उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक और न्यायिक हलकों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीनियर IAS अधिकारी और देवीपाटन मंडल की कमिश्नर दुर्गा शक्ति नागपाल के रवैये पर कड़ा रुख अपनाया। हाईकोर्ट ने एक निचली अदालत की महिला जज को फोन कर कथित रूप से प्रभावित करने और डराने-धमकाने के मामले को आपराधिक अवमानना (Criminal Contempt) के तहत सुनवाई के लिए संबंधित पीठ को सौंपने का निर्देश दिया है। जस्टिस सैयद कमर हसन रिज़वी की पीठ ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि कथित टेलीफोनिक बातचीत की भाषा और लहजे से प्रथम दृष्टया यह साफ आभास होता है कि अदालत के पीठासीन अधिकारी को प्रभावित करने का प्रयास किया गया था। अदालत ने इसे 'चौंकाने वाला' करार दिया कि कोई प्रशासनिक अधिकारी किसी लंबित मुकदमे के सिलसिले में सीधे जज से फोन पर संपर्क करे। इसे भी पढ़ें: Ayodhya Fish Feast पर सियासत गरम! Pawan Khera बोले, BJP ने 'पेपर लीक' से ध्यान भटकाने के लिए मुद्दा उछाला अदालत ने इसे 'चौंकाने वाला' भी बताया कि कोई पक्षकार/राज्य किसी लंबित मामले के संदर्भ में इस तरह के फोन कॉल के ज़रिए अदालत से संपर्क कर सकता है। ये टिप्पणियां 1997 के एक मुकदमे से जुड़ी ट्रांसफर अर्ज़ी पर की गईं, जो लगभग तीन दशकों से गोंडा के सिविल जज (सीनियर डिवीज़न) के पास लंबित था। मामले का संक्षिप्त विवरण: बेंच गोंडा के संबंधित सिविल जज (सीनियर डिवीज़न) से 1997 के मुकदमे को किसी अन्य सक्षम अदालत में ट्रांसफर करने की अर्ज़ी पर सुनवाई कर रही थी। 1997 से लंबित इस मुकदमे में सरकारी ज़मीन से जुड़ा विवाद शामिल था। 2018 में मुद्दे तय किए गए थे और मामला अभी सबूतों के चरण में है। अदालत ने कहा कि देवीपाटन मंडल की कमिश्नर और सीनियर IAS अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल द्वारा सिविल जज को फोन करके उन पर डाला गया कथित दबाव, प्रथम दृष्टया न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है और न्याय प्रशासन में बाधा डालता है। हाई कोर्ट ने कहा कि इस मामले पर आपराधिक अवमानना के तहत विचार किया जाना चाहिए। अदालत ने निर्देश दिया कि मुख्य न्यायाधीश या वरिष्ठ न्यायाधीश से ज़रूरी निर्देश प्राप्त करने के बाद मामले को उचित अदालत के समक्ष लाया जाए। यह मामला देवीपाटन मंडल के कमिश्नर के नाम दर्ज नज़ूल ज़मीन के कई टुकड़ों से संबंधित था। हाई कोर्ट ने आदेश दिया, उपरोक्त को देखते हुए, यह अदालत प्रथम दृष्टया पाती है कि इस मामले में आपराधिक अवमानना से जुड़े मामलों को देखने वाली अदालत के हस्तक्षेप की आवश्यकता है। माननीय मुख्य न्यायाधीश/माननीय वरिष्ठ न्यायाधीश से निर्देश लेने के बाद मामले को अवमानना मामलों को देखने वाली उचित अदालत के समक्ष रखा जाए। इसे भी पढ़ें: Bihar सरकार का संकल्प: युवाओं की शिक्षा में वित्तीय बाधा नहीं, CM सम्राट चौधरी ने Student Credit Card पर दिया भरोसा क्या है पूरा मामला? यह विवाद गोंडा की सिविल जज (सीनियर डिवीजन) सबीना खान की अदालत में 1997 से लंबित एक सिविल मुकदमे से जुड़ा है। ज़मीन का विवाद: यह मामला गोंडा में नजूल ज़मीन (सरकारी ज़मीन) के कुछ हिस्सों से संबंधित है, जो कमिश्नर कार्यालय के निर्माण के लिए आरक्षित बताई जाती है। अदालत में स्थिति: लगभग तीन दशकों से लंबित इस मुकदमे में साल 2018 में मुद्दे तय (Issues Frame) किए गए थे और फिलहाल मामला साक्ष्य (Evidence) के चरण में है। ट्रांसफर अर्जी की सुनवाई: हाईकोर्ट 1997 के इस मुकदमे को गोंडा की सिविल जज की अदालत से किसी अन्य सक्षम अदालत में ट्रांसफर करने की अर्ज़ी पर सुनवाई कर रहा था। महिला जज का सनसनीखेज पत्र: क्या लगाए गए थे आरोप? मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को अवगत कराया गया कि सिविल जज (सीनियर डिवीजन) सबीना खान ने 4 अगस्त, 2026 को गोंडा के जिला जज को एक आधिकारिक पत्र भेजा था। पत्र में आरोप लगाया गया कि: 15 जुलाई, 2026 की कॉल: जब महिला जज लंबी छुट्टी पर थीं, तब कमिश्नर दुर्गा शक्ति नागपाल ने उन्हें फोन किया और पूछा कि वह छुट्टी से कब वापस आ रही हैं। बदतमीजी और धमकी का आरोप: पत्र के मुताबिक, कमिश्नर ने कथित तौर पर कहा, मैं सीनियर IAS ऑफिसर हूँ और आपने मेरा फोन न उठाकर बदतमीजी की है... अच्छा हुआ कि आपने मुझसे बात कर ली, नहीं तो मैं आपकी शिकायत हाईकोर्ट में करने वाली थी। पद का दुरुपयोग: जज ने आरोप लगाया कि कमिश्नर ने उनके न्यायिक आचरण पर सवाल उठाते हुए कहा, आपके व्यवहार से मुझे ऐसा लगा कि आप ज्यूडिशियल ऑफिसर हैं भी या नहीं। दबाव बनाने का प्रयास: महिला जज ने जिला जज के सामने शिकायत दर्ज कराई कि आईएएस अधिकारी ने पद का इस्तेमाल कर उन्हें डराने, हाईकोर्ट में शिकायत की धमकी देने और अनुचित दबाव (Undue Pressure) डालने की कोशिश की। कमिश्नर दुर्गा शक्ति नागपाल का पक्ष राज्य सरकार और कमिश्नर नागपाल की ओर से फोन कॉल किए जाने से इनकार नहीं किया गया, लेकिन उसकी वजह अलग बताई गई: चार्ज और जांच: कमिश्नर ने बताया कि उन्होंने अप्रैल 2026 में ही देवीपाटन मंडल का प्रभार संभाला था। जांच के दौरान उन्हें पता चला कि कमिश्नर कार्यालय की आरक्षित नजूल ज़मीन से जुड़ा मामला लगभग 30 वर्षों से अदालत में अटका हुआ है। सामान्य पूछताछ का दावा: उन्होंने सरकारी वकीलों को प्रभावी पैरवी का निर्देश दिया था। जब पता चला कि पीठासीन अधिकारी लंबी छुट्टी पर हैं, तो 15 जुलाई को उन्होंने केवल यह जानने के लिए फोन किया था कि जज कब लौटेंगी। मामले पर चर्चा से इनकार: कमिश्नर का कहना था कि फोन कॉल पर लंबित मुकदमे के गुण-दोष (Merits) पर कोई चर्चा नहीं हुई थी और बाद में उन्होंने केवल जिला जज से जल्द सुनवाई का अनुरोध किया था। हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणियां और आपराधिक अवमानना का आदेश जस्टिस रिज़वी की पीठ ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद साफ किया कि अदालत किसी न्यायिक अधिकारी द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों से अपनी आंखें नहीं मूंद सकती। कोर्ट के फैसले के प्रमुख बिंदु: न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर हमला: हाईकोर्ट ने माना कि किसी आईएएस अधिकारी द्वारा न्यायिक अधिकारी पर फोन के जरिए दबाव डालना प्रथम दृष्टया न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है और यह न्याय प्रशासन में बाधा पहुंचाता है। जजों को संरक्षण देना हाईकोर्ट का फर्ज: कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले (इन री: अजय कुमार पांडे 1996) का हवाला देते हुए कहा कि जजों को बिना किसी डर के काम करने की आजादी होनी चाहिए। जज को शिकायत की धमकी देना न्याय प्रशासन में हस्तक्षेप के समान है। ट्रांसफर अर्जी निष्प्रभावी: चूंकि जिला जज गोंडा ने पहले ही इस केस को सिविल जज सबीना खान की अदालत से हटाकर 'सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/FTC/ACJM गोंडा' की अदालत में ट्रांसफर कर दिया था, इसलिए हाईकोर्ट ने ट्रांसफर अर्जी को तो बेअसर मानते हुए निस्तारित कर दिया। अवमानना पीठ को भेजा मामला: हालांकि, कमिश्नर के आचरण को प्रथम दृष्टया आपराधिक अवमानना मानते हुए हाईकोर्ट ने चीफ जस्टिस के निर्देशानुसार मामले को क्रिमिनल कंटेंप्ट (Criminal Contempt) की सुनवाई करने वाली उचित पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का आदेश दिया।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को फिर से कहा कि राज्य भर के छात्रों और अभिभावकों को भरोसा दिलाते हुए, उच्च शिक्षा के लिए 4 लाख रुपये तक की स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना उपलब्ध रहेगी। यह बात बिहार सरकार द्वारा उन खबरों को गलत बताए जाने के बाद कही गई है जिनमें दावा किया गया था कि बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत छात्रों को मिलने वाले शिक्षा ऋण में कटौती की गई है। इसे भी पढ़ें: Singheshwar Temple Stampede | सावन के अंतिम सोमवार पर मधेपुरा के सिंगेश्वर मंदिर में मची भगदड़! बैरिकेड टूटने से आधा दर्जन लोग घायल एक X पोस्ट में, मुख्यमंत्री चौधरी ने युवाओं के लिए बेहतर शिक्षा सुनिश्चित करने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर छात्रों और अभिभावकों के मन में कोई संदेह नहीं होना चाहिए। उच्च शिक्षा के लिए 4 लाख रुपये तक का स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड उपलब्ध है और यह सुविधा पहले की तरह ही जारी रहेगी। बिहार सरकार युवाओं की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शिक्षा के रास्ते में कभी भी वित्तीय संसाधनों को बाधा नहीं बनने दिया जाएगा। एक विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों के लिए आर्थिक सहायता का दायरा और बढ़ा दिया है। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव के मुताबिक, अब बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के ज़रिए 2 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण दिया जाएगा। वहीं, 2 लाख से 4 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के ज़रिए उपलब्ध कराई जाएगी। पहले, 4 लाख रुपये तक की पूरी राशि सिर्फ़ बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के ज़रिए ही दी जाती थी। इसे भी पढ़ें: Nishant Kumar बनेंगे बिहार के अगले CM, JDU सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने जताई उम्मीद प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना, पीएम विद्यालक्ष्मी पोर्टल और बैंकों के साथ जोड़ने का मकसद ज़्यादा से ज़्यादा छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए संस्थागत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। इसके अलावा, छात्र पीएम विद्यालक्ष्मी योजना के ज़रिए 10 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण ले सकेंगे। इस तरह, अब छात्रों के पास पहले की तुलना में उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता के ज़्यादा विकल्प मौजूद हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
बिहार में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से 4 लाख का लोन ही मिलेगा। CM सम्राट चौधरी ने X पर पोस्ट लिखा है कि 'स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के संबंध में विद्यार्थियों और अभिभावकों के मन में किसी भी प्रकार का संशय नहीं रहना चाहिए। उच्च शिक्षा के लिए ₹4 लाख तक का स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड मिल रहा है और यह सुविधा आगे भी पूर्ववत ही जारी रहेगी। बिहार सरकार युवाओं की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शिक्षा के रास्ते में आर्थिक संसाधन को कभी भी बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।' इस ऐलान के बीच CM सम्राट चौधरी ने आज राज्यपाल से मुलाकात की है। 4 दिन के अंदर मुख्यमंत्री की गवर्नर से ये दूसरी मुलाकात है। 4 दिन पहले शिक्षा विभाग ने इसे घटाकर 2 लाख किया था 4 दिन पहले नीतीश कुमार की 7 निश्चय योजना के तहत शुरू हुए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में सम्राट सरकार ने बदलाव किया था। इसमें बताया गया था कि छात्रों को स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 4 लाख की जगह 2 लाख ही मिलेंगे। सरकार के फैसले पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सवाल उठाए थे। उन्होंने X पर पोस्ट किया था- ‘सरकार का खजाना खाली है। बिहार में उच्च घाटे के साथ-साथ भारी कर्ज का बोझ अत्यधिक चिंता का विषय है। खर्च के अनुपात में राज्य की अपनी कोई राजस्व प्राप्ति नहीं है।’ इधर, पूरे मामले पर सरकार ने सफाई देते हुए कहा था कि राशि घटाने की बात सही नहीं है। पहले 4 लाख बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के जरिए मिलते थे, अभ 2 लाख मिलेंगे बाकी की राशि बैंक के जरिए मिल पाएगी। सरकार ने कहा था- राशि घटाई नहीं, लोन के दायरे को बढ़ाया पूरे मामले पर सरकार ने अपना पक्ष रखा था। सरकार ने बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत विद्यार्थियों को मिलने वाले शिक्षा ऋण में कमी किए जाने की खबर सही नहीं है। राज्य सरकार ने विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता के दायरे को और बढ़ाया है। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव के अनुसार अब 2 लाख रुपए तक का लोन बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं 2 लाख से 4 लाख तक की वित्तीय सहायता बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पहले बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से ही 4 लाख तक की राशि उपलब्ध कराई जाती थी। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना, पीएम विद्यालक्ष्मी पोर्टल और बैंकों से जोड़ने का उद्देश्य अधिक से अधिक विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए संस्थागत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। इसके पहले 4 और फैसलों पर बैकफुट पर आ चुकी है सरकार फैसला- 1 गांव के लोगों से टैक्स वसूली बिहार सरकार ने गांव की सरकार को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने और राज्य का खजाना भरने के लिए 15 जुलाई को कैबिनेट की बैठक में ‘बिहार ग्राम पंचायत (कर, दर एवं शुल्क) नियमावली-2026’ को मंजूरी दी। इसके अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में घरों और दुकानों आदि पर 50 से 5000 रुपए तक टैक्स लगेंगे। जल्द ही पंचायती राज विभाग इस संबंध में आदेश जारी करेगा और वसूली की प्रक्रिया शुरू होगी। मकान, दुकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर शुल्क वार्षिक जबकि जलापूर्ति शुल्क मासिक देना होगा। गांव के लोगों पर लगाए जाएंगे ये बड़े टैक्स होल्डिंग (संपत्ति) टैक्स- नगर निकाय क्षेत्र की तरह अब पंचायत क्षेत्र में भी होल्डिंग टैक्स वसूली होगी। पंचायत सालाना ग्रामीणों से यह टैक्स वसूल करेंगी। आवासीय मकान, कमर्शियल बिल्डिंग और जमीन, दुकान, गोदाम और अन्य स्थायी भवन पर यह लागू होगा। हाट, बाजार और मेला शुल्क- गांव के हाट, बाजार और मेला में सामान बेचने वालों के टैक्स वसूला जाएगा। इसके लिए पंचायत सरकार टेंडर जारी करेगी। जलापूर्ति एवं स्वच्छता सेवा शुल्क- पंचायत की सरकार हर घर नल का जल के तहत पीने का पानी आपूर्ति करने और कूड़ा उठाव के लिए ग्रामीणों से पैसे लेगी। मंदिर-मस्जिद और मठ पर टैक्स- पंचायत मंदिर-मस्जिद और मठ से पैसे वसूलेंगी। गांव में यह पहली बार देखा जाएगा। बूचड़खाना- बूचड़खाना संचालक से टैक्स लिया जाएगा। लघु उद्योग, मिल, गैर कृषि उद्योग और विज्ञापन शुल्क- गांव में छोटा उद्योग चलाने वालों, चावल मिल, तेल मिल और आटा चक्की वालों से टैक्स लिया जाएगा। विज्ञापन लगाने पर टैक्स- गांव में विज्ञापन (होर्डिंग) लगाने पर साल में एक बार टैक्स देना होगा। ईट भट्ठा, पेट्रोल पम्प, गैस एजेंसी- गांव में ईट भट्ठा चलाने वालों और पेट्रोल पम्प व गैस एजेंसी के मालिक को टैक्स देना होगा। मैरिज हॉल- गांव में चलने वाले मैरिज हॉल पर टैक्स का बोझ डाला गया है। बस-ऑटो स्टैंड- बस, ऑटो और तीन पहिया गाड़ियों के ठहराव स्थल से पैसे वसूल किए जाएंगे। इन करों की वसूली का मुद्दा उठाते हुए विधान परिषद में राजद के सुनील कुमार सिंह ने कहा कि सरकार अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 5 हजार रुपए तक होल्डिंग टैक्स लगा रही है। चवन्नी-अठन्नी वसूल रही है। ये अंग्रेजों का कानून है। सम्राट चौधरी ने जवाब दिया कि होर्डिंग पर टैक्स लगाने की बात है। समय के अनुसार नियमों में बदलाव करेंगे। गरीबों से टैक्स नहीं लिया जाएगा। कचरा प्रबंधन और नल जल के लिए 30-30 रुपए पहले से लिए जा रहे हैं। फैसला- 2 स्टेट हाईवे पर टोल वसूली बिहार सरकार स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स वसूली को लेकर बैकफुट पर आई। 6 जुलाई 2026 को बिहार सरकार ने राज्य की सड़कों और पुलों के लिए नई टोल नीति की अधिसूचना जारी की। नई नीति में सरकार ने दोपहिया, तिपहिया, ट्रैक्टर और कंबाइन हार्वेस्टर जैसे वाहनों को टोल टैक्स से मुक्त रखा। आम लोगों में संदेश गया कि अब निजी कार, जीप और अन्य प्राइवेट वाहनों को भी स्टेट हाईवे पर चलने के लिए टोल देना होगा। 7 जुलाई को सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि स्टेट हाईवे पर सिर्फ कमर्शियल वाहनों पर टोल टैक्स लगेगा, प्राइवेट गाड़ियों को नहीं। फैसला- 3 सैटेलाइट टाउनशिप की जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक 22 अप्रैल 2026 को सम्राट कैबिनेट ने 11 सेटेलाइट टाउनशिप विकसित करने को मंजूरी दी। इन 11 स्थानों पर जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी। बाद में एक और शहर जोड़ा गया। मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, भागलपुर और छपरा के पास 30 जून 2027 तक और पटना, सोनपुर, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर के पास 31 मार्च 2027 तक जमीन खरीदने बेचने पर पाबंदी लगाई गई। किसान जरूरत पड़ने पर अपनी जमीन बेच नहीं पा रहे थे। शादी, इलाज और पढ़ाई जैसे जरूरी काम के लिए पैसे का इंतजाम नहीं हो पा रहा था। इसके चलते सरकार के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन हुए। मामला बढ़ने पर 17 जून को सरकार ने सैटेलाइट टाउनशिप इलाके के जमीन मालिकों को जमीन बेचने की अनुमति शर्त के साथ दी। कहा कि गंभीर बीमारी, शादी या आपात स्थिति में बिहार राज्य आवास बोर्ड किसानों की जमीन खरीदेगा। शहरों में सर्किल रेट का दोगुना और गांवों में चार गुना पैसा दिया जाएगा। इसके अलावा बिहार भूमि क्रय नीति-2026 के तहत 10 फीसदी प्रोत्साहन राशि अलग से मिलेगी। बिहार विधान परिषद में 22 जुलाई को नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि सैटेलाइट टाउनशिप के लिए जमीन देने के इच्छुक 750 लोगों ने आवेदन किया है। सरकार जबरदस्ती जमीन नहीं ले रही है। यदि किसी भूस्वामी को शादी, बीमारी या अन्य कार्यों के लिए जमीन बेचने की जरूरत है, तो वे बिहार राज्य आवास बोर्ड में आवेदन कर सकते हैं। उन्हें एक महीने के भीतर भुगतान किया जाएगा। फैसला- 4 पहले सीएम आवास में 5 देशरत्न मार्ग बंगला जोड़ा फिर अलग किया 30 अप्रैल 2026 को सम्राट सरकार ने 5 देश रत्न मार्ग बंगले को लोक सेवक आवास, 1 अन्ने मार्ग (सीएम हाउस) के विस्तारित अंश के रूप में शामिल किया। फैसला ऐसे वक्त लिया गया जब राबड़ी देवी से 10 सर्कुलर रोड बंगला खाली करने के लिए कहा जा रहा था। राजद के नेताओं ने सवाल उठाया कि सीएम हाउस में आसपास के बंगले जोड़े जा रहे हैं। दूसरी ओर सरकार विपक्ष की नेता को आवास खाली करने के लिए कह रही है। विवाद बढ़ने पर 4 जून 2026 को 5 देश रत्न मार्ग बंगले को मुख्यमंत्री आवास से अलग कर दिया गया है।
मुजफ्फरपुर के नगर थाना क्षेत्र के बड़ी करबला में घर के बाहर खेल रहे चार साल के बच्चे पर आवारा कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्चे के सिर, हाथ और कंधे को बुरी तरह नोच लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
गया के वजीरगंज बाजार में बारिश के दौरान सोशल मीडिया के लिए रील बना रहे तीन बच्चे उस समय बाल-बाल बच गए, जब अचानक घर की छत पर आकाशीय बिजली गिर गई।
Bihar: दानापुर में लड़की पर फायरिंग, बचने के लिए दुकान में छिपी; पीछा कर आए बदमाशों ने फिर मारी गोली
पटना के दानापुर थाना क्षेत्र के आर्य समाज रोड में रविवार शाम बदमाशों ने एक लड़की को निशाना बनाकर फायरिंग की। लड़की रैपिडो से जा रही थी, इसी दौरान हुई फायरिंग में रैपिडो चालक को गोली लग गई।
बच्चेदानी के ऑपरेशन के बाद मर गई महिला, बिहार के अस्पताल में तोड़फोड़; 12 हिरासत में
बिहार के नवादा जिले के एक अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ है। यहां एक महिला की मौत के बाद परिजन नाराज हो गए और फिर उन्होंने जमकर तोड़फोड़ मचाया है। 12 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
Bihar News: अंतिम सोमवारी पर बाबा हरिगिरिधाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, 2 किलोमीटर लंबी लगी कतार
Bihar News: अंतिम सोमवारी पर बाबा हरिगिरिधाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, 2 किलोमीटर लंबी लगी कतार
Bihar News: छपरा-मुजफ्फरपुर एनएच पर भीषण हादसा, हाइवा ने टोटो को रौंदा; चार की मौत, तीन घायल
छपरा-मुजफ्फरपुर एनएच-722 पर भेल्दी थाना क्षेत्र के टोल प्लाजा के पास तेज रफ्तार और अनियंत्रित 18 चक्का हाइवा ने सामने से आ रहे टोटो को रौंद दिया।
औरंगाबाद शहर के वास्तु विहार सोसाइटी स्थित बिहार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के बंद घर में चोरी हुई है। मामले की सूचना पर कांग्रेस नेता सूरज राय मौके पर पहुंचे। घर के अंदर जाकर देखा तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ था। हालांकि आवास से क्या-क्या सामान चोरी हुआ है, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। राजेश राम एक दिन पहले ही अपने घर में ताला बंद कर पटना के लिए रवाना हुए थे। औरंगाबाद पहुंचने के बाद उनके आवास से चोरी हुए सामान की पूरी जानकारी सामने आने की उम्मीद है। चार लोग बाउंड्री फांदकर घुसते दिखे आवास की देखरेख के लिए कर्मा रोड निवासी केयरटेकर जितन रहते थे। रविवार की शाम वह भी ताला लगाकर अपने गांव चला गया था। इसी दौरान चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है। फुटेज में चार संदिग्ध बाउंड्री फांदकर सोसाइटी के अंदर प्रवेश करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि करीब एक घंटे तक चोर सोसाइटी के अंदर रहे। इसके बाद चोरी की वारदात को अंजाम देकर उसी रास्ते से बाउंड्री फांदकर बाहर निकल गए। पुलिस फुटेज के आधार पर चोरों की पहचान करने में जुटी है। कानून-व्यवस्था पर उठाया सवाल वहीं, इस घटना के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि उनके घर से क्या चोरी हुआ, यह महत्वपूर्ण नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि बिहार में कोई भी सुरक्षित नहीं है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। तीन और घरों में चोरी राजेश राम के घर के साथ-साथ तीन अन्य बंद घरों में भी चोरी की। सबसे बड़ी घटना संतोष सिंह के घर में हुई, जहां से करीब 20 लाख रुपए के सोने-चांदी के आभूषण चोरी होने की बात सामने आई है। जानकारी के अनुसार संतोष सिंह फिलहाल देवघर गए हुए हैं, जबकि उनकी पत्नी बेटे के साथ कर्मा रोड स्थित अपनी बहन के घर गई थी। सुबह जब वह वास्तु विहार स्थित आवास पहुंची तो मुख्य गेट का ताला टूटा मिला। अंदर जाने पर अलमारी भी टूटी हुई थी और उसमें रखे लाखों रुपए के सोने-चांदी के आभूषण गायब थे। इसके अलावा चोरों ने प्रदीप सिंह और बृजेश कुमार के बंद मकानों का भी ताला तोड़ा। इन दोनों घरों से कितने सामान की चोरी हुई है, इसका आकलन फिलहाल किया जा रहा है। मुफस्सिल थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। 14 महीने पहले भी हुई थी चोरी वास्तु विहार सोसाइटी में चोरी की यह पहली घटना नहीं है। करीब 14 महीने पहले भी चोरों ने सोसाइटी के फेज-1 और फेज-2 में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था। उस समय भी पुलिस ने मामले की जांच की थी, लेकिन अब तक चोरों तक पहुंचने में सफलता नहीं मिलने की बात स्थानीय लोगों ने कही है। एक बार फिर एक ही रात में चार घरों में चोरी होने के बाद सोसाइटी के लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। शहर में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को लेकर स्थानीय लोग पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि बंद मकानों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन चोरों में पुलिस का कोई खौफ नजर नहीं आ रहा है। वहीं, पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज के साथ पूर्व में हुई घटनाओं के रिकॉर्ड को भी खंगाल रही है।
Bihar News: सावन की अंतिम सोमवारी पर सिंहेश्वर धाम में बेकाबू भीड़, धक्का-मुक्की से मची भगदड़ जैसी स्थिति
सावन की अंतिम सोमवारी पर देशभर के शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है। बिहार के सिंहेश्वर नाथ मंदिर में भीड़ की वजह से अफरातफरी की स्थिति हो गई। इस दौरान कुछ श्रद्धालुओं को चोट भी आई है।
Bihar Expressway: बिहार का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे, भागलपुर से दिल्ली तक कनेक्टिविटी होगी आसान; 6 लेन सड़क पर 120 की रफ्तार
श्रावणी मेला अब अंतिम पड़ाव पर है और सावन की चौथी व अंतिम सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ धाम में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। देवघर प्रशासन के अनुमान के अनुसार करीब तीन से सवा तीन लाख श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंच सकते हैं।
सावन की अंतिम सोमवारी पर मधेपुरा के सिंहेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ी भीड़ को लेकर जिलाधिकारी अभिषेक रंजन और एसपी संदीप सिंह ने स्थिति स्पष्ट की है।
Bihar: रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला, नाबालिग से डेढ़ साल तक दुष्कर्म का आरोप; पिता गिरफ्तार
मुजफ्फरपुर के सरैया थाना क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग बेटी से करीब डेढ़ साल तक जबरन शारीरिक संबंध बनाने के आरोप में 46 वर्षीय पिता को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
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सावन माह की चौथी और अंतिम सोमवारी पर मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ धाम में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। आधी रात 12 बजे से शुरू हुआ जलाभिषेक का सिलसिला सुबह तक जारी रहा।
पेपर लीक, मानव तस्करी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान; बिहार में किस-किस अपराध पर लगेगा सीसीए
बिहार सरकार ने अपराधियों पर लगाम कसने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत अब राज्य में मानव तस्करी, पेपर लीक और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान कई अन्य अपराधों में शामिल लोगों को सीसीए के दायरे में लाया जा सकेगा।
Bihar News: गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर, भोजपुर के 5 सरकारी स्कूलों में 29 अगस्त तक पढ़ाई बंद
गंगा के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए भोजपुर जिला प्रशासन ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के लिए जिले के पांच सरकारी विद्यालयों में 24 से 29 अगस्त तक पठन-पाठन स्थगित कर दिया है।
‘इनोवेशन इन गवर्नेंस’ श्रेणी में जगह पाने वाली इस सफारी में ग्लास स्काईवॉक, सस्पेंशन ब्रिज, जिप लाइन, नेचर कैंप और प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीव सफारी जैसी सुविधाएं पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।
'सत्ता की मलाई खाते रहे लालू प्रसाद'; JDU ने कहा- जेल जाने के डर से बिहार के हितों की बलि चढ़ाई
जदयू ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद पर फरक्का जल समझौते में बिहार के हितों की बलि चढ़ाने का आरोप लगाया है, कहा कि उन्होंने जेल जाने के डर से ऐसा किया।
रियल एस्टेट में मनमानी पर लगेगी लगाम! झारखंड रेरा में लागू हो सकती है बिहार की ऑनलाइन व्यवस्था
झारखंड रेरा ने रांची में एक कार्यशाला आयोजित की, जिसमें बिहार रेरा के ऑनलाइन सिस्टम और पारदर्शिता मॉडल पर चर्चा हुई। इस कार्यशाला में रियल एस्टेट एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन, होमबायर्स के अधिकारों और ऑनलाइन प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन की जानकारी दी गई।
बिहार के सारण जिले में जन्मदिन समारोह में ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम करने के बाद लौट रही एक नर्तकी ने स्कूटी चालक पर हथियार का भय दिखाकर जबरन यौन अपराध करने का आरोप लगाया है। घटना शनिवार तड़के मशरक-तरैया मुख्य मार्ग पर सुनसान जगह की बताई जा रही है।
पटना के गर्दनीबाग में छात्रों का न्याय सत्याग्रह छठे दिन भी जारी रहा, जिसमें TRE-4 में पद बढ़ाने, एकल परीक्षा और निगेटिव मार्किंग खत्म करने जैसी कई मांगें उठाई गईं।
उत्तराखंड, यूपी और बिहार में भारी बारिश के चलते गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इस वजह से बिहार के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। ऐसे में सीएम सम्राट चौधरी ने पश्चिम बंगाल सीएम से फरक्का बैजार के गेट खोलने की अपील की है।
Bihar News: एनएच-722 पर मौत का कहर, अनियंत्रित हाइवा ने टोटो को रौंदा, ससुर-पतोहू की मौके पर मौत
छपरा के भेल्दी थाना क्षेत्र में एनएच-722 पर टोल प्लाजा के पास रविवार रात तेज रफ्तार 18 चक्का हाइवा ने बैटरी चालित टोटो को सामने से जोरदार टक्कर मार दी।
Bihar Weather Today 24 August: बिहार में मानसून कमजोर पड़ा है। हालांकि, इसके बावजूद स्थानीय वातावरणीय प्रभावों से राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश की स्थिति है। मौसम विभाग ने सोमवार को 20 जिलों में वज्रपात, मेघ गर्जन का अलर्ट जारी किया है।
बिहार में मानसून सक्रिय है, जिससे पटना सहित कई जिलों में छिटपुट बारिश हो रही है। गया, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण में भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि पटना समेत 20 जिलों में वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है।
पीएम सूर्य घऱ योजना लागू करने में बिहार काफी पीछे हो गया है। बता दें कि आर्थिक रूप से कमजोर कुटीर ज्योति श्रेणी (बीपीएल) परिवार के घरों पर 1.1 किलोवाट का सौर ऊर्जा संयंत्र शत-प्रतिशत सब्सिडी के साथ लगाये जा रहे हैं।
लैड पुलिंग या अधिग्रहण, बिहार में टाउनशिप के लिए जमीन लेने में सरकार किसानों को देगी चार ऑप्शन
बिहार में विकसित हो रहे टाउनशिप के लिए किसान अपनी जमीन लेने का विरोध कर रहे हैं। इस बीच सम्राट चौधरी सरकार ने अब फैसला किया है कि वो जमीन लेने से पहले किसानों को 4 विकल्प देगी।
बांग्लादेश और भारत के समझौते पर बिहार में क्यों संग्राम, फरक्का पर उलझे JDU-RJD
फरक्का संधि का मतलब भारत और पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश के बीच हुए एक जल समझौते से है। जिस पर 12 दिसंबर 1996 को दस्तखत किए गए थे। अब यह मुद्दा बिहार की राजनीति में तूल पकड़ रहा है और दो बड़े दल राजद और जदयू उलझे नजर आ रहे हैं।
मुजफ्फरपुर के 14 PHC का दो करोड़ से होगा कायाकल्प, अत्याधुनिक बनेंगे लेबर रूम व प्रसूति वार्ड
Primary Health Center Bihar:मुजफ्फरपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में 14 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का दो करोड़ रुपये की लागत से कायाकल्प किया जाएगा। इस परियोजना के तहत लेबर रूम और प्रसूति वार्डों को अत्याधुनिक बनाकर गर्भवती महिलाओं व नवजातों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
Nishant Kumar बनेंगे बिहार के अगले CM, JDU सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने जताई उम्मीद
जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता देवेश चंद्र ठाकुर ने रविवार को उम्मीद जताई कि बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत अपने पिता और पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार के पदचिह्नों पर चलते हुए राज्य के मुख्यमंत्री बनेंगे। ठाकुर सीतामढ़ी में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। सीतामढ़ी उनका लोकसभा क्षेत्र है, जहां राज्य के स्वास्थ्य मंत्री दौरे पर थे और उन्हें जिलेभर में जदयू कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। ठाकुर ने कहा, हमारे नेता नीतीश कुमार ने बिहार के लिए बहुत कुछ किया है। मुख्यमंत्री के रूप में उनका दो दशक लंबा कार्यकाल बेजोड़ रहा है। हमें उम्मीद है कि निशांत अपने पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए सार्वजनिक जीवन में नाम कमाएंगे। जब उनसे सीधे तौर पर पूछा गया कि क्या वह उत्तराधिकारी माने जा रहे निशांत को भविष्य के मुख्यमंत्री के तौर पर देखते हैं, तो पूर्व राज्य मंत्री और विधान परिषद के सभापति रह चुके ठाकुर ने कहा, क्यों नहीं? राजनीति संभावनाओं की कला है। वह सर्वोच्च ऊंचाइयों तक पहुंचें। निशांत कुमार (45) ने इस साल मार्च में राजनीति में कदम रखा था। इसके कुछ ही सप्ताह बाद उनके पिता ने राज्यसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया और बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में दो दशक लंबे कार्यकाल का अंत किया। विनम्र स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले निशांत ने शुरू में भाजपा के सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली राज्य की नयी सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में शामिल होने का प्रस्ताव ठुकरा दिया था लेकिन बाद में जदयू के कार्यकर्ताओं और नेताओं के दबाव में उन्होंने मंत्रिमंडल में शामिल होने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। जब ठाकुर से स्वास्थ्य मंत्री के रूप में निशांत के प्रदर्शन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, इस युवा नेता ने अभी शुरुआत ही की है। इस समय ऐसा सवाल पूछना ही बचकाना है। निशांत ने मीडियाकर्मियों से कहा, सीतामढ़ी आकर मैं बहुत उत्साहित हूं। यह वह स्थान है जहां माना जाता है कि देवी सीता प्रकट हुई थीं। मैं उनसे प्रार्थना करता हूं कि मैं लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरूं और समाज के हर वर्ग, चाहे महिलाएं हों, ओबीसी हों या ईबीसी- सभी के लिए काम करूं, जैसा कि मेरे पिता ने किया। मौके पर मौजूद जदयू कार्यकर्ताओं ने कहा कि अब उन्हें भरोसा है कि नीतीश कुमार के सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने से कोई खालीपन नहीं आया है और निशांत के नेतृत्व में पार्टी सुरक्षित हाथों में है।
बिहार की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। जदयू सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने रविवार को सीतामढ़ी में दावा किया कि निशांत कुमार भविष्य में बिहार के मुख्यमंत्री बन सकते हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस शुरू हो गई है। प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में पहुंचे थे निशांत निशांत कुमार सीतामढ़ी के बाजपट्टी और परिहार में आयोजित प्रतिमा अनावरण कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंचे थे। बाजपट्टी में उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी अमर शहीद रामफल मंडल की प्रतिमा का अनावरण किया। वहीं, परिहार में शिक्षाविद इंदल सिंह नवीन की प्रतिमा का अनावरण किया गया। देवेश चंद्र ठाकुर ने जताई मुख्यमंत्री बनने की संभावना इसी दौरान देवेश चंद्र ठाकुर ने निशांत कुमार के राजनीतिक भविष्य को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि निशांत कुमार पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र हैं, जिन्हें पूरे देश में जाना जाता है। उन्होंने संभावना जताई कि आने वाले समय में निशांत कुमार बिहार के मुख्यमंत्री भी बन सकते हैं। बयान के बाद राजनीतिक मायने निकाले जा रहे देवेश चंद्र ठाकुर के नीतीश कुमार के साथ करीबी संबंध माने जाते हैं। ऐसे में उनके द्वारा निशांत कुमार को लेकर दिए गए इस बयान को बिहार की राजनीति में अहम माना जा रहा है। निशांत कुमार भी हाल के दिनों में बिहार के अलग-अलग जिलों में विभिन्न कार्यक्रमों में नजर आ रहे हैं।
ट्रेनों में अटैची चोरी का ‘मास्टरमाइंड’ कौन? प्रकाश साव के गिरोह का बिहार से यूपी-झारखंड तक नेटवर्क
रेल पुलिस ने गिरफ्तार चार बदमाशों से पूछताछ के बाद प्रकाश साव के नेतृत्व वाले बड़े ट्रेन चोरी गिरोह का खुलासा किया है। यह गिरोह बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश तक फैला है और सद्भावना व पवन एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाता है।
नीतीश के बेटे निशांत बनेंगे बिहार के CM? चर्चा में JDU नेता का बयान
JDU के वरिष्ठ नेता देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा है कि बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार अपने पिता नीतीश कुमार के पदचिह्न पर चलेंगे. वे भविष्य में मुख्यमंत्री बन सकते हैं. ठाकुर ने उनके कामकाज का जल्द आंकलन करने से बचने और युवा नेता को काम करने का पूरा मौका देने को कहा है.
KESCO Scrap Scam: फिर पकड़ा ही क्यों था ट्रक? फिर 8 दिन बाद बिना कार्रवाई बिहार भेज दिया
केस्को में 1.52 करोड़ रुपये के स्क्रैप बिक्री घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसमें एक्सईएन और जेई पर निर्धारित से अधिक माल बेचने का आरोप है। गुजरात जा रहे एक ट्रक में अतिरिक्त स्क्रैप मिलने के बाद जांच शुरू हुई, जबकि बिहार जा रहे दूसरे ट्रक को पकड़ने के बाद भी बिना कार्रवाई के छोड़ दिया गया।
CRPF Jawan की Bihar के Rohtas में सड़क दुर्घटना में मौत, परिवार के 4 लोग घायल
बिहार के रोहतास जिले में रविवार को एक ऑटोरिक्शा सड़क किनारे पेड़ से टकरा गया, जिससे सीआरपीएफ के 39 वर्षीय एक जवान की मौत हो गई और उसके परिवार के चार सदस्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि दुर्घटना शनिवार को रोहतास के तिलौथू थाना क्षेत्र के निमियाडीह-तेरका के निकट हुई। थाना प्रभारी (एसएचओ) शुभम कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, सीआरपीएफ कर्मी कंचन कुमार ठाकुर अपने परिवार के सदस्यों के साथ दर्शन के लिए ताराचंडी से मां तुतला भवानी जा रहे थे, तभी ऑटोरिक्शा का संतुलन बिगड़ गया और वह पेड़ से टकरा गया। उन्होंने बताया कि ठाकुर गंभीर रूप से घायल हो गए और सासाराम के सदर अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी, बच्चा और परिवार के दो अन्य सदस्य हादसे में घायल हो गए। कुमार ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करा लिया गया है और पुलिस को लिखित शिकायत मिली है, जिसके आधार पर यातायात थाने में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। उन्होंने कहा, स्थानीय लोगों के अनुसार, विपरीत दिशा से आ रही एक एसयूवी से टक्कर से बचने की कोशिश में ऑटोरिक्शा चालक ने वाहन पर संतुलन खो दिया। हालांकि, जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो एसयूवी वहां नहीं थी। एसएचओ ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
राज्य सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वर्मी कंपोस्ट एवं बायोगैस इकाई की स्थापना पर अनुदान के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। कृषि विभाग के अनुसार, इच्छुक किसान 30 सितंबर 2026 तक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों का कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर पंजीकृत होना अनिवार्य है। किसान आधिकारिक वेबसाइट dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाकर 'अनुदान के लिए आवेदन' मेनू में 'पक्का वर्मी कंपोस्ट अनुदान' श्रेणी का चयन कर अपना आवेदन दर्ज कर सकते हैं। सरकार पक्का वर्मी कंपोस्ट इकाई के निर्माण पर कुल लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 5,000 रुपये प्रति इकाई का अनुदान प्रदान कर रही है। यह वित्तीय सहायता किसानों को जैविक खाद उत्पादन में मदद करेगी। यह योजना केवल नए आवेदकों के लिए है। जिन किसानों ने पिछले वर्षों में इस योजना के तहत अनुदान प्राप्त किया है, वे दोबारा आवेदन करने के पात्र नहीं होंगे। कृषि विभाग ने सभी पात्र किसानों से अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय पर ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है। इस पहल से मिट्टी की उर्वरता में सुधार होगा और किसानों की उत्पादन लागत में भी कमी आएगी।
बिहार की राजनीतिक गलियारों में इन दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके बेटे निशांत कुमार को लेकर चर्चाओं का बाजार बेहद गर्म है। हाल ही में सामने आए एक राजनीतिक घटनाक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने बेटे निशांत को बेहद स्नेह और भावुकता के साथ देखने के बाद उन्हें सीतामढ़ी जाने का विशेष आशीर्वाद दिया है। इस वाकये के सामने आने के बाद से पटना से लेकर दिल्ली तक के राजनीतिक विश्लेषक इसके अलग-अलग मायने निकालने में जुट गए हैं। हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि क्या यह महज एक सामान्य पारिवारिक मुलाकात थी या इसके पीछे बिहार की आगामी राजनीति का कोई बड़ा खाका तैयार हो रहा है।पिता-पुत्र की इस मुलाकात के क्या हैं सियासी मायनेराजनीतिक जानकारों का मानना है कि नीतीश कुमार का अपने बेटे को इस तरह स्नेह देना और खास तौर पर सीतामढ़ी जैसे धार्मिक और राजनीतिक रूप से संवेदनशील जिले का दौरा करने के लिए भेजना कोई इत्तेफाक नहीं है। पिछले काफी समय से इस बात की चर्चाएं चलती रही हैं कि क्या निशांत कुमार आने वाले समय में सक्रिय राजनीति में कदम रखेंगे या पार्टी के भीतर कोई बड़ी जिम्मेदारी संभालेंगे। ऐसे समय में जब राज्य के राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और हर दल अपनी स्थिति मजबूत करने में लगा है, इस घटना ने विपक्षी खेमे के साथ-साथ सत्ताधारी जेडीयू के भीतर भी सुगबुगाहट तेज कर दी है।सीतामढ़ी दौरे को लेकर क्यों गर्म है सियासी बाजारमाता सीता की पावन जन्मस्थली सीतामढ़ी हमेशा से बिहार की राजनीति में एक बेहद महत्वपूर्ण केंद्र रही है। यहां से किसी भी राजनीतिक संदेश या यात्रा का एक गहरा और व्यापक असर राज्य की जनता पर पड़ता है। अब जब निशांत कुमार को इस क्षेत्र में जाने का आशीर्वाद मिला है, तो स्थानीय स्तर पर यह कयास लगाए जाने लगे हैं कि वे जल्द ही वहां जनता के बीच जाकर जनसंपर्क अभियान की शुरुआत कर सकते हैं। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि यह कदम युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने और जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता को परखने का एक सुनियोजित प्रयास हो सकता है।कार्यकर्ताओं में उत्साह और भविष्य की राजनीतिक चालइस पूरे घटनाक्रम के बाद से पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय समर्थकों के बीच भी भारी उत्साह देखा जा रहा है। हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर इसे लेकर कोई बड़ा बयान नहीं आया है, लेकिन दबी जुबान में भविष्य के उत्तराधिकार और नेतृत्व को लेकर बातें होने लगी हैं। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि नीतीश कुमार का यह आशीर्वाद और निशांत कुमार का संभावित दौरा बिहार की सियासत में किस प्रकार के नए समीकरणों को जन्म देता है।
Vikramshila Setu पर 29 अगस्त से शुरू होने वाला मरम्मत कार्य गंगा के बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ के कारण टाल दिया गया है। इस फैसले से पूर्वी बिहार की बड़ी आबादी को राहत मिली है, और अब नई तिथि तय होने तक पुल पर आवागमन जारी रहेगा।
फरक्का बैराज और भारत-बांग्लादेश गंगा जल बंटवारा संधि को लेकर बिहार की सियासत में जुबानी जंग तेज हो गई है। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बयान के बाद जेडीयू ने पलटवार किया है। जेडीयू MLC नीरज कुमार ने आज जेडीयू कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के लालू यादव पर निशाना साधते हुए 1996 में हुई गंगा जल बंटवारा संधि के दौरान उनकी भूमिका पर सवाल उठाए हैं। नीरज कुमार ने कहा, कि 12 दिसंबर 1996 को भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे को लेकर संधि हुई थी। उस समय लालू प्रसाद यादव बिहार के मुख्यमंत्री थे। उन्होंने दावा किया कि बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग ने उस समय संधि को बिहार के हित में नहीं माना था और इसको लेकर आपत्ति भी दर्ज कराई थी। बिहार के हितों से समझौता क्यों किया? - नीरज कुमार जेडीयू MLC नीरज कुमार ने कहा, ‘आज RJD फरक्का संधि को लेकर सवाल उठा रही है, लेकिन उसे पहले उस समय की अपनी सरकार और भूमिका का जवाब देना चाहिए। बिहार के पानी और अधिकार का सवाल है, इसलिए उस दौर में सरकार की ओर से उठाए गए कदमों को भी स्पष्ट करना जरूरी है।’ लालू यादव ने X पर नीतीश कुमार पर साधा था निशाना दरअसल, लालू प्रसाद यादव ने शनिवार को X पर पोस्ट कर फरक्का बैराज के मुद्दे पर नीतीश कुमार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि, 'इस विषय पर नीतीश कुमार के ‘नौसिखिए’ लोग बोल रहे हैं, जिन्हें फरक्का मुद्दे का इतिहास और भूगोल मालूम नहीं है।' लालू यादव ने दावा किया कि उन्होंने संसद और बिहार में अपनी सरकार के दौरान हर मंच पर फरक्का बांध का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने बिहार को होने वाले नुकसान और खतरे को पहले ही पहचान लिया था। लालू ने जल संसाधन विभाग के दस्तावेज पढ़ने की दी सलाह लालू यादव ने यह भी आरोप लगाया कि नीतीश कुमार ने संसद में फरक्का के मुद्दे पर कभी एक शब्द नहीं बोला। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के साथ रहने वाले लोगों को इस विषय पर जानकारी हासिल करने के लिए बिहार के जल संसाधन विभाग जाना चाहिए और गंगा में जल उपलब्धता की कमी, बांग्लादेश के साथ अंतरराष्ट्रीय संधि के प्रभाव तथा तत्कालीन सरकार के प्रयासों से जुड़े दस्तावेज देखने चाहिए। लालू यादव ने तत्कालीन सिंचाई मंत्री जगदा नंद सिंह के केंद्र सरकार के साथ हुए पत्राचार का भी जिक्र किया था। अब JDU ने मांगा पुराने रुख का जवाब लालू यादव के इसी बयान पर नीरज कुमार ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा, 'फरक्का संधि को लेकर राजनीति करने से पहले आरजेडी को 1996 में बिहार की तत्कालीन सरकार की भूमिका पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने पूछा कि जब संधि के समय बिहार के हितों को लेकर आपत्ति मौजूद थी, तब सरकार ने केंद्र के सामने इसे मजबूती से क्यों नहीं उठाया?
किसानों के लिए बिहार सरकार का नया प्लान, खेत से बाजार तक बढ़ेगी भागीदारी; एग्रीस्टैक पर जोर
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने गया में किसानों, महिलाओं और गरीबों के कल्याण के लिए कृषि विभाग के अभियानों पर जोर दिया। उन्होंने कृषि उत्पादन बढ़ाने, आय में वृद्धि, नकली खाद पर कार्रवाई सहित कई योजनाओं की जानकारी दी।
Bihar News: बीकानेर में कांग्रेस के टिकट की मची होड़, 80 वार्डों पर 600 दावेदारों ने ठोकी ताल
बीकानेर नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस ने टिकट वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शनिवार को शहर कांग्रेस कार्यालय में टिकट के दावेदारों की भारी भीड़ जुटी।
देश की प्रमुख सरकारी तेल विपणन कंपनियों (Indian Oil, Bharat Petroleum, Hindustan Petroleum) ने 23 अगस्त 2026 के लिए एलपीजी गैस सिलेंडर (LPG Cylinder) के ताजा भाव जारी कर दिए हैं। त्योहारी सीजन और बदलते वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य के बीच आम उपभोक्ताओं की नजर इस बात पर टिकी है कि घरेलू रसोई गैस और व्यावसायिक सिलेंडरों के दाम में कोई फेरबदल हुआ है या नहीं। आज 23 अगस्त को 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतें देश के अधिकांश हिस्सों में स्थिर बनी हुई हैं, जिससे आम जनता के घरेलू बजट को राहत मिली है। वहीं, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम भी अपने हालिया संशोधित स्तरों पर कारोबार कर रहे हैं।23 अगस्त को प्रमुख महानगरों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर (14.2 Kg) के रेटघरेलू उपभोक्ताओं के लिए 14.2 किलोग्राम वाले गैर-सब्सिडी रसोई गैस सिलेंडर की कीमतें महानगरों में इस प्रकार दर्ज की गई हैं:नई दिल्ली: ₹942.00 प्रति सिलेंडरमुंबई: ₹941.50 प्रति सिलेंडरकोलकाता: ₹968.00 प्रति सिलेंडरचेन्नई: ₹957.50 प्रति सिलेंडरनोएडा / ग्रेटर नोएडा: ₹939.50 प्रति सिलेंडरगुरुग्राम (हरियाणा): ₹950.50 प्रति सिलेंडरबेंगलुरु: ₹944.50 प्रति सिलेंडरहैदराबाद: ₹994.00 प्रति सिलेंडरउत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान में क्या हैं रसोई गैस के भाव?स्थानीय परिवहन शुल्क (Freight Charges) और राज्य स्तरीय टैक्स (VAT) के अंतर के कारण अलग-अलग राज्यों और जिलों में गैस सिलेंडर के खुदरा मूल्य अलग-अलग होते हैं:उत्तर प्रदेश (लखनऊ, कानपुर, वाराणसी): लखनऊ में 14.2 किलोग्राम घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत ₹979.50 पर स्थिर है। वहीं कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी में भी कीमतें ₹980 के आसपास बनी हुई हैं।बिहार (पटना, गया, मुजफ्फरपुर): बिहार की राजधानी पटना में 14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर का भाव ₹1,031.50 चल रहा है। दूरी और टैक्स के चलते बिहार में दरें देश के अन्य मैदानी राज्यों से थोड़ी अधिक रहती हैं।राजस्थान (जयपुर, जोधपुर): गुलाबी नगर जयपुर में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत ₹945.50 प्रति सिलेंडर है।मध्य प्रदेश (भोपाल, इंदौर): भोपाल और इंदौर में घरेलू रसोई गैस ₹947.50 से ₹950.00 के दायरे में उपलब्ध है।19 किलोग्राम कमर्शियल गैस सिलेंडर के ताजा दामहोटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और छोटे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम नीले रंग के कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम स्थानीय बाजारों में निम्न स्तर पर हैं:नई दिल्ली: ₹2,738.00 प्रति सिलेंडरमुंबई: ₹2,691.50 प्रति सिलेंडरकोलकाता: ₹2,872.50 प्रति सिलेंडरचेन्नई: ₹2,906.00 प्रति सिलेंडरलखनऊ: ₹2,860.50 प्रति सिलेंडरपटना: ₹3,018.00 प्रति सिलेंडरएलपीजी सिलेंडर के दाम कैसे तय होते हैं?भारत में एलपीजी की कीमतें आयात समता मूल्य (Import Parity Price - IPP) के आधार पर तय होती हैं। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क जैसे सऊदी अरामको एलपीजी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (CP), वैश्विक क्रूड ऑयल की चाल, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की विनिमय दर, समुद्री भाड़ा और रिफाइनरी प्रोसेसिंग लागत को मिलाकर आधार मूल्य निर्धारित किया जाता है। तेल विपणन कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को आधार दरों की समीक्षा करती हैं और मांग-आपूर्ति के अनुसार समय-समय पर अपडेट जारी करती हैं।घर बैठे अपने शहर का एलपीजी रेट कैसे चेक करें और बुक करें?उपभोक्ता बिना किसी परेशानी के अपने स्मार्टफोन से ताजा एलपीजी रेट जान सकते हैं और सिलेंडर बुक कर सकते हैं:आईओसीएल (Indane) ग्राहक: अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 7718955555 पर कॉल कर सकते हैं या इंडियनऑयल वन ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं।एचपी गैस (HP Gas) ग्राहक: व्हाट्सऐप नंबर 9222201122 पर 'Hi' या 'LPG' लिखकर भेजकर बुकिंग और रेट की जानकारी पा सकते हैं।भारत गैस (Bharatgas) ग्राहक: व्हाट्सऐप पर 1800224344 पर संदेश भेजकर अथवा बीपीसीएल ऐप के माध्यम से तुरंत बुकिंग कर सकते हैं।
तेजस्वी यादव के बयान के बाद बिहार की अर्थव्यवस्था (Bihar Economy) पर चर्चा तेज हो गई है, जिसमें राज्य पर प्रति व्यक्ति लगभग ₹28,000 का कर्ज और चुनावी वादों का बोझ सामने आया है।
वैशाली में कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्सलेन पुल के अप्रोच रोड के गोलंबर के नीचे से बड़ी मात्रा में मिट्टी हटने की तस्वीरें सामने आने के बाद पुल की सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
GAD Bihar: सामान्य प्रशासन विभाग ने फिर से कई IAS अधिकारियों का तबादला कर दिया है। लिस्ट में2022, 2023 और 2024 बैच के IAS अधिकारी शामिल हैं। आइये जानते हैं किन्हें-कहां की जिम्मेदारी मिली?
Bihar News: सारण में NIA की बड़ी कार्रवाई, मुख्य पार्षद के घर छापेमारी, बेटे को टीम अपने साथ ले गई
सारण के परसा नगर पंचायत में NIA ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य पार्षद आयशा खातून के आवास पर छापेमारी की। दिल्ली और पटना से पहुंची टीम ने करीब चार घंटे तक घर की तलाशी ली और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की।
घर पर बनाएं बिहार की पारंपरिक मिठाई खस्ता खजूर, रेसिपी है आसान
Bihar Khajur Recipe: अगर आप चाय के साथ कुछ मीठा और टेस्टी खाना चाहते हैं तो बिहार की पारंपरिक डिश खजूर ट्राई कर सकते हैं. स्वाद में यह ठेकुआ जैसा लगता है और इसे घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है.
Bihar : थाने के गेट पर फायरिंग, पटना में 11 किलोमीटर तक पीछा कर पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोचा
मनेर थाने के गेट के पास फायरिंग कर पुलिस को चुनौती देने वाले तीन बदमाशों को पुलिस ने करीब आधे घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। शनिवार रात बाइक से पहुंचे तीन बदमाशों में से एक ने थाने के गेट के पास गोली चलाई और तीनों दानापुर की ओर भाग गए।
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 23 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार
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PhD, NET और JRF ही काफी नहीं, बिहार के कॉलेजों में पढ़ाने के लिए शिक्षकों को लेनी होगी ट्रेनिंग
बिहार के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के शिक्षकों के लिए राज्यपाल सचिवालय ने 36 घंटे का अकादमिक प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया है।
महाराष्ट्र के नवी मुंबई के खारघर में करोड़ों रुपये की डायमंड और गोल्ड लूट के मामले में बिहार एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने शटरकटवा गिरोह के सरगना श्रीराम साह को मोतिहारी के छतौनी इलाके से गिरफ्तार किया।
गयाजी में आयोजित कृषि जन कल्याण संवाद कार्यक्रम में किसानों की शिकायतों पर कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा का सख्त रुख देखने को मिला। किसानों ने बागवानी केंद्रों की बदहाल व्यवस्था और अधिकारियों की अनुपस्थिति की शिकायत की।
Bihar Weather Update: बिहार के कई इलाकों में बारिश के आसार, तापमान बढ़ने से उमस बढ़ाएगी परेशानी
बिहार में मानसून की सक्रियता कम होने से भारी वर्षा में कमी आई है, जिससे तापमान में वृद्धि और उमस बनी हुई है। पटना सहित 19 जिलों में तापमान बढ़ा है, हालांकि कुछ स्थानों पर छिटपुट वर्षा की संभावना है।
पटना के दानापुर में गंगा का जलस्तर बढ़ने से दियारा क्षेत्र में नदी का पानी चारों तरफ फैल चुका है। जलस्तर भी खतरे का निशान से दानापुर देवनियानाला में छूनने वाला है। कंगन घाट पर भी पानी चबूतरा तक आ चुका है।
Bihar Weather 23 August Today: बिहार के कई जिलों में बारिश के आसार हैं। अलनीनो के प्रभाव से मानसून काफी कमजोर रहा है। खासकर बंगाल की खाड़ी में बनने वाले मानसूनी प्रभाव में कमी आई है। इसी प्रभाव के कारण जिले में अधिकांश बारिश होती है।
बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने शनिवार शाम गयाजी जिला अतिथि गृह सभागार में विष्णुपद टेंपल कॉरिडोर परियोजना की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में कंसलटेंट, जिलाधिकारी, नगर आयुक्त और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल थे। बैठक के दौरान कॉरिडोर के प्रस्तावित मास्टर प्लान, निर्माण कार्यों, यातायात प्रबंधन, तीर्थयात्रियों की सुविधाओं, फल्गु नदी के घाटों के विकास और अन्य आधारभूत संरचनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। कंसलटेंट द्वारा प्रस्तुत परियोजना के अनुसार, विष्णुपद टेंपल कॉरिडोर का कुल प्रस्तावित निर्मित क्षेत्र 88,340.28 वर्गमीटर है। इस परियोजना की अनुमानित कुल लागत लगभग ₹1,531.29 करोड़ है। डॉ. प्रेम कुमार ने इस अवसर पर कहा कि विष्णुपद मंदिर केवल गया की पहचान नहीं, बल्कि देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने जोर दिया कि कॉरिडोर का विकास गयाजी की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गरिमा के अनुरूप होना चाहिए। श्रद्धालुओं के लिए पिलग्रिम फैसिलिटेशन सेंटर बनेगा, 400 बेड की क्षमता होगी परियोजना में श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक और सुविधाजनक पिलग्रिम फैसिलिटेशन सेंटर का प्रावधान है, जिसमें 400 बेड की क्षमता होगी। इसके अतिरिक्त, लगभग 540 बेड की डॉर्मिटरी, पिंडदान की सुविधाएं, जूता और सामान रखने की सुविधा, शौचालय, प्रतीक्षालय तथा अन्य जनसुविधाएं भी शामिल की गई हैं। इन सुविधाओं से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलेगा। मल्टी लेवल कार पार्किंग में खड़ी की जा सकेंगी 630 कार, 14 बस और 20 मिनी बस डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि परियोजना में मल्टी लेवल कार पार्किंग (MLCP) की व्यवस्था की गई है, जिसमें 630 कार, 14 बस और 20 मिनी बस खड़ी की जा सकेंगी। इसमें फैसिलिटी मैनेजमेंट ऑफिस, इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन और पार्किंग से जुड़ी अन्य सुविधाएं भी होंगी। हाईवे से MLCP तक एलिवेटेड रोड, डायरेक्ट व्हीकुलर एक्सेस लिंक, ड्रॉप-ऑफ प्लाजा और ई-कार्ट रूट विकसित करने की भी योजना है। उन्होंने कहा कि इससे मंदिर क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा और श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। कॉरिडोर परियोजना में मुख्य विष्णुपद मंदिर परिसर का समग्र उन्नयन, मंदिर के आसपास स्थित चिन्हित मंदिरों का स्थानांतरण और समेकित पुनर्वास शामिल है। इसके अतिरिक्त, सूर्यकुंड का पुनर्विकास, ऐतिहासिक जल संरचनाओं का संरक्षण और मंदिर के प्रवेश क्षेत्र का विकास भी प्रस्तावित है। लगभग 2,000 वर्गमीटर क्षेत्र में एक बैंक्वेट हॉल के निर्माण का भी प्रस्ताव है। फल्गु नदी के घाटों का होगा कायाकल्प बैठक में फल्गु नदी के दोनों तटों के विकास पर भी विशेष चर्चा हुई। परियोजना के अनुसार पश्चिमी घाट लगभग 451 मीटर तथा पूर्वी घाट लगभग 410 मीटर क्षेत्र में विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। घाटों पर छायादार प्रोमेनेड, ई-कार्ट रूट, पैदल पथ, पेयजल, सार्वजनिक शौचालय, चेंजिंग रूम, शेड एवं अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि 108 फीट ऊंची भगवान विष्णु की प्रतिमा को प्रमुख रिवरफ्रंट लैंडमार्क के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही घाट क्षेत्र में छतरी, पैदल संपर्क तथा अन्य सौंदर्यीकरण कार्य किए जाएंगे। पूर्वी तट पर टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर, घाटों का पुनर्विकास तथा फल्गु घाट से सीता कुंड तक पैदल कनेक्टिविटी विकसित करने का प्रस्ताव है। डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि इससे गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को धार्मिक स्थलों के बीच बेहतर संपर्क मिलेगा। नाला, सीवरेज और STP की व्यवस्था पर जोर डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि गयाजी के विकास के साथ-साथ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। परियोजना में ओपन ड्रेन रिवाइटलाइजेशन एवं STP, नाला तथा सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर को भी शामिल किया गया है। उन्होंने निर्देश दिया कि शहर के नालों का पानी सीधे फल्गु नदी में जाने से रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा नाला पुनर्जीवन कार्य को समग्र योजना के साथ जोड़ा जाए, ताकि फल्गु नदी की स्वच्छता एवं पवित्रता बनी रहे। श्मशान एवं अन्य जनसुविधाओं का भी विकास परियोजना में क्रिमेशन फैसिलिटी एवं इलेक्ट्रिक क्रिमेशन शेड, प्रतीक्षालय, स्टोरेज शेड, सार्वजनिक सुविधाएं एवं अन्य आवश्यक संरचनाओं का प्रावधान है। डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि तीर्थयात्रियों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सभी सुविधाओं का निर्माण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि परियोजना के सभी घटकों के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए तथा जिन कार्यों में राज्य या केंद्र सरकार के स्तर पर समन्वय की आवश्यकता है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। बैठक में जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, विष्णुपद कॉरिडोर के कंसलटेंट एवं संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बिहार के 25 जिलों में आज यानी रविवार को बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इन जिलों में करीब 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी। उत्तर बिहार के अधिकांश जिलों में बारिश की संभावना है। कुछ जगह आकाशीय बिजली भी गिर सकती है। वहीं, दक्षिण बिहार के बड़े हिस्से में फिलहाल कोई चेतावनी नहीं जारी की गई है। 22 अगस्त तक बिहार में बारिश सामान्य से काफी कम रही है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में अब तक 411.2 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 701.5 मिमी होनी चाहिए थी। इस तरह राज्य में बारिश सामान्य से 41 फीसदी कम है। दक्षिण बिहार में सामान्य रहेगा मौसम दूसरी ओर दक्षिण बिहार के जिलों में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। पटना, गयाजी, नालंदा, नवादा, जहानाबाद, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर, भोजपुर, बक्सर, शेखपुरा, लखीसराय, जमुई और बांका समेत कई जिलों में कहीं-कहीं बादल और हल्की बारिश की स्थिति बन सकती है। पटना में अगले 4 दिन छाए रहेंगे बादल पटना में अगले कुछ दिनों तक मौसम सुहाना रहेगा, बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक आज पटना में सामान्य रूप से बादल छाए रहेंगे और एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 24 अगस्त को भी पटना में बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। 25 अगस्त को अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री रहने का अनुमान है। वहीं, 26 अगस्त को तापमान में और गिरावट आ सकती है। इस दिन पटना का अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया गया है। कैमूर सबसे ज्यादा रहा गर्म मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बिहार में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस भभुआ (कैमूर) में दर्ज किया गया। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस वाल्मीकिनगर (पश्चिम चंपारण) में रिकॉर्ड किया गया। समस्तीपुर के कल्याणपुर में सबसे अधिक बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में समस्तीपुर के कल्याणपुर में सबसे अधिक 52.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा पश्चिम चंपारण के चनपटिया में 20.4 मिमी, गोपालगंज के मांझा में 16.8 मिमी, बांका के बौंसी में 16.6 मिमी और पूर्णिया के कृत्यानंद नगर में 14 मिमी बारिश हुई। भागलपुर के गोराडीह में 9.2 मिमी, गोपालगंज के कुचायकोट में 8.2 मिमी, वैशाली के भगवानपुर में 8.2 मिमी, शेखपुरा के घाट कुसुम्भा में 7.6 मिमी और भागलपुर के पीरपैंती में 6.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। सीतामढ़ी, अररिया-सहरसा में सबसे कम बारिश पश्चिम चंपारण में सामान्य से 87, गोपालगंज में 76, सीवान में 97 और मुजफ्फरपुर में 97 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, अररिया, सहरसा और कई अन्य जिलों में 100 फीसदी तक बारिश की कमी है। बिहार में बढ़ा गंगा का जलस्तर दूसरी तरफ उत्तराखंड में हो रही बारिश से बिहार में गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। पटना में भी गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। महावीर घाट पर उफनती गंगा का पानी सड़कों पर आ गया। पिछले 24 घंटे के डाटा के मुताबिक, गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 20 सेमी ऊपर है। दीघा में खतरे का निशान 50.45 मीटर और गांधी घाट पर खतरे का निशान 48.60 मीटर है। मुंगेर में गंगा का पानी चंडिका स्थान के गर्भ गृह तक पहुंच गया है। शक्तिपीठ जलमग्न है। इधर, बक्सर में गंगा वॉर्निंग लेवल के करीब है। घाट-विवाह मंडप डूब गए हैं। खगड़िया में गंगा के बढ़ते जलस्तर से परबत्ता प्रखंड के तेमथा करारी पंचायत में बाढ़ का पानी घुस गया है। कमर भर पानी के बीच सिर पर बैग रखकर बच्चे पढ़ाई के लिए स्कूल जाने को मजबूर हैं। मौसम विभाग ने आज शनिवार को 28 जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। देखें कल की मौसम से जुड़ी कुछ तस्वीरें…
जन्म से लेकर आखिरी सांस तक! मां सीता-प्रभु राम के विवाह में पहली बार बजा था बिहार का ये पंचबजना, जानें पूरी कहानी
बख्तियारपुर के पुरानी बाईपास क्षेत्र में एक पार्ट्स दुकान में भीषण आग लगने से दो महिलाओं और एक छह माह की बच्ची की मौत हो गई। पुलिस और दमकल टीम ने घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिसके बाद घर के अंदर से तीनों शव निकाले गए।
उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों के साथ बिहार के जल-संबंधित मुद्दों पर महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में नेपाल में कोसी जलाशयों, फरक्का बराज और विराटनगर जेपीओ में बिहार की भागीदारी पर सकारात्मक चर्चा हुई।
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने फरक्का बराज के मुद्दे पर जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार को घेरा, दावा किया कि वे बिहार के हितों के लिए हमेशा मुखर रहे जबकि नीतीश संसद में कभी नहीं बोले।
जानिए कौन हैं बिहार की टीचर पुष्पा, जिन्हें राष्ट्रपति से मिलेगा सम्मान
बिहार के गोपालगंज की शिक्षिका पुष्पा प्रसाद ने सरकारी स्कूल में पढ़ाई के तरीके में नवाचार कर अलग पहचान बनाई है. कुचायकोट के राजकीय कन्या मध्य विद्यालय में बच्चों को खेल और गतिविधियों के जरिए कठिन विषय समझाने वाली पुष्पा का चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए हुआ है. देशभर के 48 शिक्षकों में शामिल पुष्पा को 5 सितंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सम्मानित करेंगी.
देश और समाज को एकजुट रखने के लिए आपसी एकता, संवाद और सहमति बेहद जरूरी है। कांग्रेस ने देश में लोकतंत्र को स्थापित करने और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।पार्टी के प्रखंड अध्यक्षों को वैचारिक रूप से मजबूत होना जरूरी है, क्योंकि वे संगठन को सीधे जनता और कार्यकर्ताओं से जोड़ते हैं। प्रखंड अध्यक्ष कांग्रेस की रीढ़ हैं। पार्टी और समाज को अनुशासन के साथ एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए। बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने शनिवार को औरंगाबाद में ये बातें कही। दरअसल, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में कांग्रेस के नवनिर्वाचित प्रखंड अध्यक्षों के लिए दो दिवसीय ट्रेनिंग कैंप का शनिवार को समापन हो गया। कृष्णा अल्लावरु ने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस लगातार देश को जोड़ने की बात करती रही है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आपसी एकता और सहमति से ही देश को मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच जाकर संवाद बढ़ाने और संगठन के विचारों को मजबूती से रखने का आह्वान किया। प्रशिक्षण के दौरान कार्यकर्ताओं को यह भी बताया गया कि राजनीतिक संगठन केवल चुनाव के समय सक्रिय रहने के बजाय लगातार जनता के बीच मौजूद रहकर उनकी समस्याओं को समझे और उनके समाधान के लिए संघर्ष करे। राजेश राम बोले- संवाद और सम्मान ही कांग्रेस का संस्कार समापन सत्र को संबोधित करते हुए बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम ने संगठन में एकजुटता और आपसी सम्मान को कांग्रेस की ताकत बताया। उन्होंने ‘संगच्छध्वं संवदध्वं’ के सूत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि सबको साथ लेकर चलने और सभी के विचारों का सम्मान करने से ही श्रेष्ठ समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन में पंचायत स्तर के कार्यकर्ता से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक सभी एक सूत्र में बंधे हैं। एक-दूसरे के साथ संवाद और सम्मान कांग्रेस की संगठनात्मक संस्कृति का हिस्सा है। ट्रेनिंग कैंप में 20 जिलों के 70 नवनिर्वाचित प्रखंड अध्यक्ष शामिल हुए औरंगाबाद के कुटुंबा प्रखंड अंतर्गत अंबा स्थित राजलक्ष्मी रिजॉर्ट में ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया गया था, जिसमें बिहार के 20 जिलों के नवनिर्वाचित प्रखंड अध्यक्षों ने हिस्सा लिया। शिविर का उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, प्रखंड अध्यक्षों को पार्टी की विचारधारा से जोड़ने और बदलते राजनीतिक परिवेश में संगठन की भूमिका को प्रभावी बनाने पर केंद्रित रहा। ट्रेनिंग के दौरान पार्टी की वैचारिक पृष्ठभूमि, संगठनात्मक मजबूती, जनसंपर्क, जन लामबंदी और वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रखंड अध्यक्ष पार्टी संगठन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय बनाने में उनकी भूमिका निर्णायक है। ट्रेनिंग कैंप के माध्यम से नवनिर्वाचित अध्यक्षों को जिम्मेदारियों और चुनौतियों से अवगत कराया गया।शिविर का उद्घाटन बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम ने किया। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और प्रशिक्षकों ने प्रखंड अध्यक्षों के साथ संवाद करते हुए संगठन को नई दिशा देने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया। मीडिया और सोशल मीडिया की रणनीति पर मंथन प्रशिक्षण शिविर के दूसरे और अंतिम दिन कांग्रेस ने मीडिया और सोशल मीडिया को लेकर अपनी रणनीति पर विशेष चर्चा की। बदलते दौर में सोशल मीडिया की बढ़ती भूमिका को देखते हुए प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी इस्तेमाल की जानकारी दी गई। पार्टी के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और संगठन की गतिविधियों को जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। इसके अलावा राजनीति में महिलाओं की भूमिका बढ़ाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। पार्टी नेताओं ने कहा कि संगठन के प्रत्येक स्तर पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना जरूरी है। महिला कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक जिम्मेदारियों में आगे लाने और राजनीतिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। मौजूदा राजनीतिक परिवेश में कांग्रेस की भूमिका और जन लामबंदी के आधुनिक तरीकों पर भी विचार-विमर्श किया गया। कार्यकर्ताओं को जनता से सीधे संवाद, स्थानीय समस्याओं की पहचान और मुद्दा आधारित आंदोलन के माध्यम से संगठन को मजबूत करने के तरीके बताए गए।
गुरुग्राम के ईस्ट राजीव नगर में 13 अगस्त को हुई एक व्यक्ति की हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि ईमेल आईडी हैक करने को लेकर विवाद हुआ, जिसके चलते हत्या की गई। सेक्टर-14 थाना पुलिस ने इन दोनों को 21 अगस्त को बिहार के नवादा से पकड़ा। कोर्ट में पेशी के बाद दोनों आरोपियों को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। यह घटना 13 अगस्त को ईस्ट राजीव नगर स्थित एक मकान की दूसरी मंजिल पर हुई थी। यहां एक कमरे में सुजीत कुमार खानवर निवासी जौनपुर, उत्तर प्रदेश का खून से लथपथ शव बेड पर मिला था। किराए के कमरे में रहता था मृतक युवक मकान मालिक ने बताया कि कमरे में केशव और एक अन्य व्यक्ति किराए पर रहते थे। मकान मालिक के बिजली बिल लेने पहुंचने पर दरवाजा नहीं खुला, जिसके बाद शव का पता चला। मौके पर सीन ऑफ क्राइम और फिंगरप्रिंट टीम ने जांच की थी। पुलिस जांच के बाद केशव (30) निवासी नवादा, बिहार और राहुल (19) निवासी कोडरमा, झारखंड को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि मृतक सुजीत कुमार खानवर मकान के नक्शे बनाने के साथ गार्ड की नौकरी भी करता था। आरोपी भी नक्शे बनाने का काम करते थे, जिसके कारण उनकी पहले से जान-पहचान थी। शराब पीने के दौरान हुआ विवाद पुलिस के अनुसार, एक अन्य आरोपी का मोबाइल हैक होने के बाद मृतक सुजीत पर फोन हैक करने का संदेह जताया गया था। घटना वाले दिन सभी साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान एक साथी की ईमेल आईडी हैक करने को लेकर विवाद हो गया। सभी एक दूसरे पर ईमेल आईडी हैक करने का आरोप लगाने लगे। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने चाकू से गला काटकर सुजीत की हत्या कर दी। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं और घटनाक्रम के बारे में गहनता से पूछताछ की जा रही है।
कल का मौसम, 23 अगस्त: रविवार को होगी झमाझम बारिश; यूपी, बिहार समेत इन इलाकों में अलर्ट
रविवार को उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 23 से 25 अगस्त के बीच बारिश का दौर जारी रह सकता है। 23 अगस्त को पूर्वी हिस्से के कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है।
22 शनिवार, अगस्त: विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेले के दौरान बांका जिला प्रशासन और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से कांवरिया पथ पर विशेष प्रदर्शनी लगाई गई है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से कांवरिया शिव भक्तों को बिहार सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
चौराहे पर बांग्लादेश: बदलाव, अनिश्चितता और नई राह की तलाश
बांग्लादेश आज अपने इतिहास के एक ऐसे संवेदनशील मोड़ पर खड़ा है, जिसे कूटनीतिक और राजनीतिक विश्लेषक 'चौराहे' का नाम दे रहे हैं। सत्ता के तख्तापलट, व्यापक छात्र आंदोलनों और एक दीर्घकालिक शासन के अचानक अंत के बाद, यह दक्षिण एशियाई राष्ट्र वर्तमान में एक अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। जब कोई देश ऐसे चौराहे पर खड़ा होता है, तो सबसे बड़ा और यक्ष प्रश्न यही उठता है कि 'जाए तो जाए कहां?' क्या यह देश एक पूर्ण, पारदर्शी और समावेशी लोकतंत्र की ओर बढ़ेगा, या फिर यह राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक मंदी और आंतरिक संघर्षों के एक ऐसे चक्रव्यूह में फंस जाएगा जिससे निकलना आने वाले दशकों तक मुश्किल हो जाएगा? यह संपादकीय इसी गंभीर प्रश्न के विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण करता है, जिसमें राजनीतिक पुनर्गठन, प्रशासनिक चुनौतियां, आर्थिक संकट, सामाजिक ताना-बाना और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के जटिल समीकरण शामिल हैं। अगस्त 2024 में शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार के पतन के बाद, बांग्लादेश ने नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार की स्थापना देखी। इस बदलाव को देश की जनता, विशेषकर युवाओं ने 'दूसरा स्वतंत्रता आंदोलन' या 'सच्ची मुक्ति' का नाम दिया। छात्र आंदोलनों ने जिस तरह एक शक्तिशाली शासन को उखाड़ फेंका, उसने पूरी दुनिया को चौंका दिया। लेकिन सत्ता बदल देना जितना चुनौतीपूर्ण होता है, व्यवस्था को संभालना और एक नई पारदर्शी प्रणाली का निर्माण करना उससे कहीं अधिक जटिल होता है। शुरुआती दौर में जो उत्साह और उम्मीदें थीं, वे धीरे-धीरे प्रशासनिक और व्यावहारिक चुनौतियों के धरातल पर आकर थमती दिखाई दे रही हैं। अंतरिम सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह देश में सामान्य स्थिति कब और कैसे बहाल करे, और एक ऐसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया की शुरुआत करे जो निष्पक्ष, पारदर्शी और सर्वस्वीकार्य हो। जब एक लंबा राजनीतिक ढांचा अचानक ढह जाता है, तो देश में एक बड़ा राजनीतिक शून्य पैदा हो जाता है। बांग्लादेश वर्तमान में इसी शून्यता से जूझ रहा है। अवामी लीग के कमजोर होने के बाद, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और जमात-ए-इस्लामी जैसी पार्टियां राजनीतिक पटल पर फिर से सक्रिय हो गई हैं। इस चौराहे पर खड़ा बांग्लादेश अगर सही दिशा में कदम बढ़ाना चाहता है, तो उसे सबसे पहले अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं को पुनर्जीवित करना होगा। देश में एक ऐसे स्वतंत्र और शक्तिशाली चुनाव आयोग की आवश्यकता है, जिस पर सभी राजनीतिक दलों और आम जनता को पूरा भरोसा हो। अतीत में चुनावों की निष्पक्षता पर लगे दागों को धोना इस नए आयोग की सबसे बड़ी परीक्षा होगी। इसे भी पढ़ें: India Bangladesh Ganga Water Treaty पर Bihar से उठ रहे सवालों का जवाब Modi सरकार को देना ही होगा इसके साथ ही, केवल सरकार बदल देना काफी नहीं है। जब तक पुलिस, न्यायपालिका और नौकरशाही का राजनीतिकरण बंद नहीं होगा, तब तक किसी भी नए लोकतांत्रिक ढांचे की नींव कमजोर ही रहेगी। अंतरिम सरकार ने इसके लिए विभिन्न आयोगों का गठन किया है, लेकिन इन सुधारों को जमीन पर उतारना एक लंबी और कठिन प्रक्रिया है। देश में एक ऐसा राजनीतिक माहौल तैयार करना होगा जहां हर विचारधारा को अपनी बात रखने का मौका मिले, बशर्ते वह लोकतांत्रिक मूल्यों के दायरे में हो। प्रतिशोध की राजनीति को छोड़कर समावेशी राजनीति को अपनाना ही बांग्लादेश को इस चौराहे से सुरक्षित बाहर निकाल सकता है। राजनीतिक उथल-पुथल का सबसे सीधा और गहरा असर किसी भी देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। बांग्लादेश, जो कभी विकास दर के मामले में दक्षिण एशिया का चमकता सितारा माना जाता था, आज गंभीर आर्थिक चुनौतियों से घिरा हुआ है। लंबे समय तक चले कर्फ्यू, हड़तालों, इंटरनेट शटडाउन और कारखानों के बंद रहने के कारण देश की आर्थिक रीढ़ को भारी नुकसान पहुंचा है। बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था का मुख्य स्तंभ उसका रेडीमेड गारमेंट उद्योग है। देश के कुल निर्यात का लगभग 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है और यह लाखों लोगों, विशेषकर महिलाओं को रोजगार देता है। राजनीतिक अस्थिरता के कारण कई विदेशी खरीदारों ने अपने ऑर्डर वियतनाम, भारत और कंबोडिया जैसे देशों की तरफ मोड़ दिए हैं। अगर बांग्लादेश को अपनी अर्थव्यवस्था को बचाना है, तो उसे जल्द से जल्द इन कारखानों में पूर्ण सुरक्षा और निर्बाध उत्पादन सुनिश्चित करना होगा ताकि वैश्विक बाजारों में उसका खोया हुआ भरोसा वापस लौट सके। आर्थिक मोर्चे पर दूसरी बड़ी समस्या देश का विदेशी मुद्रा भंडार है, जो पिछले कुछ समय से लगातार दबाव में है। इसके साथ ही, बैंकिंग क्षेत्र में बड़े पैमाने पर गैर-निष्पादित आस्तियां यानी डूबता हुआ कर्ज एक गंभीर संकट बन चुका है। केंद्रीय बैंक और अंतरिम सरकार वित्तीय अनुशासन लागू करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जब तक बैंकिंग प्रणाली से भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद को पूरी तरह खत्म नहीं किया जाता, तब तक आर्थिक स्थिरता एक दूर का सपना बनी रहेगी। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक से मिलने वाली वित्तीय सहायता इस समय देश के लिए एक संजीवनी की तरह है, लेकिन इसके साथ आने वाली शर्तें भी देश की आंतरिक नीतियों को प्रभावित कर रही हैं। आम नागरिक के लिए सबसे बड़ी समस्या रसोई का बजट और रोजगार है। आवश्यक वस्तुओं की आसमान छूती कीमतें और दैनिक जीवन का खर्च आम जनता के धैर्य की परीक्षा ले रहा है। छात्र आंदोलन की मुख्य मांग ही रोजगार के समान अवसर और कोटा प्रणाली में सुधार थी। अब जब नई व्यवस्था आ चुकी है, तो युवाओं को रोजगार के वास्तविक अवसर प्रदान करना सरकार के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि युवाओं की उम्मीदें निराशा में बदलीं, तो सामाजिक अशांति का एक नया दौर शुरू हो सकता है। किसी भी देश की प्रगति उसके सामाजिक सद्भाव और आंतरिक सुरक्षा पर टिकी होती है। सत्ता परिवर्तन के बाद के हफ्तों में बांग्लादेश ने कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर भारी शिथिलता देखी। पुलिस थानों पर हमले, पुलिसकर्मियों की अनुपस्थिति और प्रशासनिक पंगुता के कारण देश में एक प्रकार की अराजकता की स्थिति पैदा हो गई थी। हालांकि धीरे-धीरे स्थिति में सुधार हो रहा है, लेकिन पूरी तरह से सुरक्षित माहौल का निर्माण होना अभी बाकी है। इस बदलाव के दौर में बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदू समुदाय, के खिलाफ हिंसा और उनकी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आईं। हालांकि नागरिक समाज और छात्रों ने इन संपत्तियों की रक्षा के लिए मानव श्रृंखलाएं बनाईं, लेकिन इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बांग्लादेश की छवि को प्रभावित किया है। एक धर्मनिरपेक्ष और समावेशी बांग्लादेश का निर्माण तभी संभव है जब हर नागरिक, चाहे उसका धर्म या जाति कुछ भी हो, खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस करे। इसके अलावा, अतीत के शासकों और उनके समर्थकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होना स्वाभाविक है, लेकिन यह कार्रवाई न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप होनी चाहिए, न कि प्रतिशोध की भावना से। यदि नई व्यवस्था भी वही गलतियां दोहराती है जो पुरानी व्यवस्था ने की थीं, तो देश में लोकतंत्र का आगमन केवल एक छलावा बनकर रह जाएगा। समाज में शांति और स्थिरता तभी लौट सकती है जब लोगों को यह विश्वास हो कि नई सरकार निष्पक्षता और न्याय के पथ पर चल रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बांग्लादेश एक बेहद महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक चौराहे पर खड़ा है। बंगाल की खाड़ी में अपनी रणनीतिक स्थिति के कारण बांग्लादेश हमेशा से वैश्विक शक्तियों के आकर्षण का केंद्र रहा है। भारत, चीन, संयुक्त राज्य अमेरिका और पश्चिम के देशों के साथ संबंधों को संतुलित करना अंतरिम और आने वाली चुनी हुई सरकार के लिए एक बहुत बड़ी कूटनीतिक परीक्षा होगी। भारत और बांग्लादेश का इतिहास, संस्कृति और भूगोल एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। शेख हसीना के कार्यकाल में दोनों देशों के संबंध अपने सबसे सुनहरे दौर में थे। सत्ता परिवर्तन के बाद, भारत के लिए बांग्लादेश में एक नया कूटनीतिक परिदृश्य सामने आया है। बांग्लादेश की नई सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह भारत के साथ पारस्परिक सम्मान और समानता के आधार पर मजबूत संबंध बनाए रखना चाहती है। दोनों देशों के बीच सीमा सुरक्षा, तीस्ता जल विवाद, व्यापार और पारगमन जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिनका समाधान परिपक्व कूटनीति के माध्यम से ही निकाला जा सकता है। भारत के लिए भी यह जरूरी है कि वह बांग्लादेश की जनता की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं का सम्मान करे और वहां की नई व्यवस्था के साथ रचनात्मक जुड़ाव बनाए रखे। दूसरी तरफ, चीन बांग्लादेश के बुनियादी ढांचे के विकास में एक बड़ा साझेदार रहा है। वह इस बदलाव के दौर में भी अपने आर्थिक हितों को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहा है। इसके समानांतर, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ ने बांग्लादेश में लोकतांत्रिक सुधारों और मानवाधिकारों की बहाली का पुरजोर समर्थन किया है। बांग्लादेश को इस बात का ध्यान रखना होगा कि वह महाशक्तियों की आपसी प्रतिस्पर्धा का अखाड़ा न बने, बल्कि अपनी विदेश नीति को देश के आर्थिक और रणनीतिक हितों के अनुरूप संचालित करे। किसी भी एक गुट की तरफ झुकाव देश की संप्रभुता और आर्थिक विकास के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। चौराहे पर बांग्लादेश, जाए तो जाए कहां? इस प्रश्न का उत्तर किसी एक व्यक्ति या एक सरकार के पास नहीं है। इसका उत्तर बांग्लादेश की सामूहिक चेतना, उसके राजनीतिक दलों की परिपक्वता और उसके युवाओं के संकल्प में छिपा है। बांग्लादेश के पास इतिहास रचने और एक नए, समृद्ध व लोकतांत्रिक राष्ट्र के रूप में उभरने का यह एक अभूतपूर्व अवसर है। लेकिन इस मार्ग पर चलते हुए उसे अति-राष्ट्रवाद, प्रतिशोध की राजनीति, धार्मिक कट्टरता और आर्थिक कुप्रबंधन के गड्ढों से बचना होगा। इस चौराहे से आगे बढ़ने का केवल एक ही सही रास्ता है: एक ऐसी व्यवस्था का निर्माण करना जहां कानून का शासन सर्वोपरि हो, जहां अर्थव्यवस्था का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, और जहां हर नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सुरक्षा की गारंटी मिले। दुनिया उम्मीद और कौतूहल के साथ बांग्लादेश की ओर देख रही है, और यह समय बांग्लादेश के नेतृत्व के लिए अपनी दूरदर्शिता और दृढ़ता साबित करने का है। - अशोक भाटिया, वरिष्ठ स्वतंत्र पत्रकार, लेखक, समीक्षक एवं टिप्पणीकार
22 अगस्त, शनिवार: सीवान के बड़हरिया प्रखंड में पैक्स चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। विभिन्न पंचायतों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी नामांकन पत्र दाखिल करने प्रखंड मुख्यालय पहुंचे। चुनाव की तारीख और प्रक्रिया की जानकारी के लिए Bihar State Election Authority Portal देखें।
Protest in Patna : पटना में लोकभवन मार्च के दौरान फिर पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच झड़प की नौबत आ गई। असिस्टेंट प्रोफेसर के अभ्यर्थियों के लोकभवन मार्च के दौरान बेली रोड पर जमकर हंगामा हुआ। भारी जाम लग गया।
Thane Court ने POCSO मामले में दोषी को सुनाई 20 साल की जेल, लगाया जुर्माना
महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक विशेष अदालत ने 12 साल की बच्ची के यौन उत्पीड़न के मामले में एक व्यक्ति को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए कहा कि नाबालिग की सहमति का कानून के तहत कोई महत्व नहीं होता। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रेमल एस. विठलानी ने आरोपी मोहम्मद राशिद ताहिद आलम (30) को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) की संबंधित धाराओं के तहत शुक्रवार को दोषी ठहराया। अदालत ने उसे 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाने के साथ ही उस पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। विशेष लोक अभियोजक रेखा एन. हिवराले ने आरोपी के खिलाफ आरोपों को साबित करने के लिए सात गवाहों से पूछताछ की। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी शादी का झांसा देकर 29 जुलाई 2021 को बच्ची को ठाणे शहर के अलग-अलग स्थानों पर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। अदालत ने कहा कि भले ही यह संबंध पहली नजर में सहमति से बना हुआ प्रतीत हो रहा हो, लेकिन जब पीड़िता की उम्र 18 साल से कम होती है तो कानून की नजर में उसकी सहमति मान्य नहीं होती। इसे भी पढ़ें: Bihar के West Champaran में भीड़ में घुसी बस, 5 लोगों की मौत और कई घायल अदालत ने कहा, ‘‘जब पीड़िता की मौखिक गवाही चिकित्सकीय साक्ष्यों से समर्थित हो तो यह मानने के लिए पर्याप्त कारण हैं कि अभियोजन पक्ष ने यह साबित कर दिया है कि आरोपी ने पीड़िता के साथ कई बार यौन संबंध बनाए, भले ही यह उसकी सहमति से हुआ हो।’’अदालत ने पॉक्सो अधिनियम की धारा छह के तहत आरोपी को दोषी ठहराया। इस धारा में न्यूनतम 20 साल के कठोर कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। हालांकि, अदालत ने आरोपी को अपहरण के आरोप से बरी कर दिया क्योंकि उसने पाया कि पीड़िता अपनी इच्छा से उसके साथ गई थी। अदालत ने पीड़िता को मुआवजा दिए जाने की राशि तय करने के लिए मामले को ठाणे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पास भेजने की भी सिफारिश की।
Bihar के West Champaran में भीड़ में घुसी बस, 5 लोगों की मौत और कई घायल
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग ले रहे लोगों की भीड़ में एक बस के घुस जाने से कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। यह घटना शुक्रवार रात करीब पौने 11 बजे लौरिया थाना क्षेत्र के पराऊ टोला में लौरिया मार्ग पर हुई। नरकटियागंज के अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) अजय प्रकाश सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘एक ट्रक से आमने-सामने की टक्कर से बचने की कोशिश में बस सड़क किनारे एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग ले रहे लोगों की भीड़ में घुस गई। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हो गए।’’उन्होंने बताया कि घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। सिंह ने बताया कि मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए ले जाए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘बस और ट्रक को जब्त कर लिया गया है। दोनों वाहनों के चालक अफरा-तफरी का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।’’उन्होंने बताया कि दोनों चालकों की तलाश की जा रही है।
गिरिडीह के बेंगाबाद थाना क्षेत्र में शुक्रवार को बेंगाबाद-मधुपुर मुख्य मार्ग (एनएच-114ए) पर झलकडीहा के पास एक सड़क दुर्घटना हुई। इसमें बिहार के चकाई थाना क्षेत्र के एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान चकाई थाना क्षेत्र के एकतारा निवासी 35 वर्षीय सबस्टीन मरांडी उर्फ सुभाष के रूप में हुई है। बाइक पर सवार 26 वर्षीय महासोल मुर्मू भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों युवक शुक्रवार को बाइक पर बेंगाबाद से मधुपुर की ओर जा रहे थे। झलकडीहा के पास विपरीत दिशा से आ रही एक कार से उनकी बाइक की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल दोनों घायलों को गिरिडीह सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद सबस्टीन मरांडी को मृत घोषित कर दिया। महासोल मुर्मू की गंभीर हालत को देखते हुए उनका इलाज जारी है। बताया गया है कि दुर्घटनाग्रस्त कार में कांवरिया सवार थे, जो देवघर में पूजा-अर्चना के बाद रांची लौट रहे थे। हादसे की सूचना पर बेंगाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार और बाइक को जब्त कर थाने ले गई है और घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। सबस्टीन मरांडी विवाहित थे और उनकी दो छोटी बेटियां हैं, जिनकी उम्र लगभग तीन वर्ष और छह माह है। उनकी मृत्यु से परिवार में शोक का माहौल है।
Ranchi: हजारीबाग में पुलिस और राहुल दुबे गैंग के संदिग्धों के बीच मुठभेड़, 2 घायल; एक जंगल में फरार
Bihar News: हजारीबाग के गिद्दी थाना क्षेत्र में पुलिस और राहुल दुबे गैंग के संदिग्ध गुर्गों के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो संदिग्ध घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल भेजा गया है।
Bihar: NH-22 पर हाइवा और बाइकों की भीषण टक्कर, युवक की मौके पर मौत; गुस्साए लोगों ने हाईवे किया जाम
मुजफ्फरपुर के रामपुरहरि थाना क्षेत्र में NH-22 पर तेज रफ्तार हाइवा और दो बाइकों की टक्कर में 30 वर्षीय युवक की मौके पर मौत हो गई, जबकि दो युवक गंभीर रूप से घायल हैं।
एसटीएफ की रडार पर सुपारी किलर, 350 की लिस्ट तैयार; बिहार पुलिस का क्राइम कंट्रोल प्लान क्या है?
बिहार एसटीएफ (विशेष कार्य बल) ने रुपये लेकर हत्याएं करने वाले 350 से अधिक सुपारी किलरों की सूची तैयार की है। जुलाई तक 30 से अधिक सुपारी किलर को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
Bihar News: मुजफ्फरपुर जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र में घर के दरवाजे पर चढ़कर पट्टीदार ने मारी गोली इलाके में सनसनी, घायल ने कहा हत्या करने आया था वह; जांच में जुटी पुलिस।
मैहर में मोबाइल चोरी कर बैंक खाते से उड़ाए 90 हजार, बिहार के गया से शातिर चोर गिरफ्तार
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मैहर में सब्जी मंडी से मोबाइल चोरी कर खाते से उड़ाए 90 हजार, बिहार के गया से आरोपी गिरफ्तार
मैहर में सब्जी मंडी से मोबाइल चोरी कर खाते से उड़ाए 90 हजार, बिहार के गया से आरोपी गिरफ्तार
पश्चिम चंपारण के बेतिया-लौरिया मुख्य मार्ग NH-727 पर शुक्रवार देर रात तेज रफ्तार शाही बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे छठिहार समारोह में ऑर्केस्ट्रा देख रहे लोगों की भीड़ में जा घुसी।
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 22 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
समस्तीपुर के बिथान थाना क्षेत्र के परड़ी गांव में सत्यनारायण पूजा का प्रसाद खाने के कुछ देर बाद 30 से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों और वयस्कों समेत कई लोगों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत हुई
देश भर में सक्रिय मानसूनी ट्रफ (Monsoon Trough) और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव के चलते मौसम का मिजाज तेजी से बदल गया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) के कई इलाकों में आसमान में घने काले बादल छाने के साथ तेज हवाओं और रुक-रुक कर हो रही झमाझम बारिश ने लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत दी है। वहीं, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के 17 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी-तूफान (Thunderstorm) और आकाशीय बिजली चमकने का 'ऑरेंज' और 'येलो' अलर्ट जारी किया है।दिल्ली-NCR में बदला मौसम, तापमान में 4 से 5 डिग्री की गिरावटशनिवार सुबह से ही दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में शुरू हुई तेज बारिश के बाद अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली के सफदरजंग, पालम, लोधी रोड और नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने के साथ हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। बारिश के कारण शहर की वायु गुणवत्ता (AQI) में भी सुधार देखा गया है और मौसम सुहावना बना हुआ है।यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश में वज्रपात और आंधी-तूफान का अलर्टमौसम विभाग ने गंगा के मैदानी इलाकों में तेज चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बनने के कारण उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है:उत्तर प्रदेश: लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, बरेली, मेरठ और मुरादाबाद समेत पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के 30 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने का खतरा जताया गया है।बिहार: पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया और दरभंगा में बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान है। प्रशासन ने किसानों और खुले मैदानों में काम करने वाले लोगों को पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सख्त हिदायत दी है।मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा और ग्वालियर संभाग में अगले 48 घंटों के दौरान तेज बारिश और जलभराव की स्थिति बन सकती है।उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लैंडस्लाइड का खतरा, नदियां उफान परपहाड़ी राज्यों में बारिश का सबसे भीषण असर देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, चमोली, उत्तरकाशी और टिहरी में अत्यंत भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rain) का अलर्ट जारी किया गया है।लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन (Landslides) और मलबे के कारण कई संपर्क मार्ग और राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हुए हैं। गंगा, अलकनंदा, मंदाकिनी और यमुना नदियों का जलस्तर चेतावनी निशान के करीब पहुंच गया है। हिमाचल प्रदेश के शिमला, कुल्लू, मंडी और कांगड़ा में भी नदियों और नालों के किनारे जाने पर पाबंदी लगा दी गई है।इन 17 राज्यों में अगले 48 घंटे भारी बारिश की चेतावनीआईएमडी की नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, मानसून की सक्रियता के चलते देश के निम्नलिखित 17 राज्यों में अलर्ट प्रभावी रहेगा:दिल्ली-एनसीआरउत्तर प्रदेशबिहारउत्तराखंडहिमाचल प्रदेशमध्य प्रदेशराजस्थान (पूर्वी और उत्तरी संभाग)पंजाबहरियाणा और चंडीगढ़झारखंडपश्चिम बंगाल (उप-हिमालयी क्षेत्र)ओडिशाअसम और मेघालयअरुणाचल प्रदेशनागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरामहाराष्ट्र (कोंकण और विदर्भ)छत्तीसगढ़मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन की आम जनता से अपीलआईएमडी और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने नागरिकों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले निचले इलाकों से दूर रहने और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सुरक्षित रखने की सलाह दी है। आंधी-तूफान के समय पुराने जर्जर मकानों, होर्डिंग्स और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की गई है।
बापूधाम मोतिहारी रेलवे स्टेशन पर मोबाइल देखने से मना किए जाने से नाराज आठवीं कक्षा की छात्रा ने वंदे भारत ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। लोको पायलट की तत्परता से ट्रेन समय रहते रोक दी गई और छात्रा की जान बच गई।
Bihar Weather: आज से 4 दिनों तक झमाझम बारिश, कई जिलों ठनका के आसार; IMD की रिपोर्ट क्या?
अगले चार से पांच दिनों तक मानसून बिहार पर मेहरबान दिख रहा है। उत्तर से दक्षिण बिहार के जिलों में कहीं झमाझम तो कहीं मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना व्यक्त की गयी है।
RJD अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने बिहार सरकार को घेरा, वित्तीय स्थिति पर उठाए सवाल
RJD अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने बिहार सरकार को घेरा, वित्तीय स्थिति पर उठाए सवाल
Bihar: पैर फिसलने से नदी में डूबकर युवक की मौत, अगले दिन मिला शव; पत्नी-बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
सारण के भेल्दी थाना क्षेत्र के जाफरपुर गांव में डबरा नदी में डूबने से 40 वर्षीय रामनाथ सिंह की मौत हो गई। गुरुवार शाम शौच के लिए नदी किनारे गए रामनाथ का पैर फिसल गया था।

