RPSC APO Admit Card 2026: राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन (RPSC) ने असिस्टेंट प्रॉसिक्यूशन ऑफिसर प्राथमिक परीक्षा के लिए आरपीएससी एपीओ एडमिट कार्ड 2026 30 अगस्त, 2026 को जारी कर दिया है। यह परीक्षा 02 सितंबर 2026 को होगी। इसके जरिए राज्य में 371 एपीओ नियुक्त किए जाएंगे।आरपीएससी एपीओ भर्ती 2026 के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट rpsc.rajasthan.gov.in से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। हॉल टिकट डाउनलोड करने के लिए, कैंडिडेट्स को अपना एप्लीकेशन नंबर और जन्म तिथि डालनी होगी। परीक्षा केंद्र पर एक वैध फोटो पहचान पत्र के साथ प्रिंटेड एडमिट कार्ड ले जाना जरूरी है।आरपीएससी एपीओ एडमिट कार्ड 2026 पर दी गई जानकारीआरपीएससी एपीओ एडमिट कार्ड 2026 में जरूरी जानकारी है जिसे कैंडिडेट को ध्यान से वेरिफाई करना चाहिए। इनमें शामिल हैं:कैंडिडेट का नाम और फोटोरोल नंबर और एप्लीकेशन नंबरएग्जाम की तारीख और रिपोर्टिंग टाइमएग्जाम सेंटर का नाम और पताकैंडिडेट के सिग्नेचरकैटेगरी और जन्म की तारीखआरपीएससी एपीओ एडमिट कार्ड 2026 कैसे डाउनलोड करेंआरपीएससी एपीओ एडमिट कार्ड 2026 अब ऑफिशियल वेबसाइट rpsc.rajasthan.gov.in. पर उपलब्ध है। कैंडिडेट अपना प्रीलिम्स एडमिट कार्ड अपने एप्लीकेशन नंबर और जन्मतिथि का इस्तेमाल करके डाउनलोड कर सकते हैं। एग्जाम के दिन से पहले एडमिट कार्ड पर सभी डिटेल्स ध्यान से चेक कर लेना सही रहेगा। कैंडिडेट अपना राजस्थान एपीओ एडमिट कार्ड 2026 डाउनलोड करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं: ऑफिशियल वेबसाइट, rpsc.rajasthan.gov.in पर जाएं। होमपेज पर एडमिट कार्ड लिंक पर क्लिक करें। आरपीएससी एपीओ एडमिट कार्ड 2026 लिंक चुनें। अपना एप्लीकेशन नंबर और जन्मतिथि डालें। कैप्चा कोड डालें और सबमिट करें। आपका एडमिट कार्ड स्क्रीन पर आ जाएगा। पीडीएफ डाउनलोड करें और एक क्लियर प्रिंटआउट लें। कैंडिडेट अपने एसएसओ-लिंक्ड रिक्रूटमेंट डैशबोर्ड पर गेट एडमिट कार्ड ऑप्शन के जरिए भी एडमिट कार्ड एक्सेस कर सकते हैं। आरपीएससी एपीओ भर्ती 2026 के लिए पंजीकृत उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि एडमिट कार्ड सिर्फ आरपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट से ही डाउनलोड करें और सोशल मीडिया पर शेयर किए गए अनऑफिशियल लिंक से बचें।आरपीएससी एपीओ परीक्षा केंद्र क्या लेकर जाएं?उम्मीदवारों को आरपीएससी एपीओ एडमिट कार्ड के साथ परीक्षा केंद्र पर ये डॉक्यूमेंट्स ले जाने होंगे: प्रिंटेड आरपीएससी एपीओ एडमिट कार्ड 2026 (दो कॉपी ले जाने की सलाह दी जाती है) एक मूल वैध फोटो आईउी (आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, या वोटर ID) पासपोर्ट-साइज फोटो (अगर एडमिट कार्ड पर लिखा हो) एक ट्रांसपेरेंट पानी की बोतल और सिंपल स्टेशनरी, अगर इजाजत हो परीक्षार्थी ध्यान रखें एग्जाम हॉल के अंदर मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर और ब्लूटूथ डिवाइस ले जाना पूरी तरह मना है। ऐसी चीजें ले जाने पर उनकी पात्रता रद्द हो सकती है। एडमिट कार्ड की सिर्फ प्रिंटेड कॉपी ही स्वीकार की जाएगी। सेंटर पर स्क्रीनशॉट या सॉफ्ट कॉपी ले जाने की इजाजत नहीं होगी।Bihar STET 2026: बिहार एसटीईटी के लिए आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ी, अब इस तारीख तक कर सकते हैं अप्लाई
Bihar के इस रहस्यमयी मंदिर से जुड़ी है Siddharth Malhotra की The Vvaan की कहानी, जानकर चौंक जाएंगे!
सिद्धार्थ मल्होत्रा इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म ‘द वन- फोर्स ऑफ फॉरेस्ट’ को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म में उनके साथ तमन्ना भाटिया भी लीड रोल में नजर आएंगी। हाल ही में मेकर्स ने फिल्म का टीजर जारी किया है, जिसमें सिद्धार्थ और तमन्ना एक रहस्यमयी लोककथा और फैंटेसी की दुनिया में नजर आ रहे हैं। बालाजी मोशन पिक्चर्स की ओर से प्रस्तुत यह फिल्म भारतीय लोककथाओं और फैंटेसी की ऐसी दुनिया दिखाने वाली है, जिसे बड़े पर्दे पर कम ही देखने को मिलता है। फिल्म में अलौकिक शक्तियों, प्राचीन मान्यताओं और रहस्यों को कहानी का अहम हिस्सा बनाया गया है। बिहार के वन देवी मंदिर से जुड़ी है कहानी फिल्म के मेकर्स ने बताया है कि ‘द वन’ की कहानी बिहार में पटना के पास स्थित 16वीं सदी के ‘वन देवी मंदिर’ से प्रेरित है। इस मंदिर से जुड़ी लोककथाओं और मान्यताओं ने फिल्म की कहानी का आधार तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है। फिल्म के निर्देशक दीपक मिश्रा और लेखक-निर्माता अरुणाभ कुमार ने बताया कि उन्हें इस कहानी का आइडिया कैसे मिला। दोनों ने एएनआई से बातचीत में फिल्म को लेकर कई दिलचस्प बातें साझा कीं। इसे भी पढ़ें: The Vvaan Teaser: सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म में दिखी रहस्यमयी दुनिया, जंगल और अलौकिक शक्तियों की झलक लोककथाओं ने दिया फिल्म बनाने का आइडिया अरुणाभ कुमार ने बताया कि ‘द वन’ की कहानी का कनेक्शन पटना के पास स्थित वन देवी मंदिर की सच्ची कहानी और वहां प्रचलित लोककथाओं से है। मंदिर और उससे जुड़ी कहानियों के बारे में जानने के बाद उनकी दिलचस्पी इस जगह को लेकर बढ़ने लगी। उन्होंने मंदिर जाने वाले लोगों से बातचीत की और वहां की लोककथाओं को समझने की कोशिश की। इसके अलावा उन्होंने स्थानीय पुजारियों और ग्रामीणों से भी बात की। इसी दौरान उन्हें लगा कि इस रहस्यमयी और दिलचस्प कहानी पर फिल्म बनाई जा सकती है। इसके बाद अरुणाभ कुमार और दीपक मिश्रा ने मिलकर इस आइडिया पर काम करने का फैसला किया और इसी से ‘द वन’ की कहानी ने आकार लिया। इसे भी पढ़ें: बाघ, नंदी और रहस्यमयी जंगल... Sidharth Malhotra की The Vvaan के नए पोस्टर्स ने खींचा ध्यान, कल आएगा टीजर दीपक मिश्रा ने किया है निर्देशन ‘द वन’ का निर्देशन दीपक मिश्रा ने किया है, जो लोकप्रिय वेब सीरीज ‘पंचायत’ के निर्देशन के लिए जाने जाते हैं। फिल्म की कहानी अरुणाभ कुमार ने लिखी है। इसके प्रोडक्शन की जिम्मेदारी अरुणाभ कुमार और एकता कपूर ने संभाली है। फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। ‘द वन- फोर्स ऑफ फॉरेस्ट’ 25 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
Bihar STET 2026: बिहार एसटीईटी के लिए आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ी, अब इस तारीख तक कर सकते हैं अप्लाई
Bihar STET 2026: बिहार में शिक्षा क्षेत्र में सरकारी नौकरी करने के लिए इच्छुक उम्मीदवारों के लिए एसटीईटी क्वालिफाई करना अच्छा और मजबूत विकाल्प माना जाता है। इस साल बिहार सेकेंडरी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (STET) 2026 के लिए आवेदन 17 अगस्त 2026 से शुरू हुए थे और इसकी आखिरी तारीख आज यानी 31 अगस्त 2026 तक थी। लेकिन अब बिहार स्कूल शिक्षा बोर्ड (BSEB) ने इस परीक्षा के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 15 दिन और बढ़ाने का फैसला किया है।इच्छुक और योग्य उम्मीदवार अब बिहार एसटीईटी 2026 के लिए 15 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसी अवधि में निर्धारित परीक्षा शुल्क भी जमा करना होगा। शिक्षक पात्रता परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले अभ्यर्थियों के लिए माध्यमिक स्तर पर शिक्षक बनने की राह खुलती है। इससे पहले एसटीईटी 2026 के अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी से आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाने का अनुरोध किया था। अभ्यर्थियों की मांग पर शिक्षा मंत्री ने सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया था। आवेदन की तारीख बढ़ने से उन अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय मिल गया है, जो किसी कारण से अब तक आवेदन नहीं कर पाए थे।आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ाए जाने से परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ने का अनुमान है। ऐसे में आवेदन की अतिरिक्त अवधि को अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। बोर्ड के फैसले के बाद अब अभ्यर्थियों को आवेदन प्रक्रिया जल्द पूरी करने पर ध्यान देना होगा।आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज पासपोर्ट साइज फोटो डिजिटल साइन 10वीं की मार्कशीट 12वीं की मार्कशीट ग्रेजुएशन की मार्कशीट निवास प्रमाण पत्र फोटो आईडी दिव्यांग प्रमाण पत्र जाति प्रमाण पत्र बिहार एसटीईटी 2026 के लिए आवेदन शुल्कपेपर 1 और पेपर 2 के लिए आवेदन शुल्क सामान्य, ईडब्ल्यूएस, बीसी, ईबीसी और अन्य राज्यों के उम्मीदवारों के लिए 1440 रुपये है। पेपर 1 या 2 के लिए आवेदन शुल्क 960 रुपये है। जबकि एससी, एसटी, दिव्यांगों के लिए पेपर 1 और पेपर 2 दोनों के लिए कुल आवेदन शुल्क 1140 है और किसी एक पेपर के लिए आवेदन करने की इच्छा रखने वाले उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 760 रुपये है।बिहार एसटीईटी परीक्षा पैटर्नबिहार एसटीईटी परीक्षा में 150 बहुविकल्पीय प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे। यह परीक्षा 150 मिनट यानी 2.5 घंटे की होगी। बिहार एसटीईटी परीक्षा में कोई निगेटिव मार्किंग नहीं है। इसलिए उन्हें परीक्षा में आने वाले सभी प्रश्नों को हल करने का प्रयास करना चाहिए। परीक्षा मे 150 प्रश्न पूछे जाएंगे, प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा, जिसका उत्तर देना होगा।NEET PG 2026 Re-Exam: 5 सितंबर को जयपुर के इस केंद्र में फिर से होगी नीट पीजी परीक्षा, तकनीकी दिक्कत के चलते 2445 उम्मीदवार नहीं दे पाए थे परीक्षा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं। दिल्ली में वह केंद्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में शामिल होंगे। वहीं, औज दिल्ली में सोन नदी के जल बंटवारे को लेकर बिहार और झारखंड के बीच समझौता हो सकता है। बिहार सीएम सम्राट चौधरी और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के पानी को लेकर विवाद नया नहीं है। यह विवाद तब से चला आ रहा है, जब बिहार का बंटवारा हुआ था और झारखंड के रूप में नए राज्य का गठन हुआ था। अब दोनों राज्य एक फॉर्मूले पर पहुंच गए हैं। सीएम सम्राट के दिल्ली दौरे पर RJD ने उठाए सवाल इधर, सीएम सम्राट के दिल्ली दौरे को लेकर राष्ट्रीय जनता दल ने सवाल उठाया है। RJD विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा, ‘मुख्यमंत्री लगातार दिल्ली जा रहे हैं और लोगों से मिल रहे हैं, लेकिन इससे बिहार को क्या फायदा होगा, यह सरकार और मुख्यमंत्री को बताना चाहिए।’ भाई वीरेंद्र ने पूछा- फायदा क्या होगा? मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे पर भाई वीरेंद्र ने कहा, ‘मुख्यमंत्री लगातार दिल्ली जा रहे हैं और लोगों से मिल रहे हैं। दिल्ली जाना, अपने आकाओं से मिलना, हर मुख्यमंत्री का काम है।' उन्होंने आगे कहा, ‘बिहार का खजाना खाली है तो केंद्र से सहायता लेने के लिए मुख्यमंत्री आते-जाते रहते हैं। इस पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं है, लेकिन इन दौरों का फायदा क्या होगा, यह सरकार और मुख्यमंत्री को बताना चाहिए।’ सुबह फ्लाइट से दिल्ली रवाना हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सुबह पटना से दिल्ली के लिए रवाना हुए। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वह सुबह एयर इंडिया की फ्लाइट से दिल्ली पहुंचेंगे। दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री बिहार भवन जाएंगे। दोपहर 3 बजे बैठक में होंगे शामिल मुख्यमंत्री दोपहर 3 बजे कर्तव्य भवन-03, जनपथ में आयोजित बैठक में शामिल होंगे। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री करेंगे। दिल्ली दौरे में मुख्यमंत्री का यह प्रमुख कार्यक्रम है। शाम 4 बजे जलशक्ति मंत्री से मुलाकात बैठक के बाद मुख्यमंत्री 02 सफदरजंग लेन जाएंगे। यहां शाम 4 बजे केंद्रीय जलशक्ति मंत्री से मुलाकात करेंगे। इसके बाद शाम 5 बजे बिहार भवन के लिए रवाना होंगे और 5:15 बजे बिहार भवन पहुंचेंगे।
Bihar Teachers Need 7th Pay: शिक्षक दिवस से पहले एक्स पर उठा अभियान, सातवां वेतनमान लागू करने की मांग
भागलपुर जिले में गंगा नदी ने तबाही मचा रखी है। यहां सबौर सीओ दिव्या कुमारी ने कहा कि कटाव की जानकारी मिलने के बाद इंग्लिश गांव में कटाव का जायजा लेने के लिए गए थे। कटाव पीड़ित से बात की। कटाव पीड़ित को चिह्नित कर जो भी सरकारी सहायता राशि होगी दिलाई जाएगी।
नेपाल से बिहार आईं 100 किलो की मछलियां, देखकर लोग हैरान
नेपाल की बाढ़ बिहार में मछुआरों के लिए बड़ा सरप्राइज लेकर आई है. गंडक नदी में विशालकाय मछलियां बहकर पहुंच रही हैं और इन मछलियों के वीडियो भी वायरल हो रहे हैं.
देश के कई राज्यों, खासकर यूपी, बिहार और एमपी में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। यूपी में पुल बह गया, बिहार में गंगा उफान पर है और 18 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
बिहार में शिक्षकों ने 7वें वेतनमान के लिए खोला मोर्चा, सोशल मीडिया पर शुरू किया डिजिटल आंदोलन
बिहार के शिक्षकों ने सातवें वेतनमान की मांग को लेकर एक्स पर #Biharteachersneed7thPay अभियान चलाया। बिहार शिक्षक मंच के आह्वान पर यह डिजिटल आंदोलन शुरू हुआ, जिसमें पुरानी पेंशन नीति का विरोध भी किया गया।
Bihar Weather Update:भागलपुर में मौसम का मिजाज बदला है, रुक-रुककर हो रही बारिश से उमस से राहत मिली है। आईएमडी ने अगले तीन दिनों तक बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है, जिससे जलजमाव की चिंता भी बढ़ी है।
बाढ़ में बिहार के एक ही परिवार के 5 लोग लापता, अपनों की आस में बैठे परिजन
नेपाल में आई बाढ़ के बाद बिहार के पूर्वी चंपारण के 12 लोग लापता बताए जा रहे हैं. राहत-बचाव टीमें बचाव अभियान में लगी हैं, लेकिन अब तक इन लोगों का कोई पता नहीं चल पाया है.
बिहार में 21 हजार आशा कार्यकर्ताओं की बंपर भर्ती: स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया बल
बिहार के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। बिहार स्वास्थ्य विभाग और राज्य स्वास्थ्य समिति (SHSB) ने प्रदेश भर में रिक्त पड़े लगभग 21,000 आशा कार्यकर्ताओं (Accredited Social Health Activist - ASHA) के पदों पर नई बहाली शुरू करने की आधिकारिक तैयारी तेज कर दी है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी 38 जिलों के सिविल सर्जनों (Civil Surgeons) और जिला स्वास्थ्य समितियों को निर्देश जारी कर ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर रिक्त पदों का अंतिम रोस्टर और सत्यापन रिपोर्ट तत्काल मुख्यालय भेजने को कहा है, जिसके बाद आधिकारिक भर्ती विज्ञापन जारी किया जाएगा।स्वास्थ्य विभाग का निर्देश: जिलों से मांगा गया पंचायतवार और वार्डवार ब्योरास्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार, राज्य के कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC), अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (APHC) और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स के अंतर्गत आशा कार्यकर्ताओं के पद लंबे समय से रिक्त हैं।रोस्टर क्लीयरेंस और सत्यापन: सभी जिलों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी संबंधित ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों में जनसंख्या के अनुपात (1000 की आबादी पर एक आशा कार्यकर्ता) के आधार पर रिक्तियों की सही संख्या का मिलान करें।समयबद्ध विज्ञापन: जिला स्तर से रोस्टर क्लीयरेंस मिलने के बाद राज्य स्वास्थ्य समिति की आधिकारिक वेबसाइट (statehealthsocietybihar.org) और जिला स्तरीय पोर्टल पर ऑनलाइन/ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया की तिथि घोषित की जाएगी।पात्रता मानदंड: शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और स्थानीय निवासी नियमबिहार में आशा कार्यकर्ता भर्ती के लिए निर्धारित मुख्य नियम इस प्रकार हैं:शैक्षणिक योग्यता: अभ्यर्थी का किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम 10वीं (मैट्रिक) पास होना अनिवार्य है।आयु सीमा: न्यूनतम आयु 25 वर्ष और अधिकतम आयु 45 वर्ष निर्धारित की गई है।स्थानीय निवासी की प्राथमिकता: आवेदिका का संबंधित ग्राम पंचायत/वार्ड का स्थायी निवासी और विवाहित/विधवा/तलाकशुदा महिला होना जरूरी है, ताकि वह स्थानीय समुदाय से बेहतर संवाद स्थापित कर सके।संवाद कौशल: आवेदिका में स्थानीय भाषा/बोली की समझ और समुदाय के बीच काम करने की तत्परता होनी चाहिए।चयन प्रक्रिया: ग्राम सभा और जिला स्वास्थ्य समिति के जरिए पारदर्शी चयनआशा कार्यकर्ताओं का चयन मेरिट और स्थानीय समुदाय की सहमति के आधार पर किया जाता है:आवेदन जमा करना: निर्धारित तिथि के भीतर उम्मीदवार संबंधित प्रखंड विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) या संबंधित पंचायत कार्यालय में आवेदन जमा करेंगे।ग्राम सभा में सत्यापन: प्राप्त आवेदनों की स्क्रूटनी के बाद संबंधित पंचायत की 'आम सभा' या 'ग्राम सभा' में योग्य उम्मीदवारों की सूची रखी जाती है।अंतिम अनुमोदन: ग्राम सभा और प्रखंड स्वास्थ्य समिति की अनुशंसा के बाद जिला स्वास्थ्य समिति (Civil Surgeon Office) द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र और बुनियादी प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है।आशा कार्यकर्ताओं के मुख्य कार्य और देय मानदेय/प्रोत्साहन राशिआशा कार्यकर्ता ग्रामीण स्वास्थ्य प्रणाली की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके प्रमुख दायित्वों में गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण, संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery) के लिए अस्पताल ले जाना, नवजात शिशुओं का पूर्ण टीकाकरण, परिवार नियोजन की जानकारी देना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों (जैसे टीबी, एनीमिया नियंत्रण) में सहयोग करना शामिल है। राज्य और केंद्र सरकार द्वारा आशा कार्यकर्ताओं को निर्धारित मासिक मानदेय के अलावा विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों और प्रसव के आधार पर कार्य-आधारित प्रोत्साहन राशि (Incentives) सीधे उनके बैंक खातों (DBT) में प्रदान की जाती है।
Bihar Weather Today 31st August: बिहार के गोपालगंज, सीवान और सारण समेत 11 जिों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट भी है। इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं। राज्य के अन्य हिस्सों में भी कहीं-कहीं बारिश हो सकती है और लोगों को गर्मी का भी सामना करना पड़ सकता है।
Bihar Weather Update: गरज-चमक के साथ बरसेंगे बादल, बिहार के 6 जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने बिहार के छह जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, साथ ही राज्यभर में मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना है। पटना सहित 14 जिलों में तापमान में वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि मानसून ट्रफ के प्रभाव से तेज हवा के साथ वर्षा के आसार हैं।
आरक्षण के मुद्दे पर NDA के भीतर घमासान छिड़ गया है। सत्ताधारी दल के नेता ही इस मुद्दे पर आपस में भिड़ रहे हैं। मामला इतना बिगड़ गया है कि केंद्र सरकार में शामिल दो दलित नेता चिराग पासवान और जीतन राम मांझी एक दूसरे का इस्तीफा मांग रहे हैं। दरअसल, इसकी शुरुआत बीजेपी के सीनियर लीडर और यूपी के डिप्टी CM ब्रजेश पाठक के जंतर-मंतर पर आरक्षण के खिलाफ आंदोलन में शामिल होने के बाद हुई है। वह 22 अगस्त को आंदोलन कर रहे छात्रों से मिले थे। उन्होंने छात्रों की मांग को न्याय के अनुसार उचित बताते हुए, इसे केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाने की बात कही थी। इसके बाद लगातार NDA के नेता इस मुद्दे पर एक दूसरे को टारगेट कर रहे हैं। आरक्षण के मुद्दे पर चिराग पासवान और जीतन राम मांझी क्यों आपस में उलझ पड़े? NDA के नेताओं ने इसपर क्या कहा है? पढ़िए रिपोर्ट…। चिराग के बहनोई ने पाठक को याद दिलाया, बहुजन के वोट से सांसद बने थे चिराग पासवान के बहनोई और सांसद अरुण भारती ने ब्रजेश पाठक के इस बयान के बाद उन पर तीखा हमला बोला। कहा, भूलिए मत जब बसपा से सांसद बने थे तब बहुजन के वोट आपको मिले थे। आरक्षण हटाओ को आरक्षण सुधार बोलकर आप सिर्फ शब्दों का फेरबदल नहीं कर रहे हैं।’ चिराग VS मांझी, कैसे हुई जुबानी जंग? जब तक राम विलास का बेटा है, कोई आरक्षण खत्म नहीं कर सकता- चिराग इसके बाद केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, ‘आरक्षण किसी को दी जाने वाली खैरात नहीं, संवैधानिक अधिकार है। जब तक राम विलास पासवान का बेटा मोदी सरकार का हिस्सा है, आरक्षण को दुनिया की कोई भी ताकत खत्म नहीं कर सकती।' ‘जो लोग समीक्षा या सुधार के नाम पर आरक्षण खत्म करने की बात करते हैं, वे शायद यह नहीं समझते कि आरक्षण क्यों जरूरी है।’ हरियाणा-पंजाब की तरह बिहार में लागू हो आरक्षण- मांझी चिराग पासवान का पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा, 'आरक्षण की जो मौजूदा व्यवस्था है इसके तहत कुछ वर्ग के लोग बहुत ज्यादा उन्नति कर लिए हैं। इनके बाल-बच्चे भी आगे बढ़ गए हैं। साक्षरता का दर भी इनका बेहतर हो गया है। जो गरीब तबके के लोग हैं, उनकी साक्षरता दर बहुत कम है। वे नीचे के नीचे बने हुए हैं। इन्हें कोई लाभ नहीं मिल रहा है।’ चिराग का पलटवार- मांझी पहले बेटे के साथ इस्तीफा दें आरक्षण में कोटा के भीतर कोटा की मांग पर चिराग पासवान ने जीतन राम मांझी से सीधा इस्तीफे की मांग कर दी। कहा, ‘अगर वह आरक्षण में क्रीमी लेयर का कॉन्सेप्ट लागू करने की बात करते हैं तो उन्हें पहले अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।' मांझी के बेटे ने चिराग को जवाब दिया- हम इस्तीफा को तैयार, शुरुआत आप करें चिराग के बयान पर जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन ने पलटवार किया। कहा, 'हम इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। मेरे छोटे भाई (चिराग पासवान) राजनीतिक रूप से तीसरी पीढ़ी (असल में दूसरी) से हैं तो शुरुआत वही करें। वे इस्तीफा देकर सामने आएं, हम भी उनके साथ इस्तीफा देने को तैयार हैं।’ ’हम समीक्षा की बात कर रहे हैं। समीक्षा का अर्थ आरक्षण समाप्त करना नहीं है। समीक्षा का अर्थ है आंकड़ों के आधार पर यह देखना कि आरक्षण का लाभ सभी वंचित समुदायों तक समान रूप से पहुंचा या नहीं।’ अब NDA के अन्य सहयोगियों को सुनिए राज्यपाल और सीएम के बेटे को आरक्षण की क्या जरूरत- राजभर यूपी सरकार में मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने आरक्षण के मुद्दे पर कहा, 'बाबा साहब भीम राव अंबेडकर ने सामाजिक और शैक्षणिक तौर पर पिछड़े लोगों को आरक्षण देने की बात कही है। आज के समय में जो डीएम, एसपी, डीजीपी, राज्यपाल, सीएम हो गए हैं, उसके बेटा-बेटी को आरक्षण की क्या जरूरत है। किसके पक्षधर लोग हैं।’ समान अवसर मिलने तक आरक्षण जारी रहेगा- दीपक प्रकाश बिहार सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा, 'आरक्षण लोगों का वाजिब हक है। अगर किसी व्यक्ति या समुदाय विशेष के साथ किसी तरह का अन्याय हुआ है तो उसकी भरपाई के लिए न्याय होना चाहिए।’
Bihar Engineering Colleges: बिहार के इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक कॉलेजों में अब उद्योग की मांग के अनुरूप सोलर तकनीशियन, इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी मेंटेनेंस जैसे नए तकनीकी पाठ्यक्रम शुरू होंगे। यह पहल छात्रों के कौशल विकास और रोजगार की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए की जा रही है।
खबरों का सार-संक्षेप: बिहार में शराब से चार लोगों की संदिग्ध मौत; असम में 16 करोड़ रुपये की ड्रग्स बरामद
Nepal Floods: पड़ोसी देश नेपाल में ग्लेशियर से अचानक आई भयंकर बाढ़ ने कुछ ही मिनटों में तबाही मचाकर रख दी। पानी, बर्फ, चट्टानों और कीचड़ की करीब 9 मीटर ऊंची लहर ने उत्तर-मध्य नेपाल की त्रिशूली घाटी में कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया। इस भयावह स्थिति के बीच एक टीचर और प्रिंसिपल की सूझबूझ ने 1,643 बच्चों की जान बचा ली। 47 वर्षीय अंग्रेजी टीचरएवं प्रिंसिपल राजेंद्र दवाड़ी ने बिना किसी आधिकारिक आदेश का इंतजार किए ऐसे फैसले लिए, जिनसे स्कूल में एक बड़ी त्रासदी टल गई।न्यूज 18 के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 9:20 बजे त्रिभुवन त्रिशूली सेकेंडरी स्कूल में करीब 900 बच्चे मौजूद थे। वहीं, करीब 700 अन्य बच्चे पैदल या बसों से स्कूल पहुंचने के रास्ते में थे। इसी दौरान राजेंद्र दवाड़ी को ऊपर की तरफ करीब पांच मील दूर बेत्रावती में रहने वाले अपने एक दोस्त का फोन आया। दोस्त ने घबराई हुई आवाज में बताया कि नदी ने उनके गांव को तबाह कर दिया है। पानी तेजी से नीचे की ओर बढ़ रहा है।उसने दवाड़ी से तुरंत भागने को कहा। शुरुआत में दवाड़ी को लगा कि स्कूल की तीन मंजिला कंक्रीट की इमारत सुरक्षित है। स्कूल नदी के तल से करीब 60 मीटर ऊंचाई पर था। लेकिन कुछ ही सेकंड बाद एक घबराया हुआ अभिभावक स्कूल पहुंचा और बताया कि पानी असामान्य गति से बढ़ रहा है। फिर दवाड़ी ने एक पल भी बर्बाद नहीं किया।तुरंत बजाई स्कूल की घंटीउन्होंने किसी सरकारी आदेश का इंतजार नहीं किया। तुरंत स्कूल की घंटी बजाई औरसभी कोक्लासेस खाली कराने का निर्देश दे दिया। टीचर्स बच्चों को तेजी से सुरक्षित स्थान की ओर निकालने लगे। इसी दौरान दवाड़ी ने स्कूल की ओर आ रही बसों को फोन करना शुरू किया। इन बसों में करीब 80-80 बच्चे सवार थे। दवाड़ी ने लगभग सभी बस चालकों से संपर्क कर लिया और उन्हें तत्काल वापस लौटने का निर्देश दिया। लेकिन एक बस ऐसी थी, जिसके ड्राइवर से संपर्क नहीं हो सका। तभी दवाड़ी की नजर उस बस पर पड़ी।बस लोहे के पुल से होकर स्कूल की तरफ आ रही थी। उधर स्कूल परिसर में पानी तेजी से घुस रहा था। दवाड़ी ने बस चालक को दूर से ही चिल्लाकर और हाथों से इशारा करके वापस लौटने को कहा। ड्राइवर ने तुरंत बस को पीछे करना शुरू किया। बस किसी तरह सुरक्षित स्थान तक पहुंच गई। इसके कुछ ही पल बाद वह पुल तेज बहाव के कारण नदी में ढह गया। अगर बस कुछ सेकंड और आगे बढ़ जाती, तो उसमें सवार करीब 80 बच्चों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती थी।घबराई बच्ची को बाइक से पहुंचाया सुरक्षित स्थानबाढ़ का पानी बढ़ता देख बच्चे पैदल ही ऊंचाई वाले स्थानों की ओर भागने लगे। चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल था। इसी दौरान एक छोटी बच्ची को तेज घबराहट का दौरा पड़ा और वह आगे नहीं बढ़ पा रही थी। स्कूल स्टाफ ने तुरंत उसकी मदद की और उसे मोटरसाइकिल के पीछे बैठाकर ढलान की ओर सुरक्षित ऊंचाई तक पहुंचाया।राजेंद्र दवाड़ी की तेजी से लिए गए फैसलो जैसे स्कूल खाली कराने, बसों को वापस बुलाने और आखिरी बस को पुल पार करने से रोकने वाले एक्शन ने उस दिन एक बेहद बड़ी त्रासदी को टाल दिया। एक टीचर की समय पर दिखाई गई समझदारी और साहस ने 1,643 बच्चों को मौत के मुंह में जाने से बचा लिया।ये भी पढ़ें-Bihar Train News: बाढ़ में डूबे गांव तो मवेशियों के लिए दौड़ी बिहार की 'घास ट्रेन', सुबह निकलते हैं किसान, शाम को लौटते हैं गठरियों के साथ
लोक लेखा समिति की बैठक में शामिल होने जहानाबाद पहुंचे राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने बिहार सरकार पर जमकर हमला बोला। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने हाल में दिल्ली में एक बिहार सरकार के मंत्री से कथित मारपीट की घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना से बिहार की गरिमा और छवि को नुकसान पहुंचा है। भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि यदि ठेकेदार राजनीति में आकर मंत्री बनेंगे तो ऐसी घटनाएं सामने आएंगी। उन्होंने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से ऐसे मंत्री को तत्काल मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की। ‘घटना से बिहार की बदनामी हुई’ भाई वीरेंद्र ने कहा कि दिल्ली में एक मंत्री पर लड़की से छेड़खानी का आरोप लगा और इसके बाद उनके साथ मारपीट की घटना हुई। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले से बिहार की बदनामी हुई है। उन्होंने सरकार से मामले की गंभीरता से जांच कराने और संबंधित मंत्री पर कार्रवाई करने की मांग की। हालांकि, उन्होंने जिस घटना का जिक्र किया, उससे जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है। ‘डस्टबिन खरीद में पशुपालन से बड़ा घोटाला’ राजद विधायक ने डस्टबिन की खरीद को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बिहार में पशुपालन घोटाले से भी बड़ा डस्टबिन घोटाला हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन डस्टबिन की वास्तविक कीमत 500 रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए, उनकी खरीद में सरकारी राशि का अधिक भुगतान किया गया। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की और कहा कि खरीद प्रक्रिया और भुगतान की जांच होने पर वास्तविक स्थिति सामने आएगी। ‘लालू यादव गरीबों के मसीहा’ लालू प्रसाद यादव का बचाव करते हुए भाई वीरेंद्र ने कहा कि वे गरीबों के मसीहा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि साजिश के तहत उन्हें पशुपालन घोटाले में फंसाया गया। उन्होंने कहा कि लालू यादव ने लंबे समय तक गरीब और पिछड़े वर्गों के लिए आवाज उठाई है। ‘तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनेंगे’ पार्टी के अंदर अपने पूर्व बयानों और संगठन की इकाइयों को भंग किए जाने से जुड़े सवाल पर भाई वीरेंद्र ने कहा कि तेजस्वी यादव पार्टी को मजबूत करने के लिए अच्छे लोगों को संगठन में शामिल करेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव में तेजस्वी यादव बिहार के मुख्यमंत्री बनेंगे। इसके लिए पार्टी के सभी कार्यकर्ता मिलकर काम करेंगे। नेपाल को लेकर भी सरकार पर निशाना नेपाल में आई त्रासदी को लेकर भाई वीरेंद्र ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच बेटी-रोटी का संबंध है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत रहने चाहिए। उन्होंने नेपाल के चीन और अन्य देशों के साथ संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत और नेपाल के रिश्ते ऐतिहासिक और गहरे हैं। नेपाल में आई त्रासदी को लेकर उन्होंने नेपाल की व्यवस्थाओं और जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए। हालांकि, नेपाल को भारत का अभिन्न अंग बताए जाने संबंधी उनका बयान तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है। नेपाल एक स्वतंत्र और संप्रभु देश है। भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध जरूर हैं। भाई वीरेंद्र के इन बयानों के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों से लेकर पार्टी संगठन और नेपाल की त्रासदी तक कई मुद्दों पर अपनी राय रखी।
Indian Railways timing: भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए बड़ा अपडेट जारी किया है। 'वाराणसी-रांची' और 'वाराणसी-देवघर' रूट पर चलने वाली दो 'वंदे भारत एक्सप्रेस' ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है। हमारे सहयोगी 'न्यूज 18' के मुताबिक, दोनों ट्रेनों की नई टाइमिंग 2 सितंबर 2026 से लागू होगी।ऐसे में इन ट्रेनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को स्टेशन पहुंचने से पहले नया शेड्यूल जरूर देख लेना चाहिए।दोनों वंदे भारत ट्रेनों के वाराणसी से रवाना होने के समय में 10-10 मिनट की कटौती की गई है। इसलिए 2 सितंबर के बाद यात्रा करने वाले यात्रियों को पुराने समय के आधार पर स्टेशन पहुंचने से बचना चाहिए।'वाराणसी-रांची वंदे भारत' की टाइमिंग बदलीट्रेन नंबर 20888/20887 वाराणसी-रांची-वाराणसी 'वंदे भारत एक्सप्रेस' का संचालन दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मार्च 2024 को इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी। यह देश की 49वीं 'वंदे भारत एक्सप्रेस' थी। 18 मार्च 2024 से इसका नियमित परिचालन शुरू हुआ।यह ट्रेन मंगलवार को छोड़कर सप्ताह के बाकी सभी दिन चलती है। वाराणसी से रांची के बीच करीब 536 किलोमीटर की दूरी यह ट्रेन लगभग 7 घंटे 50 मिनट में पूरी करती है। रास्ते में ट्रेन पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, सासाराम, गया, कोडरमा, हजारीबाग रोड, पारसनाथ, बोकारो स्टील सिटी और मुरी जैसे रेलवे स्टेशनों पर रुकती है।नई टाइमिंग इस प्रकार है:- फिलहाल ट्रेन नंबर 20888 वाराणसी से शाम 4:05 बजे रवाना होती है। अब 2 सितंबर से यह ट्रेन शाम 3:55 बजे वाराणसी से रवाना होगी। यानी इसकेडिपार्चर टाइमिंगमें 10 मिनट का बदलाव किया गया है। हालांकि, वाराणसी के आगे ट्रेन के शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं होगा। इस ट्रेन में यात्रियों के लिए ACचेयर कार और एग्जीक्यूटिव चेयर कार की सुविधा है। वाराणसी से रांची तक एसी चेयर कार का किराया 1,470 रुपये, जबकि एग्जीक्यूटिव चेयर कार का किराया 2,695 रुपये है। वाराणसी-देवघर वंदे भारत भी 10 मिनट पहले चलेगी रेलवे ने ट्रेन नंबर 22500 वाराणसी-देवघर वंदे भारत एक्सप्रेस के समय में भी बदलाव किया है। इसका नया टाइमटेबल भी 2 सितंबर 2026 से लागू होगा। अभी यह ट्रेन वाराणसी से सुबह 6:20 बजे रवाना होती है। अबयह सुबह 6:10 बजे रवाना होगी। यानी यात्रियों को अब ट्रेन पकड़ने के लिए 10 मिनट पहले स्टेशन पहुंचना होगा। भारतीय रेलवे के मुताबिक, वाराणसी के बाद दूसरे स्टेशनों पर ट्रेन की टाइमिंग में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ये भी पढ़ें- Bihar Train News: बाढ़ में डूबे गांव तो मवेशियों के लिए दौड़ी बिहार की 'घास ट्रेन', सुबह निकलते हैं किसान, शाम को लौटते हैं गठरियों के साथ
बिहार के कटिहार जिले के बाढ़ प्रभावित मोहनाचांदपुर पंचायत में 12 से 14 साल के बच्चे नाव चलाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रहे हैं और बदले में 5 से 10 रुपये कमा रहे हैं.
नेपाल की बाढ़ का असर बिहार तक: गंडक नदी में छोड़ा गया 1.77 लाख क्यूसेक पानी; 62 राहत शिविर अलर्ट पर
बिहार में गंडक नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, वाल्मीकिनगर बराज से 1.77 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
कुर्सी मिली तो बेटियों ने बदली बिहार की तस्वीर, घर के आंगन से सियासत तक विकास का सफर
महिला जनप्रतिनिधि न सिर्फ भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बन रही हैं, बल्कि शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी बुनियादी जरूरतों पर निर्णायक फैसले लेकर बेटियों के भविष्य को सुरक्षित कर रही हैं।
खगड़िया में पसराहा रेलवे स्टेशन पर रविवार, 30 अगस्त को पूर्वोत्तर बिहार रेल उपभोक्ता संघर्ष समिति ने एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना दिया। यह धरना विभिन्न एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव और यात्री सुविधाओं से जुड़ी मांगों को लेकर आयोजित किया गया। इसमें समिति के पदाधिकारी, सदस्य और स्थानीय लोग शामिल हुए। समिति के संयोजक सचिदानंद सिंह ने बताया कि पसराहा स्टेशन कटिहार-बरौनी रेलखंड का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद यहां बहुत कम ट्रेनों का ठहराव होता है। समिति के आंकड़ों के अनुसार, रेलवे को इस स्टेशन से प्रतिवर्ष लगभग 7 से 8 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। समिति ने कैपिटल एक्सप्रेस, हाटेबाजार एक्सप्रेस, कटिहार-टाटा एक्सप्रेस और आम्रपाली एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों के पसराहा स्टेशन पर ठहराव की मांग की है। समिति का तर्क है कि इन ट्रेनों के रुकने से न केवल रेलवे के राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि आसपास की दर्जनों पंचायतों की लगभग 5 लाख आबादी को भी आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। इसके अतिरिक्त, समिति ने कटिहार-जमालपुर के बीच ईएमयू/डीएमयू ट्रेन चलाने की भी मांग की है। साथ ही, कटिहार-नवगछिया-खगड़िया-हसनपुर-रोसड़ा घाट होते हुए समस्तीपुर अथवा दरभंगा के लिए एक इंटरसिटी एक्सप्रेस चलाने का भी आग्रह किया गया है। समिति ने शनिवार को अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी खगड़िया, पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक हाजीपुर, मंडल रेल प्रबंधक सोनपुर, रेल आरक्षी अधीक्षक कटिहार व खगड़िया, एसडीओ गोगरी और स्टेशन अधीक्षक पसराहा को सौंपा था। रविवार को भी स्टेशन परिसर में धरना जारी रहा, और समिति ने रेलवे से इन मांगों पर सकारात्मक पहल करने की उम्मीद जताई है।
दरभंगा में सोमवार को 5 घंटे गुल रहेगी बिजली, अर्बन और जेल उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों पर प्रभाव
Bihar Power News: दरभंगा में सोमवार को सुबह 4 बजे से 9 बजे तक 11 केवी लाइन शिफ्टिंग के कारण बिजली गुल रहेगी। इससे दोनार चौक, अल्लपट्टी, सैदनगर और जनकपुरी सहित कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति बाधित होगी।
BPSC TRE 4 में निगेटिव मार्किंग के साथ होगी एक ही परीक्षा, शिक्षा मंत्री ने दूर किया संशय
Bihar Teacher Vacancy: शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने स्पष्ट किया है कि बीपीएससी टीआरई 4 में निगेटिव मार्किंग के साथ एक ही परीक्षा होगी, जिससे शिक्षकों का संशय दूर हो गया है। उन्होंने शिक्षकों से संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान करने की अपील की।
पलवल में बस की टक्कर से युवक की मौत:पैदल सड़क पार कर रहा था, पुलिस ने बस जब्त की, बिहार का रहना वाला
पलवल जिले में नेशनल हाईवे-19 पर हुडा चौक के पास एक तेज रफ्तार बस की टक्कर से सड़क पार कर रहे एक युवक की मौत हो गई। हादसे के बाद बस ड्राइवर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने बस को जब्त कर अज्ञात ड्राइर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश जारी है। शहर थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक की पहचान बिहार के समस्तीपुर निवासी रविंद्र के रूप में हुई है। रविंद्र पलवल के आल्हापुर स्थित एक होटल में मजदूरी करता था। शनिवार देर शाम वह किसी काम से होटल से निकला था और नेशनल हाईवे-19 पार कर रहा था, तभी एक तेज रफ्तार बस ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर लगने से रविंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों ने तुरंत एंबुलेंस की मदद से उसे पलवल के जिला नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फरार ड्राइवर की तलाश कर रही पुलिस हादसे की सूचना मिलने पर शहर थाना की भवनकुंड चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतक रविंद्र के परिजनों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिजन जिला नागरिक अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर अज्ञात बस ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। रविवार दोपहर बाद पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया और फिर उसे परिजनों को सौंप दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बस को कब्जे में ले लिया गया है और फरार ड्राइवर की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बिहार के फेमस तीसी भात का स्वाद है लाजवाब, जानें आसान रेसिपी
Bihari Tisi Bhat Recipe: अगर आप रोज-रोज एक जैसा खाना खाकर बोर हो गए हैं और कुछ देसी, टेस्टी और हेल्दी ट्राई करना चाहते हैं तो बिहार का फेमस तीसी भात आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है. यह पारंपरिक रेसिपी अलसी (तीसी) के बीज और कुछ देसी मसालों से तैयार की जाती है.
जहरीली गैस से 20 मिनट में थम गईं 4 की सांसें, बिहार में निर्माणाधीन टंकी बना मौत का कुआं
ग्रामीणों ने बताया कि निर्माणाधीन टंकी का शटरिंग खोलते समय एक के बाद एक तीन मजदूर जहरीली गैस की चपेट में आ गए। उन्हें बचाने के लिए ठेकेदार भी टंकी में उतर गया। चारों की मौत हो गई।
Bihar Daroga Recruitment: BPSSC ने टाली PET और शारीरिक परीक्षा, 1799 पदों के लिए नई Date का इंतजार
सरकारी नौकरी की तैयारी करने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (बीपीएसएससी) ने पुलिस अवर निरीक्षक यानी दारोगा के पदों पर भर्ती के लिए प्रस्तावित शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) और शारीरिक माप परीक्षण को स्थगित कर दिया है। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने इस मामले में अधिसूचना जारी कर दी। आयोग के मुताबिक, गृह विभाग (आरक्षी शाखा), बिहार सरकार के पत्र संख्या-10538, दिनांक 27 अगस्त 2026 के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। जारी किए गए विज्ञापन संख्या 05/2025 के तहत मुख्य लिखित परीक्षा के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा और शारीरिक माप परीक्षण को आगामी सूचना तक स्थगित रखा गया है। इसका अर्थ है कि जिन अभ्यर्थियों को मुख्य लिखित परीक्षा के आधार पर पीईटी और शारीरिक माप परीक्षण के लिए चयनित किया गया था, उन्हें अभी शारीरिक परीक्षा के लिए इंतजार करना होगा। नई तारीख कब जारी होगी? बता दें कि, आयोग ने अभी तक पीईटी और शारीरिक माप परीक्षण के आयोजन की नई तारीख की घोषणा नहीं की है। इस अधिसूचना में कहा गया है कि परीक्षा नई तारीख से संबंधित सूचना बाद में प्राकाशित की जाएगी। फिलहाल अभ्यर्थियों को आयोग की तरफ से जारी होने वाली अगली सूचना तक इंतजार करना होगा। क्या बदला है? - शारीरिक दक्षता परीक्षा स्थगित कर हो गई है। - शारीरिक माप परिक्षण अगले आदेश तक टाल दिया है। - नई परीक्षा तिथि अभी घोषित हुई है। - आयोग बाद में नई तारीख की सूचना जारी करेगा। कितने पदों पर भर्ती होगी? इस भर्ती के अभियान के जरिए बिहार पुलिस में पुलिस अवर निरीक्षक के कुल 1,799 पद भरे जाएंगे। भर्ती के लिए आयोग ने 23 सितंबर 2025 को विज्ञापन जारी किया था। इस भर्ती के लिए मुख्य रुप से परीक्षा में कुल 35,857 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था। इन्हीं उम्मीदवारों में से निर्धारित प्रकिया के तहत शरीरिक परीक्षा के लिए चयन किया जाएगा।
बिहार की राजनीति में आरक्षण की समीक्षा और क्रीमी लेयर को लेकर छिड़ा विवाद अब बेहद आक्रामक मोड़ ले चुका है. इस पूरे सियासी घमासान में अब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार की सीधी और तीखी एंट्री हो चुकी है. सिंगापुर से लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया के जरिए केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान पर बड़ा हमला बोला है. रोहिणी आचार्य के इस तीखे संदेश ने बिहार के राजनीतिक तापमान को अचानक बढ़ा दिया है. आरक्षण के संवेदनशील मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल इस मुद्दे को सीधे तौर पर दलितों और पिछड़ों के अधिकारों पर हमले के रूप में पेश कर रहा है. वहीं, एनडीए गठबंधन में शामिल दलित चेहरों चिराग पासवान और जीतन राम मांझी के स्टैंड को लेकर आरजेडी आक्रामक नजर आ रही है. रोहिणी आचार्य के बयान के बाद यह तय माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा बिहार की भावी राजनीति और चुनावी समीकरणों का केंद्र बिंदु बनने जा रहा है.आरक्षण समीक्षा विवाद में सिंगापुर से रोहिणी आचार्य का तीखा प्रहार, मांझी और चिराग पर दागे सनसनीखेज सवालरोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक के बाद एक बेहद सख्त और तीखी टिप्पणियां कीं, जिनमें उन्होंने केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान को निशाने पर लिया. रोहिणी ने अपने संदेश में कहा कि जो लोग खुद को दलितों, शोषितों और वंचितों का मसीहा या प्रतिनिधि बताते हैं, वे आज सत्ता की मलाई चाटने के चक्कर में खामोश बैठे हैं या फिर घुमावदार बातें कर रहे हैं. उन्होंने पूछा कि जब आरक्षण के स्वरूप में बदलाव या समीक्षा की बातें की जा रही हैं, तो ये दोनों नेता अपनी चुप्पी क्यों नहीं तोड़ते और खुलकर सड़क से संसद तक विरोध दर्ज क्यों नहीं कराते. रोहिणी आचार्य के इस बयान ने केंद्रीय मंत्रियों को असहज कर दिया है क्योंकि दोनों ही नेता बिहार में दलित और महादलित वोट बैंक का प्रतिनिधित्व करने का दावा करते हैं. सिंगापुर में रहकर भी बिहार की राजनीति पर अपनी पैनी नजर रखने वाली रोहिणी आचार्य के इस रुख से स्पष्ट है कि लालू परिवार इस मुद्दे को हाथ से जाने नहीं देना चाहता और इसे एनडीए के खिलाफ एक मजबूत राजनीतिक हथियार बनाने में जुट गया है.जीतन राम मांझी और चिराग पासवान के बयानों से भड़का विवाद, बिहार की राजनीति में क्यों मच गया है सियासी कोहरामदरअसल, सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के आरक्षण में उप-वर्गीकरण (Sub-classification) और क्रीमी लेयर (Creamy Layer) को लागू करने के संदर्भ में आई टिप्पणियों के बाद देश भर सहित बिहार में राजनीति गरमा गई है. इस फैसले के बाद जीतन राम मांझी ने कुछ हद तक क्रीमी लेयर के विचार का समर्थन करते हुए कहा था कि जो लोग पीढ़ियों से आरक्षण का लाभ उठाकर मजबूत हो चुके हैं, उन्हें खुद आगे आकर बाकी गरीब भाई-बहनों के लिए जगह छोड़नी चाहिए. दूसरी तरफ चिराग पासवान ने पहले तो क्रीमी लेयर का विरोध किया था, लेकिन एनडीए सरकार में मंत्री पद पर रहते हुए उनके बयानों के विरोधाभास को विपक्ष भुनाने में लगा है. आरजेडी का आरोप है कि मांझी और चिराग दोनों ही नेता सत्ता के साथ समझौता कर चुके हैं और वे केंद्र की बीजेपी सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं. इसी दोहरे रवैये को लेकर आरजेडी नेताओं ने इन दोनों नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और जनता के बीच जाकर यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि असली सामाजिक न्याय केवल लालू प्रसाद यादव की विचारधारा ही दे सकती है.लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव की आरजेडी का रुख: दलित और पिछड़े आरक्षण के मुद्दे पर आर-पार के मूड में विपक्षराष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने हमेशा से ही मंडल आयोग, सामाजिक न्याय और आरक्षण के मुद्दे को अपनी राजनीति की मुख्य धुरी बनाया है. जब से आरक्षण समीक्षा की बहस शुरू हुई है, तेजस्वी यादव ने स्पष्ट किया है कि आरजेडी किसी भी कीमत पर आरक्षण की सीमा या उसकी मूल भावना से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी. पार्टी का स्पष्ट रुख है कि देश में जातिगत जनगणना कराई जानी चाहिए और जिसकी जितनी आबादी है, उसको उसी अनुपात में हक मिलना चाहिए. आरजेडी नेताओं का मानना है कि बीजेपी और उसके सहयोगी दल संवैधानिक संस्थाओं और अदालती बयानों के सहारे धीरे-धीरे आरक्षण के ढांचे को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं. लालू परिवार इस बात को समझता है कि बिहार में अति पिछड़े, यादव और दलित मतदाताओं का एक बड़ा धड़ा इस मुद्दे को लेकर बेहद संवेदनशील है, और यदि इस मुद्दे पर हमला तेज किया गया तो एनडीए के भीतर शामिल दलित नेताओं को रक्षात्मक होना पड़ेगा.बिहार विधानसभा चुनावों से पहले आरक्षण के मुद्दे पर सामाजिक और कूटनीतिक ध्रुवीकरण की नई स्क्रिप्टबिहार में आने वाले समय में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए आरक्षण और सामाजिक न्याय का यह मुद्दा बहुत बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है. राज्य की राजनीति में महादलित और दलित वोटों पर पकड़ बनाने के लिए एनडीए की तरफ से चिराग पासवान और जीतन राम मांझी जैसे बड़े चेहरे आगे रखे गए हैं. हालांकि, आरजेडी और महागठबंधन के नेता लगातार यह कोशिश कर रहे हैं कि इन दोनों नेताओं की साख को दलित समाज के सामने कमजोर किया जाए. रोहिणी आचार्य के इस नए हमले ने विपक्षी खेमे में एक नई ऊर्जा भर दी है और यह संकेत दे दिया है कि सोशल मीडिया से लेकर ज़मीनी रैलियों तक इस मुद्दे को भुनाया जाएगा. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि एनडीए घटक दल इस मुद्दे पर अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट नहीं करते हैं, तो उन्हें चुनाव में दलित और पिछड़ा वोट बैंक के असंतोष का सामना करना पड़ सकता है. दूसरी ओर, एनडीए नेता इसे विपक्ष की बौखलाहट और झूठा भ्रम फैलाने का प्रयास बता रहे हैं, जिससे आने वाले दिनों में बिहार का राजनीतिक घटनाक्रम और अधिक रोचक होने वाला है.
चौपारण के दनुआ में बिहार के एक युवक अजय कुमार सिंह को अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिसे रांची रिम्स रेफर किया गया है। पुलिस जांच में जुटी है, वहीं आपसी रंजिश या मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़े विवाद में वारदात की आशंका जताई जा रही है।
कोई अंगुली चबा रहा तो कोई दांत काट रहा, बिहार के जेलों में कैदी हो रहे मानसिक रोगी
बिहार के जेलों में बंद कैदी मानसिक रोगी हो रहे हैं। राज्य की 39 जेलों में चलाए गए विशेष जांच अभियान के बाद विभाग को सौंपी गई रिपोर्ट में 113 बंदी आंशिक रूप से मानसिक बीमारी से ग्रसित पाए गए हैं।
‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के नए एपिसोड पर विवाद, बिहार और कश्मीरी पंडितों को लेकर टिप्पणियों पर मचा बवाल
एपिसोड में समय रैना ने स्टैंड-अप कॉमेडियन शेरान वर्मा का परिचय कराते हुए उनके बिहार से होने को लेकर मजाक किया। बातचीत के दौरान बिहार और वहां के लोगों को लेकर कुछ ऐसी टिप्पणियां की गईं, जिन्हें सोशल मीडिया यूजर्स ने आपत्तिजनक बताया।
हिंदी सिनेमा का रुख अब शहरी कहानियों से हटकर छोटे शहरों और पूर्वांचल की लोक-संस्कृति की ओर हो रहा है। सूरज बड़जात्या की 'ये प्रेम मोल लिया' और सिद्धार्थ मल्होत्रा की 'द व्वान' जैसी आगामी फिल्मों में छठ पूजा और देसी परंपराओं की खास झलक देखने को मिल रही है।
पलामू के हरिहरगंज थाना क्षेत्र के बेलघटी स्थित बटाने नदी में शनिवार को नहाने के दौरान डूबे युवकों में से एक का शव बरामद कर लिया गया है। मृतक की पहचान बिहार के बोधगया जिले के खरौना गांव निवासी 23 वर्षीय रितिक कुमार, पिता सुरेंद्र गुप्ता के रूप में हुई है। रितिक औरंगाबाद में व्यापार करते थे। शनिवार को अपने दो दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने हरिहरगंज पहुंचे थे। तीनों बेलघटी स्थित बटाने नदी में नहाने के लिए उतरे थे। इसी दौरान गहरे पानी में जाने के कारण तीनों डूबने लगे। स्थानीय लोगों की मदद से एक युवक को तत्काल नदी से बाहर निकाल लिया गया था। उसे हरिहरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया। गहरे पानी में डूबे थे तीनों, एक युवक अब भी लापता घटना के बाद नदी में डूबे रितिक कुमार और राजू चंद्रवंशी की तलाश शुरू की गई थी। रविवार को तलाश के दौरान रितिक कुमार का शव बटाने नदी से बरामद कर लिया गया। वहीं दूसरे लापता युवक राजू चंद्रवंशी का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस की मौजूदगी में नदी में उसकी तलाश जारी है। घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों की मदद से भी लापता युवक को खोजने का प्रयास किया जा रहा है। नदी में डूबने की घटना से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिजन भी घटनास्थल पर पहुंचकर लापता युवक की तलाश में जुटे हैं। पुलिस ने शव कब्जे में लिया, पोस्टमार्टम की तैयारी शव बरामद होने के बाद हरिहरगंज पुलिस ने उसे कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तीनों युवक शनिवार को औरंगाबाद से पिकनिक मनाने के लिए हरिहरगंज के बेलघटी स्थित बटाने नदी पहुंचे थे। नहाने के दौरान तीनों गहरे पानी में चले गये और डूबने लगे। स्थानीय लोगों की तत्परता से एक युवक को बाहर निकाल लिया गया, जबकि रितिक और राजू नदी में लापता हो गये थे। रितिक का शव मिलने के बाद अब पुलिस और स्थानीय लोग राजू चंद्रवंशी की तलाश में जुटे हैं। पिकनिक मनाने पहुंचे युवकों के साथ हुआ हादसा शनिवार को दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने निकले युवकों के लिए बटाने नदी में नहाना हादसे में बदल गया। रितिक कुमार की मौत की खबर से उनके परिवार में मातम छा गया है। वहीं राजू चंद्रवंशी के परिजन उसके सुरक्षित मिलने की उम्मीद में नदी किनारे डटे हुए हैं। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी के बीच लापता युवक की तलाश जारी है। पुलिस की निगरानी में नदी के आसपास के हिस्सों को खंगाला जा रहा है। फिलहाल पुलिस का पूरा ध्यान दूसरे लापता युवक को खोजने पर है।
भारत और नेपाल की सीमाएं केवल राजनीतिक ही नहीं, बल्कि एक साझा और समृद्ध जल तंत्र (River Basin Network) से भी जुड़ी हुई हैं। हिमालय की गोद से निकलने वाली दर्जनों नदियां नेपाल के ऊंचे पहाड़ों से उतरकर भारत के मैदानी इलाकों—विशेषकर उत्तर प्रदेश और बिहार में प्रवेश करती हैं। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या नेपाल की तीव्र धारा वाली 'भोटेकोशी' और बिहार में हर साल बाढ़ की त्रासदी लाने वाली 'कोसी' नदी एक ही हैं? इसके साथ ही त्रिशूली, नारायणी और गंडक नदियों के नामों को लेकर भी काफी असमंजस रहता है। इन नदियों के उद्गम, संगम और मैदानी इलाकों में प्रवेश के पूरे सफर को समझना बेहद दिलचस्प है।भोटेकोशी और बिहार की कोसी नदी: क्या है दोनों का वास्तविक संबंध?सीधे शब्दों में समझें तो भोटेकोशी और बिहार की कोसी पूरी तरह 'एक ही मुख्य धारा' नहीं हैं, बल्कि भोटेकोशी विशाल कोसी नदी तंत्र की एक प्राथमिक सहायक धारा (Tributary) है।भोटेकोशी का उद्गम: 'भोटे' शब्द का अर्थ तिब्बत से संबंधित है। यह नदी तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में हिमालय के हिमनदों से निकलती है, जहां इसे 'पोइक्व' (Poiqu) कहा जाता है। जब यह धारा सीमा पार कर नेपाल में प्रवेश करती है, तो इसे 'भोटेकोशी' नाम से जाना जाता है। नेपाल में यह एडवेंचर स्पोर्ट्स और व्हाइट वाटर राफ्टिंग के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।सुनकोशी में विलय: नेपाल के भीतर आगे बढ़ते हुए भोटेकोशी नदी 'सुनकोशी' (Sun Kosi) नदी में मिल जाती है।सप्तकोशी का निर्माण: नेपाल के पूर्वी हिस्से में सुनकोशी, अरुण और तमोर जैसी सात प्रमुख पहाड़ी नदियां आपस में मिलकर 'सप्तकोशी' (Saptakoshi) का निर्माण करती हैं।बिहार में कोसी: यही सप्तकोशी जब नेपाल के तराई क्षेत्र (चतरा गॉर्ज) से निकलकर बिहार के सुपौल जिले के पास भारत में प्रवेश करती है, तो इसे आधिकारिक तौर पर 'कोसी नदी' (Kosi River) कहा जाता है। अतः भोटेकोशी मूल रूप से कोसी नदी के उस विशाल जलसंग्रहण क्षेत्र का हिस्सा है जो तिब्बत से पानी लाकर कोसी को प्रचंड रूप देता है।त्रिशूली से नारायणी तक: नेपाल में कैसे बदलता है नदियों का स्वरूप?गंडक नदी तंत्र का सफर भी हिमालय की ऊंची चोटियों से शुरू होता है। मध्य नेपाल और तिब्बत सीमा के पास से निकलने वाली 'त्रिशूली' (Trishuli River) नेपाल की सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र नदियों में से एक मानी जाती है।त्रिशूली का महत्व: हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव ने जब हलाहल विष का पान किया था, तब अपने त्रिशूल से हिमालय पर प्रहार कर जलधारा निकाली थी, जिसे त्रिशूली कहा गया।सप्त गंडकी का संगम: नेपाल के मध्य भाग में त्रिशूली के अलावा छह अन्य प्रमुख नदियां—काली गंडकी, बूढ़ी गंडकी, सेती गंडकी, मर्स्यांगदी, मादी और दरौंदी आपस में मिलती हैं। इन सातों धाराओं के संयुक्त रूप को नेपाल में 'सप्त गंडकी' कहा जाता है।देवघाट पर संगम और नारायणी नाम: नेपाल के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल 'देवघाट' (Devghat) पर जब त्रिशूली नदी का संगम विशाल 'काली गंडकी' (Kali Gandaki) से होता है, तो इसके बाद इस संयुक्त धारा का नाम बदलकर 'नारायणी नदी' (Narayani River) हो जाता है। नेपाल के चितवन नेशनल पार्क के किनारे बहने वाली नदी वास्तव में नारायणी ही है।नारायणी कैसे बनती है भारत की 'गंडक नदी'? वाल्मीकि नगर का कनेक्शनजब नेपाल की तीव्र गति वाली नारायणी नदी दक्षिण की ओर बहते हुए शिवालिक पर्वत श्रृंखलाओं को पार करती है, तो यह भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पहुंचती है।वाल्मीकि नगर बैराज पर प्रवेश: बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में स्थित 'वाल्मीकि नगर' (Valmiki Nagar) के पास यह नदी भारतीय सीमा में प्रवेश करती है।गंडक और शालीग्रामी नाम: भारत में प्रवेश करते ही नारायणी नदी को 'गंडक नदी' (Gandak River) के नाम से जाना जाता है। इस नदी की तलहटी में पवित्र 'शालीग्राम' पत्थर पाए जाने के कारण इसे धार्मिक रूप से 'शालीग्रामी' और प्राचीन ग्रंथों में 'सदा नीरा' (हमेशा जल से भरी रहने वाली) भी कहा गया है।गंगा में महासंगम: गंडक नदी बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिलों से होते हुए अंततः पटना के समीप हाजीपुर-सोनपुर के पास पवित्र गंगा नदी में विलीन हो जाती है। सोनपुर का विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र मेला इसी गंडक और गंगा के संगम तट पर लगता है।बिहार के लिए इन दोनों नदी तंत्रों का आर्थिक और भौगोलिक महत्वकोसी और गंडक दोनों ही नदियां उत्तर बिहार के भूगोल, कृषि और अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन दोनों का स्वभाव काफी अलग है:कोसी (बिहार का शोक): कोसी नदी अपने साथ हिमालय से भारी मात्रा में गाद (Silt) और रेत लेकर आती है। मैदानी इलाकों में ढलान कम होने के कारण गाद जम जाती है, जिससे नदी बार-बार अपना रास्ता बदलती है। पिछले 200 वर्षों में कोसी ने पूर्व से पश्चिम की ओर 100 किलोमीटर से अधिक का विस्थापन किया है, जिसके चलते इसे 'बिहार का शोक' (Sorrow of Bihar) कहा जाता है।गंडक (कृषि और सिंचाई की जीवनरेखा): दूसरी ओर, गंडक नदी का जल प्रवाह अपेक्षाकृत अधिक स्थिर और नियंत्रित है। वाल्मीकि नगर स्थित 'त्रिवेणी बैराज' और गंडक नहर प्रणाली के माध्यम से उत्तर बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लाखों हेक्टेयर खेतों की सिंचाई होती है, जिससे यह क्षेत्र चावल, गेहूं और गन्ने की बंपर पैदावार का केंद्र बनता है।हिमालयी नदियों के प्रवाह का एक नजर में पूरा सारांशभौगोलिक रूप से इन दोनों नदी प्रणालियों को सरल क्रम में इस प्रकार समझा जा सकता है:कोसी तंत्र: पोइक्व (तिब्बत) ➔ भोटेकोशी (नेपाल) ➔ सुनकोशी ➔ सप्तकोशी (नेपाल तराई) ➔ कोसी नदी (बिहार) ➔ गंगा नदी (कुरसेला, कटिहार)।गंडक तंत्र: त्रिशूली + काली गंडकी ➔ देवघाट पर संगम ➔ नारायणी नदी (नेपाल) ➔ वाल्मीकि नगर बैराज ➔ गंडक नदी (भारत/बिहार) ➔ गंगा नदी (सोनपुर/हाजीपुर)।नेपाल की भोटेकोशी, त्रिशूली और नारायणी वास्तव में भारत की कोसी और गंडक नदियों के मूल स्रोत हैं। नाम भले ही सीमाओं और क्षेत्रों के आधार पर बदल जाते हों, लेकिन उनका जल प्रवाह भारत और नेपाल के बीच अटूट प्राकृतिक रिश्ते को दर्शाता है।
बिहार : भरत तिवारी एनकाउंटर में हटाए अफसर को फिर ड्यूटी; IAS, BAS और बिहार पुलिस ट्रांसफर सूची पढ़ें
बिहार सरकार किसे तुरंत आरोपी बनाए और तत्काल आरोप-मुक्त कर दे, समझना अब मुश्किल नहीं रहा है। भरत तिवारी एनकाउंटर में दूसरी बार यह सामने आ चुका है। आईएएस के साथ बिहार प्रशासनिक और बिहार पुलिस सेवा के तबादले में यही चर्चा का विषय है।
फरीदाबाद के सेक्टर-65 में दर्दनाक हादसे में बिहार के रहने वाले दो लोगों की डंपर की चपेट में आने से मौत हो गई। दोनों चचेरे भाई थे और निर्माण स्थल के सामने सड़क किनारे सो रहे थे। इसी दौरान मिट्टी लेकर पहुंचे डंपर को आगे-पीछे करते समय ड्राइवर ने दोनों को कुचल दिया। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उपचार के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान बिहार के मुंगेर जिले के खड़गपुर क्षेत्र के पश्चिम अजीमगंज निवासी बादल मांझी (22) और करण कुमार (23) के रूप में हुई है। दोनों की पहचान उनके पास मिले आधार कार्ड के जरिए हुई। पुलिस ने मृतकों के स्वजन को सूचना दे दी है। 15-20 दिन से ठेकेदार के साथ कर रहे थे निर्माण कार्य पुलिस के अनुसार, ऊंचा गांव निवासी ठेकेदार संजय यादव सेक्टर-65 स्थित प्लाट नंबर 2969 में मकान निर्माण का काम करा रहा है। निर्माण स्थल पर मिट्टी भरने का काम भी चल रहा था। बादल और करण करीब 10-15 दिन से ठेकेदार के यहां मजदूरी कर रहे थे। 25 अगस्त को दोनों मजदूरों का ठेकेदार के साथ हिसाब हो गया था, जिसके बाद वे वहां से चले गए थे। अगले दिन रात में दोनों दोबारा निर्माण स्थल के पास पहुंचे और प्लाट के सामने सड़क किनारे ही सो गए। इसी दौरान मिट्टी से भरा एक डंपर वहां पहुंचा। ड्राइवर निर्माण स्थल पर मिट्टी डालने के लिए डंपर को आगे-पीछे कर रहा था। इसी दौरान सड़क पर सो रहे दोनों मजदूर डंपर की चपेट में आ गए। डंपर के पहियों के नीचे आने से दोनों के पैर बुरी तरह कुचल गए। उपचार के दौरान दोनों ने तोड़ा दम घायल बादल ने किसी तरह ठेकेदार को फोन कर हादसे की सूचना दी। ठेकेदार मौके पर पहुंचा और दोनों को बीके अस्पताल लेकर गया। गंभीर हालत देखते हुए चिकित्सकों ने दोनों को दिल्ली एम्स ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। वहां भर्ती नहीं हो पाने के बाद दोनों को वापस बीके अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। दोनों शवों का पोस्टमार्टम करना है जांच अधिकारी धर्मेंद्र ने बताया की ठेकेदार की शिकायत पर अज्ञात डंपर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फरार चालक और डंपर की पहचान के लिए आसपास के क्षेत्र में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ हादसे के कारणों और चालक की लापरवाही से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 30 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
SC आरक्षण में सब-कोटा क्यों चाहते हैं जीतन राम मांझी? पंजाब से बिहार तक का जिक्र कर बताया कारण
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और चिराग पासवान के बीच SC आरक्षण में उप-वर्गीकरण को लेकर मतभेद गहरा गए हैं। मांझी वंचित वर्गों तक लाभ पहुंचाने के लिए उप-कोटा की वकालत कर रहे हैं।
कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन पुल बनकर तैयार, दक्षिण और उत्तर बिहार को जोड़ेगा सेतु; 67 पिलरों पर टिका
गंगा नदी पर बना कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन पुल बनकर तैयार हो गया है। इस पुल की लंबाई करीब 9.76 किमी है, जो 67 मजबूत पिलरों पर टिका हुआ है। पहुंच पथों को शामिल करने पर इस पूरी मेगा परियोजना की लंबाई 19.30 किमी हो जाती है।
नेपाल में जल प्रलय से बिहार के साथ ही यूपी का भी बड़ा भूभाग प्रभावित होगा। मैदानों तक गाद पहुंचने से गंडक का तल काफी ऊपर हो जाएगा। इससे पश्चिमी और पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिले की लाखों हेक्टेयर जमीन हर साल बाढ़ झेलने को मजबूर होगी।
Bihar ASHA Worker Bharti 2026: बिहार राज्य के सभी जिलों में जल्द ही आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो सकती है। स्थानीय खबरों के अनुसार, राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए सभी जिलों को निर्देश जारी कर दिया है। इसके बाद से समझा जा रहा है कि राज्य में आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती का नोटिफिकेशन जल्द जारी किया जा सकता है। इसके तहत राज्य में 21000 आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती होगी। इनमें 14 हजार 409 आशा कार्यकर्ताओं की ग्रामीण और 7289 की शहरी क्षेत्रों के लिए भर्ती होगी।राज्य में आशा कार्यकर्ताओं के साथ 1104 आशा फैसेलिटेटर की भर्ती होनी है। इस भर्ती प्रक्रिया भी काफी समय से नहीं हुई है। पूरे बिहार में अभी 98 हजार 598 आशा कार्यकर्ता काम कर रही हैं। आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती के संबंध में जिलों को भेजे पत्र में राज्य स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती की प्रक्रिया काफी धीमी है। लाइव हिंदुस्तान की खबर के मुताबिक विभाग ने दो महीने के अंदर सभी जिलों को आशा कार्यकर्ताओं की बहाली का निर्देश दिया है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत 10वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगी। अपुष्ट सूत्रों के अनुसार, आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती की आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन मोड में होगी।1104 आशा पर्यवेक्षक की भी होगी भर्तीआशा कार्यकर्ताओं के साथ आशा फैसेलिटेटर (पर्यवेक्षक) की भी बहाली होगी। इसके लिए रिक्तयां जारी कर दी गई हैं। राज्य में 1104 आशा फैसेलिटेटर की बहाली होनी है। आशा फैसेलिटेटर आशा कार्यकर्ताओं के कामकाज की मॉनिटरिंग कर उसकी रिपोर्ट तैयार करती हैं। राज्य के सभी जिले में आशा कार्यकर्ताओं के साथ आशा फैसेलिटेटर की भी बहाली कई महीनों से नहीं हुई है।यहां अब शहरी कही जाएंगी पर्यवेक्षकनगर पंचायत, नगर परिषद और नगर निगम में बदलने वाले क्षेत्रों में अब शहरी क्षेत्र के हिसाब से आशा फैसेलिटेटर (पर्यवेक्षक) की नियुक्ति की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिया कि जो ग्रामीण क्षेत्र नगर पंचायत, नगर निगम और नगर परिषद में बदल गए हैं, वहां पहले से काम करने वाली आशा फैसेलिटेटर अब शहरी आशा फैसेलिटेटर कही जाएंगी।आशा कार्यकर्ता भर्ती 2026 के लिए जरूरी डॉक्युमेंटबिहार आशा कार्यकर्ता भर्ती 2026 के लिए आवेदन करने की इच्छुक उम्मीदवारों को नीचे दिए गए सभी दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। आइए जानेंआधार कार्डशिक्षा से संबंधित दस्तावेजजाति प्रमाण पत्रनिवास प्रमाण पत्रमृत्यु प्रमाण पत्र (यदि महिला विधवा हो)बैंक खाते की पासबुकपासपोर्ट साइज फोटोई मेल आईडीमोबाइल नंबरबिहार आशा कार्यकर्ता भर्ती 2026 आवेदन का तरीकाबिहार आशा कार्यकर्ता भर्ती 2026 के लिए इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों को ऑफलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए वे अपने गांव की ग्राम पंचायत/ वॉर्ड पार्षद के पास जाकर आवेदन पत्र को प्राप्त कर सकते हैं। इसके बाद आवेदन पत्र मांगी जाने वाली से सभी जानकारी को भरनी होगी और सभी जरूरी दस्तावेजों की प्रति लगानी होगी। अंत में आपको अपने आवेदन पत्र को ग्राम पंचायत के मुखिया या वॉर्ड पार्षद के पास जमा करके स्लिप को प्राप्त कर लेना होगा।SBI PO Prelims Result 2026: एसबीआई पीओ प्री परीक्षा का रिजल्ट जारी, 12 सितंबर को मेन्स परीक्षा में शामिल होंगे सफल उम्मीदवार
Bihar Weather News: बिहार में मानसून सक्रिय है, जिसके चलते अगले 24 घंटों में सात जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। पटना समेत अन्य क्षेत्रों में छिटपुट बारिश और उमस बनी रहेगी, जबकि गया के मोहरा में सर्वाधिक वर्षा दर्ज की गई।
Bihar Weather Today: बिहार में कही बारिश का दौर है तो कहीं अत्यधिक उमस की वजह से लोग परेशान हैं। मौसम विभाग ने रविवार को राज्य के 7 जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया है। हालांकि, कई जगहों पर आज भी उमस वाली गर्मी रहेगी।
बिहार पुलिस सेवा के 27 अधिकारियों का एक साथ ट्रांसफर हुआ है। आरा, समस्तीपुर, बेगूसराय, सहरसा, मधेपुरा समेत कई अनुमंडलों में नए एसडीपीओ की तैनाती की गई है। गृह विभाग ने शनिवार को डीएसपी ट्रांसफर की अधिसूचना जारी की।
नेपाल के बाद अब बिहार में भी मंडरा रहा बाढ़ का खतरा, कई नदियां खतरे के निशान के ऊपर
नेपाल में लगातार बारिश के कारण बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है, जिससे कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
मुजफ्फरपुर के किसान के बेटे ने UGC NET में लहराया परचम, हिंदी में हासिल किए 97.9 परसेंटाइल
UGC NET Hindi Topper Bihar: मुजफ्फरपुर के साहेबगंज प्रखंड के अहियापुर गांव के रवि राज ने यूजीसी-नेट परीक्षा में हिंदी विषय में 97.90 परसेंटाइल हासिल कर सफलता का परचम लहराया है। एक साधारण किसान के बेटे रवि की यह उपलब्धि ग्रामीण परिवेश के छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है।
बिहार पुलिस महकमे में फेरबदल: बिहार पुलिस सेवा के 27 अधिकारियों का ट्रांसफर, 24 SDPO बदले
राज्य सरकार ने बिहार पुलिस सेवा के 27 अधिकारियों का तबादला किया है, जिसमें छपरा, आरा सहित 24 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) शामिल हैं।
गंगा-सोन-कोसी नदियों के उफान के बीच रेलवे ने कसी कमर, बिहार में 24 घंटे ट्रैक और पुलों पर पहरा
रेलवे ने मानसून और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बिहार में रेल परिचालन की सुरक्षा बढ़ाई है। संवेदनशील रेलखंडों पर निगरानी, गति नियंत्रण, हाईटेक सेंसर और आपातकालीन सामग्री ट्रेनों की तैनाती की गई है।
बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तथा मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पहले पूर्वजों के समय का 50 से 100 साल पुराना केवाला (Deed Document), खतियान या रजिस्टर्ड डीड की प्रमाणित प्रति निकलवाने के लिए लोगों को जिला निबंधन कार्यालय (Registry Office) या अंचल कार्यालय के महीनों चक्कर लगाने पड़ते थे। अब सरकार ने पुरानी और नई सभी रजिस्टर्ड डीड्स का डिजिटल रिकॉर्ड 'भूमि जानकारी' (Bhumijankari) पोर्टल पर लाइव कर दिया है। इसके जरिए राज्य का कोई भी नागरिक घर बैठे अपने मोबाइल या कंप्यूटर से पुरानी जमीन का केवाला, खाता-खेसरा विवरण और डीड की कॉपी आसानी से देख और पीडीएफ फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकता है।पुराना केवाला ऑनलाइन सर्च करने के लिए जरूरी जानकारियांडिजिटल पोर्टल पर दस्तावेज खोजने के लिए आपके पास नीचे दी गई जानकारियों में से कुछ बुनियादी विवरण होने चाहिए:संबंधित जिले (District) का नामनिबंधन कार्यालय (Registration Office / SRO) का नामअंचल (Circle) और मौजा (Village/Mauza) का नामजमीन का खाता नंबर (Khata No.) या खसरा/प्लॉट नंबर (Khesra/Plot No.)डीड नंबर (Deed No.) या निबंधन का वर्ष (Registration Year - यदि याद हो)जमीन के क्रेता (Buyer) या विक्रेता (Seller) का नामस्टेप-बाय-स्टेप: 'भूमि जानकारी' पोर्टल से ऐसे डाउनलोड करें पुराना दस्तावेजस्टेप 1: आधिकारिक निबंधन पोर्टल पर जाएं सबसे पहले अपने वेब ब्राउज़र में बिहार सरकार के निबंधन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट bhumijankari.bihar.gov.in खोलें।स्टेप 2: 'View Registered Document' का विकल्प चुनें होमपेज पर उपलब्ध सेवाओं की सूची में से 'View Registered Document' या 'Search Document' वाले विकल्प पर क्लिक करें।स्टेप 3: समय सीमा (Year Phase) का सही चुनाव करें स्क्रीन पर रिकॉर्ड सर्च करने के तीन अलग-अलग विकल्प दिखाई देंगे:Online Registration (2016 To Till Date): 2016 के बाद के नए दस्तावेजों के लिए।Post Computerisation (2006 To 2015): 2006 से 2015 के बीच के दस्तावेजों के लिए।Pre-Computerisation (Before 2006): 2006 से पहले के पुराने और पुश्तैनी दस्तावेजों के लिए। अपने रिकॉर्ड के हिसाब से संबंधित रेडियो बटन को चुनें।स्टेप 4: लोकेशन और जमीन का विवरण दर्ज करें फॉर्म में अपना रजिस्ट्रेशन ऑफिस (Registration Office), अंचल, थाना कोड और मौजा का चयन करें। इसके बाद नीचे दिए गए सर्च विकल्पों में से खाता नंबर, प्लॉट नंबर या पार्टी का नाम भरें।स्टेप 5: 'Search' पर क्लिक करें और रिजल्ट देखें विवरण भरने के बाद 'Search' बटन पर क्लिक करें। नीचे उस मौजा और खाते से जुड़े सभी रजिस्टर्ड दस्तावेजों की सूची आ जाएगी। इसमें डीड नंबर, रजिस्ट्री की तारीख, क्रेता-विक्रेता का नाम और कुल रकबा दिखाई देगा।स्टेप 6: 'Click Here to View Details' और PDF डाउनलोड संबंधित दस्तावेज के सामने दिए गए 'View Details' या 'View Deed' विकल्प पर क्लिक करें। स्क्रीन पर आपके जमीन के पुराने केवाले की डिजिटल कॉपी खुल जाएगी, जिसे आप 'Print/Download' करके सुरक्षित रख सकते हैं।पुराना खतियान और जमाबंदी निकालने का तरीका (बिहार भूमि पोर्टल)यदि आपको जमीन का पुराना खतियान या वर्तमान जमाबंदी रजिस्टर (रजिस्टर-2) देखना है:राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के आधिकारिक पोर्टल biharbhumi.bihar.gov.in पर जाएं।'अपना खाता देखें' विकल्प पर क्लिक करके बिहार के नक्शे में अपने जिले और अंचल को चुनें।अपने मौजा का चयन करके खाता नंबर, खेसरा नंबर या खातेदार के नाम से सर्च करें।स्क्रीन पर पूरे खतियान का अधिकार अभिलेख प्रदर्शित हो जाएगा, जिसे सीधे प्रिंट किया जा सकता है।यदि ऑनलाइन रिकॉर्ड न मिले तो 'नकल' (Certified Copy) कैसे प्राप्त करें?यदि आपका दस्तावेज बहुत अधिक पुराना है और अभी तक स्कैन होकर पोर्टल पर अपलोड नहीं हुआ है:नकलखाना (Record Room) में आवेदन: अपने संबंधित जिला रजिस्ट्री ऑफिस (SRO) के रिकॉर्ड रूम में जाकर 'फॉर्म-1' भरकर प्रमाणित प्रति (Certified Copy) के लिए आवेदन दें।सर्च फीस का भुगतान: निर्धारित सरकारी खोज शुल्क (Search Fee) और स्टाम्प शुल्क जमा करने के बाद रजिस्ट्री ऑफिस के रिकॉर्ड रूम से मूल बही-खाते (Volumed Register) से ढूंढकर अधिकृत मुहर लगी प्रमाणित प्रतिलिपि जारी कर दी जाती है।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड पर बिहार सरकार का यू-टर्न, अब पहले की तरह चार लाख तक मिलेगा शिक्षा ऋण
बिहार सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना पर अपना 19 अगस्त का आदेश रद्द कर दिया है। अब छात्रों को पहले की तरह बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से चार लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण मिलता रहेगा, जिससे उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है।
समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के नए एपिसोड में बिहार और कश्मीरी पंडितों से जुड़े मजाक पर विवाद बढ़ गया है. मामले पर बीजेपी विधायक राम कदम और बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने नाराजगी जताई है.
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में एसटीईटी डिग्री को लेकर छात्रों का हंगामा, सोमवार से मिलेगी डिग्री
Bihar STET Degree Problem: मुजफ्फरपुर में बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के डिग्री सेक्शन में एसटीईटी फॉर्म भरने के लिए डिग्री न मिलने पर छात्रों ने हंगामा किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि डिग्रियां कॉलेजों में भेज दी गई हैं।
रामनगर से लखनऊ और पटना के लिए चलेगी सीधी ट्रेन, नैनीताल से बिहार तक सफर होगा आसान
रामनगर से लखनऊ और पटना के लिए चलेगी सीधी ट्रेन, नैनीताल से बिहार तक सफर होगा आसान
Bihar STET-2026 के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत, आवेदन की तारीख 15 दिन बढ़ी; अब 15 सितंबर तक मौका
बिहार STET-2026 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 दिन बढ़ाकर 15 सितंबर कर दी गई है। इससे उन अभ्यर्थियों को अतिरिक्त मौका मिलेगा जो पहले आवेदन नहीं कर पाए थे।
29 अगस्त, शनिवार:नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के चलते बिहार में संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन और NDRF अलर्ट मोड पर हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए पटना से NDRF की दो टीमों को आधुनिक राहत व बचाव उपकरणों के साथ मुजफ्फरपुर और चंपारण जिलों के लिए रवाना कर दिया गया है।
महासेतु से पटना और उत्तर बिहार के बीच घटेगी दूरी, सफर पकड़ेगा रफ्तार
कच्ची दरगाह-बिदुपुर छह लेन गंगा पुल का निर्माण पूरा हो गया है और अब यह उद्घाटन के लिए तैयार है। यह महासेतु पटना और उत्तर बिहार के बीच दूरी कम कर यात्रा को आसान बनाएगा, साथ ही व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगा।
Bihar STET 2026: फॉर्म भरने की मियाद बढ़ी, अब 15 सितंबर तक करें आवेदन
बिहार एसटीईटी 2026 के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 15 सितंबर तक बढ़ा दी गई है, इच्छुक उम्मीदवार बीएसईबी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जल्द अपना ऑनलाइन फॉर्म भरें।
पलामू जिले के हरिहरगंज थाना क्षेत्र स्थित बटाने नदी में तीन युवक डूब गए। शनिवार को डेमा टोला स्थित बेलघाटी पुल के पास पिकनिक मनाने आए ये युवक नदी में उतरने के दौरान गहरे पानी की चपेट में आ गए। इस हादसे में एक युवक को बचा लिया गया है, जबकि दो अन्य लापता हैं। स्थानीय लोगों ने युवकों को डूबता देख तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। उनके प्रयासों से राजेंद्र साव (40) को नदी से बाहर निकाल लिया गया। राजेंद्र बेहोशी की हालत में थे, जिन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हरिहरगंज ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया। घटना के बाद से रितिक और टेनी नामक दो युवक लापता बताए जा रहे हैं। ये दोनों राजेंद्र साव के साथ आए थे। जानकारी के अनुसार, सभी युवक बिहार के औरंगाबाद क्षेत्र के निवासी हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तीनों युवक नदी में उतरकर वीडियो बना रहे थे। इसी दौरान वे अचानक गहरे पानी और तेज धार की चपेट में आ गए और बहने लगे। किनारे मौजूद स्थानीय लोगों ने उन्हें गहरे पानी में न जाने की चेतावनी भी दी थी, लेकिन युवकों ने इसे नजरअंदाज कर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, युवक कथित तौर पर नशे की हालत में थे। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने लापता युवकों की तलाश में काफी देर तक नदी में खोजबीन की, लेकिन तेज धार और अधिक गहराई के कारण उनका कोई सुराग नहीं मिल सका। सूचना मिलने पर एसआई अजय कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लेकर लोगों से जानकारी जुटाई। लापता दोनों युवकों की तलाश जारी थी।
एबीवीपी ने बिहार स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर की मांग की:सदर विधायक तारकिशोर प्रसाद को ज्ञापन सौंपा
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने महाविद्यालय परिसर में बिहार स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करने की मांग की है। परिषद ने इस संबंध में पूर्व उपमुख्यमंत्री और सदर विधायक तारकिशोर प्रसाद को एक ज्ञापन सौंपा। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने 'खेलो इंडिया' कार्यक्रम के तहत महाविद्यालय परिसर में स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर की स्थापना के लिए आवश्यक पहल करने का आग्रह किया है। ज्ञापन में बताया गया है कि महाविद्यालय परिसर में लगभग तीन एकड़ खाली भूमि उपलब्ध है। इस भूमि का निरीक्षण जिला खेल पदाधिकारी द्वारा बिहार स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर खोलने की संभावनाओं को लेकर पहले ही किया जा चुका है। परिषद का मानना है कि पर्याप्त भूमि और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति को देखते हुए यह सेंटर विद्यार्थियों को खेल के क्षेत्र में बेहतर अवसर प्रदान करेगा। ज्ञापन के माध्यम से विधायक से अनुरोध किया गया है कि वे जिला खेल पदाधिकारी के साथ पूर्व में हुए पत्राचार और भूमि निरीक्षण से संबंधित मामले को देखते हुए अपने स्तर पर पहल करें। उनसे जिला खेल पदाधिकारी, जिलाधिकारी और बिहार सरकार के खेल मंत्री से वार्ता कर सेंटर की स्थापना के लिए आगे की कार्रवाई सुनिश्चित कराने का आग्रह किया गया। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने जोर दिया कि शिक्षा के साथ खेल भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। खेलों से विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और सकारात्मक सोच विकसित होती है। महाविद्यालय परिसर में स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर स्थापित होने से स्थानीय प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को बेहतर प्रशिक्षण और अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिलेगा। परिषद का मानना है कि इससे न केवल महाविद्यालय के विद्यार्थियों को, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के युवा खिलाड़ियों को भी अपनी खेल प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए एक मंच मिलेगा, जिससे क्षेत्र में खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाएं उभरेंगी। एबीवीपी ने कहा कि महाविद्यालय परिसर में बिहार स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर की स्थापना महाविद्यालय के विकास में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। इससे विद्यार्थियों का मानसिक, शारीरिक, संवेगात्मक एवं सर्वांगीण विकास संभव होगा। संगठन ने उम्मीद जताई कि विधायक स्तर से संबंधित अधिकारियों एवं सरकार के साथ समन्वय कर इस मांग पर शीघ्र सकारात्मक पहल की जाएगी।ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रांत सह मंत्री विनय सिंह, विभाग सह संयोजक विक्रांत सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कमल ठाकुर, नगर सह मंत्री रवि सिंह, विशाल सिंह और राहुल साह सहित एबीवीपी के अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रामनगर से लखनऊ और पटना को सीधी चलेगी, नैनीताल से बिहार का सफर होगा आसान
भाजपा सांसद अनिल बलूनी ने रामनगर से लखनऊ और पटना के लिए सीधी ट्रेन का वादा किया है। इससे नैनीताल से लखनऊ और बिहार का सफर बेहद आसान हो जाएगा।
मार्कशीट से हटेगा फेल का दाग, बिहार में 10वीं-12वीं छात्रों के लिए बड़ा फैसला
बिहार बोर्ड के मैट्रिक और इंटर के छात्रों की मार्कशीट से 'फेल' शब्द हटाकर 'एलिजिबल फॉर स्किल्स' लिखा जाएगा।
नेपाल की बाढ़ में फंसे बिहार के चार मजदूर सुरक्षित लौटे घर, बोले- धुएं की तरह आया पानी का सैलाब, संभलने का मौका नहीं मिला
नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा, बिहार में हाई अलर्ट: वाल्मीकिनगर से कोसी बराज तक तटबंधों की दिन-रात निगरानी
रक्षाबंधन पर बिहार में मातम: अलग-अलग हादसों में 10 भाई-बहनों की मौत, त्योहार की खुशियां बदलीं गम में
रक्षाबंधन पर बिहार में मातम: अलग-अलग हादसों में 10 भाई-बहनों की मौत, त्योहार की खुशियां बदलीं गम में
नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के सौ से ज्यादा तीर्थयात्री स्वदेश लौटे, बिहार सरकार ने किया रेस्क्यू
बिहार सरकार ने प्रशासनिक सहयोग से इन तीर्थयात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर पटना लाया और वहां से ट्रेन के जरिये महाराष्ट्र भेजा. प्रशासन ने इन तीर्थयात्रियों के लिए भोजन, पानी और मेडिकल की सुविधा भी उपलब्ध कराई.
श्रेया झा ने बिना किसी बड़ी कोचिंग के सिर्फ सेल्फ-स्टडी और पक्के इरादे से यूपीएससी 2025 में 357वीं रैंक हासिल की। जानिए उनकी कामयाबी की पूरी कहानी और खास रणनीति।
Nepal Floods में फंसे महाराष्ट्र के 100 श्रद्धालुओं को बिहार सरकार ने सुरक्षित निकाला
बिहार सरकार ने नेपाल में आई अचानक आई बाढ़ के कारण काठमांडू में फंसे महाराष्ट्र के करीब 100 श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला और उन्हें ट्रेन से उनके गृह राज्य भेज दिया। एक आधिकारिक बयान में शनिवार को यह जानकारी दी गई। बिहार आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि यह निकासी महाराष्ट्र सरकार के अनुरोध पर की गई। बयान में कहा गया, ‘‘बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने शुक्रवार को नेपाल सीमा से श्रद्धालुओं को सुरक्षित सीतामढ़ी पहुंचाया।’’यह बचाव अभियान मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल की देखरेख में चलाया गया। सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका कि महाराष्ट्र के ये श्रद्धालु पशुपतिनाथ मंदिर या नेपाल के अन्य तीर्थ स्थलों के दर्शन के लिए गए थे या नहीं। बयान में कहा गया, ‘‘उन्हें शुक्रवार देर रात करीब ढाई बजे पटना लाया गया और एक सामुदायिक भवन में ठहराया गया, जहां उन्हें भोजन, चिकित्सा जांच और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान की गईं।’’बिहार के मुख्य सचिव और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष के बीच समन्वय के बाद श्रद्धालुओं को ले जाने के लिए पटना-पूर्णा एक्सप्रेस में दो अतिरिक्त डिब्बे जोड़े गए। एक अधिकारी ने बताया कि श्रद्धालु शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे ट्रेन से महाराष्ट्र के लिए रवाना हो गए। अधिकारी ने यह भी बताया कि कुछ श्रद्धालुओं ने संबंधित रेलवे और राज्य सरकार के अधिकारियों को राखियां भी बांधीं।
BSEB Dummy Registration Card 2027: बिहार में मैट्रिक (कक्षा 10) और इंटरमीडिएट (कक्षा 12) के छात्रों को डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड को लेकर चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड (BSEB) ने 2027 में स्कूलों के लिए कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षा शामिल होने वाले छात्रों के डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड में करेक्शन करने की डेडलाइन बढ़ा दी है। ताजा सूचना के मुताबिक, शैक्षिक संस्थान 28 अगस्त से 16 सितंबर, 2026 तक छात्रों या उनके अभिभावकों के हस्ताक्षर किए हुए घोषणा वाले डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड अपलोड कर सकते हैं।बोर्ड ने स्कूलों को उन छात्रों के लिए पहले से भरे हुए डिक्लेरेशन फॉर्म जमा करने का भी निर्देश दिया है जिनका ऑनलाइन पंजीकरण और फीस पहले ही पूरी हो चुकी है, लेकिन जिनके डिक्लेरेशन फॉर्म अभी जमा नहीं हुए हैं। बढ़ी हुई डेडलाइन मैट्रिक और इंटरमीडिएट दोनों छात्रों पर लागू होती है।बीएसईबी डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड 2027: जरूरी जानकारीस्कूलों को सभी पात्र कक्षा 10 और 12 के छात्रों के डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड चेक करने होंगे और बदली हुई डेडलाइन के अंदर जरूरी सुधार करने होंगे।करेक्शन/अपलोड विंडो : 28 अगस्त से 16 सितंबर, 2026कक्षा12 पोर्टल : intermediate.biharboardonline.comकक्षा10 पोर्टल : biharboardonline.orgस्कूलों को छात्र/अभिभावक का साइन किया हुआ डिक्लेरेशन अपलोड करना होगा।जिन छात्रों का रजिस्ट्रेशन और फीस पहले ही जमा हो चुकी है, लेकिन जिनका पहले से भरा हुआ डिक्लेरेशन लंबित है, उन्हें भी 16 सितंबर तक प्रोसेस पूरा करना होगा।बीएसईबी 2027 डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड : कैसे अपलोड करें? बीएसईबी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। स्कूल लॉगिन विंडो खोलें। जरूरी स्कूल लॉगिन क्रेडेंशियल डालें। डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड में जहां भी जरूरत हो, करेक्शन सबमिट करें। पहले से भरे हुए डिक्लेरेशन फॉर्म अपलोड करें, जैसा लागू हो। सभी डिटेल्स ध्यान से चेक करें और सबमिट पर क्लिक करें। कन्फर्मेशन या सबमिट की गई डिटेल्स को भविष्य के लिए सेव कर लें। स्कूलों को यह पक्का करना चाहिए कि बीएसईबी 2027 बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले सभी छात्रों की जानकारी 16 सितंबर, 2026 की डेडलाइन से पहले सही तरीके से जमा कर दी गई हों।NEET PG 2026 Exam: 340 शहरों में कल सुबह 9 बजे से होगी नीट पीजी की परीक्षा, यहां देखें सभी जरूरी परीक्षा निर्देश
मशहूर स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना के शो 'इंडियाज़ गॉट लेटेंट' के हालिया एपिसोड में कॉमिक रोस्टिंग का मुकाबला उस समय व्यक्तिगत (पर्सनल) हो गया, जब समय और उभरती हुई कॉमेडियन शेरोन वर्मा ने एक-दूसरे की जड़ों और बैकग्राउंड पर तीखे तंज कसे। मज़ाक-मज़ाक में शुरू हुई यह नोक-झोंक तब गंभीर मोड़ ले बैठी जब समय ने शेरोन के बिहारी बैकग्राउंड पर मज़ाक उड़ाया और जवाब में शेरोन ने कश्मीरी पंडितों के पलायन का ज़िक्र करते हुए करारा पलटवार किया। इस नोक-झोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। यह बातचीत इसलिए खास रही क्योंकि दोनों कॉमेडियन्स ने अपने बैकग्राउंड के आधार पर अपनी खास कॉमिक पहचान बनाई है। शेरोन 2024 में 'इंडियाज़ गॉट लेटेंट' में आने के बाद काफी मशहूर हुईं, जबकि समय अक्सर अपनी कश्मीरी पंडित जड़ों और कश्मीर से अपने परिवार के विस्थापन (घर छोड़ने) के बारे में बात करते रहे हैं। एपिसोड के दौरान, समय ने कहा, वह इतनी बिहारी है कि उसे लगता है कि 'इबोला' का मतलब है किसी ने कुछ कहा है। शेरोन ने जवाब दिया, समय इतना कश्मीरी है कि उसे 'स्टोन' होना (नशे में धुत होना) पसंद है। फिर समय ने कहा, पता है, शेरोन वर्मा एक बिहारी है जो नौकरी की तलाश में मुंबई आई थी। बस बिहारी वाली बातें। शेरोन ने जवाब दिया, कम से कम मैंने अपनी मर्ज़ी से अपना राज्य छोड़ा। शेरोन वर्मा 2024 में समय रैना के शो 'इंडियाज़ गॉट लेटेंट' में आने के बाद चर्चा में आईं। उनकी बिना किसी भाव-भंगिमा के मज़ाक करने की टाइमिंग (डेडपैन कॉमिक टाइमिंग), बिहार से होने, अपने अनोखे नाम और सबसे खास बात, खुद को कमज़ोर, स्वतंत्र महिला कहने के अंदाज़ ने जल्द ही लोगों का ध्यान खींचा। उस सेट के क्लिप्स सोशल मीडिया पर वायरल हो गए और वह एक जानी-मानी इंटरनेट पर्सनैलिटी बन गईं। कश्मीर से पलायन पर समय रैना वहीं, समय रैना एक कश्मीरी पंडित परिवार से आते हैं, जिनका इतिहास कश्मीर से समुदाय के विस्थापन से गहराई से जुड़ा है। अपने स्टैंड-अप स्पेशल 'स्टिल अलाइव' में, रैना ने कश्मीरी पंडित समझदारी को ऐसे विचार के तौर पर बताया कि जब लड़ाई जीती न जा सके, तो जीवित रहने का रास्ता चुना जाए। उन्होंने इस विचार को कश्मीर छोड़ने के अपने परिवार के अनुभव से जोड़ा और बाद में 'इंडियाज़ गॉट लेटेंट' को लेकर हुई आलोचना के बारे में बात करते हुए इसका ज़िक्र किया। 'इंडियाज़ गॉट लेटेंट 2' के पहले के एक 'सिर्फ़-मेंबर्स-के-लिए' वाले एपिसोड में, रैना ने कंटेस्टेंट वानिका रैक्ता के साथ बातचीत के दौरान अपनी जड़ों और अपने परिवार के विस्थापन का भी ज़िक्र किया था। पैनल में राघव जुयाल, मुनव्वर फारुकी, निहारिका एनएम, रोहन जोशी और समय रैना शामिल थे। वनिका ने बताया कि शिमला में उनके परिवार के सेब के बागान हैं, उनके भाई ने ज़मीन का कुछ हिस्सा बेच दिया था, लेकिन परिवार के पास अभी भी कई बागान हैं, और उनके माता-पिता दोनों सरकारी स्कूलों में टीचर हैं। यह सुनकर राघव ने समय से पूछा कि क्या उनके परिवार का भी कश्मीर में सेब का बागान है। समय ने जवाब दिया, हमारे पास बहुत कुछ था। जब राघव ने उनकी पीठ थपथपाई, तो समय मुनव्वर की ओर मुड़े और मज़ाक में कहा, अब इस बारे में बात करो? मुनव्वर ने अपना हाथ उठाया और जवाब दिया, मैं नहीं था, जिससे पैनल और दर्शक हंस पड़े। फिर समय ने कहा, हमारे साथ ऐसा हुआ था, अब वह कुछ नहीं कहेंगे। 1990 के दशक की शुरुआत में कश्मीरी पंडितों के पलायन ने कई पीढ़ियों के परिवारों को बेघर कर दिया, जिससे कई लोगों को रातों-रात घाटी छोड़नी पड़ी और अपने घर-बार और रोज़गार छोड़ने पड़े। समय रैना का परिवार भी उन लोगों में शामिल था जो उग्रवाद बढ़ने के बाद वहां से चले गए थे। इससे पहले 'दोस्तकास्ट' पॉडकास्ट पर बात करते हुए उन्होंने कहा, यह सच में आप पर असर डालता है—आप अपना पूरा बचपन, अपनी पूरी पहचान खो देते हैं। सभी कश्मीरी पंडितों को जाना पड़ा। कश्मीरी पंडितों के पास ऐसी कोई जगह नहीं है जो उन्हें अपनापन महसूस कराए। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पीढ़ी के लोग कश्मीर लौटने से डरते हैं और उन्हें याद है कि जब उनकी माँ कई सालों बाद वापस गईं और देखा कि कुछ भी नहीं बचा है, तो वह भावुक हो गईं। रैना ने यह भी बताया कि ऐसे पत्र बांटे जाते थे जिनमें उन लोगों के नाम होते थे जिन्हें अगले दिन मार दिया जाना था, और उन्हें याद है कि जब उनकी माँ और दादी को एक ऐसा पत्र मिला जिसमें लिखा था कि उनके दादाजी को मार दिया जाएगा, तो वे बेहोश हो गईं। Samay Raina casually started a war between Bihari Vs Kashmiri on India's Got Latent Samay Raina: She's so Bihari, she thinks Ebola means someone said something. Sharon Verma: Samay is so Kashmiri, he loves getting stoned. Samay Raina: You know, Sharon Verma is a… — Neha Patel (@Neha_S_Patel) August 28, 2026 उन्होंने कहा, हमने रातों-रात अपना सामान पैक किया—मेरे दादा-दादी, मेरी माँ, मेरी बुआ, पूरा परिवार यह सोचकर चला गया कि हम दो हफ़्ते में लौट आएंगे। 25 साल हो गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि स्थानीय कश्मीरी मुसलमानों ने उनके दादाजी का साथ दिया, जिन्होंने अक्सर उन लोगों का मुफ़्त इलाज किया था जो इलाज का खर्च नहीं उठा सकते थे, और उन्हें सुरक्षित निकलने में मदद की। बाद में उनका परिवार जम्मू से दिल्ली और फिर हैदराबाद में बस गया। उस समय समय 12 साल के थे। Entertainment News Hindi Todayonly at Prabhasakshi View this post on Instagram A post shared by Sharon Verma (@sharonverma)
एनएच स्थित एक रिसॉर्ट में 24 अगस्त को दिन-दहाड़े कदमा विजया हेरिटेज निवासी कारोबारी निखार सबलोक की हत्या मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां पुलिस की संयुक्त जांच टीम को जब्त मोबाइल के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) से कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस का दावा है- अगले एक से दो दिनों में इस पूरे मर्डर केस का आधिकारिक खुलासा कर दिया जाएगा। एसआईटी की तफ्तीश में सामने आया है कि शूटरों ने निखार सबलोक को गोली मारने के बाद भागते समय राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर भी दो राउंड हवाई फायरिंग की थी। इसके बाद वे सड़क की दूसरी ओर खड़ी लाल रंग की कार से रांची की तरफ फरार हो गए। रांची में एक सुनसान जगह पर कार छोड़कर शूटर दूसरे वाहन से बिहार की ओर भागने की आशंका है। बिहार और पश्चिम बंगाल में छापेमारीइधर, जांच के दौरान सोनारी के अपराधी रविदास और दारा को रेकी के संदेह में हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही थी, लेकिन कोई साक्ष्य न मिलने पर शुक्रवार को दोनों को छोड़ दिया गया। हत्या में प्रयुक्त लाल रंग की कार को रांची से बरामद कर चांडिल पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। शूटरों की गिरफ्तारी के लिए बिहार और पश्चिम बंगाल के कई ठिकानों पर पुलिस ने छापे मारे। मानगो का अपराधी सिंटू सिंह था घटनास्थल के पास जांच में एसआईटी को पता चला है कि मानगो का अपराधी सिंटू सिंह इस पूरी साजिश से वाकिफ था और वारदात के वक्त घटनास्थल के आसपास ही मौजूद था। फिलहाल पुलिससिंटू और लाल कार के मालिक की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। निखार सबलोक की सुपारी देकर हत्या कराने के बिंदू पर भी जांच जारी है। विक्रम शर्मा का सहयोगी हिरासत मेंपुलिस विक्रम शर्मा के एक करीबी सहयोगी से चांडिल थाने में लगातार चौथे दिन भी पूछताछ कर रही है। हालांकि हत्याकांड में उसकी सीधी संलिप्तता के साक्ष्य अभी तक सामने नहीं मिले हैं। इसके अलावा विक्रम शर्मा के इस करीबी का दुमका जेल में बंद गैंगस्टर अखिलेश सिंह के साथ लगातार संपर्क में रहने और बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग पुलिस के हाथ लगी है। इसी आधार पर जांच की दिशा आगे बढ़ाई जा रही है।
नेपाल की बाढ़ का असर बिहार में दिखा: बागमती का जलस्तर बढ़ा; प्रशासन अलर्ट
नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद अब बिहार के मैदानी इलाकों में भी नदियों के जलस्तर में बदलाव देखने को मिल रहा है। मुजफ्फरपुर में बागमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जबकि गंडक नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है।
नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के 100 तीर्थयात्रियों को बिहार सरकार ने कराया रेस्क्यू - Prabhat Khabar
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नेपाल बाढ़ का बिहार में कितना असर? DM बोले- "घबराएं नहीं, तटबंध..."
नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद बिहार सरकार अलर्ट पर है. सरकार स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं. गोपालगंज DM के मुताबिक तटबंध मजबूत हैं और प्रशासन हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है.
सम्राट कैबिनेट बिहार का अभिनव पहल
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नेपाल में आई जलप्रलय के बाद बिहार के 8 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें रक्सौल के एक ही परिवार के 5 लोग शामिल हैं। नेपाल में आई त्रासदी के बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। वहीं, मोतिहारी के भी तीन प्रवासी मजदूर लापता हैं। परिजनों के मुताबिक, तीनों से आखिरी बार 26 अगस्त को बातचीत हुई थी। इसके बाद से उनके मोबाइल फोन बंद हैं और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। इधर, नेपाल के रसुवा में फंसे पश्चिम चंपारण (बेतिया) के 4 मजदूर सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं। नेपाली सेना ने बुधवार को हेलिकॉप्टर की मदद से उन्हें रसुवा जिले के धुन्चे क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकाला था। लगभग दो दिनों के सफर के बाद चारों मजदूर शुक्रवार देर शाम अपने-अपने घर पहुंचे। उनके घर पहुंचते ही परिजनों ने राहत की सांस ली। पहले नेपाल में आई प्रलय की कुछ तस्वीरें देखिए… नेपाल से रेस्क्यू होकर बेतिया लौटे 4 मजदूर सुरक्षित लौटे मजदूरों में चनपटिया के नेयाज मियां, सलमान आलम, जबारूल आलम उर्फ शिबू आलम तथा रामनगर थाना क्षेत्र निवासी मेहदी हसन शामिल हैं। ये सभी नेपाल में रहकर मजदूरी करने के साथ-साथ कारपेंटरी और टाइल्स लगाने का काम करते थे। सलमान आलम (17) ने घटना की जानकारी देते हुए बताया, “मैं नेपाल के रसुवा में जिस जगह काम करता था। वहां एक कमरे में सात मजदूर रहते थे। 26 अगस्त की सुबह हम सभी लोग काम पर जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान करीब नौ बजे अचानक तेज सैलाब आ गया। देखते ही देखते चारों ओर पानी भर गया और कुछ देर तक आसपास कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। ये सब देखकर हमलोगों का कलेजा कांप गया। काफी डर लग रहा था।” सलमान के अनुसार, पानी का बहाव इतना तेज था कि सभी मजदूर अपनी जान बचाने के लिए ऊंचाई वाले स्थान की ओर भागने लगे। चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई थी। कुछ देर के लिए ऐसा लग रहा था कि अब बचना मुश्किल है। घटना के बाद हेलिकॉप्टर तुरंत पहुंचा। जो लोग पानी में डूबे हुए थे, उन्हें सबसे पहले निकाला गया। उसके बाद हेलिकॉप्टर से हमलोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। रेस्क्यू के लिए कुल दो हेलिकॉप्टर आए थे। पानी का बहाव काफी तेज था। हमलोग 27 अगस्त को कारपेंटर का काम करने नेपाल गए थे। रक्सौल में पत्नी, 3 बेटियों और नातिन बाढ़ में बहे रक्सौल के लाला छपरा निवासी बुधन शाह पिछले चार साल से अपने परिवार के साथ नेपाल के बेत्रावती क्षेत्र के बतार में किराए के मकान में रहते थे। वे वहां कबाड़ खरीदने और मजदूरी का काम करते थे। हाल ही में कुलदेवता की पूजा के बाद उनकी पत्नी मानती देवी भी गांव से नेपाल लौटी थीं। बताया जा रहा है कि घटना के समय बुधन शाह अपने दो बेटों सूरज और साजन के साथ कबाड़ खरीदने पहाड़ी क्षेत्र की ओर गए थे। इसी दौरान अचानक आई भीषण बाढ़ में उनका किराए का मकान बह गया। मकान में मौजूद बुधन शाह की पत्नी मानती देवी, उनकी बेटियां आशा कुमारी और रूपा कुमारी, शादीशुदा बेटी संध्या कुमारी और संध्या की दो साल की बेटी आयुषी कुमारी बाढ़ में बह गईं। बड़ी बेटी संध्या त्रिशूली में व्यवसाय करती थीं। हादसे के दिन ही वह अपनी दो साल की बेटी आयुषी के साथ मां से मिलने बतार पहुंची थीं। इसी दौरान बाढ़ की चपेट में आने से हादसा हो गया। बुधन शाह ने फोन पर अपने भाई ऋषि शाह को घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वह और उनके दोनों बेटे सुरक्षित हैं, लेकिन पत्नी, तीनों बेटियों और नातिन का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। मोतिहारी में 3 मजदूरों से संपर्क टूटा मोतिहारी के लापता मजदूरों की पहचान केसरिया प्रखंड के बिजधरी थाना क्षेत्र निवासी रामबाबू साह, प्रमोद प्रसाद और मुनील कुमार के रूप में हुई है। प्रमोद प्रसाद और मुनील कुमार सगे भाई हैं, जबकि रामबाबू साह उनके चचेरे भाई बताए जा रहे हैं। तीनों नेपाल के रसुवा में त्रिशूली नदी के समीप एंड्रिट हाइड्रो प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के हाइड्रोपावर प्लांट में काम करते थे। वे पिछले 5 साल से नेपाल में रहकर काम कर रहे थे। परिवार ने प्रशासन से तीनों की तलाश कर उन्हें सकुशल घर वापस लाने की गुहार लगाई है। नेपाल में लापता मोतिहारी के 3 मजदूर 26 अगस्त के बाद तीनों से नहीं हुई बात परिजनों ने बताया कि तीनों कुछ समय पहले छुट्टी पर अपने गांव आए थे। रामबाबू साह 10 जुलाई को नेपाल लौटे थे, जबकि प्रमोद प्रसाद 22 जुलाई और मुनील कुमार 15 अगस्त को अपने कार्यस्थल पर पहुंचे थे। परिवार के सदस्यों के अनुसार, 26 अगस्त की सुबह करीब 7 बजे प्रमोद प्रसाद ने अपनी पत्नी वीणा देवी से करीब 7 मिनट तक मोबाइल पर बात की थी। यह उनकी आखिरी बातचीत थी। इसके बाद से उनका नंबर बंद है। रामबाबू साह और मुनील कुमार के मोबाइल पर भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। मुनील कुमार के पिता कृष्ण प्रसाद साह ने बताया कि बेटों से कई दिनों से संपर्क नहीं होने के कारण पूरा परिवार चिंतित है। परिजनों का कहना है कि नेपाल में आई आपदा के बाद से कोई सूचना नहीं मिलने के कारण परिवार बेहद परेशान है। नेपाल प्रशासन से पता लगा की मांग की मामले की जानकारी मिलने के बाद पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने कहा कि प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि तीनों मजदूरों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। नेपाल प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से संपर्क स्थापित कर तीनों की स्थिति का पता लगाने और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। इधर, गांव में भी चिंता का माहौल है। परिजन और ग्रामीण प्रशासन से लगातार तीनों मजदूरों की सकुशल जानकारी उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। सभी की निगाहें अब नेपाल प्रशासन और राहत एजेंसियों से मिलने वाली सूचना पर टिकी हैं, ताकि तीनों मजदूरों के सुरक्षित होने की खबर जल्द मिल सके। ===================== ये खबर भी पढ़ें… नेपाल से बहकर आई महिला बॉडी-10 KG की मछलियां:गंडक खतरे के निशान से 44CM ऊपर: नेपाल से आ सकता है 30 लाख क्यूसेक पानी तिब्बत में विशाल ग्लेशियर झील फटने से उत्तर बिहार की नदियों में अचानक बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बगहा के डुमरिया घाट पर गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान 62.22 मीटर से 44 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। स्थिति को देखते हुए बिहार सरकार ने 6 जिलों को अगले 24 घंटे तक हाई अलर्ट पर रखा है। इन जिलों में पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सारण, वैशाली, गोपालगंज और मुजफ्फरपुर शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें…
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 29 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
मां का यौन शोषण, नाबालिग बेटी पर थी बुरी नजर; बिहार में डाक विभाग के कर्मी पर एफआईआर दर्ज
महिला ने आरोप लगाया है कि आपरोपी डाककर्मी ने उसका खाता बंद कर देने की धमकी देकर यौन शोषण किया। बाद उसकी नाबालिग बेटी को भी हवस का शिकार बनाना चाहता था।
तिब्बत में ग्लेशियर झील फटी, उत्तर बिहार कैसे हो सकता है तबाह? समझिए पूरा कनेक्शन - Prabhat Khabar
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छोटे से गांव की बेटी नीलिमा साहू बनीं IAS, अब बिहार सरकार ने सौंपी स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी
IAS नीलिमा साहू की सक्सेस स्टोरी प्रेरणादायी है. छोटे गांव में जन्मीं. UPSC में असफलता के बावजूद हार न मानकर BPSC क्रैक किया और अब बिहार के स्वास्थ्य विभाग में संयुक्त सचिव बनी हैं.
ढाई साल की भाव्या श्री ने अंतरराष्ट्रीय FIDE शतरंज प्रतियोगिता में 2 अंक अर्जित कर असाधारण रिकॉर्ड बनाया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए उन्हें पटना में 'बिहार यंग अचीवर अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया।
BPSC TRE 4 Vacancy : खुशखबरी, फिर बढ़ी चौथी बिहार शिक्षक भर्ती की वैकेंसी, कहां कितना इजाफा
बीपीएससी टीआरई 4 भर्ती में 111 पद और बढ़ गए हैं। अब इस भर्ती के माध्यम से कुल 33385 पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति होगी। बढ़ाये गये 111 पदों पर कक्षा 9वीं और 10वीं के लिए संगीत शिक्षकों की भर्ती की जायेगी।
बिहार में उमस और बादलों की आवाजाही के बीच पांच जिलों में भारी बारिश और मेघ गर्जन का अलर्ट जारी किया गया है। अगले दो-तीन दिनों में अधिकतम तापमान में एक से दो डिग्री की गिरावट आने की संभावना है।
बिहार पुलिस माओवादमुक्त घोषित राज्य में उग्रवाद को दोबारा पनपने से रोकने के लिए सतर्क है। जेल से रिहा हुए पूर्व माओवादियों और उनके परिवारों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, साथ ही उनके पुनर्वास और मुख्यधारा में वापसी पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
Weather Update Today: यूपी, बिहार समेत देश के 16 राज्यों में 29 अगस्त को मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. दिल्ली-NCR में भी मौसम में बदलाव होने की संभावना बन रही है. मॉनसून फिलहाल उत्तर पश्चिमी राज्यों में एक्टिव है.
तिब्बत-नेपाल सीमा पर एक और झील फटी, बिहार में वाल्मीकिनगर से कोसी तक हाई अलर्ट, चौबीसों घंटे निगरानी
नेपाल में दूसरी बार जल प्रलय के खतरे से बिहार में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। वाल्मीकिनगर से लेकर कोसी बराज तक तक सतर्कता बरती जा रही है। सभी प्रमुख तटबंधों की दिन रात निगरानी की जा रही है।
बिहार सरकार ने 6 आईएएस अधिकारों के ताबदले किए हैं। इन अधिकारियों की लिस्ट में बिहार की बेटी आईएएस दिव्या शक्ति का भी नाम शामिल है। उन्हें बिहार मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में उत्पाद आयुक्त बनाया गया है।
मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार में गर्मी से मिलेगी राहत, पांच दिनों तक मध्यम से भारी बारिश की संभावना
Bihar Monsoon Rain Update: मुजफ्फरपुर समेत पूरे उत्तर बिहार में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिलने वाली है, क्योंकि अगले पांच दिनों तक मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान धान की फसलों को लाभ मिलेगा।

