Deoria News: ट्रक में छिपाकर बिहार ले जा रहे थे गांजा की खेप, एक हिरासत में
Consignment of cannabis being smuggled to Bihar hidden in a truck; one person detained.
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 3 अक्टूबर के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
जुगाड़ के 'पिलर' पर खड़ा बिहार का एजुकेशन सिस्टम, 5 जिलों से रियलिटी चेक
खगड़िया के स्कूल में 7 साल की बच्ची की मौत के बाद आजतक ने बिहार के सरकारी स्कूलों का रियलिटी चेक किया तो कई जिलों में बदहाली की तस्वीर सामने आई. कहीं पिलर जवाब दे चुका है, कहीं छत का प्लास्टर गिर रहा है तो कहीं जर्जर कमरों के कारण बच्चे बरामदे या टीन शेड में पढ़ने को मजबूर हैं. पढ़िए, बच्चों की लाचारी और सोए सिस्टम की पोल खोलती 5 जिलों से हमारी ग्राउंड रिपोर्ट.
सारण, बिहार में बाढ़ राहत के लिए 19 एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमें तैनात की गई हैं, साथ ही प्रभावित निवासियों की सहायता के
हेलीकॉफ्टर से सीधे छाती पर आ गिरा राहत पैकेट, बिहार में 58 साल के बाढ़ पीड़ित की गई जान
हेलीकॉप्टर के जरिए करीब 70-80 फीट की ऊंचाई से राहत सामग्री के पैकेट गिराए जा रहे थे। बड़ी संख्या में मौजूद बाढ़ पीड़ितों में पैकेट पाने को लेकर अफरातफरी मची। इस दौरान एक पैकेट अनिल कुमार सिंह के सिर और छाती पर आ गिरा।
Bihar विधान परिषद उपचुनाव: Congress ने 5 सीटों पर उतारे प्रत्याशी, दरार की अटकलें खारिज
पटना, दो अक्टूबर बिहार में आगामी विधान परिषद चुनाव में पांच सीट पर चुनाव लड़ने के कांग्रेस के फैसले के बाद विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन में दरार की अटकलों को पार्टी ने शुक्रवार को खारिज कर दिया। इन पांच में से अधिकतर सीट पर कांग्रेस का मुकाबला उसकी सहयोगी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उम्मीदवारों से होगा। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी (बीपीसीसी) के अध्यक्ष राजेश कुमार राम ने कहा कि पार्टी का फैसला कार्यकर्ताओं की भावनाओं और जनता की इस धारणा के अनुरूप है कि कांग्रेस भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सामने प्रमुख चुनौती के रूप में उभर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘हम जिन सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं, वहां हमारा मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से होगा। बाकी सीट पर हम अपने इंडिया गठबंधन के सहयोगियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे।’’उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने विधान परिषद की कुल आठ सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए बृहस्पतिवार देर रात पांच उम्मीदवारों की सूची जारी की थी। दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र को छोड़कर बाकी सभी निर्वाचन क्षेत्रों में राजद भी मैदान में है। दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा इस बार भी चुनाव लड़ रहे हैं। बिहार विधान परिषद की आठ सीट के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होना है। चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त होने वाला है। कांग्रेस महासचिव (संगठन) के. सी. वेणुगोपाल की ओर से बृहस्पतिवार देर शाम मंजूर की गई सूची के अनुसार, पार्टी ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से संजय यादव को उम्मीदवार बनाया है। इस सीट से जद(यू) छोड़कर राजद में शामिल हुए संजीव कुमार ने राजद उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया है। कांग्रेस ने कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से मनोज कुमार जायसवाल, दरभंगा स्नातक से रजनीकांत पाठक और पटना स्नातक से असदुल्लाह खान को उम्मीदवार बनाया है। इन सभी सीटो पर राजद भी चुनाव लड़ रहा है। राजद ने पिछले महीने छह सीट के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की थी और कहा था कि ‘‘बाकी सीट पर फैसला लंबित है।’’हालांकि, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य अखिलेश प्रसाद सिंह, ने इस घटनाक्रम को ज्यादा तवज्जो नहीं दी और कहा कि इसमें कुछ नया नहीं है। सिंह पहले राजद के नेता रह चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को शायद याद नहीं होगा कि अतीत में भी गठबंधन सहयोगियों ने विधान परिषद की एक ही सीट पर अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं। इसमें कोई समस्या नहीं है, क्योंकि ये चुनाव संबंधित राजनीतिक दलों के चुनाव चिह्न पर नहीं लड़े जाते।’’हालांकि, कांग्रेस के कुछ नेताओं ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर कहा कि पार्टी में दबदबा रखने वाले राजद को ‘‘सबक सिखाने’’ की जरूरत महसूस की जा रही थी। नेताओं ने आरोप लगाया कि राजद ने पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव जैसे महत्वपूर्ण चुनावों में भी ‘‘एकतरफा अपने उम्मीदवारों की घोषणा’’ करके सहयोगी दलों को असहज किया था। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए ऐसे मतदाता पात्र होते हैं, जिन्होंने भारत के किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कम से कम तीन वर्ष पहले स्नातक की डिग्री हासिल की हो और संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में निवास करते हों। इसी तरह, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में माध्यमिक विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में कम से कम तीन वर्ष का शिक्षण अनुभव रखने वाले लोग मतदान कर सकते हैं। दोनों ही मामलों में मतदाता का संबंधित उद्देश्य के लिए तैयार मतदाता सूची में पंजीकृत होना अनिवार्य है।
चतरा में बिहार का 50 हजार रुपए का इनामी अपराधी गिरफ्तार, चोरी की बोलेरो और मोबाइल बरामद
झारखंड के चतरा जिले में हंटरगंज थाना पुलिस ने बिहार के गया जिले के 50 हजार रुपए के इनामी अपराधी रामभज्जू यादव को गिरफ्तार किया है...
लखनऊ और सीतापुर होकर बिहार और पंजाब के लिए 2 ट्रेनें चलेंगी, यात्रियों को राहत
दशहरा और दिवाली पर सफर करने वालों के लिए राहत की खबर है। लखनऊ और सीतापुर होकर बिहार और पंजाब के लिए 2 ट्रेनें चलेंगी। त्योहारों में यात्रियों की संभावित भीड़ को देखते हुए रेलवे दो ट्रेनें चलाने जा रहा है।
Bihar: बेगूसराय में जीविका दीदी के 20 साल बेमिसाल और नीतीश संवाद कार्यक्रम का आयोजन
2 अक्टूबर, शुक्रवार: बेगूसराय के आर्ट गैलरी सभागार में जीविका के 20 साल बेमिसाल और नीतीश संवाद कार्यक्रम आयोजित।
Bihar MLC Election में Neeraj Kumar बनाम Anant Singh, सुलह कराने उतरे Lalan Singh
जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने शुक्रवार को कहा कि बिहार में MLC चुनाव से पहले अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच मतभेदों को सुलझाने के लिए पार्टी ने केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह को नियुक्त किया है। झा ने कहा दोनों नेताओं के बीच मतभेदों को सुलझाने की ज़िम्मेदारी ललन सिंह को सौंपी गई है। इसे भी पढ़ें: Sonia Gandhi का CWC में बड़ा बयान, बोलीं- शुक्र है Nitish Kumar समय रहते INDIA Bloc से चले गए पार्टी को अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रही हर बात की जानकारी है। चूंकि यह मामला ललन सिंह के मुंगेर लोकसभा क्षेत्र से जुड़ा है, इसलिए उन्हें ही इन मतभेदों को सुलझाने का काम दिया गया है। JD(U) के भीतर यह विवाद इस हफ़्ते की शुरुआत में तब शुरू हुआ जब पार्टी के कद्दावर नेता अनंत सिंह ने घोषणा की कि वह आगामी बिहार MLC चुनावों में जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन करेंगे। अनुज सिंह पटना ग्रेजुएट्स सीट से जन सुराज के उम्मीदवार हैं, जिस सीट से नीरज कुमार दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि, अनंत सिंह खुलकर अनुज सिंह के समर्थन में सामने आए हैं और उन्होंने नीरज कुमार पर निशाना भी साधा है; फिर भी उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि JD(U) एकजुट है। मोकामा विधानसभा क्षेत्र के विधायक अनंत सिंह ने अनुज सिंह के समर्थन में एक जुलूस भी निकाला था। इसे भी पढ़ें: पटना MLC Seat पर JDU उम्मीदवार Neeraj Kumar के खिलाफ उतरे Anant Singh, पार्टी में बढ़ी दरार अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच खींचतान वे नामांकन के लिए अनुज सिंह के साथ भी गए, जबकि उनके कई समर्थकों ने राजीव रंजन सिंह और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समर्थन में नारे लगाए। JD(U) के इस कद्दावर नेता की नीरज कुमार से नाराज़गी 2015 के विधानसभा चुनावों के समय से ही है। उस समय, JD(U) ने नीरज कुमार को मैदान में उतारा था, जबकि अनंत सिंह ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। आखिरकार, अनंत सिंह अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे। जहाँ पार्टी अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच मतभेदों को सुलझाने की कोशिश कर रही है, वहीं अनंत सिंह अपनी बात पर अड़े हुए हैं। अनंत सिंह ने कहा मुझे नहीं पता कि इस मामले में पार्टी का क्या रुख है। सच तो यह है कि उन्होंने (नीरज ने) कई मौकों पर मेरा विरोध किया है। मुझे भी उन्हें उसी तरह जवाब देना होगा। बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों के लिए मतदान होगा। इनमें से JD(U) चार सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि उसकी सहयोगी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी (BJP), बाकी चार सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।
2 अक्टूबर, शुक्रवार: सासाराम में CM के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर DDC ने स्थल का निरीक्षण, तैयारी तेज।
Bihar: गया जंक्शन पर सासाराम-धनबाद इंटरसिटी एक्सप्रेस में पिंडदानियों की भारी भीड़ उमड़ी
2 अक्टूबर, शुक्रवार: गया जंक्शन पर सासाराम-धनबाद इंटरसिटी एक्सप्रेस में पिंडदानियों की भारी भीड़ उमड़ी।
Bihar: बांका में नगर भवन में नीतीश संवाद कार्यक्रम, विधायक-मंत्री सहित हजारों जीविका दीदी शामिल
2 अक्टूबर, शुक्रवार: बांका के नगर भवन में नीतीश संवाद आयोजित, हजारों जीविका दीदियों को किया संबोधित।
Bihar: 32वीं राष्ट्रीय जूनियर थांग-ता प्रतियोगिता में अररिया की आस्था कुमारी ने जीता कांस्य पदक
2 अक्टूबर, शुक्रवार: श्रीनगर में 32वीं राष्ट्रीय थांग-ता प्रतियोगिता में अररिया की आस्था कुमारी ने जीता कांस्य।
Bihar: भागलपुर में विक्रमशिला सेतु में मेंटेनेंस से आवाजाही बंद, फेरी घाट से जहाज से हो रही आवाजाही
2 अक्टूबर, शुक्रवार: विक्रमशिला सेतु में मेंटेनेंस से बंदी, बियाडा और जाह्नवी घाट के बीच जहाज से आवाजाही।
Bihar: रोहतास के पहड़िया गांव में जमीनी विवाद में मारपीट, 9 घायल, 4 सदर अस्पताल रेफर
2 अक्टूबर शुक्रवार: रोहतास के नौहट्टा पहड़िया में जमीनी विवाद में दो पक्षों में मारपीट, 9 जख्मी, 4 रेफर।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार का बड़ा बाजार है और यहां के लोगों के बिना फिल्में सफल नहीं हो सकतीं। उन्होंने भोजपुरी फिल्मों में डबल मीनिंग सामग्री पर आपत्ति जताई और कार्रवाई के निर्देश दिए।
Bihar: सासाराम में मंत्री अशोक चौधरी ने गिनाए विकास कार्य, कहा- जीविका बनी सशक्तिकरण का माध्यम
3 अक्टूबर: सासाराम के पायलट बाबा धाम पहुंचे मंत्री अशोक चौधरी, 20 साल बेमिसाल कार्यक्रम में गिनाए विकास कार्य।
Bihar: गया जिले की पंचायत में शिविर में ग्रामीणों ने बाल विवाह उन्मूलन और नशा मुक्ति की ली शपथ
2 अक्टूबर: गया की ग्राम पंचायत में शिविर, ग्रामीणों ने बाल विवाह उन्मूलन और नशा मुक्ति की शपथ ली।
इस हादसे के बाद हादसे के बाद चालक और खलासी मौके से फरार हो गए. इसके बाद बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए और ट्रक से शराब की बोतलें निकालकर ले जाने लगे.
Bihar: गया गांधी मंडप में महात्मा गांधी स्मारक पर श्रद्धांजलि, कमिश्नर और जिप उपाध्यक्ष रहे मौजूद
2 अक्टूबर: गया के गांधी मंडप स्थित गांधी स्मारक पर कमिश्नर और जिप उपाध्यक्ष ने दी श्रद्धांजलि।
जो हुआ वो गलत हुआ.., अनंत सिंह पर बोले बिहार JDU चीफ उमेश कुशवाहा- बहुत जल्द पता चलेगा
बिहार एमएलसी चुनाव में अनंत सिंह के इन तेवरों पर उमेश कुशवाहा ने कहा कि जो हुआ है वो गलत हुआ है। उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि शीर्ष नेतृत्व इसे देख रहा है और जल्द ही इसके बारे में पता चल जाएगा।
Bihar: गया जी विष्णुपद पहुंचे पटना हाईकोर्ट जज, पिंडदानियों के बीच वितरित की सहायता सामग्री
2 अक्टूबर: गया जी विष्णुपद पहुंचे पटना हाईकोर्ट जज, पिंडदानियों के बीच सहायता सामग्री वितरित।
Bihar: गढ़पुरा के नमक सत्याग्रह स्थल पर गांधी जयंती, समिति ने घटिया निर्माण की जांच की मांग की
2 अक्टूबर: गढ़पुरा के नमक सत्याग्रह स्थल पर गांधी जयंती, घटिया निर्माण की जांच की मांग उठी।
Bihar Flood: बिहार के सारण जिले में बाढ़ प्रभावित लोगों को त्वरित राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने के लिए युद्धस्तर पर राहत कार्य संचालित किए जा रहे हैं। बाढ़ पीड़ित किसी भी आपातकालीन स्थिति मे राज्य के आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) के टोल फ्री नंबर 1070 पर सम्पर्क करें।
Bihar: बेगूसराय के बचहा में जर्जर बिजली पोल-तार से हादसे का खतरा, ग्रामीणों ने बदलने की मांग की
2 अक्टूबर: बेगूसराय के बचहा गांव में क्षतिग्रस्त बिजली पोल-तार से हादसे का खतरा, बदलने की मांग।
UP-Bihar Flood: बारिश थमी, फिर भी नदियां उफान पर; यूपी के 30 गांव टापू, बिहार में 3.65 लाख लोग प्रभावित
Weather Today : कई राज्यों में बारिश-आंधी और बिजली का अलर्ट, जानें दिल्ली समेत पूरे देश का मौसम
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2 अक्टूबर: सासाराम में गांधी जयंती पर गांधी स्मारक पर श्रद्धांजलि, DDC और SDM ने किया माल्यार्पण।
दशहरा से पहले बिहार के बाढ़ पीड़ितों को मिलेगा पैसा, फसल बीमा योजना से भी नुकसान का मिलेगा मुआवजा
संजय जायसवाल ने कहा कि 10 अक्टूबर से पहले सरकार किसानों को आर्थिक सहायता देगी। आर्थिक सहायता देने के लिए पीड़ितों की लिस्ट तैयार की जा रही है। इसके तहत पीड़ितों को कैश मदद दी जाएगी।
Bihar STET परीक्षा के लिए डमी प्रवेश पत्र जारी
बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड ने STET परीक्षा के लिए डमी प्रवेश पत्र जारी किया है। उम्मीदवार 1 से 7 अक्टूबर तक इसे डाउनलोड कर सकते हैं। इस लेख में, हम आपको डमी प्रवेश पत्र डाउनलोड करने के चरण और उसमें सुधार करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देंगे। जानें कैसे आप अपने प्रवेश पत्र को सही कर सकते हैं और परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं।
तेज प्रताप की गोद में बैठकर नाची हसीना, बोले- बिहार में...
राइज एंड फॉल 2 के नए प्रोमो में तेज प्रताप यादव का मस्तमौला और कभी-कभी अग्रेसिव अंदाज देखने को मिला. पंजाबी एक्ट्रेस-सिंगर सारा गुरपाल ने तेज प्रताप की गोद में बैठकर रोमांटिक डांस किया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
बक्सा के जंगल में फिर गूंजी रॉयल बंगाल टाइगर की दहाड़, बिहार से लाई गई बाघिन को छोड़ा गया
बिहार से लाई गई एक बाघिन को बक्सा टाइगर रिजर्व में छोड़ा गया, जिससे क्षेत्र में रौनक लौट आई। मुख्यमंत्री ने बक्सा को 2029 तक टाइगर हैबिटैट बनाने और विश्व स्तरीय वन पर्यटन विकसित करने की योजना बताई।
UP Polls 2027: खुद 350 सीटों पर लड़ेगी SP, Congress को 55 सीटें देने का रखा प्रस्ताव
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की तैयारियां तेज़ हो गई हैं और राजनीतिक पार्टियां अपनी स्थिति मज़बूत करने की कोशिशें बढ़ा रही हैं। हालांकि I.N.D.I.A ब्लॉक और NDA के बीच सीटों के बंटवारे पर अभी कोई फ़ैसला नहीं हुआ है, लेकिन गठबंधन के सहयोगी दल ज़्यादा सीटें पाने के लिए दबाव बना रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने संकेत दिया है कि पार्टी उत्तर प्रदेश में कम से कम 150 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी (SP) कांग्रेस को इतनी ज़्यादा सीटें देने के पक्ष में नहीं है और इसके बजाय पार्टियों के चुनावी प्रदर्शन के आधार पर उन्हें बहुत कम सीटें देने पर विचार कर रही है। इसे भी पढ़ें: Shivraj Singh Chouhan ने कांग्रेस की लोकतंत्र बचाओ यात्रा को बताया वंशवाद बचाओ नाटक SP कांग्रेस को 53 से 55 सीटें दे सकती है सूत्रों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी कांग्रेस के साथ सीट-शेयरिंग का फॉर्मूला तय करते समय चुनावी प्रदर्शन पर ध्यान दे रही है। SP गठबंधन के तहत कांग्रेस को लगभग 53 से 55 सीटें देने का प्रस्ताव दे रही है, जबकि पार्टी खुद लगभग 350 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है। खबरों के अनुसार, समाजवादी पार्टी का यह रुख इस बात के आकलन पर आधारित है कि किन सीटों पर उसकी स्थिति सबसे मजबूत है। सूत्रों ने बताया कि पार्टी उन सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है जहां उसकी चुनावी मौजूदगी मजबूत है। प्रस्तावित फॉर्मूले में 2024 के लोकसभा चुनावों के नतीजों को भी ध्यान में रखा गया है। कांग्रेस ने 2024 के चुनावों में उत्तर प्रदेश में छह लोकसभा सीटें जीती थीं। इन सीटों के अंतर्गत 30 विधानसभा क्षेत्र आते हैं, जबकि 11 विधानसभा सीटें उन लोकसभा क्षेत्रों के अंतर्गत आती हैं जहां कांग्रेस ने चुनाव लड़ा था लेकिन हार गई थी। सूत्रों के अनुसार, SP कांग्रेस के लिए 53 से 55 सीटों का प्रस्तावित आंकड़ा तय करने के लिए इन क्षेत्रों में कांग्रेस के विधानसभा-वार प्रदर्शन को अपने हिसाब-किताब का आधार बना रही है। इसी तरह, समाजवादी पार्टी 2024 के लोकसभा चुनावों में अपने प्रदर्शन का भी आकलन कर रही है, जिसमें जीती गई 37 सीटें और वे क्षेत्र शामिल हैं जहां वह हार गई थी लेकिन विधानसभा स्तर पर उसे बढ़त मिली थी। सूत्रों ने बताया कि इसी आकलन के आधार पर पार्टी लगभग 350 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi से मुलाकात के बाद Raja Warring ने खोले पत्ते, इस्तीफे पर दिया साफ जवाब कांग्रेस कम से कम 150 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है कांग्रेस नेताओं ने कई बार संकेत दिया है कि पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कम से कम 150 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद ने कई मौकों पर पार्टी की इस मांग के बारे में सार्वजनिक रूप से बात की है। सूत्रों का कहना है कि सीट बंटवारे को लेकर चल रही बातचीत के दौरान कांग्रेस नेता समाजवादी पार्टी पर दबाव भी बना रहे हैं। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक, SP दबाव में आकर अपने प्रस्तावित फॉर्मूले में कोई बड़ा बदलाव करने को तैयार नहीं दिख रही है। इसे भी पढ़ें: Bihar विधान परिषद चुनाव: Congress ने 5 सीटों पर उतारे प्रत्याशी, 3 पर RJD से होगा मुकाबला 2017 में SP-कांग्रेस सीट बंटवारा फॉर्मूला समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव से पहले गठबंधन किया था, जिसमें दोनों पार्टियां 298:105 के सीट-बंटवारे फॉर्मूले पर सहमत हुई थीं। इस व्यवस्था के तहत, SP को राज्य की 403 विधानसभा सीटों में से 298 सीटों पर चुनाव लड़ना था, जबकि कांग्रेस को 105 सीटें दी गई थीं। हालांकि, इस फॉर्मूले को लागू करने में कुछ दिक्कतें आईं और आखिरकार दोनों पार्टियों ने कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में अपने-अपने उम्मीदवार उतार दिए। चुनाव में SP ने कुल 311 सीटों पर और कांग्रेस ने 114 सीटों पर चुनाव लड़ा। SP ने 47 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस पार्टी 2017 में केवल सात सीटों पर ही सिमट गई।
VIDEO: बिहार में बीच सड़क पर मच गई शराब की लूट; महिला, बच्चे, बुजुर्ग कोई पीछे नहीं
दुर्घटना के बाद शराब लदी ट्रक छोड़कर ड्राइवर और तस्कर फरार हो गए। बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण हादसे के स्थल पर पहुंचे और शराब की बोतलें और कार्टन लेकर फरार हो गए।
Bihar: नवादा में दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक CSP से 1.75 लाख की चोरी, थाने से 100 मीटर दूर हुई वारदात
2 अक्टूबर, शुक्रवार: नवादा में दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक CSP की दीवार तोड़ 1.75 लाख की चोरी।
Rahul Gandhi से मुलाकात के बाद Raja Warring ने खोले पत्ते, इस्तीफे पर दिया साफ जवाब
पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित 10 जनपथ पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से करीब एक घंटे तक मुलाकात की। प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद हुई इस मुलाकात को पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व बदलाव के बीच अहम माना जा रहा है। वड़िंग ने मुलाकात के बाद बताया कि उन्होंने राहुल गांधी को औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंप दिया है। वड़िंग ने कहा कि राहुल गांधी के साथ उनकी बहुत अच्छी बातचीत हुई। उन्होंने कहा, राहुल गांधी ने मुझे बहुत प्यार और स्नेह दिया। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने पंजाब के मौजूदा राजनीतिक हालात, सरकार की स्थिति और आगे पार्टी को किस तरह काम करना चाहिए, इस बारे में जानकारी ली। राहुल गांधी से किन मुद्दों पर हुई बात? वड़िंग के मुताबिक, उन्होंने राहुल गांधी के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर अपने करीब साढ़े चार साल के अनुभव को साझा किया। उन्होंने पंजाब में कांग्रेस के सामने मौजूद चुनौतियों, उनसे निपटने के तरीकों और पार्टी की ताकत के बारे में राहुल गांधी से विस्तार से चर्चा की। वड़िंग के इस्तीफे के बाद पंजाब कांग्रेस में नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी के भीतर कई नामों पर चर्चा चल रही है। इनमें पूर्व सांसद विजय इंदर सिंगला का नाम भी प्रमुखता से सामने आया है। #WATCH | Delhi | On meeting with Congress central leadership, Congress MP Amarinder Singh Raja Warring says, ...I met my leader, Rahul Gandhi. I answered the questions he asked about Punjab and shared my thoughts. He showed great affection. After that meeting, my wife and I came… pic.twitter.com/HmboLbJfPc — ANI (@ANI) October 2, 2026 इसे भी पढ़ें: Shivraj Singh Chouhan ने कांग्रेस की लोकतंत्र बचाओ यात्रा को बताया वंशवाद बचाओ नाटक मुझसे इस्तीफा मांगा नहीं गया, मैंने खुद दिया वड़िंग ने साफ किया कि उनसे इस्तीफा मांगा नहीं गया था, बल्कि उन्होंने खुद इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी बात का मलाल नहीं है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अब उन्हें कुछ दिन आराम की जरूरत है। वह कुछ दिनों के लिए छुट्टी लेना चाहते हैं, लेकिन कांग्रेस से उनका जुड़ाव पहले की तरह बना रहेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी को जब और जहां उनकी जरूरत होगी, वह वहां खड़े रहेंगे। कौन क्या कहता है, फर्क नहीं पड़ता वड़िंग ने यह भी कहा कि कौन क्या कहता है, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने राहुल गांधी के प्रति अपनी निष्ठा जाहिर करते हुए कहा कि उनके ऊपर राहुल गांधी की मेहरबानी रही है। इसे भी पढ़ें: Bihar विधान परिषद चुनाव: Congress ने 5 सीटों पर उतारे प्रत्याशी, 3 पर RJD से होगा मुकाबला नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चर्चा तेज वड़िंग ने करीब साढ़े चार साल तक पंजाब कांग्रेस की कमान संभाली। उनके इस्तीफे के बाद अब नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर पार्टी में चर्चा तेज है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, विजय इंदर सिंगला का नाम प्रमुख दावेदारों में है। उनके अलावा परगट सिंह, राणा केपी सिंह, सुखबिंदर सिंह सरकारिया, चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा जैसे नाम भी चर्चा में हैं। नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा जल्द होने की उम्मीद जताई जा रही है।
बॉलीवुड के 'संजू बाबा' ने पितृपक्ष में बिहार के गया में किया पिंडदान
भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और धार्मिक आस्था के केंद्र माने जाने वाले ऐतिहासिक तीर्थ स्थल बिहार के गयाजी से इस वक्त एक बहुत ही श्रद्धा से ओत-प्रोत और बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। हिंदी सिनेमा जगत के लोकप्रिय और दिग्गज अभिनेता संजय दत्त (Sanjay Dutt), जिन्हें उनके फैंस प्यार से 'संजू बाबा' बुलाते हैं, हाल ही में पितृपक्ष के पवित्र अवसर पर अचानक गयाजी पहुंचे। अपने दिवंगत माता-पिता (सुनील दत्त और नरगिस दत्त) और पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनकी मुक्ति की कामना के लिए संजय दत्त ने विष्णुपाद मंदिर के प्रांगण में पहुंचकर पूरे धार्मिक विधि-विधान और कर्मकांड के साथ पिंडदान और तर्पण किया। इस दौरान उनके साथ स्थानीय तीर्थ पुरोहित और ब्राह्मण मौजूद रहे जिन्होंने पूरी सनातन परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना संपन्न कराई। अपनी व्यस्त फिल्मी दुनिया और चकाचौंध से दूर एक आम इंसान की तरह पूरी निष्ठा के साथ अनुष्ठान करते हुए संजय दत्त की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसे देखकर उनके फैंस उनकी इस धार्मिक निष्ठा और पारिवारिक संस्कारों की जमकर तारीफ कर रहे हैं।पितृपक्ष का महत्व और गयाजी में पिंडदान की सनातन परंपराहिंदू धर्म में पितृपक्ष (Pitru Paksha) के इन सोलह दिनों का विशेष और अत्यंत पवित्र महत्व माना गया है, जिसमें लोग अपने दिवंगत पूर्वजों, माता-पिता और बुजुर्गों को याद करते हैं तथा उनकी आत्मा की तृप्ति के लिए पिंडदान, श्राद्ध और तर्पण करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बिहार के गयाजी में फल्गु नदी के तट और प्रसिद्ध विष्णुपाद मंदिर में पिंडदान करने से पूर्वजों को सीधे मोक्ष की प्राप्ति होती है और वे बैकुंठ धाम को प्रस्थान करते हैं। यही वजह है कि साल के इस विशेष समय में देश के कोने-कोने से ही नहीं, बल्कि दुनिया भर से बड़े-बड़े उद्योगपति, राजनेता, फिल्मी सितारे और आम नागरिक गयाजी की पावन भूमि पर पहुंचते हैं। संजय दत्त का इस पावन अवसर पर गया आना और अपनी जड़ों तथा पारिवारिक परंपराओं से जुड़ाव दिखाते हुए पूरी श्रद्धा के साथ अनुष्ठान करना यह साबित करता है कि कितनी भी आधुनिकता आ जाए, लेकिन अपनी संस्कृति और पूर्वजों के प्रति सम्मान का भाव हर भारतीय के दिल में हमेशा जीवित रहता है।विष्णुपाद मंदिर में संजय दत्त का आध्यात्मिक और सरल रूपजब अभिनेता संजय दत्त गया के प्राचीन और ऐतिहासिक विष्णुपाद मंदिर पहुंचे, तो वहां का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया। पारंपरिक परिधान में पहुंचे संजय दत्त ने मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर भगवान विष्णु के चरण कमलों के दर्शन किए और वहां मौजूद विद्वान पंडा-ब्राह्मणों के मार्गदर्शन में अपने पितरों के निमित्त विशेष पूजा-अर्चना की। आमतौर पर बड़े पर्दे पर एक्शन और रफ-टफ किरदारों में नजर आने वाले संजय दत्त का यह पूरी तरह से शांत, गंभीर और आध्यात्मिक रूप देखकर वहां मौजूद स्थानीय लोग और तीर्थयात्री भी हतप्रद रह गए। उन्होंने बहुत ही विनम्रता के साथ सभी धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया, मंत्रोच्चार सुने और पुरोहितों द्वारा बताए गए एक-एक नियम का पूरी तन्मयता से पालन किया। गया के तीर्थ पुरोहितों ने भी अभिनेता की इस सहजता और धार्मिक संस्कारों की सराहना करते हुए कहा कि एक ग्लोबल स्टार होने के बावजूद जिस तरह उन्होंने जमीन से जुड़े रहकर अपने पितरों का श्राद्ध किया, वह वाकई प्रेरणादायक है।सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें और फैंस की भावुक प्रतिक्रियाएंसंजय दत्त के गयाजी में पिंडदान करने की यह खबर जैसे ही मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आई, वैसे ही उनके चाहने वालों के बीच यह चर्चा का विषय बन गई। फैंस लगातार उनकी तस्वीरों को शेयर कर रहे हैं और उनके इस कदम की सराहना कर रहे हैं, क्योंकि बॉलीवुड इंडस्ट्री में कई बार सेलिब्रिटी अपनी धार्मिक या सांस्कृतिक जड़ों से दूर नजर आते हैं, लेकिन संजय दत्त ने जिस प्रकार खुलकर और पूरे विधि-विधान के साथ अपने दिवंगत माता-पिता को याद किया, उसने सबका दिल जीत लिया है। उनके दिवंगत पिता सुनील दत्त और मां नरगिस दत्त भारतीय सिनेमा के ऐसे स्तंभ रहे हैं जिनका देश भर में भारी सम्मान है, और उनके बेटे द्वारा इस तरह गया में पिंडदान करना परिवार की समृद्ध परंपराओं को आगे बढ़ाने का प्रतीक है। इस पूरी घटना ने एक बार फिर से यह दिखा दिया है कि गयाजी की यह पवित्र भूमि किस प्रकार दुनिया भर के लोगों को अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा से बांधे रखती है, और कैसे सनातन संस्कृति के धागे आज भी हर व्यक्ति के जीवन को मजबूती से जोड़े हुए हैं।
2 अक्टूबर, शुक्रवार: बेगूसराय में रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा रहा औटा-सिमरिया पुल, बना आकर्षण केंद्र।
Supreme Court ने Ganga floodplains से अवैध निर्माण हटाने के लिए Bihar को दिया आठ सप्ताह का समय
नयी दिल्ली, दो अक्टूबर उच्चतम न्यायालय ने बिहार सरकार को पटना में नौजर घाट और नूरपुर घाट के बीच गंगा के डूब क्षेत्र में मौजूद सभी अवैध ढांचों और अतिक्रमणों को हटाने संबंधी अपने निर्देशों का पालन करने के लिए आठ सप्ताह का समय दिया है। न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि 21 जुलाई को शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को छह सप्ताह का समय दिया था, ताकि नौजर घाट और नूरपुर घाट के बीच गंगा के डूब क्षेत्र में मौजूद प्रत्येक अवैध ढांचे और अतिक्रमण को हटाना सुनिश्चित किया जा सके। बिहार के महाधिवक्ता एस डी संजय ने 28 सितंबर को पीठ को बताया था कि शीर्ष अदालत द्वारा जारी निर्देशों का आंशिक रूप से पालन किया गया है। उन्होंने कहा कि नेपाल में हाल में आई प्राकृतिक आपदा के कारण गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे पूरा क्षेत्र जलमग्न हो गया और अधिकारियों के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया। पीठ ने कहा, ‘‘हम अपने निर्देशों का पालन करने के लिए अंतिम बार आठ सप्ताह का समय दे रहे हैं। ऐसा नहीं होने पर हमें बिहार के मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों को हमारे समक्ष तलब करना होगा तथा हम अवमानना की कार्यवाही भी आगे बढ़ा सकते हैं।’’पीठ ने कहा, ‘‘आठ सप्ताह बाद, यानी अगली सुनवाई की तारीख पर, हम अतिक्रमण हटाने के संबंध में हमारे द्वारा दिए गए निर्देशों के पूर्ण अनुपालन की रिपोर्ट चाहते हैं। इसके बाद कोई और समय नहीं दिया जाएगा।’’शीर्ष अदालत राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के जून 2020 के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण और स्थायी अतिक्रमण के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी गई थी।
Bihar: बेगूसराय के बखरी में गांधी जयंती पर छात्राओं का स्वच्छता अभियान, SDO ने बताए गांधी के विचार
2 अक्टूबर, शुक्रवार: बेगूसराय के बखरी में गांधी जयंती पर छात्राओं ने स्वच्छता अभियान चलाया।
सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने सहकारी बैंकों की समीक्षा में सख्ती दिखाई। एनपीए, माइक्रो एटीएम, ऋण वितरण में गड़बड़ी पर प्रबंध निदेशकों की जवाबदेही तय होगी। वहीं, भागलपुर में 99.8% और तिरहुत में 99.64% धान की खरीद हुई है।
2 अक्टूबर, शुक्रवार: गया के गुरुपद गिरी पर्वत का विहंगम दृश्य, हिंदू-बौद्ध संगम स्थल पर हजारों पर्यटक आते हैं।
Bihar: LS कॉलेज में गांधी जयंती पर सर्वधर्म प्रार्थना, शिक्षकों-छात्रों और NCC कैडेट्स ने भाग लिया
2 अक्टूबर, शुक्रवार: LS कॉलेज में गांधी जयंती पर सर्वधर्म प्रार्थना, सत्य-अहिंसा और एकता का संदेश याद।
2 अक्टूबर, शुक्रवार: बेगूसराय स्थापना दिवस पर DM ने वॉक फॉर बेगूसराय किया, स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया।
Bihar विधान परिषद चुनाव: Congress ने 5 सीटों पर उतारे प्रत्याशी, 3 पर RJD से होगा मुकाबला
पटना, दो अक्टूबर बिहार विधान परिषद के चुनाव के लिए कांग्रेस ने जिन पांच सीट पर उम्मीदवारों की घोषणा की है, उनमें से तीन पर सीधा मुकाबला उसके सहयोगी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से हो सकता है। बिहार के द्विसदनीय विधानमंडल के उच्च सदन की आठ सीट के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होना है। स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की चार-चार सीट का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त हो रहा है। बृहस्पतिवार देर शाम कांग्रेस महासचिव (संगठन) के. सी. वेणुगोपाल की ओर से जारी स्वीकृत सूची के अनुसार, पार्टी ने दरभंगा शिक्षक सीट से अपने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा को फिर से चुनावी मैदान में उतारा है। राजद ने इस सीट से अभी अपना कोई प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। इसी तरह, पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस ने संजय यादव को उम्मीदवार बनाया है। इस सीट से भी राजद चुनाव नहीं लड़ रहा है। हालांकि, कांग्रेस ने कोसी स्नातक सीट से मनोज कुमार जायसवाल, दरभंगा स्नातक सीट से रजनीकांत पाठक और पटना स्नातक सीट से असदुल्लाह खान को उम्मीदवार बनाया है और इन तीनों ही सीट पर राजद भी अपने उम्मीदवार उतार चुका है। राजद ने पिछले महीने छह सीट के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की थी और कहा था कि ‘‘शेष सीट पर फैसला लिया जाना बाकी है।’’स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में वे लोग मतदान करने के पात्र हैं, जिनके पास भारत के किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कम से कम तीन वर्ष पुरानी स्नातक की डिग्री है और जो संबंधित क्षेत्र के निवासी हैं। इसी तरह, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में माध्यमिक विद्यालयों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में कम से कम तीन वर्ष का शिक्षण अनुभव रखने वाले लोग मतदान कर सकते हैं। दोनों ही मामलों में मतदाता का नाम इस उद्देश्य के लिए तैयार की गई मतदाता सूची में दर्ज होना अनिवार्य है।
Bihar: गोपालगंज में रात में बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे DDC, 1500 पैकेट राहत सामग्री बांटी
2 अक्टूबर, शुक्रवार: गोपालगंज में DDC ने रात में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया, राहत सामग्री बांटी।
2 अक्टूबर, शुक्रवार: औरंगाबाद में लापता ढाई साल के बच्चे का शव नहर में मिला, हत्या की आशंका, FSL जांच।
Bihar: शीतलपुर तटबंध टूटने पर कार्यपालक अभियंता निलंबित, 11 घंटे में कार्रवाई, जांच के आदेश
2 अक्टूबर, शुक्रवार: शीतलपुर तटबंध टूटने पर कार्यपालक अभियंता निलंबित, 11 घंटे में कार्रवाई, जांच के आदेश।
Bihar MLC Election: अनुज सिंह के नामांकन में अनंत सिंह का शक्ति प्रदर्शन, पटना शिक्षक सीट पर भी चर्चा तेज
2 अक्टूबर, शुक्रवार: बेगूसराय में मेयर और अधिकारियों ने गांधी-शास्त्री जयंती मनाई, सत्य-अहिंसा संदेश याद किया।
Bihar: गया-कोडरमा सेक्शन के स्टेशनों पर सोलर लाइट की सुविधा बढ़ी, छत पर सोलर प्लांट लगाया जा रहा
2 अक्टूबर, शुक्रवार: गया-कोडरमा सेक्शन के स्टेशनों पर सोलर लाइट सुविधा बढ़ी, छत पर सोलर प्लांट लगा।
Bihar: 768 बोतल शराब के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, कार जब्त की गई
2 अक्टूबर, शुक्रवार: 768 बोतल शराब के साथ दो तस्कर धराए, पुलिस ने कार जब्त की।
Bihar Weather: पटना समेत कई जिलों में आज तेज धूप, उमस बढ़ाएगी गर्मी का असर
Bihar Weather: पटना समेत कई जिलों में आज तेज धूप, उमस बढ़ाएगी गर्मी का असर
Bihar: पारू में बाढ़ में बहकर आया हिरण का झुंड, वन विभाग ने सुरक्षित तरीके से किया रेस्क्यू
2 अक्टूबर, शुक्रवार: पारू में बाढ़ में बहकर आया हिरण, वन विभाग ने सुरक्षित रेस्क्यू किया।
Bihar MLC Election: प्रशांत किशोर का बड़ा ऐलान, 10 हजार युवाओं को नौकरी और शिक्षकों को 7वां वेतनमान देने का वादा
Bihar Flood: बिहार में बाढ़ से बिगड़े हालात, वायुसेना ने संभाला राहत मोर्चा; दो और तटबंध टूटने से मची तबाही
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 2 अक्टूबर के मुख्य और ताजा समाचार
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gorakhpur siliguri expressway गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे परियोजना उत्तर बिहार को पूर्वोत्तर से जोड़ेगी, जिससे सड़क कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी। यह 520 किमी लंबा कॉरिडोर बिहार के कई जिलों से गुजरेगा, जिससे यात्रा आसान होगी और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
बिहार की जेलों में बंद कैदियों की कमाई का एक तिहाई हिस्सा पीड़ित परिवारों को दिया जा रहा है, जिसके तहत गांधी जयंती पर 1820 परिवारों को 3.86 करोड़ रुपये वितरित किए जाएंगे। इसी अवसर पर, मानवीय आधार पर 44 वृद्ध और बीमार कैदियों को भी रिहा किया जा रहा है, जिनमें 93 वर्षीय रामवृक्ष और 21 साल से बंद कुंभिया देवी शामिल हैं।
अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर गुरुवार दोपहर बड़ा हादसा टल गया। प्लेटफॉर्म नंबर-3 से अमृतसर जंक्शन से बिहार के कटिहार जंक्शन तक जाने वाली अम्रपाली एक्सप्रेस रवाना हो रही थी। इसी दौरान एक यात्री ने चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश की। संतुलन बिगड़ने से वह प्लेटफॉर्म पर गिर गया और ट्रेन व प्लेटफॉर्म के बीच फंसने की स्थिति बन गई। यात्री को गिरते देख प्लेटफॉर्म पर ड्यूटी कर रहे RPF कांस्टेबल विजय सिंह तुरंत उसकी ओर दौड़े। उन्होंने अपनी सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए यात्री को ट्रेन की चपेट में आने से पहले खींचकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पूरी घटना स्टेशन पर लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। TTE के बयान पर हस्ताक्षर कराने प्लेटफॉर्म पर मौजूद थे विजय RPF के अनुसार, गाड़ी संख्या 15708 अम्रपाली एक्सप्रेस गुरुवार दोपहर करीब 1:02 बजे प्लेटफॉर्म नंबर-3 से रवाना हो रही थी। कांस्टेबल विजय सिंह उस समय कार्यालय ड्यूटी पर थे। वह 27 जून की घटना के संबंध में इसी ट्रेन में ड्यूटी कर रहे TTE नंद किशोर के बयान पर हस्ताक्षर कराने के लिए प्लेटफॉर्म पर मौजूद थे। इसी दौरान उनकी नजर चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास कर रहे यात्री पर पड़ी। कुछ सेकंड में बदल सकती थी तस्वीर यात्री के ट्रेन की चपेट में आने की आशंका को देखते हुए विजय सिंह ने बिना समय गंवाए उसे पकड़ लिया। उन्होंने यात्री को ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच से खींचकर बाहर निकाला। इससे उसकी जान बच गई। घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें RPF जवान द्वारा यात्री को बचाने की पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है। वहीं RPF की ओर से कांस्टेबल विजय सिंह के इस त्वरित और जीवनरक्षक प्रयास को सराहनीय बताया गया है। ------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… अंबाला में चलती मालवा एक्सप्रेस से गिरे 2 यात्री:RPF जवान ने बचाई जान, ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी; CCTV में हादसा कैद अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार शाम करीब 5:10 बजे चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहे दो यात्री प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच गिर गए। दोनों यात्रियों को गिरता देख RPF कांस्टेबल रमित कुमार तुरंत दौड़े और उन्हें ट्रेन के चपेट में आने से बचाकर सुरक्षित बाहर निकाला। (पूरी खबर पढ़ें)
Bihar Weather Today: तेज धूप के आसार, उमस छुड़ाएगी पसीने; बारिश पर क्या कहता है IMD?
आज पटना समेत अधिकांश जिलों में तेज धूप का सामना करना पड़ सकता है। धूप और उमस की वजह से गर्मी का एहसास अधिक होगा।
मानसून की विदाई के बाद भी बिहार में गर्माहट बनी हुई है और कड़ाके की ठंड देर से पड़ने की संभावना है। अक्टूबर से दिसंबर तक तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा, जबकि 5 से 7 अक्टूबर के बीच हल्की बारिश के आसार हैं।
पटना जिले के दियारा इलाके में भी परेशानी बढ़ गई है। भयावह होती बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बाढ़ प्रभावित इलाकों में आपदा राहत बल की 41 टीमें तैनात की गई हैं। गंडक नदी से चंपारण, वैशाली, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर जिलों में भी तबाही काआलम है।
2 अक्टूबर 1972 का दिन भारतीय इतिहास में सिर्फ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के रूप में दर्ज नहीं है। बल्कि बिहार के प्रशासनिक और भौगोलिक मानचित्र पर यह तारीख एक नई औद्योगिक और सांस्कृतिक महागाथा के उदय का प्रतीक भी है। इसी ऐतिहासिक दिन मुंगेर जिले का विभाजन कर बेगूसराय को एक स्वतंत्र जिले का दर्जा दिया गया था। उत्तर और दक्षिण बिहार के मुहाने पर बसा बेगूसराय महज एक प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि क्रांति, कविता, कृषि और कारखानों का एक अद्भुत संगम है। इसे एक तरफ जहां बिहार की औद्योगिक राजधानी का गौरव हासिल है। वहीं दूसरी ओर इसकी राजनीतिक वैचारिकी के कारण इसे दशकों तक बिहार का लेनिनग्राद भी कहा गया। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की ओजस्वी पंक्तियों से लेकर बरौनी रिफाइनरी की गर्जना तक, बेगूसराय की कहानी भारत के आधुनिक निर्माण और सामाजिक परिवर्तन का जीवंत दस्तावेज है। प्राचीन महाजनपद काल से आजादी के समर तक बेगूसराय का इतिहास सदियों पुराना और समृद्ध सांस्कृतिक विरासतों से आच्छादित है। बेगूसराय शहर की ड्रोन की तीन तस्वीरें देखिए जयमंगला गढ़, नौलागढ़ में आज भी दिखता है पाल वंश का अवशेष गंगा तट पर स्थित होने के कारण यह मिथिला और अंग संस्कृति का सीमावर्ती मिलन बिंदु रहा है। पाल वंश के शासनकाल में भी इस क्षेत्र का महत्वपूर्ण सामरिक और व्यापारिक महत्व था, जिसके अवशेष आज भी जयमंगला गढ़ और नौलागढ़ के उत्खनन में दिखाई देते हैं। नौलागढ़ की प्राचीन सभ्यता यह प्रमाणित करती है कि बौद्ध और गुप्त काल में बेगूसराय व्यापार और बौद्ध संस्कृति का एक बड़ा केंद्र था। मध्यकाल में बेगम सहजो के नाम पर इस क्षेत्र के एक विश्रामगृह का नाम बेगमसराय पड़ा, जो कालांतर में अपभ्रंश होकर बेगूसराय बन गया। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में बेगूसराय की भूमिका अत्यंत ओजस्वी और क्रांतिकारी रही है। 1930 का नमक सत्याग्रह हो या 1942 का भारत छोड़ो आंदोलन, यहां के युवाओं और किसानों ने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी थी। बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की कर्मभूमि स्वामी सहजानंद सरस्वती के नेतृत्व में बिहार प्रांतीय किसान सभा का बेगूसराय प्रमुख केंद्र बना। जहां किसानों ने अपनी जमींदारी उत्पीड़न के खिलाफ संगठित आवाज बुलंद की। बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह (श्रीबाबू) का कर्मक्षेत्र बेगूसराय ही रहा। गढ़पुरा में नमक कानून तोड़कर स्वतंत्रता संग्राम की अलख जगाने वाले सेनानियों की गाथा आज भी यहां के लोकजीवन में गूंजती है। आजादी के बाद बेगूसराय के त्वरित विकास और प्रशासनिक सुगमता की जरूरत को देखते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री केदार पांडेय के कार्यकाल में 2 अक्टूबर 1972 को इसे मुंगेर से अलग कर एक पूर्ण जिले का स्वरूप प्रदान किया गया। भौगोलिक दृष्टिकोण से बेगूसराय उत्तर बिहार का एक अति महत्वपूर्ण द्वार है। करीब 1918 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैले इस जिले की सीमाएं उत्तर में समस्तीपुर और खगड़िया, दक्षिण में गंगा नदी के पार लखीसराय और मुंगेर, पूर्व में खगड़िया तथा पश्चिम में समस्तीपुर जिलों से मिलती हैं। बेगूसराय की भूमि जलोढ़ मिट्टी से निर्मित अत्यंत उपजाऊ समतल मैदान है, जो गंगा और उसकी सहायक नदियों द्वारा लाए गए अवसादों से समृद्ध हुई है। बेगूसराय में एशिया की सबसे बडी मीठे पानी की झील इस जिले का भौगोलिक जीवन यहां की नदियों से संचालित होता है। प्रवाहित होने वाली पवित्र गंगा नदी जिले की जीवनरेखा है, तो मध्य और बीच के भाग में बूढ़ी गंडक, बलान और बैंती अपना फैलाव बनाती हैं। बेगूसराय की सबसे अनूठी भौगोलिक पहचान यहां स्थित काबर झील (काबड़ ताल) है। 67 वर्ग किलोमीटर में फैली एशिया की यह सबसे बड़ी मीठे पानी की गोखुर झील है। जिसे पक्षी अभयारण्य का दर्जा प्राप्त है और इसे अंतरराष्ट्रीय महत्व की रामसर साइट घोषित किया गया है। हर साल सर्दियों के मौसम में साइबेरिया, मध्य एशिया और हिमालयी क्षेत्रों से हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर लाखों प्रवासी पक्षी कावर झील पहुंचते हैं। इसके अलावा सिमरिया घाट गंगा का वह पवित्र तट है, जहां सदियों से कल्पवास मेले की परंपरा चली आ रही है और जिसे मिथिला के प्रवेश द्वार के रूप में भी जाना जाता है। बेगूसराय को बिहार का इकोनॉमी पावरहाउस भी कहा जाता है अर्थशास्त्र के दृष्टिकोण से बेगूसराय को बिहार का इकोनॉमिक पॉवरहाउस माना जाता है। स्वतंत्रता के तुरंत बाद नव-निर्माण के दौर में जब देश में बड़े बुनियादी उद्योगों की स्थापना हो रही थी, तब बेगूसराय को राज्य के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में चुना गया। 1964 में सोवियत संघ और रोमानिया के सहयोग से स्थापित बरौनी तेल शोधक कारखाना (IOCL Refinery) बेगूसराय की अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित हुआ। इसके बाद बरौनी थर्मल पावर स्टेशन की स्थापना ने पूरे राज्य को ऊर्जा की रोशनी दी। हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (HURL) का नया खाद कारखाना और हाल के वर्षों में स्थापित पेप्सी का विशाल बॉटलिंग प्लांट इस बात का प्रमाण हैं कि बेगूसराय आज भी निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है। उद्योगों की इस विशाल श्रृंखला के साथ-साथ बेगूसराय की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा कृषि और पशुपालन पर टिका हुआ है। यहां उत्पादित मक्का न केवल देश के विभिन्न राज्यों में भेजा जाता है, बल्कि इसका बड़े पैमाने पर औद्योगिक और पोल्ट्री फीड के रूप में प्रसंस्करण भी होता है। मक्के के अलावा बेगूसराय में केले की खेती, मिर्च, ईंख और आम-लीची का बंपर उत्पादन होता है। हाल के वर्षों में यहां मखाना उत्पादन और उसके प्रसंस्करण ने भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया बल दिया है। दुध उत्पादन मामले में भी बिहार के अग्रणी जिलों में शामिल है बेगूसराय दुग्ध उत्पादन के मामले में बेगूसराय बिहार के अग्रणी जिलों में शामिल है, जहां सुधा डेयरी का बड़ा नेटवर्क ग्रामीण महिलाओं और पशुपालकों को आर्थिक स्वावलंबन प्रदान कर रहा है। औद्योगीकरण और कृषि के इस दुर्लभ मेल ने बेगूसराय को प्रति व्यक्ति आय के मामले में बिहार के शीर्ष जिलों की कतार में ला खड़ा किया है। बेगूसराय का समाजशास्त्र अत्यंत अनूठा, बहुआयामी और क्रांतिकारी रहा है। सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से यह माटी साहित्य, दर्शन और लोक चेतना की उर्वर भूमि रही है। सिमरिया गांव में जन्मे राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर ने अपनी ओजस्वी कविताओं से भारतीय मानस को झकझोरा और सिंहासन खाली करो कि जनता आती है जैसे अमर उद्घोष दिए। बेगूसराय की माटी ने न केवल कलम के सिपाहियों को जन्म दिया। बल्कि यहां के समाज में शिक्षा और राजनीतिक जागरूकता की गहरी पैठ रही है। गणेश दत्त कॉलेज (जीडी कॉलेज) दशकों से उत्तर बिहार में उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र रहा है, जिसने देश को अनेक प्रशासनिक अधिकारी, वैज्ञानिक और साहित्यकार दिए हैं। सामाजिक-राजनीतिक ताने-बाने की बात करें तो बेगूसराय का इतिहास दो परस्पर विरोधी धाराओं का अनूठा मिश्रण रहा है। एक तरफ जहां यहां पारंपरिक सामाजिक संरचना और भूस्वामी वर्ग का वर्चस्व रहा, वहीं दूसरी तरफ किसान आंदोलनों और वामपंथी विचारधारा की मजबूत जड़ें पनपीं। 1950 से 1990 के दशकों में बिहार का लेनिनग्राद रहा बेगूसराय 1950 से 1990 के दशकों के बीच कम्युनिस्ट पार्टी का इस जिले में इतना प्रभाव बढ़ा कि इसे बिहार का लेनिनग्राद कहा जाने लगा। कारखानों के मजदूरों और खेतों के किसानों की लामबंदी ने यहां की राजनीति को एक नया मोड़ दिया। हालांकि, 1990 के दशक के बाद मंडल आयोग के प्रभाव और बिहार के व्यापक राजनीतिक बदलाव के साथ बेगूसराय का समाजशास्त्र भी बदला। यहां की राजनीति में जातिगत समीकरण बेहद महत्वपूर्ण हो गए, जहां भूमिहार, यादव, अति पिछड़ा वर्ग और मुस्लिम समुदाय चुनावों के नतीजों को तय करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक जीवन में बेगूसराय का लोकजीवन बेहद जीवंत है। छठ पूजा, दुर्गा पूजा और सिमरिया का कल्पवास मेला यहां की सांस्कृतिक आत्मा हैं। कार्तिक महीने में सिमरिया घाट पर लाखों श्रद्धालु एक महीने तक पर्णकुटी बनाकर कल्पवास करते हैं, जो यहां की गहन आध्यात्मिक परंपरा को दर्शाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में सामा-चकेवा, जितिया और मुहर्रम जैसे त्योहार सामाजिक ताने-बाने को मज़बूती देते हैं। आधुनिकता की दौड़ में बेगूसराय शहर जहां महानगरीय जीवनशैली की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं गांव आज भी अपनी पारंपरिक कृषि संस्कृति, चौपालों की बैठकों और लोक कलाओं को सहेजे हुए हैं। 2 अक्टूबर 1972 को जब बेगूसराय का जन्म एक पृथक जिले के रूप में हुआ था, तब से लेकर आज तक इस जिले ने विकास, संघर्ष और सामाजिक चेतना के अनगिनत सोपान तय किए हैं। काबर झील के पर्यावरणीय संरक्षण से लेकर नए उद्योगों के आगमन और राष्ट्रकवि दिनकर की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने तक, बेगूसराय आज भी बिहार की प्रगति की धुरी बना हुआ है। औद्योगिक धुएं के बीच उगते सूरज की किरणें और गंगा की अविरल धार बेगूसराय के इस संकल्प को बयां करती हैं कि यह जिला अतीत के गौरव से ऊर्जा लेकर भविष्य के नए क्षितिज छूने के लिए सदैव तत्पर है।
बिहार शिक्षक स्थानांतरण MLC चुनाव आचार संहिता के कारण फंसा, आयोग के निर्देश का इंतजार
Bihar Teacher Transfer Rules: बिहार विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता के चलते शिक्षकों के स्थानांतरण पर रोक लग गई है। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग से मार्गदर्शन मांगा है, जिसके बाद ही अंतिम सूची जारी होगी।
पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे समेत कई बड़ी परियोजनाओं में आएगी तेजी, बिहार में बिछेगा सड़कों का जाल
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बिहार में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा की और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा बताई गई नई गाद प्रबंधन नीति की सराहना की।
Amroha News: मादक पदार्थों की तस्करी में बिहार के दो दोषियों को 10 साल की सजा
मादक पदार्थों की तस्करी के करीब नौ साल पुराने मामले में एफटीसी द्वितीय की अदालत ने बुधवार को बिहार निवासी दो दोषियों को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
Kushinagar News: एपी बांध पर यूपी-बिहार के ग्रामीणों में झड़प, पुलिस तैनात
Clash between villagers from UP and Bihar at AP Dam; police deployed.
कांग्रेस ने 4 सीटों पर राजद के खिलाफ कैंडिडेट उतारे, बिहार MLC चुनाव में भी फ्रेंडली फाइट
कांग्रेस ने दरभंगा शिक्षक सीट पर मदन मोहन झा को रिपीट किया है। वहीं, पटना शिक्षक, पटना स्नातक, दरभंगा स्नातक और कोसी स्नातक सीट पर भी कांग्रेस ने उम्मीदवार उतारे हैं। इन चारों सीटों पर विधान परिषद चुनाव में फ्रेंडली फाइट देखने को मिलेगी।
गंडक नदी का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर पार, Bihar में तटबंधों पर बढ़ा दबाव
पटना, एक अक्टूबर बिहार में नेपाल और उत्तर प्रदेश में हुई भारी बारिश के बाद गंडक नदी बृहस्पतिवार को कई स्थानों पर अब तक दर्ज उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) से ऊपर पहुंच गई जिससे तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है। जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में गंगा के बढ़ते जलस्तर का निरीक्षण किया और अधिकारियों को लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राहत और बचाव अभियानों में सहायता के लिए भारतीय वायुसेना से भी मदद मांगी है। चौधरी ने जेपी गंगा पथ पर गंगा के जलस्तर का जायजा लेते हुए अधिकारियों को चौबीसों घंटे निगरानी रखने का भी निर्देश दिया। उन्होंने राजधानी में सूखा राशन पैकेट तैयार करने के केंद्र का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच राहत सामग्री का समय पर और उचित वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। अधिकारियों के अनुसार, राहत पैकेट में चूड़ा, चना, सत्तू, चीनी, मसाले, ओआरएस घोल के पैकेट, माचिस, मोमबत्तियां और अन्य आवश्यक सामग्री शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दो वायुसेना हेलीकॉप्टर के जरिये राहत पैकेटों को हवाई मार्ग से पहुंचाया जाएगा। चौधरी ने श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल स्थित पैकेजिंग केंद्र में राहत पैकेटों की गुणवत्ता और उनमें शामिल सामग्री की समीक्षा की तथा अधिकारियों को खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुओं के वितरण में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘नदियों में बढ़ते जलस्तर को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है और अगले 48 घंटे तक विशेष निगरानी रखी जाएगी। इस वर्ष गंगा, गंडक और सोन नदियों में रिकॉर्ड जलस्तर देखा गया है, जबकि बिहार में सामान्य से 32 प्रतिशत कम बारिश हुई है।’’उन्होंने कहा कि सरकार बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है तथा प्रभावित लोगों के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाए जा रहे हैं। जल संसाधन विभाग की ओर से बृहस्पतिवार को जारी एक बयान के अनुसार, गोपालगंज के डुमरियाघाट में पिछले लगभग 36 घंटे से गंडक नदी का जलस्तर अब तक के उच्चतम बाढ़ स्तर से करीब 22 सेंटीमीटर ऊपर बना हुआ है। वहीं, रेवा घाट और वैशाली के लालगंज में भी जलस्तर पिछले लगभग 21 घंटे से एचएफएल से करीब 22 सेंटीमीटर ऊपर बना हुआ है। बयान के मुताबिक, इससे गंडक के बाएं और दाएं दोनों तटबंधों पर अत्यधिक दबाव पैदा हो गया है। इसमें कहा गया है कि बुधवार रात सारण जिले के पनापुर प्रखंड में दायां सारण तटबंध टूट गया। वहीं, मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज प्रखंड में तिरहुत मुख्य तटबंध के तहत आने वाला रिंग तटबंध भी टूट गया। बयान में कहा गया, ‘‘गंगा भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे गंडक में पानी का दबाव बन रहा है तथा स्थिति और गंभीर हो गई है। कई संवेदनशील स्थानों पर पानी पहुंचने की सूचना मिली है, जहां बाढ़ नियंत्रण के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं और चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है।’’डब्ल्यूआरडी ने कहा कि हालांकि गंडक का जलस्तर अब घट रहा है, लेकिन यह अब तक के उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर बना हुआ है और अगले 48 घंटे तक नदी में पानी का दबाव बने रहने की आशंका है। विभाग ने कहा कि अन्य संवेदनशील स्थान फिलहाल सुरक्षित और नियंत्रण में हैं। डब्ल्यूआरडी के अनुसार, बिहार की कई अन्य नदियों का जलस्तर भी बृहस्पतिवार को बढ़ता रहा। कई निगरानी केंद्रों पर बागमती, बूढ़ी गंडक और घाघरा में जलस्तर बढ़ने का रुख दर्ज किया गया। बेनीबाद में बागमती नदी का जलस्तर 50.03 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान से 1.35 मीटर ऊपर है। वहीं, कटौझा में इसका जलस्तर घट रहा था। खगड़िया में बूढ़ी गंडक का जलस्तर 36.96 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 0.38 मीटर ऊपर है। गंगा का जलस्तर पटना के दीघा, गांधी घाट और हथीदह तथा भागलपुर के कहलगांव में भी बढ़ रहा था। गांधी घाट पर जलस्तर 49.67 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 1.07 मीटर ऊपर है, जबकि हथीदह में यह 42.49 मीटर रहा, जो खतरे के निशान से 0.73 मीटर अधिक है। बैराजों पर सुबह आठ बजे वाल्मीकिनगर में गंडक नदी में पानी का प्रवाह 95,340 क्यूसेक रहा, जो बुधवार रात आठ बजे के 99,505 क्यूसेक से कम है। इसी अवधि में बीरपुर में कोसी का पानी का प्रवाह 67,564 क्यूसेक से घटकर 46,743 क्यूसेक हो गया, जबकि इंद्रपुरी बैराज में सोन नदी का प्रवाह 1,14,000 क्यूसेक से घटकर 1,02,100 क्यूसेक हो गया। वाल्मीकिनगर में 28 सितंबर को गंडक नदी में 2026 का अब तक का सर्वाधिक जलप्रवाह 5,43,500 क्यूसेक दर्ज किया गया था। वहीं, कोसी का इस वर्ष का अधिकतम जलप्रवाह 26 सितंबर को बीरपुर में 3,13,595 क्यूसेक दर्ज किया गया था। विभिन्न नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण कई जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ का असर पड़ा है। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सुपौल, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अरवल शामिल हैं।
आलू डालकर बनाएं बिहार की गोभी सुखौती की सब्जी, आसान है रेसिपी
सूखी फूलगोभी की सब्जी बहुत टेस्टी होती है और बिहार की गोभी के सुखोती की सब्जी काफी फेमस भी है. इस मसालेदार सब्जी को आप रोटी और पराठे के साथ खा सकते हैं और जब घर में कोई सब्जी ना हो तो यह एक बेस्ट डिश है. आइए इस आर्टिकल में हम आपको गोभी की इस हटकर सब्जी को बनाने का आसान तरीका आपको बताते हैं, जिसे एक बार खाने के बाद आप इसे बार-बार बनाएंगे.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ऐलान किया कि बिहार में आने वाले समय में 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत की सड़कों का जाल बिछाया जाएगा। 245 किलोमीटर लंबे पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य को केंद्रीय कैबिनेट से जल्द ही हरी झंडी दिखाई जाएगी।
Bihar में नए उद्योगों के 25 प्रतिशत उत्पाद खरीदेगी राज्य सरकार: Samrat Choudhary
पटना, एक अक्टूबर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बृहस्पतिवार को निवेशकों से राज्य में निवेश करने का आह्वान करते हुए कहा कि बिहार में स्थापित होने वाले उद्योगों के मानक के अनुरूप उत्पादों की सरकारी खरीद में प्राथमिकता दी जाएगी और राज्य सरकार 25 प्रतिशत उत्पाद खरीदेगी। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ पटना में ‘राइजिंग बिहार इन्वेस्टर समिट-2026’ का उद्घाटन किया। निवेशकों को संबोधित करते हुए चौधरी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उन्हें हरसंभव सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की खरीद नीति को उद्योगों के लिए अधिक उपयोगी बनाने के उद्देश्य से उसमें संशोधन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में होटल, पर्यटन और ‘ईको-टूरिज्म’ के क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। पटना और गया समेत विभिन्न स्थानों पर होटल तथा अन्य पर्यटन परियोजनाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, चौधरी ने कहा कि राज्य में उद्योगों के लिए सड़क, बिजली, पानी और अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार की बड़ी आबादी को कमजोरी के बजाय आर्थिक शक्ति के रूप में देखा जाना चाहिए। करीब 14 करोड़ की आबादी वाला बिहार देश के लिए एक बड़ा बाजार है। सरकार का लक्ष्य राज्य में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाना है, ताकि बिहार के लोगों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन न करना पड़े। चौधरी ने कहा कि उद्योगों के लिए सड़क, बिजली और पानी की उपलब्धता बेहद जरूरी है। राज्य में सड़क नेटवर्क का विस्तार किया गया है तथा राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेस-वे के विकास पर भी काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में बिजली की उपलब्धता और खपत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2005 में राज्य में बिजली की उपलब्धता करीब 500 मेगावाट थी, जो अब बढ़कर 10,000 मेगावाट से अधिक हो गई है। राज्य सरकार का लक्ष्य अगले पांच साल में बिजली की उपलब्धता बढ़ाकर 20,000 मेगावाट करने का है। मुख्यमंत्री ने बिहार की बाढ़ और जल प्रबंधन की समस्या का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नेपाल और पड़ोसी राज्यों से आने वाले पानी के कारण बिहार को हर वर्ष बाढ़ की चुनौती का सामना करना पड़ता है। गंगा, कोसी और गंडक समेत प्रमुख नदियों के जल प्रबंधन के लिए दीर्घकालिक योजना बनाने की आवश्यकता है। चौधरी ने कहा कि पहले बिहार में करीब 8,000 किलोमीटर सड़कों का नेटवर्क था, जो अब बढ़कर लगभग 1.5 लाख किलोमीटर हो गया है। ग्रामीण सड़कों की स्थिति में भी पहले की तुलना में काफी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य में रोपवे और जल परिवहन जैसी परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है। पटना से गंगा नदी के ऊपर से सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर तक रोपवे परियोजना शुरू करने की दिशा में भी पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को समृद्ध बनाने के लिए सरकार आधारभूत संरचना, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बिहार में रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा करना सरकार की प्राथमिकता है और आने वाले वर्षों में रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख करने वाले लोगों को राज्य में ही रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
बिहार में हर साल आने वाली विनाशकारी बाढ़ से राज्य को बचाने के लिए केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने वाटर ग्रिड और रिवर ड्रेजिंग का फॉमूला पेश किया है। उन्होंने गुरुवार को पटना में 'बिहार इन्वेस्टर समिट 2026: भारत का उभरता हुआ इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन' का उद्घाटन किया। इस मौके पर गडकरी ने कहा कि राज्य की बाढ़ की समस्या को कम खर्च में हल करने के लिए टेक्नोलॉजी को नई नीतियों और भविष्य के नजरिए के साथ जोड़ने की जरूरत है।समिट के उद्घाटन के बाद केंद्रीय मंत्री ने बिहार को बाढ़-मुक्त बनाने के लिए बड़े पैमाने पर जल प्रबंधन, नदी की खुदाई, सुरक्षा दीवार बनाने और वॉटर ग्रिड की जरूरत पर जोर दिया। गडकरी ने कहा कि गडकरी ने कहा, नेशनल हाईवे और पावर ग्रिड की तरह, वॉटर ग्रिड सिस्टम लागू करने और एक बेसिन से दूसरे बेसिन में पानी ट्रांसफर करने से राज्य में ज्यादा पानी के बहाव को मैनेज करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने बाढ़ के खतरे को कम करने के उपाय के तौर पर नदी की खुदाई पर भी जोर दिया।उन्होंने कहा, मैंने एनएचएआई के अधिकारियों से बात की। हम खुदाई करने और गाद को मुफ्त में हटाने को तैयार हैं। गाद का इस्तेमाल हाईवे बनाने के लिए मटीरियल के तौर पर किया जा सकता है। अगर बिहार सरकार ऐसी योजना की इजाजत देती है, तो मैं भरोसा दिला सकता हूं कि बाढ़ की समस्या को कम खर्च में अच्छे से हल किया जा सकता है।गडकरी ने कहा कि तटबंधों और सुरक्षात्मक दीवारों के निर्माण के जरिए गहरे जलमार्ग विकसित करने से जल परिवहन को बढ़ावा दिया जा सकता है। इससे परिवहन लागत कम होगी और उद्योग, व्यापार तथा निवेश पर अनुकूल प्रभाव पड़ेगा।उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम तीन मीटर गहरा जलमार्ग बनाते हैं तो वाराणसी से बांग्लादेश के ढाका तक 3,000 टन क्षमता वाला बजरा ले जाया जा सकता है। भारत का कंटेनर बांग्लादेश जाने के लिए जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह (जेएनपीटी) और कोलंबो के रास्ते जाता है। प्रस्तावित मार्ग से लॉजिस्टिक्स लागत में काफी कमी आएगी। अगर आप उद्योग, व्यापार और कारोबार बढ़ाना चाहते हैं तो लॉजिस्टिक्स लागत कम करनी होगी।’’गडकरी ने अपने कार्यकाल के दौरान नेपाल में कोसी नदी पर बांध परियोजना पूरी नहीं हो पाने पर अफसोस जताया।क्रिकेट, टेनिस से लेकर योग और EV चार्जिंग तक, जानिए DDA के नए द्वारका स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में क्या है खास
पटना MLC Seat पर JDU उम्मीदवार Neeraj Kumar के खिलाफ उतरे Anant Singh, पार्टी में बढ़ी दरार
पटना ग्रेजुएट MLC सीट के चुनाव से पहले नीतीश कुमार की जनता दल (यूनाइटेड) में एक नई दरार सामने आई है, क्योंकि पार्टी के MLA अनंत सिंह ने खुलेआम जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया है। बुधवार को अनंत सिंह, अनुज सिंह की नॉमिनेशन रैली में शामिल हुए और अपने कई समर्थकों के साथ खुली जीप में कार्यक्रम स्थल पर पहुँचे। जब अनुज सिंह नॉमिनेशन पेपर भरने के लिए ऑफिस के अंदर गए, तो अनंत सिंह बाहर खुली जीप में ही बैठे रहे। इसे भी पढ़ें: Ethanol विवाद के बीच Bihar पहुँचे Nitin Gadkari, E-20 ईंधन से वाहनों को नुकसान के दावे करने वालों की कर दी खिँचाई JDU MLA पीले रंग का स्कार्फ लहराते और अपनी मूँछों पर ताव देते हुए अपने खास अंदाज़ में दिखे, जबकि समर्थक उनके आस-पास जमा थे। अनंत सिंह पिछले कुछ दिनों से पटना ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में JDU उम्मीदवार नीरज कुमार का खुलकर विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनका विरोध JDU पार्टी के तौर पर नहीं, बल्कि नीरज कुमार के खिलाफ़ व्यक्तिगत रूप से है। सिंह ने आरोप लगाया है कि नीरज कुमार ने चार मौकों पर उनका विरोध किया था और कहा कि वह यह पक्का करना चाहते हैं कि चुनाव में JDU उम्मीदवार की हार हो। विरोधी पार्टी के उम्मीदवार के नामांकन में सार्वजनिक रूप से शामिल होने के उनके फैसले पर JDU अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकती है। जब उनसे उनके खिलाफ कार्रवाई की संभावना के बारे में पूछा गया, तो अनंत सिंह ने कोई जवाब नहीं दिया। इस घटनाक्रम से सत्ताधारी पार्टी के भीतर के मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। बुधवार को नामांकन कार्यक्रम के दौरान अनंत सिंह के बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद थे। जन सुराज के कार्यकर्ता और नेता भी पार्टी के झंडे और बैनर लेकर कार्यक्रम में शामिल हुए। हालाँकि, अनुज सिंह के नामांकन के समय जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर मौजूद नहीं थे। इसे भी पढ़ें: West Champaran Flood: CM Samrat Choudhary ने किया हवाई सर्वेक्षण, राहत शिविरों का लिया जायजा अनंत सिंह और जन सुराज के समर्थकों का दावा था कि JDU के पास विधायक के खिलाफ कार्रवाई करने का कोई कारण नहीं था। कुछ समर्थकों ने खुलकर उनके रुख का समर्थन करते हुए कहा कि दादा खुद एक पार्टी हैं और सवाल उठाया कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों की जानी चाहिए। नामांकन कार्यक्रम का माहौल काफी जोशपूर्ण रहा, जिसमें समर्थक नारे लगा रहे थे और अनंत सिंह के रुख के समर्थन में गाने भी गा रहे थे। नामांकन से पहले, अलग-अलग जिलों से आए समर्थकों के लिए भी व्यवस्था की गई थी। इस भीड़ के लिए लगभग 30,000 रसगुल्ले तैयार किए गए थे।
एथनॉल को लेकर देश में चल रही बहस के बीच जब केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी आज बिहार पहुंचे, तो वहां भी उनसे वही सवाल किया गया जो इन दिनों देशभर में उनसे पूछा जा रहा है। उनसे पूछा गया कि क्या पेट्रोल में एथनॉल मिलाने से वाहनों को नुकसान पहुंच रहा है? गडकरी ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि एथनॉल मिश्रित पेट्रोल से वाहनों को नुकसान पहुंचने की बात तथ्यों पर आधारित नहीं है। हम आपको बता दें कि पटना में ‘बिहार इन्वेस्टर समिट 2026 : द इमर्जिंग इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन ऑफ इंडिया’ का उद्घाटन करने पहुंचे गडकरी ने कहा कि देश की प्रमुख वाहन कंपनियां अपने वाहनों को शत-प्रतिशत एथनॉल से चलाकर परीक्षण कर चुकी हैं और इस संबंध में कोई शिकायत सामने नहीं आई है। गडकरी ने कहा, ‘‘संबंधित विभाग का मंत्री होने के नाते मैं जानता हूं कि सभी प्रमुख वाहन कंपनियों ने अपने वाहनों को 100 प्रतिशत एथनॉल के जरिये चलाकर भी देखा है और कोई शिकायत सामने नहीं आई है।’’ इसे भी पढ़ें: Nitin Gadkari ने बिहार को बाढ़ मुक्त करने के लिए Water Grid और ड्रेजिंग पर दिया जोर उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2022 से करीब चार करोड़ चार-पहिया और 20 करोड़ दोपहिया वाहन एथनॉल मिश्रित पेट्रोल का इस्तेमाल कर रहे हैं। गडकरी ने कहा कि यदि एथनॉल से वाहनों को नुकसान हो रहा है तो कोई सामने आकर इसकी शिकायत करके दिखाए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एथनॉल मिश्रण की नीति केवल पेट्रोल में एक और ईंधन मिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे कृषि को ऊर्जा और बिजली क्षेत्र से जोड़ने की बड़ी रणनीति है। उनके मुताबिक इससे किसानों के लिए आय के नए रास्ते खुल रहे हैं और आने वाले समय में किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि ऊर्जादाता भी बन सकते हैं। गडकरी ने कहा कि भारत करीब 22 लाख करोड़ रुपये मूल्य के पारंपरिक ईंधन का आयात करता है। ऐसे में घरेलू स्तर पर वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने से आयात पर निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों के कारोबार पर इसका असर पड़ सकता है, वे स्वाभाविक रूप से एथनॉल नीति को लेकर चिंतित हो सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि मक्के से एथनॉल बनाने और उसके इस्तेमाल को बढ़ावा देने के फैसले से बिहार और उत्तर प्रदेश के किसानों की अतिरिक्त आय में करीब 45,000 करोड़ रुपये तक की वृद्धि हुई है। गडकरी ने सवाल उठाया कि किसानों के हित में आय बढ़ाना उन लोगों के हित साधने से बेहतर नहीं है, जिनसे भारत ईंधन आयात करता है? गडकरी ने भविष्य के ईंधन और तकनीक का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार नए विकल्पों पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि धान की भूसी से विमान ईंधन तैयार करने की दिशा में भी काम हुआ है। उनके मुताबिक आने वाला समय नवाचार, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान का है और बिहार जैसे राज्यों को इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। बिहार की संभावनाओं पर बात करते हुए गडकरी ने पर्यटन और स्थानीय उत्पादों को निवेश का बड़ा आधार बताया। उन्होंने मखाने का उदाहरण देते हुए कहा कि बिहार में बड़े पैमाने पर उत्पादित होने वाले इस उत्पाद की अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी मांग है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार के नई ऊंचाइयों पर पहुंचने की उम्मीद जताते हुए गडकरी ने राज्य में निवेश की संभावनाओं पर जोर दिया। वहीं चौधरी ने निवेशकों से साफ शब्दों में कहा— ‘‘बिहार में विश्वास करें और बिहार में निर्माण करें।''
1 अक्टूबर, गुरुवार: भोजपुर में बक्सर-पटना फोरलेन पर 5 लाख की 421 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद, दो गिरफ्तार।
Nitin Gadkari ने बिहार को बाढ़ मुक्त करने के लिए Water Grid और ड्रेजिंग पर दिया जोर
पटना, एक अक्टूबर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बिहार को बाढ़ की समस्या से मुक्त करने के लिए बृहस्पतिवार को व्यापक जल प्रबंधन, नदियों की ड्रेजिंग, सुरक्षात्मक दीवारों के निर्माण और वाटर ग्रिड विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने पटना में आयोजित ‘बिहार इन्वेस्टर समिट 2026 : द इमर्जिंग इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन ऑफ इंडिया’ के उद्घाटन के बाद अपने संबोधन में यह बात कही। गडकरी ने कहा कि बिहार में बाढ़ की समस्या के समाधान के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करते हुए नवोन्मेषी नीतियां अपनाने और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर सोचने की आवश्यकता है, ताकि इसका कम लागत में समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा, ‘‘जिस तरह राष्ट्रीय राजमार्ग ग्रिड और बिजली ग्रिड हैं, उसी तरह वाटर ग्रिड प्रणाली लागू करने तथा एक नदी बेसिन से दूसरे बेसिन में पानी स्थानांतरित करने से राज्य में अतिरिक्त जल प्रवाह का प्रबंधन करने में मदद मिल सकती है।’’केंद्रीय मंत्री ने बाढ़ के जोखिम को कम करने के लिए नदियों की कम लागत या नि:शुल्क ड्रेजिंग किए जाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों से बात की है। हम नि:शुल्क ड्रेजिंग करने और उससे निकलने वाली गाद को हटाने के लिए तैयार हैं। इस गाद का इस्तेमाल राजमार्गों के निर्माण में सामग्री के रूप में किया जा सकता है। अगर बिहार सरकार ऐसी नीति को मंजूरी देती है तो मैं भरोसा दिलाता हूं कि कम लागत में बाढ़ की समस्या का प्रभावी समाधान किया जा सकता है।’’गडकरी ने कहा कि तटबंधों और सुरक्षात्मक दीवारों के निर्माण के जरिए गहरे जलमार्ग विकसित करने से जल परिवहन को बढ़ावा दिया जा सकता है। इससे परिवहन लागत कम होगी और उद्योग, व्यापार तथा निवेश पर अनुकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम तीन मीटर गहरा जलमार्ग बनाते हैं तो वाराणसी से बांग्लादेश के ढाका तक 3,000 टन क्षमता वाला बजरा ले जाया जा सकता है। भारत का कंटेनर बांग्लादेश जाने के लिए जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह (जेएनपीटी) और कोलंबो के रास्ते जाता है। प्रस्तावित मार्ग से लॉजिस्टिक्स लागत में काफी कमी आएगी। अगर आप उद्योग, व्यापार और कारोबार बढ़ाना चाहते हैं तो लॉजिस्टिक्स लागत कम करनी होगी।’’गडकरी ने अपने कार्यकाल के दौरान नेपाल में कोसी नदी पर बांध परियोजना पूरी नहीं हो पाने पर अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण और अन्य कारणों से यह परियोजना पूरी नहीं हो सकी, जबकि इसके पूरा होने से बिहार में बाढ़ के खतरे को काफी कम किया जा सकता था। अपने संबोधन में गडकरी ने ‘कचरे से संपदा’ (वेस्ट टू वेल्थ) की अवधारणा पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी के जरिए कचरे को आर्थिक मूल्य में बदलना विकास का भविष्य है। उन्होंने देश में गाद से पानी के उपचार और जैविक कचरे से बायो-सीएनजी बनाने जैसी कई परियोजनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि ठोस और तरल कचरा प्रबंधन की अर्थव्यवस्था अकेले पांच लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। गडकरी ने बिहार में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा विकास के लिए किए जा रहे निवेश का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में राजमार्ग निर्माण के लिए तीन लाख 85 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसमें पूरी हो चुकी, जारी और प्रस्तावित परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं से यात्रा का समय काफी कम करने और आर्थिक संपर्क को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
Bihar: सासाराम में जिला स्तरीय खेल में छात्रा बेहोश, एंबुलेंस नहीं मिलने पर बाइक से अस्पताल पहुंचाया
1 अक्टूबर, गुरुवार: सासाराम में खेल प्रतियोगिता में छात्रा बेहोश, एंबुलेंस नहीं मिलने पर बाइक से अस्पताल ले गए।
एनडीटीवी गांव के इस रास्ते पर पहुंची तो देखा कि सामने कीचड़,गड्ढे,पानी और फिसलन है. ये सिस्टम की पोल भी खोल रहे थे. लेकिन जरा सोचिए, इसी रास्ते पर करीब 200 परिवारों की पूरी जिंदगी चलती है.
गंगा के बढ़ते जलस्तर पर अलर्ट मोड में बिहार सरकार, घबराएं नहीं सतर्क रहें: अशोक चौधरी
गंगा के बढ़ते जलस्तर पर अलर्ट मोड में बिहार सरकार, घबराएं नहीं सतर्क रहें: अशोक चौधरी
13 जिलों के DM से CMO तक, बिहार की नौकरशाही पर राज करने वाले दीपक कुमार कौन हैं?
IAS Deepak Kumar Bihar: बिहार में लंबे समय से अलग-अलग बड़े पदों पर रहने के बाद दीपक कुमार को सीएमओ में जिम्मेदारी दी गई थी. दीपक कुमार 1984 बैच के बिहार कैडर के IAS अधिकारी हैं और रिटायरमेंट के बाद भी उनका दबदबा बिहार में बरकरार है.
BPSC ने बदला टीचर भर्ती का नियम STET 2026 उम्मीदवार भी कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन
बिहार चौथे चरण की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बता दें कि हाल ही में BPSC ने नया नोटिस जारी करते हुए जानकारी दी थी कि बिहार विद्यालय टीचर के 32,399 पदों पर लिए पुराना विज्ञापन रद्द कर दिया गया है। वहीं अब नए विज्ञापन संख्या 15/2026 के तहक उम्मीदवारों से फॉर्म भरवाए जाएंगे। वहीं इन पदों के लिए 25 सितंबर 2026 से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही BPSC की ऑफिशियल वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर टीआरई 4.0 का नया नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। लेकिन वैंकेसी की संख्या उतनी है, लेकिन अब कैंडिडेट्स का चयन सिंगल एग्जाम के जरिए होगा। लेकिन परीक्षा में निगेटिव मार्किंग रहेगी। हर सवाल के सही जवाब के लिए 5 ऑप्शन दिए जाएंगे। जिनमें से अगर एक भी ऑप्शन नहीं चुना जाता, तो 1/3 की निगेटिव मार्किंग के हिसाब से अंक काटे जाएंगे। वहीं अब STET 2026 में शामिल होने वाले उम्मीदवार भी यह फॉर्म भर सकेंगे। लेकिन अभ्यर्थी ने STET क्वालिफाई नहीं किया होगा, तो उनका एडमिट कार्ड नहीं आएगा। भर्ती डिटेल परीक्षा - विद्यालय अध्यापक भर्ती (TRE 4.0) वैकेंसी - 32388 आवेदन शुरू होने की डेट - 25 सितंबर 2026 आवेदन पत्र भरने की लास्ट डेट - 26 अक्टूबर 2026 एप्लिकेशन फीस भरने की डेट - 25 सितंबर-25 अक्टूबर 2026 वहीं नया नोटिफिकेशन भी आ चुता है। साथ ही कक्षा 1 से 5, कक्षा 6-8, कक्षा 9-10 और कक्षा 11 से 12वीं तक चारों वर्गों के लिए फॉर्म भरने की डेट भी आ गई है। ऐसे में BPSC TER 4.0 में आवेदन करने के योग्य और इच्छुक उम्मीदवार अपने अपने डॉक्यूमेंट्स को इन दिनों में तैयार कर लें। अगर कोई सर्टिफिकेट बनवाना है, तो आप भी इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं। फॉर्म भरने के दौरान डॉक्यूमेंट्स की स्कैन की गईं कॉपियां चाहिए होती हैं। लेकिन अगर आपको नहीं पता कि इस भर्ती में कौन-कौन से डॉक्यूमेंट्स लगेंगे, तो आप नीचे डॉक्यूमेंट्स की लिस्ट देख सकते हैं। BPSC TRE 4.0 के डॉक्यूमेंट्स आधार कार्ड/पहचान पत्र/ड्राइविंग लाइसेंस (वैलिड आईडी प्रूफ) 10वीं की मार्कशीट सर्टिफिकेट 12वीं की मार्कशीट सर्टिफिकेट ग्रेजुएशन मार्कशीट और डिग्री पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री सर्टिफिकेट (11-12वीं) डीएलएड/बीएड अन्य टीचर ट्रेनिंग सर्टिफिकेट सीटेट (पेपर-I, पेपर-2) (कक्षा 1-5, कक्षा 6-8) /बिहार एसटीईटी (9 से 11वीं/11वीं से 12वीं)। बिहार एसटीईटी 2026 देंगें वो भी अप्लाई कर सकेंगे। जाति प्रमाण पत्र आय प्रमाण पत्र मूल निवासी प्रमाण पत्र ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट पीडब्ल्यूडी/दिव्यांग प्रमाण पत्र पासपोर्ट साइट फोटो हस्ताक्षर ये दस्तावेज अगर आपके पास तैयार हैं, तो आप बिल्कुल आसानी से ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे। लेकिन ध्यान रखें कि हर स्टेप बहुत ध्यान से भरें। किसी भी तरह की स्पेलिंग की गलती या सर्टिफिकेट की मिस्टैक ना करें। फॉर्म फिलिंग का प्रोसेस एप्लिकेशन विंडो खुलने के बाद ही शुरू हो जाएगा।
बिहार में जिउतिया 3 को या 4 अक्टूबर को? शास्त्रीय प्रमाण के साथ जानिए कब रखें निर्जला व्रत
Jivitputrika Vrat 2026 Date Bihar: बिहार में जीवित्पुत्रिका (जिउतिया) व्रत 2026 की तिथि को लेकर श्रद्धालुओं का असमंजस अब दूर हो गया है। धर्मशास्त्रियों के अनुसार, निर्जला व्रत 3 अक्टूबर को रखा जाएगा और पारण 4 अक्टूबर को होगा।
यूपी में मानसून की विदाई के बीच बाढ़ का कहर, वीडियो में जाने बिहार में 2 लाख लोग प्रभावित
यूपी में मानसून की विदाई के बीच बाढ़ का कहर, वीडियो में जाने बिहार में 2 लाख लोग प्रभावित
1 अक्टूबर, गुरुवार: सासाराम में भाकपा माले ने 11 सूत्री मांगों को लेकर समाहरणालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया।
1 अक्टूबर, गुरुवार: सीवान के हुसैनगंज में वृद्धजन दिवस पर बुजुर्गों को सरकारी योजनाओं की जानकारी, सम्मानित किया।
1 अक्टूबर, गुरुवार: सीवान के सरस्वती विद्या निकेतन के मॉडल स्कूल बनने से शिक्षा में सुधार, स्मार्ट क्लास की सुविधा।
1 अक्टूबर, गुरुवार: गया में पितृपक्ष मेला में बोधगया मठ के निःशुल्क भंडारे में तीर्थयात्रियों की भीड़ उमड़ी।

