Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 21 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार
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Bihar News: रामनरेश राय हत्याकांड का खुलासा, 5 लाख में रची गई थी हत्या की साजिश, दो शूटर गिरफ्तार
एसपी शुभांक मिश्रा के मुताबिक, हत्या की साजिश मुजफ्फरपुर में रची गई थी और वारदात को अंजाम देने के लिए पांच लाख रुपये में सौदा तय हुआ था, जिसमें एक लाख रुपये एडवांस दिए गए थे।
सारण जिले के सोनपुर प्रखंड के शिकारपुर गांव निवासी सेना के जवान नवीन कुमार सिंह का आकस्मिक निधन हो गया। जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान सीने में तेज दर्द के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी।
बिहार के ग्रामीण इलाकों में पक्के मकान की उम्मीद लगाए बैठे लाखों गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा वित्तीय पैकेज जारी किया है। पटना में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिहार को 11 लाख 18 हजार 937 नए पक्के मकान बनाने की मंजूरी दे दी गई है। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से कुल ₹13,427 करोड़ की भारी-भरकम वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है। इस फैसले से राज्य के सुदूर गांवों में कच्चे और जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त सुरक्षित आशियाना मिलेगा।बिहार को मिला सबसे बड़ा आवास पैकेज: 2 वर्षों में 24.30 लाख मकान स्वीकृतराजधानी पटना में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार सरकार को इस योजना का आधिकारिक स्वीकृति पत्र सौंपा। मंच पर मौजूद गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में उन्होंने 2.35 लाख से अधिक नवनिर्मित मकानों के लाभार्थियों का गृह प्रवेश कराया और उन्हें चाबियां सौंपीं।केंद्रीय मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने पिछले दो वर्षों के दौरान अकेले बिहार के लिए कुल 24 लाख 30 हजार 327 मकानों की स्वीकृति दी है, जिस पर कुल ₹29,164 करोड़ की राशि आवंटित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि पक्का मकान केवल ईंट और सीमेंट से बना ढांचा नहीं होता, बल्कि यह किसी भी गरीब परिवार के आत्मसम्मान, सामाजिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की सबसे बड़ी नींव है।पात्रता नियमों में दी गई बड़ी छूट: अब इन्हें भी मिलेगा पक्का घरनए सर्वेक्षण के अंतर्गत केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्रता नियमों (Eligibility Criteria) में बड़ा संशोधन करते हुए कई पुरानी पाबंदियों को खत्म कर दिया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण परिवार इसका लाभ ले सकें:दोपहिया वाहन रखने वालों को राहत: नए नियमों के अनुसार, अब परिवार में टू-व्हीलर (मोटरसाइकिल या स्कूटर) होने पर उसे योजना से बाहर (Ineligible) नहीं किया जाएगा।मासिक आय सीमा में बढ़ोतरी: लाभार्थी परिवार की मासिक आय की अधिकतम सीमा को ₹10,000 से बढ़ाकर ₹15,000 प्रति माह कर दिया गया है।कृषि भूमि धारकों को भी मौका: 5 एकड़ तक असिंचित (Unirrigated) या 2.5 एकड़ तक सिंचित कृषि भूमि वाले किसान परिवार भी अब पक्के मकान के लिए पात्र माने जाएंगे।भूमिहीन और जर्जर मकानों के लिए अतिरिक्त सहायता: जिन लाभार्थियों के पास अपना घर बनाने के लिए जमीन नहीं है, उन्हें भूमि खरीदने के लिए ₹1 लाख की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। इसके अलावा पुराने और अत्यधिक जर्जर मकानों की मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए ₹80,000 तक की विशेष वित्तीय मदद का प्रावधान रखा गया है।वित्तीय मॉडल और लाभार्थी को मिलने वाली राशिप्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत मैदानी क्षेत्रों में प्रति मकान निर्माण के लिए ₹1.20 लाख की सीधी वित्तीय सहायता डीबीटी (DBT) के माध्यम से किस्तों में दी जाती है। इसके अलावा:मनरेगा के तहत मजदूरी: मकान निर्माण के दौरान लाभार्थी को मनरेगा (MGNREGS) योजना के तहत 90 से 95 दिनों की अकुशल मजदूरी राशि दी जाती है।शौचालय निर्माण अनुदान: स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत शौचालय निर्माण के लिए ₹12,000 की अतिरिक्त राशि अलग से प्रदान की जाती है।बुनियादी सुविधाएं: हर नए आवास को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (गैस कनेक्शन), सौभाग्य योजना (बिजली कनेक्शन) और जल जीवन मिशन (नल से जल) से सीधे जोड़ा जाता है।किसानों और ग्रामीण महिलाओं के लिए अन्य बड़े ऐलानइस कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों के सशक्तिकरण से जुड़े कई अन्य अहम मुद्दों पर भी बात की:पीएम फसल बीमा योजना: बिहार में किसानों को प्राकृतिक आपदाओं (बाढ़, सूखा और ओलावृष्टि) से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को पूरी मजबूती से लागू करने पर जोर दिया गया।'शी-मार्ट' (She-Marts) की स्थापना: ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और 'जीविका दीदियों' द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों को बड़ा बाजार दिलाने के लिए बिहार के प्रत्येक जिले में आधुनिक 'शी-मार्ट' खोले जाएंगे।डिजिटल फार्मर आईडी: कृषि योजनाओं में पूर्ण पारदर्शिता लाने के लिए बिहार में अब तक 53 लाख 83 हजार से अधिक किसानों की डिजिटल 'फार्मर आईडी' बनाई जा चुकी है।पारदर्शिता और आवेदन प्रक्रिया की निगरानीइस योजना के तहत सभी नए आवासों का आवंटन 'आवास+' (Awaas+) ऐप और आधुनिक जियो-टैगिंग (Geo-Tagging) तकनीक के माध्यम से किया जा रहा है, ताकि बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो सके और वास्तविक पात्र लाभार्थियों को ही सरकारी सहायता मिले। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस वित्तीय वर्ष के दौरान निर्माण कार्य को तेजी से पूरा कराने की दिशा में काम कर रही हैं।
1 लाख Views पर ₹10 हजार देगी बिहार सरकार? क्रिएटर्स के लिए नई नीति से मचेगा धमाल
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मधुबनी के रामपट्टी मंडल कारा में परकौली निवासी रोशन यादव की मौत का मामला लगातार राजनीतिक तूल पकड़ रहा है। गुरुवार को बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने परकौली पहुंचकर मृतक के परिजनों से मुलाकात की और घटना की जानकारी ली।
गाड़ी संख्या 19423/19424 भागलपुर-अहमदाबाद-भागलपुर अमृत भारत एक्सप्रेस का परिचालन अहमदाबाद से 26 अगस्त 2026 से प्रत्येक बुधवार और भागलपुर से 28 अगस्त 2026 से प्रत्येक शुक्रवार को होगा।
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुरुवार रात दरभंगा पहुंचे। शहर के वार्ड नंबर 25 स्थित पुरानी मुंशफी मोहल्ला में यामाहा शोरूम के मैनेजर मो. फैज के परिजनों से मुलाकात की। 2 महीने पहले लोहे की रॉड से पीट-पीटकर फैज की हत्या कर दी गई थी। तेजस्वी यादव ने परिवार से घटना की जानकारी ली और उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और राजद कार्यकर्ता उनके साथ मौजूद रहे। नेता प्रतिपक्ष ने मो. फैज हत्याकांड को लेकर बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस परिवार से उनका पुराना संबंध रहा है। जिस तरह हत्या की गई, उसका सीसीटीवी फुटेज बेहद दर्दनाक था। अभी तक सिर्फ एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन साजिश में शामिल एक-दो अन्य लोगों की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है। इस मामले को लेकर वह डीजीपी से बात करेंगे। मांग करेंगे कि हत्याकांड में शामिल कोई भी दोषी बचना नहीं चाहिए। इसके बाद तेजस्वी यादव स्वर्ण कारोबारी राहुल कुमार साह के परिजनों से मिलने पहुंचे। गोली मारकर राहुल की हत्या हुई थी। परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। उन्होंने लॉ एंड ऑर्डर के सवाल पर कहा कि बिहार में अपराध का रिकॉर्ड बन गया है। जब सीएम पर ही आपराधिक मामले चल रहे हों, तो उनसे क्या उम्मीद की जा सकती है। दावा किया कि बिहार में अपराध की स्थिति बेहद गंभीर है। आए दिन हत्या और गोलीबारी की घटनाएं हो रही हैं। अखबार खोलने पर ऐसा लगता है कि अखबारों का रंग लाल हो चुका है। पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं। आम लोग भय के माहौल में जी रहे हैं। मंत्री मदन सहनी के बयान पर सरकार को घेरा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मंत्री मदन सहनी के बयान पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राज्य के मंत्री ही सरकार और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं, तो फिर मंत्री पद पर रहने का क्या फायदा है। उन्हें यह बताना चाहिए कि कौन लोग अवैध वसूली कर रहे हैं और कौन घूस ले रहा है। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। केवल बैठकर झाल बजाने से काम नहीं चलेगा। वंदे मातरम के नाम पर हो रही राजनीति को लेकर भाजपा पर बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी, महंगाई और गरीबी से लोग परेशान हैं। पेपर लीक के मामलों को लेकर छात्र-छात्राएं परेशान हैं, लेकिन इन मुद्दों पर सभी लोग मौन हैं। बिहार में एके-47 से गोलियां चल रही हैं, लेकिन इस पर भी लोग चुप हैं। डस्टबिन घोटाले और 71 हजार करोड़ रुपए के कथित हिसाब-किताब का भी जिक्र करते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि सरकार की एजेंसियों के दुरुपयोग से जनता परेशान है और आने वाले दिनों में भाजपा के प्रति लोगों का गुस्सा दिखाई देगा। चीन के मुद्दे पर भी केंद्र को घेरा अरुणाचल प्रदेश में चीन के कथित कब्जे के मुद्दे पर भी तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि चीन हिंदुस्तान में घुसकर जमीन कब्जा कर रहा है, लेकिन इस मुद्दे पर कोई बात नहीं कर रहा है। देश के वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय भाजपा लोगों को बांटने की राजनीति कर रही है। तेजस्वी यादव का भव्य स्वागत दरभंगा पहुंचने पर नेता प्रतिपक्ष का पार्टी के नेताओं और कर्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। सिमरी में पूर्व विधायक डॉ. फराज फातमी सहित स्थानीय कार्यकर्ताओं ने मिथिला परंपरा के अनुसार पाग-चादर देकर स्वागत किया। केवटी प्रखंड के पाराडीह में स्वागत समारोह की अगुवाई पन्ना यादव कर रहे थे। इस दौरान राजद नेता सुवंश यादव, रवि यादव, जगदीर यादव, रामदेव पासवान सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। तेजस्वी यादव के काफिले के आगे बढ़ने के दौरान भी कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। उनके साथ राजद प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल, पूर्व विधायक ललित यादव, भोला यादव, राकेश नायक, पूर्व केंद्रीय मंत्री अली अशरफ फातमी, डॉ. फराज फातमी,धर्मवीर यादव, शक्ति यादव, गोपाल मंडल सहित कई नेता मौजूद थे।
Bihar में विशेष TB अभियान के दौरान मिले 87,623 नए मरीज, 2.36 करोड़ की हुई जांच
बिहार में दो जुलाई से 14 अगस्त तक चलाए गए गहन राज्यव्यापी जांच अभियान के दौरान तपेदिक (टीबी) के 87,600 से अधिक नए मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अभियान के दौरान एक करोड़ लोगों की जांच के लक्ष्य के मुकाबले 2.36 करोड़ लोगों की जांच की गई। राज्य स्वास्थ्य सोसायटी की अतिरिक्त कार्यकारी निदेशक अनुपमा सिंह ने बृहस्पतिवार को जारी एक बयान में कहा, ‘‘जांच और परीक्षण अभियान के दौरान टीबी के 87,623 से अधिक मामले सामने आए। इनमें 21,550 ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनमें बीमारी के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं थे।’’उन्होंने बताया कि यह विशेष अभियान दो जुलाई से शुरू होकर 14 अगस्त तक चला। राज्य में टीबी की पहचान और निदान के लिए स्वास्थ्य ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है। सिंह ने बताया कि बिहार में वर्तमान में 491 डिजिटल एक्स-रे मशीनें उपलब्ध हैं, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित 140 पोर्टेबल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के जांच नेटवर्क में 768 बाइनोकुलर माइक्रोस्कोप, 89 कार्ट्रिज आधारित न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्ट (सीबीएनएएटी) मशीनें और 562 ट्रूनेट मशीनें शामिल हैं। इसके अलावा लाइन प्रोब एसे (एलपीए) और कल्चर ड्रग सेंसिटिविटी टेस्टिंग (सीडीएसटी) की प्रयोगशाला सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा, ‘‘टीबी की प्राथमिकता के आधार पर पहचान के लिए 11,055 उच्च जोखिम वाले गांवों की पहचान की गई है, जबकि 24 मार्च, 2026 से अब तक 5.4 लाख से अधिक शिविर आयोजित किए जा चुके हैं।’’सिंह ने कहा कि राज्यपाल के सहयोग और मार्गदर्शन में टीबी मुक्त पंचायतों और वार्डों के लक्ष्य को हासिल करने के लिए राजनीतिक एवं प्रशासनिक प्रतिबद्धता को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भी नियमित रूप से कार्यक्रम की समीक्षा करते हैं, जबकि मुख्य सचिव हर सप्ताह इसकी समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश देते हैं। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान सामने आए 87,623 टीबी मरीजों में से 74,871 यानी 85 प्रतिशत मरीजों का विभेदित टीबी देखभाल के लिए आकलन किया जा चुका है। सिंह ने कहा कि बिहार में वर्ष 2024 में टीबी उपचार की सफलता दर 88 प्रतिशत रही। वहीं, टीबी से अनुमानित मृत्यु दर वर्ष 2023 में प्रति लाख आबादी पर 21 से घटकर वर्ष 2024 में 20 रह गई। उन्होंने बताया कि ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत बिहार की 547 पंचायतों ने केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा निर्धारित सभी छह मानदंडों को पूरा करते हुए टीबी मुक्त पंचायत का दर्जा हासिल किया है। राज्य सरकार नए संक्रमण को रोकने के लिए टीबी निवारक उपचार (टीपीटी) पर भी विशेष ध्यान दे रही है। यह पहल बिहार के सभी 38 जिलों में लागू की जा रही है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बिहार पुलिस एसटीएफ और मुजफ्फरपुर जिला पुलिस के साथ मिलकर AK-47 राइफल-कारतूस बरामदगी मामले में फरार आरोपी भैरव त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में हुई। गिरफ्तार आरोपी मुजफ्फरपुर जिले के ब्रह्मपुरा थाना अंतर्गत अहियापुर का निवासी है। भैरव त्रिपाठी पर नागालैंड से आधुनिक हथियारों की तस्करी का आरोप है। यह मामला केस संख्या RC-11/2024/NIA/DLI के तहत दर्ज किया गया है। नागालैंड से बिहार में प्रतिबंधित बोर के हथियारों का लाने का आरोप जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी भैरव त्रिपाठी सह-अभियुक्तों के साथ मिलकर नागालैंड से बिहार में प्रतिबंधित बोर के हथियारों और राइफलों की तस्करी की साजिश में शामिल था। इस तस्करी का मुख्य उद्देश्य शांति-सुरक्षा को भंग करना और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालना था। आरोपी के खिलाफ NIA दिल्ली और बिहार के विभिन्न थानों में हत्या का प्रयास, एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) और आर्म्स एक्ट सहित कुल 8 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। मामला मूल रूप से 7 मई 2024 को मुजफ्फरपुर के फकुली थाना क्षेत्र स्थित मुरघटिया पुल से जुड़ा है। फकुली पुलिस ने मौके से लेंस लगी एक AK-47 राइफल और जिंदा कारतूस बरामद कर 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए NIA ने 5 अगस्त 2024 को केस दर्ज कर इसकी जांच अपने हाथ में ली थी। NIA इस मामले में अब तक तीन पूरक आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है पहला पूरक आरोप पत्र (8 मई 2025): 4 आरोपी विकास कुमार, सत्यम कुमार, देवमणि राय और अहमद अंसारी के खिलाफ IPC की धारा 120B और UA (P) एक्ट की धारा 13 व 18 के तहत दायर। दूसरा पूरक आरोप पत्र (20 फरवरी 2026): आरोपी मंजूर खान के खिलाफ IPC, आर्म्स एक्ट (धारा 25(1AA), 26, 35) और UA (P) एक्ट के तहत दायर। तीसरा पूरक आरोप पत्र (15 अप्रैल 2026): आरोपी कुंदन कुमार उर्फ कुंदन भगत के खिलाफ आर्म्स एक्ट और UA (P) एक्ट की धाराओं में दाखिल।
इस रिस्क को लेने बिहार के लोग सबसे आगे, यूपी वाले भी पीछे नहीं; नई रिपोर्ट में खुलासा
इक्विटी निवेश में बिहार के बाद पंजाब के निवेशक आगे हैं। पंजाब में म्युचुअल फंड की 80 फीसदी रकम इक्विटी योजनाओं में लगी है। राजस्थान और उत्तराखंड तीसरे नंबर पर हैं। रिपोर्ट में और क्या?
‘यहां नौकरी तो दे रहे हैं, लेकिन पैसा सही नहीं है। 15-16 हजार रुपए की सैलरी पर चेन्नई भेज रहे हैं। इतने में आदमी क्या खाएगा-क्या बचाएगा।’ यह कहना है कि पटना के ज्ञान भवन में आयोजित रोजगार मेला में आए मुन्ना का। उनके चेहरे पर नई नौकरी का उत्साह कम, मायूसी ज्यादा है। बताते हैं, ‘मैं यहां जॉब की तलाश में आया था। मेडिकल लाइन की कंपनी के लोगों ने कहा कि अगले महीने इंटरव्यू का डेट मिलेगा। क्या काम करना है यह नहीं बताया गया है।’ यह कहानी सिर्फ मुन्ना की नहीं। ज्ञान भवन में 19 से 23 अगस्त तक बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग की ओर से जॉब फेयर आयोजित किया जा रहा है। दो दिन में करीब 10 हजार युवाओं ने आवेदन किया है। दावा रोजगार उपलब्ध कराने का है, लेकिन कंपनियों की ओर से दिए जा रहे ऑफर ने मेले की व्यवस्था और रोजगार की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए हैं। जॉब फेयर में युवाओं को कितना वेतन ऑफर किया जा रहा है? किस तरह के काम मिल रहे है? पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट..। 10 से 15 हजार की नौकरी करने बाहर जाने की मजबूरी जॉब फेयर में 112 कंपनियां पहुंची हैं। इनमें बिहार की मात्र 6 हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के दावे पर सवाल उठ रहे हैं। अधिकांश कंपनियां युवाओं को बिहार से बाहर नौकरी का ऑफर दे रही हैं। मुंबई, चेन्नई, हरियाणा, कोलकाता और दिल्ली में काम करने के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं। जॉब फेयर में युवाओं को मिलने वाले ज्यादातर ऑफर 10 से 15 हजार रुपए मासिक वेतन के आसपास हैं। कुछ कंपनियां 25 से 30 हजार रुपए तक का पैकेज भी दे रही हैं, लेकिन इन नौकरियों के लिए भी युवाओं को दूसरे राज्यों में जाना होगा। युवाओं का कहना है कि दूसरे शहर में रहने, खाने और आने-जाने का खर्च निकालने के बाद इतनी कम आमदनी से परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल है। युवाओं का सवाल- नौकरी या मजदूरी? मेले में पहुंचे कई युवाओं का कहना है कि वे तकनीकी और अच्छी नौकरी की उम्मीद लेकर आए थे। यहां मिलने वाले अधिकांश ऑफर सामान्य मजदूरी, सेल्स, डिलीवरी और दूसरे कम वेतन वाले कामों से जुड़े हैं। अगर नौकरी के लिए बाहर जाना है और वेतन 10-15 हजार रुपए तो इसे कैसे रोजगार का बेहतर अवसर मानें? एक युवक ने कहा कि बिहार में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के बजाय युवाओं को दूसरे राज्यों में भेजने पर ज्यादा जोर दिख रहा है। कंपनियां बड़ी संख्या में आवेदन और बायोडाटा ले रही हैं, लेकिन असल में कितने लोगों को काम मिलेगा पता नहीं चल रहा है। नौकरी के नाम पर डाटा कलेक्शन का आरोप जॉब फेयर में पहुंचे कुछ युवाओं ने आरोप लगाया कि कंपनियां बड़ी संख्या में युवाओं का बायोडाटा जमा कर रही हैं। इनकी जानकारी जुटा रही है। आवेदन लेने और इंटरव्यू की प्रक्रिया तो हो रही है, लेकिन नौकरी की शर्तों, पोस्टिंग और वेतन को लेकर पूरी जानकारी नहीं दी जा रही। इससे आशंका पैदा हो रही है कि कहीं जॉब फेयर सिर्फ डाटा कलेक्शन तक सीमित न रह जाए। बिहार में रोजगार के अवसर पर उठे सवाल जॉब फेयर में बिहार की सिर्फ 6 कंपनियों की मौजूदगी की भी चर्चा है। बेरोजगार युवाओं की मांग है कि अगर सरकार रोजगार मेले का आयोजन कर रही है तो बिहार में ही पर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने वाली कंपनियों को प्राथमिकता दी जाए। दूसरे राज्यों में 10-15 हजार रुपए की नौकरी दिलाने के बजाय सरकार को बिहार में उद्योग और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर देना चाहिए। एयरटेल में 18 हजार की नौकरी, लेकिन टारगेट की परेशानी जमुई से आए जैनेंद्र कुमार ने बताया, ‘मेरी बात एयरटेल कंपनी के अधिकारी से हुई। जमुई में साउंड बॉक्स लगाने का ऑफर मिला। 18 हजार रुपए मासिक वेतन और लगाए गए प्रति साउंड बॉक्स 125 रुपए इंसेंटिव देने की बात कही गई है। कंपनी ने 30 दिन में कम से कम 20 साउंड बॉक्स लगाने का टारगेट दिया है। अभी जॉइनिंग लेटर नहीं मिला है।’ बता दें कि एयरटेल साउंड बॉक्स एयरटेल पेमेंट्स बैंक द्वारा दुकानदारों और व्यापारियों के लिए UPI QR कोड से होने वाले भुगतानों की तुरंत ऑडियो मैसेज देने वाला डिजिटल डिवाइस है। भीड़ के कारण नौकरी छोड़कर लौटे सत्यम, बी-फार्मा के बाद भी रोजगार की तलाश सत्यम कुमार ने कहा, ‘जॉब फेयर में बहुत भीड़ है। दोपहर तक केवल एक राउंड ही अंदर जा पाया। मेरा नंबर आने तक शाम हो जाता और परीक्षा छूट जाती, इसलिए लौट रहा हूं।’ ‘मैंने बी-फार्मा किया है। अस्पताल या फार्मेसी में नौकरी चाहता हूं। बिहार में नौकरी नहीं मिलने के कारण जॉब फेयर से काफी उम्मीद थी, लेकिन लंबी कतार के कारण आवेदन करना मुश्किल हो रहा है।’ TVS में 20 हजार की नौकरी, लेकिन बेंगलुरु में पोस्टिंग कुंदन कुमार ने बताया, ‘मेरी बात टीवीएस कंपनी के अधिकारी से हुई। 20 हजार रुपए महीना पर जॉब ऑफर किया गया, लेकिन काम करने बेंगलुरु जाना होगा। मैं बेंगलुरु नहीं जाना चाहता। बिहार में ही नौकरी तलाश रहा हूं। सैलरी उम्मीद के मुताबिक नहीं है। जॉइन करने से पहले घर के लोगों से बात करूंगा।’ निखिल ने कहा, ‘मैंने ब्लिंकिट में पैकेजिंग के काम के लिए आवेदन किया है। कंपनी की ओर से 18 हजार रुपए सीटीसी और 15,600 रुपए इन हैंड देने की बात कही गई है। काम मुंबई में करना है। 10 तारीख तक ऑफर लेटर मिलेगा। 15 हजार में मुंबई जैसे शहर में रहना मुश्किल होगा। इसलिए मैं दूसरी कंपनियों में भी नौकरी तलाश रहा हूं। टीसीआई में 14 हजार की नौकरी, अतुल ने कहा- इतनी सैलरी में क्या होगा अतुल ने बताया, ‘मुझे टीसीआई कंपनी ने जॉइनिंग लेटर देने की बात कही है। सभी डॉक्यूमेंट्स जमा कर लिए गए हैं। कंपनी में गाड़ी लोड-अनलोड करने की ड्यूटी दी जाएगी। फिलहाल जॉब लोकेशन नहीं बताई गई है। 14 हजार रुपए वेतन है। इतने कम पैसे में गुजारा करना मुश्किल है। जिस उम्मीद से जॉब फेयर में आया था वैसा रोजगार नहीं मिला।’ मो. फैजल अंसारी ने बताया, ‘मैंने एविएशन और दूसरे क्षेत्र की एक कंपनी में आवेदन किया है। कंपनी ने पूछा कि अंग्रेजी बोलना आता है। मैंने कहा कि हल्की-फुल्की अंग्रेजी आती है। कंपनी ने 9 महीने की ट्रेनिंग देने की बात कही है। कंपनी के अनुसार पहले से स्किल्ड उम्मीदवारों को 30 से 40 हजार रुपए तक की सैलरी मिल सकती है। फ्रेशर की जॉब 15 हजार रुपए से शुरू होगी।’ दिव्यांग युवाओं ने उठाए सवाल, सौरभ बोले- हर बार बाहर जाने को कहा जाता है जॉब फेयर में पहुंचे दिव्यांग पप्पू कुमार ने बताया, ‘मुझे कंपनी के लोगों ने कहा है कि थोड़ा इंतजार करना होगा। नौकरी का आश्वासन दिया है। बिहार से बाहर दूसरे राज्यों में नौकरी देने की बात कही जा रही है। मेरे जैसे दिव्यांग व्यक्ति के लिए दूसरे राज्य में जाकर नौकरी करना मुश्किल है। कंपनी 10 हजार रुपए वेतन ऑफर कर रही है। इतने में परिवार का खर्च कैसे चलेगा।’ दिव्यांग सौरभ कुमार ने कहा, ‘पटना में कई बार जॉब फेयर आयोजित हो चुके हैं। दिव्यांगों के लिए सीटें खाली रह जाती हैं। मैं पिछले 11 बार से जॉब फेयर में आ रहा हूं। दिव्यांग लोगों को अक्सर दूसरे राज्यों में जाकर नौकरी करने के लिए कहा जाता है।’ उन्होंने कहा, ‘कई बार ऑफर लेटर मिलने के बाद भी स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग नहीं होने पर वापस भेज दिया जाता है। जॉब फेयर में सिर्फ भीड़ दिखाई जाती है। युवाओं का डेटा जुटाया जाता है।’ सोनाटा माइक्रो क्रेडिट में बिहार के लिए 100 पद, 12वीं पास कर सकते हैं आवेदन बीएसएस सोनाटा माइक्रो क्रेडिट के एचआर मोहित कुमार सिंह ने बताया कि कंपनी बिहार में 100 पदों पर भर्ती कर रही है। इसके लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं पास है। पुरुष और महिला दोनों आवेदन कर सकते हैं। महिलाओं को स्थानीय स्तर पर नौकरी मिलेगी। पुरुषों को उनके घर से कम से कम 40 किलोमीटर की दूरी पर पोस्टिंग दी जा सकती है। कंपनी में ट्रेनी रिलेशनशिप ऑफिसर के पद पर भर्ती की जा रही है। इसके लिए 15 हजार रुपए सीटीसी पर नौकरी ऑफर की जा रही है। बिहार से बाहर नौकरी के लिए 10वीं से बीटेक तक के युवाओं की भर्ती, 29 हजार तक इन हैंड सैलरी डिजिटल लेबर मार्केटप्लेस और ब्लू-कॉलर जॉब मैच-मेकिंग प्लेटफॉर्म आमधनई प्राइवेट लिमिटेड के देवेश कुमार पांडेय ने कहा, ‘दिल्ली, हरियाणा, कोलकाता और गुजरात की कई कंपनियां युवाओं की भर्ती कर रही हैं।’ ‘मैन्युफैक्चरिंग और मेंटेनेंस के पदों पर 10वीं पास से लेकर बीटेक तक के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। कंपनी के अनुसार 12 घंटे काम करने पर उम्मीदवार को 29 हजार रुपए तक इन हैंड सैलरी मिल सकती है। उम्मीदवारों की काउंसलिंग के बाद ऑफर दिया जाएगा।’
रणजी ट्रॉफी के आगामी सत्र में एलीट ग्रुप की चुनौती के लिए बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुरुष सीनियर चयन समिति ने 2026-27 घरेलू सत्र के लिए फिटनेस एंड स्किल कैंप के लिए 57 खिलाड़ियों की पहली सूची जारी की थी। इन सभी खिलाड़ियों को आज सुबह 10 बजे बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के ऑफिस में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए पहुंचना होगा। खिलाड़ियों को सभी आवश्यक मूल डॉक्यूमेंट साथ लाने होंगे। इस लिस्ट में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भी शामिल हैं। 22 अगस्त से शुरू होगा कैंप वेरिफिकेशन के बाद पात्र खिलाड़ियों को पटना के मोइन-उल-हक स्टेडियम में रिपोर्ट करना होगा। फिटनेस एंड स्किल कैंप 22 अगस्त 2026 से शुरू होगा। कैंप में खिलाड़ियों के लिए बीसीसीआई के निर्धारित मानकों के अनुसार फिटनेस टेस्ट देना अनिवार्य होगा। टेस्ट में सफल होने वाले खिलाड़ियों को आगे की तैयारी में शामिल किया जाएगा। प्लेट ग्रुप में चैंपियन बनने के बाद बढ़ी चुनौती पिछले रणजी सत्र में बिहार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्लेट ग्रुप का खिताब अपने नाम किया था। इस सफलता के बाद टीम को आगामी सत्र में एलीट ग्रुप में खेलने का मौका मिला है। यहां बिहार का सामना देश की मजबूत और अनुभवी टीमों से होगा। कई टीमों में अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और आईपीएल स्तर पर खेल चुके खिलाड़ी शामिल होंगे। फिटनेस और तकनीक पर रहेगा जोर एलीट ग्रुप की चुनौती को देखते हुए बीसीए ने खिलाड़ियों की तैयारी समय से शुरू कर दी है। कैंप में खिलाड़ियों की फिटनेस, तकनीक, खेल कौशल, अनुशासन और मानसिक मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। खिलाड़ियों को उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना कैंप का प्रमुख उद्देश्य है। एलीट ग्रुप में खुद को साबित करने का मौका प्लेट ग्रुप में चैंपियन बनने के बाद बिहार के सामने अब बड़ी चुनौती है। मजबूत टीमों और अनुभवी खिलाड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए टीम को फिटनेस के साथ तकनीकी और मानसिक रूप से भी मजबूत होना होगा। बीसीए का यह कैंप आगामी रणजी सत्र के लिए बिहार की तैयारियों की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
साल 2024। वैज्ञानिकों की एक टीम सोशल मीडिया पर वीडियो स्क्रॉल कर रही थी कि अचानक टिकटॉक के एक शॉर्ट क्लिप ने उनकी नजरें अटका दीं। वीडियो भारत-नेपाल सीमा का था। एक बोरवेल से पानी बह रहा था और उसी धारा के साथ बाहर निकल आई एक बेहद अजीबोगरीब जीव। पतली, बिना रंग की और केंचुए जैसी बलखाती हुई, जिसकी आंखें नाममात्र की थीं। पहली नजर में वह कोई मामूली जलजीव लग सकती थी, लेकिन वैज्ञानिकों की आंखों ने ताड़ लिया कि यह प्रकृति का कोई गहरा रहस्य है। गंगा के विशाल मैदानी इलाकों के नीचे 30-35 फीट की अथाह गहराइयों में, जहां सूरज की एक किरण तक नहीं पहुंचती वहां एक गुमनाम दुनिया सांस ले रही है। उस एक वीडियो ने वैज्ञानिकों को लैब से निकालकर बिहार के सुदूर गांवों में पहुंचा दिया। बूझे की नाही में कहानी….गंगा की गहराइयों में मिली ऐसी मछली कि जिसकी आंखें नहीं, शरीर भी पारदर्शी। साल 2024 और 2025 के बीच ठाकरे वाइल्डलाइफ फाउंडेशन के शोधकर्ता अक्षय खांडेकर और उनकी टीम ने बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बालगंगवा गांव और नेपाल के नवलपरासी (त्रिवेणी) इलाके में डेरा डाल दिया। 11 किलोमीटर का यह इलाका उनका सर्च जोन था। मिशन आसान नहीं था। जमीन के नीचे छिपे इस जीव को बाहर लाने का एक ही तरीका था-बोरवेल। वैज्ञानिकों की टीम ने गांवों के 15 से भी ज्यादा हैंडपंपों और बोरवेलों को लगातार 7 दिनों तक चलाया। आखिरकार, दो बोरवेलों से 2,000 लीटर पानी निकालने के बाद जमीन की गहराई से दो जीव बाहर निकले। लेकिन दोनों मर गए। जिंदा जीव की तलाश में वैज्ञानिकों ने फिर से पानी निकालना शुरू किया। करीब 500 लीटर पानी और निकला तब तीसरा जीव मिला…वह जिंदा था। पानी के बर्तन में हल्के गुलाबी रंग की एक पतली सी ईल जैसी मछली तैर रही थी। वैज्ञानिकों ने नाम दिया 'गंगाचथिस इंडोनेपालिकस' लैब में जब इस जीव की जांच शुरू हुई तो वैज्ञानिक हैरान रह गए। हाई-रिजॉल्यूशन माइक्रो-CT स्कैन से हड्डियों का 3D एक्स-रे किया गया और DNA टेस्ट (माइटोकॉन्ड्रियल CO1 और RAG1 जीन) चलाए गए। अंधी, शरीर पारदर्शी और पसलियां भी नहीं लाखों सालों तक जमीन के नीचे 10 मीटर की गहराई में बिना धूप के रहने के कारण 40 मिलीमीटर यानी 1.6 इंच लंबी इस मछली का शरीर अनोखे रूप से ढल चुका था… जब इसके DNA की तुलना इसके परिवार की सबसे करीबी प्रजातियों (Chaudhuria caudata और Pillaia indica) से की गई, तो उसमें 20% से 22% से भी ज्यादा का अंतर मिला। जेनेटिक्स के इस बड़े अंतर के कारण वैज्ञानिकों ने इसे अर्थवर्म ईल परिवार का नया वंश माना। वैज्ञानिक बोले- हमारी आंखों से ओझल है एक विशाल जैव-विविधता अब तक भारत में जमीन के नीचे रहने वाली अंधी मछलियों का मुख्य केंद्र केवल दक्षिण भारत के केरलम को माना जाता था। लेकिन इस खोज ने 'चौधुरिडे' परिवार के भौगोलिक दायरे को 500 किलोमीटर पश्चिम की ओर खिसका दिया। और यह साबित कर दिया कि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों के नीचे भी जीवन का एक अनूठा 'पाताल लोक' बसा हुआ है। नीचे की दो ग्राफिक से जानिए, भारत की जमीन के अंदर का रहस्य
मौत भी हार गई! सांप के काटने से मरे लड़के के 12 साल बाद लौटने का दावा, बिहार की घटना ने चौंकाया
मौत भी हार गई! सांप के काटने से मरे लड़के के 12 साल बाद लौटने का दावा, बिहार की घटना ने चौंकाया
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने AK-47 राइफल बरामदगी मामले में फरार आरोपी भैरव त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है। उस परनगालैंड से बिहार हथियार लाने की साजिश रचने का आरोप है और मामले की जांच जारी है।
Muzaffarpur Weather Update : उत्तर बिहार पर फिर मेहरबान होंगे बादल, कई जिलों में बारिश के आसार
उत्तर बिहार को अगले दो दिनों में उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, जहां कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। कुछ स्थानों पर गरज के साथ बिजली चमकने और मध्यम से भारी वर्षा भी हो सकती है।
विद्यार्थियों की शैक्षणिक-संस्थागत समस्याओं के समाधान के लिए बिहार सरकार की ओर से ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ शुरू किया गया है। वहीं, संत रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर जिले में ‘श्री गुरु संत रविदास जी समरसता संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। दोनों पहलों को लेकर गुरुवार को जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित उनके कार्यालय कक्ष में पीसी की गई। डीएम कौशल कुमार ने बताया कि विद्यार्थी सहयोग पोर्टल का उद्देश्य राज्य के छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक समस्याओं का समाधान करना और शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार के लिए विद्यार्थियों से सुझाव प्राप्त करना है। पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थी अपनी समस्याओं और सुझावों को सीधे ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे। डीएम ने बताया कि कक्षाओं का समय पर संचालन नहीं होने, शिक्षकों या प्राध्यापकों के समय पर कक्षा में नहीं पहुंचने या अनुपस्थित रहने, परीक्षा समय पर नहीं होने, परीक्षा परिणाम समय पर जारी नहीं होने और अनधिकृत शुल्क वसूली जैसी शिकायतें पोर्टल पर दर्ज की जा सकेंगी।इसके अलावा कक्षा में बिजली और बैठने की व्यवस्था, प्रयोगशाला, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, कोचिंग व्यवस्था समेत अन्य शैक्षणिक और संस्थागत समस्याओं की भी शिकायत की जा सकेगी। विद्यार्थी अपनी शिकायत या सुझाव sahyog.bihar.gov.in पर दर्ज करा सकते हैं। पोर्टल के दायरे में ये संस्थान पोर्टल के दायरे में विश्वविद्यालय, अंगीभूत महाविद्यालय, अभियंत्रण एवं चिकित्सा महाविद्यालय, पॉलिटेक्निक, आईटीआई, पैरा मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग स्कूल, सिमुलतला आवासीय विद्यालय सहित विभिन्न सरकारी शैक्षणिक संस्थानों और छात्रावासों को शामिल किया गया है।इसके अलावा पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के छात्रावास, कस्तूरबा गांधी छात्रावास और समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित नेत्रहीन और मूकबधिर विद्यालय भी पोर्टल के दायरे में हैं। 27 अगस्त से हर गुरुवार लगेगा संत रविदास विकास शिविरडीएम ने बताया कि संत रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर जिले में सामाजिक समरसता, समानता, भाईचारा और जनकल्याण की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘समरसता संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है।इसके तहत अनुसूचित जाति बहुल टोलों में 27 अगस्त से 15 फरवरी 2027 तक हर गुरुवार ‘संत रविदास विकास शिविर’ का आयोजन किया जाएगा। शिविर में विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक पहुंचाने के साथ मौके पर लोगों की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। इन योजनाओं से जुड़े मामलों का होगा समाधानशिविर में राशन कार्ड, उज्ज्वला योजना, विद्यालयों में नामांकन, आंगनबाड़ी, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, कुशल युवा कार्यक्रम, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, पास भूमि, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और बुनियाद केंद्र से संबंधित मामलों का समाधान किया जाएगा।इसके अलावा हर घर नल का जल, मुख्यमंत्री ग्रामीण पक्की गली-नाली योजना, जॉब कार्ड, प्रधानमंत्री जन-धन योजना, बिजली कनेक्शन और जीविका समूह से संबंधित आवेदन भी प्राप्त किए जाएंगे।
राज्यपाल सचिवालय में चार स्टेनोग्राफरों राजेश कुमार, अखिलेश कुमार मिश्र, सुशील कुमार और संगीता कुमारी की सेवा समाप्त कर दी गई है।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव गुरुवार को मधुबनी पहुंचे। अतिथि गृह में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने जिला अधिकारी और जनप्रतिनिधियों के बीच फोन नहीं उठाने से जुड़े सवाल पर सरकार पर जमकर हमला बोला। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में न किसी मंत्री की कोई वैल्यू है और न ही किसी जनप्रतिनिधि की। उन्होंने कहा कि राज्य में पूरी तरह अफसरशाही हावी है। आरजेडी लंबे समय से बिहार में अफसरशाही बढ़ने का आरोप लगाती रही है। ‘कितने विधायक-सांसद पीड़ितों से मिलने जाते हैं?’ उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि कितने लोगों के फोन उठाते होंगे। राज्य में लगातार हादसे और अपराध हो रहे हैं, जिससे लोग परेशान हैं। इसके बावजूद कितने विधायक और सांसद पीड़ितों से मिलने तक जाते हैं। तेजस्वी ने कहा कि बिहार में अफसरशाही अपने चरम पर है। ‘क्या आरोपी को जेल में ही मरवा दिया जाएगा?’ पकरौली गांव निवासी रौशन यादव की मौत के मामले में वायरल वीडियो और आरजेडी नेताओं के उसके घर पहुंचने को लेकर पूछे गए सवाल पर तेजस्वी यादव ने कहा, “क्या किसी आरोपी को जेल में ही मरवा दिया जाएगा?” अपराधियों को संरक्षण के आरोप पर सीएम पर पलटवार विपक्ष द्वारा आरजेडी पर अपराधियों को संरक्षण देने के आरोप पर तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर पलटवार किया। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री पर ही हत्या के सात मामले दर्ज हैं। तेजस्वी ने कहा कि जब बिहार का मुख्यमंत्री ही ऐसा हो तो वे क्या कर सकते हैं।
मंत्री श्रवण कुमार ने चीनी की बढ़ती कीमतों पर कहा कि इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि देश में डायबिटीज के मरीज अधिक हैं। वहीं, बिहार सरकार ने 400 टन से अधिक चीनी रखने वालों के खिलाफ जमाखोरी और कालाबाजारी की जांच के आदेश दिए हैं।
चीनी के स्टॉक पर नजर, सरकार ने अपने नोटिफिकेशन में क्या निर्देश दिए हैं?
चीनी की कीमतें नई ऊंचाई पर पहुंचने के बाद, केंद्र सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए चीनी के बड़े उपभोक्ताओं पर स्टॉक रखने की सीमा तय कर दी है। इस सख़्त कार्रवाई के तहत सरकार ने सभी मिलों को यह आदेश भी दिया कि वे 17-19 अगस्त, 2026 के बीच बेची गई चीनी की मिल-वार और खरीदार-वार जानकारी दें। खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि जो बड़े उपभोक्ता महीने में 10 टन से ज़्यादा चीनी का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें 15 दिनों की खपत से ज़्यादा स्टॉक रखने की इजाज़त नहीं होगी। खाद्य मंत्रालय ने 'चीनी (बड़े उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक रखने की सीमा) आदेश, 2026' जारी किया है, जिसमें कन्फेक्शनर, सॉफ्ट ड्रिंक बनाने वाली कंपनियाँ, फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट, मिठाई विक्रेता और दूसरे संस्थागत खरीदार शामिल हैं। यह आदेश 1 सितंबर से लागू होगा और 30 नवंबर तक प्रभावी रहेगा। इसे भी पढ़ें: Bihar में फिर दौड़ेगी Sugar Mill की चाशनी, 'सुधा' की तर्ज पर Vegfed Booth भी खुलेंगे चीनी मिलों से मांगा बिक्री का पूरा ब्योरा चीनी कंपनियों के शेयरों में तेज़ी आई है। इसकी वजह है केंद्र सरकार का स्टॉक रखने की सीमा को सख्त करना और घरेलू व ग्लोबल मार्केट में चीनी की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी। गुरुवार का यह आदेश पहले के उस आदेश के बाद आया है, जो 1 अगस्त से 30 नवंबर तक लागू था। उस आदेश में चीनी डीलरों के लिए स्टॉक की सीमा 30 दिनों के लिए 4,000 क्विंटल तय की गई थी। ये पाबंदियां चीनी की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बीच लगाई गई हैं। 2026-27 सीज़न से पहले शुरुआती स्टॉक कम होने की वजह से मिल से निकलने वाली चीनी की कीमतें (एक्स-मिल रेट) रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। एक इंडस्ट्री बॉडी के अनुसार, मंगलवार को पूरे देश में चीनी की औसत एक्स-मिल कीमत बढ़कर 5,400-5,500 रुपये प्रति क्विंटल हो गई, जो एक साल पहले 3,900 रुपये थी। NCDEX के डेटा से पता चलता है कि 19 अगस्त, 2026 को भारत के प्रमुख बाजारों में चीनी की स्पॉट कीमतें 16 साल के उच्चतम स्तर 5,530 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गईं। इसे भी पढ़ें: क्या आप नहीं चाहते कि लोग स्वस्थ रहें? फूड पैकेट पर सुप्रीम कोर्ट से FSSAI को फटकार नोटिफिकेशन में क्या निर्देश कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री के डेटा के अनुसार, 18 अगस्त को खुदरा चीनी की कीमतें सालाना आधार पर लगभग 13 प्रतिशत बढ़कर 52.30 रुपये प्रति किलो हो गईं, जो एक साल पहले 46.34 रुपये थीं। आमतौर पर अगस्त और नवंबर के बीच चीनी की मांग बढ़ जाती है, क्योंकि इस दौरान देश में गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहार मनाए जाते हैं। नए आदेश के तहत, हर मिल से थोक खरीदार को बेची जाने वाली चीनी की मासिक मात्रा (चाहे सीधे बेची जाए या डीलरों के ज़रिए) की जांच की जाएगी। चीनी के लिए लागू HSN कोड का इस्तेमाल करते हुए, विक्रेताओं और/या खरीदारों द्वारा फाइल किए गए GST रिटर्न के आधार पर खपत तय की जाएगी। थोक खरीदार का मतलब है - कन्फेक्शनर (मिठाई/बेकरी उत्पाद बनाने वाला), सॉफ्ट ड्रिंक बनाने वाली कंपनी, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, मिठाई विक्रेता या कोई अन्य संस्थागत खरीदार, जिसकी पिछले एक साल (मौजूदा महीने को छोड़कर) में औसत मासिक खपत 10 टन से कम न रही हो। यह आदेश केंद्र या राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन या स्थानीय निकायों से जुड़ी संस्थाओं पर लागू नहीं होता है। स्टॉक रखने के कड़े नियम 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले 2026-27 सीज़न के लिए चीनी की उपलब्धता को लेकर चिंताओं के बीच लाए गए हैं। थर्ड-पार्टी के स्रोतों से इथेनॉल खरीदने पर साफ तौर पर रोक इंडस्ट्री का अनुमान है कि नए सीज़न के लिए शुरुआती स्टॉक 4-4.2 मिलियन टन होगा, जबकि कुछ रिसर्च करने वालों का अनुमान इससे कम, यानी 3.2-3.5 मिलियन टन है - ये दोनों ही अनुमानित घरेलू ज़रूरत (लगभग 5-6 मिलियन टन) से कम हैं। इसी से जुड़ी एक और बात यह है कि भारत की सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने एक कड़ा निर्देश जारी किया है। इसके तहत सभी इथेनॉल सप्लायर्स के लिए यह ज़रूरी कर दिया गया है कि वे खुद के रजिस्टर्ड डिस्टिलरी यूनिट चलाने वाले घरेलू निर्माता हों। IOCL, BPCL, HPCL, MRPL और NRL जैसी बड़ी सरकारी ईंधन रिटेल कंपनियों के समूह की ओर से भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) द्वारा जारी इस नोटिस में तीसरे पक्ष (थर्ड-पार्टी) के स्रोतों से इथेनॉल खरीदने पर साफ तौर पर रोक लगा दी गई है।
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर एक बार फिर बिहार यात्रा पर निकलने वाले हैं। सितंबर महीने से वह पार्टी को मजबूत करने के लिए सभी जिलों का दौरा करेंगे। बांकीपुर उपचुनाव जीतकर विधायक बने पीके की आगामी चुनावों पर नजरें टिकी हुई हैं।
‘मिर्जापुर द मूवी’ के लिए कालीन भैया उर्फ पंकज त्रिपाठी जाएंगे पटना, बिहार में दिखाएंगे भौकाल
‘मिर्जापुर: द मूवी’ को लेकर फैंस के बीच एक्साइटमेंट लगातार बढ़ती जा रही है। 11 अगस्त को रिलीज हुए फिल्म के मच अवेटेड ट्रेलर को दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। ट्रेलर में बड़े भौकाल, गद्दी की जंग और ‘मिर्जापुर’ की दमदार दुनिया की झलक देखने के बाद अब फिल्म को लेकर बज और भी बढ़ गया है।ट्रेलर को मिले इस शानदार रिस्पॉन्स के बीच फिल्म की स्टारकास्ट 22 अगस्त को लखनऊ पहुंची। अली फजल, दिव्येंदु शर्मा और जितेंद्र कुमार ने शहर में फिल्म का प्रमोशन किया और मीडिया से बातचीत की।‘मिर्जापुर’ की कहानी और इसकी दुनिया का उत्तर प्रदेश से खास कनेक्शन रहा है। ऐसे में लखनऊ में फिल्म का प्रमोशन करना टीम के लिए भी खास रहा। जिसके बाद अब ‘मिर्जापुर: द मूवी’ के स्टार्स पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु शर्मा और जितेंद्र कुमार 22 अगस्त 2026 को पटना का दौरा करेंगे। ट्रेलर और पहले गाने ‘दो नंबरी’ को मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद अब फिल्म की रिलीज को लेकर दर्शकों की एक्साइटमेंट अपने चरम पर है।फिल्म की स्टारकास्ट में अली फज़ल, पंकज त्रिपाठी, दिव्येंदु शर्मा, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुगल, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, प्रमोद पाठक, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता शेखर गौर, श्वेता त्रिपाठी और सोनल एस. चौहान भी शामिल हैं।‘मिर्जापुर: द मूवी’ का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है और इसकी कहानी पुनीत कृष्णा ने लिखी है। फिल्म को अमेज़न MGM स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट प्रस्तुत कर रहे हैं। रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने इसे एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले प्रोड्यूस किया है। फिल्म 4 सितंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में हिंदी और तेलुगु में रिलीज होगी।
पटना में सहायक प्राध्यापक बहाली समेत विभिन्न मांगों को लेकर शोधार्थियों का अनिश्चितकालीन आमरण अनशन 17वें दिन भी जारी है। आंदोलनकारियों ने 22 अगस्त को लोकभवन मार्च का एलान किया है, जबकि उनके नेता कुमुद पटेल की तबीयत बिगड़ रही है।
जहानाबाद में बिहार ग्रामीण बैंक का जनप्रतिनिधि समन्वय सम्मेलन, पंचायत प्रतिनिधियों का किया सम्मान
जहानाबाद में बिहार ग्रामीण बैंक का जनप्रतिनिधि समन्वय सम्मेलन, पंचायत प्रतिनिधियों का किया सम्मान
मंत्री नीतीश मिश्रा के झंझारपुर विधानसभा से निर्वाचन को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। चुनावी हलफनामे में आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाने के आरोप पर हाईकोर्ट ने जवाब मांगा है।
जालंधर के CT इंस्टीट्यूट के शाहपुर कैंपस में बिहार और कश्मीर के छात्रों के बीच झगड़ा हो गया। जिसके बाद दोनों गुटों में जमकर डंडे-बैट चले। होस्टल में तोड़फोड़ की गई। जिससे कमरों में कांच फैल गया। जिसके वीडियो भी सामने आए हैं। झगड़े में बिहार के 5 से 6 स्टूडेंट घायल हुए हैं, जिसमें अधिकतर नाबालिग हैं। इनमें एक के सिर पर चोट लगी है, वह गमछा बांधकर सिर पकड़े दिखाई दिया, जबकि एक छात्र का पैर टूट गया। विवाद के बाद कैंपस में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसके बाद प्रबंधन ने गेट बंद कर पुलिस को सूचना दी। हालांकि थाना-5 पुलिस ने डंडे-बैट से हमले की बात से इनकार किया है। पुलिस ने कहा कि छात्रों में खाने में टेबलेट निकलने पर विवाद हुआ था, जिसे मौके पर पहुंचकर शांत करा दिया गया। एडीसीपी सिटी-2 माधवी शर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। थाना-5 के SHO यादविंदर सिंह ने बताया- विवाद कैंटीन में खाने को लेकर हुआ था। कुछ छात्रों ने मामले को धार्मिक रंग देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने समय रहते स्थिति संभाल ली। सभी फर्स्ट इयर के स्टूडेंट्स हैं। जिनकी 16-17 साल उम्र है। छात्रों के बीच हथियार नहीं चले हैं इधर, देर शाम झगड़े के बाद CT इंस्टीट्यूट में बजरंग दल और हिंदू नेता पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक लिया और अंदर नहीं जाने दिया। इसके बाद एक हिंदू नेता ने छात्र को कॉल किया, तो उसने बताया कि- अंदर बाउंसरों ने रोक लिया है। बाहर नहीं आने दे रहे हैं। वहीं, पंजाब बंद के चलते कल इंस्टीट्यूट बंद रहेगा। प्रबंधन की ओर से इस संबंध में एक मैसेज जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि जरूरी कामों के लिए केवल ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ही इंस्टीट्यूट में मौजूद रहेगा। झगड़े से जुड़े PHOTOS देखिए…. कश्मीरी छात्रों पर गोली देने का आरोप बिहार के छात्रों का आरोप है कि दो दिन पहले उनके खाने में टेबलेट और टेलबट का रैपर मिला था। उन्होंने इसकी शिकायत इंस्टीट्यूट प्रशासन और कैंटीन संचालक से की थी। इसके बाद छात्र दो दिन से प्रदर्शन कर रहे थे और उनकी मांग थी कि उन्हें सही खाना दिया जाए। झगड़े में घायल बिहार के छात्र ने कहा- पहले कश्मीरी छात्र ने गाली दी। इसके बाद सीनियर में झगड़ा शुरू हुआ। कश्मीरी छात्रों ने अल्लाह हू अकबर कहते हुए हमला करना शुरू कर दिया। झगड़े के दौरान मैं अंदर छिप गया था। सिर पर कपड़ा ले रखा था। इस दौरान एक हाथ में भी चोट लग गई। पुलिस के सामने पत्थर और ईंटें चले झगड़े का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिस बिहार के छात्रों को समझाती नजर आ रही है। इसी दौरान नीचे की तरफ से कश्मीरी छात्रों की ओर से पत्थर और ईंटें फेंकते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में एक बिहार का छात्र पुलिस से कहता सुनाई देता है कि, ‘देखो सर, आपके सामने ईंटें चला रहे हैं।’ इंस्टीट्यूट में टूटीं कांच की खिड़कियां वीडियो में इंस्टीट्यूट के अंदर छात्रों के बीच झगड़ा और कांच की खिड़कियां टूटी हुई दिखाई दे रही हैं। एक हॉस्टल रूम में भी चारों तरफ कांच बिखरा नजर आता है। वीडियो में एक छात्र यह कहते हुए दिखाई देता है कि ‘देखो, अब कश्मीरी भाग गए। वीडियो में छात्र बैट और रॉड लिए दिखे वीडियो में कुछ युवक बैट और लोहे की रॉड हाथ में लिए नजर आ रहे हैं। एक छात्र के मुताबिक, पुलिस की मौजूदगी में भी कश्मीरी छात्रों की ओर से झगड़ा किया गया। छात्र का दावा है कि जब पुलिस को बताया गया कि उनके सामने ईंटें फेंकी जा रही हैं, तो पुलिसकर्मियों ने कहा कि ‘हमारे हाथ बंधे हुए हैं।’ छात्रों के मुताबिक, झगड़े में 5 से 6 स्टूडेंट घायल हुए हैं। इनमें एक छात्र के सिर पर चोट लगी है। खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए..
बिहार में जन्मे एक एंटरप्रेन्योर की कहानी इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गई है। उनकी कहानी उनके जीजाजी ने X (पहले ट्विटर) पर शेयर की है। इस कहानी में IIT दिल्ली से पढ़ाई और टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में 10 साल के करियर के बाद मेक्सिको में चार बिजनेस चलाने तक का सफर शामिल है।पटना के रहने वाले 33 साल के विजीत सुमन ने Uber में अपनी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ने के बाद फ़ूड, वेलनेस, सॉफ़्टवेयर और फ़्रॉड प्रिवेंशन (धोखाधड़ी रोकने) के क्षेत्र में बिजनेस शुरू किए। हाल ही में उनके जीजाजी राहुल राज ने X पर उनकी उपलब्धियों के बारे में पोस्ट किया, जिससे उनका यह अनोखा करियर सफर वायरल हो गया और लोगों का ध्यान इस ओर गया।IIT दिल्ली से लेकर टेक्नोलॉजी सेक्टर में 10 साल का सफरटेक्नोलॉजी सेक्टर में अपना करियर शुरू करने से पहले सुमन ने IIT दिल्ली से टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी की पढ़ाई की थी। उन्होंने पेमेंट और फ़्रॉड प्रिवेंशन के क्षेत्र में 10 साल से ज़्यादा समय तक काम किया और कंपनियों को अरबों डॉलर से जुड़े फाइनेंशियल क्राइम से निपटने में मदद की। उनके प्रोफेशनल सफर में ऐसी कंपनियों में काम करना भी शामिल है, जिन्हें बाद में दूसरी कंपनियों ने खरीद लिया था, जैसे Falabella द्वारा Linio और Uber द्वारा Cornershop का अधिग्रहण।लेकिन कॉर्पोरेट दुनिया में कई साल बिताने के बाद, सुमन ने एक अलग रास्ता चुनने का फ़ैसला किया। उन्होंने एंटरप्रेन्योरशिप की दुनिया में पहला कदम तब रखा जब वे टेक सेक्टर में काम कर रहे थे। Brother-in-law is a serial entrepreneur. After graduating from IIT D, he shifted to Mexico to join Uber. He left UBER to start a fin-tech business.Apart from this he launched a restaurant chain which serves Indian food. Yesterday, the current Ambassador of India to Mexico and… pic.twitter.com/7SUKDDi1qu— Rahul Raj (@x_rahulraj) August 13, 2026 इसकी शुरुआत मैक्सिको में भारतीय खाने से हुई2023 में, सुमन और उनके बिज़नेस पार्टनर अर्पित खुराना ने मैक्सिको सिटी में 'अरोमा करी' (Aroma Curry) शुरू किया। यह आइडिया विदेश में रहने वाले भारतीयों की एक आम समस्या से आया: घर जैसा स्वाद वाला खाना मिलना। न तो सुमन और न ही खुराना को रेस्टोरेंट चलाने का कोई अनुभव था, लेकिन जल्द ही उनके बिज़नेस को शादियों और दूसरे इवेंट्स में कैटरिंग के लिए रिक्वेस्ट मिलने लगीं।जो एक रेस्टोरेंट के तौर पर शुरू हुआ था, वह आगे चलकर कई बिज़नेस में से पहला बिज़नेस बन गया। 2024 तक, सुमन ने पूरी तरह से एंटरप्रेन्योरशिप पर ध्यान देने के लिए उबर (Uber) छोड़ दिया। वे एक बिज़नेस से चार बिज़नेस तक पहुंचे।कॉर्पोरेट दुनिया छोड़ने के बाद, सुमन ने मैक्सिको सिटी में 'संतुलन' (Santulan) नाम का एक योग स्टूडियो शुरू किया।शुरुआत में यह स्टूडियो एक छोटा सा वेंचर था, लेकिन जल्द ही कस्टमर्स ने पिलेट्स रिफॉर्मर क्लास की मांग की। बिज़नेस का विस्तार हुआ और सुमन के अनुसार, दो साल के भीतर यह मैक्सिको सिटी के सबसे ज़्यादा रेटिंग वाले स्टूडियो में से एक बन गया। उनकी तीसरी कंपनी एक और समस्या के समाधान के तौर पर शुरू हुई, जिसका सामना उन्हें स्टूडियो चलाते समय करना पड़ा था।बिज़नेस को मैनेज करने के लिए सही सॉफ़्टवेयर न मिलने पर, सुमन ने अपना खुद का सॉफ़्टवेयर बनाया। बाद में दूसरे स्टूडियो मालिकों ने भी इस सिस्टम में दिलचस्पी दिखाई, जिससे 'क्लासियस' (Klasius) बना - यह स्टूडियो मैनेजमेंट पर केंद्रित एक सॉफ़्टवेयर बिज़नेस है।अपने चौथे वेंचर के साथ वे उस फील्ड में वापस लौटे जिसे वे सबसे अच्छी तरह जानते थे।सुमन और उनके तीन दोस्तों ने 'फोर्टिफाई' (Fortify) नाम का एक प्लेटफ़ॉर्म शुरू किया, जो धोखाधड़ी रोकने पर केंद्रित था। एंटरप्रेन्योर के अनुसार, कंपनी अब मेक्सिको की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों में से एक के साथ पायलट प्रोग्राम चला रही है। इस तरह सुमन अलग-अलग इंडस्ट्रीज़ — इंडियन फ़ूड, वेलनेस, सॉफ़्टवेयर और फ़ाइनेंशियल टेक्नोलॉजी — में चार बिज़नेस चला रहे थे।300 मेहमानों वाली शादी एक टर्निंग पॉइंट साबित हुईइस सफ़र के सबसे यादगार पलों में से एक तब आया जब 'अरोमा करी' (Aroma Curry) ने 300 से ज़्यादा मेहमानों वाली एक शादी में कैटरिंग की। उस स्तर पर यह टीम का पहला बड़ा इवेंट था। कैटरिंग के इस सफल काम से बिज़नेस का कॉन्फिडेंस काफ़ी बढ़ा, खासकर तब जब मेहमानों ने टीम से कहा कि खाने ने उन्हें दिल्ली की याद दिला दी।भारत से हज़ारों किलोमीटर दूर शुरू किए गए बिज़नेस के लिए, लोगों की इस प्रतिक्रिया ने 'अरोमा करी' को शुरू करने के मूल मकसद को और मज़बूत किया। फिर उनके जीजाजी ने उनके बारे में पोस्ट किया। जब सुमन के जीजा राहुल राज ने X पर उनकी कहानी शेयर की, तो यह बहुत से लोगों तक पहुंची।इस पोस्ट में बताया गया कि कैसे वे IIT दिल्ली के पूर्व छात्र और टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल से मैक्सिको में कई बिज़नेस चलाने वाले एंटरप्रेन्योर बने। सुमन के अनुसार, इस पोस्ट ने तेज़ी से लोगों का ध्यान खींचा और इसे 1,00,000 से ज़्यादा बार देखा गया। उन्होंने बताया कि इस अचानक मिली चर्चा की वजह से उन्हें ऐसे लोगों के मैसेज भी मिले जिनसे उन्होंने कॉलेज के बाद से बात नहीं की थी। इस अप्रत्याशित वायरल मोमेंट ने परिवार के एक सदस्य की पोस्ट को उनके अनोखे करियर सफ़र के बारे में एक बड़ी चर्चा में बदल दिया।
Tata Power ने Bihar में शुरू किया 'हर घर सोलर' अभियान, 5 लाख छतों पर लगेंगे प्लांट
बिहार में रूफटॉप सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (टीपीआरईएल) ने बृहस्पतिवार को ‘हर घर सोलर’ कार्यक्रम की शुरुआत की। कंपनी ने अगले तीन वर्षों में राज्य के पांच लाख घरों में छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने में सहयोग करने का लक्ष्य रखा है। पटना में आयोजित कार्यक्रम में बिहार ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव, टाटा पावर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक (एमडी) प्रवीर सिन्हा तथा टीपीआरईएल के सीईओ एवं एमडी संजय बांगा की उपस्थिति में इसकी शुरुआत की। प्रवीर सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से शुरू की गई यह पहल बिहार में सौर ऊर्जा क्रांति लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि बिहार मंत्रिमंडल ने हाल ही में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत प्रति किलोवाट 10,000 रुपये की अतिरिक्त राज्य सब्सिडी को मंजूरी दी है। इसके बाद एक किलोवाट प्रणाली पर कुल केंद्रीय एवं राज्य सब्सिडी 40,000 रुपये, दो किलोवाट पर 80,000 रुपये तथा तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर 98,000 रुपये हो गई है। प्रवीर सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से शुरू की गई यह पहल बिहार में सौर ऊर्जा क्रांति लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि बिहार मंत्रिमंडल ने हाल ही में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत प्रति किलोवाट 10,000 रुपये की अतिरिक्त राज्य सब्सिडी को मंजूरी दी है। इसके बाद एक किलोवाट प्रणाली पर कुल केंद्रीय एवं राज्य सब्सिडी 40,000 रुपये, दो किलोवाट पर 80,000 रुपये तथा तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर 98,000 रुपये हो गई है। सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना शुरू होने के बावजूद बिहार अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पाया है और ‘हर घर सोलर’ अभियान इस अंतर को दूर करने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और उपभोक्ताओं के लिए दीर्घकालिक आर्थिक लाभ सुनिश्चित करने में भी सहायक होगी। टीपीआरईएल के प्रमुख संजय बांगा ने कहा कि महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की तुलना में बिहार सौर ऊर्जा अपनाने में पीछे है, जबकि यहां बिजली की दरें 7.5 से 8 रुपये प्रति यूनिट हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में मुख्य चुनौती वहनीयता नहीं, बल्कि जागरूकता की कमी है।
मुजफ्फरपुर-सोनबरसा फोरलेन से उत्तर बिहार में सुगम होगा आवागमन, पर्यटन स्थलों को भी जोड़ेगा NH 22
NH 22 Highway Bihar: केंद्रीय कैबिनेट ने मुजफ्फरपुर से नेपाल सीमा पर सोनबरसा तक 83 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क परियोजना को मंजूरी दी है। करीब 3590 करोड़ की लागत से बनने वाली यह सड़क उत्तर बिहार में आवागमन को सुगम बनाएगी।
दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी की पूजा, चालीसा भी गाया; बिहार में मंदिर बनाने का पहले ही हो चुका ऐलान
विवाद होने पर प्रेस क्लब ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि इस कार्यक्रम का आयोजन प्रेस क्लब की तरफ से नहीं किया था। एक संगठन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के लिए हॉल किराए पर लिया था।
Samrat Choudhary की उपस्थिति में Bihar को मिला PMAY-G के तहत 11.18 लाख नए घरों का लक्ष्य
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज प्रधानमंत्री आवास पर योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में पूर्ण किए गए 2 लाख 35 हजार आवासों के गृह प्रवेश, लाभुकों के बीच आवास की चाबी एवं नए चयनित लाभुकों के बीच स्वीकृति पत्र वितरण तथा केंद्र सरकार द्वारा बिहार को आवंटित नए लक्ष्य से संबंधित कार्यक्रम में शामिल हुए। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र परिसर स्थित बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम का मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं पौधों में जल अर्पित कर विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की उपलब्धियों, प्रगति एवं प्रमुख पहलों पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। मुख्यमंत्री ने योजना के लाभुकों को आवास की चाबी एवं नए चयनित लाभुकों को स्वीकृति पत्र प्रदान किया। वहीं, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्र सरकार द्वारा बिहार को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आवंटित लक्ष्य का पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा। इसे भी पढ़ें: Nitish Mishra का बड़ा कदम, बिहार को AI में अग्रणी बनाने के लिए तायो एआई से MoU को मंजूरी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिहार के लिए गर्व और सम्मान का दिन है। राज्य के गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने का यह कार्यक्रम बिहार को आगे बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि इंदिरा आवास योजना के तहत वर्ष 1986 से 2014 तक बिहार में मात्र 30 लाख पक्के मकान गरीब परिवारों के लिए बनाए गए थे। प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से 2026 तक बिहार के गरीब परिवारों के लिए 50 लाख पक्के मकान बनाने का अलॉटमेंट किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2018 के सर्वे में चिन्हित 19 लाख परिवार पक्के मकान से वंचित रह गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के सहयोग से इन परिवारों को भी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का लाभ मिला है। योजना के तहत बनने वाले पक्के मकान में 40 प्रतिशत धनराशि बिहार सरकार द्वारा दी जाती है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत वर्ष 2026-27 के लिए बिहार को 11 लाख 18 हजार 937 पक्के मकान बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से बिहार को 13,427 करोड़ रूपये की सहायता मिलेगी। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी का आभार व्यक्त करता हूँ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत जिन परिवारों को आज आवास की चाबी प्रदान की गई है, उनके सिर पर छत होने से उनके सपनों को नई ऊंचाई मिलेगी। अपना घर सुरक्षा और सम्मान देने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ाता है। सभी जरूरतमंद लोगों तक विकास का लाभ पहुंचना चाहिए। सभी परिवारों का अपना पक्का मकान हो, तभी भारत विश्व में अग्रणी एवं विकसित बनेगा और बिहार समृद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'सहयोग कार्यक्रम' लोगों को न्याय देने तथा पदाधिकारियों को सही रास्ता दिखाने वाला कार्यक्रम है। इसके तहत 30 दिनों के अंदर हर हाल में आवेदन का निष्पादन सुनिश्चित किया गया है। ऐसा नहीं करने वाले दोषी पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है। 'सहयोग कार्यक्रम' के तहत अब तक 6 लाख 42 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 96 प्रतिशत आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। अब तक 9,500 पदाधिकारियों को प्रथम नोटिस, 950 पदाधिकारियों को द्वितीय नोटिस तथा 350 पदाधिकारियों को तृतीय नोटिस जारी किया गया है। इसे भी पढ़ें: AAP का आरोप: Delhi Voter List से बिहार-यूपी के प्रवासियों के नाम बड़े पैमाने पर हटाए गए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में स्वयं सहायता समूहों से 1 करोड़ 81 लाख जीविका दीदियां जुड़ी हैं, जिनमें 30 लाख से अधिक दीदियां लखपति दीदी बन चुकी हैं। केंद्र सरकार से आग्रह है कि विशेष अभियान चलाकर नालंदा, बक्सर, भागलपुर, मोतिहारी जैसे धार्मिक एवं ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों पर जीविका दीदियों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए हाट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बिहार को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से काफी मदद मिल रही है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी से आग्रह है कि आप निरंतर बिहार आते रहें और बिहार को समृद्ध बनाने में पूरा सहयोग करें, ताकि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों को और व्यवस्थित एवं विकसित किया जा सके। इस अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार सरकार द्वारा ग्रामीण विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की और 'सहयोग कार्यक्रम' की प्रशंसा करते हुए कहा कि अन्य राज्यों को भी इसका अनुसरण करना चाहिये। उन्होंने बिहार में महिला सशक्तिकरण की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि लाखों की संख्या में जीविका दीदियों की वार्षिक आमदनी एक लाख रुपये से अधिक हो चुकी है। ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एच०आर० श्रीनिवास ने मुख्यमंत्री को हरितगुच्छ एवं स्मृति चिह्न भेंटकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार तथा ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एच०आर० श्रीनिवास ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव, ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ० दिलीप कुमार जायसवाल, समाज कल्याण मंत्री डॉ श्वेता गुप्ता, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य व्यक्ति, वरीय अधिकारी, लाभुक एवं उनके परिजन उपस्थित थे।
Nitish Mishra का बड़ा कदम, बिहार को AI में अग्रणी बनाने के लिए तायो एआई से MoU को मंजूरी
सूचना प्रावैधिकी विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि बिहार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के उद्देश्य से राज्य में एक सशक्त एवं नवाचार-आधारित AI पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जाएगा। इस दिशा में टायो (Taiyo) एआई इंडिया प्राइवेट लिमिटेड एवं सूचना प्रावैधिकी विभाग, बिहार के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षरित करने की स्वीकृति मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदान की गई है। नीतीश मिश्रा ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी के विज़न के अनुरूप बिहार को तकनीक, नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाना हमारा संकल्प है। AI के प्रभावी उपयोग से सुशासन और विकास को नई गति देने के साथ युवाओं को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार किया जाएगा। इसे भी पढ़ें: AAP का आरोप: Delhi Voter List से बिहार-यूपी के प्रवासियों के नाम बड़े पैमाने पर हटाए गए मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाली परिवर्तनकारी तकनीक बन चुकी है। बिहार में AI की क्षमता का प्रभावी उपयोग करते हुए शासन, सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे, परियोजना प्रबंधन एवं मानव संसाधन विकास को अधिक स्मार्ट, डेटा-आधारित और परिणामोन्मुख बनाने का लक्ष्य है। मिश्रा ने कहा कि प्रस्तावित MoU के माध्यम से AI तकनीक का उपयोग कर विभिन्न क्षेत्रों में सार्वजनिक बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की पहचान, प्राथमिकता निर्धारण, योजना, अनुश्रवण एवं क्रियान्वयन में सरकार को तकनीकी सहयोग प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि AI आधारित सार्वजनिक अवसंरचना डैशबोर्ड”(AI Enabled Public Infrastructure Dashboard )के माध्यम से परियोजनाओं में संभावित विलंब एवं लागत वृद्धि की पहचान के लिए Early Warning Indicators विकसित किए जाएंगे। इससे परियोजनाओं की समयबद्ध निगरानी के साथ-साथ सार्वजनिक वित्तीय संसाधनों के अधिक कुशल उपयोग में मदद मिलेगी। इसे भी पढ़ें: Modi Cabinet Meeting: इधर विपक्ष बेवजह के मुद्दों पर राजनीति करता रहा, उधर मोदी मंत्रिमंडल ने बड़े फैसले कर सबको हैरान कर दिया मंत्री ने कहा कि भू-स्थानिक आँकड़ों का मानचित्रण ( Geospatial Data Mapping, Demographic Data) एवं अन्य उपलब्ध डेटासेट का AI Tools के माध्यम से विश्लेषण कर सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के नियोजन, निर्माण एवं अनुश्रवण” को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इससे परियोजनाओं के नियोजन और क्रियान्वयन में डेटा आधारित निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी। नीतीश मिश्रा ने कहा कि AI आधारित तकनीकों के उपयोग के साथ-साथ मानव संसाधन का क्षमता निर्माण भी सरकार की प्राथमिकता है। इसके तहत सरकारी अधिकारियों को डिजिटल गवर्नेंस एवं AI के प्रभावी उपयोग के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। वहीं, राज्य के छात्रों, युवाओं एवं महिलाओं के लिए AI एवं डेटा विश्लेषण”(Data Analytics) से संबंधित कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल बिहार में AI आधारित सुशासन, तकनीकी नवाचार, स्मार्ट सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे एवं रोजगारपरक कौशल विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा बिहार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
Bihar Police Havildar Instructor PET Admit Card 2026 जारी
बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (BPSSC) ने हवलदार इंस्ट्रक्टर के पद के लिए PET एडमिट कार्ड की तारीख की घोषणा की है। यह भर्ती 122 पदों के लिए की जा रही है, और आवेदन प्रक्रिया 01 मई से 01 जून 2026 तक चली। PET परीक्षा अक्टूबर 2026 के दूसरे सप्ताह में आयोजित की जाएगी। इस लेख में, हम महत्वपूर्ण तिथियों, आवेदन शुल्क, आयु सीमा, और शारीरिक मानक परीक्षण के बारे में जानकारी प्रदान कर रहे हैं। उम्मीदवार अपने एडमिट कार्ड को डाउनलोड करने के लिए आवश्यक विवरण भी जान सकते हैं।
'वो अरबों छाप रहे, हम मच्छर कटवा रहे' बिहार के छात्र का भाषण वायरल
लाठियाँ और जेल झेलकर शिक्षक भर्ती का विज्ञापन निकलवाने वाले बिहार के छात्र नेता दिलीप कुमार का दर्द आखिरकार छलक पड़ा. बीमार हालत में गर्दनीबाग के अंधेरे और मच्छरों के बीच से उन्होंने स्वार्थी युवाओं और अरबों का धंधा चलाने वाले कोचिंग माफिया को बेनकाब किया है. जानिए कौन हैं 11 सालों से छात्रों की आवाज बुलंद करने वाले दिलीप कुमार.
20 अगस्त, गुरुवार: पटना में तेजस्वी यादव ने मधुबनी जेल में 19 वर्षीय युवक की मौत को लेकर सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि युवक को पुलिस ने जबरन उठाकर कई दिनों तक परिजनों को जानकारी दिए बिना जेल में रखा और अमानवीय तरीके से पीटा गया।
जेब में 999 रुपये हैं तो भी घर पर लग जाएगा सोलर पैनल, टाटा पावर की बिहार में आई नई स्कीम
टाटा पावर कंपनी बिहार में घर-घर सोलर योजना लेकर आई है। इसके तहत 5 लाख घरों में सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य है। किसी उपभोक्ता के पास जेब में सिर्फ 999 रुपये है, तो भी वे रूफटॉप सोलर अपने घर पर लगवा सकेंगे।
बरारी थाने में महेंद्र मंडल की मौत पर उनके भतीजे और बेटी ने गंभीर सवाल उठाए हैं, उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। बेटी ने दावा किया कि पिता ने मरने से पहले फोन पर बताया था कि पुलिस उन्हें मार डालेगी, जबकि पुलिस रिकॉर्ड में भी कई विसंगतियां सामने आई हैं।
पहले 1, फिर 2, अब 13 मांगें! बिहार आंदोलन में पल-पल बदल रहे हालात
शुरुआत में छात्रों का एक ही मुख्य नारा था कि शिक्षा विभाग TRE 4.0 का नोटिफिकेशन तुरंत जारी करे. जब छात्र आमरण अनशन पर बैठे, तो दबाव में आकर बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 32,388 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया. लेकिन नोटिफिकेशन आते ही विरोध का दायरा बढ़ गया. छात्र संगठनों ने 13 मांगें रखीं और उसमें 5 और जोड़ दीं.
1 लाख व्यूज पर ₹10000 देगी बिहार सरकार, एक वीडियो से ₹1 लाख तक होगी कमाई; सम्राट कैबिनेट का फैसला
Bihar Social Media Policy: बिहार सरकार ने अपनी योजनाओं और उपलब्धियों के प्रचार के लिए सोशल मीडिया नीति में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत कंटेंट क्रिएटर्स को वीडियो पर व्यूज के आधार पर 10 हजार से 1 लाख रुपये तक का भुगतान किया जाएगा।
छात्रों के गुस्से से हिली बिहार सरकार! TRE-4 पर बुलाई बड़ी बैठक
बिहार में BPSC TRE 4 परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी है. गर्दनीबाग में डटे अभ्यर्थी एकल परीक्षा और नेगेटिव मार्किंग हटाने की मांग कर रहे हैं. इस बीच सीएम सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग और आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक बुलाई है. बैठक में सीटों की संख्या बढ़ाने और अन्य मांगों पर चर्चा होगी.
Bihar News: ईओयू का बड़ा एक्शन, BBOSE के उप निदेशक अजय कुमार सिंह के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी
बिहार आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे बीबॉस के उप निदेशक और मुजफ्फरपुर के पूर्व जिला शिक्षा पदाधिकारी अजय कुमार सिंह के पैतृक आवास समेत उनके भाई के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की।
भागलपुर में खुद को सीआईडी का डीएसपी बताकर नौकरी दिलाने और सरकारी विभागों में पैरवी कराने का झांसा देकर दर्जनभर से अधिक लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने का आरोप मनोज वर्मा पर लगा है।
Bihar Politics: राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव लगातार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार पर हमलावर हैं ।
पटना के गर्दनीबाग का नाम कैसे पड़ा? जहां BPSC के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं बिहार के छात्र
Patna Gardani Bagh Name History: BPSC TRE-4 परीक्षा में बदलाव की मांग को लेकर पटना के गर्दनीबाग में छात्रों का धरना जारी है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस इलाके का नाम गर्दनीबाग कैसे पड़ा. जानिए इसके खौफनाक इतिहास और आज के हालात की पूरी कहानी.
यूट्यूब और रील बनाने वालों की लॉटरी! बिहार सरकार 1 वीडियो के देगी ₹1 लाख, जानें पूरा प्लान
Bihar Social Media Scheme 2026: अगर आप यूट्यूब, इंस्टाग्राम या फेसबुक पर कंटेंट बनाते हैं, तो आपके पास हर महीने लाखों रुपये कमाने का शानदार मौका है। बिहार सरकार सोशल मीडिया क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स के लिए एक नया नियम लेकर आई है। इसके तहत अगर आप सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों पर वीडियो बनाते हैं, तो आपको एक सिंगल वीडियो के ₹1 लाख तक मिल सकते हैं।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में 'बिहार सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन मीडिया नियमावली, 2026' में संशोधनों को मंजूरी दे दी गई है।व्यूज के हिसाब से मिलेगा पैसाकैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए नए नियमों के अनुसार, राज्य सरकार के मीडिया गाइडलाइन्स के तहत रजिस्टर्ड क्रिएटर्स को उनके वीडियो के परफॉर्मेंस के आधार पर भुगतान किया जाएगा। वीडियो पब्लिश होने के 30 दिनों के भीतर जैसे ही 1 लाख व्यूज पूरे होंगे, आपको ₹10,000 एक्स्ट्रा मिलेंगे। किसी भी एक वीडियो के लिए अधिकतम भुगतान राशि ₹100000 तय की गई है। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) बहुत जल्द इसके विस्तृत दिशा-निर्देशों की आधिकारिक अधिसूचना जारी करेगा।फेक व्यूज और फॉलोअर्स पर लगेगी लगामपारदर्शिता और क्रेडिबिलिटी बनाए रखने के लिए सरकार ने इस पॉलिसी में सख्त नियम भी जोड़े हैं। इसके तहत रजिस्टर्ड सोशल मीडिया हैंडल्स, पेजों और चैनलों के फॉलोअर्स का समय-समय पर वेरिफिकेशन किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी क्रिएटर बॉट या फेक फॉलोअर्स के जरिए गलत फायदा न उठा सके।बिहार में एआई का महा-प्लान: Taiyo AI के साथ मिलाया हाथकैबिनेट बैठक में केवल क्रिएटर्स ही नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी को लेकर भी एक बड़ा फैसला लिया गया। बिहार के सूचना प्रौद्योगिकी (IT) विभाग ने Taiyo AI India Pvt Ltd के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं:सरकारी प्रोजेक्ट्स की निगरानी: राज्य में चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए AI-पावर्ड डैशबोर्ड बनाया जाएगा।लेट-लतीफी से बचाव: यह डैशबोर्ड प्रोजेक्ट्स में होने वाली देरी और बजट बढ़ने की शुरुआती चेतावनी देगा।युवाओं और महिलाओं के लिए AI ट्रेनिंग: राज्य के अधिकारियों, छात्रों और महिलाओं के लिए एआई व डेटा एनालिटिक्स के खास ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए जाएंगे।
Reels Creators के लिए बड़ी खुशखबरी! बिहार सरकार देगी 1 लाख रुपये तक, 1 लाख व्यूज पर मिलेंगे ₹10 हजार
Reels Creators के लिए बड़ी खुशखबरी! बिहार सरकार देगी 1 लाख रुपये तक, 1 लाख व्यूज पर मिलेंगे ₹10 हजार
तेजस्वी का मार्च राजनीतिक फायदा के लिए, बिहार की जनता पहले ही कर चुकी है रिजेक्ट: संजय झा
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के मार्च पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मामला (छात्र आंदोलन) पहले ही सुलझ चुका है, लेकिन वे इसका इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए करने की कोशिश कर रहे हैं।
Weather Update: यूपी-मध्य प्रदेश और बिहार में झमाझम बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में Orange Alert; दिल्ली में भी बरसेंगे बादल
एमडीआर टीबी मरीज की पोषण राशि में सेंध, बिहार के युवक के खाते में पहुंचा पैसा
धनबाद में एक 21 वर्षीय एमडीआर टीबी मरीज युवती की पोषण राशि बिहार के एक युवक के खाते में चली गई, जिससे टीबी उन्मूलन अभियान पर सवाल उठ रहे हैं।
समस्तीपुर के शाहपुर पटोरी स्टेशन पर ट्रेन 1 घंटे 24 मिनट लेट होने से दलसिंहसराय के आरबी कॉलेज में परीक्षा देने जा रहे करीब 70-75 छात्रों की परीक्षा छूटने का संकट खड़ा हो गया।
Bihar News: PDS दुकान की आड़ में शराब का खेल! गोदाम से विदेशी शराब बरामद, कंटेनर समेत दो गिरफ्तार
बिहार के मुजफ्फरपुर में उत्पाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी जन वितरण प्रणाली (PDS) की दुकान की आड़ में चल रहे कथित शराब तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया है।
समस्तीपुर के विभूतिपुर थाना क्षेत्र के आलमपुर कोदरिया गांव निवासी मजदूर रवि शंकर गिरी की मुंबई में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिवार के भरण-पोषण के लिए करीब दो महीने पहले मुंबई गए रवि शंकर निर्माण स्थल पर शटरिंग का काम करते थे।
पीएम आवास योजना के तहत लाभार्थियों को सौंपे जाएं स्वीकृति पत्र, शिवराज बोले- ' बिहार में चलता रहेगा विकास का महायज्ञ'
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 20 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
पटना के दियारा इलाके में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए यहां लोग सुरक्षित ठिकाने की तलाश में घर से निकल कर जाने लगे हैं। यहां गंगा नदी उफान पर है।
Bihar News: पहले बेरहमी से पीटा, फिर झाड़ियों में फेंका शव... 13 साल के दिलशाद की हत्या से सनसनी
बेगूसराय के फुलवड़िया थाना क्षेत्र में बुधवार रात 13 वर्षीय किशोर मो. दिलशाद की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। न्यू अजीत पत्रकार रोड, बरौनी तारीखाना के पास उसका शव सड़क किनारे झाड़ियों में मिला।
Congress Party : इंदिरा भवन में जो सार्वजनिक रूप से हुआ, उसके बारे में सभी को पता है। लेकिन, कुछ बातें अलग से भी हुईं। यह बता रहा है कि कांग्रेस बिहार विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त को भूली नहीं। नौ महीने के मंथन का परिणाम बाहर आएगा?
मुजफ्फरपुर के कांटी थाना क्षेत्र के नरसंडा में एक युवती ने इंस्टाग्राम के जरिए शुरू हुई दोस्ती के बाद प्रेम संबंध और राम जानकी मंदिर में शादी करने का दावा किया है।
गोरखपुर में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय (KGBV) से मंगलवार रात करीब 8:30 बजे तीन छात्राएं हॉस्टल से भाग गईं। नाबालिग छात्राओं के लापता होने की सूचना मिलते ही राजघाट, कोतवाली और तिवारीपुर थानों की पांच पुलिस टीमें जांच में जुट गईं। पुलिस ने 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस ने बुधवार शाम करीब 6 बजे तक तीनों छात्राओं को बिहार से बरामद कर लिया। तीनों छात्राओं को वन स्टॉप सेंटर में रखकर काउंसिलिंग की जा रही है। पढ़ें पूरी खबर… सहारनपुर में दो गोतस्करों से मुठभेड़, एक अरेस्ट:पुलिस को देखते ही बदमाशों ने गोलियां चलाई सहारनपुर के देवबंद क्षेत्र में बुधवार रात गोकशी की कोशिश कर रहे दो आरोपियों की पुलिस से मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक आरोपी के पैर में गोली लगी। उसे गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि उसका साथी फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक, मुखबिर की सूचना पर सांपलाखत्री गांव के जंगल में टीम पहुंची थी। वहां दोनों आरोपी गोवंश के पास गोकशी की तैयारी कर रहे थे। मौके से जिंदा गोवंश, तमंचा, कारतूस, बाइक और उपकरण बरामद हुए। पढ़ें पूरी खबर… नोएडा में 1.13 करोड़ की ठगी:निवेश के नाम पर लगाया पैसा, निकालने के कहने पर ठगों ने संपर्क तोड़ा नोएडा में शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर साइबर जालसाजों ने कारोबारी से 1.13 करोड़ रुपए ठग लिए। जालसाजों ने वॉट्सऐप पर संपर्क कर उन्हें निवेश पर दोगुना मुनाफा देने का भरोसा दिलाया। शुरुआत में 50 हजार रुपए निवेश कराने के बाद 9 हजार रुपए का रिटर्न देकर उनका भरोसा जीत लिया। इसके बाद कारोबारी ने अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए जालसाजों के खातों में 1.13 करोड़ रुपए जमा कर दिए। रकम निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने संपर्क तोड़ दिया। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर….
गया के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मनसा गांव में 18 वर्षीय नवविवाहिता पुतुल कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। उसका शव गांव के बाहर बरगद के पेड़ से लटका मिला। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है।
Bihar Weather Today 20 August: बिहार के कई जिलों में आज बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने किशनगंज समेत 4 जिलों में भारी बारिश का भी अनुमान जताया है। बिहार में आसमान से हो रही बारिश की वजह से किसानों को भी राहत मिली है।
नालंदा के दीपनगर थाना क्षेत्र स्थित केके यूनिवर्सिटी के कमला गर्ल्स हॉस्टल में एग्रीकल्चर की 18 वर्षीय छात्रा महक का शव उसके कमरे से संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ। सहरसा निवासी महक पांचवें सेमेस्टर में पढ़ रही थी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को अपने कार्यकाल में पहली बार सुपौल का दौरा किया। उन्होंने छातापुर के बलुआ पंचायत में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र की पुण्यतिथि कार्यक्रम में शामिल होकर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया।
किसानों को अब सिर्फ 3 प्रतिशत ब्याज पर मिलेगा लोन, बिहार सरकार का नाबार्ड के साथ हुआ करार
केंद्र सरकार, कृषि विभाग और नाबार्ड मिलकर बिहार के किसानों को मात्र तीन प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण उपलब्ध कराएंगे। इस योजना के तहत तीन लाख रुपये तक के फसल ऋण, केसीसी ऋण और अल्पावधि कृषि उत्पादन ऋण पर ब्याज अनुदान मिलेगा।
Bihar Weather Update: बिहार में मौसम विभाग का नया अपडेट, सभी जिलों में बारिश की चेतावनी
Bihar Weather News: अगले 24 घंटों के दौरान सभी जिलों में बादल छाए रहने के साथ छिटपुट वर्षा और मेघ गर्जन की संभावना है। मौसम विभाग ने अररिया, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण और किशनगंज में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जबकि तापमान में वृद्धि दर्ज की गई है।
गोरखपुर के राजघाट इलाके के नार्मल स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय (KGBV) से मंगलवार रात करीब 8:30 बजे तीन छात्राएं हॉस्टल से भाग गईं। नाबालिग छात्राओं के लापता होने की सूचना मिलते ही ढूंढने के लिए राजघाट, कोतवाली और तिवारीपुर थानों की पांच पुलिस टीमें लगाईं गईं। 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस ने बुधवार शाम करीब 6 बजे तक तीनों छात्राओं को बिहार से बरामद कर लिया। तीनों छात्राओं को वन स्टॉप सेंटर में रखकर काउंसिलिंग की जा रही है। छात्राओं ने पूछताछ में बताया कि वे हाई-फाई जीवन जीना चाहती हैं। सपना है कि एक दिन उनके पास भी कार और बंगला हो। इसलिए तीनों ने बाहर जाकर नौकरी करने का प्लान बनाया था। पकड़े जाने पर छात्राएं बोलीं कि उनका सपना टूट गया। पॉकेट मनी खर्च कर बिहार पहुंच गईं तीनों छात्राओं की उम्र 13, 16 और 17 वर्ष है। पुलिस के मुताबिक, हॉस्टल से निकलते समय छात्राओं के पास उनकी पॉकेट मनी थी। पूछताछ में उन्होंने बताया कि पहले तीनों रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के आसपास घूमती रहीं। इसके बाद एक छात्रा के रिश्तेदार सिंघड़िया में रहते हैं, तीनों वहां चली गईं। वहां सुबह एक छात्रा रुक गई जबकि दो अन्य नंदानगर बस स्टैंड पहुंचीं। बस से बिहार के गोपालगंज चली गईं। छात्राओं के लापता होने की सूचना के बाद पुलिस शहर के अलग-अलग स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही थी। शहर के 150 से अधिक कैमरों की जांच में दोनों छात्राएं नंदानगर के पास दिखाई दीं। इसके आधार पर पुलिस की एक टीम वहां पहुंची और पूछताछ में उनके गोपालगंज जाने की जानकारी मिली। टीम गोपालगंज पहुंची तो पता चला कि छात्राएं वहां से गोरखपुर जाने वाली बस में सवार होकर निकल चुकी हैं। इसके बाद पुलिस ने बस स्टैंड पर टीम तैनात कर दी। बुधवार शाम करीब 6 बजे दानों छात्राओं को वहीं से बरामद कर लिया गया। वहीं, एक छात्रा को सुबह ही रिश्तेदार के घर पर मिल गई थी। हॉस्टल से आजाद होना चाहती थींपुलिस की पूछताछ में छात्राओं ने बताया कि वे हॉस्टल की जिंदगी से ऊब गई थीं और बाहर घूमना चाहती थीं। उन्हें नौकरी करके जल्दी अमीर बनना था। इसी वजह से उन्होंने हॉस्टल से निकलने का फैसला किया। करीब एक दिन बाद उन्हें अपने फैसले पर पछतावा हुआ और वे वापस लौट आईं। जांच में यह भी सामने आया कि इनमें से एक छात्रा पहले भी हॉस्टल से भाग चुकी थी। इस संबंध में एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि छात्राओं के लापता होने की सूचना के बाद जांच के लिए पांच टीमें लगाई गई थीं। तीनों को बरामद कर लिया गया है। वन स्टॉप सेंटर में उनकी काउंसिलिंग की जा रही है।
Sonebhadra News: शराब बनाने की सामग्री लेकर बिहार जा रहे तीन अंतरराज्यीय तस्कर दबोचे गए
शराब बनाने की सामग्री लेकर बिहार जा रहे तीन अंतरराज्यीय तस्कर दबोचे गए
Mirzapur News: बिहार में मवेशी बेचने का इनामी तस्कर मुठभेड़ में गिरफ्तार
Wanted cattle smuggler arrested in Bihar encounter
दस्तक: बिहार में सम्राट सरकार के विरुद्ध कैसे एक नया आंदोलन शुरू हो गया?
आज दस्तक में हम आपको दिखाने जा रहे हैं, आंदोलन ही एक रास्ता. जी हां, जंतर मंतर के बाद रांची से होते हुए, छात्रों के असंतोष की आंच अब बिहार तक पहुंच गई है. आज पटना में शिक्षक भर्ती को लेकर धरने पर बैठे छात्रों के समर्थन, और जुलाई में NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन के दौरान, सीवान में AK-47 से फायरिंग को लेकर तेजस्वी यादव सम्राट सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरे. तेजस्वी यादव की अगुवाई में आरजेडी ने पटना के गांधी मैदान से लेकर लोकभवन तक मार्च निकाला. देखें दस्तक.
सड़क पर क्यों उतरे तेजस्वी यादव? बिहार में AK-47 वाला प्रदर्शन दिखा
गांधी मैदान में हजारों कार्यकर्ता जमा हुए और RJD के कार्यकर्ताओं को गांधी मैदान से इनकम टैक्स चौराहे तक जाने दिया गया लेकिन इसके आगे जब उन्हें रोका गया तो बवाल हो गया।
कटिहार के मनिहारी गंगा तट पर नमामि गंगे परियोजना के तहत बन रहा करीब 9 करोड़ रुपये का रिवर फ्रंट बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ के पानी से घिर गया है.
विदेश भेजे गए 500 करोड़ पर आयकर विभाग की नजर, बिहार के CA के 15CB प्रमाणपत्रों की जांच से मचा हड़कंप
आयकर विभाग बिहार के एक सीए से जुड़े 400-500 करोड़ रुपये के संदिग्ध विदेशी लेनदेन की जांच कर रहा है। यह जांच फॉर्म 15सीबी प्रमाणपत्रों की सत्यता पर केंद्रित है, जिसमें कई शहरों में 394 इकाइयों की पड़ताल की जा रही है।
3 प्रतिशत ब्याज पर मिलेगा 3 लाख तक लोन, बिहार सरकार का नाबार्ड से करार; किसानों को फायदा
बिहार के किसानों को 3 लाख रुपये तक का लोन 3 प्रतिशत ब्याज पर मिलेगा। इसके लिए कृषि विभाग ने नाबार्ड से करार किया है। केंद्रीय अनुदान के अतिरिक्त राज्य सरकार 1 प्रतिशत अनुदान ब्याज दर पर देगी।
Tejashwi Yadav Raj Bhawan March: RJD कार्यकर्ता 'AK-47' लेकर पहुंचे, सरकार के खिलाफ प्रदर्शन | Bihar
बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को RJD ने सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस फायरिंग के विरोध में लोकभवन मार्च निकाला। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में निकले इस मार्च में बड़ी संख्या में RJD कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ता डमी AK-47 लेकर पहुंचे, सरकार के खिलाफ नारेबाजी की
बिहार सरकार ने 336 किलोमीटर लंबे बक्सर-भागलपुर 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को मंजूरी दे दी है. यह करीब 3700 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा.
हल्ला बोल: छात्रों के मुद्दे पर अब बिहार में आर-पार की लड़ाई शुरू हो गई?
छात्रों के असंतोष की आंच अब बिहार तक पहुंच गई है. आज पटना में शिक्षक भर्ती को लेकर धरने पर बैठ गए छात्रों के समर्थन और जुलाई में छात्र प्रदर्शन के दौरान सीवान में एके 47 से हवा में फायरिंग के खिलाफ तेजस्वी यादव ने शक्ति प्रदर्शन किया. RJD के इस विरोध प्रदर्शन में AK-47 के कटआउट्स के साथ प्रदर्शन किया गया. तेजस्वी यादव के नेतृत्व में RJD के कार्यकर्ताओं ने आज लोकभवन मार्च निकाला. देखें हल्ला बोल.
Bihar Highway Project: बिहार में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई पर ले जाने और भारत-नेपाल सीमा तक आवाजाही को आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़े फोर-लेन हाईवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने बुधवार बिहार में राष्ट्रीय राजमार्ग-22 के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा सेक्शन को फोर-लेन मानकों में अपग्रेड करने की मंजूरी दे दी है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 3590.73 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।हमारी सहयोगी वेबसाइट CNBC TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक यह 82.578 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट हाइब्रिड एंनुटी मॉडल से बनाया जाएगा। यह हाईवे भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सोनबरसा को मुजफ्फरपुर में ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर का हिस्सा रहे NH-27 से सीधे जोड़ेगा।इस हाइवे प्रोजेक्ट से बिहार को क्या फायदा होगा?इस फोर-लेन हाईवे को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड के हिसाब से तैयार किया जाएगा। इस पर गाड़ियों की एवरेज स्पीड 80 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। इस हाईवे पर बीच में कोई एट-ग्रेड मीडियन ओपनिंग नहीं होगी। इससे गाड़ियों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के तेज रफ्तार से हो सकेगी। प्रोजेक्ट के पूरा होने से रूट पर पड़ने वाले घनी आबादी वाले कई प्रमुख इलाकों को ट्रैफिक जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। इनमें मुजफ्फरपुर, मकसूदपुर, रुन्नीसैदपुर, थुम्मा, डुमरा, भुतही और सोनबरसा शामिल हैं। इस अपग्रेडेड कॉरिडोर से यात्रियों और माल ढुलाई के समय में भारी बचत होगी। साथ ही ईंधन की खपत और वाहनों के रखरखाव पर भी कम खर्च होगा।पीएम गतिशक्ति से जुड़ेगा नेटवर्क, इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स नोड्स को बूस्टसरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक इस हाईवे की प्लानिंग पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स नोड्स की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए की गई है। यह कॉरिडोर 5 पीएम गतिशक्ति इकोनॉमिक नोड्स को जोड़ेगा। इनमें चार इंडस्ट्रियल एस्टेट और एक मेगा फूड पार्क शामिल हैं। इसके अलावा यह चार सोशल नोड्स और मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी रेलवे स्टेशनों पर स्थित दो लॉजिस्टिक्स नोड्स से भी कनेक्ट होगा। यह नया रूट पहले से मौजूद NH-31 और NH-122 जैसे कॉरिडोर, बरौनी सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्रों और गंगा नदी के किनारे बने रिवराइन लॉजिस्टिक्स हब्स के साथ कनेक्टिविटी को और बेहतर करेगा।क्रॉस-बॉर्डर कारोबार को भी मिलेगा पुशसोनबरसा और पास में भिठ्ठामोड़ में स्थित लैंड पोर्ट के जरिए यह फोर-लेन हाईवे भारत और नेपाल के बीच सीमा पार यात्रियों और कार्गो की आवाजाही को बेहद आसान बनाएगा। इस 82.578 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट में बड़े स्तर पर सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार होंगे। इसपर 7 बड़े पुल होंगे, जिसमें बारहमासी बागमती नदी पर बनने वाला 340 मीटर लंबा एक प्रमुख पुल भी शामिल है। इसके अलावा 3 रेलवे ओवरब्रिज और 2 फ्लाईओवर भी होंगे।इस नए हाईवे से इलाके की कृषि सप्लाई चेन को बहुत मजबूती मिलेगी। किसान अपनी उपज को तेजी से बड़े बाजारों तक पहुंचा सकेंगे। यह रूट धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों तक जाने वाले लोगों के लिए भी काम का साबित होगा। इस कॉरिडोर से बौद्ध सर्किट और सीतामढ़ी में स्थित प्रसिद्ध जानकी पुनौरा धाम मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को वर्ल्ड क्लास सड़क कनेक्टिविटी का फायदा मिलेगा।
क्या तेजस्वी बिहार में पीते हैं? मांझी के आरोप से सदन में राजद नेता की शपथ पर भी सवाल
लगता है बाबू साहब का रात वाला उतरा नहीं था, इसलिए मुझे श्रद्धांजलि दे रहें हैं- केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी के इस एक बयान ने राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव के बिहार में पीने पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कल फिर बरसेगा पानी! दिल्ली, यूपी, बिहार समेत 15 राज्यों में बारिश की चेतावनी, पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा
India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश ने विकराल रूप धारण कर रखा है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 अगस्त के लिए मौसम का डिटेल्ड पूर्वानुमान जारी कर दिया है। IMD के मुताबिक 15 से भी अधिक राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और आंधी-तूफान की आशंका है। उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों से लेकर मध्य भारत के मैदानी इलाकों और पूर्वोत्तर राज्यों तक बारिश का दौर बेहद आक्रामक रहने वाला है। कई राज्यों में मूसलाधार बारिश के चलते आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। इसे लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 20 अगस्त को देश के तीन प्रमुख राज्यों में मौसम का सबसे ज्यादा रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से, छत्तीसगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्टउत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम के तल्ख तेवर जारी रहेंगे। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के अलग-अलग इलाकों में 20 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पहाड़ों पर होने वाली इस बारिश से भूस्खलन और चट्टानें खिसकने का खतरा बना रहेगा। इसके अलावा पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मानसूनी बारिश कहर बरपाने को तैयार है। मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 20 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है। इन राज्यों में बारिश के साथ-साथ कई जगहों पर बिजली चमकने और बादलों की तेज गड़गड़ाहट भी देखने को मिलेगी।बिहार, झारखंड और दक्षिण भारत में आंधी-तूफान और कड़कती बिजली का साया20 अगस्त को देश के बड़े हिस्से में आंधी-तूफान और बिजली कड़कने का गखतरा मंडरा रहा है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, केरल व माहे, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तेलंगाना के अलग-अलग हिस्सों में बिजली कड़कने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में मौसम और भी ज्यादा उग्र रह सकता है। इन क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाओं के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और नागालैंड-मणिपुर के विभिन्न इलाकों में भी सिर्फ बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।तेज हवाओं का प्रकोप और समुद्र में मछुआरों के लिए चेतावनीमैदानी और तटीय इलाकों में तेज हवाओं का जोर देखने को मिलेगा। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कई स्थानों पर दिनभर तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है। समुद्र में बन रहे मौसमी दबाव के कारण मछुआरों को गहरे पानी में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिमी-मध्य, उत्तर-पश्चिम और पूर्व-मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। इनकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं बंगाल की खाड़ी के क्षेत्र में मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र और दक्षिण श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और 65 किमी प्रति घंटे तक झोंके आने की आशंका जताई गई है।ये भी पढ़ें- Bihar Highway Project: बिहार में ₹3,591 करोड़ से बनेगा फोरलेन हाईवे, 9,450 करोड़ रुपये की 4 रेल प्रोजेक्ट को कैबिनेट की मंजूरी
देश के बुनियादी ढांचे और परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश के विकास को गति देने वाले पांच बड़े और महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है। इन सभी परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 13,041 करोड़ रुपये है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के इन फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि इन प्रोजेक्ट्स से न केवल कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि व्यापार और आवागमन के साधनों में भी क्रांतिकारी सुधार आएगा।रेलवे और सड़क परिवहन को मिली नई रफ्तारबुधवार को मोदी कैबिनेट द्वारा स्वीकृत किए गए इन पांच प्रमुख प्रोजेक्ट्स में चार परियोजनाएं भारतीय रेलवे के विस्तार से जुड़ी हैं, जबकि एक महत्वपूर्ण परियोजना सड़क परिवहन और राजमार्ग से संबंधित है। सरकार का मुख्य उद्देश्य देश के प्रमुख रेल मार्गों पर भीड़भाड़ को कम करना और औद्योगिक तथा यात्री परिवहन को तेज करना है। स्वीकृत किए गए प्रमुख प्रोजेक्ट्स इस प्रकार हैं:हावड़ा-चेन्नई मुख्य मार्ग का चौहरीकरण: देश के इस व्यस्त और रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण मुख्य रेल कॉरिडोर पर ट्रेनों के संचालन को सुगम और तेज बनाने के लिए रेलवे लाइन के चौहरीकरण के कार्य को मंजूरी दी गई है।कटक से पारादीप रेल लाइन विस्तार: इस महत्वपूर्ण मार्ग पर माल ढुलाई और यात्री ट्रेनों की आवाजाही की क्षमता में भारी बढ़ोतरी करने के लिए तीसरी और चौथी रेलवे लाइन बिछाई जाएगी।अन्य रेलवे नेटवर्क प्रोजेक्ट्स: इसके अलावा, देश के विभिन्न हिस्सों में रेल संपर्क को मजबूत करने के लिए दो अन्य बहु-ट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को भी हरी झंडी दी गई है।बिहार को मिला खास तोहफा: मुजफ्फरपुर-सोनबरसा फोर लेन हाईवेबिहार के बुनियादी ढांचे और सड़क कनेक्टिविटी को पंख लगाते हुए पांचवें प्रोजेक्ट के तहत सड़क परिवहन क्षेत्र में बड़ा निर्णय लिया गया है। इस परियोजना के अंतर्गत बिहार में मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए नेपाल सीमा तक जाने वाले सोनबरसा मार्ग को आधुनिक फोर लेन हाईवे में तब्दील किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 3,591 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस सड़क के बन जाने से न केवल उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों के बीच यातायात सुगम होगा, बल्कि नेपाल के साथ व्यापारिक गतिविधियों और आवागमन को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।देश के आर्थिक विकास को मिलेगी मजबूतीसरकार का मानना है कि इन ढांचागत परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से देश के कई राज्यों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। बेहतर सड़कों और मजबूत रेल नेटवर्क के जरिए किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को कम समय में बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। मोदी सरकार के इस फैसले को देश के समग्र विकास और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण की दिशा में एक और मील का पत्थर माना जा रहा है।
बेगूसराय में हथियार और कारतूस के साथ अपराधियों ने 3 वीडियो बनाए हैं। पहले वीडियो में जिसमें देखा जा सकता है कि जमीन पर चादर बिछी है। जिसपर कट्टा- राइफल और कारतूसें रखी हुई है। दूसरे बगल में बैठे बदमाश सिगरेट का धुआं उड़ा रहे हैं। वीडियो पर कैप्सन लिखा है ‘King of Bihar boos’। वहीं, तीसरे वीडियो में भी हथियार दिख रहा है और बदमाश चिकन पार्टी कर रहे हैं। मामला बलिया थाना क्षेत्र नौरंगा दियारा इलाके का है। बदमाशों की कुछ तस्वीरें… गंगा वाले इलाके में शरण लेते हैं अपराधी बलिया थाना का नौरंगा दियारा क्षेत्र भौगोलिक रूप से दुर्गम इलाका माना जाता है। गंगा के कछार वाले इस इलाके में अपराधी अक्सर शरण लेते हैं। सोशल मीडिया पर इस तरह के हथियारों से लैस वीडियो डालकर बदमाश आम लोगों और विरोधी गुटों में अपनी दहशत कायम करने की कोशिश कर रहे हैं। यह कोई पहला मामला नहीं है। पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद युवाओं में सोशल मीडिया पर लाइक्स और फॉलोअर्स बटोरने का सनक सिर चढ़कर बोल रहा है। पुलिस ने शुरू की छापेमारी वीडियो वायरल होने के बाद बेगूसराय पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल बलिया थानाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने दियारा के संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। डीएसपी बोले- मुख्य आरोपी सुदामा चौधरी की हुई पहचान मुख्यालय डीएसपी (DSP HQ) निखिल कुमार ने बताया कि अवैध हथियार के साथ सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने का मामला पुलिस के संज्ञान में आया है। इस संबंध में बलिया थाना पुलिस की ओर से सत्यापन कराया गया है। जांच के दौरान वायरल वीडियो में दिख रहे एक मुख्य व्यक्ति की पहचान नौरंगा निवासी सुदामा चौधरी के रूप में हुई है। डीएसपी ने बताया कि FIR दर्ज की जा रही है। एक आरोपी की पहचान कर उसके गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। वीडियो में शामिल अन्य सभी आरोपियों की भी पहचान की जा रही है। जल्द ही सभी की गिरफ्तारी होगी।
देश में इस साल मानसूनी बारिश की शुरुआती सुस्ती के बाद अब खेती-किसानी के मोर्चे पर राहत भरी खबर सामने आ रही है। जून के महीने में बीते 12 सालों की सबसे कम बारिश (40 फीसदी घाटा) दर्ज की गई थी, लेकिन जुलाई में हुई सामान्य बारिश ने खरीफ फसलों की बुआई की रफ्तार को दोबारा पटरी पर ला दिया है। Bloomberg की एक रिपोर्ट के मुताबिक मानसूनी फसलों के रकबे में जून के मुकाबले बड़ा सुधार देखने को मिला है। अगर आने वाले दिनों में बारिश का यह सिलसिला यूं ही जारी रहता है तो इससे देश में खाद्यान्न की महंगाई को कंट्रोल करने में बड़ी मदद मिल सकती है।बुआई का अंतर घटकर 2% पर आया, 101.7 मिलियन हेक्टेयर में हुई बुआईकृषि मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 14 अगस्त तक देशभर के किसानों ने 101.7 मिलियन हेक्टेयर (लगभग 251 मिलियन एकड़) में मानसूनी फसलों की बुआई पूरी कर ली है। यह आंकड़ा पिछले साल की समान अवधि में हुई बुआई के मुकाबले महज 2 फीसदी कम है। जून के महीने में अल नीनो के असर की वजह से यह अंतर काफी ज्यादा था।ब्लूमबर्ग को दिए इंटरव्यू में कृषि सचिव आतिश चंद्रा ने बताया कि जून के बाद से बुआई की गति में काफी सुधार देखने को मिला है। दलहन, तिलहन और कपास जैसी प्रमुख फसलों की बुआई संतोषजनक दिख रही है। हालांकि कुछ फसलों का रकबा पिछले साल से थोड़ा कम है तो कुछ दूसरी फसलों के क्षेत्रफल में बढ़ोतरी भी देखी गई है।अगस्त और सितंबर की बारिश होगी बेहद अहमभारत की कुल वार्षिक बारिश का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा दक्षिण-पश्चिम मानसून से ही मिलता है। यह मानसून न सिर्फ फसलों की सिंचाई के लिए बल्कि भूजल स्तर को रिचार्ज करने के लिए भी बहुत जरूरी है। जून से सितंबर तक चलने वाले इस सीजन में उगाई जाने वाली फसलें देश के कुल वार्षिक खाद्यान्न उत्पादन का लगभग आधा हिस्सा होती हैं।भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक 17 अगस्त तक देश में क्यूमेलेटिव बारिश सामान्य से 13 प्रतिशत कम रही है। कृषि सचिव ने स्पष्ट किया कि फसलों की पैदावार और अंतिम उत्पादन के लिए अगस्त और सितंबर महीनों की बारिश बेहद निर्णायक साबित होगी। इसके लिए कृषि मंत्रालय लगातार राज्य सरकारों के साथ मिलकर स्थिति की निगरानी कर रहा है। आतिश चंद्रा ने कहा कि हम राज्यों से आग्रह कर रहे हैं कि वे किसानों को इस सीजन में उपलब्ध सभी भूमि पर खेती करने के लिए प्रोत्साहित करें, भले ही बुआई में थोड़ी देरी ही क्यों न हो रही हो।धान की बुआई पिछड़ी, लेकिन अभी भी उम्मीद बरकरारखरीफ सीजन की सबसे प्रमुख फसल यानी धान का रकबा अभी भी पिछले आंकड़ों से पीछे चल रहा है। ये चिंता का विषय बना हुआ है। वैसे कृषि सचिव का कहना है कि किसानों के पास अगस्त के अंत तक और कुछ राज्यों/क्षेत्रों में सितंबर के महीने तक भी धान की रोपाई करने का समय उपलब्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी फसलों के अंतिम उत्पादन का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी क्योंकि राज्यों के साथ समय-समय पर समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं।इसका सप्लाई और महंगाई पर क्या पड़ेगा असर?अगर मानसूनी बारिश और फसलों की बुआई में यह रिकवरी नहीं होती तो देश में खाद्यान्न की सप्लाई प्रभावित हो सकती थी। सप्लाई घटने से खाने के सामान की कीमतें बढ़तीं और महंगाई पर काबू पाने की सरकारी को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता था। कृषि और खाद्य बाजार पर दबाव के संकेत पहले से ही दिखने लगे हैं। उदाहरण के तौर पर देखें तो भारत लगभग एक दशक में पहली बार चीनी के आयात शुल्क में कटौती करने पर विचार कर रहा है ताकि घरेलू स्तर पर कीमतों और आपूर्ति को संतुलित रखा जा सके।यह भी पढ़ें:Bihar Highway Project: बिहार में ₹3,591 करोड़ से बनेगा फोरलेन हाईवे, 9,450 करोड़ रुपये की 4 रेल प्रोजेक्ट को कैबिनेट की मंजूरी
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NEET UG : बिहार के शिक्षक के 4 बेटों का कमाल, क्रैक की नीट परीक्षा
बिहार में बेगूसराय जिले के साहेबपुरकमाल प्रखंड के समस्तीपुर गांव में चार सगे भाइयों ने नीट परीक्षा क्रैक कर शानदार मिसाल कायम की है। इन भाइयों के पिता विनोद कुमार पेशे से शिक्षक हैं।
मोदी कैबिनेट के पांच बड़े फैसले, बिहार को मिला सबसे बड़ा तोहफा: इन जिलों की तो लग गई लॉटरी!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने बुधवार को बिहार में NH-22 के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा सेक्शन को चार-लेन में अपग्रेड करने को मंज़ूरी दे दी।
Bihar Highway Project: केंद्र सरकार ने देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए चार प्रमुख रेलवे मल्टी-ट्रैकिंगप्रोजेक्ट और बिहार की एक बड़ी हाईवे परियोजना को मंजूरी दी है। इन पांचोंप्रोजेक्टकी कुल अनुमानित लागत करीब 13,041 करोड़ रुपये है। सरकार के मुताबिक, इन परियोजनाओं से रेल और सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होगी। यात्री ट्रेनों के साथ-साथ माल ढुलाई की क्षमता बढ़ेगी। इससे महत्वपूर्ण इलाकों में आवागमन आसान होगा।केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जिन चार रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी है, उनकी कुल अनुमानित लागत करीब 9,450 करोड़ रुपये है। ये परियोजनाएं पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के आठ जिलों से होकर गुजरेंगी। इनके तहत भारतीय रेलवे नेटवर्क में करीब 410 किलोमीटर का इजाफा होगा। परियोजनाओं को 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।हावड़ा-चेन्नई रेल रूट होगा और मजबूतरेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि स्वीकृत चार रेलवे परियोजनाओं में से तीन हावड़ा-चेन्नई मुख्य रेल मार्ग से संबंधित हैं। जबकि चौथी परियोजना कटक-पारादीप रेल सेक्शन से जुड़ी है। इन परियोजनाओं में हावड़ा-चेन्नई मुख्य रेलवे लाइन के महत्वपूर्ण हिस्सों का क्वाड्रपलिंग यानी चार लाइन में विस्तार किया जाएगा। वहीं कटक-पारादीप मार्ग पर तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण किया जाएगा।रेल मंत्री ने हावड़ा-चेन्नई रूट को देश की बेहद महत्वपूर्ण रेलवे लाइनों में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस पूरे कॉरिडोर को चार लाइन वाला बनाया जाएगा। इससे इस मार्ग पर एक साथ ज्यादा ट्रेनों का संचालन संभव होगा।रेल मंत्री ने दी पूरी डिटेल्सकेंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव नेबुधवार को राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, बिहार में बहुत इंपॉर्टेंट आज हाईवे का प्रोजेक्ट माननीय प्रधानमंत्री जी ने अप्रूव किया है। यह प्रोजेक्ट एक तरीके से पूरे बिहार के लिए बहुत मेजर लाइफलाइन बन रहा है। यह प्रोजेक्ट नेपाल के बॉर्डर से लेके स्टार्ट होता है।रेल मंत्री ने आगे कहा, कम्प्लीट एक बड़ी आर्टरी बनेगा, ट्रांसपोर्ट की बहुत बड़ी यह मेन लाइन, मेन रोड बनेगी जो कि बिहार के लिए कई वर्षों तक इसका बेनिफिट मिलेगा। 83 किलोमीटर का ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट है। एगजिस्टिंग लाइन को अपग्रेड किया जाएगा 4 लेन हाईवे में और ₹3,591 करोड़ का इन्वेस्टमेंट इसमें होगा। 30 महीने में कंस्ट्रक्शन रहेगा। फ्लैक्सिबल पेवमेंट, यानी ब्लैकटॉप पेवमेंट रहेगा इसमें...।अश्विनी वैष्णव ने इस दौरान आगे कहा, पहले चार प्रोजेक्ट में जो हावड़ा से चेन्नई की रूट है, मेन लाइन है, इस मेन लाइन के क्वाड्रपलिंग के डिसीजंस हैं। और एक है कटक से पारादीप रेलवे लाइन का क्वाड्रपलिंग का, थर्ड एंड फोर्थ लाइन। और पांचवा प्रोजेक्ट है मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए सोनबरसा, एकदम नेपाल के बॉर्डर तक। यह फोर लेन हाईवे बनाने का टोटल 13,041 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स आज कैबिनेट में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अप्रूव किए हैं...।यात्रियों के साथ माल ढुलाई को भी मिलेगा फायदाचार लाइन वाला रेल कॉरिडोर बनने से सबसे बड़ा फायदा ट्रेनों के संचालन में होने की उम्मीद है। एक ही मार्ग पर ज्यादा ट्रेनों को चलाने की क्षमता बढ़ेगी और मालगाड़ियों के लिए भी अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी। रेलवे के लिए यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि व्यस्त रूट पर यात्री और मालगाड़ियों के बीच संचालन को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकेगा। इसके अलावा, लाइन के रखरखाव के दौरान भी ट्रेनों के संचालन पर कम असर पड़ने की संभावना है। सरकार का जोर ऐसे महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर की क्षमता बढ़ाने पर है, ताकि आने वाले वर्षों में बढ़ती यात्री और माल ढुलाई की जरूरतों को पूरा किया जा सके।बिहार में 82.5 किलोमीटर लंबा हाईवे होगा फोरलेनकैबिनेट ने बिहार के लिए भी एक महत्वपूर्ण सड़क परियोजना को मंजूरी दी है। इसके तहत मुजफ्फरपुर-सितामढ़ी-सोनबरसा सेक्शन को चार लेन में अपग्रेड किया जाएगा। यह सड़क NH-22 का हिस्सा है और इसकी लंबाई करीब 82.578 किलोमीटर है।इस प्रोजेक्ट पर कुल 3,590.73 करोड़ रुपये की पूंजीगत लागत आएगी।इस हाईवे के जरिए मुजफ्फरपुर को सितामढ़ी होते हुए नेपाल सीमा के पास स्थित सोनबरसा से जोड़ा जाएगा। चार लेन बनने के बाद इस मार्ग पर यातायात क्षमता बढ़ने के साथ सफर को भी अधिक सुगम बनाने में मदद मिलेगी।हाइब्रिड एन्युटी मोड पर होगा कामबिहार की इस सड़क परियोजना को हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) के तहत लागू किया जाएगा। यह परियोजना बिहार के लिए रणनीतिक और आर्थिक दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि यह उत्तर बिहार को नेपाल सीमा के नजदीकी क्षेत्र से बेहतर सड़क कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। बेहतर हाईवे से स्थानीय लोगों के आवागमन के अलावा व्यापार, परिवहन और माल ढुलाई को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।पांच बड़े फैसलों का कुल असर 13,041 करोड़ रुपयेकेंद्रीय मंत्री ने कहा कि कैबिनेट की बैठक में देश की इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरतों से जुड़े पांच बड़े फैसले लिए गए हैं। इनमें पहले चार फैसले रेलवे से संबंधित हैं, जबकि पांचवां फैसला हाईवे सेक्टर से जुड़ा है। चार रेलवे परियोजनाओं की अनुमानित लागत करीब 9,450 करोड़ रुपये और बिहार हाईवे परियोजना की लागत 3,590.73 करोड़ रुपये है। इस तरह सभी स्वीकृत परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 13,041 करोड़ रुपये बैठती है। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से न केवल रेल और सड़क नेटवर्क का विस्तार होगा, बल्कि देश के प्रमुख आर्थिक और परिवहन कॉरिडोर की क्षमता भी बढ़ेगी।2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्यरेलवे की चारों परियोजनाओं को 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।प्रोजेक्ट पूरी होने के बाद हावड़ा-चेन्नई जैसे महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर पर ट्रेनों की क्षमता बढ़ेगी। साथ ही कटक-पारादीप सेक्शन में भी रेल नेटवर्क मजबूत होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिए गए इन फैसलों को केंद्र सरकार ने देश की फाउंडेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरतों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।ये भी पढ़ें-BBA स्टूडेंट ने 3 महीने तक रोज 8.5 घंटे Rapido चलाया, एक दिन में 1200 रुपये तक कमाए फिर अपना एक्सपीरियंस डिटेल में बताया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने बुधवार को बिहार को भी एक बड़ा बुनियादी ढांचा उपहार दिया है। कैबिनेट ने मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड के 82.578 किलोमीटर हिस्से को चार-लेन हाईवे में अपग्रेड करने को मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 3,591 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

