नीट पेपर लीक मामले के विरोध में एआईएसए (AISA), आरवाईए (RYA) सहित विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा कल बिहार बंद का ऐलान किया गया है। इसे लेकर सीवान के गांधी मैदान में प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए शुक्रवार को शहर में प्रशासन और पुलिस ने भारी सुरक्षा बल के साथ फ्लैग मार्च निकाला। फ्लैग मार्च समाहरणालय परिसर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए बबुनिया मोड़ तक निकाला गया। दंगा निरोधी उपकरणों से लैस जवान मौजूद मार्च का नेतृत्व जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय और पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने किया। इस दौरान सदर एसडीओ आशुतोष गुप्ता, सदर-1 एसडीपीओ अजय कुमार सिंह, सदर-2 एसडीपीओ गौरी कुमारी, नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार, मुफ्फसिल थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी एवं दंगा निरोधी उपकरणों से लैस जवान मौजूद रहे। फ्लैग मार्च को लेकर जब जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से सवाल किया गया तो दोनों अधिकारियों ने इसे बिहार बंद की तैयारी से जोड़ने से इनकार किया। आपात परिस्थितियों से निपटने का ट्रेनिंग उन्होंने कहा कि इस प्रकार का फ्लैग मार्च समय-समय पर प्रशिक्षु सिपाहियों के प्रशिक्षण के उद्देश्य से निकाला जाता है और यह उसी कार्यक्रम का हिस्सा है। अधिकारियों के अनुसार जवानों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपात परिस्थितियों से निपटने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हालांकि शहर में लोगों के बीच इसे लेकर अलग-अलग चर्चाएं होती रहीं। कई लोगों का कहना था कि बिहार बंद की पूर्व संध्या पर फ्लैग मार्च निकाला जाना महज संयोग नहीं हो सकता। लोगों का मानना है कि प्रशासन संभावित स्थिति को देखते हुए अपनी तैयारियों का संदेश देना चाहता था। शांतिपूर्ण कार्यक्रम सुनिश्चित करने का प्रयास वहीं पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने कहा कि किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि बंद और धरना-प्रदर्शन को लेकर विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत की गई है तथा शांतिपूर्ण कार्यक्रम सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। एहतियातन अन्य जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है।
पटना में राजभवन मार्च के दौरान छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज, गिरफ्तारी और मुकदमा दर्ज किए जाने के विरोध में अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा) और रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (आरवाईए) ने शनिवार 25 जुलाई को बिहार बंद का आह्वान किया है। इसको लेकर शुक्रवार को भाकपा-माले जिला कार्यालय में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आरवाईए के राज्य सचिव शिवप्रकाश रंजन, आइसा के जिला सचिव जयशंकर प्रसाद, जिला अध्यक्ष विकास कुमार, आरवाईए के जिला अध्यक्ष विशाल कुमार, जिला सचिव निरंजन केसरी, आइसा की जिला उपाध्यक्ष नीतू कुमारी सहित अन्य नेताओं ने कहा कि राजभवन मार्च के दौरान छात्रों पर बर्बर लाठीचार्ज किया गया, जिसमें सैकड़ों छात्र घायल हुए। एक ओर छात्रों पर बल प्रयोग किया गया, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन में शामिल छात्रों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमे भी दर्ज किए गए। बंद के समर्थन में मार्च निकाला जाएगा संगठनों ने कहा कि बिहार बंद के माध्यम से वे शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दों को उठाएंगे। इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को समाप्त करने, नई शिक्षा नीति-2020 वापस लेने, गिरफ्तार छात्रों की तत्काल रिहाई, पुलिस कार्रवाई पर रोक, 7.5 सीजीपीए की अनिवार्यता समाप्त करने, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता बनाए रखने, बिहार विश्वविद्यालय अधिनियम-1976 को निरस्त करने के प्रस्ताव को वापस लेने, फीस वृद्धि पर रोक लगाने तथा निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी देने के फैसले पर जवाब देने की मांग शामिल है। आइसा और आरवाईए ने छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों से अपील की कि वे शनिवार सुबह 9 बजे रमना मैदान स्थित वीर कुंअर सिंह स्टेडियम पहुंचें, जहां से बंद के समर्थन में मार्च निकाला जाएगा। संगठनों ने दावा किया कि आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण रहेगा।
NEET पेपर लीक और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 22 जुलाई को पटना में स्टूडेंट्स ने गांधी मैदान से राजभवन तक मार्च निकाला। इस दौरान 2 बार पुलिस ने कैंडिडेट्स पर लाठीचार्ज किया। पुलिस वालों पर भी पथराव हुआ। इसके बाद से पटना समेत पूरे बिहार में छात्र 2 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। बिहार के स्टूडेंट्स के प्रदर्शन के वीडियो पूरे देश में वायरल हो रहे हैं। छात्र वाटर कैनन में रेन डांस कर रहे हैं। पुलिस वालों से पूछ रहे हैं आंसू गैस नहीं है क्या। पत्रकार को पैसे ऑफिर कर रहे हैं। बैरिकेडिंग के साथ स्केटिंग कर रहे हैं। देखिए बिहार में स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट के 10 REELS 1. पुलिस से पूछा- वाटर कैनन नहीं लाए 2. बैरिकेडिंग से स्केटिंग करने लगे स्टूडेंट्स 3. बैरिकेडिंग से खेलने लगे स्टूडेंट्स 4. PU के गेट को खिलौना बना लिया 5. पत्रकार को पैसे का ऑफर देने लगे 6. पुलिस फायरिंग से भी पीछे नहीं हटे 7. गांधी मैदान का गेट तोड़ दिया 8. लाठी के जवाब में पत्थर बरसाए 9. पुलिस के कहा- वापस जाओ 10. पुल पर चढ़कर बरसाए पत्थर
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बिहार में आज भी प्रदर्शन जारी है। पटना में छात्र संगठन AISA एक बार फिर सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगा। इस दौरान धर्मेंद्र प्रधान का पुतला भी फूंका जाएगा। छात्र संगठन AISA ने 25 जुलाई को बिहार बंद का ऐलान किया है। छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए बिहार में सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टी रद्द कर दी गई है। वहीं, AISA ने 22 जुलाई को 'ब्लैक डे' मनाने का ऐलान किया है। AISA का कहना है, 22 जुलाई को 'ब्लैक डे' के रूप में देखते हुए 23 और 24 जुलाई को 'प्रतिरोध दिवस' मनाया जाएगा। इसके तहत सभी जिलों में विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।' संगठन ने बिहार के छात्रों और न्यायप्रिय नागरिकों से 25 जुलाई के बिहार बंद को सफल बनाने की अपील की है। बिहार में दूसरे दिन भी जारी रहा प्रदर्शन गुरुवार (23 जुलाई) को भी बिहार में छात्रों का प्रदर्शन जारी रहा। पटना कॉलेज के पास छात्र फिर सड़कों पर उतरे। अशोक राजपथ पर जाम लगा दिया। छात्रों का कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही होगा। थोड़ी देर बाद पुलिस ने छात्रों को डिटेन किया। उन्हें बस में भरकर ले जाया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्र ने कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे, हम लोग पीछे हटने वाले नहीं हैं। पुलिस लोकतंत्र को कुचलना चाहती है। केंद्र सरकार तानाशाही हो गई है, हम लोगों के अधिकारों का दमन कर रही है। पटना के अलावा दरभंगा, बेगूसराय, जहानाबाद और कटिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की ओर से भी जमकर ईंट-पत्थर चलाए गए। जहानाबाद में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया। इसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इससे छात्र उग्र होकर रेलवे ट्रैक पर पहुंचकर पत्थरबाजी शुरू कर दी। रेलवे ट्रैक से प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए फायरिंग करनी पड़ी। इस दौरान पुलिस ने 30 राउंड हवाई फायरिंग की। बेगूसराय में प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। छात्र गेट पर चढ़ गए थे। पुलिस सभी छात्रों से पीछे हटने की अपील की। लेकिन छात्र मानने को तैयार नहीं थे। छात्रों को कंट्रोल करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान छात्रों ने जिला प्रशासन की गाड़ी क्षतिग्रस्त कर दी। वहीं, कटिहार में डीएम ऑफिस के बाहर तैनात मजिस्ट्रेट की पत्थरबाजी में आंख फूट गई। छात्रों के प्रदर्शन की तस्वीरें देखिए… 22 जुलाई- पटना में छात्रों का प्रदर्शन, CM हाउस-राजभवन तक पहुंचे छात्र बुधवार को डाकबंगला पर यहां छात्रों ने जमकर पत्थरबाजी की। कई पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई है। पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मी के सिर फट गए। भीड़ को कंट्रोल करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। पुलिस ने एक शख्स को भी हिरासत में लिया है। इससे पहले पुलिस ने छात्रों को डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग कर के रोका था। यहां करीब 1 घंटे तक छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बैरिकेंडिंग पर चढ़ गए। पुलिस ने कई बार उन्हें हटने को कहा, लेकिन वो पीछे नहीं हटे। CISF और CRPF को छात्रों को हटाने के लिए बुलाया गया। छात्र बैरिकेडिंग तोड़कर यहां से सीएम हाउस और राजभवन की ओर निकल गए। वहां पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। कई छात्रों पर लाठीचार्ज भी किया।
सिटी रिपोर्टर | बोकारो क्रिसेंट पब्लिक स्कूल के खिलाड़ियों ने सीबीएसई क्लस्टर-3 वॉलीबॉल टूर्नामेंट के अंडर-17 बालक वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए सेकेंड रनर-अप ट्रॉफी के साथ कुल 12 कांस्य पदक हासिल किए। यह प्रतियोगिता बिहार के कैमूर स्थित मानव भारती हेरिटेज स्कूल में 18 से 22 जुलाई तक आयोजित हुई। विद्यालय के एकेडमिक कोऑर्डिनेटर अक्षत गुप्ता ने गुरुवार को विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए कहा कि खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन कर नाम रोशन किया है। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के साथ खेल शिक्षक, कोच सुनील कुमार गोप व रानी कुमारी को बधाई दी। उन्होंने टीम के अथक प्रयास, अनुशासन और खेल भावना की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थी शिक्षा के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। मौके पर प्रभारी प्राचार्य विजय कुमार ठाकुर, पाली प्रभारी निशा झा, शोभा कुमारी, सुनीता सुमन, सोनी पांडेय, निधि जैन, खेल शिक्षक अंजू ठाकुर, रामू गोप, विश्वनाथ गोराईं, स्वप्ना नायक, राजा कुमार आदि ने शुभकामनाएं दीं।
पूरे देश में मानसून की बारिश जारी है। इसकी सबसे बड़ी वजह पश्चिम भारत से लेकर हिमालय और चीन से लेकर दक्षिण कोरिया तक 7 से 10 हजार किलोमीटर में फैले बादल हैं। बादल जहां-जहां भी हैं, वहां इस समय अच्छी बारिश हो रही है। गुजरात के दक्षिण गुजरात में भारी बारिश से कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। उमरगाम तालुका में 16 घंटों में 43 इंच बारिश हुई, जिससे निचले इलाके डूब गए हैं। शुक्रवार को राज्य के 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मध्य प्रदेश के कई जिलों में बीते 24 घंटे से रुक-रुककर कहीं धीमी, कहीं तेज बारिश जारी है। शिवपुरी के विजयपुरा गांव में गुरुवार को आकाशीय बिजली की चपेट में आकर दो लोगों की मौत हो गई। यूपी में पिछले 10 दिनों से हो रही बारिश के चलते गंगा, यमुना समेत 10 नदियां उफान पर हैं। शुक्रवार को 54 जिलों में हल्की बारिश का अनुमान है। उधर, असम में बाढ़ से 6.53 लाख लोग प्रभावित हैं। मौसम विभाग ने अगले 2 दिनों तक पूरे राजस्थान में बारिश का अलर्ट जारी किया है। बिहार के कई जिलों का मौसम बदला हुआ है। मौसम विभाग ने 9 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 23 जुलाई को देश के ऊपर छाए बादलों की सैटेलाइट इमेज… देशभर के मौसम से जुड़ी तस्वीरें… अगले 2 दिन के मौसम का हाल… 25 जुलाई: 26 जुलाई:
भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की सुनवाई पटना हाईकोर्ट में हुई। कोर्ट ने बिहार सरकार को तीन सप्ताह के भीतर अपना पक्ष दाखिल करने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि सरकार तय समय सीमा के अंदर अपना जवाब प्रस्तुत करें, ताकि मामले की सुनवाई आगे बढ़ाई जा सके। इस आदेश के बाद अब सभी की निगाहें राज्य सरकार के जवाब पर टिकी हैं। अब अगली सुनवाई 28 अगस्त को होगी। सभी अहम रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले में सबूतों के संरक्षण को बेहद महत्वपूर्ण मानते हुए सभी अहम रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि निष्पक्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के लिए जरूरी है कि किसी भी प्रकार का सबूत नष्ट या प्रभावित न हो। कोर्ट ने विशेष रूप से घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), स्टेशन डायरी, वायरलेस लॉग, पुलिसकर्मियों के बॉडी कैमरा फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध दस्तावेज को सुरक्षित रखने को कहा है। सभी इलेक्ट्रॉनिक सबूत को सुरक्षित रखने का आदेश है। 28 अगस्त को होगी अगली सुनवाई हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 28 अगस्त 2026 की तारीख निर्धारित की है। भरत तिवारी की ओर से पैरवी कर रहीं सुप्रीम कोर्ट और पटना हाईकोर्ट की वरिष्ठ वकील वर्षा सिंह ने भी इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि यह मामले की पहली सुनवाई थी, जिसमें अदालत ने सरकार से जवाब मांगने के साथ-साथ सभी महत्वपूर्ण सबूत को संरक्षित रखने का स्पष्ट निर्देश दिया है। वर्षा सिंह ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो करते हुए कहा कि अदालत ने मामले को गंभीरता से लिया है। निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उनके अनुसार, किसी भी संवेदनशील मामले में सबूत का सुरक्षित रहना न्यायिक प्रक्रिया की सबसे अहम कड़ी होती है और हाईकोर्ट का आदेश इसी सिद्धांत को मजबूत करता है।
रायगढ़ जिले में युवती इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती के बाद साइबर ठगी का शिकार हो गई। आरोपी ने पहले उसे अपने प्रेमजाल में फंसाया, फिर उसकी निजी फोटो और वीडियो लेकर वायरल करने की धमकी दी। डराकर उसने युवती से 13 हजार रुपए ले लिए। परेशान होकर युवती ने साइबर थाना में शिकायत की। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को बिहार के मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार कर लिया है। लैलूंगा थाना क्षेत्र की 23 साल की युवती ने 12 जून को साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि करीब 6 साल पहले इंस्टाग्राम पर उसकी पहचान मुजफ्फरपुर (बिहार) के रहने वाले अविनाश उर्फ राजा से हुई थी। दोनों की बातचीत बढ़ी तो आरोपी ने भरोसा जीतकर युवती से निजी फोटो और वीडियो मंगवा लिए। कुछ समय बाद आरोपी ने युवती को एक APK फाइल भेजी और उसे डाउनलोड करने के लिए कहा। युवती ने फाइल डाउनलोड कर दी और एक्सेस कोड भी बता दिया। इसके बाद आरोपी ने मोबाइल से फोटो, वीडियो, निजी जानकारी और कॉन्टैक्ट नंबर अपने पास ले लिए। फोटो वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगे इसके बाद आरोपी ने युवती को फोटो और वीडियो सोशल मीडिया, उसके परिवार वालों को भेजने की धमकी दी। डर के कारण युवती ने आरोपी के पेटीएम खाते में अलग-अलग बार में 13 हजार रुपए भेज दिए। पैसे मिलने के बाद भी आरोपी उसे लगातार ब्लैकमेल करता रहा। तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी जांच के जरिए आरोपी की जानकारी जुटाई गई। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम बिहार पहुंची और मुजफ्फरपुर के बेला थाना क्षेत्र से अविनाश चौधरी (20) को गिरफ्तार कर लिया। यूट्यूब देखकर सीखा था तरीका पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि उसने यूट्यूब देखकर हैकिंग के तरीके सीखे थे और उसी का इस्तेमाल कर युवती को ब्लैकमेल किया। पुलिस ने आरोपी को रायगढ़ लाकर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस की सलाह एसएसपी शशि मोहन सिंह ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती न करें। किसी के कहने पर APK फाइल या संदिग्ध लिंक डाउनलोड न करें और अपनी निजी फोटो या जानकारी किसी के साथ साझा न करें। अगर कोई ब्लैकमेल कर पैसे मांगे, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाना में शिकायत करें। साइबर सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां
बुधवार को पटना में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए हंगामा और तोड़ फोड़ के बाद अब पूरे बिहार में चौकसी बढ़ा दी गई है। सभी जिलों के एसपी को अलर्ट रहने को कहा गया है। छात्र संगठन AISA आज से गांधी मैदान में अनिश्चितकालीन धरना देने वाले थे, लेकिन उन्होंने इसे कैंसिल कर दिया है। पुलिस ने पटना यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष शांतनु शेखर को हिरासत में लिया गया है। हाई जोन सिक्योरिटी में पहुंचे प्रदर्शनकारी छात्र बुधवार को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी छात्र गांधी मैदान से राजभवन का घेराव करने निकले। जेपी गोलंबर, डाकबंगला चौराहा पर बैरिकेडिंग करने के बावजूद छात्र सीएम आवास और राजभवन के पास पहुंच गए। छात्रों के हाई जोन सिक्योरिटी में पहुंचने के बाद पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की, लेकिन छात्र नहीं हटे। जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। कई छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस दौरान कई छात्र सड़क पर लेट गए। पुलिस घसीटकर उन्हें अपने साथ ले गई। प्रदर्शनकारी एक बार फिर डाकबंगला पहुंचे हैं। यहां छात्रों ने जमकर पत्थरबाजी की। कई पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई है। पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मी के सिर फट गए। भीड़ को कंट्रोल करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। पुलिस ने एक शख्स को भी हिरासत में लिया है। इस प्रदर्शन में 11 पुलिसकर्मी और अधिकारी घायल हुए हैं। छात्रों के प्रदर्शन की कुछ तस्वीरें… बाल-बाल बचे BJP नेता, IG की एस्कॉर्ट गाड़ी को भी नहीं छोड़ा इससे पहले पुलिस ने छात्रों को जेपी गोलंबर पर रोका था, लेकिन वो वहां से भी बैरिकेडिंग तोड़कर डाकबंगला पहुंचे गए। जेपी गोलंबर पर पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। आंसू गैस से के गोले दागे। लाठीचार्ज भी किया, लेकिन इसके बाद भी वो सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। पुलिस से झड़प के बाद छात्र डाकबंगला पहुंचे। पुलिस ने छात्रों को डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग कर रोक दिया। यहां करीब 1 घंटे तक छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बैरिकेंडिंग पर चढ़ गए। पुलिस ने कई बार उन्हें हटने को कहा, लेकिन वो पीछे नहीं हटे। इसके बाद CISF और CRPF को छात्रों को हटाने के लिए बुलाया गया। छात्र बैरिकेडिंग तोड़कर यहां से राजभवन की ओर निकल गए। प्रदर्शन के दौरान पटना IG की एस्कॉर्ट गाड़ी पर हमला हुआ। प्रदर्शनकारियों के पथराव में कई पुलिसकर्मी और अधिकारी भी घायल हुए हैं। डाकबंगला चौराहे से निकलने वाली बीजेपी नेताओं की गाड़ियों पर भी प्रदर्शनकारियों ने हमले किए थे। एक विधायक को जान बचाकर भागना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने भागलपुर से BJP विधायक रोहित पांडे के काफिले पर हमला किया। छात्रों ने विधायक की गाड़ी पलटने की कोशिश की। मंत्री राम कृपाल यादव, भाजपा विधायक विनय बिहारी के काफिले पर हमला किया गया। प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने क्या कहा छात्रा मनीषा ने कहा कि NEET पेपर लीक के खिलाफ, बिहार में AEDO की पेपर लीक, TRE 4 की नोटिफिकेशन को लेकर हम अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। ये सरकार किसी की बात नहीं सुनती है। तानाशाह हो गई है। हमें धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहिए। पटना यूनिवर्सिटी की छात्रा सबा अफरीन ने कहा कि दिल्ली में 21 दिनों से जंतर मंतर पर क्या चल रहा है, यह हम सभी लोग जानते हैं। सभी यही मांग कर रहे हैं कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, एनटीए को खारिज किया जाए और आत्महत्या करने वाले छात्रों के प्रति थोड़ी संवेदना जाहिर करें। जानिए जिन बीजेपी नेताओं पर हमले की कोशिश हुई, उन्होंने क्या कहा--
गोरखपुर के भाजपा नेता के भाई की स्कार्पियो से शराब तस्करी की जा रही थी। शाहपुर क्षेत्र से 11 जुलाई को गाड़ी चोरी हुई थी। इस मामले में बुधवार को पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर बिहार के गोपालगंज जिले से चोरी की गई स्कार्पियो और घटना में इस्तेमाल हुई कार बरामद कर लिया। आरोपियों से पूछताछ में तस्करी करने की बात सामने आई। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने साफ्टवेयर की मदद से कुछ ही मिनटों में स्कार्पियो का लॉक खोलकर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और वाहन चोरी की अन्य घटनाओं में उनकी संलिप्तता की जांच कर रही है। आरोपियों की पहचान बिहार सिवान के बडहरिया थाना क्षेत्र के दिलीप कुमार चौहान, सिवान के दरौदा थाना के भीखा बांद निवासी मुन्ना हाशमी और जामो बाजार थाना क्षेत्र के दीपक यादव के रूप में हुई। इसमे मुख्य आरोपी दिलीप कुमार चौहान पर 19 मुकदमे गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर और बलरामपुर के थानों में दर्ज हैं। दिलीप ने ही चोरी की योजना बनाई थी। 11 जुलाई को चोरी स्कॉर्पियो बिहार से बरामद पुलिस लाइन के व्हाइट हाउस में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि शाहपुर थाना क्षेत्र के घोसीपुरवा निवासी भाजपा नेता एवं पूर्व पार्षद मंतालाल यादव के भाई अभयनंदन यादव की स्कार्पियो 11 जुलाई की भोर में उनके घर के बाहर से चोरी हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने 12 जुलाई काे अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से पता चला कि बदमाश एक कार से आए थे और स्कार्पियो का लॉक खोलने के बाद उसे भटहट, कुशीनगर होते हुए बिहार की ओर लेकर फरार हो गए थे। घटना का पर्दाफाश करने के लिए शाहपुर पुलिस, क्राइम ब्रांच और सर्विलांस की पांच टीमें लगाई गई थीं। पुलिस ने गोरखपुर, कुशीनगर और बिहार तक के मार्ग पर लगे करीब 2 हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही मोबाइल फोन की लोकेशन, टोल प्लाजा के रिकार्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान मिले इनपुट और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान पता चला कि आरोपी गोरखपुर से चोरी की गई स्कॉर्पियो से बिहार में शराब तस्करी कर रहे थे। उनकी निशानदेही पर गोपालगंज (बिहार) से चोरी की गई स्कार्पियो बरामद कर ली गई है। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने विशेष साफ्टवेयर की मदद से स्कार्पियो का लाॅक खोला था और कुछ ही मिनटों में वाहन लेकर फरार हो गए। पुलिस अब ये पता लगा रही है कि गिरोह ने प्रदेश और आसपास के जिलों में वाहन चोरी की अन्य कितनी घटनाओं को अंजाम दिया है।
दरभंगा समाहरणालय स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में मंगलवार को उत्पाद विभाग की ओर से जब्त किए गए वाहनों की नीलामी आयोजित की गई। देर शाम तक चली इस प्रक्रिया में बिहार के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और वाहनों पर बढ़-चढ़कर बोली लगाई। नीलामी के दौरान दोपहिया, तीनपहिया, ऑटो रिक्शा, पिकअप, चारपहिया वाहन और ट्रक समेत कुल 57 वाहनों की बोली लगाई गई। निर्धारित नियमों के तहत इच्छुक लोगों ने प्रतिस्पर्धात्मक तरीके से भाग लेकर वाहनों की खरीद के लिए बोली लगाई। दरभंगा, समस्तीपुर समेत कई जिले के लोग हुए शामिल उत्पाद विभाग के पदाधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया, ‘पूरी नीलामी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई गई। दरभंगा, समस्तीपुर, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, पटना समेत बिहार के कई जिलों से लोग नीलामी में शामिल होने पहुंचे थे।’ उन्होंने बताया कि सफल बोलीदाताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर नीलामी की राशि जमा करनी होगी। राशि जमा होने के बाद सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर संबंधित वाहनों का हस्तांतरण उनके नाम किया जाएगा। 30 जुलाई को होगी अगली नीलामी प्रदीप कुमार ने जानकारी दी कि जब्त वाहनों की अगली नीलामी 30 जुलाई को आयोजित की जाएगी। उन्होंने इच्छुक लोगों से निर्धारित नियमों का पालन करते हुए समय पर पहुंचकर नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की।
धौलपुर के सैपऊ थाना क्षेत्र के रजौरा कला गांव में बिहार पुलिस ने एक 19 वर्षीय युवती को बरामद किया है। युवती अपने प्रेमी युवक से शादी कर पिछले 9 दिनों से यहां रह रही थी। उसके परिजनों ने बिहार में किडनैप का मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद भागलपुर जिले की सुल्तानगंज थाना पुलिस स्थानीय पुलिस की मदद से धौलपुर पहुंची। पुलिस के अनुसार रजौरा कला निवासी युवक लगभग 1 साल पहले मजदूरी के लिए महाराष्ट्र के पुणे गया था। वहीं उसकी इंस्टाग्राम के माध्यम से बिहार के भागलपुर जिले की एक युवती से दोस्ती हुई। यह दोस्ती धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। शादी के बाद रजौरा कला में रहने लगेकुछ समय बाद युवती अपने परिजनों को बिना बताए पुणे पहुंच गई, जहां उसने युवक से विवाह कर लिया। शादी के बाद दोनों करीब 9 दिन पहले युवक के गांव रजौरा कला आकर रहने लगे थे। युवती के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने भागलपुर जिले के सुल्तानगंज थाने में किडनैप का मामला दर्ज कराया था। मामले की जांच के दौरान बिहार पुलिस ने युवक का पता लगाया और सोमवार को सैपऊ थाना पहुंचकर स्थानीय पुलिस का सहयोग लिया। सुल्तानगंज थाना के उप निरीक्षक रुपेश एक महिला पुलिसकर्मी के साथ रजौरा कला गांव पहुंचे और युवती को सकुशल बरामद कर लिया। सैपऊ थाने में युवती की बिगड़ी तबीयतसैपऊ थाने में युवती की तबीयत अचानक बिगड़ गई। पुलिस के अनुसार बाथरूम में उसे मिर्गी का दौरा पड़ा, जिससे वह बेहोश होकर गिर गई। पुलिस ने तुरंत दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला और सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ। पुलिस ने यह भी बताया कि युवती करीब 2 महीने की गर्भवती है। कोर्ट में होंगे युवती के बयानसैपऊ थाने के सहायक उप निरीक्षक अजय सिंह ने बताया कि आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद युवती को बिहार पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। उसे भागलपुर में कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा, जहां उसके बयान और कोर्ट के आदेश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पलामू जिले में जहरीले जीव के काटने से बिहार के एक मजदूर की मौत हो गई। 28 वर्षीय कृष्णा कुमार, जो लखीसराय जिले के उरैन गांव का निवासी था, मोहम्मदगंज रेलवे स्टेशन पर फाउंडेशन के काम में लगा हुआ था। मंगलवार को मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उसके शव का पोस्टमॉर्टम किया गया। यह घटना पलामू जिले के मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र के भजनिया गांव में हुई। सोमवार रात खाना खाने के बाद कृष्णा अपने लगभग 15 साथी मजदूरों के साथ एक कमरे में सो रहा था। मंगलवार अहले सुबह कृष्णा की गर्दन पर किसी जहरीले जीव ने काट लिया। उन्हें सांस लेने में दिक्कत महसूस हुई, जिसके बाद उसने साथी मजदूरों को इसकी जानकारी दी। कृष्णा को तुरंत इलाज के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां से उन्हें हुसैनाबाद अनुमंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया गया, लेकिन उसे सीधे मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया। एमएमसीएच पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कृष्णा कुमार लगभग दो महीने पहले मजदूरी करने के लिए पलामू आए थे। उन्हें उनके गांव के मेठ विकास मेहता ने काम पर भेजा था। वह मोहम्मदगंज रेलवे स्टेशन पर चल रहे फाउंडेशन के निर्माण कार्य में कार्यरत था। सुपरवाइजर चंदन सिंह ने घटना की पूरी जानकारी दी। मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। पोस्टमॉर्टम के बाद ठेकेदार द्वारा शव को उनके पैतृक गांव भेजा जाएगा। घटना की सूचना मिलने पर कंपनी के मैनेजर और अन्य कर्मी एमएमसीएच पहुंचे हैं, जहां मुआवजे सहित अन्य निर्णयों पर विचार किया जाएगा।
बिहार की राजनीति में अक्सर अपने बयानों और तीखे तेवरों के चलते सुर्खियों में रहने वाले राजनेता एक बार फिर एक नए और बड़े विवाद के केंद्र में आ गए हैं। राज्य के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता नीरज कुमार सिंह उर्फ नीरज बबलू ने शिक्षा व्यवस्था और शिक्षण संस्थानों से जुड़े एक गंभीर मुद्दे पर ऐसा आक्रामक बयान दिया है, जिसने पूरे बिहार के राजनीतिक गलियारों और शैक्षणिक जगत में हड़कंप मचा दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर 'खनवा' नामक एक शख्स या प्लेटफॉर्म को बड़ा फ्रॉड करार देते हुए उसे बिहार की धरती पर न घुसने देने की अपील की है। इसके साथ ही उन्होंने इस पूरे मामले को 'शिक्षा जिहाद' जैसे संवेदनशील शब्दों से जोड़ते हुए युवा छात्र-छात्राओं को इसके खिलाफ पूरी तरह सतर्क और सावधान रहने की सख्त चेतावनी दी है। पूर्व मंत्री के इस सनसनीखेज बयान और इसके पीछे की पूरी सच्चाई के बारे में आइए विस्तार से जानते हैं।क्या है पूरा मामला और क्यों भड़के पूर्व मंत्री नीरज बबलूबिहार में शैक्षणिक माहौल, कोचिंग संस्थानों और डिजिटल एजुकेशन के नाम पर युवाओं को अपने जाल में फंसाने वाले कई मामलों पर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। पूर्व मंत्री नीरज बबलू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस या सार्वजनिक मंच के दौरान आरोप लगाया कि किस तरह कुछ लोग या बाहरी तत्व शिक्षा के पवित्र मंदिर को अपनी साजिशों का अड्डा बना रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि 'खनवा' जैसी चीजें पूरी तरह से धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का प्रतीक हैं, जिनका मकसद मासूम छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना और उन्हें गलत दिशा में धकेलना है। उनके इस बयान के सामने आने के बाद से ही सोशल मीडिया से लेकर शैक्षणिक संस्थानों तक में इस पर पक्ष और विपक्ष की तीखी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं।'शिक्षा जिहाद' के गंभीर आरोप से गरमाई बिहार की सियासतनीरज बबलू द्वारा इस पूरे घटनाक्रम को 'शिक्षा जिहाद' नाम दिए जाने के बाद से राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। उनका तर्क है कि संगठित तरीके से शिक्षा के क्षेत्र में कुछ खास एजेंडों के तहत घुसपैठ की जा रही है, जो राज्य के युवाओं के भविष्य और सामाजिक सौहार्द के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। राजनेताओं और विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयानों से आगामी दिनों में राजनीतिक पारा और अधिक चढ़ने वाला है। एक तरफ जहां उनके समर्थक इस चेतावनी को छात्रों के हित में उठाया गया कदम बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दल इसे समाज में ध्रुवीकरण फैलाने का एक राजनीतिक हथकंडा करार दे रहे हैं।छात्रों और युवाओं के लिए क्या है बड़ी सीख और चेतावनीइस पूरे विवाद के बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आज के दौर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले और उच्च शिक्षा ले रहे छात्र कैसे इन तथाकथित फ्रॉड और जालसाजों से अपना बचाव करें। शिक्षाविदों का भी मानना है कि छात्रों को किसी भी अनजान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, कोचिंग या संस्था से जुड़ने से पहले उसकी प्रमाणिकता की पूरी जांच-पड़ताल कर लेनी चाहिए ताकि उनके कीमती समय और पैसे की बर्बादी न हो। पूर्व मंत्री की इस चेतावनी ने भले ही राजनीतिक रंग ले लिया हो, लेकिन इसने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि शिक्षा के बाजार में फल-फूल रहे फर्जीवाड़े पर लगाम कसना कितना जरूरी हो गया है।
यमुनानगर की रामपुरा कॉलोनी स्थित सभरवाल टायर्स शोरूम पर हुई फायरिंग और रंगदारी प्रकरण में पुलिस की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। बिहार और राजस्थान से गिरफ्तार किए गए दोनों शूटरों से पूछताछ के बाद जांच एजेंसियों का पूरा फोकस उस व्यक्ति की पहचान पर है, जिसने उन्हें इस वारदात को अंजाम देने का निर्देश दिया था। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि दोनों आरोपी खालिस्तानी आतंकी कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू के सीधे संपर्क में थे। ऐसे में पुलिस अब उस मध्यस्थ की भूमिका खंगाल रही है, जिसके जरिए पूरी साजिश को अंजाम तक पहुंचाया गया। बिहार-राजस्थान के शूटरों से चल रही पूछताछ सीआईए-2 की जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों को वारदात के लिए सीधे नहीं, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से निर्देश मिले थे। जांच अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि यह हैंडलर किस नेटवर्क से जुड़ा है, उसका संचालन कहां से हो रहा था और क्या उसके तार किसी संगठित अपराध या आतंकी मॉड्यूल से जुड़े हैं। पुलिस का मानना है कि इस कड़ी तक पहुंचना पूरे मामले की सबसे अहम चुनौती है। अब तक की कार्रवाई में पुलिस ने बिहार के मधुबनी जिले के ठाकुर किशनपुर निवासी राजेश कुमार और राजस्थान के खैरथल-कोटपूतली जिले के खालवाड़ निवासी सरजीत को गिरफ्तार किया है। दोनों से लगातार पूछताछ की जा रही है। उनके मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, इंटरनेट कॉलिंग, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य डिजिटल डाटा को खंगाला जा रहा है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि वारदात से पहले और बाद में दोनों किन-किन लोगों के संपर्क में थे। फायरिंग कर आतंकी सिद्धू के पोस्टर लगाए थे गौरतलब है कि 11 जुलाई की देर रात रामपुरा कॉलोनी स्थित सभरवाल टायर्स शोरूम पर बाइक सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ छह राउंड फायरिंग की थी। वारदात के बाद मौके पर कुलबीर सिद्धू के नाम से धमकी भरा पर्चा छोड़ दिया गया था। वहीं कारोबारी ईशान सभरवाल के व्हाट्सएप पर विदेशी नंबर से पहले कॉल और बाद में दो वॉइस मैसेज भेजकर रंगदारी भी मांगी गई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु आरोपियों तक निर्देश पहुंचाने वाले व्यक्ति की पहचान करना है। तकनीकी साक्ष्यों, डिजिटल ट्रेल, पूछताछ और दूसरे राज्यों से जुटाई जा रही सूचनाओं को जोड़कर पूरे नेटवर्क की परतें खोली जा रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वारदात के पीछे किस स्तर का संगठित गिरोह सक्रिय था।
बाइक-स्कूटी पर 150 की जगह 600 रुपए ट्रेड शुल्क लगेगा बिहार में नया वाहन खरीदने वाले लोगों की जेब पर अब आर्थिक बोझ पड़ने वाला है। परिवहन विभाग 23 जुलाई से सभी प्रकार के वाहनों पर लगने वाले ट्रेड टैक्स को चार गुना बढ़ाने जा रहा है। बाइक, स्कूटी, ऑटो, कार, बस और ट्रक जैसे सभी श्रेणी के वाहनों की खरीद पर अब 600 रुपए से लेकर 1000 रुपए तक का बढ़ा हुआ ट्रेड टैक्स चुकाना होगा। पहले यह महज 150 रुपए से 250 रुपए के बीच था। इसके अलावा दो पहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन शुल्क में 1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। यह अतिरिक्त टैक्स सीधे तौर पर डीलरों और वाहन निर्माता कंपनियों पर लागू होगा, लेकिन बाजार विशेषज्ञों के अनुसार डीलर इस बढ़े हुए खर्च का स्थानांतरण ग्राहकों पर करेंगे, जिससे वाहनों की ऑन-रोड कीमतें बढ़ेंगी। दोपहिया और चार पहिया वाहनों की नई दरें तयपरिवहन विभाग ने नई दरों की सूची जारी की है। इसके अनुसार, बाइक और स्कूटी का ट्रेड शुल्क 150 रुपए से बढ़ाकर 600 रुपए कर दिया गया है। वहीं, कार और ऑटो के लिए ट्रेड शुल्क को 200 रुपए से बढ़ाकर 800 रुपए किया गया है। भारी कॉमर्शियल वाहनों जैसे बस और ट्रक के लिए यह शुल्क 1000 रुपए तक पहुंचेगा। साथ ही, दोपहिया वाहनों के एक्स-शोरूम मूल्य पर रजिस्ट्रेशन शुल्क जो पहले 8 से 12 प्रतिशत लगता था, वह अब बढ़कर 9 से 13 प्रतिशत हो जाएगा। ऐसे समझें...आपकी जेब पर कैसे बढ़ेगा बोझ यदि कोई ग्राहक शोरूम से 90 हजार रुपए एक्स-शोरूम कीमत वाली बाइक खरीदता है, तो पुरानी 8 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन दर के हिसाब से उसे 7200 रुपए शुल्क देना पड़ता था। इस तरह बाइक की कुल कीमत 97,200 रुपए आती थी। अब 1 प्रतिशत वृद्धि के बाद 9 प्रतिशत निबंधन शुल्क के तहत 8100 रुपए चुकाने होंगे, जिससे बाइक की कीमत 98,100 रुपए हो जाएगी। वहीं, यदि 1 लाख रुपए एक्स-शोरूम कीमत वाली बाइक पर ट्रेड टैक्स की गणना करें, तो पहले 150 रुपए शुल्क मिलाकर कुल 1,00,150 रुपए देने पड़ते थे। नई दरों के लागू होने के बाद 600 रुपए ट्रेड शुल्क मिलाकर कुल कीमत 1,00,600 रुपए होगी। आपके डेटा के आधार पर तैयार की गई टेबल निम्नलिखित हैं: 1. ट्रेड टैक्स (रुपए में) 2. बाइक पर लगने वाला रजिस्ट्रेशन शुल्क 3. किस वर्ष में कितने वाहनों की बिक्री
मुंगेर में चल रहे 65वें राज्य सुब्रतो मुखर्जी राज्य स्तरीय फुटबॉल कप 2026 (अंडर-15) का सोमवार को समापन हो गया। फाइनल मुकाबले में पश्चिमी चंपारण की टीम ने मुंगेर को 3-0 से हराकर नेशनल टीम में जगह बनाई। अब यह टीम बिहार का प्रतिनिधित्व करते हुए बेंगलुरु में मैच खेलेगी। पोलो मैदान में खेले गए इस निर्णायक मैच में मुंगेर और पश्चिमी चंपारण के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। 60 मिनट के इस खेल में पश्चिमी चंपारण ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुंगेर पर तीन गोल की बढ़त बनाई और जीत हासिल की। खेल से जुड़ी PHOTOS उपविजेता टीमों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया खेल समापन के बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों और जिला खेल पदाधिकारी कमल किशोर सहित अन्य अतिथियों ने विजेता और उपविजेता टीमों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। जिला खेल पदाधिकारी ने बताया कि इस चार दिवसीय टूर्नामेंट की शुरुआत 17 जुलाई को हुई थी, जिसका उद्घाटन डीएम निखिल धनराज ने किया था। रविवार को हुए सेमीफाइनल मैचों में मुंगेर और पश्चिमी चंपारण की टीमों ने फाइनल में अपनी जगह पक्की की थी। पश्चिमी चंपारण की टीम ने सभी बाधाओं को पार करते हुए नेशनल टीम में स्थान बनाया है। इस राज्य स्तरीय टूर्नामेंट में बिहार के लगभग 20 जिलों से खिलाड़ियों ने मुंगेर आकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया था।
उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र को विकास की एक नई रफ्तार देने और बिहार के साथ कनेक्टिविटी को बेहद मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) जल्द ही महत्वाकांक्षी 'गाजीपुर-बलिया-मांझीघाट एक्सप्रेसवे' (Ghazipur-Ballia-Manjhighat Expressway) का निर्माण शुरू करने जा रहा है। यह नया ग्रीनफील्ड कॉरिडोर न केवल पूर्वांचल के सुदूर इलाकों को सीधे जोड़कर व्यापार के नए रास्ते खोलेगा, बल्कि यूपी और बिहार सीमा पर स्थित मांझीघाट तक का सफर बेहद आसान और आरामदायक बना देगा। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट आने वाले समय में पूर्वी उत्तर प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य को पूरी तरह से बदलने की क्षमता रखता है।यूपी से बिहार का सफर अब मिनटों में होगा पूराइस नए एक्सप्रेसवे के निर्माण का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यह गाजीपुर में पहले से मौजूद पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (Purvanchal Expressway) को सीधे बिहार की सीमा से जोड़ देगा। पंचांग की तरह तय समय सीमा में काम पूरा करने के लक्ष्य के साथ:दूरी और समय की बचत: वर्तमान में गाजीपुर से बलिया होते हुए बिहार सीमा तक जाने वाले पारंपरिक रास्तों पर भारी ट्रैफिक जाम और खराब सड़कों के कारण घंटों का समय बर्बाद होता है। इस नए फोर-लेन (भविष्य में सिक्स-लेन) एक्सप्रेसवे के बनने से यात्रा का समय आधा से भी कम रह जाएगा।बिहार से सीधा जुड़ाव: मांझीघाट पहुंचने के बाद यह एक्सप्रेसवे बिहार के छपरा, हाजीपुर और राजधानी पटना जाने वाले वाहनों को एक निर्बाध और बिना रुकावट वाला मार्ग प्रदान करेगा।इन प्रमुख क्षेत्रों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे का रूटएनएचएआई (NHAI) के डिजाइन और सर्वे मैप के अनुसार, इस ग्रीनफील्ड कॉरिडोर को इस तरह प्लान किया गया है कि यह कम से कम कृषि भूमि को प्रभावित करते हुए अधिक से अधिक आबादी को लाभ पहुंचा सके:प्रारंभिक बिंदु: यह एक्सप्रेसवे गाजीपुर जिले के जंगीपुर या उसके पास से शुरू होकर सीधे बलिया जिले के मुख्य रिहायशी और औद्योगिक क्षेत्रों के समानांतर आगे बढ़ेगा।मुख्य जंक्शन: बलिया शहर के पास एक बड़ा इंटरचेंज बनाया जाएगा, जिससे स्थानीय लोग भी आसानी से एक्सप्रेसवे पर चढ़ और उतर सकें।अंतिम छोर: यह मार्ग सीधे बलिया के मांझीघाट पर समाप्त होगा, जहां घाघरा नदी पर बने मौजूदा पुल के पास इसे बिहार के सड़क नेटवर्क से लिंक कर दिया जाएगा।पूर्वांचल के किसानों और व्यापारियों को मिलेगा बड़ा बाजारइस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य सिर्फ यात्रा सुगम बनाना नहीं, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बूस्ट देना है। एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ औद्योगिक गलियारे (Industrial Corridors) विकसित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।बलिया और गाजीपुर के सब्जी उत्पादक किसानों को अपनी उपज चंद घंटों के भीतर पटना, वाराणसी या लखनऊ की बड़ी मंडियों तक पहुंचाने की सुविधा मिलेगी, जिससे उनकी आय में भारी बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा, लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई की लागत कम होने से पूर्वांचल में नए उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा, जो अब तक बेहतर ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी न होने के कारण पिछड़े हुए थे। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर स्थानीय प्रशासन और एनएचएआई के अधिकारी तेजी से काम कर रहे हैं।
श्रावणी मेला को देखते हुए भारतीय रेलवे ने यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनों के संचालन की घोषणा की है। पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए 05028 बरहनी-देवघर अनारक्षित विशेष ट्रेन 28 जुलाई से 29 अगस्त तक प्रतिदिन चलाई जाएगी। यह ट्रेन कुल 33 फेरे लगाएगी। बरहनी से दोपहर 3:20 बजे प्रस्थान कर अगले दिन दोपहर 1:00 बजे देवघर पहुंचेगी। पूर्व रेलवे क्षेत्र में यह ट्रेन मुंगेर, सुल्तानगंज, भागलपुर, बाराहाट और बांका स्टेशनों पर रुकेगी, जिससे बिहार और झारखंड के श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा। वापसी में 05027 देवघर-बरहनी श्रावणी मेला विशेष ट्रेन 29 जुलाई से 30 अगस्त तक प्रतिदिन चलेगी। यह देवघर से शाम 6:45 बजे खुलकर अगले दिन दोपहर 3:15 बजे बरहनी पहुंचेगी। कानपुर-कोलकाता के बीच भी विशेष ट्रेन यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने 04157/04158 कानपुर सेंट्रल-कोलकाता विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। 04157 ट्रेन प्रत्येक मंगलवार 21 जुलाई से 29 सितंबर तक (कुल 13 फेरे) संचालित होगी। ट्रेन कानपुर से सुबह 8:00 बजे चलकर अगले दिन सुबह 4:05 बजे कोलकाता पहुंचेगी। वहीं, 04158 कोलकाता-कानपुर सेंट्रल विशेष ट्रेन प्रत्येक बुधवार 22 जुलाई से 30 सितंबर तक चलेगी। कोलकाता से सुबह 7:25 बजे रवाना होकर अगले दिन रात 1:25 बजे कानपुर पहुंचेगी। इन ट्रेनों का ठहराव नैहाटी, बंडेल, बर्द्धमान, दुर्गापुर और आसनसोल स्टेशनों पर होगा। ट्रेन में सामान्य द्वितीय श्रेणी, स्लीपर और वातानुकूलित कोच उपलब्ध रहेंगे। आगरा कैंट-कोलकाता स्पेशल भी चलेगी रेलवे ने आगरा कैंट-कोलकाता के बीच 01911/01912 विशेष ट्रेन के संचालन की भी घोषणा की है। 01911 आगरा कैंट-कोलकाता ट्रेन प्रत्येक गुरुवार 23 जुलाई से 24 सितंबर तक (कुल 10 फेरे) चलेगी, जो आगरा से सुबह 3:40 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 4:05 बजे कोलकाता पहुंचेगी। वापसी में 01912 कोलकाता-आगरा कैंट विशेष ट्रेन प्रत्येक शुक्रवार 24 जुलाई से 25 सितंबर तक संचालित होगी। ट्रेन कोलकाता से सुबह 7:25 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 8:00 बजे आगरा पहुंचेगी। इस ट्रेन का ठहराव भी नैहाटी, बंडेल, बर्द्धमान, दुर्गापुर और आसनसोल में रहेगा। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले समय, आरक्षण और अन्य जानकारी की पुष्टि अवश्य कर लें। इन विशेष ट्रेनों से श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं और लंबी दूरी के यात्रियों को काफी सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
बिहार विधान मंडल का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। ये सत्र 24 जुलाई तक चलेगा। पांच दिवसीय सत्र सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार का पहला मानसून सत्र होगा। सुबह 11 बजे से विधान सभा की बैठक शुरू होगी। सत्र में मुख्य रुप से वित्त मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश करेंगे। विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों और विधायी कार्यों पर भी चर्चा होगी। सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं। हालांकि शुरू होने से पहले विधान सभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने सर्वदलीय बैठक कर प्रश्न काल को बाधित नहीं करने की अपील सदस्यों से की है। सत्र में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव शामिल होंगे या नहीं इसको लेकर काफी चर्चा है। आरजेडी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, तेजस्वी यादव मानसून सत्र में उपस्थित रहेंगे। सभी दिन उपस्थित रहेंगे कि नहीं इस पर जरूर संशय है। सत्र के दौरान पूरे हो रहे सम्राट सरकार के 100 दिन सम्राट सरकार के 100 दिन इसी मानसून सत्र के समय पूरे हो रहे हैं। 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने शपथ ली थी। विपक्ष की तैयारी विभिन्न मुद्दों पर सम्राट सरकार को घेरने की है। खास तौर से लॉ एंड ऑर्डर, भरत तिवारी एनकाउटर, बेरोजगारी, विकास योजनाओं, रिशु श्री मामले को विपक्ष ताकतवर तरीके से उठा सकता है। सरकार के पास गिनाने के लिए कई विकासपरक योजनाएं हैं, जिसे गिना सकती है। महालेखापरीक्षक से प्राप्त रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखा जाएगा। 50 हजार करोड़ का पहला अनुपूरक बजट होगा पेश चालू वित्तीय वर्ष में पहला अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। इसके जरिए सरकार विभिन्न विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त फंड की मंजूरी देगी। वित्त विभाग के सूत्रों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट करीब 50 हजार करोड़ रुपए का हो सकता है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेक्टर पर विशेष राशि दी जाएगी। मानसून सत्र के दौरान क्या होगा? 20 जुलाई 2026: बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के पहले दिन दिवंगत सदस्यों (MLA/MLC) को श्रद्धांजलि दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, पहले दिन वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रथम अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा जा सकता है। 21-22 जुलाई: इन दो दिनों में राजकीय कार्य निपटाए जा सकते हैं। विधेयकों पर चर्चा होगी। 23 जुलाई: प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी पर चर्चा होगी। सरकार की ओर से जवाब आएगा। विनियोग विधेयक पेश किया जाएगा। 24 जुलाई (अंतिम दिन): सत्र के अंतिम दिन गैर-सरकारी संकल्पों पर चर्चा होगी। अन्य विधायी कार्य निपटाए जाएंगे।
बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने कोडरमा में बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने जिले के फुलवरिया बैंक ऑफ इंडिया शाखा के कर्मी अरविंद कुमार को अरेस्ट कर अपने साथ ले गई है। मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी कर्मी पर साल वर्ष 2016 की नोटबंदी के दौरान कथित वित्तीय अनियमितता का आरोप है। ईओयू के अनुसार, नोटबंदी के समय अरविंद कुमार गया शाखा में पदस्थ था। उसी दौरान उस पर अवैध वित्तीय लेनदेन में संलिप्त होने का आरोप है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही जांच के बाद की गई है। जांच के दौरान कई संदिग्ध बैंकिंग लेनदेन सामने आए थे। आरोपी अरविंद कुमार बिहार के दानापुर स्थित पंचवटी नगर का निवासी है। खाते का दुरुपयोग कर लाखों का ट्रांजैक्शन मामले की शुरुआत गया निवासी राजेश कुमार की शिकायत से हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके बैंक खाते का उपयोग उनकी जानकारी के बिना किया गया और इसके जरिए लाखों रुपए का लेनदेन किया गया। इस संबंध में गया के सिविल लाइन थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। प्रारंभिक जांच में मामला गंभीर पाया गया, जिसके बाद इसे आर्थिक अपराध इकाई को सौंप दिया गया। जांच के दौरान ईओयू ने बैंकिंग दस्तावेजों, खातों के विवरण और संदिग्ध ट्रांजैक्शन की गहन पड़ताल की। इसी क्रम में अरविंद कुमार की भूमिका संदिग्ध पाई गई। उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाए गए। लंबे समय से फरार था आरोपी ईओयू ने साक्ष्य मिलने के बाद निगरानी अदालत से गिरफ्तारी वारंट प्राप्त किया था। इसके बाद से ही आरोपी की तलाश की जा रही थी, लेकिन वह लगातार फरार चल रहा था। अंततः ईओयू की टीम को उसके कोडरमा में होने की जानकारी मिली। टीम ने शुक्रवार-शनिवार को कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पटना ले जाया गया है। एजेंसी इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। बताया जा रहा है कि टीम यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नोटबंदी के दौरान इस तरह के संदिग्ध लेनदेन का दायरा कितना बड़ा था और इसमें कितने लोग शामिल थे।
एमपीयूएटी पहुंचे बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार, बोले- प्राकृतिक खेती को जनआंदोलन बनाना होगा
बिहार सरकार के कृषि मंत्री एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शनिवार को महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी) का दौरा किया। दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक चले भ्रमण में उन्होंने विश्वविद्यालय की शिक्षण, अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों का अवलोकन किया तथा वैज्ञानिकों से संवाद किया। सिन्हा ने वैज्ञानिकों से विकसित तकनीकों को प्रभावी तरीके से किसानों तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों पर निर्भरता कम कर देशी गोवंश आधारित कम लागत वाली प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। मंत्री ने प्रौद्योगिकी एवं अभियांत्रिकी महाविद्यालय (सीटीएई) के फार्म मशीनरी एवं पावर इंजीनियरिंग विभाग की प्रयोगशालाओं में कृषि यंत्रीकरण, कृषि उपकरणों के डिजाइन एवं विकास, मशीन परीक्षण, ऊर्जा दक्षता और आधुनिक कृषि मशीनों पर हो रहे अनुसंधान का अवलोकन किया। विभागाध्यक्ष डॉ. सांवल सिंह मीणा ने विकसित कृषि यंत्रों, अनुसंधान परियोजनाओं और विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण की जानकारी दी। सिन्हा ने कृषि यंत्रीकरण को श्रम लागत घटाने, उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि का प्रभावी माध्यम बताया। नवीकरणीय ऊर्जा इंजीनियरिंग विभाग में उन्होंने सौर ऊर्जा, बायोगैस, बायोमास, ऊर्जा संरक्षण और कृषि में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग से जुड़ी तकनीकों का अवलोकन किया। विभागाध्यक्ष डॉ. नारायण लाल पंवार ने सौर सिंचाई प्रणालियों, कृषि अपशिष्ट से ऊर्जा उत्पादन, ऊर्जा दक्ष उपकरणों तथा किसानों और विद्यार्थियों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी। राजस्थान कृषि महाविद्यालय में मंत्री ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर पौधारोपण किया। अधिष्ठाता डॉ. मनोज कुमार महला ने महाविद्यालय की गतिविधियों की जानकारी दी। मशरूम उत्पादन एवं अनुसंधान इकाई में प्रभारी डॉ. नारायण लाल मीणा और जैविक इकाई में क्षेत्रीय निदेशक (अनुसंधान) एवं इकाई प्रभारी डॉ. रविकांत शर्मा ने अपने-अपने डिपार्टमेंट के अनुसंधान और नवाचार की जानकारी दी। कृषि संग्रहालय में निदेशक डॉ. रामेश्वर लाल सोनी ने राजस्थान की कृषि विरासत, विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और विस्तार कार्यक्रमों की जानकारी दी। संग्रहालय के नोडल अधिकारी डॉ. राजीव बैराठी ने बताया कि यहां 34 आधुनिक कृषि पद्धतियां प्रदर्शित हैं और हर वर्ष 1800 से 2500 किसान एवं विद्यार्थी भ्रमण करते हैं। कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह धाकड़ ने पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न भेंट कर उनका स्वागत किया और विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, अनुसंधान एवं विस्तार कार्यों, कृषि-प्रौद्योगिकी क्षेत्र के नवाचारों तथा किसानों के हित में संचालित कार्यक्रमों की जानकारी दी। कार्यक्रम में कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. सुधीर वर्मा, कुलसचिव अशोक कुमार सहित विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, निदेशक, विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
सिहोरा बैंक डकैती के मास्टरमाइंड बिहार के रहने वाले सुनील पासवान की गिरफ्तारी के बाद उसके काले साम्राज्य के चौंकाने वाले राज सामने आ रहे हैं। बैंक लूट की रकम से उसने रिश्तेदारों के नाम पर ट्रक और लग्जरी वाहन खरीदे, खुद की फर्म बनाकर कोल माइंस में कारोबार शुरू किया और पत्नी को मामूली नौकरी पर रखकर हर महीने लाखों रुपए भेजता रहा। अब 11 महीने बाद गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसकी अवैध संपत्तियों और आर्थिक नेटवर्क की पड़ताल में जुट गई है। 11 अगस्त 2025 को जबलपुर जिले के सिहोरा स्थित इंसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में दिनदहाड़े हुई 14.5 करोड़ रुपए के सोने और 5 लाख रुपए की नकदी की सनसनीखेज डकैती के मास्टरमाइंड सुनील पासवान को आखिरकार 11 महीने बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया। 16 जुलाई 2026 की तड़के जबलपुर क्राइम ब्रांच और बिहार एसटीएफ की संयुक्त टीम ने उसे बिहार के नक्सल प्रभावित बांके बाजार क्षेत्र के एक गांव से उस समय दबोचा, जब वह नग्न हालत में सो रहा था। पुलिस को देखते ही उसने चादर लपेटकर छत के रास्ते भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी के चलते पकड़ा गया। महज 18 मिनट में लूटा था बैंक जबलपुर में संभवतः पहली बार दिनदहाड़े बैंक में इतनी बड़ी डकैती हुई थी। 11 अगस्त 2025 को पांच हथियारबंद बदमाशों ने महज 18 मिनट में इंसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक से करीब 14.5 करोड़ रुपए मूल्य का सोना और 5 लाख रुपए नकद लूट लिया था। वारदात के बाद पुलिस ने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और जांच के दौरान गैंग के अधिकांश सदस्य गिरफ्तार कर लिए, लेकिन मास्टरमाइंड सुनील पासवान लगातार फरार रहा। उस पर मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड पुलिस ने कुल ₹1 लाख का इनाम घोषित कर रखा था। ऐसे रची थी सिहोरा बैंक डकैती की साजिश पुलिस के अनुसार बिहार से मध्यप्रदेश आने के बाद सुनील की मुलाकात राजेश दास से हुई। दोनों ने सिहोरा क्षेत्र की तीन बैंकों की रेकी की। इंसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में सुरक्षा गार्ड नहीं होने के कारण उसे निशाना बनाया गया। गैंग ने करीब 10 दिन तक रेकी की, मझौली क्षेत्र में फेरीवाले के नाम पर किराये का मकान लिया और जबलपुर से मोटरसाइकिल खरीदकर वारदात को अंजाम दिया। नक्सल प्रभावित जंगल में छिपा था एएसपी जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में जबलपुर क्राइम ब्रांच की तीन टीमों ने बिहार एसटीएफ के साथ मिलकर करीब 120 घंटे लगातार निगरानी की। पुलिस को सूचना मिली कि सुनील बांके बाजार के नक्सल प्रभावित जंगल क्षेत्र के तिलैया गांव में छिपा है और जल्द ही ठिकाना बदलने वाला है। 16 जुलाई की रात करीब 2 बजे पुलिस ने उसके ठिकाने पर दबिश दी। वह नग्न अवस्था में सो रहा था। पुलिस को देखते ही भागने की कोशिश की, लेकिन मौके पर ही पकड़ लिया गया। उसके कब्जे से करीब एक करोड़ रुपए मूल्य का सोना भी बरामद किया गया। पत्नी से करवाता 5 हजार की नौकरी करोड़ों रुपए बैंक डकैती से लूटने के बाद भी डकैत सुनील पासवान पत्नी ममता पासवान से नौकरी करवाता था। पुलिस को शक ना हो इसके लिए झारखंड के धनबाद में इसने एक बूटिक सेंटर में पत्नी की नौकरी लगवा रखी थी। दो बेटे भी साथ में रहे थे। पत्नी ममता को हर माह 5 हजार रुपए मिलते थे, जो कि सिर्फ दिखावे के लिए थे। रिश्तेदारों के नाम पर लग्जरी वाहन सुनील पत्नी को हर माह 50 हजार से 1 लाख रुपए भेजा करता था। यह बच्चों की पढ़ाई और घर के कामों में खर्च होता था। रिश्तेदारों के नाम ट्रक-लग्जरी कार बैंक में डैकती डालने के बाद जितना भी गोल्ड या फिर केस मिलता था, उसे वह इनवेस्ट कर दिया करता था। सुनील ने चार से अधिक बड़े ट्रक, 2 लग्जरी कार खरीदी थी। सुनील ने अपनी एक फर्म बना रखी थी। कोल माइंस में गाड़िया लगा रखी थी, जो कि रिश्तेदारों के नाम पर थी, इसके लिए टैक्स और फर्म की जीएसटी फीस सुनील ही भरा किया करता था। चार दिन में बदला करता था ठिकाना एएसपी जितेंद्र सिंह ने बताया कि सुनील पासवान बहुत ही शातिर किस्म का अपराधी था। पुलिस से बचने के लिए यह हर चार दिन में अपना ठिकाना बदल दिया करता था। जिस दिन इसे पकड़ा गया है, उसी सुबह चार बजे वह दूसरे स्थान पर जाने की तैयारी कर रहा था, पर उससे ठीक दो घंटे पहले पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सुनील पासवान इतना शातिर था कि वह स्मार्ट फोन नहीं बल्कि की-पेड मोबाइल का उपयोग किया करता था। समय-समय पर सिम भी बदल लिया करता था। भागने के लिए लग्जरी कार ना लेकर होंडा हॉर्नेट रेसिंग बाइक का उपयोग किया करता था। 2023 में भी कर चुका है बड़ी बैंक डकैती पुलिस जांच में सामने आया कि सुनील पासवान लंबे समय से अंतरराज्यीय बैंक डकैत गिरोह का सरगना है। उसने 19 सितंबर 2023 को छत्तीसगढ़ के रायगढ़ स्थित एक्सिस बैंक में करीब ₹5.62 करोड़ (₹4.19 करोड़ नकद और ₹1.43 करोड़ का सोना) की डकैती डाली थी। इस मामले में उसके कई साथी गिरफ्तार हुए, लेकिन वह फरार हो गया था। इसके बाद उसने बिहार और झारखंड में भी बैंक लूट और फायरिंग जैसी वारदातों को अंजाम दिया। यह खबरें भी पढ़ें... ESAF बैंक डकैती- दो आरोपी गिरफ्तार, 750 ग्राम सोना बरामद जबलपुर के खितौला स्थित ESAF स्मॉल फाइनेंस बैंक में 14 किलो 800 ग्राम सोने की डकैती के मामले में जबलपुर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। क्राइम ब्रांच और खितौला पुलिस ने शुक्रवार को बिहार के गया जिले से मुख्य आरोपी सुनील पासवान और उसके साथी चंचल पासवान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों के कब्जे से करीब 750 ग्राम सोना बरामद किया है, जिसकी कीमत करीब सवा करोड़ रुपए है। सुनील पासवान मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में बैंक डकैती व लूट के मामलों में वांछित था।पूरी खबर पढ़ें एमपी में 14 करोड़ का सोना लूटा, बिहार में छिपाया जबलपुर के सिहोरा में इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में 14 करोड़ का सोना और 5 लाख कैश लूटने के मामले का खुलासा हो गया। रविवार को पुलिस ने 4 आरोपियों को दमोह से गिरफ्तार कर लिया। पूरी खबर यहां पढ़ें...
1.5 करोड़ में बिक रहा था TET का पेपर! बिहार से हरियाणा तक फैला सॉल्वर गैंग का जाल
देश के लाखों युवाओं के भविष्य और शिक्षक बनने के सपने के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बहुत बड़े सॉल्वर गैंग और पेपर लीक माफिया का भंडाफोड़ हुआ है। साल 2026 की शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी (TET Paper Leak 2026) का प्रश्नपत्र परीक्षा से ठीक पहले लीक करने और उसे मोटी रकम में बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जांच एजेंसियों की शुरुआती कार्रवाई में यह खुलासा हुआ है कि इस बार के टीईटी पेपर को लीक करने के लिए माफियाओं के बीच पूरे 1.5 करोड़ रुपये की भारी-भरकम डील तय हुई थी। इस खुलासे के बाद शिक्षा जगत से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक में हड़कंप मच गया है।बिहार से हरियाणा तक फैला है माफियाओं का सिंडिकेट, हाई-टेक तरीके से लीक हुआ पेपरइस महा-घोटाले की जांच में जुटे अधिकारियों के मुताबिक, इस पेपर लीक नेटवर्क का मुख्य केंद्र बिंदु बिहार और हरियाणा राज्य बनकर उभरे हैं। बिहार के कूटनीतिक और शातिर सॉल्वर गैंग ने परीक्षा केंद्र के भीतर से पेपर को लीक करवाया और इसे तुरंत हरियाणा में बैठे अपने आकाओं और डीलरों तक डिजिटल माध्यम से पहुंचा दिया। इस रैकेट में कई बड़े कोचिंग संचालकों, प्रिंटिंग प्रेस के संदिग्ध कर्मचारियों और हाई-टेक हैकर्स के शामिल होने की बात सामने आ रही है। पुलिस ने बिहार के पटना, गया और हरियाणा के रोहतक, जींद जैसे प्रमुख शहरों में एक साथ छापेमारी कर कई मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है।आखिर कितने राज्यों में फैले हैं तार, जांच एजेंसियों की रडार पर देश भर के सेंटरसॉल्वर गैंग के पकड़े गए गुर्गों से की जा रही कड़े दौर की पूछताछ में जो बातें सामने आ रही हैं, उसने जांच एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए हैं। इस रैकेट के तार सिर्फ बिहार और हरियाणा तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश (UP), राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों में भी इसके फैले होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। इन राज्यों के कुछ चिन्हित परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों से एडवांस में मोटी रकम और उनके मूल दस्तावेज जमा करा लिए गए थे ताकि उन्हें पास कराने की 100% गारंटी दी जा सके। पुलिस अब इन सभी राज्यों की एसटीएफ (STF) टीमों के साथ मिलकर एक बड़ा ज्वाइंट ऑपरेशन चला रही है।एआई सर्च और लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य पर इस लीक का क्या होगा असरजियोपॉलिटिकल और लोकल (Geographical) ऑप्टिमाइजेशन के नजरिए से देखें तो इस पेपर लीक ने देश भर के लाखों योग्य और दिन-रात मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को गहरे सदमे और आक्रोश में डाल दिया है। छात्र सड़कों पर उतरकर इस परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने और मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग कर रहे हैं। एआई सर्च, आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) और शिक्षा क्षेत्र के विश्लेषकों का मानना है कि परीक्षा प्रणालियों में एआई और आधुनिक सुरक्षा तकनीकों की भारी कमी के कारण ही ये सिंडिकेट बार-बार देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं में सेंध लगाने में कामयाब हो रहे हैं। अब देखना यह होगा कि सरकार इस लीक के बाद क्या बड़ा फैसला लेती है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर बिहार में योग का उत्साह
पटना, 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बिहार के विभिन्न जिलों में बड़े उत्साह के साथ योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। नेताओं, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम लोगों ने योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और समग्र कल्याण का संदेश दिया।
फैक्ट चेक: ट्रेन के अंदर परीक्षार्थी की मौत के दावे का वीडियो बिहार का नहीं है
वायरल वीडियो को शूट करने वाले मुबारक हुसैन ने बूम को बताया कि घटना 11 जून को आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम स्टेशन के पास की है.
Fact Check: क्या बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा लड़कियों को शिक्षा की जरूरत नहीं? सच जानिए
बूम ने पाया कि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने Agitation शब्द का इस्तेमाल किया था जिसे एजुकेशन समझकर गलत दावा किया जा रहा है.
पश्चिमी विक्षोभ ला रहा आंधी-तूफान, दिल्ली से लेकर बिहार तक झमाझम बारिश
मई के महीन में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की वजह से मौसम ठंडा हो गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिन बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। तेज हवाओं के साथ रिमझिम बारिश से तापमान सामान्य से कम रहेगा।
पीएम उषा अभियान के तहत बिहार को 600 करोड़ रुपए देगी मोदी सरकार, नीतीश कैबिनेट ने खोला बंद रास्ता
बिहार में पीएम उषा अभियान को लागू करने के प्रस्ताव को नीतीश कुमार सरकार की मंजूरी के बाद राज्य में उच्च शिक्षा के विकास के लिए केंद्र से अगले दो साल में 600 करोड़ रुपए मिलने का रास्ता खुल गया है।
बिहार के प्रिंस कुमार सिंह ने यूपीएससी आईएफएस परीक्षा में 15वीं रैंक प्राप्त की है। इसके अलावा उन्होंने और भी कई बड़े एग्जाम को पास किया हुआ है। जानिए जानते प्रिंस कुमार की कहानी जिन्होंने अपने आर्थिक
फिल्म रैप में जानिए कि रविवार को एंटरटेनमेंट की दुनिया में क्या खास हुआ. 9 जून 2024 का दिन एतिहासिक रहा. पीएम नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार पीएम बनने की शपथ ली. इस दौरान शाहरुख खान से लेकर अक्षय कुमार भी मौजूद रहे.
परेशान होकर छोड़ी इंडस्ट्री, सालों बाद किया कमबैक, बिहार की लड़की कैसे बनी हीरोइन?
टेलीविजन के पॉपुलर शो उडारियां 15 साल का लीप लेने जा रहा है. लीप के बाद शो एक नई कहानी और स्टारकास्ट के साथ दर्शकों को एंटरटेन करने आ रहा है. लीप से पहले उडारियां में आशमा का रोल निभाने वाली अदिति भगत ने आजतक संग बातचीत की और शो को लेकर कई सारी बातें शेयर कीं.
बिहार सीईटी बीएड : पांच साल में सबसे ज्यादा आवेदन आए, इस तारीख से आएंगे एडमिट कार्ड
Bihar CET B.Ed:महिलाओं के लिए अलग एवं पुरुषों के लिए अलग परीक्षा केंद्र होंगे। अभ्यर्थी 17 जून से अपना एडमिट कार्ड वेबसाइटwww. biharcetbed- lnmu. inपर लॉगइन कर डाउनलोड कर सकेंगे।
बीएसईबी बिहार बोर्ड से संबद्ध और एनसीटीई से मान्यता प्राप्त डीएलएड संस्थानों की सूची जारी
Bihar D.El.Ed: बिहार बोर्ड ने डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2024 की आंसर की जारी करने के एक दिन बाद अब राज्य में मौजूद सरकारी व निजी डीएलएड प्रशिक्षण संस्थानों की सूची भी जारी कर दी है। डीएलएड में दाखिला लेने
Bihar DElEd Answer Key 2024: आंसर की जारी, ऐसे दर्ज करें ऑब्जेक्शन, देखें डायरेक्ट लिंक
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने बिहार डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (DElEd) परीक्षा 2024 की आंसर की जारी की। जो उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट- biharboardonline.b
Bihar STET: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने शनिवार को माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी)-2024 (प्रथम) परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। पेपर-1 के विभिन्न विषयों की परीक्षा 18 से 29 मई तक होगी।
CSBC Bihar Police Constable Exam: क्या जारी हो चुकी हैं रिवाइज्ड तारीखें, पढ़ें अपडेट
CSBC Bihar Police Constable exam dates: बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की नई तारीखों का इंतजार है। परीक्षाएं 1, 7 और 15 अक्टूबर को निर्धारित की गई थीं, जिन्हें रद्द व स्थगित कर दिया गया था। आइए
बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा शर्मा की हाल ही में बिहार में एक रोड शो में भागीदारी ने इंटरनेट पर तूफान ला दिया है। क्रुक और तुम बिन 2 जैसी फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए मशहूर सुश्री शर्मा को अपने पिता अजीत शर्मा का समर्थन करते देखा गया, जो कांग्रेस के टिकट पर भागलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। यह रोड शो उन अफवाहों के बीच हुआ कि अभिनेता राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं। हालाँकि, अब यह स्पष्ट हो गया है कि वह सिर्फ अपने पिता के लिए प्रचार कर रही थीं। नेहा शर्मा ने इंस्टाग्राम पर बांका, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया सहित बिहार के विभिन्न जिलों की अपनी यात्रा दिखाते हुए एक वीडियो साझा किया। वह पारंपरिक सलवार कमीज पहने हुए थीं और जनता का अभिवादन करती और उन्हें वोट डालने के लिए प्रोत्साहित करती नजर आईं। इसे भी पढ़ें: AR Rahman ने नए एल्बम के रिलीज पर Taylor Swift को बधाई दी, नेटिजन ने कहा 'महान कला, महान कला को पहचानती है' View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया रोड शो के दौरान पीरपैंती और कहलगांव में भारी भीड़ ने अभिनेता का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा “वे कहते हैं कि जब कोई आपको अपने दिल में जगह देता है, तो आप हमेशा के लिए वहीं रहते हैं। आपने मुझे जो प्यार और समर्थन दिया है, उससे मेरा दिल भर गया है। पीरपैंती और कहलगांव में गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद। आपका प्यार सारी आँखों पर। सदा आभारी। ऑनलाइन प्रसारित हो रहे एक अन्य वीडियो में अभिनेत्री को भागलपुर में अपने पिता के चुनाव अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए दिखाया गया है। भागलपुर लोकसभा सीट पर दूसरे चरण में 26 अप्रैल को चुनाव होना है। इस सीट पर कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने वाले अजीत शर्मा का मुकाबला जेडीयू के अजय कुमार मंडल से है। पहले ऐसी अफवाह थी कि सुश्री शर्मा राजनीति में प्रवेश कर सकती हैं। हालाँकि, कई रिपोर्टों ने स्पष्ट किया है कि वह अभी चुनावी शुरुआत नहीं कर रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पिता अजीत शर्मा ने उन्हें राजनीति में शामिल होने का अवसर दिया, शर्मा वर्तमान में अपने अभिनय करियर पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। Bihar, Bhagalpur: Bollywood actress Neha Sharma campaigns for Congress leader and father Ajeet Sharma in the Lok Sabha elections, participates in a roadshow. pic.twitter.com/yEhb4XoQQL — IANS (@ians_india) April 23, 2024 View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial)
Manisha और Elvish के बीच लगी दुश्मनी की आग हुई और तेज, बिहार की बेटी नेसरेआम बना दिया'राव साहब' का मजाक ?
Bihar Board: जानें-10वीं की मार्कशीट में लिखी U/R,B और C जैसी शॉर्ट फॉर्म का क्या मतलब है?
बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं का रिजल्ट 31 मार्च को जारी कर दिया गया था। छात्र अपनी ओरिजनल मार्कशीट स्कूल से ले सकते हैं। आइए जानते हैं मार्कशीट में लिखी शॉर्ट फॉर्म की फुलफॉर्म क्या है।
बिहार में जेईई और नीट की फ्री कोचिंग, रहने-खाने की भी रहेगी मुफ्त व्यवस्था, ऐसे करें अप्लाई
Bihar Board Jee and Neet Free Coaching : विद्यार्थी समिति द्वारा संचालित engineering (jee) औरmedical (neet) की नि:शुल्क तैयारी हेतु BSEB SUPER-50 आवासीय शिक्षण में पढ़ने हेतु आवेदन कर सकत हैं।
Bihar 10th Board 2024: टॉप 5 में इन 10 छात्रों ने बनाई जगह, जानें नाम और मार्क्स
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने दसवी का रिजल्ट bsebmatric.org और results.biharboardonline.com पर जारी कर दिया है। इस साल टॉप 10 की लिस्ट ने 51 छात्रों ने अपनी जगह बनाई है। टॉप 5 की लिस्ट में 10 छ
Bihar Board BSEB 2024 Matrci Result Today:बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in व biharboardonline.com , onlinebseb.in पर जल्दजारी कर दिया जाएगा।
BSEB: क्लास 10वीं के रिजल्ट से पहले जानें ये 10 जरूरी बातें, मार्कशीट मिलने में मिलेगी मदद
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड अब कभी भी वेबसाइट biharboardonline.gov.in पर कक्षा 10वीं के रिजल्ट अपलोड कर सकता है। एक बार रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र यहां से डाउनलोड कर सकते हैं।
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) मैट्रिक यानी कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट अब कभी भी biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी हो सकता है, जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, रिजल्
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटर में एडमिशन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। इस बाबत समिति ने सभी सरकारी, गैर सरकारी विद्यालय, इंटर कॉलेजों की सूची ofssbihar.in पर अपलोड कर दी है।
BSEB Bihar 10th Board: प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेयर की जाएंगी ये 5 डिटेल्स, यहां पढ़ें
छात्र आधिकारिक वेबसाइट्स से बीएसईबी 10वीं स्कोरकार्ड 2024 डाउनलोड कर सकेंगे। रिजल्ट वाले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। जिसमें बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा से जुड़ी कई डिटेल्स शेयर की जाएगी। आइए ज
Bihar 12th Board: किसान की बेटी बनीं कॉमर्स की टॉपर, अब बनना चाहती हैं प्रोफेसर, करेंगी PhD
बिहार बोर्ड 12वीं की कॉमर्स स्ट्रीम में खुशी कुमारी को जिले में सेकंड रैंक मिली है। उनके पिता किसान हैं। उन्होंने कहा, मेरे पिता ने हमेशा शिक्षा को महत्व दिया है, इसलिए भविष्य में मैं शिक्षा के क्षेत
इस साल का रिजल्ट पिछले 5 साल की तुलना में सबसे बेहतर, 87.21 प्रतिशत विद्यार्थी हुए पास
BSEB Bihar Board 12th Result : हार बोर्ड ने आज 12वीं के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का रिजल्ट पिछले 5 सालों की तुलना में सबसे बेहतर रहा है। इस साल इंटर का रिजल्ट 87.21 फीसदी रहा।
बिहार बोर्ड ने 12वीं यानी इंटर परीक्षा का रिजल्ट अब जारी कर दिया है। टॉपर्स के नाम भी सामने आ गए हैं। आइए जानते हैं साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स स्ट्रीम के टॉपर्स ने किन स्कूलों से पढ़ाई की है। यहां देखें न
BSEB : बारहवीं कक्षा के छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी के लिए फ्री में कोचिंग देती है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) गरीब विद्यार्थियों को JEE और NEET की मुफ्त कोचिंग कराती है।
BSEB Bihar Board: बिहार बोर्ड इंटर छात्र जानें टॉप 10 इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज
NIRF यानी राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क। इस रैंकिंग को शिक्षा मंत्रालय जारी करता है। एनआईआरएफ रैंकिंग में देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी की रैंकिंग जारी की जाती है।
बीएसईबी 12वीं के परिणाम के साथ टॉपर्स की लिस्ट भी शेयर करेगा। जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, पिछले 7 सालों में आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम में किसने किया था टॉप। यहां पढ़ें पूरी
Bihar 12th Board 2024: रिजल्ट जारी होने की तारीख और समय के बारे में यहां मिलेगी जानकारी
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) जल्द ही इंटरमीडिएट या कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2024 के परिणाम घोषित करेगा। वहीं बोर्ड परिणाम के समय की घोषणा पहले कर दी जाएगी। आइए जानते हैं, आप कहां कर सकें

