‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के नए एपिसोड पर विवाद, बिहार और कश्मीरी पंडितों को लेकर टिप्पणियों पर मचा बवाल
एपिसोड में समय रैना ने स्टैंड-अप कॉमेडियन शेरान वर्मा का परिचय कराते हुए उनके बिहार से होने को लेकर मजाक किया। बातचीत के दौरान बिहार और वहां के लोगों को लेकर कुछ ऐसी टिप्पणियां की गईं, जिन्हें सोशल मीडिया यूजर्स ने आपत्तिजनक बताया।
हिंदी सिनेमा का रुख अब शहरी कहानियों से हटकर छोटे शहरों और पूर्वांचल की लोक-संस्कृति की ओर हो रहा है। सूरज बड़जात्या की 'ये प्रेम मोल लिया' और सिद्धार्थ मल्होत्रा की 'द व्वान' जैसी आगामी फिल्मों में छठ पूजा और देसी परंपराओं की खास झलक देखने को मिल रही है।
भारत और नेपाल की सीमाएं केवल राजनीतिक ही नहीं, बल्कि एक साझा और समृद्ध जल तंत्र (River Basin Network) से भी जुड़ी हुई हैं। हिमालय की गोद से निकलने वाली दर्जनों नदियां नेपाल के ऊंचे पहाड़ों से उतरकर भारत के मैदानी इलाकों—विशेषकर उत्तर प्रदेश और बिहार में प्रवेश करती हैं। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या नेपाल की तीव्र धारा वाली 'भोटेकोशी' और बिहार में हर साल बाढ़ की त्रासदी लाने वाली 'कोसी' नदी एक ही हैं? इसके साथ ही त्रिशूली, नारायणी और गंडक नदियों के नामों को लेकर भी काफी असमंजस रहता है। इन नदियों के उद्गम, संगम और मैदानी इलाकों में प्रवेश के पूरे सफर को समझना बेहद दिलचस्प है।भोटेकोशी और बिहार की कोसी नदी: क्या है दोनों का वास्तविक संबंध?सीधे शब्दों में समझें तो भोटेकोशी और बिहार की कोसी पूरी तरह 'एक ही मुख्य धारा' नहीं हैं, बल्कि भोटेकोशी विशाल कोसी नदी तंत्र की एक प्राथमिक सहायक धारा (Tributary) है।भोटेकोशी का उद्गम: 'भोटे' शब्द का अर्थ तिब्बत से संबंधित है। यह नदी तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में हिमालय के हिमनदों से निकलती है, जहां इसे 'पोइक्व' (Poiqu) कहा जाता है। जब यह धारा सीमा पार कर नेपाल में प्रवेश करती है, तो इसे 'भोटेकोशी' नाम से जाना जाता है। नेपाल में यह एडवेंचर स्पोर्ट्स और व्हाइट वाटर राफ्टिंग के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।सुनकोशी में विलय: नेपाल के भीतर आगे बढ़ते हुए भोटेकोशी नदी 'सुनकोशी' (Sun Kosi) नदी में मिल जाती है।सप्तकोशी का निर्माण: नेपाल के पूर्वी हिस्से में सुनकोशी, अरुण और तमोर जैसी सात प्रमुख पहाड़ी नदियां आपस में मिलकर 'सप्तकोशी' (Saptakoshi) का निर्माण करती हैं।बिहार में कोसी: यही सप्तकोशी जब नेपाल के तराई क्षेत्र (चतरा गॉर्ज) से निकलकर बिहार के सुपौल जिले के पास भारत में प्रवेश करती है, तो इसे आधिकारिक तौर पर 'कोसी नदी' (Kosi River) कहा जाता है। अतः भोटेकोशी मूल रूप से कोसी नदी के उस विशाल जलसंग्रहण क्षेत्र का हिस्सा है जो तिब्बत से पानी लाकर कोसी को प्रचंड रूप देता है।त्रिशूली से नारायणी तक: नेपाल में कैसे बदलता है नदियों का स्वरूप?गंडक नदी तंत्र का सफर भी हिमालय की ऊंची चोटियों से शुरू होता है। मध्य नेपाल और तिब्बत सीमा के पास से निकलने वाली 'त्रिशूली' (Trishuli River) नेपाल की सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र नदियों में से एक मानी जाती है।त्रिशूली का महत्व: हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव ने जब हलाहल विष का पान किया था, तब अपने त्रिशूल से हिमालय पर प्रहार कर जलधारा निकाली थी, जिसे त्रिशूली कहा गया।सप्त गंडकी का संगम: नेपाल के मध्य भाग में त्रिशूली के अलावा छह अन्य प्रमुख नदियां—काली गंडकी, बूढ़ी गंडकी, सेती गंडकी, मर्स्यांगदी, मादी और दरौंदी आपस में मिलती हैं। इन सातों धाराओं के संयुक्त रूप को नेपाल में 'सप्त गंडकी' कहा जाता है।देवघाट पर संगम और नारायणी नाम: नेपाल के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल 'देवघाट' (Devghat) पर जब त्रिशूली नदी का संगम विशाल 'काली गंडकी' (Kali Gandaki) से होता है, तो इसके बाद इस संयुक्त धारा का नाम बदलकर 'नारायणी नदी' (Narayani River) हो जाता है। नेपाल के चितवन नेशनल पार्क के किनारे बहने वाली नदी वास्तव में नारायणी ही है।नारायणी कैसे बनती है भारत की 'गंडक नदी'? वाल्मीकि नगर का कनेक्शनजब नेपाल की तीव्र गति वाली नारायणी नदी दक्षिण की ओर बहते हुए शिवालिक पर्वत श्रृंखलाओं को पार करती है, तो यह भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पहुंचती है।वाल्मीकि नगर बैराज पर प्रवेश: बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में स्थित 'वाल्मीकि नगर' (Valmiki Nagar) के पास यह नदी भारतीय सीमा में प्रवेश करती है।गंडक और शालीग्रामी नाम: भारत में प्रवेश करते ही नारायणी नदी को 'गंडक नदी' (Gandak River) के नाम से जाना जाता है। इस नदी की तलहटी में पवित्र 'शालीग्राम' पत्थर पाए जाने के कारण इसे धार्मिक रूप से 'शालीग्रामी' और प्राचीन ग्रंथों में 'सदा नीरा' (हमेशा जल से भरी रहने वाली) भी कहा गया है।गंगा में महासंगम: गंडक नदी बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिलों से होते हुए अंततः पटना के समीप हाजीपुर-सोनपुर के पास पवित्र गंगा नदी में विलीन हो जाती है। सोनपुर का विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र मेला इसी गंडक और गंगा के संगम तट पर लगता है।बिहार के लिए इन दोनों नदी तंत्रों का आर्थिक और भौगोलिक महत्वकोसी और गंडक दोनों ही नदियां उत्तर बिहार के भूगोल, कृषि और अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन दोनों का स्वभाव काफी अलग है:कोसी (बिहार का शोक): कोसी नदी अपने साथ हिमालय से भारी मात्रा में गाद (Silt) और रेत लेकर आती है। मैदानी इलाकों में ढलान कम होने के कारण गाद जम जाती है, जिससे नदी बार-बार अपना रास्ता बदलती है। पिछले 200 वर्षों में कोसी ने पूर्व से पश्चिम की ओर 100 किलोमीटर से अधिक का विस्थापन किया है, जिसके चलते इसे 'बिहार का शोक' (Sorrow of Bihar) कहा जाता है।गंडक (कृषि और सिंचाई की जीवनरेखा): दूसरी ओर, गंडक नदी का जल प्रवाह अपेक्षाकृत अधिक स्थिर और नियंत्रित है। वाल्मीकि नगर स्थित 'त्रिवेणी बैराज' और गंडक नहर प्रणाली के माध्यम से उत्तर बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लाखों हेक्टेयर खेतों की सिंचाई होती है, जिससे यह क्षेत्र चावल, गेहूं और गन्ने की बंपर पैदावार का केंद्र बनता है।हिमालयी नदियों के प्रवाह का एक नजर में पूरा सारांशभौगोलिक रूप से इन दोनों नदी प्रणालियों को सरल क्रम में इस प्रकार समझा जा सकता है:कोसी तंत्र: पोइक्व (तिब्बत) ➔ भोटेकोशी (नेपाल) ➔ सुनकोशी ➔ सप्तकोशी (नेपाल तराई) ➔ कोसी नदी (बिहार) ➔ गंगा नदी (कुरसेला, कटिहार)।गंडक तंत्र: त्रिशूली + काली गंडकी ➔ देवघाट पर संगम ➔ नारायणी नदी (नेपाल) ➔ वाल्मीकि नगर बैराज ➔ गंडक नदी (भारत/बिहार) ➔ गंगा नदी (सोनपुर/हाजीपुर)।नेपाल की भोटेकोशी, त्रिशूली और नारायणी वास्तव में भारत की कोसी और गंडक नदियों के मूल स्रोत हैं। नाम भले ही सीमाओं और क्षेत्रों के आधार पर बदल जाते हों, लेकिन उनका जल प्रवाह भारत और नेपाल के बीच अटूट प्राकृतिक रिश्ते को दर्शाता है।
बिहार में भारतीय प्रशासनिक सेवा के तीन और बिहार पुलिस सेवा के 27 अधिकारियों का तबादला किया गया है। गृह विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी की, जिसमें कई एसडीपीओ और डीएसपी भी शामिल हैं।
फरीदाबाद के सेक्टर-65 में दर्दनाक हादसे में बिहार के रहने वाले दो लोगों की डंपर की चपेट में आने से मौत हो गई। दोनों चचेरे भाई थे और निर्माण स्थल के सामने सड़क किनारे सो रहे थे। इसी दौरान मिट्टी लेकर पहुंचे डंपर को आगे-पीछे करते समय ड्राइवर ने दोनों को कुचल दिया। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उपचार के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान बिहार के मुंगेर जिले के खड़गपुर क्षेत्र के पश्चिम अजीमगंज निवासी बादल मांझी (22) और करण कुमार (23) के रूप में हुई है। दोनों की पहचान उनके पास मिले आधार कार्ड के जरिए हुई। पुलिस ने मृतकों के स्वजन को सूचना दे दी है। 15-20 दिन से ठेकेदार के साथ कर रहे थे निर्माण कार्य पुलिस के अनुसार, ऊंचा गांव निवासी ठेकेदार संजय यादव सेक्टर-65 स्थित प्लाट नंबर 2969 में मकान निर्माण का काम करा रहा है। निर्माण स्थल पर मिट्टी भरने का काम भी चल रहा था। बादल और करण करीब 10-15 दिन से ठेकेदार के यहां मजदूरी कर रहे थे। 25 अगस्त को दोनों मजदूरों का ठेकेदार के साथ हिसाब हो गया था, जिसके बाद वे वहां से चले गए थे। अगले दिन रात में दोनों दोबारा निर्माण स्थल के पास पहुंचे और प्लाट के सामने सड़क किनारे ही सो गए। इसी दौरान मिट्टी से भरा एक डंपर वहां पहुंचा। ड्राइवर निर्माण स्थल पर मिट्टी डालने के लिए डंपर को आगे-पीछे कर रहा था। इसी दौरान सड़क पर सो रहे दोनों मजदूर डंपर की चपेट में आ गए। डंपर के पहियों के नीचे आने से दोनों के पैर बुरी तरह कुचल गए। उपचार के दौरान दोनों ने तोड़ा दम घायल बादल ने किसी तरह ठेकेदार को फोन कर हादसे की सूचना दी। ठेकेदार मौके पर पहुंचा और दोनों को बीके अस्पताल लेकर गया। गंभीर हालत देखते हुए चिकित्सकों ने दोनों को दिल्ली एम्स ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। वहां भर्ती नहीं हो पाने के बाद दोनों को वापस बीके अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। दोनों शवों का पोस्टमार्टम करना है जांच अधिकारी धर्मेंद्र ने बताया की ठेकेदार की शिकायत पर अज्ञात डंपर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फरार चालक और डंपर की पहचान के लिए आसपास के क्षेत्र में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ हादसे के कारणों और चालक की लापरवाही से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 30 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन पुल बनकर तैयार, दक्षिण और उत्तर बिहार को जोड़ेगा सेतु; 67 पिलरों पर टिका
गंगा नदी पर बना कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन पुल बनकर तैयार हो गया है। इस पुल की लंबाई करीब 9.76 किमी है, जो 67 मजबूत पिलरों पर टिका हुआ है। पहुंच पथों को शामिल करने पर इस पूरी मेगा परियोजना की लंबाई 19.30 किमी हो जाती है।
नेपाल में जल प्रलय से बिहार के साथ ही यूपी का भी बड़ा भूभाग प्रभावित होगा। मैदानों तक गाद पहुंचने से गंडक का तल काफी ऊपर हो जाएगा। इससे पश्चिमी और पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिले की लाखों हेक्टेयर जमीन हर साल बाढ़ झेलने को मजबूर होगी।
Bihar ASHA Worker Bharti 2026: बिहार राज्य के सभी जिलों में जल्द ही आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो सकती है। स्थानीय खबरों के अनुसार, राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए सभी जिलों को निर्देश जारी कर दिया है। इसके बाद से समझा जा रहा है कि राज्य में आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती का नोटिफिकेशन जल्द जारी किया जा सकता है। इसके तहत राज्य में 21000 आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती होगी। इनमें 14 हजार 409 आशा कार्यकर्ताओं की ग्रामीण और 7289 की शहरी क्षेत्रों के लिए भर्ती होगी।राज्य में आशा कार्यकर्ताओं के साथ 1104 आशा फैसेलिटेटर की भर्ती होनी है। इस भर्ती प्रक्रिया भी काफी समय से नहीं हुई है। पूरे बिहार में अभी 98 हजार 598 आशा कार्यकर्ता काम कर रही हैं। आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती के संबंध में जिलों को भेजे पत्र में राज्य स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती की प्रक्रिया काफी धीमी है। लाइव हिंदुस्तान की खबर के मुताबिक विभाग ने दो महीने के अंदर सभी जिलों को आशा कार्यकर्ताओं की बहाली का निर्देश दिया है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत 10वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगी। अपुष्ट सूत्रों के अनुसार, आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती की आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन मोड में होगी।1104 आशा पर्यवेक्षक की भी होगी भर्तीआशा कार्यकर्ताओं के साथ आशा फैसेलिटेटर (पर्यवेक्षक) की भी बहाली होगी। इसके लिए रिक्तयां जारी कर दी गई हैं। राज्य में 1104 आशा फैसेलिटेटर की बहाली होनी है। आशा फैसेलिटेटर आशा कार्यकर्ताओं के कामकाज की मॉनिटरिंग कर उसकी रिपोर्ट तैयार करती हैं। राज्य के सभी जिले में आशा कार्यकर्ताओं के साथ आशा फैसेलिटेटर की भी बहाली कई महीनों से नहीं हुई है।यहां अब शहरी कही जाएंगी पर्यवेक्षकनगर पंचायत, नगर परिषद और नगर निगम में बदलने वाले क्षेत्रों में अब शहरी क्षेत्र के हिसाब से आशा फैसेलिटेटर (पर्यवेक्षक) की नियुक्ति की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिया कि जो ग्रामीण क्षेत्र नगर पंचायत, नगर निगम और नगर परिषद में बदल गए हैं, वहां पहले से काम करने वाली आशा फैसेलिटेटर अब शहरी आशा फैसेलिटेटर कही जाएंगी।आशा कार्यकर्ता भर्ती 2026 के लिए जरूरी डॉक्युमेंटबिहार आशा कार्यकर्ता भर्ती 2026 के लिए आवेदन करने की इच्छुक उम्मीदवारों को नीचे दिए गए सभी दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। आइए जानेंआधार कार्डशिक्षा से संबंधित दस्तावेजजाति प्रमाण पत्रनिवास प्रमाण पत्रमृत्यु प्रमाण पत्र (यदि महिला विधवा हो)बैंक खाते की पासबुकपासपोर्ट साइज फोटोई मेल आईडीमोबाइल नंबरबिहार आशा कार्यकर्ता भर्ती 2026 आवेदन का तरीकाबिहार आशा कार्यकर्ता भर्ती 2026 के लिए इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों को ऑफलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए वे अपने गांव की ग्राम पंचायत/ वॉर्ड पार्षद के पास जाकर आवेदन पत्र को प्राप्त कर सकते हैं। इसके बाद आवेदन पत्र मांगी जाने वाली से सभी जानकारी को भरनी होगी और सभी जरूरी दस्तावेजों की प्रति लगानी होगी। अंत में आपको अपने आवेदन पत्र को ग्राम पंचायत के मुखिया या वॉर्ड पार्षद के पास जमा करके स्लिप को प्राप्त कर लेना होगा।SBI PO Prelims Result 2026: एसबीआई पीओ प्री परीक्षा का रिजल्ट जारी, 12 सितंबर को मेन्स परीक्षा में शामिल होंगे सफल उम्मीदवार
Bihar Weather News: बिहार में मानसून सक्रिय है, जिसके चलते अगले 24 घंटों में सात जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। पटना समेत अन्य क्षेत्रों में छिटपुट बारिश और उमस बनी रहेगी, जबकि गया के मोहरा में सर्वाधिक वर्षा दर्ज की गई।
Bihar Weather Today: बिहार में कही बारिश का दौर है तो कहीं अत्यधिक उमस की वजह से लोग परेशान हैं। मौसम विभाग ने रविवार को राज्य के 7 जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया है। हालांकि, कई जगहों पर आज भी उमस वाली गर्मी रहेगी।
Bihar Sampark Kranti Diverted: गोरखपुर कैंट-उनौला के बीच मेगा ब्लॉक के कारण मुजफ्फरपुर से गुजरने वाली 61 ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। तीन सितंबर तक चलने वाले दोहरीकरण कार्य से 13 ट्रेनें रद्द और 11 प्रमुख ट्रेनों के मार्ग बदले गए हैं।
बिहार पुलिस सेवा के 27 अधिकारियों का एक साथ ट्रांसफर हुआ है। आरा, समस्तीपुर, बेगूसराय, सहरसा, मधेपुरा समेत कई अनुमंडलों में नए एसडीपीओ की तैनाती की गई है। गृह विभाग ने शनिवार को डीएसपी ट्रांसफर की अधिसूचना जारी की।
नेपाल के बाद अब बिहार में भी मंडरा रहा बाढ़ का खतरा, कई नदियां खतरे के निशान के ऊपर
नेपाल में लगातार बारिश के कारण बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है, जिससे कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
बिहार पुलिस महकमे में फेरबदल: बिहार पुलिस सेवा के 27 अधिकारियों का ट्रांसफर, 24 SDPO बदले
राज्य सरकार ने बिहार पुलिस सेवा के 27 अधिकारियों का तबादला किया है, जिसमें छपरा, आरा सहित 24 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) शामिल हैं।
गंगा-सोन-कोसी नदियों के उफान के बीच रेलवे ने कसी कमर, बिहार में 24 घंटे ट्रैक और पुलों पर पहरा
रेलवे ने मानसून और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बिहार में रेल परिचालन की सुरक्षा बढ़ाई है। संवेदनशील रेलखंडों पर निगरानी, गति नियंत्रण, हाईटेक सेंसर और आपातकालीन सामग्री ट्रेनों की तैनाती की गई है।
बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तथा मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पहले पूर्वजों के समय का 50 से 100 साल पुराना केवाला (Deed Document), खतियान या रजिस्टर्ड डीड की प्रमाणित प्रति निकलवाने के लिए लोगों को जिला निबंधन कार्यालय (Registry Office) या अंचल कार्यालय के महीनों चक्कर लगाने पड़ते थे। अब सरकार ने पुरानी और नई सभी रजिस्टर्ड डीड्स का डिजिटल रिकॉर्ड 'भूमि जानकारी' (Bhumijankari) पोर्टल पर लाइव कर दिया है। इसके जरिए राज्य का कोई भी नागरिक घर बैठे अपने मोबाइल या कंप्यूटर से पुरानी जमीन का केवाला, खाता-खेसरा विवरण और डीड की कॉपी आसानी से देख और पीडीएफ फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकता है।पुराना केवाला ऑनलाइन सर्च करने के लिए जरूरी जानकारियांडिजिटल पोर्टल पर दस्तावेज खोजने के लिए आपके पास नीचे दी गई जानकारियों में से कुछ बुनियादी विवरण होने चाहिए:संबंधित जिले (District) का नामनिबंधन कार्यालय (Registration Office / SRO) का नामअंचल (Circle) और मौजा (Village/Mauza) का नामजमीन का खाता नंबर (Khata No.) या खसरा/प्लॉट नंबर (Khesra/Plot No.)डीड नंबर (Deed No.) या निबंधन का वर्ष (Registration Year - यदि याद हो)जमीन के क्रेता (Buyer) या विक्रेता (Seller) का नामस्टेप-बाय-स्टेप: 'भूमि जानकारी' पोर्टल से ऐसे डाउनलोड करें पुराना दस्तावेजस्टेप 1: आधिकारिक निबंधन पोर्टल पर जाएं सबसे पहले अपने वेब ब्राउज़र में बिहार सरकार के निबंधन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट bhumijankari.bihar.gov.in खोलें।स्टेप 2: 'View Registered Document' का विकल्प चुनें होमपेज पर उपलब्ध सेवाओं की सूची में से 'View Registered Document' या 'Search Document' वाले विकल्प पर क्लिक करें।स्टेप 3: समय सीमा (Year Phase) का सही चुनाव करें स्क्रीन पर रिकॉर्ड सर्च करने के तीन अलग-अलग विकल्प दिखाई देंगे:Online Registration (2016 To Till Date): 2016 के बाद के नए दस्तावेजों के लिए।Post Computerisation (2006 To 2015): 2006 से 2015 के बीच के दस्तावेजों के लिए।Pre-Computerisation (Before 2006): 2006 से पहले के पुराने और पुश्तैनी दस्तावेजों के लिए। अपने रिकॉर्ड के हिसाब से संबंधित रेडियो बटन को चुनें।स्टेप 4: लोकेशन और जमीन का विवरण दर्ज करें फॉर्म में अपना रजिस्ट्रेशन ऑफिस (Registration Office), अंचल, थाना कोड और मौजा का चयन करें। इसके बाद नीचे दिए गए सर्च विकल्पों में से खाता नंबर, प्लॉट नंबर या पार्टी का नाम भरें।स्टेप 5: 'Search' पर क्लिक करें और रिजल्ट देखें विवरण भरने के बाद 'Search' बटन पर क्लिक करें। नीचे उस मौजा और खाते से जुड़े सभी रजिस्टर्ड दस्तावेजों की सूची आ जाएगी। इसमें डीड नंबर, रजिस्ट्री की तारीख, क्रेता-विक्रेता का नाम और कुल रकबा दिखाई देगा।स्टेप 6: 'Click Here to View Details' और PDF डाउनलोड संबंधित दस्तावेज के सामने दिए गए 'View Details' या 'View Deed' विकल्प पर क्लिक करें। स्क्रीन पर आपके जमीन के पुराने केवाले की डिजिटल कॉपी खुल जाएगी, जिसे आप 'Print/Download' करके सुरक्षित रख सकते हैं।पुराना खतियान और जमाबंदी निकालने का तरीका (बिहार भूमि पोर्टल)यदि आपको जमीन का पुराना खतियान या वर्तमान जमाबंदी रजिस्टर (रजिस्टर-2) देखना है:राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के आधिकारिक पोर्टल biharbhumi.bihar.gov.in पर जाएं।'अपना खाता देखें' विकल्प पर क्लिक करके बिहार के नक्शे में अपने जिले और अंचल को चुनें।अपने मौजा का चयन करके खाता नंबर, खेसरा नंबर या खातेदार के नाम से सर्च करें।स्क्रीन पर पूरे खतियान का अधिकार अभिलेख प्रदर्शित हो जाएगा, जिसे सीधे प्रिंट किया जा सकता है।यदि ऑनलाइन रिकॉर्ड न मिले तो 'नकल' (Certified Copy) कैसे प्राप्त करें?यदि आपका दस्तावेज बहुत अधिक पुराना है और अभी तक स्कैन होकर पोर्टल पर अपलोड नहीं हुआ है:नकलखाना (Record Room) में आवेदन: अपने संबंधित जिला रजिस्ट्री ऑफिस (SRO) के रिकॉर्ड रूम में जाकर 'फॉर्म-1' भरकर प्रमाणित प्रति (Certified Copy) के लिए आवेदन दें।सर्च फीस का भुगतान: निर्धारित सरकारी खोज शुल्क (Search Fee) और स्टाम्प शुल्क जमा करने के बाद रजिस्ट्री ऑफिस के रिकॉर्ड रूम से मूल बही-खाते (Volumed Register) से ढूंढकर अधिकृत मुहर लगी प्रमाणित प्रतिलिपि जारी कर दी जाती है।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड पर बिहार सरकार का यू-टर्न, अब पहले की तरह चार लाख तक मिलेगा शिक्षा ऋण
बिहार सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना पर अपना 19 अगस्त का आदेश रद्द कर दिया है। अब छात्रों को पहले की तरह बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से चार लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण मिलता रहेगा, जिससे उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है।
समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के नए एपिसोड में बिहार और कश्मीरी पंडितों से जुड़े मजाक पर विवाद बढ़ गया है. मामले पर बीजेपी विधायक राम कदम और बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने नाराजगी जताई है.
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण बिहार में 30 अगस्त से 1-2 सितंबर तक मॉनसून सक्रिय रहेगा। चंपारण और पूर्वी बिहार में भी मूसलाधार बरसात हो सकती है। रविवार को गयाजी समेत 7 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है। कई जिलों में आंधी और वज्रपात का अलर्ट भी जारी किया गया है।
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में एसटीईटी डिग्री को लेकर छात्रों का हंगामा, सोमवार से मिलेगी डिग्री
Bihar STET Degree Problem: मुजफ्फरपुर में बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के डिग्री सेक्शन में एसटीईटी फॉर्म भरने के लिए डिग्री न मिलने पर छात्रों ने हंगामा किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि डिग्रियां कॉलेजों में भेज दी गई हैं।
रामनगर से लखनऊ और पटना के लिए चलेगी सीधी ट्रेन, नैनीताल से बिहार तक सफर होगा आसान
रामनगर से लखनऊ और पटना के लिए चलेगी सीधी ट्रेन, नैनीताल से बिहार तक सफर होगा आसान
29 अगस्त, शनिवार:नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के चलते बिहार में संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन और NDRF अलर्ट मोड पर हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए पटना से NDRF की दो टीमों को आधुनिक राहत व बचाव उपकरणों के साथ मुजफ्फरपुर और चंपारण जिलों के लिए रवाना कर दिया गया है।
महासेतु से पटना और उत्तर बिहार के बीच घटेगी दूरी, सफर पकड़ेगा रफ्तार
कच्ची दरगाह-बिदुपुर छह लेन गंगा पुल का निर्माण पूरा हो गया है और अब यह उद्घाटन के लिए तैयार है। यह महासेतु पटना और उत्तर बिहार के बीच दूरी कम कर यात्रा को आसान बनाएगा, साथ ही व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगा।
Bihar STET 2026: फॉर्म भरने की मियाद बढ़ी, अब 15 सितंबर तक करें आवेदन
बिहार एसटीईटी 2026 के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 15 सितंबर तक बढ़ा दी गई है, इच्छुक उम्मीदवार बीएसईबी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जल्द अपना ऑनलाइन फॉर्म भरें।
पलामू जिले के हरिहरगंज थाना क्षेत्र स्थित बटाने नदी में तीन युवक डूब गए। शनिवार को डेमा टोला स्थित बेलघाटी पुल के पास पिकनिक मनाने आए ये युवक नदी में उतरने के दौरान गहरे पानी की चपेट में आ गए। इस हादसे में एक युवक को बचा लिया गया है, जबकि दो अन्य लापता हैं। स्थानीय लोगों ने युवकों को डूबता देख तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। उनके प्रयासों से राजेंद्र साव (40) को नदी से बाहर निकाल लिया गया। राजेंद्र बेहोशी की हालत में थे, जिन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हरिहरगंज ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया। घटना के बाद से रितिक और टेनी नामक दो युवक लापता बताए जा रहे हैं। ये दोनों राजेंद्र साव के साथ आए थे। जानकारी के अनुसार, सभी युवक बिहार के औरंगाबाद क्षेत्र के निवासी हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तीनों युवक नदी में उतरकर वीडियो बना रहे थे। इसी दौरान वे अचानक गहरे पानी और तेज धार की चपेट में आ गए और बहने लगे। किनारे मौजूद स्थानीय लोगों ने उन्हें गहरे पानी में न जाने की चेतावनी भी दी थी, लेकिन युवकों ने इसे नजरअंदाज कर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, युवक कथित तौर पर नशे की हालत में थे। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने लापता युवकों की तलाश में काफी देर तक नदी में खोजबीन की, लेकिन तेज धार और अधिक गहराई के कारण उनका कोई सुराग नहीं मिल सका। सूचना मिलने पर एसआई अजय कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लेकर लोगों से जानकारी जुटाई। लापता दोनों युवकों की तलाश जारी थी।
एबीवीपी ने बिहार स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर की मांग की:सदर विधायक तारकिशोर प्रसाद को ज्ञापन सौंपा
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने महाविद्यालय परिसर में बिहार स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करने की मांग की है। परिषद ने इस संबंध में पूर्व उपमुख्यमंत्री और सदर विधायक तारकिशोर प्रसाद को एक ज्ञापन सौंपा। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने 'खेलो इंडिया' कार्यक्रम के तहत महाविद्यालय परिसर में स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर की स्थापना के लिए आवश्यक पहल करने का आग्रह किया है। ज्ञापन में बताया गया है कि महाविद्यालय परिसर में लगभग तीन एकड़ खाली भूमि उपलब्ध है। इस भूमि का निरीक्षण जिला खेल पदाधिकारी द्वारा बिहार स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर खोलने की संभावनाओं को लेकर पहले ही किया जा चुका है। परिषद का मानना है कि पर्याप्त भूमि और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति को देखते हुए यह सेंटर विद्यार्थियों को खेल के क्षेत्र में बेहतर अवसर प्रदान करेगा। ज्ञापन के माध्यम से विधायक से अनुरोध किया गया है कि वे जिला खेल पदाधिकारी के साथ पूर्व में हुए पत्राचार और भूमि निरीक्षण से संबंधित मामले को देखते हुए अपने स्तर पर पहल करें। उनसे जिला खेल पदाधिकारी, जिलाधिकारी और बिहार सरकार के खेल मंत्री से वार्ता कर सेंटर की स्थापना के लिए आगे की कार्रवाई सुनिश्चित कराने का आग्रह किया गया। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने जोर दिया कि शिक्षा के साथ खेल भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। खेलों से विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और सकारात्मक सोच विकसित होती है। महाविद्यालय परिसर में स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर स्थापित होने से स्थानीय प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को बेहतर प्रशिक्षण और अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिलेगा। परिषद का मानना है कि इससे न केवल महाविद्यालय के विद्यार्थियों को, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के युवा खिलाड़ियों को भी अपनी खेल प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए एक मंच मिलेगा, जिससे क्षेत्र में खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाएं उभरेंगी। एबीवीपी ने कहा कि महाविद्यालय परिसर में बिहार स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर की स्थापना महाविद्यालय के विकास में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। इससे विद्यार्थियों का मानसिक, शारीरिक, संवेगात्मक एवं सर्वांगीण विकास संभव होगा। संगठन ने उम्मीद जताई कि विधायक स्तर से संबंधित अधिकारियों एवं सरकार के साथ समन्वय कर इस मांग पर शीघ्र सकारात्मक पहल की जाएगी।ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रांत सह मंत्री विनय सिंह, विभाग सह संयोजक विक्रांत सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कमल ठाकुर, नगर सह मंत्री रवि सिंह, विशाल सिंह और राहुल साह सहित एबीवीपी के अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Bihar TRE 4 Exam: अभ्यर्थियों के प्रदर्शन का असर, और पद बढ़े; सरकार ने मानी मांग
बिहार सरकार ने TRE 4.0 में संगीत शिक्षकों के 111 पद बढ़ाए है। इस तरह कुल वैकेंसी 33,385 हो गई है। मंत्री तिवारी ने बीपीएससी को संशोधित मांगपत्र भेजने की बात कही।
रामनगर से लखनऊ और पटना को सीधी चलेगी, नैनीताल से बिहार का सफर होगा आसान
भाजपा सांसद अनिल बलूनी ने रामनगर से लखनऊ और पटना के लिए सीधी ट्रेन का वादा किया है। इससे नैनीताल से लखनऊ और बिहार का सफर बेहद आसान हो जाएगा।
मार्कशीट से हटेगा फेल का दाग, बिहार में 10वीं-12वीं छात्रों के लिए बड़ा फैसला
बिहार बोर्ड के मैट्रिक और इंटर के छात्रों की मार्कशीट से 'फेल' शब्द हटाकर 'एलिजिबल फॉर स्किल्स' लिखा जाएगा।
नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा, बिहार में हाई अलर्ट: वाल्मीकिनगर से कोसी बराज तक तटबंधों की दिन-रात निगरानी
रक्षाबंधन पर बिहार में मातम: अलग-अलग हादसों में 10 भाई-बहनों की मौत, त्योहार की खुशियां बदलीं गम में
रक्षाबंधन पर बिहार में मातम: अलग-अलग हादसों में 10 भाई-बहनों की मौत, त्योहार की खुशियां बदलीं गम में
नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के सौ से ज्यादा तीर्थयात्री स्वदेश लौटे, बिहार सरकार ने किया रेस्क्यू
बिहार सरकार ने प्रशासनिक सहयोग से इन तीर्थयात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर पटना लाया और वहां से ट्रेन के जरिये महाराष्ट्र भेजा. प्रशासन ने इन तीर्थयात्रियों के लिए भोजन, पानी और मेडिकल की सुविधा भी उपलब्ध कराई.
श्रेया झा ने बिना किसी बड़ी कोचिंग के सिर्फ सेल्फ-स्टडी और पक्के इरादे से यूपीएससी 2025 में 357वीं रैंक हासिल की। जानिए उनकी कामयाबी की पूरी कहानी और खास रणनीति।
Nepal Floods में फंसे महाराष्ट्र के 100 श्रद्धालुओं को बिहार सरकार ने सुरक्षित निकाला
बिहार सरकार ने नेपाल में आई अचानक आई बाढ़ के कारण काठमांडू में फंसे महाराष्ट्र के करीब 100 श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला और उन्हें ट्रेन से उनके गृह राज्य भेज दिया। एक आधिकारिक बयान में शनिवार को यह जानकारी दी गई। बिहार आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि यह निकासी महाराष्ट्र सरकार के अनुरोध पर की गई। बयान में कहा गया, ‘‘बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने शुक्रवार को नेपाल सीमा से श्रद्धालुओं को सुरक्षित सीतामढ़ी पहुंचाया।’’यह बचाव अभियान मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल की देखरेख में चलाया गया। सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका कि महाराष्ट्र के ये श्रद्धालु पशुपतिनाथ मंदिर या नेपाल के अन्य तीर्थ स्थलों के दर्शन के लिए गए थे या नहीं। बयान में कहा गया, ‘‘उन्हें शुक्रवार देर रात करीब ढाई बजे पटना लाया गया और एक सामुदायिक भवन में ठहराया गया, जहां उन्हें भोजन, चिकित्सा जांच और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान की गईं।’’बिहार के मुख्य सचिव और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष के बीच समन्वय के बाद श्रद्धालुओं को ले जाने के लिए पटना-पूर्णा एक्सप्रेस में दो अतिरिक्त डिब्बे जोड़े गए। एक अधिकारी ने बताया कि श्रद्धालु शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे ट्रेन से महाराष्ट्र के लिए रवाना हो गए। अधिकारी ने यह भी बताया कि कुछ श्रद्धालुओं ने संबंधित रेलवे और राज्य सरकार के अधिकारियों को राखियां भी बांधीं।
Bihar Board अंकपत्र पर अब नहीं लिखा होगा अनुत्तीर्ण, मिलेगा कौशल प्रशिक्षण का विकल्प
बिहार सरकार ने मौजूदा शैक्षणिक सत्र से 10वीं और 12वीं कक्षाओं की बोर्ड परीक्षाओं के विद्यार्थियों के अंकपत्र में ‘अनुर्तीण’ शब्द की जगह ‘कौशल प्रशिक्षण के लिए योग्य’ वाक्यांश का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि इस कदम का मकसद विद्यार्थियों को बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड द्वारा चलाए जा रहे व्यवसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम करने में मदद करना है। बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘शिक्षा विभाग इस बदलाव को लागू करने के लिए नियमों में संशोधन करेगा। विभाग जल्द ही बीएसईबी को जरूरी निर्देश जारी करेगा। प्रमाणपत्र पर ‘अनुर्तीण’ के बजाय ‘कौशल विकास के लिए योग्य’ लिखा होगा।’’तिवारी ने कहा कि सिर्फ इसलिए विद्यार्थियों का हुनर खत्म नहीं हो जाता कि वे परीक्षा में उम्मीद के मुताबिक नंबर नहीं ला पाते। उन्होंने कहा,‘‘10वीं कक्षा की बोर्ड पूरक परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को तैयारी करने और उनके सफल होने की संभावनाओं को बेहतर बनाने में मदद के लिए एक महीने का विशेष सत्र दिया जाएगा।’’तिवारी ने कहा कि यह पहल उन व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिनका मकसद परीक्षा में असफल रहने के बाद विद्यार्थियों को सुधारात्मक सहायता देना और उन्हें पिछड़ने से बचाना है। अधिकारियों ने बताया कि बिहार सरकार विद्यार्थियों को पारंपरिक पाठ्यपुस्तक-आधारित पढ़ाई से हटकर अन्य गतिविधियों से भी परिचित कराने के लिए कदम उठा रही है। हाल में उठाए गए कदमों में से एक है सरकारी स्कूलों में शनिवार को नो-बैग डे लागू करना। छह अगस्त को घोषित इस व्यवस्था के तहत, सरकारी स्कूल शनिवार को सुबह 9.30 बजे से दोपहर एक बजे तक चलेंगे, जबकि सोमवार से शुक्रवार तक वे सुबह 9.30 बजे से शाम 4 बजे तक चलेंगे।
BSEB Dummy Registration Card 2027: बिहार में मैट्रिक (कक्षा 10) और इंटरमीडिएट (कक्षा 12) के छात्रों को डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड को लेकर चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड (BSEB) ने 2027 में स्कूलों के लिए कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षा शामिल होने वाले छात्रों के डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड में करेक्शन करने की डेडलाइन बढ़ा दी है। ताजा सूचना के मुताबिक, शैक्षिक संस्थान 28 अगस्त से 16 सितंबर, 2026 तक छात्रों या उनके अभिभावकों के हस्ताक्षर किए हुए घोषणा वाले डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड अपलोड कर सकते हैं।बोर्ड ने स्कूलों को उन छात्रों के लिए पहले से भरे हुए डिक्लेरेशन फॉर्म जमा करने का भी निर्देश दिया है जिनका ऑनलाइन पंजीकरण और फीस पहले ही पूरी हो चुकी है, लेकिन जिनके डिक्लेरेशन फॉर्म अभी जमा नहीं हुए हैं। बढ़ी हुई डेडलाइन मैट्रिक और इंटरमीडिएट दोनों छात्रों पर लागू होती है।बीएसईबी डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड 2027: जरूरी जानकारीस्कूलों को सभी पात्र कक्षा 10 और 12 के छात्रों के डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड चेक करने होंगे और बदली हुई डेडलाइन के अंदर जरूरी सुधार करने होंगे।करेक्शन/अपलोड विंडो : 28 अगस्त से 16 सितंबर, 2026कक्षा12 पोर्टल : intermediate.biharboardonline.comकक्षा10 पोर्टल : biharboardonline.orgस्कूलों को छात्र/अभिभावक का साइन किया हुआ डिक्लेरेशन अपलोड करना होगा।जिन छात्रों का रजिस्ट्रेशन और फीस पहले ही जमा हो चुकी है, लेकिन जिनका पहले से भरा हुआ डिक्लेरेशन लंबित है, उन्हें भी 16 सितंबर तक प्रोसेस पूरा करना होगा।बीएसईबी 2027 डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड : कैसे अपलोड करें? बीएसईबी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। स्कूल लॉगिन विंडो खोलें। जरूरी स्कूल लॉगिन क्रेडेंशियल डालें। डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड में जहां भी जरूरत हो, करेक्शन सबमिट करें। पहले से भरे हुए डिक्लेरेशन फॉर्म अपलोड करें, जैसा लागू हो। सभी डिटेल्स ध्यान से चेक करें और सबमिट पर क्लिक करें। कन्फर्मेशन या सबमिट की गई डिटेल्स को भविष्य के लिए सेव कर लें। स्कूलों को यह पक्का करना चाहिए कि बीएसईबी 2027 बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले सभी छात्रों की जानकारी 16 सितंबर, 2026 की डेडलाइन से पहले सही तरीके से जमा कर दी गई हों।NEET PG 2026 Exam: 340 शहरों में कल सुबह 9 बजे से होगी नीट पीजी की परीक्षा, यहां देखें सभी जरूरी परीक्षा निर्देश
मशहूर स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना के शो 'इंडियाज़ गॉट लेटेंट' के हालिया एपिसोड में कॉमिक रोस्टिंग का मुकाबला उस समय व्यक्तिगत (पर्सनल) हो गया, जब समय और उभरती हुई कॉमेडियन शेरोन वर्मा ने एक-दूसरे की जड़ों और बैकग्राउंड पर तीखे तंज कसे। मज़ाक-मज़ाक में शुरू हुई यह नोक-झोंक तब गंभीर मोड़ ले बैठी जब समय ने शेरोन के बिहारी बैकग्राउंड पर मज़ाक उड़ाया और जवाब में शेरोन ने कश्मीरी पंडितों के पलायन का ज़िक्र करते हुए करारा पलटवार किया। इस नोक-झोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। यह बातचीत इसलिए खास रही क्योंकि दोनों कॉमेडियन्स ने अपने बैकग्राउंड के आधार पर अपनी खास कॉमिक पहचान बनाई है। शेरोन 2024 में 'इंडियाज़ गॉट लेटेंट' में आने के बाद काफी मशहूर हुईं, जबकि समय अक्सर अपनी कश्मीरी पंडित जड़ों और कश्मीर से अपने परिवार के विस्थापन (घर छोड़ने) के बारे में बात करते रहे हैं। एपिसोड के दौरान, समय ने कहा, वह इतनी बिहारी है कि उसे लगता है कि 'इबोला' का मतलब है किसी ने कुछ कहा है। शेरोन ने जवाब दिया, समय इतना कश्मीरी है कि उसे 'स्टोन' होना (नशे में धुत होना) पसंद है। फिर समय ने कहा, पता है, शेरोन वर्मा एक बिहारी है जो नौकरी की तलाश में मुंबई आई थी। बस बिहारी वाली बातें। शेरोन ने जवाब दिया, कम से कम मैंने अपनी मर्ज़ी से अपना राज्य छोड़ा। शेरोन वर्मा 2024 में समय रैना के शो 'इंडियाज़ गॉट लेटेंट' में आने के बाद चर्चा में आईं। उनकी बिना किसी भाव-भंगिमा के मज़ाक करने की टाइमिंग (डेडपैन कॉमिक टाइमिंग), बिहार से होने, अपने अनोखे नाम और सबसे खास बात, खुद को कमज़ोर, स्वतंत्र महिला कहने के अंदाज़ ने जल्द ही लोगों का ध्यान खींचा। उस सेट के क्लिप्स सोशल मीडिया पर वायरल हो गए और वह एक जानी-मानी इंटरनेट पर्सनैलिटी बन गईं। कश्मीर से पलायन पर समय रैना वहीं, समय रैना एक कश्मीरी पंडित परिवार से आते हैं, जिनका इतिहास कश्मीर से समुदाय के विस्थापन से गहराई से जुड़ा है। अपने स्टैंड-अप स्पेशल 'स्टिल अलाइव' में, रैना ने कश्मीरी पंडित समझदारी को ऐसे विचार के तौर पर बताया कि जब लड़ाई जीती न जा सके, तो जीवित रहने का रास्ता चुना जाए। उन्होंने इस विचार को कश्मीर छोड़ने के अपने परिवार के अनुभव से जोड़ा और बाद में 'इंडियाज़ गॉट लेटेंट' को लेकर हुई आलोचना के बारे में बात करते हुए इसका ज़िक्र किया। 'इंडियाज़ गॉट लेटेंट 2' के पहले के एक 'सिर्फ़-मेंबर्स-के-लिए' वाले एपिसोड में, रैना ने कंटेस्टेंट वानिका रैक्ता के साथ बातचीत के दौरान अपनी जड़ों और अपने परिवार के विस्थापन का भी ज़िक्र किया था। पैनल में राघव जुयाल, मुनव्वर फारुकी, निहारिका एनएम, रोहन जोशी और समय रैना शामिल थे। वनिका ने बताया कि शिमला में उनके परिवार के सेब के बागान हैं, उनके भाई ने ज़मीन का कुछ हिस्सा बेच दिया था, लेकिन परिवार के पास अभी भी कई बागान हैं, और उनके माता-पिता दोनों सरकारी स्कूलों में टीचर हैं। यह सुनकर राघव ने समय से पूछा कि क्या उनके परिवार का भी कश्मीर में सेब का बागान है। समय ने जवाब दिया, हमारे पास बहुत कुछ था। जब राघव ने उनकी पीठ थपथपाई, तो समय मुनव्वर की ओर मुड़े और मज़ाक में कहा, अब इस बारे में बात करो? मुनव्वर ने अपना हाथ उठाया और जवाब दिया, मैं नहीं था, जिससे पैनल और दर्शक हंस पड़े। फिर समय ने कहा, हमारे साथ ऐसा हुआ था, अब वह कुछ नहीं कहेंगे। 1990 के दशक की शुरुआत में कश्मीरी पंडितों के पलायन ने कई पीढ़ियों के परिवारों को बेघर कर दिया, जिससे कई लोगों को रातों-रात घाटी छोड़नी पड़ी और अपने घर-बार और रोज़गार छोड़ने पड़े। समय रैना का परिवार भी उन लोगों में शामिल था जो उग्रवाद बढ़ने के बाद वहां से चले गए थे। इससे पहले 'दोस्तकास्ट' पॉडकास्ट पर बात करते हुए उन्होंने कहा, यह सच में आप पर असर डालता है—आप अपना पूरा बचपन, अपनी पूरी पहचान खो देते हैं। सभी कश्मीरी पंडितों को जाना पड़ा। कश्मीरी पंडितों के पास ऐसी कोई जगह नहीं है जो उन्हें अपनापन महसूस कराए। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पीढ़ी के लोग कश्मीर लौटने से डरते हैं और उन्हें याद है कि जब उनकी माँ कई सालों बाद वापस गईं और देखा कि कुछ भी नहीं बचा है, तो वह भावुक हो गईं। रैना ने यह भी बताया कि ऐसे पत्र बांटे जाते थे जिनमें उन लोगों के नाम होते थे जिन्हें अगले दिन मार दिया जाना था, और उन्हें याद है कि जब उनकी माँ और दादी को एक ऐसा पत्र मिला जिसमें लिखा था कि उनके दादाजी को मार दिया जाएगा, तो वे बेहोश हो गईं। Samay Raina casually started a war between Bihari Vs Kashmiri on India's Got Latent Samay Raina: She's so Bihari, she thinks Ebola means someone said something. Sharon Verma: Samay is so Kashmiri, he loves getting stoned. Samay Raina: You know, Sharon Verma is a… — Neha Patel (@Neha_S_Patel) August 28, 2026 उन्होंने कहा, हमने रातों-रात अपना सामान पैक किया—मेरे दादा-दादी, मेरी माँ, मेरी बुआ, पूरा परिवार यह सोचकर चला गया कि हम दो हफ़्ते में लौट आएंगे। 25 साल हो गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि स्थानीय कश्मीरी मुसलमानों ने उनके दादाजी का साथ दिया, जिन्होंने अक्सर उन लोगों का मुफ़्त इलाज किया था जो इलाज का खर्च नहीं उठा सकते थे, और उन्हें सुरक्षित निकलने में मदद की। बाद में उनका परिवार जम्मू से दिल्ली और फिर हैदराबाद में बस गया। उस समय समय 12 साल के थे। Entertainment News Hindi Todayonly at Prabhasakshi View this post on Instagram A post shared by Sharon Verma (@sharonverma)
नेपाल की बाढ़ का असर बिहार में दिखा: बागमती का जलस्तर बढ़ा; प्रशासन अलर्ट
नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद अब बिहार के मैदानी इलाकों में भी नदियों के जलस्तर में बदलाव देखने को मिल रहा है। मुजफ्फरपुर में बागमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जबकि गंडक नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है।
नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के 100 तीर्थयात्रियों को बिहार सरकार ने कराया रेस्क्यू - Prabhat Khabar
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नेपाल बाढ़ का बिहार में कितना असर? DM बोले- "घबराएं नहीं, तटबंध..."
नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद बिहार सरकार अलर्ट पर है. सरकार स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं. गोपालगंज DM के मुताबिक तटबंध मजबूत हैं और प्रशासन हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है.
सम्राट कैबिनेट बिहार का अभिनव पहल
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नेपाल में आई जलप्रलय के बाद बिहार के 8 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें रक्सौल के एक ही परिवार के 5 लोग शामिल हैं। नेपाल में आई त्रासदी के बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। वहीं, मोतिहारी के भी तीन प्रवासी मजदूर लापता हैं। परिजनों के मुताबिक, तीनों से आखिरी बार 26 अगस्त को बातचीत हुई थी। इसके बाद से उनके मोबाइल फोन बंद हैं और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। इधर, नेपाल के रसुवा में फंसे पश्चिम चंपारण (बेतिया) के 4 मजदूर सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं। नेपाली सेना ने बुधवार को हेलिकॉप्टर की मदद से उन्हें रसुवा जिले के धुन्चे क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकाला था। लगभग दो दिनों के सफर के बाद चारों मजदूर शुक्रवार देर शाम अपने-अपने घर पहुंचे। उनके घर पहुंचते ही परिजनों ने राहत की सांस ली। पहले नेपाल में आई प्रलय की कुछ तस्वीरें देखिए… नेपाल से रेस्क्यू होकर बेतिया लौटे 4 मजदूर सुरक्षित लौटे मजदूरों में चनपटिया के नेयाज मियां, सलमान आलम, जबारूल आलम उर्फ शिबू आलम तथा रामनगर थाना क्षेत्र निवासी मेहदी हसन शामिल हैं। ये सभी नेपाल में रहकर मजदूरी करने के साथ-साथ कारपेंटरी और टाइल्स लगाने का काम करते थे। सलमान आलम (17) ने घटना की जानकारी देते हुए बताया, “मैं नेपाल के रसुवा में जिस जगह काम करता था। वहां एक कमरे में सात मजदूर रहते थे। 26 अगस्त की सुबह हम सभी लोग काम पर जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान करीब नौ बजे अचानक तेज सैलाब आ गया। देखते ही देखते चारों ओर पानी भर गया और कुछ देर तक आसपास कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। ये सब देखकर हमलोगों का कलेजा कांप गया। काफी डर लग रहा था।” सलमान के अनुसार, पानी का बहाव इतना तेज था कि सभी मजदूर अपनी जान बचाने के लिए ऊंचाई वाले स्थान की ओर भागने लगे। चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई थी। कुछ देर के लिए ऐसा लग रहा था कि अब बचना मुश्किल है। घटना के बाद हेलिकॉप्टर तुरंत पहुंचा। जो लोग पानी में डूबे हुए थे, उन्हें सबसे पहले निकाला गया। उसके बाद हेलिकॉप्टर से हमलोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। रेस्क्यू के लिए कुल दो हेलिकॉप्टर आए थे। पानी का बहाव काफी तेज था। हमलोग 27 अगस्त को कारपेंटर का काम करने नेपाल गए थे। रक्सौल में पत्नी, 3 बेटियों और नातिन बाढ़ में बहे रक्सौल के लाला छपरा निवासी बुधन शाह पिछले चार साल से अपने परिवार के साथ नेपाल के बेत्रावती क्षेत्र के बतार में किराए के मकान में रहते थे। वे वहां कबाड़ खरीदने और मजदूरी का काम करते थे। हाल ही में कुलदेवता की पूजा के बाद उनकी पत्नी मानती देवी भी गांव से नेपाल लौटी थीं। बताया जा रहा है कि घटना के समय बुधन शाह अपने दो बेटों सूरज और साजन के साथ कबाड़ खरीदने पहाड़ी क्षेत्र की ओर गए थे। इसी दौरान अचानक आई भीषण बाढ़ में उनका किराए का मकान बह गया। मकान में मौजूद बुधन शाह की पत्नी मानती देवी, उनकी बेटियां आशा कुमारी और रूपा कुमारी, शादीशुदा बेटी संध्या कुमारी और संध्या की दो साल की बेटी आयुषी कुमारी बाढ़ में बह गईं। बड़ी बेटी संध्या त्रिशूली में व्यवसाय करती थीं। हादसे के दिन ही वह अपनी दो साल की बेटी आयुषी के साथ मां से मिलने बतार पहुंची थीं। इसी दौरान बाढ़ की चपेट में आने से हादसा हो गया। बुधन शाह ने फोन पर अपने भाई ऋषि शाह को घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वह और उनके दोनों बेटे सुरक्षित हैं, लेकिन पत्नी, तीनों बेटियों और नातिन का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। मोतिहारी में 3 मजदूरों से संपर्क टूटा मोतिहारी के लापता मजदूरों की पहचान केसरिया प्रखंड के बिजधरी थाना क्षेत्र निवासी रामबाबू साह, प्रमोद प्रसाद और मुनील कुमार के रूप में हुई है। प्रमोद प्रसाद और मुनील कुमार सगे भाई हैं, जबकि रामबाबू साह उनके चचेरे भाई बताए जा रहे हैं। तीनों नेपाल के रसुवा में त्रिशूली नदी के समीप एंड्रिट हाइड्रो प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के हाइड्रोपावर प्लांट में काम करते थे। वे पिछले 5 साल से नेपाल में रहकर काम कर रहे थे। परिवार ने प्रशासन से तीनों की तलाश कर उन्हें सकुशल घर वापस लाने की गुहार लगाई है। नेपाल में लापता मोतिहारी के 3 मजदूर 26 अगस्त के बाद तीनों से नहीं हुई बात परिजनों ने बताया कि तीनों कुछ समय पहले छुट्टी पर अपने गांव आए थे। रामबाबू साह 10 जुलाई को नेपाल लौटे थे, जबकि प्रमोद प्रसाद 22 जुलाई और मुनील कुमार 15 अगस्त को अपने कार्यस्थल पर पहुंचे थे। परिवार के सदस्यों के अनुसार, 26 अगस्त की सुबह करीब 7 बजे प्रमोद प्रसाद ने अपनी पत्नी वीणा देवी से करीब 7 मिनट तक मोबाइल पर बात की थी। यह उनकी आखिरी बातचीत थी। इसके बाद से उनका नंबर बंद है। रामबाबू साह और मुनील कुमार के मोबाइल पर भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। मुनील कुमार के पिता कृष्ण प्रसाद साह ने बताया कि बेटों से कई दिनों से संपर्क नहीं होने के कारण पूरा परिवार चिंतित है। परिजनों का कहना है कि नेपाल में आई आपदा के बाद से कोई सूचना नहीं मिलने के कारण परिवार बेहद परेशान है। नेपाल प्रशासन से पता लगा की मांग की मामले की जानकारी मिलने के बाद पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने कहा कि प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि तीनों मजदूरों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। नेपाल प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से संपर्क स्थापित कर तीनों की स्थिति का पता लगाने और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। इधर, गांव में भी चिंता का माहौल है। परिजन और ग्रामीण प्रशासन से लगातार तीनों मजदूरों की सकुशल जानकारी उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। सभी की निगाहें अब नेपाल प्रशासन और राहत एजेंसियों से मिलने वाली सूचना पर टिकी हैं, ताकि तीनों मजदूरों के सुरक्षित होने की खबर जल्द मिल सके। ===================== ये खबर भी पढ़ें… नेपाल से बहकर आई महिला बॉडी-10 KG की मछलियां:गंडक खतरे के निशान से 44CM ऊपर: नेपाल से आ सकता है 30 लाख क्यूसेक पानी तिब्बत में विशाल ग्लेशियर झील फटने से उत्तर बिहार की नदियों में अचानक बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बगहा के डुमरिया घाट पर गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान 62.22 मीटर से 44 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। स्थिति को देखते हुए बिहार सरकार ने 6 जिलों को अगले 24 घंटे तक हाई अलर्ट पर रखा है। इन जिलों में पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सारण, वैशाली, गोपालगंज और मुजफ्फरपुर शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें…
नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के 106 तीर्थयात्री बिहार सरकार की पहल से सुरक्षित नागपुर रवाना
नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के 106 तीर्थयात्री बिहार सरकार की पहल से सुरक्षित नागपुर रवाना
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 29 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
मां का यौन शोषण, नाबालिग बेटी पर थी बुरी नजर; बिहार में डाक विभाग के कर्मी पर एफआईआर दर्ज
महिला ने आरोप लगाया है कि आपरोपी डाककर्मी ने उसका खाता बंद कर देने की धमकी देकर यौन शोषण किया। बाद उसकी नाबालिग बेटी को भी हवस का शिकार बनाना चाहता था।
छोटे से गांव की बेटी नीलिमा साहू बनीं IAS, अब बिहार सरकार ने सौंपी स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी
IAS नीलिमा साहू की सक्सेस स्टोरी प्रेरणादायी है. छोटे गांव में जन्मीं. UPSC में असफलता के बावजूद हार न मानकर BPSC क्रैक किया और अब बिहार के स्वास्थ्य विभाग में संयुक्त सचिव बनी हैं.
ढाई साल की भाव्या श्री ने अंतरराष्ट्रीय FIDE शतरंज प्रतियोगिता में 2 अंक अर्जित कर असाधारण रिकॉर्ड बनाया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए उन्हें पटना में 'बिहार यंग अचीवर अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया।
BPSC TRE 4 Vacancy : खुशखबरी, फिर बढ़ी चौथी बिहार शिक्षक भर्ती की वैकेंसी, कहां कितना इजाफा
बीपीएससी टीआरई 4 भर्ती में 111 पद और बढ़ गए हैं। अब इस भर्ती के माध्यम से कुल 33385 पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति होगी। बढ़ाये गये 111 पदों पर कक्षा 9वीं और 10वीं के लिए संगीत शिक्षकों की भर्ती की जायेगी।
बिहार में उमस और बादलों की आवाजाही के बीच पांच जिलों में भारी बारिश और मेघ गर्जन का अलर्ट जारी किया गया है। अगले दो-तीन दिनों में अधिकतम तापमान में एक से दो डिग्री की गिरावट आने की संभावना है।
बिहार पुलिस माओवादमुक्त घोषित राज्य में उग्रवाद को दोबारा पनपने से रोकने के लिए सतर्क है। जेल से रिहा हुए पूर्व माओवादियों और उनके परिवारों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, साथ ही उनके पुनर्वास और मुख्यधारा में वापसी पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
Weather Update Today: यूपी, बिहार समेत देश के 16 राज्यों में 29 अगस्त को मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. दिल्ली-NCR में भी मौसम में बदलाव होने की संभावना बन रही है. मॉनसून फिलहाल उत्तर पश्चिमी राज्यों में एक्टिव है.
तिब्बत-नेपाल सीमा पर एक और झील फटी, बिहार में वाल्मीकिनगर से कोसी तक हाई अलर्ट, चौबीसों घंटे निगरानी
नेपाल में दूसरी बार जल प्रलय के खतरे से बिहार में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। वाल्मीकिनगर से लेकर कोसी बराज तक तक सतर्कता बरती जा रही है। सभी प्रमुख तटबंधों की दिन रात निगरानी की जा रही है।
बिहार सरकार ने 6 आईएएस अधिकारों के ताबदले किए हैं। इन अधिकारियों की लिस्ट में बिहार की बेटी आईएएस दिव्या शक्ति का भी नाम शामिल है। उन्हें बिहार मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में उत्पाद आयुक्त बनाया गया है।
मोकामा दियारा में गंगा के बढ़ते जलस्तर और नेपाल से संभावित जल प्रहार के कारण बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, जिससे लोग पलायन की तैयारी कर रहे हैं।
Bihar Weather Alert: बिहार के 5 जिलों के लिए बारिश का ऑरेंज अलर्ट, लोगों से सतर्क रहने की अपील
आपदा प्रबंधन विभाग ने बिहार के पांच जिलों (पूर्वी चंपारण, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, शिवहर, सीतामढ़ी) के लिए मेघ गर्जन, वज्रपात और मध्यम से भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
Success Story: बिहार में शराबबंदी की कमान दिव्या शक्ति के हाथ में, IAS बनने के लिए छोड़ी IPS
बिहार की सम्राट चौधरी सरकार द्वारा किए गए प्रशासनिक फेरबदल में 2022 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या शक्ति को उत्पाद आयुक्त बनाया गया है. बिहार के छपरा की रहने वाली दिव्या शक्ति ने दो बार यूपीएससी क्रैक किया. उन्होंने आईपीएस छोड़कर आईएएस बनने का सपना पूरा किया था.
6 आईएएस और तीन बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग का आदेश शुक्रवार को जारी किया गया। आरा और मुजफ्फरपुर में नए एसडीओ की तैनाती की गई है। वहीं, पदस्थापन की प्रतीक्षा में बैठे कुछ आईएएस अफसरों को नई जिम्मेदारी मिली है।
रक्षाबंधन पर बिहार और राजस्थान में महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा, बड़ी संख्या में यात्री कर रहे सफर
Patna/jaipur, 28 अगस्त . रक्षाबंधन के अवसर पर बिहार और Rajasthan Government ने महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी है. इस पहल का उद्देश्य त्योहार के दौरान महिलाओं को अपने मायके और परिवार तक आसानी से पहुंचने में मदद करना है. मुफ्त यात्रा का लाभ उठाने के लिए बड़ी संख्या में ... Read more
शिक्षा विभाग ने फैसला किया है कि मैट्रिक और इंटर की परीक्षाओं के मार्क्स शीट पर फेल शब्द नहीं दिखेगा। यह जानकारी विभागीय मंत्री मिथलेश तिवारी ने दी है।
UP Board APAAR ID 2026: नए शैक्षिक सत्र 2026-27 से उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए बड़े बदलाव की घोषणा की है। यूपी बोर्ड ने नए सत्र से छात्रों को अपनी APAAR ID बनवाने को कहा है। साथ ही बोर्ड ने छात्रों को बोर्ड परीक्षा फॉर्म के पंजीकरण और आवेदन में इसे दर्ज करने का भी निर्देश दिया है। अपार आईडी 12 अंकों का एक डिजिटल प्रमाण पत्र है, जिसमें छात्रों के सभी शैक्षिक रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे।परिषद का कहना है कि ‘वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी’ के तहत बनाई जाने वाली अपार आईडी के जरिए मार्कशीट और ट्रांसफर सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेज डिजीलॉकर में सुरक्षित रहेंगे। साथ ही, सही शैक्षणिक विवरण के आधार पर छात्रों को छात्रवृत्ति, कल्याणकारी योजनाओं और दूसरी शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ सीधे मिल सकेगा।यूपी बोर्ड वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी’ की व्यवस्था के जरिए छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल और सुरक्षित बनाने पर जोर दे रहा है। अभी कक्षा 9 और 11 के छात्रों का अग्रिम पंजीकरण और कक्षा 10 और 12 के छात्रों के परीक्षा आवेदन की प्रक्रिया चल रही है। इस बीच, अपार आईडी को लेकर यूपी बोर्ड की अपील छात्रों और अभिभावकों के लिए इसलिए अहम है, क्योंकि परिषद चाहता है कि विद्यार्थी भविष्य के लिए अपनी डिजिटल शैक्षणिक पहचान तैयार रखें। हालांकि इसे परीक्षा फॉर्म या अग्रिम पंजीकरण में दर्ज करना अभी अनिवार्य नहीं किया गया है। इससे स्कूल की पढ़ाई से लेकर आगे की उच्च शिक्षा तक उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड को एक जगह सुरक्षित रखने में मदद मिल सकेगी।क्या है अपार आईडी?अपार आईडी छात्रों की 12 अंकों की स्थायी डिजिटल पहचान है। यह छात्र की स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक की शैक्षणिक यात्रा से जुड़े रिकॉर्ड को एक जगह सुरक्षित रखने में मदद करती है। इसके तहत छात्र के शैक्षणिक क्रेडिट और रिपोर्ट कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज डिजिटल रूप में सुरक्षित रखे जा सकते हैं। शिक्षा से जुड़ी छात्र की हर जानकारी एक डिजिटल पहचान से जोड़ी जा सकती है।कागजी प्रमाणपत्र पर नहीं रहेंगे निर्भरअपार आईडी का एक बड़ा फायदा यह है कि इसके जरिए विद्यार्थियों के जरूरी शैक्षणिक प्रमाणपत्र डिजीलॉकर में डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेंगे। इनमें मार्कशीट और ट्रांसफर सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेज शामिल हैं। इसकी मदद से छात्रों को अपने जरूरी शैक्षणिक दस्तावेजों को संभालकर रखने के लिए सिर्फ कागजी प्रमाणपत्रों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।छात्रवृत्ति पाना भी होगा आसानपरिषद के मुताबिक अपार आईडी के जरिए छात्रों का सही विवरण और आंकड़े उपलब्ध रहने से उन्हें छात्रवृत्ति और दूसरी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे दिलाने में मदद मिलेगी। अपार आईडी सिर्फ पहचान संख्या नहीं होगी बल्कि छात्र के डिजिटल शैक्षणिक रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने का जरिया भी बनेगी।परीक्षा फॉर्म में अपार आईडी देना अनिवार्य नहींयूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने स्पष्ट किया है कि अग्रिम पंजीकरण या परीक्षा आवेदन पत्र भरते समय अपार आईडी का विवरण देना फिलहाल अनिवार्य नहीं है। इसके बावजूद परिषद विद्यार्थियों के व्यापक हित को देखते हुए इसे बनवाने और पंजीकरण व परीक्षा फॉर्म में दर्ज कराने का अनुरोध कर रहा है। सचिव ने सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और अभिभावकों से विशेष रूप से कहा है कि वे विद्यार्थियों की अपार आईडी बनवाने में सहयोग करें। परिषद के सचिव के मुताबिक अपार आईडी बनाने का काम अभिभावकों की सहमति से पूरा किया जाता है।Bihar Board Exam 2027: बिहार बोर्ड ने शुरू की नए सत्र की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी, 10वीं-12वीं की मार्कशीट में बड़े बदलाव के साथ फॉर्म भरने शुरू
बिहार तकनीकी सेवा आयोग ने स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। परीक्षा में सफल 7,376 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। अब चयनित उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण में शामिल होना होगा।
बारिश और वज्रपात की स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, बिहार में 30 अगस्त तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश जारी रह सकती है।
गुब्बारा पकड़ते हुए खुले नाले में समा गया मासूम, बिहार के रोहतास में दिल्ली जैसी घटना
बिहार के रोहतास में एक दुखद घटना हुई है. रक्षा बंधन के मौके पर एक छोटा सा बच्चा अपनी मौसी के घर गया था. खुले नाले में गिरने से मौत हो गई.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहारवासियों को राखी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सपनों को साकार करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
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Amit Shah ने Pharma क्षेत्र को रणनीतिक संपत्ति बताकर शोध और आत्मनिर्भरता पर दिया विशेष जोर
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ‘पुनर्निर्माण’ संबंधी महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित होकर भारत को आगे बढ़ा रही है। शाह ने देश के दवा उद्योग को ‘‘राष्ट्रीय रणनीतिक संपत्ति’’ बताते हुए कहा कि भारत को इस क्षेत्र में न केवल आत्मनिर्भर बनना है, बल्कि दुनिया को भी दवाएं उपलब्ध करानी हैं। शाह ने अहमदाबाद स्थित गुजरात विद्यापीठ के 72वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए महात्मा गांधी द्वारा बताए गए सामाजिक पापों का उल्लेख किया और कहा कि जो लोग अपने स्वार्थ के लिए राजनीति करते हैं, वे एक तरह से पाप कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood India Alert | नेपाल जलप्रलय की भारत में दस्तक! बिहार, यूपी और उत्तराखंड में हाई अलर्ट, गंडक बैराज के 36 गेट खोले गए गुजरात विद्यापीठ की स्थापना महात्मा गांधी ने 18 अक्टूबर 1920 को की थी। खुद को महात्मा गांधी का प्रशंसक और अनुयायी बताते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता शाह ने कहा कि राष्ट्रपिता ने धर्मांतरण को पाप माना था और प्रत्येक व्यक्ति को अपने धर्म के अनुसार जीवन जीने की प्रेरणा दी थी। उन्होंने कहा, ‘‘गांधीजी ने कहा था कि सिद्धांतों के बिना राजनीति पाप है। राजनीति सिद्धांतों और उद्देश्यों पर आधारित होनी चाहिए। जो लोग अपने लिए और अपने स्वार्थ के लिए राजनीति करते हैं, वे एक तरह से पाप कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप गांधीजी को पढ़ेंगे तो आपको ‘नवनिर्माण’ शब्द कहीं नहीं मिलेगा। यह देश बहुत विशाल था और गुलामी के दौर में इसे तोड़ा गया, इसलिए गांधीजी हमेशा ‘पुनर्निर्माण’ शब्द का इस्तेमाल करते थे।’’ दीक्षांत समारोह में करीब 900 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गईं और 11 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक दिए गए। इसे भी पढ़ें: Amit Shah ने Nepal Flood पर UP और Bihar को किया सतर्क, NDRF तैनात शाह ने यहां ‘फार्मइनोवा अवॉर्ड्स 2026’ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का दवा उद्योग उसकी ‘‘राष्ट्रीय रणनीतिक संपत्ति’’ है और इसे मजबूत करने के लिए उद्योग जगत को अनुसंधान एवं नवोन्मेष पर विशेष ध्यान देना होगा। यह पुरस्कार समारोह औषधि विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट अनुसंधान को मान्यता देने के लिए आयोजित किया गया था।
पत्नी की लगी बिहार पुलिस में नौकरी, पति ने प्रेमी संग फरार होने का लगाया आरोप; पिछले साल हुई थी शादी
महिला के पति का कहना है कि 2025 में शादी के बाद पत्नी को पढ़ाया, बिहार पुलिस में नौकरी लगी तो गहने-कैश लेकर प्रेमी के साथ फरार हो गई.
सॉफ्टवेयर दिग्गज Adobe ने भारत के 7 राज्यों की सरकारों के साथ MoU साइन किया है। इसके तहत दिल्ली, यूपी, बिहार और तमिलनाडु समेत कई राज्यों के सरकारी स्कूलों में छात्रों और टीचर्स को 'Adobe Express for Education' और AI टूल्स का फ्री एक्सेस मिलेगा।
अब बच्चों की मार्कशीट पर नहीं लिखा जाएगा ‘फेल’, बिहार सरकार ने चुना नया नाम
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने घोषणा की है कि अब बच्चों की मार्कशीट पर 'फेल' शब्द नहीं लिखा जाएगा, बल्कि इसकी जगह 'कौशल के लिए पात्र' शब्द का प्रयोग होगा।
रक्षाबंधन पर बनाएं बिहार की ट्रेडिशनल मिठाई मकुटी, रेसिपी है आसान
Bihar Makuti Recipe: रक्षाबंधन पर अगर आप इस बार भाई का मुंह कुछ अलग और खास मिठाई से मीठा कराना चाहते हैं तो बिहार की पारंपरिक मिठाई मकुटी ट्राई कर सकते हैं. दूध, मूंग दाल और चावल से बनने वाली यह मिठाई स्वाद में लाजवाब और बनाने में भी आसान है.
Bihar Weather Today: 20 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, रक्षा बंधन पर आज बिहार का मौसम कैसा?
Bihar Weather Today: आज राज्य के सभी जिलों के लिए बारिश का अनुमान लगाया गया है। मौसम विभाग की ओर से 20 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया जिसमें पटना भी शामिल है। कल 29 अगस्त को भी बारिश हो सकती है।
Bihar Board : बिहार बोर्ड 10वीं 12वीं की मार्कशीट पर अब नहीं लिखा जाएगा फेल
बिहार बोर्ड मैट्रिक-इंटर के परीक्षार्थियों की मार्कशीट पर अब फेल नहीं लिखा जाएगा। फेल की जगह प्रमाण पत्र पर कौशल के लिए पात्र शब्द का प्रयोग होगा। इसके लिए नियम में बदलाव होगा।
बिहार के अधिकांश हिस्सों में बादलों की आवाजाही के साथ छिटपुट वर्षा की संभावना है। पटना सहित छह जिलों में अगले 24 घंटे में भारी वर्षा और मेघ गर्जन की चेतावनी जारी की गई है।
गुरुग्राम में पुराने सिविल अस्पताल के सामने देर रात तेज रफ्तार हाइड्रा मशीन ड्राइवर ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए एक बाइक सवार डिलीवरी बॉय को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि डिलीवरी बॉय गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात के बाद आरोपी चालक को राहगीरों ने पकड़ लिया। घायल युवक की पहचान मंजीत कुमार यादव के रूप में हुई है। मंजीत मूल रूप से बिहार के मधुबनी जिले का रहने वाला है और फिलहाल गुरुग्राम के राजीव नगर इलाके में किराए पर रहता है। वह फ्लिपकार्ट 10 मिनट ग्रोसरी डिलीवरी सेवा में बतौर डिलीवरी बॉय काम करता है। रोज की तरह वह देर रात करीब 11 बजे अपनी बाइक से एक ग्राहक का ऑर्डर डिलीवर करके वापस लौट रहा था। जैसे ही वह पुराने सिविल अस्पताल के पास पहुंचा, तभी एक बेकाबू हाइड्रा मशीन ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। राहगीरों और पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। मंजीत सड़क पर लहूलुहान हालत में तड़प रहा था। वहां मौजूद राहगीरों ने तुरंत इस घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही सिटी थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने बिना समय गंवाए राहगीरों और एम्बुलेंस की मदद से घायल मंजीत को पास के नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के मुताबिक, युवक को काफी गंभीर चोटें आई हैं और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। आरोपी ड्राइवर को पकड़ा सिटी थाना पुलिस ने ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है। देर रात भारी वाहनों की लापरवाही के कारण शहर में पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। मौके पर जुटे डिलीवरी पार्टनरों ने पुलिस से मांग की है कि इस मार्ग पर सुरक्षा के इंतजाम किए जाए।
Kushinagar News: बिहार के सीएम ने वाल्मीकि बैराज का लिया जायजा
नेपाल में आई बाढ़ के बाद गंडक-नारायणी नदी में संभावित बढ़ते जलप्रवाह और बाढ़ की आशंका को देखते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बृहस्पतिवार को वाल्मीकि नगर पहुंचे।
देशभर में सक्रिय मानसून एक बार फिर विकराल रूप धारण करने जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा मौसम बुलेटिन जारी करते हुए देश के कई हिस्सों में अगले 5 दिनों तक संभलकर रहने की सख्त चेतावनी दी है। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे निम्न दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area), सक्रिय मॉनसून ट्रफ और उत्तर-पश्चिमी भारत के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के मेल से एक बेहद मजबूत वेदर सिस्टम सक्रिय हो गया है।इसके प्रभाव से मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और गुजरात के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश के साथ-साथ 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील की है।मध्य प्रदेश में सक्रिय हुआ अति भारी बारिश का दौर, नदियां उफान परमध्य प्रदेश में मानसूनी तंत्र के अत्यधिक मजबूत होने के कारण राज्य के अधिकांश संभागों में लगातार बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, रायसेन, विदिशा, सीहोर, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, छिंदवाड़ा और ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।लगातार हो रही मानसूनी बारिश के चलते नर्मदा, बेतवा, चंबल, ताप्ती और क्षिप्रा जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कई प्रमुख बांधों के गेट खोलकर पानी छोड़े जाने की संभावना है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति और जलभराव का खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों और निचले क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी किया है।उत्तर प्रदेश और बिहार में मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली (वज्रपात) का संकटउत्तर प्रदेश और बिहार के मैदानी इलाकों में मॉनसून ट्रफ के खिसकने से व्यापक मौसमी बदलाव देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और तराई बेल्ट के जिलों—जैसे गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गाजीपुर, बलिया, बहराइच, लखीमपुर खीरी और लखनऊ के आसपास के इलाकों में अगले 5 दिनों तक गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान है।वहीं बिहार के पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया और पूर्वी चंपारण जिलों में भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने (Lightning Strike) का बड़ा खतरा बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों ने विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों और खुले खेतों में काम करने वाले किसानों को बादलों की तेज गर्जना के दौरान पक्के मकानों में शरण लेने की सलाह दी है।पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड का खतरा, राजस्थान और गुजरात में अलर्टउत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के चलते भूस्खलन (Landslide), बोल्डर गिरने और सड़कों के अवरुद्ध होने का संकट और गहरा सकता है। चारधाम यात्रा मार्गों—बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री हाइवे पर संवेदनशील लैंडस्लाइड जोन्स पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अनावश्यक पर्वतीय यात्राओं से बचने की चेतावनी दी गई है।पश्चिमी भारत में पूर्वी राजस्थान (जयपुर, कोटा, उदयपुर, भरतपुर) और गुजरात के कई हिस्सों में तेज हवाओं और आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का दौर अगले 3 से 5 दिनों तक जारी रहने की संभावना है। सौराष्ट्र और कच्छ के तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा, उमस से राहत और जलभराव की चेतावनीराजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद) में अगले 5 दिनों के दौरान आसमान में घने बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। कई स्थानों पर हल्की से मध्यम और कुछ इलाकों में तेज बारिश के स्पेल देखने को मिल सकते हैं, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि, तेज बारिश के कारण प्रमुख सड़कों और अंडरपासों में ट्रैफिक जाम और जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।मौसम विभाग (IMD) की सुरक्षा एडवाइजरीखराब मौसम और संभावित प्राकृतिक आपदाओं के मद्देनजर मौसम विभाग ने जनता और प्रशासन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं:आंधी-तूफान और बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों, जर्जर दीवारों और बिजली के खंभों के नीचे बिल्कुल खड़े न हों।इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग रखें और जलभराव वाले रास्तों पर वाहन चलाने से बचें।किसान अपनी कटी या तैयार फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें और कीटनाशकों का छिड़काव मौसम साफ होने तक टाल दें।किसी भी आपात स्थिति के लिए स्थानीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDRF/SDRF) और जिला प्रशासन के हेल्पलाइन नंबरों से जुड़े रहें।
देशभर में सक्रिय मानसून के चलते मौसम विभाग (IMD) ने कल यानी 28 अगस्त को उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर और पहाड़ी राज्यों समेत 14 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दौरान 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, आकाशीय बिजली गिरने और निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर संभावना है।यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्टउत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और तराई क्षेत्रों में मौसम विभाग ने मूसलाधार बारिश और वज्रपात की चेतावनी दी है। वाराणसी, गोरखपुर, गाजीपुर, बलिया, आजमगढ़, लखनऊ और आसपास के जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है।बिहार के पटना, गया, भागलपुर, दरभंगा और पूर्णिया समेत कई जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ मूसलाधार बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से अंधड़ चलने की आशंका है।मध्य प्रदेश के भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा संभाग में कम दबाव के क्षेत्र के असर से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड का खतरा, मैदानी इलाकों में तेज आंधी की चेतावनीउत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन (Landslide) और नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि का अलर्ट जारी किया गया है। चमोली, नैनीताल, पिथौरागढ़, कुल्लू, कांगड़ा और मंडी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।मैदानी इलाकों में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, सीकर और बीकानेर जैसे जिलों में 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज धूल भरी आंधी और बारिश का असर देखने को मिल सकता है।इन 14+ राज्यों में भी रहेगा मानसून का रौद्र रूपमौसम विभाग के अनुसार 28 अगस्त को जिन प्रमुख राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का प्रभाव रहेगा, उनमें शामिल हैं:उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेशराजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआरउत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीरझारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशाछत्तीसगढ़, गुजरात और महाराष्ट्रअसम, मेघालय और त्रिपुरामौसम विभाग की सुरक्षा एडवाइजरी और किसानों को सलाहआईएमडी (IMD) ने किसानों, खुले में काम करने वाले लोगों और वाहन चालकों को आंधी-तूफान व बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की सख्त चेतावनी दी है। तेज अंधड़ से कच्चे मकानों, सोलर पैनल्स और खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा है। स्थानीय प्रशासन को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है।
पीएम मोदी ने नेपाल को मदद का भरोसा दिलाया, बिहार में भी सीएम ने किया हवाई सर्वेक्षण : संजय झा
Patna, 27 अगस्त . जदयू सांसद संजय झा ने नेपाल में आई अचानक बाढ़ और बिहार में संभावित खतरे को लेकर Government की तैयारियों पर बात की. उन्होंने कहा कि बिहार Government स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड पर है. Patna में मीडिया से बातचीत के दौरान जदयू ... Read more
बिहार में NH पर हर 75 किमी पर बनेंगे ट्रक ठहराव स्थल, हादसों और जाम से मिलेगी निजात
Highway Truck Parking Bihar: बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों पर ट्रक चालकों के लिए हर 75 किमी पर सुरक्षित ठहराव स्थल (ले-बाई) बनाए जाएंगे। यह पहल सड़क हादसों और जाम को कम करने के साथ-साथ चालकों को आराम की सुविधा प्रदान करेगी।
गोपालगंज में समृद्ध महिला, समृद्ध बिहार अभियान शुरू, हजारों महिलाओं को मिली आर्थिक मदद
27 अगस्त, गुरुवार: गोपालगंज में रक्षाबंधन पर ‘समृद्ध महिला, समृद्ध बिहार’ अभियान की शुरुआत हुई। जिले की 5,920 महिला लाभुकों को पहली किस्त में 10-10 हजार रुपये और 523 महिलाओं को दूसरी किस्त में 20-20 हजार रुपये मिले। जीविका निधि से 25 लाभुकों को 1.10 करोड़ का ऋण भी दिया गया।
Rahul Gandhi ने Modi Government पर साधा निशाना, बोले- देश में चल रहे 'Two Systems' और लूट का खेल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने देश में दो सिस्टम बना दिए हैं - एक कुछ गिने-चुने अरबपतियों के लिए और दूसरा बाकी सभी के लिए। उन्होंने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के कामकाज की आलोचना करते हुए यह बात कही। एक्स पर एक पोस्ट में गांधी ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि जहां लोन न चुकाने पर किसानों और सैलरी पाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई होती है, वहीं कुछ खास कारोबारियों को बैंकों से खास सुविधा मिलती है। NCLT का ज़िक्र करते हुए गांधी ने लिखा, NCLT - 'लीडर-कंपनी लूट ट्रिब्यूनल'। इसे भी पढ़ें: राहुल गांधी का BJP सरकार पर हमला, बोले - लाठियों से सवाल नहीं दबेंगे, Bihar के BPSC छात्रों को न्याय दो उन्होंने आरोप लगाया कि अगर कोई किसान 50,000 रुपये नहीं चुका पाता है, तो उसकी ज़मीन नीलाम कर दी जाती है, जबकि सैलरी पाने वाले व्यक्ति की एक भी EMI छूटने पर बैंकों का दबाव झेलना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि गरीब छात्रों को एजुकेशन लोन लेने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अगर कोई किसान 50 हज़ार रुपये नहीं चुका पाता, तो उसकी ज़मीन नीलाम कर दी जाती है। अगर सैलरी पाने वाले व्यक्ति की एक भी EMI छूट जाती है, तो बैंक के गुंडे घर आ धमकते हैं। गरीब छात्रों को तो पढ़ाई के लिए लोन भी नहीं मिल पाता। गांधी ने आगे आरोप लगाया कि कुछ खास दोस्तों के लिए बैंक का पैसा अपनी निजी संपत्ति जैसा है - जितना चाहें निकालें, जितना मन करे उतना चुकाएं। उन्होंने एक्स पर लिखा, लेकिन कुछ खास 'दोस्तों' के लिए बैंक का पैसा अपनी निजी संपत्ति जैसा है - जितना चाहें निकालें, जितना मन करे उतना चुकाएं। इसे भी पढ़ें: सच्चाई vs भ्रम: मनुस्मृति में नारी को लेकर ऐसा लिखा क्या है? जिस पर होता है बवाल इस बीच, एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने आज कहा कि नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के सामने उनकी पर्सनल इनसॉल्वेंसी (व्यक्तिगत दिवालियापन) की कार्यवाही से जुड़ी खबरों ने उनके खिलाफ दावों की गलत तस्वीर पेश की है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि वह सिर्फ़ एक पर्सनल गारंटर थे और उन्होंने किसी लेंडर (ऋणदाता) से व्यक्तिगत रूप से पैसे उधार नहीं लिए थे।
Dolphin के साथ क्रूरता! बिहार के Saharsa में दुर्लभ डॉल्फिन का शिकार करने पर Action, आरोपी गिरफ्तार
कोसी नदी में मछली पकड़ने निकले एक मछुआरे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने के बाद मामला वन विभाग और पुलिस तक पहुंच गया। वीडियो में मछुआरा जाल में फंसी दुर्लभ गंगा नदी डॉल्फिन को बाहर निकालकर अपने घर ले जाता दिखाई दे रहा है। मामला बिहार के सहरसा जिले का है, जहां कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी मछुआरे को गिरफ्तार कर लिया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, मछुआरा कोसी नदी में मछली पकड़ रहा था। इसी दौरान उसके जाल में गंगा नदी डॉल्फिन फंस गई। डॉल्फिन को जाल से निकालकर नदी में छोड़ने के बजाय मछुआरा उसे अपने साथ घर ले गया। इसी दौरान वहां मौजूद एक स्थानीय व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन से बना लिया। बाद में यह वीडियो इंटरनेट पर साझा किया गया और देखते ही देखते तेजी से फैल गया। वीडियो में मछुआरे को डॉल्फिन से तेल निकालने की बात करते हुए भी सुना गया। वीडियो सामने आने के बाद मामला वन विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों तक पहुंचा। अधिकारियों ने घटना को गंभीरता से लेते हुए मछुआरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। हालांकि, प्राथमिकी दर्ज होने के तुरंत बाद आरोपी का पता नहीं चल सका। इसके बाद वन विभाग और पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। करीब दो दिनों तक खोजबीन के बाद तीसरे दिन बिहार पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी से पूछताछ की जा रही है। सहरसा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ओम प्रकाश ने बताया कि डॉल्फिन का शिकार करने और उसे मारने के संबंध में मामला दर्ज किया गया है। वन विभाग और बिहार पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई शुरू की है। ओम प्रकाश ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ चल रही है। पूछताछ पूरी होने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। गौरतलब है कि गंगा नदी डॉल्फिन भारत में विशेष रूप से संरक्षित जलीय जीवों में शामिल है। इसे भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव भी घोषित किया गया है। यह मुख्य रूप से गंगा, ब्रह्मपुत्र और मेघना नदी तंत्र में पाई जाती है। प्रदूषण, नदियों में पानी का घटता प्रवाह, मछली पकड़ने के जाल में फंसने और मानवीय गतिविधियों के कारण इस प्रजाति के सामने लगातार खतरे बने हुए हैं। बता दें कि वन्यजीव संरक्षण कानून, 1972 के तहत संरक्षित वन्यजीवों का शिकार करना या उन्हें मारना अपराध है। मामले की प्रकृति और लागू प्रावधानों के आधार पर दोषी पाए जाने पर सात साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान हो सकता है। कोसी जैसी नदियां गंगा नदी डॉल्फिन के लिए महत्वपूर्ण आवास मानी जाती हैं। ऐसे में मछली पकड़ने के दौरान डॉल्फिन के जाल में फंसने की घटनाएं संरक्षण को लेकर भी चिंता बढ़ाती हैं। अधिकारियों की कार्रवाई से साफ है कि संरक्षित जलीय जीवों को नुकसान पहुंचाने के मामलों में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज पटना के बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 5 लाख महिला लाभुकों को राशि का अंतरण किया गया। इसके साथ ही जीविका निधि से 10 हजार लाभुकों को ऋण वितरण, विकसित भारत–जी राम जी योजना के तहत 112 ग्रामीण हाटों के निर्माण का कार्यारंभ तथा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय एवं मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया। डीएम रिची पांडेय, डीडीसी आकाश चौधरी समेत अधिकारी थे मौजूद इस राज्यस्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण बेगूसराय समाहरणालय स्थित कारगिल विजय भवन में भी किया गया। मौके पर डीएम रिची पांडेय, डीडीसी आकाश चौधरी, एसडीओ एवं जीविका के जिला परियोजना पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में जीविका दीदियां उपस्थित थी। उपस्थित लोगों ने पटना में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा और लाभांवित हुए। इस अवसर पर डीएम रिची पांडेय ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि बेगूसराय में योजना के तहत 4 लाख 74 हजार 606 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। अब तक 4 लाख 59 हजार 95 आवेदकों को प्रथम किस्त के रूप में 10-10 हजार रुपये की राशि दी जा चुकी है। 31078 शहरी क्षेत्र के आवेदक भी शामिल हैं। आज बेगूसराय की 2455 जीविका दीदियों को प्रथम किस्त 10-10 हजार रुपये एवं 6282 आवेदकों को द्वितीय किस्त 20-20 हजार की राशि अंतरित की गई है। 'ग्रामीण आजीविका और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों मजबूत हो रही' डीडीसी आकाश चौधरी ने कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका और स्थानीय अर्थव्यवस्था, दोनों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के माध्यम से महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। जिससे उनके परिवारों की आय में वृद्धि के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिल रही है। कार्यक्रम के दौरान जीविका दीदियों में योजना को लेकर उत्साह देखा गया। उपस्थित दीदियों ने राज्यस्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा तथा महिला रोजगार और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में सरकार की पहलों की सराहना की।
ट्रेन में छूटा 75 हजार का बैग RPF ने वापस लौटाया, रांची से 48 कैन बीयर बिहार ले जा रहे दो गिरफ्तार
आरपीएफ ने मेमू ट्रेन में छूटे एक महिला यात्री के 75 हजार रुपये के काले लैपटाप बैग को पोकला स्टेशन से सुरक्षित बरामद कर लौटाया। वहीं, रांची रेलवे स्टेशन पर जांच के दौरान दो युवकों को 48 कैन बीयर के साथ गिरफ्तार कर आबकारी विभाग को सौंपा गया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार अभियान’ के तहत गुरुवार को भागलपुर के समीक्षा भवन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संबंधित विभागों के पदाधिकारी और अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान जिले की करीब तीन हजार महिलाओं को दूसरी किस्त के रूप में आर्थिक सहायता प्रदान की गई। राशि मिलने के बाद लाभुक महिलाओं के चेहरे पर खुशी और उत्साह देखने को मिला। सरकार की इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें स्वरोजगार तथा छोटे व्यवसाय से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। लाभुक महिलाओं ने बताया कि पहली किस्त की राशि का उपयोग उन्होंने अपने छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू करने या पहले से संचालित कारोबार को आगे बढ़ाने में किया। अब दूसरी किस्त मिलने से उन्हें अपने कारोबार को और विस्तार देने का अवसर मिलेगा। जीविका दीदियां बोलीं- आर्थिक सहायता मिलने के बाद उनके जीवन में बदलाव आया है कार्यक्रम में पहुंची जीविका दीदियों ने बताया कि आर्थिक सहायता मिलने के बाद उनके जीवन में बदलाव आया है। पवन जीविका स्वयं सहायता समूह की सचिव सुनीता देवी ने बताया कि पहली किस्त की राशि से उन्होंने किराना दुकान में निवेश किया। उन्होंने कहा कि पहले वे घरेलू महिला थीं, लेकिन जीविका समूह से जुड़ने के बाद सिलाई सहित अन्य कार्य करने का अवसर मिला। अब परिवार के सहयोग से किराना दुकान चला रही हैं। दूसरी किस्त की राशि का इस्तेमाल भी वह अपने व्यवसाय को बढ़ाने में करेंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए धन्यवाद दिया। शिव समूह से जुड़ी सुजीता कुमारी ने बताया कि जीविका से जुड़ने के बाद उन्हें पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये मिले थे। उन्होंने इस राशि से ब्यूटी पार्लर का काम शुरू किया। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। अब दूसरी किस्त मिलने के बाद वह ब्यूटी पार्लर के लिए आवश्यक सामान खरीदकर कारोबार को और बेहतर तरीके से संचालित करेंगी। उन्होंने भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। पहली किस्त से चाट की दुकान शुरू की, अब मुनाफा हो रहा है वहीं, मां गायत्री जीविका स्वयं सहायता समूह की सदस्य नीतू देवी ने बताया कि पहली किस्त के रूप में मिली 10 हजार रुपये की राशि से उन्होंने चाट की छोटी दुकान शुरू की थी। दुकान से उन्हें मुनाफा हो रहा है। उन्होंने बताया कि दूसरी किस्त के तहत उन्हें सुधा दूध बिक्री केंद्र खोलने के लिए 60 हजार रुपये की राशि मिलने वाली है। इस राशि से वह नया व्यवसाय शुरू करेंगी। नीतू देवी ने बताया कि वह अपने दो बच्चों के साथ रहती हैं और पति नहीं होने के कारण परिवार की जिम्मेदारी भी उनके ऊपर है। ऐसे में स्वरोजगार से होने वाली आय उनके लिए काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने सरकार की सहायता के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। महिलाओं ने कहा सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके लिए केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर भी है। वे प्राप्त राशि के साथ अपनी ओर से भी कुछ रकम जोड़कर कारोबार में निवेश करेंगी। इससे उनके मौजूदा व्यवसाय को मजबूती मिलेगी और भविष्य में रोजगार के नए अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी।
नेपाल की बाढ़ से बिहार में बढ़ा गंडक का जलस्तर, वीडियो में जाने 36 गेट खुले; 8 जिलों में हाई अलर्ट, 3 मीटर ऊंची लहरों का खतरा
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को ‘समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार’ अभियान का शुभारंभ किया गया। औरंगाबाद में यह कार्यक्रम समाहरणालय परिसर स्थित योजना भवन सभागार में डीएम अभिलाषा शर्मा के निर्देश पर आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह ने की। इस दौरान बड़ी संख्या में जीविका दीदियां और महिला लाभुक मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जिले की शेष 5,156 महिला लाभुकों के खाते में प्रथम किस्त के रूप में 10-10 हजार रुपये तथा 2,733 महिलाओं को द्वितीय किस्त के रूप में 20-20 हजार रुपये की राशि भेजी गई। पटना स्थित बापू सभागार से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अभियान की शुरुआत की। इस दौरान मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत पांच लाख महिला लाभुकों को राशि का अंतरण, जीविका निधि से 10 हजार महिला लाभुकों को ऋण वितरण, विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत 112 ग्रामीण हाटों के निर्माण का कार्यारंभ तथा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय और मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। स्वरोजगार और आजीविका विस्तार को मिलेगा बढ़ावा सरकार की ओर से दी गई आर्थिक सहायता का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना और उनकी आय बढ़ाना है। राशि मिलने से लाभुक महिलाएं अपनी पसंद और क्षमता के अनुसार विभिन्न आयवर्धक गतिविधियां शुरू कर सकेंगी। इससे उन्हें परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ अपने स्तर पर रोजगार का अवसर भी मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान औरंगाबाद जिले की 37 जीविका दीदियों को जीविका निधि बैंक के माध्यम से ऋण भी उपलब्ध कराया गया। ऋण की मदद से महिलाएं अपनी मौजूदा आजीविका गतिविधियों का विस्तार करने के साथ नए रोजगारपरक कार्य शुरू कर सकेंगी। कार्यक्रम में निदेशक डीआरडीए अनुपम कुमार, जिला परियोजना प्रबंधक जीविका पवन कुमार, प्रबंधक संचार जीविका मोहम्मद अनवर हुसैन, श्रुतिकांत पाठक, प्रखंड परियोजना प्रबंधक सहित जीविका से जुड़े पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह ने लाभुक महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने लाभुकों से सरकार से प्राप्त राशि का सही तरीके से उपयोग करने और इसे ऐसी गतिविधियों में लगाने की अपील की, जिससे लंबे समय तक आमदनी का स्रोत तैयार हो सके। दहेज के खिलाफ जागरूकता और बच्चों की शिक्षा पर जोर उप विकास आयुक्त ने जीविका दीदियों से अपने-अपने समूहों के माध्यम से दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामाजिक कुरीतियों को दूर करने में महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों की भूमिका महत्वपूर्ण है। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की जिम्मेदारी भी जीविका समूहों को निभानी चाहिए। उन्होंने लाभुक महिलाओं से अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया। कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ बच्चों की शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाना जरूरी है। कार्यक्रम में मौजूद जीविका दीदियों और महिला लाभुकों ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता पर खुशी जताई। लाभुकों ने कहा कि सरकार की इस पहल से उन्हें स्वरोजगार शुरू करने और अपनी आमदनी बढ़ाने का अवसर मिलेगा। महिलाओं ने आर्थिक सहयोग के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया और कहा कि इस तरह की योजनाएं उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
नेपाल की बाढ़ से बिहार में बढ़ा गंडक का जलस्तर, वीडियो में जाने 3 मीटर ऊंची लहरों का खतरा; यूपी-MP-राजस्थान में भी भारी बारिश का अलर्ट
शिक्षित और आत्मनिर्भर महिलाएं समृद्ध बिहार की मजबूत नींव: सीएम सम्राट चौधरी
Patna, 27 अगस्त . बिहार के Chief Minister सम्राट चौधरी ने Thursday को कहा कि शिक्षित और आत्मनिर्भर महिलाएं समृद्ध बिहार की मजबूत नींव हैं. महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को राज्य Government की प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि बिहार की बेटियों को इस तरह सक्षम बनाया जा रहा है कि वे ... Read more

