावजूद डाउनसाइजिंग के नाम पर नियमित पद खत्म किए जा रहे हैं और वर्षों से काम कर रहे संविदा कर्मियों को बाहर किया जा रहा है। इससे बिजली व्यवस्था प्रभावित हो रही है और उपभोक्ताओं को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रबंधन की नीतियों से कर्मचारियों में असुरक्षा का माहौल बन रहा है। कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के बजाय दमनात्मक कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे नाराजगी लगातार बढ़ रही है। आंदोलन तेज करने की चेतावनी संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि यदि उत्पीड़नात्मक कार्रवाई तत्काल वापस नहीं ली गई और निजीकरण की प्रक्रिया नहीं रोकी गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। सभा में मौजूद कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि बिजली कर्मियों के सम्मान, अधिकार और सार्वजनिक बिजली व्यवस्था को बचाने के लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
गाजियाबाद नगर निगम की हरियाली बढ़ाने की तैयारी:मानसून से पहले बड़े स्तर पर पौधारोपण की योजना
गाजियाबाद नगर निगम ने शहर को हरा-भरा और सुंदर बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने उद्यान और निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने शहर में हरियाली बढ़ाने के निर्देश दिए। आयुक्त ने कहा कि आने वाले समय में शहर के पार्क, ग्रीन बेल्ट और प्रमुख चौराहों को और अधिक आकर्षक बनाया जाएगा। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को गर्मी के मौसम में पेड़-पौधों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पार्कों में नियमित रूप से पानी दिया जाए, घास की कटाई सुनिश्चित की जाए और सूखे पौधों को हटाकर नए पौधे लगाए जाएं। शहर के कई प्रमुख चौराहों पर भी हरियाली बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। बैठक में मानसून से पहले बड़े पैमाने पर पौधारोपण की योजना पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को अभी से स्थान चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बारिश शुरू होते ही अधिकतम पौधे लगाए जा सकें। मोहन नगर, कवि नगर, इंदिरापुरम, वसुंधरा और विजयनगर जैसे इलाकों में विशेष रूप से हरियाली बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। नगर निगम ने पार्कों और ग्रीन बेल्ट में खराब पड़ी वस्तुओं की मरम्मत कराने के निर्देश भी दिए हैं। सड़क किनारे या पार्कों में जहां भी टूट-फूट है, वहां मरम्मत कराई जाएगी। इसके साथ ही, पार्कों में पानी की कमी न हो, इसके लिए नलकूपों को सुचारु रूप से चलाने के निर्देश दिए गए हैं। नगर आयुक्त ने शहर की सुंदरता बनाए रखने के लिए मालियों और कर्मचारियों की नियमित निगरानी को आवश्यक बताया। इसके लिए सुपरवाइजरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। मालियों को नई तकनीक और पौधों की देखभाल का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। नगर निगम ने बताया कि आने वाले समय में गाजियाबाद को एक स्वच्छ और हरे-भरे शहर के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि निवासियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सके।
कन्नौज जिले के छिबरामऊ में एक छात्र की कुछ लोगों ने बेरहमी से पिटाई कर दी। जिसका वीडियो सामने आया है। पीड़ित छात्र ने पुलिस को तहरीर देकर लाइब्रेरी संचालिका पर कार्रवाई की मांग की। मामला छिबरामऊ के बनवारी नगर मोहल्ले का है। यहां निजी लाइब्रेरी में क्षेत्र के मदारपुर गांव निवासी छात्र जयवीर सिंह जाटव बुधवार दोपहर 2 बजे पढ़ाई करने पहुंचा था। छात्र एक कुर्सी पर बैठा था और दूसरी कुर्सी पर पैर रखे हुए था। लाइब्रेरी संचालिका ने उसे कुर्सी पर पैर रखने से मना किया तो दोनों में कहासुनी हो गई। लाइब्रेरी संचालिका से कहासुनी देखकर वहां आसपास के कुछ लोग आ गए। जिन्होंने अभद्रता करने पर छात्र की पिटाई कर दी। जिसका किसी ने वीडियो बना लिया। उधर इस मामले को लेकर छात्र जयवीर सिंह जाटव का कहना है कि वह अपने गांव से पढ़ाई करने लाइब्रेरी आया था। थक जाने के कारण एक कुर्सी पर बैठ गया और दूसरी कुर्सी पर पैर रख लिए। इतने में लाइब्रेरी संचालिका वहां आ गईं और जातिसूचक गालियां देने लगीं। जब गालियों का विरोध किया तो उन्होंने कुछ लोगों को बुला लिया और फिर उन लोगों ने पिटाई कर दी। छात्र ने छिबरामऊ कोतवाली पहुंच कर पुलिस को मामले की तहरीर देते हुए कार्यवाही की मांग की। फिलहाल पुलिस ने जांच कर कार्यवाही का भरोसा दिया है।
मथुरा में भारत मुक्ति मोर्चा का प्रदर्शन:संवैधानिक और जनसमस्याओं को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा
मथुरा में भारत मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा और बहुजन मुक्ति पार्टी ने बुधवार को संयुक्त धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान विभिन्न जनसमस्याओं और संवैधानिक मुद्दों को लेकर राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), समान नागरिक संहिता (UCC) और वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 को संविधान के मूल ढांचे तथा देश की बहुलतावादी पहचान के विरुद्ध बताया। उन्होंने इन कानूनों को वापस लेने की मांग की। साथ ही, संविधान के अनुच्छेद 25 से 29 तक प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता, पूजा-प्रबंधन, शिक्षा एवं सांस्कृतिक अधिकारों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई। ज्ञापन में मुसलमानों और ईसाइयों के खिलाफ गौकशी, धर्मांतरण और मॉब लिंचिंग जैसे मामलों में कठोर कार्रवाई की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने बेगुनाह मुस्लिम एवं ईसाई युवकों, पादरियों और उलेमाओं को संदेह के आधार पर जेल भेजे जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए उनकी रिहाई की मांग भी की। इसके अतिरिक्त, 'कम्युनल वायलेंस प्रिवेंशन एक्ट' लागू करने तथा धार्मिक स्थलों पर हमलों को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की गई। संगठनों ने प्लेस ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 का सख्ती से पालन कराने की भी अपील की। प्रदर्शनकारियों ने अनुच्छेद 341(3) में संशोधन करने तथा अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और धर्मपरिवर्तित अल्पसंख्यकों को जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व देने की मांग की। गोपाल सिंह समिति, सच्चर समिति, मिश्रा आयोग और कुंडू समिति की लंबित सिफारिशों को लागू करने की भी मांग रखी गई। बहुजन मुक्ति पार्टी ने स्मार्ट मीटर, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) तथा गैस, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में 'चूल्हा जलाओ आंदोलन' भी चलाया। एक अन्य ज्ञापन में थाना गोवर्धन क्षेत्र की देवसेरस चौकी प्रभारी पर युवक शाहरुख को झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की गई। धरना स्थल पर डिप्टी कलेक्टर प्राजक्ता त्रिपाठी पहुंचीं, जिन्होंने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लिया और उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।
गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में देविका स्काइपर सोसाइटी के सामने 45 मीटर सड़क के निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है। जीडीए और किसानों के बीच भूमि विवाद के कारण सड़क का निर्माण कार्य रुका हुआ है, जिससे आसपास की दर्जनों सोसायटियों के हजारों निवासियों को प्रतिदिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, बीती रात जीडीए ने सड़क की अस्थाई मरम्मत करवाई थी ताकि आवागमन सुगम हो सके। हालांकि, आज सुबह किसानों ने ट्रैक्टर चलाकर इस अस्थाई मरम्मत को फिर से क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना से स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी फैल गई और दोपहर में बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए। प्रदर्शन में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे, जो सड़क पर कुर्सियां डालकर बैठ गए। उन्होंने प्रशासन के सामने अपनी समस्याएँ रखीं। निवासियों ने बताया कि खराब सड़क और विवाद के कारण प्रतिदिन भारी जाम लगता है, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों, नौकरीपेशा व्यक्तियों और मरीजों को आवागमन में गंभीर कठिनाई होती है। काफी देर तक विरोध प्रदर्शन जारी रहने के बाद स्थानीय लोग वहां से हट गए। इसी बीच, आज दोपहर करीब 3 बजे राजनगर एक्सटेंशन निवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्व पार्षद संजीव त्यागी के नेतृत्व में जीडीए कार्यालय पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य अभियंता आलोक रंजन से मुलाकात कर सड़क निर्माण के मुद्दे पर चर्चा की और तत्काल समाधान की मांग की। मुख्य अभियंता आलोक रंजन ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि जल्द ही एक समिति का गठन कर विवादित भूमि का निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद 45 मीटर रोड के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे निवासियों को राहत मिल सकेगी।
मेरठ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के जिला कार्यक्रम प्रबंधक मनीष बिसारिया के खिलाफ रिश्वत और भ्रष्टाचार के आरोप की शिकायत के बाद DPM के खिलाफ राज्य स्तर पर जांच बैठा दी गई है। जांच पूरी होने तक उनसे जिला कार्यक्रम प्रबंधक का कार्यभार वापस ले लिया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश की राज्य कार्यक्रम प्रबंधन इकाई द्वारा बुधवार को जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, शिकायत प्रकरण में जांच स्थापित किए जाने के बाद तत्काल प्रभाव से मनीष बिसारिया के स्थान पर जिला कम्युनिटी प्रोसेस प्रबंधक हरपाल सिंह को जिला कार्यक्रम प्रबंधक, मेरठ का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवल द्वारा जारी आदेश में निर्देश दिए गए हैं कि हरपाल सिंह तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करें। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि इस अतिरिक्त जिम्मेदारी के लिए उन्हें किसी प्रकार का अतिरिक्त भत्ता देय नहीं होगा। मामले का संज्ञान लेते हुए CMO मेरठ ने 17 मई को मनीष बिसारियां से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा था। वहीं 18 मई 2026 को अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, मिशन निदेशक NHM लखनऊ और अपर निदेशक मेरठ मंडल को पूरे मामले की सूचना भेज दी गई। विभागीय कार्रवाई के तहत डॉ. सुधीर कुमार, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी मेरठ को DPMU कार्यालय सील कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद बीते मंगलवार को एक जांच टीम गठित कर दर गई थी जिसे पांच दिन में अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अनुसार संज्ञान में आए प्रकरण के अनुसार मनीष बिसारियां द्वारा NHM के अंतर्गत जनपद स्तर पर MBBS चिकित्सकों की भर्ती में 4 से 5 लाख रुपये तथा आयुष चिकित्सकों की भर्ती में 2 से 3 लाख रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही थी। इसके अलावा ब्लॉक स्तर पर BPM के माध्यम से कर्मचारियों के नवीनीकरण के नाम पर धन उगाही, डूडा के जरिए वार्ड बॉय और स्वीपर की नियुक्ति में 50 हजार से 1 लाख रुपये तक लेने, कर्मचारियों के स्थानांतरण के नाम पर वसूली और महिला कर्मचारियों के उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।
कटनी जिले के बहोरीबंद इलाके के ग्राम पथराड़ी पिपरिया में एक दलित महिला के साथ हुई मारपीट और जातिगत प्रताड़ना का मामला अब तूल पकड़ चुका है। पुलिस की कार्रवाई और आरोपी को तुरंत जमानत मिल जाने से नाराज एससी (SC) समाज और कई एससी-एसटी संगठनों ने बुधवार शाम बहोरीबंद बस स्टैंड पर जमकर प्रदर्शन किया। लोगों का गुस्सा इतना ज्यादा था कि उन्होंने मुख्य सड़क पर चक्का जाम कर दिया, जिससे घंटों तक गाड़ियों का आना-जाना बंद रहा। पुलिस के ढीले रवैये पर नाराजगी प्रदर्शन कर रहे संगठनों के पदाधिकारियों का सीधा आरोप है कि पुलिस ने इस संवेदनशील मामले में बहुत ही ढीला रवैया अपनाया है। आंदोलनकारियों ने कहा कि मुख्य आरोपी नंदकिशोर उर्फ गुड्डू पटेल को इतनी जल्दी जमानत मिल जाना पुलिस की कमजोर जांच और लचर पैरवी का नतीजा है। संगठनों ने बताया कि आरोपी के बाहर आने से पीड़ित परिवार डरा हुआ है और पूरे समाज में गुस्सा है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक पीड़ित महिला को पूरा न्याय नहीं मिल जाता और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, उनका संघर्ष और तेज होगा। प्रशासन के सामने रखी ये मांगें पूरे मामले की किसी बड़े अधिकारी से निष्पक्ष तरीके से दोबारा जांच कराई जाए। जांच में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय की जाए। पीड़ित परिवार को सुरक्षा और जरूरी सहायता दी जाए। उग्र आंदोलन की चेतावनी देर शाम तक चले इस चक्का जाम की वजह से राहगीरों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। संगठनों ने प्रशासन को खुली चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो यह आंदोलन जिला मुख्यालय लेवल पर और भी उग्र रूप लेगा।
हरदोई में 21 मई को लेखपाल भर्ती परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके लिए प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिले में कुल 3792 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं, जिनके लिए 9 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं।यह परीक्षा उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित की जा रही है। परीक्षा एक ही पाली में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक संपन्न होगी। इन 9 परीक्षा केंद्रों में नघेटा रोड स्थित आरआर इंटर कॉलेज, मिल कॉलोनी स्थित गंगा देवी इंटर कॉलेज, लखनऊ चुंगी स्थित केन सोसायटी नेहरू पीजी डिग्री कॉलेज (सीएसएन), घंटाघर रोड स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज, एमजी मार्ग स्थित श्री वेणी माधव विद्यापीठ बालिका इंटर कॉलेज, बड़ा चौराहा स्थित आर्यकन्या डिग्री कॉलेज, आर्यकन्या पाठशाला इंटर कॉलेज और सीतापुर रोड स्थित महाराणा प्रताप गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज शामिल हैं। परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी अनुनय झा और पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की है। पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट और एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में सुविधा प्रदान करने के लिए पुलिस ने केंद्रों के पते से संबंधित क्यूआर कोड जारी किए हैं। इसके अतिरिक्त, अन्य जिलों से आने वाले अभ्यर्थियों की सहायता के लिए हरदोई रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस स्टेशन पर हेल्प डेस्क केंद्र स्थापित किए गए हैं।
बरेली में नाबालिग से 10 माह तक दुष्कर्म:शादी का झांसा देकर गर्भपात की दवा खिलाई
बरेली के कैंट थाना क्षेत्र में एक 17 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोप है कि शादी का झांसा देकर युवक ने किशोरी का 10 महीने तक शारीरिक शोषण किया। जब वह गर्भवती हो गई, तो आरोपी ने उसे जबरन गर्भपात की दवा खिला दी, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता के पिता द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, आरोपी युवक पिछले करीब 10 महीनों से उनकी बेटी का शारीरिक शोषण कर रहा था। इस दौरान उसने किशोरी को शादी का भरोसा दिया था। हालांकि, किशोरी के गर्भवती होने के बाद आरोपी अपने वादे से मुकर गया और उस पर गर्भपात कराने का दबाव बनाने लगा। परिजनों का आरोप है कि आरोपी ने किशोरी को गर्भपात की दवा खिला दी। दवा खाने के बाद किशोरी की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद परिवार को पूरे मामले की जानकारी हुई। घटना सामने आने पर परिजनों ने कैंट थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता के परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी पक्ष के लोग उन्हें बदनामी का डर दिखाकर समझौते का दबाव बना रहे थे। परिवार को रुपये देने और इलाज कराने का लालच देकर मामले को दबाने की कोशिश की गई। कैंट थाना प्रभारी संजय धीर ने बताया कि पीड़िता के पिता की शिकायत पर मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की बात कही जा रही है। पुलिस के अनुसार, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए किशोरी का मेडिकल परीक्षण और बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
दो जिला बदर भाइयों को जिले से बाहर छोड़ा:पुलिस ने ढोल बजाकर दी जानकारी, 6 महीने के लिए सीमा से बाहर
फर्रुखाबाद में जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस ने दो जिला बदर घोषित भाइयों को जनपद की सीमा से बाहर पहुंचा दिया। ये दोनों भाई प्रशांत शुक्ला के पुत्र अनुभव और अभिनव हैं, जिन्हें छह माह के लिए जिला बदर किया गया है। कोतवाली फर्रुखाबाद क्षेत्र के चौक बाजार स्थित खोया मंडी निवासी अनुभव और अभिनव के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। 9 अप्रैल को उनके जिला बदर का आदेश जारी किया गया था। बुधवार को तिकोना चौकी प्रभारी संजीव कुमार ने दोनों भाइयों को उनके आवास से हिरासत में लिया। इसके बाद पुलिस टीम उन्हें जनपद की सीमा पार कर छिबरामऊ क्षेत्र तक छोड़ने गई। जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट निर्देश थे कि दोनों आरोपियों को जनपद से बाहर किया जाए। आदेश अवधि के दौरान यदि वे दोबारा जिले में दिखाई देते हैं, तो उनके विरुद्ध गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने ढोल के साथ उन्हें सीमा के बाहर तक छोड़ा और इस दौरान लोगों को जानकारी दी कि ये दोनों भाई 6 माह से पहले जिले में नहीं आ सकते हैं।

