सम्राट चौधरी ने ली बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ
पटना। भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन विधायक दल के नेता सम्राट चौधरी ने बुधवार को बिहार में मुख्यमंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ ली। चौधरी बिहार के ऐसे 24वें व्यक्ति हैं, जिन्हें प्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर आसीन होने का अवसर मिला है। बिहार की राजधानी पटना के लोकभवन में राज्यपाल सैयद […] The post सम्राट चौधरी ने ली बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ appeared first on Sabguru News .
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तारापुर विधानसभा क्षेत्र के लखनपुर गांव निवासी सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुना है। इसके साथ ही वे बिहार के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। वे बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री के तौर पर दर्ज हुए हैं। इस ऐतिहासिक घोषणा के बाद तारापुर और लखनपुर समेत पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई, ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया और पटाखे फोड़कर अपनी खुशी का इजहार किया। भाजपा संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते रहेसम्राट चौधरी लंबे समय से भाजपा संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनकी संगठन क्षमता, कार्यकर्ताओं के साथ मजबूत समन्वय और आम जनता से सीधा जुड़ाव उन्हें एक अलग पहचान देता है। वे अपनी सादगी और जमीन से जुड़े स्वभाव के कारण जनता के बीच काफी लोकप्रिय हैं। तारापुर के लोगों ने इसे अपने क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण बताया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उनके मुख्यमंत्री बनने से न केवल तारापुर बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। लोगों को सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से काम होने की उम्मीद है। विकास और सुशासन को एक नई दिशा मिलेगीराजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार में विकास और सुशासन को एक नई दिशा मिलेगी। वे ओबीसी वर्ग के एक मजबूत चेहरे के रूप में उभरे हैं, जिससे राज्य के सामाजिक समीकरणों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। सम्राट चौधरी तीन भाई में मंझले हैंसम्राट चौधरी कद्दावर नेता शकुनी चौधरी और पूर्व विधायक पार्वती देवी के पुत्र है। सम्राट चौधरी तीन भाई में मंझले भाई है। बड़े भाई ई. रोहित चौधरी जो जदयू में है तो छोटे भाई धर्मेंद्र चौधरी है। उनकी तीन बहनें है। उनको परिवार के लोग प्यार से ‛गुल्लू’ कहकर बुलाते थे जबकि नानी उनको ‛लल्ला’ कहकर बुलाती थी। उन्होंने लखनपुर गांव के ही उर्दू मध्य विद्यालय में ककहरा सीखा। आगे की पढ़ाई वे महावीर चौधरी उच्च विद्यालय में आगे की। आरजेडी से की थी राजनीति की शुरुआत16 नवंबर 1968 को जन्मे सम्राट चौधरी ने सक्रिय राजनीति में प्रवेश 1990 के दशक में राजद से किया था। राजद के बाद वे जदयू और फिर 2017 में नित्यानंद राय और केशव प्रसाद मौर्य ने उन्हें भाजपा में शामिल कराया। उन्हें 2018 में बिहार बीजेपी का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया। बिहार में भाजपा को मजबूत करने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई और वे कुर्मी-कुशवाहा समुदाय से एक मजबूत नेता के रूप में उभरे हैं। ओबीसी चेहरा और बीजेपी के कद्दावर नेता सम्राट चौधरी बिहार की राजनीति में एक प्रमुख ओबीसी चेहरा और बीजेपी के कद्दावर नेता हैं, जो वर्तमान में बिहार के उपमुख्यमंत्री हैं। सम्राट चौधरी कद्दावर नेता शकुनी चौधरी के पुत्र हैं और 1990 में सक्रिय राजनीति में आए चौधरी ने राजद और जदयू से होते हुए बीजेपी तक का सफर तय किया। वे राबड़ी देवी सरकार में सबसे कम उम्र के मंत्री बने थे और परबत्ता से विधायक व विधान पार्षद रह चुके हैं। राबड़ी देवी सरकार में बागवानी मंत्री बने1999 में राबड़ी देवी सरकार में कृषि और बाद में मौसम विज्ञान व बागवानी मंत्री बने। उन्होंने 2000 और 2010 में परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल की। 2010 में बिहार विधानसभा में विपक्षी दल के मुख्य सचेतक रहे। वे लगातार नीतीश कुमार की सरकारों में मंत्री रहे हैं, जिसमें 2014 में शहरी विकास व आवास विभाग जीतन राम मांझी सरकार में, 2021 में पंचायती राज मंत्री नीतीश सरकार के शामिल हुए।2024 में उपमुख्यमंत्री और वित्तमंत्री बने2023 में बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्य किया, जिसके बाद नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में 2024 में उपमुख्यमंत्री और वित्तमंत्री बने। 2025 में उन्होंने गृह क्षेत्र तारापुर विधानसभा से चुनाव लड़ा और उपमुख्यमंत्री के साथ गृह मंत्री का भी पद मिला।तारापुर विधानसभा 2025 में सम्राट चौधरी के स्टार प्रचारक होने के कारण पत्नी ममता कुमारी ने विधानसभा चुनाव में खुद कमान संभाली थी और उनके पक्ष में चुनाव प्रचार किया और उनकी भारी बहुमत से जीत मिली। शकुनी चौधरी से पिता' के तौर पर सवालसवाल: सम्राट बचपन में किस बात के लिए सबसे ज्यादा जिद करते थे? क्या उनके तेवर बचपन से ही 'शासक' जैसे थे?जवाब: कहा कि बचपन में क्रिकेट खेलने को लेकर जिद करते थे। 1985 से ही वे राजनीतिक में सहयोग करने लगे थे। चुनाव में साईकल रैली,पैदल मार्च जैसे अन्य गतिविधियों में पूरा चुनाव संभालते थे।सवाल: जब आपने उन्हें पहली बार राजनीति में उतारा, तो क्या कभी डर लगा कि वे आपकी विरासत संभाल पाएंगे?जवाब: कहा कि वे युवा अवस्था मे ही समाजसेवा करते थे। चुनाव में उनके मेहनत और लगन को देखकर लगा कि उनकी रुचि राजनीति में है और मैने उन्हें चुनाव में उतारा और उन्होंने कड़ी मेहनत कर उसे सफल बनाया। सवाल: घर में सम्राट को सबसे ज्यादा डांट किस बात पर पड़ती थी? क्या आज भी वे आपसे सलाह लेकर ही बड़े फैसले लेते हैं?जवाब: हंसते हुए कहा कि सबसे ज्यादा डांट पढ़ाई और क्रिकेट खेलने को लेकर ही पड़ती थी। अब तो वे हमसे आगे निकल चुके है। मै कभी उपमुख्यमंत्री नहीं बना। अब वे फैसला लेने के लिए खुद सक्षम है।सवाल: आप फौज में थे, सम्राट को फौज में क्यों नहीं भेजा? क्या उन्हें 'राजनीति का सिपाही' बनाना पहले से तय था?जवाब: कहा ऐसा नहीं है,मैंने देश और समाज की ज़रूरत के हिसाब से हर निर्णय लिया है। जब देश को मेरी ज़रूरत थी, तब मैं फौज में गया और युद्ध में हिस्सा लेकर देश की सेवा की। फिर मुझे ऐसा महसूस हुआ कि राजनीति के माध्यम से समाज के बड़े तबके की सेवा और समस्याओं का समाधान किया जा सकता है, इसलिए मैंने यह रास्ता चुना।मेरे बेटे ने भी देश और समाज की ज़रूरत को समझते हुए राजनीति के माध्यम से सेवा करने का निर्णय लिया है। देश सेवा का तरीका अलग-अलग हो सकता है, लेकिन उद्देश्य हमेशा एक ही होता है देश और समाज की भलाई। जिसमें वे उसमें सफल हुए है।
सम्राट चौधरी बैंकर से मुख्यमंत्री तक का सफर 2014 का वो राजद विद्रोह जिसने बदली बिहार की राजनीति
अनिल विज बोले: सम्राट चौधरी से बिहार छुएगा नई ऊंचाइयां
हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने बिहार के नये मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के चयन पर खुशी जताई है और कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के इस फैसले से बिहार सहित पूरे देश में सकारात्मक माहौल बना है और लोगों में उत्साह देखा जा रहा है
बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी आज लेंगे शपथ, अब दो डिप्टी सीएम जदयू से होंगे
Bihar Politics: आज नए मुख्यमंत्री की ताजपोशी का दिन है। 20 साल तक सीएम रहे नीतीश कुमार ने अपना आशीर्वाद भाजपा नेता सम्राट चौधरी को दे दिया। उनके साथ जदयू कोटे से दो डिप्टी सीएम भी शपथ लेंगे। लोकभवन में सारी तैयारी पूरी हो चुकी है।
LIVE: बिहार में सम्राट चौधरी की ताजपोशी, 2 डिप्टी सीएम भी लेंगे शपथ
Latest News Today Live Updates in Hindi : वरिष्ठ भाजपा नेता सम्राट चौधरी आज सुबह 10:50 बजे बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। पल पल की जानकारी...
Top News : ट्रंप और ईरान के बीच फिर शुरू होगी बातचीत? बिहार में सम्राट चौधरी की ताजपोशी आज
Top News April 15 : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान से बातचीत शरू होने के संकेत दिए। स्ट्रेट ऑफ हार्मुज में अमेरिका की नाकेबंदी का ज्यादा असर नहीं दिखाई दे रहा है। इस बीच अमेरिकी वित्त मंत्री का कहना है कि अमेरिका चीन को ईरान से ...
बिहार की राजनीति के लिए मंगलवार का दिन काफी हलचल वाला रहा। नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और इसके साथ ही सम्राट चौधरी बिहार के नए मुख्यमंत्री होंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बिहार की राजनीति में जो बदलाव हुए हैं, उसमें सूर्य ग्रह की अहम भूमिका रही है। सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता है। सूर्य और शुक्र ग्रह के होरा में नीतीश कुमार का इस्तीफा और सम्राट चौधरी के नाम की घोषणा हुई। ग्रह-गोचरों की यह स्थिति बिहार के नए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य के विकास को नई बुलंदियों पर लेकर जाने वाला है। वैशाख कृष्ण द्वादशी मंगलवार 14 अप्रैल को खरमास की समाप्ति यानि सूर्य का मीन राशि से निकलकर मेष यानि उच्च की राशि में गोचर करने के साथ सूर्य अब उच्चावस्था में आ गए हैं। सूर्य की स्थिति से ही राजयोग या अन्य उच्च योग की गणना की जाती है। मेष संक्रांति पर नीतीश कुमार ने त्यागपत्र दिया मेष संक्रांति पर मंगलवार को शाम 03:15 बजे नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से अपना त्यागपत्र राज्यपाल को सौंपा था। उसके बाद नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा के क्रम में सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुना गया। इस दौरान सिंह लग्न विद्यमान था। ज्योतिष शास्त्र में इस लग्न को सबसे शुभ और उत्तम लग्न माना गया है। सूर्य व शुक्र ग्रह के होरा में नीतीश कुमार का इस्तीफा और सम्राट चौधरी के नाम की घोषणा हुई। उस समय शुभ चौघड़िया मुहूर्त का संयोग था। सूर्य होरा सरकारी कार्यों, नेतृत्व, शक्ति और आत्मविश्वास के लिए शुभ मानी जाती है। वहीं, शुक्र होरा प्रेम, कला, सुख-सुविधा और रचनात्मक कार्यों के लिए उत्तम है। सूर्य की संक्रांति और सूर्य का अंक बना मुख्य आधार ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश झा ने बताया कि जब सूर्य मेष राशि में होते हैं, तो वे व्यक्ति को नेतृत्व क्षमता, मान-सम्मान, उच्च पद और सरकारी कार्यों में सफलता दिलाते हैं। बिहार के निवर्तमान सरकार भी 145 दिन बाद ही बदली है और नए सरकार में मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा सूर्य के मेष राशि में गोचर पर ही हुआ है। अंक ज्योतिष के अनुसार 145 का कुल जोड़ 10 है और इसका अंक एक है, जो सूर्य का अंक है। अंक ज्योतिष के मुताबिक यह साल भी सूर्य का ही है।
बिहार की सियासत में मंगलवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। करीब 20 सालों तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के बाद NDA विधायक दल की बैठक में सम्राट चौधरी को राज्य का नया मुख्यमंत्री चुन लिया गया। दिन की शुरुआत नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी के एक ही गाड़ी से अंबेडकर समारोह में पहुंचने से हुई, जहां दोनों नेताओं ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद नीतीश कुमार सचिवालय पहुंचे और अपनी आखिरी कैबिनेट बैठक की। करीब 15 मिनट चली इस बैठक में मंत्रियों ने धन्यवाद प्रस्ताव पर मुहर लगाई। सभी मंत्रियों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धन्यवाद दिया। इस दौरान कई नेता भावुक नजर आए। बैठक के बाद करीब 3 बजे नीतीश कुमार ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। वहीं, सम्राट चौधरी देर शाम राजभवन पहुंचे और राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। इसके साथ ही बिहार में पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री बनने जा रहा है। वीडियो में देखिए बिहार की दिनभर की सियासी उठापटक..
सम्राट चौधरी आज बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह लोकभवन के जर्मन हैंगर में सुबह 11 बजे से होगा। सम्राट के साथ जदयू विधायक विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव डिप्टी CM की शपथ लेंगे। समारोह में कई राज्यों के CM और डिप्टी CM शामिल हो सकते हैं। शपथ लेने के बाद सम्राट चौधरी राज्य के 24वें मुख्यमंत्री बन जाएंगे। सम्राट के शपथ के साथ ही बिहार में भाजपा के नेतृत्व वाली ये पहली सरकार होगी। बिहार में ये परिस्थिति नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य बनने और उनके इस्तीफे के बाद बनी है। नीतीश कुमार ने सोमवार को CM पद से इस्तीफा दे दिया है। वे बिहार में 20 साल से मुख्यमंत्री के पद पर थे। मैंने नीतीश कुमार जी से सरकार चलाना सीखा है... भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने पर सम्राट चौधरी ने कहा, 'भाजपा ने मुझे काम करने का मौका दिया। राजनीतिक तौर से मैं करीब 30 साल से काम कर रहा हूं। पहले कोई विचारधारा नहीं थी। मैं इस पार्टी में जब पीएम मोदी के विचारों से इस पार्टी के साथ जुड़ा, 2015 के चुनाव से लगातार मैं भाजपा के लिए काम करता रहा। नीतीश कुमार जी ने जो बिहार का विकास किया है उसे और आगे लेकर जाएंगे। नीतीश कुमार जी ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है। उनके साथ रहकर सरकार चलाना सीखा है। नीतीश कुमार ने जिस तरह से समृद्ध बिहार का सपना देखा है हम सब मिलकर बिहार और देश को समृद्ध बनाने का काम करेंगे।' भास्कर सर्वे पर लगी मुहर दैनिक भास्कर ने CM फेस के लिए सर्वे किया था, जिसमें 34% लोगों ने सम्राट चौधरी को चुना था। निशांत कुमार 31% के साथ दूसरे नंबर पर रहे थे। सर्वे 4 से 9 अप्रैल तक चला, जिसमें 47 हजार लोग शामिल हुए थे। हमारे 550 रिपोर्टर्स बिहार के 38 जिलों और 534 प्रखंडों में पहुंचे थे। पूरी खबर पढ़ें… अब एक नजर में कल क्या-क्या हुआ ये खबरें भी पढ़िए… बिहार में नई सरकार से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
1.70 लाख की ठगी, आरोपी बिहार से दबोचा गया
भास्कर न्यूज| जांजगीर पुलिस ने अंतरराज्यीय ठगी करने वाले आरोपी को बिहार के अररिया जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने चावल बेचने के नाम पर जांजगीर के एक व्यापारी से 1.70 लाख रुपए की ठगी की थी। गिरफ्तार आरोपी का नाम ओम प्रकाश शर्मा है। उसने खुद को चावल का बड़ा कारोबारी बताकर जांजगीर में सुलोचना फूड्स के संचालक से संपर्क किया था। बातचीत के दौरान आरोपी ने भरोसा जीत लिया और फिर ट्रक भाड़ा व अन्य खर्चों के नाम पर पैसे मंगवाए। पीड़ित बांके बिहारी अग्रवाल ने चावल ब्रोकर के जरिए ओम प्रकाश शर्मा से संपर्क किया था। 2980 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 900 क्विंटल चावल का सौदा तय हुआ। आरोपी ने ट्रक भाड़े और लोडिंग के नाम पर अलग-अलग किस्तों में फोन-पे और बैंक खाते में कुल 1.70 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए।पैसे मिलने के बाद आरोपी ने व्यापारी का भरोसा बनाए रखने के लिए मोबाइल पर फर्जी बिल और दस्तावेज भेजे। जब चावल की डिलीवरी मांगी गई तो आरोपी ने मोबाइल नंबर बंद कर दिया और फरार हो गया। शिकायत मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू की और साइबर सेल की मदद से आरोपी का लोकेशन बिहार के अररिया जिले में ट्रेस किया। इसके बाद टीम ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
नमस्कार, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने PM मोदी को फोन करके 40 मिनट बातचीत की। उधर, सम्राट चौधरी बिहार के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। मॉर्निंग न्यूज में आपको बताएंगे 'धुरंधर' की कमाई के बारे में... ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. ट्रम्प ने मोदी को फोन किया, 40 मिनट बात की, दोनों ने कहा- होर्मुज स्ट्रेट का खुला रहना बहुत जरूरी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने PM मोदी को फोन किया। दोनों के बीच 40 मिनट तक बातचीत हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने ईरान जंग पर चर्चा की और होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने पर जोर दिया। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि फोन कॉल के दौरान PM मोदी ने ट्रम्प से कहा, 'भारत के लोग आपको पसंद करते हैं।' वहीं, PM मोदी सोशल मीडिया पर लिखा;- मुझे मेरे दोस्त राष्ट्रपति ट्रम्प का फोन आया। हमने दोनों देशों के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में हुए काम और प्रगति पर बात की। हमने यह भी कहा कि आगे चलकर भारत और अमेरिका के रिश्ते को और मजबूत करेंगे। ट्रम्प-मोदी के बीच 20 दिन में दूसरी बातचीत: इससे पहले मोदी और ट्रम्प के बीच 24 मार्च को फोन पर बात हुई थी। तब मिडिल ईस्ट के हालात पर बात हुई थी। PM मोदी ने कहा था कि भारत चाहता है कि तनाव कम हो और जल्द से जल्द शांति बहाल हो। पढ़ें पूरी खबर... 2. सम्राट चौधरी होंगे बिहार के नए मुख्यमंत्री, राज्य में पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री, शपथ आज सम्राट चौधरी बिहार के नए मुख्यमंत्री होंगे। उन्हें पहले बीजेपी फिर NDA विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। उन्होंने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल से सरकार बनाने का दावा पेश किया। इसके साथ ही बिहार में पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री होगा। नीतीश ने सम्राट को माला पहनाई, फिर ताली बजवाई: सबसे पहले नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया। फिर विधानसभा के सेंट्रल हॉल में NDA की बैठक में नीतीश सम्राट के प्रस्तावक बने। नीतीश ने उन्हें माला पहनाई। विधायकों से ताली बजवाई। साथ ही नई सरकार को सहयोग देने की बात कही। सम्राट ने भी पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। आज सुबह 11 बजे शपथ ग्रहण होगा। पढ़ें पूरी खबर... 3. लोकसभा सीटें 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव, 2029 से लागू होगा सरकार ने लोकसभा सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। अब सीटें 543 से बढ़ाकर 850 की जा सकती हैं, जिन्हें 2029 से लागू करने की तैयारी है। प्रस्ताव के मुताबिक 815 सीटें राज्यों और 35 केंद्र शासित प्रदेशों के लिए होंगी। हालांकि, तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने PM मोदी को लेटर भेजकर इसका विरोध किया है। उनका कहना है कि इससे क्षेत्रीय संतुलन बिगड़ सकता है। महिला आरक्षण 15 साल के लिए होगा: संसद के विशेष सत्र में 33% महिला आरक्षण लागू करने की भी तैयारी है। महिलाओं के लिए यह आरक्षण 15 साल के लिए होगा। यानी 2029, 2034 और 2039 के लोकसभा चुनावों तक। इसके बाद इसे बढ़ाने का फैसला संसद करेगी। आरक्षित सीटें हर चुनाव में बदलती रहेंगी, ताकि महिलाओं का हर जगह प्रतिनिधित्व मिल सके। पढ़ें पूरी खबर... 4. 'पत्थर पूजने से अच्छा मोदी-योगी को पूजो', BJP विधायक बोले- उनमें कुछ देने की क्षमता है हरदोई से बीजेपी विधायक श्याम प्रकाश ने कहा, ‘पत्थरों को पूजने से कुछ नहीं मिलेगा। अगर पूजा करनी ही है, तो योगी और मोदी की कीजिए, जिनसे आपको कुछ मिलेगा। बड़े-बड़े नेता आपको बेवकूफ बनाकर अपनी कुर्सी हथियाने का काम करेंगे।’ वह अंबेडकर जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। ‘हर घाट का पानी पीया है’: श्याम प्रकाश ने कहा कि मैं सभी पार्टियों में रह चुका हूं। हर घाट का पानी पीया है। अब भाजपा में हूं। दलितों की बात करने वाले नेता सिर्फ अपना स्वार्थ सिद्ध करते हैं। बड़े नेता आपको कुछ नहीं देने वाले, आप खुद अपने आपको स्थापित करना होगा। श्याम प्रकाश 2022 में गोपामऊ विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते थे। पढ़ें पूरी खबर… 5. लखीमपुर में अंबेडकर मूर्ति टूटने पर बवाल, भीड़ ने महिला को पीटा; पुलिस की गाड़ियां तोड़ीं लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्ण नाथ में अंबेडकर जयंती पर मंगलवार शाम बवाल हो गया। ग्रामीणों ने बिना परमिशन डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति स्थापित कर दी, जिसका एक महिला ने विरोध किया। पुलिस ने मूर्ति हटवाने का प्रयास किया तो लोग भड़क गए। धक्का-मुक्की और छीना-झपटी में मूर्ति टूट गई। पुलिस ने महिला की जान बचाई: भीड़ ने मूर्ति हटवाने वाली महिला को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। पुलिस ने महिला को भीड़ से निकालकर उसकी जान बचाई। मूर्ति टूटने के विरोध में लोगों ने रोड जाम कर दी। पुलिस पर पथराव कर दिया। सीओ, नायब तहसीलदार और चौकी इंचार्ज संसारपुर की गाड़ियों में आग लगा दी। लोग बोले- पुलिस ने लाठी चार्ज किया: आरोप है कि पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया तो लोग भड़क उठे। कई जगहों पर तोड़फोड़ की। गाड़ियों को बीच सड़क पलट दिया। स्थानीय पुलिस के अलावा अतिरिक्त फोर्स मौके पर पहुंची। करीब 5 घंटे के बाद हालात पर काबू पाया गया। पढ़ें पूरी खबर… 6. 'धुरंधर' के दोनों पार्ट ने वर्ल्डवाइड ₹3000 करोड़ कमाए, ऐसा करने वाली पहली भारतीय फिल्म रणवीर सिंह स्टारर ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइजी ने दुनियाभर में 3000 करोड़ रुपए की कमाई कर ली है। ऐसा करने वाली यह पहली भारतीय फिल्म फ्रेंचाइजी बन गई है। धुरंधर के पहले पार्ट ने वर्ल्डवाइड 1307 करोड़ और दूसरे पार्ट ने 1718 करोड़ रुपए कमाए हैं। खास बात यह है कि धुरंधर-2 अभी सिनेमाघरों में चल रही है। दंगल ने अकेले वर्ल्डवाइड ₹2070 करोड़: फिल्म धुरधंर के दोनों पार्ट के बाद दंगल ने अकेले वर्ल्डवाइड 2070 करोड़ रुपए कमाए हैं। फिर इसके बाद पुष्पा के दोनों पार्ट की कुल कमाई करीब ₹2,192 करोड़ के आसपास थी। पुष्पा ने करीब ₹350.10 करोड़ और दूसरे पार्ट ने ₹1,742.10 करोड़ दुनियाभर में कमाए थे। पढ़ें पूरी खबर... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... राजस्थान में अब ‘घसीटाराम’ जैसे नाम बदल सकेंगे राजस्थान में अब ‘घसीटाराम’, ‘खोजाराम’ जैसे अटपटे नाम बदले जा सकेंगे। राजस्थान सरकार ‘सार्थक नाम अभियान’ के तहत 2950 बेहतर नामों के विकल्प देगी। इसका मकसद बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाना है। पढ़ें पूरी खबर... फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज मिथुन राशि वालों को एक्स्ट्रा काम और प्रमोशन मिलने की संभावना है। कन्या राशि वालों की प्रभावशाली लोगों से मुलाकात हो सकती है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
बदल रही बिहार क्रिकेट की तस्वीर, आईपीएल के मंच पर अपनी काबिलियत से सुर्खियां बटोर रहे ये क्रिकेटर्स
Sunrisers Hyderabad: एक समय था जब बिहार से एक क्रिकेटर का विश्व स्तर तक पहुंचना बड़ी बात समझा जाता था। मूलभूत सुविधाओं का अभाव, आर्थिक तंगी और तमाम तरह के कारणों के चलते जी-तोड़ मेहनत करने वाले बिहार के खिलाड़ी पहचान के लिए मोहताज रह जाते थे। हालांकि, अब बिहार में क्रिकेट की तस्वीर बदल रही है और इस बदलाव में अहम भूमिका आईपीएल निभा रहा है। आईपीएल के जरिए बिहार के उभरते हुए क्रिकेटर्स को वो मंच मिल रहा है, जिसकी चाहत वह ना जाने कितने वर्षों से रखा करते थे। दूसरी बात यह भी कि आईपीएल की सभी फ्रेंचाइजियां घरेलू क्रिकेट पर अब अपनी पैनी नजर बनाए रखती हैं। घरेलू क्रिकेट में वर्षों तक लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद बिहार के काबिल क्रिकेटर्स गुमनाम रह जाते थे। हालांकि, अब ऐसा नहीं है और बिहार से एक से बढ़कर एक क्रिकेटर्स सामने आ रहे हैं, जो सुविधाओं की कमी होने के बावजूद दुनिया की सबसे मशहूर लीग में से एक आईपीएल में अपना दमखम दिखा रहे हैं। वैभव सूर्यवंशी: बिहार के समस्तीपुर जिले से आने वाले वैभव सूर्यवंशी अब किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। 15 साल की उम्र में वैभव ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से सिर्फ आईपीएल ही नहीं, बल्कि वर्ल्ड क्रिकेट में अपनी एक अलग पहचान बना ली है। वैभव की आक्रामक और निडर बल्लेबाजी की तारीफ सिर्फ भारतीय नहीं, बल्कि विदेशी क्रिकेटर्स भी कर रहे हैं। मुकेश कुमार: आईपीएल 2026 में दिल्ली कैपिटल्स की जर्सी में मुकेश कुमार भी खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं। बिहार के गोपालगंज से आने वाले मुकेश अपनी शानदार गेंदबाजी के दम पर भारतीय टीम में भी अपनी जगह बना चुके हैं। मुकेश भारत की ओर से तीनों ही फॉर्मेट में अपना डेब्यू कर चुके हैं और आईपीएल में भी पिछले 3 साल से छाप छोड़ रहे हैं। ईशान किशन: बिहार की राजधानी पटना में जन्मे ईशान किशन की बल्लेबाजी का आज हर कोई दीवाना है। भारतीय टीम को अकेले दम पर कई मुकाबलों में जीत दिला चुके ईशान ने बिहार के हर उस क्रिकेटर के लिए प्रेरणा रहे हैं, जो टीम इंडिया की जर्सी में खेलने का सपना देखता है। यह बात अलग है कि ईशान झारखंड की ओर से घरेलू क्रिकेट खेलते हैं, लेकिन जब बिहार के क्रिकेटर्स का जिक्र होता है, तो एमएस धोनी के बाद ईशान का ही नाम आता है। सार्थक रंजन: लोकसभा सांसद पप्पू यादव के बेटे सार्थक रंजन ने पिता की तरह राजनीति की जगह क्रिकेट में करियर बनाने का फैसला लिया। आईपीएल 2026 में सार्थक कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम में शामिल हैं। भले ही उन्हें अभी इस मंच पर अपनी काबिलियत दिखाने का मौका न मिल सका हो, लेकिन घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन के बूते सार्थक ने पिता से अलग अपनी खुद की पहचान क्रिकेटर के तौर पर बनाई है। ईशान किशन: बिहार की राजधानी पटना में जन्मे ईशान किशन की बल्लेबाजी का आज हर कोई दीवाना है। भारतीय टीम को अकेले दम पर कई मुकाबलों में जीत दिला चुके ईशान ने बिहार के हर उस क्रिकेटर के लिए प्रेरणा रहे हैं, जो टीम इंडिया की जर्सी में खेलने का सपना देखता है। यह बात अलग है कि ईशान झारखंड की ओर से घरेलू क्रिकेट खेलते हैं, लेकिन जब बिहार के क्रिकेटर्स का जिक्र होता है, तो एमएस धोनी के बाद ईशान का ही नाम आता है। Also Read: LIVE Cricket Score यह तमाम क्रिकेटर्स इस बात का सबूत है कि बिहार की गलियों, चौराहे और बदतर हालात में मौजूद मैदानों पर खेलने वाले खिलाड़ी अब इंटरनेशनल लेवल पर छा जाने का सपना देखने लगे हैं। इन क्रिकेटर्स की कामयाबी ने बिहार के हर बच्चे में वो भरोसा, जुनून और जज्बा पैदा करने का काम किया है, जिसके दम पर वह क्रिकेट की दुनिया में उज्ज्जवल भविष्य बनाने के ख्वाब देखने लगे हैं। Article Source: IANS
मधुबनी जिला भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता भोगेंद्र ठाकुर ने सम्राट चौधरी को बिहार का मुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी है। मंगलवार को मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी के नाम की घोषणा के बाद ठाकुर ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। ठाकुर ने कहा कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार आगे बढ़ेगा। उन्होंने इस नियुक्ति को जातीय समीकरण साधने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने जोर दिया कि सम्राट चौधरी बिहार के लिए भाजपा के पहले मुख्यमंत्री के रूप में विकास की दिशा में अग्रसर होंगे। ठाकुर के अनुसार, बिहार में भाजपा बहुत कठिन परिश्रम के बाद अपना मुख्यमंत्री बना पाई है। भोगेंद्र ठाकुर ने उम्मीद जताई कि इस बदलाव से बिहार की राजनीति में एक नया परिवर्तन देखने को मिलेगा, जिससे विकास के रास्ते सुलभ होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योगों का जाल बिछ सकता है, जिससे यहां का विकास संभव हो सकेगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश जैसा माहौल बनने और अपराध पर नियंत्रण की भी संभावना व्यक्त की। फिलहाल, सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद लोगों में उत्साह नजर आ रहा है।
सम्राट चौधरी सीएम बनेंगे, बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री का ऐलान, नीतीश की जगह लेंगे
सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री बनेंगे। वह नीतीश कुमार की जगह लेंगे। भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में अपने पहले सीएम के नाम का ऐलान कर दिया है। बुधवार 15 अप्रैल को सम्राट सीएम पद की शपथ लेंगे।
अब बिहार में 'सम्राट' युग की शुरुआत; विरोधियों को पछाड़कर शिखर पर पहुंचे चौधरी
बिहार में सम्राट चौधरी बने NDA विधायक दल के नेता, कल लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद शुरू हुआ 'सम्राट' युग। पढ़ें पूरा राजनैतिक सफर।
बिहार के नए CM का ऐलान हो चुका है। सम्राट चौधरी राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे। 15 अप्रैल को सम्राट मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ समारोह लोकभवन में होगा। इसमें PM मोदी शामिल हो सकते हैं। CM फेस को लेकर भास्कर ने बिहार में सर्वे भी किया था। इसमें लोगों से नीतीश कुमार के बाद नए मुख्यमंत्री को लेकर राय पूछी गई। सवाल था- बिहार में CM के लिए आपकी पसंद कौन है? इसपर 34% लोगों ने कहा कि सम्राट चौधरी को बिहार का मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। सर्वे के साथ भास्कर की खबरों पर भी मुहर लगी है। हमने पहले ही बता दिया था कि बिहार के CM के लिए सम्राट का नाम ही सबसे आगे है। सबसे पहले भास्कर का सर्वे देखिए बिहार में नया मुख्यमंत्री कौन होगा? भास्कर ने ये सवाल बिहार के लोगों से ही पूछा। 33.5% लोगों ने कहा कि डिप्टी CM सम्राट चौधरी को ही मुख्यमंत्री बनना चाहिए। 31% लोग नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के पक्ष में दिखे। 33% लोग चाहते थे कि सम्राट या निशांत की जगह कोई और सीएम बने। भास्कर ने यह सर्वे 4 से 9 अप्रैल के बीच किया। इसमें 47 हजार लोग शामिल हुए। हमारे 550 रिपोर्टर्स बिहार के 38 जिलों, 534 प्रखंडों में पहुंचे। लोगों से ये 5 सवाल पूछे 1. CM पद के लिए आपकी पसंद कौन है? 2. किस जाति का CM होना चाहिए? 3. नए CM से क्या चाहते हैं? 4. बिहार में नीतीश के नाम पर सत्ता मिली, क्या उन्हें पद छोड़ना चाहिए? 5. नीतीश कुमार को कब तक CM के तौर पर देखना चाहेंगे? पहला सवाल दूसरा सवाल 49.3% लोगों ने बताया था कि नीतीश के जाने के बाद OBC जाति से ही नया CM बने तीसरा सवाल चौथा सवाल पांचवां सवाल अब वो खबरें देखिए जिन पर मुहर लगी है स्टोरी-1 बिहार में नए CM के चेहरे पर जारी सस्पेंस के बीच अब संघ और बीजेपी में लगभग सहमति बनती हुई दिखाई दे रही है। BJP सूत्रों की मानें तो डिप्टी CM सम्राट चौधरी को बिहार का नया CM बनाया जा सकता है। अभी तक संघ सम्राट चौधरी के नाम पर राजी नहीं हो रहा था, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खुद सम्राट चौधरी के नाम को लेकर पैरवी की और उन्हें अपनी पसंद बताया है। हालांकि आधिकारिक तौर पर फिलहाल BJP और संघ के कोई भी पदाधिकारी इस पर स्पष्ट बोलने से बच रहे हैं। संघ बिहार में EBC कैटेगरी के नेता को नया CM बनाना चाहता था। पूरी खबर पढ़िए स्टोरी- 2 बिहार की सियासत 21 साल बाद एक बार फिर से बदलाव के मुहाने पर खड़ी है। 1990 से लेकर 2005 तक लालू यादव परिवार का बिहार की सियासत पर दबदबा रहा। 2005 से लेकर अब तक नीतीश कुमार लगातार (मई 2014- फरवरी 2015 छोड़कर) CM बने रहे। 16 मार्च 2026 को नीतीश राज्यसभा सांसद चुने गए। संदेश साफ है कि अब वे CM नहीं रहेंगे। बिहार की सियासत छोड़ दिल्ली की राजनीति करेंगे। BJP और JDU के टॉप लीडरशिप ने नीतीश के जाने और नए CM के शपथ ग्रहण की पूरी पटकथा लिख दी है। पावर ट्रांसफर के इसी स्क्रिप्ट के तहत पहले CM को राज्यसभा भेजा गया। अब राज्य भर में समृद्धि यात्रा के नाम पर उनकी विदाई यात्रा कराई जा रही है। पूरी खबर पढ़िए स्टोरी- 3 नीतीश कुमार ने गुरुवार को X पर पोस्ट कर राज्यसभा जाने का ऐलान किया है। उन्होंने बिहार में नई सरकार को अपना पूरा सहयोग करने की भी बात कही है। अब यह भी तय हो गया कि बिहार में अब नीतीश युग का अंत हो गया। साथ ही अब इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि नीतीश कुमार के बाद बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा…? क्या पहली बार बिहार में बीजेपी का CM बनेगा? क्या नीतीश के किसी करीबी को CM बनाया जाएगा। क्या 4 दशक बाद बिहार को सवर्ण CM मिल सकता है..? बिहार में CM की रेस में सबसे आगे सम्राट चौधरी का नाम चल रहा है। विजय चौधरी भी चर्चा में हैं। इधर, BJP EBC या OBC चेहरा लाकर चौंका सकती है। पूरी खबर पढ़िए अब जानिए किन फैक्ट्रस पर भास्कर ने सम्राट के CM बनने की बात कही थी बंगाल के स्टार प्रचारकों की लिस्ट से संकेत BJP की तरफ से पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी की गई थी। 40 नेताओं की इस लिस्ट में बिहार से केवल डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम था। बंगाल से सटे जिले किशनगंज से पॉलिटिक्स करने वाले मंत्री दिलीप जायसवाल का भी नाम लिस्ट में नहीं था। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और दूसरे डिप्टी सीएम विजय सिन्हा को भी लिस्ट में जगह नहीं दी गई थी। इसमें BJP शासित राज्यों के 6 से ज्यादा मुख्यमंत्रियों का नाम शामिल थे। बिहार से मंगल पांडेय और नितिन नवीन भी इसमें थे। मंगल पांडेय पश्चिम बंगाल में बीजेपी के प्रभारी तो नितिन नवीन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। ऐसे में देखा जाए तो बिहार से केवल सम्राट चौधरी को ही तवज्जो दी गई है सम्राट अमित शाह के पसंद क्यों, 3 पॉइंट में समझिए सम्राट क्यों? नीतीश के बाद क्या लव-कुश समीकरण साधेगी भाजपा सम्राट चौधरी कोइरी समाज से आते हैं। नीतीश कुमार कुर्मी हैं। इन दोनों को बिहार की सियासत में लव-कुश कहा जाता है। राज्य में इन दोनों कोइरी और कुर्मी समाज की आबादी करीब 7% है। इसमें कोइरी 4.21% और कुर्मी 2.87% हैं। इन्हीं के दम पर नीतीश कुमार अपनी राजनीति करते रहे हैं। ऐसे में अगर सम्राट को BJP आगे बढ़ाती है तो नीतीश का ये वोट बैंक उनके पास जा सकता है। BJP बिहार में लगातार गैर यादव OBC को साधने का प्रयास कर रही है। इस समीकरण में सम्राट चौधरी बिल्कुल फिट बैठते हैं। कोइरी बिहार में यादव के मुकाबले एक मजबूत पिछड़ी जाति मानी जाती है।
बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी होंगे। शिवराज सिंह चौहान ने इसकी घोषणा कर दी है। NDA की बैठक के बाद इसकी औपचारिक घोषणा हुई है। करीब दो दशक तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद यह बड़ा राजनीतिक बदलाव सामने आया है। अब सभी की नजर 15 अप्रैल पर है, जब पटना के लोकभवन में सम्राट चौधरी शपथ लेंगे। इस समारोह में एनडीए के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और बड़ी संख्या में समर्थकों के शामिल होने की संभावना है। मुंगेर में जश्न का माहौल सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने की खबर मिलते ही उनके गृह जिले मुंगेर और तारापुर क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। हर तरफ जिंदाबाद के नारे लगने शुरू हो गई। पूरे गांव में जश्न का माहौल है। गांव-गांव में लोग मिठाई बांट रहे हैं। लखनपुर गांव में खास उत्साह देखा जा रहा है, जहां लोगों ने इसे ऐतिहासिक पल बताया है। कुशवाहा समाज से आने वाले बड़े चेहरे सम्राट चौधरी कुशवाहा समाज से आते हैं। लंबे समय से बिहार की राजनीति में सक्रिय हैं। उनके मुख्यमंत्री बनने को सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। डिप्टी सीएम से मुख्यमंत्री तक का सफर सम्राट चौधरी के लिए एक बड़ा राजनीतिक पड़ाव है। पार्टी संगठन और सरकार दोनों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है, जिसका परिणाम अब उन्हें राज्य की सबसे बड़ी जिम्मेदारी के रूप में मिला है। भतीजी बोली- खुशी में बांट रहे मिठाई गांव में जब भास्कर संवाददाता ने सम्राट चौधरी की भतीजी पंचम कुमारी से बात की, तो उनकी भावनाएं साफ झलक रही थीं। उन्होंने कहा, पूरे परिवार और गांव में हमलोग घोषणा का सिर्फ इंतजार कर रहे थे। हम लोग मिठाई और गुलाल की तैयारी करके बैठे थे। घोषणा होते ही हमने खुशी में मिठाई बांटी है। इस दौरान वो बात करते-करते भावुक भी हो गईं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि परिवार और गांव के लिए गर्व का पल होगा। गांव में सन्नाटा, लेकिन पटना में डटे समर्थक लखनपुर गांव में फिलहाल भीड़ नहीं दिख रही है। इसकी वजह यह है कि बड़ी संख्या में लोग पहले ही पटना के लिए निकल चुके हैं। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 1500 से 2000 वाहन मंगलवार शाम ही पटना रवाना हो चुकी है। बुधवार को भी लोगों के जाने का सिलसिला जारी है। समर्थक पटना के होटलों में रूककर मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा का इंतजार कर रहे थे। घोषणा होते ही लोगों में खुशी है। बचपन के साथी बोले- क्रिकेट खेलने के शौकीन, मिलनसार स्वभाव सम्राट चौधरी के चचेरे भाई सुमन कुमार चौधरी ने बताया, बचपन से ही उनका स्वभाव काफी मिलनसार था। वो हम सबको गाड़ी में बैठाकर क्रिकेट खेलने ले जाते थे। धूप हो या बारिश, अगर मन कर गया तो खेल जरूर होता था। सबके साथ उनका व्यवहार बहुत अच्छा था। ग्रामीणों के मुताबिक, राजनीति में उनकी रुचि भी शुरू से ही थी। यह विरासत उन्हें अपने पिता शकुनी चौधरी से मिली। फोन आते ही पहुंच जाते हैं गांव के निवासी विश्वजीत सिंह ने बताया कि सम्राट चौधरी आज भी आम लोगों से जुड़े हुए नेता हैं। उन्होंने कहा, कोई भी व्यक्ति फोन करता है, तो वह समय नहीं देखते दिन हो या रात, तुरंत पहुंच जाते हैं। किसी के साथ भेदभाव नहीं करते और सबकी बात सुनते हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यही वजह है कि उनके प्रति लोगों का भरोसा मजबूत है। विकास कार्यों की भी चर्चा ग्रामीणों ने क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का भी जिक्र किया। लोगों का कहना है कि सड़कों का निर्माण और बुनियादी सुविधाओं में सुधार उनके प्रयासों का नतीजा है। एक ग्रामीण ने कहा, पहले यहां सड़कें नहीं थीं, लेकिन अब अच्छी सड़कें बन गई हैं, जिससे लोगों को काफी राहत मिली है। पुराने दोस्त बोले-हमारा दोस्त अब सीएम बनेगा सम्राट चौधरी के पुराने दोस्त मोहम्मद ने बताया कि वे उन्हें बचपन से जानते हैं। हम लोग साथ खेलते थे, साथ बड़े हुए। उनके मुख्यमंत्री बनने पर हम सभी को गर्व महसूस हो रहा है।ऐसा लग रहा है कि हमारा अपना कोई बहुत बड़ा बन गया है। उन्होंने हंसते हुए यह भी बताया कि बचपन में उनके बीच छोटे-मोटे झगड़े भी होते थे, लेकिन दोस्ती हमेशा बनी रही। परिवार में भी दिखी भावुकता परिवार की सदस्य सविता देवी से जब बात की गई, तो वह भी भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा, पहले वो मुंगेर के सम्राट थे, अब पूरे बिहार के सम्राट बन गए हैं। यह हमारे लिए बहुत बड़ी खुशी की बात है। उन्होंने बताया कि गांव में जश्न की पूरी तैयारी है रंग-गुलाल उड़ाएंगे, माला पहनाएंगे और मिठाई बांटेंगे। यह दिन हमारे लिए होली और दिवाली जैसा है। जीत का जश्न मनाते सम्राट चौधरी के समर्थक-परिवार वाले…
पलवल में 50 लाख की अवैध शराब समेत 2 गिरफ्तार:610 पेटी जब्त, बिहार लेकर जा रहे थे, फर्जी बिल भी मिला
पलवल जिले में एंटी नारकोटिक्स सेल टीम ने नेशनल हाईवे-19 पर एक ट्रक से 50 लाख रुपए मूल्य की 610 पेटी अवैध शराब जब्त की है। यह शराब सीमेंट की ईंटों के नीचे छिपाकर सोनीपत से बिहार ले जाई जा रही थी। पुलिस ने इस मामले में 2 लोगों को हिरासत में लिया है। एएनसी स्टाफ प्रभारी विश्व गौरव ने बताया कि उनकी टीम हनीश खान के नेतृत्व में गश्त कर रही थी, तभी उन्हें सूचना मिली कि केएमपी एक्सप्रेस-वे से होता हुआ एक ट्रक दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे के रास्ते बिहार जा रहा था, जिसमें सीमेंट की ईंटों के नीचे अवैध शराब छिपाई गई थी। बिहार के 2 लोगों को हिरासत में लिया सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने कुसलीपुर फ्लाईओवर से ट्रक का पीछा करना शुरू किया। नेशनल हाईवे-19 पर एमवीएन यूनिवर्सिटी के सामने पहुंचने पर पुलिस ने ट्रक को ओवरटेक कर रुकवा लिया। ट्रक में सवार ड्राइवर राजीव साहनी और साहयक शेखर कुमार को हिरासत में लिया गया। दोनों बिहार के मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं। पुलिस टीम ने जब ट्रक की तलाशी ली, तो ऊपर सीमेंट की ईंटें (फ्लाई ऐश ब्रिक्स) रखी हुई थीं। ईंटें हटाने पर नीचे शराब की पेटियां मिलीं। गिनती करने पर कुल 610 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई। फर्जी बिल तैयार करके ले जा रहे थे अवैध शराब आरोपियों ने शराब के लिए मानवी फ्रेट कार्गो सर्विसेज के नाम से एक फर्जी बिल तैयार कर रखा था। जांच के दौरान जीएसटी पोर्टल पर फर्म का नाम फर्जी पाया गया। आबकारी विभाग की जांच में सामने आया कि बरामद शराब की कुछ पेटियां सोनीपत की पंकज कुमार एंड कंपनी और कुछ गुरुग्राम की जी-टाउन फर्म के नाम पर दर्ज थीं। यह पूरी खेप करनाल में निर्मित की गई थी। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे इस शराब को सोनीपत से लोड कर बिहार ले जा रहे थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। तस्करी के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी पुलिस जिसके संबंध में मुंडकटी थाना में आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आबकारी अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब शराब मालिकों और इस तस्करी के मुख्य नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है।
नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी बनेंगे निशांत कुमार? संजय झा के बयान ने बिहार की सियासत में मचाया हड़कंप
राज्यपाल सचिवालय की ओर से शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सोमवार को राज्यपाल के सचिव ने सम्राट चौधरी से मुलाकात कर कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा की। इस दौरान समारोह में शामिल होने वाले प्रमुख अतिथियों, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा, कैबिनेट भंग करने के बाद पीएम मोदी का आभार जताया और एनडीए के साथ नई सरकार बनाने का दावा किया।
राजधानी समेत राज्यभर में मौसम बदला हुआ है। पटना मौसम केंद्र के मुताबिक 18 अप्रैल के बाद दक्षिण और मध्य बिहार के कई जिलों में पारा 4 डिग्री तक बढ़ेगा, जिससे अधिकतम तापमान 40 के पार जाने की संभावना है। गयाजी, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर, नवादा, बक्सर समेत कई जिलों में हीट वेव की स्थिति बनेगी। अगले 7 दिनों तक अधिकांश जिलों में बारिश की संभावना नहीं है। अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार में एक-दो जगह हल्की बारिश संभव है। क्यों बढ़ रही गर्मी पूर्व-पश्चिम और उत्तर-दक्षिण ट्रफ लाइनें राज्य से गुजर रहीं। पश्चिमी विक्षोभ कमजोर, इसलिए ठंडा असर नहीं मिल रहा। ऊपर के स्तर पर तेज जेट स्ट्रीम हवाएं, लेकिन सतह पर गर्मी हावी। इन सभी कारणों से नमी घटी और तापमान बढ़ा। नमी कम होने की वजह से मौसम शुष्क उत्तर-पूर्व बिहार के ऊपर कई ट्रफ लाइन बनी हैं। इससे नमी कम हो रही है और मौसम शुष्क बना हुआ है। तेज धूप और गर्म हवाएं तापमान को लगातार बढ़ा रही हैं। कई जगहों पर हवा की रफ्तार 30 से 40 किमी तक पहुंच रही है। इससे अब दिन में बाहर निकलना मुश्किल हाेने लगा है। शरीर में पानी की कमी और थकान बढ़ रही है। खासकर बच्चे और बुजुर्ग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। सबसे ज्यादा तापमान डेहरी में रहा पिछले 24 घंटों में पूरे राज्य में मौसम शुष्क रहा। इस बीच राज्य में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री से 39.4 सेल्सियस के बीच बना रहा। सासाराम के डेहरी में सबसे अधिक 39.4 डिग्री तापमान रहा। राजधानी पटना में भी अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री रिकाॅर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री रहा। आलम यह था कि राजधानी में सुबह से ही तेज धूप हाे गई थी।
उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक कराने के आरोप में गिरफ्तार किए गए 166 आरोपियों को रांची स्थित सिविल कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। इस मामले में पुलिस ने संगठित तरीके से काम कर रहे सॉल्वर गैंग और पेपर लीक नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। गिरोह के सरगना अतुल वत्स समेत कई अहम किरदारों की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को कई चौंकाने वाले तथ्य मिले हैं। पुलिस का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क योजनाबद्ध तरीके से अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने के लिए सक्रिय था। झारखंड के साथ बिहार के अभ्यर्थियों की संलिप्तता इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि गिरफ्तार आरोपियों में बड़ी संख्या झारखंड के स्थानीय अभ्यर्थियों की है, लेकिन बिहार के 20 अभ्यर्थी भी इसमें शामिल पाए गए हैं। यह परीक्षा मैट्रिक स्तर की स्थानीय नियुक्ति के लिए आयोजित की गई थी, बावजूद इसके दूसरे राज्य के युवाओं की भागीदारी ने सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। झारखंड के गिरिडीह, हजारीबाग और रामगढ़ जिलों से सबसे अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं। इसके अलावा रांची, पलामू, गढ़वा, चतरा, कोडरमा और अन्य जिलों से भी अभ्यर्थियों को पकड़ा गया है। वहीं बिहार के भोजपुर, बक्सर, पटना, औरंगाबाद, नालंदा समेत कई जिलों के युवक भी इस फर्जीवाड़े में शामिल पाए गए हैं। गिरोह के मास्टरमाइंड और अन्य सहयोगियों पर शिकंजा पुलिस ने इस पूरे मामले में कई प्रमुख आरोपियों की पहचान की है, जिनमें पटना के विकास कुमार, जहानाबाद के अतुल वत्स, रामगढ़ (मांडू) के आशीष कुमार और योगेश प्रसाद तथा पूर्वी चंपारण के मुकेश कुमार उर्फ शेर सिंह शामिल हैं। इसके अलावा रांची और आसपास के इलाकों से भी कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर साजिश में शामिल होने का आरोप है। इनमें चिरौंदी के विनोद कुमार, जमशेदपुर के एक निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज के मालिक गौरव सिंह, धुर्वा के रमीज अंसारी और हटिया के इल्फाज खान प्रमुख हैं। पटना से गिरफ्तार चुलबुल यादव को भी रांची लाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस लगातार अन्य संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। 10 लाख में हुई थी डील, 3 लाख एडवांस लिया गिरोह ने हर अभ्यर्थी से पास कराने के लिए 10-10 लाख रुपए में सौदा किया था। इसके एवज में तीन-तीन लाख रुपए एडवांस लिए गए थे। किसी ने चेक दिया तो किसी ने नकद भुगतान किया। इसके साथ ही अभ्यर्थियों से उनके मूल प्रमाण पत्र भी ले लिए गए थे। डील यह थी कि चयन के बाद पूरी रकम देने पर ही दस्तावेज लौटाए जाएंगे। लग्जरी गाड़ियों से लाए गए थे सभी अभ्यर्थी प्राप्त जानकारी के अनुसार पेपर लीक और सॉल्वर गैंग से जुड़े एजेंटों की भूमिका बड़े पैमाने पर थी। गिरोह के सरगना अतुल वत्स से जुड़े लोगों ने अभ्यर्थियों को तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव स्थित निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज तक पहुंचाने के लिए कई लग्जरी वाहनों का इस्तेमाल किया। इनमें स्विफ्ट कार, फोर्स कंपनी की दो सवारी गाड़ियां, हुंडई की कार, स्कॉर्पियो और एमजी हेक्टर शामिल हैं। पुलिस ने इन सभी वाहनों को जब्त कर लिया है। तमाड़ थाना प्रभारी के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। आगे की कार्रवाई जारी है।
LIVE : पीएम मोदी करेंगे दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण करेंगे, बिहार को मिलेगा नया CM
दून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर विधिवत संचालन आज से शुरू हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण करेंगे। अब दून से दिल्ली की दूरी मात्र ढाई से तीन घंटे की रह जाएगी। पीएम बनने के बाद 28वीं बार वह उत्तराखंड आ रहे हैं।
बिहार की राजनीति में युवा चेहरा श्रेयसी सिंह तेजी से उभर रही हैं। खेल के मैदान से सत्ता के गलियारों तक का उनका सफर अब उन्हें राज्य के संभावित मुख्यमंत्री पद के दावेदारों की सूची में ला खड़ा कर रहा है। अपनी प्रतिभा, अनुशासन और साफ छवि के कारण वह युवाओं के बीच लोकप्रिय हैं।'बिहार की गोल्डन गर्ल' के नाम से मशहूर श्रेयसी सिंह ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निशानेबाजी में भारत का नाम रोशन किया है। उन्होंने 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में डबल ट्रैप इवेंट में गोल्ड मेडल जीता था। इसके अतिरिक्त, उन्होंने एशियन गेम्स और वर्ल्ड कप जैसे आयोजनों में भी देश का प्रतिनिधित्व किया है। उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। भाजपा में शामिल होकर जीती चुनावखेल के बाद, श्रेयसी सिंह ने 2020 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होकर जमुई विधानसभा से चुनाव जीता। इसके बाद उनका राजनीतिक कद लगातार बढ़ा और 2025 में उन्हें बिहार सरकार में खेल और आईटी मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई। मंत्री के रूप में, वह युवाओं, खेल और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं।हाल ही में, इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के एक मैच के दौरान, श्रेयसी सिंह बिहार के उभरते खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी का हौसला बढ़ाती नजर आईं। उन्होंने इस अवसर पर युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल देश के भविष्य को मजबूत बनाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। माता-पिता दोनों ही सक्रिय राजनीति में प्रभावशालीउनकी राजनीतिक विरासत भी उनकी ताकत मानी जाती है। उनके पिता दिग्विजय सिंह सांसद रह चुके थे और केंद्र में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों को संभाल चुके थे। उनकी माता पुतुल कुमारी भी सांसद रह चुकी हैं। उनके माता-पिता दोनों ही सक्रिय राजनीति में प्रभावशाली रहे हैं।जमुई विधानसभा की जनता श्रेयसी सिंह के विकास कार्यों, युवाओं के लिए उनके प्रयासों और उनकी साफ छवि को देखते हुए उन्हें एक मजबूत, भरोसेमंद और भविष्य के नेतृत्व के रूप में देख रही है।
संसद के आगामी विशेष सत्र में महिला आरक्षण अधिनियम के संशोधन पर चर्चा होनी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी दलों से सर्वसम्मति से बिल पारित करने की अपील की है। इस बीच, AIMIM बिहार प्रदेश अध्यक्ष और अमौर विधायक अख्तरुल ईमान ने केंद्र सरकार से मुस्लिम और दलित महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण की मांग की है। अख्तरुल ईमान ने कहा कि सामान्य महिला आरक्षण से इन वर्गों की महिलाओं को न्याय नहीं मिलेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिला आरक्षण कानून के संशोधन में मुस्लिम और दलित महिलाओं को अलग से आरक्षण दिया जाना चाहिए, क्योंकि अल्पसंख्यक और दलित महिलाओं की स्थिति सबसे अधिक दयनीय है। उनके लिए विशेष प्रावधान के बिना यह बिल अधूरा रहेगा। गरीब सांसद की मजबूरी पर उठाया सवाल ईमान ने विशेष सत्र के समय पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इस वक्त पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और यह चुनाव प्रचार का समय है। उन्होंने तर्क दिया कि प्रधानमंत्री मोदी के पास सरकारी तंत्र और प्रोटोकॉल है, जिससे वे चुनाव प्रचार कर सकते हैं, लेकिन गरीब सांसद कैसे प्रचार करेंगे? उन्होंने चुनाव आयोग से चुनाव के दौरान महिला आरक्षण संशोधन को रोकने के लिए नोटिस जारी करने की मांग की, आरोप लगाया कि यह पांच राज्यों में महिला वोटर्स को प्रलोभन देने का काम कर रहा है। नीतीश कुमार के हटने से बिहार को नुकसान अख्तरुल ईमान ने नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा जाने पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के हटने से बिहार को बड़ा नुकसान होने वाला है। उन्होंने भाजपा पर सत्ता की भूखी होने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी बिहार की कुर्सी हासिल करने के लिए धार्मिक उन्माद फैलाकर, घर जलाकर या उजाड़कर हर हाल में सत्ता पाना चाहती है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले दो महीनों से कैबिनेट की बैठक नहीं हो रही है और सिर्फ सत्ता का खेल चल रहा है। अख्तरुल ईमान ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में AIMIM की रणनीति पर भी स्पष्टता दी। उन्होंने कहा कि भले ही उनकी पार्टी सरकार बनाने की स्थिति में न हो, लेकिन वे बंगाल के भटके हुए मुसाफिरों को रास्ता दिखाने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे जनविरोधी कामों को विधानसभा के पटल पर रोकने के लिए आवाज उठाने का काम करेंगे।
50 नगर निकायों में आम और उपचुनाव के लिए मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन कल
पटना समेत राज्य के 24 जिलों के 50 नगर निकाय क्षेत्रों में आम चुनाव और उपचुनाव के लिए मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन बुधवार को होगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने इसकी तैयारी कर ली है। आयोग के मुताबिक इन 24 जिलों में नवगठित, उत्क्रमित और विस्तारित नगर पालिकाओं के साथ मृत्यु, त्यागपत्र या पदच्युत होने के कारण पद रिक्त हुए हैं। इनमें मुख्य पार्षद, उपमुख्य पार्षद और वार्ड पार्षद के पद हैं। इन पर चुनाव होगा। आयोग ने सभी संबंधित डीएम को वोटर लिस्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। 19 जिलों में केवल उपचुनाव होंगे। 4 जिलों (औरंगाबाद, पटना, पूर्वी चंपारण और सारण) में आम और उपचुनाव होंगे। वहीं, सीवान में सिर्फ आम चुनाव होगा। आम लोग मतदाता सूची या चुनाव से जुड़ी जानकारी आयोग की वेबसाइट www.sec.bihar.gov.in और टोल फ्री नंबर 1800-3457-243 से ले सकते हैं। यहां शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं। पंचायत चुनाव मतदाता सूची 24 जिलों में चुनाव की तैयारी पंचायत चुनाव के लिए अफसरों की ट्रेनिंग शुरू राज्य में पंचायत चुनाव के लिए अधिकारियों की ट्रेनिंग शुरू हो गई है। सोमवार को पटना और मुजफ्फरपुर में प्रशिक्षण हुआ। 16 अप्रैल को गयाजी, भागलपुर, मुंगेर में ट्रेनिंग होगी। 17 को पूर्णिया, कोसी, दरभंगा और सारण में ट्रेनिंग होगी। इस ट्रेनिंग का उद्देश्य 27 को प्रकाशित होने वाले जनसंख्या के प्रारूप के आधार पर आरक्षण रोस्टर तैयार करना है। आयोग के सचिव मुकेश कुमार सिन्हा ने सभी डीएम को 2011 की जनगणना के आधार पर प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए प्रपत्र-1 के प्रकाशन के संबंध में निर्देश दिया। इसके प्रारूप का 27 अप्रैल को प्रकाशन होना है। साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर पूरी जानकारी रहेगी। प्रारूप प्रकाशन के 14 दिनों के अंदर आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।
बिहार में आज नए CM फेस का ऐलान होगा। बीते 20 साल से बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार आज अपने पद से इस्तीफा देंगे। अब वे राज्यसभा सांसद बन चुके हैं। सुबह 11 बजे नीतीश के नेतृत्व में कैबिनेट की अंतिम बैठक होगी। इसके बाद JDU विधायक दल और BJP विधायक दल की बैठक होगी। दोपहर 3 बजे नीतीश राजभवन जाएंगे, राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेगे। फिर 4 बजे NDA विधायक दल की बैठक में नए मुख्यमंत्री के चेहरे पर मुहर लगेगी। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान नए CM के नाम की घोषणा करेंगे। बीजेपी ने उनको अपना पर्यवेक्षक बनाया है। वहीं, कल सुबह 11 बजे राजभवन में नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण होगा। 11 बजे नीतीश कैबिनेट की आखिरी मीटिंग सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की आखिरी बैठक होगी। यह बैठक वर्तमान सरकार के कार्यकाल की अंतिम औपचारिकता मानी जा रही है। दोपहर में NDA के सभी घटक दल JDU, भाजपा, HAM, RLJP, RLM अपने-अपने विधायकों के साथ अलग-अलग बैठक करेंगे। इन बैठकों में विधायक दल का नेता चुना जाएगा, जो आगे की रणनीति तय करेगा। दोपहर 2 बजे एक अणे मार्ग स्थित आवास पर JDU की बैठक में सभी विधायक मौजूद रहेंगे। सभी विधायक दल का नेता चुनेंगे, सबसे दिलचस्प यह देखना होगा कि JDU अपने विधायक दल का नेता किसे चुनती है। दोपहर 3 बजे नीतीश कुमार सौंपेंगे इस्तीफा दोपहर 3 बजे नीतीश कुमार राजभवन पहुंचकर राज्यपाल सैयद अता हसनैन को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। इसी के साथ मौजूदा सरकार औपचारिक रूप से समाप्त हो जाएगी। इसके बाद शाम 4 बजे NDA विधायक दल की संयुक्त बैठक होगी, जिसमें नए नेता को चुना जाएगा। इसकी निगरानी के लिए BJP की ओर से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक बनाया गया है। उनकी उपस्थिति में ही मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी। शपथ समारोह में शामिल होंगे PM मोदी 13 अप्रैल की सुबह संजय झा, ललन सिंह, मंत्री जमा खान, बिजेंद्र यादव नीतीश कुमार से मिले थे। करीब एक घंटे CM हाउस में मीटिंग चली। CM हाउस से बाहर आकर जमा खान ने कहा, ‘बिहार में नई सरकार बनने जा रही है। 15 अप्रैल को शपथ ग्रहण होगा। PM मोदी भी आ सकते हैं।’ तेजस्वी ने कहा था- ‘JDU अब JDU नहीं रही' नेता प्रतिपक्ष और RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा था, ‘JDU अब JDU नहीं रह गई है, बल्कि BJP का प्रकोष्ठ बन गई है। BJP के एजेंट JDU में हैं और वही लोग पार्टी को खत्म कर चुके हैं। नीतीश कुमार की जिस तरह से विदाई की गई है, वह बेहद दुखद है। जो व्यक्ति 20 साल तक मुख्यमंत्री रहा, उसे राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया जा रहा है, यह फैसला थोपा गया है।’
मजदूर नहीं, आधुनिक भारत के असली विश्वकर्मा! जानिए कैसे बिहार के पसीने से सींची गई देश की समृद्धि
यह लेख भारत के विकास में बिहार के ऐतिहासिक और वर्तमान योगदान का एक व्यापक विश्लेषण है। नालंदा और आर्यभट्ट की बौद्धिक विरासत से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण में प्रवासी श्रमिकों और प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका तक, असिस्टेंट प्रोफ़ेसर राकेश जैन के विचारों के साथ पढ़ें कैसे बिहार अपनी पुरानी चुनौतियों को पीछे छोड़ स्टार्टअप और शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
राजधानी रायपुर में युवती से ऑनलाइन ठगी करने वाले 2 आरोपियों को पुलिस ने बिहार के समस्तीपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने कैमरा बेचने का झांसा देकर करीब 2 लाख रुपए की ठगी की थी। यह कार्रवाई पुरानी बस्ती थाना पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने की। जानकारी के मुताबिक युवती ने 2 फरवरी 2026 को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि OLX के माध्यम से कैमरा खरीदने के दौरान अज्ञात व्यक्तियों ने संपर्क किया। आरोपियों ने खुद को “ऑल इंडिया कैमरा डिस्ट्रीब्यूटर” बताकर विश्वास में लिया। इसके बाद अलग-अलग UPI आईडी के जरिए कुल 2 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए। रकम मिलने के बाद आरोपियों ने मोबाइल बंद कर लिया। ट्रांजिट रिमांड पर लाया जा रहा रायपुर शिकायत पर पुलिस ने जांच की। तकनीकी जांच, मोबाइल नंबर, बैंक खातों, CDR और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की पड़ताल से आरोपियों की पहचान हुई। इसके बाद टीम को बिहार रवाना किया गया। स्थानीय पुलिस की मदद से समस्तीपुर में दबिश देकर दोनों आरोपियों धीरज कुमार महतो (38) और सुबोध कुमार सिंह (25) को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया जा रहा है। साइबर ठगी होने पर करें शिकायत पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन खरीद-फरोख्त के दौरान सतर्क रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति को एडवांस भुगतान न करें और लेनदेन से पहले विक्रेता की सत्यता जरूर जांच लें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
कपूरथला में बिहार पुलिस की एक टीम ने एक व्यापारी दंपति को हिरासत में लिया है। इन पर पटना के रूपसपुर थाने में जालसाजी के चार मामले दर्ज हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ASCO कंपनी से जुड़े अनिल कुमार गुप्ता और उनकी पत्नी सविता गुप्ता के रूप में हुई है। डीएसपी सब डिवीजन शीतल सिंह ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। यह गिरफ्तारी पटना की रूपसपुर पुलिस द्वारा अदालत से जारी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर की गई है। दंपति के खिलाफ बिहार के पटना स्थित रूपसपुर थाने में जालसाजी के चार मामले दर्ज हैं। आरोपियों को पटना लेकर जाएगी पुलिस डीएसपी सब डिवीजन शीतल सिंह ने बताया कि बिहार पुलिस की टीम में रूपसपुर थाने के एएसआई इमरान अली समेत सात पुलिस अधिकारी शामिल थे। टीम ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामलों से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए और उन्हें हिरासत में ले लिया। बिहार पुलिस अब आरोपियों को अदालत में पेश करेगी और ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ पटना ले जाएगी। कपूरथला पुलिस ने इस कार्रवाई में बिहार पुलिस को पूरा सहयोग दिया है। मामले की आगे की जांच और आरोपियों से पूछताछ जारी है।
बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच खगड़िया के परबत्ता विधानसभा क्षेत्र के गौछारी गांव स्थित काली मंदिर प्रांगण में स्थानीय लोगों और समर्थकों ने हवन महायज्ञ किया, जिसमें उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनाने की कामना की गई। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पूरे विधि-विधान से हवन संपन्न हुआ। आयोजन में शामिल लोगों ने हाथ जोड़कर मां काली से प्रार्थना की कि सम्राट चौधरी को राज्य की बागडोर संभालने का अवसर मिले। दरअसल, बिहार में इन दिनों मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासी सरगर्मी तेज है। विभिन्न राजनीतिक समीकरणों के बीच सम्राट चौधरी का नाम प्रमुख दावेदारों में चर्चा में है। इसी को लेकर उनके समर्थकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है, जिसका उदाहरण खगड़िया जिले के गोछारी खटहा गांव में आयोजित यह महायज्ञ बना। सम्राट ने राजनीतिक जीवन की शुरुआत परबत्ता से की स्थानीय लोगों का कहना है कि सम्राट चौधरी का इस क्षेत्र से गहरा और पुराना जुड़ाव रहा है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत परबत्ता से ही की थी और वर्ष 2001 तथा 2010 में यहां से विधायक चुने गए थे। वे आज भी क्षेत्र में आने पर अपने संबंध और लगाव को स्वीकार करते हैं। हवन में शामिल भगवान चौरसिया ने कहा, “सम्राट चौधरी एक जमीनी नेता हैं। उन्होंने हमेशा आम लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता दी है। इसलिए हम चाहते हैं कि वे बिहार के मुख्यमंत्री बनें।” वहीं, किशोर कुमार सिंह ने अपनी बात रखते हुए कहा कि “अगर सम्राट चौधरी को नेतृत्व का मौका मिलता है तो बिहार में विकास को नई रफ्तार मिलेगी और प्रदेश नई ऊंचाइयों को छुएगा।” उपमुख्यमंत्री रहते हुए कई विकास कार्यों को आगे बढ़ाया आयोजन के दौरान सूर्यदेव कुमार ने कहा कि यह हवन सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि एक संकल्प है। उन्होंने कहा, “हम मां काली से प्रार्थना कर रहे हैं कि देश के शीर्ष नेतृत्व को सद्बुद्धि मिले और सम्राट चौधरी को बिहार की कमान सौंपी जाए। उपमुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने क्षेत्र में कई विकास कार्यों को आगे बढ़ाया है, जिससे लोगों को उम्मीद जगी है।”
बिहार में सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर लगा पूर्ण प्रतिबंध। स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा फैसला देते हुए उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई के आदेश भी दिए है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट
Bihar का अगला मुख्यमंत्री कौन? CM की रेस में 4 बड़े नाम सामने, उनमे से एक महिला भी
बिहार को 15 अप्रैल को मिलेगा नया मुख्यमंत्री। पीएम मोदी की मौजूदगी में होगा शपथ ग्रहण। सम्राट चौधरी और श्रेयशी सिंह समेत 4 नाम रेस में। पटना में तैयारी तेज।
ऑपरेशन रड़गांव : 159 अभ्यर्थियों से 18 करोड़ रुपए का सौदा, किंगपिन बिहार का
झारखंड में एक बार फिर पेपर लीक के नाम पर ठगी का बड़े रैकेट पकड़ा गया है। इस बार गिरोह के निशाने पर थे झारखंड उत्पाद सिपाही मुख्य परीक्षा-2023 में शामिल होनेवाले अभ्यर्थी। कुख्यात अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना बिहार के जहानाबाद निवासी अतुल वत्स ने अपने नेटवर्क के जरिए 159 अभ्यर्थियों को इस तरह जाल में फंसाया कि वे लाखों रुपए दांव पर लगाने को तैयार हो गए। गिरोह ने अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाया कि परीक्षा से पहले उन्हें लीक प्रश्नपत्र और उसके उत्तर रटवाए जाएंगे। इस झांसे में आकर अभ्यर्थियों ने 10 से 15 लाख रुपए तक की डील की। कई से एडवांस में चेक भी लिए गए। इस पूरे खेल की अनुमानित रकम करीब 18 करोड़ रुपए से अधिक है। गिरोह ने योजना को अंजाम देने के लिए रांची के तमाड़ और सरायकेला-खरसावां जिले की सीमा के रड़गांव स्थित एक निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज भवन को चुना गया, ताकि किसी को शक न हो। एजेंटों ने अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र मिलने का भरोसा दिलाया थासूचना के बाद रांची एसएसपी राकेश रंजन ने सिटी एसपी, ग्रामीण एसपी व ट्रैफिक एसपी नेतृत्व में एक टीम तैयार की। टीम पुलिस बल के साथ रड़गांव पहुंची। इस कार्रवाई में सरगना अतुल वत्स समेत उसके सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में सामने आया कि गिरोह ने बेहद सुनियोजित तरीके से अभ्यर्थियों को टारगेट किया था। एजेंटों के जरिए संपर्क कर उन्हें ओरिजलन पेपर मिलने का भरोसा दिलाया गया। फिर मोटी रकम तय कर उन्हें इस गुप्त स्थान पर बुलाया गया, जहां फर्जी प्रश्न-उत्तर रटवाकर उन्हें परीक्षा में पास कराने का सपना दिखाया जा रहा था। अगर पुलिस सही समय पर कार्रवाई नहीं करती, तो यह गिरोह करोड़ों रुपए की ठगी कर फरार हो जाता। सीजीएल में भी हुई थी ठगीझारखंड में इस तरह का खेल नया नहीं है। इससे पहले सीजीएल परीक्षा में माफियाओं ने अभ्यर्थियों को झांसे में लेकर संभावित प्रश्नपत्र के नाम पर लाखों रु. की ठगी की थी। कई जगहों पर अभ्यर्थियों को इकट्ठा कर फर्जी प्रश्न रटवाए गए थे। उनसे 20-20 लाख रु. तक वसूले गए थे। सीआईडी ने मामले की जांच कर खुलासा किया था कि अभ्यर्थियों को फर्जी प्रश्न पत्र रटवाकर पैसे ठगे गए थे। इससे साफ है कि झारखंड अब पेपर लीक माफियाओं के लिए एक सॉफ्ट टारगेट बनता जा रहा है, जहां बाहर के राज्यों के गिरोह आकर अभ्यर्थियों को आसानी से फंसा रहे हैं। इस बार रांची पुलिस ने न सिर्फ एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया, बल्कि कई अभ्यर्थियों को ठगी का शिकार होने से भी बचा लिया। गेम चेंजर : रड़गांव में बड़ी संख्या में युवाओं और गाड़ियों की मौजूदगी से लोगों को शक हुआ आगे क्या... नर्सिंग कॉलेज का भवन किसने दिलवाया, उसकी हो रही तलाश पुलिस अब इस मामले की जांच में जुटी है कि पेपर लीक माफियाओं को रड़गांव में अर्धनिर्मित नर्सिंग कॉलेज का भवन किसने दिलवाया। साथ ही उन एजेंटों की भी तलाश कर रही है, जो झारखंड के अलग-अलग जिलों सहित राज्य के बाहर के सफल अभ्यर्थियों को प्रश्न उत्तर उपलब्ध कराने का झांसा देकर लाए थे। पुलिस इनके पास से जब्त मोबाइल फोन की जांच कर रही है। मोबाइल में कई लोगों के नंबर और वाट्सएप चैट मिले हैं। इस मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम भी बनाई जा सकती है, जो पूरे मामले में आगे का अनुसंधान करेगी। 159 अभ्यर्थियों को बस में भरकर रड़गांव लाया गया था। वहां उनसे कथित प्रश्न-उत्तर रटवाए जा रहे थे। माफिया ने अभ्यर्थियों के मोबाइल फोन और एडमिट कार्ड अपने कब्जे में ले लिया था, ताकि कोई बाहरी संपर्क न कर सके और पूरा मिशन गुप्त रहे। लेकिन, इस बार माफियाओं की चाल स्थानीय लोगों की सतर्कता के आगे नहीं टिकी। रड़गांव में अचानक बड़ी संख्या में युवाओं और गाड़ियों की मौजूदगी ने स्थानीय लोगों को शक हुआ। स्थानीय लोगों को जल्द समझ आ गया कि यहां कुछ संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। लोगों ने यहां गतिविधियों का न सिर्फ वीडियो बनाकर सबूत जुटाए, बल्कि तुरंत पुलिस को सूचना भी दी। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी की।
मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर यात्रियों से भरी डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर सड़क के बीचोंबीच पलट गई। मौके पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों ने बस के शीशे तोड़कर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे में 31 लोगों के घायल हुए हैं। बस नोएडा से दरभंगा (बिहार) जा रही थी। पुलिस के मुताबिक, बस में करीब 100 यात्री सवार थे। हादसे में घायल यात्रियों को एम्बुलेंस और सरकारी वाहनों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नौहझील भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने बस (नंबर BR02PC2291) को सड़क से हटवाकर यातायात व्यवस्था को सुचारु कराया। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। हादसा रविवार देर शाम नौहझील थाना क्षेत्र में माइल स्टोन 76 के पास हुआ। तस्वीरें देखिए…. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस तेज गति में थी। अचानक नियंत्रण बिगड़ने से पलट गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच की जा रही है। हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। हादसे में ये लोग घायल हुए…
जशपुर से रायगढ़ जा रही एक यात्री बस से भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप जब्त की गई है। तपकरा पुलिस ने इस मामले में बस के ड्राइवर, कंडक्टर और खलासी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर की गई। पुलिस को 10 अप्रैल की रात करीब 11 बजे सूचना मिली थी कि जशपुर से तपकरा होते हुए रायगढ़ जाने वाली वासुदेव बस (क्रमांक CG-13-Q-1800) में अवैध नशीली कफ सिरप ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही तपकरा थाना पुलिस ने मुख्य मार्ग पर नाकाबंदी की। रात करीब 11:45 बजे संदिग्ध बस को रोका गया। तलाशी लेने पर बस की डिक्की में दो झोलों में छिपाकर रखे गए चार कार्टून बरामद हुए। कार्टूनों से 480 बोतलें प्रतिबंधित कफ सिरप जब्त इन कार्टूनों से 100-100 मिलीलीटर की कुल 480 बोतलें प्रतिबंधित कफ सिरप मिलीं। इसमें कोडीन फॉस्फेट और ट्राईपोलिडिन हाइड्रोक्लोराइड युक्त ऑनरेक्स नामक सिरप शामिल है। जब्त कुल 48 लीटर कफ सिरप की बाजार कीमत लगभग 96,720 रुपए बताई जा रही है। शुरुआती पूछताछ में बस स्टाफ ने इस बारे में अनभिज्ञता जताई। हालांकि, पुलिस की सख्ती से पूछताछ के बाद आरोपियों ने स्वीकार किया कि यह नशीली कफ सिरप बिहार के गया से लाई गई थी और इसे रायगढ़ में बेचा जाना था। तपकरा थाना में तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(C) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपी बसंत पटेल (33 वर्ष), निवासी बगुडेगा, थाना लैलूंगा, जिला रायगढ़ – कंडक्टर सतीश कुमार चौहान (45 वर्ष), निवासी नैला जूना तलाब, थाना जांजगीर – खलासी भोला राम (46 वर्ष), निवासी कंडोरा, थाना कुनकुरी, जिला जशपुर – ड्राइवर बस भी जब्त, जांच जारी पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त बस (CG-13-Q-1800) को भी जब्त कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि मुखबिर सूचना पर की गई कार्रवाई में बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप जब्त की गई है। आरोपियों से पूछताछ में सप्लाई नेटवर्क की जानकारी मिली है, जिसकी जांच जारी है। नशे के कारोबार में लिप्त किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
बिहार में नई सरकार को लेकर हलचल तेज है। बीजेपी ने विधायक दल के नेता के चुनाव को लेकर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। बिहार के सीएम नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद बनने के बाद शपथ ले चुके हैं। अब एनडीए को नए सीएम का ऐलान करना है। 4 बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे शिवराज को विधायकों की नब्ज समझने का अनुभव है। बिहार में NDA के कई घटक दल हैं। उन्हें जिम्मेदारी दी गई है कि सर्वसम्मति से स्वीकार्य नाम तय कराया जाए। बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए बीजेपी ऐसे चेहरे की तलाश में है, जो 'ब्रांड मोदी' के साथ स्थानीय जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साध सके। 14 अप्रैल को बिहार जाएंगे शिवराज सिंह चौहान शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन में कहा कि वह BJP के समर्पित कार्यकर्ता हैं। कार्यकर्ता के नाते हर जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ निभाना उनका कर्तव्य है। पार्टी जो भी दायित्व सौंपेगी, उसे वे पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाएंगे। वे 14 अप्रैल को बिहार जाएंगे। राज्यसभा सांसद बने नीतीश कुमार शुक्रवार को नीतीश कुमार ने राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली थी। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें शपथ दिलाई। मौके पर बिहार NDA के कई नेता मौजूद थे। वे उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं, जो लोकसभा, राज्यसभा, बिहार विधानसभा और विधान परिषद चारों सदनों के सदस्य रह चुके हैं। राज्यसभा में यह उनका पहला कार्यकाल है। कल इस्तीफा दे सकते हैं नीतीश कुमार 13 अप्रैल 2026: नीतीश कुमार NDA विधायक दल की बैठक को संबोधित कर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा सौंप सकते हैं। 14-15 अप्रैल 2026: नए मुख्यमंत्री की घोषणा और नई सरकार के शपथ लेने की संभावना है। CM की रेस में 3 पुरुष और 3 महिलाएं बिहार में मौजूदा राजनीतिक स्थिति को देखते हुए एनडीए में नए मुख्यमंत्री के नाम पर मंथन जारी है। संभावना जताई जा रही है कि इस बार मुख्यमंत्री पद बीजेपी के खाते में जा सकता है। CM पद की रेस में 5 नाम उभर कर सामने आए हैं, जिनमें सम्राट चौधरी, संजीव चौरसिया, जनक राम, श्रेयसी सिंह और धर्मशीला गुप्ता शामिल हैं। JDU से 2 डिप्टी CM हो सकते हैं जानकारी के अनुसार, एनडीए के मौजूदा फॉर्मूले को आगे बढ़ाया जाएगा। इस हिसाब से जदयू को पहली बार डिप्टी CM पद मिल सकता है। पार्टी के 2 डिप्टी सीएम हो सकते हैं। साथ ही विधानसभा स्पीकर पद भी JDU के पाले में होगा। जदयू के नेताओं से मिली जानकारी के अनुसार, पार्टी के 2 डिप्टी CM में से एक निशांत कुमार का बनना लगभग तय है। ऐसे में बिहार में पार्टी का नेतृत्व निशांत के हाथों में होगा। ………………………………….. यह खबर भी पढ़ें बिहार का कौन होगा अगला मुख्यमंत्री, शिवराज सिंह करेंगे ऐलान बिहार में नई सरकार को लेकर हलचल तेज है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 14 अप्रैल को कैबिनेट की आखिरी बैठक करेंगे। इसी दिन सीएम पद से इस्तीफा भी दे सकते हैं। इन सब के बीच केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक यानि ऑब्जर्वर बनाया गया है। सूत्रों के मुताबिक, 15 अप्रैल को शिवराज सिंह नए सीएम फेस का ऐलान करेंगे। पढ़ें पूरी खबर…
सवाईमाधोपुर में बिहार से पढ़ने आए एक युवक ने सुसाइड कर लिया। 15 दिन पहले ही पटेल नगर स्थित मकान में कमरा किराए पर लेकर रहना शुरू किया था। युवक का शव तीसरी मंजिल पर फंदे पर लटका मिला। फिलहाल युवक द्वारा आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। संस्कृत शिक्षा की पढ़ाई करने आया था युवक कोतवाली SHO मदन लाल मीणा ने बताया- राहुल कुमार तिवाड़ी (25) निवासी दलदलीय गंज थाना मेंहदी गंज, संपत चक (पटना, बिहार) का रहने वाला था। सवाई माधोपुर में रणथंभौर यूनिवर्सिटी से संस्कृत शिक्षा की पढ़ाई के लिए आया था। सोलर एंगल से फंदे पर लटका मिला करीब 15 दिन पहले पटेल नगर स्थित श्रीबल्लभ शर्मा के मकान में किराए से कमरा लेकर रह रहा था। युवक का शव तीसरी मंजिल पर सोलर एंगल से फंदे पर लटका मिला। सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मौका मुआयना किया। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। इसके साथ ही SFL टीम ने भी मौके पर पहुंचकर गहन जांच की। सुसाइड के कारणों की जांच में जुटी पुलिस फिलहाल युवक द्वारा आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है।
नीतीश कुमार के बाद सम्राट चौधरी या निशांत, कौन बनेगा बिहार के मुख्यमंत्री?
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद 1 अणे मार्ग स्थित सरकार बंगला खाली कर दिया है। इधर राज्य के अगले मुख्यमंत्री के रूप में सस्पेंस बना हुआ है। दावा किया जा रहा है कि राज्य की कमान कोई भाजपा नेता ही संभालेगा ...
28 करोड़ की फर्जी निकासी कर सिपाही शंभु और पंकज ने बिहार में खरीदीं नौ संपत्तियां
ट्रेजरी घोटाले में एक नया खुलासा हुआ है। जांच के लिए बिहार के गयाजी गई एसटीएफ को हजारीबाग में 28 करोड़ के फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड शंभु कुमार और उसके सहयोगी पंकज की बिहार में नौ बड़ी संपत्ति के कागजात मिले हैं। इनमें शंभु का एपी रोड पर चार मंजिला मकान, बोधगया में निर्माणाधीन अपार्टमेंट और जमीन के कागजात शामिल हैं। सोमवार को इन कागजातों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। उधर, शंभु ने जिस महिला के खाते में चेक से 80 लाख रुपए ट्रांसफर किया था, पुलिस उस महिला तक भी पहुंच गई है। चतरा निवासी वह महिला पंकज की रिश्तेदार है। शंभु के बारे में कई और खुलासे हुए हैं। पता चला है कि हजारीबाग के भवानी कॉलोनी में जिस जमीन पर 8 करोड़ रु. से आलीशान बिल्डिंग तैयार किया गया है, वह जमीन खास महाल की है। वहीं उसने अपनी साली की शादी 2012 बैच के दारोगा से हजारीबाग के सबसे बड़े होटल में कराई थी। वह दारोगा जमशेदपुर में पोस्टेड है। अब उसकी संपत्ति भी अटैच होगी। रांची में बिल पास करने की प्रक्रिया बदली रांची में ट्रेजरी से बिल पास करने की प्रक्रिया बदल दी गई है। डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने वेतन से जुड़े बिल पर निकासी व व्ययन पदाधिकारी (डीडीओ), बिलिंग और मैसेंजर इंचार्ज का हस्ताक्षर होने के बाद ही पास करने का निर्देश दिया है। डीडीओ को बिल भेजने के साथ बताना होगा कि कार्यालय में कितने पद स्वीकृत हैं और कितने कार्यरत हैं। जानिए...किस जिले में जांच की क्या स्थिति रांची: इंटरनल जांच कराई गई है। जितने भी बिल पिछले कुछ वर्षों में स्वीकृत हुए हैं, उनकी रैंडम जांच की गई है। इसमें गड़बड़ी सामने नहीं आई है। पेयजल स्वच्छता स्वर्णरेखा प्रमंडल के क्लर्क द्वारा 23 करोड़ की अवैध निकासी के बाद से जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। पलामू: ट्रेजरी ऑफिस की जांच की गई है। कोई गड़बड़ी नहीं मिली है। वित्त विभाग ने उग्रवादी हिंसा के शहीदों के भुगतान और एरियर पेमेंट के सात बिल पर शंका जताई थी। पर जांच में कोई गड़बड़ी नहीं मिली। कोडरमा : ट्रेजरी ऑफिस में कोषागार पदाधिकारी के अलावा डीएसपी द्वारा जांच की गई है। किसी तरह की वित्तीय अनियमितता नहीं मिली है। डीसी ने सभी विभागों के डीडीओ को वेतन बिल भेजने वाले कर्मचारी का नाम, पदनाम, खाता संख्या का सत्यापन उनके सर्विस बुक से करने का निर्देश दिया है। संपत्तियों के कागजात कल कोर्ट में पेश किए जाएंगे पंकज की महिला रिश्तेदार को शंभु ने 80 लाख गिफ्ट दिया शंभु सिपाही था, लेकिन आलीशान जिंदगी जीता था। हर 15 दिन में शनिवार को वह विमान से मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरू जैसे शहरों में जाता था। रविवार को मार्केटिंग करता था और सोमवार को ऑफिस पहुंच जाता था। वह ब्रांडेड और महंगे कपड़े व जूते का शौकीन था। विदेश यात्रा भी की थी। हजारीबाग में कई ब्रांडेड शोरूम संचालक भी इसके संपर्क में था। जब भी उनके शोरूम में कोई नया सामान आता था, वे शंभु से संपर्क करते थे।
कटनी जिले के रीठी थाना क्षेत्र में हुए एक हत्याकांड का पुलिस ने शनिवार को खुलासा किया है। इस मामले में फरार चल रहे पांच आरोपियों को बिहार के पटना जिले से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक कटनी अभिनय विश्वकर्मा के निर्देश पर इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया और उप पुलिस अधीक्षक रत्नेश मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी रीठी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। यह घटना 12 मार्च 2026 को हुई थी। फरियादिया डिजाइन बाई ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि ग्राम बूढ़ा ललितपुर के मेहराज पारधी, टन्नी पारधी, कलवा पारधी, जबल पारधी सहित अन्य लोगों ने उनके पति उन्हत्तर पारधी की हत्या कर दी थी। हत्या के बाद शव पहाड़ से फेंका आरोपियों ने उन्हत्तर पारधी को ऑटो से उतारकर अपने साथ ले गए और चाकू व बका से हमला कर उनकी जान ले ली। हत्या के बाद शव को पहाड़ के नीचे एक गड्ढे में फेंक दिया गया था। पुलिस ने मामले में कई धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे। वे पारधी समुदाय के साथ डेरा बदलकर अज्ञात स्थानों पर छिपते रहे। लगातार दबिश के बावजूद जब कोई सुराग नहीं मिला, तब पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी बिहार के पटना जिले में छिपे हैं। आरोपियों से हथियार बरामद सूचना मिलते ही तत्काल एक पुलिस टीम बिहार भेजी गई। वहां गोपनीय तरीके से जानकारी जुटाकर पुलिस ने घेराबंदी की और पांच आरोपियों मेहराज पारधी, टन्नी पारधी, अजूबा पारधी, ओकीन पारधी और सोजन पारधी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों से घटना में प्रयुक्त 2 चाकू, 1 बका, 1 डंडा और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर कटनी लाकर न्यायालय में पेश किया गया।
Bihar Politics : नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा तय 1-अणे मार्ग से सामान की शिफ्टिंग शुरू
हरदोई के देहात कोतवाली क्षेत्र में एक किशोरी के अपहरण का मामला सामने आया है। किशोरी के पिता की शिकायत पर बिहार के एक युवक के खिलाफ शादी का झांसा देकर अपहरण करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। किशोरी के पिता ने पुलिस को बताया कि कुछ साल पहले वे परिवार के साथ गाजियाबाद में किराए के मकान में रहते थे। उसी दौरान उनके पड़ोस में बिहार का रहने वाला सुधीप झा भी किराए पर रहता था। पिता के अनुसार, वे बाद में अपने पैतृक गांव लौट आए। 9 अप्रैल को आधी रात के बाद जब वह लघुशंका के लिए उठे, तो उन्होंने देखा कि उनकी 17 वर्षीय बेटी कमरे में नहीं थी। उन्होंने आसपास और रिश्तेदारों में तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। किशोरी के पिता ने आरोप लगाया है कि सुधीप झा उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। देहात कोतवाली के कोतवाल हरिनाथ यादव ने बताया कि आरोपी सुधीर झा के खिलाफ शुक्रवार को संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस किशोरी और आरोपी की तलाश कर रही है।
कुशीनगर में मां-बेटी पर एसिड अटैक करने वाले दो अरेस्ट: प्रेम-प्रसंग में किया था हमला, बिहार से लाए थे तेजाब, युवती की मौत यूपी के कुशीनगर में मां-बेटी पर एसिड अटैक का मामला सामने आया है। जिसमें बेटी की इलाज के दौरान मौत हो गई है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को महज 10 घंटे में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया- प्रेम प्रसंग के चलते युवकों ने हमला किया था। एक युवक का युवती से अफेयर था। पर युवती की शादी कहीं और तय हो गई थी। इसके कारण युवती ने युवक से बातचीत बंद कर दी थी। इसी से नाराज होकर युवक ने अपने साथी के साथ इस वारदात को अंजाम दिया।शुक्रवार रात युवक अपने साथी के साथ मिलकर प्रेमिका के घर में छत के रास्ते घुसा। अंदर कमरे में सो रही मां-बेटी पर तेजाब उड़ेल दिया। मां-बेटी गंभीर रूप से झुलस गईं। देर रात गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में बेटी ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने बताया- आरोपी बिहार से तेजाब लेकर आए थे। पुलिस दोनों आरोपियों को जेल भेजने की तैयारी कर रही है। मामला रामकोला थाना क्षेत्र के मोरवन गांव का है। पहले पढ़िए आरोपियों का कबूलनामा.... थाना जटहां बाजार के कंठी छपरा में किराए के मकान में रहने वाले छोटेलाल खरवार पुत्र सुरेश खरवार का घर से 30 किलोमीटर दूर रामकोला थाना क्षेत्र के मोरवन टोला इमलिया गांव की निवासी काजल यादव (25) से करीब दो साल से अफेयर था। दोनों एक दूसरे से मोबाइल पर बातें करते थे। छोटेलाल ने बताया- करीब 2 महीने पहले काजल की दूसरी जगह शादी तय हो गई, जिसके बाद उसने मुझसे बातचीत बंद कर दी। कई बार मनाने की कोशिश की, पर काजल नहीं मानी। उसकी मां भी बात करने से मना करती थी। इसी बात से नाराज होकर छोटेलाल ने अपने दोस्त थाना नेबुआ नौरंगिया के सुखारी छपरा निवासी अनुज कुशवाहा पुत्र महेन्द्र कुशवाहा के साथ मिलकर शुक्रवार रात 2:30 बजे छत के रास्ते घर में घुस कर अंदर सो रही काजल और उसकी मां लीलावती पर तेजाब उड़ेल दिया। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे काजल ने दम तोड़ दिया। जबकि गंभीर रूप से झुलसी लीलावती का इलाज जारी है। बिहार से अपनी बहन के घर से लाया था तेजाबपुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान छोटेलाल ने बताया- कुछ दिन पहले ही वह अपनी बहन के ससुराल बिहार के गोपालगंज गया था। वहीं से तेजाब की शीशी लेकर आया था। वह कई दिनों से काजल को सबक सिखाने की प्लानिंग में था। पांच पुलिस टीमें कर रहीं थीं तलाशरामकोला थाना प्रभारी धनवीर सिंह ने बताया- इस मामले को लेकर 5 टीमें गठित की गई थीं। शुक्रवार सुबह मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी। महज 10घंटे में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों शहर से भागने की फिराक में थे। अब जानिए कैसे हुई थी वारदात… रामकोला के मोरवन इमलिहा गांव में प्रभुनाथ का परिवार रहता है। प्रभुनाथ कोयला खदान में काम करते थे और दो महीने पहले ही रिटायर होकर घर आए थे। परिवार में 5 बेटियां और 1 बेटा है। 4 बेटियों की शादी हो चुकी है। छोटी बेटी काजल यादव (25) की शादी नहीं हुई थी। उसने हाल ही में ग्रेजुएशन पूरी की थी। वह मां लीलावती (55), छोटा भाई अभिषेक (19), बड़ी बहन के बेटे अंश और पिता प्रभुनाथ के साथ रहती थी। गुरुवार रात को काजल अपनी मां के साथ एक कमरे पर सोई थी। पिता और बड़ी बहन का बेटा अंश बरामदे में सो रहे थे। छोटा भाई अभिषेक दूसरे कमरे में था। रात करीब 2.30 पर अचानक अंदर से दरवाजा पीटने की आवाज सुनाई दी तो प्रभुनाथ और अंश की नींद खुली। पिता और भांजे ने दरवाजा खोलकर निकाला दोनों भागकर बेटी के कमरे के पास पहुंचे तो वहां दरवाजा बाहर से लॉक था और काजल चिल्ला रही थी। दरवाजा खोलकर पिता अंदर पहुंचे तो अवाक रह गए। बेटी ने बताया कि कोई आया था और तेजाब फेंककर भाग गया। दोनों बुरी तरह झुलस गईं थीं। तत्काल अस्पताल लेकर परिजन भागे घबराए पिता ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। एंबुलेंस से पत्नी और बेटी को लेकर स्थानीय सीएचसी पहुंचे। दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। जहां काजल की मौत हो गई, जबकि मां लीलावती की हालत गंभीर बनी हुई है। काजल के भाई अभिषेक ने बताया कि बहन जब अस्पताल में भर्ती थी तो मैंने उससे हमलावर के बारे में पूछा। उसने कहा- मैं सो रही थी, तभी लगा कि कोई कुछ फेंक रहा है। उठी तो पूरी तरह भीगी थी। कोई कमरे में आया था लेकिन मैं देख नहीं पाई। हमारी गांव में किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। भांजा बोला- मौसी खिड़की पीट रही थीं भांजे अंश ने बताया कि वह नाना के साथ बरामदा में सो रहा था। रात में खिड़की पर किसी के हाथ मारने की आवाज सुनकर नींद टूटी। नाना और मैं उठे तो देखा कि नानी के कमरे का दरवाजा बाहर से बंद था। अंदर गए तो देखा नानी और मौसी दर्द से कराह रही हैं। बताया कि कोई तेजाब डालकर भाग गया है। एसपी केशव कुमार ने बताया- काजल के भाई अभिषेक ने अभिमन्यु यादव और छोटू कुशवाहा के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई थी। 5 टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगाई गई हैं। दोनों आरोपियों को महज 10 घंटे में गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रेम प्रसंग के चलते यह सिरफिरे प्रेमी ने प्रेमिका और उसकी मां पर एसिड अटैक किया था। जिसमें युवती की मौत हो गई थी। मुख्य आरोपी छोटेलाल बिहार के गोपालगंज से एसिड लेकर आया था। एसिड किससे और कब लिया, इसकी जांच जारी है। ------------------------ यह खबर भी पढ़ें… टीचर बेटी की लाश के साथ 5 महीने रहा पिता:मेरठ में परफ्यूम डालकर बदबू मिटाता था; पैर छोड़कर पूरी बॉडी कंकाल बन चुकी थी मेरठ में एक पिता अपनी टीचर बेटी की लाश के साथ 5 महीने तक घर में रहा। लाश बुरी तरह से सड़ चुकी थी। मगर बेटी के साथ रहने की जिद में पिता उससे अलग नहीं होना चाहता था। वह लाश की बदबू छिपाने के उस पर परफ्यूम स्प्रे करता रहा। लड़की की पूरी बॉडी कंकाल बन चुकी थी, सिर्फ पैर ही बचा था। पढ़िए पूरी खबर…
लुधियाना के राधा स्वामी कॉलोनी में शुक्रवार दोपहर एक 17 वर्षीय युवक ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान शिवम के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी का निवासी था और लुधियाना में अपने बड़े भाई के साथ रहता था। शिवम के बड़े भाई सूरज ने बताया कि वह रोज की तरह काम पर गया था। दोपहर में जब वह खाना खाने के लिए कमरे में लौटा, तो उसने शिवम को छत से फंदे के सहारे लटका हुआ पाया। सूरज ने तुरंत पड़ोसियों को बुलाया और उनकी मदद से शिवम को नीचे उतारा। पुलिस जांच में जुटी परिजनों और स्थानीय लोगों ने शिवम को तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। थाना मेहरबान के इंचार्ज जगदीप सिंह गिल ने बताया कि पुलिस को इस घटना की सूचना नहीं मिली थी, लेकिन अब मामले की जांच की जा रही है। शिवम ने नौवीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। फिलहाल उसकी आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के अध्यक्ष और सहरसा के विधायक आईपी गुप्ता ने नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर कहा, आज नीतीश ने मुख्यमंत्री रहते हुए राज्यसभा की शपथ ली है। मैं चाहता हूं कि जब वह वापस लौटे तो प्रधानमंत्री बनकर बिहार आए। यहां उन्होंने मोदी जी को पानी पिला दिया था और अब जब नीतीश कुमार राज्यसभा गए हैं, तो मोदी जी ने अपने जीवन की सबसे बड़ी गलती की है कि उन्हें वहां बुला लिया है। मैं चाहता हूं कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री बनकर लौटे। पान महासम्मेलन में शामिल होंगे राहुल गांधी 12 अप्रैल को पटना के बापू सभागर में पान महा सम्मेलन का आयोजन किया गया है। इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के अध्यक्ष और सहरसा के विधायक आईपी गुप्ता ने कहा की इसमें लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा, सोनिया गांधी की तबीयत खराब होने के कारण राहुल गांधी का शेड्यूल लैप्स कर गया था। तेजस्वी यादव और दीपांकर भट्टाचार्य भी शामिल होंगे। मुकेश सैनी को आमंत्रित करने पर उन्होंने कहा कि यह मुकेश सहनी को आमंत्रित करने पर उन्होंने कहा कि यह महागठबंधन का नहीं बल्कि मेरा प्रोग्राम है। मेरी जो मर्जी होगी उसे ही बुलाऊंगा। यूपी, असम, केरल, हैदराबाद, तमिलनाडु से आएंगे लोग भाजपा की सरकार बनने वाली है और उससे पहले हम भी दिखाना चाहते हैं कि इंडियन इंक्लूसिव पार्टी जिसे अभी 1 साल भी नहीं हुए हैं वह अपनी ताकत से बापू सभागार में फिर से खड़ा है। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए यूपी, असम, केरल, हैदराबाद, तमिलनाडु से लोग आ रहे हैं। रात में पहुंचने वाले लोगों को दरोगा राय पथ स्थित पटेल भवन में रहने की व्यवस्था की गई है। इस सम्मेलन से इस समाज को पहचान मिली थी और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी का उदय हुआ था। इस सिलसिला को आगे बढ़ाते हुए पान समाज के सम्मान के लिए इस बार 12 अप्रैल को इसका आयोजन किया जा रहा है, क्योंकि 13 अप्रैल को बापू सभागार में बुकिंग अवेलेबल नहीं थी। पान समाज के बच्चे को आईएएस-आईपीएस बनाएंगे आईपी गुप्ता तांती-तत्वा पान समाज के लोगों को सिर्फ नेता और मंत्री ही नहीं बल्कि IAS और IPS भी बनना होगा। इसी क्रम में इंटर और मैट्रिक की परीक्षा में हमारे समाज के बच्चों ने परचम लहराया है। मेरा सपना एक ऐसी संस्थान खोलने का है जिस जो बच्चों को आईएएस आईपीएस बनाए। ऐसे लोग जिसके सपने बड़े हैं मगर वह ठेला वाले, राजमिस्त्री या किसी मजदूर के बेटे हैं, तो उन्हें अपने माता-पिता के साथ मैंने बुलाया है। हालांकि, यह दरवाजा हर समाज और जाति के बच्चों के लिए खुला हुआ है। वही अनाथ बच्चों की पढ़ाई के लिए हम मिशनरी स्कूलों के साथ टाइप करने जा रहे हैं।
सागवाड़ा थाना पुलिस ने एक मोटरसाइकिल चोर को गिरफ्तार किया है, जो पिछले तीन साल से फरार था। पुलिस ने 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी को सीकर जिले के खाटूश्यामजी से पकड़ा। सागवाड़ा थानाधिकारी मनीष खोईवाल ने बताया कि पादरा निवासी मीरा परमार पत्नी मोहन परमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार 3 जुलाई 2023 को उनके घर के बाहर खड़ी स्प्लेंडर मोटरसाइकिल अज्ञात चोर चुरा ले गए थे। पुलिस टीम ने तकनीकी आधार और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की। जांच में सामने आया कि वारदात के बाद आरोपी बिहार भाग गया था। बाद में वह सीकर जिले के खाटूश्याम क्षेत्र में रहने लगा था। पुलिस टीम खाटूश्याम पहुंची और मंदिर क्षेत्र के विभिन्न होटलों व सरायों में जांच की। आरोपी एक गेस्ट हाउस में काम करते हुए मिला। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने चोरी की वारदात कबूल कर ली। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सागवाड़ा के ठाकरडा पाड़ा निवासी पतरश उर्फ निका उर्फ निकेश उर्फ निलेश (33) के रूप में हुई है। पुलिस फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले की आगे की जांच जारी है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा के सदस्य के रूप में ली शपथ, उच्च सदन से शुरू की नई पारी
Bihar News: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिल्ली में फिर से नई पारी का शुभारंभ कर चुके हैं। इसके लिए सारी तैयारी पहले ही पूरी हो चुकी थी। बिहार एनडीए के सभी वरिष्ठ नेता इसका गवाह बनें।
बिहार की राजनीति इस समय बेहद निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। जहां आज एक तरफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए शपथ ग्रहण करेंगे। वहीं, दूसरी तरफ सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि उनके बाद राज्य की कमान किस नेता को सौंपी जाएगी। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली में आज महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। दिल्ली में जुटेगा बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक औपचारिक नहीं, बल्कि रणनीतिक तौर पर बेहद अहम मानी जा रही है। बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय और बिहार के कई बड़े चेहरे शामिल होंगे। इसकी अध्यक्षता नितिन नवीन करेंगे। इनमें प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा के साथ वरिष्ठ नेता नित्यानंद राय, संजय जायसवाल भी मौजूद रहेंगे। संगठन स्तर पर भीखू भाई दलसानिया और नागेंद्र जैसे पदाधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा मंत्री दिलीप जायसवाल और मंगल पांडेय को भी बैठक में बुलाया गया है। बैठक में बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल और मंगल पांडेय को भी बुलाया गया है। नए मुख्यमंत्री के नाम पर होगा मंथन बैठक का सबसे अहम एजेंडा बिहार के नए मुख्यमंत्री के नाम पर सहमति बनाना है। पार्टी आलाकमान औपचारिक रूप से प्रदेश कोर कमेटी से संभावित नामों की सूची मांगेगा। इसके बाद हर नाम पर विस्तार से चर्चा कर यह कोशिश की जाएगी कि ऐसा चेहरा सामने आए जो न केवल संगठन को मजबूत करे, बल्कि राज्य में राजनीतिक संतुलन भी बनाए रख सके। सूत्रों के अनुसार, पार्टी इस बार किसी ऐसे उम्मीदवार को आगे लाने की रणनीति पर काम कर रही है, जिस पर सभी गुटों की सहमति हो। जो आगामी चुनावी चुनौतियों का सामना मजबूती से कर सके। अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा। शपथ ग्रहण का शेड्यूल भी हो सकता है तय इस बैठक में सिर्फ मुख्यमंत्री के नाम पर ही नहीं, बल्कि नई सरकार के गठन की पूरी रूपरेखा पर भी चर्चा होगी। खासतौर पर शपथ ग्रहण समारोह की तारीख, समय और संभावित मंत्रिमंडल के प्रारूप पर भी विचार किया जा सकता है। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बनने वाली राजनीतिक स्थिति को देखते हुए बीजेपी तेजी से निर्णय लेने के मूड में है, ताकि प्रशासनिक स्तर पर किसी तरह की अनिश्चितता न बनी रहे। आज दिल्ली में रहेंगे नीतीश कुमार आज नीतीश कुमार खुद भी दिल्ली में मौजूद रहेंगे। दरअसल, उन्हें आज ही राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेनी है। उनके साथ नितिन नवीन और उपेंद्र कुशवाहा भी राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ लेंगे। एक तरफ जहां नीतीश कुमार अपने नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत करेंगे, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी उनके उत्तराधिकारी को लेकर अंतिम फैसला लेने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
दो दशक तक बिहार पर राज करने वाले ‘सुशासन बाबू’ अब दिल्ली की राह पकड़ चुके हैं, जबकि पटना में नया मुख्यमंत्री चुनने का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य की शपथ ले लेंगे। इसके साथ ही नागमणि, उपेंद्र कुशवाहा, सुशील कुमार मोदी के बाद नीतीश कुमार चौथे नेता हो जाएंगे, जो चारों सदनों के सदस्य रहे हो। राज्यसभा के नए समीकरण के बाद बिहार कोटे से राजपूत साफ और भूमिहार हाफ हो जाएंगे। जबकि, OBC की संख्या बढ़ जाएगी। एक खास बात और है कि नीतीश कुमार अकेले शपथ ले रहे हैं। राजपूतों का गायब होना, OBC का उभार और नीतीश की एकल शपथ-ये तीनों संकेत एक साथ बता रहे हैं कि बिहार की राजनीति अब जाति, गठबंधन और व्यक्तिगत विरासत के नए समीकरण लिख रही है। भास्कर की खास रिपोर्ट में आज उसी तीनों की कहानी... सभापति के चैंबर में अकेले शपथ लेंगे नीतीश कुमार बिहार के CM नीतीश कुमार आज राज्यसभा में सांसद पद की शपथ लेंगे। जबकि, उनके साथ निर्वाचित हुए BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, JDU के रामनाथ ठाकुर, RLM सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा और BJP नेता शिवेश राम 16 अप्रैल से शुरू हो रहे राज्यसभा के विशेष सत्र में शपथ लेंगे। BJP सूत्रों के मुताबिक, पार्टी चाहती है कि बिहार में 15 अप्रैल तक नई सरकार बन जाए। इसलिए नीतीश कुमार को अकेले शपथ दिलाई जा रही है। दरअसल, 14 अप्रैल को खरमास समाप्त हो रहा है। इसके बाद 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र प्रस्तावित है। ऐसे में 15 अप्रैल को नई सरकार बनने का सही समय है। विशेष सत्र में संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) पेश किया जाना है तो पार्टी के सभी बड़े नेता वहां मौजूद रहेंगे। सूत्रों की मानें तो 10 अप्रैल को नीतीश कुमार राज्यसभा का शपथ लेने के बाद 11 अप्रैल को बिहार लौटेंगे। 12-13 अप्रैल के बीच NDA के सभी घटक दल अपने-अपने नेता का चयन करेंगे और 14 अप्रैल को NDA विधायक दल के नेता का ऐलान होगा। इसके बाद CM नीतीश कुमार राज्यपाल को इस्तीफा सौंपेंगे और 15 अप्रैल को नई सरकार का गठन संभव हो सकता है। राजपूत साफ, भूमिहार हाफ, NDA के 60% सांसद OBC राज्यसभा के नए समीकरण को देखें तो बिहार कोटे की राज्यसभा के 16 सांसदों में सबसे ज्यादा पिछड़ा वर्ग के सांसद होंगे। सभी पार्टियों से 8 सांसद OBC-EBC वर्ग के हैं। इनमें 7 NDA के और 1 राजद से हैं। दोनों गठबंधन की तरफ से एक भी सांसद राजपूत जाति के नहीं हैं। कांग्रेस के अखिलेश सिंह एक मात्र भूमिहार जाति के सांसद हैं। इससे पहले 2 भूमिहार सांसद RJD से एडी सिंह और कांग्रेस से अखिलेश सिंह थे। हाल में हुए चुनाव में एडी सिंह चुनाव हार गए तो अब इस समाज से सिर्फ अखिलेश सिंह बचे हैं। उनका 2030 तक कार्यकाल है। वहीं, JDU कोटे से हरिवंश नारायण सिंह इकलौते राजपूत सांसद थे। लेकिन इस बार हरिवंश की जगह नीतीश कुमार खुद राज्यसभा गए हैं। अब राज्यसभा में बिहार से कोई राजपूत सांसद नहीं बचा है। NDA कोटे से न तो भूमिहार सांसद और और न ही राजपूत। अगर NDA की बात करें तो गठबंधन की तरफ से 7 पिछड़ा वर्ग के नेता को राज्यसभा भेजा गया है। इनमें 4 EBC और 3 OBC वर्ग के हैं। वहीं, 3 ब्राह्मण, एक कायस्थ और एक दलित सांसद हैं। वहीं, महागठबंधन के 4 सांसदों में एक यादव, भूमिहार, ब्राह्मण और अल्पसंख्यक समुदाय के एक-एक सांसद हैं। संजय झा को मिल सकती है हरिवंश की कुर्सी गठबंधन के तहत राज्यसभा में उपसभापति की जिम्मेदारी अभी तक JDU के हिस्से में है। JDU सांसद हरिवंश नारायण सिंह उपसभापति थे। 9 अप्रैल को उनका कार्यकाल पूरा हो गया। और अब सांसद नहीं रहे। JDU के राष्ट्रीय स्तर के एक पदाधिकारी ने भास्कर को बताया, ‘संजय झा उपसभापति पद के प्रबल दावेदार हैं। इनका कार्यकाल 2030 तक है। झा पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष हैं। ऐसे में इन्हें पार्टी की तरफ से यह संवैधानिक पद दिया जा सकता है।’ हालांकि, पार्टी की तरफ से इसकी औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। उपसभापति पद के लिए 3 संभावनाएं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संजय झा के अलावा उपसभापति पद के लिए 3 संभावित स्थितियों पर विचार किया जा रहा है। 2030 तक राज्यसभा से साफ हो सकता है महागठबंधन विधानसभा चुनाव में करारी हार का खामियाजा महागठबंधन की पार्टियों को राज्यसभा में भी भुगतना पड़ सकता है। अगले विधानसभा चुनाव यानी 2030 तक राज्यसभा में महागठबंधन का सफाया हो सकता है। बिहार से कुल 16 राज्यसभा सीटों में से RJD के पास वर्तमान में पांच सीटें हैं और कांग्रेस के पास एक सीट है। 2026 के बाद बिहार से राज्यसभा का अगला चुनाव 2028 की शुरुआत में होगा। इसमें राजद के फैयाज अहमद, भाजपा के सतीश चंद्र दुबे, मनन कुमार मिश्रा और शंभू शरण पटेल के साथ जदयू के खीरू महतो का कार्यकाल सात जुलाई, 2028 को पूरा होगा। इसके बाद 2030 की शुरुआत में चुनाव होना है। तब बीजेपी के धर्मशीला गुप्ता, भीम सिंह और जदयू के संजय कुमार झा के साथ राजद के मनोज कुमार झा और संजय यादव के साथ कांग्रेस के अखिलेश प्रसाद का कार्यकाल पूरा होगा। इन सभी चुनावों में महागठबंधन की हार तय मानी जा रही है, क्योंकि इनके पास जीत के लिए पर्याप्त नंबर्स ही नहीं है।
मटिहानी विधायक नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो सिंह की मां पार्वती देवी के द्वादश कर्म में शामिल होने के लिए प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव आज बेगूसराय के केशावे गांव पहुंचे। उन्होंने पार्वती देवी के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। इसके बाद बोगो सिंह सहित सभी परिजनों से बात की। इससे पहले तेजस्वी यादव मुफस्सिल थाना क्षेत्र के किल्ली गांव गए। वहां उन्होंने बीते दिनों मारे गए वकील अहमद के परिजनों से बात कर घटना की जानकारी ली। परिजनों से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने घटना पर दुख जताया और सभी दोषी को कड़ी सजा देने की मांग की। उन्होंने इस घटना को घोर अन्याय बताया है। तेजस्वी यादव ने कहा है कि बिहार में अपराधी विजय-सम्राट हो गए है। अररिया जैसी हत्या पहले कभी नहीं देखी। भाजपा के लोगों से और गोदी मीडिया से पूछिये कि बिहार में कौन सा राज है। क्राइम में प्रतिदिन इजाफा हो रहा पत्रकारों से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में घटनाएं बढ़ रही है। लॉ एंड ऑर्डर के मामले में बिहार पूरे देश में यूपी के बाद दूसरे नंबर पर है। 20 साल से यहां एनडीए की सरकार है। न कोई सुनवाई हो रही है न करवाई हो रही है। बल्कि क्राइम में प्रतिदिन इजाफा हो रहा है। कोई ऐसा दिन नहीं है जिस दिन हत्या, लूट, अपहरण, रेप की वारदात नहीं हो रही है। तेजस्वी यादव ने कहा कि हमने पहले भी कहा था कि अपराधी विजय और सम्राट को रखे हैं। सरकार अपराधियों को ही संरक्षण देने में लगी हुई है। सत्ता में जो लोग हैं वह बालू और दारू के नशे में मदहोश हैं। इनको बिहार के लोगों से कोई मतलब नहीं है। कुछ दिन पहले हमने अस्पताल की स्थिति को लेकर ट्वीट किया था। अस्पताल में न स्ट्रेचर है, न डॉक्टर है, न दवाई है, न इलाज है। स्कूल में न शिक्षा है, न क्वालिटी ऑफ एजुकेशन है, न टीचर है, न किसी सब्जेक्ट की पढ़ाई हो पा रही है, न कंप्यूटर की पढ़ाई हो पा रही है। पढ़ाई हो, दवाई हो, कमाई हो, सिंचाई हो, सुनवाई हो, कार्रवाई हो। सरकार सभी मुद्दों पर फ्लॉप हो चुकी है। बिहार की 14 करोड़ जनता परेशान उन्होंने कहा कि पहले चुनाव होता था तो सरकार 5 साल के लिए बनती थी, अब तो सरकार ही सरकार बनाने में लगी हुई है। ऐसे में सबके मन में लड्डू है, भाजपा में है कि कौन बनेगा, कौन नहीं बनेगा। बिहार की 14 करोड़ जनता परेशान है- महंगाई से, गैस के लिए, पेट्रोल-डीजल से, बेरोजगारी से, पलायन से। ओला गिरा, लेकिन किसानों को मुआवजा नहीं मिला, किसान मर रहे हैं। इन लोगों को बिहार के लोगों से कोई मतलब नहीं है । अपराधी तांडव किए जा रहा है। प्रशासन और अराजक हो गया है, अफसरशाही हावी हो गया है। लोग परेशान हैं, लोग चाहते हैं कि बिहार में भी सुख-शांति बनी रहे। अब तो रोड पर गला काट कर फेंक रहा है। आज अररिया का दृश्य सबने देखा है, दिनदहाड़े भरे बाजार में जो हुआ वैसा दृश्य कहीं नहीं देखा। चाकू भोंक-भोंककर गला काट कर अलग कर दिया और घंटे तक सिर लेकर घूम रहा होता है। आखिर यह कौन सा राज है, यह भाजपा के लोगों से पूछिए, गोदी मीडिया से पूछिए। यही व्यवस्था हम लोगों के शासन में हुआ होता तो लोग सरकार गिराने की बात करते। बिहार को महा जंगलराज बोला जाता है। सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है। नीतीश कुमार के राज्य सभा जाने के बात पर तेजस्वी यादव ने कहा कि हमने तो पहले ही कहा था और चुनाव में भी कहते थे कि इनको मुख्यमंत्री नहीं रहने देगा, यह पहले से ही तय था। बंगाल को लेकर तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनाव आयोग भाजपा का प्रकोष्ठ बनकर काम कर रही है।
सुपौल जिले के वीरपुर को विमानन प्रशिक्षण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। बिहार सरकार और भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन एयरो क्लब ऑफ इंडिया (एसीआई) के बीच एक अहम समझौता (एमओयू ) हुआ है। इस पहल का उद्देश्य मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की संकल्पना के अनुरूप बिहार को देश का ‘फ्लाइंग ट्रेनिंग हब’ के रूप में विकसित करना है। इस बीच 6 सदस्यीय टीम वीरपुर हवाई अड्डा का जायजा लेने पहुचे। एयरो क्लब ऑफ इंडिया के महासचिव अरविंद बडोनी ने बताया कि योजना के तहत बिहार को विमानन प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनाने की तैयारी है, ठीक उसी तरह जैसे इंजीनियरिंग शिक्षा के लिए कोटा प्रसिद्ध है। इससे देशभर के निवेशकों के बिहार आने की संभावना बढ़ेगी। साथ ही, प्रशिक्षण गतिविधियों के अलावा पर्यटन को भी बढ़ावा देने के लिए एविएशन इंस्टीट्यूट, पावर्ड फ्लाइंग, ग्लाइडिंग, बैलूनिंग, स्काईडाइविंग, पैराग्लाइडिंग, हैंग ग्लाइडिंग और पैरासेलिंग जैसी साहसिक खेलों की व्यवस्था की जाएगी। उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल निरीक्षण के लिए बिहार पहुंचा इसी क्रम में एयरो क्लब ऑफ इंडिया का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल निरीक्षण के लिए बिहार पहुंचा है। प्रतिनिधिमंडल में महासचिव अरविंद बडोनी, अमृता (एसीआई कार्यालय), अनिल वासन (एफटीओ कमीशन), इमो चाओबा सिंह (बैलूनिंग कमीशन), सुकुमार दास (पैरामोटर/पावर हैंग ग्लाइडिंग), तथा वर्ष कुकरेती (ड्रोन कमीशन) शामिल हैं। एयरो क्लब ऑफ इंडिया की स्थापना वर्ष 1927 में ‘रॉयल एयरो क्लब ऑफ इंडिया एंड बर्मा’ के रूप में हुई थी। यह देश का एक प्रमुख और पुराना विमानन संस्थान है, जो विमानन प्रशिक्षण, पायलट प्रमाणन और हवाई खेलों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। ‘नेशनल एयर स्पोर्ट्स कंट्रोल ऑफ इंडिया’ के रूप में मान्यता दी गई राष्ट्रीय हवाई खेल दिशानिर्देश 2023 के तहत एसीआई को ‘नेशनल एयर स्पोर्ट्स कंट्रोल ऑफ इंडिया’ के रूप में मान्यता दी गई है। यह संस्था हवाई खेलों के संचालन, सुरक्षा मानकों, प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के प्रतिनिधित्व के लिए सर्वोच्च प्राधिकरण के रूप में कार्य करती है। एसीआई के अध्यक्ष राजीव प्रताप रूडी के नेतृत्व में संस्था भारत को हवाई खेलों और विमानन प्रशिक्षण के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। बिहार में यह पहल राज्य के विकास और रोजगार सृजन के नए अवसर खोल सकती है। इस मौके पर एसडीएम वीरपुर नीरज कुमार, बीडीओ सुजीत कुमार मिश्रा समेत अन्य लोग मौजूद थे। महासचिव श्री बडोनी ने बताया कि उक्त हवाई अड्डा के डेवलप हो जाने से इंडो -नेपाल सीमावर्ती इलाके के नेपाल के विराटनगर जो पहले से विकसित है। जहाँ अंतर्राष्ट्रीय स्तर के टूरिस्ट घूमने आते है। इसके साथ साथ हिमालय पर्वत का दृश्य भी दिखता है। इसके साथ वीरपुर का भी विकास अच्छे से दिशा मिलेगी।
जीआरपी कानपुर सेंट्रल पुलिस ने बिहार निवासी रविंद्र कुमार को 14 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। इस गांजा की इंटरनेशल मार्केट में 15 लाख रुपए की कीमत है। आरोपी गांजा तस्कर ये गांजा बिहार ले जाने वाला था। लेकिन पुलिस ने उससे पहले उसे गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस आरोपी युवक को जेल भेजने की तैयारी कर रही है। GRP पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई 9 अप्रैल 2026 को कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन के पास हीरागंज पुल के उस पार रेलवे ट्रैक किनारे की गई। चेकिंग के दौरान संदिग्ध युवक को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें उसके बैग से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। उसके बाद आरोपी युवक को थाना GRP पर लाया गया। जहां उससे पूछताछ की गई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रविन्द्र कुमार (25) निवासी जिला जमुई, बिहार के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि वह गांजा लेकर बिहार जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और पुलिस के द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। GRP कानपुर सेंट्रल के प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह ने बताया रेलवे क्षेत्र में अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। इस पूरे ऑपरेशन में RPF टीम भी शामिल रही है।
जमुई सांसद और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता अरुण भारती अपने दो दिवसीय दौरे पर जमुई पहुंचे। गुरुवार को तारापुर विधानसभा क्षेत्र के लिए रवाना होने से पहले उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने राज्य और देश की राजनीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली दौरे और बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर चल रही अटकलों पर सांसद भारती ने कहा कि एनडीए नेतृत्व इस विषय पर प्रक्रिया के तहत काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने की इच्छा व्यक्त की थी, जिसे ध्यान में रखते हुए आगे की रणनीति बनाई जा रही है। बिहार को जंगलराज से निकालकर विकास की राह पर लायाहालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। लेकिन, उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो भी एनडीए का मुख्यमंत्री होगा, उनकी पार्टी उसे पूरी तरह से समर्थन देगी। नीतीश कुमार के 20 साल के सत्ता में रहने के बाद एक युग के अंत होने के सवाल पर अरुण भारती ने कहा कि यह एक युग का अंत है, लेकिन इस अवधि में बिहार को 'जंगलराज' से बाहर निकालकर विकास की राह पर लाया गया है। उन्होंने जोर दिया कि एनडीए इस विकास यात्रा को आगे भी मजबूती से जारी रखेगा। इस दौरान उन्होंने अपनी व्यक्तिगत इच्छा भी जाहिर की। सांसद भारती ने कहा कि आने वाले समय में लोजपा (रामविलास) के कार्यकर्ता चिराग पासवान को बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। निर्णय प्रक्रिया में उनकी भूमिका मजबूत होगीमहिला आरक्षण संशोधन बिल पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस कदम का स्वागत किया। उन्होंने इसे महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया, जिससे राजनीति में उनकी भागीदारी बढ़ेगी और निर्णय प्रक्रिया में उनकी भूमिका मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि महिलाएं देश की आधी आबादी हैं, ऐसे में यह कदम सराहनीय है। तीन राज्यों में हो रहे चुनावों को लेकर उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें। उन्होंने लोगों को ऐसी सरकार चुनने की सलाह दी जो विकास और सुरक्षा सुनिश्चित करे, और किसी के बहकावे में न आएं। चुनावी रणनीति को लेकर लगातार समीक्षा की जा रहीउत्तर प्रदेश में लोजपा (रामविलास) के विस्तार पर उन्होंने कहा कि पार्टी वहां अपनी पहचान मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को लेकर लगातार समीक्षा की जा रही है और अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा। वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार नीतीश कुमार के विजन और कमिटमेंट को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि वे व्यक्तिगत टिप्पणी करने के बजाय अपनी नीतियों और योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करें तथा जनता का विश्वास जीतने का प्रयास करें।
अररिया जिला मुख्यालय के समीप बेलवा में अल्पसंख्यक बालकों के लिए 100 शैय्या वाले छात्रावास का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। बिहार राज्य भवन निर्माण निगम, पटना द्वारा कराए जा रहे इस भवन के अप्रैल 2026 के अंत तक पूर्ण रूप से तैयार होने की उम्मीद है। यह छात्रावास अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के तहत बनाया जा रहा है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, अररिया के सहायक निदेशक सुबोध कुमार ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि भवन निर्माण पूरा होने और विभाग को हस्तांतरित होने के बाद, आवास के लिए अर्हता प्राप्त अल्पसंख्यक बालकों से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। यह पहल अल्पसंख्यक समुदाय के मेधावी छात्रों को सुरक्षित, सस्ता और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में बिहार सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी, जिसे e-कल्याण पोर्टल (ekalyan.bihar.gov.in) के माध्यम से संचालित किया जाएगा। किराए के मकान में रहने वाले बच्चों को मिलेगी प्राथमिकता विशेष प्राथमिकता उन छात्रों को दी जाएगी जो तकनीकी शिक्षा (पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग आदि) प्राप्त कर रहे हैं और वर्तमान में किराए के मकान या अन्य असुविधाजनक जगहों पर रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक तथा महाविद्यालय स्तर पर अध्ययनरत अल्पसंख्यक बालकों के लिए भी समान रूप से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। बेलवा में स्थित यह 100 बेड का छात्रावास छात्रों को बेहतर पढ़ाई का माहौल प्रदान करेगा। यह बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं से लैस होगा। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, छात्रावास के संचालन के बाद नियमित निरीक्षण और रखरखाव की व्यवस्था भी की जाएगी ताकि छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। छात्रावास को लेकर अभिभावकों में उत्साह e-कल्याण पोर्टल पर आवेदन के दौरान छात्रों को अपनी शैक्षणिक योग्यता, अल्पसंख्यक प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। चयन प्रक्रिया पारदर्शी और पूरी तरह से मेरिट के आधार पर होगी। स्थानीय अल्पसंख्यक समुदाय के अभिभावकों और छात्रों में इस छात्रावास को लेकर काफी उत्साह है। कई छात्रों ने बताया कि जिले में उच्च शिक्षा और तकनीकी पढ़ाई के लिए अच्छे आवास की कमी के कारण उन्हें पहले काफी दिक्कतें उठानी पड़ती थीं। इस नए छात्रावास से उनकी पढ़ाई पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और वे बिना किसी चिंता के अपनी शिक्षा पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
बिहार को अगले एक हफ्ते में नया मुख्यमंत्री मिल सकता है। फिलहाल सीएम नीतीश कुमार आज दोपहर एयर इंडिया की फ्लाइट से दिल्ली रवाना हो रहे हैं। दिल्ली पहुंचने के बाद वे शाम को अपने आवास पर जदयू के वरिष्ठ नेताओं के साथ अहम बैठक करेंगे, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। मंत्री विजय चौधरी ने जानकारी दी थी कि नीतीश कुमार 9 अप्रैल को दोपहर 3:20 बजे की फ्लाइट से दिल्ली जाएंगे। 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री 12 अप्रैल को दिल्ली से पटना लौटेंगे। इसके बाद 13 अप्रैल को कैबिनेट की संभावित आखिरी बैठक हो सकती है। 14 अप्रैल को नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। दिल्ली में बिहार सीएम के नाम पर होगा मंथन बताया जा रहा है कि 15 अप्रैल को बिहार में नई सरकार का गठन संभव है। दिल्ली में होने वाली बैठकों में बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर मंथन होगा। इधर, मंत्री विजय चौधरी ने बिहार के नए CM को लेकर बड़ा संकेत दिया है। पत्रकारों ने उनसे सवाल किया तो उन्होंने कहा, जो नाम आप लोग चला रहे हैं, उसी को आगे बढ़ाया जाएगा। बिहार के CM को लेकर अभी जो नाम सबसे आगे से वो सम्राट चौधरी का बताया जा रहा है। 10 अप्रैल को नए CM पर दिल्ली में BJP की बैठक 10 अप्रैल को ही बिहार भाजपा की अहम बैठक भी दिल्ली में होगी। प्रदेश भाजपा कोर कमेटी के नेताओं से औपचारिक रुप से बिहार के मुख्यमंत्री के नाम पर आम सहमति ली जाएगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पीएम नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हो सकते हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, केन्द्रीय मंत्री नित्यानंद राय, सांसद संजय जायसवाल, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेन्द्र जी व प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया, मंत्री दिलीप जायसवाल, मंगल पांडेय समेत अन्य नेता भी रहेंगे। नीतीश के पटना लौटने के बाद होगी NDA विधायकों की बैठक नीतीश कुमार बतौर राज्यसभा सदस्य शपथ लेकर पटना वापसी पर किसी दिन एनडीए विधानमंडल दल की बैठक बुला सकते हैं। बैठक में वह सीएम पद छोड़ने की जानकारी आधिकारिक तौर पर विधायकों को देंगे। फिर राज्यपाल को इस्तीफा सौंपेंगे। नई सरकार के गठन को पहले एनडीए के सभी घटक दलों के विधायक दल की अलग-अलग बैठकों में नेता चुने जाएंगे। इसके बाद एनडीए विधानमंडल दल के नेता की घोषणा संयुक्त बैठक में होगी। जो NDA गठबंधन के नए नेता चुने जाएंगे वो सरकार बनाने का प्रस्ताव राज्यपाल को सौंपेंगे। चर्चा के मुताबिक 15 अप्रैल के बाद ही नई सरकार बिहार में बनेगी। पद छोड़ने के पहले सीएम की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक होने के भी आसार हैं, जिसमें कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। विधान परिषद सदस्य से दे चुके हैं इस्तीफा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 30 मार्च को को MLC पद से इस्तीफा दिया था। 20 साल सदन में रहने के बाद उन्होंने 29 शब्दों में बिहार विधान परिषद को अलविदा कह दिया। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद मंत्री अशोक चौधरी भावुक नजर आए। वो फफक कर रोते दिखे। उन्होंने कहा, 'नीतीश कुमार जैसा देश में दूसरा कोई नहीं हो सकता है। अशोक चौधरी बोले- नीतीश जैसा नेता देश में दूसरा नहीं नीतीश कुमार के एमएलसी पद से इस्तीफे के बाद मंत्री अशोक चौधरी ने कहा, 'लंबे समय से मैं उनके साथ हाउस में हूं। कोविड आया तो मैं उनसे ज्यादा क्लोज हुआ। वो बड़े नेता हैं। सम्मानित व्यक्ति हैं। प्रदेश के अभिभावक हैं। उनके काम करने का तरीका, विरोधियों के प्रति भी सम्मान रखना, स्नेह रखना। उनके व्यक्तिगत काम की भी चिंता करना। इस देश में कोई दूसरा नीतीश कुमार नहीं हो सकता है।'
“आज असम में चुनाव है। हम 50 से ज्यादा वोटर्स बिहार में फंसे हैं। पुलिस जाने नहीं दे रही है। वह अधिकारी के आदेश का इंतजार कर रही है। हम वोट नहीं दे पाए तो हमारे ऊपर बंग्लादेशी होने का ठप्पा लग जाएगा। हम असम से भी बाहर कर दिए जाएंगे। असम में रहना है तो वोट देना जरूरी है। अब समझ में नहीं आ रहा है क्या करें। कई बार पुलिस वालों से रिक्वेस्ट कर चुके हैं। हमें वोट करने से रोका क्यों जा रहा है। हम तो कहीं के नहीं रहे, बिहार में बेटियों पर खतरा है, असम में वोट नहीं किया तो वहां रहने की मुश्किल है।” यह बिहार के सहरसा में डर्टी फार्म हाउस कांड में फंसे 50 से अधिक असम के वोटर्स का दर्द है। फार्म हाउस पर पुलिस का ऐसा पहरा है कि वोटर्स वोट के लिए अपने प्रदेश नहीं जा पा रहे हैं। 29 मार्च को पुलिस ने सहरसा से JDU नेता ओवैस करनी उर्फ चुन्ना मियां के ईंट भट्ठे से 70 मजदूरों को रेस्क्यू किया था। इनमें 7 नाबालिगों ने यौन शोषण के आरोप लगाए थे। आरोपी JDU नेता पुलिस गिरफ्तर में है, लेकिन पुलिस ने जांच के नाम पर पीड़ित परिवारों को भी बिहार में रोक रखा है। उन पर पुलिस का पहरा लगा दिया गया है। भास्कर इन्वेस्टिगेशन में पढ़िए और देखिए बिहार पुलिस के पहरे में कैद असम के वोटर्स की कहानी.. डर्टी फार्म हाउस के खुलासे के बाद पुलिस का पहरा 29 मार्च को सहरसा के नया टोला में डर्टी फार्म हाउस का खुलासा हुआ। यह फार्म हाउस JDU नेता ओवैस करनी का है। यहां से 14 से 16 साल की 7 लड़कियों को रेस्क्यू किया गया। जांच के दौरान लड़कियों ने JDU नेता पर यौन शोषण से लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। पुलिस ने आरोपी JDU नेता ओवैस के साथ उसके सहयोगी मुंशी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद फार्म हाउस में पुलिस की तैनाती कर दी गई। पुलिस असम के परिवारों पर नजर रख रही है, ताकि कोई बिहार से बाहर नहीं जा पाए। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में सबसे पहली कड़ी ठेकेदार नजरुल का पता चला, जो असम से मजदूरों को फार्म हाउस पर लाया था। हमने वोटर्स से लेकर ठेकेदार और फार्म हाउस में पुलिस के पहरे तक की पड़ताल की है। असम के लोगों को बिहार में छोड़कर फरार होने वाले ठेकेदार को भी ढूंढ निकाला। बिहार से असम तक भास्कर की इन्वेस्टिगेशन भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम ने बिहार से लेकर असम तक पड़ताल की। हमें पता चला कि असम के धुबरी/गोलक गंज और गौरीपुर विधानसभा क्षेत्र के 50 से अधिक वोटर्स इस बार वोट नहीं कर पांएगे। विधानसभा 23 और 24 के इन वोटर्स के लिए वोट नहीं डालना बड़ी मुश्किल होगी। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम सबसे पहले असम के वोटर मोहम्मद अली से मिली। वह JDU नेता ओवैस करनी के फार्म हाउस और ईंट भट्ठे पर काम करता था। मोहम्मद अली की जुबानी वोट नहीं देने की पूरी कहानी जानिए। मोहम्मद अली ने बताया, “हम लोगों को ठेकेदार नजरुल पैसे का लालच देकर बिहार लाया था। शुरुआत में लगभग 60 लोग आए थे। अब लगभग 50 लोग बचे हैं, क्योंकि 10 लोग यहां से भागकर निकल गए हैं। अब काम बंद हो जाने के बाद भी कहा जा रहा है कि हम घर नहीं जा सकते हैं, नहीं तो समस्या हो जाएगी। हम भी जाना चाहते हैं, लेकिन हम लोगों को रोका जा रहा है। अगर हम वोट नहीं देंगे तो हमें डी-वोटर बना दिया जाएगा, यहां तक कि हमें बांग्लादेशी तक कह दिया जाता है। इसलिए वोट देना बहुत जरूरी है। अगर हम जिंदा हैं तो वोट देना ही होगा। हम लोग कलेक्टर के पास गए थे, उन्होंने कहा ठीक है, हम देख रहे हैं। इसके बाद एक अधिकारी आए और बोले कि आज गाड़ी लगवा देंगे। पिछले 12 दिनों से यही कहा जा रहा है। लेकिन वोटिंग है, तो हम शायद वोट नहीं दे पाएंगे। अगर देर रात पहुंचेंगे तो वोट कैसे दे पाएंगे।” JDU नेता जेल गया, पैसे कौन देगा भास्कर की पड़ताल में असम के वोटर्स ने बताया कि कोई ध्यान ही नहीं दे रहा है कि हमारा वोट कैसे पड़ेगा। ठेकेदार ने JDU नेता को असम से लाकर आदमियों को सौंप दिया था। अब नेता जेल चला गया है। पैसे कौन देगा, इसका कोई जवाब नहीं दे रहा है। प्रशासन कोई जिम्मेदारी नहीं ले रहा है। मोहम्मद अली ने अपना दर्द बताया, “हम लोग लगातार कह रहे हैं कि वोटिंग से पहले हमें भेज दिया जाए। हमें ईंट और मिट्टी का काम दिया गया था। 1000 ईंट पर खाने के लिए 120 से 130 रुपए मिलते थे। बाकी पैसा जमा रखा जाता था, जिसे आखिर में देने की बात कही गई थी। नजरुल नाम का आदमी, जो असम का रहने वाला है, वह अब भाग गया है। उस पर भी दबाव था और उसे मारा-पीटा जाता था। डर के कारण वह यहां से चला गया है। अब उसका कोई पता नहीं है। हम लोग किसी तरह घर जाना चाहते हैं। अगर गाड़ी मिल जाए तो हम तुरंत निकल जाएंगे, लेकिन अधिकारियों के चक्कर में ही हम लोग यहां फंस गए हैं। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम ने वोटर्स की पूरी जानकारी निकालने के लिए असम तक अपना नेटवर्क एक्टिव किया। काफी पड़ताल और खोजबीन के बाद कई ऐसे कॉन्टेक्ट मिले जिन्होंने हमें बिहार में फंसे वोटर्स के परिवार वालों के मोबाइल नंबर मुहैया कराए। भास्कर रिपोर्टर ने बिहार में फंसे असम के वोटर्स के परिवार वालों से वीडियो कॉल पर बात की। रिपोर्टर - आपके कितने लोग फंसे हैं, जिन्हें वोट देना है?रिजवान - यहां से हमारे 72 परिवार बिहार में काम के लिए गए थे। रिपोर्टर - यहां पर आप लोगों को कौन लाया?रिजवान - कंपनी के आदमी ने ठेकेदार को फोन किया था, उसी से बात हुई, जिसके बाद हमारे लोग वहां गए। रिपोर्टर - चुनाव में उन्हें नहीं जाने दिया जा रहा है क्या?रिजवान - उन्हें आने नहीं दिया जा रहा है, सब लोग परिवार के साथ फंस गए हैं। रिपोर्टर - अब कैसे वोट कर पाएंगे?रिजवान - वही तो चिंता है, अगर वोट नहीं दिया तो डी-वोटर कहे जाएंगे। रिपोर्टर - आप लोगों ने अपने यहां प्रशासन से मांग नहीं की?रिजवान - सब तरह से कोशिश की है, कोई हल नहीं निकला। रिपोर्टर - वहां के जनप्रतिनिधि से बात नहीं की क्या आप लोगों ने?रिजवान - बात तो हुई है सबसे, लेकिन वहां हमारे लोग पुलिस के पहरे में फंसे हैं। JDU नेता ने ठेकेदार को बांधकर पीटा, बिजली का झटका दिया भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में पता चला कि JDU नेता ने असम से 70 से अधिक परिवारों को लाने वाले ठेकेदार को JCB से बांधकर पीटा था। बिजली का करंट भी लगाया था। इसकी वजह पता चली कि ठेकेदार नजरुल ने लड़कियों के लिए पैसे लिए थे, लेकिन वो JDU नेता की पसंद की लड़कियां नहीं लाया था। पता चला कि ठेकेदार असम का ही रहने वाला था, इसलिए वोटर्स के लिए परिवार वालों से हमारी टीम ने इसकी भी जानकारी ली। परिवार वालो ने भी इस घटना को सही बताया। रिजवान ने बताया ठेकेदार लड़कियों को नहीं ले गया थाा, इसलिए उसे बांधकर पीटा गया। इसके बाद ठेकेदार भागकर असम आ गया। रिपोर्टर - इस बार वोट नहीं देंगे तो अगली बार दे देंगे।रिजवान - नहीं-नहीं, वोट देना पड़ेगा, यहां सब लोग यही कह रहे हैं। रिपोर्टर - वहां आपके कौन लोग फंसे हैं?रिजवान - वहां मेरे परिवार के लोग हैं, मां-बाबा सब फंसे हैं। बहुत चिंता हो रही है। रिपोर्टर - उनके साथ और भी वोटर हैं?रिजवान - मोटा-मोटी मेरे गांव के 62 वोटर बिहार में फंसे हुए हैं। रिपोर्टर - अगर वो लोग वोट नहीं देंगे तो क्या होगा?रिजवान - असम में बहुत सख्ती है, सब डेटा ऊपर तक जाता है। रिपोर्टर - मतलब, वोट नहीं देगा तो नाम कट जाता है क्या?रिजवान - हां, डी-वोटर हो जाता है, फिर उसका सुधार कराने में परेशानी होती है। रिपोर्टर - मतलब 63 लोग अभी तक नहीं पहुंचे हैं?रिजवान - हां, मेरे भी परिवार के लोग उधर हैं। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम की पड़ताल के दौरान असम के धूमरी विधानसभा के वोटर्स से बात हुई। इसमें वोट को लेकर मोहम्मद हसन काफी जागरुक दिखे। उन्हें वोट नहीं देने की बहुत तकलीफ है। उनका कहना है कि असम में बिहार जैसी स्थिति नहीं है। हमने वोट नहीं दिया तो हमारा नाम ही कट जाएगा। फिर असम में बोला जाएगा कि हम बांग्लादेशी हैं। जानिए वोटर मोहम्मद हसन ने क्या कहा। “एक अधिकारी आए और कहा कि आज गाड़ी लगवा देंगे। पिछले 12 दिनों से यही कहा जा रहा है। हमारे साथ तो धोखा ही हुआ है। ठेकेदार नजरुल लेकर आया और फंसाकर चला गया। हम सभी वोट देने के लिए जाना चाहते हैं, लेकिन यहां का प्रशासन हमारे साथ धोखा कर रहा है। अगर हम वोट नहीं देंगे तो हमारी सभी सुविधाएं खत्म हो जाएंगी। हमें डी-वोटर बना दिया जाएगा, यहां तक कि हमें बांग्लादेशी तक कहा जाएगा। हम लोग कलेक्टर के पास गए थे। उन्होंने कहा कि ठीक है, हम देख रहे हैं। इसके बाद एक अधिकारी आए और कहा कि आज गाड़ी लगवा देंगे। पिछले 12 दिनों से यही कहा जा रहा है, लेकिन अब तक कोई जिम्मेदारी से काम नहीं किया है। अब हम शायद वोट नहीं दे पाएंगे। हम लोग लगातार कह रहे हैं कि वोट से पहले हमें भेज दिया जाए। ठेकेदार नजरुल असम का है, लेकिन उसका भी कोई पता नहीं चल रहा है। वह अब भाग गया है, उस पर भी दबाव था और उसे मारा-पीटा जाता था। डर के कारण वह भाग गया। अगर गाड़ी मिल गई होती तो हम वोट देने घर जा सकते थे। अब तो पैसा भी नहीं है कि यहां से असम तक पहुंच पाएं।” भास्कर की पड़ताल में असम के विधानसभा नंबर 24 के वोटर्स से भी बात हुई। इसमें नसीमुद्दीन भी शामिल हैं, नसीमुद्दीन ने कहा हमारे पीछे पुलिस लगा दी गई है। फार्म हाउस से कहीं बाहर नहीं जाने दिया जाता है। ऐसे में हम असम कैसे जा सकते हैं। पढ़िए नसीमुद्दीन की जुबानी वोट नहीं देने का दर्द। “यहां हर तरफ से पुलिस लगी है, बोल रही है कि साहब का आदेश होगा तब ही जाना होगा। ऐसा लग रहा है कि हम लोग ही अपराधी हैं। हम वोट नहीं दे पाएंगे तो इनका क्या फायदा होगा। हम तो वोट के लिए पहले से ही काफी तैयारी किए थे। इस बीच कांड हो गया जिसके बाद पूरा मामला बिगड़ गया है। हमें यहां आए सात महीने हो गए हैं। आने से पहले कहा गया था कि 6 महीने काम करना है, लेकिन अब 7 महीने हो गए हैं और हमें जाने नहीं दिया जा रहा है। हमारे सरदार के साथ मारपीट की गई थी, जिसके बाद वह भाग गया और हम यहां फंसे हुए हैं। साहब लोग पिछले 5 दिनों से कह रहे हैं कि कल चले जाना, लेकिन जाने नहीं दिया जा रहा है। रोज आज कल किया जा रहा है। हमें एक वक्त बस सुबह का खाना मिलता है। रात में खाना भी नहीं मिलता, सुबह का बचा हुआ खाना ही थोड़ा-थोड़ा रात में दे दिया जाता है। यानी दिन का ही खाना रात में भी दिया जाता है। एक बच्चा भी बीमार हो गया है। लेबर को 1000 रुपए मिलते थे, अभी यहां पुलिस लगी है, जो कह रही है कि साहब का आदेश होगा तब ही जाने दिया जाएगा।” पड़ताल के दौरान रिपोर्टर की मुलाकात जहरुलहक से हुई। वह मजदूर हैं, लेकिन वोट को लेकर काफी गंभीर दिखाई दिए। उन्होंने बताया कि हम सभी मजदूरों को हमारे ही जिले से करीब 50 की संख्या में यहां काम के लिए लाया गया था, अब वोट डालने के लिए भी नहीं जाने दिया जा रहा है। पढ़िए जहरुल हक के वोट नहीं दे पाने का दर्द। “यहां आए हुए 7 महीने हो चुके हैं। हालात दिन-ब-दिन और खराब होते जा रहे हैं। शुरुआत में हमें लालच देकर 40 हजार रुपए एडवांस दिए गए थे और कहा गया था कि 6 महीने काम करने के बाद पूरी मजदूरी देकर वोट डालने के लिए घर भेज दिया जाएगा। अब हम यहां ऐसे फंस गए हैं कि ना तो वोट डालने जा पा रहे हैं और ना ही यहां से निकलने की सोच पा रहे हैं। हमें यहां लेकर आने वाला ठेकेदार नजरूल फरार हो गया है। वह असम के गौरीपुर का रहने वाला है, लेकिन उससे कोई कॉन्टेक्ट नहीं हो पा रहा है। हम लोग भी उसी इलाके, गौरीपुर विधानसभा क्षेत्र के निवासी हैं। अब जब हमारे क्षेत्र में चुनाव हो रहा है तो हम सभी वोटर अपने घर जाकर मतदान करना चाहते हैं, लेकिन हमें जबरन रोका जा रहा है।” असम के वोटर्स को फंसाने वाले ठेकेदार को भास्कर ने ढूंढ निकाला बिहार में फंसे 50 से अधिक असम के वोटर्स से बात करने के बाद भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम ने उस ठेकेदार को भी ढूंढ निकाला। ठेकेदार की तलाश में भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम को बिहार से लेकर असम की दो विधानसभा क्षेत्रों में अपना नेटवर्क एक्टिव करना पड़ा। पढ़िए भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम कैसे पहुंची उस ठेकेदार के पास जिसने बिहार में असम के वोटर्स को फंसाया। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम को असम के वोटर्स से ठेकेदार नजरुल का इनपुट मिला। वोटर्स के पास ठेकेदार का जो मोबाइल नंबर था वह स्विच ऑफ था। ऐसे में ठेकेदार तक पहुंच पाना हमारे लिए बड़ी चुनौती थी, लेकिन मामला गंभीर था इसलिए नजरुल तक पहुंचना जरुरी था। नजरुल हक असम के गौरीपुर विधानसभा क्षेत्र का रहने वाला है, लेकिन वहां के सभी कॉन्टेक्ट खंगालने के बाद भी रिपोर्टर की बात ठेकेदार से नहीं हो पाई। ठेकेदार तक पहुंचने के लिए भास्कर रिपोर्टर ने बिहार के 6 से अधिक ईंट भट्ठे पर संपर्क किया। इसके बाद गौरीपुर विधानसभा क्षेत्र के एक मुखिया का नंबर मिला। घंटों मशक्कत के बाद मुखिया ने ठेकेदार से वीडियो कॉल पर बात कराई। जानिए ठेकेदार नजरुल पिटाई के बाद कैसे असम के वोटर्स को बिहार में छोड़कर अपनी जान बचाकर भागा। नजरुल ने बताया, “हमारे लोग उधर से फोन कर रहे हैं। मैं भी वहां था, लेकिन मैं भागकर यहां आ गया। अगर नहीं आता तो JDU नेता हमारी हत्या कर देता। कितने दिन मैं बर्दाश्त कर पाता? जब बर्दाश्त नहीं हुआ तो वहां से भाग आया। गांव वाले कह रहे हैं कि किसी तरह से उन्हें लेकर आओ। मैं तो लोगों को लेकर जाता हूं, लेकिन इतना लफड़ा पहली बार हुआ है। वहां हर तरह की गंदगी थी, लड़कियों के साथ गलत काम होता था। मालिक नेता था, बहुत बदमाश था। बात-बात में गोली मारने की धमकी देता था। एक आदमी को गोली मारी गई, पैर में गोली लगी थी। अब मैं जाऊं तो क्या होगा? JCB में बांधकर मारता था। जो मालिक है, अगर कोई लड़की उसे पसंद आ जाए, तो बुलाता है कि उसे हमारे पास लाओ। हम तो काम करने आए थे, लेकिन वह लड़कियों को अंदर बुला लेता था। हमारा तो ठेकेदार का काम है जगह-जगह ठेकेदारी करते हैं। आदमी पहुंचाते हैं, लेकिन यह नहीं पता था कि जहां आदमी पहुंचा रहे हैं वह इंसान नहीं राक्षस है। हम तो इतना डर गए हैं कि बिहार में जाने की हिम्मत नहीं है। वह देखेगा तो मार डालेगा क्योंकि उसकी पसंद की लड़की हम नहीं पहुंचा पाए हैं। वह हमसे हमेशा नॉर्थ ईस्ट की सुंदर लड़कियों की डिमांड करता था। इस बार 70 से अधिक परिवार दिए, लेकिन उसमें उसके पसंद की लड़कियां कम थीं, इसलिए वह गुस्सा हो गया। मुझे JCB में बांधकर पीटा, बिजली का करंट लगाया। भागा नहीं होताा तो लड़की के कारण मेरी जान ले लेता। अब जो लोग फंसे हैं,वह आ जाएं, हम बिहार दोबारा जाएंगे ही नहीं।” SP बोले- पुलिस ने किसी को नहीं रोका सहरसा SP सुबोध कुमार ने कहा, “पुलिस ने किसी को भी नहीं रोका है और थाने को भी ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया गया है। जिन लोगों का रेस्क्यू किया गया है, उन्हें सामान्य प्रक्रिया के तहत संरक्षण में रखा जाता है, ताकि उन पर किसी प्रकार का दबाव न पड़े।” ---------------- इससे जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… JDU नेता असम की लड़कियां होटलों में भेजता है:पीड़ित बोली- फार्महाउस में रातभर डांस कराया, टैबलेट खिलाईं; ओवैस की CM के साथ फोटो “हम लोगों को रात में होटल ले जाते थे। वहां घंटों जिस्म से खेला जाता था। नेताजी के गेस्ट वहां पहले से मौजूद रहते थे। जिसका जैसा मन करता था, वैसा करने लगता था। हम चाहकर भी विरोध नहीं कर पाते थे। गेस्ट हम लोगों को बहुत दर्द देते थे। रात में वापस घर भेज दिया जाता था। हम तो समझ भी नहीं पाते थे, हमारे साथ क्या हो रहा है। जाने के लिए मना करते तो वो लोग मारपीट करते थे। भगवान से यही मांगते थे कि रात न हो, क्योंकि हर रात ऐसे ही दर्द से गुजरना पड़ता था..।” यह दर्द 14 साल की उस मासूम का है, जिसके खुलासे के बाद सहरसा के JDU नेता ओवैस करणी उर्फ मुन्ना मुखिया तक पुलिस पहुंची। वह अकेली नहीं ऐसी ही पीड़ित 7 मासूमों ने मुन्ना मुखिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पूरी खबर पढ़िए स्वीमिंग पुल में नहाती लड़कियों को देखता था JDU नेता:पीड़ित बोली- पुलिस-VIP गेस्ट भी आते; एजेंट्स से नॉर्थ ईस्ट की लड़कियां मंगवाता “JDU नेता मुंशी से रोज रात को मेरी बेटी को बुलवाता था। बेटी बताती थी कि वहां एक स्वीमिंग पुल है। जिसमें कपड़े उताकर नहाने के लिए कहते थे। मालिक गार्डन में बैठकर हमें नहाते देखते थे। इधर-उधर टच करते थे। पुलिस और बड़ी-बड़ी गाड़ियों से लोग भी वहां आते थे।” ये कहना है 14 साल की नाबालिग लड़की की मां का, जिसे असम से JDU नेता ओवैस करनी उर्फ चुन्ना मियां के यहां मजदूरी के लिए लाया गया था। इनपुट के बाद भास्कर इन्वेस्टिगेशन टीम JDU नेता के फार्म हाउस पहुंची। ये बिल्कुल सुनसान जगह पर बना है। यहां हमें वो सब मिला जो पीड़ित लड़की की मां ने बताया था। पूरी खबर पढ़िए
पीएम उषा अभियान के तहत बिहार को 600 करोड़ रुपए देगी मोदी सरकार, नीतीश कैबिनेट ने खोला बंद रास्ता
बिहार में पीएम उषा अभियान को लागू करने के प्रस्ताव को नीतीश कुमार सरकार की मंजूरी के बाद राज्य में उच्च शिक्षा के विकास के लिए केंद्र से अगले दो साल में 600 करोड़ रुपए मिलने का रास्ता खुल गया है।
बिहार के प्रिंस कुमार सिंह ने यूपीएससी आईएफएस परीक्षा में 15वीं रैंक प्राप्त की है। इसके अलावा उन्होंने और भी कई बड़े एग्जाम को पास किया हुआ है। जानिए जानते प्रिंस कुमार की कहानी जिन्होंने अपने आर्थिक
बॉलीवुड के मशहूर स्टार कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल 7 वर्ष की डेटिंग के बाद अब पति-पत्नी बन चुके हैं। दोनों की शादी इस वक़्त टॉक ऑफ द टाउन है। सोनाक्षी और जहीर अलग धर्म से हैं। ऐसे में ना उन्होंने निकाह किया तथा ना ही फेरे लिए, बल्कि सादगी से रजिस्टर मैरिज की एवं फिर रिसेप्शन पार्टी रखी। अलग धर्म में शादी करने पर सोनाक्षी एवं जहीर को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। ट्रोलिंग के कारण दोनों को अपने वेडिंग पोस्ट का कमेंट सेक्शन तक बंद करना पड़ा। मगर बात तब हद से ज्यादा तब बढ़ गई, जब इंटरफेथ मैरिज करने पर सोनाक्षी एवं जहीर के खिलाफ बिहार के गांव में प्रोटेस्ट मार्च निकाले गए। रिपोर्ट के अनुसार, सोनाक्षी के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन 'हिंदू शिव भवानी सेना' नाम की एक संगठन द्वारा आयोजित किया गया था। जहीर संग शादी पर बेटी सोनाक्षी की हो रही ट्रोलिंग पर अब शत्रुघ्न सिन्हा ने चुप्पी तोड़ी है तथा हेटर्स को जवाब दिया है। अपने एक इंटरव्यू के चलते शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- आनंद बक्शी साहब ने इस तरह के प्रोफेशनल प्रोटेस्टर्स के बारे में लिखा है- कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। इसमें आगे जोड़ना चाहूंगा कि कहने वाले अगर बेकार, बेकाम-काज के हों तो बोलना ही उनका काम बन जाता है। मेरी बेटी ने कुछ भी ऐसा नहीं किया जो गैरकानूनी एवं संविधान के खिलाफ है। सोनाक्षी-जहीर की शादी पर शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा- शादी दो लोगों के बीच का एक बहुत ही व्यक्तिगत फैसला है। इसमें किसी को भी बीच में दखल देने या कमेंट करने का हक नहीं होता। विरोध प्रदर्शन करने वालों को मैं यही बोलना चाहता हूं- अपनी जिंदगी पर ध्यान दो। जिंदगी में कुछ अच्छा करो। इससे ज्यादा और कुछ नहीं कहना। बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा ने खुशी-खुशी अपनी इकलौती बेटी की शादी की है। उन्होंने दामाद जहीर को भी अपना आशीर्वाद दिया है। रिलीज हुआ श्रद्धा कपूर-राजकुमार राव की स्त्री 2 का टीजर, इस अवतार में नजर आए स्टार्स किशोर कुमार के गानों पर बैन, मनोज कुमार-देव आनंद की फिल्मों पर रोक..! बॉलीवुड पर भी पड़ा था 'इमरजेंसी' का बुरा असर सामने आई कंगना रनौत की इमरजेंसी की रिलीज डेट, जानिए किस दिन आ रही है इंदिरा गांधी की बायोपिक?
परेशान होकर छोड़ी इंडस्ट्री, सालों बाद किया कमबैक, बिहार की लड़की कैसे बनी हीरोइन?
टेलीविजन के पॉपुलर शो उडारियां 15 साल का लीप लेने जा रहा है. लीप के बाद शो एक नई कहानी और स्टारकास्ट के साथ दर्शकों को एंटरटेन करने आ रहा है. लीप से पहले उडारियां में आशमा का रोल निभाने वाली अदिति भगत ने आजतक संग बातचीत की और शो को लेकर कई सारी बातें शेयर कीं.
बिहार सीईटी बीएड : पांच साल में सबसे ज्यादा आवेदन आए, इस तारीख से आएंगे एडमिट कार्ड
Bihar CET B.Ed:महिलाओं के लिए अलग एवं पुरुषों के लिए अलग परीक्षा केंद्र होंगे। अभ्यर्थी 17 जून से अपना एडमिट कार्ड वेबसाइटwww. biharcetbed- lnmu. inपर लॉगइन कर डाउनलोड कर सकेंगे।
बीएसईबी बिहार बोर्ड से संबद्ध और एनसीटीई से मान्यता प्राप्त डीएलएड संस्थानों की सूची जारी
Bihar D.El.Ed: बिहार बोर्ड ने डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2024 की आंसर की जारी करने के एक दिन बाद अब राज्य में मौजूद सरकारी व निजी डीएलएड प्रशिक्षण संस्थानों की सूची भी जारी कर दी है। डीएलएड में दाखिला लेने
Bihar DElEd Answer Key 2024: आंसर की जारी, ऐसे दर्ज करें ऑब्जेक्शन, देखें डायरेक्ट लिंक
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने बिहार डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (DElEd) परीक्षा 2024 की आंसर की जारी की। जो उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट- biharboardonline.b
Bihar STET: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने शनिवार को माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी)-2024 (प्रथम) परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। पेपर-1 के विभिन्न विषयों की परीक्षा 18 से 29 मई तक होगी।
CSBC Bihar Police Constable Exam: क्या जारी हो चुकी हैं रिवाइज्ड तारीखें, पढ़ें अपडेट
CSBC Bihar Police Constable exam dates: बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की नई तारीखों का इंतजार है। परीक्षाएं 1, 7 और 15 अक्टूबर को निर्धारित की गई थीं, जिन्हें रद्द व स्थगित कर दिया गया था। आइए
बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा शर्मा की हाल ही में बिहार में एक रोड शो में भागीदारी ने इंटरनेट पर तूफान ला दिया है। क्रुक और तुम बिन 2 जैसी फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए मशहूर सुश्री शर्मा को अपने पिता अजीत शर्मा का समर्थन करते देखा गया, जो कांग्रेस के टिकट पर भागलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। यह रोड शो उन अफवाहों के बीच हुआ कि अभिनेता राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं। हालाँकि, अब यह स्पष्ट हो गया है कि वह सिर्फ अपने पिता के लिए प्रचार कर रही थीं। नेहा शर्मा ने इंस्टाग्राम पर बांका, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया सहित बिहार के विभिन्न जिलों की अपनी यात्रा दिखाते हुए एक वीडियो साझा किया। वह पारंपरिक सलवार कमीज पहने हुए थीं और जनता का अभिवादन करती और उन्हें वोट डालने के लिए प्रोत्साहित करती नजर आईं। इसे भी पढ़ें: AR Rahman ने नए एल्बम के रिलीज पर Taylor Swift को बधाई दी, नेटिजन ने कहा 'महान कला, महान कला को पहचानती है' View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया रोड शो के दौरान पीरपैंती और कहलगांव में भारी भीड़ ने अभिनेता का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा “वे कहते हैं कि जब कोई आपको अपने दिल में जगह देता है, तो आप हमेशा के लिए वहीं रहते हैं। आपने मुझे जो प्यार और समर्थन दिया है, उससे मेरा दिल भर गया है। पीरपैंती और कहलगांव में गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद। आपका प्यार सारी आँखों पर। सदा आभारी। ऑनलाइन प्रसारित हो रहे एक अन्य वीडियो में अभिनेत्री को भागलपुर में अपने पिता के चुनाव अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए दिखाया गया है। भागलपुर लोकसभा सीट पर दूसरे चरण में 26 अप्रैल को चुनाव होना है। इस सीट पर कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने वाले अजीत शर्मा का मुकाबला जेडीयू के अजय कुमार मंडल से है। पहले ऐसी अफवाह थी कि सुश्री शर्मा राजनीति में प्रवेश कर सकती हैं। हालाँकि, कई रिपोर्टों ने स्पष्ट किया है कि वह अभी चुनावी शुरुआत नहीं कर रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पिता अजीत शर्मा ने उन्हें राजनीति में शामिल होने का अवसर दिया, शर्मा वर्तमान में अपने अभिनय करियर पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। Bihar, Bhagalpur: Bollywood actress Neha Sharma campaigns for Congress leader and father Ajeet Sharma in the Lok Sabha elections, participates in a roadshow. pic.twitter.com/yEhb4XoQQL — IANS (@ians_india) April 23, 2024 View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial)
सलमान के घर फायरिंग से पहले शूटर्स ने बिहार में की हथियारों की प्रैक्टिस, फार्म हाउस की हुई थी रेकी
14 अप्रैल को, सुबह 4.50 बजे सलमान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर, अज्ञात हमलावरों ने पांच राउंड फायरिंग की थी. पुलिस ने सलमान के घर पर फायरिंग करने के मामले में विक्की गुप्ता (24 साल) और सागर पाल (21 साल) नाम के दो लड़कों को गिरफ्तार किया था. अब इससे जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है.
Bihar Board: जानें-10वीं की मार्कशीट में लिखी U/R,B और C जैसी शॉर्ट फॉर्म का क्या मतलब है?
बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं का रिजल्ट 31 मार्च को जारी कर दिया गया था। छात्र अपनी ओरिजनल मार्कशीट स्कूल से ले सकते हैं। आइए जानते हैं मार्कशीट में लिखी शॉर्ट फॉर्म की फुलफॉर्म क्या है।
बिहार में जेईई और नीट की फ्री कोचिंग, रहने-खाने की भी रहेगी मुफ्त व्यवस्था, ऐसे करें अप्लाई
Bihar Board Jee and Neet Free Coaching : विद्यार्थी समिति द्वारा संचालित engineering (jee) औरmedical (neet) की नि:शुल्क तैयारी हेतु BSEB SUPER-50 आवासीय शिक्षण में पढ़ने हेतु आवेदन कर सकत हैं।
Bihar 10th Board 2024: टॉप 5 में इन 10 छात्रों ने बनाई जगह, जानें नाम और मार्क्स
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने दसवी का रिजल्ट bsebmatric.org और results.biharboardonline.com पर जारी कर दिया है। इस साल टॉप 10 की लिस्ट ने 51 छात्रों ने अपनी जगह बनाई है। टॉप 5 की लिस्ट में 10 छ
Bihar Board BSEB 2024 Matrci Result Today:बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in व biharboardonline.com , onlinebseb.in पर जल्दजारी कर दिया जाएगा।
BSEB: क्लास 10वीं के रिजल्ट से पहले जानें ये 10 जरूरी बातें, मार्कशीट मिलने में मिलेगी मदद
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड अब कभी भी वेबसाइट biharboardonline.gov.in पर कक्षा 10वीं के रिजल्ट अपलोड कर सकता है। एक बार रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र यहां से डाउनलोड कर सकते हैं।
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) मैट्रिक यानी कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट अब कभी भी biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी हो सकता है, जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, रिजल्
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटर में एडमिशन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। इस बाबत समिति ने सभी सरकारी, गैर सरकारी विद्यालय, इंटर कॉलेजों की सूची ofssbihar.in पर अपलोड कर दी है।
बीएसईबी मैट्रिक रिजल्ट की घोषणा जल्द की जाएगी। हालांकि अभी तक रिजल्ट की टाइमिंग और तारीख के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद है नतीजे 31 मार्च तक आधिकारिक वेबसाइट biharboardonlin
BSEB Bihar 10th Board: प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेयर की जाएंगी ये 5 डिटेल्स, यहां पढ़ें
छात्र आधिकारिक वेबसाइट्स से बीएसईबी 10वीं स्कोरकार्ड 2024 डाउनलोड कर सकेंगे। रिजल्ट वाले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। जिसमें बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा से जुड़ी कई डिटेल्स शेयर की जाएगी। आइए ज
Bihar 12th Board: किसान की बेटी बनीं कॉमर्स की टॉपर, अब बनना चाहती हैं प्रोफेसर, करेंगी PhD
बिहार बोर्ड 12वीं की कॉमर्स स्ट्रीम में खुशी कुमारी को जिले में सेकंड रैंक मिली है। उनके पिता किसान हैं। उन्होंने कहा, मेरे पिता ने हमेशा शिक्षा को महत्व दिया है, इसलिए भविष्य में मैं शिक्षा के क्षेत
इस साल का रिजल्ट पिछले 5 साल की तुलना में सबसे बेहतर, 87.21 प्रतिशत विद्यार्थी हुए पास
BSEB Bihar Board 12th Result : हार बोर्ड ने आज 12वीं के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का रिजल्ट पिछले 5 सालों की तुलना में सबसे बेहतर रहा है। इस साल इंटर का रिजल्ट 87.21 फीसदी रहा।
बिहार बोर्ड ने 12वीं यानी इंटर परीक्षा का रिजल्ट अब जारी कर दिया है। टॉपर्स के नाम भी सामने आ गए हैं। आइए जानते हैं साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स स्ट्रीम के टॉपर्स ने किन स्कूलों से पढ़ाई की है। यहां देखें न

