बनकटा में ओझा ने महिला से दुष्कर्म किया:बीमार बेटे का पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जांच शुरू की
देवरिया जिले के बनकटा थाना क्षेत्र में एक महिला से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, बनकटा थाना क्षेत्र के एक गांव की निवासी महिला अपने बीमार बेटे के इलाज के लिए एक स्थानीय ओझा के पास पहुंची थी। आरोप है कि ओझा ने महिला को झांसे में लिया और कहा कि उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने से उसका बेटा ठीक हो जाएगा। इसी झांसे में आकर आरोपी ने महिला के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता ने अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इस संबंध में सीओ ने बताया कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। पीड़िता को हर संभव कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी एवं जनसुलभ बनाने के उद्देश्य से एक अत्याधुनिक मोबाइल हेल्थ यूनिट वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह पहल उदय फाउंडेशन के सहयोग से की गई है। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेमसिंह कुशवाह, सासंद प्रतिनिधि राजेश उर्फ गुडडू, जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा ने संयुक्त रूप से इसे रवाना किया। जिलाधिकारी ने बताया कि यह यूनिट लोगों को उनके घर के निकट ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगी। इस मोबाइल मेडिकल यूनिट के साथ समन्वयक प्रीति कटियार, चिकित्सा अधिकारी डॉ. पुलकित बिस्ट, नर्सिंग स्टाफ आकांक्षा और सहायक कर्मचारी महेश की एक टीम तैनात की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य जनपद के दूरस्थ, ग्रामीण एवं स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों में पहुंचना है। यह यूनिट लोगों को निशुल्क चिकित्सा परामर्श, आवश्यक जांच और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराएगी। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाह ने इस पहल को जनपद के लिए अत्यंत सराहनीय और महत्वपूर्ण बताया। रोगियों को मिलेगा लाभ उन्होंने कहा कि एक सामाजिक संस्था जनहित के कार्यों में सहभागी बनकर स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में सहयोग प्रदान कर रही है। इस पहल से विशेष रूप से उन नागरिकों को लाभ मिलेगा, जो किसी कारणवश चिकित्सालयों तक आसानी से नहीं पहुंच पाते हैं। हमारा संकल्प है कि जनपद के प्रत्येक व्यक्ति तक बेहतर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएं।
छिंदवाड़ा में इन दिनों मौसम का अजीब दोहरा रूप देखने को मिल रहा है। एक ओर तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, तो दूसरी ओर हवा में बढ़ी नमी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। बादलों की आवाजाही के चलते अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के नीचे बना हुआ है, लेकिन उमस इतनी ज्यादा है कि दिनभर लोगों के शरीर से पसीना बहता रहा। हालात ऐसे हैं कि तापमान कम होने के बावजूद दिन और रात दोनों समय कूलर और पंखे लगातार चलाने पड़ रहे हैं। बादलों की लुकाछिपी से बढ़ी चिपचिपी गर्मी बीते पूरे दिन आसमान में बादलों का डेरा बना रहा। कभी धूप निकलती तो कभी बादल उसे ढंक लेते। इस लुकाछिपी के कारण तेज धूप से तो थोड़ी राहत मिली, लेकिन बादलों की वजह से धरती की गर्मी वातावरण में बाहर नहीं निकल पाई। इसके चलते हवा में नमी बढ़ गई और उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। शहर के बाजारों, बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थानों पर लोग पसीने से तरबतर नजर आए। खासकर दोपहर के समय उमस इतनी अधिक रही कि कुछ मिनट बाहर रहने पर ही लोग बेचैन महसूस करने लगे। कई लोगों ने बताया कि कूलर और पंखे भी इस चिपचिपी गर्मी में राहत नहीं दे पा रहे हैं। प्री-मानसून एक्टिव, लेकिन राहत अधूरी मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जिले में प्री-मानसून गतिविधियां धीरे-धीरे सक्रिय हो रही हैं। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण बादल बन रहे हैं। हालांकि अभी बारिश का सिलसिला पूरी तरह शुरू नहीं हुआ है, इसलिए वातावरण में नमी तो बढ़ रही है लेकिन गर्मी खत्म नहीं हो पा रही। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह का मौसम बना रह सकता है। कहीं-कहीं हल्की बारिश या गरज-चमक की संभावना भी जताई गई है। यदि अच्छी बारिश होती है तो तापमान में और गिरावट आएगी और उमस से राहत मिल सकती है। अस्पतालों में बढ़ रहे मौसमी बीमारी के मरीज मौसम के इस बदलते मिजाज का असर लोगों की सेहत पर भी साफ दिखाई देने लगा है। जिला अस्पताल और निजी क्लीनिकों में उल्टी-दस्त, वायरल फीवर, डिहाइड्रेशन और थकान से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टरों के मुताबिक, तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव और उमस भरी गर्मी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर रही है। खासतौर पर बच्चे और बुजुर्ग जल्दी बीमार पड़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्का भोजन करने और धूप व उमस से बचाव की सलाह दी है। लोगों की दिनचर्या पर असर उमस भरी गर्मी का असर आम जनजीवन पर भी पड़ रहा है। बाजारों में दोपहर के समय भीड़ कम दिखाई दे रही है, जबकि मजदूर वर्ग और बाहर काम करने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। बिजली की खपत भी बढ़ गई है, क्योंकि लोग लगातार कूलर, पंखे और एसी का उपयोग कर रहे हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि जून के दूसरे सप्ताह में प्री-मानसून और ज्यादा सक्रिय हो सकता है। ऐसे में लोगों को फिलहाल उमस और गर्मी के इस डबल अटैक से राहत मिलने के लिए बारिश का इंतजार करना होगा।
हरदोई जिले के साण्डी थाना क्षेत्र स्थित बंजारन पुरवा गांव में शादी का रिश्ता ठुकराने के बाद पिता और पुत्र पर लाठी-डंडों से हमला करने का मामला सामने आया है। इस घटना में दोनों घायल हो गए हैं, जिनमें पिता के सिर में गंभीर चोट आई है। पीड़ित परिवार ने थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। गांव निवासी मोबिन पुत्र ताज खान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि रविवार शाम करीब 6:30 बजे वह गांव में मोहर सिंह की दुकान पर गुटखा लेने गया था। आरोप है कि उसी दौरान गांव के इकलाख, इसरार, लतीफ और रुखसाना वहां पहुंचे और उसे गालियां देने लगे। मोबिन के विरोध करने पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। मोबिन के अनुसार, विवाद के समय उनके पिता ताज खान भी बिलग्राम से घर लौट रहे थे। शोर-शराबा सुनकर वे मौके पर पहुंचे तो आरोपियों ने उनके साथ भी अभद्रता की। आरोप है कि इसके बाद सभी ने मिलकर ताज खान पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोट आई और वे घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। बीच-बचाव करने के दौरान मोबिन को भी चोटें आईं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि कुछ समय पहले आरोपी पक्ष उनके यहां शादी का रिश्ता लेकर आया था, जिसे परिवार ने स्वीकार नहीं किया था। इसी बात को लेकर आरोपी पक्ष रंजिश मानने लगा और मौका पाकर हमला कर दिया। घटना के बाद परिजनों ने घायलों को उपचार दिलाया और फिर साण्डी थाने पहुंचकर लिखित तहरीर दी। पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी बसंत राम ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो गई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
लखीमपुर खीरी में सोमवार को हिंदू संगठनों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया। यह प्रदर्शन कथित लव जिहाद की घटनाओं और हिंदू कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न के विरोध में किया गया। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि हिंदू युवतियों को प्रेमजाल में फंसाकर उनका शोषण किया जा रहा है। उन्होंने ऐसे मामलों में शामिल लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई और उनकी संपत्तियों को जब्त करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस व्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे भी उठाए गए। प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता आचार्य संजय मिश्रा ने कहा कि हिंदू कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में कुछ लोग हिंदू लड़कियों को बहला-फुसलाकर ले जा रहे हैं, जिनके खिलाफ कठोर कार्रवाई आवश्यक है। भाजपा जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता और भाजपा नेता उमाशंकर मिश्र ने भी पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की। उन्होंने कथित लव जिहाद के मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि हिंदुओं के साथ अन्याय और उत्पीड़न स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस प्रदर्शन में भाजपा जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता, उमाशंकर मिश्र, राजेश सिंह, आचार्य संजय मिश्रा, विपिन मिश्रा, मनोज वर्मा, कन्हैया बाजपेयी, कुमदेश शंकर शुक्ला, विनोद गुप्ता और राम पांडे सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे। प्रदर्शन के दौरान नीमगांव क्षेत्र की एक पीड़ित युवती की माता की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। आचार्य संजय मिश्रा ने निघासन क्षेत्र में हिंदू कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट और उत्पीड़न के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री से मिलकर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
बलरामपुर में सपा का महंगाई, बेरोजगारी पर प्रदर्शन:कलेक्ट्रेट तक मार्च कर सरकार को घेरा, ज्ञापन सौंपा
बलरामपुर में समाजवादी पार्टी ने सोमवार को बढ़ती महंगाई,बेरोजगारी,बिजली कटौती,पेपर लीक और किसानों की समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।पार्टी कार्यकर्ताओं ने वीर विनय चौराहे से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला और प्रदेश तथा केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।उन्होंने राज्यपाल को संबोधित 12 सूत्रीय ज्ञापन अपर जिलाधिकारी(न्यायिक)को सौंपा। इस प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में सपा कार्यकर्ता शामिल हुए।धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व सपा जिलाध्यक्ष ने किया।इस दौरान पूर्व विधायक जगराम पासवान,विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी रामसागर अकेला सहित कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने विभिन्न नारों के माध्यम से अपनी मांगों को उठाया।इनमेंपेपर लीक मुक्त हो प्रदेश हमारा,बिजली कटौती बंद करो,महंगाई की मार नहीं सहेंगे,किसानों के सम्मान में समाजवादी पार्टी मैदान मेंऔरनीट पेपर लीक भ्रष्टाचार बंद करोजैसे नारे प्रमुख थे। श्रावस्ती सांसद राम शिरोमणि वर्मा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आम आदमी महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार की दोहरी मार झेल रहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और प्रदेश सरकार जनता के बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाने में लगी हुई है,जबकि किसान,नौजवान,मजदूर और महिलाएं अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।सांसद वर्मा ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के सपनों को तोड़ दिया है और सरकार इस पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है। गैसड़ी विधायक राकेश यादव ने कहा कि प्रदेश में बिजली संकट और बढ़ती महंगाई ने लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े-बड़े दावे करती है,लेकिन गांवों और कस्बों में घंटों बिजली कटौती हो रही है।उन्होंने यह भी बताया कि किसानों को खाद नहीं मिल रही,युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा और गरीबों को अस्पतालों में उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। गोंडा-बलरामपुर क्षेत्र से विधान परिषद के पूर्व प्रत्याशी डॉ.भानु तिवारी ने कहा कि प्रदेश का युवा आज सबसे अधिक निराश है।प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक ने युवाओं का भरोसा तोड़ा है।उन्होंने सरकार से युवाओं को रोजगार देने और भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।साथ ही,किसानों की जमीन और फसलों के उचित मूल्य की गारंटी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। सपा नेताओं ने राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में भीषण गर्मी को देखते हुए पूरे जनपद में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा बढ़ी हुई बिजली दरें वापस ली जाएं।गैस सिलेंडर की कालाबाजारी पर रोक लगाकर कीमतें कम की जाएं और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित हो।डीजल और पेट्रोल के बढ़ते दामों पर रोक लगाकर आम जनता को राहत दी जाए।किसानों के लिए खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी पर तत्काल अंकुश लगाया जाए तथा फसलों का उचित मूल्य दिलाया जाए।प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रहे पेपर लीक पर सख्त रोक लगाई जाए और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद किया जाए।नीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण की जवाबदेही तय करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की जाए।पीडीए वर्ग के साथ हो रहे भेदभाव और उत्पीड़न को रोका जाए।सरकारी अस्पतालों में व्याप्त भ्रष्टाचार समाप्त कर गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।बेरोजगार युवाओं को रोजगार और सरकारी नौकरियों में अवसर दिए जाएं।संसद से पारित 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को तत्काल लागू किया जाए।पीडीए समाज के आरक्षण में कथित अनियमितताओं को रोकते हुए बैकलॉग पदों को भरा जाए। 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों के साथ न्याय सुनिश्चित किया जाए।बलरामपुर के सुजाव नाले क्षेत्र में किसानों की जमीन बिना उचित मुआवजे के अधिग्रहित किए जाने पर रोक लगाई जाए तथा प्रभावित किसानों को तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए जैसे कई मांगे की गई।जनता की आवाज दबाई नहीं जा सकतीप्रदर्शन के समापन पर सपा नेताओं ने कहा कि यदि जनता से जुड़े इन मुद्दों पर सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो समाजवादी पार्टी गांव-गांव और तहसील स्तर तक जनआंदोलन चलाने को बाध्य होगी। नेताओं ने दावा किया कि यह आंदोलन केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि किसानों, युवाओं, महिलाओं और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई है।
हरदा जिले की सिराली तहसील में सोमवार को ग्रामीणों ने बिजली कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन स्मार्ट मीटर लगाने, बढ़े हुए बिजली बिलों और बिजली कटौती के विरोध में किया गया। ग्रामीणों ने जेई को हटाने की भी मांग की। पूरे गांव के लोग एकत्रित हुए और बिजली कंपनी के दफ्तर का घेराव करते हुए रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने विद्युत वितरण कंपनी की मनमानी बंद करने, स्मार्ट मीटर हटाने के लिए नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से उनके बिजली के बिल कई गुना बढ़ गए हैं। ग्रामीणों ने मुख्य रूप से बढ़े हुए बिजली के बिलों और प्रीपेड मीटर प्रणाली पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि ये बिल उनकी आर्थिक क्षमता से बाहर हैं और इस प्रकार की मनमानी वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रीपेड मीटरों के कारण बिजली कभी भी कट जाने के डर से भी ग्रामीण परेशान हैं। फुटकर व्यापारी संघ के जिलाध्यक्ष शेख असलम ने बताया कि स्मार्ट मीटर से बिल अधिक आ रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जेई योगेश गोर का व्यवहार उपभोक्ताओं के प्रति ठीक नहीं है, इसलिए उन्हें यहां से हटाया जाना चाहिए। सूचना मिलने पर प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं को कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। वहीं, जेई योगेश गौर ने बताया कि सिराली में स्मार्ट मीटर लगाए जाने का कार्य किया जा रहा था और गांव में अधिकांश स्थानों पर मीटर लगाए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीणों ने एक ज्ञापन दिया है जिसमें गांव में स्मार्ट मीटर न लगाने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिजली कंपनी जबरन मीटर लगा रही है और उनकी शिकायतों को सुनने से इनकार कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
गोरखपुर में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को आने-जाने में परेशानी न हो, इसके लिए परिवहन निगम की ओर से 120 एक्स्ट्रा बसें चलाई जा रही हैं। परीक्षा के दौरान यात्रियों की भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए यह व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही जिन रूटों पर अभ्यर्थियों की संख्या ज्यादा रहेगी, वहां बसों के चक्कर भी बढ़ाए जा रहे हैं, ताकि अभ्यर्थी समय से अपने परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकें। क्षेत्रीय प्रबंधक लव कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर बलिया, वाराणसी, गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर, सुल्तानपुर, अकबरपुर, अयोध्या और लखनऊ रूट पर एक्स्ट्रा बसें चलाई जा रही हैं। इन मार्गों पर अभ्यर्थियों की आवाजाही ज्यादा रहने की संभावना को देखते हुए विशेष व्यवस्था की गई है। यह सुविधा परीक्षा के दौरान तीन दिनों तक जारी रहेगी। यात्रियों की संख्या देखकर बढ़ाए जाएंगे फेरे परिवहन निगम के अधिकारियों के मुताबिक, सभी प्रमुख रूटों पर बसों के संचालन पर नजर रखी जा रही है। अगर किसी रूट पर अचानक अभ्यर्थियों की भीड़ बढ़ती है तो वहां तुरंत एक्स्ट्रा बसों को लगाया जाएगा। इसके लिए बसों को तैयार रखा गया है, ताकि यात्रियों को बस स्टैंड पर ज्यादा देर तक इंतजार न करना पड़े। बस स्टेशनों पर अभ्यर्थियों को मिलेगी जानकारी परीक्षा के दौरान प्रमुख बस स्टेशनों पर परिवहन निगम के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। कर्मचारी अभ्यर्थियों को बसों के समय और रूट की जानकारी देंगे। साथ ही किसी तरह की समस्या आने पर मौके पर ही समाधान किया जाएगा। परिवहन निगम का कहना है कि अभ्यर्थियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। पूरी कोशिश रहेगी कि परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को सफर में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मावली के फतहनगर में 'पंख' महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत एक साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। विकल्प संस्थान द्वारा संचालित इस कार्यक्रम में सिलाई का प्रशिक्षण ले रहीं 30 महिलाओं और किशोरियों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला के मुख्य वक्ता फतहनगर थाने के बाल संरक्षण अधिकारी लक्ष्मण जाट थे। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को वर्तमान डिजिटल युग में सुरक्षित रहने के महत्वपूर्ण सुझाव दिए। जाट ने सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और साइबर अपराधों से बचाव के तरीकों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और ठगी से सतर्क रहने की अपील की। इसके साथ ही, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने पर भी जोर दिया गया। इस अवसर पर विकल्प संस्थान की ओर से कुसुम दवे, ममता सुथार और नीलम भी मौजूद थीं। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग किया।
महराजगंज डीएम गौरव सिंह सोगरवाल के जरिये आशा कार्यकत्रियों और आशा संगिनियों ने सीएम योगी को संबोधित ज्ञापन सौंपकर अलग-अलग मांग की। उन्होंने कहा कि नियुक्ति के 20 वर्ष पूरे होने के बावजूद उन्हें आज भी वही धनराशि मिल रही है, जो पूर्व में निर्धारित थी। बढ़ती महंगाई के बीच यह राशि बेहद कम और असंतोषजनक है। ज्ञापन में कहा गया है कि सीएम की ओर से संविदा कर्मचारियों के वेतन वृद्धि की घोषणा के साथ आशा कार्यकत्रियों और आशा संगिनियों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की बात कही गई थी, जिसे अप्रैल माह से लागू किया जाना था। हालांकि अब तक इस संबंध में कोई घोषणा नहीं की गई है। आशा बहनों ने बताया कि वे स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, जच्चा-बच्चा की देखरेख, टीकाकरण और स्वास्थ्य जागरूकता जैसे कार्यों में उनकी अहम भागीदारी रहती है। उनके प्रयासों से शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी आई है। कोरोना महामारी के दौरान भी उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर प्रवासी लोगों और आम जनता की सेवा की। ज्ञापन में कहा गया कि निश्चित मानदेय, राज्य कर्मचारी का दर्जा और विभिन्न मदों के बकाया भुगतान नहीं मिलने के कारण आशा कार्यकत्रियों और आशा संगिनियों के लिए परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो गया है। आशा कार्यकत्रियों की मुख्य मांगें इस दौरान दुर्गावती देवी, कुसुमति देवी, नीलम देवी, संजू देवी, ममता कुमारी, नीलम शर्मा, राधिका, नीतू देवी सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकत्रियां और आशा संगिनियां मौजूद रहीं।
मजदूर के घर से स्मैक बरामद:कमाई के 17 हजार भी बरामद, खरीद-फरोख्त को लेकर पूछताछ जारी
जालोर के करड़ा थाना क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने एक संदिग्ध मकान पर दबिश देकर भारी मात्रा में स्मैक (मार्फिन) और मैफाडोन (मोली) बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से ड्रग्स की बिक्री से मिला कैश भी जब्त किया है। मुखबिर की सूचना पर घर में दी दबिश पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सांचौर अतिरिक्त SP आवड्दान के निर्देशानुसार और रानीवाड़ा वृताधिकारी (RPS) भवानीसिंह के सुपरविजन में थानाधिकारी शिवराज सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। 7 जून को लोकल एवं स्पेशल एक्ट की कार्रवाई के दौरान पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली। इस पर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करड़ा निवासी लाखाराम के रहवासी मकान पर छापा मारा। मकान की तलाशी के दौरान पुलिस टीम को भारी मात्रा में अवैध नशीले पदार्थ बरामद हुए, जिसमें स्मैक (मार्फिन): 23.1 ग्राम,मैफाडोन (मोली) 16.5 ग्राम,नगद राशि 17,830 भी जब्त की। मजदूर ही निकला सप्लायर पुलिस ने मौके से अवैध ड्रग्स और नकदी को जब्त कर आरोपी लाखाराम (30 वर्ष) पुत्र जवाराम, जाति रावणा राजपूत, निवासी करड़ा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पेशे से मजदूरी करता है। करड़ा थाना में आरोपी के खिलाफ प्रकरण संख्या 66, धारा 8/21 और 22 एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपी से अवैध मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सप्लायरों के संबंध में गहनता से पूछताछ कर रही है। करड़ा थानाधिकारी शिवराजसिंह के साथ उप-निरीक्षक उकाराम, कॉन्स्टेबल हनुमानाराम , कॉन्स्टेबल श्रवणकुमार, कॉन्स्टेबल केसाराम, महिला कॉन्स्टेबल ब्रह्मा और कॉन्स्टेबल दिनेश कुमार शामिल रहे।
हजारीबाग पुलिस ने गिद्धी सी चेकपोस्ट पर गोलीबारी करने वाले राहुल दुबे गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधी की पहचान मोहम्मद वारिस (22) के रूप में हुई है, जो पुन्दोल (चंदोल), बड़कागांव, हजारीबाग का निवासी है। पुलिस ने उसके पास से घटना में इस्तेमाल किया गया 7.62 एमएम का एक देशी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस जब्त किए हैं। यह घटना 2 जून 2026 को गिद्धी सी चेकपोस्ट पर हुई थी। राहुल दुबे गिरोह के दो सदस्य एक बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए और क्षेत्र में दहशत फैलाने के उद्देश्य से अंधाधुंध हवाई फायरिंग की। इस संबंध में गिद्धी थाना में 3 जून 2026 को कांड संख्या 13/26 दर्ज किया गया था। मामला बीएनएस की धारा 109(1)/3(5) और 27 आर्म्स एक्ट के तहत अज्ञात अपराधियों के खिलाफ दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक ने अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। घटना में प्रयुक्त हथियार और कारतूस बरामद अनुसंधान के दौरान, पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर छापेमारी कर मोहम्मद वारिस को उसके घर से हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने चेकपोस्ट पर गोलीबारी करने की बात स्वीकार कर ली। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथियार और कारतूस बरामद किए गए। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद वारिस का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ कटकमदाग, बड़कागांव, उरीमारी और गिद्धी थानों में आर्म्स एक्ट, रंगदारी, मारपीट और जानलेवा हमले से संबंधित लगभग सात गंभीर मामले दर्ज हैं। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि इस गोलीबारी कांड में मोहम्मद वारिस के अलावा दो अन्य सदस्य भी संलिप्त हैं, जो वर्तमान में फरार चल रहे हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
पंचकूला जिले के कालका में देवीदास रोड पर 3 युवकों ने घरों के बाहर खड़ी 9 गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए। यह घटना वार्ड नंबर 31 में रविवार सुबह करीब 3 बजे हुई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। स्थानीय निवासियों और कार मालिकों रमनदीप, राजेंद्र कुमार, साहिल शर्मा, बिट्टू, कार्तिक, और बॉबी ने बताया कि उन्होंने अपनी गाड़ियां कुमार मोहल्ले में रोजाना की तरह पार्क की थीं। धमाके की आवाज सुनकर लोग घरों से बाहर निकले और युवकों को गाड़ियों को नुकसान पहुंचाते देखा। 9 गाड़ियों के तोड़े शीशे तत्काल 112 पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और दो युवकों को हिरासत में ले लिया। सीसीटीवी फुटेज में भी तीनों युवक गाड़ियों को क्षति पहुंचाते हुए दिखाई दे रहे हैं। क्षतिग्रस्त गाड़ियों में बलेनो, हैरियर, स्विफ्ट, वैन और इंडिका सहित कुल 9 वाहन शामिल हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह खुली जगह है जहां अक्सर शरारती तत्व और नशेड़ी युवा बैठे रहते हैं, जो ऐसी घटनाओं को अंजाम देते हैं। लोगों ने की गश्त बढ़ाने की मांग वार्ड नंबर 31 की पार्षद उजाला बक्शी और अन्य निवासियों ने पुलिस से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। कालका थाना प्रभारी प्रताप सिंह ने पुष्टि की कि 2 युवकों को पकड़ा गया है और मामले की जांच जारी है। हालांकि, कार मालिकों द्वारा अभी तक कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
जौनपुर में उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी नागरिक एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा सोमवार को शुरू हुई। पहले दिन की पहली पाली में कुल 9,876 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 2,641 अनुपस्थित रहे। वहीं, 6,839 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। यह परीक्षा 8, 9 और 10 जून को आयोजित की जाएगी। प्रतिदिन दो पालियों में परीक्षा हो रही है। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। जनपद में कुल 21 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां निर्धारित 6 पालियों में कुल 56,880 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा की निगरानी के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इसमें 21 केंद्र व्यवस्थापक, 21 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 21 स्टैटिक मजिस्ट्रेट सहित लगभग 1,200 कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है। पहली पाली शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र के कठिनाई स्तर पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी। गाजीपुर की नीति मौर्या ने बताया कि पेपर आसान था, लेकिन रीजनिंग के सवालों ने उलझाया। मिर्जापुर के आलोक तिवारी के अनुसार, रीजनिंग और गणित के सवाल कठिन थे, जबकि हिंदी और सामान्य ज्ञान के प्रश्न कम आए थे। मिर्जापुर के शुभम तिवारी ने गणित को चुनौतीपूर्ण बताया। गाजीपुर की हिमांशी जायसवाल ने सामान्य ज्ञान को कठिन बताया। नारायनपुर निवासी प्रदीप उपाध्याय ने पेपर को ठीक बताया, लेकिन समय कम पड़ने की शिकायत की।
कानपुर के बिठूर थाना क्षेत्र स्थित सुखधाम अपार्टमेंट में शनिवार देर रात एक युवक की पांचवीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पिता को कोरोना काल मे हुई थी मृत्यु बिठूर थाना क्षेत्र के सिंहपुर मे शनिवार रात करीब 11:30 बजे सुखधाम अपार्टमेंट के टावर संख्या-2 से एक युवक के नीचे गिरने की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची पुलिस को पता चला कि युवक की पहचान आयुष तिवारी (28) पुत्र स्वर्गीय रंजन तिवारी निवासी टी-2/504, सुखधाम अपार्टमेंट, थाना बिठूर के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक के गिरने के बाद अपार्टमेंट के कुछ लोगों ने उसे तत्काल उपचार के लिए पारस अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन और स्थानीय लोग शव को वापस अपार्टमेंट ले आए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना की जाँच पड़ताल करते हुए शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि आयुष अपनी मां अंजू तिवारी के साथ अपार्टमेंट में रहता था। उसके पिता रंजन तिवारी की कोरोना काल के दौरान मृत्यु हो चुकी थी। आयुष म्यूजिक सिखा कर अपना जीवन यापन करता था। सोसाइटी के लोगों ने पुलिस को बताया कि आयुष स्वभाव से शांत था और अधिक लोगों से मेलजोल नहीं रखता था। पुलिस ने मृतक के अन्य रिश्तेदारों और परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी हो सकेगी। बिठूर थाना प्रभारी अशोक कुमार सरोज ने बताया- मृतक के परिजनों द्वारा अभी तक कोई आरोप या तहरीर नहीं मिली है अगर कोई तहरीर मिलेगी तो जाँच कर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी।
रामपुर में पुलिस भर्ती परीक्षा की पहली पाली सोमवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। कुल 4128 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 3218 ने परीक्षा दी, जबकि 910 अनुपस्थित रहे। प्रशासन और पुलिस विभाग ने परीक्षा को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए थे। अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने बताया कि परीक्षा के दौरान कोई अव्यवस्था या सुरक्षा संबंधी समस्या सामने नहीं आई। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस, यातायात, फायर और स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात थीं। केंद्रों के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी और अभ्यर्थियों को चेकिंग के बाद ही प्रवेश दिया गया। यातायात सुचारु रखने के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए थे। परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी। कुछ छात्रों ने इसे अपेक्षाकृत आसान बताया और कहा कि अधिकांश प्रश्न उनकी तैयारी के अनुरूप थे। वहीं, कुछ अन्य अभ्यर्थियों का कहना था कि प्रश्नपत्र उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं था, जिससे उन्हें कुछ सवालों को हल करने में कठिनाई हुई। प्रशासन अब दूसरी पाली की परीक्षा पर विशेष ध्यान दे रहा है, जो दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक चलेगी। सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था प्रभावी रखी गई है। अधिकारियों ने बताया कि भर्ती परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुरैना के पोरसा थाना क्षेत्र में प्रेगनेंट महिला की मौत के बाद परिजनों ने ससुराल वालों पर प्रताड़ना के आरोप लगाए गए हैं। महिला के गले में मिले रस्सी के निशानों पर मायके पक्ष ने आपत्ति ली है। उनकी शिकायत पर थाने में मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की है। दरअसल पोरसा के कुरैठा गांव के रहने वाले अभिषेक पुत्र सुभाष उपाध्याय हाल निवासी जोटई रोड झार खंडेश्वर कॉलोनी की पत्नी रानी की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। बताया गया कि रात में रानी ने फांसी लगा ली। ससुराल के लोग रानी को सीधे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतिका के परिजनों ने इसे हत्या होना बताया है। भाई ने कहा ससुराल के लोगों द्वारा बहन को प्रताड़ित किया गया है। मेरी बहन प्रेग्नेंट थी। बहुत खुश थी लेकिन सब बर्बाद हो गया 50 किमी दूर मुरैना ले गएमायके पक्ष ने मृत्तिका की हत्या की आशंक जताई है। उन्होंने कहा कि ससुराल में महिला को प्रताड़ित किया जा रहा था। यह बात महिला ने फोन पर बताई थी। उनका कहना है कि जब महिला ने फांसी लगाई तो ससुराल वाले बिना पोरसा पुलिस को सूचना दिए सीधे मुरैना अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। उनका कहना है कि पोरसा में अस्पताल है उके बावजूद ससुराल वाले महिला को वहां नहीं ले गए। इसके बावजूद वो 50 किमी दूर मुरैना लेकर गए। इतना ही नहीं महिला की जब मौत हो गई तो भी पुलिस को नहीं बताया। एक साल पहले हुई शादीमृतक रानी के भाई अमन पचौरी के अनुसार उसकी बड़ी बहन रानी को शादी 17 मई 2025 को पोरसा में विधिविधान के साथ अभिषेक उपाध्याय पुत्र सुभाष उपाध्याय निवासी कुरैठा गांव हाल पोरसा से हुई थी। सब ठीक चल रहा था लेकिन दो महीने से मृतिका के द्वारा फोन पर लगातार परिजनों के द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था। फिर 17 मई को शादी की सालगिरह थी तो उसने हम सबको बुलाया। जब हमारे परिजन वहां पहुंचे तो ससुराल वालों का व्यवहार बदला हुआ था। घटना के कुछ समय पहले कल शाम को भी फोन आया था बस रो रही थी। इसके बाद यह सूचना मिली। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मर्ग कायम पोरसा थाना प्रभारी टीआई दिनेश कुशवाहा के अनुसार जौटई रोड पर एक नव विवाहिता के फांसी लगाने की सूचना थी मामला संदिग्ध इसलिए भी कह सकते है कि वह सीधे मुरैना ले गए पुलिस को सूचना दिए बगैर शव उतार। खैर मर्ग कायम किया है मायके पक्ष के भी बयान लिए जाएंगे। पीएम रिपोर्ट के अनुसार कार्यवाही की जाएगी
प्रयागराज में भीषण गर्मी का कहर, 42.4°C पहुंचा तापमान:सुबह से ही गर्म हवाएं और तेज धूप ने किया बेहाल
सोमवार को प्रयागराज में भीषण गर्मी और हीटवेव का असर देखने को मिला। सुबह से ही तेज और चिलचिलाती धूप निकलने के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। बारिश और आंधी की संभावनाओं के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ली और गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए। सुबह से ही गर्म हवाएं चलने और तेज धूप निकलने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर होते-होते सड़कों पर आवाजाही कम हो गई और बाजारों में भी अपेक्षाकृत सन्नाटा देखने को मिला। गर्मी और उमस के कारण लोगों का हाल बेहाल रहा। सोमवार को शहर का अधिकतम तापमान 42.4C दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी अधिक है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण हीटवेव जैसी स्थिति बनी हुई है। धूप की तीव्रता इतनी अधिक है कि कुछ मिनट बाहर रहने पर ही लोगों को गर्मी का असर महसूस होने लगा। पिछले कुछ दिनों में बादल, तेज हवाओं और हल्की बारिश से लोगों को राहत मिली थी, लेकिन अब मौसम साफ होने के साथ गर्मी फिर से चरम पर पहुंच गई है। दोपहर के समय सड़क पर निकलने वाले लोग सिर और चेहरे को ढककर ही बाहर निकलते दिखाई दिए। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अत्यधिक गर्मी और लू का प्रभाव सबसे ज्यादा रहेगा। ऐसे में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। बाहर जाने की स्थिति में पर्याप्त पानी पिएं, हल्के कपड़े पहनें और धूप से बचाव के उपाय जरूर करें। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल अगले कुछ दिनों तक गर्मी और लू का असर बना रह सकता है, हालांकि मौसम में बदलाव की संभावना भी बनी हुई है।
सीएम योगी ने लखनऊ में कहा है कि 12 साल पहले मौसम की जानकारी उलटा होती थी। जो भी बताया जाता था, उसके उलटा होता था। अगर मौसम विभाग बताता कि बारिश होगी तो बारिश नहीं होती थी। अब हम पहले ही अलर्ट हो जाते हैं। इसके लिए केंद्रीय विज्ञान राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बहुत काम किया। उसी का परिणाम है कि अब आंधी, बारिश का अलर्ट 3 घंटे पहले सबके मोबाइल पर आ रहा है। 13 मई को प्रदेश में आपदा आई, जिसमें 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई। मैंने अधिकारियों की मीटिंग ली। उनसे पूछा कि भई, कहां चूक हो गई। इस पर यह निकलकर आया कि लोकल लेवल पर सावधानी नहीं बरती गई। सीएम योगी ये बातें सोमवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में लखनऊ के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की स्थापना के दौरान कहीं। उद्घाटन के पल-पल अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
डूंगरपुर में जिला कांग्रेस कमेटी ने बिजली कटौती के खिलाफ 11 जून को प्रदर्शन करने का फैसला किया है। यह निर्णय सोमवार को कांग्रेस कार्यालय में जिला अध्यक्ष और विधायक गणेश घोगरा की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। कांग्रेस कार्यकर्ता एसई ऑफिस का घेराव कर अपना आक्रोश जताएंगे। बैठक में पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा सहित जिला संगठन, ब्लॉक और अग्रिम संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। इसमें जिले में कांग्रेस के जनाधार को बढ़ाने, संगठन को मजबूत करने और आगामी पंचायत चुनावों की तैयारी पर भी चर्चा की गई। कांग्रेसी नेताओं ने महंगाई, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की किल्लत को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता इन समस्याओं से बुरी तरह प्रभावित है। जिला अध्यक्ष और डूंगरपुर विधायक गणेश घोगरा ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जनता में हाहाकार मचा हुआ है। उन्होंने 'डबल इंजन' सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया और कहा कि यह आम आदमी की कमर तोड़ने का काम कर रही है। घोगरा ने बताया कि डूंगरपुर में लोग पीने के पानी के लिए कलेक्ट्रेट पर धरना देने को मजबूर हैं और बिजली की अघोषित कटौती के खिलाफ भारी आक्रोश है। इसी आक्रोश के चलते कांग्रेस ने 11 जून को हल्ला बोल प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। कार्यकर्ता रैली के रूप में एसई ऑफिस पहुंचेंगे और वहां घेराव कर अपनी मांगों को रखेंगे। जिलाध्यक्ष ओर विधायक ने कहा कि मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में भी लोगों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि आम लोगों की केवाईसी की प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो पा रही है। लोगों को बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इस अव्यवस्था का फायदा उठाकर कई ई-मित्र संचालक दोबारा केवाईसी करने के नाम पर गरीब जनता से अवैध वसूली कर रहे हैं और उन्हें सरेआम लूट रहे हैं। जनता इस समय पूरी तरह त्राहि-त्राहि कर रही है। हम अपने संगठन को धरातल पर ले जाकर मजबूत करेंगे। संगठन की रीति-नीति और अनुशासन के साथ जनता की आवाज को पुरजोर तरीके से उठाएंगे। अगर सरकार ने इन जनविरोधी नीतियों और महंगाई पर लगाम नहीं लगाई तो आने वाले समय में कांग्रेस पार्टी एक बहुत बड़ा जन-आंदोलन खड़ा करेगी।
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय ने सोमवार को राज्यसभा की सदस्यता और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। सुखेंदु सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति भवन पहुंचकर इस्तीफा सौंपा। इसके बाद मीडिया से चर्चा में उन्होंने पार्टी के कामकाज और लीडरशिप पर नाराजगी जाहिर की। हालांकि, सुखेंदु का अगला कदम क्या होगा, फिलहाल इसकी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। इधर, लोकसभा के भी 20 सांसद ममता से अलग होने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने सुखेंदु के साथ एक मीटिंग की है। 5 नाम सामने आए हैं, इनमें शर्मिला सरकार, प्रसून बनर्जी, कालीपद सोरेन, जगदीश बसुनिया और अरूप चक्रवर्ती शामिल हैं। गौरतलब है कि लोकसभा में TMC के 28 और राज्यसभा में 13 सांसद हैं। पिछले दिनों हुए घटनाक्रम में बंगाल के 80 में से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। त्यागपत्र में भाजपा की तारीफ, TMC की पोल खोली अपने इस्तीफे में सुखेंदु ने हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में TMC की हार के लिए पार्टी की आलोचना की। इस जनादेश को ममता के 15 साल के अराजक शासन का नतीजा बताया। पढ़ें क्या थीं इस्तीफे में लिखी 4 अहम बातें… सुखेंदु बोले- अब मैं आम आदमी, चाहता हूं नई सरकार सबकी जांच करे अपना इस्तीफा सौंपने के बाद सुखेंदु ने कहा बंगाल के इतिहास में पहली बार, पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार सत्ता में आई है। वोटिंग परसेंट 98% पहुंच गया। पार्टी ने इस पर कोई चर्चा नहीं की। 15 साल से सत्ता में रहे लोग आम लोगों की पहुंच से दूर हो गए। हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर दिया गया। इसके बजाय, बिचौलिए, चोर, डकैत और बलात्कारी आगे आ गए। करोड़ों रुपए लूटे गए। अब यह सब सामने आ रहा है। सुखेंदु ने कहा- मैं अब एक आम नागरिक हूं। नई सरकार से मांग कर सकता हूं कि वे पिछले 5 सालों में बंगाल के हर अस्पताल में हुई खरीदारी की जांच करें। फोरेंसिक ऑडिट होना चाहिए। हमारे देश में बलात्कार और हत्या की घटनाएं अक्सर होती रही हैं। उस समय, नेताओं और प्रशासकों ने इस बारे में कोई विचार-विमर्श या चर्चा नहीं की। लेकिन जिन लोगों ने उन्हें वहां भेजा था, उन्हीं ने अब उन्हें नीचे गिरा दिया है। इसलिए सबकी जांच होनी चाहिए।
देवरिया के एकौना थाना क्षेत्र में नदी किनारे मिले युवक के शव की पहचान गोरखपुर में तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) के रूप में हुई है। मृतक की पहचान दिलीप कुमार पांडेय (30) पुत्र वीरेंद्र नाथ पांडेय, निवासी सिकंदरपुर, थाना कलवारी, बस्ती के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर शाम पुलिस को बेलवा दुबौली के पास नदी किनारे एक युवक का शव मिला था। शव केवल अंडरवियर में था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जांच के दौरान रविवार को शव की शिनाख्त दिलीप कुमार पांडेय के रूप में हुई। दिलीप गोरखपुर जनपद के ब्रह्मपुर ब्लॉक में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) के पद पर कार्यरत थे। परिजनों के अनुसार, चार जून के बाद से दिलीप से उनका संपर्क नहीं हो पा रहा था। काफी तलाश के बाद भी उनका कोई पता नहीं चल सका। शव मिलने और पहचान होने के बाद परिवार में शोक का माहौल है। परिजनों ने दिलीप की मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाए, ताकि घटना की वास्तविक वजह सामने आ सके। बताया जा रहा है कि मृतक की पत्नी भी स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं और वर्तमान में बहराइच जनपद में तैनात हैं। पुलिस का कहना है कि मौत के कारणों का स्पष्ट पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।
सोमवार को बालाघाट में आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रदेश संयुक्त सचिव मनोज पमनानी के साथ दूध डेयरी के सामने निवासरत झुग्गीवासियों ने कलेक्टर गेट पर तालाबंदी आंदोलन किया। उन्होंने मकान हटाने के लिए 8 माह का समय देने और दंडात्मक नोटिसों को रद्द करने की मांग की। इस दौरान शांति भंग करने की आशंका पर पुलिस AAP नेता मनोज पमनानी को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। तालाबंदी आंदोलन की सूचना मिलने पर एसडीएम मौके पर पहुंचे। उन्होंने AAP प्रतिनिधि और रहवासियों से चर्चा कर कलेक्टर गेट खुलवाया, जिसके बाद लोग कार्यालय पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने इस मामले में आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया गया है कि वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा के बाद कोई निर्णय लिया जाएगा। इससे संकेत मिल रहा है कि अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई फिलहाल रुक सकती है। दरअसल, यह कार्रवाई तहसील भवन के निर्माण और उसकी बाउंड्रीवाल व गेट बनाने के लिए की जा रही है। प्रशासन दशकों से नजूल भूमि पर रह रहे इन लोगों को हटाना चाहता है। प्रशासन का कहना है कि विस्थापन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और नगरपालिका ने आवास मेला भी लगाया था, लेकिन रहवासी प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर गंभीर नहीं हैं। वहीं, रहवासियों का कहना है कि अगर उनके पास इतना पैसा होता तो वे यहां क्यों रहते। उनकी मुख्य मांग केवल प्रशासन द्वारा दी गई समयावधि को रद्द कर 8 माह का अतिरिक्त समय देना है।
गोरखपुर में रामजानकी नगर के मुक़ीम सिद्दीक़ी शूटिंग एकेडमी के शूटर्स ने प्री-स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एकेडमी के सभी शूटर्स ने 49वीं यूपी स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई कर लिया है। अब ये खिलाड़ी दिल्ली में होने वाली प्रतियोगिता में अपने निशानेबाजी कौशल का प्रदर्शन करेंगे। स्टेट चैंपियनशिप में जगह बनाने के लिए नोएडा और अयोध्या में प्री-स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप का आयोजन किया गया था। इसमें मुक़ीम सिद्दीक़ी शूटिंग एकेडमी के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। अलग-अलग कैटेगरी में खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए क्वालीफाइंग स्कोर हासिल किया और स्टेट लेवल प्रतियोगिता में अपनी जगह बनाई। 21 से 30 जून तक दिल्ली में चलेगी प्रतियोगिता 49वीं यूपी स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप प्रतियोगिता 21 जून से 30 जून 2026 तक दिल्ली की डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित की जाएगी। प्रदेशभर के चयनित शूटर्स इसमें हिस्सा लेंगे। गोरखपुर के खिलाड़ी भी पिस्टल और राइफल इवेंट में अपनी चुनौती पेश करेंगे। चैंपियनशिप में एकेडमी के संचालक और शूटर मुक़ीम सिद्दीक़ी के साथ पिस्टल शूटर आरनव श्रीवास्तव, मुहम्मद अब्दुल्ला खान, दिलीप यादव और अनुष्का टेकरीवाल प्रतिभाग करेंगे। वहीं, राइफल इवेंट में विभव अजीत सरिया हिस्सा लेंगे। खिलाड़ियों ने शुरू की तैयारी स्टेट चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करने के बाद सभी शूटर्स ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। खिलाड़ियों का लक्ष्य प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन कर गोरखपुर का नाम रोशन करना है। एकेडमी के सभी शूटर्स के चयन से खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों में खुशी का माहौल है।
जयपुर में रविवार को फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित एयू जयपुर साइक्लोथॉन 2026 में हजारों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शहर के विभिन्न इलाकों से जुड़े साइक्लिस्ट, विद्यार्थी, कॉर्पोरेट प्रोफेशनल्स और फिटनेस प्रेमियों ने साइक्लिंग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली और हरित परिवहन का संदेश दिया। संस्कृति युवा संस्था, जयपुर रनर्स क्लब और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इवेंट मैनेजमेंट एंड रिसर्च (आईआईईएमआर) द्वारा एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक एवं इटरनल हॉस्पिटल के सहयोग से आयोजित इस साइक्लोथॉन ने जयपुर में फिटनेस और पर्यावरण जागरूकता का उत्सव जैसा माहौल बना दिया। कार्यक्रम के साथ साइक्लिंग संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए चलाए गए सप्ताहव्यापी अभियान का भी समापन हुआ। साइक्लोथॉन का आयोजन शहर के विभिन्न क्षेत्रों—सी-स्कीम, मानसरोवर, वैशाली नगर, मालवीय नगर और विद्याधर नगर से किया गया। सभी स्थानों पर बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और साइकिलिंग के जरिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को आयकर आयुक्त शैलेन्द्र शर्मा, आरपीएफ की आईजी ज्योति सतीजा, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के हेड ऑफ स्वदेश बैंकिंग मास्टर जी सुल्तान राम, इटरनल हॉस्पिटल के चेयरमैन इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी डॉ. संजीव शर्मा, एनएवी इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट (फाइनेंस) समीर गांधी, जयपुर रनर्स क्लब के अध्यक्ष प्रवीण तिजारिया, सह-संस्थापक रवि गोयनका, सिटीवाइब्स के चेयरमैन राजेश अग्रवाल, इवेंट कमेटी चेयरमैन सुधीर जैन, इवेंट डायरेक्टर कैप्टन शशि किरण तथा आईआईईएमआर के प्रबंध निदेशक मुकेश मिश्रा सहित अन्य अतिथियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर आयकर आयुक्त शैलेन्द्र शर्मा ने कहा कि साइक्लोथॉन को मिली व्यापक भागीदारी नागरिकों में स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि साइक्लिंग न केवल फिटनेस बढ़ाती है, बल्कि प्रदूषण कम करने और हरित शहरों के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आरपीएफ आईजी ज्योति सतीजा ने कहा कि एयू जयपुर साइक्लोथॉन अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है, जो फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी को एक साथ जोड़ रहा है। आईआईईएमआर के प्रबंध निदेशक मुकेश मिश्रा ने बताया कि सप्ताहभर चले इस अभियान के दौरान विश्व साइकिल दिवस पर सस्टेनेबल मोबिलिटी विषयक टॉक शो, विश्व पर्यावरण दिवस पर मेगा पौधारोपण अभियान, बीआईबी एक्सपो और साइक्लिंग अवॉर्ड्स जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने कहा कि हजारों नागरिकों को स्वास्थ्य, सस्टेनेबिलिटी और सामुदायिक सहभागिता के साझा उद्देश्य से जोड़ना इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। साइक्लोथॉन के दौरान प्रतिभागियों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, साइक्लिंग संस्कृति को बढ़ावा देने, सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। आयोजन ने लोगों को गैर-मोटर चालित परिवहन अपनाकर कार्बन उत्सर्जन कम करने का भी संदेश दिया। आयोजकों के अनुसार इस अभियान में शैक्षणिक संस्थानों, कॉर्पोरेट संगठनों, साइक्लिंग क्लबों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। यही वजह रही कि एयू जयपुर साइक्लोथॉन 2026 जयपुर के सबसे प्रभावशाली फिटनेस और ग्रीन मोबिलिटी अभियानों में से एक बनकर उभरा।
कानपुर और आसपास के जिलों के मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से जुड़े हैलट (LLR) अस्पताल में अब इलाज की दिशा पूरी तरह बदलने जा रही है। न्यू सर्जरी ब्लॉक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक रोबोटिक्स की मदद से गंभीर और जटिल बीमारियों के ऑपरेशन किए जाएंगे। इस नई व्यवस्था के बाद हैलट अस्पताल शहर का पहला ऐसा सेंटर बन जाएगा, जहां नवजात बच्चों के पेट (गैस्ट्रो), लिवर, किडनी और छाती से जुड़ी जटिल सर्जरी आधुनिक तकनीक से की जा सकेगी। इससे उन परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें अब तक इलाज के लिए लखनऊ के SGPGI तक जाना पड़ता था। 19.5 करोड़ रुपए से बनेगा नया तीन मंजिला ब्लॉक इस परियोजना के लिए करीब 19.5 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। इसके तहत एक आधुनिक तीन मंजिला नया सर्जरी ब्लॉक तैयार किया जा रहा है। इस ब्लॉक की प्रमुख सुविधाएं: इस ब्लॉक में UG और PG छात्रों को एडवांस सर्जरी तकनीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी। स्किल लैब के जरिए डॉक्टरों को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और सर्जरी तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। स्वदेशी रोबोट की खरीद प्रक्रिया शुरू जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. संजय काला के अनुसार, रोबोटिक सर्जरी की तैयारी लंबे समय से चल रही थी, जो अब जल्द शुरू होगी। इसके लिए स्वदेशी रोबोट खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। AI गाइडेंस से बढ़ेगी सर्जरी की सटीकता नई तकनीक में डॉक्टरों को AI आधारित गाइडेंस मिलेगा, जिससे ऑपरेशन के दौरान गलती की संभावना बेहद कम हो जाएगी। इसके साथ ही सुपर स्पेशियलिटी और एंडोस्कोपी तकनीक का भी पूरा सहयोग लिया जाएगा।
चित्रकूट जिले के सदर ब्लॉक के सोनपुर गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। सोमवार को ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर कलेक्टरेट पहुंचे और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने गांव में पेयजल व्यवस्था सुधारने की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में लगा एक सरकारी नल एक दबंग व्यक्ति ने अपनी बाउंड्री के अंदर कर लिया है। इससे आम ग्रामीणों को उस नल तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है और वे पीने के पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। सोनपुर निवासी सुमन देवी ने कलेक्टरेट में बताया कि उनके मोहल्ले में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि गांव के कई हिस्सों में अभी तक पाइपलाइन नहीं बिछाई गई है, जिससे लोगों को दूर के स्रोतों से पानी लाना पड़ता है। आंदोलन करने के लिए होंगे बाध्य सुमन देवी ने यह भी बताया कि गर्मी के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। इस दौरान महिलाओं और बच्चों को पीने के पानी के लिए सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव में नियमित पेयजल पाइपलाइन बिछाई जाए, जिससे पानी की समस्या का समाधान हो सके। उन्होंने प्रशासन से जलापूर्ति व्यवस्था की जांच कराने और जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन नहीं पहुंची है, वहां जल्द कार्य कराने का आग्रह किया। ग्रामीणों ने यह भी जोर दिया कि सार्वजनिक उपयोग के लिए लगाए गए नल को सभी की पहुंच में रखा जाए। उनका कहना था कि इस पर किसी एक व्यक्ति का कब्जा नहीं होना चाहिए, ताकि पूरे गांव को इसका लाभ मिल सके। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
लखनऊ में जल के अंदर हुआ योगाभ्यास । आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों को लेकर जगदम्बा योग वेलफेयर सोसाइटी द्वारा गोमती नगर में भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता को समर्पित अनूठे ‘जल योग प्रदर्शन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रोमा हेमवानी ने इस विशेष पर कह कि आयोजन का उद्देश्य समाज के उन वर्गों तक योग और आरोग्यता का संदेश पहुंचाना है, जो अक्सर मुख्यधारा की गतिविधियों से दूर रह जाते हैं। योग गुरु रोमा हिमवान के साथ दिव्यांगजन, वरिष्ठजन, महिलाएं और बच्चों ने जल के अंदर योग किया। जल के भीतर विभिन्न योगासनों का आकर्षक और प्रेरणादायक प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों ने जल की तरलता के बीच संतुलन, एकाग्रता और आत्मविश्वास का परिचय देते हुए कई जटिल योग मुद्राओं को सहजता से प्रस्तुत किया। उनके प्रदर्शन ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया साथ ही यह संदेश दिया कि योग प्रत्येक व्यक्ति के लिए समान रूप से उपयोगी और सुलभ है। जल योग प्रशिक्षिका रोमा हेमवानी ने जल योग नृत्य का मनमोहक प्रदर्शन कर सभी का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने जल योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जल की सौम्यता, तरलता और उपचारात्मक गुण शरीर और मन को संतुलित करने में सहायक होते हैं। उन्होंने कहा कि जल योग विशेष रूप से दिव्यांगों, महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए लाभकारी है, क्योंकि इससे कठिन योगासन भी अपेक्षाकृत सरलता से किए जा सकते हैं तथा शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को मजबूती मिलती है। हनुमंत धाम के मुख्य पुजारी गुरु राम सेवक दास ने कहा की योग मानव शरीर के लिए बेहद जरूरी है। योग कई तरीके का होता है। जल योग , वायु योग और अग्नि योग। हमारे ऋषि मुनियों ने योग करके हमें यह संदेश दिया कि शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहना बेहद जरूरी है। आज योग अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किया जा रहा है। योग को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई वह बेहद सराहनीय है। सभी लोगों के लिए यह आवश्यक है कि सिर्फ एक दिन योग ना करें बल्कि साल के 365 दिन करें तब इसका पूरा लाभ मिलेगा।
गोरखपुर के हेल्थ केयर सेक्टर में तेजी से बढ़ रही एडवांस टेक्नोलॉजी और रोबोटिक रिहैबिलिटेशन को लेकर नेशनल लेवल का कॉन्क्लेव होने जा रहा है। 25 अक्टूबर को योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में गोरखपुर फिजियोकॉनक्लेव आयोजित होगा। इसमें देश के अलग-अलग शहरों से आने वाले एक्सपर्ट फिजियोथेरेपी के बदलते स्वरूप और मरीजों की बेहतर रिकवरी में आधुनिक तकनीकों की भूमिका पर चर्चा करेंगे। यूथ फिजियोथेरेपिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन और इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट उत्तर प्रदेश ब्रांच की ओर से आयोजित इस कॉन्क्लेव की थीम इस बार रोबोटिक रिहैबिलिटेशन रखी गई है। इसमें एक्सपर्ट बताएंगे कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक सिस्टम की मदद से फिजियोथेरेपी ट्रीटमेंट को कैसे ज्यादा सटीक और प्रभावी बनाया जा सकता है। देशभर के 1000 फिजियोथेरेपिस्ट करेंगे हिस्सा कॉन्क्लेव में दिल्ली, बंगलूरू, हैदराबाद, देहरादून, पटना, रांची, वाराणसी और कानपुर समेत कई शहरों से करीब 1000 फिजियोथेरेपिस्ट, रिहैबिलिटेशन एक्सपर्ट, एकेडमिक्स और रिसर्चर शामिल होंगे। एक्सपर्ट न्यूरो रिहैबिलिटेशन, ऑर्थोपेडिक रिकवरी, एडवांस थेरेपी और हेल्थ केयर में हो रहे नए इनोवेशन पर अपने अनुभव साझा करेंगे। आयोजकों के अनुसार इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य फिजियोथेरेपी प्रोफेशनल्स और स्टूडेंट्स को इंटरनेशनल लेवल पर इस्तेमाल हो रही नई तकनीकों और रिसर्च से जोड़ना है। कार्यक्रम में एक्सपर्ट टॉक, साइंटिफिक सेशन, रिसर्च प्रेजेंटेशन और लाइव डिस्कशन होंगे। पूर्वांचल में फिजियोथेरेपी को मिलेगी नई पहचान आयोजकों का कहना है कि रोबोटिक रिहैबिलिटेशन आने वाले समय में हेल्थ केयर का अहम हिस्सा बनने जा रहा है। ऐसे आयोजन से पूर्वांचल में एडवांस फिजियोथेरेपी सर्विस और आधुनिक इलाज की संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम में यूथ फिजियोथेरेपिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. रजत श्रीवास्तव, जिला अस्पताल के डॉ. रविंद्र ओझा, आईएपी गोरखपुर ब्रांच के अध्यक्ष डॉ. त्र्यंबक पांडे, सचिव डॉ. दिनेश दुबे, डॉ. मानित दीक्षित, डॉ. अश्वनी यादव, डॉ. शोभित श्रीवास्तव, डॉ. पूजा शर्मा और डॉ. दिव्या सिन्हा सहित एसोसिएशन के सदस्य मौजूद रहेंगे।
नर्मदापुरम में 85साल की महिला पर हमला कर लूटे जेवर:खटिया से 10फीट दूर घायल मिली बुजुर्ग, हालत नाजुक
नर्मदापुरम के ग्राम तालनगरी में एक 85 साल की बुजुर्ग महिला से मारपीट कर जेवर लूटने की वारदात हुई। घटना रविवार सोमवार के दरमियानी रात में खेत में बने टपरिया में की है। सुबह 8:30 बजे घटना उसे वक्त उजागर हुई जब, उनका छोटा बेटा खेत पहुंचा तो बुजुर्ग जमीन पर खून से लखपत हालत में पड़ी मिली। जिनके शरीर से चांदी के कड़े व अन्य जेवर गायब थे। वारदात की सूचना ही गांव में सनसनी फैल गई। परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। बुजुर्ग को परिजन खून से लथपथ हालत में नर्मदापुरम के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। बुजुर्ग के सिर में गहरी चोट आई है और होने में भी है। फिलहाल में उनकी हालत नाजुक है। सूचना पर देहात थाना प्रभारी सौरभ पांडे, एसआई अरविंद बेले, खुमान सिंह समेत पुलिस बल के आठ घटनास्थल पर पहुंचे। साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस ने एफएसएल, डॉग स्क्वॉड और साइबर की टीम को भी मौके पर बुलाया। फिलहाल में पुलिस अभी मामला दर्ज नहीं हुआ है। पुलिस मामले की विवेचना में लगी है। खेत में बने टपरिया अकेली सोती थी बुजुर्ग घायल बुजुर्ग के पौते गोविंद कीर ने बताया हमारा गांव में और खेत में मकान है। खेत का मकान फिलहाल बन रहा है। घर के सभी सदस्य गांव वाले मकान में रहते है। दादी और चाचा ही निर्माणधीन मकान की देखरेख के लिए टपरिया में रहते थे। रविवार रात को चाचा छोटेलाल भी गांव वाले मकान पर ही रुके थे। दादी खेत में अकेली थी। सुबह 8.30बजे जब चाचा छोटेलाल खेत पहुंचे तो दादी खटिया से 10 फीट दूर जमीन पर खून से लतपथ हालत में बेहोश पड़ी थी। सिर फटा हुआ था और काफी खून बह चुका था। उनके चांदी के जेवर कड़े और अन्य चीज शरीर से गायब थी। आरोपी अज्ञात, बुजुर्ग का उपचार जारी देहात थाना प्रभारी सौरभ पांडे ने बताया सुबह सूचना मिली थी कि तालनगरी में खेत में बुजुर्ग से मारपीट की गई है। परिजनों ने बुजुर्ग के जेवर गायब होने का आरोप लगाया है। बुजुर्ग की हालत नाजुक है। उनका उपचार जारी है। मौके से साक्ष्य जुटा रहे है। आरोपी अज्ञात है, आरोपियों की पहचान कर रहे है।
कानपुर साउथ ग्राउंड पर दूधिया रोशनी (फ्लड लाइट्स) के बीच खेला गया 14वीं जेएनटी अंडर-12 क्रिकेट लीग का फाइनल मुकाबला सालों तक याद रखा जाएगा। मैदान पर मौजूद हजारों दर्शकों की धड़कनें तब तक थमी रहीं, जब तक मैच की आखिरी गेंद नहीं फिंक गई। कड़े मुकाबले में सिग्मा ग्रिपलॉक XI ने प्राइम एनलाइटन XI को महज 1 विकेट से हराकर चमचमाती ट्रॉफी अपने नाम कर ली। मैदान पर बजती सीटियां, ढोल-नगाड़े और मैच खत्म होने के बाद आसमान में हुई शानदार आतिशबाजी ने इस खिताबी मुकाबले को यादगार बना दिया। प्राइम एनलाइटन की पारी, सहर्ष और अद्रिक ने संभाला, पर बिखर गई टीम टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी प्राइम एनलाइटन XI की शुरुआत बेहद खराब रही और सलामी बल्लेबाज अरिजीत सिर्फ 14 रन बनाकर रनआउट हो गए। इसके बाद सहर्ष वत्स (14 रन) और कप्तान अद्रिक दिवालिया (14 रन) ने पारी को संभालने की कोशिश की। आकाश गुप्ता ने भी 12 रनों का योगदान दिया। मध्यक्रम के बल्लेबाजों के घुटने टेकने के कारण पूरी टीम 25 ओवरों में 9 विकेट खोकर 113 रन ही बना सकी। सिग्मा ग्रिपलॉक की ओर से घातक गेंदबाजी करते हुए कृष्णा यादव और देवांश दुबे ने 2-2 विकेट चटकाए, जबकि रूपेश और आदित्य यादव को 1-1 विकेट मिला। सिग्मा की रोमांचक जीत, आदित्य और कृष्णा ने पलटा मैच 114 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी सिग्मा ग्रिपलॉक XI की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही और दूसरे ही ओवर में अभय प्रताप सिंह सिर्फ 4 रन बनाकर अरिजीत का शिकार बन गए। एक समय ऐसा आया जब सिग्मा के 9 विकेट गिर चुके थे और मैच पूरी तरह फंस गया था। ऐसे नाजुक मौके पर सलामी बल्लेबाज आदित्य यादव (52 रन) और ऑलराउंडर कृष्णा यादव (47 रन) ने सूझबूझ से बल्लेबाजी की। दोनों क्रीज पर खूंटा गाड़कर खड़े हो गए। आदित्य ने अपनी 52 रनों की जुझारू पारी में अर्धशतक जमाया, तो वहीं कृष्णा ने नाबाद 47 रन बनाकर टीम को अंतिम ओवर में 1 विकेट से रोमांचक जीत दिला दी।
शाहजहांपुर में पुलिस भर्ती परीक्षा की पहली पाली सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है। परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रहीं; कुछ ने इसे आसान बताया तो कुछ ने कठिन। हालांकि, अधिकांश अभ्यर्थी गणित के प्रश्नों में उलझे हुए दिखे। कुछ ने यह भी बताया कि पहली पाली होने के कारण समय प्रबंधन में थोड़ी दिक्कत आई। शाहजहांपुर में पुलिस भर्ती परीक्षा 13 केंद्रों पर आयोजित की जा रही है। सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले ही केंद्रों पर पहुंच गए थे। कड़ी जांच के बाद परीक्षा सुबह शुरू हुई और अपने तय समय पर समाप्त हो गई। परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए एसपी सौरभ दीक्षित, एसपी सिटी देवेंद्र सिंह, सीओ सिटी पंकज पंत और सीओ सदर शुभम वर्मा ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर लगातार निगरानी रखी। परीक्षा समाप्त होने के बाद, अभ्यर्थियों के चेहरे पर मिली-जुली भावनाएं दिखीं। कुछ अपनी मेहनत से संतुष्ट दिखे, तो कुछ थोड़े मायूस थे। कई अभ्यर्थियों ने बताया कि गणित के प्रश्नों ने उन्हें काफी परेशान किया, जबकि अन्य विषयों को वे सामान्य मान रहे थे। बरेली से आई अभ्यर्थी सोनाली ने बताया कि पेपर अच्छा था, लेकिन थोड़ा कठिन लगा। उन्होंने कहा कि प्रश्न अच्छे थे, पर मुश्किल थे, खासकर गणित के सवाल। बाकी सभी विषय सामान्य स्तर के थे। सोनाली ने उम्मीद जताई कि वह परीक्षा में सफल होंगी। पीलीभीत की रीना राठौर ने कहा कि पेपर सामान्य स्तर का था। उन्होंने बताया कि उनका बैच पहला था, इसलिए उन्हें समय कम पड़ गया। रीना के अनुसार, प्रश्न कहीं आसान तो कहीं कठिन थे, और गणित के सवाल भी इसी तरह मिले-जुले थे। उन्होंने अपनी मेहनत पर भरोसा जताते हुए परिणाम का इंतजार करने की बात कही। लखीमपुर से आए एक अभ्यर्थी ने पेपर को आसान बताया। उन्होंने यह भी कहा कि गणित के प्रश्न भी कठिन नहीं थे और उन्हें अच्छे परिणाम की पूरी उम्मीद है। हरदोई के एक अन्य अभ्यर्थी ने बताया कि पेपर लगभग आसान था, लेकिन गणित के प्रश्न थोड़े कठिन थे। हालांकि, उन्होंने कुल मिलाकर परीक्षा अच्छी होने की बात कही।
भिंड में विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में दिगंबर जैन सोशल ग्रुप सिटी भिंड द्वारा बायपास रोड स्थित आनंद धाम आश्रम में वृक्षारोपण एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान संस्था के सदस्यों ने 111 पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। साथ ही दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में मनोनीत किए गए पदाधिकारियों का सम्मान भी किया गया। आयोजन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सरोकार और सेवा कार्यों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। आनंद धाम आश्रम में हुआ आयोजन कार्यक्रम का आयोजन बायपास रोड स्थित आनंद धाम आश्रम में किया गया। समारोह की शुरुआत अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। संस्था के पदाधिकारियों ने अतिथियों को पत्रिका भेंट कर तथा माल्यार्पण कर सम्मानित किया। इसके बाद पर्यावरण संरक्षण को समर्पित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। 111 पौधों का किया गया सामूहिक वृक्षारोपण कार्यक्रम में जैन सोशल ग्रुप सिटी भिंड का है यह नारा, हरा-भरा हो भिंड हमारा संकल्प के साथ सदस्यों ने सामूहिक रूप से 111 पौधों का रोपण किया। संस्था से जुड़े दंपत्ति सदस्यों ने स्वयं पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। संस्था के सदस्यों ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही जरूरी है, ताकि भविष्य में ये पौधे बड़े वृक्ष बनकर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में योगदान दे सकें। पौधों की देखभाल भी जरूरी : डॉ. शैलेंद्र परिहार कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. शैलेंद्र परिहार ने कहा कि वृक्षारोपण तभी सार्थक माना जाएगा जब लगाए गए पौधों की सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाई जाए। उन्होंने कहा कि आज लगाए गए पौधे आने वाले वर्षों में बड़े वृक्ष बनकर पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण प्रदान करेंगे। प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाने की अपील विशिष्ट अतिथि एवं पार्षद हेमू राहुल जैन ने अपने संबोधन में लोगों से सिंगल यूज प्लास्टिक, पॉलीथिन और सिल्वर फॉयल का उपयोग बंद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए हर व्यक्ति को अपनी जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव करने होंगे। उन्होंने पर्यावरण अनुकूल आदतों को अपनाने पर जोर दिया। वैवाहिक वर्षगांठ का भी हुआ आयोजन कार्यक्रम के दौरान संस्था के वरिष्ठ सदस्य विनय जैन एवं नीलम जैन ने अपनी वैवाहिक वर्षगांठ भी संस्था के सदस्यों के बीच मनाई। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में मनोनीत पदाधिकारियों का सम्मान समारोह का प्रमुख आकर्षण दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में निदेशक मंडल सदस्य मनोनीत किए गए अशोक जैन सर्राफ-जया जैन तथा अतुल जैन पवैया-ज्योति जैन का सम्मान रहा। संस्था के अध्यक्ष शैलेंद्र जैन, सचिव अंशुल जैन, कोषाध्यक्ष रविंद्र जैन सहित सभी सदस्यों ने साफा, पट्टा एवं मिठाई खिलाकर उनका अभिनंदन किया। वक्ताओं ने इसे भिंड के लिए गौरव का विषय बताते हुए सभी मनोनीत पदाधिकारियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं। वृद्धजनों को वितरित किया गया स्वल्पाहार सामाजिक सेवा की भावना के तहत कार्यक्रम के दौरान आनंद धाम आश्रम में निवासरत वृद्धजनों को स्वल्पाहार वितरित किया गया। इसके साथ ही कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों और आगंतुकों के लिए भी अल्पाहार की व्यवस्था की गई थी। आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम का समापन संस्था के सचिव अंशुल जैन एवं आयशा जैन ने कार्यक्रम का संचालन किया। उन्होंने सेवा भारती, अतिथियों, सहयोगी सदस्यों तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में डॉ. जितेंद्र जैन, अतुल जैन, अशोक जैन, डॉ. रविकांत जैन, डॉ. चिन्मया जैन, राहुल जैन, संजय जैन, विनय जैन, विवेक जैन, पवन जैन, विकास जैन, रजनी जैन, राकेश जैन, प्रवीण जैन, डॉ. राहुल जैन, पारस जैन, वरुण जैन, सिद्धार्थ जैन, सम्यक जैन, सुभाष जैन, राजेंद्र कुमार जैन, अमित जैन सहित बड़ी संख्या में संस्था के पदाधिकारी, सदस्य एवं उनके परिजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सेवा और संगठनात्मक एकता का संदेश दिया गया। साथ ही समाज के लोगों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प भी लिया।
बागपत में 22 वर्षीय युवक का शव बरामद:रविवार रात 10 बजे से लापता था, परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया
बागपत शहर कोतवाली क्षेत्र में एक 22 वर्षीय युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान सहजान के रूप में हुई है। परिजनों ने सहजान की हत्या का आरोप लगाया है, जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों के अनुसार, सहजान रविवार रात करीब 10 बजे तक बाजार में देखा गया था। जब वह सुबह घर नहीं लौटा और उसका फोन भी बंद आने लगा, तो परिवार को चिंता हुई। कुछ समय बाद उन्हें सहजान का शव मिलने की सूचना मिली। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही मृतक के परिजन शोएब कुरैशी ने बताया कि सहजान की हत्या की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उसके हाथ-पैर भी एक कपड़े से बांधे गए थे। परिजनों ने इस घटना को अंजाम देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने इस मामले में दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है, जिसमें कुछ अहम सुराग मिलने का दावा किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे जल्द ही इस घटना का खुलासा करेंगे। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही सहजान की मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा।
ग्वालियर में कस्टमर केयर अधिकारी बनकर और एसबीआई क्रेडिट कार्ड बंद होने का झांसा देकर दो लोगों से 5 लाख 42 हजार 496 रुपए की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने दोनों मामलों में धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस दोनों मामलों में साइबर ठगों की तलाश कर रही है। पहला मामला थाटीपुर थाना पुलिस क्षेत्र की अशोक कॉलोनी का है। यहां रहने वाले 38 वर्षीय सतीश माहौर को एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को कस्टमर केयर कर्मचारी बताकर फोन किया। आरोपी ने उनके मोबाइल पर एक एपीके (APK) फाइल भेजी और उसे क्लिक करने के लिए कहा। क्रेडिट कार्ड चालू रखने के लिए भुगतान करने को कहा जैसे ही सतीश माहौर ने फाइल ओपन की, साइबर ठगों ने उनके बैंक खातों तक पहुंच बना ली। इसके बाद अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए उनके खाते से 4 लाख 10 हजार 49 रुपए निकाल लिए गए। यह ठगी 10 फरवरी से 11 फरवरी 2026 के बीच हुई। पुलिस ने जांच के बाद प्रकरण दर्ज किया है। दूसरा मामला कम्पू थाना पुलिस क्षेत्र की किरार कॉलोनी से सामने आया है। यहां रहने वाले 48 वर्षीय अनिल गुप्ता को 23 मई 2026 की दोपहर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को एसबीआई कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनका क्रेडिट कार्ड जल्द बंद होने वाला है और उसे चालू रखने के लिए भुगतान करना होगा। दो बार में 1.32 लाख निकाले ठग ने अनिल गुप्ता को एक लिंक भेजकर 52 हजार 964 रुपए जमा करने को कहा। अनिल ने भरोसा कर लिंक के माध्यम से भुगतान कर दिया। कुछ देर बाद उनके क्रेडिट कार्ड से दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 39 हजार 964 रुपए और 92 हजार 463 रुपए निकाल लिए गए। इस तरह उनके खाते से 1 लाख 32 हजार 447 रुपए की ठगी हो गई। ठगी का अहसास होने पर अनिल गुप्ता ने तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला कम्पू थाने भेजा गया है।
अमेठी में सरकारी पानी की टंकी साफ करते समय करंट लगने से 22 वर्षीय युवक अभयनंदन की मौत हो गई। यह घटना सोमवार सुबह संग्रामपुर थाना क्षेत्र के पूरे मुरारपुर मजरे उत्तरगांव गांव में हुई। परिजनों ने काम पर ले जाने वाले लोगों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतक के पिता शीतला प्रसाद ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि सोमवार सुबह गांव के कुछ लोगों ने अभयनंदन को मजदूरी के लिए बुलाया था। उसे सरकारी टंकी की सफाई के लिए सीढ़ी और अन्य सामान के साथ मौके पर ले जाया गया था। सफाई के दौरान अभयनंदन ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन की चपेट में आ गया। करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। मौके पर मौजूद लोग उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर ले गए, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे और शव घर ले आए। परिजनों का आरोप है कि युवक से टंकी की सफाई सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए बिना कराई गई, जिसके कारण उसकी जान चली गई। उन्होंने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि उन्हें तहरीर मिली है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
क्लासरूम में बैठे छात्र सिर झुकाकर तेजी से जवाब लिख रहे हैं। पहली नजर में यह किसी परीक्षा का सामान्य दृश्य लगता है, लेकिन उनके सामने रखी उत्तर पुस्तिकाओं से ज्यादा नजर मोबाइल स्क्रीन पर है। कोई ChatGPT से जवाब खोज रहा है, कोई Gemini और Google का सहारा ले रहा है। यह दृश्य भिंड के यदुनाथ कॉलेज स्थित परीक्षा केंद्र का है, जहां माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय की पीजीडीसीए और डीसीए परीक्षा में खुलेआम नकल का मामला सामने आया है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में परीक्षा केंद्र के भीतर के वीडियो सामने आए हैं। वीडियो में परीक्षार्थी मोबाइल फोन के जरिए प्रश्नों के उत्तर तलाशते और उन्हें उत्तर पुस्तिका में लिखते दिखाई दे रहे हैं। दावा है कि परीक्षा केंद्र में मोबाइल आसानी से पहुंच रहे थे और नकल रोकने की व्यवस्थाएं सिर्फ कागजों तक सीमित थीं। भास्कर स्टिंग- दो दिन तक अंदर पहुंचा मोबाइलभास्कर रिपोर्टर ने सच्चाई जानने के लिए एक परीक्षार्थी के माध्यम से लगातार दो दिन तक परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन पहुंचाया। दूसरे दिन परीक्षा के दौरान हॉल के भीतर का पूरा वीडियो रिकॉर्ड किया गया। इस वीडियो में कुछ परीक्षार्थी समूह बनाकर चर्चा करते हुए दिख रहे हैं, जबकि अन्य छात्र-छात्राएं मोबाइल स्क्रीन पर ChatGPT, Gemini और Google के जरिए सवालों के जवाब तलाशते नजर आ रहे हैं…पढ़िए रिपोर्ट। AI बना नकल का नया हथियार, जांच के दावे निकले खोखलेपरीक्षा हॉल में पर्चियों और गाइड की जगह अब मोबाइल फोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल ने ले ली है। कंप्यूटर शिक्षा से जुड़ी इस परीक्षा में तकनीक का ऐसा इस्तेमाल परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। केंद्र पर परीक्षार्थियों की सख्त जांच के दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन हकीकत में प्रवेश के दौरान मोबाइल फोन आसानी से अंदर पहुंच गए। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर उड़नदस्ते या किसी औचक निरीक्षण दल की सक्रिय मौजूदगी भी दिखाई नहीं दी। देखिए परीक्षा हॉल की वो तस्वीरें जो भास्कर ने सामने लाईं… पर्यवेक्षक ने बनाए थे 24 नकल प्रकरणयदुनाथ कॉलेज केंद्र पर नकल रोकने के लिए एमजेएस कॉलेज के सहायक प्राध्यापक डॉ. हेमंत दुबे को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था। डॉ. दुबे के अनुसार, उन्होंने शुरुआती परीक्षाओं में सख्ती बरतते हुए दो से तीन पेपरों में 24 नकल प्रकरण बनाए थे। सूत्रों के मुताबिक, इसके बाद विश्वविद्यालय को परीक्षा केंद्र निरस्त करने का प्रस्ताव भी भेजा गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय ने एक विशेष पर्यवेक्षक की तैनाती की थी, लेकिन इसके बावजूद केंद्र पर परीक्षाएं जारी रहीं। प्राचार्य ने दिए जांच के आदेश, व्यवस्था पर उठे कई गंभीर सवालइस पूरे मामले पर लीड कॉलेज के प्राचार्य आर.ए. शर्मा ने कहा कि यह प्रकरण उनके संज्ञान में आया है और इसकी सघन जांच कराई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो परीक्षा केंद्र की परीक्षाओं को निरस्त करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को लिखा जाएगा। इस घटना ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं कि प्रतिबंधित होने के बावजूद मोबाइल अंदर कैसे पहुंचे और 24 नकल प्रकरण बनने तथा विशेष पर्यवेक्षक की तैनाती के बाद भी धांधली कैसे जारी रही। यह मामला परीक्षा हॉल में एआई के दुरुपयोग की एक नई और गंभीर चुनौती को भी दर्शाता है।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की सिपाही भर्ती लिखित परीक्षा-2026 को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए बलरामपुर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन और पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सिपाही भर्ती की पहली पाली की परीक्षा शांति पूर्ण संपन्न हुई। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर तैनात पुलिस बल, स्टैटिक मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापकों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। डीएम और एसपी ने केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों, कंट्रोल रूम, प्रवेश-निकास व्यवस्था तथा अभ्यर्थियों की चेकिंग प्रक्रिया का निरीक्षण किया। साथ ही अभ्यर्थियों की सुगम आवाजाही, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप भर्ती परीक्षा को पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी एवं सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए। वहीं, पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि परीक्षा अवधि के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सभी परीक्षा केंद्रों पर व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की संयुक्त तैयारियों के बीच भर्ती परीक्षा को सुरक्षित, निष्पक्ष और व्यवस्थित वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं।
मुजफ्फरनगर में चलती EV स्कूटी में लगी आग, VIDEO:बीच चौराहे पर धूं-धूंकर जली स्कूटी, कोई जनहानि नहीं
मुजफ्फरनगर के व्यस्त अहिल्याबाई चौक पर सोमवार सुबह करीब 10 बजे एक चलती इलेक्ट्रिक स्कूटी में अचानक आग लग गई। इस घटना से चौराहे पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इसमें कोई जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कूटी से धुआं निकलते ही चालक ने तुरंत उसे छोड़कर खुद को सुरक्षित कर लिया। कुछ ही क्षणों में स्कूटी पूरी तरह आग की लपटों में घिर गई और धूं-धूंकर जलने लगी। आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। कई राहगीरों ने अपने मोबाइल फोन से घटना का वीडियो बनाया। आग लगने के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा और चौराहे पर जाम की स्थिति बन गई। घटना में स्कूटी पूरी तरह जलकर क्षतिग्रस्त हो गई। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि, वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें स्कूटी को जलते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
अम्बेडकरनगर भाजपा के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष दिलीप देव पटेल और जिला उपाध्यक्ष विमलेंद्र प्रताप सिंह ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान संगठनात्मक गतिविधियों, जिले के विकास कार्यों और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री को अम्बेडकरनगर में संगठन की वर्तमान स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के प्रयासों की जानकारी दी। साथ ही जिले के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की गई। बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने पर जोर जिलाध्यक्ष दिलीप देव पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास और सुशासन के नए मानक स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं। उनके अनुसार मुख्यमंत्री ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने पर विशेष जोर दिया। जिला उपाध्यक्ष विमलेंद्र प्रताप सिंह 'मोनू' ने इस मुलाकात को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करने और सरकार की नीतियों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने का संदेश दिया। भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने दोनों नेताओं को संगठन विस्तार, जनसंपर्क अभियान और आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए शुभकामनाएं भी दीं। भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए उनके नेतृत्व में प्रदेश और जिले के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का भरोसा दिलाया। राजनीतिक हलकों में इस मुलाकात को संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिलाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री से हुई यह मुलाकात अम्बेडकरनगर में भाजपा संगठन को नई दिशा देने की दृष्टि से अहम मानी जा रही है।
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में गेंदबाजी से पहचान बनाने वाले तेज गेंदबाज कुलवंत खेजरोलिया का अपने गृह जिले झुंझुनूं आगमन पर स्वागत किया गया। आईपीएल का सीजन समाप्त होने के बाद जब वे मंडावा विधानसभा क्षेत्र के अपने पैतृक गांव चूड़ी अजीतगढ़ पहुंचे, तो उनके स्वागत में पूरा गांव और आस-पास के खेल प्रेमी उमड़ पड़े। इस दौरान ग्रामीणों और खेल प्रशंसकों ने उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया और राजस्थानी परंपरा के अनुसार साफा पहनाकर उनका अभिनंदन किया। एक साधारण किसान पुत्र का सफर कुलवंत खेजरोलिया की सफलता की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। एक बेहद साधारण किसान परिवार में जन्मे कुलवंत ने यहां तक पहुंचने के लिए कड़ा संघर्ष किया है। बिना किसी बड़े गॉडफादर या महंगी सुविधाओं के, सिर्फ अपनी कड़ी मेहनत, अटूट इच्छाशक्ति और खेल के प्रति जुनून के बल पर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाई। आज वे क्षेत्र के हजारों उन युवाओं के लिए रोल मॉडल बन चुके हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद खेलों में अपना करियर बनाना चाहते हैं। कुलवंत के सम्मान में आयोजित इस कार्यक्रम में शिशुपाल सिंह शेखावत, सम्पत सिंह तंवर, भंवरलाल शर्मा, डॉ. अरविंद सिंह, अजय सिंह राठौड़, सचिन शेखावत, हेम सिंह, अभिषेक शर्मा, शायर सिंह शेखावत, सुरेंद्र सिंह शेखावत, वीरेंद्र सिंह तंवर, डॉ. निखिल और हरिराम नायक आदि मौजूद रहे। राजस्थान के गेंदबाज ने घर से भागकर शुरू किया क्रिकेट:गोवा के होटल में वेटर की नौकरी की, IPL में गुजरात टाइटंस समेत 5 टीमों में रहे इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाज कुलवंत खेजरोलिया (34) ने घर से भागकर क्रिकेट खेलने का सपना पूरा किया। (पढ़ें पूरी खबर)
ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के सेमरा कलां गांव में रविवार रात एक बाइक सवार की नहर में गिरने से मौत हो गई। वह एक बरात में शामिल होने के बाद दूसरी बरात में जा रहा था। मृतक का शव रातभर नहर में पड़ा रहा। सोमवार सुबह ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की पहचान संतनगर थाना क्षेत्र के रामपुर बोदा गांव निवासी 33 वर्षीय सुनील कुमार के रूप में हुई है। सुनील अमदह गांव में अपने रिश्तेदार की बरात (जो गंगाशायर गांव से आई थी) में शामिल होने आए थे। वहां से रात करीब 9:30 बजे वह लालगंज क्षेत्र के मानिकपुर गांव में अपने भाई की ससुराल में आई दूसरी बरात में शामिल होने के लिए बाइक से निकले थे। अमदह गांव से लगभग दो किलोमीटर आगे सेमरा कलां गांव के पास सड़क के मोड़ पर सुनील की बाइक अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी। गंभीर चोटें लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सोमवार सुबह शौच के लिए नहर की ओर गए ग्रामीणों ने सुनील को नहर में मृत अवस्था में पड़ा देखा। उन्होंने तत्काल घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल की जांच की और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के साले रविशंकर ने बताया कि सुनील कुमार दुबार क्षेत्र के गंगाशायर गांव से अमदह गांव में गई बरात में शामिल होने गए थे। वहां से रात साढ़े नौ बजे के बाद वह लालगंज के मानिकपुर गांव में दूसरी बरात में शामिल होने के लिए बाइक से जा रहे थे, तभी रास्ते में यह हादसा हुआ। इस संबंध में थानाध्यक्ष भारत सुमन ने पुष्टि की कि अमदह गांव में एक बरात में शामिल होने के बाद दूसरी बरात में जा रहे संतनगर थाना क्षेत्र निवासी बाइक सवार सुनील कुमार की नहर में गिरने से मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
कानपुर देहात में एक बुजुर्ग महिला ने अपनी बेटी, दामाद और उनके परिवार पर जमीन हड़पने, बंधक बनाकर प्रताड़ित करने तथा बैंक खाते से रुपये निकालने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। भदेसा गांव निवासी अनुसुइया उर्फ सईया देवी (82) ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 2023 में उनकी बेटी ममता देवी उन्हें अपने साथ गोहाना स्थित घर ले गई थी। बुजुर्ग महिला का आरोप है कि शुरुआती दिनों में परिवार का व्यवहार सामान्य रहा, लेकिन बाद में उन पर नकद धनराशि और जमीन बेटी के नाम करने का दबाव बनाया जाने लगा। पीड़िता के अनुसार, विरोध करने पर उन्हें घर में बंधक बनाकर रखा गया और मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। महिला ने आरोप लगाया कि 28 नवंबर 2023 को बेटी, दामाद और अन्य परिजनों ने उन्हें तथा उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि कट्टा दिखाकर भयभीत किया गया और जबरन तहसील ले जाकर उनकी कृषि भूमि बेटी ममता देवी के नाम दर्ज करा ली गई। बुजुर्ग महिला का कहना है कि इसके बाद भी उन्हें घर में नजरबंद रखा गया और बाहर निकलने नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके जेवर भी कब्जे में ले लिए गए और बैंक खाते से करीब 78,930 रुपये निकाल लिए गए। पीड़िता के मुताबिक, 20 दिसंबर 2023 को रिश्तेदारों की मदद से वह वहां से निकलकर अपने घर पहुंच सकीं। इसके बाद उन्होंने राजस्व न्यायालय में भूमि पुनर्स्थापन के लिए भी प्रार्थना पत्र दिया है। अब बुजुर्ग महिला ने पुलिस अधीक्षक से मामले में मुकदमा दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने, कथित रूप से हड़पी गई संपत्ति वापस दिलाने और न्याय दिलाने की मांग की है। पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
पानीपत की नहर में मिला व्यक्ति का शव:लापता युवक की तलाश कर रहे परिजनों ने देखा; नहाते हुए डूबा था
पानीपत जिले में समालखा क्षेत्र के नारायणा गांव के पास एक नहर में सोमवार को एक अज्ञात शव मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर शवगृह में रखवाया। यह शव उस समय मिला जब रजपूरा गांव निवासी 18 वर्षीय रोहित के परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। रोहित 7 जून को दोपहर में सिगपूरा/सिठाना के पास नहर में नहाने गया था। जिसके बाद से वह लापता था। दूसरे युवक की तलाश में आए परिजन रोहित के लगभग 8 से 10 परिजन सोमवार को बाइकों पर सवार होकर नारायणा गांव के पुल से रजबाहे और नहर के बीच उसकी तलाश कर रहे थे। करीब 500 मीटर आगे जाने पर उन्होंने नहर के बीच एक शव देखा। मृतक की नहीं हुई पहचान परिजनों ने पास के खेतों में काम कर रहे नारायणा के किसानों राकेश, छोक्कर, बालेश और बलेंद्र को मदद के लिए बुलाया। किसानों ने तुरंत नहर में छलांग लगाकर शव को बाहर निकाला। शव को बाहर निकालने पर पता चला कि यह रोहित का नहीं था। मृतक की पहचान न होने पर ग्रामीणों ने 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को पहचान के लिए शवगृह में रखवा दिया है।
शाजापुर फोरलेन निर्माण पर गुणवत्ता के सवाल:कांग्रेस ने घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया
शाजापुर शहर में लगभग 9 किलोमीटर लंबे फोरलेन सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। शहर के दोनों ओर सड़क खोदकर नाली निर्माण सहित विकास कार्य तेजी से जारी हैं, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। मार्च महीने में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घटिया निर्माण के विरोध में प्रदर्शन किया था और गुणवत्ता जांच की मांग की थी। हालांकि, चार महीने बीत जाने के बाद भी अब तक किसी प्रकार की जांच नहीं कराई गई है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि अधिकारियों ने आश्वासन तो दिया, लेकिन जांच के नाम पर केवल समय टालने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष नरेश प्रताप ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि धोबी चौराहा स्थित एक निर्माणाधीन स्लैब पर ट्रैक्टर का पहिया चढ़ने से वह टूट गया, जिससे निर्माण की मजबूती पर संदेह पैदा हो गया है। कांग्रेस का यह भी आरोप है कि पुलिया और अन्य संरचनाओं में घटिया सीमेंट, सरिया और सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। वहीं, पीडब्ल्यूडी अधिकारी हर्षवर्धन ने इन आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि विभाग किसी भी समय गुणवत्ता जांच के लिए तैयार है।
सीतापुर में नगर के ऐतिहासिक टाउन हॉल परिसर स्थित नजूल भूमि पर बने समाजवादी पार्टी कार्यालय को खाली कराने की कार्रवाई तेज हो गई है। जिलाधिकारी न्यायालय ने मामले में सपा जिलाध्यक्ष की अपील खारिज करते हुए कार्यालय को 15 दिनों के भीतर खाली करने का आदेश दिया है। आदेश के अनुपालन में तहसील प्रशासन ने सपा कार्यालय पर नोटिस चस्पा कर दिया है। जानकारी के अनुसार टाउन हॉल परिसर की नजूल भूमि पर संचालित सपा कार्यालय को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। प्रशासन का कहना है कि यह भूमि सरकारी नजूल संपत्ति है और उस पर किया गया कब्जा वैध नहीं है। मामले में पहले भी नोटिस जारी किए गए थे। अप्रैल माह में नोटिस मिलने के बाद सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल यादव ने जिलाधिकारी न्यायालय में अपील दाखिल कर राहत की मांग की थी, लेकिन सुनवाई के बाद डीएम कोर्ट ने अपील को निरस्त कर दिया। पट्टे पर आवंटित की थी जमीन जानकारी के अनुसार तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष राधेश्याम जायसवाल ने 15 जनवरी 2005 को टाउन हॉल परिसर स्थित नजूल भूमि को समाजवादी पार्टी के कार्यालय संचालन के लिए मात्र 100 रुपये वार्षिक किराए पर आवंटित किया था। हालांकि, आवंटन प्रक्रिया में आवश्यक नियमों और प्रावधानों का पालन न किए जाने की बात सामने आने पर नगर पालिका ने 14 अप्रैल 2005 को ही उक्त आवंटन को निरस्त कर दिया था। अवैध रूप से संचालित था कार्यालय इसके बावजूद समाजवादी पार्टी का कार्यालय लगभग 20 वर्षों से उसी स्थान पर संचालित होता रहा। नगर पालिका प्रशासन इस कब्जे को अवैध मानते हुए लगातार कार्रवाई की प्रक्रिया में जुटा था। अब जिलाधिकारी न्यायालय के अंतिम आदेश के बाद प्रशासन ने कब्जा हटाने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। तहसील प्रशासन द्वारा कार्यालय पर चस्पा किए गए नोटिस में 15 दिनों के भीतर परिसर खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में भूमि खाली नहीं किए जाने की स्थिति में प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। इस कार्रवाई को लेकर जिले की राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चंद्राकर कुर्मी क्षत्रिय समाज के 55वें केंद्रीय महाधिवेशन में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम छाती को आगामी वर्षों में नगर पंचायत बनाने, छाती से झुरानवागांव तक सड़क निर्माण और नवा रायपुर में समाज के लिए सामाजिक भवन के लिए भूमि उपलब्ध कराने सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। यह महाधिवेशन धमतरी जिले के ग्राम छाती स्थित कृषि उपज मंडी में आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री ने समाज के इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज को आगे बढ़ाने में सहायक होते हैं। उन्होंने बताया कि 5000 से अधिक जनसंख्या होने के कारण छाती को नगर पंचायत बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि चंद्राकर कुर्मी क्षत्रिय समाज का गौरवशाली इतिहास, समृद्ध परंपराएं और उत्कृष्ट सामाजिक मूल्य हैं। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महान व्यक्तित्वों का उल्लेख किया, जो इसी समाज से आते हैं और जिनके आदर्श आज भी प्रेरणास्रोत हैं। समाज की एकता, शिक्षा और संगठन की सराहना उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोई भी समाज शिक्षा, संगठन, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व के बल पर ही निरंतर प्रगति करता है। मुख्यमंत्री ने चंद्राकर कुर्मी-क्षत्रिय समाज को अपनी समृद्ध परंपराओं, सामाजिक चेतना और उत्कृष्ट संगठन क्षमता के कारण प्रदेश के अग्रणी और प्रगतिशील समाजों में से एक बताया। सड़क, स्कूल और नगर पंचायत सहित विकास कार्यों की घोषणा मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास और जनसुविधाओं के लिए की गई घोषणाओं को दोहराते हुए छाती से झुरानवागांव तक सड़क निर्माण, छाती में नवीन हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण और नवा रायपुर में समाज के लिए सामाजिक भवन हेतु भूमि उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि आगामी वर्षों में छाती को नगर पंचायत का दर्जा दिया जाएगा।
औरैया में जमीन विवाद में महिला और बेटी से मारपीट:फावड़े से हमला, जमीन पर गिराकर लाठी-डंडों से पीटा
औरैया के फफूंद थाना क्षेत्र स्थित जुआ गांव में जमीन विवाद को लेकर एक महिला और उसकी बेटी के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला दूसरी महिला को बाल पकड़कर जमीन पर गिराती और फावड़े से हमला करती दिखाई दे रही है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। जुआ गांव निवासी गुड्डी देवी पत्नी मान सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनके घर के सामने स्थित पैतृक भूमि पर पहले से नींव भरी हुई है। आरोप है कि रविवार सुबह करीब सात बजे पड़ोसी लल्ला सिंह पुत्र सुखवासी लाल और उसके बेटे सिंटू व पीयूष उनकी जमीन पर नींव खोदने लगे। गुड्डी देवी ने जब इसका विरोध किया तो आरोपियों ने कथित रूप से गाली-गलौज शुरू कर दी। पीड़िता का आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें बाल पकड़कर जमीन पर गिरा दिया गया और लाठी-डंडों, लात-घूंसों से मारपीट की गई। इसी दौरान एक महिला ने उन पर फावड़े से भी हमला किया। मारपीट के दौरान बीच-बचाव करने पहुंची उनकी बेटी शिवानी को भी आरोपियों ने पीट दिया, जिससे मां-बेटी दोनों घायल हो गईं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मामले में फफूंद थाना प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नूंह शहर थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह तावडू रोड स्थित दिल्ली दरबार के पास ब्लॉक चेयरमैन आमिल जुम्मा के घर के सामने एक नाली में करीब 35 वर्षीय अज्ञात महिला का शव पड़ा मिला। शव मिलने की सूचना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। जबकि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, सुबह स्थानीय लोगों की नजर नाली में पड़े एक महिला के शव पर पड़ी। शव दिखाई देने के बाद तुरंत डायल-112 और स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही सिटी थाना नूंह पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद पुलिस ने शव को नाली से बाहर निकलवाकर अपने कब्जे में ले लिया। मृतका की नहीं हुई पहचान स्थानीय लोगों के अनुसार, शव कई दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। शव की स्थिति को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि महिला की मौत कुछ दिन पहले हुई हो सकती है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। सिटी थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि मृतका की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। शव को पहचान और पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नूंह के शव गृह में रखवाया गया है। पुलिस महिला की शिनाख्त के लिए आसपास के थाना क्षेत्रों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों की भी जांच कर रही है। मामले की जांच कर रही पुलिस पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। घटनास्थल के आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि महिला वहां कैसे पहुंची। फिलहाल, हत्या, दुर्घटना या अन्य किसी कारण से मौत की संभावना को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी परिवार की महिला लापता है, तो वे सिटी थाना नूंह से संपर्क कर शव की पहचान कराने में सहयोग करें।
झालावाड़ रेलवे स्टेशन रोड पर अंधेरा:महीनों से बंद पड़ी लाइटें, राहगीर व वाहन चालक परेशान
झालावाड़ शहर के प्रमुख मार्गों में से एक रेलवे स्टेशन रोड पर इन दिनों अंधेरा छाया हुआ है। मामा-भांजा चौराहे से रेलवे स्टेशन तक लगी अधिकांश रोड लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं, जिससे राहगीरों, वाहन चालकों और रेल यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह मार्ग शहर को रेलवे स्टेशन के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी जोड़ता है। देर रात तक इस सड़क पर यात्रियों और वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। अधिकांश खंभों पर लगी एलईडी लाइटें बंद होने के कारण पूरी सड़क अंधेरे में डूबी रहती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। रात को रोशनी नहीं होने से हादसों का खतरायह मार्ग झालावाड़ से झालरापाटन, रलायती और भवानीमंडी सहित अन्य क्षेत्रों की ओर जाने वाले वाहन चालकों के लिए भी महत्वपूर्ण है। रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी होती है और हादसों का खतरा बना रहता है। शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाईस्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद नगर परिषद की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे लोगों में रोष है।अंधेरे के कारण टेरेस गार्डन जैसे स्थानों पर शाम और रात के समय आने वाले लोगों को भी असुरक्षा महसूस होती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, मार्ग पर अंधेरा रहने के कारण यहां बाइक चोरी जैसी घटनाएं भी सामने आती रहती हैं। लोगों का कहना है कि यदि रोड लाइटें नियमित रूप से चालू रहें तो ऐसी आपराधिक घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है और राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। नगर परिषद से कार्रवाई की मांगशहर निवासी राहुल, मनोज, अनिल समेत अन्य लोगों ने नगर परिषद से बंद पड़ी रोड लाइटों को जल्द दुरुस्त कर नियमित रूप से संचालित करने की मांग की है। उनका कहना है कि रेलवे स्टेशन जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था होना जरूरी है ताकि यात्रियों, वाहन चालकों और आमजन को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। जबकि रेलवे स्टेशन के नजदीक रेलवे कॉलोनी भी बनी हुई है ऐसे में यहां रहने वाले कर्मचारियों के परिवार इस मार्ग पर अपने कामकाज को लेकर आते जाते रहते हैं।
हापुड़ में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है, जहां जिलाधिकारी कविता मीना के नाम और फोटो का दुरुपयोग कर एक फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट संचालित किया जा रहा है। अज्ञात व्यक्ति द्वारा डीएम की प्रोफाइल फोटो लगाकर कई लोगों को संदेश भेजे जाने की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, कुछ लोगों को एक अज्ञात मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप संदेश प्राप्त हुए। संदेश भेजने वाले अकाउंट की प्रोफाइल पर जिलाधिकारी कविता मीना की तस्वीर लगी हुई थी। संदेह होने पर संबंधित लोगों ने इसकी सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को दी। जांच में पता चला कि उक्त मोबाइल नंबर जिलाधिकारी का नहीं है और कोई अज्ञात व्यक्ति फर्जी तरीके से उनका नाम और फोटो इस्तेमाल कर लोगों से संपर्क कर रहा है। व्हाट्सएप अकाउंट पूरी तरह फर्जी मामले की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी कविता मीना ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके नाम से संचालित किया जा रहा व्हाट्सएप अकाउंट पूरी तरह फर्जी है और उसका उनसे कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को उनके नाम या फोटो का इस्तेमाल कर कोई संदेश, धनराशि की मांग अथवा अन्य संदिग्ध सूचना प्राप्त होती है, तो उस पर विश्वास न करें और इसकी तत्काल सूचना पुलिस या प्रशासन को दें। डीएम ने कहा कि साइबर अपराधी अक्सर प्रतिष्ठित व्यक्तियों की पहचान का दुरुपयोग कर लोगों को ठगने का प्रयास करते हैं। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात नंबर से प्राप्त संदेशों पर बिना सत्यापन भरोसा न करें और अपनी व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी साझा करने से बचें। प्रशासन ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है और फर्जी अकाउंट संचालित करने वाले व्यक्ति के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
धनबाद साइबर थाना पुलिस ने साइबर अपराधियों को बैंक खाते बेचने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पुराना बरवाअड्डा थाना के सामने स्थित कृष्णा इंटरनेट कैफे में छापेमारी कर तिसरा थाना क्षेत्र के मुकुन्दा निवासी संतोष कुमार गोराई को पकड़ा। डीएसपी सीसीआर प्रदीप कुमार साव ने सोमवार को बताया कि वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम ने यह कार्रवाई की। आरोपी की तलाशी के दौरान उसके पास से एक मोबाइल फोन, छह सिम कार्ड और विभिन्न बैंकों के सात एटीएम कार्ड बरामद हुए। खातों को साइबर अपराधियों को 20 से 25 हजार रुपए में बेच देता था पुलिस पूछताछ में आरोपी संतोष कुमार गोराई ने स्वीकार किया कि वह लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। इसके लिए वह उन्हें पांच हजार रुपए तक देता था और खाते से जुड़े एटीएम कार्ड व मोबाइल नंबर अपने पास रख लेता था। बाद में इन खातों को साइबर अपराधियों को 20 से 25 हजार रुपए में बेच दिया जाता था। जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से कई बैंक खातों और यूपीआई एप्लीकेशन से जुड़े स्क्रीनशॉट भी मिले हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इन खातों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर साइबर ठगी से संबंधित कई शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से अर्जित राशि के लेन-देन और निकासी के लिए किया जाता था। इस मामले में साइबर थाना धनबाद में कांड संख्या 32/2026 दर्ज की गई है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66(C) व 66(D) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
टीकमगढ़ में दिन और रात के तापमान में एक बार फिर वृद्धि दर्ज की गई है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री था, जो रविवार को बढ़कर 41.5 डिग्री पर पहुंच गया। रात का तापमान भी 26 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है, जिससे लोग उमस भरी गर्मी से परेशान हैं। आज सोमवार को मौसम में 30 प्रतिशत आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) है और हवा 16 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही है। दोपहर 12 बजे ही तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया था। लगभग एक हफ्ते पहले हुई प्री-मानसून बारिश से लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली थी। हालांकि, इसके बाद से दिन और रात के तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। शनिवार को बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान 41 से 42 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। इस दौरान मौसम में 30 से 40 प्रतिशत आर्द्रता बनी रहेगी। शुक्रवार से तापमान में गिरावट के संकेत हैं और शनिवार को बारिश की संभावना जताई जा रही है। लोगों को अगले तीन से चार दिनों तक भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा, जिसके बाद राहत मिलने की उम्मीद है। दिन में तेज धूप और उमस के कारण एक बार फिर दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग ने 15 से 20 जून के बीच मानसून आने की संभावना व्यक्त की है।
चंडीगढ़ में अपनी मांगों को लेकर सोमवार को चंडीगढ़ के कैब ड्राइवरों ने सेक्टर-25 रैली ग्राउंड में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ड्राइवरों ने प्रशासन के खिलाफ प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर रोष जताया और नारेबाजी की। बड़ी संख्या में पहुंचे कैब ड्राइवरों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया तो 16 जून को इससे भी बड़ा आंदोलन और हड़ताल की जाएगी। प्रदर्शन में शामिल ड्राइवरों का कहना था कि लगातार बढ़ रही महंगाई, ईंधन की कीमतों और वाहन रखरखाव के खर्च ने उनकी आर्थिक स्थिति को बेहद कमजोर कर दिया है। इसके बावजूद कैब किराए की दरों में लंबे समय से कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिससे उनका गुजारा करना मुश्किल हो गया है। प्रशासन के खिलाफ निकाली अर्थी सेक्टर-25 रैली ग्राउंड में जुटे कैब ड्राइवरों ने प्रशासन के खिलाफ प्रतीकात्मक अर्थी निकाली। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए और प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की अपील की। चालकों ने कहा कि कई बार अपनी समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। 16 जून को बड़े स्तर पर हड़ताल आयोजित कर प्रशासन पर दबाव बनाया जाएगा। अब जानें कैब ड्राइवरों की प्रमुख मांगें: - ऐप कंपनियों पर लगाए गंभीर आरोप प्रदर्शन के दौरान कैब ड्राइवरों ने विभिन्न ऐप आधारित कंपनियों पर भी आरोप लगाए। उनका कहना है कि शहर में सफेद नंबर प्लेट वाले निजी वाहनों को व्यावसायिक कैब सेवा के रूप में चलाया जा रहा है, जो नियमों के खिलाफ है। ड्राइवरों का आरोप है कि ऐसे वाहनों के कारण वैध कमर्शियल कैब ड्राइवरों का रोजगार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक परमिट, टैक्स और अन्य नियमों का पालन करने वाले ड्राइवरों को नुकसान उठाना पड़ रहा है, जबकि निजी वाहन मालिक बिना निर्धारित नियमों का पालन किए कैब सेवा चला रहे हैं।
झांसी में एक युवक को खुलेआम तमंचा लहराना बहुत महंगा पड़ गया। कार में बैठकर उसने तमंचा में कारतूस डाला और फिर मजाकिया अंजाद में ड्राइव कर रहे युवक पर तान दिया। कार में गाना बजाया- ‘मने हीरो ना बनना विलेन रहन दे…।’ वकायदा इसका वीडियो शूट कराया और फिर रौब जमाने के लिए सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। जो वायरल होकर पुलिस तक पहुंच गया। फिर क्या, पुलिस जांच कर युवक की पहचान की और रविवार रात को उसे गिरफ्तार कर लिया। थाने पहुंचते ही युवक गिड़गिड़ाने लगा। कहने लगा- मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई। आज के बाद ऐसा कोई काम नहीं करुंगा। पुलिस ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट में केस दर्ज किया है। पूरा मामला मोठ कस्बे का है। रविवार को वायरल हुआ वीडिया पुलिस के अनुसार, आरोपी का नाम अमित कुमार है। जो मोठ के वेद नगर मोहल्ले का रहने वाला है। वह प्राइवेट काम करता है। कुछ दिनों पहले वह अपने दो-तीन साथियों के साथ मोठ क्षेत्र के हाइवे पर कार से घूम रहा था। तब उसने एक वीडियो शूट कराया था। इसे रविवार को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। 10 सेकेंड के वीडियो में नजर आ रहा है कि आरोपी अमित कुमार ड्राइवर सीट के बगल वाली सीट पर बैठा है। एक हाथ में तमंचा लिए और दूसरे में कारतूस। वह तमंचा खोलकर कारतूस लोड करता है। तभी साथी युवक उसे कुछ कहता है। वो कारतूस को निकालकर तमंचा बंद करता है और फिर ड्राइवर पर तान देता है। कार में गाना बजाया- मने हीरो ना बनना विलेन रहने दे, बदमाश, बदमाशों का मेन रहने दे…। पुलिस ने 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार किया यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। शाम को वीडियो मोठ पुलिस तक पहुंच गया। पुलिस जांच पड़ताल की तो नाम पता चल गया। पुलिस घर पहुंची तो अमित फरार था। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई। रात को सूचना मिली कि अमित कुमार खिरिया घाट के पास तमंचा लिए खड़ा है। इस पर पुलिस टीम ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से तमंचा बरामद हुआ है। थाने पहुंचते ही आरोपी गिड़गिड़ाने लगा। बोला- मैंने तमंचे के साथ एक वीडियो बनाई थी। जो मेरे हाथ में तमंचा है, यह वही तमंचा है तो वीडियो में नजर आ रहा है। मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई है, आज के बाद ऐसी कोई गलती नहीं करुंगा। इस गलती की मैं माफी मांगता हूं, आगे से ऐसा कोई काम नहीं करुंगा।
उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा की पहली पाली सोमवार को जिले के 12 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण और नकलविहीन माहौल में संपन्न हुई। कुल 4,752 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 3,440 ने परीक्षा दी, जबकि 1,312 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। पहली पाली में 72.4 प्रतिशत उपस्थिति और 27.6 प्रतिशत अनुपस्थिति दर्ज की गई। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को सघन तलाशी और पहचान पत्रों के सत्यापन के बाद ही प्रवेश दिया गया। केंद्रों के भीतर और बाहर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, यूपी-112 की पीआरवी तथा अन्य सुरक्षाकर्मी तैनात रहे। जिलाधिकारी संजय चौहान ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों से जानकारी लेते हुए अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। परीक्षा के दौरान कंट्रोल रूम से सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों के माध्यम से केंद्रों के आसपास की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी गई। पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. ने बताया कि परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिले को जोन और सेक्टर में विभाजित कर अधिकारियों की तैनाती की गई थी। उन्होंने कहा कि पहली पाली की परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुई। परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थी प्रश्नपत्र को लेकर चर्चा करते नजर आए। अधिकारियों ने बताया कि आगामी पालियों में भी सुरक्षा और निगरानी के सभी इंतजाम इसी तरह प्रभावी रूप से लागू रहेंगे।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में भाजपा जिला कार्यालय के उद्घाटन अवसर पर आयोजित सभा में सीएम के सामने लोगों ने न्याय की मांग की। एक व्यक्ति ने सीएम के स्टेज पर आते ही सीएम साहब मुझे न्याय दिलाओ का पोस्टर लहराया। बाद में उसे पुलिस पकड़कर ले गई। वहीं एक महिला ने खड़े होकर न्याय की गुहार लगाई। नारनौल में मुख्यमंत्री नायब सैनी आज भाजपा के जिला कार्यालय नमो कमल का उद्घाटन करने पहुंचे थे। उद्घाटन करने के बाद जब वे सभा को संबोधित करने पहुंचे, तो स्टेज पर चढ़ते ही महिलाओं की लाइन में भीड़ में खड़े सुभाष स्टेडियम के पास रहने वाले अमित सैनी ने सीएम साहब मुझे न्याय दिलाओ का पोस्टर लहराया। जिसको पुलिस पकड़कर ले गई। 2018 से नहीं मिला न्याय अमित सैनी पत्रकारों को बताया कि अमित कुमार के अनुसार, 3 जनवरी 2018 को उनकी पत्नी सीमा देवी की नागरिक अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। डिलीवरी के बाद जहां अन्य महिलाएं सामान्य रूप से स्वस्थ थी, वहीं सीमा देवी को लगातार पेट में दर्द की शिकायत बनी रही। इस बारे में डॉक्टरों को अवगत करवाया गया, लेकिन दवाइयों से कोई राहत नहीं मिली। सामान पेट में रह गया कुछ समय बाद नागरिक अस्पताल व अन्य अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर जांच कराने पर पता चला कि ऑपरेशन के दौरान उपयोग किया गया कुछ सामान पेट में ही रह गया। इस बारे में संबंधित डॉक्टर को सूचित किया गया। जिसके बाद जयपुर के एक निजी अस्पताल में दोबारा ऑपरेशन कराया गया। 8 साल से नहीं मिला न्याय पीड़ित ने बताया कि 2018 में ही संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई थी। जांच के बाद पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष ने निष्पक्ष जांच की मांग की, जिस पर कोर्ट ने 19 फरवरी 2025 को मामले की दोबारा जांच के आदेश दिए। सीएमओ को भेज चुकी रिपोर्ट पीड़ित ने पीजीआई चंडीगढ़ और पीजीआई रोहतक से मेडिकल जांच कराने की मांग भी रखी। जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय पंचकूला को पत्र भेजा गया। पीड़ित का कहना है कि मामले में स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय ने 12 जनवरी 2026 को सीएमओ कार्यालय से रिपोर्ट मांगी थी। इसके जवाब में 15 जनवरी 2026 को 122 पेज की विस्तृत रिपोर्ट भेज दी गई। सीएम से नहीं मिलने दिया उसने बताया कि आज उसने अपनी आवाज उठाई तथा न्याय की सीएम से मांग की। इस पर उसका पोस्टर तो सीएम तक पहुंच गया। सीएम ने उसको बुलाया, मगर पुलिस कर्मियों ने नहीं जाने दिया। जब पुलिस ने उसको जाने नहीं दिया, तो उसने फिर से खड़ा होकर जोर-जोर से नारेबाजी की। इस पर पुलिस उसको पकड़कर ले गई तथा बाहर निकाल दिया। गाहड़ा की महिला ने भी न्याय मांगा वहीं दूसरी ओर गांव गाहड़ा की महिला ओमवति ने बताया कि उसके पति का निधन हो चुका है। उसके छोटे-छोटे बच्चें हैं। पति की मौत के बाद उसका देवर व अन्य परिजन उसको परेशान करते हैं। उसका देवर नशीला पदार्थ बेचता है। वह पुलिस को इस बारे में कई बार शिकायत कर चुकी, मगर उसकी शिकायत का समाधान नहीं हुआ। आरती राव के पोस्टर गायब वहीं दूसरी ओर आयोजित सभा स्थल के पंडाल से जिला की एकमात्र मंत्री आरती राव का एक भी कटआउट नजर नहीं आया। जबकि स्थानीय विधायक ओमप्रकाश यादव व महेंद्रगढ़ के विधायक कंवर सिंह यादव का कट आउट लगा हुआ था। आरती राव का केवल स्टेज पर लगे पोस्टर में छोटी फोटो ही थी।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में एक क्रूजर वाहन अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से टकरा गई। इस हादसे में वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और ड्राइवर घायल हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि क्रूजर दो बिजली के खंभों के बीच फंस गई और खंभे भी टेढ़े हो गए। यह घटना धमतरी जिले के अर्जुनी थाना क्षेत्र के मथुरा मोड़ के पास हुई। जानकारी के अनुसार, क्रूजर वाहन नगरी की ओर से धमतरी आ रहा था तभी वह अनियंत्रित हो गया और हाईटेंशन तार के पोल से जा टकराया। टक्कर के बावजूद हाईटेंशन तार नहीं टूटा, बड़ा हादसा टला टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन दो पोल को पार करते हुए उनके बीच फंस गया। गनीमत रही कि इस भीषण टक्कर के बावजूद हाईटेंशन तार नहीं टूटा, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई। यदि तार टूटते तो गंभीर परिणाम हो सकते थे। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत एंबुलेंस को बुलाया और घायल ड्राइवर को अस्पताल पहुंचाया। ड्राइवर को हल्की चोटें आई हैं और उनका इलाज जारी है।
लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों के निष्कासन के विरोध में चल रहा अनिश्चितकालीन आंदोलन सोमवार को सातवें दिन भी जारी है।आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में सोमवार को सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा भी पहुंचे। उन्होंने छात्रों के पक्ष में आवाज बुलंद की है। इस बीच धरना स्थल पर कांग्रेस के फरेंदा से विधायक वीरेंद्र चौधरी भी पहुंचेंगे। जमकर हो रही नारेबाजी धरने पर बैठे छात्रों की विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी जारी है। छात्रों का कहना है कि छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को उठाने पर कार्रवाई की जा रही है। जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन खुद अड़ियल रुख अपनाकर कई गुना फीस बढ़ा दे रहा है। मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान धरने पर बैठे छात्रों का कहना है कि जब तक निष्कासन वापस नहीं लिया जाता और फीस वृद्धि समेत अन्य मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई नई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने धरना स्थल पर ही कुलपति से बात कर छात्रों का निष्कासन वापस लेने की अपील की थी। जिसके बाद
फिरोजाबाद में व्यापारियों ने सोमवार को घंटाघर चौराहे के पुनर्निर्माण और अतिक्रमण हटाओ अभियान के विरोध में नगर निगम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। घंटाघर बाजार समिति और फिरोजाबाद व्यापार मंडल के बैनर तले बड़ी संख्या में व्यापारी ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंचे और नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारी व्यापारियों ने पूर्व प्रस्तावित नक्शे के अनुसार चार पिलर वाला घंटाघर बनाने की मांग की। उनका कहना था कि घंटाघर शहर का एक प्रमुख व्यापारिक और ऐतिहासिक केंद्र है, जहां प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है। व्यापारियों के अनुसार, चार पिलर वाला घंटाघर बनने से चौराहे पर लगने वाले जाम की समस्या कम होगी। इससे धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों की शोभायात्राओं को भी सुगम मार्ग मिल सकेगा। ज्ञापन में घंटाघर स्थल पर रखे ट्रांसफार्मर को तत्काल हटाने की भी मांग की गई। व्यापारियों ने बताया कि यह ट्रांसफार्मर निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न कर रहा है, और नगर निगम को बिजली विभाग को इसे हटाने के निर्देश जारी करने चाहिए। व्यापारियों ने नगर निगम द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान पर भी अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि अभियान के नाम पर दुकानदारों का उत्पीड़न किया जा रहा है और कई स्थानों पर दुकानों के टिनशेड व सामान को नुकसान पहुंचाया गया है, जिससे उन्हें आर्थिक क्षति हुई है। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर किसी भी प्रकार का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। घंटाघर बाजार समिति के अध्यक्ष गौरव जैन ने कहा कि घंटाघर के पुनर्निर्माण की मांग लंबे समय से लंबित है और यदि शीघ्र निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो व्यापारी आंदोलन तेज करेंगे। इस दौरान व्यापारियों ने नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की और घंटाघर के शीघ्र पुनर्निर्माण की मांग बुलंद की। प्रदर्शन में व्यापार मंडल एवं घंटाघर बाजार समिति के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।
फरीदाबाद की नीमका जिला जेल में सोमवार तड़के एक बंदी द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान गाजीपुर निवासी ऋतिक उर्फ रंकित भड़ाना (25) के रूप में हुई है। वह पिछले करीब 11 महीने से विभिन्न आपराधिक मामलों में जेल में बंद था। घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बादशाह खान सिविल अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। जेल के अस्पताल में था 3 दिनों से एडमिट जेल सूत्रों के अनुसार ऋतिक उर्फ रंकित के खिलाफ मारपीट, हत्या के प्रयास समेत करीब 16 आपराधिक मामले दर्ज थे। पिछले कुछ दिनों से उसकी तबीयत खराब चल रही थी, जिसके चलते उसे जेल परिसर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार और सोमवार की दरमियानी रात उसने अस्पताल के बाथरूम में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि जब जेल स्टाफ ने जब उसे उसके बेड पर नहीं देखा, तो उसकी तलाश शुरू की गई। इसी दौरान अस्पताल के बाथरूम में वह फंदे से लटका मिला। कर्मचारियों ने तत्काल अधिकारियों को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही जेल डिप्टी साजिद खान मौके पर पहुंचे और उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया। परिजनों ने जेल डिप्टी पर लगाए आरोप मृतक के भाई राजेश ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसके भाई को जेल के अंदर प्रताड़ित किया जाता था। उनका आरोप है कि जेल डिप्टी साजिद खान द्वारा अक्सर उसके साथ मारपीट की जाती थी। जिसके कारण वह मानसिक रूप से परेशान था और उसने यह कदम उठाया। वहीं जेल डिप्टी साजिद खान ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि जेल में सभी बंदियों के साथ समान व्यवहार किया जाता है और ऋतिक पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में था। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। पहले से सुर्खियों में नीमका जेल फरीदाबाद की नीमका जेल बीते कुछ महीनों में कई गंभीर घटनाओं को लेकर चर्चा में रही है। फरवरी 2026 में जेल के हाई सिक्योरिटी वार्ड में बंद आतंकी आरोपी अब्दुल रहमान की एक अन्य कैदी द्वारा हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद जेल प्रशासन के कई अधिकारियों को लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया था। कैदी पर फेंका था खौलता तेल मार्च 2026 में जेल के भीतर दो कैदियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया था कि एक कैदी ने दूसरे के चेहरे पर खौलता तेल फेंक दिया था, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया था। इसके अलावा वर्ष 2025 में भी एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी, जिसके बाद परिजनों ने चिकित्सा लापरवाही के आरोप लगाए थे। अब ऋतिक उर्फ रंकित भड़ाना की आत्महत्या के बाद एक बार फिर जेल की सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों की निगरानी और जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस, जेल प्रशासन और मजिस्ट्रेट स्तर पर मामले की जांच की जा रही है।
महेंद्रगढ़ जिले में रविवार देर शाम एक व्यक्ति की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक की अभी तक शिनाख्त नहीं हो पाई है। पुलिस ने शव को पहचान के लिए नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। यह घटना रविवार रात लगभग 8 बजे हुई। महेंद्रगढ़ जीआरपी चौकी इंचार्ज सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें स्टेशन मास्टर से सूचना मिली थी। गाड़ी संख्या 22422 सालासर सुपरफास्ट ट्रेन की चपेट में आने से यह हादसा किलोमीटर संख्या 135/4-5 के पास, गांव माजरा खुर्द में दोहन नदी के पुल पर हुआ। मृतक की नहीं हुई पहचान मृतक की उम्र लगभग 40 वर्ष बताई जा रही है। उसने लाल रंग की टी-शर्ट, नीले रंग की पैंट और पैरों में सैंडल पहने हुए थे। मृतक के पास किसी प्रकार का कोई पहचान पत्र नहीं मिला, जिससे उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी। जीआरपी पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। शिनाख्त के लिए शव को नागरिक अस्पताल के मोर्चरी हाउस में 72 घंटों के लिए सुरक्षित रखवा दिया गया है। पुलिस ने मौके पर 194 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई की है। इंचार्ज सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने मृतक की पहचान के लिए आसपास के गांवों के सरपंचों के वॉट्सएप ग्रुप और पुलिस थानों के ग्रुप में भी जानकारी भेजी है, लेकिन अभी तक कोई पहचान नहीं हो पाई है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों से घिरी एक सास को बरी कर दिया है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत की साल 2010 में सुनाई गई 7 साल के सश्रम कारावास की सजा को रद्द कर दिया। कोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि बहू को मौत से ठीक पहले दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया था। यह अहम फैसला न्यायमूर्ति रजनी दुबे की एकल पीठ ने आपराधिक अपील पर सुनवाई करते हुए सुनाया। निचली अदालत ने आरोपी सास को दोषी मानते हुए 7 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। जिसके खिलाफ आरोपी ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। 2006 में हुई थी महिला की शादी अभियोजन के अनुसार, यह मामला दुर्ग का है। सोनल का विवाह 18 जून 2006 को मनीष के साथ हुआ था। शादी के लगभग 6 महीने बाद ही 21 दिसंबर 2006 को सोनल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मृतका के मायके पक्ष (पिता, माता और भाई) ने आरोप लगाया था कि शादी के कुछ दिनों बाद ही सोनल की सास शशिकला बाफना ने दहेज के प्रति नाखुशी जताते हुए उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। 2010 में कोर्ट ने सुनाई थी सजा आरोप था कि, पति को कोलकाता में नौकरी मिलने के बावजूद सास ने सोनल को तब तक कोलकाता भेजने से मना कर दिया, जब तक वह मायके से 10 से 15 लाख रुपए नहीं ले आती। अभियोजन के मुताबिक, घटना के दिन (21 दिसंबर 2006) सुबह सास ने सोनल से मारपीट कर उसे घर से बाहर निकाल दिया था। इसके बाद सोनल अपने मायके पहुंची और शाम को उसने मायके की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। मार्च 2010 में 12वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) दुर्ग ने आरोपी सास को सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट में बचाव पक्ष के तर्क अपीलकर्ता (सास) के वकील ने अदालत में दलील दी कि, घटना के 5 दिन बाद एफआईआर दर्ज कराई गई, जिसका कोई ठोस कारण नहीं बताया गया। मेडिकल साक्ष्यों (अस्पताल के पर्चों) के अनुसार, शुरुआत में परिजनों ने ही डॉक्टर को बताया था कि सोनल बाथरूम में गिरने के कारण घायल हुई है। पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर के बयान से भी यह स्पष्ट नहीं हुआ कि यह हत्या थी, आत्महत्या थी या महज एक दुर्घटना। मृतका के माता-पिता और भाई ने स्वीकार किया कि आरोपी सास ने कभी भी उनके सामने सीधे तौर पर पैसों या दहेज की मांग नहीं की थी। जो भी बातें थीं, वे केवल सोनल के कहे अनुसार सुनी-सुनाई थीं। हाईकोर्ट का फैसला और टिप्पणी जस्टिस रजनी दुबे की पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसलों (जैसे शूर सिंह बनाम उत्तराखंड राज्य) का हवाला देते हुए कहा कि किसी मामले को 'दहेज मृत्यु' (धारा 304-बी) के तहत लाने के लिए यह साबित करना अनिवार्य है कि मौत से ठीक पहले महिला को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया गया हो। मेडिकल रिपोर्ट में बॉथरूम में गिरने का जिक्र हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कई मुख्य बातें रेखांकित कीं। अभियोजन पक्ष यह साबित करने में नाकाम रहा कि सोनल की मौत छत से कूदने के कारण ही हुई थी, क्योंकि शुरुआती मेडिकल रिकॉर्ड में बाथरूम में गिरने का जिक्र था। निचली अदालत ने साक्ष्यों का बारीकी से मूल्यांकन नहीं किया गवाहों के बयानों से केवल यह पता चलता है कि सास-बहू के बीच सामान्य झगड़े होते थे, लेकिन मौत से ठीक पहले दहेज के लिए क्रूरता की बात साबित नहीं होती। हाईकोर्ट ने कहा कि सत्र न्यायालय ने साक्ष्यों का बारीकी से मूल्यांकन नहीं किया और गलत निष्कर्ष पर पहुंचकर दोषसिद्धि का आदेश पारित कर दिया, जो कानूनन टिकने योग्य नहीं है। उच्च न्यायालय ने आरोपी सास की अपील को स्वीकार करते हुए निचली अदालत के 17 मार्च 2010 के आदेश को निरस्त कर दिया और उन्हें सभी आरोपों से ससम्मान बरी कर दिया।
दुर्ग में ई-चालान के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। एक आर्किटेक्ट ने ई-चालान के लिंक पर क्लिक किया, जिसके बाद उनके क्रेडिट कार्ड से 4 लाख 24 हजार 373 रुपए निकाल लिए गए। इस रकम से तीन महंगे सैमसंग मोबाइल खरीदे गए। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, राजनांदगांव निवासी अंकेश सिन्हा (30) पेशे से आर्किटेक्ट हैं। 6 जून को वे कोहका स्थित शिक्षक नगर में अपने ससुराल आए हुए थे। शाम करीब 5:41 बजे उनके मोबाइल पर 'एम-परिवहन' के नाम से एक संदेश आया। इसमें उनके एक्टिवा वाहन पर 1000 रुपए का ई-चालान पेंडिंग होने की जानकारी दी गई थी। वाहन से जुड़ा मामला समझकर अंकेश ने बिना किसी संदेह के लिंक पर क्लिक कर दिया। उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह फर्जी लिंक है और साइबर ठग उनकी बैंकिंग जानकारी तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ मिनटों में खाते से उड़ गए पैसे शिकायत के अनुसार, लिंक पर क्लिक करने के कुछ ही देर बाद शाम 7:03 बजे और 7:06 बजे दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन हुए। पहले ट्रांजेक्शन में 1 लाख 31 हजार 762 रुपए और दूसरे ट्रांजेक्शन में 2 लाख 92 हजार 611 रुपए क्रेडिट कार्ड से निकाल लिए गए। इस तरह कुल 4 लाख 24 हजार 373 रुपए की ठगी हो गई। ठगी की रकम से खरीदे गए तीन प्रीमियम मोबाइल प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ठगी की रकम का इस्तेमाल ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म के जरिए तीन प्रीमियम सैमसंग एस-26 अल्ट्रा मोबाइल खरीदने में किया गया। खरीदारी से जुड़े बिल और ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड में उत्तर प्रदेश के नोएडा का पता सामने आया है। स्मृति नगर चौकी पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। खातों और डिलीवरी एड्रेस की हो रही जांच पुलिस अब उन बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिलीवरी एड्रेस की जांच कर रही है, जिनका इस्तेमाल इस साइबर ठगी में किया गया। जांच एजेंसियां ऑनलाइन खरीदारी के रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। साइबर अपराधियों का नया तरीका साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, हाल के दिनों में ई-चालान, केवाईसी अपडेट, बिजली बिल, बैंक अपडेट और पार्सल डिलीवरी जैसे फर्जी संदेश भेजकर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। जैसे ही कोई व्यक्ति ऐसे लिंक पर क्लिक करता है, उसकी निजी जानकारी, बैंकिंग डेटा या कार्ड संबंधी जानकारी अपराधियों तक पहुंच सकती है। पुलिस ने दर्ज किया मामला पीड़ित की शिकायत पर स्मृति नगर चौकी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस मोबाइल नंबर, बैंक ट्रांजेक्शन, ऑनलाइन खरीदारी के रिकॉर्ड और डिलीवरी एड्रेस के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है। फिलहाल पुलिस इस हाई-प्रोफाइल साइबर फ्रॉड की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि 4.24 लाख रुपए की इस ठगी के पीछे कौन सा नेटवर्क सक्रिय है। दुर्ग जिले में ई-चालान के नाम पर साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है। एक आर्किटेक्ट ने ई-चालान लिंक पर क्लिक किया, जिसके बाद उनके क्रेडिट कार्ड से 4 लाख 24 हजार 373 रुपये निकाल लिए गए। इस रकम से तीन महंगे सैमसंग मोबाइल खरीदे गए। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, राजनांदगांव निवासी 30 वर्षीय अंकेश सिन्हा पेशे से आर्किटेक्ट हैं। 6 जून को वे कोहका स्थित शिक्षक नगर में अपने ससुराल आए हुए थे। शाम करीब 5 बजकर 41 मिनट पर उनके मोबाइल पर 'एम-परिवहन' के नाम से एक संदेश आया। इसमें उनके एक्टिवा वाहन पर 1000 रुपये का ई-चालान बताया गया था। वाहन से जुड़ा मामला समझकर अंकेश ने बिना किसी संदेह के उस लिंक पर क्लिक कर दिया। उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह एक फर्जी लिंक था और साइबर ठग उनकी बैंकिंग जानकारी तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहे थे। शिकायत के मुताबिक, लिंक पर क्लिक करने के कुछ ही देर बाद शाम 7 बजकर 3 मिनट और 7 बजकर 6 मिनट पर दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन हुए। पहली बार 1 लाख 31 हजार 762 रुपये और दूसरी बार 2 लाख 92 हजार 611 रुपये क्रेडिट कार्ड से निकाले गए। कुल मिलाकर, अंकेश के क्रेडिट कार्ड से 4 लाख 24 हजार 373 रुपये की रकम निकाल ली गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस ठगी की रकम का उपयोग ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म के जरिए तीन प्रीमियम सैमसंग एस-26 अल्ट्रा मोबाइल खरीदने में किया गया। खरीदारी से जुड़े बिल और ट्रांजेक्शन डिटेल्स में उत्तर प्रदेश के नोएडा का पता सामने आया है। स्मृति नगर चौकी पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
कानपुर में भीषण गर्मी और उमस के बीच शहरवासियों को ट्रैफिक सिग्नलों पर राहत देने के लिए प्रशासन और नगर निगम ने विशेष पहल शुरू की है। शहर के 15 प्रमुख चौराहों पर ग्रीन मैट, पर्दे और टेंट लगाकर छायादार इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि रेड लाइट पर रुकने वाले लोगों को तपती धूप से बचाया जा सके। शहर में इन दिनों तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहा है। ऐसे में दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को ट्रैफिक सिग्नलों पर इंतजार के दौरान तेज धूप और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए प्रशासन ने प्रमुख चौराहों पर अस्थायी छांव की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। 8 चौराहों पर व्यवस्था शुरू हुई नगर निगम के अनुसार, अब तक शहर के 8 चौराहों पर ग्रीन मैट और पर्दों के जरिए छांव की व्यवस्था की जा चुकी है। सबसे पहले यह व्यवस्था टाटमिल चौराहे पर शुरू की गई। इसके बाद फजलगंज और बड़ा चौराहा सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर भी टेंट और ग्रीन पर्दे लगाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही शहर के सभी 15 चिन्हित बड़े ट्रैफिक सिग्नल वाले चौराहों पर यह व्यवस्था पूरी कर दी जाएगी।लोगों ने पहल को सराहाप्रशासन की पहल को लोगों ने सराहा है। कहा कि वाहन चलते समय तेज धूप का असर कम महसूस होता है, लेकिन ट्रैफिक सिग्नल पर रेड लाइट के दौरान रुकना काफी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में छांव की यह व्यवस्था लोगों को गर्मी से कुछ राहत देगी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, भीषण गर्मी के दौरान ट्रैफिक सिग्नलों पर लगाया गया यह इंतजाम विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए काफी अच्छा रहेगा। इसके साथ ही कुछ दिनों में अन्य चौरहों पर भी ऐसे इंतजाम किए जाएंगे।
एक परिवार ने हिरण के बच्चे को अपने परिवार के साथ रखा। एक छोटे बच्चे की तरह उसकी देखभाल की। लेकिन, तीन महीने बाद जब विदाई का समय आया तो परिवार की आंखों में आंसू थे। एक बेटी की तरह हिरण के पैरों और बाकी हिस्सों पर मेहंदी लगाकर उसे विदाई दी गई। मामला है, जोधपुर के केरू के पास स्थित इस्लामनगर गांव का। इलियास तीन महीने पहले मार्च में हिरण के इस बच्चे को हमला कर रहे कुत्तों के बीच से छुड़ाकर अपने घर ले आया था। परिवार ने फातिमा नाम भी रखा। रविवार को जब वन विभाग की टीम इलियास खान के घर पहुंची तो पूरा परिवार भावुक था। तीन महीने पहले अपने घर लेकर आए थे इलियास गांव में ही खेती करता है। इलियास ने बताया कि तीन महीने पहले गांव के पास ही एक हिरणी पर कुत्तों के झुंड ने घेर कर हमला कर दिया था। कुत्तों के हमले से बचने के लिए वह इधर-उधर भाग रही थी। जब उसने हिरणी को देखा तो कुत्तों के झुंड के बीच पहुंचकर हिरणी को वहां से लेकर अपने घर आ गया। इलियास ने बताया कि जब उसे घर लाए तब वो काफी डरी हुई थी। उनकी पत्नी ने उसकी देखभाल शुरू की और बच्चों की तरफ उसे पाला। इसके बाद वह इतनी घुल-मिल गई कि घर के आंगन में बच्चों के साथ खेलती थी। जहां हम जाते, वहां पीछे-पीछे आ जाती। परिवार ने नाम रखा फातिमा, बकरी का दूध पीती थी इलियास ने बताया कि वह परिवार में इतनी घुल-मिल गई कि उसे फातिमा नाम दिया गया। जैसे ही फातिमा आवाज लगाते वह दौड़कर आ जाती। मां नहीं थी तो घर में रखी बकरी का ही वह दूध पीती थी। आखिर अब जब वह बड़ी हुई तो पूर्व पंचायत समिति सदस्य ओमदान चारण को फोन कर इसके बारे मे बताया। इसके बाद रविवार को वन विभाग की टीम घर पहुंची और हिरणी का रेस्क्यू किया। बेटी तरह विदाई, पीठ और पैरों पर लगाई मेहंदी, आखिरी बार पिलाया बकरी का दूध रविवार को जब वन विभाग की टीम रेस्क्यू करने पहुंची तो इलियास का पूरा परिवार भावुक हो गया। पत्नी और बच्चों के आंखों में आंसू थे। इस पर उसे बेटी की तरह विदाई दी गई। फातिमा को विदा करने से पहले उसके पैरों, कमर और सिर वाले हिस्से पर मेहंदी लगाई गई। उसके सिर को सहलाया गया। जिस बकरी का दूध वह पीती थी, आखिरी बार उस बकरी का दूध पिलाकर उसे घर से रवाना किया गया। इनपुट सहयोग: अचल सिंह राठौड़ ,गाजनावास --- ये खबर भी पढ़ें… हिरण की 'बहन' बनी 11 साल की बच्ची:चार महीने पाला, गोद में खिलाया; बिछड़ने पर छलक पड़े आंसू जैसलमेर में 11 साल की बच्ची पूजा ने 'मां' की तरह हिरण के बच्चे को पाला। 4 महीने तक उसका पूरा ख्याल रखा। रविवार को वन विभाग की टीम जब हिरण के बच्चे को लेने आई तो पूजा ने उसे गले लगा लिया। वह बिछड़ने का दर्द सहन नहीं कर पाई। उसकी आंखों से आंसू बह निकले। (पूरी खबर पढ़ें)
हजारीबाग के कटकमदाग थाना क्षेत्र के पसई गांव में राजेश साव की संदिग्ध अवस्था में मौत के मामले में पुलिस कार्रवाई न होने से ग्रामीण सोमवार को सड़क पर उतर आए। घटना के लगभग दो महीने बीत जाने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने मुख्य सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस कारण यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ग्रामीणों का आरोप है कि राजेश साव की मौत सामान्य घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश का परिणाम है। उनका कहना है कि मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। हर बार केवल आश्वासन ही मिला: पत्नी प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाता, तो उन्हें सड़क पर उतरने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता। मृतक की पत्नी ने बताया कि पिछले दो महीनों से उनका परिवार न्याय की उम्मीद में अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे परिवार में असुरक्षा का माहौल है। प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि कार्रवाई चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही निष्पक्ष जांच कर दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। सड़क जाम की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और मामले में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। हालांकि, ग्रामीण त्वरित कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। प्रशासन फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
मंदसौर जिले के फतेहगढ़ क्षेत्र में महू-नीमच फोरलेन हाईवे पर सोमवार को एक लोडिंग वाहन हादसे का शिकार हो गया। स्क्रैप सामग्री से भरा वाहन अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। हादसे में चालक को मामूली चोटें आई हैं, जबकि कोई जनहानि नहीं हुई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई की। दलौदा से फतेहगढ़ की ओर जा रहा था वाहन प्राप्त जानकारी के अनुसार वाहन क्रमांक MP13 GA 3596 दलौदा से स्क्रैप सामग्री लेकर फतेहगढ़ स्थित टीएमटी फैक्ट्री की ओर जा रहा था। वाहन निर्धारित मार्ग से गुजर रहा था, तभी रास्ते में अचानक चालक का वाहन से नियंत्रण बिगड़ गया। नियंत्रण बिगड़ते ही सड़क पर पलटा वाहन प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार चालक वाहन को संभाल नहीं सका और लोडिंग वाहन अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। वाहन में भारी मात्रा में स्क्रैप सामग्री भरी हुई थी। हादसे के बाद सड़क पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। चालक को आई मामूली चोटें हादसे के समय वाहन चालक कालू वाहन में मौजूद था। दुर्घटना में उसे मामूली चोटें आईं। स्थानीय लोगों ने तुरंत उसकी मदद की। राहत की बात यह रही कि चालक को गंभीर चोट नहीं लगी और उसकी जान सुरक्षित बच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए। क्रेन से हटाया गया पलटा वाहन हादसे के बाद सड़क पर पलटे वाहन को हटाने के लिए क्रेन बुलाई गई। क्रेन की सहायता से वाहन को सीधा किया गया और सड़क किनारे सुरक्षित स्थान पर खड़ा कराया गया। इसके बाद हाईवे पर यातायात सामान्य रूप से संचालित होने लगा। बड़ा हादसा टला स्थानीय लोगों के अनुसार दुर्घटना के समय आसपास कोई अन्य वाहन या राहगीर मौजूद नहीं था। यदि उस समय कोई वाहन पास से गुजर रहा होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। गनीमत रही कि दुर्घटना में किसी अन्य व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचा। वाहन मालिक की जानकारी और जांच शुरू बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन वसीम नामक व्यक्ति का है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर वाहन चालक का नियंत्रण बिगड़ना हादसे की वजह माना जा रहा है, हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
अंबेडकरनगर के जैतपुर थाना क्षेत्र के सोगूपुर में सोमवार सुबह एक जूते-चप्पल की दुकान में शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। इस घटना में दुकान में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। स्थानीय लोगों और अग्निशमन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। सोगूपुर निवासी प्रदीप कुमार की जूते-चप्पल की दुकान में यह आग सोमवार सुबह बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगी। आग की लपटें उठती देख आसपास के लोग तुरंत मौके पर जमा हो गए और उन्होंने तत्काल अग्निशमन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने का काम शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पा लिया गया, लेकिन तब तक दुकान में रखे जूते-चप्पल और अन्य सामान पूरी तरह जलकर खाक हो चुके थे। दुकानदार प्रदीप कुमार ने बताया कि इस आगजनी से उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। घटना की जानकारी मिलने पर राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची है और नुकसान का आकलन कर रही है।
दतिया जिले के भांडेर थाना क्षेत्र स्थित अजीतपुरा गांव के 38 वर्षीय विनोद उर्फ खुशी यादव की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। शुरुआती जांच में पुलिस इसे नदी में डूबने का सामान्य मामला मान रही थी, लेकिन पड़ताल में यह हत्या का केस निकला। गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मृतक के बड़े भाई मनोज यादव और उसके एक रिश्तेदार के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार, विनोद यादव 1 जून को रोजाना की तरह अपनी मोटरसाइकिल से दूध देने भांडेर गया था। देर शाम तक जब वह घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। अगले दिन शाम को उसकी मोटरसाइकिल बड़ेरा मौजा में एक नीम के पेड़ के नीचे लावारिस हालत में खड़ी मिली। वहीं पास में ही विनोद का शव पहुंज नदी के पानी में औंधे मुंह पड़ा मिला था। परिजन तत्काल उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। चश्मदीद ने खोला राज, बीच में बैठाकर ले गए थे आरोपीमामले की जांच के दौरान एक प्रत्यक्षदर्शी ने पुलिस को अहम जानकारी दी, जिससे पूरी घटना से पर्दा उठ गया। चश्मदीद के अनुसार, 1 जून की शाम उसने विनोद को मोटरसाइकिल पर दो लोगों के बीच में बैठा हुआ देखा था। मोटरसाइकिल उनका एक रिश्तेदार चला रहा था और पीछे बड़ा भाई मनोज यादव बैठा था। हाव-भाव देखकर संदेह होने पर वह रुका और दूर से ही उन लोगों पर नजर रखने लगा। पानी में डुबोकर की हत्या, गवाह को दी जान से मारने की धमकीप्रत्यक्षदर्शी ने पुलिस को बताया कि दोनों आरोपियों ने कुछ दूर जाकर मोटरसाइकिल खड़ी की और विनोद को जबरन नदी की ओर ले गए। इसके बाद उन्होंने विनोद को पानी में डुबोकर उसकी हत्या कर दी। चश्मदीद का कहना है कि जब उसने इस घटना का विरोध किया, तो आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी, जिससे घबराकर वह अपने घर लौट गया था। पिता और ग्रामीणों के बयान दर्ज, आरोपियों की तलाश शुरूइस सनसनीखेज खुलासे के बाद पुलिस ने मामले में मृतक के पिता, भतीजे और गांव के अन्य लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के कथनों के आधार पर विनोद यादव की हत्या की पुष्टि होने के बाद, पुलिस ने बड़े भाई मनोज यादव और उसके रिश्तेदार के खिलाफ हत्या सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस दूसरे आरोपी की पुख्ता पहचान कर दोनों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है।
गोंडा और लखनऊ को जोड़ने वाला घाघरा संजय सेतु 53 दिन बाद आज सोमवार सुबह से ही छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है। मरम्मत कार्य के चलते यह पुल 16 अप्रैल से बंद था, जिससे गोंडा और लखनऊ के बीच आवागमन प्रभावित हो रहा था। हालांकि, पुल पर अभी भी बड़े वाहनों की आवाजाही पर रोक जारी है। मरम्मत के बाद पुल पर नई बायरिंग लगाई गई है, और अधिकारियों का मानना है कि अचानक अधिक भार देना उचित नहीं है। 53 दिन बाद पुल के शुरू होने की जानकारी मिलते ही पीपा पुल के माध्यम से जाने वाले लोग अब घाघरा पुल के माध्यम से ही जा रहे हैं। पीपा के पुल पर अब वाहनों की आवाज आई कम हो गई है। गोंडा के अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि पुल को 16 अप्रैल से पूरी तरह बंद कर दिया गया था और अब 8 जून से छोटे वाहनों के लिए खोला गया है। उन्होंने कहा कि बड़े वाहनों का आवागमन भी जल्द ही शुरू किया जाएगा, लेकिन पहले छोटे वाहनों से पुल की क्षमता का परीक्षण किया जा रहा है। इस पुल के खुलने से न केवल गोंडा के लोगों को राहत मिली है, बल्कि अयोध्या, बलरामपुर, श्रावस्ती और पड़ोसी देश नेपाल जाने वाले यात्रियों को भी काफी सुविधा हुई है।
पंचकूला शहर में ग्रीन बेल्ट और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) ने बड़ी कार्रवाई की शुरुआत कर दी है। हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में शहरभर में प्रस्तावित तोड़फोड़ अभियान से पहले HSVP ने अपने ही मुख्यालय परिसर के बाहर किए गए अवैध अतिक्रमण को जेसीबी से हटाकर स्पष्ट संदेश दिया है कि कार्रवाई में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। सोमवार को HSVP अधिकारियों की मौजूदगी में मुख्यालय के बाहर ग्रीन बेल्ट पर की गई अवैध बाउंड्री वॉल और फेंसिंग को ध्वस्त किया गया। अधिकारियों का कहना है कि शहर में ग्रीन बेल्ट, पार्कों और सार्वजनिक भूमि पर वर्षों से किए गए अवैध कब्जों को चिन्हित किया जा चुका है और अब चरणबद्ध तरीके से इन्हें हटाया जाएगा। 6 सेक्टरों में नोटिस वितरण पूरा HSVP द्वारा अब तक शहर के छह सेक्टरों में नोटिस देने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। विभाग की ओर से करीब 2 हजार लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। नोटिस में कब्जाधारकों को स्वयं अतिक्रमण हटाने का अवसर दिया गया है। निर्धारित समय सीमा के बाद विभाग बुलडोजर कार्रवाई करेगा और पूरा खर्च भी संबंधित कब्जाधारकों से वसूला जा सकता है। अभियान के लिए 70 सदस्यीय टीम गठित अतिक्रमण हटाने के लिए HSVP ने अधिकारियों और कर्मचारियों की लगभग 70 सदस्यीय टीम गठित की है। इस टीम में इंजीनियरिंग, एस्टेट, प्रवर्तन और अन्य शाखाओं के अधिकारी शामिल हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पुलिस बल की भी मदद ली जाएगी ताकि कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। हाईकोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई तेज पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में ग्रीन बेल्ट और सार्वजनिक भूमि पर बढ़ते अवैध कब्जों को लेकर दायर मामलों के बाद प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ा है। इसी के चलते HSVP ने शहरभर में सर्वे कर कब्जों की सूची तैयार की है। कई स्थानों पर लोगों ने ग्रीन बेल्ट को निजी संपत्ति की तरह इस्तेमाल करते हुए बाउंड्री वॉल, लोहे की ग्रिल, फेंसिंग और अन्य निर्माण कर रखे हैं। पहले खुद पर कार्रवाई, फिर शहर में अभियान HSVP अधिकारियों का कहना है कि विभाग ने निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सबसे पहले अपने मुख्यालय के बाहर मौजूद अवैध निर्माण हटाया है। इससे यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि सरकारी परिसर हो या निजी क्षेत्र, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर समान रूप से कार्रवाई होगी।
देश की राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुए बड़े अग्निकांड से सबक लेते हुए दमकल विभाग ने जिलेभर में फायर सेफ्टी को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। विभाग की टीमें लगातार होटल, रेस्टोरेंट, अस्पताल और कोचिंग सेंटरों की जांच कर रही हैं। जांच के दौरान जहां भी कमी मिल रही है, वहां तुरंत नोटिस जारी किए जा रहे हैं। साथ ही संस्थानों में सुरक्षा को लेकर जागरूकता भी बढ़ाई जा रही है। इसी कड़ी में आज सेक्टर 6 स्थित जेनेसिस शिक्षण संस्थान में विभाग के अधिकारी सुधिर नेवट ने अपनी टीम के साथ मॉक ड्रिल का आयोजन किया। टीम द्वारा सबसे पहले संस्थान में जाकर फायर उपकराणों की जांच की और विभाग से एनओसी मांगी। दस्तावेजों की जांच के बाद टीम द्वारा संस्थान में मौजूद बच्चों को आग लगने की स्थिती में किस प्रकार निपटा जाए। उसके बच्चों उन्होंने बच्चों को आग लगने के बाद कैसे अंदर से बाहर निकाला जाए उसके बार में जानकारी दी। बाद में आग लगाकर फायर उपकरणों से बच्चों व स्टॉफ से आग बुझवाई। चार टीमों के साथ शुरू हुआ विशेष अभियानजिला दमकल विभाग ने जांच के लिए चार अलग-अलग टीमें बनाई हैं। ये टीमें शहर और आसपास के इलाकों में जाकर संस्थानों की फायर सेफ्टी व्यवस्था की बारीकी से जांच कर रही हैं। जांच के दौरान फायर उपकरणों की स्थिति, अलार्म सिस्टम और आपातकालीन निकासी व्यवस्था को विशेष रूप से देखा जा रहा है। दो दिन में 50 से ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट को नोटिसअभियान के तहत पिछले दो दिनों में 50 से ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। जिन संस्थानों में फायर एनओसी नहीं मिली या उपकरण सही हालत में नहीं पाए गए, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। कागजों से बाहर निकालकर सिस्टम की जांचसब फायर ऑफिसर रणदीप चौहान ने बताया कि जिन संस्थानों के पास फायर एनओसी है, वहां भी केवल दस्तावेजों तक सीमित नहीं रहा जा रहा। मौके पर ही उपकरणों को चालू करवाकर उनकी कार्यक्षमता जांची जा रही है। कई जगह उपकरण लगे तो मिले, लेकिन सही तरीके से काम नहीं कर रहे थे। जेनेसिस संस्थान में मॉक ड्रिल कराई गईफायर सेफ्टी को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए शिक्षण संस्थान जेनेसिस में मॉक ड्रिल कराई गई। इस दौरान छात्रों को आग लगने की स्थिति में सुरक्षित बाहर निकलने और बचाव के तरीके सिखाए गए। उन्हें आपातकालीन स्थिति में घबराने की बजाय सही कदम उठाने की जानकारी दी गई। बैंक्वेट हॉल में भी मिली खामियांअभियान के दौरान बैंक्वेट हॉल में लगे फायर फाइटिंग सिस्टम की भी जांच की गई। यहां भी कई स्थानों पर कमियां सामने आईं, जिन्हें जल्द ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारीदमकल विभाग ने साफ कर दिया है कि नियमों की अनदेखी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह अभियान लगातार जारी रहेगा और लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ झेरिया यादव समाज ने रावत जाति को केंद्रीय पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सूची में शामिल करने की मांग की है। समाज के प्रदेश अध्यक्ष जगनीक यादव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर स्थित राज्य अतिथि गृह पहुना में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने आयोग अध्यक्ष को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें रावत जाति को केंद्रीय ओबीसी सूची में तत्काल शामिल करने का आग्रह किया गया। कोरबा से भी बड़ी संख्या में सदस्य इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे। आरक्षण लाभ से वंचित युवा समाज ने बताया कि छत्तीसगढ़ में यादव समाज के कई परिवार 'रावत' उपनाम का उपयोग करते हैं। केंद्रीय ओबीसी सूची में नाम शामिल न होने के कारण इन परिवारों के युवाओं और विद्यार्थियों को भारत सरकार की नौकरियों और केंद्रीय योजनाओं में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे हजारों प्रतिभाशाली युवक-युवतियां अवसरों से वंचित हो रहे हैं। राज्य सरकार की अनुशंसा के बावजूद लंबित फैसला प्रदेश अध्यक्ष जगनीक यादव ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ शासन की ओर से रावत जाति को केंद्रीय पिछड़ा वर्ग सूची में शामिल करने संबंधी अनुशंसा पहले ही भारत सरकार को भेजी जा चुकी है। हालांकि, इस पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे समाज में निराशा है। सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा प्रतिनिधिमंडल ने जोर दिया कि यह केवल आरक्षण का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू निषाद भी मौजूद थे। उन्होंने भी समाज की मांग को न्यायोचित बताया और आवश्यक पहल की अपेक्षा व्यक्त की। मांग पूरी नहीं होने पर जनजागरण अभियान की चेतावनी यादव समाज ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया जाता है, तो आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के सभी सांसदों को ज्ञापन सौंपकर इस विषय पर व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
हर साल 2 मीटर नीचे जा रहा पानी:सूरजगढ़-पिलानी में सबसे ज्यादा भूजल गिरावट, खेतड़ी में स्तर सुधरा
जिले में भूजल स्तर (underground water level) बहुत तेजी से नीचे गिर रहा है। अगर हालात में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले समय में पीने के पानी का संकट हो सकता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जिले में हर साल औसतन करीब 2 मीटर भूजल का स्तर नीचे खिसक रहा है। इस गिरावट का सीधा असर अब आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी पर दिखने लगा है। जिले के कई शहरी और ग्रामीण इलाकों में अब रोजाना पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। लोगों को दो से तीन दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है, जिससे जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चिड़ावा, बुहाना और पिलानी जैसे क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति ठप होने के कारण पानी की कमी है। हालांकि, कुंभाराम कैनाल योजना से कुछ क्षेत्रों को राहत जरूर मिल रही है, लेकिन वह बढ़ती मांग के आगे नाकाफी साबित हो रही है। सूरजगढ़-पिलानी और चिड़ावा में हालात सबसे ज्यादा चिंताजनक जिले के सूरजगढ़-पिलानी ब्लॉक में स्थिति सबसे खराब है। यहां साल 2024 में भूजल स्तर 78.80 मीटर पर था, जो साल 2025 में गिरकर 87.20 मीटर तक पहुंच गया है। यानी मात्र एक साल में यहां 8.40 मीटर की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसी तरह चिड़ावा ब्लॉक में भी जलस्तर 72.08 मीटर से गिरकर 76.68 मीटर पर पहुंच गया है, जो 4.6 मीटर की गिरावट को दर्शाता है। इसके अलावा अलसीसर, झुंझुनूं-मंडावा और नवलगढ़ ब्लॉक में भी पानी लगातार नीचे की ओर जा रहा है। गिरावट के 4 कारण खेतड़ी, बुहाना-सिंघाना और उदयपुरवाटी में सुधरे हालात इस भीषण संकट के बीच जिले के तीन ब्लॉकों से बेहद सकारात्मक और राहत देने वाली खबर भी आई है। पहाड़ी क्षेत्र होने और विशेष योजनाओं के क्रियान्वयन के चलते यहाँ भूजल स्तर में सुधार हुआ है। खेतड़ी में जहां हर साल पानी नीचे जा रहा था, वहीं इस बार यहाँ 5.61 मीटर की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साल 2024 में यहाँ भूजल 62.79 मीटर पर था, जो 2025 में सुधरकर 57.18 मीटर पर आ गया है। बुहाना-सिंघाना और उदयपुरवाटी: इन दोनों ब्लॉकों में भी भूजल स्तर में करीब एक-एक मीटर का सुधार देखा गया है। कैसे बदली खेतड़ी की तस्वीर खेतड़ी ब्लॉक को केंद्र सरकार की अटल भूजल योजना में शामिल किया गया था। इस योजना के तहत भूजल विभाग ने मुस्तैदी से काम करते हुए क्षेत्र में 10 रीचार्ज शाफ्ट का निर्माण करवाया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन योजना के तहत भी जल संरक्षण के अनेक कार्य किए गए। उदयपुरवाटी और खेतड़ी का इलाका पहाड़ी होने के कारण यहाँ वर्षा जल को सहेजने में आसानी हुई और जमीन का रीचार्ज तेजी से हुआ। समाज को आगे आना होगा भूजल विभाग के प्रभारी एवं भूजल वैज्ञानिक अतुल धवन ने बताया कि जिले के खेतड़ी ब्लॉक में भूजल स्तर का बढ़ना एक बहुत ही सुखद संकेत है। यहां पर अटल भूजल योजना के तहत किए गए कार्यों (जैसे रीचार्ज शाफ्ट) के कारण यह सुधार संभव हो पाया है। लेकिन केवल सरकारी प्रयासों से पूरे जिले को नहीं बचाया जा सकता। अगर हमें जिले भर में भूजल स्तर को वापस ऊपर उठाना है, तो समाज में पानी बचाने और जल संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ानी होगी। हर नागरिक को पानी की बर्बादी रोकनी होगी। ब्लॉक-वार भूजल स्थिति (मीटर में)
पंजाब के लुधियाना में जहां पाई-पाई को मोहताज और कर्ज में डूबे एक बुजुर्ग मजदूर की किस्मत ने ऐसी करवट ली कि वह रातों-रात लखपति बन गया। मूल रूप से राजस्थान के जोधपुर के रहने वाले 61 वर्षीय बुजुर्ग भोजराज जो सालों से लुधियाना में पत्थरों की चिनाई (लेबर) का काम करते थे, उन्होंने मात्र 50 रुपये का निवेश किया था। इस अदने से निवेश ने आज उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा आर्थिक संकट दूर कर दिया है। गांधी ब्रदर्स से खरीदी गई एक लॉटरी टिकट ने उनके सिर से 25 लाख के कर्ज का बोझ हल्का करने का रास्ता साफ कर दिया है। इन 4 पॉइंट्स में समझें मजदूर से लखपति बनने का सफर पहले क्या थे हालात: सिर पर 25 लाख का कर्ज और 7 बच्चों का पेट पालने की जद्दोजहद तंगहाली का दौर: भोजराज का परिवार काफी बड़ा है। उनके कुल 7 बच्चे हैं, जिनमें 5 लड़के और 2 लड़कियां हैं। शादी के लिए लिया लोन: दो बेटियों की शादी करने और घर का खर्च चलाने के लिए भोजराज ने बैंक से भारी लोन ले रखा था। उनके सिर पर कुल 25 लाख रुपये का कर्जा था। नामुमकिन था चुकाना: दिन-रात पत्थरों की घिसाई और चिनाई करके बुजुर्ग भोजराज बस इतना ही कमा पाते थे कि परिवार का पेट पल सके। इस मामूली कमाई से बैंक का भारी कर्ज चुकाना बिल्कुल नामुमकिन लग रहा था, जिसके चलते पूरा परिवार भारी मानसिक तनाव में जी रहा था। कब और कैसे पलटी किस्मत: यूट्यूब वीडियो से जगी आस, 4 जून को खरीदी ₹50 की टिकट सोशल मीडिया से मिला हौसला: भोजराज अक्सर यूट्यूब और सोशल मीडिया पर लोगों के लॉटरी जीतने के वीडियो देखा करते थे। वीडियो देखकर उनके मन में भी एक उम्मीद जागी कि शायद उनकी गरीबी भी दूर हो जाए। 2 महीने की लगातार तपस्या: इसी विश्वास के साथ उन्होंने पिछले दो महीने से लगातार लॉटरी टिकट खरीदना शुरू किया। इससे पहले भी उन्होंने करीब 5 से 7 बार अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगी। आखिरकार बीते 4 जून को उन्होंने लुधियाना के मशहूर गाँधी ब्रदर्स से मात्र 50 रुपये की एक टिकट खरीदी। अगले ही दिन यानी 5 जून की शाम को जब लॉटरी का रिजल्ट आया, तो बंपर प्राइज में भोजराज का नंबर चमक रहा था। ₹50 की टिकट पर सीधे ₹15 लाख का इनाम उनके नाम हो चुका था अब इस बंपर प्राइज का क्या करेंगे भोजराज? लॉटरी की रकम जीतने के बाद भोजराज की आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने भावुक होते हुए अपनी आगे की प्लानिंग बताईमुझ पर कुल 25 लाख रुपये का कर्जा है। दिन-रात मेहनत करके भी ब्याज चुकाना भारी था। अब इस 15 लाख रुपये की बंपर राशि से मैं सबसे पहले बैंक का लोन चुकाऊंगा । मैं अपने परिवार को इस भारी मानसिक तनाव और घुटने टेकने वाले कर्ज से मुक्त कराना चाहता हूं। यह पैसा मेरे लिए किसी भगवान के आशीर्वाद से कम नहीं है, जिसने मेरे बुढ़ापे को सहारा दे दिया। कैसा है परिवार और जोधपुर में कैसे मना जश्न? अभी 3 बच्चे हैं कुंवारे: भोजराज के 4 बच्चों की शादी हो चुकी है, जबकि 3 बच्चे अभी भी कुंवारे हैं, जिनकी जिम्मेदारी अभी बुजुर्ग पिता के कंधों पर है।
रेवाड़ी शहर में गोल चक्कर के पास बिजली का करंट लगने से गाय की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा तब हुआ जब एक गाय अचानक गोल चक्कर के पास लगे बिजली के ट्रांसफार्मर के पास पहुंची। गाय जैसे ही ट्रांसफार्मर के संपर्क में आई तो तेज धमाके के साथ गाय की मौत हो गई। जिससे क्षेत्र में दो घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति ठप रही। हादसे के बाद घटनास्थल पर पहुंची लोगों की भीड़ ने बिजली निगम व नगर परिषद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सूचना के बाद शहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। यहां करीब आठ माह पहले भी इसी प्रकार से ट्रांसफार्मर के पास आने पर बिजली का करंट लगने से दो गायों की मौत तो चुकी है। कूंड़े में मूंह मारने के लिए आते हैं पशु गोल चक्कर पर लगे बिजली के ट्रांसफार्मर के पास नगर कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। जिसमें मूंह मारने के लिए अक्सर गाय व अन्य जानवार कूड़े में मुंह मारने के लिए ट्रांसफार्मर के पास आते रहते हैं। माना जा रहा है कि कूड़े में मुंह मारने के चलते ही पशु हादसे का शिकार होते हैं। लापरवाही को ठहराया जिम्मेमदार स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में जगह-जगह बिजली की खुली पड़ी तारों और नीचे रखें ट्रांसफार्मरों के कारण अक्सर ऐसे हादसे होते रहते है। जिसके बावजूद संबंधित अधिकारी हादसों को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे। जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। जाली भी नहीं बचा पाई गाय की जान करीब आठ माह पहले ट्रांसफार्मर की चपेट में आने से दो गायों की मौत के बाद बिजली निगम ने ट्रांसफार्मर के पास जाली लगाकर घेराबंदी की थी। सहीं ढंग से जाली नहीं लगाने के कारण घेराबंदी भी गाय की जान नहीं बचा पाई और अधिकारियों की लापरवाही ने एक और गाय की जान ले ली।
हरदोई में प्रधान पक्ष पर मारपीट:रॉड-डंडों के हमले में तीन घायल, बेटे-बेटी और पत्नी को पीटने का आरोप
हरदोई के संडीला कोतवाली क्षेत्र के ग्राम आलमपुर खखरा में प्रधान पक्ष और एक परिवार के बीच हुए विवाद में तीन लोग घायल हो गए। पीड़ित राजेंद्र ने मौजूदा प्रधान पक्ष के लोगों पर लोहे की रॉड और लाठी-डंडों से हमला करने का आरोप लगाया है। घायलों में राजेंद्र का बेटा, बेटी और पत्नी शामिल हैं, जिनका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। राजेंद्र के अनुसार, गांव निवासी अनोश, आनंद, रामनरायण और उनके साथियों ने मामूली बात पर उनके परिवार पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने सबसे पहले उनके बेटे को घेरकर पीटा। बेटे की आवाज सुनकर जब परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे, तो उन्हें भी निशाना बनाया गया। हमले में राजेंद्र की पत्नी के सिर पर गंभीर चोट आई है। निजी अस्पताल में कराए गए सीटी स्कैन में सिर की हड्डी क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई है। वहीं, उनकी बेटी के हाथ के एक्स-रे में तीन स्थानों पर फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है। चिकित्सकों ने दोनों घायलों की स्थिति गंभीर बताई है। पीड़ित परिवार का कहना है कि सरकारी अस्पताल में उचित उपचार न मिलने के कारण उन्हें निजी अस्पताल का सहारा लेना पड़ा। वर्तमान में घायलों का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है, जिस पर भारी खर्च आ रहा है, जिससे परिवार को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राजेंद्र ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि गंभीर चोटों और मेडिकल रिपोर्ट के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कठोर धाराएं नहीं लगाई गईं। उन्होंने कहा कि मामले को हल्का दिखाने का प्रयास किया गया है, जबकि उनके पास सीटी स्कैन, एक्स-रे और अन्य चिकित्सीय दस्तावेज मौजूद हैं। पीड़ित परिवार ने उच्च अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जनता के विरोध के बाद PWD ने ली सुध:कैमोर-विजयाराघवगढ़ मार्ग पर गड्ढे भरने का कार्य शुरू
कटनी जिले कैमोर-विजयाराघवगढ़ मुख्य मार्ग पर स्थित ग्राम लबैहरा के पास लोक निर्माण विभाग (PWD) ने सोमवार को सड़क के गड्ढे भरने का कार्य शुरू कर दिया है। यह कार्रवाई रविवार को जनता द्वारा किए गए अनोखे प्रदर्शन के बाद की गई, जिसमें सड़क के गड्ढे में बेशरम के पौधे रोपे गए थे। यह मुख्य मार्ग क्षेत्र की जीवनरेखा माना जाता है। हालांकि, लंबे समय से इसकी हालत खराब थी। ग्राम लबैहरा के समीप सड़क के बीचों-बीच लगभग 10 फीट गहरा एक बड़ा गड्ढा बन गया था, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। क्षेत्र के एसडीएम, तहसीलदार सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और आला अधिकारी इस मार्ग से प्रतिदिन गुजरते थे, लेकिन इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। प्रशासन की इस उदासीनता से नाराज होकर स्थानीय रहवासियों और समाजसेवियों ने रविवार को विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने इस गहरे गड्ढे में जमा पानी के बीच बेशरम के पौधे रोप दिए। ग्रामीणों का यह प्रतीकात्मक विरोध प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर तंज था। दैनिक भास्कर डॉटकॉम में भी इस संबंध में खबर प्रकाशित हुई थी। जनता के विरोध और उच्चाधिकारियों के निर्देशों के बाद सोमवार सुबह लोक निर्माण विभाग का अमला, कर्मचारी और आवश्यक मशीनों के साथ मौके पर पहुंचा। विभाग ने बिना समय गंवाए गड्ढे में मुरुम, गिट्टी और मिट्टी डलवाने का काम शुरू किया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि जब तक सड़क पूरी तरह समतल और सुरक्षित नहीं हो जाती, तब तक कार्य जारी रहेगा। ग्रामीणों ने कहा- यह केवल शुरुआत हैइस संबंध में स्थानीय ग्रामीण ब्रह्म मुहूर्त तिवारी और समाजसेवियों का कहना है कि यह क्षेत्र की जनता और एकजुटता की जीत है। अगर प्रशासन समय रहते चेत जाता, तो न तो कोई दुर्घटना होती और न ही इस तरह का प्रदर्शन करने की नौबत आती। ग्रामीणों ने चेतावनी भी दी है कि यदि काम को अधूरा छोड़ा गया या गुणवत्ता से समझौता किया गया, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। जल्द होगा पूरा काम इस संबंध मे पीडब्ल्यूडी अधिकारी शारदा सिंह ने बताया कि संबंधित सड़क पर मेंटेनेंस का कार्य शुरू कर दिया गया है। जल्द ही कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा
मऊ जिले के लरेवां गांव में शराब की दुकान खोले जाने के विरोध में सैकड़ों ग्रामीणों ने जिला कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर ठेका रद्द करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व ग्राम सभा लरेवां में प्रस्तावित शराब की दुकान प्राथमिक विद्यालय के मुख्य मार्ग पर स्थित है। उनका मानना है कि इस दुकान के खुलने से बच्चों और समस्त ग्रामवासियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। ग्रामीण रमाशंकर चौहान ने बताया कि शराब लाइसेंस की विज्ञप्ति 4 जून 2026 को अखबार में जारी की गई है। ग्रामवासी इस विज्ञप्ति का पुरजोर विरोध कर रहे हैं और इसे तत्काल निरस्त करने की मांग कर रहे हैं। यह नया शराब का ठेका मऊ जिले के रानीपुर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत लरेवां में खोला जा रहा है। ग्राम पंचायत लरेवां के निवासियों ने शासन-प्रशासन से इस ठेके को तुरंत निरस्त करने की अपील की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो गांव की महिलाएं और अन्य ग्रामीण सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन पर डाली है।
कोटपूतली-बहरोड़ में सरियों से भरा ट्रेलर बुजुर्ग को रौंदते हुए निकल गया। बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसा पास के होटल में लगे सीसीटीवी में कैद हो गया। घटना जयपुर-दिल्ली नेशनल हाईवे 48 पर आंतेला में सोमवार सवेरे करीब 8ः30 बजे की है। हादसे के बाद ट्रेलर ड्राइवर मौके से फरार हो गया। मृतक की पहचान सुरजाराम यादव(45) निवासी आंतेला के रूप में हुई। पहले देखें हादसे के PHOTOS टक्कर के बाद 100 फीट तक घसीटा पावटा थाने के एएसआई भोला राम ने बताया- NH-48 पर आंतेला में नीलका पुलिया का निर्माण किया जा रहा है। इसके चलते गाड़ियों का डायवर्जन किया गया है। इन्हेंं सर्विस रोड से निकाला जा रहा है। सोमवार सवेरे एक सरियों से भरा ट्रेलर जयपुर से दिल्ली की तरफ जा रहा था। आंतेला में एक होटल के पास ट्रेलर अनियंत्रित हो गया और सर्विस लाइन को छोड़कर होटल की पार्किंग में जा घुसा। पार्किंग के डिवाइडर पर सुरजाराम यादव निवासी आंतेला खड़ा था। ट्रेलर को अपनी तरफ आता देख सुरजाराम घबरा गया और बचने की कोशिश करते हुए होटल की तरफ भागने लगा। इतने में ट्रेलर डिवाइडर पर चढ़ता हुआ होटल की पार्किंग की तरफ आया। बचने की कोशिश में सुरजाराम ट्रेलर बाएं तरफ टकराता हुआ पहियों के नीचे आ गया। ट्रेलर सुरजाराम को करीब 100 फीट तक घसीटते हुए आगे निकल गया। एकाएक हुई घटना से आस-पास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे। ट्रेलर को रुकवाया, जब तक ड्राइवर मौके से फरार हो गया। लोगों ने घायल सुरजाराम को पावटा उपजिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने ट्रेलर को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
काव्य कुंभ के आखिरी दिन मंच पर जब मणिका दुबे पहुंचीं, तो उनकी रचनाओं को युवाओं ने खूब पसंद किया। प्रेम, रिश्तों और युवाओं की भावनाओं को आसान शब्दों में पिरोकर उन्होंने कविताएं और गजलें सुनाईं, जिन्हें खूब तालियां मिलीं। कार्यक्रम के दौरान मणिका ने दैनिक भास्कर से बातचीत में अपने लेखन की शुरुआत, सोशल मीडिया के असर, नई पीढ़ी की सोच, प्रेम की बदलती अभिव्यक्ति और युवा रचनाकारों के लिए जरूरी बातों पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि वे वही लिखती हैं, जो उनकी पीढ़ी महसूस करती है। सोशल मीडिया ने लेखकों और कवियों को अपनी बात कहने का नया मंच दिया है। मणिका ने MBA की पढ़ाई छोड़कर लेखन की दुनिया में कदम रखा। पढ़िए पूरा इंटरव्यू... मणिका दुबे से खास बातचीत सवाल: आपकी साहित्यिक यात्रा की शुरुआत कैसे हुई? आज जिस मुकाम पर आप हैं, वहां तक पहुंचने का सफर कैसा रहा? जवाब: शुरुआत बहुत सोची-समझी नहीं थी। मैं MBA ड्रॉपआउट हूं। मैंने अपना MBA इसलिए छोड़ दिया, क्योंकि मुझे इस क्षेत्र में एक्टिव होने से बहुत खुशी मिलती थी। यह खुशी दिल से मिलती थी। मैं दबाव में रहकर कोई काम नहीं कर सकती थी। मैंने कई नौकरियां भी छोड़ी हैं। मुझे इस क्षेत्र में सुकून मिलता था, इसलिए मैंने इसी लाइन को चुना। सवाल: आज के यंगस्टर्स आपकी कविताओं से खुद को बहुत ज्यादा कनेक्ट पाते हैं, लिखते समय आपके मन में क्या चलता है? जवाब: जैसा युवा वर्ग सोचता है, मैं भी वैसा ही सोचती हूं। मैं खुद युवा वर्ग का प्रतिनिधित्व करती हूं। हो सकता है कि लेखकों और कवियों का देखने का दायरा थोड़ा बड़ा होता हो, लेकिन लोग मुझसे इसलिए जुड़ पाते हैं, क्योंकि मैं उन्हीं के बीच की बातें करती हूं। जो चीजें उनकी जिंदगी में घट रही होती हैं, उन्हें मैं अपनी रचनाओं में कहने की कोशिश करती हूं। मुझे लगता है कि मैं अभी भी सीख रही हूं। सवाल: पहले कवि अपनी बात किताबों के जरिए पहुंचाते थे, आज रील्स वायरल हो रही हैं; सोशल मीडिया के इस दौर को आप कैसे देखती हैं? जवाब: सोशल मीडिया बहुत अच्छी चीज है। यह अपने आपको अभिव्यक्त करने का एक शानदार मंच है। पहले लोगों के पास खुद को व्यक्त करने के इतने प्लेटफॉर्म नहीं होते थे। उनकी बातें लोगों तक पहुंचने में काफी समय लगता था। अखबारों और किताबों के माध्यम से उनकी रचनाएं लोगों तक पहुंचती थीं। लेकिन अब सोशल मीडिया के जरिए लोग अपनी बात तेजी से और बड़े स्तर पर लोगों तक पहुंचा पा रहे हैं। इसका अच्छा उपयोग भी हो रहा है। मुझे भी यहां बुलाया गया है तो मेरी वीडियो देखकर ही बुलाया गया है। मेरा चयन भी वीडियो के आधार पर हुआ है। अगर कोई नया व्यक्ति इस क्षेत्र में आना चाहता है और उसकी वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों तक पहुंच रही है, तो यह उसके लिए बहुत अच्छा मंच है। सोशल मीडिया लोगों को मंच तक पहुंचाने का काम कर रहा है। सवाल: नई और पुरानी पीढ़ी के इश्क को आप किस नजरिए से देखती हैं? जवाब: इश्क की समझ का किसी जनरेशन से कोई लेना-देना नहीं है। हर व्यक्ति का महसूस करने और उसे जाहिर करने का अपना तरीका होता है। तरीके अलग हो सकते हैं, लेकिन भावनाएं नहीं बदलतीं। पुराने समय में लोग अपने महबूब तक चिट्ठियां पहुंचाते थे। आज लोग ज्यादा एक्सप्रेसिव हो गए हैं। वे अपनी भावनाएं खुलकर जाहिर कर देते हैं, मिल लेते हैं, बात कर लेते हैं। लेकिन इससे इश्क अलग नहीं हो जाता। बहुत लोग कहते हैं कि आज के दौर में सच्चा इश्क नहीं होता, लेकिन जो लोग इश्क करते हैं, वे जानते हैं कि वह कितनी शिद्दत से किया जाता है। इसलिए मैं अपनी जनरेशन या जेन-जी को लेकर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहूंगी। सवाल: वसीम बरेलवी जैसे बड़े शायरों ने आपकी तारीफ करते हुए कहा कि अब उन्हें भविष्य की चिंता नहीं है। इसे आप कैसे देखती हैं? जवाब: उनका यह प्रशंसा भरा वक्तव्य मेरे लिए बहुत मायने रखता है। वसीम बरेलवी साहब ऐसे शायर हैं, जिन्हें सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में सुना और सम्मान दिया जाता है। उनके अशआर (शेर) लोगों की जुबान पर रहते हैं। उनकी शायरी जितनी बड़ी है, वे इंसान के तौर पर उससे भी बड़े हैं। उनकी सबसे खास बात यह है कि वे अपने स्नेह और प्रेम को लोगों के साथ बांटना जानते हैं। मैं जब से उन्हें जान रही हूं, तब से उनका स्नेह और आशीर्वाद मुझे लगातार मिलता रहा है। इसलिए उनकी ओर से मिली यह सराहना मेरे लिए किसी सम्मान से कम नहीं है। सवाल: जो लोग लिखते हैं और कवि या शायर बनना चाहते हैं, उन्हें आप क्या सलाह देना चाहेंगी? जवाब: मेरा सबसे पहला संदेश यही होगा कि लोगों को पढ़िए। किताबें पढ़िए, कवियों और शायरों को पढ़िए। पुराने रचनाकारों की रचनाओं से सीखिए। गद्य पढ़िए। ऐसी बहुत-सी किताबें हैं, जिन्हें पढ़ना चाहिए। जिस भी मंच पर आपको अवसर मिले, वहां प्रस्तुति दीजिए। मंच कभी छोटा या बड़ा नहीं होता। अपनी ऑडियंस खुद तैयार कीजिए। अपनी रचनाओं में कुछ नया और रचनात्मक करने की कोशिश कीजिए। जहां भी अवसर मिले, लगातार परफॉर्म करते रहिए। अपने वीडियो देखिए, उनका विश्लेषण कीजिए और समझिए कि सुधार की जरूरत कहां है। जब आपको लगातार अच्छा रिस्पॉन्स मिलने लगे, तब आपको खुद महसूस हो जाएगा कि अब आप बड़े मंच के लिए तैयार हैं। …………………… यह इंटरव्यू भी पढ़िए… कॉर्पोरेट जॉब छोड़कर स्टोरीटेलिंग में आए अमनदीप: बोले-12 महीने की बचत के भरोसे शुरू किया नया सफर, दादाजी की घड़ी पहनकर देते हैं परफॉर्मेंस स्टोरीटेलर अमनदीप ख्याल शनिवार को काव्य कुंभ में परफॉर्मेंस के लिए रायपुर पहुंचे। कार्यक्रम में उन्होंने अपने लोकप्रिय लाइव स्टोरीटेलिंग शो ‘धक-धक’ की तरह ही श्रोताओं को अपनी जिंदगी के किस्सों से जोड़ लिया। प्रेम, रिश्तों, अकेलेपन और जीवन के छोटे-छोटे अनुभवों को कहानियों में पिरोने वाले अमनदीप ने मंच से अपनी यात्रा साझा की। पढ़ें पूरी खबर…
बिलासपुर के कोटा पुलिस ने ग्राम पोड़ी में अरपा नदी किनारे चल रही अवैध महुआ शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने मौके से 240 लीटर कच्ची महुआ शराब, शराब बनाने की सामग्री और एक बाइक जब्त की। हालांकि, पुलिस की दबिश के दौरान आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम पोड़ी में बड़े पैमाने पर महुआ शराब बनाई और बेची जा रही है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की। पुलिस टीम ने ग्राम पोड़ी स्थित अरपा नदी के किनारे कोंदा बाड़ी क्षेत्र में एक झोपड़ीनुमा मकान पर छापा मारा। बड़ी मात्रा में कच्ची महुआ शराब मिली जांच के दौरान झोपड़ी की परछी में बड़ी मात्रा में कच्ची महुआ शराब मिली। पुलिस के पहुंचते ही आरोपी देव प्रसाद बारले, करण लहरे और उनके अन्य साथी नदी की ओर भाग निकले। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। बाइक भी जब्त तलाशी में पुलिस को तीन बड़ी एल्यूमिनियम की देकची में 45-45 लीटर और तीन अन्य देकची में 15-15 लीटर कच्ची महुआ शराब मिली, कुल 240 लीटर। इसके अलावा शराब बनाने और परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे तीन टुल्लू पंप और एक बाइक (क्रमांक सीजी 28 जे 8216) भी जब्त की गई। आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज पुलिस ने जब्त सामग्री को कब्जे में लेकर आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया है। फरार आरोपियों में तरकीडीह महुआभाटा निवासी देव प्रसाद बारले और परसाकापा निवासी करण लहरे तथा उनके अन्य सहयोगी शामिल हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
जोबट नगर परिषद ने आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान के तहत विशेष सफाई अभियान शुरू किया है। अभियान नगर के सभी 15 वार्डों में चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य नालियों की व्यापक सफाई कर जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करना है। इससे बारिश के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या से नागरिकों को राहत मिलेगी। अभियान के अंतर्गत, नगर परिषद की टीमें घर-घर जाकर नागरिकों को सूखा और गीला कचरा अलग-अलग एकत्रित कर कचरा वाहन में डालने के लिए जागरूक करेंगी। इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक स्थलों, सड़कों, बाजार क्षेत्रों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर भी विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। नगरवासियों से सक्रिय सहयोग की अपील नगर परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वाले व्यक्तियों के खिलाफ दंडात्मक और चालानी कार्रवाई की जाएगी। स्वच्छ और सुंदर जोबट के निर्माण के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस अभियान में नगरवासियों से सक्रिय सहयोग की अपील की गई है। नगर परिषद के अनुसार, स्वच्छता केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य भी है। जनभागीदारी और सहयोग से ही स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर जोबट का निर्माण संभव हो पाएगा।
इंदौर के द्वारकापुरी क्षेत्र में दो युवतियों की दोस्ती और साथ रहने की इच्छा को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। एक युवती ने आरोप लगाया है कि उसकी सहेली के परिजनों ने घर में घुसकर उसके साथ मारपीट की। मामले में द्वारकापुरी पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। घटना रविवार देर रात की है। द्वारकापुरी पुलिस के अनुसार स्वाति नामक युवती की शिकायत पर नितेश, उमेश, कृष्णा और नेहा के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट करने का मामला दर्ज किया गया है। स्वाति का कहना है कि उसकी एक युवती से पिछले पांच सालों से दोस्ती है और दोनों साथ रहना चाहती हैं। वैष्णो देवी यात्रा के बाद बढ़ा विवाद शिकायत के मुताबिक दोनों युवतियां मार्च महीने में वैष्णो देवी, मथुरा, जम्मू-कश्मीर और हरिद्वार घूमने गई थीं। इसके बाद सहेली के पति और परिजनों को उनके रिश्ते पर आपत्ति होने लगी। आरोप है कि रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे सहेली के परिजन उसके घर पहुंचे और विवाद शुरू कर दिया। पीड़िता का आरोप है कि उमेश ने उसका सिर दीवार से टकराया, जबकि अन्य आरोपियों ने हाथ-मुक्कों से मारपीट की। बाद में उसे घर से बाहर सड़क पर लाकर भी पीटा गया। घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद होने की बात कही गई है। पुलिस कमिश्नर से भी की थी शिकायत स्वाति ने बताया कि वह और उसकी सहेली पहले भी पुलिस कमिश्नर से मिलकर साथ रहने और सुरक्षा की मांग कर चुकी हैं। उनकी शिकायत महिला थाने को भेजी गई थी। पीड़िता का आरोप है कि वहां उन्हें अलग होने की सलाह दी गई। बाद में सहेली को उसके परिजन अपने साथ ले गए थे, लेकिन वह फिर स्वाति के पास लौट आई। जान का खतरा होने का दावा दोनों युवतियों का कहना है कि उन्हें अपने परिवारों से जान का खतरा है। मारपीट की घटना के बाद दोनों ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। सोमवार को वे अपनी शिकायत लेकर डीसीपी जोन-4 कार्यालय भी पहुंचीं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
डूंगरपुर में युवा खिलाड़ियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए 'स्वामी विवेकानंद यूथ हॉस्टल' बनकर तैयार हो गया है। शहर के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के पास 2 करोड़ 70 लाख रुपए की लागत से निर्मित यह हॉस्टल जल्द ही खेल विभाग को सौंप दिया जाएगा और इसका संचालन शुरू हो जाएगा। जिला खेल अधिकारी नरेश डामोर ने बताया कि यह 2 मंजिला हॉस्टल है, जिसमें 8 बड़े और हवादार कमरे बनाए गए हैं। प्रत्येक कमरे में 6 से 8 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। हॉस्टल में होगी कई सुविधाएंहॉस्टल के सभी कमरों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। कमरों में एसी लगाने की तैयारी पूरी हो चुकी है और उपकरण भी मौके पर पहुंच गए हैं। जल्द ही युवाओं को एयर कंडीशन सुविधा मिलेगी। इसके अलावा हॉस्टल में ठहरने वाले युवाओं के लिए भोजन की भी उचित व्यवस्था रहेगी। यहां एक आधुनिक कैंटीन बनाई गई है, जिसमें एक समय में 10 से 15 लोग एक साथ भोजन कर सकेंगे। न्यूनतम दर पर सुरक्षित आवासजिला खेल अधिकारी डामोर ने बताया कि इस यूथ हॉस्टल में बाहर से आने वाले युवाओं और अभ्यर्थियों को नाममात्र शुल्क पर कमरे उपलब्ध करवाए जाएंगे। हॉस्टल और कैंटीन से मिलने वाली इस न्यूनतम शुल्क राशि का उपयोग परिसर की साफ-सफाई और रखरखाव के लिए किया जाएगा। इससे प्रतियोगी परीक्षार्थियों को बेहद कम खर्च में एक सुरक्षित और शांत वातावरण मिल सकेगा। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के पास होने का सीधा फायदास्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के बिल्कुल नजदीक निर्मित होने के कारण खेल प्रतियोगिताओं के दौरान बाहर से आने वाले खिलाड़ियों को अपने अभ्यास स्थल के पास ही ठहरने की बेहतरीन सुविधा मिलेगी, जिससे उनका समय और परिवहन का खर्च दोनों बचेगा। इसके साथ ही विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने के लिए डूंगरपुर आने वाले अभ्यर्थियों के लिए भी यह हॉस्टल एक बड़ा सहारा बनेगा।
सिरसा जिले के एक गांव में नशा बेचने पर पांच युवकों को ग्रामीणों द्वारा नशाली दवाईयां सहित रंगेहाथ पकड़ लिया गया। इसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ग्रामीण उन युवकों को पकड़े हुए नजर आ रहे हैं और उनसे सप्लाई के बारे में सवाल पूछ रहे हैं। चारों युवक ग्रामीणों को आता देख पहले ही नशे की गोलियां फेंक देते हैं। जब पास में पड़ी काफी मात्रा में नशीली दवाई मिलती है, तो युवकों से सप्लायर या सप्लाई के बारे में पूछा, तो वह टालमटोल करने लगे और बार-बार बदलकर बयान देने लगे। ग्रामीणों ने उनको पुलिस को सौंप दिया और उसके पास जो नशीली दवाएं मिली थी। वे पुलिस को सौंप दी। आरोप है कि कुछ लोग गांव में नशा बेचने का काम करते हैं और युवाओं को नशे के जाल में धकेल दिया है। इस वजह से काफी युवा नशे के कारण बर्बाद हो चुके हैं। अक्सर कोई न कोई नशा बेचते पकड़ा जाता है। नशीली दवाएं लेने आया नशेड़ी, ग्रामीणों के हत्थे चढ़ा जानकारी के अनुसार, यह मामला रविवार रात करीब 11 से साढ़े 11 बजे का है और चार युवक पड़े में जाते हैं और चारों ही गांव कागदाना के हैं। इसके अलावा आज सोमवार दोपहर करीब साढ़े 11 बजे भी एक युवक गांव में नशा बेचते हुए गांव वालों ने पकड़ लिया, उसे भी पुलिस के हवाले कर दिया है। उक्त युवक चाहरवाला गांव का रहने वाला है और वह गांव के किसी नशेड़ी से नशीली दवाएं लेने आया हुआ था, जो ग्रामीणों के हत्थे चढ गया। गांव की संघर्ष समिति कर रही कार्रवाई ग्रामीणों ने बताया कि कागदाना गांव की संघर्ष समिति मामले में कार्रवाई कर रही है। करीब 40 लोगों की कमेटी बनाई हुई है, जो गांव में पहरा देती है। शक के आधार पर युवकों को पकड़ती है, जो नशा बेचने का काम करते हैं। जब लोगों ने उन चारों युवकों को पकड़ा, तो बाद में मुकर गए कि उनके पास कोई गोली नहीं है और न ही ये हमारे पास मिली है। इस बारे में वह नहीं जानते। अब पुलिस मामले की जांच में जुटी है। समिति की मांग है कि पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करे। उनकी टीम नशेड़ियों को पकड़वाती है और कुछ देर बाद पुलिस उनको छोड़ देती है और उनको कहती है कि यह एनडीपीएस एक्ट में नहीं आता। इससे नशेड़ियों को हौंसलें बुलंद है और उनकी टीम को धमकाने का काम करते हैं।
ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, 8 वर्षीय बालक की मौके पर मौत:सिवनी के सेलवाड़ा में ईंट भराई के दौरान हादसा
सिवनी जिले के किंदरई थाना क्षेत्र के ग्राम सेलवाड़ा में सोमवार सुबह एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से आठ वर्षीय बालक की मौत हो गई। यह घटना ईंट भराई के दौरान हुई, जब बालक ट्रॉली की चपेट में आ गया। जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 9 बजे ग्राम सेलवाड़ा में निर्माण कार्य के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली में ईंटें भरी जा रही थीं। इसी दौरान किसी कारणवश ट्रॉली का संतुलन बिगड़ गया और वह अचानक पलट गई। पास में मौजूद 8 वर्षीय बालक अरुण मारवी, पुत्र दुर्ग मरावी, ट्रॉली की चपेट में आ गया। हादसा इतना गंभीर था कि बालक को संभलने का मौका नहीं मिला और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना होते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बच्चे को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। हादसे की सूचना किंदरई थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर भेजा, जहां पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। किंदरई थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है हादसे के कारण का पता लगा रहे हैं किंदरई थाना प्रभारी गजेंद्र राजपूत ने बताया कि मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। टीम हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। पीएम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। घटना स्थल की अन्य तस्वीरें…
जाम गेट पर चलती कार में आग, धू-धूकर जली:चार लोगों ने कूदकर बचाई जान; महेश्वर-इंदौर मार्ग पर हादसा
महू के बड़गोंदा थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध पर्यटक स्थल जाम गेट पर सोमवार दोपहर करीब 12 बजे चलती कार में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी कार लपटों की चपेट में आ गई। कार में सवार चार लोगों ने कूदकर अपनी जान बचाई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार सवार महेश्वर से घाट चढ़कर जाम गेट की ओर आ रहे थे। जाम गेट के पास पहुंचते ही कार से धुआं निकलने लगा और कुछ ही पलों में आग भड़क उठी। स्थिति को भांपते हुए कार में सवार चारों लोग तुरंत वाहन से बाहर निकल गए। हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते पूरी कार जलकर खाक हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लपटें लगातार बढ़ती रहीं। घटना की सूचना संबंधित विभाग को दी गई। इस दौरान जाम गेट मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण तकनीकी खराबी बताया जा रहा है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।
पन्ना कोतवाली थाना क्षेत्र के हाजी अली बिल्डिंग के पास सोमवार सुबह जूता-चप्पल की दुकान में भीषण आग लग गई। 'बिंदास बूट हाउस' नामक इस दुकान में रखा लाखों रुपए का सामान जलकर खाक हो गया। दुकान संचालक इरशाद अली को सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि दुकान से आग की तेज लपटें उठ रही थीं। उन्होंने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन उनका आरोप है कि दमकल की गाड़ी करीब आधे घंटे बाद पहुंची। तब तक दुकान का अधिकांश हिस्सा जल चुका था। बाद में फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया गया। दुकान का सारा सामान जलकर राख हो गया इरशाद अली ने बताया कि उनकी दुकान 'बिंदास बूट हाउस' में रखे जूते-चप्पल सहित अन्य कीमती सामान पूरी तरह जल गए। गल्ले में रखे 7 से 8 हजार रुपए नकद भी आग की भेंट चढ़ गए। इस घटना में उन्हें लगभग 7 से 8 लाख रुपए का नुकसान होने का अनुमान है। गनीमत रही कि आग आसपास की दुकानों तक नहीं फैली, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। दुकान संचालक के अनुसार, आग लगने का प्रारंभिक कारण दुकान में लगे पीवीसी (PVC) के पास हुआ शॉर्ट सर्किट हो सकता है। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं।

