मधेपुरा में बिहार पुलिस एसोसिएशन चुनाव संपन्न:समरजीत पासवान अध्यक्ष, संतोष कुमार सिंह सचिव निर्वाचित
मधेपुरा में बिहार पुलिस एसोसिएशन की जिला शाखा के कार्यकारिणी एवं पदाधिकारियों का चुनाव शनिवार को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चुनाव में सभी प्रमुख पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ। समरजीत पासवान को अध्यक्ष (सभापति), संतोष कुमार सिंह को मंत्री (सचिव), राजेश कुमार झा को कोषाध्यक्ष, शंभू कुमार को उपाध्यक्ष (उपसभापति) तथा स्वीटी सोरेन को संयुक्त मंत्री (संयुक्त सचिव) निर्वाचित घोषित किया गया। चुनाव प्रक्रिया सुपौल जिला शाखा के सचिव योगेंद्र पासवान एवं संयुक्त सचिव अनिल कुमार की देखरेख में संपन्न हुई। निर्वाचन परिणाम की सूचना बिहार पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एवं महामंत्री को भेज दी गई है। इसकी प्रति पुलिस अधीक्षक और बिहार पुलिस एसोसिएशन की जिला शाखा, मधेपुरा को आवश्यक कार्रवाई एवं अभिलेख के लिए प्रेषित की गई है। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद समाजसेवी ध्यानी यादव समेत कई लोगों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी। संगठन के सदस्यों ने नई कार्यकारिणी से पुलिसकर्मियों के हितों की रक्षा, उनकी समस्याओं के समाधान और संगठन को अधिक मजबूत बनाने की उम्मीद जताई। पुलिसकर्मियों के कल्याण, सेवा और सुविधाओं का विस्तार नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे पुलिसकर्मियों के कल्याण, सेवा-सुविधाओं के विस्तार और संगठन की गरिमा बनाए रखने के लिए पूरी निष्ठा एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने संगठन की एकजुटता बनाए रखने और पुलिसकर्मियों के हित में सामूहिक प्रयास करने की भी अपील की।
चतरा पुलिस ने संगठित अपराध और रंगदारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। दुबई से सक्रिय भगोड़े गैंगस्टर प्रिंस खान के गिरोह के दो मुख्य सहयोगियों को बिहार के भोजपुर जिले से गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी एक पत्थर व्यवसायी और लोजपा (आर) नेता से दो करोड़ रुपए की फिरौती मांगने के मामले में हुई है। छह महीने पहले, हंटरगंज के पिण्डरा निवासी प्रेमचंद सिंह को प्रिंस खान ने व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर 2 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। रंगदारी न देने पर उसने प्रेमचंद सिंह को जान से मारने और परिवार को खत्म करने की धमकी दी थी। गैंगस्टर ने यह भी कहा था कि फिरौती न मिलने पर वह उनके पोते का मुंह भी नहीं देखने देगा।इस मामले में हंटरगंज थाने में त्वरित प्राथमिकी दर्ज की गई थी। टीम ने बिहार के भोजपुर में सघन छापेमारी कर मोहम्मद अस्फाक आलम और सद्दाब अंसारी को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, ये दोनों प्रिंस खान के लिए काम करते थे। इनका मुख्य काम शूटरों तक पैसा पहुंचाना, रेकी करना और हवाला के जरिए विदेशों से आर्थिक लेन-देन करना था। इनके पास से एक मोबाइल और पैसों के ट्रांजेक्शन के पुख्ता सुबूत मिले हैं। गिरफ्तार सद्दाब अंसारी का पहले से ही लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उस पर धनबाद में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के संगीन मामले दर्ज हैं।
ट्रेन हादसे में बिहार के युवक की मौत:हरदोई में परिजनों के पहुंचने पर दूसरे दिन हुआ पोस्टमार्टम
हरदोई में लखनऊ-दिल्ली रेल मार्ग पर संडीला-बालामऊ के बीच ट्रेन से गिरकर बिहार के एक युवक की मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को करीब 1:30 परिजनों के पहुंचने के बाद शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया। मृतक की पहचान मोहसिन (26) के रूप में हुई है। बिहार राज्य के किशनगंज जनपद के धापर बस्ती निवासी मोहसिन पठानकोट में मजदूरी करते थे। मोहसिन के जीजा दिलशाद ने बताया कि मोहसिन दो माह पहले ही अपने गांव आए थे। बृहस्पतिवार रात को वह किशनगंज से अजमेर गरीब नवाज एक्सप्रेस में सवार हुए थे। उन्हें अजमेर से पठानकोट के लिए दूसरी ट्रेन पकड़नी थी। युवक की जेब से मिला परिजनों का पता शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे संडीला-बालामऊ रेल मार्ग के बीच ट्रेन के दरवाजे पर खड़े मोहसिन का संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गए। इस हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने घायल मोहसिन को तुरंत कछौना सीएचसी पहुंचाया। उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां सुबह 9:21 बजे डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस को मृतक की जेब से मिले पहचान पत्र से परिजनों का संपर्क नंबर मिला। तुरंत उनके गांव सूचना भेजी गई। शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे बिहार से परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंचे। इसके बाद शहर कोतवाली पुलिस ने पंचनामा भरा और दोपहर करीब 3:30 बजे शव का पोस्टमार्टम कराया। मोहसिन अपने पीछे पत्नी दिलफरोज और एक मासूम पुत्री महक नाज को छोड़ गए हैं। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि सभी विधिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
आमिर खान की तीसरी शादी पर मचा बवाल, बिहार में बजरंग दल ने फूंका एक्टर का पुतला, लगाए गंभीर आरोप
बॉलीवुड के 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' आमिर खान अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। आमिर खान ने 5 जुलाई को 61 साल की उम्र में अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट संग तीसरी शादी रचाई है। हालांकि तीसरी शादी रचाने के बाद आमिर खान विवादों में भी आ गए हैं। आमिर खान की शादी के विरोध में बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर भारी विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने आमिर खान का पुतला फूंका और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आमिर खान पर लव जिहाद करने का आरोप लगाया गया है। ALSO READ: 61 साल की उम्र में हनीमून मनाने तीसरी पत्नी गौरी स्प्रैट संग मेलबर्न रवाना हुए आमिर खान फारबिसगंज में हुए इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बजरंग दल के स्थानीय नेता मनोज सोनी ने आमिर खान पर बेहद गंभीर और तीखे आरोप लगाए हैं। प्रदर्शन के दौरान आमिर खान मुर्दाबाद और आमिर खान जिहादी भारत छोड़ो जैसे नारे लगाए गए। Bajrang Dal workers on Tuesday, July 7, burned an effigy of the Bollywood actor Aamir Khan following his marriage to Gauri Spratt on Sunday, July 5. The Hindutva workers wearing saffron shawls could be seen burning the effigy while raising slogans, including Aamir Khan… pic.twitter.com/9szCYnHO4J — The Siasat Daily (@TheSiasatDaily) July 10, 2026 मनोज सोनी ने कहा, आमिर खान लगातार हिंदू बहन-बेटियों से शादी रचाकर लाइन लगा रहे हैं। यह हिंदू समाज को नीचा दिखाने और हिंदुओं को कमजोर करने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा है। अगर उन्होंने अपनी इन हरकतों को जल्द ही नहीं रोका, तो उन्हें सबक सिखाया जाएगा। सोनी ने आगे बच्चों के नामकरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि, शादी हिंदू बेटियों से करते हैं और बच्चों का नाम तैमूर, अफ़रोज़ या सलमान रखते हैं, यह कहां का नियम है? उन्हें मुस्लिम समाज की बेटियों से प्यार क्यों नहीं होता? बजरंग दल ने कोर्ट और सरकार से मांग की है कि देश का माहौल बिगाड़ने के आरोप में अभिनेता पर सख्त कार्रवाई की जाए। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें आमिर खान हमेशा से अपनी फिल्मों और निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में रहते हैं, लेकिन उनकी इस तीसरी शादी ने अब एक नया राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है। जहां एक तरफ फैंस सोशल मीडिया पर उन्हें नए जीवन की बधाई दे रहे हैं, वहीं कई संगठनों का यह विरोध आने वाले दिनों में आमिर खान के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। बता दें कि आमिर खान ने पहली शादी 1986 में रीना दत्ता से शादी की थी, जिससे उनका 2002 में तलाक हो गया। इसके बाद साल 2005 में उन्होंने किरण राव से शादी की, लेकिन 16 साल बाद 2021 में दोनों ने अलग होने का फैसला किया। अब 61 वर्ष की उम्र में आमिर खान ने गौरी स्प्रैट संग तीसरी शादी रचाई है।
भोपाल में एसबीआई के एटीएम से छेड़छाड़ कर रुपए निकालने वाले अंतरराज्यीय गिरोह की जांच बिहार तक पहुंच गई है। शाहपुरा थाना पुलिस ने शुक्रवार को मुजफ्फरपुर के भगवानपुर इलाके से अभिषेक कुमार सिंह को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक अभिषेक गिरोह के सदस्यों को एटीएम के लॉक सिस्टम से छेड़छाड़ करने का तरीका सिखाता था और मास्टर-की उपलब्ध कराता था। आरोपी अभिषेक को पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर भोपाल लाकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस के अनुसार गिरोह का सरगना बिहार के गयाजी का रहने वाला विपुल कुमार उर्फ सोनू है, जो भोपाल के एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज का पूर्व छात्र है। उसी ने बिहार से अपने साथियों को भोपाल बुलाकर शाहपुरा, कोलार, अशोका गार्डन समेत कई इलाकों के एसबीआई एटीएम को निशाना बनाया। पुलिस करीब 11 लाख रुपए की निकासी की जांच कर रही है। थाना प्रभारी संतोष मरकाम ने बताया कि आरोपी मास्टर-की से एटीएम के लॉक सिस्टम में छेड़छाड़ कर ग्राहकों की रकम मशीन में फंसा देते थे। ग्राहक के जाने के बाद प्लास्टिक स्ट्रिप और अन्य उपकरणों से रकम निकाल लेते थे। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि मास्टर-की किसने तैयार कराई और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, गिरोह के सदस्य अलग-अलग पेशे से जुड़े थे। इनमें इंजीनियरिंग का छात्र, होटल संचालक और मजदूरी करने वाले युवक शामिल थे। इसी कारण किसी को भी उन पर आसानी से संदेह नहीं होता था। पुलिस को कई एटीएम के सीसीटीवी फुटेज भी मिले हैं, जिनके आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। बैंक कर्मचारी ने ही चोरी का तरीका सिखायापुलिस का यह भी दावा है कि गिरोह ने एटीएम में छेड़छाड़ करने का तरीका बिहार के एक निजी बैंक कर्मचारी से सीखा था। अब यह पता लगाया जा रहा है कि मास्टर-की किसने तैयार कराई, किन लोगों तक पहुंचाई गई और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है। शाहपुरा थाने में यह मामला एसबीआई के एटीएम की सुरक्षा संभालने वाली एजेंसी की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत में बताया गया था कि पिछले 10 से 15 दिनों के दौरान भोपाल के कई एटीएम में इसी तरह छेड़छाड़ कर नकदी निकाली जा रही थी, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पूछताछ में बार-बार झूठ बोल रहा अभिषेक पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान अभिषेक बार-बार अपना पता और कारोबार बदलकर बताता रहा। कभी उसने खुद को होटल व्यवसायी बताया तो कभी अन्य जानकारी देकर जांच को भटकाने की कोशिश की। हालांकि बाद में उसने छपरा बाइपास में होटल संचालन की बात स्वीकार की।
मैं घर नहीं लौटूंगा कहकर बिहार निवासी युवक ने अपना मोबाइल बंद कर दिया। बेटे के मुंह से यह बात सुनते ही पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। जिसके बाद घरवालों को किसी अनहोनी का डर सताने लगा। जब मोबाइल की आखिरी लोकेशन उत्तराखंड के घांघरिया में मिली तो चमोली पुलिस तुरंत उसकी तलाश में जुट गई। देर रात तक होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशालाओं और आसपास के हर संभावित स्थान पर पुलिस ने खोजबीन की। परिवार की एक ही दुआ थी कि उनका बेटा सही-सलामत मिल जाए। कई घंटों की तलाश के बाद आखिरकार पुलिस ने युवक को सकुशल ढूंढ निकाला। बेटे को सुरक्षित देखकर परिवार की आंखों में खुशी के आंसू आ गए। परिजनों ने चमोली पुलिस का धन्यवाद करते हुए जमकर सराहना की। नाराज होकर घर से निकलाघांघरिया चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अमनदीप सिंह ने बताया कि पुलिस को बिहार के पटना निवासी रवि शंकर सिंह ने फोन पर सूचना दी कि उनका पुत्र अतुल आनंद (26) घर से नाराज होकर चला गया है। घर छोड़ने के बाद युवक ने अपने पिता को फोन कर बताया कि वह उत्तराखंड में है और अब घर वापस नहीं आएगा। बातचीत के दौरान उसने ऐसे शब्द भी कहे, जिससे परिजनों को किसी अप्रिय घटना की आशंका होने लगी। इसके तुरंत बाद उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया। घांघरिया में मिली अंतिम लोकेशनअमनदीप सिंह ने बताया कि परिजनों ने युवक की लोकेशन ट्रेस की तो युवक की अंतिम लोकेशन हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी के बेस कैंप घांघरिया क्षेत्र में मिली। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए तत्काल पुलिस टीमों का गठन कर गोविंदघाट से हेमकुंड के बेस कैंप घांघरिया तक तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशालाओं, टेंट, दुकानों और अन्य संभावित स्थानों पर गहन खोजबीन और सत्यापन किया। लगातार कई घंटों की तलाश के बाद पुलिस टीम ने अतुल आनंद को घांघरिया क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने युवक को परिजनों को सौंपायुवक को सुरक्षित कोतवाली गोविंदघाट लाया गया और उसके परिजनों को सूचना दी गई। परिजन बिहार से चमोली पहुंचे, जिसके बाद आवश्यक पूछताछ और वैधानिक औपचारिकताएं पूरी कर युवक को सकुशल उनको सौंप दिया। परिजनों ने पुलिस का जताया आभारअपने बेटे को सुरक्षित देखकर परिजनों ने राहत की सांस ली और चमोली पुलिस की संवेदनशीलता, तुरंत कार्रवाई की तारीफ करते हुए पूरी पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में नाबालिग को शादी का झांसा देकर उसके साथ रेप करने के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 7 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। मामले के अनुसार, जूटमिल थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने 1 अगस्त 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 15 वर्षीय बेटी दोपहर करीब 1 बजे सहेली के घर जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिवार वालों ने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां उसकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद पीड़िता की मां ने जूटमिल थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी नाबालिग बेटी को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। बिहार से बरामद हुई पीड़िता जांच के दौरान पुलिस ने 19 अगस्त 2025 को पीड़िता को बिहार के बेगूसराय निवासी दिलखुश कुमार (24) के साथ बरामद किया। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि आरोपी उसे शादी करने का वादा कर अपने साथ ले गया था। उसने पत्नी बनाने का भरोसा देकर उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 87 और 65(1) बीएनएस तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत केस दर्ज कर चालान न्यायालय में पेश किया। पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश और विशेष पॉक्सो न्यायालय के न्यायाधीश देवेंद्र कुमार साहू की अदालत में हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई और 7 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। मामले में विशेष लोक अभियोजक गोविंद नारायण दुबे ने शासन की ओर से पैरवी की।
बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल PMCH में मरीजों को जल्द ही अत्याधुनिक जांच सुविधाएं मिलने जा रही है। इस महीने के अंत तक अस्पताल के नए रेडियोलॉजी भवन में दो अत्याधुनिक CT स्कैन और एक रिसर्च आधारित MRI मशीन स्थापित की जाएगी। इन मशीनों के चालू होने के बाद प्रतिदिन 300 से अधिक मरीजों की जांच की जा सकेगी। मरीजों को कम समय और कम लागत में बेहतर जांच सुविधा मिलेगी। साथ ही चिकित्सकों को गंभीर बीमारियों के अध्ययन और शोध कार्य में भी मदद मिलेगी। अधिकारियों के मुताबिक, यह बिहार का पहला सरकारी अस्पताल होगा, जहां रिसर्च आधारित एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनें स्थापित की जा रही हैं। मरीजों को नहीं करना पड़ेगा लंबा इंतजार स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने इस पहल को बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सरकारी अस्पतालों में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार कर रही है। इन मशीनों से मरीजों को जांच के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और कम खर्च में बेहतर सुविधाएं राज्य के भीतर ही मिलेंगी। मंत्री ने आगे कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि इलाज और जांच के लिए मरीजों को दूसरे राज्यों में न जाना पड़े। इसी उद्देश्य से सरकारी अस्पतालों में आधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। महीने के अंत तक पूरा होगा इंस्टॉलेशन पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया, 'नए रेडियोलॉजी भवन में इस महीने के अंत तक सभी मशीनों का इंस्टॉलेशन पूरा हो जाएगा। इसके तुरंत बाद मरीजों की जांच शुरू कर दी जाएगी। 24 घंटे में 100 से अधिक मरीजों की जांच अस्पताल अधीक्षक ने बताया, 'नई मशीनों की क्षमता वर्तमान में लगी मशीनों की तुलना में कहीं अधिक होगी। हर एक मशीन से 24 घंटे में औसतन 100 से अधिक मरीजों की जांच की जा सकेगी। यानी तीनों मशीनों के संचालन के बाद प्रतिदिन 300 से अधिक मरीजों को जांच की सुविधा मिल सकेगी। इससे मरीजों की लंबी प्रतीक्षा सूची खत्म होगी और जांच रिपोर्ट भी पहले की तुलना में काफी कम समय में उपलब्ध हो सकेगी। गंभीर मरीजों के इलाज में भी तेजी आएगी। प्रशिक्षित टेक्नीशियनों की नियुक्ति जल्द नई मशीनों के संचालन के लिए प्रशिक्षित टेक्नीशियनों की नियुक्ति आउटसोर्सिंग के माध्यम से की जाएगी। डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया, ‘बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BMSICL) ने मशीनों के संचालन के लिए आवश्यक कार्यबल उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।’ जून में हुईं 2.34 लाख से अधिक पैथोलॉजी जांच PMCH में जांच सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार जून महीने में पैथोलॉजी विभाग में 2,34,018 से अधिक जांचें सफलतापूर्वक की गईं, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। नई सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनों के शुरू होने के बाद अस्पताल की जांच क्षमता में और बढ़ोतरी होगी। इससे मरीजों को एक ही परिसर में समयबद्ध, सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली जांच सुविधा मिल सकेगी। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को इसका सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें निजी संस्थानों या दूसरे राज्यों में जांच कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
‘NEET ही नहीं, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से ली गई UGC-NET परीक्षा में भी पेपर लीक हुए। हम हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET), एडीए और CSIR-NET पेपर लीक का खुलासा करने के बहुत करीब पहुंच गए थे। हमारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) प्रमुख अभिजीत दीपके से बात हो गई थी। यह मामला प्रॉपर तरीके से हाईलाइट करना था लेकिन उससे पहले ही हमारी धरपकड़ शुरू हो गई। मेरी पत्नी, भाई-बहन, पिता और ससुर को इल्लीगल तरीके से पुलिस ने डिटेन कर लिया। ऐसे हालात में मुझे मजबूरन अंडर ग्राउंड होना पड़ा।’ ये दावा है कि हरियाणा में रोहतक के रहने वाले एडवोकेट दीपक धनखड़ का। धनखड़ कई दिन से अंडरग्राउंड हैं। उनकी दैनिक भास्कर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बात हुई। दरअसल, दीपक ने 6 जुलाई को 100 पन्नों की एक PDF सोशल मीडिया पर जारी की और दावा किया कि ये NTA के UGC-NET के सोशियोलॉजी सब्जेक्ट की पेपर सेटिंग फाइल है, जो कॉन्फिडेंशियल कैटेगरी में आती है। सोशियोलॉजी का NET एग्जाम 30 जून को हुआ। दीपक का दावा है कि 29 जून को ही पेपर–लीक माफिया ने रोहतक के एक फ्लैट पर जो सवाल पैसा देने वाले अभ्यर्थियों को रटवाए, वो अगले दिन एग्जाम में हुबहू आए। दीपक धनखड़ के इसी दावे को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 8 जुलाई को अपने ऑफिशियल ‘X’ हैंडल से पोस्ट किया। राहुल ने लिखा– पिछले सप्ताह हुई यूजीसी-नेट परीक्षा को लेकर गंभीर आरोप बेहद चौंकाने वाले हैं। अब जानिए…दीपक धनखड़ ने भास्कर इंटरव्यू में क्या–क्या दावे किए पेपर लीक माफिया से अंकित ने संपर्क कराया दीपक ने बताया कि मैं 10 साल से स्टूडेंट्स पॉलिटिक्स में हूं। आम आदमी पार्टी की स्टूडेंट इकाई एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स का हरियाणा अध्यक्ष हूं। CM के सामने परचे फेंकने, BJP दफ्तर घेरने और बेरोजगारी का मुद्दा उठाने के कारण मुझ पर 5 केस दर्ज हैं। मैं NEE पेपर लीक मामले पर दिल्ली में हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के धरने में गया। वहां CJP प्रमुख अभिजीत दीपके का मंच संचालित किया। एक कॉमन फ्रेंड के जरिये अंकित जी मुलाकात हुई थी। अंकित चरखी-दादरी के हैं। अंकित ने ही बताया कि कुछ लोग उनके संपर्क में हैं जो सरकारी नौकरी की भर्ती के पेपर लीक कराने का दावा करते हैं। अंकित के मोबाइल में संजीत नाम से एक नंबर सेव था। 20 जून को ही संजीत से फोन पर बात हुई तो उसने कहा कि 22 जून से शुरू हो रही UGC-NET परीक्षा का पेपर उपलब्ध करवा सकता है। तभी हमने तय कर लिया कि इस मामले को अच्छे से एक्सपोज करेंगे। बिहार से 7-8 लोगों की टीम रोहतक आई, क्लास ली दीपक के अनुसार, अंकित ने ही इस कथित पेपर–लीक माफिया से टाई-अप किया। इसके बाद 21-22 जून और 28-29 जून की रात 7-8 लोगों की टीम रोहतक आई। ये लोग शायद बिहार के थे। इनमें से दो के नाम संतोष और मनोज थे। मनोज ने बताया था कि वह पेपर लीक मामले में जेल काट चुका है। बिहार से आए इन लोगों ने एक बार रोहतक में IMT चौक स्थित फ्लैट और एक बार मकड़ौली टोल प्लाजा के पास एक फार्म हाउस पर पेपरों का सौदा करने वाले युवाओं की क्लास ली। ये लोग पेन ड्राइव में पेपर लाते थे। कमरे पर ही पीडीएफ से प्रिंटआउट निकाला। पहली बार लॉ और ज्योग्राफी सब्जेक्ट के 20-22 अभ्यर्थी आए। इनमें हरियाणा के अलावा राजस्थान, दिल्ली, बिहार के भी लोग थे। इनकी सेटिंग गिरोह ने खुद की थी। हमने सिर्फ उन्हें पेपर की तैयारी कराने की लोकेशन दी। मैं भी हर बार अंकित के साथ मौके पर था। वहां कोई फोन अलाउड नहीं था, पूरी तलाशी ली जाती थी। पहली बार जो पेपर तैयार करवाया…वो सवाल नहीं आए दीपक के अनुसार 21 जून की रात को इन लोगों ने अभ्यर्थियों को जो सवाल रटवाए, उसके बाद सभी से प्रिंटआउट वापस ले लिए और उन्हें वाटर बकेट में तब तक डाले रखा, जब तक वो पूरी तरह गल नहीं गए। फिर टॉयलेट में फ्लश कर दिया। हमने अगले दिन पता किया तो सामने आया कि जो सवाल रटवाए थे, वो अगले दिन पेपर में आए ही नहीं। हमें लगा ये पेपर लीक कराने के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह है। फिर भी गिरोह के संपर्क में रहे। दूसरी बार जो सवाल बताए, वो अगले दिन आए दीपक के मुताबिक 28-29 जून की रात को फिर गिरोह के सदस्य पेन ड्राइव में पेपर लेकर पहुंचे। इस बार 5-6 अभ्यर्थी थे। इसी बीच पेन ड्राइव और लैपटॉप संभाल रहा गिरोह का एक सदस्य सो गया। हमने मौका पाकर एक पीडीएफ खुद को शेयर कर ली। इसमें सोशियोलॉजी के सवाल थे। 90 सवाल एकदम स्पष्ट थे, जबकि 10 ब्लर थे। अगले दिन हमने चेक किया तो पता चला सोशियोलॉजी का जो पेपर इन लोगों ने रटवाया वो अगले दिन हुबहू आया। इस पूरे मामले में सबूत के तौर पर सोशियोलॉजी के पेपर के यही पीडीएफ है। पेपर होने के बाद दूसरे दिन करनी थी पेमेंट दीपक के मुताबिक–सौदा यह था कि जिन अभ्यर्थियों से सेटिंग है, उनसे प्रत्येक से सवा दो लाख रुपए लिए जाने थे। शर्त ये थी कि पेपर होने के बाद ही पैसे दिए जाएंगे। हमें कहा गया था कि 30 जून को नेट का पेपर होने के बाद 2 जुलाई तक पेमेंट करनी होगी। इसके लिए रिषीराज कुमार के नाम का एक खाता नंबर और IFSC कोड (UBIN0919861) दिया था। यह IFSC कोड यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की आरा ब्रांच (बिहार) का है। धनखड़ ने कागज पर हाथ से लिखा नंबर दिखाते हुए कहा कि हमारी तरफ से कोई ट्रांजेक्शन नहीं की गई। दीपक ने कागज के टुकड़े पर लिखे 5 मोबाइल नंबर भी दिखाए। इनमें 72578-02***, 77059-82***, 96934-58***, 94153-48*** व 98305-579***। इसी पर्ची पर डब्ल्यूटी पुरनोई, संतोष और मनोज के नाम लिखे हैं। अब वो सवाल, जो एचटीईटी और परिवार से जुड़े थे… सवाल: एचटेट-एडीए पेपर लीक का खुलासा करना चाहते थे?दीपक: गिरोह ने दावा किया था कि वे 4-5 जुलाई को होने वाले हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET) और सरकारी वकील के लिए एडीए का पेपर भी लीक करवाएंगे। हमने किसी तरह गिरोह को यह कहकर टालने की कोशिश की कि यूजीसी-नेट पेपर की पेमेंट भी एचटेट के बाद कर देंगे, लेकिन वो नहीं माने। सवाल: अंडरग्राउंड क्यों हुए?दीपक: एक जुलाई को इंडियन नेशनल स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन (इनसो) से जुड़े एक छात्र नेता ने मुझे बताया कि पुलिस की टीम तुम्हारे बारे में पता कर रही है। फिर कुछ और सोर्सेज से भी इसका पता चला। इसके बाद ही मैं अंडरग्राउंड हो गया। सवाल: क्या परिवार के सदस्यों को इल्लीगल डिटेन किया?दीपक : मेरी तलाश में पुलिस ने मेरे भाई, पत्नी, पिता, ससुर व बहन को डिटेन कर लिया था। भाई प्रदीप धनखड़ नर्सिंग ऑफिसर है और सुनारिया जेल में ड्यूटी है। बहन रेखा सोनीपत डीसी ऑफिस में क्लर्क है। इनकी सरकारी ड्यूटी का रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन से चेक करवा सकते हैं। इसी वजह से मैंने 6 जुलाई को सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर की। ये वायरल होने के बाद ही मेरे परिवार को छोड़ दिया गया। सवाल: राहुल गांधी की टीम से कैसे संपर्क किया?दीपक : 7 जुलाई को राहुल गांधी की टीम से मैंने ही किसी तरह संपर्क किया और यह मामला उठाने को कहा। टीम ने मुझसे सबूत मांगे। मैंने उपलब्ध जानकारियां उन्हें दी। उनकी टीम ने कहा-हम पहले चेक करेंगे। फिर 8 जुलाई को पोस्ट डाली। सवाल: अब मामले में सरकार से क्या चाहते है?दीपक : मैं लगातार लोकेशन बदल रहा हूं। चाहता हूं कि CBI इस मामले की जांच करे। फॉरेंसिक जांच हो। पूरी NTA की जांच हो। जो प्रोफेसर पेपर सेटर हैं, उनकी भी जांच हो। एक बार केस रजिस्टर्ड किया जाए, फिर मैं सारे सबूतों के साथ सामने आऊंगा। हमारे सामने पेपर हल करवाया गया। हम आई-विटनेस हैं। अंकित भी मेरे साथ है। अगर, हम झूठ बोल रहे हैं तो हमारे खिलाफ भी कार्रवाई हो। इन सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं दिए या सीमित जानकारी दी सवाल: अंकित कौन है, उससे कैसे मुलाकात हुई?दीपक : कॉमन फ्रेंड के जरिये मुलाकात हुई। वो बीटेक पासआउट है। चरखी दादरी का है लेकिन किसी छात्र संगठन से नहीं जुड़ा। एक्टिविस्ट भी नहीं है। सवाल: धमकी नहीं मिली, फिर अंडरग्राउंड क्यों हुए?दीपक : किसी से धमकी तो नहीं मिली। पुलिस ने सीधा कॉन्टेक्ट भी नहीं किया। यही डर है कि कहीं पुलिस बगैर एफआईआर के इल्लीगली न उठा ले। सवाल: आप खुद एडवोकेट हैं। परिवार को इल्लीगल डिटेन किया, तो इसकी कहीं शिकायत क्यों नहीं की?दीपक : अभी सबूत जुटा रहे हैं। समय आने पर शिकायत करेंगे। हमारी वकीलों की टीम लगी है। अभी नाम नहीं बता सकता। सवाल: आप आम आदमी पार्टी और कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े हैं, वो साथ क्यों नहीं दे रहे?दीपक : वो पूरी तैयारी कर रहे हैं। बड़े स्तर पर मामला उठाएंगे। सवाल: रोहतक के जिन फ्लैट और फार्म हाउस पर लीक पेपर की तैयारी कराई गई, उनका एड्रेस क्या है?दीपक : अभी नहीं बता सकते। एक बार पेपर लीक का केस रजिस्टर्ड हो जाए, फिर पता चलेगा। सवाल: जब माफिया मोबाइल भी अलाउड नहीं कर रहा था, फिर पेपर की पीडीएफ कैसे शेयर कर ली?दीपक ने कोई जवाब नहीं दिया। सवाल: जिन स्टूडेंट्स की पेपर सेटिंग हुई, क्या वो सामने आएंगे?दीपक : एक बार केस रजिस्टर्ड हो जाए, फिर कोशिश करेंगे। राहुल की पोस्ट में ये किया गया थ दावा राहुल गांधी ने बुधवार यानि 8 जुलाई को एक्स हैंडल पर पोस्ट कर लिखा- पिछले सप्ताह हुई UGC-NET परीक्षा को लेकर सामने आए गंभीर आरोप बेहद चौंकाने वाले हैं। NEET पेपर लीक के कुछ ही हफ्तों बाद अब खबरें आ रही हैं कि UGC-NET परीक्षा से ठीक पहले 100 पन्नों की एक PDF प्रसारित हुई। यह PDF उस क्वेश्चन पेपर सेटिंग की है, जो सिर्फ NTA के पास उपलब्ध होती है। PDF के लगभग 90 सवाल सोशियोलॉजी के असली प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं। वही प्रश्नपत्र ₹2.25 लाख में बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में बेचा जा रहा था। इसी नेटवर्क ने CSIR-NET, HTET और ADA जैसी आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का भी दावा किया। NEET और NET में बार-बार सामने आए घोटालों के बाद भी मोदी सरकार आंखें मूंदकर सो रही है, क्योंकि लाखों छात्रों की रात-रात जागकर की गई सालों की मेहनत उनके लिए कोई मायने नहीं रखती। सारा देश जानता है कि प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री से किसी भी तरह की जवाबदेही या कार्रवाई की उम्मीद बेकार है। न जांच होगी, न छात्रों को न्याय मिलेगा। बदलाव का एकमात्र औजार हमारी सम्मिलित आवाज है। देश भर के छात्रों की गूंज, जो भारत में शिक्षा रिवोल्यूशन लाकर रहेगी। ------------------------------------------- पेपर लीक कंट्रोवर्सी से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… UGC-NET पेपर परीक्षा से पहले लीक होने का दावा:रोहतक में छात्र नेता ने दिखाए कथित प्रश्नपत्र; फॉरेंसिक जांच करवाने की मांग राहुल गांधी ने कहा- ₹2.25 लाख में बिका UGC-NET पेपर:हरियाणवी एडवोकेट के दावे को आधार बनाया, वो अंडरग्राउंड; छात्र नेताओं से पूछताछ कर रही पुलिस रोहतक में छात्र नेता अंडरग्राउंड, संगठनों से पूछताछ:UGC-NET पेपर लीक विवाद; राहुल गांधी की पोस्ट के बाद CID की जांच तेज
मानसून ने गुरुवार (9 जुलाई 2026) को आधिकारिक तौर पर पूरे देश को अपनी आगोश में ले लिया है। इसके साथ ही देश के लगभग सभी राज्यों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, दादरा-नगर हवेली, दमन-दीव, अंडमान-निकोबार, लद्दाख और तमिलनाडु में सामान्य से काफी ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसके अलावा सिक्किम, ओडिशा, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र में भी मानसून मेहरबान रहा है। वहीं, पूर्वोत्तर भारत के राज्यों (मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड) और बिहार में शुरुआती चरण में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है।इस बीच, आईएमडी (IMD) ने अगले 48 घंटों के लिए वेदर बुलेटिन जारी करते हुए दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत देश के 18 राज्यों में भारी बारिश, वज्रपात (आकाशीय बिजली) और तीव्र आंधी का अलर्ट जारी किया है। आइए जानते हैं शुक्रवार को आपके शहर में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज।आखिर क्यों हो रही है इतनी भारी बारिश?मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय देश में दो बड़ी मौसमी प्रणालियां (Weather Systems) एक साथ सक्रिय हैं:निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area): उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक बेहद स्पष्ट लो-प्रेशर एरिया बना हुआ है, जो अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से भारी नमी खींच रहा है।मानसून ट्रफ (Monsoon Trough): मानसून की अक्षीय रेखा (Trough Line) इस समय उत्तरी राजस्थान से लेकर पूर्वोत्तर भारत तक फैली हुई है, जिससे मध्य और उत्तर भारत में बादलों का भारी जमावड़ा है।इन 18 राज्यों में 85 KM की रफ्तार से आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनीमौसम विभाग ने शुक्रवार (10 जुलाई) को देश के 18 राज्यों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, मेघालय, महाराष्ट्र और केरल शामिल हैं।तूफान की रफ्तार: इन राज्यों में बारिश के दौरान 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी आंधी चल सकती है।ओले गिरने का अलर्ट: आईएमडी ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि बिहार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में तेज बारिश के साथ ओले (Hailstorm) भी गिर सकते हैं। पूर्वी भारत में आकाशीय बिजली गिरने का भी भारी खतरा है।प्रमुख राज्यों और महानगरों के मौसम का विस्तृत हाल1. दिल्ली-एनसीआर (Delhi Weather)राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को 95% बारिश का पूर्वानुमान है। आईएमडी ने दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ तूफान का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। इस दौरान 70 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।तापमान: शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33C और न्यूनतम तापमान 27C रहने की उम्मीद है।कहाँ हुई कितनी बारिश: पिछले 24 घंटों में दिल्ली के तुखमीरपुर (उत्तर-पूर्वी दिल्ली) में सबसे ज्यादा 6.3 इंच (160 मिमी) बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा मयूर विहार में 103 मिमी, दिल्ली यूनिवर्सिटी में 90 मिमी, महरौली में 86 मिमी और सफदरजंग में 72.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है।2. उत्तर प्रदेश (UP Weather)यूपी के अधिकांश हिस्सों में चक्रवाती हवाओं के साथ भारी बारिश का अलर्ट है। मेरठ, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, कानपुर, बांदा, बिजनौर, पीलीभीत, मुरादाबाद, बरेली, बहराइच, सीतापुर, बलरामपुर, कुशीनगर, हरदोई, अयोध्या, उन्नाव, सुल्तानपुर, अमेठी और आजमगढ़ में 80 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और भारी बारिश की चेतावनी है।विशेष नोट (लखनऊ): राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को मौसम इसके विपरीत रहेगा। लखनऊ में आसमान साफ रहने की उम्मीद है, जहां अधिकतम तापमान 33C और न्यूनतम तापमान 28C तक रह सकता है।3. बिहार (Bihar Weather)बिहार के लिए 10 और 11 जुलाई को आकाशीय बिजली (Lightening) का तांडव देखने को मिल सकता है। गया, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, पटना, सारण, बक्सर, भोजपुर, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल, भागलपुर, कटिहार और किशनगंज में भारी बारिश का अलर्ट है।तापमान: पटना में बारिश के चलते उमस से राहत मिलेगी। यहां अधिकतम तापमान 31C और न्यूनतम तापमान 28C के आसपास रहेगा।4. झारखंड (Jharkhand Weather)झारखंड के हजारीबाग, रामगढ़, जामताड़ा, बोकारो, रांची, सिमडेगा, गिरिडीह, सरायकेला, दुमका, गुमला, खूंटी, धनबाद, देवघर और जमशेदपुर में 60 से 70 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। रांची में अधिकतम तापमान 28C और न्यूनतम तापमान 24C तक गिरेगा।5. पश्चिम बंगाल (West Bengal Weather)झाड़ग्राम, बांकुड़ा, पुरुलिया, अलीपुरद्वार, नादिया, मालदा, हुगली, कूचबिहार और कालिम्पोंग में शुक्रवार और शनिवार को गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं। कोलकाता में अधिकतम तापमान 32C और न्यूनतम तापमान 28C रहने का अनुमान है।6. उत्तराखंड (Uttarakhand Weather)पहाड़ी राज्य उत्तराखंड के हरिद्वार, नैनीताल, ऋषिकेश, अल्मोड़ा, चंपावत, पौड़ी गढ़वाल, उत्तरकाशी, बागेश्वर और टिहरी गढ़वाल में भूस्खलन (Landslide) और भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। राजधानी देहरादून में मौसम ठंडा रहेगा, जहाँ अधिकतम तापमान 26C और न्यूनतम तापमान 23C तक रहने की उम्मीद है।
राजद सांसद सुधाकर सिंह ने पूर्वी चंपारण के पिपराकोठी में किसानों की जमीन को लेकर बिहार सरकार और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि 3 जुलाई को किसानों की जमीन पर बनाए जा रहे प्रस्तावित कृत्रिम वाटर पार्क के विरोध में आयोजित किसान सभा में शामिल होने के बाद उनके और उनके 23 सहयोगियों के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने दावा किया कि उनके ऊपर हत्या की कोशिश, लूटपाट, सरकारी काम में बाधा डालने और 35 हजार रुपये की पॉकेटमारी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जबकि ये सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। सुधाकर सिंह ने बताया कि उनके साथ शाश्वत गौतम, सुबोध यादव, रवीन्द्र सहनी, शमशाद आलम समेत कुल 24 लोगों को एफआईआर में नामजद किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई केवल इसलिए की गई क्योंकि उन्होंने किसानों की जमीन बचाने की लड़ाई का समर्थन किया। बिना मजिस्ट्रेट के एक घंटे तक रोके रखने का आरोप सांसद ने कहा कि सभा के दौरान उन्हें पुलिस ने करीब एक घंटे तक रोककर रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां कोई मजिस्ट्रेट मौजूद नहीं था और कई बार पूछने के बावजूद मजिस्ट्रेट को नहीं बुलाया गया। उनके मुताबिक यह एक सांसद के अधिकारों और कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन है। एफआईआर पर उठाए सवाल सुधाकर सिंह ने कहा कि एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने आवेदनकर्ता का गला दबाकर हत्या की कोशिश की, निर्माण सामग्री लूट ली और 35 हजार रुपये निकाल लिए। अगर ऐसा हुआ था तो पुलिस ने उसी समय उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया, जबकि मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल, अधिकारी, मीडिया और आम लोग मौजूद थे। उन्होंने बताया कि सुबह करीब 10 बजे वह पिपराकोठी पहुंचे, किसानों की सभा को संबोधित किया और दोपहर करीब 12:30 बजे किसानों की जमीन पर ट्रैक्टर चलाकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद वह दोपहर 3 बजे जिला अधिकारी से मिले और किसानों की ओर से ज्ञापन सौंपा। शाम 4:30 बजे उन्होंने सर्किट हाउस में मीडिया को संबोधित किया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से पूछे सात सवाल सुधाकर सिंह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से कई सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि यदि उन पर लगे आरोप सही हैं तो उन्हें मौके पर गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। उन्होंने यह भी पूछा कि यदि सरकारी कार्य में बाधा डाली गई थी तो एफआईआर किसी सरकारी अधिकारी की बजाय एक निजी व्यक्ति से क्यों कराई गई। उन्होंने प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अब जनप्रतिनिधियों को किसानों और आम लोगों की आवाज उठाने पर फर्जी मुकदमों में फंसाया जाएगा। किसानों की जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप सांसद ने दावा किया कि पिपराकोठी की जिस जमीन पर वाटर पार्क बनाया जा रहा है, वह पिछले करीब 95 वर्षों से किसानों के कब्जे में है। इस जमीन की जमाबंदी वर्ष 1931-32 में हुई थी और 1961 में वैध प्रक्रिया के तहत वर्तमान भूधारकों के पूर्वजों के नाम दर्ज की गई थी। किसान लगातार सरकारी लगान भी जमा करते रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार ने केवल तीन महीने के भीतर किसानों की जमाबंदी रद्द कर दी और अब वहां कृत्रिम वाटर पार्क बनाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि जब मोतिहारी में पहले से करीब 400 एकड़ में फैली मोती झील मौजूद है, तब नए कृत्रिम वाटर पार्क की जरूरत समझ से परे है। शैक्षणिक संस्थानों के लिए जमीन नहीं, वाटर पार्क के लिए तत्परता सुधाकर सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकताएं गलत हैं। महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय को आज तक पूरी जमीन नहीं मिल सकी है। इसी तरह वर्ष 2017 में घोषित सीआईपीईटी (सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी) के लिए समय पर जमीन उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके कारण संस्थान भागलपुर चला गया। उन्होंने यह भी कहा कि मोतिहारी का केंद्रीय विद्यालय पिछले 23 वर्षों से अस्थायी भवन में चल रहा है क्योंकि सरकार स्थायी परिसर के लिए जमीन उपलब्ध नहीं करा सकी। उनका कहना था कि शिक्षा और तकनीकी संस्थानों के लिए सरकार के पास जमीन नहीं है, लेकिन वाटर पार्क जैसी परियोजनाओं के लिए तुरंत जमीन उपलब्ध कराई जा रही है। राधामोहन सिंह पर भी लगाए आरोप सुधाकर सिंह ने मोतिहारी के सांसद राधामोहन सिंह पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भूमाफिया उनके संरक्षण में सरकारी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं और किसानों की जमीन हड़पने की कोशिश हो रही है। उन्होंने इस पूरे मामले की केंद्र और राज्य सरकार से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। पूरे बिहार में आंदोलन की चेतावनी सांसद ने कहा कि पिपराकोठी की घटना कोई अकेली घटना नहीं है। उनके अनुसार बिहार के कई हिस्सों में किसानों की जमीन को गैर-मजरुआ घोषित कर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने ऐलान किया कि पिपराकोठी से शुरू हुआ यह आंदोलन अब पूरे बिहार में चलाया जाएगा। सरकार के मुकदमों से वे डरने वाले नहीं हैं और किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर तथा पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के नाम पर किसानों की जमीन पर जबरन कब्जा करने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा और किसानों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रहेगा।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन शनिवार और रविवार को गयाजी में रहेंगे। उपराष्ट्रपति के गयाी दौरे को लेकर ट्रैफिक अलर्ट जारी किया गया है। अलर्ट के मुताबिक, 11 जुलाई सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक कई रास्ते बंद रहेंगे। उपराष्ट्रपति के साथ बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। दरअसल, बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान यानी बिपार्ड में 11 और 12 जुलाई को बिहार विधानसभा के सभी विधायकों के लिए 2 दिनों की ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया जाएगा। कैंप में राज्य के सभी विधायक शामिल होंगे। कैंप का उद्देश्य नए और वर्तमान विधायकों को संसदीय कार्यप्रणाली और विधानसभा की प्रक्रियाओं की जानकारी देना है। कार्यक्रम का आयोजन बिहार विधानसभा की ओर से आयोजित किया जा रहा है। डीएम, सीनियर एसपी समेत अन्य ने बिपार्ड का किया निरीक्षण गुरुवार को जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक और नगर पुलिस अधीक्षक ने बिपार्ड परिसर का संयुक्त निरीक्षण किया। अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का बारीकी से जायजा लिया। प्रवेश और निकास मार्ग की समीक्षा की गई। पार्किंग, बैरिकेडिंग, सुरक्षा घेरा, ड्यूटी प्वाइंट, कंट्रोल रूम और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था भी देखी गई। निरीक्षण के दौरान मौजूद अधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की चूक नहीं हो, इसके लिए हर बिंदु पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। प्रशासन का कहना है कि पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जाएगा। प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि थोड़ी सावधानी और ट्रैफिक नियमों का पालन करने से सभी को सुविधा मिलेगी और वीवीआईपी दौरा भी सफलतापूर्वक संपन्न होगा। एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं को छूट डीएम शशांक शुभंकर ने बताया कि उपराष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर इसे देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। आम लोगों की सुविधा और वीवीआईपी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी। ये विशेष यातायात व्यवस्था 11 जुलाई को सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक लागू रहेगी। इस दौरान कुछ प्रमुख मार्गों पर बड़े और छोटे वाहनों का परिचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं को छूट दी गई है। ट्रैफिक प्लान के अनुसार मानपुर से बाइपास होते हुए बोधगया अंडरपास तक बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। इसी तरह खटकाचक से बिपार्ड, पांच नंबर गेट, हवाई अड्डा मोड़ और धनावां मोड़ तक सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। प्रशासन ने लोगों से इन रास्तों का उपयोग नहीं करने की अपील की है। आम नागरिकों की सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्ग भी तैयार डीएम के मुताबिक, आम नागरिकों की सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्ग भी तय किए गए हैं। सिकरिया मोड़ से मगध मेडिकल कॉलेज होते हुए चेरकी रोड के रास्ते लोग अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। वहीं मानपुर से केंदुई, राजापुर और बोधगया मार्ग का भी उपयोग किया जा सकेगा। ट्रैफिक पुलिस इन मार्गों पर वाहनों का संचालन कराएगी। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि तय समय के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन का पालन करें। बिना जरूरत प्रतिबंधित मार्गों पर जाने से बचें। पुलिस और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। इससे सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी और किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की शानदार सफलता के बाद अब केंद्र सरकार दिल्ली-एनसीआर को देश के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का सबसे बड़ा जंक्शन बनाने जा रही है। इस महायोजना के तहत दिल्ली से देश के अलग-अलग कोनों को जोड़ने वाले चार नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का खाका तैयार किया गया है। केंद्रीय बजट में सात प्रमुख हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में से दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी रूट को सबसे बड़ी प्राथमिकता दी गई है, जिस पर सरकार लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश करने की तैयारी में है।दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी रूट: यूपी के इन शहरों की चमकेगी किस्मतप्रस्तावित दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर के जरिए उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक, राजनीतिक और औद्योगिक शहरों को आपस में कनेक्ट किया जाएगा। यह आधुनिक रूट दिल्ली से शुरू होकर नोएडा, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज और न्यू भदोही होते हुए सीधे वाराणसी पहुंचेगी। इतना ही नहीं, लखनऊ को सीधे रामनगरी अयोध्या से जोड़ने के लिए भी 124 से 135 किलोमीटर लंबा एक अलग हाई-स्पीड लिंक बनाने का शानदार प्लान है।देश का सबसे लंबा बुलेट ट्रेन रूट: दिल्ली से सिलीगुड़ी सिर्फ 6 घंटे मेंयह बुलेट ट्रेन कॉरिडोर भारत का सबसे लंबा हाई-स्पीड रेल रूट बनने जा रहा है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने इसके सिविल स्ट्रक्चर डिजाइन के लिए टेंडर भी जारी कर दिए हैं। पहले से तय दिल्ली-वाराणसी लाइन को अब आगे बढ़ाकर पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक ले जाया जाएगा। लगभग 1705 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर दिल्ली, यूपी के बाद बिहार के बक्सर, पटना, बेगूसराय, खगड़िया, कटिहार और पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी (सिलीगुड़ी) से होकर गुजरेगा। इस रूट पर ट्रेनें 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी, जिससे दिल्ली से सिलीगुड़ी का सफर महज 6 घंटे में पूरा हो जाएगा, जबकि दिल्ली से लखनऊ सिर्फ 2 घंटे 10 मिनट और वाराणसी 3 घंटे 50 मिनट की दूरी पर रह जाएगा।दिल्ली से मुंबई का सफर भी होगा आसानदूसरा बड़ा कॉरिडोर दिल्ली को राजस्थान और गुजरात के रास्ते सीधे आर्थिक राजधानी मुंबई से जोड़ेगा। इस रूट पर सफर करने वाले यात्री बिना किसी रुकावट के हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का आनंद ले सकेंगे। इसके तहत द्वारका, बिजवासन, गुरुग्राम, मानेसर, रेवाड़ी, बहरोड़ (नीमराना), शाहपुरा, जयपुर, किशनगढ़ (अजमेर), बिजयनगर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, डूंगरपुर, हिम्मतनगर और साबरमती (अहमदाबाद) जैसे स्टेशनों को शामिल करने का प्रस्ताव है।दिल्ली से कटरा: माता वैष्णो देवी के दर्शन होंगे बेहद आसानधार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली-अमृतसर कॉरिडोर का भी प्लान तैयार है। यह रूट रोहतक, जींद, कैथल, चंडीगढ़, मोहाली, लुधियाना और जालंधर होते हुए अमृतसर पहुंचेगा। भविष्य में इसे जालंधर से पठानकोट होते हुए सीधे जम्मू और कटरा तक विस्तार दिया जाएगा, जिससे वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी और दिल्ली से अमृतसर की दूरी घटकर महज दो घंटे रह जाएगी।
ग्रेटर नोएडा में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने सड़क किनारे पैदल जा रहे 3 मजदूरों को कुचल दिया। हादसा इतना भीषण था कि तीनों युवक उछलकर सड़क किनारे दूर जा गिरे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीनों को जेवर के कैलाश अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। हादसा बुधवार देर रात करीब 10:30 बजे जेवर कोतवाली क्षेत्र में जेवर-खुर्जा मार्ग पर नीमका गांव के सामने हुआ। मृतकों की पहचान बिहार के अररिया निवासी करन (22), विश्वजीत (24) और मिथुन (25) के रूप में हुई है। तीनों धान की रोपाई का काम करने के लिए ग्रेटर नोएडा आए थे। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी चालक की तलाश के लिए टीम गठित कर दी है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला... धान की रोपाई के लिए आए थे ग्रेटर नोएडा पुलिस के मुताबिक, करन, विश्वजीत और मिथुन बिहार के अररिया जिले के रहने वाले थे। तीनों मजदूरी करने के लिए ग्रेटर नोएडा आए थे। बुधवार देर रात तीनों खेतों में धान की रोपाई का काम खत्म कर जेवर-खुर्जा मार्ग से पैदल नीमका गांव लौट रहे थे। इसी दौरान जेवर की ओर से आ रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने पीछे से तीनों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों सड़क किनारे दूर जाकर खेत में गिर पड़े। हादसे के बाद राहगीरों ने डायल-112 पर सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को कैलाश अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। स्कॉर्पियो की पहचान, चालक की तलाश जांच के दौरान पुलिस ने हादसे में शामिल स्कॉर्पियो की पहचान कर ली है। मृतकों के परिजनों की तहरीर पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी चालक की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वाहन की तलाश और अन्य साक्ष्य जुटाने का काम तेजी से किया जा रहा है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा।
बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी आज गोपालगंज पहुंचे। इस दौरान उन्होंने थावे मंदिर में पूजा-अर्चना की, समाहरणालय परिसर में विभागीय समीक्षा बैठक में शामिल हुए और भाजपा के जिला सम्मेलन को संबोधित किया। बाद में उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए शिक्षक स्थानांतरण, निजी कोचिंग संस्थानों पर सख्त कानून बनाने और भाजपा उम्मीदवार की जीत के दावों सहित कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि राज्य में नई शिक्षक स्थानांतरण नीति के तहत तबादले की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। विभाग अगले कुछ दिनों में स्थानांतरण का विस्तृत शेड्यूल जारी करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षक स्थानांतरण पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से होगा। TRE-4 की प्रक्रिया इसी महीने शुरू कर दी जाएगीमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पहले छात्र-शिक्षक अनुपात को संतुलित करना है। जब तक सभी विद्यालयों में आवश्यक संख्या में शिक्षक उपलब्ध नहीं हो जाते, तब तक स्थानांतरण प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक हो चुकी है और सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं। शेड्यूल जारी होने के बाद शिक्षक निर्धारित समय के भीतर ऑनलाइन आवेदन करेंगे और नियमों के अनुरूप उनका स्थानांतरण किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी ताकि किसी भी शिक्षक को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही, उन्होंने शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए बड़ी जानकारी देते हुए बताया कि TRE-4 की प्रक्रिया इसी महीने शुरू कर दी जाएगी और इसकी तैयारी अंतिम चरण में है। संबंधित अधिकारियों को अभ्यर्थियों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है। पारदर्शी बनाने के लिए सरकार व्यापक तैयारी कर रहीमंत्री के अनुसार, 25 जुलाई तक विभाग अपनी तैयारियां पूरी कर लेगा और TRE-4 की अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेज दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समयबद्ध तरीके से शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करना है, ताकि राज्य के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को जल्द दूर किया जा सके। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने प्राइवेट कोचिंग संस्थानों को लेकर बड़ा ऐलान किया है। गोपालगंज दौरे पर पहुंचे शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही एक नई और प्रभावी कोचिंग नीति लागू करने जा रही है। इसके तहत सभी निजी कोचिंग संस्थानों के लिए नियम तय होंगे और उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा। मंत्री ने कहा कि अगले एक से डेढ़ महीने के भीतर नई नीति लागू करने की दिशा में सरकार काम कर रही है। पारदर्शी बनाने के लिए सरकार व्यापक तैयारी कर रहीउन्होंने कहा कि बिहार में संचालित निजी कोचिंग संस्थानों के संचालन को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार व्यापक तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि इस दिशा में विभाग ने अध्ययन शुरू कर दिया है और विभिन्न राज्यों की कोचिंग नीतियों का भी गहन परीक्षण किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि विशेष रूप से राजस्थान सरकार द्वारा वर्ष 2025 में लागू की गई कोचिंग नीति का अध्ययन किया जा रहा है। उस नीति के बेहतर प्रावधानों को बिहार की जरूरतों के अनुसार शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। साथ ही शिक्षा विभाग ने भी अपने स्तर पर कई महत्वपूर्ण सुझाव और मसौदे तैयार किए हैं, जिन्हें नई नीति का हिस्सा बनाया जाएगा। आवश्यक सुविधाओं जैसे विषयों को भी शामिल किया जाएगाउन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ नियम बनाना नहीं, बल्कि एक ऐसी प्रभावी व्यवस्था लागू करना है जिससे छात्रों के हितों की रक्षा हो, कोचिंग संस्थानों की जवाबदेही तय हो और पूरे सिस्टम में पारदर्शिता आए। इसके लिए सभी निजी कोचिंग संस्थानों के लिए एक मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (आदर्श आचार संहिता) लागू किया जाएगा, जिसका पालन करना अनिवार्य होगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप कोचिंग संस्थानों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी सरकार गंभीरता से काम कर रही है। नई नीति में छात्रों की सुरक्षा, पढ़ाई का माहौल, संस्थानों की जवाबदेही और आवश्यक सुविधाओं जैसे विषयों को भी शामिल किया जाएगा। निजी कोचिंग संस्थानों को कानून के दायरे में लाया जाएगाउन्होंने स्पष्ट कहा कि बिहार में संचालित सभी निजी कोचिंग संस्थानों को कानून के दायरे में लाया जाएगा और भविष्य में निर्धारित नियमों के अनुरूप ही उनका संचालन होगा। सरकार की कोशिश है कि अगले एक से डेढ़ महीने के भीतर नई कोचिंग नीति लागू कर दी जाए। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा की जीत का दावा किया। उन्होंने पार्टी के उम्मीदवार की जमकर सराहना की और कहा कि भाजपा ने एक समर्पित कार्यकर्ता पर भरोसा जताया है। इस दौरान उन्होंने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर भी तंज कसा। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि भाजपा ने ऐसे कार्यकर्ता को उम्मीदवार बनाया है, जो पिछले करीब 16 वर्षों से युवा मोर्चा से लेकर संगठन के विभिन्न दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करता रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने हमेशा मेहनती और समर्पित कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने का काम किया है और इस बार भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाया गया है। इस बार भी नतीजा भाजपा के पक्ष में रहेगामंत्री ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी नेतृत्व और प्रदेश नेतृत्व ने एक जमीनी कार्यकर्ता पर विश्वास जताया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भाजपा प्रत्याशी भारी मतों से जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचेगा। वहीं जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले चुनाव में भी जनता ने उन्हें स्वीकार नहीं किया था और इस बार भी नतीजा भाजपा के पक्ष में रहेगा। उन्होंने दावा किया कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा बड़े बहुमत से जीत हासिल करेगी। निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों से की जा रही कथित अवैध वसूली पर उन्होंने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और जल्द ही सभी निजी स्कूलों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। सभी निजी विद्यालयों को एसओपी भेजी जाएगीशिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों से किसी भी प्रकार की अनुचित या अवैध वसूली सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में शिक्षा विभाग एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार कर रहा है। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस दिशा में पहले से कार्रवाई की जा रही है और अब सभी निजी विद्यालयों को एसओपी भेजी जाएगी। इसके तहत स्कूलों को निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कोई निजी विद्यालय तय नियमों का उल्लंघन करता है या अभिभावकों का आर्थिक शोषण करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सरकार की प्राथमिकता छात्रों और अभिभावकों के हितों की रक्षा करना है और किसी भी स्थिति में उनका आर्थिक दोहन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मोहनिया चेकपोस्ट पर वाहन जांच के दौरान पुलिस ने 282 लीटर विदेशी शराब जब्त की है। यह शराब उत्तर प्रदेश से बिहार लाई जा रही थी। मामले में एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है, जिसका पुराना आपराधिक इतिहास सामने आया है। उत्पाद विभाग के चेकपोस्ट मोहनिया प्रभारी गुंजेश कुमार ने बताया कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू करने के लिए प्रशासन द्वारा वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही थी। चेकिंग के दौरान, उत्तर प्रदेश की ओर से आ रही एक डस्टर कार को संदेह के आधार पर रोका गया। तलाशी लेने पर कार से भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब बरामद हुई। कुल 282 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई, जिसे तस्करी कर यूपी से डेहरी ले जाया जा रहा था। पुलिस ने मौके से ही कार चालक अमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया। अमित कुमार न्यू डेहरी के वार्ड नंबर 11 का निवासी है। उत्पाद प्रभारी गुंजेश कुमार ने बताया कि आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास है। एक्साइज विभाग के सासाराम सेक्शन के रिकॉर्ड्स के अनुसार, अमित कुमार पिछले दो-तीन सालों से शराब तस्करी में शामिल रहा है और उसे पहले भी सासाराम में पकड़ा जा चुका है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बिहार सरकार ने स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स को लेकर बड़ा यू टर्न लिया है। कैबिनेट की बैठक में स्टेट हाईवे और राज्य के पुलों पर सभी श्रेणी के वाहनों से यूजर फीस टोल वसूलने के नियमों को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद आम लोगों में यह संदेश गया कि अब निजी कार, जीप और अन्य प्राइवेट वाहनों को भी स्टेट हाईवे पर चलने के लिए टोल देना होगा। हालांकि, फैसले के 24 घंटे के भीतर सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि निजी वाहनों से कोई यूजर फीस नहीं ली जाएगी। अब यह शुल्क केवल व्यावसायिक वाहनों पर ही लागू होगा। प्राइवेट वाहनों को मिली पूरी छूट सरकार के स्पष्टीकरण के बाद लाखों निजी वाहन मालिकों को राहत मिली है। सरकार ने साफ किया है कि निजी उपयोग के लिए चलने वाली कार, जीप, बाइक और अन्य व्यक्तिगत वाहन इस व्यवस्था से पूरी तरह बाहर रहेंगे। यानी बिहार के किसी भी स्टेट हाईवे पर निजी वाहनों को टोल टैक्स नहीं देना होगा। बिना फास्टैग वाले वाहनों से अधिक शुल्क और ओवरलोड वाहनों पर अतिरिक्त जुर्माने का भी प्रावधान रखा गया था। अब इन दरों का प्रभाव केवल कॉमर्शियल वाहनों पर ही रहेगा। लाई गई नई व्यवस्था का बड़ा कारण सरकार का कहना है कि बिहार में स्टेट हाईवे, बड़े पुल, बाइपास और अन्य सड़क परियोजनाओं के रखरखाव, मरम्मत और भविष्य में नई सड़कों के निर्माण के लिए लगातार पैसे की जरूरत होती है। इसी उद्देश्य से व्यावसायिक वाहनों से यूजर फीस लेने का निर्णय लिया गया है। सरकार का दावा है कि इससे सड़कों की गुणवत्ता बेहतर होगी और रखरखाव के लिए स्थायी संसाधन उपलब्ध होंगे। किन सड़कों पर लगेगा टोल बाद में घोषणा सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य के सभी स्टेट हाईवे पर एक साथ टोल वसूली शुरू नहीं होगी। पहले ट्रैफिक सर्वे, सड़क की स्थिति और अन्य तकनीकी मानकों का आकलन किया जाएगा। इसके बाद अधिसूचना जारी कर उन स्टेट हाईवे और पुलों की सूची घोषित की जाएगी जहां व्यावसायिक वाहनों से यूजर फीस वसूली जाएगी। विपक्ष के सवालों के बीच सरकार का यू-टर्न कैबिनेट के फैसले के बाद विपक्ष ने आरोप लगाया था कि सरकार आम लोगों पर नया आर्थिक बोझ डाल रही है। सोशल मीडिया पर भी निजी वाहनों पर टोल लगाने को लेकर व्यापक चर्चा और आलोचना हुई। इसके बाद सरकार ने 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण जारी कर साफ कर दिया कि निजी वाहनों पर किसी तरह का टोल टैक्स नहीं लगाया जाएगा। सरकार के इस कदम को आम लोगों की चिंता और राजनीतिक प्रतिक्रिया के बाद लिया गया बड़ा निर्णय माना जा रहा है।
29.20 करोड़ से कसरैया धार बनेगी इको टूरिज्म हब:खगड़िया के लिए बिहार सरकार ने प्रशासनिक मंजूरी दी
बिहार सरकार ने खगड़िया जिले के मानसी प्रखंड स्थित कसरैया धार को इको टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने के लिए 29 करोड़ 20 लाख 73 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा जारी स्वीकृति आदेश के अनुसार, यह परियोजना वित्तीय वर्ष 2026-27 तक पूरी की जाएगी और बेगूसराय वन प्रमंडल के अंतर्गत क्रियान्वित होगी। आधुनिक आधारभूत सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य कसरैया धार को प्राकृतिक पर्यटन के एक आकर्षक केंद्र के रूप में विकसित करना है। इसके तहत पर्यटकों के लिए आधुनिक आधारभूत सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। परियोजना में पार्क और हरित क्षेत्र का विकास, पर्यटन अवसंरचना का विस्तार, प्राकृतिक सौंदर्य का संरक्षण तथा पर्यावरण अनुकूल सुविधाओं का निर्माण शामिल है। इससे खगड़िया जिले को पर्यटन के क्षेत्र में एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है। पूरी राशि राज्य योजना के राजस्व मद से खर्च की जाएगी यह योजना राज्य सरकार की नई स्कीम के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में पूरी होगी। इसकी पूरी राशि राज्य योजना के राजस्व मद से खर्च की जाएगी, जिसमें कोई केंद्रीय सहायता या बाहरी वित्तपोषण शामिल नहीं है। कसरैया धार के इको टूरिज्म हब बनने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि से होटल, खान-पान, परिवहन, स्थानीय हस्तशिल्प और अन्य छोटे व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया परबत्ता विधायक बाबूलाल शौर्य ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से जिले में पर्यटन को नई दिशा मिलेगी और स्थानीय युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर मिलेंगे। जिले के लोगों का मानना है कि यह परियोजना खगड़िया को राज्य के प्रमुख इको टूरिज्म स्थलों में से एक के रूप में स्थापित करेगी, जिससे प्राकृतिक पर्यटन के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू होगा।
किशनगंज पुलिस ने बिहार और उत्तर प्रदेश में हुए साइबर फ्रॉड की रकम को अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर उपयोग करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। साइबर थाना पुलिस ने वैज्ञानिक, तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर यह कार्रवाई की। यह गिरफ्तारी पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हुई। साइबर थाना कांड संख्या 18/2026, दिनांक 5 जुलाई 2026 के अनुसंधान के दौरान आरोपी को पकड़ा गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(डी) के तहत केस दर्ज किया गया है। कानूनी प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार किया गया गिरफ्तार आरोपी की पहचान किशनगंज जिले के गलगलिया थाना अंतर्गत धमेलगाछ, वार्ड संख्या-09 निवासी चंदन कुमार मंडल (पिता- ललित मंडल) के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी के बैंक खाते का उपयोग बिहार और उत्तर प्रदेश में हुई विभिन्न साइबर ठगी से प्राप्त अवैध राशि के हस्तांतरण, उपयोग और निकासी के लिए किया जा रहा था। संभावित सहयोगियों की पहचान की जा रही पुलिस के अनुसार, डिजिटल साक्ष्यों, बैंकिंग लेनदेन, तकनीकी विश्लेषण और अन्य उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर आरोपी की संलिप्तता प्रथम दृष्टया स्थापित हुई। इसके बाद उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार किया गया। मामले की जांच अभी जारी है, जिसमें साइबर अपराधियों के नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन की श्रृंखला, अन्य लाभार्थी खातों और संभावित सहयोगियों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने बताया कि अनुसंधान में मिले साक्ष्यों के आधार पर इस संगठित साइबर अपराध से जुड़े अन्य व्यक्तियों की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार छापेमारी और कार्रवाई की जा रही है। आरोपी के पास से बरामद सामान - POCO कंपनी का मोबाइल फोन, IDBI बैंक का एटीएम कार्ड, SBI बैंक का एटीएम कार्ड IDBI बैंक की चेकबुक
बांका जिले ने सुशासन और जनसेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम (आरटीपीएस) के तहत जारी नवीनतम राज्य स्तरीय रैंकिंग में बांका पूरे बिहार में पहले स्थान पर रहा है। यह उपलब्धि जिले की प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था और समयबद्ध सेवा वितरण का परिणाम मानी जा रही है। अधिक पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध बनाया जिला प्रशासन ने इस सफलता का श्रेय जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल के कुशल नेतृत्व, नियमित समीक्षा और जवाबदेह कार्य संस्कृति को दिया है। उनके मार्गदर्शन में लोक सेवाओं के वितरण को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध बनाया गया है। प्रशासन की प्राथमिकता रही है कि प्रत्येक पात्र नागरिक को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिलें और अनावश्यक विलंब समाप्त हो। लंबित मामलों के त्वरित निपटान पर विशेष जोर जिलाधिकारी समय-समय पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ समीक्षा बैठकें करते हैं, ताकि सेवा वितरण की प्रगति का आकलन किया जा सके। इसके अतिरिक्त, लोक सेवा केंद्रों का नियमित निरीक्षण, प्राप्त आवेदनों की सतत निगरानी और लंबित मामलों के त्वरित निपटान पर विशेष जोर दिया जाता है। सेवा देने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई कर प्रशासनिक जवाबदेही भी सुनिश्चित की जा रही है। जनसेवा जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया इस उपलब्धि में अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, जिला आईटी प्रबंधक, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, आईटी सहायक, कार्यपालक सहायक और जिले के सभी लोक सेवा केंद्रों के कर्मियों की सक्रिय भूमिका रही है। जिला प्रशासन का कहना है कि राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त करना केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि आम नागरिकों के विश्वास और सुशासन के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। जिला प्रशासन ने भविष्य में भी इसी गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ जनसेवा जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया है।
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने मंगलवार को अपनी सुरक्षा को लेकर जताई जा रही चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें इससे कोई समस्या नहीं है और उन्होंने खुद को बिहार का शेर बताया।
किशनगंज जिले के मदरसा इत्तेहादुल मुस्लेमीन, बाभनगांव (मदरसा संख्या-369/609) में एक संदिग्ध नियुक्ति का मामला सामने आया है। इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) किशनगंज ने शिकायत को आगे की कार्रवाई के लिए बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड, पटना को भेज दिया है। कर्मचारी की नियुक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में होने का आरोप जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, किशनगंज की स्थापना शाखा से जारी आदेश के अनुसार, यह कार्रवाई एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली के माध्यम से प्राप्त आवेदन (पंजीकरण संख्या REF471233) पर की गई है। शिकायत में आरोप है कि मदरसा इत्तेहादुल मुस्लेमीन, बाभनगांव में एक कर्मचारी की नियुक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। आवेदक ने इस नियुक्ति प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच कराने, दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने और संबंधित नवनियुक्त कर्मचारी को तत्काल निलंबित करने की मांग की है। आवश्यक कार्रवाई के लिए बोर्ड के सचिव को भेजा आवेदन डीईओ कार्यालय द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि शिकायतकर्ता का मूल आवेदन बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष को संबोधित था। चूंकि मदरसों में नियुक्ति और प्रशासनिक मामलों पर निर्णय लेने का अधिकार मदरसा बोर्ड के पास है, इसलिए आवेदन को आवश्यक कार्रवाई के लिए बोर्ड के सचिव को भेजा गया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि मामले में आगे की जांच और आवश्यक निर्णय बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड स्तर से ही लिया जाएगा। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बोर्ड शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जांच समिति का गठन करता है या नहीं और आरोपों की सत्यता की जांच के बाद क्या कार्रवाई की जाती है। संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज है। शिकायतकर्ता ने निष्पक्ष जांच की मांग दोहराते हुए कहा है कि यदि नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय ने शिकायत को सक्षम प्राधिकार के पास भेजकर अपनी प्रशासनिक कार्रवाई पूरी कर ली है।
1.5 करोड़ में बिक रहा था TET का पेपर! बिहार से हरियाणा तक फैला सॉल्वर गैंग का जाल
देश के लाखों युवाओं के भविष्य और शिक्षक बनने के सपने के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बहुत बड़े सॉल्वर गैंग और पेपर लीक माफिया का भंडाफोड़ हुआ है। साल 2026 की शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी (TET Paper Leak 2026) का प्रश्नपत्र परीक्षा से ठीक पहले लीक करने और उसे मोटी रकम में बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जांच एजेंसियों की शुरुआती कार्रवाई में यह खुलासा हुआ है कि इस बार के टीईटी पेपर को लीक करने के लिए माफियाओं के बीच पूरे 1.5 करोड़ रुपये की भारी-भरकम डील तय हुई थी। इस खुलासे के बाद शिक्षा जगत से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक में हड़कंप मच गया है।बिहार से हरियाणा तक फैला है माफियाओं का सिंडिकेट, हाई-टेक तरीके से लीक हुआ पेपरइस महा-घोटाले की जांच में जुटे अधिकारियों के मुताबिक, इस पेपर लीक नेटवर्क का मुख्य केंद्र बिंदु बिहार और हरियाणा राज्य बनकर उभरे हैं। बिहार के कूटनीतिक और शातिर सॉल्वर गैंग ने परीक्षा केंद्र के भीतर से पेपर को लीक करवाया और इसे तुरंत हरियाणा में बैठे अपने आकाओं और डीलरों तक डिजिटल माध्यम से पहुंचा दिया। इस रैकेट में कई बड़े कोचिंग संचालकों, प्रिंटिंग प्रेस के संदिग्ध कर्मचारियों और हाई-टेक हैकर्स के शामिल होने की बात सामने आ रही है। पुलिस ने बिहार के पटना, गया और हरियाणा के रोहतक, जींद जैसे प्रमुख शहरों में एक साथ छापेमारी कर कई मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है।आखिर कितने राज्यों में फैले हैं तार, जांच एजेंसियों की रडार पर देश भर के सेंटरसॉल्वर गैंग के पकड़े गए गुर्गों से की जा रही कड़े दौर की पूछताछ में जो बातें सामने आ रही हैं, उसने जांच एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए हैं। इस रैकेट के तार सिर्फ बिहार और हरियाणा तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश (UP), राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों में भी इसके फैले होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। इन राज्यों के कुछ चिन्हित परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों से एडवांस में मोटी रकम और उनके मूल दस्तावेज जमा करा लिए गए थे ताकि उन्हें पास कराने की 100% गारंटी दी जा सके। पुलिस अब इन सभी राज्यों की एसटीएफ (STF) टीमों के साथ मिलकर एक बड़ा ज्वाइंट ऑपरेशन चला रही है।एआई सर्च और लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य पर इस लीक का क्या होगा असरजियोपॉलिटिकल और लोकल (Geographical) ऑप्टिमाइजेशन के नजरिए से देखें तो इस पेपर लीक ने देश भर के लाखों योग्य और दिन-रात मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को गहरे सदमे और आक्रोश में डाल दिया है। छात्र सड़कों पर उतरकर इस परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने और मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग कर रहे हैं। एआई सर्च, आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) और शिक्षा क्षेत्र के विश्लेषकों का मानना है कि परीक्षा प्रणालियों में एआई और आधुनिक सुरक्षा तकनीकों की भारी कमी के कारण ही ये सिंडिकेट बार-बार देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं में सेंध लगाने में कामयाब हो रहे हैं। अब देखना यह होगा कि सरकार इस लीक के बाद क्या बड़ा फैसला लेती है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर बिहार में योग का उत्साह
पटना, 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बिहार के विभिन्न जिलों में बड़े उत्साह के साथ योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। नेताओं, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम लोगों ने योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और समग्र कल्याण का संदेश दिया।
फैक्ट चेक: ट्रेन के अंदर परीक्षार्थी की मौत के दावे का वीडियो बिहार का नहीं है
वायरल वीडियो को शूट करने वाले मुबारक हुसैन ने बूम को बताया कि घटना 11 जून को आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम स्टेशन के पास की है.
Fact Check: क्या बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा लड़कियों को शिक्षा की जरूरत नहीं? सच जानिए
बूम ने पाया कि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने Agitation शब्द का इस्तेमाल किया था जिसे एजुकेशन समझकर गलत दावा किया जा रहा है.
पश्चिमी विक्षोभ ला रहा आंधी-तूफान, दिल्ली से लेकर बिहार तक झमाझम बारिश
मई के महीन में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की वजह से मौसम ठंडा हो गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिन बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। तेज हवाओं के साथ रिमझिम बारिश से तापमान सामान्य से कम रहेगा।
पीएम उषा अभियान के तहत बिहार को 600 करोड़ रुपए देगी मोदी सरकार, नीतीश कैबिनेट ने खोला बंद रास्ता
बिहार में पीएम उषा अभियान को लागू करने के प्रस्ताव को नीतीश कुमार सरकार की मंजूरी के बाद राज्य में उच्च शिक्षा के विकास के लिए केंद्र से अगले दो साल में 600 करोड़ रुपए मिलने का रास्ता खुल गया है।
बिहार के प्रिंस कुमार सिंह ने यूपीएससी आईएफएस परीक्षा में 15वीं रैंक प्राप्त की है। इसके अलावा उन्होंने और भी कई बड़े एग्जाम को पास किया हुआ है। जानिए जानते प्रिंस कुमार की कहानी जिन्होंने अपने आर्थिक
बॉलीवुड के मशहूर स्टार कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल 7 वर्ष की डेटिंग के बाद अब पति-पत्नी बन चुके हैं। दोनों की शादी इस वक़्त टॉक ऑफ द टाउन है। सोनाक्षी और जहीर अलग धर्म से हैं। ऐसे में ना उन्होंने निकाह किया तथा ना ही फेरे लिए, बल्कि सादगी से रजिस्टर मैरिज की एवं फिर रिसेप्शन पार्टी रखी। अलग धर्म में शादी करने पर सोनाक्षी एवं जहीर को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। ट्रोलिंग के कारण दोनों को अपने वेडिंग पोस्ट का कमेंट सेक्शन तक बंद करना पड़ा। मगर बात तब हद से ज्यादा तब बढ़ गई, जब इंटरफेथ मैरिज करने पर सोनाक्षी एवं जहीर के खिलाफ बिहार के गांव में प्रोटेस्ट मार्च निकाले गए। रिपोर्ट के अनुसार, सोनाक्षी के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन 'हिंदू शिव भवानी सेना' नाम की एक संगठन द्वारा आयोजित किया गया था। जहीर संग शादी पर बेटी सोनाक्षी की हो रही ट्रोलिंग पर अब शत्रुघ्न सिन्हा ने चुप्पी तोड़ी है तथा हेटर्स को जवाब दिया है। अपने एक इंटरव्यू के चलते शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- आनंद बक्शी साहब ने इस तरह के प्रोफेशनल प्रोटेस्टर्स के बारे में लिखा है- कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। इसमें आगे जोड़ना चाहूंगा कि कहने वाले अगर बेकार, बेकाम-काज के हों तो बोलना ही उनका काम बन जाता है। मेरी बेटी ने कुछ भी ऐसा नहीं किया जो गैरकानूनी एवं संविधान के खिलाफ है। सोनाक्षी-जहीर की शादी पर शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा- शादी दो लोगों के बीच का एक बहुत ही व्यक्तिगत फैसला है। इसमें किसी को भी बीच में दखल देने या कमेंट करने का हक नहीं होता। विरोध प्रदर्शन करने वालों को मैं यही बोलना चाहता हूं- अपनी जिंदगी पर ध्यान दो। जिंदगी में कुछ अच्छा करो। इससे ज्यादा और कुछ नहीं कहना। बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा ने खुशी-खुशी अपनी इकलौती बेटी की शादी की है। उन्होंने दामाद जहीर को भी अपना आशीर्वाद दिया है। रिलीज हुआ श्रद्धा कपूर-राजकुमार राव की स्त्री 2 का टीजर, इस अवतार में नजर आए स्टार्स किशोर कुमार के गानों पर बैन, मनोज कुमार-देव आनंद की फिल्मों पर रोक..! बॉलीवुड पर भी पड़ा था 'इमरजेंसी' का बुरा असर सामने आई कंगना रनौत की इमरजेंसी की रिलीज डेट, जानिए किस दिन आ रही है इंदिरा गांधी की बायोपिक?
परेशान होकर छोड़ी इंडस्ट्री, सालों बाद किया कमबैक, बिहार की लड़की कैसे बनी हीरोइन?
टेलीविजन के पॉपुलर शो उडारियां 15 साल का लीप लेने जा रहा है. लीप के बाद शो एक नई कहानी और स्टारकास्ट के साथ दर्शकों को एंटरटेन करने आ रहा है. लीप से पहले उडारियां में आशमा का रोल निभाने वाली अदिति भगत ने आजतक संग बातचीत की और शो को लेकर कई सारी बातें शेयर कीं.
बिहार सीईटी बीएड : पांच साल में सबसे ज्यादा आवेदन आए, इस तारीख से आएंगे एडमिट कार्ड
Bihar CET B.Ed:महिलाओं के लिए अलग एवं पुरुषों के लिए अलग परीक्षा केंद्र होंगे। अभ्यर्थी 17 जून से अपना एडमिट कार्ड वेबसाइटwww. biharcetbed- lnmu. inपर लॉगइन कर डाउनलोड कर सकेंगे।
बीएसईबी बिहार बोर्ड से संबद्ध और एनसीटीई से मान्यता प्राप्त डीएलएड संस्थानों की सूची जारी
Bihar D.El.Ed: बिहार बोर्ड ने डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2024 की आंसर की जारी करने के एक दिन बाद अब राज्य में मौजूद सरकारी व निजी डीएलएड प्रशिक्षण संस्थानों की सूची भी जारी कर दी है। डीएलएड में दाखिला लेने
Bihar DElEd Answer Key 2024: आंसर की जारी, ऐसे दर्ज करें ऑब्जेक्शन, देखें डायरेक्ट लिंक
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने बिहार डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (DElEd) परीक्षा 2024 की आंसर की जारी की। जो उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट- biharboardonline.b
Bihar STET: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने शनिवार को माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी)-2024 (प्रथम) परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। पेपर-1 के विभिन्न विषयों की परीक्षा 18 से 29 मई तक होगी।
CSBC Bihar Police Constable Exam: क्या जारी हो चुकी हैं रिवाइज्ड तारीखें, पढ़ें अपडेट
CSBC Bihar Police Constable exam dates: बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की नई तारीखों का इंतजार है। परीक्षाएं 1, 7 और 15 अक्टूबर को निर्धारित की गई थीं, जिन्हें रद्द व स्थगित कर दिया गया था। आइए
बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा शर्मा की हाल ही में बिहार में एक रोड शो में भागीदारी ने इंटरनेट पर तूफान ला दिया है। क्रुक और तुम बिन 2 जैसी फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए मशहूर सुश्री शर्मा को अपने पिता अजीत शर्मा का समर्थन करते देखा गया, जो कांग्रेस के टिकट पर भागलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। यह रोड शो उन अफवाहों के बीच हुआ कि अभिनेता राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं। हालाँकि, अब यह स्पष्ट हो गया है कि वह सिर्फ अपने पिता के लिए प्रचार कर रही थीं। नेहा शर्मा ने इंस्टाग्राम पर बांका, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया सहित बिहार के विभिन्न जिलों की अपनी यात्रा दिखाते हुए एक वीडियो साझा किया। वह पारंपरिक सलवार कमीज पहने हुए थीं और जनता का अभिवादन करती और उन्हें वोट डालने के लिए प्रोत्साहित करती नजर आईं। इसे भी पढ़ें: AR Rahman ने नए एल्बम के रिलीज पर Taylor Swift को बधाई दी, नेटिजन ने कहा 'महान कला, महान कला को पहचानती है' View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया रोड शो के दौरान पीरपैंती और कहलगांव में भारी भीड़ ने अभिनेता का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा “वे कहते हैं कि जब कोई आपको अपने दिल में जगह देता है, तो आप हमेशा के लिए वहीं रहते हैं। आपने मुझे जो प्यार और समर्थन दिया है, उससे मेरा दिल भर गया है। पीरपैंती और कहलगांव में गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद। आपका प्यार सारी आँखों पर। सदा आभारी। ऑनलाइन प्रसारित हो रहे एक अन्य वीडियो में अभिनेत्री को भागलपुर में अपने पिता के चुनाव अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए दिखाया गया है। भागलपुर लोकसभा सीट पर दूसरे चरण में 26 अप्रैल को चुनाव होना है। इस सीट पर कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने वाले अजीत शर्मा का मुकाबला जेडीयू के अजय कुमार मंडल से है। पहले ऐसी अफवाह थी कि सुश्री शर्मा राजनीति में प्रवेश कर सकती हैं। हालाँकि, कई रिपोर्टों ने स्पष्ट किया है कि वह अभी चुनावी शुरुआत नहीं कर रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पिता अजीत शर्मा ने उन्हें राजनीति में शामिल होने का अवसर दिया, शर्मा वर्तमान में अपने अभिनय करियर पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। Bihar, Bhagalpur: Bollywood actress Neha Sharma campaigns for Congress leader and father Ajeet Sharma in the Lok Sabha elections, participates in a roadshow. pic.twitter.com/yEhb4XoQQL — IANS (@ians_india) April 23, 2024 View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial)
सलमान के घर फायरिंग से पहले शूटर्स ने बिहार में की हथियारों की प्रैक्टिस, फार्म हाउस की हुई थी रेकी
14 अप्रैल को, सुबह 4.50 बजे सलमान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर, अज्ञात हमलावरों ने पांच राउंड फायरिंग की थी. पुलिस ने सलमान के घर पर फायरिंग करने के मामले में विक्की गुप्ता (24 साल) और सागर पाल (21 साल) नाम के दो लड़कों को गिरफ्तार किया था. अब इससे जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है.
Bihar Board: जानें-10वीं की मार्कशीट में लिखी U/R,B और C जैसी शॉर्ट फॉर्म का क्या मतलब है?
बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं का रिजल्ट 31 मार्च को जारी कर दिया गया था। छात्र अपनी ओरिजनल मार्कशीट स्कूल से ले सकते हैं। आइए जानते हैं मार्कशीट में लिखी शॉर्ट फॉर्म की फुलफॉर्म क्या है।
बिहार में जेईई और नीट की फ्री कोचिंग, रहने-खाने की भी रहेगी मुफ्त व्यवस्था, ऐसे करें अप्लाई
Bihar Board Jee and Neet Free Coaching : विद्यार्थी समिति द्वारा संचालित engineering (jee) औरmedical (neet) की नि:शुल्क तैयारी हेतु BSEB SUPER-50 आवासीय शिक्षण में पढ़ने हेतु आवेदन कर सकत हैं।
Bihar 10th Board 2024: टॉप 5 में इन 10 छात्रों ने बनाई जगह, जानें नाम और मार्क्स
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने दसवी का रिजल्ट bsebmatric.org और results.biharboardonline.com पर जारी कर दिया है। इस साल टॉप 10 की लिस्ट ने 51 छात्रों ने अपनी जगह बनाई है। टॉप 5 की लिस्ट में 10 छ
Bihar Board BSEB 2024 Matrci Result Today:बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in व biharboardonline.com , onlinebseb.in पर जल्दजारी कर दिया जाएगा।
BSEB: क्लास 10वीं के रिजल्ट से पहले जानें ये 10 जरूरी बातें, मार्कशीट मिलने में मिलेगी मदद
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड अब कभी भी वेबसाइट biharboardonline.gov.in पर कक्षा 10वीं के रिजल्ट अपलोड कर सकता है। एक बार रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र यहां से डाउनलोड कर सकते हैं।
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) मैट्रिक यानी कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट अब कभी भी biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी हो सकता है, जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, रिजल्
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटर में एडमिशन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। इस बाबत समिति ने सभी सरकारी, गैर सरकारी विद्यालय, इंटर कॉलेजों की सूची ofssbihar.in पर अपलोड कर दी है।
बीएसईबी मैट्रिक रिजल्ट की घोषणा जल्द की जाएगी। हालांकि अभी तक रिजल्ट की टाइमिंग और तारीख के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद है नतीजे 31 मार्च तक आधिकारिक वेबसाइट biharboardonlin
Bihar 12th Board: किसान की बेटी बनीं कॉमर्स की टॉपर, अब बनना चाहती हैं प्रोफेसर, करेंगी PhD
बिहार बोर्ड 12वीं की कॉमर्स स्ट्रीम में खुशी कुमारी को जिले में सेकंड रैंक मिली है। उनके पिता किसान हैं। उन्होंने कहा, मेरे पिता ने हमेशा शिक्षा को महत्व दिया है, इसलिए भविष्य में मैं शिक्षा के क्षेत
इस साल का रिजल्ट पिछले 5 साल की तुलना में सबसे बेहतर, 87.21 प्रतिशत विद्यार्थी हुए पास
BSEB Bihar Board 12th Result : हार बोर्ड ने आज 12वीं के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का रिजल्ट पिछले 5 सालों की तुलना में सबसे बेहतर रहा है। इस साल इंटर का रिजल्ट 87.21 फीसदी रहा।
बिहार बोर्ड ने 12वीं यानी इंटर परीक्षा का रिजल्ट अब जारी कर दिया है। टॉपर्स के नाम भी सामने आ गए हैं। आइए जानते हैं साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स स्ट्रीम के टॉपर्स ने किन स्कूलों से पढ़ाई की है। यहां देखें न
BSEB : बारहवीं कक्षा के छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी के लिए फ्री में कोचिंग देती है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) गरीब विद्यार्थियों को JEE और NEET की मुफ्त कोचिंग कराती है।
BSEB Bihar Board: बिहार बोर्ड इंटर छात्र जानें टॉप 10 इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज
NIRF यानी राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क। इस रैंकिंग को शिक्षा मंत्रालय जारी करता है। एनआईआरएफ रैंकिंग में देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी की रैंकिंग जारी की जाती है।
बीएसईबी 12वीं के परिणाम के साथ टॉपर्स की लिस्ट भी शेयर करेगा। जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, पिछले 7 सालों में आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम में किसने किया था टॉप। यहां पढ़ें पूरी
Bihar 12th Board 2024: रिजल्ट जारी होने की तारीख और समय के बारे में यहां मिलेगी जानकारी
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) जल्द ही इंटरमीडिएट या कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2024 के परिणाम घोषित करेगा। वहीं बोर्ड परिणाम के समय की घोषणा पहले कर दी जाएगी। आइए जानते हैं, आप कहां कर सकें

