श्रावस्ती। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) भिनगा में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय अप्रेंटिस मेले के तहत होंडा टू व्हीलर कंपनी, मानेसर (गुरुग्राम) के प्लांट में अप्रेंटिस भर्ती के लिए कैंपस चयन का आयोजन किया गया। शुक्रवार को दोपहर 2:00 बजे आईटीआई प्रबंधन ने बताया कि इसमें उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के अलावा बिहार और राजस्थान से पहुंचे कुल 61 अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया, जिनमें साक्षात्कार के माध्यम से 31 अभ्यर्थियों का चयन किया गया। कार्यक्रम में पहुंचे होंडा प्लांट के एचआर संदीप कुमार का संस्थान के प्रधानाचार्य विनोद कुमार गुप्ता ने स्वागत किया। संस्थान के कार्यदेशक एमपी वर्मा की देखरेख में भर्ती मेला संपन्न हुआ। इसके आयोजन में संस्थान के समस्त स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा। प्रधानाचार्य विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि युवाओं को रोजगार और अप्रेंटिसशिप से जोड़ने के उद्देश्य से संस्थान में प्रत्येक माह ऐसे कैंपस चयन कार्यक्रम आयोजित कराए जाते हैं। बिहार से आए अभ्यर्थी रितेश कुमार और रूपेंद्र कुमार वर्मा ने चयनित होने पर खुशी जताई। वहीं अप्रेंटिस प्रभारी पवन मलिक ने बताया कि हर महीने अप्रेंटिस मेले के माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। चयन के बाद युवाओं ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि आईटीआई के द्वारा लगाए जा रहे हैं अप्रेंटिस मेले में युवाओं का चयन हो रहा इससे युवा रोजगार से जुड़े रहे और यह आईटीआई की अच्छी पहल है।
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 71वीं के कैंडिडेट्स का इइंतजार खत्म हो गया है। आयोग ने संयुक्त मुख्य प्रतियोगिता परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। इस परीक्षा में कुल 3392 अभ्यर्थियों को सफलता मिली है। ये अभ्यर्थी अब चयन प्रक्रिया के अगले चरण यानी इंटरव्यू में शामिल होंगे। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर कुछ घंटों बाद रिजल्ट उपलब्ध कराया जाएगा। 1298 पदों के लिए हुई थी परीक्षा BPSC की 71वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के जरिए बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 1298 पदों पर नियुक्ति होनी है। इसके लिए प्रारंभिक परीक्षा 13 सितंबर 2025 को आयोजित की गई थी। परीक्षा राज्य के 37 जिलों में 912 केंद्रों पर हुई थी। इसमें 4.71 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जबकि 3.16 लाख से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। अब इंटरव्यू की होगी तैयारी मुख्य परीक्षा में सफल घोषित अभ्यर्थियों को अब आगे की चयन प्रक्रिया के लिए तैयारी करनी होगी। मुख्य परीक्षा के परिणाम के बाद आयोग की ओर से साक्षात्कार (इंटरव्यू) की प्रक्रिया और उससे संबंधित कार्यक्रम जारी किया जाएगा। अंतिम चयन मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के आधार पर निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाएगा। PT में 14,261 अभ्यर्थी हुए थे सफल PT परीक्षा का परिणाम 18 नवंबर 2025 को जारी किया गया था। इसमें कुल 14,261 अभ्यर्थियों को सफलता मिली थी। इनमें 13,368 अभ्यर्थी 71वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा और 893 अभ्यर्थी वित्तीय प्रशासनिक पदाधिकारी के पदों के लिए सफल घोषित किए गए थे। इसके बाद सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में शामिल होने का मौका मिला। अप्रैल में हुई थी मुख्य परीक्षा 71वीं संयुक्त मुख्य प्रतियोगिता परीक्षा 25 से 30 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित की गई थी। मुख्य परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी लंबे समय से परिणाम का इंतजार कर रहे थे। अब आयोग ने 3392 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया है। मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को अब इंटरव्यू की प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसके बाद अंतिम मेधा सूची जारी की जाएगी। कहां और कैसे चेक करें रिजल्ट? अभ्यर्थी BPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रिजल्ट से संबंधित अपडेट प्राप्त कर सकते हैं।आधिकारिक वेबसाइट: https://bpsc.bihar.gov.in/वेबसाइट पर रिजल्ट पीडीएफ उपलब्ध होने के बाद अभ्यर्थी उसमें अपना रोल नंबर सर्च करके परिणाम देख सकेंगे। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आयोग की आधिकारिक सूचना और आगे जारी होने वाले निर्देशों पर नजर बनाए रखें।3392 अभ्यर्थियों की सफलता के साथ अब BPSC 71वीं परीक्षा का अगला चरण अहम होने जा रहा है। सफल उम्मीदवारों की निगाहें अब इंटरव्यू और अंतिम चयन सूची पर रहेंगी।
दिवाली और छठ पूजा पर बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था की है। दिल्ली, पंजाब, मुंबई, पुणे और दक्षिण भारत से वंदे भारत समेत कई ट्रेनें चलेंगी। जानें प्रमुख रूट और तारीखें।
वैशाली की धरती पर पीएम मोदी का दौरा, बिहार के लिए सौभाग्य की बात: दिलीप जायसवाल
Patna, 6 नवंबर . Prime Minister Narendra Modi के 21 नवंबर को प्रस्तावित बिहार दौरे को लेकर राज्य में Political हलचल तेज हो गई है. बिहार Government के…
Bihar Police STF ने जब्त की 10 करोड़ रुपये की चरस, दो अलग-अलग अभियानों में महिला समेत 2 गिरफ्तार
मोतिहारी/पूर्णिया, छह नवंबर बिहार पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) और जिला पुलिस के साथ मिलकर दो अलग-अलग अभियानों में मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में एक पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान पूर्वी चंपारण एवं पूर्णिया जिलों से 10 करोड़ रुपये मूल्य का चरस और 61 ग्राम स्मैक जब्त किया गया। एसटीएफ की ओर से शुक्रवार को जारी बयान के अनुसार, पहले अभियान में एसटीएफ और डीआरआई की पटना एवं मुजफ्फरपुर इकाइयों की संयुक्त टीम ने बृहस्पतिवार को पूर्वी चंपारण जिले के डुमरिया घाट थाना क्षेत्र से राजेश सहनी को गिरफ्तार किया और उसके पास से 10 किलोग्राम चरस जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 10 करोड़ रुपये आंकी गई है। बयान में कहा गया है कि इसके अलावा एक मोबाइल फोन और 2,320 रुपये नकद भी बरामद किए गए। बयान के मुताबिक, सहनी कथित तौर पर मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का हिस्सा है। वह नेपाल से चरस मंगवाकर बिहार के रास्ते उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, गुजरात और महाराष्ट्र के तस्करों तक इसकी आपूर्ति करता था। इसमें कहा गया है कि बरामद की गई चरस की खेप गुजरात के पाटन जिले में पहुंचाई जानी थी। वहीं, एसटीएफ और पूर्णिया जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को जिले के गुलाबबाग से इशरत खातून नामक महिला को गिरफ्तार किया और उसके पास से 61 ग्राम स्मैक और एक मोटरसाइकिल जब्त की गई। वह पूर्णिया के सदर थाना क्षेत्र के कब्रिस्तान टोला की निवासी है। एसटीएफ के बयान में कहा गया है कि दोनों मामलों में आगे की जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास का भी सत्यापन किया जा रहा है। दोनों मामलों में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मुंगेर के लक्ष्मीपुर की डॉ. प्रीति सिंह ने बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में सहायक प्राध्यापक बनकर सफलता की नई कहानी लिखी है।
दिल्ली में 2.65 लाख के नकली नोट बरामद, बिहार के दो आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली के पहाड़गंज में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 2,65,100 रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं. आरोपी एक लाख की जाली करेंसी के बदले असली 25 से 30 हजार रुपये लेने की फिराक में थे. पढ़ें इन शातिर तस्करों की पूरी कहानी.
ट्रेनें फुल, हवाई किराया 25000... छठ पर बिहार आने के क्या हैं विकल्प?
दिवाली और छठ पर अपने घर बिहार लौटने की तैयारी कर रहे प्रवासियों के सामने इस बार सफर का संकट खड़ा हो गया है. नियमित ट्रेनों में टिकट मिलना मुश्किल है और कई रूट पर वेटिंग के साथ बुकिंग बंद होने की नौबत है. दूसरी तरफ फ्लाइट का किराया 25 से 35 हजार रुपये तक पहुंच रहा है. बसें सस्ती जरूर हैं, लेकिन लंबी दूरी और परिवार के साथ सफर का खर्च भी कम नहीं है. ऐसे में घर पहुंचना बड़ी चुनौती बन गया है.
16 साल के बेटे के अंगदान से तीन मरीजों को मिली नई जिंदगी, बिहार में पहली बार सरकारी खर्च पर हुआ लिवर ट्रांसप्लांट
Bihar Education: बिहार के सरकारी स्कूलों में अब भोजपुरी-मगही समेत 6 भाषाओं में होगी पढ़ाई, 40 लाख बच्चों को मुफ्त मिलेंगी किताबें
धनतेरस से पहले बिहार में खूनी खेल; पूजारी को फोन कर बुलाया और मार दी 3 गोलियां, सड़क पर बवाल
मंदिर में पूजा करने वाले सोनू कुमार को फोन पर कॉल करके बुलाया गया और तीन गोलियां मार दी गई। सोनू की मौत के बाद जोरदार आक्रोश फूटा। लोगों ने एनएच 28 को जाम कर दिया।
दीपावली और छठ पर बिहार के सरकारी अस्पतालों में 24 घंटे मिलेगा इलाज, घाटों पर मेडिकल कैंप और एम्बुलेंस रहेंगी तैनात
दिल्ली के चावड़ी बाजार में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत ढही, बिहार के खगड़िया के दो मजदूरों की मौत
दिल्ली के चावड़ी बाजार में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत ढही, बिहार के खगड़िया के दो मजदूरों की मौत
PATNA NEWS: 21 नवंबर को बिहार आएंगे PM मोदी, NDA मनाएगी वर्षगांठ
6 शुक्रवार, नवंबर: पीएम मोदी 21 नवंबर को बिहार आएंगे, वैशाली औद्योगिक पार्क में NDA सरकार की पहली वर्षगांठ कार्यक्रम में शामिल होंगे।
पुलिस ने तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से मंदिरों से लूटे गए चांदी के आभूषणों को गलाकर तैयार की गई 300 ग्राम चांदी, दो तमंचे, कारतूस और चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार बरामद हुए हैं।
बिहार में वैशाली और पटना जिले को जोड़ने वाला 6 लेन का लगभग 10 किमी लंबा पुल तैयार हो गया है. पीएम मोदी 21 नवंबर को बिहार दौरे में इस पुल का उद्घाटन करेंगे. ये महासेतु उत्तर और दक्षिण बिहार में कनेक्टिविटी का नया जरिया बनेगा.
Diwali-Chhath Trains: बिहार के लिए 106 स्पेशल ट्रेनों का ऐलान, वंदे भारत भी शामिल; पूरी लिस्ट आई
रेलवे ने 106 स्पेशल ट्रेनों का इंतजाम किया है। दिल्ली, मुंबई, पंजाब और बेंगलुरु से चलेंगी ट्रेनें। वंदे भारत एक्सप्रेस भी शामिल। जानें पटना, दरभंगा, मुजफ्फरपुर समेत बिहार के प्रमुख शहरों के लिए ट्रेनों की पूरी लिस्ट, रूट और तारीखें।
पुराने आम-लीची के बागों में लौटेगी बहार, जीर्णोद्धार पर 40% सब्सिडी
देश के पारंपरिक फल उत्पादक राज्यों में दशकों पुराने आम और लीची के बागान कभी किसानों की समृद्धि का मुख्य आधार हुआ करते थे। लेकिन 30 से 40 वर्ष या उससे अधिक पुराने हो चुके इन पेड़ों में अब उम्र का असर साफ दिखने लगा है। तनों का खोखला होना, शाखाओं का आपस में उलझना, सूरज की धूप जमीन तक न पहुंचना और कीट-व्याधियों के बढ़ते प्रकोप के कारण इन पेड़ों की फल उत्पादन क्षमता 50 से 70 प्रतिशत तक घट चुकी है। घटते उत्पादन और गिरती गुणवत्ता से परेशान होकर कई किसान अपने पुरखों के इन ऐतिहासिक बागों को काटने या कंक्रीट के प्लाटों में बदलने को मजबूर हो रहे थे। बागवानों की इसी गंभीर समस्या को हल करने और फल उत्पादन को फिर से रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचाने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) और राज्य बागवानी विभागों के सहयोग से 'जीर्णोद्धार एवं वितान प्रबंधन योजना' (Orchard Rejuvenation Scheme) के तहत 40 से 50 प्रतिशत तक की सीधी वित्तीय सहायता (सब्सिडी) देने का फैसला किया है।क्या है रीजुविनेशन और कैनोपी मैनेजमेंट तकनीक?अक्सर किसान यह सोचते हैं कि अनुत्पादक हो चुके पुराने पेड़ को काटकर उसकी जगह नया पौधा लगाना ही एकमात्र उपाय है। लेकिन नए पौधे को फल देने लायक पेड़ बनने में कम से कम 8 से 10 साल का लंबा इंतजार करना पड़ता है। इसके विपरीत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (CISH, लखनऊ) के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित की गई 'कैनोपी रीजुविनेशन' (छत्रक प्रबंधन) तकनीक से पुराने पेड़ को बिना उखाड़े महज 2 साल में फिर से भरपूर फल देने लायक बना दिया जाता है। इस वैज्ञानिक प्रक्रिया में पुराने पेड़ के मुख्य तने से 2.5 से 3 मीटर की ऊंचाई पर मुख्य शाखाओं की सुनियोजित प्रूनिंग (छंटाई या पोलार्डिंग) की जाती है। कटे हुए हिस्सों पर तुरंत बोर्डो पेस्ट या कॉपर ऑक्सीक्लोराइड का लेप लगाकर फंगस से सुरक्षा दी जाती है। कुछ ही महीनों में तने से मजबूत और नई शाखाएं फूटती हैं, जिनकी ट्रेनिंग कर एक संतुलित छत्रक (छतरीनुमा आकार) तैयार किया जाता है। इससे पेड़ के भीतरी हिस्से तक भरपूर धूप और ताजी हवा पहुंचती है, जिससे फलों का आकार, मिठास और रंग पहले से कहीं बेहतर हो जाता है।40% से 50% तक सब्सिडी का वित्तीय ढांचा: प्रति हेक्टेयर कितनी मिलेगी मदद?राष्ट्रीय बागवानी मिशन के दिशा-निर्देशों के अनुसार, फलदार वृक्षों के जीर्णोद्धार के लिए प्रति हेक्टेयर लागत का एक मानक पैमाना तय किया गया है। पुराने बाग के पुनरुद्धार पर आने वाले कुल खर्च (कटाई-छंटाई, जैविक खाद, दवाइयां, माइक्रो-इरिगेशन और ड्रिप लाइन) पर सामान्य वर्ग के किसानों को 40% और लघु, सीमांत, महिला व अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों को 50% तक का बैक-एंडेड प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) अनुदान दिया जाता है।यूनिट कॉस्ट: सरकार द्वारा प्रति हेक्टेयर जीर्णोद्धार की मानक लागत लगभग ₹40,000 से ₹50,000 निर्धारित की गई है।सब्सिडी राशि: इसके तहत पात्र बागवानों को ₹16,000 से लेकर ₹20,000 प्रति हेक्टेयर की सीधी वित्तीय सहायता सीधे उनके आधार से जुड़े बैंक खाते में दी जाती है।अतिरिक्त इनपुट सहायता: सब्सिडी के साथ-साथ बागवानी विभाग चयनित किसानों को सघन पौधरोपण (Gap Filling) के लिए उन्नत कलमी पौधे, ट्राइकोडर्मा, वर्मीकम्पोस्ट और कीटनाशक छिड़काव यंत्र भी रियायती दरों पर उपलब्ध कराता है।मध्यवर्ती खेती (इंटरक्रॉपिंग) से शुरुआती 2 साल में भी होगी लाखों की कमाईपुराने पेड़ों की गहरी छंटाई के बाद शुरुआती डेढ़ से दो साल तक जब नई शाखाएं विकसित हो रही होती हैं, तब बाग के भीतर जमीन पर खुली धूप उपलब्ध रहती है। इस खाली पड़ी जमीन का सदुपयोग करने के लिए कृषि वैज्ञानिक किसानों को अंतःवर्ती फसलें (Intercropping) लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। पेड़ की छंटाई के तुरंत बाद किसान बाग की पंक्तियों के बीच हल्दी, अदरक, अरबी, मटर, फ्रेंच बीन्स, कद्दू वर्गीय सब्जियां या औषधीय पौधे उगा सकते हैं। वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, आम और लीची के जीर्णोद्धार किए गए बागों में हल्दी या अदरक की अंतःवर्ती खेती करने से किसानों को पहले ही साल प्रति हेक्टेयर 80,000 से 1.20 लाख रुपये की अतिरिक्त शुद्ध आय प्राप्त हो जाती है। जब तक पेड़ों में दोबारा बंपर बौर (मंजर) और फल आने शुरू होते हैं, तब तक किसान का नियमित घरेलू खर्च और बाग की देखरेख की लागत इंटरक्रॉपिंग से आसानी से निकल आती है।प्रमुख आम और लीची बेल्ट्स को सीधा फायदाइस पुनरुद्धार अभियान का सबसे बड़ा लाभ देश के प्रमुख फल उत्पादक क्षेत्रों को मिलेगा।आम उत्पादक बेल्ट: उत्तर प्रदेश की प्रसिद्ध मलिहाबाद (दशहरी), सहारनपुर, बुलंदशहर, बाराबंकी बेल्ट; बिहार का भागलपुर (जर्दालु), दरभंगा; पश्चिम बंगाल का मालदा (हिमसागर, लंगड़ा); और आंध्र प्रदेश व तेलंगाना के बंगनपल्ली व तोतापरी बागानों के लाखों किसानों को इस योजना से सीधा संबल मिलेगा।लीची उत्पादक क्षेत्र: बिहार के मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, वैशाली (शाही लीची) और उत्तराखंड के देहरादून व रामनगर की विश्वप्रसिद्ध लीची के पुराने बगीचों में इस तकनीक से फलों के फटने (Fruit Cracking) और कीटों की समस्या में 60% तक की कमी दर्ज की गई है।आवेदन कैसे करें: जरूरी दस्तावेज और प्रक्रियाबागवानी जीर्णोद्धार सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए किसानों को अपने राज्य के बागवानी विभाग के आधिकारिक पोर्टल (जैसे यूपी में dbt.uphorticulture.in या बिहार में horticulture.bihar.gov.in) पर ऑनलाइन पंजीकरण करना होता है। इसके अलावा किसान अपने ब्लॉक या जनपद स्तर पर स्थित उप निदेशक / जिला उद्यान अधिकारी (DHO) कार्यालय में जाकर भी ऑफलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन के लिए किसान की खतौनी/जमाबंदी (भूमि अभिलेख), आधार कार्ड, बैंक पासबुक की प्रति, पासपोर्ट साइज फोटो और बाग में पुराने पेड़ों की मौजूदा स्थिति का स्थलीय विवरण जरूरी होता है। उद्यान विभाग के तकनीकी अधिकारी बाग का भौतिक सत्यापन (Geotagging Survey) करते हैं, जिसके बाद स्वीकृति पत्र जारी होता है। कार्य पूरा होने के बाद सत्यापन उपरांत सब्सिडी की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में भेज दी जाती है। पुरखों की धरोहर रहे इन बागों को आधुनिक विज्ञान और सरकारी सहायता से संवारकर किसान अपनी वार्षिक आय में 2 से 3 गुना तक टिकाऊ इजाफा कर सकते हैं।
Anant Singh LIVE: अनंत सिंह का बिहार से यूपी रोड शो वाला शक्ति प्रदर्शन, प्रयागराज में भी लगे पोस्टर
Anant Singh LIVE: जेडीयू से पूर्व एमएलए पत्नी नीलम देवी समेत छह साल के लिए निष्कासित मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह शुक्रवार को पटना से सड़क मार्ग से प्रयागराज रवाना हो गए हैं। रास्ते में जगह-जगह उनका स्वागत है।
Bihar दौरे से पहले Tejashwi Yadav का PM Modi पर हमला, कहा- नहीं मिला बाढ़ पैकेज
राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने 6 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे से पहले उनकी आलोचना की। उन्होंने केंद्र सरकार पर राज्य को पर्याप्त मदद न देने का आरोप लगाया और अपराध, शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवा से जुड़े मुद्दों को उठाया। यादव ने कहा कि भले ही बिहार की जनता ने मोदी को भारी जनादेश दिया, लेकिन जब भी राज्य को मदद की जरूरत पड़ी, तो उसके साथ सौतेले बच्चों जैसा बर्ताव किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बिहार आ रहे हैं, लेकिन वे एक प्रधानमंत्री से अपेक्षित जिम्मेदारियों को पूरा करने में पूरी तरह विफल रहे हैं। बिहार की जनता ने उन्हें भारी जनादेश दिया, लेकिन जब भी बिहार को जरूरत होती है, तो हमारे साथ सौतेले बच्चों जैसा व्यवहार किया जाता है। हमें बाढ़ के लिए कोई विशेष पैकेज नहीं मिला; बिहार सरकार का खजाना खाली है। 'डबल-इंजन' सरकार का एक इंजन भ्रष्टाचार से चल रहा है, तो दूसरा अपराध से; बिहार में अराजकता का माहौल है। अब जब वे आ रहे हैं, तो निश्चित रूप से केवल खोखले वादे ही करेंगे। इसे भी पढ़ें: PM Modi का 21 नवंबर को Vaishali दौरा, औद्योगिक गलियारा परियोजनाओं की देंगे सौगात राज्य सरकार के विकास कार्यों पर सवाल उठाते हुए, यादव ने नीति आयोग की रिपोर्टों का हवाला दिया और कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में बिहार लगातार सबसे निचले पायदान पर बना हुआ है। उन्होंने कहा, वे (सत्ता पक्ष) हमेशा वही रटी-रटाई बातें दोहराते रहते हैं। नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बने कितना समय हो गया है? यहाँ उनकी सरकार लगातार सत्ता में रही है। नीति आयोग की रिपोर्टें बताती हैं कि शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य सेवा तक, हम हर क्षेत्र में सबसे नीचे हैं। आज भी हालात बिल्कुल वैसे ही हैं; इसमें कोई सुधार नहीं हुआ है। इसे भी पढ़ें: Bhupender Yadav ने कहा, Bihar की अटकी परियोजनाओं को पर्यावरण मंजूरी पर मंत्रालय देगा ध्यान यादव ने कानून-व्यवस्था की स्थिति और अपराध पर सरकार के रवैये को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की भी आलोचना की। उन्होंने सवाल किया कि क्या यहाँ कोई ऐसा जिला है जहाँ अपराध न होता हो? फिर भी, हमारे मुख्यमंत्री को शायद लगता है कि 'अपराध' (apradh) और 'क्राइम' (crime) अलग-अलग चीजें हैं। एक अंग्रेजी शब्द है और दूसरा हिंदी, लेकिन दोनों का मतलब बिल्कुल एक ही है। वे बिहार का मजाक बनवा रहे हैं। ऐसे मुख्यमंत्री से क्या उम्मीद की जा सकती है? बिहार का क्या होगा?
दीपावली और छठ के दौरान बिहार के सरकारी अस्पतालों में 24 घंटे इलाज की व्यवस्था रहेगी। छठ घाटों पर मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे और एम्बुलेंस तैनात रहेगी। स्वास्थ्य विभाग ने त्योहारों के दौरान मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए विशेष तैयारी की है। डॉक्टर, स्टाफ की छुटि्टयां रद्द विभाग ने मेडिकल कॉलेज-अस्पतालों, जिला अस्पतालों, अनुमंडलीय अस्पतालों और पीएचसी-सीएचसी को निर्देश जारी किए हैं। 6 से 17 नवंबर तक डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टियां रद्द रहेंगी। विशेष परिस्थिति में सक्षम अधिकारी की अनुमति से ही छुट्टी मिल सकेगी। इस अवधि में सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी अनिवार्य होगी। अस्पतालों में ड्यूटी रोस्टर बनाया जाएगा और उसके मुताबिक कर्मचारियों की तैनाती होगी। रोस्टर इमरजेंसी वार्ड और सूचना पट्ट पर लगाया जाएगा, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों की जानकारी मिल सके। 24 घंटे मिलेगी इमरजेंसी सेवा दीपावली पर पटाखों से जलने, आंखों में चोट लगने और सांस लेने में परेशानी जैसी स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों को तैयार रहने को कहा गया है। अस्पतालों में 24 घंटे इमरजेंसी सेवा चालू रहेगी। जरूरी दवाइयों, पट्टियों, सर्जिकल सामान, आईवी फ्लूड और ऑक्सीजन का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश हैं। बर्न वार्ड, क्रिटिकल केयर बेड और वेंटिलेटर की उपलब्धता भी सुनिश्चित करनी होगी। छठ के दौरान प्रमुख और संवेदनशील घाटों पर मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे। यहां डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ की शिफ्ट के मुताबिक ड्यूटी लगेगी। सिविल सर्जन को स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर मेडिकल कैंप लगाने के निर्देश दिए गए हैं। 102 समेत अन्य एंबुलेंस सेवाओं को भी अलर्ट रखा जाएगा। एंबुलेंस में ऑक्सीजन, जीवनरक्षक उपकरण, फर्स्ट एड किट और पर्याप्त ईंधन उपलब्ध रखना होगा। भीड़भाड़ वाले इलाकों और प्रमुख छठ घाटों के पास एम्बुलेंस की तैनाती होगी, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सके। अस्पतालों में पटाखे और दीये जलाने पर रोक दीपावली के दौरान आग लगने की आशंका को देखते हुए सभी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने का निर्देश दिया गया है। फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म और इमरजेंसी निकासी रास्तों की जांच होगी। ऑक्सीजन प्लांट, सिलेंडर स्टोर और अस्पताल परिसर के आसपास दीये, मोमबत्ती और पटाखे जलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। हर जिले में 24 घंटे कंट्रोल रूम, 104 हेल्पलाइन भी रहेगी चालू त्योहारों के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी के लिए सभी जिलों में सिविल सर्जन कार्यालय के तहत 24 घंटे कंट्रोल रूम संचालित होगा। इसके लिए नोडल पदाधिकारी नियुक्त किए जाएंगे और हेल्पलाइन नंबरों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। राज्य स्तर पर बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति का कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर 104 भी चालू रहेगा। सभी जिलों को स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन तैयारियों की दैनिक रिपोर्ट राज्य स्वास्थ्य समिति को भेजनी होगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है, ताकि दीपावली और छठ के दौरान किसी भी आपात स्थिति में लोगों को समय पर इलाज मिल सके।
Bihar News LIVE: आगामी 21 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित वैशाली आगमन को लेकर प्रशानिक तैयारियां जोरों पर हैं। एनडीए के सभी दल कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जुट गए हैं। मोकामा विधायक अनंत सिंह प्रयागराज जा रहे हैं। सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक कार्यक्रम और रूट मैप जारी किया गया है।
अमृतसर कोलकाता और मुंबई से बिहार के लिए स्पेशल ट्रेनों की अवधि बढ़ी, मुजफ्फरपुर रूट को भी राहत
Chhath Special Trains: दीपावली और छठ पर्व के बाद यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने कई स्पेशल ट्रेनों के परिचालन की अवधि बढ़ा दी है। इससे मुजफ्फरपुर सहित बिहार के यात्रियों को नवंबर अंत तक लंबी दूरी की यात्रा में बड़ी राहत मिलेगी।
मोकामा में राजेंद्र सेतु के समानांतर गंगा नदी पर बने नए डबल ट्रैक रेल ब्रिज पर ट्रेनों का परिचालन शुरू होने के साथ ही उत्तर बिहार से दक्षिण बिहार होते यूपी और दिल्ली रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। रेलवे की योजना के अनुसार, वर्ष 2027 तक मिथिलांचल से मगध होते दिल्ली के बीच नई अमृत भारत ट्रेन चलाई जाएगी। इसके अलावा अगले दो-तीन वर्षों में इस नए ट्रैक से वंदे भारत समेत तीन-चार अतिरिक्त एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों के परिचालन की रूपरेखा तैयार की गई है। पुराना राजेंद्र सेतु सिंगल ट्रैक होने और सुरक्षा कारणों से ट्रेनों की गति महज 50 किमी प्रति घंटे तक सीमित थी। क्रॉसिंग के लिए ट्रेनों को घंटों आउटर सिग्नल पर रुकना पड़ता था। नए डबल-ट्रैक ब्रिज के चालू होने से अब दोनों दिशाओं में ट्रेनें 100 से 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से निर्बाध दौड़ रही हैं। ट्रैक क्षमता बढ़ने से ट्रेनों की लेटलतीफी खत्म हुई है और नए रूटों के विस्तार का रास्ता साफ हो गया है। बिहार में गंगा नदी पर रेल ब्रिज डबल ट्रैक ब्रिज से फायदे
Ghazipur News: अगले साल बिहार तक फर्राटा भरने में होगी सहूलियत
Next year, it will be easier to travel to Bihar.
Bijnor News: पंजाब से बिहार जा रही 30 लाख की शराब पकड़ी, दो गिरफ्तार
Liquor worth ₹30 lakh, being transported from Punjab to Bihar, seized; two arrested
भोजपुर में गिरफ्तार चंदन तिवारी उत्तर बिहार में कारतूस तस्करी का एक बड़ा नेटवर्क चला रहा था। वह मुजफ्फरपुर में 10 साल से सक्रिय था और पीजी थ्री हॉस्टल से कानून की पढ़ाई करते हुए इस धंधे को संचालित कर रहा था।
बिहार के सरकारी स्कूलों में रील्स बनाने पर रोक, शिक्षकों के लिए नए सोशल मीडिया दिशानिर्देश जारी
Bihar Teachers Reels Ban: बिहार शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और कर्मियों द्वारा रील्स बनाने और सोशल मीडिया पर अपलोड करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम बच्चों की निजता और सरकारी छवि को बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
मुजफ्फरपुर में कार्यपालक पदाधिकारी के ठिकानों पर निगरानी की छापेमारी, आय से अधिक संपत्ति का खुलासा
Bihar Vigilance Bureau Action: मुजफ्फरपुर में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने माधोपुर सुस्ता नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार के तीन ठिकानों पर छापेमारी की है। उन पर एक करोड़ रुपये से अधिक की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
Bihar CM Samrat Choudhary के Crime वाले बयान पर Prashant Kishor, Tej Pratap Yadav ने लिए मजे
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक ऐसा बयान दिया, जिस पर अब सियासी तंज शुरू हो गए हैं. उन्होंने कहा कि बिहार में क्राइम हो सकता है, लेकिन अपराध नहीं. उनके इस बयान पर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के साथ-साथ तमाम बिहार के नेताओं ने ना सिर्फ सवाल उठाए हैं बल्कि, सीएम को घेर भी लिया है
बिहार क्रिकेट एसोसिएशन ने सैयद मुश्ताक अली टी-20 ट्रॉफी की तैयारियों के मद्देनजर अंतिम चयन ट्रायल के लिए 43 खिलाड़ियों को आमंत्रित किया है।
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार ने स्कूलों में रील्स और वीडियो बनाने वाले शिक्षकों को कड़ी चेतावनी दी है.
दीपावली और छठ पर बिहार के अस्पताल अलर्ट मोड में, स्वास्थ्यकर्मियों के अवकाश पर रोक
Patna, 5 नवंबर . बिहार में दीपावली और छठ महापर्व के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी Governmentी अस्पतालों को अलर्ट…
विशेष निगरानी इकाई ने पथ निर्माण अंचल के अधीक्षण अभियंता विजय कुमार को नोटिस भेजा है।
बिहार के 3 प्रमुख विश्वविद्यालयों में वित्त पदाधिकारियों के पदस्थापन पर रोक, राजभवन का रुख सख्त
Bihar University Finance Officer Appointment: राजभवन ने बिहार के तीन प्रमुख विश्वविद्यालयों में वित्त पदाधिकारियों की नियुक्ति पर रोक लगा दी है। वित्त विभाग द्वारा जारी पदस्थापन आदेश को कुलाधिपति के नियमों का उल्लंघन मानते हुए तत्काल स्थगित करने का निर्देश दिया गया है।
Bihar BPSC TRE-4 भर्ती में अभूतपूर्व प्रतिस्पर्धा, 10 लाख से अधिक आवेदन
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित TRE-4 शिक्षक भर्ती में अभूतपूर्व प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है, जिसमें 10 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। इस भर्ती में 33,320 पदों के लिए लगभग 30 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होगा। पिछले भर्ती अभियानों की तुलना में यह संख्या काफी अधिक है। परीक्षा में महत्वपूर्ण बदलाव भी किए गए हैं, जैसे कि गलत उत्तर पर अंक काटना और OMR पैटर्न में नया विकल्प शामिल करना। जानें इस भर्ती के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
गाजियाबाद में 8वीं वाहिनी एनडीआरएफ परिसर में आयोजित द्वितीय राष्ट्रीय एसडीआरएफ सीबीआरएन प्रतियोगिता-2026 का गुरुवार को समापन हुआ। तीन दिन चली प्रतियोगिता में तमिलनाडु की टीम पहले, उत्तराखंड दूसरे और बिहार तीसरे स्थान पर रही। समापन समारोह में एनडीआरएफ के महानिदेशक पीयूष आनंद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। प्रतियोगिता 2 से 4 नवंबर तक हुई। इसका उद्देश्य रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु (सीबीआरएन) आपात स्थितियों से निपटने के लिए एसडीआरएफ जवानों की तैयारी और काम करने की क्षमता परखना था। प्रतियोगिता में जवानों की तकनीकी जानकारी, तुरंत कार्रवाई और बचाव दलों के बीच तालमेल को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया गया। राष्ट्रीय प्रतियोगिता के क्षेत्रीय चरण में 19 राज्यों की एसडीआरएफ टीमों ने हिस्सा लिया था। इनमें से राजस्थान, बिहार, हरियाणा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और गुजरात की टीमों को अंतिम चरण के लिए चुना गया। तीन दिन तक टीमों ने अलग-अलग परिस्थितियों में बचाव कार्यों का अभ्यास किया। उनके प्रदर्शन के आधार पर शीर्ष तीन टीमों को विजेता घोषित किया गया। पहले स्थान पर रही तमिलनाडु एसडीआरएफ टीम को एक लाख रुपये और ट्रॉफी दी गई। उत्तराखंड एसडीआरएफ को 75 हजार रुपये और ट्रॉफी, जबकि बिहार एसडीआरएफ को 50 हजार रुपये और ट्रॉफी मिली। पीयूष आनंद ने समापन समारोह में कहा कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ का उद्देश्य लोगों की जान बचाना और आपदा के समय उनकी सुरक्षा करना है। उन्होंने कहा कि सभी आपदा मोचन बल एक टीम की तरह काम करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे संयुक्त अभ्यास से जवानों को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने और अपनी कमियां दूर करने का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि सीबीआरएन आपदाओं में खतरे का शुरुआती संकेत आसानी से दिखाई नहीं देता। ऐसे में जवानों को नियमित अभ्यास और प्रशिक्षण की जरूरत है, ताकि आपात स्थिति में वे बिना देरी किए सुरक्षित तरीके से बचाव कार्य कर सकें। कार्यक्रम में एनडीआरएफ के महानिरीक्षक नरेंद्र सिंह बुंदेला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, जवान और मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।
5 नवंबर, गुरुवार: दरभंगा में राजद नेता तेजस्वी यादव ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अपराध बढ़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य में हत्या और दुष्कर्म की घटनाएं लगातार हो रही हैं और पुलिस से आम लोग परेशान हैं।
Gaya में खेत बचाओ अभियान की शुरुआत, Vijay Kumar Sinha ने प्राकृतिक खेती अपनाने पर दिया जोर
आज गया जी जिले में ‘खेत बचाओ अभियान’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर किसानों को संबोधित करते हुए माननीय कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार कृषि भूमि के संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और किसानों की खुशहाली एवं समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए संकल्पित है। इस अवसर पर माननीय बिहार विधान सभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, माननीय विधान सभा सदस्य श्रीमती ज्योति देवी, रोमित कुमार, जिलाधिकारी शशांक शुभंकर, अध्यक्ष जिला परिषद श्रीमती नैना कुमारी उपस्थित रहीं। ‘खेत बचाओ–जीवन बचाओ’ के मूल संकल्प के साथ इस अभियान का उद्देश्य किसानों को जागरूक एवं प्रेरित कर खेतों की उर्वरता एवं सेहत में सुधार करना, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना, मृदा एवं प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना तथा कृषि को अधिक टिकाऊ, लाभकारी और समृद्ध बनाना है। यह अभियान न केवल खेतों की सुरक्षा और मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य और किसानों की खुशहाली सुनिश्चित करने का भी एक सशक्त संकल्प है। इसे भी पढ़ें: बिहार में Renewable Energy सेक्टर में 2.57 लाख करोड़ के Investment की उम्मीद विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि प्रकृति के जितना निकट हम रहेंगे, उसके संसाधनों और उपहारों का उतना ही अधिक लाभ प्राप्त करेंगे। प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर खेती करना ही टिकाऊ कृषि का आधार है। प्राकृतिक खेती अपनाकर हम मिट्टी की उर्वरता, पर्यावरण का संतुलन और किसानों का भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित एवं अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरा शक्ति लगातार प्रभावित हो रही है। इसका प्रतिकूल प्रभाव न केवल कृषि उत्पादन एवं पर्यावरण पर पड़ रहा है, बल्कि हमारे स्वास्थ्य पर भी इसके दुष्परिणाम देखने को मिल रहे हैं। इसलिए किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग और प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित करना समय की आवश्यकता है। सिन्हा ने युवा साथियों से अपील करते हुए कहा कि वे प्राकृतिक खेती को अपनाने के साथ-साथ इसे जन-जन तक पहुंचाने में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। युवा शक्ति नवाचार और जागरूकता के माध्यम से कृषि को टिकाऊ, पर्यावरण अनुकूल एवं लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। इसे भी पढ़ें: Bihar में नशीले पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, पुलिस ने 46,549 किलो Ganja और हेरोइन पकड़ी कृषि मंत्री ने कहा कि महिला किसानों को केवल खेती तक सीमित न रहकर कृषि उद्यमी के रूप में भी अपनी पहचान स्थापित करनी चाहिए। महिला किसानों को कृषि आधारित स्वरोजगार, प्रसंस्करण, खाद्य उत्पाद निर्माण एवं विपणन से जोड़कर आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि हम सभी को प्राकृतिक खेती की परंपरा, मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण के संतुलन को हर हाल में संरक्षित करना है। हमारा संकल्प है कि प्राकृतिक खेती को अपनाकर खेतों की सेहत बचाएंगे, किसानों को समृद्ध बनाएंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करेंगे।
Kal Ka Mausam 6 November: धनतेरस के दिन कैसा रहेगा उत्तर बिहार का मौसम? पूर्वानुमान जारी
Bihar Weather IMD Forecast:उत्तर बिहार में धनतेरस (6 नवंबर) को मौसम साफ रहेगा और बारिश की कोई संभावना नहीं है। अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 16 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, सुबह हल्का कोहरा छा सकता है।
राजनांदगांव पुलिस की बिहार में कार्रवाई, टाटा पावर सोलर के नाम पर ठगी के दो आरोपी गिरफ्तार
राजनांदगांव पुलिस ने इंस्टाग्राम पर टाटा पावर सोलर कंपनी का फर्जी विज्ञापन दिखाकर ग्यारह लाख रुपये से अधिक की ऑनलाइन ठगी करने वाले बिहार के दो साइबर ठगों को पकड़ा।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर विपक्ष के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने बताया कि विपक्ष के 1.60 लाख बीएलए ने केवल दो आपत्तियां दर्ज कराईं।
5 नवंबर, गुरुवार: लखीसराय के अशोक धाम हॉल में 2 दिसंबर को दिव्यांगजनों का राज्यस्तरीय समारोह आयोजित होगा। इसमें बिहार के विभिन्न जिलों से दिव्यांगजन शामिल होकर एकजुट होंगे।
BIHAR NEWS: राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर निकला प्रचार रथ
5 गुरुवार, नवंबर: राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर प्रचार रथ निकला, जो गांव-गांव जाकर लोगों को लोक अदालत के लाभों के बारे में जागरूक करेगा।
खेत बेचने को तैयार थे पिता, बेटी बनीं बिहार टॉपर; अब IAS बनने दिल्ली पहुंची गया की निशु
खिजरसराय की निशु कुमारी ने बिहार इंटरमीडिएट कला संकाय में 479 अंक हासिल कर प्रदेश में टॉप किया है। अब वह दिल्ली में रहकर स्नातक की पढ़ाई के साथ यूपीएससी की तैयारी कर रही हैं, जो ग्रामीण बेटियों के लिए प्रेरणा बनी हैं।
Delhi to Bihar Diwali Chhath Special Trains: त्योहारों पर दिल्ली से बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल जाने वाले प्रवासियों के लिए भारतीय रेलवे ने 2 नई स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है. जानिए इन स्पेशल ट्रेनों के संचालन की तारीखें, रूट और स्टॉपेज से जुड़ी पूरी रिपोर्ट.
PATNA NEWS: बिहार में अपराध और अग्निवीर पर मनोज झा ने NDA को घेरा
5 गुरुवार, नवंबर: पटना में राजद सांसद मनोज झा ने राहुल गांधी के दावे, मधुबनी घटना, बिहार में अपराध पर सम्राट चौधरी के बयान, अग्निवीर कार्यकाल बढ़ाने और भाजपा की पदयात्रा पर एनडीए सरकार पर जमकर निशाना साधा।
Bihar Weather Update: अररिया में ठंड के साथ बढ़ा कोहरे का असर, सुबह 9 बजे तक सड़कों पर छाई रही धुंध
अररिया में ठंड के साथ कोहरे का असर बढ़ने लगा है। गुरुवार सुबह जिला मुख्यालय और आसपास के इलाकों में घनी धुंध छाई रही। कम दृश्यता के कारण वाहन चालक हेडलाइट जलाकर चलते दिखे। सुबह करीब 9 बजे कोहरा छंटने के बाद लोगों को राहत मिली।
शराब कंपनियों पर ऐक्शन नहीं ले रहे अफसर , बिहार के मद्य निषेध मंत्री ने की सम्राट चौधरी से शिकायत
बिहार में मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री अपने ही विभाग के अफसरों की कार्यशैली से नाखुश हैं। मंत्री का कहना है कि विभाग के अफसर शराब जब्त होने के बाद शराब कंपनियों पर ऐक्शन लेने में हिचक रहे हैं।
बिहार में शिक्षकों के लिए सोशल मीडिया गाइडलाइन जारी, अनुमति लेकर खास मौकों पर ही बना सकेंगे रील्स
Bihar Teachers Social Media Guidelines : शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों और कार्यालय परिसरों में रील्स व वीडियो बनाने पर सख्ती की है। बिना सक्षम प्राधिकार की अनुमति के सरकारी परिसर में वीडियो अपलोड करने पर रोक लगाई गई है।
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 5 नवम्बर के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
टोल प्लाजा पर लाइन में लगने का झंझट होगा खत्म; एनएचएआई ला रहा नया सिस्टम, बिहार से शुरुआत
अब सड़कों के ऊपर गेंट्री पोल्स और ओवरहेड सेंसर्स लगाए जा रहे हैं। वर्तमान व्यवस्था में फास्टैग होने के बावजूद कई बार स्कैनर की धीमी गति या वाहनों की अधिकता के कारण टोल पर रुकना पड़ता है। नई तकनीक में इन समस्याओं को दूर कर दिया जाएगा।
केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत संचालित 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' (PM-GKAY) देश के गरीब, मजदूर और वंचित तबके के लिए सबसे बड़ी जीवन रेखा साबित हो रही है। केंद्र सरकार ने इस योजना की समय-सीमा को दिसंबर 2028 तक विस्तार दिया है, जिससे देशभर के 81.35 करोड़ से अधिक पात्र लाभार्थियों को मुफ्त खाद्यान्न (चावल, गेहूं व मोटे अनाज) का निरंतर लाभ दिया जा रहा है। पहले जहां सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत ₹1 से ₹3 प्रति किलो की रियायती दर पर अनाज उपलब्ध कराया जाता था, वहीं अब इस एकीकृत योजना के तहत शत-प्रतिशत मुफ्त अनाज दिया जा रहा है, यानी उचित मूल्य की दुकान (कोटेदार) पर लाभार्थी को ₹0 भुगतान करना होता है। राशन वितरण की प्रणाली में अक्सर लोगों के मन में यह भ्रम रहता है कि 35 किलो राशन किसे मिलता है और प्रति यूनिट 5 किलो का क्या नियम है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के नियमों के अनुसार राशन कार्ड धारकों को दो मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जिसके आधार पर मासिक अनाज का कोटा तय होता है। जो परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं और अभी तक राशन कार्ड नहीं बनवा पाए हैं, वे राज्य सरकारों के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति पोर्टल के जरिए नया डिजिटल राशन कार्ड बनवाकर इस योजना का सीधा लाभ ले सकते हैं।35 किलो प्रति माह बनाम 5 किलो प्रति यूनिट: जानिए राशन वितरण का आधिकारिक गणितमुफ्त राशन योजना के तहत खाद्यान्न का आवंटन कार्ड की श्रेणी और परिवार के सदस्यों की संख्या के आधार पर कड़ाई से लागू किया गया है:अंत्योदय अन्न योजना (AAY - पीला/गुलाबी राशन कार्ड): यह कार्ड समाज के सबसे निर्धन और असहाय परिवारों (Poorest of the Poor) को जारी किया जाता है। इस श्रेणी के अंतर्गत पंजीकृत प्रत्येक परिवार को परिवार के सदस्यों की संख्या चाहे जो भी हो, प्रति माह एकमुश्त 35 किलोग्राम मुफ्त खाद्यान्न (सामान्यतः 21 किलो चावल और 14 किलो गेहूं अथवा क्षेत्रीय उपलब्धता के अनुसार मोटा अनाज) प्रदान किया जाता है।प्राथमिकता वाले परिवार (PHH - सफेद/खाकी राशन कार्ड): गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाले अन्य पात्र परिवारों को पीएचएच श्रेणी में रखा जाता है। इस कार्ड पर परिवार के प्रति सदस्य (प्रति यूनिट) के हिसाब से 5 किलोग्राम मुफ्त अनाज प्रति माह आवंटित किया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी परिवार में 6 सदस्य दर्ज हैं, तो उन्हें हर महीने कुल 30 किलोग्राम अनाज पूरी तरह मुफ्त मिलेगा।35 किलो राशन के लिए कौन हैं पात्र? अंत्योदय कार्ड की प्रमुख शर्तेंअंत्योदय राशन कार्ड का आवंटन बेहद सख्त सामाजिक व आर्थिक मानकों के आधार पर किया जाता है ताकि केवल वास्तविक जरूरतमंदों को ही इसका लाभ मिले। निम्नलिखित श्रेणियों में आने वाले परिवार अंत्योदय कार्ड के लिए पात्र माने जाते हैं:ऐसे भूमिहीन खेतिहर मजदूर, सीमांत किसान, ग्रामीण कारीगर (जैसे कुम्हार, बुनकर, बढ़ई, मोची) और झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले दिहाड़ी मजदूर जिनकी कोई निश्चित मासिक आय नहीं है।ऐसे परिवार जिनका संचालन 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्ग, विधवा महिलाएं अथवा गंभीर रूप से दिव्यांग व्यक्ति कर रहे हों और उनके पास भरण-पोषण का कोई अन्य नियमित वित्तीय सहारा न हो।आदिम और घुमंतू जनजातीय समुदाय (Primitive Tribal Households) के परिवार।एचआईवी/एड्स या अन्य गंभीर असाध्य बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति जो मजदूरी करने में पूरी तरह असमर्थ हैं।जिन परिवारों की वार्षिक आय राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अति-गरीबी सीमा (सामान्यतः ₹15,000 से ₹25,000 वार्षिक) के नीचे दर्ज है। (अपात्रता नियम: यदि परिवार का कोई सदस्य सरकारी सेवा में कार्यरत है, आयकर दाखिल करता है, परिवार के पास चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर अथवा पांच एकड़ से अधिक सिंचित कृषि भूमि है, तो वह अंत्योदय या बीपीएल राशन कार्ड के लिए पात्र नहीं होगा।)नया राशन कार्ड बनवाने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की चेकलिस्टनए राशन कार्ड के लिए आवेदन करते समय परिवार के सभी सदस्यों के वैध दस्तावेज संलग्न करना आवश्यक है:मुखिया की जानकारी: परिवार की सबसे वरिष्ठ महिला (18 वर्ष या उससे अधिक आयु) को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत परिवार का कानूनी मुखिया माना जाता है। मुखिया की तीन हालिया पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो।पहचान व पते का प्रमाण: परिवार के सभी वयस्क व नाबालिग सदस्यों के पहचान पत्र (नागरिक पहचान पत्र) की प्रमाणित प्रति।निवास प्रमाण पत्र: बिजली का बिल, पानी का बिल, गैस कनेक्शन पासबुक या स्थानीय निकाय द्वारा जारी निवास प्रमाण।आय प्रमाण पत्र: तहसील के राजस्व अधिकारी (तहसीलदार/एसडीएम) द्वारा जारी चालू वर्ष का वैध आय प्रमाण पत्र।बैंक खाता पासबुक: परिवार की मुखिया महिला के बैंक खाते का विवरण और आईएफएससी कोड (डीबीटी सक्षम)।शपथ पत्र: इस आशय का स्व-घोषणा पत्र कि परिवार के पास पहले से देश के किसी अन्य राज्य या जिले में राशन कार्ड नहीं बना हुआ है।नया राशन कार्ड कैसे बनवाएं? ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रियाराशन कार्ड जारी करने और उसकी सूची संकलित करने का संवैधानिक अधिकार संबंधित राज्य सरकारों के पास होता है। नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं:1. राज्य खाद्य पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदनकेंद्र सरकार के राष्ट्रीय खाद्य पोर्टल (nfsa.gov.in) पर जाएं अथवा अपने राज्य के खाद्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (जैसे fcs.up.gov.in, epds.bihar.gov.in आदि) खोलें।होमपेज पर 'Citizen Services' सेक्शन में जाकर 'Apply for New Ration Card' विकल्प का चयन करें।अपना मोबाइल नंबर दर्ज करके ओटीपी सत्यापन के जरिए पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करें।आवेदन फॉर्म में अपने जिले, ब्लॉक/तहसील, ग्राम पंचायत या वार्ड और नजदीकी उचित मूल्य दुकान (राशन कोटेदार) का चयन करें।परिवार की मुखिया महिला का व्यक्तिगत विवरण और बैंक खाता संख्या भरें।'Add Family Member' विकल्प पर क्लिक करके परिवार के अन्य सभी सदस्यों के नाम, उम्र, लिंग और पहचान पत्र विवरण सही-सही जोड़ें।सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्पष्ट स्कैन कॉपी (पीडीएफ या जेपीजी फॉर्मेट में) अपलोड करें।फॉर्म सबमिट करते ही स्क्रीन पर एक एप्लीकेशन रेफरेंस नंबर जारी होगा। इस रसीद का प्रिंटआउट निकाल लें।2. कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या खाद्य आपूर्ति कार्यालय से ऑफलाइन आवेदनग्रामीण या सुदूर इलाकों के नागरिक अपने नजदीकी जनसेवा केंद्र (CSC) पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरवा सकते हैं। इसके अलावा, ब्लॉक या तहसील स्थित आपूर्ति निरीक्षक (Supply Inspector) अथवा क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी के कार्यालय से निःशुल्क राशन कार्ड आवेदन प्रपत्र प्राप्त कर सकते हैं। फॉर्म को साफ अक्षरों में भरकर सभी दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित प्रतियों के साथ कार्यालय में जमा करें और पावती रसीद अवश्य प्राप्त करें।सत्यापन और 'वन नेशन वन राशन कार्ड' (Mera Ration) की सुविधाआवेदन जमा होने के बाद खाद्य विभाग के क्षेत्रीय लेखपाल या आपूर्ति निरीक्षक द्वारा आवेदक के घर और आय का भौतिक सत्यापन किया जाता है। सत्यापन रिपोर्ट सकारात्मक पाए जाने पर 15 से 30 कार्य दिवसों के भीतर राशन कार्ड स्वीकृत कर दिया जाता है और डिजिटल राशन कार्ड पोर्टल पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाता है। इसके अलावा, केंद्र सरकार की 'वन नेशन वन राशन कार्ड' (ONORC) प्रणाली के तहत यदि कोई कार्डधारक रोजी-रोटी के सिलसिले में अपने गृह राज्य से किसी दूसरे राज्य में प्रवास करता है, तो उसे नया कार्ड बनवाने की कोई आवश्यकता नहीं है। लाभार्थी गूगल प्ले स्टोर से 'Mera Ration' आधिकारिक मोबाइल ऐप डाउनलोड करके अपने आधार या राशन नंबर से नजदीकी राशन डीलर का पता लगा सकते हैं और बायोमेट्रिक ई-पॉस (e-PoS) मशीन पर फिंगरप्रिंट लगाकर देश के किसी भी कोने में अपने हिस्से का मुफ्त राशन प्राप्त कर सकते हैं। राशन प्राप्त करने में किसी भी अनियमितता या डीलर द्वारा पैसे मांगने की स्थिति में राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1967 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
Bihar Weather Update: अगले छह दिनों तक शुष्क रहेगा बिहार का मौसम, सुबह-रात में हल्की ठंड
बिहार में अगले छह दिनों तक मौसम शुष्क और सामान्य रहेगा, सुबह-रात में हल्की ठंड महसूस होगी। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात मुरासु का प्रदेश पर विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा, तापमान में खास बदलाव नहीं होगा।
नौकरी का झांसा देकर बिहार से लाए 12 बच्चे, जननायक एक्सप्रेस से रेस्क्यू
भास्कर न्यूज | अम्बाला जननायक एक्सप्रेस से हरियाणा में मजदूरी के लिए लाए जा रहे बिहार के 12 बच्चों को अम्बाला कैंट रेलवे स्टेशन पर संयुक्त टीम ने रेस्क्यू किया। ट्रेन संख्या 15211 के रात करीब 9:55 बजे स्टेशन पहुंचने पर पुलिस और संबंधित विभागों की टीम ने चेकिंग अभियान चलाया। शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि ठेकेदारों ने बच्चों को नौकरी का झांसा देकर बुलाया था। उन्हें भिवानी की फीड फैक्ट्री, बठिंडा की कंपनी और हरियाणा के ईंट भट्ठों पर काम के लिए ले जाने की तैयारी थी। पूछताछ में चार बच्चों ने बताया कि उन्हें भिवानी की फीड फैक्ट्री में काम के लिए बुलाया गया था। ठेकेदार ने 5 हजार रुपए एडवांस, रहने-खाने की सुविधा और 15 हजार रुपए मासिक वेतन देने की बात कही थी। दो बच्चों ने बठिंडा की कंपनी में काम के लिए जाने की जानकारी दी। वहीं, तीन बच्चों को हरियाणा के ईंट भट्ठों पर मजदूरी के लिए बुलाया गया था। उन्हें 9 हजार रुपए एडवांस और 15 हजार रुपए मासिक वेतन देने का वादा किया गया था। बच्चों के अनुसार, उनसे सुबह 8 से रात 8 बजे तक काम करवाया जाना था। बाकी तीन बच्चे भी अन्य स्थानों पर काम के लिए जा रहे थे। बच्चों की सुरक्षा और पुनर्वास प्राथमिकता : जिला युवा विकास संगठन के प्रधान परमजीत सिंह बडोला ने कहा कि बाल तस्करी गंभीर अपराध है। इसे रोकने के लिए सभी विभागों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय जरूरी है। सूचना मिलते ही संबंधित विभागों को अवगत कराया गया, जिसके बाद संयुक्त कार्रवाई में 12 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। टोल फ्री नंबर पर मिली सूचना, टीम ने चलाया अभियान जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन अलायंस के टोल फ्री नंबर 1800-102-7222 पर सूचना मिली थी कि जननायक एक्सप्रेस से बच्चों को मजदूरी के लिए ले जाया जा रहा है। इसकी जानकारी जिला युवा विकास संगठन के प्रधान परमजीत सिंह बडोला को दी गई। उनके निर्देश पर स्टेट प्रोग्राम मैनेजर अजय तिवारी ने महिला एवं बाल विकास विभाग हरियाणा, बाल कल्याण समिति अम्बाला, जिला बाल संरक्षण इकाई, जीआरपी, आरपीएफ, सीआईबी/यूएमबी और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को ईमेल से सूचना दी। इसके बाद सभी विभागों ने मिलकर स्टेशन पर जांच अभियान चलाया। बाल कल्याण समिति ने बच्चों को ओपन शेल्टर होम भेजा : रेस्क्यू किए गए बच्चों की प्राथमिक पूछताछ और काउंसलिंग की गई। उनके परिजनों की पहचान कर संपर्क करने की प्रक्रिया जारी है। आवश्यक डीडीआर और मेडिकल प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चों को बाल कल्याण समिति अम्बाला की चेयरपर्सन रंजीता सचदेवा के समक्ष पेश किया गया। समिति ने विचार-विमर्श के बाद बच्चों को देखभाल और संरक्षण के लिए ओपन शेल्टर होम भेजने के निर्देश दिए। वहां उनकी काउंसलिंग और देखभाल की जाएगी।
एनआईए ने औरंगाबाद के जाली भारतीय नोट तस्करी मामले में बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी ने बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में कुल 8 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। तलाशी के दौरान डिजिटल उपकरण, आपत्तिजनक दस्तावेज और बांग्लादेशी मुद्रा जब्त की गई। एनआईए की टीमों ने बिहार के औरंगाबाद में 2 और गयाजी में 3 ठिकानों पर छापेमारी की। वहीं, झारखंड के हजारीबाग में 2 और पश्चिम बंगाल के मालदा में 1 जगह तलाशी ली गई। हजारीबाग के सदर थाना क्षेत्र के बड़ा बाजार ओपी अंतर्गत हुरहुरू बाबा पथ स्थित शहीद सुभाष बारला मार्ग में दो घरों की घेराबंदी की गई। यहां प्रदीप साव और उदय साव के घर पर छापेमारी हुई। दोनों जाली नोट के कारोबार से जुड़े मामले में आरोपी हैं। दोनों ममेरे भाई हैं और बिहार के गया जिले के बाराचट्टी के रहने वाले हैं।
बिहार में अब दो से ज्यादा बच्चे वाले भी मेयर और वार्ड पार्षद बन सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद उम्मीद जग गई है। बिहार के किन-किन चुनावों में दो से ज्यादा बच्चे वालों के लड़ने पर रोक है, सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा, कब से प्रतिबंध खत्म हो सकता है, जानेंगे; आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाही में…। सवाल-1ः दो से ज्यादा बच्चों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? जवाबः सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने महाराष्ट्र की पूर्व सरपंच मंगला भीमराव की याचिका पर सुनवाई की। 4 नवंबर 2026 को कोर्ट ने भीमराव को राहत देते हुए कहा, 'दो से ज्यादा बच्चे होने पर चुनाव लड़ने से रोकने वाले कानून अब प्रासंगिक नहीं रह गए हैं।' कोर्ट ने बताया कि भारत की कुल प्रजनन दर 2003 में 3 थी, जो अब घटकर 1.9 रह गई है। 2.1 की प्रजनन दर को रिप्लेसमेंट रेट माना जाता है। इससे कम प्रजनन दर का मतलब है कि एक पीढ़ी अपनी जगह अगली पीढ़ी को पूरी तरह नहीं ले पाएगी। कोर्ट ने कहा कि प्रजनन दर में गिरावट से बुजुर्गों की आबादी बढ़ सकती है और कामकाजी लोगों की संख्या घट सकती है। इन बदलावों को नजरअंदाज करने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इस टिप्पणी के साथ बेंच ने 2003 के उस फैसले पर दोबारा विचार के लिए मामला बड़ी बेंच के पास भेज दिया, जिसमें दो बच्चों की शर्त को सही ठहराया गया था। ‘मौजूदा कानून राजनीतिक अधिकारों से वंचित करते हैं’ बेंच ने कहा कि दो से ज्यादा बच्चे होने पर चुनाव लड़ने से रोकने वाले कानून नागरिकों के एक पूरे वर्ग को राजनीतिक प्रतिनिधित्व से बाहर कर देते हैं। इसका किसी व्यक्ति की सार्वजनिक पद संभालने की क्षमता से कोई खास संबंध नहीं है। कोर्ट के मुताबिक, ऐसे कानून लोगों को बच्चे पैदा करने या लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लेने में से किसी एक को चुनने के लिए मजबूर करते हैं। इससे संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले प्रजनन से जुड़े फैसले लेने की आजादी के अधिकार का उल्लंघन होता है। सवाल-2ः …तो क्या दो से ज्यादा बच्चे वाले चुनाव लड़ पाएंगे? जवाबः अभी सुप्रीम कोर्ट ने कोई स्पष्ट फैसला नहीं दिया है। सिर्फ मंगला भीमाराव को राहत देते हुए कोर्ट ने मामले को बड़ी बेंच के पास 2003 के अपने फैसले पर पुनर्विचार के लिए भेज दिया। दो जजों की बेंच ने पुराने फैसले पर पुनर्विचार करने के पक्ष में अपनी राय भी दी है। चूंकि, 2003 में जावेद बनाम हरियाणा राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 में दो बच्चों की शर्त को संवैधानिक रूप से सही ठहराया था। इस कानून के तहत दो से ज्यादा जीवित बच्चे होने पर कोई व्यक्ति स्थानीय निकाय का चुनाव नहीं लड़ सकता था। तब से यह नियम बिहार सहित देश के कई राज्यों में लागू है। कानून के जानकारों के मुताबिक, चूंकि यह आदेश 2003 में तीन जजों की बेंच ने फैसला सुनाया था। अभी की मौजूदा बेंच सिर्फ दो जजों वाली थी। इसलिए कोर्ट ने फैसला ना सुनाते हुए टिप्पणी करके बड़ी बेंच को भेज दिया। अब बड़ी बेंच इस मामले पर सुनवाई करेगी और अंतिम फैसला देगी। सवाल-3ः नियम बदलने से बिहार में किसे फायदा हो सकता है? जवाबः इसका सीधे तौर पर 3 तरह के लोगों को फायदा होगा। चूंकि, 2007 में नीतीश सरकार ने नगर निकाय (नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत) के चुनाव में 2 से अधिक जीवित बच्चे वाले उम्मीदवारों के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी। 5 अप्रैल 2007 को बिहार नगर पालिका अधिनियम-2007 लागू किया गया। अधिनियम की धारा 18(1)(m) में स्पष्ट कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति के दो से अधिक जीवित बच्चे हैं तो वह नगर निकाय चुनाव नहीं लड़ सकता है। अधिनियम लागू होने 5 अप्रैल 2007 से एक साल की छूट दी गई थी। यानी 5 अप्रैल 2008 की कट-ऑफ तिथि के बाद यदि किसी व्यक्ति का तीसरा जीवित बच्चा पैदा हुआ है, तो वह चुनाव नहीं लड़ सकता। इसी नियम के आधार पर राज्य में 2012, 2017 और 2022 नगर निकाय चुनाव हुए। बच्चे को गोद दिया तब भी अयोग्य 2022 नगर निकाय चुनाव के समय बच्चे को गोद देने का मामला सामने आया। चुनाव से पूर्व उम्मीदवारों ने तर्क दिया था कि यदि वे अपने तीसरे बच्चे को किसी रिश्तेदार या अन्य व्यक्ति को कानूनी रूप से गोद दे देते हैं, तो उनके जीवित बच्चों की संख्या दो रह जाएगी। ऐसा ही केस पटना हाईकोर्ट पहुंचा। भोला प्रसाद बनान बिहार सरकार केस में 4 अक्टूबर 2022 को पटना हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए राज्य निर्वाचन आयोग के पत्र/निर्देश को बरकरार रखा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बच्चे को गोद दे देने से जैविक माता-पिता का नाता खत्म नहीं होता। ऐसे उम्मीदवार को अयोग्य ही माना जाएगा। छपरा मेयर राखी गुप्ता की चली गई थी कुर्सी सवाल-4ः क्या दो से ज्यादा बच्चे वाले पंचायत चुनाव लड़ सकते हैं? जवाबः बिल्कुल, लड़ सकते हैं। अभी तक बिहार में पंचायत चुनाव लड़ने वालों पर ऐसी कोई रोक नहीं है। अब तक दो से ज्यादा बच्चे वाले भी चुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि, 2021 में तत्कालीन पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने पंचायत चुनाव में भी दो से ज्यादा बच्चे वाले पैरेंट्स के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की बातें कही थी। लेकिन नियम लागू नहीं हो सका।
Varanasi News: काशी विद्यापीठ ने साउथ बिहार को दोगुने से भी ज्यादा अंतर से हराया
Kashi Vidyapith defeated South Bihar by a margin of more than double.
दिवाली और छठ पर्व पर घर जाने वाले यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उत्तर रेलवे ने दिल्ली के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
Bihar Farmer Modern Technology Training: मुजफ्फरपुर में किसानों और ग्रामीण युवाओं को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने के लिए एक एकीकृत कृषि केंद्र स्थापित किया जा रहा है। यह केंद्र कृषि यांत्रिकीकरण प्रशिक्षण, मरम्मत और लघु खाद्य प्रसंस्करण इकाई के साथ आय बढ़ाएगा।
BRABU में विद्यार्थियों से शुल्क लेकर जमा नहीं करने वाले 16 कालेजों पर होगी कार्रवाई
BRA Bihar University Action: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में 16 कॉलेजों ने छात्रों से परीक्षा शुल्क वसूल कर विश्वविद्यालय के खाते में जमा नहीं किया। इस गंभीर वित्तीय लापरवाही पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित कॉलेजों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी की है।
मुजफ्फरपुर के MIT में मारपीट मामले की सुनवाई, बुआ और भाभी को साथ लेकर पहुंचे छात्र
Ragging Action Bihar: मुजफ्फरपुर एमआईटी में छात्रों के बीच हुई मारपीट की सुनवाई में अनुशासन समिति ने कई छात्रों को अभिभावक के बजाय रिश्तेदारों के साथ उपस्थित होने पर आपत्ति जताई।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2027 में सम्मिलित होने वाले छात्र-छात्राओं के लिए डमी एडमिट कार्ड जारी करने का मुख्य उद्देश्य परीक्षा फॉर्म और रजिस्ट्रेशन में दर्ज विवरणों की जांच करना होता है। बोर्ड की आधिकारिक गाइडलाइंस के अनुसार, डमी एडमिट कार्ड कोई अंतिम प्रवेश पत्र नहीं होता, बल्कि यह परीक्षार्थियों को अपनी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारियों—विशेष रूप से नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, लिंग, जाति, फोटो, हस्ताक्षर और विषयों की जांच करने का एक अवसर प्रदान करता है।इंटरमीडिएट परीक्षा में सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा विद्यार्थी के चयनित विषय होते हैं। कई बार फॉर्म भरते समय ऑनलाइन ऑपरेटर या विद्यालय स्तर पर मानवीय भूल के कारण आर्ट्स, साइंस या कॉमर्स संकाय (Faculty) के अनिवार्य (Compulsory), ऐच्छिक (Elective) अथवा अतिरिक्त/ऐच्छिक 6ठे विषय (Additional Subject) में गलती दर्ज हो जाती है। यदि समय रहते डमी एडमिट कार्ड में इस गलती को ठीक नहीं कराया गया, तो मुख्य एडमिट कार्ड और मार्कशीट में वही गलत विषय मुद्रित हो जाएंगे, जिससे परीक्षा के दिन केंद्र पर प्रश्नपत्र मिलने में गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है।Arts, Science और Commerce: संकाय के अनुसार किन विषयों में हो सकती है गलती?इंटर परीक्षा प्रणाली में तीनों संकायों के लिए कुल 500 अंकों के मुख्य विषय और 100 अंकों का एक अतिरिक्त विषय निर्धारित होता है। डमी एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद छात्रों को अपने संकाय के अनुसार निम्नलिखित विषयों का मिलान अवश्य करना चाहिए:अनिवार्य भाषा विषय (Compulsory Language Subjects - कुल 200 अंक):भाषा 1 (Language 1 - 100 अंक): सामान्यतः हिंदी या अंग्रेजी।भाषा 2 (Language 2 - 100 अंक): पहली भाषा से भिन्न कोई अन्य भाषा (जैसे इंग्लिश, हिंदी, उर्दू, मैथिली, संस्कृत आदि)।अक्सर होने वाली गलती: छात्र ने पहली भाषा के रूप में हिंदी और दूसरी भाषा अंग्रेजी चुनी थी, लेकिन डमी कार्ड में दोनों जगह एक ही भाषा या कोई अन्य क्षेत्रीय भाषा दर्ज हो जाती है।ऐच्छिक विषय (Elective Subjects - कुल 300 अंक):Science (विज्ञान संकाय): फिजिक्स (Physics) और केमिस्ट्री (Chemistry) अनिवार्य होते हैं, जबकि तीसरे विषय में मैथमेटिक्स (Mathematics) या बायोलॉजी (Biology) का चयन होता है। कई बार छात्र बायोलॉजी मुख्य रखना चाहते हैं, लेकिन उनका गणित मुख्य विषय बन जाता है।Commerce (वाणिज्य संकाय): बिजनेस स्टडीज (Business Studies) और अकाउंटेंसी (Accountancy) मुख्य होते हैं, जबकि तीसरे विषय में इकोनॉमिक्स (Economics) या एंटरप्रेन्योरशिप (Entrepreneurship) में बदलाव की आवश्यकता हो सकती है।Arts (कला संकाय): इतिहास (History), राजनीति विज्ञान (Political Science), भूगोल (Geography), अर्थशास्त्र (Economics), मनोविज्ञान (Psychology), समाजशास्त्र (Sociology) या गृह विज्ञान (Home Science) जैसे विषयों में से किन्हीं तीन का चयन होता है। यहां गलत विषय कोड डलने की संभावना सबसे अधिक रहती है।अतिरिक्त विषय (Additional / 6th Subject - 100 अंक):यदि किसी छात्र ने अतिरिक्त विषय (जैसे साइंस में मैथ्स के साथ बायो या कंप्यूटर साइंस) नहीं चुना था, फिर भी कार्ड में शो हो रहा है, या चुना था और कार्ड से गायब है, तो इसमें तत्काल सुधार आवश्यक होता है।डमी एडमिट कार्ड में विषय सुधार की पूरी ऑफलाइन व ऑनलाइन प्रक्रियाबिहार बोर्ड के नियमों के मुताबिक, डमी एडमिट कार्ड केवल छात्र स्वयं डाउनलोड कर सकते हैं, लेकिन उसमें सुधार करने का सीधा ऑनलाइन अधिकार केवल संबंधित विद्यालय या इंटर कॉलेज के प्रधान (Principal) के पास होता है। छात्र व्यक्तिगत स्तर पर पोर्टल पर लॉगिन करके सीधे डेटा एडिट नहीं कर सकते। सुधार कराने की चरणबद्ध प्रक्रिया इस प्रकार है:डमी एडमिट कार्ड का प्रिंटआउट निकालें: सबसे पहले बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट (seniorsecondary.biharboardonline.com) से अपना डमी एडमिट कार्ड डाउनलोड करें और उसकी दो साफ फोटोकॉपी (प्रिंटआउट) कराएं।गलत विषय को पेन से चिह्नित करें: डमी एडमिट कार्ड पर जहां विषय की सूची छपी है, वहां गलत विषय के नाम को लाल या काले पेन से काटें (स्ट्राइक करें) और उसके ठीक सामने या ऊपर सही विषय का नाम और उसका आधिकारिक सब्जेक्ट कोड (Subject Code) साफ अक्षरों में लिखें।प्रधानाचार्य के नाम औपचारिक आवेदन लिखें: अपने स्कूल या कॉलेज के प्रधान के नाम एक सादे कागज पर औपचारिक प्रार्थना पत्र लिखें। इसमें अपना नाम, रोल कोड, रजिस्ट्रेशन नंबर, संकाय (Arts/Science/Commerce) और किस विषय के स्थान पर कौन सा विषय बदलना है, इसका स्पष्ट उल्लेख करें।हस्ताक्षर कर कार्यालय में जमा करें: आवेदन पत्र के साथ मार्क की गई डमी एडमिट कार्ड की प्रति संलग्न करें। उस पर अपने और अपने अभिभावक के हस्ताक्षर करवाएं। विद्यालय कार्यालय या परीक्षा प्रभारी के पास यह दस्तावेज जमा करें और दूसरी प्रति पर रिसीविंग (पावती मुहर व हस्ताक्षर) अवश्य ले लें।स्कूल स्तर से बोर्ड पोर्टल पर ऑनलाइन अपडेशन: विद्यालय प्रधान अपने आधिकारिक यूजर आईडी और पासवर्ड के जरिए बिहार बोर्ड के सेकेंडरी/सीनियर सेकेंडरी पोर्टल पर लॉगिन करेंगे। वहां 'Student Correction' सेक्शन में जाकर छात्र का रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर त्रुटिपूर्ण विषय को हटाकर सही विषय कोड को ऑनलाइन अपडेट कर देंगे।सुधार करते समय इन महत्वपूर्ण नियमों और सीमाओं का रखें ध्यानसंकाय (Stream/Faculty) परिवर्तन की अनुमति नहीं: डमी एडमिट कार्ड चरण में केवल संकाय के भीतर के विषयों में संशोधन संभव होता है। यदि कोई छात्र साइंस से आर्ट्स या कॉमर्स में पूरी स्ट्रीम बदलना चाहता है, तो बोर्ड के नियमों के तहत रजिस्ट्रेशन अवधि समाप्त होने के बाद स्ट्रीम परिवर्तन की अनुमति सामान्यतः नहीं दी जाती।समय-सीमा (Correction Window): बोर्ड द्वारा डमी एडमिट कार्ड सुधार के लिए एक सीमित समय सीमा (आमतौर पर 7 से 10 दिन) तय की जाती है। निर्धारित अंतिम तिथि के बाद पोर्टल बंद हो जाता है और विद्यालय प्रधान भी कोई बदलाव नहीं कर पाते।2nd और 3rd डमी एडमिट कार्ड: पहले चरण में सुधार दर्ज होने के बाद बोर्ड संशोधित डेटा के साथ 'द्वितीय डमी एडमिट कार्ड' (2nd Dummy Admit Card) जारी करता है। छात्रों को उसे दोबारा डाउनलोड करके यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके द्वारा दिया गया विषय सुधार पोर्टल पर सफलतापूर्वक दर्ज हो चुका है।यदि किसी छात्र के विषय में त्रुटि रह जाती है और वह सुधार नहीं करवाता, तो उसे परीक्षा में उसी गलत विषय की परीक्षा देनी पड़ सकती है, जिससे उसका पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित होने का खतरा रहता है। इसलिए डमी एडमिट कार्ड आते ही बिना देरी किए अपने स्कूल या कॉलेज से संपर्क करके सुधार की प्रक्रिया पूरी कर लें।
त्रिपुरा निकाय चुनाव से पहले हथियारों की खेप बरामद, बिहार के दो आरोपी गिरफ्तार
त्रिपुरा निकाय चुनाव से पहले हथियारों की खेप बरामद, बिहार के दो आरोपी गिरफ्तार
धनतेरस, दीपावली, भाईदूज और छठ पूजा पर घर जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने 86 स्पेशल ट्रेन सेवाओं का प्लान तैयार किया है। मुरादाबाद रेल मंडल ने 19 नियमित ट्रेन सेवाओं में अतिरिक्त कोच लगाने की भी तैयारी की है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त रैक से नई ट्रेनें चलाई जा सकेंगी। त्योहारों पर दिल्ली, पंजाब और उत्तराखंड से बड़ी संख्या में लोग बरेली और पूर्वांचल के रास्ते बिहार व पूर्वी उत्तर प्रदेश जाते हैं। यात्रियों के लिए आनंद विहार, दिल्ली, अमृतसर, चंडीगढ़, हरिद्वार और योगनगरी ऋषिकेश से पटना, मुजफ्फरपुर, गोरखपुर और वाराणसी समेत कई शहरों के लिए स्पेशल ट्रेनें तय की गई हैं। इनमें से कई ट्रेनें बरेली, मुरादाबाद और शाहजहांपुर से होकर गुजरेंगी। भीड़ कम करने के लिए प्रमुख स्टेशनों पर आरक्षित और अनारक्षित टिकट काउंटर बढ़ाए जाएंगे। ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनों और मोबाइल अनारक्षित टिकटिंग की सुविधा भी मिलेगी। RailOne एप के लिए क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज और स्टेशन परिसर में आरपीएफ, जीआरपी और डॉग स्क्वाड तैनात रहेंगे। यात्रियों की मदद के लिए हेल्प डेस्क और मेडिकल बूथ भी बनाए जाएंगे। मंडल नियंत्रण कक्ष में 24 घंटे वार रूम चलेगा। यहां से स्टेशनों पर भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी। डीआरएम विनीता श्रीवास्तव तैयारियों की समीक्षा कर रही हैं। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक महेश यादव के मुताबिक, रेलवे का उद्देश्य त्योहारों पर यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक सफर देना है।
एसपी भानु प्रताप सिंह हटाए गए, शैलेंद्र को शिवहर से खगड़िया भेजा; बिहार में IPS ट्रांसफर
पत्नी से विवाद के चलते सुर्खियों बने हुए खगड़िया के एसपी भानु प्रताप सिंह को बिहार सरकार ने पद से हटा दिया है। उनकी जगह शिवहर के पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह को खगड़िया का नया एसपी बनाया गया है। छपरा में भी नए सिटी एसपी की तैनाती की गई है।
केंद्रिय रेल मंत्री से मिले सीएम सम्राट चौधरी:दिवाली-छठ पर बिहार के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाने की मांग
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर दिवाली और छठ महापर्व के दौरान बिहार के लिए विशेष ट्रेनें चलाने का अनुरोध किया। बैठक में बिहार की लंबित रेल परियोजनाओं में तेजी लाने, रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और यात्री सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा हुई। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी और औद्योगिक निवेश बढ़ाने से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श हुआ। बैठक में बिहार के मढ़ौरा और मधेपुरा स्थित रेल इंजन निर्माण कारखानों के आधुनिकीकरण और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। मौजूदा उत्पादन व्यवस्था वर्ष 2028 में समाप्त होने के करीब छह महीने बाद नए स्वरूप में उत्पादन दोबारा शुरू करने और दोनों कारखानों की क्षमता दोगुनी करने की दिशा में पहल करने पर चर्चा हुई। सम्राट चौधरी ने बिहार में रेल नेटवर्क के विस्तार और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने की जरूरत बताई। बैठक में कई प्रस्तावों पर सकारात्मक सहमति बनने के साथ विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।
IPS Transfer Bihar: भानु प्रताप सिंह को खगड़िया SP पद से हटाया, पत्नी से विवाद के कारण चर्चा में
बिहार सरकार ने पांच आईपीएस अधिकारियों के तबादले का आदेश जारी किया है. खगड़िया के एसपी भानु प्रताप सिंह को पुलिस मुख्यालय पटना बुलाया गया है. पत्नी के आरोपों और धरने को लेकर चर्चा में रहे अधिकारी की जगह शैलेन्द्र सिंह को खगड़िया का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है.
पत्नी से विवाद के कारण चर्चा में रहे खगड़िया एसपी भानु प्रताप सिंह को पद से हटा दिया गया है। बिहार गृह विभाग ने चार आईपीएस समेत पांच पुलिस अधिकारियों का तबादला किया है, जिसमें शैलेंद्र सिंह खगड़िया के नए एसपी बने।
Bihar में नशीले पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, पुलिस ने 46,549 किलो Ganja और हेरोइन पकड़ी
पटना, चार नवंबर बिहार में इस साल के दौरान मादक पदार्थों की जब्ती में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने 27 अक्टूबर तक 46,549 किलोग्राम से अधिक गांजा, 149.696 किलोग्राम हेरोइन और 11.56 लाख से अधिक मादक टैबलेट एवं कैप्सूल जब्त किए हैं। अधिकारियों के अनुसार मादक पदार्थों की जब्ती के मामले में अररिया, सुपौल और मधुबनी जिले सबसे आगे रहे, जबकि हेरोइन की बरामदगी में पटना और पूर्णिया शीर्ष पर रहे। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बुधवार को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत कुल 4,232 मामले दर्ज किए गए और 6,104 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में 2,583 मामले दर्ज हुए थे और 3,562 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। इस दौरान राज्य पुलिस ने 4.92 लाख मादक पदार्थों के इंजेक्शन और कोडीन युक्त कफ सिरप की 5.11 लाख से अधिक बोतलें भी जब्त कीं। जब्त मादक पदार्थों को नष्ट करने की कार्रवाई में भी पिछले वर्ष की तुलना में 10.1 गुना वृद्धि हुई है। वर्ष 2026 में अब तक 25,247 किलोग्राम जब्त मादक पदार्थों को नष्ट किया गया है। जिलावार आंकड़ों के अनुसार, गांजे की सबसे अधिक जब्ती अररिया में 10,573 किलोग्राम, सुपौल में 8,813 किलोग्राम और मधुबनी में 4,483 किलोग्राम दर्ज की गई। वहीं, हेरोइन की बरामदगी में पटना 24.1 किलोग्राम के साथ पहले और पूर्णिया 20 किलोग्राम के साथ दूसरे स्थान पर रहा। बैठक में अफीम की अवैध खेती के खिलाफ की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। वर्ष 2025-26 के फसल चक्र के दौरान कुल 512.235 एकड़ में फैली अवैध अफीम की फसल को नष्ट किया गया। इसमें अकेले गया जिले में 508.755 एकड़ में फैली फसल शामिल है। अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2021 से अगस्त 2026 के बीच अदालतों ने एनडीपीएस अधिनियम से जुड़े 1,652 मामलों में दोषसिद्धि की है, जिसके परिणामस्वरूप 2,225 आरोपियों को सजा सुनाई गई। राज्य में फिलहाल 10 विशेष अदालतें काम कर रही हैं। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने, मामलों में प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करने और पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण को और सुदृढ़ करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों में नशामुक्ति के लिए विशेष वार्ड स्थापित करने को भी कहा। राज्य में 27 अक्टूबर से 26 नवंबर तक नशामुक्त बिहार अभियान-2026 चलाया जा रहा है। इसके तहत शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर के दायरे में आने वाले क्षेत्रों को नशामुक्त क्षेत्र घोषित करने का निर्देश दिया गया है। बैठक में पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था) रत्ना संजय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
अलकतरा घोटाले के ट्रायल में देरी पर झारखंड हाई कोर्ट ने सीबीआई को लगाई फटकार, एकीकृत बिहार का मामला
झारखंड हाई कोर्ट ने एकीकृत बिहार के अलकतरा घोटाले के ट्रायल में देरी पर सीबीआई की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने सीबीआई को गवाहों को अदालत में तेजी से पेश करने का निर्देश दिया, क्योंकि 32 में से 12 आरोपी सुनवाई के दौरान ही मर चुके हैं।
बिहार में मानसून की वापसी के बाद मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क बना हुआ है, अगले सात दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं है।
Dr N Vijayalakshmi ने की समीक्षा, Bihar के विकास मॉडल को NITI Aayog से जोड़ेगा SDG फ्रेमवर्क
योजना एवं विकास विभाग, बिहार सरकार द्वारा यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से SDG नोडल पदाधिकारियों के लिए एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। आयोजन का शुभारंभ योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉo एनo विजयलक्ष्मी एवं सचिव श्री कॅवल तनुज के करकमलों संपन्न हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति हेतु विभागीय समन्वय को मजबूत करना तथा राज्य संकेतक रूपरेखा (State Indicator Framework-SIF) की समीक्षा एवं अद्यतन करना था। इसे भी पढ़ें: Valmiki Tiger Reserve और गयाजी चिड़ियाघर के लिए भूपेंद्र यादव से मिले Samrat Chaudhary अपने संबोधन में अपर मुख्य सचिव महोदया ने कहा कि वर्ष 2030 तक SDGs की प्राप्ति में प्रत्येक विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन Indicators में सकारात्मक प्रगति एवं Growth परिलक्षित हो रही है, उनसे संबंधित विभाग Success Stories तैयार कर उपलब्ध कराएँ, ताकि उन्हें नीति आयोग (NITI Aayog) के साथ साझा किया जा सके। इसे भी पढ़ें: ASI के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज, गिरफ्तारी में सहयोग करने वाले को मिलेगा ₹25 हजार का इनाम उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि बिहार की अंतर्देशीय मत्स्यपालन (Inland Fisheries) के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अच्छी स्थिति को देखते हुए SDG-14 (Life Below Water) से संबंधित उपयुक्त Indicators को भी State Indicator Framework में शामिल करने की संभावना पर विचार किया जाए। तकनीकी सत्रों में विभागवार Indicators की प्रासंगिकता, मापनीयता एवं डेटा उपलब्धता की समीक्षा की गई तथा आवश्यकतानुसार नए Indicators जोड़ने, संशोधन करने एवं अनुपयोगी Indicators को हटाने के संबंध में सुझाव प्राप्त किए गए। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के SDG नोडल पदाधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी की। यूनिसेफ की टीम ने तकनीकी सहयोग एवं विशेषज्ञ सुझाव प्रदान किए। कार्यशाला का समापन विभागों से प्राप्त सुझावों के आधार पर समयबद्ध कार्रवाई एवं नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करने के संकल्प के साथ हुआ।
Ranji Trophy में विदर्भ ने मध्यप्रदेश को तो गोवा ने बिहार को थामाई पारी से हार
पार्थ रेखड़े और हर्ष दुबे (पांच-पांच विकेट) के बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन की बदौलत विदर्भ ने बुधवार को रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप ए मुकाबले के तीसरे दिन मध्यप्रदेश को पारी और 20 रनों से करारी शिकस्त दी। इस मुकाबले में हर्ष दुबे ने कुल 14 विकेट झटके और ...
इस ट्रेन में सभी सीटें अनारक्षित, जनरल टिकट लेकर गुजरात से बिहार पहुंचे
Special Train Patna: इस स्पेशल ट्रेन के चलने से उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों को कन्फर्म सीट की चिंता से राहत मिलेगी और वे आसानी से अपने घर पहुंच सकेंगे.
बेलसंड से लोजपा (रामविलास) के विधायक अमित रानू ने आर्थिक रूप से संपन्न लोगों से 125 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा स्वेच्छा से छोड़ने की अपील की है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की इस अपील का समर्थन करते हुए कहा कि आर्थिक रूप से सक्षम लोगों को बिहार के विकास में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। संपन्न लोगों से की सहयोग की अपील अमित रानू ने कहा कि मुख्यमंत्री ने संपन्न और आयकर देने वाले लोगों से स्वेच्छा से मुफ्त बिजली का लाभ छोड़ने की अपील की है। वे मुख्यमंत्री की इस सोच से सहमत हैं। बिहार हम सभी का है और राज्य को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक रूप से मजबूत लोगों को भी योगदान देना चाहिए। रानू ने कहा, “मैं बिहार के सभी संपन्न लोगों से अपील करता हूं कि वे 125 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा छोड़ दें। इससे सरकार पर सब्सिडी का बोझ कम होगा और बिहार की तरक्की के लिए संसाधन बचेंगे। हमें राज्य के विकास में भागीदारी निभानी चाहिए।” बाढ़ के दौरान एक महीने का वेतन दिया था विधायक ने बाढ़ के दौरान जनप्रतिनिधियों की भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बाढ़ से भारी नुकसान होने पर मुख्यमंत्री ने विधायकों और सांसदों से मुख्यमंत्री राहत कोष में सहयोग करने की अपील की थी। इसके बाद उन्होंने अपना एक महीने का वेतन राहत कोष में दिया था। रानू ने कहा कि बिहार के विकास और जरूरतमंदों की मदद के लिए सभी को सामूहिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने एक नवंबर को की थी अपील मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक नवंबर को पटना में आयोजित पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद-2.0 में आर्थिक रूप से संपन्न और आयकरदाताओं से 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ स्वेच्छा से छोड़ने की अपील की थी। उन्होंने बताया था कि राज्य सरकार बिजली सब्सिडी पर सालाना करीब 23 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है।
बालगृहों के बच्चों को हुनरमंद बनाएगी बिहार सरकार, सीतामढ़ी में खुला दूसरा प्रशिक्षण केंद्र
बिहार सरकार बालगृहों के बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष आवासीय प्रशिक्षण केंद्र खोल रही है। पटना के बाद सीतामढ़ी में दूसरा केंद्र शुरू हुआ, जिसका उद्देश्य बच्चों को हुनरमंद बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
बाढ़ से बचाएगी नदी की गाद! बिहार में मिट्टी से बनेंगी सड़कें, CM का प्लान
बिहार में हर साल बाढ़ से होने वाली तबाही रोकने के लिए सम्राट चौधरी सरकार ने नई गाद प्रबंधन नीति 2026 लागू की है. इसके तहत नदियों, बैराजों और जलाशयों से गाद निकालकर सड़क, राष्ट्रीय राजमार्ग और तटबंध निर्माण में इस्तेमाल किया जाएगा. इस योजना को लेकर बिहार सरकार और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के बीच MoU हुआ है.
New Delhi, 4 नवंबर . बिहार के पूर्णिया में भाजपा ने Wednesday को ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा का आयोजन किया. इस कार्यक्रम में असम के Chief Minister…
बिहार के पूर्णिया में भाजपा ने बुधवार को 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने हिस्सा लिया। उनके साथ बिहार सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल और रत्नेश सदा, कई भाजपा नेता और पार्टी कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
'मैं उन्हें बांग्लादेश भेज दूंगा, वहां चुनाव जीतते रहो', बिहार के पूर्णिया से मुख्यमंत्री सरमा का करारा तंज
वोट नहीं मोदी दिल चोरी कर रहे; बिहार में बोले असम के सीएम हिमंता- राहुल को बांग्लादेश भेज देंगे
असम के सीएम ने हिमंता बिस्वा सरमा ने पूर्णिया में कहा कि कांग्रेस कहती है कि ईवीएम से चुनाव खराब है। तब तो पप्पू यादव को इस्तीफा देना चाहिए। पप्पू यादव ईवीएम से चुनाव जीते हैं या बैलेट से। राहुल गांधी भी तो ईवीएम से ही जीते हैं। अरे, आप जीतते हैं तो अच्छा है और हम जीतते हैं तो खराब हैं।
यात्रियों के लिए जरूरी खबर, 4 से 14 नवंबर तक रायपुर से बिहार की 3 ट्रेनें प्लेटफॉर्म 7 से चलेंगी
त्योहारों पर भीड़ नियंत्रण के लिए रायपुर रेल मंडल ने 4 से 14 नवंबर तक बिहार जाने वाली तीन प्रमुख ट्रेनों को प्लेटफॉर्म नंबर सात से रवाना करने का निर्णय लिया है।
Bihar E-Shikshakosh Teacher Attendance Report: ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर डिजिटल हाजिरी दर्ज न कराने वाले 48,050 शिक्षक शिक्षा विभाग के निशाने पर आ गए हैं। भागलपुर और बांका सहित राज्य भर के इन शिक्षकों पर जल्द ही अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
4 नवंबर, बुधवार: बिहार के पूर्णिया में नशामुक्त बिहार अभियान के तहत मद्य निषेध विभाग ने ड्रोन से अवैध शराब ठिकानों की निगरानी और छापेमारी की। कसबा क्षेत्र के कजरा, संथाली टोला, सिंघिया और बनेडीह समेत कई जगहों से चुलाई शराब व जावा गुड़-महुआ बरामद कर नष्ट किया गया।
Bihar Madhubani News: Balirajgarh गांव में ASI गोलीकांड के बाद DM पर भड़की महिलाएं। Tejashwi Yadav
Madhubani Viral Video में बिहार के मधुबनी से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां गुस्साई महिला ने डीएम आनंद शर्मा का कॉलर पकड़ लिया।
दीपावली और छठ पूजा के दौरान ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रायपुर रेल मंडल ने यात्रियों की सुविधा के लिए खास व्यवस्था की है। इसके तहत बिहार की ओर जाने वाली 3 प्रमुख ट्रेनों के प्लेटफॉर्म में अस्थायी बदलाव किया गया है। ये ट्रेनें 4 से 14 नवंबर तक रायपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-7 से रवाना होंगी। यात्री गुढ़ियारी साइड के प्रवेश द्वार से सीधे प्लेटफॉर्म-7 पर पहुंच सकेंगे। इन 3 ट्रेनों के प्लेटफॉर्म बदले रेलवे के अनुसार, 4 से 14 नवंबर तक रायपुर स्टेशन से रवाना होने वाली इन ट्रेनों का संचालन प्लेटफॉर्म नंबर-7 से होगा। भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त व्यवस्था त्योहारी सीजन में बिहार जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने से रेलवे स्टेशनों पर भीड़ बढ़ जाती है। इसे देखते हुए रेल प्रशासन ने यात्रियों के सुचारु आवागमन और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ जरूरी यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी तैयारी की गई है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि इन तीनों ट्रेनों से यात्रा करने वाले यात्री निर्धारित अवधि में प्लेटफॉर्म नंबर-7 पर समय से पहुंचें।
बिहार: नीतीश कमार से मिलने क्यों पहुंचे सम्राट चौधरी, बताया किनके सहयोग से बिहार को बनाएंगे विकसित?
बिहार विधान परिषद चुनाव के बाद सीएम सम्राट चौधरी आज जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे। एक दिन बाद जनता दल यूनाईटेड की बैठक है।
बिहार में अगले चार दिन सुबह छाएगा कोहरा, दिन में साफ रहेगा आसमान; पटना में कैसा रहेगा मौसम?
Bihar Weather Update: बिहार में मौसम का मिजाज फिलहाल शुष्क बना हुआ है। सुबह के समय कुछ जिलों में हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा छाने की संभावना है। जानिए अगले चार दिनों तक कहां का मौसम कैसा रहेगा?
इलेक्ट्रिक बाइक से अपराधियों को पकड़ेगी बिहार पुलिस, दिया तगड़ा ऑर्डर
Revolt RV BlazeX में कंपनी ने 3.24 kWh क्षमता का निकल मैग्नीज कोबॉल्ट (NMC) लिथियम-आयन बैटरी पैक दिया है. यह बैटरी IP67 रेटिंग के साथ आती है. कंपनी का दावा है कि, ये बाइक सिंगल चार्ज में 150 किलोमीटर तक की ड्राइविंग रेंज दे सकती है.

