मटिहानी विधायक नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो सिंह की मां पार्वती देवी के द्वादश कर्म में शामिल होने के लिए प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव आज बेगूसराय के केशावे गांव पहुंचे। उन्होंने पार्वती देवी के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। इसके बाद बोगो सिंह सहित सभी परिजनों से बात की। इससे पहले तेजस्वी यादव मुफस्सिल थाना क्षेत्र के किल्ली गांव गए। वहां उन्होंने बीते दिनों मारे गए वकील अहमद के परिजनों से बात कर घटना की जानकारी ली। परिजनों से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने घटना पर दुख जताया और सभी दोषी को कड़ी सजा देने की मांग की। उन्होंने इस घटना को घोर अन्याय बताया है। तेजस्वी यादव ने कहा है कि बिहार में अपराधी विजय-सम्राट हो गए है। अररिया जैसी हत्या पहले कभी नहीं देखी। भाजपा के लोगों से और गोदी मीडिया से पूछिये कि बिहार में कौन सा राज है। क्राइम में प्रतिदिन इजाफा हो रहा पत्रकारों से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में घटनाएं बढ़ रही है। लॉ एंड ऑर्डर के मामले में बिहार पूरे देश में यूपी के बाद दूसरे नंबर पर है। 20 साल से यहां एनडीए की सरकार है। न कोई सुनवाई हो रही है न करवाई हो रही है। बल्कि क्राइम में प्रतिदिन इजाफा हो रहा है। कोई ऐसा दिन नहीं है जिस दिन हत्या, लूट, अपहरण, रेप की वारदात नहीं हो रही है। तेजस्वी यादव ने कहा कि हमने पहले भी कहा था कि अपराधी विजय और सम्राट को रखे हैं। सरकार अपराधियों को ही संरक्षण देने में लगी हुई है। सत्ता में जो लोग हैं वह बालू और दारू के नशे में मदहोश हैं। इनको बिहार के लोगों से कोई मतलब नहीं है। कुछ दिन पहले हमने अस्पताल की स्थिति को लेकर ट्वीट किया था। अस्पताल में न स्ट्रेचर है, न डॉक्टर है, न दवाई है, न इलाज है। स्कूल में न शिक्षा है, न क्वालिटी ऑफ एजुकेशन है, न टीचर है, न किसी सब्जेक्ट की पढ़ाई हो पा रही है, न कंप्यूटर की पढ़ाई हो पा रही है। पढ़ाई हो, दवाई हो, कमाई हो, सिंचाई हो, सुनवाई हो, कार्रवाई हो। सरकार सभी मुद्दों पर फ्लॉप हो चुकी है। बिहार की 14 करोड़ जनता परेशान उन्होंने कहा कि पहले चुनाव होता था तो सरकार 5 साल के लिए बनती थी, अब तो सरकार ही सरकार बनाने में लगी हुई है। ऐसे में सबके मन में लड्डू है, भाजपा में है कि कौन बनेगा, कौन नहीं बनेगा। बिहार की 14 करोड़ जनता परेशान है- महंगाई से, गैस के लिए, पेट्रोल-डीजल से, बेरोजगारी से, पलायन से। ओला गिरा, लेकिन किसानों को मुआवजा नहीं मिला, किसान मर रहे हैं। इन लोगों को बिहार के लोगों से कोई मतलब नहीं है । अपराधी तांडव किए जा रहा है। प्रशासन और अराजक हो गया है, अफसरशाही हावी हो गया है। लोग परेशान हैं, लोग चाहते हैं कि बिहार में भी सुख-शांति बनी रहे। अब तो रोड पर गला काट कर फेंक रहा है। आज अररिया का दृश्य सबने देखा है, दिनदहाड़े भरे बाजार में जो हुआ वैसा दृश्य कहीं नहीं देखा। चाकू भोंक-भोंककर गला काट कर अलग कर दिया और घंटे तक सिर लेकर घूम रहा होता है। आखिर यह कौन सा राज है, यह भाजपा के लोगों से पूछिए, गोदी मीडिया से पूछिए। यही व्यवस्था हम लोगों के शासन में हुआ होता तो लोग सरकार गिराने की बात करते। बिहार को महा जंगलराज बोला जाता है। सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है। नीतीश कुमार के राज्य सभा जाने के बात पर तेजस्वी यादव ने कहा कि हमने तो पहले ही कहा था और चुनाव में भी कहते थे कि इनको मुख्यमंत्री नहीं रहने देगा, यह पहले से ही तय था। बंगाल को लेकर तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनाव आयोग भाजपा का प्रकोष्ठ बनकर काम कर रही है।
सुपौल जिले के वीरपुर को विमानन प्रशिक्षण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। बिहार सरकार और भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन एयरो क्लब ऑफ इंडिया (एसीआई) के बीच एक अहम समझौता (एमओयू ) हुआ है। इस पहल का उद्देश्य मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की संकल्पना के अनुरूप बिहार को देश का ‘फ्लाइंग ट्रेनिंग हब’ के रूप में विकसित करना है। इस बीच 6 सदस्यीय टीम वीरपुर हवाई अड्डा का जायजा लेने पहुचे। एयरो क्लब ऑफ इंडिया के महासचिव अरविंद बडोनी ने बताया कि योजना के तहत बिहार को विमानन प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनाने की तैयारी है, ठीक उसी तरह जैसे इंजीनियरिंग शिक्षा के लिए कोटा प्रसिद्ध है। इससे देशभर के निवेशकों के बिहार आने की संभावना बढ़ेगी। साथ ही, प्रशिक्षण गतिविधियों के अलावा पर्यटन को भी बढ़ावा देने के लिए एविएशन इंस्टीट्यूट, पावर्ड फ्लाइंग, ग्लाइडिंग, बैलूनिंग, स्काईडाइविंग, पैराग्लाइडिंग, हैंग ग्लाइडिंग और पैरासेलिंग जैसी साहसिक खेलों की व्यवस्था की जाएगी। उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल निरीक्षण के लिए बिहार पहुंचा इसी क्रम में एयरो क्लब ऑफ इंडिया का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल निरीक्षण के लिए बिहार पहुंचा है। प्रतिनिधिमंडल में महासचिव अरविंद बडोनी, अमृता (एसीआई कार्यालय), अनिल वासन (एफटीओ कमीशन), इमो चाओबा सिंह (बैलूनिंग कमीशन), सुकुमार दास (पैरामोटर/पावर हैंग ग्लाइडिंग), तथा वर्ष कुकरेती (ड्रोन कमीशन) शामिल हैं। एयरो क्लब ऑफ इंडिया की स्थापना वर्ष 1927 में ‘रॉयल एयरो क्लब ऑफ इंडिया एंड बर्मा’ के रूप में हुई थी। यह देश का एक प्रमुख और पुराना विमानन संस्थान है, जो विमानन प्रशिक्षण, पायलट प्रमाणन और हवाई खेलों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। ‘नेशनल एयर स्पोर्ट्स कंट्रोल ऑफ इंडिया’ के रूप में मान्यता दी गई राष्ट्रीय हवाई खेल दिशानिर्देश 2023 के तहत एसीआई को ‘नेशनल एयर स्पोर्ट्स कंट्रोल ऑफ इंडिया’ के रूप में मान्यता दी गई है। यह संस्था हवाई खेलों के संचालन, सुरक्षा मानकों, प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के प्रतिनिधित्व के लिए सर्वोच्च प्राधिकरण के रूप में कार्य करती है। एसीआई के अध्यक्ष राजीव प्रताप रूडी के नेतृत्व में संस्था भारत को हवाई खेलों और विमानन प्रशिक्षण के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। बिहार में यह पहल राज्य के विकास और रोजगार सृजन के नए अवसर खोल सकती है। इस मौके पर एसडीएम वीरपुर नीरज कुमार, बीडीओ सुजीत कुमार मिश्रा समेत अन्य लोग मौजूद थे। महासचिव श्री बडोनी ने बताया कि उक्त हवाई अड्डा के डेवलप हो जाने से इंडो -नेपाल सीमावर्ती इलाके के नेपाल के विराटनगर जो पहले से विकसित है। जहाँ अंतर्राष्ट्रीय स्तर के टूरिस्ट घूमने आते है। इसके साथ साथ हिमालय पर्वत का दृश्य भी दिखता है। इसके साथ वीरपुर का भी विकास अच्छे से दिशा मिलेगी।
जीआरपी कानपुर सेंट्रल पुलिस ने बिहार निवासी रविंद्र कुमार को 14 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। इस गांजा की इंटरनेशल मार्केट में 15 लाख रुपए की कीमत है। आरोपी गांजा तस्कर ये गांजा बिहार ले जाने वाला था। लेकिन पुलिस ने उससे पहले उसे गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस आरोपी युवक को जेल भेजने की तैयारी कर रही है। GRP पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई 9 अप्रैल 2026 को कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन के पास हीरागंज पुल के उस पार रेलवे ट्रैक किनारे की गई। चेकिंग के दौरान संदिग्ध युवक को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें उसके बैग से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। उसके बाद आरोपी युवक को थाना GRP पर लाया गया। जहां उससे पूछताछ की गई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रविन्द्र कुमार (25) निवासी जिला जमुई, बिहार के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि वह गांजा लेकर बिहार जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और पुलिस के द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। GRP कानपुर सेंट्रल के प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह ने बताया रेलवे क्षेत्र में अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। इस पूरे ऑपरेशन में RPF टीम भी शामिल रही है।
असम, बिहार और पास के क्षेत्रों में IMD का ऑरेंज अलर्ट ; जानें अगले 48 घंटे आपके लिए कितने भारी?
असम में IMD ने ऑरेंज अलर्ट जारी कर पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी दी है। 9-10 अप्रैल के बीच सक्रिय मौसम प्रणाली से बिहार समेत कई क्षेत्रों में जलभराव और यातायात बाधित होने की आशंका है।
जमुई सांसद और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता अरुण भारती अपने दो दिवसीय दौरे पर जमुई पहुंचे। गुरुवार को तारापुर विधानसभा क्षेत्र के लिए रवाना होने से पहले उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने राज्य और देश की राजनीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली दौरे और बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर चल रही अटकलों पर सांसद भारती ने कहा कि एनडीए नेतृत्व इस विषय पर प्रक्रिया के तहत काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने की इच्छा व्यक्त की थी, जिसे ध्यान में रखते हुए आगे की रणनीति बनाई जा रही है। बिहार को जंगलराज से निकालकर विकास की राह पर लायाहालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। लेकिन, उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो भी एनडीए का मुख्यमंत्री होगा, उनकी पार्टी उसे पूरी तरह से समर्थन देगी। नीतीश कुमार के 20 साल के सत्ता में रहने के बाद एक युग के अंत होने के सवाल पर अरुण भारती ने कहा कि यह एक युग का अंत है, लेकिन इस अवधि में बिहार को 'जंगलराज' से बाहर निकालकर विकास की राह पर लाया गया है। उन्होंने जोर दिया कि एनडीए इस विकास यात्रा को आगे भी मजबूती से जारी रखेगा। इस दौरान उन्होंने अपनी व्यक्तिगत इच्छा भी जाहिर की। सांसद भारती ने कहा कि आने वाले समय में लोजपा (रामविलास) के कार्यकर्ता चिराग पासवान को बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। निर्णय प्रक्रिया में उनकी भूमिका मजबूत होगीमहिला आरक्षण संशोधन बिल पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस कदम का स्वागत किया। उन्होंने इसे महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया, जिससे राजनीति में उनकी भागीदारी बढ़ेगी और निर्णय प्रक्रिया में उनकी भूमिका मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि महिलाएं देश की आधी आबादी हैं, ऐसे में यह कदम सराहनीय है। तीन राज्यों में हो रहे चुनावों को लेकर उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें। उन्होंने लोगों को ऐसी सरकार चुनने की सलाह दी जो विकास और सुरक्षा सुनिश्चित करे, और किसी के बहकावे में न आएं। चुनावी रणनीति को लेकर लगातार समीक्षा की जा रहीउत्तर प्रदेश में लोजपा (रामविलास) के विस्तार पर उन्होंने कहा कि पार्टी वहां अपनी पहचान मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को लेकर लगातार समीक्षा की जा रही है और अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा। वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार नीतीश कुमार के विजन और कमिटमेंट को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि वे व्यक्तिगत टिप्पणी करने के बजाय अपनी नीतियों और योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करें तथा जनता का विश्वास जीतने का प्रयास करें।
बताया जा रहा है कि 14 अप्रैल को नीतीश कुमार सीएम पद से स्वेच्छा से इस्तीफा दे देंगे। दिल्ली से लौटकर मंत्रिमंडल की बैठक होगी। 13 अप्रैल को कैबिनेट मीटिंग की चर्चा है।
बिहार को अगले एक हफ्ते में नया मुख्यमंत्री मिल सकता है। फिलहाल सीएम नीतीश कुमार आज दोपहर एयर इंडिया की फ्लाइट से दिल्ली रवाना हो रहे हैं। दिल्ली पहुंचने के बाद वे शाम को अपने आवास पर जदयू के वरिष्ठ नेताओं के साथ अहम बैठक करेंगे, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। मंत्री विजय चौधरी ने जानकारी दी थी कि नीतीश कुमार 9 अप्रैल को दोपहर 3:20 बजे की फ्लाइट से दिल्ली जाएंगे। 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री 12 अप्रैल को दिल्ली से पटना लौटेंगे। इसके बाद 13 अप्रैल को कैबिनेट की संभावित आखिरी बैठक हो सकती है। 14 अप्रैल को नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। दिल्ली में बिहार सीएम के नाम पर होगा मंथन बताया जा रहा है कि 15 अप्रैल को बिहार में नई सरकार का गठन संभव है। दिल्ली में होने वाली बैठकों में बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर मंथन होगा। इधर, मंत्री विजय चौधरी ने बिहार के नए CM को लेकर बड़ा संकेत दिया है। पत्रकारों ने उनसे सवाल किया तो उन्होंने कहा, जो नाम आप लोग चला रहे हैं, उसी को आगे बढ़ाया जाएगा। बिहार के CM को लेकर अभी जो नाम सबसे आगे से वो सम्राट चौधरी का बताया जा रहा है। 10 अप्रैल को नए CM पर दिल्ली में BJP की बैठक 10 अप्रैल को ही बिहार भाजपा की अहम बैठक भी दिल्ली में होगी। प्रदेश भाजपा कोर कमेटी के नेताओं से औपचारिक रुप से बिहार के मुख्यमंत्री के नाम पर आम सहमति ली जाएगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पीएम नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हो सकते हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, केन्द्रीय मंत्री नित्यानंद राय, सांसद संजय जायसवाल, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेन्द्र जी व प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया, मंत्री दिलीप जायसवाल, मंगल पांडेय समेत अन्य नेता भी रहेंगे। नीतीश के पटना लौटने के बाद होगी NDA विधायकों की बैठक नीतीश कुमार बतौर राज्यसभा सदस्य शपथ लेकर पटना वापसी पर किसी दिन एनडीए विधानमंडल दल की बैठक बुला सकते हैं। बैठक में वह सीएम पद छोड़ने की जानकारी आधिकारिक तौर पर विधायकों को देंगे। फिर राज्यपाल को इस्तीफा सौंपेंगे। नई सरकार के गठन को पहले एनडीए के सभी घटक दलों के विधायक दल की अलग-अलग बैठकों में नेता चुने जाएंगे। इसके बाद एनडीए विधानमंडल दल के नेता की घोषणा संयुक्त बैठक में होगी। जो NDA गठबंधन के नए नेता चुने जाएंगे वो सरकार बनाने का प्रस्ताव राज्यपाल को सौंपेंगे। चर्चा के मुताबिक 15 अप्रैल के बाद ही नई सरकार बिहार में बनेगी। पद छोड़ने के पहले सीएम की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक होने के भी आसार हैं, जिसमें कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। विधान परिषद सदस्य से दे चुके हैं इस्तीफा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 30 मार्च को को MLC पद से इस्तीफा दिया था। 20 साल सदन में रहने के बाद उन्होंने 29 शब्दों में बिहार विधान परिषद को अलविदा कह दिया। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद मंत्री अशोक चौधरी भावुक नजर आए। वो फफक कर रोते दिखे। उन्होंने कहा, 'नीतीश कुमार जैसा देश में दूसरा कोई नहीं हो सकता है। अशोक चौधरी बोले- नीतीश जैसा नेता देश में दूसरा नहीं नीतीश कुमार के एमएलसी पद से इस्तीफे के बाद मंत्री अशोक चौधरी ने कहा, 'लंबे समय से मैं उनके साथ हाउस में हूं। कोविड आया तो मैं उनसे ज्यादा क्लोज हुआ। वो बड़े नेता हैं। सम्मानित व्यक्ति हैं। प्रदेश के अभिभावक हैं। उनके काम करने का तरीका, विरोधियों के प्रति भी सम्मान रखना, स्नेह रखना। उनके व्यक्तिगत काम की भी चिंता करना। इस देश में कोई दूसरा नीतीश कुमार नहीं हो सकता है।'
“आज असम में चुनाव है। हम 50 से ज्यादा वोटर्स बिहार में फंसे हैं। पुलिस जाने नहीं दे रही है। वह अधिकारी के आदेश का इंतजार कर रही है। हम वोट नहीं दे पाए तो हमारे ऊपर बंग्लादेशी होने का ठप्पा लग जाएगा। हम असम से भी बाहर कर दिए जाएंगे। असम में रहना है तो वोट देना जरूरी है। अब समझ में नहीं आ रहा है क्या करें। कई बार पुलिस वालों से रिक्वेस्ट कर चुके हैं। हमें वोट करने से रोका क्यों जा रहा है। हम तो कहीं के नहीं रहे, बिहार में बेटियों पर खतरा है, असम में वोट नहीं किया तो वहां रहने की मुश्किल है।” यह बिहार के सहरसा में डर्टी फार्म हाउस कांड में फंसे 50 से अधिक असम के वोटर्स का दर्द है। फार्म हाउस पर पुलिस का ऐसा पहरा है कि वोटर्स वोट के लिए अपने प्रदेश नहीं जा पा रहे हैं। 29 मार्च को पुलिस ने सहरसा से JDU नेता ओवैस करनी उर्फ चुन्ना मियां के ईंट भट्ठे से 70 मजदूरों को रेस्क्यू किया था। इनमें 7 नाबालिगों ने यौन शोषण के आरोप लगाए थे। आरोपी JDU नेता पुलिस गिरफ्तर में है, लेकिन पुलिस ने जांच के नाम पर पीड़ित परिवारों को भी बिहार में रोक रखा है। उन पर पुलिस का पहरा लगा दिया गया है। भास्कर इन्वेस्टिगेशन में पढ़िए और देखिए बिहार पुलिस के पहरे में कैद असम के वोटर्स की कहानी.. डर्टी फार्म हाउस के खुलासे के बाद पुलिस का पहरा 29 मार्च को सहरसा के नया टोला में डर्टी फार्म हाउस का खुलासा हुआ। यह फार्म हाउस JDU नेता ओवैस करनी का है। यहां से 14 से 16 साल की 7 लड़कियों को रेस्क्यू किया गया। जांच के दौरान लड़कियों ने JDU नेता पर यौन शोषण से लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। पुलिस ने आरोपी JDU नेता ओवैस के साथ उसके सहयोगी मुंशी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद फार्म हाउस में पुलिस की तैनाती कर दी गई। पुलिस असम के परिवारों पर नजर रख रही है, ताकि कोई बिहार से बाहर नहीं जा पाए। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में सबसे पहली कड़ी ठेकेदार नजरुल का पता चला, जो असम से मजदूरों को फार्म हाउस पर लाया था। हमने वोटर्स से लेकर ठेकेदार और फार्म हाउस में पुलिस के पहरे तक की पड़ताल की है। असम के लोगों को बिहार में छोड़कर फरार होने वाले ठेकेदार को भी ढूंढ निकाला। बिहार से असम तक भास्कर की इन्वेस्टिगेशन भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम ने बिहार से लेकर असम तक पड़ताल की। हमें पता चला कि असम के धुबरी/गोलक गंज और गौरीपुर विधानसभा क्षेत्र के 50 से अधिक वोटर्स इस बार वोट नहीं कर पांएगे। विधानसभा 23 और 24 के इन वोटर्स के लिए वोट नहीं डालना बड़ी मुश्किल होगी। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम सबसे पहले असम के वोटर मोहम्मद अली से मिली। वह JDU नेता ओवैस करनी के फार्म हाउस और ईंट भट्ठे पर काम करता था। मोहम्मद अली की जुबानी वोट नहीं देने की पूरी कहानी जानिए। मोहम्मद अली ने बताया, “हम लोगों को ठेकेदार नजरुल पैसे का लालच देकर बिहार लाया था। शुरुआत में लगभग 60 लोग आए थे। अब लगभग 50 लोग बचे हैं, क्योंकि 10 लोग यहां से भागकर निकल गए हैं। अब काम बंद हो जाने के बाद भी कहा जा रहा है कि हम घर नहीं जा सकते हैं, नहीं तो समस्या हो जाएगी। हम भी जाना चाहते हैं, लेकिन हम लोगों को रोका जा रहा है। अगर हम वोट नहीं देंगे तो हमें डी-वोटर बना दिया जाएगा, यहां तक कि हमें बांग्लादेशी तक कह दिया जाता है। इसलिए वोट देना बहुत जरूरी है। अगर हम जिंदा हैं तो वोट देना ही होगा। हम लोग कलेक्टर के पास गए थे, उन्होंने कहा ठीक है, हम देख रहे हैं। इसके बाद एक अधिकारी आए और बोले कि आज गाड़ी लगवा देंगे। पिछले 12 दिनों से यही कहा जा रहा है। लेकिन वोटिंग है, तो हम शायद वोट नहीं दे पाएंगे। अगर देर रात पहुंचेंगे तो वोट कैसे दे पाएंगे।” JDU नेता जेल गया, पैसे कौन देगा भास्कर की पड़ताल में असम के वोटर्स ने बताया कि कोई ध्यान ही नहीं दे रहा है कि हमारा वोट कैसे पड़ेगा। ठेकेदार ने JDU नेता को असम से लाकर आदमियों को सौंप दिया था। अब नेता जेल चला गया है। पैसे कौन देगा, इसका कोई जवाब नहीं दे रहा है। प्रशासन कोई जिम्मेदारी नहीं ले रहा है। मोहम्मद अली ने अपना दर्द बताया, “हम लोग लगातार कह रहे हैं कि वोटिंग से पहले हमें भेज दिया जाए। हमें ईंट और मिट्टी का काम दिया गया था। 1000 ईंट पर खाने के लिए 120 से 130 रुपए मिलते थे। बाकी पैसा जमा रखा जाता था, जिसे आखिर में देने की बात कही गई थी। नजरुल नाम का आदमी, जो असम का रहने वाला है, वह अब भाग गया है। उस पर भी दबाव था और उसे मारा-पीटा जाता था। डर के कारण वह यहां से चला गया है। अब उसका कोई पता नहीं है। हम लोग किसी तरह घर जाना चाहते हैं। अगर गाड़ी मिल जाए तो हम तुरंत निकल जाएंगे, लेकिन अधिकारियों के चक्कर में ही हम लोग यहां फंस गए हैं। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम ने वोटर्स की पूरी जानकारी निकालने के लिए असम तक अपना नेटवर्क एक्टिव किया। काफी पड़ताल और खोजबीन के बाद कई ऐसे कॉन्टेक्ट मिले जिन्होंने हमें बिहार में फंसे वोटर्स के परिवार वालों के मोबाइल नंबर मुहैया कराए। भास्कर रिपोर्टर ने बिहार में फंसे असम के वोटर्स के परिवार वालों से वीडियो कॉल पर बात की। रिपोर्टर - आपके कितने लोग फंसे हैं, जिन्हें वोट देना है?रिजवान - यहां से हमारे 72 परिवार बिहार में काम के लिए गए थे। रिपोर्टर - यहां पर आप लोगों को कौन लाया?रिजवान - कंपनी के आदमी ने ठेकेदार को फोन किया था, उसी से बात हुई, जिसके बाद हमारे लोग वहां गए। रिपोर्टर - चुनाव में उन्हें नहीं जाने दिया जा रहा है क्या?रिजवान - उन्हें आने नहीं दिया जा रहा है, सब लोग परिवार के साथ फंस गए हैं। रिपोर्टर - अब कैसे वोट कर पाएंगे?रिजवान - वही तो चिंता है, अगर वोट नहीं दिया तो डी-वोटर कहे जाएंगे। रिपोर्टर - आप लोगों ने अपने यहां प्रशासन से मांग नहीं की?रिजवान - सब तरह से कोशिश की है, कोई हल नहीं निकला। रिपोर्टर - वहां के जनप्रतिनिधि से बात नहीं की क्या आप लोगों ने?रिजवान - बात तो हुई है सबसे, लेकिन वहां हमारे लोग पुलिस के पहरे में फंसे हैं। JDU नेता ने ठेकेदार को बांधकर पीटा, बिजली का झटका दिया भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में पता चला कि JDU नेता ने असम से 70 से अधिक परिवारों को लाने वाले ठेकेदार को JCB से बांधकर पीटा था। बिजली का करंट भी लगाया था। इसकी वजह पता चली कि ठेकेदार नजरुल ने लड़कियों के लिए पैसे लिए थे, लेकिन वो JDU नेता की पसंद की लड़कियां नहीं लाया था। पता चला कि ठेकेदार असम का ही रहने वाला था, इसलिए वोटर्स के लिए परिवार वालों से हमारी टीम ने इसकी भी जानकारी ली। परिवार वालो ने भी इस घटना को सही बताया। रिजवान ने बताया ठेकेदार लड़कियों को नहीं ले गया थाा, इसलिए उसे बांधकर पीटा गया। इसके बाद ठेकेदार भागकर असम आ गया। रिपोर्टर - इस बार वोट नहीं देंगे तो अगली बार दे देंगे।रिजवान - नहीं-नहीं, वोट देना पड़ेगा, यहां सब लोग यही कह रहे हैं। रिपोर्टर - वहां आपके कौन लोग फंसे हैं?रिजवान - वहां मेरे परिवार के लोग हैं, मां-बाबा सब फंसे हैं। बहुत चिंता हो रही है। रिपोर्टर - उनके साथ और भी वोटर हैं?रिजवान - मोटा-मोटी मेरे गांव के 62 वोटर बिहार में फंसे हुए हैं। रिपोर्टर - अगर वो लोग वोट नहीं देंगे तो क्या होगा?रिजवान - असम में बहुत सख्ती है, सब डेटा ऊपर तक जाता है। रिपोर्टर - मतलब, वोट नहीं देगा तो नाम कट जाता है क्या?रिजवान - हां, डी-वोटर हो जाता है, फिर उसका सुधार कराने में परेशानी होती है। रिपोर्टर - मतलब 63 लोग अभी तक नहीं पहुंचे हैं?रिजवान - हां, मेरे भी परिवार के लोग उधर हैं। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम की पड़ताल के दौरान असम के धूमरी विधानसभा के वोटर्स से बात हुई। इसमें वोट को लेकर मोहम्मद हसन काफी जागरुक दिखे। उन्हें वोट नहीं देने की बहुत तकलीफ है। उनका कहना है कि असम में बिहार जैसी स्थिति नहीं है। हमने वोट नहीं दिया तो हमारा नाम ही कट जाएगा। फिर असम में बोला जाएगा कि हम बांग्लादेशी हैं। जानिए वोटर मोहम्मद हसन ने क्या कहा। “एक अधिकारी आए और कहा कि आज गाड़ी लगवा देंगे। पिछले 12 दिनों से यही कहा जा रहा है। हमारे साथ तो धोखा ही हुआ है। ठेकेदार नजरुल लेकर आया और फंसाकर चला गया। हम सभी वोट देने के लिए जाना चाहते हैं, लेकिन यहां का प्रशासन हमारे साथ धोखा कर रहा है। अगर हम वोट नहीं देंगे तो हमारी सभी सुविधाएं खत्म हो जाएंगी। हमें डी-वोटर बना दिया जाएगा, यहां तक कि हमें बांग्लादेशी तक कहा जाएगा। हम लोग कलेक्टर के पास गए थे। उन्होंने कहा कि ठीक है, हम देख रहे हैं। इसके बाद एक अधिकारी आए और कहा कि आज गाड़ी लगवा देंगे। पिछले 12 दिनों से यही कहा जा रहा है, लेकिन अब तक कोई जिम्मेदारी से काम नहीं किया है। अब हम शायद वोट नहीं दे पाएंगे। हम लोग लगातार कह रहे हैं कि वोट से पहले हमें भेज दिया जाए। ठेकेदार नजरुल असम का है, लेकिन उसका भी कोई पता नहीं चल रहा है। वह अब भाग गया है, उस पर भी दबाव था और उसे मारा-पीटा जाता था। डर के कारण वह भाग गया। अगर गाड़ी मिल गई होती तो हम वोट देने घर जा सकते थे। अब तो पैसा भी नहीं है कि यहां से असम तक पहुंच पाएं।” भास्कर की पड़ताल में असम के विधानसभा नंबर 24 के वोटर्स से भी बात हुई। इसमें नसीमुद्दीन भी शामिल हैं, नसीमुद्दीन ने कहा हमारे पीछे पुलिस लगा दी गई है। फार्म हाउस से कहीं बाहर नहीं जाने दिया जाता है। ऐसे में हम असम कैसे जा सकते हैं। पढ़िए नसीमुद्दीन की जुबानी वोट नहीं देने का दर्द। “यहां हर तरफ से पुलिस लगी है, बोल रही है कि साहब का आदेश होगा तब ही जाना होगा। ऐसा लग रहा है कि हम लोग ही अपराधी हैं। हम वोट नहीं दे पाएंगे तो इनका क्या फायदा होगा। हम तो वोट के लिए पहले से ही काफी तैयारी किए थे। इस बीच कांड हो गया जिसके बाद पूरा मामला बिगड़ गया है। हमें यहां आए सात महीने हो गए हैं। आने से पहले कहा गया था कि 6 महीने काम करना है, लेकिन अब 7 महीने हो गए हैं और हमें जाने नहीं दिया जा रहा है। हमारे सरदार के साथ मारपीट की गई थी, जिसके बाद वह भाग गया और हम यहां फंसे हुए हैं। साहब लोग पिछले 5 दिनों से कह रहे हैं कि कल चले जाना, लेकिन जाने नहीं दिया जा रहा है। रोज आज कल किया जा रहा है। हमें एक वक्त बस सुबह का खाना मिलता है। रात में खाना भी नहीं मिलता, सुबह का बचा हुआ खाना ही थोड़ा-थोड़ा रात में दे दिया जाता है। यानी दिन का ही खाना रात में भी दिया जाता है। एक बच्चा भी बीमार हो गया है। लेबर को 1000 रुपए मिलते थे, अभी यहां पुलिस लगी है, जो कह रही है कि साहब का आदेश होगा तब ही जाने दिया जाएगा।” पड़ताल के दौरान रिपोर्टर की मुलाकात जहरुलहक से हुई। वह मजदूर हैं, लेकिन वोट को लेकर काफी गंभीर दिखाई दिए। उन्होंने बताया कि हम सभी मजदूरों को हमारे ही जिले से करीब 50 की संख्या में यहां काम के लिए लाया गया था, अब वोट डालने के लिए भी नहीं जाने दिया जा रहा है। पढ़िए जहरुल हक के वोट नहीं दे पाने का दर्द। “यहां आए हुए 7 महीने हो चुके हैं। हालात दिन-ब-दिन और खराब होते जा रहे हैं। शुरुआत में हमें लालच देकर 40 हजार रुपए एडवांस दिए गए थे और कहा गया था कि 6 महीने काम करने के बाद पूरी मजदूरी देकर वोट डालने के लिए घर भेज दिया जाएगा। अब हम यहां ऐसे फंस गए हैं कि ना तो वोट डालने जा पा रहे हैं और ना ही यहां से निकलने की सोच पा रहे हैं। हमें यहां लेकर आने वाला ठेकेदार नजरूल फरार हो गया है। वह असम के गौरीपुर का रहने वाला है, लेकिन उससे कोई कॉन्टेक्ट नहीं हो पा रहा है। हम लोग भी उसी इलाके, गौरीपुर विधानसभा क्षेत्र के निवासी हैं। अब जब हमारे क्षेत्र में चुनाव हो रहा है तो हम सभी वोटर अपने घर जाकर मतदान करना चाहते हैं, लेकिन हमें जबरन रोका जा रहा है।” असम के वोटर्स को फंसाने वाले ठेकेदार को भास्कर ने ढूंढ निकाला बिहार में फंसे 50 से अधिक असम के वोटर्स से बात करने के बाद भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम ने उस ठेकेदार को भी ढूंढ निकाला। ठेकेदार की तलाश में भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम को बिहार से लेकर असम की दो विधानसभा क्षेत्रों में अपना नेटवर्क एक्टिव करना पड़ा। पढ़िए भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम कैसे पहुंची उस ठेकेदार के पास जिसने बिहार में असम के वोटर्स को फंसाया। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम को असम के वोटर्स से ठेकेदार नजरुल का इनपुट मिला। वोटर्स के पास ठेकेदार का जो मोबाइल नंबर था वह स्विच ऑफ था। ऐसे में ठेकेदार तक पहुंच पाना हमारे लिए बड़ी चुनौती थी, लेकिन मामला गंभीर था इसलिए नजरुल तक पहुंचना जरुरी था। नजरुल हक असम के गौरीपुर विधानसभा क्षेत्र का रहने वाला है, लेकिन वहां के सभी कॉन्टेक्ट खंगालने के बाद भी रिपोर्टर की बात ठेकेदार से नहीं हो पाई। ठेकेदार तक पहुंचने के लिए भास्कर रिपोर्टर ने बिहार के 6 से अधिक ईंट भट्ठे पर संपर्क किया। इसके बाद गौरीपुर विधानसभा क्षेत्र के एक मुखिया का नंबर मिला। घंटों मशक्कत के बाद मुखिया ने ठेकेदार से वीडियो कॉल पर बात कराई। जानिए ठेकेदार नजरुल पिटाई के बाद कैसे असम के वोटर्स को बिहार में छोड़कर अपनी जान बचाकर भागा। नजरुल ने बताया, “हमारे लोग उधर से फोन कर रहे हैं। मैं भी वहां था, लेकिन मैं भागकर यहां आ गया। अगर नहीं आता तो JDU नेता हमारी हत्या कर देता। कितने दिन मैं बर्दाश्त कर पाता? जब बर्दाश्त नहीं हुआ तो वहां से भाग आया। गांव वाले कह रहे हैं कि किसी तरह से उन्हें लेकर आओ। मैं तो लोगों को लेकर जाता हूं, लेकिन इतना लफड़ा पहली बार हुआ है। वहां हर तरह की गंदगी थी, लड़कियों के साथ गलत काम होता था। मालिक नेता था, बहुत बदमाश था। बात-बात में गोली मारने की धमकी देता था। एक आदमी को गोली मारी गई, पैर में गोली लगी थी। अब मैं जाऊं तो क्या होगा? JCB में बांधकर मारता था। जो मालिक है, अगर कोई लड़की उसे पसंद आ जाए, तो बुलाता है कि उसे हमारे पास लाओ। हम तो काम करने आए थे, लेकिन वह लड़कियों को अंदर बुला लेता था। हमारा तो ठेकेदार का काम है जगह-जगह ठेकेदारी करते हैं। आदमी पहुंचाते हैं, लेकिन यह नहीं पता था कि जहां आदमी पहुंचा रहे हैं वह इंसान नहीं राक्षस है। हम तो इतना डर गए हैं कि बिहार में जाने की हिम्मत नहीं है। वह देखेगा तो मार डालेगा क्योंकि उसकी पसंद की लड़की हम नहीं पहुंचा पाए हैं। वह हमसे हमेशा नॉर्थ ईस्ट की सुंदर लड़कियों की डिमांड करता था। इस बार 70 से अधिक परिवार दिए, लेकिन उसमें उसके पसंद की लड़कियां कम थीं, इसलिए वह गुस्सा हो गया। मुझे JCB में बांधकर पीटा, बिजली का करंट लगाया। भागा नहीं होताा तो लड़की के कारण मेरी जान ले लेता। अब जो लोग फंसे हैं,वह आ जाएं, हम बिहार दोबारा जाएंगे ही नहीं।” SP बोले- पुलिस ने किसी को नहीं रोका सहरसा SP सुबोध कुमार ने कहा, “पुलिस ने किसी को भी नहीं रोका है और थाने को भी ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया गया है। जिन लोगों का रेस्क्यू किया गया है, उन्हें सामान्य प्रक्रिया के तहत संरक्षण में रखा जाता है, ताकि उन पर किसी प्रकार का दबाव न पड़े।” ---------------- इससे जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… JDU नेता असम की लड़कियां होटलों में भेजता है:पीड़ित बोली- फार्महाउस में रातभर डांस कराया, टैबलेट खिलाईं; ओवैस की CM के साथ फोटो “हम लोगों को रात में होटल ले जाते थे। वहां घंटों जिस्म से खेला जाता था। नेताजी के गेस्ट वहां पहले से मौजूद रहते थे। जिसका जैसा मन करता था, वैसा करने लगता था। हम चाहकर भी विरोध नहीं कर पाते थे। गेस्ट हम लोगों को बहुत दर्द देते थे। रात में वापस घर भेज दिया जाता था। हम तो समझ भी नहीं पाते थे, हमारे साथ क्या हो रहा है। जाने के लिए मना करते तो वो लोग मारपीट करते थे। भगवान से यही मांगते थे कि रात न हो, क्योंकि हर रात ऐसे ही दर्द से गुजरना पड़ता था..।” यह दर्द 14 साल की उस मासूम का है, जिसके खुलासे के बाद सहरसा के JDU नेता ओवैस करणी उर्फ मुन्ना मुखिया तक पुलिस पहुंची। वह अकेली नहीं ऐसी ही पीड़ित 7 मासूमों ने मुन्ना मुखिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पूरी खबर पढ़िए स्वीमिंग पुल में नहाती लड़कियों को देखता था JDU नेता:पीड़ित बोली- पुलिस-VIP गेस्ट भी आते; एजेंट्स से नॉर्थ ईस्ट की लड़कियां मंगवाता “JDU नेता मुंशी से रोज रात को मेरी बेटी को बुलवाता था। बेटी बताती थी कि वहां एक स्वीमिंग पुल है। जिसमें कपड़े उताकर नहाने के लिए कहते थे। मालिक गार्डन में बैठकर हमें नहाते देखते थे। इधर-उधर टच करते थे। पुलिस और बड़ी-बड़ी गाड़ियों से लोग भी वहां आते थे।” ये कहना है 14 साल की नाबालिग लड़की की मां का, जिसे असम से JDU नेता ओवैस करनी उर्फ चुन्ना मियां के यहां मजदूरी के लिए लाया गया था। इनपुट के बाद भास्कर इन्वेस्टिगेशन टीम JDU नेता के फार्म हाउस पहुंची। ये बिल्कुल सुनसान जगह पर बना है। यहां हमें वो सब मिला जो पीड़ित लड़की की मां ने बताया था। पूरी खबर पढ़िए
भीलवाड़ा: गौवंश से क्रूरता करने वाला आरोपी बिहार में गिरफ्तार, 20 हजार का था इनाम
भीलवाड़ा में गौवंश के साथ अमानवीय कृत्य करने वाले 'साइको' अपराधी को रेलवे पुलिस ने बिहार में दबोचा, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 8 टीमों ने की कार्रवाई।
10वीं पास युवाओं के लिए खुशखबरी ; बिहार ITI में सरकारी सीट पाने का मौका, जानिए कैसे भरें फॉर्म
बिहार ITI CAT 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 33,000 से अधिक सीटों के लिए 17 मई 2026 को परीक्षा होगी। BCECEB द्वारा आयोजित इस परीक्षा के लिए 14 अप्रैल अंतिम तिथि है, जिसमें आवेदन शुल्क, पात्रता, प्रक्रिया और आधिकारिक वेबसाइट की पूरी जानकारी शामिल है।
पलामू पुलिस ने रांची से बिहार के मुजफ्फरपुर ले जाई जा रही 2 लाख रुपए मूल्य की अंग्रेजी शराब जब्त कर दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के बसौरा स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज के पास की गई। पुलिस ने बिना नंबर प्लेट के एक चार पहिया वाहन से भारी मात्रा में शराब बरामद की। गिरफ्तार किए गए तस्करों की पहचान रांची के मांडर थाना क्षेत्र के करगे बहेरा टोली निवासी अरसद अंसारी (24) और अनिल कुमार साहू (30 ) के रूप में हुई है। लेस्लीगंज थाना प्रभारी उत्तम कुमार राय ने बुधवार को इस घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि पुलिस को रांची से मुजफ्फरपुर शराब तस्करी की सूचना मिली थी। इसी क्रम में मंगलवार शाम जानकारी मिली कि बसौरा स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज के पास एक बिना नंबर प्लेट की वैगनआर गाड़ी खड़ी है और दो व्यक्ति उसे चालू करने का प्रयास कर रहे हैं। गाड़ी में शराब भरी होने का संदेह था। वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने के बाद कार्रवाई की गई। उपनिरीक्षक विक्रम शील और जवान जयप्रकाश सिंह व सोमाय बोदरा को मौके पर भेजा गया। पुलिस को देखकर दोनों संदिग्ध भागने लगे, लेकिन जवानों की मदद से उन्हें पकड़ लिया गया। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों से गाड़ी में मिली शराब के कागजात मांगे गए, लेकिन वे कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए। इसके बाद गाड़ी सहित शराब जब्त कर दोनों तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया। बरामद की गई शराब में विदेशी कंपनी की 750 एमएल की 218 बोतलें और 375 एमएल की 48 बोतलें शामिल हैं।
पटना के बोरिंग रोड में महिलाएं सिगरेट पीती हैं, शराब पीती हैं और पुरुष उनका मुंह देखते हैं। ये दावा किया है JJD नेता और लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने। उन्होंने ये भी कहा कि बिहार में हर जगह शराब मिल रही है। महिलाएं हो या पुरुष सभी लोग शराब पी रहे हैं। इतना ही नहीं, पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने सीएम नीतीश के बेटे निशांत कुमार को शून्य बट्टे सन्नाटा बता दिया। तेजप्रताप ने कहा, 'निशांत कुमार नए-नए हैं, उनको ज्यादा कुछ नहीं आता है।' बिहार में शराब बंदी फेल- इसलिए नीतीश दिल्ली जा रहे तेजप्रताप यादव बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कई सारे मुद्दे पर अपनी बात रखी। शराबबंदी पर रिएक्शन देते हुए तेजप्रताप ने कहा, “बिहार में शराबबंदी फेल है, इसलिए नीतीश कुमार बिहार छोड़कर दिल्ली चले गए। उनको दिल्ली नहीं जाना चाहिए था। अब दिल्ली जाने का नीतीश ने मन बना लिया है। उसके पीछे क्या राज है, हम तो जानते हैं, लेकिन हम आपको नहीं बताएंगे। सीएम नीतीश के दिल्ली जाने पर हम नाराज क्यों होंगे। चाचा जी सब जगह चले जाएं, चांद, सूरज पर चले जाएं।” तेजस्वी को बिहार को POOR नहीं बोलना चाहिए केरलम में चुनाव प्रचार के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार को देश का सबसे POOR स्टेट बताया था। इस पर तेज प्रताप ने कहा, तेजस्वी ने बिहार को गरीब बताया है, क्या स्टेट POOR है, लेकिन बिहार के लोगों को अच्छा सोचना चाहिए। हमारा जन्म यहां हुआ है। ऐसा उनको नहीं बोलना चाहिए, ये ठीक बात नहीं है, हमारे भाई हैं। तेजस्वी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के सवाल पर तेज प्रताप ने कहा, “यह उनके दल का मामला है, वही बेहतर तरीके से बताएंगे। वो बच्चे नहीं हैं। तेजस्वी RJD के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष हैं, तो संभव है कि वे आगे चलकर पार्टी की जिम्मेदारी संभालेंगे। विचारों की लड़ाई है और यह आगे भी चलती रहेगी।” बंगाल चुनाव पर दिया रिएक्शन तेज प्रताप ने पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर साफ किया कि उनकी पार्टी फिलहाल चुनावी मैदान में नहीं उतरेगी, बल्कि संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर फोकस करेगी। उन्होंने कहा, “हम बंगाल गए थे, लेकिन हमारी पार्टी नई है। इसलिए हम पंचायत स्तर से शुरुआत करेंगे। इस बार का चुनाव हम नहीं लड़ेंगे।” सीमा सुरक्षा और घुसपैठ के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं को सुरक्षित रखना जरूरी है। बंगाल में जो भी घुसपैठ को रोकेगा और राज्य के हित में काम करेगा, उनकी पार्टी उसका समर्थन करेगी। बंगाल की राजनीति पर बोलते हुए तेज प्रताप ने कहा, “वहां के लोग खुद तय करेंगे कि क्या होगा। सब कुछ जनता पर निर्भर करता है। मेरी भविष्यवाणी सही होगी, समय आने पर बता देंगे।”
Bihar Politics : नीतीश के निशांत का सियासी शंखनाद भावुक होकर बोले मुझ पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें
बिहार के सीएम नीतीश कुमार जल्द ही राज्यसभा सदस्य की शपथ लेंगे। जानकारी के मुताबिक नीतीश कुमार 9 अप्रैल की दोपहर दिल्ली जाएंगे। 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य की शपथ लेंगे और 11 अप्रैल को पटना लौट आएंगे। 10 अप्रैल को ही बिहार भाजपा की अहम बैठक भी दिल्ली में होगी। प्रदेश भाजपा कोर कमेटी के नेताओं से औपचारिक रुप से बिहार के मुख्यमंत्री के नाम पर आम सहमति ली जाएगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पीएम नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हो सकते हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, केन्द्रीय मंत्री नित्यानंद राय, सांसद संजय जायसवाल, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेन्द्र जी व प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया, मंत्री दिलीप जायसवाल, मंगल पांडेय समेत अन्य नेता भी रहेंगे। नीतीश के पटना लौटने के बाद होगी NDA विधायकों की बैठक नीतीश कुमार बतौर राज्यसभा सदस्य शपथ लेकर पटना वापसी पर किसी दिन एनडीए विधानमंडल दल की बैठक बुला सकते हैं और इस बैठक में वह सीएम पद छोड़ने की जानकारी आधिकारिक तौर पर विधायकों को देंगे। फिर राज्यपाल को इस्तीफा सौंपेंगे। नई सरकार के गठन को पहले एनडीए के सभी घटक दलों के विधायक दल की अलग-अलग बैठकों में नेता चुने जाएंगे। इसके बाद एनडीए विधानमंडल दल के नेता की घोषणा संयुक्त बैठक में होगी। जो NDA गठबंधन के नए नेता चुने जाएंगे वो सरकार बनाने का प्रस्ताव राज्यपाल को सौंपेंगे। चर्चा के मुताबिक 15 अप्रैल के बाद ही नई सरकार बिहार में बनेगी। पद छोड़ने के पहले सीएम की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक होने के भी आसार हैं, जिसमें कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। विधान परिषद सदस्य से दे चुके हैं इस्तीफा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 30 मार्च को को MLC पद से इस्तीफा दिया था। 20 साल सदन में रहने के बाद उन्होंने 29 शब्दों में बिहार विधान परिषद को अलविदा कह दिया। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद मंत्री अशोक चौधरी भावुक नजर आए। वो फफक कर रोते दिखे। उन्होंने कहा, ‘नीतीश कुमार जैसा देश में दूसरा कोई नहीं हो सकता है। अशोक चौधरी बोले- नीतीश जैसा नेता देश में दूसरा नहीं नीतीश कुमार के एमएलसी पद से इस्तीफे के बाद मंत्री अशोक चौधरी ने कहा, 'लंबे समय से मैं उनके साथ हाउस में हूं। कोविड आया तो मैं उनसे ज्यादा क्लोज हुआ। वो बड़े नेता हैं। सम्मानित व्यक्ति हैं। प्रदेश के अभिभावक हैं। उनके काम करने का तरीका, विरोधियों के प्रति भी सम्मान रखना, स्नेह रखना। उनके व्यक्तिगत काम की भी चिंता करना। इस देश में कोई दूसरा नीतीश कुमार नहीं हो सकता है।' जानिए नीतीश कुमार के 10 ऐसे फैसले, जिसने बिहार की दशा और दिशा बदल दी…
अगले साल सत्ता का सबसे बड़ा दंगल उत्तर प्रदेश में देखने को मिलेगा। 2027 के फरवरी-मार्च में होने वाले विधानसभा चुनाव की सरगर्मी अभी से बढ़ने लगी है। इसमें बिहार की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की भी एंट्री हो गई है। पार्टी की UP इकाई ने विधानसभा की सभी 403 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। करीब 21% दलित आबादी वाले UP में चिराग पासवान अकेले क्यों चुनाव लड़ेंगे। कहीं उसके पीछे भाजपा का दिमाग तो नहीं। क्या भाजपा बिहार में चिराग की सहनी वाली हालत करेगी। इन्हीं सवालों का जवाब आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में…। सवाल-1ः चिराग पासवान की पार्टी LJP(R) क्या UP में चुनाव लड़ेगी? जवाबः हां। पूर्वी UP के LJP(R) अध्यक्ष राजीव पासवान ने 6 मार्च को प्रयागराज में अकेले विधानसभा की सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया। राजीव पासवान ने स्पष्ट किया कि केंद्र में हमारी पार्टी भाजपा के साथ गठबंधन में है, लेकिन उत्तर प्रदेश में किसी भी दल के साथ कोई गठबंधन नहीं किया जाएगा। पार्टी ‘यूपी फर्स्ट, यूपी वाले फर्स्ट’ के मिशन के साथ मैदान में उतरेगी और पूरी मजबूती से चुनाव की तैयारी कर रही है। हालांकि, पार्टी अध्यक्ष और मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री चिराग पासवान ने अब तक चुनाव लड़ने का ऐलान नहीं किया है। सवाल-2ः UP में अकेले चुनाव क्यों लड़ेगी LJP(R)? जवाबः चिराग के चुनाव लड़ने के पीछे 2 बड़ी स्ट्रेटजी हो सकती है। 1. मायावती के ढलान का फायदा उठाना चाहते हैं चिराग पासवान युवा हैं। लंबा राजनीतिक सफर है। उनके पिता दिवंगत रामविलास पासवान की पकड़ भले बिहार की राजनीति पर रही, लेकिन उनकी पहचान दलितों के राष्ट्रीय स्तर के नेता की भी थी। मायावती की उम्र हो रही है और वह अपने भतीजे आकाश आनंद को आगे कर रही हैं। मायावती के बाद इस वक्त हिन्दी पट्टी में दलितों का कोई देशव्यापी चेहरा नहीं है। युवा नेता हैं तो उनकी पकड़ सीमित एरिया में ही है। चिराग उस स्पेस को भरने का प्रयास करना चाहते हैं। 2. दलित वोटरों को बांटकर भाजपा को पहुंचा सकते हैं फायदा चिराग पासवान के UP में चुनाव लड़ने के पीछे भाजपा की स्ट्रेटजी की संभावना है। दरअसल, भाजपा को दलित वोटरों के मायावती, सपा-कांग्रेस की तरफ जाने की आशंका है। 2024 लोकसभा चुनाव का रिजल्ट इसका उदाहरण है… लखनऊ के सीनियर जर्नलिस्ट शरत प्रधान कहते हैं, '2024 लोकसभा चुनाव में जिस आक्रामक तरीके से राहुल गांधी ने प्रचार की शुरुआत की और 'संविधान खतरे में है' का नैरेटिव सेट किया, उसका फायदा सपा को भी मिला। बड़ी संख्या में कांग्रेस की वजह से दलित वोटर्स INDIA के पक्ष में लामबंद हुए।' सीनियर जर्नलिस्ट प्रियदर्शी रंजन कहते हैं, ‘लोकसभा चुनाव के झटके के बाद भाजपा UP में दलितों के बीच अलग-अलग प्लेयर खड़ा करना चाहती है। ताकि वोटों का बंटवारा हो। उसी कड़ी का हिस्सा चिराग पासवान हो सकते हैं।’ चिराग भाजपा के लिए उपयोगी कैसे, फैक्ट से समझिए… सवाल-3ः UP में अकेले चुनाव लड़ने का असर बिहार और केंद्र में गठबंधन पर पड़ेगा? जवाबः नहीं। चिराग पासवान बिहार में एक फैक्टर हैं, UP में नहीं। बिहार में साथ लड़ने पर भाजपा को फायदा है, लेकिन UP में अकेले लड़ने से फायदा है। पॉलिटिकल एनालिस्ट केके लाल कहते हैं, ‘चिराग बहुत समझधार पॉलिटिशन हैं। उन्होंने अब तक जितने भी स्टेप उठाए हैं, उससे उनको फायदा ही हुआ है। वह अगर UP में चुनाव लड़ेंगे तो भाजपा की टॉप लीडरशिप से सलाह लेकर ही लड़ेंगे।’ केके लाल कहते हैं, ‘अगर भाजपा को लगेगा कि चिराग के लड़ने से नुकसान हो रहा है तो वह उन्हें रोक सकती है। वह भाजपा की बात भी मान जाएंगे। ऐसे में चिराग पासवान के UP में चुनाव लड़ने का बिहार और केंद्र के गठबंधन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।’ सवाल-4ः क्या चिराग का बिहार में मुकेश सहनी वाला हाल होगा? जवाबः नहीं। इसे ऐसे समझिए… सहनी ने NDA के वोट बैंक में लगाई सेंध मुकेश सहनी निषाद समाज से आते हैं। UP में निषाद समाज की आबादी करीब 4.5% है। वहां इस समाज का प्रतिनिधित्व निषाद पार्टी करती आई है। निषाद पार्टी भाजपा की सहयोगी पार्टी है। या यूं कहे UP में निषाद समाज NDA का वोट बैंक हैं। चिराग दलितों में ही करेंगे सेंधमारी, जो मायावती के वोटर चिराग पासवान दलित समुदाय से आते हैं। UP में दलित पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की पार्टी BSP (बहुजन समाज पार्टी) के कोर वोटर हैं। भाजपा, सपा और कांग्रेस उनके वोट बैंक में सेंध लगाने की भरपूर कोशिश कर रही है। सवाल-5ः UP में दलितों पर कौन सी पार्टी क्या दांव चल रही? जवाबः उत्तर प्रदेश में दलितों की कुल आबादी 20.7% (करीब 4.14 करोड़) है। दलितों के लिए 84 विधानसभा सीटें रिजर्व हैं। करीब 120 सीटों पर दलित वोटर्स 1 लाख से अधिक हैं। दलितों में जाटव सबसे प्रभावशाली और एकजुट हैं। BSP के ये कोर वोटर माने जाते हैं। गैर-जाटव दलित (पासी, कोरी, धोबी, खटिक, वाल्मिकी आदि) में बंटवारा ज्यादा है। BJP ने 2017-2022 में गैर-जाटव को साधकर अपनी वोट बैंक बढ़ाया था। 2024 लोकसभा में गैर-जाटव कुछ हद तक इंडिया गठबंधन की ओर गए। इससे भाजपा को नुकसान हुआ। सिर्फ 33 सांसद जीत पाए। UP में दलितों के लिए पार्टियों की अपनी-अपनी रणनीति भाजपाः अंबेडकर प्रतिमा पर छत और सीधा संपर्क कांग्रेसः कांशीराम बने आइडल, संविधान खतरे में का नारा सपाः अंबेडकर जयंती के भव्य आयोजन की तैयारी
लड़ाई के चलते मखाना निर्यात बंद है। मांग घट गई है। कीमत भी कम हुई है। देश में मांग पहले की तरह है।- अरविंद जैन, मखाना व्यवसायी, दरभंगा ईरान में चल रही लड़ाई के चलते आयात-निर्यात घटा है। बाजार पर इसका असर पड़ रहा है। उम्मीद है कि जल्द स्थिति सुधरेगी।- सुधीर कुमार, ऑपरेशन इंचार्ज, बिहटा ड्राई पोर्ट आयात-निर्यात से जुड़े इन दो लोगों के बयान बानगी हैं कि ईरान की लड़ाई से बिहार किस कदर प्रभावित हो रहा है। राज्य को करीब 500 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। होर्मुज स्ट्रेट बंद (ज्यादातर जहाजों के लिए) होने से सिर्फ पेट्रोल-गैस संकट नहीं है। इससे मध्य पूर्व से सामान मंगाना और वहां भेजना भी मुश्किल हो गया है। नतीजा, मखाना, चावल और सब्जी जैसे सामान निर्यात नहीं हो पा रहे। वहीं, ड्राई फ्रूट्स जैसे आयात होने वाले सामान की कीमत बढ़ गई है। दैनिक भास्कर की खास रिपोर्ट में पढ़िए, ईरान की लड़ाई का बिहार पर क्या असर पड़ रहा है? किन सामानों की कीमत बढ़ी है? निर्यात कितना प्रभावित हुआ है? हर शिपमेंट पर 3 लाख रुपए ज्यादा खर्च बिहार के निर्यात और आयात का बड़ा हिस्सा मध्य-पूर्व के देशों और वहां से गुजरने वाले शिपिंग रूट्स पर निर्भर है। लड़ाई शुरू होने के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर नाकाबंदी की है। इससे सऊदी अरब, यूएई, कतर और मध्य पूर्व के दूसरे देशों तक चावल, सब्जी, मखाना और अन्य सामान निर्यात करना मुश्किल हुआ है। हर शिपमेंट पर खर्च 3 लाख रुपए तक बढ़ गया है। इससे मखाना, चावल, भागलपुरी सिल्क, फल और सब्जी का निर्यात घटा है। हजारों टन सामान रास्ते में फंस गए हैं। खराब हो रहे हैं। दूसरी ओर ड्राई फ्रूट्स, खाद और केमिकल का आयात कम हुआ है। मध्य पूर्व को मखाना निर्यात रुका, 300 करोड़ से अधिक का नुकसान लड़ाई का बड़ा असर बिहार के मखाना उद्योग पर पड़ा है। 300 करोड़ रुपए से अधिक के नुकसान का अनुमान है। बिहार में दुनिया का 90% मखाना उत्पादन होता है। यहां करीब 96 हजार टन मखाना पैदा होता है। हर साल करीब 20 हजार टन मखाना विदेश भेजा जाता है। इसका बड़ा हिस्सा मध्य पूर्व और इस रास्ते यूरोप तक जाता है। 300 रुपए प्रति किलो सस्ता हुआ मखाना निर्यात घटने से मखाना की कीमत घटी है। पटना के मारूफगंज के ड्राई फ्रूट कारोबारी गौरव जैन ने कहा, ‘मखाना की कीमत 300 रुपए प्रति किलो तक कम हुई है। पहले जो मखाना 1100 रुपए प्रति किलो बिकता था आज वह 700-800 रुपए किलो बिक रहा है।’ 4 लाख टन चावल सड़ने की कगार पर बिहार से बड़ी मात्रा में चावल का निर्यात खाड़ी के देशों को होता है। लड़ाई के चलते 4 लाख टन चावल या तो बंदरगाहों पर फंसा हुआ है या रास्ते में अटका हुआ है। रखे-रखे चावल सड़ रहा है। फ्रेट रेट लगभग दोगुना हो गया है, जिससे नए ऑर्डर भी रुक गए हैं। व्यापार ठप पड़ने की स्थिति में है। बिहार का चावल एक्सपोर्ट और फर्टिलाइजर इम्पोर्ट सबसे ज्यादा प्रभावित चैंबर ऑफ कॉमर्स के मुताबिक, बिहार का चावल निर्यात और फर्टिलाइजर आयात सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। निर्यातकों को पहले जहां भुगतान समय पर मिल जाता था, अब उसमें 90 से 180 दिन तक की देरी हो रही है। कंटेनर के देर तक पोर्ट पर रहने से डैमेज और डिटेंशन चार्ज भी लग रहा है। यह कई बार 5 लाख रुपए तक पहुंच जाता है। यह खर्च व्यापारियों को उठाना पड़ रहा है। युद्ध लंबा चलता है तो मखाना, लीची, सब्जियां और हैंडीक्राफ्ट जैसे सेक्टर भी संकट में आ सकते हैं। खाड़ी देशों के खरीददार जोखिम से बचने के लिए दूसरे सप्लायर्स की ओर रुख करने लगेंगे। सिल्क उद्योग पर संकट, विदेशी ग्राहकों ने रद्द किए करोड़ों के ऑर्डर बिहार से सिल्क के कपड़े मध्य पूर्व और वहां से यूरोप जैसे बाजार तक जाते हैं। जंग से भागलपुर का सिल्क उद्योग संकट में है। विदेशी खरीददारों ने करोड़ों रुपए के ऑर्डर रद्द किए हैं। इससे तैयार सामान गोदामों में पड़े हुए हैं। भागलपुर के रेशम व्यापारियों को जंग शुरू होने के बाद से 50-60 लाख रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। भागलपुर में होता है 80 करोड़ रुपए से अधिक का सिल्क व्यापार भागलपुर को 'सिल्क सिटी' के नाम से जाना जाता है। यहां मुख्य रूप से तसर और मलवरी सिल्क से साड़ी और दूसरे कपड़े बनते हैं। जंग के चलते लगभग 20 करोड़ रुपए के ऑर्डर कैंसिल कर दिए गए हैं। अब तक 80 करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार प्रभावित हुआ है। लड़ाई के कारण बुनकर अपने उत्पाद विदेश नहीं भेज पा रहे हैं। भागलपुरी सिल्क का प्रमुख बाजार खाड़ी के देश हैं। मांग घटने से नाथनगर इलाके में करीब 800 से अधिक पावरलूम बंद पड़े हैं। करीब डेढ़ हजार बुनकर बेरोजगारी की स्थिति का सामना कर रहे हैं। धागे की कीमत बढ़ी, गैस संकट से कपड़ा रंगाई मुश्किल रेशम के धागे की कीमत 230 रुपए प्रति किलोग्राम से बढ़कर 380 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है। एक ओर लागत बढ़ी है, दूसरी ओर मांग कम हुई है। चंपानगर के बुनकर हेमंत ने कहा, ‘सिल्क साड़ियां विदेश नहीं जा पा रही हैं। धागे की कीमत बढ़ने से स्थिति और खराब हो गई है।’ उन्होंने कहा, ‘मेरा रोजगार छिन गया है। पैसे फंस गए हैं। जिन्होंने कपड़े लिए वे भुगतान नहीं कर रहे, क्योंकि सामान बिका नहीं है। पिछले एक महीने से पावरलूम बंद है। किसी तरह परिवार का भरण-पोषण हो रहा है।’ बुनकर मोहम्मद रफीक ने कहा, ‘कपड़ा प्रिंटिंग के दौरान गर्म पानी की जरूरत होती है, लेकिन कमर्शियल सिलेंडर की बढ़ती कीमतों के कारण काम प्रभावित हो रहा है। जहां पहले रोज डेढ़ से दो साड़ी तैयार हो जाती थीं, अब उत्पादन ठप हो गया है।’ फल और सब्जी निर्यात पर संकट बिहार से हर सप्ताह लगभग 45 टन ताजी सब्जियां मिडिल ईस्ट निर्यात की जाती थी। लड़ाई के चलते इस कारोबार पर संकट आ गया है। फल और सब्जियां जल्दी खराब होने वाले सामान हैं। मध्य पूर्व तक कार्गो जहाजों के जाने में ज्यादा समय लग रहा है, जिससे ये रास्ते में खराब हो जाती हैं। एविएशन फ्यूल की कीमत बढ़ी है, जिससे कार्गो एयरक्राफ्ट से इन्हें भेजना महंगा हो गया है। लीची कारोबारियों को भी हो सकता है करोड़ों का नुकसान बिहार में सालाना 3 लाख टन से अधिक लीची का उत्पादन होता है। इसका बड़ा हिस्सा मध्य पूर्व के देशों को निर्यात होता है। अभी लीची की फसल नहीं आई है, लेकिन लड़ाई लंबी चली तो इससे राज्य के लीची किसानों और व्यापारियों को करोड़ों रुपए के नुकसान की आशंका है। पिछले सीजन में 830 टन से अधिक लीची निर्यात की गई थी। अब जानिए आयात होने वाले सामान पर क्या असर? बिहार में सूखे मेवों (ड्राई फ्रूट्स) की कीमत बढ़ गई है। किशमिश का रेट घटा है। पहले 500 रुपए किलो किशमिश थी, अब 400 रुपए किलो हो गई है। छुहारा का दाम 50 रुपया बढ़ गया है। मारूफगंज मंडी के दुकानदार एमके गुप्ता ने कहा, ‘मध्य पूर्व से जो सामान पहले एक सप्ताह में आ जाता था, आज 40-50 दिन में आने का अनुमान है। इससे ड्राई फ्रूट्स और डेटस की कीमत बढ़ी है।’ 20% खाद विदेश से होता है इम्पोर्टलड़ाई के चलते खाड़ी के देशों से फर्टिलाइजर इंपोर्ट घटा है। इससे किसानों के सामने खाद संकट आने का डर है। बिहार में खेती के लिए हर साल करीब 40 लाख टन खाद (फर्टिलाइजर) की जरूरत होती है। सबसे ज्यादा यूरिया इस्तेमाल होता है। लगभग 20% यूरिया और करीब एक-तिहाई कॉम्प्लेक्स खाद (जैसे DAP) विदेशों (खासकर मध्य पूर्व) से आयात किया जाता है। अभी तो पर्याप्त मात्रा में खाद के स्टॉक होने की बातें कही जा रहीं है, लेकिन जंग के लंबे समय तक खिंचने से संकट बढ़ेगा। बीआईए के अध्यक्ष रामलाल खेतान ने बताया कि बिहार में लगभग 2.45 लाख टन यूरिया, 1.46 लाख टन DAP और 2.05 लाख टन NPK उपलब्ध है। सभी केमिकल्स के दाम दोगुना बढ़े बिहार में विदेश से बड़े मात्रा में पेट्रोलियम और रासायनिक उत्पाद आते हैं। 2026 की रिपोर्ट के अनुसार 9959 करोड़ रुपए का पेट्रोलियम ऑयल और 343 करोड़ रुपए का विस्फोटक प्रणोदक पाउडर शामिल है। केमिकल दुकानदार वीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि सभी केमिकल्स के दाम दोगुना हो गया है। सबसे अधिक मरकरी के दाम बढ़े हैं। जो मरकरी क्लोराइड का 100 ग्राम का रेट 7 हजार का था वह अब 13800 का हो गया है। हम मांगना बंद कर दिया है। मरकरी का मेन यूज थर्मामीटर में होता है। कृषि मंत्री ने कहा- अभी नहीं हो पाया है आकलन ईरान की जंग का बिहार के किसानों पर असर को लेकर दैनिक भास्कर ने कृषि मंत्री रामकृपाल यादव से बात की। उन्होंने कहा, ‘युद्ध का असर पूरी दुनिया पर हुआ है। स्वाभाविक है कि भारत पर भी कुछ ना कुछ तो होना है। प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में बैलेंस करने की कोशिश की गई है। चीजों के दाम नहीं बढ़े है।’ पटना से संस्कृति सिंह, भागलपुर से अमरजीत, दरभंगा से राजन, पूर्णिया से आकाश और बिहटा से निशांत की रिपोर्ट।
पटना में आयोजित ‘किताब उत्सव’ का समापन हुआ। समापन सत्र में मशहूर कवि-गीतकार जावेद अख़्तर की किताब ‘सीपियां’ के सन्दर्भ में चर्चा हुई। इस किताब में जावेद अख़्तर ने कबीर, तुलसी, रहीम, वृंद सहित अनेक कवियों द्वारा रचित चुनिंदा दोहों की सरल भाषा में व्याख्या की है। उनके अर्थों को रोज़मर्रा के जीवन से जोड़ते हुए उदाहरणों के साथ समझाया है। आजकल के गानों में कोई गहराई नहीं रही सिनेमा पर जावेद अख्तर ने कहा कि एक पेशे के तौर उन्होंने काफ़ी काम कर लिया है। आजकल की परिस्थिति उनके अनुकूल नहीं है इसलिए भी वो फ़िल्मों से दूरी बना लेते हैं। 90 के दशक में फूहड़ता का दौर चल पड़ा इसलिए उन्होंने कई फिल्में छोड़ीं। आजकल के गानों में कोई गहराई नहीं रही। आजकल भी अच्छा लिखने वाले लोग हैं लेकिन उस तरह का माहौल नहीं है। आजकल रफ़्तार बढ़ी है लेकिन गहराई कम हो गई है। जावेद अख़्तर ने आज बिहार संग्रहालय का दौरा किया जावेद अख़्तर ने आज बिहार संग्रहालय का दौरा किया। उन्होंने मौजूद पुरातात्विक अवशेषों के विशाल भंडार को देखकर कहा कि जब भी मैं किसी देश या राज्य में जाता हूं, तो वहां मौजूद संग्रहालय में जरूर जाता है। संग्रहालय में मौजूद अवशेषों से उस जगह के इतिहास, समाज, संस्कृति, लोग आदि के बारे में पता चलता है। मैं लंदन, यूरोप, इंडोनेशिया, मिख आदि अब तक दुनिया के कई सारे संग्रहालयों का भ्रमण कर चुका हूं, लेकिन पुरातात्विक अवशेषों का जितना विशाल और विस्तृत भंडार बिहार संग्रहालय में देखने को मिला है, उतना कहीं नहीं देखा। यहां आने से पहले मुझे इस बात का बिल्कुल भी आइडिया नहीं था कि पटना में इतना खूबसूरत संग्रहालय भी है। आईपीएस अधिकारी सुशील कुमार ने अपनी किताब पर की चर्चा इसके अलावा आज दूसरे सत्र में आईपीएस अधिकारी सुशील कुमार की किताब ‘साइबर कथाएं : डिजिटल सुरक्षा की राह’ विषय पर केंद्रित परिचर्चा हुई। सुशील कुमार ने कहा कि ये किताब कई मायनों में ज़रूरत बन चुकी है। क्योंकि अब यह सिर्फ़ साइबर सिक्यॉरिटी का मामला नहीं है बल्कि एक सामाजिक मुद्दा बन चुका है। किताब की प्रेरणा के सवाल पर उन्होंने कहा कि साइबर विभाग में काम करने के अपने अनुभवों से महसूस हुआ कि साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करना बहुत ज़रूरी है। इस किताब में साइबर अपराध और इससे बचने के तरीकों पर कहानियों के जरिए चर्चा की गई है। इसमें वैज्ञानिक पहलुओं के बजाय व्यावहारिक पहलुओं पर ज्यादा ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि समय से पहले और उम्मीद से ज्यादा पैसों के लालच ने ऐसी घटनाओं को जन्म दिया है। इन्फ्लूएंसर बनने की होड़ ने एक ऐसा समाज तैयार किया है जहां लोग जल्दी अमीर बनना चाहते हैं। वर्तमान में साइबर अपराधियों द्वारा लोग हजारों तरीकों से ठगे जा रहे हैं। डिजिटल अरेस्ट और ठगी जैसे अपराध डर और लालच की वजह से पांव पसार रहे हैं।
डीएम ने मिशन निपुण बिहार की समीक्षा की:70% बच्चों को निपुण बनाने पर जोर, दिए अहम निर्देश
शिवहर में जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग के मिशन निपुण बिहार की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान जिले में बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों और कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले के कुल 374 विद्यालयों में मिशन निपुण बिहार कार्यक्रम संचालित है। इसके तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 तक सभी विद्यालयों की बुनियादी कक्षाओं के बच्चों को निपुण बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए शिक्षा विभाग द्वारा सभी विद्यालयों को समय पर पाठ्यपुस्तकें, निपुण लक्ष्य और निपुण आकलन ट्रैकर उपलब्ध करा दिए गए हैं। बैठक में जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी बुनियादी कक्षाओं में न्यूनतम 70 प्रतिशत बच्चों को निपुण बनाने के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शिक्षकों और भवनों की कमी के कारण संचालित मल्टीग्रेड कक्षाओं का समुचित आकलन कर ऐसे विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने का भी निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, सभी विद्यालयों में व्यापक स्तर पर नामांकन अभियान चलाने तथा नियमित रूप से चेतना सत्र आयोजित करने पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों की सहभागिता सुनिश्चित करना और शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाना है।
बिहार में एक तरफ जहां तेज धूप के कारण तापमान में बढ़ोतरी हो रही है, वहीं दूसरी ओर जल्द ही मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज पूरे राज्य में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान कई इलाकों में आंधी के साथ तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। विभाग के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों तक राज्य के ज्यादातर हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होती रहेगी। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई जगहों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी संभावना है। खासकर 8 और 9 अप्रैल को मौसम ज्यादा खराब रहने की आशंका जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमीयुक्त हवाओं के प्रभाव से पूरे राज्य में मौसम अस्थिर बना हुआ है। पटना में मौसम का हाल राजधानी में भी मौसम बदला हुआ रहेगा। आज और अगले कुछ दिनों तक यहां बादल छाए रहेंगे, बीच-बीच में तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। गरज-चमक और वज्रपात का भी खतरा बना रहेगा। तापमान में हल्की गिरावट आएगी, जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन मौसम अचानक बदल सकता है। ऐसा मौसम क्यों बना हुआ है दरअसल, इस समय पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जो उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित कर रहा है। साथ ही बंगाल की खाड़ी से नमीयुक्त हवाएं बिहार की ओर आ रही हैं। इन दोनों के मिलने से वातावरण में नमी और अस्थिरता बढ़ गई है। इसके अलावा, क्षेत्र में चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) भी सक्रिय है, जिससे बादल तेजी से बन रहे हैं और गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। यही वजह है कि अचानक तेज हवा, बिजली गिरना और ओलावृष्टि जैसी स्थितियां बन रही हैं। लोगों के लिए जरूरी सलाह मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें। वज्रपात के समय खुले मैदान, पेड़ या बिजली के खंभों के पास खड़े न हों। सुरक्षित स्थान पर ही रहें। किसानों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है। तैयार फसलों की जल्द कटाई कर सुरक्षित जगह पर रखें। खेत में रखी फसल को ढंक दें ताकि बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान कम हो सके। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना ने कहा है कि लोग समय-समय पर जारी मौसम पूर्वानुमान और चेतावनियों पर नजर रखें और उसी के अनुसार अपने दैनिक और कृषि कार्य करें। आने वाले कुछ दिन सतर्क रहने की जरूरत है।
20 करोड़ का सोना लूटने वाले बदमाश बिहार के, लेकिन लाइनर गुजरात का
भास्कर इनसाइट खगौल लख के पास 20 करोड़ के 15 किलो सोने के गहने लूटने वाले छह बदमाश बिहार के हैं, लेकिन लाइनर गुजरात का है। उसने ही यहां के लुटेरों को सेट किया। गहने लूटने के बाद लुटेरों ने बैग में लगा जीपीएस फेंक दिया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल कार को नौबतपुर आैर बाइक एम्स गोलंबर के पास से बरामद की है। दोनों चोरी की है। कार दिल्ली से चोरी हुई थी, पर उसपर नंबर पूर्णिया के अमित उर्फ अजीत की गाड़ी का लगा दिया था। बाकरगंज के जिस कारोबारी को गहने देने थे, एसआईटी ने उनसे भी पूछताछ की। कस्टम अधिकारी बनकर लूटपाट करने वाले अपराधियों ने राजकोट के सोना कारोबारी सुनील भाई के स्टाफ महेश मामतोरा का मोबाइल और पर्स भी लूट लिया था। महेश का मोबाइल बंद आ रहा है। लुटेरों ने मोबाइल बंदकर कहीं फेंक दिया। सुनील भाई, महेश आैर प्रिंस कुमार तीनों पटना में हैं। लूट शनिवार को हुई थी। दानापुर एसडीपीआे वन शिवम धाकड़ ने बताया कि लुटेरों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस छापेमारी करने में जुटी है। मोबाइल नंबरों की सीडीआर देख रही पुलिस : महेश आैर प्रिंस पहले भी सुनील भाई के गहने पटना ला चुके हैं। प्रिंस 6 महीने तो महेश 6 साल से उनके यहां काम कर रहे हैं। दोनों अहमदाबाद- सहरसा एक्सप्रेस से दानापुर आए थे। एसआईटी उनके मोबाइल नंबरों का लोकेशन आैर सीडीआर देख रही है। इससे पता लगाया जा रहा है कि क्या घटनास्थल से लेकर एम्स गोलंबर आैर नौबतपुर में ये मोबाइल एक्टिव थे? हालांकि ठोस सुराग नहीं मिला है। लुटेरों को गिरफ्तार करने के लिए 40 पुलिसकर्मियों की टीम बनी है। लूट के बाद महेश को कार में क्यों बैठाया? दानापुर स्टेशन पर उतरने के बाद 300 रुपए में बाकरगंज जाने के लिए महेश और प्रिंस ने ऑटो बुक किया। खगौल लख पर दो बाइक और एक कार से ओवरटेक कर बदमाशों ने ऑटो को रुकवा लिया। उसके बाद दोनों बैग लूटने के बाद केवल महेश को कार में बैठाकर लेकर चले गए। सवाल यह है कि जब बैग लूट ही लिया तो फिर उसे कार में क्यों बैठाया गया? प्रिंस को क्यों छोड़ दिया? महेश का हाथ-मुंह क्यों बांध दिया। नौबतपुर में ले जाकर कार में उसे अकेले क्यों छोड़ दिया? लुटेरों ने कैसे उसका हाथ और मुंह बांधा कि उसने खुद ही खोल लिया आैर बाद में खगौल थाना पहुंच गया?
राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव का बिहार दौरा
राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव का बिहार दौरा अब अगली सरकार बनने के बाद होगा। पार्टी ने 11 को अल्पसंख्यक सम्मान, 14 को आंबेडकर जयंती और 29 अप्रैल को भामाशाह जयंती मनाने का निर्णय लिया है। पार्टी के रणनीतिकारों ने कहा कि तेजस्वी का राज्यव्यापी दौरा नई सरकार के गठन के बाद होगा। अभी वे केरलम, पश्चिम बंगाल में सहयोगी दलों के प्रचार में लगे हैं। बिहार में राजद की हार के बाद पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर सहयोगी दलों के लिए प्रचार कर रहे हैं। अभी तेजस्वी फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। इस बीच, राजद कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें तय हुआ िक तेजस्वी अब जिलों के फीडबैक पर आगे बढ़ेंगे। बैठक में इस पर सहमति बनी कि नई प्रदेश कमेटी के गठन में नए चेहरों को तरजीह दी जाएगी। पुराने चेहरे बाहर किए जाएंगे। मुसलमानों, दलितों और वैश्यों को जोड़ने की तैयारी : राजद ने तय किया है कि 11 अप्रैल को अल्पसंख्यक समाज की ओर से तेजस्वी का सम्मान समारोह होगा। इससे मुसलमानों के बीच ये संदेश जाएगा कि बिहार में राजद ही उनका सबसे बड़ा रहनुमा होगा। 14 अप्रैल को पार्टी पूरे प्रदेश में आंबेडकर जयंती मनाएगी। प्रदेश राजद कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में तेजस्वी शामिल रहेंगे। वहीं दानवीर भामाशाह की जयंती 29 अप्रैल को मनाई जाएगी।
CM की सभा में विधायक जी का बवाल:आधे कपड़ों में थानेदार की गुप्त डील, बिहार सरकार का गाली बाज अफसर
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
अबोहर में युवक का शव फंदे से लटका मिला:गैस पाइपलाइन कंपनी में ऑपरेटर था, मृतक बिहार का रहने वाला
अबोहर में भूमिगत गैस पाइपलाइन बिछाने वाली कंपनी के एक मशीन ऑपरेटर का शव उसके कमरे में फंदे से लटका मिला। मृतक मूल रूप से बिहार का रहने वाला था। सिटी वन पुलिस ने शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाकर परिजनों की तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान 22 वर्षीय रंजन कुमार के रूप में हुई है। वह बिहार का निवासी था और गैस पाइपलाइन बिछाने वाली कंपनी के ठेकेदार के अधीन मशीन ऑपरेटर के तौर पर कार्यरत था। मृतक घटना वाले दिन छुट्टी पर था रंजन कंपनी के बुर्ज मुहार रोड स्थित गोदाम के एक कमरे में रहता था और घटना के दिन छुट्टी पर था। दोपहर करीब तीन बजे कंपनी के अन्य कर्मचारी देवेंद्र और सुभाष जब रंजन के कमरे में गए, तो उन्होंने उसे पंखे से फंदे पर लटका पाया। उन्होंने तत्काल 112 हेल्पलाइन पर सूचना दी। एसआई परमजीत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और सिटी वन पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया। पुलिस अब लेबर ठेकेदार से संपर्क कर मृतक के परिजनों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
मुजफ्फरपुर में रविवार की देर रात भीमराव अंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी (BRABU) के कुलपति (VC) दिनेश चंद्र राय के सरकारी आवास को निशाना बनाया गया। अज्ञात स्कूटी सवार बदमाशों ने कुलपति आवास के बाहर बम फेंके, जिससे पूरा इलाका दहल गया। गनीमत यह रही कि इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने कुलपति आवास के बाहरी कॉर्नर पर स्थित सुरक्षा गार्ड के कमरे को निशाना बनाकर बम फेंका। जोरदार धमाके की आवाज सुनकर सुरक्षाकर्मी और आसपास के लोग सन्न रह गए। घटना के तुरंत बाद इलाके में हड़कंप मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती पुलिस जांच के मुताबिक, एक स्कूटी पर सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस महकमे में खलबली, फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य घटना की सूचना मिलते ही सिटी एसपी, नगर डीएसपी और यूनिवर्सिटी थाना की पुलिस भारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन फॉरेंसिक (FSL) की टीम को बुलाया गया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्यों का संकलन किया है ताकि बम की तीव्रता और प्रकृति का पता लगाया जा सके। सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए बड़े सवाल इस घटना ने यूनिवर्सिटी कैंपस की सुरक्षा और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस जगह बमबाजी हुई, वहां से यूनिवर्सिटी थाना बिल्कुल करीब ही स्थित है। एसएसपी बोले- जल्द ही आरोपियों को किया जाएगा गिरफ्तार मुजफ्फरपुर एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया, “यूनिवर्सिटी कैंपस स्थित वीसी आवास के पास स्कूटी सवार दो अज्ञात बदमाशों ने देशी बम फेंका था। इस घटना में किसी भी तरह की जान-माल की क्षति नहीं हुई है। पुलिस और फॉरेंसिक टीमें जांच में जुटी हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।” वहीं, मुजफ्फरपुर के सीटीएसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने कहा यूनिवर्सिटी कैंपस के वीसी आवास स्थित सुरक्षा गार्ड के रूम के बाहर सड़क पर एक स्कूटी सवार नकाबपोश दो बदमाशों के की ओर से सुतली बम फेंका गया था किसी तरह की कोई नुकसान नहीं हुई है रात्रि करीब 10:30 बजे के आसपास की घटना है पुलिस की टीम और एफएसएल दोनों जांच की है अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
सनातन धर्म के संरक्षण, लोक कल्याण और सांस्कृतिक जागरूकता के उद्देश्य से निकली एक पदयात्रा बिहार पहुंच गई है। संत अंजनी उल्लू यादव और माता बी.आर. गीता की ओर से की जा रही यह यात्रा लगभग 20,000 किलोमीटर लंबी है, जिसमें से अब तक करीब 18,000 किलोमीटर की दूरी तय की जा चुकी है। बिहार इस यात्रा का 11वां राज्य है। बिहार पहुंचने पर साधु-संतों ने सोमवार को गया के ऐतिहासिक विष्णुपद मंदिर और शक्तिपीठ मंगला गौरी मंदिर में पूजा-अर्चना की। विष्णुपद मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित एक पवित्र स्थल है, जबकि मंगला गौरी मंदिर को 51 शक्तिपीठों में विशेष स्थान प्राप्त है। समाज के कल्याण और सनातन धर्म की रक्षा के लिए समर्पित है यात्रा साधु संत अंजनी उल्लू यादव ने बताया कि यह यात्रा केवल उनकी व्यक्तिगत साधना नहीं, बल्कि समाज के कल्याण और सनातन धर्म की रक्षा के लिए समर्पित है। उन्होंने भारत के सभी शक्तिपीठों के दर्शन का संकल्प लिया है। माता बी.आर. गीता भी इस कठिन पदयात्रा में उनके साथ हैं। यह पदयात्रा बेंगलुरु से शुरू हुई थी और देश के विभिन्न राज्यों से होकर गुजर रही है। इसका उद्देश्य केवल धार्मिक स्थलों के दर्शन करना नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करना और सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता फैलाना भी है। यह यात्रा पाकिस्तान सीमा तक जाएगी, जो इसके अंतरराष्ट्रीय स्वरूप को दर्शाता है। 18,000 किमी की कठिन यात्रा और चुनौतियां करीब 18,000 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करना आसान नहीं है। रास्ते में मौसम की कठिनाइयों, शारीरिक थकान और संसाधनों की कमी जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद साधु संतों का उत्साह और संकल्प उन्हें लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहा है। उनका मानना है कि यह यात्रा ईश्वर की कृपा और जनता के सहयोग से ही संभव हो पा रही है। यात्रा के अगले चरण में साधु संत उत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों की ओर बढ़ेंगे। इनमें काशी विश्वनाथ मंदिर, प्रयागराज और मथुरा शामिल हैं। यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जहां-जहां साधु संत पहुंचते हैं, वहां स्थानीय लोग उनका भव्य स्वागत करते हैं। लोग उनके लिए भोजन, पानी और विश्राम की व्यवस्था करते हैं। यह समर्थन इस बात का प्रतीक है कि समाज में अभी भी आस्था और सेवा भाव जीवित है। साधु संतों ने इस सहयोग के लिए सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया है। यह पदयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह समाज में एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का भी संदेश देती है। आज के आधुनिक समय में जब लोग अपनी जड़ों से दूर होते जा रहे हैं, ऐसे में इस प्रकार की यात्राएं समाज को अपनी परंपराओं की याद दिलाने का काम करती हैं।
नालंदा में NIA की रेड है। शहर के पोस्ट ऑफिस मोड़ स्थित पीके गन हाउस में सोमवार सुबह से ही NIA और बिहार ATS की संयुक्त टीम छापेमारी कर रही है। टीम ने सुबह 4 बजे ही पीके गन हाउस पर दबिश दी। गन हाउस के दस्तावेजों और स्टॉक की बारीकी से जांच की जा रही है। बताया जाता है कि हथियार तस्करी गिरोह के नेटवर्क तक पहुंचने के लिए ये छापेमारी की जा रही है। नालंदा में करीब 6 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी जारी है। NIA की टीम पूरे छापेमारी की वीडियो रिकॉर्डिंग करवा रही है। इसके अलावा दुकान के अंदर रखें हथियारों के नंबर और स्टॉक की बारीकी से जांच की जा रही है। NIA की टीम यह कार्रवाई मुख्य रूप से अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त, स्मगलिंग और संदिग्ध धंधेबाजों के सिंडिकेट तक पहुंचने के लिए की जा रही है। फिलहाल छापेमारी वाली जगह के आसपास पब्लिक मूवमेंट को बिल्कुल रोक दिया गया है। मीडिया को भी कवरेज से भी रोका जा रहा है। रेड से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए PK गन हाउस के अलावा मिर्जापुर, इस्लामपुर और राममूर्ति में रेड छह ठिकानों में बिहारशरीफ के लहेरी थाना क्षेत्र के रामप्रवेश कुमार की दुकान पीके गन हाउस एंड संस के अलावे चीकसौरा थाना क्षेत्र के मिर्जापुर गांव, हिलसा थाना क्षेत्र के राममूर्ति नगर में रेड है। ये दोनों ठिकाने सत्येंद्र प्रसाद नाम के शख्स के हैं, जिसका नाम हथियारों की खरीद-फरोख्त में आया है। सत्येंद्र प्रसाद के पड़ोसियों का कहना है कि सत्येन्द्र आर्म्स एक्ट के मामले में फिलहाल जेल में बंद है। साथ ही इस्लामपुर थाना क्षेत्र के सकरी गांव में भी एनआईए की टीम ने दबिश दी है। 100 पुलिस अधिकारियों की विशेष टीम इस बड़े ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए जिला स्तर पर 100 पुलिस पदाधिकारियों की एक विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने सुबह-सुबह ही चिन्हित ठिकानों की घेराबंदी कर ली। रेड की खबर स्थानीय पुलिस को भी नहीं दी गई है। लहेरी थाना अध्यक्ष रंजीत कुमार रजक ने बताया कि हमें बताया गया था कि आपके थाने से दो पुलिस वाले छापेमारी में जाएंगे। 4 दिसंबर को भी हुई थी NIA रेड इससे पहले 4 दिसंबर 2025 को भी नालंदा में एनआईए की रेड हुई थी। उस वक्त एनआईए ने बिहार एसटीएफ के सहयोग से दो ठिकानों पर छापेमारी की थी। छापेमारी बिहार थाना क्षेत्र के बारादरी मोहल्ले में मोहम्मद परवेज के घर और भागन बीघा ओपी क्षेत्र में राजेंद्र यादव के निवास पर हुई थी। दोनों जगहों पर एजेंसी की टीम ने गहन तलाशी ली, लेकिन कुछ भी आपत्तिजनक बरामद नहीं हुआ। संबंधित व्यक्तियों से केवल पूछताछ की गई थी। जून 2025 में मिला था कारतूस का जखीरा 23 जून 2025 को नालंदा पुलिस और एसटीएफ ने अवैध हथियार और गोली-बारूद के तस्करों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया था। इस ऑपरेशन के दौरान भागन बीघा थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की गई थी। उस अभियान में सोहसराय थाना के आशा नगर स्थित अभिजीत कुमार उर्फ रॉबिन यादव के किराए के मकान से विभिन्न बोर के कुल 717 जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। इसके अलावा, रॉबिन यादव के भागन बीघा स्थित घर पर छापेमारी के दौरान 117 गोलियां बरामद की गई थीं। इसी स्थान से अभिजीत के पिता राजेंद्र यादव को गिरफ्तार किया गया था।
तेजस्वी बोले- कैसा सुशासन, बिहार फिसड्डी क्यों? जवाब में जदयू ने जंगलराज का वीडियो जारी किया
जदयू और राजद के बीच जोरदार डिजिटल लड़ाई हुई। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पूछा- बीते 20 वर्षों में कैसा सुशासन रहा, जो बिहार हर मामले में फिसड्डी है? उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और दोनों डिप्टी सीएम (सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा) को बिहार के हालात पर खुली बहस की चुनौती दी। इसके जवाब में जदयू ने ‘जंगलराज’ का वीडियो बनाया। लालू प्रसाद व राबड़ी देवी के शासनकाल के कारनामे बताए। वीडियो में यह भी बताया गया कि नीतीश ने कितनी मशक्कत से बिहार को यू-टर्न मोड में बदला। जदयू ने एक वीडियो क्लिप में बताया कि राजद राज में अंधेरा ज्यादा, उम्मीद कम थी। डर खबर नहीं, हकीकत थी। सवाल बहुत थे, जवाब कहीं नहीं थे। वक्त बदला। सोच बदली। नीतीश के नेतृत्व में बिना शोर के बदलाव हुए। बिना भेदभाव का बिहार बना। अब डर नहीं, विश्वास है। रुकावट नहीं, रफ्तार है। कुछ लोग सिर्फ बोलते रहे, नीतीश इतिहास गढ़ते रहे। अब न घोटालों का शोर, न अपराधियों का जोर, बस विकास हर ओर। एक और पोस्टर- दो दशक विकास, सुरक्षा, सम्मान और अवसर के। इधर, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा- नीतीश कुमार ने बिहार को जंगलराज से मुक्त कर सुदृढ़ कानून-व्यवस्था की स्थापना की। बदनाम बिहार को सुशासन का मॉडल बनाया। जदयू का पलटवार जदयू ने जवाब में कई वीडियो और डिजिटल पोस्टर बनाए। इसमें बताया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने डर से भरोसे तक की ऐतिहासिक यात्रा तय की। अपराध और अराजकता के दौर से निकलकर आज बिहार विकास, सुशासन और नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। यहां हर कदम पर विश्वास, प्रगति और सकारात्मक बदलाव महसूस किया जा सकता है। तेजस्वी का वार राजद नेता तेजस्वी यादव ने साक्षरता, प्रति व्यक्ति आय, निवेश, उपभोग, ग्रामीण आय से लेकर प्रति व्यक्ति बिजली की खपत तक में बिहार को सबसे पीछे बताया। कहा- किसानों की आमदनी सबसे कम है। सबसे अधिक अपराध, गरीबी, पलायन, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, प्रदूषण, स्कूलों से ड्रॉप आउट आदि बिहार में है। डॉक्टरों के 58% पद खाली हैं। 14% आबादी झोपड़ी में रहती है।
बिहार की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर किए गए तीखे पोस्ट के बाद जनता दल यूनाइटेड के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने जोरदार पलटवार किया है। तेजस्वी ने गिनाए विकास के आंकड़े तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में बिहार की बदहाल स्थिति को लेकर एनडीए सरकार पर निशाना साधते हुए कई सामाजिक, आर्थिक और विकास से जुड़े आंकड़े गिनाए और 21 वर्षों के शासन पर सवाल खड़े किए। साथ ही उन्होंने अपराध, बेरोजगारी, गरीबी, पलायन और प्रदूषण को लेकर भी बिहार की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए। तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में दावा किया कि बिहार देश के लगभग हर प्रमुख विकास सूचकांक में सबसे नीचे है। उन्होंने साक्षरता, प्रति व्यक्ति आय, किसानों की आय, निवेश, बिजली खपत, शिक्षा की गुणवत्ता, स्वास्थ्य सेवाएं और रोजगार जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा। मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम को दी बहस की चुनौती तेजस्वी ने कहा कि इतने लंबे शासन के बावजूद बिहार की हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है और सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए विपक्ष पर आरोप लगाती रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों को खुले मंच पर बहस की चुनौती भी दी। जेडीयू का पलटवार, ‘गंभीरता से नहीं लेते लोग’ तेजस्वी के इस हमले पर जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि, तेजस्वी यादव की बातों को अब कोई गंभीरता से नहीं लेता।' नीरज कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि, ‘तेजस्वी अपने पिता का संदेश लेकर केरल गए थे, लेकिन वहां अपनी सरकार की उपलब्धियां बताने में असफल रहे।’ उन्होंने आरोप लगाया कि, ‘आरजेडी शासन में “जमीन लेकर नौकरी देने” जैसी परंपरा रही, जबकि वर्तमान सरकार ने पारदर्शी तरीके से लाखों शिक्षकों की बहाली की है।’ नीतीश सरकार के काम गिनाए नीरज कुमार ने आगे कहा कि, 'नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में आधारभूत संरचना, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम हुआ है।' उन्होंने तेजस्वी यादव को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वे कहीं भी, कभी भी सार्वजनिक बहस के लिए तैयार हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि, ‘जेडीयू का कोई भी कार्यकर्ता या पदाधिकारी तेजस्वी के दावों का जवाब देने में सक्षम है।’ जेडीयू प्रवक्ता बोले- जनता ने विकास पर जताया भरोसा जेडीयू प्रवक्ता ने यह भी कहा कि जनता ने बार-बार एनडीए को जनादेश दिया है, जो सरकार के विकास कार्यों पर भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने तेजस्वी को अपने पुराने और नए बयानों की तुलना करने की चुनौती देते हुए कहा कि सच्चाई आईने की तरह सामने आ जाएगी।
बिहार की सियासत में आंकड़ों की जंग तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की ओर से बिहार के पिछड़ेपन को लेकर किए गए ट्वीट पर भाजपा ने जोरदार पलटवार किया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव के आरोपों को झूठ का पुलिंदा बताते हुए उन्हें लालू-राबड़ी राज का आंकड़ा दिखाया है। बिहार की तस्वीर बहुत बदल गई है नीरज कुमार ने कहा है कि तेजस्वी यादव रोज सुबह उठकर गलत आंकड़े पेश करते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि नीतीश कुमार और एनडीए (NDA) की सरकार ने बिहार को उस खाई से बाहर निकाला है, जिसमें उनके माता-पिता ने 15 साल तक धकेले रखा था। तेजस्वी यादव 21 साल का हिसाब मांग रहे हैं। लेकिन 1990 से 2005 के उस जंगलराज को क्यों भूल जाते हैं। आपके परिवार के राज में बिहार में सालाना 1500 से ज्यादा अपहरण होते थे, सड़कें गायब थी। सिर्फ 16 प्रतिशत घरों तक बिजली पहुंचती थी। चारा घोटाले में पूरा खजाना लूटा गया, वही बिहार का असली फेलियर था। अब बिहार की तस्वीर बदल गई है। राजद राज में गांव में बिजली नहीं थी बीजेपी प्रवक्ता ने आगे कहा कि 2001 में बिहार की साक्षरता दर केवल 47 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर करीब 79.7 प्रतिशत हो गई है। एनडीए सरकार ने साइकिल योजना और नए स्कूल-कॉलेज बनाकर ड्रॉपआउट रेट कम किया। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार 2013-14 से 2022-23 के बीच बिहार में सबसे तेज गरीबी घटी है। करीब 3.77 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। 2005 से पहले प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे थी। अब बिहार की GSDP ग्रोथ 10-13 प्रतिशत के बीच रह रही है, 2025-26 के लिए यह 22 प्रतिशत अनुमानित है। राजद राज में गांव अंधेरे में थे, आज 95 प्रतिशत से अधिक घरों में 24 घंटे बिजली है। सड़कों का जाल 1.4 लाख किलोमीटर तक फैल चुका है। राजद ने सिर्फ जंगलराज दिया नीरज कुमार ने कहा कि तेजस्वी यादव में नैतिक साहस है, तो लालू-राबड़ी राज बनाम एनडीए राज के विकास पर खुली बहस कर लें। 10 लाख नौकरी का आपका दावा सफेद झूठ था। बिहार की जनता जानती है कि एनडीए ने सुशासन दिया और राजद ने दिया सिर्फ जंगलराज। राम नाम की माला जपना छोड़िए और अपने परिवार के 15 साल के पापों का आत्म मूल्यांकन करिए। आज डबल इंजन सरकार के कारण विकास की पटरी पर दौड़ रहा है।
लखनऊ में 10 लाख रुपए कीमत की नकली सिगरेट पकड़ी गई है। क्राइम ब्रांच और पारा थाना पुलिस ने पारा के जीरो प्वाइंट इलाके में एक कार में सिगरेट के बंडल मिले। इस कार्रवाई में मध्य प्रदेश के मुरैना के 2 तस्कर भी गिरफ्तार हुए हैं। वे दिल्ली से नकली सिगरेट लाकर यूपी और बिहार में खपाते थे। तस्करों की वरना कार भी जब्त कर ली गई है। कार्रवाई शनिवार शाम को गई। पुलिस के अनुसार, 3940 डिब्बी नकली सिगरेट जब्त की गई। मुखबिर ने सूचना दी कि कुछ लोग कार में बड़ी मात्रा में सिगरेट लेकर जा रहे हैं। इस पर पुलिस आयुक्त अमरेंद्र कुमार सेंगर ने निर्देश दिए। पुलिस उपायुक्त (अपराध) अनिल कुमार यादव और अपर पुलिस उपायुक्त किरन यादव की क्राइम ब्रांच टीम और थाना पारा की टीम एक्टिव हो गई। फोन से ऑर्डर लेकर डिलीवरी करते थे गिरफ्तार किए गए तस्करों की पहचान शादाब अली (30) और शोएब अली (32) के रूप में हुई है। दोनों एमपी के मुरैना के गणेशपुरा के हैं। पुलिस के अनुसार, ये दोनों एक संगठित गिरोह के सदस्य हैं। यह गिरोह दिल्ली और मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों से नकली सिगरेट लाकर उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य प्रदेशों में सप्लाई करता था। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी मोबाइल फोन के माध्यम से ऑर्डर लेते थे और तय स्थानों पर माल की डिलीवरी करते थे। पुलिस ने बताया कि बरामद सिगरेट की यह खेप दिल्ली के सदर बाजार से लाई गई थी, जिसे लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में खपाने की तैयारी थी। और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। बरामदगी में एक ग्रे रंग की वरना कार (नंबर MP07 CH 5106) भी शामिल है, जिसका उपयोग तस्करी के लिए किया जा रहा था। दोनों तस्करों के खिलाफ थाना पारा में कॉपीराइट एक्ट, ट्रेडमार्क अधिनियम और सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
लुधियाना के मोती नगर इलाके में रहने वाली एक युवती को शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने का मामला सामने आया है। आरोपी युवक पीड़िता के साथ एक ही फैक्ट्री में काम करता था। उसने उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। युवती ने जब शादी करने का दबाव डाला तो वह उसे धमकाने लगा। खास बात यह है कि इस मामले में पीड़िता ने पहले बिहार के किशनगंज में जीरो FIR दर्ज करवाई थी, जिसकी ईमेल आने के बाद अब लुधियाना की मोती नगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। किराए के घर में रहती है युवतीपीड़िता लुधियाना में किराए के मकान में रहती थी। उसके पड़ोस में ही आरोपी मनोवर रहता था। साथ रहने और काम करने के कारण दोनों के बीच जान-पहचान हो गई। पीड़िता का आरोप है कि इस नजदीकी का फायदा उठाते हुए मनोवर ने उसे शादी का झांसा दिया। शादी का झांसा देकर बनाए शारीरिक संबंधपुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, आरोपी मनोवर अकसर पीड़िता के किराए के मकान में आता था। उसने शादी करने का वादा कर पीड़िता के साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। लेकिन जब पीड़िता ने शादी का दबाव बनाया, तो आरोपी अपने वादे से मुकर गया और साफ इन्कार कर दिया। बिहार से लुधियाना तक पहुंची कानूनी कार्रवाईपीड़िता ने इस मामले की शिकायत महिला थाना किशनगंज (बिहार) में दी थी। वहां की पुलिस ने जीरो FIR (नंबर 03, दिनांक 16.10.2025) दर्ज कर लुधियाना पुलिस को आधिकारिक ईमेल के जरिए सूचना भेजी। पुलिस ने 6 महीने की जांच के बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया। आरोपी पर पुलिस ने BNS की धारा 69 (शादी का झांसा देकर या पहचान छिपाकर शारीरिक संबंध बनाना) के तहत मामला दर्ज किया है। थाना मोती नगर पुलिस का कहना है कि बिहार पुलिस से प्राप्त जानकारी और पीड़िता के बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपी की तलाश के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मुजफ्फरपुर बीआरए बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) में स्नातकोत्तर (PG) में दाखिले को लेकर अहम निर्णय लिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन अब 6 अप्रैल से 11 अप्रैल तक ऑनस्पॉट एडमिशन की प्रक्रिया चलाएगा, जिससे खाली सीटों को भरा जा सके। इस संबंध में विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू प्रो. आलोक प्रताप सिंह ने बताया कि कुलपति की स्वीकृति के बाद तय अवधि में ऑनस्पॉट एडमिशन लिया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य पीजी में बची सीटों को जल्द भरना और अधिक से अधिक छात्रों को नामांकन का अवसर देना है। तीन मेरिट लिस्ट जारी कर चुका विश्वविद्यालय विवि की ओर से अब तक पीजी नामांकन के लिए तीन मेरिट लिस्ट जारी की जा चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद सीटें खाली रह गई हैं। शुक्रवार दोपहर तक विश्वविद्यालय के पोर्टल पर केवल 187 छात्रों के नामांकन का ही अपडेट दर्ज हुआ है, जो प्रक्रिया की धीमी गति को दर्शाता है। 11 हजार सीटें, 3 हजार अब भी खाली आंकड़ों के मुताबिक, विश्वविद्यालय में पीजी की कुल करीब 11 हजार सीटें हैं, जिनमें से लगभग 8 हजार छात्रों का दाखिला हो चुका है। इसके बावजूद करीब 3 हजार सीटें अभी भी खाली हैं, जिन्हें भरने के लिए ऑनस्पॉट एडमिशन का सहारा लिया जा रहा है। 25 हजार स्टूडेंट्स ने किया आवेदन गौरतलब है कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान विश्वविद्यालय ने दो बार पोर्टल खोला था। दोनों चरणों में मिलाकर करीब 25 हजार छात्रों ने आवेदन किया था। दूसरी बार पोर्टल खुलने पर कई छात्रों ने अपने विषय और कॉलेज में बदलाव भी किया, जिससे सीट आवंटन प्रभावित हुआ। अब ऑनस्पॉट एडमिशन शुरू होने से उन छात्रों को बड़ा मौका मिलेगा, जिनका अब तक नामांकन नहीं हो पाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन को भी उम्मीद है कि इस प्रक्रिया से अधिकांश खाली सीटें भर जाएंगी। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे निर्धारित तिथि के भीतर संबंधित कॉलेजों में जाकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनस्पॉट एडमिशन की प्रक्रिया पूरी करें।
पटना में बिहार का पहला गैस आधारित शवदाह गृह बनेगा। दीघा पर 2.11 एकड़ की जमीन पर इसका निर्माण होगा। पटना नगर निगम और ईशा फाउंडेशन के ईशा आउटरीच के बीच इस परियोजना को लेकर कॉन्ट्रैक्ट एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किया गया है। बिहार सरकार की ओर से इस प्रोजेक्ट के लिए 2.11 एकड़ भूमि 33 साल की अवधि के लिए मात्र 1 रुपए की कीमत पर लीज पर उपलब्ध कराई गई है। यह शवदाह गृह पूरी तरह से LPG आधारित होगी जो लकड़ी की निर्भरता को कम करेगी। चार एलपीजी फर्नेस सहित वेटिंग हॉल का होगा निर्माण नगर आयुक्त ने बताया कि समझौते के अनुसार ईशा आउटरीच की ओर से दीघा घाट पर एलपीजी आधारित आधुनिक शवदाह गृह का डिजाइन, निर्माण, संचालन और रखरखाव किया जाएगा। इस परियोजना के तहत 4 एलपीजी फर्नेस, वेटिंग हॉल, प्रशासनिक भवन, आवश्यक उपयोगिता सुविधाएं, मंदिर और आकर्षक लैंडस्केपिंग की जाएगी। वर्तमान में पटना नगर निगम क्षेत्र में बांस घाट पर 3, गुलबी घाट पर 3 और खाजेकलां घाट पर 1 विद्युत शवदाह गृह संचालित हैं। LPG आधारित शवदाह गृह वर्तमान समय की आवश्यकता मेयर सीता साहू ने कहा कि एलपीजी आधारित शवदाह गृह आज के समय की आवश्यकता है। इस परियोजना के अंतर्गत पारंपरिक अंतिम संस्कार की प्रारंभिक विधियों के बाद एलपीजी आधारित दाह प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके साथ ही, पारंपरिक रीति-रिवाजों को ध्यान में रखते हुए सीमित मात्रा में लकड़ी का भी उपयोग किया जाएगा, जिससे अंत्येष्टि की प्रक्रिया धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं के अनुरूप पूरी हो सकेगी। इस व्यवस्था से दाह संस्कार में लकड़ी और अन्य पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम होगी।
नमस्कार आज की सबसे बड़ी खबर कटिहार से है। यहां पुलिस हिरासत में एक युवक की मौत के बाद लोगों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने थाने में तोड़फोड़ की। साथ ही पुलिस वालों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, बिहार दिनभर में क्या कुछ खास रहा... टॉप 15 खबरें… 1. कटिहार में पुलिस को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, राइफल छीनी कटिहार में पुलिस हिरासत में एक युवक की मौत के बाद जोरदार हंगामा हुआ। लोगों ने फलका थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। थाने में तोड़फोड़ की गई। पुलिस वालों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। अपनी जान बचाते हुए पुलिस कर्मी मक्के के खेत में भागते नजर आए। आक्रोशित भीड़ ने महिला सिपाही को भी नहीं छोड़ा, उन्हें भी खेदड़ा दिया। पूरी खबर पढ़ें 2. 5 बार ट्रेन-प्लेटफॉर्म के बीच घिसटाया युवक बिहार के एक युवक की भोपाल जंक्शन पर ट्रेन पकडने की जल्दबाजी में जान चली गई। हादसे का 14 सेकेंड का CCTV फुटेज सामने आया है। इसमें युवक प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर चलती ट्रेन को दौड़कर पकड़ने की कोशिश करता है। इसी दौरान वह गेट से टकराकर ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंस जाता है। महज 5 सेकंड के भीतर वह 4-5 बार घूमता है और फिर ट्रेन के नीचे की ओर घिसटाता हुआ नजरों से ओझल हो जाता है। पूरी खबर पढ़ें 3. किशनगंज में SDPO की पत्नी-प्रेमिका ही नहीं नौकरानी भी करोड़पति किशनगंज के SDPO गौतम कुमार के पास 80 करोड़ से अधिक की बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ है। इस मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की कार्रवाई जारी है। शनिवार को EOU की टीम ने SDPO के 6 ठिकानों पर रेड की। इसमें गौतम कुमार के सरकारी आवास, DTO ऑफिस, नौकरानी के किराए के मकान समेत रिश्तेदारों के घर शामिल है। पूरी खबर पढ़ें 4. मोतिहारी में स्कूल बस ने BCA छात्र को रौंदा, हंगामा मोतिहारी में स्कूल बस की चपेट में आने से BCA के एक छात्र की मौत हो गई। घटना नगर थाना क्षेत्र स्थित हॉस्पिटल चौक की है। मृतक की पहचान हरसिद्धि थाना क्षेत्र निवासी विजय सिंह कटहरा के बेटे अभिषेक कुमार के रूप में हुई है। वो कॉलेज एग्जाम देने के लिए आया था। छात्र की मौत के बाद परिजन और छात्रों ने हंगामा करते हुए सड़क जाम कर दिया। पूरी खबर पढ़ें 5. पटना हाई कोर्ट के वकील समेत 3 अरेस्ट राजधानी पटना के शास्त्री नगर थाना क्षेत्र में एक कथित हाईकोर्ट वकील और उसके दो सहयोगियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि तीनों ने दफ्तर में बुलाकर युवक को बंधक बनाया, मारपीट की और न्यूड वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने की कोशिश की। गिरफ्तार आरोपियों में कथित तौर पर चैतन्य कृष्ण, आलोक और मनीष शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें 6. समस्तीपुर में पानी के लिए प्रदर्शन,फूटा ग्रामीणों का गुस्सा समस्तीपुर में वार्ड नबंर-29 के चादोंपट्टी में पेयजल संकट को लेकर लोगों को गुस्सा भड़क गया। शिकायत के बाद भी समाधन नहीं होने पर सड़क पर उतर गए। बांस बल्ली लगाकर ताजपुर-समस्तीपुर मार्ग को जाम कर दिया। इस दौरान दोनों लेन में वाहनों की लंबी कतारें लग गई। पूरी खबर पढ़ें 7. पटना में निशांत के ‘फ्यूचर CM’ पोस्टर से सियासी हलचल बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री के तौर पर “नए चेहरे” को लेकर चर्चा तेज हो गई है। राजधानी पटना के जदयू कार्यालय के पास जदयू कार्यकर्ताओं ने बड़े-बड़े पोस्टर लगाए हैं। जिसमें नीतीश कुमार के साथ उनके बेटे निशांत कुमार को प्रमुखता से दिखाते हुए उन्हें “Future CM of Bihar” के तौर पर प्रोजेक्ट किया गया है। पूरी खबर पढ़ें 8. मनेर में मंत्री रामकृपाल के समधी के घर पर फायरिंग पटना के मनेर थाना क्षेत्र के ब्यापुर में शुक्रवार देर शाम दो पक्षों के बीच हुई गोलीबारी से इलाके में दहशत फैल गई। घटना बिहार सरकार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव के समधी के घर पर हुई, जहां करीब 15 राउंड फायरिंग की बात सामने आई है। घटना रात 9 बजे के करीब की बताई जा रही है। पूरी खबर पढ़ें 9. बेगूसराय में पुलिस-अपराधियों के बीच मुठभेड़, 'दोनों तरफ से फायरिंग हुई' बेगूसराय में बिहार पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई है। एक अपराधी को गोली लगने की सूचना है। फिलहाल तेघड़ा डीएसपी सहित बड़ी संख्या में पुलिस मौके पर मौजूद है। घटनास्थल पर चारों ओर से नाकाबंदी कर दी गई है। पुलिस की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। पूरी खबर पढ़ें 10. विधायक चेतन आनंद पर रंगदारी मांगने का आरोप औरंगाबाद के नवीनगर में एनटीपीसी परियोजना से जुड़े सिविल काम को लेकर विवाद सामने आया है। जदयू नेता राजीव रंजन उर्फ राजा बाबू ने नवीनगर के विधायक चेतन आनंद पर रंगदारी मांगने और धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने आज पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। पूरी खबर पढ़ें 11. नालंदा में शीतला मंदिर हादसे के बाद एक्शन में नगर निगम बिहार शरीफ नगर निगम शीतला मंदिर में मची भगदड़ और आठ महिला श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत के बाद एक्शन मोड में हैं। शनिवार को मंदिर परिसर और उसके आसपास के इलाकों में अतिक्रमण हटाया गया। उप नगर आयुक्त शम्स रजा के नेतृत्व में निगम कर्मियों और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अवैध कब्जों को बुलडोजर-हथौड़ों से ध्वस्त किया गया। पूरी खबर पढ़ें 12. पटना में 3 वर्षीय बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म, दो गिरफ्तार पटना के परसा बाजार थाना क्षेत्र में 22 वर्षीय चाचा पर अपनी तीन वर्षीय भतीजी के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। इस घटना में उसके दो दोस्त भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस ने फौरन र्कारवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, तीसरा आरोपी फरार बताया जा रहा है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पूरी खबर पढ़ें 13. मुजफ्फरपुर में पत्नी ने शराब माफिया पति को कराया गिरफ्तार मुजफ्फरपुर के खबड़ा में करजा थाने का वांटेड शराब माफिया गुलशन कुमार को पत्नी ने आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया। पत्नी की सूचना पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। आरोपी समेत दो महिलाओं और एक युवती को हिरासत में लेकर थाने लाई। पूरी खबर पढ़ें अब वो खबर जो हटकर है 14. फल्गु नदी में पानी छोड़ने के बाद मछलियों की लूट गयाजी डैम से शुक्रवार रात पानी छोड़ा गया। जिसके बाद मंजर की बदल गया। शनिवार सुबह नदी के बहते पानी में मछली पकड़ने की होड़ सी लग गई। बच्चे से लेकर बड़े तक जाल, टोकरी और हाथ से मछली पकड़ने में जुट गए। जिसे जितनी मछली मिल रही, वह उतनी ही खुशी से उसे जमा कर रहा है। पूरी खबर पढ़ें जानिए कल प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम 15. बिहार के 12 जिलों में कल बारिश को लेकर यलो अलर्ट बिहार के 12 जिले में कल यानी रविवार को बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा अन्य सभी जिलों में मौसम भी सामान्य बना रहेगा। इन जिलों में अधिकतम तापमान 32 से 36 के बीच बना रहेगा।
फिरोजाबाद में पत्रकारों से बात करते हुए पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत का विश्वास व्यक्त किया और सपा के सत्ता में लौटने की संभावनाओं को खारिज कर दिया। पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों और असदुद्दीन ओवैसी के 'मियां गेम चेंजर' वाले बयान पर मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि यह उनका विषय नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पूरे देश ने, चाहे वह राज्यों के चुनाव हों या संसदीय चुनाव, भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आशीर्वाद दिया है। उन्होंने हरियाणा, दिल्ली और बिहार सहित विभिन्न राज्यों में भाजपा की जीत का उल्लेख किया और कहा कि इस बार भी इन राज्यों में भाजपा बहुत अच्छा प्रदर्शन करेगी। जब उनसे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव के 2027 में चुनाव जीतने और वाराणसी से भी भाजपा को हराने के दावे के बारे में पूछा गया, तो पर्यटन मंत्री ने इसे खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में भी उनके रिश्तेदारों की सरकार बनने की बात कही जा रही थी, लेकिन उसका अता-पता नहीं चला। मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि सपा नेताओं को अपने कार्यकाल पर नजर डालनी चाहिए। उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के लोग 20 साल बाद भी लालू यादव या राजद के 'जंगल राज' को नहीं भूले हैं, इसलिए उन्हें आशीर्वाद नहीं मिला। उन्होंने आगे कहा कि जब बिहार के लोग 20 साल में 'जंगल राज' नहीं भूले, तो उत्तर प्रदेश के लोग 2012 से 2017 के बीच सपा की 'गुंडई और अराजकता' को कैसे भूल सकते हैं। मंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के लोगों की याददाश्त बिहार वालों से भी ज्यादा है, इसलिए सपा कम से कम 25 साल तक सत्ता में नहीं आ पाएगी।
बिहार के एक युवक की भोपाल जंक्शन पर ट्रेन पकडने की जल्दबाजी में जान चली गई। हादसे का 14 सेकेंड का CCTV फुटेज सामने आया है। इसमें युवक प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर चलती ट्रेन को दौड़कर पकड़ने की कोशिश करता है। इसी दौरान वह गेट से टकराकर ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंस जाता है। महज 5 सेकंड के भीतर वह 4-5 बार घूमता है और फिर ट्रेन के नीचे की ओर घिसटाता हुआ नजरों से ओझल हो जाता है। ये घटना 31 मार्च की है। इधर, आरा रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को एक कारोबारी कर्ज से परेशान होकर ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की कोशिश की। हालांकि, लोको पायलट ने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। हालांकि, ट्रेन तब तक रुकती, इंजन में फंसकर करीब दो मीटर तक युवक घसीटता चला गया। इसका CCTV फुटेज भी सामने आया है। युवक को हमीदिया अस्पताल में भर्ती करवाया गया। उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। पहले भोपाल स्टेशन पर हुए हादसे की 3 तस्वीरें… भोपाल- ट्रेन में चढ़ने की कोशिश में पटरी-प्लेटफॉर्म के बीच, इलाज के दौरान मौत GRP के मुताबिक, भोपाल रेलवे स्टेशन पर 31 मार्च की रात करीब 11:31 बजे युवक भोपाल-इंदौर एक्सप्रेस (19304) पर दौड़कर चढ़ने की कोशिश कर रहा था। उस समय ट्रेन की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटा थी। इसी दौरान वह गेट से टकराकर पटरी और प्लेटफॉर्म के बीच फंस गया। आस-पास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन महज 5 सेकंड के भीतर वह 4 से 5 बार घिसटता हुआ ट्रेन के नीचे चला गया। गंभीर रूप से घायल उस युवक को तुरंत बाद 108 एंबुलेंस की मदद से उसे हमीदिया अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान शुक्रवार शाम करीब 5 बजे उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान सिकंदर (25 से 28 साल) के रूप में हुई है। चश्मदीद बोला- हाथ टूटा, सिर में गहरी चोट एक चश्मदीद ने बताया हादसे के बाद प्लेटफॉर्म पर अफरा-तफरी मच गई थी। GRP के कहने पर वह घायल युवक के साथ अस्पताल तक गया। उसका एक हाथ टूट चुका था और सिर में गहरी चोट थी। इसके बावजूद उसकी सांसें चल रही थी। लोधी रात 4 बजे तक अस्पताल में रुके रहे। युवक ने खुद को बिहार का बताया था। GRP SP राहुल लोढ़ा के मुताबिक, CCTV फुटेज और प्रारंभिक जांच में किसी तरह की आपराधिक साजिश सामने नहीं आई है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। आरा- कर्ज से परेशान शख्स ट्रेन के आगे कूदा, इनकम टैक्स से 1.80 करोड़ का नोटिस मिला था आरा रेलवे स्टेशन पर कर्ज से परेशान एक व्यक्ति ने प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर कोटा–पटना एक्सप्रेस के आगे लेटकर आत्महत्या की कोशिश की। हालांकि, लोको पायलट की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। ट्रेन को समय रहते इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोक दिया गया। इस दौरान मौके पर मौजूद कई लोग तमाशबीन बने रहे। बाद में RPF जवानों और अन्य लोगों की मदद से घायल को इंजन के नीचे से बाहर निकाला गया। घायल को इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे पटना रेफर कर दिया गया, लेकिन परिजनों ने उसे शहर के महावीर टोला स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। घायल की पहचान भोजपुर जिले के पीरो थाना क्षेत्र अंतर्गत पीरो गांव निवासी विजय कुमार गुप्ता (54) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से कर्ज के बोझ से परेशान थे। करीब 20 साल पहले उनकी विदेशी शराब की दुकान थी, लेकिन बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद उनका कारोबार बंद हो गया। इसके बाद विजय झारखंड के डाल्टेनगंज में पार्टनरशिप में काम कर रहे थे। अब आरा स्टेशन पर हुए हादसे की 2 तस्वीरें… इनकम टैक्स नोटिस के बाद बढ़ी परेशानी घायल के साले विद्या भूषण कुमार ने बताया कि करीब एक महीने पहले इनकम टैक्स विभाग की ओर से 1 करोड़ 80 लाख रुपए का नोटिस मिला था। इसके बाद से ही उनके बहनोई काफी तनाव में रहने लगे थे। शराबबंदी के बाद विजय कुमार गुप्ता डाल्टेनगंज में अन्य लोगों के साथ पार्टनरशिप में काम करने लगे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति से मुर्गी फार्म खोलने के लिए 5 लाख रुपए का कर्ज लिया था, लेकिन काम सफल नहीं हुआ और कुछ महीनों में ही बंद करना पड़ा। कर्ज देने वाला व्यक्ति लगातार पैसे के लिए दबाव बना रहा था। इसके बाद विजय ने अपने पार्टनर से 5 लाख रुपए उधार लेकर पहले कर्जदार को चुका दिया। विद्या भूषण के मुताबिक, कर्ज चुकाने के बावजूद उनकी आर्थिक स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती चली गई। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वे फिर कर्ज में डूबते चले गए। उन्हें लगातार धमकियां भी मिल रही थीं। परिजनों के मुताबिक, दो दिन पहले भी पैसे नहीं देने पर गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी गई थी। इसके बाद से ही वह काफी परेशान रहने लगे थे। शुक्रवार की सुबह वह घर से किसी बहाने से निकले थे। बाद में अस्पताल से फोन आने पर घटना की जानकारी मिली। किसी यात्री ने बचाने की कोशिश नहीं की वहीं, घायल को बचाने वाले युवक साहिल ने बताया कि ट्रेन के आगे कूदने वाले व्यक्ति को बचाने के लिए मौके पर मौजूद किसी भी यात्री ने पहल नहीं की। उन्होंने कहा, “हम लोग लावारिस शवों को उठाने का काम करते हैं। जैसे ही नजर पड़ी, हम दौड़कर पहुंचे और पुलिस की मदद से घायल को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई।”
बिहार में नीतीश कुमार की सरकार बदलने जा रही है। वो राज्यसभा सांसद हो गए हैं, 10 अप्रैल को शपथ ग्रहण कर सकते हैं। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि नया सीएम कौन होगा? इसपर जमकर सट्टेबाजी हो रही है। करोड़ों रुपए के दांव लग रहे हैं। मुंबई, पुणे और दिल्ली में बैठकर बड़े सटोरिए बिहार के 10 चेहरों पर दांव खेल रहे हैं। चूंकि स्टेट सीएम का मामला है, इसलिए कुछ संचालक बिहार से लिंक तैयार कर रह हैं और यहीं से दांव लगवा रहे हैं। सट्टा बाजार के अनुसार बिहार के किन 10 नेताओं पर बोली लग रही है, किसपर कितने का दांव चल रहा है। पढ़िए रिपोर्ट…। सम्राट चौधरी के नाम पर लग रहा सबसे ज्यादा सट्टा सट्टे की दुनिया के जानकारों ने बताया कि सीएम पद की रेस में टॉप 10 नेताओं को रखा गया है। भाव की बात करें तो पिछले 15 दिनों से सम्राट चौधरी के नाम पर 60-68 का रेट चल रहा था। सटोरियों के पास सबसे ज्यादा दांव लगाने वाले सम्राट चौधरी पर गेम खेल रहे थे। लेकिन पिछले पांच दिनों से सम्राट के नाम पर रेट कुछ कमजोर हुआ है। अब यह भाव अपने पीक से उतरकर 52-54 पर आ टिका है। 60 के रेट का मतलब है कि सम्राट चौधरी पर 1 लाख रुपए का सट्टा लगाने पर 1.6 लाख रुपए मिलेंगे। सम्राट चौधरी की जगह किसी और को सीएम बना दिया गया तो 1 लाख रुपए डूब जाएंगे। दूसरे नंबर पर महिला नेता का चेहरा सबसे आगे दूसरे नंबर पर महिला नेता है। सट्टेबाजों को उम्मीद है कि इस बार बिहार को महिला सीएम मिलेगी। महिला सीएम पर दांव लगाने पर 50% का फायदा होगा। यानि एक लाख रुपए लगाने पर 1.50 लाख रुपए मिलेंगे। पुरुष नेता सीएम बना तो पैसे डूब जाएंगे। महिला सीएम के लिए सबसे ज्यादा दांव श्रेयसी सिंह पर लग रहा है, सट्टे का भाव 40 से 42 है। प्रेम कुमार और नित्यानंद राय के नाम पर भाव 44 से 46 चल रहा है। जातीय समीकरण से भविष्य की राजनीति तक, टॉप 10 नेताओं के पक्ष में क्या? 1- सम्राट चौधरी: अभी बिहार सरकार में नंबर 2 की हैसियत है। डिप्टी सीएम हैं। नीतीश के चहेते बताए जा रहे। कुशवाहा समाज से आते हैं। बीजेपी इन्हें आगे कर नीतीश के कुर्मी-कुशवाहा वोट बैंक को अपने साथ लाने की कोशिश कर सकती है। 2- संजीव चौरसिया: EBC समाज से आने वाले संजीव चौरसिया का नाम भी सीएम पद की रेस में है। बिहार में EBC की आबादी तकरीबन 36% है। चौरसिया का बैकग्राउंड काफी मजबूत है। इनके पिता गंगा प्रसाद चौरसिया को बिहार BJP का फाउंडिंग मेंबर माना जाता है। वह राज्यपाल रह चुके हैं। 3- मंगल पांडेय: ब्राह्मण जाति से आने वाले मंगल पांडेय बिहार सरकार में लंबे वक्त से मंत्री हैं। अभी भाजपा के बंगाल प्रभारी हैं। इनके पास सत्ता और संगठन दोनों का लंबा अनुभव है। पार्टी नेतृत्व के विश्वासपात्र हैं। 4- नित्यानंद राय: यादव समाज से आने वाले नित्यानंद भाजपा नेतृत्व के करीबी हैं। केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में काम करने का लंबा अनुभव है। सट्टेबाजों को उम्मीद है कि भाजपा इन्हें आगे कर राजद के यादव वोट बैंक में सेंधमारी की कोशिश कर सकती है। 5- प्रेम कुमार: जमीन से जुड़े नेता की छवि वाले प्रेम कुमार अभी विधानसभा अध्यक्ष हैं। पिछले दिनों RSS मुख्यालय नागपुर गए थे। EBC समाज के बड़े नेता हैं। 6- विजय सिन्हा: मौजूदा सरकार में डिप्टी सीएम विजय सिन्हा पर संघ का भरोसा है। संघ के रास्ते बीजेपी की राजनीति में एंट्री की। भूमिहार जाति से हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के करीबी माने जाते हैं। 7- धर्मशीला गुप्ता: सटोरियों को बिहार में किसी महिला को मुख्यमंत्री बनाए जाने की उम्मीद है। ऐसे में EBC वर्ग से आने वाली धर्मशीला गुप्ता का नाम भी सीएम पद की रेस में है। 8- प्रमोद चंद्रवंशी: EBC वर्ग से आने वाले प्रमोद चंद्रवंशी की छवि जमीन से जुड़े नेता की है। भाजपा सीएम के चुनाव में चौंकाती आई है। इसलिए सटोरियों की नजर में प्रमोद भी रेस में हैं। 9- श्रेयसी सिंह: अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज रही श्रेयसी सिंह महिला सीएम बनाए जाने की स्थिति में प्रबल दावेदार मानी जा रहीं हैं। राजपूत जाति से आती हैं। इनके पिता दिग्विजय सिंह बड़े नेता थे। 10- रामेश्वर चौरसिया: EBC वर्ग से आने वाले रामेश्वर चौरसिया भी सटोरियों के अनुसार सीएम पद की रेस में हैं। सट्टा बाजार कैसे काम करता है? भारत में सट्टेबाजी बैन है। इसके बाद भी चोरी-छिपे यह खेल चल रहा है। अंडरवर्ल्ड पर एक दर्जन से ज्यादा किताबें लिख चुके मुंबई के सीनियर जर्नलिस्ट विवेक अग्रवाल ने बताया, ‘सिर्फ मुंबई के सट्टा बाजार से 4 हजार से ज्यादा सट्टेबाज जुड़े हैं। ये बहुत ही सिस्टेमैटिक तरीके से काम करते हैं। करीब 40 बड़े सट्टेबाज हैं, जो 1 हजार करोड़ से ऊपर का खेल चलाते हैं। ये सट्टेबाजी के पूरे कारोबार को कंट्रोल करते हैं। इनके लोग पूरे देश में फैले हैं।’ ऑनलाइन से डार्क वेब तक: ऐसे चलता है सट्टेबाजी का नेटवर्क पहले सट्टेबाजी मुख्य रूप से फोन कॉल्स या व्यक्तिगत मुलाकातों के जरिए होती थी, लेकिन अब यह हाई-टेक हो गया है। पारंपरिक तरीके: फोन कर दांव लगाना, नकद में लेन-देन और हवाला के जरिए पैसे का ट्रांसफर आज भी जारी है। टेलीग्राम और वॉट्सऐप: सैकड़ों टेलीग्राम ग्रुप्स (Bihar Election Satta Live जैसे नामों से) पर लाइव भाव दिए जाते हैं। भुगतान के लिए UPI, क्रिप्टोकरेंसी और वॉलेट्स का इस्तेमाल होता है। डार्क वेब और ऐप्स: Fairplay, JannatBook.com जैसी कई वेब-साइटें, जो फिलीपींस या यूएसए जैसे विदेशी सर्वरों पर होस्ट होती हैं, क्रिप्टोकरेंसी में पेमेंट लेती हैं। Bet365 जैसे अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर भी दांव लगाए जाते हैं। सट्टे में लगाई और खाई हैं अहम बिंदू लगाई (दांव लगाना): यानि फेरवेट पर जीत का दांव लगाना। खाई (दांव खाना): यानि सट्टेबाजी में कमजोर दिख रही टीम पर दांव खाना। क्रिकेट में यह होता है कि इंडिया फेवरेट है तो उसका भाव 28 माना जाएगा यानी जीत पर एक लाख पर महज 28 हजार रुपए ज्यादा मिलेंगे। जबकि पाकिस्तान कमजोर है तो उस पर 30 हजार लगाने पर 1 लाख रुपए मिलेंगे। सीएम के पद पर सट्टेबाजी के रूप अलग हो गए। इसमें अक्षरों का कोड जैसे ABC या फिर नंबरों पर 123 रख दिया गया है। यह अ – ब – स भी हो सकता है।
पीएम उषा अभियान के तहत बिहार को 600 करोड़ रुपए देगी मोदी सरकार, नीतीश कैबिनेट ने खोला बंद रास्ता
बिहार में पीएम उषा अभियान को लागू करने के प्रस्ताव को नीतीश कुमार सरकार की मंजूरी के बाद राज्य में उच्च शिक्षा के विकास के लिए केंद्र से अगले दो साल में 600 करोड़ रुपए मिलने का रास्ता खुल गया है।
बिहार के प्रिंस कुमार सिंह ने यूपीएससी आईएफएस परीक्षा में 15वीं रैंक प्राप्त की है। इसके अलावा उन्होंने और भी कई बड़े एग्जाम को पास किया हुआ है। जानिए जानते प्रिंस कुमार की कहानी जिन्होंने अपने आर्थिक
बॉलीवुड के मशहूर स्टार कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल 7 वर्ष की डेटिंग के बाद अब पति-पत्नी बन चुके हैं। दोनों की शादी इस वक़्त टॉक ऑफ द टाउन है। सोनाक्षी और जहीर अलग धर्म से हैं। ऐसे में ना उन्होंने निकाह किया तथा ना ही फेरे लिए, बल्कि सादगी से रजिस्टर मैरिज की एवं फिर रिसेप्शन पार्टी रखी। अलग धर्म में शादी करने पर सोनाक्षी एवं जहीर को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। ट्रोलिंग के कारण दोनों को अपने वेडिंग पोस्ट का कमेंट सेक्शन तक बंद करना पड़ा। मगर बात तब हद से ज्यादा तब बढ़ गई, जब इंटरफेथ मैरिज करने पर सोनाक्षी एवं जहीर के खिलाफ बिहार के गांव में प्रोटेस्ट मार्च निकाले गए। रिपोर्ट के अनुसार, सोनाक्षी के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन 'हिंदू शिव भवानी सेना' नाम की एक संगठन द्वारा आयोजित किया गया था। जहीर संग शादी पर बेटी सोनाक्षी की हो रही ट्रोलिंग पर अब शत्रुघ्न सिन्हा ने चुप्पी तोड़ी है तथा हेटर्स को जवाब दिया है। अपने एक इंटरव्यू के चलते शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- आनंद बक्शी साहब ने इस तरह के प्रोफेशनल प्रोटेस्टर्स के बारे में लिखा है- कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। इसमें आगे जोड़ना चाहूंगा कि कहने वाले अगर बेकार, बेकाम-काज के हों तो बोलना ही उनका काम बन जाता है। मेरी बेटी ने कुछ भी ऐसा नहीं किया जो गैरकानूनी एवं संविधान के खिलाफ है। सोनाक्षी-जहीर की शादी पर शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा- शादी दो लोगों के बीच का एक बहुत ही व्यक्तिगत फैसला है। इसमें किसी को भी बीच में दखल देने या कमेंट करने का हक नहीं होता। विरोध प्रदर्शन करने वालों को मैं यही बोलना चाहता हूं- अपनी जिंदगी पर ध्यान दो। जिंदगी में कुछ अच्छा करो। इससे ज्यादा और कुछ नहीं कहना। बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा ने खुशी-खुशी अपनी इकलौती बेटी की शादी की है। उन्होंने दामाद जहीर को भी अपना आशीर्वाद दिया है। रिलीज हुआ श्रद्धा कपूर-राजकुमार राव की स्त्री 2 का टीजर, इस अवतार में नजर आए स्टार्स किशोर कुमार के गानों पर बैन, मनोज कुमार-देव आनंद की फिल्मों पर रोक..! बॉलीवुड पर भी पड़ा था 'इमरजेंसी' का बुरा असर सामने आई कंगना रनौत की इमरजेंसी की रिलीज डेट, जानिए किस दिन आ रही है इंदिरा गांधी की बायोपिक?
फिल्म रैप में जानिए कि रविवार को एंटरटेनमेंट की दुनिया में क्या खास हुआ. 9 जून 2024 का दिन एतिहासिक रहा. पीएम नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार पीएम बनने की शपथ ली. इस दौरान शाहरुख खान से लेकर अक्षय कुमार भी मौजूद रहे.
बिहार सीईटी बीएड : पांच साल में सबसे ज्यादा आवेदन आए, इस तारीख से आएंगे एडमिट कार्ड
Bihar CET B.Ed:महिलाओं के लिए अलग एवं पुरुषों के लिए अलग परीक्षा केंद्र होंगे। अभ्यर्थी 17 जून से अपना एडमिट कार्ड वेबसाइटwww. biharcetbed- lnmu. inपर लॉगइन कर डाउनलोड कर सकेंगे।
बीएसईबी बिहार बोर्ड से संबद्ध और एनसीटीई से मान्यता प्राप्त डीएलएड संस्थानों की सूची जारी
Bihar D.El.Ed: बिहार बोर्ड ने डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2024 की आंसर की जारी करने के एक दिन बाद अब राज्य में मौजूद सरकारी व निजी डीएलएड प्रशिक्षण संस्थानों की सूची भी जारी कर दी है। डीएलएड में दाखिला लेने
Bihar DElEd Answer Key 2024: आंसर की जारी, ऐसे दर्ज करें ऑब्जेक्शन, देखें डायरेक्ट लिंक
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने बिहार डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (DElEd) परीक्षा 2024 की आंसर की जारी की। जो उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट- biharboardonline.b
Bihar STET: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने शनिवार को माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी)-2024 (प्रथम) परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। पेपर-1 के विभिन्न विषयों की परीक्षा 18 से 29 मई तक होगी।
CSBC Bihar Police Constable Exam: क्या जारी हो चुकी हैं रिवाइज्ड तारीखें, पढ़ें अपडेट
CSBC Bihar Police Constable exam dates: बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की नई तारीखों का इंतजार है। परीक्षाएं 1, 7 और 15 अक्टूबर को निर्धारित की गई थीं, जिन्हें रद्द व स्थगित कर दिया गया था। आइए
बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा शर्मा की हाल ही में बिहार में एक रोड शो में भागीदारी ने इंटरनेट पर तूफान ला दिया है। क्रुक और तुम बिन 2 जैसी फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए मशहूर सुश्री शर्मा को अपने पिता अजीत शर्मा का समर्थन करते देखा गया, जो कांग्रेस के टिकट पर भागलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। यह रोड शो उन अफवाहों के बीच हुआ कि अभिनेता राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं। हालाँकि, अब यह स्पष्ट हो गया है कि वह सिर्फ अपने पिता के लिए प्रचार कर रही थीं। नेहा शर्मा ने इंस्टाग्राम पर बांका, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया सहित बिहार के विभिन्न जिलों की अपनी यात्रा दिखाते हुए एक वीडियो साझा किया। वह पारंपरिक सलवार कमीज पहने हुए थीं और जनता का अभिवादन करती और उन्हें वोट डालने के लिए प्रोत्साहित करती नजर आईं। इसे भी पढ़ें: AR Rahman ने नए एल्बम के रिलीज पर Taylor Swift को बधाई दी, नेटिजन ने कहा 'महान कला, महान कला को पहचानती है' View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया रोड शो के दौरान पीरपैंती और कहलगांव में भारी भीड़ ने अभिनेता का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा “वे कहते हैं कि जब कोई आपको अपने दिल में जगह देता है, तो आप हमेशा के लिए वहीं रहते हैं। आपने मुझे जो प्यार और समर्थन दिया है, उससे मेरा दिल भर गया है। पीरपैंती और कहलगांव में गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद। आपका प्यार सारी आँखों पर। सदा आभारी। ऑनलाइन प्रसारित हो रहे एक अन्य वीडियो में अभिनेत्री को भागलपुर में अपने पिता के चुनाव अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए दिखाया गया है। भागलपुर लोकसभा सीट पर दूसरे चरण में 26 अप्रैल को चुनाव होना है। इस सीट पर कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने वाले अजीत शर्मा का मुकाबला जेडीयू के अजय कुमार मंडल से है। पहले ऐसी अफवाह थी कि सुश्री शर्मा राजनीति में प्रवेश कर सकती हैं। हालाँकि, कई रिपोर्टों ने स्पष्ट किया है कि वह अभी चुनावी शुरुआत नहीं कर रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पिता अजीत शर्मा ने उन्हें राजनीति में शामिल होने का अवसर दिया, शर्मा वर्तमान में अपने अभिनय करियर पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। Bihar, Bhagalpur: Bollywood actress Neha Sharma campaigns for Congress leader and father Ajeet Sharma in the Lok Sabha elections, participates in a roadshow. pic.twitter.com/yEhb4XoQQL — IANS (@ians_india) April 23, 2024 View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial)
सलमान के घर फायरिंग से पहले शूटर्स ने बिहार में की हथियारों की प्रैक्टिस, फार्म हाउस की हुई थी रेकी
14 अप्रैल को, सुबह 4.50 बजे सलमान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर, अज्ञात हमलावरों ने पांच राउंड फायरिंग की थी. पुलिस ने सलमान के घर पर फायरिंग करने के मामले में विक्की गुप्ता (24 साल) और सागर पाल (21 साल) नाम के दो लड़कों को गिरफ्तार किया था. अब इससे जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है.
Manisha और Elvish के बीच लगी दुश्मनी की आग हुई और तेज, बिहार की बेटी नेसरेआम बना दिया'राव साहब' का मजाक ?
बिहार में जेईई और नीट की फ्री कोचिंग, रहने-खाने की भी रहेगी मुफ्त व्यवस्था, ऐसे करें अप्लाई
Bihar Board Jee and Neet Free Coaching : विद्यार्थी समिति द्वारा संचालित engineering (jee) औरmedical (neet) की नि:शुल्क तैयारी हेतु BSEB SUPER-50 आवासीय शिक्षण में पढ़ने हेतु आवेदन कर सकत हैं।
Bihar 10th Board 2024: टॉप 5 में इन 10 छात्रों ने बनाई जगह, जानें नाम और मार्क्स
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने दसवी का रिजल्ट bsebmatric.org और results.biharboardonline.com पर जारी कर दिया है। इस साल टॉप 10 की लिस्ट ने 51 छात्रों ने अपनी जगह बनाई है। टॉप 5 की लिस्ट में 10 छ
Bihar Board BSEB 2024 Matrci Result Today:बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in व biharboardonline.com , onlinebseb.in पर जल्दजारी कर दिया जाएगा।
BSEB: क्लास 10वीं के रिजल्ट से पहले जानें ये 10 जरूरी बातें, मार्कशीट मिलने में मिलेगी मदद
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड अब कभी भी वेबसाइट biharboardonline.gov.in पर कक्षा 10वीं के रिजल्ट अपलोड कर सकता है। एक बार रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र यहां से डाउनलोड कर सकते हैं।
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) मैट्रिक यानी कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट अब कभी भी biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी हो सकता है, जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, रिजल्
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटर में एडमिशन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। इस बाबत समिति ने सभी सरकारी, गैर सरकारी विद्यालय, इंटर कॉलेजों की सूची ofssbihar.in पर अपलोड कर दी है।
बीएसईबी मैट्रिक रिजल्ट की घोषणा जल्द की जाएगी। हालांकि अभी तक रिजल्ट की टाइमिंग और तारीख के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद है नतीजे 31 मार्च तक आधिकारिक वेबसाइट biharboardonlin
BSEB Bihar 10th Board: प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेयर की जाएंगी ये 5 डिटेल्स, यहां पढ़ें
छात्र आधिकारिक वेबसाइट्स से बीएसईबी 10वीं स्कोरकार्ड 2024 डाउनलोड कर सकेंगे। रिजल्ट वाले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। जिसमें बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा से जुड़ी कई डिटेल्स शेयर की जाएगी। आइए ज
इस साल का रिजल्ट पिछले 5 साल की तुलना में सबसे बेहतर, 87.21 प्रतिशत विद्यार्थी हुए पास
BSEB Bihar Board 12th Result : हार बोर्ड ने आज 12वीं के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का रिजल्ट पिछले 5 सालों की तुलना में सबसे बेहतर रहा है। इस साल इंटर का रिजल्ट 87.21 फीसदी रहा।
बिहार बोर्ड ने 12वीं यानी इंटर परीक्षा का रिजल्ट अब जारी कर दिया है। टॉपर्स के नाम भी सामने आ गए हैं। आइए जानते हैं साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स स्ट्रीम के टॉपर्स ने किन स्कूलों से पढ़ाई की है। यहां देखें न
BSEB : बारहवीं कक्षा के छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी के लिए फ्री में कोचिंग देती है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) गरीब विद्यार्थियों को JEE और NEET की मुफ्त कोचिंग कराती है।
BSEB Bihar Board: बिहार बोर्ड इंटर छात्र जानें टॉप 10 इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज
NIRF यानी राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क। इस रैंकिंग को शिक्षा मंत्रालय जारी करता है। एनआईआरएफ रैंकिंग में देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी की रैंकिंग जारी की जाती है।
बीएसईबी 12वीं के परिणाम के साथ टॉपर्स की लिस्ट भी शेयर करेगा। जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, पिछले 7 सालों में आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम में किसने किया था टॉप। यहां पढ़ें पूरी
Bihar 12th Board 2024: रिजल्ट जारी होने की तारीख और समय के बारे में यहां मिलेगी जानकारी
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) जल्द ही इंटरमीडिएट या कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2024 के परिणाम घोषित करेगा। वहीं बोर्ड परिणाम के समय की घोषणा पहले कर दी जाएगी। आइए जानते हैं, आप कहां कर सकें

