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मां को टुकड़ों में काटा...कटोरे से खून पीया:शक्तिशाली बनने गुरु को जलाया,तांत्रिक ने लोटे में भरा बच्चे का खून; 5 मर्डर की 5 कहानियां

छत्तीसगढ़ में तंत्र-सिद्धि, शक्ति पाने की सनक, अमीर बनने और पैसों की बारिश के लालच में हत्याओं को लेकर पार्ट- 1 में आपने 8 खौफनाक मर्डर की स्टोरी पढ़ी, जिसमें हमने बताया था कि तंत्र-मंत्र के नाम पर मर्डर क्यों हो रहे हैं, किस-किस पैटर्न पर तांत्रिक हत्याएं कर रहे और करवा रहे हैं ? आज हम आपको अंधविश्वास में मर्डर इन्वेस्टिगेशन के पार्ट-2 में बताएंगे कैसे तंत्र-विद्या के नाम पर इंसान अपने ही रिश्तों का गला घोंट रहा है। हर केस में कहानी एक जैसी है। किसी ने तांत्रिक बनने, किसी ने गुरु की शक्ति हासिल करने हत्या की। किसी को बताया गया कि खून से शक्ति मिलेगी, किसी को कहा गया कि बलि से धन बरसेगा। पहली कहानी जशपुर की है। यहां तंत्र-सिद्धि के लिए एक चाचा ने मासूम बच्ची का सिर धड़ से अलग कर दिया। धमतरी में शिष्य ने गुरु को काट डाला, खून पीया और शव को जला दिया, ताकि 'सिद्धि' मिल सके।कोरबा में बेटे ने अपनी ही मां को कुल्हाड़ी से काटा। शव के टुकड़े किए। खून पीया। वहीं रायगढ़ में रक्षाबंधन से पहले बेटे ने अपनी मां की बलि चढ़ाई। शव को ड्रम डाला। शव के टुकड़े किए। खून को सिद्धि का साधन माना। रक्षाबंधन के दिन बहन ने तंत्र पूजा करते पकड़ा। वहीं दुर्ग में तांत्रिक पति-पत्नी ने पड़ोसी के बच्चे की बलि चढ़ाई। लोटे में खून भरा और तंत्र पूजा की। 7 लोगों को फांसी की सजा भी हुई। इस रिपोर्ट में पढ़िए तांत्रिकों का नेटवर्क कैसे डर, लालच और अंधविश्वास से लोगों को कातिल बना रहा है, लोग डॉक्टर से पहले बैगा और तांत्रिकों के पास क्यों जा रहे, तांत्रिकों के इस जाल से कैसे बचें, क्या करें, क्या न करें ? अब पढ़िए छत्तीसगढ़ के 5 जिलों में किस-किस पैटर्न पर हुईं 5 हत्याएं छत्तीसगढ़ के 5 जिले जशपुर, धमतरी कोरबा, रायगढ़ और दुर्ग में हत्याएं तंत्र विद्या के नाम पर हुईं हैं। इनमें पहला और सबसे खतरनाक पैटर्न 'बलि' का है। इस पैटर्न में मासूम बच्चा, महिलाओं या करीबी रिश्तेदारों को तंत्र-सिद्धि, धन-वर्षा और शक्ति पाने के नाम पर मारा गया। इन मामलों में हत्या पूरी तरह योजनाबद्ध थी। तारीख, स्थान और विधि पहले से तय थी। अपराध के बाद तांत्रिक क्रिया की गई। वहीं दूसरा पैटर्न शक्ति छीनने की दिखी। शिष्य ने अपने गुरु को इसलिए काट डाला क्योंकि उसे बताया गया था कि गुरु की मौत से उसकी शक्ति शिष्य में आ जाएगी। हत्या के बाद खून पीना, शव को जलाना और मंत्रों का उच्चारण तांत्रिक पैटर्न की पहचान है। ये हत्या आवेग में नहीं, बल्कि लंबे मानसिक ब्रेनवॉश के बाद की गई थी। जशपुर में मई 2025 में चाचा ने बच्ची का सिर और धड़ अलग किया, बलि चढ़ाई दरअसल, जशपुर जिले में चाचा ने अपनी 3 साल की भतीजी की हत्या कर दी। उसने बच्ची का सिर काटा। बलि चढ़ाई और शव को चूल्हे में फेंक दिया। आरोपी रामप्रसाद नाग (35 साल) का उसके भाई राजाराम नागघर और परिवार में पहले से विवाद चल रहा था। आरोपी आए दिन अपने भाई से झगड़ा करता था। 5 मार्च को बच्ची खुशी नाग (3 साल) का पिता मवेशी चराने गया था। घर पर कोई भी नहीं था। इसी दौरान, रामप्रसाद ने धारदार हथियार से बच्ची का सिर धड़ से अलग कर दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। धमतरी में फरवरी 2023 में शिष्य ने तंत्र विद्या के लिए गुरु को काटा, खून को पीया, जिंदा जलाया दरअसल, धमतरी जिले में युवक ने अपने गुरू की हत्या कर दी। उसका खून पी लिया। आरोपी ने इसलिए ऐसा किया, क्योंकि उसे किसी दूसरे साधु ने बताया था कि ऐसा करने से उसे अपनी गुरु की सारी सिद्धि हासिल हो जाएगी। मामला जिले के करेली बड़ी चौकी क्षेत्र का है। आरोपी ने हत्या कर शव को नदी किनारे छोड़ दिया था। आस-पास के लोगों ने उसका शव देखा था। आरोपी रौनक छाबड़ा ने बताया कि गरियाबंद जिले के नवापारा के रहने वाले 50 वर्षीय बसंत साहू की हत्या उसने किसी साधु के कहने पर की थी। वह बसंत के साथ ही तंत्र-मंत्र सीखता था। आरोपी उसे गुरु भी मानता था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। रायगढ़ में अगस्त 2026 में बेटे ने मां की बलि चढ़ाई, रक्षाबंधन के दिन बहन ने पकड़ा दरअसल, रायगढ़ जिले के बरमकेला के सांडा गांव में एक युवक ने अपनी मां की हत्या कर दी। शव को ड्रम में डालकर भाग गया। जब आरोपी की बहन राखी बांधने घर आई तो ड्रम में मां की लाश देखी तब घटना का खुलासा हुआ। पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने पूजा-साधना के दौरान कब मां की हत्या कर दी उसे पता नहीं। मृतका की बेटी रामबाई ने बताया कि वह ससुराल भीखमपुर से भाई मिट्ठू बेहरा को राखी बांधने के लिए आई थी। जब वह घर पहुंची तो घर का दरवाजा खुला था। इस दौरान घर पर न तो मां सुखमती बाई (55) थी और ना ही भाई। देर तक वह घर के दरवाजे पर बैठे इंतजार करती रही। वह अंदर घुसी तो कमरे से बदबू आ रही थी। अनहोनी के शक पर उसने पड़ोसियों को बुला लिया। लोगों ने इधर-उधर देखा तो नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम में सुखमती का शव पड़ा मिला। कोरबा में जनवरी 2019 में मां को कुल्हाड़ी से काटा और खून पी गया, टुकड़े-टुकड़े किए दरअसल, कोरबा जिले के ग्राम रामाकछार में दिलीप (25) ने मां सुमरिया (50) की धारदार हथियार से हत्या कर दी। ऐसा दिलीप ने इसलिए किया क्योंकि उसने सपने में देखा था कि मां टोनही है और पिता व छोटे भाई की मौत की जिम्मेदार है। दिलीप के पिता रामलाल और छोटे बेटे संदीप की कुछ साल के अंतराल में ही मौत हुई थी। दोनों की मौत के बाद दिलीप तंत्र-मंत्र के चक्कर में पड़ गया था। घर में एक जगह उसने साधना स्थली बना ली थी। 31 दिसंबर 2018 को सुबह करीब 10.30 बजे उसने मां की घर पर ही हत्या कर दी। शव से जमीन पर बह रहा खून वो पीने लगा। इस दौरान पड़ोस में रहने वाली समारिन (65) वहां पहुंच जाती है, उन्होंने दिलीप को नरभक्षी जैसी हरकत करते देख लिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। दुर्ग में नवंबर 2011 में तांत्रिक पति-पत्नी ने पड़ोसी के बच्चे को मार डाला, बच्चे के खून को लोटे में भरा, फिर बलि चढ़ाई। सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजाई सुनाई। दुर्ग में तंत्र साधना के लिए मासूम की बलि दी गई। अदालत ने अपराधियों को फांसी की सजा सुनाई थी। नरबलि की घटना 23 नवंबर 2011 की दोपहर दो बजे हुई। सात लोगों ने मिलकर चिराग राजपूत की बलि दी। चिराग के लापता होने से परिजन एवं मोहल्लेवासी तलाश कर रहे थे। दंपति के घर गाना बजने से लोगों को आशंका हुई। ताबीज में लगे खून की जांच से मासूम की पहचान हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तांत्रिक, उसकी पत्नी और चेलों को हिरासत में ले लिया। तांत्रिक की पत्नी किरण बाई ने पुलिस पूछातछ में बताया कि उसे सपना आया था कि बच्चे की बलि देना है। इसके बाद मासूम चिराग का अपहरण कर नरबलि दी गई। तांत्रिक लोगों का ब्रेनवॉश कर देता है, इसलिए खून पीने लगते हैं लोग डॉ. दिनेश मिश्रा ने बताया कि जब कोई इंसान मां का खून पीता है या बच्चे की बलि देता है, तो वह सामान्य सोच में नहीं होता। ऐसे मामलों में सवाल सिर्फ अंधविश्वास का नहीं होता। सवाल मानसिक हालत का होता है। लगातार डर, नशा और तांत्रिक की भाषा मिलकर दिमाग को इस कदर तोड़ देते हैं कि सही-गलत की समझ खत्म हो जाती है। डॉ. दिनेश मिश्रा ने बताया कि यह अक्सर अकेले नहीं, समूह में होने वाला अपराध होता है। एक-दूसरे के डर को बढ़ाया जाता है, धार्मिक शब्दों से अपराध को सही ठहराया जाता है और नशा हिम्मत बढ़ाता है। यही मिलकर सामूहिक मानसिक टूटन पैदा करते हैं, जहां अपराध को भी “पूजा” या “उपाय” मान लिया जाता है। सोशल मीडिया पर भी तांत्रिकों की एंट्री डॉ. दिनेश मिश्रा ने बताया कि तांत्रिक अब डिजिटल दुनिया में भी घुस गए हैं। तांत्रिक गुरुओं के वीडियो YouTube पर आजादी से घूम रहे हैं। Instagram रील्स पर 'पैसे कमाने के टोटके' प्रमोट किए जा रहे हैं। झाड़-फूंक के वीडियो WhatsApp पर शेयर किए जा रहे हैं। लोग इन वीडियो को देख रहे हैं। बिना किसी जांच के उन पर आंख मूंदकर विश्वास कर रहे हैं। बीमारी, बांझपन, मानसिक तनाव से लोग तांत्रिक के पास जाते हैं- डॉ. दिनेश मिश्रा डॉ. दिनेश मिश्रा ने बताया कि बीमारी, बांझपन, मानसिक तनाव या अचानक मौत के डर में लोग सबसे पहले अस्पताल नहीं, बल्कि बैगा और तांत्रिक के पास पहुंच रहे हैं। वजह है डर, झटपट इलाज का भरोसा और यह विश्वास कि 'काला जादू' है। गांवों में डॉक्टर दूर हैं, दवाइयां महंगी लगती हैं, जबकि तांत्रिक तुरंत समाधान का दावा करता है। शहरी इलाकों में भी हालात अलग नहीं हैं। सोशल मीडिया, WhatsApp और यूट्यूब पर चमत्कार के वीडियो लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। विज्ञान धैर्य मांगता है, इलाज समय लेता है, लेकिन तांत्रिक एक रात में ठीक करने का वादा करता है। यही वादा लोगों को डॉक्टर से पहले उसके दरवाजे तक ले जाता है। तांत्रिक चमत्कार नहीं, लोगों के डर के कारण असरदार बनता है- मनोचिकित्सक डॉ. आशुतोष तिवारी मनोचिकित्सक डॉ. आशुतोष तिवारी ने बताया कि तांत्रिक किसी चमत्कार के कारण नहीं, बल्कि लोगों के डर के कारण असरदार बनता है। जब बीमारी ठीक नहीं होती, पैसा खत्म हो जाता है या मामला कोर्ट-कचहरी में फंस जाता है, तब लोग डॉक्टर या कानून से पहले तांत्रिक के पास चले जाते हैं, क्योंकि वह तुरंत समाधान का भरोसा देता है। डॉ. आशुतोष तिवारी ने बताया कि इन मामलों में एक बात साफ दिखती है कि हत्या से पहले डर होता है। बीमारी का डर, गरीबी का डर, बदनामी या असफलता का डर। तांत्रिक इसी डर को चमत्कार और पूजा-पाठ की बातों में बदल देता है, और लोग गलत कदम उठा बैठते हैं। उन्होंने बताया कि ज्यादातर मामलों में आरोपी खुद ‘तांत्रिक’ नहीं बल्कि ऐसा व्यक्ति है, जिसने धार्मिक भाषा सीखकर समुदाय के डर पर कब्जा कर लिया। लोगों के मन में डर पैदा करता है, ताकि लोग तांत्रिक की ओर खींचे चले आएं। तांत्रिक ब्रेनवॉश कर लोगों को भरोसे में लेता है। बलि देने से समस्या खत्म हो जाएगी बोलते हैं तथाकथित तांत्रिक- डॉ. दिनेश मिश्रा डॉ. दिनेश मिश्रा ने बताया कि आज के समय में तांत्रिकों और तथाकथित बाबाओं के झांसे में आकर लोग मानसिक, आर्थिक और शारीरिक शोषण का शिकार हो रहे हैं। बलि देने से समस्या खत्म हो जाएगी, पैसों की बारिश होगी, या किसी विशेष सिद्धि-साधना से चमत्कार हो जाएगा। इस तरह के झांसे से बचाव के लिए तर्क, विज्ञान और जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। किसी भी बीमारी या मानसिक परेशानी के इलाज के लिए डॉक्टर के पास जाना ही सही और सुरक्षित रास्ता है, न कि तांत्रिक क्रियाओं पर भरोसा करना। अब पढ़िए छत्तीसगढ़ में किस साल अंधविश्वास और तंत्र मंत्र में कितनी हत्याएं छत्तीसगढ़ में मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस की कार्रवाई के आंकड़े बताते हैं कि 2021-2025 के बीच अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र से जुड़ी हत्याओं में कुल 83 (अनुमानित) मौतें हुईं। सबसे ज्यादा मामले 2022 (22 मौतें) और 2021 (20 मौतें) में दर्ज हुए, जबकि 2024 में घटकर 10 रह गए। मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस की कार्रवाई के आंकड़े बताते हैं कि उतार-चढ़ाव के बावजूद अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र से जुड़ी प्रवृत्ति जारी है। पुलिस कार्रवाई और जागरूकता से कमी आई है, लेकिन अंधविश्वास के नाम पर हत्याएं पूरी तरह थमी नहीं हैं। अब पढ़िए छत्तीसगढ़ में इस तरह की वारदात पर सजा छत्तीसगढ़ में जादू‑टोना, तंत्र‑मंत्र और पैसों की बारिश जैसी गतिविधियों के खिलाफ राज्य ने टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम 2005 लागू किया है। इसके तहत किसी को टोनही या डायन बताकर डराना, झाड़‑फूंक करना या ठगी करना अपराध माना जाता है। इसके अलावा, मानव बलि, हत्या, अपहरण और धोखाधड़ी जैसी वारदातों के लिए सीधे IPC / BNS की गंभीर धाराएं लागू होती हैं, जिनमें उम्रकैद या फांसी तक की सजा का प्रावधान है। डिजिटल ठगी या ऑनलाइन झांसे के मामलों में IT Act भी लागू होता है। पुलिस जब तक कड़ी कार्रवाई नहीं करेगी, तब तक खेल चलता रहेगा- एडवोकेट समीर सिंह बिलासपुर हाईकोर्ट के एडवोकेट समीर सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ में इन दिनों तंत्र मंत्र की बहुत घटनाएं सुनने को मिल रही हैं। नरबलि तक के केसेस आ रहे हैं, जिसमें देखा जा रहा है कि लोग तांत्रिकों और बैगाओं के बहकावे में आ रहे हैं। तंत्र मंत्र से पैसों की बारिश करने, स्वास्थ्य ठीक करने का झांसा देते हैं। ये सब जागरूकता की कमी है। आज के समय में इनका कोई स्थान नहीं है। सजा तो उम्रकैद तक की है, लेकिन जागरूक करने के लिए प्रशासन को ग्राउंड पर आना पड़ेगा। पुलिस जब तक कड़ी कार्रवाई नहीं करेगी, तब तक तंत्र-मंत्र और तंत्र विद्या सिद्धि का खेल चलता रहेगा। एडवोकेट समीर सिंह ने बताया कि आज कल लोग डॉक्टर को छोड़कर तांत्रिक-बैगाओं के चक्कर में पड़ जाते हैं। ये सब पुलिस और प्रशासन के नाक के नीचे होता है। पुलिस-प्रशासन को एक्टिव होकर रोकना चाहिए, ताकि जो झाड़-फूंक करने वाले और झोलाझाप डॉक्टर हैं, उनसे लोगों को बचाया जा सके। 2014 से 2021 के बीच भारत में 500 से ज्यादा लोगों की हत्याएं NCRB के आंकड़ों के अनुसार 2014 से 2021 के बीच भारत में मानव बलि और जादू-टोने से जुड़ी हत्याएं लगातार दर्ज होती रहीं। इस दौरान मानव बलि के लिए हर साल 4 से 24 के बीच हत्याएं हुईं, जबकि जादू-टोने के नाम पर मर्डर कहीं ज्यादा रहे। 2017 में जादू-टोने से जुड़े मर्डर अचानक 73 तक पहुंचे और 2019 में यह आंकड़ा 102 के पीक पर रहा। रिकॉर्ड बताता है कि 2014 से 2021 के बीच भारत में मानव बलि और जादू-टोने के नाम पर कुल मिलाकर करीब 500 से ज्यादा लोगों की हत्या हुई। 2020 और 2021 में मामूली गिरावट के बावजूद जादू-टोने से जुड़े मर्डर 88 और 68 रहे। ये आंकड़े साफ दिखाते हैं कि अंधविश्वास भारत में अब भी एक गंभीर और जानलेवा सामाजिक समस्या बना हुआ है। अब पढ़िए भारत में मानव बलि के बारे में.... भारत में भी मानव बलि आधुनिक दौर में भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। NCRB और राज्य पुलिस रिकॉर्ड्स के मुताबिक झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, असम और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में तांत्रिकों के बहकावे में अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र, सिद्धि, धन-लाभ और संतान प्राप्ति के नाम पर हत्याएं हो रही हैं। दुनिया के कई देशों में आज भी अंधविश्वास और काले जादू के नाम पर हत्याएं दुनिया के कई हिस्सों में मानव बलि ऐतिहासिक रूप से धार्मिक अनुष्ठानों से जुड़ी रही है, जैसे प्राचीन एज्टेक, माया और इंका सभ्यताएं। आधुनिक समय में यह अफ्रीका के कुछ देशों (युगांडा, तंजानिया, नाइजीरिया), लैटिन अमेरिका और एशिया के हिस्सों में अंधविश्वास और काले जादू के नाम पर अब भी दर्ज होती है। ............................................... पार्ट-1 अननेचुरल-सेक्स...तांत्रिक ने सिर काटकर चढ़ाई बलि: पैसों की बारिश कराने ट्रिपल-मर्डर, मां ने बेटों को मार डाला, छत्तीसगढ़ में तंत्र-विद्या के नाम पर 8 कत्ल 10 जनवरी 2026। रात का वक्त। जगह बलौदाबाजार का दरचुरा गांव। शराब की बोतलें खाली हो चुकी थीं। तांत्रिक के घर में कुछ लोग नशे में झूम रहे थे। पत्नी अपने पति से अननेचुरल सेक्स का बदला लेना चाहती थी। मामा और 2 कॉन्ट्रैक्ट किलर्स से पति को तलवार से कटवा दिया। पढ़ें पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 6:28 am

सहकारी ग्राम विकास बैंक शाखा प्रतिनिधि का चुनाव संपन्न:सपा समर्थित प्रत्याशियों का दबदबा, चकरनगर में भाजपा समर्थित प्रत्याशी निर्विरोध विजई

इटावा के सैफई, भरथना, बढ़पुरा और चकरनगर ब्लाक में मंगलवार को सहकारी ग्राम्य विकास बैंक लिमिटेड की शाखा प्रतिनिधि पद के चुनाव कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। मतदान और मतगणना के दौरान प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी पूरे समय मौके पर तैनात रहे। चुनाव परिणामों में सैफई, भरथना और बढ़पुरा में समाजवादी पार्टी समर्थित प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। जबकि चकरनगर ब्लाक में भाजपा समर्थित प्रत्याशी निर्विरोध विजयी घोषित किए गए। भरथना: गोविंद यादव लगातार तीसरी बार प्रतिनिधि बने भरथना ब्लाक में सपा समर्थित गोविंद यादव ने लगातार तीसरी बार शाखा प्रतिनिधि पद पर जीत हासिल की।ब्लाक कार्यालय परिसर में हुए चुनाव में कुल 273 मतदाताओं ने मतदान किया। गोविंद यादव ने 19 मतों से जीत दर्ज की। चुनाव के दौरान विधायक राघवेंद्र गौतम, ब्लाक प्रमुख विनोद दोहरे, पूर्व ब्लाक प्रमुख हरिओम यादव समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। बढ़पुरा: चिम्मन सिंह की बड़ी जीत उदी क्षेत्र के बढ़पुरा विकास खंड में सपा समर्थित चिम्मन सिंह ने बड़ी जीत हासिल की। मतदान को लेकर सुबह से ही ब्लाक परिसर में पुलिस बल तैनात रहा। एसडीएम सदर विक्रम सिंह राघव और सीओ जसवंतनगर आयुषी सिंह पूरे समय निगरानी में डटी रहीं। सैफई: सपा की एकतरफा जीत सैफई में सहकारी ग्राम्य विकास बैंक के शाखा प्रतिनिधि पद के लिए आजादी के बाद पहली बार सीधे मतदान कराया गया।मतगणना शाम चार बजे के बाद शुरू हुई। इस ऐतिहासिक चुनाव को लेकर मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। परिणाम घोषित होते ही सपा समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। मतदान के दौरान भाजपा समर्थित प्रत्याशी और उनके एजेंट मतदान केंद्र पर नजर नहीं आए, जिससे दिनभर राजनीतिक चर्चाएं चलती रहीं। नामांकन के समय भाजपा की सक्रियता दिखाई दी थी, लेकिन नतीजों ने उसे पूरी तरह झुठला दिया। चकरनगर: अंगद सिंह चौहान निर्विरोध निर्वाचित चकरनगर ब्लाक में दो प्रत्याशियों के नामांकन पत्र निरस्त होने के बाद भाजपा समर्थित अंगद सिंह चौहान को निर्विरोध शाखा प्रतिनिधि घोषित किया गया।मंगलवार को निर्वाचन अधिकारी विजय प्रकाश मिश्रा ने उन्हें जीत का प्रमाण पत्र सौंपा। सपा समर्थित पूर्व ब्लाक प्रमुख महिपाल सिंह यादव और उनकी पुत्रवधू गीता यादव का नामांकन निरस्त होने के चलते यह स्थिति बनी। इस जीत से भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 6:24 am

रेलकर्मी ने फेसबुक पर दोस्ती कर युवती से किया रेप:प्रेग्नेंट होने पर कराया गर्भपात; पुलिस-भर्ती की तैयारी कर रही थी, उत्तर प्रदेश के हैं दोनों

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रेलवे कर्मचारी ने फेसबुक के जरिए युवती से दोस्ती की, फिर शादी का झांसा देकर उसके साथ रेप किया। इस दौरान प्रेग्नेंट होने पर अबॉर्शन भी करवा दिया। अब शादी के वादे से भी मुकर गया। परेशान होकर युवती ने रेलवे के टेक्नीशियन के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। मामला तारबाहर थाना क्षेत्र का है। दरअसल, 27 वर्षीय युवती उत्तरप्रदेश के मिर्जापुर की रहने वाली है। जनवरी 2024 में उसकी पहचान यूपी के बनारस के खोचवा निवासी ऋषभ कुमार सिंह (34) से फेसबुक के जरिए हुई थी। बातचीत के बाद दोनों की दोस्ती हो गई। उसने युवती से प्यार करने और शादी करने का झांसा दिया। युवती भी उसकी बातों में आ गई और उससे प्यार करने लगी। मिलने बुलाकर किया दुष्कर्म युवती ने अपनी शिकायत में बताया कि, वह पुलिस में भर्ती की तैयारी कर रही थी। तभी साल 2024 में युवक ने उससे मिलने बनारस बुलाया, जहां हैदराबाद गेट के पास एक मकान में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद लगातार शारीरिक संबंध बनाते रहा। जिससे युवती नवंबर 2024 में प्रेग्नेंट हो गई। तब युवक ने उसे गर्भपात की दवा खिला दी। ट्रेनिंग के दौरान बिलासपुर बुलाकर किया शोषण पीड़िता ने बताया कि इस दौरान ऋषभ का रेलवे में बिलासपुर में नौकरी लग गई। वह रेलवे में टेक्नीशियन ग्रेड-1 के पद पर चयनित होकर प्रशिक्षण के लिए बिलासपुर आया था। नवंबर 2025 में उसने सक्ती स्टेशन के पास कमरा लेकर 8-9 दिनों तक फिर शारीरिक संबंध बनाए। फिर पीड़िता को वापस भेज दिया। युवक ने पहचानने से किया इनकार जनवरी 2026 में पीड़िता जब बिना सूचना के बिलासपुर पहुंची तो आरोपी ने कार्यालय में पहचानने से इनकार किया। इसके बाद होटल ले जाकर फिर शारीरिक संबंध बनाए। जब पीड़िता ने शादी की बात दोहराई तो आरोपी ने साफ इनकार करते हुए कहा कि ये सब केवल शारीरिक संबंध के लिए था, शादी का कोई वादा नहीं किया। युवक की हरकतों से परेशान होकर पीड़िता ने तारबाहर थाने में शिकायत की, जिस पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ..................................... इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए... रायपुर में 9-साल की बच्ची से 5 दिन तक रेप:बोली- चूड़ीवाला घर ले जाता था, प्राइवेट पार्ट में दर्द होने पर चाची को बताया रायपुर में 9 साल की बच्ची से रेप का मामला सामने आया है। जहां 55 साल के अधेड़ व्यक्ति ने लगातार 5 दिनों तक दुष्कर्म किया है। आरोपी अब्दुल सज्जाद अंसारी बच्ची को चॉकलेट देकर अपने साथ ले जाता और उससे दुष्कर्म करता था। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 6:20 am

पानीपत में पुलिस और बदमाशों में मुठभेड़, तीन गिरफ्तार:ट्रांसपोर्टर को गोलियां मारने वालों ने पुलिस पर चलाई गोलियां, जबावी कार्रवाई में 2 घायल

पानीपत के बहुचर्चित ट्रांसपोर्टर सी सुब्रमण्यम फायरिंग मामले में पुलिस ने बुधवार सुबह एक निर्णायक कार्रवाई की है। इसराना थाना क्षेत्र के अंतर्गत पानीपत-गोहाना रोड से जौंर्धन खुर्द जाने वाले रास्ते पर पुलिस और बदमाशों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में दो बदमाश गोली लगने से घायल हुए हैं, जबकि कुल तीन आरोपियों को पुलिस ने काबू कर लिया है। तड़के अंधेरे में गूंजी गोलियां जानकारी के अनुसार, CIA-1 पानीपत और सोनीपत STF की संयुक्त टीम को बदमाशों की मूवमेंट की गुप्त सूचना मिली थी। बुधवार अलसुबह जब पुलिस टीम ने जौंर्धन खुर्द के रास्ते पर बदमाशों को घेरने की कोशिश की, तो खुद को फंसता देख बदमाशों ने पुलिस पर सीधी फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में घायल हुए बदमाश पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस मुठभेड़ में पुलिस की गोलियां दो बदमाशों के पैरों में लगीं, जिससे वे मौके पर ही गिर पड़े। पुलिस ने बिना देरी किए घेराबंदी कर मौके से कुल तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों के पास से अवैध हथियार और कारतूस भी बरामद हुए हैं। अस्पताल में उपचाराधीन हैं आरोपी घायल बदमाशों को पुलिस सुरक्षा के बीच तुरंत पानीपत सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन बदमाशों ने ही पिछले दिनों ट्रांसपोर्टर सी सुब्रमण्यम को निशाना बनाते हुए गोलियां बरसाई थीं।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 6:17 am

वार्ड-75 में गंदा पानी और ड्रेनेज अब भी बड़ी समस्या:इंदौर में भास्कर टॉक में कांग्रेस पार्षद सोलंकी बोले- निगम साथ दे तो रोडमैप पूरा हो जाएगा

इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है और जनता उसे कैसे देखती है?। इसी का जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर शुरू की है खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’। इस सीरीज में हम हर वार्ड के पार्षद के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज तीसरे एपिसोड में हम पहुंचे हैं वार्ड 75, जहां से पार्षद हैं कांग्रेस के कुणाल सोलंकी। क्या काम पूरे हुए?, क्या बाकी हैं? और जनता 10 में से कितने नंबर देती है। आज के टॉक में जानिए काम का पूरा हिसाब। वार्ड में निरीक्षण के दौरान पार्षद कुणाल सोलंकी ने दैनिक भास्कर से चर्चा में बताया कि उनके वार्ड में सबसे बड़ी समस्या गंदे पानी, सड़क और ड्रेनेज लाइन की है। पढ़िए कुणाल सोलंकी की दैनिक भास्कर से सीधी बातचीत… सवाल: आपके वार्ड के कौन-कौन से काम अधूरे हैं और वह क्यों अधूरे हैं? जवाब: वार्ड में अभी कई काम बचे हुए हैं। यह इसलिए है, क्योंकि नगर निगम कहती कुछ और है और करती कुछ और। कुछ सड़कें और ड्रेनेज ऐसी हैं, जिनके बिल ठेकेदारों के नहीं बने हैं, जिसके कारण हमें परेशानी हो रही है। पेमेंट न होने के कारण ठेकेदार काम छोड़कर चले गए। इसके अलावा, मैं कांग्रेस से पार्षद हूं और वर्तमान विधायक भाजपा के हैं। वे कभी-कभी हमारे काम रोकवाते हैं, ताकि मैं उनका उद्घाटन न कर सकूं। वहीं, भाजपा वाले इवेंट करके दिखा देते हैं कि हम काम कर रहे हैं, लेकिन धरातल पर वह काम पूरे नहीं होते। इसलिए कुछ काम अभी रुके हुए हैं। सवाल: आपकी जनता, यानी वार्डवासियों की सबसे आम शिकायत क्या है? जवाब: सबसे आम शिकायत स्वच्छता से जुड़ी है, क्योंकि यहां सफाई सही ढंग से नहीं हो पा रही है। इसके बाद ड्रेनेज की भी कई शिकायतें हैं। पुरानी लाइनें बदल नहीं पातीं, जिससे ड्रेनेज में समस्या बनी रहती है। सबसे बड़ी बात यह है कि पूरे इंदौर में नर्मदा योजना लागू है, लेकिन मेरा वार्ड ऐसा है जहां नर्मदा की सुविधा अभी तक नहीं है। अमृत योजना 2 अभी तक नहीं आई है, इसलिए नर्मदा की समस्या यहां बड़ी है। सवाल: आपने अपने वार्ड में क्या नया प्रयोग किया है और उससे क्या बदलाव आया है? जवाब: हमने जो नया प्रयोग किया, वह ट्रैफिक व्यवस्था पर आधारित था। अभी तक लगभग 80% बदलाव आ पाया है। पूरा बदलाव अभी नहीं हो पाया है, क्योंकि कुछ जगह ऐसी हैं, जिन्हें हमने ट्रैफिक मुक्त करने के लिए चिह्नित किया और उन पर काम शुरू किया। कुछ जगहों पर बदलाव हो चुका है, लेकिन कुछ जगहों पर काम अभी भी बाकी है। सवाल: आपके वार्ड में पानी को लेकर किस तरह की शिकायतें हैं? जवाब: पिछले 6 महीनों से हमारे यहां गंदा पानी आ रहा था। बीच में स्थिति काफी खराब थी और अभी भी कुछ इलाकों में गंदा पानी आ रहा है। इसको लेकर मैंने लगातार प्रयास किए और पीएच टेस्ट भी करवाया। कुछ क्षेत्रों में समस्या अभी भी बनी हुई है। सवाल: आपके वार्ड के कौन-कौन से इलाके हैं, जिनमें अभी तक काम नहीं हो पाया है और कारण क्या है? जवाब: कई ऐसे इलाके हैं, जिनमें काम अभी तक नहीं हो पाया है। उदाहरण के लिए, श्रीराम नगर में अभी भी ड्रेनेज का काम अधूरा है। इसके अलावा, आरटीओ मेन रोड, जो कि एक बड़ा मार्ग है, उसका काम भी पूरा नहीं हुआ है। ऐसे हमारे तीन-चार बड़े इलाके हैं, जिनमें काम अभी भी अधूरा पड़ा है। अपने पार्षद के काम से कितने खुश है आप, हमें बताएं... ये खबर भी पढ़ें... इंदौर के वार्ड-64 में कितना हुआ विकास, कितना बाकी वार्ड में निरीक्षण के दौरान पार्षद मनीष शर्मा 'मामा' ने दैनिक भास्कर से चर्चा में बताया कि उनके वार्ड में छोटी-छोटी मूलभूत समस्या हैं। जैसे कि पानी नही आता, ड्रेनेज की समस्या है, किसी की पेंशन नहीं शुरू हुई। पढ़िए पूरी खबर। वार्ड टॉक में आज वार्ड 49 की पड़ताल उदावत ने दैनिक भास्कर से चर्चा में बताया कि उनके वार्ड में सबसे बड़ी समस्या गंदे पानी की है। इसके लिए यहां की तीस-चालीस साल पुरानी पाइप लाइन को भी बदलवाने का प्लान है। हमने वार्ड में ग्रीन बेल्ट का उपयोग करते हुए वॉकिंग ट्रैक बनवाया है। पढ़िए पूरी खबर।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 6:05 am

बिजली कंपनियों के संविदा कर्मी परीक्षा के बाद होंगे नियमित:ऊर्जा विभाग ने सभी कंपनियों से नियमितीकरण पर परीक्षण रिपोर्ट मांगी

मध्य प्रदेश में बिजली कंपनियों में काम करने वाले संविदा कर्मचारियों को परीक्षा के माध्यम से नियमित पदों पर नियुक्ति दी जाएगी। ऊर्जा विभाग ने इसके लिए संविदा पदों पर नई नियुक्तियां बंद कर दी हैं और प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया है। संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों का चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा। इस बीच यूनाइटेड फोरम फॉर पावर एम्प्लाइज एंड इंजीनियर्स के ज्ञापन के बाद ऊर्जा विभाग ने बिजली कंपनियों के एचआर (मानव संसाधन) विभाग की समिति से यह परीक्षण रिपोर्ट मांगी है कि क्या संविदा कर्मचारियों को सीधे नियमित पदों पर संविलियन किया जा सकता है। इस पत्र के सामने आने के बाद बिजली कंपनियों में कार्यरत करीब पांच हजार संविदा कर्मचारी उत्साहित हैं। एसोसिएशन ने नियमित पदों पर सीधे संविलियन की मांग की है ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश में संविदा कर्मचारियों को 50 प्रतिशत पदों पर नियुक्ति देने का नियम प्रभावशील है। इसमें शासन द्वारा तय प्रक्रिया के अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी। एक अधिकारी के मुताबिक, एसोसिएशन ने नियमित पदों पर सीधे संविलियन की मांग की है, लेकिन यह संभव नहीं है। ऐसी स्थिति में संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों को परीक्षा में छूट देने के साथ-साथ अनुभव के आधार पर अतिरिक्त अंक देने की व्यवस्था का प्रस्ताव है, हालांकि अभी इस पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। परीक्षा इसलिए आयोजित की जाएगी ताकि मेरिट सूची तैयार की जा सके। यह भी ध्यान रखा जाएगा कि परीक्षा में अनुभव आधारित प्रश्न शामिल किए जाएं, ताकि संविदा कर्मचारियों को उत्तर देने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। इसके बाद जो मेरिट सूची तैयार होगी, उसी के आधार पर नियमित पदों पर सीधी भर्ती से चयनित अभ्यर्थियों और संविदा कर्मचारियों (जिन्हें परीक्षा में छूट मिलेगी) की संयुक्त मेरिट सूची बनाकर उन्हें नियमित किया जा सके। पत्र के बाद बिजली कंपनी के संविदा कर्मियों में हलचल ऊर्जा विभाग ने एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के एमडी को पत्र लिखकर कहा है कि यूनाइटेड फोरम फॉर पावर एम्प्लाइज एंड इंजीनियर्स की ओर से ऊर्जा मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा गया है। इसमें ऊर्जा विभाग के अंतर्गत विद्युत कंपनियों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को पुनरीक्षित संगठनात्मक प्रक्रिया के तहत सीधी भर्ती के रिक्त पदों पर संविलियन करने की मांग की गई है। इस संबंध में फोरम द्वारा आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए हैं। इसी के चलते विद्युत कंपनियों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के संविलियन के प्रस्ताव का परीक्षण एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) की अध्यक्षता में गठित समिति के माध्यम से करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें सभी विद्युत कंपनियों के मानव संसाधन (एचआर) प्रमुखों की समिति के समक्ष प्रस्तुत प्रस्ताव पर चर्चा के आधार पर 15 दिन के भीतर परीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि इस विषय में निर्णय लिया जा सके। यह पत्र अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। इसके आधार पर बिजली कंपनियों के संविदा कर्मचारी स्वयं को नियमित होने की स्थिति में मान रहे हैं, जबकि ऊर्जा विभाग के अधिकारी इस तरह की किसी भी स्थिति से पूरी तरह इनकार कर रहे हैं।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 6:05 am

गोरखपुर में भीड़ देखकर छत से कूदे जोड़े:ब्रह्मभोज में आया प्रेमी चोरी से प्रेमिका से मिलने घर आया, हाथ पकड़कर लगाई छलांग

गोरखपुर के खजनी थाना क्षेत्र में भीड़ को देखकर प्रेमी जोड़े छत से कूद गए। दोनों को गंभीर हालत में इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। इस घटना के बाद पूरे गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। प्रेमिका के गांव में ब्रह्मभोज में आया युवक आया था। इस दौरान वह चोरी से प्रेमिका से मिलने उसके घर की छत पर गया था। इस दौरान भीड़ वहां पहुंची तो दोनों ने यह कदम उठाया। अभी तक दोनों ही पक्ष से कोई तहरीर खजनी थाने में नहीं दी गई है। अब विस्तार से जानें पूरा मामला खजनी इलाके में रहने वाली अंतिमा (20) का पिछले एक साल से संतकबीरनगर के खलीलाबाद कोतवाली निवासी विशाल (22) से प्रेम संबंध चल रहा था। शनिवार को विशाल युवती के गांव में एक तेहरी संस्कार में शामिल होने आया था। इस दौरान वह चोरी छिपे युवती के घर पहुंचा। तभी गांव के अन्य लोगों को इस बात की भनक लगी। गांव की भीड़ वहां पहुंची। जहां देर रात करीब 11 बजे दोनों छत मकान की दूसरी मंजिल से छलांग लगा दिए। गिरने से दोनों की कमर और पीठ में गंभीर चोटें आईं। गिरने के बाद दोनों तड़पते रहे। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और एंबुलेंस की मदद से उन्हें जिला अस्पताल भिजवाया गया। चिकित्सकों के अनुसार, दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है, लेकिन फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार दोनों के बीच पुराना जान-पहचान और बातचीत थी। युवती की शादी आगामी जून माह में किसी अन्य स्थान पर तय हो चुकी थी। युवक उससे मिलने के लिए घर आया था, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। खजनी थाना प्रभारी जयंत कुमार सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। फिलहाल किसी भी पक्ष ने कोई तहरीर नहीं दी है। दोनों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है और पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 6:01 am

हरियाणा BJP में अब आसान नहीं होगी जॉइनिंग:बिना संगठन की रजामंदी के नहीं होगी एंट्री; पार्टी ने स्टेट-डिस्ट्रिक्ट लेवल की कमेटियां बनाईं, इसकी 3 वजह

हरियाणा बीजेपी में अब बाहरी लोगों की एंट्री आसान नहीं होगी। बिना संगठन के रजामंदी के दूसरे दलों के नेता अब पार्टी में नहीं आ सकेंगे। इसकी और कोई वजह नहीं है, बीजेपी ने जॉइनिंग को लेकर एक बड़ा बदलाव किया है। संगठन ने स्टेट और डिस्ट्रिक्ट लेवल पर जॉइनिंग कमेटियों का गठन कर दिया है। संगठन में अब जो भी जॉइनिंग से जुड़े फैसले होंगे, वह इन कमेटियों के स्तर पर ही लिए जाएंगे। सबसे अहम बात यह है कि इन कमेटियों में मंत्रियों, विधायकों, जिलाध्यक्षों को और सीनियर नेताओं को शामिल किया गया है। स्टेट लेवल पर बनी कमेटी में चार सदस्यों को शामिल किया गया है, वहीं डिस्ट्रिक्ट लेवल पर बनी कमेटी में तीन सदस्यों को जॉइनिंग की जिम्मेदारी दी गई है। यहां पढ़ते हैं क्यों बीजेपी ने लिया ये फैसला... 1. कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर होगी सूत्रों की मानें तो हरियाणा बीजेपी में पिछले कुछ दिनों में कार्यकर्ताओं में नाराजगी की खबरें आ रही थीं। कार्यकर्ताओं का कहना था कि बाहरी दलों से आने वाले लोगों को ही संगठन और सरकार में बड़े और अहम पदों की जिम्मेदारियां दी जा रही हैं, संगठन में सालों से डटे कार्यकर्ताओं को अनदेखी की जा रही थी, जिसका इनपुट पार्टी को भी मिला। संगठन ने इसको गंभीरता से लेते हुए जॉइनिंग को लेकर ये नया मेगा प्लान तैयार किया है। 2. संगठन को मजबूती मिलेगी संगठन के इस फैसले से कार्यकर्ताओं में एक अच्छा मैसेज जाएगा। इससे उनको संगठन में कार्यकर्ता आगे बढ़ने के लिए अच्छा काम करेंगे। साथ ही उनके लिए रास्ते भी खुलेंगे। साथ ही बाहर से आने वाले नेताओं को वेरिफिकेशन भी आसान होगा। कई बार कुछ ऐसे नेताओं की एंट्री हो जाती है जो संगठन के हिसाब से फिट नहीं होते हैं, और बाद में संगठन को बैकफुट पर आना पड़ता है। इस फैसले से बाहरी नेताओं के वेरिफिकेशन की प्रक्रिया आसान होगी। 3. बाहरी नेताओं की एंट्री लगेगी लगाम सूत्रों की मानें तो संगठन में पिछले 11 सालों के दौरान कई ऐसे नेताओं की एंट्री हुई है, जो बाहरी दलों से आए हैं। चूंकि उन नेताओं को बाहरी दलों से लाया गया है इसलिए संगठन से लेकर सरकार तक उन्हीं अच्छी और लाभप्रद जगहों पर आसानी से पोस्टिंग या नियुक्ति मिल जाती है, जिस कारण से संगठन में सालों से काम कर रहे कार्यकर्ताओं को निराश हाथ लगती है। संगठन के इस फैसले से बाहरी नेताओं की एंट्री पर लगाम लगेगी और पार्टी के कोर कैडर को आगे बढ़ने के अच्छे जांच मिलेंगे। यहां देखिए स्टेट लेवल और डिस्ट्रिक्ट लेवल की जॉइनिंग लिस्ट...

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 6:01 am

भाजपा से AAP पार्षदों की नजदीकियां, हाईकमान चिंतित:चंडीगढ़ मेयर के साथ स्टेज पर दिखे, समारोह में पहुंचे आम आदमी पार्टी के सहप्रभारी आहलूवालिया

चंडीगढ़ नगर निगम में मेयर पद के लिए चुनाव में एक दिन बाकी है। इससे पहले भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के नेता काफी चिंतित दिखाई दे रहे हैं। भाजपा के पार्षदों को मोरनी हिल के एक रिजॉर्ट में रखा गया है तो भाजपा नेताओं के साथ AAP पार्षदों की नजदीकियों ने AAP नेताओं की धड़कने बढ़ा रखी है। भाजपा को डर है कि उनके नाराज दो पार्षद कहीं पलटी न मार जाएं। वहीं AAP अपने चार पार्षदों पर पैनी नजर रखे हुए हैं, जो कभी भी गेम बिगाड़ सकते हैं। यही कारण रहा कि सेक्टर 22 में नगर निगम के समारोह दौरान मेयर के साथ AAP के तीन पार्षदों द्वारा स्टेज सांझा करने की भनक लगते ही AAP के सह प्रभारी एसएस आहलूवालिया मौके पर पहुंच गए। तब दो पार्षद जा चुके थे और नाराज चल रहे दमनप्रीत बादल के साथ काफी समय बिताया और दोपहर का खाना भी उनके साथ ही खाया। पूर्व सांसद किरण खेर के साथ वायरल हुई फोटो भी बटोर रही सुर्खियां26 जनवरी पर प्रशासन की तरफ से गणतंत्र दिवस समारोह करवाया गया। वहां पर AAP की पार्षद प्रेम लता समेत कुछ अन्य पार्षद मौजूद थे। वह काफी समय तक किरण खेर से बातें करते रहे हैं। यही नहीं किरण खेर के साथ उनकी फोटो जैसे ही वॉट्सऐप ग्रुपों में वायरल हुईं तो इसने खूब सुर्खियां बटोरी हैं। पता चला है कि इस पर शीर्ष नेताओं की तरफ से उन्हें सुनना भी पड़ा है। वोट करने पर पत्ते नहीं खोल रहे दमनप्रीत बादल दमनप्रीत सिंह बादल से मेयर पद के लिए वोट करने के लिए पूछे गए स्पष्ट सवाल पर उनकी तरफ से गोल मोल जवाब दिया गया है। उनका कहना था कि इस बार तो सबके सामने वोट होनी है, वहां देख लेना किसको वोट दूंगा। यह मेरे वार्ड का प्रोग्राम था, इसलिए आना जरूरी था। मगर उनकी तरफ से यह भी नहीं कहा गया है कि वह वोट किस प्रत्याशी को देंगे। कहा जाता है कि रोपड़ से आने के दौरान वह AAP के प्रत्याशियों के साथ नगर निगम नहीं पहुंचे थे और कहा जा रहा था कि वह नाराज हैं। आहलूवालिया बोले- मुझे तो समारोह में दमन ने बुलायाएसएस आहलूवालिया समारोह में तब पहुंचे थे, जब समारोह लगभग समाप्त हो चुका था। यहां आने का कारण पूछने पर आहलूवालिया ने कहा कि उन्हें तो दमन ने बुलाया था कि अच्छा कार्यक्रम है, मुझे आना चाहिए। मगर मैं लेट हो गया। एसएस आहलूवालिया की भेंट इस समय मेयर पति दविंदर बबला से भी हुई। मगर वह बबला के जाने के बाद भी काफी समय तक समारोह स्थल पर मौजूद रहे, जबकि यहां से समान भी हटाया जाने लगा था। वह काफी समय दमन के साथ बिताना चाहते थे और इक्कट्ठे खाना भी उनकी तरफ से खाया गया है।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 6:00 am

गोरखपुर में स्टेटस लगाती थी BF मेरी जान:इंस्टाग्राम पर नाई को हाई-फाई जान दिल दे बैठी, किशोरी हुई दरिंदगी की शिकार

गोरखपुर में दरिंदगी की शिकार 13 साल की किशोरी अमीरों की तरह जीना चाहती थी। उसने बड़े-बड़े ख्वाब संजोए थे। हाई-फाई जानकर ही वह इंस्टाग्राम पर सैलून में नाई का काम करने वाले 15 साल के लड़के के प्यार में फंस गई। किशोरी ने अपने स्टेटस में लिखा था कि बीएफ माई जान...। मतबल बॉयफ्रेंड को वह जान से भी बढ़कर प्यार करने लगी थी। क्लास 5 के बाद से ही किशोरी ने पढ़ाई बंद कर दी थी। लेकिन इंस्टाग्राम पर लगातार एक्टिव होने की वजह से वह अच्छी इंग्लिश बोलती है। पुलिस से भी बातचीत में वह इंस्टाग्राम पर यूज किए जाने वाले शॉर्ट शब्दों काे बोल रही थी। जैसे बीएफ और जीएफ। घर में पिता ड्राइवर तो मां घरों में साफ-सफाई का काम करती है। जबकि किशोरी को यह जीवन बिल्कुल ही पसंद नहीं था। वह इंस्टाग्राम पर रील बनाती थी, सोशल मीडिया में दिखने वाले लोगों की तरह हाई-फाई जीवन जीना चाहती थी। इसी चक्कर में बॉयफ्रेंड के एक इशारे पर वह घर छोड़कर भाग गई। जब होटल का बिल चुकाने में बॉयफ्रेंड की हालत खराब होने लगी, तब वह वहां से भाग गया। इसके बाद किशोरी के पास भी घर जाने का मौका मिला था। लेकिन वह अभी भी अपना सपना पूरा करने की चाहत में कुछ भी करने को तैयार थी। उसने अपने बॉयफ्रेंड से कहा कि मैं इसी होटल में काम करूंगी। लेकिन घर नहीं जाउंगी। बॉयफ्रेंड ने मॉल में दिखाई थी फिल्म 1 जनवरी को घर छोड़कर भागी किशोरी जैसे-तैसे होटल में समय बिताई। इस बीच 10 जनवरी को बॉय फ्रेंड एक बार फिर होटल आया था। किशोरी को लेकर वह ओरियन मॉल में फिल्म भी दिखाने ले गया था। उसने यह भी कहा था कि बहुत जल्द सब कुछ ठीक हो जाएगा। इधर किशोरी का शॉट कट अमीर बनने का सपना परेशान करने लगा था। वह किसी भी हाल में घर वापस नहीं जाना चाहती थी। इस दौरान ही वह होटल मालिक, मैनेजर और स्पा सेंटर संचालक उसकी मजबूरी का फायदा उठाकर उसके साथ हैवानियत किए। शारीरिक संबंध बनाने से पहले किशोरी को नशीली दवाएं भी दी गईं। जिसकी वजह से ही बाद में चलकर उसकी हालत गंभीर हाे गई। तब आरोपियों ने ही उसकी दवा भी कराई थी। शर्म लाज की वजह से अब वह घर वापस नहीं जाना चाहती थी। इसी बीच लगातार परिजनों का दबाव पड़ने पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। तब जाकर आरोपियों के चंगुल से किशोरी से आजाद हुई। 6 माह के प्यार ने घर छुड़ाया, जिंदगी बर्बाद हो गई गोरखनाथ पुलिस ने 13 साल की किशोरी का कहना है कि 6 माह के प्यार के चक्कर में विश्वास करके घर छोड़ा। हर जगह धोखा मिला। बाप की उम्र के लोग भी बड़े प्यार से मिले। लेकिन जब नजदीक आए तब उनका असली रूप सामने आया है। सभी ने मेरा शारीरिक शोषण किया। उन्हें मेरी परेशानी नहीं बल्कि शरीर नजर आता था। हर कोई अपनी हवस पूरी करना चाहता था। यह कहते हुए वह रोने लगी। गोरखनाथ पुलिस ने मंगलवार को किशोरी का कोर्ट में बयान करा दिया है। किशोरी ने आरोपियों पर सख्त से सख्त सजा देने की मांग की है। पांच अरेस्ट, 3 फरार आरोपियों की तलाश वहीं, इस पूरे प्रकरण में पुलिस ने अब तक होटल मालिक अभय, होटल मैनेजर आदर्श पांडेय, स्पा मैनेजर अंकित कुमार, किशोरी का सोशल मीडिया दोस्त और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने जांच के दौरान अन्य संलिप्त व्यक्तियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी सक्रिय तलाश जारी है। बताया जा रहा है कि होटल मालिक अभय का साथी नेपाल नेपाल भाग गया है। इस तरह किशोरी के साथ हुई घटना गोरखनाथ थानाक्षेत्र की रहने वाली किशोरी एक जनवरी को घर से भाग गई थी। घरवालों की तहरीर पर 5 जनवरी को अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था। उधर किशोरी अपने इंस्टाग्राम दोस्त के साथ करीमनगर के एक होटल में पहुंची। यहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। शारीरिक शोषण करने के बाद होटल मालिक अभय उर्फ धीरेंद्र सिंह ने उसे बेतियाहाता के बिना बोर्ड वाले एक स्पा सेंटर में भेज दिया। तीन दिन वहीं ठहरने के बाद किशोरी को बड़हलगंज भेजा गया। वहां भी उसके साथ जबरन शारीरिक शोषण किया गया। 6 पुलिस कर्मी सस्पेंड किए गए इस मामले में गोरखनाथ इंस्पेक्टर शशिभूषण राय को पहले लाइनहाजिर किया गया था, जिसे अब सस्पेंड कर दिया गया है। इसके साथ ही फर्टिलाइजर चौकी इंचार्ज प्रशांत पाठक, बेतियाहाटा चौकी इंचार्ज अमरेश सिंह, बड़हलगंज कस्बा इंचार्ज राजीव तिवारी, उनवल चौकी इंचार्ज आदित्य उपाध्याय और विकास नगर चौकी इंचार्ज अनूप सिंह को भी सस्पेंड किया गया। उनवल चौकी इंचार्ज आदित्य उपाध्याय पूर्व में बड़हलगंज चौकी इंचार्ज रहे हैं, इस कारण उन पर भी कार्रवाई हुई है। इनके थाना क्षेत्र में किशोरी को रखा गया था। एसएसपी राजकरन नय्यर ने कहा कि इस तरह के मामलों में सभी स्तर पर जिम्मेदारी तय करना जरूरी है। किशोरी की सुरक्षा और दोषियों की पकड़ पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस ने पूरे मामले की जांच तेज कर दी है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही निलंबित पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच जारी है और उनकी भूमिका स्पष्ट होने के बाद आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।पुलिस सूत्रों के अनुसार स्पा सेंटर में किशोरी की तबीयत खराब होने के बाद आरोपियों ने उसे गीडा स्थित एक होटल में किशोरी को रखा था। वह होटल अभय के पार्टनर का है। पुलिस ने किशोरी को उसी होटल से बरामद किया था। परिजनों का आरोप है कि पुलिस अब तक न तो होटल मालिक को गिरफ्तार कर सकी और न ही होटल पर ही कोई कार्रवाई की है। पुलिस प्रकाश में आए गीडा के होटल मालिक समेत दो अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की चार टीमें लगाई हैं। जिसमें सर्विलांस की टीम भी शामिल है।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 6:00 am

कांग्रेस जिलाध्यक्ष देशराज रिछारिया बोले-प्रदीप जैन संगठन कमजोर कर रहे:झांसी में कहा-कांग्रेस को खत्म करने वालों की ईंट से ईंट बजा दूंगा

झांसी में कांग्रेस को खत्म करने का काम पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य कर रहे हैं। लेकिन मैं संगठन का कार्यकर्ता हूं, सिपाही हूं और किसी भी हाल में ऐसा नहीं होने दूंगा। वह बार बार मेरा अपमान भी इसी लिए कर रहे हैं कि मैं उनके दबाब में आ जाऊं। मैंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखकर बताया है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य झांसी में भाजपा की बी टीम बनकर काम कर रहे हैं और मैं उनकी जी हुजूरी नहीं कर रहा तो मुझे अपमानित किया जा रहा है। पार्टी ने मुझे जो सम्मान दिया है तो मैं कांग्रेस को झांसी में डूबने नहीं दूंगा। और जो संगठन के खिलाफ काम करेगा उसकी ईंट से ईंट बजा दूंगा। ये बातें झांसी में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष देशराज रिछारिया ने दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में कहीं। पढ़िए पूरा इंटरव्यू... सवाल : आपका एक पत्र सामने आया है, जिसमें आपने पूर्व मंत्री और नगर अध्यक्ष की शिकायत केंद्रीय नेतृत्व से की है। इसकी क्या वजह रही? देशराज रिछारिया : देखिए, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने संविधान बचाओ, दलित बचाओ, पिछड़े और शोषित-वंचित बचाओ मिशन के तहत मुझे झांसी जिले की जिम्मेदारी सौंपी है। मैंने पूरी ईमानदारी से संगठन खड़ा किया। मंडलों में बैठकें होती थीं, काम ठीक चल रहा था। लेकिन पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य हमारे कार्यकर्ताओं को फोन कर बैठकों में न जाने के लिए कहते थे। यह देखकर और सुनकर मुझे गहरी पीड़ा हुई। सवाल : आपने पत्र में पूर्व मंत्री के घर हुई एक बैठक का भी जिक्र किया है। मामला क्या था? देशराज रिछारिया : 13 दिसंबर 2025 को पूर्व मंत्री का फोन आया। कहा कि दिल्ली में होने वाली बैठक को लेकर बात करनी है। उन्होंने बताया कि मनोज गुप्ता (महानगर अध्यक्ष) भी वहां होंगे। जब मैं उनके घर पहुंचा तो मनोज गुप्ता, अमीरचंद आर्य और कुछ अन्य लोग मौजूद थे। रैली में खर्च को लेकर चर्चा हो रही थी। इसी दौरान महानगर अध्यक्ष ने जातिसूचक टिप्पणी कर दी। मैंने तत्काल आपत्ति जताई और कहा कि इस तरह की भाषा समाज में गलत संदेश देती है, लेकिन मेरी बात को नजरअंदाज कर दिया गया। सवाल : मनरेगा विरोध प्रदर्शन के दिन क्या हुआ था? देशराज रिछारिया : पार्टी आलाकमान के निर्देश थे कि मनरेगा का नाम बदले जाने के विरोध में कार्यक्रम किया जाए। मैंने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को बुलाया। लेकिन वहां भी पूर्व मंत्री ने मेरी पूरी तरह अवहेलना की। उन्होंने खुद मीडिया को बाइट दी और मुझे एक भी बाइट नहीं देने दी गई। यह अपमान मैं चुपचाप सहता रहा। सवाल : आपने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ब्रजलाल खाबरी की मौजूदगी में भी अपमान की बात कही है। देशराज रिछारिया : 12 जनवरी को प्रियंका गांधी के जन्मदिन का कार्यक्रम एक मैरिज गार्डन में था। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ब्रजलाल खाबरी भी मौजूद थे। इसके बावजूद पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने कार्यक्रम को कमजोर करने का काम किया। महानगर अध्यक्ष मनोज गुप्ता कार्यक्रम में आए ही नहीं। सवाल : आपने पूर्व मंत्री पर भाजपा की ‘बी टीम’ की तरह काम करने का आरोप लगाया है। इसका आधार क्या है? देशराज रिछारिया : हाल ही में झांसी बार संघ के चुनाव हुए। उसमें अध्यक्ष बने एडवोकेट प्रमोद शिवहरे भाजपा के उम्मीदवार थे। भाजपा ने उन्हें चुनाव लड़ाया था। पूर्व मंत्री कांग्रेस कार्यालय में भाजपा उम्मीदवार का सम्मान कर रहे हैं। जबकि कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष चुनाव लड़ रहे थे, उन्हें कोई समर्थन नहीं मिला। ऐसे में अगर कांग्रेस नेता भाजपा उम्मीदवार का सम्मान करें, तो इसे बी टीम नहीं कहेंगे तो क्या कहेंगे? इसी पीड़ा के चलते मैंने नेतृत्व को पत्र लिखा। सवाल: अब आगे आपकी रणनीति क्या होगी? देशराज रिछारिया : मैं संगठन के प्रति पूरी तरह वफादार रहूंगा। संगठन को कमजोर करने वालों से खुलकर लड़ूंगा। जो जहर उगलेगा, उसका राजनीतिक रूप से जवाब दिया जाएगा। सवाल : पूर्व मंत्री का कहना है कि आपको टूल की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। देशराज रिछारिया : मुझे कौन टूल बनाएगा? मैं वकील हूं। मैं संगठन के लिए काम करने आया हूं। जो संगठन के खिलाफ जाएगा, उसकी ईंट से ईंट बजा दूंगा। कांग्रेस को बर्बाद नहीं होने दूंगा। सवाल: गणतंत्र दिवस पर आपकी गैरमौजूदगी में ध्वजारोहण क्यों हुआ? देशराज रिछारिया : हर साल दो जगह ध्वजारोहण होता है—मिनर्वा पर और कांग्रेस कार्यालय में। मिनर्वा पर 10 बजे का समय तय था। मैंने फोन पर कहा था कि मैं समय से पहुंच जाऊंगा। लेकिन जब मैं 9:45 बजे पहुंचा, तो 9:30 बजे ही पूर्व मंत्री ने ध्वजारोहण कर दिया था। इसके बाद मैंने जिला कार्यालय में ध्वजारोहण किया। सवाल : आपको बार-बार अपमानित क्यों किया जा रहा है? देशराज रिछारिया : क्योंकि मैं उनकी जी-हुजूरी नहीं कर रहा। उनके नेतृत्व में 11 चुनाव हारे गए। झांसी में कांग्रेस को कमजोर करने में सबसे बड़ा योगदान उन्हीं का रहा है। लेकिन मैं कांग्रेस को खत्म नहीं होने दूंगा। दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यकों को जोड़कर संगठन को मजबूत करूंगा। हर कार्यकर्ता की लड़ाई लड़ूंगा। सवाल : आपने कहा कि 11 चुनाव हारे गए, क्या पार्टी ने कभी इसका संज्ञान नहीं लिया? देशराज रिछारिया : अब तक कोई खुलकर लड़ने वाला नहीं था। बड़े-बड़े मठाधीश थे, लोग डर जाते थे। मैं न डरूंगा, न झुकूंगा। संगठन की लड़ाई पूरी ताकत से लडूंगा और कांग्रेस को आगे बढ़ाऊंगा।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 6:00 am

कानपुर में बीजेपी के पदाधिकारियों का सोशल मीडिया पर इस्तीफा:गीता नगर मण्डल अध्यक्ष समेत 4 लोगों ने UGC कानून को लेकर लिया फ़ैसला

UGC कानून को लेकर कानपुर में BJP किसान मोर्चा, कानपुर महानगर उत्तर के गीतनगर मंडल अध्यक्ष, मंडल उपाध्यक्ष, मंडल महामंत्री, अभिषेक प्रताप सिंह सेंगर और बीजेपी युवा मोर्चा गीतानगर मंडल अध्यक्ष ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस्तीफा दिया गया है। पदाधिकारियों ने बताया कि छात्र हित को देखते हुए ये फैसला लिया है। पार्टी अध्यक्ष को सोशल मीडिया पर टैग किए गए पत्र में कहा कि UGC के हालिया फैसलों से देशभर के छात्र परेशान हैं। छात्रों पर पढ़ाई का दबाव बढ़ रहा है और उन्हें समान अवसर न मिलने पर असर पड़ेगा। उनका कहना है, कि इन फैसलों से छात्रों के भविष्य पर असर पड़ेगा। इस्तीफा देने वाले पदाधिकारी लेकिन छात्रों की समस्याओं को लेकर कोई ठोस समाधान सामने नहीं आ रहा है। इसी वजह से उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला लिया। पार्टी के नेता ने बताया इस्तीफा किसी व्यक्ति या पार्टी के खिलाफ नहीं है। यह फैसला उन्होंने सिर्फ छात्रों के हित और समान शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर लिया है। इस्तीफा देने वाले पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार और संगठन छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए UGC से जुड़े फैसलों पर दोबारा विचार करेंगे। अभिषेक प्रताप सिंह और सचिन सिंह तोमर ने बताया कि अभी इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है। संगठन के नेताओं के फोन जरूर आए हैं। हम लोग तैयारी कर रहे हैं की जिला अध्यक्ष से बुधवार को मुलाकात करेंगे।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 6:00 am

रेवाड़ी में गुलेल गैंग ने 9 वारदात कबूली:खरीददारों पर पुलिस की नजर, अबतक 5 सदस्य गिरफ्तार, मां-बेटा और बेटी इनामी

रेवाड़ी पुलिस ने अंतरराज्यीय गुलेल चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया था। चोरी की 24 वारदातों में पहले गिरफ्तार हो चुके गिरोह की हरियाणा और राजस्थान पुलिस को 11 मामलों में तलाश थी। पुलिस पूछताछ में गिरोह ने चोरी की 9 वारदात कबूल की हैं। पुलिस को अब गिरोह से चोरी का सामान खरीदने वाले खरीददारों की तलाश है। जिनमें से कुछ की पहचान हो चुकी है। जिनकी जल्द गिरफ्तारी हो सकती है। आरोपी काली की बहन भी चोरी के मामलों में राजस्थान पुलिस की वांटेड है। इन जगह दिया वारदातों को अंजाम गुलेल चोर गिरोह हरियाणा और राजस्थान में अब तक करीब तीन दर्जन से अधिक चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। गिरोह के सदस्य घरों और दुकानों को निशाना बनाते थे। गिरोह के सदस्यों के खिलाफ हरियाणा के हिसार, भिवानी, दादरी, झज्जर, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ तथा राजस्थान के हनुमानगढ़, अलवर और खैरथल जिलों में केस दर्ज हैं। तीनों मां-बेटा और बेटी राजस्थान पुलिस के इनामी हैं। पुलिस को रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और राजस्थान के 11 मामलों में आरोपियों की तलाश थी। महेंद्रगढ़ के पड़तल का गिरोहगिरोह की सरगना काली उर्फ संतरा बताई जा रही है। जिसने अपने बेटे और बेटी को भी शामिल किया हुआ है। काली और उसका बेटा दीपक 10-10 और बेटी पिंकी 5 हजार की इनामी है। गिरफ्तार अन्य आरोपियों में काली का पड़ोसी अरूण और भिवानी के आलमपुर निवासी नरेंद्र उर्फ डिल्लू उर्फ जोगी शामिल है। कोसली सीआईए द्वारा की गई गिरफ्तारी से पहले गिरोह के सदस्य 24 मामलों में गिरफ्तार हो चुके थे। रेकी कर देते थे वारदात को अंजामकोसली सीआईए प्रभारी योगेश ने बताया कि गिरोह चोरी की वारदात को अंजाम देने से पहले रेकी करता था। दिन में रेकी करने के बाद रात को चोरी करते थे। आरोपियों के निशाने पर घर और मंदिर रहते थे। गैंग चोरी की वारदात में सदस्यों का बदल बदलकर प्रयोग करता था। जिससे आसानी से पकड़ में न आ सके। गिरोह में अभी 7 से 10 सदस्यों के नाम आए है पुलिस पूछताछ में गिरोह के सदस्यों की संख्या बढ़ सकती है। पिता की मौत के बाद मायके आईकाली के निमराना के पिपली गांव में शादीशुदा थी। पिता की मौत के बाद काली पति को छोड़ अपनी पीहर पड़थल में आकर बस गई। जहां वह अजीत के साथ लिव इन में बच्चों सहित रह रही है। काली पड़तल गांव से ही परिवार और सदस्यों के साथ चोरी की वारदातों को अंजाम देने के लिए गुलेल गिरोह चला रही है।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 6:00 am

​गोरखनाथ मंदिर में 'बड़े मंगलवार' पर उमड़ा आस्था का सैलाब:सुबह से ही पहुंचे श्रद्धालु, चढ़ाई खिचड़ी, लिया बाबा का आशीर्वाद

गोरखनाथ मंदिर में बड़े मंगलवार को श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ देखी गई। बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के लिए भक्तों का हुजूम उमड़ा। सुबह से ही भक्त मंदिर पहुंचने लगे। दूर- दराज से आए श्रद्धालुओं ने पहले घंटों तक लाइन लगा कर अपनी बारी आने का इंतजार किया। फिर श्रद्धा भाव से बाबा को खिचड़ी चढ़ाई और उनका आशीर्वाद लिया। साथ ही मेले का आनंद लिया। बड़े मंगलवार को गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसीलिए इस दिन भक्तों की भीड़ ज्यादा लगती है। शाम तक परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लगी रही। ​आस्था की लंबी कतारें ​मंगलवार ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। जय गोरखनाथ के जयघोष के साथ भक्तों ने मुख्य मंदिर में बाबा गोरखनाथ को अपनी आस्था की खिचड़ी अर्पित की। भीड़ का आलम यह था कि मंदिर परिसर से लेकर बाहर मुख्य सड़क तक श्रद्धालुओं की लंबी लाइनें नजर आईं। शाम ढलने तक मंदिर परिसर में पैर रखने की जगह नहीं थी। ​बड़े मंगलवार की विशेष मान्यता बड़ा मंगलवार' के दिन खिचड़ी चढ़ाना और बाबा का दर्शन करना विशेष फलदायी माना जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस दिन बाबा को खिचड़ी अर्पित करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और स्वास्थ्य व समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। ​मेले में जमकर हुई खरीदारी​दर्शन-पूजन के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में लगे भव्य मेले का भी लुत्फ उठाया। बच्चों ने जहां झूलों का आनंद लिया, वहीं महिलाओं ने घरेलू सामान और हस्तशिल्प की जमकर खरीदारी की। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखा, चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती रही ताकि भक्तों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:56 am

कैमरे पर MBBS की फर्जी डिग्री वाले डॉक्टर:रजिस्ट्रेशन कैंसिल के बावजूद हॉस्पिटल खोला, ऑपरेशन के बाद महिला की मौत

केस 1 : चार साल पहले पाली पुलिस ने फर्जी डॉक्टर मोहनलाल भाटी को गिरफ्तार किया। जांच में भाटी के MBBS की डिग्री फर्जी निकली। केस 2 : दो साल पहले नानजी राम चौधरी नाम के फर्जी डॉक्टर ने ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद महिला की मौत हो गई। जांच हुई तो फर्जी डिग्री का सच सामने आया। चौंकाने वाली बात ये नहीं कि इन लोगों के पास MBBS की फर्जी डिग्री थी या इन्होंने राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन करा लिया। चौंकाने वाली बात ये है कि सच सामने आने के बावजूद ये फर्जी आज भी जिम्मेदारों की नाक के नीचे अस्पताल और क्लिनिक खोलकर मरीजों की जिंदगी से खेल रहे हैं। भास्कर रिपोर्टर ने मरीज बनकर इन्हें कैमरे पर एक्सपोज किया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… फर्जी डॉक्टर-1 : मोहनलाल भाटीभास्कर टीम को इन्वेस्टिगेशन के दौरान पता चला कि पाली के सबसे बड़े बांगड़ हॉस्पिटल के सामने मोहनलाल भाटी खुद को डॉक्टर बताकर अपना क्लिनिक चला रहा है। क्लिनिक में आने वाले ज्यादातर मरीज गांव के होते हैं। मोहनलाल ने क्लिनिक में लैब भी बना रखी है। भास्कर रिपोर्टर मरीज बनकर क्लिनिक पर पहुंचा। क्लिनिक के बाहर भाटी लैब लिखा था। क्लिनिक में जाते ही अंदर फीमेल रिसेप्शनिस्ट थी। उसने रिपोर्टर को बैठने के लिए कहा। 10 मिनट इंतजार के बाद मोहनलाल भाटी आ गया। (रिपोर्टर वहां से निकला और रिपोर्ट लेकर फिर क्लिनिक पर आ गया। रिपोर्ट देखने के बाद मोहनलाल ने अपने एक कर्मचारी के साथ रिपोर्टर को एक्सरे कराने के लिए भेजा। कुछ देर में रिपोर्टर एक्स-रे करवा कर फिर से मोहनलाल के पास पहुंचा। ) (सैंपल देने के बाद रिपोर्टर क्लिनिक से निकल गया।) अब पढ़िए मोहनलाल के फर्जी डॉक्टर बनने की कहानी ओवरएज होने के बावजूद एमबीबीएस में एडमिशनमोहनलाल की जन्म तिथि 20 जुलाई 1979 है। दस्तावेजों के अनुसार, भाटी ने साल 2012 में पटना के आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय (Aryabhatta Knowledge University - AKU) में एमबीबीएस में एडमिशन लिया था। उस समय एमबीबीएस में उम्र सीमा 17 से 25 वर्ष थी, जबकि मोहनलाल 33 साल का था। ऐसे में बड़ा सवाल है कि उसे ओवरऐज होने के बावजूद एडमिशन कैसे मिला। किसी और के नम्बर पर अपना रजिस्ट्रेशनमोहनलाल ने 20 मार्च 2019 को बिहार काउंसिल ऑफ मेडिकल में 49250 नम्बर से अपना रजिस्ट्रेशन कराया। दस्तावेजों के अनुसार, भाटी को एक दिन पहले 19 मार्च को ही आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा एमबीबीएस का प्रोविजनल सर्टिफिकेट मिला था। दूसरे ही दिन उसने बिहार काउंसिल ऑफ मेडिकल में रजिस्ट्रेशन करा लिया। भास्कर ने रजिस्ट्रेशन की पड़ताल की तो सामने आया कि 49250 नंबर से राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) में 7 जनवरी 2020 को डॉ.अंसीला K ने रजिस्ट्रेशन कराया था। डॉ. अंसीला ने पटना AIIMS से अपनी MBBS की थी। इसके अलावा मोहनलाल ने साल 2020 में राजस्थान मेडिकल काउंसिल में 48085 नम्बर पर रजिस्ट्रेशन करा रखा है। 4 साल पहले गिरफ्तार, फिर भी नहीं छोड़ा फर्जीवाड़ा अक्टूबर 2021 में पाली की कोतवाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर मोहनलाल भाटी को गिरफ्तार किया था। जेल से छूटने के बाद उसने फिर डॉक्टर बनकर मरीजों की जिंदगी से खेलना शुरू कर दिया। मामले में आरएमसी के रजिस्ट्रार डॉ. गिरधर गोपाल गोयल का कहना है कि मोहनलाल भाटी ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर 09 जून 2020 को RMC में रजिस्ट्रेशन करवाया था। चार साल पहले इसके पकड़े जाने की जानकारी नहीं है। शिकायत मिलने के बाद 10 अक्टूबर 2025 को रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया। पाली कोतवाली के तत्कालीन SHO गौतम जैन ने बताया था कि मोहनलाल को 4 अगस्त 2021 को गिरफ्तार किया था। उसके दस्तावेज फर्जी पाए गए थे। उसके बाद उसे कोर्ट में पेश कर दिया था। मामला कोर्ट में चला था। आगे क्या हुआ, इसकी जानकारी नहीं है। फर्जी डॉक्टर-2 : नानजी राम चौधरी इन्वेस्टिगेशन के दौरान जालोर जिले के रानीवाड़ा में एक और फर्जी डॉक्टर नानजी राम चौधरी का नाम सामने आया। ये भी पता चला कि नानजी राम चौधरी ने 2 साल पहले एक महिला का ऑपरेशन किया था। ऑपरेशन के बाद उस महिला की मौत हो गई। जांच हुई तो पता चला कि नानजी राम की डिग्री फर्जी है। उसने फर्जी डिग्री के आधार पर RMC से मान्यता ले ली। फिर इसी मान्यता के आधार पर रानीवाड़ा में बड़ा हॉस्पिटल खोल लिया। फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद 22 अक्टूबर 2024 को इसका रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिया था। कुछ समय तक नानजी राम गायब रहा, लेकिन अब फिर से वह रानीवाड़ा में डॉक्टर बनकर लोगों की जिंदगी से खेल रहा है। फर्जीवाड़ा सामने लाने के लिए रिपोर्टर पेट दर्द का मरीज बनकर नानजी राम चौधरी के हॉस्पिटल पहुंचा। (रिपोर्टर स्थानीय नहीं लग रहा था। ऐसे में स्टाफ को शक हो गया। काफी देर इंतजार करवाने के बाद यह कहकर वहां से भेज दिया कि डॉक्टर साहब बाहर चले गए हैं, शाम को लौटेंगे।) पिछले साल हुआ था इन फर्जी डॉक्टरों का खुलासासाल 2025 में भी कई फर्जी डॉक्टरों का खुलासा हुआ था। सच्चाई सामने आने के बाद आरएमसी ने इनके रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिए, लेकिन नेशनल मे​डिकल कमीशन (NMC) में अभी भी इनका रजिस्ट्रेशन दिख रहा है। इस खामी का ये फर्जी डॉक्टर फायदा उठा रहे हैं। अगर फर्जी डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन एक स्टेट से कैंसिल हो जाता है और एनएमसी में रिकाॅर्ड आ रहा होता है तो इसका फायदा उठाकर वह डॉक्टर दूसरे स्टेट में अपनी प्रैक्टिस के लिए रजिस्ट्रेशन करवा लेता है। केस 1 : मोहम्मद साजिद सीकर के लक्ष्मणगढ़ का रहने वाला है। दस्तावेजों के अनुसार, किर्गिजस्तान से एमडी की। फर्जी दस्तावेज पर 8/10/2012 को राजस्थान मेडिकल काउंसिल में 31790 नम्बर पर अपना रजिस्ट्रेशन करवा लिया। सालों तक लोगों का इलाज करता रहा। केस 2 : यशवंत सिंह हरियाणा के हिसार के रहने वाले यशवंत सिंह ने राजस्थान मेडिकल काउंसिल में 2/12/2021 को 54207 नम्बर से रजिस्ट्रेशन करवाया। चार साल तक राजस्थान में फर्जी डिग्री पर असली डॉक्टर बनकर लोगों का इलाज करता रहा। केस 3 : कृष्णा सोनी भोपाल की रहने वाली है। दस्तावेजों में रोमानिया से एमडी करना बताया। इसी फर्जी डिग्री के आधार पर 28/01/2013 को राजस्थान मेडिकल काउंसिल में 32198 नम्बर पर अपना रजिस्ट्रेशन करवा दिया। केस 4 : कन्जूभाई दर्जी गुजरात के वयाड का रहने वाला है। 26/10/2021 को राजस्थान मेडिकल काउंसिल में 53958 नम्बर पर अपना रजिस्ट्रेशन करवाया। चार साल तक किसी को इसके फर्जी होने का पता नहीं चला। केस 5 : मोहम्मद अफजल सवाई माधोपुर के गंगापुरसिटी का रहने वाला है। दस्तावेजों के अनुसार, कजाखस्तान से एमडी की। 9/11/2012 को फर्जी दस्तावेज पर राजस्थान मेडिकल काउंसिल में 31882 नम्बर पर रजिस्ट्रेशन करवा लिया। केस 6 : बोम्मा रेड्डी हैदराबाद का रहने वाला है। अपनी एमडी यूक्रेन से होना बताया है। इसी फर्जी डिग्री के आधार पर 13/01/2014 को राजस्थान मेडिकल काउंसिल में 33843 नम्बर से अपना रजिस्ट्रेशन करवाया। केस 7 : जयदीप सिंह सवाई माधोपुर का रहने वाला है। सोवियत संघ (USSR) से एमडी करना बताया। इसी के आधार पर 28/06/2013 को राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन करवाया। केस 8 : बलजीत कौर पंजाब के गुरदासपुर का रहने वाला है। सोवियत संघ (USSR) से एमडी करना बताया। इसी के आधार पर बलजीत ने 13/10/2014 को राजस्थान मेडिकल काउंसिल में 35430 नम्बर से रजिस्ट्रेशन करवाया था। रजिस्ट्रार बोले- एनएमसी को भेजते हैं रजिस्ट्रेशन कैंसिल का लेटर RMC के रजिस्ट्रार डॉ. गिरधर गोपाल गोयल ने बताया कि RMC द्वारा जिन डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन कैंसिल किया जाता है, RMC की साइट से उसका रिकाॅर्ड हटाया दिया जाता है। इसके साथ ही एनएमसी को भी लेटर भेज दिया जाता है। रजिस्ट्रेशन में फर्जीवाड़ा इस तरह होता हैआरएमसी रजिस्ट्रार डॉ.गिरधर गोपाल ने बताया कि काउंसिल में रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए डॉक्टर दस्तावेज जमा करवाते हैं। आरएमसी इन दस्तावेजों की जांच करता है। स्टूडेंट ने एमबीबीएस या एमडी जहां की है, उस संस्थान को सत्यापन के लिए मार्कशीट व अन्य दस्तावेजों की कॉपी पोस्ट और मेल से भेजी जाती है। कई बार मेल और पोस्ट भेजने और सत्यापन होकर वापस आने के दौरान ही दस्तावेजों में गड़बड़ी हो जाती है। इसकी भनक आरएमसी को नहीं लग पाती है। कई बार डॉक्टर दूसरे स्टेट की मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रेशन के आधार पर राजस्थान में रजिस्ट्रेशन करवाते हैं। इन डॉक्टर्स ने पहले ही उस काउंसिल में फर्जी दस्तावेज से अपना रजिस्ट्रेशन करवा दिया होता है। ऐसे में जब काउंसिल अन्य स्टेट मेडिकल काउंसिल को दस्तावेज जांच के लिए भेजती है तो वह अपना रजिस्ट्रेशन सही बता देते हैं। ---------------------- फर्जी डॉक्टर्स की यह खबर भी पढ़िए... राजस्थान में 8000 से ज्यादा डॉक्टर SOG के रडार पर:विदेश से डिग्री, फर्जी सर्टिफिकेट से प्रैक्टिस का शक, इसमें शामिल अफसरों की भी जांच होगी विदेश से MBBS की डिग्री लेकर फर्जी रजिस्ट्रेशन से राजस्थान में प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने सबसे बड़ी जांच शुरू कर दी है। दैनिक भास्कर को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, इस समय प्रदेश के 8 हजार से ज्यादा डॉक्टर एसओजी के रडार पर हैं। पढ़ें पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:53 am

गोरखपुर में पहली बार हुआ भव्य 'भजन कॉन्सर्ट':DJ बीट के साथ 'राधा-राधा' भजन पर झूमें भक्त, फूलों की होली में रंगे

गोरखपुर में पहली बार एक भव्य और दिव्य भजन कॉन्सर्ट का आयोजन किया गया। 26 जनवरी की शाम को पूरा शहर भजनों पर झूम उठा। फारेस्ट क्लब और सृजन क्रिएशंस की ओर से आयोजित 'भजन कॉन्सर्ट' में डीजे की बीट और राधे- राधे के धुन पर श्रद्धा का सैलाब उमड़ा। शहर में पहली बार हुए ऐसे आयोजन में युवाओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। इस दौरान भजन गायक गोविंद कृष्ण दास और उनकी टीम ने अपने शानदार भजन परफॉर्मेंस से सभी को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। कॉन्सर्ट में फूलों की होली का विशेष आयोजन किया गया था। जिसमें भक्तों ने जमकर एंजॉय किया और अलग अनुभव लिया। अध्यात्म और आधुनिकता का संगम इतना भव्य था कि नजारा देखने लायक था। 600 से अधिक श्रद्धालुओं ने लिया हिस्सा कार्यक्रम समन्वयक अनुराग अग्रवाल चांदवासिया ने बताया कि गोरखपुर में पहली बार इस तरह के भजन क्लब कॉन्सर्ट का आयोजन किया गया, जिसमें 600 से अधिक श्रद्धालुओं और संगीत प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस आयोजन ने शहर के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक वातावरण को नई दिशा दी। कार्यक्रम में शहर के तमाम अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें प्रमुख रूप से अमर तुलस्यान, अनूप सर्राफ, मधु सर्राफ, वैभव सर्राफ, सौमित्र सर्राफ, सुधा मोदी, गौरव लिलारिया, रोहित रामरायका, अन्नू पोद्दार, राजीव ढींगरा, श्रुति ढींगरा एवं साहिबा ढींगरा, अशोक अग्रवाल शामिल रहे। PM ने मन की बात में भजन कॉन्सर्ट और भजन क्लबिंग पर की चर्चा इस अवसर पर यह भी उल्लेख किया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में भी भजन कॉन्सर्ट और भजन क्लबिंग संस्कृति का उल्लेख किया है, जिसमें उन्होंने युवाओं के भक्ति और अध्यात्म की ओर बढ़ते रुझान की सराहना की। अनूप सर्राफ ने कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए इसे एक अनूठी पहल बताया और कहा कि ऐश्प्रा जेम्स एंड ज्वेल्स हमेशा फारेस्ट क्लब और सृजन द क्रिएशन के साथ इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजनों में सहयोग करता रहेगा। 10 सदस्यीय टीम ने मचाई धूम फारेस्ट क्लब के रक्ष ढींगरा ने बताया कि गोविंद कृष्ण दास ने अपनी 10 सदस्यीय टीम और बैंड के सहयोग से “राधा-राधा” नाम संकीर्तन को अत्यंत अनूठे और भावपूर्ण स्वरूप में प्रस्तुत किया। साथ ही आयोजन स्थल पर शुद्ध सात्विक भोजन की भी व्यवस्था की गई थी। अगले साल इससे भी भव्य आयोजन होगा-प्रीति सृजन द क्रिएशन की ओर से प्रीति चांदवासिया ने बताया कि गोरखपुर के इतिहास में पहली बार इस स्तर का भजन कॉन्सर्ट आयोजित किया गया है और आने वाले वर्षों में इसे और भी भव्य रूप प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम में इस्कॉन का भी विशेष सहयोग रहा, जिनके द्वारा उपस्थित अतिथियों को चंदन का टीका लगाया गया और आध्यात्मिक पुस्तकें वितरित की गईं।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:46 am

कैथल में एसडीएम को झुनझुना देने के प्रयास का मामला:एसडीएम की शिकायत को माना असंज्ञेय अपराध, पुलिस ने कोर्ट से मांगी जांच अनुमति

कैथल में गुहला से कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस द्वारा एसडीएम को झुनझुना देने का प्रयास करने के मामले में नया मोड़ आया है। पुलिस ने एसडीएम द्वारा एसपी व जिला प्रशासन को दी गई शिकायत को असंज्ञेय अपराध माना है। अर्थात इसे संगीन अपराध नहीं माना है। ऐसे में फिलहाल विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकेगी। जांच के बाद ही तय होगा, एफआईआर की जाए या नहीं इसके लिए अब पुलिस की ओर से शिकायत की रोजनामचा में एंट्री करके न्यायपालिका से आगामी कार्रवाई के लिए अनुमति मांगी गई है। उसके बाद मामले की जांच के दौरान जो तथ्य सामने आएंगे, उन्हीं के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। मामले में एफआईआर दर्ज होगी या नहीं यह अनुमति मिलने और उसकी जांच के बाद ही तय हो पाएगा। संगीन अपराध नहीं माना इस संबंध में डीएसपी गुहला कुलदीप बेनीवाल ने बताया कि इस मामले में एसडीएम कैप्टन परमेश सिंह की ओर से विधायक के खिलाफ पुलिस को जो शिकायत दी गई है, वह असंज्ञेय अपराध की श्रेणी में आती है। इसे संगीन अपराध नहीं माना जा सकता। ऐसे में अब पुलिस की ओर से शिकायत की रोजनामचा में एंट्री करके न्यायपालिका से आगामी कार्रवाई के लिए अनुमति मांगी गई है। मामले में एफआईआर दर्ज होगी या नहीं यह उसके बाद ही तय हो पाएगा। पुलिस मामले की लगातार जांच में जुटी हुई है। ये है मामला बता दें कि चीका के बीडीपीओ कार्यालय में दुकानों की लंबाई 12 से बढ़ाकर 25 फीट तक कर दी गई। इस संबंध में क्षेत्र के कुछ लोगों ने प्रशासन को शिकायत दी और विधायक के संज्ञान में भी मामला लाया गया। विधायक ने अधिकारियों को जांच के आदेश दिए। अधिकारियों द्वारा जांच के बाद विधायक को सूचना दी गई। इसके बाद विधायक बीडीपीओ कार्यालय में पहुंचे और एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विधायक को झुनझुना देने का प्रयास किया गया। अब इस मामले में एसडीएम द्वारा विधायक के खिलाफ शिकायत दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:45 am

गणतंत्र दिवस पर गवेषणा एवं कल्‍पधाम ग्रुप ने किया ध्वज वंदन

सागर| गणतंत्र दिवस पर गवेषणा मानवोत्‍थान पर्यावरण तथा स्‍वास्‍थ्‍य जागरूकता समिति एवं कल्पधाम ग्रुप की सभी संस्थाओं का संयुक्त ध्‍वज वंदन कार्यक्रम गवेषणा कार्यालय परिसर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्‍था अध्‍यक्ष मनोहर चौरसिया द्वारा राष्‍ट्रीय ध्‍वज फहराकर किया गया। इस अवसर पर डॉ. श्याम मनोहर सिरोठिया ने भारत में गणतंत्र के विकास, स्वतंत्रता आंदोलन तथा राष्ट्रीय एकता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान देश की एकता और अखंडता का आधार है। कार्यक्रम में सारांश गौतम ने भारतीय संविधान में निहित जीवन मूल्यों, अधिकारों एवं कर्तव्यों पर अपने विचार व्यक्त किए और संविधान के महत्व को रेखांकित किया। इसके बाद जिज्ञासा लाइब्रेरी की छात्राओं कीर्ति कुर्मी एवं दीप्ति पटेल द्वारा राष्ट्रीयता की भावना से ओत-प्रोत गीत एवं कविताओं की सुंदर प्रस्तुति दी गई।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:40 am

मायरा फिल्म की शूटिंग के दौरान गाली- गलौज

भास्कर संवाददाता | सागर मायरा फिल्म की शूटिंग के दौरान सहयोगी स्टाफ से मारपीट का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार ताहिर हुसैन ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वह अपने दोस्त विक्रम सिंह निवासी लक्ष्मीपुरा वार्ड के साथ 26 जनवरी को करीब 1 बजे मायरा फिल्म की शूटिंग मंगलगिरी केंटीन के पास कर रहे थे। इसी दौरान अक्कू ऊर्फ अकरम खान और असलम खान निवासी शुक्रवारी टौरी आए और गाड़ी के किराया के लेनदेन पर मुझे गालियां देने लगे। मौके पर धनंजय और शिरीष व यूनिट के लोगों ने बीच-बचाव किया।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:40 am

शाहगढ़ पटवारी निलंबित, प्रभारी तहसीलदार को नोटिस

भास्कर संवाददाता | सागर शासकीय कार्यों में लापरवाही और वरिष्ठ कार्यालय के आदेशों की अवहेलना करने पर पटवारी को निलंबित कर दिया है। तहसीलदार को नोटिस दिया है। शाहगढ़ निवासी आवेदक संदीप कुमार जैन की कृषि भूमि (खसरा नंबर 146/1/2) पर अवैध कब्जे के मामले में 12 जुलाई 2024 को आवेदक के पक्ष में सीमांकन और कब्जा दिलाने का आदेश पारित किया गया था। इसकी पुष्टि 22 जुलाई 2025 को अपील के निर्णय में भी हुई थी। इसके बावजूद मैदानी अमले द्वारा आवेदक को भूमि पर कब्जा नहीं दिलाया गया। कलेक्टर ने पटवारी मोहन सिंह गौड़ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय केसली रहेगा। इसी मामले में लापरवाही करने पर प्रभारी तहसीलदार शाहगढ़ ज्ञानचंद राय को भी कारण बताओ नोटिस दिया है। उन्हें 3 फरवरी तक उपस्थित होकर जवाब देना है।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:40 am

एलिवेटेड कॉरिडोर की रैलिंग उखड़ी

सागर| शहर के सबसे व्यस्ततम मार्ग दीनदयाल तिराहे से चकराघाट के बीच बने नवनिर्मित एलिवेटेड कॉरिडोर पर रविवार-सोमवार की दरम्यानी रात एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। किसी अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने कॉरिडोर की सुरक्षा रैलिंग को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे रैलिंग का एक बड़ा हिस्सा टूटकर क्षतिग्रस्त हो गया। आशंका जताई जा रही है कि कोई भारी वाहन सीधे रैलिंग से जा भिड़ा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि लोहे के मोटे पाइप मुड़ गए और कांक्रीट का हिस्सा भी चटक गया। गनीमत रही कि उस समय कॉरिडोर पर अन्य वाहन या पैदल यात्री मौजूद नहीं थे।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:39 am

उज्जैन बना अहमदाबाद के बाद देश में आईएसओ प्रमाण पत्र वाला दूसरा जिला

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय उज्जैन ने प्रशासनिक उत्कृष्टता की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए आईएसओ प्रमाण पत्र प्राप्त किया है। यह सम्मान पूरे देश में अहमदाबाद के बाद उज्जैन जिला शिक्षा कार्यालय को प्राप्त हुआ है। यह सम्‍मान प्राप्‍त करने वाला उज्जैन देश का दूसरा जिला है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा कार्यालयीन व्यवस्था को पूर्णतः सुव्यवस्थित, आधुनिक एवं नागरिक हितैषी बनाए जाने के लिए व्यापक स्तर पर सुधार किए गए। कार्यालय के प्रत्येक कक्ष को सुसज्जित कर नामकरण किया गया। अभिलेखों का वैज्ञानिक पद्धति से संधारण किया और पुराने रिकॉर्ड को भंडार कक्ष में व्यवस्थित रूप से संरक्षित किया गया। इसके साथ ही कार्यालय में सभाकक्ष, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) कक्ष और आईटी सेल का निर्माण किया गया। कार्यालय तक आने वाले पहुंच मार्ग पर पौधारोपण कर परिसर को हरित एवं सुंदर बनाया है। स्वच्छता के विशेष मानकों के अंतर्गत शौचालयों को स्वच्छ एवं उपयोगकर्ता अनुकूल बनाया है। पानी की व्यवस्था, सफाई एवं पेयजल के लिए आरओ प्रणाली की स्थापना की गई। सुधारात्मक व नवाचारात्मक कार्यों के परिणामस्वरूप जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को आईएसओ प्रमाण पत्र दिया। यह प्रमाण पत्र मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ‌द्वारा सांदीपनि वि‌द्यालय, महाराजवाड़ा क्रमांक-3 में भ्रमण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी को प्रदान किया गया। प्रमाण पत्र देते हुए मुख्यमंत्री।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:39 am

भू-अधिग्रहण विवाद:इंदौर जिले के ग्राम चित्तौड़ा में हुई 28 गांव के प्रभावित किसानों की मीटिंग में लिया निर्णय

उज्जैन को इंदौर और जावरा से जोड़ने के लिए बनाए गए करीब 7 हजार करोड़ की दो ग्रीन फील्ड सड़कों का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों सड़कों से प्रभावित उज्जैन, इंदौर और रतलाम जिले के 90 गांव के किसानों ने अब बड़े आंदोलन की तैयार कर ली। सभी 25 फरवरी से उज्जैन में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने की योजना बना ली है। आंदोलन को लेकर सोमवार शाम को उज्जैन-इंदौर ग्रीन फील्ड प्रभावित 28 गांवों के किसानों की इंदौर जिले के ग्राम चित्तौड़ा में बैठक हुई। इसमें किसानों ने आरपार की लड़ाई की योजना बना ली। उज्जैन और इंदौर जिले की किसानों की इस संयुक्त मीटिंग में आगामी 25 फरवरी से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। प्रदर्शन उज्जैन कलेक्टोरेट परिसर में होगा। बैठक में निर्णय लिया कि आरपार की इस लड़ाई में उज्जैन-इंदौर ग्रीन फील्ड रोड के 28 गांवों के साथ ही उज्जैन-जावरा रोड प्रभावित 62 गांव के किसानों ने भी शामिल होने की सहमति दे दी है। यानी उज्जैन जिले के किसानों के साथ इस आंदोलन में उक्त दोनों ग्रीन फील्ड सड़कों से प्रभावित इंदौर व रतलाम जिले के गांव के किसान भी शामिल होंगे। उज्जैन के 56 गांव प्रभावित शहर को इंदौर और जावरा से जोड़ने के लिए दो ग्रीन फील्ड ए​क्सिस कंट्रोल रोड बनाए जाना है। जिले को इंदौर से जोड़ने वाले ग्रीन फील्ड से उज्जैन के 7 और इंदौर जिले के 21 गांव प्रभावित होंगे। वहीं उज्जैन-जावरा ग्रीन फील्ड से उज्जैन के 49 और रतलाम जिले के 13 गांव प्रभावित हो रहे हैं। दोनों हाई-वे में कुल 56 गांव प्रभावित होंगे। भाव ऊंचा, सड़क नीचे पर अड़े चांदमुख निवासी नरेंद्र आंजना और हासामपुरा निवासी राजेश सोलंकी ने बताया प्रभावित किसानों की सिर्फ दो ही मांगें हैं। जमीन का भाव (मुआवजा) ऊंचा और हाई-वे नीचा हो। आगामी 25 फरवरी को उज्जैन कलेक्टोरेट के पास सभी प्रभावित किसान संयुक्त रूप से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। विरोध इसलिए : 15 फीट ऊपर से निकाल रहे हाइवे दोनों ग्रीन फील्ड सड़कों को जमीन से करीब 15 फीट ऊंचाई से निकाली जाना है। दोनों ही ग्रीन फील्ड हाई-वे से बीच में आने वाले प्रभावित गांवों की कनेक्टिविटी भी नहीं रहेगी। वहीं ज्यादा हाइट वाली सड़क बनाने से किसानों को खेती के लिए एक तरफ से दूसरी तरफ वाली जमीन पर खेती करने में भी दिक्कतें आएंगी। पानी भराव का खतरा भी बढ़ेगा। इधर, पिछले 2-4 सालों में जमीनों के दाम 2 से 3 करोड़ रुपए बीघा हो गए, लेकिन अधिग्रहण में उन्हें मुआवजा 10-15 लाख रुपए ही दिया जा रहा है।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:38 am

जोधपुर में जीजा की नाक काटने वाला गिरफ्तार:पत्नी की दूसरी शादी से था नाराज, घटना के बाद कार में बैठकर बनाया था वीडियो

जोधपुर में पत्नी की दूसरी शादी से नाराज युवक ने रविवार को अपने साले की नाक काट दी और अपने साथ ले गया था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सहीराम, सोहनलाल, दिनेश, रमेश व हडमान. को गिरफ्तार किया गया। ये है मामला अशोक पुत्र घेवरराम निवासी हनुमाननगर फीच ने एम्स अस्पताल जोधपुर मे अपने पर्चा बयानों मे बताया- धुन्धाडा रोड फीच मे मेरी टी होटल है। रविवार आज शाम करीब पांच बजे में अपनी चाय की होटल पर था तभी श्रवण पुत्र हडमानराम निवासी हमीरनगर, हडमान, दिनेश पुत्र हडमानराम, गोविन्द पुत्र हडमानराम, भागीरथ पुत्र मांगीलाल, सोहनलाल पुत्र किशनाराम, सुरेश पुत्र घेवरराम, सहीराम पुत्र सुखाराम तथा एक पोकरराम का लडका जो सफेद कैम्पर बिना नम्बरी में सवार होकर मेरी दुकान पर आये। इन सभी लोगो ने मेरी चाय की वहां पर आते ही मेरे पर हमला कर दिया। अशोक ने बताया-इन लोगो को देखते ही मैने अपनी होटल का शटर नीचे कर बंद करने का प्रयास किया लेकिन शटर बंद करने से पहले ही ये लोग मेरी होटल मे अन्दर घुस गये तथा मेरे साथ मारपीट शुरू कर दी। सोहनलाल पुत्र किशनाराम ने धारदार छोटे चाकू से मेरे सीने पर बैठकर पहले मेरा नाक काटा जिसके बाद मेरे दाहिने कान को काटने का प्रयास किया जिसके बाद उन लोगो ने मुझे कैम्पर मे डालकर ले जाने लगे तो मैं फिर से हिम्मत करके उनसे छुटा तथा नीचे उतरकर होटल से कच्चे रास्ते से घर भागने लगा जिसके बाद वह लोग कैम्पर मे सवार होकर धुन्धाडा की तरफ भाग गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरन्त कार्यवाही करते हुए थाना स्तर पर अलग-अलग टीमें बनाकर व गोपनीय जानकारी जुटाकर आरोपियों को गिरफ्तार किए हैं। इनको किया गिरफ्तार (1) सहीराम पुत्र सुखाराम निवासी गोलिया मगरा सतलाना पुलिस थाना लूणी जिला जोधपुर। (2) सोहनलाल पुत्र किशनाराम विश्नोई उम्र 35 साल निवासी हम्मीरनगर पुलिस थाना लूणी जोधपुर। ( 03) दिनेश पुत्र हडमानराम विश्नोई उम्र 29 साल निवासी हम्मीरनगर पुलिस थाना लूणी जोधपुर। (04) रमेश पुत्र पोकरराम विश्नोई उम्र 31 साल निवासी हम्मीरनगर पुलिस थाना लूणी जोधपुर। ( 05) हडमान पुत्र खीयाराम विश्नोई निवासी हम्मीरनगर फीच पुलिस थाना लूणी जोधपुर।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:37 am

मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ:भारत-ईयू डील- शराब, कारें सस्ती; ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाड़े ने बाहर निकाला; चांदी ₹26,859 महंगी

नमस्कार, कल की बड़ी खबर भारत-यूरोपियन यूनियन में ट्रेड डील को लेकर रही। ये डील 18 साल बाद हुई। वहीं, दूसरी बड़ी खबर ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाड़े से बाहर किए जाने को लेकर है। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. भारत-यूरोपियन यूनियन में 18 साल बाद ट्रेड डील: इम्पोर्टेड लग्जरी कारों, प्रीमियम शराब सस्ती होंगी भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) के बीच 18 साल की लंबी बातचीत के बाद मंगलवार को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) हो गया है। इस समझौते को 2027 में लागू किए जाने की संभावना है। भारत में प्रीमियम कारें और शराब सस्ती होंगी: भारत में यूरोपीय कारें जैसे कि BMW, मर्सिडीज पर लगने वाले टैक्स को 110% से घटाकर 10% कर दिया जाएगा। इसके अलावा भारत में यूरोप से आने वाली शराब और वाइन पर टैक्स कम हो सकता है। यूरोपीय देशों की शराब पर अभी 150% टैरिफ लगता है। इसे घटाकर 20–30% किया जाएगा। भारत-ईयू की साझेदारी क्यों अहम: भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जबकि EU दूसरी सबसे बड़ी। दोनों मिलकर वैश्विक GDP का करीब 25% और दुनिया के कुल व्यापार का लगभग एक-तिहाई हिस्सा रखते हैं। पूरी खबर पढ़ें... 2. अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ बयान देने पर ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाड़ा ने बाहर निकाला महामंडलेश्वर ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाड़ा से बाहर निकाल दिया गया है। दरअसल 25 जनवरी को ममता ने अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर कहा था कि 10 में से 9 महामंडलेश्वर और तथाकथित शंकराचार्य झूठे हैं और उन्हें शून्य ज्ञान है। इस्तीफा देने वाले यूपी अफसर सस्पेंड: उधर अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान में इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को शासन ने सस्पेंड कर दिया। उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। हालांकि, अब तक इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ। माना जा रहा कि जांच पूरी होने के बाद ही सरकार इस्तीफा स्वीकार करेगी। योगी के समर्थन में भी एक अफसर का इस्तीफा: अयोध्या में GST के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने योगी के समर्थन में इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद ने सीएम के लिए जो अपशब्द बोले, उससे वे आहत हैं। अब और अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकते। पूरी खबर पढ़ें... 3. देशभर में UGC का विरोध, यूपी में भाजपा नेता ने सवर्ण सांसद-विधायकों को चूड़ियां भेजीं देशभर के साथ ही यूपी में UGC के नए नियमों के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। लखनऊ, वाराणसी समेत कई शहरों में सवर्ण समाज के लोग और छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा दिया। इसके बाद 5 से ज्यादा भाजपा नेताओं ने भी इस्तीफा दे दिया। वाराणसी में प्रदर्शनकारियों ने ADCP की गाड़ी रोक दी। “हमारी भूल, कमल का फूल” जैसे नारे लगाए। इस दौरान उनकी पुलिस से झड़प हुई। BHU में विरोध कर रहे छात्रों ने कहा- क्या अब जाति देखकर मित्र बनाएं? रायबरेली में भाजपा किसान नेता रमेश बहादुर सिंह और गौरक्षा दल के अध्यक्ष महेंद्र पांडेय ने सवर्ण सांसदों को चूड़ियां भेजीं। पूरी खबर पढ़ें... 4. उमा भारती बोलीं- शंकराचार्य से सबूत मांगकर प्रशासन ने मर्यादा तोड़ी, अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- योगी को भी बताएं शंकराचार्य और माघ मेला प्रशासन के बीच विवाद सरकार के लिए मुसीबत बन गया है। BJP की फायरब्रांड नेता उमा भारती ने अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य से सबूत मांगकर प्रशासन ने मर्यादा तोड़ी। इस पर अविमुक्तेश्वरानंद ने जवाब दिया- ये बात योगी को भी बता दें। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर केस के मुख्य याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी बाबा ने सीएम योगी को खून से लेटर लिखा। उन्होंने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद को सम्मान के साथ गंगा स्नान कराने की व्यवस्था की जाए। अफसरों को माफी मांगने के लिए आदेश दिए जाएं। पूरी खबर पढ़ें... 5. चांदी एक दिन में ₹26,859 महंगी हुई, पहली बार ₹3.44 लाख/kg पहुंची चांदी एक दिन में ₹26,859 महंगी हो गई है। यह पहली बार ₹3.44 लाख/kg पहुंची। इस साल अब तक सिर्फ 27 दिनों में ही ये 1.14 लाख रुपए महंगी हो चुकी है। सोना ₹5 हजार महंगा: वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 4,591 रुपए बढ़कर 1,58,901 रुपए पर पहुंच गया है। सुबह इसका दाम 1,59,027 रुपए पर था। इससे पहले सोने का भाव 23 जनवरी को 1,54,310 रुपए/10g था। चांदी में तेजी की 3 वजहें... पूरी खबर पढ़ें... 6. अरिजीत सिंह बोले- अब प्लेबैक सिंगिंग नहीं करूंगा: इंस्टाग्राम में लिखा- आगे सीखते रहेंगे बॉलीवुड सिंगर अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने का ऐलान कर दिया। उन्होंने इंस्टाग्राम पोस्ट पर यह जानकारी दी। अरिजीत ने लिखा- हैलो, सबको नया साल मुबारक, इतने सालों तक प्यार देने के लिए धन्यवाद। मैं खुशी से बताना चाहता हूं कि अब प्लेबैक वोकलिस्ट के तौर पर कोई नए असाइनमेंट्स नहीं लूंगा। इसे यहीं खत्म कर रहा हूं। ये सफर शानदार रहा। भगवान ने बहुत दया की। आशिकी 2’ में मिला बड़ा मौका: 2013 में आई फिल्म ‘आशिकी 2’ का गाना “तुम ही हो” अरिजीत सिंह के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इसके बाद उन्होंने 'चाहूं मैं या ना', 'रब्ता', 'अगर तुम साथ हो', 'गेरुआ' और 'ऐ दिल है मुश्किल' जैसे सुपरहिट गाने गाए। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... ग्रीस में वैज्ञानिकों को मिली 4 लाख साल पुरानी लकड़ी ग्रीस में वैज्ञानिकों ने करीब 4 लाख पुराना एक लकड़ी का औजार ढूंढा. जिसकी लंबाई करीब 80 सेंटीमीटर है. इसका इस्तेमाल कीचड़ खोदने में किया जाता था. आमतौर पर लकड़ी इतने सालों में सड़ जाती है. लेकिन जिस इलाके में ये औजार मिला, वहां कभी झील हुआ करती थी. फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर: पेंग्विन झुंड छोड़ अकेले बर्फीले पहाड़ की तरफ क्यों गया, क्या ये सुसाइड की कोशिश थी; वायरल 'डेथ वॉक' की असली कहानी 2. भास्कर एक्सप्लेनर- क्या भारत ने ट्रम्प के टैरिफ की काट निकाल ली: यूरोपियन यूनियन के साथ ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ हुई; इससे आप पर कितना असर 3. बॉलीवुड क्राइम फाइल्स- एक्ट्रेस के घर से लापता हुए कास्टिंग डायरेक्टर नीरज ग्रोवर: हत्या कर 300 टुकड़े किए, कातिलों ने लाश के सामने बनाए शारीरिक संबंध 4. 6 महीने बाद भी पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ ‘बेघर’: अफसर बोले- बंगला रेनोवेट करा रहे, मंत्री ने कहा- अभी बंगला अलॉट नहीं, वे पसंद तो करें 5. RO वाटर से बन रहा दुनिया का सबसे ऊंचा मंदिर: विराट रामायण मंदिर में दुनिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग, कंबोडिया के विरोध से बदला नक्शा 6. फिजिकल हेल्थ- रोज एक ही समय पर सोएं–जागें: अनियमित नींद से बढ़ता है 172 बीमारियों का रिस्क, नींद पर अब तक की सबसे बड़ी स्टडी करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज कर्क राशि वालों को रुका पैसा मिल सकता है। बिजनेस के लिहाज से भी अनुकूल दिन है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:35 am

सुबह-शाम गिरा मावठा, 8 किलोमीटर की रफ्तार से चली सर्द हवा ने ठिठुराया

पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम पूरी तरह बदल गया है। मंगलवार को बादल छाने के साथ ही कई इलाकों में मावठा गिरा। मौसम विभाग ने बुधवार को भी उज्जैन सहित जिले में कहीं-कहीं बूंदाबांदी का पूर्वानुमान लगाया है। शहर में सोमवार से ही मौसम बदलने लगा था। मंगलवार सुबह बादल गरजने के साथ कई इलाकों में बूंदाबांदी शुरू हो गई। इस दौरान मंगलनाथ, पीपलीनाका, इंदिरानगर सहित आगर रोड से लगे क्षेत्रों में मावठा गिरा। एक घंटे तक बूंदाबांदी और हल्की बारिश का दौर चलता रहा। फ्रीगंज, देवास रोड और इंदौर रोड से जुड़े क्षेत्रों में केवल बूंदाबांदी ही हुई। दिन में 2 से 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सर्द हवा चलती रही। दिन के तापमान में आधा डिग्री सेल्सियस की कमी आई। मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। सोमवार-मंगलवार की रात न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहा। ओले और बारिश से फसल खराब होने की आशंका मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय हुई ओलावृष्टि और बारिश का असर रबी फसलों, विशेषकर गेहूं, चना और सरसों पर पड़ सकता है। खेतों में पानी भरने और ओलों की मार से फसल झुकने या खराब होने की आशंका जताई जा रही है। यदि मौसम का यही मिजाज बना रहा तो आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज हो सकती है। फिलहाल किसान और आमजन दोनों की नजरें आसमान पर टिकी हैं। आगे मौसम राहत देगा या और परेशानी बढ़ाएगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। अब आगे: दो दिन बाद फिर बढ़ेगी सर्दी मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल ने बुधवार को उज्जैन सहित जिले में कहीं-कहीं बूंदाबांदी और हल्की बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया है। शासकीय जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक डॉ. आरपी गुप्त ने बताया पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में यह बदलाव आया है। इसे अरब सागर से नमी भी मिल रही है। यह स्थिति एक-दो दिन बनी रहने की संभावना है। इसके बाद बादल छंटते ही फिर से सर्दी बढ़ने की स्थिति बनेगी।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:35 am

अखिलेश ट्वीट-ट्वीट में बिजी, इकरा कर रहीं बैटिंग:कमिश्नर को चुनावी कीड़े ने काटा, हिस्ट्रीशीटर सांसद के पैरों पर गिरे दरोगाजी

ऊपर Video पर क्लिक करें और देखें... आज यूपी की राजनीति और सरकारी विभागों की कौन सी बात खरी है....

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:34 am

UGC के नए नियम पर पति से बगावत की, VIDEO:यूपी में लोगों ने अपने कपड़े फाड़े, सवर्ण सांसदों को चूड़ियां भेजीं

यूपी में UGC के नए नियमों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन हो रहा। शहर-दर-शहर लोग सड़कों पर उतरे। लखनऊ में करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने कपड़े फाड़कर सड़क पर प्रदर्शन किया। कानपुर और बांदा लोगों ने खून से प्रधानमंत्री को पत्र लिखा। सवर्ण सांसदों को चूड़ियां भेजी गईं। VIDEO में मंगलवार को दिन भर कहां-क्या हुआ...

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:34 am

1 करोड़ दो, एमपी में कहीं भी अस्पताल खुलवा दूंगा:खुद को 17 अस्पतालों का संचालक बताने वाला बोला- 20 लाख में आयुष्मान में रजिस्ट्रेशन

एमपी में केंद्र की महत्वाकांक्षी आयुष्मान योजना मेडिकल माफिया के कब्जे में है। एक शख्स के नाम पर कई अस्पतालों का संचालन हो रहा है। योजना में अस्पताल का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए प्राइवेट अस्पताल डॉक्टरों को किराए पर रखते हैं। कई निजी अस्पताल ऐसे चल रहे हैं, जहां डॉक्टर केवल कागजों और सरकारी पोर्टल पर मौजूद हैं। यह पूरा खेल कागजों, ऑनलाइन सिस्टम और सरकारी मशीनरी की मिलीभगत से चल रहा है। दैनिक भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम जब इस पूरे मामले की तह तक पहुंचीं, तो खुलासा हुआ कि 10 से 30 बेड का अस्पताल खोलना अब चुटकियों का काम है। हमें ऐसा शख्स मिला जिसने दावा किया कि वह अब तक 17 अस्पताल खुलवा चुका है। उसने ये भी कहा कि वह इन अस्पतालों में पार्टनर है। इस शख्स ने दावा किया कि वह 1 करोड़ में अस्पताल खोल देगा और 20 लाख में अस्पताल आयुष्मान स्कीम में रजिस्टर्ड हो जाएगा। इन पूरे खेल को समझने के लिए भास्कर रिपोर्टर कभी मरीज, कभी फाइनेंसर और कभी एजेंट बनकर अस्पतालों और सरकारी दफ्तरों तक पहुंचा। पढ़िए भास्कर के एक महीने के इन्वेस्टिगेशन का पार्ट-1 भास्कर इन्वेस्टिगेशन की 4 वजह 1.अस्पताल में नाम का दुरुपयोग: एक प्राइवेट अस्पताल की पैथोलॉजिस्ट डॉ. निधि राठौर ने 11 नवंबर 2025 को भोपाल के निशातपुरा थाने और आयुष्मान विभाग को एक शिकायत की थी। जिसमें उन्होंने लिखा था कि उनका नाम करोंद के सृष्टि अस्पताल के डॉक्टरों की लिस्ट में दर्ज है। वह कभी इस अस्पताल में काम करने नहीं गईं। अस्पताल उनके नाम का दुरुपयोग कर रहा है। 2. फर्जी हस्ताक्षर और सरकारी आदेशों का उल्लंघन: एमडी पैथोलॉजी डॉ. सुशील कुमार शर्मा का नाम दो अस्पतालों में दर्ज है। पहला सृष्टि अस्पताल और दूसरा सिटी पैथ लैब। डॉ. शर्मा की दोनों जगह की रिपोर्ट्स पर हस्ताक्षर अलग-अलग हैं। डॉ. शर्मा से भास्कर ने पूछा तो बोले- सृष्टि हॉस्पिटल की रिपोर्ट पर जो साइन हैं, वे मेरे नहीं हैं। 3. एक मरीज के नाम से दो सरकारी योजनाओं को चूना: 10 नवंबर 2025 को विदिशा की ललिता राजपूत ने कलेक्टर को शिकायत दी कि सृष्टि हॉस्पिटल ने आयुष्मान योजना और मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान, दोनों से इलाज के नाम पर 35-35 हजार रुपए निकाल लिए। जांच के बाद अस्पताल ने 35 हजार रुपए वापस जमा किए। 4. एक ही दिन, दो अलग मेडिकल रिपोर्ट: मरीज राशिद खान की एक ही दिन भोपाल इमेजिंग सेंटर से दो रिपोर्ट बनीं। पहली रिपोर्ट में लिखा कि कोई तकलीफ नहीं। वहीं दूसरी रिपोर्ट में ब्रेन में इंटरनल ब्लीडिंग बताई। दूसरी रिपोर्ट के आधार पर आयुष्मान योजना से भुगतान निकाला गया। भास्कर ने कैसे किया इन्वेस्टिगेशनइस इनपुट के आधार पर भास्कर ने अपने इन्वेस्टिगेशन को 4 पार्ट में डिवाइड किया… अब सिलसिलेवार जानिए.... पार्ट-1: जब रिपोर्टर मरीज बनकर अस्पतालों में पहुंचाहमारी टीम ने सबसे पहले राजधानी भोपाल के उन अस्पतालों की जमीनी हकीकत देखी, जिनके बारे में हमें गड़बड़ी के इनपुट मिले थे। यहां जो हकीकत सामने आई, वह रिकॉर्ड से बिल्कुल अलग थी। जब भास्कर रिपोर्टर मरीज बनकर ग्रीन सिटी अस्पताल पहुंचा, तो एक केबिन के बाहर मरीजों की कतार लगी थी। नंबर आने पर हमें डॉक्टर ताहिर के पास ले जाया गया। डॉ. ताहिर: क्या तकलीफ है? रिपोर्टर: पिछले 3 दिनों से पेट में दर्द है और कभी-कभी सीने में भी दर्द होने लगता है। डॉ. ताहिर: आपको सोनोग्राफी लिखकर दे देता हूं, रिपोर्ट लाकर दिखाइएगा। रिपोर्टर: आयुष्मान कार्ड लग जाएगा? ताहिर: पहले जांच रिपोर्ट दिखाए, उसमें कुछ आता है तो हो जाएगा। डॉ. ताहिर बोले- मैं तो मैनेजमेंट संभालता हूंपड़ताल में पता चला कि डॉ. ताहिर एक आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं, लेकिन वे मरीजों का एलोपैथिक इलाज कर रहे थे। हैरानी की बात यह है कि अस्पताल की ऑफिशियल वेबसाइट पर जिन डॉक्टरों के नाम दिए गए हैं, उनमें ताहिर का नाम कहीं नहीं था। भास्कर को सूचना के अधिकार के तहत ग्रीन सिटी अस्पताल की पार्टनरशिप डीड मिली जिसमें डॉ. ताहिर का नाम पार्टनर के तौर पर दर्ज है। डॉ. ताहिर ने भी भास्कर से बातचीत में कहा कि उनके पास बीएएमस की डिग्री है, लेकिन वह मरीजों का इलाज नहीं करते, बल्कि मैनेजमेंट संभालते हैं। यहां रिपोर्टर मरीज बनकर पहुंचा और आयुष्मान पोर्टल पर परमानेंट स्टाफ के तौर पर दर्ज डॉ. देवेंद्र धाकड़ के बारे में पूछा। रिसेप्शनिस्ट: डॉक्टर साहब आज नहीं आते, वो विजिटिंग पर हैं। आप जवाहर चौक पर उनके क्लिनिक चले जाइए। यह जवाब चौंकाने वाला था, क्योंकि आयुष्मान पोर्टल के नियमों के अनुसार, सूचीबद्ध डॉक्टर को अस्पताल में स्थायी रूप से उपलब्ध होना चाहिए। इस अस्पताल में भी हमने डॉ. देवेंद्र धाकड़ और डॉ. भारंग के बारे में पूछा। रिसेप्शन पर बैठे युवक ने यहां भी उनके न होने की बात कही। रिपोर्टर: तो जो डॉक्टर मौजूद हैं, उनसे मिला दीजिए। युवक: आप मरीज ले आइए, हम इन डॉक्टरों को बुला लेंगे। जब हमने मरीज लाने के बदले फायदे की बात छेड़ी, तो उसने तुरंत कमीशन का लालच दिया। उसने बताया, एक पेशेंट के आयुष्मान में कोड डालने पर आपको 1500 से 2000 रुपए मिल जाएंगे। पार्ट-2: रिपोर्टर एजेंट बनकर पहुंचा और हुआ सौदाअस्पतालों में डॉक्टरों की गैरमौजूदगी और कमीशन के खेल को और गहराई से समझने के लिए हमारी टीम एजेंट बनकर भोपाल के करोंद रोड स्थित सूर्यांश अस्पताल पहुंची। पहले दिन हमें बताया गया कि डॉ. भारंग और डॉ. देवेंद्र धाकड़ आज नहीं आए हैं। अगले दिन जब हम दोबारा पहुंचे, तो रिसेप्शन पर बैठे युवक ने हमें पहचान लिया। वह दौड़कर अंदर गया और एक अधेड़ व्यक्ति को बुलाकर लाया। यह वही व्यक्ति था जिससे हमारी एक दिन पहले भी मुलाकात हुई थी। वह हमें एक केबिन में ले गया और दरवाजा बंद कर दिया। खुद को डॉक्टर बताने वाले एजाज खान ने सीधे मुद्दे की बात की। एजाज खान: आपका पेशेंट आने वाला था, क्या हुआ? रिपोर्टर: पेशेंट तो आ जाएगा, लेकिन मेरा हिस्सा क्या होगा? एजाज खान: प्रति पेशेंट आपको 1 हजार रुपए देंगे। आपको सिर्फ वॉट्सऐप पर उसका आयुष्मान कार्ड भेजना है। हमारा काम साफ-सुथरा है। हम आपको बोलेंगे, चलिए चाय पीते हैं और आपका काम हो जाएगा। अगर किसी को सिर्फ सोनोग्राफी करवानी है, तो भी आयुष्मान से हो जाएगी। हम उसे 5 दिन भर्ती रखेंगे, उसका काम हो जाएगा और हम बिल लगा देंगे। कुछ महिलाएं हैं जो हमारे लिए पेशेंट लाने का काम करती हैं। तभी एक महिला केबिन में आई, जिसने खुद को डॉक्टर बताया। एजाज ने हमारा परिचय कराते हुए कहा, ये पेशेंट लेकर आएंगे। महिला ने कहा, ठीक है, लेकिन इसे बहुत सीक्रेट रखना। अस्पताल प्रबंधन बोला- हमारे यहां कोई डॉ. धाकड़ नहींसूर्यांश अस्पताल की डायरेक्टर डॉ. शुमायला अयाज से भास्कर रिपोर्टर ने पूछा कि आप आयुष्मान के केस लाने के लिए कमीशन देते हैं, तो उन्होंने इस आरोप को खारिज कर दिया और कहा कि हमारे यहां डॉक्टरों की सूची में डॉ. धाकड़ का नाम नहीं है और न ही आयुष्मान योजना के लिए पेशेंट लाने पर हम कोई कमीशन ऑफर करते हैं। जबकि सूर्यांश अस्पताल ने डॉक्टरों की जो सूची दी है उसमें डॉक्टर धाकड़ को परमानेंट बताया है। पार्ट-3: जब 'माफिया' ने खोले सारे राजजिन डॉक्टरों के नाम पोर्टल पर थे, वे हमें किसी भी अस्पताल में नहीं मिले। इस इनपुट की पुष्टि के बाद हमने यह जानने की कोशिश की कि आखिर यह नेक्सस कैसे काम करता है। इसे समझने के लिए भास्कर रिपोर्टर अब नर्सिंग होम फाइनेंसर बनकर भोपाल के तृप्ति अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश कटियार तक पहुंचा, जो खुद को 17 अस्पतालों का पार्टनर बताता है। खुफिया कैमरे पर उसने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी। रिपोर्टर: मैं नर्सिंग की पढ़ाई पूरी नहीं कर पाया, लेकिन खुद का अस्पताल डालना चाहता हूं। पैसा मेरे अंकल लगाएंगे। राजेश कटियार: तुम्हारा अस्पताल चलाने का कोई एक्सपीरियंस है ? (इनकार करने पर) कोई बात नहीं, रहते-रहते सीख जाओगे। भगवान ने हमें मिलाया है। तुम्हारा बजट कितना है? कोई कहता है 60-70 लाख में अस्पताल खुल जाता है, लेकिन अपने को 1 करोड़ का बजट लेकर चलना है। दो साल मालिक मैं रहूंगा, जैसा बोलूंगा वैसा करना है। राम-लक्ष्मण जैसे रहना है। रिपोर्टर: आयुष्मान भी चलाना है, उस हिसाब से बताइए। कटियार: लोग कह रहे थे 10-12 लाख में आयुष्मान हो जाएगा, हमने 20 लाख देकर करा लिया। मैं जानता था, होगा तो राजेश कटियार का ही होगा। इससे अच्छा है देकर 5-6 लाख रुपए महीने का बिजनेस करेंगे। देखो, कभी कोई शिकायत होगी तो अधिकारी काम आएगा। आप सोच रहे हो उसकी जेब गर्म हो गई, लेकिन ऐसा नहीं है, वो आपके काम आएगा। यह 'वन वे ट्रैफिक' है, आप देते हो तो वे बेफिक्र रहते हैं। रिपोर्टर: स्टाफ और डॉक्टर कैसे मैनेज होंगे? कटियार: आयुष्मान में वैसे तो 4 डॉक्टर दिखाने पड़ते हैं, लेकिन सब मैनेज हो जाता है। डॉक्टर को 2-3 लाख पकड़ा दिए, जब जरूरत पड़ेगी तो आ जाएगा। 20-25 हजार में कोई डॉक्टर अपना नाम नहीं देगा।कटियार ने एक खाली पेज पर हमें पूरा एस्टीमेट बनाकर दिया, जिसमें PCB (पॉल्यूशन बोर्ड), जनरेटर, फायर, सीएमएचओ आदि की NOC के लिए 10-15 लाख और आयुष्मान के लिए 10 से 20 लाख का खर्च बताया। भास्कर इन्वेस्टिगेशन के पार्ट-2 में पढ़िए 10 लाख की व्यवस्था रखना, अफसर 6 लाख लेंगे: खुफिया कैमरे में बोला आयुष्मान विभाग का कर्मचारी- मार्च में करवा देंगे

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:34 am

अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्यों में सबसे कम सुरक्षा मिली:उनके गुरु को मिली थी Y+, सेफ्टी के मामले में पुरी गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य नंबर-1

'प्रशासन के जिम्मे पूरा मेला है। अगर इस तरह की कोई घटना होती है, तो वही जिम्मेदार होगा। हमारी कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। हम भगवान भरोसे बैठे हैं।' यह बात प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कही। वो 10 दिन से धरने पर बैठे हैं। शिविर में हंगामे के बाद अब शंकराचार्य की ओर से कल्पवासी थाना अध्यक्ष को एक तहरीर दी गई है। इसमें उन्होंने अपनी जान को खतरा होने की बात कही है। सुरक्षा के लिए 12 सीसीटीवी लगाए गए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को कौन-सी सुरक्षा मिली है? बाकी 3 शंकराचार्य के पास किस कैटेगरी की सुरक्षा है? सबसे ज्यादा तगड़ी सिक्योरिटी किसकी है? आइए जानते हैं… सवाल: अविमुक्तेश्वरानंद को किस कैटेगरी की सिक्योरिटी दी गई है? जवाब: अविमुक्तेश्वरानंद के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी योगीराज सरकार के मुताबिक, शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद जी को वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा थी। उन्हें यह सुरक्षा मध्यप्रदेश सरकार ने दी थी। स्वरूपानंद जी ज्योतिष्पीठ और द्वारका पीठ के शंकराचार्य थे। उनके दो प्रमुख शिष्य थे- सदानंद सरस्वती और अविमुक्तेश्वरानंद। शंकराचार्य स्वरूपानंद के सितंबर 2022 में निधन के बाद उत्तराधिकारी के रूप में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को ज्योतिष्पीठ और स्वामी सदानंद सरस्वती को द्वारका पीठ की जिम्मेदारी दी गई। ऐसे में दोनों को वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिलनी चाहिए थी, लेकिन उनकी सुरक्षा को दो हिस्सों में बांट दिया गया। उन्हें केवल नॉर्मल वाई (Y) श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। इसमें उन्हें मध्यप्रदेश पुलिस ने दो पीएसओ उपलब्ध कराए हैं। सवाल: कितने पीएसओ तैनात रहते हैं? जवाब: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ कुल दो सरकारी PSO (पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर) तैनात रहते हैं। उनके साथ एक पीएसओ हर समय होता है, जिसके पास गन होती है। इसके अलावा अविमुक्तेश्वरानंद के साथ परिकर (सेवा में लगे कर्मचारी/सहायक) रहते हैं। शंकराचार्य दंड (धार्मिक/संरक्षण के प्रतीक) रखते हैं। लेकिन, कोई हथियार या अन्य सुरक्षा उपकरण उनके पास नहीं होता। योगीराज सरकार के अनुसार, 18 जनवरी को पीएसओ तक को धक्का दिया गया। सवाल: क्या शंकराचार्य को सिर्फ यात्रा या कार्यक्रम के समय सुरक्षा मिली है? जवाब: योगीराज सरकार के मुताबिक, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को 24 घंटे सुरक्षा दी गई है। जब शंकराचार्य किसी दूसरे प्रदेश में यात्रा पर जाते हैं, तो कई बार वहां प्रशासन सुरक्षा बढ़ा देता है। कुछ जिलों में एस्कॉर्ट भी बढ़ा दिया जाता है। हालांकि, योगीराज सरकार ने यह भी आरोप लगाया कि काशी में डीएम की ओर से कोई सुरक्षा नहीं दी जाती, जबकि लखनऊ में उन्हें पूरी सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है। सवाल: क्या उनके लिए रूट चार्ट और ट्रैफिक मैनेजमेंट लागू किया जाता है? जवाब: अविमुक्तेश्वरानंद के लिए रूट चार्ट और ट्रैफिक मैनेजमेंट की व्यवस्था रहती है। सरकारी पीएसओ (PSO) लगातार संपर्क में रहता है। साथ ही मेला प्रशासन की ओर से पहले भी सुरक्षा व्यवस्था और एस्कॉर्ट उपलब्ध कराया जाता रहा है। लेकिन, इस बार ऐसा नहीं हुआ। योगीराज सरकार का कहना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए महाराज जी की सुरक्षा और बढ़ाई जानी चाहिए। मुझे यूपी सरकार से कोई उम्मीद नहीं है। इसलिए मैं केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय से मांग करता हूं कि शंकराचार्य की सुरक्षा बढ़ाई जाए। जिस तरह से उनके साथ ये हादसा हुआ, उससे ये साबित होता है कि उनकी हत्या करने की साजिश थी। इसलिए महाराज जी की सुरक्षा बढ़ानी जरूरी है। शंकराचार्य को मजबूत सुरक्षा घेरे में रखना जरूरी है, जिससे किसी भी तरह की अनहोनी या बड़ा हादसा न हो। सवाल: बाकी तीनों शंकराचार्यों की सुरक्षा कैसी है? जवाब: सबसे तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था पुरी गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती की है। उन्हें ओडिशा सरकार ने उच्चस्तरीय जेड प्लस श्रेणी सुरक्षा दी है। दूसरे नंबर पर कांची कामकोटि पीठ के 70वें शंकराचार्य श्री विजयेंद्र सरस्वती का नाम है। उन्हें केंद्र सरकार की तरफ से जेड (Z) श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। यह निर्णय खुफिया जानकारी और सुरक्षा संबंधी इनपुट के बाद लिया गया था। इसके बाद उन्हें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) द्वारा सुरक्षा कवर दिया जा रहा। द्वारका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती को भी अविमुक्तेश्वरानंद की तरह वाई (Y) श्रेणी की सुरक्षा मिली है। सवाल: क्या शंकराचार्यों की सुरक्षा के लिए कोई अलग से नियम है? जवाब: शंकराचार्यों की सुरक्षा के लिए कोई अलग या विशेष नियम तय नहीं है। उन्हें भी सुरक्षा व्यवस्था खतरे के आकलन के आधार पर ही दी जाती है। सुरक्षा कैटगरी ( X, Y, Y+, Z, Z+) तय करने का फैसला राज्य पुलिस, खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट और गृह विभाग की समीक्षा के बाद किया जाता है। जरूरत बढ़ने पर सुरक्षा बढ़ाई जाती है और खतरा कम होने पर घटाई भी जा सकती है। सवाल: किसे मिलती है Z+ सुरक्षा? जवाब: Z+ सुरक्षा भारत में सबसे उच्चस्तर की राष्ट्रीय सुरक्षा श्रेणी होती है। यह आमतौर पर राजनीतिक या धार्मिक नेताओं को तब दी जाती है, जब खतरे का साफ और गंभीर आकलन किया गया हो। संतों को सुरक्षा देने का फैसला उनके पद या प्रतिष्ठा के आधार पर नहीं, खतरे को देखते हुए किया जाता है। किसको कौन-सी सुरक्षा देनी है, यह सरकार या कोर्ट तय करती है। देश में किसको मिली है जेड प्लस सुरक्षा?फिलहाल भारत में यह सुरक्षा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, सोनिया गांधी, फारूक अब्दुल्ला, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उद्योगपति मुकेश अंबानी को भी यह सुरक्षा मिली हुई है। मुकेश अंबानी इस सुरक्षा दल का खर्च खुद उठाते हैं। --------------------- ये खबर भी पढ़ें... जिस चोटी को पकड़कर प्रयागराज पुलिस ने पीटा...उसका महत्व क्या, शास्त्रों में गाय के खुर के बराबर रखने की परंपरा मौनी अमावस्या पर संगम स्नान के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों से कथित बदसलूकी और मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शिष्यों का आरोप है कि पुलिस ने न सिर्फ शंकराचार्य का राजदंड छीना, बल्कि कुछ बटुकों को शिखा (चोटी) पकड़कर घसीटा। उन्हें कमरे में बंद किया और मारपीट की। पढ़िए पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:34 am

पत्नी की काटी जीभ घरवालों ने फ्रिज में रखी:मेरठ में डॉक्टर भी नहीं जोड़ पाए; अब कभी नहीं बोल पाएगा विपिन

यूपी के जिला गाजियाबाद में 26 साल का विपिन अब कभी नहीं बोल पाएगा। पत्नी ने उसकी जीभ अपने दांतों से काटकर अलग कर दी। डॉक्टर उस कटी हुई जीभ को जोड़ने में नाकाम रहे हैं। फैमिली वालों ने जीभ का ये टुकड़ा अब घर लाकर फ्रिज में रख दिया है। उद्देश्य सिर्फ इतना है कि कहीं पुलिस को सबूत न देना पड़ जाए। परिवार वाले कहते हैं- विपिन की पत्नी ईशा शराब-सिगरेट पीती थी। महंगे रेस्टोरेंट में बॉयफ्रेंड संग पार्टियां करती थी। 400 रुपए की कॉफी पीती थी। जबकि पति की तनख्वाह 17-18 हजार रुपए थी। कुल मिलाकर विपिन का पूरा परिवार उसकी पत्नी से परेशान था, वहीं, पत्नी ईशा भी पति से छुटकारा पानी चाहती थी। फैमिली ने दैनिक भास्कर को एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि उस रात ईशा ने चाकू से नहीं, बल्कि संबंध बनाने के दौरान अपने दांतों से जीभ काटी थी। ये रिपोर्ट पढ़िए... सबसे पहले पूरा घटनाक्रम समझिए... शादी के 8 महीने बाद ही क्रूरता कीकस्बा मोदीनगर में संजयपुरी इलाका है। यहां रहने वाले 26 साल के विपिन एक वेल्डिंग फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं। मई-2025 में विपिन की शादी मेरठ की मलियाना में रहने वाली ईशा से हुई थी। 19 जनवरी 2026 की रात पति-पत्नी में झगड़ा हुआ। इसके बाद ईशा ने विपिन की जीभ काटकर अलग कर दी। विपिन की मां गीता ने अपनी बहू के खिलाफ मोदीनगर थाने में FIR कराई। पुलिस ने 20 जनवरी को ईशा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। घायल विपिन का इलाज मेरठ के सुभारती हॉस्पिटल में चला। 25 जनवरी को वो घर पहुंच गए हैं। कमरे में अबॉर्शन की दवाइयां और सिगरेट के टुकड़े मिलेहम मोदीनगर के संजयपुरी में विपिन के घर पहुंचे। विपिन कंबल ओढ़कर चारपाई पर लेटे थे और दर्द से कराह रहे थे। घर पर आसपास के लोग उन्हें देखने के लिए आ रहे थे। फैमिली ने विपिन की कटी हुई जीभ कपड़े में लपेटकर फ्रिज में रख दी है। उन्होंने वो जीभ फ्रिज से निकालकर हमें दिखाई। कई दिन बीतने की वजह से वो सिकुड़ चुकी थी। हमने पूछा- जीभ क्यों रखी है? इस पर विपिन के छोटे भाई सनी कहते हैं- पुलिस या कोई और हमसे कब सबूत मांगने लग जाए, इसलिए जीभ को संभालकर रखा है। परिवार वाले हमें विपिन और ईशा के कमरे में ले गए। उन्होंने अलमारी खोलकर कुछ दवाइयां दिखाईं। कहा कि ये दवाइयां अबॉर्शन की हैं। मतलब ईशा मां बनना नहीं चाहती थी। फैमिली ने हमें कुछ सिगरेट के टुकड़े दिखाए और दावा करते हुए कहा कि ईशा ये सिगरेट पीती थी। डॉक्टरों ने कहा- अब कभी नहीं बोल पाएगाविपिन के भाई सनी बताते हैं- हमने भाई का इलाज मेरठ के सुभारती हॉस्पिटल में कराया। डॉक्टरों ने साफ कह दिया कि अगर हम जीभ जोड़ भी देते हैं, तब भी उसमें कोई जान नहीं होगी। रक्त कोशिकाएं कट जाने से अब कटी हुई जीभ सक्रिय नहीं है। अगर प्लास्टिक सर्जरी कर भी देंगे, तब भी विपिन पहले जैसे नहीं बोल पाएगा। सनी ने बताया- डॉक्टरों ने बची हुई जीभ पर टांके लगा दिए हैं, ताकि जख्म भर जाए। कुछ दिन बाद ये टांके काट दिए जाएंगे। अब कुछ दिनों तक भाई दवाई खाता रहेगा, लेकिन वो पहले जैसे बोल नहीं पाएगा। दोस्त बोला- विपिन को छूने नहीं देती थी, शराब-सिगरेट पीती थीये पूरा घटनाक्रम कैसे हुआ, पूरे विवाद की शुरुआत कैसे हुई? ये समझने के लिए हमने घायल विपिन के सबसे करीबी दोस्त बॉबी कुमार से बात की। उन्होंने बताया- मई-2025 में विपिन की शादी हुई थी। शादी के बाद विपिन मुझसे हर एक बात शेयर करता था। वो बताता था कि मेरी पत्नी मेरे साथ दोगला व्यवहार कर रही है। मैं कभी उसको छूता हूं, तो टच नहीं करने देती। मैं इंसान हूं, आखिर ऐसे कब तक सहन करता रहूंगा। इस पर मैं विपिन से कहता था कि कोई बात नहीं। शायद थोड़े दिन बाद सब ठीक हो जाएगा। कुछ दिनों बाद विपिन अक्सर मेरी दुकान से सिगरेट की डिब्बी खरीदकर ले जाने लगा। बॉबी ने बताया कि विपिन सिगरेट नहीं पीता था। जब मैंने पूछा तो उसने बताया कि पत्नी सिगरेट पीती है। उसी के लिए खरीदकर ले जाता हूं। विपिन ने जैसा मुझे बताया, उसके मुताबिक उसकी पत्नी को शराब पीना, सिगरेट पीना, चिकन खाना, महंगे रेस्टोरेंट में पार्टी करना, 400 रुपए की कॉफी पीना...इस तरह के उसके शौक थे। जबकि विपिन की तनख्वाह 17-18 हजार रुपए थी। कई बार विपिन ने ये तक बताया कि पत्नी उससे पैसा लेकर अपने बॉयफ्रेंड संग घूमती थी। बॉबी कुमार बताते हैं- विपिन और उसके घरवालों को कई महीने पहले ही पता चल गया था कि उस लड़की का चरित्र ठीक नहीं है। उसका बॉयफ्रेंड मेरठ का ही रहने वाला है। वो ज्यादातर वक्त अपने बॉयफ्रेंड से वॉट्सऐप पर चैटिंग करती रहती थी। अक्सर विपिन से ये भी कहती रहती कि मेरे घरवालों ने तेरे साथ जबरदस्ती शादी की है। मैं तेरे साथ रहना नहीं चाहती। वो औरत विपिन को कभी-कभी हिजड़ा तक बोल देती थी। पिता बोले- पंडित ने मना किया था, फिर भी बिचौलिए ने शादी करवाई9 महीने पहले ही विपिन की शादी हुई थी। इस रिश्ते की शुरुआत कैसे हुई? इस पर विपिन के पिता रामौतार बताते हैं- मेरा एक दोस्त है। मैंने एक दिन उससे कहा कि बेटे के लिए कोई रिश्ता करवा दे। मैंने साफ कहा कि मेरे पास शादी में खर्च करने के लिए पैसा नहीं है। मैं कोई दावत वाली शादी नहीं करना चाहता। मैं चाहता था कि हमारी तरफ से 4 लोग जाएं और साधारण तरीके से शादी करें। रामौतार बताते हैं- हमारा संपर्क मेरठ के टीपीनगर इलाके में मलियाना की फैमिली से हुआ। लड़की पसंद आ गई। लड़की इतनी हाई-फाई थी कि उसने सिंपल शादी करने से साफ मना कर दिया। हमारे पास पैसे नहीं थे। बैंक से 10 लाख रुपए का लोन लिया। उस पैसे से हमने अपने बेटे की शादी की। घर में उन दोनों के रहने के लिए छत पर एक अलग कमरा भी बनवाया था। रामौतार आगे बताते हैं- शादी से पहले हमने जब लड़का और लड़की की कुंडली का मिलान कराया, तो पंडित ने साफ कहा कि गुण आपस में मैच नहीं हो रहे। पंडित ने इस रिश्ते से साफ मना कर दिया था। लेकिन, बिचौलिया दोस्त इस पर अड़ा रहा कि मैं बाद में देख लूंगा, सब ठीक हो जाएगा। अब हमें लग रहा है कि पंडित जी की बात मानकर उसी वक्त ये शादी नहीं करते, तो ठीक रहता। अब इस केस के बाद लड़की वाले कह रहे हैं कि वो हम पर उल्टा दहेज एक्ट का केस लगाएंगे। मतलब हमारे लड़के की जिंदगी खराब कर दी और हमें ही धमकी मिल रही। रामौतार बताते हैं- शादी के कुछ दिन बाद ही हमें लड़की के लक्षण अच्छे नहीं लगे। वो कभी भी अपने मायके चली जाती थी। ससुराल में घर का कोई काम नहीं करती थी। दारू-सिगरेट पीना, मेरे बेटे से किसी भी तरह के रिलेशन नहीं बनाना, उसको धमकी देना...ये सब आम बात थी। वो बेटे से कहती थी कि तुम मेरे लायक नहीं हो, तुम मुझे पसंद नहीं हो। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें... पति की जुबान काटकर बेड पर फेंक दी, रोज-रोज कहता था खाना अच्छा नहीं बनाती हो गाजियाबाद में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां पत्नी ने पति की जीभ काटकर अलग कर दी। जीभ का टुकड़ा बेड पर फेंक दिया। दोनों के बीच खाने को लेकर विवाद हुआ था। पढ़ें पूरी खबर

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:33 am

आगरा की HR के कातिल तक कैसे पहुंची पुलिस:अंगूठे पर लगा गोल्डन नेल पेंट बना क्लू, CCTV में दिखा लड़का हत्यारा निकला

आगरा की HR मिंकी शर्मा के मर्डर के 5 दिन बाद भी उसका सिर नहीं मिल सका है। झरना नाले में चले सर्च ऑपरेशन के बावजूद पुलिस को कामयाबी नहीं मिली। 23 जनवरी को मिंकी की न्यूड लाश यमुना पुल पर मिली थी। उसका सिर कटा हुआ था। कातिल कोई और नहीं, बॉयफ्रेंड विनय था। पुलिस रिकॉर्ड टाइम में कातिल तक पहुंची, जरिया बना मिंकी के अंगूठे में लगा गोल्डन नेल पेंट। कैसे पुलिस ने छोटे से क्लू की मदद से कातिल को पकड़ा, इस रिपोर्ट में पढ़िए... पीले बोरे में सिर कटी लाश, पुलिस के सामने 2 चैलेंज यह कहानी 24 जनवरी की सुबह 4 बजे शुरू होती है। पुलिस कंट्रोल रूम में फोन आता है कि यमुना के जवाहर पुल पर एक पीले रंग के बोरे में लाश मिली है। जब पुलिस बोरे को खोलती हैं तो अंदर काले रंग की पॉलीथिन निकलती है। ये पॉलीथिन टेप से पूरी तरह पैक थी, अंदर से खून रिस रहा था। पुलिस ने पॉलिथीन खोली तो अंदर से एक लड़की की न्यूड बॉडी निकली। देखकर ही पता चला गया कि लड़की की हत्या सिर काटकर की गई है। पुलिस ने आसपास सिर तलाशा, लेकिन मिला नहीं। DCP के मुताबिक, हमारे सामने 2 चैलेंज सबसे बड़े थे। 1. लड़की की पहचान कैसे हो? 2. लड़की का सिर कातिल ने कहां फेंका? क्राइम सीन देखकर क्लियर हुआ, हत्या 1 व्यक्ति ने कीDCP सैयद अली अब्बास ने कहा- लाश मिलने के बाद पुलिस की 3 टीमों को टास्क सौंप दिए गए। लड़की के पैर में बिछुए नहीं थे। इससे अनुमान लगा कि वो शादीशुदा नहीं है। अब ये क्लियर होना जरूरी था कि लड़की आगरा की रहने वाली है या किसी और जिले की। लाश यमुना ओवरब्रिज पर मिली थी, अनुमान लगा कि लड़की आगरा की रहने वाली हो सकती है। क्योंकि, अगर लड़की किसी दूसरे जिले की होती तो कातिल बॉडी लेकर यहां तक नहीं आता। मथुरा की तरफ से आने वाले रास्ते में पड़ने वाले फरह के पास नाले में फेंक देता। अब पुलिस टीम ने क्राइम स्पॉट को ध्यान से देखा। क्राइम सीन ऐसा था कि जहां पर लाश की बोरी मिली थी, उससे थोड़ी ही दूर पर खून पड़ा था। वहां से बोरे को घसीटने के निशान दिख रहे थे। इसके अलावा पुल पर जाली के करीब 3 फीट ऊपर खून के निशान थे। अंदाजा लगा कि लाश को लाने वाला व्यक्ति एक ही हो सकता है। क्योंकि तब वो वजन ज्यादा होने से बोरा जाली से नीचे यमुना नदी में नहीं फेंक सका होगा। इतना क्लियर होने के बाद अब दूसरा चैलेंज लड़की की पहचान का था। नेल पेंट की मदद से मिंकी के बारे में पता चलाइसके बाद आगरा के 44 थानों को पिछले 2 दिन में मिसिंग हुई लड़कियों की डिटेल इकट्‌ठा करने के लिए कहा गया। थाने के डेटा के आधार पर पता चला कि 2 दिन में 5 लड़कियां लापता हुई थीं। जिस लड़की की हमें लाश मिली थी, उसके अंगूठे पर गोल्डन कलर की नेल पॉलिश लगी थी। अब हमने लापता लड़कियों के परिवारों को कॉल किए। उनसे कहा कि आप अपनी लड़कियों की नेल पॉलिश लेकर हमारे पास आइए। कई परिवार अपनी बेटी की 3 से 10 रंग की अलग-अलग नेल पॉलिश लेकर हमारे पास आए। हमने 5 लड़कियों के नेल पेंट अलग-अलग पेज पर पेंट किए। फिर लड़की के अंगूठे पर मिले पेंट से मैच किया गया, जो मिंकी के नेल पेंट से मिल गया। इसके बाद उसके परिवार से मिंकी की तस्वीर लेकर आने को कहा गया। बॉडी से मिलान पर समझ आया कि ये मिंकी की ही बॉडी है। वो आगरा के कालिंदी विहार के पार्वती नगर की रहने वाली थी। परिवार ने जिस ऑफिस का एड्रेस दिया, वहीं कत्ल हुआ थाDCP ने बताया- अब जांच करते हुए हम लोग थर्ड स्टैप तक आ चुके थे। पहचान होने के बाद यही टास्क था कि कातिल को ढूंढ निकालें। अब हमने आगरा में कॉस्मेटिक सप्लाई करने वाले ब्लिंकिट और जोमेटो के डिलीवरी बॉय से संपर्क किया। उनसे हमारा 1 ही सवाल था। पिछले 3 दिन में किसी ने काली पॉलिथीन और सफेद टेप तो नहीं मंगवाया था। लेकिन, इस प्रयास में हमें कामयाबी नहीं मिली। दूसरी तरफ, मिंकी के परिवार के बयान भी 1 टीम ले रही थी। उन लोगों ने बताया कि संजय प्लेस में एक ऑफिस है, वहां मिंकी का आना-जाना था। जब पुलिस टीम उस ऑफिस पहुंची, तो वहां पर ताला लटका मिला। लेकिन, हमें एक लोकेशन मिल चुकी थी। इसलिए इस ऑफिस से यमुना पुल तक के CCTV जांचने शुरू किए। हमारी टीम को दीवानी जगह के पास एक CCTV में एक स्कूटी दिखाई दी, जो मिंकी की बताई गई। इसको चलाने वाले लड़के से नीली जैकेट पहन रखी थी। उसकी पीठ पर एक पिट्‌ठू बैग था। जब पुलिस ने भगवान टॉकीज के पास के CCTV देखे, तो उस स्कूटी के आगे की खाली जगह पर पीले रंग का बोरा भी दिखाई दिया। उस बोरे को देखने के बाद इतना तो पक्का हो गया कि लाश इसी नीली जैकेट वाले लड़के ने फेंकी है। कॉल डिटेल से विनय का क्लू, CCTV में वही बोरा लेकर जाता दिखाDCP के मुताबिक, अब कातिल को ट्रेस करते हुए हमारे पास अहम क्लू आ चुके थे। इसलिए लड़की (मिंकी) की CDR (कॉल डिटेल) निकलवाई। इसमें एक नंबर पर कई बार बात हुई थी। ये नंबर विनय सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड था। वो कंपनी दिविशा टेक्नोलॉजी में ही अकाउंटेंट था, जहां मिंकी बतौर HR काम करती थी। विनय ट्रांस यमुना कॉलोनी के सी-ब्लॉक में रहता था। पुलिस ने उसको घर से हिरासत में लिया। जब स्कूटी का CCTV और बोरा दिखाकर विनय से पूछताछ शुरू हुई तो वह सिर्फ 1 घंटे के अंदर टूट गया। उसने कहा- मिंकी धोखेबाज थी, वो न तो मुझे छोड़ रही थी और न ही मुझसे शादी कर रही थी। वो किसी और लड़के साथ भी घूमती रहती थी। उसका पूरा खर्च मैं उठा रहा था। हाल में उसने भाई की शादी के लिए मुझसे 1 लाख रुपए लिए थे। मैं क्या करता, इसलिए मारने की प्लानिंग कर डाली। विनय ने कहा- मैं इतना परेशान हो चुका था कि मिंकी को मारने के अलावा मेरे पास कोई रास्ता ही नहीं था। जब पुलिस इंस्पेक्टर ने उससे पूछा- क्या तुम्हें अपने किए का कोई दुख है…? विनय ने कहा- नहीं, क्योंकि वो मुझे धमकी देती थी। मैं तो शादी करना चाहता था, इसलिए उसको मारने का मुझे कोई पछतावा नहीं। इंस्पेक्टर ने पूछा- हत्या कैसे की? विनय ने कहा- उस दिन मैंने बात करने के लिए मिंकी को बुलाया था। लेकिन, वो कहने लगी कि न मैं तुम्हें छोडूंगी, न शादी ही करूंगी… तुम मुझे परेशान मत करो। मैंने तो पहले ही सोच लिया था कि उसको मार दूंगा। इसलिए चाकू निकालकर उसका गला काट दिया। इसके बाद मेरे ऑफिस के बाहर डस्टबिन में लगी काली पॉलिथीन लेकर मैं आया। उसमें ही मैंने बॉडी को रखा। पुलिस ने बताया कि मिंकी की बॉडी पर 9 जगह पर चाकू मारे गए थे, गहरे घाव थे। 3 साल के अफेयर में शादी तक पहुंचा मामलाआगरा के कालिंदी विहार के पार्वती नगर की रहने वाली मिंकी शर्मा मेरठ की कंपनी दिविशा टेक्नोलॉजी में HR मैनेजर थी। 3 साल वह और विनय साथ काम कर रहे थे। इस बीच दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गई थीं। एक-दूसरे से प्यार करने लगे थे। विनय मिंकी को इतना पसंद करने लगा कि उससे शादी करने की ठान ली। उसने मिंकी के सामने शादी का प्रस्ताव रखा, मिंकी तैयार थी। विनय ने पुलिस को बताया- मैंने और मिंकी ने अपने घरवालों को शादी के लिए बताया था। मेरे घरवाले तैयार थे। मिंकी ने भी कहा था कि वो अपने घरवालों को राजी कर लेगी। लेकिन, पिछले 6 महीने से मिंकी शादी के लिए आनाकानी करने लगी। मुझे पता चला कि मिंकी का किसी और लड़के से अफेयर हो गया था। तब मुझे लगने लगा था कि खर्च तो मैं करता हू और मेरी गर्लफ्रेंड किसी और के साथ घूम रही है। 17 जनवरी को मर्डर प्लान बना, CCTV के तारे काटेविनय ने पुलिस को बताया- मैंने 17 जनवरी को मिंकी की हत्या का प्लान बनाया था। इसलिए ऑफिस और बिल्डिंग में लगे CCTV के तार काट दिए। जिससे मैं आते-जाते दिखाई न दूं। इसके बाद मैंने यमुना पार में एक लोहार से नारियल काटने वाला चाकू खरीदा। चाकू की धार इतनी तेज थी कि एक झटके में कुछ भी कट जाए। इसके बाद मैं सही मौके की तलाश करता रहा। अब हत्या वाले दिन की पूरी कहानी विनय बोला- स्टाफ जाने के बाद मर्डर किया, स्कूटी पर लाश वाला बोरा रखा23 जनवरी को विनय ऑफिस पहुंचा। वो अपने बैग में नारियल काटने वाला चाकू लेकर आया था। उसने ऑफिस बॉय को छुट्‌टी दे दी। इसके बद मिंकी से बात हुई। मिंकी भाई की शादी का कार्ड कूरियर करने के लिए संजय प्लेस आई थी। दोपहर करीब 4 बजे मिंकी ऑफिस पहुंची। विनय और मिंकी अकेले थे। दोनों के बीच में बात हुई। मिंकी ने कहा कि मेरे भाई की शादी है, 15 दिन ऑफिस नहीं आऊंगी। रात करीब 8 बजे जब आसपास के ऑफिस बंद हो गए, तब विनय ने अपने ऑफिस का गेट लगा लिया। विनय ने पुलिस को बताया कि मिंकी ने उससे 1.5 लाख रुपए मांगे थे। कहा था कि भाई की शादी है, शॉपिंग करनी है। इसको लेकर विनय भड़क गया। दोनों के बीच में गहमागहमी हुई। इसी बीच विवाद इतना बढ़ा कि उसने गुस्से में चाकू से मिंकी पर वार कर दिया। मिंकी कमरे में गिर पड़ी। वो घबरा गया। कुछ देर के लिए उसके हाथ-पैर फूल गए। वो आधे घंटे तक शव के पास ही बैठा रहा। रात करीब 1 बजे बोरे को घसीटते हुए लिफ्ट में ले गया। लिफ्ट में नीचे मिंकी की स्कूटी पर ही उसने बोरा रखा। वो शव को यमुना में ठिकाने लगाने के लिए निकल पड़ा। जवाहर पुल पर उसने बोरे को उतारा। लेकिन, पुल पर दोनों साइड ग्रिल लगी होने की वजह से वो बोरे को फेंक नहीं सका। ऐसे में शव को वहीं छोड़कर स्कूटी लेकर झरना नाले के जंगल में निकल गया। वहां बैग में रखे युवती के सिर को नाले में फेंका। स्कूटी को वहीं छोड़कर निकल गया। देर रात अपने घर पहुंचा। घर पहुंचने के बाद रात करीब 2 बजे मिंकी के भाई दीपक के साथ उसकी तलाश के लिए पहुंच गया। मिंकी के परिजनों के साथ वो आगरा कैंट स्टेशन, न्यू आगरा थाने, एसएन मेडिकल कॉलेज समेत कई जगह पर गया। इतना ही नहीं, उनके साथ गुमशुदगी दर्ज कराने ट्रांस यमुना थाने भी गया। इसके बाद 24 जनवरी को बीमारी का बहना कर अपने घर पर ही रहा। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें - आगरा में गर्लफ्रेंड के सिर-पैर काटे, बोरे में फेंकी लाश, भाई की शादी का कार्ड बांटने निकली थी आगरा में गर्लफ्रेंड को अपने ऑफिस बुलाकर उसका गला रेत दिया। हत्या करने के बाद आरोपी बॉयफ्रेंड ने सिर धड़ से अलग कर दिया। पैरों भी काट दिए। फिर बॉडी को बोरे में भर दिया। आरोपी ने लाश को गर्लफ्रेंड की ही स्कूटी पर लादा और 2 किमी दूर जाकर यमुना पुल पर फेंक दिया। जबकि सिर झरना नाले में फेंक दिया। पढ़िए पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:33 am

ट्रांजिट वीजा जारी करने में मनमानी:एयर अरेबिया को एक लाख क्षतिपूर्ति देने का आदेश

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने एयर अरेबिया पीजेएससी को एक लाख रुपए बतौर क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। मामला ट्रांजिट वीजा जारी करने में मनमाना रवैया अपनाने से जुड़ा है। अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शर्मा ने आदेश में कहा कि याची ने कंपनी से ट्रांजिट वीजा जारी करने के लिए ई-मेल के माध्यम से पत्राचार किया। लेकिन कंपनी ने शिकायत का निराकरण नहीं किया। मामला जीवाजी नगर निवासी विवेक पांडेय का है। उन्होंने 10-11 जून 2024 के दो अलग-अलग टिकट बुक कराए। यात्रा का रूट ताशकंद उज्बेकिस्तान से शारजाह होते हुए नई दिल्ली था। परिवादी ने टिकट बुक करने के बाद ही एयर लाईन को ट्रांजिट वीजा जारी करने मेल किया। इस पर एयर अरेबिया ने जवाब में लिखा कि वह तीनों स्थान , ताशकंद, शारजाह और नई दिल्ली तक का टिकट एक ही एयरलाइन (एयर अरेबिया) होने पर ही ट्रांजिट वीजा जारी करती है। जबकि परिवादी का दूसरे चरण की यात्रा का टिकट इंडिगो एयरलाइन का है। ऐसे में ट्रांजिट वीजा जारी नहीं किया जा सकता। इस पर परिवादी को दिल्ली तक का टिकट एयर अरेबिया से खरीदना पड़ा।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:32 am

युवाओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया:OMR शीट घोटाले, ग्रेड फोर्थ भर्ती की CBI जांच व रोस्टर प्रणाली लागू हो

बाड़मेर में बेरोजगार युवा सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे व प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए घोटालों की सीबीआई जांच करवाने और रोस्टर प्रणाली लागू करने की मांग की। मंगलवार काे युवाओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया और पिछले 8-10 साल से हो रहे धोखे को लेकर कांग्रेस-भाजपा दोनों सरकारों के खिलाफ आक्रोश जताया। इस दौरान कांग्रेसी नेता शामिल हुए, लेकिन भाजपा का कोई नेता नहीं आया। युवाओं ने सरकार से मांग करते हुए कहा​ कि दिन रात मेहनत, कोचिंग और लाइब्रेरी में रात 1-1 बजे पढ़ने वाले युवा निराश है। युवाओं का आरोप था कि अब तो ओएमआर शीट भी बदली जा रही है। गरीब युवाओं के साथ खिलवाड़ सालों से चल रहा है। लेकिन पकड़ा कोई नहीं जाता है। सिर्फ वोट बैंक की राजनीति तक ही सीमित रह जाती है। युवाओं ने नारेबाजी करते हुए सरकार के खिलाफ आक्रोश जताते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कलेक्ट्रेट पर भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा। कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान युवाओं के हाथों में नारे लिखी तख्तियां थी। इन पर लिखा था- रोस्टर का पूर्ण संधारण करो, अधीनस्थ बोर्ड व आरपीएससी भंग करो, हमारी उम्मीदों से खिलवाड़ बंद करो, चतुर्थ श्रेणी भर्ती परिणाम की सीबीआई जांच करो, हम हमारा हक मांगते, बेरोजगारों के साथ अत्याचार बंद करो, पर्ची-खर्ची बंद करो, ओएमआर की जांच करो। हरीश चौधरी ने कहा; बाड़मेर व शिव विधायक क्यों नहीं आए कांग्रेस नेता हरीश चौधरी ने धरने पर कहा कि सही रोस्टर प्रणाली लागू नहीं हो तब तक युवाओं को संघर्ष करना पड़ेगा। ओएमआर शीट घोटाला, पेपर लीक, इंटरव्यू में गड़बड़झाला, सेंटर पर नकल करवाना ही पूरी सच्चाई नहीं है। कई प्रकार के प्रहार युवाओं के भविष्य पर किए है। ओएमआर शीट में घोटाले का खुलासा हो चुका है, नाम सार्वजनिक हो चुके है, लेकिन 10 दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हो रही? आरपीएससी की भूमिका संदिग्ध थी, लेकिन अब तो यह साफ हो गया है कि आरपीएससी चैयरमैन, उसके सदस्य भर्तियों में फर्जीवाड़ा करते थे तो पूरी आरपीएससी को भंग क्यों नहीं दिया जा रहा है। बड़े लोगों को गिरफ्तार करने के मुख्यमंत्री दावे कर रहे थे, लेकिन आज दिन तक वो बड़े लोग पकड़े क्यों नहीं गए? चौधरी ने कहा कि बाड़मेर और शिव विधायक पर तो कोई दबाव नहीं था, उन्हें कौन रोक रहा है? पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी ने कहा​ कि युवाओं के साथ सालों से धोखा हो रहा है। जब प​रीक्षा होती तो पेपर लीक हो जाता है या फिर ओएमआर, इंटरव्यू के नाम घोटाला कर लोग फर्जी लाेग नौकरी लग जाते हैं और मेहनत करने वाला युवा रह जाता है। हमारी सरकार में भी घोटाले हुए, इसलिए तो जनता ने हमें हराया है। अब भाजपा सरकार तो उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं करती है। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा कि युवाओं की आवाज को लोकसभा में उठाया जाएगा। पूर्व विधायक पदमाराम मेघवाल,पूर्व जिला प्रमुख जिला प्रमुख महेंद्र चौधरी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मण गोदारा, आजादसिंह राठौड़, राजेंद्र कड़वासरा सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। युवाओं की सरकार से ये प्रमुख मांगें 1. रोस्टर रजिस्टर का पूर्ण संधारण करते हुए एलडीसी व चतुर्थ श्रेणी भर्ती में आरक्षित वर्गों के पदों का वर्गीकरण आरक्षण प्रतिशत के अनुसार कर पुन: विज्ञप्ति जारी की जाए। 2. ओएमआर शीट घोटाला व चतुर्थ श्रेणी भर्ती परीक्षा के परिणाम समेत 2018 से 2025 तक हुई भर्तियों की जांच सीबीआई से करवाई जाए। 3. आरपीएससी और आरएसएसबी बोर्ड को भंग हो। 4. एक भर्ती एक पेपर नॉर्मलाइजेशन को रद्द किया जाए। एक भर्ती एक पेपर लागू हो। 5. बाहरी राज्यों को 5 फीसदी कोटा ही हो। मूल निवासियों के रोजगार हितों का संरक्षण प्राथमिकता से किया जाए।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:31 am

मोतीझील पहाड़ी का मामला:माफिया ने खत्म कर दी लाखों वर्गफीट की पहाड़ी अफसरों ने लगाया सिर्फ 500 घनमीटर का जुर्माना

अवैध खनन करने वाले माफिया को खनिज विभाग के अफसरों का संरक्षण मिल रहा है। मोतीझील तिराहे के पास रक्कस टैंक पहाड़ी को पोकलेन, जेसीबी से माफिया ने लाखों वर्गफीट एरिया तक खोद दिया, लेकिन विभाग के अधिकारी यहां सिर्फ 500 घन मीटर (13 हजार वर्गफीट ) तक का जुर्माना लगाए बैठे हैं। इस मामले में सहायक खनिज अधिकारी रमाकांत तिवारी ने जिले के प्रभारी खनिज अधिकारी घनश्याम यादव को जुर्माने का जो प्रस्ताव दिया है उसमें 500 घनमीटर अवैध खनन पर करीब 8 लाख 50 हजार रुपए का जुर्माना तय किया गया है। अब इस मामले को खनिज विभाग के अधिकारी एक-दूसरे के पाले में फेंक रहे हैं। खनिज विभाग की टीम ने यहां 16 जनवरी को कार्रवाई करते हुए अवैध खनन पकड़ा था। साथ ही खनन कर रही 2 पोकलेन मशीन, 5 ट्रेक्टर-ट्रॉली, एक मिनी ट्रक जब्त किए गए थे। लेकिन इन मशीन और वाहनों को चलाने वाले लोगों को नहीं पकड़ा था। जहां पहाड़ी थी, वहां अब सिर्फ 8 फीट का जख्मी टीला, 1 जिंदा पेड़ सहायक अधिकारी ने लगाया जुर्मानाकार्रवाई के बाद सहायक खनिज अधिकारी रमाकांत तिवारी जुर्माना तय कर रहे हैं। इस बारे में वे ही कुछ बता सकते हैं। मैंने जुर्माने की कार्रवाई नहीं की है।-घनश्याम यादव, प्रभारी जिला खनिज अधिकारी जुर्माना बना दिया है, नाम याद नहींकिस नाम से जुर्माना किया है ये तो याद नहीं। लेकिन 500 घनमीटर का 8.50 लाख रुपए जुर्माना बनाकर जिला खनिज अधिकारी को दे दिया है। आगे वे ही कार्रवाई करेंगे।- रमाकांत तिवारी, सहायक खनिज अधिकारी सीएम हेल्पलाइन में भी की शिकायत पहाड़ी पर अवैध खनन की शिकायत मोतीझील निवासी मधु राय ने 16 जनवरी 2023 से 5 जनवरी 2026 तक 10 बार विभिन्न अधिकारी और सीएम हेल्पलाइन पर की। लेकिन अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की। शिकायतों में बताया गया कि इस खनन में नीम, विरौल, शीशम, पीपल, बबूल आदि के हरे-भरे वृक्षों की बलि चढ़ा दी गई है। इन वृक्षों को रघुवीर राय पुत्र पुत्र गिरधारी राय (भाजपा नेता), सतीश राय पुत्र जगदीश राय एवं जगदीश राय, बाबू लाल राय पुत्र लालाराम राय, साधुराम राय, रामकृपाल, विष्णु राय, कल्ले राय द्वारा गुंडागर्दी कर मशीनों से पेड़ों को जड़ से उखाड़कर पत्थर-मुरम का अवैध खनन किया जा रहा है।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:31 am

हरबंश मोहाल में कारोबारी से 21.37 का साइबर फ्रॉड:युवती ने मैसेज कर वर्क फ्रॉम होम का दिया था झांसा

साइबर ठग ने वर्क फ्रॉम होम का झांसा देकर हरबंश मोहाल के कारोबारी विनय गुप्ता से करीब 21.37 लाख रुपए की ठगी की। घटना का एहसास होने पर पीड़ित ने साइबर क्राइम पोर्टल में मामले की शिकायत की। हरबंश मोहाल पुलिस ने मुकदमा दर्जकर मामले की जांच शुरू की। पीड़ित विनय गुप्ता के अनुसार बीती 31 अक्टूबर 2025 को उनके मोबाइल पर एक युवती का मैसेज आया। जिसने वर्क फ्रॉम होम का झांसा दिया। शुरुआत में वेबसाइट के माध्यम से डेमो टास्क कराया गया। जिसके 800 रुपए उनके खाते में भेजे गए, जिसके बाद उन्हें निवेश कर अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। साथ ही उन्हें वाट्सएप ग्रुप में जोड़कर अन्य लोगों के भुगतान के भेजे जाने लगे। विश्वास में आकर उन्होंने अलग-अलग टास्क के नाम पर यूपीआई और आरटीजीएस के माध्यम से 21 लाख 37 हजार 510 रुपए जमा कर दिए। कुछ समय बाद उन्होंने अपने मुनाफे के रुपए निकालने का प्रयास किया, जिस पर उनसे सिक्योरिटी अमाउंट जमा करने के लिए बोला गया। तब उन्हें अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने मामले की शिकायत साइबर क्राइम पोर्टल में की। हरबंश मोहाल थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्जकर कार्रवाई की जा रही है।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:30 am

करनाल में बस क्यू न रोकने का मामला:कंडक्टर बोला-वे लड़की भी हमारी बहन बेटी की तरह है, रोडवेज यूनियन भी बोली-मामले की हो निष्पक्ष जांच

करनाल के घरौंडा में पुराने बस क्यू शेल्टर पर रोडवेज बस न रोकने के वायरल वीडियो ने प्रशासन और पुलिस को हरकत में ला दिया है। छात्रा के पिता की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। ड्राइवर और कंडक्टर को थाने में बुलाकर बयान दर्ज किए गए हैं। विभागीय स्तर पर कंडक्टर को सस्पेंड और ड्राइवर को हटाया गया है, जबकि यूनियन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। पुलिस ने ड्राइवर-कंडक्टर को बुलाकर दर्ज किए बयानघरौंडा थाने में छात्रा के पिता राजकुमार(गांव कल्हेड़ी) की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रोडवेज बस के ड्राइवर और कंडक्टर को थाने में तलब किया। दोनों के बयान दर्ज किए गए। बयान दर्ज होने के बाद पुलिस ने दोनों को भेज दिया। थाना प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि मामले में ड्राइवर और कंडक्टर के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और आगामी प्रक्रिया जारी है। वायरल वीडियो के बाद विभागीय कार्रवाईइस पूरे मामले में पंचकूला रोडवेज डिपो की ओर से सख्त कदम उठाए गए हैं। कंडक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि बस के ड्राइवर को हटा दिया गया है। विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर शिकायतकर्ताओं को भी बुलाया जाएगा। जानिए क्या था पूरा मामला...पहले मामले के बारे में थोड़ी जानकारी दे दे कि बीती 22 जनवरी को कल्हेड़ी गांव की छात्रा करनाल से घरौंडा के लिए आ रही थी। घरौंडा के नए बस स्टैंड पर बस को रोका गया था, लेकिन छात्रा उसी में बैठी रही और वह पुराने बस स्टैंड पर उतरना चाहती थी, उसने कंडक्टर से कहा कि उसे पुराने बस स्टैंड पर उतरना है, लेकिन दूसरी लड़की ने उसी वक्त बोला कि बस रोकेंगे क्यों नहीं, इनके क्या घर की बस है? इस पर ड्राइवर को भी गुस्सा आया, क्योंकि उसने बस को रोकने या न रोकने को लेकर किसी तरह से रिएक्ट नहीं किया था। जब कंडक्टर कुछ बोलने लगा तो उसका वीडियो बनाया गया और बहस शुरू हो गई। कंडक्टर का दावा है कि उन्होंने 100-200 मीटर दूर बस को रोक दिया था, अन्य सवारियां तो वहां पर उतर गई थी लेकिन यह लड़की नहीं उतरी और इसने डायल-112 को कॉल किया था और पानीपत बस स्टैंड पर ही डायल-112 की गाड़ी पहुंच गई थी। जहां पर पुलिस ने लड़कियों को समझाया था, लड़कियों ने भी वहीं पर केस क्लोज करवा दिया था। उसके बाद उन्होंने वीडियो वायरल कर दिया और पुलिस में भी शिकायत दे दी। जिसके बाद लड़की के पिता ने सख्त कार्रवाई की मांग की थी और डिपार्टमेंट ने ड्राइवर को हटा दिया था और कंडक्टर को सस्पेंड कर दिया था। पहली बार कैमरे के सामने आए ड्राइवर और कंडक्टरवायरल वीडियो के बाद पहली बार ड्राइवर बिजेंद्र और कंडक्टर अकबर अली कैमरे के सामने आए। दोनों ने पूरे घटनाक्रम को लेकर अपना पक्ष रखा और वही जानकारी पुलिस को दिए गए बयानों में भी दर्ज करवाई। सोनीपत के बजाणा कलां निवासी कंडक्टर अकबर अली ने बताया कि वह वर्ष 2012 से रोडवेज में नौकरी कर रहे हैं। अगर उनका व्यवहार खराब होता तो अब तक विभाग के पास सैकड़ों शिकायतें पहुंच चुकी होतीं या पहले भी वीडियो वायरल हो जाते। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि छात्रा ने किस सोच के साथ वीडियो बनाया। छात्रा को शायद यह लगा कि बस पुराने बस स्टैंड पर नहीं रुकेगी, जबकि ऐसा कभी नहीं हुआ। पुराने बस स्टैंड पर रोजाना रोक रहा था बसकंडक्टर अकबर अली के अनुसार, घटना वाले दिन छात्रा ने उनसे कहा था कि अंकल पुराने बस स्टैंड पर बस रोक देना। उन्होंने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, क्योंकि उन्हें पता था कि बस वहीं रोकनी है। पिछले 10 दिनों से उनकी ड्यूटी चंडीगढ़-दिल्ली रूट पर थी और वे हर रोज पुराने बस स्टैंड पर बस रोक रहे थे। छात्रा को शायद यह लगा कि बस नहीं रुकेगी और उसने वीडियो बनाना शुरू कर दिया। लड़की से कोई दुश्मनी नहीं, निष्पक्ष जांच की मांगअकबर अली ने कहा कि छात्रा से उनकी कोई दुश्मनी नहीं है। बहन-बेटियां सब बराबर हैं। वे सभी यात्रियों के साथ सहयोग करके चलते हैं और यात्रियों को भी कर्मचारियों के साथ सहयोग करना चाहिए। छात्रा के पिता ने थाने में बदसलूकी और बस न रोकने के आरोप लगाए हैं, लेकिन उन्होंने न तो बदसलूकी की और न ही बस बिना रोके आगे ले जाई गई। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की। ड्राइवर बिजेंद्र का पक्ष- बहस के कारण आगे निकल गया बस स्टैंडड्राइवर बिजेंद्र ने बताया कि बस में मौजूद दो छात्राओं की कंडक्टर से बहस हो रही थी। इसी कारण पुराना बस स्टैंड पीछे निकल गया। जब कंडक्टर ने विस्सल बजाई, तब सड़क के बीच अचानक बस रोकना संभव नहीं था। सुरक्षा को देखते हुए बस को करीब 100 से 200 मीटर आगे जाकर रोका गया। हरियाणा रोडवेज यूनियन कंडक्टर के समर्थन में उतरीइस मामले में हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन भी कंडक्टर के समर्थन में नजर आई। यूनियन के प्रदेश महासचिव जयवीर सिंह ने कहा कि ड्राइवर को हटा दिया गया है और कंडक्टर को सस्पेंड किया गया है। पुलिस में भी शिकायत दी गई थी, जिसमें बयान दर्ज हो चुके हैं। यूनियन की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाए। बसों और कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठायाजयवीर सिंह ने इस मौके पर हरियाणा में बसों और कर्मचारियों की कमी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि हरियाणा की जनसंख्या के हिसाब से रोडवेज बसों की संख्या बेहद कम है। मौजूदा हालात को देखते हुए राज्य में करीब 10 हजार बसें होनी चाहिए, जबकि अभी पांच हजार से भी कम बसें सड़कों पर चल रही हैं। कर्मचारियों की संख्या भी बहुत कम है, जिसका असर यात्रियों और स्टाफ दोनों पर पड़ता है। अब सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला22 जनवरी को करनाल आईटीआई से कुछ छात्राएं घरौंडा जाने के लिए रोडवेज बस नंबर HR 68 GV 7466 में सवार हुई थीं। ये छात्राएं घरौंडा के गांव कलहेड़ी और कालरम की रहने वाली हैं। छात्राओं का आरोप है कि मंथली पास दिखाने के बाद कंडक्टर ने उनके साथ बदसलूकी की। उन्हें बस में खड़े होने से मना किया गया और अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया। वीडियो बनाने पर कथित रूप से भड़क गया कंडक्टरछात्राओं के अनुसार, बदसलूकी के बाद एक छात्रा ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि इस पर कंडक्टर ने कहा कि वीडियो बनाओ, जहां मर्जी शिकायत कर लेना, कुछ नहीं होगा। इसी दौरान विवाद और बढ़ गया। घरौंडा की जगह पानीपत की ओर ले गई बसछात्राओं का आरोप है कि घरौंडा बस स्टॉप होने के बावजूद कंडक्टर ने बस नहीं रुकवाई। जब उन्होंने कहा कि घरौंडा में नए और पुराने दोनों बस स्टैंड पर बसें रुकती हैं, तो जवाब मिला कि बस नहीं रोकेंगे और जो करना है कर लो। इसके बाद ड्राइवर बस को पानीपत की ओर ले गया और पानीपत बस स्टैंड से पहले ही छात्राओं को उतार दिया गया। देर से घर पहुंचीं छात्राएं, परिवार हुआ परेशानछात्राएं समय पर घर नहीं पहुंचीं तो परिवार वालों की चिंता बढ़ गई। पानीपत में डायल 112 की टीम भी मौके पर पहुंची। बाद में छात्राओं को चंडीगढ़ जाने वाली बस में बैठाकर घरौंडा भेजा गया। छात्राएं देर शाम अपने घर पहुंचीं और पूरे घटनाक्रम की जानकारी परिवार को दी। इसके बाद परिवार ने विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण के कार्यालय में शिकायत दर्ज करवाई। पिता बोले- हार्ट पेशेंट हूं, बेटी का करता रहा इंतजारकलहेड़ी गांव निवासी राजकुमार ने बताया कि वह हार्ट पेशेंट हैं। उनकी बेटी सलोनी करनाल के एक सेंटर पर मेडिक्योर वर्क की ट्रेनिंग ले रही है और रोज घरौंडा से करनाल अप-डाउन करती है। वे रोज शाम को घरौंडा बस क्यू शेल्टर पर बेटी को लेने जाते हैं। 22 जनवरी को बेटी शाम 4 बजकर 33 मिनट पर करनाल से बस में सवार हुई थी। डायल 112 पर कॉल कर मांगी मददराजकुमार के अनुसार, उस दिन वे घर पर नहीं थे। बेटी सलोनी ने कॉल करने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। उसके साथ मौजूद दूसरी छात्रा गुड़िया ने डायल 112 पर कॉल कर दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और छात्राओं को सुरक्षित बस में बैठाकर घरौंडा भेजा गया। छात्राएं रात करीब साढ़े सात बजे घर पहुंचीं। जीएम बोले- निष्पक्ष जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाईपंचकूला रोडवेज डिपो के जीएम सुखदेव ने बताया कि वायरल वीडियो सामने आने के बाद कंडक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है और ड्राइवर को हटा दिया गया है। चार्जशीट के समय कंडक्टर का पक्ष भी सुना जाएगा और जरूरत पड़ने पर शिकायतकर्ताओं को भी बुलाया जाएगा। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:30 am

ग्वालियर में गर्लफ्रेंड से ढाई साल प्यार..फिर कर दी हत्या:शादी तय होते ही बना ली दूरियां; मारते वक्त पूछा- छोड़ना ही था, तो प्यार का नाटक क्यों

ग्वालियर के एक युवक ने अपनी प्रेमिका की बेरहमी से हत्या कर दी। वह उसकी शादी कहीं और तय होने से नाराज था। उसे इस बात का भी गुस्सा था कि शादी तय होते ही प्रेमिका ने उससे बातचीत बंद कर दी थी। ढाई साल तक चला प्रेम संबंध इस तरह खत्म होने से वह बौखला गया था और कुछ समझ नहीं पा रहा था। इस बीच 20 जनवरी को दोपहर करीब 1:45 बजे आरोपी समीर कुशवाह अपनी प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंच गया। वहां युवती ने उसे तुरंत वापस जाने को कह दिया। यही बात समीर को खटक गई। उसे यह स्वीकार नहीं कर पर रहा था कि जो लड़की कभी उससे मिलने के लिए दीवार फांदकर आती थी, वही अब उससे बात तक नहीं करना चाहती है। गुस्से में उसने पास ही पड़े हंसिए से युवती निशा के गले पर वार कर दिया। इसके बाद भी उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ। तड़पती हुई निशा से उसने पूछा कि जब मुझे छोड़ना ही था, तो प्यार का नाटक क्यों कर रही थी? वह तब तक वहीं खड़ा रहा, जब तक निशा की सांसें थम नहीं गईं। पुलिस ने आरोपी समीर को 22 जनवरी की रात गिरफ्तार कर लिया। उससे लंबी पूछताछ की गई। जिसमें उसने अपने प्रेम संबंधों और हत्या के दौरान हुए पूरे घटनाक्रम के बारे में भी बताया। पढ़िए, यह रिपोर्ट… ढाई साल पहले दोस्ती से शुरू हुआ था प्यारग्वालियर के गिरवाई थाना क्षेत्र स्थित छोटे बाबा की पहाड़ी पर रहने वाली निशा कुशवाह (21) की उसके पड़ोसी युवक समीर कुशवाह से दोस्ती थी। दोनों बचपन से एक-दूसरे को जानते थे और करीब ढाई साल पहले उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई। दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें तक खाई थीं। इस बीच निशा के माता-पिता ने उसका रिश्ता कहीं और तय कर दिया। समीर बेरोजगार था। जिस कारण निशा के परिजन उसे पसंद नहीं करते थे। माता-पिता के दबाव में निशा ने भी शादी के लिए हां कर दी। शादी की तारीख 20 अप्रैल तय हो गई थी। परिवार में तैयारियां शुरू हो गई थी। ऐसे में समीर से निशा दूरी बनाने लगी। यही बात समीर को स्वीकार हो रही थी। वह लगातार उससे बात करने की कोशिश करता रहा, लेकिन निशा हर बार उसे नजरअंदाज करने लगी। इससे उसका गुस्सा बढ़ता चला गया। शादी तुड़वाने की कोशिश और धमकीनिशा की शादी रोकने के लिए समीर ने कई हथकंडे अपनाए। उसने मोहल्ले में निशा की बदनामी की और उसके मंगेतर को फोन कर अपने प्रेम संबंध की जानकारी दी। जब इसके बाद भी शादी नहीं टूटी तो उसने मंगेतर को धमकी दी कि अगर वह बारात लेकर आया तो गोली मार देगा। हत्या की पूरी वारदातइस बीच, 20 जनवरी को निशा घर में अकेली थी। उसकी भाभी अपने बेटे को टीका लगवाने आंगनवाड़ी गई थी। इसी दौरान समीर बाउंड्री वॉल फांदकर घर में घुस गया। उसने निशा का हाथ पकड़कर उससे शादी करने की गुहार लगाई, लेकिन निशा ने साफ इनकार कर दिया। कहा कि मेरी शादी तय हो चुकी है। तुम यहां से चले जाओ। गुस्से में समीर ने हंसिया से उसके गले पर दो बार हमला किया। जब वह खून से लथपथ होकर गिर पड़ी और तड़पने लगी तो उसने पत्थर उठाकर उसके सिर पर पटक दिया। निशा की मौत होने के बाद वह बाइक से फरार हो गया। भाई को मोबाइल देकर भाग निकलाघटना के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके से अहम सबूत जुटाए। जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के दौरान युवती के साथ अत्यधिक क्रूरता की गई थी और उसके कान को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया था। पुलिस ने प्रेम-प्रसंग के एंगल से जांच की। आरोपी को तलाशने के लिए पुलिस ने उसे मोबाइल लगाकर चेक किया तो मोबाइल बंद था। पुलिस उसके घर पहुंची तो उसका मोबाइल भाई के पास मिला था। पूछताछ में आरोपी के भाई ने बताया था कि वह घर से जाने से पहले मुझे अपना मोबाइल देकर गया था। हालांकि, पुलिस ने समीर को घेराबंदी कर 22 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने हत्या की पूरी वारदात कबूल कर ली। सीएसपी बोले- बातचीत से इनकार पर की हत्यासीएसपी मनीष यादव ने बताया कि आरोपी समीर कुशवाह ने स्वीकार किया है कि वह प्रेमिका की बेरुखी और उसकी शादी कहीं और तय होने से नाराज था। बात करने गया था, लेकिन जब उसने बातचीत से इनकार किया तो उसने हत्या कर दी। पूरी खबर पढ़ें... घर में घुसकर युवती की गला रेतकर हत्या ग्वालियर में घर में घुसकर एक युवती की बेरहमी से हत्या कर दी गई। घटना के समय वह घर में अकेली थी। पुलिस मामले में प्रेम प्रसंग समेत कई एंगल पर जांच कर रही है। मामला गिरवाई थाना क्षेत्र के छोटे बाबा की पहाड़िया का है। मंगलवार 20 जनवरी को दोपहर निशा (20) अपने घर के कमरे में टीवी देख रही थी। यहां पढ़ें पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:30 am

इंदौर में पूरे परिवार को खत्म करने पहुंचा था सिरफिरा:20 मिनट बंधक रखा, युवती को मारने चाकू से किया हमला, भाई बीच में आ गया

इंदौर में सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपी वेदांत सोलंकी को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। वह बार-बार धोखा मिलने की बात कह रहा है। जबकि विधि उससे बात ही नहीं करना चाहती थी। इसी सनक के चलते उसने विधि पर हमला करने की योजना बनाई। उसका इरादा था कि अगर विधि और उसके माता-पिता उसकी बात नहीं मानेंगे तो वह उसे जान से खत्म कर देगा। एरोड्रम क्षेत्र के सुखदेव नगर में सोमवार रात जब वेदांत सोलंकी विधि के घर पहुंचा, तो वह उसके माता-पिता से बात करने लगा। काफी देर तक वह अंदर ही रुका रहा और विधि पर अपनी बात मनवाने का दबाव बनाता रहा। इसके बाद अचानक गुस्से में उसने विधि पर चाइनीज चाकू से हमला कर दिया। विधि को बचाने के लिए उसका भाई विधान बीच में आ गया। इसके बाद विधि बालकनी की ओर भागी और गेट बंद कर लिया। तब वेदांत अंदर ही रह गया। इस दौरान विधि ने मदद के लिए शोर मचाया। लोगों ने स्थिति देखी तो पुलिस को सूचना दी। करीब 10 मिनट में पुलिस मौके पर पहुंची और देखा कि विधि का भाई विधान घायल है, वहीं मां अनीता को भी चोटें आई हैं। गुस्से में वेदांत ने खुद को भी घायल कर लिया। पढ़ाई के दौरान बढ़ी थी पहचानजानकारी के मुताबिक, विधि जब पढ़ाई के लिए कोचिंग जाती थी, तब वहां वेदांत काम करता था। इसी दौरान उसकी विधि से पहचान हुई। सामान्य बातचीत के बाद वेदांत उसे लेकर गंभीर हो गया और लगातार उसका पीछा करने लगा। जब यह बात विधि के माता-पिता को पता चली तो उन्होंने वेदांत को पीछा छोड़ने के लिए कहा। इस पर वेदांत ने उन्हें धमकाया और भाई विधान को जान से मारने की बात भी कही। इसके चलते विधि ने घर से निकलना कम कर दिया। थाने में दिया था लिखित माफीनामाइस हत्याकांड से तीन-चार दिन पहले वेदांत ने विधि को ज्यादा परेशान करना शुरू कर दिया था। परिवार से जुड़े एक सदस्य ने उसकी पिटाई भी कर दी थी। मामला थाने तक पहुंचा, जहां विधि के परिवार ने वेदांत और उसके चाचा-चाची के माफी मांगने पर उसे लिखित माफीनामा देने के बाद छोड़ दिया। परिवार को लगा था कि वेदांत अब परेशान नहीं करेगा, लेकिन सोमवार रात वह हथियार लेकर अचानक घर पहुंच गया। समाजजनों ने की फांसी की मांगइधर, वेदांत और विधि के प्रेम प्रसंग की चर्चाओं को समाज के वरिष्ठजनों ने सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि वेदांत ही उनकी बेटी को परेशान कर रहा था। वह आते-जाते उसका पीछा करता था और मोबाइल पर भी परेशान करता था। समाजजनों ने ऐसे अपराधी को फांसी जैसी सख्त सजा देने की मांग की है। यह खबर भी पढ़ें...इंदौर में घर में घुसकर दोस्त के भाई की हत्या इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र स्थित 60 फीट रोड पर सोमवार को सनसनीखेज वारदात हुई। एक युवक ने घर में घुसकर अपनी दोस्त के परिजनों पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में युवती के भाई की मौत हो गई, जबकि युवती और उसकी मां घायल हो गईं। आरोपी ने खुद को भी पेट में चाकू मारकर घायल कर लिया। पूरी खबर यहां पढ़ें...

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:30 am

जिला अस्पताल का मामला:प्लेसमेंट एजेंसी के कार्मिक हटाए, 2 दिन से जिला अस्पताल में सेवाएं प्रभावित, मरीज हो रहे परेशान, लगी लंबी कतारें

मेडिकल कॉलेज में नए मैनपावर टेंडर के बाद रविवार को प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से लगे पुराने 500 से अधिक कार्मिकों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। ऐसे में जिला अस्पताल में दो दिन से व्यवस्थाएं प्रभावित हैं। वैकल्पिक व्यवस्थाओं के तौर पर बीएससी नर्सिंग व जीएनएमटीसी के स्टूडेंट्स जरूर लगाए हैं, लेकिन ओपीडी काउंटर, ब्लड कलेक्शन सेंटर, सेंट्रल लैब, ओटी, लेबर रूम सहित सभी वार्डों में व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। स्टाफ की कमी के चलते मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को अस्पताल में 4 हजार से अधिक मरीज पहुंचे। इनमें से करीब 150 मरीजों को जांच के बाद भर्ती किया, लेकिन स्टाफ की कमी के चलते कई वार्ड मरीजों से खाली नजर आए। भास्कर लाइव - ओपीडी काउंटर व ब्लड सेंटर पर लंबी कतारें, 14 में से 8 दवा काउंटर बंद ओपीडी काउंटर पर कंप्यूटर ऑपरेटर की संख्या कम होने से सुबह से दोपहर तक मरीजों की लंबी कतारें रहीं। मरीजों को पर्ची कटाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। डॉक्टर ओपीडी के बाहर भी गार्ड नहीं होने से अव्यवस्थाओं का आलम दिखा। ब्लड कलेक्शन सेंटर पर लंबी कतारें रहने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्टूडेंट्स की ओर से मरीजों के ब्लड सैंपल लिए गए। ब्लड कलेक्शन सेंटर पर रोजाना 450 से अधिक मरीजों के कलेक्शन के स्थान पर 150 मरीजों के ही सैंपल लिए गए। दोपहर तक सेंट्रल लैब के पैथोलॉजी व बायोकेमेस्ट्री विभाग में एक ही लैब टेक्नीशियन के भरोसे रही। बायोकेमेस्ट्री विभाग में हार्मोन की जांच बंद रही। प्लेसमेंट एजेंसी से लगे 21 फार्मासिस्ट नहीं होने से 14 में से 8 निशुल्क दवा काउंटर (डीडीसी) अस्पताल प्रशासन को बंद रखने पड़े। मरीजों को दवा लेने में भी दिक्कतें रहीं। सेंट्रल लैब में 37 लैब टेक्नीशियन व लैब सहायक नहीं होने से जांचें प्रभावित रहीं। डॉक्टरों को मौखिक आदेश है कि गंभीर रोगियों को ही भर्ती किया जाए। कंप्यूटर ऑपरेटर नहीं, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना की एंट्री आधे से कम कंप्यूटर ऑपरेटरों की कमी के चलते मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में भर्ती मरीजों के क्लेम एंट्री आधे से भी कम की गई। रोजाना 5 से 10 लाख के क्लेम के स्थान पर एंट्री नहीं होने से 2 से ढाई लाख की ही एंट्री हुई। सेंट्रल लैब में लगे 26 एलटी के जाने से 8 कार्मिकों के भरोसे संचालित हो रही है। ब्लड बैंक में 14 के स्टाफ के स्थान पर 5 कार्मिकों से काम चलाया गया। मरीजों के ब्लड के क्रॉस मैच लगाने में भी स्टाफ की कमी के चलते देरी रही। ब्लड सेपरेशन यूनिट का कार्य भी प्रभावित रहा। ब्लड सेंटर से 31 जनवरी को होने वाले रक्तदान शिविर की अनुमति नहीं दी गई। हेल्पर गार्ड नहीं होने से वार्डों में मरीजों की जांच रिपोर्ट भी समय पर नहीं आने से डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ परेशान दिखा। अस्पताल में प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से लगे कार्मिक हटने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था की है। सभी डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ व पैरा मेडिकल स्टाफ के अवकाश पर रोक लगा दी है। सीएमएचओ से फार्मासिस्ट व लैब टेक्नीशियन की डिमांड की है। सेंट्रल लैब में स्टाफ की कमी के चलते जांचे प्रभावित है। - डॉ. हनुमानराम चौधरी, अधीक्षक, जिला अस्पताल।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:28 am

भाजपा मंडल अध्यक्ष ने आउटसोर्स कर्मचारी को पीटा, गालियां दी:कक्ष में घुसने से रोकने पर कोहनी मारी, नौकरी से हटवाने की धमकी

सिविल अस्पताल हजीरा में मंगलवार को उस समय हंगामा हो गया जब स्वयं को भाजपा का मंडल अध्यक्ष बताने वाले युवक योगेंद्र तोमर ने रिपोर्ट देने वाले आउटसोर्स कर्मचारी मंगल भदौरिया पर हाथ उठा दिया। विवाद की वजह यह बताई जा रही है कि मंडल अध्यक्ष रिपोर्ट कक्ष के अंदर शाम करीब 4 बजे दाखिल हो गए। स्टाफ ने उनसे यह कह दिया कि रिपोर्ट विंडो से लें। अभी विंडो भी खाली है। यह बात नेताजी को इतनी बुरी लग गई कि उन्होंने कहा कि वह भाजपा के मंडल अध्यक्ष हैं। कर्मचारी ने उसे आखिर क्यों नहीं पहचाना। इस पर उन्होंने कर्मचारी की पीठ पर कोहनी मारी। साथ ही धमकी दी कि मैं इसे बता रहा हूं कि मैं मंडल अध्यक्ष हूं और यह कह रहा है कि क्या होता है मंडल अध्यक्ष। मंगल भदौरिया ने बताया कि स्वयं को भाजपा का मंडल अध्यक्ष बताने वाले योगेंद्र तोमर से उसने निवेदन किया था कि रिपोर्ट विंडो से ले लो। इस पर उन्होंने मुझे गालियां देने के साथ पीटा और धमकी दी है कि अब देखता हूं कि तू नौकरी कैसे करता है? पहले पीटा, वीडिया वायरल पर बोले- मैंने परिचय दिया था योगेंद्र तोमर द्वारा मारपीट करने का वीडियो वायरल हो गया है। इस संबंध में योगेंद्र तोमर का कहना है कि मैंने अपना परिचय दिया था। कर्मचारी ने बदतमीजी की, लेकिन मैंने उसे नहीं मारा। मेरी उससे बात हो गई थी। वीडियो किसी ने गलत वारयल कर दिया। वहीं हॉस्पिटल कैंपस में मारपीट के मामले में अस्पताल प्रभारी डॉ. प्रशांत नायक का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। वहीं प्रभारी अस्पताल डॉ. वीर पाल का कहना है कि उनकी कर्मचारी से बात नहीं हुई है। अगर ऐसा है तो वह कर्मचारी से बात करेंगे। इस मामले का समाधान कराएंगे। कर्मचारी बोला-वेतन मिल नहीं रहा, रोज देते हैं धमकी कर्मचारी मंगल भदौरिया का कहना है कि यहां धमकी देकर नौकरी खाने वाले नेता तो रोज आते हैं, लेकिन ऐसा कोई नेता आजतक नहीं आया जिसने यह पूछा कि तुम्हें वेतन समय पर मिल रहा है या नहीं। हमें एक साल हो गया वेतन नहीं मिला है। प्रदेशाध्यक्ष बोले- केस दर्ज नहीं हुआ तो होगा आंदोलनमप्र संविदा आउटसोर्स कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष कोमल सिंह का कहना है कि आउटसोर्स कर्मचारी के साथ ड्यूटी पर मारपीट करने वाले युवक पर शासकीय कार्य में बाधा का मामला दर्ज कराकर अस्पताल प्रबंधन कार्रवाई करे। अन्यथा संघ आंदोलन करेगा।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:27 am

अवैध खनन का मामला:अवैध बजरी भरने की फिराक में खड़े पांच ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त, चालक पकड़े

गोल गांव की सरहद में लूणी नदी में अवैध खनन कर बजरी भरने की फिराक में घूम रहे पांच ट्रैक्टर-ट्रॉली को पचपदरा पुलिस ने जब्त किया है। वहीं पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर वाहनों को दूदवा चौकी में खड़ा करवाया गया। एसपी रमेश ने बताया कि जिले में अवैध खनन की रोकथाम को लेकर लगातार दबिश देकर कार्रवाई की जा रही है। पचपदरा व दूदवा चौकी टीम गश्त के दौरान गोल सोढ़ा गांव पहुंची, जहां अवैध खनन की बजरी भरने की फिराक में खड़े पांच ट्रैक्टर-ट्रॉली को रुकवाया गया। जांच करने पर चालकों के पास दस्तावेज नहीं मिले। पांचों वाहनों को सीज कर चालक रामाराम, पुखराज, भोमाराम, गुणेशाराम व नरेश मूंढ को धारा 126/170 बीएनएस के तहत गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई में थानाधिकारी अचलाराम, दूदवा चौकी प्रभारी अमराराम, कांस्टेबल जसाराम व चुन्नाराम शामिल रहे। इनसाइट - ईसी नहीं मिलने से खनन बंद, इसलिए अवैध खनन बढ़ा लूणी नदी में कई जगहों पर बजरी के अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थी। 25 जनवरी को समदड़ी पुलिस ने बामसीन फांटा पर देवड़ा सरहद में नाकाबंदी कर अवैध बजरी से भरे ट्रेलर को जब्त कर चालक को गिरफ्तार किया था। वहीं जसोल पुलिस ने बिठूजा सरहद में अवैध बजरी भरकर जा रहे दो ट्रेक्टर-ट्रॉली को जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। लूणी नदी में पचपदरा तहसील में आठ लीजों का आवंटन हो रखा है, लेकिन ईसी जारी होने के बाद केवल कनाना सरहद में एक लीज चल रही है।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:24 am

कार्रवाई...:4 क्लीनिक सील, 12वीं पास कर रहा था इंजेक्शन से पाइल्स का इलाज

ग्वालियर में सीएमएचओ डॉ. सचिन श्रीवास्तव के निर्देश पर फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ अभियान जारी है। मंगलवार को टीम ने औचक निरीक्षण में ऐसे कई क्लीनिकों पर कार्रवाई की जो नियमों का उल्लंघन कर मरीजों का एलोपैथिक इलाज दे रहे थे। सीएमएचओ की डॉ.उमेश मौर्य और पुरेंद्र राजपूत के नेतृत्व में मंगलवार को टीम रायरू स्थिति बंगाली क्लीनिक पहुंची। यहां 12वीं पास प्रदीप राय पाइल्स और फिस्टुला का इंजेक्शन लगाकर मरीजों का इलाज कर रहे थे। जब टीम ने उनके सीएमएचओ रजिस्ट्रेशन और डिग्री मांगे तो उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया। इसके बाद क्लीनिक को सील कर दिया गया। टीम ने कुल पांच क्लीनिक पर छापामार कार्रवाई की, जिसमें एक क्लीनिक को सील करने पर विवाद भी हुआ। इन क्लीनिक पर मिली गड़बड़ी 1. बंगाली क्लीनिक, रायरू 2. तिवारी क्लीनिक, मोतीझील 3. शर्मा क्लीनिक, मोतीझील 4. सिकरवार क्लीनिक, पुरानी छावनी 5. नेहा स्वास्थ्य सदन, रायरू

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:23 am

बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें:मेला जलमग्न, शहरभर में गुल रही देर रात तक बिजली

मंगलवार को शहर में हुई बारिश ने बिजली कंपनी का सप्लाई सिस्टम एक बार फिर फेल हो गया। दोपहर बाद से इस सप्लाई सिस्टम ने दम तोड़ना शुरू किया और स्थिति इतनी बिगड़ी कि अधिकांश शहरी क्षेत्र इसकी चपेट में आ गया। सबसे ज्यादा फॉल्ट 33 केवी लाइनों के ब्रेक होने पर हुए हैं। वहीं, लाइन स्टाफ देर रात कई क्षेत्रों में ये फॉल्ट तलाशता रहा। उन्हें बिजली कंपनी के स्काड़ा या दूसरी तकनीकों का कोई फायदा नहीं मिल पाया। इतना ही नहीं दम तोड़ चुके इस सप्लाई सिस्टम ने बिजली कंपनी के मेंटेनेंस अभियान की भी पूरी पोल खोल दी। क्योंकि, कंपनी प्रबंधन दावा करता है कि मेंटेनेंस होता रहेगा तो आंधी-बारिश में भी सप्लाई पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। लेकिन मंगलवार को बारिश के बाद शहर का कोई भी एरिया अघोषित कटौती की मार से अछूता नहीं रहा। शहर के कई क्षेत्रों में देर रात तक भी सप्लाई शुरू नहीं हो सकी थी। मंगलवार को बिजली कंपनी के कॉल सेंटर पर ग्वालियर शहर से 5294 शिकायतें सप्लाई को लेकर दर्ज हुईं। इन क्षेत्रों में रात तक गुल रही बिजली: पड़ाव, गांधी नगर, गिरवाई, महाराजपुरा, डीडी नगर, मुरार, गोल पहाडिया, कंपू, सिकंदर कंपू, गोरखी बाड़ा, घासमंडी, कांच मिल, कोटेश्वर, गरम सड़क मुरार, शिंदे की छावनी, लोहा मंडी, गारमेंट पार्क, श्याम मंदिर क्षेत्र, चंदन नगर, प्रेम नगर, संजय नगर, महादजी नगर, सिंधी कॉलोनी, हुरावली, बारादरी, लक्ष्मण गढ़ आदि में बिजली गुल रही। झांसी रोड, चेतकपुरी व सिटी सेंटर चौराहा सहित कई जगह जलभराव बारिश ने शहर के कई जल भराव एरिया में पानी भर गया। । सबसे ज्यादा समस्या सिटी सेंटर (राजमाता चौराहा) चौराहा पर हुई। उधर नाका चंद्रवदनी चौराहा से झांसी रोड की एक तरफ की सड़क काफी बेकार स्थिति में है। यहां पर सड़क में गई जगह गहरे-गहरे गड्ढे थे। इससे छोटे ही नहीं बड़े वाहनों को निकालने में दिक्कत आई। इस कारण रोड पर जाम जैसे हालात शाम के वक्त हुए। बारिश के बाद से नालियों की सफाई ठीक से नहीं हुई। जहां पर नालियां बनाई गईं। उनमें ठेकेदार ने पत्थर सहित अन्य सामान छोड़ दिया। ऐसी स्थिति ​एयरटेल आफिस रोड, चेतकपुरी रोड सहित अन्य जगह बनी। यहां पर इसकी वजह से जल भराव हुआ। यहां भरा बारिश का पानी सिटी सेंटर चौराहा के अलावा जमुनाबाग नर्सरी के बाहर रोड पर, नदी गेट रोड, सिंधिया महल गेट के आगे से मोती तबेला तक, चेतकपुरी चौराहा के आगे, नाका चंद्रवदनी चौराहा रोड पर गड्ढों में पानी भरा, एजी पुल के नीचे, पड़ाव रेल ओवर ब्रिज स्टेशन बजरिया की तरफ, पिंटो पार्क सहित अन्य जगह बारिश के चलते जल भराव हुआ। विशेषज्ञ बोले- बरतें सावधानी इस मौसम में वायरल इंफेक्शन अपना असर दिखा रहा है। जेएएच की मेडिसिन विभाग की ओपीडी में आने वाले मरीजों में करीब 40 फीसदी मरीज वायरल इंफेक्शन के हैं। शहर का मौसम मंगलवार को बदल गया। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश होने के कारण वायरल इंफेक्शन, निमोनिया,अस्थमा के मरीज और बढ़ेंगे। इसलिए इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। जीआरएमसी के मेडिसिन विभाग के प्रोफे. डॉ. अजय पाल सिंह का कहना है कि बारिश के कारण अब वायरल इंफेक्शन, निमोनिया, अस्थमा की परेशानी और बढ़ेगी। इसके साथ–साथ कोहरे पड़ने के कारण खून में गाढ़ापन आ जाता है जिसके कारण ब्रेन अटैक और हार्ट अटैक तथा ब्लडप्रेशर बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है है। इसलिए डायबिटीज और ब्लडप्रेशर के मरीजों का अधिक सतर्कता बरतनी चाहिए। सुबह टहलने देर से जाएं। साथ ही जिम जाने वाले और व्यायाम करने वाले युवा भी इस मौसम में सावधानी बरतें।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:22 am

केंद्र ने राज्य सरकारों को भेजा पत्र:ग्रामीण क्षेत्रों में जल वितरण के प्रबंध से आय बढ़ाएंगी सहकारी समितियां

प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में जल आपूर्ति व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार की सहकार से समृद्धि' पहल के तहत, अब प्रदेश की प्राथमिक कृषि ऋण सोसायटियों को जल प्रबंधन समिति के रूप में कार्य करने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इस संबंध में सहकारिता मंत्रालय की ओर से राज्य सरकार को पत्र भेजा गया है। इसमें वित्तीय रूप से मजबूत सहकारी समितियों का चयन करने को कहा गया है। ये समितियां अपने क्षेत्र में जल प्रबंधन का काम हाथ में लेकर अपनी आय बढ़ा सकेंगी। शुरुआत में चुनिंदा क्षेत्रों में पायलट प्रोजेक्ट चलाया जाएगा। इसकी सफलता के बाद अन्य जगहों पर दूसरी समितियों के लिए भी अवसर उपलब्ध होंगे। मरुस्थलीय इलाकों में पेयजल प्रबंधन हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। अब तक ग्रामीण क्षेत्रों में पाइप जल आपूर्ति के संचालन और रखरखाव का कार्य मुख्य रूप से पीएचईडी के जिम्मे है। हालांकि इसके लिए भी ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों का गठन किया जाता रहा है। मगर ये समितियां भी पेयजल आपूर्ति से लेकर बिल संग्रहण में ज्यादा सफल नहीं रही हैं । वित्तीय संसाधनों और तकनीकी कौशल की कमी के कारण कई योजनाएं बीच में ही दम तोड़ देती थीं। चूंकि सहकारी समितियों का कार्यक्षेत्र पहले से ग्रामीण इलाका है, मंत्रालय ने इन्हें जल शक्ति उपयोगिता के रूप में कार्य करने हेतु उपयुक्त माना है। इसके तहत इन्हें अब गांवों में बिछाई गई पाइप लाइनों के रखरखाव, मीटरिंग और जल वितरण की निगरानी की जिम्मेदारी दी जाएगी। इससे गांव के स्थानीय युवाओं को तकनीकी कार्यों और प्लंबिंग जैसे कार्यों में रोजगार मिलेगा। वहीं, जल प्रबंधन समिति के रूप में कार्य करने पर सहकारी समितियों को सर्विस चार्ज और रख-रखाव शुल्क के माध्यम से अतिरिक्त आय होगी, जिससे सहकारी समितियां आर्थिक रूप से मजबूत होंगी। दूसरी ओर ग्रामीणों के लिए निर्बाध जल आपूर्ति संभव हो सकेगी। इससे जेजेएम के तहत बने निर्माणों की निगरानी और रखरखाव भी आसान हो जाएगा। राज्य में अभी दस हजार से ज्यादा ऐसी समितियां हैं, मगर इनमें से आर्थिक रूप से बेहतर प्रदर्शन करने और संसाधनों की दृष्टि से मजबूत समितियों को चुना जाएगा। चुनौती : 37% समितियों में पूर्णकालिक प्रबंधक नहीं नई बनी समितियों को छोड़ दें तो 8 हजार से ज्यादा समितियों में से 3,023 समितियों में मैनेजरों की कमी है। सबसे ज्यादा कमी चित्तौड़गढ़ जिले में है। जहां 237 समितियों में मैनेजर नहीं हैं। इसके बाद नागौर 229 का नंबर आता है। जबकि डूंगरपुर जिले में मैनेजरों की कमी सबसे कम है, जहां केवल 28 समितियों में पद रिक्त हैं। इसके बाद बूंदी में 30 और सिरोही में 32 मैनेजरों के पद खाली हैं।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:21 am

एलआईजी से नौलखा एलिवेटेड कॉरिडोर का काम 15 फरवरी से पहले शुरू होगा, 2 साल में बनाने का दावा

एबी रोड पर बीआरटीएस हटाने के साथ बॉटल नेक वाले एलआईजी से नौलखा चौराहा तक के हिस्से में अब तय हो गया है कि यहां फ्लायओवर नहीं, पूर्व में प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर ही बनेगा। जिला प्रशासन ने पूरा प्लान बना लिया है। दावा है कि 15 फरवरी से पहले काम शुरू हो जाएगा। 2 साल में तैयार होगा। 2021 में जारी वर्क ऑर्डर के बाद इसे लेकर लगातार असमंजस था कि एलिवेटेड बनने से ज्यादा फायदा नहीं मिलेगा। हालांकि अब जो रिपोर्ट प्रशासन ने बनाई है, उसके मुताबिक इस पर से 60 प्रतिशत ट्रैफिक ऊपर चलने लगेगा। साथ ही सात चौराहों पर जो ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती थी, वह नहीं बनेगी। इस एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण पीडब्ल्यूडी की ही ब्रिज सेल यूनिट करेगी। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक सेंट्रल रोड फंड से बनने वाला यह कॉरिडोर लगभग 7.40 किमी लंबा और फोर लेन होगा। इसकी लागत करीब 350 करोड़ रुपए आएगी। यह कॉरिडोर एलआईजी चौराहा, पलासिया, गीता भवन, शिवाजी वाटिका, जीपीओ, इंदिरा गांधी प्रतिमा होते हुए नौलखा चौराहे तक जाएगा। मालूम हो, दिसंबर में मुख्यमंत्री द्वारा लिए गए फैसले के बाद इसे लेकर कलेक्टर ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन की भी सहमति ली है। अगले माह से कॉरिडोर के फाउंडेशन का काम शुरू होगाठेकेदार एजेंसी ने साइट पर आरएमसी प्लांट, कैंप और साइट ऑफिस स्थापित कर दिया है। फरवरी 2026 से फाउंडेशन का काम शुरू किया जाएगा। वर्तमान में इस रोड पर 9 प्रमुख इंटरसेक्शन हैं, जहां पीक ऑवर्स में ट्रैफिक दबाव 6500 पीसीयू (पैसेंजर कार यूनिट) प्रति घंटे तक रहता है। कॉरिडोर पर तीन प्रमुख भुजाएं उतरेंगी। पहले चरण में एलआईजी से शिवाजी वाटिका के बीच काम शुरू होगा। ट्रैफिक सुधार में बड़ा कदम, बस समय पर पूरा हो एलआईजी से नौलखा एलिवेटेड कॉरिडोर इंदौर की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने वाला प्रोजेक्ट है। दावा है कि इसके बनने से न सिर्फ जाम की समस्या कम होगी, बल्कि शहर को एक तेज, सुरक्षित और आधुनिक यातायात मार्ग भी मिलेगा। बस जरूरत है, यह समय पर पूरा हो। साथ ही शहर के सबसे व्यस्त चौराहों पलासिया, गीता भवन, शिवाजी वाटिका, जीपीओ और एमवायएच चौराहा पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी। 15 फरवरी से पहले काम शुरू कर देंगे एलिवेटेड कॉरिडोर की सारी प्लानिंग हो चुकी है। जनप्रतिनिधियों से भी चर्चा और मुख्यमंत्री के निर्देश के मुताबिक 15 फरवरी से पहले काम शुरू कर देंगे। संबंधित एजेंसी और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से भी चर्चा हो चुकी है।- शिवम वर्मा, कलेक्टर

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:17 am

पीएम श्री विद्यालय में गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में हंगामा:मंच पर चढ़ा शिक्षक, बोला- बंद करो कार्यक्रम अतिथियों को भी नीचे उतारा, दो घंटे चला ड्रामा

हलैना के पीएमश्री राउमा विद्यालय में अध्यापकों ने गणतंत्र दिवस समारोह को अखाड़ा बना दिया जहां एक अध्यापक ने तो मर्यादा को ताक पर रख समारोह को बीच में ही रोकते हुए मंचासीन अतिथियों को खड़े होने के लिए बोल दिया। इससे मंचासीन अतिथि हक्के-बक्के रह गए। करीब 2 घंटे हाई वॉल्टेज ड्रामा हुआ। हलैना के राउमावि में 77वें गणतंत्र दिवस पर बच्चों का सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहा था। मंच पर प्रधानाचार्य तुरसीराम सहित पंचायत प्रशासक दीपेश कुमार, पप्पू ठाकुर, अन्नू व बाहर से आए वरिष्ठ अध्यापक बैठे हुए थे तभी मंच के समीप स्थित कमरे में अध्यापक योगेश धाकड़ व अन्य कार्मिक के बीच कहासुनी हो गई। इससे तमतमाए अध्यापक योगेश ने मंच पर आकर बोला कि बंद करो कार्यक्रम। अतिथि कुछ समझ पाते उससे पहले ही उनको भी खड़े होने के लिए बोल दिया और समारोह बंद करा दिया। अध्यापक के गलत व्यवहार से खिसियाए अतिथियों ने भी अध्यापक को आड़े हाथ ले लिया। इससे मंच पर अफरा तफरी मच गई। शब्दों की मर्यादा तार तार हो गईं। इससे शिक्षिकाएं सहमकर कमरों में चली गईं। मंच पर तनाव को देख बच्चों को मिठाई बांट तुरन्त रवाना कर दिया गया। अध्यापक योगेश ने कार्यक्रम रुकवाने के बाद बोला कि डीईओ से लेकर डायरेक्टर तक मेरी शिकायत कर दो। बंदा हाजिर मिलेगा। अध्यापक बोला - ज्यादा बात की तो बात बहुत आगे तक जाएगी विवाद के बाद प्रधानाचार्य कक्ष में स्टाफ और ग्रामीणों की बैठक हुई जहां अध्यापक योगेश ने कहा कि ज्यादा बात की तो बात बहुत आगे तक जाएगी क्योंकि स्कूल मैनेजमेंट कमेटी में चेकों पर अध्यक्ष के फर्जी साइन होते हैं। भास्कर इनसाइट - प्रभार और सामान खरीदने पर चल रहा शीतयुद्ध सुबह ठीक साढ़े 10 बजे थे तभी पंचायत शिक्षक सुरेंद्र ने मंच पर आकर माइक थाम लिया और मंच पर बैठे प्रधानाचार्य पर एसडीएमसी की नियमित बैठक नहीं करने, अनुशासन व्यवस्था डगमगाने के आरोप जड़ दिए। अध्यापक योगेश ने वीडियो बना ली। एचएम गुट को लगा कि वीडियो को वायरल किया जाएगा। यहीं से विवाद शुरू हुआ। प्रधानाचार्य से प्रकरण की जानकारी लेता हूं। जांच के बाद एक्शन लेंगे। -सुरेन्द्र गोपालिया, डीईओ माध्यमिक

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:16 am

ढाई दशक बाद फिर उम्मीद:अटल खेल संकुल का बंद स्विमिंग पूल मई तक खुलेगा, खिलाड़ियों को 24 साल बाद फिर सौगात

ढाई दशक तक खामोश पड़े अटल खेल संकुल के स्विमिंग पूल में फिर से हलचल होने जा रही है। करीब 24 साल पहले ड्रेनेज लाइन का पानी पूल में आने लगा था। हालात ऐसे बने कि इसे बंद करना पड़ा। एक साल पहले इसके जीर्णोद्धार का काम शुरू हुआ। अब दावा है कि पूल चार माह में शुरू होगा। 24 साल में अटल खेल संकुल के आसपास का पूरा इलाका बदल चुका है। जहां पहले खुला वातावरण था, वहां अब बहुमंजिला इमारतें खड़ी हो चुकी हैं। इसी वजह से पूल को ऊपर से ढंकने का निर्णय लिया गया है। पूल को करीब 22 फीट ऊंचाई पर सफेद टेंसाइल मटेरियल से कवर किया जाएगा। यह कपड़े जैसा मजबूत होगा, जिससे धूप और धूल-धुएं से बचाव हो सकेगा। इस प्रोजेक्ट पर निगम एक करोड़ रुपए खर्च कर रहा है। मंगलवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने क्षेत्र क्रमांक-2 स्थित अटल खेल संकुल पहुंचकर पूल के काम का निरीक्षण किया। यहां स्पर्धाएं नहीं होंगी, खिलाड़ी प्रैक्टिस कर सकेंगे महापौर ने काम में तेजी लाने और चार महीने में पूल फिर से शुरू करने की बात अफसरों से कही। इससे खिलाड़ियों और शहरवासियों को फायदा मिल सकेगा। निरीक्षण के दौरान एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौर ने महापौर को बताया, यह स्विमिंग पूल किसी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए नहीं, बल्कि शहर के युवाओं को सीखने और खिलाड़ियों के अभ्यास के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है। नेहरू पार्क का स्विमिंग पूल भी जल्द शुरू होगा नेहरू पार्क के स्विमिंग पूल में भी काम तेजी से चल रहा है। वहां पुरानी टाइल्स हटाकर काम शुरू कराया गया है। एक महीने में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। इसके बाद सवा महीने के भीतर नेहरू पार्क का स्विमिंग पूल भी शुरू करने की स्थिति में होगा। गौरतलब है कि पूर्व में निगम इसे जनवरी में शुरू करना चाहता था, लेकिन पार्क में जमा कबाड़ हटाने के चलते काम पूरा नहीं होने के कारण अब मार्च तक शुरू करने की योजना है।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:14 am

क्रिश्चियन कॉलेज की जमीन पर प्रशासन आज लेगा कब्जा

शहर के बीच सरवटे बस स्टैंड से लगी जमीन पर चल रहे क्रिश्चियन कॉलेज की लीज निरस्ती के बाद जिला प्रशासन बुधवार को उसका औपचारिक कब्जा लेगा। कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि एसडीएम को इस संबंध में निर्देशित कर दिया है। हालांकि मंगलवार को इसी मामले में संभागायुक्त कार्यालय से अपर आयुक्त राजस्व द्वारा जारी एक पुराने स्टे ऑर्डर को लेकर गफलत हुई। अपर कलेक्टर द्वारा जारी ऑर्डर में कहा गया कि आवेदक ने जो तर्क दिए हैं और जो आदेश हुआ है, वह प्राकृतिक न्याय सिद्धांतों के खिलाफ है। संस्था को प्रस्तुत तर्कों पर प्रतिपरीक्षण का अधिकार है। इसलिए आवेदक द्वारा लगाए गए स्टे आवेदन पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए जाते हैं। हालांकि शाम को ही इस आदेश को लेकर संभागायुक्त कार्यालय ने स्पष्ट किया कि अपर कलेक्टर का आदेश कलेक्टर द्वारा 26 दिसंबर को जारी प्रतिपरीक्षण के लिए दी गई अनुमति को अस्वीकार करने को लेकर था। इस मामले का ही निगरानी केस अपर आयुक्त कोर्ट में चल रहा था। चूंकि अब कलेक्टर द्वारा 12 जनवरी को जारी लीज निरस्ती का आदेश हो चुका है और इसकी जानकारी मंगलवार को ही मिली, इसलिए अपर आयुक्त कोर्ट में चल रहा केस भी समाप्त कर दिया है। यह है पूरा मामला : 1887 में होलकर रियासत से मिली थी जमीन इंदौर कस्बे के खसरा नंबर 407/1669/3 की कुल 68.303 हेक्टेयर भूमि में से 1.702 हेक्टेयर भूमि पर क्रिश्चियन कॉलेज स्थित है। कॉलेज प्रबंधन ने एक नक्शा स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया था। इसमें कॉलेज परिसर की जमीन पर व्यावसायिक कार्यालय, दुकानें और अन्य निर्माण प्रस्तावित थे। नक्शा प्रस्तुत करने की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने पूरी जमीन की जांच कराई। इसमें पता चला कि यह जमीन वर्ष 1887 में होलकर रियासत के समय महारानी भागीरथी बाई द्वारा कैनेडियन मिशन को महिला अस्पताल और स्कूल के संचालन के उद्देश्य से दी गई थी। साथ ही यह शर्त भी लगाई थी कि जब तक जमीन का उपयोग अस्पताल और स्कूल के लिए किया जाएगा, तब तक यह चर्च के पास रहेगी। उपयोग बंद होने पर जमीन वापस लेने का अधिकार महाराजा के उत्तराधिकारियों के पास रहेगा। इसी मामले पर कलेक्टर ने आदेश जारी कर जमीन को सरकारी घोषित किया था।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:13 am

ई-स्कूटी से पर्यटक कर सकेंगे शहर का भ्रमण:बीडीए कार्यालय पहुंचीं 40 स्कूटी, राजेंद्र नगर नगर निगम  की पार्किंग में होगा  चार्जिंग स्टेशन

अब पर्यटक ई-स्कूटी के जरिए शहर का भ्रमण कर सकेंगे। पर्यटन को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बीडीए ने बड़ी पहल की है। बीडीए कार्यालय में 40 ईवी स्कूटी पहुंच चुकी है। फरवरी की शुरुआत में ई-स्कूटी की सेवा पर्यटकों के लिए शुरू हो जाएगी। इसके अलावा इनके सुचारू संचालन के लिए 9 ईवी स्टेशनों की भी पूरे तरीके से तैयार कर दिया गया है। वहीं, राजेंद्र नगर में नगर निगम की पार्किंग में उसका चार्जिंग स्टेशन रहेगा। जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पिछले साल ई-साइकिलिंग और ई-बाइक स्टेशन स्थापित करने की घोषणा की गई थी। उसी के तहत इलेक्ट्रिक व्हीकल से टूरिस्ट शहर में पर्यटन स्थलों पर घूम सकें। इसके लिए 10 ईवी स्टेशन तैयार कराए गए थे, जिसके लिए बीडीए की ओर से एप तैयार कर लिया गया है। जीपीएस स्टॉल का काम चल रहा है। इसके अलावा राजेंद्र नगर में चार्जिंग स्टेशन को तैयार करने का भी काम किया जा रहा है,जो अगले हफ्ते तक बन कर तैयार हो सकेगा। ई-स्कूटी पर्यटकों को जीपीएस पार्क, टाउन हॉल, आरबीएम हॉस्पीटल, गोविंद निवास सर्कल, हीरादास बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मेडिकल कॉलेज एसपीजेड कॉलोनी के पास, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के ईवी-स्टेशन पर पर्यटकों को स्कूटी आसानी से मिल सकेंगे। ई-स्कूटी के प्राइज पर्यटकों के लिए तय किए जा रहे हैं। वहीं,चार्जिंग स्टेशन तैयार किया जा रहा है। जल्द ही पर्यटकों को ई-स्कूटी की सुविधा मिलेगी। -लवकुश यादव, जेईएन बीडीए

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:13 am

जनगणना 2027 के दूसरे चरण में जाति जनगणना की जाएगी:सरकार बोली- कुछ लोग भ्रम फैला रहे, यह पहले भी स्पष्ट किया जा चुका

गृह मंत्रालय ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि जनगणना 2027 के दूसरे चरण में जाति जनगणना भी की जाएगी। सरकार ने कहा कि देश भर में फरवरी 2027 से जनगणना शुरू हो जाएगी। गृह मंत्रालय ने कहा कि जनगणना 2027 के बारे में पूरी जानकारी 12 दिसंबर, 2025 को एक प्रेस नोट के माध्यम से जारी की गई थी। फिर भी, कुछ लोग जानबूझकर जनगणना-2027 और विशेष रूप से जाति जनगणना के बारे में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्रालय ने आगे बताया कि जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फ से ढके क्षेत्रों और गैर-समकालिक क्षेत्रों सितंबर, 2026 में ही इसे पूरा किया जाएगा। अखिलेश यादव बोले- जाति जनगणना BJP का जुमला समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) का जाति जनगणना कराने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने PDA समुदाय - पिछड़े (पिछड़ी जातियां), दलित और अल्पसंख्यक (माइनॉरिटी) को धोखा देने का आरोप लगाया। सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि जनगणना नोटिफिकेशन में जाति के लिए कोई कॉलम भी नहीं है। वे क्या गिनेंगे? जाति जनगणना भी BJP का जुमला है। कांग्रेस बोली- मोदी सरकार की गंभीरत पर सावल सोमवार को, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि सरकार की तरफ से जारी किए हाउसलिस्टिंग शेड्यूल में शामिल किए जाने वाले विषयों की सूची में सवाल नंबर 12 में पूछा गया है। उन्होंने कहा कि इसमें पूछा गया है कि क्या घर का मुखिया अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य श्रेणियों से संबंधित है। रमेश ने कहा कि इसकी जगह OBC और सामान्य श्रेणियों के बारे में साफ तौर पर पूछा जाए। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि चूंकि जाति जनगणना जनगणना 2027 का हिस्सा होनी है, इसलिए जिस तरह से सवाल 12 बनाया गया है। यह मोदी सरकार के असली इरादों और एक व्यापक, निष्पक्ष, राष्ट्रव्यापी जाति जनगणना के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर गंभीर सवाल उठाता है। 22 जनवरी: सरकार ने सवालों की लिस्ट जारी की थी इससे पहले सरकार ने 22 जनवरी को जनगणना में पूछे जाने वाले सवालों की लिस्ट जारी की थी। सरकार ने बताया था कि इसमें मकान, परिवार, वाहन से जुड़े सवाल हैं। जनगणना के दौरान परिवार के मुखिया को ये जानकारियां देनी होंगी। जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी सरकार ने बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। करीब 30 लाख कर्मचारी मोबाइल एप के जरिए जानकारी जुटाएंगे। मोबाइल एप, पोर्टल और रियल टाइम डेटा ट्रांसफर से जनगणना बहुत हद तक पेपरलेस होगी। ये ऐप Android और iOS दोनों पर काम करेंगे। जाति से जुड़ा डेटा भी डिजिटल तरीके से इकट्ठा किया जाएगा। आजादी के बाद पहली बार जनगणना में जाति की गिनती शामिल होगी। इससे पहले अंग्रेजों के समय 1931 तक जाति आधारित जनगणना हुई थी। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ने अप्रैल में लिया था। 2011 की पिछली जनगणना के अनुसार, भारत की आबादी करीब 121 करोड़ थी, जिसमें लगभग 51.5% पुरुष और 48.5% महिलाएं थीं। ------------ ये खबर भी पढ़ें… देश में आजादी के बाद पहली बार जातिगत जनगणना होगी, राहुल बोले- फैसले का समर्थन, डेडलाइन तय हो देश में आजादी के बाद पहली बार जाति जनगणना कराई जाएगी। केंद्रीय कैबिनेट ने 30 अप्रैल 2025 को जाति जनगणना को मंजूरी दी थी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इसे मूल जनगणना के साथ ही कराया जाएगा। जाति जनगणना के ऐलान के बाद राहुल गांधी ने कहा था- आखिरकार सरकार ने जाति जनगणना की बात कह दी है। हम इसे सपोर्ट करते हैं, लेकिन सरकार को इसकी समय सीमा बतानी होगी। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:13 am

नाम जोड़ने सर्वाधिक आवेदन मंत्री कृष्णा, विश्वास, तुलसी के यहां:एसआईआर में कटे थे 42.74 लाख वोटर्स के नाम, नए 1.69 लाख ही जुड़ेंगे

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव समेत उनके मंत्रियों के चुनाव क्षेत्र से एसआईआर में 8 लाख 20 हजार 255 नाम काटे गए हैं। इसके बाद नए नाम जोड़ने को लेकर सिर्फ 1 लाख 69 हजार 753 आवेदन जमा किए गए हैं। नए नाम जोड़ने के लिए सबसे अधिक आवेदन मंत्री कृष्णा गौर और विश्वास सारंग के विधानसभा क्षेत्र से जमा हुए हैं। पूरे प्रदेश की बात करें तो 42 लाख 74 हजार से अधिक नाम काटने की कार्यवाही एसआईआर में की गई और इसके विपरीत नए नाम जोड़ने के लिए सिर्फ 9 लाख 89 हजार 991 लोगों ने आवेदन जमा किए हैं। आवेदन जोड़ने के लिए यह फार्म लोगों ने चुनाव आयोग के द्वारा निर्धारित फाॅर्म 6 भरकर जमा किए हैं। गोविन्दपुरा, नरेला समेत सिर्फ इन विधानसभा सीट में 10 हजार से अधिक आवेदन नए नाम जोड़ने के लिए जिन विधानसभा क्षेत्रों में दस हजार से अधिक आवेदन जमा किए गए हैं उसमें मंत्री कृष्णा गौर की गोविन्दपुरा विधानसभा सीट सबसे आगे हैं। यहां 17888 आवेदन नए नाम जोड़ने के लिए आए हैं। इसके बाद मंत्री विश्वास सारंग की सीट नरेला में 15115 नए नाम जोड़ने के आवेदन आए हैं। भोपाल जिले की हुजूर विधानसभा सीट जिसके विधायक रामेश्वर शर्मा हैं, वहां से 13024 नए नाम जोड़ने के आवेदन आए हैं। इंदौर जिले में इंदौर 2 विधानसभा सीट से 10446 और इंदौर 5 विधानसभा क्षेत्र से 11040 नाम जोड़ने के लिए आवेदन जमा कराए गए हैं। राऊ सीट के लिए 12700, नागदा खाचरौद सीट के लिए 11047 आवेदन जमा कराए गए हैं। सबसे कम आवेदन वाले विधानसभा में राजनगर और बीना का नाम छतरपुर जिले के राजनगर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने के लिए सबसे कम 1138 आवेदन आए हैं। राजनगर कांग्रेस के पूर्व एमएलए विक्रम सिंह नातीराजा का क्षेत्र है। इसके साथ ही बीजेपी में शामिल होने को लेकर विवादों में चल रही कांग्रेस की एमएलए निर्मला सप्रे भी उन विधायकों में शामिल हैं जिनके यहां नए नाम जोड़ने के लिए कम आवेदन आए हैं। बीना विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर के बाद नाम जोड़ने के लिए 1288 आवेदन जमा हुए हैं। इन विधानसभा सीट में भी दो हजार से कम आवेदन चुनाव आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक टिमरनी विधानसभा सीट से 1463 आवेदन आए हैं। भगवानपुरा सीट से 1556 और रतलाम ग्रामीण के लिए 1629 आवेदन जमा कराए गए हैं तो जावद सीट के लिए 1649 आवेदन नए नाम जोड़ने के लिए आए हैं। छतरपुर जिले की मलहरा विधानसभा सीट से 1742 आवेदन आए हैं। पूर्व मंत्री बिसाहू लाल सिंह की सीट अनूपपुर से 1750 आवेदन नए नाम जोड़ने के लिए मिले हैं। वहीं शमशाबाद विधानसभा सीट के लिए 1781 आवेदन जमा किए गए हैं। भीकनगांव के लिए 1794, बदनावर सीट से 1799, बड़वाह सीट के लिए 1838 आवेदन नए नाम जोड़ने के लिए आए हैं। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के विधानसभा क्षेत्र से 1934 आवेदन जमा हुए हैं। मंत्री कृष्णा और सारंग के क्षेत्र में सबसे अधिक नाम कटेएसआईआर में सबसे अधिक नाम गोविन्दपुरा से विधायक और मोहन सरकार में मंत्री कृष्णा गौर के क्षेत्र से काटे गए थे। भोपाल जिले की इस विधानसभा सीट से 97052 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। दूसरे स्थान पर इंदौर-5 से बीजेपी विधायक महेंद्र हार्डिया का विधानसभा क्षेत्र है। मोहन सरकार के मंत्री विश्वास सारंग और कैलाश विजयवर्गीय के क्षेत्र से 81235 और 75014 वोटर्स के नाम काटे गए। एसआईआर में सबसे कम 6034 नाम नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर विधानसभा क्षेत्र से कटे। एसआईआर ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद जो रिपोर्ट सामने आई थी उसके अनुसार मोहन सरकार के पांच मंत्रियों के क्षेत्र में 50 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। इसमें भोपाल के दो विधानसभा क्षेत्र गोविन्दपुरा और नरेला, इंदौर के इंदौर-1, ग्वालियर जिले की ग्वालियर विधानसभा, ग्वालियर दक्षिण विधानसभा, इंदौर जिले की इंदौर -1 विधानसभा शामिल है। मुख्यमंत्री के यहां 37728, विस अध्यक्ष के यहां 13920 नाम कटे थेएसआईआर के ड्राफ्ट प्रकाशन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विधानसभा सीट उज्जैन दक्षिण से 37728 वोटर्स के नाम काटे गए हैं। मुरैना जिले के दिमनी विधानसभा सीट से विधायक और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के क्षेत्र के 13920 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटे हैं। कांग्रेस के विधायक और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के विधानसभा क्षेत्र गंधवानी से 14712 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। अटेर विधानसभा कांग्रेस के हेमंत कटारे का निर्वाचन क्षेत्र है जहां से 17505 मतदाताओं के नाम कटे हैं। पूर्व मंत्रियों के क्षेत्र में एनालिसिस करने के बाद यह सामने आया कि महेंद्र हार्डिया के यहां सबसे अधिक 87591 नाम कटे हैं। जबलपुर पूर्व से विधायक और पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया के क्षेत्र में 49215 वोटर्स के नाम एसआईआर में काटे गए। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के क्षेत्र से 21981 मतदाताओं के नाम काटे जाने की कार्यवाही एसआईआर में हुई है।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:13 am

16 लाख उज्ज्वला यूजर एक सिलेंडर भी नहीं भरवा पाते:6 साल की आदिवासी बच्ची जंगल से लकड़ियां लाकर जलाती है चूल्हा, मंत्रालय के सामने है झुग्गी

साल 2016 में शुरु हुई प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से गरीबों को गैस कनेक्शन देने की शुरुआत हुई। एमपी में इस योजना का हाल कुछ ऐसा है कि हर साल 15 लाख से ज्यादा उपभोक्ता एक सिलेंडर भी नहीं भरवा पाते। भाजपा सरकार के मंत्री और नेता अक्सर मंच पर इस योजना का जोर-शोर से बखान करते हैं लेकिन, आज भी इस योजना की जमीनी हकीकत कुछ और है। समाज के अंतिम छोर के लोग यानी आदिवासी वर्ग के पास गैस के कनेक्शन नहीं हैं। हालत ऐसी है जैसे- दीया तले अंधेरा। भास्कर रिपोर्टर की आंखों देखी पढ़िए… भोपाल के अरेरा हिल्स पर पुरानी जेल के ठीक सामने की सड़क पर लड़खड़ाते कदमों से सिर पर लकड़ियों का गठ्‌ठर लिए एक बच्ची नंगे पैर आती दिखी। उस बच्ची के पीछे उसके परिवार और मुहल्ले की कुछ महिलाएं और बच्चे-बच्चियां भी सिर पर लकड़ी का गट्‌ठा बांधे आती दिखीं। आंगनवाड़ी और स्कूल जाने वाली उम्र में बच्ची को लकड़ियों का बोझा लाते देख उसका हालचाल पूछा। तो बच्ची ने लड़खड़ाती जुबां में बताया कि वो जंगल से लकड़ियां बीनकर लाती है और इन लकड़ियों से घर में चूल्हा जलता है। इतने में बच्ची के पीछे उसके परिवारजन भी सिर पर लकड़ी रखे हुए आ गए और बच्ची अपने घर की तरफ चली गई। उसके परिजनों से पता पूछा तो उन्होंने बताया कि वे वल्लभ भवन यानी मंत्रालय के सामने वल्लभ नगर झुग्गी बस्ती में रहते हैं।राजधानी में मंत्रालय के सामने छोटी सी बच्ची को परिवार के साथ जंगल से आखिर लकड़ी क्यों लानी पड़ रही है। परिवार द्वारा बताए पते पर खोजते हुए मंत्रालय के सामने झुग्गी बस्ती में पहुंचे। खोजबीन के दौरान उसी बच्ची के साथ वाला एक लड़का मिला जो हमें उन परिवारों तक लेकर गया। झुग्गी भी तंग गली में जहां दो लोग न गुजर सकेंवल्लभ नगर के अंत में मंदिर के सामने एक बेहद संकरी गली में हम उस बच्ची के घर पहुंच गए। गली इतनी संकरी थी कि दो लोग एक साथ नहीं गुजर सकते। झुग्गी के बाहर लकड़ियों के गट्‌ठे का ढे़र लगा हुआ था। दर्जन भर आदिवासी परिवार, गैस कनेक्शन नहींवल्लभ नगर झुग्गी बस्ती में रहने वाली 6 साल की दीपिका भाबोर के पिता सुरेश भाबोर ने बताया यहां 10-15 आदिवासी परिवार रहते हैं। किसी के पास गैस कनेक्शन नहीं हैं। हमें कोई योजना का लाभ नहीं मिला। चार से पांच किलोमीटर दूर हम लोग, महिलाएं बच्चे लकड़ी लेने जाते हैं फिर चूल्हा जलाते हैं। सुरेश कहते हैं कि घर की स्थिति खराब है इस कारण से बच्चों को स्कूल नहीं भेजते। नौवीं के बाद आदिवासी बालिका ने छोड़ा स्कूलशिवानी भाबर ने बताया- हमें चूल्हा जलाने के लिए लकड़ी लेने के लिए चार-पांच किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। मैं पहले स्कूल जाती थी अब छोड़ दिया। मैंने नौंवी तक पढ़ाई की है। हमारे माता-पिता मजदूरी करते हैं। हम भी मजदूरी करने जाते हैं। शिवानी से पूछा कि क्या सरकार की तरफ से कभी कोई गैस कनेक्शन दिलाने के लिए आया या नहीं? तो शिवानी ने कहा अब तक कोई पूछने नहीं आया।उज्ज्वला योजना की स्थिति भी जान लीजिएएमपी में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत मध्य प्रदेश में 88 लाख 46 हजार कनेक्शन हैं। लेकिन, भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आंकडे़ बताते हैं कि मध्य प्रदेश में हर साल 16 लाख से ज्यादा उज्जवला योजना के उपभोक्ता ऐसे हैं जो पूरे साल में एक सिलेंडर भी नहीं भरवा पाते। 16 लाख उपभोक्ता ऐसे हैं जो साल भर में गैस सिलेंडर की सिर्फ एक रिफिल लेते हैं। कांग्रेस ने कहा: उज्ज्वला की हकीकत मंत्रालय के सामने ही पता चल रहीकांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने कहा- भाजपा की मप्र और केन्द्र की मोदी सरकार लगातार उज्ज्वला योजना का बखान करती है, लेकिन आंकडे़ बताते हैं कि 15 लाख से ज्यादा ऐसे परिवार हैं जो एक सिलेंडर भी नहीं भरवा पा रहे। ये बडे़ शर्म की बात है। वल्लभ भवन के अधिकारियों को तो वल्लभ भवन की छठवीं मंजिल से कूद जाना चाहिए। क्योंकि इस तरह की स्थिति जब मंत्रालय के सामने है कि 6-7 साल की छोटी-छोटी बच्चियां अपने सिर पर लकडियों का गट्‌ठा लेकर निकल रहीं हैं। तो ये उज्जवला योजना की हकीकत को बयां करता है। दलितों आदिवासियों को कहीं किसी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। बल्कि उनका शोषण जरूर हो रहा है। ये खबर भी पढ़ें… ढाई साल में 5.70 लाख घटी लाड़ली बहनों की संख्या मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में ढाई साल के अंतराल में 5 लाख 70 हजार से अधिक महिलाओं के नाम बाहर हो गए हैं। अब इस योजना में पात्र महिलाओं की संख्या 1 करोड़ 25 लाख 31 हजार ही रह गई है। एक साल के अंतराल में इस योजना में एक लाख से अधिक नाम कम हो गए हैं।पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:12 am

जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी:डबलडेकर ब्रिज का काम 80 फीसदी पूरा, पांच महीने में ट्रैफिक शुरू होने के आसार

बाणगंगा से सांवेर तरफ जाने के लिए बन रहे डबलडेकर ब्रिज का काम 80 फीसदी पूरा हो चुका है। अरबिंदो तरफ ब्रिज की सॉलिड एप्रोच (ढलान) नजर आने लगी है। इसके साथ ही ब्रिज का आकार नजर आने लगा है। ब्रिज पर गर्डर लॉन्चिंग का काम लगभग पूरा हो चुका है। ब्रिज के सेंटर में गर्डर लॉन्चिंग की जाना है। स्काटिंग भी लग चुकी है। भराव के बाद सीमेंट, डामर से ट्रैक बनाने का काम भी शुरू हो चुका है। ब्रिज बनने के बाद सौंदर्यीकरण शुरू होगा। दोनों तरफ स्ट्रीट लाइट, रंगरोगन, ब्रिज पर गिरने वाला बारिश का पानी जमीन में उतारने की व्यवस्था भी की जाएगी। आईडीए सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े के मुताबिक इस साल जून तक ब्रिज लगभग पूरा हो जाएगा। बाणगंगा तरफ भराव हो रहा, फिर वाटरप्रूफिंग होगीबाणगंगा तरफ से वाहन ब्रिज पर चढ़ना शुरू होंगे। इस हिस्से में सॉलिड एप्रोच के लिए भराव किया जा रहा है। इसके बाद ब्रिज के टाॅप से दोनों तरफ की ढलान के कुछ हिस्से में डामर से मैस्टिक की जाएगी ताकि बारिश का पानी ब्रिज के ट्रैक को खराब नहीं करे। सिग्नल फ्री चौराहा होगा, एक्सीडेंट भी रुकेंगेभंवरकुआं, खजराना, फूटीकोठी के बाद लवकुश चौराहा भी सिग्नल फ्री हो जाएगा। बाणगंगा से सांवेर रोड जाने वाला हैवी ट्रैफिक सीधे गुजर जाएगा। इसी तरह सांवेर रोड से एबी रोड जाने वाले वाहन ब्रिज के सर्विस रोड से एमआर-10 होते हुए एबी रोड चले जाएंगे।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:12 am

कैलाश खेर पहुंचे भोपाल, प्रधानमंत्री के नेतृत्व पर कहा:वह लकीर के फकीर नहीं, लक्ष्य लेकर आए, गुलामी की मानसिकता से निकल रहा है भारत

भोपाल से कैलाश खेर का रिश्ता सिर्फ कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, यह रिश्ता आत्मा, संस्कृति और इंसानियत से जुड़ा है। भोपाल आगमन पर दैनिक भास्कर से बातचीत में पद्मश्री गायक कैलाश खेर ने भारत, समाज, राजनीति, संस्कृति, संगीत और चरित्र निर्माण पर खुलकर बात की। कैलाश खेर कहते हैं कि मध्यप्रदेश ही नहीं, भारत की हर वह धरती उन्हें प्रिय है, जहां अध्यात्म, कला, संस्कृति और मनुष्यता साथ-साथ चलती हो। “चंबल जैसे इलाकों में भी पुराने मंदिर मिलते हैं। इसका मतलब ये है कि बुरे कहे जाने वाले इलाकों में भी अच्छाई छुपी होती है, बस उसे उजागर करने वाला चाहिए। श्रेय प्रधानमंत्री जी को ( वीडियो 4:55)प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जिक्र करते हुए कैलाश खेर कहते हैं कि बदलाव का श्रेय किसी एक व्यक्ति को नहीं दिया जा सकता, लेकिन यह भी सच है कि कोई न कोई ऐसा होता है जो समाज को जगाता है। “प्रधानमंत्री जब आए तो वो सिर्फ लकीर के फकीर बनकर नहीं आए। उन्होंने लक्ष्य रखा। पहले के प्रधानमंत्री भी अपने हिसाब से काम करते रहे होंगे, लेकिन अब एक दिशा दिखी है। कैलाश खेर के मुताबिक सबसे पहले योग, स्वच्छता और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी विषयों से शुरुआत हुई और वहीं से बदलाव की नींव पड़ी। आज रेलवे स्टेशन सुधर रहे हैं, सफाई हो रही है, इंफ्रास्ट्रक्चर बन रहा है। भारत अब सिर्फ बोल नहीं रहा, कर भी रहा है। वे कहते हैं कि दुनिया आज भारत को मान रही है—खेल, विज्ञान और अंतरिक्ष हर क्षेत्र में। “इसरो नासा को पछाड़ रहा है, ये कोई छोटी बात नहीं है। यह उस नेतृत्व का परिणाम है जो देश को जगाता है, दिशा देता है। जागा हुआ ही दूसरों को जगा सकता है। पिछले 10–11 वर्षों में भारत में बदलाव ( वीडियो 5:25)कैलाश खेर मानते हैं कि भारत पहले बहाने बनाकर, प्रिटेंशियस होकर जीता था, लेकिन अब धीरे-धीरे भीतर से चरित्र का निर्माण हो रहा है।“ऐसा नहीं है कि सब एकदम पवित्र हो गए हैं। करप्शन है, बेईमानी है, चरित्र हनन भी है, लेकिन अब वो कम हो रहा है। सड़कें अच्छी हो रही हैं, लोग कूड़ा सड़कों पर नहीं फेंक रहे, ट्रैफिक सेंस आ रहा है, तमीज बन रही है। उनका कहना है कि जैसे भारत में रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट बन रहे हैं, वैसे ही समाज की तमीज भी बन रही है।“पहले मनुष्य गुरूर और घमंड में था, अब होश में आ रहा है। को-एक्जिस्टिंग की पद्धति पर जीना सीख रहा है। दुनिया भारत के गुण गा रही ( वीडियो 4:55)कैलाश खेर कहते हैं कि पिछले दस-ग्यारह वर्षों में इतना बदलाव आया है कि आज भारत के गुण पूरी दुनिया गा रही है। आज विश्व वंदे मातरम गा रहा है। दूसरी भाषा, दूसरी वेशभूषा, दूसरी त्वचा के लोग भारत को नमस्कार कह रहे हैं। वह यह भी जोड़ते हैं कि भारत में बनने वाले प्रोडक्ट्स में अभी और ईमानदारी आने की जरूरत है। विश्व गुरु बनने की बात तब सार्थक होगी जब चरित्र भी बने।” पहले रोड नहीं थे, आज दुनिया मान रही है ( वीडियो 6:00)कैलाश खेर कहते हैं कि एक समय भारत की स्थिति ऐसी थी कि बुनियादी सुविधाएं भी नहीं थीं, लेकिन आज हालात तेजी से बदले हैं।“खेल में हम तोड़ रहे हैं, साइंस में हम तोड़ रहे हैं। नासा को इसरो ने पछाड़ दिया। और क्या चाहिए? वह उदाहरण देते हैं कि भारतीय एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र मिला—यह नए भारत के नौनिहाल हैं। पहले भी भारत ने हीरे जन्मे, लेकिन कौन जानता था? हर क्षेत्र में लोगों को दबा दिया जाता था। राजा जी एक होंगे, बाकी सब प्रजा। गुलामी की मानसिकता और दगाबाजों की भरमार ( वीडियो 6:30)कैलाश खेर खुलकर कहते हैं कि भारत में लंबे समय तक गुलामी की मानसिकता रही। गुलाम आदमी दगा देता है। हमारे देश में दगाबाजों की बाढ़ रही है। जो पहले दो कौड़ी के थे, चापलूसी करके अमीर हो गए। उनके मुताबिक बेईमानी किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं होती, यह एक प्रवृत्ति होती है।“अब धीरे-धीरे बेईमानों पर से पर्दा उठ रहा है और चरित्रवान लोगों को आगे लाया जा रहा है। पद्म अवॉर्ड और गुमनाम नायककैलाश खेर पद्म अवॉर्ड की बदलती सोच की भी तारीफ करते हैं। आज पद्म अवॉर्ड ऐसे लोगों को मिल रहा है जिनका नाम किसी ने सुना भी नहीं था—कोई पर्यावरण के लिए जीवन खपा गया, कोई चाइल्ड ट्रैफिकिंग के खिलाफ। वे बताते हैं कि ऐसे लोगों से मिलकर आंखें नम हो जाती हैं। “यही चरित्र जागरण है भारत का।” ‘तेरी दीवानी’ मनोरंजन नहीं, साधना हैअपने मशहूर गीत ‘तेरी दीवानी’ पर कैलाश खेर कहते हैं कि यह मनोरंजन का गीत नहीं है। अगर संत भी गाने लगें, सत्संग हो जाए, संकीर्तन हो जाए, तो समझिए वो गाना मनोरंजन का नहीं है। वे फिल्मी संगीत से इतर नॉन-फिल्म और लोक संगीत पर जोर देते हैं।“फिल्में नई हैं, भारत हजारों साल पुराना है। जब फिल्में नहीं थीं, तब भी इल्म था।” सोशल मीडिया से दूरीसोशल मीडिया पर सिंगर्स की बाढ़ के सवाल पर कैलाश खेर साफ कहते हैं कि जो आप देख रहे हैं, वो मैं नहीं देख रहा। मैं आज भी शास्त्रीय और लोक संगीत सुनता हूं। उनके मुताबिक भारत आज भी स्वर्ण युग में जी रहा है।“हमारी धरती ने इतना ज्ञान दिया है कि हजारों साल का रिसर्च मटेरियल मौजूद है, बस हम खुद देखना शुरू करें।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:11 am

खरगे-राहुल एमपी कांग्रेस के नेताओं के साथ आज करेंगे मीटिंग:एसआईआर, मनरेगा के साथ संगठन को लेकर होगी चर्चा

दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय में आज एमपी कांग्रेस की एक अहम बैठक होगी। इस बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल एमपी कांग्रेस के नेताओं के साथ चर्चा करेंगे। दोपहर बाद तीन बजे से होने वाली इस बैठक में मनरेगा का नाम बदले जाने, एसआईआर में वोटर्स के नाम गलत तरीके से हटाए जाने और एमपी कांग्रेस के संगठन के विस्तार और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। राहुल बताएंगे संगठन में कैसे काम कराना हैसंगठन सृजन अभियान के तहत 5 महीने पहले अगस्त में एमपी के सभी 71 संगठनात्मक जिला अध्यक्षों की नियुक्ति हुई थी। पांच महीनों से जिला अध्यक्ष बिना कार्यकारिणी के ही काम कर रहे हैं। ऐसे में जिला कांग्रेस की कार्यकारिणी से लेकर संगठन में होने वाली नियुक्तियों पर चर्चा होगी। राहुल गांधी ये बताएंगे कि संगठन में नियुक्ति के बाद किस पदाधिकारी से कैसे काम लेना है और काम की मॉनिटरिंग किस तरह से होगी। ये रहेंगे बैठक में मौजूदपीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, सीडब्ल्यूसी मेंबर कमलेश्वर पटेल, सीईसी मेंबर ओंकार सिंह मरकाम, आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ विक्रांत भूरिया मौजूद रहेंगे।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:10 am

शहर किससे माफी मांगे:शिकायत के बाद भी पुलिस ने माफीनामा लिखवाकर छोड़ा

गणतंत्र दिवस पर चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच शहर में एरोड्रम थाना क्षेत्र के 60 फीट रोड पर सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात एक सिरफिरे युवक ने एकतरफा प्यार में युवती के घर में घुसकर उसके भाई की चाकू से हत्या कर दी। मां पर भी वार किए। बाद में पुलिस को धमकाने के लिए खुद के पेट पर भी वार किए। घटना से आक्रोशित लोगों ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया, क्योंकि परिवार ने छह दिन पहले शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई के बजाय पुलिस ने माफीनामा लिखवाकर ही आरोपी को छोड़ दिया। एरोड्रम टीआई तरुण सिंह भाटी ने बताया कि घटना कालानी नगर चौराहा स्थित अंजनी नगर में रहने वाले ऑप्टिकल व्यापारी धर्मेंद्र लखावत के घर पर हुई। सोमवार रात 8.50 बजे आरोपी वेदांत (24) पिता देवेंद्र सिंह सोलंकी चाकू लेकर युवती विधि को मारने पहुंचा। विधि की मां अनिता (46) पर तीन वार किए और भाई विधान (20) के सीने में भी चाकू घोंप दिया। अचानक हुए हमले से विधि घबरा गई और गैलरी में आकर चीखते हुए लोगों से मदद मांगी। जब लोग घर में आए तो अनिता व विधान लहूलुहान पड़े थे। विधान की इलाज के दौरान मौत हो गई। अनिता गंभीर हैं। उधर, खुद पर हमले से आरोपी वेदांत की आंतें भी बाहर आ गई थी। ऑपरेशन के बाद वह ठीक है। कमरे में इत्मीनान से सोफे पर बैठ पुलिस को धमकाता रहा समय: रात 8.50 बजेघर में घुसते ही युवक ताबड़तोड़ चाकू से वार करने लगा आरोपी वेदांत चाकू लेकर घर में घुसा और विधि को मारने दौड़ा। मां अनिता ने बचाव किया तो उन पर चाकू से तीन वार किए। समय: रात 9.10 बजेबीच-बचाव के लिए आए भाई के सीने में घोंपा चाकू भाई विधान (20) बचाने पहुंचा तो आरोपी ने उसके सीने में चाकू घोंप दिया। वह निढाल होकर गिरा तो मां ने आरोपी को कमरे में बंद कर दिया। समय: रात 9.20 बजेदरवाजा तोड़कर आरोपी तक पहुंची पुलिस, सोफे पर बैठे-बैठे खुद के पेट में किए चाकू से दो वार आरोपी ने भी कमरा अंदर से बंद कर लिया। जब पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची तो वह सोफे पर बैठ गया। उसने खुद के पेट में दो गंभीर वार कर लिए। 15 मिनट तक बातों में उलझाने के बाद पुलिस ने उस पर किसी तरह काबू पाया। बेटे की आंखें की दानपिता ने बताया, विधान मेडिकैप्स कॉलेज में बीटेक प्रथम ईयर की पढ़ाई कर रहा था। उसने भी मां को बचाने का काफी प्रयास किया। परिवार ने उसकी आंखें दान की है। दोपहर में ) 1-4-3 के तीन ट्रांजेक्शन, फिर मारने पहुंचा 25 जनवरी को परिजन ने आरोपी वेदांत की शिकायत की थी। पुलिस ने थाने में माफीनामा लिखवा लिया। फिर भी वह नहीं माना। सोमवार को विधि के फोन पर 1, 4 व 3 रुपए भेजे। जवाब नहीं दिया तो चाकू लेकर पहुंच गया। मां-भाई को घायल देख गैलरी में आकर चीखी बेटी, मांगी मदद अचानक हुए हमले से विधि घबरा गई और गैलरी में आकर चीख-चीखकर लोगों को बुलाया। अन्य परिजन व पड़ोसी मां-बेटे को अरबिंदो हॉस्पिटल ले गए। भाई की मौत हो गई, जबकि मां वेंटिलेटर पर है। डेढ़ साल से कर रहा था परेशान... आई क्लिनिक में साथ काम करते थे डीसीपी कृष्ण लालचंदानी ने बताया, वेदांत व विधि विजय नगर के अग्रवाल आई क्लिनिक में साथ काम करते थे। डेढ़ साल से चैटिंग भी कर रहे थे। विधि वहां से चौधरी आई क्लिनिक आई तो वहां भी वेदांत परेशान करने लगा।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:10 am

मौसम ने फिर करवट ली:दिनभर हुई बारिश, कुम्हेर-नगर में गिरे ओले सीकरी में आकाशीय बिजली से महिला की मौत

नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होते ही मंगलवार को एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली। सुबह से ही ठिठुरन बनी रही और दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर करीब डेढ़ बजे अचानक घनघोर बादल छाने से हालात ऐसे बने कि दिन में ही अंधेरा छा गया और वाहन चालकों को लाइटें जलाकर चलना पड़ा। सुबह से शाम तक रुक-रुककर हुई बरसात ने ठंड को और बढ़ा दिया। इस दौरान आकाशीय बिजली भी चमकी, जिससे लगा की आस पास कहीं बिजली गिरी है। परंतु इससे किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने 28 और 29 जनवरी को जिले में घने कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया है। मावठ की बारिश गेहूं और सरसों की फसल के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। हालांकि, कुछ इलाकों में तेज हवा के कारण फसल गिरने की भी सूचना है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यदि ओलावृष्टि होती तो दोनों फसलों को भारी नुकसान हो सकता था। रानोता में सबसे ज्यादा ओलावृष्टि‎, आज भी बारिश का अनुमान‎ नगर| उपखंड के 3 गांवों में चने आकार के ओले पड़े है। जबकि शहरी क्षेत्र में बरसात से मौसम सर्द बना रहा। मंगलवार की सुबह उपखण्ड क्षेत्र के गांव मानौता खुर्द, रानोता व तरोडर में बरसात के दौरान चने आकार के ओले पडे। इनमें सबसे ज्यादा ओले गांव रानोता में पड़े है। कस्बे में सुबह से शाम तक तीन बार बरसात से मौसम सर्द बना रहा। हालांकि किसानों ने ओलों से सरसों फसल के प्रभावित होने की बात कही। आकाशीय बिजली से महिला की मौत सीकरी| गांव नकचा का बास में आकाशीय बिजली गिरने से एक विवाहिता की मौत हो गई और उसकी छोटी बहन झुलस गई। जानकारी के अनुसार नकचा का बास निवासी रुकमीना उर्फ रुक्की (25) और छोटी बहन इंजीना (18) खेतों पर काम करने गई थीं। शाम को लौट रही थी तो अचानक आकाशीय बिजली गिर गई जिससे दोनों झुलस गईं। अस्पताल में रुकमीना पुत्री उमरदीन को मृत घोषित कर दिया।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:10 am

बांके बिहारी कॉरिडोर के लिए हुई दूसरी रजिस्ट्री:मथुरा के मनीश मिश्रा ने किया 322.32 वर्ग मीटर भूमि का बैनामा

बांके बिहारी मंदिर के प्रस्तावित कॉरिडोर के लिए दूसरी रजिस्ट्री की गई। मथुरा के रहने वाले मनीश मिश्रा ने सुगम दर्शन के लिए बनने जा रहे कॉरिडोर के लिए 322.32 वर्ग मीटर भूमि का बैनामा किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण और जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह मौजूद रहे। इससे पहले यति गोस्वामी ने अपनी भूमि की रजिस्ट्री की थी। मनीष मिश्रा, निवासी मकान संख्या 25-ए, बिहारीपुरा, वृन्दावन, मथुरा द्वारा 322.32 वर्ग मीटर भूमि का बैनामा तहसीलदार सदर के माध्यम से ठाकुर श्री बांके बिहारी जी (देवता) के नाम निष्पादित किया गया। इस भूमि का क्रय मूल्य ₹1,85,36,704/- (एक करोड़ पच्चासी लाख छत्तीस हजार सात सौ चार रुपए) है। कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा- बांके बिहारी मंदिर के आस-पास जनसुविधाओं का विकास ब्रज क्षेत्र के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन क्षेत्र की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम दर्शन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि मंदिर के आस-पास जनसुविधाओं के विकास,निर्माण के लिए भूमि खरीदने की सभी कार्यवाही पूरी पारदर्शिता एवं विधिक प्रक्रिया के अनुरूप की जा रही है। परियोजना को समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराने के लिए प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। यह रजिस्ट्री बांके बिहारी मंदिर के आस-पास जनसुविधाओं के विकास के क्रियान्वयन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिससे भविष्य में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। धार्मिक पर्यटन से बढ़ेगा रोजगार DM ने बताया कि बांके बिहारी मंदिर के आस पास भव्य और दिव्य जनसुविधाओं के विकास की दिशा में दूसरी रजिस्ट्री एक और ठोस कदम है। जनसुविधाओं के विकास से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिलेगी। उच्चतम न्यायालय के आदेश पर गठित हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी और जिला प्रशासन श्रद्धालुओं को सुदृढ़ व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने हेतु निरंतन प्रयासरत है। इस परियोजना से न केवल दर्शन सरल होंगे, बल्कि समूचे ब्रज क्षेत्र के विकास को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। मंदिर के आस-पास जनसुविधाओं के निर्माण, विकास कार्य वृंदावन की प्राचीन दिव्यता को बनाए रखते हुए आधुनिक जरूरतों को पूरा करेगा। इस भव्य निर्माण से ब्रज की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान मिलेगी और ठाकुर जी के भक्तों के लिए दर्शन की राह आसान हो जाएगी। मंदिर के आस-पास जनसुविधाओं का विकास, निर्माण में श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित वातावरण, बैठने की व्यवस्था, पेयजल और सुगम प्रवेश- निकासी द्वार बनाए जाएंगे, जिससे संकरी गलियों में होने वाली भीड़ का दबाव कम होगा। मंदिर के आस-पास जनसुविधाओं के विकास,निर्माण से धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा तथा अधिकाधिक रोजगार का सृजन होगा। 80 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर मिलेगा मुआवजा DM चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि जो भूमि स्वामी अपनी भूमि कॉरिडोर में देंगे उनको 80 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर मुआवजा दिया जायेगा वहीं दुकान का बैनामा करने पर एक लाख 80 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर मुआवजा मिलेगा। इसके साथ ही जिनकी दुकान जाएंगी उनको प्राथमिकता के आधार पर कॉरिडोर में दुकान दी जाएगी इसके अलावा जिनके मकान जायेंगे उनको चैतन्य बिहार और सुनरख बांगर में फ्लैट दिया जायेगा। 5 एकड़ में बनेगा कॉरिडोर बांके बिहारी कॉरिडोर 5 एकड़ में प्रस्तावित है। यहां मंदिर की इमारत में कोई बदलाव नहीं किया जायेगा। इसके आसपास 5 एकड़ में यह कॉरिडोर बनाया जायेगा। जिस पर करीब 500 करोड़ रुपए का खर्च आने का अनुमान है। वर्तमान में मंदिर का प्रबंधन सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी संभाल रही है। जिसके अध्यक्ष हाई कोर्ट के रिटायर्ड न्यायाधीश अशोक कुमार हैं।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:10 am

भोपाल में आज लोकरंग में हिमाचली गायन, एंट्री फ्री:शहर के कई इलाकों में गुल रहेगी बिजली; जानिए...कहां-क्या खास

आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:09 am

आईईटी में फिर रैगिंग:आरोप-सिगरेट पीने को कहते हैं सीनियर्स, नहीं तो बैच आउट की धमकी

देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग (आईईटी) में फिर रैगिंग का मामला सामने आया है। डी होस्टल के बीटेक फर्स्ट ईयर के जूनियर्स की शिकायत के बाद सेकंड ईयर के छात्रों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। शिकायत में कहा गया है कि सीनियर्स उन्हें सिगरेट पीने के लिए मजबूर करते हैं। मना करने पर बैच आउट में रख दिया जाता है। बैच आउट छात्रों को सीनियर्स सांस्कृतिक और एकेडमिक कार्यक्रमों से दूर रखते हैं। उन्हें सिर झुका कर बात करने और हाथ जोड़ने को भी कहा जाता है। इसमें फर्स्ट ईयर के भी कुछ छात्र शामिल हैं। मामले में संस्थान ने एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक बुलाई है। जांच में कुछ सीनियर के नाम भी सामने आए हैं। बताया जा रहा है, आरोपियों में से कुछ को सालभर के लिए बाहर करने व कुछ को टीसी देने की तैयारी है। बार-बार सामने आ रहे केस

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:06 am

MP के 14 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट:उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर में ओले गिरे; ग्वालियर के स्कूलों में 8वीं तक छुट्‌टी

साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) और ट्रफ की वजह से मध्य प्रदेश में मौसम बिगड़ गया है। ठंड के मौसम में बारिश-ओले का दौर चल रहा है। मंगलवार को गुना, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर में ओले गिरे तो 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। ऐसा ही मौसम बुधवार को भी रहेगा। ग्वालियर-सागर समेत 14 जिलों में बारिश के लिए अलर्ट है। बुधवार को जिन 14 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है, उनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सागर और दमोह शामिल हैं। श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सीधी, सिंगरौली, कटनी, उमरिया, शहडोल, नीमच, मंदसौर समेत कई जिलों में बादल भी छा सकते हैं। सुबह से कोहरे का असर भीउत्तरी हिस्से में जहां बारिश का अलर्ट है, तो वहीं बुधवार सुबह कोहरे का असर भी देखा गया। ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, टीकमगढ़, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर और रीवा में मध्यम कोहरा छाया रहा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रायसेन, सीहोर समेत कई जिलों में भी कोहरे का असर देखा गया। ग्वालियर में कल स्कूलों की छुट्‌टी भोपाल और इंदौर में मंगलवार को गरज-चमक के साथ बारिश हुई। जबकि ग्वालियर में लगातार बारिश के चलते ठंड बढ़ गई। हालात को देखते हुए ग्वालियर प्रशासन ने बुधवार को कक्षा 8वीं तक के स्कूलों में छुट्‌टी घोषित कर दी है। आगर-मालवा में ओले गिरे, कई जिलों में बारिशमंगलवार को प्रदेश के 25 से ज्यादा जिलों में आंधी, बारिश और बादल का असर देखा गया। आगर-मालवा, शाजापुर और गुना में ओले भी गिरे। जिससे किसानों को नुकसान पहुंचा है। वहीं, गुना, शाजापुर, बड़वानी, छतरपुर, मंदसौर, रतलाम, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, राजगढ़, शिवपुरी, ग्वालियर, टीकमगढ़, आगर-मालवा, शाजापुर में बारिश हुई। यहां सड़कों से पानी बह निकला। रतलाम, शाजापुर और आगर जिलों में तेज आंधी से फसलें खेतों में ही लेट गई। इससे किसानों का भारी नुकसान हुआ है। रात में निवाड़ी, दतिया, श्योपुर, उज्जैन, खरगोन, धार में भी आकाशीय बिजली चमकती रही। मंगलवार को ओले और बारिश की तस्वीरें देखें उज्जैन के तराना और घट्टिया क्षेत्र में तेज बारिश के साथ गिरे ओले वहीं, उज्जैन के आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार शाम को तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई। इससे पहले सुबह से बादलों ने डेरा डाल रखा था। शाम होते-होते तेज हवा चलने लगी। करीब 6 बजे से घट्टिया और तराना तहसील के ग्राम बनड़ा बमोरी व आसपास के गांवों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हो गई। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल आड़ी हो गई। सीजन में पहली बार ऐसा मौसम ठंड के सीजन में पहली बार ओले, आंधी और बारिश का दौर शुरू हुआ है। हालांकि, इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग में सिस्टम का असर नहीं है। मंगलवार को भोपाल में दोपहर बाद बादल छा गए, लेकिन बारिश नहीं हुई। 30 जनवरी को नया सिस्टम, फरवरी में भी बारिशउत्तर-पश्चिम भारत में अगला नया सिस्टम 30 जनवरी को एक्टिव हो रहा है। दो से तीन दिन बाद सिस्टम एमपी में भी असर दिखाएगा। यानी, फरवरी की शुरुआत में भी प्रदेश में बारिश का दौर रह सकता है। तापमान में गिरावट होगीबारिश-शीतलहर की वजह से प्रदेश में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने 2 से 3 डिग्री की गिरावट होने का अनुमान जताया है। इस वजह से कई शहरों में रात का तापमान फिर 10 डिग्री से नीचे आ जाएगा। हालांकि, पिछले 2 दिन से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली है। सोमवार-मंगलवार की रात में प्रदेश के ज्यादातर शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से अधिक ही रहा। ठंड के लिए इसलिए खास है जनवरी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त अहम रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं, इसलिए टेम्परेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे। वहीं, आखिरी सप्ताह में भी बारिश-बादल वाला मौसम शुरू हो गया है। MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड... भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्परेचरभोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। वहीं, दिन में गर्मी का एहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्परेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 में हुई थी। इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पाराइंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 में पारा माइनस 1.1 डिग्री दर्ज किया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी। जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था पाराजबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। इस महीने सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडाउत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 को कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पाराउज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्परेचर 2 से 5.8 डिग्री सेल्सियस तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:05 am

वर्बल अटॉप्सी पर हाई कोर्ट ने फटकारा:शासन के जवाब पर हाई कोर्ट ने कहा इतने गंभीर मामले में ऐसी लापरवाही?

भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले में मंगलवार को हाई कोर्ट के समक्ष सरकार की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई। सुनवाई के दौरान प्रशासनिक जज विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की डिविजन बेंच ने शासन से अब तक हुई मौतों की संख्या पूछी। महाधिवक्ता राहुल सेठी ने 16 मौतों की पुष्टि की। शासन की रिपोर्ट में एक मृतक के कारण के आगे ‘वर्बल ऑटोप्सी’ लिखे जाने पर कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने पूछा कि मेडिकल साइंस में वर्बल ऑटोप्सी जैसा कोई शब्द है क्या। शासन ने पांच मौतें दूषित पानी से स्वीकार कीं, जबकि अन्य मामलों में कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। कोर्ट ने डेथ ऑडिट करने वाली कमेटी, उसके गठन और विसरा रिपोर्ट को लेकर भी सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि पूरा शहर डर में है, पानी और मौतों की जांच के लिए हाई लेवल कमेटी गठित की जाएगी। कोर्ट रूम लाइव

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:03 am

राजस्थान के 9 जिलों में ओले गिरे:MP-UP में तेज बारिश-ओलावृष्टि, हिमाचल-कश्मीर और उत्तराखंड में बर्फबारी; दिल्ली में बारिश के बावजूद AQI 336

देश के पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में बर्फबारी जारी है। स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण मंगलवार को उत्तर-पश्चिमी राज्यों पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत अन्य राज्यों में बारिश के साथ ओले गिरे। राजस्थान के 9 जिलों में मंगलवार को ओले गिरे। भीलवाड़ा और सवाई माधोपुर में देर शाम ओलों की चादर बिछ गई। वहीं जयपुर समेत 13 जिलों में बारिश भी हुई। दिल्ली में चार साल में जनवरी की सबसे ज्यादा बारिश हुई। जनवरी में अब तक कुल 24 मिमी बारिश हो चुकी है। बारिश और आंधी के बाद औसत AQI 336 रहा। उत्तर प्रदेश में आगरा समेत 7 जिलों में तेज बारिश-ओलावृष्टि हुई। मध्य प्रदेश के 15 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई है। वहीं आगर-मालवा, गुना और शाजापुर में ओले गिरे। भोपाल-इंदौर में हल्की बूंदाबांदी और ग्वालियर में तेज बारिश हुई। ग्वालियर में क्लास 8 तक तक के स्कूलों में छुट्‌टी कर दी गई है। पंजाब के लुधियाना, मोहाली, अमृतसर, मानसा, पटियाला, फतेहगढ़ साहिब और संगरूर में बारिश हुई और ओले गिरे। वहीं चंडीगढ़ और हरियाणा के 10 जिलों में बारिश के साथ जमकर ओले गिरे। देशभर में मौसम की तस्वीरें... पहाड़ी राज्यों बर्फबारी जारी

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:03 am

बजट सत्र का पहला दिन:राष्ट्रपति मुर्मू के भाषण से शुरू होगा सेशन, 2 अप्रैल तक चलेगा, 30 बैठकें होंगी; विपक्ष के हंगामे के आसार

18वीं लोकसभा का बजट सत्र बुधवार से शुरू होगा, जो 2 अप्रैल तक चलेगा। यह बजट सत्र दो हिस्सों में होगा। इसका पहला हिस्सा 28 जनवरी से 13 फरवरी तक और दूसरा हिस्सा 9 मार्च से 2 अप्रैल तक होगा। इस दौरान कुल 30 बैठकें होंगी। 28 जनवरी और 1 फरवरी को कोई शून्यकाल नहीं होगा। सत्र का पहला हिस्सा आज से लोकसभा और राज्यसभा की जॉइंट मीटिंग में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। इस सेशन में मोशन ऑफ थैंक्स पर बहस और यूनियन बजट पर चर्चा पर फोकस रहेगा। लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के लिए अस्थायी रूप से तीन दिन (2 से 4 फरवरी) तय हैं। संसद का बजट सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं। विपक्ष ने पिछले दो सत्रों (मानसून और शीतकालीन) में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर चर्चा और MGNREGA स्कीम की जगह आए VB-G RAM G कानून का विरोध करते हुए हंगामा किया था। सूत्रों के मुताबिक विपक्ष इस सेशन में भी SIR, VB-G RAM G कानून समेत भारत पर US द्वारा लगाए गए टैरिफ, फॉरेन पॉलिसी, एयर पॉल्यूशन का मुद्दा, इकोनॉमी, टीनएजर्स के लिए सोशल मीडिया पर बैन जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग करेगा। बजट सत्र में इन बिलों पर चर्चा संभव लोकसभा में 9 विधेयक लंबित हैं, जिनमें विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025, प्रतिभूति बाजार संहिता 2025 और संविधान (129वां संशोधन) विधेयक 2024 शामिल हैं। इन विधेयकों की वर्तमान में संसदीय स्थायी या प्रवर समितियां जांच कर रही हैं। 27 जनवरी- ऑल पार्टी मीटिंग हुई बजट सत्र से पहले ऑल पार्टी मीटिंग हुई। इसमें विपक्ष ने VB-G RAM G एक्ट और SIR पर चर्चा की मांग की, जिसे खारिज कर दिया गया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि इन मुद्दों पर दोनों सदनों में पहले ही बहस हो चुकी है और कानून पास होने के बाद उसे वापस नहीं लिया जा सकता। विपक्ष ने सरकारी कार्यसूची जारी न होने पर आपत्ति भी जताई, जिस पर सरकार ने सही समय पर जारी करने का भरोसा दिया। मीटिंग के बाद विपक्षी सांसदों की प्रतिक्रिया- ऑल पार्टी मीटिंग में विपक्ष की मांग 31 जनवरी 2025: राष्ट्रपति का अभिभाषण, सोनिया ने बेचारी कहा, राहुल ने बोरिंग; PM बोले- ये आदिवासियों का अपमान पिछले बजट सत्र 2025-26 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा के जॉइंट सेशन में 59 मिनट का अभिभाषण दिया था। उनके भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए सोनिया गांधी ने द्रौपदी मुर्मू के लिए बेचारी शब्द इस्तेमाल किया। वहीं राहुल ने भाषण को बोरिंग बताया था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि राष्ट्रपति के लिए ऐसे बयान गरीबों और आदिवासियों का अपमान है। वहीं भाजपा ने इसे आदिवासी समाज का अपमान बताया था और माफी की मांग की थी। हालांकि प्रियंका ने बचाव करते हुए कहा था- 'मेरी मां 78 साल की बुजुर्ग महिला हैं, उन्होंने बस इतना कहा कि 'राष्ट्रपति ने इतना लंबा भाषण पढ़ा होगा, वह थक गई होंगी, बेचारी।'

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:03 am

जबलपुर:चीफ जस्टिस ने नर्मदा के गौरीघाट पर 60 होनहार बच्चों को टेब गिफ्ट में बांटे

मैं जब दो साल पहले गौरीघाट दर्शन करने गया था,तब देखा कि तट की सीढ़ियों पर बस्तियों में रहने वाले बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। उन्हें एक व्यक्ति खुले आसमान के नीचे पढ़ा रहा है। तब ही मन में आया कि इन बच्चों की शिक्षा को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। यह बात गणतंत्र दिवस पर हाई कोर्ट चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने कही। यह भी कहा कि हमारी न्याय व्यवस्था को भी ऐसे बच्चों के लिए कुछ करना चाहिए। एक माह पहले चीफ जस्टिस दोबारा गौरीघाट पहुंचे और बच्चों और उन्हें बिना किसी सरकारी मदद के पढ़ाने वाले टीचर पराग दीवान को गणतंत्र दिवस पर हाई कोर्ट आने का आमंत्रण दिया। घाट की पाठशाला में पढ़ने वाले होनहार 60 छात्र छात्राओं को चीफ जस्टिस सहित जस्टिस विवेक अग्रवाल सहित अन्य जस्टिस ने टेब प्रदान किए। यह ऐसे बच्चे हैं,जिनके माता पिता भरण पोषण के लिए रोजाना मजदूरी करते हैं,लेकिन बच्चों को बेहतर शिक्षा नहीं दे सकते।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:02 am

वेल्डिंग के दौरान लाइसेंसी बंदूक दुकान में ब्लास्ट:चार लोग गंभीर रूप से झुलसे, एफएसएल जांच जारी, 50 से ज्यादा बंदूकें जब्त, दुकान सील

चांदनी चौक स्थित लाइसेंसी आर्म्स दुकान में सोमवार शाम शटर की वेल्डिंग के दौरान अचानक ब्लास्ट हो गया। धमाके के साथ दुकान में आग लग गई और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग की चपेट में आकर दुकानदार यूसुफ अली (58), वेल्डिंग करने वाला शेख रफीकुद्दीन (35), सहयोगी नाजिम (32) और ग्राहक संदीप पाटीदार (35) गंभीर रूप से झुलस गए। चारों जलते कपड़ों के साथ रोड पर भागे, जिससे चौराहे पर भगदड़ मच गई। दमकल ने आग पर काबू पाया। शटर पीछे करने के दौरान हुआ हादसा : स्थानीय दुकानदारों के अनुसार चांदनी चौक से बाजना बस स्टैंड तक फोरलेन बनना है। नगर निगम के नोटिस के बाद दुकानों के शटर पीछे किए जा रहे थे। इसी दौरान बंदूक दुकान में वेल्डिंग का काम चल रहा था। आशंका है कि वेल्डिंग की चिंगारी से आग लगी, हालांकि शॉर्ट सर्किट के संकेत नहीं मिले हैं। 50 से ज्यादा बंदूकें जब्त : पुलिस ने दुकान से 50 से अधिक बंदूकें और कारतूस जब्त किए हैं। अधिकांश कारतूस खाली खोखे पाए गए हैं। कुछ छर्रे भी मिले हैं। यह भी जांच की जा रही है कि दुकान में अवैध रूप से कारतूस भरने का काम तो नहीं किया जा रहा था। बुधवार को दुकान खोलकर दोबारा जांच होगी।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:00 am

हरियाणा में UGC एक्ट के खिलाफ उतरे BJP नेता:दत्त बोले- द्रौपदी चीरहरण पर योद्धाओं ने चुप्पी साधी, सत्ता का लालच करने वालों का सर्वनाश हुआ

यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन (UGC) एक्ट के खिलाफ सवर्ण समुदाय में फैले रोष के बीच BJP नेता व ओलिंपियन रेसलर योगेश्वर दत्त भी खुलकर मैदान में आ गए हैं। योगेश्वर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से दो दिन में 3 पोस्ट कर इस एक्ट पर विरोध दर्ज कराया। पहलवान ने लिखा- अगर बच्चों के भविष्य के लिए ही नहीं लड़ सकते तो जीवन के क्या मायने? एक पोस्ट में विभीषण व द्रौपदी चीरहरण का जिक्र करते हुए लिखा- बड़े-बड़े योद्धाओं ने चुप्पी साधी और जिस सत्ता-कुर्सी के लालच में किया, न वह सत्ता रही, न कुर्सी। सर्वनाश हो गया सभी का। सोशल मीडिया यूजर्स ने इन पोस्ट पर मिलेजुले कमेंट्स किए। कुछ ने यह सवाल भी उठाया कि पहलवानों और किसानों के आंदोलन के दौरान आप कहां थे? दैनिक भास्कर एप ने इन पोस्ट को लेकर रेसलर से बात की। उन्होंने कहा- नए एक्ट से समाज में खाई बढ़ेगी। कॉलेज-यूनिवर्सिटियों में खिलाड़ी एक साथ खेलते हैं। वहां ऐसे झूठे मामले दर्ज करवा कर खिलाड़ियों का करियर खत्म किया जाएगा। अब जानिए योगेश्वर दत्त की तीनों पोस्ट में क्या... योगेश्वर दत्त की 2 पोस्ट... सोशल मीडिया पर सपोर्ट के साथ ट्रोलिंग भीसोशल मीडिया पर योगेश्वर दत्त की पोस्ट को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। सवर्ण समुदाय से जुड़े यूजर भाजपा से होने के बावजूद UGC एक्ट के विरोध का सपोर्ट करने के लिए उनका बड़ा कदम बता रहे हैं। वहीं, किसान आंदोलन व पहलवान आंदोलन से जुड़े लोग उन्हें ट्रोल भी कर रहे हैं। योगेश्वर की पोस्टों पर ऐसे कमेंट्स आ रहे... योगेश्वर दत्त को एक्ट से 2 ऐतराज पहलवान से नेता बने योगेश्वर दत्त की कहानी...

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:00 am

AAP से गठबंधन का ज्यादा फायदा कांग्रेस को हुआ:चंडीगढ़ में 10 साल बाद सांसद बनाया; सुप्रीम कोर्ट तक लड़कर AAP सिर्फ एक बार मेयर बना सकी

चंडीगढ़ में 29 जनवरी को मेयर चुनाव के लिए वोटिंग होगी। इस बार आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस अलग-अलग चुनाव लड़ रही हैं। देश में बने विपक्षी दलों के INDIA ब्लॉक के चलते 2024 में दोनों पार्टियां साथ आईं थीं। हालांकि इस गठबंधन से AAP के मुकाबले कांग्रेस ज्यादा फायदे में रही। AAP की मदद से कांग्रेस ने न केवल 10 साल बाद चंडीगढ़ में अपना सांसद बनवा लिया बल्कि सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर भी अपने बनाए। AAP एक बार जरूर मेयर की कुर्सी तक पहुंची लेकिन उसके लिए भी सुप्रीम कोर्ट तक जाना पड़ा। यही वजह है कि इस बार AAP ने कांग्रेस की चालाकी देख गठबंधन तोड़ लिया। बहुमत न होने के बावजूद दोनों पार्टियों ने अपने उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारे हैं। हालांकि दोनों के पास अभी भी एक-दूसरे का समर्थन करने का विकल्प मौजूद है। अगर ऐसा हुआ तो भाजपा के लिए जरूर बड़ा झटका हो सकता है। मेयर तो बना लिया, लेकिन गलती से कांग्रेस हारी2021 में दिसंबर में हुए निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी 35 में से 14 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। 12 पार्षदों के साथ बीजेपी दूसरे, आठ पार्षदों के साथ कांग्रेस तीसरे और एक पार्षद के साथ शिरोमणि अकाली दल चौथे नंबर पर रही। लेकिन 2022 और 2023 में बड़ा दल होने के बावजूद आम आदमी पार्टी मेयर नहीं बना पाई, जिससे नेताओं में मायूसी थी। इसी बीच 2023 में दिल्ली में INDIA ब्लॉक के तहत कांग्रेस और आम आदमी पार्टी साथ आ गईं। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले चंडीगढ़ मेयर चुनाव था। ऐसे में INDIA ब्लॉक के फॉर्मूले के तहत कांग्रेस और आप गठबंधन में मैदान में उतरीं। 2 वर्षों में कुछ पार्षदों के दल बदलने के बाद भी AAP+कांग्रेस के पास 20 वोट थे, जबकि बीजेपी के पास 15 वोट थे। इससे गठबंधन की जीत पक्की थी। लेकिन यह चुनाव बहुत ड्रामेटिक रहा। 18 जनवरी 2024 को जैसे ही चुनाव की तारीख आई, तो चुनाव के प्रिजाइडिंग अफसर अनिल मसीह अस्पताल में भर्ती हो गए। इसके बाद प्रशासन ने चुनाव रद्द करने का फैसला लिया और अगली तारीख 6 फरवरी घोषित कर दी। गठबंधन ने इसका विरोध किया और मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। कोर्ट के आदेश पर 30 जनवरी को चुनाव हुए। गठबंधन के पास 13(AAP) और 7(कांग्रेस) वोट थे, लेकिन चुनाव अधिकारी अनिल मसीह ने वोटिंग के दौरान गठबंधन के 8 वोट इनवैलिड कर दिए। बीजेपी के मनोज सोनकर को 16 वोट मिले, जिनमें एक वोट शिरोमणि अकाली दल का था। वहीं सीनियर डिप्टी मेयर पद बीजेपी के खाते में गया। सीनियर डिप्टी मेयर पद पर गठबंधन से गुरप्रीत गाबी का मुकाबला बीजेपी के कुलजीत सिंह सिद्धू से था, जबकि डिप्टी मेयर पद पर कांग्रेस की निर्मला देवी का मुकाबला बीजेपी के राजिंदर सिंह से था। लेकिन मेयर पद पर हार के बाद गठबंधन ने वॉकआउट कर दिया, यहीं गलती कांग्रेस पर भारी पड़ गई। जिसके चलते दोनों पदों पर बीजेपी की जीत हुई। हालांकि बैलेट पर कुछ लिखते हुए अनिल मसीह का वीडियो वायरल हो गया, जो पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। 19 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले रात साढ़े नौ बजे नाटकीय तरीके से मेयर सोनकर ने इस्तीफा दे दिया। इससे पहले दिन में बीजेपी की पार्षद पूनम, नेहा और गुरचरणजीत बीजेपी में शामिल हो गईं। 20 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला बदलते हुए आम आदमी पार्टी को कुलदीप कुमार के रूप में पहला मेयर दिलाया। हालांकि सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर बीजेपी के ही रहे, क्योंकि गठबंधन के पार्षदों ने वॉकआउट किया था, जबकि मतदान सही तरीके से हुआ था। गठबंधन का फायदा उठाकर कांग्रेस ने सांसद बनायाइसके बाद लोकसभा चुनाव हुए। INDIA ब्लॉक के फार्मूले के तहत कांग्रेस और AAP ने मिलकर चुनाव लड़ा। कांग्रेस ने मनीष तिवारी को उम्मीदवार बनाया। BJP ने तब की सांसद किरण खेर की जगह लोकल चेहरे संजय टंडन पर दांव खेला। पार्टी को उम्मीद थी कि वह सीट निकाल सकते हैं, क्योंकि उनका आधार चंडीगढ़ समेत पंजाब में अच्छा था। गठबंधन के उम्मीदवार मनीष तिवारी के समर्थन में केजरीवाल से लेकर कई बड़े नेता प्रचार के लिए पहुंचे। मेयर चुनाव में जो कुछ हुआ था, उसे गठबंधन ने लोकसभा चुनाव में पूरी तरह भुनाया। नतीजतन दस साल बाद कांग्रेस उम्मीदवार मनीष तिवारी 2504 वोटों से जीत गए, जबकि संजय टंडन को हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले कांग्रेस इसलिए लोकसभा चुनाव हार रही थी क्योंकि AAP अपना उम्मीदवार उतार रही थी। कांग्रेस सीनियर व डिप्टी मेयर बनाने में कामयाब रहीजैसे ही 2025 में मेयर चुनाव की बारी आई तो सीट महिला आरक्षित थी। इंडिया गठबंधन को उम्मीद थी कि वह सीट निकाल लेगा। लेकिन बीजेपी के लिए चुनौती कम नहीं थी। सांसद की वोट कांग्रेस के पास थी। ऐसे में बीजेपी ने पूरी रणनीति के तहत 2022 में कांग्रेस से बगावत कर पार्टी छोड़ने वाले दविंदर बबला की पत्नी हरप्रीत कौर बबला को मेयर का उम्मीदवार बनाया। बीजेपी के पास 16 पार्षद थे और गठबंधन के पास 20 वोट थे। लेकिन चुनाव से ठीक तीन दिन पहले बीजेपी ने कांग्रेस के किले में सेंध लगा दी। 27 जनवरी को पार्षद गुरबख्श रावत को बीजेपी में शामिल कर लिया गया। इसके बावजूद गठबंधन के पास बहुमत था। चुनाव से एक दिन पहले AAP के मेयर कुलदीप और उनके साले पर भ्रष्टाचार का केस दर्ज हुआ। लेकिन अंदर खाते कुछ और गेम पक रही थी। 30 जनवरी को हुए चुनाव में बीजेपी की हरप्रीत कौर बबला मेयर बनीं। उन्हें 19 वोट मिले। तीन पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग की। गठबंधन की AAP पार्षद प्रेम लता को 17 वोट मिले। जबकि सीनियर डिप्टी मेयर पद पर कांग्रेस पार्षद जसबीर सिंह बंटी 19 वोट लेकर जीते, जबकि बीजेपी की बिमला दुबे को 17 वोट मिले। डिप्टी मेयर पद पर भी कांग्रेस पार्षद तरुणा मेहता 19 मत लेकर विजयी रहीं। ऐसे में कांग्रेस पर धोखा देने के आरोप लगे। 2026 में पहली बार तीनों दलों ने उम्मीदवार उतारे2026 में AAP ने कांग्रेस से गठबंधन तोड़ दिया। उन्होंने अलग-अलग उम्मीदवार उतारे। इस बार मेयर चुनाव थोड़ा अलग है, क्योंकि इस बार चुनाव सीक्रेट वोटिंग के जरिए होना है। बीजेपी ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। पहले कांग्रेस नेताओं ने गठबंधन के संकेत दिए, लेकिन दोनों दलों में सहमति नहीं बन पाई। दोनों दलों के बीच जुबानी तीर भी चले। आखिरकार कांग्रेस और आम आदमी पार्टी इस बार अलग-अलग चुनाव लड़ रही हैं। इसकी वजह चाहे जो भी बताई जाए, लेकिन दोनों दलों की नजर पंजाब में आने वाले नगर निगम और विधानसभा चुनावों पर है। पंजाब कांग्रेस इकाई के नेता शुरू से ही गठबंधन का विरोध कर रहे थे। इस बार AAP की पार्षद सुमन शर्मा बीजेपी में शामिल हो गईं। इसी बीच उनकी भाभी पर मोहाली में पर्चा दर्ज हुआ। आरोप है कि वह ड्यूटी पर नहीं जाती थीं, लेकिन वेतन ले रही थीं। इस टर्म में चंडीगढ़ में पहली बार तीनों दलों ने नामांकन किया है। हालांकि माना जा रहा है कि कांग्रेस मेयर पद से और आम आदमी पार्टी सीनियर डिप्टी व डिप्टी मेयर पद से नामांकन वापस ले सकती हैं और एक-दूसरे के उम्मीदवारों को वोट देंगी। इस समय बीजेपी के पास 18 वोट हैं। अगर AAP और कांग्रेस एक-दूसरे का समर्थन करती हैं, तो उनके पास 17 पार्षदों और एक सांसद का वोट मिलाकर 18 वोट हो जाएंगे। ऐसे में अगर मुकाबला टाई रहा, तो पर्ची से चुनाव का फैसला होगा। ------------ ये खबर भी पढ़ें... सबसे बड़ी पार्टी AAP, एक ही बार मेयर बना पाई:सुप्रीम कोर्ट तक लड़ना पड़ा; चंडीगढ़ निगम में BJP को कांग्रेस-क्रॉस वोटिंग का साथ मिलता रहा 2021 में चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) ने धमाकेदार एंट्री की थी। AAP ने 35 में से 14 वार्डों में चुनाव जीत लिया। वह निगम हाउस की सबसे बड़ी पार्टी बनी। दूसरे नंबर पर 12 पार्षदों के साथ भाजपा और 8 पार्षदों के साथ कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही। पढ़ें पूरी खबर... चंडीगढ़ में हर साल नया मेयर क्यों:जिस पंजाब का नगर निगम एक्ट अडॉप्ट किया, वहां 5 साल का टेन्योर; इस बार वोटिंग भी नए तरीके से चंडीगढ़ में 29 जनवरी को नगर निगम का नया मेयर चुना जाएगा। पंजाब-हरियाणा और देश के दूसरे राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के मुकाबले चंडीगढ़ मेयर का चुनाव अलग है। यहां पार्षद तो 5 साल के लिए चुने जाते हैं। लेकिन मेयर हर साल नया चुना जाता है। इस बार 5वीं और मौजूदा पार्षदों की आखिरी टर्म का मेयर चुना जाएगा। पढ़ें पूरी खबर ...

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:00 am

सिरसा के गौरव की डेथ-मिस्ट्री, पत्नी पर ही शक:मलेशिया में 5 जनवरी को वाइफ का बर्थडे मनाया; डेडबॉडी से पहले इंडिया लौटी

मलेशिया में सिरसा के 25 वर्षीय गौरव उर्फ गौरू की मौत मिस्ट्री बनी है। परिवार गौरव की पत्नी अमरजीत कौर पर शक जता रहा है। उनका कहना है कि 18 जनवरी को गौरव से आखिरी बार ठीक-ठाक बात हुई। अगले ही दिन मलेशिया से फोन पर सूचना मिली कि गौरव ने सुसाइड किया है। 5 जनवरी को ही गौरव ने मलेशिया में पत्नी का बर्थडे मनाया था। इसकी फोटो व वीडियो शेयर किए थे। परिवार के अमरजीत पर शक करने की 3 बड़ी वजह हैं। एक तो उनका कहना है कि अमरजीत पहले मलेशिया में ब्लैक लिस्टेड थी, यह बात उसने छिपाई गई। फंदा लगाने से मृतक की आंखें व जुबान बाहर आ जाती है, लेकिन गौरव की डेडबॉडी में ऐसा नहीं है, बल्कि मुंह से झाग निकल रही थी। तीसरी वजह ये है गौरव की डेडबॉडी 26 जनवरी को इंडिया पहुंची। गौरव के भाई सोनू ने दैनिक भास्कर एप की टीम से बातचीत में कहा कि मलेशियन एंबेसी से सूचना मिली कि पत्नी तो 2 दिन पहले ही इंडिया लौट चुकी है, जबकि वो गौरव के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुई। अब सिलसिलेवार पढ़ें विदेश जाने से डेथ मिस्ट्री तक की कहानी दुबई जाकर प्लम्बर बनना चाहता थागौरव के भाई सोनू ने बताया कि गौरव 12वीं पास था। वो प्लंबरिंग के लिए दुबई या अन्य किसी अरब कंट्री में जाना चाहता था। इसी दौरान किसी रिश्तेदार के माध्यम से पता चला कि रानियां के नाथो वाली गली की एक लड़की पहले मलेशिया जाकर आई है। ऐसे में वह रिश्ता करने चले गए और बात पक्की हो गई। लगा कि गौरव का भी विदेश जाने का सपना पूरा होगा। वह दुबई में जाकर प्लम्बर का काम कर सेट होना चाहता था। ऐसे में मलेशिया जाना तय हो गया। शादी के अगले ही दिन मलेशिया के लिए निकले14 जुलाई 2024 को गौरव व अमरजीत कौर की अरेंज मैरिज हुई। अगले ही दिन दोनों मलेशिया के लिए निकल गए। शादी के अगले ही दिन दोनों सिरसा से टूरिस्ट वीजा पर थाईलैंड गए। वहां से बस के जरिए मलेशिया पहुंचे। अमरजीत कौर के मामा का लड़का पहले से वहां रहता था और उसकी अन्य रिश्तेदारी भी थी। रास्ते में पता चला अमरजीत मलेशिया में ब्लैक लिस्ट परिजनों के अनुसार, रास्ते में चेकिंग के दौरान पता चला कि अमरजीत कौर मलेशिया में पहले से ब्लेकलिस्ट थी। वह साल 2021 में टूरिस्ट वीजा पर मलेशिया गई थी। वीजा एक्सपायर होने के बाद भी वो वहीं रही। जब पकड़ी गई तो उसे ब्लैक लिस्ट कर दिया गया। अमरजीत ने गौरव व ससुराल वालों से यह बात छिपाई थी। इस बात को लेकर काफी झगड़ा हुआ। फिर घरवालों ने समझाया और आखिर दोनों में सहमति हो गई। बर्गर शॉप व सिक्योरिटी कंपनी में काम मिलामलेशिया में अमरजीत कौर को बर्गर शॉप और गौरव को सिक्योरिटी कंपनी में जॉब मिली। गौरव को काम मिलने की वजह से उसका वीजा एक्सटेंड हो गया। कपल होने के नाते अमरजीत भी काम करती रही। अब उसे भी कोई खतरा नहीं था। 18 जनवरी को गौरव की घर पर बात हुईगौरव ने 18 तारीख को सुबह 11 बजे घर पर कॉल किया। जिसमें बताया कि माधोसिंघाना का साहिल भी उसके पास आया है और कमरा भी रहने को मिल गया है। अगले दिन दोनों को साथ ही एक ही जगह काम पर जाना था। मगर अगले दिन गौरव की मौत की सूचना आई। NGO ने मलेशिया से पहुंचाई डेडबॉडीमलेशिया पुलिस ने घटना के बाद गौरव के शव का पोस्टमॉर्टम करवाया और मौत का कारण सुसाइड बताया। परिवार मलेशिया नहीं जा सका। परिवार ने मलेशिया के शाह आलम शहर में बने गुरुघर के मेंबर व वहां की NGO से संपर्क साधा। NGO ने ही पोस्टमॉर्टम के बाद डेडबॉडी को मलेशिया से सिरसा पहुंचाया। दोबारा पोस्टमॉर्टम नहीं करवा सका परिवार27 जनवरी को गौरव का शव चौबुर्जा गांव पहुंचा। परिजनों ने एम्बुलेंस से शव उतारने से मना कर दिया और दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग की थी। DSP राज सिंह, नाथुसरी थाना प्रभारी व सिटी थाना प्रभारी व पुलिसबल मौके पर मौजूद रहा। सिरसा विधायक गोकुल सेतिया ने DC व SP से फोन पर बात कर पोस्टमॉर्टम की मांग की थी। डॉक्टरों ने अग्रोहा अस्पताल रेफर किया, लेकिन फिर परिजन लाश ले गए और अंतिम संस्कार कर दिया। नाथुसरी थाना प्रभारी ने कहा कि पुलिस पूरा सहयोग को तैयार है। यह अंतरराष्ट्रीय मामला था। मलेशिया की पुलिस ने पोस्टमॉर्टम करवाया था और सुसाइड बताया है। शुरू में परिजन इससे संतुष्ट नहीं थे। फिर उन्होंने बिना पोस्टमॉर्टम ही अंतिम संस्कार कर दिया। अब जानिए परिवार को अमरजीत पर ही शक क्यों... ----------------------- ये खबर भी पढ़ें :- सिरसा के गौरव की मलेशिया में मौत:एनजीओ ने भिजवाया शव, परिवार का आरोप- हत्या की है सिरसा के एक युवक की विदेश में मौत हो गई है। मंगलवार को युवक का शव सिरसा लौटा है। परिजनों व ग्रामीणों का आरोप है कि युवक की हत्या की गई है। इसे लेकर मंगलवार सुबह परिजन और ग्रामीण सिविल अस्पताल में एकत्रित हुए। पढ़ें पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 5:00 am

गोरखपुर पहली बार पहुंचे राजन जी महाराज बोले-:16 साल करता रहा इंतजार, 4 फरवरी तक चलेगी श्री राम कथा, पहुंच रहे हजारों श्रद्धालु

गोरखपुर शहर में मंगलवार को प्रसिद्ध कथा वाचक राजन जी महाराज पहली बार पहुंचे। उनके गोरखपुर आगमन पर श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया। राजन जी महाराज यहां श्रीराम कथा सुनाने आए हैं, जिसका आयोजन 27 जनवरी से 4 फरवरी तक किया जा रहा है। इस राम कथा में गोरखपुर के साथ-साथ आसपास के जिलों से भी हजारों श्रद्धालु शामिल होने के लिए पहुंच रहे। कथा स्थल पर भक्तों में खासा उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुई। सबसे पहले वैदिक मित्रों द्वारा रामायण जी की आरती उतारी गई। इसके बाद पूरा पंडाल “जय श्री राम” और “गोरखनाथ बाबा की जय” के नारों से गूंज उठा। आरती के बाद राजन जी महाराज ने “कर्पूर गौरम करुणावतारम” भजन के साथ कथा की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने “सीताराम राम राम राम, सीताराम राम राम राम” भजन गाया, जिसमें मौजूद श्रद्धालु भी उनके साथ गाने लगे। पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। गोरखपुर में पहली बार आने पर राजन महाराज ने भावुक होकर कहा कि वे पिछले 16 वर्षों से राम कथा गा रहे हैं, लेकिन गोरखपुर आने का सौभाग्य उन्हें आज पहली बार मिला है। उन्होंने कहा कि उनकी हमेशा से इच्छा थी कि वे गोरखपुर आकर भगवान श्रीराम की कथा सुनाएं और आज रघुनाथ जी की कृपा से यह इच्छा पूरी हुई।उन्होंने कहा- “राम कथा को श्रवण करने से जन्म-जन्मांतर की व्यथा मिट जाती है। इस गीत के माध्यम से उन्होंने समझाया जय जय राम कथा, जय श्री राम कथा।” इसके बाद राजन जी महाराज ने कथा का विस्तार से वर्णन शुरू किया। उन्होंने रामायण के विभिन्न श्लोकों, प्रसंगों, कहानियों, कलयुग के जन्म और रामायण की रचना कैसे हुई, इन सभी विषयों को सरल और भावपूर्ण भाषा में श्रद्धालुओं के सामने रखा। इस श्रीराम कथा का आयोजन श्री राम कथा आयोजन समिति संस्था द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम के मुख्य आयोजकों में डॉ. कुमुद त्रिपाठी, मदन मोहन त्रिपाठी, विधायक प्रदीप शुक्ल, अशोक शुक्ल, भोलेंद्र दुबे सहित अन्य लोग शामिल हैं।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 4:59 am

देर रात पकड़ी गई पटाखा फैक्ट्री, आरोपी फरार:2 हजार किग्रा बारूद मिला , कांग्रेस नेता पर जताया शक

जिले में पहली बार सोमवार देर रात पटाखा फैक्ट्री पकड़ी गई। यह फैक्ट्री पड़ेला हनुमान मंदिर रोड पर सुनसान कॉलोनी सम्यक गोल्ड के क्लब हाउस में संचालित हो रही थी। पुलिस की दबिश के दौरान आरोपी फरार हो गए। मौके से एक पिकअप वाहन, स्कूटर और 2,000 किलो बारूद जब्त किया गया। पिकअप वाहन के संचालक अरबाज खान और उसके भाई बिलाल से पूछताछ की गई। पुलिस ने बताया कि यदि यहां विस्फोट होता तो तीन किलोमीटर तक इसका असर पड़ सकता था। एसपी मनोज कुमार राय ने कहा कि मुख्य संदेही कांग्रेस नेता इमरान परयानी हैं। क्लब हाउस पर कब्जा कांग्रेस नेता यशवंत सिलावट का था, लेकिन उन्होंने इसका खंडन किया है। विस्फोट का खतरा सीएसपी अभिनव बारंगे ने बताया कि फैक्ट्री में 70 बोरे सुतली बम और 50-50 किलो सल्फर व एल्यूमीनियम पाउडर पाए गए। सुरक्षा व्यवस्था न होने की वजह से किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। आसपास के सरकारी बंगले, कॉलोनी और सिहाड़ा ग्राम तक इसका असर पड़ सकता था। विस्फोट का खतरा सीएसपी अभिनव बारंगे ने बताया कि फैक्ट्री में 70 बोरे सुतली बम और 50-50 किलो सल्फर व एल्यूमीनियम पाउडर पाए गए। सुरक्षा व्यवस्था न होने की वजह से किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। आसपास के सरकारी बंगले, कॉलोनी और सिहाड़ा ग्राम तक इसका असर पड़ सकता था।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 4:58 am

झाबुआ रहा बंद, नहीं खोली दुकानें:गो-हत्या के खिलाफ सड़कों पर उतरी हजारों की भीड़

सजेली नानिया सात के जंगलों में हुए गो-हत्या कांड के विरोध में मंगलवार को पूरे जिले में सकल हिंदू समाज के आह्वान पर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन हुआ। हजारों लोग ट्रैक्टर, बाइक और चार पहिया वाहनों से जिला मुख्यालय पहुंचे। झाबुआ सहित राणापुर, मेघनगर और थांदला में व्यापारियों ने स्वेच्छा से प्रतिष्ठान बंद रखे। उत्कृष्ट मैदान में सभा के बाद शहर में रैली निकाली गई, जिसमें एक वाहन में गोवंश के अवशेष रखे गए। रैली कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां एसपी शिवदयालसिंह और एडीएम ने ज्ञापन लिया। आंदोलनकारियों ने किसी पर केस न दर्ज करने और सजेली वन क्षेत्र को गो-अभयारण्य घोषित करने की मांग रखी। रैली में कांग्रेस नेता कांतिलाल भूरिया सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 4:56 am

धोखाधड़ी का मामला:15 साल पहले आदिवासी को बेची जा चुकी जमीन को धोखे से अन्य आदिवासी को दोबारा बेचा, छगन दलाल ने सबको ठगा

उदयपुर शहर के पास भुवाणा में जमीन हड़पने और करोड़ों की धोखाधड़ी के चर्चित प्रकरण में सुखेर थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी जमीन दलाल छगनलाल को गिरफ्तार कर लिया। छगनलाल पर आरोप है कि उसने आदिवासी की एक ही जमीन को दो बार बेचकर न केवल मूल खरीदार, बल्कि नए खरीदार और जमीन मालिकों को भी ठगा। मामले के अनुसार जैसलमेर निवासी गुमानाराम भील ने वर्ष 2010 में कीकाराम मीणा से खसरा नंबर 1961 की कृषि भूमि 12.51 लाख रुपए में खरीदने का इकरारनामा किया। गुमानाराम ने 10.51 लाख रुपए का भुगतान कर जमीन पर कब्जा भी ले लिया था। इसी बीच मालिक कीकाराम मीणा की मृत्यु हो गई और जमीन का रिकॉर्ड उनके वारिस पत्नी कूकीबाई और बच्चों के नाम आ गया। छगनलाल की रिश्तेदारी कीकाराम के पैतृक गांव (कागरदा, पाली) में थी। उसे पता था कि जमीन पहले बिक चुकी है। यहीं से छगनलाल ने ठगी का जाल बुना। उसने वारिसों को लालच दिया कि रिकॉर्ड में नाम होने से वे इसे दोबारा बेच सकते हैं। आरोप है कि छगनलाल ने चित्तौड़गढ़ के गोपाल भील से तथ्य छिपाकर 2 करोड़ में उस जमीन का सौदा तय कर दिया। 19 अक्टूबर 2025 को कीकाराम के वारिसों के माध्यम से गोपाल भील के नाम रजिस्ट्री भी करवा दी। छगनलाल ने दोनों पक्षों से रकम वसूली, 48 लाख लेने की पुष्टि पुलिस के मुताबिक- बैंक ट्रांजैक्शन से खुलासा हुआ है कि छगनलाल ने इस सौदे में दोनों पक्षों से अवैध वसूली की है। गोपाल भील से अपने भाई रामाराम के खाते में 30 लाख रुपए डलवाए थे। कीकाराम के बेटे चम्पाराम से भी 18 लाख रुपए वसूल किए। कुकीदेवी द्वारा छगनलाल के कहने पर गोपाल को जमीन बेचने की जानकारी मिली तो गुमानाराम ने विधायक पुष्पेंद्र सिंह से भी कुकीदेवी को समझाने का आग्रह किया। पुलिस छगनलाल के संपर्क, समर्थक और इसके साथ लेनदेन में शामिल अन्य लोगों के संबंध में जांच कर रही है। दूसरी तरफ छगनलाल, कूकी बाई ने भी विधायक पुष्पेंद्र सिंह व अन्य लोगों के खिलाफ परिवाद दायर किया है। उधर, जमीन खरीदने वाले गोपाल भील ने धोखे से बेची गई जमीन की रजिस्ट्री निरस्त करवाई और छगनलाल समेत 15 के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करवाया। रजिस्ट्री निरस्त के बाद कीकाराम के वारिसों ने खरीदार गुमानाराम के नाम दुबारा रजिस्ट्री करवाई है।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 4:56 am

390 करोड़ मंजूर...:टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र के चारों ओर होगी फेंसिंग, शुरुआत रातापानी से

मप्र सरकार ने मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक में वन्यजीव संरक्षण, सिंचाई, सामाजिक योजनाओं और रोजगार से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी। प्रदेश के सभी 9 टाइगर रिजर्व के आसपास बसे ग्रामीण क्षेत्रों में इंसान व जंगली जानवरों के बीच टकराव और संघर्ष की घटनाएं रोकने के लिए राज्य सरकार ने बफर क्षेत्रों के विकास के लिए 390 करोड़ रुपए की मंजूरी दे दी है। राशि से बफर क्षेत्रों में जंगल से जहां ग्रामीण क्षेत्र सटे हैं, उनके बीच चेन-लिंक तार फेंसिंग की जाएगी। यह फेसिंग अगले 5 साल में वर्ष 2030 तक लगभग 500 किमी लंबाई में की जाएगी। पहले चरण में 52.434 किमी लंबाई में यह फेसिंग पांच टाइगर रिजर्व में उन क्षेत्रों में होगी, जहां पिछले कुछ सालों में जंगली जानवरों के हमलों में इंसानों की मौत हुई है। इनमें भोपाल के पास रायसेन जिले में रातापानी, बालाघाट, मंडला और डिंडोरी में कान्हा, उमरिया और शहडोल में बांधवगढ़, सिवनी और छिंदवाड़ा में पेंच और सीधी व शहडोल के ब्यौहारी में संजय टाइगर रिजर्व की बफर सीमा शामिल हैं। यहां करीब 10 करोड़ से यह फेसिंग होगी। फेसिंग होने के बाद टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्रों में चारागाहों के विकास और सतही जल स्रोतों के विकास से जुड़े काम किए जाएंगे। 3 विभागों की 17 योजनाओं को 5 साल तक बढ़ाया, 17 हजार 864 करोड़ मंजूर राज्य सरकार ने तीन अलग-अलग विभागों की 15 योजनाओं को की 2026-27 में खत्म हो रही मियाद को वर्ष 2029-30 तक बढ़ाने की मंजूरी देते हुए इसके लिए 17 हजार 864 करोड़ रुपए खर्च की मंजूर दे दी है। इनमें जनजातीय कार्य विभाग की शुल्क की प्रतिपूर्ति, परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण, स्काउट गाइड, परिवहन, स्वास्थ्य, विभिन्न पुरस्कार आदि की 15 योजनाएं शामिल हैं। इन पर सरकार पांच साल में 377.26 करोड़ रुपए खर्च करेगी। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता के लिए 15 हजार करोड़ रुपए और राजस्व विभाग की तहसील, जिला संभाग के कार्यालय एवं आवासीय भवन का निर्माण योजनाओं के लिए 2,487 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। नर्मदापुरम... 215.47 करोड़ की 2 सिंचाई परियोजनाएं मंजूर OBC युवाओं को विदेश में रोजगार की नई योजना कैबिनेट ने प्रदेश में पिछड़े वर्ग (ओबीसी) वर्ग के के लिए लागू बेरोजगार युवक-युवतियों को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की योजना 2022 को समाप्त करते हुए इसके स्थान पर नई संशोधित योजना लागू करने को मंजूर दी है। नई योजना का नाम अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार नियोजन योजना 2025' होगा। योजना पर अगले 3 सालों में 45 करोड़ रुपए खर्च आने का अनुमान है। प्रतिवर्ष 600 युवाओं को रोजगार के लिए विदेश भेजने का लक्ष्य रखा गया है। पिछली योजना में सिर्फ जापान शामिल था, नई योजना में अन्य को भी शामिल कर लिया गया है।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 4:55 am

भेल का दावा- 350 करोड़ का टर्नओवर पहुंचा:हबीबगंज क्लस्टर में 200 करोड़ निवेश की संभावना

भेल भोपाल ने दावा किया है कि हबीबगंज क्षेत्र में सालों पहले बने एमएसमई क्लस्टर से 180 करोड़ निर्यात के साथ-साथ 350 करोड़ टर्नओवर पहुंच चुका है। साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी का दावा है कि इस क्षेत्र में भविष्य में 200 करोड़ और निवेश आ सकता है। हालांकि, ये क्लस्टर न तो राज्य, न ही केंद्र की एमएसएमई क्लस्टर लिस्ट में शामिल है। भेल भोपाल द्वारा मंगलवार को जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक सालों से आईएसबीटी क्षेत्र में स्थापित इस क्लस्टर में 14 एमएसएमई इकाइयां मौजूद हैं और 5 हजार से अधिक परिवारों के लिए रोजगार भी मिल रहा है। प्रेसिजन मैन्युफैक्चरिंग, फैब्रिकेशन, कंपोनेंट प्रोडक्शन और इंजीनियरिंग सेवाओं सहित कई क्षेत्रों में काम हो रहा है। ये उत्पादन से देश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों-पावर जेनरेशन इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे, रक्षा उपकरण और हेवी इंजीनियरिंग एप्लिकेशन्स- को मदद कर रहे हैं। इस क्लस्टर से देश में सप्लाई के साथ-साथ यूरोप, मध्य पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया की अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को सेवाएं दी जा रही हैं। विस्तार, ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग और ऑटोमेशन से 200 करोड़ का निवेश आने की संभावना है। कानूनी विवाद, MSME में मर्जर का भी था प्रस्ताव लगभग 50 साल पहले स्थापित क्लस्टर में जमीन का विवाद कोर्ट में लंबित है। भेल ने जब जमीन वापस मांगी तो यहां के उद्योगपति 1985 में कोर्ट चले गए थे। बीते साल ये प्रस्ताव भी बना था कि इस क्लस्टर को एमएसएमई विभाग में मर्ज कर दिया जाए पर मामला कोर्ट में होने के कारण अब तक मामला आगे नहीं बढ़ सका है। भेल के भी एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी कहा कि लंबे समय से जमीन से जुड़े विवाद कई सालों से रहे हैं। भोपाल में जमीन की कमी के बीच यहां काफी संभावनाएं हैं।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 4:52 am

16वीं विधानसभा का 5वां सत्र:बजट सत्र आज से, डिस्टर्ब्ड एरिया एक्ट और चुनाव के विधेयक लाएगी सरकार, हंगामेदार रहेगा सत्र

सोलहवीं राजस्थान विधानसभा का पांचवां सत्र बुधवार से शुरू होगा। बुधवार सुबह 11 बजे राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े के अभिभाषण सत्र की शुरुआत होगी। 29 जनवरी से अभिभाषण पर बहस होगी। राज्यपाल के अभिभाषण पर तीन से चार दिन चर्चा होगी। फिर एक सप्ताह का अवकाश रह सकता है। सदन में राज्य का बजट 11 फरवरी को रखा जाएगा। इस बार 16 से अधिक मुद्दों को लेकर टकराव होने से सत्र भारी हंगामी रहने के आसार हैं। सत्र को लेकर दोनों दलों ने पार्टी विधायक दल की बैठकें बुलाई है। इसमें सत्र में पार्टी की रणनीति तय की जा रही है। इस बार बजट सत्र करीब 3 सप्ताह चलने की संभावना है। इसमें डिस्टर्ब्ड एरिया एक्ट, पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों के चुनावों को लेकर विधेयक पेश हो सकते हैं। स्पीकर वासुदेव देवनानी ने मंगलवार को सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाई। इसमें तय हुआ कि विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, मुख्य सचिव वी श्रीनिवास और विधानसभा के प्रमुख सचिव विधानसभा पहुंचने पर राज्यपाल बागड़े का स्वागत करेंगे। बैठक में सदन को परंपराओं से चलाने, गरिमा बनाए रखने, सम्मानजनक शब्दों के प्रयोग पर स्पीकर ने जोर दिया। उन्होंने कहा कि सदन को चलाने की जिम्मेदारी सोलहवीं विधान सभा के सभी पक्ष एवं प्रतिपक्ष सदस्यों की है। मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि सर्वदलीय बैठक के दूरगामी सकारात्मक परिणाम दिखाई देंगे। बैठक में सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, प्रतिपक्ष के मुख्य सचेतक रफीक खान, मनोज कुमार, डॉ. सुभाष गर्ग व थावरचंद मौजूद थे। जूली ने कहा- विपक्ष उठाए उस मुद्दे का सरकार जवाब दे नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि हमने बैठक में विषय रखा की विपक्ष की तरफ से जो भी मुद्दा उठाया जाए उसको लेकर सरकार जवाब दे। जवाब जैसा सरकार चाहे वह दे लेकिन उसका जवाब तो कम से कम दिया जाए। प्रदेश का किसान युवा गरीब, महिलाएं सब देखते हैं कि विधानसभा में क्या बात हो रही है। बैठक के नतीजे अच्छे आने चाहिए। नहीं तो वही घोड़े और वही मैदान है। कैमरे को लेकर जो विपक्ष का मुद्दा था उस पर भी विपक्ष की तरफ से स्पीकर के सामने बात रखी गई है। डिस्टर्ब एरिया बिल लाकर राजस्थान की जो छवि थी उसको धूमिल करने के प्रयास किया जा रहे हैं। राजस्थान में भी दंगे होते हैं। दंगे किन लोगों ने कारण यह सब जानते हैं। यह बिल क्यों ला रहे और लाने की मंशा क्या है? इसका परिणाम आने वाले समय में आपको नजर आएगा। 96% सवालों के जवाब मिलेपिछले सत्रों के 96 प्रतिशत प्रश्नों के जवाब राजस्थान विधानसभा को प्राप्त हो गए हैं। स्पीकर ने कहा कि आगे भी समय पर प्रश्नों के जवाब मंगाए जाएंगे। इसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। सदन में समितियों की रिपोर्ट समय पर मंगाई जाएगी। सदन का प्रश्न और शून्यकाल महत्वपूर्ण होता है। इन दोनों समय में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं होना चाहिए। सदन में अपनी-अपनी बात रखने के लिए पक्ष व प्रतिपक्ष के सभी सदस्यों की भावना एक समान होती है। पहले दिन यह होगापहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन में दिवंगत जनप्रतिनिधियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसी के साथ सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी जाएगी। बुधवार को ही सदन की कार्य सलाहकार समिति की बैठक होगी। इसमें पूरे बजट सत्र के एजेंडे और कार्यसूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुधवार शाम 7 बजे होगी। बैठक में सत्र की रणनीति तय की जाएगी।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 4:52 am

22 विभागों को केंद्र से नहीं मिला एक भी रुपया:केंद्र से मिलने थे 44,355.83 करोड़ रुपए, 10 माह बीते, मिले सिर्फ 9,753.05 करोड़

मप्र को चालू वित्त वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार से कुल 44,355.83 करोड़ रुपए मिलने थे, लेकिन वित्तीय वर्ष के 10 माह बीत जाने के बाद भी सिर्फ 9,753.05 करोड़ रुपए ही राज्य को प्राप्त हुए हैं। यानी अब तक केवल 22 फीसदी राशि ही दिल्ली से भोपाल पहुंच पाई है। हालात यह हैं कि प्रदेश के 22 विभागों को 1 अप्रैल से 20 जनवरी के बीच केंद्र से एक रुपया भी नहीं मिला है। परंपरागत कृषि विकास योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना जैसी योजनाओं के लिए भी एक रुपया नहीं मिला, जिससे किसानों से जुड़ी योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। इसी प्रकार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग को जल जीवन मिशन के तहत 8,561.22 करोड़ मिलने थे, लेकिन 10 महीने में एक भी रुपया जारी नहीं हुआ। ऊर्जा विभाग को आरडीएसएस योजना के तहत 1,736.33 करोड़ मिलने थे, लेकिन पूरी राशि लंबित है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मप्र की जनता भाजपा की डबल इंजन सरकार से डबल मुसीबत में फंस गई है। एक तरफ राज्य पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा है और दूसरी तरफ केंद्र सरकार प्रदेश को उसके हिस्से का पैसा नहीं दे रही। 22 विभाग और इनको मिलने वाली राशि, जो नहीं मिली लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी- 8561.22 {ऊर्जा विभाग-1,736.33 {खाद्य विभाग-317.31 {पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक-296.15 {पशुपालन एवं डेयरी 156.29 {उद्यानिकी एवं खाद्य-146.74 {पंचायत-142.95 {उच्च शिक्षा - 133.69 {आयुष-93.42 तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास व रोजगार- 86.56 {नर्मदा घाटी विकास-68 {मछुआ कल्याण और मत्स्य विकास-57.25 {राजस्व 50 {कुटीर और ग्रामोद्योग-15.79 {जेल-15.11 {पर्यावरण-12.34 {विज्ञान और प्रौद्योगिकी-11.39 {नवीन और नवकरणीय ऊर्जा-8.99 {सहकारिता-8.07 {योजना, आर्थिक और सांख्यिकी-7.9 {परिवहन-4.45 {श्रम-1.24 करोड़। ​ अब सिस्टम बदल गया है। भारत सरकार से राशि राज्य सरकार को जारी नहीं होती है, बल्कि स्पर्श सिस्टम हो गया। जब आप बिल लगाते हैं तो राशि ड्रा हो जाती है। कोई भी विभाग अपने उपयोगिता प्रमाण पत्र लगाएगा तो उनकी राशि जारी हो जाएगी। - मनीष रस्तोगी, एसीएस, वित्त विभाग

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 4:51 am

TCB की मीटिंग आज:जाम फ्री राहत के लिए 54 कट बंद करने पर होगा फैसला, निजी फर्म सर्वे कर रिपोर्ट देगी

शहर की मुख्य सड़काें काे ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए जेडीए ट्रैफिक की राह में रोड़ा बन रहे कट काे बंद करने की तैयारी में है। ट्रैफिक पुलिस ने एजेंडा तैयार कर टीसीबी काे भेजा है। इस पर बुधवार काे ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड का फैसला हाेगा। एजेंडे के अनुसार शहर ट्रैफिक पुलिस की ओर से अवैध कट को बंद करने, जरूरत के अनुसार नए कट खोलने और फोल्डेबल कट के निर्माण पर फैसला लिया जाएगा। ट्रैफिक पुलिस ने 54 अवैध कट बंद करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके अलावा 15 नए कट खोलने बनाए जाएंगे। शहर में ट्रैफिक पुलिस मोबाइल एनफोर्समेंट टीम जाम के कारणों का पता लगाएगी रिसर्च में कहां कट बंद होना कहां खोला जाना ये भी होगा- टीसीबी की बैठक में सबसे हम निर्णय स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर की ओर से कराया जाने वाले सर्वे होगा। ये सर्वे तय करेगा कि शहर में किस कट को खोलने की क्योंकि जरूरत है, और अगर बंद करना हैं तो क्यों करना है। जिस स्थान पर कट नहीं हैं, वहां पर नया कट क्यों खोला जाना चाहिए। इन सभी तरह के सवालों का जवाब सर्वे की रिपोर्ट में आएगा। कट बंद और खोलने में मनमर्जी से नहीं चलेगी, ट्रैफिक लोड़ का सर्वे हाेगा: शहर में चौपहिया वाहन की निर्धारित गति 60, दुपहिया की 40 और बस की 30 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार के लिए लाल बत्ती को पार करने वाले समय और चौड़ाई दोनों को बढ़ाने का काम किया जा रहा है। इसके लिए ट्रैफिक अपने स्तर पर सर्वे करा चुकी है। इसके अनुसार शहर को पुलिस ने 350 जंक्शन में बांट दिया है। प्रत्येक जंक्शन का एरिया 2 से 4 किमी का है, जिसमें 2 से 3 ट्रैफिक के पॉइंट हैं। इन पर लगने वाले जाम को बाइक मोबाइल टीम खुलवाने का काम करती है। जाम खुलने के बाद इस टीम को अन्य स्थान पर भेज दिया जाता है। शहर के बस स्टैंड होंगे री- स्ट्रक्चर शहर में जल्द ई-बसों के संचालन से पहले ट्रैफिक पुलिस नए बस स्टैंड का सर्वे पूरा करेगी। मकसद यह है कि बसें सिर्फ उन्हीं स्थानों पर रुकें, जहां यात्रियों को वास्तव में जरूरत हो। फिलहाल कई जगह निर्धारित बस स्टैंड के अलावा बसें रुक जाती हैं, जिससे जाम की समस्या पैदा होती है। मोबाइल एनफोर्समेंट शहर ट्रैफिक पुलिस मोबाइल एनफोर्समेंट टीम की मदद से जाम लगने के कारणों का भी पता करेंगे, अगर जाम का कारण सड़क पर अतिक्रमण, ई-रिक्शा का जाम सहित अन्य कारणों का पाए जाने पर भी उसे दूर करने का काम किया जाएगा। डिवाइडर पर लगेगी रैलिंग शहर के प्रमुख मार्गों पर डिवाइडर के ऊपर रेलिंग लगाने की योजना भी बैठक में शामिल है। रैलिंग का मॉडल टोंक रोड के आधार पर तैयार किया जाएगा, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 4:49 am

जनसुनवाई:एक करोड़ की ठगी, 10 से ज्यादा आवेदन, फिर भी सुनवाई नहीं हुई

मंगलवार को कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में कुल 124 आवेदन पहुंचे। रानी कमलापति स्टेशन के पास के रहने वाले संतोष पाल ने बताया कि वो फार्मा कंपनी में कर्मचारी हैं। 6 लोगों के गिरोह ने षडयंत्रपूर्वक उनकी एलआईसी पॉलिसी और बैंक खातों समेत जमीन के दस्तावेज चोरी कर एक करोड़ रुपए की ठगी की है। उन्होंने नंदराम प्रसाद, पप्पूलाल, प्रियालाल, सुरजलाल, प्रियंका और माईजान पर ठगी के आरोप लगाए। संतोष ने बताया कि पिछले 10 महीनों से आवेदन दे रहे हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसके अलावा स्कूल, सड़क चौड़ीकरण और घरेलू मामले भी जनसुनवाई में पहुंचे। सड़क चौड़ीकरण का 208 दुकानदारों ने किया विरोध रत्नागिरी तिराहे से विदिशा रोड के चौड़ीकरण के विरोध में दुकानदारों ने कलेक्ट्रेट में आवेदन दिया। उनका कहना है कि 6 जनवरी को एडीएम की ओर से नोटिस मिला कि सभी 208 दुकानदारों को हटाया जाना है। दुकानदारों का कहना है कि वो पिछले 30 साल से अपना भरण-पोषण कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें कहीं और विस्थापित करने की बजाय, वहीं पीछे शासकीय भूमि पर बनी खाली पड़ी फैक्ट्री की जगह पर भेज दिया जाए। आवेदन देने के लिए कलेक्ट्रेट में बड़ी संख्या में दुकानदार पहुंचे। पैसे जमा, फिर भी स्कूल बस बच्चे को नहीं ले जा रही हिनोतिया आलम की रंजना पाटीदार ने बताया कि उनका बेटा द बेबी लोन स्कूल में चौथी कक्षा में पढ़ता है। 6 जनवरी को उसकी स्कूल बस उसे लेकर नहीं गई। उन्होंने बताया कि उन्होंने पैसे जमा कर रखे हैं, फिर भी बस बच्चे को नहीं ले जा रही। पत्नी ने कहा- पति को नशामुक्ति केंद्र भेजा जाए प्रताप नगर की राधा यादव ने बताया कि उनके पति रघुवीर सिंह यादव नशा कर घर में तोड़फोड़ करते हैं। सामान को नुकसान पहुंचाते हैं। राधा ने आवेदन देते हुए कहा कि उनके पति को किसी भी नशामुक्ति केंद्र या अस्पताल भेजा जाए।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 4:48 am

प्रदेश को लॉजिस्टिक्स हब बनाने ट्रेनिंग आज:अब मप्र के वेयरहाउस दूसरे सेक्टर के उत्पाद भी रखेंगे

मप्र में निजी और सरकारी मिलाकर लगभग 7 हजार वेयरहाउस बने हैं, जिनमें 430 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) भंडारण उपलब्ध है, पर जरूरत लगभग 250 एलएमटी की रहती है। इस स्थिति में निजी वेयरहाउस नुकसान में जाते हैं, जबकि सरकारी भी काफी खाली रहते हैं। इस स्थिति को बदलने और मप्र को लॉजिस्टिक्स हब बनाने के लिए अन्य सेक्टर में स्टोरेज का उपयोग करने और ऑटोमेशन-सप्लाई चेन पर आधुनिक ट्रेनिंग देंगे। फोकस होगा कि अनाज के अलावा स्टोरेज सुविधा का उपयोग करके कैसे आमदनी बढ़ाई जाए। राजधानी में बुधवार को वेयरहाउस संचालकों, लॉजिस्टिक्स एक्सपर्ट, इंडस्ट्री के अधिकारियों और खाद्य विभाग के अधिकारियों की राज्य स्तरीय कार्यशाला होगी। इसमें आईआईएम मुंबई के दो प्रोफेसर अपने सत्र में वेयरहाउस ऑटोमेशन और सप्लाई चेन मैनेजमेंट पर जानकारी देंगे। वहीं, डेलॉइट के एक्सपर्ट अनुराग गुप्ता और जानी-मानी लॉजिस्टिक्स फर्म मुसद्दीलाल समूह के कैलाश मोर भी प्रदेश को लॉजिस्टिक्स हब बनाने के लिए जानकारी देंगे। ज्यादा उपलब्ध, निजी संचालक बनाते हैं दबाव मप्र में गेहूं -धान के लिए लगभग 120 एलएमटी तो अन्य फसलों और पुराने स्टॉक को मिलाकर लगभग 250 एलएमटी स्टोरेज की जरुरत होती है। केंद्र की योजना में सब्सिडी लेकर बड़ी संख्या में निजी वेयरहाउस बन गए हैं। अब अपनी संचालन लागत निकालने के लिए निजी संचालक अपने गोदाम भरने का दबाव बनाते हैं। कई बार करोड़ों का किराया लंबित हो जाता है। इससे बचने खाद्य विभाग ने वैकल्पिक योजना बनाई है।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 4:47 am

माघ मेले से उठी UGC वापस लेने मांग:प्रयागराज में संतों की बैठक में समाज को बांटने का काम ना करें सरकार

त्रिवेणी के तट पर चल रहे माघ मेले में संत, महात्माओं ने केंद्र सरकार के UGC को शीघ्र वापस लेने की मांग है। संत, महात्माओं का कहना है कि सरकार के यूजीसी को लागू करने से जहां सामान्य वर्ग की प्रतिभाएं प्रभावित होगी, वहीं समाज में विघटन बढ़ेगा जो देश की एकता और अखंडता के लिए कुठाराघात साबित होगा। ऐसे में केन्द्र सरकार को चाहिए कि वह यूजीसी को तुरंत वापस लें जिससे कि सामान्य वर्ग के आक्रोश को रोका जा सके। माघ मेला के परशुराम राम परिषद की बैठक में मुख्य अतिथि जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री नरेंद्रानंद सरस्वती महराज, श्री मदजगद्गुरु स्वामी श्री नारायणाचर्या शांडिल्य जी महाराज श्रृंगवेरपुर धाम और महंत चन्द्र देव जी महाराज सच्चा आश्रम सहित अन्य संत शामिल हुए। संतों ने कहा कि सरकार को ऐसा कोई भी विवादित कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे समाज के लोग प्रभावित हों और एक विशेष वर्ग में तनाव का माहौल बने। जिस तरह से पहले चल रहा था उसी तरह से चलने देना चाहिए था। आखिर सामान्य वर्ग पर निशाना क्यों?जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री नरेंद्रानंद सरस्वती महराज ने कहा कि सरकार को समाज को लेकर चलना चाहिए ना कि समाज को तोडने और विघटित करने का काम करना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार यूजीसी को लाकर समाज में कौन सा संदेश देना चाहती है जबकि सरकार में बैठे लोग भी विरोध कर रहे है। श्रीमद जगद्गुरु स्वामी श्री नारायणाचर्या शांडिल्य जी महराज ने कहा कि सरकार सामान्य वर्ग पर निशाना साधकर समाज को क्या और कैसा संदेश देना चाहती है, उसको स्पष्ट करें। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम उसके लिए कितना घातक होगा वह सोच नही सकती है, सामान्य वर्ग के लोग सड़कों पर आ गए है और सरकार का सब तरीके से विरोध कर रहे हैं, इससे जहां सरकार की छवि को खराब हो रही वहीं आगामी विधान सभा और लोकसभा के चुनाव में भारी क्षति होगी। वहीं जयपुर से पधारे जगद्गुरु स्वामी श्याम देवा चर्या जी महाराज ने समाज को विघटित करने का कानून है अभी कानून वापस हो जाय अच्छा होगा वहीं सच्चा बाबा आश्रम के महंत चन्द्र देव जी महाराज ने यूजीसी लेकर साजिश है अभी भी वक़्त है।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 4:46 am

रवींद्र भवन में लोकरंग मेला और दुकानें लगवा दी डेढ़ किमी दूर एमवीएम में

संस्कृति विभाग द्वारा गणतंत्र दिवस पर आयोजित किया जाने वाला लोकरंग मेला इस बार लोककला से अधिक अव्यवस्था और मनमानी को लेकर विवादों में है। जनजातीय लोककला एवं बोली विकास अकादमी के तत्वावधान में 26 से 30 जनवरी तक चल रहे मेले में दुकानों के आवंटन, स्थान चयन और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।परंपरागत रूप से रवींद्र भवन परिसर में आयोजित होने वाले इस मेले में इस बार कृषि विभाग को पार्किंग एरिया में दुकानों के लिए जगह दे दी गई। नाले के ऊपर पटिया डालकर दुकानें बनवाई गईं। इसी स्थान पर चिकनकारी, कांजीवरम, खादी और गोंड चित्रकला जैसी पारंपरिक दुकानों को लगाया गया। दुकानदारों की संख्या बढ़ने पर आनन-फानन में डेढ़ किमी दूर एमवीएम परिसर में दुकानें बनवाई गईं, लेकिन वहां न तो पर्याप्त सुरक्षा है और न ही ग्राहकों की आवाजाही। बाद में आधी से ज्यादा दुकानों को पार्किंग विकसित करने के नाम पर तुड़वा दिया गया। शुल्क रवींद्र भवन के नाम पर लेने के बावजूद दुकानदारों को एमवीएम भेजे जाने से नाराजगी बढ़ी। दुकानों के आवंटन में पर सवाल उठ रहे हैं । सूची में 18 ऐसे नाम मिले, जो लॉटरी प्रक्रिया में शामिल नहीं थे। सीधी बात - अशोक मिश्रा, सहायक निदेशकजनजातीय लोककला एवं बोली विकास अकादमी रवींद्र भवन की बजाय एमवीएम में दुकानें क्यों बनाई गई? –अधिक लोग आ गए थे, इसलिए वहां व्यवस्था कराई है। लेकिन लोग तो वापस फुटपाथ, नाले के पास दुकानें लगा रहे हैं, एमवीएम में कोई इंतजाम भी नहीं है? - अब हम लोगों को रोक तो नहीं सकते। जब जगह नहीं थी तो फिर कृषि विभाग को क्यों दुकानें दी गई? - वो हमने नहीं दी, वीर भारत न्यास ने आवंटित की है। बिना लॉटरी कई लोगों को रवींद्र भवन में दुकानें आवंटित कर दी? –इसकी मुझे जानकारी नहीं है। चेक करवाता हूं।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 4:46 am

व्यापमं घोटाला:फर्जी निवास प्रमाण पत्र लगाकर बना डॉक्टर, तीन साल की सजा

भोपाल कोर्ट ने व्यापमं घोटाले के आरोपी डॉक्टर सुनील सोनकर को 3 साल की सजा सुनाई है। साथ ही दो हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। फैसला अपर सत्र न्यायाधीश अतुल सक्सेना ने सुनाया है। आरोपी डॉक्टर ने उत्तर प्रदेश का निवासी होते हुए मध्य प्रदेश का फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनवाया। और व्यापमं द्वारा आयोजित प्री मेडिकल टेस्ट (पीएमटी) में प्रवेश लिया। आरोपी मौजूदा समय में सागर जिले में डॉक्टर है। इस मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुधा विजय सिंह भदौरिया और आकिल अहमद खान ने पैरवी की है। घटना 1 जनवरी 2010 से 30 जुलाई 2010 के बीच की है। इस मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एसटीएफ में शिकायत की थी। इसमें उन्होंने एसटीएफ को फर्जी मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाकर पीएमटी में प्रवेश लेने वालों की सूची दी थी। इसमें बताया गया था कि आरोपी द्वारा 10वीं और 12वीं की परीक्षा उत्तर प्रदेश (यूपी) बोर्ड से पास की गई है। आरोपी ने खुद का पता रीवा का होना बताया था। इस मामले में जांच के बाद एसटीएफ की टीम ने 24 जनवरी 2020 को आरोपी डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अब तक 5000 मरीजों का कर चुका है इलाज कोर्ट में सामने आया कि आरोपी डॉक्टर सुनील सोनकर फर्जी मूल निवास प्रमाण पत्र के आधार पर डॉक्टर बना था। ट्रायल के दौरान सामने आया कि आरोपी फर्जी तरीके से डॉक्टर बनने के बाद भी 5 हजार लोगों का इलाज कर चुका है। हालांकि कोर्ट का कहना है कि फर्जी मूल निवास प्रमाण पत्र लगाकर आरोपी ने परीक्षा दी है। मूल निवास प्रमाण पत्र ने आरोपी को परीक्षा पास करने में मदद नहीं की है। वो उसकी उपयोगिता से पास हुआ है। ग्वालियर निवासी महिला डॉ. ने दायर की थी याचिका आरोपी डॉक्टर को सशर्त राहत, देश छोड़ने पर रोक बरकरार व्यापमं घोटाले से जुड़े एक और मामले में हाई कोर्ट ने आरोपी महिला डॉक्टर को सशर्त राहत प्रदान की है। हाई कोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल व जस्टिस हिमांशु जोशी ने स्पष्ट किया है, कि केवल संदेह के चलते किसी व्यक्ति के संवैधानिक अधिकारों पर रोक नहीं लगाई जा सकती है। यदि याचिकाकर्ता निर्धारित समय-सीमा में ग्रामीण सेवा बॉन्ड की राशि जमा करती हैं, तो केवल जांच लंबित होने के आधार पर उन्हें अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) से वंचित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने जांच एजेंसियों की आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए देश छोड़ने पर सख्त शर्तें भी लागू की हैं। याचिकाकर्ता ग्वालियर निवासी डॉ. आकांक्षा तोमर ने याचिका दायर कर ग्रामीण सेवा बॉन्ड से छूट अथवा बॉन्ड राशि जमा करने के बाद एनओसी जारी करने की मांग की थी। तर्क... जांच अभी लंबित है राज्य शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता जान्हवी पंडित ने कहा कि व्यापमं घोटाले की जांच अभी लंबित है और बॉन्ड समाप्त होने के बाद याचिकाकर्ता जांच एजेंसियों की निगरानी से बाहर जा सकती हैं। कोर्ट ने कहा कि सुरक्षा उपाय अपनाकर याचिकाकर्ता को ट्रेस किया जा सकता है।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 4:43 am

FB पर दोस्ती... प्रोफेसर से महिला ने ठगे 4.90 लाख रुपए

पिपलानी थाना क्षेत्र में एक प्राइवेट कॉलेज के प्रोफेसर के साथ शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 4 लाख 90 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने बताया कि पीड़ित के पास पहले फेसबुक पर आरोपी महिला की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। पीड़ित की आरोपी से फेसबुक पर दोस्ती हो गई। इसके बाद आरोपी ने उन्हें वॉट्सएप पर बात करने के लिए अपना नंबर दिया। वॉट्सएप पर बात करने पर आरोपी महिला ने उन्हें दो अकाउंट की जानकारी दी। इसमें बताया गया कि पहले अकाउंट में पैसे निवेश करने हैं। वहीं, दूसरे अकाउंट में प्रॉफिट दिखाई देगा, जिससे पैसे निकाले जा सकते हैं। पुलिस ने बताया कि विक्रम ने कुल 3 लाख 90 हजार रुपए निवेश किए। प्रॉफिट निकालते समय आरोपी महिला ने 7 लाख 50 हजार रुपए जीएसटी जमा करने की मांग की। विक्रम के पास इतना नहीं होने पर महिला ने 1 लाख मांगे, जिसे विक्रम ने जमा कर दिया। इसके बाद उनका कुल निवेश 4 लाख 90 हजार रुपए हो गया। साइबर एक्सपर्ट चातक वाजपेयी ने चेताया कि अंजान लिंक और वेबसाइट से बचें। केवल सेबी वेरिफाइड एप में निवेश करें। फ्रॉड होने पर 1930 नंबर पर शिकायत करें।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 4:41 am

फिर चमकी जिंदगी...:सालों बाद महेंद्र ने थामी स्टीयरिंग, साक्षी ने कलम उठाई, महेंद्र खुश हैं कि अब बाइक चला सकेंगे

एक सड़क हादसे के बाद बाइक चलाना नरेंद्र के लिए सपना हो गया था। कई साल से वे अपने रोजमर्रा के कामों के लिए परिजनों या दूसरों पर निर्भर थे। लेकिन, अब ऐसा नहीं है। इलेक्ट्रॉनिक प्रोस्थेटिक हाथों ने उनकी जिंदगी में फिर से वही चमक बिखेर दी है। 23 साल पहले करंट से महेंद्र के दोनों हाथ जल गए थे। अब उन्हें भी नई जिंदगी मिल गई है। स्वास्थ्य विभाग और एनएचएम की पहल से सिविल अस्पताल हथाईखेड़ा में ऐसे 113 लोगों को नि:शुल्क इलेक्ट्रॉनिक प्रोस्थेटिक हाथ लगाए गए। कोई अरसे बाद लिखेगा तो कोई गाड़ी दौड़ाएगा। डॉक्टरों का कहना है कि इन हाथों से 7 किलो तक वजन उठाया जा सकेगा। इनमें कुछ ऐसे लोग भी शामिल थे, जिन्हें जन्मजात ही एक हाथ नहीं था। मशीनी हाथों में भरी खुशियां तो फूले नहीं समाए हादसे के बाद मैं अपनी बाइक तक नहीं चला पा रहा था। हर काम के लिए दूसरों पर निर्भर रहना बहुत मुश्किल था। अब मैं फिर से खुद काम कर सकूंगा और अपनी गाड़ी चला सकूंगा। - नरेंद्र साल 2003 में खेत में करंट लगने के बाद मेरे दोनों हाथ जल गए थे। 23 साल बाद इलेक्ट्रॉनिक हाथ मिलने से अब मैं खुद वाहन चला सकूंगा और घर के छोटे काम कर सकूंगा। यह मेरे लिए नई जिंदगी है। -महेंद्र सिंह कई साल बाद मैंने दोबारा पेन पकड़कर लिखा। यह मेरे लिए सपने जैसा था। अब मैं अपने विचारों को फिर से कागज पर उतार सकूंगी। -साक्षी बटन से अंगुलियां ऑपरेट हो रहींइन हाथों की मदद से व्यक्ति सुई जैसी छोटी चीज पकड़ने से लेकर 7 किलो तक वजन उठा सकेंगे। खाना खाना, लिखना, बोतल पकड़ना या डिजाइनिंग जैसे काम अब उनके लिए आसान हो जाएंगे। हाथों में उंगलियों को खोलने-बंद करने के लिए बटन दिए गए हैं। बैटरी से संचालित होते हैं हाथ शिविर में मुख्यत: गैंगरीन, कैंसर, रोड या ट्रेन एक्सीडेंट, मशीन क्रश या इलेक्ट्रानिक शॉक के कारण हाथ गंवाने वाले ऐसे लोग जिनके कोहनी से निचला हिस्सा नहीं है, उन्हें बैटरी से संचालित होने वाले कृत्रिम हाथ लगाए गए हैं।- डॉ. मनीष शर्मा, सीएमएचओ

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 4:39 am

कचरा नियम तोड़े तो 10 लाख रुपए प्रतिमाह जुर्माना, कमिश्नर की एसीआर में दर्ज होगा

शहरों में कचरा प्रबंधन नियमों का उल्लंघन अब महंगा पड़ेगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने चेतावनी दी है कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2016 तोड़ने पर नगर निगमों पर हर महीने 10 लाख रुपए तक का पर्यावरणीय मुआवजा लगाया जाएगा। जिम्मेदार निगम आयुक्त की वार्षिक गोपनीय चरित्रावली (एसीआर) में प्रतिकूल प्रविष्टि भी दर्ज की जाएगी। भोपाल से जुड़ी याचिका पर एनजीटी ने यह आदेश पूरे मध्यप्रदेश के लिए लागू किया है। मामले की अगली सुनवाई 13 फरवरी 2026 को होगी। याचिका में कलियासोत और ग्रीन बेल्ट में कचरा, ट्रांसफर स्टेशन बनाने और आदमपुर खंती में लिगेसी वेस्ट डंपिंग का मुद्दा उठाया गया। इसे सेंट्रल जोन बेंच को सौंपा गया है। संक्रमण बढ़ रहा, फंड की कमी स्वीकार्य नहीं ट्रिब्यूनल ने कहा कि खुले में कचरे से हवा, पानी और मिट्टी प्रदूषित हो रही है। यह संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत जीवन के अधिकार का उल्लंघन है। इसके लिए फंड की कमी स्वीकार्य नहीं है।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 4:37 am

छल सुनवाई 2.0:जांच या जादू... 15 सेकंड में नाले का पानी ‘शुद्ध’

इंदौर में प्रदूषित पानी से 20 मौतों के बाद भी जल सुनवाई के नाम पर भोपाल में छलावा हो रहा है। भास्कर टीम ने एक बार फिर जल सुनवाई का रियलिटी चेक किया। नाले का पानी देकर शुद्धता की जांच कराई। कहीं टाइम कीपर, प्यून तो कहीं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी पानी की जांच करते मिले। सभी जगह सेकंडों की जांच में ​कर्मचारियों ने इस पानी को पीने लायक बता दिया। वार्ड 44 सूंघकर बता दिया, पानी सहीटाइम कीपर वरुण विजयवर्गीय और श्रमिक लक्ष्मीनारायण जांच कर रहे थे। स्थानीय निवासी अब्दुल हसीम गंदा पानी लेकर पहुंचे। बदबू की शिकायत की, लेकिन क्लोरीन टेस्ट किया और सूंघकर पानी को सही बता दिया गया। वार्ड 60 शुद्ध, पर खुद पीने से इनकारसुपरवाइजर अजय पटेल और राजकुमार ने वार्ड 70 से लाए गए नाली के पानी को शुद्ध घोषित कर दिया। उन्हें बताया कि यह नाली का पानी है, तो वे असहज हो गए। टीम ने पूछा कि पानी शुद्ध है तो पीकर दिखाएं, दोनों ने इंकार कर दिया। वार्ड 70 दो बूंद दवा से कर दी जांचभास्कर रिपोर्टर ने यहीं बह रही नाली से पानी लेकर जांच कराई। 10 एमएल पानी में केमिकल की दो बूंद डालकर 15 सेकंड में रिपोर्ट दे दी गई और पानी को पीने लायक बता दिया गया। दो अन्य जगह भी इस पानी को सही बताया गया। 11 टेस्ट के आदेश, लेकिन अमल नहीं... सीएम के निर्देश पर जल सुनवाई में 11 सामान्य और 3 अतिरिक्त पैरामीटर पर जांच के आदेश हैं। लेकिन जमीनी स्तर पर सिर्फ क्लोरीन की ही जांच कर पानी शुद्ध बताया जा रहा है। इंजीनियर बोले- यह तरीका ठीक नहीं... नाले के पानी को ठीक बताने के सवाल पर निगम के सुपरीटेंडेंड इंजीनियर उदित गर्ग का कहना है कि नाले के पानी की जांच कराना ठीक नहीं है। हालांकि, जांच के तरीके को भी उन्होंने गलत बताया। दावा... जांच में सभी सैंपल पास इधर... नर्मदा लाइन से घरों में नाले जैसे पानी की शिकायतें यह पानी वार्ड 7 स्थित बीडीए कॉलोनी कोहेफिजा के घर का है। यहां रहने वाले अंकित के घर में मंगलवार को हुई आपूर्ति से ऐसा गंदा पानी आया। उन्होंने बताया कि पिछले कई दिनों से इसकी शिकायत कर रहे हैं। नगर निगम में शिकायत क्रमांक 417666 दर्ज भी है, लेकिन आपूर्ति वैसी ही हो रही है। हालांकि, निगम की टीम मंगलवार को पहुंची और समस्या ठीक करने का दावा किया। नगर निगम की जल सुनवाई में 85 वार्डों में 42 लोगों ने पानी का टेस्ट कराया। हालांकि, निगम ने सभी को पास बताया। यह जरूर माना कि घरों में गंदा पानी आने की पांच शिकायतें पहुंची हैं। टीम को भेजकर जांच कराई जाएगी कि आखिर इसका कारण क्या है। निगम के अफसर ये दावा कर रहे हैं कि शहर के विभिन्न इलाकों में पीने का पानी साफ पहुंचे। इसके लिए इंजीनियरों की टीम निगरानी कर रही है।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 4:36 am

वजीफा या मजाक:स्वतंत्रता सेनानियों के बच्चों को हर माह 60 रुपए, शहीद आश्रितों को देते हैं 300 रुपए

उच्च शिक्षा विभाग ने छात्रों को मिलने वाली स्कॉलरशिप का बंटाधार कर दिया। योजनाओं के हालात ये है कि विभाग ने स्वतंत्रता सेनानियों के बच्चों और शहीदों के आश्रितों का वजीफा (स्कॉलरशिप) मात्र 60 रुपए और 300 रुपए तय कर रखा है। इसे लेने के लिए आवेदन ही नहीं आ रहे हैं। विभाग हर साल ऑफलाइन आवेदन मांगकर वाहवाही लूट रहा है। सालों से स्कॉलरशिप बढ़ोतरी या इन योजनाओं में बदलाव को लेकर कोई प्रस्ताव तक नहीं बना। बस किराए जितनी भी नहीं स्कॉलरशिप उच्च शिक्षा विभाग की ऐसी 11 स्कॉलरशिप है, जिनमें नाममात्र की राशि मिलती है। हर साल ऑफलाइन आवेदन मांगे जाते हैं, कोई लेने वाला नहीं आता। इस बार फिर उच्च शिक्षा विभाग ने 15 फरवरी तक इन 11 स्कॉलरशिप के लिए छात्रों से ऑफलाइन आवेदन मांगे हैं। एक तरफ जहां छात्र कॉलेज फीस में हजारों रुपए दे रहे हैं, वहीं विभाग इन स्कॉलरशिप में बस के किराए जितनी भी राशि नहीं दे रहा है। गौरतलब है कि इसी तरह कॉलेज आयुक्तालय प्रदेश की छात्राओं को स्कूटी भी समय पर नहीं बांट पा रहा है। ऑफलाइन आवेदन मांगे, हर साल 5 से 10 आवेदन ही आते हैं आवेदन में ही इससे ज्यादा खर्च विभाग इन योजनाओं को बंद करने या मर्ज करने की बजाय हर साल ऑफलाइन आवेदन मांग रहा है, जबकि राशि ना के बराबर होने के कारण कोई छात्र इनमें आवेदन भी नहीं कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार पिछले साल भी 5-10 आवेदन ही मिले थे। दूसरी ओर छात्रों के इन योजनाओं के आवेदन के लिए पेपर तैयार करने, फॉर्म भरने, इनकम सर्टिफिकेट बनवाने, अटेस्ट करवाने से लेकर जमा करवाने में ही ज्यादा खर्चा हो जाता है। स्कॉलरशिप योजनाओं की समीक्षा करवाएंगे। इसके बाद आगामी कार्रवाई के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजेंगे। आवेदन ऑफलाइन लिए जा रहे हैं तो ऑनलाइन करवाएंगे।- डॉ. ओम प्रकाश बैरवा, आयुक्त, कॉलेज शिक्षा

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 4:34 am

मदरसा पहुंचे एडीजी...:कुरान के साथ गीता पढ़ने की सलाह

राजधानी के नजदीक सीहोर जिले के ग्राम दोराहा स्थित मदरसा इस्लामिया मदीन अतुल उलूम में गणतंत्र दिवस पर आपसी सद्भाव का संदेश देने वाली अनूठी पहल हुई। एडीजी ट्रेनिंग राजाबाबू सिंह ने ऑनलाइन संबोधन में विद्यार्थियों को कुरान के साथ भगवद् गीता पढ़ने और समझने की सलाह दी। उन्होंने गीता के कर्मयोग अध्याय की महत्ता बताते हुए कहा कि जैसे कुरान जीवन का मार्ग दिखाती है, वैसे ही गीता कर्म, कर्तव्य और नैतिक मूल्यों की शिक्षा देती है। बच्चों को अलग-अलग धर्मग्रंथों की शिक्षा दें, तो उनमें सकारात्मक सोच और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना विकसित होगी। मदरसे के विद्यार्थियों ने एक साथ बैठकर कर्मयोग अध्याय पर चर्चा की। एडीजी ने पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर देते हुए पेड़ लगाने का आह्वान किया।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 4:34 am