गैस रिफिलिंग के दौरान धमाका मुकदमा दर्ज:घर में कर रहा था काम, 15 कमर्शियल सिलिंडर मिले
अलीगढ़ में दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक पर शनिवार शाम दिल्ली से सियालदाह जा रही राजधानी एक्सप्रेस के सामने नीलगायों का झुंड आ गया। मडराक और दाऊद खां रेलवे स्टेशन के बीच तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से दो नीलगाय मर गईं। टक्कर के बाद उनका मलबा इंजन में फंस गया, जिससे राजधानी एक्सप्रेस करीब एक घंटे तक ट्रैक पर खड़ी रही और इस रूट का रेल यातायात प्रभावित हो गया। लोको पायलट ने लगाए इमरजेंसी ब्रेक राजधानी एक्सप्रेस शनिवार शाम जैसे ही 6:38 बजे दाऊद खां और मडराक रेलवे स्टेशन के मध्य पहुंची, तभी रेलवे ट्रैक पर नीलगायों का झुंड अचानक सामने आ गया। स्थिति को भांपते हुए लोको पायलट ने तुरंत हॉर्न बजाया और इमरजेंसी ब्रेक लगाए। ट्रेन की रफ्तार अधिक होने के कारण दो नीलगाय उससे टकरा गईं। अन्य ट्रेनों को भी रोका गया टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों नीलगायों का मलबा इंजन में फंस गया और ट्रेन को आगे बढ़ाना संभव नहीं रहा। सुरक्षा के लिहाज से रेलवे प्रशासन ने इसी ट्रैक पर आ रही अन्य ट्रेनों को भी रास्ते में रोक दिया। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे की तकनीकी टीम और आरपीएफ मौके पर पहुंच गई। एक घंटे की मशक्कत के बाद साफ किया इंजन तकनीकी टीम ने इंजन में फंसे मलबे को हटाने का काम शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद इंजन को पूरी तरह साफ किया गया। इसके बाद शाम 7:38 बजे राजधानी एक्सप्रेस को गंतव्य की ओर रवाना किया गया। इस दौरान यात्रियों को ट्रेन में ही इंतजार करना पड़ा। इमरजेंसी ब्रेक से टला हादसा आरपीएफ पोस्ट कमांडर डीपी सिंह ने बताया कि नीलगायों के अचानक ट्रैक पर आ जाने से यह हादसा हुआ। समय रहते इमरजेंसी ब्रेक लगाने से बड़ा हादसा टल गया, हालांकि दो नीलगाय मर गईं। घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने ट्रैक का निरीक्षण कर यातायात को सामान्य कराया।
हम दोनों साथ पढ़ते थे, तभी एक दूसरे से मोहब्बत हो गई। हमने साथ जीने मरने की कसम खाई। इसके बाद परिवार वालों की सहमति से 9 साल तक चले अफेयर के बाद शादी कर ली। जितेन्द्र ने मेरे अकाउंट से 20 हजार रुपए निकाल लिए और जुए में हार गया। हमने जब रुपए मांगे तो पति ने लड़ाई शुरू कर दी। जिस पर मैने अपने मां-बाप और भाई को बुलाया। मैने गला दबाया जबकि मां-बाप और भाई हाथ पैर पकड़े। ये कबूलनामा है जिंदगी भर साथ निभाने का वादा करने वाली कातिल पत्नी का.... ये सनसनीखेज वारदात है यूपी के बरेली की। मोहब्बत का खौफनाक अंतयूपी के बरेली से हैरान कर देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक पत्नी ने अपने ही सुहाग की बेरहमी से बलि चढ़ा दी। जिस रिश्ते को सात जन्मों का बंधन माना जाता है, वह महज दो महीने में खून से सन गया। बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र में रहने वाली ज्योति ने अपने माता-पिता और भाई के साथ मिलकर पति जितेन्द्र कुमार यादव की गला दबाकर हत्या कर दी। चौंकाने वाली बात यह है कि यह शादी 9 साल लंबे प्रेम प्रसंग के बाद दोनों परिवारों की रजामंदी से हुई थी, लेकिन रुपयों के विवाद ने प्यार को नफरत में बदल दिया। 20 हजार रुपये और ऑनलाइन जुए की सनकघटना की जड़ में 20 हजार रुपये का विवाद था। मृतक जितेन्द्र IVRI में संविदा पर कार्यरत था, जबकि आरोपी पत्नी ज्योति रोडवेज में संविदा कर्मचारी है। ज्योति का आरोप है कि जितेन्द्र ने उसके बैंक खाते से चुपचाप 20 हजार रुपये निकालकर ऑनलाइन जुए में गंवा दिए थे। जब 26 जनवरी को ज्योति ने पैसों के बारे में पूछताछ की, तो दोनों के बीच तीखी बहस और हाथापाई शुरू हो गई। गुस्से में पागल ज्योति ने तुरंत अपने मायके वालों को फोन कर बुला लिया। मर्डर को सुसाइड बनाने की नाकाम साजिशज्योति के बुलावे पर उसके पिता कालीचरन, मां चमेली और भाई दीपक वहां पहुंच गए। जब जितेन्द्र और ज्योति के बीच झगड़ा बढ़ गया, तो मायके वालों ने मिलकर जितेन्द्र के हाथ-पैर पकड़ लिए और ज्योति ने उसका गला घोंट दिया। हत्या के बाद पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने खौफनाक साजिश रची। उन्होंने जितेन्द्र के ही मफलर से उसे वेंटिलेटर की ग्रिल से लटका दिया ताकि यह आत्महत्या लगे। इसके बाद मां-बाप ने नीचे जाकर शोर मचाया कि दामाद ने फांसी लगा ली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली पोलपुलिस ने शुरुआत में आत्महत्या की सूचना पर मामला दर्ज किया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरी कहानी पलट दी। रिपोर्ट में मौत का कारण 'एंटीमॉर्टम स्ट्रैंगुलेशन' यानी गला दबाकर हत्या पाया गया। इसके बाद पुलिस ने धारा 103(1) (हत्या) के तहत केस दर्ज कर जांच तेज कर दी। इज्जतनगर पुलिस ने सटीक मुखबिरी के आधार पर शनिवार को आरोपी पत्नी ज्योति, उसके पिता कालीचरन और मां चमेली को डेलापीर कब्रिस्तान के पास से गिरफ्तार कर लिया। इन पुलिसकर्मियों ने किया खुलासाइस सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश करने में इज्जतनगर थाना प्रभारी निरीक्षक बिजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अहम भूमिका निभाई। टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक जावेद अली, उपनिरीक्षक मुकेश चौहान, महिला उपनिरीक्षक पायल, महिला हेड कांस्टेबल रेखा, और हेड कांस्टेबल धनीश, विशाल व रूपेन्द्र शामिल रहे। पुलिस टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया। वारदात का पूरा घटनाक्रम (Time-Line):25 नवंबर 2025: ज्योति और जितेन्द्र ने 9 साल लंबे अफेयर के बाद परिवार की मर्जी से हिंदू रीति-रिवाज से शादी की। 26 जनवरी 2026: ऑनलाइन जुए में 20 हजार रुपये हारने पर पति-पत्नी में विवाद हुआ। ज्योति ने मायके वालों के साथ मिलकर पति की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को फंदे से लटका दिया। 27 जनवरी 2026: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मौत फांसी से नहीं बल्कि गला दबाने से हुई है। पुलिस ने मामले को हत्या की धाराओं में तब्दील किया। 31 जनवरी 2026: पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पत्नी ज्योति, ससुर कालीचरन और सास चमेली को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। सीओ बोले- पीएम रिपोर्ट से हुआ खुलासापोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने सघन जांच शुरू की थी। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पकड़े गए तीनों अभियुक्तों को न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है। फरार आरोपी की तलाश जारी है।- पंकज श्रीवास्तव, सीओ सिटी थर्ड, बरेली
कांकेर में सड़क हादसे में पिता-बेटे की मौत:बस और बाइक की टक्कर, दो बेटियां गंभीर रूप से घायल
कांकेर में शनिवार देर शाम यात्री बस और बाइक की टक्कर में पिता-बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में उनकी दो बेटियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के पंडरीपानी इलाके में हुई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा तब हुआ जब दुधावा की ओर से आ रही बस और सामने से आ रही बाइक आपस में टकरा गईं। बाइक पर पिता, पुत्र और उनकी दो छोटी बेटियां सवार थीं। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिता और पुत्र ने घटना स्थल पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल, घायल बेटियों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फिल्म अभिनेता और शिवसेना नेता गोविंदा ने शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान गोविंदा ने मुख्यमंत्री को श्रीकृष्ण की मूर्ति भेंट की। मुलाकात के दौरान दोनों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में विभिन्न विषयों पर बातचीत हुई। श्रीकृष्ण की मूर्ति भेंट कर जताया सम्मानमुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान अभिनेता गोविंदा ने उन्हें भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति भेंट कर सम्मान व्यक्त किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस भेंट के लिए गोविंदा का आभार जताया और उनसे आत्मीय बातचीत की। फिल्म जगत से जुड़े मुद्दों पर हुई चर्चामुलाकात के दौरान अभिनेता गोविंदा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच फिल्म जगत से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। सिनेमा की सामाजिक भूमिका, संस्कृति और मूल्यों को लेकर दोनों ने अपने विचार साझा किए। अन्य समसामयिक विषयों पर भी हुआ संवादफिल्मों के अलावा इस बैठक में समाज, संस्कृति और अन्य समसामयिक विषयों पर भी बातचीत हुई। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में हो रहे सांस्कृतिक और रचनात्मक कार्यों की जानकारी दी, वहीं गोविंदा ने अपने अनुभव साझा किए। शिष्टाचार भेंट रही सौहार्दपूर्णकरीब कुछ समय तक चली यह मुलाकात पूरी तरह शिष्टाचार और सौहार्दपूर्ण रही। मुलाकात के बाद गोविंदा ने मुख्यमंत्री के कार्यों की सराहना की और उत्तर प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों को सकारात्मक बताया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में शनिवार को संभल के थाना नखासा क्षेत्र के कुरकावली गांव में एक हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था और सैकड़ों की संख्या में लोग इसमें शामिल हुए। विभाग कार्यवाह छत्रपाल भी इस अवसर पर मौजूद रहे। आरएसएस के विभाग कार्यवाह छत्रपाल ने विराट हिंदू सम्मेलन में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक हर विपरीत परिस्थिति में देश की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। उन्होंने बताया कि संघ अपने शताब्दी वर्ष पर हिंदू समाज को एकजुट कर रहा है और उन्हें अपनी संस्कृति से जोड़ने का कार्य कर रहा है। हापुड़ के गुरुकुल कूठ से आए अखिलेशानंद महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ केवल हिंदू सम्मेलन आयोजित नहीं कर रहा, बल्कि यहां आए हिंदू परिवारों को एक साथ लाने का काम कर रहा है। उन्होंने जोर दिया कि हम सभी को हिंदू संस्कृति से जोड़ा जा रहा है, ताकि हमारा भविष्य सुरक्षित हो सके और हमारी आने वाली पीढ़ियां हिंदू संस्कृति को आगे बढ़ा सकें। विभाग धर्म जागरण प्रमुख राजाराम ने लोगों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 साल के संघर्ष और उसकी यात्रा पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में संदीप गिल ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अतिरिक्त भजनों की प्रस्तुति भी दी। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी हरिंदर सिंह रिंकू, पश्चिमी क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंघल, सुधीर त्यागी, पंकज शर्मा, सोनू चाहल, पुष्पेंद्र त्यागी, भूकेंद्र शर्मा, सौरभ त्यागी, राजवीर सिंह, प्रिंस धारीवाल, आनंद सिंह, धीरज सिंह, कपिल चौधरी, योगेंद्र शर्मा, नंदकिशोर शर्मा, राजेंद्र प्रजापति, प्रशांत चाहल, सुभाष वाल्मीकि, संजीत सिंह, राजीव गिल, ब्लॉक प्रमुख पति कुलदीप चाहल, शालिनी सिंह, गीता जाटव, देवनम चौधरी, रजनी, सीमा और गायत्री सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
बिलासपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों में दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं, जिन्हें सार्वजनिक स्थानों पर गांजा बेचते हुए पकड़ा गया। यह कार्रवाई दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में की गई है और सभी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर जिले में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में सिविल लाइन और सिरगिट्टी थाना पुलिस ने गांजा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की। इनकी हुई गिरफ्तारी सिविल लाइन थाना क्षेत्र की मिनी बस्ती से केजा बाई (55) के पास से 200 ग्राम गांजा और जाहिरन बी (58) के पास से 220 ग्राम गांजा जब्त किया गया। सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में राजू दास मानिकपुरी (55) से 570 ग्राम गांजा और यादव नगर, तिफरा निवासी मन्नू यादव (26 ) के पास से 593 ग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस प्रशासन ने दावा किया है कि नशे के कारोबार से जुड़े मुख्य सप्लायरों तक पहुंचने और उन्हें गिरफ्तार करने की कार्रवाई जारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के धंधे में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर-छपरा और गोरखपुर-वाराणसी रेलखंड पर ट्रैक निर्माण और ऑटोमेटिक सिग्नलिंग कार्य के कारण रेलवे ने तीन जोड़ी ट्रेनों को 16 फरवरी तक के लिए निरस्त कर दिया है। इससे देवरिया समेत आसपास के जिलों के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे विभाग इन रेलखंडों पर ट्रैक सुधार, सिग्नल अपग्रेडेशन और संरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। इन कार्यों के दौरान परिचालन संबंधी कठिनाइयों और बार-बार ट्रैफिक ब्लॉक लेने की आवश्यकता के कारण ट्रेनों का संचालन बाधित हो रहा है। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है। रेलवे के अनुसार, 15129 गोरखपुर कैंट-वाराणसी सिटी सवारी गाड़ी 2 से 16 फरवरी 2026 तक निरस्त रहेगी। इसी तरह, 15130 वाराणसी सिटी-गोरखपुर कैंट सवारी गाड़ी 1 से 15 फरवरी 2026 तक नहीं चलेगी। इसके अतिरिक्त, 55041 सीवान-गोरखपुर कैंट सवारी गाड़ी 2 से 16 फरवरी 2026 तक और 55042 गोरखपुर कैंट-सीवान सवारी गाड़ी 1 से 15 फरवरी 2026 तक रद्द रहेगी। ये सभी ट्रेनें देवरिया जिले के गौरी बाजार, बैतालपुर, देवरिया सदर, नूनखार, भटनी जंक्शन, भाटपार रानी, बनकटा, सलेमपुर जंक्शन और लार रोड जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरती हैं। इन स्टेशनों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र, नौकरीपेशा लोग और व्यापारी यात्रा करते हैं। ट्रेनों के निरस्त होने से उन्हें वैकल्पिक परिवहन साधनों का उपयोग करना पड़ रहा है, जिससे उनका समय और धन दोनों अधिक खर्च हो रहा है। स्थानीय यात्रियों ने बताया कि पूर्व सूचना के बावजूद उन्हें काफी असुविधा हो रही है, क्योंकि बसों और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों में भीड़ बढ़ गई है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस अवश्य जांच लें और उसी के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाएं। साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक ट्रेनों या परिवहन साधनों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने लोगों की निजी जानकारियों को बेचने और इससे हो रही साइबर ठगी पर नाराजगी जाहिर की है। कोर्ट ने सरकार से कड़े कदम उठाने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने साइबर ठगी से जुड़े मामले में कहा- कुछ सोशल मीडिया कंपनियां लोगों का डाटा बेच रही हैं और साइबर अपराधी इसका गलत इस्तेमाल कर लोगों के साथ ठगी कर रहे हैं। ऐसे में इन कंपनियों साथ ही अन्य दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। कोर्ट ने कहा- बेगुनाह लोगों को उनकी मेहनत की कमाई डूबने से बचाने के लिए मजबूत सिस्टम तैयार किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने साइबर अपराध के आरोपी विवेक यादव और करण यादव की दूसरी बार लगाई जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया है। जस्टिस अनूप कुमार की एकलपीठ ने यह आदेश दिए। अदालत ने वित्त मंत्रालय, गृह मंत्रालय, राज्य सरकार और डीजीपी सहित आरबीआई को उचित कार्रवाई करने के लिए आदेश की कॉपी भेजी है। साइबर अपराधों की शिकायत करने की प्रक्रिया आसान बनाएंहाईकोर्ट ने आदेश में कहा- साइबर अपराधों की शिकायत करने की प्रक्रिया आसान होनी चाहिए, ताकि तुरंत शिकायत दर्ज हो सके और सभी जिम्मेदारों को ऐसी ठगी के शिकार लोगों के पैसे बचाने की पूरी कोशिश करनी चाहिए। आरबीआई के 6 जुलाई, 2017 के सर्कूलर के अनुसार सभी बैंकों को अपने ग्राहकों को ठगी की शिकायत करने के लिए 24 घंटे सुविधा देना जरूरी है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद जमानत याचिकाएंसाइबर अपराधियों की जमानत याचिकाओं में तर्क दिया गया कि मामले में अनुसंधान पूरा हो चुका है और उनके खिलाफ जांच एजेंसी ने चार्जशीट भी पेश कर दी है। करण यादव के मामले में 7 साइबर शिकायतों को लेकर उसके विभिन्न बैंक खातों से 3.16 लाख रुपए और विवेक के खिलाफ दर्ज 9 साइबर शिकायतों को लेकर 1.92 लाख रुपए उसके बैंक खातों से बरामद हुए हैं। चार्जशीट में जसराज को मुख्य आरोपी बनाया गया है। सह आरोपियों ने याचिकाकर्ताओं के बैंक खातों का उपयोग कर रकम टांसफर की है। वहीं प्रकरण की टायल पूरी होने में लंबा समय लगेगा। इसलिए उन्हें जमानत पर रिहा किया जाए। केंद्र-राज्य से साइबर अपराध पर कार्रवाई के आदेशसरकारी वकील एसआर धाकड़ ने कहा- आरोपी विवेक के बैंक खातों से फरवरी 2024 से अगस्त, 2025 के बीच कुल 2.27 करोड़ रुपए और करण यादव के बैंक खातों से 14 लाख रुपए का लेनदेन हुआ है। ऐसे में आरोपियों को जमानत नहीं दी जाए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने जमानत याचिकाओं को खारिज करते हुए केंद्र और राज्य सरकार को मामले में कार्रवाई करने को कहा है।
बलरामपुर जिले के सेंदुर नदी में रेत के नीचे दबा मिला एक शव रायगढ़ निवासी विश्वनाथ केरकेट्टा का निकला है। पुलिस ने हत्या की आशंका जताते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह शव बलरामपुर कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम सतिसेमर स्थित सेंदुर नदी किनारे 29 जनवरी 2026 को मिला था। गुरुवार शाम ग्रामीणों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी थी, जिसके बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की बारीकी से जांच की। शव को रेत में दबाकर छिपाया गया प्रारंभिक जांच में सामने आया कि शव को रेत में दबाकर छिपाया गया था, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त के प्रयास शुरू किए। 31 जनवरी 2026 को शव की पहचान विश्वनाथ केरकेट्टा (51) निवासी ग्राम सलिया पारा, थाना लैलूंगा, जिला रायगढ़ के रूप में हुई। इस मामले में बलरामपुर थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 21/2026, धारा 103(1) एवं 238 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। पीएम रिपोर्ट में होगा खुलासा इस मामले में थाना प्रभारी भापेंद्र साहू ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा। पुलिस फिलहाल संदिग्धों की तलाश में जुटी है और जल्द ही मामले में महत्वपूर्ण खुलासे की उम्मीद है।
एसडीएम से बहस के बाद नकल नवीस बेहोश:अस्पताल में भर्ती, कंप्यूटर सिस्टम खराब होने की शिकायत की थी
महाराजगंज में एसडीएम से फोन पर बहस के बाद नकल नवीस ममता मिश्रा बेहोश हो गईं। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। सदर तहसील में कंप्यूटर सिस्टम खराब होने के कारण सरकारी कामकाज ठप हो गया है। इसी मुद्दे पर एसडीएम से ममता मिश्रा ने शिकायत की। सिस्टम ठीक कराने का अनुरोध किया। आरोप है कि इस बातचीत के दौरान एसडीएम ने कथित तौर पर उनसे कहा- काम करना है तो करो, नहीं तो नौकरी छोड़ दो। डीएम को भी दे चुकी हैं लिखित शिकायत घटना से तहसील कर्मचारियों और आम जनता में नाराजगी है। ममता मिश्रा के कार्यालय में लंबे समय से कंप्यूटर सिस्टम खराब पड़ा है। इसके चलते वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, कन्या सुमंगला योजना, शादी अनुदान और नल कनेक्शन जैसी कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। इन कार्यों के लंबित होने से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर नकल नवीस ममता मिश्रा ने जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा को लिखित शिकायत दी थी। जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए पत्र को एसडीएम सदर को कार्रवाई के लिए भेजा था। हालांकि, आरोप है कि इसके बावजूद कंप्यूटर सिस्टम ठीक नहीं किया गया और कार्यालय का कामकाज लगातार बाधित रहा। एसडीएम ने कहा- नौकरी छोड़ दोसोमवार को ममता मिश्रा ने फोन पर एसडीएम सदर को कार्यालय की स्थिति से अवगत कराया और सिस्टम ठीक कराने का अनुरोध किया। आरोप है कि इस बातचीत के दौरान एसडीएम ने कथित तौर पर उनसे कहा- काम करना है तो करो, नहीं तो नौकरी छोड़ दो। इस बात से आहत होकर ममता मिश्रा की तबीयत बिगड़ गई और वह तहसील परिसर में ही बेहोश हो गईं। आनन-फानन में साथी कर्मचारियों ने उन्हें जिला अस्पताल की इमरजेंसी यूनिट में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है। इस घटना के बाद तहसील कर्मचारियों और आम लोगों में गहरा रोष देखा जा रहा है। एसडीएम बोले- उन्हें काम करने के लिए कहा गयाइस बीच, ममता मिश्रा और एसडीएम के बीच हुई बातचीत की एक कॉल रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है, जो अब चर्चा का विषय बनी हुई है। विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस मामले में सदर एसडीएम जितेंद्र कुमार ने बताया कि उनका कोई हैरेसमेंट नहीं किया गया है। काम के लिए कहा गया था कि काम समय से पूरा करिए। इस महीने के अंत तक काम पूरा हो जाना चाहिए।
धार जिले के राजोद थाना क्षेत्र के एक गांव में शनिवार को 5 वर्षीय एक बच्ची से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान गांव निवासी 22 वर्षीय शिवम परमार पिता जीवन परमार ने बच्ची को चॉकलेट देने का लालच देकर अपने घर बुलाया और उसके साथ जबरन गलत काम किया। रोते हुए घर लौटी बच्चीकुछ देर बाद बच्ची रोती हुई घर लौटी और अपनी मां को पूरी घटना बताई। बच्ची की हालत देखकर परिजन सन्न रह गए। परिजनों ने तत्काल राजोद थाना पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया। राजोद थाना प्रभारी रामसिंह राठौर ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। मामले की विवेचना जारी है।
मिर्जापुर में धान खरीद व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में केंद्रवार धान खरीद की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अनियमितताओं पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और सख्त निर्देश जारी किए। जिलाधिकारी ने क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया कि किसी भी ग्राम से 10 किलोमीटर की परिधि में स्थित क्रय केंद्र पर ही संबंधित किसान द्वारा धान का विक्रय किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित दूरी और नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। अब केवल वास्तविक किसानों से ही धान की खरीद की जाए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि किसी भी केंद्र पर बिचौलियों अथवा राइस मिल के माध्यम से धान की खरीद पाई गई, तो संबंधित क्रय केंद्र प्रभारी के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद निलंबन और विभागीय कार्रवाई की संस्तुति भी की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अन्य जनपदों से धान की खरीद पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी, भले ही संबंधित जनपद की सीमा 10 किलोमीटर के भीतर ही क्यों न आती हो। शासन के निर्देशों के विपरीत किसी भी प्रकार की खरीद को गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा। जिलाधिकारी ने तहसील और ब्लॉक स्तर पर गठित कंट्रोल रूम में नामित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे किसानों के फोन कॉल अनिवार्य रूप से उठाएं। धान खरीद से संबंधित शिकायतों का त्वरित और प्रभावी निस्तारण कराया जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बटलर झील का निरीक्षण किया। बटलर झील में खुलने वाले ‘आईलैंड कैफे' का जायजा लिया। एलडीए ने बताया कि लोग पेडेस्ट्रियन ब्रिज के रास्ते इस कैफे में जाकर प्राकृतिक सुदंरता के बीच लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठा सकेंगे। प्राकृतिक सुंदरता के बीच कैफे एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि प्राधिकरण ने बटलर झील का सौंदर्यीकरण का कार्य कराया है। झील के बीचों-बीच आईलैंड विकसित किया गया है, जिसमें 1 कैफेटेरिया बनाया गया है। 15 दिन के अंदर आईलैंड कैफे शुरू करने के निर्देश दिये गये हैं। यहां लोग प्राकृतिक सुंदरता के बीच अपने परिवार के साथ बेहतर समय बिता सकेंगे। इसके अलावा बटलर पैलेस में कराये जा रहे सौंदर्यीकरण के कार्यों का निरीक्षण किया गया। यहां अप्रैल, 2026 तक कैफेटेरिया बनकर तैयार हो जाएगा। वहीं, प्रथम तल पर कराये जा रहे जीर्णोद्धार एवं फसाड अपलिफ्टमेंट के कार्य जुलाई माह तक पूरे कराने के निर्देश दिये गये हैं। इसके अलावा पैलेस के पिछले हिस्से में स्थित लॉन में लैंडस्केपिंग व हॉर्टीकल्चर का काम होगा। पार्कों में इस्तेमाल होगी पुरानी रेलिंग व पोल एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने हजरतगंज में फसाड कंट्रोल गाइडलाइन के अंतर्गत कराये जा रहे सौंदर्यीकरण के कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिये कि हजरतगंज में बदली जा रही पुरानी रेलिंग व बिजली के खम्भों को प्राधिकरण की आवासीय योजनाओं में विकसित किये जा रहे पार्कों व ग्रीन बेल्ट में इस्तेमाल किया जाए। निरीक्षण में पाया गया कि कुछ व्यापारियों ने दुकानों के पुराने साइनेज बोर्ड नहीं हटाए हैं। इस पर उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि व्यापारियों से वार्ता करके पुराने बोर्ड हटाकर निर्धारित कलर कोड व साइज के नये साइनेज बोर्ड लगवाये जाएं।
रायसेन में चेकिंग को देख अचानक लगाए ब्रेक, वैन पलटी:एक घायल, पुलिस ने लोगों की मदद से वाहन सीधा किया
रायसेन के सांची रोड पर शुक्रवार शाम यातायात पुलिस की चेकिंग से बचने की कोशिश में एक मारुति वैन अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में वैन में सवार एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि अन्य को हल्की चोटें आईं। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह घटना ग्राम कोड़ी के पास हुई, जहां पुलिस वाहन चेकिंग कर रही थी। सांची की ओर से आ रही एक मारुति वैन को पुलिस ने रोकने का इशारा किया। वैन चालक घबरा गया और चेकिंग से बचने के लिए उसने अचानक एक्सीलेटर दबा दिया। तेज रफ्तार में वैन अनियंत्रित हो गई। ड्राइवर ने जब ब्रेक लगाए, तो गाड़ी सड़क पर घूमते हुए पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घायल व्यक्ति को अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से पलटी हुई वैन को सीधा भी किया।
सालमगढ़ पुलिस ने 8 पेटी अवैध शराब जब्त की:एक आरोपी गिरफ्तार, आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज
प्रतापगढ़ जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देश पर सालमगढ़ थाना पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई की है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा और पुलिस उप अधीक्षक चंद्रशेखर के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई में 8 पेटी अवैध शराब और 18 केन बीयर जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कार से 4 पेटी अवैध शराब मिली, जबकि घर से 4 पेटी और 18 केन बीयर बरामद हुई। कुल मिलाकर, पुलिस ने 8 पेटी अवैध शराब और 18 केन बीयर जब्त की। आरोपी सुभाष पुत्र सोहनलाल धाकड़ को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ सालमगढ़ थाने में आबकारी अधिनियम की धारा 16/54 और 54 (क) के तहत प्रकरण संख्या 21/2026 दर्ज किया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
असीरगढ़ किले में दिखा 7 फीट का अजगर:पर्यटकों को रोका गया, सर्प मित्र ने एक घंटे में किया रेस्क्यू
बुरहानपुर के ऐतिहासिक असीरगढ़ किले के गेट नंबर 4 पर शनिवार को सात फीट का एक अजगर देखा गया। अजगर दिखने के बाद पर्यटकों को किले में प्रवेश करने से रोक दिया गया, जिससे मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। वन विभाग को इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद नेपानगर के सर्प मित्र एरिक साइमन को बुलाया गया। साइमन ने लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद अजगर का सफल रेस्क्यू किया। वन विभाग ने मौके पर पंचनामा भी बनाया। अजगर को बाद में सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ दिया गया। किले के सुरक्षा श्रमिक ने सबसे पहले गेट नंबर चार पर अजगर देखा था और वन विभाग की हसनपुरा टीम को इसकी जानकारी दी थी। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान वन रक्षक उत्तर हसनपुरा गोविंद महाजन, श्रेयांश सोलंकी और बीट गार्ड रघुराज सिंह सोलंकी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। अजगर को हसनपुरा बीट के कक्ष क्रमांक 202 में सुरक्षित रूप से छोड़ा गया।
जालौन के कालपी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कुरहना में शनिवार शाम एक युवक ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। उसकी हालत गंभीर होने पर उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। युवक अखिलेश (18) पारिवारिक कारणों से मानसिक तनाव में था। इसी तनाव के चलते उसने यह कदम उठाया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने अखिलेश को प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे उच्च चिकित्सा सुविधा के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। फिलहाल, युवक का इलाज मेडिकल कॉलेज में जारी है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से पूछताछ की। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, युवक के बयान और चिकित्सीय रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
भदोही जनपद में एक मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) और एक उपनिरीक्षक अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो गए हैं। पुलिस लाइन ज्ञानपुर में उनके सम्मान में एक विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जहां उन्हें सम्मानित किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक श्री शुभम अग्रवाल ने सेवानिवृत्त हुए पुलिसकर्मियों को अंगवस्त्र, उपहार और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके सुखमय एवं समृद्ध जीवन की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने उनकी सेवाओं की सराहना भी की। सेवानिवृत्त होने वालों में सीएफओ श्री विश्वरूप बनर्जी और उपनिरीक्षक श्री महेंद्र सिंह शामिल हैं। इन दोनों अधिकारियों ने अपने संपूर्ण सेवाकाल के दौरान पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और लगन के साथ कार्य किया। विदाई कार्यक्रम में प्रतिसार निरीक्षक पुलिस लाइन सहित अन्य कर्मचारीगण भी मौजूद रहे। सभी ने सेवानिवृत्त हुए अधिकारियों को उनके आगामी जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।
मिर्जापुर में गौवंश संरक्षण के लिए स्थापित गौशालाओं की आड़ में तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। संतनगर पुलिस ने अपना दल कमेरावादी के जिलाध्यक्ष और सोनबरसा गांव के ग्राम प्रधान श्याम बहादुर पटेल समेत तीन लोगों को गौवंश तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। घटना के खुलासे के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है और गौशालाओं में गौवंशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी की जा रही है। इस गौवंश तस्करी मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेताओं ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने ग्राम प्रधान की संपत्ति की जांच और उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा कृत्य करने का साहस न कर सके। विश्व हिंदू परिषद पूर्वी उत्तर प्रदेश के सत्संग प्रमुख दिवाकर ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकारें गौ संरक्षण के लिए लगातार अभियान चला रही हैं। ऐसे में गौ रक्षा की आड़ में तस्करी करने वाले ग्राम प्रधान का पकड़ा जाना गंभीर मामला है। उन्होंने इस मामले में शामिल सभी लोगों और संरक्षण देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पूर्व जिला मंत्री मनोज दमकल ने आरोप लगाया कि जिले से बड़े पैमाने पर गौवंशों की तस्करी की जा रही है। उन्हें जंगल के रास्ते बिहार और पश्चिम बंगाल तक पहुंचाया जाता है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग संरक्षण देकर इस तस्करी में हिस्सा बांट रहे हैं, जिनके खिलाफ कठोर कार्रवाई आवश्यक है। समाजसेवी जलज नेत ने ग्राम प्रधान के गौवंश तस्करी में संलिप्त पाए जाने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई।
सीकर के उद्योग नगर थाना इलाके में शास्त्री नगर एरिया में करीब दो दर्जन घरों में पिछले पांच दिनों से पानी नहीं आ रहा। ऐसे में आज स्थानीय लोगों ने रात को सड़क पर धरना शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है कि जब तक समाधान नहीं होता है तब तक वह धरना लगातार जारी रखेंगे। धरने पर बैठे यशस्वी सिंह राठौड़ ने बताया कि पिछले लंबे समय से दो दर्जन से ज्यादा घरों में पेयजल की समस्या है। 5 दिन से तो पानी बिल्कुल भी नहीं आ रहा। इस बारे में कई बार जलदाय विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाया गया लेकिन वह कोई भी सुनवाई नहीं करते केवल आश्वासन देते हैं। ऐसे में आज परेशान होकर स्थानीय लोगों ने धरना शुरू कर दिया है। यह धरना तब तक जारी रहेगा जब तक कि पेयजल की समस्या का समाधान नहीं होता है। यशस्वी ने बताया कि पहले जो पाइप लाइन डाली गई थी वह पूरी खराब हो चुकी है। इसके अलावा इलाके में जो ट्यूबवेल है उसका पानी भी दूसरी जगह सप्लाई होता है। ऐसे में जलदाय विभाग के अधिकारियों को कहा गया था कि उस ट्यूबवेल से पानी की सप्लाई चालू कर दो या फिर नई पाइपलाइन डाल दो। लेकिन उन्होंने कोई भी समाधान नहीं किया। इसके चलते आज अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया है।
चित्रकूट के बहिलपुरवा थाना क्षेत्र के एक गांव में एक अविवाहित किशोरी ने अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया है। बच्ची के जन्म के बाद उसके परिजन नवजात को पालने से इनकार कर रहे हैं। सूचना मिलने पर बाल कल्याण समिति की टीम अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू की। परिजनों के अनुसार जून 2025 में किशोरी के साथ उसके ही परिवार के एक सदस्य ने दुष्कर्म किया था। सामाजिक बदनामी के डर से परिजनों ने उस समय पुलिस में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई और मामले को घर पर ही दबा दिया गया था। कई महीने बाद किशोरी के गर्भवती होने की जानकारी मिली। परिजनों ने पहले गर्भपात का प्रयास भी किया, लेकिन पुत्री और कुछ अन्य परिजनों की सहमति से गर्भपात न कराकर बच्ची को पालने का निर्णय लिया गया। शनिवार को तेज पेट दर्द होने पर किशोरी को अस्पताल लाया गया। शुरुआत में डॉक्टरों को गुमराह कर केवल पेट दर्द बताया गया, लेकिन गर्भवती होने का पता चलने पर उसे प्रसव कक्ष भेजा गया। किशोरी ने वहां एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। डॉक्टरों के अनुसार, नवजात लगभग आठ माह से अधिक समय की है और फिलहाल स्वस्थ है। प्रसव के बाद प्रसूता और उसके परिजन बच्ची को अस्पताल में छोड़कर जाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान बाल कल्याण समिति की टीम को सूचना मिली और वे मौके पर पहुंचे। समिति के प्रभारी राकेश माथुर और राजेश दुबे ने किशोरी और उसके परिजनों से बातचीत की। परिजनों ने बताया कि वे नवजात को पालने के लिए तैयार नहीं हैं। समिति ने इसकी सूचना पुलिस को भी दी है। बहिलपुरवा के प्रभारी थानाध्यक्ष प्रभाकर उपाध्याय ने बताया कि उनके थाने में ऐसा कोई मामला दर्ज नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि परिजनों द्वारा कार्रवाई के लिए पत्र दिया जाता है, तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के कॉरिडोर-1 (आईआईटी–नौबस्ता) पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। कानपुर सेंट्रल से स्वदेशी कॉटन मिल रैम्प के बीच अंडरग्राउंड ‘अप-लाइन टनल’ में ट्रैक निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही अब कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक ‘अप-लाइन’ का ट्रैक पूरी तरह तैयार हो गया है और शीघ्र ही इस पर मेट्रो ट्रेनों की टेस्टिंग प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यूपीएमआरसी अधिकारियों के अनुसार, कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक लगभग 8 किमी लंबे शेष सेक्शन में कुल 7 स्टेशन शामिल हैं। इसमें लगभग 3 किमी हिस्सा अंडरग्राउंड और 5.30 किमी हिस्सा एलिवेटेड है। बारादेवी से नौबस्ता तक एलिवेटेड सेक्शन में दोनों लाइनों पर ट्रैक निर्माण, थर्ड रेल और सिग्नलिंग उपकरणों की स्थापना पहले ही पूरी की जा चुकी है। अंडरग्राउंड सेक्शन में स्वदेशी कॉटन मिल रैम्प के माध्यम से रेल पटरियों को टनल में उतारकर वेल्डिंग और ट्रैक स्लैब निर्माण कार्य किया गया। साथ ही थर्ड रेल इंस्टॉलेशन का कार्य भी अंतिम चरण में है। यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने इसे परियोजना की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि शेष सिस्टम इंस्टॉलेशन पूरा होते ही कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक मेट्रो सेवाओं की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा जाएगा।
बुलंदशहर के गुलावठी में शनिवार रात करीब नौ बजे नगर पालिका के पास एक 65 वर्षीय व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो हो जाने का मामला सामने आया है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। गुलावठी पुलिस की पीआरवी को जानकारी मिली थी कि नगर पालिका गेट के पास एक व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर अचेत व्यक्ति को ई-रिक्शा से सरकारी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने वहां उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने जांच के बाद मृतक की पहचान गुलावठी के आदर्शनगर निवासी हेमू भारद्वाज (65) के रूप में की। कस्बा इंचार्ज संजेश कुमार ने बताया कि मिली जानकारी के अनुसार, मृतक ने शराब पी रखी थी। मृतक के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। वहीं, स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा है कि व्यक्ति की मौत ठंड लगने से हुई है।
डिप्टी सीएम का कल कौशांबी दौरा:कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर और सरस हाट का शुभारंभ करेंगे
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य 1 फरवरी को कौशांबी का दौरा करेंगे। इस दौरान वे प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत निर्मित कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन करेंगे। उपमुख्यमंत्री दोपहर लगभग 12 बजे मंझनपुर स्थित जिला उद्यान कार्यालय परिसर में आयोजित इस उद्घाटन व लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके बाद, वे मंझनपुर के ब्लॉक परिसर में सरस हाट का शुभारंभ करेंगे और स्वयं सहायता समूहों को दुकानों का आवंटन करेंगे। डिप्टी सीएम डायट मैदान, मंझनपुर में स्वयं सहायता समूहों के स्टालों का भी अवलोकन करेंगे। अपने दौरे के दौरान, मौर्य खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-23, पीएमएफएमई के उद्यमियों, डीआरपी (डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन) और उद्यमी मित्रों को प्रशस्ति पत्र वितरित करेंगे। रात्रि विश्राम के लिए उपमुख्यमंत्री कौशांबी के सिराथू स्थित अपने आवास पर रुकेंगे। अगले दिन, 2 फरवरी को, वे सयारा स्थित मां शीतला अतिथि गृह में पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। बैठक के बाद, केशव प्रसाद मौर्य लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगे।
सीहोर में डायल 112 की टीम ने एक 13 वर्षीय मानसिक रूप से कमजोर बालक को उसके परिजनों से मिलाया है। बालक गुलरपुरा गांव में अकेला घूमता हुआ मिला था, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे सुरक्षित उसके पिता को सौंपा। यह घटना तब सामने आई जब डायल 112 लाडकुई को ग्राम गुलरपुरा से एक कॉल प्राप्त हुआ। कॉलर ने बताया कि गांव में एक अबोध बालक मानसिक रूप से विकलांग अवस्था में घूम रहा है और वह अपने बारे में कुछ भी बताने में असमर्थ है। सूचना मिलते ही डायल 112 वाहन और स्टाफ तुरंत मौके पर पहुंचा। पुलिस टीम ने बालक को अपनी सुरक्षा में लिया और उसे लाडकुई चौकी ले आई। चौकी में बालक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का उपयोग किया गया। प्रयासों के बाद, 13 वर्षीय विशेष आवश्यकता वाले इस बालक के पिता सुखराम बनवारी, उम्र 40 साल, निवासी लाडकुई का पता चला। पुलिस ने बालक को सकुशल उसके पिता को सुपुर्द कर दिया। बालक के परिजनों, ग्रामवासियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने डायल 112 सेवा की सराहना की और पुलिस स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त किया। इस सफल कार्यवाही में आरक्षक राजाबाबू और चालक धर्मेंद्र की भूमिका सराहनीय रही।
एनएएस इंटर कॉलेज में विज्ञान मॉडल प्रतियोगिता:पर्यावरण और नवीकरणीय ऊर्जा मॉडल बने आकर्षण का केंद्र
मेरठ के एनएएस इंटर कॉलेज परिसर में 31 जनवरी को जिला विज्ञान क्लब की ओर से विज्ञान मॉडल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का शुभारंभ सुबह किया गया। इसमें जिले के विभिन्न विद्यालयों और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विज्ञान और तकनीक से जुड़े आकर्षक व ज्ञानवर्धक मॉडल प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना को बढ़ावा देना रहा। छात्रों ने अपने मॉडलों के माध्यम से रचनात्मकता और तकनीकी समझ का शानदार प्रदर्शन किया। पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मॉडल प्रतियोगिता का प्रमुख आकर्षण रहे। वहीं ऊर्जा संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा पर आधारित मॉडलों को निर्णायकों और दर्शकों ने विशेष रूप से सराहा। विज्ञान के व्यावहारिक उपयोग को दर्शाने वाले मॉडल लोगों को प्रभावित करते नजर आए। विद्यार्थियों ने अपने मॉडलों की कार्यप्रणाली का आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुतीकरण किया। प्रतियोगिता में छात्राओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। निर्णायक मंडल ने सभी मॉडलों का गहन मूल्यांकन किया और नवाचार, उपयोगिता व प्रस्तुति के आधार पर अंक प्रदान किए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को शीघ्र ही पुरस्कृत किया जाएगा। जिला विज्ञान क्लब के पदाधिकारियों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और छात्रों को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम में अभिभावकों की उपस्थिति भी रही। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कार्यक्रम में मौजूद रहे। प्रतियोगिता का समापन उत्साह और सकारात्मक संदेश के साथ किया गया।
मंदबुद्धि नाबालिग से दुष्कर्म:मैहर में शौच के लिए निकली किशोरी को 24 घंटे बंधक बनाया
मैहर जिले में एक मंदबुद्धि नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोपी ने शौच के लिए घर से निकली किशोरी को 24 घंटे तक बंधक बनाकर रखा और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना रामनगर थाना क्षेत्र की है। शिकायत के अनुसार, 15 साल 9 महीने की पीड़िता मंदबुद्धि है और ठीक से बोल नहीं पाती। बीते 28 जनवरी की सुबह करीब 7 बजे वह शौच के लिए रामसागर खेत की तरफ गई थी। जब वह कुछ देर तक घर नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। लगभग 24 घंटे बाद, पीड़िता पड़ोस में रहने वाले दीपू कोल के साथ घर लौटती दिखी। जैसे ही दीपू कोल की नजर पीड़िता की मां पर पड़ी, वह उसे छोड़कर भाग गया। पीड़िता ने अपनी मां को बताया कि जब वह घर लौट रही थी, तभी दीपू कोल पीछे से आया और उसका मुंह दबाकर अपने चाचा सौखीलाल कोल के घर ले गया। चाचा सौखीलाल कोल उस घर में नहीं रहते थे। दीपू ने किशोरी को वहीं बंधक बनाकर रखा और रात में दो बार उसके साथ गलत काम किया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी दीपू कोल के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी की तलाश में छापेमारी कर उसे 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के कसीदासपुर टिकरी मजरे भादर गांव में शनिवार शाम करीब 5 बजे एक युवती ने संदिग्ध परिस्थितियों में घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर सुल्तानपुर घोष पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल शुरू कर दी। मृतका की पहचान धनराज मौर्य की लगभग 19 वर्षीय पुत्री कनकलता उर्फ नन्ही देवी मौर्या के रूप में हुई है। उसने अपने घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या की। ग्रामीणों के अनुसार, मृतका के पिता धनराज मौर्य हृदय रोग के मरीज हैं और उनकी बाईपास सर्जरी हो चुकी है। घटना के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। मृतका की बहन की भी हालत खराब हो गई, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पिता और बहन की बिगड़ती हालत देखकर मृतका का बड़ा भाई भी बेहोश हो गया, और उसकी भी तबीयत खराब होने की जानकारी मिली है। इस मामले में थाना प्रभारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के मां दंतेश्वरी शक्कर कारखाना, करकाभाट में गन्ना आपूर्ति बढ़ाने और किसानों की लागत कम करने के उद्देश्य से प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिला खनिज संस्थान न्यास मद से छत्तीसगढ़ की पहली गन्ना कटाई हार्वेस्टर मशीन खरीदी गई है। जिसे जल्द ही किसानों को रियायती दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। कारखाना के महाप्रबंधक लिलेश्वर देवांगन ने बताया कि, करीब डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से खरीदी गई यह मशीन गन्ना कटाई में आने वाली अधिक मजदूरी लागत और कुशल श्रमिकों की कमी की समस्या को कम करेगी। आवेदन के आधार पर यह मशीन किसानों के खेतों तक पहुंचकर गन्ने की कटाई करेगी और सीधे ट्रॉली में भरकर कारखाने तक भेजेगी। 1200 हेक्टेयर में गन्ना उत्पादन आवश्यक मां दंतेश्वरी शक्कर कारखाने के संचालन के लिए कम से कम 1200 हेक्टेयर में गन्ना उत्पादन आवश्यक है, जबकि वर्तमान में जिले में केवल करीब 700 हेक्टेयर में ही गन्ने की खेती हो रही है। इसके चलते कारखाने को अन्य जिलों से गन्ना मंगाना पड़ता है। प्रशासन का कहना है कि मशीन किसानों को मजदूरी लागत से कम दर पर उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे गन्ने की खेती को प्रोत्साहन मिले और कारखाने में नियमित गन्ना आवक बनी रहे। मशीन के शेष पुर्जे एक-दो दिन में पहुंचने के बाद दर तय कर सेवा शुरू की जाएगी। मध्यप्रदेश में इस तरह की गन्ना कटाई मशीनें पहले से उपयोग में हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में यह पहली बार खरीदी गई है।
कोटा शहर के उद्योग नगर थाने में तैनात एक कांस्टेबल ने अपने 6 साथियों के साथ मिलकर लूट और अपहरण की वारदात को अंजाम दिया। इनके साथ कांस्टेबल का साला विष्णु भी इस गैंग में शामिल था। मामले में पुलिस ने अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है, आगे जांच के लिए पीसी रिमांड लिया गया है। कोटा सिटी एडिशनल एसपी दिलीप सैनी ने बताया- गिरफ्तार आरोपियों में उद्योग नगर थाने में तैनात कांस्टेबल मनीष यादव और उसका साला विष्णु, देवेंद्र, प्रियांशु भट्ट और विजय उर्फ कृष्णकांत शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपराध चाहे किसी भी स्तर का हो और उसमें पुलिसकर्मी ही क्यों न शामिल हो, जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित राजेश सेन ने कांस्टेबल मनीष यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। एफआईआर के अनुसार 20 जनवरी को राजेश अपने मित्र के साथ कोटा आए थे, जहां रंगबाड़ी इलाके में उनकी मुलाकात पुराने परिचित राजेंद्र पारेता से हुई। राजेंद्र ने राजेश को एक बैग सौंपते हुए उसे कोटा यूनिवर्सिटी के पास देने को कहा। कुछ देर बाद मौके पर वर्दी में मौजूद व्यक्ति और उसके साथी पहुंचे, जिन्होंने बैग चेक करने के बहाने धमकाया और मुकदमा दर्ज न करने के एवज में डेढ़ लाख रुपये की मांग की। आरोप है कि राजेश को जबरदस्ती कार में बैठाकर अलग-अलग इलाकों में घुमाया गया, मारपीट की गई और बैग व नकदी छीन ली गई। बाद में सुनसान जगह पर छोड़कर जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है और फरार चल रहे एक की तलाश जारी है।
छत्तीसगढ़ के दो जिलों में जमीन की गाइडलाइन दरों के पुनरावलोकन के बाद राज्य सरकार ने नई संशोधित गाइडलाइन जारी कर दी है। इस फैसले का छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ने स्वागत करते हुए प्रदेश के मंत्री ओ.पी. चौधरी का सम्मान किया। एसोसिएशन ने इसे आम नागरिकों और रियल एस्टेट क्षेत्र के हित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि, 30 जनवरी 2026 से नई गाइडलाइन दरें लागू हो गई हैं। लंबे समय से गाइडलाइन दरों को लेकर व्यावहारिक समस्याएं सामने आ रही थीं। जिसे ध्यान में रखते हुए शासन ने दरों में रियायत दी है। संगठन का कहना है कि इससे प्रदेश में संपत्ति की खरीद–बिक्री को बढ़ावा मिलेगा और आम लोगों को सीधा लाभ पहुंचेगा। सम्मान समारोह में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मंत्री अमित साहू विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम में एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र अग्रवाल, सचिव दीपक रंजन, कोषाध्यक्ष विजय पींजानी सहित राजीव अग्रवाल, हेमंत सोलवानी, गुरुप्रकाश छाबड़ा, योगेश गुप्ता, विनोद खेतानी, मनीष मोटवानी, संजय निहलानी समेत बड़ी संख्या में सदस्य शामिल हुए। एसोसिएशन ने विश्वास जताया कि सरकार के इस निर्णय से रियल एस्टेट सेक्टर को नई ऊर्जा मिलेगी। इससे न केवल निवेश और कारोबार में तेजी आएगी, बल्कि प्रदेश के आर्थिक और समग्र विकास को भी मजबूती मिलेगी।
दमोह में नशे में युवक कुएं में गिरा:पानी नहीं होने से बची जान; खाट के सहारे सुरक्षित बाहर निकाला
दमोह में हटा थाना क्षेत्र के ग्राम रैवझा में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा टल गया। यहां 20 वर्षीय एक युवक नशे की हालत में 25 फीट गहरे खाली कुएं में गिर गया, जिसे पुलिस और ग्रामीणों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना शाम करीब चार बजे की है। गांव के पास स्थित एक गहरे कुएं से अचानक किसी के चिल्लाने की आवाज सुनकर ग्रामीण वहां पहुंचे। नीचे झांकने पर उन्हें युवक पड़ा हुआ दिखाई दिया। ग्रामीणों ने तुरंत डायल 112 को सूचना दी, जिसके बाद प्रधान आरक्षक भगवान दास दाहिया और आरक्षक देवेंद्र अठ्या मौके पर पहुंचे। खाट के सहारे किया रेस्क्यू पुलिस ने ग्रामीणों के साथ मिलकर तत्काल रेस्क्यू शुरू किया। कुआं गहरा होने के कारण रस्सी के सहारे एक खाट (चारपाई) को नीचे उतारा गया। युवक को सावधानी से खाट पर लिटाया गया और फिर रस्सियों की मदद से उसे धीरे-धीरे ऊपर खींचा गया। सुरक्षित बाहर निकलने पर युवक की पहचान गांव के ही अभिषेक पटेल के रूप में हुई। शराब के नशे में था युवक पूछताछ में पता चला कि युवक अभिषेक शराब के नशे में था, जिसके कारण वह संतुलन खो बैठा और कुएं में जा गिरा। गनीमत यह रही कि कुआं खाली था, जिससे उसकी जान बच गई। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद युवक को उसके परिजनों को सौंप दिया है। जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
उन्नाव में बाइक-साइकिल भिड़ंत में एक की मौत:गंभीर घायल दूसरा जिला अस्पताल रेफर, पुलिस जांच जारी
पुरवा में शनिवार देर शाम एक सड़क हादसे में बाइक और साइकिल की टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में बाइक सवार युवक की मौत हो गई, जबकि साइकिल सवार गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे जिला अस्पताल रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के गांव हिम्मतखेड़ा निवासी 30 वर्षीय पवन पुत्र बसंत शनिवार रात करीब सात बजे बाइक से लंगरपुर गांव से काम निपटाकर घर लौट रहा था। लंगरपुर चौराहा के पास सामने से आ रही एक साइकिल से उसकी बाइक टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि पवन सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। साइकिल सवार लंगरपुर निवासी महेश भी इस हादसे में गंभीर रूप से चोटिल हो गया। ग्रामीणों की मदद से दोनों घायलों को पुरवा सीएचसी ले जाया गया। सीएचसी में डॉक्टरों ने पवन को मृत घोषित कर दिया। वहीं, महेश की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कोतवाल अमरनाथ यादव ने बताया कि तहरीर मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हरदोई में समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व एमएलसी राजपाल कश्यप ने योगी सरकार की कानून-व्यवस्था, एनकाउंटर और बुलडोजर नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने हरदोई स्थित सपा कार्यालय में एक प्रेस वार्ता के दौरान ये आरोप लगाए। कश्यप ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की हालिया टिप्पणियों के बाद सरकार की 'एनकाउंटर पॉलिसी' खुद ही सवालों के घेरे में आ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार फर्जी एनकाउंटर कर वाहवाही लूटने का प्रयास कर रही है। सपा नेता ने दावा किया कि राज्य में हत्या, लूट और महिलाओं के खिलाफ अपराधों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने मेरठ में कश्यप समाज के युवक को जिंदा जलाए जाने की घटना का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या भाजपा शासन में हिंदू सुरक्षित हैं। उन्होंने मैनपुरी और हरदोई की घटनाओं का भी हवाला दिया। बुलडोजर कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए राजपाल कश्यप ने कहा कि सरकार का बुलडोजर जाति और धर्म देखकर चलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार न्यायपालिका की आड़ में पक्षपातपूर्ण कार्रवाई कर रही है। सामाजिक न्याय के मुद्दे पर कश्यप ने स्पष्ट किया कि सपा दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए लड़ रही है। उन्होंने भाजपा के भीतर जारी अंतर्कलह पर तंज कसते हुए कहा कि अब केवल 'डबल इंजन' ही नहीं, बल्कि सरकार के 'डिब्बे' (मंत्री और विधायक) भी आपस में भिड़ रहे हैं। कश्यप ने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ता घुटन महसूस कर रहे हैं और यदि अखिलेश यादव दरवाजा खोल दें, तो दिल्ली तक की सरकार गिर जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि 2027 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी।
मेरठ की चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के परिसर से लगातार डोपिंग और नशीले इंजेक्शनों की वीडियो वायरल हो रही हैं, लेकिन इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से अब तक कोई ठोस और कठोर कदम नहीं उठाया गया है। नशामुक्त परिसर और बेहतर साफ-सफाई को लेकर किए जा रहे प्रशासनिक दावे जमीनी स्तर पर पूरी तरह खोखले नजर आ रहे हैं। विश्वविद्यालय का सबसे अहम स्थान माने जाने वाले केंद्रीय पुस्तकालय के परिसर में बने टॉयलेट में प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शनों की सिरिंजें खुलेआम पड़ी मिली हैं। यही नहीं, तपोवन क्षेत्र के आसपास भी बड़ी संख्या में लावारिस सिरिंजें देखी गई हैं। ये घटनाएं प्रशासनिक दफ्तरों के बेहद पास सामने आई हैं। एक ओर प्रशासन स्वच्छ और नशामुक्त परिसर का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पूरी तरह सवालों के घेरे में है। छात्र नेताओं में आक्रोश इस गंभीर मामले को लेकर छात्र नेताओं में भारी नाराज़गी है। छात्र नेता विनीत चपराना ने इसे विश्वविद्यालय की गरिमा पर सीधा हमला बताया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी लगभग शून्य है। यह स्थिति छात्रों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। विनीत चपराना ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि परिसर के भीतर नशे जैसी गतिविधियों में शामिल लोगों को बेनकाब किया जाना चाहिए। पूर्व छात्र संघ महामंत्री अंकित अधाना ने भी कहा कि नशामुक्ति के नाम पर किए जा रहे सभी दावे केवल फोटो और प्रचार तक सीमित रह गए हैं। प्रशासनिक दफ्तरों के पास नशीली सिरिंजों का मिलना यह साफ दर्शाता है कि परिसर में असामाजिक तत्व बेखौफ घूम रहे हैं और प्रशासन आंख मूंदे बैठा है। निगरानी टीम की बड़ी नाकामी प्रशासनिक दफ्तरों की नाक के नीचे प्रतिबंधित इंजेक्शनों का मिलना निगरानी टीम की घोर विफलता को उजागर करता है। छात्रों का कहना है कि केवल औपचारिक निरीक्षण और दिखावटी अभियानों से नशाखोरी पर लगाम नहीं लगाई जा सकती। राज्यपाल भी जता चुकी हैं चिंता पहले भी दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी विश्वविद्यालय में ड्रग्स सेवन का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि उनके संज्ञान में आया है कि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं ड्रग्स का सेवन कर रहे हैं। खासतौर पर उन्होंने यह भी कहा था कि यदि कोई छात्रा इस तरह की गतिविधियों में शामिल होती है तो इसका असर केवल उस पर ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार पर पड़ता है। छात्रों की प्रमुख मांगें छात्रों ने प्रशासन से मांग की है कि - पूरे परिसर में मजबूत और प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू की जाए साथ ही नशाखोरी के खिलाफ जगह-जगह चेतावनी वाले पोस्टर लगाए जाएं और संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा गश्त बढ़ाई जाए और पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
शाजापुर जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में शनिवार दोपहर एक युवक को इंजेक्शन चोरी करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। अस्पताल के कर्मचारियों ने युवक को दवाइयां उठाते देख लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। घटना दोपहर करीब 1:30 बजे की है। लालपुरा निवासी दीपक यादव अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचा। वहां उसकी नजर खुले में रखे फेनिरामाइन (Pheniramine) इंजेक्शनों पर पड़ी। युवक ने जैसे ही इंजेक्शनों को उठाकर अपने पास रखने की कोशिश की, वहां तैनात वार्ड बॉय और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की नजर उस पर पड़ गई। कर्मचारियों ने दबोचा, पुलिस को सौंपा चोरी की कोशिश देख अस्पताल के कर्मचारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए दीपक को मौके पर ही धर दबोचा। उसे तुरंत अस्पताल स्थित पुलिस चौकी ले जाया गया। जब पुलिस ने उससे पूछताछ की, तो वह इंजेक्शन उठाने का कोई ठोस कारण नहीं बता सका। कोतवाली पुलिस कर रही जांच अस्पताल प्रशासन की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। कोतवाली थाना प्रभारी संतोष वाघेला ने बताया कि युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया। साथ ही वार्ड में इस तरह खुले में रखी दवाओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
सीकर के दादिया थाना इलाके में गश्त कर रही पुलिस की गाड़ी को देखकर एक बदमाश ने गाड़ी दौड़ाई। ऐसे में पुलिस ने गाड़ी का पीछा करना शुरू किया। रास्ते में बदमाश के 2 साथी चलती गाड़ी से कूद गए। इसके बाद सीकर शहर में जब बदमाश को रास्ता नहीं मिला तो वह गाड़ी को छोड़कर पैदल ही भागने लगा। पीछा कर रही पुलिस ने उसे दबोच लिया। बदमाश पर पूर्व में पांच मुकदमे है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस को देखकर गाड़ी को दौड़ाने लगा बदमाश दादिया SHO बुद्धिप्रसाद ने बताया- शनिवार रात को पुलिस की टीम जेरठी में गश्त कर रहीं थी। इसी दौरान एक स्विफ्ट गाड़ी का ड्राइवर पुलिस को देखकर गाड़ी को दौड़ाने लगा। ऐसे में संदेह हुआ कि आरोपी के पास कोई हथियार या तस्करी का सामान हो सकता है। ऐसे में पुलिस टीम आरोपी के पीछे लग गई। इसी दौरान रास्ते में स्विफ्ट गाड़ी में सवार दो लड़के चलती गाड़ी से कूद गए। पुलिस टीम लगातार बदमाश के पीछे लगी रहीपुलिस ने स्विफ्ट गाड़ी का लगातार पीछा किया। इसी दौरान जैसे ही पुलिस टीम सीकर के खटीकान प्याऊ पर पहुंची। तो यहां पर बदमाश आनंद नगर इलाके की तरफ चला गया। पुलिस की गाड़ी वहां एक बाइक से टकरा गई। जिस पर स्थानीय लोगों ने विरोध जताना शुरु कर दिया। ऐसे में समझाइश करके उन्हें शांत करवाया गया। इसके बाद पुलिस टीम लगातार बदमाश के पीछे लगी रही। आरोपी को सीकर के आनंद नगर में रास्ता नहीं मिला तो वह अपनी गाड़ी को छोड़कर पैदल ही भागने लगा। ऐसे में करीब 100 मीटर दूर पर पुलिस टीम ने आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी का नाम जगदेव सिंह राजपूत पुत्र छत्रसिंह निवासी जेरठी है। जिस पर पूर्व में मारपीट जैसी धाराओं में पांच मुकदमे दर्ज है। अब पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है कि वर्तमान में वह किसी मामले में वांछित था या नहीं। पुलिस को देखकर उसने गाड़ी क्यों दौड़ाई।
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में ऑर्केस्ट्रा की डांसर्स ने अर्धनग्न होकर अश्लील डांस किया। मंच पर कपड़े उतारकर प्राइवेट पार्ट्स दिखाए। उन पर SDM तुलसी दास मरकाम वीडियो बनाते और पैसे लुटाते नजर आए। वीडियो सामने आने के बाद SDM को निलंबित कर दिया गया। अब हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिल गई है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 10 दिन के अंदर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद तय की गई है। वहीं, 30 जनवरी को तुलसीदास मरकाम ने मैनपुर अनुविभागीय कार्यालय पहुंचकर अपना पदभार संभाल लिया है। दरअसल, डिप्टी कलेक्टर तुलसीदास मरकाम को कमिश्नर महादेव कावरे ने 16 जनवरी को निलंबित करने का आदेश जारी किया था। उन पर नियम विरुद्ध ओपेरा की अनुमति देने और अश्लील नृत्य का आनंद लेने का आरोप था। मरकाम ने इस आदेश को गलत बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने 29 जनवरी को मामले की सुनवाई करते हुए निलंबन आदेश पर अंतरिम राहत दी थी। तुलसीदास मरकाम ने अपनी याचिका में तर्क दिया था कि, कमिश्नर ने उनका पक्ष सुने बिना कार्रवाई की, जबकि वह राज्य सरकार के अधीन हैं। पहले वो तस्वीरें देखिए जिसके चलते बवाल हुआ… अब जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, गरियाबंद के उरमाल में युवा समिति ने 6 दिवसीय ओपेरा (ऑर्केस्ट्रा) का आयोजन कराया था। मनोरंजन का हवाला देकर युवकों की समिति ने 29 दिसंबर 2025 को मैनपुर SDM तुलसी दास से कार्यक्रम की अनुमति ली थी। कार्यक्रम में ओडिशा के कटक स्थित जय दुर्गा ओपेरा की डांसर्स बुलाई गई थीं। कार्यक्रम में बार डांसर्स कपड़े उतार कर अश्लील डांस करती नजर आईं। डांस कार्यक्रम 8, 9 और 10 जनवरी को निर्धारित था। इसके लिए शहरभर में प्रचार-प्रसार कराया गया था। बार डांसर की फीस 60 हजार, एंट्री टिकट 200-400 इस कार्यक्रम में SDM, कई पुलिसकर्मी और गांववाले अलग-अलग दिन शामिल हुए। आयोजन के वीडियो अब सामने आए हैं। कार्यक्रम में समिति को रोजाना 1.20 लाख देना था। इसके अलावा अश्लील डांस के लिए अतिरिक्त डांसर बुलाए गए थे। बार डांसरों की एक दिन 60 हजार फीस तय थी। 200 से 400 से तक टिकट रखा गया था। वीडियो में SDM खुद वीडियो बनाते नजर आए। दूसरे वीडियो में 2 पुलिसकर्मी लड़कियों से खुलेआम किस करते हुए नजर आए। कार्यक्रम में SDM के लिए सीट आरक्षित थी 8 जनवरी को आयोजन में काफी भीड़ पहुंची थी। 9 जनवरी को SDM तुलसी दास इस आयोजन में शामिल हुए। आयोजकों ने उनके लिए आगे की सीट आरक्षित की थी। रात 11 से 3 बजे तक अश्लील डांस होता रहा। स्टेज पर अर्धनग्न अवस्था में डांसर प्रस्तुति देते रहे। पंडाल के अंदर भीड़ बेकाबू थी। अफसर, पुलिसकर्मी, जनप्रतिनिधि हर वर्ग के लोग पहुंचे थे। इनमें से कई लड़कियों पर पैसे उड़ाते रहे। कई ने लड़कियों को अपने पास बुलाकर अश्लीलता की। आयोजन समिति के 14 सदस्य गिरफ्तार देवेंद्र राजपूत (31), गोविंद देवांगन (21), नरेंद्र साहू (38), हसन खान (53), हरदयाल नागेश (50), मुकेश अग्रवाल (40), लाल कृष्ण कश्यप (27), राजेश कश्यप (36), सचिन कश्यप (24), लीलाधर साहू (50), ललित कौशिक (38), विकास यादव (32), जम्बूधर (40), उमेश यादव (25) अश्लीलता फैलाने के आरोप में पहले एक स्थानीय युवक ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके बाद आयोजनकर्ता देवानंद राजपूत, गोविंद देवांगन, नरेंद्र साहू, हसन डाडा के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया था। लेकिन आरोपियों को गिरफ्तार कर मुचलके पर छोड़ दिया गया था।
लुधियाना के शेरपुर शिव चौक पर शनिवार को एक बस और कार के बीच हुई जोरदार टक्कर ने यातायात व्यवस्था की पोल खोल दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक निजी बस के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए अचानक कट मारा, जिससे सामने से आ रही कार उससे टकरा गई। कार चालक मेहुल ने बताया कि बस में कंडक्टर भी मौजूद नहीं था और यदि वे समय पर ब्रेक न लगाते तो एक बड़ा जानी नुकसान हो सकता था। हालांकि इस हादसे में किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। हादसे के तुरंत बाद शेरपुर शिव चौक पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और करीब आधे घंटे तक यात्री व राहगीर जाम में फंसे रहे। स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी रोष देखने को मिला क्योंकि घटना के काफी समय बाद तक भी कोई पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। स्थिति को बिगड़ता देख स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने खुद मोर्चा संभाला और कड़ी मशक्कत के बाद दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को किनारे कर यातायात को सुचारू करवाया। क्षेत्र के निवासियों और राहगीरों ने शिकायत की है कि इस चौक पर ट्रैफिक व्यवस्था अक्सर चरमराई रहती है, जिससे आए दिन हादसे और जाम की स्थिति बनी रहती है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस संवेदनशील पॉइंट पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की नियमित तैनाती की जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके और आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
अयोध्या में दिनदहाड़े जनसेवा केंद्र के सामने से बाइक चोरी होने का सीसीटीवी फुटेज शनिवार को सामने आया है। दूधनाथ जनसेवा केंद्र के सामने खड़ी एक बाइक को अज्ञात चोर उठा ले गए। हालांकि, पुलिस ने बाद में सीसीटीवी फुटेज के सहारे मामले का खुलासा कर दिया है। देखिए 3 तस्वीरें… पढ़िए विस्तार से… ग्राम विजयनपुर सजहरा निवासी संजय वर्मा पुत्र राजदेव वर्मा 28 जनवरी 2026 को अपने काम से दूधनाथ जनसेवा केंद्र पहुंचे थे। उन्होंने अपनी हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल जनसेवा केंद्र के सामने खड़ी की और अंदर चले गए। शाम करीब 4:30 से 5 बजे के बीच जब वह बाहर लौटे तो बाइक मौके से गायब थी। आसपास काफी तलाश की गई, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला। पीड़ित ने तारून थाने में दी तहरीर घटना के बाद पीड़ित ने थाना तारून पहुंचकर अज्ञात चोर के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में एक युवक बाइक ले जाता दिखाई दिया, जिसका चेहरा साफ नजर आ रहा था। इसी आधार पर पुलिस ने संदिग्ध की पहचान की। आरोपी पहले भी कई मामलों में नामजद सीसीटीवी फुटेज से मिली जानकारी के बाद प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र पांडेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी लवकुश वर्मा को दबोच लिया। उसके पास से चोरी की गई बाइक बरामद कर ली गई। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पूर्व में भी कई मामलों में नामजद रह चुका है। थाना प्रभारी देवेंद्र पांडेय ने बताया कि बाइक चोरी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया था और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपी तक पहुंच बना ली गई। आरोपी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय में पेश किया जा रहा है। अभियुक्त का चेहरा सीसीटीवी में कैद दिनदहाड़े हुई इस चोरी की घटना ने जहां लोगों को सतर्क कर दिया, वहीं सीसीटीवी कैमरों की भूमिका एक बार फिर अहम साबित हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी और सतर्कता से ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। तारून थाना क्षेत्र में हुई मोटरसाइकिल चोरी की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने चोरी के शत-प्रतिशत माल के साथ एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। इस खुलासे में घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे महत्वपूर्ण साबित हुए, जिनमें चोरी करते समय अभियुक्त का चेहरा स्पष्ट रूप से कैद हो गया था। पुलिस की गठीत टीम ने पहचान की प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र पांडेय के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अभियुक्त की पहचान की। पुलिस ने रामपुरभगन, थाना तारून निवासी 34 वर्षीय लवकुश वर्मा पुत्र संतराम वर्मा को गिरफ्तार किया। फुटेज में लवकुश वर्मा मोटरसाइकिल ले जाते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था, जिसके बाद पुलिस ने उसे चिन्हित कर पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, यह मामला थाना तारून में धारा 303(2)/317(2) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया था। वादी ने 29 जनवरी 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल चोरी हो गई है। जांच के दौरान, पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिससे अभियुक्त की पहचान संभव हो पाई। अभियुक्त का पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है। थाना प्रभारी देवेंद्र पांडेय ने बताया ‘’अभियुक्त के कब्जे से चोरी की गई मोटरसाइकिल और 100 रुपए नकद बरामद किए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि गिरफ्तारी के दौरान मानवाधिकार आयोग और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन किया गया है अभियुक्त के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है और उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा''
भिंड में शनिवार की शाम को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक दस वर्षीय बालिका की मौत हो गई। अकोड़ा गांव से भिंड खरीदारी करने आए परिवार की बाइक को बायपास पर पीछे से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में बालिका की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक सवार दंपती गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार अकोड़ा गांव निवासी भगवान सिंह जाटव पुत्र छोटेलाल जाटव शनिवार को अपनी पत्नी सुनीता और भतीजी भाग्या के साथ बाइक से भिंड आए थे। परिवार भिंड में घरेलू खरीदारी के बाद आगे जाने की तैयारी में था। इसी दौरान मेला ग्राउंड के पास बायपास पर पीछे से आ रहे ट्रक क्रमांक एमपी 09 एएल 9615 के चालक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। हादसे में बालिका भाग्या सड़क के बीच गिर पड़ी, जबकि भगवान सिंह और उनकी पत्नी सड़क किनारे जा गिरे। इसी दौरान ट्रक का पहिया बालिका के ऊपर से निकल गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। वहीं घायल दंपती को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। यह घटना एक बार फिर बायपास पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाही को उजागर करती है।
आम बजट 2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी द्वारा व्यापक जनसंवाद एवं जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत पार्टी संगठनात्मक स्तर पर सभी जिलों, मंडलों और बूथों पर आम बजट का लाइव प्रसारण कराएगी, ताकि आमजन और कार्यकर्ता सीधे बजट से जुड़ सकें। यह निर्णय राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व के निर्देशों के अनुपालन में भाजपा कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल द्वारा लिया गया। उन्होंने कहा कि आम बजट देश के विकास की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज है और इसे जन-जन तक पहुंचाना भाजपा की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि 2 फरवरी से 10 फरवरी के बीच कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के सभी जिलों में बजट को लेकर संगोष्ठियां, परिचर्चाएं और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से बजट की प्रमुख विशेषताओं, जनकल्याणकारी प्रावधानों और विकसित भारत के संकल्प को जनता के समक्ष रखा जाएगा। क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी अनूप अवस्थी ने बताया कि इस अभियान के संयोजन की जिम्मेदारी क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अनीता गुप्ता को सौंपी गई है। उनके साथ क्षेत्रीय मंत्री पवन प्रताप सिंह, संजीव पाठक और चार्टर्ड अकाउंटेंट अवधेश मिश्रा सह-संयोजक के रूप में अभियान का संचालन करेंगे।
उमरिया जिले के चंदिया थाना क्षेत्र में शनिवार रात को बांका गांव के पास स्थित पुलिया पर एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने युवक को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान बांका निवासी राकेश के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, राकेश पुलिया के पास खड़ा था, तभी अनियंत्रित गति से आ रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर के बाद युवक ट्रॉली के टायर के नीचे आ गया। हादसे को अंजाम देने के बाद चालक मौके से वाहन लेकर भाग निकला। परिवार का सबसे छोटा बेटा था राकेश हादसे की खबर मिलते ही घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। बताया गया है कि राकेश अपने परिवार का सबसे छोटा बेटा था, जिसकी अचानक मौत से घर में मातम छा गया है। पुलिस की कार्रवाई और जांच सूचना मिलने पर चंदिया थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया। जांच अधिकारी भगत सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है, जो रविवार को किया जाएगा। पुलिस ने अज्ञात ट्रैक्टर-ट्रॉली के खिलाफ मामला दर्ज कर चालक की तलाश शुरू कर दी है।
कासगंज जिले के सोरों थाना क्षेत्र स्थित पिलो सराय गांव में शनिवार को प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 10 बीघा जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया। यह कार्रवाई नायब तहसीलदार गरिमा सिंह के नेतृत्व में की गई। यह जमीन किसान अतराज सिंह की थी, जिस पर गांव के कुछ लोगों ने 10 साल से अधिक समय से अवैध कब्जा कर रखा था। अतराज सिंह ने अपनी जमीन वापस पाने के लिए एसडीएम कासगंज के न्यायालय में वाद दायर किया था, जिसका फैसला उनके पक्ष में आया। न्यायालय के आदेश के बाद, नायब तहसीलदार गरिमा सिंह पुलिस और पीएसी की एक कंपनी के साथ मौके पर पहुंचीं। टीम ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच जमीन को कब्जा मुक्त कराया और मौके पर ही पक्की पैमाइश कर किसान अतराज सिंह को उनकी जमीन का कब्जा सौंपा।
पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के मीडिया सलाहकार महेंद्र भारद्वाज शुक्रवार को ट्रेन में सफर के दौरान टॉयलेट में फंस गए। करीब एक घंटे तक टॉयलेट रूम का गेट लॉक रहा। आखिरकार रेलवे कर्मचारियों ने टॉयलेट रूम का गेट तोड़कर उन्हें बाहर निकाला। घटना शुक्रवार को हुई, जिसकी आपबीती भारद्वाज ने शनिवार को फेसबुक पर बताई। उन्होंने घटना का एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें ट्रेन के टॉयलेट रूम का गेट लॉक दिखाई दे रहा है और खोलने पर भी खुल नहीं रहा है। कोटा से जयपुर लौटते समय हुई घटनाटोंक निवासी भारद्वाज ने बताया कि वे शुक्रवार (30 जनवरी) की शाम कोटा-श्रीगंगानगर एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 22981 में कोटा से जयपुर लौट रहे थे। सवाई माधोपुर आने से कुछ किलोमीटर पहले वे ट्रेन के टॉयलेट में फंस गए। करीब एक घंटे तक वे अंदर बंद रहे और इस दौरान उनका दम घुटने की नौबत आ गई। कुछ देर तक तो कुंडी खोलने का प्रयास करते रहे, लेकिन वह नहीं खुली तो धीरे-धीरे उन्हें बेचैनी होने लगी। उन्होंने चिल्लाकर दूसरे कर्मचारियों को भी आवाज लगाई, लेकिन कोई मदद को नहीं आया। घबराकर उन्होंने अपने रिश्तेदार हरीश शर्मा और आवां के सरपंच अपने बेटे दिव्यांश भारद्वाज को मोबाइल से फोन किया। रेलवे कर्मचारियों ने गेट तोड़कर बचायाहालांकि दोनों ने रेलवे हेल्पलाइन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन तुरंत मदद नहीं मिल पाई। भारद्वाज ने बताया कि ट्रेन का टॉयलेट महज दो फीट गुणा दो फीट का था, जिसमें खड़े रहना भी मुश्किल था। परिजनों के लगातार संपर्क करने पर रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंचे और गेट को खोलने की कोशिश की। लेकिन गेट लॉक हो चुका था। रेलवे कर्मचारियों ने हथौड़े से दरवाजा अंदर की ओर धकेला, जिससे वह टूटकर भारद्वाज के हाथों पर गिरा। उन्हें हल्की चोटें आईं, लेकिन वे सुरक्षित बाहर निकल गए। पूरी घटना में करीब एक घंटे का समय लग गया। बोले- टॉयलेट रूम जाते समय मोबाइल साथ जरूर रखेंमहेंद्र भारद्वाज का कहना है कि यात्रियों को ट्रेन के बाथरूम में जाते समय मोबाइल अवश्य साथ रखें, जिससे आपात स्थिति में मदद मांगी जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे को पुराने डिब्बों की टॉयलेट व्यवस्था में सुधार करना चाहिए, जिससे भविष्य में किसी और के साथ ऐसा हादसा न हो।
उज्जैन के डाबरी पीठा क्षेत्र में शुक्रवार को एक बुजुर्ग का लाखों रुपये का बैग गुम हो गया। बाजार में घूमते समय बुजुर्ग से अनजाने में यह बैग गिर गया, जिसे एक साधु ने उठा लिया। सूचना मिलने पर खाराकुआं थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बैग बरामद कर बुजुर्ग को लौटा दिया। बुजुर्ग ने पुलिस को बताया कि बैग में लगभग 200 ग्राम सोने के आभूषण, 45 हजार रुपए नकद और परिवार से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज थे। बैग में रखे सामान की कुल कीमत 25 से 30 लाख रुपए के बीच आंकी गई है। बैग गुम होने का एहसास होते ही बुजुर्ग सीधे खाराकुआं थाने पहुंचे और घटना की जानकारी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला। डाबरी पीठा क्षेत्र में एक साधु बाबा बैग उठाते हुए कैमरे में कैद हुए थे। इसके बाद पुलिस टीम साधु बाबा तक पहुंची और उनसे पूछताछ की। साधु ने पुलिस को बताया कि उन्हें बैग सड़क पर पड़ा मिला था और उन्होंने उसे सुरक्षित अपने पास रख लिया था। साधु को बैग में रखे कीमती सामान की जानकारी नहीं थी। पुलिस द्वारा जांच करने पर बैग में रखा सारा सामान सही सलामत पाया गया। आवश्यक औपचारिकताओं के बाद पुलिस ने बैग बुजुर्ग को सौंप दिया। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने खाराकुआं थाना पुलिस की तत्परता और संवेदनशील कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए पूरी टीम को 10 हजार रुपए का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
कर्ज में डूबे किसान ने की आत्महत्या:एटा में फांसी लगाकर दी जान, पुलिस जांच में जुटी
एटा जिले के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के बिजौरी गांव में एक किसान ने कर्ज से परेशान होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 35 वर्षीय राजेश उर्फ राजू पुत्र रमेश चंद्र का शव खेत में एक पेड़ से लटका मिला। राजेश की पत्नी खेत में पशुओं के लिए चारा काट रही थी, तभी उसने अपने पति का शव बंबे के समीप एक पेड़ से लटका देखा। पत्नी की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने तत्काल कोतवाली देहात थाना पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को पेड़ से नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है। गांव के ज्ञानदास ने जानकारी देते हुए बताया कि राजेश पर काफी कर्ज था। उन्होंने पट्टे पर खेती ली थी, जिसमें फसल को नुकसान हुआ था। इसी आर्थिक तंगी और नुकसान के कारण वह परेशान चल रहे थे। कोतवाली देहात थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि युवक आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, जिसके चलते उसने आत्महत्या कर ली। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
जबलपुर में मध्यप्रदेश काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (एमपीसीएसटी) और सेंट अलाॅयसियस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के संयुक्त तत्वावधान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने एआई के वर्तमान और भविष्य के उपयोगों पर व्याख्यान दिए, जबकि विद्यार्थियों ने शोध पत्र प्रस्तुत किए। महाविद्यालय की प्रिंसिपल डॉ. रेनू पांडे ने कहा कि एआई भविष्य में रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्रों में व्यापक बदलाव लाएगी। उन्होंने एआई के पांच फायदे और पांच नुकसान भी बताए। डॉ. पांडे ने बताया कि रोजगार के क्षेत्र में एआई कुछ पारंपरिक नौकरियों को कम कर सकता है, लेकिन साथ ही डेटा एनालिस्ट, एआई इंजीनियर, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और टेक्नोलॉजी मैनेजर जैसी नई संभावनाएं भी पैदा करेगा। ऑटोमेशन के कारण कर्मचारियों को नए कौशल सीखने की आवश्यकता होगी। स्वास्थ्य के क्षेत्र में एआई बीमारी की प्रारंभिक पहचान, सटीक निदान, रोबोटिक सर्जरी और मरीजों की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे इलाज अधिक तेज, सटीक और किफायती होगा, साथ ही टेलीमेडिसिन के माध्यम से दूर-दराज़ क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकेंगी। शिक्षा के क्षेत्र में एआई व्यक्तिगत सीखने को बढ़ावा देगा। छात्रों की क्षमता के अनुसार पाठ्यक्रम, ऑनलाइन ट्यूटर, वर्चुअल क्लासरूम और स्मार्ट मूल्यांकन प्रणाली से शिक्षा अधिक प्रभावी बनेगी। कांफ्रेंस में सेंट अलॉयसियस कॉलेज सदर की छात्रा शिवांगी कुररिया और हर्षा जाटव ने मधुमेह (डायबिटीज) के उपचार में एआई के उपयोग पर एक शोध पत्र प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्रोफेसर डॉ. राकेश बाजपेई (रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर), डॉ. जे. बेन एंटॉस रोज (प्रिंसिपल, सेंट अलॉयसियस कॉलेज सदर), डायरेक्टर फादर थंकचन जोस सैट, डॉ. रश्मि जायसवाल, डॉ. आराधना धनराज, डॉ. हरकिरात कौर सहित अन्य गणमान्य अतिथि और प्राध्यापक उपस्थित रहे।
यूजीसी कानून के विरोध में भिंड बंद का ऐलान:कल सवर्ण संगठनों ने बाजार बंद में सहयोग की अपील की
यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण संगठनों द्वारा भारत बंद का ऐलान किया गया है। इसी क्रम में कल 1 फरवरी को भिंड शहर में भी बंद रखा जाएगा। इस दौरान शहर के सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान और बाजार बंद रखने की अपील की गई है। संगठनों के पदाधिकारियों ने आमजन और व्यापारियों से सहयोग की अपील की है। सवर्ण संगठनों के पदाधिकारियों के अनुसार यूजीसी कानून के विरोध में देशव्यापी भारत बंद का आह्वान किया गया है, जिसका असर भिंड जिले में भी देखने को मिलेगा। बंद के दौरान शहर के बाजार, दुकानें और अन्य व्यापारिक संस्थान बंद रहेंगे। संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यह बंद पूरी तरह स्वैच्छिक और शांतिपूर्ण रहेगा। पदाधिकारियों ने व्यापारियों से अपील की है कि वे सामाजिक एकजुटता का परिचय देते हुए अपने प्रतिष्ठान बंद रखें। साथ ही आम नागरिकों से अनावश्यक आवागमन से बचने का अनुरोध किया गया है। संगठनों का कहना है कि यूजीसी कानून को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में असंतोष है और इसी के विरोध में लोकतांत्रिक तरीके से बंद का सहारा लिया जा रहा है। बंद को लेकर राष्ट्रीय सवर्ण आर्मी, परशुराम सेना, श्रीराम सेना, राजपूत करणी सेना सहित अन्य सामाजिक संगठनों ने समर्थन की घोषणा की है। संगठनों ने सभी कार्यकर्ताओं से अनुशासन बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या टकराव से दूर रहने की अपील की है। साथ ही प्रशासन से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपेक्षा जताई गई है।
सिरसा जिले में रानियां स्थित आईटीआई में छात्रों के बीच हुए विवाद के बाद एक युवक पर तेजधार हथियारों से हमला किया गया। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना कॉलेज समय के बाद हुई। जानकारी के अनुसार, आईटीआई के क्लासरूम में कुछ छात्रों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। विवाद बढ़ने पर कॉलेज की छुट्टी के बाद हमलावरों ने युवक को रास्ते में घेर लिया। युवक ने जान बचाने की कोशिश की और भागकर एक सरसों के खेत में गिर गया।खेत में करीब 14 से 15 युवकों ने तेजधार हथियारों से उस पर हमला कर दिया। हमले में युवक को गंभीर चोटें आईं और घटनास्थल पर काफी खून बह गया। घायल युवक की पहचान पंकज कुमार के रूप में हुई है। जो रानियां के डुडियावाली गांव का निवासी है। हमलावरों की तस्वीरें सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई हैं। पंकज के पिता प्रभु सिंह ने बताया कि वह दिहाड़ी मजदूर हैं और पंकज आईटीआई में अपने दो साल के कोर्स के अंतिम वर्ष में था। उन्होंने यह भी बताया कि पंकज का क्लास के ही कुछ युवकों से किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घायल के पिता बोले- बेटे को खेत के अंदर पीटा युवकों ने पंकज को जातिसूचक गालियां देनी शुरू कर दी और पंकज ने उन्हें बार बार मना किया कि इस तरह से मुझे जातिसूचक गालियां मत दो और उसके बाद उन युवकों ने शाम को कॉलेज समय के बाद पंकज जब अपने घर वापसी के लिए लौट रहा था तो रास्ते में 14-15 युवकों ने घेर लिया और पंकज को काफी समय तक पीटा। पंकज फिर अपनी जान बचाने के लिए काफी समय तक इधर उधर दौड़ा। परंतु वे 14-15 युवक थे और उन्होंने तेजधार हथियार से पंकज पर हमला किया। और उन्होंने मेरे बेटे को किसी खेत के अंदर बहुत बुरी तरह से हथियारों से काटा है और पंकज के पिता ने बताया कि मेरे बेटे के हाथ की दो उंगलियां भी कट चुकी हैं। सिर में चोट शरीर में घाव सिर में भी काफी चोटें लगी हैं और पूरे शरीर पर ही लगभग काफी गहरे घाव हैं और मेरे बेटे की हालत गंभीर बनी हुई है। हमलावर लगभग रानियां और आसपास के गांव के ही रहने वाले हैं। वहीं घायल युवक के पिता का कहना है कि मैंने संबंधित थाने में शिकायत दे दी है और प्रशासन से मांग करता हूं कि ऐसे जो युवक हुड़दंगबाजी मचाते हैं। उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। वहीं इस मामले में जब थाना प्रभारी से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि जांच अधिकारी बयान लेने के लिए जा रहे हैं और घायल युवक के बयानों के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली जाएगी और हमलावर युवकों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी
ग्वालियर में दो दिन में दो शादियों में वारदात कर लाखों रुपए का माल समेटने वाली गैंग को पुलिस ने पकड़ लिया है। ग्वालियर की शादियों में वारदात करने वाली गैंग मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की सांसी गैंग निकली है। यहां गांव के कुछ बच्चों को शादियों में चोरी करने की ट्रेनिंग देकर गैंग विभिन्न शहरों में जाती हैं। दो से तीन दिन वहां रुककर वारदात को अंजाम देकर फिर ठिकाना बदल लेती हैं। बच्चे सूटबूट में शादियों में मेहमान बनकर दाखिल होते हैं तो किसी को संदेह नहीं होता है। ग्वालियर की पुलिस ने शनिवार को राजगढ़ के सांसी से गैंग को पकड़ लिया है। इनसे 26 जनवरी को सिरोल के मंथन बैंक्विट व 27 जनवरी को बहोड़ापुर के रजवाड़ा पैलेस की चोरी खुल गई हैं। फिलहाल आरोपियों को पकड़कर पुलिस ग्वालियर ला रही है। ग्वालियर में पिछले कुछ दिनों में शादी समारोह में चोरी की वारदात करने वाली गैंग आखिरकार पुलिस के हाथ लग गई है। ग्वालियर के सिरोल, बहोड़ापुर थाना पुलिस की टीमों ने पिछले तीन दिन से एमपी के राजगढ़ जिले में डेरा जमाया हुआ था। शादियों में चोरी के बाद जो CCTV फुटेज मिले थे उसके आधार पर पुलिस संदेहियों की तलाश में लगी थी। शनिवार को पुलिस टीमों को सफलता मिल गई है। वारदात करने वाली राजगढ़ की सांसी गैंग निकली है। पुलिस ने यहां दबिश देकर दो आरोपियों को पकड़ा है। जिनमें एक नाबालिग है जो शादियों में सूटबूट पहनकर दाखिल होता था, जबकि उसे शादियों में लेकर जाने वाला सांवत सिसौदिया निवासी सांसी राजगढ़ है।यह मूल रूप से राजस्थान के बांरा का रहने वाला है। जब पुलिस ने इनसे पूछताछ की तो इन्होंने सिरोल व बहोड़ापुर की दो वारदातों का खुलासा किया है। पुलिस माल बरामद करने में लगी हुई है। इससे पहले भी दिसंबर 2025 में पुलिस ने सांसी राजगढ़ के एक गिरोह को पकड़ा था जिससे शादी समारोह में तीन वारदातों का खुलासा हुआ था।पुलिस को मिली CCTV कैमरों से मददइस मामले में पुलिस को CCTV फुटेज से काफी मदद मिली थी। दोनों ही स्थान पर एक ही बालक वारदात को अंजाम देते नजर आया था। इसके बाद जब पुलिस आगे बढ़ी तो ग्वालियर की वारदात के तार सीधे राजगढ़ जिले से जुड़ गए। पुलिस राजगढ़ पहुंची तो वहां मुखबिर ने संदेहियों की पहचान कर दी, जिसके बाद गैंग को पकड़ लिया गया है। दो दिन में दो वारदातों को दिया था अंजामराजगढ़ की सांसी गैंग ने 26 जनवरी को मंथन बैंक्विट हाल (थाना सिरोल) में आलोक सक्सेना के यहां चल रही शादी का माहौल खराब किया तो 27 जनवरी को बहोड़ापुर थाना क्षेत्र स्थित रजवाड़ा गार्डन में दिनेश मौर्य के बेटे के रिस्पेशन में हाथ मारा था। दोनों वारदात में स्टेज के पास से फोटो सेशन के समय वारदात को अंजाम दिया गया था।मुंबई से लौटते समय आए थे ग्वालियरजो प्रारंभिक पूछताछ की गई है उससे पता चला है कि दोनों ही आरोपी वारदात के लिए मुंबई गए थे और मुम्बई से ग्वालियर आए थे और ग्वालियर में 26 जनवरी की रात एक शादी में हाथ मारने के बाद भी जब मन नहीं भरा तो 27 जनवरी के बाद दूसरे आयोजन में हाथ मारा और भाग निकले।ये खबर भी पढ़ें…ग्वालियर पुलिस को 9 साल के 'छोटू' की तलाश मध्य प्रदेश के राजगढ़ ब्यावरा का एक गांव 'कड़िया सांसी' यहां छह से सात साल का बच्चा भी चोरी करने में माहिर है। सांसी गैंग देश के बिहार, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश सहित कई गांव में चोरी की वारदात कर चुके हैं। सांसी समुदाय के लोग शादियों में चोरी करने में माहिर हैं। यह एकजुट होकर रहते हैं, यही कारण है कि यहां पुलिस को घुसने में भी डर लगता है। इसी गांव का एक 9 साल के बालक 'छोटू' की तलाश पुलिस को है।पूरी खबर पढ़ें
रोहतक के विधायक भारत भूषण बत्रा के बेटे एडवोकेट सिद्धार्थ बत्रा ने पेरिस में चीफ जस्टिस सूर्यकांत के सामने अपना संबोधन दिया। पेरिस में आयोजित इंडो-फ्रेंच लीगल एंड बिजनेस कॉन्फ्रेंस में सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड सिद्धार्थ बत्रा ने भारतीय और फ्रांसीसी विधि समुदाय को संबोधित किया। यह सम्मेलन पेरिस बार एसोसिएशन और इंडो-फ्रेंच चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। एडवोकेट सिद्धार्थ बत्रा ने भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की न्यायिक यात्रा और उनके न्याय दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने 37 वर्ष की आयु में हरियाणा के महाधिवक्ता के रूप में कार्य किया और बीते 24 वर्षों में एक न्यायाधीश के रूप में कानून, समानता और मानवीय संवेदनाओं के संतुलन के साथ न्याय प्रदान किया है। सर्वोच्च न्यायालय की भूमिका को किया रेखांकित एडवोकेट सिद्धार्थ बत्रा ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय की भूमिका पर चर्चा करते हुए बताया कि हर वर्ष लगभग 60 हजार नए मामले सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल होते हैं, जो भारतीय लोकतंत्र में न्यायपालिका के प्रति जनता के विश्वास को दर्शाता है। सिद्धार्थ बत्रा ने भारत और फ्रांस के बीच बढ़ते संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यापार और कूटनीति के साथ-साथ अब कानूनी सहयोग व संवाद को मजबूत करने का समय आ गया है। वकीलों के रक्षा अधिकार को बताया असंक्रमणीय एडवोकेट सिद्धार्थ बत्रा ने पेरिस बार एसोसिएशन द्वारा हाल ही में पारित उस प्रस्ताव की सराहना की, जिसमें वकीलों की स्वतंत्रता, पेशेवर गोपनीयता और रक्षा के अधिकार को असंक्रमणीय (non-negotiable) बताया गया है। जब वकीलों पर दबाव पड़ता है, तो वास्तव में कानून के शासन पर खतरा उत्पन्न होता है। पेरिस की दार्शनिक परंपरा का किया उल्लेख एडवोकेट सिद्धार्थ बत्रा ने पेरिस की ऐतिहासिक और दार्शनिक परंपरा का उल्लेख करते हुए फ्रेंच भाषा में अपना संदेश देते हुए कहा कि कानून समय में स्थिर नहीं होता, वह जीवंत होता है, विकसित होता है और देशों के बीच सेतु बनाता है। एडवोकेट सिद्धार्थ बत्रा का संबोधन भारत और फ्रांस के बीच न्याय, स्वतंत्रता और मानवीय मूल्यों पर आधारित साझा दृष्टिकोण को सशक्त करता है।
शिवपुरी जिले के रन्नौद थाना क्षेत्र में शनिवार शाम वाहन जांच के दौरान विवाद के बाद चेकिंग ड्यूटी पर तैनात आरक्षक अवधेश शर्मा पर हमला हो गया। मारपीट में आरक्षक के सिर में चोट आई। घटना के बाद मारपीट में शामिल लोगों के परिजनों ने थाने के बाहर हंगामा और चक्काजाम किया। पुलिस के अनुसार, शनिवार शाम रन्नौद थाना के बाहर वाहनों की नियमित जांच की जा रही थी। इसी दौरान मनोज जाटव अपनी कार से कुछ महिला-पुरुषों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दस्तावेजों की जांच कर चालानी कार्रवाई की। चालान काटे जाने पर शुरू हुआ विवादचालान काटे जाने पर मनोज जाटव का साला निलेश जाटव बाइक से मौके पर पहुंचा और कार्रवाई का विरोध करने लगा। विरोध के दौरान पुलिस और परिजनों के बीच कहासुनी हुई, जो कुछ ही देर में मारपीट में बदल गई। इसी दौरान आरक्षक अवधेश शर्मा के सिर पर वार किए गए। तस्वीरें देखिए परिवार बोला- आरक्षक ने पहले मारपीट कीघटना का करीब 9 सेकंड का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें महिला और पुरुष आरक्षक के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। जाटव परिवार ने आरोप लगाया कि आरक्षक ने पहले मारपीट की, जिसमें उनकी एक महिला और एक मासूम बच्चा भी घायल हुआ। पुलिस ने कहा- मामले में हो रही जांचपुलिस प्रशासन ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। दोनों पक्षों से बयान लिए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
बालाघाट विधायक पहुंची शराब दुकान, जताया विरोध:अहाते जैसी व्यवस्था देख टीआई ने दुकानदार को दी चेतावनी
बालाघाट में शनिवार देर शाम विधायक अनुभा मुंजारे महिलाओं के साथ भटेरा शराब दुकान पहुंचीं। उन्होंने दुकान के सामने अहाते जैसी व्यवस्था देखी, जहां लोग बैठकर शराब पी रहे थे। विधायक के पहुंचते ही शराब पी रहे लोगों में भगदड़ मच गई। इस दौरान विधायक ने उन्हें नशे के दुष्परिणाम बताते हुए दूर रहने को कहा। विधायक मुंजारे को लंबे समय से वार्ड की शराब दुकान को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। मौके पर शराबखोरी देखकर वह नाराज हो गईं। उन्होंने तत्काल आबकारी अधिकारी को फोन कर इंस्पेक्टर को भेजने को कहा। विधायक के पहुंचने की खबर मिलने पर कोतवाली थाना प्रभारी स्वयं शराब दुकान पहुंचे। उन्होंने भी व्यवस्था पर नाराजगी जताई। थाना प्रभारी ने दुकानदार को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि गलती करने पर अब कोई रियायत नहीं बरती जाएगी। थाना प्रभारी ने आश्वस्त किया कि वे शराब दुकान को हटाने के लिए प्रशासन को पत्र लिखेंगे। उन्होंने दुकानदार को यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस कभी भी दुकान की जांच करने आ सकती है। सदन में उठाएंगी मुद्दा विधायक अनुभा मुंजारे ने शराब दुकान के सामने अहाते की तरह शराब पिलाए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इससे कानून का मखौल उड़ाया जा रहा है और आसपास के परिवार, खासकर महिलाएं परेशान हैं। उन्होंने दुकान को स्थानांतरित करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि दुकान नहीं हटाई गई तो वह इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाएंगी।
डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षित रोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महिला ‘सारथी’ परियोजना का शुभारंभ किया गया है। यह परियोजना जयपुर के साथ-साथ मेहंदीपुर बालाजी और समाल रामजस्यान क्षेत्रों में क्रियान्वित की जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को प्रशिक्षण देकर सार्वजनिक परिवहन और आजीविका से जुड़े क्षेत्रों में सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना है। परियोजना के तहत महिलाओं को ड्राइविंग, वाहन संचालन, सिलाई, सुरक्षा प्रशिक्षण और उद्यमिता विकास से संबंधित विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को ई-वाहन, 14-सीटर व्हीकल जैसी सेवाओं से जोड़ा जाएगा, जिससे उन्हें सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में पहचान और सम्मान मिल सके। परियोजना में महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता परियोजना में महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। सुरक्षित कार्य वातावरण, नीति आधारित संचालन और सामाजिक सहयोग को इस पहल से जोड़ा गया है, ताकि महिलाएं बिना किसी डर के अपने कार्यस्थल पर काम कर सकें। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को केवल रोजगार देना ही नहीं, बल्कि उन्हें निर्णय लेने और नेतृत्व की भूमिका में आगे बढ़ाना भी है। पहले चरण में 101 वाहनों के साथ महिलाओं को कार्य से जोड़ा परियोजना को शिल्प सृजन संस्था के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। पहले चरण में 101 वाहनों के साथ महिलाओं को कार्य से जोड़ा गया है। आगामी चरणों में इसे पूरे राजस्थान में विस्तार देने की योजना है, जिसके तहत लगभग 1000 वाहनों को संचालन में लाकर बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जाएगा। पर्यटन स्थलों और धार्मिक क्षेत्रों में भी इस सेवा को शुरू किया जाएगा, जिससे स्थानीय महिलाओं को स्थायी आय का अवसर मिल सके। राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है पहल संस्था से जुड़े पदाधिकारियों ने बताया कि यह पहल राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और आने वाले समय में इससे हजारों महिलाओं को लाभ मिलेगा।
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की कुसमी पुलिस ने गौ-तस्करी के एक मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक स्कॉर्पियो वाहन से क्रूरतापूर्वक ले जाए जा रहे 6 मवेशियों को भी जब्त किया है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया है। यह कार्रवाई 30 जनवरी 2026 को कुसमी थाना क्षेत्र में हुई। मुकेश कुमार, निवासी नवाडीहा बकाईन टोली, कुसमी ने 30 जनवरी को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि, 29 जनवरी 2026 को उन्हें सूचना मिली थी कि एक स्कॉर्पियो वाहन में गाय-बैल को क्रूरतापूर्वक भरकर वध के लिए बूचड़खाना ले जाया जा रहा है। गाड़ी छोड़कर भागे तस्कर सूचना मिलने पर वो अपने सहयोगियों के साथ बकाईन टोली रोड पर छिपकर वाहन का इंतजार कर रहे थे। रात लगभग 1 बजे सिविलदाग की ओर से आ रही स्कॉर्पियो (क्रमांक JH-01-AA-0959) को रोकने का प्रयास किया गया। वाहन कुछ दूरी पर रुक गया और उसमें सवार तीन लोग गाड़ी छोड़कर भागने लगे। अंधेरे में दौड़ते समय एक व्यक्ति गिर गया, जिसे पकड़ लिया गया। पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम संजीव घासी निवासी खिखिर पारा कुसमी बताया। भागने वालों में से एक की पहचान ताहिर अंसारी निवासी नवडीहा के रूप में हुई, जबकि तीसरा व्यक्ति अज्ञात रहा। स्कॉर्पियो वाहन की तलाशी लेने पर उसमें छह गाय-बैल पाए गए। इन मवेशियों को क्रूरतापूर्वक उनके मुंह और चारों पैर बांधकर ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। इन्हें वध के लिए झारखंड स्थित बूचड़खाने ले जाया जा रहा था। 6 मवेशी और स्कॉर्पियो जब्त कुसमी थाने में अपराध क्रमांक 11/2026 के तहत धारा 4, 6, 10 कृषक पशु परि अधिनियम और 11(घ) पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान 6 मवेशियों और स्कॉर्पियो वाहन (JH-01-AA-0959) को जब्त किया गया। आरोपी संजीव घासी को 30 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर जेएमएफसी न्यायालय राजपुर में न्यायिक रिमांड पर पेश किया गया।
रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी ने भाठागांव में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। भाठागांव चौक से रिंग रोड और शीतला चौक-दतरेंगा मोड़ तक नगर निगम के 15वें वित्त आयोग से कराए जा रहे निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान निगम आयुक्त और संबंधित अधिकारियों को उन्होंने फटकार भी लगाई। इस पूरे मामले पर विधायक सुनील सोनी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि, सड़क निर्माण कार्य का वर्क ऑर्डर करीब 10 महीने पहले ही जारी हो चुका था। इसके बावजूद काम अपेक्षित गति से नहीं चल रहा था। उन्होंने कहा कि, जनहित से जुड़े इस काम में लापरवाही किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान विधायक ने साफ निर्देश दिए कि, निर्माण कार्य दो शिफ्ट में कराया जाए। जिससे तय समय-सीमा के भीतर सड़क का काम पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि 15 फरवरी तक सड़क के एक तरफ का निर्माण हर हाल में पूरा किया जाए, जबकि 31 मार्च तक पूरे सड़क निर्माण कार्य को अनिवार्य रूप से पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए। लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त विधायक सुनील सोनी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि, सड़क निर्माण आम जनता की सुविधा से जुड़ा हुआ है। ऐसे में समय-सीमा का सख्ती से पालन किया जाए और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान नगर निगम रायपुर के आयुक्त विश्वदीप, जोन क्रमांक-6 के अध्यक्ष बद्रीप्रसाद गुप्ता, पार्षद रवि सोनकर, मंडल अध्यक्ष अभिषेक तिवारी, नगर निगम के अधीक्षण अभियंता इमरान खान, जोन आयुक्त हितेंद्र यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सीहोर में 4 राशन दुकानों पर जुर्माना:अनियमितता और ईकेवाईसी न करने पर खाद्य विभाग ने की कार्रवाई
सीहोर में कलेक्टर बालागुरू के. के निर्देश पर खाद्य विभाग ने शासकीय उचित मूल्य दुकानों पर कार्रवाई की है। यह कार्रवाई राशन वितरण में कमी, प्रतीक्षारत परिवारों की ईकेवाईसी न करने और दुकानों को नियमित रूप से न खोलने के कारण की गई। आष्टा एवं बुधनी अनुभाग की कई दुकानों पर यह कार्रवाई हुई। जिला आपूर्ति अधिकारी के अनुसार, आष्टा अनुभाग में सिद्दीकगंज, कोटियानाला, सेमलीबारी और कांकरियाखेरी स्थित राशन दुकानों पर प्रकरण दर्ज कर 3000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अतिरिक्त, कोटियानाला और कन्नोदमिर्जा की राशन दुकान विक्रेताओं को जनवरी में कम वितरण प्रतिशत के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। बुधनी अनुभाग में रतनपुर, कुसुमखेड़ा, नानभेंट, जोनतला, बकतरा, कोसमी और रेहटी के राशन दुकान विक्रेताओं के खिलाफ वितरण कार्य में लापरवाही बरतने पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
राजधानी रायपुर में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पान मसाला कारोबारी के घर पर छापेमारी कर पुलिस ने लाखों रुपए का हुक्का पॉट, गोगो और प्रतिबंधित तंबाखू सामग्री जब्त किया है। पान मसाला कारोबारी का नाम अशोक मदनी बताया जा रहा है। आरोपी पर आगे की कार्रवाई पुलिस कर रही है। पूरे मामले का खुलासा रायपुर पुलिस के अधिकारी जल्द करेंगे। मामला खम्हारडीह थाना इलाके का है। अब पढ़िए क्या है पूरा मामला दरअसल, पुलिस को पान मसाला कारोबारी अशोक मदनी के घर में अवैध रूप से हुक्का पॉट, गोगो और तंबाखू सामग्री का भंडारण की शिकायत मिली थी। शनिवार दोपहर को कारोबारी के घर में रेड मारी गई। इस दौरान बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री जब्त की गई। कारोबारी ने घर को बना रखा था गोदाम खम्हारडीह पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि, कारोबारी ने घर के हर कमरे में प्रतिबंधित सामान को रखा था। घर के अलग-अलग कमरों में तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में हुक्का पॉट, फ्लेवरयुक्त तंबाखू, गोगो रखा हुआ था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि, कारोबारी लंबे समय से शहर और आसपास के इलाकों में हुक्का पॉट-गोगो सप्लाई करने का काम कर रहा था। कारोबारी से कौन–कौन प्रतिबंधित सामान खरीदता था, इसकी जानकारी पुलिस जुटा रही है। पहले भी हो चुका है गिरफ्तार पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कारोबारी पहले भी हुक्का सामग्री के साथ गिरफ्तार हो चुका है। अप्रैल 2025 में पुलिस ने 50 लाख से ज्यादा की सामग्री जब्त की थी। इस कार्रवाई के कुछ दिन बाद कारोबारी फिर से सक्रिय हुआ और प्रतिबंधित हुक्का सामग्री को बेचना शुरू कर दिया।
धार जिले के राजगढ़ स्थित मोहनखेड़ा जैन तीर्थ पर 2 फरवरी को बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की एक दिवसीय कथा और प्रवचन आयोजित किए जाएंगे। इस आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। यह आयोजन मुंबई निवासी घमंडीराम और अंकीबाई की पुण्य स्मृति में रमेश गोवाणी द्वारा किया जा रहा है। आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के आगमन से पहले शनिवार को एसपी मयंक अवस्थी और अपर कलेक्टर संजीव केशव पांडेय ने कथा स्थल का निरीक्षण किया। अपर कलेक्टर पांडेय ने श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था का जायजा लिया। एसपी अवस्थी ने हेलिपैड, पार्किंग और समग्र सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में पुलिस अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने पार्किंग स्थलों को सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान एएसपी पारुल बेलापुरकर, एसडीएम सलोनी अग्रवाल, एसडीओपी विश्वदीप सिंह परिहार, तहसीलदार मुकेश बामनिया, राजगढ़ टीआई समीर पाटीदार, कोतवाली टीआई दीपक सिंह चौहान, पीथमपुर टीआई ओपी अहीर, पीडब्ल्यूडी एसडीओ एलएन राठौर, पीएचई एसडीओ एनएस भूरिया, नगर परिषद राजगढ़ सीएमओ ज्योति सुनारिया, सरदारपुर सीएमओ यशवंत शुक्ला, मोहनखेड़ा तीर्थ के मैनेजिंग सुजानमल जैन और लाभार्थी परिवार के रमेश गोवाणी सहित कई अन्य अधिकारी व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
सलूम्बर शहर के ऐतिहासिक सेरींग तालाब को प्रदूषण से बचाने के लिए नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने शनिवार को श्रमदान कर सफाई अभियान चलाया। तालाब में अंदर से आ रहे नालों और सीवरेज लाइन से लगातार गंदा पानी मिलने के कारण इसकी स्वच्छता बुरी तरह प्रभावित हो रही है। नागरिकों ने इस पर चिंता जताते हुए नगर परिषद और जिला प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है। तालाब में मिल रहा नाले का कचरानागरिकों ने बताया-तालाब के अंदर से गुजर रहे नाले में कचरा जमा होने से गंदा पानी सीधे तालाब में मिल रहा है। इससे न केवल तालाब का पानी दूषित हो रहा है, बल्कि आसपास दुर्गंध भी फैल रही है, जिससे लोगों का वहां रुकना मुश्किल हो गया है। पहले जहां घाटों पर सुबह-शाम चहल-पहल रहती थी, वहीं अब गंदगी के कारण यह क्षेत्र उपेक्षित होता जा रहा है। तालाब क्षेत्र में बिछाई गई सीवरेज लाइन से आए दिन गंदा पानी ओवरफ्लो होकर तालाब में पहुंच रहा है। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि जब तक सीवरेज का पानी तालाब में मिलता रहेगा,तब तक स्वच्छ जल की कल्पना नहीं की जा सकती। तालाब को पॉलीथिन मुक्त बनाने का संकल्पपर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों ने तालाब को पॉलीथिन मुक्त बनाने और बंद नालों से कचरा हटाने का संकल्प लिया है। उन्होंने प्रत्येक शनिवार सुबह एक घंटे श्रमदान करने का निर्णय लिया।पहले श्रमदान के दौरान तालाब क्षेत्र से प्लास्टिक, पॉलीथिन और अन्य कचरा बाहर निकाला गया तथा खुली नालियों की सफाई की गई। श्रमदान के बाद नागरिकों ने नगर परिषद और जिला प्रशासन से मांग की कि तालाब क्षेत्र में मौजूद खुली नालियों और सीवरेज व्यवस्था को बाहर स्थानांतरित किया जाए।इससे सेरींग तालाब को स्थायी रूप से प्रदूषण से बचाया जा सकेगा। पर्यावरण प्रेमियों की अपीलवरिष्ठ पर्यावरण प्रेमी महेश आमेटा ने कहा कि तालाब को स्वच्छ रखने के लिए सभी नगरवासियों को सहयोग करना होगा और पॉलीथिन का उपयोग बंद करना होगा।प्रहलाद पटेल ने कहा कि सीवरेज का पानी तालाब में जाता रहेगा तो जल संरक्षण के सारे प्रयास व्यर्थ हो जाएंगे।रामचन्द्र सालवी ने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में इस अभियान से जुड़ने और तालाब सहित सभी सार्वजनिक स्थानों को पॉलीथिन मुक्त बनाने की अपील की। ये रहे अभियान में शामिलश्रमदान अभियान में किशोर प्रजापत,रामजी टेलर,पूर्व चेयरमैन भगवतीलाल सेवक,शंकर लाल भोई,राकेश प्रजापत, शिवानंद पुरोहित,विष्णु सोनी,संतोष राठौड़,विमल आमेटा सहित अनेक पर्यावरण प्रेमी और नागरिक उपस्थित रहे।
विदिशा डकैती केस में 4 आरोपी और नाबालिग गिरफ्तार:1 करोड़ का सोना-चांदी, नकदी और हथियार बरामद
विदिशा जिले की त्योदा पुलिस ने रायखेड़ी में हुई डकैती का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों और एक विधि विरुद्ध बालक को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से लगभग 1 करोड़ रुपए का लूटा गया माल बरामद किया गया है, जिसमें सोना-चांदी के जेवर, 10 लाख रुपए नकद, एक बाइक और अवैध हथियार शामिल हैं। यह वारदात 23-24 जनवरी की दरमियानी रात को हुई थी। रायखेड़ी निवासी बृजबिहारी कुर्मी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात बदमाश उनके घर में घुस आए। उन्होंने बृजबिहारी और उनके परिवार को बंधक बनाकर सोने-चांदी के जेवरात और नकदी लूट ली थी। इस मामले में त्योदा थाने में संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। आरोपी ने लूटा हुआ माल सड़क पर गिरा दियाइस डकैती का खुलासा राहतगढ़ पुलिस की सतर्कता से हुआ। 24 जनवरी की रात, राहतगढ़ थाना क्षेत्र में डायल-112 वाहन देखकर एक आरोपी घबरा गया और भागने के दौरान उसने लूटा हुआ माल सड़क पर गिरा दिया। डायल-112 में तैनात पुलिस बल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को मौके से पकड़ लिया। इसी गिरफ्तारी से पूरे डकैती कांड की कड़ियां जुड़ती चली गईं। पुलिस ने जांच के दौरान 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की मदद ली गई और 150 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की गई। तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र और गहन जांच के आधार पर आरोपियों को रायखेड़ी, बहादुरपुर और रजवास क्षेत्रों से गिरफ्तार किया गया। आरोपी से तलवार भी बरामदपुलिस ने आरोपियों से 44 तोला सोना, 1 किलो 300 ग्राम चांदी, 10 लाख रुपए नकद, 5 मोबाइल फोन, एक बाइक, 315 बोर का देशी कट्टा और एक तलवार बरामद की। बरामद जेवरातों में हार, चेन, अंगूठियां, चूड़ियां, पायल, बिछुड़ी और अन्य आभूषण शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक रोहित केशवानी ने इस डकैती के खुलासे के लिए चार विशेष पुलिस टीमें गठित की थीं। पुलिस अधिकारियों और जवानों के समन्वित, सतत और तकनीकी प्रयासों के कारण इस डकैती का सफल खुलासा हो सका। पुलिस अधीक्षक ने जनता से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने या डायल-112 पर दें, ताकि अपराधों को रोका जा सके।
जोधपुर में साइबर ठगी के नेटवर्क पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। रातानाडा थाना पुलिस ने फर्जी बैंक खाते खोलकर साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर कराने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने म्यूल अकाउंट्स के जरिए करीब 21 लाख रुपए का अवैध लेनदेन किया था, जबकि इनके खिलाफ अलग-अलग राज्यों में साइबर फ्रॉड से जुड़ी करीब 80 शिकायतें दर्ज हैं। DCP ईस्ट पी.डी. नित्या ने बताया कि पुलिस मुख्यालय की ओर से साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष साइबर अभियान के तहत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केन्द्र I4C-MHA की ओर से संदिग्ध खाताधारकों की जानकारी दी गई। इसी आधार पर पुलिस ने म्यूल अकाउंट के जरिए ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपी किराए के खातों से करते थे ठगी की वारदात डीसीपी ने बताया कि इसके बाद किराए के इन बैंक खातों को गेम, इनवेस्टमेन्ट फ्रॉड आदि में लगाकर लोगों को झांसे में लेकर ठगी की रकम इन किराए के खातों में जमा करवाते है। बाद में ठगी गई रकम को एटीएम कार्ड से निकाल कर अपना 10 प्रतिशत कमीशन रखकर शेष राशि साइबर फ्रॉड गिरोह के सदस्यों को यूसडीटी/बाईनेन्स खरीद कर देते है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि अब तक देश के विभिन्न राज्यों से किराए पर खरीदकर मंगवाए खातों की जांच करने पर पाया गया कि इन खातों के विरूद्ध देश के विभिन्न राज्यों में कुल 80 साइबर कम्पलेन्ट्स लगी हुई है। जिसमें कुल राशि 45 करोड़ रुपए का फ्रॉड होना पाया गया है। फ्रॉड राशि में से इन आरोपियों के पास पाए गए कुल 20 खातों में करीब 21 लाख रुपए का अवैध लेनदेन भी करना पाया गया। इन तीन आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
चंडीगढ़ सेक्टर-11 थाना पुलिस द्वारा दर्ज NDPS एक्ट के मामले में अदालत ने आरोपी दीपक को बरी कर दिया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पुलिस गवाहों के बयानों में गंभीर विरोधाभास, कोई स्वतंत्र गवाह शामिल न किया जाना, महत्वपूर्ण CCTV फुटेज उपलब्ध न कराना और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) जैसे साक्ष्य अभियोजन की कहानी पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। यह मामला 3 अक्तूबर 2019, धारा 21 NDPS एक्ट के तहत दर्ज किया गया था। केस की सुनवाई विशेष अदालत, चंडीगढ़ में जज हरगुरजीत कौर की अदालत में हुई। सभी गवाह पुलिसकर्मी, बयान आपस में मेल नहीं खाते पुलिस के अनुसार, 2 अक्तूबर 2019 की रात सेक्टर-24/15 डिवाइडिंग रोड पर गश्त के दौरान आरोपी दीपक को रोका गया। आरोप था कि उसने पुलिस को देखकर पॉलिथीन फेंकने की कोशिश की, जिसकी जांच में 57 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। इसके आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया गया। अदालत ने कहा कि इस मामले में सभी गवाह पुलिसकर्मी ही थे। किसी भी चरण पर कोई आम या स्वतंत्र गवाह नहीं जोड़ा गया, जबकि पुलिस ने जिस जगह बरामदगी दिखाई, वह सार्वजनिक स्थान था। अदालत ने यह भी कहा कि पुलिस गवाहों के बयानों में समय, स्थान और घटनाक्रम को लेकर आपसी विरोधाभास हैं, जिससे अभियोजन की विश्वसनीयता कमजोर होती है। SSP के आदेश किए दरकिनार सीनियर वकील तरमिंदर सिंह ने दलील दी कि थाना सेक्टर-11 का CCTV फुटेज, जो मामले के लिए अहम था, उसे एसएसपी के स्पष्ट आदेश के बावजूद आरोपी को उपलब्ध नहीं कराया गया। अदालत ने इसे सरकार की तरफ से बड़ी लापरवाही माना। अदालत के समक्ष पेश की गई कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से यह तथ्य सामने आया कि आरोपी दीपक और उसके माता-पिता एफआईआर दर्ज होने से पहले ही थाना सेक्टर-11 में मौजूद थे। यह तथ्य पुलिस की उस कहानी से मेल नहीं खाता, जिसमें आरोपी की गिरफ्तारी मौके पर दिखाई गई थी। आरोपी दीपक की ओर से सीनियर अधिवक्ता तरमिंदर सिंह ने पैरवी करते हुए अभियोजन की पूरी कहानी को चुनौती दी। उन्होंने गवाहों के विरोधाभास, CCTV फुटेज न देने और कॉल डिटेल्स के आधार पर गिरफ्तारी की टाइमलाइन पर सवाल उठाए।
छतरपुर में शनिवार को किसान कल्याण वर्ष 2026 के उपलक्ष्य में एक कृषक मोटरसाइकिल रैली का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय छतरपुर स्थित कलेक्टर परिसर से यह रैली प्रारंभ हुई। कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने कलेक्टर परिसर से रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली छत्रसाल चौराहा, स्टेडियम, पुलिस लाइन, जेल रोड, संकट मोचन, किशोरी नदी बायपास, फुला देवी रोड, महोबा रोड, सेंट्रल स्कूल, आरटीओ कार्यालय और कृषि विभाग के सामने से गुजरी। इसके बाद बस स्टैंड, जवाहर रोड और आकाशवाणी चौराहा होते हुए यह पुनः कलेक्टर परिसर में समाप्त हुई। इस मोटरसाइकिल रैली में छतरपुर, नौगांव, राजनगर और बिजावर सहित जिले के विभिन्न विकासखंडों के किसानों ने भाग लिया। इसमें लगभग 100 से 125 मोटरसाइकिलों के साथ बड़ी संख्या में किसानों की भागीदारी देखी गई। रैली के दौरान किसानों ने अपनी मोटरसाइकिलों पर तख्तियां, झंडे और बैनर लगाए हुए थे। इन पर किसान कल्याण से संबंधित नारे लिखे थे, जिनका उद्देश्य किसानों के हित में संचालित सरकारी योजनाओं के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना था। इस आयोजन को किसानों के सम्मान, सशक्तिकरण और कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
छतरपुर शहर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित बंधियन मोहल्ला में प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्त को लेकर दो पड़ोसी परिवारों के बीच विवाद हो गया। विवाद पहले मौखिक बहस के रूप में शुरू हुआ और बाद में मारपीट में बदल गया। पुलिस ने इस मामले में एक पक्ष के तीन लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सिटी कोतवाली के टीआई अरविंद दांगी के अनुसार, यह विवाद प्रधानमंत्री आवास योजना की दूसरी किस्त को लेकर हुआ। नगर पालिका की टीम मुस्लिम परिवार के घर, फूलादेवी मंदिर के पास, निरीक्षण के लिए पहुंची थी। इसी दौरान पड़ोसी पाल परिवार के सदस्य वहां पहुंचे और नगर पालिका टीम से बहस करने लगे। उन्होंने सवाल उठाया कि मुस्लिम परिवार की दूसरी किस्त जारी हो गई है, लेकिन उनकी किस्त क्यों नहीं आई। मुस्लिम परिवार ने अपनी सीमा पर बहस पर आपत्ति जताई। इसके बाद दोनों परिवारों में कहासुनी बढ़ गई, जो गाली-गलौज और मारपीट में बदल गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस कार्रवाई और कानूनी स्थितिपुलिस ने पायल पाल और दशरथ पाल की शिकायत तथा वीडियो के आधार पर दूसरे पक्ष के इस्माइल राईन, छोटू राईन और गोलू राईन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 296 (सार्वजनिक उपद्रव) और 351 (हमला) के तहत मामला दर्ज किया है। टीआई अरविंद दांगी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है।
खरगोन पुलिस ने सनावद के एक सेवानिवृत्त प्रोफेसर को 'डिजिटल अरेस्ट' कर 10 लाख रुपए ठगने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने शनिवार को इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 3,01,900 रुपए नकद बरामद किए हैं। इसके अतिरिक्त, 17 बैंक एटीएम कार्ड, 10 चेकबुक, 5 पासबुक, 2 मोबाइल फोन और 4 सिम कार्ड भी जब्त किए गए हैं। अतिरिक्त एएसपी शकुंतला रूहल ने बताया कि फलोदी, राजस्थान निवासी रुपाराम जावा और रामस्वरूप विश्नोई को उदयपुर से गिरफ्तार किया गया है। इस गिरोह के दो मुख्य आरोपी अभी भी फरार हैं। यह गिरोह जांच एजेंसियों के नाम पर लोगों को ठगता है। पूछताछ में आरोपियों ने तमिलनाडु के एक व्यक्ति को भी पहले 'डिजिटल अरेस्ट' कर ठगने की बात स्वीकार की है। ताजा घटना में, 15 जनवरी 2026 को 80 वर्षीय सेवानिवृत्त प्राचार्य प्रोफेसर शशिकांत कुलकर्णी को व्हाट्सएप कॉल पर निशाना बनाया गया। कॉल करने वाले ने खुद को एनआईए मुख्यालय का अधिकारी बताया और उन्हें धमकाया कि जम्मू-कश्मीर में गिरफ्तार एक आतंकवादी के पास उनकी पत्नी के बैंक खाते की जानकारी मिली है। 10 लाख रुपए ट्रांसफर करवाए थेठगों ने प्रोफेसर कुलकर्णी को बताया कि उनके खाते से 7 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ है और उन्हें इसका 10 प्रतिशत कमीशन मिला है। इसके बाद उन्हें 'डिजिटल अरेस्ट' कर लिया गया और उनकी पत्नी के नाम पर गिरफ्तारी वारंट जारी होने की जानकारी दी गई। वारंट रोकने के लिए प्रोफेसर से 10 लाख रुपए आरटीजीएस (RTGS) के माध्यम से ट्रांसफर करवाए गए। ठगों ने तीन दिनों तक प्रोफेसर का व्हाट्सएप कॉल चालू रखा। प्रोफेसर कुलकर्णी की शिकायत पर सनावद थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 319(2) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2008 की धारा 67 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस जांच में पता चला कि 10 लाख रुपये की राशि बेंगलुरु के बैंक खातों में राजस्थान निवासी वीरेंद्र के खाते में भेजी गई थी। तमिलनाडू के व्यक्ति को भी धमकाकर ठगा थासनावद पुलिस ने तकनीकी सहायता से राजस्थान जाकर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ की। कड़ी पूछताछ में उन्होंने अपने साथी अरविंद और संजय के साथ मिलकर 'डिजिटल अरेस्ट' के जरिए साइबर ठगी करने की बात कबूल की। उन्होंने बताया कि अरविंद और संजय ने कॉल करके धमकाया और खातों में पैसे मंगवाए थे। आरोपियों ने यह भी बताया कि बेंगलुरु के फेडरल बैंक से 10 लाख रुपए निकाले गए थे। इसमें से 35 हजार रुपए उन्होंने आपस में बांट लिए, जबकि शेष राशि अरविंद और संजय ने अपने पास रख ली। उन्होंने स्वीकार किया कि इसी तरह उन्होंने तमिलनाडु के आर.एस. सत्यनारायण को भी 'डिजिटल अरेस्ट' कर धमकाया था और उनसे 17 लाख रुपए ट्रांसफर करवाकर बैंक से निकलवाए थे।
दैनिक भास्कर की ओर से बीटीआई ग्राउंड शंकरनगर में आयोजित 3 दिवसीय मेगा प्रॉपर्टी एक्सपो के दूसरे दिन शनिवार को भी विजिटर्स की जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। कई लोगों ने मौके पर ही बुकिंग कर ऑफर्स का लाभ उठाया। शहर और आसपास के क्षेत्रों से आए विजिटर्स ने अलग-अलग स्टॉल्स पर जाकर बिल्डर्स और डेवलपर्स की आवासीय व व्यावसायिक परियोजनाओं की पूरी जानकारी ली। और अपने बजट व जरूरत के अनुसार प्लॉट, फ्लैट, डुप्लेक्स, विला, शॉप और कमर्शियल स्पेस के विकल्पों में बुकिंग कराने में दिलचस्पी दिखाई। एक्सपो में 70 से अधिक प्रोजेक्ट्स के विकल्प मिलने से लोगों को एक ही जगह पर तुलना कर मनपसंद प्रॉपर्टी चुनने में आसानी गई। डिस्काउंट्स और एक्सपो एक्सक्लूसिव ऑफर्स के चलते प्रॉपर्टी खरीदने वालों को लाखों रुपए की बचत का अवसर मिला। 1 फरवरी, रविवार को एक्सपो का अंतिम दिन होने के कारण बड़ी संख्या में और लोगों के आने की उम्मीद है। शनिवार को एक्सपो में आए अतिथियों में विधायक मोती लाल साहू, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक अनुज शर्मा और छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष सतीश थौरानी व कार्यकारी अध्यक्ष राजेश वासवानी समेत चैंबर के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि प्रॉपर्टी एक्सपो घर खरीदारों के साथ-साथ निवेशकों और बिल्डर-डेवलपर्स के लिए भी एक बेहतरीन मंच है। यहां रेरा अप्रूव्ड प्रोजेक्ट्स, विविध प्रॉपर्टी विकल्प और सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं, जिससे लोगों को सही निर्णय लेने में आसानी होगी। शानदार ऑफर्स ने बढ़ाई दिलचस्पी स्पॉट बुकिंग पर रजिस्ट्री फ्री, स्कूटर व आईफोन फ्री, एश्योर्ड गिफ्ट्स जैसे ऑफर्स और डिस्काउंट्स ने खरीदारों का रुझान बढ़ा दिया है। इन खास ऑफर्स के चलते लोग मौके पर ही बुकिंग कर रहे हैं। एक्सपो के बाद ये ऑफर्स उपलब्ध नहीं होंगे, इसलिए स्टॉल्स पर भीड़ देखी जा रही है। एक्सपो में विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद हैं, जहां होम लोन की पूरी जानकार मिल रही है। 8 लाख से 6.50 करोड़ रेंज तक की प्रॉपर्टी अफोर्डेबल से लेकर प्रीमियम सेगमेंट तक की प्रॉपर्टी के विकल्प हैं। यहां करीब 8 लाख रुपए से लेकर 6.50 करोड़ रुपए तक की रेंज में प्लॉट, फ्लैट, विला और कमर्शियल स्पेस हैं। कई न्यू लॉन्च और अपकमिंग प्रोजेक्ट्स में प्री-लॉन्च बुकिंग का अवसर भी मिल रहा है। स्मार्ट और लक्जरी के साथ किफायती हाउसिंग एक्सपो में स्मार्ट होम्स, मिक्स्ड यूज प्रोजेक्ट्स, गेटेड कम्युनिटी और किफायती हाउसिंग को लेकर जबरदस्त रुझान देखने को मिला। आधुनिक सुविधाएं, बेहतर कनेक्टिविटी, सुरक्षा और ओपन स्पेस लोगों की पहली पसंद बने। निवेशक ने भी अधिक रिटर्न की उम्मीद में ऐसे प्रोजेक्ट्स में रुचि दिखाई। विजिटर्स के लिए खास इंतजाम एक्सपो में फैमिली सहित आने वाले विजिटर्स के लिए सरप्राइज गिफ्ट्स, जनरल हेल्थ चेकअप स्टॉल, बच्चों के लिए फन-जोन और स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए फूड स्टॉल हैं, जिनका सभी ने आनंद लिया। एक्सपो में शामिल प्रमुख बिल्डर्स और डेवलपर्स अविनाश ग्रुप, रहेजा ग्रुप, वाॅलफोर्ट ग्रुप, क्लासिक ग्रुप, आरसीपी इंफ्राटेक, एम्बियंस नेचर, गोल्ड ब्रिक्स, अष्टविनायक रियल्टीज, श्री स्वास्तिक ग्रुप, भारद्वाज बिल्डर्स, श्री बालाजी बिल्डर्स, वीजीआर रियल एस्टेट, पायोनियर होम्स, रायपुर होम्स एंड रायपुर बिल्डर्स, गौरव प्रमोटर्स एंड बिल्डर्स, वीबी टॉवर, चैत्नय ग्रुप, अर्हम ग्रुप आदि शामिल हैं। प्रॉपर्टी एक्सपो के एसोसिएट पार्टनर हेल्थ पार्टनर-इट्सा हॉस्पिटल, बैंकिंग पार्टनर-बैंक ऑफ महाराष्ट्र और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, सोलर पार्टनर-स्विचसोल, फूड पार्टनर-द सिल्वर क्राॅउन व न्यू देहली स्वीट्स, डिजिटल पार्टनर-एसपी एडवरटाइजिंग, जीके टीएमटी और आउटडोर पार्टनर-एएसए हैं।
चित्तौड़गढ़ शहर में व्यापारी की आंखों में मिर्ची पाउडर डालकर नकदी लूटने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी हाल ही में जेल से बाहर आए थे और जेल में ही उनकी आपसी दोस्ती हुई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि लूट की रकम दो लाख नहीं, बल्कि बैग में सिर्फ 45 हजार रुपए ही थे। घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। 24 जनवरी को दुकान बंद कर घर लौटते समय हुई वारदात थानाधिकारी तुलसीराम प्रजापत ने बताया कि 24 जनवरी को गिरिराज बजाज ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उनके बड़े पापा ओमप्रकाश बजाज दुकान बंद कर स्कूटी से अपने घर लौट रहे थे। उनके पास नकदी से भरा एक बैग था। घर के बाहर पहुंचते ही पीछे से दो से तीन युवक मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए और अचानक ओमप्रकाश बजाज की आंखों में मिर्ची पाउडर डाल दिया। इसके बाद आरोपी बैग छीनकर मौके से फरार हो गए। रिपोर्ट दर्ज होते ही पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। लूट जैसी गंभीर वारदात को देखते हुए पुलिस ने आसपास के इलाकों में जानकारी जुटाई और संदिग्धों की तलाश शुरू की। पीड़ित की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों की जांच की। एसपी के निर्देशन में बनाई गई विशेष टीम मामले की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने लगातार प्रयास किए और ह्यूमन इंटेलिजेंस का सहारा लिया। जांच के दौरान सुनील कुमावत, दीपक सिंह चौहान और पुष्कर भील को संदिग्ध मानते हुए डिटेन किया गया और उनसे पूछताछ की गई। पूछताछ में कबूली लूट की वारदात डिटेन किए जाने के बाद तीनों संदिग्धों से गहन पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान तीनों सुनील कुमावत पुत्र मोहनलाल कुमावत (29) निवासी हिन्दू छीपा मोहल्ला थाना कोतवाली, दीपक सिंह पुत्र राजेन्द्र सिंह चौहान (29) निवासी मस्जिद के पास पंचवटी थाना सदर और पुष्कर पुत्र खेमजी भील (23) निवासी भैरूसिंह जी का खेड़ा थाना कोतवाली ने व्यापारी से लूट की वारदात करना स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घटना के दौरान इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। तीनों आरोपी हाल ही में जेल से आए थे बाहर थानाधिकारी ने बताया कि दीपक चौहान अक्टूबर 2025 में हत्या के मामले में पांच साल की सजा कर जेल से बाहर आया था। सुनील कुमावत पोक्सो के मामले में सात साल जेल में रहकर करीब छह महीने पहले रिहा हुआ था। वहीं पुष्कर भी पोक्सो के मामले में साढ़े तीन साल जेल में रहने के बाद हाल ही में बाहर आया है। तीनों की दोस्ती जेल में ही हुई थी और तीनों विचाराधीन है। सुनील व्यापारी के पास के मोहल्ले में ढूंचा बाजार क्षेत्र में रहता है और व्यापारी की रोजाना गतिविधियों की जानकारी होने के कारण वारदात को अंजाम दिया गया। वहीं, पीड़ित ने दो लाख रुपए होने की बात निकली। बैग में दो लाख रुपए नहीं, बल्कि सिर्फ 45 हजार रुपए ही थे। आरोपियों से रुपए बरामदगी की कोशिश की जा रही है।
बालाघाट के लालबर्रा क्षेत्र के अमोली गांव में प्रशासन ने गैंगरेप के आरोपी आयुब कुरैशी के अवैध अतिक्रमण पर शनिवार को तोड़ दिया। पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने आरोपी के सरकारी जमीन पर किए गए पक्के निर्माण और कब्जे को ढहा दिया। यह पूरी कार्रवाई अक्टूबर के अंत में एक नाबालिग लड़की के साथ हुई गैंगरेप की वारदात के बाद की गई है। लालबर्रा क्षेत्र में मेला देखने आई नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म की इस घटना ने पूरे जिले को हिलाकर रख दिया था। घटना के तीन दिन बाद पुलिस ने दो बालिग और दो नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें आयुब कुरैशी भी शामिल था। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा था और वे लगातार आरोपियों के अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने की मांग कर रहे थे। सरकारी जमीन पर किया था कब्जा सार्वजनिक मांग और पुलिस की जांच के बाद प्रशासन ने आरोपी के घर और जमीन के दस्तावेजों की पड़ताल की। जांच में सामने आया कि अमोली गांव में आयुब और उसके परिवार (नूरकलाम, मो. आरीफा, अलीम) ने करीब 75 वर्गमीटर सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा था। इसमें से 8 वर्गमीटर हिस्से पर बिना छत का पक्का निर्माण भी किया गया था। प्रशासन की कड़ी चेतावनी तहसीलदार मयंक मिश्रा ने बताया कि 31 जनवरी को शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन सरकारी भूमि के संरक्षण को लेकर पूरी तरह गंभीर है। आरोपी आयुब फिलहाल जेल में बंद है, और प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी अपराधियों द्वारा किए गए अवैध कब्जों पर इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
नीमच में 7 दिन का हेलमेट-सीट बेल्ट अभियान:एसपी बोले- नियमों की शुरुआत पुलिस विभाग से होगी
नीमच में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और मौतों के आंकड़े पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल, एएसपी नवलसिंह सिसोदिया और सीएसपी किरण चौहान के मार्गदर्शन में यातायात थाना प्रभारी सोनू बड़गुर्जर एवं उनकी टीम द्वारा एक विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान अगले सात दिनों तक चलेगा। इस विशेष अभियान के तहत दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट और चार पहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। अभियान की सबसे खास बात यह रही कि एसपी अंकित जायसवाल ने सबसे पहले पुलिस विभाग के ही अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करें। एसपी का मानना है कि नियमों का पालन सबसे पहले घर यानी पुलिस विभाग से ही शुरू होना चाहिए, ताकि समाज में एक सकारात्मक संदेश जाए। इस कार्यक्रम के दौरान एसपी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए बिना हेलमेट वाले चालकों को हेलमेट वितरित किए और उनसे सुरक्षा का वादा लिया। प्रदेश के चिंताजनक आंकड़े सड़क सुरक्षा के आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं। वर्ष 2024 में मध्य प्रदेश में हुई 14,791 मौतों में से 6,541 लोगों की जान सिर्फ इसलिए चली गई क्योंकि उन्होंने हेलमेट नहीं पहना था। नीमच जिले की बात करें तो वर्ष 2025 में 321 सड़क हादसों में 117 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। पुलिस अधीक्षक की मंशा इन मौतों के आंकड़े को 50 प्रतिशत तक कम करने की है। पुलिस ने जिलावासियों से पुरजोर अपील की है कि वे हेलमेट और सीट बेल्ट को केवल चालान से बचने का जरिया न मानें, बल्कि इसे अपने जीवन की सुरक्षा के लिए अपनाएं, क्योंकि सड़क हादसों में सिर में लगने वाली चोट ही मौत का सबसे प्रमुख कारण बनती है।
पलवल जिले की सीआईए होडल टीम ने 16 जनवरी को मुंडकटी थाना क्षेत्र में कैंटर ड्राइवर से हुई मारपीट और लूटपाट के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि उसने पहले भी पलवल और फरीदाबाद जिलों के विभिन्न थानों में लूट, डकैती और चोरी की कई वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस टीम आरोपी से आगे की पूछताछ कर रही है। सीआईए होडल प्रभारी जगमिंद्र सिंह ने बताया कि बदायूं (यूपी) के भवानीपुर खली निवासी असरफ ने शिकायत दर्ज कराई थी। असरफ ने बताया कि वह 16 जनवरी को कैंटर लेकर फरीदाबाद से फिरोजाबाद जा रहा था। रात करीब 10:30 बजे जब उसका कैंटर पुराना टोल टैक्स तुमसरा के पास पहुंचा, तो वहां पहले से मौजूद दो लड़कों ने उसे रोकने का इशारा किया। आरोपियों के पीड़ित ड्राइवर के साथ मारपीट की जब उसने कैंटर नहीं रोका, तो दोनों लड़के बाइक आगे लगाकर कैंटर की खिड़की खोलकर ऊपर चढ़ गए। उन्होंने असरफ के साथ मारपीट की और उससे चार हजार रुपए व एक मोबाइल फोन लूट लिया। इस संबंध में मुंडकटी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। सीआईए होडल में तैनात सहायक उप निरीक्षक महानंदा की टीम ने जांच करते हुए वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी सुनील को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी फरीदाबाद जिले का रहने वाला है, लेकिन फिलहाल पलवल जिले में रह रहा था। आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला गया। रिकॉर्ड में उसके खिलाफ फरीदाबाद व पलवल के विभिन्न थानों में लूट, डकैती, चोरी और अवैध हथियार रखने सहित 14 संगीन मामले दर्ज पाए गए। आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपी से उसके दूसरे साथी के बारे में पूछताछ कर उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
झज्जर जिले के बहादुरगढ़ क्षेत्र में हुई ज्वेलरी शोरूम चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने अंतरराज्यीय चोर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों ने बचने के लिए वारदात में प्रयोग गाड़ी को यमुना के किनारे खड़ी कर जला दिया था। पुलिस ने आरोपियों को पकड़कर शनिवार को बहादुरगढ़ कोर्ट में पेश किया और गहन पूछताछ के लिए 6 दिन के लिए रिमांड पर लिया है। मामले को लेकर डीसीपी (क्राइम) अमित दहिया ने बताया कि पुलिस टीम ने कड़ी मेहनत, तकनीकी साक्ष्यों, AI, सीसीटीवी फुटेज एवं खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। शहर के ज्वेलर्स की दुकान में की थी चोरी डीसीपी क्राइम अमित दहिया ने बताया कि उमेश, निवासी सेक्टर-6, बहादुरगढ़ द्वारा थाना शहर बहादुरगढ़ में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि कबाड़ी मार्केट स्थित उसकी कोमल ज्वेलर्स नाम से ज्वेलरी शॉप है। 8 अक्टूबर 2025 की सुबह उसे सूचना मिली कि उसकी दुकान का शटर टूटा हुआ है। मौके पर पहुंचकर जांच करने पर पाया गया कि दुकान से सोने-चांदी के आभूषण तथा नकदी चोरी हो चुकी है। दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड और एमपी में दी दबिश मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना शहर बहादुरगढ़ में तुरंत मामला दर्ज किया गया तथा उच्च अधिकारियों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। अपराध शाखा झज्जर की टीम ने सीसीटीवी फुटेज, एआई आधारित तकनीकी विश्लेषण, साइबर सेल एवं गुप्तचर तंत्र की सहायता से गहन जांच की। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम द्वारा पंजाब, उत्तराखंड, दिल्ली एवं मध्य प्रदेश में कई स्थानों पर लगातार दबिश दी गई। आरोपियों पर पहले भी चोरी के मामले दर्ज जांच के दौरान पुलिस टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान परमजीत एवं जसविंद्र निवासी झंगोला, दिल्ली तथा राम सिंह निवासी नांगलोई, दिल्ली के रूप में हुई है। आरोपी जसविंद्र के विरुद्ध पहले भी चोरी के छह आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि परमजीत व राम सिंह के विरुद्ध भी दिल्ली, हरियाणा एवं मध्य प्रदेश में चोरी व डकैती से संबंधित आपराधिक मामले दर्ज हैं। पकड़े गए आरोपियों को 6 दिन के रिमांड पर लिया डीसीपी क्राइम अमित दहिया ने आगे बताया कि इस मामले में पूर्व में भी एक आरोपी सोनू को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। आरोपियों ने वारदात के दौरान चोरी की गई गाड़ी का प्रयोग किया था, जिसे सबूत मिटाने के उद्देश्य से बाद में यमुना नदी के किनारे दिल्ली में आग लगाकर जला दिया गया। तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर 6 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से डकैती में चुराए गए आभूषणों की बरामदगी तथा अन्य आपराधिक वारदातों के संबंध में गहन पूछताछ की जाएगी।
खिलचीपुर में ट्रक का ब्रेक फेल:तीन वाहनों को मारी टक्कर, चार लोग घायल; बिजली का खंभा भी तोड़ा
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में श्मशान के पास नाहरदा गेट क्षेत्र में शनिवार दोपहर राता देवी मंदिर की घाटी से उतरते समय एक ट्रक के ब्रेक फेल हो गए। अनियंत्रित ट्रक ने एक के बाद एक तीन वाहनों को टक्कर मारी और अंत में बिजली के खंभे में जा घुसा। हादसे में चार लोग घायल हुए हैं, जबकि मौके पर मौजूद अन्य लोग बाल-बाल बच गए। घटना दोपहर करीब 3:45 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कंटेनर ट्रक घाटी से नीचे उतरते समय ब्रेकर के पास अचानक नियंत्रण से बाहर हो गया। ब्रेक फेल होते ही ट्रक तेज रफ्तार में आगे बढ़ा और उसने आगे चल रही बोलेरो को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्रक बोलेरो को करीब 90 फीट तक घसीटता ले गया। बोलेरो बुरी तरह क्षतिग्रस्त, टायर टूटाटक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो का आगे और पीछे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वाहन का अगला टायर पूरी तरह टूट गया। बोलेरो में एलएनटी कंपनी के 7 कर्मचारी सवार थे, जो भोजपुर से खिलचीपुर की ओर जा रहे थे। बेकाबू ट्रक इसके बाद नाहरदा गेट के पास सड़क किनारे खड़ी एक बाइक को कुचलता हुआ आगे बढ़ा और सड़क से नीचे खड़े टाटा एस वाहन को टक्कर मार दी। अंत में ट्रक बिजली के खंभे में जा घुसा। टक्कर से खंभा तीन टुकड़ों में टूट गया और बिजली के तार जमीन पर गिर गए, जिससे कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना के तत्काल बाद नाहरदा गेट और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। कुछ देर के लिए यातायात पूरी तरह थम गया। लोग क्षतिग्रस्त वाहनों को देखकर दहशत में नजर आए और बार-बार यही कहते दिखे कि यदि कुछ सेकेंड का फर्क होता तो हादसा और भी भयावह हो सकता था। जहां हादसा हुआ, वहां अक्सर खेलते हैं बच्चेस्थानीय लोगों ने बताया कि नाहरदा कॉलोनी के पास जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां आमतौर पर बच्चे शाम के समय खेलते रहते हैं। गनीमत रही कि हादसे के समय वहां कोई बच्चा मौजूद नहीं था, वरना स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। इस बात को लेकर क्षेत्र में चर्चा और चिंता का माहौल बना रहा। हादसे में बोलेरो सवार मुकेश दांगी (28) निवासी रनारा थाना छापीहेड़ा, पवन राठौर (29) निवासी दयाखेड़ी थाना लीमा चौहान, हेमंत सिंह खिंची (31) निवासी खिलचीपुर और मोहन दांगी (43) निवासी सोयत खुर्द जिला आगर को हल्की चोटें आईं। सभी घायलों को एंबुलेंस से खिलचीपुर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत ठीक है। ड्राइवर का दावा- ब्रेक फेल होते ही चिल्लायाखिलचीपुर पुलिस हिरासत में लिए गए कंटेनर चालक यूनुस खान (35), निवासी चामुंडी कला जिला अलवर (राजस्थान) ने बताया कि वह कोटा से कंटेनर लेकर हैदराबाद जा रहा था। राता देवी मंदिर के आगे घाटी उतरते समय ब्रेकर के पास अचानक ट्रक के ब्रेक फेल हो गए। चालक का कहना है कि ब्रेक फेल होते ही उसने खिड़की से सिर बाहर निकालकर सड़क पर मौजूद लोगों को हटाने के लिए जोर-जोर से चिल्लाया, ताकि कोई चपेट में न आए, लेकिन तभी ट्रक आगे चल रही बोलेरो से टकरा गया। पीड़ित ने बताई आपबीती हादसे में क्षतिग्रस्त बाइक विद्युत विभाग के कर्मचारी वंश बनावड़े की थी। उन्होंने बताया कि वे नाहरदा कॉलोनी में बिजली वसूली के लिए गए थे और बाइक सड़क से नीचे खड़ी की थी। वहीं नाहरदा कॉलोनी निवासी जाकिर मोहम्मद ने बताया कि टाटा एस वाहन भी सड़क से नीचे खड़ा था, ट्रक की चपेट में आने से वह भी आगे से क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना मिलते ही खिलचीपुर थाना प्रभारी उमाशंकर मुकाती, पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घायलों को खिलचीपुर अस्पताल भिजवाया गया और बिजली विभाग को सूचना देकर टूटे तार हटवाए गए। इसके बाद क्षेत्र में यातायात बहाल कराया गया। पुलिस ने कंटेनर चालक को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
फरीदाबाद सूरजकुंड मेले में दुकान लगाने आए एक कारपेट कारोबारी की देर रात सड़क हादसे में मौत हो गई। यह हादसा रात करीब 11:30 बजे से 12 बजे के बीच सेक्टर-21D रोड पर सेक्टर-डी गोल चक्कर के पास हुआ, जहां बाइक फिसलने से दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े। गंभीर रूप से घायल कारोबारी को सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान 29 वर्षीय साहिल निवासी भूसिया टाउन, उरई (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। उसके साथ बाइक पर कैफ भी सवार था, जो भूसिया टाउन का रहने वाला है और वर्तमान में दिल्ली में रह रहे थे। मृतक के भाई मोहम्मद इमरान ने बताया कि साहिल सूरजकुंड मेले में व्यापार करने के लिए आया था। शुक्रवार रात स्टॉल का सामान रखकर दोनों युवक बाइक से दिल्ली लौट रहे थे। जैसे ही वे सेक्टर-डी गोल चक्कर के पास पहुंचे, सड़क पर अंधेरा होने और बाइक अनबैलेंस होने के कारण बाइक स्लिप हो गई। हादसे में साहिल के सिर में गंभीर चोट लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूरजकुंड मेले में लगाया स्टॉल इमरान ने आरोप लगाया कि उस स्थान पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, जिस कारण हादसा हुआ। उन्होंने बताया कि उसी दिन साहिल को सूरजकुंड मेले में स्टॉल अलॉट हुई थी और स्टॉल की फीस भी जमा कर दी गई थी। परिवार को इस हादसे की जानकारी साहिल के साथी कैफ ने किसी तरह दी, जिसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से साहिल को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। हादसे में घायल कैफ को सिविल अस्पताल में समुचित इलाज न मिलने के कारण बाद में नोएडा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एनआईटी थाना प्रभारी महाबीर ने बताया कि मृतक साहिल का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
जयपुर जिले के कानोता, चंदलाई और नेवटा बांधों के जल को प्रदूषण मुक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। जल संसाधन विभाग द्वारा भारत सरकार से अधिकृत विशेषज्ञ एजेंसियों के माध्यम से इन तीनों बांधों पर विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन कराया जा रहा है। विशेषज्ञों की टीम बांधों में जल प्रदूषण के स्रोतों की पहचान, जल गुणवत्ता सुधार, जीआईएस आधारित मानचित्रण, जैव विविधता संरक्षण और आधुनिक जल उपचार तकनीकों के उपयोग पर गहन अध्ययन कर रही है। इसके साथ ही स्थानीय आजीविका सृजन और पर्यावरण पर्यटन की संभावनाओं को भी परियोजना में शामिल किया जा रहा है। अध्ययन के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर राज्य सरकार को शीघ्र सौंपे जाने की योजना है। बांधों में प्रदूषित जल कहां से, कितनी मात्रा में और किस प्रकार पहुंच रहा रिपोर्ट में स्पष्ट होगा जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता और दूरदृष्टि के कारण राजस्थान जल और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक मजबूत उदाहरण बनकर उभर रहा है। सरकार के प्रयास न केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा कर रहे हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य का मार्ग भी प्रशस्त कर रहे हैं। एजेंसी द्वारा तैयार की जाने वाली रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया जाएगा कि बांधों में प्रदूषित जल कहां से, कितनी मात्रा में और किस प्रकार पहुंच रहा है। साथ ही प्रदूषण रोकने के प्रभावी उपाय, जल निकास के वैकल्पिक मार्ग, दीर्घकालीन विकास योजना और जल प्रबंधन प्रणाली की विस्तृत रूपरेखा भी शामिल होगी। रिपोर्ट में सिंचाई के लिए जल आपूर्ति व्यवस्था, आवश्यक मशीनरी तथा प्रबंधन ढांचे का भी उल्लेख किया जाएगा। बांधों पर पर्यटन विकास की संभावनाओं को भी रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा इसके अलावा बांधों पर पर्यटन विकास की संभावनाओं को भी रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। प्रस्तावित योजनाओं में बोटिंग सुविधा, ग्रीन लैंड का विकास और डे-नाइट टूरिज्म को बढ़ावा देने जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल सके। उल्लेखनीय है कि जल और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ‘वंदे गंगा’ जल संरक्षण जन अभियान के तहत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रामगढ़ बांध के भराव क्षेत्र में सफाई और मिट्टी हटाने के कार्य का शुभारंभ किया था। इसमें स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जो जन-सहभागिता आधारित विकास नीति का प्रभावी उदाहरण है। इसके बाद प्रदेशभर में जल स्रोतों के संरक्षण, जल संग्रहण क्षमता बढ़ाने और पारिस्थितिक संतुलन को पुनर्स्थापित करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए गए हैं।
सीबीआई की विशेष अदालत ने आय से अधिक संपत्ति मामले में चंडीगढ़ पुलिस के इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों की पत्नी परमजीत कौर को उनके भतीजे की शादी के लिए बैंक लॉकर में रखी ज्वैलरी के 15 दिनों के अस्थायी उपयोग की अनुमति दे दी है। अदालत ने साफ किया है कि ज्वैलरी का इस्तेमाल केवल 8 और 10 फरवरी 2026 को होने वाले विवाह समारोहों तक ही सीमित रहेगा और 16 फरवरी 2026 तक इसे अनिवार्य रूप से दोबारा बैंक लॉकर में जमा कराना होगा। अदालत ने यह भी कहा कि ज्वैलरी के सीमित और नियंत्रित उपयोग से जांच पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि, अदालत ने ज्वैलरी की स्थायी रिलीज की अनुमति देने से इनकार कर दिया। SBI सेक्टर-42 के लॉकर से मिलेगी ज्वैलरी अदालत ने एसबीआई सेक्टर-42 स्थित लॉकर नंबर-6 से ज्वैलरी को 15 दिनों के लिए अस्थायी तौर पर सौंपने के निर्देश दिए हैं। यह लॉकर परमजीत कौर के खाते से जुड़ा हुआ है। सीबीआई जज भावना जैन ने आदेश दिया कि परमजीत कौर को 80 लाख रुपये की अस्थायी सुपरदारी बॉन्ड (एक जमानत के साथ) जमा करनी होगी। इसके साथ ही अदालत ने ज्वैलरी को बेचने, स्थानांतरित करने या किसी भी तरह से छेड़छाड़ करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। ज्वैलरी दोबारा जमा होने के बाद बैंक लॉकर फ्रीज ही रहेगा। CBI अधिकारी की मौजूदगी में खुलेगा लॉकर अदालत ने निर्देश दिया कि बैंक लॉकर सीबीआई जांच अधिकारी की मौजूदगी में खोला जाएगा। बैंक मैनेजर को गवाह बनाया जाएगा और ज्वैलरी की फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी कर अलग से मेमो तैयार किया जाएगा, जिसे केस रिकॉर्ड का हिस्सा बनाया जाएगा। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि सभी दस्तावेज संबंधित एफआईआर के साथ जोड़े जाएं। सरकारी वकील ने किया विरोध सीबीआई की ओर से सरकारी वकील ने अर्जी का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि दंपती के खिलाफ जांच अभी जारी है। एजेंसी उनके बैंक खातों, संपत्तियों और ज्वैलरी की जांच कर रही है। ऐसे में इस स्तर पर जब्त ज्वैलरी को रिलीज करना जांच को प्रभावित कर सकता है। इसलिए ज्वैलरी रिलीज न किए जाने की मांग की गई। बचाव पक्ष की दलील परमजीत कौर की ओर से बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि सीबीआई पहले ही बैंक लॉकर की जांच कर चुकी है और ज्वैलरी का मूल्यांकन पूरा हो चुका है। मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ज्वैलरी को अपने पास रखना जांच के लिए जरूरी नहीं है।बचाव पक्ष ने यह भी बताया कि परमजीत कौर ने 1 अक्तूबर 2024 को अपनी इच्छा से लॉकर की चाबियां जांच एजेंसी को सौंप दी थीं। जांच एजेंसी ने लॉकर खोलकर ज्वैलरी का मूल्यांकन किया और इसके बाद उसे जब्त किया गया था।
कोटा शहर पुलिस ने सक्रिय अपराधियों और आदतन अपराधियों पर शिकंजा कसते हुए कुल 210 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। कोटा शहर में अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ा एक्शन लेते हुए एरिया डॉमिनेशन अभियान चलाया। इसी अभियान के तहत ये कार्रवाई की गई। कोटा शहर पुलिस एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से 31 जनवरी 2026 को यह विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान सुबह 7 बजे से शहर के सभी वृतों और थाना क्षेत्रों में 74 टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने 163 स्थानों पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान अवैध मादक पदार्थों से जुड़े 5 प्रकरण दर्ज कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि इनके कब्जे से 20 ग्राम 159 मिलीग्राम चरस, 14.19 ग्राम एमडी, 200 ग्राम गांजा, एक कार और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया। वहीं आबकारी अधिनियम के तहत 7 प्रकरणों में 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर 421 क्वार्टर देशी शराब जब्त की गई। अवैध हथियारों के खिलाफ कार्रवाई में 9 प्रकरण दर्ज कर 9 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से 2 कारतूस और 8 धारदार हथियार बरामद हुए। इसके अलावा अवैध जुआ-सट्टे के 5 मामलों में 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर 1210 रुपये नकद जब्त किए गए। पुलिस ने 13 स्थायी वारंटी, 25 गिरफ्तारी वारंटी, 5 इनामी अपराधियों और 1 अन्य वांछित अभियुक्त को भी गिरफ्तार किया। साथ ही बीएनएसएस की धारा 170 के तहत 140 आदतन अपराधियों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई। अभियान के तहत 78 सक्रिय और आदतन अपराधियों की राउडीशीट खोलकर थाना स्तर पर निगरानी शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
घाटमपुर तहसील क्षेत्र के इटर्रा गांव में शनिवार देर शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब तालाब के पास बने दो सगे भाइयों के घरों में अचानक आग लग गई। आग की चपेट में आने से सुनील कुमार व उमेश कुमार पुत्रगण सोनेलाल कुशवाहा के घरों में रखी पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई। पीड़ित परिवारों के अनुसार घर में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन, फर्नीचर व अन्य जरूरी सामान पूरी तरह नष्ट हो गया, जिससे दोनों परिवार सड़क पर आ गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अचानक उठी आग की लपटों ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। ग्रामीणों ने तुरंत बाल्टियों और पानी की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, साथ ही फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। कुछ देर बाद मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ी और ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक दोनों भाइयों के घरों में रखा हजारों रुपये का सामान जलकर खाक हो चुका था। आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। घटना की जानकारी स्थानीय प्रशासन को दे दी गई है। पीड़ित परिवारों ने शासन-प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है, ताकि वे दोबारा अपने जीवन को पटरी पर ला सकें। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से पीड़ितों को तत्काल राहत सामग्री व मुआवजा देने की मांग की है।
करौली शहर के सायनात खिड़किया स्थित भगवान चैतन्य महाप्रभु मंदिर में शनिवार को चैतन्य महाप्रभु की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर मंदिर परिसर को आकर्षक रंग-बिरंगी रोशनी और फूल-पत्तों से सजाया गया। भगवान की प्रतिमाओं का विशेष शृंगार किया गया। इस दौरान शाम को प्रसिद्ध मदनमोहन मंदिर से चैतन्य महाप्रभु की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में 'हरे रामा-हरे कृष्णा' के स्वर गूंज उठे, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। चैतन्य महाप्रभु मंदिर में भी भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। शोभायात्रा मदनमोहन मंदिर से शुरू होकर सिंह पौर से होते हुए विभिन्न मार्गों से गुजरी। श्रद्धालु भगवान चैतन्य महाप्रभु के चित्रपट को लेकर जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। भजन-कीर्तन पर युवक नाचते-गाते हुए आगे बढ़ रहे थे, जिससे बाजारों में भी धार्मिक उत्साह का माहौल बन गया। शोभायात्रा सायनात खिड़किया स्थित चैतन्य महाप्रभु मंदिर पहुंची, जहां मंदिर के सेवाधिकारी जुगलकिशोर कटारा और शुभम कटारा ने भगवान की पूजा-आरती की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भजनों पर नृत्य किया और होली गीतों का भी गायन किया। पूजा-आरती के बाद नवलकिशोर कटारा, महेश शर्मा, मुकेश शर्मा, नितिन शर्मा और शुभम कटारा ने श्रद्धालुओं पर गुलाल-अबीर उड़ाया और प्रसादी का वितरण किया। शोभायात्रा में मदनमोहनजी मंदिर के दीपू पुजारी, किशोर पुजारी, मनोज पुजारी सहित धर्मेंद्र चतुर्वेदी, प्रदीप किशार, सुरेंद्र पाल और बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु मौजूद रहे।
शाजापुर में शनिवार को भगवान विश्वकर्मा का जन्मोत्सव बड़े ही उत्साह के साथ मनाया गया। इस खास मौके पर विश्वकर्मा समाज ने अपनी एकजुटता दिखाते हुए शहर के एक प्रमुख चौराहे का नाम 'विश्वकर्मा चौराहा' रखने की मांग उठाई है। कार्यक्रम की शुरुआत मुरादपुरा हनुमान मंदिर में भगवान विश्वकर्मा की विशेष पूजा, अभिषेक और आरती से हुई। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक अरुण भीमावत ने दीप जलाकर पूजा-अर्चना की और समाज के लोगों को बधाई दी। समाज के पदाधिकारियों ने विधायक को अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा। शहर में निकली वाहन रैली अपनी मांग को प्रमुखता से रखने के लिए समाज ने एक वाहन रैली निकाली। यह रैली मुरादपुरा मंदिर से शुरू होकर महुपूरा, धोबी चौराहा और टंकी चौराहा जैसे प्रमुख रास्तों से गुजरी। रैली का समापन नगर पालिका अध्यक्ष प्रेम जैन के निवास पर हुआ, जहां उन्हें भी ज्ञापन देकर चौराहे के नामकरण की मांग की गई। चौराहे के सौंदर्यीकरण की मांग समाज ने ज्ञापन में मांग की है कि प्रस्तावित चौराहे का न केवल नामकरण किया जाए, बल्कि वहां भगवान विश्वकर्मा के औजारों के प्रतीक चिन्ह लगाए जाएं और बेहतर लाइटिंग के साथ उसका सौंदर्यीकरण हो। जिला अध्यक्ष बालकृष्ण विश्वकर्मा ने कहा कि सृष्टि के रचयिता भगवान विश्वकर्मा के नाम पर चौराहा बनने से शिल्पकारों और कारीगरों का मान बढ़ेगा।
अजमेर में दुकान मालिक ने घर बुलाकर भाई-बहन पर हमला कर दिया। दुकान खाली करने को लेकर चल रहे विवाद में समझौते के लिए गए भाई-बहन पर पहले पेपर स्प्रे डाला, फिर मारपीट की गई। पीड़ितों का आरोप है कि दुकान मालिक के बेटे ने सामान देने से इनकार कर दिया और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इसके बाद दुकान मालिक और उसके बेटे ने पहले उन पर पेपर स्प्रे किया और फिर दुकान के शटर के हैंडल से हमला किया। मामला क्रिश्चियन गंज थाने इलाके का है। पुलिस ने दोनों घायल भाई-बहन को इलाज के लिए जेएलएन अस्पताल भिजवाया। क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है। अब 3 पॉइंट में समझिए पूरा मामला… 1. अजमेर में सलून की फ्रेंचाइजी खोली थी बलदेव नगर निवासी घायल तनवीर गुर्जर (22) ने बताया कि वह मूल रूप से जयपुर के रहने वाले हैं। करीब 1 साल पहले ही अजमेर में शिफ्ट हुए हैं। उन्होंने माकड़वाली वाली रोड स्थित किराए पर दुकान लेकर सलून की फ्रेंचाइजी खोली थी। दुकान मालिक कुलदीप सिंह है, लेकिन 3 महीने पहले दोनों के बीच विवाद हुआ था। तब से दुकान पड़ी है और उनका सामान भी दुकान के अंदर ही था। 3,भाई बहन को धमकियां मिल रही थी पीड़ित ने बताया कि करीब 3 महीने से उन्हें धमकियां मिल रही थी। उन्हें मुकदमा वापस लेने के लिए भी धमकाया जा रहा था। कुछ दिन पहले दुकान मालिक तालों को खोलकर उनका सामान निकाल रहा था। दुकान में नगदी भी पड़ी हुई थी। दुकान मालिक से जब सामान मांगा तो उन्हें उनका सामान तक नहीं दिया गया। इसे लेकर लगातार विवाद चल रहा था। 3. समझौते के लिए बुलाकर हमला कियापीड़ित ने बताया कि शुक्रवार रात दुकान मालिक कुलदीप ने फोन कर आज दोनों भाई-बहन को समझौते के लिए बुलाया था। इसे लेकर आज दोनों वहीं पर समझौते के लिए गए थे, लेकिन सामान देने से इनकार कर दिया और अभद्र भाषा का उपयोग किया गया। दुकान मालिक और उसके बेटे के द्वारा पहले उसके ऊपर पेपर स्प्रे किया गया और दुकान के शटर हैंडल से हमला किया गया जिससे वह घायल हो गया। बाद में उसकी बहन अंजू गुर्जर पर भी पेपर स्प्रे कर हमला कर दिया और दुकान में बंद कर वहां से भाग गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। इसके बाद पुलिस ने उन्हें अस्पताल भिजवाया। पीड़ित ने कहा कि इसे लेकर वह शिकायत देकर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।
डीग कोतवाली पुलिस ने शनिवार को शहर के प्रमुख मार्गों गोवर्धन रोड और कामां रोड पर विशेष वाहन जांच अभियान चलाया। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस दौरान 30 चालान काटे गए। थाना कोतवाली डीग के सब इंस्पेक्टर अमर सिंह गुर्जर ने बताया कि अभियान में कुल 30 वाहनों के चालान किए गए, जिनमें दोपहिया और चारपहिया वाहन शामिल थे। इन चालानों से 26 हजार 700 रुपए का जुर्माना वसूला गया। कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस ने वाहन ड्राइवरों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक भी किया। दोपहिया वाहन सवारों को हेलमेट पहनने और चारपहिया वाहन ड्राइवरों को सीट बेल्ट लगाने की सलाह दी गई। पुलिस ने बताया कि हेलमेट और सीट बेल्ट कानूनी अनिवार्यता के साथ-साथ दुर्घटनाओं में जीवन बचाने में भी सहायक होते हैं। डीग कोतवाली पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित वाहन चलाएं। पुलिस ने सड़क सुरक्षा अभियान में सहयोग करने का आग्रह किया, ताकि सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सके और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
गिरवा में विराट हिंदू सम्मेलन के तहत शनिवार, 31 जनवरी 2026 को शाम 5:00 बजे बोहरा गणेश बस्ती में एक वाहन रैली निकाली गई। यह रैली बोहरा गणेश मंदिर से शुरू होकर क्षेत्र की विभिन्न कॉलोनियों से गुजरी और बोहरा गणेश चौराहा पर समाप्त हुई। रैली में लगभग 400 वाहनों और 800 से अधिक लोगों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। क्षेत्रवासियों ने घरों से पुष्पवर्षा कर रैली का स्वागत किया, जिससे उत्साह का माहौल रहा। भगवा ध्वजों और 'जय श्रीराम' के नारों से पूरा क्षेत्र धार्मिक वातावरण में सराबोर हो गया। वाहन रैली के बाद जनसमूह को संबोधित करते हुए विराट हिंदू सम्मेलन के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश बंसल ने कहा कि यह रैली हिंदू समाज की एकता, जागरूकता और संगठन शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि यह सम्मेलन किसी व्यक्ति या संगठन का नहीं, बल्कि संपूर्ण हिंदू समाज के आत्मसम्मान और सांस्कृतिक चेतना का अभियान है। बंसल ने कहा कि मातृशक्ति, युवा और वरिष्ठजनों के उत्साह को देखते हुए 1 फरवरी को होने वाली कलश यात्रा और शोभायात्रा ऐतिहासिक होगी। उन्होंने समाज से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने और भारतीय संस्कृति व परंपराओं के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। वाहन रैली का संचालन सम्मेलन के वाहन यात्रा संयोजक एडवोकेट लोकेश जोशी के नेतृत्व में हुआ। इस दौरान सम्मेलन के संयोजक शिव सिंह, कई गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, कार्यकर्ता और क्षेत्रवासी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। मीडिया प्रभारी नवीन पालीवाल ने बताया कि वाहन रैली के माध्यम से विराट हिंदू सम्मेलन के उद्देश्यों का व्यापक प्रचार-प्रसार हुआ है और जनसमर्थन लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रविवार, 1 फरवरी को प्रस्तावित कलश यात्रा और शोभायात्रा में भारी भीड़ उमड़ेगी और सम्मेलन ऐतिहासिक सफलता प्राप्त करेगा।
हरदा में कल (रविवार) दोपहर 10:30 से 2 बजे तक साढ़े तीन घंटे बिजली गुल रहेगी। यह कटौती 33/11 केवी हरदा शहर उपकेंद्र से निकलने वाले 11 केवी गुप्तेश्वर मंदिर और 11 केवी इंदौर रोड फीडर पर बड़े सिंधी कॉलोनी के पास 200 केवीए ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग कार्य के कारण होगी। बिजली कंपनी के जेई राकेश सिलोरे ने बताया कि इस कार्य से सिंधी कॉलोनी, IFSC कॉलोनी, राजधानी कॉलोनी, ड्रीमलैंड कॉलोनी, ब्रजधाम कॉलोनी, रौनक विहार क्षेत्र, अभिषेक ग्रीन वैली, सिविल लाइन, खंडवा बायपास, भवानी कुंज, घंटाघर और खेड़ीपुरा सहित कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। विद्युत वितरण कंपनी ने स्पष्ट किया कि कार्य की आवश्यकता और परिस्थितियों के अनुसार विद्युत आपूर्ति बंद रहने की अवधि को घटाया या बढ़ाया जा सकता है। कंपनी ने उपभोक्ताओं से इस दौरान सहयोग बनाए रखने की अपील की है।
लुधियाना जिले की खन्ना पुलिस ने सीआईए स्टाफ के दो कथित फर्जी कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इन पर लोगों को डरा-धमका कर पैसे वसूलने का आरोप है। यह मामला तब सामने आया जब यादविंदर सिंह अपनी दोस्त के साथ खन्ना के एएस कॉलेज के पास खाटू धाम इलाके में कार में बैठे थे। इसी दौरान एक सफेद रंग की अर्टिगा कार वहां रुकी। कार से उतरे दो युवकों ने खुद को सीआईए स्टाफ का सदस्य बताया। उन्होंने यादविंदर सिंह और उसकी दोस्त को धमकाना शुरू कर दिया, उनके मोबाइल फोन छीन लिए और थाने ले जाने की धमकी दी। आरोपियों ने यादविंदर सिंह से पैसों की मांग की। डरकर यादविंदर सिंह ने गूगल पे के जरिए 6700 रुपए ट्रांसफर किए। इसके अतिरिक्त, आरोपियों ने उससे 4800 रुपये नकद भी छीन लिए। आरोपियों ने यादविंदर की दोस्त के कानों से सोने की बालियां भी जबरन उतार लीं और मौके से फरार हो गए। CCTV और तकनीकी जांच से हुई आरोपियों की पहचान घटना के बाद यादविंदर सिंह ने सदर थाना खन्ना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और तकनीकी जांच की गई, जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान कर ली। जांच के उपरांत, पुलिस ने दोनों कथित फर्जी सीआईए कर्मचारी परगट सिंह और रमनप्रीत सिंह, निवासी गांव नौलड़ी, को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी खुद को पुलिसकर्मी बताकर लोगों को धमकाते थे और उनसे पैसे व कीमती सामान लूटते थे। खन्ना पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस अधिकारी बताकर डराने-धमकाने का प्रयास करे, तो उसकी पहचान की पुष्टि करें और तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें। पुलिस ने कहा कि ऐसे फर्जी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
भटेवर में ज्वैलरी शॉप पर चोरी का प्रयास:शटर नहीं खुलने से बदमाश हुए नाकाम, CCTV में कैद हुई वारदात
वल्लभनगर उपखंड क्षेत्र के भटेवर कस्बे में बीती रात चोरों ने एक ज्वैलरी दुकान में चोरी का प्रयास किया। बस स्टैंड के पास स्थित महालक्ष्मी जेवर नामक सोने-चांदी की दुकान को निशाना बनाया गया, लेकिन मजबूत शटर के कारण चोर दुकान में प्रवेश नहीं कर पाए। यह पूरी घटना दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। जानकारी के अनुसार, चोरों ने गोपाल सोनी की इस दुकान के ताले तोड़ दिए। हालांकि, काफी प्रयास के बाद भी वे दुकान का शटर खोलने में नाकाम रहे। इससे चोर अंदर घुसने में सफल नहीं हो पाए और उन्हें खाली हाथ ही भागना पड़ा। सीसीटीवी फुटेज में बदमाश चोरी का प्रयास करते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। घटना का पता सुबह तब चला जब दुकानदार गोपाल सोनी दुकान खोलने पहुंचे। उन्होंने टूटे हुए ताले देखे और तुरंत खेरोदा थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है। भटेवर चौकी से पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की।
पंजाब के लुधियाना में 26 जनवरी की रात कैब ड्राइवर से कथित हिरासत में मारपीट के मामले में FIR दर्ज होने के एक दिन बाद पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ने चारों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। इस मामले को सियासी रंगत ना मिलती इस कारण मामले की जांच DCP (इन्वेस्टिगेशन) हरपाल सिंह को सौंपी गई है। शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की।26 जनवरी की है घटना यह विवाद 26 जनवरी को ओल्ड सेशन कोर्ट चौक के पास सड़क हादसे के बाद सामने आया। कैब ड्राइवर रंजीत सिंह ने आरोप लगाया कि दूसरी कार से टक्कर के बाद पुलिस को बुलाया गया और बाद में पुलिस चौकी में उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। शुक्रवार को कई संगठनों ने भारत नगर चौक किया था जाम शुक्रवार को कई संगठनों ने भारत नगर चौक पर करीब चार घंटे तक प्रदर्शन किया, जिससे आस-पास के इलाकों में भारी जाम लगा और यातायात प्रभावित रहा। इसके बाद पुलिस ने तीन कर्मियों—हेड कांस्टेबल लवप्रीत सिंह, दीपक शर्मा (पंजाब होमगार्ड) और एक सहयोगी रोहित—के खिलाफ BNS की धाराओं 115(2), 127(2) और 351(3) के तहत डिवीजन नंबर-8 थाने में FIR दर्ज की। वहीं, हादसे में शामिल दूसरी कार के सवार राजीव गुप्ता (गांधी नगर) और अजय शर्मा (बिंद्राबन रोड) सहित उनके साथियों के खिलाफ भी BNS की धाराओं 298, 115(2) और 126(2) के तहत अलग FIR दर्ज की गई है। DCP हरपाल सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर FIR दर्ज की गई हैं। कथित आत्महत्या प्रयास के पहलू की भी जांच की जाएगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने से बचने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि गलत जानकारी फैलाने वालों पर कार्रवाई हो सकती है। खैरा ने की न्यायिक जांच की मांगसीनियर कांग्रेस नेता और भुलथ से विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने रंजीत सिंह से मुलाकात के बाद इस घटना को ‘चौंकाने वाला और अमानवीय’बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में पुलिस की मनमानी बढ़ रही है और हिरासत में हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। खैरा ने मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच, दोषी अधिकारियों के तत्काल निलंबन और पुलिस शक्तियों के दुरुपयोग पर रोक के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के नगर पंचायत मरवाही स्थित बरैहा सिवनी रोड पर एक शराब दुकान के संचालन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आदिवासी कांग्रेस छत्तीसगढ़ प्रदेश सचिव शुभम पेन्द्रो ने इस दुकान को नियमों का उल्लंघन बताते हुए प्रशासन को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में कार्रवाई नहीं हुई, तो उग्र धरना प्रदर्शन किया जाएगा। शुभम् पेन्द्रो ने अपने आदिवासी कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पीड़ित महिलाओं के साथ एसडीएम कार्यालय मरवाही पहुंचकर अपनी मांगें रखीं। उनका आरोप है कि यह शराब दुकान आदिवासी बहुल क्षेत्र में संचालित हो रही है, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शराबी आए दिन करते हैं गाली-गलौज पेन्द्रो ने मीडिया को बताया कि यह शराब भट्ठी स्थानीय निवासियों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। क्षेत्र में अधिकांश शिक्षित वर्ग के लोग रहते हैं और छोटे बच्चे अक्सर यहां खेलते रहते हैं। शराब दुकान सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक खुली रहती है, जो निवासियों के लिए असुविधाजनक है। उन्होंने यह भी बताया कि शराब दुकान के ठीक सामने सोनवैली स्कूल स्थित है। यहां शराबियों का लगातार आना-जाना लगा रहता है, और वे अक्सर अपशब्दों का प्रयोग करते और महिलाओं से झगड़ा करते हैं। मोहल्ले के लोगों को आए दिन ऐसी घटनाओं का सामना करना पड़ता है, जिसका बच्चों और स्थानीय लोगों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। शराब भट्ठी हटाने की मांग को नजरअंदाज कर रही प्रशासन इससे पहले भी शराबियों द्वारा महिलाओं के साथ कई बार अभद्र व्यवहार किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद शराब भट्ठी हटाने को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। नगर पंचायत मरवाही की महिलाओं और आदिवासी कांग्रेस प्रदेश सचिव ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि 10 दिन के भीतर कार्रवाई न होने पर वे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। अल्टीमेटम देते समय कई आदिवासी नेता और पीड़ित महिलाएं उपस्थित थीं।

