बिहार के तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं के लिए रोजगार का एक नया अवसर सामने आया है। राजकीय पॉलिटेक्निक अस्थावां, नालंदा में इंजीनियरिंग और पुस्तकालय विज्ञान के स्नातक एवं डिप्लोमा धारकों के लिए अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इस संबंध में संस्थान द्वारा 6 फरवरी 2026 को वॉक-इन इंटरव्यू का आयोजन किया जाएगा। अप्रेंटिस एक्ट के तहत एक वर्षीय प्रशिक्षण बिहार सरकार के विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित राजकीय पॉलिटेक्निक, अस्थावां ने विज्ञापन जारी करते हुए इस भर्ती प्रक्रिया की घोषणा की है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अप्रेंटिस एक्ट, 1961 के प्रावधानों के अनुसार एक वर्ष की अवधि का होगा, जिसमें चयनित अभ्यर्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ-साथ आकर्षक मासिक स्टाईपेन्ड भी प्रदान किया जाएगा। किन शाखाओं में मिलेगा प्रशिक्षण का अवसर? इस भर्ती अभियान में मुख्य रूप से चार तकनीकी शाखाओं को शामिल किया गया है। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक या बी.ई की डिग्री प्राप्त युवाओं के साथ ही डिप्लोमा धारकों को भी आवेदन का अवसर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, पुस्तकालय विज्ञान में बी.लिस या बी.लिब डिग्री धारक तथा डिप्लोमा पास अभ्यर्थी भी इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए पात्र हैं। मासिक स्टाईपेन्ड की व्यवस्था चयनित प्रशिक्षुओं को सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार मासिक स्टाईपेन्ड दिया जाएगा। डिग्री प्रशिक्षु (Graduate Apprentice) को प्रतिमाह 15,000 रुपये और डिप्लोमा प्रशिक्षु (Diploma Apprentice) को 10,000 रुपये मासिक स्टाईपेन्ड प्रदान किया जाएगा। यह राशि प्रशिक्षण अवधि के दौरान नियमित रूप से दी जाएगी। पात्रता की शर्तें संस्थान ने स्पष्ट किया है कि इच्छुक अभ्यर्थियों के पास वैध NATS-2.0 (National Apprenticeship Training Scheme) स्टूडेंट आईडी होना अनिवार्य है। महत्वपूर्ण बात यह है कि उम्मीदवार का डिग्री या डिप्लोमा पूर्ण किए हुए पांच वर्ष से अधिक का समय नहीं होना चाहिए। साक्षात्कार में भाग लेने के लिए किसी भी प्रकार का यात्रा भत्ता नहीं दिया जाएगा। आरक्षण संबंधी नियमों का पालन सरकारी मानदंडों के अनुसार किया जाएगा। साक्षात्कार की तिथि और स्थान वॉक-इन इंटरव्यू 6 फरवरी को सुबह 11 बजे राजकीय पॉलिटेक्निक, अस्थावां के प्राचार्य कार्यालय में आयोजित किया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थियों को निर्धारित समय पर संस्थान में उपस्थित होना होगा। आवश्यक दस्तावेज साक्षात्कार में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को अपने साथ फोटोयुक्त आवेदन पत्र (बायो-डाटा), सभी मूल प्रमाण पत्र और उनकी छायाप्रतियां अनिवार्य रूप से लानी होंगी। किसी भी दस्तावेज की अनुपस्थिति में अभ्यर्थी को साक्षात्कार में भाग लेने से वंचित किया जा सकता है। संस्थान के पास सुरक्षित अधिकार राजकीय पॉलिटेक्निक के प्रभारी प्राचार्य के पास साक्षात्कार को आंशिक या पूर्ण रूप से रद्द करने का अधिकार सुरक्षित रहेगा। अंतिम चयन पूर्णतः संस्थान के विवेकाधिकार पर निर्भर करेगा। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक अभ्यर्थी विस्तृत जानकारी और अपडेट के लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.gpasthawannalanda.org.in या www.state.bihar.gov.in/prdbihar पर संपर्क कर सकते हैं।
चेन्नई में बिहार के एक परिवार के तीन लोगों की हत्या, 5 अरेस्ट
चेन्नई। तमिलनाडु में अड्यार के पास अपमार्केट इंदिरा नगर इलाके में एक गिराेह ने बिहार के एक परिवार के तीन लोगों की हत्या एक गिरोह ने कर दी। पुलिस ने बुधवार की शाम इस तिहरे हत्याकांड के सिलसिले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार सभी आरोपी बिहार के ही हैं। उन्होंने बताया कि […] The post चेन्नई में बिहार के एक परिवार के तीन लोगों की हत्या, 5 अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
चेन्नई में बिहार के शेखपुरा के एक परिवार की हत्या कर दी गई। इनमें पति-पत्नी और डेढ़ साल का बेटा शामिल है। पिता और बेटे का शव मिल गया है, जबकि महिला के शव की तलाश की जा रही है। मृतकों की पहचान शेखपुरा टाउन थाना क्षेत्र के पथलाफारगांव के गौरव यादव (28), पत्नी मोनी कुमारी और डेढ़ साल के बेटे गुडडु उर्फ वीरमणि के रूप में हुई है। बुधवार की शाम गौरव यादव का शव फ्लाइट से गांव लाया गया। जिसके बाद गांव में कोहराम मच गया। गौरव का शव चेन्नई के अडयार थानाक्षेत्र के इंदिरा नगर में कई टुकड़ों में बोरे में बंद कचरे के पास से मिला, जबकि मासूम बच्चे का शव बुधवार को पुलिस ने मध्य कैलाश के पास कूउम नदी से बरामद कर लिया है। जबकि पत्नी मोनी कुमारी के शव की तलाश पेरूंगुडी डंपिंग यार्ड के कचरे के ढेर में की जा रही है। चेन्नई पुलिस ने महिला के मायके के रहने वाले उपेंद्र यादव समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। सिलसिलेवार तरीके से जानिए चेन्नई में हुई ट्रिपल मर्डर की कहानी मकर संक्रांति के बाद चेन्नई गया था परिवार गौरव कुमार पिछले 4 सालों से चेन्नई के ऑडियार थाना क्षेत्र में एक अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत थे। वो कुछ महीने पहले गांव आए थे और मकर संक्रांति के एक दिन बाद 16 जनवरी को अपनी पत्नी और छोटे बच्चे के साथ नालंदा जिले के मानपुर थाना क्षेत्र स्थित अपने ससुराल से चेन्नई लौटे थे। परिवार को लेकर गौरव पहली बार चेन्नई गए थे। बीते तीनों दिनों से गौरव का कोई अता-पता नहीं था। परिजनों के अनुसार, 25 जनवरी को चेन्नई पुलिस ने गौरव के पिता को उनके बेटे की मौत की सूचना दी थी। पिता को सूचना मिलने पर उन्होंने चेन्नई में रह रहे अपने बड़े बेटे को जानकारी दी, जिसने मौके पर पहुंचकर गौरव कुमार की हत्या की पुष्टि की। मृतक के छोटे भाई सुरेंद्र यादव ने बताया, 2-3 दिन से मेरे भाई-भाभी और भतीजा गायब थे। इसके बाद वहां से पुलिस ने मेरे पिता को फोन किया वो तमिल में बोल रहे थे तो पापा समझ नहीं पाए। इसके बाद पापा ने बड़े भईया को पुलिस से बात करने बोला, वो भी 6 साल से चेन्नई में रह रहे है। गौरव का शव कचरे के ढेर से मिलामृतक के पिता सुरेन्द्र यादव ने बताया, ‘मकर संक्रांति के दूसरे दिन 16 जनवरी को मेरा बेटा अपनी पत्नी को लेकर अडयार चला गया था। चेन्नई पुलिस की सूचना पर मुझे बेटा-बहू और पौत्र के मारे जाने की सूचना मिली है।’ ‘पिता और पुत्र की लाश एक कचरे के ढेर पर एक बोरे में बंद मिली है, जिसमें बेरहमी से मारकर कई टुकड़ों में करके हत्यारों ने फेंक दिया था। जबकि बहू के शव की तलाश की जा रही है।’ ‘पकड़ा गया आरोपी उपेन्द्र यादव ही मेरे बेटे को काम कराने के लिए चेन्नई के अडयार ले गया था। गौरव वहां एक कंपनी में सिक्यूरिटी गार्ड के रुप में काम करता था।’ आरोपी की निशानदेही पर मिला पिता-बेटे का शव पुलिस अभी तक गौरव कुमार और उनके बेटे की हत्या के कारणों का पता नहीं लगा पाई है। मामले में न तो किसी पुरानी दुश्मनी की पुष्टि हुई है और न ही किसी विवाद की ठोस जानकारी सामने आई है। चेन्नई पुलिस ने उपेंद्र यादव सहित 5 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने गौरव की पत्नी और बेटे की हत्या करने की बात कबूल कर ली है। उनके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर, पुलिस ने पिता और बेटे का शव बरामद किया। पुलिस हत्या का मकसद, घटनाक्रम और हर व्यक्ति की भूमिका का पता लगाने के लिए संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। पत्नी के मायके का परिचित है आरोपीगौरव कुमार का ससुराल नालंदा जिला के मानपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सूखाननपुर है। जहां से कुछ ही दूरी पर मुख्य आरोपी उपेंद्र यादव का गांव बहुआरा है। पड़ोसी गांव होने के नाते उपेंद्र यादव और मृतक की पत्नी मोनी कुमारी में जान पहचान थी। उपेंद्र यादव का मोनी कुमारी के मायके में आना-जाना लगा रहता था। ग्रामीणों के मुताबिक, ‘गौरव कुमार अपने गांव कम ही आता था और पत्नी मोनी कुमारी मायके में रहती थी। वहीं से उपेंद्र यादव ने मोनी कुमारी को चेन्नई बुलाया था, तो वह पहली बार अपने पति के साथ 12 दिन पहले चेन्नई के लिए निकली थी।’ बच्चा रहता था बीमार मृतक की सास ने बताया, ‘जब बेटी ने बेटे को जन्म दिया तब से वह बीमार रहा करता था। इसलिए मोनी अक्सर इलाज के लिए उपेंद्र यादव के गांव में उसके भाई राम लगन के पास जाती थी, वो ग्रामीण चिकित्सक है। इस तरह वे लोग मोनी के संपर्क में आए थे और उपेंद्र यादव भी चेन्नई में रहकर मजदूरी किया करता था।’ सीसीटीवी फुटेज में दो लोग बोरी फेंकते दिखेचेन्नई में गौरव कुमार का शव तब मिला जब स्थानिय लोगों ने एक अपार्टमेंट परिसर के पास खून से सना हुआ बोरा लावारिस हालत में देखा और पुलिस को सूचित किया। इलाके से मिले सीसीटीवी फुटेज में दो लोगों को बाइक पर बोरी ले जाते और उसे उस जगह पर फेंकते हुए देखा गया। बच्चे का शव मिलने की पुष्टि नहीं मामले को लेकर नगर थाना के SHO धर्मेंद्र कुमार ने कहा, ‘मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा लग रहा है। मृतक की पत्नी शादी के बाद ज्यादातर मायके में ही रह रही थी।’ ‘एक बच्चे का शव मिला है, लेकिन चेन्नई पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। मृतक की पत्नी और पुत्र सभी गायब बताए गए हैं। गायब महिला के मायके के पास के गांव के कुछ लोगों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।’ ----------- इसे भी पढ़िए… कारोबारी-ब्लॉगर सूरज बिहारी की लग्जरी लाइफ:2.5Cr की डिफेंडर कार, 22 लाख की पिस्टल रखते थे; 15 करोड़ टर्नओवर, इंस्टा पर पोस्ट के लिए मर्डर पूर्णिया में इंस्टाग्राम पोस्ट को लेकर हुए विवाद में जाने-माने कारोबारी और फेमस ब्लॉगर सूरज बिहारी की मंगलवार को गोली मारकर हत्या दी गई। बदमाशों ने उन्हें पीछे से 3 गोलियां मारी। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। 28 साल के सूरज वीडियोग्राफी और ब्लॉगिंग के शौकीन थे। पूरी खबर पढ़ें।
UGC के नए नियम 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन्स, 2026' पर देश भर में हंगामा बरपा है। इस बीच भाजपा में ही नेताओं के अलग-अलग रुख देखने को मिल रहा है। वहीं, बड़ी सहयोगी पार्टी JDU और चिराग पासवान की LJP(R) पूरी तरह चुप है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी HAM ने फंडामेंटल राइट्स का हवाला दिया है तो उपेंद्र कुशवाहा ने UGC को खुला समर्थन दिया है। जातीय भेदभाव रोकने के लिए UGC के नए नियम पर क्या NDA के भीतर ही दो राय है, विरोध के बाद सरकार क्या नियमों में बदलाव करेगी, जानेंगे आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में…। सवाल-1ः UGC का नया नियम क्या है? विरोध क्यों हो रहा? जवाबः UGC ने 13 जनवरी को अपने नए नियमों को नोटिफाई किया था। इसका नाम है- 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन्स, 2026।' इसके तहत कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में जाति आधारित भेदभाव को रोकने के लिए विशेष समितियां, हेल्पलाइन और मॉनिटरिंग टीमें बनाने के निर्देश दिए गए हैं। ये टीमें खासतौर पर SC, ST और OBC छात्रों की शिकायतों को देखेंगी। सरकार का कहना है कि ये बदलाव उच्च शिक्षा संस्थानों में निष्पक्षता और जवाबदेही लाने के लिए किए गए हैं। हालांकि, नियमों को जनरल कैटेगरी के खिलाफ बताकर विरोध हो रहा है। आलोचकों का कहना है कि सवर्ण छात्र ‘स्वाभाविक अपराधी’ बना दिए गए हैं। जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स का कहना है कि नए नियम कॉलेज या यूनिवर्सिटी कैंपसों में उनके खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा दे सकते हैं। इससे कॉलेजों में अराजकता पैदा होगी। सवाल-2ः नए नियम पर NDA के भीतर की पार्टियों की क्या राय है? जवाबः राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में भाजपा के अलावा बिहार की 4 राजनीतिक पार्टियां (JDU, LJP(R), HAM और RLM) हैं। इस मामले पर सभी पार्टियों का रुख अलग अलग है। भाजपाः नित्यानंद राय ने सवाल टाला, सांसद मनन मिश्रा विरोध में JDU: नीतीश कुमार की पार्टी पक्ष-विपक्ष से दूर HAM: फंडामेंटल राइट का हवाला देकर मांझी सपोर्ट में RLM: कुशवाहा UGC के सपोर्ट में LJP(R): चिराग की पार्टी खामोश सवाल-3ः NDA की पार्टियां खुलकर नए नियम का विरोध या समर्थन क्यों नहीं कर पा रही? जवाबः भाजपा सहित NDA की सभी पार्टियां इस मामले पर ना खुलकर विरोध कर रही है और ना समर्थन। इसके पीछे उसका राजनीतिक हित है। दरअसल, UGC के नए नियम का विरोध करने वाला जनरल कास्ट उसका कोर वोटर है। खासकर उत्तर भारत बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान में सवर्ण तबका भले ही संख्यात्मक रूप से कम हो, लेकिन राजनीतिक रूप से मुखर, संगठित और निर्णायक है। एक फैक्ट… सवर्णों की नाराजगी से खत्म हो गई कांग्रेस, 20 साल से RJD हार रही बिहार जातीय गणना-2022 के मुताबिक, राज्य में इनकी आबादी 10.56% है। एक्सपर्ट के मुताबिक, संख्या भले कम है, लेकिन जमीनी स्तर पर सामाजिक-राजनीतिक समीकरणों के कारण इनका दबदबा है। चुनाव जीतने-जिताने में इनकी अहम भूमिका होती है। इसे ऐसे समझिए… सवाल-4: बिहार के किस-किस राजनीतिक दल ने नए नियम का सपोर्ट किया है? जवाबः मुख्य तौर पर देखें तो अब तक सिर्फ 4 पार्टियों RJD, JJD, RLM और HAM ने सपोर्ट किया है। JDU और LJP (R) चुप है। वहीं, भाजपा के अंदर ही असहमति दिख रही है। सवाल-5: विरोध के बाद मोदी सरकार क्या नियमों में बदलाव करेगी? जवाबः अब तक सरकार ने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है। अब तक सरकार की ओर से सिर्फ शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बयान आया है। उनके बयानों से नहीं लगता कि सरकार कुछ अभी सोच रही है। हालांकि, भाजपा के अंदर नाराजगी की खबरें हैं। 27 जनवरी को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, ‘किसी को भी इसका गलत इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं होगा। किसी के भी साथ अत्याचार या भेदभाव नहीं होगा।’ नियम के खिलाफ वकील विनीत जिंदल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है। इसमें नियम पर रोक, सभी छात्रों के लिए समान अवसर, इक्विटी हेल्पलाइन सुविधाएं देने की मांग की गई है। कोर्ट जल्द इस मामले पर सुनवाई कर सकता है। नए कानून वापस लेने या उनमें बदलाव करने के सवाल पर सुप्रीम कोर्ट में वकील विराग गुप्ता कहते हैं…
सीएम की यात्रा से बिहार में समृद्धि आएगी : सरावगी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने बुधवार को कहा कि नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा से न केवल बिहार में समृद्धि आएगी, बल्कि इससे मिथिला भी समृद्ध होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी प्रगति यात्रा के दौरान जब दरभंगा आए थे, तब 11 योजनाओं की घोषणा की थी। इस पर काम शुरू हो गया है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताया। मुख्यमंत्री बुधवार को अपनी समृद्धि यात्रा के क्रम में दरभंगा पहुंचे थे। उनके साथ मंच पर मौजूद संजय सरावगी ने कहा कि नीतीश कुमार लगातार बिहार की यात्रा करते हैं। वे ऐसे तो पूरे बिहार की चिंता करते हैं, लेकिन वे सबसे अधिक चिंता मिथिला की करते हैं। कहा कि मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट टर्मिनल को देखा और निर्माणाधीन एक्सप्रेस हाइवे तथा अंतरराष्ट्रीय बस अड्डा की समीक्षा की। तीन ऐतिहासिक तालाब हराई, दिग्गी, गंगासागर के सौंदर्यीकरण और एकीकरण का भी जायजा लिया। साथ ही 1800 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले एलिवेटेड रोड की भी समीक्षा की गई। इस रोड के बन जाने से दरभंगा को जाम से मुक्ति मिलेगी। सरावगी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जल्द योजना का काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री विकास के साथ ही सनातन संस्कृति के आगे बढ़ने की भी चिंता कर रहे हैं।
बिहार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और बढ़ते अपराध पर जन सुराज पार्टी ने राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। पटना के जन सुराज पार्टी कार्यालय में पीसी के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व अपर पुलिस महानिदेशक (हिमाचल) जय प्रकाश सिंह ने सरकारी आंकड़ों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि साल 2015 से 2024 के बीच बिहार में आपराधिक मामलों में 80 प्रतिशत से भी ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह बढ़ोतरी सिर्फ 24 प्रतिशत है। ग्रामीण बिहार में नहीं आई अपराध में कमी जेपी सिंह ने कहा कि वर्ष 2025 चुनावी साल था, इस कारण चुनाव से संबंधित हिंसा और अपराध भी हुए। बिहार पुलिस के आंकड़ों के अनुसार 2025 में हत्या के मामलों में 7 से 8 प्रतिशत की कमी जरूर आई है, लेकिन यह कमी मुख्य रूप से शहरी इलाकों तक ही सीमित है। अर्बन एरिया में हत्या और किडनैपिंग के मामलों में कुछ गिरावट दिखती है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में हालात जस के तस बने हुए हैं और वहां अपराध में कोई खास कमी नहीं आई है। बिहार में 100% केस दर्ज ही नहीं होते जेपी सिंह ने बिहार की पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में आज भी थानों में 100 प्रतिशत मामलों का रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहा है। कई बार पीड़ितों को केस दर्ज कराने के लिए कोर्ट, खासकर सीजेएम कोर्ट का चक्कर लगाना पड़ता है, जो एक लंबी और जटिल प्रक्रिया है। जब आज की स्थिति में भी सभी मामले दर्ज नहीं हो पा रहे हैं, तब अगर 100 प्रतिशत केस दर्ज होने लगे तो अपराध के आंकड़े और भी भयावह नजर आएंगे। शराबबंदी और अवैध बालू कारोबार बने बड़े कारण जेपी सिंह ने कहा कि बिहार में अपराध बढ़ने के पीछे सबसे बड़े कारणों में शराबबंदी और अवैध बालू कारोबार हैं। जिला स्तर पर पुलिस की प्राथमिकता संगीन अपराधों को रोकने के बजाय शराबबंदी लागू कराने और अवैध बालू उठाव पर कार्रवाई करने तक सीमित रह गई है। इन दोनों क्षेत्रों में “कमाई” की संभावना अधिक रहती है, इसलिए पुलिस का फोकस वहीं रहता है। नतीजतन हत्या, अपहरण, रेप जैसे गंभीर अपराधों की रोकथाम पुलिस की प्राथमिकता सूची में पीछे चले गए हैं। 10 साल में 80 हजार से 1 लाख केस पेंडिंग जेपी सिंह ने बताया कि बिहार में पिछले 10 साल में करीब 80 हजार से 1 लाख ऐसे मामले पेंडिंग हैं, जिनमें वारंट जारी हो चुके हैं या कुर्की-जब्ती का आदेश दिया जा चुका है, फिर भी वे लंबित हैं। राज्य में कुर्की-जब्ती के करीब 10 से 15 हजार मामलों में आदेश होने के बावजूद अब तक तामील नहीं हो सका है। अपराधियों का बढ़ता मनोबल उन्होंने कहा कि जब समय पर अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होती और अदालत के आदेशों का भी पालन नहीं होता, तो अपराधियों का मनोबल बढ़ता है। कई मामलों में स्थानीय प्रभाव या पैसों के लोभ के कारण थाना स्तर पर ही आरोपियों को नहीं पकड़ा जाता, जिससे अपराधी खुलेआम घूमते रहते हैं और नए अपराधों को अंजाम देते हैं। पुलिस व्यवस्था पर भी उठाए सवाल जेपी सिंह ने यह भी कहा कि पुलिस विभाग में कुछ ऐसे तत्व आ गए हैं जो कर्तव्यनिष्ठा और प्रोफेशनलिज्म का पालन नहीं करते। दबाव और लालच में आकर कुछ अधिकारी अपराधियों पर कार्रवाई से बचते हैं, जिसका सीधा नुकसान आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग जन सुराज पार्टी ने राज्य सरकार से मांग की है कि वह बिहार की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर श्वेत पत्र जारी करे और बताएं कि आखिर 10 साल में अपराध क्यों बेलगाम हो गया। पार्टी ने कहा कि अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।
बिहार सरकार के उद्योग और पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल आज पूर्णिया पहुंचे। वे बनभाग स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित विकसित भारत अभियान के तहत वी बी जी राम जी योजना को लेकर एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को जी राम जी योजना की विशेषताएं बताई। योजना को मनरेगा से कहीं अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितकारी बताया। आजीविका मिशन ग्रामीण की शुरुआत की कार्यक्रम के बाद उन्होंने अहम प्रेस वार्ता बुलाई और कई अहम मुद्दों पर विस्तार से अपनी बातें रखी। उन्होंने कहा कि मनरेगा की जगह नई योजना विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण की शुरुआत की गई है। जमीनी स्तर पर गरीबों को ठगने का आरोप कांग्रेस ने सालों तक गरीबों के नाम पर केवल राजनीति की, लेकिन जमीनी स्तर पर गरीबों को ठगने का काम किया। मनरेगा जैसी योजनाएं भ्रष्टाचार और बिचौलियों का अड्डा बन गई थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार वी बी जी राम जी जैसी योजनाओं के माध्यम से गरीबों को सीधा लाभ, स्थायी रोजगार और आत्मनिर्भरता प्रदान कर रही है, जिससे वास्तविक अर्थों में विकसित भारत का सपना साकार हो रहा है। मंत्री बोले- भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा प्रेस को संबोधित करते हुए मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर विकसित भारत जी राम जी कर दिया है। इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, अब फर्जीवाड़ा अब नहीं होगा। पहले मजदूरों को साल में 100 दिन का रोजगार मिलता था। अब लगभग 185 दिन रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि मनरेगा में जो कमियां थी उनको विकसित भारत जी राम जी में दूर करने का प्रयास केंद्र सरकार ने किया है। नाम बदलने का उद्देश्य केवल पहचान बदलना नहीं, बल्कि व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है। विपक्ष नाम को लेकर भ्रम फैला रहा 'जी राम जी' नाम को लेकर कहा कि इसमें कहीं भी भगवान का नाम शामिल नहीं है, बल्कि यह योजना को अधिक रोजगारोन्मुखी बनाने का एक नया ढांचा है। विपक्ष नाम को लेकर भ्रम फैला रहा है, जबकि सरकार का ध्यान इस योजना को धरातल पर अधिक प्रभावी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने पर है। भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए तकनीक के इस्तेमाल पर जोर देते हुए मंत्री ने बताया कि अब इस योजना में मजदूरों की बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी गई है। योजना की सघन निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा लिया जाएगा, जिससे फर्जी हाजिरी और फंड की हेराफेरी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। बिहार में ढूंढने पर भी सड़क पर गड्डा नहीं दिखेगा आगे मंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में बिहार में ढूंढने पर भी सड़क पर गड्डा नहीं दिखाई देगा। इसलिए वे गड्ढा बताओ इनाम पाओ स्कीम लेकर आए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य की सड़कों पर एक भी गड्डा न रहे। इसके लिए फरवरी-मार्च में नई सड़क मेंटेनेंस पॉलिसी लाई जा रही है। पॉलिसी के तहत अगर कहीं सड़क खराब होगी, तो 72 घंटे के अंदर रोड एंबुलेंस पहुंचकर उसकी मरम्मत करेगी। बिहार अब असंभव को संभव करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में सड़क और उद्योग दोनों मामले में बिहार देश के लिए रोल मॉडल बनेगा।
देशभर में जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स और सवर्ण जाति के लोगों का यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों को लेकर विरोध जारी है। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने नए नियमों के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई की मांग स्वीकर की। सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने वकीलों की दलीलों पर ध्यान दिया। सीजेआई ने कहा- हमें पता है कि क्या हो रहा है। सुनिश्चित करें कि खामियों को दूर किया जाए। हम इसे लिस्ट करेंगे। इधर, यूपी-बिहार में आज भी जमकर हंगामा हुआ। स्टूडेंट्स और सवर्ण जातियों के लोग सड़कों पर उतरे। यूपी के पीलीभीत में सवर्ण समाज के युवकों ने मुंडन कराया। बिहार में PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के पोस्टर पर कालिख पोती गई। यूपी-बिहार से प्रदर्शन की 6 तस्वीरें UGC के नए नियमों का विरोध क्यों? UGC ने 13 जनवरी को अपने नए नियमों को नोटिफाई किया था। इसका नाम है- 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन्स, 2026।' इसके तहत कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में जाति आधारित भेदभाव को रोकने के लिए विशेष समितियां, हेल्पलाइन और मॉनिटरिंग टीमें बनाने के निर्देश दिए हैं। ये टीमें खासतौर पर SC, ST और OBC छात्रों की शिकायतों को देखेंगी। सरकार का कहना है कि ये बदलाव उच्च शिक्षा संस्थानों में निष्पक्षता और जवाबदेही लाने के लिए किए गए हैं। हालांकि नियमों को जनरल कैटेगरी के खिलाफ बताकर विरोध हो रहा है। आलोचकों का कहना है कि सवर्ण छात्र ‘स्वाभाविक अपराधी’ बना दिए गए हैं। जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स का कहना है कि नए नियम कॉलेज या यूनिवर्सिटी कैंपसों में उनके खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा दे सकते हैं। इससे कॉलेजों में अराजकता पैदा होगी। दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने सिफारिश की थी सभी यूनिवर्सिटी, कॉलेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों में 'इक्विटी कमेटी' के गठन को अनिवार्य करने की सिफारिश संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी स्थायी समिति ने की थी। इस समिति के अध्यक्ष कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व CM दिग्विजय सिंह हैं। समिति में कुल 30 सदस्य हैं, जिनमें लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 9 सांसद शामिल हैं। इनमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद शामिल हैं। रोहित और डॉ. पायल का सुसाइड और SC का सख्त निर्देश UGC का यह नियम सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियों, सामाजिक दबाव और रोहित वेमुला और पायल तड़वी के सुसाइड जैसे मामलों से बने हालात का परिणाम बताया जा रहा है। अब जानिए रोहित और पायल के बारे में... रोहित वेमुला हैदराबाद यूनिवर्सिटी के रिसर्च स्कॉलर थे। उन्होंने 17 जनवरी 2016 को सुसाइड किया। आरोप लगा कि रोहित दलित थे, इसलिए उनके साथ संस्थागत जातिगत भेदभाव हुआ। रोहित की मौत के बाद आत्महत्या के बाद देशव्यापी आंदोलन भी हुआ। जवाबदेही की मांग उठी। डॉ. पायल तड़वी मुंबई में मेडिकल की पोस्टग्रेजुएट छात्रा थीं। उन्होंने 2019 में सुसाइड किया। आरोप लगे कि आदिवासी समुदाय से होने के कारण पायल के सीनियर डॉक्टरों ने उनके साथ जातिगत भेदभाव किया था। लगातार उत्पीड़न के पायल ने सुसाइड किया। हालांकि इस मामले में एट्रोसिटी एक्ट के तहत आरोपी डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया था। यह मामले सुप्रीम कोर्ट तक गया था। इनके अलावा भी अनिकेत अंभोरे मामला (AIIMS दिल्ली), सेंथिल कुमार मामला (JNU, 2008),अमन कच्छू मामला (हिमाचल प्रदेश मेडिकल कॉलेज, 2009) इनके अलावा अन्य मेडिकल कॉलेज और केंद्रीय विश्वविद्यालयों के और भी जातिगत भेदभाव के मामले भी हैं, जिन पर सुप्रीम कोर्ट में चर्चा हुई है।
होली 4 मार्च को मनाई जाएगी। अपनों के साथ रंगों का त्योहार मनाने के लिए दूर दूसरे राज्यों में रहने वाले लोग अपने घर-गांव आने की तैयारी में जुट गए हैं। इसका दिल्ली-बिहार से बोकारो आने वाली ट्रेनों में भी असर दिख रहा है। कई ट्रेनों में सीट फुल हो चुकी है। ऐसे में अब लोगों को तत्तकाल टिकट का ही सहारा है। होली से पहले ट्रेनों में टिकटों की बुकिंग तेजी से बढ़ी है। 2 मार्च से बिहार रूट पर चलने वाली कई ट्रेनों में सीटों की उपलब्धता लगातार कम हो रही है। स्लीपर में 150 और एसी-3 में 28 सीटें उपलब्धपटना-रांची जनशताब्दी (12365) में जनरल कोच में 109 और एसी चेयर कार में 40 सीटें बची हैं। पटना-रांची एक्सप्रेस (18623) में स्लीपर में 99 और एसी-3 में केवल 15 सीटें शेष हैं। पाटलिपुत्र-रांची-पटना (18621) में स्लीपर में 150 और एसी-3 में 28 सीटें उपलब्ध हैं। आनंद विहार से रांची आने वाली ट्रेन (22806) में 2 से 5 मार्च तक एसी-3 में आरएसी 45 और वेटिंग लिस्ट 112 तक पहुंच गई है। वनांचल एक्सप्रेस (13404) में स्लीपर की 190 और एसी-3 की 70 सीटें शेष हैं। 3 मार्च से वेटिंग लिस्ट शुरूहटिया से पटना जाने वाली सुपर ट्रेन में 2 मार्च को स्लीपर कोच में 'रिग्रेट' की स्थिति है, जबकि 3 मार्च से वेटिंग लिस्ट शुरू हो गई है। इससे बोकारो से पटना जाने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। हटिया-पटना ट्रेन में बोकारो से स्लीपर में केवल 9 और एसी-3 में 20 सीटें बची हैं। हालांकि, पाटलिपुत्र एक्सप्रेस (रांची से पटना) में अभी कुछ सीटें उपलब्ध हैं, जहां स्लीपर में 190 और एसी में 170 सीटें खाली हैं। पुरी से चलकर नई दिल्ली जाने वाली ट्रेन संख्या (12802) पुरुषोत्तम एक्सप्रेस में स्लीपर कोच रिग्रेट 2 तारीख से 5 तारीख तक, एसी में 14 वेटिंग की स्थिति है। झारखंड एक्सप्रेस में 115 वेटिंगवहीं, रांची से चलकर दिल्ली जाने वाली झारखंड एक्सप्रेस ( 12818 ) 2 मार्च से 7 मार्च तक 115 वेटिंग है। 80840 नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में 24 वेटिंग और 22823 तेजस राजधानी एक्सप्रेस में 77 वेटिंग है। तेजी से भरते टिकटों के कारण यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग महंगे निजी साधनों का सहारा लेने को भी मजबूर होंगे, यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे को विशेष ट्रेनों और अतिरिक्त कोच की व्यवस्था करनी चाहिए। ताकि लोग समय पर अपने घर पहुंचकर होली का पर्व हर्षोल्लास के साथ मना सकें।
UGC बिल 2026 को लेकर देशभर प्रदर्शन हो रहा है। राजधानी पटना में भी आज इस मुद्दे पर आंदोलन का ऐलान किया गया है। दोपहर 1 बजे दिनकर गोलंबर पर ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन और स्वर्ण समाज एकता मंच के बैनर तले प्रदर्शन किया जाएगा। बिहार में भी इस कानून को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। राजद और तेज प्रताप यादव ने खुलकर UGC बिल का समर्थन किया है। वहीं, भाजपा और उसके सहयोगी दलों की चुप्पी पर विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं। राजद का समर्थन, आरक्षित वर्गों के लिए ‘सुरक्षा कवच’ बताया राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने यूजीसी कानून 2026 का खुलकर समर्थन किया है। पार्टी प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा कि, यह कानून आरक्षित वर्गों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं, जिस पर बनी समिति ने अपनी रिपोर्ट दी थी। उसी रिपोर्ट के आधार पर यह कानून लाया गया है। भाजपा और दलित नेताओं की चुप्पी पर सवाल राजद प्रवक्ता शक्ति यादव ने भारतीय जनता पार्टी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि, 'सबसे बड़ा सवाल यह है कि केंद्र में सत्ता में बैठे दलित नेता चिराग पासवान और जीतन राम मांझी इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं। जब मामला दलित, आदिवासी और पिछड़े समाज के छात्रों से जुड़ा है, तब उनकी चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। बिहार सरकार ने दिए पुनर्विचार के संकेत बिहार सरकार के मंत्री संजय कुमार सिंह ने यूजीसी के नए प्रावधानों को लेकर हो रहे विरोध पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। मंत्री ने याद दिलाया कि इससे पहले भी कई नियम विरोध और सुझावों के बाद बदले गए हैं। यूजीसी बिल को तेज प्रताप यादव का खुला समर्थन राजद नेता तेज प्रताप यादव ने यूजीसी के नए नियमों को ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार लाए गए “Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026” कानून का मकसद विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में जातिगत भेदभाव को रोकना है।' दलित, आदिवासी और पिछड़ा समाज हमारे भाई-बहन- तेजप्रताप उन्होंने उन लोगों को भी जवाब दिया जो इस कानून को सनातन से जोड़कर देख रहे हैं। तेज प्रताप ने कहा कि 'दलित, आदिवासी और पिछड़ा समाज भी सनातन परंपरा का हिस्सा हैं और वे हमारे ही भाई-बहन हैं।' कांग्रेस ने उठाए एकतरफा चर्चा पर सवाल कांग्रेस ने UGC बिल को लेकर हो रही चर्चाओं को एकतरफा बताया है। पार्टी का कहना है कि यह समझने की जरूरत है कि इस कानून का दुरुपयोग आखिर क्यों और कैसे किया जाएगा। कांग्रेस ने सवाल किया कि क्या इस तरह की अफवाहें फैलाकर देश में अराजकता का माहौल नहीं बनाया जा रहा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी दलों को स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी मंशा क्या है। फिलहाल यह कानून बड़े संस्थानों में लागू भी नहीं हुआ है। फिर भी जिस तरह का माहौल बनाया जा रहा है, उसके पीछे कुछ खास वर्गों की सामंती सोच काम कर रही है। कांग्रेस ने कहा कि गरीबों और वंचितों को बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए और कानून में यदि कोई खामी है तो उस पर चर्चा होनी चाहिए। UGC के नए नियमों का विरोध क्यों? UGC ने 13 जनवरी को अपने नए नियमों को नोटिफाई किया था। इसका नाम है- 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन्स, 2026।' इसके तहत कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में जाति आधारित भेदभाव को रोकने के लिए विशेष समितियां, हेल्पलाइन और मॉनिटरिंग टीमें बनाने के निर्देश दिए हैं। ये टीमें खासतौर पर SC, ST और OBC छात्रों की शिकायतों को देखेंगी। सरकार का कहना है कि ये बदलाव उच्च शिक्षा संस्थानों में निष्पक्षता और जवाबदेही लाने के लिए किए गए हैं। हालांकि नियमों को जनरल कैटेगरी के खिलाफ बताकर विरोध हो रहा है। आलोचकों का कहना है कि सवर्ण छात्र ‘स्वाभाविक अपराधी’ बना दिए गए हैं। जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स का कहना है कि नए नियम कॉलेज या यूनिवर्सिटी कैंपसों में उनके खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा दे सकते हैं। इससे कॉलेजों में अराजकता पैदा होगी। दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने सिफारिश की थी सभी यूनिवर्सिटी, कॉलेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों में 'इक्विटी कमेटी' के गठन को अनिवार्य करने की सिफारिश संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी स्थायी समिति ने की थी। इस समिति के अध्यक्ष कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व CM दिग्विजय सिंह हैं। समिति में कुल 30 सदस्य हैं, जिनमें लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 9 सांसद शामिल हैं। इनमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद शामिल हैं। रोहित और डॉ. पायल का सुसाइड और SC का सख्त निर्देश UGC का यह नियम सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियों, सामाजिक दबाव और रोहित वेमुला और पायल तड़वी के सुसाइड जैसे मामलों से बने हालात का परिणाम बताया जा रहा है। अब जानिए रोहित और पायल के बारे में... इनके अलावा भी अनिकेत अंभोरे मामला (AIIMS दिल्ली), सेंथिल कुमार मामला (JNU, 2008),अमन कच्छू मामला (हिमाचल प्रदेश मेडिकल कॉलेज, 2009) इनके अलावा अन्य मेडिकल कॉलेज और केंद्रीय विश्वविद्यालयों के और भी जातिगत भेदभाव के मामले भी हैं, जिन पर सुप्रीम कोर्ट में चर्चा हुई है।
पहाड़ों में हो रही बर्फबारी की वजह से बिहार में भी फिर से ठंड बढ़ सकती है। पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण सहित 5 जिलों में आज बारिश हो सकती है। इन इलाकों में बादल छाए रह सकते हैं। इसके चलते आने वाले दिनों में रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 29 जनवरी से बिहार के कई जिलों में कोहरे का अलर्ट जारी किया है। खासकर उत्तर और मध्य बिहार के जिलों में सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। संभावित जिलों में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, वैशाली, पटना और बेगूसराय शामिल हैं। कोहरे के कारण सुबह के समय विजिबिलिटी कम रहने की आशंका जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, कोहरे की यह स्थिति 29 जनवरी से अगले 2 से 3 दिनों तक बनी रह सकती है। हालांकि दिन चढ़ने के साथ कोहरा धीरे-धीरे छंटने और धूप निकलने की संभावना है। पटना में सुबह के समय छाया रहेगा हल्का कोहरा राजधानी पटना में सुबह के समय हल्का कोहरा छाने और ठंड का असर महसूस किया जा सकता है। दिन में धूप निकलने से तापमान सामान्य रहेगा। बीते 24 घंटे में पटना का अधिकतम तापमान 13.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। देर शाम और सुबह ठंड अधिक रही, जबकि दिन में धूप निकलने के बावजूद हवा में ठंडक बनी रही। बिहार का मौसम अचानक क्यों बदला? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बिहार में इस समय मौसम में उतार-चढ़ाव का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ है। उत्तर-पश्चिम भारत से सक्रिय यह मौसमी सिस्टम अपने साथ नमी लेकर आ रहा है, जिसका असर खासकर बिहार के उत्तरी जिलों में देखने को मिल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बादलों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे कुछ जिलों में बारिश की स्थिति बन रही है। वहीं, रात के तापमान में गिरावट और हवा में बढ़ी नमी के कारण सुबह और शाम ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है।
जमुई में मंगलवार को सिकरिया स्थित जेएस क्रिकेट मैदान में बिहार ग्रामीण लीग का विधिवत आगाज हुआ। इस लीग का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के उन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मंच प्रदान करना है, जिन्हें अब तक डोमेस्टिक क्रिकेट में खेलने का अवसर नहीं मिला था। यह पहल ग्रामीण प्रतिभाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बिहार पूरे देश में पहला राज्य बन गया है जिसने विशेष रूप से ग्रामीण खिलाड़ियों के लिए ऐसी लीग की शुरुआत की है। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) ने इस लीग के लिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की थी। पंजीकृत खिलाड़ियों को वेबसाइट के जरिए ही ट्रायल की सूचना दी गई। जिला स्तर पर प्रतिनिधित्व का मौका मिलेगाजमुई जिला क्रिकेट संघ ने मंगलवार और बुधवार को ट्रायल की तिथि निर्धारित की थी। जिले के विभिन्न ग्रामीण इलाकों से दर्जनों युवा खिलाड़ी ट्रायल में शामिल हुए और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। चयनित खिलाड़ियों को जिला क्रिकेट संघ द्वारा आयोजित ग्रामीण लीग में खेलने का अवसर मिलेगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को जिला स्तर पर प्रतिनिधित्व करने का मौका दिया जाएगा। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन की पहल पूरे देश के लिए मिसालजिला क्रिकेट संघ के सचिव राजेश कुमार ने बताया कि बिहार क्रिकेट एसोसिएशन की यह पहल पूरे देश के लिए एक मिसाल है। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का एक सशक्त मंच मिलेगा। जिले से चयनित खिलाड़ी राज्य स्तर पर खेलेंगे, और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी भविष्य में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं।
सहरसा जिले के चार खिलाड़ियों का 69वीं राष्ट्रस्तरीय विद्यालय खेलकूद प्रतियोगिता के लिए बिहार टीम में चयन किया गया है। इनमें तीन छात्राएं और एक छात्र शामिल हैं। चयनित खिलाड़ियों में अंडर-17 बालिका वर्ग में मध्य विद्यालय मोहनपुर, सिमरी बख्तियारपुर की स्टूडेंट बिंदु कुमारी और स्मृति कुमारी शामिल हैं। वहीं, अंडर-14 बालिका वर्ग में कोमल कुमारी तथा अंडर-14 बालक वर्ग में पदमपुर निवासी आयुष कुमार का चयन हुआ है। इन सभी खिलाड़ियों को मध्य विद्यालय मोहनपुर, सिमरी बख्तियारपुर के शारीरिक शिक्षक राज किशोर गुप्ता और मध्य विद्यालय झपड़ाटोला के शारीरिक शिक्षक प्रमोद कुमार झा ने प्रशिक्षित और निर्देशित किया है। ये चयनित खिलाड़ी 28 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक महाराष्ट्र के नांदेड़ में आयोजित होने वाली राष्ट्र स्तरीय प्रतियोगिता में बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे। सहरसा से खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच रहेखिलाड़ियों के राष्ट्रीय स्तर पर चयन होने पर सहरसा जिला खेल पदाधिकारी वैभव कुमार ने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सहरसा जिले में खेल प्रतिभाओं की पहचान और उचित मार्गदर्शन से खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। नेटबॉल के सचिव सह शारीरिक शिक्षक राज किशोर गुप्ता के निरंतर प्रयासों का परिणाम है कि प्रत्येक वर्ष सहरसा से खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच रहे हैं। संरक्षक प्रमोद कुमार झा के दिशा-निर्देशन में जिले में नेटबॉल खेल लगातार प्रगति कर रहा है। कोषाध्यक्ष का भी योगदान रहाखिलाड़ियों के चयन पर नेटबॉल संघ के जिला संयोजक सह मोहनपुर ग्राम पंचायत के मुखिया संजीव कुमार जायसवाल चौधरी ने खिलाड़ियों को समय-समय पर पुरस्कार देकर सम्मानित करने की बात कही। इस उपलब्धि में अध्यक्ष आनंद कुमार झा और कोषाध्यक्ष ब्रजेश कुमार का भी योगदान रहा है। इस अवसर पर नेटबॉल एसोसिएशन ऑफ बिहार के सचिव संतोष कुमार, कोच कुश कुमार त्रिपाठी, कटिहार नेटबॉल एसोसिएशन के सचिव आनंद कुमार, बिहार टीम मैनेजर प्रधानाध्यापक राघव सिंह, हॉकी एसोसिएशन ऑफ सहरसा के अध्यक्ष सुनील कुमार झा सहित कई शिक्षाविदों और खेल प्रेमियों ने खिलाड़ियों को बधाई दी।
तेज रफ्तार बस ने फैक्ट्री कर्मचारी को कुचला, मौत:2 दिन पहचान नहीं हो सकी, अब बिहार से आए परिजन
भिवाड़ी के फूल बाग थाना क्षेत्र के नीलम चौक पर तेज रफ्तार बस ने पैदल जा रहे एक कंपनी कर्मचारी को कुचल दिया। जिससे उसकी मौत हो गई। एक्सीडेंट के दो दिन बाद तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी। अब बिहार से परिजन आए हैं।बिहार के सीतामढ़ी जिले के मानपुर गांव निवासी गोविंद झा पुत्र जुगल किशोर झा भिवाड़ी की दरगाह ऑटोमोबाइल कंपनी में काम करते हैं। 23 जनवरी को ड्यूटी के बाद वह पैदल किराए के मकान पर जा रहे थे। इसी दौरान नीलम चौक पर तेज रफ्तार निजी बस ने उन्हें टक्कर मार दी।हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल गोविंद झा को उपचार के लिए भिवाड़ी अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर उन्हें अलवर रैफर कर दिया गया। अलवर पहुंचने पर डॉक्टर मृत घोषित कर दिया। मृतक के पास कोई पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं मिलने के कारण पहले पहचान नहीं हो सकी थी। अब पहचान बिहार निवासी गोविंद झा के रूप में हुई। मंगलवार को परिजनों ने पोस्टमार्टम कराया। मृतक के दो बच्चे हैं।
गोल्डन टेंपल में बिहार की महिला को थप्पड़ मारने के 2 साल पुराने वीडियो पर हंगामा मच गया है। सोशल मीडिया पर इसे वायरल किया गया तो आशुतोष झा नाम के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने महिला से इस व्यवहार की आलोचना की। निहंग विक्की थॉमस ने इसका विरोध किया। दोनों के बीच विवाद हुआ तो मुंबई के एडवोकेट आशुतोष ने इन्फ्लुएंसर झा का समर्थन कर दिया। इसके बाद निहंग विक्की थॉमस भड़क गया। विक्की ने दोनों को देख लेने की धमकी दे दी। विक्की ने कहा कि मैं दिल्ली आ रहा हूं। तुम लोगों को ढूंढ निकालूंगा। विक्की थॉमस ने कुछ दिन पहले गोल्डन टेंपल सरोवर में कुल्ला करने वाले मुस्लिम युवक सुब्हान रंगरीज को भी गाजियाबाद से पकड़ा। जहां निहंगों ने युवक को थप्पड़ मारे। इसके बाद उससे माफी मंगवाकर गाजियाबाद पुलिस के हवाले कर दिया। सबसे पहले जानिए, वायरल वीडियो में क्या दिख रहागुरुद्वारे में कुछ लोग महिला को एक तरफ बैठा लेते हैं। फिर उसको पीटना शुरू कर देते हैं। महिला के बच्चे भी साथ मौजूद होते हैं। महिला कहती है कि मुझे क्यों पीटा जा रहा है। मैंने क्या किया है। मैंने कोई चोरी नहीं की है। मैंने कोई सामान भी नहीं उठाया है। इस पर मारपीट करने वाले कहते हैं कि तुम बीड़ी पी रही थी। महिला ने कहा कि मैंने बीड़ी नहीं पी। उसकी जेब में तंबाकू जरूर था लेकिन उसने इसका भी इस्तेमाल नहीं किया। इस पर मारपीट करने वाले कहते हैं कि तुम लोगों को मर्यादा पता नहीं है क्या। गुरुघर में तंबाकू लेकर आना मना है। महिला को थप्पड़ मारने का विवाद कैसे बढ़ा... आशुतोष झा के यूट्यूब पर 4.5 लाख फॉलोअर्सआशुतोष झा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं। अपने यूट्यूब चैनल आशुतोष झा थॉट्स पर वीडियो अपलोड करते हैं। उनके 4.5 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं। ज्यादातर धार्मिक, राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर राय साझा करते हैं। मूल रूप से बिहार के रहने वाले आशुतोष वर्तमान में दिल्ली में रह रहे हैं। हाल ही में अमृतसर के दरबार साहिब में एक महिला को थप्पड़ मारने की घटना की आलोचना करने के कारण निहंग विक्की थॉमस से धमकी मिली। इसके बाद से दोनों में सोशल मीडिया पर जंग छिड़ी है। निहंग विक्की थॉमस ने दोनों आशुतोष को क्या कहा एडवोकेट ने विक्की थॉमस के खिलाफ क्या किया
आजमगढ़ जिले के जहानागंज थाने की पुलिस ने अंतरराज्यीय शराब तस्करी गिरोह का खुलासा करते हुए मुठभेड़ में दो शराब तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह शराब तस्कर डीसीएम में 60 पेटी शराब लेकर बिहार तस्करी करने के लिए ले जा रहे थे। इसी दौरान जहानागंज थाने की पुलिस से चेकिंग के दौरान मुठभेड़ हो गई। पुलिस की इस मुठभेड़ में बिहार के छपरा के रहने वाले कुंदन कुमार के दाहिने पैर में गोली लगी है। जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भेजा गया है। जबकि दूसरे आरोपी रंजन कुमार को घेराबंदी करके गिरफ्तार कर लिया गया है। यह दोनों तस्कर आजमगढ़ से बिहार शराब की तस्करी किया करते थे। और बिहार में महंगी कीमतों पर शराब की बिक्री किया करते थे। और उससे जो मुनाफा मिलता था उसे आपस में बांट लिया करते थे। जहानागंज थाने की पुलिस को लगातार इस मामले की सूचना मिल रही थी। इसी आधार पर इन शराब तस्करों को गिरफ्तार करने का प्लान बनाया। और इसी के तहत दोनों तस्करों की गिरफ्तारी हुई। चेकिंग के दौरान हुई मुठभेड़ जहानागंज थाने के प्रभारी अतुल कुमार मिश्रा देर रात जहानागंज थाना क्षेत्र के लंगड़ा बाबा का स्थान ग्राम धनवा के पास अपनी टीम के।साथ चेकिंग कर रहे थे। इसी बीच एक संदिग्ध डीसीएम आती दिखाई दी। पुलिस ने जब डीसीएम को रोकने का प्रयास किया। तो डीसीएम पर सवार शराब तस्करों ने पुलिस पर फायर कर दिया और गाड़ी से उतरकर भागने लगे। पुलिस द्वारा की गई कंट्रोल फायरिंग में एक बदमाश के दाहिने पैर में गोली लगी है। घायल बदमाश की पहचान कुंदन कुमार पुत्र हरेंद्र राय छपरा बिहार के रूप में हुई है। जबकि दूसरे बदमाश रंजन कुमार को पुलिस ने घेराबंदी करके गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने जब डीसीएम की चेकिंग की तो डीसीएम के अंदर से 60 पेटी अवैध शराब बरामद की गई जिसकी कीमत 10 लाख रुपए से अधिक की बताई जा रही है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने तमंचा भी बरामद किया है। इस बारे में क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल ने बताया कि शराब तस्करों की लिंकेज को तलाशा जा रहा है। जिससे इस पूरे घटनाक्रम में शामिल आरोपियों की पहचान करके उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा सके।
रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप के फाइनल में बिहार ने मणिपुर को 568 रन से हराया
घरेलू क्रिकेट में बिहार का दबदबा लगातार बढ़ रहा है। पटना में खेले गए रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप के फाइनल में बिहार ने मणिपुर पर 568 रन से जीत दर्ज की है। बिहार ने दोनों पारियों में 500 से अधिक रन बनाए, जबकि मणिपुर दोनों पारियों को मिलाकर भी 500 रन नहीं बना सकी। पटना के मोइनुल हक स्टेडियम में 22 से 26 जनवरी के बीच खेले गए मैच में मणिपुर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। बिहार ने पहली पारी में कप्तान सकिबुल गनी के 108 और विकेटकीपर बल्लेबाज विपिन सौरभ के 143 रन की मदद से 522 रन बनाए थे। दसवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए सूरज कश्यप ने 83 रन बनाए थे। मणिपुर की पहली पारी 264 रन पर सिमट गई और पहली पारी के आधार पर बिहार से 258 रन से पिछड़ गई। बिहार ने दूसरी पारी 6 विकेट पर 505 रन बनाकर घोषित की थी। सलामी बल्लेबाज पियूष सिंह ने 322 गेंद पर नाबाद 216 रन बनाए। खालिद आलम ने 81 और रघुवेंद्र प्रताप सिंह ने 90 रन बनाए। पहली पारी में मिले 258 रन के आधार पर बिहार ने मणिपुर को जीत के लिए 764 रन का लक्ष्य दिया था। मणिपुर दूसरी पारी में सिर्फ 195 रन पर सिमट गई और 568 रन के बड़े अंतर से मैच हार गई। पहली पारी में मिले 258 रन के आधार पर बिहार ने मणिपुर को जीत के लिए 764 रन का लक्ष्य दिया था। Also Read: LIVE Cricket Score बिहार के कप्तान सकिबुल हसन को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। मणिपुर के फेरोइजम जोतिन सिंह को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। फेरोइजम ने 335 रन बनाने के साथ ही 15 विकेट लिए थे। Article Source: IANS
जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रदेश अध्यक्ष जय सिंह राठौड़ ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने सबसे पहले देश और बिहारवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही मीडिया से यह कहते हुए क्षमा भी मांगी कि पार्टी के आदरणीय नेता प्रताप काम की वजह से प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपस्थित नहीं हो सके। उनकी बातों को वह प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर सामने रख रहे हैं। 1 फरवरी को JJD कार्यकारिणी की बैठक प्रदेश अध्यक्ष जय सिंह राठौड़ ने बताया कि JJD की कार्यकारिणी की बैठक 1 फरवरी को आयोजित की जाएगी। इस बैठक में संगठन से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। खास तौर पर संगठन में अनुशासन बनाए रखने और पूरे बिहार में जनशक्ति जनता दल को मजबूत करने की रणनीति तय की जाएगी। निकाय उपचुनाव सहित अन्य चुनावों में उतरेगी JJD प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि, बिहार सरकार से जुड़े कई मुद्दे लगातार सामने आ रहे हैं, लेकिन उनकी पार्टी सकारात्मक राजनीति में विश्वास करती है। JJD न तो ब्लेम गेम की राजनीति करती है और न ही आरोप-प्रत्यारोप में विश्वास रखती है। उन्होंने आगे कहा कि, 'आने वाले समय में होने वाले स्थानीय निकाय उपचुनाव में पार्टी सक्रिय रूप से भागीदारी करेगी। इसके साथ ही शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव, जो कुल 9 प्रमंडलों में होने हैं, उनमें भी जनशक्ति जनता दल पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी। बंगाल विधानसभा चुनाव भी लड़ेगी पार्टी- प्रदेश अध्यक्ष जय सिंह राठौड़ ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी बंगाल विधानसभा चुनाव भी लड़ेगी। बंगाल में सीटों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में बिहारी आबादी अधिक है, JJD उन सीटों पर विशेष फोकस करेगी। उन्हें पूरा भरोसा है कि जनशक्ति जनता दल बंगाल में एक मजबूत राजनीतिक दल के रूप में उभरकर सामने आएगी। अंत में उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पार्टी से जुड़े सभी फैसलों और गतिविधियों की जानकारी मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से जनता तक पहुंचाई जाती रहेगी।
देवरिया में तीन साल से फरार दुष्कर्म आरोपी गिरफ्तार:बस स्टेशन से दबोचा गया, बिहार का रहने वाला था
देवरिया जिले में एक नाबालिग किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में तीन साल से फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को देवरिया रोडवेज बस स्टेशन से उस समय पकड़ा गया, जब वह कहीं बाहर जाने की फिराक में था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया। जानकारी के अनुसार, यह घटना तीन वर्ष पहले सदर कोतवाली क्षेत्र में हुई थी। बिहार निवासी एक युवक ने 16 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर अपहरण कर लिया था। इसके बाद आरोपी ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के परिजनों की तहरीर पर सदर कोतवाली देवरिया में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 363 (अपहरण), 366 (विवाह के लिए विवश करने के उद्देश्य से अपहरण), 376 (दुष्कर्म) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5J(II)/6 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही आरोपी लगातार फरार चल रहा था। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए देवरिया सहित बिहार के विभिन्न संभावित ठिकानों पर कई बार दबिश दी, लेकिन वह पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। इसी बीच, थाना एएचटी (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग) देवरिया पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी धन्नु उर्फ धनु साहनी देवरिया बस स्टेशन पर मौजूद है और कहीं बाहर जाने की तैयारी में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बस स्टेशन पर छापेमारी की और आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम धन्नु उर्फ धनु साहनी पुत्र प्रभुनाथ साहनी, निवासी गोहरुआ गांव, थाना गुठनी, जनपद सीवान (बिहार) बताया। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए उसे न्यायालय भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नाबालिगों से जुड़े अपराधों में फरार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
गलवान घाटी में चीन के साथ हुई हिंसक झड़प में हमारे 20 जवान शहीद हुए। इसमें 5 बिहार के थे। शहीदों की शहादत को 6 साल होने वाले है। गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प पर सलमान खान ‘बैटल ऑफ गलवान’ फिल्म भी बना रहे हैं। सलमान की इस फिल्म में बिहार के 5 जवानों की कहानी भी दिखाई देगी। वो कैसे लड़े और शहीद हुए। 14 अप्रैल को सलमान की मूवी रिलीज होगी। इस बीच 26 जनवरी के मौके पर दैनिक भास्कर के रिपोर्टर्स ने उन शहीदों के परिजन से मुलाकात की। शहीदों के परिवार आज किस हाल में हैं? उनकी शहादत कैसे हुई थी, सरकार की तरफ से उन्हें क्या मदद मिली? पढ़िए स्पेशल रिपोर्ट… सबसे पहले, सलमान खान गलवान जंग में जिस संतोष बाबू का कैरेक्टर प्ले कर रहे हैं, उस शहीद की कहानी गलवान में चीनी सैनिकों से झड़प में बिहार रेजिमेंट के 11 जवान शहीद थे। बिहार बटालियन का नेतृत्व कमांडिंग अफसर कर्नल संतोष बाबू कर रहे थे। शहीद संतोष बाबू तेलंगाना के सूर्यापेट के रहने वाले थे। शहीद संतोष ने हैदराबाद के सैनिक स्कूल में पढ़ाई की, फिर वे एनडीए के लिए चुने गए थे। शहीद कर्नल बी. संतोष बाबू की पत्नी संतोषी ने भास्कर से बातचीत में कहा, 'बेटा तो बहुत छोटा है, लेकिन बेटी को अपने पापा की बहुत याद आती है। अक्सर पूछती है कि, पापा कहां हैं? कब घर आएंगे? वो क्या कर रहे हैं?' बेटी के इन सवालों के जवाब में, संतोषी उन्हें पापा के पुराने फोटो दिखाती हैं। वो वीडियो दिखाती हैं, जो कभी साथ में शूट किए थे। पिकनिक की फोटो दिखाती हैं। संतोषी कहती हैं, 'बेटा, पापा अभी लद्दाख में हैं। देश के दुश्मनों से लड़ रहे हैं। बहुत अच्छा काम कर रहे हैं, इसलिए सरकार उन्हें पुरस्कार दे रही है।' शहीद संतोष के परिवार में माता-पिता और पत्नी के अलावा बेटी अभिगना (10) और बेटा अनिरुद्ध (5) हैं। संतोषी कहती हैं कि अगर मेरा बेटा भी सेना में जाना चाहेगा तो सपोर्ट करूंगी। पति को यूनिफॉर्म में देखकर बहुत गर्व होता था। यादें तो इसके अलावा भी बहुत सारी हैं। अब उन्हीं यादों के सहारे पूरी जिंदगी बितानी है। 2- पटना बिहटा के शहीद सुनील कुमार सुनील कुमार पटना के बिहटा ब्लॉक के सिकरिया पंचायत के तारापुर के रहने वाले थे। अब उनका पूरा परिवार सगुना मोड़ में रहता है। सुनील कुमार की शहादत को लगभग छह साल हो चुके हैं। उनकी शहादत के छह साल बाद गांव में स्मारक और सड़क बनाने की मांग अब तक अधूरी है। इस बीच एक साल पहले शहीद सुनील कुमार के पिता का निधन हो गया। सुनील 2002 में सेना में भर्ती हुए थे। गलवान में हुई झड़प के करीब एक साल पहले उनकी तैनाती पूर्वी लद्दाख के दुर्गम इलाके में हुई थी। गलवान युद्ध के समय उनकी उम्र 38 साल थी। पैतृक गांव के घर में केवल सुनील कुमार और उनके पिता की तस्वीरें हैं। ग्रामीणों ने बताया कि शहादत के दिन कई मंत्री, विधायक और सांसद हमारे गांव पहुंचे थे। शहीद के परिवार और ग्रामीणों ने मांग की थी कि गांव में शहीद सुनील कुमार का स्मारक बनाया जाए और उनके नाम पर गांव की सड़क का नामकरण हो। परिवार के सदस्य अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि, शहादत के बाद बिहार सरकार के मंत्री, विधायक और सांसद सभी लोग पहुंचे थे और कई वादे किए थे, जो आज भी अधूरे हैं। उन्होंने दोहराया कि उनकी मुख्य मांग है कि गांव की सड़क का नाम शहीद हवलदार सुनील कुमार के नाम पर रखा जाए और सिकरिया चौक के पास उनका स्मारक बने। स्थानीय सांसद-विधायक से ग्रामीण नाराज स्थानीय पंचायत प्रतिनिधी विवेक कुमार ने बताया कि, सरकार शहीद परिवार के लिए क्या अपनी छवि रखती है, वह दिख रहा है। स्थानीय सांसद-विधायक सभी लोग अब चुप बैठे हैं। कई बार हम लोगों ने उनसे बात की, लेकिन वह बात को महत्व नहीं दे रहे। शहीद के पिता इसी दुख में गुजर गए। उनकी मां की भी तबीयत खराब है। पूरा परिवार अब दानापुर में रह रहा है। पत्नी रीति देवी को पटना में क्लर्क की सरकारी नौकरी मिल चुकी है। उनकी तैनाती फिलहाल मनेर ब्लॉक में है। सबसे बड़ी बेटी सोनाली 16 साल की है। दो बेटे भी हैं, जिसमें 15 साल का आयुष और 10 साल का विराट है। शहीद सुनील कुमार की पत्नी रीति देवी ने बताया, 'वह दिसंबर 2019 में घर आए थे। तब एक महीने रुके थे। नवंबर में शादी की सालगिरह थी। जब सुनील घर आए थे तो उन्होंने अपनी सालगिरह भी मनाई थी। उनका हैदराबाद पोस्टिंग के लिए लेटर आ चुका था। उनकी यही प्लानिंग थी कि वापस आकर हैदराबाद शिफ्ट होंगे। उनके वापस जाने से पहले आने का टिकट भी हो चुका था। वे 15 अप्रैल को घर आने वाले थे, लेकिन लॉकडाउन के चलते घर नहीं आ पाए।' शहादत की खबर सुनकर आंखों के सामने छा गया था अंधेरा 15 जून 2020 को खबर आई कि चीनी सैनिकों के साथ झड़प हुई है। जब हमने फोन लगाया तो बताया गया कि बिहार रेजिमेंट में ही एक और सुनील कुमार हैं। आपके पति ठीक हैं। मगर सुबह 8 बजे उनके शहीद होने की सूचना दी गई। इसके बाद टीवी पर भी न्यूज चलने लगा।' 3- वैशाली के शहीद जयकिशोर सिंह वैशाली के जंदाहा थाना क्षेत्र के चकफतेह गांव के रहने वाले राज कपूर सिंह के बेटे जय किशोर सिंह 2018 में सेना में भर्ती हुए थे। तब उनकी उम्र 22 साल थी। उनकी गलवान में पहली पोस्टिंग थी। ये चार भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। उनके बड़े भाई नंद किशोर भी सेना के जवान हैं। उनके पिता राज कपूर सिंह किसान हैं। जय किशोर सिंह की शादी नहीं हुई थी। गांव के स्कूल की जमीन पर शहीद जय किशोर सिंह की मूर्ति लगी है। पिता राज कपूर सिंह कहते हैं कि गांव के ही हरिनाथ राम को पता नहीं क्या दिक्कत थी कि इसका निर्माण बीच में ही रोक दिया था, लेकिन जब मैंने इसकी शिकायत थाना अध्यक्ष से की, तो उन्होंने भी हरिनाथ का ही पक्ष लिया। फिलहाल, मूर्ति के पास न तो बाउंड्री है और न ही उसे सही तरीके से बनाया गया है। एक बेटा शहीद हुआ है, एक और भेजेंगे लेकिन डरेंगे नहीं जब जयकिशोर सिंह शहीद हुए थे, तब उनके बड़े भाई नंद किशोर सिक्किम में पोस्टेड थे। पिता राज कपूर सिंह बताते हैं कि जय किशोर की शहादत की खबर नंद किशोर को सबसे पहले मिली थी। वे बताते हैं कि मेरा बेटा सेना में भर्ती हुआ था, तब काफी खुश था। जब भी बात होती थी तो कहता था कि कोई दिक्कत नहीं है और मन लग रहा है। राज कपूर सिंह कहते हैं कि एक और छोटा बेटा है, उसे भी हम सेना में भेजेंगे। एक के शहीद होने से हम डरने वाले नहीं हैं। उलड़ाई लगा है तो पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं है। हमेशा कदम अगाड़ी रहता है। तुम एक मारोगे हम इधर से एक और भेजेंगे। गांव के लोग नहीं बनने दे रहे हैं स्मारक शहीद के पिता राज कपूर सिंह बताते हैं कि बिहार सरकार की तरफ से छोटे बेटे को नौकरी मिली है, लेकिन दुख इस बात का है कि अभी तक मेरे भाई का स्मारक नहीं बना है। जब भी प्रशासन के पास जाता हूं तो आज आना कल आना करके टाल देते हैं। हम जमीन देने के लिए भी तैयार हैं, लेकिन गांव के लोग अड़चन लगा रहे हैं। 4- समस्तीपुर के शहीद अमन कुमार सिंह मेरा बेटा 16 जून 2020 में देश के लिए शहीद हो गया। 20 जून को उसके पार्थिव शरीर के सामने बिहार सरकार से तत्कालीन मंत्री महेश्वर हजारी ने गांव में शहीद के नाम पर सड़क बनाने की घोषणा की थी। उनके साथ तत्कालीन डिप्टी सीएम सुशील मोदी भी थे, लेकिन 6 साल होने को हैं, लेकिन सड़क नहीं बना, बेटे का स्मारक भी नहीं बना। सड़क बनाना तो मेरे वश की बात नहीं है, लेकिन बेटे का स्मारक अब खुद के पैसे से ही बनाऊंगा। सरकार का अब इंतजार नहीं कर सकता हूं। ये कहते हुए बेटे की याद में शहीद अमन कुमार सिंह के पिता सुधीर कुमार सिंह की आंखें नम हो जाती हैं। जिला मुख्यालय से करीब 65 किलोमीटर दूर मोहिउद्दीननगर के सुल्तानपुर गंगा दियारा के छोटे गांव में शहीद अमन सिंह का मकान है। देश के लिए शहीद होने से एक साल पहले ही अमन सिंह की शादी हुई थी। सुधीर सिंह बताते हैं कि जब अमन आखिरी बार घर से निकले थे तो कहा था कि लौटूंगा तो आपका और मम्मी का इलाज सेना के हॉस्पिटल में कराऊंगा। सुधीर कुमार सिंह बताते हैं कि आज 77वां गणतंत्र दिवस है, लेकिन हमारे गांव में आने-जाने के लिए पक्की सड़क नहीं है। बरसात के दिनों में लोगों को पानी में घुसकर गांव आना-जाना पड़ता है। वे बताते हैं कि सरकार की ओर से उनकी बहू को सरकारी नौकरी मिली है। वो अंचल कार्यालय में पोस्टेड है। 15 महीने पहले हुई थी शादी सुधीर सिंह बताते हैं कि शहादत से मात्र 15 महीने पहले ही अमन की शादी हुई थी। 24 साल के अमन 2014 में आर्मी में भर्ती हुए थे। पिछले दो साल से वे गलवान में तैनात थे। साल 2020 में उनकी पोस्टिंग हैदराबाद के लिए हुई थी, लेकिन कोरोना के चलते वे नहीं जा सके। सुधीर सिंह कहते हैं कि अमन आखिरी बार फरवरी में घर आया था और जुलाई में आने की बात कही थी। उनसे फोन पर भी नेटवर्क के चलते रोज बात नहीं होती थी। हफ्ते में एक दो बार ही फोन आता था। आखिरी बार शायद 11 तारीख को मेरी बात हुई थी। तब तक सब कुछ ठीक था। उन्होंने चीन या किसी तरह के तनाव की बात नहीं बताई थी। 16 जून की रात उसके यूनिट से शहादत की खबर मिली थी। 5- सहरसा के शहीद कुंदन कुमार सहरसा के सत्तरकटैया प्रखंड के आरण गांव के रहने वाले निमेंद्र यादव के दो बेटे में कुंदन सबसे छोटे थे। कुंदन 2012 में बिहार रेजीमेंट 16वीं बटालियन में बतौर सिपाही भर्ती हुए थे। उनकी पहली पोस्टिंग अरुणाचल प्रदेश फिर जम्मू कश्मीर उसके बाद लद्दाख में की गई थी। कुंदन कुमार यादव के परिवार को सरकारी वादों का अब भी इंतजार है। उनका परिवार आज भी जिला मुख्यालय से लेकर राजधानी पटना तक चक्कर काटने को मजबूर हैं। पिता ने बताया कि शहादत के बाद बिहार सरकार ने 5 कट्टा जमीन देने का वादा किया था, लेकिन 6 साल बाद भी जमीन का वादा पूरा नहीं किया जा सका है। कुंदन के पिता ने बताया कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार की ओर से स्मारक का वादा पूरा किया जा चुका है और शहीद बेटे की पत्नी को सरकारी नौकरी के साथ-साथ मुआवजे की रकम भी मिल चुकी है। राज्य सरकार ने कुंदन की पत्नी बेबी कुमारी को सहरसा के डीसीएलआर ऑफिस में क्लर्क की नौकरी दी है। कुंदन को दो बेटे 9 साल का रोशन और 6 साल का राणा है। 'बेटा शहीद हुआ तो क्या, अब दोनों पोतों को भी फौज में भेजेंगे' जब कुंदन शहीद हुए थे, तब उनके पिता निमेंद्र यादव ने कहा था कि मेरा बेटा शहीद हो गया, दुख तो बहुत है। उसी पर घर-परिवार का सारा अरमान था। हम खेती-किसानी करते हैं। इकलौता वही कमाने वाला था। कहकर गया था कि अबकी बार छुट्टी लेकर आएंगे तो मकान बनवाएंगे। उन्होंने कहा कि जिस दिन मुझे उसकी शहादत की खबर मिली उसी दिन मन में ठान लिया कि अपने दोनों पोतों को भी फौज में भेजूंगा। आखिरी बार 11 जून को उनकी बात कुंदन से हुई थी। पहाड़ों पर नेटवर्क नहीं होने के चलते हफ्ते में एक बार बात होती थी। जल्द ही छुट्टी लेकर घर आने की बात उन्होंने पत्नी से कही थी। कुंदन साल 2012 में सेना में शामिल हुए थे। 2013 में उनकी शादी मधेपुरा जिले के घैलाढ़ थाना क्षेत्र के इनरबा गांव की बेबी कुमारी से हुई थी। अब जानिए, 15-16 जून की रात को गलवान में क्या हुआ था, झड़प की कहानी क्या है? गलवान घाटी में चीन और भारत के सैनिकों में झड़प की वजह पड़ोसी देश की एक ऑब्जर्वेशनल पोस्ट थी। चीन ने ठीक एलएसी पर एक ऑब्जर्वेशन पोस्ट बना ली थी। भारतीय सेना को इस स्ट्रक्चर पर आपत्ति थी। 16 बिहार इन्फैन्ट्री रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू इसे लेकर कई बार चीनी कमांडर को आपत्ति दर्ज करवा चुके थे। एक बार उनके कहने पर चीन ने इस कैम्प को हटा भी दिया, लेकिन 14 जून को अचानक फिर से ये कैम्प खड़ा कर दिया गया। कर्नल संतोष के जवान उस कैम्प को खुद उखाड़ फेंकना चाहते थे, लेकिन तभी उन्होंने खुद कैम्प तक जाकर चीन के सैनिकों से बात करने का फैसला किया। शाम 4 बजे के आसपास वो अपने 40 जवानों के जवानों को लेकर पैदल उस कैम्प तक चले गए। जैसे ही कर्नल संतोष ने सवाल किया एक चीनी सैनिक ने आकर उन्हें धक्का दिया और गालियां देने लगा। ऐसा देखते ही 16 बिहार इंफैन्ट्री रेजिमेंट के सैनिकों को गुस्सा आ गया और उन्होंने चीन के सैनिकों को पीटना शुरू कर दिया। मुक्केबाजी में दोनों ओर के सैनिक घायल हो गए। गुस्साए भारतीय सैनिकों चीन के ऑब्जर्वेशन पोस्ट को तहस-नहस कर दिया। इसी बीच कर्नल संतोष ने घायल सैनिकों को वापस पोस्ट पर भेज दिया और वहां से और सैनिकों को बुलवाया। 15 जून की शाम को शुरू हुई लड़ाई आधी रात तक चलती रही धीरे-धीरे अंधेरा होने लगा था और वहां भारतीय और चीन सैनिक जमावड़ा बढ़ता जा रहा था। तभी अचानक एक बड़ा पत्थर कर्नल संतोष के सिर पर आकर गिरा। फिर दोनों ओर से पथराव होने लगा और एक घंटे तक ये गुत्थम-गुत्था झगड़ा चलता रहा। कुछ ही देर में ये खूनखराबे में बदल गया। चीन के लगभग 300 सैनिक थे और इनका सामना करने के लिए भारतीय जवानों की संख्या 45 से 50 थी। भारतीय सैनिकों के पास हथियार तो थे, लेकिन वो उनका इस्तेमाल नहीं कर रहे थे। वहीं चीन के सैनिकों ने इस झगड़े की प्री-प्लानिंग के लिए कंटीले तार बंधे डंडे, लोहे की रॉड और बड़े बोल्डर पत्थर जमाकर रखे थे। मानों वो भारतीय सैनिकों के इंतजार में बैठे हों। उस रात इंडियन आर्मी ने कर्नल समेत 20 जवानों को खोया चीन के सैनिक जब इन सब सामान का इस्तेमाल कर भारतीय जवानों पर हमला कर रहे थे। तब तक हर इन्फेंट्री बटालियन में तैनात भारतीय सेना की घातक प्लाटून वहां पहुंच गई। उन सैनिकों ने चीन के सोल्जर्स पर जमकर हमला किया, जिसमें चीन के सैनिकों की गर्दन और रीढ़ की हड्डी तक टूट गई। झगड़ा गलवान घाटी के किनारे खड़ी खाई के ठीक पास चल रहा था। यही वजह थी कि जब चीन और भारतीय सैनिक के बीच खूनखराबा हुआ तो कुछ सैनिक जाकर नीचे गलवान नाले में गिर गए। इनमें भारतीय भी थे और चीन के सैनिक भी। उस रात भारतीय सेना ने कर्नल संतोष समेत 20 जवानों को खोया, जबकि चीन के 16-20 सैनिकों की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि 17 गंभीर घायल जवानों ने बाद में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
सुनील कुमार सिंह बने बिहार समाज समिति के अध्यक्ष, शिविर में 56 यूनिट रक्त संग्रहित
उदयपुर | बिहार समाज समिति का चुनाव रविवार को उदयपुर में निर्विरोध संपन्न हुआ। चुनाव स्थापना दिवस के अवसर पर कराया गया। अध्यक्ष पद पर सुनील कुमार सिंह चुने गए। सचिव प्रवीण सिंह और कोषाध्यक्ष गोकुल झा निर्विरोध निर्वाचित हुए। चुनाव अधिकारी अधिवक्ता चेतन पुरी गोस्वामी और प्रकाश चंद्र टेलर रहे। स्थापना दिवस पर रक्तदान शिविर लगाया गया। इसमें करीब 56 यूनिट रक्तदान हुआ। कार्यकारिणी में मनोज आर्या, रंजन पांडे, माया सिंहा, योगेंद्र सिंह, संतोष उपाध्याय, सिम्मी ठाकुर, प्रवीण झा, विनोद सिंह, राज सिंह, सुशील कुमार, कन्हैया प्रसाद, सकेंद्र शर्मा, सारदा जायसवाल और छवि नाथ यादव शामिल हैं। संजय जायसवाल, दिना नाथ सिंह, लाल बाबू सिंह और मुकेश सिंहा मौजूद रहे। कार्यक्रम में समाज के हजारों लोग शामिल हुए।
जननायक कर्पूरी ठाकुर हम सबके लिए आदर्श उनका जीवन बिहार के लिए समर्पित रहा : मंत्री
नौतन | बेतिया-अरेराज नौका टोला कर्पूरी चौक पर राज्य सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार व वाल्मीकिनगर सांसद सुनील कुमार ने माल्यार्पण किया। उनके साथ जिला पार्षद 35 के मनोज कुशवाहा भी शामिल रहे। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि कर्पूरी जी हम सभी के आदर्श थे। उनके पदचिह्न पर चलने का हम सभी प्रयास करते हैं। उनका जीवन बिहार के लिए समर्पित रहा। उन्होंने सभी वर्गों के लिए मिसाल कायम किया। ऐसा मिसाल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कायम कर सकते हैं। सांसद सुनील कुमार ने बताया कि पूज्य पिताजी बैद्यनाथ प्रसाद महतो के द्वारा यह कार्यक्रम चलाया गया था। हर साल कन्याओं की शादी करवाई जाती है। मनोज कुशवाहा, अरुण कुशवाहा, कृष्ण ठाकुर, शंभू कुशवाहा, दयानंद कुशवाहा, वीरेंद्र कुशवाहा, पारस कुशवाहा, हीरामन प्रसाद, चंद्रिका प्रसाद, पूर्व प्रमुख मजहर आलम, भुनेश्वर सिंह, शंभू कुशवाहा, मीना देवी, राधा प्रसाद आदि लोग मौजूद रहे।
समस्तीपुर में मतदाता दिवस के मौके पर आज कलेक्ट्रेट के सभागार में डीडीसी सूर्य प्रताप सिंह की अध्यक्षता में मतदाता दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर विधानसभा चुनाव में बेहतर काम करने वाले कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। जिला मुख्यालय के साथ ही जिले के सभी 3603 मतदान केंद्रों पर मतदाता दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जहां पर सभी लोगों को मतदान के अधिकार का प्रयोग आने वाले चुनाव में करने का आह्वान किया गया। इससे पहले दीप जला कर डीडीसी सूर्य प्रताप सिंह,एडीएम ब्रजेश कुमार ने कार्यक्रम की शुरुआत की। बिहार में सबसे अधिक समस्तीपुर में मतदान डीडीसी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि पिछले विधानसभा में बिहार में सबसे अधिक समस्तीपुर में मतदान हुआ। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से मतदान के प्रति लोगों को जागरूक करने का परिणाम था। इसके साथ जिले में स्वच्छ मतदान संपन्न हुआ। चुनाव के दौरान कहीं भी शिकायत सामने नहीं आी। जिसका परिणाम है कि समस्तीपुर के डीएम को आज राष्ट्रपति से अवॉर्ड मिला है। जबकि, जिले के अन्य आरओ को राज्य सरकार दिया पुरस्कृत किया गया है। अधिकारी व कर्मियों को दिलाई गई शपथ डीडीसी ने सभी अधिकारी व कर्मियों को शपथ दिलाई । भारत के नागरिक, लोक तंत्र में अपनी, पूर्ण आस्था रखते हुए यह शपथ लेते है कि हम अपने देश की लोकतांत्रिक परंपराओं की मर्यादा को बनाएं रखेंगे।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को मुंगेर जिले के तारापुर विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संग्रामपुर प्रखंड के खैरा गांव में आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के बाद उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए विकास और कानून-व्यवस्था पर सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। जनसभा को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर सरकार की योजनाओं को जमीन पर उतारने की बात कही। विकास की गति तेज करने का दिया आश्वासन डिप्टी सीएम ने आश्वासन दिया कि आने वाले समय में तारापुर और आसपास के इलाकों में विकास की गति तेज होगी, जिससे आम लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा। अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने अपराध और अपराधियों के प्रति सख्त रुख अपनाया। उन्होंने खुले मंच से अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बिहार में अब अपराधियों को माला पहनाने का काम नहीं, बल्कि माला चढ़ाने का काम किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में अपराध के लिए कोई जगह नहीं है और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नीट छात्राकांड का पारदर्शिता से होगी जांच डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने नीट छात्राकांड का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस गंभीर घटना की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकार पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। चौधरी ने कहा कि पुलिस को अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पूरी छूट दी गई है। पुलिस लगातार अपराधियों पर शिकंजा कस रही है और यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून का राज स्थापित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभा के अंत में सम्राट चौधरी ने लोगों से विकास और सुशासन के लिए सरकार का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग से ही बिहार को अपराधमुक्त और विकसित राज्य बनाया जा सकता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, पार्टी कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।
रणजी ट्रॉफी 2026-27 के प्लेट ग्रुप फाइनल मुकाबले का आज आखिरी दिन है। आज बिहार टीम खिताब अपने नाम कर सकती है, क्योंकि मणिपुर अभी बिहार से 342 रन पीछे है। बिहार ने अपनी पहली पारी में 135.5 ओवर में 522 रन बनाया। वहीं, मणिपुर अपनी पहली पारी में 264 रन पर ऑल आउट हो गयी। बिहार ने दूसरी पारी में तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक 2 विकेट के नुकसान पर 84 रन बना लिए हैं। आज बिहार अपना खेल जारी रखेगी। आज के मैच जीतने के बाद बिहार एलीट ग्रुप में पहुंच जाएगा। मणिपुर टीम की ओर से रोनाल्ड एम ने बनाए 79 रन मणिपुर टीम की ओर से रोनाल्ड एम ने 79 रन बनाए, जबकि जॉटिन 25, उल्लेनाई 26 और जॉनसन 34 रन बनाया। बिहार की गेंदबाजी ने लगातार दबाव बनाए रखा। सूरज कश्यप ने प्रभावी गेंदबाजी करते हुए 16.1 ओवर 5 मेडन 34 रन 3 विकेट झटके। वहीं, हिमांशु सिंह ने दो सफलताएं अर्जित की। प्रशांत कुमार सिंह ने भी कसी हुई लाइन और लेंथ के साथ दो विकेट हासिल किए। खालिद और आकाश राज ने 1-1 विकेट चटकाए। बिहार के दो खिलाड़ियों ने जड़ा शतक दूसरी पारी में बिहार की शुरुआत संतुलित रही। मंगल महरौर ने 31 रन और आयुष लोहारूका 1 रन बनाया, जबकि पीयूष कुमार सिंह 32 रन बनाकर नाबाद लौटे। दोनों के बीच हुई साझेदारी ने टीम को स्थिरता प्रदान की। आकाश राज अभी 12 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं। पहली पारी में बिहार के कप्तान सक़िल गनी ने 108 और बिपिन सौरभ ने 143 रन की प्रभावी पारी खेल कर टीम को मजबूत स्थिति तक पहुंचा दिया है। शुरुआती ओवरों में टीम को कुछ विकेट गंवाने पड़े बिहार टीम को पहली पारी के शुरुआती ओवरों में कुछ विकेट गंवाने पड़े। हिमांशु सिंह और पियूष कुमार सिंह जल्दी पवेलियन लौट गए, जबकि मंगलमय महरौर ने 43 रन और आकाश राज ने 101 गेंदों पर 50 रन बनाकर पारी को संभाला। मणिपुर की ओर से गेंदबाजी में रेक्स और जोतिन फेइरोइजाम ने दो-दो विकेट हासिल किए, जबकि अन्य गेंदबाजों ने भी अनुशासित लाइन और लेंथ के साथ प्रयास किया।
औरंगाबाद जिले के देव स्थित ऐतिहासिक रानी तालाब परिसर में आज से तीन दिवसीय सूर्य महोत्सव का भव्य आगाज होगा। आयोजन को लेकर सारी तैयारियां पूरी की जा चुकी है। पर्यटन विभाग, बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन के संयुक्त देखरेख में आयोजित यह महोत्सव धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तीन दिवसीय इस आयोजन को लेकर देव सहित पूरे जिले में उत्साह का माहौल है। सूर्य महोत्सव का भव्य उद्घाटन रविवार को दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक उद्घाटन सत्र के साथ होगा। उद्घाटन समारोह के मुख्य उद्घाटनकर्ता माननीय अवधेश नारायण सिंह, सभापति बिहार विधान परिषद होंगे। इस अवसर पर बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री सह प्रभारी मंत्री औरंगाबाद डॉ. संतोष कुमार सुमन तथा पर्यटन विभाग सह कला एवं संस्कृति विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद की विशेष उपस्थिति रहेगी। अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में औरंगाबाद के सांसद अभय कुमार सिन्हा एवं काराकाट के सांसद राजाराम सिंह शामिल होंगे। वहीं, बिहार विधान परिषद के सदस्य दिलीप कुमार सिंह, जीवन कुमार सहित कई विधायक, जनप्रतिनिधि और गणमान्य अतिथि कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। 25 जनवरी को उद्घाटन समारोह और बॉलीवुड नाइट उद्घाटन सत्र के बाद शाम 6 बजे से 6:30 बजे तक मशहूर गायिका प्राची पल्लवी साहु की सांस्कृतिक प्रस्तुति होगी। इसके पश्चात शाम 6:30 बजे से रात 9:30 बजे तक इंडियन आइडल सीजन-12 के विजेता और सुप्रसिद्ध बॉलीवुड गायक पवनदीप राजन अपनी गायकी से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। 26 की शाम में भोजपुरी गायिका कल्पना पटवारी की प्रस्तुति महोत्सव के दूसरे दिन 26 जनवरी यानि सोमवार को सुबह 10:00 बजे से 12:00 बजे तक मुख्य मंच पर जिला स्तरीय क्विज प्रतियोगिता का फाइनल आयोजित किया जाएगा। इसके बाद दोपहर 12:00 बजे से 1:00 बजे तक खो-खो, कबड्डी, फुटबॉल और स्लो साइकिल रेस जैसी जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं होंगी। दोपहर 1:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक राज्य स्तरीय कलाकारों की प्रस्तुति होगी, जबकि शाम 6:00 बजे से 9:30 बजे तक सुप्रसिद्ध लोक गायिका कल्पना पटवारी अपने लोक गीतों से महोत्सव में चार चांद लगाएंगी। 27 जनवरी को प्रतियोगिताएं और समापन समारोह महोत्सव के अंतिम दिन 27 जनवरी को सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक सरस मेला मैदान में पेंटिंग, मेंहदी और रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इसी समय राजा जगन्नाथ उच्च माध्यमिक विद्यालय, देव के खेल मैदान में जिला स्तरीय निबंध प्रतियोगिता आयोजित होगी। दोपहर 12 :00 बजे से शाम 5:00बजे तक स्थानीय कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। इसके बाद शाम 5:00 बजे से 6:00 बजे तक विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। शाम 6:00 बजे से 6:30 बजे तक धन्यवाद ज्ञापन के साथ सूर्य महोत्सव का विधिवत समापन होगा।आयोजन समिति और जिला प्रशासन ने बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद जताई है। सूर्य महोत्सव न केवल देव के सूर्य मंदिर की ऐतिहासिक महत्ता को उजागर करेगा, बल्कि औरंगाबाद जिले को पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान भी दिलाएगा। भव्य तरीके से की यह सूर्य मंदिर की सजावट आयोजन को लेकर देव सूर्य मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया है। गर्भ ग्रह से लेकर मंदिर के प्रवेश द्वार तक फूल और लाइटिंग से आकर्षक सजावट की गई है। जिससे सूर्य मंदिर की खूबसूरती में चार चांद लग रहा है। सूर्य मंदिर में विधिवत पूजा अर्चना के साथ रथ यात्रा और महोत्सव का आगाज होगा। रथ यात्रा का भी किया जाता है आयोजन रविवार को ही देव पर्यटन विकास केंद्र के द्वारा भव्य रथ यात्रा का आयोजन किया जाता है। जो देव सूर्य मंदिर से शुरू होकर मुख्य बाजार होते हुए सूर्यकुंड तालाब तक जाती है। समिति के द्वारा आयोजन की तैयारी पूरी कर ली गई है। आयोजन को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
बिहार पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और बलिया थाना की पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर घेराबंदी कर 7 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनकी निशानदेही पर हथियार और गोली भी बरामद किए गए हैं।यह सभी बिहार सरकार का बोर्ड लगे उजले रंग के स्कॉर्पियो पर सवार होकर दियारा की ओर से आ रहे थे। तभी रास्ते में घेराबंदी कर पुलिस टीम ने पकड़ लिया है। पकड़े गए बदमाशों की पहचान बलिया थाना क्षेत्र के शादीपुर (कासिमपुर) के रहने वाले संजीव कुमार उर्फ पप्पू (48), सम्पूर्ण कुमार (35), संजय कुमार (25), धीरज कुमार (30) एवं सिंटु कुमार उर्फ सिंटुनिया, नौरंगा दियारा के रहने वाले शुभम कुमार (22) तथा खगड़िया जिला के परवत्ता थाना क्षेत्र के कबेला गांव के रहने वाले चंदन कुमार (32) के रूप में की गई है। एसटीएफ की टीम की ओर से बलिया थाना को दी गई थी सूचना एसपी मनीष ने बताया कि बेगूसराय में मौजूद STF टीम की ओर से बलिया थाना को सूचना दी गई कि एक स्कॉर्पियो पर दियारा के तरफ से कुछ कुछ बदमाश घटना को अंजाम देने के लिए बलिया की ओर रहे है। जिसे त्वरित कार्रवाई करने पर पकड़ा जा सकता है। इनपुट मिलते ही पुलिस दियारा रुट में एक्टिव हो गई। इधर वरीय पदाधिकारी को सूचना देते हुए एसटीएफ की टीम भी बलिया पहुंच गई। बलिया थाना की गश्ती टीम एवं STF की टीम ने दियारा क्षेत्र में घेराबंदी कर दिया। इसी बीच दियारा की ओर से Govt Of Bihar DPO बेगूसराय का साईन बोर्ड लगा स्कॉर्पियो आते दिखा। लेकिन पुलिस टीम को देखकर स्कॉर्पियो तेजी से लेकर भागने लगा। यह देख पुलिस टीम ने पीछा करना शुरू कर दिया और मनेसरपुर के समीप घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। बदमाशों की निशानदेही पर देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद BR08P-3501 नंबर के स्कॉर्पियो पर सवार संजीव कुमार उर्फ पप्पू, सम्पूर्ण कुमार, संजय कुमार, धीरज कुमार, सिंटु कुमार, शुभम कुमार एवं चंदन कुमार के पास से 1-1 मोबाइल बरामद किया गया। जांच के दौरान सिंटु कुमार के मोबाइल में कई हथियार का फोटो मिला है। पूछताछ में शुभम कुमार बताया कि सिंटु कुमार के घर में हथियार-गोली रखा है। इसके बाद सिंटु कुमार के शादीपुर स्थित घर से 1 देशी कट्टा और 4 गोली बरामद किया गया। सभी बदमाशों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है पूछताछ करने पर बदमाशों ने बताया है कि हमलोगों का एक गिरोह है, जिसका सरगना संजीव कुमार उर्फ पप्पू है। धीरज कुमार DPO बेगूसराय का साईन बोर्ड लगाकर स्कॉर्पियो गाड़ी लेकर जाता, जिससे कोई शक नहीं करता और हमलोग घटना को अंजाम देते थे। पूर्व में कई घटना को अंजाम दे चुके हैं। फिलहाल पुलिस टीम पकड़े गए बदमाशों से पूछताछ एवं आगे की कार्रवाई कर रही है। सभी का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।
बेगूसराय में पहली बार बरौनी के हर्ल खाद कारखाना के मैदान में बिहार डेयरी एंड कैटल एक्सपो का आयोजन किया जाएगा। पशुपालकों की मांग पर आयोजित होने वाले इस एक्सपो में मुख्य आकर्षण का केंद्र हरियाणा के प्रसिद्ध किसान पद्मश्री नरेश सिंह का मुर्रा नस्ल का 15 करोड़ का भैंसा विधायक। विधायक नाम से प्रसिद्ध यह भैंसा असाधारण सुंदरता, ताकत और उच्च गुणवत्ता वाले सीमन के लिए जाना जाता है। उन्होंने बताया- इसकी सीमन क्वालिटी खास है। एक डोज की कीमत 300 रुपए है। हर साल करीब 40-50 लाख रुपए का सीमन बिकता है। भैंसा जहां रहता है, वहां एसी लगे हैं। डाइट में काजू, बादाम, मेवे और पनीर खाता है। 28, 29 और 30 जनवरी को आयोजित होने वाले इस एक्सपो में मवेशियों की सबसे बड़ी प्रदर्शनी लगेगी। इसके साथ ही मिल्किंग प्रतियोगिता तथा तकनीकी और वैज्ञानिक सत्र का भी आयोजन किया जाएगा। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के सहयोग से किया जा रहा एक्सपो का आयोजन एक्सपो का आयोजन बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के सहयोग तथा बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय पटना के समर्थन से कृषिका द्वारा किया जा रहा है। जिसमें बिहार स्टेट मिल्क कोऑपरेटिव फेडरेशन (कॉम्फेड) के तहत आने वाले मिल्क यूनियनों एवं सहकारी समितियों की सक्रिय भागीदारी रहेगी। आयोजन इस क्षेत्र के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा। जहां वे तकनीकी सत्र के दौरान विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर सकेंगे। इसके साथ ही किसानों को प्रदर्शनी स्टॉल्स पर विभिन्न तरह के 60 से अधिक पशु उत्पाद, दवाइयां, डेयरी यंत्र, डेयरी उत्पाद यंत्र के अलावा खाद्य पदार्थों से मिलने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा विभिन्न कंपनियों द्वारा डेयरी एवं अन्य तरह के उत्पादों की प्रदर्शनी भी देखने को मिलेगी। एक्सपो के दौरान मिल्किंग प्रतियोगिता भी होगी, जिसमें चार अलग-अलग तरह की प्रतियोगिताएं शामिल की गई हैं। भैंस की मिल्किंग प्रतियोगिता भी होगी प्रतियोगिता में एचएफ नस्ल, जर्सी, देसी नस्ल की गाय के अलावा भैंस की मिल्किंग प्रतियोगिता होगी। जिसमें एचएफ नस्ल की 30 लीटर या उससे अधिक दूध देने वाली गाय को शामिल किया जाएगा। दूध निकालने की प्रतियोगिता में जर्सी के लिए 20 लीटर या उससे अधिक, देसी के लिए 12 लीटर या उससे अधिक तथा भैंस के लिए प्रतिदिन कम से कम 15 लीटर या उससे अधिक लीटर दूध देने वाले पशुओं को शामिल किया जाएगा। विजेता को 51 हजार तक का पुरस्कार मिलेगा। पद्मश्री से सम्मानित नरेंद्र सिंह का है भैंसा ‘विधायक’ प्रगतिशील किसान और आयोजन समिति के ब्रजेश कुमार ने बताया कि एक्सपो का मुख्य आकर्षण होगा हरियाणा से आ रहा 15 करोड़ का भैंसा विधायक। मुर्रा नस्ल का यह विधायक नाम का भैंसा पानीपत के प्रगतिशील किसान और पद्मश्री से सम्मानित नरेंद्र सिंह का है। इस भैंसा को लाने का उद्देश्य यह है कि हरियाणा और पंजाब जैसे राज्य इतने आगे है कि वहां के किसान 15 करोड़ का भैंसा तैयार कर लेते हैं। जबकि हम बिहार में 2-3 लाख तक की गाय नहीं बना पा रहे हैं। यह नस्ल तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। आयोजक राकेश कश्यप ने बताया कि कृषिका द्वारा दिसंबर 2023 में पहला बिहार का पहला डेयरी और कैटलॉग का आयोजन किया गया था। इससे हमारे प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में गुणात्मक वृद्धि हुई है। अब जरूरी है कि हम किसानों को न्यूनतम और आधुनिक जानकारी दें, जो देश-विदेश में हो रहा है। बेगूसराय और समस्तीपुर बिहार का सबसे बड़ा दूध उत्पादक जिला है। दूध उत्पादक किसानों को और जागरूक करने के लिए ही कार्यक्रम हो रहा है। पशुपालन के क्षेत्र की बड़ी-बड़ी कंपनियां इसमें शामिल हो रही है उद्घाटन विभाग के मंत्री सुरेंद्र मेहता करेंगे। जिसमें बिहार पशु विश्वविद्यालय के कुलपति, बिहार के पशुपालन सचिव, आईसीआर सहित उन विभागों के प्रमुख रहेंगे। यह लोग अलग-अलग तरीके से किसानों को जानकारी देंगे। पशुपालन के क्षेत्र की बड़ी-बड़ी कंपनियां इसमें शामिल हो रही है। बिहार का अगला जो दशक होगा, वह दूध उत्पादन का होगा और इस क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन होने वाला है। हमारा प्रयास है कि किसान कम खर्चे में अधिक से अधिक दूध उत्पादन करें। इस एक्सपो का सबसे बड़ा लक्ष्य बिहार के पारंपरिक पशुपालन को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है। जब किसान 15 करोड़ रुपए का विधायक जैसे भैंसा को देखेंगे, तो उनमें पशुओं की नस्ल सुधारने और बेहतर आहार देने की प्रेरणा जगेगी। एक्सपो में केवल पशु ही नहीं, बल्कि पशुपालन को आसान बनाने वाली मशीनों का भी प्रदर्शन होगा। जिनसे कम समय में स्वच्छता के साथ दूध निकाला जा सकता है। उच्च गुणवत्ता वाला दाना अधिक दूध उत्पादन बढ़ाने में सहायक होगा।
अशोकनगर में कल (रविवार) बिजली कटौती होगी। मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अनुसार, 33/11 केवी अशोकनगर शहर उपकेंद्र पर आवश्यक रखरखाव कार्य किया जाएगा। यह कार्य सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगा। रखरखाव कार्य के कारण 33/11 केवी उपकेंद्र से निकलने वाले विभिन्न 11 केवी फीडरों पर विद्युत प्रदाय बंद रहेगा। इससे शहर के कई इलाके प्रभावित होंगे। विदिशा रोड फीडर से परासर मोहल्ला, लंबरदार मोहल्ला, गणेश कॉलोनी, अंबेडकर मोहल्ला, डॉ. कयाल नर्सिंग होम, खालसा कॉलोनी, शिवपुरी स्कूल, विदिशा रोड और चुंगी नाका सेन चौराहा जैसे क्षेत्र प्रभावित रहेंगे। मैन बाजार फीडर के तहत आजाद मोहल्ला, गांधी पार्क, गुरुद्वारा, रेलवे स्टेशन, इंदिरा पार्क, सुराना चौराहा, महावीर कॉलोनी और पंजाबी कॉलोनी में बिजली नहीं रहेगी। कलेक्ट्रेट फीडर से इमाम चौकी, ऊर्जा कॉलोनी, बसंत बिहार कॉलोनी, पुलिस कंट्रोल रूम, मुस्कान पब्लिक स्कूल और महिला थाना प्रभावित होंगे। ईसागढ़ रोड फीडर से दुबे कॉलोनी, तायडे कॉलोनी, मजिस्ट्रेट कॉलोनी, राजमाता चौराहा, ईसागढ़ रोड और गुना रोड के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। कोर्ट फीडर से जिला चिकित्सालय, कलेक्ट्रेट, कोर्ट परिसर और कलेक्ट्रेट आवास जैसे इलाके प्रभावित होंगे। कंपनी ने बताया है कि विद्युत प्रदाय बंद या चालू करने का समय आवश्यकतानुसार घटाया या बढ़ाया जा सकता है।
NEET छात्रा से रेप-मौत के मामले ने बिहार की सियासत गरमा दी है। मामले की जांच कर रही SIT की रिपोर्ट पर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो मामले की CBI जांच भी कराई जाएगी। वहीं लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा है कि ये शर्म का विषय है कि कानून के राज के आपके तमाम दावों के बावजूद बिहार में बेटियां असुरक्षित हैं। इधर, भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव ने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। मांझी बोले- बिहार सरकार चुप नहीं बैठी है जीतनराम मांझी ने कहा, अगर जरूरत पड़ी तो निश्चित तौर पर सीबीआई जांच भी कराई जाएगी। लोगों के दिमाग में बहुत सारी बातें आती हैं, लेकिन लोगों को यह सोचना चाहिए कि बिहार सरकार चुप नहीं बैठी है। एसआईटी का गठन हो गया है। जहां-जहां मृतक बच्ची का संपर्क था, वहां एसआईटी और पुलिस जा रही है और जांच कर रही है। अगर एकाएक कोई निर्णय ले लिया जाए और अगर वह निर्णय गलत साबित हो जाएगा तो उसकी भी प्रतिक्रिया होगी। ऐसे में जरूरी है कि निर्णय ठोस आधार पर लिया जाए ताकि कोई उंगली न उठे। मांझी ने कहा कि हर हाल में पुलिस और एसआईटी घटना का खुलासा करेगी। खुलासे के बाद मामले में समुचित कार्रवाई होगी। कौन क्या कहता है इसपर जाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार अगर मामले की लीपापोती करना चाहती तो कर सकती थी, लेकिन 20-21 साल से नीतीश कुमार मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने न तो किसी को बचाया है और ना फंसाने का काम किया है। पीड़ित परिवार को न्याय जरूर मिलेगा, नीतीश कुमार पर भरोसा रखना चाहिए। रोहिणी बोलीं- गहरी नींद में सोई हुई है सरकार वहीं रोहिणी आचार्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा है, माननीय मुख्यमंत्री जी...ये शर्म का विषय है कि कानून के राज के आपके तमाम दावों के बावजूद बिहार में बेटियां असुरक्षित हैं। दुःखद सच्चाई ये है कि सरकार की संवेदनहीनता, महिलाओं की सुरक्षा के प्रति सरकारी - प्रशासनिक उदासीनता और नाकामी की वजह से बहन-बेटियों के लिए तनिक भी सुरक्षित नहीं रह गया है बिहार। हैरानी की बात है कि पूरे प्रदेश में लगभग रोज बहन-बेटियों के साथ अत्याचार- दुराचार- यौनाचार हो रहा है, फिर भी गहरी नींद में सोई हुई है सरकार ... मुख्यमंत्री जी .. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या बिहार में अपराधियों को कानून का रत्तीभर भी भय नहीं है? आपके तमाम निर्देशों के बावजूद बेटियों के प्रति हिंसक और यौन अपराध की घटनाएं खत्म होने का नाम क्यों नहीं ले रही हैं? क्या बिहार में अपराधियों के बीच ये धारणा कायम हो चुकी है कि वो अपराध करने के बाद भी बड़ी आसानी से बच जाएंगे? खेसारी बोले- इस तरह की घटनाएं कई सवाल खड़े करती हैं इधर भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव ने कहा कि पटना के गर्ल्स हॉस्टल में NEET की छात्रा की मौत बेहद दुखद और चिंताजनक है। इस तरह की घटनाएं कई सवाल खड़े करती हैं, जिनका उत्तर केवल निष्पक्ष, पारदर्शी और गहन जांच से ही संभव है। अब जानिए NEET छात्रा रेप-मौत केस के बारे में... 6 जनवरी को NEET छात्रा चित्रगुप्त नगर के शंभु गर्ल्स में बेहोशी की हालत में मिली थी। एक दिन पहले ही वो 5 जनवरी को अपने घर जहानाबाद से पटना आई थी। बेहोशी की हालत में पहले उसे कंकड़बाग के सहज अस्पताल ले जाया गया। बाद में प्रभात मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। उसे मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 11 जनवरी को उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में घटनास्थल, एफएसएल, सीसीटीवी कैमरे का फुटेज, संचालक, वार्डन और डॉक्टर के बयान के आधार पर यौन हिंसा से इनकार किया था। PMCH से जो पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आई, उसने पुलिस की जांच पर सवाल खड़े कर दिया। रिपोर्ट में यह कहा गया कि, यौन हिंसा की बात से इनकार नहीं किया जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार उसके शरीर पर जख्म, बल प्रयोग, जबरन संबंध बनाए जाने के साक्ष्य मिले। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। इसके बाद लड़की के पिता ने चित्रगुप्त नगर थाने में FIR कराई।
कैथल पुलिस ने मुख्य नशा सप्लायर किया गिरफ्तार:ढाई किलो अफीम पकड़े जाने का मामला, बिहार का रहने वाला
कैथल जिले में 2 किलो 605 ग्राम अफीम बरामद मिलने के मामले में पुलिस ने मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने हिसार के एक व्यक्ति को कैथल में सप्लाई करने के लिए अफीम उपलब्ध करवाई थी। पकड़े गए आरोपी की पहचान गांव जाग्गर जिला गया बिहार के राजीव रंजन के रूप में हुई है। 30 जुलाई काे पकड़ा था तस्कर बता दें कि 30 जुलाई को पुलिस की एंटी नारकोटिक सेल के एसआई बलराज सिंह की टीम द्वारा एक गुप्त सूचना के आधार पर कैथल ढांड रोड खनौदा मोड टीक पर नाका लगा कर ढांड की तरफ से आई एक बीट गाड़ी को रुकवाया। जांच के दौरान पाया कि उसमें अमन विहार कॉलोनी बरवाला जिला हिसार निवासी सुभाष अफीम लिए हुए था। पुलिस की टीम ने आरोपी अमन विहार कॉलोनी बरवाला जिला हिसार निवासी सुभाष को काबू कर लिया था। राजीव ने दी थी अफीम जब आरोपी की तलाशी ली गई, तो उसके कब्जे से 2 किलो 605 ग्राम अफीम बरामद हुई थी। आरोपी के खिलाफ थाना सदर में मामला दर्ज करके आगामी जांच एएसआई जगभान सिंह द्वारा अमल में लाई गई। आरोपी सुभाष ने कबूल किया था कि उसको यह अफीम राजीव उपरोक्त द्वारा उपलब्ध करवाई गई है। अन्य मामले में जेल में बंद था आरोपी पुलिस प्रवक्ता प्रवीन श्योकंद ने बताया कि आरोपी राजीव किसी अन्य मामले में जिला जेल में बंद था। उसको न्यायालय की मार्फत प्रोडक्शन वारंट जारी करवाकर गिरफ्तार किया गया। व्यापक पूछताछ के लिए आरोपी का कोर्ट से 6 दिन पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। रिमांड के दौरान आरोपी से आगामी पूछताछ की जाएगी।
बांका जिले की कराटे खिलाड़ी नेहा ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में अपनी जगह सुनिश्चित की है। वह 26 से 28 जनवरी 2026 तक महाराष्ट्र के पुणे शहर में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तरीय कराटे प्रतियोगिता में भाग लेंगी। नेहा का चयन अंडर-19 आयु वर्ग के 36 किलोग्राम भार वर्ग में हुआ है, जहां वह बिहार राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगी। नेहा बांका शहर स्थित एसएस बालिका उच्च विद्यालय की छात्रा हैं और बांका इंडोर स्टेडियम में निःशुल्क कराटे प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगातार शानदार प्रदर्शन का परिणाम है। राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाईनेहा ने अपने कराटे सफर की शुरुआत जिला स्तरीय कराटे प्रतियोगिता से की थी, जहां उन्होंने स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद प्रमंडलीय स्तर पर भी उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी नेहा ने उत्कृष्ट खेल दिखाते हुए स्वर्ण पदक जीता और राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया। नेहा की इस सफलता पर जिला खेल पदाधिकारी ने खुशी व्यक्त करते हुए इसे बांका जिले के लिए गौरव बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि नेहा राष्ट्रीय मंच पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले और राज्य का नाम रोशन करेंगी। कराटे प्रशिक्षकों और अन्य खिलाड़ियों ने भी नेहा को शुभकामनाएं दी हैं। छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत बन रहीविद्यालय परिवार और खेल प्रेमियों में भी नेहा की उपलब्धि को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद नेहा ने अपनी लगन और आत्मविश्वास से यह मुकाम हासिल किया है। उनकी सफलता जिले की अन्य छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है। गौरतलब है कि नेहा 23 जनवरी को पटना के लिए रवाना हो चुकी है, जहां से वह बिहार कराटे टीम के साथ 24 जनवरी को पुणे के लिए प्रस्थान करेगी। अब सभी की निगाहें पुणे में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता पर टिकी हैं, जहां बांका की बेटी नेहा से स्वर्णिम प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर पटना के गांधी मैदान में बिहार सरकार के 12 विभागों की झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी। इन झांकियों के जरिए सरकार की विकास योजनाओं, महिला सशक्तिकरण, समाज सुधार और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को आम लोगों तक पहुंचाया जाएगा। सभी झांकियां आम जनता के लिए आकर्षण का केंद्र होंगी और समारोह को भव्य रूप देंगी। किन-किन विभागों की झांकियां होंगी शामिल, तैयारियों की निगरानी और प्रशासनिक व्यवस्था झांकियों की तैयारी तेज़ गति से चल रही है। उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति 247 निगरानी कर रही है। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. खुद पूरे कार्यक्रम की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। हर विभाग के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। गांधी मैदान में पंडाल निर्माण और झांकी की संरचना गांधी मैदान में झांकियों के लिए अलग से पंडाल बनाया जा रहा है। प्रशासन ने तय किया है कि किसी भी झांकी की ऊंचाई 15 फीट से अधिक नहीं होगी। झांकियों का डिजाइन सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था और पूर्वाभ्यास गांधी मैदान में एंट्री से पहले सभी झांकियों की एंटी-सबोटाज जांच होगी। सभी झांकियों का पूर्वाभ्यास आज फाइनल कराया जाएगा। किसी भी तरह की चूक न हो, इसके लिए प्रशासन हर स्तर पर निगरानी रखेगा। कलाकारों को लेकर सख्त निर्देश झांकी में शामिल किसी भी कलाकार की उम्र 15 साल से कम नहीं होनी चाहिए। सभी विभागों को इस निर्देश का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में परेड के साथ-साथ बिहार के विकास की कहानी भी दिखेगी। झांकियों के जरिए जनता को सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं की सीधी जानकारी मिलेगी।
विश्व की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल पत्रिका ‘द लैंसेट’ ने बिहार के लिए खतरे की सबसे बड़ी घंटी बजाई है। शुक्रवार को जारी एक डरावनी रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि बिहार की हवा अब ‘साइलेंट किलर’ बन चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार, बिहार के लोग आज जिस जहरीली हवा में सांस ले रहे हैं, उसका असली और घातक असर अगले 12 से 24 महीनों में ‘हार्ट अटैक’ और ’ब्रेन स्ट्रोक’ के रूप में सामने आएगा। लैंसेट के संपादकों और वैज्ञानिकों ने शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में उत्तर भारत, विशेषकर बिहार के भौगोलिक क्षेत्र को ‘पॉल्यूशन ट्रैप’ बताया है। गंगा के मैदानी इलाकों में स्थित पटना, मुजफ्फरपुर, गया और पूर्णिया जैसे जिलों में प्रदूषण के सूक्ष्म कण (पीएम2.5) हवा में स्थिर हो गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार बिहार की 100 प्रतिशत आबादी ऐसी हवा में सांस लेने को मजबूर है जो डब्ल्यूएचओ के मानकों से कई गुना ज्यादा जहरीली है। यह प्रदूषण एक ‘साइलेंट किलर’ की तरह काम कर रहा है, जो शरीर के अंगों को धीरे-धीरे अंदर से खोखला बना रहा है। द लैंसेट के प्रधान संपादक रिचर्ड हॉर्टन ने रिपोर्ट में बिहार समेत उतर भारत में वायु प्रदूषण के प्रति सार्वजनिक उदासीनता और राजनीतिक जवाबदेही की कमी पर सवाल उठाए हैं। असर... अगले दो साल में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ेगा- वो सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है लोग प्रदूषण को खांसी, जुकाम या आँखों की जलन से जोड़कर देखते हैं, लेकिन लैंसेट ने ‘लैग इफेक्ट’ का खुलासा किया है। तीन बड़े खतरे क्या... असर कैसे? बचाव कैसे? पीएमसीएच में हृदय रोग विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. वी. पी. सिन्हा ने बताया कि सुबह घर से निकलने से पहले एक्यूआई देखें। यदि यह 200 से ऊपर है, तो बाहर व्यायाम न करें। एन95 मास्क का प्रयोग करें। भास्कर एक्सपर्ट सरकार मेडिकल इमरजेंसी घोषित करे द लैंसेट के द्वारा जारी यह चेतावनी बेहद महत्वपूर्ण है। इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हमारे शहरों में पीएम 2.5 का स्तर बहुत अधिक है, जिससे हमारे शरीर में फ्री रैडिकल्स (ऑक्सीडेंट) बढ़ जाते हैं। यह हमारे विभिन्न अंगों पर बुरा प्रभाव डालता है। सबसे अधिक फेफड़े को, फिर हृदय को डैमेज करता है। इसे हर हाल में सुरक्षित मानक तक ले जाना होगा। ऐसे में, सरकार को इसे अब केवल ‘पर्यावरण का मुद्दा’ नहीं, बल्कि ‘मेडिकल इमरजेंसी’ मानना चाहिए। जब तक ठोस नीतिगत बदलाव नहीं होते, तब तक मास्क का नियमित उपयोग ही एकमात्र बचाव है। -प्रो. अजय कुमार सिन्हा, विभागाध्यक्ष, एनएमसीएच सह डीन, बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस
बिलासपुर-बक्सर ट्रेन के ट्राई विकली परिचालन और साउथ बिहार एक्सप्रेस के विस्तार की मांग
भास्कर न्यूज | बक्सर बक्सर रेलवे युवा संघर्ष समिति ने जनहित से जुड़ी दो महत्वपूर्ण रेल मांगे सामने रखी हैं। समिति ने बिलासपुर–बक्सर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22843/22844) की आवृत्ति बढ़ाकर इसे सप्ताह में तीन दिन (ट्राई-वीकली) चलाने तथा साउथ बिहार एक्सप्रेस (13287/13288) को आरा से आगे बक्सर तक विस्तारित करने की माँग की है। समिति का कहना है कि ये दोनों मांगे क्षेत्रीय संतुलन, यात्रियों की सुविधा और रेलवे के राजस्व हित में अत्यंत आवश्यक हैं। फिलहाल बिलासपुर बक्सर एक्सप्रेस हफ्ते में सिर्फ एक दिन चलती है। बिलासपुर से यह ट्रेन शुक्रवार और बक्सर से रविवार को इसका परिचालन होता है। हफ्ते में सिर्फ एक दिन परिचालन होने से छिटपुट यात्रियों को ही इसका लाभ मिलता है। समिति का मानना है कि अगर इसके परिचालन में विस्तार हुआ तो बक्सर स्टेशन की आय में भी उफान आयेगा। रेल कनेक्टिविटी से बढ़ेगा व्यापार, फायदा भी होगा युवा संघर्ष समिति का कहना है कि इस व्यस्त रूट पर प्रत्यक्ष सुपरफास्ट ट्रेन की भारी कमी है, जिसके कारण यात्रियों को लंबा समय और अतिरिक्त किराया खर्च करना पड़ता है। प्रस्तावित ट्रेन से यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और यात्रियों को अधिक सुविधाजनक विकल्प मिलेगा। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से पूरे क्षेत्र में व्यापार, उद्योग और वाणिज्य को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे आर्थिक गतिविधियां तेज़ होंगी। इसके साथ ही समिति ने साउथ बिहार एक्सप्रेस (13287/13288) को आरा से आगे बक्सर तक बढ़ाने की भी ज़ोरदार मांग की है। समिति का कहना है कि बक्सर बिहार का सीमावर्ती जिला है और इसका सीधा लाभ न केवल बक्सर बल्कि उत्तर प्रदेश के बलिया और गाजीपुर, तथा बिहार के रोहतास और कैमूर जिलों के कई प्रखंडों के यात्रियों को भी मिलेगा। नए रूट से चलाने की मांग समिति ने विशेष रूप से यह प्रस्ताव रखा है कि बिलासपुर बक्सर के ट्राई-वीकली संचालन में से सप्ताह में दो दिन यह ट्रेन एक नए और महत्वपूर्ण औद्योगिक व यात्री रूट से चलाई जाए। प्रस्तावित मार्ग के अनुसार ट्रेन बिलासपुर से चलकर झारसुगुड़ा, राउरकेला, हटिया, रांची, मुरी, कोटशिला, बोकारो स्टील सिटी, चंद्रपुरा, धनबाद, चितरंजन, झाझा, पटना होते हुए बक्सर तक पहुंचे। यह मार्ग छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार के लाखों यात्रियों के लिए सीधी और तेज़ कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। समिति के सदस्य राजा बाबू और तरुण कुमार ने बताया कि यह रेल सेवा और रूट कई कारणों से अत्यंत आवश्यक है। इस ट्रेन के पुराने रूट पर चक्रधरपुर मंडल में मालगाड़ियों के कारण यह हमेशा लेट रहती है। वहीं नया रूट प्रमुख औद्योगिक केंद्रों जैसे राउरकेला, बोकारो, धनबाद और आसनसोल को राज्य राजधानियों रांची और पटना से सीधे जोड़ती है। चार राज्यों के छात्र, दैनिक यात्री, व्यापारी, नौकरीपेशा लोग और पारिवारिक यात्रियों को इससे सीधा फायदा होगा।
वसंत पंचमी पर बिहार सेंट्रल स्कूल में सरस्वती पूजा, बच्चों ने किया समूह गान
भास्कर न्यूज | बक्सर वसंत पंचमी के पावन अवसर पर शुक्रवार को शहर के बाइपास रोड स्थित बिहार सेंट्रल स्कूल के प्रांगण में विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती का विधिवत पूजन एवं वंदन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना के मधुर समूह गान से हुई। विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से मां सरस्वती की आराधना की। पूजा के उपरांत बच्चों द्वारा मंगला आरती प्रस्तुत की गई, जिससे वातावरण और भी आध्यात्मिक हो गया। विद्यालय के सचिव सरोज सिंह ने कहा कि विद्यालय परिवार स्वयं को सौभाग्यशाली मानता है कि विद्या के मंदिर में विद्या की देवी मां सरस्वती का पूजन-अर्चन करने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि मानव जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि ज्ञान की प्राप्ति है और उसके परिमार्जन से ही एक सभ्य और सुसंस्कृत समाज की स्थापना संभव है। कार्यक्रम में कक्षा दसवीं की छात्रा आस्था एवं रक्षा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बल और धन से भी बड़ा विद्या का महत्व है। विद्या हमें स्वस्थ और सुंदर मस्तिष्क प्रदान करती है, जो आगे चलकर एक सशक्त व्यक्ति और मोहक समाज की नींव रखती है। अंत में सभी बच्चों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य और मंगल कामनाओं के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
ललित सुरजन की कलम से - बिहार के बाद क्या?
पहले तो लोग इस बात पर माथापच्ची करते रहे कि बिहार में विधानसभा चुनावों के नतीजे क्या होंगे। जिस दिन मतदान का आखिरी चरण सम्पन्न हुआ उस दिन तमाम विशेषज्ञ एक्जिट पोलों की चीर-फाड़ में लग गए
अगर बिहार नहीं जीतते तो क्या दूसरे राज्यों में एसआईआर होता?
एसआईआर ( मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण) से अगर बिहार में सफलता नहीं मिलती तो क्या उसे दूसरे राज्यों में लागू किया जाता
Fact check: क्या कन्हैया कुमार ने दिल्ली और बिहार में 'डबल वोटिंग' की? नहीं
बूम ने पाया कि वायरल तस्वीर कन्हैया कुमार के दिल्ली में एक मतदान केंद्र विजिट करने की है. वह 2024 में उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट से लोकसभा चुनाव लड़ रहे थे जबकि उन्होंने अपना मतदान अपने होम टाउन बेगूसराय में ही किया था.
आसान नहीं बिहार का मैदान भाजपा के लिए
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए प्रचार खत्म हो गया है और गुरुवार, 6 नवंबर को 121 सीटों पर मतदान होगा
क्या बिहार से लेफ्ट एकता की राह पकड़ेगा?
बिहार के विधानसभा चुनाव के बहुत सारे पहलू हैं। और इनमें से ज्यादातर पर लिखा जा रहा है
2015 की तरह इस बार भी बिहार में आरक्षण सबसे बड़ा मुद्दा
बिहार चुनाव की घोषणा होने वाली है। वहां यह मुद्दा सबसे बड़ा बनने जा रहा है। सोशल मीडिया पर इसकी शुरुआत हो गई है
पीएम उषा अभियान के तहत बिहार को 600 करोड़ रुपए देगी मोदी सरकार, नीतीश कैबिनेट ने खोला बंद रास्ता
बिहार में पीएम उषा अभियान को लागू करने के प्रस्ताव को नीतीश कुमार सरकार की मंजूरी के बाद राज्य में उच्च शिक्षा के विकास के लिए केंद्र से अगले दो साल में 600 करोड़ रुपए मिलने का रास्ता खुल गया है।
बिहार के प्रिंस कुमार सिंह ने यूपीएससी आईएफएस परीक्षा में 15वीं रैंक प्राप्त की है। इसके अलावा उन्होंने और भी कई बड़े एग्जाम को पास किया हुआ है। जानिए जानते प्रिंस कुमार की कहानी जिन्होंने अपने आर्थिक
बॉलीवुड के मशहूर स्टार कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल 7 वर्ष की डेटिंग के बाद अब पति-पत्नी बन चुके हैं। दोनों की शादी इस वक़्त टॉक ऑफ द टाउन है। सोनाक्षी और जहीर अलग धर्म से हैं। ऐसे में ना उन्होंने निकाह किया तथा ना ही फेरे लिए, बल्कि सादगी से रजिस्टर मैरिज की एवं फिर रिसेप्शन पार्टी रखी। अलग धर्म में शादी करने पर सोनाक्षी एवं जहीर को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। ट्रोलिंग के कारण दोनों को अपने वेडिंग पोस्ट का कमेंट सेक्शन तक बंद करना पड़ा। मगर बात तब हद से ज्यादा तब बढ़ गई, जब इंटरफेथ मैरिज करने पर सोनाक्षी एवं जहीर के खिलाफ बिहार के गांव में प्रोटेस्ट मार्च निकाले गए। रिपोर्ट के अनुसार, सोनाक्षी के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन 'हिंदू शिव भवानी सेना' नाम की एक संगठन द्वारा आयोजित किया गया था। जहीर संग शादी पर बेटी सोनाक्षी की हो रही ट्रोलिंग पर अब शत्रुघ्न सिन्हा ने चुप्पी तोड़ी है तथा हेटर्स को जवाब दिया है। अपने एक इंटरव्यू के चलते शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- आनंद बक्शी साहब ने इस तरह के प्रोफेशनल प्रोटेस्टर्स के बारे में लिखा है- कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। इसमें आगे जोड़ना चाहूंगा कि कहने वाले अगर बेकार, बेकाम-काज के हों तो बोलना ही उनका काम बन जाता है। मेरी बेटी ने कुछ भी ऐसा नहीं किया जो गैरकानूनी एवं संविधान के खिलाफ है। सोनाक्षी-जहीर की शादी पर शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा- शादी दो लोगों के बीच का एक बहुत ही व्यक्तिगत फैसला है। इसमें किसी को भी बीच में दखल देने या कमेंट करने का हक नहीं होता। विरोध प्रदर्शन करने वालों को मैं यही बोलना चाहता हूं- अपनी जिंदगी पर ध्यान दो। जिंदगी में कुछ अच्छा करो। इससे ज्यादा और कुछ नहीं कहना। बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा ने खुशी-खुशी अपनी इकलौती बेटी की शादी की है। उन्होंने दामाद जहीर को भी अपना आशीर्वाद दिया है। रिलीज हुआ श्रद्धा कपूर-राजकुमार राव की स्त्री 2 का टीजर, इस अवतार में नजर आए स्टार्स किशोर कुमार के गानों पर बैन, मनोज कुमार-देव आनंद की फिल्मों पर रोक..! बॉलीवुड पर भी पड़ा था 'इमरजेंसी' का बुरा असर सामने आई कंगना रनौत की इमरजेंसी की रिलीज डेट, जानिए किस दिन आ रही है इंदिरा गांधी की बायोपिक?
फिल्म रैप में जानिए कि रविवार को एंटरटेनमेंट की दुनिया में क्या खास हुआ. 9 जून 2024 का दिन एतिहासिक रहा. पीएम नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार पीएम बनने की शपथ ली. इस दौरान शाहरुख खान से लेकर अक्षय कुमार भी मौजूद रहे.
बिहार सीईटी बीएड : पांच साल में सबसे ज्यादा आवेदन आए, इस तारीख से आएंगे एडमिट कार्ड
Bihar CET B.Ed:महिलाओं के लिए अलग एवं पुरुषों के लिए अलग परीक्षा केंद्र होंगे। अभ्यर्थी 17 जून से अपना एडमिट कार्ड वेबसाइटwww. biharcetbed- lnmu. inपर लॉगइन कर डाउनलोड कर सकेंगे।
बीएसईबी बिहार बोर्ड से संबद्ध और एनसीटीई से मान्यता प्राप्त डीएलएड संस्थानों की सूची जारी
Bihar D.El.Ed: बिहार बोर्ड ने डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2024 की आंसर की जारी करने के एक दिन बाद अब राज्य में मौजूद सरकारी व निजी डीएलएड प्रशिक्षण संस्थानों की सूची भी जारी कर दी है। डीएलएड में दाखिला लेने
Bihar DElEd Answer Key 2024: आंसर की जारी, ऐसे दर्ज करें ऑब्जेक्शन, देखें डायरेक्ट लिंक
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने बिहार डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (DElEd) परीक्षा 2024 की आंसर की जारी की। जो उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट- biharboardonline.b
Bihar STET: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने शनिवार को माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी)-2024 (प्रथम) परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। पेपर-1 के विभिन्न विषयों की परीक्षा 18 से 29 मई तक होगी।
CSBC Bihar Police Constable Exam: क्या जारी हो चुकी हैं रिवाइज्ड तारीखें, पढ़ें अपडेट
CSBC Bihar Police Constable exam dates: बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की नई तारीखों का इंतजार है। परीक्षाएं 1, 7 और 15 अक्टूबर को निर्धारित की गई थीं, जिन्हें रद्द व स्थगित कर दिया गया था। आइए
बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा शर्मा की हाल ही में बिहार में एक रोड शो में भागीदारी ने इंटरनेट पर तूफान ला दिया है। क्रुक और तुम बिन 2 जैसी फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए मशहूर सुश्री शर्मा को अपने पिता अजीत शर्मा का समर्थन करते देखा गया, जो कांग्रेस के टिकट पर भागलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। यह रोड शो उन अफवाहों के बीच हुआ कि अभिनेता राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं। हालाँकि, अब यह स्पष्ट हो गया है कि वह सिर्फ अपने पिता के लिए प्रचार कर रही थीं। नेहा शर्मा ने इंस्टाग्राम पर बांका, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया सहित बिहार के विभिन्न जिलों की अपनी यात्रा दिखाते हुए एक वीडियो साझा किया। वह पारंपरिक सलवार कमीज पहने हुए थीं और जनता का अभिवादन करती और उन्हें वोट डालने के लिए प्रोत्साहित करती नजर आईं। इसे भी पढ़ें: AR Rahman ने नए एल्बम के रिलीज पर Taylor Swift को बधाई दी, नेटिजन ने कहा 'महान कला, महान कला को पहचानती है' View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया रोड शो के दौरान पीरपैंती और कहलगांव में भारी भीड़ ने अभिनेता का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा “वे कहते हैं कि जब कोई आपको अपने दिल में जगह देता है, तो आप हमेशा के लिए वहीं रहते हैं। आपने मुझे जो प्यार और समर्थन दिया है, उससे मेरा दिल भर गया है। पीरपैंती और कहलगांव में गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद। आपका प्यार सारी आँखों पर। सदा आभारी। ऑनलाइन प्रसारित हो रहे एक अन्य वीडियो में अभिनेत्री को भागलपुर में अपने पिता के चुनाव अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए दिखाया गया है। भागलपुर लोकसभा सीट पर दूसरे चरण में 26 अप्रैल को चुनाव होना है। इस सीट पर कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने वाले अजीत शर्मा का मुकाबला जेडीयू के अजय कुमार मंडल से है। पहले ऐसी अफवाह थी कि सुश्री शर्मा राजनीति में प्रवेश कर सकती हैं। हालाँकि, कई रिपोर्टों ने स्पष्ट किया है कि वह अभी चुनावी शुरुआत नहीं कर रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पिता अजीत शर्मा ने उन्हें राजनीति में शामिल होने का अवसर दिया, शर्मा वर्तमान में अपने अभिनय करियर पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। Bihar, Bhagalpur: Bollywood actress Neha Sharma campaigns for Congress leader and father Ajeet Sharma in the Lok Sabha elections, participates in a roadshow. pic.twitter.com/yEhb4XoQQL — IANS (@ians_india) April 23, 2024 View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial)
सलमान के घर फायरिंग से पहले शूटर्स ने बिहार में की हथियारों की प्रैक्टिस, फार्म हाउस की हुई थी रेकी
14 अप्रैल को, सुबह 4.50 बजे सलमान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर, अज्ञात हमलावरों ने पांच राउंड फायरिंग की थी. पुलिस ने सलमान के घर पर फायरिंग करने के मामले में विक्की गुप्ता (24 साल) और सागर पाल (21 साल) नाम के दो लड़कों को गिरफ्तार किया था. अब इससे जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है.
Manisha और Elvish के बीच लगी दुश्मनी की आग हुई और तेज, बिहार की बेटी नेसरेआम बना दिया'राव साहब' का मजाक ?
बिहार में जेईई और नीट की फ्री कोचिंग, रहने-खाने की भी रहेगी मुफ्त व्यवस्था, ऐसे करें अप्लाई
Bihar Board Jee and Neet Free Coaching : विद्यार्थी समिति द्वारा संचालित engineering (jee) औरmedical (neet) की नि:शुल्क तैयारी हेतु BSEB SUPER-50 आवासीय शिक्षण में पढ़ने हेतु आवेदन कर सकत हैं।
Bihar 10th Board 2024: टॉप 5 में इन 10 छात्रों ने बनाई जगह, जानें नाम और मार्क्स
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने दसवी का रिजल्ट bsebmatric.org और results.biharboardonline.com पर जारी कर दिया है। इस साल टॉप 10 की लिस्ट ने 51 छात्रों ने अपनी जगह बनाई है। टॉप 5 की लिस्ट में 10 छ
Bihar Board BSEB 2024 Matrci Result Today:बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in व biharboardonline.com , onlinebseb.in पर जल्दजारी कर दिया जाएगा।
BSEB: क्लास 10वीं के रिजल्ट से पहले जानें ये 10 जरूरी बातें, मार्कशीट मिलने में मिलेगी मदद
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड अब कभी भी वेबसाइट biharboardonline.gov.in पर कक्षा 10वीं के रिजल्ट अपलोड कर सकता है। एक बार रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र यहां से डाउनलोड कर सकते हैं।
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) मैट्रिक यानी कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट अब कभी भी biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी हो सकता है, जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, रिजल्
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटर में एडमिशन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। इस बाबत समिति ने सभी सरकारी, गैर सरकारी विद्यालय, इंटर कॉलेजों की सूची ofssbihar.in पर अपलोड कर दी है।
बीएसईबी मैट्रिक रिजल्ट की घोषणा जल्द की जाएगी। हालांकि अभी तक रिजल्ट की टाइमिंग और तारीख के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद है नतीजे 31 मार्च तक आधिकारिक वेबसाइट biharboardonlin
BSEB Bihar 10th Board: प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेयर की जाएंगी ये 5 डिटेल्स, यहां पढ़ें
छात्र आधिकारिक वेबसाइट्स से बीएसईबी 10वीं स्कोरकार्ड 2024 डाउनलोड कर सकेंगे। रिजल्ट वाले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। जिसमें बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा से जुड़ी कई डिटेल्स शेयर की जाएगी। आइए ज
इस साल का रिजल्ट पिछले 5 साल की तुलना में सबसे बेहतर, 87.21 प्रतिशत विद्यार्थी हुए पास
BSEB Bihar Board 12th Result : हार बोर्ड ने आज 12वीं के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का रिजल्ट पिछले 5 सालों की तुलना में सबसे बेहतर रहा है। इस साल इंटर का रिजल्ट 87.21 फीसदी रहा।
बिहार बोर्ड ने 12वीं यानी इंटर परीक्षा का रिजल्ट अब जारी कर दिया है। टॉपर्स के नाम भी सामने आ गए हैं। आइए जानते हैं साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स स्ट्रीम के टॉपर्स ने किन स्कूलों से पढ़ाई की है। यहां देखें न
BSEB : बारहवीं कक्षा के छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी के लिए फ्री में कोचिंग देती है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) गरीब विद्यार्थियों को JEE और NEET की मुफ्त कोचिंग कराती है।
BSEB Bihar Board: बिहार बोर्ड इंटर छात्र जानें टॉप 10 इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज
NIRF यानी राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क। इस रैंकिंग को शिक्षा मंत्रालय जारी करता है। एनआईआरएफ रैंकिंग में देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी की रैंकिंग जारी की जाती है।
बीएसईबी 12वीं के परिणाम के साथ टॉपर्स की लिस्ट भी शेयर करेगा। जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, पिछले 7 सालों में आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम में किसने किया था टॉप। यहां पढ़ें पूरी
Bihar 12th Board 2024: रिजल्ट जारी होने की तारीख और समय के बारे में यहां मिलेगी जानकारी
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) जल्द ही इंटरमीडिएट या कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2024 के परिणाम घोषित करेगा। वहीं बोर्ड परिणाम के समय की घोषणा पहले कर दी जाएगी। आइए जानते हैं, आप कहां कर सकें

