दिल्ली, UP, बिहार समेत देश के 25 राज्यों में IMD ने जारी किया मूसलाधार बारिश का हाई अलर्ट
दिल्ली, UP, बिहार समेत देश के 25 राज्यों में IMD ने जारी किया मूसलाधार बारिश का हाई अलर्ट
Kushinagar News: यूपी, बिहार ही नहीं झारखंड और हरियाणा तक फैला है विनोद का नेटवर्क
पिट एनडीपीएस की कार्रवाई की जद में आया मादक पदार्थ तस्करी का सरगना विनोद साहनी का नेटवर्क यूपी-बिहार तक ही नहीं, हरियाणा और झारखंड तक फैला है।
Deoria News: बिहार में पकड़ी गई कोडीनयुक्त सिरप
Codeine-laced syrup seized in Bihar
बिहार में बाढ़ पीड़ितों को अब जलजनित बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे लगभग 47.92 लाख लोग प्रभावित हैं।
स्कूल टीचर ने प्रेग्नेंट किया, छात्रा ने कर लिया सुसाइड; बिहार में एक और कांड
गयाजी जिले के एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा से वहीं के एक शिक्षक ने झांसे में लेकर कई बार शारीरिक शोषण किया। इस बीच छात्रा गर्भवती हो गई, तो उसने सुसाइड कर लिया। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर महागठबंधन में मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।
SKMCH को मिले 25 शल्य कक्ष सहायक व 3 ईसीजी टेक्नीशियन, 17 वर्ष बाद पदस्थापना
Bihar Technical Services Commission: श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH), मुजफ्फरपुर में 17 साल के लंबे इंतजार के बाद 25 शल्य कक्ष सहायकों और 3 ईसीजी टेक्नीशियन की नियुक्ति हुई है। यह पदस्थापना स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के दौरे के बाद पैरामेडिकल स्टाफ की कमी के मुद्दे पर त्वरित कार्रवाई का परिणाम है।
भारतीय रेल नेटवर्क को आधुनिक युग में ले जाने के लिए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (Bullet Train Projects) पर काम तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। पश्चिमी भारत में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के बाद अब पूर्वी भारत, विशेषकर बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल के रेल यात्रियों के लिए सबसे बड़ी सौगात का खाका तैयार हो चुका है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) की प्रस्तावित योजना के तहत वाराणसी-पटना-हावड़ा हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (Varanasi–Howrah HSR Corridor) के जरिए लगभग 760 किलोमीटर का लंबा सफर महज 3 से 3.5 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा बिहार से होकर गुजरेगा, जहां राजधानी पटना सहित प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक केंद्रों पर आधुनिक बुलेट ट्रेन स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।350 किमी प्रति घंटे की रफ्तार: सफर का समय होगा एक-तिहाईवर्तमान समय में वाराणसी से पटना और हावड़ा (कोलकाता) के बीच चलने वाली सबसे प्रीमियम ट्रेनें (जैसे वंदे भारत, राजधानी या दुरंतो एक्सप्रेस) भी 700 से 750 किलोमीटर की इस दूरी को तय करने में 11 से 14 घंटे का समय लेती हैं। बुलेट ट्रेन परियोजना के शुरू होने के बाद यह यात्रा बेहद सुगम और संक्षिप्त हो जाएगी:डिजाइन और ऑपरेशनल स्पीड: इस ट्रैक को 350 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार के लिए डिजाइन किया जा रहा है। वहीं ट्रेनों की सामान्य संचालन गति (Operational Speed) 320 किमी/घंटा और औसत गति लगभग 250 किमी/घंटा रहेगी।जापानी 'शिन्कान्सेन' तकनीक: इस पूरे कॉरिडोर पर जापान की अत्याधुनिक शिन्कान्सेन (Shinkansen) बुलेट ट्रेन तकनीक और बिना गिट्टी वाले कंक्रीट स्लैब ट्रैक (Ballastless Track) का उपयोग किया जाएगा।एलिवेटेड ट्रैक: सुरक्षा के कड़े मानकों को पूरा करने और मवेशियों या इंसानों के ट्रैक पर आने से रोकने के लिए बिहार में लगभग 260 किलोमीटर का पूरा रेल खंड जमीन से ऊपर यानी पूरी तरह एलिवेटेड (Elevated) खंभों पर तैयार किया जाएगा।बिहार के इन जिलों और स्टेशनों से गुजरेगी बुलेट ट्रेनविस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और प्रस्तावित अलाइनमेंट के अनुसार, यह हाई-स्पीड कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के वाराणसी से निकलकर सीधे बिहार में प्रवेश करेगा। बिहार में बुलेट ट्रेन के प्रमुख ठहराव और रूट इस प्रकार तय किए गए हैं:1. बक्सर (Buxar): यूपी सीमा से प्रवेश करते ही बिहार का पहला बुलेट ट्रेन स्टेशन बक्सर में प्रस्तावित है। यहां गंगा किनारे नए एलिवेटेड स्टेशन का निर्माण किया जाएगा।2. आरा / भोजपुर (Arrah): बक्सर के बाद ट्रेन भोजपुर जिले के आरा से होकर गुजरेगी, जिससे शाहाबाद क्षेत्र के लाखों यात्रियों को सीधे कनेक्टिविटी मिलेगी।3. पटना (Patna): बिहार की राजधानी पटना इस पूरे कॉरिडोर का सबसे मुख्य हब बनेगा। पटना और आसपास के सैटेलाइट टाउन (जैसे बिहटा या दानापुर के आउटर एरिया) में एक अत्याधुनिक विश्वस्तरीय टर्मिनल स्टेशन बनाया जाएगा, ताकि शहर के भीतर भारी ट्रैफिक दबाव न बने।4. जहानाबाद / नवादा (Nawada / Jehanabad): पटना से दक्षिण की ओर बढ़ते हुए यह ट्रैक जहानाबाद या नवादा के रास्ते गुजरेगा, जहां तकनीकी व यात्री ठहराव के लिए स्टेशन प्रस्तावित है।5. गया (Gaya Junction): अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन स्थल और मोक्ष की भूमि गया में इस रूट का एक और भव्य स्टेशन बनेगा। गया स्टेशन को पहले से ही अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और महाबोधि मंदिर की कनेक्टिविटी के मद्देनजर बड़े पैमाने पर री-डेवलप किया जा रहा है।गया के बाद यह हाई-स्पीड ट्रैक झारखंड की सीमा में प्रवेश कर जाएगा, जहां यह कोडरमा, हजारीबाग और धनबाद होते हुए पश्चिम बंगाल के आसनसोल, दुर्गापुर, बर्धमान और अंत में हावड़ा (कोलकाता) पहुंचेगा।दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर से भी जुड़ेगा नेटवर्कइसके अलावा, रेल मंत्रालय द्वारा तैयार किए जा रहे बड़े मास्टर प्लान में दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर का भी प्रावधान है, जिसका अहम पड़ाव पटना होगा। इस रूट के तहत पटना से आगे बढ़कर बुलेट ट्रेन बेगूसराय, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार-पूर्णिया के रास्ते सिलीगुड़ी (उत्तर-पूर्व का प्रवेश द्वार) तक जाएगी। इससे भविष्य में बिहार न केवल पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश से जुड़ेगा, बल्कि देश की राजधानी नई दिल्ली तक का सफर भी मात्र 5 से 6 घंटे में तय हो सकेगा।जमीन अधिग्रहण, हवाई सर्वे और निर्माण कार्य का स्टेटसवाराणसी-हावड़ा हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट को लेकर शुरुआती तकनीकी अध्ययन काफी आगे बढ़ चुके हैं:LiDAR सर्वे और मिट्टी परीक्षण: रूट के अलाइनमेंट और भौगोलिक संरचना का सटीक खाका तैयार करने के लिए हेलीकॉप्टर व ड्रोन के जरिए लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग (LiDAR) तकनीक से हवाई सर्वेक्षण और रिफ्रेक्शन टोपोग्राफी का कार्य पूरा कर लिया गया है।पर्यावरण और सामाजिक प्रभाव अध्ययन: कॉरिडोर के निर्माण से प्रभावित होने वाली कृषि भूमि और बस्तियों का सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट (SIA) और एन्वायरमेंटल इम्पैक्ट असेसमेंट (EIA) तैयार किया जा रहा है।टाइमलाइन: डीपीआर को केंद्रीय कैबिनेट से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण और सिविल निर्माण के टेंडर जारी किए जाएंगे। इस मेगा प्रोजेक्ट को 2030-2031 तक चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है।बिहार की अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा जबरदस्त बूस्टबुलेट ट्रेन कॉरिडोर केवल तेज रफ्तार यात्रा का माध्यम नहीं होगा, बल्कि यह बिहार के लिए एक विशाल इकोनॉमिक कॉरिडोर (Economic Corridor) साबित होगा।पर्यटन में क्रांतिकारी उछाल: बोधगया, राजगीर, नालंदा और पटना साहिब आने वाले देश-विदेश के तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए आवागमन बेहद आसान हो जाएगा।व्यापार और उद्योग: कोलकाता और दिल्ली जैसे महानगरों की सीधी और सुपरफास्ट कनेक्टिविटी मिलने से बिहार के स्थानीय उत्पादों, मखाना, लीची और हथकरघा उद्योग को बड़े बाजारों तक सीधी पहुंच मिलेगी।रोजगार के अवसर: एलिवेटेड ट्रैक्स, स्टेशनों के निर्माण और उनके संचालन से राज्य में इंजीनियरिंग, कंस्ट्रक्शन और सर्विस सेक्टर में हजारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।
Sitamarhi Murder News: सीतामढ़ी में हत्या के बाद भीड़ ने SP की गाड़ी तोड़ी, पुलिस को दौड़ाया | Bihar
Sitamarhi Murder News: सीतामढ़ी में हत्या के बाद भीड़ ने SP की गाड़ी तोड़ी, पुलिस को दौड़ाया | Bihar बिहार के सीतामढ़ी जिले के डुमरा थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक बड़ी आपराधिक वारदात से सनसनी फैल गई।
पानी कम हो रहा, तो कटाव तेज होगा; बाढ़ के बीच बिहार सरकार ने जिलों को भेजा अलर्ट
बिहार सरकार ने सभी जिलों को चेतावनी दी है कि नदियों के जलस्तर में कमी आ रही है। इससे कटाव का खतरा बढ़ गया है। जल संसाधन विभाग ने कहा कि जलस्तर में कमी आने के दौरान तटीय इलाकों और तटबंधों पर कटाव तेजी से होता है।
New Delhi, 12 सितंबर . साइबर धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने Saturday को बिहार के वैशाली जिले और Odisha के जगतसिंहपुर जिले में 10 जगहों पर तलाशी ली. इसके बाद, डिजिटल अरेस्ट और वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े अवैध सिम बॉक्स ऑपरेशन के मामले में एक टेलीकॉम कंपनी ... Read more
'डिजिटल अरेस्ट' मामले में सीबीआई की कार्रवाई, सिम बॉक्स धोखाधड़ी के आरोप में टेलीकॉम कंपनी के बिहार डिस्ट्रीब्यूटर गिरफ्तार
मुजफ्फरपुर में युवाओं के लिए नौकरी का अवसर, नियोजन मेला 18 को, आ रहीं 30 निजी कंपनियां
Private Sector Jobs In Bihar: मुजफ्फरपुर के गन्नीपुर स्थित आईटीआई में 18 सितंबर को जिला स्तरीय नियोजन-सह-व्यावसायिक मार्गदर्शन मेले का आयोजन होगा, जिसमें 25-30 निजी कंपनियां सैकड़ों रिक्तियों पर मौके पर ही चयन करेंगी।
Bihar Flood: पटना के Satellite City में बाढ़ का ऐसा हाल, घरों की पहली मंजिल तक पहुंचा पानी
Bihar Flood: पटना के Satellite City में बाढ़ का ऐसा हाल, घरों की पहली मंजिल तक पहुंचा पानी
Engineering और Polytechnic संस्थानों में हुआ 98 प्रतिशत Admission, मंत्री शीला कुमारी ने दी जानकारी
विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग राज्य में गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास के लिए दूरगामी कदम उठा रहा है। विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्राथमिकताओं, अनुसंधान, अवसंरचना और नए पाठ्यक्रमों को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। इसी को लेकर विभाग की माननीय मंत्री श्रीमती शीला कुमारी ने राज्य के सभी राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों में कुल क्षमता के विरुद्ध 98 प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य हासिल किया गया है। यह सत्र 2022-23 की तुलना में बड़ी बढ़ोतरी है। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: RJD नेता Tejashwi Yadav ने पीड़ितों के लिए मांगा स्पेशल पैकेज, लगाया भेदभाव का आरोप साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य के 11 राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों की 20 शाखाओं को एनबीए यानी नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रेडिटेशन की मान्यता मिल चुकी है। इसके अलावा 32 संस्थानों के 42 कार्यक्रमों का मूल्यांकन प्रक्रियाधीन है। इस दौरान माननीय मंत्री शीला कुमारी ने कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेजों में शोध संस्कृति के लिए रिसर्च फंड को 2-3 लाख रुपये से बढ़ाकर 20-30 लाख रुपये प्रति परियोजना करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। एआई, डेटा साइंस, जीआईएस, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी जैसे आधुनिक विषयों को शोध में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उच्च प्रदर्शन करने वाले कॉलेजों को विश्वविद्यालय में रूपांतरित करने की दिशा में मुजफ्फरपुर में शहीद जुब्बा साहनी आर्किटेक्चरल एवं सिविल विश्वविद्यालय और भागलपुर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय की स्थापना की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए गूगल और एआई पाठ्यक्रम डिजाइन के लिए माइक्रोसॉफ्ट के साथ समन्वय अंतिम चरण में है। छात्रों को विदेश में रोजगार के अवसरों के लिए जर्मन, फ्रेंच और जापानी भाषा का प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर विजिट कराई जाएगी। इसे भी पढ़ें: Ram Vilas Paswan की आदमकद प्रतिमा लगाने के लिए Tejashwi Yadav ने सरकार को लिखा पत्र केंद्र को भेजा गया नए तारामंडल बनाने का प्रस्ताव उन्होंने बताया कि प्रमंडल स्तर पर पूर्णिया, मोतिहारी और जमुई में नए तारामंडल के प्रस्ताव केंद्र को भेजे गए हैं। रिमोट सेंसिंग सेंटर, बायोटेक्नोलॉजी, नैनोटेक्नोलॉजी और स्पेस पॉलिसी पर भी काम चल रहा है। विभाग में यंग प्रोफेशनल्स की नियुक्ति के लिए बेल्ट्रॉन के माध्यम से बहाली शुरू होगी। माननीया मंत्री ने कहा कि बैठक में शिक्षकों-छात्रों की उपस्थिति और सुविधाओं पर भी चर्चा हुई। जहां छात्रावास नहीं है, वहां सरकार किराए पर मकान लेकर छात्रावास की सुविधा देगी। उन्होंने बताया कि मधुबनी पॉलिटेक्निक में शत-प्रतिशत प्लेसमेंट हुआ है और अन्य संस्थानों में भी प्लेसमेंट बढ़ाने के लिए मिशन मोड में काम हो रहा है।
Bihar Flood: RJD नेता Tejashwi Yadav ने पीड़ितों के लिए मांगा स्पेशल पैकेज, लगाया भेदभाव का आरोप
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को बिहार में बाढ़ पीड़ितों के लिए एक स्पेशल पैकेज की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्य के साथ भेदभाव कर रही है और राज्य का खजाना खाली है। पत्रकारों से बात करते हुए यादव ने कहा, सरकार को बाढ़ पीड़ितों के लिए एक स्पेशल पैकेज देना चाहिए। केंद्र सरकार बिहार के साथ भेदभाव कर रही है। बिहार का सरकारी खजाना खाली है। उन्होंने आगे कहा कि वह और उनकी पार्टी के कार्यकर्ता लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं, जहां लोगों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। हम लगातार बाढ़ पीड़ितों के बीच जा रहे हैं और उन्हें कोई सुविधा नहीं मिल रही है... बातचीत में शामिल हों। इसे भी पढ़ें: Bihar Floods Update | भागलपुर में तटबंध टूटने से बढ़ी मुश्किलें, बिहार के 15 जिलों में बाढ़ पीड़ितों के लिए 1194 सामुदायिक रसोई शुरू आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, 14 ज़िलों के 84 ब्लॉक में 514 पंचायतों के 40 लाख से ज़्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। हालाँकि गंगा और दूसरी बड़ी नदियों के बेसिन में बाढ़ का पानी कम होने लगा है, फिर भी प्रभावित इलाकों में राहत और मेडिकल ऑपरेशन तेज़ कर दिए गए हैं। भागलपुर सबसे ज़्यादा प्रभावित ज़िलों में से एक है, जहाँ 6.4 लाख से ज़्यादा लोग और लगभग 1.5 लाख परिवार प्रभावित हुए हैं। ज़िले में बाढ़ से प्रभावित पंचायतों की संख्या 82 से बढ़कर 92 हो गई है, जबकि प्रभावित गाँवों की संख्या 269 से बढ़कर 376 हो गई है। कुल 710 ज़िला परिषद वार्ड भी प्रभावित हुए हैं।
बक्सर में एसजेवीएन की चौसा ताप विद्युत परियोजना की दोनों इकाइयां अब पूरी तरह व्यावसायिक रूप से चालू हो गई हैं। शनिवार को परियोजना की दूसरी 660 मेगावाट क्षमता वाली इकाई ने 12 सितंबर 2026 को सफलतापूर्वक व्यावसायिक संचालन शुरू कर दिया। इसके साथ ही 1320 मेगावाट क्षमता वाली यह परियोजना पूरी तरह से काम करने लगी है। इस परियोजना को बनाने में करीब 13,756.56 करोड़ रुपये लगे हैं। पूरी 1320 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता उपलब्ध इसके पूरी तरह चालू होने से बिहार की बिजली व्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना है। एसजेवीएन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, चौसा में बनी इस परियोजना में 660-660 मेगावाट की दो इकाइयां हैं। दूसरी इकाई के चालू होने के बाद अब प्लांट की पूरी 1320 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता उपलब्ध हो गई है। परियोजना से पैदा होने वाली बिजली का 85 प्रतिशत हिस्सा लंबे समय के लिए बिजली खरीद समझौते के तहत बिहार को मिलेगा। प्रधानमंत्री ने 22 अगस्त 2025 को किया था वर्चुअल उद्घाटन इससे राज्य में बिजली की उपलब्धता बढ़ेगी और ज्यादा मांग वाले समय में भी बिजली की सप्लाई में मदद मिलेगी। एसजेवीएन के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक भूपेन्द्र गुप्ता ने बताया कि दूसरी इकाई ने 12 सितंबर को सफलतापूर्वक व्यावसायिक संचालन हासिल किया है। इसके साथ ही बक्सर ताप विद्युत परियोजना एसजेवीएन की पहली ऐसी परियोजना बन गई है, जिसकी दोनों इकाइयां पूरी तरह से व्यावसायिक रूप से काम कर रही हैं। परियोजना की पहली 660 मेगावाट इकाई का वर्चुअल उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 अगस्त 2025 को किया था। इसके बाद पहली इकाई ने 14 नवंबर 2025 को व्यावसायिक संचालन शुरू किया था। करीब दस महीने बाद अब दूसरी इकाई के भी व्यावसायिक रूप से चालू होने के साथ पूरा प्लांट 1320 मेगावाट क्षमता के साथ संचालित हो गया है। सालाना 9,828.72 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन एसजेवीएन के अनुसार परियोजना के 85 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर पर सालाना करीब 9,828.72 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन की संभावना है। परियोजना में अत्याधुनिक सुपरक्रिटिकल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही उन्नत उत्सर्जन नियंत्रण प्रणाली लगाए जाने की बात कंपनी ने कही है। परियोजना के निर्माण के दौरान करीब 65 हजार श्रमिकों को रोजगार मिला। कंपनी के अनुसार संचालन शुरू होने के बाद भी चौसा और आसपास के क्षेत्रों में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार तथा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। पूर्वी क्षेत्र की ऊर्जा जरूरतों को भी मिलेगी मजबूती एसजेवीएन की ओर से परियोजना क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़ी गतिविधियां संचालित किए जाने की भी जानकारी दी गई है। कंपनी का कहना है कि परियोजना के पूरी क्षमता से संचालन में आने से बिहार के साथ पूर्वी क्षेत्र की ऊर्जा जरूरतों को भी मजबूती मिलेगी। एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेन्द्र गुप्ता ने परियोजना की इस उपलब्धि के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार, विद्युत मंत्रालय सहित संबंधित विभागों, कर्मचारियों और सभी हितधारकों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों इकाइयों का वाणिज्यिक संचालन कंपनी के साथ बिहार के ऊर्जा क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
चाशनी के बाजार में गोल मटोल पिड़िकिया, गोपालगंज के थावे धाम के व्यंजन को तिमुल देगा बाजार
Timul Dairy Products Bihar: तिमुल गोपालगंज के प्रसिद्ध थावे पिड़िकिया मिठाई को बड़े बाजार तक पहुंचाने की तैयारी कर रहा है। कम्फेड की मंजूरी के बाद अगले साल से इसकी पैकेजिंग और कीमत तय कर इसे बाजार में उतारा जाएगा।
Bihar Food Safety Action: मिलावटखोरों पर Health Department का शिकंजा, Patna से Darbhanga तक Raid
राज्य में लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मिलावट एवं खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। स्वास्थ्य सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर राज्यभर में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच, छापेमारी, नमूना संग्रहण और प्रयोगशाला परीक्षण की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में हाजीपुर, दरभंगा और पटना जिले में खाद्य सुरक्षा की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक्सपायर्ड, खराब एवं मानकों के विपरीत पाए गए खाद्य पदार्थों को नष्ट कराया। वहीं, फतुहा क्षेत्र में दूध के नमूने में फॉर्मेलिन पाए जाने के बाद करीब 126 लीटर दूध नष्ट कराया गया। जबकि, पटना शहर स्थित संतुष्टि स्वीट्स और उसकी विनिर्माण इकाई में खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा औचक निरीक्षण एवं सघन जांच की गई, साथ ही साफ-सफाई और स्वच्छता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood: 15 जिलों में विकराल हुई बाढ़, 48 लाख लोग प्रभावित हाजीपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग का एक्शन, मिलावटी पनीर नष्ट वैशाली जिले के हाजीपुर स्थित स्टेशन रोड में खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा मिलावटी पनीर के खिलाफ कार्रवाई की गई। सुधीर किराना दुकान से 14 किलोग्राम पनीर जब्त किया गया, जिसमें स्टार्च की मिलावट पाई गई, जिसे मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। वहीं, श्री गणेश पनीर हाउस से 58 किलोग्राम पनीर में स्टार्च की मिलावट पाए जाने पर उसे भी विनष्ट कराया गया। साथ ही, नमूना लेकर जांच के लिए लैब भेजा गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। दरभंगा के बेनीपुर में एक्सपायर्ड दूध-पनीर पर कार्रवाई दरभंगा जिले के बेनीपुर स्थित आशापुर चौक के सुधा मिल्क पार्लर में खाद्य संरक्षा अधिकारी द्वारा निरीक्षण एवं जांच की गई। जांच के दौरान पार्लर में 21 लीटर एक्सपायर्ड सुधा मिल्क और 18 किलोग्राम खराब पनीर पाया गया। खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों खाद्य सामग्रियों को मौके पर ही नष्ट कराया गया। जांच के दौरान खाद्य पदार्थों के नमूने भी संग्रहित किए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पटना के फतुहा में दूध में फॉर्मेलिन की पुष्टि, करीब 126 लीटर दूध नष्ट पटना जिले के सबलपुर फतुहा क्षेत्र में भी खाद्य सुरक्षा टीम ने बड़ी कार्रवाई की। अभिहित पदाधिकारी एवं चिकित्सा पदाधिकारी-सह-खाद्य संरक्षा अधिकारी की उपस्थिति में सबलपुर, फतुहा टेढ़ी पुल के निकट स्थित राजीव डेयरी में दूध एवं पनीर की जांच की गई। जांच में दूध के नमूने में फॉर्मेलिन की उपस्थिति पाई गई। इसके बाद करीब 126 लीटर दूध को नष्ट कराया गया। आवश्यक नमूने भी संग्रहित किए गए हैं और जांच के निष्कर्षों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। Food Supplements के ठिकाने पर संयुक्त छापेमारी, 6 नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे फतुहा थाना क्षेत्र के बाजितपुर स्थित Alexa Foods and Supplements, Barishpur, Fatuha, Patna में भी संयुक्त टीम द्वारा निरीक्षण एवं छापेमारी की गई। इस संयुक्त कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा विभाग, औषधि निरीक्षक, आयुष निदेशालय एवं पुलिस पदाधिकारियों की टीम शामिल रही। निरीक्षण के दौरान परिसर में Food Supplements, Raw Materials तथा निर्माण में प्रयुक्त Manufacturing Equipment पाए गए। परिसर में कुछ निर्मित तथा कुछ अर्द्धनिर्मित Food Supplements भी पाए गए। नियमानुसार जांच एवं विश्लेषण के लिए कुल 06 नमूने संग्रहित किए गए हैं, जिन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच के लिए भेजा जा रहा है। निरीक्षण के दौरान Food Supplements के अतिरिक्त कोई अन्य औषधि नहीं पाई गई तथा किसी आपत्तिजनक अथवा संदिग्ध पदार्थ की पुष्टि नहीं हुई। संस्थान के स्वाधिकारी द्वारा Food Supplements के निर्माण एवं संबंधित खाद्य विनिर्माण अनुज्ञप्ति उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। दस्तावेजों एवं जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Ram Vilas Paswan की आदमकद प्रतिमा लगाने के लिए Tejashwi Yadav ने सरकार को लिखा पत्र जनता की थाली से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, जांच और कार्रवाई रहेगी जारी स्वास्थ्य सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त श्री कुमार रवि ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और लोगों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिया गया है कि वे लोगों को केवल सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि एक्सपायर्ड, खराब, मिलावटी अथवा असुरक्षित खाद्य सामग्री का भंडारण, उपयोग या बिक्री किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
12 सितंबर, शनिवार: नवादा में BPA के तत्वावधान में मगध प्रमंडल की बैठक एक होटल में हुई, जिसमें 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक ज्ञान भवन में आयोजित होने वाले बिहार फोटो वीडियो एक्सपो पर विस्तार से चर्चा हुई और पोस्टर का विमोचन किया गया।
RTPS पोर्टल पर 39 लाख से ज्यादा आवेदन निपटाए गए, मधुबनी की पंचायतें पूरे बिहार में नंबर-1
बिहार में आरटीपीएस पोर्टल के माध्यम से अक्टूबर 2024 से सितंबर 2026 के बीच 39 लाख से अधिक आवेदनों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया है। इस डिजिटल व्यवस्था ने सरकारी सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसमें मधुबनी जिला सबसे आगे रहा।
नूंह जिले की पिनगवां थाना पुलिस ने 25 हजार रुपए के इनामी आरोपी मुजेब उर्फ मुजीम को गिरफ्तार किया है। वह एटीएम काटकर चोरी करने के कई मामलों में वांछित चल रहा था। आरोपी बुबलहेड़ी का रहने वाला है। वह बिहार के मोतिहारी जिले में साल 2024 के एटीएम चोरी से जुड़े मामलों में भी वांछित था। पुलिस के मुताबिक, मुजेब के खिलाफ मोतिहारी जिले के मुफस्सिल और तुरकौलिया थाना क्षेत्रों में केस दर्ज हैं। बिहार पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। उसकी गिरफ्तारी पर बिहार पुलिस ने 25 हजार रुपए का इनाम रखा था। आगे की कार्रवाई के लिए बिहार पुलिस को सौंपा बिहार पुलिस ने आरोपी के बारे में नूंह पुलिस से संपर्क किया था। इसके बाद पिनगवां थाना पुलिस ने मुजेब की तलाश शुरू की। थाना प्रभारी निखिल कुमार की टीम को आरोपी के बारे में जानकारी मिली। इसी जानकारी के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी एटीएम काटकर चोरी करने की कई घटनाओं में शामिल रहा है। वह बिहार में दर्ज मामलों में काफी समय से फरार चल रहा था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की गई। बाद में उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बिहार पुलिस को सौंप दिया गया। नूंह पुलिस ने बताया कि जिले में वांछित और फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए अभियान जारी है। इसी अभियान के तहत पिनगवां थाना पुलिस ने यह गिरफ्तारी की है।
Bihar Flood: 15 जिलों में विकराल हुई बाढ़, 48 लाख लोग प्रभावित
बिहार में बाढ़ की स्थिति शनिवार को और गंभीर हो गई। राज्य के 15 जिलों में बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर करीब 48 लाख हो गई है। वहीं, गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) ने अचानक और तेजी से नदी किनारे कटाव की आशंका को देखते हुए अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा, कई नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण 15 जिलों के 87 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतों में करीब 47.92 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं। शुक्रवार शाम तक बाढ़ प्रभावित लोगों की संख्या 47.33 लाख थी। राज्य सरकार ने अधिकारियों को कटाव की किसी भी घटना की तत्काल सूचना देने और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रखने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने बताया कि बिहार में लगातार हो रही बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण कई नदियों और नाले उफना गए हैं। उन्होंने बताया कि सितंबर में अब तक राज्य में 104.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से करीब 27 प्रतिशत अधिक है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, भागलपुर के सुल्तानगंज में शनिवार सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 36.48 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 1.98 मीटर ऊपर है। हालांकि, यहां जलस्तर में कमी आ रही है। जल संसाधन विभाग ने बताया कि डुमरियाघाट में गंडक, बलतारा और कुर्सेला में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में गंगा, श्रीपालपुर में पुनपुन, बेनीबाद में बागमती तथा दरौली और गंगपुर सिसवान में घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इसमें कहा गया है कि पानी के स्तर में अचानक कमी से नदी के किनारों के कटाव का खतरा बढ़ सकता है, जिससे नदी के किनारों और तटबंधों के संवेदनशील हिस्सों को खतरा हो सकता है। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अचानक कटाव, तटबंध टूटने वाले स्थानों का तुरंत निरीक्षण करें और बिना देरी के जरूरी रोकथाम एवं सुरक्षा उपाय शुरू करें। आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा, बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न जिलों में कुल 1,245 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा 13 राहत शिविर भी चालू हैं। इन केंद्रों में 12,260 बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए रहने, भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। विभाग ने बताया कि लोगों को सुरक्षित निकालने और परिवहन के लिए कुल 1,840 नावें चलाई जा रही हैं। इसके अलावा अब तक 11,204 क्विंटल पशु चारा वितरित किया गया है। बाढ़ को देखते हुए त्वरित राहत एवं बचाव अभियान सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न जिलों में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की 27 और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 10 टीम तैनात की गई हैं। बिहार मौसम केंद्र ने अगले दो दिनों के दौरान राज्य के ज्यादातर हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है।
उत्तराखंड: देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उत्तराखंड में तेज बहाव के चलते पुल बहने की घटना सामने आई है, वहीं छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में हसदेव नदी में बहे तीन कॉलेज छात्रों में से एक का शव बरामद किया गया है, जबकि दो अब भी लापता हैं। […] The post बारिश-बाढ़ का कहर! उत्तराखंड में 170 फीट लंबा पुल बहा, छत्तीसगढ़ में 3 छात्र नदी में लापता, बिहार में 47 लाख प्रभावित first appeared on Sanjeevni Today .
IIT BHU से पढ़ाई, मां के निधन के बाद नहीं मानी हार, 22 की उम्र में बनें बिहार के सबसे युवा SDM
कहते हैं कि अगर ईमानदारी से मेहनत की जाए, तो मंजिल हासिल करने में ज्यादा देर नहीं लगती है। एक ऐसी ही कहानी है बिहार के युवा एसडीएम नसीन कुमार निशांत की। जिन्होंने कई चुनौतियों का सामना किया।
फरक्का जल संधि को लेकर बिहार में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। जेडीयू ने 1996 में भारत और बांग्लादेश के बीच हुई फरक्का जल संधि के नवीनीकरण का खुलकर विरोध किया है। पार्टी ने इसे बिहार के हितों के खिलाफ बताया है। किशनगंज में विधायक गोपाल अग्रवाल ने इस संधि को रद्द करने की मांग की। गोपाल अग्रवाल ने कहा कि फरक्का जल संधि के कारण गंगा के पानी के बंटवारे में बिहार को नुकसान हो रहा है। इससे उत्तर बिहार के कई इलाकों में गाद जमने, बाढ़ और गर्मी के मौसम में पानी की कमी जैसी दिक्कतें बढ़ी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संधि की वजह से बिहार के कई जिलों में सूखे जैसे हालात भी बनते हैं। उन्होंने साफ कहा कि 1996 की फरक्का जल संधि बिहार के हित में नहीं है और इसे खत्म किया जाना चाहिए। पानी की जरूरतों का रखना होगा ध्यान उन्होंने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने भी संसद के मानसून सत्र में इस मुद्दे को राज्यसभा में जोरदार तरीके से उठाया है और संधि के नवीनीकरण का विरोध किया है। विधायक ने कहा कि यदि भविष्य में कोई नई जल संधि होती है, तो उसमें वर्ष 2050 तक बिहार की पानी की जरूरतों का ध्यान रखना होगा। उन्होंने राजद पर भी निशाना साधा और कहा कि जब 1996 में यह संधि हुई थी, तब बिहार में लालू प्रसाद यादव की सरकार थी, लेकिन बिहार के हितों को लेकर तब कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। गोपाल अग्रवाल ने आरोप लगाया कि विपक्ष को बिहार के हितों की चिंता नहीं है और वह केवल संसद की कार्यवाही रोककर राजनीति करना चाहता है। फरक्का जल संधि को खत्म करने की मांग वहीं, नप अध्यक्ष इंद्रदेव पासवान ने फरक्का जल संधि के लिए उस समय की कांग्रेस सरकार की सोच को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे खत्म करने की मांग की। जिला अध्यक्ष फैसल अहमद ने बताया कि 5 सितंबर से फरक्का जल संधि को लेकर 'नीतीश संवाद' कार्यक्रम चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में भी इस मुद्दे को लेकर कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
VIDEO: बिहार में समाजसेवी की हत्या पर सड़क पर बवाल, आगजनी; ड्रग्स का विरोध जानलेवा हुआ
भोजपुर के गड़हनी बाजार में ड्रग्स के धंधे का विरोध कर रहे युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। विरोध में सड़क पर आग जलाकर प्रदर्शन किया गया। संभालने में पुलिस के पसीने छूट गए।
भागलपुर में जनसुराज के सूत्रधार और बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के ‘बेचारा’ वाले बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने मुझे ‘बेचारा’ कहा है, तो पहली बार मैं मुख्यमंत्री के किसी बयान से सहमत हूं। प्रशांत किशोर ने कहा कि मुख्यमंत्री को शायद ‘बेचारा’ का शाब्दिक अर्थ ही नहीं बताया गया है। प्रशांत किशोर ने कहा कि ‘बेचारा’ का मतलब होता है, जिसके पास कोई चारा नहीं हो। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर ही नहीं, बल्कि जनसुराज के साथियों के पास भी कोई दूसरा चारा नहीं है। हम बिहार को अनपढ़ और अपराधियों के हाथों में छोड़कर नहीं जा सकते। बिहार को सुधारने के अलावा हमारे पास कोई चारा नहीं है। जब तक बिहार में सुधार नहीं होगा, तब तक हम लगे रहेंगे। प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए उन्हें भाजपा का ‘अनपढ़ और अपराधी मुख्यमंत्री’ बताया। उन्होंने कहा कि बिहार को ऐसे लोगों के हाथ में नहीं सौंपा जा सकता। उन्होंने कहा कि बिहार में शिक्षा, बदलाव और रोजगार को लेकर नया राजनीतिक नरेटिव बन चुका है। प्रशांत किशोर बोले- JDU को अमित शाह चला रहे हैं JDU को ‘जनता दल नीतीश’ नाम दिए जाने के संजय झा के प्रस्ताव पर भी प्रशांत किशोर ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता दल यूनाइटेड हो या जनता दल नीतीश, उसे चलाने वाले अमित शाह ही हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नीचे दो ‘बनडमरू’ लोग हैं, जो अमित शाह के कहने के मुताबिक चलेंगे। प्रशांत किशोर ने दावा किया कि नीतीश कुमार अब जनता दल यूनाइटेड नहीं चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि खबर यही है कि JDU को अमित शाह चला रहे हैं। हालांकि, ये प्रशांत किशोर के राजनीतिक आरोप हैं। ‘बिहार का नरेटिव पहले ही बदल चुका है’ प्रशांत किशोर इन दिनों विधान परिषद चुनाव को लेकर जनसुराज के कार्यकर्ताओं से संवाद कर रहे हैं। उम्मीदवारों के चयन के लिए सर्वे और बैठकों का दौर चल रहा है। इसी क्रम में वह शुक्रवार को भागलपुर पहुंचे, जहां उन्होंने उम्मीदवारों के चयन को लेकर कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सरकार और विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार का नरेटिव पहले ही बदल चुका है। उनके अनुसार, 2025 में सरकार ने नरेटिव बदलने के लिए 10-10 हजार रुपए में वोट खरीदे। उन्होंने कहा कि अब बिहार में शिक्षा, बदलाव और रोजगार का नरेटिव है। प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद चार-पांच महीने तक भाजपा ने इस नरेटिव को पीछे कर दिया था और एनकाउंटर, जाति और हत्या जैसे मुद्दों की चर्चा शुरू हो गई थी। उन्होंने कहा कि बांकीपुर में भाजपा को हराने के बाद जनसुराज ने फिर से राजनीतिक नरेटिव को शिक्षा और रोजगार की ओर मोड़ा है। उन्होंने कहा कि विधायक किसी भी दल का हो, पूरे बिहार में अब यही सवाल रहेगा कि शिक्षा और रोजगार कौन देगा। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में बिहार की राजनीति का मुख्य मुद्दा शिक्षा और रोजगार ही होगा।
मुख्य सचिव पंकज कुमार नियुक्ति रिपोर्ट, रोस्टरिंग और विज्ञापन की स्थिति को समेकित करने की समीक्षा की अध्यक्षता कर
Bihar MLC Election: बिहार एमएलसी चुनाव को लेकर सियासत गरमाई गई है। एक दिन पहले राष्ट्रीय जनता दल ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा की तो लालू परिवार के भीतर का कलह एक बार फिर सामने आ गया।
नवादा: फरक्का जल संधि के नवीनीकरण के विरोध में जदयू ने उठाई आवाज, कहा- बिहार के हक पर समझौता नहीं
12 सितंबर, शनिवार: नवादा जदयू कार्यालय में जिला अध्यक्ष राजकिशोर प्रसाद दांगी ने फरक्का जल संधि के मौजूदा स्वरूप में नवीनीकरण का विरोध किया, कहा बिहार के पानी और हक पर कोई समझौता नहीं होगा।
क्या बिहार में टूट रही नीतीश की JDU? संजय झा ने क्यों उठाया पार्टी का नाम बदलने का मुद्दा, समझिए अंदर की सियासत
नई दिल्ली में आयोजित हो रहे 18वें BRICS (ब्रिक्स) शिखर सम्मेलन 2026 के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम और ट्रैफिक पाबंदियां लागू की हैं। मुख्य आयोजन स्थल भारत मंडपम (प्रगति मैदान) और सेंट्रल दिल्ली के आसपास की सड़कों पर यातायात को सुचारू रखने तथा VVIP आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए रूट डायवर्जन प्लान प्रभावी कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस ट्रैफिक एडवाइजरी के अनुसार, यह पाबंदियां दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के दौरान रोजाना सुबह 9:30 बजे से रात 9:30 बजे तक लागू रहेंगी। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए अपनी यात्रा की पूर्व योजना बनाएं और निजी वाहनों के बजाय दिल्ली मेट्रो सेवाओं का अधिक से अधिक उपयोग करें। जिन सड़कों पर आवाजाही बंद रहेगी या पाबंदियां होंगी, उनमें रिंग रोड, मथुरा रोड, भैरों मार्ग, तिलक मार्ग, इंडिया गेट और C-हेक्सागन इलाका, सरदार पटेल मार्ग, पटेल रोड, NH-48 और परेड रोड शामिल हैं। इन हालात को देखते हुए पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें और जहां तक संभव हो मेट्रो सेवा का इस्तेमाल करें, ताकि समिट से जुड़ी ट्रैफिक पाबंदियों और VIP मूवमेंट के कारण होने वाली देरी से बचा जा सके। इमरजेंसी गाड़ियों को निकलने में प्राथमिकता दी जाएगी पुलिस ने वाहन चालकों को यह भी सलाह दी कि वे तय डायवर्जन रूट और प्रभावित इलाकों में तैनात ट्रैफिक कर्मियों के निर्देशों का पालन करें। हालांकि, पुलिस ने कहा कि इमरजेंसी और ज़रूरी सेवाओं वाली गाड़ियों को निकलने में प्राथमिकता दी जाएगी।इसे भी पढ़ें: Bihar Floods Update | भागलपुर में तटबंध टूटने से बढ़ी मुश्किलें, बिहार के 15 जिलों में बाढ़ पीड़ितों के लिए 1194 सामुदायिक रसोई शुरू ध्यान दें कि ये ट्रैफिक व्यवस्थाएं दो दिन तक चलने वाले समिट के लिए सुरक्षा और आवाजाही से जुड़े उपायों का हिस्सा हैं। इस समिट में BRICS सदस्य देशों के नेता और सहयोगी देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।इसे भी पढ़ें: Vishwakhabram: America for Americans या Racist Propaganda? ‘Mr Singh’ को निशाना बनाकर US ने अपना नस्ली चेहरा दिखाया मुख्य डायवर्जन इस प्रकार हैं: दीन दयाल उपाध्याय चौक: ट्रैफिक को मथुरा रोड और तिलक मार्ग की ओर डायवर्ट किया गया है। राम चरण अग्रवाल चौक: कमर्शियल गाड़ियों को आगे जाने की अनुमति नहीं है। मीर दर्द चौक: ट्रैफिक को महाराजा रणजीत सिंह मार्ग की ओर डायवर्ट किया गया है। कस्तूरबा गांधी मार्ग/आउटर सर्कल: C-हेक्सागन की ओर जाने वाली गाड़ियों पर रोक है। जनपथ-कनॉट: C-हेक्सागन की ओर जाने वाले ट्रैफिक को डायवर्ट किया जाएगा। पटेल चौक: गाड़ियों को विंडसर प्लेस और RBI की ओर डायवर्ट किया गया है। RML हॉस्पिटल गोलचक्कर: मदर टेरेसा क्रिसेंट और तालकटोरा रोड की ओर जाने पर रोक है। वंदे मातरम रोड/साइमन बोलिवर रोड: साइमन बोलिवर रोड बंद रहेगी। धौला कुआं फ्लाईओवर: सरदार पटेल मार्ग पर डायवर्जन। मोती बाग़ फ्लाईओवर: शांति पथ की ओर ट्रैफ़िक पर रोक। ब्रिगेडियर होशियार सिंह मार्ग: अफ़्रीका एवेन्यू की ओर जाने वाले ट्रैफ़िक का रास्ता बदला जाएगा। मदरसा टी-पॉइंट: अरबिंदो रोड की ओर जाने वाले वाहनों पर रोक। लोधी रोड/अमृता शेरगिल रोड: अमृता शेरगिल रोड बंद। लोधी रोड/मैक्स म्यूलर रोड: मैक्स म्यूलर रोड बंद। लोधी रोड/महर्षि रमन मार्ग: महर्षि रमन मार्ग पर ट्रैफ़िक पर रोक। लोधी रोड/आर्च बिशप मैकारियस मार्ग: आर्च बिशप मैकारियस मार्ग बंद। लोधी फ्लाईओवर के नीचे: ट्रैफ़िक को मथुरा रोड की ओर मोड़ा गया। ब्लू डोम: ओबेरॉय फ्लाईओवर/डॉ. ज़ाकिर हुसैन रोड की ओर ट्रैफ़िक पर रोक। ओबेरॉय फ्लाईओवर के नीचे: मथुरा रोड पर ट्रैफ़िक का रास्ता बदला गया। DPS, मथुरा रोड के सामने यू-टर्न: ट्रैफ़िक को भारत मंडपम की ओर मोड़ा गया। रिंग रोड/भैरव रोड: ट्रैफ़िक को भैरव मार्ग की ओर मोड़ा गया। मंडी हाउस: फ़िरोज़ शाह रोड, भगवान दास रोड और कॉपरनिकस मार्ग की ओर रास्ता बदला गया।
AI Retro Trend: 80 के दशक के लुक में दिख रहे बिहार के नेता, सोशल मीडिया पर छाया पुराना अंदाज
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दिवाली और छठ में बिहार के लिए चलेंगी 8 स्पेशल ट्रेनें, पूरी लिस्ट यहां देखें
लंबी दूरी की ट्रेनों में कंफर्म टिकटों के लिए मारामारी व लंबी वेटिंग को देखते हुए दिवाली व छठ पूजा के लिए त्योहार स्पेशल चलाने को लेकर प्रस्ताव भेजा गया है।
बिहार में नदियों के उफान और मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। राज्य के 15 जिलों में करीब 47.33 लाख से अधिक की आबादी बाढ़ की चपेट में आ चुकी है। गंगा सहित उसकी प्रमुख सहायक नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे कई स्थानों पर तटबंधों के टूटने और तीव्र कटाव की घटनाएँ सामने आ रही हैं। भागलपुर जिले में तटबंध टूटने की कम से कम चार घटनाओं की पुष्टि हुई है। जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से गोपालपुर प्रखंड के ब्रह्मोत्तर बांध के कटाव पर रातभर चले अभियान के बाद नियंत्रण पा लिया गया। वहीं, रंगरा प्रखंड के धोबनिया जमींदारी बांध में तड़के करीब 20 फुट का कटाव होने से आसपास के इलाकों और सड़कों पर पानी फैल गया है, जहाँ फिलहाल अस्थायी सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन के अनुसार गोपालपुर प्रखंड स्थित ब्रह्मोत्तर बांध में हुए कटाव पर जल संसाधन विभाग की तकनीकी टीम और स्थानीय लोगों की मदद से रातभर चले अभियान के बाद नियंत्रण पा लिया गया। रंगरा प्रखंड के धोबनिया जमींदारी बांध में शुक्रवार सुबह लगभग साढ़े चार बजे करीब 20 फुट का कटाव हो जाने से सड़क के किनारे बाढ़ का पानी फैल गया। प्रशासन ने वहां अस्थायी सुरक्षा उपाय शुरू किए हैं। उपमुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने गंगा, पुनपुन, गंडक तथा अन्य नदियों के किनारे स्थित तटबंधों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने का निर्देश अधिकारियों को दिया है। उन्होंने कहा कि पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 2016 के अब तक के सर्वाधिक रिकॉर्ड को पार कर चुका है और अब भी बढ़ने की प्रवृत्ति बनी हुई है। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood से 15 जिलों में भारी तबाही, 46.88 लाख लोग प्रभावित चौधरी ने कहा, जलस्तर में यह वृद्धि मुख्य रूप से सोन और घाघरा नदियों से अप्रत्याशित रूप से अधिक जल प्रवाह के कारण हुई है। सोन नदी का जलस्तर अब घट रहा है, जबकि घाघरा स्थिर हो गई है और अगले 24 घंटे में स्थिति में सुधार की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि जल संसाधन विभाग, जिला प्रशासन और अभियंताओं की टीम संवेदनशील स्थानों पर तैनात हैं तथा बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में प्रवेश न करे, इसके लिए हरसंभव उपाय किए जा रहे हैं। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं। भागलपुर, पटना, सारण, वैशाली, बेगूसराय, कटिहार, पूर्णिया और बक्सर सबसे अधिक प्रभावित जिल हैं। बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार, सितंबर में अब तक राज्य में 90.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 20 प्रतिशत अधिक है। आपदा प्रबंधन विभाग(डीएमडी) के अनुसार, भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर शुक्रवार को सुबह छह बजे 36.62 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 2.12 मीटर ऊपर है। हालांकि यहां जलस्तर में कमी आ रही है।इसे भी पढ़ें: बिहार में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए 1,194 Community Kitchens शुरू, 46.88 लाख आबादी प्रभावित बुलेटिन के अनुसार, गंडक नदी डुमरिया घाट, कोसी बलतरा और कुर्सेला में, बूढ़ी गंडक नदी खगड़िया, गंगा दीघा, गांधी घाट, हथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में, पुनपुन नदी श्रीपालपुर, बागमती बेनीबाद में तथा घाघरा नदी दरौली और गंगपुर सिसवन में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। विभाग ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न जिलों में 1,194 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं। इसके अलावा 15 राहत शिविर संचालित हैं, जहां 11,255 बाढ़ पीड़ितों के लिए आवास, भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
Bihar Bhumi: बिहार में जमीन खरीदने से पहले चेक कर लें ये 5 चीजें, वरना हो सकती है मुश्किल
बिहार में जमीन खरीदने से पहले धोखाधड़ी और विवादों से बचने के लिए राजस्व विभाग द्वारा बताई गई 5 ऑनलाइन (Bihar Land Record Online)जांचें पूरी करना अनिवार्य है। इन जांचों में ऑनलाइन जमाबंदी, सरकारी जमीन की पहचान और विक्रेता के नाम का सत्यापन शामिल है।
राजकीय पॉलिटेक्निक, बाढ़ और एनआईईएलआईटी, पटना ने छात्रों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा और उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण देने के लिए 5 साल का समझौता किया है।
दिल्ली, UP, बिहार समेत 13 राज्यों में होगी भारी बारिश, IMD ने जारी किया रेड-यलो का अलर्ट!
दिल्ली, UP, बिहार समेत 13 राज्यों में होगी भारी बारिश, IMD ने जारी किया रेड-यलो का अलर्ट!
Bihar Weather Update: अररिया-भागलपुर समेत 12 जिलों में बारिश का अलर्ट, पटना में छाये रहेंगे बादल
मौसम विभाग ने बिहार के 12 जिलों सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा, जमुई, मुंगेर, बांका, खगड़िया और भागलपुर में मेघ गर्जन, वज्रपात और तेज हवा के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है।
विनय कुमार के बाद बिहार का डीजीपी कौन? चयन की प्रक्रिया शुरू, रेस में इन अफसरों के नाम
विनय कुमार का कार्यकाल 12 दिसंबर 2026 को समाप्त होने वाला है। इसे देखते हुए बिहार सरकार के गृह विभाग ने पुलिस सेवा में 30 साल सेवा पूरी कर चुके आईपीएस अधिकारियों की सूची केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दी है।
80 के दशक में कैसे दिखते बिहार के बड़े नेता? AI ने फोटो में बदल दिया सबका अंदाज
80 के दशक का सोशल मीडिया पर रेट्रो ट्रेंड छाया हुआ है। AI की मदद से लोग अपनी तस्वीरों को पुराने दौर के लुक में बदलकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। अब बिहार के राजनेताओं में भी इस ट्रेंड की झलक देखने को मिल रही है।
एमबीबीएस और बीडीएस समेत 1295 सीटें खाली, नीट यूजी स्टेट कोटा राउंड 2 के रजिस्ट्रेशन आज से
Bihar NEET UG state quota mbbs bds admission 2026: बिहार नीट यूजी राउंड 2 में उपलब्ध कुल 1,295 सीटों में से एमबीबीएस की 1,167, बीडीएस की 39, बीवीएससी एवं एएच की 49 और बीएफएससी की 28 सीटें शामिल हैं।
पहले ये बयान पढ़िए 'अब वो समय आ गया है कि JDU का नाम बदल कर जनता दल (नीतीश) कर दिया जाए।' पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने ये बयान खगड़िया में आयोजित नीतीश संवाद कार्यक्रम में दिया है। संजय झा के इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं? सियासी गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की शुरू हो गई है कि क्या कांग्रेस (I) की तरह JDU में भी टूट का खतरा बढ़ गया है? क्या JDU के भीतर गुटबाजी है? क्या नीतीश कुमार की विरासत को बचाने के लिए ऐसा किया जा रहा है? अब इन सवालों को विस्तार से समझिए... पहले पार्टी के दो सीनियर लीडर का बयान नीतीश कुमार ने पार्टी को स्थापित किया है। पार्टी उनके नेतृत्व में आगे बढ़ रही है। सभी लोग नीतीश कुमार के चलते ही इस पार्टी से जुड़े हुए हैं। निश्चित रूप से यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास करने योग्य है।- श्रवण कुमार, विधायक दल के नेता पार्टी का नाम बदलने की संजय झा की निजी इच्छा है। ये अच्छी बात है। जब पार्टी के सामने इसका प्रस्ताव आएगा तो पार्टी फैसला करेगी। -बिजेंद्र यादव, डिप्टी सीएम क्या कांग्रेस की तर्ज पर जदयू के भीतर टूट की स्थिति बन रही बात 1978 की है। पूर्व पीएम और कांग्रेस की लीडर इंदिरा गांधी देश में इमरजेंसी लागू करने के बाद अगला लोकसभा चुनाव हार गईं थी। पार्टी के भीतर संजय गांधी पावरफुल हो गए थे। कांग्रेस के कई सीनियर लीडर इंदिरा गांधी की लीडरशिप से खफा थे। इंदिरा गांधी ने अपना एक अलग गुट बना लिया था। इसका नाम कांग्रेस (I) रखा गया। यहां I का मतलब इंदिरा गांधी से था। जबकि दूसरे गुट का नेतृत्व देवराज उर्स कर रहे थे। इस धड़े का नाम कांग्रेस (U) रखा गया। तीन साल बाद इंदिरा गुट को असली कांग्रेस की मान्यता दी गई। क्या जदयू के भीतर भी इस तरह का माहौल बन रहा है। पार्टी के कई नेता ऑन रिकॉर्ड सीधे इस बात को खारिज कर देते हैं। लेकिन, ऑफ रिकॉर्ड स्वीकार करते हैं कि दो अलग-अलग तिकड़ी पार्टी में हावी है। संजय झा और ललन सिंह दोनों खुद को पावरफुल दिखाने में जुटे हैं। यही कारण है कि इस तरह की बातें शुरू हो गई हैं। इस सवाल पर सीनियर जर्नलिस्ट और द हिंदू के सीनियर असिस्टेंट एडिटर अमरनाथ तिवारी ने कहा, ‘इस बयान के सीधे मायने ये निकल रहे हैं कि पार्टी टूटने वाली है।’ क्या विरासत बचाने के लिए नीतीश के नाम का इस्तेमाल हो रहा? JDU के सामने एक समस्या विरासत बचाने की है। क्योंकि नीतीश कुमार के बाद कोई भी ऐसे नेता पार्टी के भीतर नहीं हैं, जिनकी पूरे बिहार में स्वीकार्यता हो। ऐसे समय में जब नीतीश एक्टिव पॉलिटिक्स से तकरीबन रिटायरमेंट की ओर बढ़ गए हैं। उनके बाद उनकी विरासत आगे कैसे जाएगी। इस लिहाज से भी उनके नाम के इस्तेमाल को देखा जा रहा है। इस सवाल पर द इंडियन एक्सप्रेस के सीनयिर असिस्टेंट एडिटर संतोष सिंह कहते हैं, ‘पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि नीतीश के बाद अगले 5 साल तक जनता के बीच कौन सा फैक्टर पार्टी को आगे ले जाएगा। क्या जदयू के भीतर गुटबाजी हावी हो रही है? जदयू में टूट के सवाल पर संतोष सिंह कहते हैं, ’यह पूरी तरह निराधार है। JDU के भीतर कोई ऐसे नेता ही नहीं हैं, जिनका बड़ा जनाधार हो। अगर किसी तरह की टूट पार्टी के भीतर होती है तो दूसरा धड़ा मुंह के बल गिरेगा। पार्टी या पार्टी के कोई भी नेता अभी तक नीतीश की साया से बाहर नहीं आ पाए हैं।‘ नीतीश की विरासत पर दूसरे दल भी जताने लगे हैं अधिकार अब उन पार्टियों को जानिए, जिनमें टूट हुई NCP: जुलाई 2023 में शरद पवार की NCP में टूट हुई। अजीत पवार के नेतृत्व वाले धड़े को इलेक्शन कमीशन ने असली NCP माना। बाद में शरद पवार ने NCP (शरदचंद्र पवार) पार्टी बना लीं। शिवसेना: 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना में टूट हुई। इलेक्शन कमीशन ने एकनाथ शिंदे गुट को असली 'शिवसेना' माना। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट का नाम शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) शिवसेना (UBT) रखा गया। LJP: जून 2021 में राम विलास पासवान के निधन के बाद पशुपति कुमार पारस के नेतृत्व में पार्टी टूटी। पार्टी दो हिस्से में बंट गई। पशुपति पारस के नेतृत्व में रालोजपा बनी। चिराग पासवान ने लोजपा (रामविलास) बनाया।
जन सुराज ने बिहार एमएलसी वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों को ठीक करने की मांग की, सीईओ से मुलाकात की
Patna, 11 सितंबर . राज्य जन सुराज पार्टी के अध्यक्ष मनोज भारती के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने Friday को बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) विनोद सिंह गुंजियाल से मुलाकात की और आगामी विधान परिषद चुनावों के लिए वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों को ठीक करने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा. भारती ने ... Read more
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी पहुंची चुनाव आयोग, बिहार MLC इलेक्शन में बताए डुप्लीकेट वोटर
बिहार एमएससी चुनाव की वोटर लिस्ट में डुप्लीकेट मतदाता होने की शिकायत लेकर प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी शुक्रवार को निर्वाचन आयोग के पास पहुंच गई। पार्टी ने वोटर लिस्ट बनाने की प्रक्रिया पर भी बदलने की मांग की।
सुपौल जिला जदयू कार्यालय में शुक्रवार को पिपरा विधायक रामविलास कामत ने ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम के तहत फरक्का जल संधि को लेकर प्रेस वार्ता की। उन्होंने केंद्र सरकार से दिसंबर 2026 में समाप्त हो रही भारत-बांग्लादेश फरक्का जल संधि के नवीनीकरण पर बिहार के हितों को ध्यान में रखते हुए पुनर्विचार करने की मांग की। फरक्का बराज को बताया बाढ़ की प्रमुख वजह रामविलास कामत ने कहा कि फरक्का बराज के कारण गंगा नदी में लगातार गाद जमा हो रही है। इससे नदी का तल ऊंचा हो रहा है और पानी का प्राकृतिक प्रवाह भी प्रभावित हुआ है। बारिश या जलस्तर बढ़ने पर गंगा का पानी तेजी से खतरे के निशान के आसपास पहुंच जाता है, जिसका असर उत्तर बिहार के गंगा किनारे बसे जिलों पर पड़ता है। बिहार में आने जितना पानी, उतना आगे छोड़ा जाए विधायक ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से गंगा किनारे स्थित जिलों में लोगों को फरक्का जल संधि के प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। जदयू की मांग है कि बिहार में गंगा में जितना पानी प्रवेश करता है, उतनी ही मात्रा में पानी आगे छोड़ा जाए। कोसी समेत अन्य नदियों के पानी के उपयोग की मांग उन्होंने कहा कि कोसी समेत बिहार की अन्य नदियों के जल का उपयोग राज्य की जरूरतों के अनुसार किया जाना चाहिए। उनके अनुसार जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सिंचाई, पेयजल और विकास कार्यों में किया जा सकता है। 12 दिसंबर 1996 को हुई थी संधि कामत ने बताया कि भारत और बांग्लादेश के बीच 12 दिसंबर 1996 को गंगा जल बंटवारे को लेकर 30 वर्षों के लिए फरक्का जल संधि हुई थी। इसकी अवधि दिसंबर 2026 में समाप्त हो रही है। उन्होंने दावा किया कि संधि के कारण बिहार को तीन दशकों से पर्यावरणीय और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। नीतीश कुमार भी उठा चुके हैं मुद्दा विधायक ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कई बार फरक्का बराज से बिहार को होने वाले नुकसान का मुद्दा उठा चुके हैं। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने भी राज्यसभा में फरक्का जल संधि को बिहार के हित में नहीं होने की बात कही है। प्रेस वार्ता में जदयू जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष अमर कुमार चौधरी समेत कई पार्टी नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
20 हजार में बिहार के बोधगया, राजगीर और नालंदा की करें सैर; तीन दिन तक रहना खाना फ्री
बिहार सरकार ने पर्यटकों के लिए पटना से बोधगया, राजगीर और नालंदा तक दो रात और तीन दिन का एक विशेष पर्यटन पैकेज तैयार किया है। इसमें यात्रा, ठहरने, भोजन, गाइड और प्रमुख स्थलों के प्रवेश शुल्क सहित सभी सुविधाएं शामिल हैं, जिसका उद्देश्य राज्य की आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत को बढ़ावा देना है।
कन्नौज में 50 लाख की शराब से भरी DCM पकड़ी:हरियाणा से बिहार ले जाकर करते थे सप्लाई, ड्राइवर गिरफ्तार
कन्नौज के सदर कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे शराब से भरी DCM पकड़ी। वाहन में 545 पेटियों में 4,836 लीटर शराब लदी थी। पुलिस ने शराब की कीमत करीब 50 लाख रुपए आंकी है। शराब हरियाणा से बिहार ले जाई जा रही थी। पुलिस ने DCM चालक को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। पाल चौराहे पर घेराबंदी कर पकड़ी DCM कोतवाली प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह को मुखबिर से शराब तस्करी की सूचना मिली थी। इसके आधार पर पुलिस ने शहर के पाल चौराहे पर घेराबंदी कर DCM को रोक लिया। तलाशी लेने पर उसमें शराब की पेटियां मिलीं। इसके बाद पुलिस चालक और शराब लदी DCM को सदर कोतवाली ले आई। 545 पेटियों में मिली 4,836 लीटर शराब पूछताछ में चालक ने अपना नाम जयसिंह पुत्र चेनाराम निवासी विसारनिया, बाड़मेर, राजस्थान बताया। पुलिस के मुताबिक, DCM में 170 पेटी रॉयल स्टैग, 185 पेटी इम्पीरियल ब्लू हाफ और 190 पेटी इम्पीरियल ब्लू क्वार्टर मिले हैं। कुल 545 पेटियों में 4,836 लीटर शराब बरामद हुई है। पुलिस ने चालक के पास से एक मोबाइल फोन और 10,200 रुपए नकद भी बरामद किए हैं। सोनीपत का युवक भेजता था शराब पूछताछ में चालक ने पुलिस को बताया कि हरियाणा के सोनीपत जिले के खरखोंदा निवासी सोनू अक्सर इसी DCM से शराब बिहार भेजता है। उसके मुताबिक, वह पहले भी कई बार शराब बिहार ले जा चुका है और इस काम से मिलने वाले पैसों से अपना और परिवार का खर्च चलाता है। आबकारी अधिनियम में केस दर्ज एसपी बिनोद कुमार ने बताया कि बरामद शराब की कीमत करीब 50 लाख रुपए है। चालक जयसिंह के खिलाफ सदर कोतवाली में आबकारी अधिनियम की धारा 60, 63 और 72 तथा 207 एमवी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।
लघु जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता राजेंद्र कुमार के छह ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति मामले में एसवीयू ने छापामारी की। छापामारी में करीब चार करोड़ की जमीन-फ्लैट, 1.96 लाख नकद और 76 लाख के सोने-चांदी के आभूषण बरामद हुए हैं।
Bihar Politics: डिप्टी CM की पत्नी को लेकर सोशल मीडिया पोस्ट वायरल, सरकारी सुरक्षा पर उठे सवाल
Bihar Politics: डिप्टी CM की पत्नी को लेकर सोशल मीडिया पोस्ट वायरल, सरकारी सुरक्षा पर उठे सवाल
Deputy CM विजय कुमार चौधरी ने Bihar Building Bye-laws 2026 के प्रारूप की समीक्षा की
माननीय उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में आज बिहार भवन उपविधि-2026 के प्रारूप की समीक्षा को लेकर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रारूप के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से विचार-विमर्श करते हुए इसे सरल, पारदर्शी, प्रभावी एवं जनोपयोगी बनाने के लिए चर्चा की गई। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सभी हितधारकों से प्राप्त सुझाव बिहार भवन उपविधि-2026 को अधिक प्रभावी, सरल एवं जनोपयोगी बनाने में महत्वपूर्ण होंगे। इस समीक्षा बैठक में भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव श्री के के पाठक, बिहार सरकार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत तथा नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव श्री विनय कुमार, विशेष सचिव नीलेश रामचन्द्र देवरे, पटना नगर निगम के आयुक्त श्री यशपाल मीणा सहित अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे। मंत्री श्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार भवन उपविधि-2026 का प्रारूप पारदर्शिता, सरलता, त्वरित प्रक्रियाओं और सतत विकास के सिद्धांतों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य भवन निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक सुगम एवं समयबद्ध बनाते हुए राज्य के शहरी क्षेत्रों में सुनियोजित और आधुनिक विकास को गति देना है। यह प्रारूप बिहार के बदलते शहरी परिदृश्य के अनुरूप एक प्रगतिशील एवं विकासोन्मुख कदम है। श्री मिश्रा ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी के विकसित बिहार के विज़न के अनुरूप बिहार भवन उपविधि-2026 का प्रारूप राज्य के शहरों के सुनियोजित और सतत विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। सरल एवं पारदर्शी प्रावधानों से भवन निर्माण और निवेश को गति मिलेगी तथा आधारभूत संरचना, आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों का विस्तार होगा।
बिहार में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए 1,194 Community Kitchens शुरू, 46.88 लाख आबादी प्रभावित
बिहार के 15 ज़िलों में 46 लाख से ज़्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। शुक्रवार को भी हालात गंभीर बने रहे क्योंकि कई जगहों पर पानी का स्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा था। अधिकारियों के मुताबिक, राज्य भर में लगातार बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण नदियाँ और नाले उफान पर हैं। आपदा प्रबंधन विभाग (DMD) की ओर से जारी ताज़ा बुलेटिन के अनुसार, 15 ज़िलों के 88 ब्लॉकों की 561 ग्राम पंचायतों में लगभग 46.88 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इसे भी पढ़ें: Kharif 2026 फसल क्षति पर मिलेगी आर्थिक सहायता, Bihar में 31 अक्टूबर तक करें आवेदन प्रभावित ज़िलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं। सबसे ज़्यादा प्रभावित ज़िलों में भागलपुर, पटना, सारण, वैशाली, बेगूसराय, कटिहार, पूर्णिया और बक्सर शामिल हैं। बिहार मौसम विज्ञान सेवा केंद्र के अनुसार, राज्य में सितंबर में अब तक 90 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 20 प्रतिशत ज़्यादा है। अपने ताज़ा बुलेटिन में, DMD ने बताया कि शुक्रवार सुबह 6 बजे भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा नदी 36.62 मीटर के स्तर पर बह रही थी, जो खतरे के निशान से 2.12 मीटर ऊपर है। पानी का बहाव कम हो रहा है। डूमरिया घाट पर गंडक, बलतारा और कुरसेला में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में गंगा, श्रीपालपुर में पुनपुन, बेनीबाद में बागमती, और दरौली व गंगपुर सिसवन में घाघरा नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। इसे भी पढ़ें: Bihar Medical Education Update: बिहार में PG Doctors का Stipend बढ़ा, जानिए हर साल कितना होगा फायदा बुलेटिन में कहा गया है कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए अलग-अलग ज़िलों में कुल 1,194 कम्युनिटी किचन (सामुदायिक रसोई) चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा, 15 राहत कैंप भी चल रहे हैं, जहाँ 11,255 बाढ़ पीड़ितों के लिए रहने, खाने, मेडिकल सुविधा और दूसरी ज़रूरी सेवाओं का इंतज़ाम किया गया है। बाढ़ से प्रभावित लोगों के बीच अब तक लगभग 3.10 लाख पॉलीथीन शीट और 48,300 सूखे राशन के पैकेट बांटे जा चुके हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आवाजाही के लिए कुल 1,922 नावें चलाई जा रही हैं। साथ ही, अब तक 7,535 क्विंटल पशु चारा भी बांटा गया है।
दिल्ली में होने वाले 18वां BRICS शिखर सम्मेलन में विदेशी मेहमानों का भारत आना शुरू हो गया है। विदेशी महमानों को हमारे बिहार के पारंपरिक जायके से रूबरू कराया जा रहा है। सम्मेलन की वेलकम किट में बिहार के दो प्रोडक्ट्स- सत्तू और मखाना शामिल किए गए हैं। बिहार के इन दोनों प्रोडक्ट्स को ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर जगह मिलने पर CM सम्राट चौधरी ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने इसे बिहार के लिए गौरव का पल बताते हुए कहा, ‘बिहार का स्वाद अब दुनिया के सामने पहुंच रहा है।’ CM ने अपने सोशल मीडिया X हैंडल पर लिखा- नए बिहार की नई पहचान, बिहार का स्वाद अब दुनिया के सामने। BRICS Summit की वेलकम किट में शामिल सत्तू और मखाना बिहार के स्वाद, परंपरा और उद्यमिता की पहचान हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताते हुए कहा, ‘इससे लोकल टू ग्लोबल के संकल्प को मजबूती मिलेगी।’ विदेशी महमानों को जो सत्तू परोसा जा रहा है, इसके फॉउंडर बिहार के मधुबनी जिले के सचिन कुमार हैं। उन्होंने 'SATTUZ' नाम से इसकी शुरूआत 2018 में की थी। 10 साल पहले वे नौकरी छोड़कर घर पर बैठे और फिर इस बिजनेस में अपना दिमाग और समय दोनों लगाया। बिहार के आम फूड को सचिन ने कैसे बनाया खास? BRICS तक कैसे पहुंचा मधुबनी का Sattuz? 8 सालों में कितनी की कमाई? इन सारे सवालों का जवाब यहां पढ़ें… अब पढ़िए सचिन की पूरी कहानी… मुंबई की नौकरी छोड़ी, बिहार लौटकर शुरू की कारोबार की तलाश दैनिक भास्कर से बातचीत में सचिन ने बताया, मैंने 2008 में सेल्स और मार्केटिंग में MBA पूरा किया था। उस समय मैं मुंबई में बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर के रूप में काम कर रहा था। मेरी 30 हजार रुपए सैलरी थी। कारोबारियों से लगातार मुलाकात के दौरान मुझे लगा कि मैं भी अपना बिजनेस शुरू कर सकता हूं। मेरा लक्ष्य बिहार में कारोबार खड़ा करना था। 2009 में एक वर्कशॉप में ट्रेडिशनल फूड प्रोडेक्ट की बाजार क्षमता के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद मैंने नौकरी छोड़ दी और मधुबनी गांव लौट आया। शुरुआत में मैंने परिवार के कंज्यूमर ड्यूरेबल्स बिजनेस से जुड़कर काम किया। इसके बाद मैंने अपने परिवार को नए बिजनेस आइडियाज दिए, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे। बहुत सालों तक मैंने उन्हें Sattuz के लिए भी मनाया है। हालांकि, मेरी पत्नी बिजनेस आइडिया पर रिसर्च करने के दौरान बहुत साथ देती थी। रिचा ने मेरे हर फैसले में मेरा साथ दिया है।' मखाना और सत्तू में दिखा मौका, सत्तू को चुना सचिन ने आगे बताया, 'मैंने पारंपरिक खाद्य उत्पादों पर रिसर्च के दौरान महसूस किया कि मधुबनी और बिहार की पहचान वाले मखाना और सत्तू में बड़ा बाजार बनने की क्षमता है। मुझे लगा कि मखाना की पैकेजिंग और मार्केटिंग पहले से काफी विकसित हो चुकी है, लेकिन सत्तू के क्षेत्र में अभी ज्यादा प्रयोग नहीं हुए हैं। मैंने इसी अंतर को अपना बिजनेस अवसर बनाया। सत्तू मुख्य रूप से चने या जौ को भूनकर तैयार किया जाता है। बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में इसका इस्तेमाल लंबे समय से होता रहा है। मैंने इसी पारंपरिक खाद्य पदार्थ को मॉर्डन पैकेजिंग और रेडी-टू-मिक्स फॉर्म में बाजार में उतारने की योजना बनाई। सड़क किनारे मिलने वाले सत्तू का बनाया पैकेज्ड विकल्प सचिन ने बताया कि मेरे सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि सत्तू को किस शक्ल में बाजार में उतारा जाए, जिसे लोग आसानी से कहीं भी तैयार कर सकें। बिहार में सड़क किनारे मिलने वाले सत्तू की साफ-सफाई को लेकर लोगों की चिंता और शहरों में कामकाजी लोगों की सुविधा की जरूरत को मैंने बिजनेस मॉडल में शामिल किया। रिसर्च के दौरान मुझे लगा कि अगर सत्तू पहले से मिक्स होकर छोटे पैकेट में उपलब्ध हों, तो इसे सिर्फ पानी मिलाकर कुछ ही मिनट में तैयार किया जा सकता है। इस सोच के आधार पर मैंने अपनी मां की रेसिपी को आधार बनाकर प्रोडेक्ट तैयार किया। इसके बाद लैब टेस्ट कराए और फूड सेफ्टी और स्टैंडर्ड ऑथोरिटी यानी FSSAI से जरूरी मंजूरी ली। शुरुआत में दो पेपर ग्लास, दो सैशे और स्टिरर वाला ट्रैवल पैक तैयार किया, जिसकी कीमत 30 रुपए रखी थी। मीठा, जलजीरा और चॉकलेट फ्लेवर में आया सत्तू अप्रैल 2018 में Sattuz ने बाजार में कदम रखा। कंपनी ने सत्तू ड्रिंक को तीन फ्लेवर में पेश किया- मीठा, जलजीरा और चॉकलेट। प्रोडेक्ट का मॉडल काफी आसान रखा गया। सैशे में मौजूद सत्तू मिक्स में पानी मिलाकर ड्रिंक तैयार की जा सकती थी। कंपनी ने इसे प्रोटीन, फाइबर और आयरन वाले पारंपरिक खाद्य पदार्थ के रूप में पेश किया। सत्तू की ताजगी बनाए रखने के लिए सैशे पैकेजिंग का इस्तेमाल किया। प्रोडेक्ट की शेल्फ लाइफ छह महीने रखी। 2019 में मिला निवेश, Shark Tank से भी मिली पहचान सचिन ने आगे बताया, 'Sattuz के कारोबार को 2019 में बड़ा बढ़ावा मिला। अक्टूबर 2019 में कंपनी ने नई दिल्ली स्थित इंडियन एंजल नेटवर्क से फंडिंग हासिल की। IIM कोलकता इनोवेशन पार्क और बिहार इंडस्ट्रीज एसोशिएशन भी इसके निवेशकों में शामिल हुए। इसके बाद कंपनी ने अपने उत्पादों की रेंज बढ़ाने पर काम शुरू किया। 2021 में सत्तू ड्रिंक को आसानी से तैयार करने के लिए शेकर्स भी लॉन्च किए गए। दिसंबर 2021 में कंपनी ने शार्क टैंक के पहले सीजन में भी हिस्सा लिया। इस अनुभव के बाद कंपनी ने केवल पैकेज्ड सत्तू बेचने की जगह सत्तू से तैयार दूसरे प्रोडेक्ट पर भी ध्यान देना शुरू किया। सचिन की पत्नी रिचा रेसिपी डेवलपमेंट का काम देखती हैं। सत्तू की बहुउपयोगिता को देखते हुए कंपनी ने इसका इस्तेमाल लिट्टी और पराठे में करने के लिए रेडी-टू-कुक स्टफिंग मिक्स भी तैयार किया। यह मिक्स लिट्टी, पराठा और पूरी जैसे खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल किया जा सकता है। कंपनी ने 2022 में Sattuz Cafe भी ट्रायल के तौर पर शुरू किया था। अमेरिका और सिंगापुर से भी आए ऑर्डर Sattuz ने धीरे-धीरे बिहार से बाहर भी बाजार बनाया। कंपनी की बिक्री अपनी वेबसाइट के अलावा अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे ऑनलाइन मार्केटप्लेस के माध्यम से होती है। इसके उत्पाद देश के अलग-अलग हिस्सों के रिटेल स्टोरों में भी उपलब्ध कराए गए। कंपनी को अमेरिका, सिंगापुर और कुछ अन्य देशों से भी ऑर्डर मिले। हालांकि, कोरोना महामारी के दौरान कारोबार की रफ्तार प्रभावित हुई। बिक्री घटने के बावजूद कंपनी ने अपने ऑपरेशनल खर्च जारी रखे। लॉकडाउन के बाद लोगों में स्वास्थ्य, पोषण और हाइजीन को लेकर बढ़ी जागरूकता से सत्तू जैसे पारंपरिक हेल्दी फूड की मांग को फायदा मिला। पटना के फतुहा में बन रहा 5 हजार वर्गफुट का प्लांट कारोबार को बड़े स्तर पर ले जाने के लिए कंपनी ने पटना के बाहरी इलाके फतुहा में फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की योजना बनाई। करीब 5 हजार वर्गफुट में तैयार होने वाली इस यूनिट में सत्तू ड्रिंक के सैशे, बड़े पैक और स्टफिंग मिक्स तैयार किए जाने की योजना है। सचिन ने अपने कारोबार को आगे बढ़ाने में बिहार के स्टार्टअप इकोसिस्टम की भूमिका को भी अहम बताया। उनके मुताबिक, बिहार उद्योग विभाग, स्टार्टअप सेल, बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण यानी BIADA और यूनियन बैंक से उन्हें मदद मिली। कंपनी को केंद्र सरकार की PMFME योजना से भी सहायता मिली। यूनियन बैंक ने इस योजना के तहत Sattuz को 77 लाख रुपए का फाइनेंस किया था, जिसका इस्तेमाल कारोबार के विस्तार में किया जा रहा है। BRICS तक कैसे पहुंचा सत्तूज सचिन ने भास्कर से बातचीत में बताया, BIADA से मैंने पटना के फतुहा में जमीन लेकर काम शुरू किया। इसी दौरान उन्होंने मुझे BRICS के बारे में बताया। इनके जरिए ही मैं आज इस मोकाम तक पहुंचा हूं। मुझे बहुत खुशी हो रही है कि बिहार का सत्तू आज विदेशियों के जुबान से भी चखा जा रहा है। सचिन ने बताया, जब मैंने इसकी शुरूआत क, तब सिर्फ 2.5 लाख रुपए इंवेस्ट किया था। आज करीब 5 करोड़ की कमाई कर रहा हूं। आज यहां रोजाना करीब 1,500 पैकेट जलजीरा सत्तू तैयार होता है, जो बाजार में सबसे चर्चित और लोकप्रिय प्रोडक्ट है।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बिहार सेवा संकल्प अभियान 2026 की तैयारी कर रहा है, जिसमें 13 विभागीय घटक और निय
Kharif 2026 फसल क्षति पर मिलेगी आर्थिक सहायता, Bihar में 31 अक्टूबर तक करें आवेदन
माननीय मंत्री, सहकारिता विभाग, राम कृपाल यादव द्वारा आज अपने कार्यालय कक्ष से बिहार राज्य फसल सहायता योजना के अंतर्गत खरीफ 2024 मौसम के 1,17,708 लाभुक किसानों के बैंक खातों में 104 करोड़ 46 लाख 46 हजार 405 रुपये की सहायता राशि का डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया। इसे भी पढ़ें: Dhirendra Shastri के बयान के बीच Suvendu Adhikari ने खाई मछली, BJP बोली- मांसाहार विवाद अब खत्म इस अवसर पर माननीय मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि खरीफ 2024 मौसम के प्राप्त आवेदनों के सत्यापन के उपरान्त आज लाभ हेतु योग्य पाए गए 714 पंचायतों के कुल 1,17,708 लाभुक किसानों को सहायता राशि का भुगतान किया जा रहा है। साथ ही, 9 चयनित किसानों को सांकेतिक रूप से चेक प्रदान किए गए। माननीय मंत्री ने कहा कि बिहार राज्य फसल सहायता योजना राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी एवं किसान हितैषी योजनाओं में से एक है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदा अथवा अन्य कारणों से फसल की उपज में कमी होने की स्थिति में किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें संकट की घड़ी में संबल देना है। यह योजना पूर्णतः निःशुल्क है तथा इसके लिए किसानों को किसी प्रकार के प्रीमियम का भुगतान नहीं करना पड़ता है। फसल क्षति की स्थिति में मिलने वाली सहायता किसानों को आर्थिक कठिनाइयों से उबरने तथा आगामी फसल के लिए कृषि कार्य जारी रखने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करती है। माननीय मंत्री ने कहा कि वर्तमान में बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए फसल क्षति की स्थिति में आर्थिक सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से बिहार राज्य फसल सहायता योजना की भूमिका महत्वपूर्ण है। खरीफ 2026 में फसल क्षति से प्रभावित किसानों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। सभी पात्र किसानों से अपील है कि अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना 31 अक्टूबर तक अपना आवेदन अवश्य करें। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत थ्रेसहोल्ड उपज की तुलना में वास्तविक उपज में 20 प्रतिशत तक की क्षति होने पर 7,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अधिकतम 2 हेक्टेयर के लिए 15,000 रुपये तथा 20 प्रतिशत से अधिक क्षति होने की स्थिति में 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अधिकतम 2 हेक्टेयर के लिए 20,000 रुपये तक की सहायता राशि प्रदान की जाती है। सहायता राशि लाभुक किसानों के आधार-संबद्ध बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से सीधे अंतरित की जाती है। बिहार राज्य फसल सहायता योजना का संचालन पूर्णतः राज्य सरकार की निधि से किया जा रहा है। खरीफ 2024 मौसम के लिए धान एवं मकई को पंचायतस्तरीय फसल तथा सोयाबीन, आलू, बैंगन, टमाटर एवं गोभी को जिलास्तरीय फसल के रूप में अधिसूचित किया गया है। इसे भी पढ़ें: BRICS Summit पर सवाल उठाने पर BJP का Congress पर तीखा हमला रबी 2024-25 मौसम में उपज दर के आंकड़ों के आधार पर योग्य ग्राम पंचायतों के आवेदक किसानों द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों का सत्यापन जिला स्तरीय समन्वय समिति (DLCC) द्वारा कराया जा रहा है। सत्यापन के उपरांत पात्र पाए गए एवं भुगतान के लिए अनुशंसित किसानों को भी शीघ्र सहायता राशि का भुगतान किया जाएगा। इस अवसर पर सहकारिता विभाग के सचिव श्री धर्मेन्द्र सिंह, निबंधक, सहयोग समितियाँ श्री रजनीश कुमार सिंह सहित विभाग के अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।
जमुई के खैरा प्रखंड में बने नए पंचायत सरकार भवन में दरारें और प्लास्टर टूटने की शिकायत मिली थी। इसके बाद शुक्रवार को बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने भवन का निरीक्षण किया। दोपहर में मंत्री ने हॉल, कमरे, लाइब्रेरी और छत समेत कई हिस्सों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को भवन की क्वालिटी और सुरक्षा को लेकर निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद मंत्री दीपक प्रकाश ने मीडिया से बात की। उन्होंने बताया कि भवन में कई जगह मरम्मत के निशान साफ दिख रहे हैं। मंत्री ने कहा कि निर्माण कार्य में क्वालिटी का पूरा ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि दरार चाहे छोटी हो या बड़ी, वह खतरनाक हो सकती है। इसे तुरंत ठीक कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। कई जगहों पर प्लास्टर टूटे मिले मंत्री ने यह भी बताया कि पंचायत सरकार भवन भूकंपरोधी तकनीक से बना है। कुछ जगहों पर जाली नहीं लगाने के कारण समस्या आने की बात कही गई है। उन्होंने घोषणा की कि अब पूरे बिहार में उन सभी पंचायत सरकार भवनों की जांच की जाएगी, जिनका निर्माण पूरा हो चुका है और जिन्हें अभी हैंडओवर किया जाना है। जांच से संतुष्ट होने के बाद ही इन भवनों को हैंडओवर किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने छत की ढलाई के बाद प्लास्टर के काम में भी कमी पाई। कई जगहों पर प्लास्टर टूटे हुए मिले। उन्होंने इसे ठीक कराने का निर्देश दिया। लाइब्रेरी रूम में लगे बिजली के बोर्ड को भी दुरुस्त करने को कहा गया। 2.30 करोड़ से बना है पंचायत सरकार भवन मंत्री ने चेतावनी दी कि खुले और खराब हालत में लगा बिजली बोर्ड किसी के लिए भी खतरनाक हो सकता है। इसके बाद मंत्री ने भवन परिसर में पौधे लगाए। उन्होंने खैरा पंचायत के वार्ड नंबर 11 का भी निरीक्षण किया। इस मौके पर पंचायती राज पदाधिकारी वीरेंद्र कुमार के साथ कई नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद थे। यह पंचायत सरकार भवन करीब 2 करोड़ 30 लाख रुपए की लागत से बना है। इसके हैंडओवर के समय ही दीवारों में कई जगह दरारें, टूटे प्लास्टर और खराब हिस्से सामने आए थे। इसे लेकर स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि ने भी सवाल उठाए थे। मंत्री के निरीक्षण से पहले भवन में रंग-रोगन कर उसे चमका दिया गया था। इसके बाद शुक्रवार को मंत्री ने मौके पर पहुंचकर निर्माण की गुणवत्ता और कमियों की जांच की।
Monolithis India ने Bihar के नवादा में 157 करोड़ में जीता Quartzite Stone Block
मोनोलिथिस इंडिया ने बिहार के खनन एवं भूविज्ञान विभाग की ई-नीलामी में नवादा जिले में 157 करोड़ रुपये में क्वार्टजाइट स्टोन ब्लॉक’ हासिल किया है। कंपनी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। कंपनी ‘प्रीमिक्स्ड रैमिंग मास’ नाम की सामग्री बनाती है, जिसका इस्तेमाल इंडक्शन भट्टियों को तेज गर्मी और पिघले इस्पात से बचाने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से द्वितीयक इस्पात उद्योग में होता है। कंपनी ने बयान में कहा कि इस अधिग्रहण के साथ उसके कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखला के एकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम पूरा हुआ है। यह कंपनी की स्थापना के बाद से अब तक की सबसे बड़ी रणनीतिक उपलब्धि है। पांच साल के लिए आवंटित इस ब्लॉक की स्वीकृत खनन क्षमता 7.10 लाख टन सालाना है। इस तरह पट्टे की पूरी अवधि में कुल 35.50 लाख टन खनन क्षमता होगी। कंपनी ने कहा कि इस अधिग्रहण से उसे अपनी प्रमुख कच्चे माल की जरूरतों पर अधिक नियंत्रण मिलेगा और अगले पांच साल के लिए कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचाव करने में मदद मिलेगी। यह ऐसे समय में हुआ है जब कंपनी सिलिका रैमिंग मास के विनिर्माण की क्षमता बढ़ा रही है। समूह की कुल विनिर्माण क्षमता बढ़कर 5.76 लाख टन सालाना होने की उम्मीद है। कंपनी ने कहा कि वैधानिक मंजूरियां अगले तीन-चार महीने में मिलने की उम्मीद है और वाणिज्यिक परिचालन फरवरी-मार्च 2027 में शुरू करने का लक्ष्य है। बयान के अनुसार, 157 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान राज्य सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार पांच साल में किस्तों में किया जाएगा। खनन कार्य अनुभवी राष्ट्रीय खनन ठेकेदारों के जरिये प्रति टन उत्पादन के आधार पर कराया जाएगा। इससे कंपनी का प्रत्यक्ष बुनियादी ढांचा पूंजीगत व्यय सीमित रहेगा। मोनोलिथिस इंडिया के प्रबंध निदेशक हर्ष टेकरीवाल ने कहा, ‘‘मुझे यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि कच्चे माल की आपूर्ति को अपने नियंत्रण में लेने की हमारी प्रक्रिया पूरी हो गई है और हमारे पास अतिरिक्त कच्चे माल की क्षमता भी उपलब्ध है।’’उन्होंने कहा, ‘‘ इससे नए संयंत्र के शुरू होने के साथ तेजी से बढ़ने वाली हमारी कच्चे माल की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। कंपनी खासकर पूर्वी और मध्य भारत में घरेलू एकीकृत द्वितीयक इस्पात समूहों की प्रमुख आपूर्तिकर्ता है।
Bihar Medical Education Update: बिहार में PG Doctors का Stipend बढ़ा, जानिए हर साल कितना होगा फायदा
बिहार सरकार ने राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों और दंत चिकित्सा महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई कर रहे प्रशिक्षु चिकित्सकों के मासिक मानदेय में वृद्धि की है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बयान के अनुसार, प्रथम वर्ष के स्नातकोत्तर छात्रों का मासिक मानदेय 82,000 रुपये से बढ़ाकर 92,800 रुपये, द्वितीय वर्ष के छात्रों का मानदेय 90,200 रुपये से बढ़ाकर 1,02,000 रुपये तथा तृतीय वर्ष के छात्रों का छात्रों का मानदेय 99,220 रुपये से बढ़ाकर 1,12,200 रुपये कर दिया गया है। बयान में कहा गया है कि संशोधित मानदेय दरें एक जनवरी, 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी और इसका लाभ पूर्व प्रभाव से मिलेगा।स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा, “पीजी छात्र भविष्य के विशेषज्ञ चिकित्सक हैं और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। मानदेय में वृद्धि से उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा तथा चिकित्सा शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण तैयार होगा।” उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल चिकित्सा संस्थानों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसे विशेषज्ञ चिकित्सकीय मानव संसाधन का विकास करना है जो लोगों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सके।
सिंगरौली के मोरवा स्टेशन पर 15 बोतल शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार, बिहार ले जाने की थी तैयारी
11 सितंबर, शुक्रवार: सिंगरौली के मोरवा रेलवे स्टेशन पर आबकारी विभाग और RPF की संयुक्त टीम ने बिहार जा रही शराब की खेप पकड़ी। टीम ने 15 बोतल अंग्रेजी शराब के साथ बिहार निवासी पंकज कुमार को गिरफ्तार किया। आरोपी से पूछताछ कर तस्करी नेटवर्क की जांच की जा रही है।
11 सितंबर, शुक्रवार: पूर्वी चंपारण के हरसिद्धि में सोनबरसा पंचायत के गिरि टोला में आम के पेड़ से लटका मिला युवक व युवती का शव, पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
ब्रिक्स सम्मेलन में बिहार का सत्तू और मखाना, सीएम सम्राट ने पीएम नरेंद्र मोदी का आभार जताया
दिल्ली के भारत मंडपम में दो दिवसीय ब्रिक्स अंतराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में बिहार के सत्तू और मखाना को स्थान मिला है। विश्व भर से आए मेहमानों के वेलकम कीट में बिहार के स्वाद को शामिल करने के लिए सीएम सम्राट चौधरी ने पीएम नरेंद्र मोदी का आभार जताया है।
दिवाली-छठ पर बिहार जाने वालों को बड़ी राहत
पटना, 11 सितंबर 2026। दीपावली और छठ पूजा के दौरान बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। त्योहारों पर घर लौटने वाले प्रवासी लोगों की भारी भीड़ को देखते हुए बिहार सरकार ने विशेष बस सेवा शुरू करने की तैयारी की है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम यानी BSRTC की ओर […] The post दिवाली-छठ पर बिहार जाने वालों को बड़ी राहत appeared first on Rashtriya Ujala .
BRICS सम्मेलन में मेहमान चखेंगे बिहार का स्वाद, CM सम्राट बोले- नई पहचान अब दुनिया के सामने
BRICS सम्मेलन में विदेशी मेहमानों को बिहार के खास जायके, सत्तू और मखाना का स्वाद मिलेगा, जिन्हें वेलकम किट में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसे बिहार के लिए गौरव का क्षण बताया।
Bihar: ED की बड़ी कार्रवाई! गया के होटल ग्रुप पर छापेमारी
Bihar: ED की बड़ी कार्रवाई! गया के होटल ग्रुप पर छापेमारी
पटना हाई कोर्ट की सख्ती के बाद बिहार न्यायिक अकादमी से जुड़े लोकहित याचिका मामले में तीन वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अदालत में हाजिर हुए। अदालत ने अदालती आदेशों के क्रियान्वयन में देरी पर नाराजगी जताई।
बिहार सरकार ने राज्य के सरकारी चिकित्सा एवं दंत महाविद्यालयों में पीजी छात्रों के मानदेय में महत्वपूर्ण वृद्धि की घोषणा की है। यह संशोधित मानदेय 1 जनवरी, 2026 से लागू होगा।
प्रवर्तन निदेशालय ने बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में बिहार, दिल्ली, गुरुग्राम, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद समेत कई शहरों में छापेमारी शुरू की है. जांच के केंद्र में गया की रामनंदी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड और SREI लोन से जुड़े मामले हैं.
Bihar Politics: नीतीश के करीबी छोटू सिंह का बड़ा दावा, बोले- अवधेश नारायण सिंह हटे तो चली जाएगी NDA सरकार
पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार को लगाई फटकार, 16 साल तक जेल में बंद आरोपी निर्दोष निकला
कोर्ट ने समस्तीपुर के रंजीत कुमार झा नाम के शख्स को हत्या के आरोप से बरी करते हुए कहा कि सिस्टम की लापरवाही के कारण एक निर्दोष व्यक्ति 16 वर्षों से जेल में सड़ता रहा।
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच छिड़ी जुबानी जंग ने राज्य के राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है। उत्तरी बिहार के सहरसा ज़िले में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए उन्हें 'अनपढ़ अपराधी' करार दिया और कहा कि ऐसे व्यक्ति के हाथों में राज्य का शासन नहीं सौंपा जा सकता। 'बेचारा' टिप्पणी पर प्रशांत किशोर का पलटवार यह विवाद तब गहराया जब एक साक्षात्कार के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बांकीपुर के विधायक प्रशांत किशोर के लिए 'बेचारा' शब्द का इस्तेमाल किया था। इस टिप्पणी पर तंज कसते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, सम्राट चौधरी का मुझे 'बेचारा' कहना बिल्कुल सही है, क्योंकि मेरे पास उनके जैसे 'अनपढ़ अपराधी' से बिहार को मुक्त कराने के लिए संघर्ष करने के अलावा और कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। निजी हमलों से परे व्यवस्था परिवर्तन की लड़ाई चुनावी रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्तिगत रंजिश का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह बिहार में बेहतर शासन और व्यवस्था परिवर्तन का संकल्प है। उन्होंने तर्क दिया कि जब सत्ता की बागडोर ऐसे प्रशासनिक अनुभवहीन और विवादित छवि वाले नेताओं के हाथों में होगी, तो राज्य के युवाओं का पलायन, बदहाल शिक्षा प्रणाली और आर्थिक पिछड़ापन खत्म नहीं हो सकता। इसे भी पढ़ें: Mundhwa land deal: Rohit Pawar बोले, Parth Pawar को अब पता चलेगी BJP की राजनीति बिहार की राजनीति में नए ध्रुवीकरण के संकेत जन सुराज के बैनर तले बिहार के ज़िलों का दौरा कर रहे प्रशांत किशोर लगातार सत्तारूढ़ एनडीए और पारंपरिक राजनीतिक दलों पर हमलावर रहे हैं। सहरसा में दिया गया यह बयान केवल एक तीखी टिप्पणी नहीं है, बल्कि यह संकेत देता है कि आने वाले समय में जन सुराज पार्टी राज्य के मुख्य राजनीतिक चेहरों की कार्यशैली और योग्यता को सीधे जनता की अदालत में चुनौती देने की आक्रामक रणनीति पर काम कर रही है। इसे भी पढ़ें: CEC Gyanesh Kumar का वादा, अगले Lok Sabha चुनाव से पहले सुलझेंगी नाम कटने की सभी शिकायतें बिहार की राजनीति में नए ध्रुवीकरण के संकेत जन सुराज के बैनर तले बिहार के ज़िलों का दौरा कर रहे प्रशांत किशोर लगातार सत्तारूढ़ एनडीए और पारंपरिक राजनीतिक दलों पर हमलावर रहे हैं। सहरसा में दिया गया यह बयान केवल एक तीखी टिप्पणी नहीं है, बल्कि यह संकेत देता है कि आने वाले समय में जन सुराज पार्टी राज्य के मुख्य राजनीतिक चेहरों की कार्यशैली और योग्यता को सीधे जनता की अदालत में चुनौती देने की आक्रामक रणनीति पर काम कर रही है।
Bihar Floods: भागलपुर में 2 जगह तटबंध टूटे, 44 लाख की आबादी पर संकट; सब्जी-राशन की किल्लत
बिहार के 14 जिलों के 85 प्रखंडों की 533 ग्राम पंचायतों में लगभग 44 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है। इस बीच भागलपुर के नवगछिया में बारिश और कोसी नदी में दबाव के कारण गुरुवार की रात दो स्थानों पर तटबंध टूट गया।
Bihar के Vaishali में निर्माणाधीन NHAI पुल का ढांचा और बीम लॉन्चर गिरा, मजदूर घायल
बिहार के वैशाली जिले में बृहस्पतिवार को निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा और मशीन (बीम लॉन्चर) गिरने से कम से कम सात मजदूर घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सभी घायलों को नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि सुबह लालगंज क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा गिर गया और इस घटना में सात लोग घायल हो गये। उन्होंने कहा कि सभी घायलों को मामूली चोटें आई हैं। उन्होंने कहा कि मौके पर अधिकारी मौजूद हैं और घटना की जांच की जा रही है। यह पुल भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा बनाया जा रहा है। हादसे के बाद एनएचएआई ने एक बयान में कहा, “राष्ट्रीय राजमार्ग-139डब्ल्यू पर पुल निर्माण के दौरान मशीन (लॉन्चर) को स्थानांतरित करते समय बृहस्पतिवार को यह घटना हुई।”प्राधिकरण ने कहा कि हादसे में पुल की संरचना को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और कार्यस्थल पर मौजूद चार मजदूर घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल निकटतम अस्पताल भेजा गया। उसने कहा कि परियोजना की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रही है। एनएचएआई ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों और कार्यप्रणालियों की पुन: समीक्षा की जा रही है। इस बीच, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “बिहार में एक और पुल गिर गया। भ्रष्टाचार के बोझ तले निर्माणाधीन पुल ढहने से करीब आधा दर्जन मजदूर दब गए और घायल हुए हैं। कई मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है।’’तेजस्वी ने कहा, ‘‘घटिया निर्माण सामग्री, खराब गुणवत्ता, मानकों की अनदेखी, निरीक्षण में अनियमितता और राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) नेताओं की भ्रष्ट भूमिका लगातार पुल गिरने की मुख्य वजह है। हमेशा की तरह भ्रष्ट राजग सरकार इस बार भी भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने का प्रयास करेगी।”जिलाधिकारी ने कहा, “जिला प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक जांच में उपकरण में यांत्रिक खराबी के कारण हादसा होने की बात सामने आई है। पुल निर्माण एजेंसी को नियमानुसार कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।”उन्होंने अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात भी की। इस बीच, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि वह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बात करेंगे और आग्रह करेंगे कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए निर्माणाधीन ढांचों की गुणवत्ता की गहन जांच सुनिश्चित की जाए। पासवान ने कहा, “ऐसी घटनाओं से कभी-कभी हमें भी शर्मिंदगी महसूस होती है।
हां मैं बेचारा हूं, सम्राट चौधरी के हाथ में बिहार को नहीं छोड़ सकता; प्रशांत किशोर का पलटवार
प्रशांत किशोर ने कहा है कि सम्राट चौधरी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि बेचारा कहलाने में कोई दिक्कत नहीं है।
दूसरों का करते हैं कल्याण, खुद बैठने की जगह नहीं; बिहार के बीपीएससी पास BWO का छलका दर्द
बिहार में एससी-एसटी के कल्याण के लिए कार्य करने वाले कल्याण पदाधिकारियों की समस्या बड़ी है। राज्य के 534 प्रखंडों में से कहीं भी इनका स्थायी ठौर नहीं है।
मुख्यमंत्री सम्राट ने कहा:फरक्का समझौते में बिहार के हितों का ध्यान रहे, ताकि सालभर गंगाजल मिले
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि इस साल के अंत में होने वाले फरक्का जल समझौते के रिन्युअल में बिहार के हितों का पूरा ध्यान रहे। बांग्लादेश के साथ इस जल समझौते में ऐसा प्रावधान कराने का प्रयास किया जाएगा, जिससे बिहार को जरूरत के अनुसार सालभर गंगा का पानी मिले। अभी केवल चार महीने (जुलाई से अक्टूबर) ही पानी लेने का प्रावधान है। वे गुरुवार को गंगटा मोड़ (मुंगेर) पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने फरक्का बराज पर जमा गाद (सिल्ट) की समस्या के समाधान और बक्सर से भागलपुर तक गंगा के जल प्रबंधन को बाढ़ नियंत्रण के लिए जरूरी बताया। आदिवासियों की समस्या का समाधान हो : मुख्यमंत्री ने भीम बांध में आदिवासियों से संवाद कर पेयजल, सड़क, स्कूल और सिंचाई नहर की समस्याओं को तुरंत हल करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री की खास बातें-घोषणाएं बाढ़ व जल प्रबंधन : सीएम ने कहा- बिहार के 13 जिलों की 30 लाख से अधिक आबादी बाढ़ से प्रभावित है। बक्सर से भागलपुर तक गंगा की चौड़ी होती धारा को नियंत्रित कर स्थायी समाधान निकाला जाएगा। बिहार-झारखंड के 25 साल पुराने जल विवाद को सुलझाने की दिशा में पहल हुई है। सड़क व पर्यटन विकास : मुख्यमंत्री ने एनएच-333 के गंगटा से कोहबरवा मोड़ (10 किमी) तक सड़क चौड़ीकरण का शिलान्यास किया। कहा- इसका उद्घाटन अगले वर्ष सितंबर में होगा। भीम बांध ईको टूरिज्म : सम्राट ने कहा- मुंगेर-जमुई वन क्षेत्र को 150 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया जाएगा। भीम बांध में ट्रैकिंग, होटल व अंतरराष्ट्रीय सुविधाएं बनेंगी। स्वास्थ्य एवं शिक्षा : 1 सितंबर से 30 नवंबर तक 6.5 करोड़ लोगों की स्वास्थ्य जांच होगी। 17 सितंबर से सेवा संकल्प कायाकल्प अभियान' के तहत स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में आधारभूत संरचना व शौचालयों का निर्माण होगा। बिहार विद्यार्थी साथी एप' से 24 घंटे शैक्षणिक मदद होगी। न्यायालय व योजनाएं : मुख्यमंत्री ने कहा- इसी महीने तारापुर और हवेली खड़गपुर में कोर्ट शुरू होगा। बाढ़-सुखाड़ के स्थायी समाधान का प्रयास फरक्का जल समझौता और सिल्ट का मुद्दा उठाकर राज्य सरकार ने बाढ़-सुखाड़ के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा दांव चला है। 150 करोड़ के ईको-टूरिज्म प्रोजेक्ट और बुनियादी घोषणाओं के जरिए मुंगेर-जमुई के आदिवासी और ग्रामीण अंचलों में विकास की पकड़ मजबूत करने की रणनीति साफ दिखती है।
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दरभंगा श्यामा मंदिर वित्तीय गड़बड़ी, पूर्व अधिकारियों ने जांच समिति के सामने रखा अपना पक्ष
Bihar Temple Trust Scam: दरभंगा के श्यामा मंदिर न्यास में वित्तीय अनियमितता मामले में पूर्व अधिकारियों ने जांच समिति के समक्ष अपना पक्ष रखा। अपर समाहर्ता रोहित कुमार की अध्यक्षता वाली समिति अब प्रस्तुत स्पष्टीकरणों और दस्तावेजों की विस्तृत समीक्षा कर रही है।
पानी घटा, खतरा नहीं टला: बिहार में गंगा लाल निशान से 1.38 तो पुनपुन 1.80 मीटर ऊपर
गंगा, सोन और पुनपुन नदियों का जलस्तर लगातार घट रहा है, लेकिन ये अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे बाढ़ का खतरा बना हुआ है। पटना के गांधी घाट, दीघा घाट और मनेर में गंगा तथा श्रीपालपुर में पुनपुन नदी लाल निशान से काफी ऊपर है, प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।
संपूर्ण क्रांति डायवर्ट, तेजस राजधानी भी होगी लेट; 12 सितंबर को बिहार की कई ट्रेनों पर असर
नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के कारण 11 से 13 सितंबर तक ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया गया है। इससे बिहार से जुड़ी कई ट्रेनें वैकल्पिक मार्गों से चलेंगी और कुछ के समय में भी परिवर्तन होगा, यात्रियों को यात्रा से पहले जानकारी जांचने की सलाह दी गई है।
बिना डिग्री के हर महीने 4 लाख की कमाई! बिहार के 20 साल के लड़के ने इंटरनेट पर मचाया तहलका; कहानी वायरल
त्योहारों पर रेलवे का तोहफा, बिहार से दिल्ली और पंजाब के लिए चलेंगी दर्जनों स्पेशल ट्रेनें
रेलवे ने त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए कई स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है। ये ट्रेनें पटना, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी समेत बिहार के विभिन्न शहरों को दिल्ली, चंडीगढ़, फिरोजपुर और ऋषिकेश से जोड़ेंगी, जो सितंबर से नवंबर तक चलेंगी।
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय आ रहे कुलाधिपति सह राज्यपाल, कई योजनाओं का करेंगे उद्घाटन
Bihar Governor BRABU Visit: राज्यपाल सह कुलाधिपति सय्यद अता हसनैन बीआरए बिहार विश्वविद्यालय का दौरा करेंगे। इस दौरान वे विवेकानंद प्रतिमा, नए पार्क, आईटी सेल भवन और महाराजा गेट का उद्घाटन करेंगे, साथ ही छात्रों व प्राध्यापकों से संवाद भी करेंगे।
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में 22 सितंबर से शुरू होगी एलएलबी व प्री लॉ की परीक्षा
Bihar University Pre Law Exam: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय ने एलएलबी और प्री-लॉ परीक्षाओं का आधिकारिक कार्यक्रम जारी कर दिया है। ये परीक्षाएं 22 सितंबर से शुरू होकर 12 अक्टूबर तक दो पालियों में आयोजित की जाएंगी।
मुजफ्फरपुर में 4.55 लाख पेंशनधारियों को मिली 54 करोड़ की सौगात, मनाया गया पेंशन उत्सव
Bihar Pension Scheme: मुजफ्फरपुर में 4.55 लाख पेंशनधारियों के खातों में 54 करोड़ रुपये सीधे हस्तांतरित किए गए, जिसे 'पेंशन उत्सव' के रूप में मनाया गया। इस पहल से वृद्धजनों, विधवाओं और दिव्यांगजनों में उत्साह है।
अमेरिका को चुभता BRICS, भारत के लिए कितना फायदेमंद?
12 तारीख से दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन शुरू होने जा रहा है। जिसमें शामिल होने के लिए रूस, चीन समेत दुनिया के कई देशों के राष्ट्र प्रमुख यहां पर आ रहे हैं। लेकिन समिट शुरू होने से पहले ब्रिक्स समिट को लेकर पी चिदंबरम ने कहा कि हालिया बैठकों से कोई बड़ा नतीजा नहीं निकला। बीजेपी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि जरा 1947 से लेकर के 2014 तक का हिसाब भी देख लीजिए। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने के लिए भारत आ रहे हैं और 7 साल के बाद यह शी जिनपिंग का भारत दौरा होगा। इसे भी पढ़ें: BRICS Summit में दिखेगी India Story की झलक, Bihar के सत्तू से Odisha की कॉफी तक MEA की खास पहल 7 साल बाद जिनपिंग का भारत आना क्या पुराने विवादों को खत्म कर देगा, सुलझा देगा? शी जिनपिंग का यह दौरा भारत और चीन के रिश्तों में आई तल्खी के बाद काफी अहम माना जा रहा है। 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था। इसके बाद सीमा पर सैन्य तैनाती के साथ-साथ दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों में भी खिंचाव देखने को मिला। अगर 12 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक होती है, तो गलवान की घटना के बाद दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने द्विपक्षीय बातचीत होगी। इसके अलावा शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत आएंगे। 2020 के सीमा विवाद के बाद यह उनका पहला भारत दौरा होगा। डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए ब्रिक्स समिट में क्या कोई बड़ा फैसला लिया जाएगा? भारत इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में सम्मेलन की मेजबानी भारत की जिम्मेदारी है। यही वजह है कि वाशिंगटन की नजर भी दिल्ली पर टिकी हुई है। इसमें डर की बात है कि दिल्ली में ईरान की एंट्री और क्या यही अमेरिका की बेचैनी बढ़ा रही है। दरअसल दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाली जो ब्रिक्स समिट है पूरी दुनिया की नजर जरूर है। लेकिन सबसे ज्यादा नजर अगर किसी की है तो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की। वजह साफ है ब्रिक्स का बढ़ता दायरा, डॉलर से दूरी की कोशिश और भारत की मेजबानी में रूस, चीन और ईरान जैसे देशों का एक मंच पर आना। इसे भी पढ़ें: BRICS Summit के लिए छावनी बनी New Delhi, 15000 जवानों और Multi-layer Security के साथ अभेद्य सुरक्षा घेरा ईरान की मौजूदगी क्या अमेरिका की टेंशन को बढ़ा रही है? हालांकि उसमें करीब 11 देश हैं। लेकिन ये जो तीन चार नाम है भारत को छोड़कर रूस, चीन, ईरान यहीं पर तो फंसी है ट्रंप की जान। ट्रंप पहले ही ब्रिक्स को लेकर कई बार नाराजगी जता चुके हैं। 100% तक टेरिफ की धमकी दे चुके हैं। दिल्ली में इस बार मंच पर ग्लोबल साउथ की बड़ी उभरती इकॉनमीज़ एक साथ होंगी। भारत इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। 12 13 सितंबर को नई दिल्ली में सम्मेलन की मेजबानी भी वो करेगा और यही वजह है कि वाशिंगटन की नजर भी दिल्ली पर टिकी हुई है। ब्रिक्स अब सिर्फ ब्राजील, रशिया, इंडिया, चाइना और साउथ अफ्रीका तक सीमित नहीं है। ईरान समेत कई देश इसका एक हिस्सा बन चुके हैं। यानी एक ऐसा मंच जिसकी आर्थिक और राजनीतिक पहुंच लगातार बढ़ती जा रही है, स्प्रेड हो रही है। विस्तार उसका हो रहा है। यही विस्तार अमेरिका के लिए चिंता का कारण है। खासकर इसलिए भी क्योंकि ब्रिक्स के भीतर कुछ देश दुनिया को मौजूदा आर्थिक व्यवस्था जो है तो कुछ देश ऐसे हैं जो उसमें व्यवस्था में बदलाव की बात करते हैं।
जब मुगल बादशाह भी दीवाने हो गए! पढ़िए बिहार के मनेर लड्डू और 52 परतों वाले खाजे की कहानी
Bihar Famous Sweets:बिहार की मिठाइयां सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि यहां की संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग हैं।आइए जानते हैं बिहार की उन प्रमुख मिठाइयों के बारे में, जिन्होंने अपनी प्रामाणिकता और अनूठे जायके के दम पर सरहदों के पार भी अपनी विशेष पहचान बनाई है।
BRICS Summit में दिखेगी India Story की झलक, Bihar के सत्तू से Odisha की कॉफी तक MEA की खास पहल
इस वीकेंड राजधानी में होने वाले 18वें ब्रिक्स समिट में भारत की विविध सांस्कृतिक और खान-पान की परंपराओं की कुछ झलकियाँ भी देखने को मिलेंगी। इनमें बिहार का पारंपरिक सत्तू, ओडिशा के कोरापुट की पहाड़ियों में उगाई जाने वाली कॉफी और गुजरात की बेहतरीन हस्तकलाएँ शामिल हैं। 12-13 सितंबर को होने वाले इस समिट के लिए भारत और दुनिया भर से पत्रकार राजधानी में जुट रहे हैं। उन्हें दी गई ब्रिक्स मीडिया किट में सिर्फ़ जानकारी ही नहीं, बल्कि देश की अलग-अलग परंपराओं, स्थानीय उत्पादों और कारीगरों के हुनर की झलक भी दिखाई गई है। यह विदेश मंत्रालय (MEA) की एक पहल है, जिसका मकसद अलग-अलग राज्यों के उत्पादों के ज़रिए अंतरराष्ट्रीय मीडिया के सामने भारत की एक झलक पेश करना है। इसे भी पढ़ें: BRICS Summit के लिए Delhi Police ने कसी कमर, सुरक्षा में तैनात होंगे 15000 जवान मीडिया किट और समिट की तैयारियों के पीछे के विचार के बारे में ANI से बात करते हुए, MEA में PR के OSD वासुदेव रवि ने कहा कि इस पहल का मकसद भारत की विविधता को दिखाना और जिसे उन्होंने इंडिया स्टोरी कहा, उसे बताना था। रवि ने कहा, यह हमारे लिए 'इंडिया स्टोरी' को दिखाने और मीडिया में अपने साथियों के साथ-साथ इंटरनेशनल प्रेस से जुड़ने वाले लोगों के सामने भारत के अलग-अलग पहलुओं को उजागर करने का एक मौका है। इसलिए, हमने तीन राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम किया है और हमारी कोशिश पारंपरिक खाने-पीने की चीज़ों को दिखाने की रही है। बहुत सोच-समझकर चुने गए इन प्रोडक्ट्स में देश के अलग-अलग हिस्सों की चीज़ें शामिल हैं - जैसे बिहार का सत्तू और मखाना, ओडिशा की कोरापुट कॉफ़ी और गुजरात की हैंडीक्राफ्ट्स (हाथ से बनी चीज़ें)। इन चीज़ों ने मीडिया किट को भारत की क्षेत्रीय पहचान दिखाने वाले एक छोटे से शोकेस में बदल दिया है। बिहार सरकार के हमारे साथियों ने पारंपरिक ड्रिंक 'सत्तू' और बिहार की बहुत मशहूर उपज 'मखाना' उपलब्ध कराया है। हमने कोरापुट की कॉफ़ी दिखाने के लिए ओडिशा सरकार के साथ साझेदारी की है और गुजरात सरकार के साथ भी मिलकर काम किया है, जिसने राज्य में मौजूद हुनर और हैंडीक्राफ्ट्स को दिखाने के लिए कई तरह की हाथ से बनी चीज़ें उपलब्ध कराई हैं। हमारी कोशिश भारत को दिखाने और 'इंडिया स्टोरी' को बताने की है।
गांव के गांव डूबे, लाखों लोग बेघर... बिहार में बाढ़ से बिगड़े हालात
अब बात बाढ़ की. जिसने बिहार में भारी तबाही मचा रखी है. नदियों का पानी बस्तियों में घुस गया है. लोग घरों को छोड़ने के लिए मजबूर हो गए हैं. बाढ़ से हालात पूरी तरह बिगड़ गए हैं और लाखों लोग बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं. देखें ये रिपोर्ट.

