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फरक्का संधि पर बिहार की चिंताओं पर केंद्र सरकार ने लिया संज्ञान, राज्यसभा में संजय झा ने उठाया था मुद्दा

केंद्र सरकार ने भारत-बांग्लादेश गंगा जल बंटवारा संधि और फरक्का बांध को लेकर बिहार की चिंताओं का संज्ञान लिया है।

जागरण 2 Sep 2026 11:37 pm

'राहुल गांधी ने बिहार में भी एसआईआर का विरोध किया, क्या नतीजा निकला?' उपेंद्र कुशवाहा का तंज

'राहुल गांधी ने बिहार में भी एसआईआर का विरोध किया, क्या नतीजा निकला?' उपेंद्र कुशवाहा का तंज

समाचार नामा 2 Sep 2026 11:27 pm

चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी मिलने पर बिहार में सियासी भूचाल; लोजपा के प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी से मिलकर की सुरक्षा बढ़ाने की मांग

बिहार की राजनीति से इस वक्त एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों और राजनीतिक दलों के कान खड़े कर दिए हैं। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्र सरकार में मंत्री चिराग पासवान को अज्ञात लोगों द्वारा जान से मारने की धमकी दी गई है। यह धमकी किसी सामान्य संदेश के जरिए नहीं, बल्कि डाक के माध्यम से आए एक अनाम पत्र के जरिए दी गई है। पत्र में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया है और आतंकवादियों का हवाला देते हुए जल्द ही खत्म करने की बात कही गई है, उसने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। घटना के सामने आते ही पटना से लेकर दिल्ली तक प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय हो गया है और इस बात की गहनता से जांच की जा रही है कि आखिर इस खतरनाक साजिश के पीछे किसका हाथ हो सकता है।डाक से आए खत में लिखा था गंभीर संदेश, मंत्रालय से लेकर गृह सचिव तक तक पहुंची बातप्राप्त जानकारी के अनुसार, केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान के आधिकारिक पते पर एक गुमनाम पत्र प्राप्त हुआ था। जब इस पत्र को खोला गया तो उसमें अंग्रेजी में सीधे तौर पर जान से मारने की धमकी लिखी हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत उनके कार्यालय और मंत्रालय स्तर पर सख्त कदम उठाए गए। मंत्री के अतिरिक्त निजी सचिव की तरफ से केंद्रीय गृह सचिव को आधिकारिक पत्र लिखकर इस पूरे मामले की विस्तृत और उच्चस्तरीय जांच कराने का अनुरोध किया गया। इसके साथ ही इस गंभीर सुरक्षा खतरे की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, दिल्ली पुलिस कमिश्नर, सीआरपीएफ के महानिदेशक और बिहार के पुलिस महानिदेशक को भी आधिकारिक तौर पर दी गई ताकि समय रहते सभी जरूरी और एहतियाती कदम उठाए जा सकें।लोजपा (रामविलास) का सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बिहार डीजीपी से मिलाइस पूरी घटना के बाद से बिहार में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी रोष और चिंता का माहौल है। इसी कड़ी में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का एक सात सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में बिहार के पुलिस महानिदेशक यानी डीजीपी से मिलने पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा और मांग की कि केंद्रीय मंत्री की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की नए सिरे से समीक्षा की जाए और उसमें तुरंत बढ़ोतरी की जाए। नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि चिराग पासवान लगातार जनता के बीच रहकर जनसंपर्क और राजनीतिक दौरे करते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही या चूक बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। पार्टी ने पुलिस प्रशासन से यह भी मांग की कि पत्र में जिन मोबाइल नंबरों का जिक्र किया गया है या जहां से यह पत्र भेजा गया है, उसका जल्द से जल्द पर्दाफाश किया जाए।पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और सर्विलांस पर रखे गए संदिग्ध मोबाइल नंबरलोजपा नेताओं के साथ हुई इस उच्चस्तरीय बैठक के बाद पुलिस महकमे ने भी स्पष्ट कर दिया है कि वे इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं। बिहार के डीजीपी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि राज्य पुलिस इस मामले पर पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रही है। शुरुआती तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को धमकी भरे पत्र में कुछ मोबाइल नंबर हाथ लगे हैं, जिन्हें तुरंत प्रभाव से सर्विलांस पर डाल दिया गया है। साइबर सेल और स्थानीय खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर इस खत को भेजने वाला मुख्य शख्स कौन है और क्या इसके पीछे कोई सोची-समझी राजनीतिक या आपराधिक साजिश काम कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बहुत जल्द आरोपियों की पहचान कर ली जाएगी और कानून के मुताबिक उनके खिलाफ सबसे कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।सुरक्षा घेरे और आगामी राजनीतिक दौरों को लेकर बढ़ाई गई चौकसीवर्तमान में चिराग पासवान को देश में वीआईपी सुरक्षा का एक मजबूत दायरा मिला हुआ है, लेकिन इस ताजा धमकी के सामने आने के बाद उनके सुरक्षा इंतजामों को और अधिक चाक-चौबंद करने की मांग जोर पकड़ चुकी है। चूंकि उनकी पार्टी आगामी समय में विभिन्न राज्यों में अपने सांगठनिक विस्तार और चुनावी रणनीतियों पर काम कर रही है, इसलिए उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों और दौरों के दौरान सुरक्षा के अति-रिक्त प्रोटोकॉल लागू करने पर विचार किया जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर नेताओं की सुरक्षा और खुफिया तंत्र की सक्रियता को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। बहरहाल, पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक अपने नेता की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं और प्रशासन से यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि इस धमकी के पीछे छिपे असली चेहरे जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Sep 2026 10:53 pm

भारी बारिश के बाद बिहार में कई नदियों का बढ़ा जलस्तर, सोन बराज के 69 गेट खुले

बिहार में बीते 24 घंटों की मूसलाधार बारिश से कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिससे बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।

जागरण 2 Sep 2026 10:52 pm

एलजेपी का प्रतिनिधिमंडल बिहार के डीजीपी से मिला, चिराग पासवान की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की

Patna, 2 सितंबर . Union Minister और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद उनकी सुरक्षा बढ़ाने की मांग तेज हो गई है. एलजेपी (रामविलास) के सात सदस्यों वाले एक प्रतिनिधिमंडल ने Wednesday को बिहार के Police महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार से मुलाकात की और ... Read more

डेली किरण 2 Sep 2026 10:33 pm

‘कुछ दिनों तक मछली खाने में सावधानी बरतें’, नेपाल में आई त्रासदी के बाद बिहार सरकार की लोगों से अपील

Patna, 2 सितंबर . नेपाल में आई बाढ़ और भारी तबाही के बीच बिहार की नदियों में असामान्य और विशाल आकार की मछलियां बहकर पहुंचने की खबरों को लेकर राज्य Government ने लोगों से कुछ दिनों तक मछली का सेवन नहीं करने या सावधानी बरतने की अपील की है. Government की ओर से लोगों को ... Read more

डेली किरण 2 Sep 2026 9:18 pm

HUDCO Share: सरकारी कंपनी ने बिहार को ₹25000 करोड़ की फंडिंग का दिया ऑफर, इंडस्ट्रियल पार्क पर होगा खर्च

HUDCO Share:सरकारी कंपनी Housing and Urban Development Corporation Ltd (HUDCO) ने बिहार सरकार के साथ एक बड़ा समझौता किया है। इसके तहत HUDCO राज्य में इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए ₹25,000 करोड़ तक की फाइनेंशियल मदद देगी।पांच साल में मिलेगी फंडिंगयह रकम एक साथ जारी नहीं होगी। अगले पांच साल में जरूरत के हिसाब से अलग-अलग चरणों में फंड दिया जाएगा।इस पैसे का इस्तेमाल बिहार में इंडस्ट्रियल पार्क बनाने में होगा। इसमें जमीन खरीदना और उद्योगों के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना शामिल है।25 साल तक के लिए मिल सकता है लोनHUDCO राज्य सरकार की ओर से तय की गई एक संस्था को ₹25,000 करोड़ तक के टर्म लोन देगी। फंडिंग अलग-अलग चरणों में होगी।लोन की शर्तें भी लचीली होंगी। मोरेटोरियम की सुविधा मिल सकती है। लोन चुकाने के लिए 25 साल तक का समय दिया जा सकता है। समय से पहले लोन चुकाने का विकल्प भी होगा।IDA को जिम्मेदारी मिलीबिहार सरकार ने राज्य के Infrastructure Development Authority को इन प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी दी है। यह संस्था इंडस्ट्रियल पार्क के लिए जमीन खरीद और डेवलप कर सकती है।यहां उद्योगों के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया जाएगा। हर प्रोजेक्ट के लिए अलग समझौता होगा। उसमें फंडिंग की शर्तें और प्रोजेक्ट का दायरा तय किया जाएगा।तुरंत नहीं मिलेंगे ₹25,000 करोड़यह MoU ₹25,000 करोड़ तुरंत जारी करने का करार नहीं है। यह सिर्फ फंडिंग के लिए एक फ्रेमवर्क है। जरूरत के हिसाब से पांच साल में फंड जारी होगा। MoU तीन साल तक वैध रहेगा। इसकी हर साल समीक्षा की जाएगी।बुधवार को HUDCO का शेयर 0.11% की मामूली गिरावट के साथ ₹178.38 पर बंद हुआ।GDP Growth: सरकार ने 2.6% GDP ग्रोथ के दावे को खारिज किया, 7.8% को सटीक बतायाDisclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

मनी कण्ट्रोल 2 Sep 2026 8:52 pm

शादी के बाद पढ़ाया, नौकरी दिलाई... फिर क्यों छूट रहा साथ? बिहार में कोर्ट पहुंच रहे पति-पत्नी के झगड़े

फुलवारी शरीफ में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां पत्नियों की पढ़ाई और नौकरी में पति के सहयोग के बाद रिश्ते में दूरी बढ़ गई, जिससे विवाद पंचायत और शरिया अदालत तक पहुंच गए।

जागरण 2 Sep 2026 8:38 pm

SKMCH में ICU का कल स्वास्थ्य मंत्री निशांत करेंगे उद्घाटन:उत्तर बिहार के गंभीर मरीजों को फायदा, कैंसर अस्पताल का भी निरीक्षण होगा; आसपास के अतिक्रमण हटाए

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार 3 सितंबर को मुजफ्फरपुर के श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (SKMCH) का दौरा करेंगे। उनका कार्यक्रम दोपहर करीब 2 बजे शुरू होगा। इस दौरे के लिए जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंत्री अस्पताल परिसर में लगभग 2 घंटे रुकेंगे और शाम 4 बजे तक कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे। SKMCH के अधीक्षक डॉ. महेश प्रसाद ने स्वास्थ्य मंत्री के दौरे की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि उनके आने का पूरा कार्यक्रम तय हो चुका है। मंत्री के दौरे को देखते हुए अस्पताल परिसर में तेजी से रंग-रोगन, मरम्मत और साफ-सफाई का काम किया जा रहा है। अतिक्रमण को भी हटाया गया। स्वास्थ्य मंत्री SKMCH में बने 30 बेड वाले नए ICU का उद्घाटन करेंगे। इस नई सुविधा से उत्तर बिहार के गंभीर मरीजों को फायदा मिलने की उम्मीद है। उद्घाटन के बाद वे परिसर में ही 'टाटा मेमोरियल' की ओर से चलाए जा रहे कैंसर अस्पताल का जायजा लेंगे। वे वहां इलाज की सुविधाओं और व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। इमरजेंसी वार्ड से लेकर सामान्य वार्डों का भी निरीक्षण करेंगे मंत्री इमरजेंसी वार्ड से लेकर सामान्य वार्डों का भी निरीक्षण करेंगे। इसका मकसद मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं का सीधा आकलन करना है। निरीक्षण के आखिर में स्वास्थ्य मंत्री SKMCH के लेक्चर थिएटर में डॉक्टरों, मेडिकल कॉलेज के शिक्षकों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ बातचीत करेंगे। स्वास्थ्य मंत्री के आगमन पर मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। बुधवार को SKMCH परिसर और उसके आसपास की मुख्य सड़कों से अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की गई। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए एसडीओ (पूर्वी) आनंद उत्सव ने बताया कि वीआईपी दौरे और आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अतिक्रमण रोधी अभियान चलाया गया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। साथ ही, मेडिकल कॉलेज मार्ग पर यातायात बाधित न हो, इसके लिए पुलिस बल की तैनाती के साथ ट्रैफिक व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

दैनिक भास्कर 2 Sep 2026 8:00 pm

अगस्त में GST से बिहार ने की बंपर कमाई, तिजोरी में आए ₹13870 करोड़, 8% बढ़ा रेवेन्यू

चालू वित्तीय वर्ष में अप्रैल से अगस्त तक बिहार को जीएसटी से 13870 करोड़ रुपये मिले हैं, जो पिछले साल की समान अवधि से 8% अधिक है।

जागरण 2 Sep 2026 7:38 pm

फरक्का जल संधि पर बिहार के हितों की गारंटी, एस जयशंकर ने संजय झा को दिया क्या भरोसा?

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जदयू नेता संजय झा को आश्वासन दिया है कि फरक्का जल संधि के भविष्य पर फैसले लेते समय बिहार के पेयजल और औद्योगिक हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

जागरण 2 Sep 2026 7:34 pm

Bihar Floods: रोहतास में नाव से 100 लोगों का रेस्क्यू, सोन नदी में उफान से कई गांव जलमग्न

सोन नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से रोहतास जिले के तिलौथू प्रखंड में बाढ़ आ गई है। सरैयां समेत आसपास के कई गांव जलमग्न हो गए हैं। कई घरों में पानी घुसने के बाद बुधवार को 100 लोगों का नाव से रेस्क्यू किया गया।

लाइव हिन्दुस्तान 2 Sep 2026 7:11 pm

देवरिया के रहने वाले पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर के पहले CEO, ऑपरेशन सिंदूर के समय की इनकी कहानी जानिए

Ram Mandir CEO: 'ऑपरेशन सिंदूर' में अपनी भूमिका के लिए 'सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल' पाने वाले रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को श्री राम जन्मभूमि मंदिर का चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) चुना गया है। यह फैसला तब लिया गया जब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बुधवार को अयोध्या में हुई एक बैठक में CEO की नियुक्ति पर विचार विमर्श किया।इसके अलावा, ट्रस्ट ने तीन नए ट्रस्टी भी नियुक्त किए: दिल्ली के महेश भागचंदका (जो VHP के दिवंगत नेता अशोक सिंघल के रिश्तेदार हैं), अयोध्या के मदन मोहन पांडे और शिकोहाबाद की निर्मला यादव।भारतीय वायु सेना के सम्मानित पूर्व कमांडर अप्रैल 2026 में रिटायर हुए थे और अब वे मंदिर ट्रस्ट के कामकाज के विस्तार के साथ एक अहम प्रशासनिक भूमिका संभालेंगे।बता दें कि मिश्रा उन सीनियर मिलिट्री कमांडरों में शामिल थे जिन्हें 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान उनकी लीडरशिप के लिए सम्मानित किया गया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनकी शानदार सेवाओं और महत्वपूर्ण योगदान के लिए उन्हें 'सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल' से सम्मानित किया था।यह मेडल युद्ध, संघर्ष या सैन्य कार्रवाई के दौरान सबसे बेहतरीन सेवा के लिए दिया जाता है और यह भारत के सबसे बड़े युद्ध-कालीन मिलिट्री सम्मानों में से एक है।जितेंद्र मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर के हवाई हमलों के बारे में बतायाहाल ही में एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में, मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चलाए गए हवाई अभियान के बारे में बात की और बताया कि कैसे भारतीय सेना ने पाकिस्तान के अंदर काफी दूर मौजूद ठिकानों की पहचान की और उन पर हमला किया।उन्होंने एक ऑपरेशन का जिक्र करते हुए बताया कि करीब 314 किलोमीटर दूर स्थित एक टारगेट को नष्ट किया गया था। मिश्रा के मुताबिक, इस कार्रवाई के दौरान सिर्फ एक छोटा सा ऑपरेशनल निर्देश दिया गया और इसके बाद टारगेट को सफलतापूर्वक तबाह कर दिया गया।ऑपरेशन के बारे में बात करते हुए, मिश्रा ने प्लानिंग, सटीकता, टेक्नोलॉजी और सशस्त्र बलों की अलग-अलग शाखाओं के बीच तालमेल के महत्व पर जोर दिया। हालांकि, ऑपरेशन से जुड़ी कई बातें अभी भी गोपनीय रखी गई हैं।उनकी बातों से एयर कैंपेन की प्लानिंग और उसे अंजाम देने के बारे में कुछ खास जानकारी मिली, हालांकि, उन्होंने ऐसी कोई संवेदनशील जानकारी साझा नहीं की, जिसका सार्वजनिक किया जाना सुरक्षा के लिहाज से ठीक न हो।जितेंद्र मिश्रा का उत्तर प्रदेश से है खास कनेक्शनमिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भोपतपुरा के रहने वाले हैं, जो अयोध्या से सड़क मार्ग से लगभग तीन घंटे की दूरी पर है। वे एक मध्यम-वर्गीय परिवार से आते हैं और उनके पिता बतौर लेक्चरर काम करते थे।अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर में एक अहम प्रशासनिक पद संभालने के बाद अब उनका उत्तर प्रदेश से और खास जुड़ाव हो गया है।राम मंदिर ट्रस्ट के CEO के तौर पर जीतेंद्र मिश्रा क्या करेंगे?CEO के तौर पर, मिश्रा से उम्मीद है कि वे मंदिर ट्रस्ट के रोजमर्रा के कामकाज को संभालेंगे और इसके बढ़ते हुए ऑपरेशन्स में तालमेल बिठाएंगे।उनकी जिम्मेदारियों में तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाएं, वित्तीय इंतजाम, स्टाफ के बीच तालमेल, सुरक्षा से जुड़ा तालमेल और बड़े धार्मिक आयोजनों का प्रबंधन शामिल हो सकता है।अपने मिलिट्री करियर के दौरान बड़े संगठनों को संभालने, ऑपरेशनल प्लानिंग और तालमेल बिठाने का उनका अनुभव इस भूमिका के लिए काम का साबित हो सकता है।रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा कौन हैं?रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (SYSM, AVSM, VSM) भारतीय वायु सेना के पूर्व अधिकारी हैं, जिन्होंने वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के तौर पर काम किया है।रिटायरमेंट से पहले, मिश्रा ने इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशन्स) के डिप्टी चीफ के तौर पर काम किया। इससे पहले, उन्होंने इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में डिप्टी चीफ (डॉक्ट्रिन, ऑर्गनाइज़ेशन और ट्रेनिंग) के तौर पर भी काम किया था।मिश्रा को 6 दिसंबर, 1986 को एयर फोर्स एकेडमी से ट्रेनिंग पूरी करने के बाद भारतीय वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन किया गया था।जीतेंद्र मिश्रा का 38 साल का IAF करियरमिश्रा का मिलिट्री करियर 38 साल से ज्यादा का रहा, जिसमें उन्होंने 3,000 घंटे से ज्यादा की फ्लाइंग का अनुभव हासिल किया।उन्होंने 18 से ज्यादा तरह के फाइटर और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर उड़ाए और फाइटर पायलट, फाइटर कॉम्बैट लीडर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट के तौर पर काम किया। उन्होंने कई इंस्ट्रक्शनल और स्टाफ पद भी संभाले।स्क्वाड्रन लीडर के तौर पर, मिश्रा उस टीम का हिस्सा थे जिसने कारगिल युद्ध की शुरुआत में मिराज 2000 एयरक्राफ्ट पर लेजर-गाइडेड बमों को ऑपरेशनल किया था। इन हथियारों का इस्तेमाल बाद में ऑपरेशन सफेद सागर के दौरान टाइगर हिल और मुंथो ढालो पर हमलों में किया गया था।कारगिल युद्ध में जीतेंद्र मिश्रा की भूमिकाIAF में अपने करियर के दौरान मिश्रा ने कई अहम ऑपरेशनल जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने ईस्टर्न सेक्टर में एक फाइटर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर के तौर पर काम किया और बाद में विंग कमांडर के पद पर रहते हुए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के नासिक डिवीन में चीफ टेस्ट पायलट बने।ग्रुप कैप्टन के तौर पर, उन्होंने एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टेब्लिशमेंट में चीफ टेस्ट पायलट और नई दिल्ली में एयर हेडक्वार्टर में ऑपरेशनल प्लानिंग एंड असेसमेंट ग्रुप के डायरेक्टर के तौर पर काम किया।जून 2010 में, फ्रांस में होने वाली मल्टीनेशनल एयर एक्सरसाइज 'गरुड़ IV' में भारतीय वायु सेना की टुकड़ी का नेतृत्व करने के लिए मिश्रा को चुना गया।जीतेंद्र मिश्रा की सीनियर IAF पोस्टिंगएयर कमोडोर के तौर पर, मिश्रा ने एयर फोर्स स्टेशन बरेली में 15 विंग और एयर फोर्स स्टेशन पठानकोट में 18 विंग की कमान संभाली।बाद में उन्होंने एयर हेडक्वार्टर में एयर कमोडोर (एयर स्टाफ रिक्वायरमेंट्स) के तौर पर काम किया।एयर वाइस मार्शल के पद पर प्रमोट होने के बाद, मिश्रा ने एयर हेडक्वार्टर में असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (प्रोजेक्ट्स) और एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टेब्लिशमेंट के कमांडेंट के तौर पर काम किया।ऑपरेशन सिंदूर में जीतेंद्र मिश्रा की भूमिकामिश्रा को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनकी भूमिका के लिए 2025 में स्वतंत्रता दिवस पर 'सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल' से सम्मानित किया गया था।उन्हें मिले अन्य सम्मानों में 2024 में मिला 'अति विशिष्ट सेवा मेडल' (AVSM) और 2013 में मिला 'विशिष्ट सेवा मेडल' (VSM) शामिल हैं।'सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल' ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनकी बेहतरीन सेवा को मान्यता दी और उनके करियर में मिले सैन्य सम्मानों की लंबी सूची में एक और सम्मान जोड़ा।जीतेंद्र मिश्रा वेस्टर्न एयर कमांड के प्रमुख कब बने?मिश्रा को एयर मार्शल के पद पर प्रमोट किया गया और उन्होंने 9 जनवरी, 2023 को इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (डॉक्ट्रिन, ऑर्गनाइज़ेशन और ट्रेनिंग) के डिप्टी चीफ के तौर पर कार्यभार संभाला।इसके बाद, 5 दिसंबर, 2023 को वे इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशन्स) के डिप्टी चीफ बने।1 जनवरी, 2025 को मिश्रा ने वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पद संभाला। उन्होंने एयर मार्शल पंकज मोहन सिन्हा की जगह ली, जो 31 दिसंबर, 2024 को रिटायर हुए थे।बता दें कि 38 साल से ज्यादा के करियर के बाद, मिश्रा अप्रैल 2026 में इंडियन एयर फोर्स से रिटायर हुए।यह भी पढ़ें:Bihar Mystery Fish: नेपाल की बाढ़ के साथ बिहार पहुंची अजीब मछलियां, इनको खाते ही हो रहीं बड़ी दिक्कतें! सरकार ने अब ये बताया

ज़ी न्यूज़ 2 Sep 2026 6:26 pm

Bihar में शुरू हुआ 'आपके दरवाजे पर दवा' अभियान, 6 करोड़ लोगों की होगी Health Screening

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 2 सितंबर को जांच और इलाज – आपके दरवाजे पर दवा अभियान की शुरुआत की। इस अभियान का मकसद लगभग छह करोड़ लोगों की जांच करना और हर नागरिक का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड बनाना है। यह अभियान 30 नवंबर तक चलेगा और इसका उद्घाटन पटना के राजवंशी नगर स्थित एनर्जी ऑडिटोरियम में किया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, इस अभियान के तहत सभी 38 जिलों में जागरूकता रथ भेजे गए। इसे भी पढ़ें: राहुल गांधी के खिलाफ FIR लोकतंत्र पर हमला: DK Shivakumar बोले- LoP को दलितों के लिए आवाज उठाने का हक मुख्यमंत्री चौधरी ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस अभियान पर बारीकी से नज़र रखें और इसे सफलतापूर्वक लागू करना सुनिश्चित करें। उन्होंने समय पर जांच के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा कि समय पर जांच से बीमारी का पता लगाना और बेहतर इलाज संभव हो पाता है; स्वस्थ परिवार ही समृद्ध बिहार की नींव हैं। CMO ने बताया कि ज़िला अस्पतालों में 45 तरह की सर्जरी शुरू हो गई हैं, जिससे ज़िला अस्पतालों से बड़े अस्पतालों में मरीज़ों को रेफर करने की संख्या में कमी आई है। सर्जरी की संख्या में काफ़ी बढ़ोतरी हुई है; जून में यह संख्या 2,428 थी, जो इस महीने बढ़कर 8,000 से ज़्यादा हो गई है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने मिशन कायाकल्प शुरू करने की घोषणा की। यह प्रोग्राम राज्य भर में स्वास्थ्य संस्थानों को बेहतर और मज़बूत बनाने के लिए बनाया गया है। इस अभियान का मकसद लोगों के घर के पास स्वास्थ्य जांच और इलाज की सुविधाएँ पहुँचाना और बिहार की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को मज़बूत करना है। 1 सितंबर को चौधरी ने घोषणा की कि मोतिहारी में बंद पड़ी चीनी मिल को फिर से शुरू करने का काम जल्द ही शुरू होगा, साथ ही पूर्वी चंपारण ज़िले के लिए कई विकास परियोजनाएँ भी शुरू की जाएँगी। मोतिहारी में बापूधाम महोत्सव के दौरान, उन्होंने ज़िले के लिए 285 करोड़ रुपये की लागत वाली 145 विकास योजनाओं का शिलान्यास या उद्घाटन किया। इसे भी पढ़ें: Mehbooba Mufti ने प्रशासन पर साधा निशाना, NC और BJP के प्रदर्शनों पर उठाए सवाल CMO के अनुसार, योजनाओं में बरियारपुर में एक मेडिकल कॉलेज बनाना और मोतिहारी में एक तारामंडल (प्लेनेटेरियम) का काम शुरू करना शामिल है। इसके अलावा, लोगों की मांग को देखते हुए, पिपराकोठी के लिए पहले प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालय को अब बरियारपुर में स्थापित किया जाएगा। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 2 Sep 2026 6:07 pm

Bihar Politics : प्रशांत किशोर ने भाजपा को दिया झटका, डा. सुरेंद्र राय जन सुराज में शामिल

भाजपा के पूर्व नेता और दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से रनर-अप रहे डॉ. सुरेंद्र प्रसाद राय जन सुराज में शामिल हो गए हैं। प्रशांत किशोर ने दरभंगा में पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर आगामी विधान परिषद चुनावों की रणनीति पर चर्चा की।

जागरण 2 Sep 2026 5:02 pm

देशभर में बारिश का कहर: उत्तराखंड में 12 मौतें, बिहार में बाढ़ का खतरा; MP का चित्रकूट डूबा, यूपी में फिर धंसा गंगा एक्सप

देश के कई राज्यों में मानसून एक बार फिर आफत बन गया है। उत्तराखंड से लेकर बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। कहीं नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं तो कहीं सड़कें और बाजार पानी में डूब गए हैं। उत्तराखंड में 12 लोगों की मौत, 172 सड़कें बंद। बिहार में गंगा उफान पर, पटना में बाढ़ का खतरा। यूपी में गंगा एक्सप्रेसवे पर 7 फीट गहरा गड्ढा। चित्रकूट में मंदाकिनी का रौद्र रूप, 400 दुकानें डूबीं।

तहलका 2 Sep 2026 4:57 pm

उत्तर भारत में बारिश का कहर: उत्तराखंड में 12 मौतें, वीडियो में जाने बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ा; यूपी-एमपी में भी हालात बिगड़े

उत्तर भारत में बारिश का कहर: उत्तराखंड में 12 मौतें, वीडियो में जाने बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ा; यूपी-एमपी में भी हालात बिगड़े

समाचार नामा 2 Sep 2026 4:06 pm

Bihar Teacher Recruitment 4.0: 21 सितंबर से शुरू होंगे बिहार टीआरई 4 के लिए आवेदन? सरकार ने बढ़ाए म्यूजिक टीचर के पद

Bihar Teacher Recruitment 4.0: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने जल्द ही स्कूल शिक्षक भर्ती परीक्षा के चौथे चरण (TRE-4.0) की शुरुआत कर सकता है। आयोग ने मंगलवार शाम को बताया कि चौथे चरण की स्कूल शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन 21 सितंबर से शुरू हो सकता है। बिहार टीआरई 4.0 के लिए आवेदन की शुरुआत एक औपचारिक संशोधित विज्ञापन जारी होने और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में जरूरी बदलावों के बाद हो सकता है।यह अपडेट बीपीएससी के आधिकारिक एक्स हैंडल पर उपलब्ध था। ट्वीट में लिखा है, एडवरटाइजमेंट नंबर-14/2026, चौथे फेज के स्कूल टीचर रिक्रूटमेंट एग्जामिनेशन (TRE-4.0) के तहत, स्कूल टीचर के पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया, संशोधित विज्ञापन और ऑनलाइन आवेदन में जरूरी बदलावों के बाद, तारीख-21.09.2026 से शुरू होने की संभावना है।बीपीएससी टीआरई भर्ती प्रक्रिया में अलग-अलग स्कूल स्तर पर 32388 टीचिंग पद शामिल होंगे। कुल वैकेंसी में से, क्लास 1 से 5 के लिए 3,847 पोस्ट, क्लास 6 से 8 के लिए 8,563, क्लास 9 और 10 के लिए 3,877, और क्लास 11 और 12 के लिए 16,101 पोस्ट तय की गई हैं। विज्ञापन संख्या-14/2026, चतुर्थ चरण के विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा (TRE-4.0) के तहत विद्यालय अध्यापक के पदों पर नियुक्ति हेतु संशोधित विज्ञापन एवं ऑनलाइन आवेदन में आवश्यक संशोधनोपरान्त विद्यालय अध्यापक के पदों पर नियुक्ति हेतु आवेदन प्रक्रिया दिनांक-21.09.2026 से प्रारंभ होने… pic.twitter.com/5eEoBGjVBj— Bihar Public Service Commission (@BPSCOffice) September 1, 2026 राज्य भर के सरकारी स्कूलों में 32,388 टीचर पदों को भरने के उद्देश्य से बीपीएससी टीआरई 4.0 आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। इससे पहले, 31 अगस्त को, बीपीएससी ने टीआरई 4.0 के लिए आवेदन प्रक्रिया को टालने का ऐलान किया था। जबकि आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होने वाला था।आधिकारिक रिलीज में कहा गया था, शिक्षा विभाग, बिहार के अंतर्गत 1 सितंबर से शुरू होने वाले चौथे चरण के स्कूल शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4.0) के तहत स्कूल शिक्षकों के कुल 32,388 खाली पदों पर नियुक्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रोसेस में बदलाव की वजह से टाल दिए गए हैं। इस विज्ञापन से जुड़ी तारीख की घोषणा जल्द ही की जाएगी। शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक राज्य के ढेरों उम्मीदवार कई मुख्य मांगों को लेकर विरोध कर रहे थे। इसमें एग्जाम पैटर्न में बदलाव और नेगेटिव मार्किंग लागू करना शामिल था। विरोध कर रहे उम्मीदवारों से बातचीत के बाद, राज्य सरकार ने हाल ही में घोषणा की कि टीआरई 4.0 एक ही चरण में आयोजित किया जाएगा।टीआरई 4.0 की वैकेंसी बढ़ाई गईराज्य सरकार ने उम्मीदवारों की म्यूजिक टीचर के पदों की संख्या बढ़ाने की मांग के बाद, पदों की संख्या 111 बढ़ा दी।IBPS RRB Recruitment 2026: 13000 से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए आईबीपीएस ने जारी किया नोटिफिकेशन, आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन शुरू

ज़ी न्यूज़ 2 Sep 2026 3:51 pm

बिहार की गंडक नदी में नेपाल से बहकर आईं अजीब विशालकाय मछलियां, जानिए क्यों प्रशासन ने जारी किया 'नो-ईटिंग' अलर्ट!

Bihar no eating fish alert: नेपाल में हाल ही में आई प्रलयंकारी बाढ़ और लैंडस्लाइड के बाद इसका सीधा असर भारत के सीमावर्ती राज्य बिहार पर दिखाई दे रहा है। नेपाल की नदियों से बहकर विशालकाय और असामान्य वजन वाली मछलियां उत्तर बिहार की गंडक (Gandak River) ...

वेब दुनिया 2 Sep 2026 3:06 pm

काम करते रहो, मैं बाहर देखता हूं...चीनी Supervisor ने 265 टनल वर्करों को मौत के मुँह में छोड़ा, खुद भाग निकला

26 अगस्त को इलाके में आई भयानक बाढ़ से बच निकले एक वर्कर के मुताबिक, नेपाल के त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाला एक चीनी सुपरवाइज़र टनल के अंदर मिली अचानक चेतावनी की जांच करने के लिए बाहर गया था, लेकिन कभी वापस नहीं लौटा। टनल नंबर 3 से बच निकलने वाले कर्मचारियों में से एक, राज छेत्री ने बताया कि जब यह हादसा हुआ, तो अंदर करीब 265 लोग काम कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ज़बरदस्त बाढ़ आने से कुछ देर पहले ही कर्मचारियों को कुछ गड़बड़ होने का एहसास हो गया था। इसे भी पढ़ें: UNGA जाएंगे PM Balen Shah: विनाशकारी बाढ़ के लिए भारत-चीन से मांगा Climate Damages छेत्री ने बताया कि अचानक टनल के अंदर ज़ोरदार आवाज़ हुई, जिससे ऐसा माहौल बन गया जैसे कोई बहुत तेज़ तूफ़ान आ गया हो। उन्होंने तुरंत चीनी सुपरवाइज़र को आगाह किया और बाहर जाने की इजाज़त मांगी। छेत्री के मुताबिक, सुपरवाइज़र ने कर्मचारियों से काम जारी रखने को कहा और कहा कि वह बाहर जाकर देखेंगे कि क्या हो रहा है। इसके बाद सुपरवाइज़र टनल से बाहर चले गए और, जैसा कि छेत्री ने आरोप लगाया, वे कभी वापस नहीं लौटे। इसे भी पढ़ें: Nepal से Bihar पहुंची 'Viral Fish', खाने से खतरा! Health Alert जारी त्रिशूली टनल में आई आफ़त से मची तबाही छेत्री ने बताया कि कुछ देर बाद ही टनल के ऊपर से पानी और मलबे का ज़बरदस्त बहाव नीचे आने लगा। खतरा भांपते ही, वे और उनके साथी बचने के लिए टनल के एंट्री गेट की तरफ़ भागे। चार वर्कर उनके साथ एंट्री गेट तक पहुँच पाए, लेकिन छेत्री ने बताया कि उनमें से दो अभी भी लापता हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर खतरे का पता चलते ही वर्करों को बाहर निकलने का आदेश दिया गया होता, तो कई जानें बचाई जा सकती थीं। छेत्री ने बताया कि बाढ़ के बाद टनल के अंदर कई लाशें पड़ी थीं, जबकि बाहर मौजूद वर्करों को कुछ आवाज़ें भी सुनाई दे रही थीं, जिनसे लग रहा था कि कुछ लोग अभी भी ज़िंदा हैं। उन्होंने हालात को बेहद दुखद बताया और कहा कि जो लोग बच पाए, उनके सामने एक मुश्किल चुनाव था - या तो वे दूसरों को बचाने की कोशिश करते या फिर अपनी जान बचाते।

प्रभासाक्षी 2 Sep 2026 2:27 pm

सिक्किम पर मंडराया GLOF का खतरा, 40 झीलें चिह्नित, 7 हाई रिस्क पर अलर्ट

नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने सिक्किम में 40 ऐसी ग्लेशियल झीलों की पहचान की है जिनसे बाढ़ का खतरा हो सकता है; इनमें से सात को ज़्यादा जोखिम वाली श्रेणी में रखा गया है। यह अलर्ट पड़ोसी देश नेपाल में ग्लेशियर से जुड़ी विनाशकारी बाढ़ के कुछ दिनों बाद जारी किया गया है, जिसमें 1,000 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई थी और हज़ारों लोग लापता हो गए थे। सिक्किम में पहचानी गई 40 खतरनाक झीलों में से 16 का वर्गीकरण किया गया है, जबकि 13 का वर्गीकरण अभी बाकी है। वर्गीकृत झीलों में से सात को ज़्यादा जोखिम वाला माना गया है। इसे भी पढ़ें: Nepal से Bihar पहुंची 'Viral Fish', खाने से खतरा! Health Alert जारी अधिकारियों ने बताया कि ज़्यादा जोखिम वाली 16 झीलों में से 13 का विस्तृत वैज्ञानिक मूल्यांकन किया गया है, और इनमें से ज़्यादातर झीलें लगभग 17,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित हैं। सिक्किम के साइंस और टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी संदीप ताम्बे ने बताया कि इन असेसमेंट में झील की गहराई, पानी की मात्रा, मोरेन की स्थिरता और एवलांच (बर्फ़ खिसकने) व लैंडस्लाइड (भूस्खलन) से होने वाले खतरों की जांच की गई। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood: भारत ने भेजी 5.5 टन दवाओं की पांचवीं खेप और बचाव दल सिक्किम ने सबसे ज़्यादा खतरे वाली कुछ झील प्रणालियों से होने वाले जोखिम को कम करने के लिए तीन बड़े उपाय सुझाए हैं। शाको चू (Shako Chu) में, जहाँ एक कमज़ोर टर्मिनल मोरेन के पीछे लगभग 27 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी जमा है, अधिकारियों ने झील के जलस्तर को 20 से 40 मीटर तक कम करने के लिए सोलर-पावर्ड पंपों का इस्तेमाल करने का प्रस्ताव दिया है। इस योजना से झील से लगभग 8 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी निकाला जाएगा, जिससे उस पानी की मात्रा कम हो जाएगी जो मोरेन के टूटने की स्थिति में नीचे की ओर बह सकता था। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 2 Sep 2026 2:06 pm

Bihar teacher recruitment 2026: 32,388 पदों पर नोटिफिकेशन इसी महीने हो सकता है जारी, चेक करें डिटेल्स

pc: kalinga tv बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) ने राज्य भर के सरकारी स्कूलों में 32,388 खाली टीचरों की भर्ती की घोषणा की है, एप्लीकेशन प्रोसेस 21 सितंबर से शुरू हो चुका है। यह भर्ती बिहार के एजुकेशन डिपार्टमेंट के तहत चौथा फेज़ है क्योंकि म्यूज़िक टीचर की खाली सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग की जा रही थी। खास टीचर की पोस्ट बढ़कर 111 हो गई है। पहले यह भर्ती 1 सितंबर को होनी थी, लेकिन बाद में यह घोषणा की गई कि भर्ती का एप्लीकेशन प्रोसेस टाल दिया जाएगा। भर्ती का एडवर्टाइजमेंट अभी जारी नहीं हुआ है, कहा जा रहा है कि यह जल्द ही आ जाएगा। एग्जाम पैटर्न में बदलाव और नेगेटिव मार्किंग शुरू करने जैसी कई खास मांगों को लेकर टीचर बनने के इच्छुक उम्मीदवारों के विरोध के कारण रजिस्ट्रेशन प्रोसेस टाल दिया गया था।

राजस्थान खबरे 2 Sep 2026 1:56 pm

मराठी में बोलते दिखे बिहार के सांसद, फडणवीस से बातचीत का वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर बिहार के एक सांसद का वीडियो वायरल हो रहा है, जो मराठी में बात कर रहे हैं. उनका फडणवीस से बातचीत का वीडियो वायरल है.

आज तक 2 Sep 2026 1:07 pm

Nepal से Bihar पहुंची 'Viral Fish', खाने से खतरा! Health Alert जारी

बिहार सरकार ने एक हेल्थ एडवाइज़री जारी की है। इसमें लोगों से कहा गया है कि वे नेपाल से बाढ़ के पानी के साथ राज्य के कुछ हिस्सों में बहकर आई अनजान या अजीब दिखने वाली मछलियों को न खाएं, न खरीदें और न ही बेचें। यह एडवाइज़री सोमवार को डेयरी, मत्स्य पालन और पशु संसाधन विभाग के मत्स्य पालन डिवीज़न ने जारी की। यह कदम तब उठाया गया जब ऐसी मछलियां खाने से कुछ लोगों के बीमार पड़ने की खबरें सामने आईं। इसे भी पढ़ें: Bihar के MP Devesh Thakur ने फडणवीस से मराठी में बात कर जीता दिल, Viral हुआ वीडियो अधिकारियों ने कहा कि बाढ़ मछलियों को तालाबों, नदियों, झीलों और पानी के अन्य स्रोतों से बाहर निकालकर दूर तक ले जा सकती है। इस दौरान, मछलियाँ प्रदूषित नालियों, मरे हुए जानवरों और दूसरी दूषित चीज़ों के संपर्क में आ सकती हैं, जिससे उनमें बैक्टीरिया, वायरस और फंगस के संपर्क में आने का खतरा बढ़ जाता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अनजान मछलियों को खाने के लिए सुरक्षित न मानें, जब तक कि संबंधित अधिकारियों ने उनकी सही पहचान न कर ली हो और उन्हें मंज़ूरी न दे दी हो। एडवाइजरी में लोगों से खास तौर पर कहा गया है कि वे बाढ़ के पानी से पकड़ी गई मछलियाँ न खाएँ और अनजान किस्म की मछलियाँ खरीदने या बेचने से बचें। ऐसी मछली खाने के बाद अगर किसी को उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चक्कर आना या साँस लेने में तकलीफ़ जैसे लक्षण दिखें, तो उन्हें सलाह दी गई है कि वे तुरंत नज़दीकी हेल्थ सेंटर या अस्पताल जाकर डॉक्टर को दिखाएँ। लोगों से यह भी कहा गया है कि अगर उन्हें कोई अजीब मछली दिखे, तो वे इसकी जानकारी अपने ज़िले के फ़िशरीज़ ऑफ़िसर या स्थानीय प्रशासन को दें। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर भरोसा न करें और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। इसे भी पढ़ें: SC Hearing on CJP: महाराष्ट्र और बिहार समेत 4 राज्यों ने मिलाया हाथ, प्रदर्शनकारियों की FIR पर बड़ी राहत नेपाल से बहकर आए पानी की वजह से आई भारी बाढ़ के बाद गंडक नदी और उसके बाढ़ वाले इलाकों में अनजान मछलियाँ देखे जाने की खबर के बाद यह चेतावनी जारी की गई है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर असामान्य रूप से बड़ी कैटफ़िश के वीडियो वायरल हुए हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 2 Sep 2026 12:52 pm

Bihar Flood: गंडक घर लील गई, गंगा गांवों में घुसी; बिहार की बाढ़ में रतजगा कर रहे लोग

Bihar Flood: पश्चिम चंपारण में गंडक नदी तबाही मचा रही है। कटाव की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नदी की धारा अब कई घरों से महज पांच कदम की दूरी तक पहुंच गई है। कटाव की जद में आए करीब दो दर्जन और घरों पर खतरा मंडरा रहा है।

लाइव हिन्दुस्तान 2 Sep 2026 12:22 pm

Banke Bihari Temple Mangla Aarti: जन्माष्टमी पर रात 1:45 बजे होंगे दर्शन, High Power Committee ने जारी किए Passes

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का बेहद नजदीक आ चुकी है। कान्हा के जन्मोत्सव के लिए लोग बड़े बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वहीं, मथुरा-वृंदावन में ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में भगवान श्री कृष्ण के जन्म के बाद होने वाली मंगला आरती को लेकर तैयारियां शुरु हो गई हैं। इस बार 4 और 5 सितंबर की मध्यरात्रि रात 1:45 बजे मंगला आरती होगी। गौरतलब है कि इस विशेष आरती के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालुओं के वृंदावन पहुंचने की उम्मीद है। मंदिर समिति के अनुसार, इस बार भी मंदिर में सिर्फ 600 श्रद्धालुओं को ही प्रवेश दिया जाएगा। इससे संबंधित हाई पावर कमेटी की तरफ से पास जारी किए जाएंगे। सुबह करीब 5:30 बजे मंदिर के पट बंद किए जाएंगे जब मंगला आरती संपन्न हो जाएगी तो आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में दर्शन खोल दिए जाएंगे। ठाकुर बांके बिहारी जी पूरी रात भक्तों को दर्शन देंगे। सुबह करीब 5.30 बजे मंदिर के पट बंद किए जाएंगे। फिर नियमित समय-सारिणी के अनुसार मंदिर में दर्शन होंगे। जन्माष्टमी के मौके पर वृंदावन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलती है। बैठक में सेवायतों ने पिछली मंगला आरती के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया है। सेवायतों ने बताया कि पिछली बार मंदिर के अंदर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी नजर आएं थे। इस कारण आरती के समय पुलिसकर्मियों की मौजूदगी भी चर्चा का विषय बन गया था। व्यवस्था में बदलाव होगा मंदिर के हाई पावर कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार ने कहा कि इस बार व्यवस्था में कुछ बदलाव किया जाएगा। मंदिर के अंदर पुलिसकर्मियों और सुरक्षा में तैनात सिक्योरिटी गार्ड की संख्या सीमित रखी जाएगी। जरुरत के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए मंदिर परिसर में विशेष निगरानी रखी जाएगी। बैठक में मुख्यमंत्री के आगमन पर मंदिर की व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई। इस दौरान कमेटी के सदस्य सेवानिवृत जिला जज मुकेश मिश्रा, सेवायत हिमांशु गोस्वामी, रजत गोस्वामी, शैलेंद्र गोस्वामी, शैंकी गोस्वामी और मंदिर प्रबंधक मुनीश शर्मा आदि मौजूद रहे। सेवायत और यजमान भी पास से कर सकेंगे प्रवेश जन्माष्टमी के मौके पर मंगला आरती की व्यवस्था को लेकर हुई हाईपावर्ड कमेटी की बैठक में प्रवेश व्यवस्था पर विशेष चर्चा हुई। तय किया गया कि मंगला आरती में शामिल होने वालों को कमेटी की तरफ से पास जारी किए जाएंगे। इसमें मंदिर के सेवायतों के साथ उनके यजमान भी शामिल रहेंगे। बिना पास के किसी भी मंगला आरती के दौरान मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। वहीं, मंगला आरती की कवरेज के लिए मंदिर पहुंचने वाले मीडिया कर्मियों के लिए भी पास की व्यवस्था लागू रहेगी।

प्रभासाक्षी 2 Sep 2026 10:56 am

शेयर कारोबार के 16 फर्जी ऐप और वेबसाइट, नामी कंपनियों के नाम का इस्तेमाल; बिहार में करोड़ों की ठगी का खेल

बिहार में साइबर ठग शेयर बाजार में निवेश के नाम पर ठगी कर कर रहे हैं। ठगों ने नामी कंपनियों के नाम पर फर्जी ऐप और वेबसाइट बना रखा है। हैरानी की बात यह भी है कि पुलिस ने इस संबंध में केस तो दर्ज किया है लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

लाइव हिन्दुस्तान 2 Sep 2026 10:17 am

झारखंड-बिहार के बीच 25 साल पुराना जल विवाद खत्म, सोन नदी के पानी का बंटवारा तय; झारखंड को 2 और बिहार को 5.75 MAF पानी

झारखंड-बिहार के बीच 25 साल पुराना जल विवाद खत्म, सोन नदी के पानी का बंटवारा तय; झारखंड को 2 और बिहार को 5.75 MAF पानी

समाचार नामा 2 Sep 2026 9:43 am

भागलपुर में गंगा का भीषण कटाव, नदी में समा गया दुर्गा मंदिर; हालात देखने बिहार लौटे डिप्टी CM

भागलपुर में गंगा का भीषण कटाव, नदी में समा गया दुर्गा मंदिर; हालात देखने बिहार लौटे डिप्टी CM

समाचार नामा 2 Sep 2026 9:36 am

निवेशकों को लुभाने में बिहार सबसे पीछे, पेटेंट में भी फिसड्डी; नीति आयोग की रिपोर्ट ने खोली विकास की पोल

निवेशकों को लुभाने में बिहार सबसे पीछे, पेटेंट में भी फिसड्डी; नीति आयोग की रिपोर्ट ने खोली विकास की पोल

समाचार नामा 2 Sep 2026 9:35 am

Bihar Monsoon: इस मानसून बिहार में बारिश कम वज्रपात ज्यादा, करोड़ों खर्च के बाद भी नहीं थमा मौतों का सिलसिला

Bihar Monsoon: बिहार में इस साल मानसून में बारिश भले ही कम हुई है लेकिन वज्रपात काफी ज्यादा हुआ है। वज्रपात को लेकर जागरुकता चलाने के बावजूद भी लोगों के मरने का सिलसिला नहीं थम रहा है।

लाइव हिन्दुस्तान 2 Sep 2026 9:14 am

Bihar Flood: शहर से टूटा संपर्क, फसल-सब्जी सब बर्बाद; गंगा-पुनपुन में उफान से पटना के दानापुर, मनेर दियारा में कोहराम

गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से पटना से सटे मनेर की चार पंचायतों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। प्रखंड की किता चौहत्तर पूर्वी, पश्चिमी, मध्य एवं मगरपाल पंचायत के एक दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है।

लाइव हिन्दुस्तान 2 Sep 2026 8:18 am

मानसूनी आफत : एमपी के चित्रकूट में मंदाकिनी उफान पर, 400 दुकानें डूबीं, उत्तराखंड में स्कूल बंद और बिहार के 14 जिलों में अलर्ट

राज्य में बारिश से जुड़े हादसों में 11 लोगों की जान चली गई है। मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर नैनीताल, अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों में सभी स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। हल्द्वानी में गौला नदी पूरे उफान पर है।

खास खबर 2 Sep 2026 8:01 am

बिहार: चार युवकों की शराब में जहर था; पुलिस ने बताया- किसने-क्यों मिलाया विष? पांचवें शख्स लाली पर आरोप

Bihar News: पटना में चार युवकों की मौत जहरीली शराब नहीं हुई, बल्कि साजिशन जहर दिया गया- 'अमर उजाला' ने पहले ही बताया था। अब सामने वही बात आ रही है, लेकिन केस की गवाही नहीं बल्कि प्रेम प्रसंग का एंगल पुलिस ने सामने रखा है। इसका विरोध भी हो रहा।

अमर उजाला 2 Sep 2026 7:56 am

शादी का झांसा देकर नाबालिग से रेप:इंस्टाग्राम से हुई दोस्ती, रायगढ़ से बिहार और ओडिशा ले जाकर रखा; आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़ में एक युवक पर 17 साल की नाबालिग को शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर घर से भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप है। आरोपी की नाबालिग से इंस्टाग्राम के जरिए दोस्ती हुई थी। इसके बाद वह उसे रायगढ़ से बिहार ले गया, जहां करीब 6-7 महीने तक साथ रखा। बाद में दोनों ओडिशा और फिर सारंगढ़ आकर रहने लगे। इस दौरान आरोपी ने शादी का झांसा देकर नाबालिग के साथ रेप किया। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामला चक्रधरनगर थाना क्षेत्र का है। 25 जनवरी को घर से लापता हुई नाबालिग दरअसल, 17 मार्च 2025 को नाबालिग के पिता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि बेटी 25 जनवरी 2025 को दोपहर में घर से बिना बताए कहीं चली गई थी। परिजनों और रिश्तेदारों के यहां तलाश करने के बाद भी उसका पता नहीं चला। जिस पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी पहचान जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि नाबालिग की पहचान इंस्टाग्राम के माध्यम से दिलेश्वर चौहान नामक युवक से हुई थी। दोनों के बीच कई महीनों तक इंस्टाग्राम पर मैसेज के जरिए बातचीत होती रही थी। पुलिस ने तलाश करते हुए नाबालिग को सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में आरोपी दिलेश्वर चौहान के पास से बरामद किया। पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि 25 जनवरी को युवक ने उसे मिलने के लिए बुलाया था। इसके बाद वह केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड पहुंची, जहां दिलेश्वर मिला। युवक ने शादी करने की बात कहकर उसे अपने साथ ले लिया। बिहार ले जाकर साथ रखा आरोपी नाबालिग को बस से बिहार के गया ले गया, जहां उसके माता-पिता ईंट भट्ठे में काम करते थे। इसके बाद करीब 6-7 महीने तक दोनों बिहार में रहे। बाद में दोनों सारंगढ़ क्षेत्र में लौट आए और साथ रहने लगे। इसके बाद आरोपी मजदूरी के लिए ओडिशा चला गया, जहां नाबालिग भी उसके साथ रहने लगी। बाद में दोनों आरोपी के सारंगढ़ स्थित गांव में आकर रहने लगे। नाबालिग ने पुलिस को बताया कि इस दौरान आरोपी ने शादी का प्रलोभन देकर उसके साथ रेप किया। आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजा मामले में पुलिस ने आरोपी दिलेश्वर चौहान के खिलाफ धारा 87, 65(1) बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत कार्रवाई की। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

दैनिक भास्कर 2 Sep 2026 7:48 am

Bihar Weather Today 2nd September: बिहार के पटना, बक्सर समेत कई जिलों में आज बारिश; मौसम का हाल

Bihar Weather Today 2nd September: बिहार में बारिश का दौर जारी है। राज्य के कई जिलों में बरस रही बारिश की बूंदों से फसलों को भी फायदा पहुंचा है। आज 12 जिलों में बारिश का अनुमान है।

लाइव हिन्दुस्तान 2 Sep 2026 7:44 am

'नेपाल से बहकर आई मछलियां बिल्कुल न खाएं', बिहार में जारी हुआ अलर्ट

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में गंडक नदी के किनारे नेपाल बाढ़ के बाद असामान्य मछलियां मिलने लगी हैं. प्रशासन ने लोगों को ऐसी मछलियां पकड़ने, बेचने और खाने से बचने की सलाह दी है. स्थानीय प्रशासन और मत्स्य विभाग ने सतर्कता बरतने और किसी भी अज्ञात मछली की पहचान कराकर ही उसे खाने की सलाह दी है.

आज तक 2 Sep 2026 7:37 am

सुब्रत के स्वदेशी जेट इंजन को सम्राट सरकार की हरी झंडी, बिहार में खुल सकेगी देश की पहली फैक्ट्री

सम्राट चौधरी सरकार ने नालंदा के रहटने वाले सुब्रत के स्वदेशी जेट इंजन को हरी झंडी दी है। अब अगर प्रोटोटाइप का परीक्षण सफल हुआ, तो वृहत पैमाने पर उत्पादन के लिए बिहार में देश की पहली जेट इंजन निर्माण फैक्ट्री लगाने का सपना पूरा हो सकेगा।

लाइव हिन्दुस्तान 2 Sep 2026 7:14 am

नेपाल त्रासदी: बिहार धार्मिक न्यास पर्षद ने पड़ोसी देश की मदद पर क्या कहा? रणवीर नंदन बोले- भारत संकटमोचक

Nepal Tragedy : बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ने नेपाल में बाढ़ से हुई त्रासदी पर भारत के रुख को 'संकटमोचक बताया है। पर्षद अध्यक्ष प्रो. रणवीर नंदन ने भारत के प्रयासों पर पीएम मोदी की सराहना की है।

अमर उजाला 2 Sep 2026 6:18 am

मानसून के 82 दिन में बिहार में 40% कम बारिश:12 दिन पहले विदा लेगा मानसून, जानिए सितंबर में कितनी होगी बरसात

बिहार में मानसून के तीन महीने बीतने के बाद बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी पीछे है। 31 अगस्त तक राज्य में 775.7mm बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन 469.3 mm बारिश हुई। यानी सामान्य से करीब 40% कम बारिश दर्ज की गई। इस साल मानसून की शुरुआत सामान्य समय के आसपास हुई, लेकिन इसके बाद लगातार कमजोर गतिविधि के कारण कम बारिश हुई। अब मानसून के अंतिम महीने सितंबर में भी बहुत बड़े सुधार के संकेत नहीं हैं। मानसून के 12 दिन पहले विदा होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक आनंद शंकर के मुताबिक, वैश्विक मौसमी परिस्थितियां इस बार मानसून के लिए ज्यादा अनुकूल नहीं रहीं। इस वजह से बिहार में मानसून कमजोर बना रहा। सितंबर में भी राज्य में बारिश का वितरण एक जैसा नहीं रहेगा। दक्षिण बिहार में सामान्य से ज्यादा, जबकि उत्तर बिहार में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। भास्कर की रिपोर्ट में जानिए, बीते तीन महीने में बारिश का ट्रेंड कैसा रहा? सितंबर में मौसम का मिजाज कैसा रहेगा? मानसून कमजोर रहने के 3 बड़े कारण क्या हैं? कम बारिश का खेती पर कितना असर पड़ा है? 11 जून को बिहार पहुंचा था मानसून इस बार बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 11 जून 2026 को दस्तक दी थी। समय से 4 दिन पहले मानसून बिहार पहुंचा था। शुरुआत के बाद कुछ समय तक बारिश की गतिविधियां बनी रहीं, लेकिन पूरे राज्य में लगातार और समान रूप से बारिश नहीं हो सकी। नतीजा जून से अगस्त तक बारिश सामान्य आंकड़े से काफी नीचे चली गई। IMD के अनुसार मानसून की वापसी सामान्य तौर पर सितंबर के बाद शुरू होती है और देश से पूरी तरह वापसी अक्टूबर के बाद होती है। तीन महीने में 40% कम बारिश बिहार में 1 जून से 31 अगस्त तक सामान्य बारिश 775.7mm होनी चाहिए थी। इसके मुकाबले सिर्फ 469.3mm बारिश दर्ज की गई। यानी राज्य में करीब 306.4 mm बारिश की कमी रही। सितंबर में उत्तर-दक्षिण बिहार का मौसम अलग रहेगा मौसम वैज्ञानिक आनंद शंकर के मुताबिक सितंबर में बिहार में मानसून की स्थिति बहुत मजबूत रहने की उम्मीद नहीं है। हालांकि राज्य के सभी हिस्सों में एक जैसा मौसम नहीं रहेगा। दक्षिण बिहार: सामान्य से ज्यादा बारिश के आसार हैं। इसमें 18 जिले (बक्सर, भोजपुर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, अरवल, पटना, गया, नालंदा, नवादा, जहानाबाद, शेखपुरा, लखीसराय, मुंगेर, जमुई, बांका, भागलपुर और बेगूसराय) शामिल हैं। उत्तर बिहार: सामान्य से कम बारिश की संभावना है। इसमें 20 जिले (पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा और खगड़िया) शामिल हैं। उत्तर बिहार में सितंबर में भी बारिश का वितरण असमान रहने की संभावना है। यानी किसी इलाके में अच्छी बारिश हो सकती है, जबकि कुछ जिलों में बारिश का इंतजार बना रह सकता है। मानसून कमजोर रहने के 4 बड़े कारण 1. अल नीनो का असर प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से ज्यादा रहने पर अल नीनो की स्थिति बनी। इसका असर भारत की मानसूनी हवाओं पर पड़ता है। इससे बारिश कम होती है। इस साल IMD ने भी मानसून के दौरान अल नीनो के और मजबूत होने का अनुमान जताया था। 2. मानसून के पक्ष में नहीं रहे ग्लोबल कंडीशन सिर्फ अल नीनो ही नहीं, बल्कि कई वैश्विक समुद्री और वायुमंडलीय परिस्थितियां इस साल मानसून के लिए ज्यादा अनुकूल नहीं रहीं। इससे मानसून की सक्रियता और बारिश वाले सिस्टम की ताकत प्रभावित हुई। 3. बारिश कराने वाले सिस्टम लगातार सक्रिय नहीं रहे बिहार में अच्छी बारिश के लिए निम्न दबाव क्षेत्र और मानसून ट्रफ जैसे सिस्टम का मजबूत रहना जरूरी है। इस बार ये सिस्टम लगातार सक्रिय नहीं रहे। इसलिए बारिश के बीच कई दिनों के लंबे गैप आए और मानसून कमजोर पड़ता गया। 4. बारिश का वितरण असमान रहा बारिश हुई भी तो पूरे बिहार में समान रूप से नहीं हुई। कुछ जिलों में अच्छी बारिश हुई, जबकि कई जिले लगातार कमी में रहे। जहां जरूरत थी, वहां पर्याप्त बारिश नहीं हुई। जहां हुई, वो भी राज्य के औसत आंकड़े को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं रही। इसी वजह से 31 अगस्त तक बिहार में सामान्य से करीब 40% कम बारिश दर्ज हुई। कम बारिश का सबसे बड़ा असर किसानों पर कम बारिश का सीधा असर खरीफ फसल पर पड़ा है। धान, मक्का समेत खरीफ फसलों को जिस समय पर्याप्त नमी और पानी की जरूरत होती है, उस दौरान बारिश कम होने से सिंचाई का खर्च बढ़ा। बारिश की कमी ज्यादा लंबी चली तो उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है। कम बारिश से भूजल पर निर्भरता बढ़ी। खेतों की सिंचाई के लिए किसानों ने ज्यादा ट्यूबवेल और पंप का इस्तेमाल किया। इससे भूजल स्तर पर दबाव बढ़ा है। कम बारिश से ये 3 बड़े नुकसान 1- किसानों को नुकसान: पर्याप्त बारिश नहीं होने के चलते धान की फसल प्रभावित हुई है। धान के पौधों को बढ़ने के लिए ज्यादा पानी चाहिए। सिंचाई का खर्च बढ़ा है। 2- पानी का संकट: बारिश कम होने से जमीन में पानी का रिचार्ज कम होगा। इसका असर आगे चलकर भूजल और पेयजल उपलब्धता पर पड़ सकता है। 3- प्रदूषण बढ़ने का खतरा: बारिश वातावरण की धूल और कई प्रदूषकों को साफ करने में मदद करती है। लंबे समय तक बारिश कम होने पर धूल और प्रदूषण की समस्या बढ़ सकती है। अब जानिए किस जिले में कितनी कम हुई बारिश जहानाबाद सबसे ज्यादा प्रभावित जहानाबाद में सामान्य 647.8 mm बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन सिर्फ 250.7 mm हुई। यानी 61% (397.1 mm) कम बारिश हुई। वहीं, किशनगंज में बिहार के जिलों में सबसे ज्यादा 942.2 mm बारिश हुई, फिर भी सामान्य 1391.7 mm के मुकाबले 32% कमी रही। दोनों जिलों में बारिश का अंतर 691.5 mm रहा। यह उत्तर-पूर्वी और दक्षिण बिहार के बीच बारिश के बड़े क्षेत्रीय अंतर को दिखाता है। पटना में सामान्य से करीब 50% कम बारिश बिहार में कमजोर मानसून का असर राजधानी पटना में भी साफ दिखाई दे रहा है। पटना में सामान्य तौर पर 683.6 mm बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन 31 अगस्त तक 345.1 mm बारिश हुई है। यानी सामान्य के मुकाबले करीब 338.5 mm कम बारिश दर्ज की गई है। पटना में इस बार सामान्य बारिश की करीब आधी यानी 50.5% बारिश ही हुई, जबकि बारिश में करीब 49.5% की कमी रही। राजधानी का यह आंकड़ा बताता है कि राज्य में मानसून की स्थिति कितनी कमजोर रही है।

दैनिक भास्कर 2 Sep 2026 5:36 am

क्या सच में आरक्षण सिर्फ 10 साल के लिए था?:अंबेडकर ने क्या नियम बनाया था, चिराग-मांझी-तेजस्वी जिसके लिए भिड़े उस रिजर्वेशन की कहानी

आरक्षण के मौजूदा प्रावधानों की समीक्षा हो या नहीं, इस पर बिहार में सियासी तकरार बढ़ गई है। चिराग पासवान और जीतन राम मांझी दलित कोटे में कोटा पर आमने-सामने हैं तो BJP के मंत्री लखेंद्र पासवान ने दोनों पर निशाना साधा है। वहीं, तेजस्वी यादव ने दोनों को जनरल सीट से चुनाव लड़ने का चैलेंज दे दिया है। जबकि, उनकी पार्टी RJD के बिहार अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल ने रिजर्वेशन में रिव्यू की मांग की है। रिजर्वेशन पर बढ़ते तकरार के बीच आज बूझे की नाही में…जानिए, दलित और OBC के बनने और देश में रिजर्वेशन लागू होने की कहानी…। 7 अगस्त 1990। दोपहर का वक्त। लोकसभा में तत्कालीन प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह (वीपी सिंह) अपना भाषण देने के लिए खड़ा हुए। उन्होंने भाषण की शुरुआत में ही अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए केंद्रीय नौकरियों में 27% आरक्षण लागू करने का ऐलान कर दिया। सीनियर जर्नलिस्ट नीरजा चौधरी की 'हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड' और रामचंद्र गुहा की 'इंडिया आफ्टर गांधी' किताब के मुताबिक… 'गोपालगंज टू रायसीना: माई पॉलिटिकल जर्नी' में RJD सुप्रीमो लालू यादव ने लिखा है... संकर्षन ठाकुर अपनी किताब 'Subaltern Saheb: Bihar and the Making of Laloo Yadav' में लिखते हैं, ‘उस वक्त वीपी सिंह की सरकार में शरद यादव कपड़ा प्रसंस्करण मंत्री तथा राम विलास पासवान श्रम एवं कल्याण मंत्री थे। दोनों लगातार सरकार पर मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू करने का दबाव बना रहे थे। जब देवी लाल ने सरकार से अलग होकर रैली का ऐलान किया, तो दोनों नेताओं ने वीपी सिंह को यह अहसास कराया कि मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू करने से उन्हें पिछड़े वर्गों का अटूट समर्थन मिलेगा, जिससे देवी लाल का दबदबा खत्म हो जाएगा।’ देशभर में हुआ विरोध, लेकिन नहीं झुकी सरकार 1989 लोकसभा चुनाव में मंडल कमीशन की सिफारिशें लागू करने का वादा करके सत्ता में आए वीपी सिंह ने जैसे ही इसे लागू किया पूरे देश में विरोध शुरू हो गया, लेकिन सरकार नहीं झुकी और 13 अगस्त को इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी। इसके बाद पूरे देश में आरक्षण विरोधी आंदोलन और तेज हो गए। वीपी सिंह के लिए लगने वाले नारे, 'राजा नहीं फकीर है, देश की तकदीर है' अब 'राजा नहीं रंक है, देश का कलंक है', में बदल चुके थे। एक विरोध प्रदर्शन में दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट राजीव गोस्वामी ने खुद को आग लगा ली। 16 नवंबर 1992 को सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की बेंच ने सरकार के इस फैसले पर मुहर लगा दी, जिसके बाद इसे पूरी तरह से लागू कर दिया गया। दरअसल… पूर्व राष्ट्रपति अपनी किताब 'द कोएलिशन इयर्स' में लिखते हैं… मंडल कमीशन ने दिसंबर 1980 में अपनी रिपोर्ट पेश की। इसमें विभिन्न धर्मों से करीब साढ़े तीन हजार पिछड़े समूह चिह्नित किए गए। कमीशन ने सरकारी नौकरियों में इन्हें 27% आरक्षण देने की सिफारिश की। अभिनव चंद्रचूड़ अपनी किताब 'दीज सीट्स आर रिजर्व्ड: कास्ट, कोट्स एंड द कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ इंडिया' में लिखते हैं... कमेटी ने किसी जाति को पिछड़े वर्ग से हटाने की भी व्यवस्था दी। इसके लिए पिछड़ा वर्ग बोर्ड बनाने के लिए 3 शर्तें रखी गईं.. बॉम्बे सरकार ने मई 1933 में कमेटी की सिफारिशें लागू कर दीं। पिछड़े वर्ग को 1945-46 तक मुख्यतः 4 लाभ दिए गए... साल 1934 में संबंधित विभाग की सालाना रिपोर्ट में शोषित वर्ग के लिए पहली बार 'अनुसूचित वर्ग' शब्द का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद भारत सरकार अधिनियम, 1935 में 'शोषित (अछूत) वर्ग' को 'अनुसूचित जाति' कहा गया। साथ ही अनुसूचित जातियों के लिए प्रांतीय विधान परिषदों में कुल 151 सीटें (पूना समझौते से तीन अधिक) और केंद्रीय विधायिका की 25 सीटें आरक्षित कर दी गईं। सरकारी नौकरियों में मुसलमानों के लिए 25% सीटें पहले से ही आरक्षित थीं। ऐसे में योग्यता के आधार पर अनुसूचित जातियों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण भी तय हुआ। …जब दलितों पर भिड़े गांधी और अंबेडकर दलितों को रिजर्वेशन देने के फैसले से पहले एक दिलचस्प वाक्या हुआ था। दरअसल, ब्रिटिश सरकार ने 16 अगस्त 1932 को दलितों को लिए अलग निर्वाचन मंडल की घोषणा की थी। इसके विरोध में महात्मा गांधी ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री रैमसे मैक्डोनाल्ड को लिखी चिट्टी में कहा कि वे अपनी जान देकर भी इसका विरोध करेंगे। आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की मांग बड़ी लंबी रही है। मंडल आयोग ने भी इसकी अनुशंसा की थी। 2019 में आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू होने से पहले 21 बार प्राइवेट मेंबर बिल लाया जा चुका था। नरसिम्हा राव सरकार ने भी 1992 में इसके लिए नोटिफिकेशन जारी किया था, लेकिन संविधान में आर्थिक आधार पर आरक्षण का प्रावधान न होने से सुप्रीम कोर्ट ने इसे निरस्त कर दिया था। मोदी सरकार ने इसके लिए 2019 में 103वां संविधान संशोधन किया। इससे संविधान में आर्टिकल 15(6) जोड़कर राज्य को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए कानून बनाने का अधिकार दिया गया। वहीं, आर्टिकल 16 (6) जोड़कर EWS को 10% आरक्षण देने का प्रावधान किया गया। सरकार के इस फैसले के खिलाफ भी सुप्रीम कोर्ट में 40 से अधिक याचिकाएं दाखिल हुईं। दलील दी गई कि EWS आरक्षण संविधान के मूल ढांचे के खिलाफ है, लेकिन नवंबर 2022 में फैसला सुनाते हुए संविधान पीठ ने इसे वैध घोषित कर दिया। 1947 में देश की आजादी के बाद भी आरक्षण की कहानी जारी रही। संविधान सभा में सवाल उठा कि आजादी के बाद आरक्षण की जरूरत क्या है? सभी देशवासी मिलकर देश चलाएंगे। आरक्षण के विरोध में उठते स्वरों को देख एक सलाहकार समिति गठित की गई। समिति ने विधानसभाओं में अनुसूचित जातियों को आरक्षण दिए जाने की सिफारिश की। चर्चा के दौरान मद्रास से निर्वाचित एस. नागप्पा ने कहा, 'मैं आरक्षण खत्म के लिए तैयार हूं, बशर्ते हरिजन परिवारों को 10 एकड़ दलदली और 20 एकड़ सूखी जमीन मिले। हरिजन बच्चों को यूनिवर्सिटी स्तर तक की शिक्षा फ्री हो। सिविल और सेना में प्रमुख पदों का पांचवां हिस्सा उन्हें दिया जाए।' संविधान सभा में आरक्षण देने के आधार पर भी बहस हुई। केएम मुंशी ने शैक्षणिक और सामाजिक रूप से पिछड़े लोगों को इसमें शामिल करने की मांग की। इन सबके बाद भी लंबी बहस चली और अंत में तय हुआ कि आर्थिक आधार पर आरक्षण देना ठीक नहीं है क्योंकि इसका उद्देश्य गरीबी हटाना नहीं बल्कि छुआछूत जैसे भेदभाव को खत्म करना है। संविधान सभा में तय हुआ कि जातियों को उनके सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन के आधार पर आरक्षण दिया जाएगा। अब सवाल था कि आरक्षण कब तक दिया जाना चाहिए? इस पर संविधान सभा के सदस्य हृदयनाथ कुंजरू ने कहा कि संविधान लागू होने के बाद 10 साल तक आरक्षण देने में कोई बाधा नहीं होगी, लेकिन ये प्रावधान हमेशा के लिए नहीं लागू होने चाहिए। समय-समय पर इसकी जांच होनी चाहिए कि पिछड़े तबके की स्थिति में बदलाव आ रहा है या नहीं। कुछ अन्य सदस्यों ने इस पर सहमति जताई। साथ ही राय दी कि जरूरत पड़ने पर इस अवधि को आगे बढ़ाने का भी प्रावधान हो। वहीं, कुछ सदस्यों का मत था कि आरक्षण हमेशा के लिए लागू किया जाए। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने इस पर अपना पक्ष रखते हुए कहा, 'मुसलमानों को 1892 से और ईसाईयों को 1920 से सुविधाएं मिली हुई हैं। अनुसूचित जाति को 1937 से ही कुछ लाभ मिल रहे हैं। इसलिए उन्हें ज्यादा लंबे वक्त सुविधाएं दी जानी चाहिए। चूंकि एक बार में 10 साल तक के लिए रिजर्वेशन का प्रस्ताव पास हो चुका है, तो मैं इसे स्वीकार करता हूं। हालांकि इसे बढ़ाने का ऑप्शन हमेशा रहना चाहिए।' इस तरह तय हुआ कि हर 10 साल बाद रिजर्वेशन की समीक्षा होगी और तय होगा कि इसे आगे जारी रखना है या नहीं। गौरतलब है कि 10 साल की यह व्यवस्था सिर्फ राजनीतिक आरक्षण यानी संसद और विधानसभा सीटों के लिए निर्धारित की गई है। नौकरी और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण की समय सीमा का उल्लेख संविधान में नहीं है।

दैनिक भास्कर 2 Sep 2026 5:35 am

MP के चित्रकूट में 400 दुकानें डूबीं:उत्तराखंड के कई जिलों में स्कूल बंद, बिहार के 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी खतरे के निशान से करीब 2 मीटर ऊपर बह रही है। रामघाट में करीब 400 दुकानें और 20-25 होटल डूब गए हैं। 36 गांवों को अलर्ट किया गया है। यूपी में सहारनपुर में भारी बारिश से बरसाती नदी में सैलाब आ गया। पुल और सड़कें डूब गईं। वहीं, चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का पानी घुटनों से ऊपर बह रहा है। 500 दुकानों और 20-25 होटलों में पानी भर गया है। बिहार के पटना में मंगलवार को हुई तेज बारिश से कई इलाकों में पानी भर गया। मौसम विभाग ने पटना समेत प्रदेश के 14 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड में मंगलवार को बारिश से जुड़ी घटनाओं में 11 लोगों की मौत हो गई। भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए नैनीताल, अल्मोड़ा और बागेश्वर में आज सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति देशभर से मौसम की तस्वीरें

दैनिक भास्कर 2 Sep 2026 5:05 am

नेपाल की बाढ़ से बिहार में आ पहुंची खतरनाक मछलियां, सरकार ने जारी की चेतावनी!

नेपाल की बाढ़ से बिहार में आ पहुंची खतरनाक मछलियां, सरकार ने जारी की चेतावनी!

अमर उजाला 2 Sep 2026 4:30 am

झोपड़ी में चल रही बच्चों की पढ़ाई, न बेंच-डेस्क न टॉयलेट, Bihar School का VIDEO वायरल

झोपड़ी में चल रही बच्चों की पढ़ाई, न बेंच-डेस्क न टॉयलेट, Bihar School का VIDEO वायरल

समाचार नामा 1 Sep 2026 9:15 pm

नेपाल की बाढ़ ने बढ़ाई बिहार की चिंता, शव-मलबा और दूषित पानी के साथ मंडराया महामारी का खतरा

बिहार में गंडक और कोसी नदियों के बढ़ते जलस्तर के साथ दूषित मलबा, मृत जीव और गंदगी आने से जलजनित व संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है.

NDTV इंडिया 1 Sep 2026 8:50 pm

बीसी राय ट्रॉफी: राजस्थान ने बिहार को 7-1 से हराया, हर्षवर्धन की हैट्रिक

नारायणपुर में आयोजित नेशनल जूनियर फुटबॉल चैंपियनशिप के पहले मैच में राजस्थान ने दबदबा बनाते हुए शानदार जीत के साथ अभियान शुरू किया।

प्रातःकाल 1 Sep 2026 7:45 pm

महिला ने दिल्ली से 3 साल के बच्चे को किया अगवा, बिहार से ढूंढ लाई पुलिस

दिल्ली पुलिस ने 3 साल के लापता बच्चे को बिहार के मुंगेर से बरामद किया है. सीसीटीवी के आधार पर पुलिस ने जांच की और आरोपी महिला को बच्चे समेत पकड़ लिया. महिला ने पूछताछ में बताया कि उसने बेटे की चाह में बच्चे को किडनैप कर लिया था. महिला ने बताया कि 6 बेटियों के बाद वो संतान पैदा नहीं कर पा रही थी जिसके बाद उसने ये कदम उठाया.

आज तक 1 Sep 2026 6:44 pm

देखते ही देखते गंगा में समा गया मंदिर, भागलपुर में हालात भयावह; दिल्ली की बैठक बीच में छोड़ बिहार लौटे डिप्टी CM

भागलपुर जिले के राघोपुर में गंगा के भीषण कटाव से मंगलवार को दुर्गा मंदिर नदी में समा गया। यहां गंगा नदी अंदर ही अंदर कटाव कर रही है। स्थिति भयावह बनी हुई है। डिप्टी सीएम विजय चौधरी दिल्ली में बैठक बीच में ही छोड़ बिहार लौट गए हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 1 Sep 2026 5:42 pm

Kal Ka Mausam 2 September: बिहार के 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, बिजली गिरने की भी चेतावनी

Kal Ka Mausam: बिहार में मानसून सक्रिय है और अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

जागरण 1 Sep 2026 5:40 pm

कल का मौसम: 2 सितंबर को होगी मूसलाधार बारिश! IMD ने दिल्ली, यूपी, बिहार समेत 15 से ज्यादा राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

Weather update for September 2nd: देश के अलग अलग इलाकों में मानसून के एक्टिव होने की वजह से भारी बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 सितंबर के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी किया है। IMD ने देश के 15 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मध्यम से मूसलाधार बारिश का अलर्ट दिया है। कम दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी प्रणालियों के चलते देश के मैदानी, पहाड़ी और तटीय इलाकों में 2 सितंबर को बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली कड़कने का खतरा बना रहेगा।उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनीमौसम विभाग के मुताबिक 2 सितंबर को उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का प्रकोप सबसे अधिक रहेगा। IMD ने इन तीनों राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में बिजली कड़कने और गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। इसे देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।दिल्ली, यूपी, बिहार और झारखंड समेत मैदानी राज्यों का हालदिल्ली समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी 2 सितंबर को बारिश की गतिविधियां तेजी पकड़ेंगी। मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इसके अलावा बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल और पूर्वी राजस्थान में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की आशंका व्यक्त की गई है।पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसमपहाड़ी क्षेत्रों की बात करें तो उत्तराखंड के अलावा हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में भारी बारिश के साथ-साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। वहीं पूर्वोत्तर भारत में भी मानसूनी बारिश का तांडव जारी रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक का दौर बना रहेगा।तटीय क्षेत्रों में तूफानी हवाओं की चेतावनी और समुद्र का हालदक्षिण भारत और तटीय इलाकों में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, ओडिशा और रायलसीमा में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और मजबूत सतही हवाएं चलने का अनुमान है।समुद्री गतिविधियों को लेकर IMD ने बताया है कि अरब सागर में सोमालिया व ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर व पूर्व-मध्य अरब सागर में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। इसी तरह बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और दक्षिण श्रीलंका से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन तटीय और समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है।

ज़ी न्यूज़ 1 Sep 2026 4:53 pm

अयोध्या मछली भोज विवाद: CM Yogi के बयान पर Ajay Rai ने किया मानहानि का केस, गरमाई UP की सियासत

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ लखनऊ के सिविल कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया है। अजय राय ने योगी के उस बयान को आधार बनाया है, जिसमें अयोध्या में आयोजित निषाद सम्मेलन के दौरान उनके मछली खाने को लेकर टिप्पणी की गई थी। अयोध्या में निषाद समुदाय के एक कार्यक्रम में मछली पकाए जाने का एक कथित वीडियो विवाद का केंद्र बन गया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य कांग्रेस प्रमुख अजय राय पर दावत में शामिल होने का आरोप लगाया था, जबकि विपक्ष के नेता ने उन्हें इसका सबूत दिखाने की चुनौती दी थी। इसे भी पढ़ें: UPA के 'Fragile Five' से 7.8% GDP ग्रोथ तक: Ravi Shankar Prasad ने PM Modi के आर्थिक प्रबंधन को सराहा राय पर दो तरह से हमला किया गया। पहला यह कि रविवार को हुई दावत अयोध्या में थी, जहाँ राम मंदिर के 15 किलोमीटर के दायरे में मांसाहारी भोजन पर रोक है। दूसरा यह कि यह हिंदू पवित्र महीने श्रावण (या सावन) के दौरान हुआ, जब कई श्रद्धालु मांस नहीं खाते हैं। राय ने हनुमानगढ़ी मंदिर के दर्शन किए और हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद उन्होंने राम मंदिर में पूजा की और अयोध्या जिले में ही लगभग 30 किलोमीटर दूर तरुन गए, जहाँ स्थानीय निषाद समुदाय की बैठक हो रही थी। इसे भी पढ़ें: SP MLC Lal Bihari Yadav के 'कुत्ते' वाले बयान पर UP Politics में बवाल, BJP ने लोकतंत्र का अपमान बताया रायबरेली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने राय पर निशाना साधा और कहा कि आपने कल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष का व्यवहार देखा। वे दर्शन के लिए हनुमानगढ़ी जाते हैं और बाहर आकर मछली की दावत का आनंद लेते हैं और फिर 'राम-राम' का नारा लगाते हैं। बेशर्मी की भी एक हद होती है। आपको मंदिर जाने के लिए किसने कहा? आप अयोध्या के बाहर जो चाहें खा सकते थे। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के व्यवहार से गिरगिट भी शर्मिंदा हो जाएगा। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 1 Sep 2026 4:27 pm

आईपीएल 2027 के मैच बिहार में नहीं हो पाएंगे, 8 साल में भी तैयार नहीं हुआ राजगीर स्टेडियम; कितना काम बाकी?

बिहार के राजगीर में बन रहा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम 8 साल के निर्माण कार्य के बाद भी पूरी तरह तैयार नहीं हो पाया है। इससे पूरी संभावना है कि अगले साल यानी 2027 में होने वाले आईपीएल के मैच यहां नहीं हो पाएंगे। बिहार के क्रिकेट प्रेमियों को आईपीएल आयोजन के लिए अभी और इंतजार करना होगा।

लाइव हिन्दुस्तान 1 Sep 2026 4:12 pm

सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म 'द वन' बिहार के सदियों पुराने इस मंदिर पर है बेस्ड, सूर्यास्त के बाद पुजारी भी नहीं रुकते

सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म द वन की कहानी बिहार के एक पुराने मंदिर पर बेस्ड है। जानें इस मंदिर के बारे में ऐसी बातें जिन्हें पढ़कर आप भी हैरान हो जाएंगे।

लाइव हिन्दुस्तान 1 Sep 2026 3:57 pm

तेजस्वी का सरकार पर हमला; बिहार में पुलिस राज का आरोप, आरक्षण को लेकर मांझी, चिराग पर साधा निशाना

Patna, 1 सितंबर . राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने Tuesday को एनडीए Government पर बिहार में Policeिया अत्याचार बढ़ने और आरक्षण के मुद्दे पर पिछड़े, दलित एवं वंचित वर्गों के साथ न्याय नहीं करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि बिहार को Police राज्य बनाने ... Read more

डेली किरण 1 Sep 2026 3:53 pm

जमुई में रोजगार मेला शुरू, 750 युवाओं को मिलेगा अवसर:DM नवीन ने किया उद्घाटन, 26 स्टॉल पर मिलेंगे रोजगार

जमुई में मंगलवार को एक दिवसीय जिला स्तरीय नियोजन-सह-व्यावसायिक मार्गदर्शन मेले का आयोजन किया गया। युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के तत्वावधान में जिला नियोजनालय, जमुई द्वारा आयोजित इस मेले का उद्घाटन जिलाधिकारी नवीन ने किया। इसका उद्देश्य जिले के बेरोजगार युवक-युवतियों को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और विभिन्न रोजगारपरक योजनाओं की जानकारी देना है। आयोजकों ने मेले में करीब 750 अभ्यर्थियों के चयन का लक्ष्य रखा है। रोजगार मेले से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. मौके पर ही ऑफर लेटर देने की व्यवस्था मेले में 26 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें विभिन्न कंपनियों और संस्थानों द्वारा तकनीकी एवं गैर-तकनीकी क्षेत्र, सेल्स, मार्केटिंग, मैन्युफैक्चरिंग सहित कई अलग-अलग पदों पर युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी नवीन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार मिलने से जमुई और बिहार की आर्थिक प्रगति होगी। जिला नियोजनालय के अनुसार, मेले में देश और राज्य की कई प्रतिष्ठित नियोजक कंपनियां भाग ले रही हैं। अभ्यर्थियों का चयन संबंधित नियोजकों द्वारा निर्धारित मापदंडों और साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को मौके पर ही ऑफर लेटर देने की व्यवस्था भी की गई है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं अभ्यर्थी मेले में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को अपने साथ शैक्षणिक एवं अन्य प्रमाण-पत्र, बायोडाटा और पासपोर्ट साइज फोटो लाने को कहा गया है। रोजगार मेले में भाग लेने के लिए बिहार रोजगार सेवा पोर्टल पर निबंधन की सुविधा भी उपलब्ध है। इच्छुक अभ्यर्थी https://detjob.bihar.gov.in/registration पर ऑनलाइन निबंधन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, रोजगार मेले में बिहार सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी देने के लिए भी स्टॉल लगाए गए हैं। अधिकारियों ने युवाओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में मेले में पहुंचकर उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाएं। जिला नियोजनालय ने स्पष्ट किया है कि यह रोजगार मेला पूर्णतः निःशुल्क है।

दैनिक भास्कर 1 Sep 2026 3:47 pm

गोपालगंज में गुड़ उद्योग लगाने पर 50% तक सब्सिडी:15 लाख रुपए तक मिलेगा अनुदान; भोरे-कटेया समेत 4 प्रखंडों के उद्यमियों को मिलेगा लाभ

गोपालगंज में गुड़ उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 'बिहार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम' शुरू किया गया है। इसके तहत जिले के चार प्रमुख प्रखंडों के चयनित गांवों में नई गुड़ उत्पादन इकाइयां स्थापित करने वाले निवेशकों को पूंजी लागत पर 50 प्रतिशत तक की वित्तीय सब्सिडी दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य गन्ना किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना है। 0.5 से 20 TCD क्षमता वाली इकाई पर 6 लाख तक अनुदान योजना के तहत गुड़ उत्पादन इकाइयों को उनकी पेराई क्षमता (TCD) के आधार पर दो श्रेणियों में बांटा गया है। लघु गुड़ इकाई की क्षमता 0.5 से 20 TCD तक होगी। ऐसी इकाइयों को कुल पूंजी लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 6 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। 21 से 40 TCD की इकाई पर 15 लाख तक सब्सिडी दूसरी श्रेणी में मध्यम गुड़ इकाई को रखा गया है, जिसकी क्षमता 21 से 40 TCD होगी। इन इकाइयों को कुल पूंजी लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 15 लाख रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा। गोपालगंज के इन 4 प्रखंडों में लागू होगी योजना यह योजना गोपालगंज जिले के चार प्रखंडों के चयनित गांवों में लागू की गई है। इनमें भोरे, कटेया, विजयीपुर और पंचदेवरी शामिल हैं। इन क्षेत्रों में गुड़ उत्पादन इकाइयां स्थापित होने से स्थानीय स्तर पर गन्ने की खपत बढ़ने की उम्मीद है। ऑनलाइन करना होगा आवेदन, प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी अपलोड करनी होगी इच्छुक निवेशक और उद्यमी गन्ना विकास विभाग के आधिकारिक पोर्टल CCS.bihar.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए 'गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम' के तहत नया पंजीकरण करना होगा। आवेदन के दौरान आवश्यक जानकारी, भूमि संबंधी दस्तावेज और प्रोजेक्ट रिपोर्ट अपलोड करनी होगी। विभागीय समीक्षा के बाद आवेदन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। किसानों को बेहतर मूल्य और युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर गोपालगंज के गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में गुड़ इकाइयों की स्थापना से किसानों को गन्ने का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है। साथ ही, स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इच्छुक उद्यमी समय रहते ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ उठा सकते हैं।

दैनिक भास्कर 1 Sep 2026 3:36 pm

नेपाल की बाढ़ से बिहार पहुंची अजीब मछलियां, खाने से बीमार पड़ने का खतरा; जानें लक्षण

प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बाढ़ के पानी में बहकर आईं अनजान या संदिग्ध दिखने वाली मछलियों को न पकड़ें, न खरीदें-बेचें और न ही उनका सेवन करें।

लाइव हिन्दुस्तान 1 Sep 2026 2:12 pm

नेपाल से बाढ़ में बहकर बिहार आईं रहस्यमयी मछलियां! प्रशासन ने इन्हें खाने से किया मना, जानिए इनसे क्या है खतरा

नेपाल में आई बाढ़ का असर भारत के कुछ राज्यों में भी दिखाई दे रहा है। बिहार के बगहा में बाढ़ के बाद प्रशासन ने लोगों को अनजान मछलियों से दूर रहने की सलाह दी है। ये मछलियों नेपाल से बाढ़ के पानी के साथ बहकर आई है। बाढ़ के पानी के साथ कुछ अनजान मछलियां स्थानीय तालाबों और दूसरे जलस्रोतों में पहुंच गई हैं। प्रशासन ने इन मछलियों को खाने से मना किया है। बिहार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ये सलाह जारी की है। ऐसी मछलियों को खाने के बाद कुछ लोगों के बीमार होने की शिकायत सामने आई है।नेपाल से आने वाली नदियों में पानी बढ़ने के कारण बगहा के कुछ इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और बाढ़ के पानी के साथ आई अनजान मछलियों को खाने से बचने की अपील की है।SDM ने जारी की एडवाइजरीबगहा की SDM चांदनी कुमारी ने ऐसी मछलियों को लेकर लोगों को सावधान किया है। यह चेतावनी उन खबरों के बाद जारी की गई, जिनमें इन मछलियों को खाने के बाद कुछ लोगों के बीमार होने की जानकारी सामने आई थी। प्रभात खबर की एक रिपोर्ट के मुताबिक SDM ने कहा, बाढ़ के पानी के साथ कुछ ऐसी मछलियां भी स्थानीय तालाबों और जलस्रोतों में पहुंच गई हैं, जो वहां आमतौर पर नहीं मिलतीं। अधिकारियों के अनुसार, इन मछलियों को खाने के बाद कुछ लोगों की तबीयत खराब होने की शिकायत सामने आई है। इसके बाद प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और बिना पहचान वाली मछलियों का सेवन न करने की सलाह दी है।क्यों नहीं खाना चाहिएअधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ के तेज पानी में मछलियां तालाब, नदी और झील जैसे अपने सामान्य स्थानों से दूर चली जाती हैं। इस दौरान उनका संपर्क गंदे नालों, मरे हुए जानवरों और अन्य दूषित चीजों से हो सकता है, जिससे उनमें हानिकारक बैक्टीरिया और दूसरे संक्रमण फैलाने वाले जीव मौजूद हो सकते हैं। इसलिए प्रशासन ने लोगों से बाढ़ के पानी से पकड़ी गई मछलियों को खाने मना किया है। विभाग के मुताबिक, जब तक बाढ़ का पानी पूरी तरह उतर नहीं जाता और इलाके के हालात सामान्य नहीं हो जाते, तब तक ऐसी मछलियों से दूरी बनाना ही सुरक्षित है।इन समस्याओं को नजरअंदाज ना करेंप्रशासन ने लोगों से अनजान मछलियां दिखने पर खुद कार्रवाई करने के बजाय इसकी सूचना मत्स्य अधिकारी या स्थानीय प्रशासन को देने की अपील की है। साथ ही, अफवाहों से बचने और बाढ़ के पानी से मिली चीजें खाने में सावधानी बरतने को कहा है। प्रशासन ने लोगों से कहा कि अगर अनजान मछली खाने के बाद उल्टी, दस्त, पेट में दर्द, चक्कर या सांस लेने में परेशानी जैसी शिकायत हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर घर पर ठीक होने का इंतजार करने के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल जाकर डॉक्टर से सलाह लें।

ज़ी न्यूज़ 1 Sep 2026 1:43 pm

BPSC TRE 4.0: आज से नहीं शुरू हो रहे हैं बीपीएससी टीआरई 4 के लिए आवेदन, आयोग जल्द जारी करेगा नई तारीख

BPSC TRE 4.0: बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा 4.0 (TRE 4.0) के लिए अवेदन प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद लगाए उम्मीदवारों के लिए यह खबर बड़ा झटका है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने टीआरई 4.0 के लिए आवेदन प्रकिया स्थगित कर दी है। 1 सितंबर से शुरू होने वाली शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया को बीपीएससी ने प्रोसिजरल बदलावों का हवाला देते हुए स्थगित कर दिया है। बीपीएससी टीआरई 4.0 के माध्यम से बिहार के स्कूलों में 32,388 शिक्षकों की भर्ती होनी है।आयोग ने अभी आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के लिए नई तारीख नहीं बताई है। आयोग की ओर से जारी आधिकारिक नोटिस में कहा गया है कि बीपीएएसी टीआरई 4.0 भर्ती 2026 के लिए आवेदन की नई तारीखें जल्द ही घोषित की जाएंगी। उम्मीदवारों को अपडेट के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in देखते रहना चाहिए। उम्मीद है कि आयोग अपने आधिकारिक भर्ती नोटिस के जरिए बदली हुई तारीखों की घोषणा करेगा। कैंडिडेट्स को अपने आवेदन जमा करने या भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी दूसरी तैयारी करने से पहले अपडेट के लिए बीपीएससी वेबसाइट देखते रहना चाहिए। ताजा नोटिस 31 अगस्त, 2026 का है, और इसे बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन, पटना के एग्जामिनेशन कंट्रोलर ने जारी किया है। विज्ञापन सं.-14/2026, चतुर्थ चरण के विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा (TRE-4.0) के तहत शिक्षा विभाग, बिहार के अन्तर्गत विद्यालय अध्यापक के कुल- 32,388 रिक्त पदों पर नियुक्ति हेतु ऑनलाइन आवेदन करने की निर्धारित प्रक्रिया, जो दिनांक - 01.09.2026 से प्रस्तावित है, प्रक्रियात्मक बदलाव… pic.twitter.com/PhjJT9dCZV— Bihar Public Service Commission (@BPSCOffice) August 31, 2026 22 सितंबर को शुरू होनी थी परीक्षाबिहार लोक सेवा आयोग ने पहले बताया था कि टीआरई 4.0 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होगी और 30 सितंबर 2026 अंतिम तिथि होगी। फीस पेमेंट विंडो एक दिन पहले, 29 सितंबर 2026 को बंद होने वाली थी। लिखित परीक्षा का आयोजन 22 से 27 सितंबर 2026 के बीच किया जाना था। आवेदन प्रक्रिया स्थगित करने के बाद अब पूरा शेड्यूल बदलेगा।क्या है बीपीएससी टीआरई 4.0?बीपीएससी टीआरई बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा का चौथा चरण है। इसे बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के तहत शिक्षक पदों को भरने के लिए आयोजित किया जाता है। इस भर्ती में कक्ष 1 से कक्षा 12 तक के शिक्षक पद शामिल हैं। आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को जरूरी एकेडमिक क्वालिफिकेशन के साथ वैलिड सीटीईटी, बीटीईटी, या एसटीईअी सर्टिफिकेट की जरूरत होती है।IOB SO Recruitment 2026: आईओबी करेगा जनरलिस्ट और स्पेशलिस्ट ऑफिसर के बंपर पदों पर भर्ती, जानें कैसे करना है आवेदन

ज़ी न्यूज़ 1 Sep 2026 1:00 pm

SP MLC Lal Bihari Yadav के 'कुत्ते' वाले बयान पर UP Politics में बवाल, BJP ने लोकतंत्र का अपमान बताया

समाजवादी पार्टी के MLC लाल बिहारी यादव की पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बारे में की गई एक विवादित टिप्पणी से उत्तर प्रदेश में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। उनके बयान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला सामने आया। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यादव ने कहा कि हालात चाहे जैसे भी हों, वोटर्स को अखिलेश यादव का समर्थन करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा इससे कोई फर्क नहीं पड़ता; अगर वह किसी कुत्ते के गले में भी घंटी बांध दें, तब भी आपको उन्हें ही वोट देना होगा, क्योंकि वही आपकी समस्याओं का समाधान करेंगे। उस व्यक्ति के बारे में भूल जाइए, वह व्यक्ति बहुत महान है। इन बयानों पर राजनीतिक पार्टियों की तीखी प्रतिक्रिया आई है; बीजेपी ने एसपी नेता पर लोकतंत्र का अपमान करने का आरोप लगाया है, जबकि समाजवादी पार्टी ने इस विवाद से खुद को अलग करने की कोशिश की है। इसे भी पढ़ें: Akhilesh Yadav का UP STF पर बड़ा हमला: बोले- यह 'स्वजातीय टॉर्चर फ़ोर्स' है बीजेपी नेता आलोक अवस्थी ने इस बयान को लेकर एसपी एमएलसी पर तीखा हमला बोला। अवस्थी ने कहा जल्द ही, सभी कुत्ते पट्टे बंधे हुए एसपी दफ्तर के बाहर खड़े होंगे। इससे ज़्यादा लोकतंत्र का अपमान कोई नहीं कर सकता। जनता हमें चुनावों में जवाब देगी। वहीं, एसपी नेता दीपक रंजन ने इस विवाद को ज़्यादा तूल नहीं दिया और कहा कि इस बयान को ज़रूरी नहीं कि पार्टी से ही जोड़ा जाए। रंजन ने कहा लोकतंत्र में जनता के पास रिकॉर्ड होता है कि कौन जीतता है, और हमें इस बात पर नहीं पड़ना चाहिए कि उन्होंने क्या कहा या क्या नहीं; ये उनके निजी बयान हो सकते हैं। इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने इस बयान पर बीजेपी की आपत्ति पर सवाल उठाए। इसे भी पढ़ें: यूपी में राजनीतिक इतिहास की सबसे भ्रष्ट सरकार चल रही है: अखिलेश यादव राजपूत ने कहा, बीजेपी को इस बयान से क्या दिक्कत है? वे आपस में बात कर रहे हैं। आपके नेताओं को ठाकुरों और पंडितों के दलित बनने से कोई दिक्कत नहीं है। बीजेपी को दूसरे नेताओं से दिक्कत है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब अखिलेश यादव ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले बूथ-स्तर पर अभियान शुरू किया है। वे बीजेपी सरकार पर तीखे हमले कर रहे हैं और इसे राज्य के इतिहास की सबसे भ्रष्ट सरकार बता रहे हैं। समाजवादी पार्टी (SP), जिसने 2022 के विधानसभा चुनावों में 111 सीटें जीती थीं, 2024 के लोकसभा चुनावों में मिली सफलता को आगे बढ़ाना चाहती है। लोकसभा चुनावों में पार्टी 37 सीटों के साथ उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी।

प्रभासाक्षी 1 Sep 2026 12:44 pm

Sleeper Bus में Teenager से Gangrape! Rahul Gandhi का सरकारों पर वार, कहा- पर्दे बस में नहीं, नाकामियों पर हैं

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जा रही एक स्लीपर बस में 17 साल की लड़की के साथ कथित गैंगरेप की घटना को लेकर केंद्र, दिल्ली और उत्तर प्रदेश सरकारों की आलोचना की। गांधी ने इस बात पर पुलिस की नाकामी की आलोचना की कि स्लीपर बर्थ पर पर्दे लगे होने के बावजूद बस को किसी भी चेकपॉइंट पर नहीं रोका गया। उन्होंने इसे दिल्ली में 2012 के निर्भया मामले के बाद भी महिलाओं की सुरक्षा करने में सरकार की अक्षमता का सबूत बताया। इसे भी पढ़ें: SP MLC Lal Bihari Yadav के 'कुत्ते' वाले बयान पर UP Politics में बवाल, BJP ने लोकतंत्र का अपमान बताया X पर एक पोस्ट में गांधी ने लिखा कि दिल्ली-NCR महिलाओं के लिए इतना असुरक्षित हो गया है कि ग्रेटर नोएडा से दिल्ली आ रही एक स्लीपर बस में एक नाबालिग लड़की के साथ 47 किलोमीटर तक गैंगरेप हुआ। हैरानी की बात है कि न तो दिल्ली पुलिस और न ही नोएडा पुलिस को इसकी ज़रा भी भनक लगी। यह बस नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, दिल्ली की रिंग रोड और बॉर्डर से गुज़री, लेकिन किसी भी चेकपॉइंट पर इसे एक बार भी नहीं रोका गया। उन्होंने बताया कि बस की सीटों पर पर्दे लगे हुए थे ताकि अंदर क्या हो रहा है, यह कोई देख न सके। उन्होंने आगे कहा कि और अपराधियों को प्रशासन का ज़रा भी डर नहीं था। निर्भया कांड के इतने सालों बाद और ऐसी कई घटनाओं के बावजूद, ऐसी बसों की चेकिंग और निगरानी के नियमों का पालन क्यों नहीं किया जा रहा है? वे पर्दे सिर्फ़ उस एक बस में नहीं लगे थे – वे सरकार द्वारा प्रशासन की नाकामियों पर साल-दर-साल डाले गए पर्दों का नतीजा हैं, जिसकी वजह से महिलाएं देश की राजधानी में सुरक्षित सफ़र भी नहीं कर पा रही हैं। अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि केंद्र और राज्य सरकारों के इस सिस्टम को ठीक करने से पहले और कितनी महिलाओं और लड़कियों को यह सब सहना पड़ेगा? क्या अमित शाह के अंडर दिल्ली पुलिस या आदित्यनाथ के अंडर यूपी पुलिस की कोई जवाबदेही तय होगी? बिल्कुल नहीं — इस अपराध पर भी बस पर्दा डाल दिया जाएगा। 17 साल की लड़की ने आरोप लगाया कि 4 अगस्त की रात उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से नोएडा जाते समय बस के अंदर उसके साथ गैंगरेप किया गया। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में बस ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood में साड़ी बनी की लाइफलाइन, 21 कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रियों की ऐसे बचाई जान नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस (DCP) निहारिका भट्ट ने बताया कि आरोपी ने लड़की को रिंग रोड पर उतार दिया था, जिसके बाद वह कश्मीरी गेट ISBT पुलिस स्टेशन पहुँची। बताया जा रहा है कि स्लीपर बस में चढ़ने से पहले, भारी बारिश और अंधेरे के कारण वह ग्रेटर नोएडा के परी चौक के पास उतर गई थी। बाद में लड़की को दिल्ली में कश्मीरी गेट बस टर्मिनल के पास छोड़ दिया गया। भट्ट ने कहा कि पूछताछ के दौरान पता चला कि वह यूपी के मैनपुरी से नोएडा के सेक्टर 63 में अपने एक रिश्तेदार के घर जा रही थी। रेप की घटना परी चौक (ग्रेटर नोएडा) और नोएडा के सेक्टर 63 के बीच रास्ते में हुई। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। दिल्ली NCR महिलाओं के लिए इतना असुरक्षित हो चुका है कि एक नाबालिग बच्ची के साथ एक स्लीपर बस में 47 किलोमीटर तक गैंगरेप हुआ - ग्रेटर नोएडा से दिल्ली तक। हैरानी की बात है कि पूरी दिल्ली या नोएडा पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। यह बस नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, दिल्ली का रिंग… pic.twitter.com/VqL9Xo264j — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 1, 2026

प्रभासाक्षी 1 Sep 2026 12:44 pm

बिहार : शराब जहरीली थी या जहर देकर चार की जान ली गई? पटना में चार युवकों की मौत पर आंखें खोलने वाला सच पढ़ें

Bihar Police : पटना में एक साथ चार युवकों की मौत की जांच पुलिस के लिए एक तरफ कुआं और दूसरी तरफ खाई वाली स्थिति में है। शराब जहरीली थी तो आई कहां से? अगर, नहीं तो जहर देकर चार को किसने मारा? जांच के सारे पहलुओं को छू रही रिपोर्ट पढ़ें।

अमर उजाला 1 Sep 2026 11:07 am

दिल्ली के वेस्ट कांति नगर में दर्दनाक हादसा, बिहार से कान के इलाज के लिए आई नाबालिग ने की खुदकुशी

सोमवार को दिल्ली के वेस्ट कांति नगर में एक 16 साल की लड़की ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी अनुसार नाबालिग कान के इलाज के लिए कुछ दिनों पहले ही बिहार से दिल्ली आई थी।

खबर इंडिया टीवी 1 Sep 2026 10:53 am

Delhi SIR List: दिल्ली की नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से कटे 47 लाख नाम! अगर आपका नाम लिस्ट में नहीं तो जानिए 30 सितंबर तक कैसे करें आवेदन

Delhi SIR List: दिल्ली के मतदाताओं के लिए वोटर लिस्ट से जुड़ी यह जानकारी बेहद महत्वपूर्ण है। अगर आप दिल्ली में मतदाता हैं तो सबसे पहले यह सुनिश्चित कर लें कि ड्राफ्टवोटर लिस्ट में आपका नाम दर्ज है या नहीं। इसके लिए दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO Delhi) की वेबसाइट पर जाकर अपना नाम ऑनलाइन चेक किया जा सकता है। अगर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम मिल जाता है तो फिलहाल आपको कोई दूसरा कदम उठाने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर नामलिस्ट में नहीं है तो उसे शामिल कराने के लिए निर्धारित समय सीमा के भीतर अप्लाईकरना होगा।दिल्ली में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के तहत सोमवार (31 अगस्त) को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में कुल 1.45 करोड़ वोटरों में से 47 लाख सेअधिक लोगों के नाम शामिल नहीं किए गए हैं। जिन लोगों के नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं हैं, वे 31 अगस्त से 30 सितंबर के बीच दावा (क्लेम) करके अपना नाम शामिल करवाने का अनुरोध कर सकते हैं। फाइनल वोटर लिस्ट 4 नवंबर को जारी की जाएगी।वोटर अपना नाम कैसे चेक कर सकते हैं?वोटर दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) और चुनाव आयोग के पोर्टल के जरिए ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम चेक कर सकते हैं:-EPIC (वोटर ID) नंबर से खोजें: राज्य के तौर पर दिल्ली चुनकर और EPIC नंबर एवं कैप्चा कोड डालकर नाम खोजा जा सकता है।मोबाइल नंबर से खोजें: दिल्ली और अपनी पसंद की भाषा चुनने के बाद, चुनाव आयोग के पास रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और कैप्चा कोड डालकर नाम देखा जा सकता है।अगर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम न हो तो क्या करें?अगर किसी वोटर या निवासी का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है, तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। योग्य लोग 31 अगस्त से 30 सितंबर के बीच दावा (क्लेम) करके अपना नाम शामिल करवा सकते हैं। इसके लिए उन्हें तय डिक्लेरेशन और जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ फॉर्म-6 जमा करना होगा। जिन लोगों ने अपना घर स्थायी रूप से बदल लिया है और अपना नाम नए निर्वाचन क्षेत्र में ट्रांसफर करवाना चाहते हैं, वे अपने नए पते वाले इलाके में फॉर्म-6 जमा कर सकते हैं।सबसे पहले ऐसे चेक करें अपना नामवोटर लिस्ट में नाम चेक करने के लिए दिल्ली के चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाना होगा। वहां नाम देखने के लिए दो विकल्प दिए गए हैं:-विकल्प 1: EPIC नंबर से करें सर्चअगर आपके पास वोटर आईडी का EPIC नंबर है तो उसके जरिए अपना नाम खोज सकते हैं। इसके लिए संबंधित जानकारी भरनी होगी और दिल्ली का राज्य/क्षेत्र चुनकर अपना EPIC नंबर दर्ज करना होगा। इसके अलावा मतदाता अपने व्यक्तिगत विवरण के जरिए भी नाम खोज सकता है। इसके लिए सामान्य तौर पर ये जानकारियां मांगी जा सकती हैं:-नामवोटर आईडी में दर्ज रिश्तेदार का नामजन्म तिथिउम्रलिंगविधानसभा क्षेत्रमोबाइल नंबर के जरिए भी रजिस्टर्ड मतदाता की जानकारी खोजने का विकल्प दिया गया है। सर्च करने के बाद सिस्टम पर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में मतदाता के रजिस्ट्रेशन से जुड़ी जानकारी वाला पेज दिखाई देगा, जिसे प्रिंट भी किया जा सकता है।विकल्प 2: वोटर लिस्ट की PDF में नाम खोजेंदूसरे विकल्प के तहत जारी वोटर लिस्टकी PDF डाउनलोड करके उसमें अपना नाम खोजा जा सकता है। इसके लिए राज्य, जिला, विधानसभा क्षेत्र औरलिस्ट की भाषा जैसी जानकारी चुननी होगी। इसके बाद संबंधित बूथ की वोटर लिस्ट की PDF तैयार होगी। इस PDF में अपना नाम और अन्यडिटेल्सखोजे जा सकते हैं।अगर ड्राफ्ट लिस्ट में नाम मिल गया तो?अगर आपका नाम ड्राफ्टवोटर लिस्टमें मौजूद है तो फिलहाल किसी और कार्रवाई की जरूरत नहीं है। हालांकि अपने नाम के साथ दर्ज डिटेल्स जैसे नाम, पता और अन्य मतदाता संबंधी जानकारी को ध्यान से जांच लेना बेहतर है।अगर नाम नहीं है तो घबराएं नहींअगर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में आपका नाम नहीं दिखाई देता है तो आपके पास उसे शामिल कराने का मौका है। दी गई जानकारी के अनुसार ऐसे मतदाता 31 अगस्त से 30 सितंबर के बीच नाम शामिल कराने का दावा पेश कर सकते हैं। इसके लिए अपने स्थानीय BLO (Booth Level Officer) से संपर्क करना होगा।नाम जोड़ने के लिए Form 6 भरना होगाअगर किसी पात्रवोटर्स का नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो उसेफॉर्म- 6 के जरिए मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन करना होगा। Form 6 के साथ निर्धारित घोषणा पत्र (Declaration Form) और जरूरी सहायक दस्तावेज भी जमा करने होंगे। यानी केवलअप्लाई करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रक्रिया पूरी करनी होगी।पता बदल गया है तो Form 8अगर आपका नाम वोटर लिस्ट में है लेकिन आपने अपना निवास स्थान बदल लिया है, तो इसके लिए Form 8 का इस्तेमाल किया जाएगा। Form 8 के जरिए विधानसभा क्षेत्र के अंदर या किसी दूसरे विधानसभा क्षेत्र में निवास स्थान बदलने की स्थिति में आवश्यक बदलाव कराया जा सकता है। इसी फॉर्म के जरिए मतदाताडिटेल्स में सुधार के लिए भी आवेदन किया जा सकता है।गलत जानकारी होने पर भी ध्यान देंअगर वोटर लिस्ट में नाम तो है लेकिन नाम, व्यक्तिगतडिटेल्स या अन्य जानकारी में किसी तरह की गड़बड़ी है, तो उसे भी नजरअंदाज न करें। चुनाव आयोग की प्रक्रिया के तहत संबंधित सुधार के लिए आवेदन किया जा सकता है। बताई गई प्रक्रिया के मुताबिक, नाम या अन्यडिटेल्स मेंगलतियां पाए जाने पर निर्वाचन आयोग संबंधित लोगों को नोटिस भी भेज सकता है।ये भी पढ़ें- Bihar-Jharkhand MoU: अमित शाह की मौजूदगी में बिहार और झारखंड के बीच खत्म हुआ 25 साल पुराना सोन जल विवाद, क्या था ये विवाद और क्या हुआ समझौता?एक नजर में पूरी प्रक्रिया नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में है तो फिलहाल कोई अतिरिक्त कदम नहीं उठाएं। अगर वोटर लिस्ट में नाम नहीं है तो स्थानीय BLO से संपर्क करें और निर्धारित अवधि में दावा करें। नया नाम जोड़ना है तो Form 6 जमा करें और उसके साथ जरूरी दस्तावेज लगाएं। पता बदलना/डिटेल्स में सुधार करना है तो Form 8 के जरिए आवेदन करें। फाइनल वोटर लिस्ट 4 नवंबर कोजारी किया जाएगा।

ज़ी न्यूज़ 1 Sep 2026 10:45 am

घर पर बनाएं बिहार के रूनी सैदपुर की मशहूर बालूशाही, मैदा नहीं बल्कि मलाई से होगा तैयार

क्या आपने कभी बिहार के रूनी सैदपुर की बालूशाही खाई है। अगर नहीं तो आज ही घर पर इसे ट्राई करें। इसका स्वाद लाजवाब होता है और इसे घर पर बनाना भी आसान है। यहां से इसकी रेसिपी नोट करें।

खबर इंडिया टीवी 1 Sep 2026 10:19 am

Success Story: बिहार के IITian का कमाल! इंसानों की जगह सीवर साफ करेगा रोबोट, कॉलेज आइडिया बना 15 करोड़ का स्टार्टअप

भारत में सफाई का काम करने वाले हजारों कर्मचारियों के लिए रोजमर्रा की ड्यूटी आज भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। मैनहोल, सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान उन्हें कई बार ऐसे हालातों का सामना करना पड़ता है, जहां छोटी सी गलती भी जान पर भारी पड़ सकती है। जहरीली गैस, गंदगी और संक्रमण के बीच काम करने वाले इन कर्मचारियों की सुरक्षा लंबे समय से चिंता का विषय रही है। मैनुअल स्कैवेंजिंग पर कानूनी रोक के बावजूद कई जगह लोगों से जोखिम भरे तरीके से सफाई कराने की खबरें सामने आती रहती हैं। ऐसे में तकनीक एक नई उम्मीद बनकर सामने आ रही है।इसी दिशा में IIT Madras से पढ़े बिहार के दिव्यांशु कुमार ने ऐसा रोबोट तैयार करने की पहल की, जो इंसानों को खतरनाक सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए अंदर जाने से बचा सकता है। उनकी यह कोशिश अब एक स्टार्टअप का रूप ले चुकी है।बिहार के युवक ने खोजा तकनीकी समाधानइसी चुनौती को बदलने की कोशिश की IIT Madras से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले बिहार के दिव्यांशु कुमार ने। कॉलेज के दौरान उन्होंने ऐसा रोबोट तैयार करने पर काम शुरू किया, जो इंसान के सेप्टिक टैंक में उतरे बिना सफाई कर सके। शुरुआत में यह सिर्फ एक कॉलेज प्रोजेक्ट था, लेकिन दिव्यांशु ने इसे आगे बढ़ाने का फैसला किया। इसी सोच ने बाद में Solinas Integrity नाम की स्टार्टअप कंपनी का रूप लिया। Meet Divyanshu Kumar, who completed his https://t.co/BC6fLkcQNf in Mechanical Engineering from IIT Madras. This guy from Bihar developed robots to replace humans for manhole and sewage cleaning.He turned his college project idea into a startup called Solinas Integrity… pic.twitter.com/mBCgPsaAjc— Vikas Alwys (@VikasAlwys) August 30, 2026 कॉलेज प्रोजेक्ट से शुरू हुई बड़ी पहलदिव्यांशु ने अपने साथियों के साथ मिलकर Solinas Integrity की शुरुआत की। कंपनी का मकसद रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से सैनिटेशन और भूमिगत ढांचे से जुड़े खतरनाक कामों को सुरक्षित बनाना है।उनके इस खास इनोवेशन में HomoSEP शामिल है। यह एक रोबोटिक सिस्टम है, जिसे सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य ऐसे कामों में इंसानों की सीधी एंट्री को कम करना है, जहां जहरीली गैस या दूसरे खतरों से जान जा सकती है।खतरा इंसान के लिए है तो मशीन क्यों नहीं?दिव्यांशु के काम के पीछे एक बेहद सरल लेकिन असरदार विचार है अगर कोई काम इंसान के लिए बहुत खतरनाक है, तो उसे मशीन से कराया जाना चाहिए। इसी सोच को उन्होंने सिर्फ सेप्टिक टैंक तक सीमित नहीं रखा। Solinas Integrity अब पाइपलाइन, सीवर और दूसरे भूमिगत इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच और रखरखाव के लिए भी रोबोटिक तकनीक विकसित कर रही है।15 करोड़ रुपये तक पहुंची स्टार्टअप की वैल्यूएक कॉलेज प्रोजेक्ट से शुरू हुई यह पहल अब करीब 15 करोड़ रुपये की वैल्यू वाली स्टार्टअप बन चुकी है। यानी जिस विचार की शुरुआत एक छात्र ने पढ़ाई के दौरान की थी, वह अब एक वास्तविक बिजनेस और सामाजिक समाधान में बदल चुका है।Forbes India 30 Under 30 में मिली जगहदिव्यांशु कुमार के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। 2025 में उन्हें Forbes India 30 Under 30 सूची में जगह दी गई। उन्हें खास तौर पर मैनुअल स्कैवेंजिंग जैसी खतरनाक समस्या से निपटने के लिए रोबोटिक समाधान विकसित करने के काम के लिए पहचान मिली।सोशल मीडिया पर भी हो रही तारीफदिव्यांशु की कहानी सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींच रही है। कई यूजर्स ने इसे ऐसी IIT कहानी बताया जिसमें तकनीक का इस्तेमाल सिर्फ करियर बनाने के लिए नहीं, बल्कि जानलेवा काम को सुरक्षित बनाने के लिए किया गया। एक यूजर ने इसे “रोबोट से जानलेवा मैनुअल स्कैवेंजिंग को बदलने वाली प्रेरणादायक IIT कहानी” बताया। वहीं, अन्य लोगों ने उनके प्रयास को वास्तविक समस्या का तकनीकी समाधान खोजने और समाज में बदलाव लाने की मिसाल बताया।इंजीनियरिंग का असली मतलब दिखाती है यह कहानीदिव्यांशु कुमार की यात्रा बताती है कि इंजीनियरिंग सिर्फ नई मशीन या टेक्नोलॉजी बनाने तक सीमित नहीं है। सही सोच और उद्देश्य के साथ तकनीक किसी ऐसी समस्या को भी चुनौती दे सकती है, जो दशकों से समाज का हिस्सा बनी हुई है।955 मौतों के बाद भी खत्म नहीं हुआ खौफ! नेपाल में सुरंगों के अंदर फंसे लोगों को बचाने की जंग जारी

ज़ी न्यूज़ 1 Sep 2026 10:13 am

Bihar-Jharkhand MoU: अमित शाह की मौजूदगी में बिहार और झारखंड के बीच खत्म हुआ 25 साल पुराना सोन जल विवाद, क्या था ये विवाद और क्या हुआ समझौता?

Bihar, Jharkhand sign MoU: बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के पानी के बंटवारे को लेकर करीब 25 साल से चला आ रहा विवाद आखिरकार खत्म हो गया है। बिहार और झारखंड के मुख्यमंत्रियों ने सोमवार (31 अगस्त) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में सोन नदी के 77.5 लाख एकड़-फुट पानी के बंटवारे को लेकर एक सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए। अधिकारियों ने बताया कि इससे दोनों राज्यों के बीच करीब 25 साल पुराने जल विवाद का स्थायी समाधान हो गया। हस्ताक्षर समारोह में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल, बिहार के उपमुख्यमंत्री, केंद्रीय गृह सचिव तथा केंद्र एवं दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।अमि शाह ने सोशल मीडिया प्लटेफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि यह समझौता बिहार और झारखंड की बड़ी आबादी के लिए पर्याप्त सिंचाई एवं पेयजल सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा, इससे दोनों राज्यों के लाखों किसानों को सीधे लाभ मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को नयी गति मिलेगी। अगर सभी राज्य एक टीम की भावना से आगे बढ़ें तो ऐसी कोई समस्या नहीं है, जिसका समाधान नहीं किया जा सकता।शाह ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि करीब 25 साल पुराने जल विवाद को सुलझाने के लिए हुआ यह समझौता दर्शाता है कि सहकारी संघवाद की भावना के तहत बातचीत के जरिए किसी भी समस्या का समाधान किया जा सकता है।25 साल बाद अहम मुद्दों का स्थायी समाधानउन्होंने कहा कि इस समझौते से दोनों राज्यों के बड़े भौगोलिक क्षेत्रों, किसानों, ग्रामीण इलाकों और पेयजल आपूर्ति से जुड़े मुद्दों का स्थायी समाधान हो गया है। उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और अविभाजित बिहार के बीच 1973 में सोन नदी के जल बंटवारे और मध्यप्रदेश में बाणसागर बांध की लागत को लेकर एक समझौता हुआ था।अधिकारियों ने बताया कि यह विवाद 2000 में उस वक्त शुरू हुआ, जब बिहार से अलग करके झारखंड को एक नया राज्य बनाया गया। झारखंड ने बाणसागर परियोजना में पानी का बड़ा हिस्सा मांगा, क्योंकि जलग्रहण क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा उसके इलाके में आता था। जबकि बिहार ने परियोजना से पानी पर अपना दावा जताने के लिए 1973 के समझौते का हवाला दिया था।25 साल से अटका था पानी का विवादबिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के पानी को लेकर विवाद की जड़ करीब पांच दशक पुरानी है। वर्ष 1973 में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और तत्कालीन अविभाजित बिहार के बीच सोन नदी के पानी और बाणसागर परियोजना से जुड़े समझौते हुए थे। लेकिन वर्ष 2000 में बिहार से अलग होकर झारखंड नया राज्य बना। इसके बाद झारखंड ने बाणसागर परियोजना और सोन नदी के पानी में अपने हिस्से को लेकर ज्यादा हिस्सेदारी की मांग की। झारखंड का तर्क था कि परियोजना के बड़े हिस्से का कैचमेंट एरिया उसके क्षेत्र में आता है। दूसरी तरफ बिहार वर्ष 1973 में हुए पुराने समझौते का हवाला देते हुए अपने पानी के हिस्से का दावा करता रहा। इसी को लेकर दोनों राज्यों के बीच लंबे समय तक सहमति नहीं बन पाई।अब किन इलाकों को मिलेगा फायदा?केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समझौते को 'टीम भारत' की भावना और सहकारी संघवाद का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि राज्यों की अपनी अलग पहचान और हित हो सकते हैं। लेकिन राष्ट्रीय हित के संदर्भ में आगे बढ़ने पर ऐसे लंबे समय से चले आ रहे विवादों का समाधान संभव है।समझौते के तहत बिहार के कई जिलों में सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता बेहतर करने की दिशा में काम होगा।इनमें प्रमुख रूप से:-भोजपुरबक्सररोहतासकैमूरऔरंगाबादअरवलगयापटना शामिल हैं। वहीं, झारखंड के पलामू और गढ़वा जैसे इलाकों में भी पानी की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है।किसानों के लिए बड़ी राहतसोन नदी के पानी से जुड़े इस समझौते का सबसे बड़ा फायदा कृषि क्षेत्र को मिलने की उम्मीद है। बिहार के बड़े ग्रामीण इलाकों में सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ने से किसानों को फायदा हो सकता है। पानी की पर्याप्त उपलब्धता से फसलों की सिंचाई, खेती की उत्पादकता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। साथ ही पेयजल की समस्या से जूझ रहे इलाकों में भी पानी की उपलब्धता बेहतर करने में मदद मिलेगी।झारखंड के सूखे इलाकों को भी उम्मीदझारखंड के पलामू और गढ़वा जैसे क्षेत्रों में भी पानी की जरूरत लंबे समय से एक महत्वपूर्ण मुद्दा रही है। समझौते के बाद इन इलाकों में सिंचाई और पीने के पानी की उपलब्धता बढ़ाने की संभावना है। यानी यह समझौता सिर्फ दो राज्यों के बीच पानी के बंटवारे का फैसला नहीं है, बल्कि किसानों, ग्रामीण आबादी और पेयजल जरूरतों से सीधे जुड़ा हुआ कदम है।ये भी पढ़ें- VIDEO: नंगे पांव दौड़ी 47 साल की मां, बेटियों की पढ़ाई के लिए जीती मैराथन रेस; ₹3000 की इनामी राशि बनी उम्मीद की किरण

ज़ी न्यूज़ 1 Sep 2026 10:01 am

Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 1 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचार

Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन

अमर उजाला 1 Sep 2026 9:30 am

गयाजी की बेटियों का बास्केटबॉल में जलवा:13वीं यूथ चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन; मुजफ्फरपुर को 42-18 से हराकर बनीं बिहार चैंपियन

गयाजी की बालिका टीम ने 13वीं यूथ बिहार राज्य बास्केटबॉल चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया है। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अपना दबदबा बनाए रखा। खास बात यह भी कि एक भी मुकाबला नहीं हारा। फाइनल में मुजफ्फरपुर को 42-18 के बड़े अंतर से हराकर बिहार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। खिलाड़ियों ने लीग चरण से ही अपने इरादे साफ कर दिए थे। टीम ने पहले भोजपुर को हराया। इसके बाद बांका, भागलपुर और दरभंगा की टीमों को भी शिकस्त दी। लगातार जीत के साथ टीम ने सेमीफाइनल में जगह बनाई। मैचों के दौरान खिलाड़ियों के बीच शानदार तालमेल देखने को मिला। अनुशासन के साथ आक्रामक खेल दिखाया। हर मुकाबले में अपने खेल का स्तर बनाए रखा। सेमीफाइनल में पटना को दी शिकस्त सेमीफाइनल में गयाजी की टीम का पटना से मुकाबला था। खिलाड़ियों पर फाइनल में पहुंचने का दबाव भी था, लेकिन बेटियों ने आत्मविश्वास के साथ खेला। शुरुआत से ही खिलाड़ियों ने पटना पर दबाव बनाया। शानदार टीमवर्क के दम पर मुकाबला अपने नाम किया। पटना को हराकर टीम फाइनल में पहुंच गई। फाइनल में मुजफ्फरपुर पर एकतरफा जीत फाइनल में गयाजी और मुजफ्फरपुर की टीमें आमने-सामने थीं। मुकाबले की शुरुआत से ही खिलाड़ियों ने पकड़ बना ली। तेज पासिंग और बेहतर तालमेल से मुजफ्फरपुर की टीम पर दबाव बनाए रखा। खिलाड़ियों ने लगातार अंक बटोरे। दूसरी ओर मुजफ्फरपुर की टीम ज्यादा मौके नहीं बना सकी। आखिरकार गयाजी ने 42-18 से फाइनल मुकाबला जीत लिया। इस जीत के साथ बालिका टीम बिहार चैंपियन बन गई। खास बात यह रही कि पूरी प्रतियोगिता में टीम अजेय रही। अवंतिका बनीं टूर्नामेंट की MVP खिताबी जीत में पूरी टीम का योगदान रहा। वहीं अवंतिका ने अपने प्रदर्शन से अलग पहचान बनाई। शानदार खेल के लिए उन्हें टूर्नामेंट की मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर चुना गया। यह उपलब्धि अवंतिका के साथ जिले के बास्केटबॉल खिलाड़ियों के लिए भी बड़ी उपलब्धि है। ये खिलाड़ी बनीं बिहार चैंपियन विजेता टीम में कप्तान अदिति, अवंतिका, खुशी, डाली, आयुषी, विधुषी, दिव्या, तोबा, फैजा और मिताली शामिल रहीं। खिलाड़ियों की मेहनत और टीमवर्क ने गयाजी को बिहार का चैंपियन बनाया।

दैनिक भास्कर 1 Sep 2026 9:29 am

उपेंद्र कुशवाहा के बेटे की कुर्सी बचाने वाले देवेश कुमार को बड़ा इनाम, बिहार प्लानिंग बोर्ड का उपाध्यक्ष बनाया

उपेंद्र कुशवाहा के बेटे की कुर्सी बचाने वाले देवेश कुमार को बड़ा इनाम, बिहार प्लानिंग बोर्ड का उपाध्यक्ष बनाया

समाचार नामा 1 Sep 2026 9:12 am

टीचर मां और बाप ने बेटी को गर्दन दबा मारा फिर फंदे से लटका दिया, बिहार में अपनी मर्जी से शादी करने पर हॉरर किलिंग

बिहार में टीचर मां-बाप के पाप को जानकर हर कोई हैरान है। यहां मां-बाप ने अपनी बेटी की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। लेकिन पुलिसिया जांच में सारा मामला हॉरर किलिंग का उजागर हुआ।

लाइव हिन्दुस्तान 1 Sep 2026 8:53 am

IOB SO Recruitment 2026: आईओबी करेगा जनरलिस्ट और स्पेशलिस्ट ऑफिसर के बंपर पदों पर भर्ती, जानें कैसे करना है आवेदन

IOB SO Recruitment 2026: बैंकिंग क्षेत्र में काम करने के इच्छुक लोगों के लिए इंडियन ओवरसीज बैंक में बड़ा और अच्छा मौका है। इस बैंक में जनरलिस्ट और स्पेशलिस्ट ऑफिसर के बंपर पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 29 अगस्त से शुरू हो चुकी है और इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 15 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।आवेदन फॉर्म ऑफिशियल वेबसाइट iob.bank.in पर जाकर भरना है। इसके तहत कुल 291 पदों पर भर्ती होगी। यह भर्ती जीएसआई I, एमएमजीएस II और एमएमजीएस III स्केल्स पर होगी। बैंक ने उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन को ध्यान से देखने की सलाह दी है।कौन कर सकता है इन पदों के लिए आवेदन?शैक्षणिक योग्यता : मैनेजर (ब्रांच मैनेजमेंट) पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास ग्रेजुएशन की डिग्री और संबंधित बैंकिंग अनुभव होना चाहिए।आईटी से जुड़े पदों के लिए संबंधित विषयों में B.E./B.Tech, MCA या कंप्यूटर साइंस/IT में M.Sc जैसी योग्यता और संबंधित अनुभव की आवश्यकता होती है।क्रेडिट और रिस्क पदों के लिए पद के अनुसार खास योग्यताएं चाहिए होती हैं, जैसे फाइनेंस में MBA/PGDM, CA, CMA या अन्य संबंधित प्रोफेशनल योग्यताएं।आयु सीमा : आयु सीमा इस बात पर निर्भर करती है कि आप किस पद के लिए आवेदन कर रहे हैं। आयु सीमा की गणना 1 अगस्त, 2026 के आधार पर की जाएगी। अधिकतम आयु सीमा में छूट तय नियमों के अनुसार दी जाएगी।आईओबी एसओ भर्ती 2026: कैसे करें आवेदन ? इंडियन ओवरसीज बैंक के आधिकारिक भर्ती पोर्टल पर जाएं। अगर रजिस्ट्रेशन नहीं किया है, तो ‘New Registration’ पर क्लिक करें। जरूरी लॉगिन जानकारी का इस्तेमाल करके रजिस्टर करें और आवेदन फॉर्म भरें। जरूरी दस्तावेज जैसे फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें। आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें। आवेदन फॉर्म सबमिट करें और भविष्य के लिए इसे सेव कर लें। आवेदन शुल्क : उम्मीदवारों को इंडियन ओवरसीज बैंक एसओ भर्ती 2026 के लिए जरूरी आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा। आवेदन पर तभी विचार किया जाएगा जब शुल्क का भुगतान कर दिया जाएगा। एससी/एसटी/दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 175 रुपये हैं। जबकि, ओबीसी/इडब्लूएस और अनारक्षित वर्ग के लिए 1000 रुपये है।Bihar ASHA Worker Bharti 2026: बिहार में 21000 आशा कार्यकर्ता भर्ती का नोटिफिकेशन जल्द, स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को दिया निर्देश

ज़ी न्यूज़ 1 Sep 2026 7:30 am

Bihar Weather Update: बिहार के 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, पटना समेत 20 जगहों पर बिजली गिरने की चेतावनी

बिहार के 12 जिलों में भारी बारिश और पटना समेत 20 जिलों में वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। अगले 24 घंटों में पूरे प्रदेश में मेघ गर्जन, तेज हवा और छिटपुट वर्षा की संभावना है।

जागरण 1 Sep 2026 7:27 am

Bihar Weather Today 1st September: बिहार में बारिश, आंधी और वज्रपात से सितंबर का आगाज; बक्सर समेत 12 जिलों में अलर्ट

Bihar Weather Today 1st September: बिहार में सितंबर महीने का आगाज बारिश के साथ होगा। मौसम विभाग ने आज पटना, गया, भोजपुर और बक्सर समेत कई जिलों में बारिश का अनुमान जताया है। कई जगहों पर वज्रपात की भी संभावना है।

लाइव हिन्दुस्तान 1 Sep 2026 7:25 am

झारखंड और बिहार के बीच 25 साल पुराना विवाद खत्म, अब किसको कितना मिलेगा सोन नदी का पानी?

झारखंड और बिहार के बीच 25 साल पुराना जल विवाद खत्म हो गया है। अब सोन नदी के पानी का बंटवारा हो गया है। झारखंड को अब 2 एमएएफ पानी मिलेगा, जबकि बिहार को 5.75 एमएएफ पानी मिलेगा।

लाइव हिन्दुस्तान 1 Sep 2026 7:14 am

पश्चिमी दिल्ली के अस्पताल से अगवा 3 साल का बच्चा बिहार के मुंगेर से सकुशल बरामद

पश्चिमी दिल्ली के एक सरकारी अस्पताल से अगवा तीन साल के बच्चे को पुलिस ने बिहार के मुंगेर जिले से सुरक्षित मुक्त करा लिया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला इस बच्चे को अपने बेटे के रूप में पालना चाहती थी। पुलिस ने बताया कि यह बच्चा 27 अगस्त को उस समय लापता हो गया था, जब वह अस्पताल में दवा लेने गई अपनी मां के पास खेल रहा था। पश्चिम दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) हरेश्वर वी स्वामी ने बताया कि घटना दोपहर करीब 12 बजे की थी जिसकी सूचना ख्याला थाने को दी गई। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान, पुलिस ने अस्पताल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया, जिसमें एक अज्ञात महिला बच्चे को ले जाती हुई दिखाई दी। अधिकारी ने बताया कि कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के जरिए उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गई, जिससे पता चला कि वह ई-रिक्शा से मादीपुर गांव की तरफ गई थी। डीसीपी के मुताबिक, महिला की पहचान 31 वर्षीया चुनरी देवी के रूप में हुई, जो मादीपुर की अस्थायी निवासी है और बिहार के बांका जिले की रहने वाली है। स्थानीय पूछताछ से पता चला कि वह दिल्ली से अपने गृह राज्य चली गयी है। उन्होंने बताया कि तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस टीम एक हजार किलोमीटर दूर मुंगेर जिले के असनहा गांव पहुंची और बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस ने बताया कि देवी का भी पता लगा लिया गया और वह जांच में शामिल हुई। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उसकी छह बेटियां हैं और चिकित्सीय जटिलताओं के कारण उसे बच्चा नहीं हो सकता। पुलिस के मुताबिक, उसने कथित तौर पर लड़के को अपने बेटे के रूप में पालने की नीयत से अगवा किया था। पुलिस ने बताया कि बच्चे को दिल्ली वापस लाया गया और उसके परिवार को सौंप दिया गया।

प्रभासाक्षी 1 Sep 2026 6:32 am

बिहार में न्यायिक पदाधिकारियों के रिटायरमेंट की उम्र अब 62 साल, पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार को भेजी सिफारिश

पटना हाईकोर्ट ने न्यायिक पदाधिकारियों की रिटायरमेंट की उम्र सीमा बढ़ाने से संंबंधित सिफारिश राज्य सरकार को भेज दी है। माना जा रहा है कि सम्राट सरकार इसपर जल्द निर्णय लेगी।

लाइव हिन्दुस्तान 1 Sep 2026 6:05 am

यह पुराना बिहार नहीं, अपने संसाधन खुद जुटा रहा है राज्य : नीतीश मिश्रा

वर्तमान में बिहार सरकार द्वारा 1,700 से अधिक स्टार्टअप्स को स्वीकृति और वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है। राज्य का व्यापक स्टार्टअप इकोसिस्टम लगभग 5,000 स्टार्टअप्स तक पहुंच चुका है। सूबे के नगर विकास और आवास तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नीतीश मिश्रा ने आईआईएम बोधगया के 11 वर्षों की उत्कृष्ट यात्रा पूरी होने के अवसर पर सोमवार को आयोजित स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में ये बातें कहीं। उन्होंने यह भी कहा कि आईआईएम बोधगया बिहार में शैक्षणिक उत्कृष्टता का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है। बिहार की बदलती तस्वीर को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “यह वह पुराना बिहार नहीं है, जिसकी चर्चा पुरानी सुर्खियों में होती थी। यह वह बिहार है जो अपने भविष्य का निर्माण कर रहा है। नए उद्यम स्थापित कर रहा है। अपने विकास के लिए स्वयं संसाधन जुटा रहा है। निदेशक प्रो. विनिता एस. सहाय ने बोधगया की विशिष्टता पर प्रकाश डाला। उन्होंने इसे गहन आध्यात्मिक महत्व की भूमि बताया। क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत, यहां के लोगों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए उन्होंने मानव पूंजी में निवेश की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की आबादी इसके सबसे अनमोल संसाधनों में से एक है। उनका संदेश एक व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है। इसमें प्रतिभा को सही अवसर और मार्गदर्शन देकर बड़े लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ाने की बात है। उन्होंने युवा विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं की ऊर्जा नवाचार और सकारात्मक बदलाव की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने विद्यार्थियों से पारंपरिक और धीमी गति से होने वाली प्रगति तक सीमित न रहने का आग्रह किया। उन्होंने बड़े सपने देखने का आह्वान किया। उन्होंने साहसिक कदम उठाने की बात कही। उन्होंने ‘लीपफ्रॉग’ की भावना के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने नए अवसरों का लाभ उठाने पर जोर दिया। उन्होंने क्षेत्र के विकास की नई दिशा तय करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में मौजूद रहे छात्र-छात्राएं संस्थान के प्रथम बैच के कार्यकारी पीएचडी प्रोग्राम का शुभारंभ किया गया तथा इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (आईपीएम) के छठे बैच का ओरिएंटेशन कार्यक्रम के माध्यम से स्वागत किया गया। प्रो. अविरल कुमार तिवारी (अध्यक्ष, पीएचडी कार्यक्रम) ने कार्यकारी पीएचडी कार्यक्रम तथा प्रो. अर्चना पात्रो (अध्यक्ष, आईपीएम कार्यक्रम) ने आईपीएम कार्यक्रम का परिचय प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम के साथ विद्यार्थियों की संस्थान में शैक्षणिक यात्रा की औपचारिक शुरुआत हुई। इस वर्ष संस्थान ने कुल 207 विद्यार्थियों का स्वागत किया, जिनमें 70 छात्रा और 137 छात्र शामिल हैं। वहीं, कार्यकारी पीएचडी कार्यक्रम के प्रथम बैच में कुल 14 शोधार्थियों ने प्रवेश लिया, जिनमें 12 पुरुष व 2 महिला शोधार्थी शामिल हैं।

दैनिक भास्कर 1 Sep 2026 5:58 am

24 अंकों से मुजफ्फरपुर को हरा गया टीम बनी बिहार चैंपियन

गया की बेटियों ने बास्केटबॉल कोर्ट पर शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। 13वीं यूथ बिहार राज्य बास्केटबॉल चैंपियनशिप में गया की बालिका टीम ने मुजफ्फरपुर को फाइनल मुकाबले में 42-18 के बड़े अंतर से पराजित कर बिहार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। खास बात यह रही कि गया की टीम पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही। बता दें कि प्रतियोगिता के लीग चरण से ही गया की बालिका टीम का दबदबा देखने को मिला। टीम ने एक के बाद एक मुकाबले में भोजपुर, बांका, भागलपुर और दरभंगा को हरा कर अपनी दावेदारी मजबूत की। इसके बाद सेमीफाइनल में पटना को शिकस्त देकर टीम फाइनल में पहुंची। फाइनल में मुजफ्फरपुर के खिलाफ गया के खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही खेल पर अपनी पकड़ बनाए रखी। मजबूत डिफेंस और सटीक आक्रमण के दम पर टीम ने मुजफ्फरपुर को वापसी का कोई मौका नहीं दिया और 42-18 से जीत दर्ज करते हुए चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम कर ली। अवंतिका बनीं टूर्नामेंट की सबसे मूल्यवान खिलाड़ी गया की खिताबी जीत में अवंतिका का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल के लिए उन्हें एमभीपी चुना गया। टीम की लगातार जीत में उनके योगदान की महत्वपूर्ण भूमिका रही। गया की बालिका टीम में कप्तान अदिति, अवंतिका, खुशी, डॉली, आयुषी, विधुषी, दिव्या, तोबा, फैजा, मिताली, अदिति और सुप्रिया शामिल रहीं। बालक टीम ने भी दिलाया कांस्य पदक एक ओर जहां गया की बेटियों ने चैंपियनशिप ट्रॉफी जीत कर जिले का नाम रोशन किया, वहीं गया के बालक टीम ने भी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरा स्थान हासिल कर कांस्य पदक अपने नाम किया। एक ही राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में बालिका टीम का चैंपियन और बालक टीम का तीसरे स्थान पर रहना गया में बास्केटबॉल के बढ़ते स्तर और यहां के युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा को दर्शाता है। दोनों टीमों का मार्गदर्शन कोच फैजान खान एवं रंजन कुमार ने किया। प्रशिक्षकों के निर्देशन में खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में अनुशासित, आक्रामक और प्रभावी खेल का प्रदर्शन किया।

दैनिक भास्कर 1 Sep 2026 5:57 am

शिक्षक मुस्तफा ने राष्ट्रीय मंच पर बिहार का नाम किया रौशन

अपने देश की राजधानी में आयोजित कार्यक्रम में बिहार की टीम ने अपना कमाल दिखाते हुए एक अलग पहचान बनाई। सांस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के अधीन संचालित सीसीआररटी दिल्ली में 4 अगस्त से 25 अगस्त तक चलने वाले 518 वें अनुस्थापन पाठ्यक्रम में बिहार की 13 सदस्यीय टीम ने बिहार राज्य की सांस्कृतिक धरोहर,भारत की आजादी में बिहार के अमर शहीदों की गाथा, यहां की धार्मिक परम्पराओं, त्योहारों और रीति रिवाज से संबंधित अद्भुत प्रस्तुति दी। मौके पर ज्ञान एवं मोक्ष की भूमि जिला गयाजी के शिक्षक डॉ. सैयद मुस्तफा कमाल ने प्रतिभाग करते हुए देश के 16 राज्यों के 115 अध्यापकों के सम्मुख अपने राज्य बिहार का प्रतिनिधित्व प्रदेश के अन्य 12 अध्यापकों के साथ किया।

दैनिक भास्कर 1 Sep 2026 5:57 am

Bihar Flood: गंडक में समाई 5 एकड़ जमीन, कोसी के रौद्र रूप से दरभंगा में पलायन; नेपाल की बारिश बिहार में आफत लाई

कोसी नदी में उफान से सहरसा और सुपौल जिले के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा है। सहरसा के नवहट्टा के ग्रामीण इलाकों और सुपौल सदर प्रखंड के कई गांवों में पानी फैल रहा है। दरभंगा के गौड़ाबौराम के निचले इलाकों से लोगों का पलायन शुरू हो गया है।

लाइव हिन्दुस्तान 1 Sep 2026 5:48 am

हाथी के बच्चे बराबर वजन, इंसानों को जिंदा निगलती है:सड़ा-गला मांस खाती है, नेपाल से बहकर बिहार आईं खतरनाक मछलियों की कहानी

26 अगस्त को नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ का मलबा अब बिहार पहुंच रहा है और उसके साथ बहकर आ रही हैं- थाई मांगुर, गोइता (गूंछ फिश) जैसी खतरनाक मछलियां, जो इंसानी शव खाती हैं। जिनको खाने से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी हो सकती है। नेपाल से बिहार बहकर आई इन मछलियों की कहानी क्या है, क्या यह भारत में प्रतिबंधित है, इन्हें खाना कितना जानलेवा है; जानेंगे बूझे की नाही में... सबसे पहले जानिए, नेपाल से बहकर कौन-कौन सी मछली बिहार आई नेपाल में आई तबाही के तीसरे दिन यानी 29 अगस्त की सुबह गोपालगंज में मछुआरों ने गंडक नदी से भारी मात्रा में मछलियों को पकड़ा। गोपालगंज के मंगलपुर घाट से कई क्विंटल मछलियों के पकड़ने और उन्हें पश्चिम बंगाल के बाजारों में भेजने की खबर है। बिहार सरकार के मत्स्य निदेशालय ने लोगों से बाढ़ के पानी में आई मछलियों को नहीं खाने की अपील की है। निदेशालय ने कहा है, 'बाढ़ के पानी से सीधे पकड़ी गई मछलियों की खरीद-बिक्री में सावधानी बरतें। बिना जांच के मछली नहीं खाएं। एक-एक कर जानिए, बिहार आईं मछलियों की कहानी… 1. गूंछ कैटफिशः इंसानों को नदी में खींचकर खाती हैं गूंछ कैटफिश यानी गोइता, जिसे 'आदमखोर कैटफिश' के नाम से भी जाना जाता है। नुकीले जबड़ों और बड़ी आंखों वाली एक बेहद भयानक मछली है। यह आम मछलियों जैसी नहीं होती, क्योंकि इसका शरीर काफी लंबा और सिर चौड़ा व चपटा होता है, जिस पर मूंछों के तीन जोड़े होते हैं। इन्हें कहा जाता है- 'नदी का शैतान' अलग-अलग रिपोर्ट में इन्हें नदी का शैतान यानी रिवर मॉन्स्टर भी कहा गया है। 'द हिमालयन आउटबैक' मैगजीन के मुताबिक, 1988 और 2007 के बीच नेपाल की काली नदी के किनारे तीन अलग-अलग घटनाएं हुईं। इनमें से किसी का भी शव बाद में नहीं मिला। तीनों घटनाएं नेपाल में काली नदी और भारत के निकटवर्ती हिस्से के पास हुई थीं। इस घटना के बाद लोगों ने दावा किया कि किसी विशाल जीव ने आदमी को खींच लिया है। इन दावों के बाद दुनियाभर की नजर इधर गई। भारत में प्रतिबंधित नहीं 2. थाई मांगुरः भारत में प्रतिबंधित, खाने से हो सकता है कैंसर थाई मांगुर मछली कैटफिश समूह में आती है। यह अलग-अलग तरह की रे-फिन्ड यानी पंखों वाली मछलियों का एक समूह है। इनका नाम इनके खास बार्बेल्स (मूंछों) के कारण पड़ा है, जो बिल्ली की मूंछों जैसी दिखती है। थाई मांगुर को वैज्ञानिक रूप से 'क्लैरियस गैरीपिनस' नाम से जाना जाता है। यह 3-5 फीट लंबी हवा में सांस लेने वाली मछली है, जो अपने खास रेस्पिरेटरी सिस्टम (ARS) की वजह से सूखी जमीन पर चल सकती है। कीचड़ में भी जीवित रह सकती है। यह तेजी से बढ़ती है। अगर इसे पाला जाए तो उत्पादन तीन गुना तक बढ़ सकता है। इसलिए इसे कम समय में ज्यादा मुनाफा देने वाली मछली भी कहा जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, अन्य प्रजाति की मछलियां छह महीने में 300 ग्राम बढ़ती है, तो थाई मांगुर उतने ही समय में लगभग एक किलो तक बढ़ जाती है। 2000 में NGT ने लगाया प्रतिबंध भारत में 'थाई मांगुर' के पालने, खाने और बेचने पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने 2000 में रोक लगा दी थी। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि यह मांसाहारी मछली पानी में रहने वाली दूसरी मछलियों के लिए खतरा पैदा करती थी। 3. वल्लागो कैटफिश यानी मीठे पानी का शार्क वल्लागो कैटफिश, जिसे बराली, बोआल, पठान या हेलीकॉप्टर कैटफिश के नाम से जाना जाता है। मीठे पानी में पाई जाने वाली एक विशाल और आक्रामक शिकारी मछली है। यह 'सिलुरिडे' परिवार से संबंधित है। यह दक्षिण एशिया (जिसमें नेपाल भी शामिल है) के प्रमुख नदियों में रहती है।

दैनिक भास्कर 1 Sep 2026 5:42 am

बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के स्नातक छात्रों को राहत, रोल नंबर मिलने के बाद भी बदल सकेंगे विषय

Brabu Roll Number Update: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के स्नातक प्रथम सेमेस्टर के छात्र रोल नंबर जारी होने के बाद अपने विषय संयोजन में सुधार कर सकेंगे। इससे गलत विषय चयन के कारण होने वाली परीक्षा संबंधी समस्याओं से हजारों छात्रों को राहत मिलेगी।

जागरण 1 Sep 2026 4:44 am

सोन नदी जल बंटवारे पर बिहार और झारखंड के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता

बिहार और झारखंड के मुख्यमंत्रियों ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में सोन नदी के 77.5 लाख एकड़-फुट पानी के बंटवारे को लेकर एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इससे दोनों राज्यों के बीच करीब 25 साल पुराने जल विवाद का ‘‘स्थायी समाधान’’ हो गया। हस्ताक्षर समारोह में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल, बिहार के उपमुख्यमंत्री, केंद्रीय गृह सचिव तथा केंद्र व दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। शाह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि यह समझौता बिहार और झारखंड की बड़ी आबादी के लिए पर्याप्त सिंचाई व पेयजल सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘इससे दोनों राज्यों के लाखों किसानों को सीधे लाभ मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को नयी गति मिलेगी। अगर सभी राज्य एक टीम की भावना से आगे बढ़ें तो ऐसी कोई समस्या नहीं है, जिसका समाधान नहीं किया जा सकता।’’ शाह ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि करीब 25 साल पुराने जल विवाद को सुलझाने के लिए हुआ यह समझौता दर्शाता है कि सहकारी संघवाद की भावना के तहत बातचीत के जरिए किसी भी समस्या का समाधान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से दोनों राज्यों के बड़े भौगोलिक क्षेत्रों, किसानों, ग्रामीण इलाकों और पेयजल आपूर्ति से जुड़े मुद्दों का ‘‘स्थायी समाधान’’ हो गया है। उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और अविभाजित बिहार के बीच 1973 में, सोन नदी के जल बंटवारे और मध्यप्रदेश में बाणसागर बांध की लागत को लेकर एक समझौता हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि विवाद 2000 में उस वक्त शुरू हुआ, जब बिहार से अलग करके झारखंड को एक नया राज्य बनाया गया। झारखंड ने बाणसागर परियोजना में पानी का बड़ा हिस्सा मांगा, क्योंकि जलग्रहण क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा उसके इलाके में आता था, जबकि बिहार ने परियोजना से पानी पर अपना दावा जताने के लिए 1973 के समझौते का हवाला दिया था।

प्रभासाक्षी 1 Sep 2026 4:02 am

Rahul Gandhi से मिलना चाहता है Bihar Viral Boy आदित्य, कहा- सरकार का घमंड तोड़ेंगे| Bihar | Congress

बिहार का एक 6 साल का बच्चा... नाम है आदित्य. इसकी चाहत है कि वो नेता विपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करें. सोशल मीडिया पर ये बच्चा भयकंर वायरल है. अब वो राहुल गांधी से मिलने की गुहार लगा रहा है. कांग्रेस की प्रवक्ता अलका लांबा ने इस लड़के से वीडियो कॉल के जरिए बात की

लाइव हिन्दुस्तान 31 Aug 2026 11:55 pm

वर्षों से लंबित विवाद का अंत, बिहार के हित में ऐतिहासिक समाधान: सीएम सम्राट चौधरी

बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के जल बंटवारे को लेकर करीब 26 वर्षों से चला आ रहा विवाद सोमवार को समाप्त हो गया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति...

खास खबर 31 Aug 2026 9:45 pm

दशहरा पर घर लौटने की टेंशन! बिहार आने वाली ट्रेनों में सीटों का संकट, राजधानी और संपूर्ण क्रांति में लंबी वेटिंग

दशहरा पर बिहार लौटने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि दिल्ली और मुंबई से आने वाली ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट 100 के पार पहुंच गई है। त्योहार से पहले कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है।

जागरण 31 Aug 2026 9:34 pm

अब 62 की उम्र में रिटायर होंगे जज साहब, बिहार बना देश का पहला राज्य; क्या होगा फायदा?

सुप्रीम कोर्ट द्वारा ऑल इंडिया जजेज एसोसिएशन बनाम भारत सरकार और अन्य के मामले में जिला न्यायपालिका के न्यायिक पदाधिकारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाए जाने के संबंध में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में यह निर्णय लिया गया है।

लाइव हिन्दुस्तान 31 Aug 2026 9:20 pm

Bihar News : एसी कोच में आधी रात गूंजा ‘सावधान! सावधान!’, धुएं की चेतावनी से यात्रियों में हड़कंप

बरौनी-नई दिल्ली क्लोन स्पेशल एक्सप्रेस के एसी कोच में बादशाह नगर के पास सिगरेट के धुएं से स्मोक डिटेक्टर बज उठा, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया। रेलवे स्टाफ की जांच के बाद पता चला कि अलार्म सिगरेट के धुएं के कारण बजा था।

जागरण 31 Aug 2026 9:17 pm