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कंपकंपाती सर्दी ने बढ़ाई लकड़ी-कोयले की मांग:अलाव के सहारे बीत रहे दिन, दोगुनी हुई लकड़ी और कोयला की खपत

ग्वालियर में ठंड की थर्ड डिग्री का मौसम शुरू होते ही उससे बचाव के लिए सिर्फ अलाव ही सहारा है। यही वजह हैं कि पूरे शहर भर में कोयला और लकड़ी की बिक्री में भी लगातार बढ़ोतरी हो गई है। लोगों को हाड़ कपा देने वाली ठंड से बचने के लिए अलाव ही एकमात्र सहारा है और इसके लिए अब लोग लकड़ी-कोयले की ज्यादा खरीदारी कर रहे हैं। कॉल डिपो पर लकड़ी कोयला खरीदने के लिए लोगों की भीड़ लग रही है। वहीं कोयले की खपत में 40 से 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। पहले कोयले की खपत 25-30 प्रतिशत थी, लेकिन पिछले दो-तीन दिनों से कड़ाके की सर्दी शुरू हो गई है, इसलिए कोयले की अधिक खपत हो रही है। माना जा रहा है कि अगर ठंड इसी तरह बढ़ती रही तो कोयले की खपत में और भी बढ़ोतरी होने की संभावना है। ग्वालियर-चंबल अंचल में ठंड ढा रही सितम बता दें कि नए साल के आगमन के पहले हफ्ते के साथ ही ग्वालियर-चंबल अंचल में ठंड का सितम शुरू हो गया है। ग्वालियर में बीते रोज सीवियर कोल्ड डे रहे हैं। मतलब यहां 16 से 17 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बर्फीली हवा चल रही है। रात का पारा 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तो दिन का पारा 10.4 डिग्री सेल्सियस के बीच में बना हुआ है। इस साल लकड़ी-कोयले की बिक्री में 40 से 40 फीसदी हुई बढ़ोतरी हुई है। गुप्ता कॉल डिपो के संचालक सीता गुप्ता का कहना है कि इस सर्दी सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है, ठंड बढ़ने के कारण इसकी बिक्री भी बढ़ गई है, लोग पांच-पांच दस-दस किलो से ज्यादा कोयला और लकड़ी खरीदने आ रहे हैं। कोयले की खपत में 40 से 50 प्रतिशत का सीधा इजाफा हुआ है, क्योंकि ग्वालियर में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है इसलिए कोयला और लकड़ी को खरीदने वाले ग्राहक भी लगातार इन्हें खरीदने के लिए उनकी दुकान पर आ रहे हैं। वही कॉल डिपो संचालक नारायण ने बताया कि इस साल ज्यादा ठंड पड़ रही है, इसलिए कोयला और लकड़ी की खपत ज्यादा हो गई है, वह ग्राहकों को ठीक से सप्लाई भी नहीं दे पा रहे हैं। एशियाई व्यापार में इस साल व्यापार में 30 से 35% की बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल कोयले की कीमत ₹35 प्रति किलो थी लेकिन इस साल बढ़कर इसकी कीमत ₹40 किलो हो गई है। जो कोयला 15 टन बिकता था वहीं अब 40 से 45 टन पर पहुंच गया है। क्या कहते हैं दुकान पर लकड़ी-कोयला खरीदने वाले कोयला का खरीदने आए ग्राहक अजय कुशवाह का कहना है कि इस साल सर्दी का सितम बहुत ही जोरदार है। इसलिए वह सर्दी से बचने के लिए लड़कियां कोयला खरीदने के लिए आए हैं। इस साल इसकी खरीद पर ₹10 की बढ़ोतरी हो गई है।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 6:25 am

दिल्ली से लुधियाना पहुंची नशा विरोधी अभियान की प्रचार सामग्री:पोस्टर, बैनर, पंफलेट यहां तक झंडियों के लिए डंडे भी ट्रक में दिल्ली से लाए गए

पंजाब सरकार ने युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान का सेकेंड फेज लॉन्च कर दिया। अब हर जिले में इस अभियान के तहत रैलियां, जन जागरण जैसे कार्यक्रम करवाए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोगों से कनेक्ट किया जा सके। सरकार ने इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रचार सामग्री भी प्रिंट करवा दी है और यह सामग्री जिला मुख्यालयों पर पहुंचनी शुरू हो गई। खास बात यह है कि युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान के सेकेंड फेज में जो प्रचार सामग्री प्रयोग में लाई जाएगी वो सभी दिल्ली से प्रिंट होकर आ रही है। दिल्ली से हर जिले में एक-एक ट्रक प्रचार सामग्री आ रही है। लुधियाना जिले में यह सामग्री पहुंच चुकी है। पंफलेट, पोस्टर, बैनर, फ्लैक्स, तख्तियां, झंडियां यहां तक कि झंडियों को लगाई जाने वाले डंडे भी दिल्ली से लाए गए हैं। लुधियाना डीसी दफ्तर में पहुंचे ट्रक चालक ने ऑफ कैमरा बताया कि वह दिल्ली से सामग्री लेकर आया है। बिना प्रकाशक नाम के पंफलेट और पोस्टर ट्रक में लाई गई प्रचार सामग्री को लेकर एक और गंभीर तथ्य सामने आया है। पंफलेट और पोस्टरों पर किसी भी प्रकाशक, प्रिंटिंग प्रेस या छपाई से संबंधित जानकारी दर्ज नहीं है। सामान्य तौर पर सरकारी या सार्वजनिक प्रचार सामग्री पर प्रिंटिंग एजेंसी का नाम, पता और अन्य विवरण देना अनिवार्य माना जाता है। डीसी दफ्तर में वीडियो बनाने से रोका जब डीसी दफ्तर में ट्रक से सामग्री उतारी जा रही थी, उस समय कुछ लोगों ने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इसी दौरान वहां मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें वीडियो बनाने से रोक दिया। कर्मचारियों का कहना था कि वीडियो बनाने की अनुमति नहीं है। गांवों में रैलियों की तैयारी ‘युद्ध नशा विरुद्ध’ अभियान के तहत आने वाले दिनों में पंजाब के विभिन्न जिलों और गांवों में रैलियां निकाली जाएंगी। इन रैलियों में झंडियां, तख्तियां और फ्लेक्स का इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि पंफलेट ग्रामीणों में बांटे जाएंगे। सरकार का दावा है कि यह अभियान नशे के खिलाफ जन आंदोलन बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अभियान के लिए भेजी गई है सामग्री एडीसी जनरल राकेश कुमार का कहना है कि जिले में नशे के खिलाफ अभियान चलाया जाना है उसके लिए प्रचार सामग्री हेडक्वार्टर से भेजी गई है। जहां जहां कार्यक्रम करवाए जाएंगे वहां वहां सामग्री को भेजी जाएगी।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 6:20 am

नोएडा की जमीन पर अवैध कब्जा आठ पर मुकदमा:नगला वाजिदपुर में प्राधिकरण की अर्जित भूमि है, चेतावनी और दिया था नोटिस

नगला वाजिदपुर गांव में नोएडा प्राधिकरण की अर्जित जमीन पर अवैध निर्माण करने का एक और मामला सामने आया है। प्राधिकरण के अवर अभियंता ने एक्सप्रेसवे थाने में आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामले में जांच कर रही है। चेतावनी के बाद भी नहीं रोका निर्माण नोएडा प्राधिकरण के वर्क सर्किल नौ में हरेंद्र सिंह मलिक अवर अभियंता हैं। उनके सर्किल स्थित नगला वाजिदपुर में प्राधिकरण की अर्जित जमीन हैं। जमीन पर गांव के भंवर सिंह, राकेश, टीकम, अभिषेक, रिषभ, करनपाल, रोहित समेत आठ लोग बिना अनुमति के अवैध निर्माण करा रहे हैं। कई बार चेतावनी और नोटिस के बाद भी अवैध निर्माण करना नहीं रोका गया है। टीम के साथ की अभद्रता टीम ने मौके पर जाकर निर्माण कार्य रोकना चाहा तो आरोपितों ने अभद्रता कर भगा दिया। चोरी छिपे अवैध निर्माण कार्य कराना जारी रहा। हरेंद्र मलिक ने पुलिस से शिकायत की। थाना प्रभारी विपिन कुमार ने बताया कि अवर अभियंता की शिकायत पर भंवर सिंह, राकेश, टीकम, अभिषेक, रिषभ, करनपाल, रोहित समेत आठ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 6:19 am

देश में यूपी में सबसे ज्यादा डॉल्फिन:2025 में सबसे ज्यादा मौत, यूपी में 6 महीने में 4 डॉल्फिन की लाश मिली

देश में डॉल्फिन की कुल आबादी की यूपी में (2397) 40 प्रतिशत से ज्यादा पाई जाती है। लेकिन अब कानपुर में 20 साल फ़ीमेल डॉल्फिन की मौत होने के बाद आने वाली नस्ल पर खतरा मंडरा रहा है। हालांकि अधिकतर डॉल्फिन की मौत की पोस्टमार्टम होने के बाद भी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाता है। मिर्जापुर (गडोली धाम) में 4 अगस्त, गाजीपुर (जमनिया) 23 दिसंबर, कानपुर में 2 जनवरी और रायबरेली में एक नहर में 8 जनवरी को एक नहर में मृत अवस्था में एक डॉल्फिन मिली थी। यूपी में गंगा, यमुना, चम्बल, घाघरा, राप्ती और गेरुआ जैसी नदियों में डॉल्फिन पाई जाती है। साल 2023 में यूपी सरकार ने डॉल्फिन को राज्य जलीय जीव घोषित किया है। साल 2020-23 में मेरठ और बुलंदशहर के बीच 4 डॉल्फिन मृतक पाई गई थी। हाल ही में कानपुर से 75 किमी की दूरी पर स्थित कन्नौज (दाईपुर) में 5 जून को एक डॉल्फिन का वीडियो सामने आया था। गंगा प्रहरी की जागरूकता के बाद डॉल्फिन को छोड़ा गया था। अब समझते है यूपी में डॉल्फिन की मौत का क्या कारण है डॉल्फिन मैन ऑफ इंडिया आर के सिन्हा के मुताबिक कानपुर में गंगा नदी बहुत ही पॉल्यूटेड है, क्योंकि डॉल्फिन साफ जल में रहना पसंद करती है। लेकिन कानपुर में डॉल्फिन दिखाई दी ये एक बड़ी बात है। मछुआरों के द्वारा प्लास्टिक के जाल लगाए जाते है, जर्जर होने के बाद इनके अवशेष नदी में रह जाते है। इन पर रोक होनी चाहिए। गंगा के अंदर पाई जाने वाली डॉल्फिन जिसको गंगेय डॉल्फिन कहते है। इस डॉल्फिन के आँखों में लेंस नहीं पाया जाता है। या यूं कहें ये अंधी होती है, ये सिंसेनिटि से अपने शिकार को पहचानती है। जब छोटी मछलियां ही पोल्यूटेड होंगी तो डॉल्फिन के लिए खाने में दिक्कत आएगी। सबसे पहले डॉल्फिन को असम सरकार ने साल 2007 में राज्य जलीय जीव घोषित किया था। हालांकि अभी तक किसी भी डॉल्फिन की नेचुरल डेथ होना सामने नहीं आया है। डॉल्फिन 10 साल के बाद में प्रजनन करने के लिए तैयार होती है। एक डॉल्फिन को एक दिन में खाने के लिए 10 सेमी की मछली चाहिए होती है। एक मछली एक दिन में 5 से 6 किलो छोटी मछली खाती है। डॉल्फिन नदी में रहने के लिए घुमावदार स्थान, जहां पानी का बहाव कम होता है। या यूं कहें नदी के किनारों पर पाई जाती है, जिससे इसको शिकार करने में ज्यादा परेशानी न हो। साल 2009 में मनमोहन सरकार के द्वारा डॉल्फिन को राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित करवाया था। कानपुर में गंगा नदी है गंदी कानपुर में मृत अवस्था में मछली मिलना बड़ी बात है, कानपुर में गंगा नदी बहुत ही गंदी है। डॉल्फिन को बचाने के लिए हमको नदियों को साफ करना होगा, नदियों में पानी की पर्याप्त उपलब्धता होनी चाहिए। मछुआरों के द्वारा जो प्लास्टिक का जाल डाला जातय है, ये गलत है। अगर गंगा में ज्यादा रसायन है तो ये इनके जीवन पर इफेक्ट डालता है। घाघरा, चम्बल, राप्ती, गंगा और यमुना में जो डॉल्फिन पाई जाती है इसको गांगेय डॉल्फिन कहते है। प्रदूषण, बांध और आधारभूत संरचना से डॉल्फिन को खतरा डॉल्फिन को स्वस्थ नदी का सूचक माना जाता ह। वे नदी इकोसिस्टम के लिए अंब्रेला प्रजाति की तरह हैं। लेकिन देश की नदियां सीवेज, रासायनिक अपशिष्ट और कचरे के चलते मर रही हैं। डॉलफिन भी इसका शिकार हो रही हैं। दरअसल, देश में प्रदूषित नदियों की संख्या बढ़ती जा रही है। संसद में दिए गए एक जवाब के मुताबिक 2015 में 302 के मुकाबले प्रदूषित नदियों की संख्या 2018 में बढ़कर 350 हो गई। एमी फ्रेंकेल ने मीडिया से बातचीत में बताया ,“एशिया में प्लास्टिक प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। यह डॉल्फिन के लिए प्रमुख खतरा है। लुप्तप्राय प्रजातियों में 36 फीसदी के प्लास्टिक कचरे में फंसने और उलझने का खतरा है।“ कानपुर की फीमेल डॉल्फिन का लीवर काला निकला कानपुर में तैनात जिला वन अधिकारी दिव्या ने दैनिक भास्कर को बताती है कानपुर में मृत पाई गई डॉल्फिन फ़ीमेल थी। जिसकी उम्र 16 वर्ष के आसपास थी। मौत का कारण नेचुरल माना जा रहा है। हालांकि जो उसका लीवर था, वह ब्लैक था। पोस्टमॉर्टम होने के बाद डॉल्फिन के ऑर्गन का सैंपल लेकर IVRI भेजा गया है। मौत सटीक कारण जानने के लिए रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद ही कुछ बताया जा सकता है। डॉल्फिन के अंदर से कोई भी प्लास्टिक अवषेस नहीं मिला है। डॉल्फिन की औसतन उम्र 30 साल होती है। डॉल्फिन ने अपनी औसत आयु से पहले ही दम तोड़ दिया था। गाजीपुर के जिला वन अधिकारी अजीत प्रताप सिंह ने बताया हमारे यहां जो डॉल्फिन मिली थी। वह एक व्यस्क मेल डॉल्फिन था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉल्फिन की दम घुटने से मौत होने का कारण सामने आया है। रायबरेली में मिली डॉल्फिन की उम्र करीब 8 साल और वजन 70 किलो के आसपास था। कानपुर चिड़ियाघर मे डॉल्फिन का पोस्टमार्टम किया गया। डॉ. नसीम के मुताबिक किडनी लीवर जैसे सभी अंग सही काम कर रहे थे। शरीर के बाहरी अंग पर कोई भी चोट का निशान नहीं पाया गया है। सेंपल कलेक्ट करके अधिक जांच के लिए बरेली भेजा गया है, जिसकी बाद मौत का सही कारण पता चल पाएगा। डॉल्फिन के बारे में क्या यह आप जानते हैं? इससे पहले चार साल में चार डॉल्फिन की मौतभारतीय वन्यजीव संस्थान (WWI) ने भारत की नदियों में डॉल्फिन की संख्या जानने के लिए साल–2024 में सर्वे किया। 3 मार्च 2025 को केंद्र सरकार ने इसके आंकड़े जारी किए। गंगा नदी में डॉल्फिन की संख्या 6324 पाई गई। जबकि बिजनौर से नरौरा बैराज तक इनकी संख्या 52 दर्ज की गई। 2023 में ये संख्या 50 थी। यानि बीते एक साल में दो डाल्फिन बढ़ी हैं। साल–2020 से 2024 तक मेरठ और बुलंदशहर जिले में चार डॉल्फिन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इनकी मौत का कारण आज तक स्पष्ट नहीं हुआ है। डाल्फिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट3 डॉक्टर ने चिड़ियाघर में डॉल्फिन का पोस्टमॉर्टम किया। डॉक्टर के मुताबिक, डॉल्फिन व्यस्क थी। मौत का कारण नेचुरल माना जा रहा है।हांलाकि डॉक्टर ने अंदेशा जाहिर किया है कि पानी जहरीला होने की वजह से भी उसकी मौत हो सकती है। जाजमऊ स्थित गंगा में पानी के सैंपल प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से लेने के लिए बोला गया है।वहीं, पोस्टमॉर्टम डॉल्फिन के ऑर्गन का सैंपल लेकर IVRI भेजा गया है। मौत के सटीक कारण के लिए रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। गंगा में मिली मृत डॉल्फिन फीमेल थी और उसकी उम्र 20 वर्ष है। डॉल्फिन की औसतन उम्र 30 साल होती है। ऐसे में कहा जा सकता है, कि डॉल्फिन ने अपनी औसत आयु से पहले ही दम तोड़ दिया। खतरनाक केमिकल से डॉल्फिन पर संकटगंगा में जीवों पर संकट की कई वजह दिखाई देती हैं। भारतीय वन्य जीव संस्थान के एक हालिया सर्वे में पता चला है कि गंगेय डॉल्फिन जिन छोटी मछलियों का शिकार करती हैं, वो मछलियां खतरनाक केमिकल के संपर्क में हैं। इस तरह ये केमिकल डॉल्फिन के पेट में पहुंच रहा है। बीते चार साल में मेरठ और बुलंदशहर में चार डॉल्फिन की संदिग्ध हालात में मौत हो चुकी है। आज तक इनकी मौत की सही वजह पता नहीं चल सकी। इसके अलावा बिजनौर से लेकर मेरठ, बुलंदशहर और आगे तक गंगा के खादर इलाके में जो फसल उगती है, उसमें केमिकल का प्रयोग होता है। ये केमिकल पानी के सहारे बहकर गंगा में पहुंच जाते हैं। इससे भी जलीय जीवों को खतरा रहता है।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 6:15 am

फरीदाबाद में 80 हजार बच्चे देंगे सालाना परीक्षा:शिक्षा विभाग ने जारी की डेटशीट, सप्लीमेंट्री एग्जाम 20 अप्रैल से होंगे

फरीदाबाद में शिक्षा विभाग ने स्कूलों के लिए सत्र 2025-26 की सालाना और पूरक परीक्षा (Supplementary Exam) की डेट शीट जारी कर दी है। दोनों परीक्षा अलग-अलग समय पर कराई जाएगी। स्कूलों को विभाग की तरफ से स्टूडेंट की तैयारी कराने और दूसरे इंतजाम करने के आदेश जारी कर दिए गए है। सालाना परीक्षा 11 मार्च से क्लास 1 से 8 तक के स्टूडेंट की साला परीक्षा 11 मार्च से शुरू हो जाएगी। जिला में इस समय 378 सरकारी प्राइमरी स्कूल है। इसके अलावा अपर प्राइमरी और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में बाल वाटिका (प्री-प्राइमरी) स्कूल है। इन स्कूलों में 80 हजार स्टूडेंट्स 8वीं तक की क्लास में पढ़ाई कर रहे है। जबकि 12वीं क्लास तक 1.25 लाख स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं। क्लास 1 से 5 तक के स्टूडेंट की सालाना परीक्षाएं 13 मार्च से 16 मार्च तक होंगी। क्लास 6 से 8 तक के स्टूडेंट्स की परीक्षाएं 11 मार्च से 18 मार्च तक होंगी। परीक्षाओं के प्रश्न पत्र राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) द्वारा भेजे जाएंगे। 20 अप्रैल से पूरक परीक्षा होंगी सरकार की नई शिक्षा नीति 2020 के तहत पूरक परीक्षाएं (Supplementary Exam) 20 अप्रैल से 25 अप्रैल तक होंगी। बाल वाटिका से क्लास 5 तक के छात्रों की पूरक परीक्षाएं 20 अप्रैल से 25 अप्रैल तक होंगी। क्लास 6 से 8 तक के छात्रों की परीक्षाएं 20 अप्रैल से 1 मई तक होंगी। क्या है पूरक परीक्षा पूरक परीक्षा (Supplementary Exam) छात्रों को मुख्य परीक्षा में असफल होने या अच्छे अंक न आने पर पास होने या अंक सुधारने का दूसरा मौका देती है, जो मुख्य परीक्षा के बाद आयोजित की जाती है और उन्हें अपना कोर्स पूरा करने या ग्रेड बेहतर बनाने का अवसर देती है। यह उन छात्रों के लिए मददगार होती है जिन्हें बीमारी या अन्य कारणों से परीक्षा में बाधा आई हो या वे किसी विषय में पासिंग मार्क्स से थोड़े कम रह गए हों स्कूलों को तैयारी करने के आदेश जिला शिक्षा अधिकारी बसंत कुमार ढिल्लों ने बताया कि डेट शीट जारी करने को लेकर सभी स्कूलों को जानकारी दी गई है। सभी को बच्चों की तैयारी कराने को लेकर भी आदेश जारी किए है ताकि सभी बच्चों की तैयारी पेपर से पहले अच्छे से हो जाए। इसके अलावा परीक्षा के लिए जरूरी इंतजाम भी करने को लेकर बोला गया है।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 6:06 am

कानपुर में गंगा बैराज पर 50 मीटर विजिबिलिटी:पारा 5.2°C; आज भी स्कूलों की छुट्‌टी, अमृत भारत 15 घंटे देरी से आई

कानपुर में सर्द हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। रात से ही सड़कों पर कोहरा छाने लग रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 15 जनवरी तक इसी तरह की ठंड बनी रहेगी। शुक्रवार सुबह के समय कोहरे का आलम यह रहा कि विजिबिलिटी महज 200 मीटर रह गई। वहीं गंगा बैराज पर करीब 50 मीटर विजिबिलिटी रही। ठंड से बचाव के लिए जगह जगह लोग अलाव तापते नजर आए। CSA की ओर से जारी वेदर रिपोर्ट के अनुसार न्यूनतम तापमान बीते 24 घंटे में स्थिर रहते हुए 5.2C दर्ज किया गया। तापमान के कम रहने से लोगों की कंपकपी छूट गई। सुबह के समय चली बर्फीली हवाओं ने सिहरन पैदा की। ठंड के चलते सड़कों पर भी सन्नाटा देखने को मिला। धूप के साथ चली शीतलहर दिन में ठंड से राहत देने के लिए धूप जरुर निकली लेकिन धूप के साथ चल रही हवाएं ठंडक का एहसास कराती रहीं। अधिकतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि सामान्य से 1.8 डिग्री कम है। शाम चार बजते ही सूरज एक बार फिर बादलों में छिप गया और बर्फीली हवाओं ने गलन का एहसास कराया। कोहरा व गलन रहेगी बरकरार मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया- आने वाले 24 से 48 घंटों में उत्तर पश्चिमी हवाओं के चलते ठंडक बरकरार रहेगी। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी में एक सिस्टम बना है, जिसके कारण धूप नरम होगी। दिन का तापमान गिरेगा। इसी के साथ सुबह व शाम का कोहरा बना रहेगा। गलन वाली सर्दी बनी रहेगी। 15 जनवरी तक इसी तरह का मौसम रहेगा। 40 से अधिक ट्रेनें रहीं लेट मौसम का असर ट्रेनों के संचालन पर भी पड़ रहा है। शुक्रवार को 40 से अधिक ट्रेनें तय समय से घंटों की देरी से कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंची। आनंद विहार टर्मिनल से दरभंगा जाने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस (15558) 13.33 घंटे व दरभंगा से चलकर आनंद विहार टर्मिनल जाने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस (15557) 15.43 घंटे देरी से आई। नई दिल्ली से कानपुर सेंट्रल आने वाली शताब्दी एक्सप्रेस (12034) 1.29 घंटे लेट रही। इसके अलावा चंपारण हमसफर 17.02, बरौनी नई दिल्ली हमसफर 02.03 घंटे देरी से आई।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 6:03 am

टाउन हॉल की बदहाली पर HC की सरकार को फटकार:हाईकोर्ट ने कहा- स्टेट मशीनरी पूरी तरह फेल, 15 जनवरी तक जवाब दें जिम्मेदार

जोधपुर के ऐतिहासिक जय नारायण व्यास टाउन हॉल की जर्जर स्थिति और हाल ही में हुए निर्माण कार्यों में मिली गंभीर खामियों पर राजस्थान हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस संदीप शाह की डिवीजन बेंच ने मामले में स्वतः संज्ञान याचिका पर सुनवाई करते हुए इसे स्टेट मशीनरी की पूर्ण विफलता करार दिया। कोर्ट ने राज्य सरकार के अधिकारियों के ढुलमुल रवैये को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वर्ष 2018 से लगातार निर्देश देने के बावजूद टाउन हॉल बंद पड़ा है। कोर्ट ने पीडब्ल्यूडी, पर्यटन विभाग को संयुक्त शपथ पत्र पेश करने और इसके लिए जिम्मेदार अफसरों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट 15 जनवरी तक पेश करने को कहा है। इंस्पेक्शन रिपोर्ट: कभी भी गिर सकती है छत कोर्ट के समक्ष 22 दिसंबर 2025 को किए गए निरीक्षण की रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य ऑडिटोरियम की जिप्सम सीलिंग में दरारें आ गई हैं। ऊंचाई अधिक होने के कारण स्टील ट्रस रूफ से पानी रिसने की आशंका है, जिससे जिप्सम नरम हो गया है और यह कभी भी गिर सकता है। इंस्पेक्शन रिपोर्ट: 6 बड़ी खामियां, जो खतरे की घंटी हैं निरीक्षण रिपोर्ट में विजुअल असेसमेंट के आधार पर विशेषज्ञों ने टाउन हॉल की स्थिति को लेकर 6 प्रमुख कमियां बताई हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं: विशेषज्ञों ने निष्कर्ष दिया है कि तत्काल मरम्मत और स्ट्रक्चरल ऑडिट (ढांचागत जांच) के बिना टाउन हॉल का उपयोग खतरनाक हो सकता है। सांस्कृतिक गतिविधियां ठप, कलाकार मायूस सुनवाई के दौरान न्याय मित्र वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. सचिन आचार्य और संगीत नाटक अकादमी के पूर्व चेयरमैन रमेश बोराणा ने कोर्ट को बताया कि टाउन हॉल के बंद होने से शहर की सांस्कृतिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कोर्ट का ध्यान इस ओर भी आकर्षित किया कि टाउन हॉल के अलावा सूचना केंद्र का जन कवि गणेश लाल व्यास मिनी ऑडिटोरियम भी बंद पड़ा है। इससे कलाकारों के पास अपनी कला के प्रदर्शन के लिए कोई जगह नहीं बची है और कई शो, जो लंबे समय से चल रहे थे, बंद हो गए हैं। 15 जनवरी तक जवाब तलब कोर्ट ने अपने आदेश में निर्देश दिया है कि पीडब्ल्यूडी के सचिव और पर्यटन, कला एवं संस्कृति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, 15 जनवरी तक एक संयुक्त शपथ पत्र पेश करें। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि टाउन हॉल की इस बदहाल स्थिति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई, यह बताया जाए। इसके साथ ही, टाउन हॉल और मिनी ऑडिटोरियम को जल्द से जल्द शुरू करने के लिए एक समयबद्ध कार्यक्रम पेश करने का निर्देश भी दिया गया है। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि 15 जनवरी तक शपथ पत्र पेश नहीं किया गया, तो दोनों वरिष्ठ अधिकारियों को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देना होगा। करोड़ों खर्च, फिर भी जर्जर गौरतलब है कि करीब 60 साल पुराने इस टाउन हॉल के जीर्णोद्धार पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे। 3 सितंबर 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जीर्णोद्धार के बाद टाउन हॉल का लोकार्पण किया था। लेकिन लोकार्पण के कुछ समय बाद ही इमारत की जर्जर हालत ने सरकारी दावों और निर्माण की गुणवत्ता पर सवालिया निशान लगा दिए।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 6:03 am

महाराष्ट्र निकाय चुनाव-29 नगर निगमों में 15 जनवरी को वाेटिंग:उद्धव बोले- BJP का हिंदुत्व असली नहीं, वह रावण को भी पार्टी में मिला लेगी

BMC समेत महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों में चुनाव को लेकर महाराष्ट्र भर में चुनाव प्रचार जारी है। नासिक में शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को भाई राज ठाकरे के साथ जनसभा की। उद्धव ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी के हिंदुत्व के प्रति समर्पण पर सवाल उठाया। दागी नेताओं को शामिल करने पर कहा कि वह इतनी बेशर्म हो गई है कि वह राक्षस राजा रावण को भी अपने साथ मिला सकती है। वहीं राज ने आरोप लगाया कि बीजेपी धर्म और जाति के नाम पर लोगों को गुमराह करना चाहती है। आप हमें सत्ता सौंपें और देखें, हम शहर को पहले जैसा बना देंगे। महाराष्ट्र के नगर निगमों के चुनाव 15 जनवरी को होने हैं। इसके लिए प्रचार 13 जनवरी को शाम 5.30 बजे खत्म हो जाएगा। चुनाव के नतीजे 16 जनवरी को आएंगे। उद्धव का दावा- जिन्हें सेंट्रल एजेंसी परेशान कर रहीं, वही भाजपा में आए शिवसेना (UBT) प्रमुख ने कहा कि उन्हें बीजेपी के वफादारों के लिए दुख हुआ जिन्हें नजरअंदाज कर दिया गया क्योंकि पार्टी दागी नेताओं को शामिल कर रही थी जिन्हें प्राथमिकता दी जा रही थी। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक उद्धव ने कहा कहा कि केंद्रीय एजेंसियों द्वारा परेशान किए गए लोग भगवा पार्टी में शामिल हो रहे हैं। महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव से जुड़े अपडेट्स

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 6:02 am

कानपुर की कल की 10 बड़ी खबरें, VIDEO में:प्रेग्नेट हूं, मेरे वार्ड में मल-मूत्र जैसा पानी आ रहा; लिव-इन पार्टनर ने जान दी; स्कूल आज भी बंद

नमस्कार, कानपुर में कल (शनिवार) की बड़ी खबरें… सर्द हवा ने ठिठुरन बढ़ाई। 8वीं तक के स्कूल आज भी बंद रहेंगे। वार्ड 14 की पार्षद शालू सुनील कनौजिया ने कहा– मेरे वार्ड में मल–मूत्र जैसा पीने का पानी आ रहा है। मैं प्रेग्नेंट हूं। समस्या का समाधान नहीं हुआ तो भूख हड़ताल करूंगी। अगर मेरे बच्चे को कुछ हुआ तो मेट्रो और जलकल विभाग जिम्मेदार होगा। 4 साल से लिव इन में रह रहे युवक ने सुसाइड कर लिया। झगड़े के बाद जब गर्लफ्रेंड थाने पहुंची तो प्रेमी ने फांसी के फंदे पर लटककर जान दे दी। कोचिंग टीचर ने 10वीं की छात्रा से रेप किया। टीचर ने धमकी दी कि अगर कही शिकायत की तो तुम्हारे मां-बाप और छोटे भाई को मार डालूंगा। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें…। अब सिलसिलेवार कल की 10 बड़ी खबरें पढ़िए– 1.) पार्षद बोलीं-मैं प्रेग्नेंट हूं, गंदा पानी पीना पड़ रहा; मेरे बच्चे को कुछ हुआ तो मेट्रो जिम्मेदार; कानपुर का भी इंदौर जैसा हाल मैं अभी प्रेग्नेंट हूं। यहां 4 मोहल्लों में इंदौर की तरह मलमूत्र जैसा पानी आ रहा है। इसकी शिकायत मैंने जलकल विभाग से की है। अगर 2 दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो मैं मंगलवार से भूख हड़ताल पर बैठूंगी। अगर मुझे और मेरे बच्चे को कुछ हुआ तो इसकी जिम्मेदारी जलकल विभाग और मेट्रो की होगी। ये कहना है कानपुर में वार्ड 14 की पार्षद शालू सुनील कनौजिया का। उन्होंने शुक्रवार को वीडियो जारी करके कहा- मैं अपने इलाके में गंदे पानी की समस्या लगातार उठा रही हूं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अपने वार्ड की समस्या के लिए अब आंदोलन करने को तैयार हूं। पढ़िए पूरी खबर 2.) कानपुर के बाद रायबरेली में मृत मिली डॉल्फिन; यूपी में 17 दिन में तीसरे डॉल्फिन की मौत, हार्ट फेलियर होने से गई जान यूपी में 17 दिन में 3 डॉल्फिन की मौत हो गई है। अब रायबरेली में डॉल्फिन मृत मिली है। यह डॉल्फिन गंगा नदी से दूर शारदा नहर में मिली है। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने डॉल्फिन की डेडबॉडी को जांच के लिए कानपुर जू भेजा। इससे पहले 2 जनवरी को कानपुर के जाजमऊ में और 23 दिसंबर को गाजीपुर में डॉल्फिन मृत मिल चुकी हैं। रायबरेली में मृत डॉल्फिन की डेडबॉडी पोस्टमार्टम के लिए कानपुर चिड़ियाघर भेजी गई। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, डॉल्फिन के लिवर, किडनी और फेफड़े जैसे सभी महत्वपूर्ण अंग स्वस्थ थे। शरीर पर किसी बाहरी चोट के निशान भी नहीं पाए गए। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि डॉल्फिन की मौत हार्ट फेलियर की वजह से हुई है। पढ़िए पूरी खबर 3.) झगड़े के बाद प्रेमिका थाने पहुंची, प्रेमी फंदे पर लटका; 4 साल से लिव-इन में रह रहे थे दोनों कानपुर के शिवराजपुर कस्बे में एक युवक ने अपनी गर्लफ्रेंड से विवाद के बाद फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। युवक अपनी गर्लफ्रेंड के साथ चार साल से लिव-इन में रह रहा था। बताया जा रहा है कि विवाद के बाद गर्लफ्रेंड थाने में शिकायत करने पहुंची थी। इधर जब पुलिस पहुंची तो युवक फांसी के फंदे से लटका हुआ था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। युवक की पहचान 26 साल के राघवेंद्र शुक्ला के रूप में हुई है। युवक खेती का काम करता था। पढ़िए पूरी खबर 4.) 10वीं की छात्रा से टीचर ने किया रेप; कानपुर में धमकी दी, बोला- किसी को बताया तो मां-बाप और भाई को मार डालूंगा; FIR के बाद अरेस्ट कानपुर के किदवई नगर इलाके में एक कोचिंग संचालक द्वारा 10वीं की छात्रा से रेप किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि संचालक छात्रा को डरा-धमकाकर करीब एक महीने से कोचिंग सेंटर में उसका शारीरिक शोषण कर रहा था। गुरुवार को जब छात्रा ने कोचिंग जाने से इनकार किया और मां के पूछने पर पूरी सच्चाई बताई, तो परिवार के होश उड़ गए। इसके बाद परिजन छात्रा को लेकर थाने पहुंचे और पुलिस से शिकायत दर्ज कराई। पढ़िए पूरी खबर 5.) प्रभारी मंत्री नहीं सुलझा पाए मेयर-पार्षद विवाद:भाजपा पार्षद डिप्टी सीएम से मिलेंगे, भ्रष्टाचार की फाइल लेकर जाएंगे लखनऊ कानपुर नगर निगम में चल रहा मेयर और पार्षदों का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रभारी मंत्री ने कानपुर आकर इस विवाद को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन दो बार लगातार बातचीत होने के बाद भी इस विवाद का हल नहीं निकल सका है। भाजपा के बागी हुए पार्षद अब नगर निगम में भ्रष्टाचार की फाइल लेकर लखनऊ जाने की तैयारी कर चुके हैं। पार्षदों को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ बुलाया था। अब उन्हें डिप्टी सीएम कार्यालय से मुलाकात का समय भी मिल चुका है। सभी बागी पार्षद 11 जनवरी को लखनऊ जाएंगे। पढ़िए पूरी खबर 6.) रिटायर JE...15 दिन शव सड़ता रहा, पत्नी-बेटियां नहीं आईं; कानपुर में बहन ने 20 बार कॉल की, फोन उठाना बंद किया​​​​​​​ कानपुर में सिंचाई विभाग से रिटायर जेई की करीब 15 दिन पहले मौत हुई, लेकिन किसी को पता नहीं चला। कारण यह कि पत्नी और दोनों बेटियां पैसों के झगड़े के चलते वाराणसी में अलग रहते थे। इन लोगों की आपस में बोलचाल तक बंद थी। 8 जनवरी को जब बहन रिटायर जेई के घर पहुंचीं, तब उनकी मौत का पता चला। इससे पहले 15 दिनों तक उनकी लाश बंद घर में सड़ती रही। सबसे बड़ी बात तो यह है कि रिटायर जेई की मौत की सूचना परिवारवालों ने उनकी पत्नी को फोन करके दी। वह भी एक बार नहीं, बल्कि 20 से भी ज्यादा बार। लेकिन, पत्नी ने एक बार भी आने की बात नहीं कही। पढ़िए पूरी खबर 7.) कोहरे-ओस ने गलन बढ़ाई, 24 घंटे में पारा 3.8 गिरा:दिन में निकली धूप से मिली राहत, वंदे भारत और तेजस ट्रेन घंटों लेट​​​​​​​ कानपुर में शुक्रवार को हल्का कोहरा छाया रहा। कोहरा और बर्फीली हवा गलन का एहसास करा रही है। सुबह सड़कों पर सन्नाटा दिखा। बहुत जरूरी काम होने पर ही लोग घरों से निकले। लोग अलाव के पास बैठे रहे। सीएसए की ओर से जारी वेदर रिपोर्ट के अनुसार बीते 24 घंटे में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 5.6 डिग्री दर्ज किया गया जो कि सामान्य से 1.7 डिग्री कम है। ठंड के चलते डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने नर्सरी से 8वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए स्कूलों में शीत अवकाश घोषित कर दिया गया है। यह आदेश सभी बोर्डों के स्कूलों पर लागू होगा। पढ़िए पूरी खबर 8.) GSVM में किडनी ट्रांसप्लांट शुरू करने की तैयारी; 3 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने निरीक्षण किया, जल्द सरकार को सौंपेंगे रिपोर्ट​​​​​​​ कानपुर मेडिकल कॉलेज (GSVM )के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल (PMSSY )में किडनी ट्रांसप्लांट शुरू करने की तैयारी को लेकर तीन सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने निरीक्षण किया। इस टीम में लखनऊ के केजीएमयू से डॉ. ईश्वर राम दयाल, एसजीपीजीआई लखनऊ से डॉ. नारायण प्रसाद और केजीएमयू के ही डॉ. अभिनव सोनकर शामिल रहे। टीम अब इस निरीक्षण के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसे सरकार को सौंपा जाएगा। रिपोर्ट के बाद सरकार की ओर से हरी झंडी मिलने पर कानपुर मेडिकल कॉलेज में किडनी ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। पढ़िए पूरी खबर 9.) युवक का शव कब्र खोदकर निकाला गया; कानपुर में परिजनों ने तीसरे दिन हत्या का शक जताया, पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा​​​​​​​ कानपुर के बिधनू स्थित कडरी चंपतपुर गांव में 22 वर्षीय युवक श्रीचंद की बुधवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसी दिन परिजनों ने शव दफनाकर अंतिम संस्कार कर दिया। तीसरे दिन परिजनों ने हत्या का शक जताते हुए पुलिस से शिकायत की। फिर शुक्रवार दोपहर में कब्र खोदकर दफनाए गए शव को बाहर निकाला गया। परिजनों की मांग पर पुलिस और फोरेंसिक टीम ने यह कार्रवाई की और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है, ताकि मौत के सही कारणों का खुलासा हो सके। पढ़िए पूरी खबर 10.) वीकेंड पर फ्लाइट टिकट का रेट दोगुना हुआ; कानपुर से बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली का रेट सबसे हाई, 12 जनवरी से 50% किराया कम​​​​​​​ कानपुर से हवाई यात्रा करने वालों के लिए जरूरी खबर है। 9 से 11 जनवरी तक फ्लाइट टिकटों के दाम दोगुने से भी अधिक रहेंगे, जबकि 12 जनवरी से किरायों में 50 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आने की संभावना है। ट्रैवल एजेंसियों के मुताबिक शुक्रवार, शनिवार और रविवार के वीकेंड की वजह से किराए बढ़े हुए हैं, वहीं इस दौरान टिकट बुकिंग में भी कमी दर्ज की गई है। कानपुर से बेंगलुरु जाने के लिए 10 जनवरी को 14,975 रुपए और 11 जनवरी को 11,939 रुपए रहेगा। वहीं 12 जनवरी से अगले चार दिनों तक यही टिकट घटकर 5,315 रुपए में मिल सकेगा। पढ़िए पूरी खबर

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 6:01 am

गोरखपुर महोत्सव के अंतर्गत खेलों का कुंभ:रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम और MP इंटर कॉलेज बनी चैंपियन, हॉकी,बॉक्सिंग, फुटबॉल में शानदार मुकाबले

गोरखपुर महोत्सव के अन्तर्गत आयोजित विभिन्न जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं के तहत 9 जनवरी को बीर बहादुर स्पोर्ट्स कॉलेज में हॉकी और फुटबॉल के शानदार मुकाबले हुए। जबकि बॉक्सिंग की प्रतियोगिता रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेली गई। हर गेम के खिलाड़ियों ने जीतने के लिए पूरी ताकत लगा दी। उनके जोश और उत्साह ने प्रतियोगिता में रोमांच भर दिया। जहां हॉकी में रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम की टीम तो वहीं फुटबॉल में महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज चैंपियन की ट्रॉफी अपने नाम की। जबकि बॉक्सिंग के दौरान खिलाड़ियों का प्रदर्शन ने दर्शकों में जबरदस्त उत्साह भर दिया। हॉकी प्रतियोगिता का फाइनल मैच रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम गोरखपुर बनाम एफ.सी.आई गोरखपुर के बीच खेला गया। जिसमें रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम गोरखपुर ने एक तरफे मुकाबले में एफ.सी.आई. को 03-0 गोल के अन्तर से हरा कर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। जबकि एम.एस.आई. गोरखपुर ने मौलाना आजाद सिंह हायर सेकेण्ड्री स्कूल को 03-0 गोल के अन्तर से हरा कर तीसरे स्थान पर बनी रही। बाक्सिंग में 78 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया जिला स्तरीय जूनियर बालक बाक्सिंग प्रतियोगिता का आयोजन रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम गोरखपुर में किया गया, जिसमें 78 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। जिसमें आदर्श कुमार (44-46 किग्रा), मनुज कुमार (46-48 किग्रा), अमन राव (48-50 किग्रा), अरमान अंसारी (50-52 किग्रा), शिवम कुमार (52-54 किग्रा), सुमन महेश (54-57 किग्रा), अंकित आनंद (57-60 किग्रा), विक्कु शर्मा (60-63 किग्रा), ओमप्रकाश पियूष (66-70 किग्रा) और कृष्णा निषाद (+80 किग्रा) में बाजी मारी और पहला स्थान हासिल किया। फुटबाल में MP इंटर कॉलेज ने मारी बाजी जूनियर बालक फुटबाल प्रतियोगिता का आयोजन बीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कालेज गोरखपुर में किया गया। जिसमें कुल 12 टीमों ने हिस्सा लिया। फाइनल मैच महाराणा प्रताप इण्टर कालेज गोरखपुर बनाम रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम गोरखपुर के बीच खेला गया। जिसमें महाराणा प्रताप इण्टर कालेज गोरखपुर ने रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम को 01-0 गोल के अन्तर से पराजित कर चैम्पियन बनी।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 6:01 am

कांग्रेस को एकजुट नहीं कर पाए बघेल:रंधावा कह चुके कांग्रेस में कोई गुट नहीं, विरोध प्रदर्शन रैलियों में चन्नी, राणा गुरजीत और आशु गायब

पंजाब प्रदेश कांग्रेस के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल लाख प्रयास के बावजूद भी कांग्रेस को एकजुट नहीं कर पा रहे हैं। G-RAM-G के लिए किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों से कांग्रेस का एक बड़ा गुट गायब है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समर्थन नेता इन रैलियों का हिस्सा नहीं बन रहे हैं। इनमें राणा गुरजीत, भारत भूषण आशु, कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों जैसे बड़े नेता शामिल हैं। जिससे कांग्रेस में गुटबाजी साफ दिख रही है। पिछले कुछ दिन से चल रहे प्रदर्शनों के बीच स्टेज से हाथ खड़े कर एकजुटता दिखा रहे कांग्रेसियों की तस्वीरें ही सवाल खड़े कर रही हैं। हालांकि सुखजिंदर सिंह रंधावा ने बलाचौर में हुई रैली के दौरान यह दावा किया था कि कांग्रेस में कोई गुट नहीं है, कोई CM की कुर्सी नहीं चाहता है, हम चाहते हैं तो सिर्फ पंजाब में कांग्रेस की सरकार। वह यह बयान तब दे रहे थे जब स्टेज पर चरणजीत सिंह चन्नी समेत उनके खेमे के दूसरे नेता मौजूद नहीं थे। यही नहीं अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने समराला में रैली के दौरान इसके लिए मीडिया को आरोपी बता दिया। जबकि इस रैली में भी वह चेहरे नहीं थे, जो गुटबाजी में हैं। कांग्रेस के धड़ों का विवाद - दरअसल इस समय कांग्रेस में कई नेता खुद को मुख्यमंत्री का चेहरा दिखाने का प्रयास कर रहे हैं, उनमें चरणजीत सिंह चन्नी समेत दूसरे कई नेता हैं। पिछले दिनों चन्नी ने सभी कांग्रेसियों को अपने गृह में एकत्र भी किया था और उनके संभावी मुख्यमंत्री होने का प्रचार सोशल मीडिया पर हो रहा है।- अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने इस पर अंकुश लगाते हुए कहा था कि कांग्रेस में कोई भी सेल्फ प्रोजेक्टेड नेता CM नहीं होता, बल्कि पार्टी हाई कमान इस पर फैसला लेगी। इसके बाद से फिर दूरियां काफी बड़ी हैं।- लोक सभा चुनाव के दौरान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के लुधियाना से चुनाव लड़ने के बाद यह गुटबाजी शुरू हो गई थी और लुधियाना वेस्ट उपचुनाव के दौरान यह गुटबाजी उभरकर सामने आई थी। यह अब भी लगातार जारी है। भाजपा को घेरने निकली कांग्रेस को भाजपा ने घेरा G-Ram-G के मामले को लेकर मनरेगा बचाओ संग्राम तले कांग्रेस भाजपा को घेरने का प्रयास कर रही है तो इस मामले में भाजपा ने ही कांग्रेस को घेरना शुरू कर दिया है। भाजपा के प्रवक्ता प्रितपाल सिंह बलियावाल ने इस पर कड़ा तंज कसते हुए लिखा है किसंयुक्त कांग्रेस?? मनरेगा बचाओ संग्राम रैलियों में कांग्रेस नहीं। चरणजीत चन्नी और भारत भूषण आशु और उनके बाकी साथियों को ढूंढो और उन्हें दिखाओ!! जानकारी के लिए बता दूं, समराला के बगल वाला निर्वाचन क्षेत्र चमकौर साहिब है!! जी-राम-जी

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 6:00 am

200 करोड़ का हवाला कांड, 25 फर्जी फर्में बेनकाब:एक ही खाते से 88 करोड़ का खेल, भोली जनता को मोहरा बना किया महाघोटाला

बरेली में सोमवार को हुए करोड़ों के जीएसटी और हवाला घोटाले में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। एसपी साउथ अंशिका वर्मा द्वारा सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस सिंडिकेट का भंडाफोड़ करने के बाद से पुलिस की कई टीमें लगातार जांच में जुटी हुई हैं। जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि यह खेल महज 24 करोड़ तक सीमित नहीं था, बल्कि अब तक के मिले दस्तावेजों के अनुसार ट्रांजैक्शन का आंकड़ा 200 करोड़ रुपये को पार कर चुका है। पुलिस को 25 से अधिक ऐसी बोगस फर्मों के प्रमाण मिले हैं, जिनके जरिए काले धन को सफेद किया जा रहा था। पुलिस खातों के 'मनी ट्रेल' को कर रही ट्रैकसोमवार को हुए खुलासे के बाद जब पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों शाहिद और अमित गुप्ता से गहन पूछताछ की और उनके द्वारा संचालित खातों को खंगाला, तो वित्तीय गड़बड़ी की गहराई का अंदाजा हुआ। जांच में एक अकेली फर्म 'सत्य साहब ट्रेडर्स' से ही लगभग 88 करोड़ रुपये का लेनदेन पाया गया है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ेगा और अन्य संदिग्ध फर्मों के खातों की ऑडिटिंग होगी, यह आंकड़ा 500 करोड़ तक भी जा सकता है। पुलिस अब इन खातों के 'मनी ट्रेल' को ट्रैक कर रही है ताकि पता चल सके कि हवाला का यह पैसा किन शहरों या देशों तक जा रहा था। भोलेभाले लोग बने मोहरा, जांच में फंसी 25 से ज्यादा बोगस फर्मेंपुलिस की तफ्तीश में यह पैटर्न सामने आया है कि गिरोह के सदस्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को अपना शिकार बनाते थे। उन्हें सरकारी लोन दिलाने या व्यापार में हिस्सेदार बनाने का झांसा देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो ले लिए जाते थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर 'सत्य साहब ट्रेडर्स', 'महावीर ट्रेडिंग' और 'महाकाल ट्रेडर्स' जैसी फर्में कागजों पर खड़ी की गईं। भुता थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त जांच में पाया गया कि ये फर्में धरातल पर कहीं मौजूद ही नहीं हैं, इनका उपयोग सिर्फ फर्जी इनवॉइस जेनरेट करने और फंड ट्रांसफर के लिए किया जा रहा था। सभी 'म्यूल अकाउंट्स' को कराया जाएगा फ्रीजएसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बताया कि सोमवार को इस मामले के खुलासे के बाद से हमारी टीमें लगातार बैंक रिकॉर्ड्स और जीएसटी पोर्टल के डेटा का विश्लेषण कर रही हैं। यह महज एक सामान्य धोखाधड़ी नहीं, बल्कि आर्थिक ढांचे को नुकसान पहुँचाने वाला एक बड़ा संगठित अपराध है। पिछले चार दिनों की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद गंभीर हैं। अब तक करीब 25 फर्जी फर्मों की पहचान हो चुकी है जिनके माध्यम से लगभग 200 करोड़ रुपये का संदिग्ध ट्रांजैक्शन किया गया है।हमारी प्राथमिकता अब उन सभी 'म्यूल अकाउंट्स' को फ्रीज कराने की है जिनका इस्तेमाल किया गया। जांच इस बिंदु पर भी केंद्रित है कि शाहजहाँपुर का मास्टरमाइंड नीतू गुप्ता किन बड़े सफेदपोशों के संपर्क में था और यह पैसा अंततः किसके पास जा रहा था। हमने आयकर विभाग और जीएसटी इंटेलिजेंस के साथ भी समन्वय स्थापित किया है ताकि इस व्यापक टैक्स चोरी और हवाला नेटवर्क के हर किरदार को सलाखों के पीछे भेजा जा सके। इसमें अभी कई और गिरफ्तारियां होना तय है।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 6:00 am

संभल में सरकारी जमीन पर एक मस्जिद और 11 मकान:राजस्व विभाग की टीम ने की पैमाइश, 1000 वर्ग मीटर में हो रही थी खेती

संभल जिले में सरकारी भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे का खुलासा हुआ है। राजस्व विभाग की टीम की पैमाइश में कब्रिस्तान, खाद के गड्ढे और वृक्षारोपण के लिए आरक्षित भूमि पर एक मस्जिद, 11 मकान और लगभग 1000 वर्ग मीटर क्षेत्र में खेती होती पाई गई है। इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। यह मामला संभल जनपद के थाना नखासा क्षेत्र के कसेरुआ गांव का है। शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे हल्का लेखपाल खाबर हुसैन अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने नक्शे के आधार पर सरकारी भूमि की पहचान कर पैमाइश शुरू की। जुमे की नमाज के कारण गांव में अधिकतर लोग मौजूद थे, और प्रशासन की इस कार्रवाई को देखने के लिए भीड़ जमा हो गई। हालांकि, किसी ने विरोध नहीं किया, लेकिन लोग आपस में चर्चा करते देखे गए। पैमाइश के दौरान, गाटा संख्या 409, जो कब्रिस्तान की भूमि है, पर 280 वर्ग मीटर क्षेत्र में एक मस्जिद और तीन मकान निर्मित पाए गए। गाटा संख्या 410, जो खाद के गड्ढे के लिए निर्धारित थी, पर 600 वर्ग मीटर क्षेत्र में आठ मकान बने मिले। इसी भूमि पर स्थित मस्जिद का सुन्नी वक्फ बोर्ड में इंद्राज भी है। इसके अतिरिक्त, गाटा संख्या 411, जो वृक्षारोपण के लिए आरक्षित थी, पर गांव के एक व्यक्ति द्वारा 1001 वर्ग मीटर क्षेत्र में खेती की जा रही थी। लेखपाल खाबर हुसैन ने बताया कि पैमाइश पूरी होने के बाद इसकी विस्तृत रिपोर्ट संभल के तहसीलदार को सौंप दी गई है। उच्चाधिकारियों के आदेश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के अनुसार, इस मामले में धारा 67 के तहत तहसीलदार न्यायालय में एक मुकदमा दायर किया जाएगा, जिसमें सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा, जिसके बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 6:00 am

कानपुर में होगा किडनी ट्रांसप्लांट का दूसरे सबसे बड़ा सेंटर:जानिए क्या-क्या मिलेंगी सुविधाएं, कम खर्च में होगा पूरा इलाज

जीएसवीएस मेडिकल कॉलेज में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होने के साथ ही कानपुर प्रदेश का दूसरा किडनी ट्रांसप्लांट का सबसे बड़ा सेंटर बनने जा रहा है। इस सुविधा का लाभ न सिर्फ कानपुर शहर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और आसपास के जिलों के मरीजों को मिलेगा। अब तक किडनी ट्रांसप्लांट के लिए मरीजों को केजीएमयू लखनऊ या फिर दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े शहरों के महंगे प्राइवेट अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता था। नई सुविधा शुरू होने पर मरीजों को स्थानीय स्तर पर इलाज उपलब्ध हो सकेगा। 15 से 20 मरीज किडनी ट्रांसप्लांट के रोज आते हैं किडनी स्पेशलिस्ट डॉ. युवराज गुलाटी ने बताया कि पीएमएसएसवाई अस्पताल में रोजाना 15 से 20 मरीज किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत के साथ OPD में आते हैं। उन्होंने कहा कि किडनी रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और बहुत बड़ी संख्या में लोगों को ट्रांसप्लांट की आवश्यकता होती है। वर्तमान में सीमित सेंटर होने के कारण मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है, जबकि आर्थिक बोझ भी बढ़ जाता है। 10 लाख रुपए का आता है खर्च प्राइवेट अस्पतालों में किडनी ट्रांसप्लांट पर करीब 7 से 10 लाख रुपए तक का खर्च आता है। जीएसवीएस मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा शुरू होने से मरीजों को बहुत कम लागत में उपचार मिल सकेगा। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही केजीएमयू लखनऊ पर बढ़ते भार में भी कमी आएगी और मरीजों को लंबी दूरी तय करने की मजबूरी से छुटकारा मिलेगा। 6 बेड का होगा केटीयू जानकारी के अनुसार पीएमएसएसवाई अस्पताल की चौथी मंजिल पर 6 बेड का किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट (KTU) तैयार किया गया है। यहां पहले से ही डायलेसिस, प्लाज्मा थेरेसिस, CRRT और ADF जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए जल्द ही ट्रांसप्लांट क्लिनिक की भी शुरुआत की जाएगी। इससे किडनी रोगियों के लिए जांच से लेकर ट्रांसप्लांट और पोस्ट-ऑपरेशन केयर तक समग्र सुविधा एक ही स्थान पर मिल सकेगी। एक से डेढ़ माह का लगेगा समय माना जा रहा है कि विभिन्न विभागीय और कागजी प्रक्रियाओं को पूरा करने में करीब एक से डेढ़ महीने का समय लग सकता है। इसके बाद किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर, मॉड्यूलर ओटी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगभग तैयार है। सुविधा शुरू होते ही कानपुर और आसपास के जिलों के हजारों मरीजों को बड़ा फायदा मिलेगा। अभी करीब 18 जिलों के मरीज यहां पर इलाज के लिए आते हैं। इस सेंटर के बनने के बाद प्रदेश के बाहर के भी मरीज यहां पर इलाज प्राप्त कर पाएंगे।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 6:00 am

लुधियाना कोर्ट-डीसी कॉम्पलेक्स बनेगा हाई-सिक्योरिटी जोन:बम धमकी के बाद डीसी-सीपी दफ्तर व कोर्ट कॉम्पलेक्स में लगेंगे 100 से ज्यादा CCTV

पंजाब के लुधियाना में जिला कोर्ट कॉम्पलेक्स को बम से उड़ाने की धमकी के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब लुधियाना जिला प्रशासकीय कॉम्पलेक्स से लेकर कोर्ट कॉम्पलेक्स और पुलिस कमिश्नर दफ्तर को हाई सिक्योरिटी जोन में तब्दील किया जाएगा। प्रशासन जिला प्रशासकीय कांप्लेक्स, कोर्ट व सीपी दफ्तर में 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाने जा रहा है। इसके लिए पुलिस ने सर्वे करना शुरू कर दिया है। एसीपी सिविल लाइंस की अगवाई में टीम उन सभी प्वाइंट्स को चेक कर रही है जहां पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। पूरे एरिया में सामान्य कैमरों के साथ-साथ मॉडर्न फेस रिकग्निशन और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे भी शामिल होंगे। प्रशासन का मकसद हर आने-जाने वाले व्यक्ति और वाहन पर कड़ी नजर रखना है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। बीते दिनों जिला कोर्ट कॉम्पलेक्स को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी।इससे पहले डीसी दफ्तर को भी बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने अब पूरे प्रशासकीय और न्यायिक परिसर को हाई-सिक्योरिटी जोन में तब्दील करने की योजना बनाई है। एंट्री-एग्जिट पर होगी सख्त निगरानी नई योजना के तहत जिला प्रशासकीय कॉम्पलेक्स, डीसी दफ्तर, सीपी दफ्तर और कोर्ट कॉम्पलेक्स के सभी एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स पर ANPR और फेस रिकग्निशन कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों की मदद से परिसर में दाखिल होने वाले हर व्यक्ति के चेहरे और हर वाहन की नंबर प्लेट को रिकॉर्ड किया जाएगा। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या ब्लैकलिस्टेड वाहन की पहचान होते ही सिस्टम अलर्ट जारी करेगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इससे न केवल अपराधियों की पहचान आसान होगी, बल्कि भविष्य में किसी भी तरह की आतंकी या आपराधिक साजिश को नाकाम किया जा सकेगा। कंट्रोल रूम से होगी 24 घंटे निगरानी सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के लिए जिला प्रशासकीय कॉम्पलेक्स और सीपी दफ्तर में अलग-अलग कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। इन कंट्रोल रूम में 24 घंटे पुलिसकर्मी और तकनीकी स्टाफ तैनात रहेगा। कैमरों से आने वाली लाइव फुटेज को बड़े स्क्रीन पर मॉनिटर किया जाएगा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित थाना और वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, कंट्रोल रूम को आधुनिक सॉफ्टवेयर से लैस किया जाएगा, जिससे फुटेज को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके और जरूरत पड़ने पर तुरंत सर्च किया जा सके। सर्वे पूरा, प्वाइंट्स चिह्नित प्रशासन ने सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने पूरे परिसर का मुआयना किया है। जिन जगहों पर भीड़ ज्यादा रहती है, जैसे कोर्ट रूम के बाहर, वकीलों के चैंबर, पार्किंग एरिया, रिकॉर्ड रूम समेत सभी को हाई-रिस्क जोन मानते हुए कैमरे लगाने के प्वाइंट्स चिह्नित किए गए हैं। पहले से मौजूद व्यवस्था मानी गई नाकाफी कोर्ट और प्रशासकीय कॉम्पलेक्स में सीमित संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, जो तकनीकी रूप से पुराने हो चुके हैं। जिला प्रशासकीय कांप्लैक्स के मेन गेट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं पर उनकी जगह अब एनपीआर व फेस रिकग्निशन कैमरे लगाए जाने हैं। पुराने लगे व नए लगने वाले कैमरों को कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। चप्पे चप्पे पर रहेगी सीसीटीवी कैमरों की नजर एसीपी सिविल लाइन गुरइकबाल सिंह ने बताया कि सुरक्षा के मध्य नजर डीसी दफ्तर, कोर्ट कॉम्पलेक्स और सीपी दफ्तर के एरिया में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। पार्किंग से लेकर हर हिस्सा सीसीटीवी कैमरों की नजर में रहेगा।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 6:00 am

सिंधिया ने किया हैरान...बोले-हवाई जहाज से तेज दौड़ेगी बुलेट ट्रेन:पहले शराबी कार्यकर्ता का स्वागत, फिर धक्का देकर भगाया; मंत्री ने धमकाया-सस्पेंड कर दूंगा

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर ऐप पर मिलेगा। मंत्री ने किया शराब पीकर आए कार्यकर्ता का स्वागतबुरहानपुर में एक कार्यकर्ता शराब पीकर मंत्री तुलसी सिलावट से मिलने आ गया। अब चूंकि भाजपा का नारा है.. सबका साथ - सबका विकास। मंत्री ने उसे अपने पास बुलाया और उसका स्वागत किया। मंत्री ने उसे देखते ही कहा- इसका स्वागत होना चाहिए। युवक के पास आते ही मंत्री जान गए कि उसने शराब पी है। इस पर मंत्री ने उससे पूछा- 'कितनी पी तूने आज।एक बात सुनो, पीकर तो आया है ये। मैं चेहरे से बात दूं इसके।' मंत्री की इस बात पर जमकर ठहाके लगे। फिर कुछ ऐसा हुआ कि सब हैरान रह गए। दरअसल मंत्री ने अपनी बात कहकर युवक के गले में दुपट्‌टा डालकर उसका स्वागत किया। उसके साथ फोटो खिंचवाया और फिर धक्का देकर कह दिया.. चलो..। अब लोग कह रहे हैं कि गजब के डॉक्टर निकले मंत्री जी। चेहरा देखकर मर्ज बता देते हैं। मंडी का दौरा, मंत्री ने दिखाया अपने पद का पावर मंत्री हैं हम.. कुछ इसी अंदाज में मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने अपने पद का पावर दिखाया। मंत्री जी बैतूल पहुंचे थे। उन्होंने मंडी का दौरा किया। इस दौरान शिकायतें मिलने पर उन्होंने व्यापारियों को धमकी भरे लहजे में चेताया। उन्होंने कहा- जो व्यापारी किसानों को परेशान करेगा, उसका धंधा बंद करा दूंगा। इतना ही नहीं उपज की तौलाई में किसानों के साथ भेदभाव की शिकायत पर मंडी निरीक्षक को भी सबके सामने हड़काया। दरअसल, मंत्री ने मंडी निरीक्षक को किसानों की शिकायत बताई तो उन्होंने कहा- इसे दिखवा लेते हैं। इस बात पर मंत्री भड़क गए। उन्होंने कहा- दिखवा नहीं लेते, हम तुमको सस्पेंड कर देंगे। दिखवा लेते हैं। क्या मंत्री हो गए तुम। मंत्री का ये वीडियो सामने आया तो लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दी। किसी ने इसे कैमरे के सामने पब्लिसिटी स्टंट बताया तो किसी ने कहा- मंत्री ने सही किया। खरी बात ये है कि व्यवस्था सुधारना कोई एक दिन का काम नहीं है। इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग करनी पड़ती है। लगातार इसी तरह का दौरा करना पड़ता है। अब व्यवस्था कब सुधरेगी ये तो नहीं बता सकते। मंत्री जी जरूर सुर्खियों में आ गए हैं। सिंधिया ने दिया ऐसा बयान, हर कोई रह गया हैरानगुना में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ऐसा बयान दिया कि उसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया। उन्होंने कहा कि भारत में ऐसी बुलेट ट्रेन चलेगी जो हवाई जहाज की रफ्तार से भी ज्यादा स्पीड में दौड़ेगी। सिंधिया गुना के पगारा रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन को हरी झंडी दिखाने आए थे। इस दौरान वे कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा- आने वाले दो साल के अंदर समुद्र के अंदर, जमीन के अंदर सुरंग बनाकर मुंबई से अहमदाबाद तक बुलेट ट्रेन चलेगी। ऐसी बुलेट ट्रेन चलेगी जो हवाई जहाज की रफ्तार से ज्यादा स्पीड पर चलेगी। सिंधिया ने आगे कहा- ये आज वो भारत की कल्पना की जा रही है। अब लोग कह रहे हैं कि बुलेट ट्रेन आएगी तब आएगी। अभी जो ट्रेनें चल रही हैं, वो तो टाइम पर चले भाई। एमपी ने नहीं थम रही 'गुड़ की खेती' पर सियासतएमपी में 'गुड़ की खेती' पर सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है। अब खुद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार खेतों में उतर गए और गुड़ के बीज खोजे। बैतूल में उन्होंने गन्ना किसानों से बात की और बैतूल में ही दिए सीएम मोहन यादव के एक बयान पर तंज किया। दरअसल, कुछ दिनों पहले सीएम बैतूल दौरे पर आए थे। यहां उन्होंने मंच से कहा था- 'गुड़ के उत्पादन को बढ़ाने के लिए एक क्लस्टर बनाना चाहिए, बताओ कौन-कौन गुड़ लगाता है, जिनकी अपनी खेती होती है' हालांकि ये स्लिप ऑफ टंग था। लेकिन अब इस पर जमकर राजनीति हो रही है। कांग्रेस नेता इसे मुद्दा बना रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने भी गन्ना के खेत में जाकर किसानों के साथ बातचीत का वीडियो बनाया और सीएम पर तंज किया। इनपुट सहयोग - रईस सिद्दकी (बुरहानपुर), इरशाद हिन्दुस्तानी (बैतूल), आशीष रघुवंशी (गुना), विजय सिंह बघेल (भोपाल) ये भी पढ़ें - मंत्री की 'ऊर्जा' से जल गए कैमरे-वॉशिंग मशीन: टीआई के ट्रांसफर पर लोगों ने फोड़े पटाखे मध्य प्रदेश की मोहन सरकार में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर कड़ाके की ठंड में घर-घर दस्तक देते नजर आए। वो भी रात में। मंत्री दरवाजा खटखटाकर लोगों को नींद से जगाकर उनसे पूछ रहे हैं कि सरकार की व्यवस्था से तो खुश हो न। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:59 am

राजस्थान के 13 जिलों में कोहरे और शीतलहर का अलर्ट:रेगिस्तान में बर्फीली हवा से सर्दी बढ़ी, सभी शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे

उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों से आ रही तेज बफीर्ली हवा से राजस्थान के रेतीले धोरे जबरदस्त ठंडे हो गए। शनिवार (10 जनवरी) को भी 13 जिलों में कोहरे और शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने राज्य में अगले एक सप्ताह मौसम साफ रहने और अगले दो-तीन कोहरा और सर्द हवाएं चलने का पूर्वानुमान जारी किया है। शुक्रवार को राज्य में सबसे ज्यादा सर्दी जैसलमेर जिले में रही, जहां का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हुआ। जैसलमेर के अलावा राज्य के सभी अन्य शहरों में भी न्यूनतम तापमान सिंगल डिजिट में दर्ज हुआ। शुक्रवार सुबह-शाम की तेज गलनभरी सर्दी रहने के बीच लोगों को दिन में धूप से मामूली राहत रही। शुक्रवार दिन का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस प्रतापगढ़ जिले में दर्ज हुआ। जैसलमेर प्रदेश का सबसे ठंडा शहर राजस्थान में शुक्रवार को जैसलमेर सबसे ठंडा शहर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। सिरोही में न्यूनतम तापमान 4.9, नागौर, गंगानगर में 5.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। जयपुर, अलवर, सीकर, चूरू, गंगानगर समेत उत्तर-पश्चिम राजस्थान के जिले शीतलहर की चपेट में रहे। सर्दी से एक सप्ताह राहत नहीं मौसम केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- राज्य में अगले एक सप्ताह फिलहाल इसी तरह की सर्दी रहने की संभावना है। अगले दो-तीन दिन राज्य में घना कोहरा रहने की संभावना है, जबकि शेखावाटी के अलावा जयपुर, भरतपुर संभाग के एरिया में शीतलहर का प्रकोप रहेगा, जिससे इन शहरों में कहीं-कहीं तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट हो सकती है।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:58 am

राजस्थान बजट में डेढ़ लाख सरकारी नौकरियाें की घोषणा संभव:फ्री बिजली पर कड़ा फैसला हो सकता है, पे-कमीशन की संभावना, 25 लाख लखपति दीदी

राजस्थान सरकार अगले महीने पेश होने वाले बजट की तैयारियों में जुटी है। ये भजनलाल सरकार के कार्यकाल का तीसरा बजट (2026-27) होगा। एक्सपट्‌र्स का कहना है कि रिफाइनरी से मिलने वाले बड़े रेवेन्यू और बढ़ते टैक्स रेवेन्यू के कारण बजट में 20% बढ़ोतरी की जा सकती है। यह अब तक का सबसे बड़ा बजट हो सकता है। बजट में डेढ़ लाख सरकारी नौकरियाें, 25 लाख लखपति दीदी के साथ राम जल सेतु लिंक प्रोजेक्ट और 9 ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर फोकस रहेगा। केंद्र सरकार की ओर से 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी के बाद राज्य के कर्मचारियों को भी पे-कमीशन गठित होने की आस जगी है। बजट में महिलाओं, इंडस्ट्रीज, निवेशकों, किसानों का भी ध्यान रखा जाएगा। वहीं फ्री बिजली पर सरकार कड़ा फैसला भी ले सकती है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पिछले बजट में सवा लाख सरकारी नौकरियाें की घोषणा की थीराज्य सरकार ने 5 साल के कार्यकाल में 4 लाख सरकारी नौकरियाें का वादा किया है। पिछले बजट में सवा लाख सरकारी नौकरियाें की घोषणा की थी। उसमें से 92 हजार दे दी हैं और 20 हजार पदों पर नियुक्तियां देने की प्रक्रिया जारी है। CMO के निर्देश पर सभी सरकारी विभाग की ओर से खाली पदों की लिस्ट बनाई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इस बजट में सरकार डेढ़ लाख सरकारी नौकरियाें की घोषणा कर सकती है। RPSC और कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) को इसकी तैयारी रखने के निर्देश दे दिए गए हैं। संबंधित नौकरियों के विभागवार पद कितने होंगे, कार्मिक विभाग ने इसकी तैयारी के लिए एक पूरा ब्योरा राज्य सरकार के सामने रख दिया है। RPSC में फिलहाल 18 हजार वैकेंसी को लेकर भर्ती प्रक्रिया जारी है। बजट पेश होने के बाद अगले वित्तीय वर्ष में इससे दोगुने पदों पर भर्ती करने की तैयारी की जा रही है। RSSB सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में चल रही भर्ती प्रक्रिया और नई भर्तियां जिनकी आने वाले महीनों में विज्ञप्तियां जारी की जाएंगी, उन संख्या को जोड़ें, तो 80 हजार भर्तियां करने की तैयारी है। सबसे ज्यादा नौकरियां शिक्षा विभाग मेंसूत्रों के अनुसार, बजट पेश होने के बाद युवाओं को प्रत्येक महीने एक न एक प्रतियोगी परीक्षाओं का विज्ञापन देखने को मिलेगा। इनमें सर्वाधिक नौकरियां शिक्षा विभाग में होंगी। इसके अलावा पुलिस, चिकित्सा, जलदाय (पेयजल), वन, पीडब्ल्यूडी और कृषि विभाग के लिए भी भर्तियां निकाली जाएंगी। सोलर पैनल का सब्सिडी लेने वालों को 100 यूनिट फ्री बिजली नहीं मिलेगी!राज्य सरकार सोलर पैनल की सब्सिडी देने के बाद संबंधित उपभोक्ताओं को मिल रही 100 यूनिट फ्री बिजली पर फैसला ले सकती है। एक्सपट्‌र्स के अनुसार, राज्य सरकार किसी भी उपभोक्ता के लिए 100 यूनिट फ्री बिजली देना तब तक बंद नहीं कर सकती, जब तक की इस संबंध में वह किसी तरह का कोई प्रस्ताव नहीं लेकर आ जाती। ऐसे में सरकार को बजट में तस्वीर साफ करनी होगी कि जिन उपभोक्ता को सोलर पैनल के लिए सब्सिडी मिल गई है, उन्हें 100 यूनिट बिजली का लाभ भविष्य में नहीं मिलेगा। सूत्रों के अनुसार, सरकार बजट में ये प्रावधान कर सकती है। राजस्थान सरकार ने पिछले बजट में हर महीने 150 यूनिट फ्री बिजली देने की योजना के तहत वन टाइम सोलर पैनल के लिए सब्सिडी देने की घोषणा की थी। राज्य सरकार की मंशा है कि सोलर पैनल अपने आप करीब 150 यूनिट फ्री बिजली बनाएगा और सरकार पर हर महीने फ्री बिजली देने वाला बोझ हट जाएगा। पिछले महीने (दिसंबर 25) से राजस्थान सरकार ने सोलर पैनल पर सब्सिडी देना शुरू भी कर दिया है। लेकिन सरकार खुद की सोलर पैनल सब्सिडी की योजना और पिछली सरकार की हर महीने 100 यूनिट फ्री बिजली योजना के बीच फंस गई है। सरकार पर दोहरा आर्थिक भारसब्सिडी देने के बावजूद सोलर पैनल से पैदा होने वाली बिजली का लाभ न तो सरकार को मिल रहा है और न ही उपभोक्ता को। फिलहाल हालात यह हैं कि सरकार पर दोहरा आर्थिक भार आ गया है। मतलब, जिन लोगों ने सोलर पैनल के लिए सब्सिडी उठा ली है, उन्हें भी 100 यूनिट फ्री बिजली मिल रही है। केंद्र सरकार की प्रक्रिया पर नजरहाल ही में केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। केंद्र में 8वां वेतन आयोग लागू होगा तो राज्य के कर्मचारियों पर भी इसे लागू किया जाएगा। कर्मचारी संगठनों के मुताबिक, नियमों के हिसाब से आठवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से ड्यू (लंबित) है। राज्य की सरकारों को भी जल्द प्रक्रिया शुरू करनी पड़ेगी। राज्य सीधे केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के बजाय अपना स्टेट पे-कमीशन बनाते हैं, जिससे वेतन, पेंशन, भत्ते खुद की अर्थव्यवस्था के हिसाब से तय किए जा सकें। सूत्रों के अनुसार राजस्थान सरकार 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्र सरकार की प्रक्रिया पर पूरी नजरें बनाए हुए हैं। राज्य कर्मचारियों की आस को देखते हुए सरकार आने वाले बजट में इसका जिक्र जरूर कर सकती है। प्रदेश सरकार अपनी वित्तीय स्थितियों के आंकलन और संबंधित आयोग की सिफारिशों के आधार पर अपनी प्रक्रिया शुरू करेगी। फिलहाल, राज्य सरकार ने वेतन आयोग को लेकर अब तक कोई सीधी प्रक्रिया नहीं अपनाई है। 'लखपति दीदी' बनाने का लक्ष्य 25 लाख करने की तैयारीराज्य सरकार ने अपने पिछले बजट में 15 लाख महिलाओं को एक-एक लाख रुपए का लोन छोटे उद्योग-व्यापार के लिए देकर 'लखपति दीदी' बनाने का लक्ष्य रखा था। सूत्रों के अनुसार, इस बजट में राज्य सरकार इस योजना के तहत लाभ लेने वाली महिलाओं की संख्या 25 लाख तक करना चाह रही है। राज्य सरकार केंद्रीय बजट घोषणा का इंतजार कर रही है, जिससे लखपति दीदी योजना के तहत मिले बजट प्रावधानों के आधार पर लाभ पाने वाली महिलाओं की संख्या तय की जा सके। केंद्र ने अपने पिछले बजट में देश में 3 करोड़ महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाने का प्रावधान किया था। इस योजना के तहत राजस्थान सरकार ने अपने पिछले बजट में 15 लाख का लक्ष्य रखा। योजना में उन महिलाओं को शामिल किया गया है, जो स्वयं सहायता समूहों (सेल्फ हेल्प ग्रुप) से जुड़कर अपना छोटा-मोटा व्यवसाय करती हैं। 17 जिलों की प्यास बुझाने वाली योजना के लिए बड़ी राशि मिलेगीबजट में 17 जिलों की आबादी और फसलों की प्यास बुझाने वाले राम जल सेतु लिंक प्रोजेक्ट पर नजरें रहेंगी। राज्य सरकार का इस बजट में राम जल सेतु लिंक प्रोजेक्ट के 60 फीसदी काम तेजी से पूरे करने पर फोकस रहेगा। सरकार इस प्रोजेक्ट को बड़ी राशि आवंटित करने की तैयारी में जुटी है। पिछले बजट में घोषणा, पर जमीन पर कुछ नहींपिछले बजट में सरकार ने 9 ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे की घोषणा की थी, लेकिन अब तक किसी भी एक्सप्रेस वे का जमीन पर काम शुरू नहीं हुआ है। आमजन की नजरें बजट पर टिकी हैं कि इन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे के लिए सरकार कितना बड़ा बजट प्रावधान रखेगी। पहले कोटपूतली-किशनगढ़ एक्सप्रेस-वे का काम शुरू करने की योजनाराज्य सरकार पहले 181 किलोमीटर लंबे कोटपूतली-किशनगढ़ एक्सप्रेस-वे का काम शुरू करना चाह रही है। इसके अलावा 350 किलोमीटर जयपुर-किशनगढ़-पचपदरा एक्सप्रेस-वे, 193 किलोमीटर जयपुर-भीलवाड़ा एक्सप्रेस-वे, 295 किलोमीटर बीकानेर-कोटपूतली एक्सप्रेस-वे, 270 किलोमीटर ब्यावर-भरतपुर एक्सप्रेस-वे, 402 किलोमीटर लंबे जालोर-झालावाड़ एक्सप्रेस-वे, 390 किलोमीटर अजमेर-बांसवाड़ा एक्सप्रेस-वे, 345 किलोमीटर जयपुर-फलोदी एक्सप्रेस-वे और 290 किलोमीटर लंबे श्रीगंगानगर-कोटपूतली एक्सप्रेस-वे के काम भी शुरू होने हैं। पेट्रोल की कीमतें पर निगाहें टिकींप्रदेशवासियों की नजरें बजट में पेट्रोल की कीमतें कम होने पर टिकी रहेंगी। राजस्थान देश में पेट्रोल की ज्यादा कीमतों को लेकर पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान पहले नंबर पर था। भाजपा ने पेट्रोल की ज्यादा कीमतों को चुनाव में मुद्दा भी बनाया था। दिसंबर 2023 में भाजपा सरकार बनने के बाद दो फीसदी वैट घटाया था। इसके बाद राजस्थान में पेट्रोल की कीमतें 109 रुपए प्रति लीटर से कम होकर 105 रुपए प्रति लीटर हो गई। राजस्थान में अब भी पेट्रोल पर वैट करीब 29 फीसदी है। चुनावी घोषणा के तहत राज्य सरकार पेट्रोल की कीमतें कम करने के प्रयास में जुटी है। पेट्रोल की कीमत 2 से 4 रुपए के बीच घटा सकती है सरकारसूत्रों के अनुसार, पेट्रोल की कीमतें कम करने के लिए राज्य सरकार वैट और घटाने का फैसला बजट में कर सकती है। हालांकि सीएम के स्तर पर फैसला होना है, जो पेंडिंग चल रहा है। राज्य सरकार प्रदेश में पेट्रोल की कीमत 2 से 4 रुपए के बीच और घटा सकती है। गौरतलब है कि भाजपा का लक्ष्य है कि उसके द्वारा शासित किसी भी राज्य में पेट्रोल के दाम प्रति लीटर 100 रुपए से कम ही हो। अर्थशास्त्री प्रो. एसएस सोमरा के अनुसार, रिफाइनरी से प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा और टैक्स रेवेन्यू भी 17 फीसदी तक बढ़ सकता है। रिफाइनरी से 15 हजार करोड़ रुपए के राजस्व का अनुमान है। ऐसे में बजट साइज करीब 20 फीसदी तक बढ़ाया जा सकता है। राजस्थान का पिछला बजट (2025-26) साइज 3.79 लाख करोड़ था। 2024-25 का बजट साइज 3.34 लाख करोड़ रुपए था। प्रदेश के हर व्यक्ति पर एक लाख रुपए का कर्जएक्सपट्‌र्स के अनुसार, 2024-25 और 2025-26 के बजट और आर्थिक समीक्षा के आधार पर कहा जा सकता है कि सरकार पर आर्थिक दबाव है। राजस्व कम है, खर्च बढ़ा है, घाटा निरंतर बना हुआ है। राजस्थान पर कर्ज 7.3 लाख करोड़ हो चुका है। प्रदेश के हर व्यक्ति के सिर एक लाख रुपए कर्ज है। राजस्थान पर कर्जे का भार बढ़ता रहेगा। राजस्व घाटे और बड़ी योजनाओं पर सब्सिडी जारी रहने के कारण बाजार से उधार लेना पड़ेगा। वहीं, वेतन-पेंशन और ब्याज भुगतान पर राजस्व का 80 फीसदी खर्च हो रहा है। इस कारण विकास कार्यों के लिए कम पैसा बचता है।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:54 am

मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ:ममता बोलीं- मेरे पास शाह के खिलाफ सबूत; दावा- मोदी ने ट्रम्प को कॉल नहीं किया, डील रुकी; UP में लव जिहाद का डॉक्टर अरेस्ट

नमस्कार, कल की बड़ी खबर CM ममता बनर्जी के प्रोटेस्ट से जुड़ी रही। उन्होंने कहा कि उनके पास अमित शाह के खिलाफ पेनड्राइव है। दूसरी बड़ी खबर लखनऊ में लव जिहाद के आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी की रही। ⏰ आज का प्रमुख इवेंट, जिस पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. ममता बोलीं- मेरे पास शाह के खिलाफ पेन ड्राइव, मुझे छेड़ोगे तो छोड़ूंगी नहीं पश्चिम बंगाल में TMC IT सेल के हेड के ठिकानों पर हुई छापेमारी के विरोध में TMC ने दिल्ली और कोलकाता में प्रदर्शन किया। इस दौरान CM ममता बनर्जी ने दावा किया कि उनके पास गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ पेनड्राइव है। उन्होंने कहा;- दिल्ली में बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं तक कोयला घोटाले की रकम पहुंचती है। मेरे पास इसके सबूत हैं। कोयला घोटाले का पैसा सुवेंदु अधिकारी ने इस्तेमाल किया और अमित शाह को भेजा। जरूरत पड़ी तो मैं इन्हें जनता के सामने पेश कर सकती हूं। हाईकोर्ट में सुनवाई टली: कलकत्ता हाईकोर्ट ने कोर्ट परिसर में भारी भीड़ और हंगामे की वजह से ED की याचिका पर सुनवाई टाल दी। याचिका में ममता बनर्जी पर FIR दर्ज करने की मांग की गई थी। पूरा मामला पढ़िए: ED ने गुरुवार को मनी लॉन्ड्रिंग केस में TMC IT सेल के हेड प्रतीक जैन के ऑफिस और घर पर छापा मारा था। इस दौरान ममता बनर्जी प्रतीक के घर में जबरन घुसीं और कई जरूरी फाइलें ले गईं। हालांकि, CM ममता ने कार्रवाई को BJP की साजिश बताया। पढ़ें पूरी खबर... 2. मोदी ने कॉल नहीं किया, इसलिए रुकी ट्रेड डील, अमेरिकी मिनिस्टर बोले- ट्रम्प खुद डील चाहते थे PM मोदी ने ट्रम्प को फोन नहीं किया, इसी वजह से ट्रेड डील फाइनल नहीं हो पाई। US कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड ने कहा कि ट्रम्प चाहते थे कि मोदी उनसे फोन पर बात करके करें, लेकिन ऐसा न होने पर ट्रम्प का 'ईगो' हर्ट हो गया। भारत ने दावे को खारिज किया: विदेश मंत्रालय के रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत बेनिफिशियल ट्रेड डील चाहता है। नेगोशिएशन अभी भी जारी है। 2025 में मोदी-ट्रम्प के बीच 8 बार फोन पर बातचीत हुई है। पढ़ें पूरी खबर... 3. लखनऊ में लव जिहाद का आरोपी डॉक्टर गिरफ्तार, 3 घरों पर कुर्की का नोटिस लखनऊ के KGMU में लव जिहाद और धर्मांतरण का आरोपी डॉक्टर रमीजुद्दीन गिरफ्तार हो गया है। उस पर 50 हजार का इनाम था। पुलिस उसे 4 राज्यों में ढूंढ रही थी, हालांकि वह लखनऊ में ही छिपा था। उसके तीन घरों पर कुर्की का नोटिस चस्पा है। पिता सलीमुद्दीन और मां खतीजा पहले ही पकड़े जा चुके हैं। छात्रा को लव जिहाद में फंसाया: KGMU में एमडी पैथोलॉजी की छात्रा ने चौक थाने में शिकायत दी थी। उसने आरोप लगाया था कि उसके सीनियर डॉक्टर ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। गर्भपात कराया और धर्म परिवर्तन का दबाव डाला। पढ़ें पूरी खबर... 4. अंकिता भंडारी हत्याकांड की CBI जांच होगी, CM धामी ने सिफारिश की, कांग्रेस बोली- सरकार ने अपनी गलती मानी उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच CBI कर सकती है। CM पुष्कर सिंह धामी ने इसकी सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि अंकिता के माता-पिता के अनुरोध और उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए सरकार ने ये फैसला लिया है। राज्य में इसको लेकर लगातार प्रदर्शन हो रहे थे। कांग्रेस ने कहा की CBI जांच की सिफारिश कर सरकार ने माना है कि अतीत में उनसे गलती हुई है। क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड? उत्तराखंड के एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट अंकिता सितंबर 2022 को 3 लोगों के साथ ऋषिकेश गई और लापता हो गई। पांच दिन बाद उनका शव चिल्ला नहर से मिला। हत्या का आरोप रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर सौरभ भास्कर और रिसॉर्ट के असिस्टेंट मैनेजर पर लग। तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। भाजपा नेता पर आरोप लगे: BJP के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी उर्मिला सनावर ने एक वीडियो में आरोप कि अंकिता पर भाजपा के एक बड़े नेता के साथ संबंध बनाने का दबाव था। इसमें दावा किया गया कि उस नेता का नाम दुष्यंत गौतम बताया गया था। हालांकि बाद में सुरेश राठौर ने कहा कि यह वीडियो AI से तैयार किया गया था और इसका मकसद भाजपा को बदनाम करना था। पढ़ें पूरी खबर... 5. डेनमार्क की अमेरिका को धमकी, बोला- पहले गोली मारेंगे, फिर बात करेंगे; हमारे सैनिकों को इजाजत की जरूरत नहीं ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और डेनमार्क के बीच तनाव बढ़ गया है। ट्रम्प ग्रीनलैंड को कंट्रोल करना चाहते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका हर ग्रीनलैंड निवासी को अपने साथ जोड़ने के लिए 90 लाख रुपए देने की सोच रहा है। वहीं, डेनमार्क ने अमेरिका को धमकी देते हुए कहा कि अगर किसी विदेशी ताकत ने हमला किया तो तुरंत जवाब मिलेगा। डेनमार्क के सैनिक बिना आदेश के भी गोली चला सकते हैं। डेनमार्क बिना परमिशन हमला सकते हैं: डेनमार्क ने अपनी सेना के लिए एक नियम बनाया था, जिसके मुताबिक विदेशी ताकतों के देश पर हमला करने की स्थिति में सैनिकों को तुरंत लड़ना होगा। इसके लिए उन्हें किसी सीनियर अधिकारी की इजाजत लेने की जरूरत नहीं होती। यह नियम पहली बार 1940 में तब लागू हुआ था, जब जर्मनी ने डेनमार्क पर हमला किया था। पढ़ें पूरी खबर... 6. ईरान में महंगाई के खिलाफ 13 दिनों से प्रदर्शन, 45 मौतें; ट्रम्प का दावा- ईरानी शहर पर प्रदर्शनकारियों का कब्जा ईरान में महंगाई के खिलाफ 13 दिनों से प्रदर्शन चल रहा है। देशभर में 100 से ज्यादा शहरों में प्रदर्शन फैल चुका है। प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में अब तक 45 लोग मारे गए हैं, जिनमें 8 बच्चे शामिल हैं। एक पुलिस अधिकारी की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। जबकि 2,270 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। ट्रम्प बोले- ईरानी शहर पर प्रदर्शनकारियों का कब्जा: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान के दूसरे सबसे बड़े शहर मशहद पर अब प्रदर्शनकारियों का कब्जा हो गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा;- ईरान का दूसरा सबसे बड़ा शहर मशहद प्रदर्शनकारियों के नियंत्रण में आ गया है। सुरक्षा बलों ने शहर छोड़ दिया है। हालांकि, शहर पर कब्जे को लेकर ट्रम्प के दावे की पुष्टि नहीं हो पाई है। किसी भी भरोसेमंद रिपोर्ट में यह साबित नहीं हुआ है कि सुरक्षा बल पूरी तरह शहर छोड़ चुके हैं या मशहद पूरी तरह प्रदर्शनकारियों के कब्जे में चला गया है। पढ़ें पूरी खबर... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... ब्रिटेन के कबाड़ के टैंक से सोना निकला ब्रिटेन ने साल 2017 में कबाड़ हो चुका एक रूसी आर्मी टैंक खरीदा था। मरम्मत के दौरान इसके फ्यूल टैंक से 5-5 किलो की 5 सोने की ईंट मिली हैं। माना जा रहा है कि यह इराक-कुवैत युद्ध के समय लूटा गया था। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज कर्क राशि वालों को नौकरी में मन मुताबिक काम मिल सकता है। सिंह राशि वालों को करियर में नए मौके मिल सकते हैं। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:48 am

बाड़मेर लिफ्ट परियोजना:देखरेख पर हर माह 18 लाख खर्च, फिर भी 25 प्रतिशत पानी की रास्ते में ही चोरी

मोहनगढ़ से बाड़मेर तक पहुंचने वाले नहरी पानी में 20% से 25% रास्ते में ही चोरी हो रहा है। विभाग की ओर से मोहनगढ़ से बाड़मेर व कुम्हारों की ढाणी से जैसलमेर आर्मी तक जाने वाली 218 किमी मुख्य पाइप लाइन के मेंटेनेंस व पेट्रोलिंग पर मासिक 17 लाख 85 हजार रुपए खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन बार-बार पाइप लाइन लीकेज व पानी चोरी लगातार हो रही हैं। लोग नहरी पानी से डिग्गियां बनाकर खेती कर रहे हैं। अक्टूबर 25 से जनवरी तक 15 दिन मोहनगढ़ में शटडाउन लिया गया। ऐसे में बाड़मेर शहर सहित आसपास के गांवों में सर्दियों में भी जल संकट बन गया है। विभागीय लापरवाही व संबंधित फर्म की ओर से मेंटेनेंस व पेट्रोलिंग में हो रही खानापूर्ति का खामियाजा 3 जिलों की जनता को भुगतना पड़ रहा है। ऐसे हालात में बाड़मेर तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है। हालांकि पीएचईडी परियोजना खंड एक्सईएन की ओर से पेट्रोलिंग के दौरान बुधवार को भाडखा से बाड़मेर के जीरो पॉइंट तक 3 इंच के पांच कनेक्शन काटे गए। 5 स्थानों पर मुख्य पाइप लाइन (ट्रंक लाइन) से सीधे ग्राम पंचायतों की ढाणियों तक 3 इंची पाइप लाइन के कनेक्शन लिए गए थे। कुम्हारों का वास व दर्जियों का वास, मगनोनियों की ढाणी खारियातला, आदर्श अंबेडकर नगर पुरोहितों की बस्ती व पुरोहितों की बस्ती स्कूल ग्राम पंचायत मूंढों की ढाणी तथा मगरा बाड़मेर सहित कुल 5 कनेक्शन काटते हुए कार्रवाई की गई। पिछले साल भी कार्रवाई के तहत 50 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई। लेकिन फर्म की लापरवाही के चलते बार-बार ट्रंक लाइन में लीकेज, पेट्रोलिंग के अभाव में न तो पानी पहुंच रहा है और न ही चोरी रुक रही है। मोहनगढ़ से बाड़मेर तक पानी पहुंचने में लगते हैं 20 घंटे अक्टूबर में तीन बार लाइन फूटने के कारण शटडाउन लिया गया। अक्टूबर 4, 5 तथा 31 को नहर बंद रही। नवंबर में चार दिन नहर बंद रखी गई। नवंबर 1, 2, 3 तथा 28 को पानी बंद रहा। दिसंबर में 7 दिन शटडाउन लिया गया। नवंबर 4, 5, 14, 15, 16, 17, 18 को शटडाउन लिया गया। बीकेजी में पाइप लाइन फूटने तथा गैसकेट फटने से 5 दिन लगातार पानी सप्लाई बंद रखी गई। इस महीने भाडखा में पाइप लाइन फूटने से बुधवार को शटडाउन लिया गया। शुक्रवार शाम तक मोहनगढ़ से पानी नहीं पहुंचा। शहर में तीन महीने में पानी का अंतराल एक-दो दिन के स्थान पर 6 से 7 दिन तक पहुंच गया है। तीसरी बार ट्रंक लाइन मेंटेनेंस का टेंडर 2012 से अगस्त 2018 तक एलएंडटी ने ट्रंक लाइन का मेंटेनेंस किया। नवंबर 2018 से नवंबर 2024 तक 24.30 लाख मासिक खर्च पर वीवी चौधरी फर्म का मेंटेनेंस टेंडर था। अब दिसंबर 2024 से 5 साल तक 17.85 लाख मासिक खर्च पर गोदारा कंस्ट्रक्शन मेंटेनेंस कर रही है। भाडखा से जीरो पॉइंट तक ट्रंक लाइन से ग्राम पंचायतों की ओर से 5 अवैध कनेक्शन जोड़े गए थे, जिन्हें हटाया गया है। पेट्रोलिंग लगातार जारी है। भाडखा में मुख्य पाइप लाइन लीकेज से एक दिन का शटडाउन लिया गया था। आज शाम तक जीरो पॉइंट पर पानी पहुंचा दिया गया। -नेमाराम बामणिया, एक्सईएन, पीएचईडी परियोजना खंड, मोहनगढ़

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:45 am

झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर के हत्यारे का एनकाउंटर:बोला- वो दूसरे को चाहती थी, प्यार में धोखा देने पर मैरिज एनिवर्सरी पर गोली मारी

झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर अनीता चौधरी (40) की हत्या में वांटेड उसके एक्स बॉयफ्रेंड मुकेश झा का पुलिस ने शुक्रवार देर रात हाफ एनकाउंटर कर दिया। उसके पैर में गोली लगी है। मुकेश ने पुलिस को बताया- मैं अनीता से बहुत प्यार करता था। हम दोनों 7 साल से रिलेशनशिप में थे और एक मंदिर में शादी भी कर चुके थे। मगर अनीता अब दूसरे युवक को चाहने लगी थी। इसलिए उसने लगभग 5 महीने पहले ब्रेकअप कर लिया था। प्यार में धोखा मिला तो मुझे बर्दाश्त नहीं हुआ। मैंने मैरिज एनिवर्सरी की रात (रविवार रात) को कनपटी पर गोली मारकर अनीता की हत्या कर दी थी। फिर पुलिस को चमका देने के लिए कार नोटघाट पुल पर खड़ी कर दी और भाग गया। ताकि पुलिस को लगे कि मैंने बेतवा नदी में कूदकर जान दे दी। पुलिस 2 दिन से मुझे नदी में तलाश रही थी तो लगा कि प्लान सफल हो जाएगा। मगर आज मुठभेड़ में पकड़ा गया। पुलिस टीम पर चलाने लगा था गोली एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया- मुकेश झा (37) पुत्र भगवत प्रसाद प्रेमनगर थाना क्षेत्र के इसाईटोला मोहल्ले का रहने वाला है। अनीता की हत्या के बाद उस पर 25 हजार रुपए का इनाम रखा गया था। पुलिस टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। शुक्रवार देर रात मुखबिर ने सूचना दी कि मुकेश को भगवंतपुरा से करगुआंजी वाले कच्चे रास्ते पर देखा गया है। इस पर नवाबाद थाना प्रभारी रवि प्रकाश श्रीवास्तव ने पुलिस टीम के साथ घेराबंदी की। ्रजब मुकेश को रुकने का इशारा किया गया तो वह पुलिस टीम पर फायरिंग करने लगा। काउंटर अटैक में उसके पैर में गोली लगी है। घायल मुकेश को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया है। अब पढ़िए, प्यार, धोखा और मर्डर की पूरी कहानी जिस फैक्ट्री में अनीता काम करती थी, वहां मैनेजर था मुकेश अनीता चौधरी नवाबाद थाना क्षेत्र के तालपुरा स्थित अंबेडकर नगर में रहती थी। उनके तीन बच्चे हैं। बड़े बेटे विक्की की शादी हो चुकी है। उससे छोटी बेटी साक्षी (18) और जानू (16) पढ़ते हैं। अनीता 9 साल पहले भगवंतपुरा के पास एक ग्लास फैक्ट्री में काम करती थी, जहां मुकेश झा मैनेजर था। एक साथ काम करने की वजह से दोनों की दोस्ती हो गई। 7 साल पहले यह दोस्ती प्यार में बदल गई। दोनों एक-दूसरे से मिलने लगे और पूरी जिंदगी साथ गुजारने की कसमें खा ली। मंदिर में कर ली थी शादी एसपी सिटी ने बताया- आरोपी मुकेश और अनीता ने 4 जनवरी 2019 को एक मंदिर में शादी कर ली थी। अनीता जॉब छोड़कर ऑटो चलाने लगी थी। उसका किसी दूसरे युवक से अफेयर हो गया। जब मुकेश को पता चला तो दोनों के बीच झगड़ा होने लगा और मुकेश उसे मार-पीटने लगा था। इस वजह से 5 महीने पहले अनीता ने ब्रेकअप कर लिया था, मगर मुकेश उसे किसी भी कीमत पर छोड़ना नहीं चाहता था। वो अनीता को परेशान करने लगा। वह चाहता था कि अनीता उसके साथ रहे, मगर अनीता तैयार नहीं थी। 3 महीने पहले स्टेशन पर मुकेश ने अनीता को परेशान किया तो उसने नवाबाद थाने में शिकायत कर दी थी। थाने में शिकायत के बाद दोनों परिवारों के लोग एकत्र हुए थे। मुकेश अपने परिजनों के सामने बोला- मैं तो अनीता के साथ ही रहूंगा। जब अनीता से पूछा गया तो उसने कहा कि वह मुकेश के साथ नहीं रहना चाहती। यह सुनते ही मुकेश बौखला गया और कहने लगा कि अब या तो तुम रहोगी या हम। उसने गोली मारने की धमकी भी दी थी। तब से वह अनीता का पीछा कर रहा था। एनिवर्सरी की रात को कनपटी पर गोली मारी अनीता झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर थी। वह सुबह और रात को ऑटो चलाती थी और दिन में घर का काम करती थी। 4 जनवरी की रात 9:30 बजे वह घर से ऑटो चलाने निकली थी। मुकेश ने पुलिस को बताया- 4 जनवरी को हमारी मैरिज एनिवर्सरी थी। मैं अनीता को मनाने गया था। नहीं मारने पर हत्या का प्लान था। जब अनीता को साथ रहने के लिए मनाया तो वो नहीं मानी। इस पर हमारे बीच विवाद हो गया। अनीता ऑटो लेकर चली गई। तब मैंने तमंचा लोड किया और कार से अनीता की ऑटो का पीछा किया। स्टेशन रोड पर सुकुवां-ढुकुवां कॉलोनी के पास चलती गाड़ी से अनीता की कनपटी में गोली मारी। गोली लगते ही ऑटो पलट गया और अनीता की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिली थी देर रात करीब 1:30 बजे लोगों ने सड़क किनारे अनीता का शव पड़ा देखा। थोड़ी दूरी पर ऑटो पलटा हुआ था। यह देखकर लोगों को लगा कि एक्सीडेंट हुआ है। घरवालों और पुलिस को भी एक्सीडेंट की सूचना मिली। जब वे मौके पर पहुंचे तो अनीता के शरीर पर एक्सीडेंट की चोट नहीं थी। इसलिए परिजनों ने कहा कि अनीता की हत्या हुई है। कार्रवाई की मांग को लेकर परिजन एसएसपी कार्यालय पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने मुकेश झा, उसके बेटे शिवम झा और बहनोई मनोज झा के खिलाफ केस दर्ज किया। शिवम और मनोज को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जबकि मुकेश फरार हो गया। उस पर एसएसपी ने 25 हजार का इनाम घोषित किया था। शनिवार को मुकेश मुठभेड़ में पकड़ा गया। अब पढ़िए ऑटो ड्राइवर बनने की कहानी अनीता चौधरी एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती थी। उसने 15 साल तक काम किया। 2020 में उसकी सुपरवाइजर से कहासुनी हो गई। गुस्से में सुपरवाइजर ने कहा- कल से मत आना। यह बात अनीता को बुरी लगी और उसने नौकरी छोड़ दी। अनीता के पति द्वारका चौधरी बस स्टैंड के पास ठेला लगाते हैं, जिससे घर का खर्च नहीं चलता था। तब अनीता बच्चों को लेकर महाराष्ट्र चली गई। वहां गए 10-15 दिन ही हुए थे कि कोरोना की वजह से लॉकडाउन की चर्चा होने लगी। वहां नौकरी भी नहीं मिली, इसलिए वह घर लौट आई। महाराष्ट्र से लौटने के बाद अनीता के घर के हालात और बिगड़ गए। तब उसने फाइनेंस पर ऑटो लेकर चलाने का प्लान बनाया। कोई बैंक लोन देने को तैयार नहीं था, लेकिन एक निजी बैंक ने लोन देने की हामी भरी। जब बैंक के अधिकारी घर आए तो पति ने आधार कार्ड और अपने बैंक खाते की जानकारी देने से मना कर दिया। घरवाले अनीता के ऑटो चलाने का विरोध कर रहे थे। अनीता ने किसी तरह कागजात पूरे किए। 18 फरवरी 2021 को उसने फाइनेंस पर नई ऑटो खरीदी। अनीता को ऑटो चलाना नहीं आता था। पड़ोसी ऑटो ड्राइवर ने उसे ऑटो चलाना सिखाया। इस तरह अनीता झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर बन गई। DIG से लेकर कई संस्थाएं कर चुकी थीं सम्मानित अनीता के जज्बे की हर तरफ तारीफ होती थी। 13 दिसंबर 2021 को उसे तत्कालीन डीआईजी जोगेंद्र सिंह सहित कई संस्थाओं ने सम्मानित किया था। अनीता ने अपनी ऑटो के आगे पोस्टर भी लगाए थे, जिन पर लिखा था- जनपद झांसी पुलिस, झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर। पुरुष और महिला एक समान, जन-जन का हो यही आह्वान। पुलिस अफसरों के नंबर भी लिखे थे। अनीता से प्रेरणा लेकर अब कई महिलाएं ऑटो और ई-रिक्शा चला रही हैं।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:43 am

बंगाल से वृंदावन पहुंची हिंदू गर्जना यात्रा:बेल्जियम और ऑस्ट्रिया में भी खड़ा होगा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति का आंदोलन,बांग्लादेश में हिंसा का शिकार बने हिंदुओं को दी श्रद्धांजलि

श्रीकृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण से जुड़े श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन में शुक्रवार को एक नया अध्याय जुड़ गया। हिंदू पक्षकार एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट की अगुआई में चल रहे आंदोलन को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती मिलने लगी है। बेल्जियम और ऑस्ट्रिया से आए संतों ने श्रीधाम वृंदावन में शपथ लेकर अपने-अपने देशों में श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए आंदोलन खड़ा करने का संकल्प लिया। बंगाल से वृंदावन पहुंची हिंदू गर्जना यात्रा के यात्रियों ने बंगाल में हिंदुओं को जागरूक और एकजुट करने का प्रण लिया। चेतना यात्रा का किया स्वागत वृंदावन परिक्रमा मार्ग स्थित श्री राधाकृष्ण कृपा धाम में आयोजित कार्यक्रम में बंगाल से आई हिंदू चेतना यात्रा का स्वागत किया गया। यह यात्रा स्पेन के संत स्वामी उमेश योगी जी महाराज के संरक्षकत्व में तथा बेल्जियम से आए संत अनूप जी महाराज के सानिध्य में पहुंची थी। इस अवसर पर महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा कि वर्तमान में एक दर्जन से अधिक देशों में श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए आंदोलन चल रहा है और अब बेल्जियम तथा ऑस्ट्रिया के संतों के जुड़ने से न्यास के संघर्ष को नई शक्ति मिली है। गर्भ गृह पर होगा भव्य मंदिर का निर्माण महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने यात्रियों को संबोधित करते हुए श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर को तोड़े जाने और उसके स्थान पर निर्माण के ऐतिहासिक घटनाक्रम की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बंगाल में बढ़ती घुसपैठ और उसकी कार्यप्रणाली पर चिंता व्यक्त करते हुए वहां के हिंदुओं को संगठित कर सनातन को सशक्त करने का आह्वान किया। उन्होंने दोहराया कि ईदगाह मस्जिद हटेगी और भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य स्थल, मूल गर्भगृह पर भव्य मंदिर का निर्माण होकर रहेगा। बेल्जियम से समर्थन देने भारत आए संत स्पेन के संत स्वामी उमेश योगी महाराज ने कहा कि वह महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट के साथ हैं और श्रीकृष्ण जन्मभूमि को मुक्त कराकर रहेंगे। बेल्जियम से आए संत अनूप महाराज ने कहा कि वे विशेष रूप से इस आंदोलन को समर्थन देने के लिए भारत आए हैं और बेल्जियम में भी एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। ऑस्ट्रिया के संत भुवन महाराज ने भी आश्वस्त किया कि ऑस्ट्रिया से इस संघर्ष में सक्रिय भागीदारी की जाएगी। बांग्लादेश हिंसा में शिकार हुए हिंदुओं को दी श्रद्धांजलि हरियाणा के महेंद्रगढ़ से आए भगवताचार्य दास मोहित कौशिक महाराज ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए सभी सनातनियों को एकजुट होना होगा और श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के बैनर तले कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा। कथावाचक श्यामसुंदर बृजवासी ने तीर्थयात्रियों को हिंदू एकता का संदेश दिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे चिंतामणि कुंज के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर डॉ. आदित्यानंद जी महाराज ने महेंद्र प्रताप सिंह को आशीर्वाद देते हुए कहा कि सभी हिंदुओं को तन-मन से उनका साथ देना चाहिए, क्योंकि वे श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के साथ-साथ सनातन धर्म की रक्षा के लिए देश-विदेश में निरंतर कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में बांग्लादेश में हिंसा का शिकार हुए हिंदुओं को श्रद्धांजलि दी गई।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:42 am

आक्रोशित लोगों ने कलेक्ट्रेट का किया घेराव:10 चोरियों में 1.75 करोड़ का सोना, 16 लाख की चांदी ले गए, 5 माह बाद भी खुलासा नहीं

शहर के जूना किराड़ू मार्ग स्थित माजीसा मंदिर में हुई चोरी के 10 दिन बाद भी चोरों की गिरफ्तारी नहीं होने के विरोध में माताराणी भटियाणी चेरिटेबल संस्थान के नेतृत्व में शहरवासियों और भक्तों द्वारा शुक्रवार को आक्रोश रैली का आयोजन किया गया है। पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली से गुस्साए शहरवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। शुक्रवार को भाजपा नेताओं और काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ आक्रोश रैली निकाली। माजीसा मंदिर से शुरू हुई आक्रोश रैली में महिलाएं, युवतियां और पुरुष हाथों में पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद और चोरों को गिरफ्तार करो की तख्तियां लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। लेकिन पुलिस ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया। पुलिस प्रशासन द्वारा रोकने पर शहरवासियों ने कलेक्ट्रेट के आगे ही धरने पर बैठ गए। आक्रोशित शहरवासियों के शिष्ट मंडल ने मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। आक्रोश रैली में पूर्व सभापति लूणकरण बोथरा, एडवोकेट अमृत जैन, लूणसिंह झाला, प्रवीण सेठिया, रतनलाल बोहरा, संजय पारसमल, गौतमचंद बोथरा, वीरचन्द वडेरा, अशोक भूणिया, मोतीसिंह मारुड़ी, सतीश सोनी, छगन बोथरा, केवलचंद भंसाली, प्रकाश सेठिया, उपाध्यक्ष मुरलीधर संखलेचा सहित माजीसा ट्रस्ट मंडल के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में मातृशक्ति व युवा मौजूद रहे। शहर में पांच माह में 10 से अधिक चोरियां हुईं, इनमें से एक का भी खुलासा नहीं हुआ। इन चोरियों में चोर करीब पौने दो करोड़ के सोने के जेवरात, 16 लाख से अधिक की चांदी व नकदी ले गए है। दस दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है चोर जूना किराड़ू मार्ग स्थित माजीसा माता मंदिर में 29 दिसंबर 2025 की रात करीब 2 बजे नकाबपोश चोरों ने माजीसा के 23 तोला सोना और चांदी के गहने पार किए थे। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद होने के बावजूद पुलिस अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। भाजपा नेता स्वरूपसिंह खारा ने कहा कि माजीसा मंदिर लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र है। चोरी के दिन ही एसपी-कलेक्टर से बात कर स्पेशल टीम बनाने की मांग की थी। अधिवक्ता मुकेश जैन ने कहा कि 10 दिन का समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस अब तक चोरों को पकड़ नहीं पाई है। अगले 3 दिनों में आभूषण बरामदगी और खुलासा नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने को मजबूर होंगे। अगस्त में 1, अक्टूबर में 4 व दिसम्बर में 5 चोरियां अगस्त 2025 से 16 दिसम्बर तक शहर में 10 चोरियां हुई। चोरों ने 19 अगस्त को एक ही रात में 5 घरों के ताले तोड़े। 10 तोला सोना, 4 किलो चांदी और नकदी चुराई। 2 अक्टूबर को संजय सिंह राजपुरोहित के मकान में 40 तोला सोना और नकदी की चोरी की। 3 अक्टूबर को गडरारोड मार्ग पर चोरों ने बंद मकान से 26 लाख रुपए के आभूषण, 6 अक्टूबर को मधुबन कॉलोनी में 10 तोला सोना, 45 हजार रुपए तथा घर में रखी बाइक चोरी की। 18 अक्टूबर को कृषि मंडी में 4 चोरों ने 15 दुकानों के ताले तोड़े,1 दिसंबर को लक्ष्मीपुरा में 4 बंद मकानों के ताले तोड़े। 5 दिसंबर को पुखराज के घर में 9 तोला सोना, 2.50 किलो चांदी, 3.70 लाख रुपए की चोरी की। 9 दिसंबर को बंद मकान के ताले तोड़कर चोरी की और 16 दिसंबर तेजमल के घर से 30 चांदी के सिक्के चुराए। 29 दिसम्बर को माजीसा मंदिर से 23 तोला सोने चांदी के आभूषण चोर ले गए।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:41 am

मां की हत्या करने वाले का बेटी से अफेयर था:मेरठ में दोनों को स्कूल से निकाला गया; 3 पंचायत के बाद भी नहीं सुधरे

पारस-रुबी का पिछले 3 साल से अफेयर था। दोनों एक-दूसरे से मिलते थे, पसंद करते थे। उनके अफेयर की चर्चा पूरे गांव में थी। दो बार गांव में ही इसको लेकर बवाल और पंचायत भी हो चुकी है। दोनों गांव के ही इंटर कॉलेज में एक साथ एक ही क्लास में पढ़ते थे। वहीं से दोनों की दोस्ती और फिर मोहब्बत शुरू हुई। दोनों का पढ़ने में मन नहीं लगता था। पढ़ाई में बहुत कमजोर थे। दोनों 10वीं के बाद स्कूल से निकाल दिए गए। स्कूल टीचर ने खुद दोनों को कई बार समझाया, लेकिन नहीं माने। यह कहना है कपसाड़ गांव के लोगों का। लोग बताते हैं- पूरे गांव में इसकी चर्चा थी। इसीलिए लड़की की शादी भी दूसरी जगह तय कर दी गई थी। लेकिन, तभी ये सब हो गया। बेटी के प्यार के चक्कर में मां बेमतलब में मारी गई। दरअसल, मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में दलित लड़की को ठाकुर बिरादरी का युवक दिनदहाड़े उठाकर ले गया। लड़की को बचाने आई बुजुर्ग मां को युवक ने धारदार हथियार मारकर उसकी हत्या कर दी। इस कांड ने पूरे इलाके को दहला दिया। इस पूरी घटना के पीछे का कारण जानने के लिए जब दैनिक भास्कर की टीम ग्राउंड पर पहुंची। कपसाड़ गांव मेरठ से 30 किमी दूर है। लड़का-लड़की के घर के बीच की दूरी 1 किमी है। टीम ने मौके पर पहुंचे कर सारा सच जाना। पढ़िए पूरी रिपोर्ट... सबसे पहले जानिए पूरा मामला रूबी ने ढाई साल पहले छोड़ दी थी पढ़ाईकपसाड़ गांव में रहने वाले सत्येंद्र कुमार मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार में पत्नी सुनीता के अलावा तीन बेटे और एक बेटी रुबी (20) है। रुबी के सबसे बड़े भाई की शादी हो चुकी है। वह बाहर काम करता है, जबकि उसकी पत्नी और दो बेटियां गांव में ही रहती हैं। दूसरे नंबर पर एक और भाई है, उसकी भी शादी हो चुकी है। वह परिवार के साथ गांव में ही रहता है। तीसरे नंबर पर रूबी है। इसके बाद चौथे नंबर पर एक छोटा भाई है। इन दोनों की अभी शादी नहीं हुई है। गरीब होने के कारण रूबी ने करीब ढाई साल पहले पढ़ाई छोड़ दी थी। फिलहाल, परिवार में उसके रिश्ते को लेकर बातचीत चल रही थी। 8 जनवरी की सुबह रूबी अपनी मां सरिता के साथ खेत पर अपने पिता सतेंद्र के पास जा रही थी। दोनों को वहां नरेंद्र के खेत में गन्ने की छिलाई करनी थी। गांव से बाहर जंगल के पास पहुंचते ही उन्हें पारस राजपूत नाम का गांव का ही रहने वाला लड़का मिला। सफेद रंग की ऑल्टो कार से लेकर भागापारस, रूबी को उठाकर ले जाने लगा, तो रूबी की मां सुनीता चीखने-चिल्लाने लगी। इतने में पारस ने दरांती से सुनीता के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए और रूबी को लेकर भाग गया। सरिता वहीं लहूलुहान हालत में गिर पड़ी। इसी बीच उनकी चीख सुनकर आसपास के लोग दौड़कर आए। अस्पताल ले गए, जहां 8 जनवरी की शाम 5 बजे सुनीता ने दम तोड़ दिया। वहीं, रूबी और पारस सफेद रंग की ऑल्टो कार से भाग गए। इसके बाद से दोनों का अब तक कोई पता नहीं चल रहा। पारस के 3 मोबाइल नंबर हैं और तीनों बंद हैं। रूबी के पास फोन नहीं है। दोनों की लास्ट लोकेशन कैली गांव मिली। पुलिस ने सरधना, ठाकुर चौबीसी, दौराला और कैली गांव तक दबिश दी। 200 से ज्यादा सीसीटीवी खंगाले, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। अब जानिए आरोपी के बारे में पारस कपसाड़ गांव का रहने वाला है। वह गांव में ही एक डॉक्टर के यहां कंपाउंडर है। पारस और रूबी दोनों पहले से एक-दूसरे को अच्छी तरह से जानते हैं। 3 साल से उनका अफेयर चल रहा था। पारस के परिवार में पिता, माता, दादा और दादी हैं। वह तीन भाइयों में सबसे छोटा है। तीनों भाइयों की अभी शादी नहीं हुई है। घटना के बाद से पारस के माता-पिता और दोनों भाई फरार हैं, जिनका अभी तक पता नहीं चल सका है। वहीं, पुलिस ने पूछताछ के लिए उसके दादा-दादी को कोतवाली में बैठा रखा है। अब पढ़िए गांव वालों ने जो बताया.. दलित लड़की को जिस तरह ठाकुर बिरादरी का युवक किडनैप कर ले गया, उसकी मां की हत्या कर दी। इस घटना से गांव में गुस्सा है। पूरे मामले को जातीय रंग भी दिया जा रहा। भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस, आसपा, भीम आर्मी, भाकियू, आप से लेकर सभी दलों के नेता पीड़ित परिवार से मिलने पहुंच रहे हैं। उनके लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। तमाम दलित राजनीतिक संगठन भी मामले में गांव में आ रहे हैं। 3 साल से पारस-रूबी का अफेयर थापारस-रुबी को लेकर क्यों और कैसे गया? इस पर गांव के लोग ऑन कैमरा कुछ भी बताने से बच रहे हैं। पड़ोसियों ने साफ कहा- चाहे हम ठाकुर हैं या दलित, हम जिस पक्ष की बात कहेंगे, उसके बुरे बन जाएंगे। हम इसे खराब करना नहीं चाहते। ऑफ रिकार्ड लोगों ने बताया कि पारस और रूबी का पिछले 3 साल से अफेयर था। दोनों एक-दूसरे से मिलते थे। पसंद करते थे। उनके अफेयर की चर्चा पूरे गांव में थी। दोनों को 10वीं के बाद स्कूल से निकाला दिया गया थागांववालों ने बताया- कई बार गांव में दोनों के अफेयर को लेकर बवाल हुआ। पंचायत कराकर मामला शांत करा दिया जाता। इसके बावजूद दोनों को कोई फर्क नहीं पड़ता। दोनों के घरवाले शादी को लेकर तैयार नहीं थे, क्योंकि दोनों अलग बिरादरी से थे। ऑफ कैमरा लोगों ने बताई पूरी कहानीलोगों ने बताया- पारस और रूबी गांव के ही इंटर कॉलेज में एक साथ एक क्लास में पढ़ते थे। वहीं से दोनों की दोस्ती और फिर मोहब्बत शुरू हुई। दोनों ही 10वीं के बाद स्कूल से निकाल दिए गए। स्कूल टीचर ने खुद दोनों को कई बार समझाया, लेकिन नहीं माने। इस पर उनका नाम स्कूल से काट दिया और टीसी दे दी थी। गांव में 3 बार हुई पंचायतपारस और रूबी स्कूल से नाम कटने के बाद भी एक-दूसरे से मिलते थे। गांव में दोनों के रिश्ते को लेकर 3 बार पंचायत बैठ चुकी है। तीनों बार पंचायत ने फैसला कराया। इसमें दोनों परिवारों से कहा गया कि अपने-अपने बच्चों को समझाएं। पिछली पंचायत में भी ये तय हो गया था कि दोनों परिवार अपने बेटा-बेटी को थामकर रखेंगे। दोनों मिलेंगे नहीं और रूबी का परिवार बेटी की शादी कर देगा। अप्रैल में होनी थी रूबी की शादीपंचायत के फैसले के बाद से ही रुबी का परिवार उसके लिए रिश्ता देख रहा था। हाल में ही उसकी शादी तय हुई थी। अप्रैल में ही उसकी शादी थी। 8 जनवरी को जब ये घटना हुई, उसी दिन रूबी की शादी की डेट फिक्स होनी थी। पिता ने कहा- मुहूर्त निकलवाने जा रहे थे, ये हो गयाकिडनैप हुई बेटी के पिता सत्येंद्र कहते हैं- हम तो बेटी की शादी की तारीख का मुहूर्त तय करने वाले थे, लेकिन दरिंदों ने हमारी खुशी को मातम में बदल दिया। पहले बेटी की शादी 2 मई को तय थी, लेकिन अप्रैल में मुहूर्त निकलवाने की तैयारी कर रहे थे। उसी के लिए आज बात करनी थी। इससे पहले ही सब उजड़ गया। अब हमारे पास कुछ भी नहीं बचा। बेटी को लापता हुए 24 घंटे से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिला है। वहीं, प्रशासन ने पिता सत्येंद्र को 10 लाख का चेक 9 जनवरी की शाम को दिया। इसके बाद घरवाले सुनीता का अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। करीब 30 घंटे बाद सुनीता का अंतिम संस्कार किया गया। परिवार ने प्रशासन के सामने 4 मांगें रखीं 10 जनवरी को गांव आएंगे चंद्रशेखरइस मामले में 10 जनवरी नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद मेरठ कपसाड़ गांव पहुंचेंगे। उनके साथ रविंद्र सिंह भाटी भी आएंगे। वहीं, कांग्रेस से प्रदीप नरवाल भी पीड़ित परिवार से मिलने आएंगे। ठाकुर चौबीसी में आता है कपसाड़जिस गांव में ये विवाद हुआ, वो ठाकुर चौबीसी में आता है। सरधना विधानसभा क्षेत्र के ठाकुर चौबीसी का मतलब यहां ठाकुर बाहुल्य 24 गांव हैं। यहां सबसे ज्यादा वोट ठाकुरों के हैं। भाजपा के फायरब्रांड नेता और सरधना से पूर्व विधायक संगीत सोम के प्रभाव वाले ये गांव हैं। आरोपी पारस भी ठाकुर बिरादरी से है। गांव में पिछले दिनों सम्राट मिहिर भोज के नाम वाला बोर्ड लगाने और फिर उसे उतारने पर विवाद हुआ था। तब गुर्जर और राजपूत दोनों बिरादरियों में टकराव हुआ था। गांव में 200 परिवार दलितों के हैं और 600 से ज्यादा परिवार ठाकुरों के रहते हैं। मेरठ के एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया- दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें एक पारस और दूसरा उसका दोस्त सुनील है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। गांव में शांति व्यवस्था बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौके पर तैनात हैं। अब तक की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी युवक और युवती पहले से एक-दूसरे को जानते थे। मामले की जांच जारी है और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें... पिता बोले-बेटी की शादी तय थी, दरिंदा उठा ले गया:मेरठ में 30 घंटे बाद उठी दलित महिला की अर्थी; अखिलेश ने 2 लाख दिए मेरठ में दलित महिला की हत्या कर उसकी बेटी को अगवा करने के मामले ने शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने महिला के शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। आरोपी कंपाउंडर की गिरफ्तारी और लड़की की सकुशल बरामदगी तक अर्थी न उठाने पर अड़ गए। पढे़ं पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:41 am

संगम नगरी में इतराती 6 हजार नावों का ड्रोन VIDEO:रंग-बिरंगे झंडे लगाए; पिंटू महरा जैसी कमाई के लिए बाहर से भी आए नाविक

प्रयागराज में माघ मेला चल रहा है। गंगा-यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में करीब 6 हजार नावें चल रही हैं। महाकुंभ में पिंटू महरा ने नावें चलवाकर करीब 30 करोड़ रुपए कमाए थे। पिंटू जैसी कमाई करने की आशा में तमाम नाविक बाहर से भी आए हैं। ड्रोन VIDEO देखिए...

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:40 am

अखिलेश हिट, चंद्रशेखर टांय-टांय फिस्स:ठंडी में गर्मा गए केशव, UP में 'फोटो खिंचाओ-50 रुपए पाओ स्कीम

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दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:39 am

UP में बिहार जैसा ट्रेंड, तो 42-लाख नाम और जुड़ेंगे:79.52-लाख वोटरों को नहीं ढूंढ सके BLO, अब भी जुड़वाएं नाम

उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद वोटरों की जारी की गई सूची में 2.89 करोड़ के नाम कट गए। इनमें करीब 46.23 लाख मृत और 25.47 लाख डुप्लीकेट वोटर थे। 1.29 करोड़ मतलब 8.40% वोटर स्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं। जबकि, 79.52 लाख मतदाता अनट्रेसेबल रहे। यानी बीएलओ इन मतदाताओं को ढूंढ नहीं पाए। 7.74 लाख नाम अन्य कारणों से हटे हैं। चुनाव आयोग ने सूची से बाहर किए गए लोगों को एक मौका दिया है। एक महीने तक चलने वाली दावा-आपत्ति की प्रक्रिया में शामिल होकर वे वोटर बन सकते हैं। यूपी समेत 12 राज्यों में हो रहे SIR से पहले यह प्रक्रिया बिहार में हुई थी। यूपी-बिहार की तासीर एक जैसी मानी जाती है। दोनों के सामाजिक और आर्थिक हालात भी कमोबेश एक जैसे हैं। पलायन दोनों प्रदेशों की एक समान मजबूरी है। ऐसे में अगर बिहार के ट्रेंड को यूपी के परिदृश्य में समझें तो क्या तस्वीर बनेगी? फरवरी में जो अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी, उसमें कितने वोटर और बढ़ेंगे? दावा-आपत्ति के बाद कितने और नाम कटेंगे? पढ़िए दैनिक भास्कर का यह एनालिसिस… बिहार विधानसभा से पहले जुलाई में SIR की प्रक्रिया शुरू की गई थी। SIR से पहले बिहार में 24 जून, 2025 को 7.89 करोड़ वोटर थे। लेकिन SIR की प्रक्रिया के बाद 1 अगस्त को जो अंतरिम सूची जारी हुई, उसमें 65.64 लाख मतदाताओं के नाम कट गए। मतलब, बिहार में 8.32% वोटरों के नाम कटे थे। इस पर बिहार में काफी हल्ला मचा था। कांग्रेस ने तो SIR को मुद्दा बनाते हुए पूरे प्रदेश में यात्रा तक निकाली थी। हालांकि, चुनाव परिणाम आने के बाद SIR के मुद्दे की हवा निकल चुकी थी। खैर, हम बिहार के राजनीतिक एंगल को छोड़कर सिर्फ SIR के ट्रेंड को पकड़कर यूपी के परिदृश्य में आगे बढ़ते हैं। बिहार की तुलना में यूपी में SIR से पहले 15.44 करोड़ वोटर थे। यह बिहार के SIR से पहले के वोटरों की तुलना में 1.96 गुना ज्यादा है। अब SIR के बाद अंतरिम सूची में कटे वोटरों की संख्या की तुलना करते हैं। बिहार में 8.32% वोटरों के नाम कटे थे। जबकि यूपी में यह आंकड़ा 18.70% है, जो बिहार की तुलना में यूपी में 2.25 गुना अधिक है। दावा-आपत्ति के बाद बिहार में 21.53 लाख नए नाम जुड़े थेSIR प्रक्रिया के बाद वोटर लिस्ट से बाहर रह गए वोटरों के लिए फॉर्म-6 भरकर वोटर बनने का मौका दिया गया है। मतलब, ऐसे वोटर चुनाव आयोग के बताए 12 दस्तावेजों के आधार पर फिर से वोटर बन सकते हैं। बिहार में दावा-आपत्ति की प्रक्रिया के बाद इसी तरह 21.53 लाख नए नाम जुड़े थे। राजनीतिक विशेषज्ञ कहते हैं कि बिहार और उत्तर प्रदेश में SIR प्रक्रिया समान है, लेकिन डिलीशन का प्रतिशत अलग-अलग है। बिहार में 8.32% तो यूपी में 18.70% है। इसलिए नए नाम जुड़ने का ट्रेंड पूरी तरह एक जैसा नहीं हो सकता। विशेषज्ञ कहते हैं कि बड़े डिलीशन वाले राज्यों में दावा-आपत्ति के दौरान ज्यादा री-इनक्लूजन (गलत हटाए गए नाम वापस जोड़ना) और नए रजिस्ट्रेशन हो सकते हैं। फिर भी, अगर हम बिहार की तरह ही यूपी में ट्रेंड मानकर गणना करें तो यूपी में 48.44 लाख नए नाम और जुड़ेंगे। दावा-आपत्ति के दौरान बिहार में 3.66 लाख कटे थे नामयूपी में 6 जनवरी से 6 फरवरी तक दावा-आपत्ति करने का मौका दिया गया है। इस दौरान जो नाम वोटर लिस्ट में प्रकाशित हो चुका है, उस पर भी आपत्ति दर्ज कराने का मौका रहेगा। मतलब, राजनीतिक दलों की ओर से नियुक्त बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) या उस बूथ का कोई सामान्य नागरिक किसी नाम पर आपत्ति करता है, तो उसे भी हटाया जाएगा। लेकिन, इससे पहले उस व्यक्ति को नोटिस जारी करके अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा। बिहार में इसी तरह की एक महीने की दावा-आपत्ति की प्रक्रिया के दौरान 3.66 लाख नाम और कटे थे। बिहार में SIR की प्रक्रिया के बाद अंतरिम सूची में 7.24 करोड़ वोटर बचे थे। इसमें से भी दावा-आपत्ति के बाद 3.66 लाख और कम हो गए थे। जबकि यूपी में SIR की अंतरिम सूची के बाद 12.55 करोड़ वोटर बचे हैं। बिहार जैसा ही ट्रेंड रहा, तो यूपी में भी 6.40 लाख वोटरों के नाम और कट सकते हैं। यूपी में 42.04 लाख वोटर और बढ़ सकते हैंमतलब, दावा-आपत्ति के बाद जहां 48.44 लाख वोटरों के नाम और जुड़ सकते हैं। वहीं, 6.40 लाख के नाम और कट सकते हैं। इस तरह नेट 42.04 लाख वोटर बढ़ सकते हैं। 6 फरवरी के बाद प्रकाशित होने वाली अंतिम सूची में यूपी में लगभग 12.97 करोड़ मतदाता हो सकते हैं। SIR की ड्राफ्ट लिस्ट के बाद आपके सवाल और उनके जवाब ड्राफ्ट सूची में नाम कैसे चेक करें? ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम न हो तो क्या करें? कौन-सा फॉर्म कब भर सकते हैं, क्या ऑनलाइन भी भर सकते हैं? आवेदन पत्र कहां से मिलेंगे, कहां जमा होंगे? पहली बार वोट डालने के योग्य हुए तो क्या करें? फॉर्म भरकर जमा करने के बाद क्या होगा? क्या ड्राफ्ट सूची के नाम भी कट सकते हैं? ---------------------- ये खबर भी पढ़ें- यूपी के मुस्लिम बहुल जिलों में 20% वोटर कम हुए, लखनऊ में 12 लाख नाम कटे; टॉप-10 जिले, जहां सबसे ज्यादा असर यूपी में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट जारी हो गई है। इसमें 2.89 करोड़ (18 फीसदी) नाम कट गए हैं। सबसे ज्यादा राजधानी लखनऊ के वोटरों के नाम कटे हैं। यहां 30.05 फीसदी तक वोट कट गए। पहले यहां 39.94 लाख वोटर थे, अब 27.94 लाख ही बचे हैं। यानी करीब 12 लाख वोटरों के नाम कटे। पढ़िए पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:39 am

जाट महिला शक्ति संगम का आयोजन:महिलाएं सुनाएंगी अलग-अलग क्षेत्र में मिली सफलता की कहानियां, व्यापार-रिसर्च के होंगे सत्र, महापुरुषों की मां के नाम से देंगे पुरस्कार

राष्ट्रीय बालिका दिवस पर 24 जनवरी को राजस्थान विधानसभा के कांस्टीट्यूशन क्लब में जाट महिला शक्ति संगम का आयोजन होगा। पहली बार समाज की कर्मशील माताओं के नाम पर भक्त शिरोमणि करमा बाई, महारानी किशोरी देवी जैसे कई अवॉर्ड विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली बेटियों को दिए जाएंगे। कार्यक्रम में हर जिले से महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे मुख्य अतिथि होंगी। शिक्षित महिला,सशक्त समाज की श्रृंखला में जाट समाज की ओर से यह नारी सशक्तीकरण का दूसरा कार्यक्रम है। इस बार प्रत्येक जिले से समाज की आम और खास महिलाएं इसमें शिरकत करेंगी। कार्यक्रम संयोजक लक्ष्मी हरिराम किवाड़ा ने बताया कि समारोह में जाट समाज की देश और विदेश से शिक्षित और सशक्त महिलाएं शामिल होंगी, जो समाज की दशा और दिशा पर चिंतन-मंथन के साथ ही समाज व राष्ट्र उत्थान के विभिन्न विषयों पर संवाद और विजन प्रस्तुत करेंगी। जाट महिला स्मारिका भी प्रकाशित की जाएगी। साथ ही जाट समाज के गौरवशाली अतीत, वर्तमान और स्वर्णिम भविष्य को लेकर डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रसारण भी किया जाएगा। आयोजन के लिए अलग-अलग कमेटियां गठित की गई है। सभी 41 जिलों से जाट महिला शक्ति संगम का प्रतिनिधिमंडल शामिल होना सुनिश्चित किया है । संगम में शिक्षा, विकास, सामाजिक सरोकारों में सहभागिता, पुलिस, सेना और प्रशासनिक सेवाओं में भागीदारी, एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ाने, खेल प्रतियोगिताओं प्रोत्साहन देने, बिजनेस में भागीदारी बढ़ाने, कला और संस्कृति के संरक्षण संवर्धन, वकालत और न्याय क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने, चिकित्सा और इंजीनियरिंग में नवाचार और अनुसंधान बढ़ाने जैसे विभिन्न विषयों पर अलग-अलग सेशन होंगे। मातृ शक्ति पुरस्कार से करेंगे सम्मानित सत्यवादी वीर तेजाजी की मां रामकंवरी, लोक देव श्री राला बाबा बाबा महाराज की मां अणची देवी, भक्त शिरोमणि श्री धन्नाजी की मां गंगा देवी, संत साध्वी कर्मा बाई, राम भक्त रानाबाई, भक्त शिरोमणि फूलां बाई, महाराजा सूरजमल की मां रानी देवकी, महाराजा सवाई जवाहर सिंह की मां महारानी किशोरी देवी, अमर शहीद भगत सिंह की मां विद्यावती, भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की मां नेत्र कौर, शिक्षा संत स्वामी केशवानंद की मां सारां देवी, चौधरी सर छोटू राम की मां हरकी देवी, चौधरी कुंभाराम आर्य की मां मांगू देवी समेत अनेक मातृ शक्ति के नाम से विभिन्न श्रेणी के पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:39 am

खूनी शादी 3:देवर के प्यार में पागल थी, पति को मारकर घर में दफनाया; सब भूल गए थे, लेकिन 4 साल बाद पकड़ी गई

अप्रैल 2022, मुनीराज जी. को गाजियाबाद का SSP बनाया गया। चार्ज संभालते ही ऐसे सभी मामलों की फाइलें निकलवाईं, जो अनसुलझे रह गए थे। उन्हीं में एक फाइल निकली चंद्रवीर सिंह की… गुमशुदगी का मामला था। फाइल पढ़ी तो दिमाग की नसें फड़कने लगी। केस में कई सिरे नजर आए, हादसा… शराब के नशे में दोस्तों से झगड़ा, जमीन का खेल। जांच हुई तो पूरा मामला ही पलट गया।​​​ खूनी शादी के तीसरे एपिसोड में कहानी गाजियाबाद के चंद्रवीर और सविता की। 15 साल छोटी बीवी, देवर के प्यार में इतनी पागल हुई कि पति को ही मार दिया। सब ठीक चल रहा था। लोग भूल गए थे, लेकिन 4 साल बाद ऐसे खुला सच... साल 2003, गाजियाबाद का सिकरोड़ गांव। कुछ दिन की बीमारी के बाद चंद्रवीर सिंह की पत्नी की मौत हो गई। घर में अचानक सन्नाटा पसर गया। खेती-किसानी करने वाला चंद्रवीर दिनभर घर से बाहर रहने लगा। कभी देर-सबेर लौटते तो कभी खलिहान या चौपाल पर ही सो जाता। गांव में कानाफूसी शुरू हो गई- “औरत के बिना घर उजाड़ ही रहता है। अब देख लो चंद्रवीर की हालत…।” दोस्त-रिश्तेदार दूसरी शादी के लिए कहने लगे। एक दिन बड़े भाई भूरा सिंह ने चंद्रवीर से कहा- “अब तो गांव में भी बातें होने लगी हैं। ऐसे कब तक चलेगा चंद्रवीर?” चंद्रवीर चुप रहा। नजरें झुकी हुई थीं। भूरा सिंह ने फिर कहा- “घर सूना लगता है, दूसरी शादी कर लो।” चंद्रवीर पहले हिचकिचाया। फिर धीरे से बोला- “कुछ दिन से मैं भी यही सोच रहा हूं, भइया।” भूरा सिंह- “तो फिर देर नहीं करनी चाहिए। दो-एक लोगों ने पूछा था, मैं बात आगे बढ़ाता हूं।” साल 2004, चंद्रवीर की दूसरी शादी हो गई। पत्नी सविता की उम्र काफी कम थी। इस वजह से स्वभाव में थोड़ी चंचलता होना भी लाजिम था। नई दुल्हन के आने से घर में फिर रौनक लौट आई। चंद्रवीर खेत से लौटता तो सविता इंतजार कर रही होती। उसके आते ही चाय-पानी पूछती। एक-दूसरे की सलाह से घर-दुआर का काम चलने लगा। चंद्रवीर की जिंदगी दोबारा पटरी पर आ गई। साल 2006, चंद्रवीर खेत से लौटा तो आंगन में कुछ अलग ही हलचल थी। सविता बार-बार कमरे में जाती, फिर बाहर आती। उसके चेहरे पर अजीब सी चमक थी। चंद्रवीर ने पूछा- “क्या बात है, कुछ हुआ है क्या?” सविता ने पहले कुछ नहीं कहा, बस मुस्कुराती रही। फिर पास आकर धीरे से बोली- “एक बात कहूं…” चंद्रवीर हाथ-मुंह धो रहा था। उसने घूमकर सविता की तरफ देखा। “कहो न, ऐसी क्या बात है?” सविता ने उसकी तरफ देखा, फिर नजरें झुका लीं और धीरे से बोली- “आप पापा बनने वाले हैं।” चंद्रवीर ठिठक गया। थोड़ी देर कुछ बोल नहीं पाया। फिर धीरे से कहा- “सच कह रही हो?” सविता मुस्कुराई, साड़ी का मुंह के सामने लाते हुए बोली- तो क्या झूठ बोल रही हूं। सोच रही थी कब बताऊं, कैसे बताऊं।” चंद्रवीर बेहद खुश था। भगवान ने उसका घर खुशी से भर दिया था। सविता इठलाते हुए बोली- “अब से ज्यादा देर इधर-उधर मत घूमना।” चंद्रवीर ने मुस्कुराकर कहा- “अब तो काम-धंधा बढ़ाना होगा। और मेहनत करनी पड़ेगी।” चंद्रवीर ने पहली बार महसूस किया कि अब उसका परिवार भी बढ़ रहा है। समय बीतता गया। साल 2013 में सविता दूसरी बार मां बनी। इस बार लड़का हुआ। सविता की जिंदगी पूरी तरह घर और बच्चों के इर्द-गिर्द घूमने लगी। चंद्रवीर खेतों में पहले से ज्यादा वक्त देने लगा। सुबह निकलता और देर शाम तक घर लौटता। साल 2016 में सविता को तीसरा बच्चा हुआ। लेकिन अब चंद्रवीर की आदतें बदलने लगी थीं। मेहनत और जिम्मेदारियों के तनाव में उसने शराब पीना शुरू कर दिया। पहले कभी-कभार, फिर रोजाना। शराब ने उसके स्वभाव में चिड़चिड़ापन भर दिया। कई बार नशे में सविता पर हाथ भी उठा देता। उस दिन चंद्रवीर नशे में धुत होकर देर रात घर लौटा। उससे ठीक से चला भी नहीं जा रहा था। चंद्रवीर ने दरवाजे की कुंडी खटकाई। दरवाजा खुला, सविता गुस्से में सामने खड़ी थी। “इतनी शराब पीकर मत आया करो। बच्चों के सामने अच्छा नहीं लगता।” चंद्रवीर ने घर में घुसते हुए तिरछी नजर डाली। बोला- “अब तू मुझे सिखाएगी?” सविता ने गुस्सा काबू करते हुए कहा- “सिखा नहीं रही हूं। बस समझा रही हूं। अब रोज का हो गया है ये सब…।” चंद्रवीर ठहाका मारकर हंसा। “अपनी कमाई का पीता हूं, तेरे बाप का क्या जाता है।” सविता थाली लाई और चंद्रवीर के सामने पटक दी। उसने घूरकर देखा, उसकी आवाज भारी हो गई। “ज्यादा दिमाग खराब हो रहा है तेरा… रां#% सा@।” सविता का धैर्य जवाब देने लगा था। वो भी तेज आवाज में बोली- “ए… गाली मत दे। दिनभर काम करूं, बच्चे संभालू, फिर तेरी गाली भी सुनूं?” चंद्रवीर ने पानी का गिलास एक ओर फेंक दिया, और चीखकर बोला- “गाली न दूं तो क्या आरती उतारूं तेरी? आदमी को सुकून से रोटी भी न खाने दे रही।” सविता- “आदमी को सुकून तब मिले जब इज्जत से घर आए। गिरता-पड़ता आएगा तो यही मिलेगा।” चंद्रवीर चारपाई से उठकर सविता के नजदीक आ गया। उसका मुंह दबाकर बोला- “बहुत जबान चलने लगी है तेरी…” सविता ने उसका हाथ झटक दिया और उसे धक्का देकर पीछे हटा दिया। अब चंद्रवीर का गुस्सा सातवें आसमान पर था। “हराम@#, कुति%… तेरी इतनी हिम्मत। तू मुझे धक्का देगी।” ताड़… ताड़… ताड़… सविता के मुंह पर तीन-चार थप्पड़ जड़ दिए और हांफता हुआ घर से बाहर चला गया। सविता वहीं कोने में पड़ी रोती रही। सविता अब पूरी तरह अकेली रहने लगी थी। घर की आवाजें चारदीवारी से बाहर जाने लगी थीं। चंद्रवीर का चचेरा भाई अरुण उससे 10 साल छोटा था। वो कभी-कभार मिलने या खेत-खलिहान के काम से घर आता रहता था। चंद्रवीर नशे का आदी हो चुका था। वो दिनभर बाहर रहने लगा। इस दौरान अरुण का आना-जाना कुछ बढ़ गया। शुरू में सब सामान्य था। देवर-भाभी खाली समय में बातचीत करते थे। सविता को लगने लगा कि कोई तो है उससे बात करने के लिए। एक शाम बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे। सविता आंगन में कुछ काम कर रही थी। थोड़े-थोड़ी देर में बच्चों को देख भी लेती थी। अरुण सीधे आंगन में चला आया। चारपाई पर बैठते हुए बोला- “भाभी, बच्चे बड़े हो गए हैं।” सविता ने उदास आवाज में कहा- “हां, और मैं बूढ़ी…।”अरुण ने हैरानी से देखा- “ऐसा मत कहो।” सविता अपने काम में उलझी हुई थी। उसने पलटकर अरुण की तरफ देखा, बोली- “दिन कब निकल जाता है पता ही नहीं चलता। सुबह उठो, खाना बनाओ, बच्चे संभालो… फिर खाओ-बनाओ, सो जाओ। उस आदमी का कोई ठिकाना नहीं…। कब आएगा, नहीं आएगा, कुछ अता-पता नहीं…। अरुण- “भाई साब अब रात को भी नहीं आते?” सविता कुछ नहीं बोली। अरुण भी चुप रहा, फिर बोला- “आपको बुरा लगता होगा।” सविता की आवाज तल्ख हो गई- “बुरा… अब आदत हो गई है। पहले डर लगता था, अब गुस्सा आता है।” अरुण ने धीरे से पूछा- “किस बात का डर, भाभी?”सविता- “इस बात का कि बच्चों के सामने कुछ कर बैठेंगे।”अरुण- “भाभी, मैं बड़े भाई साब से बात करूंगा। वो उन्हें समझाएंगे।” सविता ने तुरंत बात काट दी, बोली- “कितनी बार समझाया…। अब समझने की उमर निकल गई है।” अरुण ने धीरे से कहा- “आप कभी अपने बारे में नहीं सोचती?” सविता ने हंसकर कहा- “हम औरतों के पास अपने लिए सोचने का वक्त ही कहां है?” इसके बाद अरुण कुछ नहीं बोला। थोड़ी देर बैठा रहा, फिर उठकर घर चला गया। वक्त के साथ अरुण और सविता की बातचीत बढ़ती गई। सविता को उसका साथ अच्छा लगने लगा। साल 2017 आते-आते ये अपनापन सीमाएं लांघने लगा। दोनों एक-दूसरे को चाहने लगे। उधर चंद्रवीर सब देख-समझ रहा था। अरुण कई बार सविता से ऐसा मजाक करता जो चंद्रवीर को पसंद नहीं आता। दोनों का बदलता व्यवहार, हंसी-मजाक, अरुण का बार-बार घर आना शक की गांठ बांध रहा था। चंद्रवीर को लगने लगा था कि घर के भीतर कुछ ऐसा चल रहा है, जो उसकी नजरों से छिपाया जा रहा है। एक शाम चंद्रवीर जल्दी लौट आया। आंगन में पहुंचा तो कमरे में कुछ आहत महसूस हुई। उसके मन में उठ रहा शक सच में बदलने वाला था। उसने बिना कुछ सोचे-समझे कमरे का दरवाजा खोल दिया। सामने के हालात देखकर जैसे उसका दिमाग सुन्न हो गया। सविता और अरुण साथ थे, उसके ही बिस्तर पर। दोनों हड़बड़ा गए। कुछ पल के लिए चंद्रवीर सुन्न खड़ा रह गया। सविता अपने कपड़े सही करते हुए बोली- “सुनो, मैं समझाती हूं…” अरुण घबराकर एक कोने में सिमट गया लेकिन चंद्रवीर की आंखें लाल हो चुकी थीं। वो पागलों की तरह सविता पर टूट पड़ा। उसके बाल पकड़कर घसीटता हुआ आंगन में ले आया। “यही दिन देखने के लिए तुझे ब्याह के लाया था?” सविता रोते हुए बोली- “ऐसा कुछ नहीं है… तुम गलत समझ रहे हो।” चंद्रवीर ने खींचकर एक लात उसकी कमर पर मारी। “मा#@%द रं%$ मुझे पागल समझती है। मुझे कुछ दिखाई नहीं देता क्या।” सविता गिड़गिड़ाई- “बच्चों के सामने ये सब मत करो।” चंद्रवीर चिल्लाया- “अब इन्हीं के सामने होगा। घर की इज्जत मिट्टी में मिला दी।” सहमे हुए बच्चे आंगन के एक कोने में खड़े रो रहे थे। इस बीच मौका पाकर अरुण वहां से भाग निकला। चंद्रवीर ने सविता को खूब पीटा। लात, घूंसे, थप्पड़, जूते… मार-मारकर उसकी गत बिगाड़ दी। सविता अधमरी सी हो गई थी। चंद्रवीर हांफते हुए बोला- “सब खतम हो गया।” इसके बाद गालियां बकता हुआ घर से बाहर चला गया। सविता आंगन में पड़ी रोती रही। उस शाम के बाद घर बदल गया। चंद्रवीर का गुस्सा और कुंठा शराब में डूबने लगी। उसका पीना बढ़ता गया और घर का माहौल जहरीला होता चला गया। मारपीट बढ़ती गई। शराब के नशे में चंद्रवीर का गुस्सा बेलगाम होता जा रहा था। सविता को लगने लगा कि ये सब किसी हादसे पर खत्म होगा। यहीं से वो रात आई, जिसने सब कुछ बदल दिया। 8 सितंबर, 2018 उस रात चंद्रवीर कुछ ज्यादा ही नशे में था। वो लड़खड़ाते कदमों से घर लौटा और आते ही सविता से झगड़ने लगा। सविता की सब्र की सीमा अब जवाब दे चुकी थी। अगले दिन उसने अरुण को पूरी बात बताई। इतना सब होने के बावजूद उसने अरुण से मिलना नहीं छोड़ा था। दोनों ने चंद्रवीर को मारने का ठान लिया था। प्लान बनाया कि चंद्रवीर को शराब में कोई दवा मिलाकर बेहोश कर देंगे और कुएं में गिरा देंगे, लेकिन उस रात चंद्रवीर घर ही नहीं लौटा। पूरी रात खेत पर ही पड़ा रहा। प्लान फेल हो गया। दूसरा प्लान बना, तय हुआ कि जिस दिन चंद्रवीर ज्यादा पीकर लौटेगा, उस दिन देखेंगे। 20 दिन बाद वो रात भी आ गई। 28 सितंबर चंद्रवीर देर रात लौटा। पूरी तरह नशे में धुत था। आंगन में ही चारपाई पर लुढ़क गया। कुछ ही देर में खर्राटों की आवाज आने लगी। बच्चे को कमरे में सो रहे थे। सविता ने बाहर से कुंडी लगा दी और अरुण को फोन किया- वो आ गया है। आते ही खटिया पर लुढ़क गया। थोड़ी देर बाद छत पर आहट हुई। अरुण छत के रास्ते घर में घुसा। हाथ में कट्टा था। अरुण ने फुसफुसाकर कुछ कहा। सविता ने हां में सिर हिलाया। अरुण ने कट्टे का बट दोनों हाथों से पकड़ा और नली चंद्रवीर की तरफ कर दी। वो ट्रिगर दबाने ही वाला था कि सविता ने उसे रोक दिया। वो दौड़ते हुए अंदर गई और एक बाल्टी ले आई। जहां चंद्रवीर का सिर था, वहीं खटिया के ठीक नीचे बाल्टी रख दी। अरुण मुस्कुराया, बोला- “ये काम ठीक किया। खून जमीन पर नहीं गिरेगा। सुनो, इसके मुंह पर कपड़ा बांध दो।” सविता ने सवालिया निगाहों से उसकी तरफ देखा। अरुण बोला- दिवाल पर छींटे नहीं जाएंगे।” सविता के हाथ कांप रहे थे, कहीं चंद्रवीर जाग गया तो…? उसने बच्चों के कपड़ों में से एक कपड़ा उठाया और चंद्रवीर के मुंह पर कपड़ा बांध दिया। जैसे ही उसने हाथ हटाया, एक तेज आवाज गूंजी। गोली सीधे माथे पर लगी। चंद्रवीर की मौके पर ही मौत हो गई। खून बाल्टी में गिरने लगा। करीब डेढ़ घंटे तक दोनों वहीं बैठे रहे। अब लाश को छिपाना था। रात गहरी हो चुकी थी। गांव में सन्नाटा पसरा था। अरुण ने धीमी आवाज में कहा- “सब तैयार है। मैंने पहले ही अपने यहां गड्ढा खोद लिया था। वहीं डाल देंगे इसे…।” अरुण के मां-बाप कुछ साल पहले ही मर चुके थे। वो अकेला रहता था। लाश को अरुण के घर ले जाने की बात सुनकर सविता डर गई। वो चौंककर बोली- “तुमने पहले ही सोच लिया था सब?” अरुण ने नजरें चुरा लीं। “सवाल पूछने का टेम नहीं है। जल्दी करो…।” गांव में पूरी तरह सन्नाटा था। कुत्ते भी सो चुके थे। दोनों ने चंद्रवीर की लाश उठाकर अरुण के घर ले गए। आंगन में गड्ढा खुला पड़ा था। अरुण फुसफुसाया- “जल्दी करो।”सविता ने बाल्टी की तरफ देखा। “इसका क्या करें?”अरुण- “सब इसी में डाल देंगे।” लाश को गड्ढे के पास रखते हुए सविता की नजर चंद्रवीर के हाथ पर गई। “रुको…।”अरुण चौंका- “क्या हुआ?”सविता कांपती आवाज में बोली- “कड़ा… इस पर उसका नाम लिखा है।” अरुण ने हाथ पकड़ा। दोनों ने पूरी जान लगा दी। कड़ा नहीं निकला। अरुण झुंझला गया। “ये फंस गया है…।” सविता चिढ़ गई थी, बोली- “हाथ ही काट दो।” अरुण ने बांका उठाया और एक झटके में काम हो गया। सविता ने आंखें बंद कर लीं। अरुण ने कटे हाथ को एक कपड़े में बांध लिया। बाकी शरीर गड्ढे में डाल दिया। ऊपर से नमक और दूसरी चीजें डालकर मिट्टी डाल दी। इसके बाद अरुण ने वो कपड़ा उठाया जिसमें हाथ था और बाहर चला गया। कुछ देर बाद वो लौटा। सविता ने पूछा- “उसका क्या किया…?” अरुण- “फेंक आया… केमिकल फैक्ट्री के पीछे।” गड्ढा भरा जा चुका था, फिर भी सविता की घबराहट कम नहीं हुई। उसने कहा- “बदबू आएगी…।” अरुण बोला- “मैं रोज अगरबत्तियां जला दूंगा, कोई बदबू नहीं आएगी।” कुछ दिन अगरबत्तियां जलीं। फिर वहां गाय-भैंस बंधने लगीं, ताकि गोबर और जानवरों की गंध में लगे। कुछ महीनों बाद उस कमरे को पक्का करवा दिया गया। वही कमरा नया बेडरूम बन गया। 29 सितंबर की शाम सविता ने चंद्रवीर के बड़े भाई भूरा सिंह को फोन लगाया। उधर से आवाज आई- “हैलो…।” सविता ने रुलाई और घबराहट भरी आवाज में बोली- “भाई साब, वो कल से लौटे नहीं हैं। खेत का कह कर गए थे।” भूरा सिंह चौंक गया- “क्या मतलब? आखिर कहां जा सकता है।” सविता फिर बोली- “सबेरे खेत पर जाकर देखा। इधर-उधर सबसे पूछा, कुछ पता नहीं चल रहा भाई साब।” भूरा- “ठीक है, मैं आता हूं। कहीं बैठ गया होगा, मिल जाएगा।” भूरा सबसे पहले खेतों की तरफ गया, मजदूरों से पूछा। किसी ने कहा- “कल शाम देखा था, बहुत पी रखी थी।” कोई बोला- “बाजार की तरफ गए थे।” भूरा बाजार भी गया। हर जगह पूछताछ की। कोई पुख्ता जवाब नहीं मिला। रात को चंद्रवीर के घर पहुंचा तो सविता आंगन में बैठी रो रही थी। बच्चे चुप थे। भूरा ने ढांढ़स बंधाया- “घबराओ मत, मिल जाएगा।” अगले कई दिन खोजबीन में निकल गए। भूरा ने रिश्तेदारों को खबर की। आसपास के गांवों में ढूंढ़ा लेकिन हर जगह से हाथ खाली। सविता हर दिन एक ही बात कहती- “भाई साब, मुझे डर लग रहा है। बच्चों का क्या होगा?” करीब एक हफ्ते की खोजबीन के बाद 5 अक्टूबर को भूरा सिंह नंदग्राम थाने पहुंचा। गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाई। पुलिस ने आसपास पूछताछ की। “आखिरी बार कब देखे गए, किससे झगड़ा था, कहां जाते थे।” सविता से भी सवाल हुए। बात-बात पर वो रोने लग जाती। पूछताछ आगे बढ़ी तो सविता ने अचानक बात मोड़ दी। उसने कहा- “भाई साब से उन्होंने कई बार कहा था कि घर में दखल न दें। जमीन का झगड़ा भी था।” सिपाही ने नाम पूछा तो उसने बिना हिचक भूरा सिंह का नाम ले दिया। पुलिस ने बयान नोट किया। जांच चलती रही। इसी बीच एक और घटना हुई। जमीन के झगड़े में भूरा के बेटे ने उसको मार दिया। चंद्रवीर के मामले में जांच की रफ्तार धीमी पड़ गई। वक्त बीतता गया। आखिर में पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट लगा दी। केस बंद हो गया। सविता ने राहत की सांस ली। अब वो गांव के औरतों को अपना दुख सुनाती रहती। सब ढाढ़स बंधाते, सहानुभूति जताते। किसी को शक नहीं हुआ। अरुण का घर में आना-जाना रोज का हो गया। गांववालों को उनके रिश्ते की भनक तक नहीं लगी लेकिन बड़ी बेटी सब देख रही थी। एक दिन उसने मां से पूछ लिया- “मम्मी, अरुण चाचा रात में क्यों आते हैं?” सविता चौंक गई। आंखों में डर उतर आया। फिर संभालकर बोली- “ऐसे ही, भइया के काम से आते हैं।” बेटी ने फिर पूछा- “लेकिन मम्मी, वो तब आते हैं जब अंधेरा हो जाता है। दिन में तो नहीं आते।” सविता झुंझला गई। आवाज ऊंची हो गई, बोली- “बहुत सवाल पूछने लगी है आजकल। बच्चों को इतना नहीं बोलना चाहिए।” बेटी फिर भी नहीं रुकी, बोली- “पापा भी रात को खेत से आते थे। अब वो नहीं आते, अरुण चाचा आते हैं।” ये सुनते ही सविता का चेहरा तमतमा गया। उसके भीतर का डर गुस्से में बदल गया। उसने बेटी को कंधे से पकड़ा और आंखें तरेरकर बोली- “चुप कर, फिर से ऐसी बात की तो अच्छा नहीं होगा।” बेटी डर गई। उसकी आंखें भर आईं। फिर मासूमियत से बोली- “मैं तो बस पूछ रही थी मम्मी…।” कुछ देर बाद सविता को एहसास हुआ कि उसने कुछ गलत कर दिया है। उसने बेटी को सीने से लगाया, कहा- अरुण तेरा चाचा है। उसका हक है कभी भी आने-जाने का। तेरे बाप के जाने के बाद उसी से तो सहारा है। बेटी चुप हो गई। उस दिन के बाद उसने सवाल पूछना बंद कर दिया। फिर भी सविता पहले जैसी नहीं रही। बेटी के सवाल के बाद उसकी आंखों में अजीब सख्ती उतर आई थी। समय बीतता गया। 4 अप्रैल, 2022 मुनिराज जी. गाजियाबाद में नए एसएसपी बने। चार्ज लेते ही उन सभी मामलों की फाइलें निकलवाईं, जो सुलझ नहीं पाए थे। उन्हीं में एक फाइल थी चंद्रवीर सिंह की। गुमशुदगी का मामला क्राइम ब्रांच को सौंपा गया। केस का जिम्मा इंस्पेक्टर अब्दुर रहमान सिद्दीकी को मिला। रहमान ने पूरी फाइल पढ़ी। उन्हें केस में कई सिरे दिखाई पड़े, हादसा… शराब के नशे में दोस्तों से झगड़ा, भूरा सिंह से जमीन का मामला फिर उसका भी मर्डर। केस खुल चुका था। रहमान ने कुछ और खोजबीन की। शुरुआती जांच में सविता का व्यवहार कुछ अजीब लगा। उन्होंने सोचा चंद्रवीर के बच्चों से चुपचाप बात की जाए, शायद कोई सुराग मिले। चंद्रवीर की बड़ी बेटी शालिनी (बदला हुआ नाम) एक ब्यूटी पार्लर में काम करने लगी थी। एक दिन इंस्पेक्टर रहमान सादे कपड़ों में उस ब्यूटी पार्लर पहुंच गए। काम कर रही लड़कियों ने उन्हें देखा तो चौंक गई। इंस्पेक्टर बोले- “डरिए मत, मैं पुलिस से हूं। उससे कुछ बात करना चाहता हूं।” रहमान ने शालिनी की ओर इशारा किया। उसने नजरें झुका लीं, बोली- “मुझे कुछ नहीं पता।” उन्होंने नरमी से कहा- “तुम्हारे पापा के बारे में बात करनी है। जो पता हो, उतना बता दो। शालिनी ने बात करने से इनकार कर दिया। कुछ दिन बाद वे फिर आए। उन्होंने बेहद नरमी से बात की, खूब समझाया- “तुम्हें किसी ने डराया है? देखो हम पता लगाना चाहते हैं, तुम्हारे पापा कहां हैं? मैं तुम्हारी मदद करने आया हूं। बेटी की हिम्मत बढ़ीं। पापा के मिलने की एक उम्मीद दिखी। शालिनी ने बताना शुरू किया- पापा अचानक गायब हुए थे, खेत गए थे। इंस्पेक्टर रहमान- शराब पीकर झगड़ा भी करते थे?शालिनी- हां, मम्मी से अक्सर लड़ाई होती थी, मारते भी थे।रहमान- फिर मम्मी क्या कहती थीं? इस सवाल पर शालिनी चुप हो गई। फिर अचानक बोली- पापा के जाने का मम्मी को कोई गम ही नहीं है। पापा जिस टाइम खेत से आते थे। अब उस टाइम अरुण चाचा आते हैं। रहमान चौंक गए। उन्हें एक नया सुराग मिला था। हैरत से पूछा- अरुण चाचा…? शालिनी बोली- हां… मुझे लगता है मम्मी ने ही कुछ किया है। इसके बाद पुलिस ने अरुण पर निगरानी शुरू कर दी। वो कहां आता-जाता है, क्या करता है, किससे मिलता है। सारी जानकारी इकट्ठा की। फिर एक दिन उसे थाने बुलाया गया। इंस्पेक्टर ने पूछा- “तू चंद्रवीर के घर अब भी आता-जाता है?” अरुण ने हां में सिर हिलाया, बोला- “मेरा चचेरा भाई था। घर की बात है तो जिम्मेदारी उठानी होगी।” “वाह रे लछमन… इस चक्कर में तूने अब-तक शादी भी नहीं की।” ये सुनते ही अरुण सकपका गया। सवाल बढ़ते गए। उसकी आवाज डगमगाने लगी। शालिनी का बयान सामने रखा गया। आखिरकार अरुण टूट गया। उसने सविता के साथ अपना रिश्ता कुबूल लिया। दबाव बढ़ा तो ये भी बता दिया कि 2017 से दोनों का चक्कर चल रहा था। सविता को भी गिरफ्तार कर लिया गया। अरुण के घर की तलाशी हुई। जिस जगह चंद्रवीर की लाश दबाई गई थी, उस पर कमरा बन चुका था। खुदाई हुई तो इंसानी अस्थि-पंजर बरामद हुआ। DNA टेस्टिंग से साबित हो गया, कंकाल चंद्रवीर का है। वो बाल्टी भी मिली जिसमें चंद्रवीर का खून इकट्ठा किया था। वो कट्टा जिससे हत्या हुई और बांका जिससे चंद्रवीर का हाथ काटा था। गए। मामले में पुलिस चार्जशीट दायर कर चुकी है। फिलहाल मामला कोर्ट में है और ट्रायल चल रहा है। *** स्टोरी एडिट- कृष्ण गोपाल *** रेफरेंस जर्नलिस्ट- आशुतोष गुप्ता, लोकेश राय, रोहित सिंह भास्कर टीम ने सीनियर जर्नलिस्ट्स, पुलिस, पीड़ितों और जानकारों से बात करने के बाद सभी कड़ियों को जोड़कर ये स्टोरी लिखी है। कहानी को रोचक बनाने के लिए क्रिएटिव लिबर्टी ली गई है। ---------------------------------------------------------- सीरीज की ये स्टोरीज भी पढ़ें... वो तड़प रही थी और पति फोन पर चीखें सुन रहा था; प्लान परफेक्ट था, एक टी-शर्ट से पकड़ा गया 27 जुलाई 2014, कानपुर। रात के करीब साढ़े बारह बजे थे। एक युवक बदहवास हाल में स्वरूपनगर थाने पहुंचा। आंसू थम नहीं रहे थे। आवाज में हकलाहट थी। उसने बताया- कुछ बाइक सवार उसकी पत्नी को कार समेत उठा ले गए। पूरी स्टोरी पढ़ें... हथौड़े से पति का सिर फोड़ा, बेटा जागा तो गला दबा दिया; मर्डर से पहले और बाद प्रेमी के साथ सोई 1 जनवरी 2016 की सुबह, गोरखपुर। एक औरत लगातार दरवाजा पीट रही थी। घर में रेनोवेशन का काम चल रहा था। आवाज मजदूरों तक पहुंची तो उन्होंने दरवाजा खोला। औरत गुस्से में पैर पटकते हुए, बगल के कमरे में गई। दरवाजा खोलते ही उसके होश उड़ गए। बिस्तर पर पति और 4 साल के बेटे की लाशें पड़ी थीं। पूरी स्टोरी पढ़ें...

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:39 am

यूपी में पैसे लेकर कागजों में बढ़ा रहे दिव्यांगता:सरकारी नौकरी चाहिए या पेंशन… जैसा यूज, वैसा रेट; देखिए स्टिंग

‘देखिए… दिव्यांगता का परसेंटेज बढ़ाने के 20 हजार रुपए लगेंगे… इसी में डॉक्टर का हिस्सा रहेगा। उन्हें बता देते हैं- ये अपना जानने वाला है तो हो जाता है। वे 10 हजार लेते हैं… डिसेबिलिटी 5% बढ़ा देंगे…।’ ये सौदेबाजी स्वास्थ्य विभाग के सरकारी बाबू कर रहे हैं, ये रुपया लेकर कागजों पर दिव्यांगता (डिसेबिलिटी) का परसेंटेज बढ़ा देते हैं। दिव्यांगता बढ़ाकर लेने वाले सर्टिफिकेट का यूज क्या है? अगर दिव्यांग पेंशन के लिए चाहिए तो रेट कम लगेंगे। लेकिन, सरकारी नौकरी के लिए चाहिए तो रेट ज्यादा लगेंगे। 5% डिसेबिलिटी बढ़ानी है तो 20 हजार रुपए खर्च करने होंगे। इस खेल में डॉक्टर भी शामिल हैं, जो इन बाबुओं और दलालों से मिलीभगत कर फर्जी तरीके से बढ़ाई दिव्यांगता को वेरिफाई कर देते हैं। दरअसल, डिसेबिलिटी 40% से ज्यादा है तो सरकारी नौकरियों में 4% रिजर्वेशन, कम ब्याज पर 50 लाख रुपए तक लोन, दिव्यांग पेंशन, शादी में आर्थिक सहायता जैसी सुविधा मिलती है। इसीलिए डॉक्टर-बाबू पैसा लेकर लोगों को दिव्यांग बना रहे हैं। हाल ही में मध्यप्रदेश और राजस्थान में 100 से ज्यादा ऐसे मामले पकड़े गए हैं, जिनमें फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल कर ली। महाराष्ट्र में तो फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट लगाकर एक व्यक्ति तहसीलदार बन गया। इन घटनाओं से सवाल उठा कि क्या यूपी में भी फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट बनाए जा रहे? इस सवाल के जवाब में दैनिक भास्कर की टीम ने लखनऊ और बाराबंकी में इन्वेस्टिगेशन किया। पढ़िए, पूरा खुलासा… दिव्यांगता सर्टिफिकेट में परसेंटेज बढ़ाने की कितनी घूस लगती है? इस सवाल के जवाब के लिए हमने इन्वेस्टिगेशन की शुरुआत राजधानी लखनऊ से की। हमें सोर्स से पता चला कि बलरामपुर अस्पताल में कुछ दलाल और बाबू ये काम करा रहे हैं। हम यहां पहुंचे और सबसे पहले दलाल रौनित वैद्यराज से मिले। इसके बाद बाबू सचिन कुमार प्रजापति से मुलाकात हुई। सचिन के पास ही डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट के वेरिफिकेशन की जिम्मेदारी है। सचिन ने बताया कि 80% तक डिसेबिलिटी दिखा देंगे, इसके लिए 30 हजार रुपए लगेंगे। बाबू से हमने इसकी डील की। रिपोर्टर: डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट बनवाना है… 4 लोगों का…। सचिन: क्या दिक्कत है…? रिपोर्टर: पैर और हाथों में दिक्कत है…। सचिन: जन्मजात है… या कोई चोट लगी है…? रिपोर्टर: जन्मजात है…। सचिन: ठीक है… शुक्रवार को आइएगा…। रिपोर्टर: क्या खर्च लगेगा…? सचिन: देखो… 25 से 30 हजार रुपए तक लगेंगे…। रिपोर्टर: डॉक्टर का खर्च भी इसी में रहेगा क्या…? सचिन: हां, डॉक्टर का भी इसी में रहेगा…। रिपोर्टर: डिसेबिलिटी 80% तक बनवा देंगे न…? सचिन: हां। काम कराने के लिए पीछे पड़ा दलालसचिन से मुलाकात के बाद जैसे ही हम बाहर निकले, दलाल रौनित वैद्यराज ने हमें आवाज देकर बुलाया। हमने रौनित को बताया कि सचिन 30 हजार रुपए रेट बता रहा है। इस पर रौनित का कहना था कि उसके चक्कर में न पड़ें, मैं करा दूंगा। रौनित: हम आपको काफी देर से देख रहे थे…। रिपोर्टर: अभी सचिन से बात हो रही थी… वो यहां नौकरी करता है कि ऐसे ही खड़ा था…? रौनित: नौकरी करता है। अरे, आप हमको बताइए… सचिन हमको जानता है… अच्छे से…। रिपोर्टर: अभी हमारी उससे बात हुई है। अभी देखेगा तो कहेगा कि इधर भी बात कर रहे हैं और उधर भी…। रौनित: आप सचिन को जानते हैं क्या…? रिपोर्टर: नहीं, अभी यहीं मुलाकात हुई है…। रौनित: अरे… तो आप उसको बता दीजिए कि हमसे बात हो चुकी है। हमारे केस में वह नहीं पड़ता। रिपोर्टर: वो 25 से 30 हजार रुपए बता रहा है… पर केस…। रौनित: आपने उधर ही बात कर ली… जब हमने कहा था… मैं करा दूंगा…। रिपोर्टर: अरे तो अभी फाइनल थोड़े कर दिया है। हमको 30 हजार रुपए बताया है। 5 हम रखेंगे, 25 हजार रुपए वो लेगा। रौनित: …तो हम अपने सर (डॉक्टर) से बात करें…? रिपोर्टर: ठीक है… बात करो। और उनको इधर ही ले आओ। मेरे पास 3 केस है… एक मेरा भी है। 40% बना था, इसको भी बढ़वाना है। रौनित: तीनों मरीज आज आए हैं…? रिपोर्टर: नहीं, आज नहीं हैं। शुक्रवार को लाएंगे। रौनित: ठीक है… मैं बात करके आता हूं…। रौनित से हुई बातचीत से साफ हो गया कि यहां दलाल हावी हैं। डिसेबिलिटी का परसेंटेज बढ़ाने के लिए उनकी डॉक्टरों से मिलीभगत है। डॉक्टर के कान में बुदबुदाया दलाल, फिर हमसे कहा- काम हो जाएगाहमसे बात करने के बाद दलाल रौनित ने मास्क लगाया और सामने के हॉल में चला गया। यहां मेडिकल बोर्ड की टीम के मुख्य डॉक्टर रवि कुमार अपने काम में लगे थे। रौनित उनके पास जाकर खड़ा हो गया। रौनित ने हमें भी हॉल के भीतर आने का इशारा किया, तो हम भी हॉल में खड़े हो गए। कुछ देर बात जब डॉ. रवि अपने काम से फ्री हुए तो रौनिक ने उनके कान में बुदबुदाया। फिर हमारी ओर इशारा किया। डॉक्टर ने हमारी ओर देखा फिर रौनिक से कुछ कहा। इसके बाद रौनित हॉल से बाहर आ गया। हम भी उसके पीछे आ गए। रौनित ने कहा- बात हो गई है… उन्होंने बोल दिया है। दूसरा बाबू भी काम करने के लिए तैयारइसके बाद दलाल रौनित हॉल के भीतर गया और बाबू विनोद को साथ लेकर आया। विनोद और रौनित यह साबित करना चाहते थे कि वे बाबू सचिन के बताए रेट 30 हजार रुपए से कम में काम करा देंगे। इनके रेट जानने के लिए हमने बाबू विनोद से बातचीत की। रिपोर्टर: 3-4 केस हैं… हो जाएगा? विनोद: हां, हो जाएगा… अभी बहुत काम है…। रिपोर्टर: अरे… बता तो दो कि सचिन से कराएं कि तुमसे हो जाएगा…? विनोद: पर्चा जमा है? रिपोर्टर: नहीं…। विनोद: दिक्कत क्या है? रिपोर्टर: पैर में दिक्कत है। विनोद: ठीक है करा देंगे। रिपोर्टर: सचिन ने जो बताया है, उतने में ही होगा कि कुछ कम में? विनोद: नहीं भाई… हमारा इतना नहीं लगता। ये (दलाल रौनित की ओर इशारा करते हुए) आपको बता देगा। इससे साबित हो गया कि दलाल रौनिक की न केवल बाबुओं से, बल्कि डॉक्टरों से भी मिलीभगत है। फर्जी सर्टिफिकेट का ये धंधा राजधानी लखनऊ में चल रहा है। अब चलिए, बाराबंकी… क्या दूसरे जिलों में भी फर्जी सर्टिफिकेट बन रहे? इस सवाल के जवाब के लिए हम बाराबंकी के CMO ऑफिस पहुंचे। यहां हमने CMO के स्टेनो अंकुर वर्मा के बारे में पता किया। एक कर्मचारी ने बताया- वे अभी बाहर गए हैं। हमने कर्मचारी को बताया कि डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट बनवाना है, लेकिन दिव्यांगता 40% से ज्यादा कराना है। कर्मचारी हमें उस जगह ले गया, जहां मेडिकल बोर्ड दिव्यांग सर्टिफिकेट बनाता है। यहां हमारी मुलाकात बाबू विनय यादव से हुई। बाबू बाहर आया और अपना मोबाइल नंबर देकर कहा कि अभी बिजी है। एक घंटे बाद कॉल करके मिल लीजिए। एक घंटे इंतजार के बाद ऑफिस के बाहर चाय की दुकान पर बाबू विनय से हमारी मुलाकात हुई। यहां बाबू विनय ने हमें 5% डिसेबिलिटी बढ़ाने का चार्ज 20 हजार रुपए बताया। विनय: अच्छा बताइए… उनको दिक्कत क्या है? क्या वो सभी हड्‌डी वाले हैं, एक्सीडेंटल हैं या जन्मजात हैं? रिपोर्टर: हां, सभी जन्मजात हैं। आपको थोड़ी-बहुत मेहनत करनी पड़ेगी, 2-4% बढ़वाना पड़ेगा। विनय: वो तो अलग बात है। बस हम यह जानना चाहते हैं कि उसमें कोई एक्सीडेंटल तो नहीं है? रिपोर्टर: नहीं ऐसा कोई नहीं है। विनय: आंख वाला (दृष्टिहीन) भी कोई है क्या? रिपोर्टर: हां, एक आंख गड़बड़ है। विनय: ठीक है, वो भी करा देंगे। हड्‌डी वाले कितने हैं? रिपोर्टर: 4 हड्‌डी वाले हैं, 2 आंख वाले हैं। पैसा कितना लेंगे… बता देते तो क्लाइंट को बता देते… अपना भी जोड़कर। विनय: कैंडिडेट देखकर ही बता पाएंगे। रिपोर्टर: अरे… बता दो… नहीं तो वे सब गांववाले हैं, बहुत होशियार हैं। विनय: क्या उम्र है, बिना देखे कैसे बता दें। सबका अलग-अलग सिस्टम है। रिपोर्टर: देखो, सबका सर्टिफिकेट बनना है। बस 2-4% कम होगा तो वही तुमको बढ़वाना होगा। विनय: चलो, कैंडिडेट ले आना हो जाएगा। बाबू विनय से हुई बातचीत में साफ हो गया कि वह सबके सर्टिफिकेट में परसेंटेज बढ़ाने के लिए तैयार है, लेकिन एक बार कैंडिडेट को लाना होगा। अब हम जानना चाहते थे कि डिसेबिलिटी बढ़ाने के क्या रेट हैं? इसके जवाब के लिए हमने बाबू विनय से बातचीत जारी रखी। नौकरी में सर्टिफिकेट लगाना चाहते हैं, तो उसका अलग रेट है रिपोर्टर: ये बताओ… डॉक्टर साहब लेते हैं कि नहीं…? विनय: क्यों नहीं लेते? रिपोर्टर: पर केस कितना लेते हैं? विनय: ये नहीं बता सकते। जैसे- ये बता देते हैं कि साहब ये अपना जानने वाला है, तो हो जाता है। मैं इस तरह से नहीं करता… केस देखने के बाद ही ये सब किया जाता है। रिपोर्टर: मान लो, किसी की डिसेबिलिटी 35% है तो 40% कराना है… उसका क्या लेते हो? विनय: देखिए, मेन बात यह है कि उसका यूज क्या है? जैसे- कोई नौकरी में लगाना चाहता है तो उसका अलग रेट है। देखिए… आई वालों का 30% ही बनता है। उसका अपने हिसाब से जिला अस्पताल में जाकर जांच कराएंगे। बाकी हड्‌डी वालों का एक बार देख लेंगे तो उसी समय बता देंगे। इसमें डॉक्टर कितना लेते हैं? इस सवाल के जवाब के लिए हमने बाबू विनय से आगे बातचीत की। 5% बढ़ाना होगा तो 20 हजार रुपए लगेंगे रिपोर्टर: यदि 2-4% किसी का कम होगा तो उसके लिए डॉक्टर से ही तो बात करते होगे न…? विनय: हां, डॉक्टर से ही बात करते हैं…। रिपोर्टर: तो इसके लिए क्या लेते हो? विनय: देखिए हमारे केस तो बहुत लंबे-लंबे हैं, जैसे- 15 से 20 हजार रुपए में कर देते हैं। रिपोर्टर: एक केस का…? विनय: और क्या…? रिपोर्टर: यानी जिसका 4 से 5% बढ़ाने वाला होगा… उसके 15 से 20 हजार रुपए लगेंगे? विनय: हां…। रिपोर्टर: यानी मैं क्लाइंट को 20 हजार रुपए बता दूं तो मुझे क्या मिलेगा? विनय: अरे, 5 हजार रुपए आपको दिला देंगे… लेकिन एक बार बंदे दिखा दीजिएगा। रिपोर्टर: अच्छा, डॉक्टर साहब कितना लेते होंगे…? विनय: हां, 10-15 हजार रुपए… वो हम जैसे मैनेज करें। रिपोर्टर: यानी एक केस पर 10 हजार रुपए बचा लेते हो। यहां मुख्य डॉक्टर कौन है? विनय: डॉ. अफसर खान। साफ है कि 5% डिसेबिलिटी बढ़ाने के डॉक्टर 10 से 15 हजार रुपए लेते हैं। यहां किए स्टिंग से साफ हो गया कि ये काम केवल राजधानी लखनऊ में ही नहीं, आसपास के जिलों में भी चल रहा। अब समझते हैं, डिसेबिलिटी का परसेंटेज कैसे तय होता है?इसके लिए हर जिले में मेडिकल बोर्ड बने हैं। इसमें 2-3 सीनियर डॉक्टर, संबंधित बीमारी के स्पेशलिस्ट डॉक्टर होते हैं। ये सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की गाइडलाइन के आधार पर डिसेबिलिटी का परसेंटेज तय करते हैं। जैसे- अगर एक पैर नहीं है तो 50% डिसेबिलिटी, दोनों पैर नहीं है तो 100% डिसेबिलिटी होती है। एक हाथ नहीं है तो 40% डिसेबिलिटी होती है। हालांकि अंगों की खराबी को लेकर बोर्ड अपने विवेक के आधार पर इसका परसेंटेज तय करता है। बस, यहीं पर परसेंटेज बढ़ाने का खेल होता है। अगर 40% से कम डिसेबिलिटी मिलती है तो उसे दिव्यांग नहीं माना जाता। अब जानिए, 40% से ज्यादा दिव्यांगों के लिए कौन-कौन सी योजनाएं हैं? कौन, क्या डील करता है, मुझे नहीं पताइस संबंध में जब हमने डॉक्टर रवि कुमार को बताया कि आपके पास खड़े होकर दलाल दिव्यांग सर्टिफिकेट बनाने की डील करते हैं। इस पर उनका कहना है- सबको आसपास खड़े होने से रोका नहीं जा सकता। हम परीक्षण कर ईमानदारी से सर्टिफिकेट बनाते हैंहमने डॉ. अफसर खान को बताया कि आपके यहां कार्यरत कर्मचारी दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाने का पैसा लेता है। वो आपका नाम बताता है कि उन्हें भी देना होता है। उनका जवाब था, हमारे यहां ईमानदारी से सर्टिफिकेट बनते हैं। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें... SIR- क्या UP में BJP को 63 सीटों पर नुकसान, सपा 41 पर पिछड़ सकती है SIR के बाद उत्तर प्रदेश में 2.88 करोड़ वोटरों के नाम कट गए हैं। 14 दिसंबर, 2025 को भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की ताजपोशी के दौरान सीएम योगी इसे लेकर आगाह किया था। कहा था- यदि छूटे वोटरों को समय रहते नहीं जोड़ा गया, तो 10 हजार से कम मार्जिन वाली सीटों पर भाजपा को सबसे अधिक नुकसान की संभावना रहेगी। पढ़ें पूरी खबर

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:38 am

बीडीए का डिजिटल नवाचार:राजधरा पोर्टल पर अब घर बैठे ही देखें अपनी जमीन का मास्टर प्लान

जमीन खरीदने से पहले सही जानकारी न मिलने के कारण लोग अक्सर भूमाफियाओं के झांसे में आ जाते हैं। इसी समस्या को देखते हुए भरतपुर विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने एक बड़ी डिजिटल पहल की है। जयपुर, अजमेर, जोधपुर, उदयपुर और अलवर के बाद भरतपुर पांचवां ऐसा शहर बन गया है, जहां मास्टर प्लान के साथ भू-उपयोग की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही है। इससे आमजन घर बैठे यह जान सकेंगे कि किसी जमीन का उपयोग आवासीय है या व्यावसायिक, और वहां सड़क या अन्य कोई योजना प्रस्तावित है या नहीं। दरअसल, हाल के दिनों में बीडीए को ऐसी कई शिकायतें मिली थीं, जिनमें आरोप था कि भूमाफिया लोगों को गुमराह कर गलत भू-उपयोग बताकर जमीनें बेच रहे हैं। इसी के बाद प्राधिकरण ने यह कदम उठाया है। बीडीए आयुक्त कनिष्क कटारिया ने बताया कि अब नगरीय क्षेत्र की किसी भी भूमि का मास्टर डवलपमेंट प्लान के अनुसार भू-उपयोग, प्रस्तावित सड़कें और अन्य जानकारियां राजस्व रिकॉर्ड या लोकेशन के आधार पर ऑनलाइन देखी जा सकेंगी। भविष्य में इस पोर्टल पर पूर्व में अनुमोदित योजनाओं को भी एकीकृत रूप से उपलब्ध कराने की योजना है। यह पूरी व्यवस्था राज्य के एकीकृत जीआईएस सिस्टम ‘राजधरा’ के माध्यम से संचालित की जा रही है। रंगों से पता चलेगा भूखंड आवासीय है या व्यावसायिक क्षेत्र, फर्जीवाड़ा रुकेगा डीओआईटी के उपनिदेशक पुष्पेंद्र कुंतल ने बताया कि मैप में रंगों के जरिए भू उपयोग की जानकारी दी गई है। पीला रंग आवासीय क्षेत्र, लाल व्यावसायिक, नीला सार्वजनिक या अर्ध-सार्वजनिक उपयोग और हरा रंग पार्क व रिक्रिएशनल एरिया को दर्शाता है। जमीन पर क्लिक करने पर जोन, वार्ड, संबंधित थाना और विधानसभा क्षेत्र की जानकारी पॉप-अप में दिखाई देती है। इस डिजिटल पहल से जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़ी है और आमजन को समय व मेहनत दोनों की बचत हुई है। आमजन को ये फायदा

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:33 am

DDU में नियुक्त होंगे डॉक्टर और स्टाफ नर्स:कैंपस के स्वास्थ्य केंद्र का हुआ इंस्पेक्शन, CMO ने दिए उचित सुझाव

दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में स्थित स्वास्थ्य केंद्र का उच्चस्तरीय इंस्पेक्शन किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली, उपलब्ध चिकित्सीय सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता, स्वच्छता व्यवस्था और रोगियों को दी जा रही सेवाओं की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। सीएमओ डॉ. राजेश झा और डिप्टी सीएमओ डॉ. रंजीत चौरसिया ने उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग, सेवाओं के विस्तार और विभागीय समन्वय के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुदृढ़ करने के संबंध में अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इंस्पेक्शन के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जल्द ही संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) के आधार पर एक डॉक्टर और एक स्टाफ नर्स की नियुक्ति की जाएगी, जिससे स्वास्थ्य केंद्र की सेवाओं में और मजबूती आएगी। स्वास्थ्य केंद्र की सुविधाओं पर हुई चर्चा कुलपति ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया। इस अवसर पर स्वास्थ्य केंद्र को और अधिक सुदृढ़, सक्रिय और जीवंत बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। आगामी दिनों में नियमित स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई, जिसमें विशेष रूप से कामकाजी महिलाओं के लिए स्वास्थ्य जांच,चिकित्सीय परामर्श और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने पर सहमति बनी। साथ ही सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण, महिला स्वास्थ्य, पोषण परामर्श, एनीमिया जांच, रक्तचाप, शुगर और अन्य आवश्यक चिकित्सीय परीक्षणों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अनुभूति दुबे ने विद्यार्थियों के लिए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और परामर्श कार्यक्रमों की आवश्यकता पर जोर दिया, जबकि प्रो. दिव्या रानी सिंह ने महिला स्वास्थ्य से जुड़े विशेष कार्यक्रमों को निरंतर संचालित करने की आवश्यकता की ओर ध्यान केंद्रित कराई। सीएमओ रहे शामिल इंस्पेक्शन में कुलपति प्रो. पूनम टंडन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. राजेश झा, डिप्टी सीएमओ डॉ. रंजीत चौरसिया, डीएसडव्ल्यू प्रो. अनुभूति दुबे और महिला अध्ययन केंद्र की निदेशक प्रो. दिव्या रानी सिंह मौजूद रही। उनके अलावा स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारी अलख सिंह (कम्पाउंडर), भूपेंद्र सिंह, संतोष कुमार सिंह, रामसेवक सिंह, दीपक कुमार श्रीवास्तव, दयाशंकर सिंह,रामप्रवेश भारती, गणेश शर्मा और रामपाल भी मौजूद रहे। कर्मचारियों को दिए निर्देश अंत में कुलपति ने स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें सेवाभाव, समर्पण और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया और प्रस्तावित स्वास्थ्य शिविरों, नई नियुक्तियों व सुधारात्मक कदमों को जल्द लागू करने के निर्देश दिए।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:32 am

भोपाल में आज ले सकते हैं थाई जायकों का लुत्फ:बीएलएफ में आज होंगे कई सेशंस, जैन कार्निवाल में भी हो सकते हैं शामिल

आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:30 am

खादीआश्रम की पट्टे की जमीन पर शोरूम बेचने की तैयारी:​​​​​​​करनाल में तरावड़ी नगरपालिका से पहले ही खड़े कर दिए ढांचे,नक्शा पास हुए बिना 10 से ज्यादा दुकानें तैयार

करनाल जिला में तरावड़ी नगरपालिका क्षेत्र में खादी आश्रम की जमीन को एक बार फिर व्यावसायिक उपयोग में लाकर बेचने की तैयारी शुरू हो गई है। इस जमीन पर 30 से अधिक दुकानों और शोरूम का नक्शा तैयार करने और पार्किंग के लिए कुछ हिस्सा छोड़ने का दावा किया गया है। बताया गया कि कुछ नक्शों की फाइलें नगरपालिका में जमा कर निर्माण शुरू कर दिया गया, जबकि स्वीकृति से पहले ही बड़े पैमाने पर ढांचे खड़े हो चुके हैं। नक्शा स्वीकृत होने से पहले ही खड़े कर दिए ढांचे जानकारी के अनुसार नगरपालिका की अनुमति से पहले ही 10 से अधिक दुकानें और शोरूम तैयार कर दिए गए हैं, जबकि 4 से 5 दुकानें अभी निर्माणाधीन हैं। इन शोरूम को बेचने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, लेकिन जमीन पट्टे की होने के कारण दुकानों की रजिस्ट्री नहीं हो सकती। इसके बावजूद मौके पर लगातार निर्माण गतिविधियां चलती रहीं। 1970 के दशक में खादी आश्रम को मिली थी करीब दो एकड़ जमीन स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के मुताबिक 1970 के दशक में करीब दो एकड़ जमीन नगरपालिका ने खादी आश्रम के संचालन के लिए पट्टे पर दी थी। कुछ वर्षों बाद खादी आश्रम बंद हो गया और जमीन लंबे समय तक खाली पड़ी रही। साल 2019 में इस जमीन को व्यावसायिक स्थल में बदलने के प्रयास शुरू हुए थे, लेकिन वह मामला किन्हीं कारणों से आगे नहीं बढ़ पाया। अब 2025 में एक बार फिर इसी जमीन को बेचने और शोरूम विकसित करने का काम शुरू कर दिया गया है। नोटिस के बावजूद जारी रहा निर्माण नगरपालिका की ओर से निर्माण कर रहे पक्ष को नोटिस दिए जाने की बात कही गई है, इसके बावजूद निर्माण कार्य चलता रहा। मौके पर दुकानों की पंक्तियां और शोरूम के ढांचे खड़े दिखाई देते हैं, जिससे साफ है कि काम बड़े स्तर पर किया जा रहा है। अब सवाल यह उठता है कि यदि यह जमीन पट्टे की है तो फिर यहां पर स्थायी निर्माण और बिक्री कैसे की जा सकती है। नगरपालिका सचिव बोले, मामला संज्ञान में, रिकॉर्ड की हो रही जांच इस पूरे मामले पर तरावड़ी नगरपालिका के सचिव अजीत कुमार ने बताया कि यह प्रकरण उनके संज्ञान में है और संबंधित लोग नक्शा पास करवाने के लिए आवेदन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नोटिस भी दिए गए हैं और बिल्डिंग इंस्पेक्टर से पूछा गया है कि नक्शों की अर्जियां आई हैं या नहीं, इसका रिकॉर्ड चेक किया जा रहा है। सचिव के अनुसार यह जमीन खादी की है और इसमें एक्सचेंज ऑफ लैंड का कोई उपयोग नहीं है। जब आवेदन आएंगे, तभी स्पष्ट होगा कि भूमि उपयोग में कोई बदलाव हुआ है या नहीं। बिल्डिंग इंस्पेक्टर नियमित कर रहे निरीक्षण, निर्माण रोका जाएगा सचिव अजीत कुमार ने यह भी बताया कि बिल्डिंग इंस्पेक्टर नियमित रूप से मौके पर जा रहे हैं। निर्माण करने वाले पक्ष का कहना है कि वे सही प्रक्रिया से नक्शा अप्लाई कर रहे हैं। इसके बावजूद नगरपालिका की ओर से निर्माण रोकने का प्रयास किया गया है और आगे भी निर्माण को रुकवाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि बिना स्वीकृति के किसी भी तरह का निर्माण स्वीकार्य नहीं है और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:30 am

कन्याओं के विवाह के लिए दी सहायता

दतिया |श्री पीतांबरा पीठ ट्रस्ट की ओर से शुक्रवार को जनवरी माह में आर्थिक रूप से कमजोर जिन कन्याओं की शादी है उन्हें आर्थिक सहायता व उपहार सामग्री का वितरण किया गया। बता दें कि पीठ ट्रस्ट द्वारा लंबे समय से ऐसी कन्याएं जिनके माता पिता नहीं है, आर्थिक रूप से कमजोर है। उनकी शादी के लिए आर्थिक सहायता के साथ सामग्री दी जा रही है। शुक्रवार को तीन कन्याओं का सहायता दी गई। ग्वालियर की प्रीति भार्गव ने सभी कन्याओं का 31 सौ रुपए नगद के साथ एक-एक लंहगा उपहार में दिया, रंजना शर्मा व दीप्ति तिवारी ने भी शॉल व स्वेटर उपहार में दिए। इस अवसर पर मनोज तिवारी, पंचम सिंह, पंकज गुप्ता, देवेन्द्र शर्मा आदि मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:19 am

कोचिंग छुट्टी के समय असामाजिक तत्व बढ़े

भांडेर| नगर में कोचिंग संस्थानों की छुट्टी के समय असामाजिक तत्वों की गतिविधियों से माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है। इसे लेकर भारतीय सामाजिक सुरक्षा संगठन भांडेर ने चिंता व्यक्त करते हुए थाना प्रभारी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार प्रतिदिन शाम 4 से 7 बजे के बीच, जब कोचिंग से छात्राएं घर लौटती हैं, उसी समय कुछ युवक बाइक से बार-बार गुजरते हैं। बुलेट बाइक की तेज आवाज, फालतू टिप्पणियां और जानबूझकर पास से निकलने जैसी हरकतों से छात्राओं को परेशानी और डर का सामना करना पड़ रहा है। संगठन को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पदाधिकारियों ने स्वयं मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया, जिसमें समस्या गंभीर पाई गई। भैरवजी मंदिर से घटिया बाजार होते हुए खटकयाने की पुलिया तक का क्षेत्र अधिक प्रभावित बताया गया है। संगठन ने असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और कोचिंग की छुट्टी के समय नियमित पुलिस गश्त लगाने की मांग की है, ताकि छात्राओं में सुरक्षा की भावना बनी रहे।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:17 am

गोरखपुर में इंफ्लुएंसर ने सुसाइड का पोस्ट किया-VIDEO:मेटा अलर्ट से घर पहुंची पुलिस, युवती बोली प्रैंक था...

गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया पर एक युवती ने सुसाइड करते हुए एक वीडियो पोस्ट कर दिया। जिसके बाद हड़कंप मच गई। मेट के जरिए पुलिस को सूचना मिली। जिसके बाद लोकेशन ट्रेस करते हुए गुलरिहा पुलिस युवती के घर पहुंची। वहां जाने पर पता चला कि युवती ने दोस्तों के साथ प्रैंक किया था। उसने वीडियो बनाते समय जो गोली खाई थी, वह जहर नहीं, बल्कि मेंटोश की गोली थी। गुलरिहा पुलिस ने चेतावनी देकर उसे छोड़ दिया। युवती ने भी भविष्य में ऐसी गलती न करने का विश्वास दिलाया। अब विस्तार से जानें पूरा मामलाबिहार के गोपालगंज जिले जिले की रहने वाली एक युवती गुलरिहा क्षेत्र में किराये का मकान लेकर होटल में शेफ का काम करती है। इसके साथ ही वह यू-ट्यूब, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया साइटों पर वीडियो पोस्ट करती रहती है। शुक्रवार की दोपहर 1 बजे पुलिस को मेटा से सूचना प्राप्त हुई कि एक युवती लाइव आकर सुसाइड की कोशिश कर रही है। वीडियो में दिख रहा है कि युवती अपने हाथ में एक दवा दिखाती है और फिर उसे खाकर पानी पी लेती है। बैकग्रांउड में एक दर्द भरा गाना भी लगा हुआ है। पोस्ट में उसने दोस्तों को लिखा है कि अगर हम मर जाएं तो कोई यह मत कहना क्यों मरे हैं, वैसे सोच लेना कि मैं किस वजह से मेरी हूं। वीडियो पोस्ट होते ही मेटा एआई ने गोरखपुर पुलिस को अलर्ट किया। लोकेशन को ट्रेस करते हुए हल्का दरोगा राहुल कुमार अपने साथी कांस्टेबल संदीप यादव के साथ पहुंचे तो युवती अपने कमरे में मिली। उसने पूछताछ में बताया कि वह सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर है। इसके साथ ही वह एक होटल में शेफ का काम करती है। दोस्तों से प्रैंक करने के लिए उसने यह वीडियो बनाई थी। वीडियो में जो चीज दवा जैसी दिख रही है वह असल में मेंटोश की गोली थी। पुलिस ने उसे चेतावनी देते हुए छोड़ दिया।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:15 am

मलखंभ स्पर्धा में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों का एसपी ने किया सम्मान

उज्जैन | खेलो इंडिया बीच गेम्स के पदक विजेता मलखंभ खिलाड़ियों को पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया। दीव में आयोजित खेलो इंडिया बीच गेम्स के अंतर्गत हुई मलखंभ चैंपियनशिप प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया। प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश की महिला टीम द्वारा 6 रजत पदक और पुरुष टीम द्वारा 12 कांस्य पदक अर्जित कर राज्य को पदक तालिका में द्वितीय स्थान दिलाया गया। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर शुक्रवार को सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को एसपी शर्मा द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर योगेश मालवीय, डॉ. आशीष मेहता सहित अन्य पदाधिकारी एवं प्रशिक्षक भी उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:14 am

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी ने लिखा पत्र लोक निर्माण ने पाइपलाइन फोड़ी, उन्हें ही सुधारना पड़ेगी

नागझिरी में पीएचई की पाइपलाइन के ऊपर गुरुवार को बिजली का पोल गाड़कर लोनिवि ने लाइन फोड़ दी थी। अब मामले में पीएचई ने हाथ खींच लिए है। पीएचई ने लोनिवि के जिम्मेदारों को पत्र लिखकर फोड़ी गई पाइपलाइन को जोड़ने को कहा है। खास बात यह कि लोनिवि के पास सुधार के लिए शनिवार दोपहर तक का वक्त है, क्योंकि शाम को इस लाइन से क्षेत्र में जलप्रदाय का टर्न है। यदि समय रहते लाइन नहीं सुधारी गई तो फिर से काफी पानी बह जाएगा। बड़ी समस्या यह होगी कि क्षेत्र में पेयजल की किल्लत गहरा जाएगी, क्योंकि यह लगातार दूसरा टर्न रहेगा, जब क्षेत्रवासियों को पानी ​नहीं मिलेगा। पीएचई के उपयंत्री संतोष दायमा ने बताया लोनिवि के अधिकारियों से मौखिक चर्चा भी हुई है। उन्होंने लाइन जोड़ने की बात कही है। उज्जैन-देवास फोरलेन के शहरी क्षेत्र में सड़क निर्माण काम लोनिवि के पास है। इसी कार्य के चलते गुरुवार लाइन फूट गई थी।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:13 am

लालपुल से भूखी माता घाट की तरफ बढ़ रहा नर्मदा का पानी

मकर संक्रांति का स्नान पर्व 14 जनवरी को होना है। इसके लिए शिप्रा में नर्मदा का साफ पानी लिया जा रहा है। शुक्रवार तक नर्मदा का पानी शिप्रा के लालपुल से भूखी माता घाट की तरफ बढ़ रहा था। शिप्रा किनारे कई स्थानों पर घाटों के नए निर्माण चल रहे हैं। ऐसे में इस बार पाइपलाइन से त्रिवेणी की नागफनी की बजाय गऊघाट से शिप्रा में नर्मदा का पानी छोड़ा जा रहा है। दो-तीन दिन में यह आगे बहता हुआ अब लालपुल से भी आगे बढ़ रहा है। हालांकि लालपुल पर मिट्टी का डेम बना होने से यह पानी उसके बीच में लगे दो पाइप से होकर धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। पानी शनिवार तक रामघाट पहुंच जाएगा। पीएचई की टीम इस पर लगातार नजर रख रही है, ताकि एक निर्धारित लेवल तक ही जलभराव​ किया जा सके। चूंकि सर्वाधिक श्रद्धालु स्नान के लिए रामघाट पर पहुंचेंगे। ऐसे में इस घाट पर ही ज्यादा पानी एकत्रित किया जाएगा। इससे पहले रामघाट के दूषित पानी को आगे बहा दिया गया है। ताकि आने वाला साफ पानी दूषित न हो। पीएचई के उपयंत्री संतोष दायमा ने बताया कि नर्मदा का पानी लगातार शिप्रा में आ रहा है। रामघाट पर प्लेट लगाकर स्नान के लिए इसे रोका जाएगा।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:13 am

एमआर 5 ट्रांसफर स्टेशन से कचरा 7 दिन में होगा खत्म, यहां बनेगा उद्यान-सेल्फी पाइंट

उज्जैन | एमआर 5 स्थित ट्रांसफर स्टेशन पर करीब 12 सालों से एकत्रित हुए पुराने कचरे के ढेर का निष्पादन बायो माइनिंग प्रक्रिया से युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। पिछले एक माह में टनों से कचरे का निष्पादन किया जा चुका है और अब शेष कचरे को अगले 7 दिन में पूरी तरह से समाप्त किया जाएगा। कचरे के निष्पादन की प्रक्रिया तीन चरणों में हो रही है। पहले चरण में मिट्टी को अलग किया जाएगा, जिसका उपयोग भविष्य में यहां विकसित होने वाले उद्यान में किया जाएगा। दूसरे चरण में सीएंडडी वेस्ट से पैबर ब्लॉक तैयार किए जाएंगे, जबकि तीसरे चरण में आरडीएफ को सीमेंट फैक्ट्री में ज्वलनशील पदार्थ के रूप में भेजा जाएगा। कचरे के पूरी तरह निष्पादन के बाद यहां मैदान का स्वरूप तैयार होगा और भविष्य में उद्यान एवं सेल्फी पाइंट का निर्माण होगा। इस प्रक्रिया के पूरा होने से आसपास के क्षेत्रों की गंदगी और बदबू की समस्या भी समाप्त हो जाएगी। प्रभारी निगम आयुक्त संतोष टैगोर ने बताया कचरा के निष्पादन का काम कार्य चल रहा है, आगामी सात दिन में यह पूरी तरह से साफ हो जाएगा। एमआर-5 स्थित ट्रांसफर स्टेशन पर एकत्रित कचरा 7 दिन में पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:12 am

चायनीज मांझा की 12 चकरी के साथ नाबालिग सहित दो लोग पकड़ाए

भास्कर संवाददाता | उज्जैन मकर संक्रांति पर पतंगबाजों को प्रतिबंधित चायनीज मांझा बेचने के लिए लाए दो लोगों को नानाखेड़ा थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर उनके पास से चायनीज मांझा की 12 चकरी जब्त की है। आगामी मकर संक्रांति के मद्देनजर आमजन की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस द्वारा निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में थाना नानाखेड़ा पुलिस को रात्रि गश्त के दौरान दो लोगों को चायनीज मांझा के साथ गिरफ्तार किया है। नानाखेड़ा थाना पुलिस ने बताया गुरुवार-शुक्रवार की रात सहायक उपनिरीक्षक देवकरण परमार, चालक सैनिक ओमप्रकाश के साथ रात्रि गश्त पर भ्रमण कर रहे थे। इस दौरान उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि नानाखेड़ा स्टेडियम के सामने दो लोग प्रतिबंधित चायनीज मांझा बेचने के लिए प्लास्टिक का झोला लेकर खड़े हैं। पुलिस मौके पर पहुंची। जहां मुखबिर द्वारा बताए हुलिये के दो लोग दिखाई दिए। जिन्हें पुलिस टीम ने घेराबंदी कर हिरासत में लिया। हिरासत में आए एक आरोपी का नाम फरदीन पिता फरीद खान निवासी अयोध्या बस्ती जिला आगर मालवा है, जबकि दूसरा आरोपी नाबालिग है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से एक प्लास्टिक के झोले में रखी प्रतिबंधित चायनीज मांझा की 12 चकरी जब्त की। जिन पर मोनो केटीसी कंपनी का नाम अंकित था। जब्त की गई चायनीज मांझा की 12 चकरियों की कीमत करीब 3 हजार रुपए है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने चायनीज मांझा मकर संक्रांति पर्व के दौरान पतंगबाजी करने वालों को बेचने के उद्देश्य से रखा था। पुलिस ने पकड़ा चायनीज मांझा। आरोपी फरदीन।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:12 am

कृषि मंडी में सुबह नीलामी में खरीदी उपज, 5 घंटे बाद भी शाम 5 बजे तक तोल नहीं कराया

भास्कर संवाददाता | उज्जैन कृषि उपज मंडी में उपज बेचने आए कुछ किसानों की सुबह की नीलामी में बिकी उपज का तोल खरीदी करने वाले व्यापारी ने शाम 5 बजे तक नहीं किया। नाराज किसानों ने मंडी पहुंचकर शिकायत की, तब कहीं जाकर शाम को उपज का तोल हो सका। उपज बेचने के बाद 5 घंटे तक तोल कराने के लिए इंतजार कर रहे ग्राम कल्याणपुरा निवासी युवराजसिंह सिसौदिया ने मंडी कार्यालय पहुंचकर सचिव के नाम लिखित आवेदन देते हुए मंडी में खरीदी करने वाली फर्म महेंद्र ट्रेडर्स पर मनमानी का आरोप लगाया। सिसौदिया ने बताया कि नियमानुसार किसानों की उपज का 2 घंटे में तोल करवाकर उन्हें फ्री किया जाना चाहिए, लेकिन शुक्रवार को संबंधित फर्म ने जिन किसानों के उपज की खरीदी की, उनके अनाज का तोल शाम 5 बजे तक नहीं कराया। मंडी समिति कर्मचारियों के हस्तक्षेप के बाद तोल कराया गया, जबकि मंडी में अभी इतनी ज्यादा आवक भी नहीं है। संबंधित व्यापारी ने भी ज्यादा खरीदी नहीं की। सिर्फ 10-12 किसानों के अनाज का तोल ही शाम तक नहीं हो सका। जवाब भी ठीक से नहीं दे रहे थे सिसौदिया ने बताया फर्म का काम संभालने वाले बोलते रहे काम करने वाले ही नहीं हैं तो हम क्या करें। यहां तो ऐसा ही चलेगा। मंडी सचिव को लिखित शिकायत करते हुए ऐसी फर्म के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सचिव राजेश गोयल ने बताया मंडी के किसी एक व्यापारी द्वारा तोल में देरी करने संबंधी मामला मेरी जानकारी में आ गया है। मंडी पहुंचते ही कल इसकी जांच करवाकर कार्रवाई करेंगे।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:12 am

मुख्यमंत्री आज खुरई आएंगे, रोड-शो, सभा होगी

सागर | मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को खुरई आएंगे। मुख्यमंत्री के रूप में उनका खुरई का यह पहला दौरा है। वे दोपहर 1:55 बजे खुरई के गुलाबरा बगीचा स्टेडियम स्थित हैलीपेड पर हैलीकॉप्टर से उतरेंगे। यहां से विशेष रथ में सवार होकर रोड-शो के रूप में नवीन गल्ला मंडी के पास आमसभा स्थल पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पखवाड़े भर से तैयारियां चल रही हैं। क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री का खुरई नगर में ऐतिहासिक स्वागत किया जाएगा। खुरई की बुंदेली परंपरा से उनका अभूतपूर्व स्वागत होगा। रोड-शो के रूट पर 150 स्वागत मंच और सैकड़ों स्वागत द्वार बनाए गए हैं। रोड-शो के रूट पर पड़ने वाले सभी घरों से मुख्यमंत्री के रथ पर पुष्प वर्षा होगी। बुंदेली परंपरा के लोकनृत्य, लोकवाद्यों से सजे विभिन्न सांस्कृतिक दल रोड शो रूट पर मुख्यमंत्री के स्वागत में रहेंगे। मुख्यमंत्री यहां 312 करोड़ रुपए के 86 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। वे 165 करोड़ की लागत के 38 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 147 करोड़ की लागत के 48 विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। चूंकि मुख्यमंत्री के रूप में डॉ. यादव का यह पहला खुरई दौरा है, ऐसे में क्षेत्रवासियों को उनसे कई विकास सौगातें मिलने की भी उम्मीद है। पूर्व गृहमंत्री सिंह ने कहा मुख्यमंत्री डॉ. यादव के खुरई आगमन से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। यह वर्ष खुरई के लिए विकास, नई योजनाओं और अधोसंरचना विस्तार की दृष्टि से ऐतिहासिक सिद्ध होगा। यह कार्यक्रम केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि खुरई के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:11 am

खेतों में कुलांचे भर रहे हिरण, फसलों पर संकट

सागर| ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों रबी की फसलें खेतों में तैयार हो रही हैं। किसानों ने गेहूं, चना, जौ, मटर, सरसों, अलसी, मसूर, आलू सहित अन्य फसलों की बुवाई की है। फसलें अच्छी स्थिति में हैं, लेकिन जंगली क्षेत्रों से लगे गांवों में जंगली जानवर किसानों की बड़ी परेशानी बन गए हैं। चिंकारा, हिरण और नीलगाय झुंड में दिन हो या रात खेतों में घुसकर फसलों को चट कर रहे हैं, जिससे भारी नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार कई खेतों में फसल की शुरुआती बढ़वार ही नष्ट हो रही है। सागर, खुरई, बंडा, रहली, देवरी, केसली, मालथौन, राहतगढ़, शाहगढ़, जैसीनगर, बीना और गढ़ाकोटा ब्लॉकों के कई गांवों में यही स्थिति बनी हुई है। मजबूरी में कड़ाके की ठंड के बावजूद किसान रात-दिन खेतों की रखवाली कर रहे हैं। मालथौन के पास चने के खेतों में दिनदहाड़े हिरणों के घुसने से नुकसान बढ़ गया है।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:11 am

कोर्ट में अफरा-तफरी:पालतू बंदर का उत्पात, 2 वकीलों समेत 3 को काटा, डेढ़ माह में 9 को काट चुका

शहर के कोर्ट परिसर में शुक्रवार को एक अधिवक्ता को अपने पालतू बंदर को साथ लाना भारी पड़ गया। लाल मुंह वाले इस बंदर ने दो अधिवक्ताओं और एक कांस्टेबल को काट खाया। यह भीड़ के बीच भागा तो कोर्ट में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची वाइल्ड लाइफ टीम ने उसे रेस्क्यू कर बायोलॉजिकल पार्क में छोड़ा। चौंकाने वाली बात यह है कि बंदर डेढ़ माह में 9 लोगों को काट चुका है। अधिवक्ता नीलेश जैन शुक्रवार सुबह 11 बजे अपने पालतू बंदर को लेकर कोर्ट पहुंचे। नई बिल्डिंग के यहां से बंदर इधर-उधर उछल-कूद करने लगा। वहां मौजूद लोग डर गए और बचने के लिए इधर-उधर भागने लगे। ऐसे में बंदर ज्यादा उग्र हो गया और उत्पात मचाने लगा। अधिवक्ताओं की टेबलों पर रखे दस्तावेजों को बिखेर दिया। बंदर ने अधिवक्ता दिनेश विश्नोई के हाथ और पैर पर काट लिया। फिर अधिवक्ता प्रेमशंकर कुमावत और कांस्टेबल अशोक कुमार पर भी हमला कर दिया। इससे तीनों चोटिल हो गए और बचने के लिए भागे। बंदर को पकड़ने के लिए वाइल्ड लाइफ टीम को सूचना दी। फिर टीम ने कोर्ट पहुंचकर दोपहर 1 बजे उसके मालिक की मदद से बंदर को रेस्क्यू किया। लंबे समय से थी तलाश वाइल्ड लाइफ रेस्क्यूअर धर्मेंद्र पाणिगर ने बताया कि बंदर डेढ़ माह से शहर में उत्पात मचा रहा है। 45 दिन पहले नाकोड़ा नगर में लोगों को काट लिया था। 4-5 दिन पहले आरसीए में 4 लोगों और कुम्हारों के भट्टे पर 2 लोगों पर हमला किया था। हाल ही में शोभागपुरा में शोरूम के बाहर होने की सूचना मिली थी। काम की बात- घाव को बिना रगड़े तुरंत साफ करें, घरेलू उपाय से बचें, रेबीज वैक्सीन बंदर के काटने पर तुरंत साफ पानी और साबुन से कम से कम 15 मिनट तक घाव को धोएं। रगड़ें नहीं। घरेलू उपाय (हल्दी, चूना, राख, तेल) बिल्कुल न लगाएं। बंदर स्वस्थ दिख रहा है, यह सोचकर इलाज न टालें। तुरंत अस्पताल पहुंचे और रेबीज वैक्सीन लगवाएं। गहरा घाव है या खून बह रहा है। पीड़ित बच्चा, बुजुर्ग या कमजोर इम्युनिटी वाला व्यक्ति है तो ज्यादा सावधानी रखने की जरूरत है।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:10 am

सर्द हवा से ठिठुरा MP...ग्वालियर-चंबल में ज्यादा असर:15 जिलों में घना कोहरा, 4 में कोल्ड डे रहेगा; भोपाल, इंदौर-उज्जैन भी ठंडे

सर्द हवा की वजह से मध्यप्रदेश फिर से ठिठुर गया है। ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में सबसे ज्यादा असर है। शुक्रवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रही। ऐसा ही मौसम आज शनिवार को भी बना रहेगा। सुबह 15 से ज्यादा जिलों में घना कोहरा रहा। वहीं, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में कोल्ड डे यानी, दिन ठंडा रहने का अलर्ट है। उत्तर से बर्फीली हवा आने से एमपी के ऊपरी हिस्से में ठंड का असर बढ़ा है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर भी ठंडे हैं। यहां पर रातें ठंडी हैं, लेकिन ग्वालियर-चंबल के जिलों में दिन भी ठंडे हैं। इस कारण अधिकतम तापमान में खासी गिरावट हुई है। अगले 2 दिन तक ऐसा मौसम बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार सुबह ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में घना कोहरा छाया रहा। भोपाल, इंदौर, रायसेन, शाजापुर, विदिशा समेत कई जिलों में भी कोहरे का असर देखने को मिला है। इधर, गुरुवार-शुक्रवार की रात में छतरपुर जिले का खजुराहो प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री दर्ज किया गया। दतिया में 3.9 डिग्री, शिवपुरी में 4 डिग्री, राजगढ़ में 5 डिग्री, पचमढ़ी में 5.8 डिग्री, मंडला में 5.9 डिग्री, रीवा में 6 डिग्री, उमरिया में 6.4 डिग्री, सीधी और टीकमगढ़ में 6.8 डिग्री सेल्सियस रहा। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5 डिग्री रहा। इससे पहले गुरुवार को दिन का तापमान 10.4 डिग्री रहा था। भोपाल में 8 डिग्री, इंदौर में 9.4 डिग्री, उज्जैन में 8.3 डिग्री और जबलपुर में पारा 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कोहरे से मालवा समेत एक दर्जन ट्रेनें लेट, खजुराहो में पारा 4 डिग्री से नीचेप्रदेश में तेज ठंड और घने कोहरे का असर है। कोहरे की वजह से दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनें अपने निर्धारित समय से लेट चल रही है। सबसे ज्यादा असर मालवा एक्सप्रेस पर पड़ा है। पंजाब मेल, जनशताब्दी, सचखंड जैसी ट्रेनें भी निर्धारित समय से लेट चल रही है। मुरैना में आठवीं तक के बच्चों की आज भी छुट्‌टीमुरैना में रात का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस के आसपास चल रहा है। सुबह घना कोहरा छाया हुआ है और कंपकंपाने वाली सर्दी लोगों को परेशान कर रही है। हालात को देखते हुए कलेक्टर ने 10 जनवरी को भी कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूलों की छुट्टियां घोषित की है। इस बार कड़ाके की ठंड का दौरइस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चल रही है। ठंड के लिए इसलिए खास जनवरीमौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे। MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड... भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्प्रेचरभोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। वहीं, दिन में गर्मी का एहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 में हुई थी। इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पाराइंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 में पारा माइनस 1.1 डिग्री दर्ज किया गया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था।24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी। जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था पाराजबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। इस महीने सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडाउत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 को कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पाराउज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्प्रेचर 2 से 5.8 डिग्री सेल्सियस तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:05 am

वाराणसी में अब बुर्कानशीनों को चेहरा दिखाने पर मिलेगी ज्वेलरी:स्वर्णकार संघ के पदाधिकारियों ने लगाए दुकानों पर स्टिकर, बोले अध्यक्ष - कई प्रांतों और शहरों में हो चुकी है घटना

'बुर्का, हिजाब, घूंघट, हेलमेट और मास्क पहने लोगों को अब हम कोई भी सामान नहीं बेच पाएंगे। क्योंकि इसकी वजह से यदि कोई वारदात होती है तो आरोपी की शिनाख्त नहीं हो पाती। हमें बस अपनी सुरक्षा के लिए इतना चाहिए आप बुर्का हिजाब पहनकर आइए पर दुकान पर आकर चेहरा खोल दें ताकि हमें संतुष्टि हो जाए।' उक्त बातें उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ की वाराणसी इकाई के जिलाध्यक्ष कमल कुमार सिंह ने कही; स्वर्णकार संघ ने हेलमेट, मास्क, बुर्का, हिजाब, घूंघट को लेकर नया सर्कुलर जारी किया है और उसमे आने वाले व्यक्ति या महिला से किसी भी प्रकार का व्यापार करने से मनाही कर दी है। इस सर्कुलर का पोस्टर भी दुकानों पर चिपकाया गया है। जिसमें इसे प्रतिबंधित किया है। ऐसे में अब वाराणसी में बुर्कानशीं को ज्वेलरी लेने के लिए पहले अपना चेहरा दिखाना पड़ेगा तब ज्वेलरी मिलेगी। ऐसे में दैनिक भास्कर ने पूर्वांचल की सबसे बड़ी सर्राफा बाजार रेशम कटरा, ठठेरी बाजार, सुड़िया, गोविंदपुरा, छत्तातला और कर्णघंटा के इलाके में फैले स्वर्ण व्यापारियों से बात की; साथ ही स्वर्णकार संघ के पदाधिकारियों से इस सर्कुलर को जारी करने की वजह जानी। पढ़िए रिपोर्ट... देखिये खबर से जुड़ी तीन तस्वीरें सबसे पहले जानिए उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ के वाराणसी के पदाधिकारियों ने किया कहा ? और क्यों जारी हुआ ये सर्कुलर वाराणसी के रेशम कटरा इलाके में उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष, महामंत्री और सदस्य पम्फलेट लगाते मिले। स्वर्णकार संघ के जिलाध्यक्ष कमल कुमार सिंह स्वयं पम्फलेट लगा रहे थे और दुकानदारों से इसे फॉलो करने की अपील कर रहे थे। इस दौरान संघ के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। लूट और चोरी से परेशान हैं व्यापारी उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ के जिला अध्यक्ष कमल कुमार सिंह ने कहा - सर्राफा व्यवसाय कीमती वस्तुओं का व्यवसाय है। अक्सर लूट, चोरी, डकैती, छिनैती करने वाले मुंह बांधकर या हेलमेट लगाकर आते हैं। ऐसे में हम लोगों ने सर्वसम्मति से एक फैसला किया है कि हेलमेट, मास्क या मुंह बांधकर आने वालों को सामान नहीं बेचा जाएगा। ये जब तक मुंह नहीं खोलेंगे इन्हे दुकान में इंट्री नहीं मिलेगी। बुर्का, हिजाब में आने वाले को दिखाना होगा चेहरा जिलाध्यक्ष कमल कुमार सिंह ने आगे कहा - इसके अलावा अभी कई प्रांतों और शहरों में नया प्रचलन शुरू हुआ है। जिसमें बुर्कानशीं जिनका मुंह ढका और बंद होता है। वो आये हैं और सामान चुराकर भाग गए हैं। ऐसे में हम लोगों इन लोगों को भी सामान नहीं बेचेंगे। हमारा स्वर्णकार संघ के सभी लोगों से अपील है कि इस सर्कुलर को ध्यान में रखते हुए ऐसे लोगों को सामान न बेचा जाए। मार्केट और आस-पास के दुकानों पर हम लोग पम्फलेट सूचना का लगवा रहे हैं। मुस्लिम बहुल इलाके में भी लागू, ये होगी व्यवस्था कमल सिंह ने बताया - यह सर्कुलर सख्ती से लागू हो इसके लिए हमने पम्फलेट लगवाए हैं। साथ ही अपील भी किया गया है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा - यह सर्कुलर मुस्लिम बहुल इलाकों में भी लागू रहेगा। हमारी बस इतनी मांग है की कोई भी हो वो अपने पहनावे में आये। चाहे बुर्का पहने या हिजाब बस दुकान में आये तो चेहरा खोल दे ताकि कोई अप्रिय घटना हो तो उससे बचा जा सके और शिनाख्त हो सके। सोने-चांदी का दाम बढ़ने से बढ़ी चोरी स्वर्णकार संघ के जिला महामंत्री किशोर सेठ ने बताया - हमारा पुलिस प्रशासन पूरा सहयोग करता है। लेकिन पिछले दो सालों में सेना-चांदी के दामों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। इन्वेस्टमेंट पर्पज से भी लोगों का ध्यान इसपर बढ़ गया है। ऐसे में कई दुकानों पर देखा गया कि बुर्के, हिजाब या घूंघट में पहुंच रही महिलाएं लूट और चोरी को अंजाम दे रही हैं। जिनकी शिनाख्त करना काफी मुश्किल हो जा रहा है। पम्फलेट लगाकर कर रहे हैं जागरूक किशोर सेठ ने बताया - ऐसे में हम लोग उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ की तरफ से दिए गए निर्देश के क्रम में दुकानों पर पम्फलेट लगा रहे हैं। उनसे अपील है कि वो ऐसे लोगों को सामान न बेचें जिन्होंने मास्क, हेलमेट, बुर्का, हिजाब या घूंघट किया गया है। दुकान पर जो आये अपने चेहरा खोलकर आये। अब जानिए क्या बोले रिटेल और होलसेल के दुकानदार? क्या यह व्यवस्था होगी सक्सेस? लोगों की नहीं हो पाती ऐसे पहचान वाराणसी के गोविंदपुरा में होलसेल और राजातालाब में रिटेल की शॉप चलाने वाले कन्हैया लाल सेठ ने बताया - अब हर दुकानदार कम सोना और चांदी रख रहा है क्योंकि दोनों के रेट में काफी उछाल आया हुआ। इसके बीच मास्क, घूंघट, हेलमेट और हिजाब और बुर्का वालों की पहचान नहीं हो पा रही है। इससे घटना होने पर कोई सफलता नहीं मिल रही पुलिस को और व्यापारी को घाटा सहना पड़ रहा है। ऐसे में हम लोगों ने अपनी दुकानों पर पम्फलेट लगवाए हैं। जो भी दुकान पर आये वो चेहरा जरूर दिखाए भले ही वो बुर्का या हिजाब में हो। यदि ऐसा नहीं करता है तो न उससे बातचीत होगी और न ही दुकान में अंदर आने दिया जाएगा। चेहरा दिखाना बहुत जरूरी रेशम कटरा में होलसेल के दुकानदार श्याम जी सेठ ने बताया - हम अखबारों और न्यूज में देखते हैं। आये दिन लूट और चोरी की घटना सर्राफा के साथ हो रही है। इसमें ज्यादातर चोरियां बुर्के और हिजाब में आने वाली महिलाएं कर रही हैं। ऐसे में व्यापारी डरा हुआ है। ऐसे में हमने अपने स्वर्णकार संघ के निर्देश पर पम्फलेट लगाया है। जिसमें लिखा है कि जो भी व्यक्ति हेलमेट, मास्क, बुर्का, हिजाब या घूंघट लेकर दुकान में आएगा। उससे किसी भी प्रकार का व्यापार नहीं होगा। हम ये नहीं कहते की बुर्का पहनने वाली नहीं आएं हम यह मांग करते हैं जो भी आये वो अपना चेहरा जरूर दिखाएं। वो अपनी पहचान उजागर करेंगी तभी उन्हें सामान दिया जाएगा। असुरक्षा का भाव मन में बैठ गया है शुभम सेठ की भी रेशम कटरा में दुकान है। शुभम ने बताया आये दिन हो रही चोरियों से वाराणसी के भी व्यापारियों में असुरक्षा का भाव है। क्योंकि जो लोग मास्क, हेलमेट या बुर्का/हिजाब पहनकर आते हैं। वो अगर चोरी भी कर लें तो उनकी शिनाख्त नहीं पाती है। ऐसे में कोई भी मुस्लिम हो या किसी भी धर्म की हो। वह दुकान पर आये तो अपना चेहरा खोलकर ही आये ताकि उसकी पहचान हमारे कैमरे में रहे।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:04 am

फोटो-वीडियो के जरिये गांवों में शहरों से 50% ज्यादा लड़कियां हुईं ब्लैकमेलिंग की शिकार

“सुनो आपसे कुछ बात करनी है…”—सोशल मीडिया पर आने वाला यह मासूम सा मैसेज एक खतरनाक ‘ऑनलाइन ट्रैप’ की शुरुआत हो सकता है। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक 2025 में खन्ना, दोराहा, माछीवाड़ा, मलौद, पायल, समराला, मुल्लांपुर दाखां, जगराओं, रायकोट, हठूर, जोधां, सिंधवा बेट व सुधार से ऑनलाइन ट्रैप से जुड़ी सबसे ज्यादा शिकायतें मिलीं। इनमें 13 से 28 साल की उम्र की लड़कियां सबसे ज्यादा निशाने पर रहीं। साइबर अपराधी पहले दोस्ती कर भरोसा जीतते हैं, फिर चैट और वीडियो कॉल के जरिये निजी फोटो या वीडियो हासिल कर लेते हैं। इसके बाद ब्लैकमेलिंग और बदनामी की धमकियां देकर पीड़ितों को मानसिक रूप से तोड़ा जाता है। लुधियाना साइबर क्राइम देहात पुलिस के अनुसार वर्ष 2025 में 13 पर्चे दर्ज किए गए, जिनमें से 7 केस ऑनलाइन ट्रैप से जुड़े हैं। जबकि सिटी के तहत 67 पर्चे दर्ज, जिनमें से 5 ऑनलाइन ट्रेप के केस हैं। यूं कहें तो सिटी के मुकाबले यह केस करीब 50% ज्यादा हैं। जब पीड़ित लड़कियां टूटने लगीं, तब किसी की मां, किसी की बहन, किसी दोस्त ने हिम्मत दिखाई और शिकायत दी। तभी पुलिस अपराधियों तक पहुंच पाई। केस-1: नाबालिग ऑनलाइन ट्रैप में फंसी, मां ने टाली बड़ी अनहोनी दोराहा की एक महिला ने बताया कि अगस्त 2025 में उनकी नाबालिग बेटी को इंस्टाग्राम पर एक मोडिफाई फैक्ट्री अकाउंट से मैसेज आया। शुरुआत में आरोपी ने सामान्य बातचीत की और धीरे-धीरे भरोसा जीत लिया। भरोसा बनने के बाद आरोपी ने लड़की से निजी फोटो मांगे। लड़की ने फोटो भेज दिए। कुछ समय बाद जब बेटी को अहसास हुआ कि उसकी निजी तस्वीरें आरोपी के पास हैं, तो वह डर और तनाव में रहने लगी। उसका व्यवहार बदल गया। मां को जब इस बदलाव पर शक हुआ तो उन्होंने बेटी से खुलकर बात की। तब बेटी ने पूरी आपबीती मां को बताई। इसके बाद मां ने खुद बेटी का इंस्टाग्राम अकाउंट संभाला और आरोपी से बातचीत कर उसके इरादों को समझने की कोशिश की। बातचीत के दौरान जरूरी डिजिटल सबूत इकट्ठे किए और फिर थाना दोराहा की पुलिस को इसकी जानकारी दी। केस-2: मां के हौसले ने बचाई बेटी की शादी, आरोपी को ढूंढा गांव चक्कर निवासी महिला की 23 वर्षीय बेटी की शादी वर्ष 2022 में हुई थी। शादी के कुछ समय बाद बेटी को इंस्टाग्राम पर ‘हरमन सिंह’ नाम के एक फर्जी अकाउंट से मैसेज आने लगे। बातचीत दोस्ती से शुरू हुई और धीरे-धीरे निजी बातों तक पहुंच गई। पीड़िता जब भी पति से किसी बात पर नाराज होती, तो आरोपी से बातचीत कर अपना मन हल्का करती थी। इसी दौरान आरोपी ने चालाकी से पीड़िता से निजी तस्वीरें मंगवा लीं। तस्वीरें मिलने के बाद आरोपी ने उन्हें इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता पर पति को तलाक देने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। उसने हिम्मत जुटाकर अपनी मां को पूरी आपबीती बता दी। दोनों मां-बेटी ने कई महीनों तक आरोपी से बातचीत जारी रखी। खुलासा हुआ कि आरोपी कोई और नहीं, बल्कि उसी गांव चक्कर का रहने वाला युवती का पूर्व प्रेमी था, जो फर्जी नाम से उसे ब्लैकमेल कर रहा था। भास्कर एक्सपर्ट StopNCII.org एक फ्री (मुफ़्त) ऑनलाइन टूल है जिसका उद्देश्य बिना सहमति के साझा की गई अंतरंग तस्वीरों/वीडियोज़ को रोकना और पीड़ितों का समर्थन करना है। यह प्लेटफ़ॉर्म खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया है जिनकी निजी तस्वीरें या वीडियो बिना अनुमति के इंटरनेट पर फैलाए जा रहे हैं। इससे टूल उस सामग्री का डिजिटल हैश बनाता है—ताकि तस्वीरें/वीडियोज़ खुद इंटरनेट पर ना जाएं। यह हैश भागीदार प्लेटफ़ॉर्मों (जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, थ्रेड्स, टिकटॉक, रेडिट ओनली फैंस के साथ साझा किया जाता है। ये प्लेटफार्म मेल खाते हुए कंटेंट को पहचानकर हटाने की कोशिश करते हैं। आप केस बना सकते हैं और उसकी स्थिति ट्रैक भी कर सकते हैं। प्रमुख शिकायतें (2025) 423 हनी ट्रैप फ्रॉड अश्लील फोटो इंटरनेट से हटाएं अशोक कुमार, पीपीएस दो केस जिनमें मां ने अपनी बेटियों को बचाया 2743 डीपफेक फ्रॉड 543 ब्लैकमेलिंग फ्रॉड 3452 ऑनलाइन ट्रैप

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:03 am

ग्लोबल कन्वेंशन का औपचारिक उद्घाटन:देश में माहेश्वरी समाज की जनसंख्या कम, लेकिन प्रतिष्ठा कई गुना अधिक: बिरला

तीन दिवसीय अखिल भारतीय माहेश्वरी महाकुंभ व माहेश्वरी ग्लोबल कन्वेंशन का औपचारिक उद्घाटन शुक्रवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किया। इस मौके पर पूर्व नरेश गजसिंह, केंद्रीय संस्कृति व पर्यटन मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत, उद्योगपति राजश्री बिरला सहित कई राजनीतिक हस्तियां व बड़े उद्योगपति उपस्थित रहे। आज केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और सीएम भजनलाल शर्मा भी आएंगे। बिरला ने अपने संबोधन में माहेश्वरी समाज के इतिहास, संस्कृति और सामाजिक योगदान को याद करते हुए कहा कि यह समाज हमेशा आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन में अग्रणी रहा है। माहेश्वरी समाज की परंपराएं त्याग, सेवा और कल्याण पर आधारित हैं। भगवान शिव के समाज और सृष्टि के कल्याण के लिए विषपान करने का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उसी परिपाटी पर माहेश्वरी समाज आगे बढ़ रहा है। संख्या में भले समाज छोटा हो, लेकिन प्रतिष्ठा और प्रभाव बहुत बड़ा है। देश के सभी समाजों के योगदान से ही भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनेगा। इसमें माहेश्वरी समाज के लोगों का महत्वपूर्ण योगदान होगा। पूर्व नरेश गजसिंह ने भी संबोधित करते हुए माहेश्वरी समाज के इस महाकुंभ को लेकर बधाई दी। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि माहेश्वरी समाज ने हमेशा से मुझे अपना हिस्सा माना है। कार्यक्रम के दौरान त्रिसर्ग ट्रॉफी का उद्घाटन किया गया। त्रिसर्ग युवाओं के सपनों को साकार करने का प्लेटफॉर्म है जो समाज के विकास को नये आयाम देगा। महासभा के सभापति संदीप काबरा ने बताया कि इस महाकुंभ का उद्देश्य ‘वैदिक भारत से वैश्विक भारत विजन 2047 ‘ तक समाज की भूमिका तय करना है। समाज में घटती जनसंख्या को देखते हुए इस महाकुंभ में तीन या उससे अधिक संतान वाली माताओं का अभिनंदन कर जनसंख्या वृद्धि का संदेश दिया जाना प्रस्तावित है। इसके अलावा, समाज में बहुओं को पढ़ाने और बेटी परणाओं अभियान के तहत देशभर की चयनित महिलाओं को 50 हजार रुपए की एफडी देकर प्रोत्साहित करने की भी योजना है। समारोह में विधायक लघु उद्योग भारती के प्रकाश गु्प्ता, देवेंद्र जोशी, अतुल भंसाली, दिप्ती माहेश्वरी, बाबूसिंह राठौड़, राज्य सभा सांसद राजेंद्र गहलोत, पूर्व सांसद जसवंत सिंह बिश्नोई, सहित समाज के कई बड़े उद्योगपति उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:02 am

DTO की भतीजी ने बॉयफ्रेंड-संग की 5 करोड़ की चोरी:4KG सोना, 15 लाख कैश चुराए, रायपुर-भिलाई में की अय्याशी; आईफोन और लग्जरी कार खरीदी

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में DTO (डिस्ट्रिक्ट ट्रांसपोर्ट ऑफिसर) के घर 5 करोड़ की चोरी हुई है। अफसर की भतीजी ने बॉयफ्रेंड और साथियों के साथ मिलकर 15 लाख कैश, करीब 4 किलो सोने की चोरी की। इन पैसों से अय्याशी की। आईफोन और कार भी खरीदी। DTO अफसर की भतीजी ने पहले आईफोन खरीदने के लिए 2 लाख चुराए, फिर बर्थडे पार्टी के लिए 3 लाख चुराए। इसके बाद आखिरी बार पूरा सूटकेस ही चुराकर ले आई। सूटकेस में सोने की 1-1 किलो की 2 सिल्लियां थी। 100-150 ग्राम के करीब 15 बिस्किट थे। DTO अफसर की भतीजी वारदात के बाद सूटकेस लेकर साथियों की कार से अपने बॉयफ्रेंड के घर आ गई। सूटकेस को 3 दिन तक खोले। सूटकेस से सोने की सिल्लियां और बिस्किट निकली। इनमें से 4 बिस्किट ओडिशा के राउरकेला में बेचा, लेकिन इन सबके बीच बाकी का सोना चोरी हो गया। पकड़े जाने के बाद मास्टरमाइंड मीनल निकुंज ने कहा कि उसे पछतावा हो रहा है। अपने ही घर में चोरी कर बुरा लग रहा है। मुझे ऐसा नहीं करना था। पढ़िए इस रिपोर्ट में कैसे 5 लोगों ने मिलकर 5 करोड़ की चोरी की, कहां-कहां अय्याशी की, कैसे पकड़े गए ? अब जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, 6 दिसंबर 2025 को DTO विजय कुमार की पत्नी सुषमा निकुंज (52) ने नारायणपुर थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस को बताया कि उनका पुराना पैतृक घर केराडीह में है, जबकि वे वर्तमान में पति और भतीजे के साथ जशपुर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के शासकीय क्वार्टर में रहती हैं। सुषमा निकुंज ने बताया कि जब वे अपने पुराने घर पहुंचीं। मुख्य दरवाजा खोला, तो अंदर के कमरे का कुंडा टूटा हुआ था। दीवान में रखी अटैची से करीब 15 लाख रुपए कैश, सोने का सिक्का और जेवरात गायब थे। इनकी कीमत करीब 5 करोड़ रुपए आंकी गई। शक की सुई भतीजी पर जाकर ठहर गई जांच के दौरान पता चला कि कुछ दिन पहले ही DTO विजय कुमार की भतीजी मीनल निकुंज घर की साफ-सफाई के लिए वहां आई थी। मीनल निकुंज 2024 से जशपुर में रहकर कॉलेज की पढ़ाई कर रही थी। FIR की खबर लगते ही मीनल निकुंज अपने बॉयफ्रेंड अनिल प्रधान के साथ फरार हो गई। DTO विजय कुमार की पत्नी की शिकायत के बाद पुलिस लगातार मीनल निकुंज को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही थी। इसी बीच पता चला कि मीनल निकुंज अपने बॉयफ्रेंड अनिल प्रधान के साथ झारखंड के राची में एक होटल में ठहरी हुई। सूचना पुख्ता होते ही पुलिस ने मीनल और अनिल होटल से गिरफ्तार किया। पुलिस को गुमराह किया, फिर उगल दिए सारे राज पुलिस ने DTO विजय कुमार की भतीजी मीनल निकुंज से पूछताछ की। मीनल ने पहले पुलिस को गुमराह किया, लेकिन कड़ाई से पूछताछ करने पर सच उगल दिया। मिनल ने स्वीकार किया कि उसने अपने बॉयफ्रेंड अनिल प्रधान के उकसावे पर अपने ही बड़े पिताजी के घर में चोरी की। आईफोन से शुरू हुआ अपराध का सिलसिला मीनल निकुंज ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए उसकी दोस्ती अनिल प्रधान से हुई, जो जशपुर में रहकर एक निजी फाइनेंस कंपनी में काम करता था। दोनों की नजदीकियां बढ़ीं और वे लिव-इन में रहने लगे, लेकिन वह ऐशो-आराम की जिंदगी जीना चाहती थी। आईफोन लेना चाह रही थी। इसी बीच मीनल अप्रैल 2025 में अपने गांव केराडीह गई, तो सफाई के दौरान उसे कमरे में दीवान के अंदर एक अटैची मिली, जिसमें भारी मात्रा में नकदी रखी थी। यहीं से अपराध की नींव पड़ी। आईफोन खरीदने के लिए उसने पहली बार 2 लाख रुपए चुपचाप निकाल लिए। धीरे-धीरे बढ़ी चोरी, फिर उठाया पूरा सूटकेस मीनल निकुंज ने बताया कि किसी को भनक नहीं लगी, तो लालच बढ़ता चला गया। पहले 2 लाख, फिर 3 लाख और आखिरकार 20 मई 2025 को मिनल ने हद पार कर दी। उसने दादी से कमरे की चाबी चुराई और पूरा सूटकेस स्कूटी से आधे रास्ते तक ले आई, जहां पहले से मौजूद अनिल प्रधान और उसके साथी कार में इंतजार कर रहे थे। चोरी के बाद जब सूटकेस खोला गया, तो उसमें 15 लाख रुपए कैश, सोने के बिस्किट और जेवरात निकले। अगले दिन मिनल का जन्मदिन था। यही पैसा जश्न का जरिया बन गया। चोरी के पैसों से सभी आरोपी रायपुर पहुंचे, जहां एक विला बुक कर दो दिन तक जमकर मौज-मस्ती की। 25 लाख रुपए की हरियर कार खरीदी इस दौरान 5 लाख रुपए से अधिक रकम उड़ाई गई। इसके बाद आरोपी सोने के बिस्किट बेचने राउरकेला (ओडिशा) पहुंचे, जहां उन्हें करीब 8 लाख रुपए मिले। रकम आपस में बांटी गई। बाकी सोना जशपुर के किराए के मकान में छुपा दिया गया। इसी पैसे से करीब 25 लाख रुपए की हरियर कार भी खरीदी। मीनल निकुंज ने बताया कि राउरकेला में सोना बेचने के दौरान जशपुर में किराए के कमरे में रखा करीब साढ़े तीन किलो सोना सूटकेस समेत चोरी हो गया। इसी बीच जब परिवार को पूरी घटना का पता चला, तो सभी आरोपी फरार हो गए थे, लेकिन आखिरी में पकड़े गए।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:01 am

प्राइवेट पार्ट दबाकर मारने वाली पत्नी के ऑडियो सामने आए:अवैध संबंधों पर माफी मांग रही; सोनीपत में पति ने भाई को भेजी थी रिकॉर्डिंग

सोनीपत में प्राइवेट पार्ट दबाकर पति रामकिशन (40) का मर्डर करने के मामले में पत्नी सरिता को कोर्ट ने जेल भेज दिया है। इस मर्डर केस में आरोपी सरिता के प्रेमी सतपाल की अभी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। सतपाल पर पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। सतपाल ने सरिता को खुद का फर्जी पता बताया था। इसी बीच मोबाइल कॉल की 2 ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई हैं, जिनमें सरिता अपने अवैध संबंधों को कबूल करते हुए माफी मांग रही है। इन ऑडियो में यह भी जिक्र है कि किसी ने सरिता की आपत्तिजनक वीडियो भी बना रखी थी, जिसके जरिए वह उसे ब्लैकमेल कर रहा था। रामकिशन कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए सरिता से अवैध संबंध रखने वालों को धमकाता सुन रहा है, जबकि सामने वाला सरिता की वीडियो वायरल करने की धमकी दे रहा है। उम्र में खुद से करीब 8 साल छोटी और सुंदर पत्नी के प्यार में रामकिशन इस कद्र पागल था, वो हर बार यह कहकर माफ करता था कि आगे से ठीक रहना। हालांकि रामकिशन को अंदेशा था कि उसके साथ कुछ गलत हो सकता है। इसलिए उसने ये कॉल रिकॉर्डिंग अपने भाई विजय को भेज दी थी। विजय का दावा है कि ये ऑडियो मर्डर से पहले के हालातों की पूरी कहानी बयां करते हैं। अब पढ़ें 2 ऑडियो में अवैध संबंधों, ब्लैकमेलिंग और धमकाने की कहानी… दूसरी ऑडियो: 36 मिनट में कबूलनामा36 मिनट की दूसरी ऑडियो में रामकिशन पूरी सच्चाई अपनी पत्नी की जुबानी सुनता है। सरिता स्वीकार करती है कि वह गलती से युवक के संपर्क में आ गई थी। युवक ने खर्चे-पानी का लालच दिया और अपनी कंपनी के अलग-अलग लोगों से मिलवाया। ऑडियो में यह भी सामने आता है कि कई बार उसे रात में बुलाया जाता था। खतरे की आशंका, भाई को भेजे सबूतरामकिशन ने दोनों ऑडियो रिकॉर्ड कर अपने बड़े भाई विजय को भेजे थे। उसने कहा था कि अगर भविष्य में उसके साथ कुछ गलत हो जाए तो ये रिकॉर्डिंग सबूत बनेंगी। विजय का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में रामकिशन खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा था और अब जब रामकिशन का मर्डर हो चुका है तो उसके भाई ने ये दोनों रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराई हैं। हालांकि, दैनिक भास्कर एप इस रिकॉर्डिंग की पुष्टि नहीं करता। 6 दिसंबर को मनाया था पत्नी का जन्मदिन6 दिसंबर 2025 को रामकिशन ने अपनी पत्नी सरिता का जन्मदिन बच्चों के साथ मिलकर धूमधाम से मनाया था। इस मौके पर घर में खास सजावट की गई थी। रामकिशन ने सरिता के सिर पर लाइट वाला ताज पहनाया, जबकि केक खुद सरिता ने काटा। जन्मदिन के वीडियो में दोनों पति-पत्नी खुश नजर आ रहे थे। इस वीडियो रील पर गीत “मेरे जन्मदिन भुल्ला नहीं, सारी तैयारी कर रहा था” लगाया गया था, जो सोशल मीडिया पर भी साझा किया गया। पार्क में एक्सरसाइज और बैक बेंडिंग के वीडियोजन्मदिन से कुछ दिन पहले, 24 नवंबर 2025 को सरिता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था। इस वीडियो में वह एक पार्क में बैक बेंडिंग एक्सरसाइज करती हुई दिखाई दे रही थी। वह फिटनेस के प्रति सक्रिय दिखती थी और उसे बाइक चलाने का भी शौक था। गिरफ्तारी के बाद सरिता ने पुलिस से यह भी कहा कि जेल जाने के बाद भी वह अपने शरीर का ध्यान रखेगी और वहां एक्सरसाइज करेगी। पति का प्राइवेट पार्ट दबाकर मारने का ये है पूरा मामला रात में पहले झगड़ा हुआ, फिर साथ सोए पति-पत्नी5 जनवरी की शाम को सरिता ने पति रामकिशन से 3 हजार रुपए मांगे। पति ने मना किया तो दोनों में झगड़ा हुआ। हालांकि फिर सुलह हो गई। दोनों ने एक साथ खाना खाया और कमरे में सोए। सरिता ने पुलिस को बताया है कि गांजा पीने के बाद रामकिशन ने उसके साथ संबंध बनाए और बेड पर मारपीट की। आरोप-पति पोर्न फिल्म देखकर वैसे संबंध बनाने को कहता थासरिता ने पुलिस पूछताछ में कबूला है कि पति उसे तंग करता था पोर्न फिल्में देखकर वैसा ही संबंध बनाने का दबाव बनाता था। उसे बेल्ट से मारता भी था। 5-6 जनवरी की आधी रात को भी कुछ ऐसा ही हुआ था। संबंध बनाते वक्त पति ने मारपीट की थी। पति सोया तो प्रेमी ने तकिया मुंह पर रखा, पत्नी ने प्राइवेट पार्ट दबायापुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रामकिशन के मर्डर में सरिता के कथित प्रेमी सतपाल की भी भूमिका है। आधी रात के बाद जब रामकिशन सो गया तब सरिता ने उसे बुलाया। सतपाल ने तकिये से रामकिशन का मुंह दबाया, जबकि सरिता ने प्राइवेट पार्ट दबा दिया, जिससे मौत हो गई। ------------------ ये खबर भी पढ़ें :- पति का प्राइवेट पार्ट दबा मारने पर पश्चाताप नहीं:आरोपी पत्नी बोली-जेल में जाकर शरीर पर ध्यान दूंगी; अश्लील MMS भी बने हरियाणा के सोनीपत में उम्र में 8 साल बड़े पति रामकिशन का प्राइवेट पार्ट दबाकर हत्या करने की आरोपी सरिता को अपने किए पर पछतावा नहीं है। वह अभी दो दिन के पुलिस रिमांड पर है। इस दौरान वह सामान्य व्यवहार कर रही है। उसने कहा-पति तंग करता था। पढ़ें पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:01 am

पंजाब में जंबो गैस सिलेंडर से राज्य स्तरीय शराब तस्करी का पहला केस, 74 पेटियां पकड़ीं

पुलिस की नजरों से बचाकर शराब तस्करी किए जाने का अनूठा मामला सामने आया है। पंजाब में पहली बार तस्करों ने बड़े पैमाने पर शराब की पेटियां छिपाने के लिए जंबो गैस सिलेंडर का इस्तेमाल किया गया है। लुधियाना में स्पेशल सेल की टीम ने राज्य स्तरीय शराब तस्कर गिरोह के एक सदस्य को जब कैंटर नंबर GJ-39-T-1951 के साथ थाना लाडोवाल इलाके में स्पेशल नाकाबंदी के दौरान पकड़ा तो इस निराले ढंग का खुलासा हुआ। जानकारी अनुसार स्पेशल सेल के इंचार्ज इंस्पेक्टर हरप्रीत सिंह देहल की अगुवाई में 8 जनवरी को उक्त नाके पर रोका गया। जिसमें इंडेन कंपनी के 6 जंबो गैस सिलेंडर को काटकर रखीं गईं मैकडॉवेल्स नंबर-1 ओरिजिनल व्हिस्की की 74 पेटियां, पंजाब चीयर्स XXX रम की 31 पेटियां, पंजाब चीयर्स XXX रम के 17 पेटी पव्वे, 180 लीटर बिना मार्का की शराब बरामद की। गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रकाश सिंह निवासी गांव जातो का वेहड़ा, तहसील सेवड़ा, थाना बाखासर, जिला बाड़मेर (राजस्थान) के रूप में हुई है। कंपनी के उत्पादों से फर्जीवाड़े पर सख्त विभागीय कार्रवाई करेंगे... पंजाब में इस तरह से गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल कर शराब तस्करी का यह पहला मामला सामने आया है। यदि किसी मामले में अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर इंडेन के नकली सिलेंडर बनाने या अवैध गतिविधियों में उनका इस्तेमाल करता हैं, तो कंपनी की ओर से सख्त विभागीय कार्रवाई की जाती है। वहीं, यदि कोई अन्य व्यक्ति कंपनी के नाम या उत्पादों से फर्जीवाड़ा करता हुआ पकड़ा जाता है, तो ऐसे मामलों में पुलिस को शिकायत दी जाती है। कड़ी कार्रवाई करेंगे। राजस्थान और गुजरात में पहले से आबकारी एक्ट के दो मामले हैं दर्ज पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ पहले से ही आबकारी एक्ट के तहत राजस्थान व गुजरात में 2-2 मामले दर्ज हैं। आरोपी ने कबूला कि सड़क पर गैस सिलेंडर ले जाना सामान्य गतिविधि माना जाता है ऐसे में पुलिस चेकिंग के दौरान ऐसे वाहनों पर संदेह कम रहता है। इसीलिए उसने इंडेन जैसे ब्रांड के जंबो गैस सिलेंडरों को चुना। ताकि बड़ी मात्रा में शराब आसानी से छिपा सके। हरियाणा और राजस्थान से खरीदकर महंगे राज्यों, विशेषकर पंजाब और ड्राई स्टेट गुजरात में सप्लाई करता था। प्रकाश ने बताया कि जब पुलिस चेकिंग करती तब वह कुछ गैस लीक कर देता। जिससे पुलिस आधी अधूरी चेकिंग करके उन्हें जाने देती थी। इस काम में उसके ओर भी साथी है। वह सिर्फ ड्राइवर है। जोकि डिलीवरी करता है। असली मालिक कोई ओर है। फिलहाल आरोपी को अदालत में पेश कर 2 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है। अर्जुन सिंह, रीजनल सेल्स मैनेजर, इंडियन गैस

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:01 am

भिवानी में कीचड़ उछलने से विवाद शुरू:पंचायत में सरपंच-पूर्व सरपंच पक्ष के बीच फायरिंग, गोली लगने से 3 घायल, मामले में 5 गिरफ्तार

भिवानी जिले के गांव नौरंगाबाद में कीचड़ उछलने का विवाद इतना बढ़ा कि सरपंच और पूर्व सरपंच पक्ष आमने-सामने आ गए। जिसके बाद दोनों पक्षों ने पंचायत में ही फायरिंग कर दी। जिसमें गोली लगने से 3 लोग घायल हो गए। इधर, पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं इसका पटाक्षेप करते हुए डीएसपी क्राइम ने कहा कि यह विवाद मामूली से कीचड़ उलझने पर शुरू हुआ था, जो यहां तक पहुंच गया। इसमें फायरिंग करने वाले पूर्व सरपंच को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं दूसरी तरफ से सरपंच प्रतिनिधि के हथियार से फायरिंग हुई है। जिसके खिलाफ भी पुलिस कार्रवाई करने की बात कह रही है। दोनों पक्षों का हो गया था समझौता DSP क्राइम अनूप कुमार ने नौरंगाबाद फायरिंग केस को लेकर दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए बताया कि 25 दिसंबर 2025 को बवानीखेड़ा निवासी उपेंद्र अपने जीजा के पास गांव नौरंगाबाद गया हुआ था। इस दौरान सरपंच और पूर्व सरपंच पक्ष में विवाद हुआ था। वहां गली के अंदर से इसकी गाड़ी निकल रही थी तो कीचड़ उछलकर लग गया। जिसके कारण उनकी कहासुनी हुई थी। जिसके बाद दोनों पक्षों का समझौता हो गया था। दूसरे दिन सुबह किसी बात को लेकर दोनों पक्ष अग्रेसिव हो गई थी। जिसके बाद दोनों पक्ष से गोली चली थी। जिसमें से एक पक्ष के 2 लोगों और दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति को गोली लगी थी। 5 लोग गिरफ्तारपंचायत के दौरान फायरिंग करने के मामले में डीएसपी ने कहा कि इस मामले में एक पक्ष के 4 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं और दूसरे पक्ष से एक को पकड़ा है। पुलिस जांच में कोई पुरानी रंजिश निकलकर नहीं आई है। हालांकि मौके पर ही कहासुनी के बाद दोनों पक्ष गुस्से में आ गए और हथियार निकालकर फायरिंग कर दी। इस वारदात में दोनों पक्षों द्वारा इस्तेमाल किए गए हथियार वे लाइसेंसी थे। जिन हथियारों से फायरिंग की थी, उनके मालिकों पर भी कार्रवाई होगी। वहीं पुलिस मामले की जांच में जुटी है और अन्य लोग भी इस मामले में संलिप्तता के चलते गिरफ्तार होंगे। जो भी इस मामले में शामिल है, उनको छोड़ा नहीं जाएगा। वहीं जिनको गोली लगी थी, उनकी हालत फिलहाल ठीक है। दोनों पक्षों से गोली चलाने वाले पकड़ेपुलिस के अनुसार इस फायरिंग में पूर्व सरपंच नसीब के पक्ष से उपेंद्र, वहीं सरपंच के भतीजे अजय उर्फ मोनू और अजय (दोनों के नाम अजय हैं) को गोली लगी थी। इस मामले में पुलिस ने पूर्व सरपंच नसीब, उसके भाई सतीश, गोली लगने से घायल हुए उपेंद्र और प्रमोद को गिरफ्तार किया है। वहीं दूसरे पक्ष से सरपंच के भतीजे अजय उर्फ मोनू को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच के अनुसार फायरिंग करने में मुख्य भूमिका एक पक्ष से पूर्व सरपंच नसीब और दूसरे पक्ष से अजय उर्फ मोनू की रही है। वहीं इस फायरिंग में इस्तेमाल दोनों हथियार भी पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। रक्षा मंत्रालय का कर्मचारी हुआ था घायलबता दें कि पुलिस के अनुसार विवाद 25 दिसंबर को शुरू हुआ था। जिसमें रक्षा मंत्रालय में एक प्राइवेट कंपनी के तहत नियुक्त कर्मचारी और सरपंच के भतीजे घायल हो गए थे। घायल भिवानी के बवानीखेड़ा निवासी उपेंद्र गांव नौरंगाबाद में अपनी रिश्तेदारी में आया हुआ था। रास्ता रोकने का पूछने पर विवाद बढ़ा घायल उपेंद्र के बड़े भाई श्रीपाल ने बताया था कि रात को अपने भाई के साथ नौरंगाबाद अपनी रिश्तेदारी में आ रहा था। रास्ते में कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी का रास्ता रोक लिया। इसके बाद मौके पर कहासुनी हुई और वे चले गए थे। इस बारे में उन्होंने अपने रिश्तेदारों को बताया। अगले दिन सुबह विवाद के चलते पंचायत की गई। पंचायत में मामले का निपटारा हो गया था। लेकिन, उक्त लोगों से रास्ता रोकने का पूछने पर विवाद बढ़ गया। मौके पर हाथापाई होने लगी। तभी आरोपियों ने गोली चलानी शुरू कर दी। जिसमें उसके भाई उपेंद्र को पैर में गोली लगी। जो रक्षा मंत्रालय में एक प्राइवेट कंपनी के तहत नियुक्त है। 2 लोगों को मारी गोलीगांव नौरंगाबाद निवासी अजय ने आरोप लगाया था कि रात को विवाद हो गया था। लेकिन उसके बाद समझौता हो गया। इसके बाद पूर्व सरपंच नसीब उनके घर पर आया। इस दौरान वह (अजय) अपने डेढ़ माह के बच्चे को लिए हुए था। उसने आते ही हमला कर दिया। हमलावर करीब 20-25 लोग थे। आरोपियों ने पहले लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इसके बाद वह बचने के लिए भागा, तो वह गिर गया। इसके बाद आरोपियों ने उस पर फायरिंग कर दी। जो गोली उसके हाथ में जा लगी। इसके बाद भी डंडे और ईंट भी मारी। वह बचाव के लिए अपने चाचा के घर की तरफ जा रहा था। वहां पर चचेरा भाई था। बीच-बचाव के लिए आया तो उसके चचेरे भाई अजय को भी गोली मारी है। वह मैकेनिक का काम करता है।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:00 am

नारनौल में नौसेनाकर्मी पर हमले के मामले में नया मोड़:सलामपुरा की युवती ने लगाए गंभीर आरोप, पुलिस ने किया मामला दर्ज

हरियाणा के नारनौल में भारतीय नौसेना में कार्यरत युवक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में नया मोड़ सामने आया है। हमले की घटना के बाद अब सलामपुरा मोहल्ला निवासी 21 वर्षीय युवती ने भी शहर थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। युवती का आरोप है कि नौसेना कर्मी उसे जबरन उठाने की धमकी दे रहा था और जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। पुलिस ने युवती की शिकायत पर अलग से मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इससे पहले नौसेना कर्मी रोहित यादव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह मूल रूप से गांव खतरीपुर का रहने वाला है और वर्तमान में भूप कॉलोनी नारनौल में रह रहा है। एक माह की छुट्‌टी पर आया है रोहित भारतीय नौसेना में कार्यरत है और इन दिनों एक माह की छुट्टी पर घर आया हुआ है। शिकायत के अनुसार 5 जनवरी की रात करीब 10 बजे वह अपने घर के सामने गाड़ी पार्क कर रहा था। इसी दौरान मोहल्ला सलामपुरा निवासी दीपक सैनी अपने पांच अन्य साथियों के साथ मोटरसाइकिलों पर सवार होकर वहां पहुंचा। चल रहा है इलाज आरोप है कि दीपक सैनी के हाथ में लोहे की कुल्हाड़ी थी, जबकि अन्य युवकों के हाथों में लोहे की रॉड और डंडे थे। सभी ने मिलकर निहत्थे रोहित पर जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। हमले में रोहित के सिर और हाथ पर गंभीर चोटें आईं और उसके सिर पर टांके लगाए गए। घायल को पहले नागरिक अस्पताल नारनौल और बाद में हायर सेंटर रेफर किया गया, जहां निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। कार को भी किया था क्षतिग्रस्त हमलावरों ने मौके पर खड़ी करीब 15 दिन पहले खरीदी गई मारुति स्विफ्ट कार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। शोर सुनकर लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। सूचना पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। अब मामले में युवती की शिकायत सामने आने के बाद पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों की जांच कर रही है।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:00 am

CJI बनने के बाद पहली बार पैतृक गांव जाएंगे सूर्यकांत:हिसार में स्कूल-कॉलेज में अपने क्लासरूम देखेंगे, अजय चौटाला समेत 12 क्लासमेट को न्योता

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत के हरियाणा दौरे का आज (10 जनवरी) दूसरा दिन है। वे हांसी जिले में स्थित अपने पैतृक गांव पेटवाड़ जाएंगे, जहां ग्रामीणों द्वारा उनका स्वागत किया जाएगा। गांव के खेल स्टेडियम में उनके सम्मान में एक समारोह आयोजित किया गया है। इसके अलावा, CJI गांव में अपने स्कूल जाएंगे। वहीं हिसार स्थित अपने पुराने कॉलेज गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय में एलुमनी मीट में चीफ गेस्ट के रूप में शामिल होंगे। यहां जननायक जनता पार्टी के सुप्रीमो डॉ. अजय चौटाला, पूर्व मंत्री संपत सिंह समेत उनके 12 क्लासमेट और 2 शिक्षक भी इस समारोह का हिस्सा बनेंगे। श्रीराम मंदिर में करेंगे दर्शनगांव के सरपंच प्रतिनिधि सतबीर सिंह ने बताया कि पूरे गांव में उत्साह का माहौल है। चीफ जस्टिस सबसे पहले बाबा श्रीराम मंदिर में दर्शन करेंगे और आशीर्वाद लेंगे। इसके बाद वे खुली जीप में गांव के मुख्य रास्तों से होते हुए कार्यक्रम स्थल तक पहुंचेंगे, जहां ग्रामीण फूल बरसाकर, ढोल-नगाड़ों के साथ पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत करेंगे। गांव के स्कूल में देखेंगे अपना क्लासरूमCJI के भाई मास्टर ऋषिकांत ने बताया कि CJI बनने के बाद उनके भाई सूर्यकांत पहली बार गांव आ रहे हैं। इसलिए पूरा गांव उनका स्वागत करेगा। गांव के स्कूल में दोपहर 12 बजे उनका सम्मान समारोह होगा। मुख्यमंत्री नायब सैनी भी इसमें शामिल हो सकते हैं। इस दौरान वे गांव में अपने पुराने दोस्तों, रिश्तेदारों और परिजनों से भी मिलेंगे। वे अपने पैतृक घर भी जाएंगे और उस क्लासरूम को भी देखेंगे, जहां वे जमीन पर बैठकर पढ़ा करते थे। देसी भोजन करेंगे सूर्यकांतसम्मान समारोह के बाद परशुराम धर्मशाला में उनके लिए दोपहर के भोजन का आयोजन किया गया है। उनके साथ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के कई जज भी मौजूद रहेंगे। दोपहर के भोजन में देसी और साधारण व्यंजन परोसे जाएंगे। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए 51 सदस्यों की एक समिति बनाई गई है। पेटवाड़ गांव के कार्यक्रम स्थल पर हजारों लोगों के बैठने के लिए पंडाल, सोफे और कुर्सियां लगाई गई हैं। जिस कॉलेज में पढ़े, वहीं चीफ गेस्ट बनेंगे CJI CJI हिसार में अपने पुराने कॉलेज, गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय में एलुमनी मीट में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचेंगे। CJI इस कॉलेज के 1977-81 बैच के छात्र रहे हैं। कॉलेज में 3 हजार तस्वीरों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसमें कॉलेज की स्थापना से लेकर अब तक की यादगार तस्वीरें दिखाई जाएंगी। CJI लगभग एक घंटे तक कॉलेज परिसर में रहेंगे। समारोह में कॉलेज से 1950 से 2020 तक शिक्षा प्राप्त कर चुके लगभग 3000 पूर्व छात्रों की एक विशेष डायरेक्टरी जारी की जाएगी। इस डायरेक्टरी में पूर्व छात्रों की शिक्षा, प्रशासन और व्यवसाय से जुड़ी उपलब्धियों की जानकारी होगी। सबसे पहले 80 वर्ष से अधिक उम्र के पूर्व छात्रों और उसके बाद कॉलेज के पूर्व शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में पुराने छात्र अपने अनुभव बताएंगे और सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करेंगे। दोपहर 1 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम पूरी तरह से पूर्व छात्रों पर केंद्रित रहेगा। --------------------- ये खबर भी पढ़ें :- हिसार में CJI ने 1984 का किस्सा सुनाया:सूर्यकांत बोले- जज ने एडवोकेट से कहा इसे क्यों खराब कर रहे हो, फिर मैं चंडीगढ़ गया भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बनने के बाद पहली बार जस्टिस सूर्यकांत आज (9 जनवरी) हरियाणा दौरे पर रहे। हिसार में उन्होंने कहा- 21 अप्रैल 1984 को मैं हिसार कोर्ट में आया। 29 जुलाई को एडवोकेट आत्मा राम बंसल के पास प्रैक्टिस शुरू की। डिस्ट्रिक्ट जज ने सीनियर बार मेंबर (एडवोकेट) से कहा कि आप इसे यहां क्यों खराब कर रहे हो, इसके बाद मैं चंडीगढ़ गया। पढ़ें पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:00 am

हरियाणा के श्रम विभाग में ऑनलाइन ट्रांसफर घोटाला:हाईकोर्ट पहुंचा मामला; जांच के आदेश, ACB करेगी जांच, कर्मचारियों के होंगे बयान

हरियाणा के श्रम विभाग में वर्क स्लिप के बाद दूसरा घोटाला सामने आया है। ये घोटाला ऑनलाइन ट्रांसफर को बताया जा रहा है। इसका खुलासा तब हुआ है, जब ये मामला पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा है। इस मामले में हाईकोर्ट ने एसीबी को जांच को आदेश दिए हैं। सूत्रों की मानें तो इस मामले में सरकार की ओर से भी एसीबी को पूरी पारदर्शी तरीके से जांच के आदेश दिए गए हैं। सीएम नायब सैनी के संज्ञान में भी ये मामला पहुंच चुका है और उन्होंने भी अधिकारियों को जांच की मॉनिटरिंग के साथ ही सभी बिंदुओं पर दोषी मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की हिदायत दी है। क्या है पूरा मामला 2 पवाइंट में समझिए... 1. मनचाही पोस्टिंग के लिए एक लाख रुपए लेने का आरोप हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज के श्रम विभाग का ये घोटाला बताया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो ये पूरा मामला 2023-24 में हुए आनलाइन ट्रांसफर से जुड़ा हुआ है, जिसमें मनपसंद जगह ट्रांसफर के बदले एक लाख रुपए मांगने का आरोप लगा है। दरअसल, विभाग के ही एक कर्मचारी ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में इसको लेकर एक याचिका दाखिल की है। जिसमें कहा गया है कि आनलाइन ट्रांसफर के दौरान उसके साथ धोखा किया गया है। 2. मनचाही पोस्टिंग के एक लाख रुपए लगेंगे हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में याचिकाकर्ता ने लिखा है कि कि ऑनलाइन ट्रांसफर के तहत उसका ट्रांसफर चंडीगढ़ कर दिया गया। उसके द्वारा इसकी जब पड़ताल की गई तो पता चला कि उसके द्वारा इसका कोई ऑप्सन नहीं भरा गया। जब इस मामले में उच्च अधिकारियों से बात की गई तो पता चला कि 1 लाख रुपए देने पर ही मनचाही जगह पोस्टिंग मिलती है। याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की ओर से इस मामले में जांच कराने के आदेश दिए गए हैं। अब अगे क्या... पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से इस मामले की जांच के लिए सरकार को लिखा गया है। सूत्रों की मानें तो इस मामले में एसीबी ने जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान दो दर्जन के करीब कर्मचारियों को संदिग्ध माना गया है। सूत्रों की मानें तो ये सभी कर्मचारी ट्रांसफर पॉलिसी में शामिल हुए थे। हाईकोर्ट के इस निर्देश के बाद पूरे श्रम विभाग में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। बताया जा रहा है कि इस कार्यकाल के अधिकारी और कर्मचारी संबंधित मामले से जुड़े दस्तावेज जुटाने में लग गए हैं। 1500 करोड़ के वर्क स्लिप घोटाले में जांच शुरू श्रम विभाग में अभी संभावित 1500 करोड़ रुपए के घोटाले की जांच को लेकर सरकार की ओर से हाई लेवल कमेटी का गठन किया है। सीएम नायब सैनी खुद इस मामले को लेकर बेहद गंभीर हैं। उन्होंने इस मामले की जांच की रिपोर्ट कमेटी से एक महीने में देने के निर्देश दिए हैं।मुख्यमंत्री ने जांच के लिए पंकज अग्रवाल, आईएएस की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की है, जिसमें राजीव रतन, आईएएस और पंकज नैन, आईपीएस सदस्य हैं। यह कमेटी पूरे मामले की जांच करेगी और विभिन्न अधिकारियों तथा अन्य लोगों द्वारा की गई अनियमितताओं का पता लगाएगी। इसके अलावा, यह समिति विभाग को सुधारात्मक या निवारक उपायों की भी सिफारिश करेगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना न हो। यह समिति सभी तथ्यों की जांच कर एक माह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। क्या है 1500 करोड़ रुपए का वर्क स्लिप घोटाला हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज ने इस साल की शुरुआत में राज्य के भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड का एक सामान्य ऑडिट कराने का आदेश दिया था। अगस्त 2023 से मार्च 2025 के बीच 13 जिलों में जारी किए गए करीब 6 लाख वर्क स्लिप्स में से 5.46 लाख से ज्यादा, यानी 91 प्रतिशत से अधिक, फर्जी निकले। 2.21 लाख मजदूर पंजीकरण में से शारीरिक जांच (फिजिकल वेरिफिकेशन) के बाद सिर्फ 14,240 ही सही पाए गए। इस मामले में अभी जांच जारी है।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:00 am

मुंबई से आए दोस्त की हत्या, लाश के टुकड़े किए:ड्रम-बाल्टी में भरे, पत्नी की मदद से ठिकाने लगाए; लुधियाना में 8 साल की दोस्ती से मर्डर तक की कहानी

पंजाब के लुधियाना में 8 साल पुराने दोस्त शमशेर उर्फ शेरा ने मुंबई से आए दोस्त वरिंदरपाल की हत्या कर दी। फिर लकड़ी काटने वाली आरी से उसके शरीर के 6 टुकड़े किए। सिर-धड़ से अलग कर दिया। फिर लाश के टुकड़े सफेद ड्रम और बाल्टी में डालकर खाली प्लाट में फेंक दिए। सबूत मिटाने के लिए तेल, पॉलीथिन, कूड़ा-करकट डालकर जलाने की कोशिश की। हालांकि जब युवक घर नहीं पहुंचा तो परिवार पुलिस तक पहुंच गई। पुलिस गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कर तलाश कर ही रही थी कि लाश मिल गई। पुलिस ने तुरंत आसपास के CCTV खंगाले तो बाइक पर सफेद ड्रम में लाश के टुकड़े लेकर जाता दोस्त और उसकी पत्नी कुलदीप कौर नजर आ गए। इसके बाद वह फरार हो पाते, पुलिस ने उन्हें आधे रास्ते से ही दबोच लिया। जिसके बाद पूरे हत्याकांड से पर्दा उठ गया। सालों पुरानी दोस्ती अचानक कत्ल तक कैसे पहुंची, कत्ल के बाद सबूत मिटाने के लिए क्या-क्या किया, हत्या के मुख्य आरोपी के बेटों और पत्नी ने मर्डर में क्या रोल निभाया, जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट... सबसे पहले जानिए, दोनों की दोस्ती की कहानी कत्ल कर लाश के टुकड़े ड्रम में पैक कर फेंकने की पूरी कहानी पुलिस कत्ल के आरोपियों तक कैसे पहुंची परिवार को पुलिस के दावों पर एतराजवरिंदरपाल का परिवार पुलिस की मर्डर की थ्योरी से संतुष्ट नहीं है। उसके चचेरे भाई जसविंदर सिंह ने कहा कि शेरा 10 गुणा 10 के कमरे में रहता है। 2 से ढाई घंटे उसे शव काटने में लगे। पुलिस गलत कह रही है कि पत्नी काम पर गई थी। पत्नी भी उस वक्त घर में थी और उसके बच्चे भी। इतनी सर्दी में कौन से बच्चे पूरा दिन छत पर रहते हैं। लाश ठिकाने ले जाते वक्त भी शेरा के दोनों बेटे उसके साथ थे। हमारे पास इसके सबूत हैं। इस संबंध में पुलिस अधिकारियों को भी बता दिया है। जसविंदर सिंह ने कहा कि अगर पुलिस ने बच्चों को भी हत्या में शामिल नहीं किया तो परिजन चक्का जाम करेंगे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पुलिस अधिकारियों को भी बता दिया है कि बच्चे भी हत्या में पूरी तरह से शामिल थे। पुलिस इस तरह की थ्योरी बनाकर केस को कमजोर कर रही है।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 5:00 am

नए सरपंचों–पंचों को नहीं थी योजनाओं की जानकारी, ट्रेनिंग से किया अपडेट

लुधियाना| बच्चे के जन्म के बाद उसकी मां को सरकार की ओर से 6 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है, ताकि वह पोषण और देखभाल पर खर्च कर सके। इसके अलावा भ्रूण हत्या न करने, लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने और 80 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाली छात्राओं को वजीफा देने जैसी कई केंद्रीय व राज्य सरकार की कई योजनाओं संबंधी जानकारी सरपंचों और पंचों को उपलब्ध करवाई गईं है। जिला परिषद कार्यालय में प्रादेशिक देहाती विकास एवं पंचायत राज संस्था, मोहाली की ओर से चल रही ट्रेनिंग वर्कशॉप में उन्हें स्पष्ट किया गया कि बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को पंचायती राज दिवस के मौके पर राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इसमें एक करोड़ रुपये, 75 लाख रुपये और 50 लाख रुपये तक के नकद इनाम शामिल हैं। ट्रेनिंग के बाद पंचों और सरपंचों ने भी माना कि इस ट्रेनिंग से उन्हें सरकारी योजनाओं और अपनी शक्तियों की स्पष्ट समझ मिली है। स्किल इंडिया मिशन और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत युवाओं को प्रशिक्षण और स्टडी लोन की सुविधा उपलब्ध है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को विकास कार्यों के लिए बंधन ग्रांट के रूप में 40 प्रतिशत और अनबन्धित (अनटाइड) ग्रांट के रूप में 60 प्रतिशत राशि दी जाती है। आरडीओएस की 28 योजनाओं के तहत पानी और गंदे पानी की निकासी के लिए भी विशेष ग्रांट उपलब्ध करवाई जाती है।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:59 am

लैविश फंक्शन, फ्यूजन बैंड, एक्सपेरिमेंटल फूड दे रहे लोहड़ी को नया रंग

शहर में लोहड़ी 2026 का जश्न इस बार परंपरा से कहीं आगे निकलता नजर आ रहा है। प्री सेलिब्रेशन शुरू हो चुके हैं और 13 जनवरी लोहड़ी को लेकर भी बुकिंग्स चल रही हैं। कभी परिवार और मोहल्ले तक सीमित रहने वाला यह पर्व अब पूरी तरह लैविश फंक्शन में तब्दील हो चुका है। फार्महाउस, क्लब और प्राइवेट लॉन्स में आयोजित लोहड़ी सेलिब्रेशन इस बात के गवाह बन रहे हैं कि लोग अब त्योहारों को भी उसी स्केल पर मनाना चाहते हैं, जिस तरह बड़े पारिवारिक आयोजनों को प्लान किया जाता है। इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह म्यूजिक और एंटरटेनमेंट में आया ट्रेंड रहा। शहर में बड़ी संख्या में लोगों ने इस बार फ्यूजन बैंड्स बुक किए, जो एक ही मंच से पारंपरिक पंजाबी लोक गीतों के साथ-साथ वेस्टर्न और बॉलीवुड सॉन्ग्स भी गा सकें। सुंदर मुंदरिए और मधाणियां के तुरंत बाद इंग्लिश नंबर या सॉफ्ट बॉलीवुड म्यूजिक ने लोहड़ी को मल्टी-जनरेशन सेलिब्रेशन बना दिया। सोशल मीडिया, बदलती फैमिली स्ट्रक्चर और प्रोफेशनल इवेंट इंडस्ट्री ने लोहड़ी जैसे लोक पर्व को भी एक प्रीमियम सेलिब्रेशन में बदल दिया है। परंपरा और आधुनिकता साथ-साथ शहर में लोहड़ी का यह बदला हुआ स्वरूप लाइफस्टाइल शिफ्ट का संकेत है। लोग त्योहारों को सिर्फ परंपरा निभाने के लिए नहीं, बल्कि एक यादगार अनुभव के रूप में देख रहे हैं। यह ट्रेंड आने वाले समय में और मजबूत होगा, जहां हर त्योहार एक क्यूरेटेड इवेंट की तरह प्लान किया जाएगा। लोहड़ी 2026 ने शहर में यह साफ कर दिया है कि परंपरा और आधुनिकता अब साथ-साथ चल रही हैं। फ्यूजन म्यूजिक, लैविश डेकोर और एक्सपेरिमेंटल फूड के साथ लोहड़ी अब सिर्फ लोक पर्व नहीं, बल्कि शहर की सोशल लाइफ का एक बड़ा और स्टाइलिश इवेंट बन चुकी है। लैविश डेकोर और फ्यूजन फूड बना नई पहचान हार्दिक अरोड़ा, इवेंट प्लानर फ्यूज़न बैंड इस साल लोहड़ी फंक्शंस में डेकोर और फूड पर खास फोकस देखा जा रहा है। लोग अब साधारण सजावट से संतुष्ट नहीं हैं और लोहड़ी को पूरी तरह थीम बेस्ड तरीके से प्लान करवा रहे हैं। ट्रेडिशनल पंजाबी एलिमेंट्स जैसे फुलकारी, गन्ना, मिट्टी के दीये और लकड़ी के स्ट्रक्चर को मॉडर्न लाइटिंग, डिजाइनर स्टेज और इंस्टॉलेशन आर्ट के साथ जोड़ा जा रहा है। अलाव के आसपास खास फोटो जोन और सोशल मीडिया फ्रेंडली कॉर्नर तैयार किए जा रहे हैं, ताकि हर पल कैमरे में कैद हो सके। खाने के मामले में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला। मक्की की रोटी और सरसों के साग के साथ अब फ्यूजन कैटरिंग ट्रेंड में है, जहां देसी स्वाद को इंटरनेशनल प्रेजेंटेशन और फ्लेवर के साथ परोसा जा रहा है। लाइव फूड स्टेशंस, थीम बेस्ड मेन्यू और एक्सपेरिमेंटल डिशेज़ ने लोहड़ी को एक फुल डाइनिंग एक्सपीरियंस में बदल दिया।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:59 am

माघ मेले पर प्रयागराज के लिए दो अनारक्षित स्पेशल ट्रेनें चलेंगी

लुधियाना| लुधियाना से प्रयागराज जाने वालों श्रद्धालुओं को बड़ी राहत देते हुए फिरोजपुर मंडल की ओर से अनारक्षित स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया गया है। संचालन का फैसला माघ मेला 2026 को देखते हुए लिया गया है। इन ट्रेनों का ठहराव लुधियाना के अलावा जालंधर, अंबाला कैंट, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, रायबरेली, प्रतापगढ़ और फाफामऊ जैसे प्रमुख स्टेशनों पर होगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इन अनारक्षित स्पेशल ट्रेनों से माघ मेला में जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। अमृतसर–प्रयागराज स्पेशल ट्रेन (04656) यह ट्रेन 12, 16, 21 और 30 जनवरी तथा 13 फरवरी को अमृतसर से चलेगी। यह ट्रेन सुबह 7:10 बजे लुधियाना पहुंचेगी और 7:20 बजे प्रयागराज के लिए रवाना होगी। वापसी में प्रयागराज–अमृतसर ट्रेन (04655) 13, 17, 22 और 31 जनवरी तथा 14 फरवरी को चलेगी। यह ट्रेन शाम 4:05 बजे लुधियाना पहुंचेगी और 4:15 बजे आगे रवाना होगी। फिरोजपुर कैंट–प्रयागराज स्पेशल ट्रेन (04658) यह ट्रेन 11 और 28 जनवरी तथा 12 फरवरी को चलेगी। यह ट्रेन शाम 4:10 बजे लुधियाना पहुंचेगी और 4:20 बजे प्रयागराज के लिए रवाना होगी। {वापसी में प्रयागराज–फिरोजपुर कैंट ट्रेन (04657) 12 और 29 जनवरी तथा 13 फरवरी को चलेगी। यह ट्रेन शाम 7:35 बजे लुधियाना पहुंचेगी और 7:45 बजे रवाना होगी।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:56 am

राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय जयपुर:बेरोजगारों के लिए अच्छी खबर; डीसीओ के 31 पदों पर 8 साल के बाद होगी भर्ती

प्रदेश में बी-फार्मेसी कर चुके बेरोजगारों के लिए अच्छी खबर है। 8 साल बाद ड्रग कंट्रोल ऑफिसर (डीसीओ) के 31 पदों पर भर्ती की होगी। भर्ती परीक्षा की जिम्मेदारी आरपीएससी के पास होगी। हालांकि, 2013 और 2018 में डीसीओ के पदों पर भर्ती ​की जिम्मेदारी राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय जयपुर (आरयूएचएस) के पास थी। सरकार से हरी झंड़ी मिलते ही आरपीएससी भर्ती का विज्ञापन जारी करेगी। मौजूदा स्थिति में डीसीओ के स्वीकृत 116 में से 100 पदों पर ही अधिकारी काम कर रहे हैं। 15 एडीसी का प्रमोशन होने पर रिक्त होने वाले 31 पदों पर भर्ती होगी। डीसीओ के रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। भर्ती के बाद नए जिलों को भी अधिकारी मिल सकेंगे और नकली दवाओं पर कार्रवाई की जा सकेगी। -अजय फाटक, ड्रग कंट्रोलर, आयुक्त

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:52 am

विवाद:जेयू में अवैध निर्माण को रोकने पहुंचे निगम अमले को बंधक बनाया, गेट का ताला तोड़ बाहर निकले

जीवाजी यूनिवर्सिटी कैंपस में प्रधानमंत्री उषा योजना के तहत 6 करोड़ की लागत से बन रहे गर्ल्स हॉस्टल के निर्माण को नगर निगम के अमले ने दबिश देकर रुकवाया और सामान जब्त कर लिया। इसका भूमिपूजन विगत दिनों प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया था। मदाखलत अमला सामान जब्त कर निकल पाता, इससे पहले ही जेयू के गार्ड व वहां मौजूद कर्मचारियों ने गेट पर ताला डाल दिया। निगम अमले को जेयू कैंपस में बंधक बनाने पर अमले ने अधिकारियों को सूचना दी। इस पर निगम के अपर आयुक्त सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन फिर भी ताला खोलकर अमले को नहीं निकलने दिया, तब निगम के अधिकारी कर्मचारी ताला तोड़कर वहां से बाहर निकले। निगम के भवन अधिकारी वीरेंद्र शाक्य का कहना है कि हॉस्टल निर्माण के लिए नगर निगम से भवन अनुज्ञा (स्वीकृति) नहीं ली गई। निगम ने काम रोकने के लिए 31 दिसंबर को नोटिस दिया था। तब भी काम नहीं रोका गया। अंत में शुक्रवार को भवन शाखा और मदाखलत की टीम जेयू कैंपस में निर्माण स्थल पर सामान जब्त करने पहुंची और सामान को जब्त कर निगम के वाहन में भर लिया। इस बीच राजमाता चौराहा की तरफ के मुख्य गेट (जेयू) पर गार्ड ने ताला लगा दिया। मदाखलत की मदद से ताले को खोला गया, तब वाहन निकल पाए। मौके पर अपर आयुक्त टी प्रतीक राव, जेडओ अनिल श्रीवास्तव और मदाखलत अधिकारी सतेंद्र भदौरिया आदि शामिल थे। ज्ञात रहे जेयू कैंपस के अंदर पीएम उषा योजना के तहत 100 छात्राओं की क्षमता का गर्ल्स हॉस्टल बनाया जा रहा है। इस पर करीब 6 करोड़ रुपए की राशि खर्च हो रही है। जेयू को उक्त काम मार्च तक पूरा करके देना है। निगम को 12 करोड़ रुपए सेवाकर नहीं देने का मामला निगम का जेयू पर 12 करोड़ रुपए के करीब सेवाकर बकाया है। 29 दिसंबर 2024 को निगम के तत्कालीन आयुक्त अमन वैष्णव ने जेयू कैंपस में बने अटल सभागार को बिना परमिशन के निर्माण का कारण बताकर अवैध घोषित कर दिया था। निगम इससे पहले भी साल 2022 से सेवाकर देने के लिए जेयू को नोटिस देती रही है। ज्ञात रहे निगम ने आईआईटीएम संस्थान में तालाबंदी भी की थी। उस पर 2.9 करोड़ रुपए की राशि बकाया थी। निगम ने चार दिन पहले भी किया था सामान जब्त निगम ने जेयू के अंदर चल रहे निर्माण कार्य को लेकर 31 दिसंबर को नोटिस भेजा था। उसमें कहा गया था कि बिना स्वीकृति के अवैधानिक कार्य किया जा रहा है। यदि कोई स्वीकृति के कागजात है तो एक दिन में प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था। एक दिन बाद जब कोई कागजात नहीं आए, उसके बाद निगम की टीम 5 जनवरी को जेयू कैंपस के निर्माण स्थल पर पहुंची थी। तब वहां से ठेकेदार का सामान उठाकर लाई थी। साथ ही काम बंद करने के लिए कहा था। निगम के अधिकारियों का कहना है कि काम बंद नहीं करने पर फिर कार्रवाई की गई। अब जेयू की 38 करोड़ रु. की इमारतों पर अटका निगम की मंजूरी का पेंच नैक से ए++ ग्रेड प्राप्त जीवाजी यूनिवर्सिटी में पीएम उषा योजना के तहत 38 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित तीन प्रमुख भवनों का निर्माण प्रशासनिक लापरवाही के चलते संकट में आ गया है। इन बिल्डिंग पर नगर निगम ने अब मंजूरी न होने का अड़ंगा लगा दिया है। गर्ल्स हॉस्टल, इंजीनियरिंग संस्थान और आर्कियोलॉजी भवन के निर्माण को लेकर नगर निगम की अनुमति नहीं ली गई, जिसके चलते शुक्रवार को निगम का अमला कार्रवाई के लिए विश्वविद्यालय परिसर पहुंचा। इस दौरान विश्वविद्यालय और भवन विकास निगम के अफसर पूरी तरह मौन नजर आए। ज्ञात रहे एक दिन पहले ही कुलसचिव डॉ. राजीव मिश्रा ने मप्र भवन विकास निगम के डीजीएम को पत्र लिखकर अवगत कराया था कि नगर निगम के क्षेत्रीय कार्यालय क्रमांक-11 ने निर्माण से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि यदि अनुमति ली गई है तो दस्तावेज तत्काल प्रस्तुत किए जाएं, अन्यथा शीघ्र स्वीकृति प्राप्त की जाए। इसके बावजूद भवन विकास निगम ने कोई ठोस पहल नहीं की, जिसका परिणाम नगर निगम की कार्रवाई के रूप में सामने आया। नगर निगम का पक्ष बिल्डिंग परमिशन नहीं ली, बंधक नहीं बनाया जेयू कैंपस के अंदर बिल्डिंग बन रही है। उसकी नगर निगम से कोई परमिशन नहीं ली गई है। पिछले दिनों काम रोकने का नोटिस दिया था। फिर से मौके पर काम शुरू था। इसलिए नगर निगम अमले ने जाकर काम को रोककर सामान जब्त किया है। नगर निगम के अमले को कोई बंधक नहीं बनाया है। हमारी टीम सामान जब्त करके निकल रही थी। शायद गेट बंद कर लिया था। उसे खोलकर बाहर आ गए। -टी प्रतीक राव, अपर आयुक्त नगर निगम जीवाजी विश्वविद्यालय का पक्ष भवन विकास निगम से पहले मांगे थे दस्तावेज ^जेयू परिसर में हो रहे निर्माण भवन विकास निगम द्वारा कराए जा रहे हैं। इस संबंध में मैंने निगम के अफसरों को पत्र लिखकर स्पष्ट किया था कि नगर निगम की स्वीकृति ली गई है या नहीं, इसके दस्तावेज उपलब्ध कराएं। - डॉ. राजीव मिश्रा, कुलसचिव, जेयू ^पीएम उषा के तहत जेयू परिसर में बन रहे सभी भवनों की नगर निगम से विधिवत स्वीकृति ली जा चुकी है। निगम की कार्रवाई गलत है। कार्यालय खुलते ही स्वीकृति से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएंगे। -मतेंद्र शाक्य, डीजीएम, मप्र भवन विकास निगम

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:42 am

वाहन जांच के दौरान 5 बाइक चोर गिरफ्तार

गिरिडीह| नगर थाना पुलिस ने शहर के नेताजी चौक पर वाहन जांच अभियान के दौरान शुक्रवार को बाइक चोरी और बेचने के आरोप में 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में रविन्द्र कुमार (36), विजय साव (25) दोनों पचंबा थाना क्षेत्र के ग्राम सुग्गासार निवासी, सुनिल कुमार दास , ग्राम तिवारीडीह थाना पचंबा, सत्यनरायण पांडेय, ग्राम पेठियाटांड़ थाना पचंबा और मो. ताज हसन, ग्राम तेलोडीह शामिल हैं।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:38 am

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत खंडोली डैम में जागरूकता कार्यक्रम

भास्कर न्यूज |गिरिडीह राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के नौवें दिन शुक्रवार को जिला परिवहन पदाधिकारी संतोष कुमार के नेतृत्व में खंडोली डैम (पिकनिक स्थल) के समीप सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान स्कूली बच्चों एवं पिकनिक मनाने आए आमजनों को यातायात नियमों एवं सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को बताया गया कि सड़क पर वाहन चलाते समय ट्रैफिक नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। हेलमेट एवं सीट बेल्ट का प्रयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन, नशे की हालत में वाहन न चलाना तथा यातायात संकेतों का सम्मान करने से सड़क दुर्घटनाओं में काफी हद तक कमी लाई जा सकती है। बच्चों को भी कम उम्र से ही सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी देकर जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया। हिट एंड रन मामलों में सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता, राह-वीर योजना एवं गुड सेमेरिटन योजना के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने वाले नागरिकों को किसी प्रकार की कानूनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता, बल्कि उन्हें प्रोत्साहन एवं संरक्षण दिया जाता है।जिला परिवहन विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य आमजन में जागरूकता फैलाकर सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और सुरक्षित यातायात व्यवस्था को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने का संकल्प भी लिया।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:38 am

सड़क सुरक्षा माह के तहत जिला परिवहन कार्यालय में चला जागरूकता अभियान

भास्कर न्यूज | गिरिडीह राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के अवसर पर शुक्रवार को जिला परिवहन कार्यालय परिसर में सहायता मंच के अंतर्गत सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला परिवहन पदाधिकारी संतोष कुमार के निर्देशानुसार सम्पन्न हुआ, जिसमें लर्निंग लाइसेंस बनवाने आए प्रशिक्षु आवेदकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान रोड सेफ्टी मैनेजर मो. वाजिद द्वारा उपस्थित अभ्यर्थियों को सड़क सुरक्षा के महत्व, यातायात नियमों के पालन तथा सुरक्षित वाहन संचालन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि सड़क पर वाहन चलाते समय हेलमेट, सीट बेल्ट का प्रयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन तथा ट्रैफिक सिग्नलों का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। थोड़ी सी लापरवाही न केवल स्वयं के लिए, बल्कि अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए भी घातक सिद्ध हो सकती है।हिट एंड रन मामलों में सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना तथा ‘गुड सेमेरिटन’ योजना के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता करने वाले नागरिकों को किसी प्रकार की कानूनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता, बल्कि उन्हें संरक्षण एवं सम्मान दिया जाता है।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:38 am

गिरिडीह में रंजीत महानगर और महेंद्र ग्रामीण जिलाध्यक्ष घोषित

भास्कर न्यूज | गिरिडीह भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक इतिहास में शुक्रवार को गिरिडीह में नया अध्याय जुड़ गया। भाजपा जिला कार्यालय में औपचारिक घोषणा के साथ रंजीत राय को भाजपा महानगर जिला अध्यक्ष और महेंद्र वर्मा को भाजपा ग्रामीण जिला अध्यक्ष घोषित किया गया। एक साथ दो जिलाध्यक्षों की घोषणा होते ही पार्टी कार्यालय में उत्सव का माहौल बन गया। कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटीं और एक-दूसरे को बधाई देकर खुशी जताई। चुनाव प्रभारी शशिभूषण भगत ने जला अध्यक्षों के नामो की घोषणा की। मौके पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ रवींद्र राय भी मौजूद थे। घोषणा के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला। जुलूस भाजपा जिला कार्यालय से प्रारंभ होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए बड़ा चौक स्थित हनुमान मंदिर पहुंचकर संपन्न हुआ। यहां सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बजरंगबली और भगवान श्रीराम के समक्ष माथा टेककर संगठन की मजबूती और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।ा कएके पर भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रवींद्र राय, विशेष आमंत्रित सदस्य चुन्नुकांत, जिला महामंत्री संदीप डंगाईच, ओबीसी प्रकोष्ठ के प्रवक्ता विनय सिंह, िजला मंत्री शालिनी बैशखियार, महिला मोर्चा अध्यक्ष उषा कुमारी, रंजीत मरांडी, शिवपूजन राम, संजीत िसंह पप्पू, सिकंदर हेम्ब्रम, सुरेश मंडल, अनुसूचित जाति मोर्चा के िजला अध्यक्ष प्रकाश दास, अशोक उपाध्याय सहित कई बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे। सभी ने नवनियुक्त जिलाध्यक्षों को शुभकामनाएं दीं ।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:38 am

आग तापते समय महिला झुलसी, अस्पताल में भर्ती

गिरिडीह |‌बेंगाबाद थाना क्षेत्र के बघरा निवासी बालदेव तुरी की 40 वर्षीय पत्नी रधिया देवी शुक्रवार शाम लगभग 4 बजे आग तापने के दौरान गंभीर रूप से झुलस गई। घटना के समय रधिया देवी घर लौटी थी और ठंड लगने के कारण बोरेसी में आग जलाकर ताप रही थी। इसी दौरान उनकी साड़ी में आग लग गई, जिससे महिला तुरंत झुलस गई और चिल्लाने लगी।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:38 am

अखिल विश्व गायत्री परिवार ने किया साप्ताहिक गोष्ठी आयोजित

भास्कर न्यूज | गिरिडीह अखिल विश्व गायत्री परिवार के बैनर तले गावां प्रखंड के गदर, गावां एवं नगवां क्षेत्रों में साप्ताहिक विचार गोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा एवं उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आध्यात्मिक चेतना का प्रसार, सामाजिक कुरीतियों का उन्मूलन तथा नैतिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाना रहा। गोष्ठी के दौरान उपस्थित साधकों एवं श्रद्धालुओं द्वारा गायत्री मंत्र की सामूहिक साधना की गई, जिससे वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो गया। इसके पश्चात गुरु माता के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर उनके विचारों एवं संदेशों का वाचन किया गया। वक्ताओं ने गुरु माता के जीवन दर्शन, सेवा, साधना एवं संस्कार निर्माण पर विस्तार से प्रकाश डाला।कार्यक्रम में समाज में बढ़ती नशाखोरी पर गहरी चिंता व्यक्त की गई तथा इसे जड़ से समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया गया। इस क्रम में विद्यालयों एवं सत्संग स्थलों पर नशा उन्मूलन से संबंधित बैनर लगाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया, ताकि युवाओं और आमजन को जागरूक किया जा सके। इसके साथ ही गायत्री परिवार द्वारा प्रकाशित पत्रिका के महत्व पर चर्चा की गई और अधिक से अधिक नए पाठक जोड़ने तथा नियमित रूप से पत्रिका पढ़ने के लिए लोगों को प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान पाँच नए सदस्यों को पत्रिका का सदस्य बनाया गया। गायत्री परिवार से जुड़ी अंजू देवी, लखन विश्वकर्मा तथा महिला मंडल गावां द्वारा की गई। आयोजन को सफल बनाने में महिला मंडल एवं स्थानीय कार्यकर्ताओं का सराहनीय योगदान रहा। इस तरह के रचनात्मक और प्रेरणादायी कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने का संकल्प लिया।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:38 am

जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का सफल आयोजन

भास्कर न्यूज |गिरिडीह मेरा युवा भारत, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के जिला कार्यालय द्वारा शुक्रवार को शहर के स्टेडियम में जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में खेल भावना का विकास, शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना, अनुशासन तथा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला खेल पदाधिकारी अर्जुन बरला उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं संयोजन जिला युवा अधिकारी रवि कुमार मिश्रा ने किया। इसके अलावा राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के नोडल पदाधिकारी प्रो. धर्मेंद्र कुमार वर्मा, नय्यर परवेज सहित कई गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने युवाओं से नियमित रूप से खेल गतिविधियों में भाग लेने तथा खेल को जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया।जिला स्तरीय प्रतियोगिता में मेरा युवा भारत, गिरिडीह कार्यालय द्वारा हाल ही में डुमरी, तिसरी, पीरटांड़, गांडेय एवं बेंगाबाद प्रखंडों में आयोजित प्रखंड स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं के विजेता दलों एवं प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।प्रतियोगिताएं पुरुष एवं महिला वर्ग में आयोजित की गईं। पुरुष वर्ग में फुटबॉल, 400 मीटर दौड़ एवं लंबी कूद, जबकि महिला वर्ग में कबड्डी, 200 मीटर दौड़ एवं रस्सी कूद की प्रतियोगिताएं सम्पन्न हुईं। फुटबॉल (पुरुष) में एसटी क्लब, पत्थलजोर (पीरटांड़) प्रथम तथा न्यू जूनियर स्पोर्टिंग क्लब, पंदना (गांडेय) द्वितीय स्थान पर रहा। कबड्डी (महिला) में इंद्रा द फाइटर अकैडमी, डुमरी ने प्रथम और ऑल स्पोर्ट्स अकैडमी, ताराटांड़ (गांडेय) ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।विभिन्न एथलेटिक स्पर्धाओं में भी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिताओं के सफल संचालन में मोहम्मद शादाब, अली रज़ा, मुनव्वर आलम, आदर्श कुमार, सलीम सहित अन्य सदस्यों ने निर्णायक मंडल के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समापन अवसर पर सभी विजेता एवं उपविजेता टीमों एवं प्रतिभागियों को ट्रॉफी, मेडल एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही सभी टीमों को खेल सामग्री किट का वितरण किया गया। कार्यक्रम का समापन शांतिपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:38 am

अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने संगठनात्मक मजबूती पर किया चर्चा

भास्कर न्यूज |गिरिडीह अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के राजस्थान क्षेत्र के संगठन मंत्री एवं पटना क्षेत्र के सह संगठन मंत्री सुरेंद्र राजपूत तथा झारखंड प्रांत के मंत्री दिलीप वैद्य का शुक्रवार को गिरिडीह जिले में प्रवास हुआ। इस अवसर पर शहर के एक निजी होटल में संगठन की महत्वपूर्ण बैठक की गई, जिसमें संगठन विस्तार सहित विभिन्न समसामयिक विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। बैठक में सभी प्रखंडों में नियमित रूप से हनुमान चालीसा पाठ आयोजित करने, उज्जैन में प्रस्तावित हिंदू महासम्मेलन की तैयारियों तथा संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि समाज में सांस्कृतिक जागरूकता और संगठनात्मक एकजुटता को बढ़ाना परिषद का प्रमुख उद्देश्य है।अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद एडवोकेट फोरम के प्रांत उपाध्यक्ष नित्यानंद प्रसाद ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल हिंदू समाज के हितों को लेकर निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा संचालित मेडिकल कॉलेज से जुड़े मुद्दे का उल्लेख करते हुए कहा कि इस विषय को लेकर राष्ट्रीय बजरंग दल ने आंदोलन किया था। उनके अनुसार, हिंदुओं के दान से संचालित संस्थानों का लाभ हिंदू समाज को मिलना चाहिए।जिला अध्यक्ष रितेश पांडेय ने कहा कि सभी हिंदू मंदिरों को सरकारी हस्तक्षेप से मुक्त कराने के लिए संगठन लगातार प्रयासरत है और इस दिशा में आगे भी संघर्ष जारी रहेगा।बैठक में धनबाद विभाग अध्यक्ष रविशंकर पांडेय, विभाग मंत्री उदय सिंह, जिला महामंत्री पंकज पांडेय, जिला कार्याध्यक्ष विजयमल पांडेय, मंत्री कुंदन केशरी, राष्ट्रीय बजरंग दल के जिला अध्यक्ष गौरव कुमार अंशु, जिला मंत्री शुभम झा, हिंदू हेल्पलाइन के जिला महामंत्री बसंत सिंह, ॐ श्री परिवार के जिला अध्यक्ष रौनक मिश्र, राष्ट्रीय मजदूर परिषद के जिला महामंत्री रपन गुप्ता, मंत्री डब्लू रवानी, ओजस्विनी की जिला उपाध्यक्ष काजल सिन्हा, बजरंगी राम, संजय सहित पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:38 am

कुछ दिनों में सभी मजदूर पहुंचेंगे पैतृक गांव, परिजनों में खुशी का माहौल

भास्कर न्यूज | बगोदर नाइजर में आठ महीने से अपहृत गिरिडीह के बगोदर प्रखंड के पांच प्रवासी मजदूरों को सकुशल रिहा कर दिया गया है। इस बड़ी सफलता की आधिकारिक पुष्टि गिरिडीह के लेबर सुप्रिटेंडेंट प्रवीण कुमार ने की। रिहाई की खबर मिलते ही उनके परिजनों सहित पूरे इलाके में खुशी की लहर है। लेबर सुप्रिटेंडेंट प्रवीण कुमार ने बताया कि सभी मजदूर सुरक्षित हैं और उनके परिजनों को इसकी सूचना दे दी गई है। फिलहाल उनकी भारत वापसी की प्रक्रिया चल रही है और संभावना है कि अगले तीन-चार दिनों में सभी मजदूर अपने घर लौट आएंगे। बगोदर प्रखंड के दोंदलो गांव के फलजीत महतो, राजू महतो, संजय महतो, चंद्रिका महतो और मुंडरो गांव के उत्तम महतो नाइजर में टावर लाइन से जुड़ी एक कंपनी में कार्यरत थे, जहां से आठ माह पूर्व उनका अपहरण कर लिया गया था। मजदूरों की रिहाई और सुरक्षित स्वदेश वापसी का मामला लोकसभा और झारखंड विधानसभा तक पहुंचा था। बिहार के भाकपा माले सांसद सुदामा प्रसाद, बगोदर विधायक नागेन्द्र महतो और निरसा विधायक अरुप चटर्जी ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाया। वहीं, स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने केंद्रीय विदेश मंत्री को पत्र लिखकर मजदूरों की रिहाई और वतन वापसी की मांग की थी। लंबे संघर्ष और इंतजार के बाद मजदूरों की सकुशल रिहाई से उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है। अब सभी की निगाहें उनके सुरक्षित घर लौटने पर टिकी हैं।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:38 am

यतायात थाना का भवन जर्जर , जनता - पुलिस दोनों परेशान

भास्कर न्यूज | गिरिडीह शहर के मकतपुर स्थित यतायात थाना विगत 20 वर्षों से क्षतिग्रस्त होने के कारण पुलिस आवास भवन में संचालित हो रहा है। थाना का अपना भवन न होने के कारण पूरी गतिविधियां एक कमरे में सीमित हैं, जिससे न केवल जनता को परेशानी होती है, बल्कि थाना कर्मियों के लिए भी काम करना मुश्किल हो गया है। थाना में जब्त किए गए वाहनों को छुड़ाने के लिए आने वाले लोग इस भीषण ठंड में बाहर बैठकर थाना प्रभारी का इंतजार करने को मजबूर हैं। यतायात थाना परिसर में आम जनता के बैठने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। वहीं, जिस पुलिस आवास भवन में थाना चल रहा है, वह भी जर्जर स्थिति में है और दो से अधिक लोगों का एक साथ बैठना असंभव है। थाना भवन के अभाव के बावजूद यतायात थाना हर वर्ष सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व देती है। बावजूद इसके, सरकार द्वारा अभी तक नए भवन का निर्माण नहीं किया जा सका है। थाना प्रभारी दुगन टोेपनो ने बताया कि नया थाना भवन बनाने के लिए भवन प्रमंडल के कनिष्ठ अभियंता ने मापी कर प्रस्ताव तैयार कर सरकार को स्वीकृति हेतु भेजा है। भवन प्रमंडल ने सरकार से स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजा कर्मी और जनता दोनों ही भवन की जर्जर स्थिति को लेकर चिंतित हैं। जनता की ओर से कहा जा रहा है कि वाहन छुड़ाने और अन्य यतायात संबंधी सेवाओं के लिए लोगों को लंबे समय तक बाहर खड़ा रहना पड़ता है। थाना कर्मियों का कहना है कि कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है और उन्हें भी उचित स्थान नहीं मिलने के कारण ड्यूटी करने में कठिनाई हो रही है। नया थाना भवन बनने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और भवन प्रमंडल ने सरकार से स्वीकृति प्राप्त करने के लिए आवश्यक प्रस्ताव भेज दिया है। लोगों की उम्मीद है कि जल्द ही यतायात थाना का नया भवन बन जाएगा और जनता व पुलिस दोनों को राहत मिलेगी।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:38 am

जब सीसीएल से कोयला चोरी कर साइकल में लोड कर तस्करी के लिए ले जाया जाता है तो उपरी चढ़ाई पर पीछे से बाइक सवार...

भास्कर न्यूज| गिरिडीह साथी हाथ बढ़ाना... एक अकेला थक जाएगा... मिलकर बोझ उठाना... साथी हाथ बढ़ाना। क्लासिक फिल्म नया दौर का ये गाना कभी हर जुबान पर थी। लेकिन वर्तमान समय इस गाने की उल्टे बोल लोग गुनगुनाने लगे हैं। जब सहयोग के तौर पर लोग हाथ की जगह पैर का इस्तेमाल करने लगे हैं। दरअसल कोयला तस्करी में इस तरह का सहयोगात्माक नजारा गिरिडीह में देखने को मिल रहा है। जब सीसीएल से कोयला चोरी कर साइकल में लोड कर तस्करी के लिए ले जाया जाता है तो उपरी चढ़ाई में पार करना साइकिल चालक के लिए मुश्किल बन जाती है। ऐसे में पीछे पेशेवर बाइक सवार उसकी साइकल ​को लात से सहारा देता है और साइकल चालक आसानी से चढ़ाई को पार कर लेता है। इसके एवज में बाइक सवार को प्रति साइकल चढ़ाई पार कराने के लिए 200 रुपए देता है। गिरिडीह में इन दिनों इस तरीके से हर दिन 200 से 300 साइकिल सीसीएल क्षेत्र से चोरी का कोयला लेकर दिनदहाड़े विभिन्न थाना व बाजार होकर गुजरता है, लेकिन इस कालेधंधे पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं होती है। ऐसे में साथी लात बढ़ाना... एक अकेला थक जाएगा... मिलकर बोझ उठाना... साथी लात बढ़ाना के गाने जुबान पर आ ही जाती है।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:38 am

धालभूमगढ़ में चोरी पर धर्म संस्था ने प्रशासन से की गश्ती बढ़ाने की मांग

धालभूमगढ़| धालभूमगढ़ थाना क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने एवं रात्रि पुलिस गश्ती बढ़ाने की मांग को लेकर सेवा ही धर्म सामाजिक संस्था की ओर से धालभूमगढ़ थाना प्रभारी को एक लिखित ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि धालभूमगढ़ थाना क्षेत्र के नरसिंहगढ़ इलाके में बीते कुछ दिनों से लगातार चोरी की घटनाएं घटित हो रही हैं। इससे क्षेत्र के आम नागरिकों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। आए दिन हो रही चोरी की घटनाओं के कारण लोगों का जन-जीवन प्रभावित हो रहा है, जो अत्यंत दुखद विषय है। संस्था ने चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए रात्रि पुलिस गश्ती बढ़ाने की मांग की है। साथ ही कहा गया कि ऐसी घटनाओं को रोकना जहां सामाजिक संगठनों का कर्तव्य है, वहीं पुलिस प्रशासन को सहयोग देना भी सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी बनती है। तीन प्रमुख मांगों में धालभूमगढ़ क्षेत्र में रात्रि पुलिस गश्ती बढ़ाने, चौकीदारों की नियमित रात्रि ड्यूटी सुनिश्चित करनेकी मांग की है।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:37 am

धालभूमगढ़ सीएचसी में लगा प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेला, 478 मरीजों की हुई जांच

भास्कर न्यूज| घाटशिला घाटशिला अनुमंडल अस्पताल परिसर में शुक्रवार को प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया गया। मेले का उद्देश्य आम लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी देना रहा। कार्यक्रम का आयोजन मानसी प्लस एवं टाटा स्टील फाउंडेशन के सहयोग से किया गया। स्वास्थ्य मेला का शुभारंभ मुख्य अतिथि घाटशिला विधायक सोमेश सोरेन ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के लाभुकों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया। स्वास्थ्य मेले के माध्यम से लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी और सरकारी योजनाओं की जानकारी सीधे आमजन तक पहुंची। स्थानीय लोगों ने ऐसे आयोजनों को नियमित रूप से कराने की मांग की। स्वास्थ्य मेले में कुल 21 स्टॉल लगाए गए थे, जहां विभिन्न बीमारियों की जांच, परामर्श और प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई। मेले में कुल 518 लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों के परामर्श का लाभ उठाया। लोगों में मेले को लेकर खासा उत्साह देखा गया। कार्यक्रम का आयोजन अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. आरएन सोरेन की देखरेख में किया गया। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण और दूर-दराज के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में मदद मिलती है। मेले में प्रखंड प्रमुख सुशीला टुडू, बीडीओ युनिका शर्मा, डॉ. रंजु कुमारी, डॉ. भगान हेब्रम, डॉ. शंकर टुडू, डॉ. मीरा मुर्मू, डॉ. रामचंद्र सोरेन, डॉ. राजेन्द्र बिरूआ, डॉ. जुली कुमारी, बीपीएम मयंक सिंह सहित सीएचओ, एएनएम एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे। धालभूमगढ़| धालभूमगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में शुक्रवार को प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया गया। मेले का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य जांच एवं सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना रहा। स्वास्थ्य मेले में कुल 478 मरीजों की विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य जांच की गई। स्वास्थ्य मेला का उद्घाटन प्रखंड विकास पदाधिकारी बबली कुमारी, जिला परिषद सदस्य हेमंत मुंडा, झामुमो प्रखंड अध्यक्ष अर्जुन चंद्र हांसदा, पंचायत समिति सदस्य प्रदीप कुमार राय, कमल मंडल, फकीर चंद्र अग्रवाल, पूर्व जिला परिषद सदस्य आरती सामाद, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी गोपीनाथ माहली, ब्लॉक अकाउंट मैनेजर गोपीनाथ दास एवं बीपीएम अभय सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। स्वास्थ्य मेले के दौरान 147 गर्भवती महिलाओं का प्रसव पूर्व जांच किया गया, जिससे सुरक्षित मातृत्व को लेकर महिलाओं को आवश्यक परामर्श और मार्गदर्शन दिया गया। वहीं 18 छोटे बच्चों का मुंहजुठी कार्यक्रम भी संपन्न कराया गया। स्वास्थ्य जांच शिविर में डॉ. सोमाइ हेंब्रम, दंत चिकित्सक डॉ. अर्चना तिग्गा तथा डॉ. रूबी कुमारी ने मरीजों की जांच कर आवश्यक परामर्श एवं दवाएं दीं। रोगों की प्राथमिक जांच व स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी गई। सरकारी अस्पतालों की सेवाएं और सशक्त होंगी : विधायक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक सोमेश सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक मरीज को स्थानीय सरकारी अस्पतालों से ही बेहतर और संपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। इसके लिए अस्पतालों की सुविधाओं में लगातार वृद्धि की जा रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में अनुमंडल अस्पताल से गंभीर मरीजों को बाहर रेफर करने की आवश्यकता कम होगी, क्योंकि यहां ही कई जटिल बीमारियों का इलाज संभव हो सकेगा। विधायक ने क्षेत्र से फाइलेरिया को पूरी तरह खत्म करने के लिए जनसहयोग पर बल दिया। साथ ही परिवार नियोजन अपनाने वाले लाभुकों, कुपोषण से मुक्त हुए लाभुकों समेत अन्य सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया गया।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:37 am

रानी शिरोमणि एक्सप्रेस में बुजुर्ग की संदिग्ध मौत, मेदिनीपुर स्टेशन पर उतारा गया शव

खड़गपुर| आद्रा-हावड़ा रानी शिरोमणि फास्ट पैसेंजर ट्रेन में एक बुजुर्ग यात्री की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी. मृतक की पहचान कर्नाटक के यादगीर जिले के निवासी मल्अप्पा (63) के रूप में हुई है।घटना के बाद मेदिनीपुर स्टेशन पर काफी हलचल बढ़ गयी.मेदिनीपुर रेल राजकीय पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी.मालूम हो कि मल्अप्पा आद्रा स्टेशन से ट्रेन के जनरल डिब्बे में सवार हुए थे।सहयात्रियों ने बताया कि ट्रेन जब शालबनी स्टेशन से आगे बढ़ी, तब अचानक वृद्ध को उल्टियां होने लगीं.इसके कुछ ही देर बाद गोदापियाशाल स्टेशन के पास वह अपनी सीट पर ही अचेत होकर गिर पड़े।यात्रियों ने तुरंत इसकी सूचना ट्रेन में मौजूद टीटीई और आरपीएफ के जवानों को दी. जैसे ही ट्रेन मेदिनीपुर स्टेशन पहुंची, आरपीएफ कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए बुजुर्ग को कोच से बाहर निकाला।रेलवे के डॉक्टर को मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:37 am

बालू लदे 20 वाहन जब्त, प्रत्येक पर एक-एक लाख का लगाया गया जुर्माना

भास्कर न्यूज| खड़गपुर जिले में भूमि एवं भूमि सुधार विभाग ने बालू तस्करी के एक बड़े गिरोह को पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने लगातार विशेष अभियान चलाकर दांतन इलाके से बालू लदे 20 वाहनों को जब्त किया। प्रत्येक वाहन पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया जांच में यह तथ्य सामने आया है कि तस्करों ने सरकारी राजस्व को चूना लगाने के लिए एक नयाब तरीका अपनाया था। नियमों के अनुसार, दांतन से पांसकुड़ा तक बालू ले जाने के लिए 12 घंटे का समय मिलता है। इसी दौरान बालू को पांसकुड़ा ले जाने की बजाय रास्ते में ही बेलदा, नारायणगढ़ और मनोहरपुर जैसे बाजारों में उतार देते थे। कम समय में माल खाली होने के कारण वे उसी वैध कागजात पर दोबारा खदान से बालू भरकर परिवहन करते थे। इससे एक ही चालान पर कई बार बालू की निकासी की जा रही थी। भूमि सुधार विभाग के अधिकारियों ने सुवर्णरखा नदी के किनारे स्थित दांतन-एक ब्लॉक की खदानों का भी निरीक्षण किया। खड़गपुर की एसडीओ सुरभि सिंगला और भूमि सुधार अधिकारी अभिजीत भुइयां ने पाया कि खदानों से जारी अधिकांश चालान पांसकुड़ा के लिए थे। अधिकारियों को संदेह है कि इस पूरे खेल में खदान मालिकों की भी मिलीभगत है। विभाग अब इन खदान मालिकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के लिए राज्य और जिला प्रशासन को पत्र लिखने की तैयारी कर रहा है। बताते चले कि तस्कर अब भारी वाहनों के स्थान पर ट्रैक्टरों का उपयोग अधिक कर रहे हैं, क्योंकि ये ग्रामीण रास्तों से आसानी से निकल जाते हैं। पकड़े गए वाहनों में कई बिना नंबर प्लेट के भी पाये गये। विभाग के अनुसार, 100 सीएफटी के चालान पर 150 सीएफटी तक बालू लादकर ओवरलोडिंग भी की जा रही थी। महकमा भूमि एवं भूमि सुधार अधिकारी अभिजीत भुइयां ने बताया कि पकड़े गए वाहनों पर कुल 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जब तक यह राशि सरकारी कोष में जमा नहीं होती, तब तक इन वाहनों के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उन्होंनें स्पष्ट किया कि अवैध बालू उत्खनन और तस्करी रोकने के लिए आने वाले दिनों में अभियान और तेज किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:37 am

खुलासा : अवैध संबंधों के कारण हुई थी युवक की हत्या, 3 गिरफ्तार

खड़गपुर| पश्चिम मेदिनीपुर जिले के केशपुर थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज हत्या का मामला पुलिस ने उजागर किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि कथित रूप से पराई महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े जाने के बाद एक युवक की बेरहमी से पीटकर कर हत्या कर दी गयी। मृतक की पहचान मीरपुर गांव निवासी शिशिर मल्लिक के रूप में हुई थी। जानकारी हो कि 23 दिसंबर को केशपुर ब्लॉक की एनायेतपुर ग्राम पंचायत अंतर्गत विश्वनाथपुर इलाके में महिला फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन चल रहा था। इसी दौरान शिशिर मल्लिक, उर्मिला हेम्ब्रम के घर उस वक्त पहुंचा, जब उसका पति सुनील हेम्ब्रम घर पर मौजूद नहीं था। आरोप है कि सुनील के मित्र संतु मल्लिक ने शिशिर को उर्मिला के घर में प्रवेश करते देख लिया और इसकी सूचना फोन पर सुनील को दे दी। फोन पर जानकारी मिलने के बाद सुनील हेम्ब्रम घर पहुंचा और कथित रूप से अपनी पत्नी को शिशिर के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखकर आपा खो बैठा। आरोप है कि पहले उसने पत्नी के साथ मारपीट की और फिर संतु मल्लिक के साथ मिलकर शिशिर की बुरी तरह पिटाई की थी। हत्या के बाद आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से देर रात शव को घर से कुछ दूरी पर कंसाई (कंसावती) नदी के तट पर ले जाकर गड्डा खोदकर दफना दिया था। पांच जनवरी को स्थानीय लोगों ने नदी किनारे रेत में दो कुत्तों को बार-बार खरोंचते देखा, जिससे संदेह उत्पन्न हुआ था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और खुदाई के बाद शिशिर का शव बरामद किया गया था।पुलिस के अनुसार शिशिर 23 दिसंबर से लापता था। परिजनों की ओर से 29 दिसंबर को केशपुर थाने में लापता होने का मामला दर्ज कराई गया था।इससे पूर्व दो जनवरी को शिशिर की साइकिल भी कंसावती नदी से बरामद हुई थी। छह जनवरी को मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज के शवगृह में शव का पोस्टमार्टम कराया गया था। जांच के क्रम में पुलिस ने उर्मिला हेम्ब्रम (25), उसके पति सुनील हेम्ब्रम (30) और संतु मल्लिक (30) को इस मामले में आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया है।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:37 am

शैक्षणिक दौरे में नर्सरी का भ्रमण कर बच्चों ने सीखा पौधे को लगाने का गुर

भास्कर न्यूज| खड़गपुर खड़गपुर शहर में स्थित ग्रिफिन्स इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों ने शैक्षणिक दौरे के हिस्से के रूप में पुष्पांजलि नर्सरी का दौरा किया। बच्चों के यह दौरा आनंददायक और जानकारीपूर्ण दोनों था। जिसमें बच्चों को कक्षा से परे सीखने का एक मूल्यवान अवसर मिला। यात्रा के दौरान, छात्रों को विभिन्न प्रकार के पौधों, पौधों और फूलों से परिचित कराया गया। नर्सरी स्टाफ ने प्रत्येक चरण को सरल और आकर्षक तरीके से समझाते हुए पौधे लगाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। बच्चों ने पौधा लगाने की प्रक्रिया के बारे में सीखा, जिसमें मिट्टी तैयार करना, पौधा लगाना, पानी देना और उसके बड़े होने पर उसकी देखभाल करना शामिल है। उन्होंनें यह भी देखा कि पौधों का पोषण कैसे किया जाता है और हमारे दैनिक जीवन में उनके महत्व को समझा, जैसे कि ऑक्सीजन, भोजन और स्वच्छ वातावरण प्रदान करना। इस व्यावहारिक प्रदर्शन से छात्रों को कक्षा में सीखने को वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ने में मदद मिली। शैक्षिक दौरे ने सफलतापूर्वक प्रकृति के प्रति प्रेम की भावना पैदा की और युवा शिक्षार्थियों को पौधों के प्रति देखभाल और जिम्मेदारी विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया। ग्रिफिन्स इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन अभिषेक कुमार यादव का कहना है कि बच्चों के लिये यह एक यादगार और समृद्ध अनुभव था, जिसने प्राकृतिक दुनिया के बारे में उनकी समझ को बढ़ाया।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:37 am

नौ कुंडीय गायत्री यज्ञ में कई लोगों ने ली दीक्षा

धालभूमगढ़| चाकुलिया प्रखंड क्षेत्र के आमाभूला गांव में लाल मोहन महतो के घर के समीप शुक्रवार को 9 कुंडीय गायत्री यज्ञ का आयोजन हुआ। यज्ञ शुरू होने के पहले गायत्री ध्वजारोहण के बाद कलश यात्रा निकाली गई। इस कलश यात्रा में भारी संख्या में महिला शामिल हुई। 9 कुंडीय गायत्री यज्ञ में देव संस्कृति विश्वविद्यालय शान्तिकुंज हरिद्वार से सामाजिक परिवीक्षा पर आई बहनें मनस्वी वर्मा, शिवानी वर्मा और शिखा पालीवाल द्वारा यज्ञ कराया गया। यज्ञ के बाद दीक्षा संस्कार का आयोजन हुआ। जिसमें शांतनु महतो, लक्खी महतो, जमुना महतो, निताई महतो, वंदना महतो, कविता महतो, पार्वती महतो, लाल मोहन महतो, हेमवती महतो, लक्ष्मी महतो, सरस्वती महतो, उर्मिला महतो ने दीक्षा ली।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:36 am

टैरिफ वॉर से जयपुर के 100 करोड़ डूबने की आशंका:ट्रम्प टैरिफ वॉर से अमेरिका के तुसान ज्वैलरी शो में स्टॉल बुक कराने वाले जयपुर के ज्वैलर्स के 100 करोड़ रुपए फंसे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के टैरिफ वॉर से जयपुर के करीब 100 ज्वैलर्स के 100 करोड़ डूबने की आशंका है। इन ज्वैलर्स ने अमेरिका के एरिजोना में होने वाले ट्यूसन शो में हिस्सा लेने के लिए स्टॉल बुक किए हैं। इसके लिए प्रति बूथ करीब एक करोड़ रुपए खर्च होगा। ऐसे में अगर ट्रम्प द्वारा भारत पर टैरिफ मौजूदा 50% से बढ़ाकर 500% तक किया जाता है, तो हर बूथ पर ज्वैलर्स को 60-70% तक नुकसान हो सकता है। बता दें कि यह शो 15 जनवरी से 15 फरवरी तक होगा। इसमें नए कलेक्शन व डिजाइन पेश किए जाते हैं। पिछले शो में जयपुर के जौहरियों को लगभग एक हजार करोड़ रुपए के ऑर्डर मिले थे। रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद के मुताबिक, इस शो में देश से लगभग 225 ज्वैलर हर साल हिस्सा लेते हैं। इनमें अधिकांश जयपुर के होते हैं। कई ज्वैलर चार-पांच बूथ तक भी बुक कराते हैं। उधर, ज्वैलर्स का कहना है कि अतिरिक्त टैरिफ की धमकी से स्टॉल बुक करा चुके ज्वैलर असमंजस में हैं। अगर टैरिफ 70% या इससे अधिक हो जाता है, तो अमेरिका को रत्नाभूषण निर्यात मुश्किल हो जाएगा। एक बूथ की बुकिंग 20 से 25 लाख रुपए में होती है। इसकी सजावट पर करीब 8 लाख रुपए खर्च हो जाते हैं। अन्य खर्च मिलाकर इसकी लागत एक करोड़ रुपए तक पहुंच जाती है। राजस्थान के 7000 करोड़ के रत्नाभूषण निर्यात पर भी असर पिछले वित्त वर्ष में राजस्थान से 97,171 करोड़ रुपए के उत्पादों का निर्यात हुआ था। इनमें इंजीनियरिंग सामान, जवाहरात, आभूषण, कपड़ा व रेडीमेड गारमेंट, हैंडीक्राफ्ट और इमारती पत्थर का योगदान 65 से 70% रहा। प्रदेश के कुल निर्यात का करीब 20% अमेरिका को होता है। ऐसे में प्रदेश के 18-20 हजार करोड़ रुपए के निर्यात पर असर की आशंका है। टैरिफ वॉर का सबसे ज्यादा असर राजस्थान के 7000 करोड़ रुपए के रत्नाभूषण निर्यात पर पड़ेगा। टैरिफ बढ़ा तो अमेरिकी हमसे आभूषण नहीं खरीदेंगे अमेरिका में 50 फीसदी टैरिफ के कारण पहले से ही हमारे रत्न व आभूषण महंगे हो चुके हैं। आगे टैरिफ बढ़ता है तो हमारे उत्पाद और महंगे होंगे और अमेरिकी खरीदार हमसे खरीद नहीं करेंगे। -नीरज लूणावत, महासचिव, ज्वैलर्स एसोसिएशन, जयपुर पिछले साल हुए शो में एक हजार करोड़ रुपए से अधिक के ऑर्डर हमें मिले थे, लेकिन मौजूदा हालात में यह घटकर 30-40 फीसदी ही रहने की आशंका है। यही हाल रहा तो बूथ की लागत वसूलना कठिन हो जाएगा। नकदी प्रवाह पर दबाव पड़ेगा। -गोविंद गुप्ता, रत्न निर्यातक टैरिफ के कारण राजस्थान का 20 हजार करोड़ रुपए का निर्यात संकट में है। रत्नाभूषण के अलावा क्वार्ट्ज पत्थर, हैंडीक्राफ्ट, इंजीनियरिंग गुड्स और रेडीमेड गारमेंट समेत कई उत्पादों का निर्यात प्रभावित होगा। अभी प्रदेश के निर्यात में अमेरिका की 20 फीसदी हिस्सेदारी है। -सुरेश अग्रवाल, अध्यक्ष, फोर्टी

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:36 am

बोर्ड परीक्षा तैयारियों को लेकर बैठक:कलेक्टर को डी-ई ग्रेड बच्चों की चिंता, सलाह-एक्स्ट्रा क्लास लगाएं, हकीकत-शिक्षक एसआईआर में व्यस्त

बोर्ड परीक्षा में अब कुछ दिन ही बाकी हैं। चिंता डी और ई-ग्रेड के छात्रों के कारण रिजल्ट बिगड़ने की है। इसी कारण एक्स्ट्रा क्लास लगाने के निर्देश हैं। दूसरी तरफ हकीकत यह है कि जिन शिक्षकों पर रिजल्ट सुधारने का जिम्मा है वे एसआईआर में लगे हैं। शुक्रवार को एक्स्ट्रा क्लास और रिजल्ट सुधार के मुद्दे पर ही प्राचार्यों के साथ बाल भवन में बैठक हुई। इसमें कलेक्टर रुचिका चौहान, जिला पंचायत सीईओ सोजान सिंह रावत आदि ने कहा कि जो बच्चे पढ़ाई में कमजोर हैं उनके लिए विशेष कक्षाएं लगाई जाएं, जो रिजल्ट सुधारने के प्रयास नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि जो शिक्षक एसआईआर में सुपरवाइजर हैं वे इस काम के साथ स्कूल में पढ़ाने जाएं, एक्स्ट्रा क्लास भी लें। जिनकी कमी से दिक्कत, उन्हें बदलने की दी सूची परीक्षा नजदीक है, इसलिए डीईओ हरिओम चतुर्वेदी ने 60 से अधिक ऐसे शिक्षकों की सूची कलेक्टर को सौंपी जिनका परीक्षा के समय स्कूल में होना जरूरी है। इन्हें प्रशासन ने एसआईआर में लगा रखा है। इन शिक्षकों के बदले दूसरे शिक्षक एसआईआर में लगाने के लिए भी सूची दी गई है। इनमें सर्वाधिक शिक्षक गणित व विज्ञान विषय के हैं। दिक्कत के बाद भी लग रहीं एक्स्ट्रा क्लास एसआईआर के कारण गोरखी स्कूल में ज्यादा दिक्कत है। यहां 52 में से लगभग 32 शिक्षक बीएलओ और सुपरवाइजर हैं। गणित पढ़ाने वाला कोई नहीं है। जनकगंज स्कूल में 35 छात्र डी और ई-ग्रेड के हैं। यहां के 5 शिक्षक बीएलओ व सुपरवाइजर हैं। गजराराजा स्कूल के भी 10 शिक्षक एसआईआर में लगे हैं। प्राचार्यों ने कहा- विषय के शिक्षक कम बैठक में 138 प्राचार्य बुलाए गए थे कुछ नहीं पहुंचे। जो थे उनमें से कुछ ने कहा कि विषय के एक्सपर्ट शिक्षक बीएलओ बना दिए हैं। इससे पढ़ाई बाधित हो रही है। इस पर कलेक्टर ने कहा कि जो बीएलओ का काम कर रहे हैं वे वह वहीं पास के स्कूल में कम से कम दो पीरियड जरूर लें।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:36 am

डीहरिया इलेवन को 26 रन से हरा कर पठान इलेवन की टीम चैंपियन

भास्कर न्यूज | गढ़वा कल्याणपुर स्थित बलही डैम के मैदान में आयोजित मौलाना आज़ाद कॉस्को क्रिकेट टूर्नामेंट सीजन–8 का फाइनल मुकाबला रोमांच से भरपूर रहा। इस निर्णायक मैच में पठान इलेवन कल्याणपुर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए डीहरिया इलेवन को 26 रनों से पराजित कर चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। जीत के बाद विजेता टीम के खिलाड़ियों और समर्थकों में खासा उत्साह देखा गया और मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पठान इलेवन कल्याणपुर की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। निर्धारित 12 ओवरों में टीम ने 142 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम के बल्लेबाजों में आकाश यादव का प्रदर्शन बेहतरीन रहा। उन्होंने बल्लेबाजी करते हुए 64 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली। उनकी पारी में चौकों–छक्कों की झड़ी देखने को मिली। जिससे मैदान में मौजूद दर्शकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया। अन्य बल्लेबाजों ने भी छोटी लेकिन महत्वपूर्ण पारियां खेलकर टीम के स्कोर को मजबूत आधार दिया। डीहरिया इलेवन की ओर से गेंदबाजी करते हुए राहुल कुमार सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने तीन महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। जबकि मिनी ने भी दो विकेट लेकर अपनी टीम को वापसी कराने की कोशिश की। हालांकि, विरोधी टीम का विशाल स्कोर उनकी कोशिशों पर भारी पड़ा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी डीहरिया इलेवन की टीम ने जीत के इरादे से पारी की शुरुआत की। लेकिन नियमित अंतराल पर गिरते विकेटों ने टीम की लय बिगाड़ दी। निर्धारित 12 ओवर में टीम 116 रन ही बना सकी और 26 रनों से मुकाबला हार गई। डीहरिया इलेवन की ओर से इशू ने 22 रनों की उपयोगी पारी खेली। लेकिन उन्हें दूसरे छोर से अपेक्षित समर्थन नहीं मिल सका। पठान इलेवन की ओर से दीपक कुमार और भोला ने उम्दा गेंदबाजी करते हुए दो–दो विकेट चटकाए। उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार आकाश खलको को दिया गया। जबकि पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए डीहरिया इलेवन के खिलाड़ी अमानत को मैन ऑफ द सीरीज चुना गया। पुरस्कार स्वरूप उन्हें रेंजर साइकिल प्रदान की गई।।जिसे पाकर खिलाड़ी खुशी से झूम उठे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित झामुमो नेता जैनुल आबेदीन खान (मदनी खान)ने विजेता और उपविजेता टीम के खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि आज क्रिकेट केवल खेल ही नहीं, बल्कि करियर का बेहतर विकल्प भी बन चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभावान खिलाड़ी यदि समर्पण और कड़ी मेहनत करें तो वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकते हैं। इस अवसर पर मौजूद डॉ. अरशद अंसारी ने कहा कि किसी भी खेल को खेल भावना से खेलना चाहिए। जीत–हार खेल का हिस्सा है। इसलिए खिलाड़ियों को हार से निराश न होकर अपने प्रदर्शन में सुधार की दिशा में काम करना चाहिए। खेल से आपसी प्रेम, अनुशासन और टीम भावना का विकास होता है। आयोजन समिति के संरक्षक कुतुबुद्दीन खान ने लोगों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि अगले वर्ष भी लोगों का इसी तरह का सहयोग मिलता रहा तो इससे भी भव्य स्तर पर प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा, जिसमें जिला स्तरीय टीमें भी भाग लेंगी। उन्होंने बताया कि इस टूर्नामेंट का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में खेलों को बढ़ावा देना और युवाओं की प्रतिभा को मंच प्रदान करना है। इस अवसर पर एसडीएम संजय कुमार, डॉ अरशद अंसारी, शंभु राम, मेदनी ख़ान, तनवीर आलम, धीरज दुबे, जवाहर पासवान, समसुदीन अंसारी, कल्याणपुर मुखिया अशोक चंद्रवंशी, चंदन जायसवाल, मासूम ख़ान, आयोजन समिति के अध्यक्ष मैनुल अंसारी, सचिव गौतम चंद्रवंशी, कोषाध्यक्ष सूरज चंद्रवंशी, उपसचिव सुनील पासवान, आशीष शर्मा, उपाध्यक्ष धनंजय पासवान, महमूद अंसारी, मीडिया प्रभारी नैयर अंसारी, शमी अहमद, आयोजनकर्ता फारूख अंसारी, खुर्शीद अंसारी, इमरान अंसारी उर्फ भोलू, तबारख़ अंसारी, अलीम अंसारी, अफरोज खान, इस्तेखार अंसारी, उपेंद्र पासवान (कॉमंटेरर) इमरान अंसारी, फ़ारूख़ अंसारी सहित कई लोग उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:35 am

सड़क सुरक्षा माह के तहत लोगों को दी जानकारी

गढ़वा | शुक्रवार को सड़क सुरक्षा माह के तहत सदर अस्पताल परिसर में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। मौके पर जिला सड़क सुरक्षा मैनेजर संजय बैठा ने हिट एंड रन और नेक मददगार योजना की जानकारी लोगों को दिया। साथ ही उन्होंने राह-वीर योजना की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के समय घायलों की मदद करने वाले नेक मददगार को पुलिस या कानूनी कार्रवाई से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि सरकार द्वारा उन्हें प्रोत्साहित और पुरस्कृत किया जाता है। इसलिए लोग सड़क दुर्घटना होने पर घटना के एक घंटा के अंदर (गोल्डेन आवर) में गंभीर व्यक्ति को अस्पताल तक अवश्य पहुंचाएं। इससे व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों के मन से डर निकालना और उन्हें सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनाना है।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:35 am

जागरूकता शिविर का किया गया आयोजन

गढ़वा | शुक्रवार को नालसा के द्वारा संचालित नो टू ड्रग्स कार्यक्रम के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष मनोज प्रसाद एवं सचिव निभा रंजना के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार की आठ सदस्यों की पीएलवी टीम के द्वारा गढ़वा प्रखंड के सहिजना स्थित कौशल विकास केंद्र में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार गढ़वा के पीएलवी उमा शंकर द्विवेदी, अरविंद तिवारी, सुधीर चौबे, रविन्द्र पाठक, दीपक कुमार रवि, अजीत उरांव, संगीता सिन्हा, तृप्ता भानु उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:35 am

भामसं झारखंड की कार्यकारिणी बैठक आज से

गढ़वा | भारतीय मजदूर संघ झारखंड प्रदेश की कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के जिला कार्यालय में आयोजित की जाएगी। यह बैठक 10 एवं 11 जनवरी को संपन्न होगी। जिसमें प्रदेश भर से आए पदाधिकारी और कार्यकर्ता भाग लेंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य मजदूरों से जुड़ी ज्वलंत समस्याओं पर गहन चर्चा करना तथा उनके समाधान के लिए ठोस रणनीति तैयार करना है। बैठक में असंगठित एवं संगठित क्षेत्र के मजदूरों की समस्याएं, न्यूनतम मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा, श्रमिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, रोजगार की स्थिति तथा मजदूर हितों की रक्षा जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके साथ ही संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने, सदस्यता अभियान को गति देने तथा मजदूरों को संगठित करने की दिशा में कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसकी जानकारी कार्यकारी जिला अध्यक्ष जय शंकर मेहता ने एक प्रेसवार्ता में दी। प्रेसवार्ता में कोषाध्यक्ष लक्ष्मी महतो, एंबुलेंस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी, सदस्य नंदलाल मेहता आदि उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:35 am

गुम मोबाइल को खोजकर उपभोक्ता को सौंपा

मझिआंव/बरडीहा | बरडीहा थाना क्षेत्र के लावाचंपा गांव निवासी आबिद अंसारी के पुत्र अकरम अंसारी का गुम हुए मोबाइल को खोज कर पुलिस ने सौंप दिया है।जिसके कारण अकरम अंसारी ने खुशी व्यक्त किया।पुलिस की इस तरह एक्टिविटी के कारण आम अवाम को पुलिस की सक्रियता पर भरोसा बढ़ने लगा है। इस संबंध में जानकारी देते हुए थाना प्रभारी ऋषिकेश कुमार सिंह ने बताया कि अकरम का मोबाइल 1 माह पूर्व कही खो गया था।उसके बाद बरडीहा थाना में सनहा दर्ज करवाया था।साथ ही उन्होंने बताया कि सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से खोए हुए मोबाइल को खोजकर अकरम को सौंप दिया गया है।साथ ही उन्होंने तमाम आप अवाम लोगो से अपील करते हुए कहा कि पुलिस को अपना सहयोगी समझकर आवश्यकतानुसार सहयोग करते रहे।पुलिस आपकी सहयोग के लिए 24 घंटे तत्पर है।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:35 am

उदय ने किया जिलाध्यक्ष पद के लिए नामांकन, घोषणा आज होगी

भास्कर न्यूज |गढ़वा भाजपा संगठनात्मक चुनाव को लेकर जिला चुनाव अधिकारी अमरदीप यादव व पर्यवेक्षक शोभा यादव गढ़वा पहुंचे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिला कार्यालय पिंडरा, गढ़वा में जिलाध्यक्ष पद के लिए इकलौते उदय कुशवाहा ने नामांकन किया। वहीं प्रदेश प्रतिनिधि के लिए गढ़वा से बालमुकुंद सहाय, रघुराज पांडेय, घूरन राम व सूरज गुप्ता का नामांकन प्रक्रिया पूरी की गई। भाजपा जिला कार्यालय में 10 जनवरी को विधिवत जिलाध्यक्ष की घोषणा की जाएगी। मौके पर गढ़वा जिला पर्यवेक्षक शोभा यादव ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी है। जहां हर निर्णय कार्यकर्ताओं के विचारों से अवगत होने के बाद ही लिया जाता है। इसलिए भाजपा कार्यकर्ताओं के संघर्ष के बदौलत विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनी है। भाजपा कार्यकर्ताओं के संघर्ष का परिणाम है कि देश राष्ट्रवाद की ओर तेजी से बढ़ा है। जिला चुनाव अधिकारी अमरदीप यादव ने कहा कि भाजपा एक लोकतांत्रिक पार्टी है। जहां कार्यकर्ताओं को भरपूर सम्मान मिलता है। जो कार्यकर्ता पार्टी संगठन के लिए समर्पण भाव से काम करते हैं उन्हें उसका प्रतिफल मिलता है। भाजपा में परिवारवाद नहीं बल्कि राष्ट्रवाद चलता है। गढ़वा के पूर्व जिलाध्यक्ष व जिला चुनाव सह अधिकारी ओमप्रकाश केशरी ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता स्वयं के लिए नहीं बल्कि राष्ट्र के उत्थान के लिए काम करते हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं के त्याग व तपस्या के दम पर सबसे स्वच्छ पार्टी बनी है। आनेवाले समय में कार्यकर्ताओं के संघर्ष के बदौलत झारखंड में भाजपा पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी। मौके पर मुख्य रूप से भाजपा जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रसाद महतो, जिला महामंत्री संतोष दुबे, भाजपा नेता मंगलमूर्ति तिवारी, राजेश यादव, विकास तिवारी, अशोक केशरी, संजय यादव, कंचन पाण्डेय, विकास तिवारी, पार्वती सिंह, टिंकू गुप्ता, पीयूष चौबे, मुरारी यादव, बसंत प्रसाद, बलराम यादव, बंशीधर महतो, नंदकिशोर मेहता आदि कार्यकर्ता मौजूद थे। नामांकन प्रक्रिया पूरी करते उदय कुशवाहा और उपस्थित अन्य।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:35 am

अस्पताल की सेवाएं बेहतर बनाना प्राथमिकता : डॉ. असजद

भास्कर न्यूज | गढ़वा नए वर्ष के मौके पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रंका में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में नई पहल की शुरुआत की गई। अस्पताल परिसर में शिकायत एवं सुझाव बॉक्स लगाया गया है। जिसके माध्यम से मरीज और उनके परिजन अब अपनी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव सीधे अस्पताल प्रबंधन तक पहुंचा सकेंगे। यह पहल मरीजों को बेहतर उपचार, सुविधाओं में सुधार और व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रंका के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. असजद अंसारी ने कहा कि अस्पताल की सेवाओं को लगातार बेहतर बनाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कई बार मरीज या परिजन अपनी बात सीधे कहने में संकोच करते हैं या मौका नहीं मिल पाता है। ऐसे में शिकायत एवं सुझाव बॉक्स उनकी आवाज बनने का काम करेगा। सभी प्राप्त शिकायतों और सुझावों की नियमित समीक्षा कर उन पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ताकि कमियों को दूर कर मरीजों को और बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। डॉ असजद अंसारी ने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में व्यवस्थाओं को मजबूत रखना बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई, दवा उपलब्धता, व्यवहार, जांच सुविधा, प्रतीक्षा समय जैसी बातों पर मिलने वाले सुझाव अस्पताल प्रबंधन के लिए दिशा-निर्देश का काम करेंगे। मरीजों द्वारा दिए गए सकारात्मक सुझावों का स्वागत किया जाएगा। वहीं उचित शिकायतों पर त्वरित सुधार की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:35 am