Bihar Building Bye laws 2026 के प्रारूप पर GoM बैठक में नियमों को सरल बनाने पर हुई चर्चा
माननीय उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में आज सिंचाई भवन स्थित कार्यालय में नगर विकास एवं आवास विभाग से संबंधित बिहार भवन उपविधि-2026 के प्रारूप पर गठित उच्चस्तरीय मंत्रियों के समूह (GoM) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रस्तावित भवन उपविधि के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। साथ ही, भवन निर्माण से संबंधित नियामक प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी, सुगम एवं जनोपयोगी बनाने के लिए विभिन्न सुझावों और अनुशंसाओं पर चर्चा की गई। इसे भी पढ़ें: जमुई घटना पर Tejashwi Yadav ने Bihar Govt पर साधा निशाना, लगाया गुंडाराज का आरोप बैठक में माननीय मंत्री, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग सह ग्रामीण विकास विभाग, श्री श्रवण कुमार, माननीय मंत्री, सहकारिता विभाग, श्री राम कृपाल यादव, माननीय मंत्री, नगर विकास एवं आवास विभाग, श्री नीतीश मिश्रा तथा माननीय मंत्री, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, श्री संजय कुमार सिंह उपस्थित रहे। बैठक के दौरान नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव श्री विनय कुमार ने पी.पी.टी के माध्यम से बिहार भवन उपविधि-2026 के प्रारूप एवं प्रस्तावित प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। माननीय उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि नक्शे की वैधता से संबंधित प्रावधानों में प्रस्तावित संशोधन से आम लोगों को काफी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न हितधारकों द्वारा दिए गए सकारात्मक एवं व्यावहारिक सुझाव बिहार भवन उपविधि-2026 को और अधिक प्रभावी, सरल एवं जनोपयोगी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। श्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि ”बिहार भवन उपविधि-2026 का मुख्य उद्देश्य व्यवसाय में सुगमता (Ease of Doing Business) एवं जीवन जीनें में सुगमता (Ease of Living) को बेहतर बनाना है। इसके साथ ही भवन निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाना और लोगों को बेहतर सुविधा देना है। इसके तहत अनावश्यक नियमों और प्रक्रियाओं को कम किया जाएगा तथा भवन निर्माण की अनुमति से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाएगा।“ इसे भी पढ़ें: स्टार्टअप के लिए 2 लाख तो PhD में हर महीने 10 हजार, बेटियों के लिए बिहार की सम्राट सरकार की बड़ी योजनाएं श्री मिश्रा ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी के सुनियोजित, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित विकास के विज़न के अनुरूप बिहार भवन उपविधि-2026 के माध्यम से भवन निर्माण की प्रक्रियाओं को सरल, सुगम और पारदर्शी बनाया जा रहा है, ताकि आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। मंत्री ने बताया कि बैठक में बिहार भवन उपविधि-2026 को समयानुकूल, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने तथा भवन निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक सुगम बनाने से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर नगर विकास एवं आवास विभाग के वरीय पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जमुई घटना पर Tejashwi Yadav ने Bihar Govt पर साधा निशाना, लगाया गुंडाराज का आरोप
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने 21 सितंबर को जमुई के एक वायरल वीडियो पर राज्य सरकार की आलोचना की। इस वीडियो में एक युवक के साथ मारपीट और एक लड़की के साथ छेड़छाड़ होते हुए दिखाई दे रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे बिहार में गुंडा-राज या अपराधियों का शासन पूरी तरह से फैल गया है। पटना में बोलते हुए, यादव ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अब राज्य भर में महिलाएं और लड़कियां असुरक्षित महसूस कर रही हैं और प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह न्याय दिलाने के बजाय ऐसे अपराधों को छिपाने की कोशिश कर रहा है। इसे भी पढ़ें: स्टार्टअप के लिए 2 लाख तो PhD में हर महीने 10 हजार, बेटियों के लिए बिहार की सम्राट सरकार की बड़ी योजनाएं तेजस्वी यादव ने कहा कि यह वाकई एक दुखद घटना है। हमें बहुत शर्म आ रही है। लेकिन ऐसा लगता है कि सरकार ने ऐसी घटनाओं को लेकर शर्म या मर्यादा का भाव पूरी तरह खो दिया है। इससे आज बिहार में लड़कियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। राष्ट्रीय जनता दल के नेता ने शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं की सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि चाहे दिन हो या रात; कॉलेज, स्कूल, सड़क, हॉस्टल या फिर घर के अंदर या बाहर—बिहार में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार बढ़े हैं, इससे इनकार नहीं किया जा सकता। आज बिहार में किसी भी लड़की से पूछ लीजिए, कोई भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करती—यही सच्चाई है। यादव ने पुलिस और राज्य प्रशासन पर अपनी नाकामियों को छिपाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सबसे दुखद बात यह है कि कार्रवाई करने के बजाय, सरकार और पुलिस इन मामलों को दबाने और छिपाने का काम करती है। पीड़ितों को न्याय दिलाने के बजाय, वे मामलों को रफा-दफा करने पर ध्यान देते हैं। यह बेहद शर्मनाक है। बिहार में पूरी तरह से अराजकता—गुंडा-राज—का माहौल बन गया है। इसे भी पढ़ें: Jamui Case: 'छिटपुट घटनाएं होती रहती हैं', Bihar Minister Shravan Kumar के बयान पर बवाल मारपीट और छेड़छाड़ का वीडियो ऑनलाइन सामने आने के बाद इस घटना की चौतरफा निंदा हुई। जमुई पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज की और एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई। अब तक तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है और मुख्य आरोपी व अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
बिहार के जमुई में 19 सितंबर 2026 की शाम को एक भयावह घटना घटी है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिय पर 20 सिंतबर को वायरल हुआ। वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन और बिहार सरकार का सारा महकमा हरकत में आता है
जमुई मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार, बिहार महिला आयोग ने लिया संज्ञान, एक्शन पर डीएम-एसपी की सराहना
Patna, 21 सितंबर . बिहार के जमुई में दो स्कूली छात्रों के साथ कथित उत्पीड़न का वीडियो सामने आने के बाद Police ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. मामले पर बिहार राज्य महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है. आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने कहा कि घटना की जानकारी मिलने के ... Read more
दानापुर में 22 सितंबर से अग्निवीर भर्ती रैली शुरू होगी. 11 हजार से अधिक अभ्यर्थियों की भागीदारी वाली इस भर्ती में दौड़, बीम और अन्य फिजिकल टेस्ट होंगे.
IND vs JPN: बिहार की गलियों से निकलकर जापान की नेशनल टीम तक...भारत-जापान मैच से पहले छाए अभिषेक आनंद
भारत और जापान के बीच एकमात्र टी20 मुकाबला 22 सितंबर को खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला कांटो के सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा। इस मुकाबले में जापान के एक खिलाड़ी की काफी चर्चा हैं। ये खिलाड़ी बिहार की छोटी-छोटी गलियों से निकलकर वह जापान के नेशनल टीम तक का सफर तय किया है। इस खिलाड़ी का नाम अभिषेक आनंद है। बिहार के रोहतास जिले से आने वाले 28 साल के अभिषेक आनंद की कहानी काफी दिलचस्प है। भारत और जापान के बीच होने वाले मुकाबले से पहले अभिषेक का एक वीडियो वायरल होने के बाद वह चर्चा में आ गए हैं। भारत के खिलाफ होने वाले इस मैच में अभिषेक जापानी टीम में शामिल नहीं है। आइए जानते हैं इनकी कहानीवायरल हो रहा वीडियोभारत और जापान के टी20 मैच से पहले अभिषेक आनंद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा। वीडियो में उनसे जापान के लिए खेलने वाले बिहारी क्रिकेटर होने को लेकर सवाल पूछा गया। अभिषेक के जवाब और भारतीय टीम के लिए दिए गए उनके संदेश ने लोगों का ध्यान खींचा। उनका “बिहारी कहां नहीं है भाई” वाला जवाब भी काफी चर्चा में है। View this post on Instagram A post shared by Utsav Singh | Japan Wala Bihari (@japan_wala_bihari) भारत और जापान के बीच 22 सितंबर को पहली बार पुरुषों का टी20 इंटरनेशनल मैच खेला जाएगा। यह मुकाबला दोनों देशों के 75 साल पुराने राजनयिक संबंधों के मौके पर होगा और एशियन गेम्स से पहले तैयारियों का हिस्सा है। वहीं अभिषेक भारत के खिलाफ सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में होने वालेमुकाबले का हिस्सा नहीं होंगे। जापान के 15 सदस्यीय टीम में अभिषेक आनंद का नाम शामिल नहीं है।जानें बिहार के अभिषेक की कहानीबिहार के रहने वाले अभिषेक आनंद ने IIT कानपुर में पढ़ाई के दौरान अभिषेक आनंद क्रिकेट से लगातार जुड़े रहे और कॉलेज की टीम की कप्तानी भी की। पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी के लिए वह टोक्यो चले गए। जापान पहुंचने के बाद भी उन्होंने क्रिकेट खेलना नहीं छोड़ा और क्लब क्रिकेट के जरिए खेल से अपना रिश्ता बनाए रखा। इस तरह उन्होंने नौकरी की जिम्मेदारियों के साथ अपने क्रिकेट के जुनून को भी जारी रखा। अभिषेक आनंद ने जापान के घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया, जिसके बाद उन्हें नेशनल टीम में खेलने का मौका मिला।कब खेला था पहला मुकाबलाअभिषेक आनंद ने 9 मई 2025 को कुक आइलैंड्स के खिलाफ अपना पहला टी20 इंटरनेशनल मैच खेला। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके बाद वह अब तक 18 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेल चुके हैं, जिसमें उनके नाम 275 रन हैं। उनका सबसे बड़ा स्कोर 55 रन रहा है, जबकि गेंदबाजी में उन्होंने एक विकेट भी लिया है। वहीं भारत के खिलाफ वह खेलेंगे या नहीं इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
अवधेश नारायण सिंह का बिहार विधान परिषद सभापति पद से इस्तीफा, क्या वजह
बिहार में नई सरकार बनने के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर अहम पदों के बंटवारे को लेकर नए समीकरण की चर्चा शुरू हुई है। मुख्यमंत्री का पद भाजपा के पास है और विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी भी भाजपा के पास है।
K.S. अनुपम ने बताया कि घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस ने कई सोशल मीडिया अकाउंट्स को चिन्हित किया है. अब तक 13 फेसबुक, 12 इंस्टाग्राम और 7 X अकाउंट्स के खिलाफ टेकडाउन कार्रवाई की गई है.
बिहार में तीन डिसमिल जमीन के किए करें घर बैठे आवेदन, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने शुरू की सुविधा
बिहार सरकार ने वासभूमिहीन परिवारों के लिए 'अभियान बसेरा-2' के तहत तीन डिसमिल जमीन उपलब्ध कराने हेतु ऑनलाइन आवेदन की सुविधा शुरू की है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की वेबसाइट biharbhumi.bihar.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं।
बिहार में अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए जरूरी अपडेट है। सेना भर्ती मुख्यालय दानापुर की ओर से 22 सितंबर से 6 अक्टूबर 2026 तक अग्निवीर भर्ती रैली आयोजित की जाएगी। भर्ती रैली चांदमारी स्थित केएलपी मैदान में होगी। इसमें बिहार और झारखंड के 11,042 शॉर्टलिस्ट उम्मीदवार शामिल होंगे। सेना की ओर […] The post Bihar Agniveer Rally 2026: 22 सितंबर से भर्ती रैली, 11 हजार से ज्यादा उम्मीदवार होंगे शामिल appeared first on https://rajsattaexpress.com .
जमुई में छात्रा के साथ हुई छेड़खानी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसको लेकर अब कांग्रेस भी सरकार को घेरती हुई नजर आ रही है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि यह बात तो स्पष्ट है कि बिहार में महिलाएं सुरक्षित नहीं है। या यूं कह सकते हैं कि किसी भी वर्ग का आदमी सुरक्षित नहीं है, क्योंकि यहां का कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है। महिलाओं को जिस तरह से खुलेआम छेड़ा जाता है, या फिर जिस तरह से लगातार हत्याएं बढ़ रही है। ऐसा लगता है कि बिहार में कानून का राज नहीं, जंगल राज है। यह बिहार की सरकार झूठ बोलकर बनी है, लोगों के साथ धोखेबाजी करके बनी है। बीजेपी सरकार में भारत रत्न का भी मजाक बन गया ही दरअसल आज सदाकत आश्रम में स्वतंत्रता सेनानी और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री की 112वीं जयंती मनाई जा रही थी। इस अवसर पर राजेंद्र पाल गौतम मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद थे। बिहार कांग्रेस की ओर से लगातार भोला पासवान शास्त्री को भारत रत्न देने की मांग की जा रही है। इस पर राजेंद्र पाल ने कहा कि देश में जिस तरीके से बीजेपी ने भारत रत्न बांटे हैं। उसे हिसाब से तो भारत रत्न का भी मजाक बन गया है। सरकार को ऐसे लोगों को भारत रत्न देना चाहिए जिन्होंने देश को गौरवान्वित किया है। बीजेपी सरकार में लगातार दलित उत्पीड़न का काम हो रहा बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि आज हम लोग भोला पासवान शास्त्री का जयंती मना रहे हैं। यह हमारे लिए बहुत सौभाग्य की बात है कि हम उस पार्टी के लोगों की विरासत को याद कर रहे हैं। भोला पासवान ने अपने मंत्री परिषद में कई ऐसे दलित हित के मुद्दों को लेकर निर्णय लिया था। आज भी उन निर्णय से दलितों को लाभ हो रहा है। उस वक्त आरक्षण का दायरा बढ़ाया गया था और इस दायरे पर आज भी काम हो रहा है। मगर बीजेपी सरकार के आने के बाद लगातार दलित उत्पीड़न का काम हो रहा है।
बिहार में TET और STET के आधार पर नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग ने जरूरी निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने 2015 तक नियुक्त TET-STET शिक्षकों के वेरिफाइड प्रमाणपत्रों का रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा है। यह प्रक्रिया निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच के तहत की जा रही है। जिला स्तर पर सभी नियोजन […] The post Bihar Teacher News: TET-STET शिक्षकों को फिर देने होंगे सर्टिफिकेट, शिक्षा विभाग ने मांगा रिकॉर्ड appeared first on https://rajsattaexpress.com .
रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे: बिहार के 12 जिलों से गुजरेगा 6-लेन कॉरिडोर, नेपाल तक होगी कनेक्टिविटी
Raxaul Haldia Expressway News:रक्सौल-हल्दिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे 2028 तक बनकर तैयार होगा। यह एक्सप्रेस-वे बिहार के 12 जिलों से होकर गुजरेगा। 6-लेन वाला यह एक्सेस-कंट्रोल कॉरिडोर नेपाल और पूर्वी भारत के राज्यों के बीच अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए एक नया 'गेम-चेंजर' साबित होगा।
Jamui में छात्रा से अभद्रता मामले में SIT ने 3 आरोपी दबोचे, POCSO Act में केस दर्ज
जमुई जिला अंतर्गत एक नाबालिग छात्रा और उसके मित्र के साथ छेड़खानी एवं अभद्र व्यवहार करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस अत्यंत संवेदनशील मामले को संज्ञान में लेते हुए जमुई पुलिस द्वारा त्वरित कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है इस संबंध में जमुई थाना कांड सं०-428/26, दिनांक- 21.09.2026, धारा- 74 /76/3(5) बी०एन०एस० एवं 08/12 पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक महोदय, जमुई विश्वजीत दयाल के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में एक विशेष S.I.T. टीम गठित कर छापेमारी की जा रही है। इसे भी पढ़ें: Jamui मामले में Pawan Khera ने सरकार को घेरा, सोशल मीडिया पर सेंसरशिप का लगाया आरोप वायरल विडियो में आरोपियों की पहचान कर ली गई है। तीन आरोपी गिफ्तार किए गए हैं। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु छापेमारी जारी एवं अग्रेत्तर कार्रवाई की जा रही है। अपलोड वीडियो को टेक डाउन की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, बिहार राज्य महिला आयोग ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए कथित घटना पर जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी है। जमुई के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विश्वजीत दयाल ने संवाददाताओं से कहा कि कथित घटना 19 सितंबर की शाम की है और वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे वाहन के नंबर के आधार पर पीड़ित लड़के और लड़की का पता लगा लिया गया है। उन्होंने कहा कि कथित घटना दो दिन पुरानी है, लेकिन कल तक न तो पीड़ित लड़के और न ही लड़की ने पुलिस से कोई शिकायत की थी। आज जब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तब हमने दोनों पीड़ितों का पता लगाया। दयाल ने बताया कि जमुई थाने में दर्ज प्राथमिकी में पीड़ितों ने किसी आरोपी का नाम नहीं लिया है, लेकिन वीडियो फुटेज की मदद से करीब सात लोगों की पहचान कर ली गई है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। दयाल ने बताया कि पीड़ित लड़का और लड़की एक ही कोचिंग संस्थान में पढ़ते हैं। हालांकि, उन्होंने यह कहते हुए कोई अन्य जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया कि कुछ सूचनाओं को व्यक्तिगत कारणों से गुप्त रखा जाना जरूरी है। इसे भी पढ़ें: Bihar में Samrat Choudhary ने पेश किया 2037 का विजन, ग्राम संसद को बताया विकास की धुरी इस बीच, कथित ‘मॉरल पुलिसिंग’ का यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक आक्रोश का कारण बना है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में इस घटना को “बेहद विचलित करने वाली” बताया। उन्होंने लिखा कि यह संस्कृति नहीं, पितृसत्तात्मकता है। राहुल ने आरोप लगाया कि ऐसी मानसिकता को “अंधभक्तों” ने सामान्य बना दिया है। उन्होंने वीडियो के आधार पर पहचाने गए आरोपियों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की। राहुल ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार से सवाल किया कि सार्वजनिक सड़क पर भी एक लड़की सुरक्षित क्यों नहीं है?
बाढ़ का पानी उतरने के बाद बिहार में तबाही की तस्वीर सामने आई है, जिसमें 1050 से अधिक ग्रामीण सड़कें और लगभग 3800 पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं।
जमुई की घटना पर तेजस्वी यादव का तीखा हमला: बिहार के इन हालातों के असली जिम्मेदार PM Modi
जमुई की घटना पर तेजस्वी यादव का तीखा हमला: बिहार के इन हालातों के असली जिम्मेदार PM Modi
Bihar में Samrat Choudhary ने पेश किया 2037 का विजन, ग्राम संसद को बताया विकास की धुरी
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 21 सितंबर को पटना में 'ग्राम संसद बिहार चैप्टर' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्थानीय शासन के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत के प्रशासनिक ढांचे में ज़मीनी स्तर के नेताओं के पास ही असली अधिकार होता है और उन्होंने 2037 तक एक विकसित बिहार बनाने की योजना के बारे में विस्तार से बताया; यह साल राज्य के गठन की 125वीं वर्षगांठ का भी साल होगा। इसे भी पढ़ें: Bihar में शाम 7 बजे लड़कियां सुरक्षित क्यों नहीं, Jamui मामले पर Rahul Gandhi का वार कार्यक्रम के दौरान, चौधरी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि राष्ट्रीय विकास के लक्ष्यों में प्रभावी ढंग से योगदान देने के लिए सार्वजनिक नीति पर फीडबैक और शासन की रणनीतियां गांव-स्तर की संस्थाओं से ही आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि सुझाव 'ग्राम संसद' के ज़रिए भी आने चाहिए। हमें इस बात पर चर्चा करने की ज़रूरत है कि ग्राम संसद कैसे हमारे सम्मानित प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत 2047' के विज़न को आगे बढ़ा सकती है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक समृद्ध बिहार का सपना देखा था और साल 2037 राज्य के लिए एक अहम पड़ाव होगा। हमें यह भी सोचना होगा कि इस दौरान हम बिहार को कैसे समृद्ध बना सकते हैं। चौधरी ने भारत के तीन-स्तरीय लोकतांत्रिक ढांचे की ताकत को उजागर करते हुए राजनीतिक पदानुक्रम की पारंपरिक सोच को चुनौती दी। उन्होंने तर्क दिया कि स्थानीय ग्राम प्रमुख, जिन्हें 'मुखिया' के रूप में जाना जाता है, कार्यकारी जिम्मेदारियों का सबसे बड़ा हिस्सा संभालते हैं और सामुदायिक कल्याण पर सबसे सीधा प्रभाव डालते हैं। उन्होंने कहा, लोकतंत्र तीन स्तरों में बंटा हुआ है। लोग अक्सर कहते हैं कि इस देश में तीन स्तरों पर सत्ता होती है: पीएम, सीएम और डीएम। हालांकि, मेरा मानना है कि इस देश में सबसे शक्तिशाली व्यक्ति 'मुखिया' (ग्राम प्रमुख) होता है, जिसके पास वास्तविक अधिकार होते हैं। उनके पास सबसे अधिक शक्ति होती है और वे सबसे अधिक काम संभालते हैं। इसे भी पढ़ें: Rolls-Royce विवाद में Maithili Thakur के समर्थन में उतरीं BJP सांसद Kangana Ranaut मुख्यमंत्री ने स्थानीय राजनीति की चुनौतियों पर भी विचार व्यक्त किए और कहा कि जमीनी स्तर पर चुनाव विधायी चुनावों की तुलना में अधिक तीव्र और प्रतिस्पर्धी होते हैं। उन्होंने कहा कि विधायक या सांसद के चुनाव आसान हो सकते हैं, लेकिन 'मुखिया' बनने का चुनाव जमीनी स्तर पर जाने पर और अधिक कठिन हो जाता है। 20 सितंबर को, सम्राट चौधरी ने सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर के भीतर बापू सभागार में पारंपरिक दीप प्रज्वलित करके 'विकसित बिहार: फाउंडेशन टू कंस्ट्रक्शन' विचार-मंथन सत्र और 'लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह' का उद्घाटन किया। प्रोग्रेसिव इंटेलेक्चुअल्स एसोसिएशन, बिहार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।
जमुई कांड पर तेजस्वी यादव ने खोला मोर्चा, PM मोदी पर भी निशाना; बोले- बिहार में अराजक स्थिति
जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ बदसलूकी के वीडियो पर बिहार की सियासत गरमा गई है। तेजस्वी यादव ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है।
कल का मौसम: बिहार में मानसून की गतिविधियां धीमी होने के बावजूद, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण मौसम में बड़ा बदलाव आने वाला है।
जमुई की घटना पर गरमाई बिहार की सियासत, रोहिणी आचार्य ने सरकार को घेरा; RJD ने पूछे तीखे सवाल
बिहार के जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला राजनीतिक रंग ले चुका है।
नवादा में बिहार प्रदेश हलवाई महासभा का गणपति महोत्सव व वैवाहिक परिचय सम्मेलन आयोजित
21 सितंबर, सोमवार: नवादा के होटल द बुद्धा रीजेंसी में बिहार प्रदेश हलवाई महासभा ने प्रदेश स्तरीय गणपति महोत्सव और वैवाहिक परिचय सम्मेलन आयोजित किया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा-अर्चना से हुई और अतिथियों को सम्मानित किया गया।
जापान की टीम में बिहार के अभिषेक आनंद का जलवा, लेकिन भारत के खिलाफ नहीं खेलेंगे मुकाबला
भारत-जापान के बीच टी20 इंटरनेशनल मैच से पहले बिहार के अभिषेक आनंद का एक वीडियो चर्चा में है। अभिषेक ने जापान की नेशनल टीम के लिए 18 टी20 मैच खेले हैं, हालांकि वे भारत के खिलाफ होने वाले इस मैच में नहीं खेलेंगे।
सम्राट और उपेंद्र ने बिहार में लव-कुश एकता पर जोर दिया
बिहार के लव-कुश सम्मान समारोह में कुर्मी-कुशवाहा एकता पर जोर दिया गया। उपेंद्र कुशवाहा ने ‘एक हैं तो सेफ हैं’ का संदेश दिया, जबकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एनडीए के पांच दलों को ‘पांच पांडव’ बताते हुए चुनावी आंकड़ों के जरिए एकता की अहमियत समझाई।
21 सितंबर, सोमवार: सीवान में भारत विकास परिषद के तत्वावधान में बिहार प्रान्त स्तरीय समूह गान प्रतियोगिता आयोजित हुई। इसमें बिहार के विभिन्न जिलों से आए कलाकारों ने हिस्सा लिया।
गया जी में श्रम मुक्त, शिक्षित व विकसित बिहार विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
21 सितंबर, सोमवार: गया जी में ‘श्रम मुक्त, शिक्षित व विकसित बिहार’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित हुई। इसमें विभागीय मंत्री, आयोग के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य और अन्य लोग मौजूद रहे।
बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रों को रोककर प्रताड़ित करने और छात्रा से छेड़छाड़ का वीडियो वायरल हुआ। पुलिस ने POCSO एक्ट में केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की।
गया में बाल श्रम उन्मूलन कार्यशाला, बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग विभाग के मंत्री ने दिया वक्तव्य
21 सितंबर, सोमवार: गया जी में बाल श्रम उन्मूलन को लेकर कार्यशाला आयोजित की गई। इस दौरान बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग विभाग के मंत्री ने बाल श्रम उन्मूलन से जुड़े विषयों पर अपना वक्तव्य दिया।
भागलपुर में बाढ़ के पानी में डूबने से 6 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत से पसरा मातम
Bihar Flood: भागलपुर में बाढ़ के पानी में डूबने से 6 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत से पसरा मातम, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जताया गहरा शोक; उफनती लहरों के बीच सहमा पूरा इलाकाबिहार के एक तरफ जहां बाढ़ और उफनती नदियों का कहर लगातार आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ भागलपुर जिले से एक ऐसी हृदयविदारक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है जिसने पूरे राज्य को गमगीन कर दिया है। भागलपुर जिले के विभिन्न इलाकों में बाढ़ के खतरनाक रूप ले चुके पानी में डूबने से एक साथ 6 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई है। बच्चों की इस आकस्मिक और अकाल मृत्यु के बाद पीड़ित परिवारों में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में चूल्हे तक नहीं जले हैं। स्थानीय प्रशासन और राहत दलों के भारी-भरकम दावों के बावजूद ग्रामीण इलाकों में जलभराव और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण यह बड़ा हादसा घटित हुआ है। इस মর্মান্তिक घटना के बाद सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत कई बड़े नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है, जबकि प्रशासन की कार्यशैली को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ केवल खेतों और घरों को ही अपने आगोश में नहीं लेती, बल्कि अपने पीछे बर्बादी और अपनों को खोने का ऐसा दर्द छोड़ जाती है जो बरसों तक नहीं भूलता। भागलपुर की यह घटना इस बात की सबसे डरावनी और कड़वी सच्चाई है कि कैसे बाढ़ के दिनों में बच्चे अनजाने में पानी के तेज बहाव या गहरे गड्डों की चपेट में आ जाते हैं। जैसे ही यह खबर फैली, गांव में चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते सैकड़ों लोगों की भीड़ घटनास्थल पर जमा हो गई। आइए इस दिल दहला देने वाली पूरी दुर्घटना, इसके प्रशासनिक पहलुओं और मृतकों के परिजनों के दर्द को बेहद विस्तार से जानते हैं।भागलपुर में कैसे हुआ यह बड़ा हादसा? उफनते पानी और जलभराव ने ली मासूमों की जानप्राप्त जानकारी के अनुसार, भागलपुर जिले के अलग-अलग ग्रामीण इलाकों में पिछले कुछ दिनों से गंगा और अन्य सहायक नदियों का पानी लगातार उफान पर है, जिसके कारण निचले इलाकों और गांवों की गलियों तथा खेतों में भारी जलभराव हो चुका है। ग्रामीण बच्चे अक्सर स्कूल बंद होने या छुट्टियों के दिनों में इस पानी के आसपास खेलने चले जाते हैं, और इस बार भी ऐसा ही हुआ। बच्चे खेलते-खेलते पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाए और अचानक गहरे पानी में चले गए। जब तक आसपास के लोग या परिजन कुछ समझ पाते और उन्हें बचाने के लिए दौड़ते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पानी में डूबने से एक-एक करके छह अलग-अलग परिवारों के चिराग बुझ गए, जिससे पूरे इलाके में मातम पसर गया है।स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन की तरफ से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चेतावनी के बोर्ड या सुरक्षा के लिए कोई खास बैरिकेडिंग नहीं की गई थी, जिसके कारण बच्चों को खतरे का आभास नहीं हुआ। अभिभावकों का रो-रोकर बुरा हाल है और उनका कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन ने जलभराव वाले खतरनाक स्थानों पर सुरक्षा गार्ड्स तैनात किए होते या बच्चों के जाने पर पाबंदी लगाई होती, तो शायद उनके जिगर के टुकड़े आज उनके बीच जिंदा होते। इस घटना ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बच्चों और कमजोर वर्ग की सुरक्षा के लिए हमारे पास जमीनी स्तर पर कितने पुख्ता इंतजाम हैं।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा गहरी संवेदना व्यक्त, मुआवजे का ऐलानभागलपुर में हुई इस दर्दनाक दुर्घटना की खबर जैसे ही पटना स्थित राज्य मुख्यालय तक पहुंची, प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घटना पर अत्यधिक दुख और संवेदना व्यक्त करते हुए इसे एक अपूर्णीय क्षति बताया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी है। इसके साथ ही, जिला प्रशासन को यह निर्देश दिए गए हैं कि सभी छह मृतक बच्चों के परिजनों को आपदा प्रबंधन योजना के तहत तुरंत सरकारी सहायता राशि और अनुग्रह अनुदान (Ex-gratia) प्रदान किया जाए ताकि उन्हें इस आर्थिक और मानसिक संकट से कुछ राहत मिल सके।भागलपुर के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने भी तुरंत मौके का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। प्रशासन की ओर से यह आश्वासन दिया गया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब विशेष निगरानी दल तैनात किए जाएंगे जो यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी बच्चा या ग्रामीण खतरनाक पानी के करीब न जाए। इसके अलावा, गोताखोरों और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी अन्य संभावित अनहोनी को तुरंत टाला जा सके। हालांकि, परिजनों का कहना है कि मुआवजे के पैसे उनके बच्चों को वापस नहीं ला सकते, इसलिए सरकार को बाढ़ के दौरान सुरक्षा के ठोस और स्थायी उपाय करने चाहिए।बिहार में बाढ़ का कहर और ग्रामीण इलाकों में बच्चों की सुरक्षा का गंभीर संकटबिहार के लिए बाढ़ कोई नई समस्या नहीं है, हर साल राज्य के उत्तरी और पूर्वी जिले जैसे भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया, दरभंगा और मुजफ्फरपुर पानी की चपेट में आ जाते हैं। लेकिन हर साल आने वाली इस आपदा के बावजूद प्रशासन और स्थानीय निकायों की तैयारियां अक्सर कागजी साबित होती हैं। बाढ़ के पानी में डूबने से बच्चों की मौत होने के मामले हर साल सैकड़ों की संख्या में दर्ज किए जाते हैं, जो हमारी व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाते हैं। जब गांव के चारों तरफ पानी भर जाता है, तो बच्चों की हर गतिविधि पर नजर रखना माता-पिता के लिए भी बहुत कठिन हो जाता है, क्योंकि स्कूल बंद रहते हैं और बच्चे घरों के बाहर पानी में तैरने या खेलने निकल जाते हैं।बाल अधिकार कार्यकर्ताओं और समाजसेवियों का मानना है कि सरकार को बाढ़ आने से पहले ही गांवों में मुनादी करवा देनी चाहिए और लोगों को जागरूक करना चाहिए कि वे अपने बच्चों को पानी के पास बिल्कुल न जाने दें। इसके अलावा, स्कूलों और पंचायतों के माध्यम से बच्चों को तैराकी और जल सुरक्षा के प्रति बेसिक प्रशिक्षण देने की भी आवश्यकता है ताकि आपात स्थिति में वे अपनी जान बचा सकें। भागलपुर की इस घटना ने एक बार फिर पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है और यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हम प्रकृति के इस तांडव के आगे हमेशा ऐसे ही बेबस रहकर अपने मासूमों को खोते रहेंगे?राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया और राहत कार्यों में तेजी लाने की मांगइस মর্মান্তिक हादसे के बाद राज्य की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्षी दलों के नेताओं ने सरकार और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बाढ़ सुरक्षा के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं और धरातल पर कोई काम नहीं हो रहा है। विपक्ष ने मांग की है कि भागलपुर हादसे की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, पीड़ित परिवारों को सरकारी नौकरी और उचित मुआवजा देने की भी मांग जोर-शोर से उठाई जा रही है। सत्ता पक्ष के प्रवक्ताओं ने विपक्ष के इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि यह राजनीति करने का समय नहीं है, बल्कि इस दुख की घड़ी में सभी को मिलकर पीड़ित परिवारों की मदद करनी चाहिए और राहत कार्यों को पूरी पारदर्शिता के साथ चलाना चाहिए।स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी प्रभावित गांवों का दौरा किया है और लोगों को हरसंभव मदद दिलाने का भरोसा दिलाया है। प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि बाढ़ प्रभावित हर एक परिवार तक सूखा राशन, शुद्ध पेयजल और चिकित्सीय सहायता समय पर पहुंचे ताकि किसी अन्य प्रकार की बीमारी या संकट का सामना न करना पड़े। बाढ़ के इस पानी के उतरने में अभी कुछ हफ्तों का समय और लग सकता है, ऐसे में लोगों की मुश्किलें अभी और बढ़ने की आशंका है।
इंटरनेट डेस्क। सोशल मीडिया पर आपने कई तरह के वीडियो वायरल होते देखे होंगे। लेकिन अभी जो वीडियो वायरल हो रहा हैं ये आपको हैरान कर देगा। जी हां बिहार के जमुई जिले में लड़का-लड़की के साथ सड़क पर कथित तौर पर बदसलूकी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो जमुई-लखीसराय रोड का बताया जा रहा है, वीडियो में कुछ लोग स्कूटी सवार लड़का और लड़की को सड़क पर रोकते नजर आ रहे हैं, इसके बाद दोनों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार और प्रताड़ना की जाती दिख रही है। क्या हैं वीडियो में जानकारी के अनुसार, वीडियो में नजर आ रहे लड़का और लड़की कक्षा 10 में पढ़ते बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि शनिवार की शाम दोनों कोचिंग के बाद स्कूटी से घूमने निकले थे, इसी दौरान जमुई-लखीसराय रोड पर कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद दोनों के साथ कथित तौर पर प्रताड़ना और बदसलूकी की गई। लड़की के प्राइवेट पार्ट को टच किया गया। इसी दौरान किसी ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया। पुलिस ने शुरू की कार्रवाई वायरल वीडियो की जानकारी मिलने के बाद जमुई पुलिस हरकत में आई। जमुई एसपी ने फोन पर बताया कि वीडियो जमुई-लखीसराय सड़क मार्ग का है। पुलिस ने वीडियो में नजर आ रहे पीड़ितों की पहचान कर ली है। पुलिस अब पीड़ितों से संपर्क करने में जुटी है। pc- news18
कर्मा-धर्मा पूजा को लेकर नहाने गए 6 बच्चे बाढ़ के पानी में डूबे, बिहार के भागलपुर में बड़ा हादसा
कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सभी बच्चे बैकुंठपुर दुधैला के रहने वाले थे। एक साथ छह बच्चों की मौत से यहां चीख-पुकार मच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
दरभंगा के मनीगाछी अंचल क्षेत्र की गंगौली कनकपुर पंचायत के गंगौली राजस्व गांव में सरकारी तालाब की कथित अवैध जमाबंदी कराए जाने का मामला सामने आया है। सरकारी अभिलेखों में अनाबाद बिहार सरकार के नाम से दर्ज तालाब की जमीन को मिट्टी से भरकर भवन निर्माण किए जाने की शिकायत स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से की है। मामले को लेकर स्थानीय निवासी दिनेश मंडल ने जिलाधिकारी समेत अन्य वरीय अधिकारियों को लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। पुराने-नए सर्वे में बिहार सरकार के नाम दर्ज होने का दावा डीएम को दिए आवेदन के मुताबिक, उक्त जमीन का पुराना खाता नंबर 389, खेसरा नंबर 1794 तथा नए सर्वे में खाता नंबर 978 और खेसरा नंबर 2588 है। शिकायतकर्ता का कहना है कि पुराने एवं नए सर्वे के खतियान में जमीन अनाबाद बिहार सरकार के नाम से दर्ज है। आरोप है कि सरकारी जमीन की निजी व्यक्तियों के नाम जमाबंदी किए जाने की प्रक्रिया के तहत वर्ष 2001 में उक्त जमीन की जमाबंदी बलदेव मंडल के नाम से कर दी गई। तालाब को मिट्टी से भरकर भवन बनाने का आरोप शिकायत के मुताबिक, सरकारी तालाब की जमीन को मिट्टी से भरकर वहां पक्का भवन बनाने का काम शुरू किए जाने के बाद मामला स्थानीय लोगों के संज्ञान में आया। तालाब को भरने और निर्माण कार्य किए जाने को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि एक ओर जलस्रोतों के संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर सरकारी अभिलेखों में दर्ज तालाब की जमीन की जमाबंदी निजी व्यक्ति के नाम किए जाने के बाद उसे भरकर निर्माण कराया जा रहा है। एसडीओ के निर्देश पर हुई स्थल जांच मामले में दिए गए आवेदन पर संज्ञान लेते हुए सदर एसडीओ, दरभंगा ने पत्रांक 914, दिनांक 5 अगस्त 2026 के माध्यम से मनीगाछी के अंचलाधिकारी को स्थल जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इसके बाद अंचल अमीन द्वारा संबंधित जमीन की स्थलीय मापी और जांच की गई। जांच के बाद सौंपी गई रिपोर्ट में करीब 6.80 डिसमिल भूमि को सरकारी तालाब की अतिक्रमित भूमि के रूप में चिह्नित किए जाने की बात सामने आई है। अभिलेखों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई इस संबंध में मनीगाछी अंचलाधिकारी भाग्यश्री राज ने बताया, ‘अभिलेख के अनुसार मामले में नियमानुसार कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जा रही है। अब प्रशासनिक स्तर पर अभिलेखों की जांच और आगे की कार्रवाई के बाद ही सरकारी भूमि की जमाबंदी से जुड़े मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।'
अब जदयू के विधायक और मंत्री सीएम राहत कोष में देंगे सैलरी, बिहार के बाढ़ पीड़ितों को मदद
बिहार में बाढ़ पीड़ितों को राहत देने के लिए अब जनता दल (यूनाइटेड) आगे आया है। पार्टी के सभी विधायक और सरकार के मंत्री अब अपने एक महीने का वेतन राहत कोष में देंगे।
दरभंगा में लोकवार्ता के बैनर तले लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक विमर्श की पहल 'बिहार बचाएगा लोकतंत्र' के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य एवं एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी डॉ. कन्हैया कुमार शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकवार्ता के संयोजक मनीष पासवान ने की, जबकि संचालन अनुपमा भारद्वाज ने किया। इस दौरान मिथिला की लोकतांत्रिक विरासत, लोक-बुद्धि, सामाजिक सहभागिता, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों पर विस्तार से चर्चा हुई। एनएसयूआई के दर्जनों युवा कार्यकर्ताओं ने डॉ. कन्हैया कुमार का भव्य स्वागत किया। कार्यकर्ताओं ने उन्हें मिथिला की परंपरा के अनुसार पाग-चादर, फूल-माला देकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्हें बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर, संविधान के मूल उद्देश्यों से संबंधित प्रति और मिथिला पेंटिंग भेंट की गई। कार्यकर्ताओं ने ‘कन्हैया कुमार जिंदाबाद’ और ‘बाबा साहेब अमर रहे’ के नारे भी लगाए। 'लोकतंत्र की पुरानी परंपरा से प्रदेश की पहचान' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. कन्हैया कुमार ने कहा कि बिहार लोकतंत्र की जननी है। बिहार में लोकतंत्र की सबसे पुरानी परंपराओं में से एक की स्थापना हुई थी। आज जब देश और दुनिया के कई हिस्सों में लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, ऐसे समय में जिस प्रदेश की पहचान लोकतंत्र की पुरानी परंपरा से रही है। वहां के लोगों की जिम्मेदारी है कि वे लोकतंत्र की रक्षा के सवाल पर संवाद करें। व्यक्ति की गरिमा सबसे महत्वपूर्ण है। किसी व्यक्ति को उसकी शारीरिक दक्षता के आधार पर अपमानित नहीं किया जाना चाहिए। है। व्यक्ति की पहचान चाहे जो भी हो, उसकी गरिमा और अधिकारों का सम्मान होना चाहिए। संविधान की मूल भावना के विरोध में जो भी बात होगी, उसका विरोध किया जाना चाहिए। हमारा जीवन, हमारे मूल्य, हमारे अधिकार और हमारी जिम्मेदारियां संविधान से जुड़े हैं। संवैधानिक मूल्यों पर चलते हुए ही बेहतर समाज का निर्माण किया जा सकता है। 'लोकतंत्र में आम लोगों की भागीदारी जरूरी' कन्हैया कुमार ने सामूहिक सहभागिता का उदाहरण देते हुए कहा कि जब पूरी टीम मिलकर खेलेगी, तभी खेल जीतेगी। यदि लोग खेल में शामिल ही नहीं होंगे तो जीत की संभावना कैसे बनेगी। उन्होंने लोकतंत्र में आम लोगों की भागीदारी को आवश्यक बताया। दरभंगा महाराज और कर्पूरी ठाकुर के योगदान की चर्चा कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे लोकवार्ता के संयोजक मनीष पासवान ने दरभंगा महाराज द्वारा संस्थानों के निर्माण और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने जननायक कर्पूरी ठाकुर के सामाजिक न्याय और आरक्षण के लिए किए गए प्रयासों को रेखांकित किया। साथ ही गोनू झा जैसे लोक-प्रतीकों का उदाहरण देते हुए मिथिला की लोक-बुद्धि, तर्कशीलता और सवाल करने की परंपरा पर चर्चा की। अनुपमा भारद्वाज ने लोकवार्ता और ‘बिहार बचाएगा लोकतंत्र’ अभियान की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संवैधानिक और लोकतांत्रिक सवालों के उत्तर तलाशने के लिए लोक की सामूहिक स्मृति, अनुभव और ज्ञान की ओर लौटना जरूरी है। लोकतंत्र केवल संस्थाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के व्यवहार और आपसी संवाद में भी उसकी अभिव्यक्ति होनी चाहिए। साझा संस्कृति और संसाधनों पर जोर इंजीनियर फुलेश्वर सिंह ने बाढ़ प्रबंधन, तालाबों और पारंपरिक जल प्रबंधन प्रणालियों से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर समुदाय की सहभागिता से जल और प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर प्रबंधन किया जा सकता है। डॉ. राकेश रंजन ने ‘लोक लाज’ और ‘लोक नियति’ को लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ते हुए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और भयमुक्त संवाद को आवश्यक बताया। कहा कि यदि लोग अपनी बात कहने से डरने लगें तो लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होती है। दरभंगा महाराज के योगदान की चर्चा प्रो. मुनेश्वर यादव ने मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक विरासत और दरभंगा महाराज के संस्थान निर्माण में योगदान की चर्चा की। उन्होंने वैश्वीकरण के दौर में स्थानीय संस्थाओं, संस्कृति और संसाधनों को मजबूत करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र को केवल चुनाव, सरकार और संवैधानिक संस्थाओं तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। लोकतांत्रिक मूल्यों को समाज के व्यवहार, संवाद, सहभागिता और सामूहिक जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है। कार्यक्रम में युवाओं और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की मौजूदगी भी रही।
Bihar Weather Update: बिहार में 3 दिन बाद फिर बदलेगा मौसम, 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
बिहार में मानसून की गतिविधियां कमजोर होने से भारी वर्षा में कमी आई है, लेकिन अगले 24 घंटे में छिटपुट वर्षा और उमस बनी रहेगी
Bihar Weather Today 21st September: 24 सितंबर को बांका, भागलपुर, जमुई, कटिहार, किशनगंज एवं पूर्णिया में मेघ गर्जन के साथ भारी वर्षा की संभावना है, जबकि 25 सितंबर को औरंगाबाद, बेगूसराय, पूर्वी चंपारण, गया, मुंगेर में बारिश होगी।
दो बेटियां, दो शहर और एक सवाल, प्यार की राह में जाति की दीवार कितनी ऊंची?
Bihar Intercaste Marriage Case: पूर्णिया में एक पिता ने अंतरजातीय विवाह करने वाली अपनी जीवित बेटी का अंतिम संस्कार और श्राद्ध किया। मुजफ्फरपुर में भी ऐसी ही घटना हुई थी, जो प्यार की राह में जाति की दीवार को दर्शाती है।
निशांत कुमार को बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनाना चाहिए। JDU के मंच से उठी यह मांग, क्या सच होने वाली है। JDU अंदरखाने क्या तैयारी कर रही है। क्या BJP ऐसा होने देगी? आज इन्हीं सवालों को समझेंगे बूझे की नाही में…। सवाल-1ः निशांत कुमार को CM बनाने की चर्चा कैसे शुरू हुई? जवाबः ताजा चर्चा 18 सितंबर को तब फिर शुरू हुई जब विधायकों और विधान पार्षदों के ओरिएंटेशन प्रोग्राम में JDU विधायक मंजीत सिंह ने निशांत को CM बनाने की मांग कर दी। दरअसल, यह पार्टी का पहला बड़ा कार्यक्रम था, जिसमें पूर्व CM नीतीश कुमार और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार एक साथ एक मंच पर थे। दोनों की उपस्थिति में विधायकों ने निशांत के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। राजनीतिक गलियारे में इस कार्यक्रम को निशांत कुमार की पार्टी में ताजपोशी के तौर पर देखा जा रहा है। इस दौरान निशांत कुमार ने कहा, ‘पार्टी नीतीश कुमार ने खड़ी की है। उनकी विचारधारा को ही हमलोगों को आगे बढ़ाना है।’ हालांकि, निशांत को मुख्यमंत्री बनाने की यह डिमांड अप्रैल में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद से ही रह-रहकर हो रही है। बीते 30 दिनों में पार्टी के बड़े नेताओं ने इस डिमांड को हवा दी है। पढ़िए, किसने क्या कहा… सवाल-2ः ये सिर्फ चर्चा है या JDU इसे लेकर गंभीर भी है? जवाबः JDU की हाल की रणनीतियों और फैसलों को देखें तो इसे सिर्फ चर्चा तक सीमित नहीं रखा जा सकता है। पार्टी की हाल की 3 गतिविधियां साफ संकेत दे रही है कि वो निशांत कुमार को CM बनाने को लेकर गंभीर है। 1. बिहार के मुद्दों पर पार्टी का आक्रामक रुख जनता दल यूनाइटेड (JDU) बिहार और बिहारियों के मुद्दे पर आक्रामक है। इसी रणनीति के तहत पार्टी बांग्लादेश के साथ हुई गंगा जल संधि को बिहार के अहित में बता रही है। वह इसे घर-घर तक आम बिहारियों के हितों से जोड़ने का प्रयास कर रही है। इस संधि के विरोध में संजय झा ने 5 सितंबर से 12 जिलों में नीतीश संवाद कार्यक्रम किया। उन्होंने लोगों को बताया कि गंगा जल संधि बिहार के हित में नहीं है। हमारी पार्टी किसी भी हालत में बिहार के हितों से समझौता नहीं करेगी। 8 सितंबर को संजय झा ने यहां तक कहा- ‘सत्ता रहे या ना रहे, बिहार के हित की बात हम नहीं छोड़ेंगे। नीतीश कुमार ने हमेशा बिहारियों की हित की लड़ाई लड़ी है।’ 2. पार्टी की सेक्युलर इमेज बचाने के लिए BJP से अलग राय 3. विधायकों को जमीन पर उतरने का आदेश 18 सितंबर को पटना स्थित JDU कार्यालय में विधायकों और विधान पर्षदों को बूथ स्तर तक पहुंचने का आदेश दिया गया। निशांत कुमार ने कहा, ‘ट्रिपल सी (क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज्म) से समझौता नहीं होगा। विधायक अपने क्षेत्र में बूथ स्तर तक जाएं। सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाएं।’ पार्टी ने विधायकों-विधान पार्षदों के लिए पहली बार ऐसा कार्यक्रम किया है। इस कार्यक्रम में ‘पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च’ की टीम ने विधायकों को सदन की कार्यप्रणाली, कानून बनाने, बजट और विधायी समितियों के कामकाज को बताया। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि JDU अब सत्ता में सहयोगी पार्टी है। ऐसे में उसे सरकार में रहते हुए अपने-अपने क्षेत्र के विकास के लिए अधिक से अधिक काम करना होगा। इससे पार्टी का जनाधार बचा रहेगा। अगर यह ताकत बची रही तो भविष्य की चुनावी राजनीति में कुछ भी संभव है। सवाल-3ः ...तो क्या BJP निशांत को CM बनाएगी? जवाबः BJP के ट्रैक रिकार्ड को देखें तो इसकी संभावना बेहद कम है। महाराष्ट्र इसका सबसे बड़ा उदाहरण है… पॉलिटिकल एनालिस्ट संजय सिंह कहते हैं, ‘एक बार सत्ता में आने के बाद भाजपा दोबारा अपनी सहयोगी पार्टियों को मजबूत नहीं होने देती है। असम-महाराष्ट्र इसका उदाहरण है। इसलिए बिहार में ऐसा करेगी, इसकी संभावना बेहद कम है।’ संजय सिंह कहते हैं, ‘अगर नीतीश कुमार इधर-उधर करेंगे तो ज्यादा संभव है कि उनकी पार्टी टूट जाए। बिहार में काफी लंबी यात्रा के बाद भाजपा को मुख्यमंत्री की कुर्सी मिली है। उसे ऐसे ही अब नहीं जाने देगी।’ सवाल-4ः …तो क्या अभी निशांत CM नहीं बन सकते? जवाबः संभावना कम है। सूत्रों के मुताबिक, अगर भाजपा को निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाना होता तो वह नीतीश कुमार के पद छोड़ने के समय ही बना देती। उस वक्त नहीं बने तो अब साफ है कि भाजपा अपनी मर्जी से तो निशांत कुमार को मुख्यमंत्री नहीं बनाने जा रही है। अगर उनको मुख्यमंत्री बनना है तो NDA से बाहर जाना पड़ सकता है। बिना भाजपा के बिहार में 3 समीकरण… समीकरण-1ः महागठबंधन के साथ सरकार नहीं बना सकते बिहार में सरकार बनाने के लिए 243 में से 122 विधायकों की जरूरत है। फिलहाल JDU के पास 85 और RJD के पास 25 विधायक हैं। दोनों को मिलाकर 110 होते हैं। मतलब, महागठबंधन की दूसरी पार्टियों के समर्थन की भी जरूरत होगी। कांग्रेस के पास 6, वामपंथी पार्टियों के पास 4 और IP गुप्ता की पार्टी IIP के एक विधायक हैं। नीतीश कुमार की JDU और महागठबंधन की सभी पार्टियों के विधायकों को मिलाने के बाद कुल 121 विधायक (85+25+6+4+1) होते हैं। यानी बहुमत से 1 विधायक कम। मतलब सरकार नहीं बन पाएगी। समीकरण-2ः महागठबंधन और ओवैसी साथ दे तो बनेगी सरकार निशांत कुमार के साथ अगर महागठबंधन के अलावा असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के 5 विधायक साथ आए तब सरकार बन सकती है। 121+5 यानी 126। मतलब बहुमत से 4 ज्यादा। बताया जाता है कि अगर नीतीश कुमार भाजपा का साथ छोड़े तो ओवैसी की पार्टी सपोर्ट कर सकती है। RJD ने तो खुला ऑफर तक दे दिया है। समीकरण-3ः मांझी-कुशवाहा साथ दे तो बना सकते मजबूत सरकार अंदरखाने चर्चा है कि अगर नीतीश कुमार पाला बदलते हैं तो जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी उनके साथ जा सकती है। हालांकि, दोनों पार्टियों के उनके साथ जाने के अभी कोई संकेत नहीं मिले हैं। दोनों भाजपा से पूरी तरह जुड़ी हुई है। लेकिन अगर गए तो बिना भाजपा के मजबूत सरकार बन सकती है। इसे ऐसे समझिए… हालांकि, एक सच यह भी है कि सरकार आंकड़ों के आधार पर बनती तो है, लेकिन ज्यादा दिन तक टिकती मैनेजमेंट और कमेस्ट्री से है। आंकड़ों में बिना भाजपा की बनती यह सरकार कितने दिन चलेगी, इस पर संशय है। क्योंकि… सवाल-5ः फिर निशांत CM बनेंगे कैसे, उन्हें क्या करना होगा? जवाबः पहले तो उन्हें थोड़ा इंतजार करना होगा। फिर अगर 2030 विधानसभा चुनाव में जीतकर मजबूती से निशांत को मुख्यमंत्री बनना है तो उन्हें 2 बड़े काम करने होंगे। 1. ललन सिंह-संजय झा दोनों को साथ रखना होगा निशांत कुमार को अगर आगे चलकर मजबूती से सरकार बनानी है तो उन्हें पार्टी के सीनियर नेताओं खासकर ललन सिंह और संजय झा को साथ रखना होगा। पार्टी के अंदर गुटबाजी को हावी नहीं होने देना होगा। ललन सिंह पार्टी के पुराने और भरोसेमंद नेता हैं। उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं में भी ठीक-ठाक पैठ है। वह जोड़तोड़ और क्राइसिस संभालने में माहिर माने जाते हैं। हार्ड बार्गेनर हैं। वहीं, संजय झा संगठन को एक्टिव करके बिना टकराव के अपनी बात मनवाने के लिए जाने जाते हैं। वह सरकार में सहयोगी रहकर भी जमीन पर काम करवाने की क्षमता रखते हैं। वह हर काम बहुत स्मूथली और बिना विवाद के निपटा देते हैं। नीतीश कुमार के बाद इन दोनों नेताओं के अलावा JDU में कोई नहीं है, जो पार्टी को संभाल सके। इसलिए अंदरखाने चर्चा है कि अगर निशांत को आगे मजबूती से अपनी दावेदारी बनाए रखनी है तो दोनों को एक साथ रखना होगा। 2. नीतीश के सामाजिक आधार में पैठ बनाए रखना होगा नीतीश कुमार के पास 20 साल से करीब 16% वोट बैंक हैं। कुर्मी-कोयरी और EBC में उनकी पैठ बनी हुई है। नीतीश कुमार के इस सामाजिक ताने-बाने को अपने पक्ष में बनाए रखने के लिए निशांत कुमार को आगे भी काम करना होगा। हालांकि, निशांत कुमार ने इस पर काम भी शुरू कर दिया है। इसके 2 बड़े उदाहरण… …और सबसे ज्यादा जरूरी ताकत दरअसल, बिहार में अकेले दम पर JDU कभी भी अपना मुख्यमंत्री नहीं बना सकती। लेकिन उनके बिना किसी की बनेगी भी नहीं, यह भी सत्य थी। नीतीश कुमार इस हकीकत को बखूबी समझते थे। तभी वह हमेशा दूसरी खिड़की खोलकर रखते थे। निशांत कुमार का मुख्यमंत्री बनना इस बात पर भी निर्भर करेगा कि तेजस्वी यादव की ताकत कैसी रहती है। अगर तेजस्वी यादव की पार्टी 50 से ज्यादा सीटें जीत जाती है और निशांत की पार्टी का प्रदर्शन भी अच्छा रहता है तो उनके मुख्यमंत्री बनने के चांसेज ज्यादा हैं।
दीपावली और छठ पूजा से पहले दिल्ली से बिहार जाने वाली ट्रेनों में टिकटों की मांग तेजी से बढ़ गई है।
Deoria News: तस्करों ने ट्रेन से बिहार बॉर्डर तक शराब पहुंचाने का नया रास्ता खोजा
Smugglers have found a new route to transport liquor by train to the Bihar border.
Chandauli News: पुट्टी की बोरियों के नीचे छिपाकर चंडीगढ़ से बिहार ले जा रहे थे 1.20 करोड़ की शराब
Liquor worth 1.20 crore was being transported from Chandigarh to Bihar, concealed beneath sacks of putty.
मुजफ्फरपुर में तेज हवा और झमाझम बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली, हालांकि कई स्थानों पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 72 घंटे तक मानसून सक्रिय रहेगा।
कभी पैसे को तरसा, अब USA में PhD के लिए मिले 2.6 करोड़, बिहार के नीरज की सफलता की कहानी
बिहार के सारण जिले में पान विक्रेता के बेटे नीरज कुमार सिंह ने अमेरिका में 2.6 करोड़ रुपये की पूर्ण वित्तपोषित पीएचडी छात्रवृत्ति हासिल की है. नेहरू युवा केंद्र से शुरू हुए सफर से लेकर 'यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स' तक, जानिए उनकी संघर्ष और सफलता की पूरी कहानी.
मुजफ्फरपुर में 9.71 करोड़ का एमआरएफ सेंटर, सूखे कचरे से बनेगा ईंधन
Garbage Processing In Bihar: मुजफ्फरपुर के रौतिनिया डंपिंग साइट पर 9.71 करोड़ रुपये की लागत से 50 टीपीडी क्षमता का मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर स्थापित होगा। यह केंद्र सूखे कचरे के वैज्ञानिक निष्पादन, छंटाई और प्रसंस्करण के साथ-साथ रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल (आरडीएफ) का उत्पादन करेगा।
Bihar MLC Election: Prashant Kishor बोले- जीतेंगे तो 10 हजार नौकरी देंगे| Anant Singh | Neeraj Kumar
बिहार में विधान परिषद की 8 सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज है। प्रशांति किशोर की पार्टी जनसुराज ने भी अपने प्रत्याशी उतारने का ऐलान कर दिया है. प्रशांत किशोर ने कहा कि जहां जन सुराज के उम्मीदवार जीतेंगे, वहां के 10,000 पढ़े-लिखे नौजवानों को पार्टी नौकरी देगी.
पटना में बिहार सरस मेला का शुभारंभ, 15 राज्यों की महिला उद्यमी ले रहीं हिस्सा
Patna, 20 सितंबर . ग्रामीण महिला उद्यमियों को बाजार उपलब्ध कराने और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से Sunday को Patna के ज्ञान भवन में बिहार सरस मेला-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ. ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया. यह मेला 29 सितंबर तक चलेगा, जिसमें बिहार सहित ... Read more
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित वित्तरहित शिक्षकों के सम्मान समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वित्तरहित शिक्षकों को सम्मानित किया और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा, वित्तरहित शिक्षकों ने लंबे समय से बिहार के बच्चों को शिक्षा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सरकार शिक्षकों का सम्मान करती है। आगे भी उनके सम्मान का सिलसिला जारी रहेगा। बच्चों को अच्छी शिक्षा देना और उन्हें आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। शिक्षकों की समस्याओं का बातचीत से होगा समाधान मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तरहित शिक्षकों और उनके प्रतिनिधियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। वे शिक्षकों से मिलेंगे, उनकी बात सुनेंगे और प्रतिनिधियों से भी बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षकों की समस्याओं को लेकर एक कमेटी भी गठित की है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि शिक्षकों का सम्मान बना रहेगा और सरकार इस दिशा में काम करती रहेगी। अगले 5 वर्षों में रोजगार पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले 5 वर्षों में एक करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही एक करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर हो सके। महिलाओं के लिए महिला यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी। इसमें निचले स्तर से लेकर ऊपर तक की पढ़ाई की व्यवस्था होगी। विकसित बिहार बनाने का लक्ष्य मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विकसित भारत और समृद्ध बिहार बनाने का समय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के सपने को पूरा करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि बिहार ने पिछले कुछ वर्षों में काफी बदलाव देखा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 2005 के बाद बिहार की अर्थव्यवस्था और आधारभूत संरचना में बड़ा बदलाव आया है। शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार ने गिनाईं योजनाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने शुरुआत से ही बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर ध्यान दिया है। बच्चों को बेहतर शिक्षा देना सरकार की प्राथमिकता रही है। बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए सरकार की ओर से राशि उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के माध्यम से भी विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, नई सरकार बनने के बाद 15 जुलाई को एक साथ 211 डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू कराई गई। इसके साथ ही 2500 असिस्टेंट प्रोफेसरों की बहाली की गई है। सरकार का उद्देश्य है कि बिहार के बच्चे बिहार में ही अच्छी शिक्षा हासिल करें और उन्हें पढ़ाई के लिए बाहर जाने की जरूरत कम हो। 700 मॉडल स्कूलों में लाखों बच्चों को शिक्षा मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में 700 मॉडल स्कूल यानी सरस्वती विद्या निकेतन स्थापित किए गए हैं। इन स्कूलों में करीब 3.5 लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नए कदम उठा रही है और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। ‘विद्यार्थी साथी’ ऐप से शिक्षकों और बच्चों को सुविधा मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘विद्यार्थी साथी’ ऐप के माध्यम से करीब 75 हजार शिक्षकों को जोड़ा गया है। इस व्यवस्था के जरिए रात के समय भी बच्चों को पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। अभी इस व्यवस्था के माध्यम से रात में लगभग 1 लाख 42 हजार बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। विश्वविद्यालयों में भी बेहतर व्यवस्था का दावा मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों की व्यवस्था को मजबूत करने पर भी सरकार का ध्यान है। उन्होंने बताया कि विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए प्रधानमंत्री की ओर से निर्देश दिए गए थे और इसके लिए 220 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। सरकार का उद्देश्य है कि शिक्षा व्यवस्था को लगातार बेहतर किया जाए। स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय के शिक्षकों के साथ-साथ वित्तरहित शिक्षकों का भी सम्मान बना रहे।
20 सितंबर, रविवार: भोजपुर के चांदी थाना क्षेत्र में 20 धर्मकांटा पर अवैध बालू कारोबार, पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई से हड़कंप।
भोपाल से रीवा, जोधपुर और बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे की तरफ से नई परेशानियां
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Bihar:गोपालगंज में चोरी की बाइक के साथ युवक गिरफ्तार, नगर थाना पुलिस ने फतहां में पकड़ा
20 सितंबर, रविवार: गोपालगंज में नगर थाना पुलिस ने फतहां में वाहन जांच के दौरान चोरी की बाइक के साथ युवक को गिरफ्तार किया।
20 सितंबर, रविवार: गोपालगंज में उत्पाद विभाग ने बलथरी चेकपोस्ट पर 7500 लीटर जब्त शराब जेसीबी से विनष्ट की।
Bihar:अररिया में एसएच-77 पर हादसा, डुमरिया पुल के नीचे बाइक गिरने से दो की मौत, गांव में मातम
20 सितंबर, रविवार: अररिया में एसएच-77 पर हादसा, डुमरिया पुल के नीचे बाइक गिरने से दो लोगों की मौत, गांव में मातम।
लव-कुश समाज की एकता से बिहार के समृद्धि का रास्ता खुलेगा: सीएम सम्राट चौधरी
Patna, 20 सितंबर . बिहार के Chief Minister सम्राट चौधरी ने Sunday को Patna के बापू सभागार में आयोजित लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया. इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रतिभाओं को सम्मानित किया और बिहार की गौरवशाली विरासत, शिक्षा, संस्कृति तथा विकास को लेकर अपने विचार साझा ... Read more
20 सितंबर, रविवार: अररिया के ओम नगर और चित्रगुप्त नगर में गणेश महोत्सव जारी, भव्य पंडाल में पूजा-अर्चना को उमड़ रहे श्रद्धालु।
20 सितंबर, रविवार: गोपालगंज में गणिनाथ उत्सव पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, दूसरे प्रदेशों के कलाकारों ने प्रस्तुतियों से बांधा समां।
Bihar:खगड़िया में सेवा संकल्प अभियान के तहत भाजयुमो का रक्तदान शिविर, युवाओं ने किया रक्तदान
20 सितंबर, रविवार: खगड़िया में भाजयुमो ने सेवा संकल्प अभियान के तहत लगाया रक्तदान शिविर, युवाओं ने किया स्वैच्छिक रक्तदान।
‘थाली के 1432 करोड़ पर किसकी नजर’; बिहार के पोषण टेंडर पर मनीष सिसोदिया का हमला
New Delhi, 20 सितंबर . आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपChief Minister मनीष सिसोदिया ने बिहार में बच्चों के पोषण से जुड़े टेंडर को लेकर भाजपा Government पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने टेंडर प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी का आरोप लगाया है. मनीष सिसोदिया ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते ... Read more
20 सितंबर, रविवार: औरंगाबाद में चैन स्नेचिंग गिरोह के दो बदमाश पिस्टल के साथ गिरफ्तार, 66 वारदात का खुलासा, 4 चैन बरामद।
'थाली के 1432 करोड़ पर किसकी नजर'; बिहार के पोषण टेंडर पर मनीष सिसोदिया का हमला
'थाली के 1432 करोड़ पर किसकी नजर'; बिहार के पोषण टेंडर पर मनीष सिसोदिया का हमला
कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री भोला प्रसाद शास्त्री को भारत रत्न देने की मांग की है। यह मांग बिहार प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ की ओर से की गई है। इसके साथ ही पटना के किसी प्रमुख चौराहे पर उनकी प्रतिमा लगाने की भी मांग की गई है। वहीं, भोला प्रसाद शास्त्री के नाम पर पटना में एक म्यूजियम भी बनाया जाए। बिहार प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष रबीन्द्र कुमार पासवान ने चेतावनी दी है कि अगर यह मांग पूरी नहीं हुई तो फिर बड़ा आंदोलन होगा। भोला प्रसाद शास्त्री बिहार के 3 बार के मुख्यमंत्री रह चुके रबीन्द्र कुमार पासवान ने कहा, भोला प्रसाद शास्त्री बिहार के तीन बार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उनका मुख्यमंत्री का कार्यकाल बहुत ही सीमित समय तक का था। लेकिन कम समय में भी उन्होंने यह साबित कर दिया कि अगर दलित को नेतृत्व करने का मौका मिले तो कुशल प्रशासन, सामाजिक न्याय और एक सुसज्जित सरकार दे सकता है। भोला प्रसाद विधानसभा में चार बार के विपक्ष के नेता रहे हैं। वे इंदिरा गांधी की सरकार में शहरी विकास मंत्री भी रह चुके हैं। उनके योगदान को अभी की सरकार भूला चुकी है। बिहार के पहले दलित मुख्यमंत्री को अभी की सरकार भूल चुकी उन्होंने कहा कि भोला प्रसाद शास्त्री के ही कार्यकाल में पहली बार वृद्धा पेंशन की शुरुआत हुई थी, जो आज भी लागू है। इन्हीं के समय में पिछड़ा आयोग जिसे मुंगेरीलाल आयोग भी कहते हैं उसका गठन हुआ था। जब बिहार में पहली बार अनुसूचित जाति का आयोग बना तो उसके भोला प्रसाद शास्त्री पहले अध्यक्ष थे। बिहार के पहले दलित मुख्यमंत्री को अभी की सरकार भूल चुकी है। हम सरकार से मांग करते हैं कि भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न इन्हें दिया जाए। यह सम्मान इसी साल अनाउंस किया जाए। आज भी उनके वंशज एक मिट्टी के घर में रहते हैं और उन्हें इंदिरा आवास योजना का कोई लाभ नहीं मिला है।
Bihar:गोपालगंज में सांसद आलोक सुमन का जनता दरबार, सड़क-बिजली समेत समस्याएं सुनीं, निर्देश दिए
20 सितंबर, रविवार: गोपालगंज में सांसद आलोक सुमन ने जनता दरबार में सुनीं समस्याएं, अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए।
Bihar MLC Election: Anant Singh और Neeraj Kumar भिड़ंत, 20 करोड़ का चैलेंज पर आया जवाब| Nitish Kumar
बिहार में MLC चुनाव के बीच जेडीयू के अंदर का राजनीतिक घमासान तेज हो गया है.
20 सितंबर, रविवार: बेगूसराय में इलाज के दौरान महिला की बच्चेदानी फटी, ऑपरेशन कर निकाला मृत बच्चा, मां बनने की संभावना खत्म।
20 सितंबर, रविवार: जदयू महासचिव किरण वर्मा के घर लाखों की चोरी, पटना से लौटीं तो टूटे मिले ताले, पुलिस को दी सूचना।
20 सितंबर, रविवार: बगहा में घर से भागे प्रेमी जोड़े की शादी चौतरवा थाना के शिव मंदिर में, थानाध्यक्ष ने कराई शादी।
Prashant Kishor की Jan Suraaj Party ने Bihar विधान परिषद चुनाव के लिए 5 प्रत्याशी उतारे
जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार विधान परिषद की पांच सीट पर होने वाले चुनाव के लिए रविवार को उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। इन सीट पर जल्द चुनाव की घोषणा होने की संभावना है। बिहार विधान परिषद की कुल आठ सीट के लिए चुनाव होना है, जिनमें चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं, जिनके सदस्यों का कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है। किशोर ने संवाददाता सम्मेलन में पांच उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। इनमें अफाक अहमद भी शामिल हैं जो सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से दोबारा चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने छह साल पहले पूर्व चुनाव रणनीतिकार किशोर के समर्थन से यह सीट जीती थी। उस समय किशोर ने अपनी पार्टी का गठन नहीं किया था। पिछले हफ्ते पार्टी में शामिल हुईं वकील और शिक्षाविद दिव्या ज्योति को पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया है। इस सीट पर अभी जनता दल (यूनाइटेड) के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार का कब्जा है। उन्होंने बताया कि पार्टी ने दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एस पी राय, दरभंगा स्नातक सीट से रवींद्र यादव और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से रजनीश रंजन को भी मैदान में उतारा है। किशोर ने कहा कि तीन अन्य सीट के लिए उम्मीदवारों के नामों की घोषणा अगले तीन-चार दिनों में की जाएगी। बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक किशोर ने कहा कि जेएसपी शिक्षकों के विभिन्न संगठनों को एक साथ लाने और उनकी मांगों को पूरा कराने के लिए एक संयुक्त संघर्ष समिति बनाने की कोशिश करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी तीन मुख्य मांगों के लिए अभियान चलाएगी, जिनमें शिक्षकों के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करना, सहायता प्राप्त संस्थानों के शिक्षकों को नियमित शिक्षकों की श्रेणी में लाना और शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक काम सौंपने के लिए नियम तय करना शामिल है। किशोर ने कहा कि इन मांगों को जन सुराज की मांगों के रूप में माना जाएगा और दावा किया कि पार्टी शिक्षकों के साथ मिलकर सरकार पर दबाव बनाएगी ताकि अगले लोकसभा चुनाव से पहले इन्हें पूरा कराया जा सके। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं को संबोधित करते हुए किशोर ने यह भी वादा किया कि अगर जेएसपी उम्मीदवार जीतते हैं तो हर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में बेरोजगार स्नातकों के लिए 10,000 नौकरियां उपलब्ध कराई जाएंगी। यह उसी तरह का रोजगार संबंधी वादा है जैसा उन्होंने अपनी बांकीपुर विधानसभा सीट के पढ़े-लिखे बेरोजगार मतदाताओं से किया था। यह चुनाव बिहार विधानसभा चुनाव से अलग होगा और इसमें करीब 30 जिलों में फैले चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीट शामिल होंगी। जेएसपी ने पहले कहा था कि वह संगठन के विस्तार की रणनीति के तहत सभी आठ सीट पर चुनाव लड़ेगी। विधान परिषद चुनाव में उम्मीदवारों का स्थानीय प्रभाव, स्नातक और शिक्षक मतदाताओं के बीच उनकी साख और पार्टी संगठन की मजबूती अहम कारक माने जा रहे हैं।
20 सितंबर, रविवार: बेगूसराय में मंत्री संतोष सुमन बोले- वंचितों के अधिकार के लिए आरक्षण की समीक्षा हो।
Bihar :तेजस्वी यादव बोले- बिहार बाढ़-सुखाड़ से बेहाल, सरकार जश्न पर करोड़ों खर्च, राहत नहीं
20 सितंबर, रविवार: तेजस्वी बोले- बाढ़-सुखाड़ से बिहार बेहाल, सरकार जश्न पर करोड़ों खर्च कर रही, राहत नहीं।
Bihar:पटना में लव-कुश सम्मान समारोह में निषांत-उपेंद्र का बयान, राहुल के कार्यक्रम पर टिप्पणी
20 सितंबर, रविवार: पटना में लव-कुश सम्मान समारोह, निषांत-उपेंद्र का राहुल के कार्यक्रम पर बयान।
पंजाब से भटक बिहार पहुंचा यह बुजुर्ग, फिर कैसे अपनों से मिला, AI ने सुलझाई 1000km दूर की गुत्थी
तीर्थ यात्रा पर निकला एक बुजुर्ग अमृतसर की जगह गलती से बिहार पहुंच गया. उसे केवल अपने गांव का नाम याद था. बाद में ChatGPT और इंटरनेट से तलाश करके उसे परिवार से मिलवा दिया.
20 सितंबर, रविवार: औरंगाबाद में किसान सम्मान समारोह, IG विकास वैभव ने सैकड़ों किसानों को किया सम्मानित, पौधे बांटे।
गुजरात से बिहार तक आग का तांडव, भुज और समस्तीपुर में मची अफरा-तफरी
गुजरात से लेकर बिहार तक भीषण आग लगने की अलग-अलग घटनाओं से हड़कंप मच गया है. पहली घटना गुजरात के कच्छ जिले के भुज से सामने आई है, जहां एक खनिज मिल में अचानक भीषण आग लग गई. गुजरात के वलसाड इलाके के धोबी तालाब में एक बिजली के ट्रांसफार्मर में अचानक भीषण आग लग गई. बिहार के समस्तीपुर में भी आग का एक बड़ा हादसा देखने को मिला.
20 सितंबर, रविवार: अररिया में DUSU चुनाव में ABVP की जीत पर जश्न, एमपी सिंह बोले- छात्रहित और राष्ट्रहित से मिली जीत।
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता नई नहीं है। वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में जदयू ने मोकामा से नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया था। उस चुनाव में अनंत सिंह निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरे और जीत हासिल की।
लावारिस की जगह दूसरे की लाश जला दी, बिहार में गजब हो गया; परिजन मांग रहे मुआवजा
पोस्टमार्टम कर्मियों ने लावारिस लाश की जगह सड़क हादसे में जान गंवाने वाले बिगन रविदास के शव को जला दिया। शनिवार दोपहर जब 57 वर्षीय बिगन रविदास के परिजनों को शव दिया गया तो उससे दुर्गंध आ रही थी। शव खोलकर देखा तो वह बिगन की जगह किसी लावारिश व्यक्ति की लाश थी।
20 सितंबर, रविवार: गोपालगंज के मांझागढ़ में छत से पानी बहाने के विवाद में दो पक्ष भिड़े, छह जख्मी, भर्ती।
20 सितंबर, रविवार: गोपालगंज में पुलिस सम्मेलन में एसपी ने अनुसंधान और तकनीकी साक्ष्य जुटाने के टिप्स दिए।
20 सितंबर, रविवार: गोपालगंज के जंगलिया में मारपीट में बीच-बचाव करने गए युवक को चाकू मारा, चार हिरासत में।
20 सितंबर, रविवार: पटना में प्रशांत किशोर ने कहा- बिहार में नौकरी और पेंशन के लिए वोट करें, जन सुराज को जिताएं।
20 सितंबर, रविवार: कैमूर के हाटा में परीक्षा के बाद फब्ती कसने का विरोध करने पर छात्राओं की पिटाई, अस्पताल में भर्ती।
Bihar:कैमूर के भभुआ में महमदपुर की महिला की सांप के डसने से मौत, सदर अस्पताल पहुंचे विधायक भरत बिंद
20 सितंबर, रविवार: कैमूर के भभुआ में सांप के डसने से महिला की मौत, सदर अस्पताल पहुंचे विधायक भरत बिंद।
जन सुराज के MLC कैंडिडेट का ऐलान, प्रशांत किशोर बोले- जहां जीतेंगे, वहां 10 हजार नौकरी देंगे
Bihar MLC Election 2026: इस बार यह 8 सीटों का चुनाव और भी दिलचस्प होगा क्योंकि प्रशांति किशोर की पार्टी जन सुराज ने भी इस चुनाव में अपने प्रत्याशी उतारने का ऐलान कर दिया है। बांकीपुर के विधायक और जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने रविवार को इस चुनाव के लिए पार्टी प्रत्याशियों का ऐलान किया।
Bihar:कैमूर के चांद में शराब के साथ गिरफ्तारी के बाद आरोपितों का भभुआ सदर अस्पताल में मेडिकल जांच
20 सितंबर, रविवार: कैमूर के चांद में शराब के साथ गिरफ्तारी के बाद आरोपितों का सदर अस्पताल में मेडिकल जांच।
20 सितंबर, रविवार: कैमूर के कुदरा रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पार करते समय ट्रेन के झटके से युवक घायल।
Bihar:बेगूसराय के बलिया में जमीन विवाद में ताबड़तोड़ फायरिंग, दो युवक जख्मी, निजी अस्पताल में भर्ती
20 सितंबर, रविवार: बेगूसराय के बलिया में जमीन विवाद को लेकर ताबड़तोड़ फायरिंग, दो लोग गोली लगने से जख्मी।
Bihar:भोजपुर के जगदीशपुर में अभय यादव हत्याकांड का खुलासा, हथियार के साथ तीन आरोपित गिरफ्तार
20 सितंबर, रविवार: भोजपुर के जगदीशपुर में अभय यादव हत्याकांड में तीन आरोपित हथियार समेत गिरफ्तार।
Bihar:गोपालगंज के बलथरी में नवनिर्मित प्रवेश द्वार का शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने किया उद्घाटन
20 सितंबर, रविवार: गोपालगंज के बलथरी में शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी ने प्रवेश द्वार का उद्घाटन किया।
Bihar:गोपालगंज में 74 मामलों की सुनवाई, डीएम समीर सौरभ ने 15 दिनों में निष्पादन का दिया निर्देश
20 सितंबर, रविवार: गोपालगंज में डीएम ने 15 दिनों में लंबित आवेदनों के निष्पादन का निर्देश दिया।
20 सितंबर, रविवार: मुजफ्फरपुर के कंपनी बाग में मसाज सेंटर की आड़ में देह व्यापार, छापे में छह महिलाएं हिरासत में।
सिद्धार्थ-तमन्ना संग बिहार के CM से मिलीं एकता कपूर, क्यों है खास?
एकता कपूर अपनी आने वाली फिल्म द वन को प्रमोट करने बिहार की राजधानी पहुंची थीं, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भी मुलाकात की. उनके साथ सिद्धार्थ मल्होत्रा, तमन्ना भाटिया और पिक्चर के डायरेक्टर दीपक मिश्रा भी थे.
सऊदी जा रहे मक्के में छिपा था 55 किलो ड्रग्स, बिहार से दबोचा गया आरोपी
मुंबई DRI की जांच में सऊदी अरब भेजी जा रही 22 टन मक्के की खेप से करीब 55.860 किलो मेथ बरामद होने के मामले में मुजफ्फरपुर के बोचहां तक जांच पहुंची है. DRI ने 17 सितंबर को उनसर गांव से मोहम्मद बशीर हवारी को गिरफ्तार किया और 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ले गई.

