अररिया के पलासी प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय मलद्वार के छात्र सुमित कुमार यादव ने बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने 485 अंक (97 प्रतिशत) प्राप्त कर पूरे बिहार में छठा स्थान हासिल किया है। एक साधारण ग्रामीण परिवार से आने वाले सुमित की इस उपलब्धि ने पूरे अररिया और पलासी प्रखंड में खुशी का माहौल बना दिया है। उनके पिता कृष्ण कुमार यादव दिल्ली-पंजाब में मजदूरी करते हैं, जबकि मां किरण देवी गृहिणी हैं। प्रतिदिन 10 घंटे की पढ़ाई, गांव में उत्सव को माहौल दो भाइयों में सुमित ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से यह साबित किया है कि संसाधनों की कमी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती। सुमित ने बताया कि उन्होंने प्रतिदिन 10 घंटे की नियमित और अनुशासित पढ़ाई की। उन्होंने अपनी इस शानदार सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, सम्मानित शिक्षकों और गुरु महाराज की कृपा को दिया। सुमित की सफलता की खबर फैलते ही मलद्वार गांव में उत्सव जैसा माहौल बन गया। सैकड़ों लोग उनके घर पहुंचकर बधाई दे रहे हैं और मिठाई बांट रहे हैं। ग्रेजुएशन के बाद यूपीएससी की तैयारी करूंगा सुमित ने अपनी आगे की पढ़ाई की योजना भी साझा की। उन्होंने बताया, “मैं इंटर में गणित विषय से पढ़ाई करूंगा, उसके बाद ग्रेजुएशन पूरा करके यूपीएससी की तैयारी करूंगा। मेरा सपना देश की सिविल सेवाओं में जाकर राष्ट्र की सेवा करना है।” पिता बोले-गुरु महाराज की कृपा, बेटे की मेहनत पिता कृष्ण कुमार यादव ने खुशी जताते हुए कहा, बेटे की 10 घंटे की मेहनत का नतीजा है। गुरु महाराज की कृपा से यह सफलता मिली है। यह उपलब्धि उन हजारों ग्रामीण छात्रों को प्रेरित करेगी जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। सुमित कुमार यादव की कहानी एक बार फिर साबित करती है कि कठिन परिश्रम, लगन और दृढ़ संकल्प ही सफलता की असली कुंजी है। अररिया जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से भी सुमित को बधाई के संदेश आने शुरू हो गए हैं। पूरे क्षेत्र में उनकी सफलता को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।
बिहार में हॉकी के भविष्य को लेकर चल रही कानूनी उठापटक के बीच खिलाड़ियों के लिए राहत भरी खबर आई है। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आगामी नेशनल चैंपियनशिप में बिहार की टीम की भागीदारी का रास्ता साफ कर दिया है। न्यायालय के आदेश के बाद अब हॉकी बिहार के बजाय 'बिहार राज्य खेल प्राधिकरण' (BSSA) राज्य की टीमों का चयन और संचालन करेगा। यह निर्णय हॉकी बिहार के निबंधन (रजिस्ट्रेशन) के रद्द होने और उससे जुड़ी कानूनी जटिलताओं को देखते हुए खिलाड़ियों के हितों की रक्षा के लिए लिया गया है। दरअसल, 25 फरवरी 2026 को बिहार सरकार के मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने अनिवार्य नियमों के उल्लंघन के कारण हॉकी बिहार के निबंधन को रद्द कर दिया था। निबंधन रद्द होने के बाद तकनीकी रूप से यह संस्था किसी भी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में टीम भेजने के लिए पात्र नहीं रह गई थी। हॉकी इंडिया ने साकेत कोर्ट में दलील दी थी कि उनकी नियमावली के अनुसार केवल एक पंजीकृत संस्था ही स्थायी सदस्यता बनाए रख सकती है और चूंकि हॉकी बिहार अब एक वैध पंजीकृत इकाई नहीं है, इसलिए वह राज्य का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकती। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण टीम चुनने की जिम्मेदारी न्यायालय में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश अतुल अहलावत ने खिलाड़ियों के भविष्य पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकप्रिय धारणा के विपरीत हॉकी भारत का आधिकारिक राष्ट्रीय खेल नहीं है, फिर भी यह देश के सबसे गौरवशाली और प्रतिष्ठित खेलों में से एक है। जिसने ओलंपिक और विश्व स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। अदालत ने कहा कि प्रशासनिक और कानूनी लड़ाइयों की सजा उन युवा खिलाड़ियों को नहीं मिलनी चाहिए जो देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना देख रहे हैं। इसी भावना को देखते हुए अदालत ने दोनों पक्षों की सहमति से बिहार राज्य खेल प्राधिकरण को इन प्रतियोगिताओं के लिए टीम चुनने की जिम्मेदारी सौंपी है। बिहार के खिलाड़ी बिना किसी बाधा के खेल सकेंगे अदालती आदेश के तुरंत बाद, हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह सीईओ रवींद्रन संकरण को पत्र लिखकर इस संबंध में आधिकारिक अनुरोध भी कर दिया है। इस फैसले का सीधा असर अप्रैल में होने वाली दो बड़ी प्रतियोगिताओं पर पड़ेगा। इसमें रांची में आयोजित होने वाली 16वीं सब जूनियर महिला नेशनल चैंपियनशिप और बिहार के राजगीर में होने वाली 16वीं सब जूनियर पुरुष नेशनल चैंपियनशिप शामिल है। अब इन दोनों महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों में बिहार के खिलाड़ी बिना किसी बाधा के खेल सकेंगे। कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी सख्त निर्देश दिया है कि चयन प्रक्रिया में किसी भी खिलाड़ी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। चाहे खिलाड़ी पहले हॉकी बिहार से जुड़ा रहा हो या नहीं, प्रत्येक योग्य एथलीट को समान अवसर मिलना अनिवार्य है।
Bihar School Examination Board ने आज मैट्रिक (10वीं) परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर घोषित किए गए इस परिणाम का लंबे समय से इंतजार कर रहे लाखों छात्रों को राहत मिली है। इस वर्ष कुल 81.79% छात्र सफल घोषित हुए हैं, जो ...
आज IPL में दूसरे दिन कोलकाता नाइट राइडर्स और मुंबई इंडियंस के बीच मुकाबला है। यह मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में शाम 7:00 बजे शुरू होगा। इन दोनों टीम में बिहार के चार खिलाड़ी शामिल हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम में सांसद पप्पू यादव के बेटे सार्थक रंजन, तेज गेंदबाज आकाशदीप और अनुकूल राय शामिल है। वहीं, मुंबई इंडियंस की टीम ने सुपौल के मोहम्मद इजहार को इस सीजन के ऑक्शन में खरीदा था। हालांकि, गंभीर चोट के कारण आकाशदीप इस सीजन के आईपीएल से बाहर हो गए हैं। इस कारण अब बिहार के सिर्फ तीन खिलाड़ी ही आज के आईपीएल मैच में खेलते हुए दिख सकते हैं। पीठ की चोट के कारण आकाशदीप नहीं खेल पाएंगे आईपीएल रोहतास के आकाशदीप पीठ की गंभीर चोट (लोअर बैक स्ट्रेस रिएक्शन) के कारण तेज गेंदबाज आईपीएल 2026 से बाहर हो गए हैं। वह कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए यह सीजन नहीं खेलेंगे। उनकी जगह सौरभ दुबे को शामिल किया गया है। आकाश दीप रिहैब के लिए बेंगलुरु में बीसीसीआई के 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' में रहेंगे। आकाशदीप को ठीक होने में काम से कम 8 से 12 सप्ताह तक लग सकता है। आज पप्पू यादव के बेटे आईपीएल में कर सकते डेब्यू पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के बेटे सार्थक रंजन आज चौके-छक्के लगाते हुए नजर आएंगे। आज वह आईपीएल में अपना डेब्यू कर सकते हैं। IPL ऑक्शन में सार्थक रंजन को KKR ने 30 लाख में खरीदा है। सार्थक दिल्ली के लिए रणजी खेलते हैं। वे एक ओपनिंग बैट्समैन हैं। दिल्ली प्रीमियर लीग में सार्थक रंजन ने 9 मैच में करीब 448 रन बना दिए थे। दिल्ली प्रीमियर लीग 2025 में नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स की तरफ से खेलने वाले सार्थक रंजन ने 58 गेंदों पर शतक लगाया था। इस पारी में उन्होंने 7 चौके और 7 छक्के मारे थे। उन्होंने 8 मुकाबलों में 49.86 की औसत के साथ 349 रन बनाए थे, जिसमें 14 छक्के और 37 चौके शामिल थे। ऑक्शन में नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स ने उन्हें 12 लाख रुपए से ज्यादा की रकम में खरीदा था। इस लीग में अपनी बल्लेबाजी से सार्थक ने सभी को प्रभावित किया है। तब से ही उनकी IPL में खेलने की चर्चा तेज थी। 2022 से KKR की टीम में शामिल अनुकूल रॉय अनुकूल रॉय 2018 से आईपीएल का हिस्सा रहे हैं। उन्हें 2018 में मुंबई इंडियंस ने खरीदा था और 2021 तक वह इसी फ्रेंचाइजी के साथ थे। बाद उन्हें कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने खरीद लिया और तब से वह उन्हीं के साथ हैं। रॉय 2018 से आईपीएल टीमों का हिस्सा रहे हैं, लेकिन आठ वर्षों में उन्होंने केवल 12 मैच खेले हैं, जिनमें से एक सीज़न में अधिकतम चार मैच- 2023 और 2024 दोनों में ही खेले हैं। अनुकुल रॉय 2018 में अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं। 2025-26 के सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में रॉय का प्रदर्शन बेहतरीन रहा। उन्होंने 18 विकेट लिए और 303 रन बनाए।इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। उन्होंने झारखंड क्रिकेट टीम को पहली बार खिताब जीताने में अहम भूमिका निभाई। उनके इस प्रदर्शन के बाद उम्मीद है कि इस साल वह टीम में खेलते हुए नजर आएंगे। मो. इजहार को मुंबई इंडियंस ने खरीदा था वहीं, मोहम्मद इजहार बाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं। मोहम्मद इजहार को मुंबई इंडियंस (MI) ने 30 लाख खर्च कर अपने दल में शामिल किया था। इजहार ने बिहार की टीम से सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भाग लिया था। वे IPL 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स के नेट गेंदबाज रह चुके हैं। 21 साल के मोहम्मद इजहार ने हाल ही में SMAT में छत्तीसगढ़ के खिलाफ डेब्यू करते हुए मध्य प्रदेश के खिलाफ 4 विकेट चटका दिए थे। वो सुपौल के छातापुर के ठुठी गांव के रहने वाले हैं। जम्मू-कश्मीर तथा महाराष्ट्र के खिलाफ भी उन्होंने दो-दो विकेट लिए थे। शुरुआत इजहार को परिवार ने क्रिकेट खेलने से मना किया जाता था। उन्हें पढ़ाई पर फोकस करने को कहा जाता था। मगर इजहार ने अपना पैशन नहीं छोड़ा और 2019-2020 में बिहार की सीनियर टीम में एंट्री कर ली।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) आज रविवार को मैट्रिक यानी 10वीं का रिजल्ट जारी करने जा रहा है। दोपहर 1:15 बजे परिणाम जारी किया जाएगा। बोर्ड ऑफिस में शिक्षा मंत्री सुनील कुमार रिजल्ट का ऐलान करेंगे। इस मौके पर बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर भी मौजूद रहेंगे। इस साल बिहार के करीब 15 लाख से ज्यादा छात्रों ने मैट्रिक परीक्षा में हिस्सा लिया था। वहीं पटना जिले के 75 हजार 850 परीक्षार्थियों ने 70 परीक्षा केंद्रों में मैट्रिक की परीक्षा दी है, जिनके रिजल्ट का इंतजार आज खत्म हो जाएगा। मैट्रिक की एग्जाम 17 फरवरी से 26 फरवरी के बीच प्रदेश के 1762 परीक्षा सेंटर्स पर हुई थी। स्टूडेंट इन वेबसाइट्स पर देख सकते हैं रिजल्ट रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र ऑनलाइन इन वेबसाइट्स पर अपना परिणाम देख सकेंगे। biharboardonline.bihar.gov.in results.biharboardonline.com bsebexam.com matricbiharboard.com SMS से भी देख सकेंगे रिजल्ट जिन छात्रों के पास इंटरनेट या स्मार्टफोन की सुविधा नहीं है, वे SMS के जरिए भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके लिए मोबाइल के मैसेजिंग ऐप में जाकर टाइप करें– BIHAR10 ROLLNUMBER (उदाहरण: BIHAR10 123456)। इसे 56263 नंबर पर भेज दें। कुछ ही समय में स्कोरकार्ड आपके मोबाइल पर आ जाएगा। बिहार में फिर रिकॉर्ड बनाने की तैयारी बिहार बोर्ड पिछले 7 सालों से देश में सबसे पहले इंटर और मैट्रिक का परिणाम जारी करने वाला बोर्ड बना हुआ है। इस बार बोर्ड 8वीं बार यह रिकॉर्ड दोहराने की तैयारी में है। पिछले साल का रिजल्ट साल 2025 में बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट 29 मार्च को जारी किया गया था। उस साल कुल 82.11 प्रतिशत छात्र पास हुए थे। टॉपर्स की सूची में साक्षी कुमारी, अंशु कुमारी और रंजन वर्मा ने 489 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया था। लड़कों का पास प्रतिशत 83.67% रहा था, जबकि लड़कियों का 80.67% रहा था। रिजल्ट से पहले टॉपर्स का वेरिफिकेशन हुआ रिजल्ट जारी होने से पहले बोर्ड ने टॉपर्स का वेरिफिकेशन किया। इसके लिए छात्रों को बोर्ड ऑफिस बुलाया गया। यहां विषय से जुड़े सवाल पूछे गए। साथ ही उनकी लिखावट का उत्तर पुस्तिका से मिलान और अंकों की जांच की गई। बार कोडिंग और OMR सिस्टम बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026 में किसी भी तरह की धांधली को रोकने के लिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने कॉपियों की बारकोडिंग की व्यवस्था लागू की थी। इसके साथ ही 50% ऑब्जेक्टिव सवालों के लिए ओएमआर (OMR) शीट का इस्तेमाल किया जाता है, जिसका मूल्यांकन मशीनों से होता है। यही वजह है कि रिजल्ट अब त्रुटिहीन और जल्दी आते हैं।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) आज रविवार को मैट्रिक यानी 10वीं का रिजल्ट जारी करने जा रहा है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार दोपहर करीब डेढ़ बजे पटना स्थित बिहार बोर्ड कार्यालय में आधिकारिक रूप से रिजल्ट घोषित करेंगे। इस मौके पर बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर भी मौजूद रहेंगे। पूर्णिया में 36,846 परीक्षार्थी 60 केंद्रों पर परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा 17 से 25 फरवरी तक चली थी। स्टूडेंट इन वेबसाइट्स पर देख सकते हैं रिजल्ट रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र ऑनलाइन इन वेबसाइट्स पर अपना परिणाम देख सकेंगे। biharboardonline.bihar.gov.in results.biharboardonline.com bsebexam.com matricbiharboard.com SMS से भी देख सकेंगे रिजल्ट जिन छात्रों के पास इंटरनेट या स्मार्टफोन की सुविधा नहीं है, वे SMS के जरिए भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके लिए मोबाइल के मैसेजिंग ऐप में जाकर टाइप करें– BIHAR10 ROLLNUMBER (उदाहरण: BIHAR10 123456)। इसे 56263 नंबर पर भेज दें। कुछ ही समय में स्कोरकार्ड आपके मोबाइल पर आ जाएगा।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) आज रविवार को मैट्रिक यानी 10वीं का रिजल्ट जारी करने जा रहा है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार दोपहर करीब डेढ़ बजे पटना स्थित बिहार बोर्ड कार्यालय में आधिकारिक रूप से रिजल्ट घोषित करेंगे। इस मौके पर बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर भी मौजूद रहेंगे। समस्तीपुर में 73,000 परीक्षार्थियों ने एग्जाम दिया था। इनमें 36,242 छात्र और 42,361 छात्राएं शामिल हुए थे। जिन्होंने 78 सेंटर पर परीक्षा दी थी। 17 फरवरी से 25 फरवरी तक परीक्षा चली थी। स्टूडेंट इन वेबसाइट्स पर देख सकते हैं रिजल्ट रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र ऑनलाइन इन वेबसाइट्स पर अपना परिणाम देख सकेंगे। biharboardonline.bihar.gov.in results.biharboardonline.com bsebexam.com matricbiharboard.com SMS से भी देख सकेंगे रिजल्ट जिन छात्रों के पास इंटरनेट या स्मार्टफोन की सुविधा नहीं है, वे SMS के जरिए भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके लिए मोबाइल के मैसेजिंग ऐप में जाकर टाइप करें– BIHAR10 ROLLNUMBER (उदाहरण: BIHAR10 123456)। इसे 56263 नंबर पर भेज दें। कुछ ही समय में स्कोरकार्ड आपके मोबाइल पर आ जाएगा।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) आज रविवार को मैट्रिक यानी 10वीं का रिजल्ट जारी करने जा रहा है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार दोपहर करीब डेढ़ बजे पटना स्थित बिहार बोर्ड कार्यालय में आधिकारिक रूप से रिजल्ट घोषित करेंगे। इस मौके पर बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर भी मौजूद रहेंगे। औरंगाबाद में कुल 47,026 परीक्षार्थियों ने एग्जाम दिया था। इनमें छात्राओं की संख्या अधिक रही। 22,676 छात्र और 24,350 छात्राओं ने परीक्षा दी, यानी छात्राओं की संख्या छात्रों से 1,674 ज्यादा रही। एग्जाम के लिए जिले में 48 सेंटर बनाए गए थे। स्टूडेंट इन वेबसाइट्स पर देख सकते हैं रिजल्ट रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र ऑनलाइन इन वेबसाइट्स पर अपना परिणाम देख सकेंगे। biharboardonline.bihar.gov.in results.biharboardonline.com bsebexam.com matricbiharboard.com SMS से भी देख सकेंगे रिजल्ट जिन छात्रों के पास इंटरनेट या स्मार्टफोन की सुविधा नहीं है, वे SMS के जरिए भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके लिए मोबाइल के मैसेजिंग ऐप में जाकर टाइप करें– BIHAR10 ROLLNUMBER (उदाहरण: BIHAR10 123456)। इसे 56263 नंबर पर भेज दें। कुछ ही समय में स्कोरकार्ड आपके मोबाइल पर आ जाएगा।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) आज रविवार को मैट्रिक यानी 10वीं का रिजल्ट जारी करने जा रहा है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार दोपहर करीब डेढ़ बजे पटना स्थित बिहार बोर्ड कार्यालय में आधिकारिक रूप से रिजल्ट घोषित करेंगे। इस मौके पर बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर भी मौजूद रहेंगे। भागलपुर में 44,740 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी। करीब 3000 से अधिक परीक्षार्थी किसी कारण एग्जाम नहीं दे पाए थे। जिले में कुल 61 एग्जाम सेंटर बनाए गए थे। स्टूडेंट इन वेबसाइट्स पर देख सकते हैं रिजल्ट रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र ऑनलाइन इन वेबसाइट्स पर अपना परिणाम देख सकेंगे। biharboardonline.bihar.gov.in results.biharboardonline.com bsebexam.com matricbiharboard.com SMS से भी देख सकेंगे रिजल्ट जिन छात्रों के पास इंटरनेट या स्मार्टफोन की सुविधा नहीं है, वे SMS के जरिए भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके लिए मोबाइल के मैसेजिंग ऐप में जाकर टाइप करें– BIHAR10 ROLLNUMBER (उदाहरण: BIHAR10 123456)। इसे 56263 नंबर पर भेज दें। कुछ ही समय में स्कोरकार्ड आपके मोबाइल पर आ जाएगा।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) आज रविवार को मैट्रिक यानी 10वीं का रिजल्ट जारी करने जा रहा है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार दोपहर करीब डेढ़ बजे पटना स्थित बिहार बोर्ड कार्यालय में आधिकारिक रूप से रिजल्ट घोषित करेंगे। इस मौके पर बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर भी मौजूद रहेंगे। दरभंगा में कुल 61,770 परीक्षार्थियों ने एग्जाम दिया था। जिनमें छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक रही। 29,062 छात्र और 32,708 छात्राएं शामिल हुए हैं। जिन्होंने 63 सेंटर पर एग्जाम दिया था। स्टूडेंट इन वेबसाइट्स पर देख सकते हैं रिजल्ट रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र ऑनलाइन इन वेबसाइट्स पर अपना परिणाम देख सकेंगे। biharboardonline.bihar.gov.in results.biharboardonline.com bsebexam.com matricbiharboard.com SMS से भी देख सकेंगे रिजल्ट जिन छात्रों के पास इंटरनेट या स्मार्टफोन की सुविधा नहीं है, वे SMS के जरिए भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके लिए मोबाइल के मैसेजिंग ऐप में जाकर टाइप करें– BIHAR10 ROLLNUMBER (उदाहरण: BIHAR10 123456)। इसे 56263 नंबर पर भेज दें। कुछ ही समय में स्कोरकार्ड आपके मोबाइल पर आ जाएगा।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) आज रविवार को मैट्रिक यानी 10वीं का रिजल्ट जारी करने जा रहा है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार दोपहर करीब डेढ़ बजे पटना स्थित बिहार बोर्ड कार्यालय में आधिकारिक रूप से रिजल्ट घोषित करेंगे। इस मौके पर बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर भी मौजूद रहेंगे। गयाजी में 79,574 परीक्षार्थियों ने एग्जाम दिया था। इनमें 40 हजार 310 छात्र और 39 हजार 262 छात्राएं शामिल रहीं। परीक्षा 17 फरवरी से लेकर 26 फरवरी तक हुई थी। परीक्षा से पहले जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में था। जिला परिषद सभागार में दंडाधिकारियों और केंद्राधीक्षकों की ब्रीफिंग की गई थी। सभी को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि परीक्षा शांतिपूर्ण होनी चाहिए। इसके लिए हर केंद्र पर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी। पुलिस बल भी तैनात किए गए थे। परीक्षा के दौरान कई केंद्रों पर औचक निरीक्षण भी किया गया था। अधिकारियों ने कहा था कि नकल या गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं होगी। इसका असर भी दिखा। अधिकांश केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। स्टूडेंट इन वेबसाइट्स पर देख सकते हैं रिजल्ट रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र ऑनलाइन इन वेबसाइट्स पर अपना परिणाम देख सकेंगे। biharboardonline.bihar.gov.in results.biharboardonline.com bsebexam.com matricbiharboard.com SMS से भी देख सकेंगे रिजल्ट जिन छात्रों के पास इंटरनेट या स्मार्टफोन की सुविधा नहीं है, वे SMS के जरिए भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके लिए मोबाइल के मैसेजिंग ऐप में जाकर टाइप करें– BIHAR10 ROLLNUMBER (उदाहरण: BIHAR10 123456)। इसे 56263 नंबर पर भेज दें। कुछ ही समय में स्कोरकार्ड आपके मोबाइल पर आ जाएगा।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) आज रविवार को मैट्रिक यानी 10वीं का रिजल्ट जारी करने जा रहा है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार दोपहर करीब डेढ़ बजे पटना स्थित बिहार बोर्ड कार्यालय में आधिकारिक रूप से रिजल्ट घोषित करेंगे। इस मौके पर बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर भी मौजूद रहेंगे। बेगूसराय जिले के 46,430 छात्र-छात्राओं के लिए आज का दिन बेहद अहम है। उन्हें रिजल्ट का इंतजार है, जो जल्द ही खत्म होगा। कुल 46430 परीक्षार्थियों में छात्राओं की संख्या 25296 और छात्रों की संख्या 21134 है। जिले में मैट्रिक की परीक्षा 17 फरवरी से 25 फरवरी तक आयोजित की गई थी। पूरे जिले में 43 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। रिजल्ट जारी होने से पहले बिहार बोर्ड ने संभावित टॉपर्स का फिजिकल वेरिफिकेशन कर लिया है। स्टूडेंट इन वेबसाइट्स पर देख सकते हैं रिजल्ट रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र ऑनलाइन इन वेबसाइट्स पर अपना परिणाम देख सकेंगे। biharboardonline.bihar.gov.in results.biharboardonline.com bsebexam.com matricbiharboard.com SMS से भी देख सकेंगे रिजल्ट जिन छात्रों के पास इंटरनेट या स्मार्टफोन की सुविधा नहीं है, वे SMS के जरिए भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके लिए मोबाइल के मैसेजिंग ऐप में जाकर टाइप करें– BIHAR10 ROLLNUMBER (उदाहरण: BIHAR10 123456)। इसे 56263 नंबर पर भेज दें। कुछ ही समय में स्कोरकार्ड आपके मोबाइल पर आ जाएगा।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) आज रविवार को मैट्रिक यानी 10वीं का रिजल्ट जारी करने जा रहा है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार दोपहर करीब डेढ़ बजे पटना स्थित बिहार बोर्ड कार्यालय में आधिकारिक रूप से रिजल्ट घोषित करेंगे। इस मौके पर बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर भी मौजूद रहेंगे। मुजफ्फरपुर जिले से कुल 78,156 से अधिक परीक्षार्थी मैट्रिक परीक्षा में शामिल हुए थे। इनमें छात्राओं की संख्या 41,626 रही, जो छात्रों (36,530) से अधिक है। जिले में कुल 82 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जिनमें 45 केंद्रों पर छात्राएं और 37 केंद्रों पर छात्र परीक्षा में शामिल हुए। स्टूडेंट इन वेबसाइट्स पर देख सकते हैं रिजल्ट रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र ऑनलाइन इन वेबसाइट्स पर अपना परिणाम देख सकेंगे। biharboardonline.bihar.gov.in results.biharboardonline.com bsebexam.com matricbiharboard.com SMS से भी देख सकेंगे रिजल्ट जिन छात्रों के पास इंटरनेट या स्मार्टफोन की सुविधा नहीं है, वे SMS के जरिए भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके लिए मोबाइल के मैसेजिंग ऐप में जाकर टाइप करें– BIHAR10 ROLLNUMBER (उदाहरण: BIHAR10 123456)। इसे 56263 नंबर पर भेज दें। कुछ ही समय में स्कोरकार्ड आपके मोबाइल पर आ जाएगा।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) आज रविवार को मैट्रिक यानी 10वीं का रिजल्ट जारी करने जा रहा है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार दोपहर करीब डेढ़ बजे पटना स्थित बिहार बोर्ड कार्यालय में आधिकारिक रूप से रिजल्ट घोषित करेंगे। इस मौके पर बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर भी मौजूद रहेंगे। मैट्रिक परीक्षा में जिले से कुल 46,263 परीक्षार्थी शामिल हुए थए। इनमें 23,494 छात्र और 22,769 छात्राएं शामिल थे। पिछले साल की तुलना में इस बार 1,936 अधिक परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा संपन्न होने के बाद से ही सभी को रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार था, जो अब खत्म होने जा रहा है। जिले के विभिन्न स्कूलों और कोचिंग संस्थानों में भी परिणाम को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट और अन्य अधिकृत माध्यमों से अपना परिणाम देख सकेंगे। स्टूडेंट इन वेबसाइट्स पर देख सकते हैं रिजल्ट रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र ऑनलाइन इन वेबसाइट्स पर अपना परिणाम देख सकेंगे। biharboardonline.bihar.gov.in results.biharboardonline.com bsebexam.com matricbiharboard.com SMS से भी देख सकेंगे रिजल्ट जिन छात्रों के पास इंटरनेट या स्मार्टफोन की सुविधा नहीं है, वे SMS के जरिए भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके लिए मोबाइल के मैसेजिंग ऐप में जाकर टाइप करें– BIHAR10 ROLLNUMBER (उदाहरण: BIHAR10 123456)। इसे 56263 नंबर पर भेज दें। कुछ ही समय में स्कोरकार्ड आपके मोबाइल पर आ जाएगा।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने आज मैट्रिक यानी 10वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बोर्ड ऑफिस से रिजल्ट जारी किया। इस बार 12 लाथ 35 हजार 743 छात्र सफल हुए है यानी 81.79 परसेंट छात्र पास हुए है। स्टेट टॉपर में दो छात्राएं हैं। जमुई, सिमुलतला की पुष्पांजलि कुमारी, और वैशाली की समरीन प्रवीण ने टॉप किया है। दोनों ने 500 में 492 नंबर लाए हैं। छात्राओं का रिजल्ट प्रतिशत छात्रों से बेहतर है। ये 8वीं बार है, जब बिहार बोर्ड ने देश में सबसे पहले रिजल्ट जारी किया है। इस साल करीब 15 लाख से ज्यादा छात्रों ने मैट्रिक परीक्षा में हिस्सा लिया था, जिनके रिजल्ट का इंतजार आज खत्म हो जाएगा। मैट्रिक की एग्जाम 17 फरवरी से 26 फरवरी के बीच 1762 परीक्षा सेंटर्स पर हुई थी। स्टूडेंट इन वेबसाइट्स पर देख सकते हैं रिजल्ट रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र ऑनलाइन इन वेबसाइट्स पर अपना परिणाम देख सकेंगे। SMS से भी देख सकेंगे रिजल्ट जिन छात्रों के पास इंटरनेट या स्मार्टफोन की सुविधा नहीं है, वे SMS के जरिए भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके लिए मोबाइल के मैसेजिंग ऐप में जाकर टाइप करें– BIHAR10 ROLLNUMBER (उदाहरण: BIHAR10 123456)। इसे 56263 नंबर पर भेज दें। कुछ ही समय में स्कोरकार्ड आपके मोबाइल पर आ जाएगा। बिहार में फिर रिकॉर्ड बनाने की तैयारी बिहार बोर्ड पिछले 7 सालों से देश में सबसे पहले इंटर और मैट्रिक का परिणाम जारी करने वाला बोर्ड बना हुआ है। इस बार बोर्ड 8वीं बार यह रिकॉर्ड दोहराने की तैयारी में है। पिछले साल का रिजल्ट साल 2025 में बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट 29 मार्च को जारी किया गया था। उस साल कुल 82.11 प्रतिशत छात्र पास हुए थे। टॉपर्स की सूची में साक्षी कुमारी, अंशु कुमारी और रंजन वर्मा ने 489 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया था। लड़कों का पास प्रतिशत 83.67% रहा था, जबकि लड़कियों का 80.67% रहा था। 2025 में बढ़ई की बेटी बनी थी टॉपर पिछले साल का रिजल्ट काफी दिलचस्प रहा था। जहां एक ही रैंक पर तीन जिलों के छात्रों ने कब्जा जमाया था। 2025 में समस्तीपुर की साक्षी कुमारी ने 500 में से 489 नंबर लाकर टॉप किया था। साक्षी के पिता बढ़ई का काम करते हैं, मां गृहिणी है। उनके साथ-साथ अंशु कुमारी और रंजन वर्मा ने 489 अंक हासिल किए थे। ये दोनों प. चंपारण और भोजपुर के रहनेवाले हैं। वहीं बक्सर, जमुई और मुंगेर के छात्रों ने दूसरी रैंक पर अपनी धाक जमाई थी। जबकि बांका, रोहतास, अररिया और जमुई के स्टूडेंट्स तीसरी रैंक पर थे। रिजल्ट से पहले टॉपर्स का वेरिफिकेशन हुआ रिजल्ट जारी होने से पहले बोर्ड ने टॉपर्स का वेरिफिकेशन किया। इसके लिए छात्रों को बोर्ड ऑफिस बुलाया गया। यहां विषय से जुड़े सवाल पूछे गए। साथ ही उनकी लिखावट का उत्तर पुस्तिका से मिलान और अंकों की जांच की गई। बार कोडिंग और OMR सिस्टम बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026 में किसी भी तरह की धांधली को रोकने के लिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने कॉपियों की बारकोडिंग की व्यवस्था लागू की थी। इसके साथ ही 50% ऑब्जेक्टिव सवालों के लिए ओएमआर (OMR) शीट का इस्तेमाल किया जाता है, जिसका मूल्यांकन मशीनों से होता है। यही वजह है कि रिजल्ट अब त्रुटिहीन और जल्दी आते हैं।
कोडरमा थाना क्षेत्र अंतर्गत रांची-पटना मुख्य मार्ग पर स्थित कोडरमा घाटी के नौवां माइल के समीप शनिवार देर रात भीषण सड़क हादसा हुआ। एक अनियंत्रित हाईवा ने एक साथ तीन कारों को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में दो कारों में सवार लगभग एक दर्जन लोग घायल हो गए। बताया जाता है कि सभी वाहन अपने-अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे, तभी विपरीत दिशा से आ रही तेज रफ्तार हाईवा अचानक नियंत्रण खो बैठी। अपनी लेन से हटकर सामने से आ रही कारों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कारों के परखच्चे उड़ गए। कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बिहार से रांची और रजरप्पा जा रहे थे यात्री घायल कार चालक चंदन कुमार ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ बिहार से रांची जा रहे थे। उनके पीछे चल रही दूसरी कार में सवार लोग रामगढ़ स्थित छिन्नमस्तिका मंदिर, रजरप्पा में पूजा करने जा रहे थे। नौवां माइल के पास अचानक सामने से तेज रफ्तार हाईवा उनकी लेन में आ गई।देखते ही देखते तीनों कारों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। इस दुर्घटना में करीब 10 लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि दो अन्य को हल्की चोटें आई हैं। हादसे के तुरंत बाद हाईवा चालक वाहन लेकर फरार हो गया, जिससे लोगों में आक्रोश देखा गया। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को पहुंचाया गया अस्पताल घटना के बाद स्थानीय लोगों और मौके पर मौजूद पीसीआर पुलिस जवानों ने तत्परता दिखाते हुए एंबुलेंस बुलाकर सभी घायलों को सदर अस्पताल कोडरमा पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। घायलों में नालंदा (बिहार) निवासी श्वेता कुमारी, शिवंति देवी, अदिति राज, रामशंकर पासवान, प्रिंस कुमार, संजय पासवान, अभिराज कुमार, आराध्या कुमारी, जनक देवी और चंदन कुमार शामिल हैं। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। फरार हाईवा चालक की तलाश की जा रही है। ---------------------------------------इसे भी पढ़ें...कोडरमा में संदिग्ध हालत में मिला शव:दोनों कान और नाक से निकल रहा था खून, परिजनों का आरोप- हत्या की साजिश कोडरमा जिले के जयनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत डंडाडीह के समीप शनिवार देर शाम 55 वर्षीय व्यक्ति का शव संदिग्ध स्थिति में बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान लोहाडंडा निवासी केदार यादव (पिता बनारस यादव) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, गांव में मवेशियों को चराने की जिम्मेदारी बारी-बारी से ग्रामीणों को दी जाती है और शनिवार को यह जिम्मेदारी केदार यादव के हिस्से में थी। बताया गया कि शाम को मवेशी चराकर लौटने के दौरान वह एक मजदूर को उसके घर छोड़ने के लिए अपनी बाइक से डंडाडीह की ओर गए थे। इसी दौरान यह घटना घटित हुई है। पूरी खबर यहां पढ़ें...
बिहार में IAS अफसरों की कमी दूर होने जा रही है। अप्रैल में नए अधिकारी मिलने वाले हैं। इससे काम के दबाव से दबे अफसरों को राहत मिलेगी। सरकार के काम तेजी से निपटाए जाएंगे। राज्य को 2025 बैच के 11 युवा IAS (ट्रेनी) अफसर मिलने वाले हैं। इनमें बिहार के 4, राजस्थान के 2, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के 1-1 हैं। इन्होंने 2025 में UPSC की परीक्षा पास की थी। फिलहाल सभी अफसरों को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में ट्रेनिंग दी रही है। दैनिक भास्कर की स्पेशल रिपोर्ट में जानिए, बिहार आने वाले आईएएस अधिकारी कौन हैं? कहां के हैं? कौन से अधिकारी आ रहे हैं बिहार? 1.आईएएस राज कृष्ण झा- 2025 बैच के IAS अधिकारी राज कृष्ण झा ने बीटेक की पढ़ाई की है। वह बिहार के सीतामढ़ी जिले के रहने वाले हैं। 31 जुलाई 2057 को रिटायर होंगे। 2. आईएएस सौरभ सिन्हा- 2025 बैच के आईएएस अधिकारी सौरभ सिन्हा मूल रूप से झारखंड के दुमका जिले के हैं। 31 मार्च 2057 को रिटायर होंगे। 3. आईएएस फरखंदा कुरैशी- 2025 बैच की IAS अधिकारी फरखंदा कुरैशी मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले की हैं। फरखंदा ने अपने जिले की पहली मुस्लिम महिला आईएएस (IAS) अधिकारी बनकर इतिहास रचा था। 31 मार्च 2058 तक देश की सेवा करेंगी। फरखंदा ने भूगर्भ शास्त्र में ग्रेजुएशन के बाद 2019 से UPSC की तैयारी शुरू की थी। कोरोना महामारी से पहले दिल्ली में 6 महीने कोचिंग की। महामारी के दौरान घर लौट आईं और ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखा। रोज 8 घंटे पढ़ाई करती थीं। तीसरे प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंची। चौथे प्रयास में सफलता हासिल की। 4.आईएएस कुमुद मिश्रा- 2025 बैच की आईएएस कुमुद मिश्रा ने राजनीति शास्त्र की पढ़ाई की है। मूल रूप से बिहार के रोहतास की रहने वाली हैं। 31 जुलाई 2061 तक सेवाएं देंगी। कुमुद ने लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। उनका इंटरव्यू जनवरी में था। उन्हें बहुत ठंड होने के चलते घबराहट होने लगी थी। 30 मिनट तक चला इंटरव्यू काफी अच्छा रहा था। 5. आईएएस केतन शुक्ला- 2025 बैच के आईएएस अफसर केतन शुक्ला ने इंजीनियरिंग की है। उत्तराखंड के रहने वाले हैं। 30 नवंबर 2059 तक सेवा देंगे। 6. आईएएस कल्पना रावत- 2025 बैच की आईएएस अधिकारी कल्पना रावत राजनीति शास्त्र में ग्रेजुएट हैं। दिल्ली की हैं। कल्पना का विवाह बिहार के रोहतास में एसडीएम के पद पर तैनात सूर्य प्रताप सिंह से दिसंबर 2024 में हुआ था। सूर्य प्रताप 2021 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। 7. आईएएस निलेश गोयल- निलेश गोयल 2025 बैच के आईएएस अफसर हैं। राजस्थान के रहने वाले हैं। 30 सितंबर 2057 तक देश की सेवा करेंगे। 8. आईएएस प्रिंस राज- बिहार के रहने वाले प्रिंस राज 2025 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। बी टेक की पढ़ाई की है। 31 दिसंबर 2060 तक सेवा देंगे। 9. आईएएस अमित मीणा- राजस्थान के रहने वाले अमित मीणा 2025 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। बी टेक की पढ़ाई की है। 10. आईएएस दीपक कुमार- बिहार के रहने वाले दीपक कुमार 2025 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। 31 मार्च 2056 तक सेवा में रहेंगे। 11. आईएएस अंकुर त्रिपाठी- उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के रहने वाले अंकुर त्रिपाठी 2025 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उनकी पत्नी कृतिका मिश्रा बिहार कैडर की अधिकारी हैं। पत्नी के आधार पर इनका कैडर चेंज किया गया है। 17 अप्रैल को बिहार आएंगे नए IAS अधिकारी सभी 11 नए आईएएस अधिकारी बिहार सरकार को 17 अप्रैल को योगदान देंगे। राज्य सरकार इन्हें जिलों में भेजेगी। यहां वे डीएम के अंडर काम करेंगे। इनका काम ब्लॉक लेवल से लेकर कलेक्ट्रेट तक रहेगा। इस दौरान सभी आईएएस फाइल निपटाने, लोगों से मिलने, फाइल की भाषा समेत अन्य कामकाज समझेंगे। सहायक डीएम के बाद असिस्टेंट सेक्रेटरी के रूप में लेंगे ट्रेनिंग ये सभी 11 आईएएस अफसर जिले के सहायक जिलाधिकारी बनेंगे। जिलों में जिलाधिकारी के साथ रहकर उनसे काम करने के तरीके सीखेंगे। ब्लॉक में वे बीडीओ, सीओ, जबकि अनुमंडल में एसडीओ के काम की ट्रेनिंग लेंगे। इसके बाद दिल्ली में सेक्रेटरी के साथ रहेंगे। असिस्टेंट सेक्रेटरी के रूप में ट्रेनिंग लेंगे। अगले साल अप्रैल में एक बार फिर सभी आईएएस आगे की ट्रेनिंग के लिए लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी मसूरी भेजे जाएंगे। बिहार में तय है IAS के 359 पद बिहार में आईएएस अधिकारी के कुल सेंक्शन पोस्ट 359 हैं। कुल सेक्शन पोस्ट में से 29 आईएएस अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर गए हुए हैं। मौजूदा वक्त में 280 पदों पर ही अधिकारी तैनात हैं। इन 11 अफसरों को पोस्टिंग मिलने के बाद काम करने वाले अधिकारियों की संख्या 291 तक पहुंच जाएगी। ये IAS अधिकारी छोड़ना चाहते हैं बिहार बिहार में मुख्यमंत्री बदलने से पहले कई आईएएस अफसर राज्य छोड़ने की भी तैयारी कर रहे हैं। दिल्ली जाने की जुगाड़ बैठा रहे हैं। ये हैं.. 1- डॉ. बी राजेंद्र: 1995 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के एससीएस हैं। इसके अलावा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। सामान्य प्रशासन विभाग में 28 मार्च 2022 से तैनात हैं। इनके पास बिपार्ड डीजी, बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी और जन शिकायत सचिव जैसे अहम जिम्मेदारी भी है। बी राजेंद्र मूल रूप से तेलंगाना के हैं। केंद्र सरकार ने इन्हें सेक्रेटरी लेवल में इनपैनल किया है। पिछले महीने इनका इनपैनलमेंट हुआ है। लिहाजा, दिल्ली जाने की इच्छा रखते हैं। 2- डॉ. गोपाल सिंह: 2003 बैच के वन सेवा के अधिकारी हैं। मुख्यमंत्री के ओएसडी के रूप में लंबे समय से काम कर रहें हैं। इनके पास क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक और वन संरक्षक की जिम्मेदारी भी है। वह 26 नवंबर 2021 से इस पद पर तैनात हैं। बिहार सरकार ने इन्हें पिछले साल ही केंद्र सरकार की सेवा में जाने की अनुमति दी थी। 3. डॉ सफीना एन: बिहार कैडर की 1997 बैच की आईएएस अधिकारी सफीना मौजूदा वक्त में बिहार के मगध डिवीजन की कमिश्नर हैं। बिपार्ड गया के अपर महानिदेशक का एडिशनल चार्ज भी इनके पास है। वह कृषि में पीएचडी की डिग्रीधारी हैं। मूल रूप से केरल की रहने वाली हैं। मगध कमिश्नर के पद पर 13 अप्रैल 2025 से तैनात हैं। 4. गोपाल मीणा: 2007 बैच के आईएएस अधिकारी गोपाल मीणा मौजूदा वक्त में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव हैं। 31 मई 2025 से सचिव के पद पर तैनात हैं। सरकार ने इन्हें सामान्य प्रशासन विभाग के जांच आयुक्त का एडिशनल चार्ज सौंप रखा है। मूल रूप से राजस्थान के निवासी हैं। कम्प्यूटर साइंस से मास्टर डिग्री हासिल की है। 5. डॉ. प्रतिमा एस वर्मा: 2002 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। साइंस, टेक्नोलॉजी एंड टेक्निकल एजुकेशन विभाग की सचिव हैं। सरकार ने इन्हें दिल्ली निवास में भी तैनात कर रखा है। 31 अगस्त 2024 को इन्हें मौजूदा पद पर तैनात किया गया था। मूल रूप से कर्नाटक की हैं। मेडिसिन से एमबीबीएस हैं। अब जानिए, दिल्ली डेपुटेशन का फार्मूला क्या है? बिहार कैडर के 70 आईएएस ही दिल्ली डेप्यूट हो सकते हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के मुताबिक मौजूदा वक्त में बिहार कैडर के 30 आईएएस दिल्ली में हैं। दिल्ली गए आईएएस अधिकारियों को सामान्य तौर पर 5 साल का टर्म पूरा करने के बाद बिहार (अपने गृह कैडर) लौटना होता है। हालांकि, कई आईएएस अधिकारी केंद्र सरकार से तालमेल कर कई साल दिल्ली में बने रहते हैं। उप सचिव स्तर तक पहुंचने के बाद आईएएस अधिकारियों को दिल्ली जाना होता है। यदि इस स्तर में नहीं जाते हैं तो बाद में जाने के लिए हाई लेवल के जुगाड़ की जरूरत होती है। सेक्रेटरी लेवल में जुड़ने के बाद परिस्थितियां बदल जाती हैं।
बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की राज्य कार्यकारिणी के निर्णय के अनुसार 28 मार्च 2026 को नवादा समेत पूरे बिहार के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया
फतेहाबाद जिले में टोहाना पुलिस ने गोल्डी बराड़ के नाम पर व्यापारी से रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के हाई-प्रोफाइल मामले में तीसरे आरोपी को बिहार से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिहार के बेतिया जिले के पश्चिमी चंपारण स्थित जोकटिया निवासी जियाउल हक के रूप में हुई है। थाना शहर प्रभारी कुलदीप ने बताया कि शिकायतकर्ता अमित जैन, जो जैन गली निवासी हैं और जैन समाधि अस्पताल में मेडिकल शॉप चलाते हैं, ने पुलिस को शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि 27 सितंबर 2022 को उनके व्हाट्सएप पर एक विदेशी नंबर से लगातार मैसेज आए। 12 लाख रुपए की मांगी थी फिरौती संदेश भेजने वाले ने खुद को गोल्डी बराड़ (यूएसए) बताते हुए 12 लाख रुपए की मांग की थी। आरोपी ने धमकी दी थी कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो अगले दिन उन्हें जान से मार दिया जाएगा इस संबंध में थाना शहर में भारतीय दंड संहिता की धारा 387 और 506 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस इस मामले में पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। कोर्ट ने भेजा न्यायिक हिरासत में जेल तकनीकी जांच और साइबर सेल की मदद से इस नेटवर्क के तार बिहार से जुड़े पाए गए, जिसके बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी जियाउल हक को काबू किया। आरोपी को नियमानुसार गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
शिमला के सुन्नी क्षेत्र में बीते दिनों हुई हत्या मामले में शिमला पुलिस ने दूसरे मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी वारदात के बाद नेपाल भाग गया था, जिसे बिहार के पूर्वी चंपारण से पकड़ा गया। इस गिरफ्तारी के साथ, मामले में शामिल दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिकेश कुमार (31) के रूप में हुई है। वह बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के चकिया थाना क्षेत्र के देवी छपरा गांव का रहने वाला है। मामला थाना सुन्नी, जिला शिमला में तहत दर्ज किया गया था। सुन्नी में वारदात को अंजाम देने के बाद बिकेश कुमार नेपाल भाग गया था। शिमला जिला पुलिस की विशेष टीम ने लगातार प्रयास, तकनीकी विश्लेषण और विश्वसनीय मुखबिरों की सूचना के आधार पर नेपाल सीमा क्षेत्र में उसका पीछा किया। पुलिस ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को उसके पैतृक गांव देवी छपरा, जिला पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), बिहार से गिरफ्तार किया। आरोपी को आज चंपारण (बिहार) की कोर्ट में पेश किया जा रहा है। ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद उसे शिमला की अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा। मामले के हर पहलू पर जांच जारी है। जानिए क्या है पूरा मामला बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी चतुरी राम ने सुन्नी थाने में 15 मार्च को अपने बेटे राम प्रवेश की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनका बेटा बसंतपुर में किराए के कमरे में रहकर मकान निर्माण का काम करता था। होली के दिन से वह लापता था और उसका मोबाइल फोन बंद आ रहा था। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पिता ने थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने छानबीन शुरू की। जांच टीम ने लापता राम प्रवेश के साथ रहने वाले साथियों से पूछताछ की और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड खंगाले। तकनीकी माध्यमों से जुटाई गई जानकारी में पता चला कि लापता युवक का उसी काम में लगे अरुण नामक व्यक्ति से विवाद था। मकान का ठेका लिया था अरुण ने बसंतपुर में दौलत राम के मकान का ठेका लिया था और दोनों एक ही मकान में किराए पर रहते थे। होली के दिन देर रात उनके बीच झगड़ा हुआ था, जिसके बाद से युवक गायब था।पुलिस को संदेह हुआ कि अरुण ने अपने साथियों के साथ मिलकर युवक का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी है। इस आशंका के आधार पर पुलिस टीम ने बसंतपुर क्षेत्र में तलाश शुरू की। जल्द ही एक जगह से शव को खोदकर निकाला गया। शिनाख्त के बाद मामले की गंभीरता स्पष्ट हो गई। पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए शव को दफना दिया गया था।पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया गया। पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी अरुण कुमार को बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से दबोच लिया।
झाबुआ के थांदला रोड रेलवे स्टेशन के पास शनिवार सुबह रेलवे ट्रैक के किनारे एक युवक का शव बरामद हुआ। शुरुआती जांच और परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस यह संभावना जता रही है कि युवक की मौत किसी यात्री ट्रेन से गिरने के कारण हुई है। सूरत से बिहार जा रहा था युवक शनिवार सुबह पुलिस को थांदला रोड चौकी के पास ट्रैक पर शव होने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। तलाशी के दौरान मृतक की जेब से सूरत से बिहार की ओर जाने वाली यात्रा के टिकट मिले हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह ट्रेन के माध्यम से अपने गंतव्य की ओर जा रहा था। पुलिस ने शव का कराया पीएम पुलिस ने मृतक की पहचान बिहार निवासी मुन्ना पिता मलिक सहथालियां के रूप में की है। थांदला टीआई अशोक कनेश ने जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार को ही युवक के शव का पीएम करवाकर उसे मर्च्युरी में सुरक्षित रखवा दिया गया है। परिजनों के आने के बाद सौंपा जाएगा शव पुलिस ने इस घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दे दी है और उनके आने का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच में जुटी है ताकि यह पता चल सके कि यह हादसा किस समय और किन परिस्थितियों में हुआ।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा के चुनाव हो रहे हैं। 294 सीटों वाला यह राज्य भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के लिए बड़ी चुनौती है। यहां 50 से ज्यादा ऐसी सीटें हैं, जहां हिंदी भाषा बोलने वाले जीत-हार में बड़ी भूमिका निभाते हैं। यहां, बिहार, UP, झारखंड जैसे हिंदी भाषी राज्यों से आकर बसे लोगों की संख्या अधिक है। इन सीटों को जीतने के लिए भाजपा ने बिहार के करीब 150 नेताओं को तैनात किया है। दूसरी ओर ममता बनर्जी ने भी इन इलाकों में बिहार के नेताओं को अपनी पार्टी से सांसद बनाकर बिहारी अस्मिता का कार्ड चला है। लड़ाई बंगाल में विधानसभा चुनाव की है, लेकिन मुकाबाल बिहार वर्सेज बिहार का है। भाजपा और टीएमसी बिहार के लोगों और हिंदी भाषियों को लुभाने की हर कोशिश कर रही है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में पढ़िए ममता बनर्जी की पार्टी TMC ने बिहार से आए लोगों को लुभाने के लिए क्या किया है? बिहार के किन नेताओं को आगे बढ़ाकर हिंदी भाषी समाज को अपने साथ लाने की कोशिश की है? भाजपा किस प्लान से चल रही है? पहले समझिए, हिंदी भाषियों का वोट पाने को भाजपा ने क्या किया? कोलकाता, आसनसोल और बर्धमान जैसे हिंदी भाषियों की अच्छी संख्या वाले क्षेत्रों में चुनाव प्रचार के लिए भाजपा ने बिहार के विधायक, मंत्री समेत करीब 150 नेताओं को तैनात किया है। इन नेताओं के साथ चुनाव अभियान की कमान बिहार सरकार के मंत्री मंगल पांडेय संभाल रहे हैं। उनके साथ लगभग 12 विधायक, 12 से ज्यादा प्रदेश संगठन स्तर के नेता और युवा मोर्चा के 50 पदाधिकारी व मंडल अध्यक्ष हैं। इनका काम हिंदी भाषी लोगों को पार्टी से जोड़ना है। चुनाव प्रचार में दो प्रमुख चेहरे हैं, 1- नितिन नवीन, 2- मंगल पांडेय। नितिन नवीन: नितिन नवीन कायस्थ जाति से हैं। बंगाल में कायस्थ 3% से ज्यादा हैं। इस जाति के लोग हार-जीत में बड़ी भूमिका निभाते हैं। पश्चिम बंगाल में 37 साल कायस्थ मुख्यमंत्री (कांग्रेस के विधानचंद्र राय 14 साल और CPM के ज्योति बसु 23 साल) रहे हैं। मंगल पांडेय: भाजपा के बंगाल प्रभारी हैं। ब्राह्मण हैं। इसकी कोशिश बंगाल के सवर्ण वोट बैंक को भाजपा की ओर लाने के साथ ही हिंदी भाषी लोगों को भाजपा का वोटर बनाने की है। अब जानिए, भाजपा को जवाब देने के लिए ममता बनर्जी ने क्या किया?विधानसभा चुनाव में भाजपा द्वारा हिंदी भाषी लोगों को लुभाने की कोशिश की जानी थी। इसमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जो बिहार से आए हैं। इसे देखते हुए ममता बनर्जी ने लोकसभा चुनाव 2024 से पहले से ही तैयारी शुरू कर दी थी। उन्होंने बिहार के दो नेता शत्रुघ्न सिन्हा और कीर्ति आजाद को आगे बढ़ाया। अपनी पार्टी के टिकट दिए। दोनों चुनाव लड़े और जीतकर सांसद बने। अब इन पर बिहारियों के वोट टीएमसी की तरफ लाने की जिम्मेदारी है। शत्रुघ्न सिन्हा: कायस्थ जाति से आने वाले शत्रुघ्न सिन्हा पश्चिम बर्धमान के आसनसोल से सांसद हैं। यह इलाका झारखंड की सीमा के पास है। यहां की 50 फीसदी आबादी हिंदी भाषी है। ये लोग मूल रूप से बिहार और झारखंड के हैं। आसनसोल लोकसभा में 7 विधान सभा सीटें पांडबेश्वर, रानीगंज, जमुरिया, आसनसोल दक्षिण, आसनसोल उत्तर, कुल्टी और बाराबनी हैं। आसनसोल, कोलकाता के बाद दूसरा सबसे बड़ा और घनी आबादी वाला इलाका है। यह अपने कोयला खदानों, रेलवे जंक्शन और लोहा- इस्पात केंद्रित उद्योग के लिए प्रसिद्ध है। कीर्ति आजाद: ब्राह्मण जाति से आने वाले कीर्ति आजाद बर्धमान-दुर्गापुर से सांसद हैं। इस लोकसभा क्षेत्र में 7 विधानसभा क्षेत्र (दुर्गापुर पश्चिम, दुर्गापुर पूर्वी, गलसी, बर्धमान उत्तर, बर्धमान दक्षिण, मंतेश्वर भातार और मानगोविंद) आते हैं। कीर्ति आजाद दरभंगा से बीजेपी के सांसद रह चुके हैं। वे कांग्रेस में भी रहे हैं। अब जानिए बंगाल में बिहारियों की ताकत–करीब 12 लाख बिहारी रहते हैं 2011 की जनगणना के अनुसार बंगाल में 63 लाख से ज्यादा लोग हिंदी बोलते हैं। यहां करीब 12 लाख लोग बिहार से हैं। कोलकाता में बड़ी संख्या में हिंदी भाषी रहते हैं। इसके अलावा हावड़ा, हुगली और उत्तर 24 परगना में भी इनकी आबादी अच्छी-खासी है। बिहार के लोग यहां के जूट मिल और दूसरी कारखाने में काम करने आए और बस गए। उत्तर बंगाल में बिहार के किशनगंज, कटिहार और अररिया जिले के काफी लोग व्यापार करते हैं। उत्तर बंगाल, दक्षिण बंगाल और पश्चिम बंगाल में बंगाल को बांट कर देखें तो उत्तर बंगाल में सिलीगुड़ी, दार्जिलिंग, कूच बिहार और मालदा हैं। दक्षिण में आसनसोल, दुर्गापुर, रानीपुर जैसे कोयलांचल का इलाका है, जो धनबाद के पास तक है। पश्चिम के इलाके में मेदनीपुर, खड़गपुर, कोलकाता और उत्तर 24 परगना के इलाके हैं। इन इलाकों में हिंदी भाषी जीत और हार में अहम भूमिका निभाते हैं। 20 सीटों पर किंगमेकर हैं हिंदी भाषी बंगाल में हिन्दुस्तानी (मतलब बाहरी) 35 से 40 सीटों पर जीत-हार तय करने की भूमिका में हैं। इनमें से 15-20 सीटों पर तो किंगमेकर हैं। हिंदी भाषियों के प्रभाव वाले इलाकों में औद्योगिक और बॉर्डर के पास के क्षेत्र हैं। इनमें आसनसोल व दुर्गापुर के रानीगंज, कुल्टी और बर्नपुर के इलाके हैं। कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में गार्डनरीच, ममोटियाब्रुज, बेहाला, मानिकतल्ला जैसे इलाके हैं। उत्तर 24 परगना में बरानगर, दमदम, बैरकपुर के इलाके हैं। हावड़ा- गुगली इंडस्ट्रियल इलाकों में हावड़ा के अलावा कई विधानसभा सीट पर हिन्दुस्तानियों का प्रभाव है। ममता बनर्जी ने बिहारियों को रिझा रहीं बंगाल में बंगाली बनाम बाहरी मुद्दा अहम है। इसके बावजूद ममता बनर्जी बिहारियों को रिझाने में लगी हैं। लंबे समय तक बंगाल में पत्रकारिता करने वाले वरिष्ठ पत्रकार ओम प्रकाश अश्क कहते हैं, ‘ममता बनर्जी ने बिहारियों को प्रभावित करने के लिए संस्कृत विश्वविद्यालय बनवाया। छठ जैसे महापर्व को प्रमोट करने लगी हैं, लेकिन चुनाव में बंगाली बनाम बाहरी का कार्ड खेलती हैं। बहिरागत कहकर वह बंगाली अस्मिता जगाने की कोशिश करती रही हैं।’ बिहारियों को मौका दे रही भाजपा, मिल सकता है लाभ बंगाल चुनाव को बिहारी किस तरह से प्रभावित कर सकते हैं? इस सवाल पर ओम प्रकाश अश्क ने कहा, ‘ममता बनर्जी बिहारियों को प्रमोट करें तो बाजी मार सकती हैं, लेकिन उनको बंगाली और मुसलमानों को भी खुश रखना है। दूसरी तरफ इस बार बीजेपी बिहारियों को खासा मौका दे रही है। इसका लाभ भाजपा को मिल सकता है। बंगाल में बिहारियों से ली जाती है रंगदारी बंगाल में दो तरह का तबका है, एक बंगाली और दूसरा बिहारी। बिहारी में बिहार से आए लोगों के साथ ही झारखंड, उत्तर प्रदेश और दूसरे राज्यों से लोग भी शामिल हैं। यहां इन सभी को बिहारी या हिंदुस्तानी कहकर बुलाया जाता है। पत्रकार ओम प्रकाश अश्क कहते हैं, ‘हिंदी भाषी तबके का बड़ा वर्ग लोभ व भय से सत्ता से चिपका रहता है, लेकिन हिंदी भाषियों की बड़ी आबादी सत्ता विरोधी रही है।’ उन्होंने कहा, ‘हिंदी भाषियों या बिहारियों को अभी भी यहां घर बनाने, फ्लैट खरीदने, सीमेंट, बालू खरीदने तक में तोलाबाजी यानी रंगदारी देनी पड़ती है। लेफ्ट की सरकार थी तब दूध भी लेफ्ट के लोगों से लेने का दबाव हिंदी भाषियों पर रहता था। अभी टीएमसी के ग्रामीण सिपाहियों का काफी दबाव हिंदी भाषियों पर रहता है।’ बिहार के ये नेता भी बंगाल में लड़ रहे चुनाव शत्रुघ्न सिंहा, कीर्ति आजाद के अलावा बिहार के कई और नेता हैं जो बंगाल की राजनीति में धाक रखते हैं। जैसे- संतोष पाठक: बक्सर के संतोष पाठक पहले कांग्रेस में थे, अब बीजेपी ज्वाइन किया है। वह चुनाव लड़ सकते हैं। अर्जुन सिंह: उत्तर 24 परगना में एक्टिव अर्जुन सिंह आरा के रहने वाले हैं। बंगाल के बैरखपुर क्षेत्र में एक्टिव हैं। इनकी राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से हुई। बाद में टीएमसी में आए। 2014 से बीजेपी के साथ हैं। एक बार सांसद भी चुने गए। इस बार विधानसभा चुनाव बीजेपी से लड़ने की तैयारी में हैं। राजेश सिंह: बिहार के सारण के रहने वाले गोपाल सिंह उत्तर 24 परगना से कांग्रेस विधायक चुने जाते थे। उनके निधन के बाद उनके बेटे राजेश सिंह टीएमसी से जुड़कर राजनीति कर रहे हैं। कोलकाता से काउंसलर हैं। संतोष पाठक: कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए हैं। उन्हें पार्टी टिकट दे सकती है। रितेश तिवारी: भाजपा नेता है। टिकट की कोशिश में जुटे हैं।अर्जुन सिंह: भाजपा नेता है। टिकट पाने की कोशिश कर रहे हैं।
सोनीपत के गढ़ी सराय नामदाखां गांव से तीन वर्षीय मासूम बच्ची के अपहरण का मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। परिजनों की शिकायत पर तुरंत सक्रिय हुई पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर न केवल बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया, बल्कि आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी बच्ची का रिश्ते में मौसा लगता है, जिसने पारिवारिक रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस की मुस्तैदी और तकनीकी जांच के चलते बच्ची को दिल्ली के मयूर विहार क्षेत्र से सुरक्षित छुड़ाया गया। सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस एसीपी राहुल देव ने बताया कि कंट्रोल रूम में सूचना मिली थी कि गोहाना के गढ़ी सराय नामदाखां गांव से एक तीन वर्षीय बच्ची लापता हो गई है। शुरुआती सूचना में बताया गया कि एक व्यक्ति बच्ची को अपने साथ ले गया है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी। सीसीटीवी और पूछताछ से हुआ किडनैपिंग का खुलासा परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कोर्ट परिसर से संबंधित व्यक्ति को ट्रेस किया और चौकी प्रभारी द्वारा उससे पूछताछ की गई। साथ ही आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। जांच के दौरान स्पष्ट हुआ कि बच्ची का अपहरण किया गया है, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी। पुलिस ने आरोपी का दिल्ली तक पीछा किया पुलिस टीम ने आरोपी का पीछा करते हुए दिल्ली तक दबिश दी। आखिरकार मयूर विहार इलाके से बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया गया। इसके बाद बच्ची का मेडिकल करवाकर उसे परिजनों के हवाले कर दिया गया, जिससे परिवार ने राहत की सांस ली। आरोपी रिश्ते में मौसा, बिहार ले जाने की थी योजना पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी शशि, जो बिहार के मुजफ्फरपुर के फुलवरिया गांव का रहने वाला है, रिश्ते में बच्ची का मौसा लगता है। आरोपी बच्ची को बिहार ले जाने की फिराक में था, लेकिन रात के समय ट्रेन नहीं मिलने के कारण वह अगले दिन सुबह निकलने की योजना बना रहा था। पारिवारिक विवाद बना अपहरण की वजह प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का अपने साढ़ू के साथ विवाद चल रहा था। दो-तीन दिन पहले भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। इसी रंजिश के चलते आरोपी ने बच्ची का अपहरण कर लिया। फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस को चार घंटे देरी से सूचना मिली एसीपी राहुल देव ने बताया कि पुलिस को इस घटना की सूचना करीब 4 घंटे देरी से मिली थी। इसके बावजूद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तेजी से कार्रवाई की और आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की। आरोपी को रिमांड पर लिया जाएगा एसीपी ने चौकी प्रभारी और अन्य पुलिस कर्मचारियों के कार्य की सराहना की है और कहा कि पुलिस की सर्तकता ने ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि मामले की गहराई से जांच की जा सके।
दिल्ली, यूपी, बिहार समेत 24 राज्यों में आंधी-तूफान का कहर, IMD ने जारी किया अलर्ट
Weather Forecast: मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली समेत देशभर के 24 राज्यों में आंधी-बारिश की चेतावनी जारी की है। IMD के अनुसार, इस दौरान 30 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मौसम का यह बदलाव 31 मार्च तक जारी रहेगा।
बिहार में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। आज राज्य के 38 जिलों में आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इनमें 12 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट, जबकि 26 जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में 60 किमी/घंटा तक की रफ्तार से तेज हवा चलने, गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, बाकी 26 जिलों में मौसम खराब रहने, हल्की से मध्यम बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 27 और 28 मार्च को प्री-मानसून गतिविधियों का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है। मौसम ऐसा क्यों बना हुआ है मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बिहार में इस बदलाव के पीछे कई अहम कारण हैं। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी वाली हवाएं राज्य के ऊपर सक्रिय हो गई हैं। साथ ही पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव भी बना हुआ है, जिससे वातावरण में अस्थिरता बढ़ी है। दिन में तापमान बढ़ने और रात में ठंडी हवाओं के कारण वातावरण में ऊष्मा और नमी का टकराव हो रहा है। यही टकराव बादलों के तेजी से विकास, मेघगर्जन और आंधी-तूफान को जन्म दे रहा है। इसके अलावा हवा की दिशा में लगातार बदलाव और दबाव क्षेत्र बनने से तेज हवाओं और ओलावृष्टि की स्थिति बन रही है। पटना में छाए रहेंगे बादल पटना में भी अगले दो दिनों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में तेज हवा चल सकती है। 27 मार्च को खासकर दोपहर बाद गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। हवा की गति 30 से 40 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। 28 मार्च को भी मौसम अस्थिर बना रहेगा। हल्की से मध्यम बारिश, बिजली गिरने और तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की गई है। तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलेगी।
सुपौल के इंडो-नेपाल बॉर्डर स्थित भीमनगर चेकपोस्ट पर मध निषेध विभाग ने नियमित जांच अभियान के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए शराब के नशे में पांच लोगों को अरेस्ट किया है। सभी गिरफ्तार आरोपी सरकारी स्कूल के शिक्षक हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सभी आरोपी मुख्यमंत्री बिहार दर्शन योजना के तहत स्कूली छात्रों के परिभ्रमण दल के साथ नेपाल गए थे। वापस लौटने के दौरान भीमनगर चेकपोस्ट पर तैनात मध निषेध विभाग की टीम ने संदेह के आधार पर उन्हें रोका। ब्रेथ एनालाइजर से जांच करने पर सभी के शराब के नशे में होने की पुष्टि हुई। देखें, मौके से आई PHOTOS… सिलसिलेवार पढ़ें, पूरा मामला… मधेपुरा और खगड़िया में शिक्षक के पद पर कार्यरत गिरफ्तार लोगों की पहचान मधेपुरा के सिंहेश्वर थाना क्षेत्र निवासी सिवंश कुमार उर्फ शक्ति शामन, बेलारी थाना क्षेत्र के परिहारी निवासी दीपनारायण राम, घैलाढ़ थाना क्षेत्र के रतनपुरा निवासी इंग्लिश कुमार, गम्हरिया थाना क्षेत्र के दुलार निवासी मिठू कुमार तथा खगड़िया के बेलदौर थाना क्षेत्र के बहुअरवा निवासी धीरेन्द्र कुमार के रूप में हुई है। इनमें से दीपनारायण राम, इंग्लिश कुमार और धीरेन्द्र कुमार मधेपुरा जिले के कुमारखंड प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, परिहारी में शिक्षक के पद पर कार्यरत बताए जा रहे हैं। ऐतिहासिक स्थलों का किया दौरा, शराब का सेवन सूत्रों के मुताबिक, शिक्षक छात्रों को शैक्षणिक भ्रमण पर नेपाल के विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों का दौरा कराने ले गए थे। आरोप है कि इसी दौरान उन्होंने शराब का सेवन किया और वापसी के समय चेकपोस्ट पर पकड़े गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि जिन शिक्षकों पर बच्चों के भविष्य निर्माण की जिम्मेदारी होती है, उनका ऐसा आचरण न केवल अनुचित बल्कि चिंताजनक भी है। इंस्पेक्टर बोले- शिक्षा विभाग को भी सूचना दे दी गई मध निषेध विभाग के इंस्पेक्टर संजय प्रियदर्शी ने बताया कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है, जिसके तहत शराब का सेवन, खरीद-बिक्री और परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार सभी आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय भेज दिया गया है। साथ ही मामले की सूचना संबंधित शिक्षा विभाग को भी दे दी गई है। डीएम बोले- रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी कार्रवाई इधर, सुपौल के डीएम सावन कुमार ने कहा कि गिरफ्तार शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित जिले को निलंबन की अनुशंसा भेजी जाएगी। वहीं, मधेपुरा के जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने बताया कि पूरे मामले की जांच जिला शिक्षा पदाधिकारी से कराई जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अररिया लोकसभा क्षेत्र के सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने बिहार सरकार के एक महत्वपूर्ण फैसले की सराहना की है। सरकार ने राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' का सामूहिक गायन सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। सांसद ने इस पहल को अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायक बताया है। सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि यह निर्णय न केवल विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करेगा, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति, गौरवशाली इतिहास और राष्ट्रीय मूल्यों से भी गहराई से जोड़ेगा। उन्होंने इस कदम को छात्रों के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। विद्यालय केवल किताबी ज्ञान देने का केंद्र नहीं'' अपने बयान में सांसद सिंह ने जोर देते हुए कहा, विद्यालय केवल किताबी ज्ञान देने का केंद्र नहीं हैं, बल्कि वे नैतिक, सांस्कृतिक और चारित्रिक मूल्यों का निर्माण करने वाली आधारशिला भी हैं। 'वंदे मातरम्' जैसे पवित्र राष्ट्रगीत का नियमित सामूहिक गायन विद्यार्थियों के मन में अनुशासन, एकता, देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना को और अधिक गहरा बनाएगा। उन्होंने आगे कहा कि बिहार सरकार का यह कदम दूरदर्शी है, जो आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रनिर्माण के प्रति जागरूक और समर्पित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सांसद ने बिहार सरकार का हृदय से स्वागत किया और इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए मुख्यमंत्री तथा पूरी सरकार का आभार व्यक्त किया। आजादी के बाद भी यह राष्ट्रप्रेम का प्रतीक बना बिहार सरकार का यह फैसला देशभक्ति को शिक्षा का अभिन्न अंग बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित 'वंदे मातरम्' राष्ट्रगीत स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लाखों देशभक्तों को प्रेरित करता रहा है और आजादी के बाद भी यह राष्ट्रप्रेम का प्रतीक बना हुआ है। सरकारी विद्यालयों में रोजाना सुबह की प्रार्थना सभा में इसका सामूहिक गायन सुनिश्चित करने से छात्रों का समग्र विकास होगा। इससे न सिर्फ अनुशासन बढ़ेगा, बल्कि बच्चे छोटी उम्र से ही देश की साझा संस्कृति और एकता की भावना से जुड़ेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कदम युवा पीढ़ी में सकारात्मक मूल्यों को मजबूत करते हैं और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने में सहायक सिद्ध होते हैं। भारतीय जनता पार्टी से अररिया का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसद प्रदीप कुमार सिंह लगातार शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं। उन्होंने इस पहल को बिहार की शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास करार दिया है।
गुरुग्राम जिले के बजघेड़ा थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने मामूली कहासुनी के बाद अपनी पत्नी की छोटे सिलेंडर से वार कर हत्या कर दी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 24 मार्च 2026 को सामने आई, जब साहिब कुंज चौमा फाटक स्थित एक मकान में एक महिला का शव मृत अवस्था में पड़ा मिला। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। क्राइम सीन और फिंगरप्रिंट टीमों को बुलाकर आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए। मकान मालिक ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया कि उन्होंने 20 मार्च को सुनील नामक युवक को किराए पर कमरा दिया था। ट आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार सुनील अपने जीजा जीवन के कहने पर वहां रहने आया था। 23 मार्च को जीवन कमरे पर आया था। अगले दिन, 24 मार्च को सुनील की पत्नी गुंजन का शव कमरे में खून से लथपथ हालत में मिला। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। जांच के दौरान, बजघेड़ा थाना पुलिस ने 26 मार्च को आरोपी पति सुनील (22) को गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया। सिर पर सिलेंडर से किया वार सुनील बिहार के समस्तीपुर जिले का निवासी है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सुनील और उसकी पत्नी गुंजन के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। 23 मार्च की रात भी दोनों के बीच कहासुनी हुई। इसी दौरान गुस्से में आकर सुनील ने सिलेंडर से सिर पर कई वार किए जिससे पत्नी गुंजन की मौत हो गई। पुलिस आरोपी सुनील से गहन पूछताछ कर रही है और मामले की आगे की जांच जारी है।
जालंधर के ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में एक पुरानी छत तोड़ने के दौरान हुए हादसे में चाचा-भतीजा की मौत हो गई। छत अचानक ढह गई, जिससे दोनों मलबे के नीचे दब गए और मौके पर ही दम तोड़ दिया। यह घटना तब हुई जब वे छत तोड़ने का काम कर रहे थे। मृतकों की पहचान 38 वर्षीय दिनेश साहनी और 33 वर्षीय राजा साहनी के रूप में हुई है। ये दोनों मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले के कमला भगवानपुर गांव के निवासी थे और वर्तमान में बुलंदपुर में रह रहे थे। ठेकेदार और मकान मालिक की लापरवाही राजा साहनी की पत्नी प्रमिला देवी ने बताया कि उनके पति अपने चाचा ससुर के साथ ट्रांसपोर्ट नगर में ठेकेदार के लिए छत तोड़ने का काम करने गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह काम जेसीबी मशीन से किया जाना था, लेकिन इसे हाथों से करवाया जा रहा था। प्रमिला देवी के अनुसार, ठेकेदार और मकान मालिक की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ और दोनों की जान चली गई। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिविल भेजा हादसे के बाद प्रमिला देवी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। थाना-8 के जांच अधिकारी एएसआई गुरमेल सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवार के एक सदस्य के बयान के आधार पर ठेकेदार और मकान मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
5 मार्च 2026- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विधानसभा में राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल करने पहुंचे थे। इस दौरान जेडीयू के सभी दिग्गज नेता मौजूद थे। नामांकन के बाद एक संवैधानिक पद पर आसीन भाजपा के बड़े नेता ने विधानमंडल परिसर में एक नए स्ट्रक्चर के उद्घाटन का मुद्दा उनसे छेड़ा। इस पर मुख्यमंत्री ने जवाब दिया, “निश्चिंत रहिए, सब होगा। हम अभी एक महीना पांच दिन बिहार में हैं न जी।” नामांकन कार्यक्रम में शामिल एक सीनियर नेता ने यह जानकारी भास्कर को दी। अब अगर ‘एक महीना पांच दिन’ की अवधि जोड़ें, तो मुख्यमंत्री ने उसी दौरान 10 अप्रैल तक बिहार में रहने का संकेत दे दिया था। 9 अप्रैल को उन पांच राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है, जिनकी सीटों पर 16 मार्च को चुनाव हुआ था और नीतीश कुमार विजयी घोषित हुए थे। अब NDA सूत्रों की मानें तो 12 अप्रैल को नीतीश बिहार से दिल्ली का रुख कर सकते हैं। 13 अप्रैल को बतौर राज्यसभा सदस्य की सदस्यता लेने के बाद नीतीश बिहार लौटेंगे और 14-15 अप्रैल को इस्तीफा देंगे। इसी दिन NDA के विधानमंडल दल की बैठक के बाद बिहार के नए CM की घोषणा हो सकती है। हालांकि आधिकारिक तौर पर कोई नेता नई सरकार के गठन पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। अब NDA के दो बड़े नेता का बयान पढ़िए अमित शाह से मुलाकात के बाद BJP के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी- पहले राज्यसभा का विधिवत शपथ ग्रहण कार्यक्रम होगा। इसके बाद अगर नई परिस्थिति बनती है तो NDA के सभी बड़े नेता बैठकर आगे का फैसला लेंगे। तब तक नीतीश कुमार बिहार के CM हैं और वही CM बने रहेंगे। हाजीपुर में LJP (R) सुप्रीमो चिराग पासवान- मैं मुख्यमंत्री पद की दौड़ में नहीं हूं। कभी रहूंगा भी नहीं। मेरी इच्छा है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी का हो। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में मुख्यमंत्री पद को लेकर सब कुछ तय हो चुका है। जल्द ही बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की जाएगी। अब अगले एक सप्ताह तक CM का संभावित शेड्यूल जानिए 30 मार्च को 20 साल के सफर का होगा अंत नीतीश कुमार को हर हाल में 30 मार्च से पहले बिहार विधान परिषद से इस्तीफा देना होगा। पब्लिक रिप्रजेंटेटिव एक्ट 1951 के अनुच्छेद 101(2) के तहत प्रॉहिबिशन ऑफ साइमल्टेनियस मेंबरशिप 1950 के तहत हर हाल में 14 दिन के भीतर उन्हें एक सीट से इस्तीफा देना होगा। अगर वे विधान परिषद की सीट से इस्तीफा नहीं देते हैं तो उनकी राज्यसभा की जीती सीट खुद-ब-खुद खाली हो जाएगी। नीतीश कुमार 2006 में पहली बार विधान परिषद के सदस्य चुने गए थे। इसके बाद से 2026 तक 10 बार वे लगातार CM पद की शपथ ले चुके हैं, लेकिन CM रहते हुए कभी विधानसभा का चुनाव नहीं लड़े। वे विधान परिषद के रास्ते ही पॉलिटिक्स करते रहे। अब जब वे राज्यसभा सांसद निर्वाचित हो गए हैं तो 20 साल के उनके इस सफर का अंत हो जाएगा। नीतीश राज्यसभा चुनाव जीत चुके हैं। उनके बेटे निशांत कुमार भी पॉलिटिकल तौर पर एक्टिव हो गए हैं। दूसरी तरफ राज्यसभा का चुनाव जीतने के बाद भी CM लगातार अपने कार्यक्रमों में व्यस्त हैं। न तो जदयू की तरफ से और न ही बीजेपी की तरफ से पावर शिफ्टिंग पर किसी तरह का कोई बयान दिया जा रहा है। बिहार में पहली बार BJP राज की होगी शुरुआत NDA सूत्रों की मानें तो पहली बार बिहार में BJP का CM बनना तय है। नए CM का नाम भी अन्य राज्यों की तरफ पर्ची ही तय करेगा। NDA के विधायक दल की बैठक से पहले BJP दफ्तर में विधानमंडल दल के नेताओं की बैठक होगी। जिस दिन CM नीतीश कुमार इस्तीफा देंगे उसी दिन यह बैठक होगी। इसमें केंद्रीय पर्यवेक्षक सेंट्रल लीडरशिप के फैसले से राज्य के नेताओं को अवगत कराएंगे। सियासी गलियारों में CM पद के लिए कई नामों की चर्चा है। रेस में सबसे आगे सम्राट चौधरी का नाम है। इसके अलावा संजीव चौरसिया, नित्यानंद राय और मंगल पांडेय के नाम भी चल रहे हैं। हालांकि इन सब के बीच एक चर्चा इस बात की भी हो रही है कि पार्टी किसी नए EBC नेता पर भी दांव लगा सकती है। इसके लिए पार्टी के अलावा संघ से भी चर्चा की जा रही है। विधानसभा से मोदी की तरह ग्रैंड हो सकती है नीतीश की भी विदाई राज्य की सियासत से CM नीतीश कुमार की भी विदाई गुजरात के पूर्व CM और PM नरेंद्र मोदी की तरह हो सकती है। चर्चा है कि नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजने से पहले विधानसभा का स्पेशल सत्र आयोजित किया जा सकता है। इसमें उनका मोदी की तरह उनका भी आभार जताया जाएगा। इससे पहले बजट सत्र के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर नितिन नवीन का भी विधानसभा में अभिनंदन किया गया था। आधे घंटे के सत्र में विधानसभा के भीतर सभी दलों के नेताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित होने पर उन्हें बधाई दी थी। हालांकि विधानसभा के सूत्र फिलहाल इस पर कुछ भी बताने से बच रहे हैं। उन्होंने बताया कि ये सरकार का फैसला होता है। सरकार तय करती है कि विधानसभा सत्र कब और कितने दिन के लिए बुलाई जाएगी। कैबिनेट के फैसले के बाद विधानसभा को इसकी जानकारी दी जाती है। फिलहाल विधानसभा को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई है। नरेंद्र मोदी की विदाई कैसे हुई थी, जानिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 में पहली बार लोकसभा चुनाव जीते थे। उस समय वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे। चुनाव जीतने के बाद प्रधानमंत्री बनने वाले थे। गुजरात विधानसभा अध्यक्ष ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया। इसमें नरेंद्र मोदी ने सदन को संबोधित किया। विधायकों ने उनका आभार जताया। इसके बाद मोदी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया और दिल्ली गए। दिल्ली में उन्हें NDA के संसदीय दल का नेता चुना गया। कुछ इसी तरह नीतीश कुमार की विदाई भी हो सकती है।
शिवहर में बिहार दिवस पर कार्यक्रम आज, तैयारी पूरी
भास्कर न्यूज| शिवहर बिहार दिवस समारोह का आयोजन गुरुवार को कलेक्ट्रेट के मैदान में होगा। इसकी सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। गत 22 मार्च को बारिश के कारण होने वाले सभी निर्धारित कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था। जिसे आगे बढ़ाते हुए बिहार दिवस के सभी निर्धारित कार्यक्रम 26 मार्च, गुरुवार को आयोजित करने की घोषणा की गई थी। गुरुवार को होने वाले कार्यक्रम की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। गुरुवार को बिहार दिवस पर होने वाले समारोह में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जानकारी के अनुसार सुबह 8 बजे बागमती प्रमंडल कार्यालय से कलेक्ट्रेट मैदान तक प्रभातफेरी निकाली जाएगी। जबकि सुबह 10 बजे कलेक्ट्रेट के मैदान में मुख्य समारोह का डीएम उद्धाटन करेंगे। विभिन्न विभागों के लगे स्टॉलों का डीएम, एसपी सहित जनप्रतिनिधि व सभी वरीय अधिकारी अवलोकन करेंगे। कलेक्ट्रेट मैदान संध्या 5:30 बजे स्थानीय एवं बाहरी कलाकारों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।
शिमला जिले के सुन्नी थाना पुलिस ने बसंतपुर क्षेत्र में एक युवक की हत्या का मामला सुलझा लिया है। पुलिस ने जमीन खोदकर शव बरामद किया और मुख्य आरोपी को बिहार से गिरफ्तार किया। यह मामला युवक के लापता होने के 21 दिन बाद सुलझा है। बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी चतुरी राम ने सुन्नी थाने में अपने बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनका बेटा बसंतपुर में किराए के कमरे में रहकर मकान निर्माण का काम करता था। होली के दिन से वह लापता था और उसका मोबाइल फोन बंद आ रहा था। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पिता ने थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने छानबीन शुरू की। जांच टीम ने लापता युवक के साथ रहने वाले साथियों से पूछताछ की और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड खंगाले। तकनीकी माध्यमों से जुटाई गई जानकारी में पता चला कि लापता युवक का उसी काम में लगे अरुण नामक व्यक्ति से विवाद था। पुलिस ने संदेह के आधार पर तलाश शुरू की अरुण ने बसंतपुर में दौलत राम के मकान का ठेका लिया था और दोनों एक ही मकान में किराए पर रहते थे। होली के दिन देर रात उनके बीच झगड़ा हुआ था, जिसके बाद से युवक गायब था।पुलिस को संदेह हुआ कि अरुण ने अपने साथियों के साथ मिलकर युवक का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी है। इस आशंका के आधार पर पुलिस टीम ने बसंतपुर क्षेत्र में तलाश शुरू की। जल्द ही एक जगह से शव को खोदकर निकाला गया। शिनाख्त के बाद मामले की गंभीरता स्पष्ट हो गई। पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए शव को दफना दिया गया था।पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया गया। पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी अरुण कुमार को बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से दबोच लिया। अन्य आरोपियों की तलाश जारी आरोपी मूल रूप से पूर्वी चंपारण जिले के देवी छपरा गांव का निवासी है। होली वाली रात हुई हत्या के बाद वह लगभग तीन सप्ताह तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। अब उसके साथियों की तलाश जारी है। पुलिस ने इस मामले में भा.न.सं. की धारा 103, 140(1) व 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पूर्व योजना के तहत युवक का अपहरण किया, फिर हत्या कर शव को दफना दिया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मामले में कब क्या हुआ? 3-4 मार्च होली की रात विवाद, युवक लापता। 15 मार्च पिता ने थाना सुन्नी में गुमशुदगी दर्ज करवाई। 23 मार्च पुलिस ने बसंतपुर से शव खोदकर बरामद किया। 25 मार्च मुख्य आरोपी बिहार से गिरफ्तार (हत्या के 21 दिन बाद)।
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय कर्मचारी का धरना:कुलपति के खिलाफ नारेबाजी की, कहा- पूरी राशि का भुगतान हो
मुजफ्फरपुर में बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने कुलपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका आरोप है कि लंबे समय से उनकी जायज मांगों की अनदेखी की जा रही है, जिससे उनमें गहरा आक्रोश है। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों को सहायक, लेखापाल और उच्चवर्गीय लिपिक के पदों पर पदोन्नत करने और इसकी अधिसूचना जल्द जारी करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2022 से 2026 के बीच लंबित MACP (Modified Assured Career Progression) के निष्पादन, वेतन निर्धारण और भुगतान सुनिश्चित करने की भी मांग की गई। कर्मचारियों ने छठे और सातवें वेतनमान के बकाया अंतर की पूरी राशि का भुगतान करने की मांग की। उन्होंने दैनिक वेतनभोगी और संविदा पर कार्यरत कर्मियों को न्यूनतम वेतनमान के अनुसार भुगतान करने और उनकी सेवाओं को नियमित करने की भी अपील की। चुनाव कराने की भी मांग रखी धरना में शामिल कर्मियों ने व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में कार्यरत कर्मचारियों को समान काम के बदले समान वेतन देने और उच्च न्यायालय के निर्णय के आलोक में उनके नियमितीकरण की मांग की। उन्होंने विश्वविद्यालय के सीनेट में शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को प्रतिनिधित्व देने के लिए चुनाव कराने की भी मांग रखी। अन्य प्रमुख मांगों में अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के लिए अनुकंपा समिति की बैठक शीघ्र बुलाना, तृतीय वर्ग में प्रोन्नत चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों का वेतन निर्धारण करना, कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य बीमा/सामूहिक बीमा लागू करना और संघ कार्यालय के लिए कमरा आवंटित करना शामिल है। कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय स्तर पर गठित अलग-अलग समितियों में कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों को शामिल करने की भी मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
शेखपुरा में जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने विधानसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार के बाद कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। उन्होंने शहर के एक निजी सभागार में बैठक आयोजित कर हार के कारणों पर विस्तार से चर्चा की और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया। पार्टी के जिला प्रमुख प्रवक्ता इमाम शमी ने बताया कि प्रशांत किशोर ने पार्टी के विस्तार के लिए कई सुझाव दिए। उन्होंने पार्टी को मजबूत करने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिलों का कम से कम तीन बार दौरा करने का वादा भी किया। कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें… पार्टी के मुख्य कार्य अभी भी प्रासंगिक शमी ने यह भी बताया कि जन सुराज पार्टी के कार्यक्रम ऊपर से थोपे नहीं जाते हैं। पार्टी आम लोगों की भावनाओं और विचारों के अनुसार काम करती है, जिसमें जनता ही पार्टी को दिशा प्रदान करती है। प्रवक्ता के अनुसार, विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद जन सुराज के लिए लोगों के मन में सम्मान है। बिहार में बदलाव के लिए पार्टी के मुख्य कार्य अभी भी प्रासंगिक हैं और राज्य को इसकी आवश्यकता है। आगामी पंचायत चुनाव में पार्टी के भाग लेने या न लेने पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। यह फैसला भी आम लोगों की राय से ही लिया जाएगा। प्रशांत किशोर ने चुनावी हार का मुख्य कारण सरकार द्वारा चुनाव के दौरान महिलाओं को 10-10 हजार रुपये देना और बुजुर्ग, विधवा तथा दिव्यांगों की पेंशन बढ़ाना बताया। अधिक लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहामुख्य प्रवक्ता ने यह भी बताया कि जन सुराज का वर्तमान मुख्य कार्य संगठन का विस्तार करना है, जिसके तहत अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता, जिसमें शेखपुरा के लोग भी शामिल हैं, जन सुराज पार्टी के प्रति सम्मान रखती है। पार्टी लोगों के इस सम्मान और विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास करेगी। पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर के यहां पहुंचने पर एक निजी सभागार में कार्यकर्ताओं के साथ विचार मंत्रणा के पूर्व उनके गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूल माला से लाभ दिया और उनके सार गर्वित विचारों को ग्रहण कर उसे पर अमल करने का वादा किया। इस मौके पर पार्टी के जिला अध्यक्ष राजेश सिंह, गोपाल कुमार ,मो क्यूम, चंदन सिंह, मो इमाम राजी ,मो इमाम साफी, राजे सिंह ,कुंदन यादव सहित अन्य मौजूद थे।
बिहार में ट्यूबरक्लोसिस (टीबी) एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई है। राज्य देश के सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक है, जहां प्रतिवर्ष 2 से 2.2 लाख नए टीबी मरीज सामने आ रहे हैं। सरकार ने 2025 तक टीबी उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया है, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह लक्ष्य दूर प्रतीत होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, राज्य में टीबी के इलाज की सफलता दर 85-87 प्रतिशत है। हालांकि, 10-15 प्रतिशत मरीज बीच में ही दवा छोड़ देते हैं, जिससे बीमारी के दोबारा उभरने और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। टीबी की गंभीरता का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि केवल पटना में हर साल 10-12 हजार नए मरीज दर्ज होते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी झुग्गी-झोपड़ी वाले क्षेत्रों में कुपोषण, भीड़भाड़ और अस्वच्छ जीवनशैली टीबी फैलने के प्रमुख कारण हैं। टीबी नियंत्रण में एक बड़ी चुनौती निजी स्वास्थ्य सुविधाओं में इलाज कराने वाले मरीज हैं। कुल मरीजों का 30-35 प्रतिशत हिस्सा निजी क्षेत्र में इलाज कराता है, ये मरीज अक्सर सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होते। इससे वास्तविक मरीजों की संख्या अधिक होने की आशंका है। शोध के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में 90 प्रतिशत तक मरीज निजी स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर हैं। इसके अलावा, 15-20 प्रतिशत मरीजों में बीमारी की पहचान देर से होती है। तब तक संक्रमण कई अन्य व्यक्तियों में फैल चुका होता है, जिससे इलाज लंबा और महंगा हो जाता है, और मृत्यु का जोखिम भी बढ़ जाता है। टीबी मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि पिछले एक दशक में टीबी मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी गई है। साल 2016 में यह आंकड़ा 1.60 लाख था, जो 2024 तक बढ़कर 2.20 लाख हो गया है। कोविड-19 महामारी के वर्ष 2020 में मरीजों की संख्या में कुछ कमी (1.60 लाख) आई थी, लेकिन उसके बाद से इसमें फिर तेजी आई है। टीबी के मामलों में कमी न आने के प्रमुख कारणों में कुपोषण, गरीबी, भीड़भाड़ वाले इलाके, अधूरी दवा का सेवन (ट्रीटमेंट ड्रॉपआउट), निजी क्षेत्र द्वारा कमजोर रिपोर्टिंग और जागरूकता की कमी शामिल हैं। 2025 लक्ष्य क्यों अधूरा? भारत सरकार ने 2025 तक टीबी उन्मूलन का लक्ष्य रखा था लेकिन Bihar School of Honorary Studies नए केस अब भी बड़ी संख्या में, ड्रग-रेजिस्टेंट टीबी का खतरा, पहचान और इलाज में गैपविशेषज्ञ मानते हैं कि लक्ष्य अभी हासिल करना मुश्किल है। क्या करना होगा? (एक्सपर्ट सुझाव) - हर मरीज की समय पर पहचान- दवा का पूरा कोर्स सुनिश्चित- निजी अस्पतालों को सिस्टम से जोड़ना- पोषण और जागरूकता पर जोर जानिए क्या कहना है एक्सपर्ट्स का आईजीआईएमएस (माइक्रोबायोलॉजी विभाग) विभागाध्यक्ष डॉ. नम्रता कुमारी ने बताया यह गंभीर समस्या बन रही है। एक्सट्रा पल्मोनरी ट्यूबरक्लोसिस टीबी के बढ़ते मामलों के साथ ही साथ अब टीबी का स्वरूप भी तेजी से बदल रहा है। यह बीमारी केवल फेफड़ों तक सीमित नहीं रही, बल्कि शरीर के अन्य अंगों जैसे दिमाग, हड्डियों, लिम्फ नोड और पेट तक फैल रही है। साथ ही बच्चों में भी टीबी के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है, जहां लक्षण स्पष्ट नहीं होने के कारण पहचान में देरी होती है। हालांकि इसके पीछे एक वजह यह भी हो सकता है कि पहले सुविधाओं के अभाव में मरीजों की पहचान नहीं हो पाती थी, और अब इसकी पहचान हो पा रही है। हालांकि आज भी एक्स्ट्रा पल्मोनरी और पेडियाट्रिक टीबी के मरीज अक्सर गंभीर अवस्था में सामने आते हैं और उनका इलाज अधिक जटिल व लंबा हो जाता है। विश्व क्षय रोग दिवस पर आईजीआईएमएस में सीएमई, एक्स्ट्रा पल्मोनरी व बाल टीबी पर जोर विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर आईजीआईएमएस के सूक्ष्मजीव विभाग में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सोमवार एचएलएफपीपीटी शक्ति प्रोजेक्ट के सहयोग से टीबी बियॉन्ड द ऑब्वियस विषय पर सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) बिंदे कुमार, डीन प्रो. (डॉ.) ओम कुमार, चिकित्सा अधीक्षक प्रो.(डॉ.) मनीष मंडल विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) नम्रता कुमारी ने किया। विशेषज्ञों ने बताया कि टीबी अब केवल फेफड़ों तक सीमित नहीं रही, बल्कि शरीर के अन्य अंगों और बच्चों में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। एक्स्ट्रा पल्मोनरी और बाल टीबी की पहचान अधिक चुनौतीपूर्ण है, जिससे कई मरीज देर से सामने आते हैं। कार्यक्रम में राज्य टीबी पदाधिकारी सहित कई विशेषज्ञों ने भाग लिया और चिकित्सकों को आधुनिक जांच एवं उपचार पद्धति की जानकारी दी। बिहार में टीवी नियंत्रण की दिशा में काम जरूर हो रहा है, लेकिन कुपोषण, अधूरा इलाज और कमजोर ट्रैकिंग सिस्टम उन्मूलन बड़ी बाधा बनी हुई है। जब तक हर मरीज सिस्टम में नहीं आएगा और पूरा इलाज नहीं करेगा तब तक टीवी उन्मूलन का लक्ष्य अधूरा रहेगा।
सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के सात विद्यार्थियों का चयन बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से सहायक संग्रहालयाध्यक्ष पद पर हुआ है। कुल 10 चयनित अभ्यर्थियों में से 7 विद्यार्थी इसी विश्वविद्यालय के पुरातत्व एवं संग्रहालय विज्ञान स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम से सम्बद्ध रहे हैं। चयनित अभ्यर्थियों में शानु आनन्द (2017-2018), सुजीत कुमार तिवारी (2018-2019), अमित रंजन, सुधा सिंह (2020-2021), सुमन कुमारी (2018-2019), दिलीप कुमार (2009–2010) और विवेक शुक्ल (2020-2021) शामिल हैं। ये सभी विद्यार्थी विश्वविद्यालय के पुरातत्व एवं संग्रहालय विज्ञान स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम से अध्ययनरत रहे हैं कुछ वर्तमान में अध्ययन कर रहे हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने सभी चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा, कि यह सफलता विद्यार्थियों के सतत परिश्रम, अनुशासन एवं समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सम्पूर्ण विश्वविद्यालय परिवार के लिए अत्यंत गौरव का विषय है और अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगी। कुलपति ने आगे कहा कि विश्वविद्यालय सदैव अपने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुदृढ़ मार्गदर्शन एवं अनुकूल शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे वे विभिन्न प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। इस अवसर पर सामाजिक विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. शैलेश कुमार मिश्र, प्रो. जितेन्द्र कुमार, प्रो राजनाथ, प्रो अमित कुमार शुक्ल, डॉ विमल कुमार, अभियंता रामविजय सिंह आदि ने बधाई दी।
बिहार इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा 2026 का रिजल्ट सोमवार को जारी कर दिया गया है। इस बार 85.19% स्टूडेंट्स एग्जाम में पास हुए हैं। इसमें 84.09% छात्र और 86.23 छात्राएं सफल रही हैं। दरभंगा के 4 छात्र-छात्राओं ने टॉप सूची में जगह बनाई है। सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के सहनपुर निवासी सत्यम कुमार ने साइंस में 95.2 प्रतिशत (476 नंबर) लाकर बिहार में चौथा स्थान हासिल किया है। सत्यम कुमार मूल रूप से मुजफ्फरपुर जिले के लखनपुर गांव के रहने वाले हैं। कंप्यूटर इंजीनियर बनने का सपना है। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले सत्यम शुरू से ही मेधावी छात्र रहे हैं। उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। 20 मार्च को बोर्ड ने टॉपर्स वेरिफिकेशन के लिए पटना बुलाया था।सत्यम की इस सफलता पर पिता मुन्ना सरकार और माता गीता देवी काफ खुश है। विद्यालय परिवार और क्षेत्र के लोगों में गर्व का माहौल है। शिक्षकों ने उनके अनुशासन, लगन और निरंतर मेहनत की सराहना की है। IAS अफसर बनने का है सपना बहारदुरपुर प्रखंड की छात्रा निशु कुमारी ने आर्ट्स में 95.49 प्रतिशत (477 अंक) के साथ बिहार में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। साथ ही पूरे जिला में टॉप किया है। निशु प्लस टू सेकेंडरी स्कूल बरूआड़ा की छात्रा हैं। पिता सुवेश तिवारी किसान हैं, जबकि मां रूबी देवी आंगनबाड़ी सेविका हैं। निशु बचपन से ही अपने नाना-नानी के पास रहकर पढ़ाई कर रही हैं। शैक्षणिक रिकॉर्ड पहले से ही उत्कृष्ट रहा है। दसवीं कक्षा में भी जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया था। अब इंटर में भी उन्होंने अपनी मेहनत का लोहा मनवाते हुए राज्य में तीसरा और जिले में पहला स्थान हासिल किया है। सेल्फ स्टडी पर फोकस निशु ने कहा कि वह आगे चलकर यूपीएससी की तैयारी कर आईपीएस अधिकारी बनना चाहती हूं। देश की सेवा करना उनका लक्ष्य है। कभी घंटों के हिसाब से पढ़ाई नहीं की। मैं रोज यह तय करती थी कि आज कौन-सा चैप्टर पूरा करना है। उसे पूरा करने में जितना समय लगे, खत्म करके ही उठती थी। सेल्फ स्टडी पर विशेष जोर दिया और ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन क्लास भी ली। आर्ट्स स्टीम में पूरे राज्य में चौथे नंबर पर केवटी प्रखंड के रैयाम थाना क्षेत्र के रहने वाली स्वीटी कुमारी ने 95.20 प्रतिशत (476 अंक) लाए हैं। आर्ट्स में स्वीटी ने पूरे बिहार में चौथी जगह बनाई है। पिता किराना दुकान चलाते हैं, जबकि मां आंगनबाड़ी सेविका हैं। इस उपलब्धि पर गांव में खुशी की लहर है। पंचायत के मुखिया इफ्तखार अकबर उर्फ छोटन उनके घर पहुंचे और मिथिला की परंपरा के अनुसार पाग, चादर, फूल माला और मिठाई देकर सम्मानित किया। साथ ही उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। स्टेट मेरिट में नाम आने की उम्मीद थी स्वीटी कुमारी ने अपनी सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि यह उनके लिए बेहद खास दिन है। आगे चलकर यूपीएससी की तैयारी करना चाहती हूं। अधिकारी बनकर देश की सेवा करूंगा। रोजाना 8-9 घंटे पढ़ाई करती थी। सेल्फ स्टडी पर विशेष ध्यान देती थी। विश्वास था कि उनका नाम स्टेट मेरिट में जरूर आएगा। लेकिन चौथा स्थान मिलेगा, इसकी उम्मीद नहीं थी। सीमित साधनों के बावजूद समझौता नहीं किया प्लस टू एलएमएचएस आनंदपुर के छात्र मनीष कुमार ने 95 प्रतिशत (475 अंक) के साथ आर्ट्स में राज्य में 5वां और जिला में पांचवां स्थान हासिल किया है। मनीष की सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और परिवार का संघर्ष छिपा है। उनके पिता कोलकाता में सीजनल व्यवसाय करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद बेटे की पढ़ाई के लिए मेहनत करते हैं। मनीष ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता को दिया है। मनीष ने कहा कि सीमित साधनों के बावजूद पढ़ाई में कभी समझौता नहीं किया। सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी। अब तक न तो फेसबुक और न ही इंस्टाग्राम का इस्तेमाल किया। पढ़ाई के लिए यूट्यूब का सहारा लेता हूं। आगे चलकर IAS अधिकारी बनने का सपना है। अब, दरभंगा में तीनों स्ट्रीम के टॉपर्स के बारे में जानिए आर्ट्स निशु कुमारी स्कूल: +2 सेकेंडरी स्कूल बरुआरा, दरभंगा प्रतिशत: 95.40 | अंक: 477 स्वीटी कुमारी स्कूल: राजकीयकृत रैयाम चीनी मिल +2 उच्च विद्यालय, दरभंगा प्रतिशत: 95.20 | अंक: 476 मनीष कुमार स्कूल: +2 एल.एम.एच.एस. आनंदपुर, दरभंगा प्रतिशत: 95.00 | अंक: 475 कॉमर्स सुंदरम कुमार यादव स्कूल: +2 महंथ कर्ण ज्योति उच्च विद्यालय, हायाघाट प्रतिशत: 92.60 | अंक: 463 जेबा परवीन स्कूल: +2 राजकीयकृत बसुदेव मिश्र हाई स्कूल, सिमरी प्रतिशत: 90.80 | अंक: 454 प्रीति कुमारी स्कूल: +2 एम.ए.आर.एम. स्कूल, लालबाग प्रतिशत: 90.60 | अंक: 453 साइंस सत्यम कुमार स्कूल: +2 उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय, सनहपुर, सिंहवाड़ा प्रतिशत: 95.20 | अंक: 476 हेमा कुमारी स्कूल: उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, बिजुली, सदर प्रतिशत: 92.80 | अंक: 464 श्वेता कुमारी स्कूल: उत्क्रमित माध्यमिक स्कूल, समाधपुरा प्रतिशत: 92.00 | अंक: 460 कमरान खान स्कूल: उच्च माध्यमिक विद्यालय, अरई बिरदीपुर, सिंहवाड़ा प्रतिशत: 92.00 | अंक: 460 शिवम कुमार मिश्रा स्कूल: +2 उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय, रमौली, बेनीपुर प्रतिशत: 92.00 | अंक: 460 दरभंगा में 48,994 परीक्षार्थी एग्जाम में शामिल हुए थे दरभंगा में कुल 48,994 परीक्षार्थी एग्जाम में शामिल हुए थे। इनमें 23,007 छात्र और 25,987 छात्राएं शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 12वीं बोर्ड के एग्जाम में शामिल कुल परीक्षार्थियों में इस बार छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक है। जिले में आर्ट्स के सबसे ज्यादा 32,227 परीक्षार्थी शामिल हुए। इनमें 11,743 छात्र और 20,484 छात्राएं हैं। वहीं, साइंस संकाय में कुल 14,069 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें 9,322 छात्र और 4,747 छात्राएं हैं। कॉमर्स संकाय में कुल 2,671 परीक्षार्थी शामिल हुए, जिनमें 1,923 छात्र और 748 छात्राएं हैं। इसके अलावा, वोकेशनल कोर्स में कुल 27 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें 19 छात्र और 8 छात्राएं शामिल हैं। इन वेबसाइटों पर देख सकते हैं रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in results.biharboardonline.com www.digilocker.gov.in onlinebseb.in secondary.biharboardonline.com
दरभंगा में सोमवार को बिहार दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। देर रात तक चले कार्यक्रम में जिले के अलग-अलग स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों का मन मोह लिया। प्रतिभागियों को जिलाधिकारी कौशल कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी ने प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो और मेडल देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम की शुरुआत किलकारी बिहार बाल भवन के बच्चों की ओर से स्वागत गीत से की गई। इसके बाद बिहार गौरव गान, भाव नृत्य, स्केटिंग और गोनू झा पर आधारित नाटक की प्रभावशाली प्रस्तुति दी गई, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। प्लस टू देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद विद्यालय के स्टूडेंट्स ने झिझिया नृत्य प्रस्तुत किया गया। जिसने बिहार की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक पेश की। कार्यक्रम में जिलाधिकारी की बेटी भाव्या ने शारदा सिन्हा के गीत प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। बच्चों का हौसला बढ़ाया जिलाधिकारी ने सभी प्रतिभागियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों की प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर विभागीय अधिकारी और दर्शक मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 3 पन्नों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जवाबी पत्र लिखा। प्रधानमंत्री ने भी मुख्यमंत्री को 3 पन्नों का पत्र भेजा था। मुख्यमंत्री, बिहार और बिहारियों की तारीफ की थी। खैर, नीतीश ने मोदी के लिए लिखा- ‘आपके मार्गदर्शन एवं सहयोग से बिहार के कर्मठ व प्रतिभाशाली लोग निश्चित रूप से राज्य और देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। बिहार को केंद्र सरकार का लगातार सहयोग मिल रहा है। आप बिहार आते रहते हैं। यह बिहार के प्रति आपका विशेष लगाव है। आपने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में बिहार के लोगों को परिवार की तरह अपनाया। प्रधानमंत्री के रूप में भी बिहार के प्रति आपका वही गहरा स्नेह, आदर एवं लगाव है।’ पत्र में बिहार के गौरवशाली इतिहास की व्यापक चर्चा कीपत्र में बिहार के गौरवशाली इतिहास की व्यापक चर्चा की। भगवान बुद्ध, भगवान महावीर, गुरुनानक देव, गुरु गोविंद सिंह महाराज, मौर्य साम्राज्य, चाणक्य, आर्यभट्ट, नालंदा एवं विक्रमशिला विश्वविद्यालय से लेकर महात्मा गांधी, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, लोकनायक जयप्रकाश नारायण, जननायक कर्पूरी ठाकुर तथा उनके कार्यकलापों का जिक्र है। पत्र के अनुसार, मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा जननायक कर्पूरी ठाकुर को ‘भारत रत्न’ देना, दलित-वंचित तबकों के बीच सकारात्मक भाव पैदा करता है। नीतीश ने अपनी सरकार के प्रमुख काम बताए। कहा- ‘हमारी शुरू से कोशिश रही है कि बिहार को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाए। इसके गौरवशाली अतीत को फिर स्थापित किया जाए। नवंबर 2005 में एनडीए सरकार बनने के बाद से बिहार में कानून का राज है। न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर हर क्षेत्र और हर वर्ग के लिए काम किया गया। 2010 में ‘बिहार दिवस’ की शुरुआत हुई। उन्होंने नरेंद्र मोदी को सर्वाधिक दिनों तक ‘सरकार का प्रमुख’ रहने पर बधाई दी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि अगले पांच वर्षों में प्रति व्यक्ति आय दोगुनी की जाएगी। इस लक्ष्य पर तेजी से काम किया जा रहा है। इसके लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। हर जिले में औद्योगिक परिसर की स्थापना कराई जा रही है। सरकार जमीन व सब्सिडी दे रही है। बिहार में छह नए एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे, जिससे राज्य में यातायात व्यवस्था और बेहतर होगी। इसके साथ ही ग्रामीण सड़कों का चौड़ीकरण किया जाएगा, ताकि गांव-गांव तक बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सके और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिले। मुख्यमंत्री समृद्धि यात्रा के पांचवें चरण में सोमवार को जहानाबाद और अरवल में थे। उन्होंने जहानाबाद में 252 करोड़ की 161 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया तो अरवल में 153 करोड़ की 272 योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास किया। अरवल के बेलखारा में उन्होंने कहा कि सात निश्चय योजना के तहत अलग-अलग चरणों में व्यापक काम किया गया है। जहानाबाद में कहा कि एक करोड़ नौकरी व रोजगार के लक्ष्य पर काम किया जा रहा है।
बिहार दिवस के अवसर पर राजधानी में सांस्कृतिक रंगारंग आयोजन हुआ, जिसमें सुप्रसिद्ध लोकगायक सत्येंद्र कुमार ‘संगीत’ ने अपनी टीम के साथ पारंपरिक बिहारी लोकगीतों की प्रस्तुति देकर माहौल को जीवंत बना दिया। कार्यक्रम का आयोजन शनि मंदिर प्रांगण, बाग सेवनिया में बिहार फाउंडेशन के भोपाल चैप्टर के तत्वावधान में किया गया।इस मौके पर बिहार फाउंडेशन ने मध्यप्रदेश में अपने नए चैप्टर की औपचारिक स्थापना भी की। आयोजन में बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया गया, जिसमें लोकगीत, पारंपरिक कला और व्यंजनों की विशेष झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में अध्यक्ष आरएमपी सिंह, उपाध्यक्ष राजेश्वर मुकेश सिंह, सचिव संतोष कुमार कुंवर, सह सचिव योगेंद्र प्रसाद सिंह, कोषाध्यक्ष कुंवर प्रसाद, सह कोषाध्यक्ष कमलेश पंडित, विमल कुमार सिंह, अभिरंजन कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। मंच संचालन विकास यादव ने किया। व्यंजन और कला ने खींचा ध्यानआयोजन में बिहार के प्रसिद्ध व्यंजन लिट्टी-चोखा, भुजा सहित कई पारंपरिक पकवानों के स्टॉल लगाए गए। साथ ही भागलपुर की सिल्क साड़ियां और मधुबनी पेंटिंग्स ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।लोकगीतों की प्रस्तुति रही आकर्षणपटना के लोकगायक सत्येंद्र कुमार ‘संगीत’ और उनकी टीम ने बिहारी संस्कृति से जुड़े लोकगीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
सहरसा नगर आयुक्त ने बिहार दिवस पर सुनाई कविता:'हम ही बिहार हैं', कहा- हर व्यक्ति में 'बिहारीपन' बसता
बिहार के 114वें स्थापना दिवस के अवसर पर राज्यभर में तीन दिवसीय बिहार दिवस मनाया जा रहा है। इसी क्रम में सहरसा में एक अनूठी पहल देखने को मिली, जहाँ नगर निगम आयुक्त प्रभात कुमार झा ने अपनी लिखी कविता के माध्यम से बिहार और बिहारी होने के गौरव को व्यक्त किया। उन्होंने अपनी कविता को मंच से गाकर प्रस्तुत किया। कविता में साहित्यिक विरासत का जिक्र बिहार दिवस कार्यक्रम में प्रभात कुमार झा ने बताया कि उनकी कविता का मूल भाव बिहारी अस्मिता और गौरव को उजागर करना है। उन्होंने कहा कि बिहार केवल 38 जिलों या 13 करोड़ से अधिक आबादी का राज्य नहीं, बल्कि यहाँ के हर व्यक्ति में 'बिहारीपन' बसता है। यही भावना उनकी कविता हम ही बिहार हैं में झलकती है। अपनी कविता में उन्होंने बिहार की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सामाजिक विरासत का उल्लेख किया। इसमें आर्यभट्ट, महात्मा गांधी, दशरथ मांझी, सम्राट अशोक, गुरु गोविंद सिंह, भगवान बुद्ध और भगवान महावीर जैसे महान व्यक्तित्वों को याद किया गया। साथ ही डॉ. राजेंद्र प्रसाद, रामधारी सिंह दिनकर, विद्यापति और फणीश्वर नाथ रेणु जैसी साहित्यिक विरासत का भी जिक्र हुआ। खान-पान और लोक संस्कृति को किया बखान कविता में बिहार के खान-पान, लोकसंस्कृति और क्षेत्रीय पहचान को भी खूबसूरती से पिरोया गया। इसमें लिट्टी-चोखा, दही-चूड़ा, तिलकुट, कतरनी चावल और जर्दालू आम जैसे व्यंजनों का उल्लेख शामिल था। नगर आयुक्त ने कहा कि बिहार दिवस मनाने की परंपरा शुरू होने के बाद लोगों में अपनी पहचान को लेकर गर्व और जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने राज्य सरकार की योजनाओं जैसे सड़क, बिजली, जल-जीवन-हरियाली और महिला सशक्तिकरण का जिक्र करते हुए कहा कि आज बिहार विकास की नई मिसाल बन रहा है। उनकी यह प्रस्तुति कार्यक्रम में मौजूद लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रही। उपस्थित लोगों ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।
भिवानी में सदर थाना पुलिस ने अपने ही भाई की हत्या करने के मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बिहार के जिला मधेपुरा के झिरकिया निवासी संगीता ने सदर थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी कि वह वर्तमान में भिवानी के गांव तिगड़ाना के खेतों में रह रही है। 19 फरवरी 2025 की रात को उसके ससुर और देवर ने उसके पति विकास के साथ मारपीट कर सिर पर गंभीर चोटें मारी। घायल अवस्था में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शिकायत के आधार पर थाना सदर भिवानी में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। राजस्थान से आरोपी गिरफ्तारथाना सदर प्रभारी उप निरीक्षक उग्रसेन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए मामले में संलिप्त 2 आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के जिला मधेपुरा के झिरकिया निवासी नितिश पुत्र उमेश और पवन पुत्र उमेश को गिरफ्तार किया है।पुलिस टीम द्वारा दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जिला कारागार भेजने के आदेश दिए। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मृतक विकास के साथ शराब पीने के दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया था, जिसके चलते सिर पर चोट मारने से उसकी मौत हो गई। मामले में मृतक के पिता और अन्य आरोपी की गिरफ्तारी अभी शेष है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
हरियाणा के पंचकूला से लापता हुई महिला राजस्थान के कोटा शहर में मिली। पुलिस ने एक महीने से लापता मानसिक रूप से बीमार महिला को सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचाया गया। राजस्थान पुलिस ने महिला को घर पहुंचाने में अहम रोल अदा किया है। पंचकूला सेक्टर-16 चौकी इंचार्ज भीम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि करीब एक महीने पहले पंचकूला के सेक्टर-16 क्षेत्र से 48 वर्षीय महिला, जो मूल रूप से बिहार की रहने वाली है और वर्तमान में अपने परिवार के साथ पंचकूला में रह रही थी, अचानक लापता हो गई थी। महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ थी और बिना किसी को बताए ट्रेन के माध्यम से अपने बिहार स्थित घर के लिए निकल पड़ी। इसी दौरान वह रास्ता भटककर राजस्थान के कोटा क्षेत्र में पहुंच गई। राजस्थान पुलिस ने नारी निकेतन भेजा कोटा में भटकती हुई अवस्था में मिलने पर राजस्थान पुलिस ने मानवता का परिचय देते हुए महिला को स्थानीय नारी निकेतन केंद्र में सुरक्षित भर्ती करवाया। इसके बाद महिला की पहचान और उसके परिजनों का पता लगाने के लिए लगातार प्रयास किए गए। जांच के दौरान महिला का पता पंचकूला का निकला, जिसके बाद संबंधित सूचना पंचकूला पुलिस को दी गई।आज राजस्थान पुलिस द्वारा महिला को सकुशल पंचकूला लाया गया, जहां सेक्टर-16 चौकी टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला के परिजनों को सूचित किया और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद महिला को उनके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। लंबे समय बाद अपनी परिजन को सुरक्षित देखकर परिवार भावुक हो उठा और उन्होंने दोनों राज्यों की पुलिस का दिल से आभार व्यक्त किया।
बेतिया में बिहार दिवस 2026 के अवसर पर सोमवार को एक छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन जिला पदाधिकारी तरणजोत सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसमें अपर समाहर्ता राजीव रंजन सिन्हा द्वारा खींची गई तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं। उद्घाटन के बाद जिलाधिकारी ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने प्रत्येक छायाचित्र में निहित भावनाओं, तकनीक और दृष्टिकोण की सराहना की। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासनिक व्यस्तताओं के बावजूद ऐसी रचनात्मकता प्रेरणादायक है। उन्होंने अपर समाहर्ता की कलात्मक सोच और प्रकृति के प्रति उनके लगाव की प्रशंसा की। इसे कर्तव्य और रचनात्मकता का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया गया। VTR से संबंधित तस्वीरें आकर्षण का केंद्र रहींप्रदर्शनी में देश के विभिन्न हिस्सों की तस्वीरें शामिल थीं। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से संबंधित तस्वीरें विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। इन तस्वीरों में वन्य जीवों, दुर्लभ पक्षियों, घने जंगलों और प्राकृतिक सुंदरता को दर्शाया गया है। प्रदर्शनी के क्यूरेटर और जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि यह प्रदर्शनी अगले तीन दिनों तक आम जनता के लिए खुली रहेगी। इसमें इतिहास, विरासत, संस्कृति, वन्य जीवन और आम जनजीवन से जुड़े सैकड़ों छायाचित्र प्रदर्शित किए गए हैं। बिहार दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय भोजपुरी लोक चित्रकला कार्यक्रम का निरीक्षण भी जिलाधिकारी ने किया। उन्होंने कलाकारों से बातचीत की, उनकी कला की सराहना की और इस पारंपरिक धरोहर के संरक्षण के प्रयासों को सराहा। उन्होंने युवा पीढ़ी को इस कला से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
जनसुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने लखीसराय जिले के सूर्यगढ़ा प्रखंड में केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि बिहार की सत्ता पर पहली बार ऐसा प्रभाव दिखेगा, जिसका मुख्य ध्येय गुजरात होगा और बिहार केवल दोयम दर्जे पर रहेगा। किशोर ने यह बात नया टोला सलेमपुर स्थित पूर्व निर्दलीय विधानसभा प्रत्याशी रवि शंकर प्रसाद सिंह उर्फ अशोक सिंह के आवास पर कही। प्रशांत किशोर के आगमन को लेकर सुबह 10 बजे से ही सैकड़ों समर्थक मालाएं लेकर इंतजार कर रहे थे। दोपहर करीब 1:30 बजे उनके काफिले के पहुंचने पर क्षेत्र 'जनसुराज' के नारों से गूंज उठा। समर्थकों ने फूल-मालाओं के साथ उनका भव्य स्वागत किया। नीतीश कुमार और एनडीए गठबंधन की साख पर सवाल उठाए पत्रकारों से बातचीत में प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एनडीए गठबंधन की साख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, अगर नीतीश कुमार या एनडीए के पास वास्तविक जनसमर्थन है, तो उन्हें राज्यसभा जाने की क्या आवश्यकता पड़ रही है? यह साफ है कि वर्तमान जनसमर्थन 'मैन्युफैक्चर्ड' है। उन्होंने दोहराया कि अब बिहार की सरकार गुजरात के हिसाब से चलाई जाएगी। किशोर ने स्थानीय समस्याओं और पलायन पर भी बात की। उन्होंने कहा कि जनता गैस की किल्लत और बेरोजगारी से जूझ रही है, लेकिन मतदान के समय मुद्दे बदल जाते हैं। उन्होंने चेतावनी दी, अगर आप धर्म और जाति के नाम पर वोट देंगे, तो पछताना ही पड़ेगा। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अन्य राज्यों में रह रहे बिहारियों की सुध प्रधानमंत्री मोदी क्यों नहीं ले रहे हैं। यूजीसी बिल पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से जुड़े सवाल पर प्रशांत किशोर ने संक्षिप्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कानूनी प्रक्रियाएं अपनी जगह हैं, लेकिन जनता के असल मुद्दे जमीन पर हैं। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति और जनसुराज अभियान से जुड़े कार्यकर्ता उपस्थित थे।
बिहार अपना 114वां स्थापना दिवस मना रहा है। पटना के गांधी मैदान में आज कार्यक्रम का दूसरा दिन है। फेमस बॉलीवुड सिंगर शान आज महफिल जमाएंगे। वहीं, 24 मार्च को पापोन समापन समारोह को यादगार बनाएंगे। मुख्यमंत्री नीतीश के बेटे निशांत कुमार गांधी मैदान पहुंचे। उन्होंने वहां लगे बिहार सरकार के स्टॉल्स देखे। इन स्टॉल्स में मुख्यमंत्री नीतीश की योजनाओं और उनके किए गए कामों को दिखाया गया है। निशांत कुमार ने कहा, मैंने आपदा प्रबंधन का स्टॉल देखा। मैंने देखा पिता जी ने काफी काम किया है। इन स्टॉल में अवेरनेस की कमियां हैं, जो होनी चाहिए जनता को देखनी चाहिए। यहां जो स्टॉल लगे हैं उनको पब्लिक को देखना चाहिए ताकि जनता को पता चले कि क्या काम हो रहा है। गांधी मैदान से आई कुछ तस्वीरें… पहले दिन सोना महापात्र ने परफोर्म किया स्थापना दिवस के पहले दिन पटना के गांधी मौदान में बॉलीवुड सिंगर सोना महापात्र ने परफॉर्मेंस दिया। मंच पर पहुंचते ही उन्होंने भोजपुरी में कहा, “हमरा बहुत अच्छा लग रहल बा कि हम दूसरी बार बिहार दिवस में गा रहल बानी।” इसके बाद उन्होंने 'मुझे क्या बेचेगा रुपया' और 'तुम बिन मोरा जिया लागे ना' गाना गाकर समा बांधा। इसके बाद ‘पिया से नैना लड़ाई रे’, ‘उगे हो सूरज देव’ और ‘कोयल बिन बगिया ना शोभे राजा’ छठ गीत गाकर दर्शकों को खूब झूमाया। गांधी मैदान से बिहार दिवस की कुछ तस्वीरें… गांधी मैदान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कार्यक्रम का उद्घाटन करने पहुंचे थे। बिहार दिवस की धूम सिर्फ बिहार में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी देखने को मिल रही है। लंदन में बिहार एसोसिएशन (यूके) की ओर से बिहार दिवस मनाया गया।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस वर्ष कुल 85.19 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं, जिनमें 86.23 प्रतिशत छात्राएं और 84 प्रतिशत छात्र शामिल हैं। इंटरमीडिएट परीक्षा में 26 अभ्यर्थियों को राज्य टॉपर घोषित किया गया है, लेकिन मधुबनी जिले से कोई भी छात्र स्टेट टॉपर की सूची में शामिल नहीं हो सका। हालांकि, मधुबनी जिले के टॉप 10 में लड़कों का दबदबा रहा। जिले के टॉप 10 में केवल तीन छात्राओं ने ही तीनों संकायों में सफलता हासिल की है। कॉमर्स संकाय में एकनाथ प्लस टू हाई स्कूल कपिलेश्वर स्थान की छात्रा अमृता कुमारी ने 467 अंक (93.40 प्रतिशत) प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया। आगे चलकर सीए की तैयारी करना चाहती हैंहरलाखी प्रखंड के बिशौल गांव निवासी लाल मिश्र रमन और बिभा देवी की पुत्री साक्षी कुमारी ने कॉमर्स में 460 अंक (92 प्रतिशत) हासिल किए। वह राम जानकी रवि रामसेवक दास महाविद्यालय बासोपट्टी की छात्रा थीं और आगे चलकर सीए की तैयारी करना चाहती हैं। टी एन्न कॉलेज बसेठ के आयुष्मान कुमार ने कॉमर्स में 470 अंक (94 प्रतिशत) प्राप्त किए। इंटर आर्ट्स परीक्षा में प्लस टू जनता हाईस्कूल बाबूबरही के छात्र शिवम कुमार ने 469 अंक प्राप्त किए। अपग्रेड प्लस टू हाई स्कूल इकराही लदनिया की छात्रा संतोषी कुमारी ने 465 अंक और बाबूबरही मदनेश्वर पूर्व प्लस टू हाईस्कूल के छात्र नौशाद आलम ने 464 अंक हासिल किए। आर्ट्स की परीक्षाओं में अच्छी सफलता हासिल की इंटर साइंस की परीक्षा में प्लस टू हाईस्कूल सिद्धपा लदनिया के छात्र सुमन कुमार पूर्वे ने 472 अंक प्राप्त किए। लीलाधर प्लस टू हाई स्कूल बेनीपट्टी के छात्र प्रदुमन कुमार ने 470 अंक और एनसी कॉलेज बेनीपट्टी के छात्र अमित कुमार झा ने 467 अंक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया। इनके अतिरिक्त, मधुबनी जिले के कई अन्य छात्रों ने भी इंटर साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स की परीक्षाओं में अच्छी सफलता हासिल की है। इन वेबसाइटों पर देख सकते हैं रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in results.biharboardonline.com www.digilocker.gov.in onlinebseb.in secondary.biharboardonline.com SMS से भी देख सकेंगे रिजल्टऑनलाइन रिजल्ट देखने वालों की संख्या ज्यादा होने पर कई बार साइट क्रैश करने लगाता है। ऐसी स्थिति में स्टूडेंट मैसेज के जरिए भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके लिए मोबाइल से BIHAR 12 लिखकर अपने रोल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ 56263 पर SMS भेजना होगा। कुछ ही देर में रिजल्ट मोबाइल पर मिल जाएगा। मोबाइल पर मैसेज टाइप करें- BIHAR12 रोल या रजिस्ट्रेशन नंबर। इसके बाद इसे 56263 पर SMS कर दे। कुछ देर बाद ही SMS के जरिए आपको रिजल्ट मिल जाएगा। 8वीं बार देश में सबसे पहले रिजल्टबिहार बोर्ड पिछले 7 सालों से देश में सबसे पहले इंटर और मैट्रिक का परिणाम जारी करने वाला बोर्ड बना हुआ है। इस बार बोर्ड ने 8वीं बार यह रिकॉर्ड दोहरा है। साल 2025 में साइंस में पश्चिमी चंपारण की प्रिया जायसवाल ने 484 अंक (96.8 प्रतिशत) के साथ टॉप किया था। आर्ट्स में वैशाली की अंकिता कुमारी और बक्सर के शाकिब शाह ने 473-473 अंक (94.6 प्रतिशत) हासिल किए थे। कॉमर्स वर्ग में वैशाली की रौशनी कुमारी ने 475 अंक (95.1 प्रतिशत) लाकर पहला स्थान पाया था।
सीतामढ़ी जिले के पुपरी प्रखंड स्थित रत्ना लक्ष्मी गांव की निवासी सिद्धि साक्षी ने इंटरमीडिएट परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने 478 अंक प्राप्त कर पूरे बिहार में दूसरा स्थान हासिल किया है। सिद्धि के पिता प्रशांत कुमार पुपरी में एक छोटी हार्डवेयर की दुकान चलाते हैं, जबकि उनकी मां रचना देवी गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद, परिवार ने सिद्धि की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। सीबीएसई से 10वीं की, 85 पर्सेंट अंक मिलेसिद्धि की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पुपरी से हुई, जहां से उन्होंने सीबीएसई बोर्ड की दसवीं की परीक्षा 85 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी। सिद्धि ने बताया कि उन्होंने नियमित पढ़ाई, समय के सही प्रबंधन और आत्मविश्वास के बल पर यह सफलता प्राप्त की। आगे UPSC है टारगेटपरिवार में सिद्धि का एक बड़ा भाई हर्ष राज केशव है, जो वर्तमान में पढ़ाई कर रहा है। बहन की इस सफलता से वह भी प्रेरित है। गांव और आसपास के लोग सिद्धि की उपलब्धि पर उन्हें बधाई दे रहे हैं। सिद्धि साक्षी ने कहा कि आगे चलकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर यूपीएसएसी के जरिए देश की सेवा करना चाहती हैं। उनकी इस सफलता में मां-पिता का बड़ा योगदान है। इन वेबसाइटों पर देख सकते हैं रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in results.biharboardonline.com www.digilocker.gov.in onlinebseb.in secondary.biharboardonline.com SMS से भी देख सकेंगे रिजल्ट ऑनलाइन रिजल्ट देखने वालों की संख्या ज्यादा होने पर कई बार साइट क्रैश करने लगाता है। ऐसी स्थिति में स्टूडेंट मैसेज के जरिए भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके लिए मोबाइल से BIHAR 12 लिखकर अपने रोल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ 56263 पर SMS भेजना होगा। कुछ ही देर में रिजल्ट मोबाइल पर मिल जाएगा। मोबाइल पर मैसेज टाइप करें- BIHAR12 रोल या रजिस्ट्रेशन नंबर। इसके बाद इसे 56263 पर SMS कर दे। कुछ देर बाद ही SMS के जरिए आपको रिजल्ट मिल जाएगा। 8वीं बार देश में सबसे पहले रिजल्ट बिहार बोर्ड पिछले 7 सालों से देश में सबसे पहले इंटर और मैट्रिक का परिणाम जारी करने वाला बोर्ड बना हुआ है। इस बार बोर्ड ने 8वीं बार यह रिकॉर्ड दोहरा है। साल 2025 में साइंस में पश्चिमी चंपारण की प्रिया जायसवाल ने 484 अंक (96.8 प्रतिशत) के साथ टॉप किया था। आर्ट्स में वैशाली की अंकिता कुमारी और बक्सर के शाकिब शाह ने 473-473 अंक (94.6 प्रतिशत) हासिल किए थे। कॉमर्स वर्ग में वैशाली की रौशनी कुमारी ने 475 अंक (95.1 प्रतिशत) लाकर पहला स्थान पाया था।
सहरसा जिले के श्रीदुर्गा उच्च विद्यालय, सिहौल के छात्र आदर्श ने इंटरमीडिएट (आर्ट्स) परीक्षा में बिहार स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जिले में खुशी का माहौल है। 17 वर्षीय आदर्श ने अपनी कड़ी मेहनत से यह सफलता हासिल की है। आदर्श सहरसा के बिहरा थाना क्षेत्र अंतर्गत सिहौल वार्ड संख्या 13 के निवासी हैं। वह अपने दो भाइयों में सबसे छोटे हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा कक्षा 1 से 5 तक दिल्ली में हुई थी। इसके बाद, उन्होंने अपने गांव लौटकर श्रीदुर्गा उच्च विद्यालय, सिहौल से ही मैट्रिक और इंटर की पढ़ाई पूरी की। आदर्श के पिता रंजीत कुमार झा हरियाणा के सोनीपत में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। आदर्श का पूरा ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित थासीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने बेटे की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। आदर्श की माता बंटी देवी ने बताया कि आदर्श बचपन से ही पढ़ाई में तेज थे। वह अक्सर उन्हें पढ़ते देख कहती थीं कि थोड़ा खेल-कूद भी कर लिया करो, लेकिन आदर्श का पूरा ध्यान पढ़ाई पर ही केंद्रित रहता था। उनकी माता के अनुसार, आदर्श आगे चलकर शिक्षक बनना चाहते हैं। आदर्श के बड़े भाई शिवम झा ने भी अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें पहले से ही विश्वास था कि उनका छोटा भाई उनसे आगे निकलेगा। आदर्श की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत और लगन से बड़े लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं। अब उनका सपना उच्च शिक्षा प्राप्त कर समाज और देश के लिए कुछ बेहतर करना है। इन वेबसाइटों पर देख सकते हैं रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in results.biharboardonline.com www.digilocker.gov.in onlinebseb.in secondary.biharboardonline.com SMS से भी देख सकेंगे रिजल्ट ऑनलाइन रिजल्ट देखने वालों की संख्या ज्यादा होने पर कई बार साइट क्रैश करने लगाता है। ऐसी स्थिति में स्टूडेंट मैसेज के जरिए भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके लिए मोबाइल से BIHAR 12 लिखकर अपने रोल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ 56263 पर SMS भेजना होगा। कुछ ही देर में रिजल्ट मोबाइल पर मिल जाएगा। मोबाइल पर मैसेज टाइप करें- BIHAR12 रोल या रजिस्ट्रेशन नंबर। इसके बाद इसे 56263 पर SMS कर दे। कुछ देर बाद ही SMS के जरिए आपको रिजल्ट मिल जाएगा। 8वीं बार देश में सबसे पहले रिजल्ट बिहार बोर्ड पिछले 7 सालों से देश में सबसे पहले इंटर और मैट्रिक का परिणाम जारी करने वाला बोर्ड बना हुआ है। इस बार बोर्ड ने 8वीं बार यह रिकॉर्ड दोहरा है। साल 2025 में साइंस में पश्चिमी चंपारण की प्रिया जायसवाल ने 484 अंक (96.8 प्रतिशत) के साथ टॉप किया था। आर्ट्स में वैशाली की अंकिता कुमारी और बक्सर के शाकिब शाह ने 473-473 अंक (94.6 प्रतिशत) हासिल किए थे। कॉमर्स वर्ग में वैशाली की रौशनी कुमारी ने 475 अंक (95.1 प्रतिशत) लाकर पहला स्थान पाया था।
इस वर्ष इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 85.19% परीक्षार्थी सफल हुए हैं। बोर्ड ने मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू होने के महज 25 दिनों के भीतर रिजल्ट तैयार कर लिया, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
बिहार इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी हो गया है। साइंस स्ट्रीम में नवादा की सपना कुमारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया है। सपना ने कुल 500 अंकों में 479 नंबर प्राप्त कर 96.60 प्रतिशत अंक हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। राज्य में 85.19% स्टूडेंट्स एग्जाम में पास हुए हैं। इसमें 84.09% छात्र और 86.23 छात्राएं सफल रही हैं। आर्ट्स और कॉमर्स में छात्राओं ने टॉप किया है। साइंड में छात्र ने बाजी मारी है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बिहार बोर्ड ऑफिस में परिणाम घोषित किया। इस दौरान बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर भी मौजूद रहे। स्कूल का बढ़ाया मान सपना कुमारी महिला उच्च माध्यमिक विद्यालय, नवादाडीह की छात्रा हैं। उनके पिता किसानी कर घर चलाते हैं। उनकी इस सफलता से न केवल उनके परिवार बल्कि विद्यालय का नाम भी रोशन हुआ है। स्कूल के शिक्षकों ने सपना की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि वह शुरू से ही पढ़ाई में काफी मेधावी और मेहनती छात्रा रही हैं। मेहनत और लगन का मिला फल शिक्षकों के अनुसार सपना नियमित रूप से पढ़ाई करती थीं और हर विषय को गहराई से समझने का प्रयास करती थीं। उनकी यही मेहनत और अनुशासन उन्हें इस मुकाम तक लेकर आया है। सपना की सफलता यह साबित करती है कि निरंतर प्रयास और सही दिशा में मेहनत से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। परिवार में खुशी का माहौल रिजल्ट जारी होने के बाद सपना के घर में जश्न का माहौल है। परिवार और रिश्तेदारों का लगातार बधाई देने का सिलसिला जारी है। परिजनों ने बताया कि सपना शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रही है और उन्होंने हमेशा उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। छात्राओं के लिए बनी प्रेरणा सपना कुमारी की इस उपलब्धि से जिले की अन्य छात्राओं को भी प्रेरणा मिलेगी। खासकर ग्रामीण क्षेत्र की लड़कियों के लिए यह एक मिसाल है कि वे भी कठिन मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर बड़ी सफलता हासिल कर सकती हैं। आगे का लक्ष्य सपना आगे भी अपनी पढ़ाई जारी रखकर उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहती हैं। उनका लक्ष्य है कि वे अपने करियर में और ऊंचाइयों को छूएं और समाज में अपनी अलग पहचान बनाएं। इन वेबसाइटों पर देख सकते हैं रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in results.biharboardonline.com www.digilocker.gov.in onlinebseb.in secondary.biharboardonline.com SMS से भी देख सकेंगे रिजल्ट ऑनलाइन रिजल्ट देखने वालों की संख्या ज्यादा होने पर कई बार साइट क्रैश करने लगाता है। ऐसी स्थिति में स्टूडेंट मैसेज के जरिए भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके लिए मोबाइल से BIHAR 12 लिखकर अपने रोल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ 56263 पर SMS भेजना होगा। कुछ ही देर में रिजल्ट मोबाइल पर मिल जाएगा। मोबाइल पर मैसेज टाइप करें- BIHAR12 रोल या रजिस्ट्रेशन नंबर। इसके बाद इसे 56263 पर SMS कर दे। कुछ देर बाद ही SMS के जरिए आपको रिजल्ट मिल जाएगा। 8वीं बार देश में सबसे पहले रिजल्ट बिहार बोर्ड पिछले 7 सालों से देश में सबसे पहले इंटर और मैट्रिक का परिणाम जारी करने वाला बोर्ड बना हुआ है। इस बार बोर्ड ने 8वीं बार यह रिकॉर्ड दोहरा है। साल 2025 में साइंस में पश्चिमी चंपारण की प्रिया जायसवाल ने 484 अंक (96.8 प्रतिशत) के साथ टॉप किया था। आर्ट्स में वैशाली की अंकिता कुमारी और बक्सर के शाकिब शाह ने 473-473 अंक (94.6 प्रतिशत) हासिल किए थे। कॉमर्स वर्ग में वैशाली की रौशनी कुमारी ने 475 अंक (95.1 प्रतिशत) लाकर पहला स्थान पाया था।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने सोमवार को इंटरमीडिएट 2026 परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। मुंगेर जिले में इस बार लड़कों का दबदबा रहा, हालांकि तीन बेटियों ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। परीक्षा में सफल होने वाले अधिकांश छात्र-छात्राएं ग्रामीण क्षेत्रों से हैं। जिले में आर.डी. एंड डी.जे. कॉलेज के छात्र साहिल कुमार साइंस स्ट्रीम में जिला टॉपर बने हैं। वहीं, श्री रंगनाथ स्कूल बनारस टेटिया बंबर के ऋषभ कुमार ने आर्ट्स में और एस. कॉलेज हवेली खड़गपुर के अंकित कुमार ने कॉमर्स में जिला टॉप किया है। साहिल कुमार ने 451 अंक प्राप्त किए साइंस के जिला टॉपर साहिल कुमार ने 451 अंक प्राप्त किए हैं। उनकी मां ने बताया कि साहिल के पिता श्रवण कुमार मजदूरी करते हैं। जमालपुर की छुट्टी केसरी ऊपर में रहने वाले साहिल ने किसी निजी कोचिंग से पढ़ाई नहीं की, बल्कि सेल्फ स्टडी के दम पर यह सफलता हासिल की है। साहिल का सपना आईएएस अधिकारी बनने का है। अंशु प्रिया ने 445 अंक प्राप्त कर जिले में दूसरा स्थान हासिल किया कॉमर्स संकाय में डी.जे. कॉलेज मुंगेर की छात्रा अंशु प्रिया ने 445 अंक प्राप्त कर जिले में दूसरा स्थान हासिल किया है। अंशु कजरा की रहने वाली हैं और उन्होंने अपने ननिहाल बिंदवाड़ा में रहकर इंटर की पढ़ाई पूरी की। उत्क्रमित उच्च विद्यालय रामपुर की छात्रा नजराना ने भी जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। हालांकि, उनके विद्यालय में प्लस टू के शिक्षक नहीं हैं, जो एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। शिक्षा मंत्री ने जारी किया रिजल्ट शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बिहार बोर्ड ऑफिस में परिणाम घोषित किया। इस दौरान बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर भी मौजूद रहे। 12वीं साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स- तीनों संकायों का परिणाम एक साथ जारी किया गया है। इस साल करीब 13 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा 1 फरवरी से 15 फरवरी 2026 के बीच ली गई थी। 35 दिन के अंदर नतीजे जारी किए गए हैं। इसके साथ ही बिहार बोर्ड देश में लगातार 8वीं बार सबसे पहले रिजल्ट जारी करने वाला राज्य बन गया है। पिछले साल 2025 में 86 फीसदी से ज्यादा छात्र सफल रहे थे। तीनों स्ट्रीम में लड़कियों ने टॉप किया था। इन वेबसाइटों पर देख सकते हैं रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in results.biharboardonline.com www.digilocker.gov.in onlinebseb.in secondary.biharboardonline.com SMS से भी देख सकेंगे रिजल्ट ऑनलाइन रिजल्ट देखने वालों की संख्या ज्यादा होने पर कई बार साइट क्रैश करने लगाता है। ऐसी स्थिति में स्टूडेंट मैसेज के जरिए भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके लिए मोबाइल से BIHAR 12 लिखकर अपने रोल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ 56263 पर SMS भेजना होगा। कुछ ही देर में रिजल्ट मोबाइल पर मिल जाएगा। मोबाइल पर मैसेज टाइप करें- BIHAR12 रोल या रजिस्ट्रेशन नंबर। इसके बाद इसे 56263 पर SMS कर दे। कुछ देर बाद ही SMS के जरिए आपको रिजल्ट मिल जाएगा।
बिहार इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी हो गया है। पूर्णिया के लक्की अंसारी BSEB इंटर की परीक्षा में आर्ट्स सेकेंड टॉपर बने हैं। उन्हें 500 में 478 मार्क्स मिले हैं। 95.60 फीसद अंकों के साथ वे बिहार के सेकेंड टॉपर बने हैं। लक्की अंसारी पूर्णिया के जिला स्कूल के छात्र हैं। लक्की अंसारी ने कहा, मुझे पूरा यकीन था कि मैं इंटर आर्ट्स की परीक्षा में टॉपर बनूंगा। परीक्षा खत्म होने के बाद मैंने घर वालों से कह दिया था कि मैं टॉपरों की लिस्ट में रहूंगा। मैट्रिक परीक्षा में भी मैं टॉपर बनता, मगर चूक गया था। रोज 6 घंटे पढ़ाई करता था। इंटर की पढ़ाई के दौरान एक वक्त ऐसा भी आया, जब घर के हालात बेहद खराब हो गए। पिता फुटपाथ पर घड़ी की दुकान चलाते हैं। रोज के मुश्किल से 400 रुपए आमदनी होती है। घर की खराब स्थिति और ट्यूशन फीस निकालने के लिए मैंने 5 महीने तक मेडिकल स्टोर पर काम किया। जो समय बचता था उसमें पढ़ाई करता था। मैं सरकारी शिक्षक बनना चाहता हूं। सरकारी शिक्षक बनकर मुझे अपने घर की माली हालत ठीक करनी है। इसके बाद मैं यूपीएससी और बीएससी की पढ़ाई कर आईएएस आईपीएस बनना चाहता हूं। प्रैक्टिकल में एक नंबर से बिहार टॉपर बनने से चूक गए लक्की अंसारी शहर के सहायक खजांची थाना क्षेत्र के वार्ड-27 के रहने वाले हैं। मां हाउस वाइफ हैं। लक्की तीन भाई बहन हैं। तीनों भाई बहन में लक्की सबसे छोटे हैं। 5 सदस्यों का लक्की का पूरा परिवार एक छोटे से कमरे में रहता है। प्रैक्टिकल में महज एक नंबर कम होने की वजह से लक्की आर्ट्स के बिहार टॉपर बनने से चूक गए। 478 अंकों के साथ वे आर्ट्स स्ट्रीम में बिहार के सेकेंड टॉपर बने हैं। लक्की के बिहार के सेकेंड टॉपर बनने पर पिता मो. इम्तियाज अंसारी और मां पम्मी बेगम और भाई बहनों की खुशी का ठिकाना नहीं। बारिश में घर में पानी टपकता है ललन कहते हैं कि पढ़ाई के प्रति मेरी लगन को देखते हुए बड़े भइया ने पिताजी से कहकर मुझे मेडिकल स्टोर पर काम करने से मना कर दिया। इसके बाद भाई एक्स्ट्रा टाइम कर फ्रिज रेफ्रिजरेटर, टीवी वगैरह बनाने लगे और मैं अपनी पढ़ाई में भिड़ गया। मैंने वो दिन भी देखें, जब मानसून में बारिश का पानी टीन से मेरे ऊपर टपकता। इसके बाद भी मैंने हार नहीं मानी। पूरी लगन और मेहनत से मैंने पढ़ाई जारी रखी। जब मैं पढ़ने बैठता था तो आसपास के बच्चों को देखकर खेलने या घूमने के लिए मन भटकता था। तब मुझे घर के बुरे हालात याद आते थे। मैं अपनी कामयाबी का श्रेय अपने ट्यूशन के टीचर को भी दूंगा, जब कभी मेरे पास फीस देने के पैसे नहीं रहे, उन्होंने मुझे पढ़ने से नहीं रोका। बल्कि उन्होंने मेरी हौसलाअफजाई की। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बिहार बोर्ड ऑफिस में परिणाम घोषित किया BSEB इंटर की परीक्षा के लिए इस साल 59 एग्जाम सेंटर बनाए गए थे, जिसमें जिले भर से 29841 स्टूडेंट्स शामिल हुए थे। परीक्षा दो पालियों में हुई थी। इसे लेकर सभी एग्जाम सेंटरों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बिहार इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा में 85.19% स्टूडेंट्स एग्जाम में पास हुए हैं। इसमें 84.09% छात्र और 86.23 छात्राएं सफल रही हैं। आर्ट्स और कॉमर्स में छात्राओं ने टॉप किया है। साइंस में समस्तीपुर के आदित्य प्रकाश ने टॉप किया है। आदित्य को 481 नंबर आए हैं। वहीं कॉमर्स में पटना की आदिति ने टॉप किया है। आदित्य को 480 नंबर आए है। वहीं आर्ट्स में गयाजी की रहने वाली नीशु कुमार ने बाजी मारी है। उन्हें 479 नंबर आए हैं। तीनों स्ट्रीम में कुल 26 टॉपर्स में 19 लड़कियां हैं। पिछले साल से 1% कम रहा रिजल्ट साल 2025 में 86.56% छात्र सफल हुए थे। साइंस में पश्चिमी चंपारण की प्रिया जायसवाल ने 484 अंक (96.8 प्रतिशत) के साथ टॉप किया था। आर्ट्स में वैशाली की अंकिता कुमारी और बक्सर के शाकिब शाह ने 473-473 अंक (94.6 प्रतिशत) हासिल किए थे। कॉमर्स वर्ग में वैशाली की रौशनी कुमारी ने 475 अंक (95.1 प्रतिशत) लाकर पहला स्थान पाया था। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बिहार बोर्ड ऑफिस में परिणाम घोषित किया। इस दौरान बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर भी मौजूद रहे। 12वीं साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स- तीनों संकायों का परिणाम एक साथ जारी किया गया है। इस साल करीब 13 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा 1 फरवरी से 15 फरवरी 2026 के बीच ली गई थी। 35 दिन के अंदर नतीजे जारी किए गए हैं। इसके साथ ही बिहार बोर्ड देश में लगातार 8वीं बार सबसे पहले रिजल्ट जारी करने वाला राज्य बन गया है। पिछले साल 2025 में 86 फीसदी से ज्यादा छात्र सफल रहे थे। तीनों स्ट्रीम में लड़कियों ने टॉप किया था। इन वेबसाइटों पर देख सकते हैं रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in results.biharboardonline.com www.digilocker.gov.in onlinebseb.in secondary.biharboardonline.com SMS से भी देख सकेंगे रिजल्ट ऑनलाइन रिजल्ट देखने वालों की संख्या ज्यादा होने पर कई बार साइट क्रैश करने लगाता है। ऐसी स्थिति में स्टूडेंट मैसेज के जरिए भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके लिए मोबाइल से BIHAR 12 लिखकर अपने रोल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ 56263 पर SMS भेजना होगा। कुछ ही देर में रिजल्ट मोबाइल पर मिल जाएगा। मोबाइल पर मैसेज टाइप करें- BIHAR12 रोल या रजिस्ट्रेशन नंबर। इसके बाद इसे 56263 पर SMS कर दे। कुछ देर बाद ही SMS के जरिए आपको रिजल्ट मिल जाएगा। 8वीं बार देश में सबसे पहले रिजल्ट बिहार बोर्ड पिछले 7 सालों से देश में सबसे पहले इंटर और मैट्रिक का परिणाम जारी करने वाला बोर्ड बना हुआ है। इस बार बोर्ड ने 8वीं बार यह रिकॉर्ड दोहरा है।
बिहार इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी हो गया है। 85.19% स्टूडेंट्स एग्जाम में पास हुए हैं। इसमें 84.09% छात्र और 86.23 छात्राएं सफल रही हैं। आर्ट्स और कॉमर्स में छात्राओं ने टॉप किया है। साइंड में छात्र ने बाजी मारी है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बिहार बोर्ड ऑफिस में परिणाम घोषित किया। इस दौरान बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर भी मौजूद रहे। वहीं, सीवान की अमृता कुमारी ने आर्ट्स संकाय में बिहार में चौथा रैंक हासिल किया है। वहीं, जिले में पहला स्थान प्राप्त कर नाम रोशन किया है। अमृता कुमारी महिला गोपालजी प्रसाद उच्च विद्यालय, सानी बसंतपुर, सीवान से पढ़ी है। उन्होंने 476 नंबर हासिल कर 95.20% लाया है। अमृता कुमारी सीवान जिले के बसन्तपुर थाना क्षेत्र के सानी बसन्तपुर गांव की निवासी हैं। वह गोपालजी प्रसाद की पुत्री हैं। 12वीं साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स- तीनों संकायों का परिणाम एक साथ जारी किया गया है। इस साल करीब 13 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा 1 फरवरी से 15 फरवरी 2026 के बीच ली गई थी। 35 दिन के अंदर नतीजे जारी किए गए हैं। इसके साथ ही बिहार बोर्ड देश में लगातार 8वीं बार सबसे पहले रिजल्ट जारी करने वाला राज्य बन गया है। पिछले साल 2025 में 86 फीसदी से ज्यादा छात्र सफल रहे थे। तीनों स्ट्रीम में लड़कियों ने टॉप किया था। इन वेबसाइटों पर देख सकते हैं रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in results.biharboardonline.com www.digilocker.gov.in onlinebseb.in secondary.biharboardonline.com SMS से भी देख सकेंगे रिजल्ट ऑनलाइन रिजल्ट देखने वालों की संख्या ज्यादा होने पर कई बार साइट क्रैश करने लगाता है। ऐसी स्थिति में स्टूडेंट मैसेज के जरिए भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके लिए मोबाइल से BIHAR 12 लिखकर अपने रोल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ 56263 पर SMS भेजना होगा। कुछ ही देर में रिजल्ट मोबाइल पर मिल जाएगा। मोबाइल पर मैसेज टाइप करें- BIHAR12 रोल या रजिस्ट्रेशन नंबर। इसके बाद इसे 56263 पर SMS कर दे। कुछ देर बाद ही SMS के जरिए आपको रिजल्ट मिल जाएगा। 8वीं बार देश में सबसे पहले रिजल्ट बिहार बोर्ड पिछले 7 सालों से देश में सबसे पहले इंटर और मैट्रिक का परिणाम जारी करने वाला बोर्ड बना हुआ है। इस बार बोर्ड ने 8वीं बार यह रिकॉर्ड दोहरा है। साल 2025 में साइंस में पश्चिमी चंपारण की प्रिया जायसवाल ने 484 अंक (96.8 प्रतिशत) के साथ टॉप किया था। आर्ट्स में वैशाली की अंकिता कुमारी और बक्सर के शाकिब शाह ने 473-473 अंक (94.6 प्रतिशत) हासिल किए थे। कॉमर्स वर्ग में वैशाली की रौशनी कुमारी ने 475 अंक (95.1 प्रतिशत) लाकर पहला स्थान पाया था।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने सोमवार को इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया। बांका जिले में परिणाम जारी होते ही छात्रों और अभिभावकों में उत्साह और निराशा दोनों देखने को मिली। जिले में साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स तीनों संकायों से कुल 10 छात्रों ने टॉपर्स सूची में जगह बनाई, जिनमें लड़कों की संख्या अधिक रही। परिणाम प्रकाशित होने के बाद दिनभर साइबर कैफे और इंटरनेट दुकानों पर छात्रों व अभिभावकों की भीड़ लगी रही। साइंस संकाय में इस वर्ष दो छात्रों ने समान अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से जिला टॉपर का गौरव हासिल किया। बाराहाट प्रखंड के बभनगामा स्थित प्लस टू स्कूल के छात्र सचिन कुमार (दीपक कुमार के पुत्र) ने 474 अंक प्राप्त किए। गुलशन ने 465 अंक के साथ दूसरा स्थान हासिल कियावहीं बेलहर प्रखंड निवासी शेखर राज के पुत्र देव राज ने भी 474 अंक प्राप्त कर जिले में संयुक्त रूप से पहला स्थान प्राप्त किया। पंजवारा निवासी अरविंद मंडल के पुत्र गुलशन कुमार ने 465 अंक के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि चांदन प्रखंड निवासी विजय पंडित के पुत्र सुमन कुमार सिंह ने 463 अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान पाया। आर्ट्स संकाय में बांका निवासी प्रीतम कुमार देव के पुत्र कमल कुमार ने 467 अंक प्राप्त कर जिले में पहला स्थान हासिल किया। भागलपुर क्षेत्र निवासी उमेश मंडल की पुत्री नेहा कुमारी ने 463 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान हासिल किया। वर्षा ने 459 अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त कियानेहा रजौन प्रखंड के 'हमारा विद्यालय' की छात्रा हैं और उनके पिता बेंगलुरु में मजदूरी करते हैं। मजदूर की बेटी ने जिले में दूसरा स्थान प्राप्त कर परिवार और जिले का नाम रोशन किया है। नेहा ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दिया। धोरैया प्रखंड के योगेंद्र मंडल की पुत्री वर्षा कुमारी ने 459 अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। वर्षा बीपीएससी से शिक्षिका बनना चाहती हैं। कॉमर्स संकाय में बांका की वीरभद्र सिंह की पुत्री भैरवी राजपूत ने 446 अंक प्राप्त कर पहला स्थान प्राप्त किया। ज्योतिष मंडल के पुत्र अंकित कुमार ने 445 अंक के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। ढाकामोड़ स्थित बांका कॉलेज के पप्पू कुमार मंडल की पुत्री श्वेता कुमारी ने 437 अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। शिक्षा मंत्री ने जारी किया रिजल्ट शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बिहार बोर्ड ऑफिस में परिणाम घोषित किया। इस दौरान बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर भी मौजूद रहे। 12वीं साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स- तीनों संकायों का परिणाम एक साथ जारी किया गया है। इस साल करीब 13 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा 1 फरवरी से 15 फरवरी 2026 के बीच ली गई थी। 35 दिन के अंदर नतीजे जारी किए गए हैं। इसके साथ ही बिहार बोर्ड देश में लगातार 8वीं बार सबसे पहले रिजल्ट जारी करने वाला राज्य बन गया है। पिछले साल 2025 में 86 फीसदी से ज्यादा छात्र सफल रहे थे। तीनों स्ट्रीम में लड़कियों ने टॉप किया था। इन वेबसाइटों पर देख सकते हैं रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in results.biharboardonline.com www.digilocker.gov.in onlinebseb.in secondary.biharboardonline.com SMS से भी देख सकेंगे रिजल्ट ऑनलाइन रिजल्ट देखने वालों की संख्या ज्यादा होने पर कई बार साइट क्रैश करने लगाता है। ऐसी स्थिति में स्टूडेंट मैसेज के जरिए भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके लिए मोबाइल से BIHAR 12 लिखकर अपने रोल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ 56263 पर SMS भेजना होगा। कुछ ही देर में रिजल्ट मोबाइल पर मिल जाएगा। मोबाइल पर मैसेज टाइप करें- BIHAR12 रोल या रजिस्ट्रेशन नंबर। इसके बाद इसे 56263 पर SMS कर दे। कुछ देर बाद ही SMS के जरिए आपको रिजल्ट मिल जाएगा। बिहार में 84.09% छात्र और 86.23 छात्राएं सफलबिहार इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा 2026 में 85.19% स्टूडेंट्स एग्जाम में पास हुए हैं। इसमें 84.09% छात्र और 86.23 छात्राएं सफल रही हैं। आर्ट्स और कॉमर्स में छात्राओं ने टॉप किया है। साइंस में समस्तीपुर के आदित्य प्रकाश ने टॉप किया है। आदित्य को 481 नंबर आए हैं। वहीं कॉमर्स में पटना की आदिति ने टॉप किया है। आदित्य को 480 नंबर आए है। वहीं आर्ट्स में गयाजी की रहने वाली नीशु कुमार ने बाजी मारी है। उन्हें 479 नंबर आए हैं। तीनों स्ट्रीम में कुल 26 टॉपर्स में 19 लड़कियां हैं। वहीं बांका जिले से टॉप 5 में किसी भी स्ट्रीम में छात्र-छात्राएं जगह नहीं बना पाएं हैं। 8वीं बार देश में सबसे पहले रिजल्ट बिहार बोर्ड पिछले 7 सालों से देश में सबसे पहले इंटर और मैट्रिक का परिणाम जारी करने वाला बोर्ड बना हुआ है। इस बार बोर्ड ने 8वीं बार यह रिकॉर्ड दोहरा है।
बिहार इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी हो गया है। 85.19% स्टूडेंट्स एग्जाम में पास हुए हैं। इसमें 84.09% छात्र और 86.23 छात्राएं सफल रही हैं। आर्ट्स और कॉमर्स में छात्राओं ने टॉप किया है। साइंस में समस्तीपुर के आदित्य प्रकाश ने टॉप किया है। आदित्य को 481 नंबर आए हैं। वहीं कॉमर्स में पटना की आदिति ने टॉप किया है। आदित्य को 480 नंबर आए है। वहीं आर्ट्स में गयाजी की रहने वाली नीशु कुमार ने बाजी मारी है। उन्हें 479 नंबर आए हैं। तीनों स्ट्रीम में कुल 26 टॉपर्स में 19 लड़कियां हैं। पिछले साल से 1% कम रहा रिजल्ट साल 2025 में 86.56% छात्र सफल हुए थे। साइंस में पश्चिमी चंपारण की प्रिया जायसवाल ने 484 अंक (96.8 प्रतिशत) के साथ टॉप किया था। आर्ट्स में वैशाली की अंकिता कुमारी और बक्सर के शाकिब शाह ने 473-473 अंक (94.6 प्रतिशत) हासिल किए थे। कॉमर्स वर्ग में वैशाली की रौशनी कुमारी ने 475 अंक (95.1 प्रतिशत) लाकर पहला स्थान पाया था। भोजपुर में कुल 45,918 परीक्षार्थी एग्जाम में शामिल हुए थे भोजपुर में इस साल इंटर के एग्जाम में कुल 45,918 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। इनमें 23,929 छात्र और 21,979 छात्राएं शामिल हैं। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बिहार बोर्ड ऑफिस में परिणाम घोषित किया। इस दौरान बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर भी मौजूद रहे। 12वीं साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स- तीनों संकायों का परिणाम एक साथ जारी किया गया है। इस साल करीब 13 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा 1 फरवरी से 15 फरवरी 2026 के बीच ली गई थी। 35 दिन के अंदर नतीजे जारी किए गए हैं। इसके साथ ही बिहार बोर्ड देश में लगातार 8वीं बार सबसे पहले रिजल्ट जारी करने वाला राज्य बन गया है। पिछले साल 2025 में 86 फीसदी से ज्यादा छात्र सफल रहे थे। तीनों स्ट्रीम में लड़कियों ने टॉप किया था। इन वेबसाइटों पर देख सकते हैं रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in results.biharboardonline.com www.digilocker.gov.in onlinebseb.in secondary.biharboardonline.com SMS से भी देख सकेंगे रिजल्ट ऑनलाइन रिजल्ट देखने वालों की संख्या ज्यादा होने पर कई बार साइट क्रैश करने लगाता है। ऐसी स्थिति में स्टूडेंट मैसेज के जरिए भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके लिए मोबाइल से BIHAR 12 लिखकर अपने रोल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ 56263 पर SMS भेजना होगा। कुछ ही देर में रिजल्ट मोबाइल पर मिल जाएगा। मोबाइल पर मैसेज टाइप करें- BIHAR12 रोल या रजिस्ट्रेशन नंबर। इसके बाद इसे 56263 पर SMS कर दे। कुछ देर बाद ही SMS के जरिए आपको रिजल्ट मिल जाएगा। 8वीं बार देश में सबसे पहले रिजल्ट बिहार बोर्ड पिछले 7 सालों से देश में सबसे पहले इंटर और मैट्रिक का परिणाम जारी करने वाला बोर्ड बना हुआ है। इस बार बोर्ड ने 8वीं बार यह रिकॉर्ड दोहरा है।
बिहार इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी हो गया है। औरंगाबाद में सुजाता वर्मा आर्ट्स में जिला टॉपर हैं। उन्होंने 470 नंबर लाया है। सुजाता ओवरा के पूर्णाडिह गांव की रहने वाली है। सुजाता कहती हैं कि मैं सामान्य दिनों में 6 घंटे और एग्जाम के टाइम 8 घंटे तक पढ़ाई करती थी। हर दिन 7 किमी दूर स्कूल जाना मेरे लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। पढ़ाई के लिए मैंने सोशल मीडिया से दूरी बनाई। आगे जाकर मैं सिविल सर्विस की तैयारी करना चाहती हूं। देश सेवा मेरा सपना है। 2022 में चचेरी बहन सुनिधि कुमारी भी कॉमर्स में जिला टॉपर रह चुकी है। मेरी सफलता का श्रेय शिक्षकों का मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग को जाता है। पिता सूरत में काम करते हैं सुजाता कहती हैं कि मैंने स्कूली शिक्षा कन्या उच्च विद्यालय ओबरा से पूरी की है, जबकि 10वीं की परीक्षा लॉर्ड बुद्धा पब्लिक स्कूल से पास की है। पिता अमरजीत कुमार वर्मा और मां पुष्पा वर्मा सूरत में निजी कंपनी में काम करते हैं। परिवार का मुख्य पेशा खेती है। सुजाता कहती हैं कि सीमित संसाधनों के बाद भी हर महीने मुझे 2 हजार रुपए मिलते थे, जिससे मैं अपनी पढ़ाई करती थी। 84.09% छात्र और 86.23 छात्राएं सफल रहे इस बार 85.19% स्टूडेंट्स एग्जाम में पास हुए हैं। इसमें 84.09% छात्र और 86.23 छात्राएं सफल रहे। आर्ट्स और कॉमर्स में छात्राओं ने टॉप किया है। साइंस में छात्र ने बाजी मारी है। औरंगाबाद में जिले से एग्जाम में 39,696 स्टूडेंट्स शामिल हुए थे। इंटर परीक्षा में संकायवार आंकड़ों की बात करें तो कामर्स में 400, आर्ट्स में 18,870 और साइंस में 20,426 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच इंटरमीडिएट की परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र के अंदर जूता मोजा पहन कर भी जाने की अनुमति नहीं थी। कदाचार मुक्त परीक्षा के आयोजन को लेकर जिला प्रशासन लगातार सजग रही। नकल करने वाले परीक्षार्थियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई देखी गई थी। पिछले साल कॉमर्स में पवई की रहने वाली सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज की छात्रा अंतरा खुशी 473 अंक लाकर राज्य में दूसरे स्थान पर रही थीं। इससे पहले भी कई बार औरंगाबाद के छात्रों ने टॉप 10 में स्थान लाया है। यहां देख सकते हैं रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in results.biharboardonline.com www.digilocker.gov.in onlinebseb.in secondary.biharboardonline.com SMS से भी देख सकेंगे रिजल्ट ऑनलाइन रिजल्ट देखने वालों की संख्या ज्यादा होने पर कई बार साइट क्रैश करने लगाता है। ऐसी स्थिति में स्टूडेंट मैसेज के जरिए भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके लिए मोबाइल से BIHAR 12 लिखकर अपने रोल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ 56263 पर SMS भेजना होगा। कुछ ही देर में रिजल्ट मोबाइल पर मिल जाएगा। मोबाइल पर मैसेज टाइप करें- BIHAR12 रोल या रजिस्ट्रेशन नंबर। इसके बाद इसे 56263 पर SMS कर दे। कुछ देर बाद ही SMS के जरिए आपको रिजल्ट मिल जाएगा।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा घोषित इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के परिणाम में मधेपुरा जिले के छात्र-छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है। तीनों संकाय आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस में कई विद्यार्थियों ने शानदार अंक प्राप्त कर टॉप थ्री सूची में जगह बनाई है। आर्ट्स संकाय में आस्था प्रियदर्शी अव्वल आर्ट्स संकाय में जवाहर प्लस टू स्कूल, रामनगर बेला (कुमारखंड) की छात्रा आस्था प्रियदर्शी ने 461 अंक प्राप्त कर जिले में शीर्ष स्थान हासिल किया। वहीं बीएसएससी कॉलेज, उदाकिशुनगंज की छात्रा कोमल कुमारी ने 453 अंक के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा, इसी स्कूल की साक्षी कुमारी ने 451 अंक हासिल किए। पारसमणी हाई स्कूल, गम्हरिया की सिमरन कुमारी और उत्क्रमित उच्च माध्यमिक स्कूल, दुर्गापुर (पुरैनी) के छात्र सौरभ कुमार ने भी 451-451 अंक लाकर तीसरा स्थान प्राप्त किया। कॉमर्स संकाय में नवीन कुमार टॉपरकॉमर्स संकाय में मधेपुरा इंटर कॉलेज के छात्र नवीन खिरहरी ने 445 अंक प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया। आदर्श इंटर कॉलेज, घैलाढ़ जीवछपुर के छात्र यश राज ने 437 अंक के साथ दूसरा स्थान पाया, जबकि इसी कॉलेज के रामकृष्ण कुमार और आरकेजेएल खुरहान, आलमनगर के छात्र सौरव कुमार अग्रवाल ने 433 अंक लाकर संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त किया। साइंस संकाय में शिवानी और आशुतोष संयुक्त टॉपरसाइंस संकाय में एसबीजेएस प्लस टू स्कूल, उदाकिशुनगंज की छात्रा शिवानी कुमारी ने 462 अंक प्राप्त कर जिले में टॉप किया। वहीं बीपी शास्त्री कॉलेज, बभनगामा के छात्र आशुतोष स्मित ने भी 462 अंक हासिल कर संयुक्त रूप से पहला स्थान प्राप्त किया। आरपीएम इंटर कॉलेज, तुनियाही की छात्रा निधि कुमारी ने 458 अंक के साथ शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। U.M.S दुलार पिपराही सिंहेश्वर के छात्र अंशु कुमार ने 454 अंक लाकर कर तीसरा स्थान हासिल किया। इन वेबसाइटों पर देख सकते हैं रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in results.biharboardonline.com www.digilocker.gov.in onlinebseb.in secondary.biharboardonline.com SMS से भी देख सकेंगे रिजल्ट ऑनलाइन रिजल्ट देखने वालों की संख्या ज्यादा होने पर कई बार साइट क्रैश करने लगाता है। ऐसी स्थिति में स्टूडेंट मैसेज के जरिए भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके लिए मोबाइल से BIHAR 12 लिखकर अपने रोल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ 56263 पर SMS भेजना होगा। कुछ ही देर में रिजल्ट मोबाइल पर मिल जाएगा। मोबाइल पर मैसेज टाइप करें- BIHAR12 रोल या रजिस्ट्रेशन नंबर। इसके बाद इसे 56263 पर SMS कर दे। कुछ देर बाद ही SMS के जरिए आपको रिजल्ट मिल जाएगा। 8वीं बार देश में सबसे पहले रिजल्ट बिहार बोर्ड पिछले 7 सालों से देश में सबसे पहले इंटर और मैट्रिक का परिणाम जारी करने वाला बोर्ड बना हुआ है। इस बार बोर्ड ने 8वीं बार यह रिकॉर्ड दोहरा है। साल 2025 में साइंस में पश्चिमी चंपारण की प्रिया जायसवाल ने 484 अंक (96.8 प्रतिशत) के साथ टॉप किया था। आर्ट्स में वैशाली की अंकिता कुमारी और बक्सर के शाकिब शाह ने 473-473 अंक (94.6 प्रतिशत) हासिल किए थे। कॉमर्स वर्ग में वैशाली की रौशनी कुमारी ने 475 अंक (95.1 प्रतिशत) लाकर पहला स्थान पाया था। बिहार में 84.09% छात्र और 86.23 छात्राएं सफल रही बिहार इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा 2026 में 85.19% स्टूडेंट्स एग्जाम में पास हुए हैं। इसमें 84.09% छात्र और 86.23 छात्राएं सफल रही हैं। आर्ट्स और कॉमर्स में छात्राओं ने टॉप किया है। साइंस में छात्र ने बाजी मारी है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बिहार बोर्ड ऑफिस में परिणाम घोषित किया। इस दौरान बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर भी मौजूद रहे। 12वीं साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स- तीनों संकायों का परिणाम एक साथ जारी किया गया है। इस साल करीब 13 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा 1 फरवरी से 15 फरवरी 2026 के बीच ली गई थी। 35 दिन के अंदर नतीजे जारी किए गए हैं। इसके साथ ही बिहार बोर्ड देश में लगातार 8वीं बार सबसे पहले रिजल्ट जारी करने वाला राज्य बन गया है। पिछले साल 2025 में 86 फीसदी से ज्यादा छात्र सफल रहे थे। तीनों स्ट्रीम में लड़कियों ने टॉप किया था।
बिहार इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी हो गया है। समस्तीपुर से आदित्य प्रकाश ने साइंस में टॉप किया है। आदित्य कहते हैं कि मैं करीब 8 घंटे तक पढ़ाई करता था। राइटिंग स्किल पर ज्यादा फोकस करता था। मैट्रिक तक सिमुलतला में पढ़ाई की, इसके बाद समस्तीपुर में 10 प्लस टू की पढ़ाई की। एक भाई और एक बहन है। बहन छोटी है जो सिमुलतला में ही पढ़ाई करती है। पिता जी बख्तियारपुर सरकारी स्कूल में डेड मास्टर हैं, जबकि मां गृहणी हैं। दलसिंहसराय के एक छोटे से किराए के मकान में हमलोग रहते हैं। मैं आगे जाकर डॉक्टर बनना चाहता हूं। छोटे शहर में लोगों की सेवा करना चाहता हूं। तीनों स्ट्रीम में कुल 26 टॉपर्स में 19 लड़कियां हैं तीनों स्ट्रीम में कुल 26 टॉपर्स में 19 लड़कियां हैं। कॉमर्स में पटना की अदिति कुमारी ने टॉप किया है। आर्ट्स में गयाजी की निशु कुमारी ने बाजी मारी है। 85.19% स्टूडेंट्स एग्जाम में पास हुए हैं। इसमें 84.09% छात्र और 86.23 छात्राएं सफल रही हैं। आर्ट्स और कॉमर्स में छात्राओं ने टॉप किया है। साइंड में छात्र ने बाजी मारी है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बिहार बोर्ड ऑफिस में परिणाम घोषित किया। इस दौरान बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर भी मौजूद रहे। 12वीं साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स- तीनों संकायों का परिणाम एक साथ जारी किया गया है। इस साल करीब 13 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा 1 फरवरी से 15 फरवरी 2026 के बीच ली गई थी। 35 दिन के अंदर नतीजे जारी किए गए हैं। इसके साथ ही बिहार बोर्ड देश में लगातार 8वीं बार सबसे पहले रिजल्ट जारी करने वाला राज्य बन गया है। पिछले साल 2025 में 86 फीसदी से ज्यादा छात्र सफल रहे थे। तीनों स्ट्रीम में लड़कियों ने टॉप किया था। समस्तीपुर में 64 हजार 355 परीक्षार्थी एग्जाम में हुए थे शामिल समस्तीपुर के 79 परीक्षा केंद्रों पर इंटर की परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई थी। इस बार 64 हजार 355 परीक्षार्थी इस परीक्षा में शामिल हुए, जिसमें 34 हजार 513 छात्र और 29 हजार 842 छात्राएं शामिल हुए। समस्तीपुर मुख्यालय में 50 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जिसमें 34 परीक्षा केंद्र लड़कों के लिए निर्धारित किया गया था जबकि 16 परीक्षा केंद्र लड़कियों के लिए आवंटित था। वहीं, जिले के पटोरी में 9 रोसरा में 14 और दलसिंहसराय में 6 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इन वेबसाइटों पर देख सकते हैं रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in results.biharboardonline.com www.digilocker.gov.in onlinebseb.in secondary.biharboardonline.com SMS से भी देख सकेंगे रिजल्ट ऑनलाइन रिजल्ट देखने वालों की संख्या ज्यादा होने पर कई बार साइट क्रैश करने लगाता है। ऐसी स्थिति में स्टूडेंट मैसेज के जरिए भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके लिए मोबाइल से BIHAR 12 लिखकर अपने रोल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ 56263 पर SMS भेजना होगा। कुछ ही देर में रिजल्ट मोबाइल पर मिल जाएगा। मोबाइल पर मैसेज टाइप करें- BIHAR12 रोल या रजिस्ट्रेशन नंबर। इसके बाद इसे 56263 पर SMS कर दे। कुछ देर बाद ही SMS के जरिए आपको रिजल्ट मिल जाएगा। 8वीं बार देश में सबसे पहले रिजल्ट बिहार बोर्ड पिछले 7 सालों से देश में सबसे पहले इंटर और मैट्रिक का परिणाम जारी करने वाला बोर्ड बना हुआ है। इस बार बोर्ड ने 8वीं बार यह रिकॉर्ड दोहरा है। साल 2025 में साइंस में पश्चिमी चंपारण की प्रिया जायसवाल ने 484 अंक (96.8 प्रतिशत) के साथ टॉप किया था। आर्ट्स में वैशाली की अंकिता कुमारी और बक्सर के शाकिब शाह ने 473-473 अंक (94.6 प्रतिशत) हासिल किए थे। कॉमर्स वर्ग में वैशाली की रौशनी कुमारी ने 475 अंक (95.1 प्रतिशत) लाकर पहला स्थान पाया था।
बिहार इंटरमीडिएट परीक्षा का रिजल्ट जारी हो गया है। आर्ट्स में गयाजी जिले के खिजरसराय यशवंत इंटर स्कूल की स्टूडेंट निशु कुमारी ने टॉप किया है। निशु खिजरसराय के लोदीपुर की रहने वाली है। वह अपने स्कूल की रेग्युलर स्टूडेंट रही है। निशु ने कहा कि मैट्रिक में 465 नंबर थे। टॉप होने से चूक गई थी। उसी समय ठान लिया था कि इंटर में टॉप करना है। लेक्चर सुनती थी और रिवीजन-प्रैक्टिस भी किया करती थी। मैं करीब 8 घंटे पढ़ाई करती थी। मेरे पापा किसान हैं। इंटर के एग्जाम शुरू होने से 20 दिन पहले मेरे नाना की डेथ हो गई थी। उस दिन मैं नानी घर गई थी, उसी दिन लौट आई। मां रोक रही थी, पर मैं नहीं रुकी। सपना पूरा करने के लिए मेहनत से पड़ाई पूरी करनी है। निशु काफी इंटेलिजेंट स्टूडेंट शुरू से रही है स्कूल के शिक्षक मनोज कुमार ने बताया कि निशु काफी इंटेलिजेंट स्टूडेंट शुरू से रही है। हमलोगों को विश्वास था कि वो टॉप करेगी। मैट्रिक की परीक्षा में निशु 2 नम्बर से टॉप होने में चूक गई थी। उस समय उसे भरोसा दिया गया था कि घबराओ नहीं तुम जरूर टॉप करेगी। आज वह टॉप कर गई। उन्होंने बताया कि परीक्षा देने के बाद ही निशु ने कहा था कि उसे इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। बीती 19 मार्च को उसे पटना इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था। इंटरव्यू देने के बाद वह पूरी तरह से आश्वस्त हो गई थी कि वह टॉप करने जा रही है। आज रिजल्ट आया तो उसकी बातें सच साबित हो गई। निशु शुरू से ही अनुशासित रही है- प्रिंसिपल स्कूल की प्रिंसिपल लता सिन्हा ने बताया कि निशु काफी अनुशासित स्टूडेंट रही है। उसके कॉन्फिडेंस को देख कर हमलोगों का कॉन्फिडेंस बढ़ जाता था। जब बोर्ड से निशु के प्रैक्टिकल कॉपी मंगवाई गई तो हमें विश्वास हो गया कि अब निशु टॉप करने जा रही है। निशु ने शानदार प्रदर्शन किया है। सभी सब्जेक्ट में 100 में 100 आए हैं। गयाजी के 72,698 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे गयाजी जिले की बात करें तो यहां से 72 हजार 698 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा को लेकर जिले में व्यापक इंतजाम किए गए थे। कुल 62 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। सदर अनुमंडल में सबसे अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा 2 फरवरी से 13 फरवरी के बीच आयोजित हुई थी। पूरी परीक्षा कड़े सुरक्षा इंतजाम के बीच हुई। कदाचार रोकने के लिए सख्ती दिखी। छात्राओं के दो पालियों में परीक्षा ली गई। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शुरू हुई थी। बिहार इंटरमीडिएट में कुल 85.19% स्टूडेंट्स एग्जाम में पास बिहार इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी हो गया है। 85.19% स्टूडेंट्स एग्जाम में पास हुए हैं। इसमें 84.09% छात्र और 86.23 छात्राएं सफल रही हैं। आर्ट्स और कॉमर्स में छात्राओं ने टॉप किया है। साइंस में छात्र ने बाजी मारी है। तीनों स्ट्रीम में कुल 26 टॉपर्स में 19 लड़कियां हैं। आर्ट्स में गयाजी की निशु कुमारी ने बाजी मारी है। समस्तीपुर के आदित्य प्रकाश ने साइंस में टॉप किया है। कॉमर्स में पटना की अदिति कुमारी ने टॉप किया है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बिहार बोर्ड ऑफिस में परिणाम घोषित किया। इस दौरान बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर भी मौजूद रहे। 12वीं साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स- तीनों संकायों का परिणाम एक साथ जारी किया गया है। इस साल करीब 13 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा 1 फरवरी से 15 फरवरी 2026 के बीच ली गई थी। 35 दिन के अंदर नतीजे जारी किए गए हैं। इसके साथ ही बिहार बोर्ड देश में लगातार 8वीं बार सबसे पहले रिजल्ट जारी करने वाला राज्य बन गया है। पिछले साल 2025 में 86 फीसदी से ज्यादा छात्र सफल रहे थे। तीनों स्ट्रीम में लड़कियों ने टॉप किया था। अब तीनों स्ट्रीम के टॉपर्स की लिस्ट देखिए… पिछले साल से 1% कम रहा रिजल्ट इस साल 85.19% छात्र पास हुए हैं। साल 2025 में 86.56% छात्र सफल हुए थे। इस बार का रिजल्ट पिछली बार से 1 फीसदी कम रहा। पिछले साल साइंस में पश्चिमी चंपारण की प्रिया जायसवाल ने 484 अंक (96.8 प्रतिशत) के साथ टॉप किया था। आर्ट्स में वैशाली की अंकिता कुमारी और बक्सर के शाकिब शाह ने 473-473 अंक (94.6 प्रतिशत) हासिल किए थे। कॉमर्स वर्ग में वैशाली की रौशनी कुमारी ने 475 अंक (95.1 प्रतिशत) लाकर पहला स्थान पाया था। 35 दिनों के अंदर जारी हुआ रिजल्ट शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बिहार बोर्ड ऑफिस में परिणाम घोषित किया। इस दौरान बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर भी मौजूद रहे। 12वीं साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स- तीनों संकायों का परिणाम एक साथ जारी किया गया है। इस साल करीब 13 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा 1 फरवरी से 15 फरवरी 2026 के बीच ली गई थी। 35 दिन के अंदर नतीजे जारी किए गए हैं। इसके साथ ही बिहार बोर्ड देश में लगातार 8वीं बार सबसे पहले रिजल्ट जारी करने वाला राज्य बन गया है। पिछले साल 2025 में 86 फीसदी से ज्यादा छात्र सफल रहे थे। तीनों स्ट्रीम में लड़कियों ने टॉप किया था। टॉपर्स को मिलेगा इनाम बिहार बोर्ड पांच टॉपर्स को इनाम देगा। इस बार इनाम की राशि दोगुनी कर दी गई है। प्रथम स्थान पर आने वाले छात्रों को 2 लाख, द्वितीय स्थान पर आने वाले छात्रों को 1.5 लाख और तीसरे स्थान लाने वाले स्टूडेंट्स को 1 लाख रुपए दिए जाएंगे। इन वेबसाइटों पर देख सकते हैं रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in results.biharboardonline.com www.digilocker.gov.in onlinebseb.in secondary.biharboardonline.com SMS से भी देख सकेंगे रिजल्ट ऑनलाइन रिजल्ट देखने वालों की संख्या ज्यादा होने पर कई बार साइट क्रैश करने लगाता है। ऐसी स्थिति में स्टूडेंट मैसेज के जरिए भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके लिए मोबाइल से BIHAR 12 लिखकर अपने रोल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ 56263 पर SMS भेजना होगा। कुछ ही देर में रिजल्ट मोबाइल पर मिल जाएगा। मोबाइल पर मैसेज टाइप करें- BIHAR12 रोल या रजिस्ट्रेशन नंबर। इसके बाद इसे 56263 पर SMS कर दे। कुछ देर बाद ही SMS के जरिए आपको रिजल्ट मिल जाएगा। 8वीं बार देश में सबसे पहले रिजल्ट बिहार बोर्ड पिछले 7 सालों से देश में सबसे पहले इंटर और मैट्रिक का परिणाम जारी करने वाला बोर्ड बना हुआ है। इस बार बोर्ड ने 8वीं बार यह रिकॉर्ड दोहरा है।
इंटर का रिजल्ट जारी हो गया है। दरभंगा के 4 छात्र-छात्राओं ने टॉप सूची में जगह बनाई है। सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के सहनपुर निवासी सत्यम कुमार ने साइंस में 95.2 प्रतिशत (476 नंबर) लाकर बिहार में चौथा स्थान हासिल किया है। बहारदुरपुर प्रखंड की छात्रा निशु कुमारी ने आर्ट्स में 95.49 प्रतिशत (477 अंक) के साथ बिहार में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। निशु प्लस टू सेकेंडरी स्कूल बरूआड़ा की छात्रा है। केवटी प्रखंड के रैयाम थाना क्षेत्र के रहने वाली स्वीटी कुमारी ने 95.20 प्रतिशत (476 अंक) लाए हैं। आर्ट्स में स्वीटी ने पूरे बिहार में चौथी जगह बनाई है। प्लस टू एलएमएचएस आनंदपुर के छात्र मनीष कुमार ने 95 प्रतिशत (475 अंक) के साथ आर्ट्स में राज्य में 5वां स्थान हासिल किया है। 85.19% स्टूडेंट्स एग्जाम में पास बिहार इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी हो गया है। 85.19% स्टूडेंट्स एग्जाम में पास हुए हैं। इसमें 84.09% छात्र और 86.23 छात्राएं सफल रही हैं। आर्ट्स और कॉमर्स में छात्राओं ने टॉप किया है। साइंड में छात्र ने बाजी मारी है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बिहार बोर्ड ऑफिस में परिणाम घोषित किया। इस दौरान बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर भी मौजूद रहे। 12वीं साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स- तीनों संकायों का परिणाम एक साथ जारी किया गया है। इस साल करीब 13 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा 1 फरवरी से 15 फरवरी 2026 के बीच ली गई थी। 35 दिन के अंदर नतीजे जारी किए गए हैं। इसके साथ ही बिहार बोर्ड देश में लगातार 8वीं बार सबसे पहले रिजल्ट जारी करने वाला राज्य बन गया है। दरभंगा में 48,994 परीक्षार्थी एग्जाम में शामिल हुए थे दरभंगा में कुल 48,994 परीक्षार्थी एग्जाम में शामिल हुए थे। इनमें 23,007 छात्र और 25,987 छात्राएं शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 12वीं बोर्ड के एग्जाम में शामिल कुल परीक्षार्थियों में इस बार छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक है। जिले में आर्ट्स के सबसे ज्यादा 32,227 परीक्षार्थी शामिल हुए। इनमें 11,743 छात्र और 20,484 छात्राएं हैं। वहीं, साइंस संकाय में कुल 14,069 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें 9,322 छात्र और 4,747 छात्राएं हैं। कॉमर्स संकाय में कुल 2,671 परीक्षार्थी शामिल हुए, जिनमें 1,923 छात्र और 748 छात्राएं हैं। इसके अलावा, वोकेशनल कोर्स में कुल 27 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें 19 छात्र और 8 छात्राएं शामिल हैं। इन वेबसाइटों पर देख सकते हैं रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in results.biharboardonline.com www.digilocker.gov.in onlinebseb.in secondary.biharboardonline.com SMS से भी देख सकेंगे रिजल्ट ऑनलाइन रिजल्ट देखने वालों की संख्या ज्यादा होने पर कई बार साइट क्रैश करने लगाता है। ऐसी स्थिति में स्टूडेंट मैसेज के जरिए भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके लिए मोबाइल से BIHAR 12 लिखकर अपने रोल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ 56263 पर SMS भेजना होगा। कुछ ही देर में रिजल्ट मोबाइल पर मिल जाएगा। मोबाइल पर मैसेज टाइप करें- BIHAR12 रोल या रजिस्ट्रेशन नंबर। इसके बाद इसे 56263 पर SMS कर दे। कुछ देर बाद ही SMS के जरिए आपको रिजल्ट मिल जाएगा। 8वीं बार देश में सबसे पहले रिजल्ट बिहार बोर्ड पिछले 7 सालों से देश में सबसे पहले इंटर और मैट्रिक का परिणाम जारी करने वाला बोर्ड बना हुआ है। इस बार बोर्ड ने 8वीं बार यह रिकॉर्ड दोहरा है। साल 2025 में साइंस में पश्चिमी चंपारण की प्रिया जायसवाल ने 484 अंक (96.8 प्रतिशत) के साथ टॉप किया था। आर्ट्स में वैशाली की अंकिता कुमारी और बक्सर के शाकिब शाह ने 473-473 अंक (94.6 प्रतिशत) हासिल किए थे। कॉमर्स वर्ग में वैशाली की रौशनी कुमारी ने 475 अंक (95.1 प्रतिशत) लाकर पहला स्थान पाया था।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की ओर से इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 का रिजल्ट आज, 23 मार्च को दोपहर 1:30 बजे जारी किया गया। इसकी आधिकारिक जानकारी बोर्ड के अध्यक्ष आनन्द किशोर ने दी है। रिजल्ट की घोषणा शिक्षा विभाग, बिहार के मंत्री सुनील कुमार द्वारा पटना में जारी किया गया है। इस मौके पर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर भी मौजूद रहे। रिजल्ट जारी होते ही लाखों छात्र-छात्राओं का इंतजार खत्म हो गया, जो पिछले कई दिनों से अपने परिणाम का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। 2 से 13 फरवरी तक हुई थी परीक्षा बिहार बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा 2 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक राज्यभर में आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में विज्ञान, कला और वाणिज्य संकाय के लाखों परीक्षार्थियों ने भाग लिया था। परीक्षा समाप्त होने के बाद से ही कॉपियों के मूल्यांकन का कार्य तेजी से पूरा किया गया, ताकि समय पर रिजल्ट जारी किया जा सके। हर साल की तरह इस बार भी बोर्ड ने समयबद्ध तरीके से परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी कर एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली का प्रदर्शन किया है। इन वेबसाइट्स पर देख सकते हैं रिजल्ट रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट्स पर जाकर अपना परिणाम देख सकते हैं। इसके लिए छात्रों को अपना रोल नंबर और रोल कोड दर्ज करना होगा। मुख्य वेबसाइट्स: results.biharboardonline.com biharboardonline.bihar.gov.in interbiharboard.com seniorsecondary.biharboardonline.com रिजल्ट लिंक जारी होने के तुरंत बाद एक्टिव कर दिया जाएगा, जिससे छात्र बिना देरी के अपना स्कोर चेक कर सकें। डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड करने की सुविधा छात्र रिजल्ट जारी होने के बाद अपनी डिजिटल मार्कशीट भी ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। यह मार्कशीट प्रारंभिक उपयोग के लिए मान्य होगी। बाद में स्कूलों के माध्यम से ओरिजिनल मार्कशीट वितरित की जाएगी। बोर्ड की ओर से यह भी सुनिश्चित किया गया है कि वेबसाइट्स पर अधिक ट्रैफिक के बावजूद छात्र आसानी से अपना परिणाम देख सकें। टॉपर्स लिस्ट और पास प्रतिशत भी होगा जारी रिजल्ट के साथ ही बोर्ड द्वारा टॉपर्स की सूची, स्ट्रीम-वाइज पास प्रतिशत और अन्य महत्वपूर्ण आंकड़े भी जारी किए जाएंगे। इससे यह साफ हो सकेगा कि इस वर्ष किस संकाय में छात्रों का प्रदर्शन बेहतर रहा है। टॉपर्स के इंटरव्यू और उनकी सफलता की कहानी भी बाद में सामने आएगी, जो अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। फर्जी लिंक से सावधान रहने की अपील बोर्ड और शिक्षा विभाग ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट्स पर ही रिजल्ट चेक करें। कई बार फर्जी वेबसाइट्स और लिंक के जरिए साइबर ठगी की घटनाएं सामने आती हैं, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति आज सोमवार को इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी करने जा रही है। थोड़ी ही देर में शिक्षा मंत्री सुनील कुमार बिहार बोर्ड ऑफिस में परिणाम घोषित करेंगे। इस दौरान बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर भी मौजूद रहेंगे। 12वीं साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स- तीनों संकायों का परिणाम एक साथ जारी किया जाएगा। इस साल करीब 13 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा 1 फरवरी से 15 फरवरी 2026 के बीच ली गई थी। रिजल्ट को लेकर छात्रों में उत्सुकता है। पिछले साल 2025 में 86 फीसदी से ज्यादा छात्र सफल रहे थे। तीनों स्ट्रीम में लड़कियों ने टॉप किया था। इन वेबसाइटों पर देख सकते हैं रिजल्ट SMS से भी देख सकेंगे रिजल्ट ऑनलाइन रिजल्ट देखने वालों की संख्या ज्यादा होने पर कई बार साइट क्रैश करने लगाता है। ऐसी स्थिति में स्टूडेंट मैसेज के जरिए भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके लिए मोबाइल से BIHAR 12 लिखकर अपने रोल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ 56263 पर SMS भेजना होगा। कुछ ही देर में रिजल्ट मोबाइल पर मिल जाएगा। मोबाइल पर मैसेज टाइप करें- BIHAR12 रोल या रजिस्ट्रेशन नंबर। इसके बाद इसे 56263 पर SMS कर दे। कुछ देर बाद ही SMS के जरिए आपको रिजल्ट मिल जाएगा। 8वीं बार सबसे पहले रिजल्ट जारी करेगा बिहार बिहार बोर्ड पिछले 7 सालों से देश में सबसे पहले इंटर और मैट्रिक का परिणाम जारी करने वाला बोर्ड बना हुआ है। इस बार बोर्ड 8वीं बार यह रिकॉर्ड दोहराने की तैयारी में है। साल 2025 में साइंस में पश्चिमी चंपारण की प्रिया जायसवाल ने 484 अंक (96.8 प्रतिशत) के साथ टॉप किया था। आर्ट्स में वैशाली की अंकिता कुमारी और बक्सर के शाकिब शाह ने 473-473 अंक (94.6 प्रतिशत) हासिल किए थे। कॉमर्स वर्ग में वैशाली की रौशनी कुमारी ने 475 अंक (95.1 प्रतिशत) लाकर पहला स्थान पाया था। रिजल्ट से पहले टॉपर का होता है इंटरव्यू परिणाम जारी होने से पहले बोर्ड टॉपर छात्रों का इटरव्यू और जांच करता है। इसमें छात्रों को बोर्ड कार्यालय बुलाया जाता है, जहां विषय से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं। साथ ही उनकी लिखावट का उत्तर पुस्तिका से मिलान और अंकों की जांच की जाती है।
खगड़िया में सोमवार सुबह बिहार दिवस के अवसर पर गोगरी अनुमंडल में एक मैराथन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी नवीन कुमार के निर्देशन में हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बन गया। सुबह से ही गोगरी के विभिन्न इलाकों में प्रतिभागियों की भीड़ जुटने लगी थी। बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों सहित सभी आयु वर्ग के लोगों ने इस मैराथन में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कई प्रतिभागी तिरंगा और बिहार दिवस के संदेश वाले बैनर लेकर दौड़ते दिखे, जिससे कार्यक्रम स्थल पर देशभक्ति और गर्व का माहौल बन गया। ''स्वस्थ शरीर ही एक मजबूत समाज और विकसित राज्य की नींव'' इस मैराथन का उद्देश्य केवल एक प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं था, बल्कि लोगों के बीच स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इसका लक्ष्य युवाओं को खेलों के लिए प्रेरित करना और समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना भी था। आयोजकों ने संदेश दिया कि स्वस्थ शरीर ही एक मजबूत समाज और विकसित राज्य की नींव होता है। प्रशासन ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की थीं। सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था, साथ ही यातायात व्यवस्था, पेयजल और प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) जैसी आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं। आयोजन स्थल पर एक मेडिकल टीम भी मौजूद थी, ताकि आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्रदान की जा सके। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता, भाईचारे और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। यह बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी एक सशक्त माध्यम है। बल्कि स्वास्थ्य, खेल और सामाजिक एकता के प्रति भी पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध हैं। यह आयोजन निश्चित रूप से बिहार दिवस के जश्न को एक नई पहचान देने में सफल रहा।
समस्तीपुर में बिहार दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। समारोह में वारिसनगर के जदयू विधायक और साइंटिस्ट मांजरिक मृणाल भी पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि, जदयू युवाओं को आगे कर रही है। बड़ी जिम्मेवारी भी दे रही है। नीतीश कुमार के बाद जदयू में सबों की पहली पसंद निशांत भइया हैं। निशांत को ही बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। हालांकि, मुख्यमंत्री कौन होगा, यह एनडीए के नेता संयुक्त रूप से तय करेंगे। निशांत सभी को साथ लेकर चलेंगे जेडीयू विधायक ने आगे कहा कि युवा देश के भविष्य होते हैं। जदयू युवा को मौका भी दे रही है और उसे आगे भी कर रही है। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की सूचना पर उन्हें झटका लगा था, लेकिन अब निशांत कुमार आ चुके हैं। जदयू में निशांत कुमार ही एक ऐसा इंसान है जो सभी एक साथ लेकर चल सकते हैं। टीम निशांत बनाने पर बोले मांजरिक मृणाल टीम निशांत के गठन के सवाल पर मांजरिक मृणाल ने कहा कि, यह कोई अधिकारिक टीम नहीं है। बस वैसे ही निशांत जी से मिलने जुलने वाले लोगों को लेकर यह टीम बनाया गया है। ताकि युवा आपने सीनियर से सीख कर आगे बढ़ सकें। बिहार में नीतीश कुमार हैं, मुख्यमंत्री को लेकर खींचतान नहीं- श्रवण कुमार समारोह में जिला प्रभारी मंत्री श्रवण कुमार भी पहुंचे। उन्होंने कहा है कि अभी बिहार में नीतीश कुमार हैं। मुख्यमंत्री को लेकर कोई खींचातान नहीं हैं। जब नीतीश कुमार कहेंगे कि अब वह मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे तो उन्हीं के विचार से और एनडीए के बड़े नेता मिलकर यह फैसला लेंगे। इसका समय अभी नहीं आया है। समय आएगा तो सभी को सूचना मिल जाएगी।
पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाली गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इसमें एक महिला और एक नाबालिग में है। पकड़े गए तीन लोगों में बिहार के मुजफ्फरपुर का रहने वाला नौशाद अली उर्फ लालू भी शामिल है। मथुरा से गिरफ्तार आरोपित महिला मीरा मुंबई पुलिस की मुखबिर बताई जा रही है, जबकि फरीदाबाद से पकड़ा गया नौशाद जासूसी नेटवर्क के पूर्व में गिरफ्तार मुख्य आरोपित सुहेल मलिक उर्फ रोमियो का राइट हैंड है। वहीं, नाबालिग दिल्ली कैंट स्टेशन पर सोलर बेस्ड कैमरा लगाने के लिए आरोपितों के साथ गया था। अभी तक इसमें गैंग के सरगना मेरठ के सुहेल सहित 22 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। तीनों ने बताया कि सुहेल ने ही हमें ग्रुप में जोड़ा था। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि यह रेलवे स्टेशन, सुरक्षा बलों के फोटो वीडियो व्हाट्सएस ग्रुपों में पाकिस्तान भेजते थे। एक फोटो के इनकों 4 से 6 हजार रुपए मिलते थे। नौशाद अली उर्फ लालू फरीदाबाद के गांव नचौली में एक साल पहले खुले पेट्रोल पंप पर तीन महीने से पंचर बनाने की दुकान चला रहा था। वो 2 साल पहले मुजफ्फरपुर से दिल्ली गया था। सिलसिलेवार तरीके से जानिए कैसे पूरी गैंग देश की संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचा रहे थे और कैसे पुलिस ने इन्हें पकड़ा…. पहले जानिए बिहार के नौशाद की कहानी 3 महीने पहले खोली थी पंचर की दुकान नौशाद बिहार के मुजफ्फरपुर थाना काटी क्षेत्र के अंतर्गत हरचंदा गांव का रहने वाला रहने वाला है। जानकारी के अनुसार करीब तीन महीने पहले ही गांव नचौली स्थित खुले एक पेंट्रोल पंप पर नौशाद ने पंचर बनाने की दुकान शुरू की थी। नौशाद करीब दो साल पहले पिता जलालुद्दीन से एक लाख रुपए लेकर दिल्ली में पंक्चर की दुकान खोलने गया था। नौशाद के रहन-सहन में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखा। 16 मार्च को हुई गिरफ्तारी 16 मार्च की शाम गाजियाबाद पुलिस सादे कपड़ों में लोकेशन ढूंढते हुए पहुंची थी। पुलिसकर्मियों ने पहले एक-एक कर पेट्रोल पंप कर्मियों से नाम और मूल निवास पूछे। इस दौरान नौशाद वहीं बगल में हाथ देकर एक तरफ खड़ा रहा, मगर पुलिसकर्मियों ने उसकी तरफ ध्यान नहीं दिया। पुलिस ने जब कर्मचारियों से नौशाद अली नामक शख्स के बारे में पूछा तो पता चला कि पंचर की दुकाने लगाने वाले शख्स का नाम नौशाद अली उर्फ लालू है। जिसके बाद पुलिस उसको पकड़ कर ले गई। पुलिस ने इस दौरान उसका मोबाइल भी अपने कब्जे में ले लिया। पूर्व मैनेजर ने खुलवाई थी दुकान पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने बताया कि बिहार के मुजफ्फरपुर के कांटी थाना क्षेत्र के रहनेवाले पूर्व मैनेजर रविन्द्र ने नौशाद की पंचर बनाने की दुकान खुलवाई थी। पुलिस की जांच में सामने आया है कि रविंदर ने मेवला महाराजपुर पेट्रोल पंप पर पंचर की दुकान करने वाले मुमताज से संपर्क किया। जिसके बाद मुमताज ने नौशाद को संपर्क कर कोलकाता से वापस बुला लिया और उसकी पंचर की दुकान गांव नचौली के पंप पर खुलवा दी। यंहा काम करने वाले संतोष नामक कर्मचारी ने बताया, ‘हिंदुस्तान पेट्रोलियम का यह पेट्रोल पंप फरीदाबाद के रहने वाले शिवशांत प्रसाद गुप्ता ने एक साल पहले खोला है। शुरू में लगा था कि पुलिस उसे किसी चोरी या झपटमारी जैसे मामले में पकड़कर ले गई है। इसलिए ज्यादा ध्यान नहीं दिया। रविवार को जब पुलिस पहुंची तो बताया कि उसके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा है, यह जानकर उन्हें हैरत हुई।’ मुजफ्फरपुर में पिता ने खरीदी संपत्ति नौशाद की गिरफ्तारी के बाद पैतृक गांव हरचंदा ने में तरह-तरह की चर्चा है। ग्रामीणों के अनुसार नौशाद के पिता जलालुद्दीन दो शादी की है। नौशाद दूसरी पत्नी का बेटा है। जलालुद्दीन हाल के सालों में गांव में महंगी जमीन खरीदने और संपत्ति बनाने करने के कारण चर्चा में रहा। चर्चा यह भी है कि बेटे की कमाई से ही यह संपत्ति बनाई है। फरीदाबाद में ही रहता है नौशाद का मामा राजा नौशाद का मामा अली राजा भी फरीदाबाद में रहता है। वो भी पंक्चर की दुकान चलाता है। उसने बताया कि 16 मार्च को नौशाद के पिता मोहम्मद जलाल का फोन आया था। उसने बताया था कि नौशाद काफी दिन से घर से लापता है, उसके बारे में कोई जानकारी मिले तो बताना, मगर तब उसे यह नहीं मालूम था कि नौशाद फरीदाबाद में ही काम कर रहा है। अब जानिए कैसे पाकिस्तान को भेजते थे जानकारी पाकिस्तानी एजेंट के संपर्क में था नौशाद गिरफ्तार मीरा और नौशाद पाकिस्तानी आका जोरा सिंह उर्फ सरदार से सीधे संपर्क में थे। पुलिस ने आरोपितों से तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मीरा के मोबाइल में संवेदनशील इलाकों के बड़ी संख्या में फोटो और वीडियो मिले हैं, जबकि नाबालिग और नौशाद के मोबाइल डाटा को डिलीट कर दिया गया था। मीरा हथियारों की तस्करी करती है। एक साल पहले दिल्ली की स्पेशल सेल ने उसे आर्म्स की तस्करी में छह अन्य आरोपितों के साथ पकड़ा था। पूछताछ में पता चला कि सुहेल के संपर्क में नौशाद करीब दो साल पहले दुर्गेश के माध्यम से आया था। इसके बाद इंटरनेट मीडिया के माध्यम से सुहेल के संपर्क में मीरा और इरम उर्फ महक आई। इसके बाद जासूसी नेटवर्क के गिरोह का संचालन सुहेल, नौशाद व समीर उर्फ शूटर करने लगे। 6 लोगों को 14 मार्च को पकड़ा कौशांबी थाना क्षेत्र से 6 लोगों को 14 मार्च को अरेस्ट किया। यह पुलिस रिमांड पर हैं। इनकी निशानदेही पर 6 अन्य लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। गिरफ्तार किए लोगों में सुहेल मलिक उर्फ रोमियो निवासी थाना परतापुर मेरठ (मूल निवासी नरगढ़ी, जिला बिजनौर), इरम उर्फ महक निवासी ग्राम ज्ञानपुर, जिला संभल, प्रवीन पुत्र मिंटूराम निवासी भोवापुरम थाना कौशांबी गाजियाबाद, राज वाल्मीकि पुत्र अरविंद निवासी गांव भोवापुर गाजियाबाद, शिवा वाल्मीकि पुत्र रवि कुमार निवासी भोवापुर, रितिक गंगवार निवासी गाजीपुर सब्जी मंडी भोवापुर (मूल निवासी गांव सुल्तानपुर थाना कटरा, जिला शाहजहांपुर) शामिल है। पाकिस्तान में कैमरों का एक्सेस गाजियाबाद पुलिस की जांच में पता चला कि ये लोग रेलवे स्टेशन और सुरक्षा बलों के ठिकानों की फोटो और वीडियो बनाकर कुछ लोगों को भेजते थे और इसके बदले उन्हें पैसे मिलते थे। इस गैंग का देशभर में करीब 50 सोलर कैमरे लगाने का प्लान था। दिल्ली-हरियाणा के रेलवे स्टेशनों पर कैमरे लगा भी दिए थे। पुलिस ने दोनों स्थानों के कैमरे रिकवर करते हुए जांच शुरू कर दी है। इन कैमरों को फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा। दिल्ली और साेनीपत में लगाए गए कैमरों का एक्सेस पाकिस्तान में था। यानी इनके सीधी वीडियो पाकिस्तान में देखी जा रहीं थी। 450 से अधिक फोटो वीडियो पाकिस्तान भेजे गए रिमांड पर सुहेल और अन्य सभी आरोपियों ने बताया कि हम लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग पाकिस्तान में बैठे लोगों को भेजते थे। हर कैमरे की इंस्टॉलेशन पर 10 हजार रुपए से लेकर रुपए 15 हजार मिलते थे। दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पर एक कैमरा इनस्टॉल किया है। 4 से 5 हजार रुपए भी अलग-अलग लोगों को मिले। हरियाणा के सोनीपत रेलवे स्टेशन के पास सोलर ऑपरेटेड दूसरा कैमरा लगाया। इसे गाजियाबाद पुलिस ने रिकवर कर लिया है। यूपी पुलिस, यूपी एटीएस और दिल्ली पुलिस व हरियाणा पुलिस भी पूछताछ कर चुकी हैं। जांच एजेंसियों की पूछताछ में सामने आया है सुहेल ने एक व्हाट्सअप ग्रुप बनाया था। इसमें वह लोगों को पाकिस्तान से जुड़े फोटो-वीडियो भेज रहे थे।
मोतिहारी में बिहार दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड स्तर तक बिहार दिवस की धूम रही। बापू सभागार में आयोजित मुख्य समारोह में स्थानीय कलाकारों और स्कूली छात्र-छात्राओं ने आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने जिलेवासियों, प्रबुद्धजनों, किसानों, युवाओं और बच्चों को बिहार दिवस की बधाई दी। उन्होंने बताया कि 22 मार्च 1912 को बिहार का गठन बंगाल से अलग राज्य के रूप में हुआ था। यह दिन बिहार की गौरवशाली परंपरा, ज्ञान और आध्यात्मिक विरासत की याद दिलाता है। बिहार दिवस समारोह 22 से 24 मार्च तक जिलाधिकारी ने कहा कि मगध की ऐतिहासिक धरोहर से लेकर आधुनिक बिहार तक का सफर उल्लेखनीय रहा है, और आज पूर्वी चंपारण सहित पूरा राज्य विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि बिहार दिवस समारोह 22 से 24 मार्च तक तीन दिनों तक विभिन्न कार्यक्रमों के साथ मनाया जा रहा है। 22 मार्च को सुबह स्कूली छात्र-छात्राओं ने प्रभात फेरी निकाली, जिसमें हजारों विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके बाद पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। परीक्षा गृह और राजेंद्र भवन में रंगोली, मेहंदी, वाद-विवाद, पेंटिंग और भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। मैथिली, मगही और भोजपुरी लोकगीतों के साथ लोकनृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां जिला स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम में मैथिली, मगही और भोजपुरी लोकगीतों के साथ लोकनृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं, जिनकी दर्शकों ने सराहना की। जिलाधिकारी ने बताया कि पूर्वी चंपारण में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और रसोई गैस जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। 'जल-जीवन-हरियाली' अभियान को मजबूत किया जा रहा उन्होंने कहा कि 'जल-जीवन-हरियाली' अभियान को मजबूत किया जा रहा है, और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए विशेष पहल की जा रही है। उन्होंने युवाओं के लिए रोजगार सृजन हेतु राज्य सरकार के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले एक वर्ष में जिले में कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई है, और डिजिटल व भौतिक बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ किया जा रहा है। अंत में, जिलाधिकारी ने सभी नागरिकों से तीन दिवसीय बिहार दिवस समारोह में बढ़-चढ़कर भाग लेने और एक स्वच्छ, शिक्षित एवं समृद्ध बिहार के निर्माण का संकल्प लेने की अपील की।
कैमूर जिले में 'बिहार दिवस' का उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर भभुआ और मोहनिया अनुमंडल में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिससे पूरा जिला उत्सव के रंग में सराबोर रहा। भभुआ स्थित लिच्छवी भवन में आयोजित मुख्य समारोह का उद्घाटन जिलाधिकारी नितिन कुमार सिंह, मोहनिया विधायक संगीता कुमारी और भभुआ विधायक भरत बिंद ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान जिले के वरिष्ठ पदाधिकारी, समाजसेवी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। शिक्षा विभाग को इस आयोजन का नोडल विभाग बनाया गया जिलाधिकारी नितिन कुमार सिंह ने बताया कि शिक्षा विभाग को इस आयोजन का नोडल विभाग बनाया गया है। उन्होंने कहा कि जिले के सर्वश्रेष्ठ कलाकारों को इस मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए आमंत्रित किया गया है। डीएम ने आगे बताया कि सुबह से ही खेलकूद, क्विज प्रतियोगिता और जन-जागरूकता अभियानों के जरिए युवाओं को इस उत्सव से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने युवाओं को कड़ी मेहनत और सही दिशा के माध्यम से सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। सभी सरकारी कार्यालयों की आकर्षक लाइटों से सजावट उत्सव के विशेष आकर्षणों में सभी सरकारी कार्यालयों की आकर्षक लाइटों से सजावट शामिल है, जो रात के समय मनोरम दृश्य प्रस्तुत कर रही है। बिहार दिवस के तहत सभी दफ्तरों में विशेष साफ-सफाई अभियान भी चलाया गया। स्थानीय कलाकारों द्वारा दी गई प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिससे वातावरण पूरी तरह उत्साहपूर्ण बना रहा।
जमुई में बिहार दिवस के अवसर पर रविवार शाम को जिला प्रशासन द्वारा श्री कृष्ण सिंह स्टेडियम परिसर में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन 'उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार' थीम पर आधारित था। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी नवीन और उप विकास आयुक्त (डीडीसी) सुभाष चंद्र मंडल सहित अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इससे पहले, सुबह स्कूली बच्चों ने प्रभात फेरी निकाली, जिसमें उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार के नारों के साथ जन-जागरूकता का संदेश दिया गया। ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक समृद्धि और विकासशील स्वरूप पर प्रकाश डाला सांस्कृतिक कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने स्वागत गान, बिहार गीत, लोकनृत्य और नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने बिहार की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक समृद्धि और विकासशील स्वरूप पर प्रकाश डाला। उन्होंने सभी जिलेवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बिहार की प्रगति जन-भागीदारी और सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी निरीक्षण किया गया इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी निरीक्षण किया गया, जहां सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जिले के वरीय अधिकारी, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने बिहार के विकास और गौरव को बनाए रखने का संकल्प लिया।
जम्मू-कश्मीर लोक भवन में बिहार दिवस का आयोजन
जम्मू-कश्मीर लोक भवन ने बिहार दिवस मनाकर बिहार के महान क्रांतिकारियों और प्रभावशाली व्यक्तित्वों को श्रद्धांजलि अर्पित की
‘हम कर्जा लेकर गोहुम बोलिअइ र हो, अब कोन उपाए होतइ हो। बाप रे बाप। सब गोहुम सूत रहलइ हो। अब कहां से पइसा देबई हो। (मैंने कर्ज लेकर गेहूं की बुआई की थी। अब कौन उपाय होगा, सारी फसल गिर रही है। कहां से पैसा देंगे।)’ गेहूं के खेत में लोट रहे इस किसान का नाम विक्रम सिंह है। बेगूसराय के छौड़ाही के ऐकम्बा पंचायत के रहने वाले हैं। विक्रम ने कर्ज लेकर गेहूं की खेती की। आंधी-बारिश से उनकी फसल गिर गई। गेहूं के दाने पके नहीं थे। भारी नुकसान से बेहाल विक्रम अपनी खेत में बेतहासा चीख रहे थे, चिल्ला रहे थे। जमीन पर लोट रहे थे। उनके हाथ में वह हंसुआ था, जिससे गेहूं की फसल काटते, लेकिन सामने मौजूद लोगों को खौफ था कि खुद को ही न काट लें। यह दर्द सिर्फ एक किसान का नहीं, बिहार के लाखों परिवार का है, जिनकी गेहूं, मक्का, सरसों, लीची और आम की फसल बर्बाद हुई है। बेमौसम बारिश के चलते बिहार में रबी की फसलों को 30% तक नुकसान पहुंचा है। मौसम विज्ञान विभाग ने 26 से 28 मार्च तक कई जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई है। बिहार में हुई बेमौसम बारिश से किसानों का कितना नुकसान हुआ है? 28 मार्च तक आंधी-बारिश का क्या पूर्वानुमान है? अररिया, बेगूसराय से औरंगाबाद तक, 7 जिलों में फसलों की कितनी बर्बादी हुई? पढ़िए रिपोर्ट…। बेमौसम बारिश के चलते रबी की फसलों को 30% नुकसान बिहार में शुक्रवार रात और शनिवार को हुई बेमौसम बारिश के चलते अररिया, खगड़िया, बेगूसराय समेत कई जिलों में फसलों को नुकसान हुआ है। कई जिलों में हुई 10 से 20 मिमी की बारिश से खेतों में पानी भर गया। उत्तर और पूर्व बिहार में ज्यादा बारिश हुई है। आंधी-बारिश ने गेहूं और मक्के की फसल को बर्बाद कर दिया है। पौधे जमीन पर गिर गए। गेहूं की फसल तैयार है। जिन खेतों में गेहूं के दाने भरे नहीं और गिर गए, उनमें ज्यादा नुकसान हुआ है। जिन खेतों में गेहूं के दाने पक गए हैं, उनमें कम नुकसान हुआ है। फसल काटने में परेशानी बढ़ गई है। वहीं, मक्के की फसल गिर गई है। मक्के के पौधे के गिरने के बाद उसमें दाने न के बराबर आते हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार आंधी-बारिश से बिहार में रबी की फसलों को 30% तक नुकसान पहुंचा है। ये वक्त आम और लीची के पेड़ों पर आए मंजर से टिकोले (छोटे-छोटे फल) निकलने का है। आंधी के चलते मंजर गिर गए हैं। इसके चलते 50% तक नुकसान का अनुमान है। अब जानिए, आंधी-बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित 7 जिलों में कितना नुकसान हुआ 1- अररिया: हजारों एकड़ में लगी फसल बर्बाद अररिया में आंधी, बारिश और ओला गिरने से भारी तबाही हुई है। कृषि विभाग के अधिकारी के अनुसार जिले में हजारों एकड़ में लगी फसलें बर्बाद हो गईं। किसानों को भारी नुकसान हुआ है। सोशल मीडिया पर किसानों के रोने-बिलखने के वीडियो वायरल हुए हैं। कई किसान खेत में बेहोश हो गए। नरपतगंज की एक महिला किसान का वीडियो चर्चा में है। वह अपने मक्के के खेत में बैठकर रोते हुए नुकसान बता रही हैं। पलासी निवासी किसान उपेंद्र सरदार ने बताया, 'मैंने कर्ज लेकर मक्का की खेती की थी। पूरी फसल बर्बाद हो गई।' किसान नारायण पासवान ने कहा, 'मैंने तीन बीघा में मक्का और एक एकड़ में गेहूं लगाया था। सब बर्बाद हो गया। खेती से ही मेरा घर चलता है। अब समझ नहीं आ रहा कि कैसे परिवार का पेट भरेगा।' 2- खगड़िया: फसलों को हुए नुकसान का सर्वे शुरू खगड़िया में शुक्रवार देर रात तेज आंधी आई और बारिश भी हुई। इससे खेतों में तैयार गेहूं की फसल गिर गई। आम और लीची के मंजर झड़ गए। जिला कृषि पदाधिकारी (DAO) अविनाश कुमार ने फसलों को हुए नुकसान का सर्वे करने के आदेश दिए हैं। इसके आधार पर किसानों को मुआवजा मिलेगा। किसान अभिलाष चौधरी ने कहा, 'मैंने कर्ज लेकर 2 बीघा में मक्का की खेती की थी। अभी फूल आना शुरू ही हुआ था कि सारे पौधे गिर गए। सब खत्म हो गया।' मुरारी चौधरी ने कहा, 'मैंने 3 बीघा में मक्का की खेती की थी। पूरी फसल बर्बाद हो गई। गेहूं की फसल बची है। अभी तक उसे नुकसान नहीं पहुंचा है।' रविभूषण चौधरी ने कहा, 'मैंने 10 कट्ठा में मक्का की खेती की थी। 20 हजार रुपए लगे थे। पूरी फसल खत्म हो गई। गेहूं-केला की फसल भी बर्बाद हो गई।' 3- बेगूसराय: 60% गेहूं और 30% मक्का फसल बर्बाद कृषि विभाग के अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार बेगूसराय में गेहूं की फसल को औसतन 50 से 65 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा है। मक्का की करीब 25 से 30 प्रतिशत फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। कारी सिंह, ताराकांत सिंह, सुधीर सिंह समेत कई किसानों ने बताया कि फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर खेती की थी। अब पूंजी निकलना भी मुश्किल हो गया है। बछवाड़ा प्रखंड में करीब तीन हजार एकड़ में लगी गेहूं की फसल में से लगभग 65 प्रतिशत जमीन पर गिर गई है। दानों में नमी आने से गुणवत्ता खराब होने का खतरा है। 5500 एकड़ में लगी मक्का की खेती का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा नष्ट हो गया है। वीरपुर में 820 हेक्टेयर में मक्का और 1830 हेक्टेयर में लगे गेंहू की फसल को तेज हवा और बारिश से नुकसान हुआ है। जिला कृषि पदाधिकारी अभिषेक रंजन ने बताया कि बेगूसराय जिला में गेहूं, मक्का, सरसों इत्यादि फसल की क्षति होने की सूचना मिली है। हमने सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी को फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया है। 4- दरभंगा: जमीन पर बिछ गई गेहूं की फसल पघारी के किसान धीरेंद्र चौधरी ने बताया कि तेज हवा के कारण गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई। मसूर, चना, सरसों, राई, आम, लीची और मक्का की फसल भी खराब हो गई है। किसान बद्रीनारायण चौधरी ने बताया कि सबसे ज्यादा नुकसान उन किसानों को हुआ है, जिनकी फसल कटाई के लिए तैयार थी। खेतों में जलजमाव होने से हालात और खराब हो गए हैं। उन्होंने कहा कि शुक्रवार शाम से शुरू हुए आंधी-तूफान के साथ मटर के दाने के आकार के ओले गिरे। इससे गेहूं और दलहन की फसल पूरी तरह जमींदोज हो गई। 5- समस्तीपुर: किसान बोले- कर्ज लेकर खेती की, सब तबाह हो गया समस्तीपुर जिले में 29.1 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। यहां 80 हजार हेक्टेयर में गेहूं और 35 हजार हेक्टेयर में मक्के की फसल थी। जिलाकृषि पदाधिकारी सुमित सौरभ ने बताया कि बेमौसम बारिश होने से फसल को क्षति हुई है। प्रखंड कृषि पदाधिकारी को नुकसान का आकलन करने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि बारिश और ओला गिरने से मक्का, गेहूं, सरसों और आलू की फसलों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। खानपुर के किसान मणिकांत चौधरी ने कहा, 'मैंने कर्ज लेकर खेती की थी। काफी मेहनत की थी। सब पर पानी फिर गया। धान की फसल में भी कटनी के समय बारिश हो गई थी। इससे सारा धान डूब गया था। इस बार मक्का व गेहूं की फसल अच्छी थी, लेकिन सब खत्म हो गया।' केवश निजामत गांव के किसान सत्यनारायण सिंह ने कहा, 'मैंने एक एकड़ में गेहूं और 15 कट्ठा में मक्का की खेती की थी। अच्छी फसल हुई थी। देख कर लग रहा था कि इस बार अच्छी आमदनी भी होगी। गेहूं बेचने के बाद भी खुद खाने के लिए गेहूं बच जाएगा। आंधी-पानी ने सब खत्म कर दिया। सुबह खेत पहुंचा तो वहीं सिर पकड़ कर बैठ गया।' 6- औरंगाबाद: स्ट्रॉबेरी की फसल बर्बाद हो गई बारिश के चलते गेहू, सरसों, स्ट्रॉबेरी, सब्जी और अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है। चिल्हकी गांव के स्ट्रॉबेरी उत्पादक वृज किशोर मेहता ने बताया कि तेज हवा के झोंकों और खेतों में जलजमाव के कारण स्ट्रॉबेरी के नाजुक पौधे खराब हो गए हैं। सब्जी की फसल भी बर्बाद हो गई है।' उन्होंने कहा, 'खीरा, ककड़ी और कद्दू जैसी फसलों में अभी फल आना शुरू ही हुआ था। अचानक मौसम बदलने से सारी मेहनत पर पानी फिर गया।' कई किसानों ने गेहूं और सरसों की फसल काटकर खलिहान में रखी थी। वे भी भीगकर खराब हो गई हैं। ढुडा गांव के किसान राम स्वरूप पांडेय, दधपा के शिवकुमार सिंह, अजीत पांडेय और सुदर्शन पांडेय ने बताया कि इस समय बारिश होने से तैयार फसलों के दाने काले पड़ जाते हैं। इससे बाजार में कीमत नहीं मिलती। तेज हवाओं के कारण गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई है। 7- मधेपुरा: बर्बाद फसल देख, खेत में बेहोश हुआ किसान मधेपुरा में बारिश और आंधी ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। आलमनगर में रहने वाले वीआईपी के पूर्व प्रत्याशी इंजीनियर नवीन निषाद ने बताया कि पहले बाढ़ की मार झेल चुके किसानों के लिए यह दोहरी आपदा साबित हुई है। कई पीड़ित परिवारों को अब तक बाढ़ का मुआवजा भी नहीं मिला है। उनकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ गई है। जिले के ईटहरी पंचायत में भी भारी तबाही हुई है। किसान लड्डू मंडल बारिश के बाद अपने खेत में गए तो मक्के की तबाह फसल देखकर बेहोश हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें उठाया, होश में लाने की कोशिश की, लेकिन वह बार-बार जमीन पर गिर जा रहे थे। 26 से 28 मार्च तक आंधी-बारिश की चेतावनी मौसम विज्ञान विभाग ने 26, 27 और 28 मार्च के लिए आंधी, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी दी है। इसके लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी और दक्षिण मध्य बिहार में 26 मार्च को 40-50 km/h की रफ्तार से हवा चल सकती है। बारिश और बिजली गिरने की भी संभावना है। 27 मार्च को बिहार के सभी भाग के एक या दो स्थानों पर बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। 40-50 km/h की रफ्तार से हवा चल सकती है। 28 मार्च को उत्तरी, दक्षिण मध्य और दक्षिण पूर्व बिहार के जिलों में बारिश और आंधी की संभावना है। बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। 23-28 मार्च तक कहां हो सकती है बारिश?
बिहार की राजनीति में इन दिनों नया मुकाबला शुरू हो गया है। एक तरफ RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव राज्यसभा चुनाव हारते ही कोलकाता रवाना हो गए। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार JDU जॉइन करते ही लोगों के बीच और सीनियर नेताओं के घर-घर घूम रहे हैं। लोग इसे पार्ट टाइम वर्सेज फूल टाइम पॉलिटिक्स का मुकाबला बना रहे हैं। सवाल यह है कि क्या पार्ट टाइम पॉलिटिक्स से तेजस्वी बिहार जीत पाएंगे? या निशांत की ग्राउंड रियलिटी वाली पॉलिटिक्स नया चेहरा बनेगी। जानेंगे आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में...। तेजस्वी यादवः विधानसभा हारे तो यूरोप, राज्यसभा हारे तो कोलकाता गए 16 मार्च को बिहार की राज्यसभा की 5 सीटों के लिए वोटिंग हुई। इसमें NDA ने सभी पांचों सीटों पर जीत दर्ज की। तेजस्वी यादव की पार्टी RJD के कैंडिडेट अमरेंद्र धारी सिंह हार गए। रिजल्ट की घोषणा के कुछ मिनट बाद ही तेजस्वी यादव पटना से कोलकाता रवाना हो गए। वह उस समय पटना से रवाना हुए, जब उनकी पार्टी के 1 और कांग्रेस के 3 विधायकों ने अनुशासन तोड़ा और वोटिंग से गैर हाजिर हो गए। इसका असर यह हुआ कि RJD कैंडिडेट हार हो गया। हालांकि, तेजस्वी यादव पहली बार नहीं है, जब बिहार से बाहर गए हैं। इससे पहले भी वह चुनाव में हार के बाद बाहर जाते रहे हैं… विधानसभा चुनाव बीत गया, लेकिन गठबंधन में खटपट बनी रही 2025 विधानसभा चुनाव में सीटों के तालमेल से लेकर प्रचार तक की कमान तेजस्वी यादव के हाथ में थी। लेकिन नामांकन की तारीख बीतने के बाद तक गठबंधन ने सीट शेयरिंग का फॉर्मूला नहीं निकाल पाया। इस कारण कुछ सीटों पर फ्रेंडली फाइट तक हुई। महागठबंधन में खटपट इतनी बढ़ गई थी कि तेजस्वी यादव के नामांकन में महागठबंधन का कोई नेता साथ नहीं दिखा। वह अपने पिता लालू यादव के साथ राघोपुर पहुंचे थे। महागठबंधन के नेता मीडिया से दूर हैं। 2019 लोकसभा चुनाव बाद गए थे विदेश निशांत कुमारः सीनियर नेताओं के घर गए, लोगों से मिले 8 मार्च को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने आधिकारिक तौर पर JDU जॉइन की। उसके बाद से वह लगातार एक्टिव हैं। अगले दिन मतलब 9 मार्च को निशांत ने पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के घर गए। वहां पार्टी के युवा विधायकों के साथ मुलाकात की। दावत-ए-इफ्तार में शामिल हुए निशांत, तेजस्वी रहे दूर निशांत कुमार पार्टी जॉइन करने के बाद पटना के महावीर मंदिर गए। पूजा की। उसके बाद वह पार्टी नेताओं और मुस्लिम संगठनों की इफ्तार पार्टी में भी शरीक हुए। JDU ने इफ्तार का आयोजन भी किया। दूसरी तरफ तेजस्वी यादव सिर्फ 15 मार्च को बिहार AIMIM प्रमुख अख्तरुल ईमाम की इफ्तार पार्टी में शामिल हुए। RJD ने इफ्तार का आयोजन नहीं किया। निशांत और तेजस्वी की चुनौतियां…. तेजस्वी को सत्ता चाहिए तो MY से आगे बढ़ना होगा तेजस्वी यादव को अगर बिहार की सत्ता हासिल करनी है तो उनको अपने पिता के MY (मुस्लिम-यादव) समीकरण का विस्तार करना होगा। दोनों को मिलकर 32% है, लेकिन बिहार की सत्ता के लिए 40% से ज्यादा वोट जरूरी है। निशांत कुमार को वोट बैंक बचाना बड़ी चुनौती निशांत कुमार अगर यह 2 काम कर दें तो बिहार की सत्ता में बने रह सकते हैं। 1. नीतीश के वोटबैंक को बचाए रखना नीतीश कुमार का मुख्य वोटबैंक कुर्मी (उनकी जाति), महादलित, EBC और कुछ मुस्लिम-दलित समूहों में है, जो ‘सुशासन’ और विकास की छवि पर टिका है। 2. भाजपा से तालमेल बनाकर रखना नीतीश के दिल्ली जाने के बाद बिहार में BJP का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय है, और JDU को डिप्टी CM या अन्य पदों पर संतोष करना पड़ सकता है।
विद्यालयों में धूमधाम से मनाया गया बिहार दिवस, छात्रों ने दिखाई प्रतिभा
भास्कर न्यूज|करपी बिहार दिवस के अवसर पर प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में रविवार को उत्साहपूर्वक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान उत्क्रमित मध्य विद्यालय दक्षिणवारी मठिया में दीप प्रज्वलित कर दीपोत्सव के रूप में बिहार दिवस मनाया गया, जिससे पूरे वातावरण में उत्सव का माहौल बन गया। कार्यक्रम के तहत छात्रों के बीच भाषण एवं सामान्य ज्ञान जैसी विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को विद्यालय परिवार की ओर से पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय प्रभारी मौजहूदिन हुसैन ने छात्रों को संबोधित करते हुए बिहार दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बिहार ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक दृष्टिकोण से अत्यंत समृद्ध राज्य रहा है। उन्होंने छात्रों को अपने राज्य के गौरवशाली इतिहास को जानने और उससे प्रेरणा लेने का संदेश दिया। कार्यक्रम में शिक्षक सतेंद्र मोची, विभा कुमारी, अमरावती कुमारी समेत अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी छात्रों को संबोधित किया। सभी ने छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और अनुशासन को अपनाने की प्रेरणा दी। विद्यालय परिसर में पूरे दिन उत्साह और उमंग का माहौल बना रहा। छात्रों ने भी कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस प्रकार बिहार दिवस का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
सीएम नीतीश कुमार के भाई का दावा, 'निशांत कुमार बिहार की कमान संभाल लेंगे'
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भाई सतीश कुमार ने प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री के तौर पर जदयू नेता निशांत कुमार का नाम आगे किया है
ललित सुरजन की कलम से - बिहार के बाद क्या?
पहले तो लोग इस बात पर माथापच्ची करते रहे कि बिहार में विधानसभा चुनावों के नतीजे क्या होंगे। जिस दिन मतदान का आखिरी चरण सम्पन्न हुआ उस दिन तमाम विशेषज्ञ एक्जिट पोलों की चीर-फाड़ में लग गए
पीएम उषा अभियान के तहत बिहार को 600 करोड़ रुपए देगी मोदी सरकार, नीतीश कैबिनेट ने खोला बंद रास्ता
बिहार में पीएम उषा अभियान को लागू करने के प्रस्ताव को नीतीश कुमार सरकार की मंजूरी के बाद राज्य में उच्च शिक्षा के विकास के लिए केंद्र से अगले दो साल में 600 करोड़ रुपए मिलने का रास्ता खुल गया है।
बॉलीवुड के मशहूर स्टार कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल 7 वर्ष की डेटिंग के बाद अब पति-पत्नी बन चुके हैं। दोनों की शादी इस वक़्त टॉक ऑफ द टाउन है। सोनाक्षी और जहीर अलग धर्म से हैं। ऐसे में ना उन्होंने निकाह किया तथा ना ही फेरे लिए, बल्कि सादगी से रजिस्टर मैरिज की एवं फिर रिसेप्शन पार्टी रखी। अलग धर्म में शादी करने पर सोनाक्षी एवं जहीर को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। ट्रोलिंग के कारण दोनों को अपने वेडिंग पोस्ट का कमेंट सेक्शन तक बंद करना पड़ा। मगर बात तब हद से ज्यादा तब बढ़ गई, जब इंटरफेथ मैरिज करने पर सोनाक्षी एवं जहीर के खिलाफ बिहार के गांव में प्रोटेस्ट मार्च निकाले गए। रिपोर्ट के अनुसार, सोनाक्षी के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन 'हिंदू शिव भवानी सेना' नाम की एक संगठन द्वारा आयोजित किया गया था। जहीर संग शादी पर बेटी सोनाक्षी की हो रही ट्रोलिंग पर अब शत्रुघ्न सिन्हा ने चुप्पी तोड़ी है तथा हेटर्स को जवाब दिया है। अपने एक इंटरव्यू के चलते शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- आनंद बक्शी साहब ने इस तरह के प्रोफेशनल प्रोटेस्टर्स के बारे में लिखा है- कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। इसमें आगे जोड़ना चाहूंगा कि कहने वाले अगर बेकार, बेकाम-काज के हों तो बोलना ही उनका काम बन जाता है। मेरी बेटी ने कुछ भी ऐसा नहीं किया जो गैरकानूनी एवं संविधान के खिलाफ है। सोनाक्षी-जहीर की शादी पर शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा- शादी दो लोगों के बीच का एक बहुत ही व्यक्तिगत फैसला है। इसमें किसी को भी बीच में दखल देने या कमेंट करने का हक नहीं होता। विरोध प्रदर्शन करने वालों को मैं यही बोलना चाहता हूं- अपनी जिंदगी पर ध्यान दो। जिंदगी में कुछ अच्छा करो। इससे ज्यादा और कुछ नहीं कहना। बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा ने खुशी-खुशी अपनी इकलौती बेटी की शादी की है। उन्होंने दामाद जहीर को भी अपना आशीर्वाद दिया है। रिलीज हुआ श्रद्धा कपूर-राजकुमार राव की स्त्री 2 का टीजर, इस अवतार में नजर आए स्टार्स किशोर कुमार के गानों पर बैन, मनोज कुमार-देव आनंद की फिल्मों पर रोक..! बॉलीवुड पर भी पड़ा था 'इमरजेंसी' का बुरा असर सामने आई कंगना रनौत की इमरजेंसी की रिलीज डेट, जानिए किस दिन आ रही है इंदिरा गांधी की बायोपिक?
फिल्म रैप में जानिए कि रविवार को एंटरटेनमेंट की दुनिया में क्या खास हुआ. 9 जून 2024 का दिन एतिहासिक रहा. पीएम नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार पीएम बनने की शपथ ली. इस दौरान शाहरुख खान से लेकर अक्षय कुमार भी मौजूद रहे.
परेशान होकर छोड़ी इंडस्ट्री, सालों बाद किया कमबैक, बिहार की लड़की कैसे बनी हीरोइन?
टेलीविजन के पॉपुलर शो उडारियां 15 साल का लीप लेने जा रहा है. लीप के बाद शो एक नई कहानी और स्टारकास्ट के साथ दर्शकों को एंटरटेन करने आ रहा है. लीप से पहले उडारियां में आशमा का रोल निभाने वाली अदिति भगत ने आजतक संग बातचीत की और शो को लेकर कई सारी बातें शेयर कीं.
बिहार सीईटी बीएड : पांच साल में सबसे ज्यादा आवेदन आए, इस तारीख से आएंगे एडमिट कार्ड
Bihar CET B.Ed:महिलाओं के लिए अलग एवं पुरुषों के लिए अलग परीक्षा केंद्र होंगे। अभ्यर्थी 17 जून से अपना एडमिट कार्ड वेबसाइटwww. biharcetbed- lnmu. inपर लॉगइन कर डाउनलोड कर सकेंगे।
बीएसईबी बिहार बोर्ड से संबद्ध और एनसीटीई से मान्यता प्राप्त डीएलएड संस्थानों की सूची जारी
Bihar D.El.Ed: बिहार बोर्ड ने डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2024 की आंसर की जारी करने के एक दिन बाद अब राज्य में मौजूद सरकारी व निजी डीएलएड प्रशिक्षण संस्थानों की सूची भी जारी कर दी है। डीएलएड में दाखिला लेने
Bihar DElEd Answer Key 2024: आंसर की जारी, ऐसे दर्ज करें ऑब्जेक्शन, देखें डायरेक्ट लिंक
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने बिहार डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (DElEd) परीक्षा 2024 की आंसर की जारी की। जो उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट- biharboardonline.b
Bihar STET: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने शनिवार को माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी)-2024 (प्रथम) परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। पेपर-1 के विभिन्न विषयों की परीक्षा 18 से 29 मई तक होगी।
CSBC Bihar Police Constable Exam: क्या जारी हो चुकी हैं रिवाइज्ड तारीखें, पढ़ें अपडेट
CSBC Bihar Police Constable exam dates: बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की नई तारीखों का इंतजार है। परीक्षाएं 1, 7 और 15 अक्टूबर को निर्धारित की गई थीं, जिन्हें रद्द व स्थगित कर दिया गया था। आइए
बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा शर्मा की हाल ही में बिहार में एक रोड शो में भागीदारी ने इंटरनेट पर तूफान ला दिया है। क्रुक और तुम बिन 2 जैसी फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए मशहूर सुश्री शर्मा को अपने पिता अजीत शर्मा का समर्थन करते देखा गया, जो कांग्रेस के टिकट पर भागलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। यह रोड शो उन अफवाहों के बीच हुआ कि अभिनेता राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं। हालाँकि, अब यह स्पष्ट हो गया है कि वह सिर्फ अपने पिता के लिए प्रचार कर रही थीं। नेहा शर्मा ने इंस्टाग्राम पर बांका, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया सहित बिहार के विभिन्न जिलों की अपनी यात्रा दिखाते हुए एक वीडियो साझा किया। वह पारंपरिक सलवार कमीज पहने हुए थीं और जनता का अभिवादन करती और उन्हें वोट डालने के लिए प्रोत्साहित करती नजर आईं। इसे भी पढ़ें: AR Rahman ने नए एल्बम के रिलीज पर Taylor Swift को बधाई दी, नेटिजन ने कहा 'महान कला, महान कला को पहचानती है' View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया रोड शो के दौरान पीरपैंती और कहलगांव में भारी भीड़ ने अभिनेता का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा “वे कहते हैं कि जब कोई आपको अपने दिल में जगह देता है, तो आप हमेशा के लिए वहीं रहते हैं। आपने मुझे जो प्यार और समर्थन दिया है, उससे मेरा दिल भर गया है। पीरपैंती और कहलगांव में गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद। आपका प्यार सारी आँखों पर। सदा आभारी। ऑनलाइन प्रसारित हो रहे एक अन्य वीडियो में अभिनेत्री को भागलपुर में अपने पिता के चुनाव अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए दिखाया गया है। भागलपुर लोकसभा सीट पर दूसरे चरण में 26 अप्रैल को चुनाव होना है। इस सीट पर कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने वाले अजीत शर्मा का मुकाबला जेडीयू के अजय कुमार मंडल से है। पहले ऐसी अफवाह थी कि सुश्री शर्मा राजनीति में प्रवेश कर सकती हैं। हालाँकि, कई रिपोर्टों ने स्पष्ट किया है कि वह अभी चुनावी शुरुआत नहीं कर रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पिता अजीत शर्मा ने उन्हें राजनीति में शामिल होने का अवसर दिया, शर्मा वर्तमान में अपने अभिनय करियर पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। Bihar, Bhagalpur: Bollywood actress Neha Sharma campaigns for Congress leader and father Ajeet Sharma in the Lok Sabha elections, participates in a roadshow. pic.twitter.com/yEhb4XoQQL — IANS (@ians_india) April 23, 2024 View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial)
सलमान के घर फायरिंग से पहले शूटर्स ने बिहार में की हथियारों की प्रैक्टिस, फार्म हाउस की हुई थी रेकी
14 अप्रैल को, सुबह 4.50 बजे सलमान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर, अज्ञात हमलावरों ने पांच राउंड फायरिंग की थी. पुलिस ने सलमान के घर पर फायरिंग करने के मामले में विक्की गुप्ता (24 साल) और सागर पाल (21 साल) नाम के दो लड़कों को गिरफ्तार किया था. अब इससे जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है.
Manisha और Elvish के बीच लगी दुश्मनी की आग हुई और तेज, बिहार की बेटी नेसरेआम बना दिया'राव साहब' का मजाक ?
Bihar Board: जानें-10वीं की मार्कशीट में लिखी U/R,B और C जैसी शॉर्ट फॉर्म का क्या मतलब है?
बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं का रिजल्ट 31 मार्च को जारी कर दिया गया था। छात्र अपनी ओरिजनल मार्कशीट स्कूल से ले सकते हैं। आइए जानते हैं मार्कशीट में लिखी शॉर्ट फॉर्म की फुलफॉर्म क्या है।

