Rahul Gandhi ने Modi Government पर साधा निशाना, बोले- देश में चल रहे 'Two Systems' और लूट का खेल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने देश में दो सिस्टम बना दिए हैं - एक कुछ गिने-चुने अरबपतियों के लिए और दूसरा बाकी सभी के लिए। उन्होंने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के कामकाज की आलोचना करते हुए यह बात कही। एक्स पर एक पोस्ट में गांधी ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि जहां लोन न चुकाने पर किसानों और सैलरी पाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई होती है, वहीं कुछ खास कारोबारियों को बैंकों से खास सुविधा मिलती है। NCLT का ज़िक्र करते हुए गांधी ने लिखा, NCLT - 'लीडर-कंपनी लूट ट्रिब्यूनल'। इसे भी पढ़ें: राहुल गांधी का BJP सरकार पर हमला, बोले - लाठियों से सवाल नहीं दबेंगे, Bihar के BPSC छात्रों को न्याय दो उन्होंने आरोप लगाया कि अगर कोई किसान 50,000 रुपये नहीं चुका पाता है, तो उसकी ज़मीन नीलाम कर दी जाती है, जबकि सैलरी पाने वाले व्यक्ति की एक भी EMI छूटने पर बैंकों का दबाव झेलना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि गरीब छात्रों को एजुकेशन लोन लेने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अगर कोई किसान 50 हज़ार रुपये नहीं चुका पाता, तो उसकी ज़मीन नीलाम कर दी जाती है। अगर सैलरी पाने वाले व्यक्ति की एक भी EMI छूट जाती है, तो बैंक के गुंडे घर आ धमकते हैं। गरीब छात्रों को तो पढ़ाई के लिए लोन भी नहीं मिल पाता। गांधी ने आगे आरोप लगाया कि कुछ खास दोस्तों के लिए बैंक का पैसा अपनी निजी संपत्ति जैसा है - जितना चाहें निकालें, जितना मन करे उतना चुकाएं। उन्होंने एक्स पर लिखा, लेकिन कुछ खास 'दोस्तों' के लिए बैंक का पैसा अपनी निजी संपत्ति जैसा है - जितना चाहें निकालें, जितना मन करे उतना चुकाएं। इसे भी पढ़ें: सच्चाई vs भ्रम: मनुस्मृति में नारी को लेकर ऐसा लिखा क्या है? जिस पर होता है बवाल इस बीच, एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने आज कहा कि नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के सामने उनकी पर्सनल इनसॉल्वेंसी (व्यक्तिगत दिवालियापन) की कार्यवाही से जुड़ी खबरों ने उनके खिलाफ दावों की गलत तस्वीर पेश की है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि वह सिर्फ़ एक पर्सनल गारंटर थे और उन्होंने किसी लेंडर (ऋणदाता) से व्यक्तिगत रूप से पैसे उधार नहीं लिए थे।
Dolphin के साथ क्रूरता! बिहार के Saharsa में दुर्लभ डॉल्फिन का शिकार करने पर Action, आरोपी गिरफ्तार
कोसी नदी में मछली पकड़ने निकले एक मछुआरे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने के बाद मामला वन विभाग और पुलिस तक पहुंच गया। वीडियो में मछुआरा जाल में फंसी दुर्लभ गंगा नदी डॉल्फिन को बाहर निकालकर अपने घर ले जाता दिखाई दे रहा है। मामला बिहार के सहरसा जिले का है, जहां कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी मछुआरे को गिरफ्तार कर लिया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, मछुआरा कोसी नदी में मछली पकड़ रहा था। इसी दौरान उसके जाल में गंगा नदी डॉल्फिन फंस गई। डॉल्फिन को जाल से निकालकर नदी में छोड़ने के बजाय मछुआरा उसे अपने साथ घर ले गया। इसी दौरान वहां मौजूद एक स्थानीय व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन से बना लिया। बाद में यह वीडियो इंटरनेट पर साझा किया गया और देखते ही देखते तेजी से फैल गया। वीडियो में मछुआरे को डॉल्फिन से तेल निकालने की बात करते हुए भी सुना गया। वीडियो सामने आने के बाद मामला वन विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों तक पहुंचा। अधिकारियों ने घटना को गंभीरता से लेते हुए मछुआरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। हालांकि, प्राथमिकी दर्ज होने के तुरंत बाद आरोपी का पता नहीं चल सका। इसके बाद वन विभाग और पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। करीब दो दिनों तक खोजबीन के बाद तीसरे दिन बिहार पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी से पूछताछ की जा रही है। सहरसा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ओम प्रकाश ने बताया कि डॉल्फिन का शिकार करने और उसे मारने के संबंध में मामला दर्ज किया गया है। वन विभाग और बिहार पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई शुरू की है। ओम प्रकाश ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ चल रही है। पूछताछ पूरी होने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। गौरतलब है कि गंगा नदी डॉल्फिन भारत में विशेष रूप से संरक्षित जलीय जीवों में शामिल है। इसे भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव भी घोषित किया गया है। यह मुख्य रूप से गंगा, ब्रह्मपुत्र और मेघना नदी तंत्र में पाई जाती है। प्रदूषण, नदियों में पानी का घटता प्रवाह, मछली पकड़ने के जाल में फंसने और मानवीय गतिविधियों के कारण इस प्रजाति के सामने लगातार खतरे बने हुए हैं। बता दें कि वन्यजीव संरक्षण कानून, 1972 के तहत संरक्षित वन्यजीवों का शिकार करना या उन्हें मारना अपराध है। मामले की प्रकृति और लागू प्रावधानों के आधार पर दोषी पाए जाने पर सात साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान हो सकता है। कोसी जैसी नदियां गंगा नदी डॉल्फिन के लिए महत्वपूर्ण आवास मानी जाती हैं। ऐसे में मछली पकड़ने के दौरान डॉल्फिन के जाल में फंसने की घटनाएं संरक्षण को लेकर भी चिंता बढ़ाती हैं। अधिकारियों की कार्रवाई से साफ है कि संरक्षित जलीय जीवों को नुकसान पहुंचाने के मामलों में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
नेपाल की बाढ़ से बिहार में बढ़ा गंडक का जलस्तर, वीडियो में जाने 36 गेट खुले; 8 जिलों में हाई अलर्ट, 3 मीटर ऊंची लहरों का खतरा
नेपाल की बाढ़ से बिहार में बढ़ा गंडक का जलस्तर, वीडियो में जाने 3 मीटर ऊंची लहरों का खतरा; यूपी-MP-राजस्थान में भी भारी बारिश का अलर्ट
शिक्षित और आत्मनिर्भर महिलाएं समृद्ध बिहार की मजबूत नींव: सीएम सम्राट चौधरी
Patna, 27 अगस्त . बिहार के Chief Minister सम्राट चौधरी ने Thursday को कहा कि शिक्षित और आत्मनिर्भर महिलाएं समृद्ध बिहार की मजबूत नींव हैं. महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को राज्य Government की प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि बिहार की बेटियों को इस तरह सक्षम बनाया जा रहा है कि वे ... Read more
CM सम्राट चौधरी ने गुरुवार को बिहार की महिलाओं को रक्षाबंधन का बड़ा गिफ्ट दिया है। सीएम सम्राट ने राज्य में महिला यूनिवर्सिटी की स्थापना समेत कई बड़े अन्य ऐलान किए हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक विकसित और समृद्ध बिहार की नींव के तौर पर शिक्षित और आत्मनिर्भर महिलाओं के महत्व पर ज़ोर दिया और लड़कियों को अच्छी शिक्षा, कौशल और बेहतर अवसर देने की जरूरत बताई। 27 अगस्त को, मुख्यमंत्री ने पटना के मगध महिला कॉलेज में G+6 साइंस ब्लॉक और ऑडिटोरियम की आधारशिला रखी। उन्होंने छात्राओं से उनकी पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी ज़रूरतों, उम्मीदों और सुझावों पर भी बातचीत की। इसे भी पढ़ें: AIMIM 'वोटकटवा' नहीं, 2027 UP Election में कई MLA जीतेंगे: Owaisi का ऐलान वहाँ मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए CM चौधरी ने कहा कि महिलाओं की तरक्की ही बिहार की तरक्की है। एक विकसित बिहार बनाने के लिए बेटियों और बहनों को अच्छी शिक्षा, आधुनिक सुविधाएँ और मौके देना बहुत ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार उच्च शिक्षा संस्थानों में बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मगध महिला कॉलेज का नया साइंस ब्लॉक छात्राओं को विज्ञान की शिक्षा, रिसर्च और करियर के बेहतर मौके देगा। छात्राओं से बातचीत के दौरान, मुख्यमंत्री ने विकसित भारत और समृद्ध बिहार के सपने को पूरा करने में महिलाओं और लड़कियों की भूमिका पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार की बेटियों को कुशल बनना चाहिए और उच्च शिक्षा हासिल करनी चाहिए। उनमें न सिर्फ़ नौकरी पाने वाले, बल्कि नौकरी देने वाले बनने की भी काबिलियत और आत्मविश्वास होना चाहिए। CM चौधरी ने महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाली सरकारी योजनाओं का भी ज़िक्र किया, जिनमें मुख्यमंत्री बालिका PhD फ़ेलोशिप योजना और उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों की मदद के लिए बनाई गई स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: Gandak River का जलस्तर घटा, वाल्मीकि नगर बैराज से पानी का बहाव कम हुआ उन्होंने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि उनके सुझावों और समस्याओं का समाधान हाल ही में शुरू किए गए स्टूडेंट सपोर्ट पोर्टल के जरिए किया जाएगा, जहाँ वे अपनी समस्याएँ दर्ज करा सकती हैं और तय समय-सीमा में उनका समाधान पा सकती हैं। मुख्यमंत्री ने मगध महिला कॉलेज के महिला हॉस्टल का निरीक्षण किया और वहां की सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छात्राओं को कोई परेशानी न हो और पढ़ाई के साथ-साथ खेल-कूद, फिटनेस और अन्य अतिरिक्त गतिविधियों में भी उनकी भागीदारी को बढ़ावा दिया जाए। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
30 से 40 की उम्र के आसपास करियर में बदलाव करना एक बड़ा काम होता है। लेकिन यह नामुमकिन नहीं होता है। इस उम्र तक आते-आते लोगों पर कई तरह की जिम्मेदारियां, फाइनेंशियल सिक्योरिटी और सेटल लाइफ का दबाव होता है। ऐसे में अगर बिना कुछ सोचे-समझे नौकरी छोड़ दी जाए, तो यह सही फैसला नहीं होगा। ऐसे में अगर आप भी अपनी नौकरी में ग्रोथ नहीं हो रही है या आप किसी नए फील्ड में पहचान बनाना चाहते हैं, तो यह फैसला करने से पहले सही प्लानिंग करना जरूरी होता है। खासतौर पर ऐसे फैसले लेने से पहले फाइनेंस से जुड़ी बातों का ध्यान देना जरूरी होता है। क्योंकि अगर आपके अकाउंट में पैसे होंगे, तो सभी काम आसानी से हो जाएंगे। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको करियर रीबूट करने के लिए फाइनेंशियल टिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Bihar BSFC Recruitment 2026: बिहार में 259 पदों पर निकली बंपर वैकेंसी, जानें Eligibility और Selection Process पैसों की प्लानिंग करियर चेंज करने से पहले आपका फाइनेंशियल रूप से मजबूत होना बेहद जरूरी है। जिससे कि रीबूट के दौरान आप स्ट्रेस फ्री रहें। इमरजेंसी फंड इमरजेंसी फंड वित्तीय सुरक्षा की सबसे मजबूत नींव होती है। 30-40 की उम्र में करियर रीबूट करने या नौकरी छोड़ने का फैसला करते समय फंड सेफ्टी या सिक्योरिटी की तरह काम आ सकता है। इसके लिए हर महीने के जरूरी खर्चों को कम से कम 6 या 12 महीनों से गुणा करें। उसके बाद जो पैसे बचें, उनको जमा करें। हेल्थ इंश्योरेंस नौकरी छोड़ते ही कंपनी से मिलने वाला ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस भी खत्म हो जाता है। ऐसे में बिना मेडिकल कवर के रहना जोखिम वाला हो सकता है। क्योंकि अचानक से आने वाली बीमारी आपकी सेविंग्स को खत्म कर सकती है। इसलिए करियर रीबूट करने या जॉब स्विच करने से पहले पूरे परिवार के लिए अलग इंडिविजुअल या फैमिली फ्लोटर हेल्थ इंश्योरेंस जरूर लें। लोन और ईएमआई करें कम अगर आपका कोई लोन चल रहा है, या EMI चल रही है, तो इसको नौकरी छोड़ने से पहले खत्म करें। क्योंकि अगर आप इसको खत्म किए बिना नौकरी छोड़ते हैं, तो इसको भरने के लिए अलग से फंड की व्यवस्था करें। वरना बाद में यह परेशानी की वजह बन सकता है। सस्टेनेबिलिटी टेस्ट जरूर लें अगर आप नौकरी छोड़कर नया बिजनेस या फ्रीलांसिंग शुरू करने जा रहे हैं। तो मानकर चलना चाहिए कि शुरूआती 6 से 8 महीने तक आपकी कोई कमाई नहीं होगी। इसलिए खुद से यह सवाल करें कि आप अपनी बचत से घर का खर्च, मेडिकल और लोन आदि की किश्तें आसानी से पूरा कर पाएंगे। अगर आपका जवाब हां है, तो आपको यह कदम उठाना चाहिए। करियर रीबूट के लिए अन्य जरूरी स्टेप्स 30-40 की उम्र में करियर रीबूट की प्लानिंग एक सोच-समझकर उठाया जाने वाला कदम होना चाहिए। यह जल्दबाजी में किया गया फैसला नहीं होना चाहिए। सबसे पहले यह जानना चाहिए कि आपकी अच्छी पकड़ किस फील्ड में हैं और उस नए करियर में आपको क्या फायदा होगा। स्किल गैप को भरें आप जिस नई फील्ड में या फिर रोल में जा रही हैं, तो आप कदम रखना चाहती हैं। पहले समझें कि उसकी डिमांड क्या है। इस बारे में समझें। अपनी पुरानी स्किल्स की तुलना नई जॉब मार्केट से करके देखें कि कहां कमी है। नौकरी को पूरी तरह से छोड़ने से पहले सर्टिफिकेशन्स, ऑनलाइन कोर्सेज या वर्कशॉप्स के जरिए नई तकनीक और टूल्स आदि सीखें। सही समय पर खुद को अपग्रेड करेंगे, तो आप नई भूमिका के लिए पूरे कॉन्फिडेंस के तैयार होंगे। साइड वर्क से करें शुरु नए काम को अपना पूरा-पूरा समय देना थोड़ा सा रिस्की हो सकता है। इससे बचने के लिए नई फील्ड में पार्ट टाइम या फिर फ्रीलांसिंग के जरिए काम करें। इससे आपको शुरूआती क्लाइंट्स मिलने के साथ मार्केट की समझ भी आती है। इन स्किल्स पर फोकस करें बता दें कि 30 की उम्र के बाद सिर्फ अप्लाई करने से नौकरी नहीं बल्कि रेफरल और कनेक्शंस से मिलती है। इसके लिए LinkedIn का सही इस्तेमाल करें। अपनी इंडस्ट्री के लोगों से मिलें और मेंटॉर की सहायता लें। भले ही आप डोमेन पूरी तरह से चेंज कर रहे हों, तब भी आपकी पुरानी स्किल्स हर जगह काम आएंगी।
Bihar Flood: Gandak River का जलस्तर घटा, वाल्मीकि नगर बैराज से पानी का बहाव कम हुआ
नेपाल में अचानक बाढ़ आने के एक दिन बाद बिहार में उफनाई गंडक नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार को घटने लगा, जिससे राज्य के उत्तरी हिस्से के निचले इलाकों के लोगों को राहत मिली। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकि नगर स्थित गंडक बैराज से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा भी नदी के जलस्तर में कमी आने के साथ घट गयी है। पश्चिम चंपारण बिहार का सबसे उत्तरी जिला है, जिसकी सीमा नेपाल से लगती है। नेपाल से आए बाढ़ के पानी के गंडक नदी में पहुंचने के बाद बुधवार को बिहार में हाई अलर्ट घोषित किया गया था। जलप्रवाह को नियंत्रित करने के लिए वाल्मीकि नगर गंडक बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए थे। वाल्मीकि नगर बैराज से छोड़ा जाने वाला पानी रात 11 बजे के 1.50 लाख क्यूसेक से घटकर बृहस्पतिवार 12 बजे तक 1.04 लाख क्यूसेक रह गया। जल संसाधन विभाग ने एक बयान में कहा, वाल्मीकि नगर गंडक बैराज पर बुधवार रात 11 बजे जलप्रवाह 1.50 लाख क्यूसेक के उच्चतम स्तर पर पहुंचा था, जिसके बाद नदी का जलस्तर घटने लगा। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि गंडक नदी में जलस्तर घटने की प्रवृत्ति देखी गई, लेकिन नेपाल के देवघाट क्षेत्र में देर रात हुई बारिश के कारण जलस्तर में फिर हल्की बढ़ोतरी शुरू हुई। उन्होंने कहा कि अब तक तटबंधों पर किसी तरह के प्रतिकूल प्रभाव की सूचना नहीं है और जल संसाधन विभाग लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है तथा पूरी तरह सतर्क है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि गंगा नदी का जलस्तर भी घट रहा है, हालांकि कुछ स्थानों पर एक-दो सेंटीमीटर की मामूली वृद्धि दर्ज की जा सकती है। उन्होंने कहा, विभाग स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और बाढ़ से सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की थी और आज हवाई सर्वे कर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिया है। अधिकारी ने बताया कि सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने, आवश्यक कदम तत्काल उठाने और स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा, इस वर्ष बैराज से सर्वाधिक 2.24 लाख क्यूसेक जल प्रवाह 14 जुलाई 2026 को दर्ज किया गया था, जबकि 28 सितंबर 2024 को 5.625 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसलिए फिलहाल स्थिति सामान्य रहने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि बैराज, तटबंधों और नियंत्रण कक्ष में सभी टीमें अलर्ट पर हैं। विभागीय अधिकारियों को संभावित आपात स्थिति के मद्देनजर सभी तैयारियां सुनिश्चित करने, आवश्यक सामग्री का भंडारण करने तथा तटबंधों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। अधिकारी ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में जिला प्रशासन सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से समय पर लोगों को सतर्क कर रहा है। इस बीच, नेपाल पुलिस के अनुसार भोटेकोशी नदी में बुधवार को आई बाढ़ से तीन जिलों में मची तबाही में मरने वालों की संख्या 160 से अधिक हो गई है।
Bihar Flood: Ganga और Kosi समेत कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर
नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक और घाघरा नदियों का जलस्तर बढ़ने से बिहार के कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार वर्षा के कारण राज्य की कई प्रमुख नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और सीमावर्ती जिलों में कई स्थानों पर नदियां खतरे के निशान को छू चुकी हैं या उससे ऊपर बह रही हैं। विभाग की ओर से जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार गंडक, कोसी, गंगा, बूढ़ी गंडक और घाघरा नदियां राज्य के कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि कुछ जगहों पर जलस्तर चेतावनी स्तर तक पहुंच गया है। बुलेटिन के मुताबिक, गोपालगंज और सिधवलिया में गंडक नदी खतरे के निशान पर पहुंच गई है। वहीं खगड़िया, कटिहार और कुरसेला में कोसी नदी खतरे के निशान को छू रही है। बूढ़ी गंडक भी खगड़िया में खतरे के निशान पर बह रही है। गंगा नदी पटना के दीघा, गांधीघाट और हथीदह तथा भागलपुर के कहलगांव में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वहीं सिवान जिले के दरौली में घाघरा नदी का जल स्तर भी खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया है। अधिकारी ने बताया कि अब तक किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और सभी संबंधित विभागों को सतर्क रखा गया है। मौसम विभाग के जिला-वार वर्षा बुलेटिन के अनुसार बृहस्पतिवार को पटना, पूर्णिया, भागलपुर, पश्चिम चंपारण, नालंदा और सिवान समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
Nepal Floods में फंसे भारतीय पर्यटकों को सुरक्षित लाएं, Congress ने PM Narendra Modi से की मांग
कांग्रेस ने नेपाल में विनाशकारी भीषण बाढ़ पर चिंता जताते हुए बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आग्रह किया कि वहां फंसे भारतीय पर्यटकों की सुरक्षित वापसी के लिए सभी आवश्यक कदम तत्काल उठाए जाएं। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पार्टी की ओर से इस संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र भी लिखा गया है। उनका कहना है कि नेपाल में अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही ने सभी को स्तब्ध कर दिया है और नुकसान भी व्यापक स्तर पर हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘सभी संभावित राहत प्रयासों को अधिक से अधिक लोगों की जान बचाने पर केंद्रित किया जाना चाहिए।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि नेपाल में सैकड़ों भारतीय पर्यटक फंसे हुए हैं और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए सभी उपाय करने का आग्रह किया गया है। उन्होंने सड़क और हवाई मार्ग से निकासी के साथ-साथ आपातकालीन राहत शिविर स्थापित किए जाने की मांग की, ताकि इस त्रासदी के बीच फंसे भारतीय नागरिकों को तत्काल सहायता मिल सके। नेपाल में बुधवार को अचानक आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 165 से अधिक हो गई है और 300 से अधिक भारतीय पर्यटकों समेत बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: Gandak River का जलस्तर घटा, वाल्मीकि नगर बैराज से पानी का बहाव कम हुआ बुधवार को अचानक आई बाढ़ ने नेपाल के तीन जिलों में भारी तबाही मचाई है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि अचानक आई बाढ़ में लापता हजारों लोगों में करीब 300 भारतीय पर्यटक शामिल हैं।
Nepal बाढ़ में फंसे महाराष्ट्र के नागरिकों की मदद के लिए CMO ने शुरू किया कंट्रोल रूम
नेपाल में बाढ़ के बीच महाराष्ट्र के करीब 80 पर्यटकों के फंसे होने का अनुमान है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि जानकारी जुटाने का काम जारी है और यह संख्या बदल सकती है। राज्य आपातकालीन अभियान केंद्र (एसईओसी) की बृहस्पतिवार सुबह जारी रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से 57 लोग एक टूर एजेंसी के माध्यम से गए थे, जबकि बाकी लोग स्वतंत्र रूप से यात्रा कर रहे थे। अब तक चार नागरिकों के सुरक्षित होने की सूचना मिली है। बुधवार को नेपाल के तीन जिलों में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। इसमें 165 लोगों की मौत हो गई और 300 से अधिक भारतीय पर्यटकों समेत कई लोग लापता हैं। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: Gandak River का जलस्तर घटा, वाल्मीकि नगर बैराज से पानी का बहाव कम हुआ यह हाल के वर्षों में नेपाल की सबसे भीषण आपदाओं में से एक है। एसईओसी ने बताया कि वह 57 लोगों की यात्रा आयोजित करने वाली ऋचा टूर्स प्राइवेट लिमिटेड के संपर्क में है। वह आगे की जानकारी के लिए नयी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्रालय के एकीकृत नियंत्रण कक्ष-आपात प्रतिक्रिया केंद्र के साथ भी समन्वय कर रहा है। इसे भी पढ़ें: Nepal Floods में 165 लोगों की मौत, 300 से अधिक भारतीय पर्यटक लापता राज्य के अधिकारी यात्रा आयोजित करने वाली संबंधित ट्रैवल एजेंसी के साथ भी समन्वय कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि एसईओसी और जिला प्रशासन वहां फंसे लोगों की जानकारी जुटा रहे हैं। कुछ मामलों में नाम दोहराए जाने की बात सामने आई है और अंतिम संख्या तय करने के लिए उनका सत्यापन किया जा रहा है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से नेपाल में फंसे अपने रिश्तेदारों या अन्य लोगों की जानकारी साझा करने की अपील की है। विभाग ने एक हेल्पलाइन डेस्क भी स्थापित किया है और समन्वय एवं सहायता के लिए लोगों से विवरण उपलब्ध कराने को कहा है। एसईओसी ने लोगों की जानकारी जुटाने के लिए एक वेब आधारित लिंक तैयार किया है और इसे मीडिया के माध्यम से साझा किया है। इसे भी पढ़ें: भीषण बाढ़ पर दलाई लामा ने जताया दुख, आपदा के पीछे Climate Change का जताया अंदेशा जिला कलेक्टरों को भी जानकारी जुटाने और उसका सत्यापन करने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बुधवार को बताया कि मंत्रालय में 24 घंटे का नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। महाराष्ट्र के जिन लोगों को सहायता की आवश्यकता है, उनसे आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने की अपील की गई है।
Nepal Floods में फंसे तमिलनाडु के तीर्थयात्रियों की सुरक्षा पर नजर, बचाव अभियान जारी
तमिलनाडु के मंत्री ए. राजमोहन ने बृहस्पतिवार को विधानसभा को बताया कि राज्य सरकार नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण फंसे राज्य के तीर्थयात्रियों के बचाव कार्य पर करीब से नजर रख रही है और चेन्नई से गए 49 अन्य लोगों की स्थिति का पता भी लगाया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु के 10 जिलों से 54 लोग और पुडुचेरी से तीन लोग तीर्थयात्रा पर गए थे। इसके अलावा सरकार को पता चला है कि चेन्नई के एक ‘टूर ऑपरेटर’ ने 49 तीर्थयात्रियों को मानसरोवर भेजा था जिससे तीर्थयात्रा पर जाने वाले लोगों की संख्या 106 हो गई है। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: Gandak River का जलस्तर घटा, वाल्मीकि नगर बैराज से पानी का बहाव कम हुआ विपक्ष की ओर से लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन ने विधानसभा को बताया कि राज्य सरकार तीर्थयात्रियों के बचाव कार्य और उनकी स्थिति पर हर घंटे नजर रख रही है और बचाए गए 20 लोगों को वर्तमान में काठमांडू के रास्ते वापस लाने की कोशिशें जारी हैं। उन्होंने बताया कि इन 57 लोगों के अलावा चेन्नई की एक ट्रैवल एजेंसी 49 तीर्थयात्रियों को मानसरोवर यात्रा पर ले गई थी और अभी उनकी यात्रा योजना तथा वे कहां हैं, इस बारे में पता लगाने की कोशिशें की जा रही हैं।
तेजस्वी यादव ने जताई गहरी चिंता, बिहार सरकार को दी पुख्ता एहतियाती कदम उठाने की सख्त सलाह
पड़ोसी देश नेपाल में हाल ही में मूसलाधार बारिश और बादल फटने के कारण मची भयंकर बाढ़ व तबाही ने पूरे उपमहाद्वीप में चिंता की लहर दौड़ा दी है। इस प्राकृतिक त्रासदी का सबसे गंभीर और प्रत्यक्ष प्रभाव अब भारत के पड़ोसी राज्य बिहार की नदियों, विशेषकर गंडक नदी (Gandak River) पर पड़ता हुआ साफ नजर आ रहा है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों से अचानक छोड़े गए भारी मात्रा में पानी और पहाड़ों से बहकर आए मलबे के कारण गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार करने की स्थिति में पहुँच गया है, जिससे नदी के तटीय इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं। स्थिति की नज़ाकत को देखते हुए बिहार की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में भी सरगर्मी बढ़ गई है। इस आपदा से निपटने के लिए और बिहार के निचले इलाकों को जलप्रलय से बचाने के लिए विपक्षी नेताओं ने अपनी आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है, ताकि समय रहते उचित प्रबंध किए जा सकें।तेजस्वी यादव ने जताई गंभीर चिंता, सरकार को दिए चेतावनी भरे सुझावबिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख नेता तेजस्वी यादव ने नेपाल की बाढ़ त्रासदी के बाद गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और संभावित खतरे को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया और प्रेस बयानों के जरिए राज्य सरकार को आगाह करते हुए कहा है कि यदि समय रहते एहतियाती कदम नहीं उठाए गए, तो वाल्मीकि नगर बराज और उसके आसपास के जिलों में भयानक बाढ़ आ सकती है, जिससे भारी जान-माल का नुकसान हो सकता है। उन्होंने बिहार सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग को सलाह दी है कि वे केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर नेपाल से छोड़े जाने वाले पानी के प्रवाह पर लगातार नजर रखें और संवेदनशील तटबंधों (Embankments) की निगरानी तुरंत तेज कर दें। उनका कहना है कि इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए कागजी दावों के बजाय जमीनी स्तर पर युद्धस्तर पर काम करने की जरूरत है।गंडक बेसिन से जुड़े तटीय जिलों में बाढ़ का मंडराता सायानेपाल में आई इस भीषण त्रासदी के बाद बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान और कुशीनगर समेत गंडक नदी के किनारे बसे दर्जनों जिलों के ग्रामीण इलाकों में भारी दहशत का माहौल बन गया है। किसानों की फसलें जो अभी पकने या तैयार होने की स्थिति में हैं, उनके डूबने का खतरा पैदा हो गया है, साथ ही निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा जाने लगा है। पिछले कुछ वर्षों में भी जब-जब नेपाल के पहाड़ों पर अत्यधिक बारिश हुई है, तब-तब गंडक और कोसी नदियों ने बिहार के उत्तरी हिस्सों में भारी तबाही मचाई है। यही कारण है कि इस बार स्थानीय प्रशासन भी किसी भी प्रकार की कोताही बरतने के मूड में नहीं दिख रहा है, और संवेदनशील तटबंधों पर इंजीनियरों की टीमों को तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक तैयारियों पर टिकी जनता की निगाहेंइस पूरी गंभीर स्थिति के बीच बिहार की जनता एक बार फिर से प्रशासनिक तैयारियों और बाढ़ नियंत्रण उपायों की तरफ उम्मीद भरी नजरों से देख रही है। तेजस्वी यादव द्वारा सरकार को दी गई सलाह के बाद अब यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा कि शासन-प्रशासन इस चुनौती से निपटने के लिए कितनी तत्परता दिखाता है। बाढ़ राहत शिविरों की व्यवस्था, नावों की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दे दिए गए हैं, लेकिन धरातल पर कितनी मुस्तैदी है, यह आने वाले कुछ घंटों और दिनों का मौसम तय करेगा। नेपाल की त्रासदी ने एक बार फिर से इस बात को साबित कर दिया है कि भारत और नेपाल के बीच जल प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण के क्षेत्र में एक दीर्घकालिक व स्थाई समाधान ढूंढना कितना अनिवार्य हो चुका है, ताकि हर साल आने वाली इस प्रलय से आम जनता के जीवन को बचाया जा सके।
Nepal-Tibet बाढ़ पर Dalai Lama की गहरी चिंता, 'जलवायु परिवर्तन' से निपटने का किया आह्वान
तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने नेपाल के रसुवा इलाके और तिब्बत के क्यिरोंग में भयानक बाढ़ से हुई जान-माल की भारी तबाही पर दुख जताया और बार-बार होने वाली ऐसी आपदाओं के मूल कारणों से निपटने के उपाय करने का आह्वान किया। दलाई लामा ने कहा कि मुझे नेपाल के रसुवा इलाके और तिब्बत के क्यिरोंग में आई भयानक बाढ़ के बारे में जानकर दुख हुआ है, जिसमें लोगों की जान गई और भारी नुकसान हुआ। इसे भी पढ़ें: Bihar में Nepal Flood का खतरा! CM Samrat Choudhary ने हवाई सर्वे कर दिए अहम निर्देश उन्होंने जान गंवाने वालों के लिए प्रार्थना की और पीड़ित परिवारों तथा बाढ़ से प्रभावित अन्य लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। दलाई लामा ने इस क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं के इतिहास का भी ज़िक्र किया और कहा कि बार-बार आने वाली ये आपदाएं पर्यावरण से जुड़ी गहरी समस्याओं या अन्य छिपे हुए कारणों का संकेत हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि चूंकि इस क्षेत्र ने पहले भी आपदाएं देखी हैं, इसलिए ये निश्चित रूप से किसी गहरे कारण का संकेत हैं - चाहे वह जलवायु परिवर्तन हो या कोई अन्य कारक। उन्होंने भविष्य में ऐसी आपदाओं के जोखिम को कम करने के लिए जहां भी संभव हो, उचित कदम उठाने का आह्वान किया। नेपाल के रसुवा इलाके और नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के पास के इलाकों में बाढ़ से भारी तबाही के बाद बचाव और राहत का काम जारी है, और इसी दौरान उनके ये बयान आए। नेपाली अधिकारियों के मुताबिक, अचानक आई इस बाढ़ में कम से कम 165 लोगों की मौत हो गई है, जबकि सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। बचाव दल प्रभावित इलाकों में तलाशी अभियान चला रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Bihar-UP को बड़ी राहत, Gandak का जलस्तर घटा, बाढ़ का तत्काल खतरा टला बुधवार को हिमालय में बर्फ और चट्टानें गिरने से पानी, कीचड़ और मलबे का भारी सैलाब ल्हेंडे नदी में आ गया, जिससे बाढ़ आ गई। यह नदी भोटेकोशी और त्रिशूली नदी प्रणालियों में मिलती है। अचानक आए इस सैलाब ने नेपाल-चीन बॉर्डर के पास की बस्तियों और मुख्य परिवहन मार्गों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे घर, सड़कें और पुल नष्ट हो गए। लगभग 40 किलोमीटर सड़कें और दर्जनों पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
नेपाल में बाढ़ से बिहार में अब हालात बिगड़ने लगे हैं। गंडक बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। ये पानी अब बिहार के कई जिलों में घुसने लगा है। वैशाली में गंडक और गंगा उफान पर है। 20 प्रखंडों के 50 हजार घर पानी में डूबे हैं। खगड़िया, सीतामढ़ी में भी बाढ़ जैसे हालात बनना शुरू हो गए हैं। गंडक बैराज से छोड़े पानी के डर से लोग रातभर जागते रहे। कुछ लोगों ने अपने बच्चों को रिश्तेदारों को घर भेज दिया था। नेपाल की बाढ़ का पानी भैंसों को बहाकर लाया। इस बाढ़ में घर के सामान भी दिखाई दिए। VIDEO में देखिए कैसे नेपाल के पानी से बिहार में बिगड़े हालात
Bihar में Nepal Flood का खतरा! CM Samrat Choudhary ने हवाई सर्वे कर दिए अहम निर्देश
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को गंडक नदी का दौरा किया और पड़ोसी देश नेपाल में बाढ़ की स्थिति के बाद बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। हवाई सर्वेक्षण के दौरान, उपमुख्यमंत्री ने बगहा, वाल्मीकि नगर, बेतिया और मोतिहारी के सीमावर्ती इलाकों में स्थिति का जायजा लिया और प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों की समीक्षा की। 'X' पर एक पोस्ट में सम्राट चौधरी ने कहा कि नेपाल में बाढ़ को देखते हुए बिहार के सीमावर्ती इलाकों - बगहा, वाल्मीकि नगर, बेतिया और मोतिहारी में बाढ़ की स्थिति का सर्वेक्षण किया गया। इस दौरान संभावित प्रभावों, जरूरी एहतियाती उपायों, सुरक्षा और राहत-बचाव कार्यों को लेकर प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को पूरी तैयारी के साथ सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood: बिहार और यूपी सीमा पर असर नहीं, NDRF की 20 टीमें तैनात मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और हर संभव मदद पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बगहा के SP राजेश कुमार ने बताया कि अभी वाल्मीकि बैराज पर हालात सामान्य हैं, हालात सामान्य हैं; कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है... हम देख रहे हैं कि पानी का स्तर सामान्य है... हमने पूरी तैयारी कर ली थी; नदी के किनारे रहने वाले सभी लोगों को सुरक्षित और उपयुक्त जगहों पर पहुंचा दिया गया था... हमने अपने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के मुताबिक खाने-पीने और दूसरी ज़रूरी चीज़ों का भी इंतज़ाम किया था। कोई गंभीर घटना नहीं हुई और लोग अब अपने घरों को लौट रहे हैं। भोटे कोशी नदी में ज़बरदस्त उफान के कारण नेपाल में भयानक अचानक बाढ़ (flash floods) आई, जिससे भारी जान-माल का नुकसान हुआ, लोग विस्थापित हुए और घरों, सड़कों, पुलों, पनबिजली संयंत्रों और दूसरे बुनियादी ढांचे को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा। नेपाल दूतावास के सूत्रों के अनुसार, अब तक 175 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि स्थानीय लोगों और पर्यटकों समेत 28 देशों के 476 लोग अभी भी लापता हैं। खोज और बचाव अभियान जारी है, जिसमें अधिकारी लोगों की जान बचाने, उन्हें सुरक्षित निकालने, मेडिकल मदद और राहत कार्यों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Nepal Flash Floods | नेपाल में जलप्रलय! लापता लोगों में 300 से अधिक भारतीय शामिल, विदेश मंत्री शिशिर खनाल का बड़ा बयान नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने कहा कि रसुवा जिले में मरने वालों की संख्या बढ़ गई है क्योंकि और शव बरामद हो रहे हैं। सुरक्षा बलों के कई जवान, जिनमें नेपाल सेना के 44, नेपाल पुलिस के 28 और आर्म्ड पुलिस फोर्स के 13 जवान शामिल हैं, लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल टूरिज्म बोर्ड के आंकड़ों से पता चला है कि 579 यात्री, जिनमें 466 विदेशी नागरिक और 113 नेपाली शामिल हैं, का अभी तक कोई पता नहीं चला है, जबकि तिमुरे, रसुवा से 123 लोगों को बचाया गया है। यह आपदा ल्हेन्डे खोला में मलबे वाली भारी बाढ़ के कारण आई, जो कथित तौर पर रसुवागढ़ी बॉर्डर पॉइंट के पास ग्लेशियर या बर्फ-चट्टान के गिरने से हुई थी। यह बाढ़ तिब्बत की तरफ से भोटे कोशी नदी में आई और रसुवागढ़ी, तिमुरे और स्याफ्रू बेसी जैसे इलाकों को प्रभावित करते हुए त्रिशूली नदी में मिल गई, जिससे रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन जिले प्रभावित हुए।
मुजफ्फरपुर समेत बिहार के सभी जिलों में बदलेगा खनन कार्यालय का ठिकाना
खान एवं भूतत्व विभाग ने बिहार के सभी जिलों में नए खनन कार्यालय भवनों के निर्माण का निर्णय लिया है। वर्तमान में कई कार्यालय जर्जर स्थिति में हैं, जिससे कागजात की सुरक्षा और बेहतर सेवा प्रभावित हो रही है।
New Delhi, 27 अगस्त . राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के आईजी नरेंद्र सिंह बुंदेला ने Thursday को कहा कि नेपाल में त्रासदी के बाद बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बिहार के संवेदनशील इलाकों में नौ टीमें तैनात की गई हैं. उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर सहायता के लिए एनडीआरएफ स्टैंडबाय पर है. ... Read more
नेपाल बाढ़ के बाद बिहार अलर्ट, गंडक नदी से खतरा; NDRF आईजी बोले- '9 टीमें तैनात, बढ़ाई गई निगरानी'
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के आईजी नरेंद्र सिंह बुंदेला ने गुरुवार को कहा कि नेपाल में त्रासदी के बाद बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बिहार के संवेदनशील इलाकों में नौ टीमें तैनात की गई हैं। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर सहायता के लिए एनडीआरएफ स्टैंडबाय पर है।
नेपाल बाढ़ के बाद बिहार अलर्ट, गंडक नदी से खतरा; एनडीआरएफ आईजी बोले- '9 टीमें तैनात, बढ़ाई गई निगरानी'
Nepal Flood: बिहार और यूपी सीमा पर असर नहीं, NDRF की 20 टीमें तैनात
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने बृहस्पतिवार को कहा कि नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से फिलहाल बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों पर कोई ‘‘प्रतिकूल’’ असर नहीं पड़ा है लेकिन दोनों राज्य सरकारों के साथ समन्वय कर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। एनडीआरएफ के महानिरीक्षक नरेंद्र सिंह बुंदेला ने संवाददाताओं को बताया कि बिहार में नौ और उत्तर प्रदेश में 11 सहित कुल 20 दल तैनात हैं। इनका इस्तेमाल बाढ़ या जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने पर लोगों को सुरक्षित निकालने तथा राहत एवं बचाव अभियान चलाने के लिए किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इनमें से एनडीआरएफ का एक दल उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के पास कुशीनगर जिले में तैनात है। नेपाल में बुधवार को अचानक आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 165 हो गई है। देश में हाल के वर्षों की सबसे भीषण आपदाओं में शामिल इस बाढ़ में 300 से अधिक भारतीय पर्यटकों समेत बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। बुंदेला ने कहा, ‘‘बिहार और उत्तर प्रदेश में अब तक बाढ़ से कोई प्रतिकूल असर नहीं है। हम दोनों राज्य सरकारों और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर स्थिति पर नजर रख रहे हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘केंद्रीय जल आयोग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और समय-समय पर जानकारी साझा कर रहा है।’’उन्होंने बताया कि बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकि नगर में भारत-नेपाल सीमा पर गंडक नदी पर स्थित पहला बैराज भी निगरानी में है और वहां नेपाल में आई बाढ़ का अब तक कोई असर नहीं पड़ा है। बुंदेला ने कहा कि भारत ने बुधवार और बृहस्पतिवार को नेपाल के लिए दवाओं समेत मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री की दो खेप विमान से भेजी हैं। महानिरीक्षक ने बताया कि एनडीआरएफ के बचाव दलों की चार टुकड़ियां गाजियाबाद में तैयार हैं और अगर काठमांडू भारत सरकार से अनुरोध करता है तो उन्हें हिंडन वायुसेना अड्डे से विमान के जरिए नेपाल भेजा जाएगा, जहां वे बचाव अभियान संचालित करेंगे।
बड़ी कार्रवाई: 105 किलो गांजे के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, बिहार से लाकर काशी में खपाने की थी तैयारी
पुलिस टीम ने सारनाथ की ओर से रिंग रोड जाने वाली सर्विस लेन पर एक सिल्वर रंग की कार खड़ी देखी।
नेपाल के सैलाब से बिहार में बढ़ा खतरा! CM सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वे
नेपाल के सैलाब से बिहार में बढ़ा खतरा! CM सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वे
Bihar-UP को बड़ी राहत, Gandak का जलस्तर घटा, बाढ़ का तत्काल खतरा टला
नेपाल से बिहार और उत्तर प्रदेश की ओर आने वाले बाढ़ का खतरा फिलहाल कम होता दिख रहा है। गंडक नदी का जलस्तर तेज़ी से गिर रहा है और बिहार के पश्चिमी चंपारण ज़िले में वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से पानी का बहाव घटकर लगभग 81,000 क्यूसेक रह गया है। पानी के स्तर में इस गिरावट से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में नदी के किनारे रहने वाले लोगों को राहत मिली है। नेपाल के हिमालयी क्षेत्र में अचानक आई ज़बरदस्त बाढ़ के बाद इन इलाकों को हाई अलर्ट पर रखा गया था। इसे भी पढ़ें: Nepal Flash Floods | नेपाल में जलप्रलय! लापता लोगों में 300 से अधिक भारतीय शामिल, विदेश मंत्री शिशिर खनाल का बड़ा बयान नेपाल की त्रिशूली नदी का पानी नारायणी नदी से होते हुए आगे बढ़ गया है, जिससे गंडक सिस्टम पर दबाव कम हुआ है और राहत मिली है। इसलिए, भारतीय इलाके में पानी के अचानक तेज़ी से बढ़ने का जो तुरंत खतरा था, वह अब टल गया है, हालांकि अधिकारियों से उम्मीद है कि वे नदी पर कड़ी नज़र बनाए रखेंगे। बुधवार को तिब्बत सीमा के पास नेपाल में अचानक आई भयानक बाढ़ के बाद अलर्ट जारी किया गया था। माना जा रहा है कि यह आपदा बर्फ और चट्टानों के खिसकने या भूस्खलन की वजह से आई, जिससे पानी और मलबे का भारी सैलाब नेपाल के कई इलाकों में फैल गया और इसने घरों, सड़कों, पुलों और पनबिजली के बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया। नेपाल में कम से कम 157 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। इस आपदा का भारत से भी गहरा संबंध है। लापता लोगों में तीर्थयात्रियों और पर्यटकों समेत कई भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। बचाव कार्य जारी रहने के बीच, नेपाल के अधिकारियों ने त्रिशूली और नारायणी जैसी नदियों के किनारे लगातार बने हुए खतरों को लेकर चेतावनी दी है। हालांकि, बिहार और यूपी के लिए बाढ़ का तत्काल खतरा कम होता दिख रहा है क्योंकि गंडक नदी का जलस्तर घट रहा है। यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि गंडक नदी नेपाल से निकलती है और भारतीय मैदानी इलाकों में पानी लाती है, जिससे नदी के ऊपरी हिस्से में अचानक आने वाली बाढ़ निचले इलाकों के जिलों के लिए चिंता का विषय बन जाती है। इसे भी पढ़ें: Gandak Barrage से घटा पानी का बहाव, Bihar के तटवर्ती इलाकों को मिली राहत फिलहाल, नेपाल में आई आपदा एक बड़ी मानवीय आपात स्थिति बनी हुई है, लेकिन बाढ़ के पानी से सीमा पार बिहार और उत्तर प्रदेश में भी वैसी ही संकट की स्थिति पैदा होने का तत्काल खतरा कम होता दिख रहा है। फिर भी, अधिकारियों को सतर्क रहना होगा क्योंकि हिमालयी जलग्रहण क्षेत्र में हालात तेज़ी से बदल सकते हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
नेपाल बाढ़ त्रासदी के बाद बिहार सरकार अलर्ट, तेजस्वी यादव ने गंडक नदी पर असर की जताई चिंता
नेपाल और तिब्बत सीमा पर अचानक आई भीषण बाढ़ से हुई तबाही के बाद बिहार में भी अलर्ट बढ़ गया है। इस आपदा को लेकर राजनीतिक दलों के नेताओं ने दुख जताते हुए अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है।
Bihar News: दिल्ली में स्वाइन फ्लू अलर्ट के बीच बिहार के अस्पतालों में अभी आइसोलेशन वार्ड और एंटी वायरल दवाओं की व्यवस्था नहीं है। हाल ही में पटना में दो मरीज मिले हैं। जानिए क्या है बिहार के सरकारी अस्पताल की तैयारी...
नेपाल आपदा की वजह से बिहार में बाढ़, पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर के 6 कैलाश यात्री लापता
New Delhi, 27 अगस्त . बिहार के कई इलाकों में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है. भागलपुर के नौगछिया में गंगा नदी का तटबंध टूटने के बाद बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए हैं. आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाई जा रही है. यहां मुफ्त कम्युनिटी किचन, ... Read more
पटना के गर्दनीबाग में BPSC TRE-4 में PT-मेन, नेगेटिव मार्किंग हटाने और 100% डोमिसाइल सहित अन्य मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन 10वें दिन भी जारी है। छात्र 18 अगस्त से धरने पर हैं। प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज के खिलाफ छात्र-युवा नेता आज पूरे बिहार में ‘काला दिवस’ मनाएंगे और मुख्यमंत्री का पुतला दहन करेंगे। NSUI के राज्य उपाध्यक्ष भाग्य भारती, सोशल जस्टिस आर्मी के नेता गौतम आनंद पर हमले का भी विरोध किया जा रहा है। इस प्रदर्शन में युवा कांग्रेस, NSUI, द ग्रेट भीम आर्मी, AISA, दिशा, समाजवादी छात्र सभा, सोशल जस्टिस आर्मी, AISF, SFI, SSAI, ABSU, AIYF, DYFI, RYA आदि संगठन शामिल हैं। छात्र नेता अमन और जहान्वी का अभी भी अनशन जारी है। पटना में शाम में GPO गोलंबर पर आज फिर पुतला दहन की प्लानिंग की जा रही है। छात्रों का कहना है कि जबतक उनकी मांगें पूरी नहीं होगी, वो धरने पर बैठे रहेंगे। पटना में जलाया गया सीएम का पुतला मंगलवार को छात्र आंदोलन के दौरान लाठीचार्ज के विरोध में बुधवार को छात्रों ने पटना के इनकम टैक्स चौराहे पर छात्र-युवा संघर्ष के बैनर तले ‘काला दिवस’ के तहत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया। छात्रों ने कहा कि, ‘छात्र रोजगार मांग रहे हैं और पुलिस लाठियां बरसा रही है। पुलिस ने फिर निहत्थे छात्रों पर लाठियां बरसाई है और इसमें उसने अंग्रेजी हुकूमत को भी पीछे छोड़ दिया है। सोमवार को जिला प्रशासन से वार्ता के क्रम में छात्रों ने स्पष्ट कर दिया था कि उनका मार्च डाकबंगला चौराहा तक जाएगा। बावजूद इसके प्रमुख छात्र नेताओं को साजिशन गिरफ्तार कर लिया गया।' अब जानिए मंगलवार को छात्रों के आंदोलन में क्या-क्या हुआ? मंगलवार को ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन (ABSU) के छात्र CM हाउस का घेराव करने निकले। छात्रों को रोकने के लिए जेपी गोलंबर पर पुलिस के साथ-साथ CRPF जवानों को भी तैनात किया गया, लेकिन छात्र बैरिकेडिंग तोड़ते हुए डाकबंगला पहुंच गए। इस दौरान छात्रों की CRPF जवानों के साथ धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शन के दौरान एक छात्र का सिर फट गया, जबकि एक छात्रा बेहोश हो गई। पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। कुछ छात्रों ने पुलिस की ओर पत्थरबाजी भी की, जिसमें टाउन DSP कामाख्या नारायण सिंह घायल हो गए। कई पुलिसकर्मियों को भी चोट लगी है। हालात बिगड़ता देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। कुछ छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। पुलिस ने कुछ छात्रों को हिरासत में भी लिया है। छात्रों के प्रदर्शन के बीच बख्तरबंद गाड़ी भी बुलाई गई। इस गाड़ी का इस्तेमाल आमतौर पर नक्सल प्रभावित इलाकों में किया जाता है। छात्रों के CM हाउस घेराव की कुछ तस्वीरें… तेजस्वी बोले- सरकार छात्रों पर गोली छोड़ सकती, लाठीचार्ज नहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बिहार सरकार पर निशाना साधा है। तेजस्वी यादव ने तंज करते हुए कहा कि चोर चोरी से जाए, सीनाजोरी से न जाए। उन्होंने कहा, AK-47 से छात्रों पर गोलियां बरसाने वाली निरंकुश NDA सरकार चौतरफा हुए आलोचना और विपक्ष के दबाव में आकर गोलीबारी तो छोड़ सकती है, लेकिन लाठीचार्ज नहीं छोड़ सकती। इस सरकार का छात्रों के प्रति तानाशाही रवैया खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। आज फिर आंदोलनरत छात्रों पर बिहार की जुल्मी सरकार ने अत्याचार किया। 'हाथी चले बाजार..कुत्ते भौंके हजार', बयान पर BPSC ने माफी मांगी सोमवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजेश कुमार सिंह से गर्दनीबाग में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर कहा था कि “एक कहावत आपने सुना होगा, हाथी चले बाजार तो कुत्ते भौंके हजार।” उनके इस बयान के बाद प्रदर्शन कर रहे छात्र भड़क गए। उन्होंने कहा, ‘एक बार कॉकरोच बोला गया था, तो प्रधान जी चले गए। अब सचिव की नौकरी जाएगी।’ विवाद बढ़ने के बाद BPSC एग्जाम कंट्रोलर ने वीडियो जारी कर माफी मांग ली है। वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने BPSC के एग्जाम कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह को सस्पेंड करने के निर्देश दिए हैं।
भगवान का आशीर्वाद है, स्थिति सामान्य हो रही; बिहार में बाढ़ का जायजा लेकर बोले सीएम सम्राट चौधरी
बिहार में बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने के लिए खुद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अलर्ट हैं। गंडक बराज में आज सुबह एक बार फिर जलस्तर बढ़ा है। इसके बाद अब सीएम इस बराज का हवाई सर्वे किया है। उनके साथ जल संसाधन मंत्री विजय कुमौर चौधरी भी थे।
नेपाल त्रासदी के बाद यूपी से बिहार तक तबाही की आशंका, हाई अलर्ट जारी
नेपाल में आई बाढ़ के बीच बिहार के लिए राहत वाली खबर है. जैसी आशंका थी उस हिसाब से गंडक में पानी नहीं पहुंचा है. वाल्मिकीनगर बराज से बीती रात अधिकतम 1 लाख 50 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हुआ. उसके बाद से पानी का डिस्चार्ज कम होने लगा. आज सुबह 6 बजे 88 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हुआ है.
Bihar: ग्लेशियर त्रासदी, बाढ़ और छात्र आंदोलन पर श्याम रजक का बड़ा बयान
Bihar: ग्लेशियर त्रासदी, बाढ़ और छात्र आंदोलन पर श्याम रजक का बड़ा बयान
मुंबई की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने 10 करोड़ की चरस के सप्लायर को बिहार से किया गिरफ्तार
Mumbai , 27 अगस्त . Mumbai क्राइम ब्रांच की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने बांद्रा टर्मिनस के पास 10 करोड़ रुपए की चरस बरामदगी के मामले में मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है. Mumbai Police ने Thursday को बताया कि आरोपी नेपाल भागने की तैयारी कर रहा था. Mumbai Police के अनुसार, 17 ... Read more
गोपालगंज में बैद्यनाथ धाम से जलाभिषेक कर लौट रहे उत्तर प्रदेश के कुशीनगर निवासी दो श्रद्धालुओं की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। दोनों ने थावे दुर्गा मंदिर में दर्शन-पूजन किया था।
बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम के आचार्य ने कराया धर्म परिवर्तन और विवाह, इंस्टाग्राम के जरिए शुरू हुई थी लव स्टोरी
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव आज पूरे परिवार के साथ दिल्ली रवाना हो गए। रक्षाबंधन को लेकर लालू प्रसाद यादव के साथ पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, राज्यसभा सांसद मीसा भारती और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव भी दिल्ली गए हैं। पटना से दिल्ली रवाना होने से पहले तेजस्वी यादव ने नेपाल में आई जल प्रलय को लेकर चिंता जताई और बिहार में संभावित खतरे को लेकर सतर्क रहने की बात कही। तेजस्वी ने नेपाल में जल प्रलय पर जताई चिंता तेजस्वी यादव ने नेपाल में आई बाढ़ और जल प्रलय का जिक्र करते हुए कहा, ‘यह बेहद खतरनाक हादसा है। घटना के वीडियो देखकर दहशत हो गई। बिहार की कई नदियां नेपाल से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में नेपाल में भारी बारिश और जल प्रलय का असर बिहार में भी देखने को मिल सकता है।’ जातीय जनगणना पर केंद्र को घेरा केंद्र सरकार की ओर से देश में जातीय जनगणना कराने के फैसले को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवाल पर भी तेजस्वी यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना उनकी पार्टी की शुरू से मांग रही है। आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा पर हमला तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में उनकी सरकार के दौरान जातीय सर्वे कराया गया और इसके आधार पर आरक्षण का दायरा बढ़ाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार ने बढ़े हुए आरक्षण के प्रावधान को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी लगातार इसकी मांग करती रही है, लेकिन केंद्र सरकार ने इस दिशा में कदम नहीं उठाया।
Gandak Barrage से घटा पानी का बहाव, Bihar के तटवर्ती इलाकों को मिली राहत
नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में आई अचानक बाढ़ के बाद गंडक नदी में बढ़ा जलप्रवाह अब लगातार घट रहा है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) के अनुसार, बृहस्पतिवार तड़के वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज से अधिकतम 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिसके बाद नदी के जल प्रवाह में लगातार कमी आई। विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, रात 12 बजे बैराज से 1,50,200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद साढ़े 12 बजे यह घटकर 1,42,100 क्यूसेक, देर रात एक बजे 1,29,000 क्यूसेक और दो बजे 1,04,400 क्यूसेक रह गया। सुबह तीन बजे जलप्रवाह 88,300 क्यूसेक, चार बजे 81,400 क्यूसेक तथा पांच बजे 79,700 क्यूसेक दर्ज किया गया। हालांकि, सुबह साढ़े पांच बजे इसमें मामूली बढ़ोतरी हुई और पानी छोड़े जाने की मात्रा घटकर 81,800 क्यूसेक रह गयी। अधिकारियों के अनुसार, जलप्रवाह में आई गिरावट से तटवर्ती इलाकों में तत्काल राहत के संकेत मिले हैं। स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और गंडक नदी के किनारे बसे जिलों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।
नेपाल की तबाही का पानी भारत की ओर, बिहार में हाई अलर्ट! गंडक नदी पर बढ़ी चिंता|
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा है कि नेपाल में बाढ़ के बाद गंडक के रास्ते आ रहे पानी से स्थिति नियंत्रण में है।
यूपी और बिहार हो जाएं अलर्ट, फिर बढ़ रहा है पानी; गंडक नदी में हो रही हलचल
नेपाल में आए जलप्रलय के बाद भारत में भी चिंता बढ़ गई थी। खासतौर से उत्तर प्रदेश और बिहार में हाई अलर्ट जारी कर दिया था। दोनों ही राज्य सरकारों के अलावा केंद्र से भी लगातार निगरानी की जा रही थी। हालांकि, फिलहाल खतरा टलता नजर आ रहा है, लेकिन फिर इजाफा दर्ज किया गया है।
Education Update : बिहार की बेटियों के लिए बड़ा ऐलान! पीएचडी छात्राओं को 4 साल तक हर महीने ₹10 हजार, स्टार्टअप के लिए भी आर्थिक मदद
क्या राहुल गांधी ने पकड़ ली है बीजेपी की सबसे कमजोर नस? महाराष्ट्र से बिहार तक का विश्लेषण
राहुल गांधी के तीखे सवाल और सरकार की बढ़ती बेचैनी। आखिर क्यों महाराष्ट्र से लेकर न्यूयॉर्क तक सत्ता पक्ष को मिल रही है कड़ी चुनौती? वरिष्ठ विशेषज्ञों के साथ देखिए यह खास चर्चा
LPG Price 26 August 2026:27 अगस्त 2026, गुरूवार को घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया। Indian Oil, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum ने घरेलू गैस के नए रेट जारी कर दिए हैं। 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमतें पहले जैसी ही हैं। यानी घरेलू LPG सस्ती होने का इंतजार कर रहे लोगों को इस बार भी राहत नहीं मिली। शहर के हिसाब से LPG सिलेंडर की कीमत अलग-अलग है। स्थानीय टैक्स, ढुलाई और दूसरे खर्चों की वजह से अलग-अलग जगहों पर गैस के दाम में अंतर रहता है।दिल्ली में LPG सिलेंडर ₹942जून में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में ₹29 की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद दिल्ली में 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत ₹942 है। मुंबई में ₹941.50, कोलकाता में ₹968 और चेन्नई में ₹957.50 का रेट है।प्रमुख शहरों में घरेलू LPG के दाम शहर घरेलू LPG (14.2 किलो) कमर्शियल LPG (19 किलो) कोलकाता ₹968.00 ₹2,872.50 मुंबई ₹941.50 ₹2,691.50 चेन्नई ₹957.50 ₹2,906.00 गुड़गांव ₹950.50 ₹2,755.00 नोएडा ₹939.50 ₹2,738.00 बैंगलोर ₹944.50 ₹2,821.00 भुवनेश्वर ₹968.00 ₹2,908.00 चंडीगढ़ ₹951.50 ₹2,760.00 हैदराबाद ₹994.00 ₹2,985.00 जयपुर ₹945.50 ₹2,765.50 लखनऊ ₹979.50 ₹2,860.50 पटना ₹1,031.50 ₹3,018.00 तिरुवनंतपुरम ₹951.00 — कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ सस्ताघरेलू LPG की कीमत में लोगों को राहत नहीं मिली, लेकिन 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में इस महीने की शुरुआत में बड़ी कटौती हुई थी। अलग-अलग शहरों में इसकी कीमत करीब ₹194 से ₹200 तक कम हुई। इससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य कारोबारियों को फायदा हुआ।अमेरिका से बढ़ रहा LPG आयातभारत अब LPG के लिए अमेरिका से ज्यादा गैस खरीद रहा है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े जोखिमों के कारण LPG सप्लाई के स्रोत में बदलाव देखने को मिल रहा है। Kpler के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में भारत ने अमेरिका से करीब 0.89 मिलियन टन LPG आयात की। अगस्त में अब तक करीब 0.62 मिलियन टन LPG अमेरिका से आई है। अगस्त के कुल LPG आयात में अमेरिकी गैस की हिस्सेदारी करीब 73% बताई गई है।वहीं, UAE और कतर से LPG की सप्लाई कम हुई है। अगस्त में UAE से करीब 1.40 लाख टन और कतर से करीब 60 हजार टन LPG आई। जुलाई और अगस्त दोनों महीनों में सऊदी अरब से LPG आयात नहीं हुआ।घर बैठे ऐसे चेक करें LPG का रेटअगर आप Indane Gas इस्तेमाल करते हैं, तो Indian Oil की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने राज्य और जिले के अनुसार LPG की कीमत देख सकते हैं। Bharat Gas ग्राहक ebharatgas.com के ‘Quick Book & Pay’ विकल्प से रेट चेक कर सकते हैं। HP Gas ग्राहक HP Pay ऐप पर कीमत देख सकते हैं। इसके अलावा UMANG ऐप से भी LPG की कीमत और रिफिल की जानकारी मिल सकती है।Petrol Diesel Price Today: देशभर में पेट्रोल-डीजल के ताजा भाव जारी, जानें आपके शहर में कितना है दाम
नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार में बढ़ा गंडक का जलस्तर, फुटेज में देंखे 36 गेट खोले गए; 8 जिलों में हाईअलर्ट
Bihar Weather Today 27th August: बिहार में मानसून की बारिश हो रही है। कई जिलों में बारिश की वजह से किसानों के चेहरे खिले हुए हैंं। पटना समेत दक्षिण मध्य भाग में आंशिक बूंदाबांदी के बीच उमस रहेगी।
बिहारशरीफ सदर अस्पताल के फिजियोथेरेपी वार्ड में सात अत्याधुनिक मशीनें लगाई गई हैं। लेजर, टेकार, शॉकवेव समेत इन मशीनों से जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द का उपचार किया जा रहा है।
नेपाल की बाढ़ से UP के 4 और बिहार के 6 जिलों में हर पल चेक हो रहा नदियों का डेंजर मार्क
नेपाल में भीषण बाढ़ और नदियों का जलस्तर बढ़ने से उत्तर प्रदेश के 4 और बिहार के 6 सीमावर्ती जिलों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. बिगड़ते हालात को देखते हुए दोनों राज्यों की सरकारों ने रेड अलर्ट जारी कर गंडक व कोसी नदी के तटबंधों पर सतर्कता बढ़ा दी है.
Bihar Board : बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा में कंपार्ट वालों को ग्रेस, श्रेणी का लाभ नहीं
सत्र 2023-25 और उसके बाद के विद्यार्थी बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा 2027 में शामिल हो सकेंगे। 2027 की इंटर परीक्षा में कंपार्ट में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं को ग्रेस, श्रेणी या अन्य किसी तरह की सुविधा नहीं मिलेगी।
Nepal Bihar Flood LIVE: गंडक बराज में फिर बढ़ने लगा जलप्रवाह, नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार सतर्क
Nepal Bihar Flood LIVE: नेपाल में बाढ़ की त्रासदी ने सबको हतप्रभ कर दिया है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि नेपाल में आई बाढ़ के बाद बिहार में अगले 5-6 घंटे से लेकर पूरी रात अलर्ट रहने की जरूरत है। समस्या पहले से बड़ी है। गंडक पर दबाव बढ़ने की उम्मीद है।
मुजफ्फरपुर में रक्षाबंधन की धूम, 28 अगस्त को उदयकाल से पूरे दिन बांधा जा सकेगा रक्षासूत्र
Raksha Bandhan News Bihar: मुजफ्फरपुर में 28 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा, बाजारों में राखियों और मिठाइयों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। इस वर्ष भद्रा का साया न होने के कारण उदयकाल से सूर्यास्त तक पूरे दिन रक्षासूत्र बांधना शुभ रहेगा, जिसमें सोने-चांदी की राखियों की भी मांग है।
रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के बहनों को दिए 3 तोहफे, 2 लाख तक की मिलेगी सहायता
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राखी से पहले बिहार की महिलाओं के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। सीएम ने स्टार्टअप चैलेंज, बालिका पीएचडी फेलोशिप और स्कूल-कॉलेज के पास पुलिस दीदी की तैनाती का शुभारंभ किया।
गयाजी में 6 बिहार बटालियन एनसीसी में बुधवार को रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया। इस अवसर पर बहनों और बच्चों ने देश की सुरक्षा में तैनात जवानों की कलाइयों पर राखियां बांधीं। कार्यक्रम का शुभारंभ मातृशक्ति दुर्गावाहिनी की बहनों और दो निजी स्कूलों के बच्चों ने किया। उन्होंने सबसे पहले 6 बिहार बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल पंकज कुमार की कलाई पर राखी बांधी। इसके बाद अन्य बहनों और बच्चों ने बटालियन के अधिकारियों और जवानों को राखियां पहनाईं। राखी बांधते समय बहनों ने जवानों के सुरक्षित रहने और उनकी निरंतर सफलता की कामना की। । कमांडिंग ऑफिसर कर्नल पंकज कुमार ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह विश्वास, सुरक्षा और जिम्मेदारी के संकल्प को भी दर्शाता है। सैनिक देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाते हुए राष्ट्र की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। ऐसे आयोजनों से सैनिकों का मनोबल बढ़ता है, क्योंकि उन्हें यह अहसास होता है कि देश की जनता उनके साथ खड़ी है। सैनिकों के लिए रक्षाबंधन भावनात्मक रूप से विशेष महत्व रखता कर्नल कुमार ने आगे कहा कि परिवार से दूर रहकर देश की सेवा करने वाले सैनिकों के लिए रक्षाबंधन जैसे कार्यक्रम भावनात्मक रूप से विशेष महत्व रखते हैं। बहनों की ओर से बांधी गई राखी उनके लिए स्नेह, सम्मान और सामाजिक समर्थन का संदेश लेकर आती है। कर्नल पंकज कुमार ने एनसीसी के उद्देश्यों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एनसीसी का लक्ष्य युवाओं में केवल अनुशासन विकसित करना नहीं है, बल्कि उनमें देशभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रसेवा की भावना को भी मजबूत करना है। जवानों ने भी बच्चों को स्नेह दिया कार्यक्रम के दौरान जवानों और बच्चों के बीच खास आत्मीयता देखने को मिली। बच्चों ने उत्साह के साथ जवानों की कलाइयों पर राखी बांधी और उनके साथ रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं। जवानों ने भी बच्चों को स्नेह दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान मौजूद बहनों ने कहा कि देश की रक्षा करने वाले जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का इससे बेहतर अवसर नहीं हो सकता।
मुजफ्फरपुर में चीनी का भाव 18 फीसदी गिरा, थोक बाजार में नरमी के बाद खुदरा में कमी का इंतजार
Bihar Commodity Market: सरकार के सख्त कदमों के बाद मुजफ्फरपुर में चीनी के थोक भाव में 18% तक की गिरावट आई है, जिससे खुदरा बाजार में भी जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। प्रशासन की निगरानी और स्टॉक सीमा लागू होने से सट्टेबाजी पर अंकुश लगा है।
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद बिहार में तटबंधों की 24 घंटे निगरानी शुरू कर दी गई है। निर्देश दिया गया है कि गंडक नदी से जुड़े पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर एवं वैशाली जिलों में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहें।
बिहार से करीब 300 किलोमीटर दूर नेपाल में तिब्बत से आई अचानक बाढ़ ने तबाही मचा दी है। भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के पानी ने रसुवा, टिमुरे और स्याब्रुबेसी इलाके को तहस-नहस कर दिया है। गांव के गांव बह गए, बाजार तबाह हो गए, पुल टूट गए और सड़कें कट गईं। नेपाल में आई तबाही पर बिहार सरकार अलर्ट है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से गृह मंत्री अमित शाह ने बात की है और NDRF की टीम को सीमावर्ती जिलों में तैनात कर दिया है। नेपाल में आई तबाही से बिहार को खतरा क्यों, क्या यहां भी तबाही मचेगी, समझेंगे; बूझे की नाही में...। सवाल-1: नेपाल के रसुवा में बाढ़ और तबाही कैसे आई है? जवाबः 26 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे नेपाल के रसुवा और नुवाकोट जिले में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में अचानक बहुत तेज पानी आया। पानी तिब्बत की तरफ से आया और कुछ ही समय में घर, सड़क, पुल और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट बहा ले गया। उस समय रसुवा में ऐसी भारी स्थानीय बारिश की सूचना नहीं थी, इसलिए सामान्य बारिश से आई बाढ़ की संभावना कम मानी जा रही है। कैसे हुआ? कितना नुकसान? नेपाल पुलिस के मुताबिक, अब तक 95 लोगों के मौत की खबर है। नेपाल के पर्यटन विभाग के मुताबिक 500 से ज्यादा लोगों का पता नहीं चल रहा है। इनमें 133 भारतीय समेत 300 से ज्यादा विदेशी पर्यटक हैं। सवाल-2: भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में आई तबाही से बिहार को खतरा क्यों? जवाबः नेपाल में आई तबाही से बिहार के खतरों को समझने के लिए भोट कोशी और त्रिशूली नदियों के तंत्रों को समझना होगा… त्रिशूली नदी के पानी से 5 जिलों को खतरा रसुवा नेपाल का उत्तरी, हिमालयी जिला है और चीन के तिब्बत से लगा है। टिमुरे/रसुवागढ़ी और स्याब्रुबेसी इसी क्षेत्र में हैं। यहां की नदियां ऊंचे हिमालय से निकलकर बहुत तेज ढाल वाले एरिया में नीचे उतरती हैं। इसी क्षेत्र में त्रिशूली नदी का डिस्चार्ज अचानक बढ़ता है तो पानी तेजी से नीचे आता है। भोटेकोशी से कोसी इलाके में खतरा भोटेकोशी नेपाल के उत्तरी हिस्से में चीन-तिब्बत सीमा से निकलने वाली हिमालयी नदी है। यह सिंधुपालचोक क्षेत्र से होकर बहती है। हालांकि, अबकी बार 2008 वाले हालात नहीं सवाल-3: कितना नुकसान हो सकता है, बिहार सरकार क्या कर रही है? जवाबः अभी नुकसान का आकलन करना जल्दीबाजी होगी। गंडक और कोसी बेसिन की नदियों में पानी बढ़ना चालू है। लेकिन गति सामान्य है। CM सम्राट चौधरी ने मुख्य सचिव, आपदा प्रबंधन और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। डिप्टी CM और जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि लोग सतर्क रहें, घबराएं नहीं। अगले 24 घंटे अलर्ट रहने की जरूरत है। समस्या पहले से बड़ी है, लेकिन फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। गंडक नदी पर दबाव बढ़ने की आशंका है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से बाढ़ राहत के लिए अतिरिक्त टीमों की तैनाती की गई है। राहत एवं बचाव के लिए जरूरी सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है। सरकार अलर्ट, बोली-डरे नहीं सवाल-4ः नेपाल की नदियों से बिहार में क्यों आती है बाढ़? जवाबः नेपाल बिहार से करीब 400 फीट ऊंचाई (समुंद्र तल से) पर स्थित है। नेपाल में भारी बारिश होती है तो पानी ऊपर से नीचे की तरफ नेचुरल ग्रेविटी के कारण आता है। नेपाल में कोई बड़ा डैम नहीं है। जिससे पानी को कंट्रोल किया जा सके। नेपाल हिमालय पर बसा है। इसका करीब 75% हिस्सा पहाड़ी क्षेत्र है। कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कमला बलान, महानंदा और अधवारा नदियों का समूह यहां से निकलता है। नेपाल में बारिश होने पर पानी इन्हीं नदियों के रास्ते गंगा नदी तक पहुंचता है। 129 साल से चल रही हाई डैम बनाने की बात उत्तर बिहार को बाढ़ से मुक्ति दिलाने के लिए 1897 से ही भारत और नेपाल की सरकारों के बीच सप्तकोशी नदी पर बांध की बात चल रही है। इसे लेकर आजादी से पहले और बाद में दोनों देशों की सरकारों के बीच कई बार वार्ताएं हुईं। आखिरकार 1991 में दोनों देशों के बीच इसे लेकर एक समझौता भी हुआ। 2004 में इस प्रस्तावित बांध की संभावनाओं को तलाशने के लिए नेपाल के धरान में एक संयुक्त परियोजना कार्यालय भी बना है। मगर 129 साल से अधिक समय बीतने के बावजूद आज तक नेपाल के बराह क्षेत्र से 1.6 किमी उत्तर की दिशा में प्रस्तावित इस बांध के निर्माण को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। 21 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक की। इसके बाद वित्त मंत्री ने कोसी-मेची परियोजना के पहले चरण की राशि जारी करने और दूसरे चरण की तकनीकी मंजूरी देने का निर्देश जल शक्ति मंत्रालय को दिया है। CM सम्राट चौधरी ने कहा कि बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए कोसी नदी पर उच्च बांध की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट जल्द बनेगी। JDU नेता संजय झा ने बताया, 'नेपाल में हाई डैम का निर्माण एकमात्र समाधान है, जिसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) 2028 तक बन जाएगी।'
Gorakhpur News: एमपी-बिहार से आ रहा मक्का, एथेनॉल उत्पादन का हब बन रहा गोरखपुर
Maize arriving from MP and Bihar; Gorakhpur emerging as an ethanol production hub.
सपा ने हमेशा शिक्षकों के हित में किया ऐतिहासिक कार्य : लालबिहारी
SP has always undertaken historic work in the interest of teachers: Lalbihari
बेतिया में हर घंटे गंडक नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि के साथ ही निचले इलाकों में बसे लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। रात करीब 10.30 बजे गंडक बराज से 1.47 लाख क्यूसेक पानी गंडक नदी में छोड़ा गया।
Nepal Flood के खतरे से Bihar और UP में High Alert, राहत दल तैनात किए गए
पड़ोसी देश नेपाल के कई जिलों में गंडक नदी में अचानक आई बाढ़ से भारी तबाही होने के बाद, बिहार और उत्तर प्रदेश को बुधवार को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया तथा प्रशासन ने उन इलाकों से लोगों को निकालने समेत आपात कदम उठाने शुरू कर दिए जिनके बाढ़ से प्रभावित होने की आशंका है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्थिति और नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की। शाह ने कहा, ‘‘जिन सीमावर्ती इलाकों में इसका असर पड़ने की आशंका है, वहां स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव दलों के साथ-साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) को भी ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया है।’’केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के अनुसार, नेपाल की ओर स्थित जलाशयों में जलस्तर कम हो रहा है और स्थिति नियंत्रण में है। गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि घबराने जैसी कोई स्थिति पैदा नहीं हुई है। उसने बताया कि बिहार और उत्तर प्रदेश की सरकारों ने भारत-नेपाल सीमा के निकट रहने वाले स्थानीय भारतीय समुदायों की आवश्यक निकासी और उनकी सहायता के लिए अन्य कदम उठाए हैं। मंत्रालय ने कहा कि गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। बिहार में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली के अलावा सीतामढ़ी और शिवहर जैसे उन जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं जिनके बाढ़ से प्रभावित होने की आशंका है। राज्य सरकार के अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने में मदद के लिए गंडक नदी पर बने बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग का प्रभार भी संभाल रहे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज से दिन में करीब 86,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। उन्होंने कहा, ‘‘अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में एक तकनीकी दल को बैराज पर तैनात किया गया है। गंडक नदी बेसिन के सभी जिलों को भी चेतावनी जारी कर दी गई है।’’जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गंडक बैराज के सभी 36 फाटक खोलने से पानी के बहाव को सुचारू रखने और बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। चौधरी ने कहा कि नेपाल में आई बाढ़ के मद्देनजर राज्य को पूरी रात सतर्क रहने की जरूरत है। जल संसाधन विभाग के सचिव चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि बुधवार रात करीब 11 बजे नदी में पानी का बहाव चरम पर पहुंचने की आशंका है और इसके बाद इसमें कमी आनी शुरू हो सकती है। गंडक बैराज बिहार के सबसे उत्तरी जिले पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर में स्थित है। यह जिला नेपाल की सीमा से लगा है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्थिति की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। सभी संबंधित अधिकारियों को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने, समय रहते सभी आवश्यक कदम उठाने और स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। तिब्बत में अचानक आई भीषण बाढ़ की चपेट में मध्य नेपाल के कई जिले आ गए, जिससे करीब 100 लोगों की मौत हो गई और 133 भारतीय नागरिकों समेत 750 से अधिक लोग लापता हैं। अधिकारियों ने बताया कि भोटे कोशी नदी में अचानक बाढ़ आने से तिब्बत की सीमा से लगे रसुवा और धादिंग जिले प्रभावित हुए। इसके बाद बाढ़ ने नुवाकोट और चितवन जिलों को भी अपनी चपेट में ले लिया। तिब्बत से निकलने वाली भोटे कोशी नदी त्रिशूली नदी प्रणाली की ऊपरी सहायक नदी है और त्रिशूली आगे नारायणी/गंडक नदी बेसिन में मिलती है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने 1,751 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अपनी सभी इकाइयों को सतर्क कर दिया है और राहत एवं बचाव अभियान शुरू करने के लिए 18 दल तैनात किए गए हैं। बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि जिला प्रशासन को बचाव एवं राहत से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी करने और स्थिति पर करीबी नजर रखने को कहा गया है। उन्हें जरूरत पड़ने पर लोगों को निकालने की योजना, नौकाएं, आश्रय स्थल और सामुदायिक रसोई तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। सम्राट चौधरी ने भी स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि सभी संबंधित पक्षों को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने, समय रहते आवश्यक कदम उठाने और स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल में अचानक आई बाढ़ पर चिंता जताई और महराजगंज तथा कुशीनगर जिलों को किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि बाढ़ के कारण सीमावर्ती जिलों में गंडक और नारायणी नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। महराजगंज में जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है और गंडक नदी पर चौबीसों घंटे नजर रखने के आदेश दिए हैं क्योंकि बढ़े जलप्रवाह की वजह से भोटे कोशी-त्रिशूली नदी प्रणाली के जरिए निचले इलाके प्रभावित हो सकते हैं। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने संबंधित एजेंसियों को निचले और नदी किनारे के इलाकों से लोगों को जरूरत पड़ने पर निकालकर सुरक्षित तथा ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। कुशीनगर में जिला प्रशासन ने मरचहवा, शिवपुर और अन्य गांवों से लोगों को निकालने का आदेश दिया है तथा निवासियों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील करते हुए घोषणाएं की जा रही हैं। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि सभी संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया गया है। नेपाल में बारिश के कारण नारायणी नदी का जलस्तर प्रभावित होने की आशंका के मद्देनजर खड्डा तहसील के शिवपुर, हरिहरपुर, नारायणपुर, मरचहवा और बसंतपुर गांवों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। दोनों राज्यों के अधिकारियों ने लोगों से नहीं घबराने, सतर्क रहने, आधिकारिक परामर्श का पालन करने और अफवाहों से बचने की अपील की है। जिला प्रशासन को मीडिया को नियमित जानकारी देने और गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए सोशल मीडिया पर भी नजर रखने को कहा गया है। अधिकारियों ने कहा कि जरूरत के अनुसार एनडीआरएफ और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के अतिरिक्त दल, नौकाएं और अन्य संसाधन तैनात किए जाएंगे।
New Delhi, 26 अगस्त . नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ को लेकर India में भी चिंता बढ़ गई है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के Chief Minister सम्राट चौधरी और उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ से बात की है. सीमावर्ती इलाकों में संभावित प्रभाव को ... Read more
Bihar Floods: सीतामढ़ी में तटबंधों को खंगाल रहे डीएम-एसपी, 2-3 दिन बहुत अहम; कंट्रोल रूम शुरू
सीतामढ़ी में डीएम तनय सुल्तानिया एवं पुलिस अधीक्षक अमित रंजन ने विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा कर बाढ़ निरोधक कार्यों और तटबंधों की स्थिति का जायजा लिया। बताया जा रहा है कि अगले दो से तीन दिन बेहद अहम हैं।
ओवैसी की हुंकार- मुस्लिम एकजुट हों, यूपी में भी दिखे बिहार जैसी ताकत
असदुद्दीन ओवैसी ने मुसलमानों से एकजुट होकर अपनी राजनीतिक कयादत मजबूत करने की अपील की और बिहार जैसी ताकत यूपी में दिखाने का आह्वान किया।
भीषण गर्मी में बिहार संपर्क क्रांति का एसी बंद, नल में पानी नहीं, यात्री ने किया एक्स पर पोस्ट
Bihar Sampark Kranti Express: दरभंगा से नई दिल्ली जाने वाली बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के यात्रियों को भीषण गर्मी में एसी बंद होने, पानी न आने और अधूरे बेडरोल किट के कारण भारी परेशानी हुई।
नेपाल में बाढ़ के बाद ऐक्शन मोड में बिहार सरकार, मुख्य सचिव ने की तैयारियों की समीक्षा
नेपाल में आई बाढ़ के बाद बिहार के कई जिलों में हालात बिगड़ने के खतरा बढ़ गया है। ऐसे समय में राज्य सरकार ऐक्शन मोड में है। बुधवार को राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने फ्लश फ्लड और बाढ़ की स्थिति को लेकर तैयारियों की समीक्षा की।
Gandak Barrage के सभी 36 फाटक खोले, Bihar में Nepal की बाढ़ के बाद अलर्ट
बिहार सरकार ने पड़ोसी देश नेपाल के कई जिलों में बुधवार को अचानक आई बाढ़ के बाद गंडक नदी में जलप्रवाह बढ़ने की आशंका को देखते हुए पूरे तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा है। स्थिति से निपटने के लिए वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि बुधवार दोपहर तक वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से करीब 86 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था और जलप्रवाह लगातार बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि एहतियाती कदम के तौर पर बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं तथा अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में तकनीकी टीम तैनात की गई है। गंडक नदी के बेसिन में आने वाले सभी जिलों को भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सभी फाटक खोलने से पानी का प्रवाह सुचारु रहेगा और बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, सभी विभागों को संभावित आपात स्थिति को देखते हुए आवश्यक सामग्री का भंडारण करने, तटबंधों का नियमित निरीक्षण करने और चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जल संसाधन मंत्री ने बताया कि नेपाल के देवघाट गेज स्टेशन पर नारायणी नदी का जलस्तर 4.77 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि चेतावनी स्तर 7.30 मीटर और खतरे का निशान नौ मीटर है। उन्होंने कहा कि यदि जलस्तर में तेजी से वृद्धि होती है तो करीब साढ़े तीन घंटे में उसका प्रभाव गंडक बैराज तक पहुंच सकता है। इससे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर संबंधित जिलों में विशेष सतर्कता बरतने और सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से गंडक नदी से जुड़े पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली सहित अन्य संवेदनशील जिलों में निगरानी बढ़ाने को कहा है। उन्होंने नेपाल से आने वाले पानी की स्थिति पर लगातार नजर रखने और संभावित प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से लोगों को लगातार आवश्यक सूचनाएं और संभावित खतरे की चेतावनी देता रहे, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमों को तैयार रखा जाए तथा जिला प्रशासन इनके साथ समन्वय कर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रशासनिक और तकनीकी टीमें पूरी तरह सक्रिय रहें तथा किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। जल संसाधन विभाग के सचिव चंद्रशेखर सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे नेपाल से बढ़ा जलप्रवाह गंडक बैराज तक पहुंच गया, जिससे जलप्रवाह में करीब 20 हजार क्यूसेक की वृद्धि दर्ज की गई। सिंह ने कहा, ‘‘जलप्रवाह के रात करीब 11 बजे चरम पर पहुंचने की संभावना है, जिसके बाद इसमें कमी आने लगेगी। अधिकतम जलप्रवाह करीब दो लाख क्यूसेक रहने का अनुमान है।’’सचिव ने बताया कि इस वर्ष अब तक का सर्वाधिक जलप्रवाह 14 जुलाई 2026 को 2.24 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया था, जबकि 28 सितंबर 2024 को 5.625 लाख क्यूसेक का रिकॉर्ड दर्ज हुआ था। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए स्थिति सामान्य रहने की उम्मीद है। फिर भी बैराज, तटबंधों और नियंत्रण कक्ष में सभी टीमें पूरी तरह सतर्क हैं।’’सचिव ने बताया कि विभागीय अधिकारियों को संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां सुनिश्चित करने, लगातार निगरानी रखने, आवश्यक सामग्री का भंडारण करने तथा तटबंधों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, संवेदनशील क्षेत्रों में जिला प्रशासन लाउडस्पीकर और माइक्रोफोन के माध्यम से समय पर लोगों को सतर्क कर रहा है। अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ऐसी बाढ़ होती है, जो बहुत कम समय में भारी बारिश, बादल फटने, पहाड़ी क्षेत्रों से तेज जलप्रवाह या बांध से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण आती है।
अगले 72 घंटे में गंडक नदी में आएगा भारी उफान, मुजफ्फरपुर आपदा प्रबंधन ने जारी की एडवाइजरी
Bihar Flood Advisory: नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से अत्यधिक जलप्रवाह के कारण मुजफ्फरपुर में गंडक नदी का जलस्तर अगले 2-3 दिनों में बढ़ने की संभावना है। जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने 6 प्रखंडों के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
Samrat Choudhary ने Bihar में महिला पुलिसकर्मियों को 4700 दोपहिया वाहन सौंपे
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रक्षाबंधन से पहले बुधवार को बेटियों और महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा, सशक्तीकरण एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में तीन नई योजनाओं की शुरुआत की। इन योजनाओं में मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना, बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना और पुलिस दीदी (अभय ब्रिगेड) के लिए दोपहिया वाहन वितरण शामिल हैं। पटना के ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना की शुरुआत करते हुए कहा कि इसके तहत लगभग 1,000 छात्राओं को चार वर्षों तक 10,000 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बेटियों को उच्च शिक्षा और शोध के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना की भी शुरुआत की। बयान के अनुसार इसके अंतर्गत महिला उद्यमियों को अपने नवाचार और उद्यम को आगे बढ़ाने के लिए 50,000 रुपये से 2 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता मिलेगी। इस योजना से 2,100 महिलाओं को लाभ होगा। बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने पुलिस दीदी (अभय ब्रिगेड) के लिए 4,700 दोपहिया वाहनों का लोकार्पण किया और झंडी दिखाकर रवाना किया। बयान के अनुसार मौके पर अभय ब्रिगेड की महिला पुलिसकर्मियों ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी। उन्होंने कहा कि यह पहल बेटियों और बहनों की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूटर और मोटरसाइकिल मिलने से महिला पुलिसकर्मी स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा और महिला सुरक्षा से जुड़े कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर सकेंगी। उन्होंने बताया कि बिहार में करीब 40 हजार महिला पुलिसकर्मी कार्यरत हैं, जो देश के किसी भी राज्य से अधिक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की 43 लाख जीविका दीदियों में से 59 प्रतिशत महिलाएं जनप्रतिनिधि बन चुकी हैं और सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में एक करोड़ महिलाओं को जीविका, दुग्ध उत्पादन, पशुपालन तथा स्वरोजगार से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि आपातकालीन सेवा 112 का प्रतिक्रिया समय घटकर 10 मिनट से कम हो गया है और इसे 5–7 मिनट तक लाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि साथ ही सरकार युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर सरकारी नौकरी और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए भी प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर, मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी और पुलिस महानिदेशक विनय कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर में ज्वेलरी दुकान का शटर तोड़कर लाखों रुपए के जेवर चोरी करने वाले आरोपियों को पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रोहतास के 6 आरोपियों और चोरी के जेवर खरीदने वाले एक सुनार को पकड़ा है। उनके पास से करीब 39 लाख रुपए की चांदी बरामद की गई है। 16-17 अगस्त की दरम्यानी रात अज्ञात चोरों ने वाड्रफनगर में संचालित अरविंद ज्वेलर्स दुकान का शटर तोड़ा और अंदर घुसकर लाखों रुपए के सोने-चांदी के ज्वेलरी की चोरी कर फरार हो गए थे। पुलिस मोबाइल लोकेशन को ट्रेस कर आरोपियों तक पहुंच गई। जानकारी के मुताबिक, वाड्रफनगर में संचालित अरविंद ज्वेलर्स दुकान में घटना की रात आरोपी शटर तोड़कर घुसे थे। आरोपियों ने दुकान से नगदी और ज्वेलरी की चोरी की और डीवीआर भी खोलकर ले गए थे। दुकान के संचालक अरविंद सोनी ने करीब 20 किलो चांदी के जेवर, सोने का मंगलसूत्र सहित अन्य जेवर 50 ग्राम और नगदी चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मोबाइल लोकेशन से मिला आरोपियों का सुराग मामले का खुलासा करते हुए बलरामपुर SP वैभव बैंकर ने बताया कि पुलिस मामले में साइबर सेल के साथ पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर आरोपियों की खोजबीन की जा रही थी। पुलिस ने घटना की रात ज्वेलरी दुकान के क्षेत्र में सक्रिय मोबाइल नंबरों को ट्रेस किया। इसमें संदेहियों का मोबाइल लोकेशन घटनाक्षेत्र में होना पाया गया। पुलिस ने आरोपियों की पड़ताल शुरू की और रोहतास से सोनू कुमार चौधरी (21 वर्ष), शंकर चौधरी (55 वर्ष), नरेन्द्र चौधरी (40 वर्ष) लीलू चौधरी (19 वर्ष), राजकुमार चौधरी (20 वर्ष) अंगद चौधरी (24 वर्ष) को गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर दिनारा, रोहतास से ज्वेलरी दुकान संचालक सुनील कुमार सोनी (38 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सुनील कुमार सोनी के पास से गलाई गई चांदी 14.175 किलो बरामद किया है। चोरी में प्रयुक्त पिकअप वाहन एवं बाइक को भी पुलिस ने जब्त किया है। जब्त चांदी की कीमत 39 लाख रुपये बताई गई है। उत्तरप्रदेश के रास्ते भागे थे आरोपी बलरामपुर SP ने बताया कि चोरी करने के लिए पकड़े गए 6 आरोपी पिकअप में सवार होकर आए थे और वे पिकअप में ही एक बाइक भी साथ लेकर पहुंचे थे। पिकअप वाहन को चोरों ने बाहर जंगल किनारे खड़ा कर दिया था। वे बाइक से बारी-बारी से वाड्रफनगर के ज्वेलरी दुकान के पास पहुंचे। शटर तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद वे बाइक से ही वापस पिकअप तक पहुंचे और रघुनाथगर से बैढ़न होते हुए उत्तरप्रदेश पहुंचे। वहां से वे रोहतास तक पहुंचे थे। आरोपियों ने चोरी की ज्वलेरी सोनार को बेच दी थी। नगद पैसा मिलने पर वे घूमने निकल गए थे। नागरिकों ने किया पुलिस का सम्मान बलरामपुर पुलिस की इस सफलता के लिए वाड्रफनगर के नगरवासी एवं व्यवसाययों ने एसपी वैभव बैंकर, एएसपी विश्व दीपक त्रिपाठी सहित सभी पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को पुष्प गुच्छ एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। मामले की जांच में बसंतपुर थाना प्रभारी जितेन्द्र सोनी, थाना प्रभारी चलगली एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम जुटी थी।
बलिया जीआरपी थाना पुलिस ने बलिया रेलवे स्टेशन से एक कोच अटेंडेंट को अवैध शराब की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी ट्रेन के जरिए उत्तर प्रदेश से शराब लेकर बिहार जा रहा था। तलाशी के दौरान उसके पास से विभिन्न ब्रांड की 30 शीशी अंग्रेजी शराब बरामद हुई। पुलिस ने बरामद शराब की कीमत करीब 4,850 रुपये बताई है। प्लेटफॉर्म नंबर एक से पकड़ा गया आरोपी जीआरपी थाना बलिया की टीम ने रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक के पश्चिमी छोर पर संदिग्ध अवस्था में एक व्यक्ति को पकड़ा। पूछताछ में उसकी पहचान राहुल कुमार राम पुत्र राजकिशोर राम निवासी ग्राम कुमादपुर, थाना रंगड़ा, जिला भागलपुर, बिहार के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, राहुल कुमार राम ट्रेन संख्या 15116 गरीब नवाज एक्सप्रेस में कोच अटेंडेंट के रूप में काम करता है। बैग से मिलीं शराब की 30 शीशियां तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक पिट्ठू बैग बरामद हुआ। इसमें 180 एमएल की 10 शीशी मैकडॉवल नंबर-1, 13 शीशी 8 पीएम ब्लैक व्हिस्की और सात शीशी ऑफिसर्स च्वाइस व्हिस्की मिलीं। कुल 30 शीशियों में करीब 5.4 लीटर शराब बरामद हुई। बिहार में दोगुने दाम पर बेचने का आरोप पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश से शराब खरीदकर बिहार ले जाता था और वहां इसे दोगुने दाम पर बेचता था। इससे मिलने वाले पैसे से वह अपना खर्च चलाता था। पुलिस के मुताबिक, शराब लेकर बिहार जाने की तैयारी में था, तभी उसे पकड़ लिया गया। आबकारी अधिनियम में मुकदमा दर्ज जीआरपी थाना बलिया में आरोपी के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 57/26 के तहत धारा 60(1) आबकारी अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
प्रशांत किशोर ने बिहार में बाढ़, छात्र आंदोलन और आगामी एमएलसी चुनाव को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने बाढ़ को हर साल की समस्या बताया और छात्रों की जायज मांगों को मानने की अपील की, साथ ही जन सुराज के एमएलसी चुनाव लड़ने की घोषणा की।
रक्षाबंधन में फ्री बस ... बेटियों को पीएचडी के लिए हर महीने 10 हजार, बिहार सरकार का बड़ा तोहफा
रक्षाबंधन के अवसर पर बिहार सरकार ने बेटियों और महिलाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं.
वाड्रफनगर ज्वेलरी शॉप चोरी का बड़ा खुलासा, बिहार के अंतरराज्यीय गिरोह के छह आरोपी गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर स्थित अरविंद ज्वेलर्स में हुई लाखों की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। बिहार के रोहतास जिले के अंतरराज्यीय गिरोह के छह सदस्यों और चोरी का सामान खरीदने वाले एक सराफा कारोबारी को गिरफ्तार किया गया है।
मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) का वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह बुधवार को ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया। समारोह में प्रदेश के पुरुष और महिला क्रिकेटरों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 2.94 करोड़ रुपये से ज्यादा की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। कार्यक्रम में पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर और आईसीसी मैच रेफरी जवागल श्रीनाथ तथा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मुख्य रूप से मौजूद रहे। एमपीसीए की ओर से हर साल विभिन्न आयु वर्ग और श्रेणियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया जाता है। इस बार गत सत्र में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर पुरस्कार वितरित किए गए। समारोह में प्रदेश के बड़ी संख्या में पूर्व और वर्तमान क्रिकेटर, एमपीसीए पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए। सभी खिलाड़ी एमपी के हैं। इनमें वरिष्ठ क्रिकेटर, कोच व जूनियर खिलाड़ी भी शामिल हैं। बीसीसीआई के साथ एमपीसीए भी देता है पुरस्कार बीसीसीआई के टूर्नामेंट में खिलाड़ियों और टीम के प्रदर्शन के आधार पर बोर्ड की ओर से पुरस्कार राशि दी जाती है। इसी तरह एमपीसीए भी अपनी ओर से खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि देता है। पुरस्कार की राशि टीम और व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर तय की जाती है। गत सत्र में मध्यप्रदेश की टीम कूच बिहार ट्रॉफी की विजेता रही थी, जबकि महिला सीनियर टीम उपविजेता रही। इन उपलब्धियों के आधार पर बीसीसीआई की ओर से भी मध्यप्रदेश को करीब 50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिली थी। एमपीसीए की ओर से इस बार कुल 2.94 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खिलाड़ियों को प्रदान की गई। समारोह के दौरान खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। एमपीसीए पदाधिकारियों ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए भविष्य में भी प्रदेश के क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की उम्मीद जताई। पुरस्कारों में वरिष्ठ खिलाड़ियों से लेकर जूनियर क्रिकेटरों तक को नकद राशि और सिल्वर प्लाक दिए गए। सबसे बड़े व्यक्तिगत पुरस्कारों में माधवराव सिंधिया लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्रशांत मेहता और सी.टी. सरवटे लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड आनंद पटेल को दिया गया। दोनों को 5-5 लाख रुपए और सिल्वर प्लाक प्रदान किए गए।
राहुल गांधी ने बिहार में बीपीएससी परीक्षा विवाद और छात्र आंदोलन को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय करने और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी पर जवाब मांगा है।
सितंबर में 8 दिन बंद रहेंगे बैंक, 11 को देशव्यापी हड़ताल; बिहार की 7 हजार शाखाओं पर असर
सितंबर में बिहार की करीब सात हजार बैंक शाखाएं छुट्टियों और बैंककर्मियों की हड़ताल के कारण आठ दिन प्रभावित रहेंगी। यूएफबीयू ने 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल बुलाई है, साथ ही 5-दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग की है।
नेपाल की बाढ़ का बिहार पर दिखने लगा असर! 6 जिलों में लोगों को निकालने की तैयारी
मध्य नेपाल के कई जिले बुधवार को तिब्बत में अचानक आई भीषण बाढ़ की चपेट में आ गए, जिससे कम से कम 46 लोगों की मौत हो गई और 105 भारतीयों समेत करीब 500 लोग लापता हैं।
नेपाल बाढ़: गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते बिहार हाई अलर्ट पर
नेपाल में गंडक नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में अचानक बाढ़ (फ्लैश-फ्लड) आने की चेतावनी के बाद बिहार सरकार ने नदी के किनारे बसे जिलों में बाढ़ से निपटने की तैयारियों को...
Nepal Flood Updates: 22 की मौत, सैकड़ों लापता; नेपाल दूतावास ने जारी किया बयान
नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी। तिब्बत की ओर से आई बाढ़ का सबसे ज्यादा असर रसुवा जिले में देखने को मिला। नदी किनारे बसे इलाकों में पानी भरने से घर, सड़कें, पुल और दूसरी जरूरी सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। बाढ़ की चपेट में आने से कम से कम 22 लोगों की मौत की खबर है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं। इस बीच, भारत में नेपाल के दूतावास का बयान भी आ गया है। नेपाल दूतावास ने जारी किया बयान भारत में नेपाल के दूतावास ने बाढ़ को लेकर ताजा बयान जारी किया है। दूतावास ने कहा कि नेपाल में सुबह आई बेहद गंभीर अचानक बाढ़ से लोगों की जान गई है, कई लोग लापता हैं और घरों, सड़कों, पुलों, जलविद्युत परियोजनाओं समेत कई जरूरी ढांचों को भारी नुकसान पहुंचा है। दूतावास के मुताबिक, नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों, आपदा प्रबंधन टीमों, स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह राहत और बचाव के काम में लगाया गया है। लोगों को सुरक्षित निकालने, तलाशी और बचाव अभियान चलाने, जरूरी चिकित्सा सहायता देने और राहत पहुंचाने का काम जारी है। Embassy of Nepal in India says - Nepal was struck by a severe and unprecedented flash flood this morning, resulting in the tragic loss of lives, reports of missing persons and extensive damage to homes, roads, bridges, hydropower facilities and other infrastructure in the… pic.twitter.com/hcCN2aCG3x — ANI (@ANI) August 26, 2026 इसे भी पढ़ें: Bihar Flood Alert: Gandak Barrage के सभी 36 फाटक खोले गए, नेपाल में बाढ़ के बाद सतर्कता निचले इलाकों में भी खतरे पर नजर नेपाल के अधिकारी नदियों के जलस्तर और निचले इलाकों में आगे बाढ़ के खतरे पर लगातार नजर रख रहे हैं। दूतावास ने कहा कि फिलहाल हालात तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में मृतकों, लापता लोगों और नुकसान से जुड़ी पूरी जानकारी की पुष्टि की जा रही है। नेपाल सरकार ने दूसरे देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की ओर से मिल रहे मदद के प्रस्तावों का स्वागत किया है। दूतावास के मुताबिक, अगर विदेशी मदद की जरूरत पड़ती है तो नेपाल सरकार काठमांडू से इसे तय और समन्वित करेगी। भारत में नेपाल का दूतावास भी नेपाल सरकार के संपर्क में है और जरूरत पड़ने पर भारत सरकार के साथ समन्वय में मदद के लिए तैयार है। दूतावास ने कहा है कि जैसे-जैसे पक्की जानकारी सामने आएगी, उसके आधार पर आगे की जानकारी साझा की जाएगी। 291 विदेशी पर्यटकों का पता नहीं नेपाल पर्यटन विभाग के मुताबिक, बाढ़ के बाद 291 विदेशी पर्यटकों का अब तक पता नहीं चल पाया है। इनमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि लापता लोगों और बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी जुटाई जा रही है और आंकड़ों की पुष्टि की जा रही है। इसे भी पढ़ें: पड़ोसी Nepal के Flood संकट में भारत साथ खड़ा, PM Modi ने Balen Shah से की बात, दिया हर संभव मदद का भरोसा तिब्बत की ओर से अचानक बढ़ा नदी का पानी अधिकारियों के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9 बजे भोटे कोशी नदी में अचानक पानी बढ़ गया। इसके बाद रसुवा और धादिंग के साथ-साथ नुवाकोट जिले के कई इलाके प्रभावित हुए। रसुवा और धादिंग तिब्बत की सीमा के पास स्थित हैं, जबकि नुवाकोट काठमांडू के दक्षिण-पश्चिम में है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, रसुवा में आई बाढ़ स्थानीय इलाके में हुई बारिश की वजह से नहीं आई। माना जा रहा है कि तिब्बत की ओर हुई भारी बारिश या हिमस्खलन के कारण नदी में अचानक पानी बढ़ा होगा। हालांकि, बाढ़ की सही वजह अभी साफ नहीं हुई है और इसकी जांच की जा रही है। कई जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान अचानक आई बाढ़ ने नेपाल की जलविद्युत परियोजनाओं को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया है। कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं बाढ़ की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त या तबाह हो गई हैं। इसके अलावा कई घरों, सड़कों और पुलों को भी नुकसान पहुंचा है।
Bihar Flood Alert: Gandak Barrage के सभी 36 फाटक खोले गए, नेपाल में बाढ़ के बाद सतर्कता
बिहार सरकार ने पड़ोसी देश नेपाल के कई जिलों में बुधवार को अचानक आयी बाढ़ के बाद गंडक नदी में जलप्रवाह अचानक बढ़ने की आशंका को देखते हुए पूरे तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा है। स्थिति से निपटने के लिए वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि बुधवार दोपहर तक वाल्मीकिनगर गंडक बराज से लगभग 86 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था और जलप्रवाह लगातार बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि एहतियाती कदम के तौर पर बराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं तथा अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में तकनीकी टीम तैनात की गई है। उन्होंने कहा कि गंडक नदी के बेसिन में आने वाले सभी जिलों को भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सभी फाटक खोलने से पानी का प्रवाह सुचारु रहेगा और बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, सभी विभागों को संभावित आपात स्थिति के मद्देनजर आवश्यक सामग्री का भंडारण, तटबंधों का नियमित निरीक्षण तथा चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। जल संसाधन मंत्री ने बताया कि नेपाल के देवघाट गेज स्टेशन पर नारायणी नदी का जलस्तर 4.77 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि चेतावनी स्तर 7.30 मीटर और खतरे का निशान 9 मीटर है। उन्होंने कहा कि यदि जलस्तर में तेजी से वृद्धि होती है तो लगभग साढ़े तीन घंटे में उसका प्रभाव गंडक बराज तक पहुंच सकता है। इससे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करके संबंधित जिलों में विशेष सतर्कता बरतने और सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया। उल्लेखनीय है कि अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ऐसी बाढ़ होती है जो बहुत कम समय में भारी बारिश, बादल फटने, पहाड़ी क्षेत्रों से तेज जलप्रवाह या बांध से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण आती है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री चौधरी ने विशेष रूप से गंडक नदी से जुड़े पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली सहित अन्य संवेदनशील जिलों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नेपाल से आने वाले पानी की स्थिति पर सतत नजर रखी जाए और संभावित प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते एहतियाती कदम उठाए जाएं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि संवेदनशील क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से लोगों को लगातार आवश्यक सूचनाएं और संभावित खतरे की चेतावनी देता रहे, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम तैनात रखी जाएं तथा जिला प्रशासन इनके साथ समन्वय स्थापित करके तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रशासनिक और तकनीकी टीम पूरी तरह सक्रिय रहें तथा किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
नेपाल में बाढ़ से हाहाकार: 105 भारतीय लापता, 55 की मौत… बिहार में हाई अलर्ट; पढ़ें शाम की बड़ी खबरें
नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ ने रसुवा जिले को तहस-नहस कर दिया। तिब्बत से आने वाली नदी में उफान के कारण 22 लोगों की मौत हो गई, जबकि 105 भारतीय समेत सैकड़ों पर्यटक लापता हैं। इस आपदा का असर भारत के बिहार तक पहुंच गया है, जहां हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
कल का मौसम: दिल्ली, यूपी, बिहार में भारी बारिश, MP-राजस्थान समेत 18 राज्यों में अलर्ट
कल का मौसम, 27 अगस्त 2026: IMD ने कल 18 राज्यों में बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है. उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी है.
Nepal Flash Flood: नेपाल और चीन के सीमावर्ती इलाकों में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। तिब्बत की तरफ से आई इस अचानक बाढ़ ने नेपाल के सीमावर्ती गांवों में भारी तबाही मचाई है। इस भीषण आपदा के बीच नेपाल के एक प्रमुख पत्रकार ने बीजिंग पर समय रहते अर्ली वार्निंग न देने का आरोप लगाते हुए कड़ा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया है कि आखिर काठमांडू को चीन के साथ अपने संबंधों में इस एकतरफा प्यार का खामियाजा क्यों भुगतना पड़ रहा है।नेपाली पत्रकार का बीजिंग पर सीधा निशानाविदेश और सामरिक मामलों के वरिष्ठ नेपाली पत्रकार परशुराम काफ्ले ने बीजिंग द्वारा पूर्व चेतावनी न दिए जाने पर अप्रत्यक्ष लेकिन बेहद तीखा हमला बोला है। उन्होंने चीन का नाम लिए बिना उसे नेपाल का उत्तरी पड़ोसी कहकर संबोधित किया और आरोप लगाया कि समय पर अलर्ट न भेजकर उसने नेपाल की स्थिति को गंभीर रूप से कमजोर किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए काफ्ले ने लिखा कि 'नेपाल अपने पड़ोसियों की जायज सुरक्षा चिंताओं का लगातार समाधान करता रहा है। हालांकि बेहद दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि हमारे उत्तरी पड़ोसी ने हमें काफी नुकसान पहुंचाया है। इतनी बड़ी आपदा की समय पर पूर्व चेतावनी न देकर उन्होंने हमारे यहां बड़े पैमाने पर जन-धन की हानि की वजह तैयार की।'एकतरफा प्यार की कीमत अकेला नेपाल क्यों चुकाए?अपनी पोस्ट में काफ्ले ने नेपाल और चीन के बीच के इस द्विपक्षीय रिश्ते के स्वरूप पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चीनी क्षेत्र से उत्पन्न होने वाले संकटों का सामना नेपाल को बार-बार करना पड़ता है जबकि काठमांडू बीजिंग की हर छोटी-बड़ी मांग और चिंताओं का ख्याल रखता है। काफ्ले ने आगे लिखा कि 'हम लगातार उनके क्षेत्र (चीन) से शुरू होने वाले संकटों का सामना करते आ रहे हैं जबकि हम उनकी सभी जरूरतों और अनावश्यक-आवश्यक चिंताओं को पूरा करते रहते हैं। आखिर इस एकतरफा प्यार की कीमत अकेले नेपाल को ही क्यों चुकानी पड़े?'सीमा पर भारी तबाही, भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ायह विवाद उस समय शुरू हुआ जब बुधवार सुबह तिब्बत सीमा से लगे नेपाल के रसुवा जिले में अचानक विनाशकारी बाढ़ आ गई। तिब्बती क्षेत्र से अचानक पानी के भारी सैलाब ने करीब सुबह 9 बजे नेपाल की भोटेकोशी नदी में प्रवेश किया। इस जल प्रलय के चलते सीमावर्ती टिमुरे और स्याप्रु बेसी इलाकों में तबाही देखने को मिली। नदी के तेज बहाव ने कई रिहायशी बस्तियों, इंफ्रास्ट्रक्चर, गाड़ियों और सड़कों को अपनी चपेट में ले लिया और भारी नुकसान पहुंचाया।सेना और पुलिस के साथ युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशनआपदा की गंभीरता को देखते हुए नेपाल सरकार ने तुरंत राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने प्रभावित इलाकों में तुरंत राहत कार्य चलाने और खोज अभियान को गति देने के निर्देश दिए हैं। आधिकारिक बयानों के मुताबिक प्रभावित बस्तियों में राहत पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि नुकसान का आकलन अभी किया जा रहा है और हताहतों व मौतों की सटीक संख्या अभी स्पष्ट होना बाकी है।क्रॉस-बॉर्डर अर्ली वार्निंग सिस्टम पर उठे सवालइस भीषण बाढ़ ने दो पड़ोसी देशों के बीच सीमा पार सूचना साझा करने के तंत्रकी पोल खोलकर रख दी है। संवेदनशील और आपदा-संभावित सीमावर्ती क्षेत्रों में अचानक जलस्तर बढ़ने जैसी आपदाओं की जानकारी साझा करना बेहद जरूरी माना जाता है। इस घटना ने काठमांडू और बीजिंग के बीच कूटनीतिक और सामरिक विश्वास पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।यह भी पढ़ें:Bihar Flood Risk: नेपाल में आई बाढ़ से बिहार में हाई अलर्ट, जानें- क्यों रखी जा रही है बारीकी से नजर
दरभंगा पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, एसएसपी ने 13 दारोगा का किया तबादला, लिस्ट जारी
Bihar Police Transfer: दरभंगा के एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने के लिए जिले के 13 दारोगा का तबादला किया है। इसके तहत पुलिस केंद्र में प्रतीक्षारत चार दारोगा को भी नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
Nepal बाढ़ के खतरे पर Bihar CM का एक्शन! NDRF-SDRF टीमें तैनात, तैयारी युद्धस्तर पर
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे हाई अलर्ट पर रहें, क्योंकि नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक आई बाढ़ से गंडक नदी का जलस्तर बढ़ सकता है। 26 अगस्त को पटना के संकल्प ऑडिटोरियम में हुई एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में, मुख्यमंत्री ने बाढ़ से प्रभावित या बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों के ज़िला अधिकारियों को सतर्क रहने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने गंडक नदी के संदर्भ में विशेष रूप से पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुज़फ़्फरपुर और वैशाली ज़िलों का ज़िक्र किया। इसे भी पढ़ें: राहुल गांधी का BJP सरकार पर हमला, बोले - लाठियों से सवाल नहीं दबेंगे, Bihar के BPSC छात्रों को न्याय दो अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे तटबंधों की मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से उनका निरीक्षण करें। चौधरी ने किसी भी आपात स्थिति को रोकने के लिए बांधों और तटबंधों की लगातार निगरानी करने और रात में गश्त करने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को यह भी निर्देश दिया कि वे संवेदनशील इलाकों में लाउडस्पीकर और माइक्रोफोन के ज़रिए समय पर चेतावनी जारी करें, ताकि लोगों को बाढ़ से जुड़े खतरों के बारे में जानकारी मिलती रहे। उन्होंने पुष्टि की कि इमरजेंसी रिस्पॉन्स के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की टीमों को तैनात किया गया है और तेज़ी से राहत कार्यों के लिए अधिकारियों और बचाव टीमों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर ज़ोर दिया। इंसानी जान बचाने को सबसे ज़रूरी बताते हुए, चौधरी ने अधिकारियों के बीच लगातार तैयारी और आपसी सहयोग के महत्व पर ज़ोर दिया। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood: बिहार में हाई अलर्ट, अमित शाह ने CM सम्राट से की बात, PM Modi की भी नजर बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार में हाई अलर्ट, 6 जिलों में बढ़ाई गई सर्तकता
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद अब बिहार सरकार अलर्ट पर है. गंडक नदी में फ्लैश फ्लड का अलर्ट है. बिहार के 6 जिलों में सतर्कता बढ़ा दी गई है. फ्लैश फ्लड की स्थिति को देखते हुए बिहार में अलर्ट जारी किया गया है. गंडक नदी में अचानक पानी बढ़ने और करीब 3 मीटर तक ऊंची फ्लैश फ्लड के खतरे की आशंका है. इसे देखते हुए पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में विशेष सतर्कता बरती जा रही है.
सरकारी नौकरी की तैयारी करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दरअसल, बिहार खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की तरफ से लेखपाल, सहायक प्रबंधक, सहायक लेखा पदधिकारी समेत कई पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इच्छुक उम्मीदवार नौकरी के लिए ऑनलाइन आवेदन जल्द करें। अलग-अलग पदों पर आवेदन करनी की अंतिम तारीख 24 सितंबर, 2026 निर्धारित की है। इसके अतिरिक्त, उम्मीदवारों को 26 सितंबर से लेकर 29 सितंबर के बीच फॉर्म में सुधार करने का मौका दिया जाएगा। आवेदन करने के लिए जरूरी योग्यता इन भार्तियों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को भारत के किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से स्नातक पूरा किया जा सकता है। इसके साथ ही उम्मीदवारों के पास अन्य निर्धारित पात्रताएं होना जरुरी है। भर्ती की संबंधित विवरण इस भर्ती के जरिए कुल 259 उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। सहायक प्रबंधक के कुल 81 पद, सहायक लेखा पदाधिकारी के कुल 06 पद, लेखपाल के कुल 11 पद, गुणवत्ता नियंत्रक के कुल 38 पद और निम्नवर्गीय लिपिक के कुल 123 पद आरक्षित किए गए हैं। जानें आयु-सीमा विभिन्न पदों की भर्ती के लिए आयु की गणना 01 जनवरी, 2026 के आधार पर होगी। इसलिए उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित है। इसके अतिरिक्त, आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु-सीमा में छूट दी जाएगी। अनारक्षित पुरुष उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 37 वर्ष, पिछड़ा वर्ग और अनारक्षित महिला उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 40 वर्ष और एससी एवं एसटी उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 42 वर्ष निर्धारित है। इस तरह से करें आवेदन - सबसे पहले आप ऑफिशियल वेबसाइट bceceboard.bihar.gov.in पर विजिट करें। - इसके बाद वेबसाइट के होमपेज पर Online Portal of Food & Civil Supplies Corporation Ltd पर क्लिक करें और अब आप Apply Online लिंक पर क्लिक करें। - इसके बाद मांगी गई सभी जरुरी डिटेल को ध्यानपूर्वक दर्ज करें। - फॉर्म भरने के बाद मांगी गई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की स्कैन कॉपी को अपलोड करें। - आखिर में इसका एक प्रिंट आउट निकालकर भविष्य के लिए अपने पास रख लें।
Nepal Bihar Flood LIVE: पड़ोसी देश नेपाल में तबाही मचाने के बाद बाढ़ बिहार तक पहुंच गया है। आज की रात रात बिहार पर भारी है। इसे देखते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने संबंधित जिलों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। गंडक बैराज के सभी गेट खोल दिए गए हैं।
India Weather Update: पड़ोसी देश नेपाल में भारी बारिश के कारण मची तबाही और विनाशकारी सैलाब के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 27 अगस्त के लिए मौसम का ताजा बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक 27 अगस्त को उत्तर प्रदेश और बिहार समेत देश के 13 राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।इसके साथ ही पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के कई हिस्सों में तेज आंधी, वज्रपात और गर्जना को लेकर चेतावनी जारी की गई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में तूफानी हवाएं चलने की आशंका है जबकि तटीय क्षेत्रों में समुद्र में उथल-पुथल को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।उत्तर भारत का मौसम: यूपी और उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश का अनुमान, पूर्वी राजस्थान में भी चेतावनीउत्तर भारत के मैदानी व पहाड़ी इलाकों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक 27 अगस्त को उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। नेपाल से सटे इलाकों और यूपी के मैदानी भागों में बारिश की वजह से नदियों के जलस्तर पर असर पड़ सकता है।पर्वतीय राज्य उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान में अलग-अलग जगहों पर गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, बंगाल और ओडिशा में भारी बारिश और आंधी का संकटआईएमडी के मुताबिक 27 अगस्त को बिहार, झारखंड, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान दिया गया है। बारिश के साथ-साथ इन पूर्वी राज्यों में मौसम काफी खराब रह सकता है। बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने, बिजली कड़कने और आंधी-तूफान आने की संभावना है।पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और अरुणाचल समेत सभी 7 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्टपूर्वोत्तर भारत में मानसून का प्रकोप लगातार जारी है। मौसम विभाग के अलर्ट के मुताबिक 27 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है।इन सभी पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश के साथ-साथ तेज गर्जना होने और आकाशीय बिजली चमकने को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है। पूर्वोत्तर के राज्यों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।मध्य और दक्षिण भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और केरल में होगी भारी बारिशमध्य भारत के इलाकों में भी मानसून अपनी पूरी ताकत दिखा रहा है। 27 अगस्त को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। इसके साथ ही दोनों राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की गतिविधि भी देखने को मिल सकती है।दक्षिण भारत की बात करें तो केरल और माहे में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट है। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में तेज सतह हवाएं चलने का भी अनुमान है।अंडमान में तूफानी हवाओं का अलर्ट, समंदर में मछुआरों के लिए चेतावनीमौसम विभाग ने द्वीपीय क्षेत्रों और समुद्री सीमाओं पर खराब मौसम को लेकर विशेष अलर्ट जारी किया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 27 अगस्त को 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की आशंका है।समुद्री स्थिति पर नजर डालें तो अरब सागर में सोमालिया और ओमान तटों के साथ-साथ उत्तर, पूर्व-मध्य और पश्चिम-मध्य अरब सागर के कई हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं, जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।ये भी पढ़ें- Nepal Flood Video: नेपाल में अचानक आई बाढ़ में 291 विदेशी लापता, 105 भारतीय पर्यटक भी सैलाब में गायबवहीं, बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र और श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी 45 से 55 किमी प्रति घंटे से लेकर 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन खतरनाक समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सख्त हिदायत दी है।
Bihar Flood Risk: नेपाल में आई बाढ़ से बिहार में हाई अलर्ट, जानें- क्यों रखी जा रही है बारीकी से नजर
Bihar Flood Risk:उत्तरी नेपाल के रसुवा जिले में अचानक आई जबरदस्त बाढ़ के कारण बिहार में खास सतर्कता बरती जा रही है, क्योंकि नेपाल में गंडक नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में अचानक बाढ़ की स्थिति बन गई है और पानी के बहाव में अचानक तेजी आने की आशंका है। हालांकि, अभी तक बाढ़ के सटीक कारण का पता नहीं चल पाया है, लेकिन पिछले साल इसी नदी में आई ऐसी ही अचानक बाढ़ का कारण बाद में एक ग्लेशियर झील का पानी निकलना बताया गया था।नेपाल पर्यटन बोर्ड को ताजा जानकारी के अनुसार, नेपाल के नुवाकोट और धाडिंग जिलों में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद कम से कम 105 भारतीय लापता हैं।बता दें कि बुधवार को नेपाल में आई जबरदस्त बाढ़ में कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई। वहीं, चीन के सरकारी मीडिया ने बताया कि दोनों देशों की सीमा पर चीन की तरफ तिब्बत के एक व्यापारिक केंद्र पर मडस्लाइड (कीचड़ और मलबे का बहाव) हुआ, जिसकी चपेट में आने से काफ़ी लोग हताहत हुए हैं।बिहार में क्यों बढ़ाई गई निगरानी?नेपाल में बाढ़ के हालात को देखते हुए बिहार के अधिकारियों ने गंडक नदी में पानी का स्तर बढ़ने की आशंका के चलते हाई अलर्ट जारी किया है।बिहार प्रशासन ने पश्चिमी चंपारण के बगहा इलाके, खासकर वाल्मीकिनगर बैराज के आसपास निगरानी बढ़ा दी है। उन्हें चिंता है कि नेपाल से बहकर आने वाला अतिरिक्त पानी दो से तीन घंटे में गंडक नदी तक पहुंच सकता है।गंडक नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।बता दें कि भोटे कोशी नदी तिब्बत से निकलती है और नेपाल की त्रिशूली नदी में मिलती है, जो आगे चलकर भारत में गंडक नदी के रूप में प्रवेश करती है।न्यूज एजेंसी ANI ने बिहार में आपदा प्रबंधन अधिकारियों के हवाले से बताया कि गंडक नदी के किनारे बसे जिलों में बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारियां की जा रही हैं।ANI ने अधिकारियों के हवाले से बताया, नेपाल के रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा, लमजुंग और तनहुं जिलों (गंडक कैचमेंट एरिया) और दोलखा और सिंधुपालचोक जिलों (कोसी कैचमेंट एरिया) में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का ज्यादा खतरा होने का अनुमान है।फरक्का बैराज क्यों एक नया विवाद का मुद्दा बन गया है?जैसे-जैसे गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है और राज्य में बाढ़ का खतरा गहराता जा रहा है, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पश्चिम बंगाल के अपने समकक्ष सुवेंदु अधिकारी से फरक्का बैराज के सभी गेट खोलने का आग्रह किया है। उनका तर्क है कि बहाव बढ़ने से पूर्वी राज्य में बाढ़ का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।यह अनुरोध ऐसे समय में आया है जब 1996 की भारत-बांग्लादेश गंगा जल बंटवारा संधि—जो फरक्का में नदी के कम बहाव वाले मौसम में पानी के बंटवारे को नियंत्रित करती है—इस साल दिसंबर में अपनी 30 साल की अवधि पूरी करने के बाद समाप्त होने वाली है। पटना लगातार इस बात पर जोर दे रहा है कि बांग्लादेश के साथ भविष्य में पानी के बंटवारे की किसी भी व्यवस्था में उसके हितों का ध्यान रखा जाए।मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राज्य को आश्वासन दिया है कि नवीनीकरण प्रक्रिया के दौरान फरक्का बैराज और भारत-बांग्लादेश जल बंटवारा संधि को लेकर उसकी चिंताओं पर विचार किया जाएगा।पटना की सबसे बड़ी चिंता क्या है?हालांकि, अभी सबसे बड़ी चिंता गंगा नदी के जलस्तर का बढ़ना है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल राज्य में सामान्य से कम बारिश होने के बावजूद, पटना और बक्सर समेत बिहार के कुछ हिस्सों में नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है।पटना के लिए अभी जरूरी है कि बैराज से और पानी छोड़ा जाए ताकि ऊपरी हिस्से (अपस्ट्रीम) का दबाव कम हो सके। हालांकि, बैराज से जुड़ा कोई भी फैसला पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के साथ पानी के बंटवारे को लेकर भारत की प्रतिबद्धताओं पर भी असर डाल सकता है।यह भी पढ़ें:Nepal Flood: नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने मचाई तबाही, 105 भारतीय पर्यटकों समेत 291 विदेशी लापता
नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति और गंडक नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने की आशंका को देखते हुए बिहार सरकार ने संबंधित जिलों में विशेष सतर्कता बढ़ा दी है।

