बिहार सरकार का 2026-27 का बजट 3 फरवरी को आने की उम्मीद है। करीब 4 लाख करोड़ रुपए का यह बजट आकार में अब तक का सबसे बड़ा हो सकता है। पिछले बजट से 83 हजार करोड़ रुपए अधिक संभव है। प्रचंड बहुमत से सरकार में लौटे नीतीश कुमार ने अपने पहले पहले बजट में युवाओं और महिलाओं पर खास फोकस किया है। इसमें 2 लाख सरकारी नौकरी और आठवें पे कमीशन का ऐलान हो सकता है। महिलाओं को 2-2 लाख रुपए देने का इंतजाम होगा। भास्कर एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में जानिए, इस बजट की 5 खास बातें 1- युवाओं के लिए खास नौकरी/रोजगार: बिहार सरकार इन्फ्रास्ट्रक्चर से ज्यादा नौकरी और रोजगार पर पैसा खर्च करेगी। सरकार का लक्ष्य अगले 5 साल में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी/रोजगार देना है। बजट में इसका असर दिखेगा। नए साल में 2.64 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिल सकती है। सबसे अधिक भर्ती शिक्षा, गृह और स्वास्थ्य विभाग में होगी। 1,42,041 पदों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शिक्षा विभाग में 46,000 पदों पर बहाली होगी। 36 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की भर्ती होगी। शिक्षा: सरकार स्कूली शिक्षा और साक्षरता के लिए खर्च बढ़ाने जा रही है। इस मद में रिकॉर्ड आवंटन हो सकता है। तकनीकी शिक्षा आदि पर जोर रहेगा। क्लास 6 से कंप्यूटर की पढ़ाई अनिवार्य करने की तैयारी है। इसके लिए पैसे का इंतजाम किया जाएगा। पिछले बजट में भी शिक्षा विभाग को बजट का सबसे बड़ा हिस्सा (19.24%) मिला था। बच्चों को पढ़ाने के लिए 60,946 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई थी। 2- सरकारी कर्मचारियों के लिए खास बजट में सरकारी कर्मियों के लिए 8 वें वेतन आयोग की अनुशंसाओं को लागू करने की गुड न्यूज मिल सकती है। बिहार में सातवें वेतन आयोग की अनुशंसाएं 1 अप्रैल 2017 को प्रभावी हुई थीं। केंद्रीय कर्मियों के लिए 1 जनवरी 2026 से आठवें वेतन आयोग की अनुशंसाएं प्रभावी हो गई हैं। 3- महिलाओं के लिए खास जीविका दीदियों को 2-2 लाख: चुनाव से पहले बिहार सरकार मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना लेकर आई। करीब डेढ़ करोड़ जीविका दीदियों को 10-10 हजार रुपए दिए गए। अब कारोबार शुरू करने वाली महिलाओं को 2-2 लाख रुपए देने हैं। बजट में इसके लिए फंड की व्यवस्था होगी। बिहार की सभी जीविका दीदियों को 2-2 लाख रुपए देना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। इसके लिए 2.8 लाख करोड़ रुपए से अधिक जुटाने होंगे। इसे देखते हुए कारोबार शुरू करने की शर्त रखी गई है। पिंक बस सेवाओं का विस्तार: यात्रा करने में महिलाओं को सुविधा हो इसके लिए सरकार पिंक बस सेवाओं का विस्तार करने जा रही है। इस बस में सिर्फ महिलाएं यात्रा करती हैं। अभी पटना समेत 5 जिलों में पिंक बस चल रहे हैं। इसे सभी जिलों तक ले जाने की योजना है। ये बसें महिलाएं चलाएंगी। 4- बुजुर्गों के लिए क्या चुनाव से पहले सरकार ने विधवा पेंशन और वृद्धा पेंशन की राशि 400 रुपए से बढ़ाकर 1100 रुपए प्रति माह की थी। बजट में इसके लिए फंड की व्यवस्था होगी। बुजुर्गों को घर पर ही इलाज मिल सके, इसके लिए भी व्यवस्था किए जाने की उम्मीद है। 5- इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए क्या सड़क पुल-पुलिया का निर्माण: सरकार ने किसी भी जिले से पटना आने में लगने वाले समय को 4 घंटे करने का लक्ष्य रखा है। इसे 2027 तक पूरा करना है। इसके लिए सड़क, पुल और पुलिया जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश बढ़ाया जाएगा। बड़े शहरों में रिंग रोड, बाइपास, फ्लाईओवर आदि पर खर्च बढ़ेंगे। बिहार सरकार 5 नए एक्सप्रेस वे बनाने पर काम कर रही है। इसे मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे मॉडल पर तैयार किया जाएगा। इन सड़कों का निर्माण पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप से होगा। रोड बनाने वाली कंपनी टोल वसूलकर लागत निकालेगी। इसके बाद सड़क सरकार को देगी। बिहार में अभी केंद्र सरकार के स्तर पर चार एक्सप्रेस-वे का निर्माण चल रहा है। ये हैं पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस वे, गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे, रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस और वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेस। एयरपोर्ट: मुंगेर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, सहरसा, बीरपुर (सुपौल) और वाल्मीकि नगर में एयरपोर्ट बनाए जाने हैं। गया एयरपोर्ट का विस्तार होगा। बिहार में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने सिविल एविएशन डिपार्टमेंट बनाया है। लग सकते हैं ये दो बड़े झटके 1- जमीन खरीदना होगा महंगा बिहार सरकार जमीन का सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसे 3-4 गुना तक बढ़ाया जा सकता है। इससे जमीन खरीदने की लागत बढ़ेगी। शुल्क के रूप में सरकार को ज्यादा आमदनी होगी। सरकार ग्रामीण इलाकों में 12 साल तो शहरी इलाकों में 9 साल बाद सर्किल रेट बढ़ाने वाली है। 2- बढ़ सकती है बिजली की दरें बिजली की दरें 35 पैसा प्रति यूनिट बढ़ाई जा सकती है। अभी इसके लिए बिजली कंपनियों ने प्रस्ताव दिया है। विद्युत विनियामक आयोग द्वारा इसपर जनसुनवाई की जाएगी। इसके बाद फैसला होगा। क्या है नीतीश सरकार के बजट का आकार? बिहार सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 3.16 लाख करोड़ रुपए का मूल बजट पेश किया था। इसके बाद 57,946 करोड़ रुपए का पहला और 91,717.11 करोड़ रुपए का दूसरा सप्लीमेंट्री बजट पेश किया। तीनों को जोड़ दें तो कुल आंकड़ा 4.66 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच जाता है। साल दर साल बजट आकार में 2016-2025 तक हुई वृद्धि को देखें तो यह औसतन करीब 10 फीसदी रहा है। 2016 में सबसे अधिक 19% वृद्धि हुई थी। सबसे कम 3 फीसदी वृद्धि 2021-22 में हुई थी। वित्त वर्ष 2026-27 में नया रिकॉर्ड बनने की संभावना है। ऑनलाइन बन रहा बजट 2026-27 बिहार सरकार हाइटेक हो गई है। 2026-27 का बजट ऑनलाइन बनाया जा रहा है। इसके लिए वित्त विभाग ने सभी विभाग के अधिकारियों को चार दिन की ट्रेनिंग दी थी।
बिहार में 40 साल बाद भीषण ठंड पड़ रही है। पछुआ हवा के चलते रात में हड्डी भेद देने और खून जमा देने वाली ठंड महसूस हो रही है। हजारों लोग ऐसे में भी खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर हैं। ओढ़ने को कंबल नहीं, जलाने को लकड़ी नहीं। कोई चट्टी का बोरा ओढ़े हुए है तो कोई प्लास्टिक। इसके नीचे फटे-पुराने चद्दरों से किसी तरह जान बचाने की कोशिश। घुटने छाती से लगाकर सोते हैं ताकि गर्मी बनी रहे, लेकिन रात कांपते हुए कटती है। आधी रात में तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। लोगों ने कहा कि ऐसी सर्दी कभी नहीं देखी। दैनिक भास्कर की टीम ने बिहार के सबसे ठंडे 5 शहरों में देर रात से सुबह तक सड़कों पर घूमकर देखा कि लोग किस तरह सर्दी की रात काट रहे हैं। पढ़िए रिपोर्ट… गयाजी: ओढ़ने को कंबल नहीं, कांपते हुए कटती है रात रात 10.00 बजे, गांधी मैदान, गया रविवार रात हमने गया शहर के प्रमुख इलाकों में घूमकर बेघर लोगों की स्थिति देखी। सबसे पहले हम डीएम ऑफिस पहुंचे। परिसर के बाहर रैन बसेरा का बोर्ड लगा दिखा। पास गए तो देखा कि रैन बसेरा के गेट पर ताला लगा है। आसपास के लोगों से पूछा तो पता चला कि यहां अब रैन बसेरा नहीं है। रैन बसेरा का ऑफिस है। दिन में खुलता है। इसके बाद रात करीब 10 बजे हम गांधी मैदान पहुंचे। यहां 4 रैन बसेरा हैं। देखा कि रैन बसेरा संख्या 2 में 12 बेड लगे हैं। बेड पर एक आदमी सत्येंद्र यादव लेटे हैं। रैन बसेरा की देखरेख करने वाले छोटू ने बताया, ‘आज 7 लोगों ने बुक कराया है। 6 लोग बाहर आग ताप रहे हैं। यहां कंबल की कमी है। एक आदमी को 1 कंबल दे पाता हूं।’ सत्येंद्र यादव ने बताया, ‘शेरघाटी का रहने वाला हूं। यहां गाड़ी चलाता हूं। 1 कंबल से ठंड नहीं जाती। रात को काफी ठंड लगती है। 40 साल में ऐसी सर्दी कभी नहीं देखी।’ इसके बाद हम रैन बसेरा संख्या 3 पहुंचे। देखा कि सभी बेड फुल हैं। देखरेख करने वाले प्रकाश ने कहा, ‘एक आदमी को दो कंबल देने का आदेश है। हमारे पास पर्याप्त कंबल हैं। सभी को 2-2 कंबल दिए हैं।’ कंबल लपेट कर रात गुजारने को मजबूर थे लोग इसके बाद हम गयाजी रेलवे स्टेशन पहुंचे। देखा कि टिकट काउंटर के बाहर खुले आसमान के नीचे एक महिला और एक पुरुष सोए हैं। एक ने कंबल ओढ़ा था, दूसरे ने बोरा। गद्दर नाम के युवक ने कहा, ‘समस्तीपुर से आया हूं। काम करने मानिकपुर जाना है।’ स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर हमें 3 लड़के कंबल में लिपटे मिले। केबिन नाम के लड़के ने बताया, ‘खुले में सोना हमारी मजबूरी है। घर नहीं है। पिता नहीं हैं। मां दिमाग से हल्की हैं। ठंड लगती है, लेकिन क्या करें।’ कैमरा बंद होते ही उसने कहा, ‘साहब कंबल है क्या? एक कंबल दिला दीजिए। बहुत ठंड लगती है।’ इसके बाद हमारी नजर स्टेशन पर एक पेड़ के नीचे बैठे बुजुर्ग पर पड़ी। वे ठंड से कांप रहे थे। हमने पूछा कि यहां सोते हैं क्या बाबा? इस पर वह कुछ नहीं बोले। पास मौजूद दुकानदार ने बताया, ‘ये भीख मांगते हैं। रात में यहीं सोते हैं।’ इसके बाद हम बाटा मोड़ चौराहा पहुंचे। यहां एक मंदिर की ओट में अलाव के पास कुछ लोग सोए मिले। इसके बाद हम रेलवे स्टेशन के दूसरे गेट के पास पहुंचे। यहां दुकान के बाहर कुछ लोग सोए मिले। रिक्शा चालक राजेंद्र चौधरी ने कहा, ‘कोंच का रहने वाला हूं। रिक्शा चलाता हूं। रात में दुकान के बाहर सोता हूं। कमाई इतनी नहीं कि किराया का कमरा ले सकूं। कंबल नहीं, बोरा ओढ़कर किसी तरह गुजारा करता हूं। कांपते हुए रात कटती है।’ यहां, शेरघाटी के श्याम मांझी एक पतला सा कंबल ओढ़े कांपते मिले। बोले, ‘ठंड लगती है, लेकिन क्या करें। हमारी मजबूरी है। बर्दाश्त नहीं होता तो उठ कर बैठ जाते हैं। थोड़ी देर चलते है ताकि शरीर में गर्मी आए फिर सोते हैं।’ समस्तीपुर: बोरी ओढ़कर रात काटते हैं रात 9 बजे, बहादुरपुर झुग्गी बस्ती समस्तीपुर में लोग किस तरह ठंड में जी रहे हैं। यह जानने के लिए रात में हम झुग्गी बस्ती, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अस्पताल गए। रात 9 बजे बहादुरपुर में एक झुग्गी के बाहर खुले आसमान के नीचे राहुल कुमार बैठे मिले। पास में उनकी पत्नी राघनी देवी मिट्टी के चूल्हे पर खाना पका रही थीं। दोनों के 5 बच्चे जाग रहे थे। राहुल ने कहा, ‘बैलून बेचता हूं। हमारे पास ओढ़ने के लिए कंबल नहीं है। चट्टी के बोरे ओढ़कर किसी तरह रात काटता हूं। पत्नी जलावन चुनती है तो खाना बनता है। नेता वोट मांगने आते हैं, लेकिन ठंड में देखने नहीं आते। इस झुग्गी में करीब हजार लोग हैं। सबकी कमोबेश यही स्थिति है।’ रात के 11 बजे हम कर्पूरी बस स्टैंड में बनाए गए आश्रय स्थल पहुंचे। देखा कि 30 चौकी पर बिछावन की व्यवस्था की गई है। चार लोग बेड पर लेटकर मोबाइल देख रहे थे। पूछने पर बताया कि सभी बस ड्राइवर हैं। आश्रय स्थल के केयर टेकर मिथिलेश कुमार ने कहा, ‘यहां सभी बेड पर कंबल और मच्छरदानी की व्यवस्था की गई है। नगर निगम की ओर से रोज 5 लोगों को मुफ्त में खाना की व्यवस्था होती है। इसके बाद कोई आता है तो उसे खाने की व्यवस्था खुद करनी होती है। आज रजिस्टर में 15 लोगों ने बुक कराया है। लोग सामान रख कर कहीं गए हैं। अंदर अलाव की भी व्यवस्था की गई है।’ रात करीब 12 बजे हम समस्तीपुर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंचे। एक कंबल में अपनी पत्नी और छोटी बच्ची के साथ सो रहे युवक ने बताया, ‘मेरा नाम उदय महतो है। नेपाल घर है। गुवाहाटी जाना है। सुबह में ट्रेन है। वेटिंग रूम में कमरे का प्रयास किया, लेकिन नहीं मिला।’ रात करीब 3 बजे हम समस्तीपुर सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। अभिषेक कुमार ने बताया, ‘अपनी मां का इलाज कराने आया हूं। अस्पताल के कर्मी ने बेड पर बिछाने के लिए एक चादर दिया है। कंबल नहीं मिला। ठंड से बचने के लिए घर से कंबल मंगाए हैं। वार्ड में हीटर नहीं है। ठंड से लोग कंपकंपा रहे हैं।’ सुबह 5 बजे हम माल गोदाम चौक पहुंचे। यहां बंजारा लोग स्क्रेप डिपो के गेट के बाहर खुले आसमान के नीचे सोते दिखे। कुछ ने ओस से बचने के लिए मच्छरदानी के ऊपर कंबल लगा रखा था। मुजफ्फरपुर: बच्चे कांप रहे हैं, ठंड से बचने का इंतजाम नहीं रात 10 बजे बैरिया बस स्टैंड मुजफ्फरपुर में कड़ाके की ठंड में लोग कैसे जी रहे हैं। यह देखने के लिए रात के 10 बजे से सुबह के 3 बजे तक हम बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अस्पतालों में गए। जमीनी हकीकत देखी। रात करीब 10 बजे हम मुजफ्फरपुर के बैरिया बस स्टैंड पहुंचे। कुछ लोग खुले आसमान के नीचे बस का इंतजार करते दिखे। मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी योजना के तहत आधुनिक बस स्टैंड का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके चलते पुराने मुसाफिरखाने को तोड़ दिया गया है। बस स्टैंड पर यात्री सुविधाएं लगभग खत्म हो गई हैं। न बैठने की व्यवस्था है, न ठंड से बचाव के लिए अलाव और न रात्रि विश्राम की जगह। सुपौल जाने के लिए दो घंटे से बस का इंतजार कर रहे अमरनाथ तिवारी ने बताया, ‘गोपालगंज से आया हूं। ठंड बहुत है, लेकिन यहां कोई व्यवस्था नहीं है। कम से कम अलाव तो होना चाहिए।’ पंजाब से जोगबनी (नेपाल बॉर्डर) जा रहीं प्रिया कुमारी ने बताया, ‘ट्रेन लेट होने के कारण बस से जाना पड़ रहा है। यहां न बैठने की व्यवस्था है न सुरक्षा।’ दिल्ली से आई शीला आचार्य ने कहा, ‘रास्ते में मेरे साथ ठगी हुई। अब दो घंटे से बस स्टैंड पर खड़ी हूं।’ जोगबनी जाने के लिए बस का इंतजार कर रही कमल काकी ने कहा, ‘ठंड में बाहर खड़े रहना मजबूरी है।’ किशनगंज में स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाली मुजफ्फरपुर के कमलपूरा गांव की अंजू देवी ने कहा, ‘रात में सफर करना महिलाओं के लिए बेहद मुश्किल हो गया है।’ बस स्टैंड पर हमें पत्नी और दो बच्चों के साथ यात्रा कर राजा मिले। दिल्ली से आए हैं, अररिया जाना है। उन्होंने कहा, ‘बच्चे ठंड से कांप रहे हैं, लेकिन बस स्टैंड पर कोई सुविधा नहीं है। क्या करूं समझ नहीं आ रहा है।’ रात करीब 11:30 बजे हम रेलवे स्टेशन पहुंचे। पता चला कि मुसाफिरखाना में जगह नहीं है। यात्री खुले में रात बिताने को मजबूर हैं। हमें कुछ यात्री प्लेटफॉर्म और सीढ़ियों पर चादर बिछाकर सोते मिले। कई छोटे बच्चे कांप रहे थे। रात के 1:30 बजे हम सदर अस्पताल पहुंचे। यहां हमें मरीज और परिजनों को ठंड से राहत दिलाने की व्यवस्था नहीं दिखी। हमने बैरिया स्थित आश्रय गृह जाकर देखा। पता चला कि बेड, कंबल और पानी की व्यवस्था है। अलाव की सुविधा नहीं है। दरभंगा: DMCH के इमरजेंसी वार्ड के बाहर अलाव, बस स्टैंड पर व्यवस्था नहीं रात 10 बजे, DMCH गरीब और यात्रा या इलाज के चलते घर से बाहर निकले लोग किस तरह ठंड में रात काट रहे हैं? यह देखने के लिए हम रात 10 बजे से सुबह के 5 बजे तक शहर के कई इलाकों में गए। रात के 10 बजे DMCH पहुंचे। वार्ड के बाहर दर्जनों लोग फर्श पर प्लास्टिक बिछाकर, कंबल ओढ़े नजर आए। इमरजेंसी वार्ड के पास अलाव की व्यवस्था थी। आग सेक रहे लोगों ने बताया कि नगर निगम की ओर से सिर्फ 10kg लकड़ी मिली है। हम रात 11:30 बजे नगर निगम ऑफिस के सामने स्थित रैन बसेरा पहुंचे। देखा कि यहां ताला लगा है। रात के 12 बजे लहेरियासराय के हाजमा चौराहा पहुंचे। देखा कि ऑटो और रिक्शा चालक सवारी का इंतजार कर रहे हैं। कुछ तो ठंड से कांप रहे हैं। चालकों ने बताया कि शाम में अलाव जला था, लेकिन देर रात कोई व्यवस्था नहीं है। दारू भट्टी चौक पर रात 1 बजे दो मजदूर गैस पाइपलाइन का काम करते मिले। उत्तर प्रदेश के रहने वाले इन मजदूरों ने बताया कि दिन में ट्रैफिक के कारण काम संभव नहीं। इसलिए ठंड के बाद भी रात में काम होता है। रात के 2 बजे हम लहेरियासराय बस स्टैंड पहुंचे। देखा कि कुछ लोग फर्श पर कंबल ओढ़कर सो रहे हैं। दरभंगा रेलवे स्टेशन पर सुबह 3 बजे दर्जनों यात्री प्लेटफॉर्म और वेटिंग रूम में प्लास्टिक बिछाकर सोते दिखे। सुबह 4 बजे हम उर्दू बाजार, नीम चौक, सीएम कॉलेज, गुदरी बाजार होते हुए दरभंगा टावर पहुंचे। पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा था। सुबह 5 बजे एनएच-27 के किनारे स्थित दिल्ली मोड़ पर कुछ ऑटो चालक ठंड से कांपते मिले। उन्होंने बताया कि यहां ठंड से बचाव के लिए अलाव की व्यवस्था नहीं है। हमलोग कांपते हुए पूरी रात सवारी का इंतजार करते हैं। भागलपुर: रेलवे स्टेशन पर ठंड से बचाव के इंतजाम नहीं रात 11 बजे, रेलवे स्टेशन भागलपुर के लोग ठंड में किस तरह रात काट रहे हैं। जानने के लिए हम रात के 11 बजे से सुबह तक कई इलाकों में गए। सबसे पहले हम रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां यात्रियों की भीड़ थी। लोग अपनी ट्रेनों का इंतजार कर रहे थे। ठंड से बचाव के इंतजाम नदारद थे। टिकट काउंटर परिसर, प्लेटफॉर्म और वेटिंग एरिया में दर्जनों यात्री फर्श पर चादर या कंबल बिछाकर सोते नजर आए। कई यात्री तो बिना बिस्तर के ही सीधे ठंडे फर्श पर सिकुड़कर रात गुजारने को मजबूर थे। यात्री सुधीर ने बताया, ‘स्टेशन पर पर्याप्त मात्रा में अलाव नहीं जलाए गए हैं। कुछ जगहों पर अलाव जलाया गया था, लेकिन भीड़ के मुकाबले वह नाकाफी साबित हो रहा था।’ स्टेशन के बाहर हमें रिक्शा चालक महेश दास ठिठुरते हुए दिखे। कहा, ‘जो व्यवस्था की गई है, वह ऊंट के मुंह में जीरा जैसी है। ठंड से जूझने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है। कई जगह अलाव तो है, लेकिन लकड़ी इतनी कम कि कुछ घंटों में ही आग बुझ जाती है।’ गयाजी से दीपेश, समस्तीपुर से मोहन, मुजफ्फरपुर से धीरज, दरभंगा से राजन और भागलपुर से अमरजीत की रिपोर्ट।
उत्तर बिहार के जिलों में रात व सुबह में हल्का से मध्यम कुहासा रहेगा
सिटी रिपोर्टर| बेगूसराय लगातार ठंड के तापमान में उतार चढ़ाव के साथ मंगलवार को सुबह से ही धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत मिली। वहीं शाम होते ही पछुआ हवा के कारण व न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस होने के कारण लोगों ठंड का एहसास कुछ ज्यादा मिल रहा था। डा. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा मौसम विभाग के अनुसार उत्तर बिहार के जिलों में आसमान साफ रहने की सम्भावना है। रात्रि एवं सुबह में हल्की से मध्यम कुहासा छा सकता है। दिन में मौसम साफ रहने की संभावना है। पूर्वानुमान की अवधि में दिन तथा रात के तापमान में बढ़ोत्तरी हो सकती है। इस अवधि में अधिकतम तापमान 21 से 22 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। वहीं पूर्वानुमानित अवधि में पछिया हवा चलने का अनुमान है। औसतन 6-8 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। इस बीच सापेक्ष आर्द्रता सुबह में 85 से 95 प्रतिशत तथा दोपहर में 35 से 45 प्रतिशत रहने की संभावना है। वहीं मंगलवार का अधिकतम 22.8 और न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पिछले तीन दिनों का औसत अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान क्रमशः 17.6 एवं 4.7 डिग्री सेल्सियस रहा। औसत सापेक्ष आर्द्रता 99.0 प्रतिशत सुबह में एवं दोपहर में 71.0 प्रतिशत, हवा की औसत गति 11.0 किमी प्रति घंटा रहा। सूर्य प्रकाश अवधि औसतन 3.1 घंटा प्रति दिन रिकार्ड किया गया तथा 5 सेमी की गहराई पर भूमि का औसत तापमान सुबह में 12.0 एवं दोपहर में 18.9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
झारखंड और बिहार के बीच सोन नदी के पानी को लेकर 53 साल पुराना विवाद सुलझ गया है। मंगलवार को बिहार कैबिनेट ने सोन नदी के जल बंटवारे से जुड़े एमओयू प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। समझौते के तहत सोन के कुल जल में से झारखंड को 2 मिलियन एकड़ फीट (एमएएफ) और बिहार को 5.75 एमएएफ पानी मिलेगा। यह सहमति 11 जुलाई 2025 को पूर्व क्षेत्रीय परिषद की बैठक में बनी थी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में सीएम हेमंत सोरेन ने सोन नदी जल बंटवारे का मुद्दा उठाया था। बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी भी बैठक में शामिल थे। इस समझौते से राज्य में सिंचाई व पेयजल की व्यवस्था मजबूत होंगी। सोन नदी मध्य प्रदेश से निकलकर गढ़वा होते हुए बिहार में प्रवेश करती है। कनहर बराज बना विवाद का केंद्र... झारखंड में कनहर बराज का निर्माण प्रस्तावित है। 2017 में झारखंड हाईकोर्ट ने इसके लिए डीपीआर बनाने का निर्देश दिया था। इस बराज में सोन, उत्तर कोयल और काव नदी का पानी एकत्र किया जाएगा। इन तीनों नदियों का बहाव क्षेत्र झारखंड में ज्यादा है। झारखंड सरकार का तर्क था कि जब बहाव क्षेत्र ज्यादा है, तो पानी में हिस्सेदारी भी ज्यादा मिलनी चाहिए। बिहार सरकार पुराने, एकीकृत बिहार के समझौते के आधार पर 7.75 एमएएफ पानी की मांग करती रही। जानिए... 1973 से क्यों उलझा था मामला सोन नदी के पानी का विवाद की शुरुआत 1973 के एक अंतरराज्यीय समझौते से हुई। बाणसागर परियोजना के तहत तब मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच सोन नदी के जल का बंटवारा तय हुआ। बिहार को 7.75 एमएएफ, मध्य प्रदेश को 5.25 एमएएफ और उत्तर प्रदेश को 1.35 एमएएफ पानी देने पर सहमति बनी।वर्ष 2000 में झारखंड के गठन के बाद हालात बदले। झारखंड ने यह कहते हुए जल में हिस्सेदारी मांगी कि सोन नदी का बड़ा हिस्सा उसके भू-भाग से होकर बहता है, इसलिए उसे भी पानी का हक मिलना चाहिए। दूसरी ओर बिहार ने 1973 के समझौते का हवाला देते हुए अपने पुराने अधिकार पर दावा बनाए रखा। इसी टकराव के कारण यह मामला 26 वर्षों तक केंद्र और राज्यों के बीच बैठकों में उलझा रहा। जल बंटवारे से क्या होगा फायदा भास्कर एक्सपर्ट नागेश मिश्रा, सेवानिवृत्त अभियंता प्रमुख, जल संसाधन भीम बराज और कनहर बराज परियोजना में तेजी आएगी अब झारखंड के लिए सबसे बड़ी बात यह है कि उसके हिस्से का पानी तय हो गया है। इसके आधार पर राज्य अपनी भविष्य की सिंचाई और जल आपूर्ति योजनाएं बना सकेगा। सोन नदी पर पहले से भीम बराज और कनहर बराज परियोजना प्रस्तावित है। जल बंटवारे पर सहमति के बाद इन परियोजनाओं में तेजी आएगी। इससे किसानों को सिंचाई का पानी, शहरों और गांवों को पेयजल की सुविधा मिलेगी।
गोरखपुर में मकर संक्रांति के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में लगने वाले खिचड़ी मेला को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और यातायात पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्जन एवं पार्किंग व्यवस्था लागू कर दिया है। यह व्यवस्था 14 जनवरी बुधवार से मेला समाप्ति तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान महानगर क्षेत्र में कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। वहीं नेपाल, बिहार और अन्य जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रूटवार पार्किंग बनाई गई है। जहां श्रद्धालु अपनी गाड़ियां खड़ी कर सकेंगे। इस तरह रहेगा डायवर्जन- तरंग ओवरब्रिज से हुमायूंपुर चौराहा होते हुए गोरखनाथ मंदिर की ओर दो, तीन और चार पहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसी प्रकार रामलीला मैदान से मानसरोवर मंदिर होकर झूलेलाल मंदिर की ओर तथा रामलीला मैदान से पुराना गोरखपुर होते हुए झव्या गली मार्ग से गोरखनाथ मंदिर जाने वाले सभी प्रकार के वाहनों पर रोक रहेगी। दशहरी बाग तिराहा, कौड़ियहवा मोड़ और जाहिदाबाद तिराहा से भी मंदिर की ओर किसी भी प्रकार के वाहन नहीं जा सकेंगे। - जेपी अस्पताल से ओवरब्रिज होकर गोरखनाथ मंदिर की ओर तीन और चार पहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। वहीं धर्मशाला चौराहा से गोरखनाथ मंदिर की ओर ऑटो, ई-रिक्शा, मैजिक और लोडर प्रतिबंधित रहेंगे। इन वाहनों को जटाशंकर, गंगेज चौराहा, दुर्गाबाड़ी तिराहा, सूरजकुंड ओवरब्रिज और सुभाष चंद्र बोस कॉलोनी होते हुए अपने गंतव्य की ओर भेजा जाएगा। - यातायात तिराहा से डायवर्जन के बाद छोटे वाहन रेलवे स्टेशन, रेलवे अंडरपास, विछिया, कौवाबाग, असुरन और खजांची चौराहा होकर गंतव्य की ओर जाएंगे। फर्टिलाइजर फैक्टरी से निकलने वाले भारी वाहनों को झुंगिया, गुलरिहा, भटहट, सोनबरसा और महुआतर होते हुए जंगल कौड़िया की ओर भेजा जाएगा। - भारी वाहनों के लिए भी विशेष डायवर्जन लागू किया गया है। वाराणसी और लखनऊ की ओर से सोनौली, सिद्धार्थनगर, फरेन्दा और महराजगंज जाने वाले भारी वाहन (श्रद्धालुओं के वाहनों को छोड़कर) कालेसर फोरलेन, जंगल कौड़िया और चिउटहा मार्ग से जाएंगे। इसी प्रकार इन क्षेत्रों से लखनऊ व वाराणसी की ओर जाने वाले वाहन भी इसी रूट का प्रयोग करेंगे। सिद्धार्थनगर, सोनौली और फरेंदा से गोरखपुर आने वाले भारी वाहन बरगदवा से आगे प्रतिबंधित रहेंगे। रूटवार पार्किंग तय, पार्क होंगे अलग-अलग मार्गों से आने वाले वाहनगोरखनाथ मंदिर में लगने वाले खिचड़ी मेला के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और वाहनों के दबाव को देखते हुए जिला प्रशासन व यातायात पुलिस ने रूटवार पार्किंग व्यवस्था लागू की है। अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए हैं। ताकि यातायात सुचारु रहे और मेला क्षेत्र में जाम की स्थिति न बने। रूट नंबर 1 : बिहार, बलिया, देवरिया, वाराणसी, आजमगढ़, मऊ, कुशीनगर, जौनपुर, लखनऊ, बस्ती और संतकबीर नगर मार्ग की ओर से आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग भगवती महिला महाविद्यालय परिसर और गोरखनाथ ओवरब्रिज चढ़ने से पहले दक्षिणी छोर स्थित आरपीएफ ग्राउंड में बनाई गई है। रूट नंबर 2 : सिद्धार्थनगर, फरेन्दा, नेपाल, सोनौली, महराजगंज, पीपीगंज, कैम्पियरगंज, पिपराइच, भटहट, गुलरिहा और चिलुआताल मार्ग से आने वाले वाहनों की पार्किंग लेबर तिराहा से रामनगर तिराहा, नथमलपुर बगीचा पार्किंग, औद्यौगिक क्षेत्र मोड़ से रामनगर तिराहा तक सड़क के दोनों तरफ और स्प्रिंगर स्कूल मोड़ रोड के दोनों पटरियों पर बनाई गई है। रूट नंबर 3 : शहर क्षेत्र राजघाट, कोतवाली, तिवारीपुर, सूरजकुंड कॉलोनी मार्ग से आने वाले वाहनों के लिए रामलीला मैदान अंधियारी बाग रामलीला मैदान और मौलाना आजाद गर्ल्स इंटर कॉलेज परिसर में पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। रूट नंबर 4 : ग्रीन सिटी, डोमिनगढ़ और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले वाहनों को शान्तिवरन मैरेज लॉन तथा कौड़िहवा मोड़ स्थित नवनिर्मित एस्प्रा कॉम्प्लेक्स में पार्क कराया जाएगा। रूट नंबर 5 : शाहपुर, असुरन, एचएन सिंह मार्ग और हड़हवा फाटक की ओर से आने वाले वाहनों की पार्किंग अंसारी रोड गोरखनाथ स्थित दीपू पासवान और बकार हुसैन की जमीन पर की जाएगी। प्रशासन-पुलिस वाहन पार्किंग : ड्यूटी में लगे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के वाहनों की पार्किंग मेवालाल गुरुकुल स्कूल, गोरखनाथ मंदिर गेट नंबर–4 (निकास द्वार) के पास निर्धारित की गई है। भीड़ नियंत्रण के लिए होल्डिंग एरिया: खिचड़ी मेला के दौरान भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष होल्डिंग एरिया भी बनाए गए हैं। झूलेलाल मंदिर के पास स्थित रैन बसेरा (चैत्र दीप मैरेज लॉन के निकट) में 500 लोगों, महायोगी गोरखनाथ कॉम्प्लेक्स में 500 लोगों तथा इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज में 400 लोगों के ठहराव की व्यवस्था की गई है।
बांका में पूर्वी बिहार के सबसे बड़े मंदर महोत्सव सह बौंसी मेला 2026 को लेकर मंगलवार की संध्या जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला ने जिला प्रशासन के साथ संयुक्त ब्रीफिंग की। अधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा, यातायात और व्यवस्थापन की व्यापक तैयारियां की गई हैं। मेला का शुभारंभ और आयोजन स्थल इस वर्ष 14 जनवरी से मंदार महोत्सव 2026 का शुभारंभ किया जा रहा है।जिला प्रशासन ने बेहतर निगरानी के लिए जिला नियंत्रण कक्ष/मेला थाना, मेला ग्राउंड और पापहरणी तालाब में अलग-अलग नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं। इन नियंत्रण कक्षों में प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस बल और अग्निशमन दस्ता तैनात रहेंगे। सुरक्षा और व्यवस्थापन पूरे मेला क्षेत्र में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, सशस्त्र बल, लाठी बल और महिला सुरक्षा बल द्वारा नियमित गश्ती की जाएगी। असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि श्रद्धालु और पर्यटक सुरक्षित वातावरण में मेला का आनंद ले सकें। सांस्कृतिक और खेल कार्यक्रम इस बार महोत्सव में कृषि प्रदर्शनी मेला प्रमुख आकर्षण होगी, जिसमें जिले के किसान अपनी-अपनी फसलें प्रदर्शित करेंगे।साथ ही सीएनडी मैदान में खेल प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। 16 जनवरी को बॉलीवुड पार्श्व गायक एवं इंडियन आइडल फेम कलाकार शाम 7 से रात 10 बजे तक प्रदर्शन करेंगे। यातायात और पार्किंग व्यवस्था प्रशासन ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं: भोजन और स्वास्थ्य सुरक्षा मेला क्षेत्र में चार हाई मास्ट चेक टावर लगाए गए हैं। फूड इंस्पेक्टर और मजिस्ट्रेट को निर्देश, दुकानों में श्रद्धालुओं को शुद्ध और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना है। प्रशासनिक सहभागिता ब्रीफिंग में उपस्थित अधिकारी जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला, एसडीएम अविनाश कुमार, राजकुमार, ट्रेकिफ एसडीपीओ नीरज कुमार, एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा, थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर राजरतन कुमार, अंचलाधिकारी कुमार रविसाथ ही विभिन्न विभागों के पदाधिकारी भी मौजूद थे।
'चुनाव आयोग कर रहा BJP के AI टूल्स का इस्तेमाल', SIR पर भड़कीं ममता; बिहार का हवाला देकर दागे सवाल
सीएम ममता बनर्जी ने एक बार फिर एसआईआर को लेकर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि EC ने BJP के AI टूल्स का इस्तेमाल किया, सरनेम में गड़बड़ी होने पर शादीशुदा महिला वोटर्स के नाम डिलीट कर दिए.
बांका में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय +2 उच्च विद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नामांकन प्रक्रिया 10 जनवरी 2026 से शुरू हो रही है। जिला कल्याण पदाधिकारी ने यह जानकारी दी। इच्छुक और पात्र छात्राएं 10 जनवरी 2026 से 9 फरवरी 2026 तक विभागीय वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगी। जिला कल्याण पदाधिकारी के अनुसार, ऑनलाइन प्रवेश पत्र 15 फरवरी 2026 से 22 फरवरी 2026 तक डाउनलोड किए जा सकेंगे। प्रवेश परीक्षा 1 मार्च 2026 (रविवार) को होगी, जिसके परिणाम 13 मार्च 2026 को घोषित किए जाएंगे। शैक्षणिक गतिविधियां 1 अप्रैल 2026 से शुरू होंगीचयनित छात्राओं का नामांकन 16 मार्च 2026 से 23 मार्च 2026 तक होगा। विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियां 1 अप्रैल 2026 से शुरू होंगी। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगानामांकन कक्षा 6 से 9 तक के लिए लिखित वस्तुनिष्ठ परीक्षा के आधार पर होगा। यह परीक्षा कुल 100 अंकों की होगी, जिसमें 100 प्रश्न शामिल होंगे और प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा। प्रश्नपत्र में हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान से 20-20 अंकों के प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा की अवधि दो घंटे निर्धारित की गई है। विद्यालय में उपलब्ध सीटों का विवरण इस प्रकार है: कक्षा 6वीं में 40 सीटें, कक्षा 7वीं में 6 सीटें, कक्षा 8वीं में 4 सीटें और कक्षा 9वीं में 4 सीटें। 6वीं के लिए आयु 10 से 13 वर्षविभागीय नियमों के अनुसार, अभ्यर्थियों की आयु 1 अप्रैल 2026 को निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए। कक्षा 6वीं के लिए आयु 10 से 13 वर्ष, कक्षा 7वीं के लिए 11 से 14 वर्ष, कक्षा 8वीं के लिए 12 से 15 वर्ष और कक्षा 9वीं के लिए 13 से 16 वर्ष निर्धारित की गई है। निर्धारित आयु सीमा से बाहर के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन के समय अभ्यर्थियों को कुछ आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इनमें जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र (वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम), आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और वर्तमान विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा जारी जन्मतिथि एवं कक्षा का प्रमाण पत्र शामिल हैं। ऑनलाइन आवेदन केवल विभागीय वेबसाइट https://bcebconline.bihar.gov.in के माध्यम से ही किया जाएगा।
विजय सिन्हा के दही चूड़ा भोज में तेज प्रताप यादव, गरमाई बिहार की सियासत
Bihar Politics news in hindi : बिहार के उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता विजय सिन्हा के दही चूड़ा भोज में लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव भी शामिल हुए। सिन्हा की पार्टी में तेज प्रताप की उपस्थिति से बिहार की सियासत गरमा गई।
धवन और ब्रेविस का रिकॉर्ड होगा ध्वस्त! बिहार का लाल मचाएगा अंडर 19 वर्ल्ड कप में तबाही
14 वर्षीय सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से पूरी क्रिकेट जगत में अपने नाम का डंका पीट रखा है. वैभव ने हाल ही में अंडर 19 मैचों में और विजय हजारे में धमाकेदार प्रदर्शन अपनी ओर खींचा. वह जिस तरीके के फॉर्म में हैं वह भारत के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन और अफ्रीकी खिलाड़ी डेवाल्ड ब्रेविस के रिकॉर्ड को चकनाचूर कर सकते हैं.
पंजाब के लुधियाना में आम आदमी पार्टी के विधायक दलजीत सिंह ग्रेवाल भोला ने नशा बेचने वालों के खिलाफ अभियान चलाया हुआ है। भोला ने हलका पूर्वी के अलग-अलग इलाकों में नशा बेचने वालों पर शिकंजा कसा है। इसका एक वीडियो सामने आया है जिसमें विधायक भोला द्वारा एक खोखे पर रेड की गई। विधायक ने नशे का सामान बेचने वाले व्यक्ति की जमकर क्लास लगाई। लोगों ने खोखे से नशे में इस्तेमाल होने वाले पेपर भी बरामद किए। भोला ने इलाका पुलिस को सख्त आदेश दिए कि वह नशा तस्करों के बड़े मगरमच्छों को पकड़ने ना की छोटी मछलियों को। भोला ने पुलिस को कहा कि खोखे वाले से सख्ती से पूछा जाए कि वह नशे में इस्तेमाल होने वाला सामान कहां से लाता है कौन इसे सप्लाई करता है। उन्होंने पुलिस से कहां कि इलाके में नशा कही बिकना चाहिए। बच्चे खराब हो रहे है मैं ये सहन नहीं करूंगा। एसएचओ से भी कह दिया है कि प्रत्येक खोखे वाले को अच्छे से चेक करें। अब पढ़िए वीडियो में विधायक भोला ने क्या बोला MLA भोला- तुम ने तीन लोगों को क्या बेचा। जो बेचा वो दिखाओ। अगर अपने आप दिखाओगे तो ठीक है नहीं तो जेल भी जाओगे और खोखा भी बंद करवाओगे। खोखे वाला- मैं चिट्टा नहीं बेचता मैं सिर्फ पेपर बेचता हूं। MLA भोला- कहां के रहने वाले हो। खोखे वाला- बिहार का रहने वाला हूं। MLA भोला- बिहार से आकर पंजाबियों को मारने लगे हो।
बिहार सरकार के उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल सोमवार को दरभंगा पहुंचे। इस दौरान पार्टी के कार्यकर्ताओं से मिले। मुख्यमंत्री की आगामी समृद्धि यात्रा, राज्य में औद्योगिक विकास, निवेश, भूमि अधिग्रहण और युवाओं के रोजगार से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी। मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले 20 वर्षों से लगातार जनता के सुख-दुख को समझने और शासन तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से जिलों का दौरा करते रहे हैं। अब 'विकसित बिहार' के सपने को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री एक बार फिर यात्रा पर निकल रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले भी प्रगति यात्रा की थी, जिसमें उन्होंने प्रत्येक जिले की जरूरतों को अपनी आंखों से देखा और जनता की समस्याओं को अपने कानों से सुना। प्रगति यात्रा के दौरान जिन जिलों में मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, औद्योगिक क्षेत्र, लैंड बैंक जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी थी, वहां योजनाएं तय की गईं। इसके बाद महज 15 दिनों के भीतर कैबिनेट की बैठक बुलाकर वित्तीय स्वीकृति दी गई। सभी योजनाओं के टेंडर पूरे किए गए और आज वे योजनाएं धरातल पर उतरती दिख रही हैं। प्रगति यात्रा के दौरान किए गए लगभग सभी वादे अब पूरे होने की कगार पर हैं। 37 बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं पर काम उद्योग मंत्री ने कहा कि सरकार का फोकस शासन व्यवस्था को और मजबूत करने पर है। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री को हर जिले की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिलती है, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गति आती है। लगभग 26 हजार करोड़ रुपए की लागत से राज्य में भूमि अधिग्रहण कर लैंड बैंक तैयार किया जा रहा है। कई जिलों में जमीन खरीदी जा चुकी है। बिहार में करीब 37 बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं पर काम चल रहा है। अडानी समूह की एसीसी सीमेंट फैक्ट्री लगभग तैयार है। इसके अलावा जेके सीमेंट, कोका-कोला और अशोक लेलैंड जैसी कंपनियां भी बिहार में निवेश कर रही हैं। इससे राज्य में औद्योगिक माहौल मजबूत हुआ है और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। युवाओं को दी जा रही है ट्रेनिंग मंत्री दिलीप जायसवाल ने युवाओं के लिए सरकार की योजनाओं पर विशेष जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार केवल बड़े उद्योगों को ही नहीं, बल्कि लघु, कुटीर और घरेलू उद्योगों को भी बढ़ावा दे रही है। पहले स्टार्टअप के लिए युवाओं को 10 लाख रुपए तक की सहायता दी जाती थी, जिसे अब और बढ़ाने की तैयारी है। सरकार चाहती है कि युवा नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बने। 21 जिलों में यह तय किया जा रहा है कि किस क्षेत्र में कौन सा उद्योग लगाया जा सकता है, उसका मार्केटिंग कैसे होगा और कच्चा माल कहां से आएगा। इसके लिए युवाओं को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है। आईआईटी पटना, चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी, चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान, विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों और सबौर कृषि विश्वविद्यालय, पूसा एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों को इनक्यूबेशन सेंटर के रूप में विकसित किया गया है, जहां युवाओं को उद्योग लगाने से जुड़ी पूरी जानकारी और ट्रेनिंग दी जा रही है। रोजगार और सुशासन के क्षेत्र में नई पहचान मंत्री ने कहा कि आजादी के 78 वर्षों में जितने उद्योग बिहार में नहीं लगे, उससे कहीं ज्यादा उद्योग आने वाले पांच वर्षों में लगने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य है कि हर घर में छोटा उद्योग पहुंचे, जिससे आत्मनिर्भर बिहार का सपना साकार हो सके। बिहार में एनडीए सरकार भारी बहुमत से बनी है। देश और दुनिया को यह संदेश गया है कि बिहार की जनता 'जंगल राज' नहीं, बल्कि कानून के राज और सुशासन को पसंद करती है। एनडीए सरकार की दो प्राथमिकताएं स्पष्ट हैं, कानून का राज और युवाओं को रोजगार। इसी कारण निवेशकों के बीच बिहार को लेकर विश्वास बढ़ा है और वे यहां निवेश के लिए आगे आ रहे हैं। 14 जनवरी के बाद खेल होगा, इस सवाल पर मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि वे किसी खेल को नहीं जानते। सिर्फ काम करना जानते हैं और अपनी जिम्मेदारी निभाना जानते हैं। सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में जो 78 सालों मे नही हुआ वो बिहार औद्योगिक विकास, रोजगार और सुशासन के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाएगा।
नीतीश सरकार बिहार में हाईवे के बाद अब एक्सप्रेस वे का नया नेटवर्क तैयार करेगी। ये एक्सप्रेस वे राज्य सरकार के होंगे। शुरुआत में 5 नए एक्सप्रेस वे का निर्माण किया जाएगा। इसका प्रपोजल तैयार कर CM के पास भेजा गया है। वहां से स्वीकृति मिलते ही इसके एलाइनमेंट और डीपीआर बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे के आधार पर बिहार में नए एक्सप्रेस वे बनेंगे। इनपर गाड़ियां 100km/h की रफ्तार से दौड़ेंगी। इन्हें बनाने के लिए पैसे जुटाने का तरीका मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे जैसा होगा। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। इन पर चलने के लिए आम लोगों को ज्यादा पैसे देने होंगे। इससे सड़क बनाने की लागत वसूल होगी। एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में पढ़िए, बिहार में एक्सप्रेस-वे का नेटवर्क तैयार करने की दिशा में सरकार कौन सी नई पहल कर रही है। सबसे पहले समझिए, मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे का मॉडल बिहार में क्यों? दरअसल मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे देश का पहला सिक्स लेन एक्सप्रेस वे है। लगभग 95km लंबी इस सड़क का निर्माण 1994 में शुरू हुआ था। 2002 में काम पूरा हुआ। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इसका उद्घाटन किया था। इसे बनाने का श्रेय मौजूदा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को जाता है। सबसे बड़ी खासियत इसे बनाने में होने वाला खर्च है। देश की पहली हाई स्पीड सड़क का निर्माण BOT (बिल्ड ऑपरेट ट्रांसफर) मॉडल के तहत कराया गया था। निजी भागीदारी के तहत सड़क बनाने के इस मॉडल में सरकार को निर्माण के लिए बेहद कम राशि देनी होती है। इसे बनाने की पूरी जिम्मेदारी निर्माण कंपनी की होती है। कंपनी अपनी लागत और प्रॉफिट तय समय में टॉल टैक्स वसूलकर निकालती है। पहले से तय पैसा मिलने के बाद सड़क सरकार को ट्रांसफर कर देती है। सड़क बनाने से लेकर मरम्मत तक की जिम्मेदारी कंपनी की होगी बिहार सरकार यही BOT मॉडल एक्सप्रेस वे निर्माण के लिए लागू कर सकती है। यह पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल है। इसके तहत रोड बनाने के लिए निर्माण कंपनी बैंक से लोन लेती है। सड़क बन जाने के बाद सरकार एक निश्चित समय के लिए कंपनी को इस पर टोल लगाने देगी। सड़क की मरम्मत और इसके संचालन की जिम्मेदारी उसी कंपनी की होगी। इसका फायदा यह होगा कि सड़क बनाने के लिए सरकार को बहुत अधिक पैसा निवेश नहीं करना होगा। मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे के साथ दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे का निर्माण भी इसी मॉडल के तहत किया गया है। बिहार में बनेंगे 5 नए एक्सप्रेस वे 7 निश्चय योजना के तहत बिहार में 5 नए एक्सप्रेस वे बनेंगे। पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने भास्कर को बताया, ‘मुख्यमंत्री का फोकस राज्य में कनेक्टिविटी बेहतर बनाने पर है। सरकार की कोशिश है कि राज्य के किसी भी जिले से 5 घंटे के भीतर पटना पहुंचा जा सके। एक्सप्रेस वे कई जिलों को एक साथ बेहतर कनेक्टिविटी दे इसका ध्यान रखा जा रहा है।’ जहां ज्यादा एक्सप्रेस वे वहां की स्टडी करेगी टीम एक्सप्रेस वे निर्माण प्रक्रिया समझने के लिए बिहार सरकार ने एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया है। इसमें पथ निर्माण विभाग के सचिव, बिहार राज्य पथ विकास निगम (BSRDC) के महाप्रबंधक और विभाग के मुख्य कार्यपालक अभियंता शामिल हैं। कमेटी के लोग पहले उन राज्यों में जाएंगे जहां सबसे ज्यादा एक्सप्रेस वे हैं। कमेटी के सदस्य मुख्य तौर पर महाराष्ट्र, गुजरात और यूपी का दौरा करेंगे। इन राज्यों में सबसे ज्यादा एक्सप्रेस वे का निर्माण हुआ है या हो रहा है। महाराष्ट्र में अभी 11 एक्सप्रेस वे परियोजनाएं चल रही हैं। यूपी में इनकी संख्या 12 और गुजरात में 7 है। कमेटी एक्सप्रेस वे निर्माण की स्टडी करेगी। टेक्निकल से लेकर फाइनेंस और सोशल इम्पैक्ट तक, हर तरह के असर को समझेगी। इसी आधार पर अपनी रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट के आधार पर सरकार बिहार में एक्सप्रेस वे निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। एक्सप्रेस वे अथॉरिटी का गठन कर सकती है सरकार एक्सप्रेस वे का निर्माण तय समय से हो, इसकी निगरानी की जा सके। इसके लिए बिहार सरकार अलग से एक अथॉरिटी बना सकती है। यह उत्तर प्रदेश की 'उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA)' के मॉडल पर होगा। इसका उद्देश्य नई अथॉरिटी से निजी भागीदारी (PPP मॉडल) के जरिए एक्सप्रेस वे का निर्माण और भूमि अधिग्रहण करना है। पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पहले भी बिहार में सड़क निर्माण के लिए अलग से निगम का गठन हो चुका है। बिहार में केंद्र की मदद से बन रहे 4 एक्सप्रेस-वे बिहार में अभी केंद्र सरकार के स्तर पर चार एक्सप्रेस-वे का निर्माण प्रस्तावित है। ये हैं… 2006 से ADB से लोन लेकर बिहार की सड़क बेहतर बना रही सरकार 2006 से बिहार सरकार ADB (एशियन डेवलपमेंट बैंक) से लोन लेकर राज्य की सड़कों को बेहतर बना रही है। 2026 की बात करें तो 6 जिलों से गुजरने वाली ये 5 अहम सड़कें दो लेन चौड़ी होंगी। इसके लिए बिहार सरकार एडीबी से लोन लेगी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और डीईए (डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर) की मंजूरी की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। सरकार एडीबी से 251 मिलियन डॉलर (2263 करोड़ रुपए) लोन लेगी। यह पूरी परियोजना की कुल लागत का करीब 70 फीसदी है। पूरी परियोजना की कुल लागत 3645 करोड़ रुपए है। पथ निर्माण विभाग की एजेंसी BSRDC ये सड़कें बनाएगी। इन 5 परियोजनाओं के लिए करीब 110 एकड़ जमीन का अधिग्रहण होगा। BSRDC इनमें 3 परियोजनाओं गणपतगंज-प्रतापगंज-परवाहा रोड, मधुबनी-राजनगर-बाबूबरही-खुटौना रोड और सीतामढ़ी-पुपरी-घोघराहा-बेनीपट्टी रोड का अभी डीपीआर बना रही है। ब्रह्मपुर-इटाढ़ी-सरेंजा-जालीपुर रोड (बक्सर-समधा रोड की कनेक्टिविटी भी) का एस्टीमेट फाइनल किया जा रहा है। अतरबेल-जैली-घोघराचट्टी रोड की प्रशासनिक स्वीकृति ली जा रही है।
बिहार में बर्फीली और पछुआ हवा के चलते अभी ठंड से राहत मिलने वाली नहीं है। बिहार के 10 जिलों का तापमान 8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। मौसम विभाग ने सीतामढ़ी, मधुबनी समेत 8 जिलों में कोल्ड डे का अलर्ट जारी किया है। 20 जनवरी के बाद बिहार के कई जिलों में बारिश का भी अनुमान है। इधर, मौसम विभाग ने आज 8 जिलों में हल्के कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में आज विजिबिलिटी कम रहने की संभावना है। राज्य के उत्तरी भाग में कोल्ड-डे जैसी स्थिति हो सकती है। उत्तर और दक्षिण-पूर्व इलाके में घना कोहरा छाने की संभावना है। वहीं, पटना में आज भी दिनभर अच्छी धूप निकलने से अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, 17 जनवरी को एक पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है। 20 से 21 जनवरी तक प्रदेश में इसका असर दिखेगा। उत्तर बिहार से सटे इलाकों में बूंदाबांदी हो सकती है। तेज पछुआ हवा चलने से ठंड बढ़ने की संभावना है। धूप निकली, लेकिन कनकनी से राहत नहीं बीते 24 घंटे में सुबह-सुबह मुजफ्फरपुर समेत कुछ जिलों में घना कुहासा रहा। विजिबिलिटी न के बराबर दिखी। 4.6 डिग्री न्यूनतम तापमान के साथ समस्तीपुर का पूसा सबसे ठंडा रहा। वहीं, पटना समेत प्रदेश के कई जिलों में सोमवार को घने कुहासे के बाद दिनभर धूप खिली रही। इससे ठंड से राहत जरूर मिली, लेकिन पछुआ हवा के चलते शाम में कनकनी बढ़ गई। मौसम से जुड़ी तस्वीरें देखें... 24 जिलों में 11 से नीचे गया तापमान राज्य के कुल 24 जिले ऐसे रहे, जहां न्यूनतम तापमान 11 से नीचे दर्ज किया गया। कई इलाकों में तापमान एकल अंक में पहुंचने से ठिठुरन बढ़ गई। सबसे कम तापमान समस्तीपुर में 4.6 दर्ज किया गया। कुछ जिलों में तापमान दो अंकों के करीब रहा, जहां रोहतास के डेहरी और मुजफ्फरपुर में 10, सासाराम और नालंदा (राजगीर) में 10.2, पटना में 10.7 और अरवल में 10.9 न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। आगे कैसा रहेगा मौसम मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले 6 दिनों तक राज्य में धूप निकलने की संभावना है। इससे धीरे-धीरे कुहासा कम होगा। दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिससे खासकर दोपहर में ठंड से राहत मिलेगी। हालांकि रात और सुबह के समय कंपकंपाती ठंड का असर बना रहेगा। वहीं, पश्चिमी विक्षोभ के कारण 20 और 21 जनवरी को बारिश की संभावना है। इस दौरान तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इस दौरान पटना में बादल छाए रह सकते हैं। हालांकि, 24 जनवरी से पूरे बिहार में मौसम साफ होगा और ठंड से राहत मिलेगी।
अब दो लेन की होंगी बिहार की ग्रामीण सड़कें : अशोक
बिहार की ग्रामीण सड़कें अब दो लेन की होंगी। यह काम 7 निश्चय-3 के तहत होगा। ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि बीते 20 वर्षों में बिहार ने ग्रामीण सड़कों के निर्माण का रिकॉर्ड बनाया। पक्की सड़कों से 120876 टोला-बसावट जोड़े गए। 119915 किलोमीटर सड़कें व 2750 पुल बने। मंत्री, सोमवार को मीडिया से मुखातिब थे। बोले- बिहार के विकास के उछाल में ग्रामीण सड़कों का बड़ा योगदान है। गांवों में रहने वालों का चौतरफा विकास हुआ। मंत्री के अनुसार, ग्रामीण सड़कों को दो लेन बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। प्रखंड, अनुमंडल व जिला मुख्यालय से एसएच (राज्य उच्च पथ) व एनएच (राष्ट्रीय उच्च पथ) को जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण सड़कों को चिह्नित करने का काम शुरू है। एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा-वित्तीय वर्ष 2024-25 व 2025-26 में कुल 18166 ग्रामीण सड़कों के निर्माण की स्वीकृति दी गई। इसकी कुल लंबाई 30965 किमी है। सुलभ संपर्कता योजना के तहत अब तक 65 योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। 356.431 करोड़ मंजूर हुए। 13 योजनाओं का निर्माण शुरू हो चुका है। इस दौरान विभाग के प्रधान सचिव देवेश सेहरा, अपर सचिव अभय झा व संजय कुमार, अभियंता प्रमुख निर्मल कुमार भी मौजूद थे। इस वर्ष 909 पुल बनेंगे नए वर्ष में 909 पुल बनने हैं। 670 पुलों के निर्माण का कार्यादेश जारी कर दिया गया है। 239 पुलों का निर्माण टेंडर की प्रक्रिया में है।
पूर्वोत्तर तक फास्ट कॉरिडोर... मुंबई-पुणे मॉडल पर बिहार में 5 एक्सप्रेस-वे बनेंगे
बिहार में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार देने की तैयारी है। पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि राज्य में मुंबई-पुणे की तर्ज पर एक्सप्रेस-वे बनाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे को केंद्र सरकार की हरी झंडी मिल चुकी है, जबकि अन्य कॉरिडोर के लिए प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं। कुल पांच एक्सप्रेस-वे बिहार के रोड नेटवर्क को नया आकार देंगे। उन्होंने कहा- बिहार में रोड मेंटनेंस पॉलिसी तैयार की गई है। प्रत्येक चौराहे पर एक मोबाइल नंबर लिखा होगा। इस दौरान यदि सड़क में गड्ढा है या सड़क क्षतिग्रस्त है, तो उसकी तस्वीर खींचकर मोबाइल नंबर पर भेजना होगा। जिसके आधार पर सड़क की मरम्मत की जाएगी। रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे इसका प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। इसकी शुरुआत रक्सौल (भारत-नेपाल सीमा) से होगी। यह हल्दिया बंदरगाह (पश्चिम बंगाल) तक जाएगा। यह बिहार और नेपाल को सीधे समुद्री बंदरगाह से जोड़ने वाला कॉरिडोर होगा। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार को रफ्तार मिलेगी। गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे इसका प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से होगी और यह पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक जाएगा। इसे उत्तर बिहार को पूर्वोत्तर भारत से सीधा कनेक्शन मिलेगा। साथ ही सीमावर्ती जिलों में व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे इसे केंद्र सरकार से सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है। इसे पटना से पूर्णिया तक बनाया जाएगा। इससे उत्तर और दक्षिण बिहार की दूरी घटेगी। मिथिला-सीमांचल को राजधानी से सीधा हाई-स्पीड लिंक मिलेगा। कृषि और फूड प्रोसेसिंग उत्पादों को बड़ा बाजार मिलेगा। इंटर स्टेट कनेक्टिविटी मजबूत होगी : इनके अलावा चौथे एक्सप्रेस-वे का निर्माण औद्योगिक और लॉजिस्टिक क्षेत्रों को जोड़ने के लिए किया जाएगा। यह माल ढुलाई के लिए फास्ट कॉरिडोर होगा। इससे उद्योगों को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पांचवें एक्सप्रेस-वे का उपयोग इंटर स्टेट कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। साथ ही नेशनल हाईवे नेटवर्क से फास्ट लिंक विकसित होगा। इससे ट्रैफिक दबाव घटेगा और रोड सेफ्टी बढ़ेगी
महाराष्ट्र निकाय चुनाव में महिलाएं अहम रोल निभा सकती हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि राज्य के विधानसभा चुनाव में महिलाओं ने महायुति की जीत में खास रोल निभाया था. तमिलनाडु में भी महिलाओं के रोल को देखते हुए राज्य की स्टालिन सरकार लगातार नई योजनाओं पर काम कर रही है.
फरीदकोट जिले की थाना बाजाखाना पुलिस ने वाहनों से तेल चोरी कर उसे आगे बेचने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गांव वाड़ा भाईका के ढाबे पर कार्यरत बिहार के पूर्णिया जिले के गांव आमना निवासी मोहम्मद अकबर आलम के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी से तेल से भरे चार बड़े ड्रम, एक 20 लीटर की कैनी,19 खाली ड्रम, 2 खाली कैनियां व एक मोटर बरामद की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ढाबे पर काम करने के दौरान वहां आने वाले वाहनों से तेल चोरी करता था और उसे सस्ते दामों पर आगे बेच देता था। पुलिस के अनुसार,एसएसपी डॉ. प्रज्ञा जैन के दिशा निर्देश पर असमाजिक तत्वों के खिलाफ मुहिम के तहत थाना बाजाखाना के एसएचओ सुखविंदर सिंह की निगरानी में हवलदार वरिंदर सिंह पुलिस पार्टी के साथ संदिग्ध व्यक्तियों की जांच के सिलसिले में गांव वाड़ा भाईका बस स्टैंड पर मौजूद थे। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि मोहम्मद अकबर आलम ढाबे पर काम करता है और चोरी का तेल बेचने का आदी है। सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत मौके पर छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में उसके खिलाफ थाना बाजाखाना में केस दर्ज किया गया है। इस मामले में एसपी जोगेश्वर सिंह गोराया ने बताया कि अब गिरफ्तार आरोपी का अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध गतिविधि में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
राजनांदगांव में 69वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ हो गया है। प्रतियोगिता के पहले ही दिन दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) राजनांदगांव की बालक बास्केटबॉल टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बिहार को 22-15 के स्कोर से हराया। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह प्रतियोगिता 11 जनवरी से 15 जनवरी 2026 तक दिग्विजय स्टेडियम, राजनांदगांव में आयोजित की जा रही है। प्रतियोगिता में बास्केटबॉल के 17 वर्ष आयु वर्ग के बालक और बालिका वर्ग के मुकाबले खेले जा रहे हैं। इसमें देश के 27 राज्यों और 9 शैक्षणिक संस्थानों सहित कुल 36 टीमें भाग ले रही हैं। 1006 प्रतिभागियों की सहभागिता प्रतियोगिता में कुल 1006 प्रतिभागी शामिल हैं, जिनमें 429 बालक खिलाड़ी, 402 बालिका खिलाड़ी और 175 कोच शामिल हैं। आयोजन के सफल संचालन के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया है। ‘कला, कलम और कलाई की नगरी है राजनांदगांव’ – कलेक्टर इस अवसर पर कलेक्टर जितेंद्र यादव ने कहा कि राजनांदगांव को हमेशा से कला, कलम और कलाई की नगरी कहा जाता है। उन्होंने बताया कि यह प्रतियोगिता जिले के लिए एक नए रत्न के समान है। कलेक्टर ने जिले के खिलाड़ियों की ओर से हॉकी, बास्केटबॉल, बैडमिंटन सहित अन्य खेलों में किए गए उत्कृष्ट प्रदर्शन का उल्लेख किया। खेल अधोसंरचना को मिल रही मजबूती कलेक्टर ने जानकारी दी कि जिले में बैडमिंटन अकादमी की स्थापना और सीएसआर के तहत टेनिस खेल को स्वीकृति मिल चुकी है। साथ ही जल्द ही बॉक्स क्रिकेट की भी शुरुआत की जाएगी, जिससे खिलाड़ियों को और बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। CBSE नेशनल चैंपियन होने का मिला फायदा 69वीं जूनियर स्कूल नेशनल बास्केटबॉल प्रतियोगिता के लीग मैच में DPS राजनांदगांव (CBSE) की टीम ने बिहार को 22-15 से हराया। DPS राजनांदगांव की टीम CBSE नेशनल बास्केटबॉल प्रतियोगिता की स्वर्ण पदक विजेता रह चुकी है, जिसके चलते उसे इस स्कूल नेशनल प्रतियोगिता में सीधे प्रवेश मिला। चमकते सितारे बने जीत के हीरो टीम की जीत में हिमांशु सिंह, चिराग चंदेल, सजल, धरम और व्ही यशवंत ने अहम भूमिका निभाई। ये सभी खिलाड़ी रेवाडीह स्थित सर्वज्ञ राव बास्केटबॉल एकेडमी में नियमित अभ्यास करते हैं।
कैथल में पुलिस की स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट की टीम ने एक आरोपी को लाखों रुपए की अफीम सहित काबू कर लिया। आरोपी के कब्जे से 704 ग्राम अफीम बरामद हुई। जिसे वह बिहार के गया क्षेत्र से लेकर आया था। इस अफीम को वह कैथल में ग्राहकों को सप्लाई करने के लिए आया हुआ था। पकड़े गए आरोपी की पहचान जगधर टिकारी गया बिहार निवासी राजीव रंजन के रूप में हुई है। वहीं बरामद नशे की अनुमानित कीमत 1.40 लाख रुपए है। अफीम लेकर पुल के पास खड़ा था बता दें कि पुलिस की टीम को गश्त के दौरान सूचना मिली कि ढांड से चंदलाना रोड पर नेशनल हाईवे 152 डी के पुल पर एक व्यक्ति अफीम लिए हुए खड़ा है। वह इसे कैथल क्षेत्र में सप्लाई करने वाला है। पुलिस की टीम ने रीडिंग पार्टी का गठन किया और मौके पर जाकर उस व्यक्ति को काबू कर लिया। तलाशी में मिला नशा पूछताछ के दौरान जब आरोपी की तलाशी ली गई तो उसके कब्जे से एक प्लास्टिक की थैली में 704 ग्राम अफीम बरामद हुई। बाजार में इस अफीम की कीमत करीब 1.40 लाख रुपए है। पुलिस ने तुरंत आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस प्रवक्ता प्रवीन श्योकंद ने बताया कि इस संबंध में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ ढांड थाना में केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। साथ ही आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में जो बातें सामने आएंगी, उन्हीं के आधार पर पुलिस द्वारा आगामी कार्रवाई की जाएगी।
नालंदा जिले में पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग (बीसी-ईबीसी) की बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर आया है। सिलाव प्रखंड के सब्बैत में स्थित राजकीय अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय +2 विद्यालय में सत्र 2026-27 के लिए दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अभिभावकों के पास अभी भी लगभग एक माह का समय है। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 9 फरवरी निर्धारित की गई है। 47 सीटों के लिए होगी कड़ी प्रतिस्पर्धा विद्यालय प्रशासन के अनुसार, कक्षा 6 से 9 तक कुल 47 रिक्त सीटों पर नामांकन लिया जाएगा। इनमें सर्वाधिक 40 सीटें कक्षा 6 में उपलब्ध है, जबकि कक्षा 7 में 4, 8 में 2 और कक्षा 9 में मात्र 1 सीट रिक्त है। इन सीटों के लिए चयन 1 मार्च को आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। विद्यालय के प्राचार्य ओम प्रकाश चौबे ने बताया कि यह संस्थान आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के लिए वरदान साबित हो रहा है। हम यहाँ केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि संपूर्ण विकास के अवसर प्रदान करते हैं। परीक्षा का पैटर्न और पाठ्यक्रम प्रवेश परीक्षा दो घंटे की होगी, जिसमें कुल 100 अंकों के ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा में हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान प्रत्येक विषय से 20-20 अंकों के प्रश्न शामिल होंगे। एडमिट कार्ड 15 से 22 फरवरी के बीच विभागीय वेबसाइट से डाउनलोड कर सकेंगे। परीक्षा परिणाम 13 मार्च को घोषित किया जाएगा, जबकि चयनित छात्राओं का नामांकन 16 से 23 मार्च तक होगा। निशुल्क मिलेंगी सभी सुविधाएं इस आवासीय विद्यालय की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां छात्राओं को सभी सुविधाएं निशुल्क प्रदान की जाती हैं। स्मार्ट क्लासरूम से लेकर सुसज्जित पुस्तकालय और आधुनिक प्रयोगशाला तक, सभी शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध हैं। इसके अलावा रहने, खाने-पीने, वर्दी और पठन-पाठन की समस्त सामग्री भी बिना किसी शुल्क के दी जाती है। यह व्यवस्था उन परिवारों के लिए राहत है जो आर्थिक तंगी के कारण अपनी बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं दिला पाते। पात्रता मानदंड और आवश्यक दस्तावेज आवेदन के लिए परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। छात्राओं को अंचल कार्यालय की ओर से जारी जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और आवासीय प्रमाण पत्र के साथ हालिया फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करने होंगे। आयु प्रमाण के लिए शैक्षणिक प्रमाण पत्र या स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट मान्य होगा। आयु सीमा की गणना 1 अप्रैल 2026 को आधार पर की जाएगी। कक्षा 6 के लिए 10-13 वर्ष, कक्षा 7 के लिए 11-14 वर्ष, कक्षा 8 के लिए 12-15 वर्ष तथा कक्षा 9 के लिए 13-16 वर्ष की आयु सीमा निर्धारित है। ऑनलाइन आवेदन में सहायता उपलब्ध आवेदन विभागीय वेबसाइट bcebconline.bihar.gov.in पर ऑनलाइन किया जाना है। जिन अभिभावकों को ऑनलाइन आवेदन भरने में कठिनाई हो, वे बिहारशरीफ स्थित जिला पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण कार्यालय में संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। प्रवेश कार्यक्रम की महत्वपूर्ण डेट ऑनलाइन आवेदन- 10 जनवरी से 9 फरवरी तक एडमिट कार्ड डाउनलोड- 15 से 22 फरवरी प्रवेश परीक्षा- 1 मार्च (रविवार) परिणाम घोषणा- 13 मार्च नामांकन प्रक्रिया- 16 से 23 मार्च कक्षाओं का शुभारंभ- 1 अप्रैल से
माता-पिता से नाराज होकर दिल्ली जाने के लिए निकली तीन नाबालिग लड़कियों को कानपुर में बरामद किया गया। तीनों लड़कियां बिहार से भागकर दिल्ली की ट्रेन में चढ़ गई थी। कंट्रोल रूम के जरिए नाबालिग लड़कियों की कानपुर आरपीएफ को दी गर्इ थी। नाबालिग की सूचना मिलने के बाद कानपुर में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम एलर्ट हो गई और छात्राओं की खोजबीन शुरू की। जिसके बाद उन्हें सकुशल बरामद कर लिया गया। थाने में छात्राओं से पूछताछ करने के बाद बिहार पुलिस और उनके परिजनों को सूचना दी गई। स्टेशन पर घूम रही थी तीनों नाबालिग आरपीएफ इंस्पेक्टर एसएन पाटीदार ने बताया कि कंट्रोल रूम के जरिए उन्हें सूचना मिली कि बिहार से दिल्ली की ओर जाने वाली महाबोधी एक्सप्रेस में तीन नाबालिग लड़कियां सवार हैं। यह घर से भागकर आई हैं और बिहार के गया में इनकी गुमशुदगी का मुकदमा भी दर्ज किया गया है। तीनों लड़कियों की आरपीएफ को फोटो भी भेजी गई। जिसके बाद आरपीएफ की टीम महाबोधी एक्सप्रेस के कानपुर आने पर जनरल कोच में उन्हें तलाशने लगी। यात्रियों को लड़कियों की फोटो दिखाई गई, लेकिन वह नहीं मिली। जिसके बाद बिहार से उनकी लोकेशन भेजी गई। लोकेशन से सर्च करने पर तीनों छात्राएं स्टेशन पर घूमती हुई मिली। तीनों माता-पिता से थी नाराज आरपीएफ ने तीनों लड़कियों को स्टेशन के कैंट साइट टिकट घर के पास से बरामद किया। जिसके बाद उन्हें थाने लाकर पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि एक साथ पढ़ाई करती हैं। उन्होंने अपना नाम मुस्कान (14) पुत्री संतोष लोहानी, संध्या उर्फ स्नेहा (14) पुत्री संतोष पासवान और सानिया (13) पुत्री संतोष कुमार बताया। तीनों गया जिले की रहने वाली थी। घर से नाराज होकर वह निकली थी और दिल्ली जा रही थी। जिसके बाद आरपीएफ ने गया कोतवाली प्रभारी से संपर्क किया और छात्राओं की सूचना दी। जिसके बाद गया पुलिस और छात्राओं के परिजन कानपुर पहुंचे। जांच के बाद छात्राओं को बिहार पुलिस व उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। आरपीएफ थाना प्रभारी एसएन पाटीदार ने बताया कि छात्राओं को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। गया पुलिस से छात्राओं की सूचना मिली थी, जिसके बाद आरपीएफ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए छात्राओं को बरामद कर लिया था।
राष्ट्रीय डांस चैंपियनशिप में दिखेगा बिहार का जलवा
भास्कर न्यूज | मुंगेर भारतीय पारंपरिक कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित 11वीं बैटल स्पोर्ट्स डांस नेशनल चैंपियनशिप 2025-26 में भाग लेने के लिए बैटल डांस स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ बिहार की टीम लखनऊ, उत्तर प्रदेश के लिए रवाना हो चुकी है। यह प्रतियोगिता संस्कृत पाठशाला ऑडिटोरियम, लखनऊ में आयोजित की जा रही है। एसोसिएशन के हरिमोहन सिंह ने बताया कि इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवाओं को भारतीय पारंपरिक नृत्य शैलियों से जोड़ना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहचान दिलाना है। उन्होंने कहा कि बिहार की टीम इस बार पूरे उत्साह और बेहतर तैयारी के साथ उतर रही है।
बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं परिवहन विभाग के मंत्री और जनता दल (यू) के वरिष्ठ और उत्तर प्रदेश के प्रभारी श्रवण कुमार जनवरी में यूपी दौरे है। रविवार को अयोध्या पहुंचे हैं। सोमवार को राम जन्मभूमि मंदिर पहुंचकर रामलला के दर्शन-पूजन करेंगे और स्थानीय कार्यक्रमों में भी शिरकत करेंगे। नेता श्रवण कुमार ने कहा कि प्रभु श्रीराम की पावन धरती को प्रणाम कर आशीर्वाद लेना सौभाग्य की बात है। रामलला की भूमि से संगठन को नई ऊर्जा मिलती है और यहीं से सदस्यता अभियान को और तेज करने का संकल्प लिया गया है। श्रवण कुमार ने बताया कि जनता दल (यू) द्वारा उत्तर प्रदेश में प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान और पार्टी के ढांचे को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा की जा रही है। उन्होंने कहा कि योग संगठन, सदस्यता अभियान समेत अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन चल रहा है और बैठक के बाद इन मुद्दों पर और विस्तार से जानकारी दी जाएगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि पार्टी लगातार संगठन को मजबूत करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव की बात चुनाव के समय होगी, फिलहाल पार्टी सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय है। जनता दल (यू) बिहार में सत्ता में है, झारखंड में पार्टी के विधायक हैं और अन्य राज्यों में भी संगठन को दोबारा मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। श्रवण कुमार ने कहा कि रामलला की धरती से संगठन विस्तार का संदेश पूरे उत्तर प्रदेश में जाएगा। पार्टी का लक्ष्य है कि सभी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर सदस्यता अभियान को मजबूती से आगे बढ़ाया जाए और जनता दल (यू) को प्रदेश में मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित किया जाए। कल करेंगे रामलाल का दर्शन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंत्री श्रवण कुमार रविवार को सुबह 6 बजे पटना जंक्शन से वंदे भारत एक्सप्रेस से दोपहर 12:10 बजे अयोध्या जंक्शन पहुंचे। इसके बाद सड़क मार्ग से जिला अतिथि गृह (सर्किट हाउस) पहुंचे। 12 जनवरी सोमवार को सुबह 9 बजे मंत्री श्रवण कुमार राम जन्मभूमि मंदिर पहुंचकर रामलला का विधिवत दर्शन-पूजन करेंगे। दर्शन के उपरांत वह पुनः स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे इसके बाद 5:15 बजे अयोध्या जंक्शन पहुंचकर 5:20 बजे वंदे भारत एक्सप्रेस से पटना के लिए रवाना होंगे। रात 11:51 बजे पटना जंक्शन पहुंचने का कार्यक्रम है।
हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व जिला पार्षद नरेंद्र राज गागड़वास ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के चेयरमैन पर जुबानी हमला बोला है। वीडियो जारी कर उन्होंने कहा कि हरियाणा में बहुत कम लोगों को पता है कि एचपीएससी के चेयरमैन हरियाणा के ना होकर बिहार के है। कहा कि, केवल अकेला हरियाणा ऐसा राज्य ऐसा है, जहां एचपीएससी का चेयरमैन बाहर का है। जो दुर्भाग्य की बात है। क्या हरियाणा में ऐसा कोई पढ़ा लिखा नहीं है क्या, जो इस पद पर बैठ सके। वीडियो में कांग्रेस नेता ने कहा कि, हरियाणा में शिक्षा की कमी है क्या, जहां हमें बाहर से लाकर एचपीएससी के चेयरमैन की नियुक्ति करनी पड़ी है। जब से ये चेयरमैन आए हैं, इनके कार्यकाल में जितनी भी नौकरियां लगी है, वे चाहे ग्रुप-ए की हों या ग्रुप-बी की, सभी में 60 से 80 प्रतिशत युवा बाहर के हैं। जिन नौकरियों पर हरियाणा के युवाओं का हक था, जो बाहर के युवाओं को दिया जा रहा है। बड़े शर्म की बात है कि हरियाणा में बेरोजगारी चर्म पर है, लेकिन सरकार व मुख्यमंत्री बाहर का चेयरमैन बैठाकर नौकरियां बाहर के लोगों को दी जा रही हैं। बाहर के लोगों को दी जा रही नौकरी नरेंद्र राज गागड़वास ने कहा कि पिछले दिनों असिस्टेंट इंग्लिश प्रोफेसर भर्ती का रिजल्ट आया तो 613 पोस्ट थी। जिसमें से 151 युवाओं को भर्ती किया, जिसमें से केवल 8 प्रतिशत युवा हरियाणा के थे और अन्य बाहर के। ऊपर से एचपीएससी के चेयरमैन का बयान आता है कि हरियाणा के यूनिवर्सिटी में पढ़ाई नहीं है। उन्होंने कहा कि एचपीएससी के चेयरमैन हरियाणा के युवाओं पर टिप्पणी करना छोड़ दें। साथ ही सीएम से मांग की कि बाहर के चेयरमैन को हटाकर उनकी जगह हरियाणा का चेयरमैन लगाया जाए, ताकि हरियाणा प्रदेश के युवाओं के साथ न्याय हो सके। साथ ही जो हरियाणा की नौकरी बाहर जा रही है, वे हरियाणा के युवाओं को मिल सके।
हरियाणा के पंचकूला में भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) कुलवंत सिंह मान को ऑटो ने कुचल दिया। जिसके कारण उनकी मौत हो गई। लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) कुलवंत सिंह मान के शव को सेक्टर-6 अस्पताल में रखवाया गया है। पंचकूला मनसा देवी सेक्टर-4 निवासी कुलवंत सिंह मान 9 जनवरी की शाम को साढे 5 बजे सैर के लिए निकले थे। उन्हें डॉल्फिन चौक के पास ऑटो ने पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर के कारण वे बेहोश होकर गए। जिनके सिर व पेट से खून बह रहा था। उन्हें घायल अवस्था में पंचकूला के कमांड अस्पताल में ले जाया गया। जहां पर 10 जनवरी को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।ब्रेन पर चोट बनी मौत की वजहडॉक्टरों के अनुसार लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) कुलवंत सिंह मान को तीन जगह पर चोट लगी थी। ब्रेन पर चोट लगने के कारण ऑक्सीजन सप्लाई बंद हो गई। जो उनके मौत की वजह बनी। उनके सिर से अत्यधिक खून भी हादसे के कारण बह गया था। अंतिम संस्कार के लिए बेटे का इंतजार कर्नल कुलवंत सिंह मान की पत्नी सुखजीवन कौर के अलावा परिवार में दो बेटे हैं। उनके एक बेटे हरप्रीत मान सेना में कर्नल रहे हैं। वहीं उनके बेटे जसप्रीत मान कनाडा पुलिस में अफसर हैं। जिनके घर लौटने का इंतजार किया जा रहा है। जो 12 जनवरी को पंचकूला पहुंचने की उम्मीद है, उसके बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।बिहार 12वीं बटालियन के फर्स्ट कमांडिग अफसर भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) कुलवंत सिंह मान ने 1 जनवरी 1976 को दानापुर में 12वीं बिहार बटालियन की स्थापना की। इसके पहले कमांडिंग ऑफिसर (लेफ्टिनेंट कर्नल के रूप में) बने। उनकी विशिष्ट सैन्य सेवा के लिए उन्हें PVSM (परम विशिष्ट सेवा पदक) और AVSM (अति विशिष्ट सेवा पदक) जैसे उच्च सैन्य सम्मानों से नवाजा गया था। सेवानिवृत्ति के बाद, वे चंडीगढ़ गोल्फ क्लब के सक्रिय सदस्य थे। उनके दो बेटे हैं—एक भारतीय सेना में कर्नल के पद पर कार्यरत हैं और दूसरे कनाडाई पुलिस में सेवा दे रहे हैं।
दरभंगा में चौदहवें अहिल्या-गौतम राजकीय महोत्सव के दूसरे दिन संध्या कालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता, पूर्व मंत्री सह स्थानीय विधायक जीवेश कुमार, गौतम न्यास समिति के उपाध्यक्ष बमबम, गंगेश्वर स्थान न्यास समिति के मुख्य डॉ. राम प्रवेश ठाकुर और अहल्या स्थान न्यास समिति के अध्यक्ष बालेश्वर ठाकुर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सोमनाथ मंदिर विध्वंस को 1000 साल पूरे- धर्मशीला गुप्ता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता ने कहा कि, आज सोमनाथ मंदिर विध्वंस को 1000 साल पूरे हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक हजार वर्ष पूर्व लुटेरों ने सोमनाथ मंदिर को ध्वस्त कर तीन दिनों तक लूटपाट की थी। इसी क्रम में उन्होंने अहल्या स्थान को पांच पवित्र शक्तिपीठों में से एक बताते हुए कहा कि यहां चौदहवां राजकीय महोत्सव मनाया जाना गर्व का विषय है। बिहार के सर्वांगीण विकास के लिए प्रयासरत- धर्मशीला गुप्ता उन्होंने स्थानीय विधायक जीवेश कुमार की सराहना करते हुए कहा कि वे क्षेत्र के निरंतर विकास के लिए सदैव प्रयत्नशील रहते हैं, जिसका परिणाम आज अहल्या-स्थान आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को मिल रही सुविधाओं में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि बिहार के सर्वांगीण विकास के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री और गृह मंत्री निरंतर प्रयासरत हैं। इसका उदाहरण सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में देखने को मिलता है, जहां लगभग एक हजार करोड़ रुपए की लागत से माता सीता मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही अहल्या स्थान के विकास के लिए 36 करोड़ रुपए की लागत से कई निर्माण कार्य शुरू किए गए हैं। सामूहिक रूप से ‘ॐ’ का उच्चारण किया गया कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन करते हुए विधायक जीवेश कुमार ने कहा कि, उनके कार्यकाल में अब तक 425 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण कराया गया है और आगे भी यह विकास कार्य अनवरत जारी रहेगा। इस अवसर पर सोमनाथ मंदिर के विध्वंस के एक हजार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सामूहिक रूप से ‘ॐ’ का उच्चारण किया गया। महोत्सव के दूसरे दिन की सांस्कृतिक संध्या में श्रद्धालुओं और दर्शकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। मैथिली भक्ति गीत और हिंदी ग़ज़लों की प्रस्तुति देर रात तक राष्ट्रीय स्तर के कलाकार कुमार सत्यम और मिथिलांचल प्रसिद्ध कलाकार रामबाबू झा सहित अन्य दर्जनों कलाकारों का कार्यक्रम कार्यक्रम चलता रहा। अहिल्या गौतम महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार की संध्या स्थानीय बजरंग म्यूजिकल ग्रुप के लोक गायक ठाकुर रघुवीर की भावपूर्ण प्रस्तुति से पूरा पंडाल भक्तिरस में डूब गया। माता अहिल्या के उद्धार प्रसंग पर आधारित भजन “प्रभु जी युगल छविय अभिलाषी” की सशक्त प्रस्तुति ने महोत्सव में उपस्थित श्रोताओं का मन मोह लिया। “मिथिला के माटि से जनमली हे जगजननी सिया” गीत सुनकर झूमे लोग ठाकुर रघुवीर ने एक से बढ़कर एक मैथिली भक्ति गीत और हिंदी ग़ज़लों की प्रस्तुति दी। “मिथिला के माटि से जनमली हे जगजननी सिया”, “ए पहुना एही मिथिले में रह ना”, “हमरी आटा याद याद बस याद रह जाती है” और “सांसों की माला पे सिमरू मैं पी का नाम” जैसे गीतों पर श्रोता झूमते नजर आए, जिससे पूरे आयोजन में आध्यात्मिक वातावरण बन गया। वहीं, डॉली सिंह की प्रस्तुति “हमरा मम्मी के रे दुलरुआ दामाद राजाजी”, “रंगबाज राजा जी”, “ओ धोखेबाज राजा जी” ने दर्शकों को खूब आनंदित किया। इसके अलावा रामबाबू झा और डॉली सिंह द्वारा प्रस्तुत गीत “कनी हसिअउ नई सजनी गुलाब कहई या” तथा “हे ये लाल भौजी लजाई छी किया” को भी श्रोताओं ने खूब सराहा और तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। ओडिशा और मध्यप्रदेश के लोक नृत्यों की दी प्रस्तुति अहिल्या गौतम महोत्सव के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में सृष्टि फाउंडेशन के कलाकारों ने लोक नृत्यों की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत विभिन्न राज्यों के लोक नृत्यों के समन्वय से हुई, जिसमें भारत की विविधता में एकता की झलक साफ दिखाई दी। सृष्टि फाउंडेशन के संस्थापक एवं गुरु जयप्रकाश पाठक के निर्देशन में कलाकारों ने बिहार की लोक संस्कृति और मिथिलांचल के प्रसिद्ध झिझिया नृत्य की सशक्त प्रस्तुति दी, जिसे साक्षी कुमारी और वर्षा कुमारी ने मंच पर जीवंत किया। ओडिशा के संबलपुरी नृत्य को जयश्री जयंती और सोनाक्षी प्रिया ने प्रस्तुत किया, जबकि मध्यप्रदेश के लोक नृत्य को श्रुति सिंह और माही गुप्ता ने दर्शकों के समक्ष उतारा। राजस्थान के प्रसिद्ध घूमर नृत्य ने लूटी वाहवाही राजस्थान के प्रसिद्ध घूमर नृत्य की प्रस्तुति साक्षी कुमारी, वर्षा कुमारी और निशा सिंह ने दी, वहीं उत्तर प्रदेश की कृष्ण-राधा की मनमोहक झांकी सत्यम झा और खुशी कुमारी ने प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। हरियाणा की लोक प्रस्तुति वर्षा कुमारी और गुरु जयप्रकाश पाठक द्वारा दी गई, जिसने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।लोक गायन और लोक नृत्य की इन शानदार प्रस्तुतियों ने अहिल्या गौतम महोत्सव के दूसरे दिन को यादगार बना दिया और देर शाम तक दर्शक कार्यक्रम से जुड़े रहे।
नीतीश गवर्नमेंट ने बिहार कैडर के अफसरों की सिविल लिस्ट 2026 जारी कर दी है। इसमें 316 अधिकारियों के नाम हैं। इससे बिहार के सबसे पावरफुल IAS अधिकारियों की रैंकिंग सामने आई है। पता चला है कि मुख्यमंत्री सचिवालय रिटायर और जूनियर IAS अफसर संभाल रहे हैं। वहीं, टॉप-10 सीनियर अफसरों में 6 दिल्ली डेपुटेशन पर हैं। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत IAS की टॉप 10 की लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं। इनके ऊपर के 3 सीनियर अधिकारी दिल्ली में हैं। भास्कर की खास रिपोर्ट में जानिए, बिहार कैडर के कौन से अधिकारी टॉप 10 की लिस्ट में हैं। इसमें कितने बिहार में काम कर रहे हैं? CM नीतीश कुमार की टीम में कौन हैं? रिटायर और जूनियर IAS अफसर संभाल रहे मुख्यमंत्री सचिवालय मुख्यमंत्री सचिवालय CM नीतीश कुमार के कामों को संभालता है। बिहार सरकार में पावर सेंटर माने जाने वाले इस सचिवालय को रिटायर और जूनियर अधिकारी संभाल रहे हैं। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत IAS अफसरों की टॉप 10 लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं। नीतीश कुमार की टीम के अन्य अधिकारी सीनियारिटी के टॉप अफसरों को बिहार पसंद नहीं बिहार कैडर के टॉप सीनियर अफसरों को बिहार पसंद नहीं है। टॉप 10 IAS में से 6 डेपुटेशन पर दिल्ली में हैं। मोदी सरकार के लिए काम कर रहे हैं। ये अधिकारी हैं… टॉप टेन के 4 आईएएस अधिकारी बिहार में तैनात सीनियर अफसर गए तब प्रत्यय अमृत बने मुख्य सचिव बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत IAS अफसरों की सीनियारिटी की टॉप 10 की लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं। उनके ऊपर के तीन अधिकारी (आईएएस अंशुली आर्या (1989), आईएएस संजय कुमार (1990) और आईएएस केशव कुमार पाठक (केके पाठक-1990) दिल्ली गए हैं। रैंकिंग में जूनियर अधिकारी प्रत्यय अमृत को बिहार में सबसे पावरफुल पद (मुख्य सचिव) मिला है। किसे मुख्य सचिव बनाना है यह सीएम का विशेष अधिकार होता है। बिहार में बुलडोजर एक्शन के पीछे हैं ये अधिकारी ! उप-मुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी के विभाग द्वारा पूरे बिहार में बुलडोजर एक्शन से अतिक्रमण हटाए गए। जानिए उनकी टीम में कौन से अधिकारी हैं। उप-मुख्यमंत्री विजय सिन्हा की टीम में कौन-कौन अधिकारी? सबसे नीचे 2025 बैच के आईएएस अफसर सिविल लिस्ट 2026 में सबसे निचले पायदान (316 नंबर) पर 2025 बैच के आईएएस अधिकारी दीपक कुमार हैं। इसके बाद अमित मीणा ( 315 नंबर), प्रिंस राज (314 नंबर), निलेश गोवल (313 नंबर), कल्पना रावत (312 नंबर), चेतन शुक्ला (311 नंबर) और कुमुद मिश्रा (310 नंबर) हैं। ये सभी ट्रेनिंग पर हैं। IAS सिविल लिस्ट क्या होती है? सरकार हर साल अफसरों का सिविल लिस्ट जारी करती है। यह काम साल की शुरुआत में होता है। यह सरकारी अधिकारियों, विशेषकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों की ऑफिशियल लिस्ट होती है। इस लिस्ट में अधिकारियों के नाम, अलॉटमेंट वर्ष, वर्तमान पोस्टिंग, कैडर, शैक्षिक योग्यता और उनके करियर का पूरा रिकॉर्ड लिखा होता है। केंद्र सरकार का कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) हर साल इसे पब्लिश करता है। बिहार में सामान्य प्रशासन विभाग इसे जारी करता है। इस लिस्ट का इस्तेमाल प्रशासनिक कार्यों, अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग, प्रमोशन और नियुक्तियों के मैनेजमेंट में होता है। दरअसल, 'सिविल लिस्ट' शब्द ब्रिटिश शासन और राजशाही से आया है। इसमें पहले शाही परिवार के खर्चों और सरकारी कर्मचारियों के भुगतान के लिए आवंटित धन की जानकारी होती थी। 10 दिन तक आपत्तियां ली जाएंगी सरकार ने सिविल लिस्ट का फाइनल पब्लिकेशन से पहले प्रारूप जारी कर आपत्तियां मांगी है। इसके लिए 10 दिन समय दिया है। अगर किसी को कोई आपत्ति है तो वह इसे भेज सकता है।
आंध्रप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार व झारखंड सहित पांच राज्यों की टीमें पहुंची उदयपुर
पीएम श्री फतह उच्च माध्यमिक विद्यालय में 12 जनवरी से 69 वीं राष्ट्रीय विद्यालय हॉकी (19 वर्ष छात्र) प्रतियोगिता शुरू होगी। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए शनिवार से टीमों के पहुंचने का दौर शुरू हो गया। शनिवार को सुबह से रात तक आंध्रप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार एवं झारखंड की टीमे उदयपुर पहुंच गई हैं। परिवहन समिति के कार्मिकों ने टीमों के रेलवे स्टेशन से बस से उनके आवास स्थल सेंटर फॉर एक्सीलेंस भवन चित्रकूट नगर पहुंचाया। मुख्य नियंत्रण कक्ष में अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) मोहनलाल मेघवाल ने महत्वपूर्ण समितियों के प्रभारियों की समीक्षा बैठक ली। पीएमश्री फतह स्कूल के प्राचार्य व केंद्राध्यक्ष गजेंद्र आवोत ने बताया कि रविवार सुबह 4:00 बजे से टीमें उदयपुर पहुंचाना शुरू हो जाएगी। समीक्षा बैठक में आयोजन सचिव धर्मेंद्र सिंह शक्तावत, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ( विद्यालयी शिक्षा) उदयपुर के जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह झाला,प्रदेश संगठन मंत्री राजेंद्र सिंह सारंगदेवोत, राजस्थान शारीरिक शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री भेरूसिंह राठौड़, गोवर्धनसिंह झाला, एसडीएमसी सचिव गोपाल सिंह आसोलिया,चुन्नीलाल चंदेरिया मौजूद रहे। ये जानकारी प्रतियोगिता की मीडिया समिति के प्रभारी गोपाल मेहता मेनारिया ने आने दी। भास्कर नॉलेज... राष्ट्रीय प्रतियोगिता में मैदान 91.40 लम्बाई व 56 मीटर चौड़ाई प्लेइंग एरिया जरूरी है हॉकी के अन्तराष्ट्रीय प्रशिक्षक शकील हुसैन ने बताया कि इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए मैदान व अन्य व्यवस्थाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर की होना जरूरी है। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता मैदान 91.40 लम्बाई व 56 मीटर चौड़ाई प्लेइंग एरिया जरूरी है। इसके साथ ही 5 मीटर का चारो ओर कवरिंग एरिया होता है। अभी उदयपुर में महाराणा प्रताप खेल गांव में एस्ट्रोटर्फ इन्हीं मापदंडों से बना हुआ है। इसमें दो रैफरी होते हैं। एक टाइम कीपर और एक स्कोरर और एक थर्ड अम्पायर होता है। पांच ऑफिशियल मिलकर यह खेल करवाते हैं। एक हॉकी मुकाबले में 15-15 मिनट के चार क्वार्टर होते है। हर क्वार्टर के बीच दो मिनट का ब्रेक रखा जाता है, ताकि खिलाड़ी रिकवर हो सके। प्रशिक्षक इसी दौरान उन्हें निर्देशित भी करता है। करीब पांच साल पहले 35-35 दो क्वार्टर होते थे, जो कुल 70 मिनट का मुकाबला होता था, जिसे अब बदल दिया गया है। इसे इसलिए बदला गया है, क्योंकि खिलाड़ी की स्पीड बनी रहे, इसलिए इसे चार हिस्सों में बांट दिया गया। फेडरेशन ऑफ इंटरनेशनल हॉकी की ओर से ये नए मापदंड तय किए गए है। 60 मिनट के बाद दोनो टीमें यदि बराबरी पर होती है तो उन्हें पांच-पांच मिनट अतिरिक्त दिए जाते हैं। इसके बाद भी परिणाम नहीं आने पर टाइब्रेकर से फैसला लेते हैं। इसमें पांच-पांच खिलाड़ी दोनो ओर से एक-एक चांस लेते हुए पैनल्टी शूट आउट लेते हैं।
गोमो में निजी बिजली मिस्त्री ने की आत्महत्या:घर में फंदे पर लटका मिला शव, परिवार बिहार में रहता है
धनबाद के गोमो स्थित हटियाटांड बिजली ऑफिस के पास एक निजी बिजली मिस्त्री रामकिशुन ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह गोमो में अकेले रहता था। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार, रामकिशुन बीती रात खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चला गया था। सुबह जब उसके दोस्त उसे बुलाने पहुंचे, तो दरवाजा नहीं खुला। भीतर से बंद दरवाजा देखकर दोस्तों को संदेह हुआ। उन्होंने खिड़की से झांककर देखा तो रामकिशुन पंखे से फंदे के सहारे लटका हुआ मिला। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कमरे का मुआयना किया यह दृश्य देखते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर भीड़ लगा दी और तोपचांची थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कमरे का मुआयना किया और प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि मृतक का मानसिक संतुलन पिछले कुछ समय से ठीक नहीं था, जिसके कारण उसने यह आत्मघाती कदम उठाया होगा। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। मृतक का परिवार बिहार के गया जिले में रहता है, जिन्हें घटना की सूचना दे दी गई है। तोपचांची थाना पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर लिया है और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
Bihar News: यूट्यूब पर वीडियो देखकर झोलाछाप डॉक्टर ने किया ऑपरेशन, गर्भवती महिला की मौत
घटना के बाद आक्रोशित स्वजन और ग्रामीणों ने अवैध क्लिनिक के बाहर शव रखकर जमकर हंगामा किया। मामले ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में झोलाछाप डॉक्टरों की बढ़ती गतिविधियों और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भागलपुर में सर्दी का सितम जारी है। भीषण ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। जिले में न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। शिमला-मनाली जैसी ठंड का एहसास हो रहा है। घने कोहरे और सर्द पछिया हवा के कारण सुबह-शाम ठिठुरन बढ़ गई है। सड़कों पर आवाजाही कम रही। लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेने को मजबूर हैं। ठंड और कुहासे के बीच शहर के सैंडिस मैदान में एक अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। जहां आम लोग ठंड से राहत पाने के लिए घरों में दुबके हुए हैं, वहीं सैकड़ों युवा कंपकंपी भरी ठंड में पसीना बहाते नजर आ रहे हैं। सुबह छह बजे से दोपहर 12 बजे तक मैदान में बिहार पुलिस भर्ती की तैयारियों में जुटे युवाओं की भीड़ देखने को मिलती है। ठंड की परवाह नहीं खास बात यह है कि इस तैयारी में आधी आबादी की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है। युवकों के साथ युवतियां कंधे से कंधा मिलाकर दौड़ लगाती और अभ्यास करती नजर आती हैं। ठंड की परवाह किए बिना महिलाएं भी पूरी लगन के साथ अपने लक्ष्य की ओर कदम बढ़ा रही हैं। मैदान में मौजूद ट्रेनर युवाओं को दौड़ के साथ-साथ अलग-अलग योग और शारीरिक अभ्यास की ट्रेनिंग देते हैं। अनुशासन और टाइमिंग का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। ठंड के बावजूद युवाओं का उत्साह और जोश कम होता नजर नहीं आ रहा है। हर चेहरे पर सरकारी नौकरी पाने और वर्दी पहनने का जुनून साफ दिखाई देता है। तैयारियों पर मौसम का असर नहीं शिल्पी ने बताया कि बिहार पुलिस में चयन होकर न सिर्फ आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं, बल्कि समाज में महिलाओं की मजबूत मौजूदगी भी दर्ज कराना है। भीषण ठंड और कुहासे के बावजूद सैंडिस मैदान में उमड़ता यह उत्साह यह साबित करता है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और इरादे मजबूत हों, तो मौसम की मार भी हौसले को कमजोर नहीं कर सकती।
दरभंगा में 14वें राजकीय अहिल्या गौतम महोत्सव के पहले दिन संध्या कालीन सांस्कृतिक सत्र का भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन मुख्य अतिथि सह बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने दीप प्रज्वलित कर किया। इससे पूर्व न्यास समिति की ओर से अतिथियों का स्वागत मिथिला की परंपरा के अनुसार अंगवस्त्र और मिथिला पाग पहनाकर किया गया। पर्यटन मंत्री ने अहिल्या भूमि को नमन करते हुए कहा कि एनडीए सरकार इस पावन स्थल के विकास के लिए सदैव प्रतिबद्ध रही है और आगे भी रहेगी। स्थानीय विधायक की ओर से दिए गए विकास प्रस्ताव अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके लिए करीब 100 करोड़ रुपए की आवश्यकता होगी। अब समय आ गया है कि अहिल्या भूमि को संवारने और संजोने का कार्य किया जाए। क्योंकि पर्यटन विभाग अब रोजगार उन्मुखी परियोजनाओं पर फोकस कर रहा है। बाबा विद्यापति स्थल और गिरिजा स्थान के विकास के लिए राशि का आवंटन कर दिया गया है। बिहार में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण पर्यटन मंत्री ने आगे कहा कि नारी कभी अधम नहीं होती। जिस समाज में नारी को सम्मान नहीं मिलता, वहां स्वयं प्रभु श्रीराम का आगमन होता है। बिहार आज नारी सशक्तीकरण का केंद्र बन चुका है। महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देकर उन्हें आगे बढ़ाने का ऐतिहासिक कार्य किया गया है। मंत्री ने स्थानीय विधायक जीवेश कुमार की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि अहिल्या स्थान ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मिथिला क्षेत्र के विकास में उनका अहम योगदान रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि बहुत जल्द अहिल्या स्थान का सर्वांगीण विकास होगा। शंखनाद से कार्यक्रम का शुभारंभ वहीं, पूर्व बीजेपी विधायक हरिभूषण ठाकुर बचोल ने सनातन समाज के लोगों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि एकता में ही विकास निहित है। सांस्कृतिक सत्र में विपिन मिश्रा के शंखनाद से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके बाद कुंज बिहारी, अमर आनंद सहित अन्य कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बजरंग म्यूजिकल ग्रुप के रघुवीर की ओर से प्रस्तुत भक्ति गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सह स्थानीय विधायक जीवेश कुमार, पूर्व विधायक और अहिल्या स्थान न्यास समिति के संरक्षक हरिभूषण ठाकुर बचोल, दरभंगा ग्रामीण के विधायक राजेश मंडल उर्फ ईश्वर मंडल, प्रमुख फूलो बैठा, नगर पंचायत कमतौल-अहियारी के मुख्य पार्षद सह न्यास के कोषाध्यक्ष रंजित प्रसाद, श्यामा न्यास समिति के एस.एन. झा एवं कमलाकांत झा, अहिल्या स्थान न्यास के अध्यक्ष बालेश्वर ठाकुर, अपर समाहर्ता आपदा सलीम अख्तर, एसडीओ विकास कुमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य लोग मौजू रहे।
रेवाड़ी नगर परिषद का कार्यकाल इसी माह पूरा हो जाएगा। चेयरमैन पद किस वर्ग के लिए आरक्षित होगा, इसके लिए ड्रा 22 जनवरी को होगा। भाजपा ने उससे पहले ही जमीनी स्तर पर चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। चेयरमैन पद के लिए उम्मीदवार का नाम फाइनल करने से पहले पार्टी ने बिहार की सर्वे टीम को मैदान में उतार दिया है। टीम गुपचुप तरीके से लोगों के बीच जाकर चेयरमैन पद के लिए संभावित चेहरों का फीडबैक लेकर उनकी रिपोर्ट पार्टी को सौंपेगी। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और प्रदेश सरकार के मंत्री राव नरबीर सिंह समर्थकों में से किसको टिकट मिलेगी या कोई तीसरा बाजी मारेगा, अभी यह सभी के लिए जिज्ञासा बनी हुई है। वार्डों का पहले ही हो चुका आरक्षणरेवाड़ी नगर परिषद 32 वार्ड हैं। इस साल फरवरी में होने वाले चुनाव के लिए वार्डों की संख्या 31 से बढ़ाकर 32 की गई है। वार्ड संख्या 3, 24, 27, 28, 30 और 32 एससी वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। जिनमें से एससी महिला के लिए 27 और 30 वार्ड आरक्षित किए गए हैं।इसी प्रकार से बीसीए के लिए वार्ड संख्या 9,13,16 और बीसीबी के लिए 11, 20, 25 और 26 आरक्षित किए गए हैं। बीसीए की महिला के लिए वार्ड 13 और बीसीबी की महिला के लिए 11 और 20 आरक्षित किए गए हैं।अब तक राव इंद्रजीत का दबदबारेवाड़ी, महेद्रगढ़ और गुरुग्राम में पार्टी राव इंद्रजीत सिंह की पसंद को प्राथमिकता देती रही है। राव नरवीर सिंह को मनोहर लाल सरकार पार्ट वन में पॉवरफुल मंत्री माना जाता था। 2019 में कई नेता राव नरबीर का साथ पाकर टिकट पाना चाहते थे और राव नरबीर ह बादशाहपुर से खुद की टिकट भी नहीं बचा पाए थे। हालांकि 2024 में राव इंद्रजीत सिंह राव नरबीर सिंह को टिकट पाने और नायब मंत्रीमंडल का चेहरा बनने से रोकने में सफल नहीं हो पाए।पूनम यादव राव इंद्रजीत सिंह की पंसद2020 के नगर परिषद चुनाव में कई दिग्गज टिकट पाने के लिए आकाओं की प्रक्रिमा की। पार्टी ने राव इंद्रजीत सिंह की पसंद पर पूनम यादव को अपना उम्मीदवार बनाया। धारूहेड़ा में निर्दलीय चुनाव जीते कंवर को शपथ लेने से पहले राव इंद्रजीत सिंह की शरण लेने के लिए विवश होना पड़ा था। हालांकि चुनाव में मिली जीत के बाद कंवर सिंह ने चंडीगढ़ पहुंचकर तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल सहित कई नेताओं से मुलाकात की थी। बावजूद इसके कई माह तक उनकी शपथ नहीं हो पाई थी। राव इंद्रजीत समर्थक उत्साहित, लेकिन उनमें बेचैनी भीराव इंद्रजीत सिंह ने 2019 में रेवाड़ी से सुनील मुसेपुर और कोसली से लक्ष्मण सिंह यादव के रूप में नए चेहरों को विधानसभा का टिकट दिलवाया। सुनील मुसेपुर को हार और लक्ष्मण सिंह को जीत मिली। 2024 में लक्ष्मण सिंह को कोसली से रेवाड़ी शिफ्ट किया और कोसली से अनिल यादव और बावल से डा. कृष्ण कुमार को टिकट दिलवाई और दोनों चुनाव जीत गए। बावल से मनोहर लाल सरकार वन और टू में मंत्री रहे डॉ. बनवारी को राव इंद्रजीत सिंह की नाराजगी के चलते टिकट से हाथ धोना पड़ा। ऐसे में राव इंद्रजीत सिंह समर्थक उत्साहित तो हैं, परंतु पार्टी की रणनीति से बेचैनी भी है। स्टेट कोऑर्डिनेटर का दावा परिवार पहचान प्राधिकरण के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने दावा है कि नप चुनाव में कमल का फूल ही जीतेगा। चेयरमैन उम्मीदवार के लिए पार्टी अंदरूनी सर्वे करवा रही है। जिससे जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने वाले उम्मीदवार को टिकट दिया जा सके। पार्टी का लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि ऐसे प्रतिनिधि चुनना है जो जनसेवा को प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी छवि एक जननेता के रूप में स्थापित की है।
उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद वोटरों की जारी की गई सूची में 2.89 करोड़ के नाम कट गए। इनमें करीब 46.23 लाख मृत और 25.47 लाख डुप्लीकेट वोटर थे। 1.29 करोड़ मतलब 8.40% वोटर स्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं। जबकि, 79.52 लाख मतदाता अनट्रेसेबल रहे। यानी बीएलओ इन मतदाताओं को ढूंढ नहीं पाए। 7.74 लाख नाम अन्य कारणों से हटे हैं। चुनाव आयोग ने सूची से बाहर किए गए लोगों को एक मौका दिया है। एक महीने तक चलने वाली दावा-आपत्ति की प्रक्रिया में शामिल होकर वे वोटर बन सकते हैं। यूपी समेत 12 राज्यों में हो रहे SIR से पहले यह प्रक्रिया बिहार में हुई थी। यूपी-बिहार की तासीर एक जैसी मानी जाती है। दोनों के सामाजिक और आर्थिक हालात भी कमोबेश एक जैसे हैं। पलायन दोनों प्रदेशों की एक समान मजबूरी है। ऐसे में अगर बिहार के ट्रेंड को यूपी के परिदृश्य में समझें तो क्या तस्वीर बनेगी? फरवरी में जो अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी, उसमें कितने वोटर और बढ़ेंगे? दावा-आपत्ति के बाद कितने और नाम कटेंगे? पढ़िए दैनिक भास्कर का यह एनालिसिस… बिहार विधानसभा से पहले जुलाई में SIR की प्रक्रिया शुरू की गई थी। SIR से पहले बिहार में 24 जून, 2025 को 7.89 करोड़ वोटर थे। लेकिन SIR की प्रक्रिया के बाद 1 अगस्त को जो अंतरिम सूची जारी हुई, उसमें 65.64 लाख मतदाताओं के नाम कट गए। मतलब, बिहार में 8.32% वोटरों के नाम कटे थे। इस पर बिहार में काफी हल्ला मचा था। कांग्रेस ने तो SIR को मुद्दा बनाते हुए पूरे प्रदेश में यात्रा तक निकाली थी। हालांकि, चुनाव परिणाम आने के बाद SIR के मुद्दे की हवा निकल चुकी थी। खैर, हम बिहार के राजनीतिक एंगल को छोड़कर सिर्फ SIR के ट्रेंड को पकड़कर यूपी के परिदृश्य में आगे बढ़ते हैं। बिहार की तुलना में यूपी में SIR से पहले 15.44 करोड़ वोटर थे। यह बिहार के SIR से पहले के वोटरों की तुलना में 1.96 गुना ज्यादा है। अब SIR के बाद अंतरिम सूची में कटे वोटरों की संख्या की तुलना करते हैं। बिहार में 8.32% वोटरों के नाम कटे थे। जबकि यूपी में यह आंकड़ा 18.70% है, जो बिहार की तुलना में यूपी में 2.25 गुना अधिक है। दावा-आपत्ति के बाद बिहार में 21.53 लाख नए नाम जुड़े थेSIR प्रक्रिया के बाद वोटर लिस्ट से बाहर रह गए वोटरों के लिए फॉर्म-6 भरकर वोटर बनने का मौका दिया गया है। मतलब, ऐसे वोटर चुनाव आयोग के बताए 12 दस्तावेजों के आधार पर फिर से वोटर बन सकते हैं। बिहार में दावा-आपत्ति की प्रक्रिया के बाद इसी तरह 21.53 लाख नए नाम जुड़े थे। राजनीतिक विशेषज्ञ कहते हैं कि बिहार और उत्तर प्रदेश में SIR प्रक्रिया समान है, लेकिन डिलीशन का प्रतिशत अलग-अलग है। बिहार में 8.32% तो यूपी में 18.70% है। इसलिए नए नाम जुड़ने का ट्रेंड पूरी तरह एक जैसा नहीं हो सकता। विशेषज्ञ कहते हैं कि बड़े डिलीशन वाले राज्यों में दावा-आपत्ति के दौरान ज्यादा री-इनक्लूजन (गलत हटाए गए नाम वापस जोड़ना) और नए रजिस्ट्रेशन हो सकते हैं। फिर भी, अगर हम बिहार की तरह ही यूपी में ट्रेंड मानकर गणना करें तो यूपी में 48.44 लाख नए नाम और जुड़ेंगे। दावा-आपत्ति के दौरान बिहार में 3.66 लाख कटे थे नामयूपी में 6 जनवरी से 6 फरवरी तक दावा-आपत्ति करने का मौका दिया गया है। इस दौरान जो नाम वोटर लिस्ट में प्रकाशित हो चुका है, उस पर भी आपत्ति दर्ज कराने का मौका रहेगा। मतलब, राजनीतिक दलों की ओर से नियुक्त बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) या उस बूथ का कोई सामान्य नागरिक किसी नाम पर आपत्ति करता है, तो उसे भी हटाया जाएगा। लेकिन, इससे पहले उस व्यक्ति को नोटिस जारी करके अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा। बिहार में इसी तरह की एक महीने की दावा-आपत्ति की प्रक्रिया के दौरान 3.66 लाख नाम और कटे थे। बिहार में SIR की प्रक्रिया के बाद अंतरिम सूची में 7.24 करोड़ वोटर बचे थे। इसमें से भी दावा-आपत्ति के बाद 3.66 लाख और कम हो गए थे। जबकि यूपी में SIR की अंतरिम सूची के बाद 12.55 करोड़ वोटर बचे हैं। बिहार जैसा ही ट्रेंड रहा, तो यूपी में भी 6.40 लाख वोटरों के नाम और कट सकते हैं। यूपी में 42.04 लाख वोटर और बढ़ सकते हैंमतलब, दावा-आपत्ति के बाद जहां 48.44 लाख वोटरों के नाम और जुड़ सकते हैं। वहीं, 6.40 लाख के नाम और कट सकते हैं। इस तरह नेट 42.04 लाख वोटर बढ़ सकते हैं। 6 फरवरी के बाद प्रकाशित होने वाली अंतिम सूची में यूपी में लगभग 12.97 करोड़ मतदाता हो सकते हैं। SIR की ड्राफ्ट लिस्ट के बाद आपके सवाल और उनके जवाब ड्राफ्ट सूची में नाम कैसे चेक करें? ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम न हो तो क्या करें? कौन-सा फॉर्म कब भर सकते हैं, क्या ऑनलाइन भी भर सकते हैं? आवेदन पत्र कहां से मिलेंगे, कहां जमा होंगे? पहली बार वोट डालने के योग्य हुए तो क्या करें? फॉर्म भरकर जमा करने के बाद क्या होगा? क्या ड्राफ्ट सूची के नाम भी कट सकते हैं? ---------------------- ये खबर भी पढ़ें- यूपी के मुस्लिम बहुल जिलों में 20% वोटर कम हुए, लखनऊ में 12 लाख नाम कटे; टॉप-10 जिले, जहां सबसे ज्यादा असर यूपी में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट जारी हो गई है। इसमें 2.89 करोड़ (18 फीसदी) नाम कट गए हैं। सबसे ज्यादा राजधानी लखनऊ के वोटरों के नाम कटे हैं। यहां 30.05 फीसदी तक वोट कट गए। पहले यहां 39.94 लाख वोटर थे, अब 27.94 लाख ही बचे हैं। यानी करीब 12 लाख वोटरों के नाम कटे। पढ़िए पूरी खबर...
23 दिसंबर की बात है। गाजियाबाद में कौशाम्बी थाने के SHO अजय शर्मा बिहारी मार्केट की झुग्गियों में पहुंचे। उनके साथ लोकल पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान भी थे। अजय शर्मा टीम के साथ वहां रहने वालों की नागरिकता चेक करने लगे। SHO ने झुग्गी में रहने वाले 52 साल के मोहम्मद कैसर आलम से कागज दिखाने को कहा। पूछ कि कहां के रहने वाले हो, बांग्लादेशी तो नहीं हो। फिर बोले कि मशीन लगाओ इनकी पीठ पर। फिर उन्होंने मोहम्मद कैसर की पीठ की ओर हाथ किया, जैसे कुछ चेक कर रहे हों। फिर बोले, 'ये तो बता रही है कि तुम बांग्लादेशी हो।' घटना का वीडियो वायरल हुआ और पहचान के इस तरीके पर सवाल उठने लगे। SHO अजय शर्मा ने सफाई दी कि वे मजाक कर रहे थे। वहीं कैसर आलम इस तरह पूछताछ से परेशान हैं। वे कहते हैं, 'हमने बताया कि हम बिहारी हैं, लेकिन पुलिसवाले घर आकर आधार कार्ड, पहचान पत्र और बाकी कागजात मांगने लगे।' यूपी में पुलिस 'ऑपरेशन टॉर्च' चला रही है। इसके तहत पुलिस अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है। दिल्ली में भी बांग्लादेशियों की धरपकड़ की जा रही है। पिछले साल दिल्ली और आस-पास के इलाकों में 2200 से ज्यादा बांग्लादेशी पकड़े गए हैं। गाजियाबाद पुलिस के पास स्कैन करके नागरिकता पहचानने वाली कौन सी मशीन है, 23 दिसंबर को चेकिंग के दौरान क्या हुआ था, वीडियो में दिख रहे कैसर आलम और बस्ती वालों से पुलिस ने क्या पूछताछ की, हमने ग्राउंड पर पहुंचकर जाना। बाढ़ से परेशान होकर बिहार छोड़ा, दिल्ली आकर बसेहम गाजियाबाद के वैशाली सेक्टर-3 में बने बिहारी मार्केट की झुग्गी में पहुंचे। ये इलाका कौशाम्बी थाना क्षेत्र में आता है। दिल्ली नगर निगम ने करीब 15 साल पहले बिहारी मार्केट के लिए 4 बाई 4 और 5 बाई 5 की करीब 30 दुकानें बनवाई थीं। इन्हीं में लोग बस्ती बसाकर रहने लगे। इनमें ज्यादातर मुस्लिम हैं। बस्ती के हाल बहुत अच्छे नहीं हैं। झुग्गियों के बाहर मिट्टी का चूल्हे बने है। नहाने और शौच के लिए पब्लिक टॉयलेट है, जहां रोज के 30 रुपए देने होते हैं। बस्ती में रहने वाले 52 साल के मोहम्मद कैसर आलम के पिता बिहार के अररिया जिले के जोकीहाट से काम की तलाश में दिल्ली आए और यहीं बस गए। कैसर बीते 25 साल से पेंटर का काम कर रहे हैं। वायरल वीडियो को लेकर कैसर दावा करते हैं कि सिर्फ उनकी बस्ती में ही जांच की गई। आसपास की बस्तियों में नहीं हुई। वीडियो भी पुलिसवालों ने ही बनाया। पुलिस ने सबके कागजात चेक किए और फिर चले गए। पुलिसवालों ने ऐसा नहीं कहा कि तुम बांग्लादेशी हो, यहां मत रहो। सब जानते हैं कि हम बिहार से हैं। अररिया में आज भी मोहम्मद कैसर का मकान है। इसी पते पर उनका आधार कार्ड बना है। वे बिहार छोड़कर दिल्ली आने की वजह बाढ़ को बताते हैं। कैसर कहते हैं, ‘वहां हर साल बाढ़ से फसल बर्बाद हो जाती है। साल भर की मेहनत पानी में बह जाती है। फिर यहां मजदूरी करके बाल-बच्चों का गुजारा करते हैं। अभी दो बेटियों की शादी की तो बहुत कर्ज हो गया। काम भी बंद है।’ वायरल वीडियो में आधार कार्ड दिखा रही महिला मोहम्मद कैसर की साली रोशनी खातून हैं। 22 साल की रोशनी भी बिहारी मार्केट की झुग्गी में पति और दो बच्चों के साथ रहती हैं। रोशनी कहती हैं कि हम सभी अररिया जिले से हैं। आधार और पैन कार्ड सब बिहार के एड्रेस पर हैं। 23 दिसंबर की घटना याद कर रोशनी बताती हैं, ‘मैं सामान लेने बाहर जा रही थी, तभी पुलिस वाले आ गए। बोले- आईडी दिखाओ। मैंने फोन पर दिखाई कि तभी जीजा जी (कैसर आलम) आ गए। उनसे भी आईडी मांगी। वो निकालने लगे तो पुलिस वाले बोले कि सही-सही बताओ कि कहां के रहने वाले हो।‘ ‘फिर पुलिसवाले कहने लगे कि उनके पास मशीन है, जिसे शरीर पर लगाते ही पता चल जाएगा कि बांग्लादेशी हो या बिहारी। एक पुलिस वाले ने जीजा जी के कंधे पर मशीन लगा दी। मशीन में बोला कि तुम बांग्लादेशी हो। पता नहीं कौन सी मशीन थी।‘ 'यहां कोई बांग्लादेशी नहीं, पहले ऐसी जांच नहीं हुई'38 साल के मोहम्मद दिलबर भी बिहारी मार्केट की झुग्गियों में रहते हैं। वे कहते हैं, ‘यहां पहले कभी ऐसी जांच नहीं हुई। हालांकि हमारी बस्ती में सभी बिहार से हैं, कोई बांग्लादेशी नहीं है। बिहार और बांग्लादेश के लोग अलग दिख जाते हैं। हमारी भाषा से ही पता चल जाता है।' 'अधिकारी पढ़े-लिखे हैं, वे दो मिनट में सब पकड़ लेते हैं। उन्होंने कोई जबरदस्ती नहीं की। इससे पहले भी पुलिस ने कभी बेवजह परेशान नहीं किया। वीडियो वायरल होने के बाद भी कोई दिक्कत नहीं हुई। पुलिस दोबारा बस्ती में नहीं आई।‘ 'लोग पहचान जानने आए, बस्ती का हाल कोई नहीं देखता'बिहारी मार्केट के पास ही रहने वाले तालिफ कॉन्ट्रैक्टर हैं। रंगाई-पुताई का काम करवाते हैं। वे खुद को मोहम्मद कैसर का रिश्तेदार बताते हैं। तालिफ कहते हैं, ‘पुलिस आईडी चेक कर रही थी और खुद ही वीडियो बना रही थी। वीडियो 23 दिसंबर को वायरल नहीं हुआ। 4-5 दिन बाद हुआ, तब लोगों ने देखा। हमने प्रूफ दिखा दिया, तो पुलिस चली गई। कोई दिक्कत नहीं हुई।‘ ‘वीडियो वायरल होने के बाद यहां काफी लोग आ चुके हैं, लेकिन किसी को बस्ती का हाल नहीं नजर आया। यहां कितनी गरीबी है, पढ़ाई-लिखाई की सुविधा तक नहीं है। गंदगी से बच्चे बीमार पड़ जाते हैं।‘ यहां सरकार से राशन या बाकी कोई मदद नहीं मिलती है। अब बांग्लादेशियों की जांच हुई, तब यहां पुलिस और मीडिया आई है। पहले तो कोई पूछने तक नहीं आता था। बस्ती के हालात से लोग नाराजरोशनी भी घटना के साथ ही बस्ती के खराब हालात का जिक्र करती हैं। वे कहती हैं, ‘बस्ती में संकरी गलियां हैं, छोटे-छोटे घरों में चार-पांच लोग मुश्किलों में रह रहे हैं। ज्यादातर लोग दिहाड़ी पर काम करते हैं। आसपास अस्पताल न होने और गरीबी की वजह से बच्चों की डिलीवरी घर पर ही होती है। इसलिए उनका बर्थ सर्टिफिकेट नहीं बन पा रहा। सरकारी स्कूल में एडमिशन नहीं मिल रहा। पुलिसवाले जांच करने तो झुग्गी में आ गए, लेकिन हमारी मदद करने कोई नहीं आता है।‘ मोहम्मद कैसर भी बस्ती की हालत पर चिंता जताते हुए कहते हैं, ‘30-35 झुग्गियां हैं। हर झुग्गी में 4 से 5 लोग रहते हैं। ऐसे में बच्चे पढ़ाई कहां और कैसे करें। इतनी कम कमाई में किसी एक बच्चे का एडमिशन ही करा पाते हैं, बाकी अनपढ़ रह जाते हैं। हमारे चारों बच्चे अनपढ़ हैं। हम भी पढ़ाना चाहते थे, लेकिन हालात ऐसे नहीं थे कि पढ़ा पाएं। हमारा बस एक ही काम है कि दिन भर मेहनत करके शाम को दो वक्त की रोटी खाओ।‘ सफाई में बोले SHO- कोई मशीन नहीं है, मजाक किया था5 जनवरी को हम कौशांबी थाना पहुंचे। SHO अजय शर्मा ने हमसे बात करने से मना कर दिया। हालांकि 2 जनवरी को उन्होंने दैनिक भास्कर से ही बात करते हुए घटना पर सफाई दी थी। तब उन्होंने कहा था, ‘झुग्गियों में लोगों का सत्यापन किया जा रहा था। मेरा मकसद सिर्फ इतना था कि तलाशी के दौरान ये लोग सच बोलें। इलाके में पहले भी 5 बांग्लादेशी गिरफ्तार हो चुके हैं। कौशाम्बी थाने में FIR भी दर्ज है। जो भी झुग्गी झोपड़ी में रह रहा है, उनकी जांच के लिए ऊपर से निर्देश हैं। सत्यापन जरूरी है।‘ क्या आपके पास कोई ऐसी मशीन है, जो नागरिकता चेक कर सकती है? इस सवाल पर अजय शर्मा कहते हैं, ‘मेरे पास ऐसी कोई मशीन नहीं है। मैंने ये गलत तरीके से नहीं कहा था। मजाकिया अंदाज में बोल रहा था कि आप कहां के रहने वाले हो, सही बताओ नहीं तो मशीन बता देगी। मेरा मकसद सिर्फ सच जानना था।‘ बांग्लादेशी कहने के सवाल पर अजय शर्मा कहते हैं कि मेरी मंशा सिर्फ इतनी थी कि वो लोग सच बोलें। मैं उनसे कोई जबरदस्ती नहीं कर रहा था। SHO को वॉर्निंग मिली, पहले भी रहे हैं विवादों मेंACP इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि अपराध रोकने के लिए पुलिस समय-समय पर झुग्गी-झोपड़ी और अस्थायी बस्तियों में रहने वाले लोगों से पूछताछ करती है। उनकी जांच करती है। ऐसे ही कौशाम्बी पुलिस ने लोगों की पहचान के लिए उनके दस्तावेज देखे। वीडियो वायरल हुआ, तब SHO अजय शर्मा को डिपार्टमेंट से चेतावनी दी गई कि ऐसा व्यवहार दोबारा ना हो। सभी तथ्यों की जांच कर एक्शन लिया जा रहा है।’ अजय शर्मा का नाम पहले भी विवादों में रहा है। जून, 2022 में मेरठ के पल्लवपुरम थाने में उनके खिलाफ एक रेप केस दर्ज हुआ था। तब वे दरोगा हुआ करते थे। बाद में आरोप सही नहीं पाए गए और इस केस में एफिडेविट लगा दिया गया। अवैध नागरिकों को वापस भेजने की प्रोसेस मुश्किलअवैध तरीके से भारत में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजने की प्रोसेस बहुत मुश्किल है। इसमें सिक्योरिटी, कानून और डिप्लोमेसी शामिल होते हैं। भारत में इस प्रोसेस को डिपोर्टेशन या पुश बैक कहते हैं। पूरी प्रोसेस 5 स्टेप में होती है। 1. पहचान करके हिरासत में लेनापुलिस या खुफिया एजेंसियां संदिग्धों की पहचान करती हैं। इसके लिए अक्सर झुग्गी बस्तियों में छापेमारी होती है। अगर पकड़े गए संदिग्ध के पास भारतीय नागरिकता का सबूत जैसे- वोटर आईडी या पासपोर्ट नहीं मिलता तो उसे विदेशी नागरिक अधिनियम 1946 के तहत हिरासत में लिया जाता है। डिपोर्ट करने की प्रोसेस पूरी होने तक उसे जेल की बजाय डिटेंशन सेंटर में रखा जाता है। 2. दूतावास को खबर देनाहिरासत में लेने के बाद विदेश मंत्रालय बांग्लादेश हाई कमीशन को खबर देता है। बांग्लादेश के अधिकारी हिरासत में लिए गए शख्स से मिलते हैं और यह कंफर्म करते हैं कि क्या वो सच में बांग्लादेश का नागरिक है। 3. नागरिकता का वेरिफिकेशनये सबसे मुश्किल स्टेज है। बांग्लादेश के अधिकारी उस शख्स के बताए पते की जांच करवाते हैं। अक्सर अवैध प्रवासी गलत पता बताते हैं या बांग्लादेश सरकार उन्हें अपना नागरिक मानने से इनकार कर देती है। ऐसा होने पर भारत उन्हें वापस नहीं भेज सकता। 4. ट्रैवल परमिट जारी करनाएक बार नागरिकता की पुष्टि हो जाने पर बांग्लादेश हाई कमीशन ट्रैवल परमिट जारी करता है। ये एक तरह का अस्थायी पासपोर्ट होता है। ये परमिट सिर्फ एक बार यात्रा के लिए होती है ताकि कोई सीमा पार कर सके। 5. हैंडओवरपरमिट मिलने के बाद BSF और पुलिस उस व्यक्ति को भारत-बांग्लादेश सीमा पर ले जाती है। वहां फ्लैग मीटिंग होती है और कागजी कार्रवाई के बाद व्यक्ति को बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश को सौंप दिया जाता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, किसी को भी सिर्फ शक के आधार पर विदेशी बताकर डिपोर्ट नहीं किया जा सकता। इसके लिए फॉरेनर ट्रिब्यूनल या कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। बिना साबित हुए किसी को बांग्लादेशी कहना मानहानि और मानवाधिकार उल्लंघन का मामला बन सकता है।.................ये खबर भी पढ़ें... ‘4500 टका दिए, एजेंट ने भारत पहुंचा दिया’ दलाल के जरिए भारत आए। आधार कार्ड से लेकर वोटर आईडी तक बनवा ली। एक तो पश्चिम बंगाल पुलिस में सिपाही बन गया। ये कहानी उन बांग्लादेशियों की है, जो अवैध तरीके से भारत में घुसे हैं। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR में पश्चिम बंगाल से करीब 58 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने के लिए आइडेंटिफाई किए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें...
तेजस्वी के 20 विधायक किसके संपर्क में:खरमास के बाद खेला करेंगे नेताजी, बिहार पुलिस का योगी वाला मॉडल
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
लालू परिवार की संपत्तियां बिहार के सरकारी खजाने की लूट का परिणाम : डॉ. धर्मशीला गुप्ता
भास्कर न्यूज| दरभंगा भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. धर्मशीला गुप्ता ने लैंड फॉर जॉब मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट की ओर से लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती पर आरोप तय किए जाने के आदेश को राजद की परिवारवादी और भ्रष्ट राजनीति के अंत की शुरुआत बताया है। डॉ. गुप्ता ने कहा कि लालू यादव का पूरा परिवार वर्षों से पॉलिटिकल-क्रिमिनल सिंडिकेट की तरह काम करता रहा है और अदालत के इस निर्णय से यह पूरी तरह साबित हो गया है। कोर्ट का यह निर्णय राजद के तथाकथित सामाजिक न्याय के खोखले दावों को बेनकाब करती है। उन्होंने कहा कि इस परिवार ने राजनीति को जनसेवा नहीं, बल्कि भ्रष्ट आचरण के जरिये अकूत संपत्ति बनाने का टूल बना लिया। सत्ता में रहते हुए रेलवे और बिहार सरकार जैसी संस्थाओं को निजी जागीर समझकर इस्तेमाल किया गया। नौकरी के बदले जमीन लेकर गरीबों, बेरोजगार युवाओं और मजबूर लोगों का शोषण किया गया। डॉ. धर्मशीला गुप्ता ने आरोप लगाया कि पूरे देश में फैली लालू परिवार की संपत्तियां बिहार के सरकारी खजाने की लूट का परिणाम हैं। बिहार की गरीब जनता को लूटकर इस परिवार ने अपने लिए संपत्ति का साम्राज्य खड़ा किया, जबकि राज्य को पिछड़ेपन और अराजकता में झोंक दिया गया।
कैमूर जिले के भभुआ के निजी कार्यक्रम में पहुंचे बिहार सरकार के पूर्व मंत्री संतोष सिंह ने बताया दुर्घटना में घायल मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वालों को पहले ₹10000 की राशि दी जाती थी लेकिन अब सरकार ने प्रावधान कर दिया है कि राशि 10000 से बढ़कर ₹25000 कर दी गई है। जिससे मरीजों की जान बचाने वाले लोग और आगे आएंगे और लोगों को सही समय पर उचित उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा। बिहार सरकार के परिवहन विभाग ने सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 'अच्छा समरिटन योजना' को अधिक प्रभावी बनाने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत, दुर्घटना स्थल पर घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल पहुंचाने या प्राथमिक उपचार देने वाले व्यक्ति को अब 25,000 रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। पहले यह राशि 10,000 रुपए थी। लोगों में मदद की भावना को प्रोत्साहित करना उद्देश्य इस निर्णय का मुख्य लक्ष्य 'गोल्डन आवर' में घायलों की जान बचाना और लोगों में मदद की भावना को प्रोत्साहित करना है। परिवहन विभाग ने योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सभी जिलों में विशेष जागरूकता टीमें गठित करने के निर्देश जारी किए हैं। प्रभावी माध्यमों से प्रचार करने का स्पष्ट दिशा-निर्देश दिया गया ये टीमें ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में लोगों को योजना की जानकारी देकर अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करेंगी। विभागीय अधिकारियों को होर्डिंग, बैनर, पोस्टर, स्थानीय समाचार पत्र, रेडियो, सोशल मीडिया तथा अन्य प्रभावी माध्यमों से प्रचार करने का स्पष्ट दिशा-निर्देश दिया गया है। विभाग का मानना है कि इनाम राशि में वृद्धि से दुर्घटना के समय लोग बिना किसी हिचकिचाहट के आगे आएंगे और अनावश्यक मौतों की संख्या में कमी आएगी। यह कदम सड़क सुरक्षा, मानवीय संवेदना और त्वरित राहत को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।
मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने निजी विद्यालयों में कमजोर वर्ग एवं अलाभकारी समूह के छात्रों के ऑनलाइन नामांकन को लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। यह प्रक्रिया शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए ज्ञानदीप पोर्टल के माध्यम से संचालित की जाएगी। शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(c) के तहत मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में इन छात्रों का प्रवेश अनिवार्य है। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को ज्ञानदीप पोर्टल को 'गो लाइव' करने के संबंध में निर्देश दिए हैं। 02 जनवरी 2026 को 'गो लाइव' किया गया शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ज्ञानदीप पोर्टल को 02 जनवरी 2026 को 'गो लाइव' किया गया है। इसके तहत छात्र पंजीकरण 02 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक होगा। पंजीकृत छात्रों का सत्यापन 03 जनवरी 2026 से 02 फरवरी 2026 तक किया जाएगा। ऑनलाइन स्कूल आवंटन 06 फरवरी 2026 को होगा सत्यापित छात्रों को ऑनलाइन स्कूल आवंटन 06 फरवरी 2026 को होगा, जबकि चयनित छात्रों का विद्यालय में प्रवेश 07 फरवरी 2026 से 21 फरवरी 2026 तक चलेगा। शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(c) के तहत प्रवेश की ऑनलाइन प्रणाली के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए http://gyaodei.rte.bihar.gov.in/ लिंक के माध्यम से निर्देशित समय सारणी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
सोमनाथ मंदिर पर हुए आक्रमण के 1000 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का देश भर में आयोजन किया जा रहा है। इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने देशवासियों से भावनात्मक अपील की है। उन्होंने लोगों से इस राष्ट्रीय अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया। नया भारत अपने इतिहास और आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ रहा है संजय सरावगी ने कहा कि नया भारत अब अपने गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और आत्मसम्मान को स्मरण करते हुए आगे बढ़ने का संकल्प ले रहा है। सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक चेतना, आस्था और स्वाभिमान का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सदियों तक भारत की सांस्कृतिक पहचान को मिटाने के प्रयास हुए, लेकिन देश की आत्मा कभी नहीं टूटी। जिन प्रतीकों को भुलाया गया, आज उन्हें मिल रहा सम्मान प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि NDA सरकार के नेतृत्व में आज देश उन सांस्कृतिक और ऐतिहासिक प्रतीकों को पुनः सम्मान दे रहा है, जिन्हें दशकों तक उपेक्षित रखा गया था। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व उसी सांस्कृतिक पुनर्जागरण की एक मजबूत कड़ी है, जो देश को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करेगा। 8 से 11 जनवरी 2026 तक देशभर में होंगे कार्यक्रम संजय सरावगी ने जानकारी दी कि 8 से 10 जनवरी 2026 तक देशभर में राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय गौरव और ऐतिहासिक स्मृति को सशक्त किया जाएगा। वहीं 10 जनवरी 2026 को देशभर के सभी प्रमुख शिवालयों में दीप प्रज्वलन, ओंकार जप का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि 11 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सोमनाथ मंदिर से एक भव्य संकल्प यात्रा निकाली जाएगी। इसी के साथ सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की औपचारिक शुरुआत होगी। यह यात्रा देश को आत्मगौरव, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रबोध के सूत्र में बांधने का कार्य करेगी।
दरभंगा में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने लैंड फॉर जॉब मामले में बयान दिया है। इन्होंने कहा है कि अदालत के फैसले से यह साफ हो गया है कि कानून से कोई ऊपर नहीं है। कोर्ट ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटा तेज प्रताप यादव, तेजस्वी, बेटी मीसा भारती, हेमा यादव समेत कुल 41 लोगों पर आरोप तय किए हैं। इन सभी आरोपियों पर अब नियमित रूप से कोर्ट में मुकदमा चलेगा। वहीं, इस मामले में अदालत ने 52 लोगों को बड़ी राहत देते हुए बरी कर दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह मामला गरीबों और युवाओं के हक से जुड़ा है, जिनके साथ नौकरी के बदले जमीन लेकर अन्याय किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सालों तक सत्ता में रह कर लालू परिवार ने अपने पद का दुरुपयोग किया, जिसकी अब कानूनी प्रक्रिया के तहत जवाबदेही तय हो रही है। जनता के साथ विश्वासघात हुआ संजय सरावगी ने कहा कि कोर्ट का आरोप तय करना इस बात का प्रमाण है कि वो कई घोटाले के आरोपी है। नौकरी दिलाने के बदले जमीन लिखवाने का यह मामला बिहार की जनता के साथ किए गए गंभीर विश्वासघात को दर्शाता है। संजय सरावगी ने आरोप लगाया कि राजनीति को माध्यम बनाकर लालू परिवार ने साल तक लूट की है। चाहे पशुपालन घोटाला हो या अन्य भ्रष्टाचार के मामले, हर जगह उनके शासनकाल में लूट की कहानी सामने आई। नौकरी के नाम पर गरीबों से जमीन लिखवाना अत्यंत अमानवीय कृत्य था, जिसकी पोल अब कोर्ट ने खोलकर रख दी है। आने वाले समय में इस मामले में और भी पुख्ता सबूत सामने आएंगे और अदालत दोषियों को सजा देगी। संजय सरावगी ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के योगदान को याद करते हुए कहा कि पशुपालन घोटाले सहित लालू परिवार से जुड़े विभिन्न घोटालों को सामने लाने में उनकी बड़ी भूमिका रही है।उन्होंने अंत में कहा कि चाहे कांग्रेस हो, राजद हो या उनके समर्थक अन्य दल—इस बार बिहार की जनता ने सभी को सिरे से नकार दिया है और आने वाले चुनावों में भी जनता का फैसला साफ नजर आएगा।
उत्तराखंड के श्री गुरुद्वारा साहिब, बाजारपुर में 10 से 12 जनवरी तक आयोजित होने वाली 19वीं राष्ट्रीय सीनियर सर्किल कबड्डी प्रतियोगिता के लिए मधेपुरा के दो खिलाड़ियों का चयन बिहार की 14 सदस्यीय टीम में किया गया है। चयनित खिलाड़ियों में जयपालपट्टी वार्ड-26 निवासी सुगंध कुमार एवं साहुगढ़ पंचायत के गोढियारी निवासी सौरभ कुमार शामिल हैं। मधेपुरा कबड्डी संघ के सचिव रौशन कुमार ने बताया कि सुगंध कुमार एवं सौरभ कुमार का राष्ट्रीय प्रतियोगिता में चयन होना जिले के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि मधेपुरा के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं, जिसमें कबड्डी संघ के संयोजक अरुण कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। खेलों में शानदार कर रहे प्रदर्शन वहीं, चयन पर उपाधीक्षक शारीरिक शिक्षा अम्रपाली ने कहा कि मधेपुरा जिले के खिलाड़ी विभिन्न खेलों में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसका सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहा है। कबड्डी के खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम में शामिल होकर जिले को गौरवान्वित कर रहे हैं। राजद जिलाध्यक्ष जयकांत यादव ने खिलाड़ियों को दी बधाई खिलाड़ियों के चयन पर जिला कबड्डी संघ के संरक्षक सह राजद जिलाध्यक्ष जयकांत यादव, संघ अध्यक्ष किशोर कुमार, उपाध्यक्ष डॉ. अमिताभ कुमार सहित सुमित कुमार आनंद, प्रवीण कुमार, विमल कुमार भारती, मनीष कुमार,दिलीप कुमार, हैंडबॉल संघ के सचिव दीपक प्रकाश, रंजन गुलशन कुमार, प्रेम शंकर कुमार एवं अमित कुमार ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल ग्रामीण सोलर लाइट परियोजना अब अपने चौथे चरण में प्रवेश करने जा रही है। सोमवार से शुरू होने वाले इस नए चरण में जिले भर के गांवों में 4450 सोलर लाइटें स्थापित की जाएंगी, जो ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की समस्या के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। जिला पंचायती राज पदाधिकारी (डीपीआरओ) मनोहर कुमार साहू के अनुसार, इस चरण में उन पंचायतों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां वार्डों की संख्या 12 से अधिक है। योजना के तहत प्रत्येक वार्ड में 10 सोलर लाइटें लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विशेष परिस्थितियों में मुखिया की अनुशंसा पर लाइटों की संख्या बढ़ाने का प्रावधान भी रखा गया है। तैयारियां पूर्ण, 32 हजार पोल चिन्हित योजना को सफलतापूर्वक क्रियान्वित करने के लिए जमीनी स्तर पर तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई है। गांवों में सोलर लाइट लगाने के लिए 32 हजार से अधिक पोलों की पहचान की जा चुकी है। राज्य सरकार ने बिहार एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (ब्रेडा) को इन लाइटों की स्थापना और निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी है, जो यह सुनिश्चित करेगी कि योजना का लाभ सभी पात्र क्षेत्रों तक पहुंचे। आधुनिक तकनीक से लैस होंगी लाइटें इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसमें इस्तेमाल होने वाली आधुनिक तकनीक है। प्रत्येक पोल पर 20 वाट क्षमता की सोलर लाइट लगाई जाएगी, जो काफी दूर तक रोशनी प्रदान करने में सक्षम होगी। इन लाइटों की बैटरी एक बार पूर्ण रूप से चार्ज हो जाने पर 24 घंटे तक रोशनी दे सकती है, भले ही सूर्य की रोशनी उपलब्ध न हो। यह विशेषता बरसात और ठंड के मौसम में विशेष रूप से उपयोगी साबित होगी, जब सूर्य की रोशनी अक्सर कम मिल पाती है। लाइटों में स्वचालित टाइमर की व्यवस्था है, जो दिन के समय इन्हें अपने आप बंद कर देता है, जिससे ऊर्जा की बचत होती है। जनता भी कर सकेगी निगरानी योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक अनूठी व्यवस्था की गई है। ब्रेडा के सीएमएस कार्यपालक सहायक रामलाल ने बताया कि आम जनता भी अपने क्षेत्र में स्थापित सोलर लाइटों की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए ब्रेडा की वेबसाइट पर जाकर संबंधित प्रखंड का यूजरनेम और पासवर्ड डालना होगा। उदाहरण के तौर पर, बिहारशरीफ प्रखंड की जानकारी के लिए यूजरनेम probiharsharif@gmail.com और पासवर्ड amnex@123 का प्रयोग किया जा सकता है। अन्य प्रखंडों के लिए भी इसी प्रकार की व्यवस्था है।
गैंग ने बिहार-झारखंड में 400 युवाओं को बनाया अपना शिकार रेलवे, आयकर, पोस्टल, बिहार सरकार से लेकर केंद्रीय और राज्य सेवाओं में नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे घपले को लेकर ईडी ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने बिहार में मुजफ्फरपुर, मोतिहारी के अलावा गुजरात, बंगाल, केरल, यूपी और तमिलनाडु स्थित 13 शहरों के 15 ठिकानों पर छापेमारी की। इन ठिकानों से केंद्रीय एजेंसी को इस घपले-घोटाले को लेकर ईमेल ट्रेल, फर्जी लेटरहेड, अकाउंट डिटेल और नकली जॉब ऑफर से जुड़े कई अहम कागजात के अलावा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स आदि मिले हैं। गिरोह ने बेतिया, मुजफ्फरपुर समेत बिहार व झारखंड के 400 से अधिक युवाओं को अपनी ठगी का शिकार बनाया है। यह घोटाला शुरू में रेलवे के नाम पर सामने आया था, लेकिन जांच में पता चला कि यह 40 से अधिक अन्य सरकारी संगठनों और विभागों तक फैला हुआ है। इसमें वन विभाग, रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी), इंडिया पोस्ट, आयकर विभाग, कुछ उच्च न्यायालय, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), बिहार सरकार, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), राजस्थान सचिवालय और अन्य विभाग व संस्थान शामिल हैं। ईडी की जांच में पाया गया कि गिरोह ने सरकारी डोमेन से मिलती-जुलती फर्जी ईमेल आईडी बनाकर इनसे ज्वॉइनिंग लेटर भेजा था। डाक से भेजता था नियुक्ति पत्र, सैलरी भी देते थे गिरोह युवकों को ट्रेनिंग के बाद डाक से ज्वाइनिंग लेटर भेजता था। फिर पहले माह का सैलरी भी उनके खाते में जमा कराता था। दीपक और सक्षम ट्रेनिंग सेंटर चलाते थे। आंध्रप्रदेश, यूपी, राजस्थान व गुजरात के युवकों को ठगी का शिकार बनाकर ट्रेनिंग देता था। नंदनी नाम की महिला इन राज्यों से युवकों को मोतिहारी लाकर ट्रेनिंग दिलवाती थी। नंदनी, दीपक के सीधे संपर्क में रहती थी। बाद में मोतिहारी का प्रिंस भी गिरोह से जुड़ गया था। यहां हुई छापेमारी... बिहार- मोतिहारी, मुजफ्फरपुर बंगाल- कोलकाता केरल- एर्नाकुलम, पांडलम, अडूर और कोडूर तमिलनाडु- चेन्नई गुजरात - राजकोट उत्तर प्रदेश- गोरखपुर, प्रयागराज और लखनऊ
बरनाला में ऑनलाइन ठग गिरोह का भंडाफोड़:7 गिरफ्तार, 6 बिहार और एक कर्नाटक का, 23 लाख रुपए फ्रीज करवाए
पंजाब के बरनाला जिले में साइबर क्राइम पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 6 बिहार के और एक कर्नाटक का रहने वाला है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने अब तक लोगों से 58 लाख रुपए की ठगी की है। यह गिरोह लोगों को बड़ी कंपनियों की फ्रेंचाइजी दिलाने, ऑनलाइन लोन देने, ऑनलाइन सामान बेचने, सीमेंट और होटल बुकिंग करने का झांसा देकर ठगी करता था। आरोपी पीड़ितों को फोन करके अपने जाल में फंसाते थे। डीएसपी सिटी सतवीर सिंह ने बताया कि फ्रेंचाइजी देने के नाम पर 7 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने पहले बिहार निवासी अशोक कुमार और श्याम सुंदर को गिरफ्तार किया। उनसे पूछताछ के आधार पर राहुल कुमार, उत्तम, विशाल, अभिषेक कुमार, रोशन कुमार (सभी बिहार निवासी) और दयानंद (कर्नाटक निवासी) को भी गिरफ्तार किया गया। कई राज्यों में की ठगी जांच में पता चला है कि इस गिरोह ने केवल पंजाब ही नहीं, बल्कि इलाहाबाद, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना, हरियाणा, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और केरल सहित कई अन्य राज्यों में भी लोगों को ठगा है। देश के अन्य हिस्सों में इन्होंने करोड़ों रुपए की ठगी की है। इन पर अब तक 6 मामले दर्ज हो चुके हैं और देश भर में कई शिकायतें लंबित हैं। 23 लाख रुपए फ्रीज करवाए साइबर क्राइम सेल की टीम ने इस बड़े गिरोह को पकड़ने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों से कुल 23 लाख रुपए फ्रीज करवाए हैं, जिनमें से 20 लाख रुपए विभिन्न खाताधारकों को उनके खातों में वापस कर दिए गए हैं। पुलिस को इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
मुरादाबाद में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव अचानक पहुंचे। नैनीताल से लौटते समय उन्होंने पाकबड़ा रोड स्थित एक होटल में ठहराव किया, जहां स्थानीय लोगों और बिहार के पूर्णिया जिले से ताल्लुक रखने वाले लोगों ने उनसे मुलाकात की। मुरादाबाद में तेजस्वी यादव ने लोगों से अनौपचारिक बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान लोगों ने उनके साथ तस्वीरें और सेल्फी भी लीं। हालांकि यह दौरा निजी और अल्पकालिक था, लेकिन तेजस्वी यादव की मुरादाबाद में मौजूदगी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गईं। इस दौरान बिहार से आए लोगों ने अपने क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं और मुद्दों को भी उनके सामने रखा। तेजस्वी यादव ने सभी की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और संवाद किया।इस मौके पर बड़ी संख्या में लोगों ने तेजस्वी यादव के साथ तस्वीरें और सेल्फी भी लीं। लोगों में उनके अचानक सामने आ जाने को लेकर खासा उत्साह देखा गया। होटल परिसर में कुछ देर तक राजनीतिक चर्चा और मुलाकातों का सिलसिला चलता रहा। हालांकि यह दौरा पूरी तरह निजी और अल्पकालिक बताया जा रहा है, लेकिन तेजस्वी यादव की मुरादाबाद में मौजूदगी को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गईं। कुछ समय रुकने के बाद तेजस्वी यादव अपने अगले गंतव्य की ओर रवाना हो गए।
कार की डिग्गी में शराब की तस्करी:चंदौली में 6 शराब तस्कर गिरफ्तार, बिहार ले जाने की तैयारी में थे
चंदौली जिले में पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सदर कोतवाली और बलुआ थाना पुलिस ने अलग-अलग अभियानों में कुल 6 शराब तस्करों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 67.625 लीटर अवैध शराब बरामद की गई, जिसे बिहार राज्य ले जाने की तैयारी थी। सदर कोतवाली पुलिस टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जांच के दौरान एक लग्जरी कार को रोका। तलाशी में कार की डिग्गी से विभिन्न ब्रांडों की 52 लीटर से अधिक अवैध अंग्रेजी शराब मिली। पुलिस ने कार में सवार चार तस्करों को तुरंत हिरासत में ले लिया। इनकी पहचान बिहार के रोहतास जिले के चेनारी गांव निवासी शंभु कुमार, शिवम, श्यामबाबू साह और सुनील कुमार के रूप में हुई है। इसी क्रम में, बलुआ थाना पुलिस ने भी दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की। लक्ष्मगढ़ गांव के गेट के पास से एक आरोपी को लगभग छह लीटर अवैध शराब के साथ पकड़ा गया, जबकि पूरे रजई गांव के पास से एक अन्य आरोपी के पास से छह लीटर अवैध शराब बरामद हुई। इन आरोपियों की पहचान रमदत्तपुर के सुरेश चंद्र जायसवाल और लक्ष्मगढ़ गांव के संतोष यादव के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने महंगे शौक पूरे करने और अधिक मुनाफा कमाने के लिए शराब की तस्करी करते हैं। वे सरकारी दुकानों से फुटकर शराब खरीदकर इकट्ठा करते थे और फिर उसे बिहार राज्य भेज देते थे। पुलिस टीम अब इन आरोपियों के नेटवर्क को खंगाल रही है और आगे की जांच जारी है।
झज्जर में कमरे में मिला व्यक्ति का शव:बाहर से कुंडी लगी थी, फोन बंद था; मृतक बिहार का रहने वाला
झज्जर जिले के गांव जाखौदा स्थित एक किराए के मकान में व्यक्ति का शव मिलने का मामला सामने आया है। व्यक्ति का कई दिन पुराना सड़ा-गला शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक के परिजनों ने इसे हत्या का शक जताया है और पुलिस को शिकायत दी है। गांव के पूर्व सरपंच की सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए नागरिक अस्पताल झज्जर भिजवाया। मृतक की पहचान बिहार के समस्तीपुर जिले के गांव सिंघिया निवासी 40 वर्षीय मोहम्मद कुर्बान के रूप में हुई है। मृतक जाखौदा में अपने साथी अजय के साथ किराए के मकान में रहता था और बहादुरगढ़ के सेक्टर-17 स्थित एक निजी कंपनी में पैकिंग ठेकेदार के तौर पर काम करता था। फिलहाल पुलिस पोस्टमॉर्टम की कागजी कार्रवाई में जुटी हुई है। कई दिन से आ रहा था फोन बंदमृतक के भाई मोहम्मद रिजवान ने बताया कि वे कुर्बान से लगातार संपर्क करने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन एक जनवरी के बाद से उसका फोन बंद आ रहा था। कई दिनों तक संपर्क न हो पाने पर उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। बुधवार शाम करीब 4:30 बजे जब वे जाखौदा स्थित कमरे पर पहुंचे तो देखा कि कमरे की कुंडी बाहर से बंद थी और अंदर से तेज दुर्गंध आ रही थी। शक होने पर उन्होंने तुरंत आसौदा थाना पुलिस को सूचना दी। पूर्व सरपंच ने दी पुलिस को सूचना गांव के पूर्व सरपंच जगबीर ने पुलिस को सूचना दी और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और एफएसएल टीम ने मौके पर पहुंच कर मौके से सबूत जुटाए और शव को कब्जे में लिया। वहीं आसौदा थाना एसएचओ राजेश कुमार ने बताया कि गांव के पूर्व सरपंच ने पुलिस को सूचना दी थी। फिलहाल शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है और रिपोर्ट के बाद ही जांच कार्रवाई की जाएगी। कमरे के बाहर लगी थी कुंडी परिजनों के अनुसार कमरे के बाहर कुंडी लगी हुई थी जबकि पुलिस का कहना है कि वे मौके पर पहुंचे तब तक कमरा खुला हुआ था। कमरे के अंदर मोहम्मद कुर्बान का शव गली-सड़ी अवस्था में पड़ा हुआ मिला। कमरे में शव के पास शराब की खाली बोतल और खाने-पीने का सामान भी बरामद हुआ है। परिजनों ने जताया हत्या का शक परिजनों का कहना है कि कमरा बाहर से बंद था और कुर्बान के साथ रहने वाला साथी अजय भी लापता बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में हत्या के स्पष्ट साक्ष्य सामने नहीं आए हैं। हालांकि, मौत की असली वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। उन्होंने बताया कि मृतक के साथी की तलाश जारी है।
गुरुग्राम में एक निर्माणाधीन सिग्नेचर ग्लोबल दक्षिण सोसाइटी के बाहर स्विफ्ट कार में खतरनाक तरीके से स्टंट करने वाले तीन युवकों को पकड़ लिया गया है। भौंडसी थाना पुलिस ने स्टंटबाजी में प्रयोग की गई स्विफ्ट कार भी बरामद कर ली है। ये युवक अपने मकान मालिक की कार मांगकर लाए थे। आरोपियों की पहचान विवेक कुमार (20) निवासी चकलाजुदिन, जिला गाजीपुर (उत्तर-प्रदेश), मोहमद सनम (20) निवासी सिहिमा खुर्द, जिला समस्तीपुर (बिहार) व दुर्गेश (23), निवासी कमंडलपुर, जिला कानपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। पुलिस ने वायरल वीडियो पर संज्ञान लिया तीन दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें आरोपी थाना भौंडसी के अंतर्गत सिग्नेचर ग्लोबल दक्षिण के पास एक्सप्रेस-वे पर एक कार में सवार होकर खिड़कियों से बाहर निकलकर जानलेवा स्टंट करते हुए दिखाई दे रहे थे। सोशल मीडिया वीडियो पर संज्ञान लेते हुए गाड़ी ड्राइवर द्वारा स्वयं व अन्य राहगीरों की जान जोखिम में डालने की गंभीर लापरवाही के मद्देनजर थाना भौंडसी में केस दर्ज किया गया। गुरुवार को पुलिस ने तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। दो बेरोजगार, एक मोबाइल शॉप चलाता है आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि आरोपी दुर्गेश की सरस्वती इनक्लेव में मोबाइल की दुकान है और आरोपी विवेक कुमार एवं मोहम्मद सनम 11वीं कक्षा तक पढ़ने के बाद कोई काम नहीं करते हैं। ये तीनों सरस्वती इनक्लेव में किराए के कमरे में रहते हैं। आरोपियों ने अपने मकान मालिक से उसकी स्विफ्ट कार मांगकर स्टंटबाजी करने की वारदात को अंजाम दिया था। स्टंटबाजी पर सख्त कार्रवाई कर रही पुलिस पुलिस प्रवक्ता अशोक कुमार ने बताया कि सड़क पर किसी भी प्रकार की लापरवाही एवं स्टंटबाजी न करें। ऐसे कृत्य न केवल स्वयं के लिए बल्कि अन्य लोगों के जीवन के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं। कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध पुलिस द्वारा त्वरित सख्त कार्रवाई की जा रही है।
बिहार के सभी सरकारी दफ्तरों में अब बिहार में बने प्रोडक्ट की खरीदारी की जाएगी। इतना ही नहीं, बिहार में जितनी भी सरकारी खरीद होंगे, उसमें पहली प्राथमिकता बिहार में बने सामान को मिलेगी। बहुत जल्द सरकार इस संबंध में आदेश जारी करने जा रही है। बिहार के उद्योग व पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने भास्कर से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि, बिहार की आबादी 14-15 करोड़ है। ये आबादी हमारे लिए अवसर है। जब हम वोकल फॉर लोकल होंगे, तभी सारे उद्योगपति यहां आकर उद्योग लगाने के लिए बाध्य होंगे। वहीं, अब बिहार में अपना स्टार्टअप शुरू करने वाले यंगस्टर्स को सरकार बिहार के टॉप-5 टेक्निकल इंस्टीट्यूशंस में शामिल आईआईटी पटना, चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी, चंद्रगुप्त इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के एक्सपर्ट से ट्रेनिंग दिलाएगी ताकि वे अपने आइडिया को बेहतर और सफल व्यापार के रूप में स्थापित कर सकें। पढ़िए और देखिए उद्योग और पथ निर्माण विभाग के मंत्री दिलीप जायसवाल का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू… सवाल- सबसे ज्यादा रोजगार की जिम्मेदारी आपके पास है, आप इसके लिए क्या कर रहे हैं? जवाब: हम सबसे पहले उद्योग नीति में बदलाव करने जा रहे हैं। पहले हम उद्योग नीति 2025 लेकर आए थे। इसमें कुछ कमियां रह गई थीं। विभाग ने इसकी समीक्षा की। समीक्षा के बाद MSME, लघु और कुटीर उद्योग से लेकर हैवी इंडस्ट्री में किस तरह से निवेश हो और इंडस्ट्री लगे, इसके लिए नई पॉलिसी लेकर आने वाले हैं। मुझे यकीन है कि हमारी नई नीति जाएगी तो बिहार में उद्योग का जाल बिछेगा। सवाल: नई नीति में पुरानी पॉलिसी से क्या नया होने वाला है? जवाब- सबसे बड़ा बदलाव तो स्टार्टअप को लेकर है। नई पॉलिसी में सबसे ज्यादा मदद स्टार्टअप करने वाले युवाओं को होगा। इसके तहत अगर युवा अपना स्टार्टअप लगाना चाहेंगे तो सरकार उन्हें पहले से ज्यादा सपोर्ट करेगी। इसे ऐसे समझें कि स्टार्टअप की शुरुआत में सरकार उसे शुरू करने वाले को मेंटरशिप देती है। इसे इनक्यूबेशन पीरियड कहा जाता है। इसे हमलोग अपग्रेड करने जा रहे हैं। हम ऐसे युवाओं को कोच, कोऑर्डिनेट और सपोर्ट करेंगे। इसके लिए हम आईआईटी पटना, चंद्रगुप्त लॉ यूनिवर्सिटी और 3-4 बड़े संस्थान को मेंटर बनाने जा रहे हैं। उनके प्रोजेक्ट की प्रॉपर ट्रेनिंग उन्हें देंगे ताकि जिस आइडिया के साथ वो बिजनेस करना चाहते हैं उनकी व्यापक समझ उसके पास हो। सवाल: लोकल उद्यमियों और छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार क्या करने जा रही है? जवाब: बिहार के सभी विभाग में अब बिहार में ही बनी चीजें इस्तेमाल होंगी। ऐसे सामान जिनकी क्वालिटी अच्छी है। बिहार में ही उसे बनाया जा रहा है। उसे प्रायोरिटी दी जाएगी। हमलोग इस बात को अनिवार्य करने जा रहे हैं कि बिहार में जितनी भी सरकारी खरीद हो उसमें पहला प्रेफरेंस बिहार में ही बने सामान को दिया जाएगा। बिहार की 14-15 करोड़ की आबादी है। ये हमारे लिए अवसर है। इतने बड़े मार्केट में प्रोडक्ट आसानी से बेचा जा सकता है। जब हम वोकल फॉर लोकल होंगे तो सभी उद्योगपति यहां पर उद्योग लगाने के लिए बाध्य होंगे। सवाल: किस-किस तरह के प्रोडक्ट की खरीदारी विभाग में की जाएगी? जवाब: हर तरह के सामान फर्नीचर, कुर्सी, टेबल, आलमीरा से लेकर स्टील के प्रोडक्ट तक। भवन निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सामान से लेकर रोजमर्रा के कार्यों में इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट तक, चप्पल से लेकर बैग, शॉल, कंबल, सबकुछ बिहार में बना हुआ ही सरकारी संस्था खरीदेगी। हम ऐसा नियम बनाने जा रहे हैं। सवाल: नई सरकार बनने के बाद कितनी बड़ी कंपनियों ने अप्रोच किया है? जवाब: अभी सरकार बने हुए मुश्किल से एक महीना हुआ है। अभी शुरुआत है। शुरुआत बहुत अच्छा है। 5-6 महीने के बाद इसका बेहतर जवाब दे पाएंगे। शुरुआत बहुत सकारात्मक हुआ है। निवेशक बहुत तेजी से बिहार की ओर आ रहे हैं। बड़ी कंपनियों की बात करें तो दिवाज ग्रुप, अशोक लेलैंड, कोका कोला, बिहार में नई प्लांट लगाने जा रही है। सीमेंट की कंपनियां भी नई प्लांट लगाएंगी। इस तरह के कई प्रस्ताव आ रहे हैं। इनके अलावा न्यूक्लियर और सेमी कंडक्टर की कंपनियां भी प्रस्तावित हैं। सवाल: केंद्र की नई पॉलिसी के कारण एथेनॉल प्लांट बंद होने के कगार पर पहुंच जाएंगी? क्या आप केंद्र से इस संबंध में बात कर रहे हैं? जवाब: एथेनॉल प्लांट में जो भी प्रोडक्शन होता था, भारत सरकार उसकी खरीद करती थी। अब नई समस्या आई है कि जितना प्रोडक्शन होता है, भारत सरकार उतना खरीद नहीं पा रही है। 50 प्रतिशत ही खरीदारी हो रही है। इसके कारण एथेनॉल प्लांट पर थोड़ा संकट आने वाला है। हमारी केंद्र सरकार से इस मामले पर बात हुई है। गाड़ियों के लिए इस वक्त E-20 इंजन बन रहे हैं। ऐसी इंजन वाली गाड़ी 20% एथेनॉल मिले पेट्रोल से चल सकती है। एथेनॉल से पॉल्यूशन बेहद कम होता है। पेट्रोल में एथेनॉल की मिक्सिंग अगर 20-25 फीसदी कर दी जाए तो खपत बढ़ सकती है। केंद्र सरकार भी अपने एक्सपर्ट के साथ इस पर चर्चा कर रही है कि कैसे इसकी खरीदारी को बढ़ाया जा सकता है। सवाल: बिहार सरकार रोड कंस्ट्रक्शन में क्या नया करने जा रही है? जवाब: बिहार में मुख्यमंत्री 7 निश्चय-3 के तहत 5 नए एक्सप्रेस वे का निर्माण किया जाना है। इसका प्रपोजल लगभग तैयार कर लिया गया है। बहुत जल्द इसकी घोषणा की जाएगी। मुख्यमंत्री का प्रोजेक्ट है कि बिहार के किसी भी हिस्से से 5 घंटे से कम समय में पटना पहुंचा जा सके, इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सवाल: नए एक्सप्रेस वे की घोषणा हो रही है, लेकिन प्रोजेक्ट का डिले कम करने के लिए सरकार क्या कर रही है? जवाब: बिहार रोड कंस्ट्रक्शन के मामले में आज से 10 साल आगे चल रहा है। ऐसी स्थिति में हमारी जो परियोजना लंबित है, उसकी हमने समीक्षा की है। 10-12 प्रोजेक्ट डिले चल रहे हैं। इसे समय पर कैसे पूरा किया जाए इसके निर्देश दिए गए हैं। समय से प्रोजेक्ट पूरा नहीं करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई भी हो रही है। प्रगति यात्रा के दौरान दिए गए एक आदेश को पूरा नहीं करने पर शिवहर पथ प्रमंडल के एक कार्यपालक अभियंता को सस्पेंड किया गया। ऐसे एक्शन आगे भी लिए जाते रहेंगे। जानबूझकर लेट करने वाले अधिकारी को सस्पेंड किया जाएगा। सवाल: गंगा पथ पर बन रहे एक्वेरियम में क्या खास होगा? जवाब: गंगा पथ पर एक्वेरियम बनेगा। यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। हमलोग सिंगापुर की तर्ज पर बड़ा एक्वेरियम बनाने जा रहे हैं। पूरी दुनिया की मछली और जलीय जीव को इसमें रखा जाएगा। सवाल: आपके प्रदेश अध्यक्ष रहते बिहार में पार्टी सबसे बड़ी सफलता हासिल की, अब आप मंत्री हैं, अपनी किस जिम्मेदारी को सबसे कठिन मानते हैं? जवाब: लोग मुझे शगुनिया अध्यक्ष बोलते हैं। 4 उपचुनाव हुए, चारों हम जीते। बिहार में बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक संगठन का गठन हुआ। 60 लाख प्राथमिक सदस्य बने। हमने संगठन जिला बढ़ाया। संगठन मंडल बढ़ाया। एनडीए में हमारी 5 पांडव की एकता थी। इसे हमने और मजबूत किया। एनडीए जिला सम्मेलन किया। 202 सीट के साथ सरकार बनाए। राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष भी बिहार से मिला। इसके बाद पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने जो जिम्मेदारी सौंपी है, इसे भी बहुत ही जिम्मेदारी के साथ निभाने का प्रयास कर रहा हूं।
बिहार प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित करने में काफी बुरे हाल में है। भारत सरकार के उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग के हालिया आंकड़ों ने स्पष्ट किया है कि बिहार निवेश खींचने में देश के अन्य राज्यों से बहुत पीछे है, यहां तक कि पड़ोसी राज्य झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल भी हमसे कहीं आगे हैं। बिहार देश के 29 राज्यों में 25वें नंबर पर है। नागालैंड, मणिपुर, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर ही केवल बिहार से आगे हैं। भारत सरकार के सितंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में देशभर में 3 लाख 84 हजार 369 करोड़ का विदेशी निवेश हुआ। इसमें बिहार के हिस्से इसमें केवल 6 करोड़ 9 लाख आया। बिहार से ही अलग हुआ पड़ोसी झारखंड भी 85 करोड़ 90 लाख के प्रत्यक्ष विदेशी निवेशी के साथ हमसे आगे है। यहां तक कि दूसरे पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल भी विदेशी निवेशी आकर्षित करने के मामले में बिहार से काफी अच्छी स्थिति में हैं। इस दौरान उत्तर प्रदेश ने 7078 करोड़ और पश्चिम बंगाल ने 2463 करोड़ का विदेशी निवेश अपने यहां हासिल करने में सफलता पाई है। बिहार में 2025 में आए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के तहत जापान की रिब्राइट पार्टनर इन्वेस्टमेंट लिमिटेड ने नालंदा में अंडा उत्पादन की इकाई में निवेश किया है। जिला निवेशनालंदा 4.05 करोड़गया 1.35 करोड़पटना 0.45 करोड़बेगूसराय 0.17 करोड़नवादा 0.08 करोड़ 3.60 लाख करोड़ का विदेशी निवेश 2025 में देश में आया 2024 में ही 1.81 लाख करोड़ के निवेश के लिए समझौता हुआ है l 56 हजार करोड़ का काम शुरू हो चुका है। 76 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां पिछले 3 महीने में बिहार में निवेश के लिए तैयार हुई हैं। बिहार सरकार राष्ट्रीय के साथ अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से भी बात कर रही है। कुछ महीनों में इसका रिजल्ट दिखाई देगा। -डॉ. दिलीप जायसवाल, उद्योग मंत्री, बिहार सरकार बिहार की परचेजिंग कैपेसिटी राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे है। इस कारण लोकल मार्केट में खरीदारी कम है। यहां तीन महीने पहले कोई ड्राई पोर्ट तक नहीं था। प्रदेश कहीं भी समुद्र से नहीं जुड़ा है। इस कारण यहां उत्पादित माल के निर्यात में भी काफी कठिनाई है। लॉ एंड ऑर्डर काफी सुधर जाने के बावजूद विदेशियों को भरोसा नहीं हो रहा है। परंतु, हाल के दिनों में बिहार सरकार की ओर से उठाए गए कदमों से आने वाले दिनों में बेहतर परिणाम की उम्मीद है। केपीएस केसरी, पूर्व अध्यक्ष, बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन बिहार की निवेश ग्रहण क्षमता को भले ही विदेशियों ने ठीक से अभी एक्सप्लोर नहीं किया है, लेकिन यहां 75 करोड़ लोगों का बाजार बनने की क्षमता है। बिहार की 14 करोड़ आबादी के साथ ही नेपाल, बांग्लादेश, भूटान और म्यांमार जैसे देशों की बड़ी खरीदारी बिहार में आकर्षित की जा सकती है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड के बडे़ हिस्से के लिए बिहार आज भी उपभोग और रोजगार का बाजार है। संरचनागत विकास से बिहार के इस स्ट्रेटजिक लोकेशन का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए उपयोग किया जा सकता है। बिहार सरकार को इसके लिए अपनी धरती की ब्रांडिंग करनी होगी। निवेशकों के शहरों और विदेशी व्यापार मेलों में जाकर यह घोषित करना होगा कि बिहार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की जमीन पूरी तरह से तैयार है।
ललित सुरजन की कलम से - बिहार के बाद क्या?
पहले तो लोग इस बात पर माथापच्ची करते रहे कि बिहार में विधानसभा चुनावों के नतीजे क्या होंगे। जिस दिन मतदान का आखिरी चरण सम्पन्न हुआ उस दिन तमाम विशेषज्ञ एक्जिट पोलों की चीर-फाड़ में लग गए
अगर बिहार नहीं जीतते तो क्या दूसरे राज्यों में एसआईआर होता?
एसआईआर ( मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण) से अगर बिहार में सफलता नहीं मिलती तो क्या उसे दूसरे राज्यों में लागू किया जाता
Fact check: क्या कन्हैया कुमार ने दिल्ली और बिहार में 'डबल वोटिंग' की? नहीं
बूम ने पाया कि वायरल तस्वीर कन्हैया कुमार के दिल्ली में एक मतदान केंद्र विजिट करने की है. वह 2024 में उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट से लोकसभा चुनाव लड़ रहे थे जबकि उन्होंने अपना मतदान अपने होम टाउन बेगूसराय में ही किया था.
आसान नहीं बिहार का मैदान भाजपा के लिए
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए प्रचार खत्म हो गया है और गुरुवार, 6 नवंबर को 121 सीटों पर मतदान होगा
क्या बिहार से लेफ्ट एकता की राह पकड़ेगा?
बिहार के विधानसभा चुनाव के बहुत सारे पहलू हैं। और इनमें से ज्यादातर पर लिखा जा रहा है
2015 की तरह इस बार भी बिहार में आरक्षण सबसे बड़ा मुद्दा
बिहार चुनाव की घोषणा होने वाली है। वहां यह मुद्दा सबसे बड़ा बनने जा रहा है। सोशल मीडिया पर इसकी शुरुआत हो गई है
पीएम उषा अभियान के तहत बिहार को 600 करोड़ रुपए देगी मोदी सरकार, नीतीश कैबिनेट ने खोला बंद रास्ता
बिहार में पीएम उषा अभियान को लागू करने के प्रस्ताव को नीतीश कुमार सरकार की मंजूरी के बाद राज्य में उच्च शिक्षा के विकास के लिए केंद्र से अगले दो साल में 600 करोड़ रुपए मिलने का रास्ता खुल गया है।
बिहार के प्रिंस कुमार सिंह ने यूपीएससी आईएफएस परीक्षा में 15वीं रैंक प्राप्त की है। इसके अलावा उन्होंने और भी कई बड़े एग्जाम को पास किया हुआ है। जानिए जानते प्रिंस कुमार की कहानी जिन्होंने अपने आर्थिक
बॉलीवुड के मशहूर स्टार कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल 7 वर्ष की डेटिंग के बाद अब पति-पत्नी बन चुके हैं। दोनों की शादी इस वक़्त टॉक ऑफ द टाउन है। सोनाक्षी और जहीर अलग धर्म से हैं। ऐसे में ना उन्होंने निकाह किया तथा ना ही फेरे लिए, बल्कि सादगी से रजिस्टर मैरिज की एवं फिर रिसेप्शन पार्टी रखी। अलग धर्म में शादी करने पर सोनाक्षी एवं जहीर को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। ट्रोलिंग के कारण दोनों को अपने वेडिंग पोस्ट का कमेंट सेक्शन तक बंद करना पड़ा। मगर बात तब हद से ज्यादा तब बढ़ गई, जब इंटरफेथ मैरिज करने पर सोनाक्षी एवं जहीर के खिलाफ बिहार के गांव में प्रोटेस्ट मार्च निकाले गए। रिपोर्ट के अनुसार, सोनाक्षी के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन 'हिंदू शिव भवानी सेना' नाम की एक संगठन द्वारा आयोजित किया गया था। जहीर संग शादी पर बेटी सोनाक्षी की हो रही ट्रोलिंग पर अब शत्रुघ्न सिन्हा ने चुप्पी तोड़ी है तथा हेटर्स को जवाब दिया है। अपने एक इंटरव्यू के चलते शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- आनंद बक्शी साहब ने इस तरह के प्रोफेशनल प्रोटेस्टर्स के बारे में लिखा है- कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। इसमें आगे जोड़ना चाहूंगा कि कहने वाले अगर बेकार, बेकाम-काज के हों तो बोलना ही उनका काम बन जाता है। मेरी बेटी ने कुछ भी ऐसा नहीं किया जो गैरकानूनी एवं संविधान के खिलाफ है। सोनाक्षी-जहीर की शादी पर शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा- शादी दो लोगों के बीच का एक बहुत ही व्यक्तिगत फैसला है। इसमें किसी को भी बीच में दखल देने या कमेंट करने का हक नहीं होता। विरोध प्रदर्शन करने वालों को मैं यही बोलना चाहता हूं- अपनी जिंदगी पर ध्यान दो। जिंदगी में कुछ अच्छा करो। इससे ज्यादा और कुछ नहीं कहना। बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा ने खुशी-खुशी अपनी इकलौती बेटी की शादी की है। उन्होंने दामाद जहीर को भी अपना आशीर्वाद दिया है। रिलीज हुआ श्रद्धा कपूर-राजकुमार राव की स्त्री 2 का टीजर, इस अवतार में नजर आए स्टार्स किशोर कुमार के गानों पर बैन, मनोज कुमार-देव आनंद की फिल्मों पर रोक..! बॉलीवुड पर भी पड़ा था 'इमरजेंसी' का बुरा असर सामने आई कंगना रनौत की इमरजेंसी की रिलीज डेट, जानिए किस दिन आ रही है इंदिरा गांधी की बायोपिक?
फिल्म रैप में जानिए कि रविवार को एंटरटेनमेंट की दुनिया में क्या खास हुआ. 9 जून 2024 का दिन एतिहासिक रहा. पीएम नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार पीएम बनने की शपथ ली. इस दौरान शाहरुख खान से लेकर अक्षय कुमार भी मौजूद रहे.
बिहार सीईटी बीएड : पांच साल में सबसे ज्यादा आवेदन आए, इस तारीख से आएंगे एडमिट कार्ड
Bihar CET B.Ed:महिलाओं के लिए अलग एवं पुरुषों के लिए अलग परीक्षा केंद्र होंगे। अभ्यर्थी 17 जून से अपना एडमिट कार्ड वेबसाइटwww. biharcetbed- lnmu. inपर लॉगइन कर डाउनलोड कर सकेंगे।
बीएसईबी बिहार बोर्ड से संबद्ध और एनसीटीई से मान्यता प्राप्त डीएलएड संस्थानों की सूची जारी
Bihar D.El.Ed: बिहार बोर्ड ने डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2024 की आंसर की जारी करने के एक दिन बाद अब राज्य में मौजूद सरकारी व निजी डीएलएड प्रशिक्षण संस्थानों की सूची भी जारी कर दी है। डीएलएड में दाखिला लेने
Bihar DElEd Answer Key 2024: आंसर की जारी, ऐसे दर्ज करें ऑब्जेक्शन, देखें डायरेक्ट लिंक
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने बिहार डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (DElEd) परीक्षा 2024 की आंसर की जारी की। जो उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट- biharboardonline.b
Bihar STET: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने शनिवार को माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी)-2024 (प्रथम) परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। पेपर-1 के विभिन्न विषयों की परीक्षा 18 से 29 मई तक होगी।
CSBC Bihar Police Constable Exam: क्या जारी हो चुकी हैं रिवाइज्ड तारीखें, पढ़ें अपडेट
CSBC Bihar Police Constable exam dates: बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की नई तारीखों का इंतजार है। परीक्षाएं 1, 7 और 15 अक्टूबर को निर्धारित की गई थीं, जिन्हें रद्द व स्थगित कर दिया गया था। आइए
बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा शर्मा की हाल ही में बिहार में एक रोड शो में भागीदारी ने इंटरनेट पर तूफान ला दिया है। क्रुक और तुम बिन 2 जैसी फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए मशहूर सुश्री शर्मा को अपने पिता अजीत शर्मा का समर्थन करते देखा गया, जो कांग्रेस के टिकट पर भागलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। यह रोड शो उन अफवाहों के बीच हुआ कि अभिनेता राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं। हालाँकि, अब यह स्पष्ट हो गया है कि वह सिर्फ अपने पिता के लिए प्रचार कर रही थीं। नेहा शर्मा ने इंस्टाग्राम पर बांका, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया सहित बिहार के विभिन्न जिलों की अपनी यात्रा दिखाते हुए एक वीडियो साझा किया। वह पारंपरिक सलवार कमीज पहने हुए थीं और जनता का अभिवादन करती और उन्हें वोट डालने के लिए प्रोत्साहित करती नजर आईं। इसे भी पढ़ें: AR Rahman ने नए एल्बम के रिलीज पर Taylor Swift को बधाई दी, नेटिजन ने कहा 'महान कला, महान कला को पहचानती है' View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया रोड शो के दौरान पीरपैंती और कहलगांव में भारी भीड़ ने अभिनेता का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा “वे कहते हैं कि जब कोई आपको अपने दिल में जगह देता है, तो आप हमेशा के लिए वहीं रहते हैं। आपने मुझे जो प्यार और समर्थन दिया है, उससे मेरा दिल भर गया है। पीरपैंती और कहलगांव में गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद। आपका प्यार सारी आँखों पर। सदा आभारी। ऑनलाइन प्रसारित हो रहे एक अन्य वीडियो में अभिनेत्री को भागलपुर में अपने पिता के चुनाव अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए दिखाया गया है। भागलपुर लोकसभा सीट पर दूसरे चरण में 26 अप्रैल को चुनाव होना है। इस सीट पर कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने वाले अजीत शर्मा का मुकाबला जेडीयू के अजय कुमार मंडल से है। पहले ऐसी अफवाह थी कि सुश्री शर्मा राजनीति में प्रवेश कर सकती हैं। हालाँकि, कई रिपोर्टों ने स्पष्ट किया है कि वह अभी चुनावी शुरुआत नहीं कर रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पिता अजीत शर्मा ने उन्हें राजनीति में शामिल होने का अवसर दिया, शर्मा वर्तमान में अपने अभिनय करियर पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। Bihar, Bhagalpur: Bollywood actress Neha Sharma campaigns for Congress leader and father Ajeet Sharma in the Lok Sabha elections, participates in a roadshow. pic.twitter.com/yEhb4XoQQL — IANS (@ians_india) April 23, 2024 View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial)
सलमान के घर फायरिंग से पहले शूटर्स ने बिहार में की हथियारों की प्रैक्टिस, फार्म हाउस की हुई थी रेकी
14 अप्रैल को, सुबह 4.50 बजे सलमान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर, अज्ञात हमलावरों ने पांच राउंड फायरिंग की थी. पुलिस ने सलमान के घर पर फायरिंग करने के मामले में विक्की गुप्ता (24 साल) और सागर पाल (21 साल) नाम के दो लड़कों को गिरफ्तार किया था. अब इससे जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है.
Manisha और Elvish के बीच लगी दुश्मनी की आग हुई और तेज, बिहार की बेटी नेसरेआम बना दिया'राव साहब' का मजाक ?
बिहार में जेईई और नीट की फ्री कोचिंग, रहने-खाने की भी रहेगी मुफ्त व्यवस्था, ऐसे करें अप्लाई
Bihar Board Jee and Neet Free Coaching : विद्यार्थी समिति द्वारा संचालित engineering (jee) औरmedical (neet) की नि:शुल्क तैयारी हेतु BSEB SUPER-50 आवासीय शिक्षण में पढ़ने हेतु आवेदन कर सकत हैं।
Bihar 10th Board 2024: टॉप 5 में इन 10 छात्रों ने बनाई जगह, जानें नाम और मार्क्स
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने दसवी का रिजल्ट bsebmatric.org और results.biharboardonline.com पर जारी कर दिया है। इस साल टॉप 10 की लिस्ट ने 51 छात्रों ने अपनी जगह बनाई है। टॉप 5 की लिस्ट में 10 छ
Bihar Board BSEB 2024 Matrci Result Today:बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in व biharboardonline.com , onlinebseb.in पर जल्दजारी कर दिया जाएगा।
BSEB: क्लास 10वीं के रिजल्ट से पहले जानें ये 10 जरूरी बातें, मार्कशीट मिलने में मिलेगी मदद
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड अब कभी भी वेबसाइट biharboardonline.gov.in पर कक्षा 10वीं के रिजल्ट अपलोड कर सकता है। एक बार रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र यहां से डाउनलोड कर सकते हैं।
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) मैट्रिक यानी कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट अब कभी भी biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी हो सकता है, जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, रिजल्
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटर में एडमिशन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। इस बाबत समिति ने सभी सरकारी, गैर सरकारी विद्यालय, इंटर कॉलेजों की सूची ofssbihar.in पर अपलोड कर दी है।
बीएसईबी मैट्रिक रिजल्ट की घोषणा जल्द की जाएगी। हालांकि अभी तक रिजल्ट की टाइमिंग और तारीख के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद है नतीजे 31 मार्च तक आधिकारिक वेबसाइट biharboardonlin
BSEB Bihar 10th Board: प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेयर की जाएंगी ये 5 डिटेल्स, यहां पढ़ें
छात्र आधिकारिक वेबसाइट्स से बीएसईबी 10वीं स्कोरकार्ड 2024 डाउनलोड कर सकेंगे। रिजल्ट वाले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। जिसमें बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा से जुड़ी कई डिटेल्स शेयर की जाएगी। आइए ज
इस साल का रिजल्ट पिछले 5 साल की तुलना में सबसे बेहतर, 87.21 प्रतिशत विद्यार्थी हुए पास
BSEB Bihar Board 12th Result : हार बोर्ड ने आज 12वीं के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का रिजल्ट पिछले 5 सालों की तुलना में सबसे बेहतर रहा है। इस साल इंटर का रिजल्ट 87.21 फीसदी रहा।
बिहार बोर्ड ने 12वीं यानी इंटर परीक्षा का रिजल्ट अब जारी कर दिया है। टॉपर्स के नाम भी सामने आ गए हैं। आइए जानते हैं साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स स्ट्रीम के टॉपर्स ने किन स्कूलों से पढ़ाई की है। यहां देखें न
BSEB : बारहवीं कक्षा के छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी के लिए फ्री में कोचिंग देती है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) गरीब विद्यार्थियों को JEE और NEET की मुफ्त कोचिंग कराती है।
BSEB Bihar Board: बिहार बोर्ड इंटर छात्र जानें टॉप 10 इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज
NIRF यानी राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क। इस रैंकिंग को शिक्षा मंत्रालय जारी करता है। एनआईआरएफ रैंकिंग में देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी की रैंकिंग जारी की जाती है।
बीएसईबी 12वीं के परिणाम के साथ टॉपर्स की लिस्ट भी शेयर करेगा। जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, पिछले 7 सालों में आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम में किसने किया था टॉप। यहां पढ़ें पूरी
Bihar 12th Board 2024: रिजल्ट जारी होने की तारीख और समय के बारे में यहां मिलेगी जानकारी
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) जल्द ही इंटरमीडिएट या कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2024 के परिणाम घोषित करेगा। वहीं बोर्ड परिणाम के समय की घोषणा पहले कर दी जाएगी। आइए जानते हैं, आप कहां कर सकें

