बिहार कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में पार्टी मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने विधानसभा चुनाव में हार के 10 महीने बाद भी नेतृत्व में बदलाव न होने पर चिंता जताते हुए राजेश राम और कृष्णा अल्लावरू को हटाने की मांग की।
कटिहार जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कन्हैया कुमार ने बताया कि गंगा, कोसी, बरांडी और कारीकोसी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे जिले के कई इलाकों में बाढ़ आ गई है। मिली जानकारी के अनुसार, कुर्सेला, बरारी, अमदाबाद और मनिहारी अंचलों की 38 ग्राम पंचायतों के 238 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इसके अलावा, 3 नगर पंचायतों के 12 वार्डों की कुल 4,33,623 आबादी भी बाढ़ की चपेट में है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन प्रभावित इलाकों में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चला रहा है। लोगों के आवागमन, भोजन, स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा, पीने का पानी और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। 77 नावों से राहत और बचाव कार्य डीपीआरओ ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के आने-जाने और जरूरी सामान पहुंचाने के लिए कुल 77 नावें चलाई जा रही हैं। इन नावों से फंसे लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है और राहत सामग्री गांवों तक पहुंचाई जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन एवं आवश्यक सामग्रियों की आवाजाही हेतु कुल 77 नावों का परिचालन किया जा रहा है। अंचलवार संचालित नावों की संख्या निम्नांकित है। बरारी में 25 नाव, मनिहारी में 11 नाव, अमदाबाद में 10 नाव, प्राणपुर में 04 नाव, कुर्सेला में 19 नाव, मनसाही में 03 नाव, कोढ़ा में 03 नाव और फलका में 02 नाव। 81,467 बाढ़ प्रभावितों को कराया गया भोजन अबतक बरारी अंचल अन्तर्गत 32 रसोई केन्द्र में 49440, कुर्सेला अंचल अन्तर्गत 03 रसोई केन्द्र में 4369, मनिहारी अंचल अन्तर्गत 02 रसोई केन्द्र में 993 तथा अमदाबाद अंचल अन्तर्गत 22 रसोई केन्द्र में 26665, कुल 81467 बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों को भोजन कराया गया है। इसके अतिरिक्त बाढ़ से प्रभावित नये क्षेत्रों के विस्थापितों एवं जलमग्न घरों में रह रहे परिवारों के लिए आज संध्या तक बरारी में 21, कुर्सेला में 12, मनिहारी में 32 तथा अमदाबाद में 27 कुल 92 नये अतिरिक्त सामुदायिक रसोई केन्द्रों का प्रारम्भ किया जा रहा है। 17 चिकित्सा शिविरों में 694 लोगों का इलाज बाढ़ से प्रभावित हुए क्षेत्रों के प्रभावित व्यक्तियों की स्वास्थ्य सुविधा के निमित्त अबतक बरारी में 05, अमदाबाद में 04, कुर्सेला में 02, मनिहारी में 06 स्वास्थ्य शिविरों का संचालन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से अबतक लगभग 1285 व्यक्तियों का ईलाज किया गया है। साथ ही अब तक कुल 708 हैलोजेन टैबलेट का वितरण किया गया। आज बरारी में 05, कुर्सेला में 02, मनिहारी में 06 तथा अमदाबाद में 04 कुल 17 चिकित्सा शिविर का संचालित है, जिसके माध्यम से 694 व्यक्तियों का ईलाज किया गया है। पशुओं के इलाज और चारे की भी व्यवस्था बाढ़ प्रभावित पशुओं के उपचार हेतु बरारी अन्तर्गत मोहनाचाँदपुर एवं उत्तरी भंडारतल कुर्सेला अन्तर्गत रेलवे माल गोदाम, मनिहारी अन्तर्गत धुरियाही मोती बाँध एवं अमदाबाद अन्तर्गत दुर्गापुर पंचायत के गोविन्द बाँध पर कुल 05 पशु चिकित्सा शिविर संचालित कर पशु चिकित्सा की व्यवस्था की गई है। इन शिविरों के माध्यम से अबतक 472 पशुओं का इलाज किया गया। इसके आलावे वैसे सभी स्थल जहाँ लोग विस्थापित होकर अपने मवेशी के साथ आ गए है ऐसे स्थानों यथा- बरारी अन्तर्गत मोहनाचाँदपुर, कुर्सेला अन्तर्गत रेलवे माल गोदाम, मनिहारी अन्तर्गत धुरियाही मोती बाँध पर पशुचारा वितरण का कार्य जारी है। 4060 पॉलीथीन शीट्स का वितरण बाढ़ से प्रभावित एवं विस्थापित परिवारों के बीच अबतक लगभग 4060 पॉलीथीन शीट्स का वितरण किया जा चुका है। वितरण कार्य लगातार जारी है। 51 चापाकल और 44 अस्थायी शौचालय लगाए गए बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल एवं शौचालय की उपलब्धता सुनिश्चित करने के क्रम में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, कटिहार द्वारा बरारी अंचल अन्तर्गत 40 चापाकल एवं 30 अस्थायी शौचालय, कुर्सेला अंचल अन्तर्गत 10 चापाकल एवं 10 अस्थायी शौचालय तथा मनिहारी अंचल अन्तर्गत 01 चापाकल एवं 04 अस्थायी शौचालय, इस प्रकार अबतक कुल 51 चापाकल एवं 44 अस्थायी शौचालय का अधिष्ठापन किया गया है। 24 घंटे सक्रिय है जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र जिलान्तर्गत किसी भी प्रकार की आपदा संबंधी त्वरित सूचना संग्रहण, समन्वयन एवं सहायता हेतु जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र (DEOC) - सह-नियंत्रण कक्ष 24 X 7 के आधार पर पालीवार कार्यरत है। प्राप्त सूचना / शिकायत / जानकारी के आलोक में संबंधित पदाधिकारियों को तत्काल अवगत कराया जा रहा है एवं पजी भी संधारित है। दूरभाष संख्या: 06452-239025, 239026, 242400। ईमेल आई०डी० : deoc-katihar@bihar.gov.in। जिला प्रशासन ने लोगों से की अपील बाढ प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों से अपील है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन करें, अनावश्यक रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन न करे तथा किसी प्रकार की आपदा संबंधी सूचना अथवा आवश्यकता होने पर तत्काल जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र (DEOC) - सह-नियंत्रण कक्ष से सम्पर्क करें। जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यकता के अनुरूप राहत एवं बचाव कार्यों का विस्तार किया जा रहा है।
Bihar में World Bank की मदद से ₹4415 करोड़ की Irrigation Project लागू
पटना, आठ सितंबर बिहार में सिंचाई सेवाओं के आधुनिकीकरण, जल संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन और बाढ़ एवं कटाव से निपटने की क्षमता बढ़ाने के लिए 4,415 करोड़ रुपये की बिहार जल सुरक्षा एवं सिंचाई आधुनिकीकरण परियोजना लागू की जा रही है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सिन्हा ने बताया कि विश्व बैंक और बिहार सरकार की संयुक्त भागीदारी वाली इस परियोजना में 70 प्रतिशत राशि विश्व बैंक तथा 30 फीसदी राशि राज्य सरकार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि बदलते जलवायु परिदृश्य में कृषि को अधिक सक्षम, टिकाऊ और जोखिम-प्रतिरोधी बनाना समय की आवश्यकता है, जिसके लिए जल संसाधनों का वैज्ञानिक प्रबंधन, आधुनिक सिंचाई सुविधाओं का विस्तार तथा किसानों को जलवायु के अनुकूल कृषि प्रौद्योगियों से जोड़ने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। सिन्हा के मुताबिक, परियोजना का क्रियान्वयन जल संसाधन विभाग, कृषि विभाग और ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त प्रयास से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले घटक के तहत सिंचाई प्रणालियों के पुनर्वास एवं आधुनिकीकरण, संचालन एवं रखरखाव, जलवायु अनुकूल कृषि, प्रशिक्षण तथा क्षमता विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। सिन्हा के अनुसार, दूसरे घटक में तटबंधों और नदी के किनारों को मजबूत करने के साथ बाढ़ एवं कटाव प्रबंधन के लिए ‘ब्लू-ग्रीन’ अवसंरचना समाधानों को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि तीसरे घटक के तहत संस्थागत क्षमताओं को सुदृढ़ किया जाएगा। सिन्हा ने बताया कि जल विज्ञान एवं कृषि सूचना सहायता केंद्र (एफएमआईएससी) को मजबूत करने, बिहार राज्य जल नीति तैयार करने तथा बिहार राज्य जल नियामक प्राधिकरण के गठन की दिशा में भी काम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चौथे घटक में परियोजना का प्रभावी क्रियान्वयन, निगरानी, मूल्यांकन और वित्तीय प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा। सिन्हा ने बताया कि जलवायु अनुकूल कृषि गतिविधियों के लिए कमान क्षेत्र के आधार पर 11 प्रखंडों की पहचान की गई है, जिनमें सोन पश्चिमी कमान क्षेत्र के रोहतास, बक्सर और कैमूर, कोसी कमान क्षेत्र के मधुबनी तथा सारण कमान क्षेत्र के सिवान जिले के प्रखंड शामिल हैं। मंत्री ने कहा कि इन क्षेत्रों में स्थानीय जलवायु, जल उपलब्धता और कृषि परिस्थितियों के अनुरूप जलवायु अनुकूल कृषि गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे कृषि उत्पादन को जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों से सुरक्षित रखने, जल एवं प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण इस्तेमाल तथा किसानों की आय और कृषि की स्थिरता को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
'सरकार का खजाना खाली', बिहार बाढ़ को लेकर लालू यादव का सरकार पर निशाना
राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने बिहार बाढ़ को लेकर सरकार पर निशाना साधा है. उनका कहना है कि नदियों के रख रखाव को लेकर नेपाल सरकार से बात होनी चाहिए.
JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने फरक्का जल संधि को लेकर केंद्र सरकार और बिहार के हित में प्रतिक्रिया दी है। बेगूसराय में आयोजित नीतीश संवाद कार्यक्रम के दौरान कहा कि 1996 में हुई भारत-बांग्लादेश फरक्का संधि का रिन्यूअल नहीं होना चाहिए। क्योंकि पिछले 30 सालों में बिहार ने इसके कारण भारी नुकसान उठाया है। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा है कि हम लोगों ने आज बेगूसराय में फरक्का जलसंधि पर संवाद किया है। फरक्का संधि का समय सीमा 12 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। हमारी पार्टी का मानना है कि इसका रेन्यूवल नहीं होना चाहिए। बिहार के साथ 30 साल यानी 1996 में बहुत अन्याय हुआ। 30 साल तक बिहार ने जो बाढ़ और सुखार झेला है, उसका एक मुख्य कारण फरक्का जलसंधि भी है। उस समय बिहार की जनसंख्या 7 करोड़ के आसपास थी, आज जनसंख्या दोगुना हो गया है। बिहार की जनसंख्या को देखते हुए, बिहार में उद्योग के लिए पानी चाहिए, पेयजल की समस्या को देखते हुए, सिंचाई की पानी की आवश्यकता को देखते हुए बिहार का जो हक है, बिहार का जो हिस्सा है, वह मिलना चाहिए। अब बिहार उस संधि को झेलने के लिए तैयार नहीं है। फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद कार्यक्रम का आयोजन कंकौल स्थित प्रेक्षागृह में किया गया। बिहार का पानी बांग्लादेश जाता है, यहां सिर्फ गाद रह जाता बिहार का पानी बांग्लादेश में चला जाता है और बिहार के हिस्से में सिर्फ गाद आता है। गंगा के किनारे बेगूसराय में सिमरिया के पास अच्छी-अच्छी मछलियां आती थी, वह भी गायब हो गईं हैं। इसीलिए हम लोगों से अपील करने आए हैं यह कोई जदयू या नीतीश कुमार का मुद्दा नहीं है। यह पूरे बिहार का मुद्दा है, बिहार के आमजनों का मुद्दा है। तेजस्वी यादव की ओर से बिहार सरकार के दिवालिया होने, बाढ़ पीड़ितों को राहत नहीं मिलने और केंद्र सरकार को से विशेष पैकेज की मांग किए जाने पर संजय झा ने कहा कि बिहार नहीं उनकी पार्टी राजद दिवालिया हो गई है। किसी को पता था जब उनकी सरकार थी तो आपदा पीड़ितों को वह क्या देते थे। कहते थे कि गंगा जी में बाढ़ आती है तो मछली खा लो, घर में पानी आता है तो मछली खा लो। आपदा की गड़बड़ी में पटना डीएम जेल चला गया। नीतीश कुमार ने एसओपी बनाया, उन्होंने पूरा सिस्टम बना दिया की बाढ़ आती है तो कैसे अनाज मिलेगा, कैसे अकाउंट में पैसा जाएगा, कैसे समुदाय किचन शुरू होगी। पहले कोई देखता था कि सरकार की तरफ से सामुदायिक किचन चलता है। 2005 से पहले कोई सोचा था कि किचन चला कर लोगों के लिए खाना बनाया जाएगा। पूरे एसओपी पर काम हो रहा है। आज अगर बाढ़ आई है, उसके लिए बिहार सरकार काम कर रही है। किसी भी प्रकार के पैसे की कमी नहीं है। सरकार जनता की पूरी तरह से चिंता कर रही है। अभी जो बाढ़ आ रही है उसका कारण फरक्का जलसंधि है। 2050 तक की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखना चाहिए राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा कि 1996 में आरत और बांग्लादेश के बीच हुई यह संधि भारत के, खासकर बिहार के हित में नहीं है। इसलिए इसका नवीनीकरण नहीं होना चाहिए और अगर कोई संधि होती भी है तो 2050 तक की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस जल संधि के कारण बिहार का जल-प्रबंधन बुरी तरह बिगड़ा है और हम गंभीर जल-संकट का सामना कर रहे हैं। फरक्का (गंगा) जल संधि के मुताबिक शुष्क मौसम 1 जनवरी से 31 मई में जब बक्सर के पास गंगा का प्रवाह महज 400 क्यूमेक (करीब 14 हजार क्यूसेक) तक रह जाता है, तब भी फरक्का से बांग्लादेश के लिए 1500 क्यूमेक (करीब 53 हजार क्यूसेक) पानी छोड़ना पड़ता है। इसका मतलब यह है कि सिर्फ गंगा ही नहीं, बल्कि बिहार की आंतरिक नदियों से भी पानी खींचकर बांग्लादेश को दिया जा रहा है। यह सीधे तौर पर बिहार की हकमारी है। बिहार और केन्द्र की तत्कालीन सरकार में बैठे लोगों ने बिहार के हितों की बलि चढ़ा दी। अंतर्राष्ट्रीय संधि का 73 प्रतिशत बोझ अकेले बिहार उठा रहा प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि हमारे सर्वमान्य नेता और राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार शुरू से कहते रहे हैं कि फरक्का बराज और फरक्का जल संधि से बिहार को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक ओर फरक्का बराज के कारण गंगा में भारी गाद जमा हो जाने से नदी का तल ऊंचा हो गया है। जिसके कारण उत्तर बिहार को हर साल बाढ़ का सामना करना पड़ता है, तो दूसरी ओर फरक्का जल संधि के कारण शुष्क मौसम में हमें बिहार के हिस्से का पानी बांग्लादेश को देना पड़ता है। हमारे कई जिलों में सूखे तक की स्थिति हो जाती है। इस अंतर्राष्ट्रीय संधि का 73 प्रतिशत बोझ अकेले बिहार उठा रहा है। यह हमारे साथ ज्यादती है। डॉक्यूमेट्री फिल्म दिखाई प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में विधायक अभिषेक आनंद, पूर्व विधायक राजकुमार सिंह, पूर्व एमएलसी एवं पूर्व जिलाध्यक्ष रुदल राय, पूर्व एमएलसी एवं पूर्व जिलाध्यक्ष भूमिपाल राय, प्रदेश महासचिव सह कार्यक्रम प्रभारी शंभू कुशवाहा, जिला प्रभारी शिवनंदन सिंह, जिलाध्यक्ष नंदलाल राय सहित बडी संख्या में पार्टी पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान इस विषय पर पार्टी की ओर से तैयार की गई डॉक्यूमेट्री फिल्म दिखाई गई।
जनगणना 2027: बिहार में घर-घर होगी गिनती, 28 फरवरी तक जुटेगा हर व्यक्ति का पूरा डाटा
भारत सरकार ने जनगणना 2027 की तैयारियां तेज कर दी हैं, जिसमें डिजिटल तकनीक का बड़े पैमाने पर उपयोग होगा। गया जिले में पहला चरण पूरा हो चुका है, फरवरी 2027 में घर-घर जाकर व्यक्तिगत डेटा संग्रह होगा और 1 मार्च को अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी।
दानापुर मंडल के रेलकर्मियों ने तीन महीने से लंबित यात्रा एवं भत्ता भुगतान न होने पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने तत्काल भुगतान की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
हरतालिका तीज 2026: यूपी-बिहार की अनोखी परंपरा, निर्जला व्रत और सोलह श्रृंगार का महापर्व
भारतवर्ष की सांस्कृतिक विविधता में त्योहारों का एक अलग और अनूठा स्थान है, जो न केवल हमारी प्राचीन परंपराओं को जीवित रखते हैं बल्कि समाज को एक सूत्र में पिरोकर रखने का काम भी करते हैं। सावन और भाद्रपद के महीनों में आने वाले पर्वों में 'तीज' का त्योहार महिलाओं के लिए सबसे खास माना जाता है। देश के अलग-अलग कोनों में तीज को विभिन्न रूपों में सेलिब्रेट किया जाता है, लेकिन जब बात उत्तर प्रदेश (UP) और बिहार (Bihar) की आती है, तो यहां की हरतालिका तीज (Hartalika Teej) का जलवा और उसका धार्मिक महत्व पूरी तरह से अलग और अनूठा होता है। इन दोनों राज्यों के घर-घर में इस पर्व को लेकर जो उत्साह और श्रद्धा देखने को मिलती है, वह वाकई अद्भुत है। इस पावन अवसर पर सुहागिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा-अर्चना करती हैं और अपने अखंड सौभाग्य तथा पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं।उत्तर प्रदेश और बिहार में क्यों इतनी खास मानी जाती है हरतालिका तीजदेश के कई हिस्सों में जहां 'हरियाली तीज' को मुख्य रूप से उत्सव के रूप में मनाया जाता है, वहीं उत्तर प्रदेश और बिहार के बहुतायत इलाकों में 'हरतालिका तीज' का पर्व महिलाओं के दिलों में सबसे खास स्थान रखता है। इन दोनों राज्यों की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि में यह व्रत वैवाहिक जीवन के स्थायित्व और पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते की मजबूती का प्रतीक माना जाता है। इस दिन का पूरा फोकस पूरी तरह से देवाधिदेव महादेव और मां पार्वती की आराधना पर केंद्रित होता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी, और उसी महान तप का स्मरण करते हुए सुहागिन महिलाएं इस व्रत को पूरी निष्ठा के साथ निभाती हैं। चूंकि भारत विविधताओं का देश है, इसलिए उत्तर प्रदेश और बिहार के भी अलग-अलग जिलों और क्षेत्रों में इस पर्व को मनाने के तौर-तरीके, खान-पान और लोक-परंपराएं थोड़ी भिन्न हो सकती हैं, लेकिन सबकी आस्था का केंद्र बिंदु एक ही होता है।कठिन निर्जला उपवास और अटूट आस्था की अनूठी परंपराहरतालिका तीज के व्रत से जुड़ी सबसे बड़ी और कठिन विशेषता इसका 'निर्जला' होना है। यूपी और बिहार के कई पारंपरिक परिवारों में शादीशुदा महिलाएं इस दिन पूरी तरह से निर्जला व्रत रखती हैं। इसका सीधा अर्थ यह होता है कि व्रत रखने वाली महिलाएं पूरे दिन और निर्धारित समयावधि के लिए अन्न तो दूर की बात है, जल की एक बूंद तक का सेवन नहीं करती हैं। यह व्रत महिला की अपने पति के प्रति अगाध प्रेम, समर्पण और मानसिक दृढ़ता को दर्शाता है। हालांकि, स्वास्थ्य संबंधी स्थितियों या पारिवारिक परंपराओं के आधार पर व्रत रखने के नियमों में थोड़ी बहुत भिन्नता हो सकती है, लेकिन अधिकांश घरों में निर्जला उपवास को ही सबसे पवित्र और फलदायी माना जाता है। महिलाएं बिना किसी शिकायत के इस कठिन उपवास को हंसते-हंसते पूरा करती हैं और वैवाहिक जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करती हैं।सोलह श्रृंगार का महत्व और पारंपरिक उत्सव का उल्लासहरतालिका तीज के दिन शाम ढलते ही घरों का माहौल किसी भव्य उत्सव जैसा नजर आने लगता है। इस पर्व का एक सबसे आकर्षक पहलू 'सोलह श्रृंगार' करना है। उत्तर प्रदेश और बिहार की महिलाएं इस दिन सुबह से ही अपनी साज-सज्जा में जुट जाती हैं। पारंपरिक सिल्क या बनारसी साड़ियां, हाथों में खनखनाती कांच की चूड़ियां, मांग में सिंदूर, आंखों में काजल, कमरबंद, बिछिया और सुंदर आभूषण इस श्रृंगार का अहम हिस्सा होते हैं। इसके साथ ही हाथों और पैरों में गहरी रची हुई मेहंदी इस त्योहार की खूबसूरती में चार चांद लगा देती है। लोक मान्यताओं के अनुसार, सुहागिनों द्वारा किया जाने वाला यह सोलह श्रृंगार उनके सुहाग की लंबी उम्र और उनके दांपत्य जीवन में आने वाली हर बुरी बला से रक्षा करने का प्रतीक माना जाता है। तैयार होकर जब महिलाएं पूजा के लिए बैठती हैं, तो पूरा घर अलौकिक ऊर्जा से जगमगा उठता है।सामूहिक रूप से तीज कथा सुनने की प्राचीन और जीवंत परंपराहरतालिका तीज के पूरे अनुष्ठान में वह पल सबसे अधिक आनंददायक और महत्वपूर्ण होता है जब शाम के वक्त सभी महिलाएं एक जगह एकत्र होकर 'तीज कथा' सुनती हैं। दिनभर के कड़े निर्जला उपवास और पूजा की तमाम तैयारियों के बाद, सूर्यास्त के समय सामूहिक भक्ति का दौर शुरू होता है। इस दौरान मोहल्ले की या परिवार की सभी सुहागिन महिलाएं एक साथ बैठकर माता पार्वती और भगवान शिव के पुनर्मिलन की पौराणिक कथा का पाठ सुनती हैं। इस पारंपरिक अनुष्ठान में घर की बुजुर्ग महिलाएं और सासें अपनी बहुओं और युवा पीढ़ी को लोक-रीति-रिवाज, गीत और व्रत के नियमों की बारीकियां सिखाती हैं। यह सामूहिक मिलन महिलाओं के बीच आपसी प्रेम और भाईचारे को मजबूत करता है और पीढ़ियों के बीच सांस्कृतिक ज्ञान के आदान-प्रदान का एक बेहतरीन माध्यम बनता है।पारंपरिक पकवान, गुजिया, ठेकुआ और खान-पान की मिठासभारतीय संस्कृति का कोई भी त्योहार स्वादिष्ट पकवानों के बिना अधूरा माना जाता है, और हरतालिका तीज पर भी पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू हर घर से आती है। उत्तर प्रदेश और बिहार के ग्रामीण और शहरी दोनों ही अंचलों में इस विशेष अवसर पर घरों में तरह-तरह की मिठाइयां और पकवान बनाए जाते हैं। इस दिन विशेष रूप से रसभरी गुजिया, खाजा, ठेकुआ, और कई जगहों पर भुने हुए चावल के आटे, शुद्ध घी और चीनी से तैयार किए जाने वाले पारंपरिक मिष्ठान बनाए जाते हैं। इन पकवानों को पहले भगवान शिव और माता पार्वती को भोग के रूप में अर्पित किया जाता है, और उसके बाद परिवार के सभी सदस्य तथा सखियां इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करती हैं। यह खान-पान की परंपरा त्योहार के मिठास को और अधिक बढ़ा देती है।क्षेत्रीय विविधताएं और आधुनिक जीवनशैली में भी अटूट सांस्कृतिक जड़ेंहरतालिका तीज के आज भी इतने अधिक प्रासंगिक और आकर्षक बने रहने का सबसे बड़ा कारण इसकी क्षेत्रीय विविधता है। उत्तर प्रदेश और बिहार के अलग-अलग गांवों और शहरों में हर परिवार इसे अपने अनूठे अंदाज में मनाता है। कहीं दान-पुण्य को विशेष महत्व दिया जाता है, तो कहीं वस्त्र और सुहाग की सामग्री बांटने की परंपरा निभाई जाती है। आधुनिकता की दौड़ में भले ही लोगों की जीवनशैली और रहन-सहन में बहुत बदलाव आ चुका हो, लेकिन आस्था, पारिवारिक रिश्ते और सांस्कृतिक स्मृतियां आज भी लोगों को एक साथ जोड़े रखती हैं। यूपी-बिहार के परिवारों के लिए हरतालिका तीज केवल कैलेंडर का एक दिन नहीं है, बल्कि यह उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और शाश्वत प्रेम का एक जीवंत उत्सव है, जो आने वाली पीढ़ियों को भी अपनी जड़ों से जोड़े रखने का संदेश देता है।
कल का मौसम: यूपी, दिल्ली, बिहार समेत 27 राज्यों में बारिश, बंगाल-झारखंड में IMD का अलर्ट
कल का मौसम, 9 सितंबर 2026: देश के 27 राज्यों में बारिश की संभावना है. बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट. जानिए आपके यहां कैसा मौसम रहेगा.
Bihar CM की चेतावनी: जन-शिकायतें 30 दिन में निपटारा न होने पर होगी कड़ी कार्रवाई
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 8 सितंबर को कहा कि नागरिकों की शिकायतों का समाधान करना और उन्हें न्याय दिलाना सरकार की ज़िम्मेदारी है। उन्होंने लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए 'सहयोग कार्यक्रम' को एक अहम ज़रिया बताया। पटना में मुख्यमंत्री सचिवालय में राज्य-स्तरीय 'सहयोग कार्यक्रम' आयोजित किया गया, जिसमें 137 आवेदकों ने अपनी शिकायतें रखीं। संबंधित विभागों और ज़िला प्रशासन को समय पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: 13 जिलों में 34 लाख लोग प्रभावित, सुल्तानगंज में Ganga का जलस्तर रिकॉर्ड ऊंचाई पर चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे 'सहयोग कार्यक्रम' में जनता का भरोसा बनाए रखने पर ज़ोर देते हुए, तय समय-सीमा के भीतर लोगों की शिकायतों को पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ निपटाएं। आवेदकों ने राजस्व और भूमि सुधार, शिक्षा, गृह, ग्रामीण कार्य, स्वास्थ्य, खाद्य और उपभोक्ता संरक्षण, समाज कल्याण और अन्य विभागों से जुड़े मुद्दे उठाए। मुख्यमंत्री ने ज़िलाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों को तय समय-सीमा के भीतर मामलों का समाधान करने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने आवेदकों को भरोसा दिलाया कि ज़रूरी कदम तुरंत उठाए जाएंगे। उन्होंने सलाह दी कि जिन आवेदकों की शिकायतों का समाधान पहले ही हो चुका है, उन्हें पटना में राज्य-स्तरीय कार्यक्रम में आने की ज़रूरत नहीं है। हालाँकि, जिनके मामले जटिल हैं और ज़िला स्तर पर हल नहीं हो पाए हैं, वे 'सहयोग कार्यक्रम' के ज़रिए समाधान पा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नागरिकों की शिकायतों का पारदर्शी, निष्पक्ष और तय समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य-स्तरीय कार्यक्रम जटिल मामलों की समीक्षा करने और उचित व त्वरित निर्णय लेने की सुविधा प्रदान करता है। इसे भी पढ़ें: Pitru Paksha Mela 2026: Chief Secretary का सख्त फरमान, Gaya ji में कोई चूक नहीं होगी बर्दाश्त इसके अलावा, चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि पात्र लाभार्थियों को बिना किसी देरी के वृद्धावस्था पेंशन और राशन कार्ड मिलें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तकनीकी कारणों से किसी भी पात्र व्यक्ति को सरकारी कल्याणकारी लाभों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। सरकार का लक्ष्य 'सहयोग' शिविरों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का 30 दिनों के भीतर समाधान करना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे मामलों का संतोषजनक निपटारा सुनिश्चित करने के लिए पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ काम करें। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Bihar Floods LIVE: नए इलाकों में फैला बाढ़ का पानी, 34 लाख आबादी प्रभावित; हाजीपुर में नाव पलटी
बिहार में बाढ़ का पानी नए इलाकों में फैल रहा है। मंगलवार को 13 जिलों की 34 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हो गई। एक दिन पहले यह आंकड़ा 29 लाख था। भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा नदी ने फ्लड मार्क को क्रॉस कर दिया है। हाजीपुर में बाढ़ के पानी में नाव पलट गई।
JPSC-JSSC घोटाले के बिहार कनेक्शन जोड़ने पर पर बवाल, भाजपा नेता बाबूलाल ने झामुमो पर बोला हमला
बाबूलाल मरांडी ने जेएमएम के 'बिहार कनेक्शन' के आरोप पर पलटवार किया। दोषियों को बचाने और बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए कई नाम उजागर किए।
बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने केंद्र और बिहार सरकार पर निशाना साधा है। लालू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो पोस्ट कर बिहार को मिलने वाली केंद्रीय सहायता, बाढ़ के स्थायी समाधान और राज्य के कम क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो (CDR) को लेकर सवाल उठाए। लालू यादव ने कहा कि हम भीख नहीं मांग रहे हैं, क्रेडिट के अनुरूप पैसा बिहार को दो। एक दशक बाद आई भीषण बाढ़ के बीच बिहार सरकार का खजाना खाली और राजकोषीय तनाव चरम पर है। उन्होंने अपने राजनीतिक संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने पक्ष और विपक्ष, दोनों में रहते हुए बिहार और बिहारियों के हक के लिए लड़ाई लड़ी। 2004-09 के पैकेज का किया जिक्र लालू यादव ने दावा किया कि 2004 में 24 आरजेडी सांसदों के साथ यूपीए-1 सरकार में रेल मंत्री बनने के बाद उन्होंने अपने राजनीतिक प्रभाव के जरिए बिहार के विकास कार्यों के लिए 2004 से 2009 के बीच 1.44 लाख करोड़ रुपये की राशि दिलाई। उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी का भी जिक्र किया। लालू ने आरोप लगाया कि बाद में इसी पैकेज की राशि से नीतीश कुमार की सरकार ने अपना विकास मॉडल खड़ा किया। ‘NDA के 30 सांसद, फिर भी दिल्ली में बिहार की सुनवाई नहीं’ आरजेडी प्रमुख ने कहा कि एनडीए के पास बिहार से 30 सांसद होने के बावजूद आज दिल्ली में बिहार की समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है। उन्होंने केंद्र और राज्य में एनडीए की सरकार होने के बावजूद बाढ़ के स्थायी समाधान नहीं होने पर सवाल उठाया। नेपाल से आने वाली बाढ़ पर स्थायी समाधान की मांग लालू यादव ने नेपाल से आने वाली बाढ़ को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि नदियों के रखरखाव के लिए नेपाल सरकार से दो टूक बातचीत होनी चाहिए। उन्होंने कर्पूरी ठाकुर द्वारा भी इस मुद्दे को उठाए जाने का जिक्र किया। ‘बाढ़ आने पर राहत नहीं, स्थायी समाधान चाहिए’ लालू यादव ने कहा कि चुनाव और बाढ़ के समय मुफ्तखोरी की घोषणाएं तथा दो किलो मुफ्त अनाज का लालच देने के बजाय सरकार को बाढ़ का स्थायी समाधान करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि नदियों के रखरखाव पर खर्च होने वाली राशि बिहार को नहीं मिल रही है। पलायन और CDR पर भी उठाए सवाल आरजेडी प्रमुख ने बिहार से बड़े पैमाने पर होने वाले पलायन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बिहार के लोग देश-विदेश में मेहनत कर कमाई करते हैं और उसका पैसा राज्य में भेजते हैं, लेकिन उसके अनुपात में बिहार में खर्च नहीं होता। उन्होंने Credit Deposit Ratio (CDR) का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि बिहार का साख-जमा अनुपात देश में सबसे कम क्यों है। लालू यादव ने कहा कि “हम भीख नहीं मांग रहे हैं, क्रेडिट के अनुरूप पैसा बिहार को दो।” उन्होंने अपने 2011 के संसद भाषण का वीडियो भी साझा किया और कहा कि उस समय केंद्र में यूपीए-2 और बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार थी, फिर भी उन्होंने दिल्ली में बिहार के मुद्दों को उठाया था।
Weather Update: देश के 90% हिस्से से गायब हुए बादल, कमजोर पड़ा मानसून; बिहार में बाढ़ का कहर, महाराष्ट्र में रिकॉर्ड बारिश
नदियों में गाद के कारण बांध झेल रहे बाढ़ का दबाव, विजय चौधरी बोले- बिहार फरक्का संधि से परेशान
फरक्का जल संधि को लेकर उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने कहा कि बिहार ने इसके नवीकरण के पहले केंद्र सरकार से अपील की है कि वो बिहार के हितों को ध्यान में रखें। डिप्टी सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस संबंध में बिहार को आश्वस्त किया है।
Bihar पुलिस कंपनी कमांडर भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू
Bihar पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (BPSSC) ने कंपनी कमांडर पदों के लिए भर्ती अधिसूचना जारी की है। आवेदन प्रक्रिया 10 सितंबर 2026 से शुरू होगी और उम्मीदवार 10 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। कुल 65 रिक्तियां उपलब्ध हैं। इस भर्ती के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता स्नातक डिग्री है। आयु सीमा 24 से 50 वर्ष के बीच है। सभी इच्छुक उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले आधिकारिक अधिसूचना को ध्यान से पढ़ने की सलाह दी जाती है।
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Bihar Flood: 13 जिलों में 34 लाख लोग प्रभावित, सुल्तानगंज में Ganga का जलस्तर रिकॉर्ड ऊंचाई पर
पटना, आठ सितंबर बिहार के 13 जिलों में बाढ़ से 34 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा के उच्चतम स्तर(एचएफएल) पार करने के बाद प्रशासन ने निचले इलाकों के लिए चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। आपदा प्रबंधन विभाग के मंगलवार को जारी बुलेटिन के अनुसार, “आठ सितंबर को सुबह आठ बजे भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर 36.80 मीटर दर्ज किया गया, जो 17 अगस्त 2021 को दर्ज 36.75 मीटर के पिछले उच्चतम स्तर से अधिक है। हालांकि, फिलहाल जलस्तर स्थिर बना हुआ है।”मंगलवार सुबह भागलपुर जिले के खरीक रघोपुर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में एक छोटी नाव पलट गई। राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के जवानों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नाव पर सवार सभी 10 लोगों को सुरक्षित बचा लिया। गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, गंगा, पुनपुन, बागमती और घाघरा समेत कई नदियां राज्य के विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बाढ़ से पटना, भागलपुर, वैशाली, सारण, बेगूसराय, खगड़िया और मुंगेर सहित 13 जिलों के 79 प्रखंडों की 480 ग्राम पंचायतों में लगभग 34.31 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार, सितंबर में अब तक राज्य में 79.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 31 प्रतिशत अधिक है। गंडक नदी डुमरियाघाट और हाजीपुर, कोसी नदी बलतारा और कुरसेला, बूढ़ी गंडक नदी खगड़िया, गंगा नदी दीघा, गांधी घाट, हथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर, पुनपुन नदी श्रीपालपुर, बागमती नदी बेनीबाद तथा घाघरा नदी दरौली और गंगपुर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। विभाग ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न जिलों में 432 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा 14 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं, जहां आवास, भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सेवाओं की व्यवस्था की गई है। अब तक करीब 1.29 लाख पॉलीथिन शीट तथा लगभग 22,900 सूखा राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। निकासी और आवागमन के लिए राज्य में कुल 1,832 नावें संचालित की जा रही हैं। वहीं अब तक 3,142 क्विंटल पशु चारा भी वितरित किया गया है। महत्वपूर्ण बैराजों से जल निकासी के संबंध में विभाग ने बताया कि मंगलवार सुबह 10 बजे गंडक बैराज से 1,04,400 क्यूसेक पानी छोड़ा गया और प्रवृत्ति स्थिर रही। इस वर्ष सर्वाधिक 2,24,000 क्यूसेक जल निकासी 14 जुलाई को दर्ज की गई थी। कोसी बैराज से सुबह 10 बजे 1,69,985 क्यूसेक पानी छोड़ा गया और इसमें गिरावट का रुख देखा गया। इस वर्ष इसका उच्चतम प्रवाह 20 जुलाई को 2,55,425 क्यूसेक था। इंद्रपुरी बैराज से सुबह 10 बजे 1,04,758 क्यूसेक पानी छोड़ा गया और यहां भी प्रवाह घट रहा है। इस वर्ष यहां सर्वाधिक 5,63,654 क्यूसेक जल निकासी दो सितंबर को दर्ज की गई थी। संभावित बाढ़ की स्थिति तथा त्वरित राहत एवं बचाव अभियान को देखते हुए राज्य के विभिन्न जिलों में एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की 10 टीमों को तैनात किया गया है।
इंटरनेट डेस्क। बिहार में एक ऐसी घटना सामने आई हैं जिस पर शायद आपको भी विश्वास नहीं हो। जी हां शायद आप भी पहली बार ऐसा मामला सुन रहे होंगे। जहां एक महिला पर ही पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई और उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। 32 वर्षीय महिला पर 15 वर्षीय किशोरी को भगा ले जाने और मंदिर में शादी रचाने का आरोप है। मां ने दर्ज करवाई शिकायत जानकारी के अनुसार किशोरी की मां की शिकायत पर दीघा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए किशोरी को बिहार के भोजपुर जिले के आरा से बरामद कर लिया, जबकि आरोपित महिला को गिरफ्तार कर सोमवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपित महिला मूलरूप से सुपौल जिले की रहने वाली है और वर्तमान में अपने पति व दो बच्चों के साथ दीघा इलाके में किराये के मकान में रहती है। लड़की से हुई थी पहचान जानकारी के अनुसार महिला की पहचान पास में रहने वाली 15 वर्षीय किशोरी से हुई। बातचीत और आना-जाना बढ़ने के बाद दोनों के बीच नजदीकी बढ़ गई। पुलिस की पूछताछ में महिला और किशोरी के बीच प्रेम प्रसंग की बात सामने आई है। किशोरी के परिजनों के अनुसार, करीब दो माह पहले महिला किशोरी को अपने साथ लेकर चली गई थी। बाद में दोनों के मंदिर में शादी करने की बात सामने आई। शिकायत मिलने पर पुलिस ने किशोरी को बरामद कर महिला को गिरफ्तार किया था। इसके बाद महिला को जेल भेज दिया गया था। हाल ही में वो जेल से बाहर आई थी। पुलिस ने बताया कि जेल से बाहर आने के बाद महिला चार दिन पूर्व फिर किशोरी को लेकर फरार हो गई। किशोरी के घर नहीं लौटने पर उसकी मां ने दीघा थाने में शनिवार को शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर किशोरी की तलाश शुरू की। pc- aaj tak
बिहार के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का एक बहुत ही सुनहरा और शानदार मौका सामने आ चुका है, क्योंकि राज्य के पुलिस महकमे में एक बार फिर से बंपर नई भर्तियों का रास्ता साफ हो गया है। जो युवा लंबे समय से खाकी वर्दी पहनकर देश और राज्य की सेवा करने का सपना संजोए बैठे थे, उनके लिए बिहार पुलिस (Bihar Police) की तरफ से एक बेहतरीन भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। इस बार की इस विशेष भर्ती प्रक्रिया की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें चयनित होने वाले योग्य उम्मीदवारों को आकर्षक वेतनमान के तहत सीधे 'लेवल-06' की शानदार मासिक सैलरी (Monthly Salary) प्रदान की जाएगी, जो युवाओं को आर्थिक रूप से बेहद मजबूत बनाने का काम करेगी। भर्ती बोर्ड द्वारा जारी किए गए तयशुदा शेड्यूल के अनुसार, इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया आगामी 10 सितंबर से आधिकारिक तौर पर शुरू होने जा रही है, जिसके बाद से ही राज्यभर के लाखों उम्मीदवारों में भारी उत्साह और जोश देखने को मिल रहा है। इस लेख के माध्यम से हम आपको इस भर्ती से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां जैसे शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया और आवेदन करने के पूरे तरीके के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं, ताकि आप समय रहते अपना आवेदन सुरक्षित कर सकें।बिहार पुलिस भर्ती 2026 की मुख्य विशेषताएं और पदों का पूरा विवरणकिसी भी सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह जानना सबसे ज्यादा जरूरी होता है कि उस भर्ती में कुल कितने पद हैं और उसके लिए पात्रता के क्या कमान तय किए गए हैं। बिहार पुलिस द्वारा निकाली गई इस नई भर्ती 2026 के तहत विभिन्न श्रेणियों में योग्य और मेधावी युवाओं का चयन किया जाना है, जिसके लिए पारदर्शी और सख्त चयन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इस भर्ती के जरिए विभाग का मुख्य उद्देश्य राज्य के कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करना तथा पुलिस बल में युवाओं की ऊर्जा और दक्षता का पूरा उपयोग करना है। आवेदन करने से पहले सभी उम्मीदवारों को यह सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जारी किए गए विस्तृत विज्ञापन को अच्छी तरह पढ़ लें ताकि फॉर्म भरते समय किसी भी प्रकार की त्रुटि या गलती की गुंजाइश न बचे। हर बार की तरह इस बार भी परीक्षा और चयन के विभिन्न चरणों में पूरी पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए गए हैं ताकि केवल योग्य और काबिल युवाओं को ही उनके परिश्रम का सही फल मिल सके।लेवल-06 की आकर्षक सैलरी और उम्मीदवारों को मिलने वाले अन्य भत्ते तथा सुविधाएंसरकारी नौकरियों के प्रति युवाओं के आकर्षण का सबसे बड़ा कारण उसमें मिलने वाला बेहतरीन वेतनमान और भविष्य की सुरक्षा होता है, और इस बार की बिहार पुलिस भर्ती इस मामले में बेहद खास साबित हो रही है। चयनित होने वाले अभ्यर्थियों को सातवें वेतन आयोग के प्रावधानों के अनुसार 'लेवल-06' (Level-06) के तहत वेतन मिलेगा, जिसका मतलब है कि शुरुआती सैलरी ही हजारों रुपये प्रति माह होगी और इसके साथ महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता तथा अन्य सरकारी सुविधाएं अलग से मिलेंगी। इस स्तर की सैलरी मिलने से न केवल युवाओं का करियर सुरक्षित होगा बल्कि उनके सामाजिक और आर्थिक स्तर में भी एक बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। यही कारण है कि जैसे ही इस भर्ती में लेवल-06 सैलरी की खबर सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों पर फैली, प्रदेशभर के लाइब्रेरी और कोचिंग संस्थानों में तैयारी कर रहे छात्रों के बीच होड़ सी मच गई है कि वे इस बार किसी भी कीमत पर इस परीक्षा को क्रैक करके अपनी एक सीट पक्की कर लें।10 सितंबर से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया, जानिए फॉर्म भरने की पूरी ऑनलाइन स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रियाबिहार पुलिस की इस नई भर्ती में आवेदन करने के इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की विंडो आगामी 10 सितंबर से खोल दी जाएगी, जिसके बाद आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन किया जा सकेगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन माध्यम से होगी, इसलिए उम्मीदवारों के पास अपना वैध मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, पासपोर्ट साइज फोटो, हस्ताक्षर और सभी शैक्षणिक प्रमाण पत्र डिजिटल फॉर्मेट में तैयार होने चाहिए। फॉर्म भरते समय अपनी श्रेणी (General/OBC/SC/ST) के अनुसार निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम (Debit Card/Credit Card/Net Banking/UPI) के जरिए करना होगा, जिसके बिना फॉर्म स्वीकार नहीं किया जाएगा। उम्मीदवारों को यह सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जैसे ही लिंक एक्टिवेट हो, शुरुआती दिनों में ही अपना आवेदन सफलतापूर्वक सबमिट कर लें ताकि सर्वर डाउन होने या तकनीकी समस्याओं से बचा जा सके।चयन प्रक्रिया, परीक्षा पैटर्न और अंतिम रूप से सफल होने के लिए जरूरी टिप्सकिसी भी बड़ी पुलिस भर्ती परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए केवल फॉर्म भरना काफी नहीं होता, बल्कि इसके लिए एक ठोस रणनीति और कड़ी मेहनत की जरूरत होती है। बिहार पुलिस की इस भर्ती में चयन के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले लिखित परीक्षा (Written Examination) के चरण से गुजरना होगा, जिसमें सामान्य ज्ञान, करेंट अफेयर्स, तर्कशक्ति और संबंधित विषयों से जुड़े बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। लिखित परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) यानी दौड़, ऊंची कूद, लंबी कूद और गोला फेंक के मानकों को पार करना होगा, जिसके बाद अंतिम मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। यदि आप भी इस भर्ती में अपनी सफलता सुनिश्चित करना चाहते हैं, तो अभी से अपने सिलेबस के अनुसार रोजाना कम से कम 6 से 8 घंटे की पढ़ाई शुरू कर दें और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करके अपनी स्पीड और एक्यूरेसी को बेहतर बनाएं।
Bihar Flood Situation : गंगा समेत कुछ नदियों के जलस्तर में कमी जरूर आई है लेकिन सभी नदियां अब भी खतरे के लाल निशान के ऊपर बह रही। कहीं से सड़क बहने तो कहीं डायवर्सन धंसने की खबर आ रही है। बाढ़ में घिरे लोगों का हाल बेहाल है।
गंगा, कोसी, गंडक समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर, बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर
गंगा, कोसी, गंडक समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर, बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर
Bihar Flood: बिहार के भागलपुर जिले में त्राहिमाम की स्थिति है। साहिबगंज-भागलपुर-जमालपुर-साहिबगंज रेलखंड पर गंगा के पानी का दबाव बढ़ता जा रहा है। पानी रेल पुलों के गर्डर के करीब पहुंच गया है। भवनाथपुर में एनएच-80 पर पानी की गहराई ढाई फीट हो चुका है।
Bihar Flood: पटना के पुनपुन में रेलवे ट्रैक पर पानी ही पानी, 10 ट्रेनें रद्द; 8 का रूट बदला
Bihar Flood: पुनपुन नदी का पानी रेलवे ट्रैक पर चढ़ गया है। जिसके बाद कई ट्रेनें रद्द हैं। 63390 एनडब्ल्यूडी-पटना मेमू, 63389 पटना-एनडब्ल्यूडी मेमू, 63391 इस्लामपुर-पटना मेमू और 63392 पटना-इस्लामपुर मेमू को निर्धारित वैकल्पिक मार्ग से चलाने का निर्णय लिया गया है।
JSSC CGL परीक्षा में धांधली पर CID की कार्रवाई, Bihar से 11वां आरोपी गिरफ्तार
रांची, आठ अगस्त झारखंड पुलिस के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने राज्य कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा आयोजित संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, बिहार में हुई इस गिरफ्तारी के साथ ही राज्य के जांच जांच विभाग ने 2024 में आयोजित सीजीएल-2023 परीक्षा में अनियमितताओं के सिलसिले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन अनियमितताओं को लेकर पिछले महीने रांची में नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों ने कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने बताया कि सीआईडी ने सोमवार को राजन कुमार को गिरफ्तार किया। वह बिहार के पटना जिले के नेउरा थाना क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा के कई अभ्यर्थियों को पश्चिम बंगाल के नियामतपुर स्थित एक होटल में ले गया था, जहां उन्हें परीक्षा के प्रश्न और उत्तर याद करवाए गए थे। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के जरिए कई अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ मिला और कुछ सफल भी हुए। इस मामले में गिरफ्तार किए गए अन्य 10 लोगों में से चार जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा के सफल अभ्यर्थी हैं। सीआईडी ने मुख्य आरोपी अभय तिवारी, उसकी पत्नी और भाई को भी गिरफ्तार किया है। झारखंड सरकार ने नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों के भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बाद 17 अगस्त को जेएसएससी-सीजीएल-2023 सहित कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की थी। हालांकि, झारखंड उच्च न्यायालय ने सरकार के फैसले पर रोक लगा दी। अदालत ने यह आदेश भर्ती परीक्षा के उन सफल अभ्यर्थियों की याचिका पर दिया, जिन्हें अपनी नौकरी जाने का डर था। झारखंड सीआईडी की एक विशेष टीम जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है।
13 जिले, 29 लाख से ज्यादा लोग सैलाब में घिरे... तस्वीरों में देखिए बिहार का बाढ़ मंजर
बिहार के 13 जिलों में बाढ़ से 29 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं. कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बहने से सड़कें डूब गई हैं और घरों में पानी घुस चुका है. पटना में गंगा का जलस्तर घटने से थोड़ी राहत जरूर है, लेकिन बाकी इलाकों में संकट बरकरार है.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सर्वे में पता चला है कि राजधानी पटना की हवा में सुधार हुआ है। इसमें पटना के वार्ड 9 और 43 को राज्य स्तर पर पहला पुरस्कार मिला है। मालूम हो कि दोनों वार्डों को पुरस्कार के रूप में कुल 40 लाख रुपये मिले हैं।
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तेजस्वी यादव का बिहार सरकार पर हमला, बोले- बाढ़ पीड़ितों की मदद में बरती जा रही उदासीनता
तेजस्वी यादव का बिहार सरकार पर हमला, बोले- बाढ़ पीड़ितों की मदद में बरती जा रही उदासीनता
देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य भारत के ऊपर सक्रिय मानसूनी ट्रफ रेखा और बंगाल की खाड़ी के पास बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती परिसंचरण) के कारण अगले कुछ घंटों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।मौसम विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी राज्यों के 10 से अधिक राज्यों में मध्यम से भारी बारिश (Heavy Rainfall) का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका जताई गई है।दिल्ली-एनसीआर: छाए रहेंगे बादल, झमाझम बारिश से लुढ़केगा पाराराजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्रों—नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद—में पिछले दो दिनों की उमस भरी गर्मी के बाद मौसम का मिजाज बदलने वाला है:येलो अलर्ट जारी: मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में अगले 24 से 36 घंटों के लिए रुक-रुक कर मध्यम से तेज बारिश का पूर्वानुमान जताया है।तापमान में गिरावट: बारिश और ठंडी हवाओं के असर से दिन के अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे तापमान 31 से 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास आ जाएगा।जलभराव और ट्रैफिक जाम की आशंका: निचले इलाकों में पानी भरने और व्यस्ततम घंटों (Peak Traffic Hours) में सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने की चेतावनी जारी की गई है।यूपी, बिहार और राजस्थान: किन-किन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी?मौसम विभाग के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में मौसमी गतिविधियों का असर इस प्रकार देखने को मिलेगा:उत्तर प्रदेश (UP): पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ और मुरादाबाद में बादलों की आवाजाही के साथ मध्यम से भारी बौछारें पड़ने की संभावना है। तराई के इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने (Lightning Strike) को लेकर विशेष चेतावनी दी गई है।बिहार: राजधानी पटना, गया, भागलपुर और सीमांचल के क्षेत्रों में मानसून पूरी तरह मेहरबान है। कई जिलों में आंधी और बिजली गिरने के साथ मूसलाधार बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। किसानों और आम लोगों को खुले में जाने से बचने की सलाह दी गई है।उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन (Landslides) और नदियों के जलस्तर में वृद्धि का खतरा बना हुआ है। देहरादून, नैनीताल, चमोली, शिमला और मंडी में संवेदनशील रूटों पर पर्यटकों को सतर्क रहने को कहा गया है।राजस्थान और मध्य प्रदेश: पूर्वी राजस्थान (जयपुर, कोटा, भरतपुर) और मध्य प्रदेश के भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर व इंदौर संभागों में गरज-चमक के साथ जोरदार बारिश का अनुमान है।महाराष्ट्र और गुजरात: तटीय कोंकण, मुंबई और दक्षिण गुजरात में तेज हवाओं के साथ बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।मौसम में आए इस बदलाव की मुख्य वजह क्या है?मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून सीजन के अंतिम चरण में यह सक्रियता दो प्रमुख मौसमी प्रणालियों (Synoptic Systems) के संयोजन का परिणाम है:मानसून ट्रफ की सामान्य स्थिति: मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से होते हुए उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रही है, जिससे मैदानी इलाकों में नमी वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाएं लगातार प्रवेश कर रही हैं।लो-प्रेशर सिस्टम (कम दबाव का क्षेत्र): मध्य भारत और बंगाल की खाड़ी के निकटवर्ती भागों में बना चक्रवाती घेरा अरब सागर से आने वाली नमी को खींच रहा है, जिससे मैदानी राज्यों में बादलों की सघनता बढ़ गई है।बारिश और आंधी-तूफान के दौरान बरतें ये जरूरी सावधानियांमौसम के बदलते मिजाज और आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने नागरिकों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं:गरज-चमक और बिजली कड़कने के दौरान किसी भी हालत में खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास शरण न लें।घर के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें और जलभराव वाली सड़कों पर वाहन धीमी गति से चलाएं।पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा कर रहे पर्यटक भूस्खलन संभावित संवेदनशील रास्तों पर जाने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट और प्रशासन के अलर्ट की जांच जरूर करें।राज्य / क्षेत्रअलर्ट स्तरसंभावित मौसमी असरदिल्ली-एनसीआरयेलो अलर्टबादलों का डेरा, मध्यम बारिश व ठंडी हवाएंउत्तर प्रदेश व बिहारऑरेंज / येलो अलर्टभारी बारिश, गरज-चमक व वज्रपात (Lightning) की आशंकाउत्तराखंड व हिमाचलऑरेंज अलर्टमूसलाधार वर्षा, भूस्खलन और जलभराव का जोखिमराजस्थान व मध्य प्रदेशयेलो अलर्टरुक-रुक कर तेज बारिश और तापमान में गिरावटमहाराष्ट्र (मुंबई / कोंकण)येलो अलर्टतटीय तेज हवाएं और मध्यम से भारी फुहारें
मौसम का डबल अटैक: पहाड़ों पर पहली बर्फबारी से बढ़ी ठंड, बिहार में बाढ़ का कहर; वीडियो में देंखे यूपी में बारिश से जलभराव
राजगीर और सासाराम बनेंगे दो नए रेल पुलिस अनुमंडल, DSP को जिम्मेदारी; बिहार सरकार को मिला प्रस्ताव
बता दें कि राजेंद्र नगर टर्मिनल सहित हिलसा और कुर्सेला में यात्रियों की लगातार बढ़ रही संख्या को देखते हुए नया थाना खोलने का भी प्रस्ताव है। इससे रेल यात्रियों को सुविधा होगी। प्रस्ताव स्वीकृत होने पर रेल अंचल की संख्या 17 से बढ़ कर 21 हो जाएगी।
रतलाम में रेलवे ग्रुप-D (लेवल-वन) की भर्ती के लिए रेलवे ग्राउंड पर चल रहे फिजिकल एफिशियंसी टेस्ट (PET) में बिहार का एक फर्जी अभ्यर्थी पकड़ा गया। रेटिना मैचिंग के दौरान उसकी पहचान हो गई। जांच में सामने आया कि आरोपी 2 सितंबर को भी इसी ग्राउंड पर एक अन्य अभ्यर्थी की जगह फिजिकल टेस्ट दे चुका था। रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ पश्चिम रेलवे मुंबई के कार्यालय अधीक्षक राजेश्वर तिवारी की शिकायत पर जीआरपी थाना रतलाम ने फर्जी अभ्यर्थी अजीत कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज पेश करने का केस दर्ज किया है। मामले में अभ्यर्थी निरंजन कुमार और कुंदन कुमार के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया गया है। रेटिना मैचिंग में पकड़ा गया रविवार सुबह करीब 6 बजे रेलवे ग्राउंड पर PET चल रहा था। बिहार के मुंगेर जिले के रतनठा गांव निवासी अजीत कुमार (26) पिता दिनेश कुमार कुशवाह फिजिकल टेस्ट देने पहुंचा था। रेटिना मैचिंग के दौरान कर्मचारियों को पता चला कि वह पहले भी टेस्ट दे चुका है। इस पर रेलवे कर्मचारियों ने अजीत को तत्काल पकड़ लिया और वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी। पूछताछ में फर्जी अभ्यर्थी के रूप में परीक्षा देने की बात सामने आई। 2 सितंबर को निरंजन की जगह दौड़ा था जांच में पता चला कि अजीत कुमार 2 सितंबर को भी रेलवे ग्राउंड पर फिजिकल टेस्ट दे चुका था। उस दिन उसने बिहार के मुंगेर निवासी अभ्यर्थी निरंजन कुमार की जगह दौड़ लगाई थी। हालांकि उस टेस्ट में वह अयोग्य पाया गया था। इसके बाद रविवार को अजीत एक अन्य अभ्यर्थी कुंदन कुमार की जगह PET देने पहुंचा। इस बार रेटिना मैचिंग के दौरान उसकी पहचान हो गई। निरंजन और कुंदन के खिलाफ भी केस जीआरपी ने निरंजन कुमार निवासी धनपुरा, जिला मुंगेर और कुंदन कुमार निवासी शंभूपुरा, जिला मुंगेर के खिलाफ भी धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। दोनों अभ्यर्थियों की जगह फर्जी अभ्यर्थी अजीत कुमार PET देने पहुंचा था। जीआरपी ने अजीत कुमार और निरंजन कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं कुंदन कुमार रतलाम में परीक्षा देने नहीं आया था। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। रैकेट में शामिल अन्य लोगों से होगी पूछताछ चौकी प्रभारी रामपाल इवने ने बताया कि गिरफ्तार अजीत कुमार और निरंजन कुमार को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस रिमांड लेकर दोनों से पूछताछ करेगी। पूछताछ में फर्जी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा देने वाले इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।
Bihar Weather Today: बिहार के कई जिलों में आज भी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून ट्रफ श्री गंगानगर, नारनौल, उत्तरप्रदेश के मध्य हिस्सों में कम दबाव वाले क्षेत्र के केंद्र डेहरी, पुरुलिया, दीघा से होते हुए उत्तर पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक जा रही है।
Bihar News : पिछले हफ्ते से एक लड़की का चेहरा बिहार में वायरल है। उसकी करतूत से ज्यादा उसके चेहरे और ग्लैमर को इंटरनेट पर भुनाया जा रहा है। इसमें राजद भी कूद गया। ऐसे में यह जरूरी हो गया है कि उसकी पूरी और वास्तविक कहानी सामने लायी जाए।
मानसून की सक्रियता से बिहार में वर्षा जारी, अगले 24 घंटे में पटना समेत कई जिलों में छिटपुट बारिश की संभावना है। गोपालगंज, सिवान और पश्चिमी चंपारण सहित चार जिलों में भारी वर्षा और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है।
Bihar Flood: पुनपुन का पानी घर में समाया, नदी ने बांध तोड़ा और फसल तहस-नहस; बिहार में बाढ़ से तबाही
नौबतपुर के छह गांवों में तटबंधों के ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे आवागमन ठप है। फतुहा की पीतांबरपुर पंचायत के सैदपुर गांव के वार्ड सात और आठ के लगभग 200 घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। यहां कई घरों में दो से तीन फीट तक पानी घुस चुका है।
घरों में 6 फीट पानी, नाव बनी सहारा... बिहार के नवगछिया में बाढ़ से हाहाकार
बिहार के नवगछिया के मदरौनी में बाढ़ से कई गांव डूब गए हैं. घरों में 5-6 फीट तक पानी है और लोगों की आवाजाही नाव के सहारे हो रही है. गंगा का जलस्तर बढ़ने से कोसी के पानी की निकासी भी नहीं हो पा रही है.
मुजफ्फरपुर की सड़कों पर खर्च होंगे डेढ़ अरब रुपये, सिलिका इंफ्रा 7 साल तक करेगी मरम्मत
Road Maintenance Policy Bihar: मुजफ्फरपुर शहर और आसपास की जर्जर सड़कों का 1.46 अरब रुपये से जीर्णोद्धार होगा। सिलिका इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड को 7 साल तक मरम्मत और देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पटना में आज दलित संगठनों द्वारा बड़ा आंदोलन होगा। “आरक्षण बढ़ाओ, संविधान बचाओ” आंदोलन के लिए गांधी मैदान में महाजुटान होगा। आरक्षण बढ़ाओ, संविधान बचाओ संघर्ष समिति के द्वारा गांधी मैदान, गेट नंबर- 10 से सभी लोग लोक भवन तक जाएंगे। पूरे बिहार से आरक्षण समर्थक, अनुसूचित जाति, जनजाति के लोगों दोपहर 1 बजे से लोक भवन के लिए निकलेंगे। समिति के संयोजक अमर आज़ाद ने कहा कि अभी भी देश में दलित आदिवासी समाज पर अत्याचार जाति के आधार पर हो रहा है। दलित IAS-IPS कुछ भी बन जाए उन्हें उनके जाति के नाम से प्रताड़ित किया जाता है। दलित आदिवासी पिछड़े समाज का आरक्षण बढ़ाने की मांग इसके बावजूद कुछ लोग SC-ST के लोगों को मिलने वाले आरक्षण का विरोध कर रहे हैं बिल्कुल गलत बात है। अभी भी निजी क्षेत्र न्यायपालिका में आरक्षण नहीं हैं, सुप्रीम कोर्ट में आरक्षण नहीं है। सामंत प्रधान ने कहा कि हमारी मांग है कि बिहार में दलित आदिवासी पिछड़े समाज के आरक्षण का दायरा बढ़ाकर 65% किया जाए।
मौसम फिर बदलेगा रंग: 15 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट; बिहार से हिमाचल तक कैसे रहेंगे हालात?
Mirzapur News: बिहार के दंगल में खुशबू ने बढ़ाया क्षेत्र का मान
Khushboo raised the prestige of the region in the Bihar Dangal
Deoria News: फल की टोकरियों में छिपाकर बिहार ले जा रही थी शराब, चार महिलाएं गिरफ्तार
Four women arrested for smuggling liquor hidden in fruit baskets to Bihar
मस्जिद ध्वस्तीकरण : संविधान और कानून का उल्लंघन : लाल बिहारी यादव
Mosque demolition: Violation of Constitution and law: Lal Bihari Yadav
Basti News: 105 शीशी अवैध शराब के साथ बिहार के तीन तस्कर गिरफ्तार
Three smugglers from Bihar arrested with 105 bottles of illicit liquor
दिल्ली-मुंबई से बिहार आना हुआ मुश्किल, बुकिंग खुलते ही IRCTC साइट धड़ाम; 4 मिनट में फुल हुईं ट्रेनें
दीपावली के लिए ट्रेन टिकट बुकिंग शुरू होते ही IRCTC की वेबसाइट ठप हो गई, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हुई।
नारायणपुर अनंत बनेगा उत्तर बिहार का प्रमुख लॉजिस्टिक हब, रेल नेटवर्क से जुड़ेगा व्यापार
Narayanpur Anant Logistic Hub: उत्तर बिहार के उद्योग और व्यापार को मजबूती देने के लिए नारायणपुर अनंत एक बड़ा लॉजिस्टिक हब बनने जा रहा है। समस्तीपुर मंडल यहां आधुनिक टर्मिनल विकसित कर रहा है, जिससे सैकड़ों औद्योगिक इकाइयों को सीधा रेल संपर्क मिलेगा।
बिहार में खाद के लिए अब आधार से ही ऑनलाइन आवेदन, बटाईदारों को भी मिलेगा लाभ
Bihar Fertilizer Online Booking: बिहार सरकार ने ऑनलाइन उर्वरक खरीद के लिए किसान निबंधन की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। अब किसान केवल आधार कार्ड के माध्यम से खाद की बुकिंग कर सकेंगे, जिससे बटाईदार किसानों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
अदालत ने बिहार के एएसआई की हत्या मामले में आठ लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई
Patna, 7 सितंबर . बिहार के मुंगेर जिले की एक अदालत ने Monday को होली के दौरान गांव में हुए विवाद को शांत कराने पहुंचे सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) संतोष कुमार सिंह की हत्या के मामले में तीन महिलाओं समेत आठ लोगों को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (चतुर्थ) कुमारी ... Read more
बिहार में बाढ़: नदियों का जलस्तर घटने के बाद भी हालात गंभीर, 13 जिलों की 27 लाख आबादी प्रभावित
Bihar Flood: बिहार में गंगा सहित प्रमुख नदियों का जलस्तर घटने के बावजूद बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर बिहार को बाढ़ को 'राष्ट्रीय आपदा' घोषित करने की मांग की है.
सिंगरौली की बैंक ऑफ महाराष्ट्र में डकैती का मुख्य आरोपी फंटूस बिहार से गिरफ्तार
वारदात को अंजाम देने और घटना के बाद फरारी के रास्ते से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
सीतामढ़ी की कल्याणी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। उन्होंने पंजाब के लुधियाना में 4 से 6 सितंबर तक हुई 10वीं जूनियर राष्ट्रीय कुराश चैंपियनशिप-2026 में बिहार का प्रतिनिधित्व किया। कल्याणी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। उनकी इस जीत से सीतामढ़ी जिले के खेलप्रेमियों में खुशी है। कल्याणी ने फाइनल मुकाबले में बेहतरीन खेल कौशल और आत्मविश्वास दिखाया। उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी को हराकर स्वर्ण पदक जीता। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बिहार के लिए गोल्ड जीतकर उन्होंने अपने परिवार और पूरे सीतामढ़ी जिले को गौरवान्वित किया है। गांव से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचीं कल्याणी कल्याणी डुमरा प्रखंड के विश्वनाथपुर गांव की रहने वाली हैं। वह रामनरेश यादव की पौत्री और शत्रुघ्न यादव की बेटी हैं। गांव से निकलकर राष्ट्रीय मंच पर यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण को दिखाती है। कोच विकास कुमार के मार्गदर्शन में की तैयारी उनकी इस सफलता में कोच विकास कुमार का मार्गदर्शन और प्रशिक्षण अहम रहा। नियमित अभ्यास और कठिन प्रशिक्षण से कल्याणी फाइनल तक पहुंचीं। उन्होंने वहां शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। खेल संघों और खेलप्रेमियों ने दी बधाई कल्याणी की सफलता पर कई लोगों ने बधाई दी है। इनमें सीतामढ़ी जिला भारोत्तोलन संघ के संरक्षक प्रो. राजकुमार गुप्ता, अध्यक्ष अतुल कुमार और सचिव सतीश कुमार शामिल हैं। खो-खो संघ के सचिव हरिशंकर प्रसाद, फुटबॉल संघ के सचिव सुरेश कुमार और संयुक्त सचिव राहुल यादव ने भी बधाई दी। अरविंद कुमार, शिक्षक अरविंद हेराम कुमार, सैनिक चुनचुन कुमार और नवीन यादव सहित अन्य खेलप्रेमियों ने भी खुशी जताई। सीतामढ़ी की बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा खेलप्रेमियों ने कहा कि कल्याणी की यह उपलब्धि सीतामढ़ी की बेटियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने साबित किया कि प्रतिभा गांव में भी होती है। जरूरत सिर्फ उसे सही मंच और मार्गदर्शन देने की है।
Bihar Muzaffarpur Govt School Principal: कुर्सी का गंगाजल से शुद्धिकरण, हुआ एक्शन | Gyan Prakash
मुजफ्फरपुर के शिवनंदन उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रभारी हेडमास्टर ज्ञान प्रकाश का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह पदभार संभालने से पहले मंत्रोच्चारण के साथ गंगाजल से ऑफिस और कुर्सी का शुद्धिकरण करते नजर आ रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने नरेंद्र मोदी से बिहार आने का आग्रह किया, पीएम से सम्राट सरकार की शिकायत भी की
तेजस्वी यादव ने कहा है कि दिवालिया हो चुकी बिहार सरकार बाढ़ पीड़ितों की सहायता करने में उदासीन है। प्रधानमंत्री को अविलंब बिहार का दौरा करके हर संभव सहायता उपलब्ध कराना चाहिए।
जबलपुर से बिहार के गया तक पितृपक्ष स्पेशल, तीन दिन सीधे कनेक्शन; जानें यह है शेडयूल
ट्रेन नर्मदापुरम, इटारसी, पिपरिया, नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी जंक्शन के रास्ते गया जाएगी। स्पेशल ट्रेनों के चलने से पितृपक्ष के दौरान भीड़ में यात्रियों की गया आवाजाही सुगम होगी।
मुजफ्फरपुर में शराब की बड़ी खेप पकड़ी गई, कंटेनर में लोहे की चादर लगाकर की जा रही थी तस्करी
Bihar Liquor Smuggling: उत्पाद विभाग ने मुजफ्फरपुर के मैठी टोल प्लाजा के पास शराब से लदे एक कंटेनर को जब्त किया है। इसमें पंजाब निर्मित 375 कार्टन शराब बरामद हुई और चालक-उपचालक गिरफ्तार किए गए।
Bihar Flood: Ganga का जलस्तर घटने से राहत, स्थिति जल्द सामान्य होने की उम्मीद
पटना, सात सितंबर बिहार के उपमुख्यमंत्री और जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने सोमवार को कहा कि गंगा का जलस्तर अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर से नीचे आने लगा है और यदि कोई नयी प्रतिकूल स्थिति उत्पन्न नहीं होती है तो अगले कुछ दिनों में राज्य में बाढ़ की स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। जल संसाधन विभाग के सभाकक्ष में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में चौधरी ने कहा कि फिलहाल राज्य की अधिकांश नदियों में जलस्तर घटने का रुझान है, जिससे लोगों को धीरे-धीरे राहत मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष बिहार में बाढ़ का स्वरूप पिछले वर्षों से अलग रहा। सामान्य तौर पर नेपाल से आने वाली बागमती, कमला, कोसी और गंडक नदियों में पहले बाढ़ आती है और इसके बाद गंगा का जलस्तर बढ़ता है, लेकिन इस बार सबसे पहले गंगा में ही बाढ़ की स्थिति बनी। चौधरी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन समेत कई संभावित कारणों से गंगा ने कई स्थानों पर अपने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.58 मीटर तक पहुंच गया, जबकि इससे पहले का सर्वाधिक स्तर 50.52 मीटर था। उन्होंने कहा कि जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन की सतर्कता के कारण पटना शहर सुरक्षित रहा। हालांकि, गंगा के दियारा क्षेत्र के निचले इलाकों में पानी फैल गया, जहां राहत और सहायता कार्य लगातार जारी हैं। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार पुनपुन और दरधा नदियों ने भी गंभीर चुनौती पेश की। पुनपुन नदी में अब तक का सर्वाधिक जलस्तर दर्ज किया गया, जबकि दरधा नदी भी अपने उच्चतम स्तर तक पहुंच गई। उन्होंने कहा कि झारखंड में हुई भारी बारिश के कारण इन नदियों में जलप्रवाह बढ़ा। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर पुराने लघु बांध और जमींदारी बांधों के ऊपर से पानी बहा, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर रिसाव और छोटे कटाव को तत्काल नियंत्रित कर लिया। चौधरी ने कहा कि राज्य के सभी वैज्ञानिक तरीके से निर्मित विभागीय तटबंध सुरक्षित हैं और किसी भी प्रमुख आधुनिक तटबंध में बड़ा कटाव नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि भागलपुर के खरीक प्रखंड में गंगा की धारा बदलने जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई थी, लेकिन अधिकारियों की दिन-रात निगरानी और लगातार प्रयासों से तटबंध को सुरक्षित रखा गया। इससे नवगछिया क्षेत्र के रिहायशी इलाकों को बड़े नुकसान से बचाया जा सका। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल सबसे बड़ी राहत यह है कि गंगा का जलस्तर 50.58 मीटर के उच्चतम स्तर से घटकर करीब 50.40 मीटर पर आ गया है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज और वाराणसी की ओर भी गंगा के जलस्तर में गिरावट का रुझान है। उन्होंने कहा कि गंगा का पानी और घटने पर पुनपुन तथा दरधा जैसी नदियों की जल निकासी बेहतर होगी और उनके जलस्तर में भी तेजी से कमी आने की उम्मीद है। चौधरी ने कहा कि इस बार कोसी, गंडक और बागमती जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर नियंत्रित रहने से स्थिति संभालने में काफी मदद मिली। उन्होंने कहा कि यदि इन नदियों में भी सामान्य वर्षों की तरह भारी उफान आता तो हालात और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकते थे।
एक जॉइंट ऑपरेशन में, NCC पुलिस और असम राइफल्स ने पश्चिम त्रिपुरा के सालबागन इलाके से बिहार के दो लोगों को हिरासत में लिया और उनके पास से फैक्ट्री में बनी 9mm की पिस्तौल और गोला-बारूद बरामद किया। यह ऑपरेशन 6 सितंबर को NCC पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में चलाया गया था। तलाशी के दौरान, सुरक्षाकर्मियों ने संदिग्धों के पास से फैक्ट्री में बनी 9mm की दो पिस्तौल, तीन मैगज़ीन और कई ज़िंदा कारतूस बरामद किए। NCC पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कर ली गई है और ज़ब्त किए गए हथियार आगे की जांच के लिए पुलिस को सौंप दिए गए हैं। इसे भी पढ़ें: Assam में प्रणब डोले पर NSA लगाने के खिलाफ Gaurav Gogoi ने खोला मोर्चा ANI से बात करते हुए SDPO सुब्रत बर्मन ने कहा, 6 सितंबर 2026 को, वेस्ट त्रिपुरा के NCC पुलिस स्टेशन के तहत सलबागन इलाके में NCC पुलिस स्टेशन और असम राइफल्स ने एक जॉइंट ऑपरेशन चलाया। दो लोगों को पकड़ने के बाद तलाशी ली गई, जिसमें उनके पास से फैक्ट्री में बनी दो 9 mm पिस्तौल, तीन मैगज़ीन और ज़िंदा कारतूस बरामद हुए। बरामदगी के बाद, पुलिस ने हथियार और गोला-बारूद ज़ब्त कर लिए और NCC पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की। अधिकारी ने आगे बताया कि आरोपियों को आज स्थानीय अदालत में पेश किया जा रहा है, जहाँ पुलिस उनसे विस्तार से पूछताछ के लिए उनकी कस्टडी की मांग करेगी। इसे भी पढ़ें: Assam Police का बड़ा एक्शन, फर्जी पुलिसकर्मी बनकर ठगी करने वाले 330 आरोपी गिरफ्तार SDPO ने कहा, दोनों आरोपियों को आज अदालत में पेश किया जाएगा और पुलिस उनकी रिमांड की मांग करेगी। रिमांड मिलने के बाद आरोपियों से विस्तार से पूछताछ की जाएगी। शुरुआती पूछताछ में पता चला कि वे बिहार से आए थे और कथित तौर पर किसी काम के सिलसिले में अगरतला, त्रिपुरा आए थे। हथियार रखने का असली कारण, उन्हें कहाँ से मिला, वे कहाँ रुके थे, कैसे आए और कहाँ जाने वाले थे, इसका पता आगे की जांच और पूछताछ के बाद चलेगा। उन्होंने आगे कहा, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हथियार किस मकसद से ले जाए जा रहे थे और क्या आरोपियों का हथियारों की गैर-कानूनी खरीद-फरोख्त या आवाजाही में शामिल अन्य लोगों से कोई संबंध है।
Bihar में Ganga का रिकॉर्ड जलस्तर, फिर भी बाढ़ नियंत्रण में: Vijay Kumar Chaudhary
सिंचाई भवन स्थित जल संसाधन विभाग के सभागार में आज आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में माननीय उप मुख्य (जल संसाधन) मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि यह बाढ़ का मौसम है और चुनौती के दिन हैं। इस बार की बाढ़ की स्थिति अलग है। गंगा नदी के जलश्राव में बहुत अधिक वृद्धि हुई है, जिसके फलस्वरूप गांधीघाट पर गंगा नदी का इस वर्ष का उच्चतम जलस्तर 50.58 मीटर दर्ज किया गया, जबकि वर्ष 2016 में यह 50.52 मीटर था। उन्होंने कहा कि जल संसाधन विभाग के अधिकारियों और जिला प्रशासन की मुस्तैदी और लगातार निगरानी के कारण पटना सुरक्षित रहा है। इसे भी पढ़ें: Pitru Paksha Mela 2026: Chief Secretary का सख्त फरमान, Gaya ji में कोई चूक नहीं होगी बर्दाश्त माननीय उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा नदी का जलस्तर लगातार ऊँचा रहने के कारण कई स्थानों पर बैकवाटर (Back Water) का प्रभाव देखने को मिल रहा है। अन्य कई नदियाँ जिसके जलश्राव का निकास गंगा नदी में है, उन नदियों के जल का निकास सुगमता से नहीं हो पा रहा है, जिस कारण उन नदियों यथा गंडक एवं पुनपुन इत्यादि के निचले छोर में जलस्तर में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि हाल ही में भागलपुर जिले के खरीक प्रखंड अंतर्गत गंगा नदी पर निर्मित काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध क्षतिग्रस्त हुआ था। विभागीय अधिकारियों एवं अभियंताओं द्वारा लगातार प्रयास करते हुए आवश्यक कार्य कराए गए, जिससे आबादी वाले क्षेत्रों में पानी के फैलाव को रोकने में सफलता मिली। वर्तमान में उक्त स्थल सुरक्षित है। माननीय उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा नदी के जलस्तर में अब कमी आने की उम्मीद है। जल संसाधन विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न तटबंधों एवं संवेदनशील स्थलों की दिन-रात लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि तटबंध सुरक्षित रहते हैं तो आबादी भी सुरक्षित रहती है। इसे भी पढ़ें: Bihar में 15 अक्टूबर से शुरू होगा Sand Mining, घाटों की नए सिरे से होगी नीलामी उल्लेखनीय है कि पिछले एक सप्ताह में गंगा एवं अन्य नदियों में अत्यधिक जलश्राव एवं ऊँचे जलस्तर के बावजूद विभाग द्वारा अब तक कुल 171 स्थलों पर फ्लड फाइटिंग का कार्य कर तटबंधों को बचाया गया है। इनमें से मात्र 14 स्थलों पर तटबंधों में रिसाव या क्षतिग्रस्त हुआ, जिनमें से 11 स्थलों पर कम से कम समय में इसकी मरम्मती की गई। शेष 3 स्थलों पर भी मरम्मती करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। अब तक का सबसे अधिक पानी आने के बावजूद स्थिति नियंत्रण में है। विभागीय अधिकारियों द्वारा लगातार तटबंधों की निगरानी की जा रही है। अगले एक से दो दिनों में स्थिति में और सुधार आने की उम्मीद है। इस अवसर पर तकनीकी परामर्शी श्री मनोज रमण, विशेष सचिव श्री के.डी.प्रौज्जवल, अभियंता प्रमुख श्री ब्रजेश मोहन सहित विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
Pitru Paksha Mela 2026: Chief Secretary का सख्त फरमान, Gaya ji में कोई चूक नहीं होगी बर्दाश्त
राज्य में 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले पितृपक्ष मेला-2026 की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। गयाजी और पुनपुन (पटना) में आयोजित होने वाले इस महामेले की तैयारियों को लेकर सोमवार को मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि पितृपक्ष मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बिहार की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का प्रतीक है। इसमें स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य शिविर और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इसे भी पढ़ें: Samastipur में Swatantrata Senani Express के AC कोच से 75 लीटर शराब बरामद, दो गिरफ्तार मेला पूर्व सभी तैयारियां हो रही सुनिश्चित बैठक में बताया गया कि मेले के सफल आयोजन के लिए गयाजी जिला की ओर से 4,21,74,971 रुपये और पटना जिला द्वारा 41 लाख रुपये की राशि अधियाचित की गई है। इस दौरान गयाजी के जिलाधिकारी ने यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, ठहराव स्थल, घाटों की सफाई और बुनियादी ढांचे को लेकर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। मुख्य सचिव ने गृह, पर्यटन, नगर विकास एवं आवास, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण (पीएचईडी), स्वास्थ्य, परिवहन, पथ निर्माण, ऊर्जा, आपदा प्रबंधन सहित 14 प्रमुख विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया। पिंडदानियों के लिए सुविधाएं इस दौरान मेले की स्थानीय तैयारियों, आधारभूत व्यवस्थाओं और विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों पर विस्तृत चर्चा हुई। देश-विदेश से लाखों पिंडदानियों और श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए मुख्य सचिव ने सभी व्यवस्थाओं को ससमय पूर्ण करने का निर्देश दिया। तीर्थयात्रियों के सुगम आवागमन के लिए पूर्व मध्य रेलवे के पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल के डीआरएम के साथ विशेष समन्वय स्थापित किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त ट्रेनों के परिचालन और स्टेशनों पर विशेष व्यवस्थाओं पर सहमति बनी है। इसे भी पढ़ें: Bihar: बाढ़ से 27 लाख प्रभावित, राहत शिविरों में पहुंचे सीएम सम्राट चौधरी, पीड़ितों संग खाया खाना बैठक में पुलिस महानिदेशक, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव, सभी संबंधित विभागों के प्रधान सचिव/सचिव, गयाजी एवं पटना के जिलाधिकारी तथा डीडीयू मंडल के डीआरएम सहित अन्य वरीय अधिकारी सशरीर एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।
Bihar Flood: घर की छत से महज 4 इंच नीचे पानी, वायरल पोस्ट ने खड़े किए बड़े सवाल; बिहार में बाढ़ पर सियासत तेज
दुबई में बिहार की ग्लोबल दस्तक, AIM Congress 2026 में निवेशकों के सामने पेश हुआ नया औद्योगिक विजन
बिहार ने दुबई में आयोजित AIM कांग्रेस 2026 में अपना औद्योगिक पवेलियन उद्घाटित किया, जहाँ राज्य को एक निवेश-तैयार गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया गया। उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने निवेशकों को बिहार की नई नीतियों और अवसरों से अवगत कराया।
कल का मौसम: दिल्ली, यूपी बिहार समेत 16 राज्यों में भारी बारिश, MP,छत्तीसगढ़-बंगाल में IMD का अलर्ट
कल का मौसम, 8 सितंबर 2026: IMD के अनुसार, कल दिल्ली, यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना है. जानिए आपके यहां कैसा मौसम रहेगा.
कल का मौसम, 8 सितंबर: मंगलवार को यूपी, बिहार में होगी झमाझम बारिश; IMD का कहां-कहां अलर्ट
बिहार में मंगलवार को बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने 7 से 9 सितंबर के दौरान राज्य में काफी तेज बारिश का पूर्वानुमान जताया है। 8 से 10 सितंबर के बीच बिहार में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
Bihar में 15 अक्टूबर से शुरू होगा Sand Mining, घाटों की नए सिरे से होगी नीलामी
पटना, सात सितंबर बिहार के खान एवं भूतत्व विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने सोमवार को कहा कि राज्य में 15 अक्टूबर के बाद बालू खनन फिर शुरू किया जाएगा। जिन बालू घाट की पांच वर्ष की अवधि पूरी हो चुकी है, उनकी नए सिरे से नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। पटना के विकास भवन सचिवालय स्थित विभागीय कक्ष में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि इसके लिए जिला सर्वेक्षण प्रतिवेदन (डीएसआर) तैयार किया जा रहा है। पटना, भोजपुर, रोहतास, औरंगाबाद, नवादा और जमुई समेत प्रमुख बालू उत्पादक जिलों में इसकी तैयारी चल रही है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में अबतक विभाग ने 984 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में प्राप्त 725 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 36 प्रतिशत अधिक है। मंत्री ने कहा कि सामान्यतः खनन राजस्व में सालाना 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि होती है, लेकिन महज पांच महीने में 36 प्रतिशत की बढ़ोतरी विभाग की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने इसका श्रेय विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रियता तथा राजस्व संग्रह की बेहतर व्यवस्था को दिया। उन्होंने कहा कि राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी भी विभाग की प्राथमिकता है। अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष में अगस्त तक अवैध खनन के मामलों में 316 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 3,043 वाहन जब्त किए गए हैं। इसके मुकाबले 2025-26 में 233 गिरफ्तारियां हुई थीं तथा 2,425 वाहन जब्त किए गए थे। पत्थर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए विभाग ने 30 खनन ब्लॉक की निविदा प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इनमें नवादा के आठ, शेखपुरा के 11, औरंगाबाद के तीन, गया के सात और बांका का एक ब्लॉक शामिल है। मंत्री ने बताया कि नवादा के दो पत्थर ब्लॉक की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि अन्य जिलों में प्रक्रिया जारी है।
'गंगा का जलस्तर घटा; बिहार में बाढ़ का संकट टलने की उम्मीद', पटना में बोले डिप्टी सीएम विजय चौधरी
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि बिहार में गंगा नदी का जलस्तर घटने लगा है, जिससे बाढ़ का संकट टलने की उम्मीद है। इस बार गंगा में पहले बाढ़ आई, और पुनपुन व दरधा नदियां भी रिकॉर्ड स्तर पर रहीं, लेकिन तटबंध सुरक्षित रहे और राहत कार्य जारी हैं।
दीपाली सहायः बिहार से मुंबई में सिंगिंग करियर बनने का सफ़र ऐसा रहा
दीपाली के कई गाने लोगों को आज भी याद होंगे. जैसे- कुछ साल पहले गाया गीत- रात भर याद आती रही. कैसे आईपीएस बनने की राह में दीपाली सिंगिंग करियर की ओर बढ़ीं और सफलता पाई.
पन्ना जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत परषोत्तमपुर की रहने वाली 19 साल की युवती घर बैठे किताबें और कंटेंट लिखकर पैसे कमाने के लालच में बड़ी साइबर ठगी का शिकार हो गई। इंस्टाग्राम पर 'वर्क फ्रॉम होम' का विज्ञापन देखकर युवती से 5 लाख 87 हजार 391 रुपये ठग लिए गए। पन्ना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में राजस्थान के दौसा से इस अंतर्राज्यीय साइबर गैंग के एक नाबालिग समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। सोमवार को पुलिस ने इसका खुलासा किया। पीड़िता को 17 अगस्त 2026 को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो विज्ञापन दिखा था। विज्ञापन के लिंक से उसने टेलीग्राम डाउनलोड किया और विश्वाबुक पब्लिकेशन नाम के ग्रुप से जुड़ गई। ठगों ने उसे घर बैठे कंटेंट और बुक राइटिंग का काम देकर 25,000 रुपए महीने देने का वादा किया था। फर्जी चार्जेस इसके बाद ठगों ने रजिस्ट्रेशन फीस, डिलीवरी चार्ज, सिक्योरिटी डिपॉजिट, विड्रॉल चार्ज और बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन के नाम पर पैसे मांगने शुरू कर दिए। अलग-अलग क्यूआर कोड भेजकर यूपीआई और फोनपे से बार-बार पैसे ट्रांसफर करवाए गए। पूरी रकम और सैलरी वापस मिलने के झांसे में आकर युवती ने किश्तों में कुल 5,87,391 रुपए गंवा दिए। दौसा में दबिश ठगी का अहसास होने पर पीड़िता ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस और साइबर सेल की विशेष टीम ने बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल फुटप्रिंट्स के जरिए राजस्थान के दौसा जिले के लालसोट इलाके में दबिश दी। पुलिस ने इन्हें पकड़ा पुलिस ने मौके से दिलखुश मीना (18 वर्ष), छोटा उर्फ हेमराज मीना (20 वर्ष), संतोष मीना (23 वर्ष), अजयकुमार मीना (20 वर्ष) और एक नाबालिग को पकड़ा। पुलिस को ठगे गए रुपयों में से 5 लाख 82 हजार मिल गए हैं। इसके अलावा 2 आईफोन और 2 एंड्रॉइड मोबाइल (कीमत 2.5 लाख) समेत कुल 8.32 लाख रुपए का सामान जब्त किया है। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे सोशल मीडिया पर 'पेंसिल पैकिंग' और 'बुक राइटिंग' के फर्जी विज्ञापन चलाकर टेलीग्राम ग्रुप के जरिए लोगों को ठगते थे। पटना-समस्तीपुर में दबिश देकर 3 युवक पकड़ाए, फर्जी सर्टिफिकेट से देते थे झांसा इसके अलावा पन्ना पुलिस ने नामी कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप देने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले बिहार के तीन युवकों को पकड़ा है। पुलिस टीम ने पटना और समस्तीपुर में छापेमारी की। पीड़ित ने सोशल मीडिया पर 'टाटा पावर सोलर' की डिस्ट्रीब्यूटरशिप का विज्ञापन देखकर संपर्क किया था। ठगों ने कंपनी का प्रतिनिधि बनकर और फर्जी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट दिखाकर 25 साल के एग्रीमेंट के नाम पर 1,60,200 रुपए अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए। दोबारा पैसे मांगने पर जब पीड़ित ने कंपनी के असली कस्टमर केयर पर पता किया, तब ठगी का खुलासा हुआ। बिहार में दी दबिश साइबर सेल ने जब बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के ट्रांजैक्शन खंगाले, तो ठगी के तार बिहार से जुड़े मिले। पुलिस टीम ने तुरंत पटना और समस्तीपुर में दबिश देकर आरोपी पीयूष कुमार, विक्की उर्फ अभय कुमार और नीरज उर्फ कृष्णा को को पकड़ा। पैसा और फोन जब्त पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे फर्जी विज्ञापन बनाकर लोगों को झांसे में लेते थे। पुलिस को आरोपियों के कब्जे से 47,000 रुपए नकद और 5 महंगे एंड्रॉइड मोबाइल मिले हैं।
Viral Video: सोशल मीडिया पर बिहार के गोपालगंज का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यहां पर एक व्यक्ति ने अपनी नई महिंद्रा स्कॉर्पियो क्लासिक को चोरी से बचाने के लिए अनोखा जुगाड़ लगाता है। उसका ये अनोखा जुगाड़ सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। गोपालगंज के एक व्यक्ति ने अपनी नई महिंद्रा स्कॉर्पियो को चोरी से बचाने के लिए उसे घर की दूसरी मंजिल पर रखवा दिया। व्यक्ति ने क्रेन की मदद से SUV को जमीन से ऊपर उठाकर छत पर पहुंचाया। गाड़ी को क्रेन से उठाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस अनोखे तरीके को देखकर हैरान हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस दावे और वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियोसोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस 46 सेकेंड के वीडियो में महिंद्रा स्कॉर्पियो क्लासिक को क्रेन के जरिए एक घर की छत तक पहुंचाते हुए देखा गया। क्रेन से लटकी गाड़ी को धीरे-धीरे दो मंजिला मकान की छत तक पहुंचाया जाता है और फिर बेहद सावधानी से उसे छत पर खड़ा कर दिया जाता है। गाड़ी को इस तरह घर की छत पर पहुंचाने का तरीका देखकर लोग काफी हैरान हैं। इस घटना पर लोग तरह-तरह के रिएक्शन दे रहे हैं। चोरों से बचाने का ऐसा जुगाड़, SUV को ही दूसरी मंजिल पर चढ़ा दियाबिहार के गोपालगंज में कार की सुरक्षा के लिए परिवार ने क्रेन बुलाकर SUV को घर की दूसरी मंजिल पर पहुंचवा दिया। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।#Gopalganj #Bihar #SUV #ViralVideo #CarSecurity pic.twitter.com/HLwDfyyovd— PRIYA RANA (@priyarana3101) September 7, 2026 परिवार को थी गाड़ी की टेंशनबताया जा रहा है कि ये SUV मनोज यादव की है, जिन्होंने इसे कुछ समय पहले ही खरीदा था। मनोज काम के सिलसिले में इजराइल में रहते हैं और उनकी गैरमौजूदगी में कार की देखभाल एक ड्राइवर कर रहा था। बाद में ड्राइवर के वहां से चले जाने के बाद परिवार को गाड़ी की सुरक्षा की चिंता होने लगी। इसके बाद कार को चोरी से सुरक्षित रखने के लिए परिवार ने उसे घर की छत पर रखने का फैसला किया और क्रेन की मदद से SUV को ऊपर पहुंचाया गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है।बताया जा रहा है कि छत पर खड़ी स्कॉर्पियो को देखने के लिए आसपास के लोग भी पहुंच रहे हैं। घर की छत पर इतनी भारी SUV रखने से छत की मजबूती और सुरक्षा को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)
वैशाली में बाढ़ पीड़ित महिलाओं ने कहा- बिहार सरकार से मिल रही मदद
वैशाली, 7 सितंबर . बिहार के Chief Minister सम्राट कुमार ने Monday को वैशाली और सारण जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में Government की ओर से किए गए राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया गया. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर उन्होंने राहत शिविरों का निरीक्षण किया और प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं ... Read more
पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में बाढ़ का कहर: उत्तराखंड की चोटियां सफेद हुईं, वीडियो में जाने बिहार के 12 जिलों में 22 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
दिल्ली हादसे के बाद बिहार में 400 PG बिना रजिस्ट्रेशन के मिले
दिल्ली में हॉस्टल की इमारत गिरने के बाद बिहार में भी PG और हॉस्टलों की निगरानी तेज कर दी गई है. एडीजी केएस अनुपम के मुताबिक, पूरे बिहार में 400 ऐसे PG और हॉस्टल चिन्हित किए गए हैं, जो बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे हैं. सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर रजिस्ट्रेशन कराने और कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.
Chhath Puja Bihar Train Ticket: छठ महापर्व और दिवाली के लिए बिहार जाने वाले यात्रियों को ट्रेन टिकट बुकिंग की तारीखें अभी से नोट कर लेनी चाहिए। 7 नवंबर की यात्रा के लिए 8 सितंबर और 8 नवंबर की यात्रा के लिए 9 सितंबर से बुकिंग शुरू होगी, ताकि कन्फर्म टिकट मिल सके।
Bihar: बाढ़ से 27 लाख प्रभावित, राहत शिविरों में पहुंचे सीएम सम्राट चौधरी, पीड़ितों संग खाया खाना
बिहार में नदियों का पानी ओवरफ़्लो होने से 13 ज़िलों में बाढ़ आ गई है, जिससे लगभग 27 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने वैशाली और भागलपुर में बाढ़ पीड़ितों के लिए चल रही कम्युनिटी किचन्स का निरीक्षण भी किया। अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ प्रभावित अलग-अलग ज़िलों में 190 कम्युनिटी किचन्स चलाई जा रही हैं, जबकि राहत और बचाव कार्यों के लिए 1,429 नावें लगाई गई हैं। इसे भी पढ़ें: Delhi IMD Weather Alert | देशभर में बदला मौसम का मिजाज! IMD ने दिल्ली, UP, बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उनके डिप्टी विजय कुमार चौधरी ने वैशाली और भागलपुर में कम्युनिटी किचन्स का निरीक्षण किया और स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लगातार नदी के तटबंधों की निगरानी करें और संवेदनशील इलाकों पर कड़ी नज़र रखें। उन्होंने सारण में भी कम्युनिटी किचन्स का निरीक्षण किया और लोगों को अपने हाथों से भोजन परोसा। इस दौरान सीएम ने बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ खुद भी भोजन किया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि हर समस्या, हर कदम पर जनता के साथ हूँ! उन्होंने कहा कि वैशाली एवं सारण के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हाजीपुर एवं सोनपुर के राहत शिविरों का निरीक्षण किया। राहत शिविर में लोगों से संवाद कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया, स्वयं भोजन परोसा और उनके साथ भोजन भी किया। आपदा पीड़ितों को सहायता राशि भी दी गई एवं प्रभावित किसानों को फसल क्षति का समुचित मुआवजा दिया जाएगा। आमजन की सुरक्षा और राहत कार्यों में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: Patna के Gandhi Ghat पर गंगा का जलस्तर HFL पार, 11 जिलों में 19 लाख लोग प्रभावित पटना में गांधी घाट और हाथीदह पर गंगा नदी के जलस्तर के बाढ़ के उच्चतम स्तर तक पहुँचने के बाद अधिकारियों ने नदी के निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण नदियाँ उफान पर हैं और बिहार के 13 ज़िलों में बाढ़ आ गई है, जिससे 27 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। सितंबर में अब तक राज्य में 69.1 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 55 प्रतिशत ज़्यादा है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Kal Ka Mausam: बिहार के 4 जिलों में 8 अगस्त को होगी मूसलाधार बारिश, IMD ने जारी की चेतावनी
Bihar Kal Ka Mausam: मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, उत्तर प्रदेश में बने कम दबाव के कारण बिहार में मॉनसून सक्रिय है।
दिल्ली में गैस सिलेंडर विस्फोट में 3 सितंबर को जीजा-साले की मौत हुई थी। इलाज के दौरान 6 सितंबर को उनकी मौत हो गई थी। मृतकों में साला पंकज कुमार (32) और उनके जीजा राजेंद्र राम (38) हैं। पंकज की डेड बॉडी 7 सितंबर को एंबुलेंस से इमामगंज के अलीगनर गांव लाई गईं, जबकि जीजा राजेंद्र राम की लाश को उनके घर पलामू ले जाया गया है। दोनों दिल्ली एयरपोर्ट पर स्वीपर का काम करते थे। पंकज के पिता परमेश्वर दास कहते हैं बिहार में अगर जॉब होता तो बेटा रोजगार के लिए बाहर नहीं जाता और न उसकी मौत होती। कमरे में गैस रिसाव के बाद हुआ था विस्फोट परिजनों के अनुसार, 3 सितंबर को पंकज कुमार और उनके जीजा राजेंद्र राम दिल्ली में ड्यूटी से लौटे थे। दोनों कमरे पर पहुंचे। खाना बनाया। खाना खाने के बाद दोनों सो गए।कमरे में गैस का रिसाव हुआ। इसके बाद आग लग गई। गैस सिलेंडर में विस्फोट हो गया। कमरे में सो रहे दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। किसी तरह दोनों को बाहर निकाला गया। इसके बाद इलाज के लिए दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया। दोनों की हालत गंभीर बनी हुई थी, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। रोजगार की तलाश में गया था, बेटा अभ कभी नहीं लौटेगा- पिता पंकज कुमार की मौत से उनके पिता परमेश्वर दास पूरी तरह टूट चुके हैं। उन्होंने कहा कि बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा। परिवार के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार को गांव और आसपास रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने चाहिए। स्थानीय स्तर पर काम मिलेगा तो गरीब परिवारों के युवाओं को रोजगार के लिए दिल्ली और दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा। रोजगार की तलाश में बेटा घर से निकला था। जो अब कभी वापस नहीं आएगा। पंकज की मां लकवाग्रस्तपंकज कुमार की मां पहले से ही गंभीर परेशानी से जूझ रही हैं। उन्हें लकवा मार चुका है। वह बोल भी नहीं पाती हैं। ऐसे में जवान बेटे की मौत ने परिवार का दर्द और बढ़ा दिया है। जिस घर में बेटे के लौटने का इंतजार रहता था, वहां अब उसकी अर्थी पहुंची है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। राजेंद्र तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थेदूसरी तरफ जीजा राजेंद्र राम पलामू के रहने वाले थे। पिता जगलाल दास हैं। वह तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। दिल्ली में रहकर काम करते थे। हादसे में उनकी मौत की खबर मिलते ही पलामू स्थित उनके घर में भी मातम छा गया। जीजा-साले की एक साथ मौत ने दोनों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव के लोगों का कहना है कि दोनों रोजी-रोटी के लिए घर से दूर दिल्ली गए थे। किसी ने नहीं सोचा था कि वहां से दोनों के शव वापस आएंगे।
Neha Jha Samastipur: शराब तस्करी के आरोप में First AC कोच से पकड़ी गई, तेवर देख Bihar Police भी दंग
Neha Jha Samastipur: शराब तस्करी के आरोप में First AC कोच से पकड़ी गई, तेवर देख Bihar Police भी दंग फर्स्ट AC कोच... लग्जरी सूटकेस... सामने बैठी एक बेहद कॉन्फिडेंट युवती... और बैग के अंदर छिपी शराब की ऐसी खेप, जिसने रेलवे स्टेशन पर मौजूद अधिकारियों को भी चौंका दिया... बिहार में शराबबंदी लागू है…
रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ, पश्चिम रेलवे की शारीरिक दक्षता परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी बनकर दौड़ लगाने पहुंचे बिहार निवासी युवक को रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ के कर्मचारियों ने पकड़कर जीआरपी चौकी रेलवे कॉलोनी के सुपुर्द किया।
Bihar MLC Election: Anant Singh अब Neeraj Kumar की MLC सीट पर Prashant Kishor के साथ | Anuj Singh
Bihar MLC Election 2026 को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर जल्द चुनाव होने वाला है और इसी बीच मोकामा के JDU विधायक Anant Singh के एक बयान ने Patna Graduate Seat पर सियासी पारा चढ़ा दिया है।
चिराग पासवान की पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता ने दिया इस्तीफा, निशांत को बिहार के मीडिया प्रभारी का पद
मनीष सिंह ने लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रदेश प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने विधिक कार्यों में व्यस्तता को इसका कारण बताया है। इधर निशांत मिश्रा को नया प्रदेश मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया है।
पूनम सिन्हा की दोबारा नियुक्ति पर बिहार कैबिनेट में घमासान, डिप्टी सीएम और कृषि मंत्री आमने-सामने
पटना, 07 सितंबर2026 । बिहार में रिटायर अधिकारी पूनम सिन्हा की संविदा पर दोबारा नियुक्ति का मामला राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है। कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को लेकर कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सवाल उठाए और इसका विरोध किया। मामला इतना गरमा गया कि डिप्टी सीएम बिजेंद्र यादव और कृषि मंत्री […] The post पूनम सिन्हा की दोबारा नियुक्ति पर बिहार कैबिनेट में घमासान, डिप्टी सीएम और कृषि मंत्री आमने-सामने appeared first on Rashtriya Ujala .
Bihar Teachers Demand 7th Pay Commission बिहार के 5.5 लाख राज्यकर्मी शिक्षक अब 7वें वेतनमान की मांग कर रहे हैं, जिससे उनकी मासिक आय में ₹15 हजार तक की वृद्धि हो सकती है।
कोडरमा जिले में रांची-पटना मुख्य मार्ग पर सोमवार दोपहर एक ट्रक पलट गया। यह दुर्घटना एनएच 20 पर कोडरमा घाटी के जमसोती नाला के पास हुई। ट्रक में लदा मुर्गी का दाना सड़क पर बिखर गया। इस घटना में ट्रक चालक बाल-बाल बच गया। ट्रक चालक मोमिनुल इस्लाम ने बताया कि वह असम से मुर्गी का दाना लेकर बिहार जा रहा था। कोडरमा घाटी में जमसोती नाला के पास एक तीखे मोड़ पर सामने से आ रहे ट्रक ने उसे चकमा दे दिया। सामने से आ रहे ट्रक से बचने के लिए उसने अपना ट्रक सड़क किनारे उतारा। वहां दलदल होने के कारण ट्रक का चक्का फंस गया और ट्रक सड़क पर ही पलट गया। मोमिनुल इस्लाम ने सूझबूझ दिखाते हुए ट्रक से कूदकर अपनी जान बचाई। ट्रक पलटने से उसमें लदा सारा मुर्गी का दाना सड़क पर फैल गया। इस दुर्घटना के कारण मुख्य मार्ग पर यातायात रुक गया और लंबा जाम लग गया। घटना की सूचना मिलते ही कोडरमा थाने की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची। पुलिस सड़क पर फैले मलबे को हटाने में जुट गई है। पुलिस ने थाने में क्रेन भेजने की सूचना दी है, ताकि ट्रक को सड़क से हटाया जा सके और यातायात सामान्य हो। घाटी में जाम होने के कारण क्रेन को घटनास्थल तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। जाम में फंसे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कैमूर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने मवेशी तस्करी के खिलाफ कार्रवाई की है। मोहनिया टोल प्लाजा के पास एक संदिग्ध कंटेनर से 29 मवेशी बरामद किए गए। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। पुलिस ने मौके से तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के मुसाबुल (पिता: महबूब), मो. वारिस (पिता: मो. दुल्हा) और मुस्तबीन (पिता: मो. शकील) के रूप में हुई है। मोहनिया थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी। इसमें बताया गया था कि एक कंटेनर में अवैध रूप से मवेशियों को ले जाया जा रहा है। मवेशियों को UP के उन्नाव ले जा रहे थे सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने टोल प्लाजा के पास वाहन जांच अभियान चलाया। इसी दौरान संदिग्ध कंटेनर को रोककर तलाशी ली गई और मवेशी बरामद हुए। शुरुआती पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि मवेशियों को बिहार के बारुण से उत्तर प्रदेश के उन्नाव ले जाया जा रहा था। तस्करों ने कंटेनर में एक और सहयोगी के छिपा होने की बात भी बताई है, जिसकी तलाश जारी है। बरामद सभी मवेशियों को नुआंव मेला भेज दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
Bihar Ganga River Embankment Four Lane Road:बिहार सरकार गंगा नदी के दोनों किनारों पर विशाल तटबंध और फोरलेन सड़क बनाने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है। यह परियोजना बाढ़ और कटाव से मुक्ति दिलाने के साथ-साथ औद्योगिक गलियारे विकसित कर रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी।
देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 7 सितंबर को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और पहाड़ी राज्यों समेत देश के बड़े हिस्से में बारिश, आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने बारिश के दौरान मैदानी इलाकों में जलभराव और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (landslides) और अचानक बाढ़ (flash floods) की आशंका जताई है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से मैदानी इलाकों में भी समस्याएँ हो सकती हैं। दिल्ली के मौसम का हाल: बारिश और तेज़ हवाओं की संभावना 7 सितंबर को दिल्ली में मौसम सुहावना और थोड़ा परेशानी भरा भी हो सकता है। राजधानी के कई हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ़्तार 50 किमी/घंटा तक पहुँच सकती है, जिससे कुछ इलाकों में ट्रैफ़िक और बाहरी गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu Assembly में भारी हंगामा! कानून-व्यवस्था पर विपक्ष के तेवरों के बीच बोले CM विजय- 'पुलिस को पावर सेंटर नहीं, रक्षक बनना चाहिए' UP और बिहार में बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट उत्तर प्रदेश में अगले दो दिनों तक मौसम का असर बने रहने की उम्मीद है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 7 सितंबर को बारिश हो सकती है, जबकि राज्य के पूर्वी हिस्सों में 7 और 8 सितंबर को बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में आंधी-तूफान, तेज़ हवाएँ और बिजली गिरने की भी आशंका है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे आंधी-तूफान के दौरान सावधानी बरतें और अकेले खड़े पेड़ों के नीचे शरण लेने या खुली जगहों पर रहने से बचें। बिहार में भी 7 सितंबर को कई जगहों पर बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे बिजली कड़कने और तेज़ हवाओं के दौरान घर के अंदर ही रहें। पहाड़ी राज्यों में बारिश से मुश्किलें बढ़ सकती हैं उत्तराखंड में 7 सितंबर को बारिश होने की संभावना है, साथ ही 10 से 12 सितंबर के बीच बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का एक और दौर हो सकता है। पहाड़ी राज्य में भारी बारिश से भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है और पहाड़ी सड़कों पर ट्रैफ़िक बाधित हो सकता है। संवेदनशील इलाकों में अचानक बाढ़ (flash floods) का भी खतरा है। हिमाचल प्रदेश में भी 7 सितंबर को बारिश होने की उम्मीद है। मध्य भारत में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा मध्य प्रदेश पर सक्रिय मौसम प्रणाली का असर बने रहने की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 7 सितंबर को बारिश हो सकती है, जबकि राज्य के पूर्वी हिस्सों में 7 और 8 सितंबर के साथ-साथ 11 और 12 सितंबर को भी बारिश होने की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 8 से 12 सितंबर के बीच कई इलाकों में आंधी-तूफान और बिजली कड़कने के साथ बारिश हो सकती है। इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: Secret Airbase बनाने में तेजी से जुटा है China, सैटेलाइट तस्वीरों ने Lop Nur में बन रहे खतरनाक मिलिट्री टेस्ट बेस का किया खुलासा गुजरात से गोवा तक बारिश की संभावना पश्चिमी भारत के कई हिस्सों में भी बारिश होने की उम्मीद है। कोंकण और गोवा में 7 से 12 सितंबर के बीच कई जगहों पर बारिश हो सकती है। इसी दौरान गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी अलग-अलग जगहों पर बारिश होने की संभावना है। पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा पर IMD की नज़र मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में उत्तरी ओडिशा और झारखंड होते हुए पश्चिम बंगाल की ओर कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इस सिस्टम से पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश बढ़ सकती है। पश्चिम बंगाल में 7 से 10 सितंबर के बीच बारिश होने की संभावना है। झारखंड में 8 से 11 सितंबर तक बारिश हो सकती है, जबकि ओडिशा में 10 से 12 सितंबर के बीच बारिश की उम्मीद है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी 7 से 12 सितंबर के बीच बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में 7 और 8 सितंबर के साथ-साथ 11 और 12 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत में बारिश जारी रहेगी पूर्वोत्तर में भी बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है। अरुणाचल प्रदेश में 7 से 12 सितंबर के बीच कई जगहों पर बारिश हो सकती है। इस दौरान नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी व्यापक बारिश होने की संभावना है। असम और मेघालय में 9 और 10 सितंबर को कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। दक्षिणी राज्यों में मानसून सक्रिय रहेगा 7 से 12 सितंबर के बीच कई दक्षिणी राज्य भी बारिश से प्रभावित हो सकते हैं। इस दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के अलग-अलग इलाकों में बारिश होने की उम्मीद है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 7 से 10 सितंबर के बीच आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है। वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11 और 12 सितंबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।
गोवा के वास्को द गामा स्थित रवींद्र भवन में ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ की ओर से ‘विकसित बिहार-विकसित भारत 2047’ विषय पर बिहार विकास सम्मेलन 2026 का आयोजन किया गया।
Bihar Flood: भागलपुर-सुल्तानगंज फोरलेन पर गंगा नदी, हर घंटे बढ़ रहा पानी; शुरू हो गया पलायन
Bihar Flood: भागलपुर के मोहिउद्दीननगर प्रखंड में गंगा और वाया नदी के जलस्तर में वृद्धि से बाढ़ की स्थिति विकराल हो गई है। प्रखंड की 11 पंचायतें जलमग्न हैं और करीब 25 हजार आबादी छतों, ऊंचे स्थानों और सड़कों पर तिरपाल लगाकर रहने को मजबूर है।
पानी में कॉलोनियां, नावों के सहारे जिंदगी... बाढ़ से जूझ रहे बिहार की डरावनी तस्वीरें
बिहार के कई जिलों में बारिश आफत बनकर बरसी है. मूसलाधार बारिश के बाद गंगा नदी उफान पर है और कई जिलों में बाढ़ आ गई है. पटना, वैशाली से लेकर भागलपुर तक से सामने आ रही तस्वीरें वहां के लोगों की बेबसी बयां कर रही हैं.

