गुरुग्राम पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ अपनी मुहिम के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने सेक्टर-57 स्थित एक अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है, जो बायजूस (Byju’s) में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी कर रहा था। इस कार्रवाई में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर) गौरव फोगाट के निर्देश पर, थाना साइबर अपराध पश्चिम की पुलिस टीम ने जांच अधिकारी संदीप के नेतृत्व में कार्रवाई की। 18/19 जून की रात छापेमारी कर कॉल सेंटर से रविश कुमार, अंकित कुमार, गोलू कुमार, रविकांत, टुनर कुमार और जितेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपी बिहार के नवादा जिले के जमुनावन गांव के निवासी हैं और उनकी उम्र 20 से 21 वर्ष के बीच है। सोशल मीडिया पर दिय जाता था फर्जी विज्ञापन पुलिस जांच में सामने आया कि रविश कुमार इस गिरोह का मुख्य संचालक था। आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर बायजूस में शिक्षक की नौकरी का विज्ञापन देता था। विज्ञापन देखकर संपर्क करने वाले लोगों से पहले रजिस्ट्रेशन फीस, फिर चयन प्रक्रिया और अन्य विभिन्न शुल्कों के नाम पर पैसे वसूले जाते थे। यह राशि आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए क्यूआर कोड के माध्यम से ली जाती थी। रविश ठगी की रकम का 20 से 30 प्रतिशत अपने साथियों को कमीशन के तौर पर देता था। साइबर ठगी से जुडे़ डिजिटल साक्ष्य मिले पुलिस द्वारा जब्त किए गए मोबाइल फोनों की जांच में बायजूस के नाम पर तैयार की गई कॉलिंग स्क्रिप्ट, फर्जी पहचान पत्र तथा साइबर ठगी से जुड़े कई डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे संगठित तरीके से लोगों को फोन कर नौकरी का लालच देते थे और उनसे धनराशि ठगते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 15 मोबाइल फोन, 5 एटीएम कार्ड, कई मोबाइल सिम कार्ड, फर्जी बायजूस आईडी कार्ड तथा ठगी में इस्तेमाल होने वाली कॉलिंग स्क्रिप्ट बरामद की है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं सूचना जनसंपर्क मंत्री सह जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार आज नालंदा पहुंचे। यहां पर उन्होंने ने कहा कि वर्तमान सरकार 'न्याय के साथ विकास' और सुशासन के 'नीतीश मॉडल' को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रही है। जो बिहार कभी बदहाली, पलायन और पिछड़ेपन की पहचान माना जाता था, आज वही राज्य विकास, सुशासन और नई संभावनाओं की मिसाल बनकर उभरा है। मंत्री श्रवण कुमार शुक्रवार को बिहारशरीफ प्रखंड के मेघी नगवां पंचायत अंतर्गत ग्राम नगवां में नवनिर्मित यात्री शेड और ग्राम दीपनगर एनएच गौरैया स्थान से लेकर रामानंद सिपाही के घर तक ईंट सोलिंग, नाली निर्माण और पीसीसी ढलाई काम का उद्घाटन करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। अंधेरे से उजाले तक की प्रेरक यात्रा समारोह को संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि पिछले 21 साल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने प्रगति, आत्मविश्वास और सम्मान की नई ऊंचाइयों को छुआ है। उन्होंने बिहार के मान, सम्मान और स्वाभिमान को देश-दुनिया में नई पहचान दिलाई है। आज उन्हीं के मार्गदर्शन में सरकार निरंतर जनहित में काम कर रही है। बिहार में हुए अकल्पनीय परिवर्तन की गवाह यहां की जनता है, जिसने अपनी ंखों से इस बदलाव को देखा है। आज बिहार के विकास काम का डंका पूरे देश में बज रहा है। युवाओं को रोजगार और महिला सशक्तिकरण पर जोर मंत्री ने सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य में कौशल विकास के माध्यम से युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है। सरकार ने युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए उन्हें हुनरमंद और कुशल बनाने पर विशेष जोर दिया है, जिससे बिहार आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। सूबे में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विस्तार हुआ है, महिला सशक्तिकरण को नई मजबूती मिली है और रोजगार व निवेश के नए अवसर सृजित हुए हैं। बेहतर सड़कें, हर घर बिजली और आधारभूत संरचनाओं (इंफ्रास्ट्रक्चर) में हुए सुधार ने राज्य की तस्वीर बदल दी है। यह सफर अंधेरे से उजाले, संघर्ष से सफलता और संकल्प से सिद्धि तक का है।
भागलपुर पुलिस केंद्र में आज दीक्षांत समारोह-सह-परेड का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भागलपुर से 84 और मुंगेर के 151 प्रशिक्षु सिपाहियों सहित कुल 235 प्रशिक्षु जवानों ने सफल प्रशिक्षण पूरा कर औपचारिक रूप से पुलिस सेवा में कदम रखा। परेड ग्राउंड में आयोजित समारोह में पूर्वी क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विवेक कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और परेड की सलामी लेकर प्रशिक्षु सिपाहियों के प्रदर्शन का निरीक्षण किया। साल 2025 में नियुक्त इन प्रशिक्षु सिपाहियों का बुनियादी प्रशिक्षण जून 2025 से शुरु किया गया था। लगभग एक साल तक चले कठोर प्रशिक्षण के दौरान जवानों को पुलिसिंग के अलग-अलग पहलुओं, कानून व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, अपराध अनुसंधान, अनुशासन, शारीरिक दक्षता और जनसंपर्क से जुड़े विषयों का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उनका दीक्षांत समारोह-सह-पारण परेड आयोजित किया गया। समारोह में आईजी विवेक कुमार के अलावा SSP - SP समेत जिले के कई वरीय पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत परेड निरीक्षण से हुई, जिसके बाद प्रशिक्षु सिपाहियों ने अनुशासन, समर्पण और प्रशिक्षण के दौरान अर्जित कौशल का प्रदर्शन किया। परेड के दौरान जवानों की सटीक चाल, तालमेल और अनुशासित प्रदर्शन ने उपस्थित अधिकारियों और अतिथियों को प्रभावित किया। अपने संबोधन में आईजी विवेक कुमार ने कहा कि पुलिस सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति बड़ी जिम्मेदारी है। प्रशिक्षु सिपाही अब बिहार पुलिस का महत्वपूर्ण हिस्सा प्रशिक्षण के दौरान हासिल ज्ञान और अनुशासन को अपने पूरे सेवा काल में बनाए रखना ही एक अच्छे पुलिसकर्मी की पहचान होती है। आप सभी प्रशिक्षु सिपाही अब बिहार पुलिस परिवार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। जनता की सुरक्षा, कानून का राज और कमजोर वर्गों को न्याय दिलाना आपकी प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। पुलिसकर्मी के रूप में आपके प्रत्येक निर्णय और व्यवहार का सीधा प्रभाव समाज पर पड़ता है। इसलिए ईमानदारी, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दें। बदलते समय में पुलिस की भूमिका केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि जनता का विश्वास जीतना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने जवानों से तकनीकी दक्षता बढ़ाने, मानवाधिकारों का सम्मान करने और आम लोगों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने का आह्वान किया। इधर, समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु सिपाहियों और प्रशिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
लखीसराय पुलिस लाइन में दीक्षांत परेड:203 ट्रेनी कांस्टेबल बिहार पुलिस फोर्स का हिस्सा बने
लखीसराय पुलिस लाइन में आयोजित दीक्षांत परेड समारोह में 203 प्रशिक्षु आरक्षियों का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। राष्ट्र सेवा, संविधान की रक्षा और जनसुरक्षा के प्रति निष्ठा की शपथ लेने के बाद ये सभी प्रशिक्षु आरक्षी बिहार पुलिस बल का हिस्सा बन गए। मुंगेर प्रक्षेत्र के डीआईजी राकेश कुमार ने दीक्षांत परेड की सलामी ली और नवप्रशिक्षित जवानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण का दायित्व है। ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन करने का आह्वान डीआईजी ने जवानों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने, जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार करने तथा अपने कर्तव्यों का ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने राष्ट्रसेवा को पुलिसकर्मियों का सबसे बड़ा दायित्व बताया। समारोह के दौरान प्रशिक्षु आरक्षियों ने आकर्षक मार्च पास्ट, ड्रिल और विभिन्न व्यावहारिक प्रदर्शनों के माध्यम से अपने प्रशिक्षण कौशल का प्रदर्शन किया। जवानों के अनुशासन, आत्मविश्वास और दक्षता ने उपस्थित अधिकारियों एवं अतिथियों को प्रभावित किया। परेड मैदान में कदम से कदम मिलाकर मार्च करते जवानों ने बिहार पुलिस की नई ताकत और भविष्य की जिम्मेदारियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया। दोनों प्रकार के प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया प्रशिक्षण अवधि के दौरान आरक्षियों को शारीरिक दक्षता के साथ-साथ हथियार संचालन, आत्मरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि आधुनिक पुलिसिंग की चुनौतियों को देखते हुए तकनीकी एवं व्यावहारिक दोनों प्रकार के प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया था। समारोह में इंडोर और आउटडोर प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को सम्मानित भी किया गया। अधिकारियों ने उनके समर्पण, मेहनत और अनुशासन की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ सेवा करने की अपेक्षा जताई। दीक्षांत समारोह के दौरान सभी 203 प्रशिक्षु आरक्षियों को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कई प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि ये नवप्रशिक्षित जवान राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर डीएम शैलेंद्र कुमार, एसपी प्रेरणा कुमार, उप विकास आयुक्त सुमित कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी शिवम कुमार सहित जिले के कई प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।
औरंगाबाद पुलिस केंद्र में प्रशिक्षण सत्र 2025-26 के सफल समापन पर आज भव्य दीक्षांत परेड (पासिंग आउट परेड) का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 412 नव-नियुक्त सिपाहियों ने कठिन प्रशिक्षण पूरा करने के बाद औपचारिक रूप से बिहार पुलिस बल में प्रवेश किया। समारोह के मुख्य अतिथि मगध रेंज के आईजी विकास वैभव थे। उन्होंने परेड की सलामी ली और प्रशिक्षु जवानों के अनुशासन, समर्पण और दक्षता की सराहना की।अपने संबोधन में आईजी ने कहा कि पुलिस सेवा केवल एक नौकरी नहीं बल्कि समाज, राज्य और देश के प्रति एक महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने कहा कि सभी प्रशिक्षुओं ने कड़ी मेहनत और अनुशासित प्रशिक्षण के बाद यह उपलब्धि हासिल की है। अब उन्हें बिहार के विभिन्न जिलों में जाकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और आम लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभानी होगी। पुलिस के आचरण से बनती और बिगड़ती है सरकार की छवि आईजी विकास वैभव ने कहा कि पुलिस किसी भी राज्य में सरकार का पहला प्रतिनिधि होती है। आम नागरिक का सरकार से सबसे अधिक सीधा संपर्क पुलिस के माध्यम से ही होता है। ऐसे में पुलिसकर्मियों का व्यवहार, कार्यशैली और कर्तव्यनिष्ठा ही सरकार की छवि को मजबूत या कमजोर करती है। लोग किसी क्षेत्र की पुलिस व्यवस्था को देखकर वहां की प्रशासनिक व्यवस्था का आकलन करते हैं। इसलिए हर पुलिसकर्मी को अपनी वर्दी की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने प्रशिक्षुओं से कहा कि सेवा अवधि समाप्त होने के बाद भी लोगों को एक पुलिसकर्मी की ईमानदारी, संवेदनशीलता और समर्पण याद रहता है। इसलिए प्रत्येक जवान को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ करना चाहिए। नई तकनीक ने बढ़ाई जवाबदेही, हर कदम पर रखनी होगी सतर्कता आईजी ने अपने संबोधन में बदलते तकनीकी दौर का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि पहले की तुलना में आज पुलिसिंग का स्वरूप काफी बदल चुका है। एक समय ऐसा था जब दूरदराज क्षेत्रों में तैनात पुलिसकर्मियों के पास संवाद का एकमात्र माध्यम चिट्ठी हुआ करती थी, लेकिन आज मोबाइल फोन और डिजिटल तकनीक ने पूरी व्यवस्था बदल दी है। आधुनिक तकनीक जहां पुलिस को जांच और सबूत संग्रह में मदद करती है, वहीं जवाबदेही भी बढ़ाती है। आज किसी भी बातचीत की रिकॉर्डिंग हो सकती है और किसी भी घटना का वीडियो कुछ ही मिनटों में पूरे देश में पहुंच सकता है। इसलिए पुलिसकर्मियों को अपने व्यवहार और निर्णयों में पहले से अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है। यदि कोई पुलिसकर्मी अनुचित आचरण करता है, तो उसका असर केवल उसकी व्यक्तिगत छवि तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे पूरे पुलिस विभाग और राज्य सरकार की छवि प्रभावित होती है। इसलिए नई तकनीक के युग में प्रत्येक जवान को संयम, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा। न्याय, सुरक्षा और विकसित बिहार के निर्माण में पुलिस की अहम भूमिका आईजी विकास वैभव ने कहा कि पुलिस सेवा के माध्यम से समाज के सबसे कमजोर और पीड़ित लोगों की सहायता करने का अवसर मिलता है। यदि कोई पीड़ित व्यक्ति थाने पहुंचता है और उसे न्याय मिलता हैस तो इससे न केवल पुलिस बल्कि पूरे शासन-प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत होता है। विकसित भारत और विकसित बिहार के निर्माण में पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार चाहती है कि बड़ी संख्या में निवेशक बिहार आएं और उद्योग-धंधों का विस्तार हो। इसके लिए कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का माहौल आवश्यक है। अभी भी कई निवेशकों के मन में बिहार की पुरानी छवि बनी हुई है, जिसे बदलना पुलिस की जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रशिक्षु जवानों से कहा कि वे अपने काम के माध्यम से लोगों के मन में यह विश्वास पैदा करें कि थाने में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को निष्पक्ष न्याय मिलेगा। यही विश्वास बिहार की सकारात्मक पहचान बनाएगा और राज्य के विकास को नई गति देगा समारोह के दौरान प्रशिक्षुओं ने आकर्षक परेड का प्रदर्शन किया। प्रशिक्षण अवधि में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जवानों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षक, जवानों के परिजन और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। 412 नव-नियुक्त सिपाही अब बिहार के विभिन्न जिलों में अपनी सेवाएं देकर कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास और सुरक्षा घटाने के विवाद पर राजनीति तेज हो गई है। बीते कल RJD सुप्रीमो लालू यादव ने मीडियो को दिए बयान में कहा था कि, ‘सब नीतीश कुमार करवा रहे हैं।’ अब सरकार की ओर से डिप्टी सीएम और मंत्रियों की प्रतिक्रिया सामने आ रही है। डिप्टी सीएम बिजेंद्र यादव ने कहा कि, ‘सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नियमों के तहत तय की जाती है। अगर कोई व्यक्ति सुरक्षा नहीं लेना चाहता है, तो उसे जबरदस्ती सुरक्षा देने का कोई प्रावधान नहीं है। जिसे सुरक्षा की आवश्यकता होगी, उसे सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।’ उन्होंने लालू यादव के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि, ‘पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवास आवंटित करने से जुड़े नियम को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इसके बावजूद सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी नहीं की है।’ तेजस्वी यादव पर बिजेंद्र यादव का तंज डिप्टी सीएम बिजेंद्र यादव ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर भी हमला बोला। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि, ‘तेजस्वी यादव को दो-दो बार डिप्टी सीएम बनाने का काम भी पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ही किया था।’ सरकारी खजाना खाली होने को लेकर सवाल पर उन्होंने कहा कि, ‘सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है, तभी कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल रहा है।’ अशोक चौधरी ने कहा- लालू जी मेंटली गड़बड़ा गए हैं इससे पहले लालू के आरोपों पर बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने लालू यादव पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा कि, ‘लालू जी मेंटली गड़बड़ा गए हैं। जब तक नीतीश कुमार सत्ता ने थे, तो आप राबड़ी आवास में रहे। अब जब सरकार ने आपको एक व्यवस्थित जगह अलग से दे दिया है, तब आप जबरदस्ती दबाव बना रहे हैं। कह रहे हैं कि सब नीतीशवे करवा रहा है।' सुरक्षा घटाने के आरोपों और जवानों को लौटाने के सवाल पर मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि, 'सुरक्षा और आवास का सभी निर्णय तो सुरक्षा समिति और पुलिस विभाग करती है न। इसमें किसी तरह का कोई राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं है।' राबड़ी आवास और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर राजद सुप्रीमो लालू यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, हां, हमारी सुरक्षा हटा ली गई है। सब कुछ नीतीश कुमार करवा रहे हैं। इससे पहले सिंगापुर से लौटने के दौरान दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षा घटाने और बंगला खाली करने के नोटिस को लेकर उन्होंने कहा था, “सब पागल हो गए हैं। घृणा कर रहे हैं। मुझे उन लोगों से कोई फर्क नहीं पड़ता।” वहीं बंगला विवाद और सुरक्षा में कटौती को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सीएम सम्राट चौधरी पर निशाना साधा था। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया था कि सम्राट चौधरी बदला ले रहे हैं। बिहार पुलिस ने सुरक्षा को लेकर दी जानकारी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा को लेकर बिहार पुलिस ने x पर पोस्ट कर जानकारी दी हैं। यह बयान बिहार पुलिस ने तब दिया हैं, जब दोनों पूर्व मुख्यमंत्री ने सुरक्षा में कटौती के बाद अपनी पूरी सुरक्षा लौटा दी थी। बिहार पुलिस ने कहा है कि दोनों माननीय को सुरक्षा सरकार के तरफ़ से प्रदान की गई है। दोनों नेताओं को वर्तमान में विशेष सुरक्षा दल अधिनियम 2010 के अनुसार सुरक्षा प्रदान किया गया है, जिसमें अंगरक्षक/ आवास गार्ड/ स्कॉट गार्ड/ पायलट के अतिरिक्त BR Car भी उपलब्ध कराया गया है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए बंगला और सुरक्षा घटाने के बाद अब तक क्या-क्या हुआ मीसा बोलीं- 15 दिन के अंदर बंगला खाली कर देंगे रविवार रात लालू यादव के साथ उनकी बेटी और सांसद Misa Bharti भी मौजूद थीं। बंगला खाली करने के सवाल पर उन्होंने कहा, हम 15 दिन के अंदर बंगला खाली कर देंगे। वहीं, लालू परिवार की सुरक्षा घटाए जाने के मुद्दे पर मीसा भारती ने कहा, लालू जी और राबड़ी जी को सुरक्षा की जरूरत नहीं है। लालू-राबड़ी के साथ उनके चाहने वाले बहुत हैं। मैं भी अपनी सुरक्षा लौटा रही हूं। इधर, बीते रविवार को राबड़ी देवी पटना के कौटिल्य नगर स्थित घर का कामकाज देखने पहुंची थीं। बताया जा रहा है कि सरकारी आवास खाली करने के बाद लालू परिवार इसी घर में शिफ्ट होगा। विवाद बंगला खाली करने के नोटिस से शुरू हुआ 29 मई को भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को बंगला खाली करने के लिए तीसरा नोटिस दिया। दिल्ली से पटना लौटते ही पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के तेवर बेहद आक्रामक नजर आए। उन्होंने सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा, '10, सर्कुलर रोड वाला आवास किसी भी कीमत पर खाली नहीं करेंगे। सम्राट चौधरी अभी नए-नए मुख्यमंत्री बने हैं। हम तो चाहते हैं कि वह फोर्स बुला लें और बलपूर्वक हमें यहां से हटा दें, पर हम खुद से नहीं जाएंगे।' CM बोले- बंगला खाली होने से कोई माई का लाल नहीं रोक सकता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राबड़ी देवी के बयान का जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'कुछ लोगों को लगता है मेरा घर खाली हो जाएगा। पक्का खाली होगा। धरती पर कोई रोक नहीं सकता है। कोई माई का लाल रोक नहीं सकता है। कोई राजतंत्र नहीं है। लोकतंत्र है। मां को अलग घर चाहिए। बेटे को अलग घर चाहिए। मां-बेटे और पति को अलग-अलग सुरक्षा चाहिए। बिहार में हरा गमछा, हरा गमछा शांति का प्रतीक है। जो गुंडागर्दी करेगा उसे तो जेल में डालेंगे ही ना। जो गुंडागर्दी करेगा उसके लिए एक ही जगह है मुजफ्फरपुर की जेल।' CM बोले- बंगला किसी की बपौती नहीं है CM सम्राट चौधरी ने कहा, बंगला किसी की बपौती नहीं है। लोगों को बंगले से मोह हो गया है। बेटे को अलग घर चाहिए, मां को अलग घर चाहिए। कुछ लोगों को चिंता है कि हमारा घर बचा रहे। मैं कई बार मंत्री बना, बिहार का गृहमंत्री भी बना, लेकिन मैं 2400 स्कव्यार फीट में रहा। मैं जब मुख्यमंत्री आवास में गया तो मैंने कहा, आप बाहर लिखवा दीजिए ये लोकसेवक का आवास है। यहां किसी की बपौती नहीं होती। मैं 1999 में सरकार में मंत्री के तौर पर आया, ये मेरा 11वां घर है। तेजप्रताप बोले- भाषा की मर्यादा रखिए CM के बयान के बाद तेजप्रताप ने X पर लिखा- मैं यही कहना चाहता हूं कि राज्य के नेताओं को, विशेषकर मुख्यमंत्री और वरिष्ठ पदों पर बैठे लोगों को, हमेशा संयमित और मर्यादित भाषा का प्रयोग करना चाहिए। किसी भी व्यक्ति पर टिप्पणी करते समय उसकी उम्र, सम्मान और सामाजिक गरिमा का ध्यान रखना आवश्यक है। हमारी माता श्री हमारे लिए सम्मान का विषय हैं। इसलिए किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत टिप्पणी उचित नहीं मानी जा सकती। लोकतंत्र में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन संवाद हमेशा शालीन और सम्मानजनक होना चाहिए। मर्यादित भाषा और आपसी सम्मान ही राजनीति की सबसे बड़ी पहचान है। राबड़ी को बंगला खाली करने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम मिला इसके बाद सम्राट सरकार ने लालू परिवार को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने के लिए 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया। 25 नवंबर 2025 को आवास खाली करने को लेकर आदेश जारी किया गया था, लेकिन लालू परिवार की ओर से अब तक बंगला खाली नहीं किया गया है। ऐसे में सरकार ने दोबारा सख्त रुख अपनाते हुए अब 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। 10 सर्कुलर रोड यानी राबड़ी आवास में पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव रहते हैं। राबड़ी देवी के अलावा हारे हुए विधायकों को भी नोटिस भेजा गया। सरकारी बंगला खाली करने को कहा गया। भवन निर्माण विभाग के अधिकारी ने नोटिस जारी किया है। रविवार को राबड़ी कौटिल्य नगर वाले घर का कामकाज देखने पहुंचीं 10 सर्कुलर रोड खाली करने के अल्टीमेटम के बीच रविवार को राबड़ी देवी कौटिल्य नगर स्थित अपने आवास पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने नए आवास की व्यवस्था और अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। 2005 से 10 सर्कुलर रोड में रह रहा है लालू परिवार लालू परिवार साल 2005 से 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास में रह रहा है। विभाग के मुताबिक पिछले छह महीनों के दौरान कई बार आग्रह किया गया कि परिवार 39 हार्डिंग रोड स्थित नए आवास में स्थानांतरित हो जाए, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ। बंगला विवाद के बीच घटाई गई लालू फैमिली की सुरक्षा बिहार सरकार ने बंगला विवाद के बीच 4 दिन पहले लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की Z+ श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली है। इसके विरोध में राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपनी Y+ श्रेणी की सुरक्षा लौटाने का निर्णय लिया है। सुरक्षा घटाने से नाराज राबड़ी देवी ने शनिवार सुबह अपने आवास से सारी सुरक्षा हटा दी। यहां तक की बंगले के बाहर तैनात सभी पुलिसकर्मियों को भी लौटा दिया। इसके बाद रोहिणी ने पार्टी नेताओं से राबड़ी आवास पहुंचने की अपील की। कार्यकर्ताओं का राबड़ी आवास पर जुटना शुरू हो गया है। गेट पर एक कार्यकर्ता हाथ में डंडा लिए खड़ा है। जहां कभी पुलिसकर्मी बैठते थे वहां पार्टी के नेता बैठे है। राबड़ी के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपनी Y+ श्रेणी की सुरक्षा को वापस कर दिया है। रोहिणी आचार्य ने कार्यकर्ताओं से की अपील रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर राजद कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में राबड़ी आवास पहुंचने की अपील की थी। उन्होंने लिखा था कि, 'लालू परिवार की असली सुरक्षा और ढाल राजद के कार्यकर्ता और जनता हैं। साथ ही आरोप लगाया कि बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री और उनके परिवार को परेशान किया जा रहा है, जिसका जवाब जनता देगी।' राबड़ी आवास के बाहर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर के कार्यकर्ताओं का जुटान जारी है। कार्यकर्ता कल से ही आवास के बाहर डटे हुए हैं। अब राबड़ी आवास के बाहर की 3 तस्वीरें देखिए…
आपत्तिजनक फोटो व वीडियो वायरल कर मांगे 70 हजार, बिहार में गिरफ्तार
भास्कर न्यूज | जांजगीर सोशल मीडिया पर दोस्ती, फिर प्यार का नाटक और उसके बाद ब्लैकमेलिंग का एक और खेल सामने आया है। जांजगीर पुलिस ने इंस्टाग्राम पर युवती के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो वायरल कर 70 हजार रुपये की फिरौती मांगने वाले मुख्य आरोपी अकबर खान को बिहार के रोहतास जिले से गिरफ्तार कर लिया है। यह शातिर आरोपी पैसे न मिलने पर लगातार पीड़िता की दुष्कर्म को सोशल मीडिया पर खिलवाड़ कर रहा था। पुलिस मामले में दो स्थानीय आरोपियों को पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है। मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित युवती ने हिम्मत जुटाकर सिटी कोतवाली जांजगीर में एफआईआर दर्ज कराई। पीड़िता ने बताया कि बिहार के रोहतास का रहने वाला अकबर खान (20 वर्ष) ने इंस्टाग्राम पर उससे दोस्ती की थी। मीठी-मीठी बातों से उसने नजदीकियां बढ़ाईं और फिर वह जांजगीर पहुंच गया। यहां उसने युवती को अपने झांसे में लिया और उसके कुछ बेहद निजी आपत्तिजनकफोटो और वीडियो बना लिए। आरोपी का असली चेहरा तब सामने आया जब उसने इन तस्वीरों के दम पर पीड़िता को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। उसने साफ कहा कि अगर 70,000 रुपए नहीं मिले, तो वो इन तस्वीरों को इंटरनेट पर डाल देगा। जब पीड़िता ने पैसे देने से मना किया, तो आरोपी ने क्रूरता दिखाते हुए इंस्टाग्राम पर फोटो-वीडियो वायरल करना शुरू कर दिया। लगातार हो रही बदनामी से परेशान होकर आखिरकार पीड़िता ने पुलिस की शरण ली। पूछताछ में आरोपी अकबर खान ने अपना गुनाह कुबूल कर लिया है। पुलिस ने उसके पास से घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल जब्त कर लिया है, जिसमें पीड़िता के वीडियो और इंस्टाग्राम आईडी लॉग-इन थी। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
फरीदाबाद जिले में कुरेशीपुर गांव के पास स्थित तुलसी कॉलोनी में किराये पर रहने वाले एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में रखवा दिया। थाना धौज प्रभारी दर्पण कुमार ने बताया कि मृतक की पहचान 35 वर्षीय नीरज मिश्रा के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बिहार का रहने वाला था और कुरेशीपुर के पास तुलसी कॉलोनी में किराये के मकान में रहता था। पुलिस के अनुसार, नीरज के परिवार के सदस्य एक दिन पहले ही बिहार गए हुए थे और वह घर पर अकेला था। बताया जा रहा है कि घटना वाली रात वह ड्यूटी से वापस अपने कमरे पर आया था। बाहर नहीं आने पर पड़ोसियों ने देखा अगली सुबह गुरुवार जब काफी देर तक नीरज कमरे से बाहर नहीं निकला तो पड़ोसियों को चिंता हुई। उन्होंने कई बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पड़ोसियों ने खिड़की से अंदर देखा तो नीरज पंखे से लटका हुआ मिला। यह देखकर उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मामले की जांच कर रही पुलिस सूचना मिलते ही थाना धौज पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की और जरूरी साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को पंखे से नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में भेज दिया गया। पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। परिजनों के फरीदाबाद पहुंचने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नीरज मिश्रा ने यह कदम किन कारणों से उठाया। अभी तक आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच में जुटी है।
चतरा पुलिस ने 17 पेटी (कुल 408 बोतल) अंग्रेजी शराब बरामद किया है। दो तस्कर शराब की इस खेप को कार से 'ड्राई स्टेट' बिहार ले जा रहे थे। इसकी कीमत 1 लाख 60 हजार रुपए आंकी गई है। यह कार्रवाई संघरी घाटी के रास्ते की गई, जहां से शराब बिहार भेजी जा रही थी। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक कार को जब्त किया है। इस दौरान एक तस्कर को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दूसरा तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा। पकड़े गए आरोपी की पहचान राजपुर थाना क्षेत्र के हरहद गांव निवासी सोनू कुमार यादव के रूप में हुई है। पुलिस फरार तस्कर पवन कुमार यादव की तलाश कर रही है और मामले की आगे की जांच जारी है। पुलिस को भनक लगी थी कि रात के अंधेरे में चतरा से अवैध विदेशी शराब की एक बड़ी खेप कार के जरिए बिहार ले जाई जाने वाली है। पुलिस ने सघन वाहन चेकिंग अभियान शुरू किया। रात करीब 11:15 बजे चतरा शहर की ओर से एक सिल्वर रंग की कार आती दिखी। पुलिस टीम ने जब कार को रुकने का इशारा किया, तो रुकते ही उसमें सवार दो व्यक्ति भागने लगे। जवानों ने फुर्ती दिखाते हुए एक को खदेड़ कर दबोच लिया, जबकि उसका साथी पवन कुमार यादव अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा।
कटिहार में सीमांचल के विकास को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन द्वारा एनडीए सरकार पर सीमांचल के साथ 'सौतेला व्यवहार' करने के आरोप के बाद जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने पलटवार किया है। हाल ही में कटिहार में एक प्रेस वार्ता के दौरान, AIMIM प्रवक्ता आदिल हसन ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुनाव के समय सीमांचल के विकास का वादा किया था। हसन के अनुसार, सरकार के छह महीने पूरे होने के बावजूद कटिहार, पूर्णिया, अररिया और किशनगंज में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हुए हैं। AIMIM के इन आरोपों पर JDU के जिला प्रवक्ता इम्तियाज हैदर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आदिल हसन को शायद सीमांचल में हुए विकास कार्यों की जानकारी नहीं है। हैदर ने याद दिलाया कि 2005 में जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने थे, तब राज्य की स्थिति खराब थी और सीमांचल के कई इलाकों में सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं थीं। सीमांचल को जोड़ने जैसे कार्यों का उल्लेख कियाJDU प्रवक्ता ने दावा किया कि पिछले दो दशकों में सीमांचल में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आधारभूत संरचनाओं के क्षेत्र में व्यापक विकास हुआ है। उन्होंने अल्पसंख्यक छात्रावासों का निर्माण, कब्रिस्तानों की घेराबंदी, सड़क नेटवर्क का विस्तार और राष्ट्रीय राजमार्गों से सीमांचल को जोड़ने जैसे कार्यों का उल्लेख किया। इम्तियाज हैदर ने बताया कि कब्रिस्तानों की घेराबंदी से वर्षों पुराने भूमि विवादों और सामाजिक तनाव को कम करने में सहायता मिली है। उत्तर प्रदेश में भी यही रणनीति अपनाई जा रहीउन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीमांचल के लोगों और अल्पसंख्यक समाज के हितों को प्राथमिकता दी है। JDU ने AIMIM पर राजनीतिक हमला करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी विकास के मुद्दों से अधिक वोटों के ध्रुवीकरण की राजनीति करती है। JDU प्रवक्ता के अनुसार, AIMIM जहां भी चुनाव होते हैं, वहां 'वोट काटने' का काम करती है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल और बिहार में भी इसकी भूमिका 'वोट कटवा' की रही है और अब उत्तर प्रदेश में भी यही रणनीति अपनाई जा रही है।
फैक्ट चेक: ट्रेन के अंदर परीक्षार्थी की मौत के दावे का वीडियो बिहार का नहीं है
वायरल वीडियो को शूट करने वाले मुबारक हुसैन ने बूम को बताया कि घटना 11 जून को आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम स्टेशन के पास की है.
गाजीपुर पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक वांछित हेरोइन तस्कर को गिरफ्तार किया है। गहमर थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में आरोपी उपेंद्र राय के पास से 240 ग्राम अवैध हेरोइन बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 1 करोड़ 65 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपी एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस को 16 जून 2026 को उपनिरीक्षक सत्येंद्र सिंह चंदेल और उनकी टीम के क्षेत्र में गश्त के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी। मुखबिर ने बताया कि वांछित तस्कर गहमर सायर नहर पुलिया के पास मौजूद है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने घेराबंदी कर छापेमारी की और मौके से आरोपी उपेंद्र राय को धर दबोचा। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 240 ग्राम हेरोइन मिली। गिरफ्तार आरोपी उपेंद्र राय बिहार के भोजपुर जिले के बोहरमपुर गांव का निवासी है और उसकी उम्र 34 वर्ष है। इस बरामदगी और गिरफ्तारी के संबंध में गहमर थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8, 21, 27A और 29 के तहत नया मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपी के नेटवर्क और इस तस्करी से जुड़े अन्य व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
आखिर क्यों नहीं सुधर रही बिहार की चिकित्सा व्यवस्था
भारत सरकार की एसआरएस-2026 (सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम-2026) की रिपोर्ट से एक बार फिर बिहार की चिकित्सा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य में 67.8 प्रतिशत मौत की वजह चिकित्सा का अभाव या गलत इलाज है।
यूपी के मौसम में तेजी से उतार-चढ़ाव हो रहा है। कभी आंधी-बारिश तो कभी तेज धूप और उमस। प्रदेश में प्री-मानसून एक्टिव है। मौसम विभाग ने बुधवार को 27 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 40-50 किमी रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। लखनऊ में सुबह से बादल छाए हैं। पश्चिम के ज्यादातर जिलों में सुबह से धूप है। काशी-प्रयागराज और कानपुर में भी गर्मी और उमस है। प्रदेश का अधिकतम पारा भी एक डिग्री बढ़ गया है। मंगलवार को बांदा 43.4C के साथ सबसे गर्म शहर रहा। जबकि एक दिन पहले सोमवार को 42.4C पारा दर्ज किया गया था। मंगलवार को प्रदेश में 10 शहरों में बारिश हुई। गोरखपुर, महाराजगंज और झांसी में तेज बारिश हुई। महाराजगंज में सड़कों पर पानी भर गया। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने बताया- पश्चिमी यूपी और तराई इलाकों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। तेज हवाएं चलने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी से नमी भरी हवा आ रही है और पश्चिमी हवाओं का भी असर है। इस वजह से प्री-मानसून की बारिश हो रही है। मानसून बिहार बॉर्डर पर महाराजगंज जिले के पास तक पहुंच चुका है। उम्मीद है कि 20 से 25 जून के बीच मानसून सोनभद्र के रास्ते यूपी में प्रवेश कर सकता है। अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम… यूपी के मौसम से जुड़े अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। प्रत्याशी तीन हैं, जिसके चलते 18 जून को वोटिंग होगी। अहमदाबाद के परिमल नाथवानी के उतरने से मुकाबला रोचक बन गया है। इन्हें भाजपा और NDA का समर्थन है। नाथवानी 755 करोड़ रुपए की संपत्ति के मालिक हैं। राजनीतिक गलियारे में माना जा रहा है कि वह ‘हिसाब-किताब’ करके मैदान में डटे हैं। उनके इस गणित को कांग्रेस हॉर्स ट्रेडिंग का नाम दे रही है। इंडिया ब्लॉक के पास 56 विधायक हैं। अगर सब एकजुट रहे तो उनकी दोनों सीटों पर जीत तय है। नाथवानी या कांग्रेस के प्रणव झा जीतेंगे यह तेजस्वी के चार विधायक तय करेंगे। झारखंड में हो रहे राज्यसभा चुनाव में राजद नेता तेजस्वी यादव क्यों अहम बन गए हैं? जीत का क्या समीकरण है? पढ़िए खास रिपोर्ट...। एक सीट जीतने के लिए चाहिए 28 विधायक राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 28 विधायक चाहिए। इंडिया ब्लॉक के पास 56 MLA हैं। इसके अनुसार सभी ने वोट दिए और कोई क्रॉस वोटिंग नहीं हुई तो गठबंधन के दोनों उम्मीदवार जीत जाएंगे। लेकिन भाजपा समर्थित परिमल नाथवानी की मौजूदगी ने इस खेल को इतना सीधा और आसान नहीं रहने दिया है। क्या है संख्या बल? झारखंड में विधानसभा की कुल 81 सीटें हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार को कम से कम 28 विधायकों के प्रथम वरीयता के वोटों की जरूरत है। इंडिया ब्लॉक में शामिल झामुमो के 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और भाकपा माले के 2 विधायक हैं। दूसरी ओर NDA में भाजपा के 21, आजसू के 1, जेडीयू के 1 और LJP (R) के 1 विधायक हैं। कुल संख्या 24 हुई। इस हिसाब से NDA को चार विधायकों की जरूरत है। झामुमो के बैजनाथ राम की जीत पक्की हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली पार्टी झामुमो के उम्मीदवार बैजनाथ राम की जीत पक्की मानी जा रही है। उन्हें 28 वोट चाहिए और पार्टी के पास 34 विधायक हैं। मतलब जरूरत से 6 अधिक। इंडिया ब्लॉक की ओर से दूसरे उम्मीदवार कांग्रेस के प्रणव झा हैं। इनका मुकाबला परिमल नाथवानी से है। क्यों तेजस्वी यादव के हाथ आई जीत दिलाने की ताकत? कांग्रेस के प्रणव झा को जीत तभी मिलेगी जब उन्हें झामुमो के बचे हुए 6, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और भाकपा माले के 2 विधायक वोट दें। दूसरी ओर नाथवानी को NDA के 24 विधायकों का वोट मिलना तय माना जा रहा है। ऐसे में इंडिया ब्लॉक की पार्टियों के चार विधायक टूट जाते हैं और नाथवानी के समर्थन में वोट कर देते हैं तो उनकी जीत हो जाएगी। तेजस्वी यादव की पार्टी राजद के चार विधायक हैं। इनके पास ताकत है कि नाथवानी या प्रणव में से किसी एक को जीत दिला दें। बिहार में भाजपा ने मार्च में हुए राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन के विधायकों को तोड़कर पहले ही उदाहरण पेश कर दिया है। क्या बिहार का बदला झारखंड में ले सकते हैं तेजस्वी? मार्च में बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए चुनाव हुए। सत्ताधारी गठबंधन NDA के पास 4 प्रत्याशी को जीत दिलाने लायक संख्या बल था। वहीं, विपक्ष की सभी पार्टियों के विधायक वोट देते तो महागठबंधन की ओर से राजद के उम्मीदवार ए़डी सिंह जीत सकते थे। 16 मार्च 2026 को मतदान हुए, नतीजे चौंकाने वाले आए। कांग्रेस के तीन विधायक गायब रहे। राजद के एक विधायक भी वोट डालने नहीं आए। इसके चलते एनडीए के 5वें उम्मीदवार को जीत मिल गई। बिहार में कांग्रेस के 6 विधायक हैं, इनमें से 3 ने राजद उम्मीदवार को वोट नहीं दिया। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में एक सवाल पर खूब चर्चा हो रही है कि क्या तेजस्वी बिहार में मिली हार का बदला झारखंड में कांग्रेस उम्मीदवार को हराकर ले सकते हैं। ऐसा न हो इसके लिए कांग्रेस नेतृत्व भी एक्टिव है। राहुल गांधी ने हेमंत सोरेन से तीन बार बात की है। बिहार में कांग्रेस नेता अखिलेश सिंह के माध्यम से कांग्रेस नेतृत्व की बात तेजस्वी यादव से हुई है। दूसरी ओर एक चर्चा यह भी है कि NDA में भी टूट हो सकती है। विधायक सरयू राय की नाराजगी की खबर आती रहती है। कौन से सीट हुए हैं खाली? जिन दो राज्यसभा सीटों पर मतदान होना है, उनमें एक सीट JMM संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन के बाद खाली हुई है। जबकि दूसरी सीट भाजपा नेता दीपक प्रकाश का कार्यकाल समाप्त होने के कारण खाली हो रही है। परिमल को जिताने के लिए NDA के पास 2 ऑप्शन 1- RJD के चारों विधायकों को तोड़ लें। ऐसा करने पर NDA के 24 और राजद के 4 विधायक मिलकर 28 हो जाएंगे। वह कांग्रेस या भाकपा माले के विधायकों को अपने साथ लाने की कोशिश कर सकते हैं। उन्हें किसी तरह चार विधायकों का वोट चाहिए। 2- दूसरा विकल्प है कि 10 विधायकों को वोट नहीं देने या इस तरह मतदान करने के लिए मना लें कि उनके वोट रद्द हो जाएं। ऐसे में कुल वैध वोटों की संख्या 71 हो जाएगी। जीत के लिए जरूरी संख्या बल गिरकर 24 हो जाएगा। NDA की चाल नाकाम करने के लिए क्या है महागठबंधन की तैयारी? I.N.D.I.A. गठबंधन की कोशिश है कि उसके सभी विधायक एकजुट रहें। मंगलवार को गठबंधन के सभी विधायक और प्रमुख नेता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर पहुंचे। विधायकों को मतदान करने की ट्रेनिंग दी गई ताकि उनके वोट रद्द नहीं हों। मॉक पोल कराकर बताया गया कि किस तरह वोट डालना है, क्या करना है और क्या नहीं। 18 जून को सभी विधायक पहले मुख्यमंत्री आवास पर जुटेंगे। इसके बाद एक साथ विधानसभा पहुंचकर मतदान करेंगे। अब जानिए कौन हैं राज्यसभा चुनाव के तीनों उम्मीदवार 1- परिमल नाथवानी परिमल नाथवानी गुजरात के अहमदाबाद के रहने वाले हैं। अरबपति कारोबारी परिमल निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं, उन्हें भाजपा ने समर्थन दिया है। इनकी कुल चल-अचल संपत्ति 755 करोड़ रुपए की है। 338 करोड़ रुपए शेयर-बॉन्ड में निवेश किए हैं। इनकी पत्नी के पास 13.67 करोड़ रुपए के गहने हैं। इन पर सर्वाधिक 256 करोड़ रुपए की देनदारी (कर्ज) भी है। 2- बैजनाथ राम JMM के बैजनाथ राम के पास 4.55 करोड़ रुपए की संपत्ति है। इन्हें खेती और मकान के किराए से आमदनी होती है। इनके पास 14 एकड़ जमीन और 1.12 करोड़ रुपए की 5 गाड़ियां हैं। इन पर 66.86 लाख रुपए का कर्ज है। 3- प्रणव झा कांग्रेस उम्मीदवार 53 साल के लॉ ग्रेजुएट प्रणव झा अविवाहित हैं। इनकी कुल संपत्ति 1.91 करोड़ रुपए है। इन पर कोई कर्ज नहीं है। इनके पास चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में संपत्तियां तथा 2.95 लाख रुपए की ‘टूडोर’ घड़ी है।
मुजफ्फरपुर में व्यवसायियों हो रहे हमलों और लूट की घटनाओं के विरोध में अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने आज उत्तर बिहार की सबसे बड़ी सर्राफा मंडी बंद रखने का ऐलान किया है। मंगलवार को पुरानी बाजार स्थित संघ कार्यालय में आयोजित बैठक में व्यापारियों ने एक स्वर में कहा कि उन्हें अनाज, राशन या किसी तरह की सहायता नहीं चाहिए, बल्कि कारोबार करने के लिए सुरक्षा चाहिए। चेतावनी दी गई कि यदि प्रशासन सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करता है, तो सभी स्वर्ण व्यवसायी अपनी दुकानों की चाभी जिला प्रशासन को सौंपकर आंदोलन को और तेज करेंगे। दीपक हत्याकांड के बाद फूटा गुस्सा सर्राफा संघ की बैठक में सोमवार रात कच्ची-पक्की ओपी क्षेत्र में स्वर्ण व्यवसायी दीपक कुमार की गोली मारकर हत्या और हाल में कांटी में ज्वेलरी शॉप में हुई बड़ी लूट की घटना को लेकर गहरा आक्रोश जताया गया। व्यापारियों ने कहा कि जिले में लगातार स्वर्ण व्यवसायियों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे पूरे कारोबारी वर्ग में भय और असुरक्षा का माहौल है। व्यापारियों का कहना था कि हर बड़ी घटना के बाद पुलिस और प्रशासन सक्रिय नजर आता है, लेकिन घटनाओं को रोकने के लिए पहले से कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था नहीं की जाती। कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर सुरक्षा की मांग की गई, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। “दुकान खोलते ही मन में डर रहता है” बैठक में मौजूद व्यवसायियों ने कहा कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि सुबह दुकान खोलते ही मन में डर बना रहता है कि पता नहीं कब और कहां कोई बड़ी घटना हो जाए। लगातार हो रही लूट, छिनतई और हत्या की घटनाओं ने व्यापारियों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। सुरक्षा नहीं मिली तो प्रशासन को सौंपेंगे चाबी अखिल भारतीय सर्राफा संघ के महामंत्री मंजीत कुमार ने कहा कि हाल की घटनाओं ने पूरे सर्राफा समाज को भयभीत कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि यदि व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हुई, तो सभी व्यवसायी अपने प्रतिष्ठानों की चाभी जिला प्रशासन को सौंप देंगे और बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज कैमूर पहुंचे थे। यहां उन्होंने अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अपराधी बिहार छोड़ दें, इसी में उनकी भलाई है। इसपर अब कांग्रेस ने पलटवार किया है। बिहार कांग्रेस के सूचना एवं पत्राचार विभाग के प्रभारी असित नाथ तिवारी ने कहा कि सम्राट चौधरी के दिल के अंदर की जो बात है वो कह नहीं पा रहे हैं। दरअसल, वह कहना चाह रहे हैं कि सारे अपराधी भाजपा ज्वाइन कर लें। भाजपा के लिए काम करे, भाजपा के लिए हत्याएं करें, भाजपा के लिए EVM फूंक डाला करे, भाजपा के लिए समाज में दहशत फैलाएं। सम्राट चौधरी खुलकर अपनी बात कहिए न, आखिर डर किस बात का है। अब तो अदालत भी आप लोग के ऊपर कारवाई नहीं कर रही। CM बोले- बहनों, आपका भाई सम्राट अपराधियों को जवाब देगा सम्राट चौधरी ने अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा, कोई अपराधी हो उसे पहले दिन कहिए बिहार छोड़कर चले जाए इसी में तुम्हारी भलाई है। अगर वो नहीं गया तो इसे चैलेंज माना जाएगा। हमने अगर चैलेंज लिया तो 48 घंटे में एक्शन होगा। हम उन्हें छोड़ नहीं सकते हैं। ये जनता के साथ अन्याय होगा। बहनों आपका भाई बिहार का मुख्यमंत्री जब तक है जो अपराधी अपराध करेगा आपका भाई सम्राट चौधरी जवाब देगा। 80 से 90% अपराधियों ने बिहार छोड़ा सीएम ने कहा कि नीतीश जी ने जिस तरह से क्राइम, कम्यूनिजम और करप्शन के लिए काम किया है। इसे पूरी तरह से खत्म करना है। जब भी अपराधी चुनौती देता है, मैं पुलिस अफसरों को फोन करता हूं। इसका जवाब 48 घंटे में देने का काम कीजिए। बिहार में सुशासन है, सुशासन तभी होगा जब अपराधी का गयाजी में पिंडदान होते रहे या जेल में हों। 80 से 90% अपराधी बिहार छोड़कर भाग चुके हैं। नहीं गए हैं तो अपारधियों को पता बताते रहिए, हमारी पुलिस उनका इलाज करती रहेगी।
कहते हैं कि सपनों को पूरा करने के लिए सिर्फ हौसला नहीं, बल्कि लगातार मेहनत और संघर्ष की जरूरत होती है। जमुई जिले के भजोर गांव की रहने वाली रजनी कुमारी ने इसे सच साबित कर दिखाया है। बेहद साधारण परिवार से आने वाली रजनी का चयन बिहार पुलिस में हुआ है। रजनी की सफलता के पीछे उनके पिता दशरथ पासवान का वर्षों का संघर्ष और त्याग है। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद उन्होंने ठेला चलाकर और मजदूरी कर बेटी की पढ़ाई जारी रखी। आज उसी मेहनत का नतीजा है कि उनकी बेटी बिहार पुलिस की वर्दी पहनने जा रही है। कभी दो वक्त की रोटी जुटाना भी था चुनौती दशरथ पासवान की आर्थिक स्थिति लंबे समय तक मजबूत नहीं रही। परिवार का खर्च चलाने के लिए उन्हें रोज मेहनत करनी पड़ती थी। ठेला चलाने और मजदूरी से जो आमदनी होती, उसी से घर का गुजारा चलता था। कई बार ऐसे हालात बने जब बेटी की पढ़ाई जारी रखना मुश्किल लगने लगा, लेकिन दशरथ ने हिम्मत नहीं छोड़ी। उन्होंने अपनी परेशानियों को बेटी के सपनों के सामने नहीं आने दिया। उन्होंने हर संभव प्रयास कर रजनी को पढ़ाया और आगे बढ़ने का मौका दिया। कस्तूरबा विद्यालय से मजबूत हुआ बड़ा सपना रजनी ने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव में ही पूरी की। इसके बाद आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए उनका नामांकन कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में कराया गया। यहां उन्होंने छठी से आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की। इसी दौरान उनके अंदर जीवन में कुछ बड़ा करने का सपना मजबूत हुआ। रजनी ने मेहनत जारी रखी और साल 2024 में इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। इसके बाद उन्होंने बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। ऑनलाइन पढ़ाई से की तैयारी, मेहनत लाई रंग आर्थिक सीमाओं के बावजूद रजनी ने तैयारी में कोई कमी नहीं छोड़ी। उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई की और खान सर की क्लासेस से भी मदद ली। कड़ी मेहनत के बाद 17 दिसंबर 2025 को उनका पीटी परीक्षा परिणाम सफल रहा। इसके बाद जून 2026 में मेडिकल प्रक्रिया भी पूरी हो गई। बिहार पुलिस में चयन की खबर मिलते ही परिवार और पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। बोलीं- पिता की मेहनत ने पूरा किया मेरा सपना रजनी कुमारी अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता को देती हैं। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने कभी गरीबी को उनकी पढ़ाई के रास्ते में बाधा नहीं बनने दिया। रजनी ने कहा कि पुलिस की वर्दी पहनना उनका सपना था, जो अब पूरा होने जा रहा है। पिता का संघर्ष ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा रहा है। जिस ठेले ने पाला परिवार, उसी पर बैठकर पहुंचीं बैंक रजनी की सफलता से जुड़ा एक भावुक पल भी सामने आया। बैंक में खाता खुलवाने के लिए रजनी अपने माता-पिता के साथ उसी ठेला गाड़ी पर बैठकर पहुंचीं, जिससे उनके पिता वर्षों से परिवार का खर्च चलाते रहे हैं। रजनी ने कहा कि वह ठेला उनके लिए सिर्फ एक वाहन नहीं, बल्कि पिता के संघर्ष, मेहनत और त्याग की निशानी है। उनका कहना है कि जब भी वह अपने पिता को मेहनत करते देखती थीं, तो उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती थी। गांव में खुशी का माहौल रजनी के परिवार में एक बड़ा भाई भी है, जो वर्तमान में स्नातक की पढ़ाई कर रहा है। बेटी की इस उपलब्धि से भजोर गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि रजनी ने साबित कर दिया कि गरीबी सपनों की राह में रुकावट नहीं बन सकती। अगर मेहनत और हौसला हो तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।
पटना में बिहार के पहले स्पेस क्लब की स्थापना होगी। आर्यभट्ट ज्ञान यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. शरद कुमार यादव ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी में आर्यभट्ट स्पेस क्लब स्थापित की जाएगी। इस क्लब का उद्देश्य विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान, खगोल विज्ञान, सैटेलाइट टेक्नोलॉजी, स्पेस डेटा एनालिटिक्स और उभरती अंतरिक्ष टेक्नोलॉजी के प्रति रुचि और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना है। बिहार और पूर्वी भारत के युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान में नए अवसर देगा इस क्लब के माध्यम से विशेषज्ञ व्याख्यान, वर्कशॉप, ट्रेनिंग कार्यक्रम, आदि चीजें संचालित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि आर्यभट्ट स्पेस क्लब विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष गतिविधियों से जोड़ने के साथ-साथ इनोवेशन, रिसर्च और कौशल विकास के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान करेगा। यह पहल बिहार और पूर्वी भारत के युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए अवसरों के लिए प्रेरित करेगी। स्कूल ऑफ एस्ट्रोनॉमी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा इसकी घोषणा कुलपति ने दिल्ली में आयोजित इंडिया स्पेस कांग्रेस सम्मेलन 2026 में की। कुलपति ने कहा कि इंडिया स्पेस कांग्रेस 2026 में प्राप्त अनुभव, विशेषज्ञों के विचार तथा उद्योग जगत के साथ स्थापित संपर्क विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एस्ट्रोनॉमी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य बिहार और पूर्वी भारत में खगोल विज्ञान शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार का एक उत्कृष्ट केंद्र विकसित करना है। पटना वीमेंस कॉलेज में पैंट-शर्ट में नजर आएंगी छात्राएं दूसरी ओर नए शैक्षणिक सत्र से पटना वीमेंस कॉलेज में ड्रेस कोड में बदलाव किया गया है। कॉलेज प्रशासन ने सभी कोर्स की छात्राओं के लिए पैंट-शर्ट को अनिवार्य कर दिया है। कॉलेज ने उन छात्राओं को भी राहत दी है, जिनके लिए किसी विशेष कारण से सूट पहनना आवश्यक है। ऐसी छात्राओं को कॉलेज द्वारा निर्धारित यूनिफॉर्म के रंग के अनुरूप सूट पहनकर आने की अनुमति होगी, ताकि ड्रेस कोड की समानता बनी रहे। प्राचार्य सिस्टर रश्मि ने कीई छात्राओं से नियमों का पालन करने की अपील की है।
एटीएस ने अब तक 4 को गिरफ्तार किया:पाकिस्तानी हैंडलर से जुड़े एक और युवक को बिहार से दबोचा
देश विरोधी और संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ मध्य प्रदेश और बिहार एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में बड़ा खुलासा हुआ है। दोनों राज्यों की एटीएस ने साझा ऑपरेशन के तहत बिहार (मधुबनी) से इजहारुल हक (56) को गिरफ्तार किया गया है, जो वर्षों से पाकिस्तान के हैंडलर के संपर्क में था। एटीएस सूत्रों के मुताबिक, मधुबनी की स्थानीय अदालत ने आरोपी की 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर दी है। फिलहाल टीम मधुबनी में ही उससे पूछताछ कर रही है। कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद आरोपी को बुधवार तक भोपाल स्थित मुख्यालय लाया जा सकता है। यहां बता दें कि भोपाल के खालिद को पकड़ने के बाद यह चौथी गिरफ्तारी है। एटीएस ने धार से गिरफ्तारी की खबर बताई अफवाहसोमवार को सोशल मीडिया पर मध्य प्रदेश के धार जिले से हाजी अजहर नामक एक अन्य संदिग्ध की गिरफ्तारी की खबर को पूरी तरह भ्रामक बताया है।
रांची नगर निगम से सेवानिवृत्त हो चुके 400 कर्मचारियों को पिछले तीन माह से पेंशन नहीं मिल रही है। निगम के अधिकारियों ने सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन में कानूनी पेंच लगा दिया है। सेवानिवृत कर्मचारियों को पेंशन देने के लिए नगर आयुक्त की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी ने झारखंड म्यूनिसिपल एक्ट लागू होने के बावजूद बिहार म्यूनिसिपल ऑफिसर एंड सर्वेंट पेंशन रूल्स-1987 के पेंशन देने की अनुशंसा की है। ऐसे में पेंशन भोगियों के पेंशन में करीब 20% तक की कटौती हो जाएगी। कमेटी में शामिल अपर नगर आयुक्त संजय कुमार, उप नगर आयुक्त गौतम कुमार साहू, सहायक नगर आयुक्त दिलीप कुमार, मुकेश कुमार रंजन, लेखा पदाधिकारी अमित टोप्पो ने झारखंड हाईकोर्ट के आदेश को भी मानने से इनकार कर दिया। इधर, पेंशन नहीं मिलने से सभी पेंशनभोगियों की आर्थिक स्थिति चरमरा गई है। किसी को दवा खरीदने के लिए अपने हित-रिश्तेदारों से उधार लेना पड़ रहा है तो किसी को उधार में राशन लेना पड़ रहा है। स्थिति इतनी भयावह हो गई है कि लंबे समय से इलाज करा रहे कर्मचारी अपने या अपने परिवार के सदस्यों का बेहतर उपचार नहीं करा पा रहे हैं। पैसे के अभाव में दो सेवानिवृत कर्मचारी पंकज यादव आैर भूवन केसरी की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद निगम अधिकारियों ने कर्मचारियों को पेंशन नहीं दी। हाईकोर्ट ने सेवानिवृत कर्मचारियों को राज्यकर्मियों के समान पेंशन देने का आदेश दिया था। लेकिन निगम ने उस आदेश को दरकिनार कर अपने स्तर से नियम की व्याख्या कर दी। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई है। इस पर मंगलवार को सुनवाई होगी। बड़ा सवाल : 9 सालों तक करोड़ों रु. पेंशन दी, उसकी वसूली किससे होगी रांची नगर निगम के सेवानिवृत कर्मियों को वर्ष 2017 से पहले फोर्थ पे कमीशन के आधार पर काफी कम पेंशन मिलती थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद नवंबर 2017 में निगम के तत्कालीन नगर आयुक्त शांतनु अग्रहरि ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को राज्यकर्मियों के समतुल्य पेंशन देना शुरू कर दिया। अब 9 साल तक पेंशन देने के बाद निगम के अधिकारियों ने पुराने आदेशों का हवाला देकर पेंशन में कटौती कर दी। ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि पहले जिस नियम से करोड़ों रुपए पेंशन दिए गए उसकी वसूली किससे होगी? अगर राज्यकर्मियों के सामान मिल रही पेंशन सही है तो पेंशन रोकने से जिन कर्मचारियों की मौत हुई है, उसकी जवाबदेही किसकी होगी।
प्रिंस यादव मौत मामले की भारत, बिहार और नेपाल सरकार मिलकर संयुक्त जांच करे : तेजस्वी यादव
पटना में ज्ञान बिंदु कोचिंग से जुड़े रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है
तमिलनाडु में बिहार की 3 साल की बच्ची से दरिंदगी, इलाज के दौरान मौत; आरोपी गिरफ्तार
तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले के गुम्मिडीपोंडी इलाके में तीन वर्षीय बच्ची के साथ कथित यौन उत्पीड़न की घटना के बाद उसकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने बिहार के रहने वाले 19 वर्षीय प्रवासी मजदूर को गिरफ्तार किया है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की जिला परिषद की बैठक सोमवार को पार्टी कार्यालय में संपन्न हुई। इस दौरान CPI के बिहार राज्य सचिव मंडल सदस्य इरफान अहमद फातमी ने बिहार की भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर किसान मजदूरों के हितों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया। फातमी ने अपने संबोधन में कहा कि 'सैटेलाइट टाउनशिप' के नाम पर गरीब किसानों की जमीन छीनकर कॉर्पोरेट घरानों को देने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने बिहार में कानून व्यवस्था ध्वस्त होने, शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था चौपट होने का भी आरोप लगाया। फातमी के अनुसार, राज्य में घोटाला और भ्रष्टाचार चरम पर है, जहां नौकरशाह, ठेकेदार और सफेदपोश सत्ताधारी राजनेताओं की तिकड़ी बिहार के खजाने को लूट रही है। उन्होंने बिहार के विभिन्न जन संगठनों के आह्वान पर 15 जुलाई को विधानसभा घेराव को सफल बनाने का आह्वान किया। बिहार की सरकार गरीब भूमिहीनों को उजाड़ रही बैठक को संबोधित करते हुए सीपीआई के जिला सचिव प्रभात कुमार पाण्डेय ने कहा कि बिहार की सम्राट चौधरी सरकार गरीब भूमिहीनों और फुटपाथ दुकानदारों को बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के जबरन उजाड़ रही है, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर संकट आ गया है। उन्होंने एक आरोपी व्यक्ति को शिक्षा मंत्री बनाए जाने पर भी सवाल उठाया, जिससे शैक्षिक वातावरण दूषित होने की बात कही। पाण्डेय ने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि 6 अगस्त से 15 अगस्त तक भाकपा द्वारा जिले के सभी गांवों में 'गांव-गांव, पांव-पांव' पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा। इस पदयात्रा के दौरान जन समस्याओं को चिन्हित किया जाएगा और बड़े पैमाने पर पार्टी सदस्यता अभियान चलाकर संगठन को मजबूत किया जाएगा। साथ ही, पंचायत चुनाव की तैयारी भी की जाएगी। बैठक में सहायक जिला सचिव गुलेश्वर यादव, कार्यालय सचिव दिनेश कुमार, पार्टी के वरिष्ठ नेता चंद्रभूषण प्रसाद और मालती देवी सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश की नियुक्ति को लेकर दायर जनहित याचिका (PIL) पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने पूछा कि क्या दीपक प्रकाश अभी भी मंत्री पद पर बने हुए हैं। याचिकाकर्ता ने बताया कि दीपक प्रकाश अब भी मंत्री पद पर बने हैं। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने दीपक प्रकाश, बिहार सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस भेजा गया है। सभी से मामले को लेकर जवाब मांगा गया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि दीपक प्रकाश विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य नहीं हैं, फिर भी उन्हें लगातार दूसरी बार मंत्री बनाया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह संविधान की भावना और लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। क्या है पूरा मामला? बिहार के राकेश कुमार सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर दीपक प्रकाश की मंत्री पद पर नियुक्ति को चुनौती दी है। उन्होंने अदालत से 'क्वो वारंटो' (अधिकार-पृच्छा) रिट जारी करने की मांग की है। इसका मतलब है कि अदालत यह जांच करे कि दीपक प्रकाश किस संवैधानिक अधिकार के आधार पर मंत्री पद पर बने हुए हैं। याचिका के अनुसार दीपक प्रकाश को पहली बार नवंबर 2025 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार में पंचायती राज मंत्री बनाया गया था। उस समय वे विधानसभा या विधान परिषद, किसी भी सदन के सदस्य नहीं थे। 6 महीने के अंदर किसी सदन का सदस्य बनना जरूरी संविधान के मुताबिक, किसी गैर-विधायक को मंत्री बनाया जा सकता है, लेकिन उसे छह महीने के भीतर किसी सदन का सदस्य बनना जरूरी होता है। याचिका में कहा गया है कि यह अवधि पूरी होने से पहले बिहार में मंत्रिमंडल का पुनर्गठन हुआ और 7 मई 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बनी नई सरकार में दीपक प्रकाश को फिर से मंत्री पद की शपथ दिला दी गई। याचिकाकर्ता का आरोप है कि सरकार ने इसी प्रक्रिया के जरिए छह महीने की संवैधानिक सीमा को दरकिनार करने की कोशिश की है। संविधान क्या कहता है? भारतीय संविधान का अनुच्छेद 164(4) कहता है कि यदि कोई व्यक्ति विधायक या विधान पार्षद नहीं है, तब भी उसे मंत्री बनाया जा सकता है। लेकिन इसके लिए एक महत्वपूर्ण शर्त है। ऐसे व्यक्ति को मंत्री बनने के बाद छह महीने के भीतर विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना अनिवार्य होता है। यदि वह ऐसा नहीं कर पाता है तो उसे मंत्री पद छोड़ना पड़ता है। याचिका में कहा गया है कि दीपक प्रकाश छह महीने के भीतर किसी भी सदन के सदस्य नहीं बन सके। हाल ही में हुए विधान परिषद चुनावों में भी उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया गया था। सुप्रीम कोर्ट का पुराना फैसला क्यों है महत्वपूर्ण? इस मामले में याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2001 के एक महत्वपूर्ण फैसले का हवाला दिया है। यह मामला एस.आर. चौधरी बनाम पंजाब राज्य से जुड़ा था। उस मामले में पंजाब में एक गैर-विधायक मंत्री छह महीने के भीतर चुनाव नहीं जीत सका था। बाद में सरकार में बदलाव होने पर उसे फिर से मंत्री बना दिया गया। तब सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि संविधान के अनुच्छेद 164(4) के तहत मिलने वाली छह महीने की छूट केवल अस्थायी व्यवस्था है और इसका बार-बार इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया था कि कोई भी सरकार मुख्यमंत्री बदलकर, मंत्रिमंडल का पुनर्गठन करके या इस्तीफा दिलवाकर किसी गैर-विधायक को बार-बार मंत्री नहीं बना सकती। ऐसा करना संविधान की भावना के विपरीत होगा।
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव रविवार देर रात दरभंगा पहुंचे। मृतक मो. फैज के परिजनों से मिलकर ढांढस बंधाया। इस दौरान सरकार और प्रशासन पर हमला बोलते हुए एसआईटी जांच, स्पीडी ट्रायल और पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग उठाई। पप्पू यादव ने कहा कि बिहार में अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ रहा है। प्रदेश में अपराध, माफिया, भ्रष्ट पदाधिकारियों और सत्ता के गठजोड़ ने व्यवस्था को हाईजैक कर लिया है। दरभंगा अब अपराध का केंद्र बनता जा रहा है। आम लोगों में भय का माहौल है। मो. फैज की हत्या बेहद भयावह और दिल दहला देने वाली घटना है। जिस तरह आरोपी बार-बार लौटकर लोहे की रॉड से हमला करता रहा, वह सामान्य विवाद का मामला नहीं लगता। अगर आरोपी फरवरी से काम पर नहीं गया था, तो पांच महीने बाद अचानक इतनी बड़ी घटना क्यों हुई। हत्या के पीछे की वास्तविक वजह सामने लाने के लिए पूरे मामले की गहन जांच जरूरी है। 'अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा होनी चाहिए' पप्पू यादव ने आगे कहा कि उन्होंने दरभंगा के एसपी से बात कर एसआईटी जांच की मांग की है। साथ ही मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों को भी पत्र लिखेंगे। आरोपी के मोबाइल की कॉल डिटेल, लोकेशन और उसके संपर्क में रहे लोगों की भी जांच होनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा होनी चाहिए। आज समाज भी संवेदनहीन होता जा रहा है। लोग सोशल मीडिया तक सीमित हो गए हैं और अपराध के खिलाफ सामूहिक प्रतिरोध कमजोर पड़ गया है। उन्होंने आशंका जताई कि आर्थिक बदहाली और बेरोजगारी के कारण आने वाले महीनों में बिहार में अपराध और बढ़ सकता है। जानिए क्या है पूरा मामला 12 जून को APM थाना क्षेत्र के चंदनपट्टी स्थित यामाहा शोरूम के मैनेजर मो फैज की शॉकर रॉड और कैंची से हमला कर हत्या कर दी गई थी। आरोपी ने 12 सेकेंड में मृतक के सिर पर 8 बार रॉड से वार किया। इसके बाद उसने सीने पर करीब 12 बार कैंची से हमला किया। इस दौरान फैज पूरी तरह से लहुलूहान हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। ‘बेटे का किसी से विवाद नहीं था’ वहीं, मृतक के पिता मो. असद अहमद ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और स्पीडी ट्रायल की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनका बेटा बेहद शांत, सरल और अपने काम से काम रखने वाला व्यक्ति था। उसका किसी से कोई विवाद नहीं था। वह रोजाना काम पर जाकर शाम को घर लौट आता था। जिस युवक पर हत्या का आरोप है, वह फैज के कार्यस्थल पर काम नहीं करता था। दूसरे सेंटर में कार्यरत था। एजेंसी के मालिक पहले ही लिखित रूप से स्पष्ट कर चुके हैं कि फैज पर किसी प्रकार का बकाया नहीं था। ऐसे में हत्या के पीछे बताई जा रही आर्थिक वजह पर उन्हें संदेह है। भाई ने उठाए सवाल छोटे भाई मो. सैफ अहमद ने भी हत्या के पीछे बताई जा रही वजह पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि महज 5 हजार रुपए के विवाद में कोई व्यक्ति इतनी क्रूरता के साथ हत्या कर दे, यह बात आसानी से समझ में नहीं आती।
गोरखपुर के सहजनवा थाना क्षेत्र में किशोरी को बहला-फुसलाकर धर्मांतरण का मामला सामने आया है। पुलिस ने पहले एफआईआर दर्ज कर आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भिजवाया गया था। अब जेल से छूटने के बाद भी वह किशोरी को नहीं छोड़ रहा है। पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहा है। दूसरे समुदाय के युवक पर सख्त कार्रवाई के लिए पीड़ित परिवार ने सीएम के जनता दर्शन में जाकर गुहार लगाई है। जिसके आधार पर सहजनवा थाने में बिहार के रोहतास जिले के करमा अमझोर निवासी सोहेल अंसारी के खिलाफ रविवार को एफआईआर दर्ज की गई है। माइंड वॉश करने के बाद बेटी घर नहीं आना चाहती सहजनवां थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने तहरीर देकर बताया उसकी 15 वर्षीय बेटी वर्ष 2024 में घर से लापता हो गई थी। इसके बाद उन्होंने थाने में अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया था। पुलिस की जांच में पता चला कि बिहार के रोहतास जिले के करमा अमझोर निवासी सोहेल अंसारी बेटी को बहला-फुसलाकर कर भगा ले गया है। किशोरी की मां ने आरोप लगाया कि सोहेल ने उसकी बेटी का धर्मांतरण कर ऐसा माइंड वॉश किया है कि उसको छोड़ने को तैयार नहीं है, जिसके कारण बेटी घर नहीं आ पा रही है। तब पुलिस ने किशोरी को मुक्त करवाकर आरोपी को जेल भिजवा दिया था। इसके बाद किशोरी कुछ समय बाद ही दोबारा घर से चली गई। युवक को जेल भेजने के बाद पुलिस ने किशोरी का कोर्ट में बयान दर्ज कराया। किशोरी ने परिजनों के साथ रहने से इन्कार कर दिया, जिसके बाद नाबालिग होने के कारण उसे राजकीय बालिका गृह में रखा गया है। इसी बीच किशोरी को बहला फुसलाकर भगाने का आरोपी सोहेल अंसारी जेल से छूट गया। अब वह लड़की के घरवालों को जान से मारने की धमकी दे रहा है। परिजनों ने सीएम जनता दर्शन में पहुंचकर धर्म परिवर्तन कराने व माइंड वॉश करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में सीओ गीडा योगेंद्र सिंह ने बताया कि सोहेल अंसारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। परिजनों के आरोप की जांच की जा रही है। नाबालिग किशोरी को राजकीय बालिका गृह में रखवाया गया है। उसकी काउंसलिंग भी कराई जा रही है।
वाराणसी पुलिस ने दबोचा दोस्त का हत्यारोपी:गोली मारकर बिहार फरार हुआ था आरोपी, नगवां में मिला था शव
लंका थाना क्षेत्र में दोस्त की गोली मारकर हत्या करके फरार हुए दोस्त को रविवार सुबह पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दिलदारनगर निवासी आरोपी गोपीनाथ चौरसिया उसके साथ बनारस में पढ़ता था, पहले दोनों साथ रहते थे लेकिन मनमुटाव के बाद अलग हो गए। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से पिस्टल बरामद की है। पूछताछ में उसने बताया कि वारदात को अंजाम देकर बिहार भाग गया था। तब से लगातार वही छिपा था, कुछ सामान लेने के लिए बनारस आया था। उधर, सर्विलांस की मदद से पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया। बता दें कि लंका थाना क्षेत्र के नगवां में उसने 9 जून को अपने दोस्त साेनू की हत्या की थी। इसके बाद से पुलिस को लगातार उसकी तलाश कर रही थी।
मध्य प्रदेश में शनिवार-रविवार को 3 अलग-अलग हादसों में 6 युवकों की मौत हो गई। रीवा की तमस नदी और जबलपुर की नर्मदा नदी में नहाने गए दो-दो दोस्तों की डूबने से जान चली गई, जबकि ग्वालियर के तिघरा डैम में पिकनिक मनाने पहुंचे MBBS के दो छात्र गहरे पानी में समा गए। सभी शव बरामद कर लिए गए हैं। रीवा हादसे में उत्तर प्रदेश के शंकरगढ़ निवासी कुणाल मिश्रा (19) और विशेष मिश्रा (18) की मौत हुई। जबलपुर के गौर चौकी क्षेत्र के ग्राम चौखड़ा निवासी ध्रुव पटेल (19) और सागर पटेल (17) की जान चली गई। वहीं, ग्वालियर के तिघरा डैम हादसे में सागर जिले के बीना निवासी गोपाल अग्रवाल और बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी आयुष श्रीवास्तव की मौत हो गई। तीनों हादसों से जुड़ी 3 तस्वीरें देखिए… पहला हादसा: रीवा की तमस नदी में डूबे UP के 2 युवक रीवा जिले की गौरा तमस नदी में रविवार को उत्तर प्रदेश के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के भारत नगर निवासी परिवार के 6 सदस्य नहाने पहुंचे थे। यह स्थान मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित है। नहाते समय एक युवक अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने के लिए दूसरा युवक भी नदी में कूद पड़ा, लेकिन गहराई अधिक होने के कारण दोनों डूब गए। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। 2 के शव बरामद, एक की बची जान ग्रामीणों ने मशक्कत कर एक युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन कुणाल मिश्रा और विशेष मिश्रा को नहीं बचाया जा सका। बाद में रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों के शव नदी से बाहर निकाले गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां पहले ब्लास्टिंग कर पत्थर निकाले जाते थे। इससे नदी के भीतर कई गहरे गड्ढे बन गए हैं। पानी भरा होने के कारण इनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और इसे हादसों की बड़ी वजह माना जा रहा है। MP और UP पुलिस मौके पर पहुंची सूचना मिलते ही मध्य प्रदेश की चाकघाट पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस मौके पर पहुंच गई। घटनास्थल दोनों राज्यों की सीमा पर है, इसलिए क्षेत्राधिकार तय कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। दूसरा हादसा: दोस्त को बचाने उतरा, खुद भी नर्मदा में डूब गया जबलपुर के गौर चौकी क्षेत्र स्थित सिलुआ घाट पर रविवार दोपहर नर्मदा नदी में नहाने गए दो दोस्तों की डूबने से मौत हो गई। ग्राम चौखड़ा निवासी ध्रुव पटेल और सागर पटेल अपने तीन अन्य दोस्तों के साथ रविवार सुबह करीब 11 बजे सिलुआ घाट पहुंचे थे। सभी नदी किनारे नहा रहे थे। नहाते समय ध्रुव गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने के लिए सागर नदी में उतरा, लेकिन दोनों गहरे भंवर में फंस गए और देखते ही देखते पानी में लापता हो गए। मौके पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम दोस्तों के शोर मचाने पर घाट पर मौजूद नाविक दोनों को बचाने के लिए नदी में कूद पड़े और पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन तब तक दोनों डूब चुके थे। गौर चौकी पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। करीब तीन घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद दोनों युवकों के शव घटनास्थल से करीब 50 मीटर दूर चट्टानों के पास फंसे मिले। पंचनामा कार्रवाई के बाद शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है और मामले की जांच की जा रही है। तीसरा हादसा: ग्वालियर के तिघरा डैम में डूबे मेडिकल कॉलेज के 2 छात्र गजराराजा मेडिकल कॉलेज के MBBS सेकंड ईयर के छात्र गोपाल अग्रवाल और आयुष श्रीवास्तव शनिवार शाम तिघरा डैम में डूब गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पैर फिसलने से दोनों का संतुलन बिगड़ा और वे गहरे पानी में चले गए। प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाकर दोनों के शव बरामद कर लिए। मेडिकल कॉलेज के 8 छात्र-छात्राओं का ग्रुप शनिवार शाम तिघरा डैम पहुंचा था। इसमें 4 छात्र और 4 छात्राएं थीं। सभी बोट क्लब से करीब 3 किलोमीटर दूर प्रतिबंधित कच्ची पार इलाके में गए थे। शाम करीब 7 बजे आयुष श्रीवास्तव और गोपाल अग्रवाल पानी में उतरे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पथरीले किनारे पर अचानक उनका पैर फिसल गया और संतुलन बिगड़ने से वे गहरे पानी में चले गए। किनारे पर मिले जूते-कपड़े, रातभर चला रेस्क्यू दोनों काफी देर तक वापस नहीं लौटे तो साथियों ने तलाश शुरू की। डैम किनारे उनके जूते और कपड़े सलीके से रखे मिले, जिससे अनहोनी की आशंका बढ़ गई। दोस्तों ने पुलिस को सूचना दी। सीएसपी कृष्णपाल सिंह, पुलिस बल, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों ने रेस्क्यू शुरू किया। रेस्क्यू टीम ने शनिवार देर रात गोपाल अग्रवाल का शव बरामद कर लिया था। आयुष श्रीवास्तव का शव रविवार दोपहर करीब 2 बजे 50 फीट गहराई में पत्थरों और झाड़ियों के बीच फंसा मिला। पहली बार में NEET क्रैक किया था गोपाल गोपाल अग्रवाल अपने दो भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटे और परिवार के लाड़ले थे। वे पढ़ाई में होशियार थे और 2024 में पहली ही कोशिश में NEET परीक्षा पास कर डॉक्टर बनने ग्वालियर आए थे। परिजनों के अनुसार, पिता कोई खास काम नहीं करते थे, इसलिए बड़े भाई पीयूष उनकी पढ़ाई का पूरा खर्च उठा रहे थे। गोपाल अक्सर कहते थे कि डॉक्टर बनकर बड़े भाई का सहारा बनेंगे, लेकिन इस हादसे ने परिवार के सपने तोड़ दिए। दूसरे छात्र आयुष श्रीवास्तव मुजफ्फरपुर (बिहार) के रहने वाले थे। दोनों छात्रों के परिजनों को सूचना दे दी गई थी और वे ग्वालियर पहुंच गए थे। डीन बोले- मेडिकल कॉलेज के लिए बहुत बड़ी क्षति गजराराजा मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ ने कहा, यह बेहद दर्दनाक और दुखद घटना है। हमारे होनहार छात्र पिकनिक पर गए थे और वहां यह हादसा हो गया। यह ग्वालियर मेडिकल कॉलेज के लिए ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती। इस समय संस्थान और छात्रों के परिवारों पर क्या गुजर रही है, इसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। पढ़ें पूरी खबर…
विदिशा में मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (MPMKVVCL) रविवार 14 जून को शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रखेगी। यह कटौती सुबह 9:00 बजे से 10:00 बजे तक आवश्यक मेंटेनेंस कार्य के कारण की जाएगी। कंपनी के अनुसार, 33 केवी बेतनिया फीडर और 33 केवी एचटीसी फीडर पर रखरखाव कार्य किया जाएगा। इस दौरान संबंधित क्षेत्रों में बिजली सप्लाई बाधित रहेगी। यह इलाके होंगे प्रभावितप्रभावित होने वाले क्षेत्रों में ब्रिटानिया, पी.एस. जंबार बागरी, एम.पी. पेपर मिल, वॉटर वर्क्स, चौपाल सागर, करण एजुकेशन (स्प्रिंग फील्ड स्कूल), गटर प्लांट, सुंदर डेयरी, जिला अस्पताल, विग बाजार, अरेरा हॉस्पिटल, सिटी हॉस्पिटल शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, अरिहंत बिहार सबस्टेशन और रामलीला सबस्टेशन से जुड़े सभी संबंधित इलाके भी प्रभावित होंगे। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि कार्य की अवधि आवश्यकतानुसार बदली जा सकती है। मेंटेनेंस कार्य पूरा होते ही बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल कर दी जाएगी। विद्युत कंपनी ने उपभोक्ताओं से हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है और उनसे निर्धारित समय के अनुसार आवश्यक तैयारियां करने की अपील की है।
पश्चिमी विक्षोभ ला रहा आंधी-तूफान, दिल्ली से लेकर बिहार तक झमाझम बारिश
मई के महीन में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की वजह से मौसम ठंडा हो गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिन बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। तेज हवाओं के साथ रिमझिम बारिश से तापमान सामान्य से कम रहेगा।
पीएम उषा अभियान के तहत बिहार को 600 करोड़ रुपए देगी मोदी सरकार, नीतीश कैबिनेट ने खोला बंद रास्ता
बिहार में पीएम उषा अभियान को लागू करने के प्रस्ताव को नीतीश कुमार सरकार की मंजूरी के बाद राज्य में उच्च शिक्षा के विकास के लिए केंद्र से अगले दो साल में 600 करोड़ रुपए मिलने का रास्ता खुल गया है।
बिहार के प्रिंस कुमार सिंह ने यूपीएससी आईएफएस परीक्षा में 15वीं रैंक प्राप्त की है। इसके अलावा उन्होंने और भी कई बड़े एग्जाम को पास किया हुआ है। जानिए जानते प्रिंस कुमार की कहानी जिन्होंने अपने आर्थिक
बॉलीवुड के मशहूर स्टार कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल 7 वर्ष की डेटिंग के बाद अब पति-पत्नी बन चुके हैं। दोनों की शादी इस वक़्त टॉक ऑफ द टाउन है। सोनाक्षी और जहीर अलग धर्म से हैं। ऐसे में ना उन्होंने निकाह किया तथा ना ही फेरे लिए, बल्कि सादगी से रजिस्टर मैरिज की एवं फिर रिसेप्शन पार्टी रखी। अलग धर्म में शादी करने पर सोनाक्षी एवं जहीर को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। ट्रोलिंग के कारण दोनों को अपने वेडिंग पोस्ट का कमेंट सेक्शन तक बंद करना पड़ा। मगर बात तब हद से ज्यादा तब बढ़ गई, जब इंटरफेथ मैरिज करने पर सोनाक्षी एवं जहीर के खिलाफ बिहार के गांव में प्रोटेस्ट मार्च निकाले गए। रिपोर्ट के अनुसार, सोनाक्षी के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन 'हिंदू शिव भवानी सेना' नाम की एक संगठन द्वारा आयोजित किया गया था। जहीर संग शादी पर बेटी सोनाक्षी की हो रही ट्रोलिंग पर अब शत्रुघ्न सिन्हा ने चुप्पी तोड़ी है तथा हेटर्स को जवाब दिया है। अपने एक इंटरव्यू के चलते शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- आनंद बक्शी साहब ने इस तरह के प्रोफेशनल प्रोटेस्टर्स के बारे में लिखा है- कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। इसमें आगे जोड़ना चाहूंगा कि कहने वाले अगर बेकार, बेकाम-काज के हों तो बोलना ही उनका काम बन जाता है। मेरी बेटी ने कुछ भी ऐसा नहीं किया जो गैरकानूनी एवं संविधान के खिलाफ है। सोनाक्षी-जहीर की शादी पर शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा- शादी दो लोगों के बीच का एक बहुत ही व्यक्तिगत फैसला है। इसमें किसी को भी बीच में दखल देने या कमेंट करने का हक नहीं होता। विरोध प्रदर्शन करने वालों को मैं यही बोलना चाहता हूं- अपनी जिंदगी पर ध्यान दो। जिंदगी में कुछ अच्छा करो। इससे ज्यादा और कुछ नहीं कहना। बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा ने खुशी-खुशी अपनी इकलौती बेटी की शादी की है। उन्होंने दामाद जहीर को भी अपना आशीर्वाद दिया है। रिलीज हुआ श्रद्धा कपूर-राजकुमार राव की स्त्री 2 का टीजर, इस अवतार में नजर आए स्टार्स किशोर कुमार के गानों पर बैन, मनोज कुमार-देव आनंद की फिल्मों पर रोक..! बॉलीवुड पर भी पड़ा था 'इमरजेंसी' का बुरा असर सामने आई कंगना रनौत की इमरजेंसी की रिलीज डेट, जानिए किस दिन आ रही है इंदिरा गांधी की बायोपिक?
फिल्म रैप में जानिए कि रविवार को एंटरटेनमेंट की दुनिया में क्या खास हुआ. 9 जून 2024 का दिन एतिहासिक रहा. पीएम नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार पीएम बनने की शपथ ली. इस दौरान शाहरुख खान से लेकर अक्षय कुमार भी मौजूद रहे.
परेशान होकर छोड़ी इंडस्ट्री, सालों बाद किया कमबैक, बिहार की लड़की कैसे बनी हीरोइन?
टेलीविजन के पॉपुलर शो उडारियां 15 साल का लीप लेने जा रहा है. लीप के बाद शो एक नई कहानी और स्टारकास्ट के साथ दर्शकों को एंटरटेन करने आ रहा है. लीप से पहले उडारियां में आशमा का रोल निभाने वाली अदिति भगत ने आजतक संग बातचीत की और शो को लेकर कई सारी बातें शेयर कीं.
बिहार सीईटी बीएड : पांच साल में सबसे ज्यादा आवेदन आए, इस तारीख से आएंगे एडमिट कार्ड
Bihar CET B.Ed:महिलाओं के लिए अलग एवं पुरुषों के लिए अलग परीक्षा केंद्र होंगे। अभ्यर्थी 17 जून से अपना एडमिट कार्ड वेबसाइटwww. biharcetbed- lnmu. inपर लॉगइन कर डाउनलोड कर सकेंगे।
बीएसईबी बिहार बोर्ड से संबद्ध और एनसीटीई से मान्यता प्राप्त डीएलएड संस्थानों की सूची जारी
Bihar D.El.Ed: बिहार बोर्ड ने डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2024 की आंसर की जारी करने के एक दिन बाद अब राज्य में मौजूद सरकारी व निजी डीएलएड प्रशिक्षण संस्थानों की सूची भी जारी कर दी है। डीएलएड में दाखिला लेने
Bihar STET: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने शनिवार को माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी)-2024 (प्रथम) परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। पेपर-1 के विभिन्न विषयों की परीक्षा 18 से 29 मई तक होगी।
CSBC Bihar Police Constable Exam: क्या जारी हो चुकी हैं रिवाइज्ड तारीखें, पढ़ें अपडेट
CSBC Bihar Police Constable exam dates: बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की नई तारीखों का इंतजार है। परीक्षाएं 1, 7 और 15 अक्टूबर को निर्धारित की गई थीं, जिन्हें रद्द व स्थगित कर दिया गया था। आइए
बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा शर्मा की हाल ही में बिहार में एक रोड शो में भागीदारी ने इंटरनेट पर तूफान ला दिया है। क्रुक और तुम बिन 2 जैसी फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए मशहूर सुश्री शर्मा को अपने पिता अजीत शर्मा का समर्थन करते देखा गया, जो कांग्रेस के टिकट पर भागलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। यह रोड शो उन अफवाहों के बीच हुआ कि अभिनेता राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं। हालाँकि, अब यह स्पष्ट हो गया है कि वह सिर्फ अपने पिता के लिए प्रचार कर रही थीं। नेहा शर्मा ने इंस्टाग्राम पर बांका, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया सहित बिहार के विभिन्न जिलों की अपनी यात्रा दिखाते हुए एक वीडियो साझा किया। वह पारंपरिक सलवार कमीज पहने हुए थीं और जनता का अभिवादन करती और उन्हें वोट डालने के लिए प्रोत्साहित करती नजर आईं। इसे भी पढ़ें: AR Rahman ने नए एल्बम के रिलीज पर Taylor Swift को बधाई दी, नेटिजन ने कहा 'महान कला, महान कला को पहचानती है' View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया रोड शो के दौरान पीरपैंती और कहलगांव में भारी भीड़ ने अभिनेता का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा “वे कहते हैं कि जब कोई आपको अपने दिल में जगह देता है, तो आप हमेशा के लिए वहीं रहते हैं। आपने मुझे जो प्यार और समर्थन दिया है, उससे मेरा दिल भर गया है। पीरपैंती और कहलगांव में गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद। आपका प्यार सारी आँखों पर। सदा आभारी। ऑनलाइन प्रसारित हो रहे एक अन्य वीडियो में अभिनेत्री को भागलपुर में अपने पिता के चुनाव अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए दिखाया गया है। भागलपुर लोकसभा सीट पर दूसरे चरण में 26 अप्रैल को चुनाव होना है। इस सीट पर कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने वाले अजीत शर्मा का मुकाबला जेडीयू के अजय कुमार मंडल से है। पहले ऐसी अफवाह थी कि सुश्री शर्मा राजनीति में प्रवेश कर सकती हैं। हालाँकि, कई रिपोर्टों ने स्पष्ट किया है कि वह अभी चुनावी शुरुआत नहीं कर रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पिता अजीत शर्मा ने उन्हें राजनीति में शामिल होने का अवसर दिया, शर्मा वर्तमान में अपने अभिनय करियर पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। Bihar, Bhagalpur: Bollywood actress Neha Sharma campaigns for Congress leader and father Ajeet Sharma in the Lok Sabha elections, participates in a roadshow. pic.twitter.com/yEhb4XoQQL — IANS (@ians_india) April 23, 2024 View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial)
सलमान के घर फायरिंग से पहले शूटर्स ने बिहार में की हथियारों की प्रैक्टिस, फार्म हाउस की हुई थी रेकी
14 अप्रैल को, सुबह 4.50 बजे सलमान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर, अज्ञात हमलावरों ने पांच राउंड फायरिंग की थी. पुलिस ने सलमान के घर पर फायरिंग करने के मामले में विक्की गुप्ता (24 साल) और सागर पाल (21 साल) नाम के दो लड़कों को गिरफ्तार किया था. अब इससे जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है.
Manisha और Elvish के बीच लगी दुश्मनी की आग हुई और तेज, बिहार की बेटी नेसरेआम बना दिया'राव साहब' का मजाक ?
Bihar Board: जानें-10वीं की मार्कशीट में लिखी U/R,B और C जैसी शॉर्ट फॉर्म का क्या मतलब है?
बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं का रिजल्ट 31 मार्च को जारी कर दिया गया था। छात्र अपनी ओरिजनल मार्कशीट स्कूल से ले सकते हैं। आइए जानते हैं मार्कशीट में लिखी शॉर्ट फॉर्म की फुलफॉर्म क्या है।
बिहार में जेईई और नीट की फ्री कोचिंग, रहने-खाने की भी रहेगी मुफ्त व्यवस्था, ऐसे करें अप्लाई
Bihar Board Jee and Neet Free Coaching : विद्यार्थी समिति द्वारा संचालित engineering (jee) औरmedical (neet) की नि:शुल्क तैयारी हेतु BSEB SUPER-50 आवासीय शिक्षण में पढ़ने हेतु आवेदन कर सकत हैं।
Bihar 10th Board 2024: टॉप 5 में इन 10 छात्रों ने बनाई जगह, जानें नाम और मार्क्स
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने दसवी का रिजल्ट bsebmatric.org और results.biharboardonline.com पर जारी कर दिया है। इस साल टॉप 10 की लिस्ट ने 51 छात्रों ने अपनी जगह बनाई है। टॉप 5 की लिस्ट में 10 छ
BSEB: क्लास 10वीं के रिजल्ट से पहले जानें ये 10 जरूरी बातें, मार्कशीट मिलने में मिलेगी मदद
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड अब कभी भी वेबसाइट biharboardonline.gov.in पर कक्षा 10वीं के रिजल्ट अपलोड कर सकता है। एक बार रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र यहां से डाउनलोड कर सकते हैं।
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) मैट्रिक यानी कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट अब कभी भी biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी हो सकता है, जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, रिजल्
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटर में एडमिशन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। इस बाबत समिति ने सभी सरकारी, गैर सरकारी विद्यालय, इंटर कॉलेजों की सूची ofssbihar.in पर अपलोड कर दी है।
बीएसईबी मैट्रिक रिजल्ट की घोषणा जल्द की जाएगी। हालांकि अभी तक रिजल्ट की टाइमिंग और तारीख के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद है नतीजे 31 मार्च तक आधिकारिक वेबसाइट biharboardonlin
BSEB Bihar 10th Board: प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेयर की जाएंगी ये 5 डिटेल्स, यहां पढ़ें
छात्र आधिकारिक वेबसाइट्स से बीएसईबी 10वीं स्कोरकार्ड 2024 डाउनलोड कर सकेंगे। रिजल्ट वाले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। जिसमें बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा से जुड़ी कई डिटेल्स शेयर की जाएगी। आइए ज
Bihar 12th Board: किसान की बेटी बनीं कॉमर्स की टॉपर, अब बनना चाहती हैं प्रोफेसर, करेंगी PhD
बिहार बोर्ड 12वीं की कॉमर्स स्ट्रीम में खुशी कुमारी को जिले में सेकंड रैंक मिली है। उनके पिता किसान हैं। उन्होंने कहा, मेरे पिता ने हमेशा शिक्षा को महत्व दिया है, इसलिए भविष्य में मैं शिक्षा के क्षेत
इस साल का रिजल्ट पिछले 5 साल की तुलना में सबसे बेहतर, 87.21 प्रतिशत विद्यार्थी हुए पास
BSEB Bihar Board 12th Result : हार बोर्ड ने आज 12वीं के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का रिजल्ट पिछले 5 सालों की तुलना में सबसे बेहतर रहा है। इस साल इंटर का रिजल्ट 87.21 फीसदी रहा।
बिहार बोर्ड ने 12वीं यानी इंटर परीक्षा का रिजल्ट अब जारी कर दिया है। टॉपर्स के नाम भी सामने आ गए हैं। आइए जानते हैं साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स स्ट्रीम के टॉपर्स ने किन स्कूलों से पढ़ाई की है। यहां देखें न
BSEB Bihar Board: बिहार बोर्ड इंटर छात्र जानें टॉप 10 इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज
NIRF यानी राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क। इस रैंकिंग को शिक्षा मंत्रालय जारी करता है। एनआईआरएफ रैंकिंग में देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी की रैंकिंग जारी की जाती है।
बीएसईबी 12वीं के परिणाम के साथ टॉपर्स की लिस्ट भी शेयर करेगा। जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, पिछले 7 सालों में आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम में किसने किया था टॉप। यहां पढ़ें पूरी
Bihar 12th Board 2024: रिजल्ट जारी होने की तारीख और समय के बारे में यहां मिलेगी जानकारी
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) जल्द ही इंटरमीडिएट या कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2024 के परिणाम घोषित करेगा। वहीं बोर्ड परिणाम के समय की घोषणा पहले कर दी जाएगी। आइए जानते हैं, आप कहां कर सकें

