सोलर सब्सिडी के नाम पर ₹1.15 लाख की ठगी:हांसी पुलिस ने आरोपी किया गिरफ्तार; बिहार का रहने वाला
हांसी में सोलर प्लेट पर सब्सिडी दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति से 1 लाख 15 हजार 260 रुपए की ठगी हुई है। मामले में साइबर थाना पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान बिहार के पटना निवासी सन्नी पुत्र संजय प्रसाद के रूप में हुई है। साइबर थाना पुलिस के उप निरीक्षक रविंद्र कुमार ने बताया कि सदर थाना क्षेत्र निवासी प्रीतम ने शिकायत दी थी। प्रीतम को सोलर प्लेट पर सब्सिडी दिलाने के नाम पर एक फोन आया था। कॉल करने वाले साइबर ठगों ने सब्सिडी दिलाने के लिए अलग-अलग बहाने बनाए। उन्होंने प्रीतम से ऑनलाइन कुल 1,15,260 रुपए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए। लेन-देन से जुड़े तथ्यों की हुई जांच कुछ समय बाद प्रीतम को अपने साथ हुई ठगी का पता चला। इसके बाद उसने पुलिस को शिकायत दी। शिकायत के आधार पर साइबर अपराध थाना हांसी में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों और लेनदेन से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की। इसके बाद पुलिस ने आरोपी सन्नी को गिरफ्तार कर लिया। हांसी पुलिस की आमजन से अपील पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोलर सब्सिडी या किसी सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर आने वाली अनजान कॉल पर भरोसा न करें। किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक की जानकारी, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। अनजान व्यक्ति के कहने पर किसी खाते में पैसे भी ट्रांसफर न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें।
देवघर से CID की गिरफ्त में बिहार का युवक, प्रश्न-उत्तर रटवाता था; कोडरमा के युवकों से पूछताछ जारी
JSSC-CGL पेपर लीक: सीआईडी ने जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक मामले में देवघर से सुधाकर यादव नामक संदिग्ध को रांची लाकर पूछताछ शुरू की है। उस पर कई छात्रों को प्रश्न-उत्तर रटवाने और नौकरी दिलाने में मदद करने का आरोप है।
शिव मंदिर में मटका फोड़, सलमान अली बना गोविंदा; बिहार में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल
काराकाट नगर पंचायत स्थित शिव मंदिर परिसर में मटका फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें मुस्लिम युवक सलमान अली ने मटका फोड़कर अपनी टीम को जीत दिलाई।
सहरसा के राष्ट्रीय फुटबॉल कोच और मध्य विद्यालय जेल कॉलोनी के शारीरिक शिक्षा शिक्षक नीतीश मिश्रा को लगातार छठी बार बिहार फुटबॉल टीम का मैनेजर बनाया गया है। उन्हें राष्ट्रीय स्तर की सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल प्रतियोगिता के लिए यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रतियोगिता का आयोजन भारतीय वायु सेना की ओर से 15 से 24 सितंबर तक नई दिल्ली में किया जाएगा। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के नेतृत्व में बिहार की टीम प्रतियोगिता में हिस्सा लेगी। देखें, मौके से आई तस्वीरें… बिहार को पदक दिलाने का लक्ष्य लगातार छठी बार मैनेजर चुने जाने पर नीतीश मिश्रा ने बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह और बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविंद्र शंकरण का आभार जताया। उन्होंने कहा कि टीम के खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। उनका लक्ष्य राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बिहार को पदक दिलाना है। खेल दिवस पर मिला बेस्ट कोच अवार्ड फुटबॉल के क्षेत्र में नीतीश मिश्रा के योगदान को देखते हुए हाल ही में खेल दिवस के अवसर पर उन्हें बिहार के बेस्ट कोच अवार्ड से सम्मानित किया गया था। वे लंबे समय से फुटबॉल खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं और राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में बिहार का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। किसान परिवार से निकलकर राष्ट्रीय पहचान कोसी क्षेत्र के ऐकाढ़ गांव निवासी नीतीश मिश्रा किसान परिवार से आते हैं। वे श्री भगवान मिश्र और मुन्नी देवी के सबसे छोटे पुत्र हैं। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में लगातार छठी बार बिहार टीम के मैनेजर की जिम्मेदारी मिलने से सहरसा के खेल जगत में खुशी का माहौल है। खेल पदाधिकारियों ने दी बधाई उनके चयन पर सहरसा जिला खेल पदाधिकारी सह जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के निदेशक राजीव रंजन समेत कई अधिकारियों ने बधाई दी है। भारत खेली फुटबॉल के संस्थापक फणीभूषण, ग्रामीण, रक्त काली मंदिर एवं मत्स्यगंधा मंदिर परिवार, सहरसा जिला फुटबॉल संघ से जुड़े विभिन्न क्लबों के अध्यक्ष-सचिव और अलग-अलग खेल संघों के पदाधिकारियों ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं। सभी ने उम्मीद जताई कि नीतीश मिश्रा के मार्गदर्शन में बिहार टीम के खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय प्रतियोगिता में एक बार फिर पदक जीतेंगे।
13 सितंबर, रविवार: पुलिस ने शराब और गांजा के मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनके पास से 246 किलोग्राम गांजा और 1074 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई है।
Bihar Flood: 15 जिलों में 48 लाख से अधिक लोग प्रभावित, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर
बिहार में रविवार को 48 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित रहे, हालांकि अधिकतर नदियों का जलस्तर घटना शुरू हो गया है। हालांकि नदियों का जलस्तर अब भी खतरे के निशान से ऊपर है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि 15 जिलों के 87 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतों में करीब 48.35 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) के अनुसार, पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय और अररिया सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि बिहार में सितंबर में अब तक 108.8 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य से करीब 20 प्रतिशत अधिक है। डीएमडी ने बताया कि कोसी नदी बलताड़ और कुरसेला में, बूढ़ी गंडक खगड़िया में, गंगा दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में, पुनपुन श्रीपालपुर में, बागमती बेनीबाद में तथा घाघरा दरौली और गंगपुर सिसवन में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। विभाग ने बताया कि प्रशासन 1,251 सामुदायिक रसोई संचालित कर रहा है और बाढ़ प्रभावित इलाकों में 13 राहत शिविर बनाए गए हैं। उसने बताया कि इन शिविरों में करीब 12,260 लोगों के ठहरने, भोजन, चिकित्सा सुविधा और अन्य आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था की गई है। उसने बताया कि लोगों को निकालने और उनके आवागमन के लिए करीब 1,790 नौकाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 10 और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की 27 टीम विभिन्न जिलों में तैनात की गई हैं।
बिहार : 'जदयू मतलब नीतीश कुमार’ से गरमाई बिहार की सियासत
बिहार : 'जदयू मतलब नीतीश कुमार’ से गरमाई बिहार की सियासत
बिहार में फरक्का जल संधि को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने भारत-बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे की मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे बिहार के हितों के खिलाफ बताया है। JDU विधायक पंकज मिश्रा ने कहा कि फरक्का जल संधि बिहार के लिए किसी अभिशाप से कम नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से बिहार के हितों को ध्यान में रखते हुए इस पर जल्द फैसला लेने की मांग की है। पानी की कमी और बाढ़-सूखे का उठाया मुद्दा पंकज मिश्रा का कहना है कि फरक्का जल संधि के मौजूदा स्वरूप के कारण बिहार को पानी की कमी के साथ-साथ बाढ़ और सूखे जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि इसके चलते राज्य में करीब 75 प्रतिशत तक सूखे की स्थिति बनने का खतरा रहता है। 12 दिसंबर को खत्म होगी 30 साल की संधि भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे को लेकर 12 दिसंबर 1996 को फरक्का जल संधि हुई थी। यह समझौता 30 साल की अवधि के लिए था। इसकी अवधि 12 दिसंबर 2026 को समाप्त होने वाली है। ऐसे में संधि को लेकर बिहार में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मौजूदा स्वरूप में आगे बढ़ाने का विरोध JDU का कहना है कि वह फरक्का जल संधि को मौजूदा स्वरूप में आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं है। पार्टी के अनुसार फरक्का बैराज और पानी के बंटवारे की वर्तमान व्यवस्था से बिहार में गंगा में गाद जमने, बाढ़ और पानी से जुड़ी दूसरी समस्याएं बढ़ी हैं। गंगा किनारे 12 जिलों में जागरूकता अभियान JDU इस मुद्दे को बिहार के लोगों के बीच ले जाने की तैयारी में है। पार्टी की ओर से गंगा किनारे बसे बिहार के 12 जिलों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके जरिए फरक्का जल संधि के प्रभाव और बिहार के हितों से जुड़े मुद्दों को लोगों के सामने रखा जा रहा है। केंद्र से जल्द फैसला लेने की मांग विधायक पंकज मिश्रा ने कहा कि अब समय आ गया है कि बिहार के हितों को प्राथमिकता देते हुए फरक्का जल संधि पर दोबारा विचार किया जाए। उन्होंने केंद्र सरकार से संधि को लेकर जल्द निर्णय लेने और बिहार के हितों की रक्षा करने की अपील की है। बिहार के जल हित पर बढ़ी राजनीतिक बहस संधि की अवधि समाप्त होने से पहले JDU का विरोध बिहार के जल अधिकार और गंगा के प्रबंधन को लेकर नई राजनीतिक बहस को हवा दे रहा है। पार्टी अब इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाकर केंद्र पर बिहार के हित में निर्णय लेने का दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।
जबलपुर क्राइम ब्रांच और मदन महल पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 10 किलो 168 ग्राम अवैध गांजे के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जब्त गांजे की कीमत करीब 5 लाख 8 हजार 400 रुपए बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बिहार का रहने वाला है और ओडिशा में रह रहा था। मॉडल रोड पर दो बैग लेकर उतरा था आरोपी पुलिस के मुताबिक, 12 सितंबर की रात क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मॉडल रोड पर लॉयड गैलरी के सामने एक संदिग्ध व्यक्ति दो बैग लेकर बस से उतरा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदिग्ध को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी की पहचान 50 वर्षीय रवि कुमार के रूप में हुई। वह इस्माईलपुर, जिला अरवल, बिहार का रहने वाला है और वर्तमान में झारसुगुड़ा, ओडिशा में रह रहा था। दो बैगों से मिले गांजे के 10 पैकेट पुलिस ने आरोपी के नीले और हरे रंग के बैगों की तलाशी ली। इनमें गांजे के 10 पैकेट मिले। इसके अलावा एक एंड्रॉइड मोबाइल भी जब्त किया गया। एनडीपीएस एक्ट के तहत गांजे का वजन कराया गया, जिसमें कुल वजन 10 किलो 168 ग्राम निकला। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 5 लाख 8 हजार 400 रुपए बताई गई है। साथी मलखान पहले ही बस से उतर गया पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह पाटन रोड के पास रहने वाले मलखान के साथ बस से जबलपुर आया था। आरोपी के मुताबिक, मलखान ने तीन पत्ती बस स्टैंड पर मिलने की बात कही थी और वह पहले ही रास्ते में बस से उतर गया। मदन महल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब फरार साथी मलखान की तलाश कर रही है।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार में आई बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है। उन्होंने इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि बिहार को विशेष पैकेज दिया जाना चाहिए। तेजस्वी यादव ने कहा, 2007 में जब बाढ़ आई थी, तब केंद्र में UPA की सरकार थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी बिहार आए थे। बाढ़ राहत के लिए आर्थिक मदद भी दी गई थी। लालू प्रसाद यादव उन्हें बिहार लेकर आए थे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “बिहार में बाढ़ की स्थिति भयावह है, लेकिन डबल इंजन की सरकार राहत पहुंचाने में विफल है। बिहार में डबल इंजन की सरकार है, लेकिन दोनों इंजनों में आग लगी हुई है। राज्य सरकार का खजाना खाली हो चुका है और इमरजेंसी फंड से पैसे निकाले जा रहे हैं।” प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी की बड़ी बातें… बिहार को केंद्र से मदद नहीं मिल रही बिहार को विशेष मदद देने की मांग को लेकर तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। तेजस्वी ने गुजरात का उदाहरण देते हुए कहा, ‘क्या प्रधानमंत्री बिहार को देश से अलग समझते हैं। बिहार में इतनी बड़ी आपदा के बावजूद केंद्र की ओर से अपेक्षित मदद नहीं मिल रही है। बिहार में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए हमने केंद्र सरकार से इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और विशेष पैकेज देने की मांग की है। इसको लेकर प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा है, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और सांसदों का कोई काम नहीं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री कोई काम के नहीं हैं। बिहार के सांसद और केंद्रीय मंत्री कोई काम का नहीं है। बिहार के 30 से ज्यादा सांसद, 7 केंद्रीय मंत्री, फिर भी मदद नहीं मिली- तेजस्वी यादव केंद्रीय मंत्रियों पर तंज कसते हुए तेजस्वी ने कहा, ‘बिहार के 30 से ज्यादा सांसद हैं और 7 केंद्रीय मंत्री हैं। इनमें एक कपड़ा वाले मंत्री हैं और एक भेड़ चलाने वाले मंत्री हैं। किसी में इतनी हैसियत नहीं है कि बिहार के लिए सहायता लेकर आएं।’
पचास लाख तैयार रखो... सारा गोली शरीर में उतार देंगे, बिहार के इस स्कूल पर 18 राउंड फायरिंग
मुजफ्फरपुर के कांटी में एक निजी स्कूल के संचालक से पचास लाख की रंगदारी की मांग की गई है। बदमाशों ने स्कूल की दीवार पर 18 राउंड गोलियां चलाई गईं।
पानीपत सड़क हादसे में 14 साल के बच्चे की मौत:वाहन ने मारी टक्कर; बिहार से मामा के घर आया था
पानीपत जिले के ग्वालडा गांव के पास एक अनजान वाहन की चपेट में आने से 14 साल के बच्चे बादल की मौत हो गई। यह हादसा 11 सितंबर को हुआ था और बादल ने 12 सितंबर को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वह बिहार से अपने मामा के घर घूमने आया था। बिरजू राम, जो पानीपत में पीओपी का काम करते हैं, उन्होंने पुलिस को बताया कि उनका भांजा बादल एक महीने पहले बिहार से उनके पास आया था। बिरजू राम ने ग्वालडा के पास एक फैक्ट्री में पीओपी का ठेका लिया हुआ था। 11 सितंबर को बादल भी फैक्ट्री में आ गया था। रोहतक पीजीआई में तोड़ा दम रात करीब 8 बजे बादल फैक्ट्री से बाहर घूमने निकला, तभी एक अनजान वाहन ने उसे टक्कर मार दी। वह बुरी तरह घायल हो गया। फैक्ट्री के अन्य कर्मचारियों ने तुरंत बिरजू राम को सूचना दी और घायल बादल को एनसी मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया। बादल की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया था। ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज अगले दिन, यानी 12 सितंबर को, इलाज के दौरान बादल की मौत हो गई। पुलिस ने बिरजू राम की शिकायत पर अनजान वाहन ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब वाहन और उसके चालक की तलाश कर रही है।
बिहार के कारोबारी और औद्योगिक क्षेत्र में 22 सितंबर को एक नई पहल की शुरुआत होने जा रही है। किशनगंज के होटल दफ्तरी पैलेस में JITO (जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन) के बिहार चैप्टर का शुभारंभ होगा। समारोह में देशभर से जैन समाज के कारोबारी, उद्यमी और प्रोफेशनल्स शामिल होंगे। संगठन के बिहार चैप्टर की शुरुआत को राज्य के जैन कारोबारी समुदाय को एक साझा नेटवर्क और नए कारोबारी अवसरों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कम समय में बिहार चैप्टर की शुरुआत JITO ईस्ट जोन की चेयरपर्सन कल्पना बैद और चीफ सेक्रेटरी पंकज मालू ने बताया कि राजकरण दफ्तरी, अमित नहाटा, नेमीचंद बैद और भास्कर आनंद के प्रयासों से कम समय में बिहार चैप्टर की शुरुआत संभव हो सकी है। फाउंडर मेंबर राजकरण दफ्तरी और अमित नहाटा के अनुसार, शुभारंभ समारोह में JITO अपैक्स के प्रेसिडेंट विजय भंडारी, जनरल सेक्रेटरी ललित डांगी, सेक्रेटरी श्रीपाल बच्छावत, कमलेश सुरजातिया समेत अपैक्स के कई सदस्य मौजूद रहेंगे। क्या है JITO, किसके लिए करता है काम JITO मूल रूप से जैन समुदाय के व्यापारियों, उद्यमियों और प्रोफेशनल्स का संगठन है। इसका उद्देश्य कारोबारी समुदाय के सदस्यों को नेटवर्किंग, ज्ञान, मार्गदर्शन और व्यावसायिक अवसरों से जोड़ना है। संगठन की योजनाओं और गतिविधियों का प्रत्यक्ष लाभ मुख्य रूप से जैन समुदाय के सदस्यों को मिलता है। बिहार चैप्टर शुरू होने के बाद राज्य के जैन कारोबारी और उद्यमी देशभर में मौजूद संगठन के नेटवर्क से जुड़ सकेंगे। इससे कारोबार से संबंधित अनुभव साझा करने, नए संपर्क बनाने और संभावित कारोबारी साझेदारी के अवसर मिलने की उम्मीद है। बिहार में निवेश और कारोबार बढ़ाने की संभावना JITO का बिहार चैप्टर सीधे तौर पर राज्य के सभी कारोबारियों के लिए कोई सरकारी निवेश योजना नहीं है। इसका मूल उद्देश्य जैन कारोबारी समुदाय को संगठित नेटवर्क उपलब्ध कराना है। हालांकि, मजबूत कारोबारी नेटवर्क के जरिए बिहार में नए निवेश और व्यवसायों के लिए संभावनाएं बन सकती हैं। अगर संगठन से जुड़े उद्यमी बिहार में नए उद्योग या कारोबार शुरू करते हैं अथवा राज्य में निवेश लाते हैं तो इसका असर केवल संबंधित कारोबार तक सीमित नहीं रहेगा। नए उद्योगों और व्यावसायिक गतिविधियों से परिवहन, लॉजिस्टिक्स, निर्माण, बैंकिंग, होटल, रिटेल और सेवा क्षेत्र में भी गतिविधियां बढ़ सकती हैं। नए कारोबार से रोजगार के अवसर भी बन सकते हैं किसी नए उद्योग या कारोबारी इकाई की स्थापना के साथ प्रत्यक्ष रोजगार के अलावा उससे जुड़े कई सहायक क्षेत्रों में भी काम के अवसर पैदा होते हैं। सप्लाई चेन, परिवहन, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और अन्य सेवाओं में स्थानीय स्तर पर मांग बढ़ सकती है। इसी तरह कारोबारी गतिविधियों के विस्तार से बाजार में लेन-देन बढ़ने और औपचारिक आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलने की संभावना रहती है। इससे लंबे समय में राज्य के आर्थिक ढांचे पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है। असली सफलता नए अवसर पैदा होने से तय होगी 22 सितंबर को होने वाला शुभारंभ फिलहाल इस पहल की शुरुआत है। बिहार चैप्टर की वास्तविक सफलता इस बात से तय होगी कि आने वाले समय में इससे राज्य के जैन उद्यमियों को कितने नए कारोबारी अवसर मिलते हैं। इसके साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि JITO के नेटवर्क के जरिए बिहार में नए निवेश, उद्योग और व्यवसाय कितनी संख्या में आते हैं और उनका स्थानीय रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों पर कितना असर पड़ता है। किशनगंज में होने वाला यह शुभारंभ इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि यह बिहार के जैन कारोबारी समुदाय को राष्ट्रीय स्तर के कारोबारी नेटवर्क से जोड़ने का औपचारिक मंच तैयार करेगा। अब नजर इस बात पर होगी कि यह नेटवर्क बिहार के कारोबारी माहौल में कितने नए अवसर पैदा कर
13 सितंबर, रविवार: हाजीपुर में हिंदू पुत्र संगठन के संयोजक राजीव ब्राह्मसी पर बाइक सवार अपराधियों ने 8 से 10 राउंड फायरिंग की, जिसमें वह बाल-बाल बच गए।
13 सितंबर, रविवार: कैमूर के चैनपुर थाना क्षेत्र के मथुरा गांव में पिता के बच्ची को छोड़कर भागने के बाद ग्रामीण महिला नन्ही जान को लेकर भगवान थाना पहुंची।
एयरटेल के 700 से ज्यादा सिम साइबर ठगों को बेच डाला, सीबीआई ने बिहार के वैशाली से वितरक को पकड़ा
सीबीआई ने यह कार्रवाई सिम बॉक्स से साइबर ठगी मामले की जांच के दौरान मिले साक्ष्य के आधार पर की। वैशाली जिले से एयरटेल के डिस्ट्रीब्यूटर को पकड़ा गया है। उसपर 700 से ज्यादा सिम बेचने का आऱोप है।
कहीं घूमने की कर रहे हैं प्लानिंग? बिहार की ये 10 जगहें रहेंगी बेस्ट
Best Places to Visit in Bihar: बिहार में घूमने के लिए ऐसी कई जगहें हैं, जहां आपको इतिहास, धर्म और प्रकृति का खूबसूरत संगम देखने को मिलेगा. नालंदा से लेकर बोधगया और वाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान तक, यहां हर तरह के पर्यटकों के लिए कुछ न कुछ खास है.
Bihar: चैनपुर के मझिगावां में युवती पर हमला, घायल होने के बाद भभुआ सदर अस्पताल में भर्ती
13 सितंबर, रविवार: कैमूर के चैनपुर के मझिगावां में युवती पर हमला किए जाने से घायल होने के बाद शनिवार को भभुआ के सदर अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया गया।
Bihar: सड़क हादसे में मौत के बाद भभुआ सदर अस्पताल में शवों का पोस्टमार्टम कराने पहुंचे परिजन
13 सितंबर, रविवार: सड़क दुर्घटना में मौत के बाद शनिवार को कैमूर के भभुआ सदर अस्पताल में शवों का पोस्टमार्टम कराने पहुंचे परिजन।
रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म तीन से बिहार के एक व्यापारी को जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने 18 लाख रुपये नगद के साथ पकड़ा है।
फरक्का जल संधि को लेकर बिहार के सियासी दलों के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। अब जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने बिना नाम लिए पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव पर निशाना साधा है। उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए। आइये जानते हैं, उन्होंने क्या कहा?
गाली देने से रोका तो चाकू से महिला की आंख फोड़ दी, बिहार के चंपारण में खून-खराबा
बिहार के पश्चिम चंपारण में अपराधियों ने खुलेआम खून-खराबा मचाया। यहां एक महिला की आंख अपराधियों ने इस फोड़ दी क्योंकि उन्होंने बदमाशों को गाली देने से रोका था। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।
बिहार के गयाजी जिले में एक लड़की ने आत्महत्या कर ली है। परिजनों का आऱोप है कि टीचर की प्रताड़ना से तंग आकर उनसे आत्महत्या की है। टीचर पर छात्रा के यौन शोषण का आरोप लगा है।
Bihar Weather Today 13 Septmebter: बिहार के भागलपुर समेत दक्षिण बिहार के जिलों में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने एवं हल्की से मध्यम वर्षा होने तक का अनुमान है।
बिहार में थमा मानसून का कहर, अब उमस बढ़ाएगी परेशानी; मौसम विभाग का नया Weather Update
Bihar Mansoon की गतिविधियों में कमी के कारण तापमान में वृद्धि और उमस बनी हुई है। राजधानी पटना समेत कई जिलों में गर्मी का असर है, हालांकि बुधवार से कुछ स्थानों पर वर्षा की संभावना है।
दिल्ली, UP, बिहार समेत देश के 25 राज्यों में IMD ने जारी किया मूसलाधार बारिश का हाई अलर्ट
दिल्ली, UP, बिहार समेत देश के 25 राज्यों में IMD ने जारी किया मूसलाधार बारिश का हाई अलर्ट
बिहार एसटीईटी 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया जल्द समाप्त होने वाली है। शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे पात्र उम्मीदवार अंतिम तिथि से पहले ऑनलाइन आवेदन कर लें। आवेदन करने से पहले योग्यता और जरूरी शर्तें जरूर जांच लें।
बिहार के खगड़िया में SP पद पर तैनात IPS अधिकारी भानुप्रताप सिंह और उनकी पत्नी पूजा के बीच चल रहा पारिवारिक विवाद अब राजस्थान के भरतपुर के मथुरा गेट थाने तक पहुंच गया है। IPS की पत्नी पूजा ने थाने पहुंचकर पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ शिकायत दी। उनका आरोप है कि पति उनकी छह साल की बेटी को उनसे दूर करना चाहते हैं। पुलिस ने मामले को पारिवारिक विवाद बताते हुए तत्काल कार्रवाई से इनकार कर दिया। इसके बाद पूजा देर रात तक थाने में बैठी रहीं। पूजा का कहना है कि मैं उनके संघर्ष में उनके साथ थी, तो आज वह भी मेरे संघर्ष में मेरे साथ रहें। मुझे यह सब नहीं करना है। मुझे तो एक नॉर्मल जिंदगी जीनी है, जिसमें मैं, मेरी बच्ची और मेरा पति तीनों साथ रहें। मेरी बच्ची मेरे लिए रोती है, लेकिन भानु मुझसे उसकी बात तक नहीं करा रहे हैं। मुझे अपनी बेटी से मिले और उसे देखे हुए 16 दिन हो गए हैं। भानुप्रताप सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी के रहने वाले हैं। उनका परिवार भरतपुर शहर की गीता कॉलोनी में किराए के मकान में रहता है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से भानुप्रताप सिंह अपनी छह साल की बेटी के साथ भरतपुर में ही थे। इसी दौरान उनकी पत्नी पूजा बिहार से भरतपुर पहुंचीं। पत्नी के पहुंचने की जानकारी के बाद भानुप्रताप सिंह भरतपुर से निकल गए। पूजा ने बताया कि जब मैं भरतपुर पहुंचीं तो उनके साथ छह लोगों को सुरक्षा में भेजा गया था। इनमें एक महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। इसके बाद वह अपने ससुराल पहुंचीं, लेकिन वहां उन्हें घर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। पहले ससुराल पहुंचीं, फिर ननद के घर गईंपूजा ने पुलिस को बताया कि वह सबसे पहले गीता कॉलोनी स्थित ससुराल पहुंचीं। करीब एक घंटे तक दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन किसी ने गेट नहीं खोला। इसके बाद वह विजय नगर स्थित अपनी ननद के घर पहुंचीं। वहां भी दरवाजा नहीं खोला गया। परेशान होकर पूजा मथुरा गेट थाने पहुंचीं और पुलिस से मदद मांगी। थाने में एसएचओ ने भानुप्रताप सिंह से फोन पर बातचीत की। इसके बाद पुलिस ने मामले को पारिवारिक विवाद बताते हुए तत्काल कोई कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। इसके बाद पूजा देर रात तक थाने में ही बैठी रहीं। अब जानिए कैसे शुरू हुई थी दोनों की लव स्टोरी पूजा बताती हैं, ‘भानु के पिता फौज में थे और मेरे मौसा जी भी फौज में थे। भानु मेरे मौसा के दोस्त का बेटा है। साल 2015 में पहली बार हमलोग कोलकाता में एक फैमिली पार्टी में मिले और वह पहली नजर में ही मुझे पसंद करने लगे। फिर हमारी बातचीत शुरू हुई। कई दिनों तक हम लोग एक दूसरे से बातचीत करते रहे। उन्होंने मुझे फोन पर कई बार कहा कि मुझे पसंद करते हैं। बातचीत का सिलिसला इतना आगे बढ़ा कि हम दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगे। हमने जब अपने घर वालों को बताया तो उन्होंने विरोध करना शुरू कर दिया। भानु के घर वाले भी राजी नहीं थे। हम लोग लगातार घर वालों को मनाने की कोशिश कर रहे थे।’ मेरा रिश्ता डॉक्टर से कराना चाहते थे घरवाले पूजा ने बताया ‘एक दिन मेरे भैया के ससुराल पक्ष से मेरे लिए रिश्ता आया। लड़का बंगलौर से मुझे देखने आने वाला था। मैंने भानु को बताया तो उन्होंने कहा कि अभी तो मैं तैयारी ही कर रहा हूं मेरे जॉब का भी पता नहीं कब तक लगेगी। मैंने कहा कि मेरे परिवार वाले मुझपर दबाव डाल रहे है कि लड़का डॉक्टर है, अच्छे परिवार से है शादी कर लो। भानु ने कहा कि “पूजा अगर तुम किसी और से शादी कर लोगी तो मैं तुम्हारे बिना कैसे रहूंगा? हम शादी जरूर करेंगे, अगर घर वाले नहीं मान रहे तो तुम ट्रेन पकड़ कर मेरे पास आ जाओ।” अब जानिए कब दोनों ने शादी की…घर से झूठ बोलकर भरतपुर पहुंच गई पूजा पूजा उन दिनों को याद कर बताती हैं, ‘फिर मैं रात को हावड़ा जोधपुर ट्रेन पकड़ कर भानु के पास जाने के लिए निकल गई। मैंने इस बारे में अपने घर वालों को नहीं बताया। उनको बताया कि एक दोस्त की पार्टी में जा रही हूं। मुझे आने में थोड़ा वक्त लग जाएगा। मैंने भरतपुर पहुंचकर मम्मी को फोन किया और सारी बातें बताई। उस वक्त भानु ने मेरी मां से बात की। उनको बताया कि आप पूजा की चिंता मत कीजिए। मैं उसको कभी दुख नहीं दूंगा और उसका साथ कभी नहीं छोड़ूंगा। 16 जनवरी 2017 को हमारी शादी हुई। उस वक्त मेरे घर से सिर्फ मेरी मां और मौसी का परिवार आया था। भानु के घर से सब लोग आए थे। उस वक्त उन्हें ऐसा लगता था कि भानु की नौकरी मेरी वजह से लगी है। पूजा ने बताया कि भानु अक्सर कहा करते थे कि “मैं आज जो भी बना हूं वह पूजा की वजह से बना हूं।” घर चलाने के लिए स्कूल में करती थी नौकरी पूजा अपने स्ट्रगल के दिनों को याद करते हुए पूजा कहती हैं, ‘भानु राजस्थान के भरतपुर में रहकर आईपीएस बनने की तैयारी कर रहे थे। उनकी बहन की शादी भी भरतपुर में ही हुई है। पूजा और भानु वहीं कमरा लेकर रहते थे।’ पूजा ने बताया कि मैं स्कूल में नौकरी करने लगी। वह पढ़ाई करते थे इसलिए मैं घर चलाने के लिए संत पीटर्स स्कूल में नौकरी करने लगी। मुझे उस वक्त 17 हजार रुपए सैलरी मिलती थी। उसी में हम अपना गुजारा करते थे। हम बहुत खुश थे। एक साथ सामान खरीदने जाते थे। वो मुझसे कभी अपना हाईलाइटर मंगाते थे तो कभी किताबें। मैं सुबह चार बजे उठकर घर का सारा काम करती थी। उनके लिए खाना बनाकर स्कूल जाती थी। स्कूल से आने के बाद खाना बनाती थी फिर कपड़े धोती थी। सारे काम मैं खुद करती थी ताकि भानु पढ़ाई कर सकें।’ हमेशा से साथ में जिम जाते थे भानु और पूजा पूजा कहती हैं, वो पढ़ने में बहुत होशियार थे। दिन-रात पढ़ते रहते थे। वो कहते थे कि एक दिन आईपीएस बन जाऊंगा तो हमारी सारी टेंशन दूर हो जाएगी। मुझे जिम जाना बहुत पसंद था तो मैं भानु को भी कहती थी कि जब तक तुम जिम नहीं जाओगे तब तक अच्छे आईपीएस कैसे दिखोगे। तब से वह भी मेरे साथ जिम जाने लगे। हम दोनों साथ में जिम जाते थे। इस बीच भरतपुर से भानु आईपीएस की तैयारी करने मुखर्जी नगर चले गए। उस वक्त हमारे पास बहुत पैसे नहीं थे। भानु बेहद गरीब घर के लड़के थे। उनकी लैंग्वेज में भी प्रॉब्लम थी। वह कहते थे कि पूजा इतना मेहनत करने के बाद भी मैं इंटरव्यू में ही रह जा रहा हूं। मैंने उनसे कहा कि आप एक काम कीजिए इंटरव्यू देने जाइए। मैं अपना गोल्ड बेच दूंगी जो मम्मी ने शादी में दी थी। मुझे इन सारी चीजों का शौक भी नहीं है तो आप ये ले जाइए। आप जब आईपीएस बन जाएंगे तो फिर से हम बनवा लेंगे।’ मुखर्जी नगर पहुंचते ही चोरी हो गया भानु प्रताप का फोन पूजा बताती हैं, ‘भानु मुखर्जी नगर गए पहुंचते ही जूस पीने गए। जहां पर उनका फोन चोरी हो गया। मुझे स्कूल में फोन आया कि मेरे घर से फोन आया है। मैं टेंशन में आ गई। भानु ने दूसरे के नंबर से कॉल कर बताया कि पूजा मेरा मोबाइल फोन चोरी हो गया है। फिर उन्होंने एफआईआर किया, लेकिन फोन नहीं मिला। वह 6 लड़कों के साथ एक कमरे में रहने लगे। मैं उनके दोस्तों को फोन करके उनके बारे में पूछती थी। फिर एक दिन भानु का मैसेज आया कि उनका सिलेक्शन IPS में हो गया है। उस वक्त हमलोग बहुत खुश हुए थे। मीडिया वाले घर भी आए थे। हमलोग खुशी से रोने लगे थे।’ वर्ष 2020 में हुआ आईपीएस में सिलेक्शन पूजा बताती हैं, ‘जब 2020 में मेरी गुड़िया का जन्म हुआ तब इनका सेलेक्शन आईपीएस में हुआ। फिर मैंने अपनी नौकरी भी छोड़ दी। क्योंकि बेटी को फीडिंग करना था और उसका ख्याल रखना था। भानु 2020 में ट्रेनिंग के लिए शिमला चले गए। फिर मैं अपनी बेटी को लेकर अपनी मां के पास चली गई। वह रोज वीडियो कॉल करते थे। फिर 1 साल 7 दिन के बाद हम मिले। जब हमारी बेटी भी एक साल की हो गई। वो सारी यादें मैं भूल नहीं पाती हूं। अब जानिए पति से विवाद पर क्या कहती हैं पूजा पति के साथ हुए विवाद को लेकर पूजा कहती हैं कि आज भी मुझे यकीन हैं कि मेरा पति ईमानदार है। मैं उसकी बहुत इज्जत करती हूं। ये ऐसा क्यों कर रहे हैं वह मुझे समझ नहीं आ रहा। उन्हें भी पता है कि मैं उनके बिना नहीं रह सकती। आज तक मैंने एफआईआर नहीं किया। मैं उनके खिलाफ नहीं जाना चाहती हूं। मेरे आगे पीछे बस वहीं एक इंसान हैं। मुझे बस अपना परिवार चाहिए। मैं बस उसी की लड़ाई लड़ रही हूं। मेरे घर वाले भी आज बहुत खुश हैं जब भानु मेरे साथ ये सब कर रहे। उनका कहना है कि जिसके चक्कर में पूजा ने हमें छोड़ा आज उसी ने छोड़ दिया। ये बातें मैंने भानु को भी बताई कि ये जो काम अभी आप मेरे साथ कर रहे हैं ये आप नौकरी से पहले कर लेते। अभी मुझे बीच रास्ते में क्यों छोड़ रहे? भानु नहीं समझे इसलिए मैंने जहर पी लिया। मैं हताश हो गई थी, जिसके लिए सब कुछ छोड़ा और घर वालों के खिलाफ तक गई आज वहीं मुझे छोड़ रहा है। भानु ने मुझे घर तक से धक्का दिया है। आज भानु बेटी को भी मुझसे दूर ले गए। खगड़िया एसपी आवास में मुझे बंद कर दिया। मुझे उससे मिलने नहीं दे रहे। जब मैं अस्पताल से आई तब मेरी बेटी मेरे पास तक नहीं आई। मेरी बेटी ने मुझसे कहा कि पापा कहते हैं कि मम्मी तुम्हें जहर देकर मार देगी। मैंने अपनी बेटी को गले लगाना चाहा लेकिन वह अपने पापा के पीछे छिप गई। भानु के घर वाले कहते हैं कि एक करोड़ रुपए लो और मेरे बेटे को छोड़ दो। मुझे बस ये जानना है कि मैं क्यों छोड़ूं? मेरी उनसे शादी हुई है तो मैं उनको कैसे छोड़ दूं। मुझे बस ये चिंता है कि मेरी बेटी कैसे अकेली रहेगी और वो बड़ी होगी तो उस पर क्या बीतेगा। मेरे पापा नहीं हैं। मेरे बड़े भैया हैं। उन्होंने सबसे ज्यादा विरोध किया। मेरे भाई ने आज तक मुझसे कांटेक्ट नहीं किया। वह आज भी मुझसे बात नहीं करते। उन्हें ऐसा लगता है कि एक लड़के के चक्कर में मैंने उनकी इज्जत गंवा दी है।’
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का फर्जी खत बिहार सरकार को किसने भेजा, FIR का आदेश
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का एक फर्जी लेटर बिहार सरकार को मिला है। इस खत के सामन आने के बाद सनसनी फैल गई है। अब इस मामले में केस दर्ज करने के आदेश दे दिए गए हैं।
बिहार सरकार के उद्योग विभाग और एआईएम ग्लोबल फाउंडेशन ने दुबई में बिहार में एक समर्पित खाद्य प्रसंस्करण पार्क स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
Deoria News: बिहार में पकड़ी गई कोडीनयुक्त सिरप
Codeine-laced syrup seized in Bihar
बिहार में बाढ़ पीड़ितों को अब जलजनित बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे लगभग 47.92 लाख लोग प्रभावित हैं।
स्कूल टीचर ने प्रेग्नेंट किया, छात्रा ने कर लिया सुसाइड; बिहार में एक और कांड
गयाजी जिले के एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा से वहीं के एक शिक्षक ने झांसे में लेकर कई बार शारीरिक शोषण किया। इस बीच छात्रा गर्भवती हो गई, तो उसने सुसाइड कर लिया। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर महागठबंधन में मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।
दरभंगा के केवटी प्रखंड के पाराडीह ब्रह्मस्थान मैदान में शनिवार को हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (से) की ओर से गरीब चौपाल यात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह राज्य सरकार के मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से पार्टी को मजबूत करने और अधिक से अधिक लोगों को सदस्यता अभियान से जोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार में HAM के वर्तमान में पांच विधायक हैं और दरभंगा व केवटी विधानसभा क्षेत्र में भी पार्टी के बड़ी संख्या में समर्थक हैं। डॉ. संतोष सुमन ने कहा कि गरीब चौपाल के जरिए पार्टी गांव-गांव पहुंचकर गरीब और जरूरतमंद लोगों की समस्याएं सुन रही है। उन्होंने दावा किया कि शनिवार के कार्यक्रम में करीब 4 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों को देखा जाएगा और संबंधित अधिकारियों से बात कर समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दरभंगा में यह गरीब चौपाल का 14वां कार्यक्रम है। रविवार को मधुबनी में चौपाल का आयोजन होगा। इसके बाद दूसरे प्रखंडों में भी कार्यक्रम किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जब तक गरीब जागरूक नहीं होंगे और अपने अधिकारों को नहीं समझेंगे, तब तक पार्टी का यह अभियान जारी रहेगा। 'गरीब हमारी ताकत हैं' डॉ. सुमन ने कहा कि गरीबों की वजह से ही वह आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं। गरीब उनकी ताकत हैं और उनका उद्देश्य गरीबों के चेहरे पर मुस्कान लाना है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के कई लोग अपनी समस्याओं को लेकर पटना नहीं पहुंच पाते हैं। इसलिए पार्टी खुद गांव और चौपाल तक पहुंच रही है। लोग अपनी समस्याएं लिखकर दें, जिन्हें संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाकर समाधान का प्रयास किया जाएगा। मांझी सरकार के 34 एजेंडों का किया जिक्र मंत्री ने जीतन राम मांझी के मुख्यमंत्री रहने के दौरान पारित 34 एजेंडों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पार्टी आज भी इन एजेंडों को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा गरीब और शोषित लोगों को अपनी बात रखने का मंच देता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पार्टी को मजबूत करने की अपील करते हुए कहा कि पार्टी जितनी मजबूत होगी, जीतन राम मांझी और उनका हाथ उतना ही मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद बिहार के हर जिले में HAM का विधायक होगा। डॉ. सुमन ने अभिभावकों से बच्चों को शिक्षा दिलाने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के जरिए ही समाज के बच्चे आगे बढ़ सकते हैं। 'चुनाव नहीं, लोगों को जागरूक करने पहुंचे' पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री राजेश पांडेय ने कहा कि अभी चुनाव का समय नहीं है। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से उनके बीच पहुंच रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपनी ताकत को समझने और एकजुट होकर पार्टी की सदस्यता लेने की अपील की। आरक्षण और चिराग पासवान के सवाल पर भी जवाब आरक्षण के मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में डॉ. संतोष सुमन ने कहा कि कुछ वर्गों और जातियों के संबंध में विचार करने की जरूरत है। वहीं चिराग पासवान द्वारा इस्तीफे की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि इस विषय पर वह काफी बोल चुके हैं और फिलहाल गरीबों की समस्याओं पर बात करने आए हैं। कई लोगों ने ली पार्टी की सदस्यता जिलाध्यक्ष आरके दत्ता की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में कुटुंबा विधायक ललन राम, प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह, इजहार अहमद, पार्टी प्रवक्ता राजेश कुमार पांडेय, महादलित आयोग के सदस्य मकेश मांझी, प्रदेश सचिव कारी गामी, अजय कर्ण, हीरालाल गुप्ता, संजय सदा, सुमित्रा देवी, रामदुलारी देवी, संजीवन सदा, सुमन सिंह, ज्योति देवी और चंदन ऋषिदेव सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान कई लोगों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इससे पहले कार्यकर्ताओं ने मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन और अन्य अतिथियों का फूल-माला, पाग और चादर देकर स्वागत किया। कार्यक्रम में दरभंगा, मधुबनी, सुपौल और सहरसा सहित विभिन्न क्षेत्रों से पार्टी के नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
SKMCH को मिले 25 शल्य कक्ष सहायक व 3 ईसीजी टेक्नीशियन, 17 वर्ष बाद पदस्थापना
Bihar Technical Services Commission: श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH), मुजफ्फरपुर में 17 साल के लंबे इंतजार के बाद 25 शल्य कक्ष सहायकों और 3 ईसीजी टेक्नीशियन की नियुक्ति हुई है। यह पदस्थापना स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के दौरे के बाद पैरामेडिकल स्टाफ की कमी के मुद्दे पर त्वरित कार्रवाई का परिणाम है।
भारतीय रेल नेटवर्क को आधुनिक युग में ले जाने के लिए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (Bullet Train Projects) पर काम तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। पश्चिमी भारत में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के बाद अब पूर्वी भारत, विशेषकर बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल के रेल यात्रियों के लिए सबसे बड़ी सौगात का खाका तैयार हो चुका है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) की प्रस्तावित योजना के तहत वाराणसी-पटना-हावड़ा हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (Varanasi–Howrah HSR Corridor) के जरिए लगभग 760 किलोमीटर का लंबा सफर महज 3 से 3.5 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा बिहार से होकर गुजरेगा, जहां राजधानी पटना सहित प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक केंद्रों पर आधुनिक बुलेट ट्रेन स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।350 किमी प्रति घंटे की रफ्तार: सफर का समय होगा एक-तिहाईवर्तमान समय में वाराणसी से पटना और हावड़ा (कोलकाता) के बीच चलने वाली सबसे प्रीमियम ट्रेनें (जैसे वंदे भारत, राजधानी या दुरंतो एक्सप्रेस) भी 700 से 750 किलोमीटर की इस दूरी को तय करने में 11 से 14 घंटे का समय लेती हैं। बुलेट ट्रेन परियोजना के शुरू होने के बाद यह यात्रा बेहद सुगम और संक्षिप्त हो जाएगी:डिजाइन और ऑपरेशनल स्पीड: इस ट्रैक को 350 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार के लिए डिजाइन किया जा रहा है। वहीं ट्रेनों की सामान्य संचालन गति (Operational Speed) 320 किमी/घंटा और औसत गति लगभग 250 किमी/घंटा रहेगी।जापानी 'शिन्कान्सेन' तकनीक: इस पूरे कॉरिडोर पर जापान की अत्याधुनिक शिन्कान्सेन (Shinkansen) बुलेट ट्रेन तकनीक और बिना गिट्टी वाले कंक्रीट स्लैब ट्रैक (Ballastless Track) का उपयोग किया जाएगा।एलिवेटेड ट्रैक: सुरक्षा के कड़े मानकों को पूरा करने और मवेशियों या इंसानों के ट्रैक पर आने से रोकने के लिए बिहार में लगभग 260 किलोमीटर का पूरा रेल खंड जमीन से ऊपर यानी पूरी तरह एलिवेटेड (Elevated) खंभों पर तैयार किया जाएगा।बिहार के इन जिलों और स्टेशनों से गुजरेगी बुलेट ट्रेनविस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और प्रस्तावित अलाइनमेंट के अनुसार, यह हाई-स्पीड कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के वाराणसी से निकलकर सीधे बिहार में प्रवेश करेगा। बिहार में बुलेट ट्रेन के प्रमुख ठहराव और रूट इस प्रकार तय किए गए हैं:1. बक्सर (Buxar): यूपी सीमा से प्रवेश करते ही बिहार का पहला बुलेट ट्रेन स्टेशन बक्सर में प्रस्तावित है। यहां गंगा किनारे नए एलिवेटेड स्टेशन का निर्माण किया जाएगा।2. आरा / भोजपुर (Arrah): बक्सर के बाद ट्रेन भोजपुर जिले के आरा से होकर गुजरेगी, जिससे शाहाबाद क्षेत्र के लाखों यात्रियों को सीधे कनेक्टिविटी मिलेगी।3. पटना (Patna): बिहार की राजधानी पटना इस पूरे कॉरिडोर का सबसे मुख्य हब बनेगा। पटना और आसपास के सैटेलाइट टाउन (जैसे बिहटा या दानापुर के आउटर एरिया) में एक अत्याधुनिक विश्वस्तरीय टर्मिनल स्टेशन बनाया जाएगा, ताकि शहर के भीतर भारी ट्रैफिक दबाव न बने।4. जहानाबाद / नवादा (Nawada / Jehanabad): पटना से दक्षिण की ओर बढ़ते हुए यह ट्रैक जहानाबाद या नवादा के रास्ते गुजरेगा, जहां तकनीकी व यात्री ठहराव के लिए स्टेशन प्रस्तावित है।5. गया (Gaya Junction): अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन स्थल और मोक्ष की भूमि गया में इस रूट का एक और भव्य स्टेशन बनेगा। गया स्टेशन को पहले से ही अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और महाबोधि मंदिर की कनेक्टिविटी के मद्देनजर बड़े पैमाने पर री-डेवलप किया जा रहा है।गया के बाद यह हाई-स्पीड ट्रैक झारखंड की सीमा में प्रवेश कर जाएगा, जहां यह कोडरमा, हजारीबाग और धनबाद होते हुए पश्चिम बंगाल के आसनसोल, दुर्गापुर, बर्धमान और अंत में हावड़ा (कोलकाता) पहुंचेगा।दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर से भी जुड़ेगा नेटवर्कइसके अलावा, रेल मंत्रालय द्वारा तैयार किए जा रहे बड़े मास्टर प्लान में दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर का भी प्रावधान है, जिसका अहम पड़ाव पटना होगा। इस रूट के तहत पटना से आगे बढ़कर बुलेट ट्रेन बेगूसराय, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार-पूर्णिया के रास्ते सिलीगुड़ी (उत्तर-पूर्व का प्रवेश द्वार) तक जाएगी। इससे भविष्य में बिहार न केवल पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश से जुड़ेगा, बल्कि देश की राजधानी नई दिल्ली तक का सफर भी मात्र 5 से 6 घंटे में तय हो सकेगा।जमीन अधिग्रहण, हवाई सर्वे और निर्माण कार्य का स्टेटसवाराणसी-हावड़ा हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट को लेकर शुरुआती तकनीकी अध्ययन काफी आगे बढ़ चुके हैं:LiDAR सर्वे और मिट्टी परीक्षण: रूट के अलाइनमेंट और भौगोलिक संरचना का सटीक खाका तैयार करने के लिए हेलीकॉप्टर व ड्रोन के जरिए लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग (LiDAR) तकनीक से हवाई सर्वेक्षण और रिफ्रेक्शन टोपोग्राफी का कार्य पूरा कर लिया गया है।पर्यावरण और सामाजिक प्रभाव अध्ययन: कॉरिडोर के निर्माण से प्रभावित होने वाली कृषि भूमि और बस्तियों का सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट (SIA) और एन्वायरमेंटल इम्पैक्ट असेसमेंट (EIA) तैयार किया जा रहा है।टाइमलाइन: डीपीआर को केंद्रीय कैबिनेट से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण और सिविल निर्माण के टेंडर जारी किए जाएंगे। इस मेगा प्रोजेक्ट को 2030-2031 तक चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है।बिहार की अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा जबरदस्त बूस्टबुलेट ट्रेन कॉरिडोर केवल तेज रफ्तार यात्रा का माध्यम नहीं होगा, बल्कि यह बिहार के लिए एक विशाल इकोनॉमिक कॉरिडोर (Economic Corridor) साबित होगा।पर्यटन में क्रांतिकारी उछाल: बोधगया, राजगीर, नालंदा और पटना साहिब आने वाले देश-विदेश के तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए आवागमन बेहद आसान हो जाएगा।व्यापार और उद्योग: कोलकाता और दिल्ली जैसे महानगरों की सीधी और सुपरफास्ट कनेक्टिविटी मिलने से बिहार के स्थानीय उत्पादों, मखाना, लीची और हथकरघा उद्योग को बड़े बाजारों तक सीधी पहुंच मिलेगी।रोजगार के अवसर: एलिवेटेड ट्रैक्स, स्टेशनों के निर्माण और उनके संचालन से राज्य में इंजीनियरिंग, कंस्ट्रक्शन और सर्विस सेक्टर में हजारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।
Sitamarhi Murder News: सीतामढ़ी में हत्या के बाद भीड़ ने SP की गाड़ी तोड़ी, पुलिस को दौड़ाया | Bihar
Sitamarhi Murder News: सीतामढ़ी में हत्या के बाद भीड़ ने SP की गाड़ी तोड़ी, पुलिस को दौड़ाया | Bihar बिहार के सीतामढ़ी जिले के डुमरा थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक बड़ी आपराधिक वारदात से सनसनी फैल गई।
New Delhi, 12 सितंबर . साइबर धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने Saturday को बिहार के वैशाली जिले और Odisha के जगतसिंहपुर जिले में 10 जगहों पर तलाशी ली. इसके बाद, डिजिटल अरेस्ट और वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े अवैध सिम बॉक्स ऑपरेशन के मामले में एक टेलीकॉम कंपनी ... Read more
'डिजिटल अरेस्ट' मामले में सीबीआई की कार्रवाई, सिम बॉक्स धोखाधड़ी के आरोप में टेलीकॉम कंपनी के बिहार डिस्ट्रीब्यूटर गिरफ्तार
मुजफ्फरपुर में युवाओं के लिए नौकरी का अवसर, नियोजन मेला 18 को, आ रहीं 30 निजी कंपनियां
Private Sector Jobs In Bihar: मुजफ्फरपुर के गन्नीपुर स्थित आईटीआई में 18 सितंबर को जिला स्तरीय नियोजन-सह-व्यावसायिक मार्गदर्शन मेले का आयोजन होगा, जिसमें 25-30 निजी कंपनियां सैकड़ों रिक्तियों पर मौके पर ही चयन करेंगी।
Bihar Flood: पटना के Satellite City में बाढ़ का ऐसा हाल, घरों की पहली मंजिल तक पहुंचा पानी
Bihar Flood: पटना के Satellite City में बाढ़ का ऐसा हाल, घरों की पहली मंजिल तक पहुंचा पानी
Er Kumar Shailendra ने अफसरों को दिए निर्देश, तय समय और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी हों Road Projects
पटना । माननीय पथ निर्माण विभाग के मंत्री ई. कुमार शैलेन्द्र की अध्यक्षता में आज बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (BSRDCL) की परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की गई। समीक्षा बैठक के दौरान राज्य में चल रही विभिन्न महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना, फ्लाईओवर, आरओबी (ROB) और ब्रिज परियोजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति का विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री महोदय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्य की बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए ताकि राज्य की जनता को निर्बाध यातायात और सुगम कनेक्टिविटी का लाभशीघ्र मिल सके। इसे भी पढ़ें: Engineering और Polytechnic संस्थानों में हुआ 98 प्रतिशत Admission, मंत्री शीला कुमारी ने दी जानकारी मेगा परियोजनाओं की भौतिक स्थिति :- कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन गंगा पुल परियोजना (ADB Funded): परियोजना की भौतिक प्रगति करीब 100 % हासिल कर ली गई है। टोल प्लाजा का सिविल वर्क पूरा हो चुका है। यह सिक्स-लेन पुल, जो कि पटना के सबलपुर को एनएच-103 (बिदुपुर) से जोड़ता है, पटना-बख्तियारपुर बाईपास (एनएच-30) से सीधे जुड़ा होगा। कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन गंगा पुल परियोजना के पूर्ण होने से इस क्षेत्र के लोगों को राजधानी पटना से निर्बाध सड़क सम्पर्कता मिलेगी। >मीठापुर-सिपारा एवं माहुली-पुनपुन (फेज-2):- 4.3 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट में 2.1 किमी एलिवेटेड रोड का उद्घाटन माननीय मुख्यमंत्री द्वारा 28.08.2026 को किया जा चुका है। सिपारा आरओबी के शेष कार्य में रेलवे से ट्रैफिक/पावर ब्लॉक प्राप्त कर शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया। >बख्तियारपुर-ताजपुर गंगा ब्रिज : परियोजना की कुल भौतिक प्रगति लगभग 70% है। ताजपुर-चकलालशाही सेक्शन पूरा हो चुका है। चकलालशाही-डुमरी सेक्शन एवं बहादुरपुर से करजान सेक्शन दिसंबर, 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। माननीय मंत्री ने शेष सेक्शनों के कार्य में गति लाने का सख्त निर्देश दिया। >दीघा से कोइलवर विस्तार (35.65 किमी - HAM मोड):- इस हाइब्रिड एन्यूटी मोड परियोजना के तहत विभिन्न विभागों से आवश्यक अनापत्तियों (NOC) एवं भू-अर्जन प्रक्रिया को तेजी से निपटाने का निर्देश दिया गया। >मुंगेर (सफीयाबाद)-सुलतानगंज (42 किमी) एवं सुलतानगंज-भागलपुर-सबौर (40.8 किमी) गंगा पथ:-इन परियोजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति, संवेदक करार और भूमि अधिग्रहण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) वित्तपोषित परियोजनाएं (BSHP-III एवं IV):- BSHP-III (Phase-2):- इसके तहत 6 राज्य उच्च पथों (SH-95, 98, 99, 101, 103 एवं 105) के सुदृढ़ीकरण और चौड़ीकरण का कार्य प्रगति पर है। माननीय मंत्री ई कुमार शैलेन्द्र ने लंबित भू-अर्जन एवं वन विभाग की अनापत्ति से जुड़े मामलों को त्वरित निष्पादित करने का निर्देश दिया। SH105 बेतिया नरकटियागंज को नवंबर तक कंप्लीट करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें की ड्रेन वर्क भी शामिल है। BSHP-IV (Phase-1):- इसके तहत 4 सड़कें और 1 उच्चस्तरीय पुल (225.47 किमी) शामिल हैं। BSHP-IV (Phase-2) के तहत 266.17 किमी लंबी 5 प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति के उपरांत प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: 15 जिलों में विकराल हुई बाढ़, 48 लाख लोग प्रभावित अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाएं:- >दरभंगा एलिवेटेड कॉरिडोर (13.17 किमी):- दरभंगा स्टेशन से आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे तक बन रहे इस एलिवेटेड कॉरिडोर की समीक्षा की गई। >गया में फ्लाईओवर:- घुघरीटांड़ 4-लेन फ्लाईओवर और जगजीवन कॉलेज से मानपुर ब्लॉक ऑफिस/फल्गु ब्रिज तक 2-लेन एलिवेटेड फ्लाईओवर का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। >पटना शहर की कनेक्टिविटी:- पटेल गोलंबर से अटल पथ (सर्पेंटाइन नाला), भद्र घाट से दीदारगंज (4-लेन), मंदिरी नाला से जे.पी. गंगा पथ कनेक्टिविटी और पाटलि पथ से नेहरू पथ कनेक्टिविटी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए। समीक्षा के क्रम में माननीय मंत्री ने निर्देश दिया कि भू-अर्जन, वन एवं पर्यावरण स्वीकृति तथा रेलवे/बिजली बोर्ड से जुड़ी बाधाओं को दूर करने के लिए संबंधित जिला प्रशासन एवं अंतर-विभागीय अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित किया जाए। अभियन्ताओं को उच्च गुणवत्ता मानक को ध्यान में रखते हुए निर्धारित टाइमलाइन में परियोजनाओं को पूर्ण करने का निदेश दिया गया। माननीय मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने कहा कि राज्य में सड़कों और पुलों का जाल बिछाकर दूर-दराज के क्षेत्रों को राजधानी से जोड़ना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उक्त बैठक में विभाग के अभियंता प्रमुख, BSRDCL के मुख्य महाप्रबंधक सहित वरीय पदाधिकारियों, अभियंतागण एवं परियोजनाओं के संवेदक उपस्थित रहें।
Engineering और Polytechnic संस्थानों में हुआ 98 प्रतिशत Admission, मंत्री शीला कुमारी ने दी जानकारी
विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग राज्य में गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास के लिए दूरगामी कदम उठा रहा है। विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्राथमिकताओं, अनुसंधान, अवसंरचना और नए पाठ्यक्रमों को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। इसी को लेकर विभाग की माननीय मंत्री श्रीमती शीला कुमारी ने राज्य के सभी राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों में कुल क्षमता के विरुद्ध 98 प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य हासिल किया गया है। यह सत्र 2022-23 की तुलना में बड़ी बढ़ोतरी है। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: RJD नेता Tejashwi Yadav ने पीड़ितों के लिए मांगा स्पेशल पैकेज, लगाया भेदभाव का आरोप साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य के 11 राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों की 20 शाखाओं को एनबीए यानी नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रेडिटेशन की मान्यता मिल चुकी है। इसके अलावा 32 संस्थानों के 42 कार्यक्रमों का मूल्यांकन प्रक्रियाधीन है। इस दौरान माननीय मंत्री शीला कुमारी ने कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेजों में शोध संस्कृति के लिए रिसर्च फंड को 2-3 लाख रुपये से बढ़ाकर 20-30 लाख रुपये प्रति परियोजना करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। एआई, डेटा साइंस, जीआईएस, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी जैसे आधुनिक विषयों को शोध में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उच्च प्रदर्शन करने वाले कॉलेजों को विश्वविद्यालय में रूपांतरित करने की दिशा में मुजफ्फरपुर में शहीद जुब्बा साहनी आर्किटेक्चरल एवं सिविल विश्वविद्यालय और भागलपुर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय की स्थापना की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए गूगल और एआई पाठ्यक्रम डिजाइन के लिए माइक्रोसॉफ्ट के साथ समन्वय अंतिम चरण में है। छात्रों को विदेश में रोजगार के अवसरों के लिए जर्मन, फ्रेंच और जापानी भाषा का प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर विजिट कराई जाएगी। इसे भी पढ़ें: Ram Vilas Paswan की आदमकद प्रतिमा लगाने के लिए Tejashwi Yadav ने सरकार को लिखा पत्र केंद्र को भेजा गया नए तारामंडल बनाने का प्रस्ताव उन्होंने बताया कि प्रमंडल स्तर पर पूर्णिया, मोतिहारी और जमुई में नए तारामंडल के प्रस्ताव केंद्र को भेजे गए हैं। रिमोट सेंसिंग सेंटर, बायोटेक्नोलॉजी, नैनोटेक्नोलॉजी और स्पेस पॉलिसी पर भी काम चल रहा है। विभाग में यंग प्रोफेशनल्स की नियुक्ति के लिए बेल्ट्रॉन के माध्यम से बहाली शुरू होगी। माननीया मंत्री ने कहा कि बैठक में शिक्षकों-छात्रों की उपस्थिति और सुविधाओं पर भी चर्चा हुई। जहां छात्रावास नहीं है, वहां सरकार किराए पर मकान लेकर छात्रावास की सुविधा देगी। उन्होंने बताया कि मधुबनी पॉलिटेक्निक में शत-प्रतिशत प्लेसमेंट हुआ है और अन्य संस्थानों में भी प्लेसमेंट बढ़ाने के लिए मिशन मोड में काम हो रहा है।
Bihar Flood: RJD नेता Tejashwi Yadav ने पीड़ितों के लिए मांगा स्पेशल पैकेज, लगाया भेदभाव का आरोप
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को बिहार में बाढ़ पीड़ितों के लिए एक स्पेशल पैकेज की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्य के साथ भेदभाव कर रही है और राज्य का खजाना खाली है। पत्रकारों से बात करते हुए यादव ने कहा, सरकार को बाढ़ पीड़ितों के लिए एक स्पेशल पैकेज देना चाहिए। केंद्र सरकार बिहार के साथ भेदभाव कर रही है। बिहार का सरकारी खजाना खाली है। उन्होंने आगे कहा कि वह और उनकी पार्टी के कार्यकर्ता लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं, जहां लोगों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। हम लगातार बाढ़ पीड़ितों के बीच जा रहे हैं और उन्हें कोई सुविधा नहीं मिल रही है... बातचीत में शामिल हों। इसे भी पढ़ें: Bihar Floods Update | भागलपुर में तटबंध टूटने से बढ़ी मुश्किलें, बिहार के 15 जिलों में बाढ़ पीड़ितों के लिए 1194 सामुदायिक रसोई शुरू आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, 14 ज़िलों के 84 ब्लॉक में 514 पंचायतों के 40 लाख से ज़्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। हालाँकि गंगा और दूसरी बड़ी नदियों के बेसिन में बाढ़ का पानी कम होने लगा है, फिर भी प्रभावित इलाकों में राहत और मेडिकल ऑपरेशन तेज़ कर दिए गए हैं। भागलपुर सबसे ज़्यादा प्रभावित ज़िलों में से एक है, जहाँ 6.4 लाख से ज़्यादा लोग और लगभग 1.5 लाख परिवार प्रभावित हुए हैं। ज़िले में बाढ़ से प्रभावित पंचायतों की संख्या 82 से बढ़कर 92 हो गई है, जबकि प्रभावित गाँवों की संख्या 269 से बढ़कर 376 हो गई है। कुल 710 ज़िला परिषद वार्ड भी प्रभावित हुए हैं।
बक्सर में एसजेवीएन की चौसा ताप विद्युत परियोजना की दोनों इकाइयां अब पूरी तरह व्यावसायिक रूप से चालू हो गई हैं। शनिवार को परियोजना की दूसरी 660 मेगावाट क्षमता वाली इकाई ने 12 सितंबर 2026 को सफलतापूर्वक व्यावसायिक संचालन शुरू कर दिया। इसके साथ ही 1320 मेगावाट क्षमता वाली यह परियोजना पूरी तरह से काम करने लगी है। इस परियोजना को बनाने में करीब 13,756.56 करोड़ रुपये लगे हैं। पूरी 1320 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता उपलब्ध इसके पूरी तरह चालू होने से बिहार की बिजली व्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना है। एसजेवीएन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, चौसा में बनी इस परियोजना में 660-660 मेगावाट की दो इकाइयां हैं। दूसरी इकाई के चालू होने के बाद अब प्लांट की पूरी 1320 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता उपलब्ध हो गई है। परियोजना से पैदा होने वाली बिजली का 85 प्रतिशत हिस्सा लंबे समय के लिए बिजली खरीद समझौते के तहत बिहार को मिलेगा। प्रधानमंत्री ने 22 अगस्त 2025 को किया था वर्चुअल उद्घाटन इससे राज्य में बिजली की उपलब्धता बढ़ेगी और ज्यादा मांग वाले समय में भी बिजली की सप्लाई में मदद मिलेगी। एसजेवीएन के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक भूपेन्द्र गुप्ता ने बताया कि दूसरी इकाई ने 12 सितंबर को सफलतापूर्वक व्यावसायिक संचालन हासिल किया है। इसके साथ ही बक्सर ताप विद्युत परियोजना एसजेवीएन की पहली ऐसी परियोजना बन गई है, जिसकी दोनों इकाइयां पूरी तरह से व्यावसायिक रूप से काम कर रही हैं। परियोजना की पहली 660 मेगावाट इकाई का वर्चुअल उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 अगस्त 2025 को किया था। इसके बाद पहली इकाई ने 14 नवंबर 2025 को व्यावसायिक संचालन शुरू किया था। करीब दस महीने बाद अब दूसरी इकाई के भी व्यावसायिक रूप से चालू होने के साथ पूरा प्लांट 1320 मेगावाट क्षमता के साथ संचालित हो गया है। सालाना 9,828.72 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन एसजेवीएन के अनुसार परियोजना के 85 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर पर सालाना करीब 9,828.72 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन की संभावना है। परियोजना में अत्याधुनिक सुपरक्रिटिकल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही उन्नत उत्सर्जन नियंत्रण प्रणाली लगाए जाने की बात कंपनी ने कही है। परियोजना के निर्माण के दौरान करीब 65 हजार श्रमिकों को रोजगार मिला। कंपनी के अनुसार संचालन शुरू होने के बाद भी चौसा और आसपास के क्षेत्रों में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार तथा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। पूर्वी क्षेत्र की ऊर्जा जरूरतों को भी मिलेगी मजबूती एसजेवीएन की ओर से परियोजना क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़ी गतिविधियां संचालित किए जाने की भी जानकारी दी गई है। कंपनी का कहना है कि परियोजना के पूरी क्षमता से संचालन में आने से बिहार के साथ पूर्वी क्षेत्र की ऊर्जा जरूरतों को भी मजबूती मिलेगी। एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेन्द्र गुप्ता ने परियोजना की इस उपलब्धि के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार, विद्युत मंत्रालय सहित संबंधित विभागों, कर्मचारियों और सभी हितधारकों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों इकाइयों का वाणिज्यिक संचालन कंपनी के साथ बिहार के ऊर्जा क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
Bihar Food Safety Action: मिलावटखोरों पर Health Department का शिकंजा, Patna से Darbhanga तक Raid
राज्य में लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मिलावट एवं खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। स्वास्थ्य सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर राज्यभर में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच, छापेमारी, नमूना संग्रहण और प्रयोगशाला परीक्षण की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में हाजीपुर, दरभंगा और पटना जिले में खाद्य सुरक्षा की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक्सपायर्ड, खराब एवं मानकों के विपरीत पाए गए खाद्य पदार्थों को नष्ट कराया। वहीं, फतुहा क्षेत्र में दूध के नमूने में फॉर्मेलिन पाए जाने के बाद करीब 126 लीटर दूध नष्ट कराया गया। जबकि, पटना शहर स्थित संतुष्टि स्वीट्स और उसकी विनिर्माण इकाई में खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा औचक निरीक्षण एवं सघन जांच की गई, साथ ही साफ-सफाई और स्वच्छता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: 15 जिलों में विकराल हुई बाढ़, 48 लाख लोग प्रभावित हाजीपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग का एक्शन, मिलावटी पनीर नष्ट वैशाली जिले के हाजीपुर स्थित स्टेशन रोड में खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा मिलावटी पनीर के खिलाफ कार्रवाई की गई। सुधीर किराना दुकान से 14 किलोग्राम पनीर जब्त किया गया, जिसमें स्टार्च की मिलावट पाई गई, जिसे मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। वहीं, श्री गणेश पनीर हाउस से 58 किलोग्राम पनीर में स्टार्च की मिलावट पाए जाने पर उसे भी विनष्ट कराया गया। साथ ही, नमूना लेकर जांच के लिए लैब भेजा गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। दरभंगा के बेनीपुर में एक्सपायर्ड दूध-पनीर पर कार्रवाई दरभंगा जिले के बेनीपुर स्थित आशापुर चौक के सुधा मिल्क पार्लर में खाद्य संरक्षा अधिकारी द्वारा निरीक्षण एवं जांच की गई। जांच के दौरान पार्लर में 21 लीटर एक्सपायर्ड सुधा मिल्क और 18 किलोग्राम खराब पनीर पाया गया। खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों खाद्य सामग्रियों को मौके पर ही नष्ट कराया गया। जांच के दौरान खाद्य पदार्थों के नमूने भी संग्रहित किए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पटना के फतुहा में दूध में फॉर्मेलिन की पुष्टि, करीब 126 लीटर दूध नष्ट पटना जिले के सबलपुर फतुहा क्षेत्र में भी खाद्य सुरक्षा टीम ने बड़ी कार्रवाई की। अभिहित पदाधिकारी एवं चिकित्सा पदाधिकारी-सह-खाद्य संरक्षा अधिकारी की उपस्थिति में सबलपुर, फतुहा टेढ़ी पुल के निकट स्थित राजीव डेयरी में दूध एवं पनीर की जांच की गई। जांच में दूध के नमूने में फॉर्मेलिन की उपस्थिति पाई गई। इसके बाद करीब 126 लीटर दूध को नष्ट कराया गया। आवश्यक नमूने भी संग्रहित किए गए हैं और जांच के निष्कर्षों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। Food Supplements के ठिकाने पर संयुक्त छापेमारी, 6 नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे फतुहा थाना क्षेत्र के बाजितपुर स्थित Alexa Foods and Supplements, Barishpur, Fatuha, Patna में भी संयुक्त टीम द्वारा निरीक्षण एवं छापेमारी की गई। इस संयुक्त कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा विभाग, औषधि निरीक्षक, आयुष निदेशालय एवं पुलिस पदाधिकारियों की टीम शामिल रही। निरीक्षण के दौरान परिसर में Food Supplements, Raw Materials तथा निर्माण में प्रयुक्त Manufacturing Equipment पाए गए। परिसर में कुछ निर्मित तथा कुछ अर्द्धनिर्मित Food Supplements भी पाए गए। नियमानुसार जांच एवं विश्लेषण के लिए कुल 06 नमूने संग्रहित किए गए हैं, जिन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच के लिए भेजा जा रहा है। निरीक्षण के दौरान Food Supplements के अतिरिक्त कोई अन्य औषधि नहीं पाई गई तथा किसी आपत्तिजनक अथवा संदिग्ध पदार्थ की पुष्टि नहीं हुई। संस्थान के स्वाधिकारी द्वारा Food Supplements के निर्माण एवं संबंधित खाद्य विनिर्माण अनुज्ञप्ति उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। दस्तावेजों एवं जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Ram Vilas Paswan की आदमकद प्रतिमा लगाने के लिए Tejashwi Yadav ने सरकार को लिखा पत्र जनता की थाली से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, जांच और कार्रवाई रहेगी जारी स्वास्थ्य सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त श्री कुमार रवि ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और लोगों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिया गया है कि वे लोगों को केवल सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि एक्सपायर्ड, खराब, मिलावटी अथवा असुरक्षित खाद्य सामग्री का भंडारण, उपयोग या बिक्री किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
12 सितंबर, शनिवार: नवादा में BPA के तत्वावधान में मगध प्रमंडल की बैठक एक होटल में हुई, जिसमें 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक ज्ञान भवन में आयोजित होने वाले बिहार फोटो वीडियो एक्सपो पर विस्तार से चर्चा हुई और पोस्टर का विमोचन किया गया।
RTPS पोर्टल पर 39 लाख से ज्यादा आवेदन निपटाए गए, मधुबनी की पंचायतें पूरे बिहार में नंबर-1
बिहार में आरटीपीएस पोर्टल के माध्यम से अक्टूबर 2024 से सितंबर 2026 के बीच 39 लाख से अधिक आवेदनों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया है। इस डिजिटल व्यवस्था ने सरकारी सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसमें मधुबनी जिला सबसे आगे रहा।
नूंह जिले की पिनगवां थाना पुलिस ने 25 हजार रुपए के इनामी आरोपी मुजेब उर्फ मुजीम को गिरफ्तार किया है। वह एटीएम काटकर चोरी करने के कई मामलों में वांछित चल रहा था। आरोपी बुबलहेड़ी का रहने वाला है। वह बिहार के मोतिहारी जिले में साल 2024 के एटीएम चोरी से जुड़े मामलों में भी वांछित था। पुलिस के मुताबिक, मुजेब के खिलाफ मोतिहारी जिले के मुफस्सिल और तुरकौलिया थाना क्षेत्रों में केस दर्ज हैं। बिहार पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। उसकी गिरफ्तारी पर बिहार पुलिस ने 25 हजार रुपए का इनाम रखा था। आगे की कार्रवाई के लिए बिहार पुलिस को सौंपा बिहार पुलिस ने आरोपी के बारे में नूंह पुलिस से संपर्क किया था। इसके बाद पिनगवां थाना पुलिस ने मुजेब की तलाश शुरू की। थाना प्रभारी निखिल कुमार की टीम को आरोपी के बारे में जानकारी मिली। इसी जानकारी के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी एटीएम काटकर चोरी करने की कई घटनाओं में शामिल रहा है। वह बिहार में दर्ज मामलों में काफी समय से फरार चल रहा था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की गई। बाद में उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बिहार पुलिस को सौंप दिया गया। नूंह पुलिस ने बताया कि जिले में वांछित और फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए अभियान जारी है। इसी अभियान के तहत पिनगवां थाना पुलिस ने यह गिरफ्तारी की है।
Kal Ka Mausam: बिहार में धीमा पड़ा मानसून, 13 सितंबर को बारिश से मिलेगी राहत; बिजली गिरने का अलर्ट
Bihar Kal Ka Mausam: बिहार में मानसून की गतिविधियां धीमी पड़ गई हैं, हालांकि राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
Bihar Flood: 15 जिलों में विकराल हुई बाढ़, 48 लाख लोग प्रभावित
बिहार में बाढ़ की स्थिति शनिवार को और गंभीर हो गई। राज्य के 15 जिलों में बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर करीब 48 लाख हो गई है। वहीं, गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) ने अचानक और तेजी से नदी किनारे कटाव की आशंका को देखते हुए अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा, कई नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण 15 जिलों के 87 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतों में करीब 47.92 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं। शुक्रवार शाम तक बाढ़ प्रभावित लोगों की संख्या 47.33 लाख थी। राज्य सरकार ने अधिकारियों को कटाव की किसी भी घटना की तत्काल सूचना देने और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रखने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने बताया कि बिहार में लगातार हो रही बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण कई नदियों और नाले उफना गए हैं। उन्होंने बताया कि सितंबर में अब तक राज्य में 104.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से करीब 27 प्रतिशत अधिक है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, भागलपुर के सुल्तानगंज में शनिवार सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 36.48 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 1.98 मीटर ऊपर है। हालांकि, यहां जलस्तर में कमी आ रही है। जल संसाधन विभाग ने बताया कि डुमरियाघाट में गंडक, बलतारा और कुर्सेला में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में गंगा, श्रीपालपुर में पुनपुन, बेनीबाद में बागमती तथा दरौली और गंगपुर सिसवान में घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इसमें कहा गया है कि पानी के स्तर में अचानक कमी से नदी के किनारों के कटाव का खतरा बढ़ सकता है, जिससे नदी के किनारों और तटबंधों के संवेदनशील हिस्सों को खतरा हो सकता है। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अचानक कटाव, तटबंध टूटने वाले स्थानों का तुरंत निरीक्षण करें और बिना देरी के जरूरी रोकथाम एवं सुरक्षा उपाय शुरू करें। आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा, बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न जिलों में कुल 1,245 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा 13 राहत शिविर भी चालू हैं। इन केंद्रों में 12,260 बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए रहने, भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। विभाग ने बताया कि लोगों को सुरक्षित निकालने और परिवहन के लिए कुल 1,840 नावें चलाई जा रही हैं। इसके अलावा अब तक 11,204 क्विंटल पशु चारा वितरित किया गया है। बाढ़ को देखते हुए त्वरित राहत एवं बचाव अभियान सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न जिलों में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की 27 और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 10 टीम तैनात की गई हैं। बिहार मौसम केंद्र ने अगले दो दिनों के दौरान राज्य के ज्यादातर हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है।
उत्तराखंड: देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उत्तराखंड में तेज बहाव के चलते पुल बहने की घटना सामने आई है, वहीं छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में हसदेव नदी में बहे तीन कॉलेज छात्रों में से एक का शव बरामद किया गया है, जबकि दो अब भी लापता हैं। […] The post बारिश-बाढ़ का कहर! उत्तराखंड में 170 फीट लंबा पुल बहा, छत्तीसगढ़ में 3 छात्र नदी में लापता, बिहार में 47 लाख प्रभावित first appeared on Sanjeevni Today .
IIT BHU से पढ़ाई, मां के निधन के बाद नहीं मानी हार, 22 की उम्र में बनें बिहार के सबसे युवा SDM
कहते हैं कि अगर ईमानदारी से मेहनत की जाए, तो मंजिल हासिल करने में ज्यादा देर नहीं लगती है। एक ऐसी ही कहानी है बिहार के युवा एसडीएम नसीन कुमार निशांत की। जिन्होंने कई चुनौतियों का सामना किया।
VIDEO: बिहार में समाजसेवी की हत्या पर सड़क पर बवाल, आगजनी; ड्रग्स का विरोध जानलेवा हुआ
भोजपुर के गड़हनी बाजार में ड्रग्स के धंधे का विरोध कर रहे युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। विरोध में सड़क पर आग जलाकर प्रदर्शन किया गया। संभालने में पुलिस के पसीने छूट गए।
भागलपुर में जनसुराज के सूत्रधार और बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के ‘बेचारा’ वाले बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने मुझे ‘बेचारा’ कहा है, तो पहली बार मैं मुख्यमंत्री के किसी बयान से सहमत हूं। प्रशांत किशोर ने कहा कि मुख्यमंत्री को शायद ‘बेचारा’ का शाब्दिक अर्थ ही नहीं बताया गया है। प्रशांत किशोर ने कहा कि ‘बेचारा’ का मतलब होता है, जिसके पास कोई चारा नहीं हो। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर ही नहीं, बल्कि जनसुराज के साथियों के पास भी कोई दूसरा चारा नहीं है। हम बिहार को अनपढ़ और अपराधियों के हाथों में छोड़कर नहीं जा सकते। बिहार को सुधारने के अलावा हमारे पास कोई चारा नहीं है। जब तक बिहार में सुधार नहीं होगा, तब तक हम लगे रहेंगे। प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए उन्हें भाजपा का ‘अनपढ़ और अपराधी मुख्यमंत्री’ बताया। उन्होंने कहा कि बिहार को ऐसे लोगों के हाथ में नहीं सौंपा जा सकता। उन्होंने कहा कि बिहार में शिक्षा, बदलाव और रोजगार को लेकर नया राजनीतिक नरेटिव बन चुका है। प्रशांत किशोर बोले- JDU को अमित शाह चला रहे हैं JDU को ‘जनता दल नीतीश’ नाम दिए जाने के संजय झा के प्रस्ताव पर भी प्रशांत किशोर ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता दल यूनाइटेड हो या जनता दल नीतीश, उसे चलाने वाले अमित शाह ही हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नीचे दो ‘बनडमरू’ लोग हैं, जो अमित शाह के कहने के मुताबिक चलेंगे। प्रशांत किशोर ने दावा किया कि नीतीश कुमार अब जनता दल यूनाइटेड नहीं चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि खबर यही है कि JDU को अमित शाह चला रहे हैं। हालांकि, ये प्रशांत किशोर के राजनीतिक आरोप हैं। ‘बिहार का नरेटिव पहले ही बदल चुका है’ प्रशांत किशोर इन दिनों विधान परिषद चुनाव को लेकर जनसुराज के कार्यकर्ताओं से संवाद कर रहे हैं। उम्मीदवारों के चयन के लिए सर्वे और बैठकों का दौर चल रहा है। इसी क्रम में वह शुक्रवार को भागलपुर पहुंचे, जहां उन्होंने उम्मीदवारों के चयन को लेकर कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सरकार और विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार का नरेटिव पहले ही बदल चुका है। उनके अनुसार, 2025 में सरकार ने नरेटिव बदलने के लिए 10-10 हजार रुपए में वोट खरीदे। उन्होंने कहा कि अब बिहार में शिक्षा, बदलाव और रोजगार का नरेटिव है। प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद चार-पांच महीने तक भाजपा ने इस नरेटिव को पीछे कर दिया था और एनकाउंटर, जाति और हत्या जैसे मुद्दों की चर्चा शुरू हो गई थी। उन्होंने कहा कि बांकीपुर में भाजपा को हराने के बाद जनसुराज ने फिर से राजनीतिक नरेटिव को शिक्षा और रोजगार की ओर मोड़ा है। उन्होंने कहा कि विधायक किसी भी दल का हो, पूरे बिहार में अब यही सवाल रहेगा कि शिक्षा और रोजगार कौन देगा। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में बिहार की राजनीति का मुख्य मुद्दा शिक्षा और रोजगार ही होगा।
मुख्य सचिव पंकज कुमार नियुक्ति रिपोर्ट, रोस्टरिंग और विज्ञापन की स्थिति को समेकित करने की समीक्षा की अध्यक्षता कर
Bihar MLC Election: बिहार एमएलसी चुनाव को लेकर सियासत गरमाई गई है। एक दिन पहले राष्ट्रीय जनता दल ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा की तो लालू परिवार के भीतर का कलह एक बार फिर सामने आ गया।
NEET UG 2026: बिहार में MBBS-BDS की 1295 सीटों पर आज से काउंसिलिंग, 2 नए मेडिकल कॉलेज भी हुए शामिल
Medical Admission 2026 : बिहार में नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) के लिए UGMAC राउंड-2 की काउंसिलिंग प्रोसेस आज से शुरू हो गई है. इस में MBBS, BDS समेत विभिन्न कोर्सों की 1,295 सीटों पर एडमिशन होगा.
नवादा: फरक्का जल संधि के नवीनीकरण के विरोध में जदयू ने उठाई आवाज, कहा- बिहार के हक पर समझौता नहीं
12 सितंबर, शनिवार: नवादा जदयू कार्यालय में जिला अध्यक्ष राजकिशोर प्रसाद दांगी ने फरक्का जल संधि के मौजूदा स्वरूप में नवीनीकरण का विरोध किया, कहा बिहार के पानी और हक पर कोई समझौता नहीं होगा।
क्या बिहार में टूट रही नीतीश की JDU? संजय झा ने क्यों उठाया पार्टी का नाम बदलने का मुद्दा, समझिए अंदर की सियासत
नई दिल्ली में आयोजित हो रहे 18वें BRICS (ब्रिक्स) शिखर सम्मेलन 2026 के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम और ट्रैफिक पाबंदियां लागू की हैं। मुख्य आयोजन स्थल भारत मंडपम (प्रगति मैदान) और सेंट्रल दिल्ली के आसपास की सड़कों पर यातायात को सुचारू रखने तथा VVIP आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए रूट डायवर्जन प्लान प्रभावी कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस ट्रैफिक एडवाइजरी के अनुसार, यह पाबंदियां दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के दौरान रोजाना सुबह 9:30 बजे से रात 9:30 बजे तक लागू रहेंगी। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए अपनी यात्रा की पूर्व योजना बनाएं और निजी वाहनों के बजाय दिल्ली मेट्रो सेवाओं का अधिक से अधिक उपयोग करें। जिन सड़कों पर आवाजाही बंद रहेगी या पाबंदियां होंगी, उनमें रिंग रोड, मथुरा रोड, भैरों मार्ग, तिलक मार्ग, इंडिया गेट और C-हेक्सागन इलाका, सरदार पटेल मार्ग, पटेल रोड, NH-48 और परेड रोड शामिल हैं। इन हालात को देखते हुए पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें और जहां तक संभव हो मेट्रो सेवा का इस्तेमाल करें, ताकि समिट से जुड़ी ट्रैफिक पाबंदियों और VIP मूवमेंट के कारण होने वाली देरी से बचा जा सके। इमरजेंसी गाड़ियों को निकलने में प्राथमिकता दी जाएगी पुलिस ने वाहन चालकों को यह भी सलाह दी कि वे तय डायवर्जन रूट और प्रभावित इलाकों में तैनात ट्रैफिक कर्मियों के निर्देशों का पालन करें। हालांकि, पुलिस ने कहा कि इमरजेंसी और ज़रूरी सेवाओं वाली गाड़ियों को निकलने में प्राथमिकता दी जाएगी।इसे भी पढ़ें: Bihar Floods Update | भागलपुर में तटबंध टूटने से बढ़ी मुश्किलें, बिहार के 15 जिलों में बाढ़ पीड़ितों के लिए 1194 सामुदायिक रसोई शुरू ध्यान दें कि ये ट्रैफिक व्यवस्थाएं दो दिन तक चलने वाले समिट के लिए सुरक्षा और आवाजाही से जुड़े उपायों का हिस्सा हैं। इस समिट में BRICS सदस्य देशों के नेता और सहयोगी देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।इसे भी पढ़ें: Vishwakhabram: America for Americans या Racist Propaganda? ‘Mr Singh’ को निशाना बनाकर US ने अपना नस्ली चेहरा दिखाया मुख्य डायवर्जन इस प्रकार हैं: दीन दयाल उपाध्याय चौक: ट्रैफिक को मथुरा रोड और तिलक मार्ग की ओर डायवर्ट किया गया है। राम चरण अग्रवाल चौक: कमर्शियल गाड़ियों को आगे जाने की अनुमति नहीं है। मीर दर्द चौक: ट्रैफिक को महाराजा रणजीत सिंह मार्ग की ओर डायवर्ट किया गया है। कस्तूरबा गांधी मार्ग/आउटर सर्कल: C-हेक्सागन की ओर जाने वाली गाड़ियों पर रोक है। जनपथ-कनॉट: C-हेक्सागन की ओर जाने वाले ट्रैफिक को डायवर्ट किया जाएगा। पटेल चौक: गाड़ियों को विंडसर प्लेस और RBI की ओर डायवर्ट किया गया है। RML हॉस्पिटल गोलचक्कर: मदर टेरेसा क्रिसेंट और तालकटोरा रोड की ओर जाने पर रोक है। वंदे मातरम रोड/साइमन बोलिवर रोड: साइमन बोलिवर रोड बंद रहेगी। धौला कुआं फ्लाईओवर: सरदार पटेल मार्ग पर डायवर्जन। मोती बाग़ फ्लाईओवर: शांति पथ की ओर ट्रैफ़िक पर रोक। ब्रिगेडियर होशियार सिंह मार्ग: अफ़्रीका एवेन्यू की ओर जाने वाले ट्रैफ़िक का रास्ता बदला जाएगा। मदरसा टी-पॉइंट: अरबिंदो रोड की ओर जाने वाले वाहनों पर रोक। लोधी रोड/अमृता शेरगिल रोड: अमृता शेरगिल रोड बंद। लोधी रोड/मैक्स म्यूलर रोड: मैक्स म्यूलर रोड बंद। लोधी रोड/महर्षि रमन मार्ग: महर्षि रमन मार्ग पर ट्रैफ़िक पर रोक। लोधी रोड/आर्च बिशप मैकारियस मार्ग: आर्च बिशप मैकारियस मार्ग बंद। लोधी फ्लाईओवर के नीचे: ट्रैफ़िक को मथुरा रोड की ओर मोड़ा गया। ब्लू डोम: ओबेरॉय फ्लाईओवर/डॉ. ज़ाकिर हुसैन रोड की ओर ट्रैफ़िक पर रोक। ओबेरॉय फ्लाईओवर के नीचे: मथुरा रोड पर ट्रैफ़िक का रास्ता बदला गया। DPS, मथुरा रोड के सामने यू-टर्न: ट्रैफ़िक को भारत मंडपम की ओर मोड़ा गया। रिंग रोड/भैरव रोड: ट्रैफ़िक को भैरव मार्ग की ओर मोड़ा गया। मंडी हाउस: फ़िरोज़ शाह रोड, भगवान दास रोड और कॉपरनिकस मार्ग की ओर रास्ता बदला गया।
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 12 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचार
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दिवाली और छठ में बिहार के लिए चलेंगी 8 स्पेशल ट्रेनें, पूरी लिस्ट यहां देखें
लंबी दूरी की ट्रेनों में कंफर्म टिकटों के लिए मारामारी व लंबी वेटिंग को देखते हुए दिवाली व छठ पूजा के लिए त्योहार स्पेशल चलाने को लेकर प्रस्ताव भेजा गया है।
बिहार में नदियों के उफान और मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। राज्य के 15 जिलों में करीब 47.33 लाख से अधिक की आबादी बाढ़ की चपेट में आ चुकी है। गंगा सहित उसकी प्रमुख सहायक नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे कई स्थानों पर तटबंधों के टूटने और तीव्र कटाव की घटनाएँ सामने आ रही हैं। भागलपुर जिले में तटबंध टूटने की कम से कम चार घटनाओं की पुष्टि हुई है। जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से गोपालपुर प्रखंड के ब्रह्मोत्तर बांध के कटाव पर रातभर चले अभियान के बाद नियंत्रण पा लिया गया। वहीं, रंगरा प्रखंड के धोबनिया जमींदारी बांध में तड़के करीब 20 फुट का कटाव होने से आसपास के इलाकों और सड़कों पर पानी फैल गया है, जहाँ फिलहाल अस्थायी सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन के अनुसार गोपालपुर प्रखंड स्थित ब्रह्मोत्तर बांध में हुए कटाव पर जल संसाधन विभाग की तकनीकी टीम और स्थानीय लोगों की मदद से रातभर चले अभियान के बाद नियंत्रण पा लिया गया। रंगरा प्रखंड के धोबनिया जमींदारी बांध में शुक्रवार सुबह लगभग साढ़े चार बजे करीब 20 फुट का कटाव हो जाने से सड़क के किनारे बाढ़ का पानी फैल गया। प्रशासन ने वहां अस्थायी सुरक्षा उपाय शुरू किए हैं। उपमुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने गंगा, पुनपुन, गंडक तथा अन्य नदियों के किनारे स्थित तटबंधों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने का निर्देश अधिकारियों को दिया है। उन्होंने कहा कि पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 2016 के अब तक के सर्वाधिक रिकॉर्ड को पार कर चुका है और अब भी बढ़ने की प्रवृत्ति बनी हुई है। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood से 15 जिलों में भारी तबाही, 46.88 लाख लोग प्रभावित चौधरी ने कहा, जलस्तर में यह वृद्धि मुख्य रूप से सोन और घाघरा नदियों से अप्रत्याशित रूप से अधिक जल प्रवाह के कारण हुई है। सोन नदी का जलस्तर अब घट रहा है, जबकि घाघरा स्थिर हो गई है और अगले 24 घंटे में स्थिति में सुधार की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि जल संसाधन विभाग, जिला प्रशासन और अभियंताओं की टीम संवेदनशील स्थानों पर तैनात हैं तथा बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में प्रवेश न करे, इसके लिए हरसंभव उपाय किए जा रहे हैं। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं। भागलपुर, पटना, सारण, वैशाली, बेगूसराय, कटिहार, पूर्णिया और बक्सर सबसे अधिक प्रभावित जिल हैं। बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार, सितंबर में अब तक राज्य में 90.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 20 प्रतिशत अधिक है। आपदा प्रबंधन विभाग(डीएमडी) के अनुसार, भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर शुक्रवार को सुबह छह बजे 36.62 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 2.12 मीटर ऊपर है। हालांकि यहां जलस्तर में कमी आ रही है।इसे भी पढ़ें: बिहार में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए 1,194 Community Kitchens शुरू, 46.88 लाख आबादी प्रभावित बुलेटिन के अनुसार, गंडक नदी डुमरिया घाट, कोसी बलतरा और कुर्सेला में, बूढ़ी गंडक नदी खगड़िया, गंगा दीघा, गांधी घाट, हथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में, पुनपुन नदी श्रीपालपुर, बागमती बेनीबाद में तथा घाघरा नदी दरौली और गंगपुर सिसवन में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। विभाग ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न जिलों में 1,194 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं। इसके अलावा 15 राहत शिविर संचालित हैं, जहां 11,255 बाढ़ पीड़ितों के लिए आवास, भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
Bihar Bhumi: बिहार में जमीन खरीदने से पहले चेक कर लें ये 5 चीजें, वरना हो सकती है मुश्किल
बिहार में जमीन खरीदने से पहले धोखाधड़ी और विवादों से बचने के लिए राजस्व विभाग द्वारा बताई गई 5 ऑनलाइन (Bihar Land Record Online)जांचें पूरी करना अनिवार्य है। इन जांचों में ऑनलाइन जमाबंदी, सरकारी जमीन की पहचान और विक्रेता के नाम का सत्यापन शामिल है।
Bihar Floods: 3 तटबंध टूटने से भागलपुर में तबाही कायम, दर्जनों घर खाली; रतजगा कर रहे ग्रामीण
भागलपुर में गुरुवार की देर रात और शुक्रवार तो तीन स्थानों पर तटबंध टूट गए। इससे कई गांवों में दहशत का माहौल कायम हो गया है।
राजकीय पॉलिटेक्निक, बाढ़ और एनआईईएलआईटी, पटना ने छात्रों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा और उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण देने के लिए 5 साल का समझौता किया है।
दिल्ली, UP, बिहार समेत 13 राज्यों में होगी भारी बारिश, IMD ने जारी किया रेड-यलो का अलर्ट!
दिल्ली, UP, बिहार समेत 13 राज्यों में होगी भारी बारिश, IMD ने जारी किया रेड-यलो का अलर्ट!
Bihar Weather Update: अररिया-भागलपुर समेत 12 जिलों में बारिश का अलर्ट, पटना में छाये रहेंगे बादल
मौसम विभाग ने बिहार के 12 जिलों सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा, जमुई, मुंगेर, बांका, खगड़िया और भागलपुर में मेघ गर्जन, वज्रपात और तेज हवा के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है।
80 के दशक में कैसे दिखते बिहार के बड़े नेता? AI ने फोटो में बदल दिया सबका अंदाज
80 के दशक का सोशल मीडिया पर रेट्रो ट्रेंड छाया हुआ है। AI की मदद से लोग अपनी तस्वीरों को पुराने दौर के लुक में बदलकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। अब बिहार के राजनेताओं में भी इस ट्रेंड की झलक देखने को मिल रही है।
एमबीबीएस और बीडीएस समेत 1295 सीटें खाली, नीट यूजी स्टेट कोटा राउंड 2 के रजिस्ट्रेशन आज से
Bihar NEET UG state quota mbbs bds admission 2026: बिहार नीट यूजी राउंड 2 में उपलब्ध कुल 1,295 सीटों में से एमबीबीएस की 1,167, बीडीएस की 39, बीवीएससी एवं एएच की 49 और बीएफएससी की 28 सीटें शामिल हैं।
पहले ये बयान पढ़िए 'अब वो समय आ गया है कि JDU का नाम बदल कर जनता दल (नीतीश) कर दिया जाए।' पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने ये बयान खगड़िया में आयोजित नीतीश संवाद कार्यक्रम में दिया है। संजय झा के इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं? सियासी गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की शुरू हो गई है कि क्या कांग्रेस (I) की तरह JDU में भी टूट का खतरा बढ़ गया है? क्या JDU के भीतर गुटबाजी है? क्या नीतीश कुमार की विरासत को बचाने के लिए ऐसा किया जा रहा है? अब इन सवालों को विस्तार से समझिए... पहले पार्टी के दो सीनियर लीडर का बयान नीतीश कुमार ने पार्टी को स्थापित किया है। पार्टी उनके नेतृत्व में आगे बढ़ रही है। सभी लोग नीतीश कुमार के चलते ही इस पार्टी से जुड़े हुए हैं। निश्चित रूप से यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास करने योग्य है।- श्रवण कुमार, विधायक दल के नेता पार्टी का नाम बदलने की संजय झा की निजी इच्छा है। ये अच्छी बात है। जब पार्टी के सामने इसका प्रस्ताव आएगा तो पार्टी फैसला करेगी। -बिजेंद्र यादव, डिप्टी सीएम क्या कांग्रेस की तर्ज पर जदयू के भीतर टूट की स्थिति बन रही बात 1978 की है। पूर्व पीएम और कांग्रेस की लीडर इंदिरा गांधी देश में इमरजेंसी लागू करने के बाद अगला लोकसभा चुनाव हार गईं थी। पार्टी के भीतर संजय गांधी पावरफुल हो गए थे। कांग्रेस के कई सीनियर लीडर इंदिरा गांधी की लीडरशिप से खफा थे। इंदिरा गांधी ने अपना एक अलग गुट बना लिया था। इसका नाम कांग्रेस (I) रखा गया। यहां I का मतलब इंदिरा गांधी से था। जबकि दूसरे गुट का नेतृत्व देवराज उर्स कर रहे थे। इस धड़े का नाम कांग्रेस (U) रखा गया। तीन साल बाद इंदिरा गुट को असली कांग्रेस की मान्यता दी गई। क्या जदयू के भीतर भी इस तरह का माहौल बन रहा है। पार्टी के कई नेता ऑन रिकॉर्ड सीधे इस बात को खारिज कर देते हैं। लेकिन, ऑफ रिकॉर्ड स्वीकार करते हैं कि दो अलग-अलग तिकड़ी पार्टी में हावी है। संजय झा और ललन सिंह दोनों खुद को पावरफुल दिखाने में जुटे हैं। यही कारण है कि इस तरह की बातें शुरू हो गई हैं। इस सवाल पर सीनियर जर्नलिस्ट और द हिंदू के सीनियर असिस्टेंट एडिटर अमरनाथ तिवारी ने कहा, ‘इस बयान के सीधे मायने ये निकल रहे हैं कि पार्टी टूटने वाली है।’ क्या विरासत बचाने के लिए नीतीश के नाम का इस्तेमाल हो रहा? JDU के सामने एक समस्या विरासत बचाने की है। क्योंकि नीतीश कुमार के बाद कोई भी ऐसे नेता पार्टी के भीतर नहीं हैं, जिनकी पूरे बिहार में स्वीकार्यता हो। ऐसे समय में जब नीतीश एक्टिव पॉलिटिक्स से तकरीबन रिटायरमेंट की ओर बढ़ गए हैं। उनके बाद उनकी विरासत आगे कैसे जाएगी। इस लिहाज से भी उनके नाम के इस्तेमाल को देखा जा रहा है। इस सवाल पर द इंडियन एक्सप्रेस के सीनयिर असिस्टेंट एडिटर संतोष सिंह कहते हैं, ‘पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि नीतीश के बाद अगले 5 साल तक जनता के बीच कौन सा फैक्टर पार्टी को आगे ले जाएगा। क्या जदयू के भीतर गुटबाजी हावी हो रही है? जदयू में टूट के सवाल पर संतोष सिंह कहते हैं, ’यह पूरी तरह निराधार है। JDU के भीतर कोई ऐसे नेता ही नहीं हैं, जिनका बड़ा जनाधार हो। अगर किसी तरह की टूट पार्टी के भीतर होती है तो दूसरा धड़ा मुंह के बल गिरेगा। पार्टी या पार्टी के कोई भी नेता अभी तक नीतीश की साया से बाहर नहीं आ पाए हैं।‘ नीतीश की विरासत पर दूसरे दल भी जताने लगे हैं अधिकार अब उन पार्टियों को जानिए, जिनमें टूट हुई NCP: जुलाई 2023 में शरद पवार की NCP में टूट हुई। अजीत पवार के नेतृत्व वाले धड़े को इलेक्शन कमीशन ने असली NCP माना। बाद में शरद पवार ने NCP (शरदचंद्र पवार) पार्टी बना लीं। शिवसेना: 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना में टूट हुई। इलेक्शन कमीशन ने एकनाथ शिंदे गुट को असली 'शिवसेना' माना। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट का नाम शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) शिवसेना (UBT) रखा गया। LJP: जून 2021 में राम विलास पासवान के निधन के बाद पशुपति कुमार पारस के नेतृत्व में पार्टी टूटी। पार्टी दो हिस्से में बंट गई। पशुपति पारस के नेतृत्व में रालोजपा बनी। चिराग पासवान ने लोजपा (रामविलास) बनाया।
जन सुराज ने बिहार एमएलसी वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों को ठीक करने की मांग की, सीईओ से मुलाकात की
Patna, 11 सितंबर . राज्य जन सुराज पार्टी के अध्यक्ष मनोज भारती के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने Friday को बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) विनोद सिंह गुंजियाल से मुलाकात की और आगामी विधान परिषद चुनावों के लिए वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों को ठीक करने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा. भारती ने ... Read more
MBBS की 13186 सीटें बढ़ीं, बिहार में 1240 नई सीटें; NEET UG 2026 में अब 4660 सीटें
नेशनल मेडिकल कमीशन ने बिहार में 1,240 नई MBBS सीटों को मंजूरी दी है, जिससे राज्य में कुल सीटें 4,660 हो गई हैं। देशभर में कुल 13,186 नई सीटें जुड़ने के बाद MBBS सीटों का आंकड़ा 1.40 लाख के पार पहुंच गया है, जो NEET UG 2026 के छात्रों के लिए बड़ी खबर है।
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी पहुंची चुनाव आयोग, बिहार MLC इलेक्शन में बताए डुप्लीकेट वोटर
बिहार एमएससी चुनाव की वोटर लिस्ट में डुप्लीकेट मतदाता होने की शिकायत लेकर प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी शुक्रवार को निर्वाचन आयोग के पास पहुंच गई। पार्टी ने वोटर लिस्ट बनाने की प्रक्रिया पर भी बदलने की मांग की।
सुपौल जिला जदयू कार्यालय में शुक्रवार को पिपरा विधायक रामविलास कामत ने ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम के तहत फरक्का जल संधि को लेकर प्रेस वार्ता की। उन्होंने केंद्र सरकार से दिसंबर 2026 में समाप्त हो रही भारत-बांग्लादेश फरक्का जल संधि के नवीनीकरण पर बिहार के हितों को ध्यान में रखते हुए पुनर्विचार करने की मांग की। फरक्का बराज को बताया बाढ़ की प्रमुख वजह रामविलास कामत ने कहा कि फरक्का बराज के कारण गंगा नदी में लगातार गाद जमा हो रही है। इससे नदी का तल ऊंचा हो रहा है और पानी का प्राकृतिक प्रवाह भी प्रभावित हुआ है। बारिश या जलस्तर बढ़ने पर गंगा का पानी तेजी से खतरे के निशान के आसपास पहुंच जाता है, जिसका असर उत्तर बिहार के गंगा किनारे बसे जिलों पर पड़ता है। बिहार में आने जितना पानी, उतना आगे छोड़ा जाए विधायक ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से गंगा किनारे स्थित जिलों में लोगों को फरक्का जल संधि के प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। जदयू की मांग है कि बिहार में गंगा में जितना पानी प्रवेश करता है, उतनी ही मात्रा में पानी आगे छोड़ा जाए। कोसी समेत अन्य नदियों के पानी के उपयोग की मांग उन्होंने कहा कि कोसी समेत बिहार की अन्य नदियों के जल का उपयोग राज्य की जरूरतों के अनुसार किया जाना चाहिए। उनके अनुसार जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सिंचाई, पेयजल और विकास कार्यों में किया जा सकता है। 12 दिसंबर 1996 को हुई थी संधि कामत ने बताया कि भारत और बांग्लादेश के बीच 12 दिसंबर 1996 को गंगा जल बंटवारे को लेकर 30 वर्षों के लिए फरक्का जल संधि हुई थी। इसकी अवधि दिसंबर 2026 में समाप्त हो रही है। उन्होंने दावा किया कि संधि के कारण बिहार को तीन दशकों से पर्यावरणीय और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। नीतीश कुमार भी उठा चुके हैं मुद्दा विधायक ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कई बार फरक्का बराज से बिहार को होने वाले नुकसान का मुद्दा उठा चुके हैं। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने भी राज्यसभा में फरक्का जल संधि को बिहार के हित में नहीं होने की बात कही है। प्रेस वार्ता में जदयू जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष अमर कुमार चौधरी समेत कई पार्टी नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
20 हजार में बिहार के बोधगया, राजगीर और नालंदा की करें सैर; तीन दिन तक रहना खाना फ्री
बिहार सरकार ने पर्यटकों के लिए पटना से बोधगया, राजगीर और नालंदा तक दो रात और तीन दिन का एक विशेष पर्यटन पैकेज तैयार किया है। इसमें यात्रा, ठहरने, भोजन, गाइड और प्रमुख स्थलों के प्रवेश शुल्क सहित सभी सुविधाएं शामिल हैं, जिसका उद्देश्य राज्य की आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत को बढ़ावा देना है।
लघु जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता राजेंद्र कुमार के छह ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति मामले में एसवीयू ने छापामारी की। छापामारी में करीब चार करोड़ की जमीन-फ्लैट, 1.96 लाख नकद और 76 लाख के सोने-चांदी के आभूषण बरामद हुए हैं।
Bihar Politics: डिप्टी CM की पत्नी को लेकर सोशल मीडिया पोस्ट वायरल, सरकारी सुरक्षा पर उठे सवाल
Bihar Politics: डिप्टी CM की पत्नी को लेकर सोशल मीडिया पोस्ट वायरल, सरकारी सुरक्षा पर उठे सवाल
Deputy CM विजय कुमार चौधरी ने Bihar Building Bye-laws 2026 के प्रारूप की समीक्षा की
माननीय उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में आज बिहार भवन उपविधि-2026 के प्रारूप की समीक्षा को लेकर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रारूप के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से विचार-विमर्श करते हुए इसे सरल, पारदर्शी, प्रभावी एवं जनोपयोगी बनाने के लिए चर्चा की गई। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सभी हितधारकों से प्राप्त सुझाव बिहार भवन उपविधि-2026 को अधिक प्रभावी, सरल एवं जनोपयोगी बनाने में महत्वपूर्ण होंगे। इस समीक्षा बैठक में भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव श्री के के पाठक, बिहार सरकार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत तथा नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव श्री विनय कुमार, विशेष सचिव नीलेश रामचन्द्र देवरे, पटना नगर निगम के आयुक्त श्री यशपाल मीणा सहित अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे। मंत्री श्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार भवन उपविधि-2026 का प्रारूप पारदर्शिता, सरलता, त्वरित प्रक्रियाओं और सतत विकास के सिद्धांतों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य भवन निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक सुगम एवं समयबद्ध बनाते हुए राज्य के शहरी क्षेत्रों में सुनियोजित और आधुनिक विकास को गति देना है। यह प्रारूप बिहार के बदलते शहरी परिदृश्य के अनुरूप एक प्रगतिशील एवं विकासोन्मुख कदम है। श्री मिश्रा ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी के विकसित बिहार के विज़न के अनुरूप बिहार भवन उपविधि-2026 का प्रारूप राज्य के शहरों के सुनियोजित और सतत विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। सरल एवं पारदर्शी प्रावधानों से भवन निर्माण और निवेश को गति मिलेगी तथा आधारभूत संरचना, आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों का विस्तार होगा।
बिहार में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए 1,194 Community Kitchens शुरू, 46.88 लाख आबादी प्रभावित
बिहार के 15 ज़िलों में 46 लाख से ज़्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। शुक्रवार को भी हालात गंभीर बने रहे क्योंकि कई जगहों पर पानी का स्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा था। अधिकारियों के मुताबिक, राज्य भर में लगातार बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण नदियाँ और नाले उफान पर हैं। आपदा प्रबंधन विभाग (DMD) की ओर से जारी ताज़ा बुलेटिन के अनुसार, 15 ज़िलों के 88 ब्लॉकों की 561 ग्राम पंचायतों में लगभग 46.88 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इसे भी पढ़ें: Kharif 2026 फसल क्षति पर मिलेगी आर्थिक सहायता, Bihar में 31 अक्टूबर तक करें आवेदन प्रभावित ज़िलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं। सबसे ज़्यादा प्रभावित ज़िलों में भागलपुर, पटना, सारण, वैशाली, बेगूसराय, कटिहार, पूर्णिया और बक्सर शामिल हैं। बिहार मौसम विज्ञान सेवा केंद्र के अनुसार, राज्य में सितंबर में अब तक 90 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 20 प्रतिशत ज़्यादा है। अपने ताज़ा बुलेटिन में, DMD ने बताया कि शुक्रवार सुबह 6 बजे भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा नदी 36.62 मीटर के स्तर पर बह रही थी, जो खतरे के निशान से 2.12 मीटर ऊपर है। पानी का बहाव कम हो रहा है। डूमरिया घाट पर गंडक, बलतारा और कुरसेला में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में गंगा, श्रीपालपुर में पुनपुन, बेनीबाद में बागमती, और दरौली व गंगपुर सिसवन में घाघरा नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। इसे भी पढ़ें: Bihar Medical Education Update: बिहार में PG Doctors का Stipend बढ़ा, जानिए हर साल कितना होगा फायदा बुलेटिन में कहा गया है कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए अलग-अलग ज़िलों में कुल 1,194 कम्युनिटी किचन (सामुदायिक रसोई) चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा, 15 राहत कैंप भी चल रहे हैं, जहाँ 11,255 बाढ़ पीड़ितों के लिए रहने, खाने, मेडिकल सुविधा और दूसरी ज़रूरी सेवाओं का इंतज़ाम किया गया है। बाढ़ से प्रभावित लोगों के बीच अब तक लगभग 3.10 लाख पॉलीथीन शीट और 48,300 सूखे राशन के पैकेट बांटे जा चुके हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आवाजाही के लिए कुल 1,922 नावें चलाई जा रही हैं। साथ ही, अब तक 7,535 क्विंटल पशु चारा भी बांटा गया है।
फरक्का जल संधि के नवीनीकरण को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने बिहार के हितों की आवाज बुलंद की है। शुक्रवार को पंडासराय स्थित जदयू कार्यालय में आयोजित पीसी में पार्टी नेताओं ने कहा कि 1996 में हुई फरक्का जल संधि बिहार के हित में नहीं रही है। संधि के 30 साल होने के बाद इसके पुराने स्वरूप में नवीनीकरण को जदयू ने अस्वीकार करने की मांग की है। बेनीपुर विधायक सह एनडीए गठबंधन के सचेतक प्रो. विनय कुमार चौधरी ने कहा कि इस मुद्दे के पीछे कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है। पार्टी बिहार के हित में फरक्का जल संधि पर पुनर्विचार चाहती है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा लगातार बिहार के जल अधिकारों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। बिहार के हिस्से का पानी तय होना चाहिएदरभंगा ग्रामीण विधायक सह जदयू जिलाध्यक्ष राजेश कुमार मंडल उर्फ ईश्वर मंडल ने कहा कि फरक्का बराज और जल संधि के कारण पिछले तीन दशकों में बिहार को गाद जमाव, बाढ़ और कटाव की समस्या का सामना करना पड़ा है। बिहार के 13 करोड़ लोगों के भविष्य और राज्य के जल अधिकारों को ध्यान में रखते हुए संधि के नवीनीकरण पर नए सिरे से विचार होना चाहिए। जदयू नेताओं ने कहा कि यदि फरक्का जल संधि का नवीनीकरण किया जाता है तो उससे पहले बिहार को मिलने वाले पानी की मात्रा और राज्य की भविष्य की जल जरूरतों को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जाना चाहिए। बिहार के हिस्से का पानी तय किए बिना किसी भी समझौते को आगे बढ़ाना स्वीकार्य नहीं होगा। पार्टी नेताओं ने कहा कि आने वाले वर्षों में पानी की मांग लगातार बढ़ने वाली है। ऐसे में बिहार की वर्तमान ही नहीं, बल्कि भविष्य की जल जरूरतों को भी ध्यान में रखना जरूरी है। 12 जिलों में चल रहा जनजागरूकता अभियानजदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा के नेतृत्व में इस मुद्दे को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। गंगा किनारे बसे बिहार के 12 जिलों में ‘फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद’ कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को संधि के प्रभाव और बिहार के जल अधिकारों के बारे में जानकारी दी जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा भी अभियान में सक्रिय हैं।इसी अभियान के तहत शुक्रवार को दरभंगा में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। पार्टी नेताओं ने कहा कि बिहारवासियों के जल अधिकारों की रक्षा के लिए जदयू सड़क से सदन तक अपनी आवाज उठाती रहेगी। 7 सितंबर को दरभंगा पहुंचे थे संजय झाइससे पहले 7 सितंबर को जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा दरभंगा पहुंचे थे। जिला अतिथि गृह में आयोजित कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में उन्होंने फरक्का जल संधि का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने कहा था कि बिहार के हित तय किए बिना संधि का नवीनीकरण नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार पिछले 30 वर्षों में बिहार के साथ इस मामले में अन्याय हुआ है।कार्यकर्ता संवाद के दौरान उन्होंने कहा था कि गंगा से बांग्लादेश जाने वाले पानी में बिहार की हिस्सेदारी और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और पत्रकारों से भी इस मुद्दे को आम लोगों तक पहुंचाने की अपील की थी। कार्यक्रम में ये रहे मौजूदकार्यक्रम में बिहार सरकार के मंत्री मदन सहनी, बेनीपुर विधायक प्रो. विनय कुमार चौधरी, दरभंगा ग्रामीण विधायक राजेश कुमार मंडल, कुशेश्वरस्थान विधायक अतिरेक कुमार समेत जदयू के कई नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे थे। संजय झा के स्वागत में कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह जेसीबी से फूलों की वर्षा भी की थी। जदयू ने स्पष्ट किया है कि फरक्का जल संधि के नवीनीकरण को लेकर पार्टी का मुख्य जोर बिहार के जल अधिकार और भविष्य की जरूरतों को सुरक्षित करने पर है।
दिल्ली में होने वाले 18वां BRICS शिखर सम्मेलन में विदेशी मेहमानों का भारत आना शुरू हो गया है। विदेशी महमानों को हमारे बिहार के पारंपरिक जायके से रूबरू कराया जा रहा है। सम्मेलन की वेलकम किट में बिहार के दो प्रोडक्ट्स- सत्तू और मखाना शामिल किए गए हैं। बिहार के इन दोनों प्रोडक्ट्स को ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर जगह मिलने पर CM सम्राट चौधरी ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने इसे बिहार के लिए गौरव का पल बताते हुए कहा, ‘बिहार का स्वाद अब दुनिया के सामने पहुंच रहा है।’ CM ने अपने सोशल मीडिया X हैंडल पर लिखा- नए बिहार की नई पहचान, बिहार का स्वाद अब दुनिया के सामने। BRICS Summit की वेलकम किट में शामिल सत्तू और मखाना बिहार के स्वाद, परंपरा और उद्यमिता की पहचान हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताते हुए कहा, ‘इससे लोकल टू ग्लोबल के संकल्प को मजबूती मिलेगी।’ विदेशी महमानों को जो सत्तू परोसा जा रहा है, इसके फॉउंडर बिहार के मधुबनी जिले के सचिन कुमार हैं। उन्होंने 'SATTUZ' नाम से इसकी शुरूआत 2018 में की थी। 10 साल पहले वे नौकरी छोड़कर घर पर बैठे और फिर इस बिजनेस में अपना दिमाग और समय दोनों लगाया। बिहार के आम फूड को सचिन ने कैसे बनाया खास? BRICS तक कैसे पहुंचा मधुबनी का Sattuz? 8 सालों में कितनी की कमाई? इन सारे सवालों का जवाब यहां पढ़ें… अब पढ़िए सचिन की पूरी कहानी… मुंबई की नौकरी छोड़ी, बिहार लौटकर शुरू की कारोबार की तलाश दैनिक भास्कर से बातचीत में सचिन ने बताया, मैंने 2008 में सेल्स और मार्केटिंग में MBA पूरा किया था। उस समय मैं मुंबई में बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर के रूप में काम कर रहा था। मेरी 30 हजार रुपए सैलरी थी। कारोबारियों से लगातार मुलाकात के दौरान मुझे लगा कि मैं भी अपना बिजनेस शुरू कर सकता हूं। मेरा लक्ष्य बिहार में कारोबार खड़ा करना था। 2009 में एक वर्कशॉप में ट्रेडिशनल फूड प्रोडेक्ट की बाजार क्षमता के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद मैंने नौकरी छोड़ दी और मधुबनी गांव लौट आया। शुरुआत में मैंने परिवार के कंज्यूमर ड्यूरेबल्स बिजनेस से जुड़कर काम किया। इसके बाद मैंने अपने परिवार को नए बिजनेस आइडियाज दिए, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे। बहुत सालों तक मैंने उन्हें Sattuz के लिए भी मनाया है। हालांकि, मेरी पत्नी बिजनेस आइडिया पर रिसर्च करने के दौरान बहुत साथ देती थी। रिचा ने मेरे हर फैसले में मेरा साथ दिया है।' मखाना और सत्तू में दिखा मौका, सत्तू को चुना सचिन ने आगे बताया, 'मैंने पारंपरिक खाद्य उत्पादों पर रिसर्च के दौरान महसूस किया कि मधुबनी और बिहार की पहचान वाले मखाना और सत्तू में बड़ा बाजार बनने की क्षमता है। मुझे लगा कि मखाना की पैकेजिंग और मार्केटिंग पहले से काफी विकसित हो चुकी है, लेकिन सत्तू के क्षेत्र में अभी ज्यादा प्रयोग नहीं हुए हैं। मैंने इसी अंतर को अपना बिजनेस अवसर बनाया। सत्तू मुख्य रूप से चने या जौ को भूनकर तैयार किया जाता है। बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में इसका इस्तेमाल लंबे समय से होता रहा है। मैंने इसी पारंपरिक खाद्य पदार्थ को मॉर्डन पैकेजिंग और रेडी-टू-मिक्स फॉर्म में बाजार में उतारने की योजना बनाई। सड़क किनारे मिलने वाले सत्तू का बनाया पैकेज्ड विकल्प सचिन ने बताया कि मेरे सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि सत्तू को किस शक्ल में बाजार में उतारा जाए, जिसे लोग आसानी से कहीं भी तैयार कर सकें। बिहार में सड़क किनारे मिलने वाले सत्तू की साफ-सफाई को लेकर लोगों की चिंता और शहरों में कामकाजी लोगों की सुविधा की जरूरत को मैंने बिजनेस मॉडल में शामिल किया। रिसर्च के दौरान मुझे लगा कि अगर सत्तू पहले से मिक्स होकर छोटे पैकेट में उपलब्ध हों, तो इसे सिर्फ पानी मिलाकर कुछ ही मिनट में तैयार किया जा सकता है। इस सोच के आधार पर मैंने अपनी मां की रेसिपी को आधार बनाकर प्रोडेक्ट तैयार किया। इसके बाद लैब टेस्ट कराए और फूड सेफ्टी और स्टैंडर्ड ऑथोरिटी यानी FSSAI से जरूरी मंजूरी ली। शुरुआत में दो पेपर ग्लास, दो सैशे और स्टिरर वाला ट्रैवल पैक तैयार किया, जिसकी कीमत 30 रुपए रखी थी। मीठा, जलजीरा और चॉकलेट फ्लेवर में आया सत्तू अप्रैल 2018 में Sattuz ने बाजार में कदम रखा। कंपनी ने सत्तू ड्रिंक को तीन फ्लेवर में पेश किया- मीठा, जलजीरा और चॉकलेट। प्रोडेक्ट का मॉडल काफी आसान रखा गया। सैशे में मौजूद सत्तू मिक्स में पानी मिलाकर ड्रिंक तैयार की जा सकती थी। कंपनी ने इसे प्रोटीन, फाइबर और आयरन वाले पारंपरिक खाद्य पदार्थ के रूप में पेश किया। सत्तू की ताजगी बनाए रखने के लिए सैशे पैकेजिंग का इस्तेमाल किया। प्रोडेक्ट की शेल्फ लाइफ छह महीने रखी। 2019 में मिला निवेश, Shark Tank से भी मिली पहचान सचिन ने आगे बताया, 'Sattuz के कारोबार को 2019 में बड़ा बढ़ावा मिला। अक्टूबर 2019 में कंपनी ने नई दिल्ली स्थित इंडियन एंजल नेटवर्क से फंडिंग हासिल की। IIM कोलकता इनोवेशन पार्क और बिहार इंडस्ट्रीज एसोशिएशन भी इसके निवेशकों में शामिल हुए। इसके बाद कंपनी ने अपने उत्पादों की रेंज बढ़ाने पर काम शुरू किया। 2021 में सत्तू ड्रिंक को आसानी से तैयार करने के लिए शेकर्स भी लॉन्च किए गए। दिसंबर 2021 में कंपनी ने शार्क टैंक के पहले सीजन में भी हिस्सा लिया। इस अनुभव के बाद कंपनी ने केवल पैकेज्ड सत्तू बेचने की जगह सत्तू से तैयार दूसरे प्रोडेक्ट पर भी ध्यान देना शुरू किया। सचिन की पत्नी रिचा रेसिपी डेवलपमेंट का काम देखती हैं। सत्तू की बहुउपयोगिता को देखते हुए कंपनी ने इसका इस्तेमाल लिट्टी और पराठे में करने के लिए रेडी-टू-कुक स्टफिंग मिक्स भी तैयार किया। यह मिक्स लिट्टी, पराठा और पूरी जैसे खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल किया जा सकता है। कंपनी ने 2022 में Sattuz Cafe भी ट्रायल के तौर पर शुरू किया था। अमेरिका और सिंगापुर से भी आए ऑर्डर Sattuz ने धीरे-धीरे बिहार से बाहर भी बाजार बनाया। कंपनी की बिक्री अपनी वेबसाइट के अलावा अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे ऑनलाइन मार्केटप्लेस के माध्यम से होती है। इसके उत्पाद देश के अलग-अलग हिस्सों के रिटेल स्टोरों में भी उपलब्ध कराए गए। कंपनी को अमेरिका, सिंगापुर और कुछ अन्य देशों से भी ऑर्डर मिले। हालांकि, कोरोना महामारी के दौरान कारोबार की रफ्तार प्रभावित हुई। बिक्री घटने के बावजूद कंपनी ने अपने ऑपरेशनल खर्च जारी रखे। लॉकडाउन के बाद लोगों में स्वास्थ्य, पोषण और हाइजीन को लेकर बढ़ी जागरूकता से सत्तू जैसे पारंपरिक हेल्दी फूड की मांग को फायदा मिला। पटना के फतुहा में बन रहा 5 हजार वर्गफुट का प्लांट कारोबार को बड़े स्तर पर ले जाने के लिए कंपनी ने पटना के बाहरी इलाके फतुहा में फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की योजना बनाई। करीब 5 हजार वर्गफुट में तैयार होने वाली इस यूनिट में सत्तू ड्रिंक के सैशे, बड़े पैक और स्टफिंग मिक्स तैयार किए जाने की योजना है। सचिन ने अपने कारोबार को आगे बढ़ाने में बिहार के स्टार्टअप इकोसिस्टम की भूमिका को भी अहम बताया। उनके मुताबिक, बिहार उद्योग विभाग, स्टार्टअप सेल, बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण यानी BIADA और यूनियन बैंक से उन्हें मदद मिली। कंपनी को केंद्र सरकार की PMFME योजना से भी सहायता मिली। यूनियन बैंक ने इस योजना के तहत Sattuz को 77 लाख रुपए का फाइनेंस किया था, जिसका इस्तेमाल कारोबार के विस्तार में किया जा रहा है। BRICS तक कैसे पहुंचा सत्तूज सचिन ने भास्कर से बातचीत में बताया, BIADA से मैंने पटना के फतुहा में जमीन लेकर काम शुरू किया। इसी दौरान उन्होंने मुझे BRICS के बारे में बताया। इनके जरिए ही मैं आज इस मोकाम तक पहुंचा हूं। मुझे बहुत खुशी हो रही है कि बिहार का सत्तू आज विदेशियों के जुबान से भी चखा जा रहा है। सचिन ने बताया, जब मैंने इसकी शुरूआत क, तब सिर्फ 2.5 लाख रुपए इंवेस्ट किया था। आज करीब 5 करोड़ की कमाई कर रहा हूं। आज यहां रोजाना करीब 1,500 पैकेट जलजीरा सत्तू तैयार होता है, जो बाजार में सबसे चर्चित और लोकप्रिय प्रोडक्ट है।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बिहार सेवा संकल्प अभियान 2026 की तैयारी कर रहा है, जिसमें 13 विभागीय घटक और निय
Kharif 2026 फसल क्षति पर मिलेगी आर्थिक सहायता, Bihar में 31 अक्टूबर तक करें आवेदन
माननीय मंत्री, सहकारिता विभाग, राम कृपाल यादव द्वारा आज अपने कार्यालय कक्ष से बिहार राज्य फसल सहायता योजना के अंतर्गत खरीफ 2024 मौसम के 1,17,708 लाभुक किसानों के बैंक खातों में 104 करोड़ 46 लाख 46 हजार 405 रुपये की सहायता राशि का डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया। इसे भी पढ़ें: Dhirendra Shastri के बयान के बीच Suvendu Adhikari ने खाई मछली, BJP बोली- मांसाहार विवाद अब खत्म इस अवसर पर माननीय मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि खरीफ 2024 मौसम के प्राप्त आवेदनों के सत्यापन के उपरान्त आज लाभ हेतु योग्य पाए गए 714 पंचायतों के कुल 1,17,708 लाभुक किसानों को सहायता राशि का भुगतान किया जा रहा है। साथ ही, 9 चयनित किसानों को सांकेतिक रूप से चेक प्रदान किए गए। माननीय मंत्री ने कहा कि बिहार राज्य फसल सहायता योजना राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी एवं किसान हितैषी योजनाओं में से एक है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदा अथवा अन्य कारणों से फसल की उपज में कमी होने की स्थिति में किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें संकट की घड़ी में संबल देना है। यह योजना पूर्णतः निःशुल्क है तथा इसके लिए किसानों को किसी प्रकार के प्रीमियम का भुगतान नहीं करना पड़ता है। फसल क्षति की स्थिति में मिलने वाली सहायता किसानों को आर्थिक कठिनाइयों से उबरने तथा आगामी फसल के लिए कृषि कार्य जारी रखने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करती है। माननीय मंत्री ने कहा कि वर्तमान में बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए फसल क्षति की स्थिति में आर्थिक सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से बिहार राज्य फसल सहायता योजना की भूमिका महत्वपूर्ण है। खरीफ 2026 में फसल क्षति से प्रभावित किसानों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। सभी पात्र किसानों से अपील है कि अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना 31 अक्टूबर तक अपना आवेदन अवश्य करें। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत थ्रेसहोल्ड उपज की तुलना में वास्तविक उपज में 20 प्रतिशत तक की क्षति होने पर 7,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अधिकतम 2 हेक्टेयर के लिए 15,000 रुपये तथा 20 प्रतिशत से अधिक क्षति होने की स्थिति में 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अधिकतम 2 हेक्टेयर के लिए 20,000 रुपये तक की सहायता राशि प्रदान की जाती है। सहायता राशि लाभुक किसानों के आधार-संबद्ध बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से सीधे अंतरित की जाती है। बिहार राज्य फसल सहायता योजना का संचालन पूर्णतः राज्य सरकार की निधि से किया जा रहा है। खरीफ 2024 मौसम के लिए धान एवं मकई को पंचायतस्तरीय फसल तथा सोयाबीन, आलू, बैंगन, टमाटर एवं गोभी को जिलास्तरीय फसल के रूप में अधिसूचित किया गया है। इसे भी पढ़ें: BRICS Summit पर सवाल उठाने पर BJP का Congress पर तीखा हमला रबी 2024-25 मौसम में उपज दर के आंकड़ों के आधार पर योग्य ग्राम पंचायतों के आवेदक किसानों द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों का सत्यापन जिला स्तरीय समन्वय समिति (DLCC) द्वारा कराया जा रहा है। सत्यापन के उपरांत पात्र पाए गए एवं भुगतान के लिए अनुशंसित किसानों को भी शीघ्र सहायता राशि का भुगतान किया जाएगा। इस अवसर पर सहकारिता विभाग के सचिव श्री धर्मेन्द्र सिंह, निबंधक, सहयोग समितियाँ श्री रजनीश कुमार सिंह सहित विभाग के अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।
जमुई के खैरा प्रखंड में बने नए पंचायत सरकार भवन में दरारें और प्लास्टर टूटने की शिकायत मिली थी। इसके बाद शुक्रवार को बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने भवन का निरीक्षण किया। दोपहर में मंत्री ने हॉल, कमरे, लाइब्रेरी और छत समेत कई हिस्सों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को भवन की क्वालिटी और सुरक्षा को लेकर निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद मंत्री दीपक प्रकाश ने मीडिया से बात की। उन्होंने बताया कि भवन में कई जगह मरम्मत के निशान साफ दिख रहे हैं। मंत्री ने कहा कि निर्माण कार्य में क्वालिटी का पूरा ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि दरार चाहे छोटी हो या बड़ी, वह खतरनाक हो सकती है। इसे तुरंत ठीक कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। कई जगहों पर प्लास्टर टूटे मिले मंत्री ने यह भी बताया कि पंचायत सरकार भवन भूकंपरोधी तकनीक से बना है। कुछ जगहों पर जाली नहीं लगाने के कारण समस्या आने की बात कही गई है। उन्होंने घोषणा की कि अब पूरे बिहार में उन सभी पंचायत सरकार भवनों की जांच की जाएगी, जिनका निर्माण पूरा हो चुका है और जिन्हें अभी हैंडओवर किया जाना है। जांच से संतुष्ट होने के बाद ही इन भवनों को हैंडओवर किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने छत की ढलाई के बाद प्लास्टर के काम में भी कमी पाई। कई जगहों पर प्लास्टर टूटे हुए मिले। उन्होंने इसे ठीक कराने का निर्देश दिया। लाइब्रेरी रूम में लगे बिजली के बोर्ड को भी दुरुस्त करने को कहा गया। 2.30 करोड़ से बना है पंचायत सरकार भवन मंत्री ने चेतावनी दी कि खुले और खराब हालत में लगा बिजली बोर्ड किसी के लिए भी खतरनाक हो सकता है। इसके बाद मंत्री ने भवन परिसर में पौधे लगाए। उन्होंने खैरा पंचायत के वार्ड नंबर 11 का भी निरीक्षण किया। इस मौके पर पंचायती राज पदाधिकारी वीरेंद्र कुमार के साथ कई नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद थे। यह पंचायत सरकार भवन करीब 2 करोड़ 30 लाख रुपए की लागत से बना है। इसके हैंडओवर के समय ही दीवारों में कई जगह दरारें, टूटे प्लास्टर और खराब हिस्से सामने आए थे। इसे लेकर स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि ने भी सवाल उठाए थे। मंत्री के निरीक्षण से पहले भवन में रंग-रोगन कर उसे चमका दिया गया था। इसके बाद शुक्रवार को मंत्री ने मौके पर पहुंचकर निर्माण की गुणवत्ता और कमियों की जांच की।
Monolithis India ने Bihar के नवादा में 157 करोड़ में जीता Quartzite Stone Block
मोनोलिथिस इंडिया ने बिहार के खनन एवं भूविज्ञान विभाग की ई-नीलामी में नवादा जिले में 157 करोड़ रुपये में क्वार्टजाइट स्टोन ब्लॉक’ हासिल किया है। कंपनी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। कंपनी ‘प्रीमिक्स्ड रैमिंग मास’ नाम की सामग्री बनाती है, जिसका इस्तेमाल इंडक्शन भट्टियों को तेज गर्मी और पिघले इस्पात से बचाने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से द्वितीयक इस्पात उद्योग में होता है। कंपनी ने बयान में कहा कि इस अधिग्रहण के साथ उसके कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखला के एकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम पूरा हुआ है। यह कंपनी की स्थापना के बाद से अब तक की सबसे बड़ी रणनीतिक उपलब्धि है। पांच साल के लिए आवंटित इस ब्लॉक की स्वीकृत खनन क्षमता 7.10 लाख टन सालाना है। इस तरह पट्टे की पूरी अवधि में कुल 35.50 लाख टन खनन क्षमता होगी। कंपनी ने कहा कि इस अधिग्रहण से उसे अपनी प्रमुख कच्चे माल की जरूरतों पर अधिक नियंत्रण मिलेगा और अगले पांच साल के लिए कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचाव करने में मदद मिलेगी। यह ऐसे समय में हुआ है जब कंपनी सिलिका रैमिंग मास के विनिर्माण की क्षमता बढ़ा रही है। समूह की कुल विनिर्माण क्षमता बढ़कर 5.76 लाख टन सालाना होने की उम्मीद है। कंपनी ने कहा कि वैधानिक मंजूरियां अगले तीन-चार महीने में मिलने की उम्मीद है और वाणिज्यिक परिचालन फरवरी-मार्च 2027 में शुरू करने का लक्ष्य है। बयान के अनुसार, 157 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान राज्य सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार पांच साल में किस्तों में किया जाएगा। खनन कार्य अनुभवी राष्ट्रीय खनन ठेकेदारों के जरिये प्रति टन उत्पादन के आधार पर कराया जाएगा। इससे कंपनी का प्रत्यक्ष बुनियादी ढांचा पूंजीगत व्यय सीमित रहेगा। मोनोलिथिस इंडिया के प्रबंध निदेशक हर्ष टेकरीवाल ने कहा, ‘‘मुझे यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि कच्चे माल की आपूर्ति को अपने नियंत्रण में लेने की हमारी प्रक्रिया पूरी हो गई है और हमारे पास अतिरिक्त कच्चे माल की क्षमता भी उपलब्ध है।’’उन्होंने कहा, ‘‘ इससे नए संयंत्र के शुरू होने के साथ तेजी से बढ़ने वाली हमारी कच्चे माल की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। कंपनी खासकर पूर्वी और मध्य भारत में घरेलू एकीकृत द्वितीयक इस्पात समूहों की प्रमुख आपूर्तिकर्ता है।
Bihar Medical Education Update: बिहार में PG Doctors का Stipend बढ़ा, जानिए हर साल कितना होगा फायदा
बिहार सरकार ने राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों और दंत चिकित्सा महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई कर रहे प्रशिक्षु चिकित्सकों के मासिक मानदेय में वृद्धि की है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बयान के अनुसार, प्रथम वर्ष के स्नातकोत्तर छात्रों का मासिक मानदेय 82,000 रुपये से बढ़ाकर 92,800 रुपये, द्वितीय वर्ष के छात्रों का मानदेय 90,200 रुपये से बढ़ाकर 1,02,000 रुपये तथा तृतीय वर्ष के छात्रों का छात्रों का मानदेय 99,220 रुपये से बढ़ाकर 1,12,200 रुपये कर दिया गया है। बयान में कहा गया है कि संशोधित मानदेय दरें एक जनवरी, 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी और इसका लाभ पूर्व प्रभाव से मिलेगा।स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा, “पीजी छात्र भविष्य के विशेषज्ञ चिकित्सक हैं और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। मानदेय में वृद्धि से उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा तथा चिकित्सा शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण तैयार होगा।” उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल चिकित्सा संस्थानों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसे विशेषज्ञ चिकित्सकीय मानव संसाधन का विकास करना है जो लोगों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सके।
सिंगरौली के मोरवा स्टेशन पर 15 बोतल शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार, बिहार ले जाने की थी तैयारी
11 सितंबर, शुक्रवार: सिंगरौली के मोरवा रेलवे स्टेशन पर आबकारी विभाग और RPF की संयुक्त टीम ने बिहार जा रही शराब की खेप पकड़ी। टीम ने 15 बोतल अंग्रेजी शराब के साथ बिहार निवासी पंकज कुमार को गिरफ्तार किया। आरोपी से पूछताछ कर तस्करी नेटवर्क की जांच की जा रही है।

