सिक्किम पर मंडराया GLOF का खतरा, 40 झीलें चिह्नित, 7 हाई रिस्क पर अलर्ट
नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने सिक्किम में 40 ऐसी ग्लेशियल झीलों की पहचान की है जिनसे बाढ़ का खतरा हो सकता है; इनमें से सात को ज़्यादा जोखिम वाली श्रेणी में रखा गया है। यह अलर्ट पड़ोसी देश नेपाल में ग्लेशियर से जुड़ी विनाशकारी बाढ़ के कुछ दिनों बाद जारी किया गया है, जिसमें 1,000 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई थी और हज़ारों लोग लापता हो गए थे। सिक्किम में पहचानी गई 40 खतरनाक झीलों में से 16 का वर्गीकरण किया गया है, जबकि 13 का वर्गीकरण अभी बाकी है। वर्गीकृत झीलों में से सात को ज़्यादा जोखिम वाला माना गया है। इसे भी पढ़ें: Nepal से Bihar पहुंची 'Viral Fish', खाने से खतरा! Health Alert जारी अधिकारियों ने बताया कि ज़्यादा जोखिम वाली 16 झीलों में से 13 का विस्तृत वैज्ञानिक मूल्यांकन किया गया है, और इनमें से ज़्यादातर झीलें लगभग 17,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित हैं। सिक्किम के साइंस और टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी संदीप ताम्बे ने बताया कि इन असेसमेंट में झील की गहराई, पानी की मात्रा, मोरेन की स्थिरता और एवलांच (बर्फ़ खिसकने) व लैंडस्लाइड (भूस्खलन) से होने वाले खतरों की जांच की गई। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood: भारत ने भेजी 5.5 टन दवाओं की पांचवीं खेप और बचाव दल सिक्किम ने सबसे ज़्यादा खतरे वाली कुछ झील प्रणालियों से होने वाले जोखिम को कम करने के लिए तीन बड़े उपाय सुझाए हैं। शाको चू (Shako Chu) में, जहाँ एक कमज़ोर टर्मिनल मोरेन के पीछे लगभग 27 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी जमा है, अधिकारियों ने झील के जलस्तर को 20 से 40 मीटर तक कम करने के लिए सोलर-पावर्ड पंपों का इस्तेमाल करने का प्रस्ताव दिया है। इस योजना से झील से लगभग 8 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी निकाला जाएगा, जिससे उस पानी की मात्रा कम हो जाएगी जो मोरेन के टूटने की स्थिति में नीचे की ओर बह सकता था। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
pc: kalinga tv बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) ने राज्य भर के सरकारी स्कूलों में 32,388 खाली टीचरों की भर्ती की घोषणा की है, एप्लीकेशन प्रोसेस 21 सितंबर से शुरू हो चुका है। यह भर्ती बिहार के एजुकेशन डिपार्टमेंट के तहत चौथा फेज़ है क्योंकि म्यूज़िक टीचर की खाली सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग की जा रही थी। खास टीचर की पोस्ट बढ़कर 111 हो गई है। पहले यह भर्ती 1 सितंबर को होनी थी, लेकिन बाद में यह घोषणा की गई कि भर्ती का एप्लीकेशन प्रोसेस टाल दिया जाएगा। भर्ती का एडवर्टाइजमेंट अभी जारी नहीं हुआ है, कहा जा रहा है कि यह जल्द ही आ जाएगा। एग्जाम पैटर्न में बदलाव और नेगेटिव मार्किंग शुरू करने जैसी कई खास मांगों को लेकर टीचर बनने के इच्छुक उम्मीदवारों के विरोध के कारण रजिस्ट्रेशन प्रोसेस टाल दिया गया था।
UNGA जाएंगे PM Balen Shah: विनाशकारी बाढ़ के लिए भारत-चीन से मांगा Climate Damages
नेपाल ने चीन, भारत और अमेरिका को दुनिया में ग्रीनहाउस गैसें सबसे ज़्यादा उत्सर्जित करने वाले देशों में शामिल किया है। साथ ही, उसने बागमती प्रांत के कई ज़िलों में भारी तबाही मचाने वाली भोटकोशी की हालिया जानलेवा बाढ़ के लिए जलवायु मुआवज़े की मांग की है। नेपाल-चीन सीमा के पास चट्टान और बर्फ़ के बड़े हिमस्खलन से आई इस बाढ़ में कम से कम 1,127 लोगों की मौत हो गई है और लगभग 3,900 लोग लापता हैं। काठमांडू इस मामले में इतना दृढ़ है कि वह मुआवज़े की मांग को ज़ोर-शोर से उठाने के लिए प्रधानमंत्री बालेन्द्र 'बालेन' शाह को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) भेजने की योजना बना रहा है। इसे भी पढ़ें: Nepal से Bihar पहुंची 'Viral Fish', खाने से खतरा! Health Alert जारी नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा कि तीनों देशों की यह ज़िम्मेदारी है कि वे उन कमज़ोर देशों को मुआवज़ा दें जो ऐसे उत्सर्जन का नतीजा भुगत रहे हैं, जिसमें उनका योगदान बहुत कम रहा है। काठमांडू ने तुरंत आर्थिक मदद के लिए UN के 'लॉस एंड डैमेज फंड' (नुकसान और क्षति से निपटने के लिए फंड) से औपचारिक रूप से संपर्क किया है। खबरों के मुताबिक, वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस आपदा और जलवायु न्याय की अपनी मांग को उठाने की तैयारी भी कर रहे हैं। कांतिपुर टीवी को दिए एक इंटरव्यू में खनाल ने कहा, हम अपने कूटनीतिक ढांचे को मदद से बदलकर न्याय और मुआवज़े की ओर ले जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Bihar के MP Devesh Thakur ने फडणवीस से मराठी में बात कर जीता दिल, Viral हुआ वीडियो हालांकि पश्चिमी देश कुल कार्बन उत्सर्जन के लिए भारत को दोषी ठहराना पसंद करते हैं, लेकिन विकसित देशों की तुलना में भारत का प्रति व्यक्ति और ऐतिहासिक योगदान बहुत कम है। 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी बेसिन में आई विनाशकारी बाढ़ ने नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग ज़िलों के कुछ हिस्सों को तबाह कर दिया। नेपाल ने इसे हिमालयी सुनामी कहा है; इसमें घर, सड़कें, पुल और पनबिजली परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं और हज़ारों लोग विस्थापित हो गए हैं। वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने पिछले हफ़्ते समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि बाढ़ से हुई तबाही की भरपाई के लिए नेपाल को शायद 4-5 अरब डॉलर की ज़रूरत पड़ सकती है, जो उसकी अर्थव्यवस्था का लगभग 10% है।
मराठी में बोलते दिखे बिहार के सांसद, फडणवीस से बातचीत का वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर बिहार के एक सांसद का वीडियो वायरल हो रहा है, जो मराठी में बात कर रहे हैं. उनका फडणवीस से बातचीत का वीडियो वायरल है.
Nepal से Bihar पहुंची 'Viral Fish', खाने से खतरा! Health Alert जारी
बिहार सरकार ने एक हेल्थ एडवाइज़री जारी की है। इसमें लोगों से कहा गया है कि वे नेपाल से बाढ़ के पानी के साथ राज्य के कुछ हिस्सों में बहकर आई अनजान या अजीब दिखने वाली मछलियों को न खाएं, न खरीदें और न ही बेचें। यह एडवाइज़री सोमवार को डेयरी, मत्स्य पालन और पशु संसाधन विभाग के मत्स्य पालन डिवीज़न ने जारी की। यह कदम तब उठाया गया जब ऐसी मछलियां खाने से कुछ लोगों के बीमार पड़ने की खबरें सामने आईं। इसे भी पढ़ें: Bihar के MP Devesh Thakur ने फडणवीस से मराठी में बात कर जीता दिल, Viral हुआ वीडियो अधिकारियों ने कहा कि बाढ़ मछलियों को तालाबों, नदियों, झीलों और पानी के अन्य स्रोतों से बाहर निकालकर दूर तक ले जा सकती है। इस दौरान, मछलियाँ प्रदूषित नालियों, मरे हुए जानवरों और दूसरी दूषित चीज़ों के संपर्क में आ सकती हैं, जिससे उनमें बैक्टीरिया, वायरस और फंगस के संपर्क में आने का खतरा बढ़ जाता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अनजान मछलियों को खाने के लिए सुरक्षित न मानें, जब तक कि संबंधित अधिकारियों ने उनकी सही पहचान न कर ली हो और उन्हें मंज़ूरी न दे दी हो। एडवाइजरी में लोगों से खास तौर पर कहा गया है कि वे बाढ़ के पानी से पकड़ी गई मछलियाँ न खाएँ और अनजान किस्म की मछलियाँ खरीदने या बेचने से बचें। ऐसी मछली खाने के बाद अगर किसी को उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चक्कर आना या साँस लेने में तकलीफ़ जैसे लक्षण दिखें, तो उन्हें सलाह दी गई है कि वे तुरंत नज़दीकी हेल्थ सेंटर या अस्पताल जाकर डॉक्टर को दिखाएँ। लोगों से यह भी कहा गया है कि अगर उन्हें कोई अजीब मछली दिखे, तो वे इसकी जानकारी अपने ज़िले के फ़िशरीज़ ऑफ़िसर या स्थानीय प्रशासन को दें। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर भरोसा न करें और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। इसे भी पढ़ें: SC Hearing on CJP: महाराष्ट्र और बिहार समेत 4 राज्यों ने मिलाया हाथ, प्रदर्शनकारियों की FIR पर बड़ी राहत नेपाल से बहकर आए पानी की वजह से आई भारी बाढ़ के बाद गंडक नदी और उसके बाढ़ वाले इलाकों में अनजान मछलियाँ देखे जाने की खबर के बाद यह चेतावनी जारी की गई है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर असामान्य रूप से बड़ी कैटफ़िश के वीडियो वायरल हुए हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Bihar Flood: गंडक घर लील गई, गंगा गांवों में घुसी; बिहार की बाढ़ में रतजगा कर रहे लोग
Bihar Flood: पश्चिम चंपारण में गंडक नदी तबाही मचा रही है। कटाव की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नदी की धारा अब कई घरों से महज पांच कदम की दूरी तक पहुंच गई है। कटाव की जद में आए करीब दो दर्जन और घरों पर खतरा मंडरा रहा है।
बिहार में साइबर ठग शेयर बाजार में निवेश के नाम पर ठगी कर कर रहे हैं। ठगों ने नामी कंपनियों के नाम पर फर्जी ऐप और वेबसाइट बना रखा है। हैरानी की बात यह भी है कि पुलिस ने इस संबंध में केस तो दर्ज किया है लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
झारखंड-बिहार के बीच 25 साल पुराना जल विवाद खत्म, सोन नदी के पानी का बंटवारा तय; झारखंड को 2 और बिहार को 5.75 MAF पानी
भागलपुर में गंगा का भीषण कटाव, नदी में समा गया दुर्गा मंदिर; हालात देखने बिहार लौटे डिप्टी CM
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निवेशकों को लुभाने में बिहार सबसे पीछे, पेटेंट में भी फिसड्डी; नीति आयोग की रिपोर्ट ने खोली विकास की पोल
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 2 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
Bihar Monsoon: बिहार में इस साल मानसून में बारिश भले ही कम हुई है लेकिन वज्रपात काफी ज्यादा हुआ है। वज्रपात को लेकर जागरुकता चलाने के बावजूद भी लोगों के मरने का सिलसिला नहीं थम रहा है।
गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से पटना से सटे मनेर की चार पंचायतों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। प्रखंड की किता चौहत्तर पूर्वी, पश्चिमी, मध्य एवं मगरपाल पंचायत के एक दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है।
राज्य में बारिश से जुड़े हादसों में 11 लोगों की जान चली गई है। मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर नैनीताल, अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों में सभी स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। हल्द्वानी में गौला नदी पूरे उफान पर है।
रायगढ़ में एक युवक पर 17 साल की नाबालिग को शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर घर से भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप है। आरोपी की नाबालिग से इंस्टाग्राम के जरिए दोस्ती हुई थी। इसके बाद वह उसे रायगढ़ से बिहार ले गया, जहां करीब 6-7 महीने तक साथ रखा। बाद में दोनों ओडिशा और फिर सारंगढ़ आकर रहने लगे। इस दौरान आरोपी ने शादी का झांसा देकर नाबालिग के साथ रेप किया। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामला चक्रधरनगर थाना क्षेत्र का है। 25 जनवरी को घर से लापता हुई नाबालिग दरअसल, 17 मार्च 2025 को नाबालिग के पिता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि बेटी 25 जनवरी 2025 को दोपहर में घर से बिना बताए कहीं चली गई थी। परिजनों और रिश्तेदारों के यहां तलाश करने के बाद भी उसका पता नहीं चला। जिस पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी पहचान जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि नाबालिग की पहचान इंस्टाग्राम के माध्यम से दिलेश्वर चौहान नामक युवक से हुई थी। दोनों के बीच कई महीनों तक इंस्टाग्राम पर मैसेज के जरिए बातचीत होती रही थी। पुलिस ने तलाश करते हुए नाबालिग को सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में आरोपी दिलेश्वर चौहान के पास से बरामद किया। पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि 25 जनवरी को युवक ने उसे मिलने के लिए बुलाया था। इसके बाद वह केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड पहुंची, जहां दिलेश्वर मिला। युवक ने शादी करने की बात कहकर उसे अपने साथ ले लिया। बिहार ले जाकर साथ रखा आरोपी नाबालिग को बस से बिहार के गया ले गया, जहां उसके माता-पिता ईंट भट्ठे में काम करते थे। इसके बाद करीब 6-7 महीने तक दोनों बिहार में रहे। बाद में दोनों सारंगढ़ क्षेत्र में लौट आए और साथ रहने लगे। इसके बाद आरोपी मजदूरी के लिए ओडिशा चला गया, जहां नाबालिग भी उसके साथ रहने लगी। बाद में दोनों आरोपी के सारंगढ़ स्थित गांव में आकर रहने लगे। नाबालिग ने पुलिस को बताया कि इस दौरान आरोपी ने शादी का प्रलोभन देकर उसके साथ रेप किया। आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजा मामले में पुलिस ने आरोपी दिलेश्वर चौहान के खिलाफ धारा 87, 65(1) बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत कार्रवाई की। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
Bihar Weather Today 2nd September: बिहार के पटना, बक्सर समेत कई जिलों में आज बारिश; मौसम का हाल
Bihar Weather Today 2nd September: बिहार में बारिश का दौर जारी है। राज्य के कई जिलों में बरस रही बारिश की बूंदों से फसलों को भी फायदा पहुंचा है। आज 12 जिलों में बारिश का अनुमान है।
'नेपाल से बहकर आई मछलियां बिल्कुल न खाएं', बिहार में जारी हुआ अलर्ट
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में गंडक नदी के किनारे नेपाल बाढ़ के बाद असामान्य मछलियां मिलने लगी हैं. प्रशासन ने लोगों को ऐसी मछलियां पकड़ने, बेचने और खाने से बचने की सलाह दी है. स्थानीय प्रशासन और मत्स्य विभाग ने सतर्कता बरतने और किसी भी अज्ञात मछली की पहचान कराकर ही उसे खाने की सलाह दी है.
सुब्रत के स्वदेशी जेट इंजन को सम्राट सरकार की हरी झंडी, बिहार में खुल सकेगी देश की पहली फैक्ट्री
सम्राट चौधरी सरकार ने नालंदा के रहटने वाले सुब्रत के स्वदेशी जेट इंजन को हरी झंडी दी है। अब अगर प्रोटोटाइप का परीक्षण सफल हुआ, तो वृहत पैमाने पर उत्पादन के लिए बिहार में देश की पहली जेट इंजन निर्माण फैक्ट्री लगाने का सपना पूरा हो सकेगा।
निवेशकों को आकर्षित करने में बिहार सबसे पीछे, नीति आयोग की रिपोर्ट से खुलासा; क्या बोले एक्सपर्ट
नीति आयोग ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि बिहार निवेशकों को लुभाने के मामले में सबसे पीछे हैं। इसी तरह पेटेंट के मामले में भी बिहार फिसड्डी रहा है। रैकिंग रिपोर्ट में बिहार 17वें स्थान पर है।
Nepal Tragedy : बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ने नेपाल में बाढ़ से हुई त्रासदी पर भारत के रुख को 'संकटमोचक बताया है। पर्षद अध्यक्ष प्रो. रणवीर नंदन ने भारत के प्रयासों पर पीएम मोदी की सराहना की है।
बिहार में मानसून के तीन महीने बीतने के बाद बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी पीछे है। 31 अगस्त तक राज्य में 775.7mm बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन 469.3 mm बारिश हुई। यानी सामान्य से करीब 40% कम बारिश दर्ज की गई। इस साल मानसून की शुरुआत सामान्य समय के आसपास हुई, लेकिन इसके बाद लगातार कमजोर गतिविधि के कारण कम बारिश हुई। अब मानसून के अंतिम महीने सितंबर में भी बहुत बड़े सुधार के संकेत नहीं हैं। मानसून के 12 दिन पहले विदा होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक आनंद शंकर के मुताबिक, वैश्विक मौसमी परिस्थितियां इस बार मानसून के लिए ज्यादा अनुकूल नहीं रहीं। इस वजह से बिहार में मानसून कमजोर बना रहा। सितंबर में भी राज्य में बारिश का वितरण एक जैसा नहीं रहेगा। दक्षिण बिहार में सामान्य से ज्यादा, जबकि उत्तर बिहार में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। भास्कर की रिपोर्ट में जानिए, बीते तीन महीने में बारिश का ट्रेंड कैसा रहा? सितंबर में मौसम का मिजाज कैसा रहेगा? मानसून कमजोर रहने के 3 बड़े कारण क्या हैं? कम बारिश का खेती पर कितना असर पड़ा है? 11 जून को बिहार पहुंचा था मानसून इस बार बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 11 जून 2026 को दस्तक दी थी। समय से 4 दिन पहले मानसून बिहार पहुंचा था। शुरुआत के बाद कुछ समय तक बारिश की गतिविधियां बनी रहीं, लेकिन पूरे राज्य में लगातार और समान रूप से बारिश नहीं हो सकी। नतीजा जून से अगस्त तक बारिश सामान्य आंकड़े से काफी नीचे चली गई। IMD के अनुसार मानसून की वापसी सामान्य तौर पर सितंबर के बाद शुरू होती है और देश से पूरी तरह वापसी अक्टूबर के बाद होती है। तीन महीने में 40% कम बारिश बिहार में 1 जून से 31 अगस्त तक सामान्य बारिश 775.7mm होनी चाहिए थी। इसके मुकाबले सिर्फ 469.3mm बारिश दर्ज की गई। यानी राज्य में करीब 306.4 mm बारिश की कमी रही। सितंबर में उत्तर-दक्षिण बिहार का मौसम अलग रहेगा मौसम वैज्ञानिक आनंद शंकर के मुताबिक सितंबर में बिहार में मानसून की स्थिति बहुत मजबूत रहने की उम्मीद नहीं है। हालांकि राज्य के सभी हिस्सों में एक जैसा मौसम नहीं रहेगा। दक्षिण बिहार: सामान्य से ज्यादा बारिश के आसार हैं। इसमें 18 जिले (बक्सर, भोजपुर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, अरवल, पटना, गया, नालंदा, नवादा, जहानाबाद, शेखपुरा, लखीसराय, मुंगेर, जमुई, बांका, भागलपुर और बेगूसराय) शामिल हैं। उत्तर बिहार: सामान्य से कम बारिश की संभावना है। इसमें 20 जिले (पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा और खगड़िया) शामिल हैं। उत्तर बिहार में सितंबर में भी बारिश का वितरण असमान रहने की संभावना है। यानी किसी इलाके में अच्छी बारिश हो सकती है, जबकि कुछ जिलों में बारिश का इंतजार बना रह सकता है। मानसून कमजोर रहने के 4 बड़े कारण 1. अल नीनो का असर प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से ज्यादा रहने पर अल नीनो की स्थिति बनी। इसका असर भारत की मानसूनी हवाओं पर पड़ता है। इससे बारिश कम होती है। इस साल IMD ने भी मानसून के दौरान अल नीनो के और मजबूत होने का अनुमान जताया था। 2. मानसून के पक्ष में नहीं रहे ग्लोबल कंडीशन सिर्फ अल नीनो ही नहीं, बल्कि कई वैश्विक समुद्री और वायुमंडलीय परिस्थितियां इस साल मानसून के लिए ज्यादा अनुकूल नहीं रहीं। इससे मानसून की सक्रियता और बारिश वाले सिस्टम की ताकत प्रभावित हुई। 3. बारिश कराने वाले सिस्टम लगातार सक्रिय नहीं रहे बिहार में अच्छी बारिश के लिए निम्न दबाव क्षेत्र और मानसून ट्रफ जैसे सिस्टम का मजबूत रहना जरूरी है। इस बार ये सिस्टम लगातार सक्रिय नहीं रहे। इसलिए बारिश के बीच कई दिनों के लंबे गैप आए और मानसून कमजोर पड़ता गया। 4. बारिश का वितरण असमान रहा बारिश हुई भी तो पूरे बिहार में समान रूप से नहीं हुई। कुछ जिलों में अच्छी बारिश हुई, जबकि कई जिले लगातार कमी में रहे। जहां जरूरत थी, वहां पर्याप्त बारिश नहीं हुई। जहां हुई, वो भी राज्य के औसत आंकड़े को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं रही। इसी वजह से 31 अगस्त तक बिहार में सामान्य से करीब 40% कम बारिश दर्ज हुई। कम बारिश का सबसे बड़ा असर किसानों पर कम बारिश का सीधा असर खरीफ फसल पर पड़ा है। धान, मक्का समेत खरीफ फसलों को जिस समय पर्याप्त नमी और पानी की जरूरत होती है, उस दौरान बारिश कम होने से सिंचाई का खर्च बढ़ा। बारिश की कमी ज्यादा लंबी चली तो उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है। कम बारिश से भूजल पर निर्भरता बढ़ी। खेतों की सिंचाई के लिए किसानों ने ज्यादा ट्यूबवेल और पंप का इस्तेमाल किया। इससे भूजल स्तर पर दबाव बढ़ा है। कम बारिश से ये 3 बड़े नुकसान 1- किसानों को नुकसान: पर्याप्त बारिश नहीं होने के चलते धान की फसल प्रभावित हुई है। धान के पौधों को बढ़ने के लिए ज्यादा पानी चाहिए। सिंचाई का खर्च बढ़ा है। 2- पानी का संकट: बारिश कम होने से जमीन में पानी का रिचार्ज कम होगा। इसका असर आगे चलकर भूजल और पेयजल उपलब्धता पर पड़ सकता है। 3- प्रदूषण बढ़ने का खतरा: बारिश वातावरण की धूल और कई प्रदूषकों को साफ करने में मदद करती है। लंबे समय तक बारिश कम होने पर धूल और प्रदूषण की समस्या बढ़ सकती है। अब जानिए किस जिले में कितनी कम हुई बारिश जहानाबाद सबसे ज्यादा प्रभावित जहानाबाद में सामान्य 647.8 mm बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन सिर्फ 250.7 mm हुई। यानी 61% (397.1 mm) कम बारिश हुई। वहीं, किशनगंज में बिहार के जिलों में सबसे ज्यादा 942.2 mm बारिश हुई, फिर भी सामान्य 1391.7 mm के मुकाबले 32% कमी रही। दोनों जिलों में बारिश का अंतर 691.5 mm रहा। यह उत्तर-पूर्वी और दक्षिण बिहार के बीच बारिश के बड़े क्षेत्रीय अंतर को दिखाता है। पटना में सामान्य से करीब 50% कम बारिश बिहार में कमजोर मानसून का असर राजधानी पटना में भी साफ दिखाई दे रहा है। पटना में सामान्य तौर पर 683.6 mm बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन 31 अगस्त तक 345.1 mm बारिश हुई है। यानी सामान्य के मुकाबले करीब 338.5 mm कम बारिश दर्ज की गई है। पटना में इस बार सामान्य बारिश की करीब आधी यानी 50.5% बारिश ही हुई, जबकि बारिश में करीब 49.5% की कमी रही। राजधानी का यह आंकड़ा बताता है कि राज्य में मानसून की स्थिति कितनी कमजोर रही है।
आरक्षण के मौजूदा प्रावधानों की समीक्षा हो या नहीं, इस पर बिहार में सियासी तकरार बढ़ गई है। चिराग पासवान और जीतन राम मांझी दलित कोटे में कोटा पर आमने-सामने हैं तो BJP के मंत्री लखेंद्र पासवान ने दोनों पर निशाना साधा है। वहीं, तेजस्वी यादव ने दोनों को जनरल सीट से चुनाव लड़ने का चैलेंज दे दिया है। जबकि, उनकी पार्टी RJD के बिहार अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल ने रिजर्वेशन में रिव्यू की मांग की है। रिजर्वेशन पर बढ़ते तकरार के बीच आज बूझे की नाही में…जानिए, दलित और OBC के बनने और देश में रिजर्वेशन लागू होने की कहानी…। 7 अगस्त 1990। दोपहर का वक्त। लोकसभा में तत्कालीन प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह (वीपी सिंह) अपना भाषण देने के लिए खड़ा हुए। उन्होंने भाषण की शुरुआत में ही अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए केंद्रीय नौकरियों में 27% आरक्षण लागू करने का ऐलान कर दिया। सीनियर जर्नलिस्ट नीरजा चौधरी की 'हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड' और रामचंद्र गुहा की 'इंडिया आफ्टर गांधी' किताब के मुताबिक… 'गोपालगंज टू रायसीना: माई पॉलिटिकल जर्नी' में RJD सुप्रीमो लालू यादव ने लिखा है... संकर्षन ठाकुर अपनी किताब 'Subaltern Saheb: Bihar and the Making of Laloo Yadav' में लिखते हैं, ‘उस वक्त वीपी सिंह की सरकार में शरद यादव कपड़ा प्रसंस्करण मंत्री तथा राम विलास पासवान श्रम एवं कल्याण मंत्री थे। दोनों लगातार सरकार पर मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू करने का दबाव बना रहे थे। जब देवी लाल ने सरकार से अलग होकर रैली का ऐलान किया, तो दोनों नेताओं ने वीपी सिंह को यह अहसास कराया कि मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू करने से उन्हें पिछड़े वर्गों का अटूट समर्थन मिलेगा, जिससे देवी लाल का दबदबा खत्म हो जाएगा।’ देशभर में हुआ विरोध, लेकिन नहीं झुकी सरकार 1989 लोकसभा चुनाव में मंडल कमीशन की सिफारिशें लागू करने का वादा करके सत्ता में आए वीपी सिंह ने जैसे ही इसे लागू किया पूरे देश में विरोध शुरू हो गया, लेकिन सरकार नहीं झुकी और 13 अगस्त को इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी। इसके बाद पूरे देश में आरक्षण विरोधी आंदोलन और तेज हो गए। वीपी सिंह के लिए लगने वाले नारे, 'राजा नहीं फकीर है, देश की तकदीर है' अब 'राजा नहीं रंक है, देश का कलंक है', में बदल चुके थे। एक विरोध प्रदर्शन में दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट राजीव गोस्वामी ने खुद को आग लगा ली। 16 नवंबर 1992 को सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की बेंच ने सरकार के इस फैसले पर मुहर लगा दी, जिसके बाद इसे पूरी तरह से लागू कर दिया गया। दरअसल… पूर्व राष्ट्रपति अपनी किताब 'द कोएलिशन इयर्स' में लिखते हैं… मंडल कमीशन ने दिसंबर 1980 में अपनी रिपोर्ट पेश की। इसमें विभिन्न धर्मों से करीब साढ़े तीन हजार पिछड़े समूह चिह्नित किए गए। कमीशन ने सरकारी नौकरियों में इन्हें 27% आरक्षण देने की सिफारिश की। अभिनव चंद्रचूड़ अपनी किताब 'दीज सीट्स आर रिजर्व्ड: कास्ट, कोट्स एंड द कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ इंडिया' में लिखते हैं... कमेटी ने किसी जाति को पिछड़े वर्ग से हटाने की भी व्यवस्था दी। इसके लिए पिछड़ा वर्ग बोर्ड बनाने के लिए 3 शर्तें रखी गईं.. बॉम्बे सरकार ने मई 1933 में कमेटी की सिफारिशें लागू कर दीं। पिछड़े वर्ग को 1945-46 तक मुख्यतः 4 लाभ दिए गए... साल 1934 में संबंधित विभाग की सालाना रिपोर्ट में शोषित वर्ग के लिए पहली बार 'अनुसूचित वर्ग' शब्द का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद भारत सरकार अधिनियम, 1935 में 'शोषित (अछूत) वर्ग' को 'अनुसूचित जाति' कहा गया। साथ ही अनुसूचित जातियों के लिए प्रांतीय विधान परिषदों में कुल 151 सीटें (पूना समझौते से तीन अधिक) और केंद्रीय विधायिका की 25 सीटें आरक्षित कर दी गईं। सरकारी नौकरियों में मुसलमानों के लिए 25% सीटें पहले से ही आरक्षित थीं। ऐसे में योग्यता के आधार पर अनुसूचित जातियों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण भी तय हुआ। …जब दलितों पर भिड़े गांधी और अंबेडकर दलितों को रिजर्वेशन देने के फैसले से पहले एक दिलचस्प वाक्या हुआ था। दरअसल, ब्रिटिश सरकार ने 16 अगस्त 1932 को दलितों को लिए अलग निर्वाचन मंडल की घोषणा की थी। इसके विरोध में महात्मा गांधी ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री रैमसे मैक्डोनाल्ड को लिखी चिट्टी में कहा कि वे अपनी जान देकर भी इसका विरोध करेंगे। आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की मांग बड़ी लंबी रही है। मंडल आयोग ने भी इसकी अनुशंसा की थी। 2019 में आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू होने से पहले 21 बार प्राइवेट मेंबर बिल लाया जा चुका था। नरसिम्हा राव सरकार ने भी 1992 में इसके लिए नोटिफिकेशन जारी किया था, लेकिन संविधान में आर्थिक आधार पर आरक्षण का प्रावधान न होने से सुप्रीम कोर्ट ने इसे निरस्त कर दिया था। मोदी सरकार ने इसके लिए 2019 में 103वां संविधान संशोधन किया। इससे संविधान में आर्टिकल 15(6) जोड़कर राज्य को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए कानून बनाने का अधिकार दिया गया। वहीं, आर्टिकल 16 (6) जोड़कर EWS को 10% आरक्षण देने का प्रावधान किया गया। सरकार के इस फैसले के खिलाफ भी सुप्रीम कोर्ट में 40 से अधिक याचिकाएं दाखिल हुईं। दलील दी गई कि EWS आरक्षण संविधान के मूल ढांचे के खिलाफ है, लेकिन नवंबर 2022 में फैसला सुनाते हुए संविधान पीठ ने इसे वैध घोषित कर दिया। 1947 में देश की आजादी के बाद भी आरक्षण की कहानी जारी रही। संविधान सभा में सवाल उठा कि आजादी के बाद आरक्षण की जरूरत क्या है? सभी देशवासी मिलकर देश चलाएंगे। आरक्षण के विरोध में उठते स्वरों को देख एक सलाहकार समिति गठित की गई। समिति ने विधानसभाओं में अनुसूचित जातियों को आरक्षण दिए जाने की सिफारिश की। चर्चा के दौरान मद्रास से निर्वाचित एस. नागप्पा ने कहा, 'मैं आरक्षण खत्म के लिए तैयार हूं, बशर्ते हरिजन परिवारों को 10 एकड़ दलदली और 20 एकड़ सूखी जमीन मिले। हरिजन बच्चों को यूनिवर्सिटी स्तर तक की शिक्षा फ्री हो। सिविल और सेना में प्रमुख पदों का पांचवां हिस्सा उन्हें दिया जाए।' संविधान सभा में आरक्षण देने के आधार पर भी बहस हुई। केएम मुंशी ने शैक्षणिक और सामाजिक रूप से पिछड़े लोगों को इसमें शामिल करने की मांग की। इन सबके बाद भी लंबी बहस चली और अंत में तय हुआ कि आर्थिक आधार पर आरक्षण देना ठीक नहीं है क्योंकि इसका उद्देश्य गरीबी हटाना नहीं बल्कि छुआछूत जैसे भेदभाव को खत्म करना है। संविधान सभा में तय हुआ कि जातियों को उनके सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन के आधार पर आरक्षण दिया जाएगा। अब सवाल था कि आरक्षण कब तक दिया जाना चाहिए? इस पर संविधान सभा के सदस्य हृदयनाथ कुंजरू ने कहा कि संविधान लागू होने के बाद 10 साल तक आरक्षण देने में कोई बाधा नहीं होगी, लेकिन ये प्रावधान हमेशा के लिए नहीं लागू होने चाहिए। समय-समय पर इसकी जांच होनी चाहिए कि पिछड़े तबके की स्थिति में बदलाव आ रहा है या नहीं। कुछ अन्य सदस्यों ने इस पर सहमति जताई। साथ ही राय दी कि जरूरत पड़ने पर इस अवधि को आगे बढ़ाने का भी प्रावधान हो। वहीं, कुछ सदस्यों का मत था कि आरक्षण हमेशा के लिए लागू किया जाए। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने इस पर अपना पक्ष रखते हुए कहा, 'मुसलमानों को 1892 से और ईसाईयों को 1920 से सुविधाएं मिली हुई हैं। अनुसूचित जाति को 1937 से ही कुछ लाभ मिल रहे हैं। इसलिए उन्हें ज्यादा लंबे वक्त सुविधाएं दी जानी चाहिए। चूंकि एक बार में 10 साल तक के लिए रिजर्वेशन का प्रस्ताव पास हो चुका है, तो मैं इसे स्वीकार करता हूं। हालांकि इसे बढ़ाने का ऑप्शन हमेशा रहना चाहिए।' इस तरह तय हुआ कि हर 10 साल बाद रिजर्वेशन की समीक्षा होगी और तय होगा कि इसे आगे जारी रखना है या नहीं। गौरतलब है कि 10 साल की यह व्यवस्था सिर्फ राजनीतिक आरक्षण यानी संसद और विधानसभा सीटों के लिए निर्धारित की गई है। नौकरी और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण की समय सीमा का उल्लेख संविधान में नहीं है।
नेपाल की बाढ़ से बिहार में आ पहुंची खतरनाक मछलियां, सरकार ने जारी की चेतावनी!
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Mau-Phephna National Highway will be connected to the Greenfield Expressway
झोपड़ी में चल रही बच्चों की पढ़ाई, न बेंच-डेस्क न टॉयलेट, Bihar School का VIDEO वायरल
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नेपाल की बाढ़ ने बढ़ाई बिहार की चिंता, शव-मलबा और दूषित पानी के साथ मंडराया महामारी का खतरा
बिहार में गंडक और कोसी नदियों के बढ़ते जलस्तर के साथ दूषित मलबा, मृत जीव और गंदगी आने से जलजनित व संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है.
BPSC TRE 4 Vacancy: चौथी बिहार शिक्षक भर्ती के लिए नया अपडेट, 21 सितंबर से शुरू हो सकता है आवेदन
BPSC TRE 4 Vacancy: BPSC द्वारा चौथी चरण शिक्षक भर्ती (TRE-4.0) के तहत संशोधित नोटिफिकेशन और आवश्यक संशोधनों के बाद आवेदन प्रक्रिया 21 सितंबर 2026 से शुरू होने की संभावना जताई गई है।
बीसी राय ट्रॉफी: राजस्थान ने बिहार को 7-1 से हराया, हर्षवर्धन की हैट्रिक
नारायणपुर में आयोजित नेशनल जूनियर फुटबॉल चैंपियनशिप के पहले मैच में राजस्थान ने दबदबा बनाते हुए शानदार जीत के साथ अभियान शुरू किया।
महिला ने दिल्ली से 3 साल के बच्चे को किया अगवा, बिहार से ढूंढ लाई पुलिस
दिल्ली पुलिस ने 3 साल के लापता बच्चे को बिहार के मुंगेर से बरामद किया है. सीसीटीवी के आधार पर पुलिस ने जांच की और आरोपी महिला को बच्चे समेत पकड़ लिया. महिला ने पूछताछ में बताया कि उसने बेटे की चाह में बच्चे को किडनैप कर लिया था. महिला ने बताया कि 6 बेटियों के बाद वो संतान पैदा नहीं कर पा रही थी जिसके बाद उसने ये कदम उठाया.
भागलपुर जिले के राघोपुर में गंगा के भीषण कटाव से मंगलवार को दुर्गा मंदिर नदी में समा गया। यहां गंगा नदी अंदर ही अंदर कटाव कर रही है। स्थिति भयावह बनी हुई है। डिप्टी सीएम विजय चौधरी दिल्ली में बैठक बीच में ही छोड़ बिहार लौट गए हैं।
Weather update for September 2nd: देश के अलग अलग इलाकों में मानसून के एक्टिव होने की वजह से भारी बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 सितंबर के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी किया है। IMD ने देश के 15 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मध्यम से मूसलाधार बारिश का अलर्ट दिया है। कम दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी प्रणालियों के चलते देश के मैदानी, पहाड़ी और तटीय इलाकों में 2 सितंबर को बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली कड़कने का खतरा बना रहेगा।उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनीमौसम विभाग के मुताबिक 2 सितंबर को उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का प्रकोप सबसे अधिक रहेगा। IMD ने इन तीनों राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में बिजली कड़कने और गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। इसे देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।दिल्ली, यूपी, बिहार और झारखंड समेत मैदानी राज्यों का हालदिल्ली समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी 2 सितंबर को बारिश की गतिविधियां तेजी पकड़ेंगी। मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इसके अलावा बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल और पूर्वी राजस्थान में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की आशंका व्यक्त की गई है।पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसमपहाड़ी क्षेत्रों की बात करें तो उत्तराखंड के अलावा हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में भारी बारिश के साथ-साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। वहीं पूर्वोत्तर भारत में भी मानसूनी बारिश का तांडव जारी रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक का दौर बना रहेगा।तटीय क्षेत्रों में तूफानी हवाओं की चेतावनी और समुद्र का हालदक्षिण भारत और तटीय इलाकों में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, ओडिशा और रायलसीमा में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और मजबूत सतही हवाएं चलने का अनुमान है।समुद्री गतिविधियों को लेकर IMD ने बताया है कि अरब सागर में सोमालिया व ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर व पूर्व-मध्य अरब सागर में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। इसी तरह बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और दक्षिण श्रीलंका से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन तटीय और समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है।
अयोध्या मछली भोज विवाद: CM Yogi के बयान पर Ajay Rai ने किया मानहानि का केस, गरमाई UP की सियासत
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ लखनऊ के सिविल कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया है। अजय राय ने योगी के उस बयान को आधार बनाया है, जिसमें अयोध्या में आयोजित निषाद सम्मेलन के दौरान उनके मछली खाने को लेकर टिप्पणी की गई थी। अयोध्या में निषाद समुदाय के एक कार्यक्रम में मछली पकाए जाने का एक कथित वीडियो विवाद का केंद्र बन गया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य कांग्रेस प्रमुख अजय राय पर दावत में शामिल होने का आरोप लगाया था, जबकि विपक्ष के नेता ने उन्हें इसका सबूत दिखाने की चुनौती दी थी। इसे भी पढ़ें: UPA के 'Fragile Five' से 7.8% GDP ग्रोथ तक: Ravi Shankar Prasad ने PM Modi के आर्थिक प्रबंधन को सराहा राय पर दो तरह से हमला किया गया। पहला यह कि रविवार को हुई दावत अयोध्या में थी, जहाँ राम मंदिर के 15 किलोमीटर के दायरे में मांसाहारी भोजन पर रोक है। दूसरा यह कि यह हिंदू पवित्र महीने श्रावण (या सावन) के दौरान हुआ, जब कई श्रद्धालु मांस नहीं खाते हैं। राय ने हनुमानगढ़ी मंदिर के दर्शन किए और हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद उन्होंने राम मंदिर में पूजा की और अयोध्या जिले में ही लगभग 30 किलोमीटर दूर तरुन गए, जहाँ स्थानीय निषाद समुदाय की बैठक हो रही थी। इसे भी पढ़ें: SP MLC Lal Bihari Yadav के 'कुत्ते' वाले बयान पर UP Politics में बवाल, BJP ने लोकतंत्र का अपमान बताया रायबरेली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने राय पर निशाना साधा और कहा कि आपने कल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष का व्यवहार देखा। वे दर्शन के लिए हनुमानगढ़ी जाते हैं और बाहर आकर मछली की दावत का आनंद लेते हैं और फिर 'राम-राम' का नारा लगाते हैं। बेशर्मी की भी एक हद होती है। आपको मंदिर जाने के लिए किसने कहा? आप अयोध्या के बाहर जो चाहें खा सकते थे। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के व्यवहार से गिरगिट भी शर्मिंदा हो जाएगा। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
बिहार के राजगीर में बन रहा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम 8 साल के निर्माण कार्य के बाद भी पूरी तरह तैयार नहीं हो पाया है। इससे पूरी संभावना है कि अगले साल यानी 2027 में होने वाले आईपीएल के मैच यहां नहीं हो पाएंगे। बिहार के क्रिकेट प्रेमियों को आईपीएल आयोजन के लिए अभी और इंतजार करना होगा।
सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म द वन की कहानी बिहार के एक पुराने मंदिर पर बेस्ड है। जानें इस मंदिर के बारे में ऐसी बातें जिन्हें पढ़कर आप भी हैरान हो जाएंगे।
Who is Subrat Shandilya: बिहार के युवा इंजीनियर सुब्रत शांडिल्य 2 किलो न्यूटन क्षमता का स्वदेशी व किफायती कॉम्पैक्ट जेट इंजन बना रहे हैं। चयन होने पर बिहार में देश का पहला जेट इंजन निर्माण कारखाना बनेगा।
तेजस्वी का सरकार पर हमला; बिहार में पुलिस राज का आरोप, आरक्षण को लेकर मांझी, चिराग पर साधा निशाना
Patna, 1 सितंबर . राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने Tuesday को एनडीए Government पर बिहार में Policeिया अत्याचार बढ़ने और आरक्षण के मुद्दे पर पिछड़े, दलित एवं वंचित वर्गों के साथ न्याय नहीं करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि बिहार को Police राज्य बनाने ... Read more
जमुई में मंगलवार को एक दिवसीय जिला स्तरीय नियोजन-सह-व्यावसायिक मार्गदर्शन मेले का आयोजन किया गया। युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के तत्वावधान में जिला नियोजनालय, जमुई द्वारा आयोजित इस मेले का उद्घाटन जिलाधिकारी नवीन ने किया। इसका उद्देश्य जिले के बेरोजगार युवक-युवतियों को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और विभिन्न रोजगारपरक योजनाओं की जानकारी देना है। आयोजकों ने मेले में करीब 750 अभ्यर्थियों के चयन का लक्ष्य रखा है। रोजगार मेले से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. मौके पर ही ऑफर लेटर देने की व्यवस्था मेले में 26 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें विभिन्न कंपनियों और संस्थानों द्वारा तकनीकी एवं गैर-तकनीकी क्षेत्र, सेल्स, मार्केटिंग, मैन्युफैक्चरिंग सहित कई अलग-अलग पदों पर युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी नवीन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार मिलने से जमुई और बिहार की आर्थिक प्रगति होगी। जिला नियोजनालय के अनुसार, मेले में देश और राज्य की कई प्रतिष्ठित नियोजक कंपनियां भाग ले रही हैं। अभ्यर्थियों का चयन संबंधित नियोजकों द्वारा निर्धारित मापदंडों और साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को मौके पर ही ऑफर लेटर देने की व्यवस्था भी की गई है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं अभ्यर्थी मेले में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को अपने साथ शैक्षणिक एवं अन्य प्रमाण-पत्र, बायोडाटा और पासपोर्ट साइज फोटो लाने को कहा गया है। रोजगार मेले में भाग लेने के लिए बिहार रोजगार सेवा पोर्टल पर निबंधन की सुविधा भी उपलब्ध है। इच्छुक अभ्यर्थी https://detjob.bihar.gov.in/registration पर ऑनलाइन निबंधन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, रोजगार मेले में बिहार सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी देने के लिए भी स्टॉल लगाए गए हैं। अधिकारियों ने युवाओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में मेले में पहुंचकर उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाएं। जिला नियोजनालय ने स्पष्ट किया है कि यह रोजगार मेला पूर्णतः निःशुल्क है।
गोपालगंज में गुड़ उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 'बिहार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम' शुरू किया गया है। इसके तहत जिले के चार प्रमुख प्रखंडों के चयनित गांवों में नई गुड़ उत्पादन इकाइयां स्थापित करने वाले निवेशकों को पूंजी लागत पर 50 प्रतिशत तक की वित्तीय सब्सिडी दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य गन्ना किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना है। 0.5 से 20 TCD क्षमता वाली इकाई पर 6 लाख तक अनुदान योजना के तहत गुड़ उत्पादन इकाइयों को उनकी पेराई क्षमता (TCD) के आधार पर दो श्रेणियों में बांटा गया है। लघु गुड़ इकाई की क्षमता 0.5 से 20 TCD तक होगी। ऐसी इकाइयों को कुल पूंजी लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 6 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। 21 से 40 TCD की इकाई पर 15 लाख तक सब्सिडी दूसरी श्रेणी में मध्यम गुड़ इकाई को रखा गया है, जिसकी क्षमता 21 से 40 TCD होगी। इन इकाइयों को कुल पूंजी लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 15 लाख रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा। गोपालगंज के इन 4 प्रखंडों में लागू होगी योजना यह योजना गोपालगंज जिले के चार प्रखंडों के चयनित गांवों में लागू की गई है। इनमें भोरे, कटेया, विजयीपुर और पंचदेवरी शामिल हैं। इन क्षेत्रों में गुड़ उत्पादन इकाइयां स्थापित होने से स्थानीय स्तर पर गन्ने की खपत बढ़ने की उम्मीद है। ऑनलाइन करना होगा आवेदन, प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी अपलोड करनी होगी इच्छुक निवेशक और उद्यमी गन्ना विकास विभाग के आधिकारिक पोर्टल CCS.bihar.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए 'गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम' के तहत नया पंजीकरण करना होगा। आवेदन के दौरान आवश्यक जानकारी, भूमि संबंधी दस्तावेज और प्रोजेक्ट रिपोर्ट अपलोड करनी होगी। विभागीय समीक्षा के बाद आवेदन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। किसानों को बेहतर मूल्य और युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर गोपालगंज के गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में गुड़ इकाइयों की स्थापना से किसानों को गन्ने का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है। साथ ही, स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इच्छुक उद्यमी समय रहते ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ उठा सकते हैं।
नेपाल में आई बाढ़ का असर भारत के कुछ राज्यों में भी दिखाई दे रहा है। बिहार के बगहा में बाढ़ के बाद प्रशासन ने लोगों को अनजान मछलियों से दूर रहने की सलाह दी है। ये मछलियों नेपाल से बाढ़ के पानी के साथ बहकर आई है। बाढ़ के पानी के साथ कुछ अनजान मछलियां स्थानीय तालाबों और दूसरे जलस्रोतों में पहुंच गई हैं। प्रशासन ने इन मछलियों को खाने से मना किया है। बिहार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ये सलाह जारी की है। ऐसी मछलियों को खाने के बाद कुछ लोगों के बीमार होने की शिकायत सामने आई है।नेपाल से आने वाली नदियों में पानी बढ़ने के कारण बगहा के कुछ इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और बाढ़ के पानी के साथ आई अनजान मछलियों को खाने से बचने की अपील की है।SDM ने जारी की एडवाइजरीबगहा की SDM चांदनी कुमारी ने ऐसी मछलियों को लेकर लोगों को सावधान किया है। यह चेतावनी उन खबरों के बाद जारी की गई, जिनमें इन मछलियों को खाने के बाद कुछ लोगों के बीमार होने की जानकारी सामने आई थी। प्रभात खबर की एक रिपोर्ट के मुताबिक SDM ने कहा, बाढ़ के पानी के साथ कुछ ऐसी मछलियां भी स्थानीय तालाबों और जलस्रोतों में पहुंच गई हैं, जो वहां आमतौर पर नहीं मिलतीं। अधिकारियों के अनुसार, इन मछलियों को खाने के बाद कुछ लोगों की तबीयत खराब होने की शिकायत सामने आई है। इसके बाद प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और बिना पहचान वाली मछलियों का सेवन न करने की सलाह दी है।क्यों नहीं खाना चाहिएअधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ के तेज पानी में मछलियां तालाब, नदी और झील जैसे अपने सामान्य स्थानों से दूर चली जाती हैं। इस दौरान उनका संपर्क गंदे नालों, मरे हुए जानवरों और अन्य दूषित चीजों से हो सकता है, जिससे उनमें हानिकारक बैक्टीरिया और दूसरे संक्रमण फैलाने वाले जीव मौजूद हो सकते हैं। इसलिए प्रशासन ने लोगों से बाढ़ के पानी से पकड़ी गई मछलियों को खाने मना किया है। विभाग के मुताबिक, जब तक बाढ़ का पानी पूरी तरह उतर नहीं जाता और इलाके के हालात सामान्य नहीं हो जाते, तब तक ऐसी मछलियों से दूरी बनाना ही सुरक्षित है।इन समस्याओं को नजरअंदाज ना करेंप्रशासन ने लोगों से अनजान मछलियां दिखने पर खुद कार्रवाई करने के बजाय इसकी सूचना मत्स्य अधिकारी या स्थानीय प्रशासन को देने की अपील की है। साथ ही, अफवाहों से बचने और बाढ़ के पानी से मिली चीजें खाने में सावधानी बरतने को कहा है। प्रशासन ने लोगों से कहा कि अगर अनजान मछली खाने के बाद उल्टी, दस्त, पेट में दर्द, चक्कर या सांस लेने में परेशानी जैसी शिकायत हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर घर पर ठीक होने का इंतजार करने के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल जाकर डॉक्टर से सलाह लें।
BPSC TRE 4.0: बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा 4.0 (TRE 4.0) के लिए अवेदन प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद लगाए उम्मीदवारों के लिए यह खबर बड़ा झटका है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने टीआरई 4.0 के लिए आवेदन प्रकिया स्थगित कर दी है। 1 सितंबर से शुरू होने वाली शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया को बीपीएससी ने प्रोसिजरल बदलावों का हवाला देते हुए स्थगित कर दिया है। बीपीएससी टीआरई 4.0 के माध्यम से बिहार के स्कूलों में 32,388 शिक्षकों की भर्ती होनी है।आयोग ने अभी आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के लिए नई तारीख नहीं बताई है। आयोग की ओर से जारी आधिकारिक नोटिस में कहा गया है कि बीपीएएसी टीआरई 4.0 भर्ती 2026 के लिए आवेदन की नई तारीखें जल्द ही घोषित की जाएंगी। उम्मीदवारों को अपडेट के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in देखते रहना चाहिए। उम्मीद है कि आयोग अपने आधिकारिक भर्ती नोटिस के जरिए बदली हुई तारीखों की घोषणा करेगा। कैंडिडेट्स को अपने आवेदन जमा करने या भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी दूसरी तैयारी करने से पहले अपडेट के लिए बीपीएससी वेबसाइट देखते रहना चाहिए। ताजा नोटिस 31 अगस्त, 2026 का है, और इसे बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन, पटना के एग्जामिनेशन कंट्रोलर ने जारी किया है। विज्ञापन सं.-14/2026, चतुर्थ चरण के विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा (TRE-4.0) के तहत शिक्षा विभाग, बिहार के अन्तर्गत विद्यालय अध्यापक के कुल- 32,388 रिक्त पदों पर नियुक्ति हेतु ऑनलाइन आवेदन करने की निर्धारित प्रक्रिया, जो दिनांक - 01.09.2026 से प्रस्तावित है, प्रक्रियात्मक बदलाव… pic.twitter.com/PhjJT9dCZV— Bihar Public Service Commission (@BPSCOffice) August 31, 2026 22 सितंबर को शुरू होनी थी परीक्षाबिहार लोक सेवा आयोग ने पहले बताया था कि टीआरई 4.0 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होगी और 30 सितंबर 2026 अंतिम तिथि होगी। फीस पेमेंट विंडो एक दिन पहले, 29 सितंबर 2026 को बंद होने वाली थी। लिखित परीक्षा का आयोजन 22 से 27 सितंबर 2026 के बीच किया जाना था। आवेदन प्रक्रिया स्थगित करने के बाद अब पूरा शेड्यूल बदलेगा।क्या है बीपीएससी टीआरई 4.0?बीपीएससी टीआरई बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा का चौथा चरण है। इसे बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के तहत शिक्षक पदों को भरने के लिए आयोजित किया जाता है। इस भर्ती में कक्ष 1 से कक्षा 12 तक के शिक्षक पद शामिल हैं। आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को जरूरी एकेडमिक क्वालिफिकेशन के साथ वैलिड सीटीईटी, बीटीईटी, या एसटीईअी सर्टिफिकेट की जरूरत होती है।IOB SO Recruitment 2026: आईओबी करेगा जनरलिस्ट और स्पेशलिस्ट ऑफिसर के बंपर पदों पर भर्ती, जानें कैसे करना है आवेदन
समाजवादी पार्टी के MLC लाल बिहारी यादव की पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बारे में की गई एक विवादित टिप्पणी से उत्तर प्रदेश में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। उनके बयान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला सामने आया। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यादव ने कहा कि हालात चाहे जैसे भी हों, वोटर्स को अखिलेश यादव का समर्थन करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा इससे कोई फर्क नहीं पड़ता; अगर वह किसी कुत्ते के गले में भी घंटी बांध दें, तब भी आपको उन्हें ही वोट देना होगा, क्योंकि वही आपकी समस्याओं का समाधान करेंगे। उस व्यक्ति के बारे में भूल जाइए, वह व्यक्ति बहुत महान है। इन बयानों पर राजनीतिक पार्टियों की तीखी प्रतिक्रिया आई है; बीजेपी ने एसपी नेता पर लोकतंत्र का अपमान करने का आरोप लगाया है, जबकि समाजवादी पार्टी ने इस विवाद से खुद को अलग करने की कोशिश की है। इसे भी पढ़ें: Akhilesh Yadav का UP STF पर बड़ा हमला: बोले- यह 'स्वजातीय टॉर्चर फ़ोर्स' है बीजेपी नेता आलोक अवस्थी ने इस बयान को लेकर एसपी एमएलसी पर तीखा हमला बोला। अवस्थी ने कहा जल्द ही, सभी कुत्ते पट्टे बंधे हुए एसपी दफ्तर के बाहर खड़े होंगे। इससे ज़्यादा लोकतंत्र का अपमान कोई नहीं कर सकता। जनता हमें चुनावों में जवाब देगी। वहीं, एसपी नेता दीपक रंजन ने इस विवाद को ज़्यादा तूल नहीं दिया और कहा कि इस बयान को ज़रूरी नहीं कि पार्टी से ही जोड़ा जाए। रंजन ने कहा लोकतंत्र में जनता के पास रिकॉर्ड होता है कि कौन जीतता है, और हमें इस बात पर नहीं पड़ना चाहिए कि उन्होंने क्या कहा या क्या नहीं; ये उनके निजी बयान हो सकते हैं। इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने इस बयान पर बीजेपी की आपत्ति पर सवाल उठाए। इसे भी पढ़ें: यूपी में राजनीतिक इतिहास की सबसे भ्रष्ट सरकार चल रही है: अखिलेश यादव राजपूत ने कहा, बीजेपी को इस बयान से क्या दिक्कत है? वे आपस में बात कर रहे हैं। आपके नेताओं को ठाकुरों और पंडितों के दलित बनने से कोई दिक्कत नहीं है। बीजेपी को दूसरे नेताओं से दिक्कत है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब अखिलेश यादव ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले बूथ-स्तर पर अभियान शुरू किया है। वे बीजेपी सरकार पर तीखे हमले कर रहे हैं और इसे राज्य के इतिहास की सबसे भ्रष्ट सरकार बता रहे हैं। समाजवादी पार्टी (SP), जिसने 2022 के विधानसभा चुनावों में 111 सीटें जीती थीं, 2024 के लोकसभा चुनावों में मिली सफलता को आगे बढ़ाना चाहती है। लोकसभा चुनावों में पार्टी 37 सीटों के साथ उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जा रही एक स्लीपर बस में 17 साल की लड़की के साथ कथित गैंगरेप की घटना को लेकर केंद्र, दिल्ली और उत्तर प्रदेश सरकारों की आलोचना की। गांधी ने इस बात पर पुलिस की नाकामी की आलोचना की कि स्लीपर बर्थ पर पर्दे लगे होने के बावजूद बस को किसी भी चेकपॉइंट पर नहीं रोका गया। उन्होंने इसे दिल्ली में 2012 के निर्भया मामले के बाद भी महिलाओं की सुरक्षा करने में सरकार की अक्षमता का सबूत बताया। इसे भी पढ़ें: SP MLC Lal Bihari Yadav के 'कुत्ते' वाले बयान पर UP Politics में बवाल, BJP ने लोकतंत्र का अपमान बताया X पर एक पोस्ट में गांधी ने लिखा कि दिल्ली-NCR महिलाओं के लिए इतना असुरक्षित हो गया है कि ग्रेटर नोएडा से दिल्ली आ रही एक स्लीपर बस में एक नाबालिग लड़की के साथ 47 किलोमीटर तक गैंगरेप हुआ। हैरानी की बात है कि न तो दिल्ली पुलिस और न ही नोएडा पुलिस को इसकी ज़रा भी भनक लगी। यह बस नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, दिल्ली की रिंग रोड और बॉर्डर से गुज़री, लेकिन किसी भी चेकपॉइंट पर इसे एक बार भी नहीं रोका गया। उन्होंने बताया कि बस की सीटों पर पर्दे लगे हुए थे ताकि अंदर क्या हो रहा है, यह कोई देख न सके। उन्होंने आगे कहा कि और अपराधियों को प्रशासन का ज़रा भी डर नहीं था। निर्भया कांड के इतने सालों बाद और ऐसी कई घटनाओं के बावजूद, ऐसी बसों की चेकिंग और निगरानी के नियमों का पालन क्यों नहीं किया जा रहा है? वे पर्दे सिर्फ़ उस एक बस में नहीं लगे थे – वे सरकार द्वारा प्रशासन की नाकामियों पर साल-दर-साल डाले गए पर्दों का नतीजा हैं, जिसकी वजह से महिलाएं देश की राजधानी में सुरक्षित सफ़र भी नहीं कर पा रही हैं। अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि केंद्र और राज्य सरकारों के इस सिस्टम को ठीक करने से पहले और कितनी महिलाओं और लड़कियों को यह सब सहना पड़ेगा? क्या अमित शाह के अंडर दिल्ली पुलिस या आदित्यनाथ के अंडर यूपी पुलिस की कोई जवाबदेही तय होगी? बिल्कुल नहीं — इस अपराध पर भी बस पर्दा डाल दिया जाएगा। 17 साल की लड़की ने आरोप लगाया कि 4 अगस्त की रात उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से नोएडा जाते समय बस के अंदर उसके साथ गैंगरेप किया गया। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में बस ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood में साड़ी बनी की लाइफलाइन, 21 कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रियों की ऐसे बचाई जान नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस (DCP) निहारिका भट्ट ने बताया कि आरोपी ने लड़की को रिंग रोड पर उतार दिया था, जिसके बाद वह कश्मीरी गेट ISBT पुलिस स्टेशन पहुँची। बताया जा रहा है कि स्लीपर बस में चढ़ने से पहले, भारी बारिश और अंधेरे के कारण वह ग्रेटर नोएडा के परी चौक के पास उतर गई थी। बाद में लड़की को दिल्ली में कश्मीरी गेट बस टर्मिनल के पास छोड़ दिया गया। भट्ट ने कहा कि पूछताछ के दौरान पता चला कि वह यूपी के मैनपुरी से नोएडा के सेक्टर 63 में अपने एक रिश्तेदार के घर जा रही थी। रेप की घटना परी चौक (ग्रेटर नोएडा) और नोएडा के सेक्टर 63 के बीच रास्ते में हुई। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। दिल्ली NCR महिलाओं के लिए इतना असुरक्षित हो चुका है कि एक नाबालिग बच्ची के साथ एक स्लीपर बस में 47 किलोमीटर तक गैंगरेप हुआ - ग्रेटर नोएडा से दिल्ली तक। हैरानी की बात है कि पूरी दिल्ली या नोएडा पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। यह बस नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, दिल्ली का रिंग… pic.twitter.com/VqL9Xo264j — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 1, 2026
महाराष्ट्र, असम, पश्चिम बंगाल और बिहार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। उन्होंने जुलाई में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में दर्ज आपराधिक मामलों को रद्द करने की मंज़ूरी मांगी। इन राज्यों ने आंदोलन से जुड़ी आपराधिक कार्यवाही को खत्म करने के केंद्र के कदम का समर्थन किया है। केंद्र की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत के सामने अर्जियां पेश कीं। उन्होंने कहा कि चार राज्यों की ओर से अलग-अलग अर्जियां दाखिल की गई हैं, जिनमें विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी FIR को रद्द करने की मांग की गई है। इसे भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट का CJP March पर रोक से इनकार, Delhi Police और केंद्र को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश मेहता ने कहा हमने उन अलग-अलग राज्यों के लिए भी चार अलग-अलग अर्जियां दाखिल की हैं, जहां FIR रद्द करने की ज़रूरत है। अगर कागजात मंगवा लिए जाएं और सभी मामलों को दोपहर 2 बजे लिस्ट कर दिया जाए। इस मामले की बेंच के हेड, CJI ने सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करने पर सहमति जताई, लेकिन राज्यों से कहा कि वे यह पक्का करें कि याचिकाओं में कोई कमी न हो। CJI कांत ने कहा, ठीक है! हम इन पर एक साथ सुनवाई करेंगे। कृपया पक्का करें कि याचिकाओं में कोई कमी न हो। इसे भी पढ़ें: Success के बावजूद गिर रहा था CJP Leaders का हौसला, Sonam Wangchuk ने खोली आंदोलन की पोल यह घटनाक्रम केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में 13 FIR को रद्द करने की मांग वाली याचिका दायर करने के एक दिन बाद हुआ है। ये FIR 20 से 25 जुलाई के बीच दिल्ली के जंतर-मंतर और राजधानी के अन्य हिस्सों में CJP के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में दर्ज की गई थीं। केंद्र ने दिल्ली पुलिस के ज़रिए 2,873 लोगों के खिलाफ एक नई FIR दर्ज करने का प्रस्ताव भी दिया है, जिनके बारे में शुरुआती तौर पर पता चला है कि उनका गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड रहा है; और उनकी अलग-अलग भूमिकाओं की जांच की जाएगी।
Bihar Police : पटना में एक साथ चार युवकों की मौत की जांच पुलिस के लिए एक तरफ कुआं और दूसरी तरफ खाई वाली स्थिति में है। शराब जहरीली थी तो आई कहां से? अगर, नहीं तो जहर देकर चार को किसने मारा? जांच के सारे पहलुओं को छू रही रिपोर्ट पढ़ें।
दिल्ली के वेस्ट कांति नगर में दर्दनाक हादसा, बिहार से कान के इलाज के लिए आई नाबालिग ने की खुदकुशी
सोमवार को दिल्ली के वेस्ट कांति नगर में एक 16 साल की लड़की ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी अनुसार नाबालिग कान के इलाज के लिए कुछ दिनों पहले ही बिहार से दिल्ली आई थी।
Delhi SIR List: दिल्ली के मतदाताओं के लिए वोटर लिस्ट से जुड़ी यह जानकारी बेहद महत्वपूर्ण है। अगर आप दिल्ली में मतदाता हैं तो सबसे पहले यह सुनिश्चित कर लें कि ड्राफ्टवोटर लिस्ट में आपका नाम दर्ज है या नहीं। इसके लिए दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO Delhi) की वेबसाइट पर जाकर अपना नाम ऑनलाइन चेक किया जा सकता है। अगर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम मिल जाता है तो फिलहाल आपको कोई दूसरा कदम उठाने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर नामलिस्ट में नहीं है तो उसे शामिल कराने के लिए निर्धारित समय सीमा के भीतर अप्लाईकरना होगा।दिल्ली में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के तहत सोमवार (31 अगस्त) को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में कुल 1.45 करोड़ वोटरों में से 47 लाख सेअधिक लोगों के नाम शामिल नहीं किए गए हैं। जिन लोगों के नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं हैं, वे 31 अगस्त से 30 सितंबर के बीच दावा (क्लेम) करके अपना नाम शामिल करवाने का अनुरोध कर सकते हैं। फाइनल वोटर लिस्ट 4 नवंबर को जारी की जाएगी।वोटर अपना नाम कैसे चेक कर सकते हैं?वोटर दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) और चुनाव आयोग के पोर्टल के जरिए ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम चेक कर सकते हैं:-EPIC (वोटर ID) नंबर से खोजें: राज्य के तौर पर दिल्ली चुनकर और EPIC नंबर एवं कैप्चा कोड डालकर नाम खोजा जा सकता है।मोबाइल नंबर से खोजें: दिल्ली और अपनी पसंद की भाषा चुनने के बाद, चुनाव आयोग के पास रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और कैप्चा कोड डालकर नाम देखा जा सकता है।अगर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम न हो तो क्या करें?अगर किसी वोटर या निवासी का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है, तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। योग्य लोग 31 अगस्त से 30 सितंबर के बीच दावा (क्लेम) करके अपना नाम शामिल करवा सकते हैं। इसके लिए उन्हें तय डिक्लेरेशन और जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ फॉर्म-6 जमा करना होगा। जिन लोगों ने अपना घर स्थायी रूप से बदल लिया है और अपना नाम नए निर्वाचन क्षेत्र में ट्रांसफर करवाना चाहते हैं, वे अपने नए पते वाले इलाके में फॉर्म-6 जमा कर सकते हैं।सबसे पहले ऐसे चेक करें अपना नामवोटर लिस्ट में नाम चेक करने के लिए दिल्ली के चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाना होगा। वहां नाम देखने के लिए दो विकल्प दिए गए हैं:-विकल्प 1: EPIC नंबर से करें सर्चअगर आपके पास वोटर आईडी का EPIC नंबर है तो उसके जरिए अपना नाम खोज सकते हैं। इसके लिए संबंधित जानकारी भरनी होगी और दिल्ली का राज्य/क्षेत्र चुनकर अपना EPIC नंबर दर्ज करना होगा। इसके अलावा मतदाता अपने व्यक्तिगत विवरण के जरिए भी नाम खोज सकता है। इसके लिए सामान्य तौर पर ये जानकारियां मांगी जा सकती हैं:-नामवोटर आईडी में दर्ज रिश्तेदार का नामजन्म तिथिउम्रलिंगविधानसभा क्षेत्रमोबाइल नंबर के जरिए भी रजिस्टर्ड मतदाता की जानकारी खोजने का विकल्प दिया गया है। सर्च करने के बाद सिस्टम पर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में मतदाता के रजिस्ट्रेशन से जुड़ी जानकारी वाला पेज दिखाई देगा, जिसे प्रिंट भी किया जा सकता है।विकल्प 2: वोटर लिस्ट की PDF में नाम खोजेंदूसरे विकल्प के तहत जारी वोटर लिस्टकी PDF डाउनलोड करके उसमें अपना नाम खोजा जा सकता है। इसके लिए राज्य, जिला, विधानसभा क्षेत्र औरलिस्ट की भाषा जैसी जानकारी चुननी होगी। इसके बाद संबंधित बूथ की वोटर लिस्ट की PDF तैयार होगी। इस PDF में अपना नाम और अन्यडिटेल्सखोजे जा सकते हैं।अगर ड्राफ्ट लिस्ट में नाम मिल गया तो?अगर आपका नाम ड्राफ्टवोटर लिस्टमें मौजूद है तो फिलहाल किसी और कार्रवाई की जरूरत नहीं है। हालांकि अपने नाम के साथ दर्ज डिटेल्स जैसे नाम, पता और अन्य मतदाता संबंधी जानकारी को ध्यान से जांच लेना बेहतर है।अगर नाम नहीं है तो घबराएं नहींअगर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में आपका नाम नहीं दिखाई देता है तो आपके पास उसे शामिल कराने का मौका है। दी गई जानकारी के अनुसार ऐसे मतदाता 31 अगस्त से 30 सितंबर के बीच नाम शामिल कराने का दावा पेश कर सकते हैं। इसके लिए अपने स्थानीय BLO (Booth Level Officer) से संपर्क करना होगा।नाम जोड़ने के लिए Form 6 भरना होगाअगर किसी पात्रवोटर्स का नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो उसेफॉर्म- 6 के जरिए मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन करना होगा। Form 6 के साथ निर्धारित घोषणा पत्र (Declaration Form) और जरूरी सहायक दस्तावेज भी जमा करने होंगे। यानी केवलअप्लाई करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रक्रिया पूरी करनी होगी।पता बदल गया है तो Form 8अगर आपका नाम वोटर लिस्ट में है लेकिन आपने अपना निवास स्थान बदल लिया है, तो इसके लिए Form 8 का इस्तेमाल किया जाएगा। Form 8 के जरिए विधानसभा क्षेत्र के अंदर या किसी दूसरे विधानसभा क्षेत्र में निवास स्थान बदलने की स्थिति में आवश्यक बदलाव कराया जा सकता है। इसी फॉर्म के जरिए मतदाताडिटेल्स में सुधार के लिए भी आवेदन किया जा सकता है।गलत जानकारी होने पर भी ध्यान देंअगर वोटर लिस्ट में नाम तो है लेकिन नाम, व्यक्तिगतडिटेल्स या अन्य जानकारी में किसी तरह की गड़बड़ी है, तो उसे भी नजरअंदाज न करें। चुनाव आयोग की प्रक्रिया के तहत संबंधित सुधार के लिए आवेदन किया जा सकता है। बताई गई प्रक्रिया के मुताबिक, नाम या अन्यडिटेल्स मेंगलतियां पाए जाने पर निर्वाचन आयोग संबंधित लोगों को नोटिस भी भेज सकता है।ये भी पढ़ें- Bihar-Jharkhand MoU: अमित शाह की मौजूदगी में बिहार और झारखंड के बीच खत्म हुआ 25 साल पुराना सोन जल विवाद, क्या था ये विवाद और क्या हुआ समझौता?एक नजर में पूरी प्रक्रिया नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में है तो फिलहाल कोई अतिरिक्त कदम नहीं उठाएं। अगर वोटर लिस्ट में नाम नहीं है तो स्थानीय BLO से संपर्क करें और निर्धारित अवधि में दावा करें। नया नाम जोड़ना है तो Form 6 जमा करें और उसके साथ जरूरी दस्तावेज लगाएं। पता बदलना/डिटेल्स में सुधार करना है तो Form 8 के जरिए आवेदन करें। फाइनल वोटर लिस्ट 4 नवंबर कोजारी किया जाएगा।
भारत में सफाई का काम करने वाले हजारों कर्मचारियों के लिए रोजमर्रा की ड्यूटी आज भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। मैनहोल, सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान उन्हें कई बार ऐसे हालातों का सामना करना पड़ता है, जहां छोटी सी गलती भी जान पर भारी पड़ सकती है। जहरीली गैस, गंदगी और संक्रमण के बीच काम करने वाले इन कर्मचारियों की सुरक्षा लंबे समय से चिंता का विषय रही है। मैनुअल स्कैवेंजिंग पर कानूनी रोक के बावजूद कई जगह लोगों से जोखिम भरे तरीके से सफाई कराने की खबरें सामने आती रहती हैं। ऐसे में तकनीक एक नई उम्मीद बनकर सामने आ रही है।इसी दिशा में IIT Madras से पढ़े बिहार के दिव्यांशु कुमार ने ऐसा रोबोट तैयार करने की पहल की, जो इंसानों को खतरनाक सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए अंदर जाने से बचा सकता है। उनकी यह कोशिश अब एक स्टार्टअप का रूप ले चुकी है।बिहार के युवक ने खोजा तकनीकी समाधानइसी चुनौती को बदलने की कोशिश की IIT Madras से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले बिहार के दिव्यांशु कुमार ने। कॉलेज के दौरान उन्होंने ऐसा रोबोट तैयार करने पर काम शुरू किया, जो इंसान के सेप्टिक टैंक में उतरे बिना सफाई कर सके। शुरुआत में यह सिर्फ एक कॉलेज प्रोजेक्ट था, लेकिन दिव्यांशु ने इसे आगे बढ़ाने का फैसला किया। इसी सोच ने बाद में Solinas Integrity नाम की स्टार्टअप कंपनी का रूप लिया। Meet Divyanshu Kumar, who completed his https://t.co/BC6fLkcQNf in Mechanical Engineering from IIT Madras. This guy from Bihar developed robots to replace humans for manhole and sewage cleaning.He turned his college project idea into a startup called Solinas Integrity… pic.twitter.com/mBCgPsaAjc— Vikas Alwys (@VikasAlwys) August 30, 2026 कॉलेज प्रोजेक्ट से शुरू हुई बड़ी पहलदिव्यांशु ने अपने साथियों के साथ मिलकर Solinas Integrity की शुरुआत की। कंपनी का मकसद रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से सैनिटेशन और भूमिगत ढांचे से जुड़े खतरनाक कामों को सुरक्षित बनाना है।उनके इस खास इनोवेशन में HomoSEP शामिल है। यह एक रोबोटिक सिस्टम है, जिसे सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य ऐसे कामों में इंसानों की सीधी एंट्री को कम करना है, जहां जहरीली गैस या दूसरे खतरों से जान जा सकती है।खतरा इंसान के लिए है तो मशीन क्यों नहीं?दिव्यांशु के काम के पीछे एक बेहद सरल लेकिन असरदार विचार है अगर कोई काम इंसान के लिए बहुत खतरनाक है, तो उसे मशीन से कराया जाना चाहिए। इसी सोच को उन्होंने सिर्फ सेप्टिक टैंक तक सीमित नहीं रखा। Solinas Integrity अब पाइपलाइन, सीवर और दूसरे भूमिगत इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच और रखरखाव के लिए भी रोबोटिक तकनीक विकसित कर रही है।15 करोड़ रुपये तक पहुंची स्टार्टअप की वैल्यूएक कॉलेज प्रोजेक्ट से शुरू हुई यह पहल अब करीब 15 करोड़ रुपये की वैल्यू वाली स्टार्टअप बन चुकी है। यानी जिस विचार की शुरुआत एक छात्र ने पढ़ाई के दौरान की थी, वह अब एक वास्तविक बिजनेस और सामाजिक समाधान में बदल चुका है।Forbes India 30 Under 30 में मिली जगहदिव्यांशु कुमार के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। 2025 में उन्हें Forbes India 30 Under 30 सूची में जगह दी गई। उन्हें खास तौर पर मैनुअल स्कैवेंजिंग जैसी खतरनाक समस्या से निपटने के लिए रोबोटिक समाधान विकसित करने के काम के लिए पहचान मिली।सोशल मीडिया पर भी हो रही तारीफदिव्यांशु की कहानी सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींच रही है। कई यूजर्स ने इसे ऐसी IIT कहानी बताया जिसमें तकनीक का इस्तेमाल सिर्फ करियर बनाने के लिए नहीं, बल्कि जानलेवा काम को सुरक्षित बनाने के लिए किया गया। एक यूजर ने इसे “रोबोट से जानलेवा मैनुअल स्कैवेंजिंग को बदलने वाली प्रेरणादायक IIT कहानी” बताया। वहीं, अन्य लोगों ने उनके प्रयास को वास्तविक समस्या का तकनीकी समाधान खोजने और समाज में बदलाव लाने की मिसाल बताया।इंजीनियरिंग का असली मतलब दिखाती है यह कहानीदिव्यांशु कुमार की यात्रा बताती है कि इंजीनियरिंग सिर्फ नई मशीन या टेक्नोलॉजी बनाने तक सीमित नहीं है। सही सोच और उद्देश्य के साथ तकनीक किसी ऐसी समस्या को भी चुनौती दे सकती है, जो दशकों से समाज का हिस्सा बनी हुई है।955 मौतों के बाद भी खत्म नहीं हुआ खौफ! नेपाल में सुरंगों के अंदर फंसे लोगों को बचाने की जंग जारी
Bihar, Jharkhand sign MoU: बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के पानी के बंटवारे को लेकर करीब 25 साल से चला आ रहा विवाद आखिरकार खत्म हो गया है। बिहार और झारखंड के मुख्यमंत्रियों ने सोमवार (31 अगस्त) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में सोन नदी के 77.5 लाख एकड़-फुट पानी के बंटवारे को लेकर एक सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए। अधिकारियों ने बताया कि इससे दोनों राज्यों के बीच करीब 25 साल पुराने जल विवाद का स्थायी समाधान हो गया। हस्ताक्षर समारोह में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल, बिहार के उपमुख्यमंत्री, केंद्रीय गृह सचिव तथा केंद्र एवं दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।अमि शाह ने सोशल मीडिया प्लटेफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि यह समझौता बिहार और झारखंड की बड़ी आबादी के लिए पर्याप्त सिंचाई एवं पेयजल सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा, इससे दोनों राज्यों के लाखों किसानों को सीधे लाभ मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को नयी गति मिलेगी। अगर सभी राज्य एक टीम की भावना से आगे बढ़ें तो ऐसी कोई समस्या नहीं है, जिसका समाधान नहीं किया जा सकता।शाह ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि करीब 25 साल पुराने जल विवाद को सुलझाने के लिए हुआ यह समझौता दर्शाता है कि सहकारी संघवाद की भावना के तहत बातचीत के जरिए किसी भी समस्या का समाधान किया जा सकता है।25 साल बाद अहम मुद्दों का स्थायी समाधानउन्होंने कहा कि इस समझौते से दोनों राज्यों के बड़े भौगोलिक क्षेत्रों, किसानों, ग्रामीण इलाकों और पेयजल आपूर्ति से जुड़े मुद्दों का स्थायी समाधान हो गया है। उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और अविभाजित बिहार के बीच 1973 में सोन नदी के जल बंटवारे और मध्यप्रदेश में बाणसागर बांध की लागत को लेकर एक समझौता हुआ था।अधिकारियों ने बताया कि यह विवाद 2000 में उस वक्त शुरू हुआ, जब बिहार से अलग करके झारखंड को एक नया राज्य बनाया गया। झारखंड ने बाणसागर परियोजना में पानी का बड़ा हिस्सा मांगा, क्योंकि जलग्रहण क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा उसके इलाके में आता था। जबकि बिहार ने परियोजना से पानी पर अपना दावा जताने के लिए 1973 के समझौते का हवाला दिया था।25 साल से अटका था पानी का विवादबिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के पानी को लेकर विवाद की जड़ करीब पांच दशक पुरानी है। वर्ष 1973 में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और तत्कालीन अविभाजित बिहार के बीच सोन नदी के पानी और बाणसागर परियोजना से जुड़े समझौते हुए थे। लेकिन वर्ष 2000 में बिहार से अलग होकर झारखंड नया राज्य बना। इसके बाद झारखंड ने बाणसागर परियोजना और सोन नदी के पानी में अपने हिस्से को लेकर ज्यादा हिस्सेदारी की मांग की। झारखंड का तर्क था कि परियोजना के बड़े हिस्से का कैचमेंट एरिया उसके क्षेत्र में आता है। दूसरी तरफ बिहार वर्ष 1973 में हुए पुराने समझौते का हवाला देते हुए अपने पानी के हिस्से का दावा करता रहा। इसी को लेकर दोनों राज्यों के बीच लंबे समय तक सहमति नहीं बन पाई।अब किन इलाकों को मिलेगा फायदा?केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समझौते को 'टीम भारत' की भावना और सहकारी संघवाद का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि राज्यों की अपनी अलग पहचान और हित हो सकते हैं। लेकिन राष्ट्रीय हित के संदर्भ में आगे बढ़ने पर ऐसे लंबे समय से चले आ रहे विवादों का समाधान संभव है।समझौते के तहत बिहार के कई जिलों में सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता बेहतर करने की दिशा में काम होगा।इनमें प्रमुख रूप से:-भोजपुरबक्सररोहतासकैमूरऔरंगाबादअरवलगयापटना शामिल हैं। वहीं, झारखंड के पलामू और गढ़वा जैसे इलाकों में भी पानी की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है।किसानों के लिए बड़ी राहतसोन नदी के पानी से जुड़े इस समझौते का सबसे बड़ा फायदा कृषि क्षेत्र को मिलने की उम्मीद है। बिहार के बड़े ग्रामीण इलाकों में सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ने से किसानों को फायदा हो सकता है। पानी की पर्याप्त उपलब्धता से फसलों की सिंचाई, खेती की उत्पादकता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। साथ ही पेयजल की समस्या से जूझ रहे इलाकों में भी पानी की उपलब्धता बेहतर करने में मदद मिलेगी।झारखंड के सूखे इलाकों को भी उम्मीदझारखंड के पलामू और गढ़वा जैसे क्षेत्रों में भी पानी की जरूरत लंबे समय से एक महत्वपूर्ण मुद्दा रही है। समझौते के बाद इन इलाकों में सिंचाई और पीने के पानी की उपलब्धता बढ़ाने की संभावना है। यानी यह समझौता सिर्फ दो राज्यों के बीच पानी के बंटवारे का फैसला नहीं है, बल्कि किसानों, ग्रामीण आबादी और पेयजल जरूरतों से सीधे जुड़ा हुआ कदम है।ये भी पढ़ें- VIDEO: नंगे पांव दौड़ी 47 साल की मां, बेटियों की पढ़ाई के लिए जीती मैराथन रेस; ₹3000 की इनामी राशि बनी उम्मीद की किरण
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 1 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचार
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गयाजी की बालिका टीम ने 13वीं यूथ बिहार राज्य बास्केटबॉल चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया है। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अपना दबदबा बनाए रखा। खास बात यह भी कि एक भी मुकाबला नहीं हारा। फाइनल में मुजफ्फरपुर को 42-18 के बड़े अंतर से हराकर बिहार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। खिलाड़ियों ने लीग चरण से ही अपने इरादे साफ कर दिए थे। टीम ने पहले भोजपुर को हराया। इसके बाद बांका, भागलपुर और दरभंगा की टीमों को भी शिकस्त दी। लगातार जीत के साथ टीम ने सेमीफाइनल में जगह बनाई। मैचों के दौरान खिलाड़ियों के बीच शानदार तालमेल देखने को मिला। अनुशासन के साथ आक्रामक खेल दिखाया। हर मुकाबले में अपने खेल का स्तर बनाए रखा। सेमीफाइनल में पटना को दी शिकस्त सेमीफाइनल में गयाजी की टीम का पटना से मुकाबला था। खिलाड़ियों पर फाइनल में पहुंचने का दबाव भी था, लेकिन बेटियों ने आत्मविश्वास के साथ खेला। शुरुआत से ही खिलाड़ियों ने पटना पर दबाव बनाया। शानदार टीमवर्क के दम पर मुकाबला अपने नाम किया। पटना को हराकर टीम फाइनल में पहुंच गई। फाइनल में मुजफ्फरपुर पर एकतरफा जीत फाइनल में गयाजी और मुजफ्फरपुर की टीमें आमने-सामने थीं। मुकाबले की शुरुआत से ही खिलाड़ियों ने पकड़ बना ली। तेज पासिंग और बेहतर तालमेल से मुजफ्फरपुर की टीम पर दबाव बनाए रखा। खिलाड़ियों ने लगातार अंक बटोरे। दूसरी ओर मुजफ्फरपुर की टीम ज्यादा मौके नहीं बना सकी। आखिरकार गयाजी ने 42-18 से फाइनल मुकाबला जीत लिया। इस जीत के साथ बालिका टीम बिहार चैंपियन बन गई। खास बात यह रही कि पूरी प्रतियोगिता में टीम अजेय रही। अवंतिका बनीं टूर्नामेंट की MVP खिताबी जीत में पूरी टीम का योगदान रहा। वहीं अवंतिका ने अपने प्रदर्शन से अलग पहचान बनाई। शानदार खेल के लिए उन्हें टूर्नामेंट की मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर चुना गया। यह उपलब्धि अवंतिका के साथ जिले के बास्केटबॉल खिलाड़ियों के लिए भी बड़ी उपलब्धि है। ये खिलाड़ी बनीं बिहार चैंपियन विजेता टीम में कप्तान अदिति, अवंतिका, खुशी, डाली, आयुषी, विधुषी, दिव्या, तोबा, फैजा और मिताली शामिल रहीं। खिलाड़ियों की मेहनत और टीमवर्क ने गयाजी को बिहार का चैंपियन बनाया।
Bihar Weather Alert: पटना समेत 14 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, आकाशीय बिजली को लेकर चेतावनी
Bihar Weather Alert: पटना समेत 14 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, आकाशीय बिजली को लेकर चेतावनी
उपेंद्र कुशवाहा के बेटे की कुर्सी बचाने वाले देवेश कुमार को बड़ा इनाम, बिहार प्लानिंग बोर्ड का उपाध्यक्ष बनाया
बिहार में टीचर मां-बाप के पाप को जानकर हर कोई हैरान है। यहां मां-बाप ने अपनी बेटी की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। लेकिन पुलिसिया जांच में सारा मामला हॉरर किलिंग का उजागर हुआ।
IOB SO Recruitment 2026: बैंकिंग क्षेत्र में काम करने के इच्छुक लोगों के लिए इंडियन ओवरसीज बैंक में बड़ा और अच्छा मौका है। इस बैंक में जनरलिस्ट और स्पेशलिस्ट ऑफिसर के बंपर पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 29 अगस्त से शुरू हो चुकी है और इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 15 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।आवेदन फॉर्म ऑफिशियल वेबसाइट iob.bank.in पर जाकर भरना है। इसके तहत कुल 291 पदों पर भर्ती होगी। यह भर्ती जीएसआई I, एमएमजीएस II और एमएमजीएस III स्केल्स पर होगी। बैंक ने उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन को ध्यान से देखने की सलाह दी है।कौन कर सकता है इन पदों के लिए आवेदन?शैक्षणिक योग्यता : मैनेजर (ब्रांच मैनेजमेंट) पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास ग्रेजुएशन की डिग्री और संबंधित बैंकिंग अनुभव होना चाहिए।आईटी से जुड़े पदों के लिए संबंधित विषयों में B.E./B.Tech, MCA या कंप्यूटर साइंस/IT में M.Sc जैसी योग्यता और संबंधित अनुभव की आवश्यकता होती है।क्रेडिट और रिस्क पदों के लिए पद के अनुसार खास योग्यताएं चाहिए होती हैं, जैसे फाइनेंस में MBA/PGDM, CA, CMA या अन्य संबंधित प्रोफेशनल योग्यताएं।आयु सीमा : आयु सीमा इस बात पर निर्भर करती है कि आप किस पद के लिए आवेदन कर रहे हैं। आयु सीमा की गणना 1 अगस्त, 2026 के आधार पर की जाएगी। अधिकतम आयु सीमा में छूट तय नियमों के अनुसार दी जाएगी।आईओबी एसओ भर्ती 2026: कैसे करें आवेदन ? इंडियन ओवरसीज बैंक के आधिकारिक भर्ती पोर्टल पर जाएं। अगर रजिस्ट्रेशन नहीं किया है, तो ‘New Registration’ पर क्लिक करें। जरूरी लॉगिन जानकारी का इस्तेमाल करके रजिस्टर करें और आवेदन फॉर्म भरें। जरूरी दस्तावेज जैसे फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें। आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें। आवेदन फॉर्म सबमिट करें और भविष्य के लिए इसे सेव कर लें। आवेदन शुल्क : उम्मीदवारों को इंडियन ओवरसीज बैंक एसओ भर्ती 2026 के लिए जरूरी आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा। आवेदन पर तभी विचार किया जाएगा जब शुल्क का भुगतान कर दिया जाएगा। एससी/एसटी/दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 175 रुपये हैं। जबकि, ओबीसी/इडब्लूएस और अनारक्षित वर्ग के लिए 1000 रुपये है।Bihar ASHA Worker Bharti 2026: बिहार में 21000 आशा कार्यकर्ता भर्ती का नोटिफिकेशन जल्द, स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को दिया निर्देश
Bihar Weather Today 1st September: बिहार में सितंबर महीने का आगाज बारिश के साथ होगा। मौसम विभाग ने आज पटना, गया, भोजपुर और बक्सर समेत कई जिलों में बारिश का अनुमान जताया है। कई जगहों पर वज्रपात की भी संभावना है।
झारखंड और बिहार के बीच 25 साल पुराना विवाद खत्म, अब किसको कितना मिलेगा सोन नदी का पानी?
झारखंड और बिहार के बीच 25 साल पुराना जल विवाद खत्म हो गया है। अब सोन नदी के पानी का बंटवारा हो गया है। झारखंड को अब 2 एमएएफ पानी मिलेगा, जबकि बिहार को 5.75 एमएएफ पानी मिलेगा।
पश्चिमी दिल्ली के अस्पताल से अगवा 3 साल का बच्चा बिहार के मुंगेर से सकुशल बरामद
पश्चिमी दिल्ली के एक सरकारी अस्पताल से अगवा तीन साल के बच्चे को पुलिस ने बिहार के मुंगेर जिले से सुरक्षित मुक्त करा लिया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला इस बच्चे को अपने बेटे के रूप में पालना चाहती थी। पुलिस ने बताया कि यह बच्चा 27 अगस्त को उस समय लापता हो गया था, जब वह अस्पताल में दवा लेने गई अपनी मां के पास खेल रहा था। पश्चिम दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) हरेश्वर वी स्वामी ने बताया कि घटना दोपहर करीब 12 बजे की थी जिसकी सूचना ख्याला थाने को दी गई। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान, पुलिस ने अस्पताल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया, जिसमें एक अज्ञात महिला बच्चे को ले जाती हुई दिखाई दी। अधिकारी ने बताया कि कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के जरिए उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गई, जिससे पता चला कि वह ई-रिक्शा से मादीपुर गांव की तरफ गई थी। डीसीपी के मुताबिक, महिला की पहचान 31 वर्षीया चुनरी देवी के रूप में हुई, जो मादीपुर की अस्थायी निवासी है और बिहार के बांका जिले की रहने वाली है। स्थानीय पूछताछ से पता चला कि वह दिल्ली से अपने गृह राज्य चली गयी है। उन्होंने बताया कि तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस टीम एक हजार किलोमीटर दूर मुंगेर जिले के असनहा गांव पहुंची और बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस ने बताया कि देवी का भी पता लगा लिया गया और वह जांच में शामिल हुई। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उसकी छह बेटियां हैं और चिकित्सीय जटिलताओं के कारण उसे बच्चा नहीं हो सकता। पुलिस के मुताबिक, उसने कथित तौर पर लड़के को अपने बेटे के रूप में पालने की नीयत से अगवा किया था। पुलिस ने बताया कि बच्चे को दिल्ली वापस लाया गया और उसके परिवार को सौंप दिया गया।
पटना हाईकोर्ट ने न्यायिक पदाधिकारियों की रिटायरमेंट की उम्र सीमा बढ़ाने से संंबंधित सिफारिश राज्य सरकार को भेज दी है। माना जा रहा है कि सम्राट सरकार इसपर जल्द निर्णय लेगी।
UP और बिहार तक जाएगी बुलेट ट्रेन, ये होंगे स्टेशन; चुनाव से पहले बड़ा ऐलान
तेज रफ्तार बुलेट ट्रेन की सुविधा का मजा उत्तर प्रदेश और बिहार की जनता को भी मिलने वाला है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णवन ने ऐलान कर दिया है कि इस प्रस्तावित योजना को इन दोनों राज्यों तक भी ले जाने की तैयारी चल रही है।
यह पुराना बिहार नहीं, अपने संसाधन खुद जुटा रहा है राज्य : नीतीश मिश्रा
वर्तमान में बिहार सरकार द्वारा 1,700 से अधिक स्टार्टअप्स को स्वीकृति और वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है। राज्य का व्यापक स्टार्टअप इकोसिस्टम लगभग 5,000 स्टार्टअप्स तक पहुंच चुका है। सूबे के नगर विकास और आवास तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नीतीश मिश्रा ने आईआईएम बोधगया के 11 वर्षों की उत्कृष्ट यात्रा पूरी होने के अवसर पर सोमवार को आयोजित स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में ये बातें कहीं। उन्होंने यह भी कहा कि आईआईएम बोधगया बिहार में शैक्षणिक उत्कृष्टता का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है। बिहार की बदलती तस्वीर को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “यह वह पुराना बिहार नहीं है, जिसकी चर्चा पुरानी सुर्खियों में होती थी। यह वह बिहार है जो अपने भविष्य का निर्माण कर रहा है। नए उद्यम स्थापित कर रहा है। अपने विकास के लिए स्वयं संसाधन जुटा रहा है। निदेशक प्रो. विनिता एस. सहाय ने बोधगया की विशिष्टता पर प्रकाश डाला। उन्होंने इसे गहन आध्यात्मिक महत्व की भूमि बताया। क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत, यहां के लोगों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए उन्होंने मानव पूंजी में निवेश की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की आबादी इसके सबसे अनमोल संसाधनों में से एक है। उनका संदेश एक व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है। इसमें प्रतिभा को सही अवसर और मार्गदर्शन देकर बड़े लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ाने की बात है। उन्होंने युवा विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं की ऊर्जा नवाचार और सकारात्मक बदलाव की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने विद्यार्थियों से पारंपरिक और धीमी गति से होने वाली प्रगति तक सीमित न रहने का आग्रह किया। उन्होंने बड़े सपने देखने का आह्वान किया। उन्होंने साहसिक कदम उठाने की बात कही। उन्होंने ‘लीपफ्रॉग’ की भावना के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने नए अवसरों का लाभ उठाने पर जोर दिया। उन्होंने क्षेत्र के विकास की नई दिशा तय करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में मौजूद रहे छात्र-छात्राएं संस्थान के प्रथम बैच के कार्यकारी पीएचडी प्रोग्राम का शुभारंभ किया गया तथा इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (आईपीएम) के छठे बैच का ओरिएंटेशन कार्यक्रम के माध्यम से स्वागत किया गया। प्रो. अविरल कुमार तिवारी (अध्यक्ष, पीएचडी कार्यक्रम) ने कार्यकारी पीएचडी कार्यक्रम तथा प्रो. अर्चना पात्रो (अध्यक्ष, आईपीएम कार्यक्रम) ने आईपीएम कार्यक्रम का परिचय प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम के साथ विद्यार्थियों की संस्थान में शैक्षणिक यात्रा की औपचारिक शुरुआत हुई। इस वर्ष संस्थान ने कुल 207 विद्यार्थियों का स्वागत किया, जिनमें 70 छात्रा और 137 छात्र शामिल हैं। वहीं, कार्यकारी पीएचडी कार्यक्रम के प्रथम बैच में कुल 14 शोधार्थियों ने प्रवेश लिया, जिनमें 12 पुरुष व 2 महिला शोधार्थी शामिल हैं।
24 अंकों से मुजफ्फरपुर को हरा गया टीम बनी बिहार चैंपियन
गया की बेटियों ने बास्केटबॉल कोर्ट पर शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। 13वीं यूथ बिहार राज्य बास्केटबॉल चैंपियनशिप में गया की बालिका टीम ने मुजफ्फरपुर को फाइनल मुकाबले में 42-18 के बड़े अंतर से पराजित कर बिहार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। खास बात यह रही कि गया की टीम पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही। बता दें कि प्रतियोगिता के लीग चरण से ही गया की बालिका टीम का दबदबा देखने को मिला। टीम ने एक के बाद एक मुकाबले में भोजपुर, बांका, भागलपुर और दरभंगा को हरा कर अपनी दावेदारी मजबूत की। इसके बाद सेमीफाइनल में पटना को शिकस्त देकर टीम फाइनल में पहुंची। फाइनल में मुजफ्फरपुर के खिलाफ गया के खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही खेल पर अपनी पकड़ बनाए रखी। मजबूत डिफेंस और सटीक आक्रमण के दम पर टीम ने मुजफ्फरपुर को वापसी का कोई मौका नहीं दिया और 42-18 से जीत दर्ज करते हुए चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम कर ली। अवंतिका बनीं टूर्नामेंट की सबसे मूल्यवान खिलाड़ी गया की खिताबी जीत में अवंतिका का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल के लिए उन्हें एमभीपी चुना गया। टीम की लगातार जीत में उनके योगदान की महत्वपूर्ण भूमिका रही। गया की बालिका टीम में कप्तान अदिति, अवंतिका, खुशी, डॉली, आयुषी, विधुषी, दिव्या, तोबा, फैजा, मिताली, अदिति और सुप्रिया शामिल रहीं। बालक टीम ने भी दिलाया कांस्य पदक एक ओर जहां गया की बेटियों ने चैंपियनशिप ट्रॉफी जीत कर जिले का नाम रोशन किया, वहीं गया के बालक टीम ने भी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरा स्थान हासिल कर कांस्य पदक अपने नाम किया। एक ही राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में बालिका टीम का चैंपियन और बालक टीम का तीसरे स्थान पर रहना गया में बास्केटबॉल के बढ़ते स्तर और यहां के युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा को दर्शाता है। दोनों टीमों का मार्गदर्शन कोच फैजान खान एवं रंजन कुमार ने किया। प्रशिक्षकों के निर्देशन में खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में अनुशासित, आक्रामक और प्रभावी खेल का प्रदर्शन किया।
शिक्षक मुस्तफा ने राष्ट्रीय मंच पर बिहार का नाम किया रौशन
अपने देश की राजधानी में आयोजित कार्यक्रम में बिहार की टीम ने अपना कमाल दिखाते हुए एक अलग पहचान बनाई। सांस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के अधीन संचालित सीसीआररटी दिल्ली में 4 अगस्त से 25 अगस्त तक चलने वाले 518 वें अनुस्थापन पाठ्यक्रम में बिहार की 13 सदस्यीय टीम ने बिहार राज्य की सांस्कृतिक धरोहर,भारत की आजादी में बिहार के अमर शहीदों की गाथा, यहां की धार्मिक परम्पराओं, त्योहारों और रीति रिवाज से संबंधित अद्भुत प्रस्तुति दी। मौके पर ज्ञान एवं मोक्ष की भूमि जिला गयाजी के शिक्षक डॉ. सैयद मुस्तफा कमाल ने प्रतिभाग करते हुए देश के 16 राज्यों के 115 अध्यापकों के सम्मुख अपने राज्य बिहार का प्रतिनिधित्व प्रदेश के अन्य 12 अध्यापकों के साथ किया।
26 अगस्त को नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ का मलबा अब बिहार पहुंच रहा है और उसके साथ बहकर आ रही हैं- थाई मांगुर, गोइता (गूंछ फिश) जैसी खतरनाक मछलियां, जो इंसानी शव खाती हैं। जिनको खाने से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी हो सकती है। नेपाल से बिहार बहकर आई इन मछलियों की कहानी क्या है, क्या यह भारत में प्रतिबंधित है, इन्हें खाना कितना जानलेवा है; जानेंगे बूझे की नाही में... सबसे पहले जानिए, नेपाल से बहकर कौन-कौन सी मछली बिहार आई नेपाल में आई तबाही के तीसरे दिन यानी 29 अगस्त की सुबह गोपालगंज में मछुआरों ने गंडक नदी से भारी मात्रा में मछलियों को पकड़ा। गोपालगंज के मंगलपुर घाट से कई क्विंटल मछलियों के पकड़ने और उन्हें पश्चिम बंगाल के बाजारों में भेजने की खबर है। बिहार सरकार के मत्स्य निदेशालय ने लोगों से बाढ़ के पानी में आई मछलियों को नहीं खाने की अपील की है। निदेशालय ने कहा है, 'बाढ़ के पानी से सीधे पकड़ी गई मछलियों की खरीद-बिक्री में सावधानी बरतें। बिना जांच के मछली नहीं खाएं। एक-एक कर जानिए, बिहार आईं मछलियों की कहानी… 1. गूंछ कैटफिशः इंसानों को नदी में खींचकर खाती हैं गूंछ कैटफिश यानी गोइता, जिसे 'आदमखोर कैटफिश' के नाम से भी जाना जाता है। नुकीले जबड़ों और बड़ी आंखों वाली एक बेहद भयानक मछली है। यह आम मछलियों जैसी नहीं होती, क्योंकि इसका शरीर काफी लंबा और सिर चौड़ा व चपटा होता है, जिस पर मूंछों के तीन जोड़े होते हैं। इन्हें कहा जाता है- 'नदी का शैतान' अलग-अलग रिपोर्ट में इन्हें नदी का शैतान यानी रिवर मॉन्स्टर भी कहा गया है। 'द हिमालयन आउटबैक' मैगजीन के मुताबिक, 1988 और 2007 के बीच नेपाल की काली नदी के किनारे तीन अलग-अलग घटनाएं हुईं। इनमें से किसी का भी शव बाद में नहीं मिला। तीनों घटनाएं नेपाल में काली नदी और भारत के निकटवर्ती हिस्से के पास हुई थीं। इस घटना के बाद लोगों ने दावा किया कि किसी विशाल जीव ने आदमी को खींच लिया है। इन दावों के बाद दुनियाभर की नजर इधर गई। भारत में प्रतिबंधित नहीं 2. थाई मांगुरः भारत में प्रतिबंधित, खाने से हो सकता है कैंसर थाई मांगुर मछली कैटफिश समूह में आती है। यह अलग-अलग तरह की रे-फिन्ड यानी पंखों वाली मछलियों का एक समूह है। इनका नाम इनके खास बार्बेल्स (मूंछों) के कारण पड़ा है, जो बिल्ली की मूंछों जैसी दिखती है। थाई मांगुर को वैज्ञानिक रूप से 'क्लैरियस गैरीपिनस' नाम से जाना जाता है। यह 3-5 फीट लंबी हवा में सांस लेने वाली मछली है, जो अपने खास रेस्पिरेटरी सिस्टम (ARS) की वजह से सूखी जमीन पर चल सकती है। कीचड़ में भी जीवित रह सकती है। यह तेजी से बढ़ती है। अगर इसे पाला जाए तो उत्पादन तीन गुना तक बढ़ सकता है। इसलिए इसे कम समय में ज्यादा मुनाफा देने वाली मछली भी कहा जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, अन्य प्रजाति की मछलियां छह महीने में 300 ग्राम बढ़ती है, तो थाई मांगुर उतने ही समय में लगभग एक किलो तक बढ़ जाती है। 2000 में NGT ने लगाया प्रतिबंध भारत में 'थाई मांगुर' के पालने, खाने और बेचने पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने 2000 में रोक लगा दी थी। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि यह मांसाहारी मछली पानी में रहने वाली दूसरी मछलियों के लिए खतरा पैदा करती थी। 3. वल्लागो कैटफिश यानी मीठे पानी का शार्क वल्लागो कैटफिश, जिसे बराली, बोआल, पठान या हेलीकॉप्टर कैटफिश के नाम से जाना जाता है। मीठे पानी में पाई जाने वाली एक विशाल और आक्रामक शिकारी मछली है। यह 'सिलुरिडे' परिवार से संबंधित है। यह दक्षिण एशिया (जिसमें नेपाल भी शामिल है) के प्रमुख नदियों में रहती है।
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के स्नातक छात्रों को राहत, रोल नंबर मिलने के बाद भी बदल सकेंगे विषय
Brabu Roll Number Update: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के स्नातक प्रथम सेमेस्टर के छात्र रोल नंबर जारी होने के बाद अपने विषय संयोजन में सुधार कर सकेंगे। इससे गलत विषय चयन के कारण होने वाली परीक्षा संबंधी समस्याओं से हजारों छात्रों को राहत मिलेगी।
सोन नदी जल बंटवारे पर बिहार और झारखंड के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता
बिहार और झारखंड के मुख्यमंत्रियों ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में सोन नदी के 77.5 लाख एकड़-फुट पानी के बंटवारे को लेकर एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इससे दोनों राज्यों के बीच करीब 25 साल पुराने जल विवाद का ‘‘स्थायी समाधान’’ हो गया। हस्ताक्षर समारोह में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल, बिहार के उपमुख्यमंत्री, केंद्रीय गृह सचिव तथा केंद्र व दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। शाह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि यह समझौता बिहार और झारखंड की बड़ी आबादी के लिए पर्याप्त सिंचाई व पेयजल सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘इससे दोनों राज्यों के लाखों किसानों को सीधे लाभ मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को नयी गति मिलेगी। अगर सभी राज्य एक टीम की भावना से आगे बढ़ें तो ऐसी कोई समस्या नहीं है, जिसका समाधान नहीं किया जा सकता।’’ शाह ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि करीब 25 साल पुराने जल विवाद को सुलझाने के लिए हुआ यह समझौता दर्शाता है कि सहकारी संघवाद की भावना के तहत बातचीत के जरिए किसी भी समस्या का समाधान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से दोनों राज्यों के बड़े भौगोलिक क्षेत्रों, किसानों, ग्रामीण इलाकों और पेयजल आपूर्ति से जुड़े मुद्दों का ‘‘स्थायी समाधान’’ हो गया है। उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और अविभाजित बिहार के बीच 1973 में, सोन नदी के जल बंटवारे और मध्यप्रदेश में बाणसागर बांध की लागत को लेकर एक समझौता हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि विवाद 2000 में उस वक्त शुरू हुआ, जब बिहार से अलग करके झारखंड को एक नया राज्य बनाया गया। झारखंड ने बाणसागर परियोजना में पानी का बड़ा हिस्सा मांगा, क्योंकि जलग्रहण क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा उसके इलाके में आता था, जबकि बिहार ने परियोजना से पानी पर अपना दावा जताने के लिए 1973 के समझौते का हवाला दिया था।
Rahul Gandhi से मिलना चाहता है Bihar Viral Boy आदित्य, कहा- सरकार का घमंड तोड़ेंगे| Bihar | Congress
बिहार का एक 6 साल का बच्चा... नाम है आदित्य. इसकी चाहत है कि वो नेता विपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करें. सोशल मीडिया पर ये बच्चा भयकंर वायरल है. अब वो राहुल गांधी से मिलने की गुहार लगा रहा है. कांग्रेस की प्रवक्ता अलका लांबा ने इस लड़के से वीडियो कॉल के जरिए बात की
वर्षों से लंबित विवाद का अंत, बिहार के हित में ऐतिहासिक समाधान: सीएम सम्राट चौधरी
बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के जल बंटवारे को लेकर करीब 26 वर्षों से चला आ रहा विवाद सोमवार को समाप्त हो गया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति...
दशहरा पर बिहार लौटने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि दिल्ली और मुंबई से आने वाली ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट 100 के पार पहुंच गई है। त्योहार से पहले कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है।
अब 62 की उम्र में रिटायर होंगे जज साहब, बिहार बना देश का पहला राज्य; क्या होगा फायदा?
सुप्रीम कोर्ट द्वारा ऑल इंडिया जजेज एसोसिएशन बनाम भारत सरकार और अन्य के मामले में जिला न्यायपालिका के न्यायिक पदाधिकारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाए जाने के संबंध में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में यह निर्णय लिया गया है।
Bihar News : एसी कोच में आधी रात गूंजा ‘सावधान! सावधान!’, धुएं की चेतावनी से यात्रियों में हड़कंप
बरौनी-नई दिल्ली क्लोन स्पेशल एक्सप्रेस के एसी कोच में बादशाह नगर के पास सिगरेट के धुएं से स्मोक डिटेक्टर बज उठा, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया। रेलवे स्टाफ की जांच के बाद पता चला कि अलार्म सिगरेट के धुएं के कारण बजा था।
Bihar Weather 1 September: कल गया समेत 12 जिलों में भारी बारिश, 20 जिलो में वज्रपात के आसार
मंगलवार को चार जिलों में अतिभारी बारिश और आठ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। दक्षिण पश्चिम बिहार के लगभग 20 जिलों में गरज तड़क और वज्रपात के आसार हैं।
Bihar News : बिजली बिल के ‘डिफरमेंट चार्ज’ ने बिगाड़ा बजट, खाते से एकमुश्त हजारों रुपये माइनस
मुजफ्फरपुर में बिजली बिल के डिफरमेंट चार्ज ने उपभोक्ताओं को झटका दिया है, जिससे उनके खाते में हजारों रुपये माइनस हो गए और घरेलू बजट बिगड़ गया। आक्रोशित उपभोक्ताओं ने तिलक मैदान कार्यालय में हंगामा किया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने सोन नही जल बंटवारे की सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किया। बिहार को 5.75 एमएएफ और झाखंड को 2.0 एमएएफ पानी की हिस्सेदारी मिलेगी।
बिहारी स्टाइल आलू चोखा का स्वाद है लाजवाब, जानें आसान रेसिपी
Bihari Aloo Chokha Recipe: अगर आप रोज-रोज एक जैसी सब्जी खाकर बोर हो गए हैं और कुछ देसी, स्वादिष्ट और झटपट बनने वाली डिश ट्राई करना चाहते हैं तो बिहारी स्टाइल आलू चोखा आपके लिए बढ़िया ऑप्शन है. आज हम आपको इसे बनाने की आसान रेसिपी बताएंगे.
Kaushambi Firecracker Blast: 11 की मौत, बचाव कार्य जारी; ATS करेगी धमाके की जाँच
सोमवार को उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी ज़िले में एक पटाखा फैक्ट्री में ज़बरदस्त धमाका हुआ, जिससे बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में कम से कम ग्यारह लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। खबरों के मुताबिक, धमाका इतना ज़बरदस्त था कि पूरी फैक्ट्री मलबे में तब्दील हो गई। कौशाम्बी के ज़िला मजिस्ट्रेट अमित कुमार पाल ने ग्यारह लोगों की मौत की पुष्टि की है। कई अन्य लोगों के घायल होने की भी खबर है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। बचाव दल अभी भी मलबे से शव निकाल रहे हैं, जबकि कई लोगों के मलबे में दबे होने या लापता होने की आशंका है। इसे भी पढ़ें: Bihar Teacher Recruitment: TRE 4.0 के 32,388 पदों के आवेदन में देरी, जानिए कब होंगी नई तारीखें घोषित कुमार के अनुसार, घटनास्थल पर लगभग 8 से 10 JCB मशीनें तैनात की गई हैं और बचाव अभियान पिछले चार घंटों से लगातार चल रहा है। IG और DIG जैसे वरिष्ठ अधिकारियों समेत पुलिस का एक बड़ा दल मौके पर मौजूद है। इस बीच, कई लोगों के अभी भी लापता होने की खबर है और उनके परिवार वाले बेचैनी से अपने प्रियजनों के बारे में जानकारी का इंतज़ार कर रहे हैं। एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) की टीमें भी घटनास्थल पर पहुँच गई हैं और धमाके से जुड़ी परिस्थितियों की जाँच कर रही हैं। प्रशासन ने कहा है कि मरने वालों और घायलों की अंतिम संख्या की पुष्टि बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही की जाएगी। धमाका इतना ज़बरदस्त था कि पटाखे बनाने वाली फ़ैक्ट्री पूरी तरह ढह गई। इसका असर आस-पास के इलाक़े में भी महसूस किया गया; ख़बरों के मुताबिक़, फ़ैक्ट्री के आस-पास लगभग 50 मीटर के दायरे में मौजूद पाँच से सात घर क्षतिग्रस्त हो गए। बताया जा रहा है कि धमाके की आवाज़ लगभग दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। धमाके के तुरंत बाद आसमान में धुएँ का गुबार उठता दिखा, जिसने आस-पास के इलाक़े को अपनी चपेट में ले लिया। फ़ैक्ट्री के अंदर पटाखों में लगी आग की वजह से कई छोटे-बड़े धमाके भी हुए, जिससे बचाव कार्य और मुश्किल हो गया और कुछ समय तक वह इलाका खतरनाक बना रहा। इसे भी पढ़ें: “मखाना: भारत के पारंपरिक उत्पाद से वैश्विक सुपरफूड बनने का स्वर्णिम सफर” शुरुआती जानकारी के मुताबिक, धमाके के समय पटाखा फैक्ट्री में करीब 25 कर्मचारी काम कर रहे थे। यह फैक्ट्री कौशाम्बी के पुरामुफ्ती पुलिस स्टेशन इलाके के मनौरी में स्थित है। मौके पर पुलिस, फायर ब्रिगेड के कर्मचारी और प्रशासनिक टीमें तैनात की गई हैं। राहत और बचाव कार्य जारी हैं; टीमें आग को पूरी तरह बुझाने और गिरी हुई इमारत के मलबे को हटाने का काम कर रही हैं ताकि अगर कोई अंदर फंसा हो, तो उसे ढूंढा जा सके। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Bihar TRE-4 Recruitment 2026: 1 सितंबर से शुरू होने वाला शिक्षक भर्ती आवेदन स्थगित कर दिया गया है। नई रिक्तियों और बदलाव के बाद नया विज्ञापन व शेड्यूल जारी होगा।
भाजपा के पूर्व विधान परिषद सदस्य देवेश कुमार को बिहार राज्य योजना पर्षद का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उन्हें तीन साल के लिए मंत्री का दर्जा मिलेगा, यह उनकी सक्रिय भूमिका और दीपक प्रकाश के लिए एमएलसी सीट छोड़ने का प्रतिफल माना जा रहा है।
नेपाल में आई बाढ़ का पानी बिहार भी पहुंचा है। ऐसे में नेपाल से अज्ञात मछलियां भी बिहार पहुंची हैं। सरकार ने इन्हें खाने से मना किया है और एडवाइजरी जारी की है।
Amit Shah की पहल, Bihar-Jharkhand में Son River जल बंटवारे पर हुआ ऐतिहासिक MoU
सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में बिहार और झारखंड सरकारों ने सोन नदी के पानी के बंटवारे को लेकर एक समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता गृह मंत्री की अध्यक्षता में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक के दौरान हुआ। इस कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ-साथ केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और दोनों राज्यों तथा गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। इसे भी पढ़ें: Chai Par Sameeksha: UP में किसे मिलेगा जाटों का साथ? Rahul Gandhi की 2024 वाली रणनीति! इसके अलावा, शुक्रवार को शाह ने घाटलोडिया विधानसभा क्षेत्र के बोपल, घुमा, शेला और आस-पास के इलाकों में BKM स्कूल में आयोजित 'लोक दरबार' कार्यक्रम में हिस्सा लिया। वहां मौजूद लोगों से बात करते हुए, शाह ने स्थानीय निवासियों के साथ अपने 30 साल से ज़्यादा पुराने, गर्मजोशी भरे और पारिवारिक रिश्तों का ज़िक्र किया। उन्होंने लगभग 20-21 इंच की भारी बारिश से हुई हालिया दिक्कतों और निवासियों को हुई परेशानी का भी ज़िक्र किया। शाह ने बताया कि बाढ़ का पानी उतरने के अगले ही दिन से बारिश के पानी की निकासी के स्थायी इंतज़ाम के लिए ज़मीनी स्तर पर योजना बनाने का काम शुरू हो गया था। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि भविष्य में 30 इंच तक बारिश होने पर भी घरों और हाउसिंग सोसायटियों में पानी जमा होने से रोकने के लिए व्यापक और समय पर उपाय किए जा रहे हैं। इसके अलावा, शाह ने बोपल, घुमा, शेला और आस-पास के नए विकसित इलाकों में पीने का पानी पहुँचाने के लिए जसपुर से एक पाइपलाइन बिछाने की घोषणा की। इस पाइपलाइन से निवासियों को नर्मदा का साफ़ और पर्याप्त पीने का पानी मिल सकेगा। इसे भी पढ़ें: Haldwani FIR: Jairam Ramesh का BJP-RSS पर हमला, दलितों के अपमान पर चुप क्यों सरकार? उन्होंने इस इलाके में हुए बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का ज़िक्र करते हुए बताया कि कैसे यह इलाका ग्राम पंचायत से आगे बढ़कर सड़कों, मेट्रो कनेक्टिविटी, AMTS सेवाओं, फ्लाईओवर, ड्रेनेज और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाओं से लैस हो गया है। शाह ने इन सुधारों का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व को दिया।
‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के नए एपिसोड पर विवाद, वीडियो में जाने बिहार और कश्मीरी पंडितों पर टिप्पणी से भड़का विरोध
नेपाल से बाढ़ में आई मछलियां खाने से बीमार पड़ सकते हैं, बिहार सरकार ने जारी कर दी एडवाइजरी
बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने नेपाल के बाढ़ में बहकर आई मछलियों को नहीं खाने की एडवाइजरी जारी किया है।
Bank of Baroda ने 20 राज्यों में 2,482 पदों पर निकाली भर्ती, स्थानीय भाषा के जानकारों का होगा चयन
बैंक ऑफ बड़ौदा ने 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थानीय भाषाओं में दक्ष 2,482 अधिकारियों की भर्ती करने की सोमवार को घोषणा की। बैंक कर्मचारियों की स्थानीय भाषाओं में ग्राहकों से संवाद करने की क्षमता को लेकर जताई जा रही चिंता के बीच कनिष्ठ प्रबंधन श्रेणी में ‘स्थानीय बैंक अधिकारियों’ की भर्ती की जा रहा है। बयान के अनुसार, इसमें यह सुनिश्चित करने का प्रावधान है कि उम्मीदवार अपनी सेवा के पहले 12 साल उसी राज्य में काम करें, जहां उनकी भर्ती हुई है। इसे भी पढ़ें: Banking Jobs 2024: इंडियन बैंक में 2500 पदों पर होगी भर्ती, 100 नई Branches खोलकर बैंक बढ़ाएगा अपनी मौजूदगी साथ ही वे पदानुक्रम में एक निश्चित स्तर तक पदोन्नति होने तक उसी राज्य में तैनात रहें। यह घोषणा मुंबई के आसपास स्थानीय में बातचीत करने में असमर्थ बैंक कर्मचारियों के खिलाफ हिंसा की कुछ घटनाओं के बीच की गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नवंबर, 2025 में बैंकों को इस मुद्दे के प्रति संवेदनशील रहने और जरूरत पड़ने पर अपनी मानव संसाधन (एचआर) नीतियों में बदलाव करने का निर्देश दिया था। बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) ने कहा कि 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और ओडिशा शामिल हैं। राज्य-आधारित तैनाती से बैंक को स्थानीय में दक्षता, सांस्कृतिक समझ और स्थानीय बाजारों की जानकारी रखने वाला कार्यबल तैयार करने में मदद मिलेगी जिससे ग्राहकों के साथ संबंध और मजबूत होंगे। बैंक के कार्यकारी निदेशक लाल सिंह ने कहा, ‘‘इस पहल से स्थानीय प्रतिभाओं को बेहतर करियर बनाने के अवसर मिलेंगे और वे अपने संबंधित राज्यों की आर्थिक वृद्धि में योगदान दे सकेंगे। इसे भी पढ़ें: Bihar Daroga Recruitment: BPSSC ने टाली PET और शारीरिक परीक्षा, 1799 पदों के लिए नई Date का इंतजार यह समावेशी विकास को बढ़ावा देने और टिकाऊ रोजगार के अवसर पैदा करने में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के रूप में हमारी व्यापक भूमिका के अनुरूप है।’’ बैंक ने कहा कि उम्मीदवार किसी भी विषय में स्नातक होना चाहिए और किसी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक में अधिकारी के रूप में कम से कम एक वर्ष काम करने का अनुभव होना चाहिए। उम्मीदवारों की आयु 21 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
रग्बी से लेकर पारा-स्पोर्ट्स तक देश-दुनिया में बजा बिहार का डंका, ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ से 180 से ज्यादा खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी
सहरसा के राष्ट्रीय फुटबॉल कोच एवं शारीरिक शिक्षा शिक्षक नीतीश मिश्र को बिहार स्पोर्ट्स अवॉर्ड 2026 समारोह में सर्वश्रेष्ठ फुटबॉल कोच (बेस्ट कोच) के सम्मान से नवाजा गया है। यह समारोह रविवार को पटना में आयोजित किया गया, जिसमें बिहार के कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खिलाड़ियों तथा प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया। सोमवार को समारोह का वीडियो सामने आने के बाद कोसी क्षेत्र में खुशी की लहर है। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बिहार को दिलाया कांस्य पदक नीतीश मिश्र वर्तमान में सहरसा के मध्य विद्यालय, जेल कॉलोनी में शारीरिक शिक्षा शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। ग्वालियर में आयोजित राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता में बिहार टीम को कांस्य पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने और टीम के मुख्य कोच के रूप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। वह कोसी प्रमंडल से यह सम्मान पाने वाले एकमात्र फुटबॉल कोच हैं। कई नामचीन हस्तियां समारोह में रहीं मौजूद समारोह में खेल जगत और विभिन्न क्षेत्रों की कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं। इनमें कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक विजेता, एशियाई स्तर के स्वर्ण पदक विजेता, विश्व चैंपियनशिप से जुड़े खिलाड़ी, प्रधानमंत्री बाल पुरस्कार से सम्मानित प्रतिभाएं, पद्मश्री एवं खेल रत्न सम्मानित खिलाड़ी और ओलंपिक खिलाड़ी शामिल थे। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, शिक्षाविद खान सर, अंतरराष्ट्रीय कवि दिनेश बावरा और खेल विभाग के महानिदेशक रविंद्र संकरण भी समारोह में मौजूद रहे। कोच बोले- शुरू से ही मेहनती और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहे नीतीश नीतीश मिश्र के कोच और पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी ब्रह्मदेव हंसदा ने उनकी प्रशंसा करते हुए कहा कि नीतीश शुरू से ही मेहनती, लगनशील और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक रहे हैं। उन्होंने बताया कि नीतीश पिछले कई वर्षों से बिहार की टीम के साथ जुड़कर खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण दे रहे हैं। उनके नेतृत्व में बिहार टीम ने इससे पहले जम्मू-कश्मीर में आयोजित 68वीं राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी पदक हासिल किया था। सहरसा के युवा खिलाड़ियों को मिल रहा फायदा वर्तमान एमएलसी अजय कुमार सिंह ने नीतीश मिश्र को बधाई देते हुए उनकी उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक शारीरिक शिक्षा शिक्षक के रूप में लगातार बिहार के लिए उपलब्धियां हासिल करना सहरसा और पूरे कोसी क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी एवं संरक्षक रघुनाथ प्रसाद यादव ने भी कहा कि नीतीश के प्रयासों से पिछले कुछ वर्षों में सहरसा के युवा खिलाड़ी बिहार फुटबॉल टीम में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
नेपाल बाढ़ त्रासदी में बिहार के 12 लोगों का अब तक नहीं अता पता, एक परिवार के 5 सदस्य भी लापता
नेपाल में आई बाढ़ के बाद बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के लगभग 12 लोग लापता हैं। इनमें एक ही परिवार के पांच सदस्य भी शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ के बाद से इन लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है।
बिहार STET 2026 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी, जानें आवेदन प्रक्रिया
बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड ने माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (Bihar STET 2026) के लिए आवेदन की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 15 सितंबर कर दिया है। उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले पात्रता मानदंड, उम्र सीमा और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी लेनी चाहिए। इस लेख में सभी आवश्यक विवरण दिए गए हैं, जिससे आप आसानी से आवेदन कर सकें।
7 चौके और छक्के, दलीप ट्रॉफी में शतक चूके लेकिन वैभव ने बना दिया यह अनोखा रिकॉर्ड
इस्ट जोन बनाम सेंट्रल जोन की दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल मैच में वैभव सूर्यवंशी भले ही 8 रनों से शतक चूक गए हों लेकिन उन्होंने दलीप ट्रॉफी में सबसे अर्धशतक जमा कर सबसे कम उम्र में यह कारनमा किया। वैभव सूर्यवंशी ने 15 साल 157 दिनों में दिलीप ट्रॉफी में अर्धशतक जड़ा इससे पहले उनसे युवा सिर्फ लक्ष्मण सिंह थे जिन्होंने 16 साल 23 दिनों में अर्धशतक जमाया था। Another day, another record for Vaibhav Sooryavanshi. He has now become the youngest player to score a fifty in the Duleep Trophy. Destined for greatness. pic.twitter.com/WYV9c7YE6Q — R A T N I S H (@LoyalSachinFan) August 31, 2026 लाल गेंद के टूर्नामेंट दिलीप ट्रॉफी में वैभव सफेद गेंद की तरह ही खेले और उन्होंने 81 गेंदों में खेली 92 रनों की पारी में 7 चौके और छक्के लगाए। इससे पहले ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यंवशी ने दलीप ट्रॉफी क्वार्टरफाइनल में नॉर्थ इस्ट जोन के खिलाफ 4 गेंदों में 2 विकेट चटकाए थे । उन्होंने नॉर्थ ईस्ट के किशन को 25 रनों पर और इमलिवती को 4 रनों पर आउट किया था। 15 साल के इस खिलाड़ी के लिए यह सीज़न शानदार रहा है। इस उभरते हुए बल्लेबाज ने इंग्लैंड में तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 14, 13 और 15 रन बनाए। इनमें से दो पारियों में सूर्यवंशी जोफ्रा आर्चर की शॉर्ट गेंद पर आउट हुए। इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए अपने डेब्यू में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने के बाद, सूर्यवंशी ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ टी20 सीरीज़ में प्रभावित किया। वहाँ उन्होंने कई मैचों में जीत दिलाने वाला प्रदर्शन किया और ‘प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़’ चुने गए। 92 पे कौन छक्का मारने जाता है वैभव सूर्यवंशी? खैर अगली बार!!!! लॉफ्टेड स्ट्रेट ड्राइव, स्ट्रेट ड्राइव, कवर ड्राइव, शॉट खेलने की कोशिश और चूकना, एज, कभी-कभार फॉरवर्ड डिफेंस या लाइन के अंदर खेलना। जब वैभव सूर्यवंशी क्रीज़ पर हों, तो आप कोई भी गेंद मिस नहीं कर सकते। टीवी पर नजर… — Abanish Sinha (@abanish_Bihar) August 31, 2026 हालांकि इस 15 वर्षीय खिलाड़ी ने बिहार के लिए आठ प्रथम श्रेणी मैचों की 12 पारियों 17 से अधिक के औसत से रन बनाए हैं जो कि आकर्षक नहीं हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 93 रन है।ईस्ट ज़ोन ने एक मज़बूत टीम चुनी है जिसमें कई अनुभवी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल हैं। चुने गए प्रमुख खिलाड़ियों में भारत के अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी, बंगाल के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन, तेज़ गेंदबाज़ मुकेश कुमार, ऑलराउंडर शाहबाज़ अहमद और विकेटकीपर-बल्लेबाज़ कुमार कुशाग्र शामिल हैं।
शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए किर्गिस्तान आए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को यहां महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और भारतीय समुदाय के सदस्यों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं तथा योग प्रेमियों समेत भारत से करीबी जुड़ाव रखने वाले लोगों से बातचीत की। मोदी ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके विचारों के स्थायी प्रभाव को याद किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘गांधी जी के विचारों का हमारे मन पर हमेशा अद्वितीय प्रभाव रहेगा।’’ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि मोदी ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए ‘‘शांति, अहिंसा और सद्भाव के उनके शाश्वत संदेश’’ को याद किया। जायसवाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘श्रद्धांजलि ने गांधी जी के आदर्शों की चिरस्थायी प्रासंगिकता और उनकी सार्वभौमिक स्वीकार्यता को दर्शाया।’’ प्रधानमंत्री ने बाद में ‘भारत के मित्रों’ के एक समूह से मुलाकात की, जिसमें भारतीय समुदाय के प्रमुख सदस्य, पर्यावरण प्रेमी, योग साधक, शिक्षाविद, भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम के पूर्व प्रतिभागी तथा शोधकर्ता शामिल थे। मोदी ने कहा, ‘‘भारत से करीबी जुड़ाव रखने वाले लोगों के एक समूह से मुलाकात की... भारत के साथ उनका इस तरह का निरंतर जुड़ाव देखकर खुशी हुई।’’ आईटीईसी के पूर्व प्रतिभागी 160 से अधिक साझेदार देशों के ऐसे पेशेवर हैं जिन्होंने भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग कार्यक्रम के तहत भारत में पूरी तरह वित्तपोषित तकनीकी और आर्थिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरा किया है। मोदी ने बताया कि उनसे मिले योग साधकों में से एक ने विश्व योगासन चैंपियनशिप के लिए अहमदाबाद की यात्रा की थी और वहां पदक जीता था। इसे भी पढ़ें: 30 अगस्त दोपहर की बड़ी खबरें: नेपाल में बाढ़ से तबाही, मोदी का नशामुक्त भारत का आह्वान जायसवाल ने कहा कि बिश्केक में ‘भारत के मित्रों’ के साथ सौहार्दपूर्ण बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने भारत और किर्गिज गणराज्य के बीच लंबे समय से बरकरार मित्रवत संबंधों एवं सहयोग पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करने तथा बहुआयामी साझेदारी का विस्तार करने के अवसरों पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री एससीओ के 26वें शिखर सम्मेलन में भाग लेने और सदस्य देशों के नेताओं के साथ इसके इतर द्विपक्षीय बैठकें करने के लिए रविवार को बिश्केक पहुंचे थे। इसे भी पढ़ें: PM Modi ने किसानों से Chemical Free Farming अपनाने की अपील की, 'सप्त धारा' का दिया खाका दस सदस्यीय एससीओ इस वर्ष अपनी स्थापना की 25वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस संगठन की स्थापना 2001 में चीन, रूस, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने की थी। भारत और पाकिस्तान 2017 में इसके पूर्ण सदस्य बने। इसके बाद ईरान 2023 और बेलारूस 2024 में संगठन में शामिल हुए। मोदी ने शनिवार को रवाना होने से पहले जारी अपने बयान में कहा था कि वह इस क्षेत्र के लिए भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने को लेकर उत्सुक हैं जो ‘‘सुरक्षा, संपर्क और अवसरों’’ पर आधारित है। उन्होंने यह भी कहा था कि वह आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ के खतरे से मुक्त क्षेत्र बनाने के लिए साथी सदस्यों के साथ मिलकर काम करने के लिए भी तत्पर हैं। इसे भी पढ़ें: Narendra Modi ने Atal Bihari Vajpayee को पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि, बताया असाधारण राजनेता मोदी उज्बेकिस्तान की दो दिवसीय यात्रा के बाद बिश्केक पहुंचे हैं। उज्बेकिस्तान की यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने और 2030 तक वार्षिक व्यापार को पांच अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया।
पटना के बाढ़ में जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने इस घटना की हाई लेवल जांच कराने की मांग की है। तेजस्वी ने कहा, ‘बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह खराब और बर्बाद हो चुकी है। लगातार घटनाएं हो रही हैं, जो गंभीर बात है। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है।’ उन्होंने आगे कहा, 'इससे पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया। ऐसी घटनाएं कैसे हो रही हैं, यह प्रशासन के लोग बताएंगे? तेजस्वी ने जांच की मांग करते हुए कहा, ‘लगातार गरीब ही मारा जा रहा है और गरीब को ही जेल भेजा जा रहा है। बाढ़ में हुई घटना की जांच होनी चाहिए।’ संगठन को मजबूत करने के लिए 27 सितंबर तक बैठक तेजस्वी यादव की ओर से बुलाई गई RJD की बैठक को लेकर प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने कहा, ‘बैठक आज से लगातार 27 सितंबर तक चलेगी। बैठक में इस बात पर चर्चा होगी कि किस तरीके से जनता के बीच जाना है, संगठन को किस तरह मजबूत करना है और संगठन किस तरीके से चलेगा। इसको लेकर बैठक में बड़े फैसले लिए जाएंगे।' आरक्षण हमारा अधिकार, कभी खत्म नहीं हो सकता आरक्षण को लेकर चल रहे विवाद पर मंगनी लाल मंडल ने कहा, ‘आरक्षण हमारा अधिकार है और यह कभी खत्म नहीं हो सकता।’ उन्होंने आगे कहा, ‘अगर आरक्षण की समीक्षा की बात होती है तो समीक्षा करने में क्या दिक्कत है।’ प्रशांत किशोर की बैठक पर RJD का निशाना प्रशांत किशोर की बैठक में मुख्य सचिव, डीजीपी और कई बड़े अधिकारियों के शामिल होने पर मंगनी लाल मंडल ने कहा, ‘RJD पहले ही कह चुकी है कि प्रशांत किशोर बीजेपी के डमी कैंडिडेट हैं।’ उन्होंने कहा, ‘डमी कैंडिडेट के साथ मुख्यमंत्री बैठक कर सकते हैं, इसमें कोई नई बात नहीं है। यह बीजेपी का छुपा हुआ एजेंडा था।’ बिहार में बाढ़ को लेकर सम्राट चौधरी पर तंज सत्ता पक्ष की ओर से यह कहे जाने पर कि सम्राट चौधरी के कारण बिहार में बाढ़ नहीं आई, मंगनी लाल मंडल ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि क्या उनके पास देवी शक्ति है? अगर देवी शक्ति थी तो नेपाल में भी चले जाना चाहिए और वहां भी अपनी देवी शक्ति दिखानी चाहिए।
RPSC APO Admit Card 2026: राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन (RPSC) ने असिस्टेंट प्रॉसिक्यूशन ऑफिसर प्राथमिक परीक्षा के लिए आरपीएससी एपीओ एडमिट कार्ड 2026 30 अगस्त, 2026 को जारी कर दिया है। यह परीक्षा 02 सितंबर 2026 को होगी। इसके जरिए राज्य में 371 एपीओ नियुक्त किए जाएंगे।आरपीएससी एपीओ भर्ती 2026 के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट rpsc.rajasthan.gov.in से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। हॉल टिकट डाउनलोड करने के लिए, कैंडिडेट्स को अपना एप्लीकेशन नंबर और जन्म तिथि डालनी होगी। परीक्षा केंद्र पर एक वैध फोटो पहचान पत्र के साथ प्रिंटेड एडमिट कार्ड ले जाना जरूरी है।आरपीएससी एपीओ एडमिट कार्ड 2026 पर दी गई जानकारीआरपीएससी एपीओ एडमिट कार्ड 2026 में जरूरी जानकारी है जिसे कैंडिडेट को ध्यान से वेरिफाई करना चाहिए। इनमें शामिल हैं:कैंडिडेट का नाम और फोटोरोल नंबर और एप्लीकेशन नंबरएग्जाम की तारीख और रिपोर्टिंग टाइमएग्जाम सेंटर का नाम और पताकैंडिडेट के सिग्नेचरकैटेगरी और जन्म की तारीखआरपीएससी एपीओ एडमिट कार्ड 2026 कैसे डाउनलोड करेंआरपीएससी एपीओ एडमिट कार्ड 2026 अब ऑफिशियल वेबसाइट rpsc.rajasthan.gov.in. पर उपलब्ध है। कैंडिडेट अपना प्रीलिम्स एडमिट कार्ड अपने एप्लीकेशन नंबर और जन्मतिथि का इस्तेमाल करके डाउनलोड कर सकते हैं। एग्जाम के दिन से पहले एडमिट कार्ड पर सभी डिटेल्स ध्यान से चेक कर लेना सही रहेगा। कैंडिडेट अपना राजस्थान एपीओ एडमिट कार्ड 2026 डाउनलोड करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं: ऑफिशियल वेबसाइट, rpsc.rajasthan.gov.in पर जाएं। होमपेज पर एडमिट कार्ड लिंक पर क्लिक करें। आरपीएससी एपीओ एडमिट कार्ड 2026 लिंक चुनें। अपना एप्लीकेशन नंबर और जन्मतिथि डालें। कैप्चा कोड डालें और सबमिट करें। आपका एडमिट कार्ड स्क्रीन पर आ जाएगा। पीडीएफ डाउनलोड करें और एक क्लियर प्रिंटआउट लें। कैंडिडेट अपने एसएसओ-लिंक्ड रिक्रूटमेंट डैशबोर्ड पर गेट एडमिट कार्ड ऑप्शन के जरिए भी एडमिट कार्ड एक्सेस कर सकते हैं। आरपीएससी एपीओ भर्ती 2026 के लिए पंजीकृत उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि एडमिट कार्ड सिर्फ आरपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट से ही डाउनलोड करें और सोशल मीडिया पर शेयर किए गए अनऑफिशियल लिंक से बचें।आरपीएससी एपीओ परीक्षा केंद्र क्या लेकर जाएं?उम्मीदवारों को आरपीएससी एपीओ एडमिट कार्ड के साथ परीक्षा केंद्र पर ये डॉक्यूमेंट्स ले जाने होंगे: प्रिंटेड आरपीएससी एपीओ एडमिट कार्ड 2026 (दो कॉपी ले जाने की सलाह दी जाती है) एक मूल वैध फोटो आईउी (आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, या वोटर ID) पासपोर्ट-साइज फोटो (अगर एडमिट कार्ड पर लिखा हो) एक ट्रांसपेरेंट पानी की बोतल और सिंपल स्टेशनरी, अगर इजाजत हो परीक्षार्थी ध्यान रखें एग्जाम हॉल के अंदर मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर और ब्लूटूथ डिवाइस ले जाना पूरी तरह मना है। ऐसी चीजें ले जाने पर उनकी पात्रता रद्द हो सकती है। एडमिट कार्ड की सिर्फ प्रिंटेड कॉपी ही स्वीकार की जाएगी। सेंटर पर स्क्रीनशॉट या सॉफ्ट कॉपी ले जाने की इजाजत नहीं होगी।Bihar STET 2026: बिहार एसटीईटी के लिए आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ी, अब इस तारीख तक कर सकते हैं अप्लाई

