वाराणसी सिटी से औड़िहार होकर गुजरने वाली रेल लाइन अब डबल लाइन नहीं बल्कि ट्रिपल लाइट रूट बनेगी। मंडल में विशेष ट्रिपलिंग रूट में शामिल होने वाली इस लाइन को 31.36 किलोमीटर बनाया जाएगा, जो पूरी तरह से इलेक्ट्रिफिकेशन के बाद कीर्तिमान स्थापित करेगी। वाराणसी सिटी से औड़िहार तक लाइन 497.07 करोड़ की लागत से तीसरा रेलवे ट्रैक का रूप लेगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की ओर से स्वीकृति के बाद तीसरे रेलवे ट्रैक बिछने से नई गाड़ियों के संचालन की राह खुलेगी। साथ ही ट्रेनों की स्पीड में भी वृद्धि होगी। नए रेलवे ट्रैक की लंबाई 31.36 किलोमीटर होगी। वाराणसी रेलमंडल में औड़िहार जनपद का एक प्रमुख रेलवे जंक्शन है, अब तक औड़िहार जंक्शन व वाराणसी सिटी के बीच दो रेलवे ट्रैक हैं। ट्रेनों के दबाव के कारण यह नाकाफी साबित होता रहा और डीआरएम की ओर से रेलवे बोर्ड और रेल मंत्रालय को इसके ट्रिपलिंग का प्रस्ताव भेजा गया था। बताया गया कि लंबे समय से औड़िहार-वाराणसी सिटी रेलखंड के बीच नए रेलवे ट्रैक बिछाने की जरूरत महसूस हो रही है। पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के प्रस्ताव पर रेल मंत्रालय ने रिपोर्ट मांगी और औड़िहार जंक्शन पर ट्रेनों के दबाव को देखते हुए रेल मंत्रालय की ओर से नए रेलवे ट्रैक बिछाने की स्वीकृति दे दी गई है। औड़िहार-वाराणसी दोहरी लाइन खंड पर बड़ी संख्या में यात्री एवं माल गाड़ियों का संचालन भी होता है। औड़िहार-वाराणसी दोहरी लाइन खण्ड पर बड़ी संख्या में दरभंगा, रक्सौल, जयनगर, छपरा, गया, टाटानगर, कोलकाता, मऊ, गोरखपुर, बलिया, आजमगढ़, गाजीपुर, प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, दुर्ग, पुणे, मुम्बई, गोंदिया, गुवाहाटी, नई दिल्ली आदि शहरों के लिए ट्रेनों का आवागमन होता है। जिसके कारण इस मार्ग पर तीसरी लाइन की मांग थी, अब इस तीसरी लाइन का निर्माण हो जाने पर गाड़ियों का डिटेन्सन को रोका जा सकेगा, जिससे रेल राजस्व की बचत हो सकेगी तथा यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। इस खण्ड से पूर्वी एवं पूर्वोत्तर भारत हेतु अतिरिक्त गाड़ियों का संचलन हो सकेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेष के वाराणसी एवं गाजीपुर जनपदों के विकास में तेजी आयेगी। तीसरी लाइन के रूट पर ही मेमू शेड भी है। इस तीसरी लाइन निर्माण परियोजना के फलस्वरूप इस खंड की लाइन क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे दोनों तरफ से अतिरिक्त यात्री गाड़ियों का संचलन हो सकेगा तथा प्रति वर्ष 1.99 मीलियन टन माल का अतिरिक्त ट्रैफिक मिलेगा। इसके कारण रेल राजस्व में वृद्धि होगी।
वाराणसी कोर्ट ने गुरुवार को 22 साल पुराने केस में तत्कालीन बीडीओ और एडीओ पंचायत को मारपीट और जातिसूचक गाली गलौज के आरोपों में बरी कर दिया। उनके खिलाफ तैनाती के दौरान और रिटायरमेंट तक वाराणसी कोर्ट में केस चलता रहा। लंबी पैरवी और मजबूत दलीलों के बीच कोर्ट ने कांग्रेस नेत्री की ओर से लगाए गए आरोपों को निराधार माना। अदालत ने साक्ष्यों के अभाव और संदेह का लाभ देते हुए आरोपी काशी पाण्डेय और रविन्द्र कुमार सिंह को दोषमुक्त (बरी) कर दिया है। विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) के न्यायाधीश देवकांत शुक्ला की अदालत ने थाना रोहनियां में दर्ज एक गंभीर आपराधिक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत में आरोपी रविन्द्र कुमार सिंह की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता अरुण कुमार सिंह और उनके सहयोगी अधिवक्ता अजय कुमार पांडेय ने पक्ष रखा। पहले जानिए पूरा मामला अभियोजन के अनुसार मामला साल 2002 का है जब ग्राम बीरभानपुर (राजातालाब) निवासी और कांग्रेस पार्टी की पदाधिकारी चन्द्रकला देवी के साथ अभद्रता हुई थी। थाना, पुलिस और तहसील में उनकी सुनवाई नहीं हुइ तो उन्होंने पुलिस कमिश्नर को अप्लीकेशन देकर शिकायत दर्ज कराई थी। सीपी को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि 01 फरवरी 2002 को जब वह ब्लॉक मुख्यालय राजातालाब गई थीं। तब वहां मौजूद ग्राम विकास अधिकारी काशी पाण्डेय और ए०डी०ओ० पंचायत रविन्द्र सिंह ने उनके साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। आरोप लगाया कि आरोपियों ने गाली-गलौज की, अभद्रता की और विरोध करने पर मारपीट व धक्का-मुक्की कर उन्हें ब्लॉक परिसर से बाहर निकाल दिया। वादिनी का यह भी आरोप था कि थाने जाने पर भी आरोपियों ने वहां पहुंचकर धमकी दी थी। शुरुआत में मामला दर्ज न होने पर पीड़िता ने उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई थी। जांच के बाद 11 अप्रैल 2002 को थाना रोहनियां में आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 143, 323, 504, 506 और एससी-एसटी एक्ट की धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। लंबी सुनवाई और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने पाया कि आरोपियों के विरुद्ध दोष सिद्ध करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य मौजूद नहीं हैं।
वाराणसी की फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) के न्यायाधीश सुनील कुमार तृतीय की अदालत ने गुरुवार को 6 साल पुराने मामले में फैसला सुनाया। कोर्ट ने नवविवाहिता की मौत में नामजद पति समेत ससुरालीजनों को राहत दे दी। पुलिस की चार्जशीट के हत्यारोपियों को गवाहों के बयानों पर संदेह का लाभ दिया। कोर्ट में अभियोजन और वादी के वकील भी थाना जंसा में दर्ज दहेज हत्या केस में मजबूत साक्ष्य पेश नहीं कर सके। जिसके बाद कोर्ट ने आरोपी अतुल जायसवाल, मुकुल जायसवाल (पति), श्यामसुंदर जायसवाल (ससुर) और शिवकुमारी देवी (सास) को संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है। अभियोजन ने दलील दी कि गोसाईंपुर (बेसहूपुर) गांव में विवाहिता का शव पंखे की कुंडी के सहारे लटका मिला। मायके वालों ने दहेज हत्या का आरोप लगाया है। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता विधान चंद्र सिंह यादव एवं अमन राज गुप्ता ने प्रदलीलें पेश की। पहले जानिए पूरा घटनाक्रम मंडुवाडीह थाना क्षेत्र की तुलसीपुर निवासी नंदलाल जायसवाल की बेटी वंदना जायसवाल की शादी दिसंबर 2019 में गोसाईंपुर(बसहूपुर) गांव निवासी मुकुल जायसवाल के साथ हुई थी। ससुराल के लोगों के अनुसार शुक्रवार की रात वंदना अपना कमरा बंद कर फांसी लगा कर जान दे दी। कमरा बंद देख कर परिवार के लोग वंदना को आवाज दी। जब कमरा नहीं खुला तो परिवार के लोगों ने शोर मचाया। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने दरवाजा तोड़कर वंदना को बाहर निकाला और लोहता स्थित एक अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी पाकर वंदना के मायके वाले उसके ससुराल पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पिता नंदलाल जायसवाल ने आरोप लगाया कि ससुराल के लोग बुलेट मोटरसाइकिल और दो लाख रुपये की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर ससुराल के लोगों की प्रताड़ना के कारण उनकी बेटी की जान गई। पति-सास समेत 6 के खिलाफ दर्ज कराया केस वंदना के पोस्टमार्टम के बाद उसके पिता नंदलाल जायसवाल की तहरीर पर पति मुकुल जायसवाल, ससुर श्याम सुंदर, सास शिवकुमारी, ननद पूजा व किरन और देवर अतुल जायसवाल के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। बताया जाता है कि वंदना के शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं। सूचना पाकर सीओ सदर अभिषेक पांडेय भी गांव घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे, लेकिन ससुराल के लोग मकान में ताला बंद कर भाग निकले थे। पुलिस ने वंदना के ससुर को हिरासत में ले लिया है, इसके अलावा विवेचना के दौरान अन्य लोगों को भी जेल भेजा। पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की और रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्य भी दिए। अभियोजन ने जिरह के दौरान कोर्ट में बताया कि शादी के समय हैसियत के अनुसार 10 लाख रुपये खर्च किए गए थे। शादी के बाद पता चला कि पति सरकारी कर्मचारी नहीं बल्कि सेल्समैन है। ससुराल पक्ष ने बुलेट मोटरसाइकिल और 2 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग को लेकर विवाहिता को प्रताड़ित किया जाता था। कोर्ट में साक्ष्य और दलीलें मजबूत नहीं थी इसलिए सभी आरोपी बरी हो गए।
करनाल कोर्ट ने सुनाई NDPS मामले में सजा:दोषी को लगाया जुर्माना, नहीं भरा तो जाना होगा जेल
करनाल में एनडीपीएस एक्ट से जुड़े एक पुराने मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा का आदेश जारी किया है। अदालत ने आरोपी द्वारा पहले जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करते हुए आर्थिक दंड लगाया है। साथ ही साफ किया है कि यदि तय जुर्माना जमा नहीं किया गया तो आरोपी को दो महीने की साधारण कैद भुगतनी होगी। आदेश के बाद जेल प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। मामला सेक्टर 32-33 थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जिसमें वर्ष 2020 में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। क्या था पूरा मामला करनाल की सेक्टर 32-33 थाना क्षेत्र में एंटी नारकोटिक सेल करनाल की टीम ने 30 दिसंबर 2020 को एक मुकद्मा दर्ज किया था। जिसमें पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर काछवा पुल से अंबेडकर चौक, थ्री चौक होते हुए जब टीम कॉन्वेंट स्कूल के पास स्मैक तस्करी के एक मामले में शादीपुर गांव के नाजिक को काबू किया था। टीम ने मौके पर डीएसपी की मौजूदगी में तलाशी लेकर आरोपी के कब्जे से 30 ग्राम स्मैक बरामद की थी। पुलिस ने नशीला पदार्थ और बिना नंबर की मोटरसाइकिल को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी थी। अदालत ने लगाया 15 हजार का जुर्मानासुनवाई के दौरान यह सामने आया कि आरोपी पहले ही कुछ समय जेल में रह चुका है, जिसे अदालत ने सजा में शामिल माना। अदालत ने दोष सिद्ध होने पर आरोपी पर 15 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि यदि आरोपी यह राशि जमा कर देता है तो उसे तुरंत रिहा किया जाएगा, बशर्ते वह किसी अन्य मामले में वांटेड न हो। जुर्माना नहीं भरा तो दो महीने की कैदकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को दो महीने की साधारण कैद काटनी होगी। इसके लिए जिला जेल प्रशासन को वारंट जारी कर दिया गया है। 12 फरवरी को जारी हुआ आदेशफास्ट ट्रैक कोर्ट की ओर से यह आदेश 12 फरवरी को जारी किया गया, जिसके तहत जेल अधीक्षक को आरोपी को हिरासत में लेने या जुर्माना जमा होने पर रिहा करने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्वालियर में गुरुवार की शाम एक दिल दहला देने वाली घटना हुई है। गली मोहल्ला में घूमने वाले आवारा सांड ने एक छह साल के मासूम पर उस समय हमला किया जब वह कोचिंग से लौट रहा था। सांड ने बच्चे को देखते ही हमला कर दिया। बच्चे ने भागने का प्रयास किया तो एक कार के सामने सांड ने फिर उसे घेर लिया और सींग मारे।इतना ही नहीं जमीन पर पटकर कर सींगों से रौंदता रहा और मासूम चीखता रहा। मासूस के साथ उसकी बहन भी थी जो भाग कर गई और मदद लेकर आई। लोगों ने सांड को भगाया तो मासूम की जान बची। पर सांड के सींग से उसका सिर फट गया। मासूम को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे सिर में 9 टांके आए हैं। शहर के उपनगर मुरार स्थित त्यागी नगर में रहने वाला छह साल का गोविंद लक्षकार फर्स्ट क्लास का छात्र है। गुरुवार की शाम को गोविंद को उसकी बड़ी बहन नंदिनी लक्षकार पास ही गली में कोचिंग से लेकर वापस घर लौट रही थी। जब वह घर वाली गली में दाखिल हुई तो वहां आवारा सांड घूम रहे थे।नंदिनी और गोविंद को देखते ही एक काले रंग का सांड उनकी तरफ दौड़ता हुआ आया। हड़बड़ाहट में मासूम गिर पड़ा। बहन ने उसे उठाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं उठ पाया तो सांड ने उस पर हमला कर दिया। खुद को बचाने और मदद के लिए नंदिनी ने दौड़ लगा दी। इस पागल सांड मासूम पर टूट पड़ा। मासूम ने बचने का प्रयास किया पर सांड बेकाबू हो गयाआवारा सांड ने मासूम को अपने सींगों में फंसा लिया और कई बार जमीन पर पटका। यह सब कुछ चंद पलों में हुआ। अपने भाई के साथ यह क्रूरता देख बहन नंदिनी घबरा गई, लेकिन उसने अगले ही पल संभलते हुए हिम्मत दिखाई और दोड़कर आसपास के लोगों को आवाज लगाकर मदद के लिए बुला लिया। जब लोग पहुंचे तो सांड, मासूम को सींगों से रौंद रहा था। तब जाकर लोगों ने सांड को भगाया। यदि कुछ सेकेंड और देर होती, तो बच्चे की जान भी जा सकती थी। गंभीर घायल है मासूम, सिर में आए नौ टांकेगंभीर रूप से घायल मासूम को तत्काल जिला अस्पताल में बाल एवं शिशु रोग विभाग के पीआईसीयू में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार बच्चे के सिर में 9 टांके आए हैं। जिसके बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया है। पर मासूम के मन से हादसे की दहशत बाहर नहीं निकल रही है। पूरी घटना CCTV कैमरे में कैदयह पूरा घटनाक्रम घटना स्थल के आसपास लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। गुरुवार रात को सोशल मीडिया पर मासूम पर हमले का एक वीडियो भी सामने आया है।
लखनऊ नगर निगम की बैठक में बजट तैयार:कूड़ा प्रबंधन और सड़क निर्माण पर जोर, 2278 करोड़ का है बजट
नगर निगम की बैठक में राजधानी के विकास का खाका तैयार हो गया है। नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 2278.34 करोड़ रुपये का प्रस्तावित बजट तैयार कर लिया है। गुरुवार को देर शाम मुख्यालय में हुई बैठक में बजट पर विस्तार से चर्चा हुई। राहत की बात यह है कि इस बार किसी नए टैक्स या पुराने टैक्स में बढ़ोतरी का प्रस्ताव नहीं रखा गया है। लेकिन बजट की मदों पर नजर डालें तो कई ऐसे सवाल खड़े होते हैं, जिन पर शहरवासियों की निगाहें टिक गई हैं। कूड़ा प्रबंधन पर 300 करोड़ नगर निगम ने कूड़ा प्रबंधन पर सबसे बड़ी रकम करीब 300 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा है। शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर करने का दावा किया जा रहा है।लेकिन दूसरी ओर, हर बरसात में जलभराव से जूझने वाले इलाकों के लिए नालों की सफाई का बजट पहले की तरह सिर्फ 15 करोड़ रुपये ही रखा गया है। यह वही मद है, जिस पर हर साल सवाल उठते हैं। जब सड़कों पर पानी भरता है तो जिम्मेदारियों की परतें खुलती हैं, लेकिन बजट में कोई बढ़ोतरी नहीं दिखती। सड़कों के निर्माण के लिए 326 करोड़ का प्रस्ताव राजधानी की सड़कों की मरम्मत और नई सड़कों के निर्माण के लिए 326.40 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। जानकारों का कहना है कि यह राशि शहर के विस्तार और ट्रैफिक दबाव के हिसाब से पर्याप्त नहीं मानी जा सकती। हालांकि सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़कों के निर्माण के लिए अलग से 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके बावजूद बड़े पैमाने पर सड़क सुधार की उम्मीद करने वालों को बजट थोड़ा संकोची नजर आ रहा है। पुराने दायित्वों पर 370 करोड़, भुगतान का दबाव नगर निगम के सामने सबसे बड़ी चुनौती पुराने निर्माण कार्यों का भुगतान है। बजट में 370 करोड़ रुपये पुराने दायित्वों के लिए रखे गए हैं। साफ है कि पूर्व में कराए गए कार्यों का भुगतान अब तक लंबित है।इसके अलावा कार्यदाईं संस्थाओं को भुगतान की रकम में कटौती की गई है। पुनरीक्षित बजट में 130 करोड़ का प्रावधान था, जिसे घटाकर 100 करोड़ कर दिया गया है। इससे ठेकेदारों और एजेंसियों में असंतोष की आशंका जताई जा रही है। पार्क, स्ट्रीट लाइट और भवनों पर बढ़ा खर्च नगर निगम ने पार्कों के अनुरक्षण का बजट 38.38 करोड़ से बढ़ाकर 42 करोड़ कर दिया है। पार्कों की रंगाई-पुताई पर 6 करोड़ खर्च होंगे। मार्ग प्रकाश के लिए 16 करोड़, स्ट्रीट लाइट मरम्मत के लिए 6 करोड़ और उपकरण खरीद के लिए 6.50 करोड़ रुपये का प्रावधान है। नए निर्माण कार्यों के लिए 7 करोड़ रखे गए हैं।भवन मरम्मत के लिए 5 करोड़, फ्लैट निर्माण के लिए 25 करोड़ और अहाना एनक्लेव की बहुमंजिली आवासीय योजना के लिए 40 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। भूमि सर्वे और बाउंड्री वॉल पर पहली बार बड़ा प्रावधान नगर निगम की भूमियों के सर्वे और बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए इस बार 10 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पहले सिर्फ 4 करोड़ थे। यह कदम अवैध कब्जों पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।शहरी निर्धनों के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है। अवस्थापना निधि से 180 करोड़ के काम अवस्थापना निधि से 180 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए जाएंगे। इसके अलावा मॉडल वेंडिंग जोन के निर्माण और संचालन का बजट 10 करोड़ से बढ़ाकर 15 करोड़ कर दिया गया है। यह प्रस्तावित बजट फरवरी के अंतिम सप्ताह में होने वाली नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में रखा जाएगा, जहां से इसे अंतिम मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
भोपाल के गांधी नगर थाना इलाके में संत आसाराम नगर आश्रम से लगी जमीन का सीमांकन करवाने पहुंचे बिल्डर और उनके कर्मचारियों को बंधक बनाकर मारपीट का मामला सामने आया है। किसी तरह जान बचाकर गेट से कूदकर भागे बिल्डर और कर्मचारी अस्पताल पहुंचे, वहां अपना इलाज कराने के बाद थाने में शिकायत दर्ज कराई। हमला करने वाली भीड़ ने बिल्डर की मर्सिडीज कार में भी तोडफ़ोड़ की। पुलिस के मुताबिक माउंट व्यू विला चूनाभट्टी निवासी नमन अग्रवाल (31) कंस्ट्रक्शन का काम करते हैं। उनकी फर्म की कुछ जमीन आसाराम आश्रम में दबी हुई है। उनकी जमीन गुरुकुल आश्रम के पास है। जमीन के सीमांकन की कार्रवाई के लिए उन्होंने तहसीलदार बैरागढ़ को आवेदन दिया था। गुरुवार को राजस्व की टीम सीमांकन के लिए गई। राजस्व की ओर से नमन अग्रवाल को सीमांकन के दौरान उपस्थित रहने के लिए नोटिस दिया था। फरियादी ने पुलिस को क्या बतायाफरियादी नमन का कहना है कि गुरुवार सुबह वह चूनाभट्टी स्थित अपने घर पर थे। तभी दोपहर करीब सवा 12 बजे राजस्व निरीक्षक प्रदीप यादव का फोन आया और उन्होंने कहा कि सीमांकन के लिए आपको उपस्थित होना पड़ेगा। लिहाजा वह अपने ड्रायवर मनोज बघुल के साथ मर्सिडीज गाड़ी से आसाराम आश्रम पहुंचे। वह अपने कर्मचारियों अतुल गुप्ता, मानस राजवैद्य, कन्हैयालाल धुर्वे व अजय अहिरवार को भी चूने की लाइन डालने में मदद करने के लिए ले गए थे। कर्मचारी बाइक से गए थे। भीड़ के साथ आए थे आश्रम के कर्मचारीमौके पर पहुंचने पर पता चला कि बगल वाली जमीन के मालिक अमित कुकरेजा व दिलीपी कुकरेजा भी वहां मौजूद थे। उनको भी राजस्व की टीम ने बुलाया था। दोपहर करीब डेढ़ बजे सीमांकन की कार्रवाई के दौरान आसाराम आश्रम के कुछ पुरुष व महिलाएं आकर नमन अग्रवाल से कहने लगीं कि यहां आ तो गए, जाकर बताओ, हाथ-पैर तोड़ देंगे।सभी मिलकर गाली-गलौज करने लगे। वे राजस्व टीम की कार्रवाई का विरोध कर उनके कार्य में भी बाधा उत्पन्न कर रहे थे। खतरे का आभास होते ही नमन अग्रवाल ने राजस्व टीम से कहा कि मुझे जाना है। राजस्व टीम ने कहा कि पंचनामा कार्रवाई के बाद चले जाना। पंचनामा में आपके हस्ताक्षर होंगे। पीटकर सिर फोड़ दियाकुछ देर बाद सीमांकन की कार्रवाई के दौरान स्थिति बिगड़ने लगी और राजस्व की टीम ने नमन अग्रवाल को जाने की इजाजत दे दी। नमन अग्रवाल गेट की तरफ कार से पहुंचे। इस दौरान गेट पर मौजूद कर्मचारियों ने गेट बंद कर दिया। उन्होंने गेट खोलने के लिए कहा तो कर्मचारी कहने लगे कि संस्था के संचालक रविंद्र पटेल ने गेट बंद करने के आदेश दिए हैं।ड्राइवर ने कार रिवर्स की और अंदर पहुंचे। इस दौरान भीड़ ने उनकी कार घेर ली। भीड़ ने उन्हें कार से उतारने का प्रयास किया। वे सीट बेल्ट लगाए हुए थे तो भीड़ ने कार पर डंडे बरसा दिए। हमले में नमन अग्रवाल के सिर में चोट आई है जबकि ड्राइवर मनोज बघेल को बाहर निकालकर पीटा गया। भीड़ ने हॉकी, डंडे और बेसबाल के बेट से मारपीट की। किसी तरह जान बचाकर वह गेट कूदकर बाहर निकले। अस्पताल पहुंचे और इलाज करने के बाद fir दर्ज कराई।
प्रयागराज में मामूली विवाद में एक युवक को लाठी डंडों से जमकर पीटा गया। इसके बाद उसका गला दबाने का भी प्रयास किया गया। आसपास के लोगों के दौड़ने पर हमलावर भाग निकले। घायल युवक ने इस मामले में पुलिस को तहरीर दी है जिसके आधार पर पांच नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी गई है। लूकरगंज का रहने वालाऋषभ केशरवानी लूकरगंज का रहने वाला है और व्यापार करता है। उसने पुलिस को बताया कि बुधवार देर रात 1-1.30 बजे वह अपने प्रतिष्ठान से लौट रहा था। रास्ते में उसकी बुआ का लड़का शैलेन्द्र खड़ा था जिसे देखकर वह रुक गया। आरोप है कि तभी वहां खड़े मनीष केशरवानी और शाभित गुप्ता उससे गालीगलौच करने लगे। आपत्ति करने पर उसे मारना चालू कर दिया। इसके बाद मनीष ने प्रशान्त केशरवानी, सागर केशरवानी, कृष्णा केशरवानी को आवाज लगाकर बुलाया और कहा इसे गैराज में ले चलो। पांचों मिलकर खींच ले गए गैराज के अंदरआरोप है कि इसके बाद पांचो मिलकर उसे गैराज के अंदर मारते पीटते हुए ले गए और वहां डंडों से पिटाई की। साथ ही दो लोगों ने जान से मारने की नीयत से उसका गला घोंटने का प्रयास किया। पांचों व्यक्तियों और कुछ अन्य रिश्तेदारों के साथ मिलकर उसे बुरी तरह पीटा, जिससे कि वह बेहोश हो गया। इसके बाद मरा हुआ समझकर उसके गले से लगभग 24 ग्राम सोने की चेन निकालकर चले गए। राहगीर की मदद से भाई को किया फोनकुछ देर बाद हो जाने पर वह किसी तरह से वहां से भाग और एक राहगीर की मदद से अपने भाई को फोन किया। इस घटना में उसका पर्स भी गायब हो गया जिसमें 3400 रुपए भी थे। खुल्दाबाद पुलिस ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। घटना का वीडियो सामने आया है जिसे देखा जा रहा है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चार दशक पुराने एक जघन्य हत्याकांड के आरोपी पति को दोषमुक्त कर दिया है। सत्र अदालत मथुरा ने वर्ष 1984 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।जिसे कोर्ट ने कानून की दृष्टि में दोषपूर्ण मानते हुए रद्द कर दिया। न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता तथा न्यायमूर्ति देवेन्द्र सिंह-प्रथम की खंडपीठ ने कहा कि पुलिस के समक्ष किया गया इकबालिया बयान कानूनी रूप से साक्ष्य के तौर पर मान्य नहीं है और केवल इसी आधार पर किसी व्यक्ति को अपराधी नहीं ठहराया जा सकता। यह मामला 1983 का है। मथुरा जिले के राया थाने में राधा चरण शर्मा नामक व्यक्ति ने खुद थाने पहुंचकर अपनी पत्नी प्रमिला की हत्या की सूचना दी थी। उस समय दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने स्वीकार किया था कि 2 फरवरी 1983 की रात पत्नी से हुए विवाद के बाद उसने गुस्से में आकर फरसे से उसकी गर्दन काट दी थी। मथुरा की निचली अदालत ने आरोपी के इसी लिखित कबूलनामे और परिस्थितियों को आधार मानते हुए 19 जनवरी 1984 को उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। जिसके खिलाफ अपील दाखिल की गई थी। हाईकोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने पुलिस के सामने दी गई स्वीकारोक्ति को सबूत मानकर गंभीर कानूनी चूक की , क्योंकि भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत ऐसी स्वीकारोक्ति अदालत में मान्य नहीं है। खंडपीठ ने यह भी कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में पूरी तरह विफल रहा कि घटना के वक्त आरोपी वास्तव में घर के भीतर मौजूद था। साक्ष्य अधिनियम की धारा 106 का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा कि आरोपी पर सबूत का भार तब तक नहीं डाला जा सकता, जब तक अभियोजन अपने बुनियादी तथ्यों को ठोस तरीके से पेश न कर दे। मामले की संदेहास्पद कड़ियों का जिक्र करते हुए अदालत ने कहा कि हत्या में इस्तेमाल कथित फरसे की बरामदगी भी सवालों के घेरे में थी। बरामदगी के गवाह मुकर चुके थे और मेडिकल रिपोर्ट ने भी अभियोजन के दावों की पुष्टि नहीं की। डॉक्टर के परीक्षण के अनुसार, जो फरसा पुलिस ने बरामद किया था, वह इतना धारदार नहीं था कि उससे मृतका के शरीर पर मौजूद गहरे घाव किए जा सकें। इसके अलावा, घटना के समय घर में मौजूद परिवार के अन्य सदस्यों को गवाह के तौर पर पेश न करना मामले को संदिग्ध बनाता है। कोर्ट ने कहा कि आरोपी के विरुद्ध परिस्थितियों की कड़ी पूरी तरह से टूटी हुई है और संदेह का लाभ आरोपी को मिलना अनिवार्य है। अपील पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राधा चरण शर्मा को तत्काल रिहा करने का आदेश जारी कर दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गौतम बुद्ध नगर और हापुड़ ज़िलों में कार्यरत उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा कोर्ट द्वारा जारी किए गए गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू ) के बार-बार निष्पादन न किए जाने पर कड़ी नाराज़गी जताई। जस्टिस सलील कुमार राय और जस्टिस सत्यवीर सिंह की खंडपीठ 2019 की आपराधिक अपील से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें एक हत्या के दोषी के विरुद्ध जारी एनबीडब्ल्यू लंबे समय से निष्पादित नहीं किया गया था। कोर्ट ने पुलिस के अधीनस्थ अधिकारियों और आरोपी के बीच मिलीभगत की आशंका भी जताई। खंडपीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा, “पुलिस बल को बता दीजिए कि यह कानून का न्यायालय है। हमें कानून और अदालत की कार्यप्रणाली की पूरी समझ है। हो सकता है कि हमें पुलिस की कार्यशैली का पूरा ज्ञान न हो लेकिन हम इतना समझदार ज़रूर हैं कि यह पहचान सकें कि कब पुलिस अदालत को हल्के में ले रही है हमसे खेल मत खेलिए और जनता का भरोसा मत तोड़िए।” अपील की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस रिपोर्ट और आरोपी के हलफनामे के बीच गंभीर विरोधाभास नोट किया था। जहां पुलिस रिपोर्ट में कहा गया कि आरोपी का पता सत्यापित नहीं हो सका, वहीं आरोपी ने अपने हलफनामे में दावा किया था कि पुलिस उसके घर आई थी और उसे वारंट की जानकारी दी गई। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए हाईकोर्ट ने 4 फरवरी को गौतम बुद्ध नगर के पुलिस आयुक्त और हापुड़ के सीनियर पुलिस अधीक्षक (एस एस पी ) को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया और एनबीडब्ल्यू निष्पादित न करने वाले अधिकारियों से व्यक्तिगत हलफनामा भी मांगा था। कोर्ट ने यह भी कहा कि संबंधित पुलिसकर्मियों का आचरण न केवल सेवा में कदाचार दर्शाता है बल्कि अवमानना की कार्रवाई को भी आमंत्रित कर सकता है। केस की सुनवाई में एस एस पी हापुड़ और डीसीपी गौतम बुद्ध नगर व्यक्तिगत रूप से पेश हुए।जबकि गौतम बुद्ध नगर के पुलिस आयुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे। पीठ ने आयुक्त की ओर से प्रतिनिधि भेजे जाने पर आपत्ति जताई और स्पष्ट किया कि कोर्ट किसी प्रतिनिधि को नहीं सुनेगा। मामले के गुण-दोष पर पीठ ने एनबीडब्ल्यू के चार महीने तक निष्पादित न होने पर कड़ा एतराज़ जताया और कहा, “यह पुलिस का काम है कि वह आरोपी को तलाश करे। यह वारंट मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा नहीं बल्कि इस न्यायालय द्वारा जारी किया गया। यह एक स्थायी वारंट है, जिसे लौटाया नहीं जा सकता था। इसे हर हाल में निष्पादित किया जाना चाहिए अदालत द्वारा वारंट जारी किया जाना अब पुलिस के लिए कमाई का ज़रिया बन गया।” सरकार के अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने कोर्ट को बताया कि संबंधित कांस्टेबल, उप-निरीक्षक सहित अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया और पुलिस आयुक्त द्वारा विभागीय जांच शुरू कर दी गई। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि आगे से अदालत द्वारा जारी कोई भी एनबीडब्ल्यू समय पर निष्पादित न होने की स्थिति नहीं होगी। हालांकि, खंडपीठ इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुई और पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा, “हम किस तरह की पुलिस व्यवस्था में जी रहे हैं? पद हमेशा के लिए नहीं रहता। अदालत या पुलिस से वारंट मिलने के बाद लोग डर के साए में जीते हैं। जनता का भरोसा कैसे बहाल किया जाए? हमें मालूम है कि विभागीय जांच किस तरह और किन आधारों पर पूरी की जाती है, वर्दीधारी सेवा अब केवल जनता को परेशान करने का माध्यम बनकर रह गई।” जस्टिस सत्यवीर सिंह ने यह भी पूछा कि इस मामले में न्यायिक जांच क्यों नहीं कराई गई और पुलिस आयुक्त द्वारा जारी परिपत्र में मौजूद खामियों की ओर भी इशारा किया। कोर्ट ने राज्य से यह स्पष्ट आश्वासन मांगा कि उसके द्वारा जारी कोई भी वारंट बिना निष्पादन के नहीं रहेगा। यदि ऐसा होता है तो संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई अनिवार्य रूप से की जाएगी। इस पर अपर महाधिवक्ता ने सहमति जताई। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए इसे 23 मार्च को सूचीबद्ध किया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने परिवार की मर्ज़ी के ख़िलाफ़ शादी करने वाले जोड़ों की जान और आज़ादी की रक्षा करने की राज्य की ज़िम्मेदारी को एक बार फिर दोहराया है। कोर्ट ने यूपी सरकार के 2019 के ऑर्डर का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है, जिसमें ऐसे जोड़ों के लिए ज़रूरी बचाव और सुधार के उपाय बताए गए हैं। सामिया व अन्य की याचिका पर एक जोड़े की सुरक्षा का निपटारा करते हुए जस्टिस गरिमा प्रसाद की बेंच ने कहा कि पुलिस अधिकारी हर मामले में खतरे का अंदाज़ा लगाने और स्थिति की गंभीरता के आधार पर सुरक्षित रहने की जगह और सुरक्षा सहित ज़रूरी सुरक्षा देने के लिए ज़िम्मेदार हैं। मामले के अनुसार एक बालिग जोड़े ने हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया और राज्य सरकार को महिला के पिता द्वारा पैदा की गई गैर-कानूनी रुकावट से उनकी जान और आज़ादी की रक्षा करने के निर्देश देने की मांग की। उनका कहना था कि उम्र के अंतर और इस डर की वजह से कि इस आदमी की पहली शादी नहीं है, महिला का पिता उन्हें लगातार परेशान कर रहा था और धमका रहा था, जिससे उनकी शांतिपूर्ण शादीशुदा ज़िंदगी में खलल पड़ा और उनकी जान और आज़ादी को खतरा पैदा हो गया। हालांकि, बेंच ने कहा कि पिछले साल नवंबर में हाईकोर्ट द्वारा दी गई अंतरिम सुरक्षा के बाद महिला के पिता से याचीगण की जान को अब कोई खतरा नहीं है। हालांकि, पति की शादीशुदा स्थिति के बारे में असल विवाद को सुलझाते हुए राज्य सरकार की तरफ़ से कोर्ट ो बताया गया कि यह याचीगण की पहली शादी है। इसे देखते हुए रिट याचिका का निपटारा कर दिया गया। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि अगर याचिकाकर्ताओं की जान और आज़ादी को कोई असली और गंभीर खतरा महसूस होता है तो वे पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों की यह ज़िम्मेदारी होगी कि वे ऐसे खतरे का अंदाज़ा लगाएं और सही सुरक्षा दें। यह पक्का करते हुए कि याचिकाकर्ताओं को कोई परेशानी न हो, 2019 के शासनादेश और शक्ति वाहिनी बनाम भारत संघ (सुप्रा) में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक आगे कार्यवाही की जाय। कोर्ट ने कहा कि बड़ी संख्या में युवा जोड़े अपनी जान और आज़ादी की सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटा रहे हैं, इसे देखते हुए कोर्ट ने शक्ति वाहिनी बनाम भारत संघ में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर ध्यान देने के बाद राज्य के अधिकारियों को एक असरदार सिस्टम बनाने और ज़िला लेवल पर ऐसे मामलों को सुलझाने के लिए गाइडलाइन बनाने का निर्देश दिया। इन निर्देशों के मुताबिक, राज्य सरकार ने 31 अगस्त, 2019 को एक शासनादेश जारी किया, जिसमें शादी या किसी भी सहमति से बने रिश्ते से पैदा होने वाले खतरों का सामना कर रहे जोड़ों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी रोकथाम, सुधार और सज़ा के उपाय बताए गए। शासनादेश में कहा गया है कि खाप पंचायतों या इज़्ज़त से जुड़ी धमकियों से जुड़े मामलों को गंभीर मामला माना जाएगा। परिवार के विरोध के दूसरे मामलों में, अधिकारियों की ज़िम्मेदारी है कि वे जोखिम का अंदाज़ा लगाएँ और सही राहत दें। इन निर्देशों का पालन न करने पर हाईकोर्ट ने कहा की विभागीय कार्यवाही कर सज़ा दी जाएगी। कोर्ट ने कहा कि 2019 के शासनादेश में दिए गए निर्देश सभी संबंधित अधिकारियों के लिए ज़रूरी हैं और उनका सख्ती से पालन किया जाएगा।
लखनऊ के सीजी सिटी में कैंसर अस्पताल के पास 20 एकड़ में ‘अर्बन पार्क–द गार्डन ऑफ फाइव सेंसेज’ विकसित किया जाएगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) इस पार्क को 28 करोड़ रुपए की लागत से तैयार कर रहा है। गुरुवार को एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को पार्क को पांच इंद्रियों की थीम पर विकसित करने के निर्देश दिए। यह पार्क शहर का पहला ऐसा थीम पार्क होगा, जहां बच्चों और युवाओं को दृश्य, ध्वनि, स्पर्श, गंध और स्वाद से जुड़ा अनुभव एक ही स्थान पर मिलेगा। अलग-अलग इंस्टॉलेशन और उपकरणों के जरिए पांचों इंद्रियों को महसूस कराने की व्यवस्था की जाएगी। ग्रीन रूफ लाइब्रेरी और स्पोर्ट्स एरीना पार्क में शहर की पहली ग्रीन रूफ लाइब्रेरी बनाई जाएगी। इसकी छत पर हरियाली विकसित की जाएगी, जो इसे खास पहचान देगी। इसके अलावा करीब 600 मीटर लंबा जॉगिंग ट्रैक और पाथ-वे तैयार होगा। बच्चों के लिए किड्स प्ले एरिया, ओपन जिम और एक बड़ा स्पोर्ट्स एरीना भी बनाया जाएगा। स्पोर्ट्स एरीना में बैडमिंटन, बास्केटबॉल, टेनिस कोर्ट और बॉक्स क्रिकेट जैसी सुविधाएं होंगी। इसे पार्क के किनारे विकसित किया जाएगा, ताकि बाहरी लोग भी सीधे प्रवेश कर सकें। एक एकड़ में वॉटर बॉडी, फ्रेगरेंस गार्डन करीब एक एकड़ क्षेत्र में आकर्षक वॉटर बॉडी बनाई जाएगी। इसके किनारे फ्रेगरेंस गार्डन विकसित होगा, जहां खुशबूदार पौधे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही लगभग 300 लोगों की क्षमता वाला एम्फीथियेटर और फूड कोर्ट भी बनाया जाएगा, जिससे यह स्थान सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों का केंद्र बन सके। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि पार्क को आधुनिक शहरी जरूरतों के अनुरूप डिजाइन किया जा रहा है, ताकि यह परिवारों, बच्चों और युवाओं के लिए आकर्षण का केंद्र बने। इकाना स्टेडियम के पास बनेगी 500 वाहनों की मल्टीलेवल पार्किंग सीजी सिटी में इकाना क्रिकेट स्टेडियम के पीछे फाइन डाइन योजना के भूखंडों के पास डबल बेसमेंट मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण शुरू हो गया है। इसकी छत पर हरियाली विकसित की जाएगी और हॉर्टीकल्चर कार्य कराया जाएगा। यहां एक साथ 500 से अधिक वाहन खड़े किए जा सकेंगे। उपाध्यक्ष ने मीडियन पर फूलदार पौधे लगाने के भी निर्देश दिए। 38 करोड़ से बनेगा डेढ़ किमी लंबा नाला योजना क्षेत्र में जल निकासी के लिए करीब 38 करोड़ रुपए की लागत से डेढ़ किलोमीटर लंबा नाला बनाया जा रहा है। इकाना स्टेडियम और वेटलैंड के पास निर्माणाधीन नाले का निरीक्षण करते हुए उपाध्यक्ष ने सुरक्षा के लिहाज से इसे कवर करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सीएसआई टावर में लिफ्ट संचालन में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित संस्था मेसर्स असलम आगा के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। इस मौके पर मुख्य अभियंता मानवेन्द्र सिंह, अधीक्षण अभियंता नवनीत शर्मा और प्रभारी अधिकारी अर्जन विपिन शिवहरे सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
श्री पंच अग्नि अखाडे़ के महामंडलेश्वर और कथावाचक उत्तम स्वामी पर राजस्थान निवासी एक युवती ने दुष्कर्म करने के आरोप लगाए हैं। युवती ने 12 फरवरी को दिल्ली पुलिस कमिश्नर को ई-मेल भेजकर सुरक्षा की मांग भी की है। पीड़िता का कहना है कि एफआईआर दर्ज करवाने की भनक लगते ही उसे धमकियां मिलने लगी हैं। उत्तम स्वामी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं। उनके करीबी लोग समझौते का दबाव बना रहे हैं। युवती ने ई-मेल में लिखा है कि उसके और उसके परिवार के बारे में बेहद निजी जानकारी रखी जा रही है। उसे नुकसान पहुंचाए जाने की आशंका है। पीड़िता ने कहा- धर्म की आड़ में कई साल किया यौन शोषणयुवती ने आरोप लगाया है कि उत्तम स्वामी कई साल से उसका यौन शोषण कर रहा था। जब वह नाबालिग थी, तभी से धर्म की आड़ में उसके साथ गलत काम किए गए। उसने विरोध किया तो उसे डराया-धमकाया गया। उत्तम स्वामी के प्रभाव के कारण लंबे समय तक वह शिकायत नहीं कर सकी। पीड़िता ने यह भी कहा है कि उसके पास आरोपों से जुड़े सबूत हैं और वह कानून की मदद लेना चाहती है। उसने आशंका जताई है कि आरोपी के प्रभाव के कारण साक्ष्यों से छेड़छाड़ की जा सकती है। पीड़िता के अंग्रेजी में भेजे गए ईमेल का हिन्दी में अनुवाद…मैं (पीड़िता) अपने लिए तत्काल पुलिस सुरक्षा का औपचारिक अनुरोध करने के लिए यह पत्र लिख रही हूं। मुझे उत्तम स्वामी (आरोपी) द्वारा गंभीर यौन अपराध (बलात्कार) का शिकार बनाया गया है। मैं भारतीय न्याय संहिता (BNS)/भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं के अंतर्गत औपचारिक शिकायत दर्ज कराने वाली हूं। आरोपी स्वयंभू आध्यात्मिक व्यक्ति है, जिसका काफी प्रभाव और बड़ा अनुयायी वर्ग है। उसे हाल ही में मेरे द्वारा कानूनी कार्रवाई करने के इरादे की जानकारी मिल गई है। तब से मुझे एफआईआर दर्ज होने से रोकने और चुप कराने के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष धमकियां दी जा रही हैं। आरोपी के “गॉडमैन” जैसे प्रभाव के कारण गवाहों को प्रभावित करने, शारीरिक डराने-धमकाने और सबूत नष्ट करने का गंभीर खतरा है। आरोपी के पास मेरे आवागमन पर नजर रखने के संसाधन हैं, जिससे मैं अत्यंत असुरक्षित महसूस कर रही हूं। साथ ही, मीडिया में खबरें आने और आरोपी को मेरी पहचान पता चलने के कारण मेरी सुरक्षा खतरे में है। आरोपी ने धर्म और आस्था के नाम पर मुझे बहला-फुसलाकर कई स्थानों पर मेरे साथ बलात्कार किया है। बलात्कार के अतिरिक्त उस पर धोखाधड़ी, छल और आपराधिक विश्वासघात के भी आरोप हैं। मैं निवेदन करती हूं कि मेरे वर्तमान निवास पर 247 पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए। कृपया मेरी पहचान और वर्तमान स्थान को गोपनीय रखा जाए। हमें आपके कार्यालय की प्रतिबद्धता पर विश्वास है और आशा है कि भय के कारण न्याय बाधित नहीं होने दिया जाएगा। कांग्रेस ने की जांच और कार्रवाई की मांगउत्तम स्वामी पर लगे दुष्कर्म के आरोपों को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के मीडिया सलाहकार केके मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्वीट कर मामले में भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े नेताओं की जांच और कार्रवाई की मांग की है। भाजपा या प्रशासन की तरफ से प्रतिक्रिया नहींफिलहाल, मामले को लेकर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, पुलिस या प्रशासन की तरफ से भी इस ट्वीट के संबंध में कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। श्री पंच अग्नि अखाड़ा (शंभू पंच अग्नि अखाड़ा) का मुख्यालय उत्तर प्रदेश के वाराणसी में है। इसकी शाखाएं प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन, नासिक और जूनागढ़ में भी हैं। अखाड़े के महामंडलेश्वर ईश्वरानन्द महाराज को ध्यान योगी उत्तम स्वामी के नाम से भी जाना जाता है। उत्तम स्वामी का जन्म महाराष्ट्र के अमरावती जिले के लोहगांव में हुआ था। ये खबर भी पढ़ें… महंत ने मंदिर परिसर में छात्रा से रेप किया शिवपुरी में एक महंत ने मंदिर परिसर में 11वीं की दिव्यांग छात्रा से रेप किया। इसका खुलासा तब हुआ, जब छात्रा प्रेग्नेंट हो गई। महंत का नाम रामकिशोर दास है। वो कोलारस क्षेत्र के लुकवासा के इसी भाटी सरकार हनुमान मंदिर में दरबार भी लगाता था। पढ़ें पूरी खबर…
मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के माधवपुरम में गुरुवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब एक विशेष समुदाय के जिम ट्रेनर और हिन्दू युवती के रेस्टोरेंट में होने की सूचना बजरंगदल के कार्यकर्ताओं को मिली। सूचना पर बड़ी संख्या में हिंदू संगठन के लोग मौके पर पहुंच गए उन्होंने विशेष समुदाय के युवक को पड़कर उसकी जमकर पिटाई कर दी। बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए ट्रेनर को हिरासत में ले लिया और युवती को थाने पहुंचाया। जानकारी के अनुसार युवती इलाके के एक जिम में ट्रेनिंग के लिए आती थी, जहां उसकी पहचान जिम ट्रेनर से हो गई, गुरुवार रात को दोनों शारदा रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में मिले थे। इसी बीच किसी ने उन्हें साथ देखा और इसकी सूचना हिंदू संगठन और बजरंग दल के लोगों को दे दी। सूचना मिलते ही बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ता रेस्टोरेंट पहुंच गए। वहां दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई और माहौल गर्मा गया। ट्रेनर ने भागने की कोशिश करने की लेकिन कार्यकर्ताओं ने उसे पकड़ लिया और जमकर पिटाई कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह स्थिति को संभाला और युवक को अपने साथ थाने ले आई। बताया जा रहा है पुलिस ने उसे जिला अस्पताल इलाज के लिए भेज दिया है।घटना के दौरान हिंदू संगठन के अमित गुप्ता, विशाल धानक, अमन राजपूत, रचित सक्सेना, करण, आयुष गुप्ता, अंश प्रजापति और वसु ठाकुर मौजूद रहे । थाने पर संगठन के पदाधिकारियों ने आरोपी के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। ब्रह्मपुरी थाना प्रभारी राकेश कंबोज का कहना है कि युवक से पूछताछ की जा रही है। युवती के परिजनों को बुलाकर उन्हें सौंप दिया गया है। मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को बागेश्वर धाम आएंगे। वे यहां आयोजित सप्तम कन्या विवाह महोत्सव में शामिल होंगे, जहां 300 बेटियों का विवाह कराया जा रहा है। महोत्सव के मंडप कार्यक्रम के अवसर पर हल्दी की रस्म भी की जाएगी। मुख्यमंत्री के दोपहर 3 बजे पहुंचने की सूचना है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वे दोपहर 3:45 बजे हेलीकॉप्टर से बागेश्वर धाम पहुंचेंगे। कार्यक्रम के बाद, शाम 5:20 बजे वे खजुराहो एयरपोर्ट से विमान द्वारा भोपाल के लिए रवाना हो जाएंगे। इसी दिन, पूज्य संतों की उपस्थिति में गुरुकुलम का भी शुभारंभ किया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों को शस्त्र और शास्त्र दोनों की शिक्षा प्रदान करना है। यहां वैदिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा भी दी जाएगी। गुरुकुलम के शुभारंभ के लिए अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक रमेश भाई ओझा और सीहोर वाले प्रदीप मिश्रा बागेश्वर धाम पहुंच रहे हैं। ये दोनों प्रख्यात संत पहली बार धाम आ रहे हैं। गुरुकुलम की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और इसकी शुरुआत गौशाला परिसर में होगी। प्राकृतिक परिवेश में 31 बच्चों को गुरुकुल परंपरा के तहत शिक्षा दी जाएगी, जिसके लिए बनारस के विद्वान आचार्य नियुक्त किए गए हैं। कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने संपूर्ण कार्यक्रम के लिए सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
यदि आप अपने वाहन के लिए NHAI FASTag का एनुअल पास बनवाने या रिन्यू कराने की योजना बना रहे हैं, तो सतर्क हो जाइए। साइबर ठगों ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की नकली वेबसाइट बनाकर लोगों को ठगने का नया तरीका अपनाया है। राजस्थान पुलिस के डीजीपी साइबर क्राइम संजय अग्रवाल ने इस संबंध में एडवाइजरी जारी कर आमजन को सावधान रहने की अपील की है। गूगल सर्च के टॉप रिजल्ट में छुपा है ठगी का खेल डीजीपी संजय अग्रवाल ने बताया कि साइबर अपराधी Google Ads और SEO तकनीक का इस्तेमाल कर अपनी फर्जी वेबसाइटों को गूगल सर्च में नंबर-1 पर दिखा रहे हैं। लोग पहले लिंक को असली समझकर उस पर क्लिक कर देते हैं, जबकि वह Sponsored फर्जी वेबसाइट होती है। इन साइट्स का डिजाइन और लोगो बिल्कुल NHAI की आधिकारिक वेबसाइट जैसा होता है, जिससे पहचान करना मुश्किल हो जाता है। क्यूआर कोड स्कैन करते ही उड़ जाते हैं पैसे एडवाइजरी के अनुसार, ये फर्जी वेबसाइटें FASTag एनुअल पास के नाम पर करीब 3000 रुपये की मांग करती हैं। भुगतान के लिए क्यूआर कोड दिया जाता है। जैसे ही कोई व्यक्ति इसे स्कैन करता है, राशि सरकारी खाते में जाने के बजाय ठगों के म्यूल अकाउंट में ट्रांसफर हो जाती है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भुगतान कभी भी व्यक्तिगत नाम पर नहीं मांगा जाता। फर्जी लिंक और URL से रहें सतर्क पुलिस ने बताया कि annualtollpass.com, annualtollpasss.com जैसे मिलते-जुलते नामों वाली वेबसाइटें आम लोगों को भ्रमित करती हैं। ऐसे लिंक पर क्लिक करने से बचना जरूरी है और वेबसाइट के पते की सही जांच करना चाहिए। सिर्फ आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही करें भुगतान FASTag पास खरीदने या रिन्यू कराने के लिए केवल Rajmarg Yatra आधिकारिक ऐप या अधिकृत बैंक पोर्टल का ही उपयोग करें। किसी अन्य वेबसाइट या लिंक से भुगतान करना जोखिम भरा हो सकता है। भुगतान से पहले प्राप्तकर्ता का नाम जरूर देखें यदि ऑनलाइन भुगतान के दौरान किसी व्यक्ति का नाम दिखाई दे, तो तुरंत प्रक्रिया रोक दें। सरकारी भुगतान हमेशा अधिकृत संस्थान के नाम से ही होते हैं। ठगी होने पर तुरंत दर्ज कराएं शिकायत यदि कोई व्यक्ति इस तरह की साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो बिना समय गंवाए तुरंत शिकायत दर्ज करानी चाहिए— साइबर हेल्पलाइन नंबर: 1930राजस्थान पुलिस हेल्पडेस्क: 9256001930, 9257510100शिकायत पोर्टल: cybercrime.gov.in राजस्थान पुलिस ने आमजन से अपील की है कि ऑनलाइन लेन-देन के दौरान पूरी सतर्कता बरतें और किसी भी संदिग्ध लिंक, वेबसाइट या ऑफर से दूरी बनाए रखें, ताकि साइबर अपराध से सुरक्षित रहा जा सके।
अलीगढ़ में वर्ष 2012 में थाना गांधीपार्क क्षेत्र में हुए चर्चित हत्या कांड में करीब 12 साल 9 माह बाद अदालत ने फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-6 अलीगढ़ नवल किशोर सिंह ने तीनों आरोपियों किशनवीर, राकेश और रूपकिशोर को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक दोषी पर 30-30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। मृतक की पत्नी को मिलेगी 50 फीसदी धनराशि अदालत ने आरोपियों को हत्या में उम्रकैद और 20 हजार रुपए जुर्माना लगाया है। वहीं, साक्ष्य मिटाने में दोषी पाते हुए पांच साल का कठोर कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कोर्ट ने आदेश दिया है कि वसूली गई जुर्माने की राशि का 50 प्रतिशत मृतक की पत्नी को दिया जाएगा। यह था मामला एडीजीसी कृष्ण मुरारी जौहरी ने बताया कि घटना 2 सितंबर 2012 की है। चोब सिंह 80 हजार रुपए में अपनी भैंस बेचकर लौटे थे। वह नगला मान सिंह की पुलिया पर बैठे थे, तभी गांव के ही किशनवीर, राकेश और रूपकिशोर उन्हें अपने साथ ले गए। आरोप है कि तीनों ने शराब पिलाकर रुपए लूट लिए। इसके बाद हत्या कर शव को अकराबाद क्षेत्र के अधौन गांव के जंगल में फेंक दिया। पत्नी ने की थी शिनाख्त 5 सितंबर 2012 को अधौन गांव में अज्ञात शव मिलने की खबर की जानकारी मिली। इसकी जानकारी पर मृतक की पत्नी विमलेश परिजन के साथ अस्पताल पहुंचीं और शव की शिनाख्त चोब सिंह के रूप में की। इसके बाद गांधीपार्क थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। 12 साल बाद आया फैसला मामला 17 अप्रैल 2013 को सत्र न्यायालय में विचारण के लिए पंजीकृत हुआ। पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोपपत्र दाखिल किया। करीब 12 साल चली सुनवाई, गवाहों के बयान और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद गुरुवार को अदालत ने फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि मामला ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए मृत्युदंड के बजाय आजीवन कारावास उपयुक्त है। हालांकि धारा 364/34, 392 और 411 आईपीसी में आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। फैसले के बाद तीनों दोषियों को न्यायिक हिरासत में लेकर जिला कारागार भेज दिया गया।
यीडा में बनेगा सबसे बड़ा ग्रीन एआई हब:AM ग्रुप और Invest UP में समझौता, 25 बिलियन डॉलर का निवेश
उत्तर प्रदेश को वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। ग्रीनको ग्रुप के संस्थापकों द्वारा समर्थित एएम ग्रुप और राज्य की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी 'इन्वेस्ट यूपी' के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते के तहत यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में 1 गीगावॉट (GW) क्षमता का हाई-परफॉर्मेंस एआई कंप्यूट हब स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना में लगभग 25 बिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 2.1 लाख करोड़ रुपये) का भारी निवेश किया जाएगा। यह हब 5 लाख अत्याधुनिक हाई-परफॉर्मेंस चिपसेट्स से सुसज्जित होगा, जिसका उद्देश्य भारत की संप्रभु एआई (Sovereign AI) क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने इस परियोजना के लिए सेक्टर 28 और 8D में कुल 289 एकड़ भूमि के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) जारी कर दिया है। परियोजना को विभिन्न चरणों में विकसित किया जाएगा। पहले चरण का संचालन 2028 तक शुरू होने का लक्ष्य है, और 2030 तक यह अपनी पूर्ण 1 गीगावॉट क्षमता के साथ कार्य करने लगेगा। यह केंद्र केवल डेटा प्रोसेसिंग तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ऊर्जा, स्वास्थ्य, ऑटोमोबाइल और विनिर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए अनुकूलित एआई समाधान (इंटेलिजेंट टोकन) भी प्रदान करेगा। इस एआई हब की एक प्रमुख विशेषता इसका पर्यावरण के अनुकूल होना है। यह दुनिया के उन चुनिंदा डेटा सेंटरों में से एक होगा जो 24x7 कार्बन-मुक्त ऊर्जा से संचालित होंगे। इसके संचालन के लिए सौर, पवन और पम्प्ड स्टोरेज आधारित बिजली का उपयोग किया जाएगा, जो एएम ग्रुप की टिकाऊ विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश में हजारों उच्च-कुशल तकनीकी नौकरियों का सृजन करेगी। इसके अतिरिक्त, यह हार्डवेयर निर्माण और कूलिंग सिस्टम जैसी सहायक इकाइयों के लिए एक मजबूत स्थानीय इकोसिस्टम विकसित करेगी, जिससे राज्य में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आकर्षित होने की उम्मीद है।
लखनऊ में भारतीय लोकनाट्य परंपरा की झलक:भारतेंदु नाट्य अकादमी ने किया ओडिशा की 'झिमिटी खेला' का मंचन
लखनऊ में भारतीय लोकनाट्य परंपरा की एक अनूठी झलक देखने को मिला। भारतेंदु नाट्य अकादमी, लखनऊ ने स्पेस अकादमी, भुवनेश्वर के सहयोग से ओडिशा की पारंपरिक नाट्य शैली 'झिमिटी खेला' का मंचन किया। यह प्रस्तुति अकादमी के प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों का विशेष प्रोडक्शन है, जिसे लोक कला अध्ययन (ओडिशा) परियोजना के तहत तैयार किया गया है। 'झिमिटी खेला' ओडिशा की सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा एक लोकनाट्य रूप है। इसमें सरला महाभारत की कथाओं को लय, अनुष्ठान और सामूहिक अभिनय के माध्यम से जीवंत किया जाता है। युवा कलाकारों ने अपनी रचनात्मक ऊर्जा और अनुशासित रंग-साधना से इस पारंपरिक कला को आधुनिक रंगभाषा में प्रस्तुत किया। लोक परंपरा मंच पर जीवंत रूप में दिखाई दी इस नाटक का लेखन और निर्देशन प्रख्यात रंगकर्मी सत्यव्रत राउत ने किया है। इसे छाऊ मूवमेंट और कोरियोग्राफी गुरु सदाशिव प्रधान का मार्गदर्शन भी मिला। संगीत, प्रकाश और रंग संयोजन के सामूहिक प्रयास से यह प्रस्तुति एक प्रभावशाली रंगानुभव बन गई, जिसमें परंपरा मंच पर जीवंत रूप में दिखाई दी। यह नाट्य प्रस्तुति आज संत गाडगे जी महाराज प्रेक्षागृह, उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी परिसर, गोमतीनगर में मंचित की गई। आयोजकों ने रंग-रसिकों और संस्कृति प्रेमियों से ऐसे कार्यक्रमों में शामिल होकर युवा कलाकारों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है।
बरेली के गांव में बिना लाइसेंस मेडिकल स्टोर मिला:औषधि विभाग ने छापेमारी कर 50 हजार की दवाएं जब्त कीं
बरेली के फतेहगंज पूर्वी थाना क्षेत्र के पढ़ेरा गांव में औषधि विभाग ने एक बिना लाइसेंस वाले मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। गुरुवार को हुई इस कार्रवाई में टीम ने लगभग 50 हजार रुपये मूल्य की एलोपैथिक दवाएं जब्त कीं। यह छापेमारी ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे अवैध दवा कारोबार को उजागर करती है। सूचना मिलने पर औषधि निरीक्षक राजेश कुमार और अनामिका अंकुर जैन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि देशदीपक सिंह के नाम से संचालित इस मेडिकल स्टोर पर भारी मात्रा में दवाओं का स्टॉक मौजूद था। हालांकि, स्टोर संचालक कोई वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद टीम ने तत्काल दवाओं का स्टॉक जब्त कर संचालक को नोटिस जारी किया। अधिकारियों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में बिना लाइसेंस के दवा बिक्री का प्रचलन मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। बिना प्रशिक्षित व्यक्तियों द्वारा दवाओं का वितरण गलत दवाओं की बिक्री, एक्सपायरी स्टॉक और बिना डॉक्टर के पर्चे के दवाओं के वितरण की आशंका को बढ़ाता है। छापेमारी के दौरान पांच संदिग्ध दवाओं के नमूने लेकर राजकीय प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई और मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जाएगी। औषधि विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में बिना लाइसेंस संचालित मेडिकल स्टोरों के खिलाफ अभियान तेज किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य की कार्रवाइयों में दवाओं की सप्लाई चेन और उनके स्रोत की भी गहन जांच की जाएगी, ताकि अवैध दवा नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचा जा सके।
बरेली मेंएंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) यूनिट बरेली और सुभाषनगर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध अफीम तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने 4 किलोग्राम अवैध अफीम, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये है, के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 12 फरवरी 2026 को सूचना पर की गई। पुलिस के अनुसार, वीरेंद्र (34 वर्ष), निवासी ग्राम बरसेर, थाना सिरौली, जनपद बरेली को मदर्स पब्लिक स्कूल से लगभग 150 मीटर आगे रामगंगा रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाली सड़क पर गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 4 किलो अफीम के अलावा एक मोबाइल फोन और 3400 रुपये नकद बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी वीरेंद्र ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह अपने साथी 'गुड्डू' (निवासी लमारी गांव) के साथ मिलकर अफीम तस्करी का काम करता है। गुड्डू के संपर्क झारखंड में हैं, जहां से अफीम मंगाई जाती थी। वीरेंद्र झारखंड जाकर माल लाता था और उसे गुड्डू को सौंप देता था। गुड्डू इस अफीम को आगे पंजाब तक सप्लाई करता था। तस्करी से होने वाले मुनाफे को वीरेंद्र और गुड्डू आपस में बांट लेते थे। इस खुलासे से स्पष्ट होता है कि यह केवल स्थानीय स्तर का मामला नहीं, बल्कि एक अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का हिस्सा है। गिरफ्तार आरोपी वीरेंद्र के खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत थाना सुभाषनगर, बरेली और थाना बिनावर, जनपद बदायूं में मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई कर उसे न्यायालय में पेश किया है। अधिकारियों ने बताया कि फरार आरोपी 'गुड्डू' और झारखंड कनेक्शन की भी गहनता से जांच की जा रही है। जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह, उपनिरीक्षक विकास यादव, उपनिरीक्षक होराम, हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार, कांस्टेबल लख्मी चंद और कांस्टेबल सूरज कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
लखनऊ में प्रतिबंधित मांझे पर सख्ती:चौक कोतवाली में जनसुरक्षा बैठक, लोगों ने ली शपथ
लखनऊ के चौक कोतवाली परिसर में गुरुवार को जनसुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता डीसीपी पश्चिम ने की। बैठक में सीओ चौक, सीओ बाजारखाला, लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र, क्षेत्रीय पार्षद व व्यापार मंडल के महामंत्री अनुराग मिश्र, पतंग एसोसिएशन के पदाधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में पतंग प्रेमी नागरिक शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य धारदार और प्रतिबंधित मांझे से होने वाली दुर्घटनाओं तथा जनहानि की रोकथाम पर चर्चा करना था। इस दौरान डीसीपी पश्चिम ने पतंग उड़ाने वाले नागरिकों और विक्रेताओं को सामूहिक रूप से शपथ दिलाई कि वे किसी भी प्रकार के धारदार या प्रतिबंधित मांझे का इस्तेमाल नहीं करेंगे। कई लोगों ने स्वेच्छा से अपने पास मौजूद प्रतिबंधित मांझा पुलिस के सामने जमा भी कराया। प्रतिबंधित मांझे की खरीद-बिक्री के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी डीसीपी पश्चिम ने कहा कि धारदार मांझे का उपयोग न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि यह आम लोगों, दोपहिया वाहन चालकों और पक्षियों के लिए बेहद खतरनाक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित मांझे की खरीद-बिक्री या उपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने जनसुरक्षा को सबसे महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि मनोरंजन ऐसा होना चाहिए जिससे किसी की जान को खतरा न हो। मिश्र ने प्रतिबंधित मांझे के बहिष्कार और सुरक्षित विकल्प अपनाने की अपील की। वहीं, पार्षद अनुराग मिश्र ने नागरिकों से जागरूकता फैलाने और साधारण धागे के उपयोग पर जोर दिया।बैठक के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने प्रशासन को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की पहल से समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा और जनसुरक्षा मजबूत होगी।
मैनपुरी के कुर्रा थाना क्षेत्र में गुरुवार देर शाम तखरऊ नहर पुल पर एक दर्दनाक हादसा हो गया। एक अज्ञात व्यक्ति ने नहर में छलांग लगा दी। उसे डूबता देख पास मौजूद एक मछुआरा बचाने के लिए कूद गया, लेकिन वह भी गहरे पानी में समा गया। देर रात तक दोनों का कोई सुराग नहीं मिल सका। पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं। जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम एक व्यक्ति नहर पुल पर पहुंचा, कपड़े उतारे और अचानक नहर में कूद गया। आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही वह गहरे पानी में चला गया। ग्राम सड़ निवासी मछुआरा राजू पुत्र किशन लाल कश्यप ने उसे बचाने के लिए तुरंत नहर में छलांग लगा दी, लेकिन कुछ ही देर में दोनों पानी में लापता हो गए। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। कुर्रा थाना प्रभारी विक्रांत कुमार पुलिस बल के साथ पहुंचे और तलाश अभियान शुरू कराया। देर रात तक कोई सफलता नहीं मिलने पर सीओ अजय सिंह चौहान, तहसीलदार संतोष राजोरिया और करहल थाना प्रभारी महाराज सिंह भाटी भी घटनास्थल पर पहुंचे। दोनों के न मिलने से आक्रोशित ग्रामीणों ने कुछ देर के लिए पुल पर जाम लगाकर नारेबाजी की। पुलिस अधिकारियों ने समझाइश देकर जाम खुलवाया। इसके बाद राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम को बुलाया गया, जो नहर में सर्च ऑपरेशन चला रही है। नहर में कूदने वाला पहला व्यक्ति अज्ञात बताया जा रहा है। उसकी पहचान और छलांग लगाने के कारणों की जांच की जा रही है। मछुआरे राजू के परिजन और ग्रामीण घटना से चिंतित हैं। रात का अंधेरा और नहर किनारे झाड़ियां होने के कारण बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। ग्रामीणों के बीच हाल ही में नहर में मगरमच्छ देखे जाने की चर्चा भी चिंता बढ़ा रही है। सीओ अजय चौहान ने बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति के नहर में कूदने के बाद उसे बचाने के लिए दूसरा व्यक्ति भी कूदा था। फिलहाल दोनों का कोई पता नहीं चल सका है। एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
मुरादाबाद देहात सीट से भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके कोठीवाल डेंटल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर के डायरेक्टर केके मिश्रा ने लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की है। इस मुलाकात में कुंदरकी विधायक ठाकुर रामवीर सिंह भी उनके साथ मौजूद थे। इस मुलाकात के बाद सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि क्या ठाकुर रामवीर सिंह महानगर सीट पर केके मिश्रा को बतौर दावेदार पार्टी के नए संगठन के सामने पेश रहे हैं। रामवीर ठाकुर और केके मिश्रा की नजदीकियां किसी से छुपी नहीं हैं। मुरादाबाद से लेकर लखनऊ तक होने वाले ठाकुर रामवीर के सियासी कार्यक्रमों में केके मिश्रा ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया है। ठाकुर रामवीर सिंह और शहर विधायक रितेश गुप्ता के बीच की खटास किसी से छुपी नहीं है। ऐसे में इस मुलाकात को शहर सीट पर केके मिश्रा की दावेदारी की पहल के रूप में देखा रहा है। केके मिश्रा पहले भी शहर सीट पर दावा पेश कर चुके हैं। 2022 में भी पार्टी संगठन के सामने उनकी ओर से ये तर्क रखा गया था कि करीब 60 हजार ब्राहम्मण वोटों वाली महानगर सीट पर किसी ब्राहम्मण नेता को मौका दिया जाना चाहिए।भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से रामवीर सिंह की नजदीकियां जगजाहिर हैं। भाजपा के सूत्र बताते हैं कि रामवीर खुद का राजनीतिक कद बढ़ाने के लिए इस कोशिश में जुटे हैं कि 2027 में उनकी पसंद के कुछ टिकट फाइनल हो जाएं। अपने इसी सपने को पूरा करने के लिए रामवीर सिंह लॉबिंग में जुटे हैं।
महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने स्वच्छता को जन-जन की मुहिम बनाने की आवश्यकता जताई है। वह स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की दृष्टिगत स्वच्छ भारत मिशन नगरी के तत्वावधान में कल्याण मंडप 'मंगलम' में आयोजित मंडलीय कार्यशाला को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का उद्घाटन किया।मुख्य अतिथि ने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि शहरों को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाने का अभियान है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, स्रोत पर कचरा पृथक्करण, सिंगल यूज प्लास्टिक पर नियंत्रण तथा सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को लेकर वातावरण बनाने की जरूरत है। जब हर व्यक्ति स्वच्छता के लिए गंभीर होगा तो हर हाल में नगर की रैंकिंग ऊपर आएगी।नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने कहा कि पान अथवा तंबाकू की पीच स्वच्छता पर धब्बा है। उन्होंने अधिकारियों को अपने कार्यालय से स्वच्छता की मुहिम छेड़ने का सुझाव दिया। उन्होंने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्लम एरिया में सफाई, डोर-टू-डोर नियमित जाने, स्कूलों एवं सार्वजनिक स्थलों पर डस्टबिन का प्रबंध करने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। कार्यशाला का संचालन सहायक नगर आयुक्त गुरुप्रसाद पांडेय ने किया। अपर आयुक्त भारत भार्गव के नेतृत्व में अयोध्या मंडल के सभी नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी, सफाई निरीक्षक, स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर तथा संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।कार्यशाला का उद्देश्य स्वच्छता सर्वेक्षण के नवीन मानकों, रैंकिंग प्रक्रिया एवं मूल्यांकन बिंदुओं की विस्तृत जानकारी देना तथा नगर निकायों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना रहा। अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरएम शुक्ल की अगुवाई में किया गया। इस मौके पर विशेषज्ञों ने पावर पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से सर्वेक्षण के विभिन्न घटकों सर्विस लेवल प्रोग्रेस, सर्टिफिकेशन एवं नागरिक फीडबैक की विस्तार से जानकारी दी। जीवीपी (गार्बेज वल्नरेबल प्वाइंट) मुक्त शहर बनाने, कचरा प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने तथा कम्पोस्टिंग एवं रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।कार्यशाला में अधिकारियों ने अपने-अपने नगरों की वर्तमान स्थिति प्रस्तुत की और चुनौतियों पर चर्चा की। अंत में सभी निकायों ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 में बेहतर रैंकिंग प्राप्त करने के लिए समन्वित प्रयास करने का संकल्प लिया। महापौर एवं नगर आयुक्त ने परिसर में पौधरोपण भी किया। यह एक जीरो वेस्ट प्लास्टिक मुक्त इवेंट था, जिसमें प्लास्टिक का प्रयोग नहीं किया गया। खाने के लिए बगास का कप- प्लेट व चम्मच का इस्तेमाल किया गया। इस जीरो वेस्ट प्लास्टिक फ्री इवेंट के प्रमाणन के लिए अवध विश्वविद्यालय से पर्यावरण विभाग के प्रोफेसर संजीव श्रीवास्तव अपनी प्रशिक्षु टीम के साथ उपस्थित रहे।निदेशालय की टीम सहायक निदेशक स्थानीय नगरीय निकाय लखनऊ एवं आईसी एक्सपर्ट डॉ. सीमा सिंह, मुख्य प्रशिक्षक जिओ स्टेट नवनीत कुमार शामिल रहे।मंडल की पांच जिलों के कुल 38 अधिशासी अधिकारी, मंडलीय कार्यक्रम प्रबंधक वैभव पांडेय, पांच जनपदों के जिला कार्यक्रम प्रबंधक सम्मिलित रहे। व्यवस्था में नगर निगम के अवर अभियंता जलकल जयकुमार एवं मुख्य सफाई निरीक्षक राजेश झा का सहयोग रहा।
बदायूं में एक घी व्यापारी का शव उसकी कार में मिला है। पुलिस ने डस्टर कार के शीशे तोड़कर शव को बाहर निकाला। मृतक की गर्दन पर पॉलीथिन लिपटी हुई थी, जिसमें एक पतला पाइप लगा था जो नाइट्रोजन सिलेंडर से जुड़ा था। कार से सल्फास की एक डिब्बी भी मिली है। पुलिस ने कार का शीशा तोड़कर गेट खोला। व्यापारी के शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परिजनों ने व्यापारी की हत्या की आशंका जताई है। मामला अलापुर थाना क्षेत्र के एमएफ हाईवे स्थित नखाशा बाजार का है। अब जानिए पूरा मामला… व्यापारी की पहचान सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला ब्राहमपुर निवासी 30 साल के अमन साहू पुत्र बाबूराम साहू के रूप में हुई है। अमन घी व्यापारी थे। उनकी दुकान शहर में जैन मंदिर के पास है। गुरुवार को वह बिसौली जाने की बात कहकर घर से निकले थे। गुरुवार देर शाम उनका शव संदिग्ध परिस्थितियों में एमएफ हाईवे स्थित नखाशा बाजार में कार के अंदर मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। कार पूरी तरह बंद थी। इसके बाद पुलिस ने शीशे तोड़कर शव को बाहर निकाला। व्यापारी की गर्दन पर पॉलीथिन लिपटी थी। इसमें लगा पतला पाइप कार में रखे नाइट्रोजन सिलेंडर से जुड़ा था। पुलिस अमन साहू को जिला अस्पताल ले गई। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई। परिजन शव को स्ट्रेचर समेत पहले अपने घर ले गए, लेकिन बाद में पुलिस घर पहुंची। शव को वापस जिला अस्पताल लाया गया। शव को मोर्चरी में रखवाकर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। परिजनों ने बताया- अमन दो भाइयों में छोटे थे। उनकी एक बेटी है। परिवार उनकी मौत के बाद बेटी के भविष्य को लेकर चिंतित है। अलापुर के एसएचओ अजय विष्ट ने बताया- मामले की जांच शुरू कर दी गई है। फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर जांच में जुटी हुई है। पुलिस को अमन की कार से सल्फास की एक डिब्बी भी मिली है। परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं। जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
प्रयागराज के अमिताभ बच्चन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्थित हॉस्टल में 17 वर्षीय वॉलीबॉल खिलाड़ी प्रत्यूष राय की मौत के मामले में तीसरे दिन एक और मोड़ आया। घर वालों ने आरोप लगाया की साजिश के तहत प्रत्युष को जहर देकर मार डाला गया। उन्होंने थाने में तहरीर भी दे दी है। हालांकि यह नहीं बताया कि यह किसने किया। पुलिस अफसरों ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। भाई की ओर से दी गई शिकायतयह तहरीर मृतक के भाई नितांत राय ने दी है। दरअसल पहले उसकी ओर से तस्वीर देखकर बताया गया था कि उसकी भाई की मृत्यु संदिग्ध हाल में हुई है ऐसे में इस मामले की जांच कर तह तक पहुंचा जाए। पता लगाया जाए कि आखिर जो व्यक्ति एक दिन पहले तक बिल्कुल स्वस्थ था, मैच खेल कर लौटा था, रात में दोस्तों संग खाना खाया था, अचानक उसकी मौत कैसे हो गई। बताया जा रहा है की अब इस मामले में एक और तहरीर दी गई है जिसमें आरोप लगाया गया है कि प्रत्युष को जहर देकर मारा गया और यह साजिश के तहत किया गया। तहरीर में मांग की गई है कि इस साजिश के पीछे कौन है, एफआईआर दर्ज कर इसका पता लगाया जाए। 11 फरवरी को मिला था शवमूल रूप से गाजीपुर के रहने वाला प्रत्युष 11 फरवरी की सुबह में म्योहाल स्पोर्ट्स काॅम्प्लेक्स की हॉस्टल में अपने कमरे में संदिग्ध दाल में अचेत पड़ा मिला था। हॉस्टल में रहने वाले अन्य खिलाड़ी और कोच उसे अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के दौरान प्राथमिक तौर पर जहर से मौत की आशंका जताई गई, जिसके चलते विसरा सुरक्षित कर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (एफएसएल) भेजा गया पोस्टमॉर्टम में क्या सामने आया?बुधवार को हुए पोस्टमार्टम में शरीर पर किसी चोट के निशान नहीं मिले। इसके बाद डॉक्टरों ने विसरा प्रिजर्व कर लिया है। आशंका जताई जा रही है कि किसी विषाक्त पदार्थ के सेवन से मौत हुई हो सकती है। हालांकि यह कौन सा जहरीला पदार्थ था और वह शरीर में कैसे पहुंचा, इसका पता नहीं चल पाया है। पिता ने उठाए हैं सवाल जांच के दायरे में हॉस्टल प्रशासनपरिजनों का आरोप है कि घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शिता नहीं बरती गई। वहीं पुलिस का कहना है कि सभी संबंधित लोगों से पूछताछ की जाएगी। हॉस्टल परिसर के सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। एफएसएल रिपोर्ट पर टिकी जांचफिलहाल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि विसरा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति साफ हो सकेगी। फिलहाल हत्या के आरोप से संबंधित तहरीर मिलने की बात पर कर्नलगंज थाना प्रभारी संजय सिंह का कहना है कि यह बात संज्ञान में आई है कि घर वाले ऐसी कोई तहरीर देने वाले हैं लेकिन फिलहाल तहरीर मिली नहीं है।
बच्चों के गुल्लक तक उठा ले गए चोर:शादी में गए परिवारों के घर चोरी, लखनऊ में 2 मकानों को बनाया निशाना
लखनऊ मड़ियांव थानाक्षेत्र में आईआईएम रोड स्थित द्वारिका पुरी कॉलोनी में चोरों ने सूने मकान को निशाना बनाकर लाखों रुपए के जेवरात व नगदी पार कर दी। परिवार शादी समारोह में शामिल होने फतेहपुर गया था। लौटने पर वारदात की जानकारी हुई। वहीं बीबीडी इलाके में शादी में गए परिवार के घर को चोरों ने निशाना बनाया। घर से कीमती सामान लेकर गायब हो गए। द्वारिका पुरी कॉलोनी, निकट झुमका ज्वैलर्स, आईआईएम रोड निवासी शिवम् मिश्र 8 फरवरी को सुबह करीब 8:30 बजे फतेहपुर मलवां में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। 10 फरवरी को शाम करीब 4:30 बजे जब वह वापस घर लौटे तो मेन गेट का ताला टूटा मिला। अंदर जाकर देखा तो कमरे में रखी लोहे की अलमारी टूटी थी और सामान बिखरा पड़ा था। अलमारी में रखे जेवरात और नगदी उठा ले गए पीड़ित के मुताबिक चोर अलमारी में रखे जेवरात और नगदी उठा ले गए। चोरी हुए सामान में एक पाजेब (करीब 300 ग्राम), दो लेडीज अंगूठी, दो जेंट्स अंगूठी, दो बच्चों की अंगूठी, दो लेडीज चेन, एक मंगलसूत्र, एक टाइटन घड़ी, आठ जोड़ी चांदी की बिछिया, 12 चांदी के सिक्के शामिल हैं। इसके अलावा बच्चों की गुल्लक में रखे करीब 70 हजार रुपए और लेडीज पर्स भी ले गए। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। घर के अन्दर गए तो सारा सामान बिखरा हुआ था वहीं जुग्गौर चिनहट निवासी विपिन कुमार वर्मा अपने पैतृक घर हरैया बस्ती 8 फरवरी को सुबह गए थे। 10 फरवरी को शाम लगभग 7.30 बजे जब घर वापस आए तो देखा घर का ताला टूटा हुआ था। घर के अन्दर गए तो सारा सामान बिखरा हुआ था एवं आलमारी का ताला टूटा हुआ था। आलमारी का लाकर तोड़कर ज्वैलरी निकाली जिसमें रखा लगभग 35 हजार नगद एवं आलमारी का लाकर तोड़कर उसमे रखी ज्वैलरी को गायब थी। जिसकी कीमत लगभग 1 से 1.50 लाख रुपए के बीच थी। इसके अलावा दूसरे मकान नंबर 99A का भी ताला तोडकर 1 लैपटाप, 1 टैबलेट, 1 मोबाइल, 1 लाकेट, अंगूठी कान का टप्श भी ताला तोड़कर ले गए।
आगरा के सीकरी में दो पक्षों में संघर्ष:छतों से हुआ पथराव, 20 लोग घायल, 5 की हालत गंभीर
फतेहपुर सीकरी आगरा के विकासखंड क्षेत्र फतेहपुर सीकरी के गांव सुपहरा में गूल (सिंचाई नाला) पर कथित कब्जे को लेकर उपजा विवाद गुरुवार रात हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों पक्षों में संघर्ष हो गया। जमकर पथराव हुआ। इसमें करीब 20 लोगों के घायल होने की बात कही गई है। पांच लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद आगरा रेफर किया गया है। अन्य घायलों का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर सीकरी में कराया गया। अब जानिए पूरा मामलाबताया गया है कि गुरुवार दिन में गांव के दर्जन भर किसान उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे थे। किसानों ने शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि चक संख्या 93 से चकरोड के रास्ते गुजरने वाली गूल, जिससे लगभग 100 से अधिक किसानों की करीब 500 बीघा भूमि की सिंचाई होती थी, उसे गांव के कुछ लोगों द्वारा क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। किसानों का आरोप है कि 17 दिसंबर को गूल का एक हिस्सा तोड़ा गया था, जिससे फसलें सूखने लगीं। शिकायत के बाद भी समाधान न होने का आरोप लगाते हुए किसानों ने कार्रवाई की मांग की थी। छतों से किया गया पथरावकिसानों का यह भी आरोप है कि बीती रात कुछ लोग शेष गूल को भी नुकसान पहुंचा गए, जिसके बाद तनाव और बढ़ गया। गुरूवार देर रात करीब 10 बजे दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। छतों से पथराव किया गया। लाठी डंडे भी चले। प्राप्त जानकारी के अनुसार गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों में हरिशंकर पुत्र ख्यालीराम, नीलम पत्नी हरिशंकर तथा फतेह सिंह पुत्र मुंशीलाल शामिल बताए जा रहे हैं। ये लोग हुए घायलअन्य घायलों में बबलू पुत्र विप्ती राम, साहब सिंह पुत्र बाबूलाल, दिगंबर पुत्र ख्याली राम, ख्यालीराम पुत्र बाबूलाल, सपना पुत्री पीतम सिंह, रामेश्वर उर्फ शनि पुत्र रामेश्वर आदि के नाम सामने आए हैं। द्वितीय पक्ष से घायल बताए गए लोगों में आशा देवी पत्नी प्रदीप कुमार, वीरेंद्र सिंह पुत्र तेज सिंह, लोंगा देवी पत्नी नेत्रपाल, सीमा देवी पत्नी पदम सिंह, कंचन देवी पत्नी ओमप्रकाश, प्रदीप कुमार पुत्र बहादुर सिंह तथा बहादुर सिंह पुत्र हाकिम सिंह शामिल हैं। मौके पर भारी पुलिस बल सूचना मिलते ही थाना फतेहपुर सीकरी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस द्वारा घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है तथा दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
ईडी भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय ने आदिम जाति कल्याण विभाग जबलपुर के पूर्व उप निदेशक जगदीश प्रसाद सरवटे की 11.81 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति को 11 फरवरी को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है। अटैच की गई प्रॉपर्टी में मध्य प्रदेश के भोपाल, मंडला, उमरिया और सिवनी जिलों में स्थित आवासीय संपत्तियां, कृषि भूमि, व्यावसायिक भूमि और रेस्तरां शामिल हैं। ईडी ने यह कार्रवाई पीएमएलए 2002 के प्रावधानों के आधार पर की है। ईडी ने इस मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू), जबलपुर द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत दर्ज एफआईआर के आधार पर की है। यह कार्रवाई आय के घोषित स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में की गई है। ईडी की जांच में पता चला कि जगदीश प्रसाद ने जांच अवधि के दौरान मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित आदिम जाति कल्याण विभाग में काम करते हुए अवैध रूप से अर्जित धन से कई अचल संपत्तियां खरीदी थीं। इनमें भोपाल, मंडला, उमरिया और सिवनी जिलों में स्थित आवासीय संपत्तियां, कृषि भूमि, व्यावसायिक भूमि और रेस्तरां शामिल हैं। कई संपत्तियां भारी मात्रा में नकद भुगतान के जरियो खरीदी गईं, जबकि अन्य को अज्ञात नकद जमा का उपयोग करके चुकाए गए ऋणों के माध्यम से खरीदा गया था। सात माह पहले ईओडब्ल्यू ने सरवटे के जबलपुर, सागर और भोपाल स्थित ठिकानों पर छापा मारा था जिसमें लगभग 8 करोड़ रुपए की संपत्ति उजागर हुई थी। सरवटे के ठिकानों से महंगी शराब की 56 बोतलों के साथ लाखों रुपए कैश भी मिला था। ईडी की जांच में प्रथम दृष्टया यह साबित हुआ कि सरवटे ने अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग करके अपराध की आय अर्जित की और बाद में इसे अचल संपत्तियों में निवेश, हेरफेर और एकीकरण के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग की जिससे दागी धन को बेदाग संपत्ति के रूप में प्रदर्शित किया गया। इसके आधार पर ईडी ने 9 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है, जिनकी कीमत 1 करोड़ रुपए है।बाघ की खाल भी बरामद की थी जगदीश सरवटे के जबलपुर स्थित घर से बाघ की खाल बरामद की गई थी। यह खाल करीब 30 साल पुरानी बताई गई। इसे आसन के रूप में बैठने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। खाल मिलने के बाद वन विभाग ने जगदीश सरवटे के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मामला दर्ज करते हुए खाल को जब्त किया था।ये खबर भी पढ़ें…डिप्टी कमिश्नर के पास 5.90 करोड़ की संपत्तिआदिम जाति कल्याण विभाग के डिप्टी कमिश्नर जगदीश सरवटे के जबलपुर, सागर और भोपाल स्थित ठिकानों पर मंगलवार को आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने छापा मारा। करीब 10 घंटे की सर्चिंग के दौरान ईओडब्ल्यू को लगभग 5 करोड़ 90 लाख रुपए अनुपातहीन संपत्ति की जानकारी लगी है। जांच पूरी होने पर यह आंकड़ा बढ़ सकता है। उनके यहां से 56 महंगी शराब की बोतलें भी मिलीं। मां और भाई के नाम पर भी करोड़ों की प्रॉपर्टी का खुलासा हुआ है।पूरी खबर पढ़ें
मुरादाबाद में एक युवक ने अपनी सास की गोली मारकर हत्या कर दी। सास ने नशा करने पर दामाद को टोका था। इसके बाद दामाद ने तमंचा दिखाकर सास को धमकाया। तमंचा देख सास ने दामाद से कहा- चल जा, ये खिलौना अपने पास रख। इतना सुनते ही दामाद ने सास के सीने में गोली दाग दी। हत्या करने के बाद दामाद अपने साथी के साथ भाग गया। घटना मझोला थाना क्षेत्र की है। अब जानिए पूरा मामला करुला जयंतीपुर सफेद कोठी के पास शकील की पत्नी रुखसाना की 4 बेटियों और 3 बेटों के साथ रहती थी। सबसे बड़ी बेटी साहिबा के पति गुलनवाज है। गुलनवाज की पत्नी साहिबा दो महीने से मायके में थी। रोज शराब पीकर मारपीट करता था। आज रात 9 बजे गुलनवाज नाराज चल रही पत्नी को लेने के लिए ससुराल पहुंचा था। इसी दौरान सास से बहस हो गई। गुस्से में आकर दामाद गुलनवाज हनीफ उर्फ टट्टन सास रुखसाना (50 साल) की ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना की चश्मदीद रुखसाना की दूसरी बेटी जैनब ने बताया- शाम को मेरी बहन के पति गुलनवाज आए थे। वो नशा करते हैं। उन्होंने घर में बैठकर शराब पी और खाना खाया। उनके साथ उनका एक दोस्त भी था। मेरी मां ने उनसे कहा कि तुम नशा करते हो सुधर जाओ। इस पर दोनों के बीच कुछ बहस हो गई। तमंचा निकालकर डरा रहा थाजैनब के मुताबिक, इतने में गुलनवाज ने अपनी कमर से तमंचा निकालकर रुखसाना को डराना शुरू कर दिया। उसने एक बार तमंचा चलाया, लेकिन वो खाली था। जैनब बोली- मेरी मां को भी लगा कि दिलनवाज मजाक कर रहा है। दामाद वाली हो गई हो सुधर जाओइसके बाद गुलनवाज ने अपने एक दोस्त को बुला लिया। वो खुद वाशरूम चला गया। वाशरूम से लौटकर आकर फिर से गुलनवाज ने रुखसाना से कहा कि अब दामाद वाली हो गई हो सुधर जाओ। नहीं तो तुम्हें गोली मार दूंगा। दिलनवाज और उसका साथी फरारजैनब ने बताया- इतना सुनते ही उसकी मां रुखसाना ने दामाद गुलनवाज से कहा- जाओ अपने इस खिलौने से मुझे मत डराओ, अपना खिलौना अपने पास रख लो। इतना सुनते ही दिलनवाज ने गोली चला दी। गोली रुखसाना के सीने में लगी और वो मौके पर ही गिर पड़ी। हत्या के बाद दिलनवाज और उसका साथी फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। पुलिस आरोपी दिलनवाज की भी तलाश कर रही है।
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के सरायपाली में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने एक बोलेरो वाहन से 11 किलो गांजा जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत 5.5 लाख रुपये बताई जा रही है। यह गांजा महाराष्ट्र ले जाया जा रहा था। इस मामले में चार तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से दो महासमुंद जिले के निवासी हैं, जबकि दो महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। पुलिस ने उनके पास से चार मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जिले में नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए ANTF और पुलिस की टीम लगातार वाहनों की चेकिंग कर रही है। इसी दौरान, टीम को सूचना मिली कि एक सिल्वर रंग की बोलेरो कार (क्रमांक CG 10 FA 5434) ग्राम पुटका से गांजा लेकर सरायपाली की ओर जा रही है। इस इनपुट के आधार पर, टीम ने नेशनल हाईवे 53 पर ग्राम पुटका चौक के पास नाकाबंदी की। कुछ देर बाद, बताई गई बोलेरो कार वहां पहुंची, जिसमें चार लोग सवार थे। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम उमेश गोरे (23, पुणे, महाराष्ट्र), विशाल भाऊ (21, औरंगाबाद, महाराष्ट्र), मो. हबीब (45, छोटे टेमरी, महासमुंद) और जेहरू कुलदीप (76, पुटका, महासमुंद) बताए। वाहन की तलाशी लेने पर, पिछली सीट पर रखी प्लास्टिक की बोरियों के अंदर 11 किलो गांजा बरामद हुआ। गांजा, जब्त किए गए मोबाइल फोन और बोलेरो वाहन सहित सभी चार तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
कोरबा के दर्री थाना क्षेत्र स्थित मंगल भवन में एक शादी समारोह के बाद आयोजित पार्टी में जमकर मारपीट और तोड़फोड़ की घटना सामने आई है। यह विवाद डीजे पर डांस के दौरान घरातियों और चौथिया कार्यक्रम में शामिल होने आए मेहमानों के बीच हुआ। जानकारी के अनुसार, दर्री निवासी एक युवक की शादी बिलासपुर में हुई थी। शादी के एक दिन बाद बुधवार को लड़के पक्ष की ओर से दर्री के मंगल भवन में पार्टी रखी गई थी। इस पार्टी और चौथिया कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बिलासपुर से दुल्हन पक्ष के कई महिला-पुरुष कोरबा आए थे। डीजे पर डांस के दौरान विवाद बताया जा रहा है कि जब बिलासपुर से आए मेहमान डीजे पर डांस कर रहे थे, तभी धक्का-मुक्की को लेकर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते यह विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के लोग कार्यक्रम स्थल के बाहर आकर एक-दूसरे से भिड़ गए। इस दौरान चारपहिया वाहनों और बाइकों में भी तोड़फोड़ की गई। मारपीट और तोड़फोड़ की सूचना मिलते ही 112 और दर्री थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही मारपीट करने वाले युवक फरार हो गए। इस घटना में बिलासपुर से आए एक युवक सुगंभी छोटे के सिर और हाथ में चोटें आईं, जिससे वह लहूलुहान हो गया। घायलों को इलाज के लिए भेजा गया। दर्री थाना प्रभारी आशीष सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। मारपीट करने वाले युवक फरार हो गए थे, जबकि घायलों का इलाज कराया गया है। मामले की जांच जारी है।
ग्वालियर में गुरुवार रात 8 बजे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहुंचे। सीएम ने ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के बेटे रिपुदमन सिंह तोमर (सागर) के विवाह समारोह में शामिल होकर वर-वधू को आशीर्वाद दिया। यह विवाह ग्वालियर के होटल ताज (ऊषा किरण पैलेस) में संपन्न हुआ। रिपुदमन सिंह का विवाह कनिका (सिमरन) से हुआ है, जो सीमा और स्व. सूर्यवीर सिंह सिसौदिया की सुपुत्री हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवदंपति को सुखमय जीवन का आशीर्वाद दिया। उन्होंने ऊर्जा मंत्री तोमर को पुत्र के विवाह पर शुभकामनाएं और बधाई भी दी। इस शादी समारोह में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट सहित कई वीवीआईपी और भाजपा के नेता व कार्यकर्ता भी शामिल हुए। बता दें इस शादी को लेकर शादी समारोह स्थल (ऊषा किरण पैलेस) पहुंचने के लिए फूल बाग गुरुद्वारा से लेकर नदी गेट तक के रास्ते को डायवर्ट किया गया है। सुरक्षा को देखते हुए (ऊषा किरण पैलेस) और उसके आसपास भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
सहारनपुर के पिलखनतला चौक पर गुरुवार देर शाम सड़क किनारे लगे बिजली के ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग गई। इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कई मोहल्लों की बिजली सप्लाई बाधित हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले तेज आवाज सुनाई दी, जिसके बाद ट्रांसफार्मर से चिंगारियां निकलने लगीं और देखते ही देखते आग की लपटें ऊंची उठने लगीं। काले धुएं का गुबार भी दिखाई दिया। पास की दुकानों पर मौजूद लोग घबराकर बाहर निकल आए, जबकि राहगीरों ने सुरक्षित दूरी बना ली। आसपास खड़ी गाड़ियों को तुरंत हटाया गया और दुकानदारों ने एहतियात के तौर पर अपनी दुकानें कुछ देर के लिए बंद कर दीं। लोगों को आशंका थी कि आग फैलने पर कोई बड़ा हादसा हो सकता है। सूचना मिलते ही बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची। एहतियातन इलाके की बिजली सप्लाई तुरंत बंद कर दी गई, जिसके बाद कर्मचारियों ने आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। हालांकि, आग के कारण कई मोहल्लों में अंधेरा छा गया, जिससे घरों और दुकानों का कामकाज प्रभावित हुआ। बिजली गुल होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में ट्रांसफार्मरों में खराबी की समस्या पहले भी सामने आ चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि समय पर रखरखाव और जांच न होने के कारण ऐसे हादसे हो रहे हैं। लोगों ने बिजली विभाग से ट्रांसफार्मरों की नियमित जांच और पुराने उपकरणों को बदलने की मांग की है। फिलहाल आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन शुरुआती अंदेशा तकनीकी खराबी का जताया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों ने मामले की जांच की बात कही है। बड़ा हादसा टलने से लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं को लेकर उनमें नाराजगी भी दिखी।
बदायूं के थानेदार समेत 4 पुलिसकर्मी निलंबित:संभल में दबिश के दौरान मौत और FIR में देरी पर एक्शन
संभल में दबिश के दौरान एक व्यक्ति की मौत और युवती को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में FIR दर्ज करने में देरी को लेकर बड़ी पकार्रवाई हुई है। बदायूं के फैजगंज बेहटा थाने के थानाध्यक्ष समेत दो दरोगा और एक सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। यह घटना 3 फरवरी को हुई थी, जब फैजगंज बेहटा थाने में तैनात दरोगा मामराज, लियाकत और सिपाही संजय बिना रवानगी दर्ज कराए संभल के लिए रवाना हुए थे। उन्होंने संभल के कैलादेवी थाने में भी अपनी आमद दर्ज नहीं कराई थी। खास बात यह थी कि उस समय तक युवती की ओर से कोई नामजद मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था। इसके बावजूद, पुलिस टीम सीधे नारंगपुर गांव में दबिश देने पहुंच गई। पुलिस को देखकर आरोपी अनिकेत के पिता हरचरन भागने लगे और इसी दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस टीम चुपचाप लौट आई, जबकि परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों के हंगामे के बाद 3 फरवरी की रात करीब 8:20 बजे अनिकेत समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। एडीजी बरेली जोन के निर्देश पर संभल एसपी से रिपोर्ट मांगी गई, जिसमें पुलिसकर्मियों द्वारा आमद दर्ज न कराने की बात सामने आई। इसके बाद बदायूं एसएसपी डॉ. बृजेश सिंह ने सीओ बिसौली सुनील सिंह से मामले की जांच कराई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि दरोगा मामराज, लियाकत और सिपाही संजय बिना मुकदमा दर्ज हुए और बिना रवानगी के दबिश देने गए थे। वहीं, थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने तहरीर पर 10 दिन तक मुकदमा दर्ज नहीं किया था। इस रिपोर्ट के आधार पर चारों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। विभागीय जांच जारी है।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया गुरुवार को डबरा के नवग्रह शक्तिपीठ में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने नवनिर्मित मंदिर में देवी-देवताओं के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। मंदिर की भव्यता और वास्तुकला की तारीफ सिंधिया ने पूरे मंदिर परिसर का भ्रमण किया और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मंदिर की सुंदर वास्तुकला की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि जिस श्रद्धा और समर्पण के साथ इस दिव्य मंदिर का निर्माण हुआ है, वह पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह नवग्रह शक्तिपीठ आने वाले समय में आस्था और धार्मिक चेतना का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा। डॉ. नरोत्तम मिश्रा से की मुलाकात समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री ने पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा से मुलाकात कर उन्हें इस भव्य आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। सिंधिया ने कहा कि इस तरह के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को आपस में जोड़ने का काम करते हैं। मंदिर परिसर की साज-सज्जा और आयोजन की भव्यता को देखकर उन्होंने आयोजन समिति के प्रयासों को भी सराहा। जयकारों और भक्तिमय गीतों से गूंजा परिसर सिंधिया के आगमन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां मौजूद रहे। पूरा मंदिर परिसर जयकारों और भक्तिमय गीतों से गूंज उठा। केंद्रीय मंत्री ने विश्वास जताया कि यह शक्तिपीठ सनातन संस्कृति को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगा।
वंदेभारत ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत:रुदौली में शौच के लिए रेलवे लाइन पार करते समय हादसा
जिले के रुदौली कोतवाली क्षेत्र में गौहना गांव के पास एक तेज रफ्तार वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आने से 25 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना आज सुबह करीब 9 बजे हुई, जब युवक शौच के लिए रेलवे लाइन पार कर रहा था। मृतक की पहचान गौहना निवासी तेज प्रकाश गौरी पुत्र स्वर्गीय मिश्रीलाल कोरी के रूप में हुई है। वह अयोध्या से लखनऊ जा रही वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आ गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि उसका शरीर पूरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। घटना की सूचना ट्रेन चालक ने रुदौली स्टेशन मास्टर को दी। स्टेशन मास्टर की सूचना पर एसएचओ क्राइम रुदौली शत्रुहन यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। तेज प्रकाश की मौत की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तेज प्रकाश रेलवे लाइन पार कर रहा था, तभी ट्रेन की चपेट में आ गया। ग्रामीणों के अनुसार, तेज प्रकाश दो भाई थे। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था और वह अविवाहित थे। घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
अयोध्या में महिला से दुष्कर्म का आरोप:कुमारगंज पुलिस ने युवक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की
अयोध्या के कुमारगंज थाना क्षेत्र में एक महिला ने गांव के ही एक युवक पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। महिला का आरोप है कि यह घटना 9 फरवरी को हुई थी, जब गांव के एक युवक ने उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। पीड़िता का कहना है कि उसने पहले भी शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, कुमारगंज पुलिस का कहना है कि उन्हें इस संबंध में पहले कोई शिकायत नहीं मिली थी। पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलने पर तुरंत मामला दर्ज किया जाता है। प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि महिला ने आज शाम को थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी, जिसके आधार पर केस दर्ज किया गया है। जानकारी केमुताबिक पीड़िता के पति परदेश में रहते हैं और वह अपने दो छोटे बच्चों के साथ अकेली रहती है। पुलिस ने बताया कि महिला का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा और न्यायालय में उसके बयान दर्ज किए जाएंगे। इन बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक पुलिस टीम का गठन किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा।
संभल के मोहम्मदपुर टांडा गांव में गन्ना छीलते समय एक ग्रामीण तालाब में डूब गया। 38 वर्षीय आनंद पुत्र रामकुमार की तलाश में पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों ने गुरुवार दोपहर से रात 8 बजे तक छह घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। घटना के बाद से गांव में अफरा-तफरी का माहौल है। उक्त घटना संभल कोतवाली क्षेत्र के चंदौसी रोड स्थित मोहम्मदपुर टांडा गांव की है। गांव के पास गन्ने के खेत में एक तालाब है, जिसमें पानी और दलदल दोनों हैं। गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे आनंद तालाब के किनारे खड़े होकर गन्ना छील रहे थे। इसी दौरान वह अचानक तालाब में डूब गए। गांव की 14 वर्षीय महक ने उन्हें डूबते हुए देखा और शोर मचाया। महक की चीख-पुकार सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण और आनंद के परिजन मौके पर जमा हो गए। करीब 40 मिनट तक लोगों ने तालाब के बाहर से आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद परिवार के सदस्य और गांव के कुछ तैराक तालाब में उतर गए। पुलिस भी मौके पर पहुंची और उनकी मौजूदगी में रस्सी के सहारे रात 8 बजे तक तलाश जारी रही। अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू अभियान रोक दिया गया। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, आनंद उस समय शेखुपुर मढ़ी गांव निवासी संजीव पुत्र लटूरी गिरी के साथ गन्ना छील रहे थे। संजीव कुछ देर के लिए वहां से गए थे और जब लौटे तो आनंद वहां नहीं थे। पूछताछ करने पर 14 वर्षीय किशोरी महक ने बताया कि उसने लाल कपड़े पहने एक व्यक्ति को तालाब में डूबते देखा था, जिसके बाद से आनंद की तलाश शुरू की गई। इंस्पेक्टर गजेंद्र सिंह ने बताया कि ग्रामीण के तालाब में डूबने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। काफी तलाश के बावजूद आनंद का कोई सुराग नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि दिन निकलते ही शुक्रवार सुबह फिर से तलाशी अभियान शुरू किया जाएगा।
सुल्तानपुर में एक व्यक्ति को फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर शादी और 3 लाख रुपये मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान कासिम शेख के रूप में हुई है। वह मूल रूप से भागलपुर, बिहार का निवासी है और वर्तमान में सूरत में रहता है। पीड़िता ने कूरेभार थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, कासिम शेख पिछले एक साल से पीड़िता से मोबाइल पर बात कर रहा था। एक बार जब पीड़िता सुल्तानपुर से रोडवेज बस से घर आ रही थी, तो कासिम ने उससे फोन पर बात की। इसके बाद वह टेढ़ुई के पास बस में चढ़ा और पीड़िता के मोबाइल से कुछ फोटो व वीडियो अपने फोन में ट्रांसफर कर लिए। इन फोटो और वीडियो का इस्तेमाल कर कासिम शेख ने पीड़िता और उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी देना शुरू कर दिया। वह लगातार पीड़िता पर शादी करने का दबाव बना रहा था और पैसे की मांग कर रहा था। पीड़िता द्वारा कुछ पैसे दिए जाने के बावजूद, अभियुक्त ने फोटो और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक और इंस्टाग्राम पर वायरल कर दिए। इसके बाद भी वह लगातार 3 लाख रुपये की मांग कर रहा था। अभियुक्त के अन्य परिजनों पर भी पीड़िता को धमकी देने का आरोप है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक सुल्तानपुर श्रीमती चारू निगम ने संज्ञान लिया। अपर पुलिस अधीक्षक सुल्तानपुर के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी बल्दीराय के नेतृत्व में घटना के अनावरण और गिरफ्तारी के लिए एक टीम का गठन किया गया। थाना कूरेभार में मामला दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान धारा 308(5) बढ़ाई गई। आरोपी कासिम शेख पुत्र मोहम्मद याकूब, निवासी वनस्पति, थाना कहलगांव, जनपद भागलपुर (बिहार) है। उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक राजेश कुमार यादव (थाना कूरेभार), मुख्य आरक्षी अमित अवस्थी (थाना कूरेभार) और मुख्य आरक्षी नरेंद्र मिश्र (स्वाट टीम) शामिल थे। अग्रिम विधिक कार्यवाही जारी है।
कानपुर में पांच लोगों पर ब्लेड से हमला:ऑटो चालक ने किया वार, पुलिस सीमा विवाद में उलझी
कानपुर के किदवई नगर क्षेत्र में एक ऑटो चालक ने पुराने विवाद के चलते पांच लोगों पर ब्लेड से हमला कर दिया। इस हमले में एक युवती, तीन महिलाएं और एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया है और आरोपियों की तलाश कर रही है। घटना गुरुवार रात करीब 7:30 बजे लक्ष्मीपुरवा सुनार के पास हुई। किदवई नगर की रानी अपनी दो बहनें प्रीति और राधा, बहनोई गौरव और बेटी पलक के साथ जा रही थीं। तभी मोहल्ले का रहने वाला आदिल तेज रफ्तार ऑटो लेकर आया और उन्हें कुचलने का प्रयास किया। सभी ने किसी तरह हटकर अपनी जान बचाई। आदिल का ऑटो अनियंत्रित होकर करीब 30 मीटर आगे पलट गया। जब पीड़ित परिवार आदिल के ऑटो के पास मदद के लिए पहुंचा, तो ऑटो में सवार आदिल और उसके दो साथी हमलावर हो गए। उन्होंने गाली-गलौज करते हुए पांचों पर ब्लेड से हमला कर दिया। इस हमले में रानी (38), राधा (35), प्रीति (25), गौरव (30) और पलक (20) गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल पलक ने बताया कि घटना बारादेवी चौकी से 50 मीटर की दूरी पर हुई थी। मदद मांगने पर बारादेवी पुलिस ने सीमा विवाद का हवाला देते हुए उन्हें किदवई नगर थाने जाने को कहा। काफी मशक्कत के बाद किदवई नगर पुलिस ने पांचों घायलों का मेडिकल परीक्षण कांशीराम अस्पताल में कराया और अब आरोपियों की तलाश में जुटी है। पलक ने यह भी बताया कि करीब छह महीने पहले आरोपी जीशान से नशे का विरोध करने पर उनका विवाद हुआ था। इसके बाद से जीशान और उसके साथी रंजिश रखते थे। गुरुवार को मौका मिलते ही आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से हमला किया। हमले के दौरान उनके पास रखे 50 हजार रुपये नकद भी गिर गए। थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि घायलों को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है। घायल रानी की तहरीर पर मुक़दमा पंजीकृत किया जा रहा है, साथ ही आरोपियों की तलाश के लिए टीमें लगा दी हैं।
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के भंवरपुर पुलिस चौकी क्षेत्र के जंगल में एक नाबालिग का शव मिला है। उसकी पहचान बलौदाबाजार जिले के ग्राम सर्वा निवासी 17 वर्षीय उद्रेश वर्मा के रूप में हुई है। उद्रेश 15 दिन पहले अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने जमनीडीह गांव गया था और तब से लापता था। पुलिस ने हत्या सहित सभी पहलुओं से जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, उद्रेश वर्मा 29 जनवरी को अपने दोस्तों के साथ टूड्री गांव में मड़ाई मेला देखने गया था। लौटते समय उसने महासमुंद जिले के ग्राम पंचायत जमदरहा के आश्रित गांव जमनीडीह में अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने की इच्छा जताई। दोस्तों के मना करने के बावजूद, उद्रेश रात करीब 11 बजे जमनीडीह गांव पहुंचा और दोस्त के मोबाइल से गर्लफ्रेंड को कॉल कर उससे मिला। इसके बाद से वह लापता हो गया। दोस्त ने की थी उद्रेश के लापता होने की शिकायत 30 जनवरी को उसके दोस्त धर्मेंद्र वर्मा ने भंवरपुर चौकी में उद्रेश के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। कुछ दिनों बाद, उद्रेश का दोस्त से लिया गया मोबाइल गांव के पास पुलिस को मिला, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी। पुलिस ने डॉग स्क्वॉड की मदद ली, लेकिन डॉग लड़की के घर के आसपास जाकर भी कोई सुराग नहीं दे पाया। पुलिस तकनीकी सहायता और तलाशी अभियान में जुटी रही। आज दोपहर करीब 2 बजे तलाशी दल को युवती के गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर जंगल में उद्रेश का शव मिला। फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच-पड़ताल कर सबूत इकट्ठा किए। शव के कुछ हिस्से जानवरों ने खा लिए थे। परिजनों ने शव की पहचान उद्रेश के रूप में की। शव डीकंपोज होने की वजह से पोस्टमार्टम के लिए रायपुर मेडिकल कॉलेज भेजा जाएगा। गर्लफ्रेंड और उसके परिवार से पूछताछ कर रही पुलिस पुलिस उद्रेश की गर्लफ्रेंड और उसके परिवार से पूछताछ कर रही है। बताया जाता है कि उद्रेश और उसके गर्लफ्रेंड के बीच सोशल मीडिया के जरिए पहचान हुई थी। दोनों एक दूसरे से फोन पर भी बात किया करते थे। एडिशनल एसपी प्रतिभा पांडेय ने बताया कि बलौदाबाजार के लापता नाबालिग उद्रेश का शव जंगल से मिला है। मौत का कारण हत्या है या कोई और वजह है, हर पहलू इसकी जांच की जा रही है। जंगल में कोई संघर्ष या निशान नहीं मिला है। शव खराब हालत में होने की वजह से पोस्टमार्टम के लिए रायपुर मेडिकल कॉलेज भेजा जाएगा।
रेलवे नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी:8 लाख की धोखाधड़ी में 3 आरोपी गिरफ्तार
ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना क्षेत्र में रेलवे में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवक से 8 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने खुद को रेलवे कर्मचारी बताकर युवक को पक्का जॉइनिंग लेटर देने का भरोसा दिलाया था। जब युवक जॉइनिंग लेटर लेकर रेलवे कार्यालय पहुंचा, तो अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच के दौरान उसे फर्जी पाया, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। बिसरख कोतवाली क्षेत्र के चिपियाना गांव निवासी राजीव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कुछ दिन पहले उसकी मुलाकात अश्वनी सारस्वत और पवन चौधरी से हुई थी। दोनों ने खुद को रेलवे से जुड़ा कर्मचारी बताया और उसे रेलवे में नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि रेलवे में भर्ती प्रक्रिया चल रही है और इसके लिए कुछ पैसे खर्च करने होंगे। राजीव उनके झांसे में आ गया और किस्तों में करीब 8 लाख रुपये का भुगतान कर दिया, जिसमें कुछ रकम नकद और कुछ बैंकिंग माध्यम से दी गई। इसके बाद आरोपियों ने उसे रेलवे का जॉइनिंग लेटर, चरित्र प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज सौंप दिए। जब युवक निर्धारित समय पर रेलवे कार्यालय ज्वाइन करने पहुंचा, तो अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच की। जांच में पता चला कि जॉइनिंग लेटर पूरी तरह फर्जी है। रेलवे अधिकारी भी दस्तावेजों की गुणवत्ता देखकर दंग रह गए, क्योंकि लेटर पर मोहर और हस्ताक्षर असली जैसे लग रहे थे। एडिशनल डीसीपी आरके गौतम ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर थाना बिसरख में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच शुरू की और चिपियाना बुजुर्ग रेलवे फाटक के पास से अश्वनी सारस्वत और पवन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपने तीसरे साथी अखिल उर्फ अयान का नाम बताया, जिसे बाद में शाहबेरी इलाके से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक कंप्यूटर, प्रिंटर, एलइडी मॉनिटर, कई फर्जी रेलवे जॉइनिंग लेटर, रबड़ की मोहरें, आधार कार्ड, चरित्र प्रमाण पत्र और अन्य सरकारी दस्तावेज बरामद किए हैं। इसके अलावा, एक स्कूटी और मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।
विदिशा में दिनदहाड़े घर का ताला तोड़कर चोरी:लाखों के सोने-चांदी के जेवर और नगदी पर हाथ साफ
विदिशा में दिनदहाड़े चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। पुरानी कृषि उपज मंडी क्षेत्र में अज्ञात बदमाशों ने एक सूने मकान का ताला तोड़कर लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवर और नगदी चुरा लिए। चोरी गए सामान की कीमत 4 से 5 लाख रुपए आंकी जा रही है। जानकारी के अनुसार, मकान मालिक कल्लू कुशवाह हम्माली का काम करते हैं। घटना के समय वे अपने काम पर गए हुए थे, जबकि उनकी पत्नी एक शादी समारोह में शामिल होने गई थीं। बच्चे नानी के घर पर थे, जिसके कारण मकान सूना था। चोरों ने इसी मौके का फायदा उठाया। उन्होंने चैनल गेट का ताला तोड़ा और घर में घुसकर अलमारी खंगाल डाली। अलमारी में रखे सोने का मंगलसूत्र, चेन, कान के टॉप्स, चार जोड़ी चांदी की पायल, बिछिया और नगद रुपए गायब मिले। शाम करीब साढ़े पांच बजे जब कल्लू कुशवाह की बेटी घर पहुंची, तो उसने चैनल गेट का ताला टूटा हुआ और घर का सामान बिखरा हुआ पाया। यह देखकर उसने तुरंत परिजनों और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से इलाके में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोगों ने पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है।
उमरिया में कार-ऑटो टक्कर, 6 ग्रामीण घायल:बरतराई से मझौली जा रहे थे; बड़ेरी गांव के पास हुआ हादसा
उमरिया जिले में गुरुवार को एक सड़क हादसे में छह ग्रामीण घायल हो गए। यह घटना जिला मुख्यालय से ताला मार्ग पर बड़ेरी गांव के पास हुई, जहां एक आर्टिका कार और ऑटो में आमने-सामने की टक्कर हो गई। सभी घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। बरतराई से मझौली जा रहे थे ग्रामीण जानकारी के अनुसार, ऑटो में सवार ग्रामीण बरतराई से मझौली (बांका) गांव की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही आर्टिका कार (एमपी54जेडबी7435) और ऑटो (एमपी54आर0369) के बीच सीधी टक्कर हो गई। इस भिड़ंत के कारण ऑटो में बैठे यात्रियों को गंभीर चोट आईं। यह हुए घायल घायलों की पहचान सोबरन सिंह, शोभा सिंह, लीला बाई, रमा बाई, प्रेम बाई और संता बाई के रूप में हुई है। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की एक टीम उनका उपचार कर रही है। स्थानीय पुलिस ने घटना का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
चलती कार बनी आग का गोला:शादी में जा रहा था परिवार, बाल-बाल बचा कार सवार
लखनऊ के बक्शी का तालाब थाना क्षेत्र में सीतापुर हाईवे पर गुरुवार रात एक चलती कार अचानक आग का गोला बन गई। कार में सवार परिवार किसी शादी समारोह में शामिल होने लखनऊ से सीतापुर जा रहा था। गनीमत रही कि समय रहते सभी लोग बाहर निकल आए और बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार खदरा निवासी डॉ. चंद्रप्रकाश अपने परिवार के साथ रेनो क्विड कार से सीतापुर की तरफ जा रहे थे। रास्ते में गाड़ी अचानक गर्म होने लगी। डॉ. चंद्रप्रकाश ने कार को हाईवे किनारे रोककर बोनट खोलकर जांच करने का प्रयास किया। इसी दौरान अचानक धुआं उठने लगा और देखते ही देखते कार आग की लपटों में घिर गई। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरी कार जलकर खाक हो गई। मौके पर मौजूद राहगीरों ने घटना की सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस और दमकल की टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया लेकिन तब तक वाहन पूरी तरह जल चुका था। इस हादसे में डॉ. चंद्रप्रकाश और उनका परिवार बाल-बाल बच गया। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की वजह सामने आ रही है।
जबलपुर के बरगी पटेल तिराहा पर राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान दुकानदार गुहार लगाते रहे, लेकिन प्रशासन ने दुकानों को तोड़ दिया। इसी दौरान निगरी निवासी दुकानदार मिंकू अग्रवाल की मौके पर ही तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अटैक आ गया। उन्हें अपोलो हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां सदमे के कारण उनकी मौत हो गई। दुकानदार की मौत की सूचना मिलते ही प्रशासन ने कार्रवाई रोक दी और मौके पर चल रही चार जेसीबी मशीनों को हटा लिया। सूचना मिली है कि मृतक के परिजन, पीड़ित पक्ष और ग्रामवासी थाने का घेराव करने की तैयारी कर रहे हैं।
बलिया के जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने गुरुवार शाम सदर तहसील का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कई स्थानों पर अव्यवस्था पाई, जिस पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई और समयबद्ध सुधार के निर्देश दिए। परिसर में गंदगी मिलने पर जिलाधिकारी ने नाजिर को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने बिजली विभाग को लटके तारों को व्यवस्थित करने और साफ-सफाई दुरुस्त रखने का निर्देश दिया। तहसील परिसर के सामने पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के पूर्व निर्देशों का पालन न होने पर एसडीएम को फटकार लगाते हुए तत्काल व्यवस्था सुधारने को कहा गया। खतौनी निकालने की व्यवस्था अव्यवस्थित पाए जाने पर डीएम ने प्रारूप चस्पा करने, आवेदन जमा करने के लिए अलग काउंटर बनाने और निर्धारित 15 रुपये शुल्क की जानकारी सार्वजनिक करने के निर्देश दिए। उन्होंने बारकोड के माध्यम से भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा और अधिक शुल्क लेने पर एफआईआर दर्ज करने की चेतावनी दी। होमगार्ड के बैठने के स्थान पर लेखपालों के बैठने की व्यवस्था और भवन की खराब रंगाई-पुताई पर भी नाराजगी व्यक्त की गई। किशोर न्यायालय बोर्ड के आसपास गंदगी मिलने पर तत्काल सफाई के निर्देश दिए गए। न्यायालय कक्षों में कंप्यूटर की साफ-सफाई, लटके तारों को व्यवस्थित करने और अतिरिक्त अलमारियों को हटाने के आदेश दिए गए। एसडीएम कार्यालय में फाइलों के रखरखाव को लेकर निर्देश दिए गए कि सभी फाइलें संबंधित धाराओं के अनुसार व्यवस्थित रूप से रखी जाएं। साथ ही, वर्तमान में किस अलमारी में किस धारा की कितनी फाइलें हैं, इसका लिखित विवरण उपलब्ध कराया जाए। एसडीएम कोर्ट के पास बैठे फौजदारी स्टेनो को खाली हॉल में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए। उप जिलाधिकारी कार्यालय को तीन दिन में खाली कर उसमें नायब तहसीलदार का कार्यालय संचालित करने को कहा गया। विद्युत कक्ष में पुरानी टूटी कुर्सियां और अन्य उपकरण पाए जाने पर तहसीलदार अतुल हर्ष को कड़ी फटकार लगाई गई और उनसे तुरंत स्पष्टीकरण मांगा गया। लेखपाल कक्ष में सभी कानूनगो और लेखपालों के बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। बीआरसी/विधानसभा फेफना कार्यालय में आपदा, कोर्ट, वरासत, गणना प्रपत्र फार्म 06 और अन्य फाइलों के इधर-उधर रखे जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। अभिलेखागार में विभिन्न विभागों की फाइलें मिश्रित पाए जाने पर आपदा विभाग, अभिलेखागार रजिस्ट्रार और कानूनगो के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तथा नायब तहसीलदार का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। सभी कर्मचारियों को चेतावनी दी गई कि 20 दिन के भीतर व्यवस्था सुधार ली जाए, अन्यथा वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी।बाढ़ संबंधी त्रिपाल सामग्री और वाउचर न देने पर भी वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।बीआरसी और विधानसभा फेफना कार्यालय को एक स्थान पर शिफ्ट करने का आदेश दिया गया। अभिलेखागार में लेखपालों के लिए रखे गए तीन लैपटॉप और वहां कोर्ट की फाइलें रखे जाने पर नायब तहसीलदार से लिखित जवाब तलब किया गया।निर्वाचन स्टोर के निरीक्षण में गंदगी और खाली बॉक्स/कबाड़ मिलने पर डीएम ने उन्हें वेयरहाउस में शिफ्ट करने तथा निर्वाचन पत्रावलियों और अन्य सामान को अलग- अलग कक्षों में व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि व्यवस्था सुधार में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और निर्धारित समयसीमा में सभी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।निरीक्षण में एसडीएम सदर तिमराज सिंह,तहसीलदार अतुल हर्ष एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CA) को वकीलों और डॉक्टरों की तरह कानूनी सुरक्षा देने की मांग अब राज्यसभा तक पहुंच गई है। राज्यसभा सांसद और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तंखा ने सदन में “सीए प्रोटेक्शन एक्ट” लाने का प्रस्ताव रखा और सीए समुदाय को कानूनी सुरक्षा देने की जरूरत पर जोर दिया। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) रायपुर शाखा के पूर्व अध्यक्ष रवि ग्वालानी ने कहा कि यह उनके लंबे समय से चल रहे प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि उन्होंने सबसे पहले इस मुद्दे को संगठित रूप में उठाया और विभिन्न मंचों, सम्मेलनों और बैठकों में लगातार इस पर ध्यान दिलाया। रायपुर में सीए प्रोटेक्शन एक्ट की मांग उठाई वर्ष 2023 में रायपुर शाखा के अध्यक्ष रहते हुए आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलन में भी ग्वालानी ने इस प्रस्ताव को जोर-शोर से रखा और कहा कि बढ़ते दायित्व और जिम्मेदारियों को देखते हुए सीए को कानूनी सुरक्षा की जरूरत है। ग्वालानी ने दिल्ली प्रवास के दौरान विवेक कृष्ण तंखा से कई बार मुलाकात कर इस विषय पर चर्चा की। इसके बाद 12 फरवरी 2026 को तंखा ने राज्यसभा में इसे पेश किया, जिसे सदन ने गंभीरता से सुना। इसके पहले अंतरराष्ट्रीय मंच “World Forum of Accountants” में भी विवेक कृष्ण तंखा ने सीए को कानूनी सुरक्षा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में ग्वालानी ने मॉडरेटर की भूमिका निभाई। राज्यसभा में सीए प्रोटेक्शन एक्ट पेश राज्यसभा में प्रस्ताव पेश किए जाने के बाद देशभर के चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने इस पहल का स्वागत किया। इसे पेशेवर समुदाय में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जो भविष्य में सीए समुदाय को कानूनी सुरक्षा प्रदान करेगा। विवेक कृष्ण तंखा दूसरी बार राज्यसभा सदस्य हैं, और वे मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के एडवोकेट जनरल और सुप्रीम कोर्ट में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल रह चुके हैं। रवि ग्वालानी ने देशभर के चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को बधाई देते हुए कहा कि उम्मीद है कि निकट भविष्य में “सीए प्रोटेक्शन एक्ट” बनेगा और इससे सीए समुदाय सुरक्षित और मजबूत माहौल में काम कर सकेगा।
रामपुर के जिला पंचायत कार्यालय में हुए अधिवक्ता फारुख हत्याकांड के वीडियो ने पुलिस जांच को नई दिशा दे दी है। फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने तत्काल घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण किया। थाना सिविल लाइन प्रभारी संजीव कुमार, सीओ सिटी जितेंद्र कुमार और अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने उस कमरे की बारीकी से जांच की, जहां गोली चलने की घटना हुई थी। दरवाजों, फर्श और कमरे में मौजूद अन्य वस्तुओं से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए। एहतियातन संबंधित सभी कमरों को फिलहाल सील कर दिया गया है। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष ख्यालीराम लोधी भी मौजूद रहे। वीडियो में दिखाई दे रहे ऑफिस इंचार्ज महबूब को पुलिस ने उनके आवास से बुलाकर पूछताछ की। उन्होंने बताया कि कमरे से तेज बहस और मारपीट की आवाजें आ रही थीं। मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक हालात गंभीर हो चुके थे। हालांकि, विवाद की वास्तविक वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी फईम से भी विस्तृत पूछताछ की। अधिकारियों ने घटना से पहले और दौरान की गतिविधियों की क्रमवार जानकारी ली, जिसमें यह जानने की कोशिश की गई कि किस समय कौन व्यक्ति मौके पर पहुंचा और किस परिस्थिति में तनाव बढ़ा। ज्ञात हो कि बीते बुधवार दोपहर करीब 1:30 बजे कार्यालय परिसर में तैनात कर्मचारी असगर अली पर अधिवक्ता फारुख को गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। इस घटना में असगर अली भी घायल हुआ, जिसका उपचार मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में पुलिस निगरानी में चल रहा है। अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने बताया कि मामले की हर पहलू से गंभीरता से जांच की जा रही है और वायरल वीडियो समेत सभी उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कटनी जिले के स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र में गुरुवार रात एक भीषण सड़क हादसे के बाद जमकर बवाल हुआ। बंधी रेलवे फाटक के पास एक तेज रफ्तार हाइवा ने बाइक सवार दो युवकों को कुचल दिया, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने हाइवा चालक की पिटाई की और मौके पर पहुंची पुलिस टीम पर भी हमला कर दिया। हादसे में धरवारा के दो युवकों की गई जान जानकारी के अनुसार, रात करीब 7 बजे बंधी स्टेशन के पास रेलवे फाटक की ओर से आ रहे राजेंद्र कोल (30) और राजा भैया कोल (30) को हाइवा (PB10HN2438) ने जोरदार टक्कर मार दी। दोनों युवक धरवारा गांव के रहने वाले थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिजन और सैकड़ों ग्रामीण सड़क पर उतर आए। डायल 112 पर पथराव, पुलिसकर्मी घायल घटना के बाद गुस्सा इतना ज्यादा था कि जब डायल 112 वाहन मौके पर पहुंचा, तो भीड़ ने उस पर पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में वाहन में सवार दो पुलिसकर्मी और पायलट को चोट आईं। पुलिसकर्मियों को जान बचाकर वहां से भागना पड़ा। इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने पकड़े गए हाइवा चालक के साथ भी मारपीट की। भारी पुलिस बल ने संभाला मोर्चा तनावपूर्ण स्थिति की सूचना मिलते ही एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी, स्लीमनाबाद थाना प्रभारी सुदेश सुमन और माधवनगर थाना प्रभारी संजय दुबे भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को काफी देर तक समझाया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया, तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी चालक को हिरासत में लिया एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी ने बताया कि हाइवा को जब्त कर लिया गया है और चालक को हिरासत में ले लिया गया है। भीड़ के हमले में दो पुलिसकर्मियों और वाहन पायलट को चोट आई हैं, हालांकि अब स्थिति नियंत्रण में है। एहतियात के तौर पर गांव में देर रात तक पुलिस बल तैनात रखा गया है।
संभल में एक बुजुर्ग किसान की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई। किसान मंडी समिति में गोभी बेचकर ऑटो रिक्शा से घर लौट रहा था। टक्कर मारने के बाद चालक बुजुर्ग को चंदौसी रोड पर छोड़कर फरार हो गया। मेडिकल कॉलेज के गार्ड ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। उक्त हादसा गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे संभल कोतवाली क्षेत्र के चंदौसी रोड पर गांव बिछोली के पास हुआ। मृतक की पहचान नूरियों सराय निवासी 60 वर्षीय शिवकुमार सैनी पुत्र खेमचंद सैनी के रूप में हुई है। वह संभल की उपकृषि उत्पादन मंडी समिति से गोभी बेचकर अपने गांव लौट रहे थे। अज्ञात वाहन की टक्कर के बाद चालक उन्हें सड़क किनारे घायल अवस्था में छोड़कर भाग गया। सिद्धिविनायक मेडिकल कॉलेज के गार्ड ने घायल बुजुर्ग को देखा और एंबुलेंस बुलाकर अस्पताल में भर्ती कराया। दोपहर करीब 2 बजे बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया। काफी देर तक उनकी पहचान नहीं हो पाई थी। बाद में उनकी जेब से मिली एक पर्ची के आधार पर पुलिस ने छानबीन कर परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलने पर परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंचे। परिजनों की मांग पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। शाम 7 बजे बुजुर्ग का शव गांव पहुंचा, जिसके बाद परिजनों ने गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया। मृतक शिवकुमार के चार बेटे और एक बेटी है। उनकी 22 वर्षीय बेटी गायत्री की अभी शादी नहीं हुई है। इंस्पेक्टर गजेंद्र सिंह ने बताया कि सड़क हादसे में बुजुर्ग की मौत हुई है। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। परिजनों की ओर से अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
कुशीनगर में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर बुधवार को प्रदेशभर में बिजली कर्मियों ने प्रदर्शन किया। निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल के विरोध में लाखों बिजली कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर और इंजीनियर कार्य बहिष्कार कर कार्यालयों के बाहर एकत्र हुए। संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रदेश में जारी निजीकरण प्रक्रिया रद्द नहीं की गई और टेंडर जारी किया गया, तो सभी बिजली कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर और इंजीनियर सामूहिक 'जेल भरो आंदोलन' शुरू करेंगे। समिति ने इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार पर डाली है। समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि संसद के बजट सत्र में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 पारित करने का प्रयास किया जाता है, तो देशभर के लगभग 27 लाख बिजली कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के तत्काल कार्य बंद कर 'लाइटनिंग स्ट्राइक' पर चले जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी। आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में पावर सेक्टर के निजीकरण का विरोध, इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 और प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 की वापसी शामिल है। उत्तर प्रदेश में निजीकरण प्रक्रिया को निरस्त करने और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। अन्य मांगों में नियमित कार्यों में आउटसोर्सिंग पर रोक लगाना, खाली पदों पर सीधी भर्ती करना और आउटसोर्स कर्मियों के नियमितीकरण की मांग भी शामिल है। संघर्ष समिति ने दावा किया कि इस आंदोलन में पहली बार संयुक्त किसान मोर्चा और दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने भी सक्रिय भागीदारी की। राजधानी लखनऊ के शक्ति भवन सहित प्रदेश के सभी जिलों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए, जिनमें हजारों किसान भी शामिल हुए। समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि बिजली क्षेत्र का निजीकरण गरीब उपभोक्ताओं, छोटे और मध्यम उद्योगों के हित में नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक बिजली व्यवस्था की रक्षा के लिए यह निर्णायक संघर्ष जारी रहेगा।
अलीगढ़ के गभाना में एक होटल में थूक लगाकर रोटी बनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। इस मामले में पुलिस ने गुरुवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है। यह घटना कलुआ स्थित राजपूत होटल की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में होटल में कार्यरत नासिर पुत्र समंद खान रोटी बनाते समय आपत्तिजनक हरकत करता दिख रहा है। वीडियो के फैलते ही स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों में आक्रोश फैल गया। लोगों का आरोप है कि ऐसी हरकतें न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हैं, बल्कि धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचा सकती हैं। घटना के संबंध में हिन्दू रक्षादल के जिला मंत्री दिनेश लोधी पुत्र देशराज सिंह ने गभाना थाने में आरोपी के खिलाफ तहरीर दी है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। सीओ धनंजय कुमार का कहना है मामला संज्ञान में आया है तहरीर प्राप्त हुई है मुकदमा दर्ज हो गया है। आरोपी गिरफ्तार क़र लिया है जांच की जा रही है। पुलिस फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में दिनभर चर्चाएं जारी रहीं, और कई लोगों ने होटल के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है।
रेवाड़ी में बूढ़पुर रोड पर किन्नरों के दो गुटों में जमकर लाठी डंडें और ईंट पत्थर चले। जिससे कई गाड़ियों को नुकसान हुआ। किन्नरों के दो गुटों के झगड़े से आसपास के लोगों और राहगीरों में खौफ में रहे। मोना गुट ने अपने साथियों के अपहरण का आरोप लगाते हुए चौकी के सामने बवाल काटा और प्रदर्शन किया। पुलिस ने किसी प्रकार स्थिति को संभाला और बातचीत के लिए दोनों गुटो को रामपुरा थाने ले गई। जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। कुछ दिन पहले दोनों गुट विकास नगर में आमने सामने आ चुके हैं। मोना गुट ने प्रीत सिमरन और खुबसुरत पर विवाद बढ़ाने का आरोप लगाया। वसीयत का हवाला देकर ठोका दावा रुकसार के निधन के बाद किन्नरों के दो गुटों में विवाद बना हुआ है। गद्दी पर उनके शिष्य मोना उर्फ बॉबी अपना दावा ठोक रहे है। उनका कहना है कि रुकसार ने अपनी वसीयत में उन्हें अपना उत्तराधिकारी बनाया था। जिस कारण उनकी मौत के बाद गद्दी उन्हें सौंपी गई थी। अब दूसरे स्थानों से आकर किन्नर अवैध रूप से बधाई वसूलकर अपना बर्चस्व बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। साथियों के अपहरण का आरोप मोना गुट का आरोप है कि बाहर से आए कुछ लोगों ने उनके साथियो का अपहरण किया है। दूसरे गुट के लोग उन्हें लगातार धमकियां दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र में बाहरी लोगों का हस्तक्षेप किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किन्नरों के उत्पात का शिकार हुए लोगों ने सरकार और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
कानपुर में आगामी महाशिवरात्रि पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में मंगलवार देर शाम पुलिस उपायुक्त दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने थाना सजेती और साढ़ क्षेत्र के प्रमुख शिव मंदिरों का भौतिक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डीसीपी चौधरी ने थाना सजेती के अंतर्गत ग्राम नीबिया खेड़ा स्थित प्राचीन शिव मंदिर और विहारेश्वर महादेव मंदिर का दौरा किया। उन्होंने मंदिर परिसर, प्रवेश-निकास मार्ग, बैरिकेडिंग, पार्किंग व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के उपायों की समीक्षा की। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि दर्शनार्थियों की संख्या को देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए। साथ ही, संवेदनशील बिंदुओं पर विशेष निगरानी रखने के आदेश भी दिए गए। इसके बाद, डीसीपी ने थाना साढ़ क्षेत्र के ग्राम करचुलीपुर स्थित महादेव मंदिर और भीतरगांव के खेरेश्वर महादेव मंदिर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने आयोजकों और स्थानीय पुलिस अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीसीटीवी कैमरे, लाउडस्पीकर, प्रकाश व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को दुरुस्त रखने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीसीपी दक्षिण ने मौजूद पुलिस बल को स्पष्ट निर्देश दिए कि महाशिवरात्रि के दौरान कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों की तैनाती, नियमित पेट्रोलिंग और संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी निगरानी रखने के आदेश भी दिए गए।
चित्रकूट के राजापुर थाना क्षेत्र के ग्राम रुपैली में गुरुवार को एक हेलीपेड निर्माण कार्य के दौरान बड़ा हादसा हो गया। ट्रैक्टर से जमीन समतल करते समय 13 वर्षीय नाबालिग अभिनंदन की पहिए में फंसकर मौत हो गई। घटना के बाद गांव में आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों ने शव को लेकर हंगामा किया। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में हर साल दंगल का आयोजन होता है। इस बार एक नामी पहलवान के हेलीकॉप्टर से आने की सूचना थी, जिसके चलते कार्यक्रम स्थल पर हेलीपेड तैयार किया जा रहा था। मैदान को ट्रैक्टर-लेवलर से समतल किया जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अभिनंदन लेवलर पर बैठा था, तभी अचानक संतुलन बिगड़ने से वह नीचे गिर गया और ट्रैक्टर के पिछले पहिए की चपेट में आ गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की मां ने आरोप लगाया कि अभिनंदन पास के विद्यालय में पढ़ने गया था। उसे वहीं से बुलाकर ट्रैक्टर पर बैठाया गया था। उन्होंने पूरी घटना के लिए चालक को जिम्मेदार ठहराया है। ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे के बाद चालक और ट्रैक्टर मालिक ने मिलीभगत कर शव को छिपाने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि शव को करीब 500 मीटर दूर ले जाकर स्कूल के पास रखी गिट्टी में फेंक दिया गया और आरोपी फरार हो गए। मामला उस समय और गरमा गया जब परिजनों ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि बिना विधिवत पंचनामा किए शव को निजी वाहन से ले जाने की कोशिश की गई। इसके विरोध में ग्रामीणों ने रुपैली से मुख्य सड़क को जाने वाले मार्ग पर लगभग एक घंटे तक जाम लगा दिया। राजापुर पुलिस के साथ पहाड़ी और सरघुवा थानों की पुलिस फोर्स भी तैनात की गई। अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद स्थिति शांत हुई और जाम समाप्त कराया गया।सूचना मिलने पर क्षेत्राधिकारी (सीओ) मऊ मौके पर पहुंचे। कहा मामला संज्ञान में आया है तहरीर प्राप्त हुई है मुकदमा दर्ज हो गया है । आरोपी गिरफ्तार क़र लिया है जाँच की जा रही है।
6 साल के मासूम का शव बंद स्कूल में मिला:हरदा में गले पर चोट के निशान; दोपहर से लाता था बच्चा
हरदा के एक सरकारी स्कूल में 6 साल के मासूम का शव गुरुवार रात मिला है। उसके गले पर चोट के निशान हैं। बालक दोपहर एक बजे से लापता था। मृतक का नाम अनिल कोरकू है। मासूम के परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। मामला हरदा जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के ग्राम सुखरास का है। मामला सामने आने के बाद पुलिस खण्डहर पड़े स्कूल में जांच के लिए पहुंची है। मासूम अनिल दोपहर एक बजे से अपने घर से लापता था। परिजनों को सूचना मिली और वे मौके पर पहुंचे, तो बालक के गले पर चोट के निशान दिखाई दिए। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची है। अभी तक फिलहाल बच्चे की मौत के कारणों के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। दो साल से बंद पड़ा है स्कूलग्रामीणों ने बताया कि करीब दो सालों से स्कूल खण्डर के रूप में पड़ा हुआ है। टीआई आर एस तिवारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुचकर जांच कर रहे है। स्कूल जाने वाले मार्ग पर एक घर मे लगे सीसीटीवी फुटेज में बालक जाता हुआ दिखाई दिया है। ग्रामीणों ने बातया कि मृतक अनिल की मां का देहांत हो चुका है। उसे उसके बड़े पापा ने पाला है।
अजमेर के चर्चित फोटो ब्लैकमेलिंग कांड की पीड़िताओं को कोर्ट के आदेशों के डेढ़ साल बाद भी 17 में से केवल दो ही पीड़िताओं को अब तक मुआवजा मिला है। भाजपा विधायक संदीप शर्मा के सवाल के लिखित जवाब में गुरुवार को सरकार ने दावा किया है कि बची हुई पीड़िताओं और उनके परिजन मुआवजा लेने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। संदीप शर्मा के सवाल के लिखित जवाब में विधि विभाग ने बताया कि अजमेर की पॉक्सो मामलों की स्पेशल कोर्ट संख्या-2 ने 20 अगस्त 2024 को फैसला दिया था। इसमें 17 पीड़िताओं के मामले में हरेक को 7-7 लाख रुपए की मुआवजा राशि देने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को आदेश दिए थे। कोर्ट ने पीड़िताओं को 30 दिन में मुआवजा देने के आदेश दिए थे। वहीं अब तक 17 पीड़िताओं में से 2 पीड़िताओं को ही सात-सात लाख रुपए के हिसाब से कुल 14 लाख का मुआवजा दिया गया है। इसमें 14 पीड़िताओं को मुआवजा दिया जाना बाकी है। एक पीड़िता का देहांत हो चुका है। 2 पीड़िताओं को दिए 14 लाख रुपएपहचान छिपाकर रह रही पीड़िताओं को मुआवजा नहीं देने के सवाल के जवाब में कहा गया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अब तक कुल 2 पीड़िताओं को कुल 14 लाख की मुआवजा राशि दे चुका है। बची हुई 14 पीड़िताओं को मुआवजा राशि दिलवाए जाने के लिए उनके परिजनों से संपर्क किया गया। अभी तक पीड़िताओं या उनके परिजनों ने मुआवजा राशि लेने में कोई रुचि नहीं दिखाई है। कोर्ट के आदेशों की पालना में अगले तीन साल तक बाकी पीड़िताओं को मुआवजा राशि दिलवाने के प्रयास किए जाएंगे। यदि कोई पीड़िता, जिसने मुआवजा राशि प्राप्त नहीं की हो तो तीन साल के बाद भी मुआवजा लेने की इच्छुक होंगी तो उन्हें इसका भुगतान किया जाएगा। कांड के 32 साल बाद अगस्त 2024 में कोर्ट ने सुनाया था फैसलाअजमेर फोटो ब्लैकमेलिंग कांड देशभर में चर्चित हुआ था। वर्ष 1992 में यह मामला सामने आया थाा। एक गिरोह ने कॉलेज और स्कूली छात्राओं को ब्लैकमेल कर 100 छात्राओं के साथ गैंगरेप किया था। उन्हें आपत्तिजनक फोटो से ब्लैकमेल किया गया था। एक स्टूडियो से आपत्तिजनक फोटो लीक होने के बाद यह मामला सामने आया था। मामले में उस समय 6 छात्राओं ने सुसाइड कर लिया था। इसका मुकदमा लंबा चला। इस केस के 6 आरोपियों के खिलाफ 23 जून 2001 को चार्जशीट पेश हुई थी। इसके बाद 20 अगस्त 2024 को केस में 6 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसी दौरान पीड़िताओं को सात-सात लाख मुआवजा देने के आदेश दिए थे। …………….. अजमेर ब्लैकमेल कांड से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... अजमेर सेक्स स्कैंडल के 6 दोषियों को उम्रकैद:32 साल पहले 100 छात्राओं के साथ गैंगरेप किया था; 5-5 लाख का जुर्माना लगाया अजमेर में 32 साल पहले हुए देश के सबसे बड़े सेक्स स्कैंडल के 6 दोषियों को जिला अदालत ने 20 अगस्त, मंगलवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही उन पर 5-5 लाख का जुर्माना भी लगाया है। पूरी खबर पढ़िए… अजमेर के गुनहगारों के खिलाफ 21 साल लड़ीं 2 पीड़िताएं:अमेरिकी नागरिक ने बचने के लिए पासपोर्ट दिखाया, सरकारी वकील ने उसी से सजा दिलाई 100 से ज्यादा लड़कियों से गैंगरेप, सबसे बड़ा सेक्स स्कैंडल:भगोड़ा घोषित कर सही धारा में चार्जशीट बनाते तो 32 साल नहीं बच पाते 6 आरोपी राजस्थान का सबसे बड़ा सेक्स स्कैंडल:रसूखदार घरों की लड़कियों के न्यूड फोटो मार्केट में आए, एक गलती की वजह से नहीं मिल पा रहा इंसाफ
दमोह जिले के हटा बस स्टैंड पर गुरुवार शाम इंदौर जा रही एक स्लीपर बस के अचानक ब्रेक फेल हो गए। ढलान की ओर तेजी से बढ़ती बस को देख यात्री घबरा गए, लेकिन चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को किले की दीवार से टकराकर रोक दिया। इससे बस में सवार दर्जनों यात्रियों की जान बच गई। स्टैंड से निकलते ही बेकाबू हुई बस जानकारी के अनुसार, बालाजी ट्रांसपोर्ट की बस (MP40P0282) शाम करीब पांच बजे हटा बस स्टैंड से इंदौर के लिए रवाना हुई थी। जैसे ही बस नगर पालिका कार्यालय के पास पहुंची, वह अचानक अनियंत्रित हो गई। बस बूढ़ा हटा की ओर जाने वाले ढलान पर तेजी से बढ़ने लगी। चालक को जैसे ही अहसास हुआ कि ब्रेक काम नहीं कर रहे हैं, उसने तुरंत शोर मचाकर यात्रियों और राहगीरों को सतर्क कर दिया। चालक ने किले की दीवार की ओर मोड़ा ढलान पर बस की रफ्तार बढ़ती देख चालक ने बस को पास ही स्थित किले की दीवार की ओर मोड़ दिया। दीवार से टकराते ही बस रुक गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यदि बस ढलान पर आगे निकल जाती, तो वह बाजार की भीड़भाड़ वाले इलाके में घुस सकती थी, जिससे कई लोगों की जान जा सकती थी। गनीमत रही कि इस टक्कर में किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई। पुलिस ने संभाली व्यवस्था हादसे की खबर मिलते ही हटा पुलिस मौके पर पहुंची। बस सागर जिले के बालाजी ट्रांसपोर्ट की बताई जा रही है। घटना के बाद कुछ देर के लिए बस स्टैंड पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया। यात्रियों को दूसरी बसों के जरिए उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया।
दुर्ग में 26 मामलों से जुड़ा बैंक खाता उजागर:50 लाख के संदिग्ध लेन-देन में एक गिरफ्तार, 6 पर शिकंजा
दुर्ग पुलिस ने साइबर अपराध पर बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंक खातों के जरिए ठगी की रकम खपाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। साइबर सेल और सुपेला थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 26 प्रकरणों से जुड़े संदिग्ध खातों का खुलासा हुआ है। इस दौरान एक म्यूल अकाउंट संचालित करने वाले आरोपी को गिरफ्तार भी किया गया है। साइबर सेल दुर्ग ने जिले में दर्ज साइबर धोखाधड़ी के मामलों की समीक्षा की। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम विभिन्न बैंकों के खातों में जमा की जा रही थी और फिर चेक के साथ अन्य बैंकिंग माध्यमों से निकाली जा रही थी। जांच में 6 खाताधारकों के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा विशेष अभियान के तहत गठित टीम ने 6 खाताधारकों की पहचान कर उनसे पूछताछ की। जांच में पता चला कि एक बैंक खाता अकेले 26 अलग-अलग शिकायतों से जुड़ा है। वहीं, एक अन्य खाते में 13 लाख रुपए के संदिग्ध लेन-देन का पता चला। इसके अतिरिक्त, 15 हजार, 38 हजार 800 रुपए से लेकर 50 लाख रुपए तक की रकम के संदिग्ध ट्रांजेक्शन भी सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, इन खातों का उपयोग ठगी की रकम निकालने और उसे आगे ट्रांसफर करने या नकद निकासी के लिए किया गया था। दुर्ग में बैंक खातों की जांच में छह लोग शामिल जांच के दायरे में आए खाताधारकों में रूपेश बंजारे, आजेंद्र साहू, जावेद शेख, सरस्वती निषाद, हेमा बिनानी और अभिषेक गुप्ता (सभी निवासी दुर्ग) शामिल हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। संबंधित बैंक खातों के दस्तावेज, चेक और लेन-देन से जुड़े अभिलेख जब्त किए गए हैं। कुछ मामलों में पहले से अपराध दर्ज हैं, जबकि अन्य में नए अपराध दर्ज कर जांच जारी है। इस बीच, सुपेला थाना पुलिस ने गृह मंत्रालय के 'समन्वय पोर्टल' से मिली सूचना के आधार पर एक म्यूल अकाउंट संचालित करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस खाते में 3.05 लाख रुपए की ठगी की रकम जमा की गई थी। बैंक अकाउंट ठगी के लिए हो रहा था इस्तेमाल जांच में सामने आया कि एचडीएफसी बैंक सुपेला शाखा में रूपेश बोबड़े (32 वर्ष), निवासी जुनवानी, सुपेला ने एक बैंक खाता खुलवाया था। 1 जून 2025 से 11 फरवरी 2026 के बीच इस खाते में 3,05,273 रुपए की संदिग्ध ऑनलाइन राशि जमा हुई। पुलिस के मुताबिक यह खाता ऑनलाइन ठगी की रकम प्राप्त करने के उद्देश्य से उपयोग किया जा रहा था। आरोपी खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के अतिक्रमण निरोधक दस्ते द्वारा अवैध एवं अनाधिकृत कॉलोनियों, अवैध निर्माणों एवं अतिक्रमणों पर कार्रवाई की। ग्राम नांदड़ा कलां में कृषि भूमि पर अनाधिकृत रूप से विकसित की जा रही गुरुवार को अवैध कॉलोनी में किए गए कार्यों को ध्वस्त किया गया। प्राधिकरण आयुक्त उत्साह चौधरी के निर्देशानुसार तहसीलदार जोन-1 प्रतिज्ञा सोनी के निर्देशन में जेडीए दस्ते द्वारा ग्राम नांदड़ा कलां के खसरा संख्या 296/14 का मौका निरीक्षण करते हुए कृषि भूमि पर प्राधिकरण की बिना सक्षम स्वीकृति एवं बिना भू-उपयोग परितर्वन करवाए विकसित की जा रहे अवैध कॉलोनी में किए गए डामर सड़क निर्माण एवं मुटाम इत्यादि को जेसीबी की सहायता से ध्वस्त कर खुर्द-बुर्द किया गया। दस्ते द्वारा अप्रार्थी को सख्त हिदायत दी गई कि कृषि भूमि पर प्राधिकरण की बिना सक्षम स्वीकृति एवं बिना भू-उपयोग परितर्वन करवाए किसी प्रकार की योजना को विकसित नहीं करें। अन्यथा प्राधिकरण द्वारा नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जेडीसी की आमजन से अपील-अवैध कॉलोनी के भूखंड खरीदने से बचेंप्राधिकरण आयुक्त उत्साह चौधरी द्वारा आमजन से अपील की गई है कि कृषि भूमि पर प्राधिकरण की बिना सक्षम स्वीकृति एवं बिना भू-उपयोग परितर्वन करवाए विकसित अवैध एवं अनाधिकृत कॉलोनियों में कृषि भूमि के भूखंडों की खरीद से बचें। जीवन की बचत व पूंजी को सुरक्षित रखें। लोरडी देजगरा में भी की कार्रवाईइसी प्रकार जेडीए दस्ते द्वारा ग्राम लोरडी देजगरा के खसरा संख्या 110 एवं नवीन खसरा संख्या 110/3 में न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद किए जा रहे अवैध निर्माण कार्य को बंद करवाया गया। कार्रवाई के दौरान प्रवर्तन अधिकारी प्रवीण गहलोत, भू-अभिलेख निरीक्षक पृथ्वीदान चारण, प्रवर्तन निरीक्षक अनिल कुमार शर्मा एवं योगेश गहलोत, पटवारी भजनलाल मय जेडीए दस्ता मौजूद रहे।
पन्ना जिले के अजयगढ़ थाना क्षेत्र में एक टूटे हुए पुल से बाइक सवार चाचा-भतीजे सीधे नीचे गिर गए। इस हादसे में 60 वर्षीय चाचा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका भतीजा गंभीर रूप से घायल है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन की अनदेखी को लेकर भारी गुस्सा है। वहीं पुलिस मामले की जांच कर रही है। भैंस के लिए दवा लेने जा रहे थे जानकारी के मुताबिक, ग्राम खमरिया निवासी मिट्ठूलाल पाल (60) अपने भतीजे चंद्रभान पाल (25) के साथ बाइक पर सवार होकर बरियारपुर जा रहे थे। वे भैंस के लिए दवा लेने निकले थे। शाम करीब 7:30 बजे जब वे गड़ड़पुर पुल के पास पहुंचे, तो रात के अंधेरे में उन्हें यह अंदाजा नहीं हुआ कि पुल आगे से टूटा हुआ है। पलक झपकते ही उनकी बाइक बेकाबू होकर पुल के गहरे गड्ढे में जा गिरी। करीब दस फिट से नीचे गिरने के बाद मिट्ठूलाल पाल के सिर और अन्य जगह गंभीर चोट आई। अस्पताल में चाचा को मृत घोषित किया हादसे के बाद चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने तुरंत '112 डायल' पुलिस को सूचना दी। लोगों की मदद से दोनों को कड़ी मशक्कत के बाद पुल के नीचे से बाहर निकाला गया और अजयगढ़ अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मिट्ठूलाल पाल को मृत घोषित कर दिया। घायल चंद्रभान पाल का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जिसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। लोग बोले- यह प्रशासन की बड़ी लापरवाही ग्रामीणों ने बताया कि भारी बारिश की वजह से यह पुल काफी समय पहले ही टूट चुका था। इतने दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन ने यहां न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया और न ही रास्ते को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार पुल की मरम्मत की मांग कर चुके थे, लेकिन अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। इसी लापरवाही की वजह से आज एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया। अजयगढ़ थाना प्रभारी हरि सिंह ठाकुर ने बताया- बाइक अनियंत्रित होकर पुल के नीचे गिरने से वृद्ध की मौत हुई है। यह हादसा पुल टूटा होने और अंधेरे के कारण चालक द्वारा नियंत्रण खो देने की वजह से हुआ। शव का पंचनामा बनाकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
टोंक में अवैध गांजा, हथकढ़ शराब और ई-सिगरेट जब्त:डीएसटी ने तीन आरोपी किए गिरफ्तार, कैश भी जब्त
जिला स्पेशल टीम के प्रभारी ओम प्रकाश ने टीम द्वारा सदर थाने के बंबोर रोड़ पर बाईक सवार सनी सांसी (19) पुत्र दिलीप कुमार सांसी निवासी पोल्याडा थाना दूनी हाल अम्बेडकर कॉलोनी हाउसिंग बोर्ड टोंक के कब्जे से करीब 50 हजार कीमत का 1 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा व 100 लीटर हथकढ़ शराब जब्त की है। इसी तरह कोतवाली टोंक इलाका क्षेत्र में 99 शॉप पर कार्रवाई करते हुए आरोपी नवेद खान (37) पुत्र मोहम्मद अतीक निवासी बडा कुंआ शेर अली खां के कब्जे से करीब 70 हजार कीमत की प्रतिबंधित 31 फ्लेवर युक्त ई सिगरेट (इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट), पांच धारदार चाकू व खरीद फरोख्त राशि 3 हजार 300 रुपए बरामद किए हैं। इसके खिलाफ जाकर आर्म्स एक्ट तथा इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम 2019 के तहत मामला दर्ज किया है। इसी प्रकार पचेवर थाना क्षेत्र के कचोलिया ग्राम में आरोपी रामपाल जाट (63) पुत्र ज्वारा जाट निवासी माताजी का स्थान कचोलिया पचेवर के कब्जे से करीब 15 हजार रुपए कीमत का 1 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडा पोस्त बरामद किया गया है। डीएसटी द्वारा तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें संबंधित थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया है।
मंदसौर जिले के सीतामऊ में गुरुवार शाम एक सुखद तस्वीर सामने आई। यहां अनुविभागीय अधिकारी (SDM) शिवानी गर्ग ने जमीन पर बैठकर दिव्यांगजनों की समस्याएं सुनीं। विकलांग संगठन के बैनर तले दिव्यांगों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। एसडीएम ने हर बिंदु पर चर्चा कर जल्द निराकरण का आश्वासन दिया है। संगठन के सदस्यों ने बताया कि दिव्यांगजनों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है। ज्ञापन में प्रमुख रूप से दिव्यांग पेंशन बढ़ाकर 5000 रुपए प्रतिमाह करने, बीपीएल राशन कार्ड बनाने, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने और 30 प्रतिशत दिव्यांगजनों को इलेक्ट्रिक साइकिल उपलब्ध कराने की मांग की गई। साथ ही कहा गया कि जिन दिव्यांगों का अंगूठा नहीं लग पाता, उनकी पेंशन परिवार के सदस्य के खाते में डाली जाए। रोजगार और पहचान पत्र के लिए मिले सुविधा ज्ञापन में कौशल प्रशिक्षण और स्वरोजगार के लिए ऋण दिलाने, शिविर लगाकर दिव्यांगों की पहचान करने, यूडीआईडी (UDID) कार्ड जारी करने में सहयोग और बाधा मुक्त वातावरण को बढ़ावा देने जैसी मांगें भी शामिल थीं। राष्ट्रीय संस्थानों की सेवाओं के लिए आउटरीच केंद्र बनाने की बात भी कही गई। यह ज्ञापन नंदलाल पाटीदार के नेतृत्व में सौंपा गया। SDM बोलीं- हर संभव प्रयास करेंगे एसडीएम शिवानी गर्ग ने दिव्यांगजनों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों के माध्यम से इन समस्याओं का शीघ्र समाधान करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
गुरुग्राम में दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर एक महिला ने अपने पति को उसकी महिला मित्र के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद बीच सड़क पर जमकर हंगामा हुआ, जहां पत्नी ने पति और उसकी गर्लफ्रेंड की पिटाई कर दी। यह घटना गुरुवार सुबह राजीव चौक के पास हुई। बताया जा रहा है कि महिला दिल्ली से ही अपने पति की कार का पीछा कर रही थी। जैसे ही पति अपनी महिला मित्र के साथ गुरुग्राम पहुंचा, पत्नी ने एक्सप्रेसवे पर उनकी गाड़ी को रोक लिया। उसने गाड़ी के आगे वाले शीशे पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। गाड़ी रुकते ही महिला ने अंदर बैठे अपने पति और उसकी गर्लफ्रेंड पर हमला कर दिया। सड़क के बीचों-बीच हुए इस झगड़े को देखकर आसपास से गुजर रहे वाहन ड्राइवर भी रुक गए और देखते ही देखते मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई। पत्नी ने गर्लफ्रेंड का बाल पकड़कर गाड़ी से खींचा पत्नी ने पति की गर्लफ्रेंड को बालों से पकड़कर गाड़ी से बाहर खींच लिया और सड़क पर गिराकर उसकी पिटाई शुरू कर दी। जब पति अपनी महिला मित्र को बचाने के लिए बीच में आया, तो पत्नी ने उस पर भी थप्पड़ों की बरसात कर दी। भीड़ में मौजूद लोग महिला को शांत करने और पुलिस बुलाने की सलाह देते रहे, लेकिन काफी देर तक एक्सप्रेसवे पर हंगामा जारी रहा। सूचना मिलने पर सिविल लाइन्स थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तीनों को थाने ले जाकर पूछताछ की। सिविल लाइन्स थाने में तैनात एएसआई शिवशंकर ने बताया कि राजीव चौक के पास झगड़े की सूचना मिली थी। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज कराई है। पति दिल्ली का रहने वाला पुलिस के अनुसार व्यक्ति दिल्ली का रहने वाला है और एस्ट्रोलॉजर के तौर पर काम करता है। वह अपनी महिला मित्र के साथ आया था, जो मूल रूप से महाराष्ट्र की रहने वाली है और एक आईटी कंपनी में कार्यरत है। महिला एक दिन पहले ही महाराष्ट्र से गुरुग्राम उससे मिलने आई थी। बताया गया है कि दोनों पिछले 7-8 महीनों से एक-दूसरे को जानते थे। पुलिस ने बताया कि व्यक्ति कल से घर नहीं गया था, जिस कारण पत्नी को पहले से शक था और उसने पति का पीछा किया। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है और मामले की जांच जारी है।
पानीपत के लोहारी गांव में अपनी ही पत्नी की निर्मम हत्या करने वाले आरोपी पति को इसराना थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी कपिल ने महज दो दिन पहले अपनी 30 वर्षीय पत्नी पूजा की मफलर से गला घोंटकर हत्या कर दी थी और मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपी को उझा रोड स्थित एकता विहार कॉलोनी के पास से दबोचने में सफलता हासिल की है। इसराना थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर महिपाल ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद हुई प्रारंभिक पूछताछ में कपिल ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपी ने बताया कि वह पत्नी के मायके जाने से नाराज था। 10 फरवरी की सुबह जब उसके सास-ससुर काम पर चले गए, तो उसने पत्नी को साथ चलने के लिए कहा। इनकार करने पर दोनों के बीच बहस हुई और उसने आवेश में आकर मफलर से पूजा का गला घोंट दिया। टीवी की आवाज की तेज पूछताछ में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी ने बताया कि जब वह पूजा का गला घोंट रहा था, तो उसने कमरे में लगे टीवी की आवाज बहुत तेज कर दी थी। ऐसा उसने इसलिए किया ताकि पूजा की चीखें और छटपटाहट की आवाजें बाहर किसी पड़ोसी को सुनाई न दें। हत्या के बाद उसने लाश को चारपाई पर रजाई से ऐसे ढका जैसे वह सो रही हो और खुद चुपके से भाग निकला। बर्बाद हो गया परिवार 12 साल का रिश्ता: कपिल और पूजा की शादी 12 साल पहले हुई थी, लेकिन आरोपी की मारपीट और शक की आदत ने इस रिश्ते का अंत लहू से किया। अनाथ हुए 4 बच्चे: इस हत्याकांड के बाद पूजा के 3 बेटे और 1 बेटी अब पूरी तरह अनाथ हो गए हैं। माँ की मौत हो चुकी है और पिता अब जेल की सलाखों के पीछे है। पुलिस की कार्रवाई इसराना पुलिस के अनुसार, आरोपी कपिल निवासी किवाना को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस इस मामले में अन्य सबूत भी जुटा रही है ताकि आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलवाई जा सके।
रोहतक जिले में महम के पूर्व विधायक बलराज कुंडू से 5 करोड़ रुपए की फिरौती मांगने का मामला जिला पुलिस के संज्ञान में आया है। बलराज कुंडू के रोहतक व गुरुग्राम में घर है। ई-मेल के माध्यम से शिकायत प्राप्त होने पर पुलिस द्वारा बीएनएसएस की धारा 197 के तहत कार्रवाई करते हुए थाना अर्बन एस्टेट में आरोपियों के खिलाफ धारा 308(4) बीएनएस के तहत जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। जिस समय फिरौती की कॉल प्राप्त हुई, उस समय बलराज कुंडू चंडीगढ़ में थे। मामला चंडीगढ़ से संबंधित होने के कारण रोहतक पुलिस द्वारा जीरो एफआईआर को चंडीगढ़ पुलिस के पास आगामी जांच के लिए भेजा गया है। इसके अतिरिक्त रोहतक मे स्थित इनके आवास पर पुलिस सुरक्षा बढा दी गई है। आवास के पास 24 घंटे के लिए नाकाबंदी कर शस्त्र पुलिस बल तैनात किया गया है। संबंधित प्रभारी थाना को भी दिशा निर्देश दिए गए हैं। घर के आप-पास पैट्रोलिंग ड्यूटी भी लगाई गई है। मामले में जिला पुलिस द्वारा कानून अनुसार व परिवार की सुरक्षा को देखते हुए हर संभव कार्य किए जा रहे हैं।
घाटमपुर नगर के मुख्य चौराहे पर गुरुवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब शिव बारात का प्रचार कर रहे एक डीजे वाहन को ट्रैफिक पुलिस ने रोक लिया। पुलिसकर्मियों पर ₹2000 की मांग करने का आरोप लगाते हुए आयोजन समिति के कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। काफी देर तक चौराहे पर अफरा-तफरी और नोकझोंक का माहौल बना रहा। बताया गया कि आगामी 15 फरवरी को निकलने वाली ऐतिहासिक शिव बारात के प्रचार-प्रसार के लिए डीजे वाहन नगर में भ्रमण कर रहा था। इसी दौरान मुख्य चौराहे पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने वाहन को रोक लिया। आयोजन समिति के कार्यकर्ताओं का आरोप है, कि वाहन छोड़ने के एवज में पुलिसकर्मियों ने ₹2000 की मांग की और दबाव बनाने का प्रयास किया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग और शिव बारात आयोजन समिति के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हुई। कार्यकर्ताओं ने चौराहे को “उगाही का अड्डा” बताते हुए पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताई। कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया और यातायात भी प्रभावित रहा। डीसीपी साउथ को फोन पर दी गई शिकायत मामला बढ़ता देख आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी को फोन कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ट्रैफिक पुलिस ने वाहन को बिना किसी जुर्माने या कार्रवाई के छोड़ दिया। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का कहना था, कि घाटमपुर चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस आए दिन वाहन चालकों को परेशान करती है और अवैध वसूली की शिकायतें मिलती रहती हैं। धार्मिक आयोजन के प्रचार वाहन के साथ इस तरह के व्यवहार से लोगों में आक्रोश है। पहले ही हो चुका है रूट निरीक्षण गौरतलब है, कि 15 फरवरी को प्रस्तावित शिव बारात को लेकर प्रशासन पहले से अलर्ट मोड पर है। हाल ही में डीसीपी साउथ समेत अन्य अधिकारियों ने बारात के रूट का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया था। ऐसे में इस कथित घटना ने पुलिस-आयोजन समिति के बीच तालमेल पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छतरपुर जिला अस्पताल में गुरुवार से नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (NQAS) के तहत तीन दिवसीय मूल्यांकन शुरू हो गया। राष्ट्रीय स्तर की तीन सदस्यीय टीम अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, इलाज की गुणवत्ता और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की गहन जांच कर रही है। यह प्रक्रिया देर शाम तक जारी रही। सिविल सर्जन डॉ. शरद चौरसिया ने बताया कि मूल्यांकन टीम में अखिल भारतीय राष्ट्रीय परिषद, राजस्थान और मेरठ से एक-एक सदस्य शामिल हैं। यह दल अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सेवाओं का निर्धारित मानकों के आधार पर आकलन करेगा। जांच रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर जारी की जाएगी। मूल्यांकन के दौरान टीम ने अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया और विभिन्न वार्डों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्टाफ के साथ बैठक कर उपचार प्रक्रियाओं, रिकॉर्ड संधारण, स्वच्छता व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। टीम के सदस्यों ने भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से भी संवाद किया। इस दौरान उन्होंने उपचार की गुणवत्ता, डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के व्यवहार तथा दवाओं की उपलब्धता के संबंध में फीडबैक लिया। NQAS मूल्यांकन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मरीजों को निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार सुरक्षित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण इलाज प्राप्त हो। इस मूल्यांकन के आधार पर अस्पताल को गुणवत्ता प्रमाणन प्रदान किया जाएगा, जिससे भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं में और सुधार की अपेक्षा है।
पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने राज्य सरकार के हालिया बजट को पूरी तरह दिशाहीन और जनविरोधी बताते हुए कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह सरकार का तीसरा बजट है, लेकिन अब तक प्रदेश में विकास का कोई ठोस असर नजर नहीं आ रहा है। खाचरियावास बोले- जयपुर के करीब ₹3000 करोड़ के विकास प्रोजेक्ट रद्द किएखाचरियावास ने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त चर्चा के बजट पेश कर सरकार ने लोकतांत्रिक परंपराओं की अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि जयपुर के करीब ₹3000 करोड़ के विकास प्रोजेक्ट रद्द कर दिए गए, जो शहर को आगे ले जा सकते थे। अब सरकार केवल खोखले वादे कर जनता को गुमराह कर रही है। “युवाओं को नौकरी चाहिए, जुमले नहीं- खाचरियावासउन्होंने रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा- प्रदेश के लाखों संविदा कर्मचारी वर्षों से नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं, लेकिन बजट में उनके लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई गई। उन्होंने कहा- युवाओं को नौकरी चाहिए, जुमले नहीं। आम आदमी की आय घट रही है, जबकि खर्च लगातार बढ़ रहा : खाचरियावासमहंगाई, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की अनदेखी को लेकर भी खाचरियावास ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- आम आदमी की आय घट रही है, जबकि खर्च लगातार बढ़ रहा है। बजट में इससे राहत देने के लिए कोई प्रभावी प्रावधान नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट केवल आंकड़ों और घोषणाओं तक सीमित है, जबकि जमीनी हकीकत इससे अलग है। किसानों, मजदूरों, युवाओं और मध्यम वर्ग को इससे कोई सीधा लाभ नहीं मिला है। खाचरियावास ने सरकार से मांग की कि वह घोषणाओं की राजनीति छोड़कर धरातल पर काम करे और जनता को समयबद्ध, पारदर्शी और ठोस परिणाम दे, ताकि प्रदेश में वास्तविक विकास हो सके।
शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 8 करोड़ 45 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को चांपा पुलिस ने पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक क्रेटा कार, 12 विभिन्न बैंकों के चेकबुक, 9 डेबिट कार्ड, 8 क्रेडिट कार्ड, पैन कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, 3 महंगे मोबाइल फोन और 30 हजार रुपए नकद बरामद किए हैं। चांपा पुलिस के अनुसार, भूधर प्रसाद देवांगन (38) ने 30 जनवरी को चांपा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में उनकी पहचान कोलकाता निवासी विश्वजीत देबनाथ से हुई थी। आरोपी ने शेयर मार्केट में निवेश पर प्रति माह 5 प्रतिशत ब्याज का लालच दिया और अधिक लोगों को जोड़ने पर अतिरिक्त लाभ का झांसा दिया। 5% ब्याज का लालच देकर करोड़ों की ठगी इस झांसे में आकर भूधर प्रसाद देवांगन और अन्य लोगों ने नकद, आरटीजीएस, एनईएफटी और चेक के माध्यम से कुल 8.45 करोड़ रुपए का निवेश कर दिया। शुरुआत के कुछ महीनों तक उन्हें 5 प्रतिशत ब्याज का भुगतान किया गया, लेकिन बाद में कंपनी में घाटा होने का बहाना बनाकर भुगतान बंद कर दिया गया। आरोपी लगातार पैसे लौटाने का झूठा आश्वासन देता रहा। पुलिस ने आरोपी को पश्चिम बंगाल से पकड़ा मामले में चांपा थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 34 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। मुखबिर की सूचना पर आरोपी विश्वजीत देबनाथ को ईटला पोड़ा पारा, पोस्ट कालीघाट, थाना कोतवाली कृष्णानगर, जिला नदिया, पश्चिम बंगाल से हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने निवेश की गई रकम से क्रेटा कार खरीदी, सोना खरीदा, अपने घर का रंग-रोगन कराया और बैंक में सोना जमा किया। पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ शुरू कर दी है। इस मामले में अन्य तथ्यों की जांच जारी है।
दमोह कलेक्ट्रेट प्रदर्शन के दौरान हमला, 3 गिरफ्तार:पत्थरबाजी और मारपीट के आरोप में केस दर्ज
दमोह में कलेक्ट्रेट कार्यालय में बुधवार को हुए प्रदर्शन के दौरान मीडियाकर्मियों पर हमला करने के मामले में तीन नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना बैरिकेडिंग तोड़कर परिसर में घुसने के बाद हुई, जहां मीडियाकर्मियों के साथ मारपीट और पत्थरबाजी की गई थी। मामले में महेंद्र लोधी (दमोह), पुष्पेंद्र लोधी (चंडीचौपरा) और एक अन्य पुष्पेंद्र लोधी को आरोपी बनाया गया है। सीएसपी एचआर पांडे ने बताया कि कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन को कवर कर रहे मीडियाकर्मियों से कुछ लोगों ने विवाद किया था। आवेदन मिलने के बाद जांच कर मामला दर्ज किया गया है। इस घटना के बाद आरोपियों के समर्थकों द्वारा सोशल मीडिया पर लगातार धमकी दी जा रही है। इन पोस्ट में अभद्र, भड़काऊ और जातिगत संघर्ष को बढ़ावा देने वाली बातें लिखी जा रही हैं। शुक्रवार को नोहटा में मुख्यमंत्री का आगमन है, जिसके पहले इस तरह की धमकियां सामने आ रही हैं। इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक से भी की गई है। कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने बताया कि साइबर सेल की मदद से ऐसे लोगों को चिन्हित किया जा रहा है, जो सोशल मीडिया पर धमकियां दे रहे हैं। पुलिस इन पर भी कार्रवाई करेगी।
चंडीगढ़ सेक्टर-17 स्थित एक स्टेट ऑफिस में वीरवार रात करीब 8 बजे आग लग गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। आग लगने की सूचना के बाद कार्यालय के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। संबंधित थाना पुलिस की टीम भी स्थिति का जायजा लेने पहुंची। फायर अधिकारी जगतार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट सामने आया है। बताया जा रहा है कि फ्रिज के पीछे बिजली की तारों के आपस में संपर्क में आने से शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग भड़क गई। फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का काम शुरू किया और समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल किसी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ है। वहीं कार्यालय की फाइलों या अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों के जलने की भी कोई सूचना नहीं है। पुलिस और फायर विभाग की टीम मामले की जांच में जुटी है।
गोंडा जिले के तरबगंज तहसील क्षेत्र अंतर्गत बेलसर ब्लॉक की निहालपुर ग्राम पंचायत में देर शाम एक फूस के मकान में आग लग गई। अज्ञात कारणों से लगी इस आग में राम आसरे पाल का पूरा घर और गृहस्थी जलकर खाक हो गई। घटना रात करीब 7:30 बजे हुई। राम आसरे पाल अपने मकान के सामने बैठे थे जब उन्होंने आग लगते देखी और शोर मचाया। स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आग ने विकराल रूप ले लिया था। ग्रामीणों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी दमकल टीम मौके पर नहीं पहुंची। देखते ही देखते आग ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस घटना में राम आसरे पाल की लाखों रुपये की गृहस्थी जलकर नष्ट हो गई। सूचना मिलने पर तरबगंज तहसील प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से जानकारी ली। अधिकारियों ने स्थानीय लेखपाल और कानूनगो को तत्काल रिपोर्ट तैयार कर आर्थिक मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। तरबगंज थाना अध्यक्ष कमलाकांत त्रिपाठी ने बताया कि स्थानीय लोगों और पुलिसकर्मियों की मदद से आग पर काबू पा लिया गया है। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। तरबगंज थाने की पुलिस और तहसील प्रशासन के अधिकारी सभी बिंदुओं पर जांच कर रहे हैं। गनीमत रही कि मकान के अंदर कोई गैस सिलेंडर नहीं था, अन्यथा इस भीषण आग के चलते एक बड़ा हादसा हो सकता था।
दौसा जिले के मानपुर कस्बे में गुरुवार को हिन्दू सम्मेलन आयोजित किया गया। इसे लेकर सुनारों की बगीची से रवाना हुई कलश व शोभायात्रा नगर परिक्रमा करते हुए कचहरी मैदान पहुंची। जहां सतलोक आश्रम निकटपुरी के संत रामेश्वर साहिब महाराज के सान्निध्य में सम्मेलन आयोजित किया गया। मंदिर, कुआं और श्मशान पर भेद खत्म सम्बोधित करते हुए मुख्य वक्ता सामाजिक कार्यकर्ता मोहन सिंह ने कहा कि कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी व नागरिक अनुशासन को समाज के बीच लागू मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि एक मंदिर, एक कुआं और एक शमशान पर सभी भेद समाप्त हो जाते हैं, यही समरसता का वास्तविक स्वरूप है। हिंदू समाज समर्थ भारत की नींव मुख्य वक्ता ने कहा कि संगठित हिंदू समाज ही समर्थ भारत की नींव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदुत्व किसी जाति तक सीमित है और न ही केवल पूजा पद्धति तक, बल्कि यह एक जीवन पद्धति है, जिसका मूल सूत्र सर्वे भवन्तु सुखिनः और वसुधैव कुटुम्बकम् है। उन्होंने कहा कि समय के साथ चुनौतियों और शक्तियों का स्वरूप बदलता रहता है, लेकिन हिंदू चेतना सनातन बनी रहती है। राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों को समझें मोहन सिंह ने आह्वान किया कि आज आवश्यकता है स्वदेशी अपनाने की, अपनी भाषा और संस्कृति पर गर्व करने की तथा राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों को समझने की। भविष्य के भारत के निर्माण के लिए पंच परिवर्तन को आधार बनाकर कार्य करने का आह्वान किया गया। संगठित, स्वाभिमानी और संस्कारयुक्त समाज ही भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने की दिशा में अग्रसर कर सकता है। उन्होंने कहा कि नागरिक कर्तव्यों और पर्यावरण संरक्षण पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि लाल बत्ती पर रुकना, रेल यात्रा में टिकट लेना, जल का सीमित उपयोग करना, पॉलीथिन का त्याग करना और प्रदूषण को रोकना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। ऐसे छोटे-छोटे अनुशासन ही बड़े सामाजिक परिवर्तन का आधार बनते हैं। परिवारों से संस्कार भाव विकसित हों भावना शर्मा ने कुटुंब प्रबोधन पर बल देते हुए कहा कि प्रत्येक घर में सांस्कृतिक प्रतीकों का सम्मान, तुलसी का पौधा, स्वदेशी परिधान और मातृभाषा में संवाद होना चाहिए। उन्होंने भोजन के समय मोबाइल के स्थान पर पारिवारिक संवाद को प्राथमिकता देने जैसे संस्कारों को जीवन में अपनाने का आग्रह किया। सम्मेलन की अध्यक्षता कन्हैयालाल सैनी ने की। इस दौरान बड़ी तादात में महिला-पुरुष मौजूद रहे।
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने जालोर के भद्राजून थाने में दर्ज एक आपराधिक मामले की एफआईआर निरस्त करने की याचिका खारिज कर दी। जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू की एकल पीठ ने दिलीप और भीमा राम द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने पाया कि पुलिस मामले की गहन जांच पूरी करने के बाद संबंधित अदालत में आरोपियों के खिलाफ चालान पेश कर चुकी है। जालोर जिले के भाद्राजून में भोरडा निवासी दिलीप (20) और भीमा राम (55) के खिलाफ पुलिस थाना भद्राजून में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें आरोपियों पर एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे। याचिकाकर्ताओं ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उनकी मुख्य मांग इस एफआईआर और उसके आधार पर चल रही कानूनी कार्यवाही को पूरी तरह से निरस्त करने की थी। याचिकाकर्ता पक्ष से दो सुनवाई में गैरहाजिरसुनवाई के दौरान 10 फरवरी को यह देखा गया कि याचिकाकर्ताओं की ओर से कोई भी वकील कोर्ट में उपस्थित नहीं हुआ। इससे पहले हुई सुनवाई पर भी याचिकाकर्ता पक्ष से कोई हाजिर नहीं था। दूसरी ओर सरकार की ओर से लोक अभियोजक विक्रम राजपुरोहित व एडवोकेट निखिल भंडारी ने पक्ष रखा। पुलिस की तथ्यात्मक रिपोर्ट और फैसलाएडवोकेट भंडारी ने कोर्ट के समक्ष 9 फरवरी को तैयार की गई तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश की। इस रिपोर्ट के माध्यम से कोर्ट को अवगत कराया गया कि पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच पूरी कर ली है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर पुलिस पहले ही इस मामले में चालान पेश कर चुकी है। कोर्ट ने अपने फैसले में मुख्य रूप से निम्नलिखित निर्देश दिए:याचिका का निस्तारण: चूंकि पुलिस जांच के बाद चालान पेश कर चुकी है, इसलिए कोर्ट ने एफआईआर रद्द करने की इस विविध याचिका को आधारहीन मानते हुए खारिज कर दिया। प्रस्तुतीकरण की स्वतंत्रता: हालांकि याचिका खारिज कर दी गई, लेकिन कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को यह विकल्प दिया कि यदि वे उचित समझें, तो अपनी बात या पक्ष रखने के लिए संबंधित जिला पुलिस अधीक्षक या जांच अधिकारी के समक्ष अपना री-प्रेजेंटशन पेश कर सकते हैं।
बांसवाड़ा की पॉश कॉलोनी में 2 पक्ष भिड़े, तलवार मारी:1 गंभीर घायल का इलाज जारी, दोनों तरफ से केस दर्ज
बांसवाड़ा के पॉश इलाके मोहन कॉलोनी में गुरुवार शाम पुरानी रंजिश को लेकर 2 गुट आपस में भिड़ गए। जानकारी के अनुसार, विवाद इतना बढ़ा कि एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर तलवार से हमला कर दिया। इस टकराव में 2 युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला शांत कराया। जिसके बाद दोनों पक्षों की ओर से कोतवाली थाने में क्रॉस केस दर्ज किया गया है। एक की हालत गंभीर झगड़े के बाद घायल हिमांशु पुत्र मनोज कुमार राठौड़, निवासी निचला भोईवाड़ा और मेहुल पुत्र रामचंद्र, निवासी पृथ्वीगंज को तत्काल महात्मा गांधी (MG) अस्पताल पहुंचाया गया। हिमांशु को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि मेहुल की हालत गंभीर होने के कारण उसे वार्ड में भर्ती किया गया है। जानलेवा हमले का आरोप कोतवाली पुलिस के अनुसार, विवाद के बाद दोनों पक्ष थाने पहुंचे। हिमांशु और मेहुल ने जैकी तेली और उसके साले पर तलवार से जानलेवा हमला करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दी है। जैकी तेली ने भी हिमांशु और मेहुल के खिलाफ मारपीट और हुड़दंग करने का मामला दर्ज करवाया है। पहले भी हो चुके पाबंद कोतवाली थानाधिकारी बुधाराम बिश्नोई ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश चल रही है। कुछ महीने पहले भी इनके बीच झगड़ा हुआ था, तब पुलिस ने इन्हें शांति भंग के आरोप में पाबंद किया था। फिलहाल मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
महाशिवरात्रि के पर्व पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में आयोजित चार दिवसीय “महाशिवरात्रि महोत्सव” के अंतर्गत तृतीय दिवस की सांस्कृतिक संध्या भव्य एवं भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य कार्यपालक अधिकारी, डिप्टी कलेक्टर, नायब तहसीलदार एवं अन्य अतिथियों की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में के. वेंकट रमण घनपाठी तथा डिविजनल कमांडेंट, सिविल डिफेन्स जे.डी. सिंह उपस्थित रहे। इन कलाकारों की रही प्रस्तुति सांस्कृतिक कार्यक्रम का आरंभ सुप्रिया शाह के मधुर सितार वादन से हुआ, जिसमें तबले पर विभाष महाराज ने संगत दी। इसके पश्चात रंजना राय ने लोक गायन प्रस्तुत किया। सौरभ मिश्र एवं गौरव मिश्र की कथक प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समापन प्रस्तुति में शनि मिश्र ने भगवान शिव पर आधारित भक्तिमय गायन प्रस्तुत किया, जिसमें संगत कलाकारों ने समवेत रूप से वातावरण को शिवमय बना दिया। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन मीनाक्षी दीक्षित ने किया। मंदिर प्रांगण में स्थित महादेव विग्रहों का हुआ पूजन इसी क्रम में महाशिवरात्रि की तैयारियाँ भी व्यापक रूप से जारी हैं। धाम परिसर में स्थित 15 विधान विग्रहों के रुद्राभिषेक की परंपरा के अंतर्गत आज श्री भुवनेश्वर महादेव, नवग्रह विग्रहों, श्री कुबेरेश्वर एवं श्री व्यासेश्वर जी का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत रुद्राभिषेक संपन्न कराया गया। विद्वान आचार्यों के सान्निध्य में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
लुधियाना के खन्ना में पुलिस ने जीटीबी मार्केट स्थित 10 गैरकानूनी इमिग्रेशन सेंटरों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान बड़ी संख्या में पासपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए। पुलिस ने साफ कर दिया कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया के निर्देश पर 10 विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों ने खन्ना के प्रमुख एजुकेशन हब जीटीबी मार्केट में स्थित इमिग्रेशन सेंटरों पर एक साथ छापा मारा। पुलिस ने इंमिग्रेशन सेंटरों से कंप्यूटर, लैपटॉप, टैब, चेकबुक व अन्य दस्तावजे भी कब्जे में लिए। प्रारंभिक जांच में सभी 10 इमिग्रेशन सेंटर अवैध पाए गए हैं और उनके खिलाफ मामले दर्ज कर लिए गए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। फर्जी पासपोर्ट बनाने की थी सूचना डॉ. आहलूवालिया ने आगे बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ इमिग्रेशन सेंटर संचालक गैंगस्टरों और आपराधिक तत्वों के साथ मिलकर फर्जी पासपोर्ट बनवा रहे थे। वे युवाओं को अवैध तरीके से विदेश भेजने में भी मदद कर रहे थे। इसी गंभीर जानकारी के आधार पर यह व्यापक कार्रवाई की गई। 30 पासपोर्ट, 34 कंप्यूटर-लैपटॉप समेत अन्य सामान पकड़ा छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में संदिग्ध सामग्री बरामद की। इसमें 30 पासपोर्ट, 34 कंप्यूटर, लैपटॉप और टैब, 15 एटीएम कार्ड और 175 चेक बुक शामिल हैं। कई चेक बुक पहले से हस्ताक्षरित पाई गईं। इसके अतिरिक्त, कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल डेटा भी जब्त किया गया है, जिसकी गहन जांच की जा रही है। यह बरामदगी अवैध लेनदेन और बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की ओर संकेत करती है। छापेमारी के दौरान पीड़ित आए सामने इस कार्रवाई के दौरान कई पीड़ित भी सामने आए, जो इन फर्जी इमिग्रेशन सेंटरों के झांसे में आकर अपनी जीवन भर की कमाई गंवा चुके हैं। पुलिस द्वारा उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं और उन्हें पूरा कानूनी सहयोग देने का भरोसा दिलाया गया है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ इमिग्रेशन संचालकों के खिलाफ पहले से ही खन्ना, नवांशहर और नई दिल्ली में मामले दर्ज हैं। एसएसपी डा. दर्पण आहलूवालिया ने साफ शब्दों में कहा कि विदेश भेजने के नाम पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि खन्ना को अपराध मुक्त बनाने और अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए पुलिस पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। आने वाले समय में भी ऐसे सख्त अभियान जारी रहेंगे।
जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। यह घटना ग्राम भटली के पास हसदेव नदी पर बने मिनी डेम के ऊपर दो बाइकों की टक्कर के कारण हुई। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम भटली से होकर गुजरने वाली हसदेव नदी पर दोनों छोरों को जोड़ने के लिए एक मिनी डेम का निर्माण किया गया है। इसी डेम के ऊपर दो तेज रफ्तार बाइकें आपस में टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक बाइक सवार युवक सुमित दास (22) निवासी चांपा अपनी बाइक सहित अनियंत्रित होकर हसदेव नदी में जा गिरा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। नदी में गिरे युवक का शव निकाला गया दूसरी बाइक पर सवार विकास यादव, अमन खन्ना और मृतक सुमित का छोटा भाई प्रहलाद दास इस हादसे में घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। वहीं, मृतक सुमित दास के शव को हसदेव नदी से बाहर निकाला गया। घटना की सूचना मिलते ही नवागढ़ थाना प्रभारी कमलेश संडे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घायलों का उपचार जारी है और पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दूसरे दिन भी छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतरे:आम्बुआ एकलव्य विद्यालय के प्राचार्य को हटाने की मांग
आलीराजपुर जिले के आम्बुआ स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में विवाद दूसरे दिन भी जारी रहा। गुरुवार को विद्यालय के छात्र अपनी समस्याओं को लेकर कलेक्टर कार्यालय की ओर पैदल मार्च पर निकल पड़े। इससे पहले बुधवार को भी छात्रावास की छात्राएं अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर से मिलने निकली थीं। सैकड़ों छात्रों ने प्राचार्य और चार शिक्षकों को हटाने की मांग को लेकर पैदल मार्च निकाला। वे आम्बुआ से करीब 20 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय की ओर कलेक्टर से मिलने जा रहे थे। छात्रों के मार्च की सूचना मिलते ही एसडीएम वीरेंद्र सिंह और प्रशासन की टीम ने उन्हें रास्ते में रोका। करीब चार घंटे की समझाइश के बाद छात्र वापस विद्यालय लौटने को तैयार हुए। जांच के लिए दल गठित एसडीएम वीरेंद्र सिंह ने बताया कि कलेक्टर ने मामले की जांच के लिए एक दल गठित किया है। सभी छात्रों से उनकी शिकायतें लिखित में ले ली गई हैं। प्रशासन हॉस्टल पहुंचकर मामले की जांच कर रहा है। छात्रों का आरोप है कि उन्हें विद्यालय प्रबंधन से डर है। इसी कारण वे प्राचार्य को हटाने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। कलेक्टर से मिलने के लिए बच्चे…
हरियाणा के कुरुक्षेत्र की हेल्थ डिपार्टमेंट की टीम ने अंबाला में भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़ किया है। टीम ने अंबाला के 2 प्राइवेट अस्पताल के कर्मचारियों को गिरफ्तार किया। टीम ने दोनों आरोपी रोहित और मोहित निवासी अंबाला को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। अंबाला पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। PNDT के इंचार्ज डॉ. रमेश सभ्रवाल ने बताया कि उनकी टीम को सूचना मिली थी कि अंबाला में कुछ लोग गैरकानूनी तरीके से भ्रूण लिंग जांच करवा रहे हैं। तब टीम ने आरोपी मोहित से संपर्क किया। मोहित गार्डियन अस्पताल में कर्मचारी के तौर पर काम करता था। टीम ने बोगस ग्राहक के जरिए उससे संपर्क किया तो आरोपी ने भ्रूण लिंग जांच करवाने का भरोसा दिलाया। 75 हजार रुपए मांगे इसके बदले उसने 75 हजार रुपए मांगे, जिसमें 20 हजार रुपए एडवांस देने थे। बात तय होने पर मोहित ने नैना नाम की महिला के बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने को कह दिया। नैना खुद खुराना अस्पताल अंबाला में काम करती है। टीम ने 6 फरवरी को 20 हजार रुपये नैना के अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए। तब मोहित ने जांच के लिए 11 फरवरी का समय दिया। 11 फरवरी को नहीं हुई जांच 11 फरवरी को PNDT टीम के सदस्य तय जगह पर पहुंचे। जहां आरोपी ने कहा कि गर्भवती महिला के पति को साथ लाना जरूरी है। तब टीम ने आरोपी को बगैर बोगस ग्राहक के पति के जांच करवाने के लिए तैयार किया। लेकिन आरोपी ने अगले दिन यानी 12 फरवरी का समय दे दिया। अगले दिन किया स्टिंग ऑपरेशन अगले दिन बोगस ग्राहक तय समय और जगह पर पहुंची तो नैना ने अपने ड्राइवर रोहित को क्रेटा कार में जांच के लिए भेज दिया। रोहित ने बोगस ग्राहक बनी महिला को अपनी कार में लेकर मदान अस्पताल आ गया। यहां पहले एक सामान्य अल्ट्रासाउंड किया गया। इसके बाद आरोपी ने 2 दिन के बाद लिंग की जांच की रिपोर्ट या जानकारी देने की बात कही। 39 हजार कैश हुआ बरामद तभी PNDT टीम ने अस्पताल में दबिश देकर रोहित को मौके पर ही पकड़ लिया गया। रोहित की निशानदेही पर टीम ने मोहित को भी काबू कर लिया। मोहित के पास से टीम को 39 हजार कैश बरामद हुए। पूछताछ में मोहित ने बताया कि बाकी 16 हजार रुपए उसने अपने बैंक अकाउंट में जमा कर दिए। पुलिस कर रही आगामी कार्रवाई PNDT टीम कुरुक्षेत्र ने मामले की जानकारी अंबाला PNDT टीम को दी। दोनों टीमें मिलकर आरोपी मोहित और रोहित को पुलिस के हवाले कर दिया। फिलहाल पुलिस FIR दर्ज कर रही है। पता लगाया जा रहा है कि इस रैकेट में और कितने लोग शामिल हैं। साथ ही उनके रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
भिवानी जिले के गांव गोठड़ा में वीरवार देर शाम एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। यह दुर्घटना एक स्कॉर्पियो गाड़ी और बाइक की आमने-सामने की टक्कर के कारण हुई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायल युवक को लोहारू के उपनागरिक अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शादी समारेाह से लौट रहा था घटना की सूचना डायल 112 पर दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। मृतक की पहचान गांव गोठड़ा निवासी 24 वर्षीय नरेंद्र के रूप में हुई है। वह हाल ही में अपने परिवार के साथ गांव गिगनाऊ में रह रहा था। जानकारी के अनुसार, नरेंद्र गांव गोठड़ा में एक शादी समारोह से लौट रहा था। इसी दौरान गिगनाऊ गांव की ओर से आ रही स्कॉर्पियो गाड़ी ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे के कारणों की स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है। नरेंद्र आरपीएस कॉलेज में बीटेक अंतिम वर्ष का छात्र था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महेंद्रगढ़ जिले में सीआईए पुलिस ने एक व्यक्ति को अवैध देसी कट्टे के साथ गिरफ्तार किया है। बता दे कि आरोपी को नांगल सिरोही बाईपास स्थित शिव मंदिर के पास से पकड़ा गया। जहां सीआईए महेंद्रगढ़ की टीम गश्त के दौरान नांगल सिरोही बस स्टैंड पर मौजूद थी। इस दौरान उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि शोभापुर नारनौल निवासी रोहित अवैध हथियार लेकर शिव मंदिर के पास खड़ा है और किसी का इंतजार कर रहा है।सूचना को पुख्ता मानते हुए पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। वहीं पुलिस की गाड़ी देखकर आरोपी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे काबू कर लिया। हथियार के साथ आरोपी गिरफ्तार मौके पर तलाशी लेने पर उसके पास से एक अवैध देसी कट्टा बरामद हुआ।आरोपी रोहित हथियार का कोई लाइसेंस या परमिट नहीं दिखा सका। पुलिस ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत थाना सदर महेंद्रगढ़ में मामला दर्ज कर लिया है। बरामद हथियार को जब्त कर लिया गया है। कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेजा पुलिस ने आरोपी से अवैध हथियार के संबंध में पूछताछ की। इसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
वेलेंटाइन वीक के चलते शहर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। खासकर युवाओं में इस दिन को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। शहर के प्रमुख बाजार और गिफ्ट गैलरियां सज-धज कर तैयार हैं। हर दुकान पर लाल, गुलाबी और सफेद रंग की थीम में सजावट की गई है, जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। गुलाब की कीमतों में उछालफूल विक्रेताओं के मुताबिक वेलेंटाइन वीक शुरू होते ही गुलाब की कीमतों में दोगुना तक इजाफा हुआ है। सामान्य दिनों में 40 से 50 रुपये में बिकने वाला गुलाब अब 100 से 120 रुपये तक बिक रहा है। खासकर रेड रोज की मांग सबसे ज्यादा है। फूल विक्रेता ने बताया, “रोज डे से ही बिक्री तेज हो गई थी। अब प्रपोज डे और वैलेंटाइन डे नजदीक आते ही ऑर्डर और बढ़ गए हैं। बुके और स्पेशल पैकिंग वाले गुलाब की भी काफी डिमांड है।” चॉकलेट मार्केट में भी बढ़ोतरी चॉकलेट दुकानदारों का कहना है कि इस बार वेलेंटाइन स्पेशल चॉकलेट कलेक्शन खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हार्ट शेप बॉक्स, पर्सनलाइज्ड मैसेज वाली चॉकलेट्स और प्रीमियम गिफ्ट पैक युवाओं को खूब पसंद आ रहे हैं। दुकानदारों के अनुसार पिछले सप्ताह की तुलना में बिक्री में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। टेडी और गिफ्ट आइटम्स की बढ़ी मांग गिफ्ट शॉप संचालकों ने बताया कि टेडी बियर इस बार भी युवाओं की पहली पसंद बना हुआ है। छोटे से लेकर बड़े साइज तक के टेडी, टेडी-रोज कॉम्बिनेशन, लव थीम शोपीस, म्यूजिकल गिफ्ट आइटम्स और डिजाइनर ग्रीटिंग कार्ड्स की खूब बिक्री हो रही है। एक विक्रेता ने बताया, “हर साल वैलेंटाइन पर टेडी की डिमांड रहती है, लेकिन इस बार कॉम्बो गिफ्ट पैक ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं।” कई दुकानदारों ने बताया कि युवाओं की सुविधा के लिए ऑनलाइन ऑर्डर और होम डिलीवरी की व्यवस्था भी की गई है। सोशल मीडिया के जरिए भी ऑर्डर मिल रहे हैं। विक्रेताओं का मानना है कि जैसे-जैसे 14 फरवरी नजदीक आएगी, वैसे-वैसे बाजार में भीड़ और बढ़ेगी। उन्हें उम्मीद है कि इस बार वैलेंटाइन डे पर पिछले साल की तुलना में बेहतर कारोबार होगा।
मंदसौर में पशुपतिनाथ प्रबंध समिति की महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार शाम मंदिर सभागार में हुई, जिसमें आगामी महाशिवरात्रि पर्व की तैयारियों, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ अनुकूल जैन, विधायक विपिन जैन, एडिशनल एसपी टी.एस. बघेल, नगर पालिका अध्यक्ष रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, कोतवाली थाना प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह राठौर, नई आबादी थाना प्रभारी कुलदीप सिंह राठौर सहित तमाम अधिकारी और मंदिर समिति सदस्य मौजूद रहे। बैठक में निर्णय लिया गया कि भगवान पशुपतिनाथ की प्रतिमा पर वज्र लेपन के पश्चात श्रद्धालु सीधे प्रतिमा पर जल अर्पित नहीं कर सकेंगे, बल्कि निर्धारित जलपात्र के माध्यम से ही जल एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित करेंगे। इस व्यवस्था से प्रतिमा की सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। महाशिवरात्रि को लेकर विभागों को सौंपी जिम्मेदारियां आगामी महाशिवरात्रि पर्व के सफल आयोजन को लेकर सभी संबंधित विभागों को समय सीमा में तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। पुलिस विभाग सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था संभालेगा। स्वास्थ्य विभाग चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएगा। नगर पालिका साफ-सफाई, पेयजल, घाटों पर जाली लगाने और चूना लाइन की व्यवस्था करेगी। एमपीईबी विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करेगा। पीडब्ल्यूडी बेरिकेडिंग की जिम्मेदारी संभालेगा। होमगार्ड विभाग गोताखोर एवं नदी सुरक्षा प्रबंधन की व्यवस्था करेगा। आरती मंडल की व्यवस्थाओं और प्रसादी वितरण की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कर्मचारियों को मिलेगा ग्रेच्युटी और बीमा लाभ मंदिर के तीन कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद श्रम कानून के तहत ग्रेच्युटी राशि के भुगतान का निर्णय लिया गया। साथ ही कर्मचारियों को राज्य बीमा निगम (ESIC) का लाभ और स्वास्थ्य बीमा सुविधा उपलब्ध कराने पर सहमति बनी। मंदिर परिसर की स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने के लिए सफाई मशीन क्रय करने की स्वीकृति दी गई। दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए 10 मेटी रोल खरीदने की अनुमति भी प्रदान की गई। पशुपतिनाथ लोक होगा प्लास्टिक मुक्त बैठक में पशुपतिनाथ लोक को पूर्ण रूप से प्लास्टिक मुक्त बनाने का सामूहिक निर्णय लिया गया। लोक परिसर में संचालित दुकानों को सुव्यवस्थित करने तथा धार्मिक सामग्री को प्राथमिकता से रखने के निर्देश दिए गए। तापेश्वर महादेव मंदिर में मार्बल बदलने के निर्देश भी दिए गए, जिसके लिए निर्माण एजेंसी नियुक्त करने पर सहमति बनी। महाशिवरात्रि से पूर्व व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए समिति द्वारा निरंतर समीक्षा किए जाने की बात भी कही गई है।
कानपुर मे कांग्रेस की चौपाल:नगर अध्यक्ष ने कहा - मनरेगा से गांधी जी का नाम हटाना विचारधारा का विरोध
मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने और मजदूरों के अधिकारों के खिलवाड़ के विरोध में कानपुर महानगर कांग्रेस कमेटी ने जूही डिपो के पास चौपाल का आयोजन किया। कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रामधुन गाते हुए भाजपा की सद्बुद्धि के लिए प्रार्थना की। महानगर कांग्रेस अध्यक्ष पवन गुप्ता की अगुआई में आयोजित इस चौपाल में कार्यकर्ताओं ने भाजपा पर गांधी जी की विचारधारा से विरोध रखने का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि मनरेगा जैसी योजना से बापू का नाम हटाना दुर्भाग्यपूर्ण है। चौपाल को संबोधित करते हुए महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि मनरेगा से बापू का नाम हटाना भाजपा की मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने ग्रामीण क्षेत्र, किसान और मजदूरों के विकास के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि गरीबों, मजदूरों और ग्रामीण भारत के सम्मान और अधिकारों की गारंटी है। उन्होंने कहा कि बापू का नाम हटाना उनकी विचारधारा पर हमला है, जिसे देश कभी स्वीकार नहीं करेगा। इसी के विरोध में कांग्रेसजनों ने भाजपा की सद्बुद्धि के लिए प्रार्थना की।कार्यक्रम में पवन गुप्ता के साथ मुकेश दुबे, मनोज अवस्थी, हरीश बाजपेयी, पूजा भारद्वाज, राज किशोर वर्मा, संजीव मिश्रा सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सपा प्रमुख अखिलेश ने कहा कि यूपी में हथेली गर्म और पुलिस नरम है। हमारे मुख्यमंत्री इतना पढ़े-लिखे हैं कि न जाने क्या-क्या कहते हैं। यूपी में पुलिस की हालत खराब हो चुकी है। भाजपा की केंद्र सरकार ने अमेरिका के साथ जो डील की है, उससे लगता है कि हमने पूरा बाजार ही अमेरिका को दे दिया है। अखिलेश यादव गुरुवार शाम एक शादी में शामिल होने आगरा पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने बजट पर सवाल खड़े करते हुए शहर की उपेक्षा पर सवाल किए। सपा प्रमुख ने कहा कि यहां ताजमहल के रख-रखाव के लिए इंतजाम नहीं हैं। पूरे शहर में गंदगी और जाम की समस्या बनी हुई है। अखिलेश यादव की कही 5 बड़ी बातें पढ़िए 1- जूता उद्योग को नहीं मिली राहतहाल ही में दिल्ली और लखनऊ के बजट आए हैं। दोनों में आम आदमी की उपेक्षा की गई है। आंकड़ें देखें तो पता चलेगा कि आगरा के जूता उद्योग ने अपने लिए राहत मांगते-मांगते जूते तक घिस दिए, लेकिन कुछ नहीं मिला। यमुना सफाई का जो सपना दिखाया था, उसके लिए भी बजट में कोई व्यवस्था नहीं की। यमुना जैसी थी, वैसे ही है। यमुना साफ तक नहीं हो पाई। 2- आगरा टूरिज्म से इकॉनोमी ट्रिलियन में पहुंच सकती हैआगरा वो शहर है, जो टूरिज्म के माध्यम से इकॉनोमी को ट्रिलियन में पहुंचा दे। फिर भी इसकी उपेक्षा की जा रही है। आगरा का नाम स्मार्ट सिटी में भी नाम आता है। लेकिन अभी जहां से मैं गुजरा, वहां सड़कें उखड़ी हैं। नाले खुले पड़े हैं। चारों तरफ गंदगी है। पूरा शहर जाम है, लोग परेशान हैं। सर्दी के समय दिल्ली और आगरा का एक्यूआई एक जैसा रहता था। इसके बावजूद भाजपा सरकार पॉल्यूशन, रोजगार, महंगाई किसी भी क्षेत्र में राहत नहीं दे पाई। भाजपा सरकार ने भू-माफियाओं को जन्म दिया है। विकास प्राधिकरणों में कुछ ही लोगों की मदद की जा रही। कुछ लोग बड़े कारोबारी बन जाएं, भाजपा यही चाहती है। सफाई के टेंडर भी ऐसे ही दिए जा रहे हैं। 3- अमेरिका के साथ डील करके पूरा मार्केट उनको दियाइनके अमेरिका के साथ राज खुलने के बाद हमारे देश में अमीर, अमीर होता जाएगा और गरीब और गरीब होता जाएगा। जनता सब देख रही है। अमेरिका के साथ जो डील की है, उससे लगता है कि हमने पूरा बाजार ही अमेरिका को दे दिया है। आज ही सुनने में आया है कि दाल नहीं आएगी। लेकिन सरकार ये तो साफ करे कि अमेरिका से कौन-कौन से एग्रीकल्चर प्रोडक्ट आएंगे, कौन से नहीं आएंगे। कोई क्लियरिटी नहीं है। क्या आगरा के आलू किसानों को क्या राहत मिली? बिजली महंगी, स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। 4- भाजपा अंग्रेजों का फार्मूला फॉलो कर रहीपीडीए के गठबंधन को देखते हुए भाजपा की समझ में नहीं आ रहा है कि क्या रास्ता निकालें। भाजपा हमेशा डिवाइड एंड रूल पर चलती है। जिन अंग्रेजों को डिवाइड एंड रूल के फॉर्मूले का मुखिया माना जाता था, भाजपा उसी को फॉलो कर रही है। मगर, यूपी की जनता समाजवादी की धारा पर चलकर भाजपा को हराने जा रही है। आगरा में मेट्रो, उतनी ही चल रही है, जितनी समाजवादियों ने दी थी। ताजमहल के पास भी उतना ही विकास हुआ है, जितना समाजवादियों ने किया था। ये अपनी तरफ से कोई नया विकास कार्य नहीं करा पाए। सिर्फ मुगल म्यूजियम का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी महाराज कर दिया। वहां का एयरकंडीशन और बाकी काम बर्बाद हो गए। 5- UP में 10 सालों में शिक्षा व्यवस्था बदहाल प्राइमरी एजूकेशन का बजट 80 हजार करोड़ और सेकेंडरी का बजट 22 हजार करोड़ रुपए है। दोनों विभागों का मिलाकर बजट एक लाख करोड़ है। लेकिन 10 साल में एजुकेशन बर्बाद कर दी। शिक्षा विभाग को अच्छा चलाया गया होता, तो स्किल डेवलमेंट प्रोग्राम नहीं चलाने पड़ते। स्कूल बंद कर दिए। शिक्षा की गुणवत्ता खराब कर दी है। स्किल से नौकरी मिल जाए, ऐसे काम नहीं किए। आगरावासियों को भाजपा सरकार शुद्ध पानी तक नहीं दे पा रही। ----------------- ये खबर भी पढ़ें… यशवीर महाराज बोले- एक बेटी के बदले उनकी 25-30 लाओ:हिंदू भी करे लव जिहाद, देश मुल्ला-मौलवी का नहीं; बागपत में हिंदू सम्मेलन बागपत में यशवीर महाराज ने गुरुवार को कहा- अगर कोई लव जिहाद कर हिंदुओं की एक बेटी को ले जाए तो उसका पीछा मत छोड़ो। जब तक बेटी वापस न आए जाए तब तक संघर्ष करते रहो। एक बेटी के बदले उनकी 25-30 बेटियां ले आओ। जब ऐसा होगा तो किसी लव जिहादी की हिम्मत नहीं होगी कि वो हिंदू समाज की बहन-बेटियों की तरफ आंख उठाकर देखे। क्योंकि भय बिन प्रीत नहीं होती है। पढ़ें पूरी खबर…

