गलवान घाटी में चीन के साथ हुई हिंसक झड़प में हमारे 20 जवान शहीद हुए। इसमें 5 बिहार के थे। शहीदों की शहादत को 6 साल होने वाले है। गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प पर सलमान खान ‘बैटल ऑफ गलवान’ फिल्म भी बना रहे हैं। सलमान की इस फिल्म में बिहार के 5 जवानों की कहानी भी दिखाई देगी। वो कैसे लड़े और शहीद हुए। 14 अप्रैल को सलमान की मूवी रिलीज होगी। इस बीच 26 जनवरी के मौके पर दैनिक भास्कर के रिपोर्टर्स ने उन शहीदों के परिजन से मुलाकात की। शहीदों के परिवार आज किस हाल में हैं? उनकी शहादत कैसे हुई थी, सरकार की तरफ से उन्हें क्या मदद मिली? पढ़िए स्पेशल रिपोर्ट… सबसे पहले, सलमान खान गलवान जंग में जिस संतोष बाबू का कैरेक्टर प्ले कर रहे हैं, उस शहीद की कहानी गलवान में चीनी सैनिकों से झड़प में बिहार रेजिमेंट के 11 जवान शहीद थे। बिहार बटालियन का नेतृत्व कमांडिंग अफसर कर्नल संतोष बाबू कर रहे थे। शहीद संतोष बाबू तेलंगाना के सूर्यापेट के रहने वाले थे। शहीद संतोष ने हैदराबाद के सैनिक स्कूल में पढ़ाई की, फिर वे एनडीए के लिए चुने गए थे। शहीद कर्नल बी. संतोष बाबू की पत्नी संतोषी ने भास्कर से बातचीत में कहा, 'बेटा तो बहुत छोटा है, लेकिन बेटी को अपने पापा की बहुत याद आती है। अक्सर पूछती है कि, पापा कहां हैं? कब घर आएंगे? वो क्या कर रहे हैं?' बेटी के इन सवालों के जवाब में, संतोषी उन्हें पापा के पुराने फोटो दिखाती हैं। वो वीडियो दिखाती हैं, जो कभी साथ में शूट किए थे। पिकनिक की फोटो दिखाती हैं। संतोषी कहती हैं, 'बेटा, पापा अभी लद्दाख में हैं। देश के दुश्मनों से लड़ रहे हैं। बहुत अच्छा काम कर रहे हैं, इसलिए सरकार उन्हें पुरस्कार दे रही है।' शहीद संतोष के परिवार में माता-पिता और पत्नी के अलावा बेटी अभिगना (10) और बेटा अनिरुद्ध (5) हैं। संतोषी कहती हैं कि अगर मेरा बेटा भी सेना में जाना चाहेगा तो सपोर्ट करूंगी। पति को यूनिफॉर्म में देखकर बहुत गर्व होता था। यादें तो इसके अलावा भी बहुत सारी हैं। अब उन्हीं यादों के सहारे पूरी जिंदगी बितानी है। 2- पटना बिहटा के शहीद सुनील कुमार सुनील कुमार पटना के बिहटा ब्लॉक के सिकरिया पंचायत के तारापुर के रहने वाले थे। अब उनका पूरा परिवार सगुना मोड़ में रहता है। सुनील कुमार की शहादत को लगभग छह साल हो चुके हैं। उनकी शहादत के छह साल बाद गांव में स्मारक और सड़क बनाने की मांग अब तक अधूरी है। इस बीच एक साल पहले शहीद सुनील कुमार के पिता का निधन हो गया। सुनील 2002 में सेना में भर्ती हुए थे। गलवान में हुई झड़प के करीब एक साल पहले उनकी तैनाती पूर्वी लद्दाख के दुर्गम इलाके में हुई थी। गलवान युद्ध के समय उनकी उम्र 38 साल थी। पैतृक गांव के घर में केवल सुनील कुमार और उनके पिता की तस्वीरें हैं। ग्रामीणों ने बताया कि शहादत के दिन कई मंत्री, विधायक और सांसद हमारे गांव पहुंचे थे। शहीद के परिवार और ग्रामीणों ने मांग की थी कि गांव में शहीद सुनील कुमार का स्मारक बनाया जाए और उनके नाम पर गांव की सड़क का नामकरण हो। परिवार के सदस्य अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि, शहादत के बाद बिहार सरकार के मंत्री, विधायक और सांसद सभी लोग पहुंचे थे और कई वादे किए थे, जो आज भी अधूरे हैं। उन्होंने दोहराया कि उनकी मुख्य मांग है कि गांव की सड़क का नाम शहीद हवलदार सुनील कुमार के नाम पर रखा जाए और सिकरिया चौक के पास उनका स्मारक बने। स्थानीय सांसद-विधायक से ग्रामीण नाराज स्थानीय पंचायत प्रतिनिधी विवेक कुमार ने बताया कि, सरकार शहीद परिवार के लिए क्या अपनी छवि रखती है, वह दिख रहा है। स्थानीय सांसद-विधायक सभी लोग अब चुप बैठे हैं। कई बार हम लोगों ने उनसे बात की, लेकिन वह बात को महत्व नहीं दे रहे। शहीद के पिता इसी दुख में गुजर गए। उनकी मां की भी तबीयत खराब है। पूरा परिवार अब दानापुर में रह रहा है। पत्नी रीति देवी को पटना में क्लर्क की सरकारी नौकरी मिल चुकी है। उनकी तैनाती फिलहाल मनेर ब्लॉक में है। सबसे बड़ी बेटी सोनाली 16 साल की है। दो बेटे भी हैं, जिसमें 15 साल का आयुष और 10 साल का विराट है। शहीद सुनील कुमार की पत्नी रीति देवी ने बताया, 'वह दिसंबर 2019 में घर आए थे। तब एक महीने रुके थे। नवंबर में शादी की सालगिरह थी। जब सुनील घर आए थे तो उन्होंने अपनी सालगिरह भी मनाई थी। उनका हैदराबाद पोस्टिंग के लिए लेटर आ चुका था। उनकी यही प्लानिंग थी कि वापस आकर हैदराबाद शिफ्ट होंगे। उनके वापस जाने से पहले आने का टिकट भी हो चुका था। वे 15 अप्रैल को घर आने वाले थे, लेकिन लॉकडाउन के चलते घर नहीं आ पाए।' शहादत की खबर सुनकर आंखों के सामने छा गया था अंधेरा 15 जून 2020 को खबर आई कि चीनी सैनिकों के साथ झड़प हुई है। जब हमने फोन लगाया तो बताया गया कि बिहार रेजिमेंट में ही एक और सुनील कुमार हैं। आपके पति ठीक हैं। मगर सुबह 8 बजे उनके शहीद होने की सूचना दी गई। इसके बाद टीवी पर भी न्यूज चलने लगा।' 3- वैशाली के शहीद जयकिशोर सिंह वैशाली के जंदाहा थाना क्षेत्र के चकफतेह गांव के रहने वाले राज कपूर सिंह के बेटे जय किशोर सिंह 2018 में सेना में भर्ती हुए थे। तब उनकी उम्र 22 साल थी। उनकी गलवान में पहली पोस्टिंग थी। ये चार भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। उनके बड़े भाई नंद किशोर भी सेना के जवान हैं। उनके पिता राज कपूर सिंह किसान हैं। जय किशोर सिंह की शादी नहीं हुई थी। गांव के स्कूल की जमीन पर शहीद जय किशोर सिंह की मूर्ति लगी है। पिता राज कपूर सिंह कहते हैं कि गांव के ही हरिनाथ राम को पता नहीं क्या दिक्कत थी कि इसका निर्माण बीच में ही रोक दिया था, लेकिन जब मैंने इसकी शिकायत थाना अध्यक्ष से की, तो उन्होंने भी हरिनाथ का ही पक्ष लिया। फिलहाल, मूर्ति के पास न तो बाउंड्री है और न ही उसे सही तरीके से बनाया गया है। एक बेटा शहीद हुआ है, एक और भेजेंगे लेकिन डरेंगे नहीं जब जयकिशोर सिंह शहीद हुए थे, तब उनके बड़े भाई नंद किशोर सिक्किम में पोस्टेड थे। पिता राज कपूर सिंह बताते हैं कि जय किशोर की शहादत की खबर नंद किशोर को सबसे पहले मिली थी। वे बताते हैं कि मेरा बेटा सेना में भर्ती हुआ था, तब काफी खुश था। जब भी बात होती थी तो कहता था कि कोई दिक्कत नहीं है और मन लग रहा है। राज कपूर सिंह कहते हैं कि एक और छोटा बेटा है, उसे भी हम सेना में भेजेंगे। एक के शहीद होने से हम डरने वाले नहीं हैं। उलड़ाई लगा है तो पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं है। हमेशा कदम अगाड़ी रहता है। तुम एक मारोगे हम इधर से एक और भेजेंगे। गांव के लोग नहीं बनने दे रहे हैं स्मारक शहीद के पिता राज कपूर सिंह बताते हैं कि बिहार सरकार की तरफ से छोटे बेटे को नौकरी मिली है, लेकिन दुख इस बात का है कि अभी तक मेरे भाई का स्मारक नहीं बना है। जब भी प्रशासन के पास जाता हूं तो आज आना कल आना करके टाल देते हैं। हम जमीन देने के लिए भी तैयार हैं, लेकिन गांव के लोग अड़चन लगा रहे हैं। 4- समस्तीपुर के शहीद अमन कुमार सिंह मेरा बेटा 16 जून 2020 में देश के लिए शहीद हो गया। 20 जून को उसके पार्थिव शरीर के सामने बिहार सरकार से तत्कालीन मंत्री महेश्वर हजारी ने गांव में शहीद के नाम पर सड़क बनाने की घोषणा की थी। उनके साथ तत्कालीन डिप्टी सीएम सुशील मोदी भी थे, लेकिन 6 साल होने को हैं, लेकिन सड़क नहीं बना, बेटे का स्मारक भी नहीं बना। सड़क बनाना तो मेरे वश की बात नहीं है, लेकिन बेटे का स्मारक अब खुद के पैसे से ही बनाऊंगा। सरकार का अब इंतजार नहीं कर सकता हूं। ये कहते हुए बेटे की याद में शहीद अमन कुमार सिंह के पिता सुधीर कुमार सिंह की आंखें नम हो जाती हैं। जिला मुख्यालय से करीब 65 किलोमीटर दूर मोहिउद्दीननगर के सुल्तानपुर गंगा दियारा के छोटे गांव में शहीद अमन सिंह का मकान है। देश के लिए शहीद होने से एक साल पहले ही अमन सिंह की शादी हुई थी। सुधीर सिंह बताते हैं कि जब अमन आखिरी बार घर से निकले थे तो कहा था कि लौटूंगा तो आपका और मम्मी का इलाज सेना के हॉस्पिटल में कराऊंगा। सुधीर कुमार सिंह बताते हैं कि आज 77वां गणतंत्र दिवस है, लेकिन हमारे गांव में आने-जाने के लिए पक्की सड़क नहीं है। बरसात के दिनों में लोगों को पानी में घुसकर गांव आना-जाना पड़ता है। वे बताते हैं कि सरकार की ओर से उनकी बहू को सरकारी नौकरी मिली है। वो अंचल कार्यालय में पोस्टेड है। 15 महीने पहले हुई थी शादी सुधीर सिंह बताते हैं कि शहादत से मात्र 15 महीने पहले ही अमन की शादी हुई थी। 24 साल के अमन 2014 में आर्मी में भर्ती हुए थे। पिछले दो साल से वे गलवान में तैनात थे। साल 2020 में उनकी पोस्टिंग हैदराबाद के लिए हुई थी, लेकिन कोरोना के चलते वे नहीं जा सके। सुधीर सिंह कहते हैं कि अमन आखिरी बार फरवरी में घर आया था और जुलाई में आने की बात कही थी। उनसे फोन पर भी नेटवर्क के चलते रोज बात नहीं होती थी। हफ्ते में एक दो बार ही फोन आता था। आखिरी बार शायद 11 तारीख को मेरी बात हुई थी। तब तक सब कुछ ठीक था। उन्होंने चीन या किसी तरह के तनाव की बात नहीं बताई थी। 16 जून की रात उसके यूनिट से शहादत की खबर मिली थी। 5- सहरसा के शहीद कुंदन कुमार सहरसा के सत्तरकटैया प्रखंड के आरण गांव के रहने वाले निमेंद्र यादव के दो बेटे में कुंदन सबसे छोटे थे। कुंदन 2012 में बिहार रेजीमेंट 16वीं बटालियन में बतौर सिपाही भर्ती हुए थे। उनकी पहली पोस्टिंग अरुणाचल प्रदेश फिर जम्मू कश्मीर उसके बाद लद्दाख में की गई थी। कुंदन कुमार यादव के परिवार को सरकारी वादों का अब भी इंतजार है। उनका परिवार आज भी जिला मुख्यालय से लेकर राजधानी पटना तक चक्कर काटने को मजबूर हैं। पिता ने बताया कि शहादत के बाद बिहार सरकार ने 5 कट्टा जमीन देने का वादा किया था, लेकिन 6 साल बाद भी जमीन का वादा पूरा नहीं किया जा सका है। कुंदन के पिता ने बताया कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार की ओर से स्मारक का वादा पूरा किया जा चुका है और शहीद बेटे की पत्नी को सरकारी नौकरी के साथ-साथ मुआवजे की रकम भी मिल चुकी है। राज्य सरकार ने कुंदन की पत्नी बेबी कुमारी को सहरसा के डीसीएलआर ऑफिस में क्लर्क की नौकरी दी है। कुंदन को दो बेटे 9 साल का रोशन और 6 साल का राणा है। 'बेटा शहीद हुआ तो क्या, अब दोनों पोतों को भी फौज में भेजेंगे' जब कुंदन शहीद हुए थे, तब उनके पिता निमेंद्र यादव ने कहा था कि मेरा बेटा शहीद हो गया, दुख तो बहुत है। उसी पर घर-परिवार का सारा अरमान था। हम खेती-किसानी करते हैं। इकलौता वही कमाने वाला था। कहकर गया था कि अबकी बार छुट्टी लेकर आएंगे तो मकान बनवाएंगे। उन्होंने कहा कि जिस दिन मुझे उसकी शहादत की खबर मिली उसी दिन मन में ठान लिया कि अपने दोनों पोतों को भी फौज में भेजूंगा। आखिरी बार 11 जून को उनकी बात कुंदन से हुई थी। पहाड़ों पर नेटवर्क नहीं होने के चलते हफ्ते में एक बार बात होती थी। जल्द ही छुट्टी लेकर घर आने की बात उन्होंने पत्नी से कही थी। कुंदन साल 2012 में सेना में शामिल हुए थे। 2013 में उनकी शादी मधेपुरा जिले के घैलाढ़ थाना क्षेत्र के इनरबा गांव की बेबी कुमारी से हुई थी। अब जानिए, 15-16 जून की रात को गलवान में क्या हुआ था, झड़प की कहानी क्या है? गलवान घाटी में चीन और भारत के सैनिकों में झड़प की वजह पड़ोसी देश की एक ऑब्जर्वेशनल पोस्ट थी। चीन ने ठीक एलएसी पर एक ऑब्जर्वेशन पोस्ट बना ली थी। भारतीय सेना को इस स्ट्रक्चर पर आपत्ति थी। 16 बिहार इन्फैन्ट्री रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू इसे लेकर कई बार चीनी कमांडर को आपत्ति दर्ज करवा चुके थे। एक बार उनके कहने पर चीन ने इस कैम्प को हटा भी दिया, लेकिन 14 जून को अचानक फिर से ये कैम्प खड़ा कर दिया गया। कर्नल संतोष के जवान उस कैम्प को खुद उखाड़ फेंकना चाहते थे, लेकिन तभी उन्होंने खुद कैम्प तक जाकर चीन के सैनिकों से बात करने का फैसला किया। शाम 4 बजे के आसपास वो अपने 40 जवानों के जवानों को लेकर पैदल उस कैम्प तक चले गए। जैसे ही कर्नल संतोष ने सवाल किया एक चीनी सैनिक ने आकर उन्हें धक्का दिया और गालियां देने लगा। ऐसा देखते ही 16 बिहार इंफैन्ट्री रेजिमेंट के सैनिकों को गुस्सा आ गया और उन्होंने चीन के सैनिकों को पीटना शुरू कर दिया। मुक्केबाजी में दोनों ओर के सैनिक घायल हो गए। गुस्साए भारतीय सैनिकों चीन के ऑब्जर्वेशन पोस्ट को तहस-नहस कर दिया। इसी बीच कर्नल संतोष ने घायल सैनिकों को वापस पोस्ट पर भेज दिया और वहां से और सैनिकों को बुलवाया। 15 जून की शाम को शुरू हुई लड़ाई आधी रात तक चलती रही धीरे-धीरे अंधेरा होने लगा था और वहां भारतीय और चीन सैनिक जमावड़ा बढ़ता जा रहा था। तभी अचानक एक बड़ा पत्थर कर्नल संतोष के सिर पर आकर गिरा। फिर दोनों ओर से पथराव होने लगा और एक घंटे तक ये गुत्थम-गुत्था झगड़ा चलता रहा। कुछ ही देर में ये खूनखराबे में बदल गया। चीन के लगभग 300 सैनिक थे और इनका सामना करने के लिए भारतीय जवानों की संख्या 45 से 50 थी। भारतीय सैनिकों के पास हथियार तो थे, लेकिन वो उनका इस्तेमाल नहीं कर रहे थे। वहीं चीन के सैनिकों ने इस झगड़े की प्री-प्लानिंग के लिए कंटीले तार बंधे डंडे, लोहे की रॉड और बड़े बोल्डर पत्थर जमाकर रखे थे। मानों वो भारतीय सैनिकों के इंतजार में बैठे हों। उस रात इंडियन आर्मी ने कर्नल समेत 20 जवानों को खोया चीन के सैनिक जब इन सब सामान का इस्तेमाल कर भारतीय जवानों पर हमला कर रहे थे। तब तक हर इन्फेंट्री बटालियन में तैनात भारतीय सेना की घातक प्लाटून वहां पहुंच गई। उन सैनिकों ने चीन के सोल्जर्स पर जमकर हमला किया, जिसमें चीन के सैनिकों की गर्दन और रीढ़ की हड्डी तक टूट गई। झगड़ा गलवान घाटी के किनारे खड़ी खाई के ठीक पास चल रहा था। यही वजह थी कि जब चीन और भारतीय सैनिक के बीच खूनखराबा हुआ तो कुछ सैनिक जाकर नीचे गलवान नाले में गिर गए। इनमें भारतीय भी थे और चीन के सैनिक भी। उस रात भारतीय सेना ने कर्नल संतोष समेत 20 जवानों को खोया, जबकि चीन के 16-20 सैनिकों की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि 17 गंभीर घायल जवानों ने बाद में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
सुनील कुमार सिंह बने बिहार समाज समिति के अध्यक्ष, शिविर में 56 यूनिट रक्त संग्रहित
उदयपुर | बिहार समाज समिति का चुनाव रविवार को उदयपुर में निर्विरोध संपन्न हुआ। चुनाव स्थापना दिवस के अवसर पर कराया गया। अध्यक्ष पद पर सुनील कुमार सिंह चुने गए। सचिव प्रवीण सिंह और कोषाध्यक्ष गोकुल झा निर्विरोध निर्वाचित हुए। चुनाव अधिकारी अधिवक्ता चेतन पुरी गोस्वामी और प्रकाश चंद्र टेलर रहे। स्थापना दिवस पर रक्तदान शिविर लगाया गया। इसमें करीब 56 यूनिट रक्तदान हुआ। कार्यकारिणी में मनोज आर्या, रंजन पांडे, माया सिंहा, योगेंद्र सिंह, संतोष उपाध्याय, सिम्मी ठाकुर, प्रवीण झा, विनोद सिंह, राज सिंह, सुशील कुमार, कन्हैया प्रसाद, सकेंद्र शर्मा, सारदा जायसवाल और छवि नाथ यादव शामिल हैं। संजय जायसवाल, दिना नाथ सिंह, लाल बाबू सिंह और मुकेश सिंहा मौजूद रहे। कार्यक्रम में समाज के हजारों लोग शामिल हुए।
जननायक कर्पूरी ठाकुर हम सबके लिए आदर्श उनका जीवन बिहार के लिए समर्पित रहा : मंत्री
नौतन | बेतिया-अरेराज नौका टोला कर्पूरी चौक पर राज्य सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार व वाल्मीकिनगर सांसद सुनील कुमार ने माल्यार्पण किया। उनके साथ जिला पार्षद 35 के मनोज कुशवाहा भी शामिल रहे। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि कर्पूरी जी हम सभी के आदर्श थे। उनके पदचिह्न पर चलने का हम सभी प्रयास करते हैं। उनका जीवन बिहार के लिए समर्पित रहा। उन्होंने सभी वर्गों के लिए मिसाल कायम किया। ऐसा मिसाल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कायम कर सकते हैं। सांसद सुनील कुमार ने बताया कि पूज्य पिताजी बैद्यनाथ प्रसाद महतो के द्वारा यह कार्यक्रम चलाया गया था। हर साल कन्याओं की शादी करवाई जाती है। मनोज कुशवाहा, अरुण कुशवाहा, कृष्ण ठाकुर, शंभू कुशवाहा, दयानंद कुशवाहा, वीरेंद्र कुशवाहा, पारस कुशवाहा, हीरामन प्रसाद, चंद्रिका प्रसाद, पूर्व प्रमुख मजहर आलम, भुनेश्वर सिंह, शंभू कुशवाहा, मीना देवी, राधा प्रसाद आदि लोग मौजूद रहे।
मुंगेर में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को संग्रामपुर प्रखंड के रामपुर चौक पर बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर तारापुर के पूर्व विधायक राजीव कुमार सिंह, मुंगेर विधायक कुमार प्रणय, भाजपा जिलाध्यक्ष अरुण कुमार पोद्दार, मनमोहन चौधरी सहित कई एनडीए कार्यकर्ता उपस्थित थे। 1952 से 1961 तक डॉ. श्रीकृष्ण सिंह ने किया था विकास उपमुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि 1952 से 1961 तक डॉ. श्रीकृष्ण सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में राज्य का विकास किया था। उनके बाद, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ही अपने 20 वर्षों के शासनकाल में बिहार के विकास को गति दी है। उन्होंने जननायक कर्पूरी ठाकुर के प्रयासों का भी उल्लेख किया। चौधरी ने आगे कहा कि 1961 से 1990 के बीच जितने भी मुख्यमंत्री हुए, उनमें से किसी ने भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं किया। उन्होंने बताया कि कुछ मुख्यमंत्री एक, दो या तीन साल ही पद पर रहे और उन्हें काम करने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला। डॉ. जगन्नाथ मिश्रा तीन बार मुख्यमंत्री बने, लेकिन वे भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए। पानी पहुंचने से किसानों को मिलेगा लाभ उपमुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अगले मार्च तक हनुमाना डैम तक गंगा का पानी पहुंचाया जाए। उनका मानना है कि इस पहल से क्षेत्र के किसानों को काफी लाभ मिलेगा। तारापुर के संदर्भ में, उन्होंने कहा कि पूर्व में मेवालाल चौधरी, नीता चौधरी, राजीव कुमार और उनके पिता शकुनी चौधरी जैसे कई लोग विधायक रहे हैं, जिन्होंने अपने-अपने कार्यकाल में तारापुर को आगे बढ़ाने का काम किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि एक विधायक के रूप में वे बचे हुए सभी कार्यों को पूरा करेंगे।
समस्तीपुर में मतदाता दिवस के मौके पर आज कलेक्ट्रेट के सभागार में डीडीसी सूर्य प्रताप सिंह की अध्यक्षता में मतदाता दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर विधानसभा चुनाव में बेहतर काम करने वाले कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। जिला मुख्यालय के साथ ही जिले के सभी 3603 मतदान केंद्रों पर मतदाता दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जहां पर सभी लोगों को मतदान के अधिकार का प्रयोग आने वाले चुनाव में करने का आह्वान किया गया। इससे पहले दीप जला कर डीडीसी सूर्य प्रताप सिंह,एडीएम ब्रजेश कुमार ने कार्यक्रम की शुरुआत की। बिहार में सबसे अधिक समस्तीपुर में मतदान डीडीसी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि पिछले विधानसभा में बिहार में सबसे अधिक समस्तीपुर में मतदान हुआ। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से मतदान के प्रति लोगों को जागरूक करने का परिणाम था। इसके साथ जिले में स्वच्छ मतदान संपन्न हुआ। चुनाव के दौरान कहीं भी शिकायत सामने नहीं आी। जिसका परिणाम है कि समस्तीपुर के डीएम को आज राष्ट्रपति से अवॉर्ड मिला है। जबकि, जिले के अन्य आरओ को राज्य सरकार दिया पुरस्कृत किया गया है। अधिकारी व कर्मियों को दिलाई गई शपथ डीडीसी ने सभी अधिकारी व कर्मियों को शपथ दिलाई । भारत के नागरिक, लोक तंत्र में अपनी, पूर्ण आस्था रखते हुए यह शपथ लेते है कि हम अपने देश की लोकतांत्रिक परंपराओं की मर्यादा को बनाएं रखेंगे।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को मुंगेर जिले के तारापुर विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संग्रामपुर प्रखंड के खैरा गांव में आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के बाद उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए विकास और कानून-व्यवस्था पर सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। जनसभा को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर सरकार की योजनाओं को जमीन पर उतारने की बात कही। विकास की गति तेज करने का दिया आश्वासन डिप्टी सीएम ने आश्वासन दिया कि आने वाले समय में तारापुर और आसपास के इलाकों में विकास की गति तेज होगी, जिससे आम लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा। अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने अपराध और अपराधियों के प्रति सख्त रुख अपनाया। उन्होंने खुले मंच से अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बिहार में अब अपराधियों को माला पहनाने का काम नहीं, बल्कि माला चढ़ाने का काम किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में अपराध के लिए कोई जगह नहीं है और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नीट छात्राकांड का पारदर्शिता से होगी जांच डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने नीट छात्राकांड का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस गंभीर घटना की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकार पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। चौधरी ने कहा कि पुलिस को अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पूरी छूट दी गई है। पुलिस लगातार अपराधियों पर शिकंजा कस रही है और यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून का राज स्थापित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभा के अंत में सम्राट चौधरी ने लोगों से विकास और सुशासन के लिए सरकार का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग से ही बिहार को अपराधमुक्त और विकसित राज्य बनाया जा सकता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, पार्टी कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।
औरंगाबाद जिले के देव स्थित ऐतिहासिक रानी तालाब परिसर में आज से तीन दिवसीय सूर्य महोत्सव का भव्य आगाज होगा। आयोजन को लेकर सारी तैयारियां पूरी की जा चुकी है। पर्यटन विभाग, बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन के संयुक्त देखरेख में आयोजित यह महोत्सव धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तीन दिवसीय इस आयोजन को लेकर देव सहित पूरे जिले में उत्साह का माहौल है। सूर्य महोत्सव का भव्य उद्घाटन रविवार को दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक उद्घाटन सत्र के साथ होगा। उद्घाटन समारोह के मुख्य उद्घाटनकर्ता माननीय अवधेश नारायण सिंह, सभापति बिहार विधान परिषद होंगे। इस अवसर पर बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री सह प्रभारी मंत्री औरंगाबाद डॉ. संतोष कुमार सुमन तथा पर्यटन विभाग सह कला एवं संस्कृति विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद की विशेष उपस्थिति रहेगी। अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में औरंगाबाद के सांसद अभय कुमार सिन्हा एवं काराकाट के सांसद राजाराम सिंह शामिल होंगे। वहीं, बिहार विधान परिषद के सदस्य दिलीप कुमार सिंह, जीवन कुमार सहित कई विधायक, जनप्रतिनिधि और गणमान्य अतिथि कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। 25 जनवरी को उद्घाटन समारोह और बॉलीवुड नाइट उद्घाटन सत्र के बाद शाम 6 बजे से 6:30 बजे तक मशहूर गायिका प्राची पल्लवी साहु की सांस्कृतिक प्रस्तुति होगी। इसके पश्चात शाम 6:30 बजे से रात 9:30 बजे तक इंडियन आइडल सीजन-12 के विजेता और सुप्रसिद्ध बॉलीवुड गायक पवनदीप राजन अपनी गायकी से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। 26 की शाम में भोजपुरी गायिका कल्पना पटवारी की प्रस्तुति महोत्सव के दूसरे दिन 26 जनवरी यानि सोमवार को सुबह 10:00 बजे से 12:00 बजे तक मुख्य मंच पर जिला स्तरीय क्विज प्रतियोगिता का फाइनल आयोजित किया जाएगा। इसके बाद दोपहर 12:00 बजे से 1:00 बजे तक खो-खो, कबड्डी, फुटबॉल और स्लो साइकिल रेस जैसी जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं होंगी। दोपहर 1:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक राज्य स्तरीय कलाकारों की प्रस्तुति होगी, जबकि शाम 6:00 बजे से 9:30 बजे तक सुप्रसिद्ध लोक गायिका कल्पना पटवारी अपने लोक गीतों से महोत्सव में चार चांद लगाएंगी। 27 जनवरी को प्रतियोगिताएं और समापन समारोह महोत्सव के अंतिम दिन 27 जनवरी को सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक सरस मेला मैदान में पेंटिंग, मेंहदी और रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इसी समय राजा जगन्नाथ उच्च माध्यमिक विद्यालय, देव के खेल मैदान में जिला स्तरीय निबंध प्रतियोगिता आयोजित होगी। दोपहर 12 :00 बजे से शाम 5:00बजे तक स्थानीय कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। इसके बाद शाम 5:00 बजे से 6:00 बजे तक विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। शाम 6:00 बजे से 6:30 बजे तक धन्यवाद ज्ञापन के साथ सूर्य महोत्सव का विधिवत समापन होगा।आयोजन समिति और जिला प्रशासन ने बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद जताई है। सूर्य महोत्सव न केवल देव के सूर्य मंदिर की ऐतिहासिक महत्ता को उजागर करेगा, बल्कि औरंगाबाद जिले को पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान भी दिलाएगा। भव्य तरीके से की यह सूर्य मंदिर की सजावट आयोजन को लेकर देव सूर्य मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया है। गर्भ ग्रह से लेकर मंदिर के प्रवेश द्वार तक फूल और लाइटिंग से आकर्षक सजावट की गई है। जिससे सूर्य मंदिर की खूबसूरती में चार चांद लग रहा है। सूर्य मंदिर में विधिवत पूजा अर्चना के साथ रथ यात्रा और महोत्सव का आगाज होगा। रथ यात्रा का भी किया जाता है आयोजन रविवार को ही देव पर्यटन विकास केंद्र के द्वारा भव्य रथ यात्रा का आयोजन किया जाता है। जो देव सूर्य मंदिर से शुरू होकर मुख्य बाजार होते हुए सूर्यकुंड तालाब तक जाती है। समिति के द्वारा आयोजन की तैयारी पूरी कर ली गई है। आयोजन को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
बिहार पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और बलिया थाना की पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर घेराबंदी कर 7 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनकी निशानदेही पर हथियार और गोली भी बरामद किए गए हैं।यह सभी बिहार सरकार का बोर्ड लगे उजले रंग के स्कॉर्पियो पर सवार होकर दियारा की ओर से आ रहे थे। तभी रास्ते में घेराबंदी कर पुलिस टीम ने पकड़ लिया है। पकड़े गए बदमाशों की पहचान बलिया थाना क्षेत्र के शादीपुर (कासिमपुर) के रहने वाले संजीव कुमार उर्फ पप्पू (48), सम्पूर्ण कुमार (35), संजय कुमार (25), धीरज कुमार (30) एवं सिंटु कुमार उर्फ सिंटुनिया, नौरंगा दियारा के रहने वाले शुभम कुमार (22) तथा खगड़िया जिला के परवत्ता थाना क्षेत्र के कबेला गांव के रहने वाले चंदन कुमार (32) के रूप में की गई है। एसटीएफ की टीम की ओर से बलिया थाना को दी गई थी सूचना एसपी मनीष ने बताया कि बेगूसराय में मौजूद STF टीम की ओर से बलिया थाना को सूचना दी गई कि एक स्कॉर्पियो पर दियारा के तरफ से कुछ कुछ बदमाश घटना को अंजाम देने के लिए बलिया की ओर रहे है। जिसे त्वरित कार्रवाई करने पर पकड़ा जा सकता है। इनपुट मिलते ही पुलिस दियारा रुट में एक्टिव हो गई। इधर वरीय पदाधिकारी को सूचना देते हुए एसटीएफ की टीम भी बलिया पहुंच गई। बलिया थाना की गश्ती टीम एवं STF की टीम ने दियारा क्षेत्र में घेराबंदी कर दिया। इसी बीच दियारा की ओर से Govt Of Bihar DPO बेगूसराय का साईन बोर्ड लगा स्कॉर्पियो आते दिखा। लेकिन पुलिस टीम को देखकर स्कॉर्पियो तेजी से लेकर भागने लगा। यह देख पुलिस टीम ने पीछा करना शुरू कर दिया और मनेसरपुर के समीप घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। बदमाशों की निशानदेही पर देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद BR08P-3501 नंबर के स्कॉर्पियो पर सवार संजीव कुमार उर्फ पप्पू, सम्पूर्ण कुमार, संजय कुमार, धीरज कुमार, सिंटु कुमार, शुभम कुमार एवं चंदन कुमार के पास से 1-1 मोबाइल बरामद किया गया। जांच के दौरान सिंटु कुमार के मोबाइल में कई हथियार का फोटो मिला है। पूछताछ में शुभम कुमार बताया कि सिंटु कुमार के घर में हथियार-गोली रखा है। इसके बाद सिंटु कुमार के शादीपुर स्थित घर से 1 देशी कट्टा और 4 गोली बरामद किया गया। सभी बदमाशों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है पूछताछ करने पर बदमाशों ने बताया है कि हमलोगों का एक गिरोह है, जिसका सरगना संजीव कुमार उर्फ पप्पू है। धीरज कुमार DPO बेगूसराय का साईन बोर्ड लगाकर स्कॉर्पियो गाड़ी लेकर जाता, जिससे कोई शक नहीं करता और हमलोग घटना को अंजाम देते थे। पूर्व में कई घटना को अंजाम दे चुके हैं। फिलहाल पुलिस टीम पकड़े गए बदमाशों से पूछताछ एवं आगे की कार्रवाई कर रही है। सभी का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।
बेगूसराय में पहली बार बरौनी के हर्ल खाद कारखाना के मैदान में बिहार डेयरी एंड कैटल एक्सपो का आयोजन किया जाएगा। पशुपालकों की मांग पर आयोजित होने वाले इस एक्सपो में मुख्य आकर्षण का केंद्र हरियाणा के प्रसिद्ध किसान पद्मश्री नरेश सिंह का मुर्रा नस्ल का 15 करोड़ का भैंसा विधायक। विधायक नाम से प्रसिद्ध यह भैंसा असाधारण सुंदरता, ताकत और उच्च गुणवत्ता वाले सीमन के लिए जाना जाता है। उन्होंने बताया- इसकी सीमन क्वालिटी खास है। एक डोज की कीमत 300 रुपए है। हर साल करीब 40-50 लाख रुपए का सीमन बिकता है। भैंसा जहां रहता है, वहां एसी लगे हैं। डाइट में काजू, बादाम, मेवे और पनीर खाता है। 28, 29 और 30 जनवरी को आयोजित होने वाले इस एक्सपो में मवेशियों की सबसे बड़ी प्रदर्शनी लगेगी। इसके साथ ही मिल्किंग प्रतियोगिता तथा तकनीकी और वैज्ञानिक सत्र का भी आयोजन किया जाएगा। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के सहयोग से किया जा रहा एक्सपो का आयोजन एक्सपो का आयोजन बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के सहयोग तथा बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय पटना के समर्थन से कृषिका द्वारा किया जा रहा है। जिसमें बिहार स्टेट मिल्क कोऑपरेटिव फेडरेशन (कॉम्फेड) के तहत आने वाले मिल्क यूनियनों एवं सहकारी समितियों की सक्रिय भागीदारी रहेगी। आयोजन इस क्षेत्र के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा। जहां वे तकनीकी सत्र के दौरान विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर सकेंगे। इसके साथ ही किसानों को प्रदर्शनी स्टॉल्स पर विभिन्न तरह के 60 से अधिक पशु उत्पाद, दवाइयां, डेयरी यंत्र, डेयरी उत्पाद यंत्र के अलावा खाद्य पदार्थों से मिलने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा विभिन्न कंपनियों द्वारा डेयरी एवं अन्य तरह के उत्पादों की प्रदर्शनी भी देखने को मिलेगी। एक्सपो के दौरान मिल्किंग प्रतियोगिता भी होगी, जिसमें चार अलग-अलग तरह की प्रतियोगिताएं शामिल की गई हैं। भैंस की मिल्किंग प्रतियोगिता भी होगी प्रतियोगिता में एचएफ नस्ल, जर्सी, देसी नस्ल की गाय के अलावा भैंस की मिल्किंग प्रतियोगिता होगी। जिसमें एचएफ नस्ल की 30 लीटर या उससे अधिक दूध देने वाली गाय को शामिल किया जाएगा। दूध निकालने की प्रतियोगिता में जर्सी के लिए 20 लीटर या उससे अधिक, देसी के लिए 12 लीटर या उससे अधिक तथा भैंस के लिए प्रतिदिन कम से कम 15 लीटर या उससे अधिक लीटर दूध देने वाले पशुओं को शामिल किया जाएगा। विजेता को 51 हजार तक का पुरस्कार मिलेगा। पद्मश्री से सम्मानित नरेंद्र सिंह का है भैंसा ‘विधायक’ प्रगतिशील किसान और आयोजन समिति के ब्रजेश कुमार ने बताया कि एक्सपो का मुख्य आकर्षण होगा हरियाणा से आ रहा 15 करोड़ का भैंसा विधायक। मुर्रा नस्ल का यह विधायक नाम का भैंसा पानीपत के प्रगतिशील किसान और पद्मश्री से सम्मानित नरेंद्र सिंह का है। इस भैंसा को लाने का उद्देश्य यह है कि हरियाणा और पंजाब जैसे राज्य इतने आगे है कि वहां के किसान 15 करोड़ का भैंसा तैयार कर लेते हैं। जबकि हम बिहार में 2-3 लाख तक की गाय नहीं बना पा रहे हैं। यह नस्ल तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। आयोजक राकेश कश्यप ने बताया कि कृषिका द्वारा दिसंबर 2023 में पहला बिहार का पहला डेयरी और कैटलॉग का आयोजन किया गया था। इससे हमारे प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में गुणात्मक वृद्धि हुई है। अब जरूरी है कि हम किसानों को न्यूनतम और आधुनिक जानकारी दें, जो देश-विदेश में हो रहा है। बेगूसराय और समस्तीपुर बिहार का सबसे बड़ा दूध उत्पादक जिला है। दूध उत्पादक किसानों को और जागरूक करने के लिए ही कार्यक्रम हो रहा है। पशुपालन के क्षेत्र की बड़ी-बड़ी कंपनियां इसमें शामिल हो रही है उद्घाटन विभाग के मंत्री सुरेंद्र मेहता करेंगे। जिसमें बिहार पशु विश्वविद्यालय के कुलपति, बिहार के पशुपालन सचिव, आईसीआर सहित उन विभागों के प्रमुख रहेंगे। यह लोग अलग-अलग तरीके से किसानों को जानकारी देंगे। पशुपालन के क्षेत्र की बड़ी-बड़ी कंपनियां इसमें शामिल हो रही है। बिहार का अगला जो दशक होगा, वह दूध उत्पादन का होगा और इस क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन होने वाला है। हमारा प्रयास है कि किसान कम खर्चे में अधिक से अधिक दूध उत्पादन करें। इस एक्सपो का सबसे बड़ा लक्ष्य बिहार के पारंपरिक पशुपालन को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है। जब किसान 15 करोड़ रुपए का विधायक जैसे भैंसा को देखेंगे, तो उनमें पशुओं की नस्ल सुधारने और बेहतर आहार देने की प्रेरणा जगेगी। एक्सपो में केवल पशु ही नहीं, बल्कि पशुपालन को आसान बनाने वाली मशीनों का भी प्रदर्शन होगा। जिनसे कम समय में स्वच्छता के साथ दूध निकाला जा सकता है। उच्च गुणवत्ता वाला दाना अधिक दूध उत्पादन बढ़ाने में सहायक होगा।
अशोकनगर में कल (रविवार) बिजली कटौती होगी। मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अनुसार, 33/11 केवी अशोकनगर शहर उपकेंद्र पर आवश्यक रखरखाव कार्य किया जाएगा। यह कार्य सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगा। रखरखाव कार्य के कारण 33/11 केवी उपकेंद्र से निकलने वाले विभिन्न 11 केवी फीडरों पर विद्युत प्रदाय बंद रहेगा। इससे शहर के कई इलाके प्रभावित होंगे। विदिशा रोड फीडर से परासर मोहल्ला, लंबरदार मोहल्ला, गणेश कॉलोनी, अंबेडकर मोहल्ला, डॉ. कयाल नर्सिंग होम, खालसा कॉलोनी, शिवपुरी स्कूल, विदिशा रोड और चुंगी नाका सेन चौराहा जैसे क्षेत्र प्रभावित रहेंगे। मैन बाजार फीडर के तहत आजाद मोहल्ला, गांधी पार्क, गुरुद्वारा, रेलवे स्टेशन, इंदिरा पार्क, सुराना चौराहा, महावीर कॉलोनी और पंजाबी कॉलोनी में बिजली नहीं रहेगी। कलेक्ट्रेट फीडर से इमाम चौकी, ऊर्जा कॉलोनी, बसंत बिहार कॉलोनी, पुलिस कंट्रोल रूम, मुस्कान पब्लिक स्कूल और महिला थाना प्रभावित होंगे। ईसागढ़ रोड फीडर से दुबे कॉलोनी, तायडे कॉलोनी, मजिस्ट्रेट कॉलोनी, राजमाता चौराहा, ईसागढ़ रोड और गुना रोड के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। कोर्ट फीडर से जिला चिकित्सालय, कलेक्ट्रेट, कोर्ट परिसर और कलेक्ट्रेट आवास जैसे इलाके प्रभावित होंगे। कंपनी ने बताया है कि विद्युत प्रदाय बंद या चालू करने का समय आवश्यकतानुसार घटाया या बढ़ाया जा सकता है।
NEET छात्रा से रेप-मौत के मामले ने बिहार की सियासत गरमा दी है। मामले की जांच कर रही SIT की रिपोर्ट पर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो मामले की CBI जांच भी कराई जाएगी। वहीं लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा है कि ये शर्म का विषय है कि कानून के राज के आपके तमाम दावों के बावजूद बिहार में बेटियां असुरक्षित हैं। इधर, भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव ने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। मांझी बोले- बिहार सरकार चुप नहीं बैठी है जीतनराम मांझी ने कहा, अगर जरूरत पड़ी तो निश्चित तौर पर सीबीआई जांच भी कराई जाएगी। लोगों के दिमाग में बहुत सारी बातें आती हैं, लेकिन लोगों को यह सोचना चाहिए कि बिहार सरकार चुप नहीं बैठी है। एसआईटी का गठन हो गया है। जहां-जहां मृतक बच्ची का संपर्क था, वहां एसआईटी और पुलिस जा रही है और जांच कर रही है। अगर एकाएक कोई निर्णय ले लिया जाए और अगर वह निर्णय गलत साबित हो जाएगा तो उसकी भी प्रतिक्रिया होगी। ऐसे में जरूरी है कि निर्णय ठोस आधार पर लिया जाए ताकि कोई उंगली न उठे। मांझी ने कहा कि हर हाल में पुलिस और एसआईटी घटना का खुलासा करेगी। खुलासे के बाद मामले में समुचित कार्रवाई होगी। कौन क्या कहता है इसपर जाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार अगर मामले की लीपापोती करना चाहती तो कर सकती थी, लेकिन 20-21 साल से नीतीश कुमार मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने न तो किसी को बचाया है और ना फंसाने का काम किया है। पीड़ित परिवार को न्याय जरूर मिलेगा, नीतीश कुमार पर भरोसा रखना चाहिए। रोहिणी बोलीं- गहरी नींद में सोई हुई है सरकार वहीं रोहिणी आचार्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा है, माननीय मुख्यमंत्री जी...ये शर्म का विषय है कि कानून के राज के आपके तमाम दावों के बावजूद बिहार में बेटियां असुरक्षित हैं। दुःखद सच्चाई ये है कि सरकार की संवेदनहीनता, महिलाओं की सुरक्षा के प्रति सरकारी - प्रशासनिक उदासीनता और नाकामी की वजह से बहन-बेटियों के लिए तनिक भी सुरक्षित नहीं रह गया है बिहार। हैरानी की बात है कि पूरे प्रदेश में लगभग रोज बहन-बेटियों के साथ अत्याचार- दुराचार- यौनाचार हो रहा है, फिर भी गहरी नींद में सोई हुई है सरकार ... मुख्यमंत्री जी .. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या बिहार में अपराधियों को कानून का रत्तीभर भी भय नहीं है? आपके तमाम निर्देशों के बावजूद बेटियों के प्रति हिंसक और यौन अपराध की घटनाएं खत्म होने का नाम क्यों नहीं ले रही हैं? क्या बिहार में अपराधियों के बीच ये धारणा कायम हो चुकी है कि वो अपराध करने के बाद भी बड़ी आसानी से बच जाएंगे? खेसारी बोले- इस तरह की घटनाएं कई सवाल खड़े करती हैं इधर भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव ने कहा कि पटना के गर्ल्स हॉस्टल में NEET की छात्रा की मौत बेहद दुखद और चिंताजनक है। इस तरह की घटनाएं कई सवाल खड़े करती हैं, जिनका उत्तर केवल निष्पक्ष, पारदर्शी और गहन जांच से ही संभव है। अब जानिए NEET छात्रा रेप-मौत केस के बारे में... 6 जनवरी को NEET छात्रा चित्रगुप्त नगर के शंभु गर्ल्स में बेहोशी की हालत में मिली थी। एक दिन पहले ही वो 5 जनवरी को अपने घर जहानाबाद से पटना आई थी। बेहोशी की हालत में पहले उसे कंकड़बाग के सहज अस्पताल ले जाया गया। बाद में प्रभात मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। उसे मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 11 जनवरी को उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में घटनास्थल, एफएसएल, सीसीटीवी कैमरे का फुटेज, संचालक, वार्डन और डॉक्टर के बयान के आधार पर यौन हिंसा से इनकार किया था। PMCH से जो पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आई, उसने पुलिस की जांच पर सवाल खड़े कर दिया। रिपोर्ट में यह कहा गया कि, यौन हिंसा की बात से इनकार नहीं किया जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार उसके शरीर पर जख्म, बल प्रयोग, जबरन संबंध बनाए जाने के साक्ष्य मिले। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। इसके बाद लड़की के पिता ने चित्रगुप्त नगर थाने में FIR कराई।
कैमूर के भभुआ शहर स्थित जनता दल यूनाइटेड (जदयू) कार्यालय में भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर पूर्व परिवहन मंत्री संतोष निराला और करगहर विधायक वशिष्ठ सिंह सहित सैकड़ों जदयू कार्यकर्ता, पदाधिकारी और आमजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ कर्पूरी ठाकुर के तैल चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर किया गया। पूर्व मंत्री संतोष निराला ने बताया कि जनता दल यूनाइटेड प्रत्येक वर्ष 24 जनवरी को जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती मनाती है। उन्होंने कहा कि पूरे बिहार में जिला मुख्यालयों पर संगठन स्तर पर यह समारोह आयोजित किया जा रहा है। निराला ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कर्पूरी ठाकुर के अधूरे सपनों को पूरा करने वाला बताया। उनके अनुसार, नीतीश कुमार के नेतृत्व में समाज के हर तबके को न्याय, पिछड़े-दलित वर्गों का उत्थान, समान अवसर और समुचित आरक्षण की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि 2005 से अब तक मुख्यमंत्री की ऊर्जा और समर्पण से बिहार का विकास हो रहा है। करगहर विधायक वशिष्ठ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि कर्पूरी ठाकुर ने जाति और परिवार से ऊपर उठकर बिहार के विकास के लिए कार्य किया। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि हर समाज को मुख्यधारा में जोड़कर आगे बढ़ना चाहिए। विधायक सिंह ने भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कर्पूरी ठाकुर के सपनों का साकारकर्ता बताया। उन्होंने जदयू कार्यकर्ताओं से बिहार के समग्र विकास, युवाओं को रोजगार और महिलाओं को सम्मानजनक स्थान दिलाने में सहयोग करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने कर्पूरी ठाकुर के विचारों को अपनाकर बिहार निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।
कैथल पुलिस ने मुख्य नशा सप्लायर किया गिरफ्तार:ढाई किलो अफीम पकड़े जाने का मामला, बिहार का रहने वाला
कैथल जिले में 2 किलो 605 ग्राम अफीम बरामद मिलने के मामले में पुलिस ने मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने हिसार के एक व्यक्ति को कैथल में सप्लाई करने के लिए अफीम उपलब्ध करवाई थी। पकड़े गए आरोपी की पहचान गांव जाग्गर जिला गया बिहार के राजीव रंजन के रूप में हुई है। 30 जुलाई काे पकड़ा था तस्कर बता दें कि 30 जुलाई को पुलिस की एंटी नारकोटिक सेल के एसआई बलराज सिंह की टीम द्वारा एक गुप्त सूचना के आधार पर कैथल ढांड रोड खनौदा मोड टीक पर नाका लगा कर ढांड की तरफ से आई एक बीट गाड़ी को रुकवाया। जांच के दौरान पाया कि उसमें अमन विहार कॉलोनी बरवाला जिला हिसार निवासी सुभाष अफीम लिए हुए था। पुलिस की टीम ने आरोपी अमन विहार कॉलोनी बरवाला जिला हिसार निवासी सुभाष को काबू कर लिया था। राजीव ने दी थी अफीम जब आरोपी की तलाशी ली गई, तो उसके कब्जे से 2 किलो 605 ग्राम अफीम बरामद हुई थी। आरोपी के खिलाफ थाना सदर में मामला दर्ज करके आगामी जांच एएसआई जगभान सिंह द्वारा अमल में लाई गई। आरोपी सुभाष ने कबूल किया था कि उसको यह अफीम राजीव उपरोक्त द्वारा उपलब्ध करवाई गई है। अन्य मामले में जेल में बंद था आरोपी पुलिस प्रवक्ता प्रवीन श्योकंद ने बताया कि आरोपी राजीव किसी अन्य मामले में जिला जेल में बंद था। उसको न्यायालय की मार्फत प्रोडक्शन वारंट जारी करवाकर गिरफ्तार किया गया। व्यापक पूछताछ के लिए आरोपी का कोर्ट से 6 दिन पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। रिमांड के दौरान आरोपी से आगामी पूछताछ की जाएगी।
बांका जिले की कराटे खिलाड़ी नेहा ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में अपनी जगह सुनिश्चित की है। वह 26 से 28 जनवरी 2026 तक महाराष्ट्र के पुणे शहर में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तरीय कराटे प्रतियोगिता में भाग लेंगी। नेहा का चयन अंडर-19 आयु वर्ग के 36 किलोग्राम भार वर्ग में हुआ है, जहां वह बिहार राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगी। नेहा बांका शहर स्थित एसएस बालिका उच्च विद्यालय की छात्रा हैं और बांका इंडोर स्टेडियम में निःशुल्क कराटे प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगातार शानदार प्रदर्शन का परिणाम है। राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाईनेहा ने अपने कराटे सफर की शुरुआत जिला स्तरीय कराटे प्रतियोगिता से की थी, जहां उन्होंने स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद प्रमंडलीय स्तर पर भी उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी नेहा ने उत्कृष्ट खेल दिखाते हुए स्वर्ण पदक जीता और राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया। नेहा की इस सफलता पर जिला खेल पदाधिकारी ने खुशी व्यक्त करते हुए इसे बांका जिले के लिए गौरव बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि नेहा राष्ट्रीय मंच पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले और राज्य का नाम रोशन करेंगी। कराटे प्रशिक्षकों और अन्य खिलाड़ियों ने भी नेहा को शुभकामनाएं दी हैं। छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत बन रहीविद्यालय परिवार और खेल प्रेमियों में भी नेहा की उपलब्धि को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद नेहा ने अपनी लगन और आत्मविश्वास से यह मुकाम हासिल किया है। उनकी सफलता जिले की अन्य छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है। गौरतलब है कि नेहा 23 जनवरी को पटना के लिए रवाना हो चुकी है, जहां से वह बिहार कराटे टीम के साथ 24 जनवरी को पुणे के लिए प्रस्थान करेगी। अब सभी की निगाहें पुणे में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता पर टिकी हैं, जहां बांका की बेटी नेहा से स्वर्णिम प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
विश्व की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल पत्रिका ‘द लैंसेट’ ने बिहार के लिए खतरे की सबसे बड़ी घंटी बजाई है। शुक्रवार को जारी एक डरावनी रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि बिहार की हवा अब ‘साइलेंट किलर’ बन चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार, बिहार के लोग आज जिस जहरीली हवा में सांस ले रहे हैं, उसका असली और घातक असर अगले 12 से 24 महीनों में ‘हार्ट अटैक’ और ’ब्रेन स्ट्रोक’ के रूप में सामने आएगा। लैंसेट के संपादकों और वैज्ञानिकों ने शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में उत्तर भारत, विशेषकर बिहार के भौगोलिक क्षेत्र को ‘पॉल्यूशन ट्रैप’ बताया है। गंगा के मैदानी इलाकों में स्थित पटना, मुजफ्फरपुर, गया और पूर्णिया जैसे जिलों में प्रदूषण के सूक्ष्म कण (पीएम2.5) हवा में स्थिर हो गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार बिहार की 100 प्रतिशत आबादी ऐसी हवा में सांस लेने को मजबूर है जो डब्ल्यूएचओ के मानकों से कई गुना ज्यादा जहरीली है। यह प्रदूषण एक ‘साइलेंट किलर’ की तरह काम कर रहा है, जो शरीर के अंगों को धीरे-धीरे अंदर से खोखला बना रहा है। द लैंसेट के प्रधान संपादक रिचर्ड हॉर्टन ने रिपोर्ट में बिहार समेत उतर भारत में वायु प्रदूषण के प्रति सार्वजनिक उदासीनता और राजनीतिक जवाबदेही की कमी पर सवाल उठाए हैं। असर... अगले दो साल में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ेगा- वो सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है लोग प्रदूषण को खांसी, जुकाम या आँखों की जलन से जोड़कर देखते हैं, लेकिन लैंसेट ने ‘लैग इफेक्ट’ का खुलासा किया है। तीन बड़े खतरे क्या... असर कैसे? बचाव कैसे? पीएमसीएच में हृदय रोग विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. वी. पी. सिन्हा ने बताया कि सुबह घर से निकलने से पहले एक्यूआई देखें। यदि यह 200 से ऊपर है, तो बाहर व्यायाम न करें। एन95 मास्क का प्रयोग करें। भास्कर एक्सपर्ट सरकार मेडिकल इमरजेंसी घोषित करे द लैंसेट के द्वारा जारी यह चेतावनी बेहद महत्वपूर्ण है। इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हमारे शहरों में पीएम 2.5 का स्तर बहुत अधिक है, जिससे हमारे शरीर में फ्री रैडिकल्स (ऑक्सीडेंट) बढ़ जाते हैं। यह हमारे विभिन्न अंगों पर बुरा प्रभाव डालता है। सबसे अधिक फेफड़े को, फिर हृदय को डैमेज करता है। इसे हर हाल में सुरक्षित मानक तक ले जाना होगा। ऐसे में, सरकार को इसे अब केवल ‘पर्यावरण का मुद्दा’ नहीं, बल्कि ‘मेडिकल इमरजेंसी’ मानना चाहिए। जब तक ठोस नीतिगत बदलाव नहीं होते, तब तक मास्क का नियमित उपयोग ही एकमात्र बचाव है। -प्रो. अजय कुमार सिन्हा, विभागाध्यक्ष, एनएमसीएच सह डीन, बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस
बिलासपुर-बक्सर ट्रेन के ट्राई विकली परिचालन और साउथ बिहार एक्सप्रेस के विस्तार की मांग
भास्कर न्यूज | बक्सर बक्सर रेलवे युवा संघर्ष समिति ने जनहित से जुड़ी दो महत्वपूर्ण रेल मांगे सामने रखी हैं। समिति ने बिलासपुर–बक्सर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22843/22844) की आवृत्ति बढ़ाकर इसे सप्ताह में तीन दिन (ट्राई-वीकली) चलाने तथा साउथ बिहार एक्सप्रेस (13287/13288) को आरा से आगे बक्सर तक विस्तारित करने की माँग की है। समिति का कहना है कि ये दोनों मांगे क्षेत्रीय संतुलन, यात्रियों की सुविधा और रेलवे के राजस्व हित में अत्यंत आवश्यक हैं। फिलहाल बिलासपुर बक्सर एक्सप्रेस हफ्ते में सिर्फ एक दिन चलती है। बिलासपुर से यह ट्रेन शुक्रवार और बक्सर से रविवार को इसका परिचालन होता है। हफ्ते में सिर्फ एक दिन परिचालन होने से छिटपुट यात्रियों को ही इसका लाभ मिलता है। समिति का मानना है कि अगर इसके परिचालन में विस्तार हुआ तो बक्सर स्टेशन की आय में भी उफान आयेगा। रेल कनेक्टिविटी से बढ़ेगा व्यापार, फायदा भी होगा युवा संघर्ष समिति का कहना है कि इस व्यस्त रूट पर प्रत्यक्ष सुपरफास्ट ट्रेन की भारी कमी है, जिसके कारण यात्रियों को लंबा समय और अतिरिक्त किराया खर्च करना पड़ता है। प्रस्तावित ट्रेन से यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और यात्रियों को अधिक सुविधाजनक विकल्प मिलेगा। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से पूरे क्षेत्र में व्यापार, उद्योग और वाणिज्य को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे आर्थिक गतिविधियां तेज़ होंगी। इसके साथ ही समिति ने साउथ बिहार एक्सप्रेस (13287/13288) को आरा से आगे बक्सर तक बढ़ाने की भी ज़ोरदार मांग की है। समिति का कहना है कि बक्सर बिहार का सीमावर्ती जिला है और इसका सीधा लाभ न केवल बक्सर बल्कि उत्तर प्रदेश के बलिया और गाजीपुर, तथा बिहार के रोहतास और कैमूर जिलों के कई प्रखंडों के यात्रियों को भी मिलेगा। नए रूट से चलाने की मांग समिति ने विशेष रूप से यह प्रस्ताव रखा है कि बिलासपुर बक्सर के ट्राई-वीकली संचालन में से सप्ताह में दो दिन यह ट्रेन एक नए और महत्वपूर्ण औद्योगिक व यात्री रूट से चलाई जाए। प्रस्तावित मार्ग के अनुसार ट्रेन बिलासपुर से चलकर झारसुगुड़ा, राउरकेला, हटिया, रांची, मुरी, कोटशिला, बोकारो स्टील सिटी, चंद्रपुरा, धनबाद, चितरंजन, झाझा, पटना होते हुए बक्सर तक पहुंचे। यह मार्ग छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार के लाखों यात्रियों के लिए सीधी और तेज़ कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। समिति के सदस्य राजा बाबू और तरुण कुमार ने बताया कि यह रेल सेवा और रूट कई कारणों से अत्यंत आवश्यक है। इस ट्रेन के पुराने रूट पर चक्रधरपुर मंडल में मालगाड़ियों के कारण यह हमेशा लेट रहती है। वहीं नया रूट प्रमुख औद्योगिक केंद्रों जैसे राउरकेला, बोकारो, धनबाद और आसनसोल को राज्य राजधानियों रांची और पटना से सीधे जोड़ती है। चार राज्यों के छात्र, दैनिक यात्री, व्यापारी, नौकरीपेशा लोग और पारिवारिक यात्रियों को इससे सीधा फायदा होगा।
वसंत पंचमी पर बिहार सेंट्रल स्कूल में सरस्वती पूजा, बच्चों ने किया समूह गान
भास्कर न्यूज | बक्सर वसंत पंचमी के पावन अवसर पर शुक्रवार को शहर के बाइपास रोड स्थित बिहार सेंट्रल स्कूल के प्रांगण में विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती का विधिवत पूजन एवं वंदन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना के मधुर समूह गान से हुई। विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से मां सरस्वती की आराधना की। पूजा के उपरांत बच्चों द्वारा मंगला आरती प्रस्तुत की गई, जिससे वातावरण और भी आध्यात्मिक हो गया। विद्यालय के सचिव सरोज सिंह ने कहा कि विद्यालय परिवार स्वयं को सौभाग्यशाली मानता है कि विद्या के मंदिर में विद्या की देवी मां सरस्वती का पूजन-अर्चन करने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि मानव जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि ज्ञान की प्राप्ति है और उसके परिमार्जन से ही एक सभ्य और सुसंस्कृत समाज की स्थापना संभव है। कार्यक्रम में कक्षा दसवीं की छात्रा आस्था एवं रक्षा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बल और धन से भी बड़ा विद्या का महत्व है। विद्या हमें स्वस्थ और सुंदर मस्तिष्क प्रदान करती है, जो आगे चलकर एक सशक्त व्यक्ति और मोहक समाज की नींव रखती है। अंत में सभी बच्चों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य और मंगल कामनाओं के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
बिहार की बिजली व्यवस्था को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य की दोनों बिजली वितरण कंपनियों- नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने देशभर में शानदार प्रदर्शन किया है। केंद्र सरकार के बिजली मंत्रालय की ओर से जारी पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन की ताजा रेटिंग रिपोर्ट में दोनों कंपनियों को ‘A’ ग्रेड मिला है। इस रिपोर्ट में देश की 65 बिजली वितरण कंपनियों का आकलन किया गया था। इसमें देखा गया कि कौन सी कंपनी कितनी अच्छी तरह से बिलिंग कर रही है, कितनी वसूली हो रही है, लाइन लॉस कितना है, खर्च और कमाई में कितना फर्क है और सिस्टम कितना पारदर्शी है। इन्हीं सब पैमानों पर बिहार की दोनों कंपनियां खरी उतरीं। ऊर्जा मंत्री बोले- अब A+ की तैयारी इस उपलब्धि पर ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने खुशी जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिजली व्यवस्था लगातार बेहतर हो रही है। लोगों को पहले से ज्यादा बेहतर और लगातार बिजली मिल रही है। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य है कि आने वाले समय में बिहार की दोनों कंपनियां A+ रेटिंग हासिल करें। ऊर्जा सचिव ने बताया- मेहनत का नतीजा ऊर्जा सचिव और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के CMD मनोज कुमार सिंह ने कहा कि ये रेटिंग अचानक नहीं मिली है। इसके पीछे लगातार मेहनत, सिस्टम में सुधार, ऑनलाइन व्यवस्था, बेहतर बिलिंग और उपभोक्ताओं की शिकायतों पर तेजी से काम करने का नतीजा है। उन्होंने कहा कि आगे भी बिजली सप्लाई को और भरोसेमंद बनाने और सिस्टम को और दुरुस्त करने पर काम चलता रहेगा। नॉर्थ बिहार कंपनी ने मारी बाजी नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने 100 में से 82 नंबर हासिल किए हैं। पूरे देश में इसका 13वां स्थान आया है और सरकारी कंपनियों में 7वां स्थान मिला है। खास बात ये है कि पिछली बार इस कंपनी को ‘B’ ग्रेड मिला था, और इस बार सीधे ‘A’ ग्रेड में पहुंच गई। बिलिंग और वसूली में सुधार, लाइन लॉस कम करना और खर्च पर कंट्रोल इसका बड़ा कारण रहा। साउथ बिहार कंपनी ने भी लगाई छलांग साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है। इसे 67 नंबर मिले हैं और देशभर में इसका 20वां स्थान रहा है। सरकारी कंपनियों में यह 12वें नंबर पर रही। पिछली बार इसे ‘B-’ ग्रेड मिला था, लेकिन इस बार यह भी ‘A’ ग्रेड में पहुंच गई। वसूली बेहतर हुई, सिस्टम में कसावट आई और खर्च-कमाई का फर्क भी काफी कम हुआ। 65 कंपनियों में हुआ मुकाबला पीएफसी की इस रिपोर्ट में पूरे देश की 65 बिजली कंपनियों को परखा गया था। इस आधार पर बिहार की दोनों कंपनियों को “बहुत अच्छा वित्तीय और कामकाज का प्रदर्शन” वाली कैटेगरी में रखा गया है।
... तो क्या बिहार से है ठाकरे परिवार का कनेक्शन? कम लोगों को पता होगी इस बात की सच्चाई
Thackeray's Bihar Connection:मराठी मुद्दे पर ठाकरे की शिवसेना और MNS का रुख हमेशा से ही आक्रामक रहा है. वे अपने मुद्दों पर आक्रामक राजनीति करते रहे हैं. लेकिन उनके परिवार की जड़ों से जुड़ी ये कहानी कम लोगों को ही मालूम होगी.
साइना शानदार करियर के लिए बधाई, आप भारत का गर्व हैं: विराट कोहली
Nasha Mukt Bihar: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली और दो बार बैडमिंटन में ओलंपिक पदक जीतने वाली स्टार शटलर पीवी सिंधु ने दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल को बैडमिंटन से संन्यास लेने पर उनके बेहतरीन करियर के लिए बधाई दी। विराट कोहली ने एक्स पर लिखा, साइना नेहवाल, आपके शानदार करियर के लिए बधाई। आपने भारतीय बैडमिंटन को दुनिया भर में पहचान दिलाई। आपको एक खुशहाल, संतोषजनक और अच्छे संन्यास की शुभकामनाएं। भारत को आप पर गर्व है। पीवी सिंधु ने एक्स पर लिखा, सायना, आपको संन्यास की शुभकामनाएं। इंडियन बैडमिंटन में आपने जो कुछ भी दिया है, उसके लिए धन्यवाद। जिंदगी के इस अगले पड़ाव के लिए आपको शांति, खुशी और ढेर सारी शुभकामनाएं। पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह ने भी साइना नेहवाल को उनके संन्यास पर बधाई देते हुए लिखा था, बहुत बढ़िया खेला, साइना। शानदार करियर के लिए बधाई। आपने भारतीय बैडमिंटन को आगे बढ़ाया और एक पीढ़ी को प्रेरित किया। आगे जो भी हो, उसके लिए आपको शुभकामनाएं। इंजरी की वजह से लंबे समय तक बैडमिंटन से दूर रहने के बाद साइना ने बैडमिंटन को अलविदा कह दिया है। संन्यास की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा, आप दुनिया में बेस्ट बनने के लिए आठ से नौ घंटे ट्रेनिंग करते हैं। अब, मेरे घुटने एक या दो घंटे में ही जवाब दे जाते थे। सूजन आ गई थी, और उसके बाद जोर लगाना बहुत मुश्किल हो गया था। इसलिए मुझे लगा कि बस बहुत हो गया। मैं अब और जोर नहीं लगा सकती। मेरा कार्टिलेज पूरी तरह से खराब हो गया है। आर्थराइटिस है, और वापसी बेहद मुश्किल है। इसलिए अपने परिवार और कोच से बात करने के बाद मुझे यह मुश्किल फैसला लेना पड़ा। साइना ओलंपिक में बैडमिंटन में भारत को पदक दिलाने वाली पहली खिलाड़ी हैं। 2012 में उन्होंने लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। हिसार की इस बैडमिंटन खिलाड़ी ने 2008 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतकर और बीजिंग 2008 ओलंपिक्स में एकल क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रचा था और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई थी। 2009 में, उन्होंने इंडोनेशिया ओपन जीतकर बीडब्ल्यूएफ सुपर सीरीज टूर्नामेंट जीतने वाली पहली भारतीय बनकर इतिहास रच दिया। एक साल बाद, उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन का दर्जा हासिल किया। संन्यास की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा, आप दुनिया में बेस्ट बनने के लिए आठ से नौ घंटे ट्रेनिंग करते हैं। अब, मेरे घुटने एक या दो घंटे में ही जवाब दे जाते थे। सूजन आ गई थी, और उसके बाद जोर लगाना बहुत मुश्किल हो गया था। इसलिए मुझे लगा कि बस बहुत हो गया। मैं अब और जोर नहीं लगा सकती। मेरा कार्टिलेज पूरी तरह से खराब हो गया है। आर्थराइटिस है, और वापसी बेहद मुश्किल है। इसलिए अपने परिवार और कोच से बात करने के बाद मुझे यह मुश्किल फैसला लेना पड़ा। Also Read: LIVE Cricket Score भारतीय बैडमिंटन को मजबूती से अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने में अहम भूमिका निभाने वाली साइना को पद्मश्री, पद्मभूषण, खेल रत्न और अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। Article Source: IANS
दरभंगा राज परिवार की अंतिम महारानी काम सुंदरी देवी के निधन के बाद आयोजित श्राद्धकर्म और श्रद्धांजलि कार्यक्रम शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो गया 12वीं पर गुरुवार को महाभोज का आयोजन किया गया। ब्राह्मणों को चांदी की थाली, ग्लास, कटोरी, चम्मच और बिस्किट दान में दिए गए। साथ ही AC-कूलर, फ्रिज-वॉशिंग मशीन जैसी चीजें भी दान में दी गईं है। इस अवसर पर राज परिवार की ओर से समस्त मिथिलावासियों को सहयोग, स्नेह और सहभागिता के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया गया। श्राद्धकर्म के दौरान विशाल भोज और प्रसाद वितरण कार्यक्रम में हजारों लोग पहुंचे। कल्याणी निवास में दिवंगत महारानी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए और उन्हें नमन किया। राज परिवार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, दो दिनों में करीब एक लाख लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी। भोज में 56 भोग, पारंपरिक मिथिला व्यंजन, मिठाइयां और राजसी खान-पान शामिल रहा। इस विशाल आयोजन के लिए करीब 300 कारीगरों की टीम तैनात रही। श्रद्धांजलि देने राज्यपाल भी पहुंचे मंगलवार को बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान दरभंगा पहुंचे। कल्याणी निवास में दिवंगत महारानी काम सुंदरी देवी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि दरभंगा राज परिवार का देश, समाज और विशेषकर शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान रहा है। गुरुवार देर रात बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय सरावगी भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे। महारानी के पौत्र कुमार कपिलेश्वर सिंह और कुमार राजेश्वर सिंह ने कहा कि राज्यपाल का श्रद्धांजलि कार्यक्रम में आना राज परिवार के लिए गौरव और संतोष का विषय है। महामहिम ने राजघराने के सामाजिक एवं शैक्षणिक योगदान को स्मरण करते हुए भविष्य में भी शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया है। देशभर के विभिन्न राजघरानों से जो किसी कारणवश दरभंगा नहीं पहुंच सके, उन्होंने शोक संदेश भेजकर दिवंगत महारानी को श्रद्धांजलि अर्पित की। अलग-अलग राजघरानों से शोक संदेश भेजा गया शोक संदेश भेजने वालों में पद्म विभूषण डॉ. महाराजा करण सिंह, डॉ. राजा मानवेन्द्र सिंह, महाराजा ऐश्वर्य चंद्र कटोच, महाराजा शिवेन्द्र पाल, युवराज प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, महाराजा इजीयराज सिंह(कोटा), महाराजा जयेंद्र प्रताप सिंह (बलरामपुर), प्रोफेसर राजेन्द्र चोपड़ा (लंदन), महारानी दिया कुमारी (जयपुर), महारानी राधिका रानी गायकवाड़ (बड़ौदा), महाराजा हर्षवर्धन सिंह (डूंगरपुर), महाराजा वनस्वर्धन सिंह (बूंदी), महाराजा कनक वर्धन सिंह देव (ओडिसा), महाराजा कीर्ति वर्धन सिंह और महाराजा उदयभान नारायण सिंह (हजारीबाग) प्रमुख रूप से शामिल हैं।
दरभंगा जिले के पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग की छात्राओं के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक सुनहरा अवसर सामने आया है। कन्या आवासीय +2 उच्च विद्यालय, केवटी में शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए कक्षा 6 से 9 तक नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला कल्याण पदाधिकारी अनिल कुमार सिन्हा ने बताया कि इच्छुक और पात्र छात्राएं ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम डेट 9 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है। राज्य के प्रत्येक जिले में संचालित ये आवासीय विद्यालय पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग की बालिकाओं को सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से बिहार सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। 45 सीटों पर होगा नामांकन अनुमंडल पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी अंबिका रानी ने बताया कि कुल 45 सीटों पर नामांकन किया जाएगा। इस विद्यालय में छात्राओं को निशुल्क शिक्षा के साथ सुरक्षित एवं स्वच्छ आवास, पौष्टिक भोजन, वस्त्र, किताब और अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। छात्राओं को पढ़ाई में किसी प्रकार की आर्थिक परेशानी न हो, इसके लिए डीबीटी के माध्यम से प्रति वर्ष 10,800 रुपए की सहायता राशि भी दी जाती है। आवेदन इस लिंक पर https://bcebeonline-bihar.gov.in कर सकते हैं।नामांकन पूरी तरह से प्रवेश परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की गई मेधा सूची के अनुसार किया जाएगा, ताकि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनी रहे। विभाग की ओर से अभिभावकों से अपील की गई है कि वे इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं और निर्धारित समय सीमा के अंदर ऑनलाइन आवेदन अवश्य करें। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी ऑनलाइन पोर्टल, अपने पंचायत के विकास मित्र या जिला कल्याण कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
पटना में मैच के पहले दिन बिहार के कप्तान साकिबूल का शतक
बिहार में पहली बार खेले गए रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप के फाइनल का पहला दिन दिलचस्प रहा। बिना दर्शकों के इस मैच में बिहार ने पहले दिन के खेल में 7 विकेट पर 328 रन बनाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। पटना के मोईनुउलह स्टेडियम में खेले जा रहे इस ख़िताबी मुकाबले में पहले दिन बिहार के कप्तान सकीबुल गनी ने शतक जमाया। टॉस हारने के बाद बल्लेबाजी करने उतरी बिहार टीम की शुरुआत संयमित रही। हिमांशु सिंह और पीयूष कुमार सिंह जल्दी पवेलियन लौट गए। मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने पारी संभालने का प्रयास किया। मंगल महरौर ने 43 रनों की उपयोगी पारी खेली, जबकि आकाश राज ने 101 गेंदों पर 50 रन बनाकर पारी को स्थिरता प्रदान की। कप्तान साकिबूल गनी और विकेटकीपर बल्लेबाज बिपिन सौरभ ने बिहार की पारी को मजबूती दी। कप्तान साकिबूल गनी ने 155 गेंदों पर 108 रन बनाए। इसमें 11 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। उनके आउट होने के बाद बिपिन सौरभ ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 75 रन बनाकर नाबाद लौटे।
बिहार में 1004 बालू घाट हैं। इनमें 191 घाटों पर बालू खनन हो रहा है। जबकि 189 बालू घाटों पर खनन के लिए एनओसी नहीं मिला है। यह एनओसी प्रदूषण, पर्यावरण सहित अन्य विभागों से नहीं मिला है। इस कारण बिहार को आर्थिक नुकसान हो रहा है। यह बात उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (एसईआईएए) और बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (बीएसपीसीबी) के साथ बैठक के दौरान कही। उन्होंने कहा कि बालू घाटों की बंदोबस्ती एवं संचालन प्रक्रिया में जानबूझकर बाधा उत्पन्न करने वाले संगठित लोगों की पहचान की जा रही है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। तीन वित्तीय वर्षों में बालू से प्राप्त राजस्व की भी समीक्षा की गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 21 जनवरी 2026 तक बालू से प्राप्त राजस्व लक्ष्य का 60 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। बैठक में लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए नियमित बैठक का निर्णय लिया गया। इस मौके पर आलोक कुमार, चंदन कुमार, मनोरंजन कुमार, एके गुप्ता, मनेश कुमार मीणा आदि मौजूद रहे।
मसौढ़ी में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का बिहार इंचार्ज मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार हुआ
मसौढ़ी में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बिहार प्रभारी परमानंद यादव और एसटीएफ व पटना पुलिस के बीच गुरुवार सुबह मुठभेड़ हो गई। मसौढ़ी थाना क्षेत्र के सगुनी गांव के पास पटना–गया राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुलिस ने उसे घेर लिया। अपने को घिरता देख परमानंद यादव ने पुलिस पर दो राउंड फायरिंग की। पुलिस ने आत्मरक्षा में एक गोली चलाई। गोली उसके दाहिने पैर में लगी। पुलिस ने परमानंद के पास से 9 एमएम का एक यूएस मेड पिस्टल, दो खोखा, दो मोबाइल, एक फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बरामद किया है। परमानंद यादव झारखंड के लातेहर जिले के चंदवा गांव का रहने वाला है। वह पटना के जक्कनपुर में किराए के मकान में रह रहा था। वहीं से बिहार और झारखंड के कारोबारियों से लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर रंगदारी मांगता था। गिरफ्तारी के बाद उसे पीएमसीएच में भर्ती कराया गया। पटना सिटी के फर्जी पते पर बनवाया पासपोर्टपरमानंद यादव ने पटना सिटी के फर्जी पते पर आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट बनवाया था। इसी पासपोर्ट से वह 11 दिसंबर 2025 को राहुल सिंह से मिलने मलेशिया गया था। इससे पहले वह कनाडा भी जा चुका है। पुलिस उसका पासपोर्ट, पैन कार्ड और आधार कार्ड रद्द कराने की प्रक्रिया में जुटी है। पासपोर्ट ऑफिस से यह भी जांच की जा रही है कि किसके पते पर पासपोर्ट बनवाया गया और उस व्यक्ति का परमानंद से क्या कनेक्शन है। एसटीएफ और पटना पुलिस को सूचना मिली थी कि परमानंद यादव अपने तीन सहयोगियों के साथ बेऊर इलाके में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने आया है। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी की। जहानाबाद के विक्की कुमार, चंदन कुमार और लखीसराय के शिवम आनंद को गिरफ्तार किया गया।
पूर्णिया में बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन के चुनाव के नतीजों का ऐलान हो गया है। पुलिस लाइन परिसर में हुए इस चुनाव में सभी पदों के उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, मंत्री और संयुक्त मंत्री जैसे सभी पदों पर नए कैंडिडेट इलेक्ट हुए हैं। इस नतीजे के बाद से जीते हुए कैंडिडेट को बधाई देने का सिलसिला जारी है। जवानों ने फूलों की माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर जीत की बधाई दी। नीतीश कुमार यादव को बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन पूर्णिया शाखा का नया अध्यक्ष चुना गया है। वे नए प्रेसिडेंट होंगे। उपाध्यक्ष प्रथम की जिम्मेदारी सोनू कुमार को मिली है, जबकि उपाध्यक्ष द्वितीय पद पर मोहम्मद मुनतसिर उर्फ छोटू निर्वाचित हुए हैं। मंत्री पद पर अशोक कुमार हिंदुस्तानी, कोषाध्यक्ष पद पर कुंदन कुमार और संयुक्त मंत्री पद पर रोशन कुमार का चयन किया गया है। इसके अलावा केंद्रीय सदस्य के रूप में राजीव कुमार, अंकेक्षक पद पर अंकित कुमार, सहायक सचिव पद पर करण कुमार और सहायक सचिव द्वितीय पद पर रंजना कुमारी पचौरी निर्विरोध चुनी गईं। बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन के सीनियर पदाधिकारियों की निगरानी में कराया ये चुनाव बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारियों की निगरानी में कराया गया। मुख्य चुनाव पदाधिकारी शाखा सिवान रहे, जबकि पटना से आए बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन के उपाध्यक्ष भरत प्रसाद यादव, प्रदेश कोषाध्यक्ष बृजेश कुमार और संयुक्त महामंत्री रूपेश कुमार ने पूरी चुनाव प्रक्रिया की निगरानी की। नवनिर्वाचित अध्यक्ष नीतीश कुमार यादव ने बताया कि हम सभी पुलिसकर्मियों के हित में मिलकर काम करेंगे। उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाएगा और संगठन को और मजबूत बनाया जाएगा। बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन पटना के उपाध्यक्ष भरत प्रसाद यादव पूर्णिया शाखा का चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुआ है। सभी पदों पर निर्विरोध चयन संगठन की एकता को दर्शाता है। चुनाव के बाद पुलिस लाइन में उत्साह का माहौल है। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को सहयोगियों ने बधाई दी और संगठन को और सक्रिय बनाने की उम्मीद जताई है।
बिहार सरकार की ओर से मुंबई में बिहार भवन बनाने की घोषणा के बाद राजनीति गरमा गई है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की ओर से इस प्रोजेक्ट के कड़े विरोध पर अब बिहार भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने इस विरोध को असंवैधानिक और संघीय ढांचे पर हमला करार दिया है। नीरज कुमार ने कहा है कि भारत एक लोकतांत्रिक और संघीय देश है। भारत का संविधान हर नागरिक को देश के किसी भी हिस्से में रहने और कार्य करने का अधिकार देता है। ऐसे में बिहार भवन के निर्माण का विरोध करना न केवल गलत है, बल्कि क्षेत्रवाद को बढ़ावा देना एक तरह का अपराध है। ऐसा नहीं किया जाना चाहिए। बड़ी संख्या में लोग बिहार से इलाज के लिए मुंबई जाते हैं मुंबई में बड़ी संख्या में बिहार के लोग इलाज के लिए (विशेषकर टाटा मेमोरियल अस्पताल) जाते हैं। इसके अलावा अधिकारी, मंत्री और अन्य लोग भी वहां आते हैं। बिहार भवन का निर्माण इन लोगों को ठहरने की सुविधा और सहायता प्रदान करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने मनसे पर तंज कसते हुए कहा कि वे सेवा कार्य में भी राजनीति ढूंढ रहे हैं। 'हम क्षेत्रवाद में नहीं, बल्कि भारतीयता में विश्वास रखते हैं' नीरज कुमार ने कहा कि अगर उन्हें लगता है कि राज्यों के भवन अन्य प्रदेशों में नहीं होने चाहिए, तो यह उनकी संकुचित मानसिकता है। उन्होंने कहा कि हम महाराष्ट्र का सम्मान करते हैं। अगर महाराष्ट्र सरकार बिहार में मुंबई भवन या महाराष्ट्र भवन बनाना चाहती है, तो हम खुले दिल से उसका स्वागत करेंगे। हम क्षेत्रवाद में नहीं, बल्कि भारतीयता में विश्वास रखते हैं। बिहार सरकार की ओर से मुंबई में बिहार भवन बनाने के लिए 314.20 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। मुंबई में प्रस्तावित बिहार भवन को लेकर महाराष्ट्र के कुछ स्थानीय दलों ने इसे मराठी अस्मिता से जोड़कर विरोध किया है। हालांकि बिहार के सभी राजनीतिक दल इस मुद्दे पर एक सुर में नज़र आ रहे हैं और मुंबई जैसे महानगर में बिहारियों की सुविधा के लिए इस भवन को जरुरी मान रहे हैं।
अंबाला कैंट में 1.90 करोड़ की ठगी मामले में कार्रवाई में लगी रेलवे पुलिस (GRP) ने ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। अंबाला जीआरपी और बिहार एसटीएफ (STF) की संयुक्त टीम ने बिहार के समस्तीपुर में छापेमारी की। टीम ने भाजपा के पूर्व जिला प्रवक्ता पंकज कुमार लाल समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। छानबीन के दौरान पुलिस टीम आलीशान कोठी और लग्जरी गाड़ियां देख दंग रह गई। जाने क्या था पूरा मामला पंजाब के रहने वाले जोशी नाम के एक व्यक्ति ने अंबाला कैंट जीआरपी थाना में शिकायत में आरोप लगाया गया था कि रुपए डबल करने और कर्ज की राशि पर भारी मुनाफा दिलाने के नाम पर उनसे 1 करोड़ 90 लाख रुपए लिए गए। बाद में रकम को डबल दिखाकर झांसा दिया गया और पूरी राशि की लूट कर ली गई। जीआरपी की जांच के दौरान समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय थाना क्षेत्र निवासी पंकज कुमार लाल व अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आई। एसपी रेलवे नितिका गहलोत के निर्देश पर जीआरपी प्रभारी हरीश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। तकनीकी इनपुट के आधार पर टीम ने मंगलवार रात बिहार के दलसिंह सराय (अजनौल) में दबिश दी। इस ऑपरेशन में मुख्य आरोपी पंकज कुमार लाल के साथ उसके दो सहयोगियों, कौशल और रजनीश को भी काबू किया गया। पुलिस के अनुसार, कौशल और रजनीश भोले-भले लोगों को अपने जाल में फंसाने का काम करते थे, जबकि पंकज मास्टरमाइंड की भूमिका निभाता था। 30 लाख के जेवर, नकदी और लग्जरी कार बरामद पुलिस ने छापेमारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में कीमती सामान बरामद किया है। पुलिस ने रेड के दौरान 6 लाख रुपए कैश, लगभग 30 लाख रुपए के सोने के जेवर और एक आलीशान सफेद रंग की लग्जरी इनोवा कार बरामद की है। पुलिस को पता चला है कि आरोपी पंकज समस्तीपुर में 'रेल नीर' की आपूर्ति और रिक्शा एजेंसी का संचालन करता है। वह भाजपा का जिला प्रवक्ता भी रह चुका है। उसने ठगी की रकम से अजनौल में 3 करोड़ रुपए की लागत से एक बेहद आलीशान मकान का निर्माण भी शुरू करवाया है। अब अंबाला लाए जा रहे आरोपी जीआरपी ने बरामद की गई संपत्ति को जब्त कर लिया है। पकड़े गए तीनों आरोपियों को स्थानीय अदालत से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर अंबाला लाया जा रहा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के दौरान इस गिरोह से जुड़े कई अन्य बड़े नामों और अन्य ठगी की वारदातों का खुलासा होने की पूरी संभावना है।
मुंबई में बिहार भवन के निर्माण को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। महाराष्ट्र की क्षेत्रीय पार्टियां महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) और शिवसेना ने विरोध जताया है। इन पार्टियों का कहना है कि मुंबई में बिहार भवन नहीं बनने देंगे। जवाब में जदयू और भाजपा ने दोनों पार्टियों को चेताया। कहा-’’हुल्लड़बाजी छोड़ें। शांत रहें। मुंबई में बिहार भवन बनेगा ही। बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने मनसे और शिवसेना के नेताओं के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि 'किसी के बाप में दम नहीं है जो बिहार भवन को बनने से रोक दे। ये लोग वहां के राजा हैं क्या? क्या यह राजतंत्र है?' अशोक चौधरी ने राज ठाकरे को फालतू आदमी बताया। अब क्या है मामला वो समझिए दरअसल बिहार सरकार ने मुंबई में बिहार भवन बनाने का फैसला किया है। इसके लिए कैबिनेट की मीटिंग में 314.20 करोड़ रूपए भी स्वीकृति भी दे दी गई है। इसके बाद राज ठाकरे की पार्टी मनसे ने इसका कड़ा विरोध किया। पार्टी नेता यशवंत किल्लेदार ने कहा कि हम बिहार भवन नहीं बनने देंगे। वहीं उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने, बिहार भवन को स्थानीय संसाधनों पर बोझ और क्षेत्रीय राजनीति से प्रेरित बताया। पार्टी नेता विनायक राउत ने कहा कि,मुंबई की जमीन को हड़पने का सिलसिला शुरू है। कल को ये लोग बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में गुजरात भवन भी बना सकते हैं।’’ वहीं, शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब जो शिवसेना बीएमसी में सत्ता में आएगी, उसकी जिम्मेदारी बनती है कि वह इस पर अपना पक्ष रखे. शिंदे गुट खुद को शिवसेना कहता है, तो उनकी भी जिम्मेदारी है कि वे इस पर बोलें और जरूरत पड़े तो विरोध करें शिंदे गुट ने कहा- राजनीतिक रंग देना गलत शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता संजय निरुपम ने कहा कि,मनसे का विरोध करना गलत है। यह भवन कैंसर मरीजों और उनके रिश्तेदारों के रहने के लिए है भवन पर्यावरण के अनुकूल होगा इस बीच, बिहार फाउंडेशन (मुंबई) के अध्यक्ष कैसर खालिद ने कहा कि बिहार भवन के जरिए मुंबई से बिहार में उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने की रणनीति भी तय की जाएगी। भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने बताया कि यह भवन पर्यावरण के अनुकूल होगा। 30 मंजिला होगा बिहार भवन नीतीश सरकार दक्षिण मुंबई के एल्फिंस्टन इस्टेट में बननी है। यह मुंबई पोर्ट ट्रस्ट की जमीन है। 30 मंजिला इमारत के लिए नीतीश सरकार ने 314.20 करोड़ रुपए की प्रशासनिक मंजूरी भी दे दी है। इमारत बेसमेंट के साथ 30 मंजिला होगी। इसकी ऊंचाई लगभग 69 मीटर होगी। इसमें कुल 178 कमरे होंगे, जिनका उपयोग सरकारी अधिकारियों, मेहमानों और जरूरतमंद नागरिकों के ठहरने के लिए किया जाएगा। 240 बेड वाला विशेष छात्रावास मुंबई में इलाज कराने आने वाले बिहार के मरीजों और उनके परिजनों के लिए यहां 240 बेड की क्षमता वाला एक विशेष छात्रावास बनाया जाएगा। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आने वाले लोगों को इससे बड़ी राहत मिलेगी नवी मुंबई में इन प्रदेशों के भवन उपलब्ध नवी मुंबई में उत्तर प्रदेश भवन, मध्यप्रदेश भवन, राजस्थान भवन, कर्नाटक भवन, असम भवन, मेघालय भवन, केरल भवन, उत्तराखंड, समेत कई राज्यों के भवन पहले से उपलब्ध हैं। यहां पर संबंधित राज्यों से आने वाले लोगों को रहने के लिए सुविधाएं हैं।
रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप का मुकाबला जीतने के लिए आज से बिहार टीम मैदान में उतरेगी। आज से फाइनल मुकाबला बिहार और मणिपुर के बीच मोईन-उल-हक स्टेडियम में खेला जाएगा। इस मैच को जीतने के बाद बिहार एलीट ग्रुप में पहुंच जाएगा। एलीट का मतलब अगले सत्र में उन मजबूत टीमों से मुकाबला, जिनमें भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य भी खेलते नजर आएंगे। यानी कि बिहार के खिलाड़ियों का सामना रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या जैसे दिग्गज खिलाड़ियों से होगा। इस फाइनल मुकाबले को लेकर बिहार क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मैदान की पिच, आउटफील्ड और अभ्यास सुविधाओं पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया है। हालांकि, बिहार क्रिकेट एसोसिएशन ने दर्शक दीर्घा की जर्जर स्थिति और सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए दर्शकों को मैच देखने के लिए स्टेडियम में प्रवेश की अनुमति नहीं दी है। मैच से संबंधित जानकारी और अपडेट्स BCCI TV के माध्यम से उपलब्ध रहेंगे। 3 साल पहले बिहार एलीट ग्रुप में था 3 साल पहले मोइनुल हक स्टेडियम में मणिपुर को ही हराकर बिहार एलीट ग्रुप में पहुंचा था। 2022-23 से लगातार 2 वर्ष टीम एलीट ग्रुप का हिस्सा रही। पिछले सत्र में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसी टीमों के सामने हार हुई। कुछ मुकाबले खराब मौसम के कारण ड्रॉ भी रहे। कम अंक की वजह से बिहार टीम प्लेट ग्रुप में आ गई। इस बार एलीट में वापसी का बेहतर अवसर है। इस सत्र में बिहार के बल्लेबाजों का प्रदर्शन शानदार रहा है। 2 मैच में जीत मिली, 3 मैच ड्रॉ बिहार ने पहले ही मुकाबले में जीत का खाता खोला था। अरुणाचल को एक पारी और 165 रनों से पराजित किया था। इसके बाद गुजरात नाडियाड में बिना टॉस के हुआ मैच ड्रा रहा था। मोइनुल हक स्टेडियम में 2 दिन का ही खेल हो सका था, जो बराबरी पर रहा। सिक्किम के खिलाफ भी मैच ड्रा हुआ था। उसके 429 रनों के जवाब में बिहार ने पहली पारी में 265 और दूसरी पारी में 115.1 ओवर में छह विकेट 392 रन बनाए।
26 जनवरी को गणतंत्र दिवस अवसर पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाले राष्ट्रीय समारोह में इस बार बिहार की झांकी शामिल नहीं होगी। इसके चलते बिहार के लोगों को इस बार अपने राज्य की झांकी का दीदार नहीं होगा। 9 साल बाद पिछले साल 2025 में झांकी के रूप में बिहार की विरासत की झलक देखने को मिली थी, लेकिन इस बार फिर राज्य को झांकियों की सूची से बाहर रखा गया है। हालांकि, पिछले वर्ष लंबे अंतराल के बाद बिहार को मौका मिलने से उम्मीद जगी थी कि इस बार भी राज्य की झांकी कर्तव्य पथ पर नजर आएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। बिहार की झांकी क्यों नहीं की गई शामिल? पिछले कुछ समय में झांकियों के चयन को लेकर विवाद होता रहा है, जिसके बाद रक्षा मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एक रोटेशन नीति (बारी-बारी से मौका देने की नीति) लागू कर दी है। इसके तहत हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को तीन वर्षों के दौरान कम से कम एक बार अपनी झांकी प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा। बिहार के सूचना विभाग के एक आला अधिकारी ने बताया कि इसी नीति के तहत इस बार बिहार को झांकियों की सूची से बाहर रखा गया है। आत्मनिर्भर भारत की थीम पर 30 झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने और आत्मनिर्भर भारत पर केंद्रित मुख्य विषय के साथ राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और मंत्रालयों की 30 झांकियां एकता, आत्मनिर्भरता और समावेशी राष्ट्रीय प्रगति को प्रदर्शित करेंगी। अपनी झांकी प्रस्तुत करने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, केरल, महाराष्ट्र, मणिपुर, नगालैंड, ओडिशा, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और पंजाब शामिल हैं। सेनाओं के साथ ही कई विभागों की दिखेंगी झांकियां वायु सेना मुख्यालय, नौसेना मुख्यालय, सैन्य मामलों के विभाग, संस्कृति मंत्रालय, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, आयुष मंत्रालय, गृह मंत्रालय (NDMA और NDRF), गृह मंत्रालय (BPRD), आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (CPWD), सूचना और प्रसारण मंत्रालय, पंचायती राज मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय भी अपनी झांकियां प्रस्तुत करेंगे। पिछले साल नालंदा की दिखी थी विरासत 2025 में गणतंत्र दिवस की झांकी में कर्तव्य पथ पर बिहार की झांकी के माध्यम से नालंदा की प्राचीन विरासत, उसके संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों और नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना को दर्शाया गया था। इसमें शिक्षा के केंद्र के रूप में बिहार को वैश्विक मानचित्र पर फिर से स्थापित करने के प्रयास को दिखाया गया था। इसके अलावा झांकी में भगवान बुद्ध की दिव्य और भव्य प्रतिमा के साथ-साथ घोड़ा कटोरा झील को इको-टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित करने की पहल को भी दर्शाया गया था।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि राज्य की सभी बंद पड़ी चीनी मिलों को चरणबद्ध तरीके से चालू किया जाएगा। साथ ही बिहार में बड़े पैमाने पर उद्योगों का जाल बिछाया जा रहा है, ताकि राज्य के युवाओं को रोजगार के लिए बाहर न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि अब बिहार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली के साथ-साथ उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में बिछ रहा उद्योगों का जाल, युवाओं को मिलेगा यहीं रोजगार सम्राट चौधरी ने आगे कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि बिहार के युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार मिले। इसके लिए उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है और बिहार में देश की सबसे बेहतर औद्योगिक नीति लागू की गई है। बिहार में उद्योग लगाने के लिए सरकार मात्र एक रुपए में जमीन उपलब्ध करा रही है और 15 दिनों के भीतर लोन स्वीकृत किया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि अब बिहार में सेमीकंडक्टर जैसी अत्याधुनिक फैक्ट्रियां भी लग रही हैं। मुख्यमंत्री की यात्राओं से पड़ी विकास की मजबूत नींव उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार यात्राओं के लिए जाने जाते हैं। न्याय यात्रा, प्रगति यात्रा और समृद्धि यात्रा के माध्यम से उन्होंने जनता से सीधा संवाद स्थापित कर बिहार के विकास की मजबूत नींव रखी है। इन यात्राओं के दौरान जनता की जरूरतों को समझते हुए सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसे बुनियादी क्षेत्रों में ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। घर-घर पहुंची बिजली, 1.70 करोड़ परिवारों का बिल हुआ शून्य उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में घर-घर बिजली पहुंचाने का सपना साकार हुआ है। एक समय था जब बिहार के शहरों में भी मुश्किल से पांच घंटे बिजली मिलती थी, लेकिन आज गांवों में भी 24 घंटे बिजली की आपूर्ति हो रही है। वर्तमान में राज्य के करीब एक करोड़ 90 लाख परिवारों को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है, जिससे लगभग एक करोड़ 70 लाख परिवारों का बिजली बिल शून्य हो गया है। गली-गली तक बनी सड़कें, जल्द बनेगा छपरा एयरपोर्ट उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सड़कों का अभूतपूर्व विकास हुआ है। गांव-गांव ही नहीं, बल्कि गली-गली तक सड़कों का निर्माण कराया गया है। जल्द ही छपरा में एयरपोर्ट का निर्माण कराया जाएगा, जिससे सारण और आसपास के जिलों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और व्यापार तथा पर्यटन को नई गति मिलेगी। युवाओं के लिए कौशल विकास, 5 साल में मिले 50 लाख रोजगार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार ने युवा कौशल विकास विभाग का गठन किया है। बिहार के युवाओं को कौशल युक्त बनाया जा रहा है ताकि वे नए उद्योगों में बेहतर अवसर पा सकें। पिछले पांच वर्षों में राज्य में 50 लाख सरकारी नौकरी और रोजगार दिए गए हैं, जबकि अगले पांच वर्षों में एक करोड़ नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य तय किया गया है।
बिहार पुलिस एसआई भर्ती परिखा के लिए सेंटर्स पर एंट्री शुरू है। 3 लेयर्स में जांच कर कैंडिडेट्स को अंदर एंट्री दी जा रही है। पहली पाली के लिए 9.30 बजे एंट्री बंद कर दी जाएगी। आज परीक्षा का आयोजन राज्य में बनाये गए 498 केंद्रों पर किया जा रहा है। यह परीक्षा राज्य के सभी 38 जिलों में बनाए गए कुल 498 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न कराई जा रही है। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए बिहार पुलिस में लंबे समय से खाली पड़े सब-इंस्पेक्टर के पदों को भरा जाएगा। आयोग के अनुसार परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी, जबकि दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक चलेगी। परीक्षार्थियों को एडमिट कार्ड पर अंकित समय के अनुसार ही परीक्षा केंद्र पर रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय के बाद गेट बंद कर दिए जाएंगे और किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं मिलेगा। इससे पहले 18 जनवरी को आयोजित परीक्षा में करीब 70 प्रतिशत अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई थी। आयोग से मिली जानकारी के अनुसार, परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष और कदाचारमुक्त रखने के लिए सभी केंद्रों पर जैमर, सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट सत्यापन, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई थी। चूंकि अभ्यर्थियों की संख्या 10 लाख से अधिक है, इसलिए प्रारंभिक लिखित परीक्षा दो दिनों में आयोजित की जा रही है। परीक्षा शिफ्ट और रिपोर्टिंग समय पहली शिफ्ट की रिपोर्टिंग सुबह 8:30 बजे होगी और परीक्षा 10:00 बजे से 12:00 बजे तक चलेगी। वहीं दूसरी शिफ्ट की रिपोर्टिंग दोपहर 1:00 बजे होगी और परीक्षा 2:30 बजे से 4:30 बजे तक आयोजित की जाएगी। परीक्षार्थियों के लिए जरूरी निर्देश आयोग ने परीक्षार्थियों को एडमिट कार्ड के साथ वैध फोटो पहचान पत्र- आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी-लाना अनिवार्य बताया है। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर सहित किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट परीक्षा केंद्र में पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। OMR शीट पर सभी विवरण सावधानीपूर्वक भरने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि किसी भी गलती की स्थिति में उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम BPSSC ने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की है। उड़न दस्ते लगातार औचक निरीक्षण कर रहे हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि नकल या अनुचित साधनों का प्रयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद राहुल गांधी का पहला बड़ा कार्यक्रम रायबरेली में हुआ। यहां उन्होंने न सिर्फ कार्यकर्ताओं से बात की, बल्कि क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। नगर पालिका अध्यक्ष के घर पहुंचे और उमरन गांव में 'मनरेगा बचाओ चौपाल' में गांववालों से रूबरू हुए। लेकिन, इस बार राहुल का अंदाज बदला-बदला सा था। न कोई आक्रामक तेवर, न ही कोई 'हटके' स्टंट। संयमित भाषा, सधे शब्द और ग्रामीणों से सरल संवाद- यह राहुल का नया 'मैच्योर' चेहरा था। राजनीतिक जानकार इसकी दो वजह बताते हैं। पहला- बिहार चुनाव ने आक्रामकता को स्वीकार नहीं किया। वहां, कांग्रेस महज 19 सीटों पर सिमट गई। दूसरा- राहुल अब अपनी बहन प्रियंका गांधी की तरह 'सधे अंदाज' वाले नेता की छवि गढ़ रहे हैं, जो सदन में भी प्रभावी साबित हो। लेकिन, सवाल यह है कि क्या राहुल का यह नया स्टाइल कांग्रेस को बढ़ा पाएगी? या मोदी सरकार के मनरेगा 'चेंजेस' पर यह सिर्फ एक चुनावी नारा साबित होगा? पढ़िए भास्कर एनालिसिस… राहुल ने 'ग्राउंड कनेक्ट' पर अधिक जोर दियाराहुल गांधी का रायबरेली दौरा सुबह कार्यकर्ताओं से संवाद के साथ शुरू हुआ। इस दौरान उनसे सपा के स्थानीय नेता भी मिले। शहर में कई जगह लगे होर्डिंग ने भी लोगों का ध्यान खींचा, जिनमें राहुल-अखिलेश को 2027 और 2029 लोकसभा चुनाव का कैप्टन दिखाया गया था। राहुल ने रायबरेली स्थित सांसद निवास में कांग्रेस के एक-एक कार्यकर्ता से मुलाकात की। इस दौरान जो लोग जिले की अलग-अलग समस्याओं को लेकर पहुंचे थे, उनसे भी बात की। राहुल गांधी फतेहपुर के राहुल वाल्मीकि मामले की भी जानकारी लेना नहीं भूले। जिला कांग्रेस अधिवक्ता कमेटी के अमरेश बाजपेई ने बताया- ड्रोन चोर समझकर बीते दिनों ऊंचाहार में लोगों ने राहुल वाल्मीकि की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। इस मामले में राहुल गांधी खुद पीड़ित परिवार से मिलने फतेहपुर गए थे। अपने संसदीय क्षेत्र पहुंचे तो इस केस का अपडेट लेना नहीं भूले। यह बताता है कि वह एक आम व्यक्ति की पीड़ा को कितना महत्व देते हैं। अमरेश बाजपेई के मुताबिक, इस केस में 19 गिरफ्तारियां हुई हैं। 15 की जमानत खारिज हो चुकी है। 6 की जमानत अर्जी हाईकोर्ट में लंबित है। भारतीय किसान यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल भी राहुल से मिलने पहुंचा था। इसमें शामिल अनिल वर्मा ने बताते हैं- क्षेत्र में नहरों से सिंचाई होती है, लेकिन सफाई न होने से टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा। व,हीं किसानों को खाद नहीं मिल पा रही। खाद की लाइन लगाने में भी 100-100 रुपए की रिश्वत ली जा रही। जिले में जितनी भी सीएचसी हैं, वहां न तो प्रॉपर तरीके से डॉक्टर बैठ रहे और न ही लोगों को इलाज मिल पा रहा। इसी तरह ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के लोगों ने शहर में नए ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना की मांग की। राहुल से मिलने पहुंची दिव्यांशी ने बताया कि हमने उन्हें नकल के चलते निरस्त होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की समस्या के बारे में बताया। जिसे उन्होंने बहुत ध्यान से सुना और आश्वासन दिया कि कांग्रेस पार्टी से जो भी बन पड़ेगा, करेगी। दोपहर में सांसद आवास से निकल कर राहुल क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ करने पहुंचे। फिर नगर पालिका अध्यक्ष शत्रोहन सोनकर के घर पहुंचे। 8 दिन पहले उनकी बेटी की शादी थी, जिसमें राहुल नहीं आ पाए थे। राहुल ने पूरे परिवार से मुलाकात की। घर के सबसे छोटे सदस्य से एक दोस्त की तरह उसकी रुचि वाले क्रिकेट पर बातें कीं। यह दिखाता है कि राहुल हर उम्र के लोगों से आसानी से घुल मिल सकते हैं। मनरेगा बचाओ संग्राम में राहुल की टोन बेहद संयत रहीरायबरेली से 50 किमी दूर ऊंचाहार के उमरन कस्बे में राहुल 'मनरेगा बचाओ संग्राम' के तहत लगाई गई चौपाल में पहुंचे। यहां करीब 1000 महिलाएं और पुरुष जुटे। राहुल ने यहां मोदी सरकार पर मनरेगा में बदलावों को लेकर हमला बोला, लेकिन टोन बेहद संयत थी। राहुल के पहुंचने से पहले ग्रामीणों को एक ब्रोशर (विवरणिका) भी बांटा गया था। इसमें पुराने और नए कानून के अंतर को सरल भाषा में समझाया गया था। साथ ही मिस्ड कॉल और QR कोड स्कैन के जरिए 'मनरेगा बचाओ आंदोलन' से जुड़ने की अपील की गई। राहुल के साथ अमेठी सांसद किशोरी लाल शर्मा भी चौपाल पहुंचे थे। उन्होंने कहा- जब राज्य सरकारें 10% राशि नहीं दे पा रहीं, तो 40% कैसे देंगी? यह मनरेगा को खत्म करने की साजिश है। राहुल ने चौपाल में अभिवादन से शुरुआत कीचौपाल में राहुल ने पूछा- आप लोग कैसे हैं? फिर मनरेगा को लेकर बात की। उन्होंने कहा- कांग्रेस की मनमोहन सरकार मनरेगा लाई थी, ताकि योजना पंचायत से चले, न कि केंद्र या राज्य से। इससे लाखों गरीबों को रोजगार मिला, गांवों में सड़कें, पुल, तालाब बने। लेकिन, मोदी जी ने लोकसभा में इसका मजाक उड़ाया और अब धीरे-धीरे इसका गला घोंट रहे हैं। राहुल ने कोविड काल का जिक्र किया, जब मनरेगा ने मजदूरों की रक्षा की। लेकिन, अब सरकार इसे खत्म कर अडाणी-अंबानी जैसे उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाना चाहती है। राहुल की तरकश से मोदी सरकार पर चले 'तीन तीर'राहुल ने मनरेगा में बदलावों को 3 बिंदुओं में तोड़कर समझाया। पहला- काम की गारंटी छीनी जा रही है। पुराने कानून में हर परिवार को 100 दिनों की कानूनी गारंटी थी, हर गांव में काम मिलता था। अब सिर्फ मोदी सरकार के चुने गांवों में काम, कोई गारंटी नहीं। दूसरा- न्यूनतम मजदूरी का अधिकार खत्म। पहले पूरे साल काम मांग सकते थे, कानूनी मजदूरी मिलती थी। अब फसल कटाई के मौसम में काम नहीं, मजदूरी सरकार की मर्जी से। तीसरा- ग्राम पंचायत को साइडलाइन किया गया। पहले पंचायत से विकास कार्य होते थे। मेट और रोजगार सहायकों का सहयोग मिलता था। अब ठेकेदारों के जरिए मनमानी, कोई सहयोग नहीं। साथ ही, राज्यों पर 40% वित्तीय बोझ, जो खर्च बचाने के लिए काम ही बंद करा सकता है। क्या बिहार की हार से 'संयम मोड' में राहुल? राहुल गांधी का यह दौरा सिर्फ मनरेगा पर नहीं, कांग्रेस की ग्रामीण राजनीति को धार देने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा। बिहार चुनाव में NDA की जीत ने राहुल को आक्रामकता का खतरा समझा दिया है। वहां तेजस्वी यादव के साथ गठबंधन फेल हुआ। कांग्रेस की 'एंग्री यंग मैन' इमेज वोटर्स से नहीं जुड़ी। अब राहुल 'प्रियंका मॉडल' की राजनीति पर चलते हुए दिखना चाहते हैं। बेहद सधे हमले, ग्रामीण कनेक्ट और संविधान की बात। उन्होंने कहा- BJP संविधान खत्म करना चाहती है। पंचायतों को कमजोर कर लोकतंत्र की तीसरी कड़ी तोड़ना चाहती है। यह RSS की सोच है। वह गांधी, अंबेडकर को मिटाना चाहती है। गरीबों से हक छीन अडाणी-अंबानी को देना चाहती है। वरिष्ठ पत्रकार विजय प्रताप सिंह कहते हैं- बिहार में एसआईआर का मुद्दा था। तब विषय ऐसा था कि राहुल को अक्रामकता दिखानी पड़ी थी। लेकिन, यहां मामला मनरेगा जैसे विषय से जुड़ा है। कांग्रेस के सामने संकट ये है कि उसके पास ग्रास रूट कार्यकर्ता नहीं हैं। ऐसे में ये भूमिका भी राहुल को निभानी पड़ रही है। अगर संगठन मजबूत होता तो ये काम वो करता और राहुल गांधी इसे जन आंदोलन बनाने की कोशिश करते। लेकिन, यहां संगठन न होने का नुकसान है। कांग्रेस के एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष को वाराणसी में पुलिस पीट देती है। लेकिन, यूपी कांग्रेस इसे मुद्दा तक नहीं बना पाती। यही कांग्रेस की असल कमजोरी है। राहुल की बात का ग्रामीणों पर असर दिखाराहुल की बातों का ग्रामीणों पर भी असर दिखा। चौपाल में पहुंची मिथिलेश कहती हैं- पुराना कानून ही लागू हो। नए वाले कानून से हमारा अधिकार छीनने की कोशिश होगी। पुराना कानून ही सबसे अच्छा है। रोहनिया के दातादीन बोले कि ओ जउन कहिन सब ठीके कहिन। हमका 5 रुपए का पान खवावा है और तीन बीघा जमीन दिन्हीं है। गौसपुर की फूलमती बोलीं कि हम गरीब लोग मजदूरी करके चार पैसा पा रहे थे। अब नया कानून बनाकर हमारी मजदूरी छीनी जा रही। कुल मिलाकर राहुल अपने भाषण के जरिए गांववालों को ये समझाने में सफल दिखे कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मनरेगा की भूमिका अहम है। खासकर महंगाई और बेरोजगारी के दौर में। मोदी सरकार भले ही दावा करती रहे कि बदलाव 'कुशलता' बढ़ाने के लिए किया गया है। लेकिन, राहुल ने इसे 'प्राइवेटाइजेशन' का रास्ता बता ग्रामीणों को समझा दिया कि पुराना मनरेगा कानून ही उनके लिए हितकर था। अब भाजपा को इसकी काट खोजनी होगी। नहीं तो कांग्रेस यूपी में भाजपा के खिलाफ 2024 जैसा नया नरेटिव गढ़ने में सफल हो जाएगी। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें... राहुल बोले-मोदी गरीबों को भूखा मारना चाहते, देश का धन अंबानी-अडाणी को देना चाह रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपने रायबरेली दौरे पर हैं। उन्होंने कहा- नरेंद्र मोदी सारा पावर अपने हाथों में लेकर गरीबों को भूखा मारना चाहते हैं। मनरेगा से गांधी जी का नाम हटाकर उनका अपमान किया है। मगर मुख्य बात नाम बदलने की नहीं है। हमारी गरीब जनता को जो सुरक्षा दी गई थी, उसे मोदी सरकार ने खत्म कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर
‘नितिन की जिम्मेदारी सिर्फ पार्टी नहीं, बल्कि NDA के सहयोगियों को भी साथ लेकर चलना है।’ बीजेपी हेडक्वार्टर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नितिन नबीन की ताजपोशी के दौरान ये बातें कहीं। बीजेपी के सबसे बड़े नेता नितिन नबीन के लिए ये केवल एक सलाह नहीं, सबसे बड़ी चुनौती भी है। पहली बार बिहार का कोई बेटा बीजेपी में इस पद तक पहुंचा है। 2005 से लगातार नीतीश कुमार के चेहरे पर बिहार में सरकार चला रही बीजेपी 2025 के चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनी। इसके पास अपना सीएम बनाने का मौका है। अब जब बांकीपुर के विधायक बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं तो तात्कालिक तौर पर उनके सामने बंगाल चुनाव एक बड़ी चुनौती तो है ही, लेकिन बिहार की राह भी आसान नहीं है। ये 3 बड़ी चुनौती सीधे तौर पर दिखाई दे रही है... आइए अब विस्तार से इन पॉइंट्स को समझते हैं। 1- क्या नितिन बिहार में अपना सीएम बना पाएंगे? आधिकारिक तौर पर बीजेपी के सभी नेता इस बात पर कुछ भी बोलने से बचते रहे हैं। NDA के सभी घटक दल एकजुट होकर नीतीश कुमार को अपना नेता बता रहे हैं। हालांकि, नीतीश कुमार की बढ़ती उम्र और गिरती सेहत के कारण लगातार इस बात की चर्चा बनी हुई है कि बंगाल चुनाव के बाद बिहार में मुख्यमंत्री पद को लेकर बड़ा उलटफेर हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इसकी तैयारी केवल बीजेपी के तरफ से नहीं हो रही है। जदयू भी इसकी तैयारी में जुटी है। यही कारण है कि नीतीश के बेटे निशांत की पॉलिटिकल डेब्यू किस रूप में कराई जाए, इसकी प्लानिंग भीतरखाने तैयार हो रही है। ये तय है कि अंतिम फैसला नीतीश कुमार ही लेंगे। सीएम पद पर दावा बरकरार रहे, इसके लिए छोटी पार्टियों को तोड़ने का विकल्प भी खुला है। इस पर सत्ता पक्ष की दोनों पार्टियों का ऑपरेशन जारी है। सीनियर जर्नलिस्ट अरुण कुमार पांडेय बताते हैं, ’बीजेपी मौजूदा समय में विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन अभी तक उनका अपना सीएम नहीं हुआ है। कभी अकेले बहुमत में पार्टी नहीं आई है। लालू के विरोध में नीतीश की अगुआई में बीजेपी उनके साथ आई और अभी तक उनके साथ ही है। देर-सबेर बीजेपी अपनी ताकत से सत्ता में आने की कोशिश करेगी।’ अगर आंकड़ों की बात करें तो भाजपा के भरोसेमंद सहयोगी चिराग पासवान की पार्टी LJP(R) 19, जीतन राम मांझी की पार्टी HAM 5 और उपेंद्र कुशवाहा के RLM को 4 सीटों पर जीत मिली है। चारों पार्टियों (BJP, LJP R, HAM, RLM) के विधायकों को जोड़ दें तो (89+19+5+4) आंकड़ा 117 तक पहुंचता है। बहुमत के लिए जरूरी 122 से सिर्फ 5 कम। 2- धड़ों में बंटती बीजेपी को एकजुट कैसे करेंगे नितिन नबीन? बिहार बीजेपी बाहर से भले एकजुट दिखाई दे, लेकिन पार्टी भीतर से कई धड़ों में बंटी हुई है। इसकी बानगी कई बार खुलकर सामने आई है। नाराजगी का ही नतीजा है कि एक प्रदेश अध्यक्ष का जितना कार्यकाल होना चाहिए उतने समय में बिहार में बीजेपी तीन प्रदेश अध्यक्ष बदल चुकी है। पार्टी की तरफ से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल का कार्यकाल पूरा होने के बाद मार्च 2023 में सम्राट चौधरी को प्रदेश की कमान दी गई थी, लेकिन मात्र 15 महीने के भीतर ही इन्हें बदलना पड़ा गया। इसके बाद जुलाई 2024 में दिलीप जायसवाल को पार्टी की कमान दी गई। ये भी मात्र 17 महीने तक ही चले। अब इन्हें भी बदल दिया गया। पार्टी के प्रदेश स्तर के एक बड़े नेता ने भास्कर को बताया कि स्थिति यह है कि नेता एक-दूसरे से सार्वजनिक तौर पर मिलने से भी परहेज करते हैं ताकि उनपर किसी धड़े का ठप्पा न लग जाए। पार्टी के सीनियर लीडर अश्विनी चौबे ने तो खुलेआम ऐलान कर दिया था कि आयातित माल पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनेगा। डैमेज कंट्रोल के लिए दिलीप जायसवाल प्रदेश अध्यक्ष जरूर बने लेकिन संगठन में सम्राट चौधरी का दबदबा बरकरार रहा। दिलीप जायसवाल ने 35 लोगों की अपनी स्टेट लेवल की टीम बनाई थी। इसमें करीब 60 फीसदी यानी 20 लोग सम्राट चौधरी के रिपीट किए गए। मतलब जायसवाल सिर्फ 15 नए लोगों को कार्यसमिति में शामिल कर सके थे। इसके अलावा पार्टी में नित्यानंद राय की अपनी पकड़ बनी हुई है। कभी बीजेपी की तरफ से सीएम पद के दावेदार रहे नित्यानंद प्रदेश की सियासत में अपनी पकड़ ढीली नहीं होने दे रहे हैं। पॉलिटिकल एनालिस्ट भोलानाथ बताते हैं, ’संगठन में बीजेपी का ये एक रिवाज सा रहा है कि मजबूत लोग अपने लोगों को विभिन्न पदों पर सेट करने में जुट जाते हैं। ऐसे में नितिन नबीन की ये कोशिश होगी कि वे प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के साथ मिलकर बिहार में एक ऐसा संगठन खड़ा करें, जिसकी लोग मिसाल दें।’ वहीं, सीनियर जर्नलिस्ट अरुण कुमार पांडेय बताते हैं, ’पिछले 2 दशक से बीजेपी में बहुत गुटबाजी है। नित्यानंद राय, सम्राट चौधरी हर नेता का अपना-अपना गुट बन गया है। इसे कम करना उनकी बड़ी चुनौती बन गई है।’ 3- क्या बिहार में पार्टी को गठबंधन से मुक्त करा पाएंगे नबीन? बिहार में 2005 से NDA की सरकार है। तब से लगातार नीतीश कुमार बिहार के सीएम हैं। 2005 के बाद से 2026 तक बीजेपी दो बार सबसे बड़ी पार्टी बनी। आलम ये रहा कि 2020 में संख्या के आधार पर जदयू बीजेपी के आधे नंबर पर थी, लेकिन इसके बाद भी सीएम नीतीश कुमार ही बने। इसके दो कारण हैं। सीनियर जर्नलिस्ट अरुण पांडेय ने कहा, ‘मौजूदा समय में बीजेपी विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन अभी सेकंड सीट पर है। इसका कारण लालू के विरोध की राजनीति है। इसी के कारण नीतीश की अगुआई में बीजेपी उनके साथ आई और अभी तक उनके साथ ही है। अब इसका खामियाजा समझिए। 2025 के विधानसभा चुनाव के नतीजों में 8 ऐसे जिले हैं, जहां बीजेपी के एक भी विधायक नहीं हैं। 8 ऐसे जिले हैं, जहां बीजेपी के मात्र 1 विधायक हैं। चुनाव से पहले सभी पार्टियों की कोशिश थी कि हर जिले में कम से कम उनके एक विधायक हों। पॉलिटिकल एक्सपर्ट की मानें तो गठबंधन की सियासत के कारण बीजेपी अभी तक पूरे बिहार की पार्टी नहीं बन पाई है। कई ऐसे जिले हैं, जहां बीजेपी संगठन के तौर पर बहुत मजबूत है, लेकिन सीटें गठबंधन के लिए छोड़नी पड़ जाती हैं, जबकि कई जिले ऐसे हैं जहां चुनाव नहीं लड़ने के कारण पार्टी संगठन नहीं खड़ा कर पा रही है। हालात ये हैं कि विश्व की सबसे बड़ी पार्टी का दावा करने वाली बीजेपी राज्य की सभी विधानसभा सीटों पर अपने दम पर कैंडिडेट उतारने की स्थिति में नहीं है। अब नितिन नबीन के सामने चुनौती ये होगी कि सभी जिलों में अपना संगठन इतना मजबूत करें कि अपने दम पर चुनाव लड़ सकें।
बिहार में उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली ठंडी हवाएं कमजोर पड़ गई हैं, जिससे लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिली है। दिन में तेज धूप निकलने से अधिकतम तापमान बढ़ा है। हालांकि सुबह-शाम कनकनी बरकरार है। मौसम विभाग ने आज अररिया, पूर्णिया सहित 5 जिलों में कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में सुबह और रात के समय लोगों को ठंड ज्यादा महसूस होगी। सुबह-देर रात धुंध भी दिखेगी। अगले 24 घंटों में बिहार में रात का न्यूनतम तापमान 8 से 14 डिग्री के बीच रहने की संभावना है, जबकि दिन का अधिकतम तापमान 22 से 29 डिग्री के बीच रह सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दो दिनों में तापमान में 1 से 2 डिग्री की और गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे सुबह और रात के समय हल्की ठंड बढ़ेगी। पटना समेत कई जिलों में बादल छाए रह सकते हैं। बीते 24 घंटे में 12 जिलों का तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा है। कैमूर में 8.4 डिग्री, जमुई में 8.3 डिग्री, जहानाबाद में 8.2 डिग्री, अरवल में 9.1 डिग्री, जबकि लखीसराय में न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री दर्ज किया गया। 7 दिनों तक शुष्क रहेगा मौसम पटना मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, अगले 7 दिनों तक राज्य का मौसम शुष्क रहेगा। बारिश की कोई संभावना नहीं है। आने वाले 2 दिनों तक सुबह में कोहरा छाए रहने की आशंका जताई गई है। खासकर उत्तर-पूर्वी और सीमावर्ती जिलों में असर रहेगा। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे दिन और रात के तापमान में इजाफा होगा। सर्दी का असर धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगेगा। राजधानी में अगले कुछ दिनों तक हल्की ठंड रहेगी। सुबह में हल्का कोहरा और ठंडी हवा चल सकती है। जबकि दिन में धूप निकलने से मौसम नॉर्मल रहेगा। पटना में न्यूनतम तापमान 10 से 13 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। जनवरी लास्ट, फरवरी की शुरुआत में बढ़ेगी ठंड मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर जनवरी के अंत या फरवरी की शुरुआत में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता है, तो बिहार में एक बार फिर ठंड बढ़ सकती है। हालांकि फिलहाल तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं। कुल मिलाकर, बिहार में अभी हल्की ठंड का दौर जारी है, लेकिन आने वाले दिनों में सर्दी का असर धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है। मौसम ऐसा क्यों बना हुआ है? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में फिलहाल कोई मजबूत पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव नहीं है। उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली ठंडी हवाएं भी कमजोर पड़ी हैं। इसी कारण से तापमान में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। शुष्क मौसम और साफ आसमान की वजह से रात में तापमान गिर रहा है, जबकि दिन में धूप निकलने से तापमान बढ़ जा रहा है।
प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों में बढ़ती चोरी और अवैध तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने दो शराब तस्करों को भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जीआरपी प्रभारी निरीक्षक अकलेश कुमार सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक राजेश कुमार वर्मा और आरपीएफ की टीम ने प्लेटफॉर्म नंबर 4/5 स्थित एफओबी-01 के पास यह कार्रवाई की। सुबह करीब 11:35 बजे संदिग्ध अवस्था में घूम रहे दो युवकों की तलाशी ली गई। उनकी पहचान अजय कुमार (22 वर्ष) और आकाश कुमार (22 वर्ष) के रूप में हुई, जो गोविंदपुर नया टोला, थाना फातूहा, जिला पटना (बिहार) के निवासी हैं। तलाशी के दौरान अजय कुमार के बैग से 750 एमएल की 19 बोतल रॉयल स्टेज अंग्रेजी शराब बरामद हुई, जबकि आकाश कुमार के पास से 18 बोतल रॉयल स्टेज अंग्रेजी शराब मिली। कुल 37 बोतल अंग्रेजी शराब के साथ 330 रुपये नकद भी बरामद किए गए। बरामद शराब की कुल अनुमानित कीमत लगभग 60 हजार रुपये बताई जा रही है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे ट्रेनों के माध्यम से शराब की तस्करी कर बिहार ले जाते थे और वहां ऊंचे दामों पर बेचकर अवैध धन कमाते थे। गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर थाना जीआरपी प्रयागराज में मुकदमा संख्या 025/2026 आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। रेलवे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए स्टेशन परिसर और ट्रेनों में लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
फतेहाबाद जिले के भूना क्षेत्र के गांव नहला में नहर में डूबने से दो प्रवासी बच्चों की मौत हो गई। बच्चे नहर में बह रहा नारियल निकालने के लिए उतरे थे। मगर वापस बाहर नहीं निकल सके। हालांकि, परिजन पहले बच्चों को सीधा दफनाना चाह रहे थे। मगर बाद में उन्हें समझाया गया तो वह बच्चों का पोस्टमॉर्टम करवाने को राजी हुए। इसके बाद मंगलवार को पोस्टमॉर्टम कार्रवाई की गई। पुलिस ने परिजनों के बयान पर इत्फाकिया कार्रवाई की है। नहर के पास ही खेल रहे थे बच्चे जानकारी के अनुसार, गांव नहला में स्थापित ईंट भट्टे पर प्रवासी मजदूर बिहार के नालंदा जिला निवासी मिथिलेश व उसकी पत्नी वीना देवी का परिवार रह रहा है। मिथिलेश के आठ बच्चे हैं। जिनमें तीन बेटियां और पांच बेटे हैं। दो बच्चे लव (10) और कुश (8) सोमवार शाम को नहला से गुजरने वाली किरमारा माइनर के पास खेल रहे थे। इसी दौरान नहर में नारियल बहता हुआ दिखाई दिया, जिसे निकालने के लिए पहले कुश नहर में उतर गया। वह डूबने लगा तो उसको बचाने के प्रयास में लव भी नहर में कूद गया। मगर इसके बाद दोनों गहरे पानी में चले गए और बाहर नहीं आ सके। बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजनों ने की तलाश शाम होने पर जब बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजनों ने तलाश शुरू की। आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर पता चला कि बच्चों को नहर में उतरते देखा गया था। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से नहर में खोजबीन शुरू की गई। कुछ समय बाद दोनों बच्चों को नहर से बाहर निकाला गया। मगर तब तक दोनों दम तोड़ चुके थे। भूना थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि सूचना मिलने पर भूना पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवाया गया।
नीतीश सरकार 2021 में अपनी इथेनॉल नीति लेकर आई थी। मकसद था बिहार को इथेनॉल उत्पादन में अव्वल राज्य बनाना। इसके लिए 100 से ज्यादा प्लांट लगाने की तैयारी थी। 2017 में इसकी मंजूरी मिली, लेकिन अब 4 साल के भीतर ही इनमें से 10 प्लांट बंदी के कगार पर हैं। नतीजा, सीधे तौर पर बिहार में 5 हजार से ज्यादा लोग बेरोजगार हो जाएंगे। 70 हजार से ज्यादा लोगों पर प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से सीधा असर पड़ेगा। उनकी नौकरी जाएगी। 15 लाख मक्का किसानों की आमदनी घटेगी। आखिर क्यों बिहार में इथेनॉल प्लांट अपने शुरुआती दौर में ही संकट में घिर गए हैं? क्या इसके लिए बिहार सरकार जिम्मेदार है? क्या सरकार ने उद्यमियों के साथ धोखा किया है? इससे बिहार सरकार को कितना नुकसान हो सकता है? इसका समाधान क्या होगा? 8 पॉइंट में पूरा मामला समझिए… 1. इथेनॉल प्लांट पर अचानक संकट क्यों आया है? क्या प्लांट संचालकों को इसकी जानकारी नहीं थी? देश में फिलहाल इथेनॉल के खरीदार केवल तेल वितरण कंपनियां (इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम) हैं। उनके अलावा इथेनॉल किसी और को नहीं बेचा जा सकता। बिक्री करने वाले इथेनॉल प्लांट के संचालक हैं। बिहार इथेनॉल एसोसिएशन के सचिव कुणाल किशोर ने बताया कि तेल कंपनियां दो तरह के इसकी खरीदारी करती है। उन्होंने कहा, 'इसके साथ तेल कंपनियों ने एग्रीमेंट के दौरान प्लांट संचालकों से एक और बात की रजामंदी दी थी कि अगर करार की मात्रा से अधिक इथेनॉल की जरूरत होगी तो इसे खरीदने के लिए प्राथमिकता उस प्लांट को देंगे, जिसके साथ पहले से करार है। अगर इनके पास पर्याप्त मात्रा में इथेनॉल नहीं होगा तब बिना एग्रीमेंट वाले प्लांट से संपर्क करेंगे।' 2. जब कंपनी तेल खरीद रही है तो प्लांट बंद होने की बात कहां से आ रही? किशोर कुणाल ने बताया कि बिहार के 17 लोगों ने प्लांट में निवेश कर लाइसेंस लिया है। कंपनियों ने 10 साल का एग्रीमेंट किया है। एग्रीमेंट में इथेनॉल खरीद की मात्रा को दो हिस्से में बांटा गया है। 50 प्रतिशत एग्रीमेंट के तहत और 50 प्रतिशत दूसरे से पहले। उन्होंने कहा, 'समस्या ये है कि अभी तक कंपनी एग्रीमेंट से ज्यादा मात्रा में इथेनॉल इन प्लांटों से ले रही थी। ऐसे में बिहार के जितने भी प्लांट हैं, उन्होंने अपने तय एग्रीमेंट से दोगुनी क्षमता का प्लांट बना लिया है। अभी तक जितना उत्पादन हो रहा था, सब बिक भी जा रहा था।' अब समझिए क्या है परेशानी... 3. ऑयल कंपनी के इस फैसले का प्लांट संचालकों पर क्या असर पड़ेगा? प्लांट संचालक बताते हैं, 'समस्या ये है कि इथेनॉल को दूसरी जगह बेचा नहीं जा सकता। इसे 30 दिन से ज्यादा स्टोर नहीं कर सकते। प्लांट आधी क्षमता पर नहीं चला सकते। जितनी डिमांड तेल कंपनियों की तरफ से की गई है। अपनी क्षमता के मुताबिक ये प्लांट 3-4 महीने में उतना उत्पादन कर देंगी। ऐसे में 8 महीने तक प्लांट बंद रखना पड़ेगा। ऐसे में एक प्लांट को चलाने के लिए जो फाइनांशियल सपोर्ट की जरूरत है वो हासिल नहीं हो पाएगी। ओवरऑल साल भर में जितना कमाएंगे बैंक का ईएमआई भी नहीं दे पाएंगे। न ही अपने कर्मचारी को सैलरी दे सकेंगे। 4. प्लांट बंद होने का असर कितने लोगों पर पड़ेगा? बिहार इथेनॉल एसोसिएशन के सचिव किशोर कुणाल ने कहा, ‘औसतन 100 किलो लीटर के एक प्लांट में 250 हाइली ट्रेंड एंप्लॉइज होते हैं। केमिकल इंजीनियर से लेकर टेक्निकल इंजीनियर तक, जिनकी सैलरी लाखों में रहती है। इनके अलावा प्रत्यक्ष तौर पर सैकड़ों लोगों को काम मिलता है। अप्रत्यक्ष तौर लाखों लोगों का इकोसिस्टम जुड़ा होता है। इसमें किसान से लेकर ट्रैक्टर ड्राइवर तक शामिल होते हैं। ये प्लांट सरकार को सालाना लगभग 20 करोड़ रुपए का टैक्स देते हैं।' बिहार में देशभर का 25% मक्का उत्पादन होता है। बिहार में ज्यादातर प्लांट मक्का से इथेनॉल बनाते हैं। इससे मक्का की कीमत में लगभग डेढ़ गुणा तक का इजाफा हुआ था। ये प्लांट अगर अपने फुल फोर्स के साथ चलते रहे तो मक्का किसानों को इससे काफी लाभ हो सकता है। 5. प्लांट संचालकों की क्या डिमांड है? इसके लिए उन्होंने क्या किया है? प्लांट संचालक ने बताया कि बिहार के प्लांट फुल फ्लैज्ड चालू रहने पर 47.64 करोड़ लीटर इथेनॉल उत्पादन करते हैं। इस वित्तीय वर्ष में तेल कंपनियों ने 23.82 करोड़ लीटर इथेनॉल खरीदने का अलॉटमेंट दिया है। अगर 24 करोड़ लीटर इथेनॉल और खरीदने का आश्वासन मिल जाता है तो बिहार के प्लांट के संचालन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। बिहार इथेनॉल एसोसिएशन ने इसके लिए बिहार के उद्योग विभाग के सचिव, मुख्य सचिव से लेकर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय तक अपनी समस्या पहुंचाई है। सभी जगह से आश्वासन मिला है, लेकिन प्लांट संचालकों को अभी तक कोई समाधान मिलता नहीं दिख रहा है। 6. केंद्र सरकार इथेनॉल का क्या कर रही है? अभी देश में कितनी जरूरत है? केंद्र सरकार ने साल 2006 में पेट्रोल में इथेनॉल मिलाकर बेचने का निर्णय लिया। 2018 से पहले बिहार में मिलावट बेहद कम स्तर पर हो रही थी। 2018 में मोदी सरकार ने इसके लिए एक नीति बनाई और पेट्रोल में इथेनॉल की मिलावट बढ़ाकर 20 फीसदी करने का निर्णय लिया। इसके बाद देश में इथेनॉल की डिमांड 1350 करोड़ लीटर तक पहुंच गई। नतीजा सभी राज्यों को अपनी अलग इथेनॉल नीति बनानी पड़ी। हर राज्य में इथेनॉल के प्लांट लगने लगे। इसके उत्पादन में तेजी आई। नतीजा डिमांड से ज्यादा सप्लाई होने लगी। मौजूदा समय में तेल कंपनियों को 1350 करोड़ लीटर इथेनॉल की जरूरत है, जबकि देश भर में 1700 करोड़ लीटर इथेनॉल का उत्पादन हो रहा है। इथेनॉल के प्लांट दो प्रकार के होते हैं ग्रेन सेक्टर के प्लांट- मक्का, ब्रोकन राइस और एफसीआई के सरप्लस चावल का इस्तेमाल इसमें किया जाता है। शुगर सेक्टर के प्लांट- गन्ना, मोलासे और चीनी, शुगर सीरप से इथेनॉल बनाया जा सकता है। 7. क्या बिहार सरकार की इसमें कोई भूमिका है? बिल्कुल नहीं, बिहार सरकार की भूमिका बस प्लांट के चालू होने तक है। जमीन की लीज से लेकर बैंक से लोन दिलाने तक में बिहार सरकार मदद करती है। इसके बाद ये सीधे तौर पर केंद्र का मामला होता है। पेट्रोलियम मिनिस्ट्री के अधीन ही तेल कंपनियां आती हैं। सब कुछ वहीं से कंट्रोल किया जाता है। प्लांट संचालकों के आरोप पर तेल कंपनियों ने क्या कहा? तेल कंपनियों का पक्ष जानने के लिए हमने इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम के बिहार-झारखंड के अधिकारी से लेकर दिल्ली और मुंबई तक के अधिकारियों को फोन किया। पटना के अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली वाले बताएंगे और दिल्ली के अधिकारियों का कहना है कि हम इसके लिए अधिकृत नहीं हैं। मुंबई के अधिकारियों ने कहा कि हम फिलहाल इस पर कुछ नहीं बोल सकते हैं। अभी तक तेल कपंनियों की ओर से कोई स्पष्ट पक्ष नहीं आया है। जैसे ही उनका पक्ष आता है, हम उसे भी अपनी खबर में जगह देंगे। 8. बिहार के उद्योग मंत्री प्लांट को बचाने के लिए क्या कर रहे हैं? बिहार के उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने इस संबंध में कहा, 'इथेनॉल प्लांट में जो प्रोडक्शन होता था, केंद्र सरकार उसकी पूरी खरीदारी करती थी। अभी केंद्र सरकार उत्पादन के हिसाब से खरीदारी नहीं कर रही है। इसके कारण परेशानी हो रही है। हम लोग केंद्र सरकार से इस मामले पर बात कर रहे हैं। हम लोगों ने अनुरोध किया है कि इथेनॉल की मिक्सिंग की मात्रा बढ़ाई जाए तो यह समस्या दूर हो जाएगी। केंद्र सरकार इस पर लगातार विचार कर रही है।' इथेनॉल प्लांट बंद हुए तो 15 लाख किसानों की घटेगी कमाई बिहार मक्का उत्पादन में देश के शीर्ष राज्यों में स्थान रखता है। 2024-25 में यहां 9.55 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का की खेती की गई। 66.03 लाख मीट्रिक टन उत्पादन हुआ। बिहार में मक्के का इस्तेमाल सबसे अधिक इथेनॉल बनाने में होता है। इसके बाद मुर्गी दाना और पशु आहार तैयार करने में होता है। इथेनॉल प्लांट लगने के बाद पिछले कुछ वर्षों में मक्के की मांग और कीमत बढ़ी थी। मक्का जो कभी 12-15 रुपए प्रति किलो बिकता था, 20 रुपए प्रति किलो से अधिक रेट पर बिकने लगा। इथेनॉल प्लांट बंद होने की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बिहार के 15-17 लाख किसान मक्का की खेती करते हैं। कीमत गिरने से उनकी कमाई घटेगी। वैशाली जिले के किसान प्रमोद सिंह ने बताया, 'मक्का हमारे लिए आमदनी का बड़ा स्रोत है। आलू की फसल के बाद हमलोग मक्का लगाते हैं। कम लागत में मक्का प्रति कट्ठा एक क्विंटल से ज्यादा उपज देता है। कीमत भी करीब 2000 रुपए प्रति क्विंटल मिल जाती है। इथेनॉल प्लांट बंद होने से मक्के की कीमत गिरने का डर है।'
नेशनल परमिट जारी करने में बिहार 13वें स्थान पर, यहां 31,750 जारी; पहले नंबर पर हरियाणा
नेशनल परमिट जारी करने के मामले में बिहार 28 राज्यों में 13वें स्थान पर है। राज्य में लगातार नेशनल परमिट की संख्या बढ़ रही है। इससे माल ढुलाई और अंतरराज्यीय आवागमन आसान हुआ है। माल ढुलाई के लिए रेल पर निर्भरता कम हुई है। परिवहन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को इससे मजबूती मिली है। 1 अप्रैल 2025 से 15 जनवरी 2026 तक देश के 15 राज्यों में अधिक परमिट जारी किए गए। बिहार में 31,750 परमिट जारी हुए। बिहार देश में 13वें स्थान पर रहा। हरियाणा ने 1,69,821 परमिट जारी कर पहला स्थान हासिल किया। नेशनल परमिट जारी करने वाले टॉप-14 राज्य क्या है नेशनल परमिट : नेशनल परमिट वह व्यवस्था है, जिसके तहत मालवाहक वाहन एक राज्य से दूसरे राज्य में बिना अलग-अलग परमिट लिए आवागमन कर सकते हैं। राज्य में लगातार नेशनल परमिट की संख्या बढ़ रही, माल ढुलाई आसान हुई नेशनल परमिट के फायदे राजस्व में वृद्धि : परमिट फीस, टैक्स और अन्य शुल्क से सरकारी आय बढ़ती है। व्यापार और उद्योग को बढ़ावा : माल ढुलाई आसान होने से उद्योग और सप्लाई चेन मजबूत होती है। कीमतें नियंत्रित रहती हैं: अनाज, सब्जी, फल, दवाइयां और जरूरी सामान समय पर बाजार तक पहुंचते हैं। इससे कीमतें नियंत्रित रहती हैं। परिवहन व्यवस्था में सुधार: वाहनों की उपलब्धता बढ़ने से माल और यात्रियों का परिवहन सुचारु होता है।
पंडित की सलाह पर 27 साल पहले नौकर को रखा, 52.50 लाख रुपए चुराए, बिहार से गिरफ्तार
टोंक रोड स्थित देव नगर निवासी एक व्यापारी के घर से 27 साल से काम कर रहे नौकर ने 52.50 लाख रुपए चोरी किए। आरोपी 3 जनवरी को भी 22 लाख रुपए चोरी कर बिहार स्थित गांव बेलहर भाग गया। नौकर यहां से रुपए चोरी करता और गांव में रह रही दो प|ियों को बराबर बांट देता था। बजाज नगर थाना पुलिस ने 1500 किमी दूर बिहार स्थित बेलहर गांव से आरोपी नौकर मंटू उर्फ रामू उर्फ मनोज ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही दोनों पत्नियों की ओर से जमीन में गाडकर रखे 52.50 लाख रुपए बरामद किए है। व्यापारी को 27 साल पहले पंडित ने सलाह दी कि तुम्हारी और नौकर मनोज की राशि एक है। यह साथ रहेगा तो तुम्हारी तरक्की होगी। इसके बाद से नौकर व्यापारी के घर पर काम कर रहा था। आरोपी घर से रुपए चुराता रहा और किसी को पता ही नहीं चला। बजाज नगर थाना अधिकारी पूनम चौधरी ने बताया कि निखिल फतेहपुरिया निवासी फतेहपुरिया एन्क्लेव देव नगर टोंक रोड ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह परिवार के साथ विदेश घूमने गया था। 8 जनवरी को जयपुर लौटने पर घर से 22 लाख रुपए गायब मिले। मनोज भी गायब था। पुलिस ने मोबाइल नंबरों के आधार पर ट्रेस करने के बाद बिहार में उसके गांव जाकर पकड़ लिया। पूछताछ में मनोज ने कबूल किया कि उसने कई बार रुपए चोरी किए। मामले के खुलासे में थाना स्पेशल के रामवतार की अहम भूमिका रही। मनोज का सोशल मीडिया के जरिए नेपाल की एक युवती से संपर्क हुआ। भाषा की समस्या दूर करने के लिए युवती ने ट्रांसलेटर रखा। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी तो युवती मनोज के बिहार स्थित गांव आकर पत्नी की तरह साथ ही रहने लगी। युवती ने मनोज पर जयपुर छोड़कर गांव में ही रहने का दबाव बनाया। 3 जनवरी को जब व्यापारी विदेश यात्रा पर था तो मनोज ने घर से करीब 22 लाख रुपए चोरी किए और ट्रेन से गांव पहुंच गया। मनोज ने पहली पत्नी को 25 लाख और दूसरी पत्नी को 27.50 लाख रुपए दे रखे थे। नेपाल की युवती से दोस्ती हुई, गांव आकर पत्नी की तरह रहने लगी
ललित सुरजन की कलम से - बिहार के बाद क्या?
पहले तो लोग इस बात पर माथापच्ची करते रहे कि बिहार में विधानसभा चुनावों के नतीजे क्या होंगे। जिस दिन मतदान का आखिरी चरण सम्पन्न हुआ उस दिन तमाम विशेषज्ञ एक्जिट पोलों की चीर-फाड़ में लग गए
अगर बिहार नहीं जीतते तो क्या दूसरे राज्यों में एसआईआर होता?
एसआईआर ( मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण) से अगर बिहार में सफलता नहीं मिलती तो क्या उसे दूसरे राज्यों में लागू किया जाता
ललित सुरजन की कलम से - बिहार चुनाव : कुछ अन्य बातें
'बिहार में महागठबंधन की अभूतपूर्व जीत के बारे में टीकाकारों के अपने-अपने विश्लेषण हैं
Fact check: क्या कन्हैया कुमार ने दिल्ली और बिहार में 'डबल वोटिंग' की? नहीं
बूम ने पाया कि वायरल तस्वीर कन्हैया कुमार के दिल्ली में एक मतदान केंद्र विजिट करने की है. वह 2024 में उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट से लोकसभा चुनाव लड़ रहे थे जबकि उन्होंने अपना मतदान अपने होम टाउन बेगूसराय में ही किया था.
आसान नहीं बिहार का मैदान भाजपा के लिए
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए प्रचार खत्म हो गया है और गुरुवार, 6 नवंबर को 121 सीटों पर मतदान होगा
2015 की तरह इस बार भी बिहार में आरक्षण सबसे बड़ा मुद्दा
बिहार चुनाव की घोषणा होने वाली है। वहां यह मुद्दा सबसे बड़ा बनने जा रहा है। सोशल मीडिया पर इसकी शुरुआत हो गई है
पीएम उषा अभियान के तहत बिहार को 600 करोड़ रुपए देगी मोदी सरकार, नीतीश कैबिनेट ने खोला बंद रास्ता
बिहार में पीएम उषा अभियान को लागू करने के प्रस्ताव को नीतीश कुमार सरकार की मंजूरी के बाद राज्य में उच्च शिक्षा के विकास के लिए केंद्र से अगले दो साल में 600 करोड़ रुपए मिलने का रास्ता खुल गया है।
बिहार के प्रिंस कुमार सिंह ने यूपीएससी आईएफएस परीक्षा में 15वीं रैंक प्राप्त की है। इसके अलावा उन्होंने और भी कई बड़े एग्जाम को पास किया हुआ है। जानिए जानते प्रिंस कुमार की कहानी जिन्होंने अपने आर्थिक
बॉलीवुड के मशहूर स्टार कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल 7 वर्ष की डेटिंग के बाद अब पति-पत्नी बन चुके हैं। दोनों की शादी इस वक़्त टॉक ऑफ द टाउन है। सोनाक्षी और जहीर अलग धर्म से हैं। ऐसे में ना उन्होंने निकाह किया तथा ना ही फेरे लिए, बल्कि सादगी से रजिस्टर मैरिज की एवं फिर रिसेप्शन पार्टी रखी। अलग धर्म में शादी करने पर सोनाक्षी एवं जहीर को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। ट्रोलिंग के कारण दोनों को अपने वेडिंग पोस्ट का कमेंट सेक्शन तक बंद करना पड़ा। मगर बात तब हद से ज्यादा तब बढ़ गई, जब इंटरफेथ मैरिज करने पर सोनाक्षी एवं जहीर के खिलाफ बिहार के गांव में प्रोटेस्ट मार्च निकाले गए। रिपोर्ट के अनुसार, सोनाक्षी के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन 'हिंदू शिव भवानी सेना' नाम की एक संगठन द्वारा आयोजित किया गया था। जहीर संग शादी पर बेटी सोनाक्षी की हो रही ट्रोलिंग पर अब शत्रुघ्न सिन्हा ने चुप्पी तोड़ी है तथा हेटर्स को जवाब दिया है। अपने एक इंटरव्यू के चलते शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- आनंद बक्शी साहब ने इस तरह के प्रोफेशनल प्रोटेस्टर्स के बारे में लिखा है- कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। इसमें आगे जोड़ना चाहूंगा कि कहने वाले अगर बेकार, बेकाम-काज के हों तो बोलना ही उनका काम बन जाता है। मेरी बेटी ने कुछ भी ऐसा नहीं किया जो गैरकानूनी एवं संविधान के खिलाफ है। सोनाक्षी-जहीर की शादी पर शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा- शादी दो लोगों के बीच का एक बहुत ही व्यक्तिगत फैसला है। इसमें किसी को भी बीच में दखल देने या कमेंट करने का हक नहीं होता। विरोध प्रदर्शन करने वालों को मैं यही बोलना चाहता हूं- अपनी जिंदगी पर ध्यान दो। जिंदगी में कुछ अच्छा करो। इससे ज्यादा और कुछ नहीं कहना। बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा ने खुशी-खुशी अपनी इकलौती बेटी की शादी की है। उन्होंने दामाद जहीर को भी अपना आशीर्वाद दिया है। रिलीज हुआ श्रद्धा कपूर-राजकुमार राव की स्त्री 2 का टीजर, इस अवतार में नजर आए स्टार्स किशोर कुमार के गानों पर बैन, मनोज कुमार-देव आनंद की फिल्मों पर रोक..! बॉलीवुड पर भी पड़ा था 'इमरजेंसी' का बुरा असर सामने आई कंगना रनौत की इमरजेंसी की रिलीज डेट, जानिए किस दिन आ रही है इंदिरा गांधी की बायोपिक?
फिल्म रैप में जानिए कि रविवार को एंटरटेनमेंट की दुनिया में क्या खास हुआ. 9 जून 2024 का दिन एतिहासिक रहा. पीएम नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार पीएम बनने की शपथ ली. इस दौरान शाहरुख खान से लेकर अक्षय कुमार भी मौजूद रहे.
परेशान होकर छोड़ी इंडस्ट्री, सालों बाद किया कमबैक, बिहार की लड़की कैसे बनी हीरोइन?
टेलीविजन के पॉपुलर शो उडारियां 15 साल का लीप लेने जा रहा है. लीप के बाद शो एक नई कहानी और स्टारकास्ट के साथ दर्शकों को एंटरटेन करने आ रहा है. लीप से पहले उडारियां में आशमा का रोल निभाने वाली अदिति भगत ने आजतक संग बातचीत की और शो को लेकर कई सारी बातें शेयर कीं.
बिहार सीईटी बीएड : पांच साल में सबसे ज्यादा आवेदन आए, इस तारीख से आएंगे एडमिट कार्ड
Bihar CET B.Ed:महिलाओं के लिए अलग एवं पुरुषों के लिए अलग परीक्षा केंद्र होंगे। अभ्यर्थी 17 जून से अपना एडमिट कार्ड वेबसाइटwww. biharcetbed- lnmu. inपर लॉगइन कर डाउनलोड कर सकेंगे।
बीएसईबी बिहार बोर्ड से संबद्ध और एनसीटीई से मान्यता प्राप्त डीएलएड संस्थानों की सूची जारी
Bihar D.El.Ed: बिहार बोर्ड ने डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2024 की आंसर की जारी करने के एक दिन बाद अब राज्य में मौजूद सरकारी व निजी डीएलएड प्रशिक्षण संस्थानों की सूची भी जारी कर दी है। डीएलएड में दाखिला लेने
Bihar STET: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने शनिवार को माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी)-2024 (प्रथम) परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। पेपर-1 के विभिन्न विषयों की परीक्षा 18 से 29 मई तक होगी।
CSBC Bihar Police Constable Exam: क्या जारी हो चुकी हैं रिवाइज्ड तारीखें, पढ़ें अपडेट
CSBC Bihar Police Constable exam dates: बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की नई तारीखों का इंतजार है। परीक्षाएं 1, 7 और 15 अक्टूबर को निर्धारित की गई थीं, जिन्हें रद्द व स्थगित कर दिया गया था। आइए
बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा शर्मा की हाल ही में बिहार में एक रोड शो में भागीदारी ने इंटरनेट पर तूफान ला दिया है। क्रुक और तुम बिन 2 जैसी फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए मशहूर सुश्री शर्मा को अपने पिता अजीत शर्मा का समर्थन करते देखा गया, जो कांग्रेस के टिकट पर भागलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। यह रोड शो उन अफवाहों के बीच हुआ कि अभिनेता राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं। हालाँकि, अब यह स्पष्ट हो गया है कि वह सिर्फ अपने पिता के लिए प्रचार कर रही थीं। नेहा शर्मा ने इंस्टाग्राम पर बांका, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया सहित बिहार के विभिन्न जिलों की अपनी यात्रा दिखाते हुए एक वीडियो साझा किया। वह पारंपरिक सलवार कमीज पहने हुए थीं और जनता का अभिवादन करती और उन्हें वोट डालने के लिए प्रोत्साहित करती नजर आईं। इसे भी पढ़ें: AR Rahman ने नए एल्बम के रिलीज पर Taylor Swift को बधाई दी, नेटिजन ने कहा 'महान कला, महान कला को पहचानती है' View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया रोड शो के दौरान पीरपैंती और कहलगांव में भारी भीड़ ने अभिनेता का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा “वे कहते हैं कि जब कोई आपको अपने दिल में जगह देता है, तो आप हमेशा के लिए वहीं रहते हैं। आपने मुझे जो प्यार और समर्थन दिया है, उससे मेरा दिल भर गया है। पीरपैंती और कहलगांव में गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद। आपका प्यार सारी आँखों पर। सदा आभारी। ऑनलाइन प्रसारित हो रहे एक अन्य वीडियो में अभिनेत्री को भागलपुर में अपने पिता के चुनाव अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए दिखाया गया है। भागलपुर लोकसभा सीट पर दूसरे चरण में 26 अप्रैल को चुनाव होना है। इस सीट पर कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने वाले अजीत शर्मा का मुकाबला जेडीयू के अजय कुमार मंडल से है। पहले ऐसी अफवाह थी कि सुश्री शर्मा राजनीति में प्रवेश कर सकती हैं। हालाँकि, कई रिपोर्टों ने स्पष्ट किया है कि वह अभी चुनावी शुरुआत नहीं कर रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पिता अजीत शर्मा ने उन्हें राजनीति में शामिल होने का अवसर दिया, शर्मा वर्तमान में अपने अभिनय करियर पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। Bihar, Bhagalpur: Bollywood actress Neha Sharma campaigns for Congress leader and father Ajeet Sharma in the Lok Sabha elections, participates in a roadshow. pic.twitter.com/yEhb4XoQQL — IANS (@ians_india) April 23, 2024 View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial)
सलमान के घर फायरिंग से पहले शूटर्स ने बिहार में की हथियारों की प्रैक्टिस, फार्म हाउस की हुई थी रेकी
14 अप्रैल को, सुबह 4.50 बजे सलमान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर, अज्ञात हमलावरों ने पांच राउंड फायरिंग की थी. पुलिस ने सलमान के घर पर फायरिंग करने के मामले में विक्की गुप्ता (24 साल) और सागर पाल (21 साल) नाम के दो लड़कों को गिरफ्तार किया था. अब इससे जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है.
Manisha और Elvish के बीच लगी दुश्मनी की आग हुई और तेज, बिहार की बेटी नेसरेआम बना दिया'राव साहब' का मजाक ?
Bihar Board: जानें-10वीं की मार्कशीट में लिखी U/R,B और C जैसी शॉर्ट फॉर्म का क्या मतलब है?
बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं का रिजल्ट 31 मार्च को जारी कर दिया गया था। छात्र अपनी ओरिजनल मार्कशीट स्कूल से ले सकते हैं। आइए जानते हैं मार्कशीट में लिखी शॉर्ट फॉर्म की फुलफॉर्म क्या है।
बिहार में जेईई और नीट की फ्री कोचिंग, रहने-खाने की भी रहेगी मुफ्त व्यवस्था, ऐसे करें अप्लाई
Bihar Board Jee and Neet Free Coaching : विद्यार्थी समिति द्वारा संचालित engineering (jee) औरmedical (neet) की नि:शुल्क तैयारी हेतु BSEB SUPER-50 आवासीय शिक्षण में पढ़ने हेतु आवेदन कर सकत हैं।
Bihar 10th Board 2024: टॉप 5 में इन 10 छात्रों ने बनाई जगह, जानें नाम और मार्क्स
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने दसवी का रिजल्ट bsebmatric.org और results.biharboardonline.com पर जारी कर दिया है। इस साल टॉप 10 की लिस्ट ने 51 छात्रों ने अपनी जगह बनाई है। टॉप 5 की लिस्ट में 10 छ
BSEB: क्लास 10वीं के रिजल्ट से पहले जानें ये 10 जरूरी बातें, मार्कशीट मिलने में मिलेगी मदद
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड अब कभी भी वेबसाइट biharboardonline.gov.in पर कक्षा 10वीं के रिजल्ट अपलोड कर सकता है। एक बार रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र यहां से डाउनलोड कर सकते हैं।
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) मैट्रिक यानी कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट अब कभी भी biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी हो सकता है, जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, रिजल्
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटर में एडमिशन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। इस बाबत समिति ने सभी सरकारी, गैर सरकारी विद्यालय, इंटर कॉलेजों की सूची ofssbihar.in पर अपलोड कर दी है।
बीएसईबी मैट्रिक रिजल्ट की घोषणा जल्द की जाएगी। हालांकि अभी तक रिजल्ट की टाइमिंग और तारीख के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद है नतीजे 31 मार्च तक आधिकारिक वेबसाइट biharboardonlin
BSEB Bihar 10th Board: प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेयर की जाएंगी ये 5 डिटेल्स, यहां पढ़ें
छात्र आधिकारिक वेबसाइट्स से बीएसईबी 10वीं स्कोरकार्ड 2024 डाउनलोड कर सकेंगे। रिजल्ट वाले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। जिसमें बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा से जुड़ी कई डिटेल्स शेयर की जाएगी। आइए ज
Bihar 12th Board: किसान की बेटी बनीं कॉमर्स की टॉपर, अब बनना चाहती हैं प्रोफेसर, करेंगी PhD
बिहार बोर्ड 12वीं की कॉमर्स स्ट्रीम में खुशी कुमारी को जिले में सेकंड रैंक मिली है। उनके पिता किसान हैं। उन्होंने कहा, मेरे पिता ने हमेशा शिक्षा को महत्व दिया है, इसलिए भविष्य में मैं शिक्षा के क्षेत
इस साल का रिजल्ट पिछले 5 साल की तुलना में सबसे बेहतर, 87.21 प्रतिशत विद्यार्थी हुए पास
BSEB Bihar Board 12th Result : हार बोर्ड ने आज 12वीं के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का रिजल्ट पिछले 5 सालों की तुलना में सबसे बेहतर रहा है। इस साल इंटर का रिजल्ट 87.21 फीसदी रहा।
बिहार बोर्ड ने 12वीं यानी इंटर परीक्षा का रिजल्ट अब जारी कर दिया है। टॉपर्स के नाम भी सामने आ गए हैं। आइए जानते हैं साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स स्ट्रीम के टॉपर्स ने किन स्कूलों से पढ़ाई की है। यहां देखें न
BSEB Bihar Board: बिहार बोर्ड इंटर छात्र जानें टॉप 10 इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज
NIRF यानी राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क। इस रैंकिंग को शिक्षा मंत्रालय जारी करता है। एनआईआरएफ रैंकिंग में देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी की रैंकिंग जारी की जाती है।
बीएसईबी 12वीं के परिणाम के साथ टॉपर्स की लिस्ट भी शेयर करेगा। जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, पिछले 7 सालों में आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम में किसने किया था टॉप। यहां पढ़ें पूरी
Bihar 12th Board 2024: रिजल्ट जारी होने की तारीख और समय के बारे में यहां मिलेगी जानकारी
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) जल्द ही इंटरमीडिएट या कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2024 के परिणाम घोषित करेगा। वहीं बोर्ड परिणाम के समय की घोषणा पहले कर दी जाएगी। आइए जानते हैं, आप कहां कर सकें

