जन सुराज ने बिहार एमएलसी वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों को ठीक करने की मांग की, सीईओ से मुलाकात की
Patna, 11 सितंबर . राज्य जन सुराज पार्टी के अध्यक्ष मनोज भारती के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने Friday को बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) विनोद सिंह गुंजियाल से मुलाकात की और आगामी विधान परिषद चुनावों के लिए वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों को ठीक करने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा. भारती ने ... Read more
MBBS की 13186 सीटें बढ़ीं, बिहार में 1240 नई सीटें; NEET UG 2026 में अब 4660 सीटें
नेशनल मेडिकल कमीशन ने बिहार में 1,240 नई MBBS सीटों को मंजूरी दी है, जिससे राज्य में कुल सीटें 4,660 हो गई हैं। देशभर में कुल 13,186 नई सीटें जुड़ने के बाद MBBS सीटों का आंकड़ा 1.40 लाख के पार पहुंच गया है, जो NEET UG 2026 के छात्रों के लिए बड़ी खबर है।
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी पहुंची चुनाव आयोग, बिहार MLC इलेक्शन में बताए डुप्लीकेट वोटर
बिहार एमएससी चुनाव की वोटर लिस्ट में डुप्लीकेट मतदाता होने की शिकायत लेकर प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी शुक्रवार को निर्वाचन आयोग के पास पहुंच गई। पार्टी ने वोटर लिस्ट बनाने की प्रक्रिया पर भी बदलने की मांग की।
सुपौल जिला जदयू कार्यालय में शुक्रवार को पिपरा विधायक रामविलास कामत ने ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम के तहत फरक्का जल संधि को लेकर प्रेस वार्ता की। उन्होंने केंद्र सरकार से दिसंबर 2026 में समाप्त हो रही भारत-बांग्लादेश फरक्का जल संधि के नवीनीकरण पर बिहार के हितों को ध्यान में रखते हुए पुनर्विचार करने की मांग की। फरक्का बराज को बताया बाढ़ की प्रमुख वजह रामविलास कामत ने कहा कि फरक्का बराज के कारण गंगा नदी में लगातार गाद जमा हो रही है। इससे नदी का तल ऊंचा हो रहा है और पानी का प्राकृतिक प्रवाह भी प्रभावित हुआ है। बारिश या जलस्तर बढ़ने पर गंगा का पानी तेजी से खतरे के निशान के आसपास पहुंच जाता है, जिसका असर उत्तर बिहार के गंगा किनारे बसे जिलों पर पड़ता है। बिहार में आने जितना पानी, उतना आगे छोड़ा जाए विधायक ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से गंगा किनारे स्थित जिलों में लोगों को फरक्का जल संधि के प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। जदयू की मांग है कि बिहार में गंगा में जितना पानी प्रवेश करता है, उतनी ही मात्रा में पानी आगे छोड़ा जाए। कोसी समेत अन्य नदियों के पानी के उपयोग की मांग उन्होंने कहा कि कोसी समेत बिहार की अन्य नदियों के जल का उपयोग राज्य की जरूरतों के अनुसार किया जाना चाहिए। उनके अनुसार जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सिंचाई, पेयजल और विकास कार्यों में किया जा सकता है। 12 दिसंबर 1996 को हुई थी संधि कामत ने बताया कि भारत और बांग्लादेश के बीच 12 दिसंबर 1996 को गंगा जल बंटवारे को लेकर 30 वर्षों के लिए फरक्का जल संधि हुई थी। इसकी अवधि दिसंबर 2026 में समाप्त हो रही है। उन्होंने दावा किया कि संधि के कारण बिहार को तीन दशकों से पर्यावरणीय और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। नीतीश कुमार भी उठा चुके हैं मुद्दा विधायक ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कई बार फरक्का बराज से बिहार को होने वाले नुकसान का मुद्दा उठा चुके हैं। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने भी राज्यसभा में फरक्का जल संधि को बिहार के हित में नहीं होने की बात कही है। प्रेस वार्ता में जदयू जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष अमर कुमार चौधरी समेत कई पार्टी नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
20 हजार में बिहार के बोधगया, राजगीर और नालंदा की करें सैर; तीन दिन तक रहना खाना फ्री
बिहार सरकार ने पर्यटकों के लिए पटना से बोधगया, राजगीर और नालंदा तक दो रात और तीन दिन का एक विशेष पर्यटन पैकेज तैयार किया है। इसमें यात्रा, ठहरने, भोजन, गाइड और प्रमुख स्थलों के प्रवेश शुल्क सहित सभी सुविधाएं शामिल हैं, जिसका उद्देश्य राज्य की आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत को बढ़ावा देना है।
कन्नौज में 50 लाख की शराब से भरी DCM पकड़ी:हरियाणा से बिहार ले जाकर करते थे सप्लाई, ड्राइवर गिरफ्तार
कन्नौज के सदर कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे शराब से भरी DCM पकड़ी। वाहन में 545 पेटियों में 4,836 लीटर शराब लदी थी। पुलिस ने शराब की कीमत करीब 50 लाख रुपए आंकी है। शराब हरियाणा से बिहार ले जाई जा रही थी। पुलिस ने DCM चालक को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। पाल चौराहे पर घेराबंदी कर पकड़ी DCM कोतवाली प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह को मुखबिर से शराब तस्करी की सूचना मिली थी। इसके आधार पर पुलिस ने शहर के पाल चौराहे पर घेराबंदी कर DCM को रोक लिया। तलाशी लेने पर उसमें शराब की पेटियां मिलीं। इसके बाद पुलिस चालक और शराब लदी DCM को सदर कोतवाली ले आई। 545 पेटियों में मिली 4,836 लीटर शराब पूछताछ में चालक ने अपना नाम जयसिंह पुत्र चेनाराम निवासी विसारनिया, बाड़मेर, राजस्थान बताया। पुलिस के मुताबिक, DCM में 170 पेटी रॉयल स्टैग, 185 पेटी इम्पीरियल ब्लू हाफ और 190 पेटी इम्पीरियल ब्लू क्वार्टर मिले हैं। कुल 545 पेटियों में 4,836 लीटर शराब बरामद हुई है। पुलिस ने चालक के पास से एक मोबाइल फोन और 10,200 रुपए नकद भी बरामद किए हैं। सोनीपत का युवक भेजता था शराब पूछताछ में चालक ने पुलिस को बताया कि हरियाणा के सोनीपत जिले के खरखोंदा निवासी सोनू अक्सर इसी DCM से शराब बिहार भेजता है। उसके मुताबिक, वह पहले भी कई बार शराब बिहार ले जा चुका है और इस काम से मिलने वाले पैसों से अपना और परिवार का खर्च चलाता है। आबकारी अधिनियम में केस दर्ज एसपी बिनोद कुमार ने बताया कि बरामद शराब की कीमत करीब 50 लाख रुपए है। चालक जयसिंह के खिलाफ सदर कोतवाली में आबकारी अधिनियम की धारा 60, 63 और 72 तथा 207 एमवी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।
Bihar Politics: डिप्टी CM की पत्नी को लेकर सोशल मीडिया पोस्ट वायरल, सरकारी सुरक्षा पर उठे सवाल
Bihar Politics: डिप्टी CM की पत्नी को लेकर सोशल मीडिया पोस्ट वायरल, सरकारी सुरक्षा पर उठे सवाल
Deputy CM विजय कुमार चौधरी ने Bihar Building Bye-laws 2026 के प्रारूप की समीक्षा की
माननीय उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में आज बिहार भवन उपविधि-2026 के प्रारूप की समीक्षा को लेकर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रारूप के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से विचार-विमर्श करते हुए इसे सरल, पारदर्शी, प्रभावी एवं जनोपयोगी बनाने के लिए चर्चा की गई। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सभी हितधारकों से प्राप्त सुझाव बिहार भवन उपविधि-2026 को अधिक प्रभावी, सरल एवं जनोपयोगी बनाने में महत्वपूर्ण होंगे। इस समीक्षा बैठक में भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव श्री के के पाठक, बिहार सरकार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत तथा नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव श्री विनय कुमार, विशेष सचिव नीलेश रामचन्द्र देवरे, पटना नगर निगम के आयुक्त श्री यशपाल मीणा सहित अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे। मंत्री श्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार भवन उपविधि-2026 का प्रारूप पारदर्शिता, सरलता, त्वरित प्रक्रियाओं और सतत विकास के सिद्धांतों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य भवन निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक सुगम एवं समयबद्ध बनाते हुए राज्य के शहरी क्षेत्रों में सुनियोजित और आधुनिक विकास को गति देना है। यह प्रारूप बिहार के बदलते शहरी परिदृश्य के अनुरूप एक प्रगतिशील एवं विकासोन्मुख कदम है। श्री मिश्रा ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी के विकसित बिहार के विज़न के अनुरूप बिहार भवन उपविधि-2026 का प्रारूप राज्य के शहरों के सुनियोजित और सतत विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। सरल एवं पारदर्शी प्रावधानों से भवन निर्माण और निवेश को गति मिलेगी तथा आधारभूत संरचना, आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों का विस्तार होगा।
बिहार में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए 1,194 Community Kitchens शुरू, 46.88 लाख आबादी प्रभावित
बिहार के 15 ज़िलों में 46 लाख से ज़्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। शुक्रवार को भी हालात गंभीर बने रहे क्योंकि कई जगहों पर पानी का स्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा था। अधिकारियों के मुताबिक, राज्य भर में लगातार बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण नदियाँ और नाले उफान पर हैं। आपदा प्रबंधन विभाग (DMD) की ओर से जारी ताज़ा बुलेटिन के अनुसार, 15 ज़िलों के 88 ब्लॉकों की 561 ग्राम पंचायतों में लगभग 46.88 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इसे भी पढ़ें: Kharif 2026 फसल क्षति पर मिलेगी आर्थिक सहायता, Bihar में 31 अक्टूबर तक करें आवेदन प्रभावित ज़िलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं। सबसे ज़्यादा प्रभावित ज़िलों में भागलपुर, पटना, सारण, वैशाली, बेगूसराय, कटिहार, पूर्णिया और बक्सर शामिल हैं। बिहार मौसम विज्ञान सेवा केंद्र के अनुसार, राज्य में सितंबर में अब तक 90 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 20 प्रतिशत ज़्यादा है। अपने ताज़ा बुलेटिन में, DMD ने बताया कि शुक्रवार सुबह 6 बजे भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा नदी 36.62 मीटर के स्तर पर बह रही थी, जो खतरे के निशान से 2.12 मीटर ऊपर है। पानी का बहाव कम हो रहा है। डूमरिया घाट पर गंडक, बलतारा और कुरसेला में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में गंगा, श्रीपालपुर में पुनपुन, बेनीबाद में बागमती, और दरौली व गंगपुर सिसवन में घाघरा नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। इसे भी पढ़ें: Bihar Medical Education Update: बिहार में PG Doctors का Stipend बढ़ा, जानिए हर साल कितना होगा फायदा बुलेटिन में कहा गया है कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए अलग-अलग ज़िलों में कुल 1,194 कम्युनिटी किचन (सामुदायिक रसोई) चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा, 15 राहत कैंप भी चल रहे हैं, जहाँ 11,255 बाढ़ पीड़ितों के लिए रहने, खाने, मेडिकल सुविधा और दूसरी ज़रूरी सेवाओं का इंतज़ाम किया गया है। बाढ़ से प्रभावित लोगों के बीच अब तक लगभग 3.10 लाख पॉलीथीन शीट और 48,300 सूखे राशन के पैकेट बांटे जा चुके हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आवाजाही के लिए कुल 1,922 नावें चलाई जा रही हैं। साथ ही, अब तक 7,535 क्विंटल पशु चारा भी बांटा गया है।
फरक्का जल संधि के नवीनीकरण को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने बिहार के हितों की आवाज बुलंद की है। शुक्रवार को पंडासराय स्थित जदयू कार्यालय में आयोजित पीसी में पार्टी नेताओं ने कहा कि 1996 में हुई फरक्का जल संधि बिहार के हित में नहीं रही है। संधि के 30 साल होने के बाद इसके पुराने स्वरूप में नवीनीकरण को जदयू ने अस्वीकार करने की मांग की है। बेनीपुर विधायक सह एनडीए गठबंधन के सचेतक प्रो. विनय कुमार चौधरी ने कहा कि इस मुद्दे के पीछे कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है। पार्टी बिहार के हित में फरक्का जल संधि पर पुनर्विचार चाहती है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा लगातार बिहार के जल अधिकारों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। बिहार के हिस्से का पानी तय होना चाहिएदरभंगा ग्रामीण विधायक सह जदयू जिलाध्यक्ष राजेश कुमार मंडल उर्फ ईश्वर मंडल ने कहा कि फरक्का बराज और जल संधि के कारण पिछले तीन दशकों में बिहार को गाद जमाव, बाढ़ और कटाव की समस्या का सामना करना पड़ा है। बिहार के 13 करोड़ लोगों के भविष्य और राज्य के जल अधिकारों को ध्यान में रखते हुए संधि के नवीनीकरण पर नए सिरे से विचार होना चाहिए। जदयू नेताओं ने कहा कि यदि फरक्का जल संधि का नवीनीकरण किया जाता है तो उससे पहले बिहार को मिलने वाले पानी की मात्रा और राज्य की भविष्य की जल जरूरतों को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जाना चाहिए। बिहार के हिस्से का पानी तय किए बिना किसी भी समझौते को आगे बढ़ाना स्वीकार्य नहीं होगा। पार्टी नेताओं ने कहा कि आने वाले वर्षों में पानी की मांग लगातार बढ़ने वाली है। ऐसे में बिहार की वर्तमान ही नहीं, बल्कि भविष्य की जल जरूरतों को भी ध्यान में रखना जरूरी है। 12 जिलों में चल रहा जनजागरूकता अभियानजदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा के नेतृत्व में इस मुद्दे को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। गंगा किनारे बसे बिहार के 12 जिलों में ‘फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद’ कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को संधि के प्रभाव और बिहार के जल अधिकारों के बारे में जानकारी दी जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा भी अभियान में सक्रिय हैं।इसी अभियान के तहत शुक्रवार को दरभंगा में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। पार्टी नेताओं ने कहा कि बिहारवासियों के जल अधिकारों की रक्षा के लिए जदयू सड़क से सदन तक अपनी आवाज उठाती रहेगी। 7 सितंबर को दरभंगा पहुंचे थे संजय झाइससे पहले 7 सितंबर को जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा दरभंगा पहुंचे थे। जिला अतिथि गृह में आयोजित कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में उन्होंने फरक्का जल संधि का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने कहा था कि बिहार के हित तय किए बिना संधि का नवीनीकरण नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार पिछले 30 वर्षों में बिहार के साथ इस मामले में अन्याय हुआ है।कार्यकर्ता संवाद के दौरान उन्होंने कहा था कि गंगा से बांग्लादेश जाने वाले पानी में बिहार की हिस्सेदारी और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और पत्रकारों से भी इस मुद्दे को आम लोगों तक पहुंचाने की अपील की थी। कार्यक्रम में ये रहे मौजूदकार्यक्रम में बिहार सरकार के मंत्री मदन सहनी, बेनीपुर विधायक प्रो. विनय कुमार चौधरी, दरभंगा ग्रामीण विधायक राजेश कुमार मंडल, कुशेश्वरस्थान विधायक अतिरेक कुमार समेत जदयू के कई नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे थे। संजय झा के स्वागत में कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह जेसीबी से फूलों की वर्षा भी की थी। जदयू ने स्पष्ट किया है कि फरक्का जल संधि के नवीनीकरण को लेकर पार्टी का मुख्य जोर बिहार के जल अधिकार और भविष्य की जरूरतों को सुरक्षित करने पर है।
दिल्ली में होने वाले 18वां BRICS शिखर सम्मेलन में विदेशी मेहमानों का भारत आना शुरू हो गया है। विदेशी महमानों को हमारे बिहार के पारंपरिक जायके से रूबरू कराया जा रहा है। सम्मेलन की वेलकम किट में बिहार के दो प्रोडक्ट्स- सत्तू और मखाना शामिल किए गए हैं। बिहार के इन दोनों प्रोडक्ट्स को ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर जगह मिलने पर CM सम्राट चौधरी ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने इसे बिहार के लिए गौरव का पल बताते हुए कहा, ‘बिहार का स्वाद अब दुनिया के सामने पहुंच रहा है।’ CM ने अपने सोशल मीडिया X हैंडल पर लिखा- नए बिहार की नई पहचान, बिहार का स्वाद अब दुनिया के सामने। BRICS Summit की वेलकम किट में शामिल सत्तू और मखाना बिहार के स्वाद, परंपरा और उद्यमिता की पहचान हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताते हुए कहा, ‘इससे लोकल टू ग्लोबल के संकल्प को मजबूती मिलेगी।’ विदेशी महमानों को जो सत्तू परोसा जा रहा है, इसके फॉउंडर बिहार के मधुबनी जिले के सचिन कुमार हैं। उन्होंने 'SATTUZ' नाम से इसकी शुरूआत 2018 में की थी। 10 साल पहले वे नौकरी छोड़कर घर पर बैठे और फिर इस बिजनेस में अपना दिमाग और समय दोनों लगाया। बिहार के आम फूड को सचिन ने कैसे बनाया खास? BRICS तक कैसे पहुंचा मधुबनी का Sattuz? 8 सालों में कितनी की कमाई? इन सारे सवालों का जवाब यहां पढ़ें… अब पढ़िए सचिन की पूरी कहानी… मुंबई की नौकरी छोड़ी, बिहार लौटकर शुरू की कारोबार की तलाश दैनिक भास्कर से बातचीत में सचिन ने बताया, मैंने 2008 में सेल्स और मार्केटिंग में MBA पूरा किया था। उस समय मैं मुंबई में बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर के रूप में काम कर रहा था। मेरी 30 हजार रुपए सैलरी थी। कारोबारियों से लगातार मुलाकात के दौरान मुझे लगा कि मैं भी अपना बिजनेस शुरू कर सकता हूं। मेरा लक्ष्य बिहार में कारोबार खड़ा करना था। 2009 में एक वर्कशॉप में ट्रेडिशनल फूड प्रोडेक्ट की बाजार क्षमता के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद मैंने नौकरी छोड़ दी और मधुबनी गांव लौट आया। शुरुआत में मैंने परिवार के कंज्यूमर ड्यूरेबल्स बिजनेस से जुड़कर काम किया। इसके बाद मैंने अपने परिवार को नए बिजनेस आइडियाज दिए, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे। बहुत सालों तक मैंने उन्हें Sattuz के लिए भी मनाया है। हालांकि, मेरी पत्नी बिजनेस आइडिया पर रिसर्च करने के दौरान बहुत साथ देती थी। रिचा ने मेरे हर फैसले में मेरा साथ दिया है।' मखाना और सत्तू में दिखा मौका, सत्तू को चुना सचिन ने आगे बताया, 'मैंने पारंपरिक खाद्य उत्पादों पर रिसर्च के दौरान महसूस किया कि मधुबनी और बिहार की पहचान वाले मखाना और सत्तू में बड़ा बाजार बनने की क्षमता है। मुझे लगा कि मखाना की पैकेजिंग और मार्केटिंग पहले से काफी विकसित हो चुकी है, लेकिन सत्तू के क्षेत्र में अभी ज्यादा प्रयोग नहीं हुए हैं। मैंने इसी अंतर को अपना बिजनेस अवसर बनाया। सत्तू मुख्य रूप से चने या जौ को भूनकर तैयार किया जाता है। बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में इसका इस्तेमाल लंबे समय से होता रहा है। मैंने इसी पारंपरिक खाद्य पदार्थ को मॉर्डन पैकेजिंग और रेडी-टू-मिक्स फॉर्म में बाजार में उतारने की योजना बनाई। सड़क किनारे मिलने वाले सत्तू का बनाया पैकेज्ड विकल्प सचिन ने बताया कि मेरे सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि सत्तू को किस शक्ल में बाजार में उतारा जाए, जिसे लोग आसानी से कहीं भी तैयार कर सकें। बिहार में सड़क किनारे मिलने वाले सत्तू की साफ-सफाई को लेकर लोगों की चिंता और शहरों में कामकाजी लोगों की सुविधा की जरूरत को मैंने बिजनेस मॉडल में शामिल किया। रिसर्च के दौरान मुझे लगा कि अगर सत्तू पहले से मिक्स होकर छोटे पैकेट में उपलब्ध हों, तो इसे सिर्फ पानी मिलाकर कुछ ही मिनट में तैयार किया जा सकता है। इस सोच के आधार पर मैंने अपनी मां की रेसिपी को आधार बनाकर प्रोडेक्ट तैयार किया। इसके बाद लैब टेस्ट कराए और फूड सेफ्टी और स्टैंडर्ड ऑथोरिटी यानी FSSAI से जरूरी मंजूरी ली। शुरुआत में दो पेपर ग्लास, दो सैशे और स्टिरर वाला ट्रैवल पैक तैयार किया, जिसकी कीमत 30 रुपए रखी थी। मीठा, जलजीरा और चॉकलेट फ्लेवर में आया सत्तू अप्रैल 2018 में Sattuz ने बाजार में कदम रखा। कंपनी ने सत्तू ड्रिंक को तीन फ्लेवर में पेश किया- मीठा, जलजीरा और चॉकलेट। प्रोडेक्ट का मॉडल काफी आसान रखा गया। सैशे में मौजूद सत्तू मिक्स में पानी मिलाकर ड्रिंक तैयार की जा सकती थी। कंपनी ने इसे प्रोटीन, फाइबर और आयरन वाले पारंपरिक खाद्य पदार्थ के रूप में पेश किया। सत्तू की ताजगी बनाए रखने के लिए सैशे पैकेजिंग का इस्तेमाल किया। प्रोडेक्ट की शेल्फ लाइफ छह महीने रखी। 2019 में मिला निवेश, Shark Tank से भी मिली पहचान सचिन ने आगे बताया, 'Sattuz के कारोबार को 2019 में बड़ा बढ़ावा मिला। अक्टूबर 2019 में कंपनी ने नई दिल्ली स्थित इंडियन एंजल नेटवर्क से फंडिंग हासिल की। IIM कोलकता इनोवेशन पार्क और बिहार इंडस्ट्रीज एसोशिएशन भी इसके निवेशकों में शामिल हुए। इसके बाद कंपनी ने अपने उत्पादों की रेंज बढ़ाने पर काम शुरू किया। 2021 में सत्तू ड्रिंक को आसानी से तैयार करने के लिए शेकर्स भी लॉन्च किए गए। दिसंबर 2021 में कंपनी ने शार्क टैंक के पहले सीजन में भी हिस्सा लिया। इस अनुभव के बाद कंपनी ने केवल पैकेज्ड सत्तू बेचने की जगह सत्तू से तैयार दूसरे प्रोडेक्ट पर भी ध्यान देना शुरू किया। सचिन की पत्नी रिचा रेसिपी डेवलपमेंट का काम देखती हैं। सत्तू की बहुउपयोगिता को देखते हुए कंपनी ने इसका इस्तेमाल लिट्टी और पराठे में करने के लिए रेडी-टू-कुक स्टफिंग मिक्स भी तैयार किया। यह मिक्स लिट्टी, पराठा और पूरी जैसे खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल किया जा सकता है। कंपनी ने 2022 में Sattuz Cafe भी ट्रायल के तौर पर शुरू किया था। अमेरिका और सिंगापुर से भी आए ऑर्डर Sattuz ने धीरे-धीरे बिहार से बाहर भी बाजार बनाया। कंपनी की बिक्री अपनी वेबसाइट के अलावा अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे ऑनलाइन मार्केटप्लेस के माध्यम से होती है। इसके उत्पाद देश के अलग-अलग हिस्सों के रिटेल स्टोरों में भी उपलब्ध कराए गए। कंपनी को अमेरिका, सिंगापुर और कुछ अन्य देशों से भी ऑर्डर मिले। हालांकि, कोरोना महामारी के दौरान कारोबार की रफ्तार प्रभावित हुई। बिक्री घटने के बावजूद कंपनी ने अपने ऑपरेशनल खर्च जारी रखे। लॉकडाउन के बाद लोगों में स्वास्थ्य, पोषण और हाइजीन को लेकर बढ़ी जागरूकता से सत्तू जैसे पारंपरिक हेल्दी फूड की मांग को फायदा मिला। पटना के फतुहा में बन रहा 5 हजार वर्गफुट का प्लांट कारोबार को बड़े स्तर पर ले जाने के लिए कंपनी ने पटना के बाहरी इलाके फतुहा में फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की योजना बनाई। करीब 5 हजार वर्गफुट में तैयार होने वाली इस यूनिट में सत्तू ड्रिंक के सैशे, बड़े पैक और स्टफिंग मिक्स तैयार किए जाने की योजना है। सचिन ने अपने कारोबार को आगे बढ़ाने में बिहार के स्टार्टअप इकोसिस्टम की भूमिका को भी अहम बताया। उनके मुताबिक, बिहार उद्योग विभाग, स्टार्टअप सेल, बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण यानी BIADA और यूनियन बैंक से उन्हें मदद मिली। कंपनी को केंद्र सरकार की PMFME योजना से भी सहायता मिली। यूनियन बैंक ने इस योजना के तहत Sattuz को 77 लाख रुपए का फाइनेंस किया था, जिसका इस्तेमाल कारोबार के विस्तार में किया जा रहा है। BRICS तक कैसे पहुंचा सत्तूज सचिन ने भास्कर से बातचीत में बताया, BIADA से मैंने पटना के फतुहा में जमीन लेकर काम शुरू किया। इसी दौरान उन्होंने मुझे BRICS के बारे में बताया। इनके जरिए ही मैं आज इस मोकाम तक पहुंचा हूं। मुझे बहुत खुशी हो रही है कि बिहार का सत्तू आज विदेशियों के जुबान से भी चखा जा रहा है। सचिन ने बताया, जब मैंने इसकी शुरूआत क, तब सिर्फ 2.5 लाख रुपए इंवेस्ट किया था। आज करीब 5 करोड़ की कमाई कर रहा हूं। आज यहां रोजाना करीब 1,500 पैकेट जलजीरा सत्तू तैयार होता है, जो बाजार में सबसे चर्चित और लोकप्रिय प्रोडक्ट है।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बिहार सेवा संकल्प अभियान 2026 की तैयारी कर रहा है, जिसमें 13 विभागीय घटक और निय
Kharif 2026 फसल क्षति पर मिलेगी आर्थिक सहायता, Bihar में 31 अक्टूबर तक करें आवेदन
माननीय मंत्री, सहकारिता विभाग, राम कृपाल यादव द्वारा आज अपने कार्यालय कक्ष से बिहार राज्य फसल सहायता योजना के अंतर्गत खरीफ 2024 मौसम के 1,17,708 लाभुक किसानों के बैंक खातों में 104 करोड़ 46 लाख 46 हजार 405 रुपये की सहायता राशि का डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया। इसे भी पढ़ें: Dhirendra Shastri के बयान के बीच Suvendu Adhikari ने खाई मछली, BJP बोली- मांसाहार विवाद अब खत्म इस अवसर पर माननीय मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि खरीफ 2024 मौसम के प्राप्त आवेदनों के सत्यापन के उपरान्त आज लाभ हेतु योग्य पाए गए 714 पंचायतों के कुल 1,17,708 लाभुक किसानों को सहायता राशि का भुगतान किया जा रहा है। साथ ही, 9 चयनित किसानों को सांकेतिक रूप से चेक प्रदान किए गए। माननीय मंत्री ने कहा कि बिहार राज्य फसल सहायता योजना राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी एवं किसान हितैषी योजनाओं में से एक है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदा अथवा अन्य कारणों से फसल की उपज में कमी होने की स्थिति में किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें संकट की घड़ी में संबल देना है। यह योजना पूर्णतः निःशुल्क है तथा इसके लिए किसानों को किसी प्रकार के प्रीमियम का भुगतान नहीं करना पड़ता है। फसल क्षति की स्थिति में मिलने वाली सहायता किसानों को आर्थिक कठिनाइयों से उबरने तथा आगामी फसल के लिए कृषि कार्य जारी रखने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करती है। माननीय मंत्री ने कहा कि वर्तमान में बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए फसल क्षति की स्थिति में आर्थिक सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से बिहार राज्य फसल सहायता योजना की भूमिका महत्वपूर्ण है। खरीफ 2026 में फसल क्षति से प्रभावित किसानों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। सभी पात्र किसानों से अपील है कि अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना 31 अक्टूबर तक अपना आवेदन अवश्य करें। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत थ्रेसहोल्ड उपज की तुलना में वास्तविक उपज में 20 प्रतिशत तक की क्षति होने पर 7,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अधिकतम 2 हेक्टेयर के लिए 15,000 रुपये तथा 20 प्रतिशत से अधिक क्षति होने की स्थिति में 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अधिकतम 2 हेक्टेयर के लिए 20,000 रुपये तक की सहायता राशि प्रदान की जाती है। सहायता राशि लाभुक किसानों के आधार-संबद्ध बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से सीधे अंतरित की जाती है। बिहार राज्य फसल सहायता योजना का संचालन पूर्णतः राज्य सरकार की निधि से किया जा रहा है। खरीफ 2024 मौसम के लिए धान एवं मकई को पंचायतस्तरीय फसल तथा सोयाबीन, आलू, बैंगन, टमाटर एवं गोभी को जिलास्तरीय फसल के रूप में अधिसूचित किया गया है। इसे भी पढ़ें: BRICS Summit पर सवाल उठाने पर BJP का Congress पर तीखा हमला रबी 2024-25 मौसम में उपज दर के आंकड़ों के आधार पर योग्य ग्राम पंचायतों के आवेदक किसानों द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों का सत्यापन जिला स्तरीय समन्वय समिति (DLCC) द्वारा कराया जा रहा है। सत्यापन के उपरांत पात्र पाए गए एवं भुगतान के लिए अनुशंसित किसानों को भी शीघ्र सहायता राशि का भुगतान किया जाएगा। इस अवसर पर सहकारिता विभाग के सचिव श्री धर्मेन्द्र सिंह, निबंधक, सहयोग समितियाँ श्री रजनीश कुमार सिंह सहित विभाग के अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।
जमुई के खैरा प्रखंड में बने नए पंचायत सरकार भवन में दरारें और प्लास्टर टूटने की शिकायत मिली थी। इसके बाद शुक्रवार को बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने भवन का निरीक्षण किया। दोपहर में मंत्री ने हॉल, कमरे, लाइब्रेरी और छत समेत कई हिस्सों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को भवन की क्वालिटी और सुरक्षा को लेकर निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद मंत्री दीपक प्रकाश ने मीडिया से बात की। उन्होंने बताया कि भवन में कई जगह मरम्मत के निशान साफ दिख रहे हैं। मंत्री ने कहा कि निर्माण कार्य में क्वालिटी का पूरा ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि दरार चाहे छोटी हो या बड़ी, वह खतरनाक हो सकती है। इसे तुरंत ठीक कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। कई जगहों पर प्लास्टर टूटे मिले मंत्री ने यह भी बताया कि पंचायत सरकार भवन भूकंपरोधी तकनीक से बना है। कुछ जगहों पर जाली नहीं लगाने के कारण समस्या आने की बात कही गई है। उन्होंने घोषणा की कि अब पूरे बिहार में उन सभी पंचायत सरकार भवनों की जांच की जाएगी, जिनका निर्माण पूरा हो चुका है और जिन्हें अभी हैंडओवर किया जाना है। जांच से संतुष्ट होने के बाद ही इन भवनों को हैंडओवर किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने छत की ढलाई के बाद प्लास्टर के काम में भी कमी पाई। कई जगहों पर प्लास्टर टूटे हुए मिले। उन्होंने इसे ठीक कराने का निर्देश दिया। लाइब्रेरी रूम में लगे बिजली के बोर्ड को भी दुरुस्त करने को कहा गया। 2.30 करोड़ से बना है पंचायत सरकार भवन मंत्री ने चेतावनी दी कि खुले और खराब हालत में लगा बिजली बोर्ड किसी के लिए भी खतरनाक हो सकता है। इसके बाद मंत्री ने भवन परिसर में पौधे लगाए। उन्होंने खैरा पंचायत के वार्ड नंबर 11 का भी निरीक्षण किया। इस मौके पर पंचायती राज पदाधिकारी वीरेंद्र कुमार के साथ कई नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद थे। यह पंचायत सरकार भवन करीब 2 करोड़ 30 लाख रुपए की लागत से बना है। इसके हैंडओवर के समय ही दीवारों में कई जगह दरारें, टूटे प्लास्टर और खराब हिस्से सामने आए थे। इसे लेकर स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि ने भी सवाल उठाए थे। मंत्री के निरीक्षण से पहले भवन में रंग-रोगन कर उसे चमका दिया गया था। इसके बाद शुक्रवार को मंत्री ने मौके पर पहुंचकर निर्माण की गुणवत्ता और कमियों की जांच की।
Bihar Medical Education Update: बिहार में PG Doctors का Stipend बढ़ा, जानिए हर साल कितना होगा फायदा
बिहार सरकार ने राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों और दंत चिकित्सा महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई कर रहे प्रशिक्षु चिकित्सकों के मासिक मानदेय में वृद्धि की है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बयान के अनुसार, प्रथम वर्ष के स्नातकोत्तर छात्रों का मासिक मानदेय 82,000 रुपये से बढ़ाकर 92,800 रुपये, द्वितीय वर्ष के छात्रों का मानदेय 90,200 रुपये से बढ़ाकर 1,02,000 रुपये तथा तृतीय वर्ष के छात्रों का छात्रों का मानदेय 99,220 रुपये से बढ़ाकर 1,12,200 रुपये कर दिया गया है। बयान में कहा गया है कि संशोधित मानदेय दरें एक जनवरी, 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी और इसका लाभ पूर्व प्रभाव से मिलेगा।स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा, “पीजी छात्र भविष्य के विशेषज्ञ चिकित्सक हैं और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। मानदेय में वृद्धि से उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा तथा चिकित्सा शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण तैयार होगा।” उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल चिकित्सा संस्थानों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसे विशेषज्ञ चिकित्सकीय मानव संसाधन का विकास करना है जो लोगों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सके।
सिंगरौली के मोरवा स्टेशन पर 15 बोतल शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार, बिहार ले जाने की थी तैयारी
11 सितंबर, शुक्रवार: सिंगरौली के मोरवा रेलवे स्टेशन पर आबकारी विभाग और RPF की संयुक्त टीम ने बिहार जा रही शराब की खेप पकड़ी। टीम ने 15 बोतल अंग्रेजी शराब के साथ बिहार निवासी पंकज कुमार को गिरफ्तार किया। आरोपी से पूछताछ कर तस्करी नेटवर्क की जांच की जा रही है।
11 सितंबर, शुक्रवार: पूर्वी चंपारण के हरसिद्धि में सोनबरसा पंचायत के गिरि टोला में आम के पेड़ से लटका मिला युवक व युवती का शव, पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
Bihar Flood से 15 जिलों में भारी तबाही, 46.88 लाख लोग प्रभावित
बिहार और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी वर्षा के कारण बाढ़ की स्थिति शुक्रवार को भी गंभीर बनी हुई है। राज्य के 15 जिलों के 46.88 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि कई नदियां विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) के शुक्रवार को जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, 15 जिलों के 88 प्रखंडों की 561 ग्राम पंचायतों की 46.88 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं। इनमें भागलपुर, पटना, सारण, वैशाली, बेगूसराय, कटिहार, पूर्णिया और बक्सर सबसे अधिक प्रभावित जिलों में से हैं। बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार, सितंबर महीने में अब तक राज्य में 90.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 20 प्रतिशत अधिक है। डीएमडी के अनुसार, भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर शुक्रवार को सुबह छह बजे 36.62 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 2.12 मीटर ऊपर है। हालांकि यहां जलस्तर में कमी आ रही है। बुलेटिन के अनुसार, गंडक नदी डुमरिया घाट, कोसी बलतरा और कुर्सेला में, बूढ़ी गंडक नदी खगड़िया, गंगा दीघा, गांधी घाट, हथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में, पुनपुन नदी श्रीपालपुर, बागमती बेनीबाद में तथा घाघरा नदी दरौली और गंगपुर सिसवन में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। विभाग ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न जिलों में 1,194 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं। इसके अलावा 15 राहत शिविर संचालित हैं, जहां 11,255 बाढ़ पीड़ितों के लिए आवास, भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
ब्रिक्स सम्मेलन में बिहार का सत्तू और मखाना, सीएम सम्राट ने पीएम नरेंद्र मोदी का आभार जताया
दिल्ली के भारत मंडपम में दो दिवसीय ब्रिक्स अंतराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में बिहार के सत्तू और मखाना को स्थान मिला है। विश्व भर से आए मेहमानों के वेलकम कीट में बिहार के स्वाद को शामिल करने के लिए सीएम सम्राट चौधरी ने पीएम नरेंद्र मोदी का आभार जताया है।
दिवाली-छठ पर बिहार जाने वालों को बड़ी राहत
पटना, 11 सितंबर 2026। दीपावली और छठ पूजा के दौरान बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। त्योहारों पर घर लौटने वाले प्रवासी लोगों की भारी भीड़ को देखते हुए बिहार सरकार ने विशेष बस सेवा शुरू करने की तैयारी की है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम यानी BSRTC की ओर […] The post दिवाली-छठ पर बिहार जाने वालों को बड़ी राहत appeared first on Rashtriya Ujala .
BRICS सम्मेलन में मेहमान चखेंगे बिहार का स्वाद, CM सम्राट बोले- नई पहचान अब दुनिया के सामने
BRICS सम्मेलन में विदेशी मेहमानों को बिहार के खास जायके, सत्तू और मखाना का स्वाद मिलेगा, जिन्हें वेलकम किट में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसे बिहार के लिए गौरव का क्षण बताया।
Bihar: ED की बड़ी कार्रवाई! गया के होटल ग्रुप पर छापेमारी
Bihar: ED की बड़ी कार्रवाई! गया के होटल ग्रुप पर छापेमारी
बिहार सरकार ने राज्य के सरकारी चिकित्सा एवं दंत महाविद्यालयों में पीजी छात्रों के मानदेय में महत्वपूर्ण वृद्धि की घोषणा की है। यह संशोधित मानदेय 1 जनवरी, 2026 से लागू होगा।
प्रवर्तन निदेशालय ने बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में बिहार, दिल्ली, गुरुग्राम, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद समेत कई शहरों में छापेमारी शुरू की है. जांच के केंद्र में गया की रामनंदी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड और SREI लोन से जुड़े मामले हैं.
Bihar Politics: नीतीश के करीबी छोटू सिंह का बड़ा दावा, बोले- अवधेश नारायण सिंह हटे तो चली जाएगी NDA सरकार
बिहार: 'शारीरिक संबंध नहीं बनाया तो वीडियो वायरल कर दूंगा', छात्रा ने जिम संचालक पर लगाया यह आरोप
Bihar Crime News: जिम संचालक पर एक छात्रा ने गंभीर आरोप लगा दिया है। छात्रा का कहना है कि अगर वह जिम संचालक का बात नहीं मानती है ताे उसका अश्लील वीडियो और फोटो वायरल कर दिया जाएगा। जिम संचालक की हालत गंभीर है।
पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार को लगाई फटकार, 16 साल तक जेल में बंद आरोपी निर्दोष निकला
कोर्ट ने समस्तीपुर के रंजीत कुमार झा नाम के शख्स को हत्या के आरोप से बरी करते हुए कहा कि सिस्टम की लापरवाही के कारण एक निर्दोष व्यक्ति 16 वर्षों से जेल में सड़ता रहा।
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच छिड़ी जुबानी जंग ने राज्य के राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है। उत्तरी बिहार के सहरसा ज़िले में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए उन्हें 'अनपढ़ अपराधी' करार दिया और कहा कि ऐसे व्यक्ति के हाथों में राज्य का शासन नहीं सौंपा जा सकता। 'बेचारा' टिप्पणी पर प्रशांत किशोर का पलटवार यह विवाद तब गहराया जब एक साक्षात्कार के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बांकीपुर के विधायक प्रशांत किशोर के लिए 'बेचारा' शब्द का इस्तेमाल किया था। इस टिप्पणी पर तंज कसते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, सम्राट चौधरी का मुझे 'बेचारा' कहना बिल्कुल सही है, क्योंकि मेरे पास उनके जैसे 'अनपढ़ अपराधी' से बिहार को मुक्त कराने के लिए संघर्ष करने के अलावा और कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। निजी हमलों से परे व्यवस्था परिवर्तन की लड़ाई चुनावी रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्तिगत रंजिश का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह बिहार में बेहतर शासन और व्यवस्था परिवर्तन का संकल्प है। उन्होंने तर्क दिया कि जब सत्ता की बागडोर ऐसे प्रशासनिक अनुभवहीन और विवादित छवि वाले नेताओं के हाथों में होगी, तो राज्य के युवाओं का पलायन, बदहाल शिक्षा प्रणाली और आर्थिक पिछड़ापन खत्म नहीं हो सकता। इसे भी पढ़ें: Mundhwa land deal: Rohit Pawar बोले, Parth Pawar को अब पता चलेगी BJP की राजनीति बिहार की राजनीति में नए ध्रुवीकरण के संकेत जन सुराज के बैनर तले बिहार के ज़िलों का दौरा कर रहे प्रशांत किशोर लगातार सत्तारूढ़ एनडीए और पारंपरिक राजनीतिक दलों पर हमलावर रहे हैं। सहरसा में दिया गया यह बयान केवल एक तीखी टिप्पणी नहीं है, बल्कि यह संकेत देता है कि आने वाले समय में जन सुराज पार्टी राज्य के मुख्य राजनीतिक चेहरों की कार्यशैली और योग्यता को सीधे जनता की अदालत में चुनौती देने की आक्रामक रणनीति पर काम कर रही है। इसे भी पढ़ें: CEC Gyanesh Kumar का वादा, अगले Lok Sabha चुनाव से पहले सुलझेंगी नाम कटने की सभी शिकायतें बिहार की राजनीति में नए ध्रुवीकरण के संकेत जन सुराज के बैनर तले बिहार के ज़िलों का दौरा कर रहे प्रशांत किशोर लगातार सत्तारूढ़ एनडीए और पारंपरिक राजनीतिक दलों पर हमलावर रहे हैं। सहरसा में दिया गया यह बयान केवल एक तीखी टिप्पणी नहीं है, बल्कि यह संकेत देता है कि आने वाले समय में जन सुराज पार्टी राज्य के मुख्य राजनीतिक चेहरों की कार्यशैली और योग्यता को सीधे जनता की अदालत में चुनौती देने की आक्रामक रणनीति पर काम कर रही है।
Bihar Floods: भागलपुर में 2 जगह तटबंध टूटे, 44 लाख की आबादी पर संकट; सब्जी-राशन की किल्लत
बिहार के 14 जिलों के 85 प्रखंडों की 533 ग्राम पंचायतों में लगभग 44 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है। इस बीच भागलपुर के नवगछिया में बारिश और कोसी नदी में दबाव के कारण गुरुवार की रात दो स्थानों पर तटबंध टूट गया।
Bihar के Vaishali में निर्माणाधीन NHAI पुल का ढांचा और बीम लॉन्चर गिरा, मजदूर घायल
बिहार के वैशाली जिले में बृहस्पतिवार को निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा और मशीन (बीम लॉन्चर) गिरने से कम से कम सात मजदूर घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सभी घायलों को नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि सुबह लालगंज क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा गिर गया और इस घटना में सात लोग घायल हो गये। उन्होंने कहा कि सभी घायलों को मामूली चोटें आई हैं। उन्होंने कहा कि मौके पर अधिकारी मौजूद हैं और घटना की जांच की जा रही है। यह पुल भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा बनाया जा रहा है। हादसे के बाद एनएचएआई ने एक बयान में कहा, “राष्ट्रीय राजमार्ग-139डब्ल्यू पर पुल निर्माण के दौरान मशीन (लॉन्चर) को स्थानांतरित करते समय बृहस्पतिवार को यह घटना हुई।”प्राधिकरण ने कहा कि हादसे में पुल की संरचना को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और कार्यस्थल पर मौजूद चार मजदूर घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल निकटतम अस्पताल भेजा गया। उसने कहा कि परियोजना की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रही है। एनएचएआई ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों और कार्यप्रणालियों की पुन: समीक्षा की जा रही है। इस बीच, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “बिहार में एक और पुल गिर गया। भ्रष्टाचार के बोझ तले निर्माणाधीन पुल ढहने से करीब आधा दर्जन मजदूर दब गए और घायल हुए हैं। कई मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है।’’तेजस्वी ने कहा, ‘‘घटिया निर्माण सामग्री, खराब गुणवत्ता, मानकों की अनदेखी, निरीक्षण में अनियमितता और राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) नेताओं की भ्रष्ट भूमिका लगातार पुल गिरने की मुख्य वजह है। हमेशा की तरह भ्रष्ट राजग सरकार इस बार भी भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने का प्रयास करेगी।”जिलाधिकारी ने कहा, “जिला प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक जांच में उपकरण में यांत्रिक खराबी के कारण हादसा होने की बात सामने आई है। पुल निर्माण एजेंसी को नियमानुसार कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।”उन्होंने अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात भी की। इस बीच, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि वह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बात करेंगे और आग्रह करेंगे कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए निर्माणाधीन ढांचों की गुणवत्ता की गहन जांच सुनिश्चित की जाए। पासवान ने कहा, “ऐसी घटनाओं से कभी-कभी हमें भी शर्मिंदगी महसूस होती है।
दूसरों का करते हैं कल्याण, खुद बैठने की जगह नहीं; बिहार के बीपीएससी पास BWO का छलका दर्द
बिहार में एससी-एसटी के कल्याण के लिए कार्य करने वाले कल्याण पदाधिकारियों की समस्या बड़ी है। राज्य के 534 प्रखंडों में से कहीं भी इनका स्थायी ठौर नहीं है।
मुख्यमंत्री सम्राट ने कहा:फरक्का समझौते में बिहार के हितों का ध्यान रहे, ताकि सालभर गंगाजल मिले
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि इस साल के अंत में होने वाले फरक्का जल समझौते के रिन्युअल में बिहार के हितों का पूरा ध्यान रहे। बांग्लादेश के साथ इस जल समझौते में ऐसा प्रावधान कराने का प्रयास किया जाएगा, जिससे बिहार को जरूरत के अनुसार सालभर गंगा का पानी मिले। अभी केवल चार महीने (जुलाई से अक्टूबर) ही पानी लेने का प्रावधान है। वे गुरुवार को गंगटा मोड़ (मुंगेर) पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने फरक्का बराज पर जमा गाद (सिल्ट) की समस्या के समाधान और बक्सर से भागलपुर तक गंगा के जल प्रबंधन को बाढ़ नियंत्रण के लिए जरूरी बताया। आदिवासियों की समस्या का समाधान हो : मुख्यमंत्री ने भीम बांध में आदिवासियों से संवाद कर पेयजल, सड़क, स्कूल और सिंचाई नहर की समस्याओं को तुरंत हल करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री की खास बातें-घोषणाएं बाढ़ व जल प्रबंधन : सीएम ने कहा- बिहार के 13 जिलों की 30 लाख से अधिक आबादी बाढ़ से प्रभावित है। बक्सर से भागलपुर तक गंगा की चौड़ी होती धारा को नियंत्रित कर स्थायी समाधान निकाला जाएगा। बिहार-झारखंड के 25 साल पुराने जल विवाद को सुलझाने की दिशा में पहल हुई है। सड़क व पर्यटन विकास : मुख्यमंत्री ने एनएच-333 के गंगटा से कोहबरवा मोड़ (10 किमी) तक सड़क चौड़ीकरण का शिलान्यास किया। कहा- इसका उद्घाटन अगले वर्ष सितंबर में होगा। भीम बांध ईको टूरिज्म : सम्राट ने कहा- मुंगेर-जमुई वन क्षेत्र को 150 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया जाएगा। भीम बांध में ट्रैकिंग, होटल व अंतरराष्ट्रीय सुविधाएं बनेंगी। स्वास्थ्य एवं शिक्षा : 1 सितंबर से 30 नवंबर तक 6.5 करोड़ लोगों की स्वास्थ्य जांच होगी। 17 सितंबर से सेवा संकल्प कायाकल्प अभियान' के तहत स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में आधारभूत संरचना व शौचालयों का निर्माण होगा। बिहार विद्यार्थी साथी एप' से 24 घंटे शैक्षणिक मदद होगी। न्यायालय व योजनाएं : मुख्यमंत्री ने कहा- इसी महीने तारापुर और हवेली खड़गपुर में कोर्ट शुरू होगा। बाढ़-सुखाड़ के स्थायी समाधान का प्रयास फरक्का जल समझौता और सिल्ट का मुद्दा उठाकर राज्य सरकार ने बाढ़-सुखाड़ के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा दांव चला है। 150 करोड़ के ईको-टूरिज्म प्रोजेक्ट और बुनियादी घोषणाओं के जरिए मुंगेर-जमुई के आदिवासी और ग्रामीण अंचलों में विकास की पकड़ मजबूत करने की रणनीति साफ दिखती है।
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Bihar Flood: 14 जिलों में नदियां उफान पर, 44 लाख लोग घिरे
बिहार के 14 जिलों में बाढ़ से लगभग 44 लाख लोग प्रभावित हैं और गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि भागलपुर जिले में बाढ़ के कारण एक ही परिवार के चार लोगों समेत पांच व्यक्तियों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण नदियां और जलधाराएं उफान पर हैं। भागलपुर जिले के बाइपास थाना क्षेत्र के कोइली खुटाहा गांव में बाढ़ के पानी में डूबने से पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं। सबसे अधिक प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय और बक्सर शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार सितंबर में अब तक राज्य में 90 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 20 प्रतिशत अधिक है। इस बीच बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने वैशाली जिले के राघोपुर स्थित अपने विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर लोगों से मुलाकात की। उन्होंने राज्य सरकार पर असंवेदनशील होने का आरोप लगाते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है। वहीं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पत्नी ममता चौधरी ने मुख्यमंत्री के गृह जिले मुंगेर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने सामुदायिक रसोई का निरीक्षण कर राहत व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उनके दौरे के कथित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुई, हालांकि ‘पीटीआई भाषा’ उनकी प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका। इस संबंध में भाजपा का कोई नेता टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं हो सका। आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) के अनुसार, विभिन्न जिलों में लगातार बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और कई स्थानों पर वे खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। विभाग के बयान के मुताबिक, पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अररिया जिलों के 85 प्रखंडों की 527 ग्राम पंचायतों में लगभग 43.64 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, सितंबर में अब तक राज्य में 83.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 24 प्रतिशत अधिक है। डीएमडी के बुलेटिन के अनुसार, भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार सुबह छह बजे 36.72 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 2.22 मीटर ऊपर है। हालांकि, जलस्तर स्थिर बना हुआ है। गंडक नदी डुमरिया घाट, कोसी नदी बलतारा और कुरसेला, बूढ़ी गंडक खगड़िया तथा गंगा नदी दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। पुनपुन नदी श्रीपालपुर, बागमती बेनीबाद तथा घाघरा नदी दरौली और गंगपुर सिसवन में भी खतरे के स्तर से ऊपर है। विभाग ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न जिलों में 951 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा 15 राहत शिविरों में 11,255 बाढ़ पीड़ितों के लिए आवास, भोजन, चिकित्सा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अब तक प्रभावित लोगों के बीच 2.57 लाख पॉलीथीन शीट और 40,600 सूखा राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए 1,932 नाव संचालित की जा रही हैं, जबकि 6,692 क्विंटल पशु चारा भी वितरित किया गया है। बयान के अनुसार, बृहस्पतिवार सुबह छह बजे गंडक बैराज से 77,600 क्यूसेक, कोसी बैराज से 1,40,240 क्यूसेक और इंद्रपुरी बैराज (सोन नदी) से 72,095 क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया। तीनों स्थानों पर प्रवाह की स्थिति स्थिर बनी हुई है। संभावित बाढ़ और त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों को देखते हुए राज्य के विभिन्न जिलों में 27 एसडीआरएफ और 10 एनडीआरएफ टीम की तैनाती की गई है। बिहार मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले दो दिनों के दौरान राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा का पूर्वानुमान जताया है।
दरभंगा श्यामा मंदिर वित्तीय गड़बड़ी, पूर्व अधिकारियों ने जांच समिति के सामने रखा अपना पक्ष
Bihar Temple Trust Scam: दरभंगा के श्यामा मंदिर न्यास में वित्तीय अनियमितता मामले में पूर्व अधिकारियों ने जांच समिति के समक्ष अपना पक्ष रखा। अपर समाहर्ता रोहित कुमार की अध्यक्षता वाली समिति अब प्रस्तुत स्पष्टीकरणों और दस्तावेजों की विस्तृत समीक्षा कर रही है।
पानी घटा, खतरा नहीं टला: बिहार में गंगा लाल निशान से 1.38 तो पुनपुन 1.80 मीटर ऊपर
गंगा, सोन और पुनपुन नदियों का जलस्तर लगातार घट रहा है, लेकिन ये अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे बाढ़ का खतरा बना हुआ है। पटना के गांधी घाट, दीघा घाट और मनेर में गंगा तथा श्रीपालपुर में पुनपुन नदी लाल निशान से काफी ऊपर है, प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।
संपूर्ण क्रांति डायवर्ट, तेजस राजधानी भी होगी लेट; 12 सितंबर को बिहार की कई ट्रेनों पर असर
नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के कारण 11 से 13 सितंबर तक ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया गया है। इससे बिहार से जुड़ी कई ट्रेनें वैकल्पिक मार्गों से चलेंगी और कुछ के समय में भी परिवर्तन होगा, यात्रियों को यात्रा से पहले जानकारी जांचने की सलाह दी गई है।
बिना डिग्री के हर महीने 4 लाख की कमाई! बिहार के 20 साल के लड़के ने इंटरनेट पर मचाया तहलका; कहानी वायरल
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय आ रहे कुलाधिपति सह राज्यपाल, कई योजनाओं का करेंगे उद्घाटन
Bihar Governor BRABU Visit: राज्यपाल सह कुलाधिपति सय्यद अता हसनैन बीआरए बिहार विश्वविद्यालय का दौरा करेंगे। इस दौरान वे विवेकानंद प्रतिमा, नए पार्क, आईटी सेल भवन और महाराजा गेट का उद्घाटन करेंगे, साथ ही छात्रों व प्राध्यापकों से संवाद भी करेंगे।
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में 22 सितंबर से शुरू होगी एलएलबी व प्री लॉ की परीक्षा
Bihar University Pre Law Exam: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय ने एलएलबी और प्री-लॉ परीक्षाओं का आधिकारिक कार्यक्रम जारी कर दिया है। ये परीक्षाएं 22 सितंबर से शुरू होकर 12 अक्टूबर तक दो पालियों में आयोजित की जाएंगी।
मुजफ्फरपुर में 4.55 लाख पेंशनधारियों को मिली 54 करोड़ की सौगात, मनाया गया पेंशन उत्सव
Bihar Pension Scheme: मुजफ्फरपुर में 4.55 लाख पेंशनधारियों के खातों में 54 करोड़ रुपये सीधे हस्तांतरित किए गए, जिसे 'पेंशन उत्सव' के रूप में मनाया गया। इस पहल से वृद्धजनों, विधवाओं और दिव्यांगजनों में उत्साह है।
अमेरिका को चुभता BRICS, भारत के लिए कितना फायदेमंद?
12 तारीख से दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन शुरू होने जा रहा है। जिसमें शामिल होने के लिए रूस, चीन समेत दुनिया के कई देशों के राष्ट्र प्रमुख यहां पर आ रहे हैं। लेकिन समिट शुरू होने से पहले ब्रिक्स समिट को लेकर पी चिदंबरम ने कहा कि हालिया बैठकों से कोई बड़ा नतीजा नहीं निकला। बीजेपी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि जरा 1947 से लेकर के 2014 तक का हिसाब भी देख लीजिए। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने के लिए भारत आ रहे हैं और 7 साल के बाद यह शी जिनपिंग का भारत दौरा होगा। इसे भी पढ़ें: BRICS Summit में दिखेगी India Story की झलक, Bihar के सत्तू से Odisha की कॉफी तक MEA की खास पहल 7 साल बाद जिनपिंग का भारत आना क्या पुराने विवादों को खत्म कर देगा, सुलझा देगा? शी जिनपिंग का यह दौरा भारत और चीन के रिश्तों में आई तल्खी के बाद काफी अहम माना जा रहा है। 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था। इसके बाद सीमा पर सैन्य तैनाती के साथ-साथ दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों में भी खिंचाव देखने को मिला। अगर 12 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक होती है, तो गलवान की घटना के बाद दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने द्विपक्षीय बातचीत होगी। इसके अलावा शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत आएंगे। 2020 के सीमा विवाद के बाद यह उनका पहला भारत दौरा होगा। डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए ब्रिक्स समिट में क्या कोई बड़ा फैसला लिया जाएगा? भारत इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में सम्मेलन की मेजबानी भारत की जिम्मेदारी है। यही वजह है कि वाशिंगटन की नजर भी दिल्ली पर टिकी हुई है। इसमें डर की बात है कि दिल्ली में ईरान की एंट्री और क्या यही अमेरिका की बेचैनी बढ़ा रही है। दरअसल दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाली जो ब्रिक्स समिट है पूरी दुनिया की नजर जरूर है। लेकिन सबसे ज्यादा नजर अगर किसी की है तो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की। वजह साफ है ब्रिक्स का बढ़ता दायरा, डॉलर से दूरी की कोशिश और भारत की मेजबानी में रूस, चीन और ईरान जैसे देशों का एक मंच पर आना। इसे भी पढ़ें: BRICS Summit के लिए छावनी बनी New Delhi, 15000 जवानों और Multi-layer Security के साथ अभेद्य सुरक्षा घेरा ईरान की मौजूदगी क्या अमेरिका की टेंशन को बढ़ा रही है? हालांकि उसमें करीब 11 देश हैं। लेकिन ये जो तीन चार नाम है भारत को छोड़कर रूस, चीन, ईरान यहीं पर तो फंसी है ट्रंप की जान। ट्रंप पहले ही ब्रिक्स को लेकर कई बार नाराजगी जता चुके हैं। 100% तक टेरिफ की धमकी दे चुके हैं। दिल्ली में इस बार मंच पर ग्लोबल साउथ की बड़ी उभरती इकॉनमीज़ एक साथ होंगी। भारत इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। 12 13 सितंबर को नई दिल्ली में सम्मेलन की मेजबानी भी वो करेगा और यही वजह है कि वाशिंगटन की नजर भी दिल्ली पर टिकी हुई है। ब्रिक्स अब सिर्फ ब्राजील, रशिया, इंडिया, चाइना और साउथ अफ्रीका तक सीमित नहीं है। ईरान समेत कई देश इसका एक हिस्सा बन चुके हैं। यानी एक ऐसा मंच जिसकी आर्थिक और राजनीतिक पहुंच लगातार बढ़ती जा रही है, स्प्रेड हो रही है। विस्तार उसका हो रहा है। यही विस्तार अमेरिका के लिए चिंता का कारण है। खासकर इसलिए भी क्योंकि ब्रिक्स के भीतर कुछ देश दुनिया को मौजूदा आर्थिक व्यवस्था जो है तो कुछ देश ऐसे हैं जो उसमें व्यवस्था में बदलाव की बात करते हैं।
जब मुगल बादशाह भी दीवाने हो गए! पढ़िए बिहार के मनेर लड्डू और 52 परतों वाले खाजे की कहानी
Bihar Famous Sweets:बिहार की मिठाइयां सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि यहां की संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग हैं।आइए जानते हैं बिहार की उन प्रमुख मिठाइयों के बारे में, जिन्होंने अपनी प्रामाणिकता और अनूठे जायके के दम पर सरहदों के पार भी अपनी विशेष पहचान बनाई है।
BRICS Summit में दिखेगी India Story की झलक, Bihar के सत्तू से Odisha की कॉफी तक MEA की खास पहल
इस वीकेंड राजधानी में होने वाले 18वें ब्रिक्स समिट में भारत की विविध सांस्कृतिक और खान-पान की परंपराओं की कुछ झलकियाँ भी देखने को मिलेंगी। इनमें बिहार का पारंपरिक सत्तू, ओडिशा के कोरापुट की पहाड़ियों में उगाई जाने वाली कॉफी और गुजरात की बेहतरीन हस्तकलाएँ शामिल हैं। 12-13 सितंबर को होने वाले इस समिट के लिए भारत और दुनिया भर से पत्रकार राजधानी में जुट रहे हैं। उन्हें दी गई ब्रिक्स मीडिया किट में सिर्फ़ जानकारी ही नहीं, बल्कि देश की अलग-अलग परंपराओं, स्थानीय उत्पादों और कारीगरों के हुनर की झलक भी दिखाई गई है। यह विदेश मंत्रालय (MEA) की एक पहल है, जिसका मकसद अलग-अलग राज्यों के उत्पादों के ज़रिए अंतरराष्ट्रीय मीडिया के सामने भारत की एक झलक पेश करना है। इसे भी पढ़ें: BRICS Summit के लिए Delhi Police ने कसी कमर, सुरक्षा में तैनात होंगे 15000 जवान मीडिया किट और समिट की तैयारियों के पीछे के विचार के बारे में ANI से बात करते हुए, MEA में PR के OSD वासुदेव रवि ने कहा कि इस पहल का मकसद भारत की विविधता को दिखाना और जिसे उन्होंने इंडिया स्टोरी कहा, उसे बताना था। रवि ने कहा, यह हमारे लिए 'इंडिया स्टोरी' को दिखाने और मीडिया में अपने साथियों के साथ-साथ इंटरनेशनल प्रेस से जुड़ने वाले लोगों के सामने भारत के अलग-अलग पहलुओं को उजागर करने का एक मौका है। इसलिए, हमने तीन राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम किया है और हमारी कोशिश पारंपरिक खाने-पीने की चीज़ों को दिखाने की रही है। बहुत सोच-समझकर चुने गए इन प्रोडक्ट्स में देश के अलग-अलग हिस्सों की चीज़ें शामिल हैं - जैसे बिहार का सत्तू और मखाना, ओडिशा की कोरापुट कॉफ़ी और गुजरात की हैंडीक्राफ्ट्स (हाथ से बनी चीज़ें)। इन चीज़ों ने मीडिया किट को भारत की क्षेत्रीय पहचान दिखाने वाले एक छोटे से शोकेस में बदल दिया है। बिहार सरकार के हमारे साथियों ने पारंपरिक ड्रिंक 'सत्तू' और बिहार की बहुत मशहूर उपज 'मखाना' उपलब्ध कराया है। हमने कोरापुट की कॉफ़ी दिखाने के लिए ओडिशा सरकार के साथ साझेदारी की है और गुजरात सरकार के साथ भी मिलकर काम किया है, जिसने राज्य में मौजूद हुनर और हैंडीक्राफ्ट्स को दिखाने के लिए कई तरह की हाथ से बनी चीज़ें उपलब्ध कराई हैं। हमारी कोशिश भारत को दिखाने और 'इंडिया स्टोरी' को बताने की है।
गांव के गांव डूबे, लाखों लोग बेघर... बिहार में बाढ़ से बिगड़े हालात
अब बात बाढ़ की. जिसने बिहार में भारी तबाही मचा रखी है. नदियों का पानी बस्तियों में घुस गया है. लोग घरों को छोड़ने के लिए मजबूर हो गए हैं. बाढ़ से हालात पूरी तरह बिगड़ गए हैं और लाखों लोग बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं. देखें ये रिपोर्ट.
लखनऊ से सऊदी अरब के दम्मम जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट को गुरुवार को बम की धमकी मिलने के बाद अहमदाबाद एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी, जिससे सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। धमकी मिलने के बाद विमान को सुरक्षित रूप से एक अलग इलाके (आइसोलेशन एरिया) में ले जाया गया और एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, विमान में एक टिश्यू पेपर मिला जिस पर बम लिखा था, जिसके बाद विमान का रास्ता बदल दिया गया। इसे भी पढ़ें: North India में भारी बारिश से Delhi-NCR में भरा पानी, UP और Bihar में बाढ़ का संकट यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए। अधिकारी सुरक्षा प्रक्रिया के तहत विमान की ज़रूरी जांच कर रहे हैं। अहमदाबाद पुलिस ने बताया कि लखनऊ से दम्मम जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E 97 की अहमदाबाद एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई, क्योंकि विमान में बम होने की धमकी मिली थी। पुलिस के अनुसार, क्रू के एक सदस्य को कागज़ का एक टुकड़ा मिला जिस पर बम लिखा था, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया। फ्लाइट में 107 यात्री और क्रू के छह सदस्य सवार थे; सभी सुरक्षित हैं और उन्हें एयरपोर्ट के टर्मिनल 2 पर ले जाया गया। स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG), स्थानीय पुलिस और CISF के जवानों ने विमान की जांच की। पुलिस ने बताया कि विमान में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।
भूदान का सपना, बिहार की जमीन का सच
भूदान आंदोलन के 75 साल The post भूदान का सपना, बिहार की जमीन का सच appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
Bihar का पानी 30 साल से चोरी! Sanjay Jha ने Bangladesh संधि पर रोक की मांग की
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने गुरुवार को केंद्र सरकार से अपील की कि वह दिसंबर में खत्म होने वाली बांग्लादेश के साथ गंगा जल-बंटवारे की संधि को रिन्यू न करे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन दशकों से बिहार के हिस्से का पानी चुराया जा रहा है। 'नीतीश संवाद यात्रा' के पहले चरण के पूरा होने के बाद पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए झा ने कहा कि यह मुद्दा बिहार के लिए अहम है और आरोप लगाया कि राज्य को उसके पानी का बड़ा हिस्सा नहीं दिया गया है। इसे भी पढ़ें: Bihar में बिजली की Peak Demand 9.5 GW तक पहुंची, आपूर्ति में बड़ा सुधार झा ने कहा कि यह मुद्दा राज्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। जहां भारत के राज्य पानी के बंटवारे के मुद्दों पर आपस में कड़ा संघर्ष करते हैं, वहीं बिहार का पानी 30 वर्षों से चुराकर बांग्लादेश भेजा जा रहा है। यात्रा के पहले चरण में बक्सर, भोजपुर, बेगूसराय और खगड़िया जिले शामिल थे। यह यात्रा कटिहार में खत्म होने से पहले गंगा के किनारे बसे 12 ज़िलों से होकर गुज़रेगी। झा, JD(U) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और पार्टी के दूसरे नेताओं के साथ, यात्रा के अगले चरण में सारण, पटना, वैशाली, समस्तीपुर, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार का दौरा करेंगे। राज्यसभा सांसद झा ने कहा कि यात्रा के पहले चरण में पार्टी को लोगों का ज़बरदस्त समर्थन और भागीदारी मिली, जिससे पता चलता है कि यह मुद्दा लोगों के बीच ज़ोर पकड़ रहा है। 12 दिसंबर, 1996 को भारत और बांग्लादेश के बीच हुई गंगा जल-बंटवारा संधि, 30 साल का एक समझौता है जो फरक्का बैराज पर सूखे के मौसम में पानी के बहाव के बंटवारे को तय करता है। इसे भी पढ़ें: Bihar में भवन निर्माण नियमों का Draft तैयार, कम जोखिम वाले भवनों को मिलेगा Self-Certification झा ने दावा किया कि इस समझौते के तहत, बांग्लादेश को 1 जनवरी से 31 मई के बीच 1,500 क्यूमेक पानी पक्का मिलता है, जबकि इसी मौसम में बिहार के बक्सर में सिर्फ़ 400 क्यूमेक पानी ही पहुँचता है। एक क्यूमेक का मतलब है प्रति सेकंड 1,000 लीटर पानी। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका मतलब है कि बिहार का अपना 1,100 क्यूमेक पानी बांग्लादेश चला जाता है। झा ने केंद्र से अपील की कि इस संधि को आगे न बढ़ाया जाए और कहा कि अगर इसे बढ़ाया जाता है, तो 2050 तक राज्य की पानी की अनुमानित जरूरतों को ज़रूर ध्यान में रखा जाना चाहिए। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
SC का सुरक्षा कवच हटते ही West Bengal CID का एक्शन, Abhishek Banerjee के PA Sumit Roy गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल CID ने गुरुवार को झारग्राम में ज़मीन घोटाले के मामले में तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के पर्सनल असिस्टेंट सुमित रॉय को गिरफ़्तार किया। यह गिरफ़्तारी तब हुई जब सुप्रीम कोर्ट ने उसी दिन इस मामले में रॉय को अग्रिम ज़मानत देने से इनकार कर दिया। गिरफ़्तारी के बाद अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर सुरक्षाकर्मी और मीडिया जमा हो गए। पश्चिम बंगाल विधानसभा में बोलते हुए सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से मिली सुरक्षा हटाए जाने के बाद रॉय को 121, कालीघाट रोड स्थित TMC ऑफिस से गिरफ्तार किया गया। इसे भी पढ़ें: Bihar में बिजली की Peak Demand 9.5 GW तक पहुंची, आपूर्ति में बड़ा सुधार अधिकारी ने कहा, सुप्रीम कोर्ट की सुरक्षा हटाए जाने के बाद CID ने सुमित रॉय को तृणमूल कांग्रेस के कालीघाट रोड स्थित ऑफिस (121 कालीघाट रोड) से गिरफ्तार किया है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि रॉय, अभिषेक बनर्जी के लिए पैसे इकट्ठा करने में शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया, वह उनके भतीजे के लिए पैसे इकट्ठा करने वाले व्यक्ति थे। सुमित रॉय 'टोला भतीजा' के नंबर वन कलेक्टर हैं। पश्चिम मेदिनीपुर ज़िले की एक अदालत ने 15 जून को सुमित रॉय के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट जारी किया था, जिसके बाद उन्होंने गिरफ़्तारी से पहले ज़मानत के लिए पहले कलकत्ता हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया। इसे भी पढ़ें: Salboni Land Scam: TMC को बड़ा झटका, Abhishek Banerjee के PA Sumeet Roy अरेस्ट 6 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने रॉय को स्पेशल लीव पिटिशन (SLP) दायर करने की इजाज़त दे दी और अगली सुनवाई तक उनकी गिरफ़्तारी पर रोक लगा दी। CID की यह कार्रवाई झारग्राम में ज़मीन के कथित घोटाले की चल रही जांच का हिस्सा है।
बिहार में JDU का नाम बदलकर 'जनता दल नीतीश' करने की मांग ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। संजय झा ने खगड़िया में यह प्रस्ताव रखा, जिससे पहले बख्तियारपुर को 'नीतीशपुर' करने की मांग के बाद नई बहस छिड़ गई है।
Bihar में बिजली की Peak Demand 9.5 GW तक पहुंची, आपूर्ति में बड़ा सुधार
बिहार में बिजली की अधिकतम मांग करीब 9.5 गीगावाट तक पहुंच गई है और सरकार भविष्य की बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए लगातार तैयारी कर रही है। राज्य के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय राजधानी में बंगाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के ऊर्जा सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि पहले ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती थी। मंत्री ने कहा कि लगातार बिजली आपूर्ति उनकी सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। राज्य ने बिजली क्षेत्र में प्रगति की है और आज शहरी क्षेत्रों में 23 से 24 घंटे, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 22 से 23 घंटे बिजली की आपूर्ति हो रही है। उन्होंने कहा, ‘‘बिहार 2.22 करोड़ उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति कर रहा है और 9,475 मेगावाट की अधिकतम मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया है।’’कुमार ने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य के हर घर तक बिजली पहुंचाना है और भविष्य की बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए बिजली के बुनियादी ढांचे का निर्माण जारी रखा जाएगा। केंद्र की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के बारे में उन्होंने कहा कि राज्य में यह पहल अच्छी तरह आगे बढ़ रही है। सरकार का लक्ष्य इस साल 10 लाख घरों में सौर ऊर्जा की सुविधा उपलब्ध कराना है।
IMD Rain Forecast: देशभर में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर एक्टिव हो गई हैं। मौसम विभाग के लेटेस्ट अपडेट के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे तटीय इलाकों के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक इस नए मौसमी सिस्टम के असर से ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल सहित देश के कई राज्यों में बारिश का नया दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी करने के साथ-साथ मध्य भारत और पूर्वी भारत के विस्तृत हिस्सों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी है।पिछले 24 घंटों में बदला मौसम, पूर्वी यूपी में भारी अतिवृष्टिबंगाल की खाड़ी में बने इस सिस्टम का असर बीते 24 घंटों के दौरान भी देखने को मिला है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक की बेहद भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और बिहार के अलग-अलग इलाकों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई है।बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ निम्न दबाव का क्षेत्रमौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे बांग्लादेश तट पर एक ऊपरी हवा का साइक्लॉनिक सर्कुलेशन बना हुआ था। इसके प्रभाव से 10 सितंबर की सुबह उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बन गया।ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्टनिम्न दबाव प्रणाली का सबसे सीधा और गंभीर असर ओडिशा और छत्तीसगढ़ पर पड़ने जा रहा है। मौसम विभाग ने 10 सितंबर को ओडिशा के कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई है। इसके साथ ही 10 और 11 सितंबर को ओडिशा और छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।छत्तीसगढ़ में 10 से 14 सितंबर तक व्यापक बारिश का क्रम जारी रहेगा जबकि मध्य प्रदेश में 11 से 14 सितंबर के बीच गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 12 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।बिहार, झारखंड, बंगाल और उत्तर-पश्चिम भारत का हालपूर्वी भारत के राज्यों की बात करें तो बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 10 से 13 सितंबर के दौरान अधिकांश जगहों पर हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में 10 और 11 सितंबर को भारी बारिश होगी जबकि बिहार में 10 सितंबर को तेज बौछारें पड़ने के आसार हैं।उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी एवं मैदानी क्षेत्रों में भी मानसून की सक्रियता बढ़ेगी। उत्तराखंड में 10 से 13 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना है। वहीं 13 से 15 सितंबर के बीच पूर्वी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी गरज-चमक के साथ छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।दक्षिण भारत, गुजरात और पूर्वोत्तर राज्यों में भी अलर्टदक्षिण भारत के तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 10 और 11 सितंबर को 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना में भी अगले कुछ दिनों तक आंधी-तूफान के साथ बारिश की स्थिति बनी रहेगी। तटीय आंध्र प्रदेश में 10 सितंबर को मौसम गर्म और उमस भरा भी रह सकता है।पश्चिम भारत में कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात क्षेत्र में 12 से 15 सितंबर के दौरान भारी बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। पूर्वोत्तर राज्यों असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 10 से 15 सितंबर तक लगातार बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।समुद्र में खराब रहेगी स्थिति, मछुआरों के लिए चेतावनीखराब मौसम और तेज हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। 12 सितंबर तक पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बांग्लादेश और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और उत्तर-पश्चिम और मध्य बंगाल की खाड़ी में 40 से 50 किमी प्रति घंटे से लेकर 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।ये भी पढ़ें- Mumbai cat killings: मुंबई में बिल्लियों की बेरहमी से हत्या से सनसनी, करीब 20 शव मिले; PETA ने आरोपी की गिरफ्तारी पर ₹50 हजार इनाम घोषित कियाइसके चलते समुद्र में स्थिति काफी अशांत रहेगी। इसके अलावा अरब सागर में सोमालिया, ओमान तथा गुजरात तट से सटे इलाकों में 13 से 15 सितंबर के दौरान तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन अवधि के दौरान गहरे समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है।
सूखा भी, सैलाब भी: बिहार में धान रोपनी के बीच मानसून का अजीब खेल
बिहार में मानसून की विदाई करीब है, लेकिन बारिश का वितरण अत्यधिक असमान रहा है, जिससे किसी भी जिले में सामान्य से 60% बारिश भी दर्ज नहीं हुई है।
फ्रांस दिखा रहे थे लोकेशन, बिहार में छिपकर चला रहे थे ठगी का खेल
पटना, 10 सितंबर2026 । बिहार में साइबर ठगी के एक बड़े मामले की जांच में पुलिस को ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने जांच एजेंसियों को भी हैरान कर दिया। करीब 2.5 करोड़ रुपये की ठगी से जुड़े गिरोह के दो कथित मास्टरमाइंड बिहार में ही छिपे हुए थे, लेकिन तकनीकी जांच के दौरान उनकी लोकेशन […] The post फ्रांस दिखा रहे थे लोकेशन, बिहार में छिपकर चला रहे थे ठगी का खेल appeared first on Rashtriya Ujala .
बिहार में 70 से घटकर 53 तक आई चीनी, त्योहार से पहले उपभोक्ताओं को प्रति किलो 17 रुपये की बड़ी राहत
Sugar Price Trend Bihar:बिहार में त्योहारों से पहले चीनी की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है, खुदरा बाजार में अब यह 70 रुपये से घटकर 53 रुपये प्रति किलो हो गई है, जिससे उपभोक्ताओं को 17 रुपये प्रति किलो की राहत मिली है।
UP-Bihar Lootane Song: 90s के दौर में कई गाने आए, जिसने फैंस के दिलों में जगह बनाई. इन्हीं में से एक 27 साल पुराना गाना भी है, जो यूपी-बिहार के ग्रामीण इलाकों में खूब बजता है.
Bihar News : बिहार में सड़क के पुल आज चर्चा में खूब हैं, लेकिन एक समय रेल हादसों के लिए भी बिहार के पुल कुख्यात रहे थे। आज एक रेल हादसे की बरसी है। 24 साल पहले बिहार के रफीगंज में ट्रेन की कई बोगियां नदी में समा गई थीं
सिल्क, धान और आम; बिहार के बाढ़ में रेशमी शहर के 3 अंतरराष्ट्रीय ब्रांड पर गहराया वजूद का संकट
नाथनगर स्थित बुनकर समाज के इनायत अंसारी बताते हैं कि विदेशों से मिले ऑर्डर की समय पर डिलीवरी नहीं होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में हमारी साख खतरे में है। यदि बुनकरों का बनारस या कोलकाता पलायन शुरू हुआ, तो इस पारंपरिक क्लस्टर को भारी क्षति पहुंचेगी।
गंडक, कोसी और इंद्रपुरी बैराज: बिहार की जल व्यवस्था की रीढ़, जानिए तीनों की अलग-अलग भूमिका
गंडक, कोसी और इंद्रपुरी बैराज: बिहार की जल व्यवस्था की रीढ़, जानिए तीनों की अलग-अलग भूमिका
14 जिले जलमग्न, 517 गांव प्रभावित... बिहार बाढ़ की चपेट में 40 लाख लोग
बिहार के कई जिलों में भारी बारिश का कहर देखने को मिल रहा है. बाढ़ से हालात बिगड़ गए हैं और लाखों लोग बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं. राज्य के 14 जिले सैलाब में डूबे हैं और 40 लाख से ज्यादा लोग इस आपदा से जूझ रहे हैं. संकट की इस घड़ी में राहत और बचाव के लिए 27 SDRF और 10 NDRF टीमें मैदान में उतारी गई हैं.
पोते को मारने से रोकने पर मां को पीट-पीटकर मार डाला, बिहार में बेटा बना हैवान
बताया जाता है कि ज्ञानी यादव किसी बात को लेकर अपने पुत्र की पिटाई कर रहा था। पोते को पिटता देख प्रमिला देवी बीच-बचाव करने पहुंचीं और बेटे को रोकने लगीं। इसी दौरान दोनों के बीच बहस होने लगी। इसके बाद सारा वाकया हुआ।
उत्तराखंड में चार महीने से गायब थी बिहार की बेटी, आधार कार्ड ने पिता और भाई से मिलाया
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रयासों से हल्द्वानी में मिली बिहार की एक लापता बेटी को आधार की मदद से उसके परिवार से मिलाया गया। चार महीने बाद अपनी बेटी को देखकर पिता और भाई भावुक हो गए।
Bihar Weather Today 10th September: पटना सहित राज्य के 19 जिलों में मेघ गर्जन और वज्रपात की आशंका है। उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे बांग्लादेश के तट पर एक चक्रवाती सर्कुलेशन बना हुआ है। गुरुवार तक उत्तरी बंगाल की खाड़ी, आसपास में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।
बिहार में मानसून सक्रिय है, अगले 24 घंटों में औरंगाबाद समेत पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पटना सहित 18 जिलों में मेघ गर्जन के साथ छिटपुट वर्षा की संभावना है, जबकि 16 जिलों में तापमान में वृद्धि दर्ज की गई।
UP से बिहार तक, 300 यूनिट फ्री बिजली के साथ कहां ज्यादा सब्सिडी?
PM Surya Ghar Subsidy: पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगवाने पर जहां केंद्र सरकार 78000 रुपये तक सब्सिडी देती है, तो यूपी से बिहार तक राज्य सरकारें एक्स्ट्रा फायदा दे रही हैं.
दुर्गापूजा, दीपावली और महापर्व छठ पर घर लौटने की तैयारी में जुटे परदेसी बिहारियों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। रेलवे की ओर से 60 दिन पूर्व टिकट बुकिंग की खिड़की खुलते ही महज कुछ ही मिनटों में बिहार आने वाली सभी प्रमुख ट्रेनों में 'हाउसफुल' का बोर्ड लग रहा है। मंगलवार को 7 अक्टूबर की यात्रा के लिए आरक्षण विंडो खुलते ही दिल्ली, मुंबई, गुजरात और अन्य राज्यों से बिहार आने वाली ट्रेनों में कंफर्म सीटें हवा हो गईं और यात्रियों को सीधे लंबी वेटिंग लिस्ट का सामना करना पड़ा। कई प्रमुख ट्रेनों की सीटें चंद मिनटों में हुई फुल मंगलवार सुबह आरक्षण शुरू होते ही संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस, विक्रमशिला एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस और अजीमाबाद एक्सप्रेस जैसी प्रमुख गाड़ियों में सीटें चंद मिनटों में भर गईं। दिल्ली, मुंबई या अन्य महानगरों में पढ़ाई, नौकरी और कारोबार करने वाले लोगों ने बताया कि वे हफ्तों से टिकट बुकिंग खुलने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन निर्धारित समय पर लॉगिन करते ही आईआरसीटीसी के सर्वर ने धोखा दे दिया। सामान्य यात्रियों को टिकट न मिलने और कुछ ही पलों में पूरा कोटा समाप्त होने से रेलवे की बुकिंग व्यवस्था और दलालों के सिंडिकेट पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि आम यात्री जहां तकनीकी दिक्कतों से जूझता रह जाता है, वहीं दलाल सॉफ्टवेयर के जरिए तुरंत टिकट काट लेते हैं। ट्रेनों में भारी वेटिंग और नो-रूम की स्थिति, अब फेस्टिव स्पेशल ट्रेनों पर टिकी नजरें नियमित ट्रेनों में भारी वेटिंग और नो-रूम की स्थिति को देखते हुए अब प्रवासियों की एकमात्र आस रेलवे की 'फेस्टिवल स्पेशल' ट्रेनों पर टिक गई है। यात्रियों ने रेल प्रशासन से मांग की है कि भीड़ को देखते हुए अंतिम समय का इंतजार किए बिना अभी से पर्याप्त संख्या में पूजा स्पेशल ट्रेनों का शेड्यूल जारी किया जाए, ताकि त्योहारों पर घर वापसी सुगम हो सके।
Bihar Flood: बिहार में आई इस बाढ़ से सबसे ज्यादा तबाही गंगा के तटवर्ती जिलों के दियारा क्षेत्रों में हुई है, जहां बाढ़ से घिरे लोगों ने अपना घर छोड़ बांध या अन्य ऊंचे स्थानों पर शरण ले रखी है। उनके सामने खुद के भोजन के अलावा पशुओं के लिए चारा जुटाना चुनौती बनी हुई है।
बिहार में पशुपालकों को मिलेगी घर बैठे मदद, सुधा सखी और जनऔषधि केंद्र बनेंगे सहारा
Bihar Sudha Sakhi: उत्तर बिहार में पशुपालकों को घर-द्वार पर पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 'सुधा सखी' की तैनाती की जाएगी और प्रखंड स्तर पर पशु जनऔषधि केंद्र खोले जाएंगे। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ मवेशियों के इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं को किफायती दरों पर सुलभ बनाएगी।
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 10 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचार
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कुडू: बिहार ले जा रहे 790 पेटी अवैध शराब बरामद
प्रखंड थाना पुलिस ने कुडू थाना क्षेत्र के जिमा के पास एक धान लदे ट्रक से 790 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद किया है। जब्त शराब की कीमत लगभग 80 लाख रुपए आंकी गई है। मामले पर थाना प्रभारी अजीत कुमार ने बताया गुप्त सूचना मिली थी एक बारह चक्का ट्रक में अवैध शराब की बड़ी खेप लदी है, जो कुडू थाना क्षेत्र होकर बिहार राज्य जाने वो वाला है। सूचना पर कुडू थाना प्रभारी अजीत कुमार ने बुधवार सुबह आठ बजे से कुडू शहरी क्षेत्र के तीन स्थानों पर वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया। इसी बीच कुडू थाना के समीप एक ट्रक आता दिखाई दिया, पुलिस ने रोकने का इशारा किया तो ट्रक चालक बस पड़ाव से बाई पास रोड होते हुए लोहरदगा की ओर तेजी से भागने लगा। वहीं शराब लदे ट्रक का शराब माफिया स्कॉर्ट कर रहे थे, लेकिन पुलिस को देख भाग निकले। वही मौके पर पुलिस ने ट्रक का पीछा करना शुरू किया। पुलिस को पीछे देख ट्रक चालक, खलासी और शराब माफिया ट्रक को जीमा पेट्रोल पंप के पास खड़ा कर फरार हो गए। मौके पर पुलिस ने ट्रक नंबर पीबी 13 बीएस 0280 को जब्त कर कुडू थाना लाया और ट्रक की जांच की तो पाया कि धान का भूसी लदा है, जैसे ही वाहन से भूसी हटाना आरम्भ किया तो भूसी के बाद पेटी देख पुलिस भौचक रह गई। ट्रक को पूरा खाली कराया गया तो चंडीगढ़ निर्मित मैक डॉवेल नंबर वन का 790 पेटी अंग्रेजी शराब लदे थे। जब्त शराब के खेप बरामद की जानकारी एसपी सादिक अनवर रिजवी को दी।
Deoria News: पुलिस खंगालेगी 35 लाख की शराब की खेप का देवरिया-बिहार नेटवर्क
Police to investigate Deoria-Bihar liquor consignment network
Bihar Flood: 14 जिलों में बिगड़े हालात, 41 लाख से अधिक आबादी प्रभावित
पटना, नौ सितंबर बिहार में पिछले चार-पांच दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण 14 जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार राज्य में 41.45 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि लगातार बारिश के कारण नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं। नेपाल में हुई भारी वर्षा के कारण भी कई नदियां विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, भागलपुर के सुल्तानगंज में बुधवार सुबह नौ बजे गंगा का जलस्तर 36.78 मीटर दर्ज किया गया, जो 17 अगस्त 2021 के 36.75 मीटर के पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) से अधिक है। हालांकि, जलस्तर फिलहाल स्थिर बना हुआ है। गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, गंगा, पुनपुन, बागमती और घाघरा समेत कई नदियां विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। डुमरिया घाट में गंडक, बलतरा और कुरसेला में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में गंगा, श्रीपालपुर में पुनपुन, बेनीबाद में बागमती तथा दरौली और गंगपुर सिसवन में घाघरा नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राज्य के विभिन्न जिलों में 723 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा 15 राहत शिविरों में 13,446 विस्थापित लोगों के ठहरने, भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। बुलेटिन के अनुसार अब तक 1.94 लाख पॉलीथीन शीट और लगभग 29,400 सूखा राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। निकासी और आवागमन के लिए 1,979 नौकाएं लगाई गई हैं तथा 5,178 क्विंटल पशु चारा भी वितरित किया गया है। प्रमुख बैराजों से जल निकासी की स्थिति पर विभाग ने बताया कि बुधवार शाम छह बजे गंडक बैराज से 81,800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया और स्थिति स्थिर रही। इस वर्ष इसका सर्वाधिक प्रवाह 14 जुलाई को 2,24,000 क्यूसेक दर्ज किया गया था। कोसी बैराज से शाम छह बजे 1,63,525 क्यूसेक पानी का प्रवाह दर्ज किया गया, जो स्थिर है। इस वर्ष इसका उच्चतम प्रवाह 20 जुलाई को 2,55,425 क्यूसेक रहा। वहीं, सोन नदी पर इंद्रपुरी बैराज से शाम छह बजे 67,966 क्यूसेक पानी छोड़ा गया और यहां जल प्रवाह बढ़ने की प्रवृत्ति देखी गई। इस वर्ष इसका सर्वाधिक प्रवाह दो सितंबर को 5,63,654 क्यूसेक दर्ज किया गया था। आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) के अनुसार, 14 जिलों के 84 प्रखंडों की 517 ग्राम पंचायतों में लगभग 41.45 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अरवल शामिल हैं। बाढ़ की आशंका और त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के मद्देनजर राज्य के विभिन्न जिलों में 27 एसडीआरएफ (राज्य आपदा मोचन बल) और 10 एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) की टीम की तैनाती की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले दो दिनों के दौरान राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई है।
Bihar के 168 मेधावी छात्रों को CM Samrat Choudhary ने दिया नकद पुरस्कार और पदक
पटना, नौ सितंबर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वर्ष 2026 की इंटरमीडिएट और मैट्रिक वार्षिक परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले 168 मेधावी विद्यार्थियों को बुधवार को सम्मानित किया। राजधानी पटना में आयोजित समारोह में विद्यार्थियों को पदक, प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। अधिकारियों के अनुसार, इंटरमीडिएट और मैट्रिक परीक्षा में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को क्रमशः दो लाख रुपये, 1.5 लाख रुपये और एक लाख रुपये दिए गए। इंटरमीडिएट में चौथे और पांचवें स्थान पर रहने वाले विद्यार्थियों को 30-30 हजार रुपये तथा मैट्रिक में चौथे से दसवें स्थान तक आने वाले विद्यार्थियों को 20-20 हजार रुपये दिए गए। इन सभी विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए 51 हजार रुपये भी प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि नालंदा और विक्रमशिला जैसी बिहार की समृद्ध शैक्षणिक विरासत को आधुनिक सुविधाओं के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल विद्यालयों में कोचिंग, लाइव क्लास और ‘लाइव ट्यूटरिंग’ की सुविधा शुरू की गई है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास के साथ-साथ रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी पैदा किए जा रहे हैं। बाढ़ की समस्या का उल्लेख करते हुए चौधरी ने कहा कि केवल राहत और बचाव कार्यों पर निर्भर रहने के बजाय जल प्रवाह व्यवस्था में सुधार कर स्थायी समाधान की दिशा में दीर्घकालिक कदम उठाए जाएंगे। समारोह के बाद मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के साथ दोपहर का भोजन किया तथा उनके भविष्य की योजनाओं पर बातचीत की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी तथा कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
वाराणसी में बुधवार शाम 55 साल के शख्स की पीटकर हत्या कर दी गई। पिटाई से घायल आजाद मिश्रा को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही चौबेपुर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी के साथ तनाव का माहौल बन गया। परिजनों के मुताबिक, आजाद मिश्रा बिहार में काम करते थे और करीब चार दिन पहले ही घर लौटे थे। उनकी पत्नी मधु मिश्रा करीब 50 वर्ष की हैं। दंपती की कोई संतान नहीं है। परिजनों ने पड़ोसी चचेरे भाई नागेंद्र मिश्रा (40) पर आजाद के साथ मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया है। मामला चौबेपुर थाना क्षेत्र के रुस्तमपुर गांव के मिश्रा मोहल्ले का है। पहले से चल रहा था विवाद, परिजनों ने शिकायतों का किया दावा परिजनों का कहना है कि आजाद और नागेंद्र पक्ष के बीच पहले से विवाद चल रहा था। परिवार का आरोप है कि नागेंद्र पक्ष की ओर से आए दिन विवाद किए जाने की शिकायत भी की गई थी। परिजनों ने दावा किया कि नागेंद्र के खिलाफ चिरईगांव पुलिस चौकी में पहले भी कई बार शिकायत की गई थी। परिवार का आरोप है कि पूर्व में दी गई शिकायतों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि शिकायतों को गंभीरता से लिया गया होता तो घटना को टाला जा सकता था। परिजनों ने चौकी पर शिकायत लेकर पहुंचने वाले लोगों की सुनवाई और कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए हैं। शाम 4:30 से 5 बजे के बीच की घटना परिजनों के अनुसार घटना बुधवार शाम करीब 4:30 से 5 बजे के बीच हुई। सूचना मिलने के बाद चौबेपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ कर घटना से जुड़ी जानकारी जुटाई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस घटना के कारणों और मारपीट की परिस्थितियों के साथ इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। पूर्व शिकायतों पर कार्रवाई की भी होगी जांच घटना के बाद पूरा गांव सकते में है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आजाद मिश्रा और आरोपी पक्ष के बीच विवाद की वजह क्या थी और घटना के समय मौके पर कौन-कौन मौजूद था। वहीं, परिजनों की ओर से पूर्व में दी गई शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने के आरोपों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रोफेसर को 2 लाख, जूनियर डॉक्टर को हर महीने 75000 रुपये मिलेंगे; बिहार सरकार ने बढ़ाया मानदेय
बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में संविदा पर तैनात प्रोफेसर और डॉक्टरों के मानदेय में 27000 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है। बढ़े हुए मानदेय का लाभ इन्हें इसी महीने से मिलने लगेगा।
पटना में बिहार पोल्ट्री और एक्वा एक्सपो शुरू, रोजगार के नए अवसर
पटना के ज्ञान भवन में चौथे बिहार पोल्ट्री एंड एक्वा एक्सपो-2026 का शुभारंभ हुआ, जिसमें 80 कंपनियों ने आधुनिक तकनीकें प्रदर्शित कीं। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने पोल्ट्री और एक्वा क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाओं पर जोर दिया, जो किसानों को नई जानकारी देगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शानदार तरीके से बिहार को चला रहे हैं : राजीव रंजन
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शानदार तरीके से बिहार को चला रहे हैं : राजीव रंजन
Bihar में भवन निर्माण नियमों का Draft तैयार, कम जोखिम वाले भवनों को मिलेगा Self-Certification
पटना, नौ सितंबर बिहार सरकार ने प्रशासनिक नियमों को सरल बनाने और व्यापार सुगमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘बिहार भवन निर्माण नियमावली-2026’ का प्रारूप तैयार कर लिया है, जिसके तहत कम जोखिम वाले भवनों के लिए स्व-प्रमाणन तथा मध्यम जोखिम वाले भवनों के लिए तृतीय पक्ष (थर्ड पार्टी) निरीक्षण की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। राज्य सरकार द्वारा बुधवार को जारी बयान के अनुसार, विनियमन में ढील (डीरेगुलेशन) के चरण 1.0 और 2.0 की प्रगति की समीक्षा के लिए भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव केके पाठक और बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की संयुक्त अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के बीच विभिन्न प्राथमिक क्षेत्रों में हुए सुधारों तथा उनके क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। बयान के अनुसार, नई ‘बिहार भवन निर्माण नियमावली-2026’ का उद्देश्य भवन निर्माण की मंजूरी प्रक्रिया को सरल बनाना, व्यावसायिक भूखंडों के उपयोग से जुड़े प्रतिबंध कम करना और मिश्रित उपयोग (मिक्स्ड यूज) विकास को बढ़ावा देना है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में व्यापार को गति देने के लिए बिहार विधानमंडल 23 जुलाई, 2026 को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (ईओडीबी) विधेयक पारित कर चुका है। इसके लागू होने पर उद्योगों को दोहरे लाइसेंस से राहत, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को स्व-घोषणा के आधार पर मंजूरी तथा अनावश्यक निरीक्षणों से संरक्षण मिलेगा। बयान के मुताबिक, राज्य के सभी नियमों, अधिनियमों और सरकारी आदेशों के लिए ‘बिहार डॉट जीओवी डॉट इन’ पर केंद्रीकृत डिजिटल ‘रिपॉजिटरी पोर्टल’ 19 जून, 2026 से संचालित है, जिस पर अब तक 2,000 से अधिक दस्तावेज अपलोड किए जा चुके हैं। वहीं, लोक सेवा का अधिकार (आरटीपीएस) के तहत ‘स्वत:-अपील प्रणाली’ भी 23 जून, 2026 से लागू है। सरकार ने कहा कि भूमि एवं पर्यावरण सुधारों के तहत किसानों और भूमि मालिकों को राहत देने के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) की अनिवार्यता समाप्त करने पर सहमति बनी है। इसके अलावा बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया को तेज करने तथा निजी विद्यालयों के लिए न्यूनतम भूमि की अनिवार्यता समाप्त करने जैसे कदम भी उठाए गए हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में एकीकृत स्वास्थ्य लाइसेंसिंग पोर्टल विकसित किया जाएगा, जिसके लिए राज्य स्वास्थ्य समिति शीघ्र निविदा जारी करेगी। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन नीति-2026 के तहत नियमों को भी सरल बनाया गया है। बैठक में उद्योग, नगर विकास, राजस्व एवं भूमि सुधार, गृह, स्वास्थ्य तथा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों में लागू किए जा रहे सुधारों की प्रगति से अवगत कराया।
Anti Reservation Protest को लेकर Bihar CM Samrat Chaudhary ने साफ किया BJP, NDA का रुख। Ajeet Bharti
आरक्षण को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री CM सम्राट चौधरी ने बड़ी बात कही. उन्होंने कहा है कि आरक्षण पर कोई कन्फ्यूजन नहीं. हालांकि चिराग पासवान और मांझी के बयान पर चप्पी साध ली. क्या कुछ बोले. देखिए इस वीडियो में
खगड़िया जिले ने लोक सेवाओं का अधिकार (RTPS) अधिनियम को लागू करने में पूरे बिहार में पहला स्थान हासिल किया है। बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के तहत आने वाले बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन (BPSM) ने राज्य स्तरीय रैंकिंग जारी की है, जिसमें खगड़िया को यह उपलब्धि मिली है। इस सफलता से जिले के प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। RTPS के तहत आम नागरिकों को तय समय में सरकारी सेवाएं देने के लिए जिला प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। आवेदनों को निपटाने की नियमित समीक्षा की जाती है। अधिकारियों और कर्मचारियों की कोशिशों की तारीफ साथ ही, पेंडिंग मामलों पर नजर रखी जाती है और यह सुनिश्चित किया जाता है कि सेवाएं तय समय के अंदर मिलें। इसी वजह से खगड़िया राज्य की रैंकिंग में पहले स्थान पर पहुंच पाया है। जिला प्रशासन के मुताबिक, RTPS अधिनियम का मकसद नागरिकों को सरकारी सेवाएं आसान, पारदर्शी और तय समय में उपलब्ध कराना है। प्रशासन इस व्यवस्था को असरदार बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के काम की लगातार समीक्षा करता रहा है। राज्य में पहला स्थान मिलने पर जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की कोशिशों की तारीफ की है। प्रशासन ने बताया कि यह उपलब्धि जनसेवा और अच्छे शासन के प्रति जिले के समर्पण को दिखाती है। भविष्य में भी नागरिकों को बेहतर और तय समय में सेवाएं देने के लिए इसी तेजी से काम जारी रहेगा।
Viral News: कैंसर मरीज के खाने में मिली मकड़ी? बिहार के अस्पताल का दावा सोशल मीडिया पर वायरल
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Neha Jha Samastipur के बाद Riya Patna में Liquor Case में Arrest, Bihar Police भी दंग | Bihar News
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कमजोर पड़ा मानसून! सैटेलाइट तस्वीरों में 90% भारत से गायब दिखे बादल; वीडियो में जाने बिहार में बाढ़ का कहर जारी
कल का मौसम: दिल्ली, UP, बिहार समेत 25 राज्यों में भारी बारिश, ओडिशा-छत्तीसगढ़ में रेड अलर्ट
कल का मौसम, 10 सितंबर 2026: IMD ने कल देश के 25 राज्यों में बारिश की संभावना जताई है. ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बहुत भारी बारिश की संभावना है. जानिए आपके यहां कैसा मौसम रहेगा.
दीपावली से पहले रेलवे का बड़ा प्लान, दिल्ली से बिहार और मुंबई के लिए चलेंगी कई स्पेशल ट्रेनें
दीपावली के दौरान दिल्ली से पटना, मुजफ्फरपुर और बिहार के दूसरे शहरों की ओर जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। 60 दिन पहले आरक्षण खुलने के कुछ ही समय में कई ट्रेनों में सीटें उपलब्ध नहीं रह रही हैं। इसी को देखते हुए रेलवे ने आनंद विहार से बिहार के अलग-अलग शहरों के लिए अतिरिक्त ट्रेनें निर्धारित की हैं।
Bihar:पीएम का संपूर्ण जीवन सेवा को समर्पित है: नित्यानंद राय
9 सितंबर, बुधवार: केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि प्रधानमंत्री का संपूर्ण जीवन सेवा को समर्पित है।
Bihar Flood: 14 जिलों में नदियां उफान पर, 40 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
पटना, नौ सितंबर बिहार में पिछले चार-पांच दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण 14 जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार राज्य में 40.21 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि लगातार बारिश के कारण नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं। नेपाल में हुई भारी वर्षा के चलते भी कई नदियां विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अरवल जिलों के 84 प्रखंडों की 514 ग्राम पंचायतों के लगभग 40.21 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, भागलपुर के सुल्तानगंज में बुधवार सुबह नौ बजे गंगा का जलस्तर 36.78 मीटर दर्ज किया गया, जो 17 अगस्त 2021 के 36.75 मीटर के पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) से अधिक है। हालांकि, जलस्तर फिलहाल स्थिर बना हुआ है। गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, गंगा, पुनपुन, बागमती और घाघरा समेत कई नदियां विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। डुमरिया घाट में गंडक, बलतरा और कुरसेला में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में गंगा, श्रीपालपुर में पुनपुन, बेनीबाद में बागमती तथा दरौली और गंगपुर सिसवन में घाघरा नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राज्य के विभिन्न जिलों में 723 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा 15 राहत शिविरों में 13,446 विस्थापित लोगों के ठहरने, भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। बुलेटिन के अनुसार अब तक 1.94 लाख पॉलीथिन शीट और लगभग 29,400 सूखा राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। निकासी और आवागमन के लिए 1,979 नौकाएं लगाई गई हैं तथा 5,178 क्विंटल पशु चारा भी वितरित किया गया है। प्रमुख बैराजों से जल निकासी की स्थिति पर विभाग ने बताया कि बुधवार सुबह 10 बजे गंडक बैराज से 86,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था और प्रवृत्ति स्थिर थी। इस वर्ष इसका अधिकतम प्रवाह 14 जुलाई को 2.24 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया था। कोसी बैराज से 1,48,200 क्यूसेक पानी का प्रवाह दर्ज किया गया, जबकि इंद्रपुरी बैराज (सोन नदी) से 80,785 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था और वहां जल प्रवाह बढ़ने की प्रवृत्ति बनी हुई है। इस वर्ष इंद्रपुरी बैराज से सर्वाधिक 5,63,654 क्यूसेक पानी दो सितंबर को छोड़ा गया था। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए राज्य के विभिन्न जिलों में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की 27 तथा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 10 टीमों को तैनात किया गया है।
Breaking : बिहार में उफान पर नदियां तो उत्तराखंड में दरकीं पहाड़ियां; जानिए आपके राज्य में कैसा है मौसम का मिजाज
स्थानीय निवासी अमित शाह और भूपेन यादव ने बताया कि एक साल में ही पुल की कैपलिंग में दरारें आ जाना और मिट्टी बहना घटिया निर्माण का नतीजा है। अगर तुरंत मरम्मत नहीं हुई, तो ट्रेन गुजरते समय ढांचा धंस सकता है।
Bihar News: वर्चस्व की आग में झुलसा बेगूसराय, 16 साल के युवक की गोली लगने से मौत; सड़क पर उतरे परिजन
बेगूसराय के तेघड़ा थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात कथित वर्चस्व की लड़ाई के दौरान हुई गोलीबारी में 16 वर्षीय मोहम्मद समीर की गोली लगने से मौत हो गई।

