विरासत से बदलती पहचानः विश्व के नक्शे पर बिहार म्यूजियम
बिहार म्यूजियम को वर्ष 2026 की वर्ल्ड्स 100 बेस्ट म्यूजियम सूची में नौवां स्थान मिला है, जो एशिया में सबसे उच्च स्थान है और भारत का एकमात्र संग्रहालय है जो इस सूची में शामिल है. यह उपलब्धि बिहार की पारंपरिक छवि को बदलकर इसे इतिहास, कला और संस्कृति के वैश्विक मंच पर स्थापित करती है.
Bareilly News: बिहार पुलिस का छापा, एक आरोपी को ले गई टीम
बरेली। बारादरी थाना क्षेत्र के तिरंगा होटल के पास रहने वाले आकाश मौर्य के घर बिहार पुलिस की टीम ने छापा मारा। यहां आकाश मौर्य, उसके पिता तुलसीराम, चाचा नंद किशोर से पूछताछ की।
आनंद महिंद्रा को बिहार से न्योता; सम्राट ने हाई टी पर बुलाया, संजय झा ने कहा- मिथिला हाट आइए
उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने बिहार संग्रहालय के एशिया में नंबर वन बनने पर सराहना की तो मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें म्यूजियम घूमने का न्योता देकर हाई टी पर संवाद का न्योता दिया। वहीं, जेडीयू नेता संजय झा ने महिंद्रा से बिहार आकर मिथिला हाट देखने की सलाह दी है।
2005 से बिहार में न्याय के साथ विकास और सुशासन, कार्यकर्ता ही जेडीयू की असली ताकत : निशांत कुमार
2005 से बिहार में न्याय के साथ विकास और सुशासन, कार्यकर्ता ही जेडीयू की असली ताकत : निशांत कुमार
अर्नब से बिहार में बिगड़े मौसम से 5000 करोड़ की फसलें बर्बाद, सम्राट का किसानों को मुआवजे का ऐलान
बिहार में अर्नब चक्रवात के चलते बिगड़े मौसम की वजह से राज्य भर में लगभग 5000 करोड़ रुपये की फसलें बर्बाद होने का अनुमान है। सबसे ज्यादा क्षति धान की फसल की हुई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दो दिनों में किसानों को हुए फसल नुकसान का मुआवजा देने की घोषणा की है।
सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों, आरक्षण और प्रतियोगी परीक्षाओं के फॉर्म भरने के लिए जाति प्रमाण पत्र सबसे अनिवार्य दस्तावेजों में से एक है। बिहार सरकार ने लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम (RTPS) के तहत इस पूरी व्यवस्था को पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है। अब राज्य के किसी भी नागरिक को जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रखंड (ब्लॉक) या अंचल कार्यालय की लंबी कतारों में खड़े होने या बिचौलियों के चक्कर लगाने की कतई जरूरत नहीं है। आप अपने स्मार्टफोन से ही सर्विस प्लस (Service Plus) पोर्टल के माध्यम से राजस्व अधिकारी (RO) स्तर का डिजिटल हस्ताक्षरित जाति प्रमाण पत्र निःशुल्क बनवा सकते हैं। यह ऑनलाइन प्रमाण पत्र कानूनी रूप से पूरी तरह मान्य होता है और तय समयसीमा (10 कार्य दिवस) के भीतर बनकर सीधे आपके फोन पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाता है।RTPS पोर्टल से ऑनलाइन जाति प्रमाण पत्र बनवाने के मुख्य लाभबिहार सरकार द्वारा संचालित आरटीपीएस पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था शुरू होने से नागरिकों का समय और पैसा दोनों बच रहा है। सबसे बड़ा फायदा यह है कि आवेदन करने से लेकर प्रमाण पत्र डाउनलोड करने तक का सारा काम 100% पेपरलेस और घर बैठे हो जाता है। जारी होने वाले प्रमाण पत्र पर डिजिटल हस्ताक्षर (Digital Signature) और एक विशिष्ट बारकोड/क्यूआर कोड होता है, जिससे किसी भी कार्यालय में इसकी प्रामाणिकता की तत्काल जांच की जा सकती है। इस प्रमाण पत्र की कोई तय समाप्ति तिथि नहीं होती, यानी जब तक नियमों में कोई बदलाव न हो, यह जीवनभर वैध रहता है। इसके अतिरिक्त, आवेदन की हर स्थिति (Status) की जानकारी आवेदक को पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस (SMS) और ईमेल के माध्यम से लगातार मिलती रहती है।आवेदन से पहले तैयार रखें ये जरूरी दस्तावेज और पात्रता शर्तेंऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू करने से पहले कुछ जरूरी दस्तावेजों की डिजिटल कॉपी अपने मोबाइल में सुरक्षित रख लें ताकि फॉर्म भरते समय कोई रुकावट न आए। आवेदक का बिहार का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है और वह जिस जाति का दावा कर रहा है, वह राज्य सरकार की आधिकारिक जाति सूची (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग या सामान्य) में दर्ज होनी चाहिए। दस्तावेजों की बात करें तो आवेदक का आधार कार्ड सबसे प्रमुख पहचान प्रमाण है। यदि आधार कार्ड मोबाइल नंबर से लिंक है, तो ओटीपी आधारित सत्यापन सीधे हो जाता है। यदि आधार से मोबाइल लिंक नहीं है, तो पहचान प्रमाण के तौर पर वोटर आईडी, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट की स्कैन कॉपी अपलोड की जा सकती है। इसके साथ ही आवेदक की एक हालिया पासपोर्ट साइज फोटो (350 KB से कम साइज में) होना अनिवार्य है।मोबाइल से RTPS पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने का पूरा स्टेप-बाय-स्टेप तरीकाघर बैठे मोबाइल से आवेदन करने के लिए सबसे पहले अपने फोन के ब्राउज़र में आधिकारिक वेबसाइट (serviceonline.bihar.gov.in या rtps.bihar.gov.in) खोलें। यदि आपके पास पहले से 'मेरी पहचान' (Jan Parichay) का लॉगिन है तो लॉगिन करें, अन्यथा आप बिना लॉगिन किए भी सीधे होमपेज से आवेदन कर सकते हैं। होमपेज पर बाईं तरफ 'लोक सेवाओं का अधिकार की सेवाएं' (RTPS Services) अनुभाग में जाएं और 'सामान्य प्रशासन विभाग' (General Administration Department) पर क्लिक करें। इसके बाद ड्रॉप-डाउन मेनू से 'जाति प्रमाण पत्र का निर्गमन' (Issuance of Caste Certificate) चुनें और उसमें 'राजस्व अधिकारी स्तर' (Revenue Officer Level) पर क्लिक करें। अब स्क्रीन पर फॉर्म-1 (अनुसूचित जाति/जनजाति/पिछड़ा वर्ग हेतु जाति प्रमाण पत्र आवेदन पत्र) खुल जाएगा।फॉर्म में विवरण दर्ज करना, फोटो अपलोड और फाइनल सबमिशनफॉर्म खुलने के बाद सबसे पहले आवेदक का लिंग (पुरुष/महिला/अन्य) और अभिवादन चुनें। इसके बाद आवेदक का नाम अंग्रेजी और हिंदी दोनों में टाइप करें; मोबाइल कीबोर्ड से स्पेस दबाते ही अंग्रेजी नाम का स्वतः हिंदी अनुवाद हो जाता है। इसी तरह पिता का नाम, माता का नाम और विवाहित महिलाओं के मामले में पति का नाम दर्ज करें। अपना वैध 10-अंकों का मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी अवश्य भरें क्योंकि सर्टिफिकेट का लिंक इन्हीं पर भेजा जाता है। इसके बाद स्थायी पता अनुभाग में जिला, अनुमंडल, प्रखंड, ग्राम पंचायत/नगर निकाय, वार्ड संख्या, गांव/मोहल्ला, पोस्ट ऑफिस, थाना और पिन कोड का चयन करें। वर्तमान पता भी स्थायी पते के समान है तो 'Same as Above' पर टिक करें। इसके बाद अपनी पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करें, पेशा (विद्यार्थी, सरकारी सेवा, निजी सेवा, व्यापार आदि) चुनें और अपनी वर्ग श्रेणी व विशिष्ट जाति का चयन करें। अंत में कैप्चा कोड डालकर 'Proceed' पर क्लिक करें। यदि ओटीपी विकल्प नहीं चुना है, तो अगले पेज पर 'Attach Annexure' पर क्लिक कर आधार कार्ड की कॉपी अपलोड करें और 'Submit' बटन दबा दें। सबमिट होते ही आपको पावती रसीद (Acknowledgement Slip) मिल जाएगी, जिसे पीडीएफ के रूप में सहेज लें।जाति प्रमाण पत्र का स्टेटस चेक करना और डिजिटल सर्टिफिकेट डाउनलोड करने की प्रक्रियाआवेदन जमा होने के बाद सामान्यतः 10 कार्य दिवसों (Working Days) के भीतर सेवा प्रदान की जाती है। यदि आप अपने आवेदन की स्थिति देखना चाहते हैं, तो RTPS के होमपेज पर 'नागरिक अनुभाग' (Citizen Section) में जाकर 'आवेदन की स्थिति देखें' (Track Application Status) पर क्लिक करें। वहां अपनी आवेदन संदर्भ संख्या (Application Reference Number) और आवेदन की तारीख दर्ज कर ओटीपी सत्यापन के जरिए स्टेटस देख सकते हैं। जब प्रमाण पत्र बनकर तैयार हो जाता है, तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर डाउनलोड लिंक का एसएमएस आता है। इसके अलावा, आप पोर्टल के होमपेज पर 'सर्टिफिकेट डाउनलोड करें' (Download Certificate) विकल्प पर जाकर अपनी संदर्भ संख्या और नाम दर्ज कर एक क्लिक में मूल डिजिटल हस्ताक्षरित जाति प्रमाण पत्र पीडीएफ फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकते हैं, जिसे सीधे प्रिंट कराकर किसी भी सरकारी कार्य में इस्तेमाल किया जा सकता है।
रांची सिविल कोर्ट ने सड़क दुर्घटना मुआवजे का भुगतान न करने पर बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की एक बस जब्त कर ली है।
Bihar में 1,711 सहायक प्रोफेसर पदों की भर्ती रद्द
बिहार लोक सेवा आयोग ने 1,711 सहायक प्रोफेसर पदों की भर्ती को रद्द कर दिया है। यह निर्णय 29 अक्टूबर 2026 को लिया गया था, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के तहत विभिन्न चिकित्सा कॉलेजों और अस्पतालों में नियुक्तियों के लिए विज्ञापन संख्या 04/2025 से 28/2025 तक रद्द किए गए हैं। उम्मीदवारों को अब नई भर्ती प्रक्रिया की प्रतीक्षा करनी होगी, जिसमें आवश्यक योग्यताएँ और चयन प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी। अधिक जानकारी के लिए बीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में पीजी शुल्क एकरूपता पर बड़ा फैसला, बनेगी विशेष समिति
Brabu Pg Fee Structure:बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में पीजी पाठ्यक्रमों की शुल्क संरचना में एकरूपता लाने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति राजभवन के निर्देशों और वर्तमान विसंगतियों पर विचार कर अंतिम निर्णय लेगी।
किसानों को तकनीक और आर्थिक मदद से सशक्त बना रही केंद्र सरकार: बिहार के मंत्री
किसानों को तकनीक और आर्थिक मदद से सशक्त बना रही केंद्र सरकार: बिहार के मंत्री
Bihar के 629 स्कूलों में खुलेंगी मिनी मिट्टी जांच लैब, कृषि मंत्री ने दी जानकारी
बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को कहा कि मिट्टी का स्वस्थ रहना कृषि, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है। खेतों की उर्वरता और मिट्टी के प्राकृतिक स्वास्थ्य का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें किसानों और आम लोगों की भागीदारी भी आवश्यक है। खेत बचेंगे, तभी जीवन बचेगा और मिट्टी बचेगी, तभी किसान समृद्ध होंगे। सिन्हा ने पटना के ज्ञान भवन में आयोजित खेत बचाओ अभियान सह कृषि जन कल्याण संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। कृषि मंत्री ने कहा कि नयी पीढ़ी को मिट्टी संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से वित्त वर्ष 2026-27 में राज्य के सभी 38 जिलों के 629 पीएम श्री और राजकीय विद्यालयों में मिनी मिट्टी जांच प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। इससे विद्यार्थी वैज्ञानिक तरीके से मिट्टी की गुणवत्ता को समझ सकेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य के 160 पीएम श्री उच्च विद्यालयों में पहले ही ऐसी प्रयोगशालाएं स्थापित की जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि खरीफ मौसम में राज्यभर में आयोजित 7,275 किसान बैठकों में कुल 6,19,436 किसानों ने भाग लिया, जिनमें 2,12,610 महिला किसान शामिल थीं। रबी मौसम 2026-27 में इस अभियान को सभी 534 प्रखंडों तक पहुंचाने और 15 से 16 लाख किसानों को जागरूक करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मंत्री ने कहा कि देशव्यापी खेत बचाओ अभियान की शुरुआत 22 अक्टूबर को हुई है। बिहार में इसे जनभागीदारी के माध्यम से गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है। यह अभियान 30 नवंबर 2026 तक चलेगा। इस कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री और विभागीय अधिकारियों ने किसानों से सीधा संवाद कर विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इस दौरान फार्मर आईडी, डिजिटल क्रॉप सर्वे और कृषि यांत्रीकरण सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार लाने और किसानों को समय पर उनका लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इस कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में खेतों और मिट्टी की उर्वरता को बचाना एक बड़ी चुनौती बन गई है। बिहार में वर्ष 2005 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार बनने के बाद वर्ष 2008 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में कृषि रोड मैप लागू किया गया था। इसके तहत विभिन्न विभागों को जोड़कर कृषि क्षेत्र के समग्र विकास का प्रयास किया गया, जिससे कृषि उत्पादन और किसानों की आय में वृद्धि हुई। उन्होंने कहा कि खेतों की उर्वरता बनाए रखना, मिट्टी का स्वास्थ्य सुधारना और खेती की लागत कम करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने और खेत बचाओ अभियान को जनआंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकारी प्रयास तभी सफल होंगे, जब किसान और आम लोग इसमें सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। वहीं, लघु जल संसाधन विभाग के मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा कि किसान जन कल्याण संवाद के माध्यम से किसानों की समस्याओं की जानकारी लेकर उनका तकनीकी एवं व्यावहारिक समाधान किया जाएगा, ताकि कृषि उत्पादन और उसकी गुणवत्ता में सुधार हो सके। उन्होंने कहा कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाना उनके विभाग का प्रमुख दायित्व है। सिंचाई के बिना हरियाली और कृषि का विकास संभव नहीं है। खेतों की उर्वरता और स्वास्थ्य बेहतर बनाने तथा कृषि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए सभी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस तरह के संवाद कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया।
30 अक्टूबर, शुक्रवार: गोपालगंज में नशामुक्त बिहार अभियान के प्रथम चरण 'नगर की प्रतिज्ञा' के तहत जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। मीरगंज, खजुरवानी, आंबेडकर चौक, बरौली समेत कई प्रमुख स्थानों पर एलईडी वैन के जरिए लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया।
दुनिया में नौवीं रैंक के बाद बिहार संग्रहालय का अगला लक्ष्य, अब AI से बदलेगा इतिहास देखने का अंदाज
बिहार संग्रहालय, जो दुनिया के शीर्ष 100 में नौवें और एशिया में पहले स्थान पर है, अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करने की तैयारी में है। इसके लिए एआई और अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।
BIHAR NEWS: अर्नब तूफान का असर, तीसरे दिन भी बारिश से जनजीवन प्रभावित
30 अक्टूबर, शुक्रवार: चक्रवाती तूफान अर्नब के असर से तीसरे दिन भी रुक-रुककर बारिश हुई, जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, तापमान में गिरावट आई, कई मोहल्लों में जलजमाव हुआ, लोग छाता और बरसाती लेकर निकले।
कल का मौसम: चक्रवाती तूफान 'अर्णब' के अवशेषों के कारण बिहार का मौसम बदल गया है, जिससे राज्य में बारिश और तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
बिलासपुर-अंबिकापुर नेशनल हाईवे में रतनपुर के पास तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर खंभे से जा टकरा गई। इस हादसे में बिहार के ट्रांसपोर्टर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पूरी रात जागकर माल लोड कराने के बाद ट्रांसपोर्टर अपनी कार से ट्रक के पीछे निकला था। रास्ते में झपकी आने पर यह हादसा हो गया। घटना रतनपुर थाना क्षेत्र की है। मूलत: बिहार के पटना के शैलेष रंजन 27 अक्टूबर को अंबिकापुर चावल लेने आए थे। पूरी रात अपनी निगरानी में उन्होंने ट्रक में माल लोड कराया। अगले दिन सुबह वह अपनी कार क्रमांक सीजी 10 एएन 3753 से ट्रक के पीछे-पीछे आ रहे थे। झपकी आने पर खंभे से टकराई कार कार सवार शैलेश सुबह करीब 9 बजे रतनपुर के ग्राम नेवसा स्थित ऋषि फ्यूल स्टेशन के पास पहुंचे थे। उनकी कार तेज रफ्तार में थी। इसी दौरान अचानक उनकी कार अनियंत्रित होकर खंभे से जा टकराई। बताया जा रहा है कि थकान के कारण अचानक उन्हें झपकी आ गई, जिससे ये हादसा हो गया। टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह डैमेज हो गया और सीने में गंभीर चोट लगने से शैलेष की मौके पर ही मौत हो गई। भतीजे के फोन करने पर मिली मौत की खबर मुंबई अंधेरी वेस्ट के मृतक के भतीजे आयुष हरीश सिन्हा ने पुलिस को बताया कि सुबह करीब 9:28 बजे उसने चाचा शैलेश रंजन के मोबाइल पर कॉल किया। तब किसी अनजान व्यक्ति ने फोन रिसीव किया। उन्होंने बताया कि नेवसा के पास कार खंभे से टकरा गई है और चालक की मौत हो चुकी है। सूचना मिलते ही परिजन रतनपुर पहुंचे। मरच्यूरी में परिजनों ने शव की शिनाख्ती की। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा और पोस्टमार्टम की औपचारिकता पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस इस मामले में मर्ग कायम कर जांच कर रही है।
BPSC Assistant Professor Recruitment 2025: बिहार में 1711 पदों पर असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती रद्द, जानें अब क्या होगा?
Bihar MLC Election Result: दरभंगा में अनिल झा की जीत, RJD को खुशी के साथ टेंशन क्यों? BJP। Jan Suraj
Bihar MLC Election Result: दरभंगा में अनिल झा की जीत, RJD को खुशी के साथ टेंशन क्यों? BJP। Jan Suraj
चक्रवात अर्नब का बिहार में तांडव: खेतों में बिछी धान की खड़ी फसलें
बंगाल की खाड़ी से उठे खतरनाक चक्रवाती तूफान 'अर्नब' (Cyclone Arnab) का असर अब पड़ोसी राज्यों के साथ-साथ बिहार के कई जिलों में भी पूरी तरह से दिखने लगा है। चक्रवात के प्रभाव से राज्य के दर्जनों जिलों में लगातार हो रही झमाझम बारिश और तेज ठंडी हवाओं ने आम जनजीवन के साथ-साथ कृषि जगत को झकझोर कर रख दिया है। खेतों में इस समय धान की फसल पूरी तरह पककर तैयार खड़ी थी और कटाई का दौर चल रहा था, लेकिन अचानक आए इस मौसम के बदलाव और तेज आंधी-तूफान के कारण बड़े पैमाने पर धान की खड़ी फसलें जमीन पर गिरकर बर्बाद हो गई हैं। इस प्राकृतिक आपदा के चलते बिहार के अन्नदाताओं के माथे पर चिंता की गहरी लकीरें खींच दी हैं, क्योंकि महीनों की मेहनत और पूंजी एक ही झटके में बर्बाद होती नजर आ रही है। इसके साथ ही बेमौसम बारिश और ठंडी हवाओं के अचानक प्रवेश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे राज्य में समय से पहले ही कड़ाके की ठंड ने दस्तक दे दी है।धान की पकी हुई फसलें खेतों में बिछीं, अन्नदाताओं के सामने रोजी-रोटी का संकटबिहार के ग्रामीण इलाकों में किसानों के लिए यह साल का वह समय होता है जब वे अपनी सालभर की मेहनत का फल यानी धान की फसल को घर लाने की तैयारी करते हैं। लेकिन चक्रवात 'अर्नब' के असर से हुई मूसलाधार बारिश और तेज हवा के थपेड़ों ने किसानों के सपनों पर पानी फेर दिया है। कई जिलों में खेतों में लहलहाती धान की बालियां पानी में डूब चुकी हैं और भारी वजन तथा हवा के कारण पौधे जमीन पर पूरी तरह लेट गए हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जो फसलें पानी में डूब गई हैं, उनके दाने काले पड़ने लगेंगे और उनमें अंकुरण होने की आशंका बढ़ जाएगी, जिससे पैदावार की गुणवत्ता और मात्रा दोनों पर बहुत बुरा असर पड़ेगा। जिन किसानों ने कर्ज लेकर या साहूकारों से ब्याज पर पैसे लेकर खेती की थी, उनके सामने अब बैंक का कर्ज चुकाने और परिवार का भरण-पोषण करने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।मौसम में अचानक आए बदलाव से बढ़ी कड़ाके की ठंड और कंपकंपीअक्टूबर के आखिरी दिनों में सामान्यतः हल्की गुलाबी ठंड का अहसास होता है, लेकिन चक्रवाती तूफान के कारण हुई लगातार बारिश और उत्तर दिशा से आ रही सर्द हवाओं ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। दिन के समय भी सूर्यदेव के दर्शन दुर्लभ हो गए हैं और आसमान में काले बादलों का डेरा जमा हुआ है। तापमान में अचानक 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट आने के कारण लोगों को अपने बक्से से गर्म स्वेटर, जैकेट और रजाई निकालने पर मजबूर होना पड़ा है। सुबह और शाम के समय चलने वाली ठंडी हवाओं ने लोगों की कंपकंपी छुड़ा दी है, जिससे विशेष रूप से बुजुर्गों और छोटे बच्चों को मौसमी बीमारियों, सर्दी-खांसी और वायरल फीवर से बचने के लिए खास एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है।आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम केंद्र की चेतावनी, किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारीस्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी कर दिया है। प्रशासन लगातार यह अपील कर रहा है कि किसान इस खराब मौसम के दौरान खुले खेतों में न जाएं और वज्रपात (आकाशीय बिजली) से अपना बचाव करें। कृषि विभाग की ओर से किसानों को सलाह दी गई है कि जिन क्षेत्रों में कटाई हो चुकी है, वे अपनी कटी हुई फसल को तुरंत सुरक्षित स्थानों या पक्के शेड के नीचे ढंककर रखें ताकि और अधिक नुकसान से बचा जा सके। सरकार और जिला प्रशासन के अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द जमीनी स्तर पर हुए फसल नुकसान का आकलन (Crop Loss Survey) कराएं ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार उचित मुआवजा और राहत पहुंचाई जा सके।संकट की इस घड़ी में सरकार से मदद की आस लगाए बैठे हैं बिहार के किसानप्रकृति के इस कहर ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि किस तरह अनियोजित और अचानक आने वाले चक्रवाती तूफान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गहरी चोट पहुंचाते हैं। बिहार के अन्नदाता एक बार फिर कुदरत की मार के आगे लाचार नजर आ रहे हैं, जिनकी निगाहें अब सरकार और प्रशासन की तरफ टिकी हैं। किसानों की मांग है कि विशेष सर्वे कराकर उन्हें जल्द से जल्द आर्थिक सहायता दी जाए ताकि वे इस भारी नुकसान के उबर सकें। इस बीच, आम नागरिकों को भी इस बदलते और सर्द मौसम में अपनी सेहत का विशेष ख्याल रखने और अनावश्यक यात्राओं से बचने की सलाह दी गई है ताकि इस आपदा के दौर में सुरक्षित रहा जा सके।
नीतीश कुमार बिहार का चुनावी चेहरा, JDU की 2 सीटों पर निर्दलीय से हार
बिहार की सियासत हमेशा से अपने अनूठे समीकरणों, उतार-चढ़ाव और चौंकाने वाले चुनावी परिणामों के लिए देश भर में जानी जाती है। हाल ही में संपन्न हुए राजनीतिक घटनाक्रमों और विधानसभा उप-चुनावों या स्थानीय चुनावों के जो नतीजे सामने आए हैं, उन्होंने एक बार फिर राजनीतिक विश्लेषकों को गहराई से सोचने पर मजबूर कर दिया है। राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व और उनके राजनीतिक चेहरे पर एक बार फिर मुहर तो लग गई है, लेकिन इन परिणामों के बीच जनता दल यूनाइटेड (JDU) के अंदरखाने की जमीनी हकीकत ने कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। पार्टी को कुछ चुनिंदा सीटों पर जहां बागी या निर्दलीय प्रत्याशियों के हाथों करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है, वहीं एक सीट पर पार्टी चौथे पायदान तक फिसलती नजर आई। इसके बावजूद, राजनीतिक गलियारों में इन हार से ज्यादा एक खास और रणनीतिक जीत की चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है, जिसने तमाम विरोधियों के समीकरणों को धड़ाम कर दिया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि बिहार के इस सियासी दंगल में जेडीयू के प्रदर्शन के क्या रहे हैं असली मायने और क्यों हो रही है इस एक जीत की सबसे ज्यादा चर्चा।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राजनीतिक कद और एनडीए गठबंधन में उनकी अनिवार्यताबिहार की राजनीति का जब भी जिक्र होता है, तो सुशासन बाबू के नाम से मशहूर नीतीश कुमार का नाम सबसे पहले लिया जाता है। विपक्षी दलों द्वारा समय-समय पर उनके स्वास्थ्य, उनकी कार्यशैली और उनके नेतृत्व क्षमता को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं, लेकिन हर चुनाव यह साबित कर देता है कि बिहार के चुनावी मैदान में आज भी एनडीए का सबसे प्रमुख और भरोसेमंद चेहरा नीतीश कुमार ही हैं। हालिया परिणामों के बाद पार्टी के भीतर और बाहर यह साफ हो गया है कि आगामी बड़े विधानसभा चुनावों में भी जेडीयू पूरी तरह से नीतीश कुमार के नाम और उनके विकास कार्यों के एजेंडे पर ही चुनाव लड़ेगी। हालांकि, मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर जनता का भरोसा कायम रहने के बावजूद जमीनी स्तर पर संगठन को लेकर कुछ ऐसी कमजोरियां सामने आई हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, खासकर तब जब पार्टी को अपने ही गढ़ में स्थानीय स्तर पर असंतोष का सामना करना पड़ा हो।दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों से हार और एक सीट पर चौथी पोजीशन का हैरान करने वाला सचराजनीतिक विश्लेषक भले ही बड़ी जीत का जश्न मना रहे हों, लेकिन जेडीयू के लिए आत्ममंथन करने वाले बिंदु भी इन नतीजों में साफ छिपे हैं। पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों को दो महत्वपूर्ण सीटों पर बागी या मजबूत निर्दलीय उम्मीदवारों के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी। स्थानीय मतदाताओं की नाराजगी और भीतरघात के चलते पार्टी का वो वोट बैंक खिसका जो पारंपरिक रूप से जेडीयू के पक्ष में मतदान करता रहा है। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही कि एक अन्य सीट पर तमाम दावों के बावजूद जेडीयू का उम्मीदवार चौथे पायदान पर सिमट गया, जहां मुकाबला मुख्य विपक्षी दलों के साथ था। इन परिणामों ने पार्टी के जिला स्तरीय नेतृत्व और बूथ मैनेजमेंट की पोल खोलकर रख दी है, जिससे यह संदेश गया है कि यदि समय रहते कार्यकर्ताओं के असंतोष को दूर नहीं किया गया, तो आने वाले समय में यह पार्टी के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।इन तमाम झटकों के बावजूद क्यों हो रही है सिर्फ और सिर्फ उस एक धमाकेदार जीत की चर्चा?राजनीति की अपनी एक अलग विडंबना और रणनीति होती है, जहां कई कमजोरियों के बीच एक बड़ी सफलता सारे गम भुला देती है। जेडीयू को भले ही कुछ सीटों पर अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन जिस एक सीट पर पार्टी ने बेहद नाटकीय अंदाज में शानदार जीत दर्ज की है, उसने विपक्षी खेमे में खलबली मचा दी है। इस एक सीट पर जीत हासिल करने के लिए जेडीयू ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की साख दांव पर लगी थी। इस मुकाबले में न केवल विपक्षी दलों के चक्रव्यूह को भेदा गया, बल्कि जातिगत समीकरणों और तमाम अंदरूनी विरोध को दरकिनार करते हुए पार्टी ने भगवा और अपने गठबंधन के समन्वय से एक मजबूत संदेश दिया। यही वजह है कि मीडिया से लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक चौपालों पर हार के छोटे आंकड़ों की बजाय इसी एक भव्य और रणनीतिक जीत की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है।आगामी चुनावों के लिए जेडीयू का नया रोडमैप और संगठन को मजबूत करने की चुनौतीइन चुनावी परिणामों से सबक लेते हुए जनता दल यूनाइटेड (JDU) अब पूरी तरह से अपनी कमियों को दूर करने में जुट गई है। पार्टी आलाकमान ने उन तमाम विधानसभा क्षेत्रों की विशेष समीक्षा रिपोर्ट तलब की है जहां पार्टी को अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा या जहां पार्टी चौथे स्थान पर पहुंच गई। जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की नाराजगी को दूर करने, युवाओं और महिलाओं को पार्टी से जोड़ने तथा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को हर घर तक पहुंचाने के लिए एक नया सांगठनिक अभियान शुरू करने की तैयारी है। पार्टी जानती है कि आगामी चुनावों में सफलता हासिल करने के लिए केवल बड़े चेहरो के सहारे नहीं बल्कि मजबूत बूथ कमेटियों के साथ उतरना होगा।
Bihar Teacher News: बिहार के पुराने टीचर्स को भी देना होगा एग्जाम, तभी बचेगी नौकरी
बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत पुराने शिक्षकों को अब सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) देनी पड़ सकती है। शिक्षा विभाग इस स्पेशल टीईटी के स्वरूप, पात्रता और नियमों पर विचार कर रहा है, जो शिक्षकों की नौकरी और पदोन्नति को प्रभावित करेगा।
एनआईए ने एके-47 तस्करी और हथियारों की आपूर्ति के मामले में बिहार से एक वकील को गिरफ्तार किया
Patna, 30 अक्टूबर . राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर में आधी रात को चलाए गए एक ऑपरेशन के दौरान एक वकील को…
पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त जारी, बिहार के 73 लाख किसानों के खातों में पहुंचे 1476 करोड़ रुपये
बिहार के 73 लाख किसानों के खातों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त के रूप में 1,476 करोड़ रुपये सीधे हस्तांतरित किए गए। यह राशि रबी फसलों की तैयारी के लिए किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करेगी, जिससे उन्हें बीज और खाद खरीदने में मदद मिलेगी।
बिहार के 'सुपरफूड' मखाना का देश-दुनिया में डंका, कोसी और सीमांचल में सबसे ज्यादा होता है उत्पादन
Bihar Makhana Production: भारत के कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में बिहार का 'सुपरफूड' मखाना अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है, जहां देश के कुल उत्पादन का 80-90% हिस्सा पैदा होता है।
Bihar MLC Election: बिहार एमएलसी चुनाव में तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू समर्थित प्रत्याशी अभिषेक झा ने अपनी हार पर दर्द बयां किया है। उन्होंने एनडीए के भीतर चक्रव्यूह में फंसने और 4700 वोटों के रद्द होने का आरोप लगाया है।
BPSC की एक और भर्ती हुई रद्द, स्वास्थ्य विभाग में 1711 पदों पर निकली थी वैकेंसी
Bihar Assistant Professor Recruitment Cancelled: बिहार के स्वास्थ्य विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती निकाली गई थी, जिसे रद्द कर दिया गया है. फिलहाल आयोग की तरफ से नए नोटिफिकेशन की कोई जानकारी नहीं दी गई है.
चक्रवाती तूफान का असर: दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम सहित उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब और हरियाणा के कई जिलों में रात से ही रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है जिससे तापमान तेजी से गिर गया है और ठंडक काफी बढ़ गई है।
Bihar: सम्राट चौधरी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दी ये दलीलें और फंस गए मोकामा विधायक अनंत सिंह
दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। इसके खिलाफ मृतक के पोते नीरज कुमार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उनकी याचिका में दलील दी गई कि हाईकोर्ट ने 19 मार्च को जमानत देते समय अनंत सिंह के आपराधिक इतिहास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।
राजधानी पटना स्थित अत्याधुनिक ‘बिहार म्यूजियम’ (Bihar Museum) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का परचम लहराया है। जर्मनी आधारित प्रतिष्ठित ट्रेवल पब्लिकेशन ‘वर्थ अ जर्नी’ (Worth a Journey) की ओर से जारी ‘विश्व के 100 सर्वश्रेष्ठ संग्रहालय’ की रैंकिंग में बिहार म्यूजियम को दुनिया में 9वां स्थान मिला है। इसके साथ ही यह पूरे एशिया […]
पटना नगर निगम ने जारी किया 200 करोड़ का म्युनिसिपल बांड, बिहार का पहला नगर निकाय बना
पटना नगर निगम ने 200 करोड़ रुपये का म्युनिसिपल बांड जारी किया है, जिससे शहर में 18 विकास कार्य होंगे। इनमें 12 वेंडिंग जोन और 2 मैरिज हॉल का निर्माण शामिल है, जो नागरिकों को सुविधा और निगम को आय प्रदान करेंगे।
पटना के आगे तो पेरिस भी पड़ा फीका, ऐसा है बिहार म्यूजियम; टॉप 10 में आया
Worth a Journey एक ट्रैवल गाइड है, जिसने साल 2026 के लिए दुनिया के टॉप 100 संग्रहालयों की लिस्ट जारी की है। इस सूची में बिहार को 9वां स्थान मिला है, जो अमेरिका के मेट्स से भी आगे है। वहीं, फ्रांस का लूव भी इसके पीछे है।
उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की खुले दिल से प्रशंसा की और बिहार आने का निमंत्रण स्वीकार किया। उन्होंने बिहार संग्रहालय के प्रति मुख्यमंत्री के लगाव की सराहना की, जिससे राज्य की विरासत चर्चा में आई।
चक्रवात 'अर्नब' के कारण बिहार के दो जिलों में 'रेड अलर्ट', अन्य के लिए भी चेतावनी जारी
चक्रवात 'अर्नब' के कारण बिहार के दो जिलों में 'रेड अलर्ट', अन्य के लिए भी चेतावनी जारी
बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। पटना स्थित बिहार म्यूजियम को वर्ष 2026 के दुनिया के 100 सर्वश्रेष्ठ संग्रहालयों की सूची में नौवां स्थान मिला है।
Bihar MLC Election Result: दरभंगा में BJP के सर्वेश कुमार हारे, RJD के अनिल झा की जीत
दरभंगा में BJP के सर्वेश कुमार हारे, RJD के अनिल झा की जीत करीब 35 घंटे तक चली काउंटिंग... शुरुआत से बीजेपी उम्मीदवार सर्वेश कुमार बढ़त बनाए हुए थे... जीत की तस्वीर भी लगभग साफ नजर आ रही थी... लेकिन फिर आया आखिरी राउंड... और पूरा चुनावी गणित पलट गया... जिस सीट पर बीजेपी की जीत तय मानी जा रही थी
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 30 अक्टूबर के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
बिहार में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी बनने और चिकित्सा क्षेत्र में उच्च पद की तैयारी कर रहे योग्य डॉक्टरों व विशेषज्ञों के लिए एक बड़ी और निराशाजनक खबर सामने आई है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत विभिन्न राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों एवं अस्पतालों में सहायक प्राध्यापक (Assistant Professor - Specialty) के कुल 1,711 रिक्त पदों पर चल रही नियमित भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द कर दिया है। आयोग द्वारा इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी करते हुए विज्ञापन संख्या 04/2025 से 28/2025 तक के सभी 25 विज्ञापनों को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की घोषणा कर दी गई है।इस भर्ती के तहत अप्रैल-मई के दौरान आवेदन मंगाए गए थे और सैकड़ों चिकित्सा विशेषज्ञ साक्षात्कार तथा परिणाम का इंतजार कर रहे थे। अचानक पूरी प्रक्रिया के निरस्त होने से अभ्यर्थियों में गहरा असंतोष है, क्योंकि वे लंबे समय से इस नियमित बहाली की प्रतीक्षा कर रहे थे।भर्ती रद्द होने की असली वजह क्या है?बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार, इस भर्ती को रद्द करने का कारण आयोग का कोई आंतरिक फैसला नहीं बल्कि बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग का प्रशासनिक निर्णय है।स्वास्थ्य विभाग ने वापस ली अधियाचना (Requisition Withdrawn): स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल कॉलेजों में 1,711 सहायक प्राध्यापक पदों पर नियमित नियुक्ति के लिए पूर्व में भेजी गई अपनी मूल अधियाचना को औपचारिक रूप से वापस (Withdraw) ले लिया है। चूंकि भर्ती कराने वाली एजेंसी के पास विभाग की आधिकारिक मांग ही नहीं बची, इसलिए नियमानुसार BPSC को संबंधित विज्ञापन रद्द करने पड़े।रोस्टर और पद संरचना में बदलाव: प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, राज्य के नए व पुराने मेडिकल कॉलेजों में पदों के पुनर्गठन, विशेषज्ञ संकायों की संशोधित आवश्यकता और आरक्षण रोस्टर के अद्यतनीकरण (Roster Updation) के चलते पुरानी अधियाचना में खामियों को दूर करने का फैसला लिया गया है।पात्रता व सेवा शर्तों के नए नियम: राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के नए मानकों और राज्य चिकित्सा शिक्षा सेवा संवर्ग नियमावली में किए जा रहे नीतिगत सुधारों को शामिल करने के लिए पुराने विज्ञापनों को वापस लेकर नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करने की योजना बनाई गई है।किन-किन प्रमुख विभागों में होनी थी ये 1,711 नियुक्तियां?यह भर्ती अभियान बिहार के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सुपर-स्पेशियलिटी और ब्रॉड-स्पेशियलिटी विभागों में डॉक्टरों व प्रोफेसरों की भारी कमी को दूर करने के लिए शुरू किया गया था। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित विभाग शामिल थे:जनरल मेडिसिन एवं जनरल सर्जरीस्त्री एवं प्रसूति रोग (Gynecology & Obstetrics)बाल रोग (Pediatrics)निश्चेतना (Anesthesiology)पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकेमिस्ट्रीरेडियोलॉजी और रेडियोथेरेपीएनाटॉमी, फिजियोलॉजी और फार्माकोलॉजीऑर्थोपेडिक्स, नेत्र रोग और ईएनटी विभागBPSC सहायक प्राध्यापक भर्ती का पूरा घटनाक्रम एक नजर मेंपैरामीटर / विवरणआधिकारिक स्थितिभर्ती संस्थाबिहार लोक सेवा आयोग (BPSC)संबंधित विभागस्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकारपद का नामसहायक प्राध्यापक (स्पेशलिटी संकाय)कुल रिक्त पद1,711 पदविज्ञापन संख्याविज्ञापन सं. 04/2025 से 28/2025वर्तमान स्थितिआधिकारिक रूप से रद्द (Cancelled)रद्द होने का मुख्य कारणस्वास्थ्य विभाग द्वारा पूर्व अधियाचना वापस लेनाआगे की प्रक्रियासंशोधित रोस्टर के साथ नया विज्ञापन जारी करने की तैयारीक्या दोबारा निकलेगी यह भर्ती? अभ्यर्थियों के लिए आगे क्या है रास्ता?अभ्यर्थियों के लिए राहत की बात यह है कि राज्य के मेडिकल कॉलेजों में सहायक प्राध्यापकों की रिक्तियां समाप्त नहीं की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार:संशोधित अधियाचना की तैयारी: स्वास्थ्य विभाग द्वारा नए आरक्षण रोस्टर, संशोधित अर्हता और रिक्तियों के ताजा आकलन के साथ एक नया और अद्यतन प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।नया विज्ञापन होगा प्रकाशित: अद्यतन अधियाचना मिलते ही बीपीएससी अपनी आधिकारिक वेबसाइट (bpsc.bihar.gov.in) पर नए सिरे से विज्ञापन प्रकाशित करेगा।आयु सीमा और अनुभव में छूट की उम्मीद: चूंकि पुराने विज्ञापन को रद्द किया गया है, इसलिए उम्मीद जताई जा रही है कि नए विज्ञापन में उन पूर्व आवेदकों को अधिकतम आयु सीमा में विशेष छूट दी जाएगी जिन्होंने पुराने विज्ञापन के तहत अर्हता पूरी कर आवेदन किया था।कागजात तैयार रखें: चिकित्सा अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) व राज्य मेडिकल काउंसिल का पंजीकरण, पोस्ट-ग्रेजुएशन (MD/MS/DNB) की डिग्री और शिक्षण/अनुभव प्रमाणपत्र अपडेट रखें ताकि नई अधिसूचना आते ही वे बिना किसी विलंब के पुनः आवेदन कर सकें।
पटना नगर निगम सहित पूरे बिहार के सफाई कर्मी आज अपने निगम मुख्यालय का घेराव करेंगे। पूरे बिहार के नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत कर्मी अपने-अपने निकाय पर प्रदर्शन करेंगे। सफाईकर्मियों ने 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया है। दरअसल, 6 अगस्त को हड़ताल समाप्त होने के बाद विभाग के मंत्री की ओर से मांगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया गया था। मगर अब 2 महीने बीत गए हैं और अभी तक समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। इससे सफाई कर्मियों में काफी आक्रोश है। इसलिए फिर से आंदोलन कर रहे हैं। नगर निकाय प्रबंधन से बैठक आयोजित करने की मांग संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रवक्ता जितेन्द्र कुमार ने कहा कि बिहार लोकल बॉडिज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने स्थायी, दैनिक पारिश्रमिक, संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मियों की लंबित समस्याओं को लेकर विभागीय स्तर पर कार्रवाई की मांग की है। मोर्चा का कहना है कि कर्मचारियों की समस्याओं और पूर्व में लिए गए निर्णयों का समाधान नहीं होने से उनमें असंतोष बढ़ रहा है। मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन तेज होने की आशंका है। मोर्चा ने नगर निकाय प्रबंधन से कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठक आयोजित करने की मांग की है। संगठन के अनुसार, संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान किया जा सकता है और प्रशासन तथा कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय कायम रखा जा सकता है। आठ दिवसीय हड़ताल के फैसलों पर उठाए सवाल मोर्चा ने 30 जुलाई से 6 अगस्त 2026 तक चली आठ दिवसीय हड़ताल का मुद्दा उठाया है। संगठन का आरोप है कि हड़ताल समाप्त कराने के दौरान नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री की उपस्थिति में हुई बैठक में लिए गए निर्णयों और विभागीय निर्देशों का अब तक पूरी तरह अनुपालन नहीं हुआ है। मोर्चा ने हड़ताल अवधि को उपस्थिति मानकर वेतन भुगतान करने, काटी गई राशि वापस करने और आंदोलन के कारण की गई दंडात्मक कार्रवाई वापस लेने की मांग की है। वेतन भुगतान में देरी और PF-ESI पर नाराजगी कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में दैनिक और आउटसोर्सिंग कर्मियों को हर महीने समय पर वेतन देना शामिल है। मोर्चा ने वेतन भुगतान में देरी के लिए जवाबदेही तय करने की भी मांग की है। इसके अलावा, कर्मचारियों के वेतन से काटी गई भविष्य निधि (PF) और कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) की राशि समय पर संबंधित खातों में जमा कराने की मांग की गई है। संगठन ने बकाया अंशदान की जांच, कर्मचारियों को अद्यतन विवरण उपलब्ध कराने और PF-ESI संबंधी लाभ दिलाने के नाम पर कथित अवैध शुल्क वसूली की शिकायतों की निष्पक्ष जांच करने की मांग भी रखी है। अनुकंपा नियुक्ति और पेंशन के मामले निपटाने की मांग मोर्चा ने अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के लिए लंबित मामलों की समीक्षा कर पात्र आवेदकों को नियमानुसार नियुक्ति देने की मांग की है। साथ ही निगम कर्मियों के बकाया पेंशन, वेतन और अन्य देय राशि के अंतर का सत्यापन कर भुगतान करने की मांग उठाई गई है। संगठन ने पात्र कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) में स्थानीय निकाय के अंशदान को मौजूदा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत करने की कार्रवाई की भी मांग की है। इसके साथ ही दैनिक और संविदा कर्मियों के सेवा अभिलेख तैयार करने तथा उन्हें सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया है। 11 मांगों में स्थानांतरण नीति भी शामिल मोर्चा ने विभाग की ओर से मांगे गए कर्मचारियों के नाम, पदनाम, कार्यावधि, शैक्षणिक योग्यता और अन्य विवरणों की समेकित सूची उपलब्ध कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि इससे कर्मचारियों से जुड़े नीतिगत और सेवा संबंधी फैसलों में देरी कम होगी। इसके अलावा, मृत और सेवानिवृत्त दैनिक कर्मियों के लंबित PF-ESI दावों का निपटारा करने तथा मृत कर्मियों के पात्र आश्रितों को नियमानुसार लाभ दिलाने की मांग की गई है। संगठन ने तीन साल से अधिक समय से एक ही स्थान या पद पर तैनात कर्मचारियों की समीक्षा करने और लागू सेवा नियमों के अनुसार स्थानांतरण की प्रक्रिया अपनाने की भी मांग की है। साथ ही वार्ड स्तर पर पक्षपात, अनुचित प्रभाव और हितों के टकराव से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच करने की बात कही है। संवाद नहीं होने से बढ़ रहा असंतोष मोर्चा का कहना है कि वेतन, सामाजिक सुरक्षा, पेंशन और सेवा अभिलेख जैसे मुद्दे बड़ी संख्या में कर्मचारियों की आजीविका और अधिकारों से जुड़े हैं। संगठन ने आरोप लगाया है कि नियमित बैठकें नहीं होने और पुरानी मांगों पर ठोस कार्रवाई के अभाव में कर्मचारियों के सामने आंदोलन का रास्ता चुनने की स्थिति बन रही है।
चोरों ने वारदात के दौरान उन्हें केमिकल का स्प्रे किया और 12 लाख की संपत्ति चुरा ले गए। घटना रात एक से तीन बजे के बीच की बताई जा रही है।
Bihar Police Promotion: दिवाली से पहले सीएम सम्राट चौधरी की सरकार ने बिहार पुलिस ने इंस्पेक्टर रैंक के पदाधिकारियों को बड़ा तोहफा दिया है। इस माह दूसरी बार गृह विभाग ने प्रोन्नति के लिए अधिसूचना जारी की है।
चक्रवाती तूफान अर्णब के प्रभाव से बिहार में मौसम का मिजाज बदल गया है, जिससे पटना सहित कई जिलों में वर्षा और ठंड बढ़ गई है। मौसम विभाग ने मधुबनी और सीतामढ़ी के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि पटना का अधिकतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस गिर गया है।
नेपाल से बिहार पहुंचे 500 के खास नकली नोट, पाकिस्तान में छपी करेंसी की NIA कर रही तलाश
नेपाल बॉर्डर के रास्ते लाई गई नकली नोट खुदरा बाजारों में खपाए जाने की आशंका है। पुलिस ने लोगों से ओएसएस सीरीज के 500 या 6एफके सीरीज के 100 के नोट आने पर तुरंत इसकी सूचना देने की अपील की है।
20 घंटे की ड्यूटी और प्रेग्नेंसी, कांस्टेबल से DSP बनीं बिहार की बबली कुमारी
बिहार की बबली कुमारी ने 20 घंटे की पुलिस ड्यूटी, शादी, गर्भावस्था और शुरुआती असफलताओं को पछाड़ते हुए BPSC में 208वीं रैंक हासिल की और महिला कांस्टेबल से सीधे DSP का पद हासिल किया।
नई दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में 23 से 28 अक्टूबर तक आयोजित राष्ट्रीय विद्यालय रग्बी खेल प्रतियोगिता (2026-27) में बिहार की अंडर-17 बालिका टीम ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया है। राज्य की इस बड़ी कामयाबी में नालंदा जिले की दो सगी बहन कोमल कुमारी और प्रियांशु कुमारी ने अपने शानदार खेल कौशल और रणनीतिक सूझबूझ से अहम भूमिका निभाई। राष्ट्रीय पटल पर दोनों बहनों के इस प्रदर्शन से पूरे जिले के खेल प्रेमियों में उत्साह की लहर है। स्टेडियम में दिखा बेटियों का दम प्रतियोगिता के दौरान बिहार की खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और उत्कृष्ट टीम भावना का परिचय देते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। नालंदा की कोमल और प्रियांशु ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन तालमेल और आक्रामक खेल का संतुलन बनाए रखा, जिससे टीम को कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में बढ़त मिली। ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा बनीं दोनों बहनें रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ नालंदा के महासचिव रेंसी राकेश राज ने टीम और दोनों बहनों को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय मंच पर बिहार की बेटियों का यह मुकाम पूरे सूबे के लिए गौरव की बात है। कोमल और प्रियांशु का समर्पण ग्रामीण क्षेत्रों की उन तमाम बालिकाओं के लिए एक बड़ा प्रेरणास्रोत बनेगा जो खेलों में अपना भविष्य तलाश रही हैं। खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं और नियमित विशेष प्रशिक्षण शिविर उपलब्ध कराने के लिए रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ बिहार के महासचिव डॉ. पंकज ज्योति के प्रयासों की सराहना की। खेल जगत और प्रशासनिक अधिकारियों ने दी बधाई बिहार टीम की इस सफलता और कोमल-प्रियांशु के उम्दा प्रदर्शन पर जिले के प्रशासनिक अधिकारियों, खेल संघों और प्रबुद्धजनों ने हर्ष व्यक्त किया है। बधाई देने वालों में रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ बिहार के महासचिव डॉ. पंकज ज्योति, जेल अधीक्षक अभिषेक कुमार पांडेय, जिला परिवहन पदाधिकारी सह खेल पदाधिकारी रवि रंजन कुमार, नालंदा संघ के अध्यक्ष मुन्नालाल, कोषाध्यक्ष ऋषिकेश कुमार, जदयू नेता धनंजय देव, खेल निदेशक संजय कुशवाहा, डॉ. राजीव कुमार रंजन, डॉ. निर्जल नाथ, कोच सौरभ कुमार, सुबोध कुमार, विपिन कुमार, सूरज कुमार, दल प्रभारी विवेक कुमार, रितेश रंजन, शेखर कुमार और चुनचुन कुमारी सहित कई गणमान्य लोग शामिल हैं। सभी ने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
बस में क्लास, मिड डे मिल, पोशाक और अन्य सुविधाएं; बिहार के इन 5 जिलों में स्कूल ऑन व्हील्स जल्द
जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा प्रदान करने को लेकर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। बिहार के पांच जिलों भागलपुर, पटना, मुजफ्फरपुर, गया और दरभंगा को स्कूल ऑन व्हील्स शुरू करने के लिए चयनित किया है।
कंफर्म टिकट के साथ दिल्ली-हरियाणा से बिहार आना आसान, छठ पर 5 से चल सकतीं इंटर स्टेट बसें
Bihar Inter State Bus Service: दीपावली और छठ के दौरान दिल्ली व हरियाणा से बिहार आने-जाने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है। 5 नवंबर से बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की अनुबंधित बसें चलेंगी, जिससे कंफर्म टिकट के साथ यात्रा आसान होगी।
Bihar Weather Today: बिहार में अर्नब तूफान से तबाही; आज 32 जिलों में आंधी, बारिश, ठनका की चेतावनी
Bihar Weather Today: मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के निदेशक आशीष कुमार ने बताया कि शुक्रवार सुबह 8:30 बजे से शनिवार सुबह 8:30 बजे तक अधिकांश जिलों में बारिश और कम दृश्यता की स्थिति रहेगी। राज्य भर में वज्रपात और आंधी (40-50 किमी/घंटा) की चेतावनी है।
मुजफ्फरपुर में औद्योगिक विकास को पंख, पारू में 246 एकड़ भूमि अधिग्रहण पर खर्च होंगे एक अरब 26 करोड़
BIADA Bihar, Paru Industrial Area: मुजफ्फरपुर के पारू में 246 एकड़ भूमि पर नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है, जिस पर 1.26 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे। यह परियोजना क्षेत्र में रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को गति देगी।
Panipat News: बिहार जाने वाली ट्रेनों में सीटें फुल, यात्री परेशान
बिहार जाने वाली ट्रेनों में सीटें फुल, यात्री परेशान
IAS संजय कुमार सिंह कौन? बिहार लौटने की तैयारी, नीतीश के बाद अब सम्राट चौधरी के साथ नई पारी
बैंक में नौकरी और विश्वविद्यालय में अध्यापन से करियर शुरू करने वाले 1997 बैच के आईएएस संजय कुमार सिंह की बिहार वापसी चर्चा में है. उड़ीसा कैडर के इस वरिष्ठ अधिकारी को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का प्रधान सचिव बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है.
दिवाली और छठ के मौके पर दिल्ली समेत पांच राज्यों से बिहार के विभिन्न शहरों के बीच स्पेशल बसें चलाई जाएंगी। इनकी ऑनलाइन बुकिंग 1 नवंबर को शुरू होगी। रूट की जानकारी जल्द ही बिहार परिवहन विभाग जारी करेगा।
MLC चुनाव नतीजे: यूपी और बिहार की किस सीट पर किसने मारी बाजी?
उत्तर प्रदेश और बिहार में हुए विधान परिषद (एमएलसी) चुनावों के नतीजे सामने आ रहे हैं. लखनऊ स्नातक सीट पर समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी कांति सिंह ने शानदार जीत दर्ज की है. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी अवनीश कुमार सिंह को 17,225 वोटों से हराकर छह साल पुरानी हार का बदला ले लिया. बिहार की 8 एमएलसी सीटों में से 7 के नतीजे घोषित हो चुके हैं. इनमें भाजपा को दो, जदयू को एक, राजद को एक, जन सुराज पार्टी को एक और दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों को जीत मिली है. दरभंगा स्नातक सीट का परिणाम आना अभी बाकी है, जहाँ भाजपा के सर्वेश कुमार आगे चल रहे हैं. बैलेट पेपर और दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती के कारण परिणाम में देरी हो रही है.
बिहार विधान परिषद शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव परिणाम घोषित हो गए हैं। एनडीए ने तीन और महागठबंधन ने दो सीटें जीती हैं।
राजद ने विधान परिषद की दरभंगा (स्नातक) और पटना (शिक्षक) सीटें जीतकर विधानसभा चुनाव की हार की पीड़ा को कम किया है। महागठबंधन में दोस्ताना संघर्ष के बावजूद राजद को दो सीटों पर जीत मिली, जिसमें भाजपा की पारंपरिक पटना सीट भी शामिल है।
Bihar में Sewa Sankalp के तहत 1.65 लाख कार्यों पर खर्च होंगे 6654 करोड़ रुपये
पटना, 29 अक्टूबर। बिहार में सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक परिसंपत्तियों को अधिक सुदृढ़, सुव्यवस्थित एवं जनोपयोगी बनाने के उद्देश्य से संचालित ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प’ कार्यक्रम के तहत राज्यभर में चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में बैठक की गई। विभिन्न विभागों के अंतर्गत चिह्नित कार्यों की वर्तमान स्थिति, तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया तथा कार्यों के समयबद्ध क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। लंबित प्रक्रियाओं में तेजी लाने और विभागीय समन्वय को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। इसे भी पढ़ें: चार राज्यों के विधान परिषद चुनावों के मिले-जुले परिणामों के महत्वपूर्ण सियासी संदेश कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य के 38 जिलों की 8,051 पंचायतों में कुल 1,65,021 कार्य चिह्नित किए गए हैं। इन कार्यों की अनुमानित लागत ₹6,654.59 करोड़ है। इनमें मौजूदा सार्वजनिक परिसंपत्तियों की मरम्मत एवं उन्नयन के साथ-साथ आवश्यकतानुसार नई संरचनाओं का निर्माण भी शामिल है। कुल चिह्नित कार्यों में 1,14,133 कार्य मरम्मत एवं उन्नयन तथा 50,816 कार्य नई संरचनाओं के निर्माण से संबंधित हैं। इस पहल का उद्देश्य सरकारी भवनों और सार्वजनिक सुविधाओं की स्थिति में सुधार करते हुए उन्हें नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप बनाना है। शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान विभागवार आंकड़ों के अनुसार, शिक्षा विभाग के अंतर्गत सर्वाधिक 77,473 कार्य चिह्नित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त पंचायती राज विभाग के 31,941, ग्रामीण विकास विभाग के 17,213, समाज कल्याण विभाग (आईसीडीएस) के 15,014 तथा स्वास्थ्य विभाग के 12,946 कार्य शामिल हैं। शेष कार्य नगर विकास एवं आवास, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण तथा विभिन्न कल्याण विभागों से संबंधित हैं। शिक्षा विभाग के अंतर्गत विद्यालय भवनों एवं कक्षाओं की मरम्मत और रंगाई-पुताई के 53,529 कार्य चिह्नित किए गए हैं। इसके साथ ही 4,632 चहारदीवारी निर्माण, 3,397 पेयजल एवं विद्युत सुविधाओं को क्रियाशील बनाने, 3,239 रसोई शेड के रखरखाव, 2,819 नए शौचालयों तथा 2,002 अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण से जुड़े कार्य शामिल हैं। इन प्रयासों से विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य संस्थानों की मरम्मत, रंगाई-पुताई एवं रखरखाव के 8,647 कार्य चिह्नित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त सफाई एवं रखरखाव के 2,324 कार्य और 571 नए स्वास्थ्य उपकेंद्रों के निर्माण से जुड़े कार्य शामिल हैं। पेयजल, शौचालय, संकेतक, मरीजों के बैठने की व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इससे स्वास्थ्य संस्थानों की आधारभूत संरचना को मजबूत करने और मरीजों को अधिक सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। लंबित स्वीकृतियों के निष्पादन और समयबद्ध पूर्णता पर जोर 28 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, 29,864 कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि 4,753 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। वहीं, 57,972 कार्य तकनीकी स्वीकृति तथा 21,060 कार्य प्रशासनिक स्वीकृति की प्रतीक्षा में दर्ज हैं। इन आंकड़ों के आधार पर लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। समीक्षा में इस बात पर जोर दिया गया कि संबंधित विभाग स्वीकृति की प्रक्रिया में आ रही बाधाओं की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करें। स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के साथ निर्माण एवं मरम्मत की गुणवत्ता सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। सार्वजनिक परिसंपत्तियों को अधिक उपयोगी बनाने की पहल ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प’ कार्यक्रम का व्यापक उद्देश्य केवल भवनों का निर्माण या मरम्मत करना नहीं, बल्कि विद्यालयों, स्वास्थ्य संस्थानों और अन्य सरकारी परिसंपत्तियों को बेहतर स्थिति में लाकर उनकी उपयोगिता बढ़ाना है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने और सार्वजनिक संसाधनों के प्रभावी उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विकास आयुक्त ने संबंधित विभागों से अपेक्षा की कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्यों के क्रियान्वयन में तेजी लाएं तथा गुणवत्ता, समयबद्ध पूर्णता और नियमित अनुश्रवण को प्राथमिकता दें। कार्यक्रम की सफलता का वास्तविक आकलन इस आधार पर होना चाहिए कि चिह्नित कार्य कितनी तेजी और गुणवत्ता के साथ पूरे होते हैं तथा उनसे आम नागरिकों को कितना प्रत्यक्ष लाभ मिलता है।
कल का मौसम 30 अक्टूबर: बिहार से लेकर दिल्ली, हरियाणा और यूपी तक मौसम के तीखे तेवर
कल का मौसम 30 अक्टूबर: कल का मौसम 30 अक्टूबर, मौसम ब्रेकिंग (नई दिल्ली): देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है और 30 अक्टूबर को उत्तर, पूर्व और मध्य भारत में मौसम के उग्र तेवर देखने को मिलेंगे। IMD के मुताबिक बिहार में मूसलाधार बारिश तथा दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है।
बिहार में चक्रवात अर्णब का असर, उत्तर बिहार में अत्यंत भारी बारिश का पूर्वानुमान
बिहार मौसम: चक्रवात अर्णब के अवशेषों और सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से बिहार में मौसम का मिजाज बदल गया है, जिसके चलते उत्तर बिहार के कई हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ अत्यंत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
कल का मौसम, 30 अक्टूबर 2026: IMD ने कल देश के 12 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. कई राज्यों में आंधी-तूफान की संभावना है.चक्रवात अर्नब का असर जारी है. जानिए आपके यहां कैसा मौसम रहेगा.
देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है और शुक्रवार 30 अक्टूबर को उत्तर, पूर्व और मध्य भारत के कई राज्यों में मौसम के उग्र तेवर देखने को मिलेंगे। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 30 अक्टूबर को बिहार के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश के साथ बेहद बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में तेज हवाओं, बादलों की गड़गड़ाहट और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है।बिहार में मूसलाधार बारिश का अलर्टमौसम विभाग के मुताबिक 30 अक्टूबर को पूर्वी भारत के बिहार राज्य में मौसमी गतिविधियों का सबसे ज्यादा असर रहेगा। बिहार के अलग-अलग जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज होगी, वहीं कुछ जगहों पर बेहद भारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। इसके अलावा राज्य में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट भी जारी किया गया है।दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब और यूपी में ओले गिरने व आंधी की चेतावनीउत्तर-पश्चिम भारत में मौसमी हलचलों की वजह से आंधी और ओलावृष्टि का खतरा बना हुआ है। 30 अक्टूबर को दिल्ली-NCR, हरियाणा और चंडीगढ़ में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं यानी थंडरस्क्वाल तबाही मचा सकती हैं। इसके साथ ही इन इलाकों में कई जगहों पर ओले गिरने की भी सख्त चेतावनी दी गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि होने का अनुमान है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा और भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में आंधी-तूफान के साथ ओलावृष्टि का अलर्ट दिया गया है। पंजाब और उत्तराखंड में 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तेज हवाएं चलेंगी। उत्तराखंड और झारखंड के कुछ हिस्सों में भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान है।बंगाल, असम और पहाड़ी राज्यों का हालपूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मौसमी गतिविधियां सक्रिय रहेंगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल के मैदानी क्षेत्रों में 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में बिजली चमकने और 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। असम और मेघालय में बादलों की कड़क के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।मध्य, पश्चिम और दक्षिण भारत में कैसा रहेगा मौसम?मध्य प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में 30 से 40 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलेंगी। छत्तीसगढ़ और विदर्भ में आकाशीय बिजली चमकने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी। इसके अलावा आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में बिजली कड़कने और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में तूफानी मौसम का अलर्टमौसम विभाग ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा उसके आसपास के समुद्री इलाकों में बेहद खराब मौसम की चेतावनी दी है। अंडमान-निकोबार में 30 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश होगी।इस दौरान 50 से 60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। दक्षिण अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी से सटे अंडमान व निकोबार तटों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने वाली तूफानी हवाओं के झोंके 60 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। IMD ने संबंधित तटीय इलाकों में सुरक्षा बरतने की सलाह दी है।
रायपुर रेल मंडल ने दीपावली और छठ पूजा पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए बिहार जाने वाली तीन ट्रेनों के प्लेटफॉर्म बदले और सात पैसेंजर ट्रेनों में कोच बढ़ाए।
उत्तर प्रदेश से बिहार तक…MLC चुनाव के नतीजों ने बीजेपी को दिया झटका
उत्तर प्रदेश की विधान परिषद की 11 सीटों पर चुनाव हुए। नतीजों में 6 सीट पर भाजपा ने कब्जा जमाया है तो पांच सीटों पर समाजवादी पार्टी ने जीत हासिल की है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा है
बक्सर में 2 नवंबर को रोजगार मेला लगेगा:21 कंपनियों में नौकरी के मौके; वेतन 11,500 से 35,000 रुपए तक
बक्सर में 2 नवंबर 2026 को रोजगार मेला लगेगा। जिला नियोजनालय की ओर से आयोजित मेले में 21 कंपनियों के प्रतिनिधि अभ्यर्थियों का चयन करेंगे। मेला सुबह 10 बजे से संयुक्त श्रम भवन स्थित आईटीआई परिसर में होगा। जिला नियोजन पदाधिकारी प्रणव प्रतीक ने यह जानकारी दी। वेतन 11,500 से 35,000 रुपए प्रतिमाह तक जारी सूची के मुताबिक, मेले में तकनीकी, गैर-तकनीकी, सुरक्षा, बीमा, डिलीवरी, शिक्षा और औद्योगिक क्षेत्र की कंपनियां शामिल होंगी। अलग-अलग पदों के लिए वेतन 11,500 से 35,000 रुपए प्रतिमाह तक है। कुछ पदों का वेतन इंटरव्यू और चयन प्रक्रिया के आधार पर तय होगा। मेले में एबी इंडिया सर्विसेज, प्राइटीक सॉल्यूशन सर्विसेज, नव भारत फर्टिलाइजर, नेशनल इंश्योरेंस, रस्तोगी इंडस्ट्रीज, ब्लिंक कॉमर्स, एलआईसी इंडिया, इंस्टाकार्ट सर्विसेज, एसआईएस लिमिटेड, इनोमैक्स इंडस्ट्रीज और एसआरवीटी ग्लोबल टैलेंटाइज सहित अन्य कंपनियां शामिल होंगी। देशभर में काम करने का मौका कंपनियां डाटा एंट्री ऑपरेटर, टेली कॉलर, हेल्पर, टेक्नीशियन, सेल्स ट्रेनी, इंश्योरेंस एडवाइजर, मशीन ऑपरेटर, पिकर-पैकर, डिलीवरी बॉय, गार्ड, सुपरवाइजर, अकाउंटेंट, क्वालिटी चेकर और शिक्षक के पदों पर नियुक्ति करेंगी। कुछ कंपनियों में बिहार के अलग-अलग जिलों में और कुछ में देशभर में काम करने का मौका मिलेगा। पदों के लिए दसवीं पास से लेकर आईटीआई, डिप्लोमा और स्नातक तक की योग्यता मांगी गई है। मेले में रजिस्ट्रेशन की सुविधा रहेगी उपलब्ध पद के अनुसार उम्र सीमा 18 से 45 साल तक है। अभ्यर्थियों को मेले में आने से पहले संबंधित कंपनी की योग्यता और उम्र संबंधी शर्तें देखनी चाहिए। जिला नियोजन पदाधिकारी ने बताया कि मेले में शामिल होने के लिए कम से कम आठवीं पास होना जरूरी है। बिहार रोजगार पोर्टल Detjob.bihar.gov.in पर रजिस्ट्रेशन भी अनिवार्य है। मेले में रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। उन्होंने जिले के युवाओं से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं। जिन युवाओं को तत्काल नौकरी नहीं चाहिए, वे भी मेले में पहुंचकर जिला उद्योग केंद्र, जीविका और डीआरसीसी की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
बिहार विधान परिषद चुनाव परिणाम: कांग्रेस '1 से 0' और राजद '0 से 1
बिहार विधान परिषद (Bihar Legislative Council) की आठ सीटों पर संपन्न हुए उपचुनाव और द्विवार्षिक चुनाव के नतीजों ने राज्य के राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया है। इन परिणामों ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस के बीच महाविकास गठबंधन (महागठबंधन) की अंदरूनी कड़वाहट और शक्ति-संतुलन की पोल खोलकर रख दी है। चुनाव परिणामों में सबसे बड़ा झटका कांग्रेस पार्टी को लगा है, जिसकी इकलौती सीट भी हाथ से निकल गई और वह शून्य पर सिमट गई। दूसरी ओर, राजद ने भाजपा के तीन दशक पुराने गढ़ को ढहाकर 'शून्य से एक' सीट का सफर तय करते हुए अपनी खोई ताकत वापस पाई है। इस नाटकीय उलटफेर के बाद अब बिहार की राजनीति और खुद कांग्रेस के अंदरूनी खेमे में यह बड़ा सवाल कौंध रहा है कि आखिर कब तक देश की सबसे पुरानी पार्टी 'बी टीम' (B-Team) का ठप्पा अपने माथे पर लगाकर लालू प्रसाद यादव के 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास (Lalu Awas) से तय होने वाले राजनीतिक फैसलों की बलि चढ़ती रहेगी।#1 दरभंगा और पटना शिक्षक सीटों के नतीजे: कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष का किला ढहा, राजद ने भाजपा को चटाई धूलविधान परिषद के इन नतीजों में सबसे चौंकाने वाली हार दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से देखने को मिली। यहाँ कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा को करारी हार का सामना करना पड़ा। प्रशांत किशोर की नई नवेली जन सुराज पार्टी (Jan Suraaj Party) समर्थित उम्मीदवार सुरेश प्रसाद राय ने कांग्रेस के इस अभेद्य किले में सेंध लगाते हुए डॉ. मदन मोहन झा को शिकस्त दी और कांग्रेस का खाता तक नहीं खुलने दिया। इसके ठीक विपरीत, पटना शिक्षक सीट पर लालू यादव की राजद ने जबरदस्त राजनीतिक घेराबंदी की। राजद प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार ने लगातार पांच बार से जीतते आ रहे भाजपा के कद्दावर नेता नवल किशोर यादव को पटखनी देकर सीट अपने नाम कर ली। इस तरह जहां राजद शून्य से उठकर एक सीट जीतने में कामयाब रही, वहीं कांग्रेस अपनी जीती हुई सीट गंवाकर एक से सीधे शून्य पर आ गिरी।#1 सीट बंटवारे से लेकर उम्मीदवार तय करने तक: लालू आवास का एकतरफा दबाव और कांग्रेस का आत्मसमर्पणराजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में कांग्रेस की इस दुर्दशा के पीछे कोई और नहीं बल्कि उसकी खुद की लाचारी और राजद के सामने घुटने टेकने की नीति है। चुनाव चाहे विधानसभा के हों, लोकसभा के हों या फिर विधान परिषद के, टिकट बंटवारे की पूरी पटकथा लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के आवास पर ही लिखी जाती है। कांग्रेस के स्थानीय नेताओं को केवल सहमति की मुहर लगाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। क्षेत्रीय स्तर पर अपने जनाधार और समर्पित कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर जब-जब कांग्रेस ने राजद की शर्तों पर समझौते किए हैं, तब-तब उसे मुंह की खानी पड़ी है। राजद अपने राजनीतिक आधार (MY समीकरण व कैडर) को मजबूत करने के लिए कांग्रेस के प्रभाव वाले क्षेत्रों का इस्तेमाल करती है, लेकिन जब कांग्रेस उम्मीदवारों को जिताने की बारी आती है, तो राजद का जमीनी वोट बैंक खामोशी से अपना रास्ता बदल लेता है।#1 'बी टीम' के ठप्पे से घुटता कांग्रेस कैडर: क्या अब राजद के राजनीतिक प्रभाव से आजाद होगी पार्टी?एमएलसी चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस के भीतर असंतोष का गुबार फूट पड़ा है। पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं और युवा नेताओं का खुलकर कहना है कि जब तक पार्टी राज्य में लालू-तेजस्वी की बैसाखियों के सहारे चलेगी, तब तक उसका अपना स्वतंत्र अस्तित्व कभी बहाल नहीं हो सकता। जनता के बीच कांग्रेस को केवल राजद की 'सहायक' या 'बी टीम' के रूप में देखा जाने लगा है, जिससे पार्टी का पारंपरिक वोट बैंक (उच्च जातियां, मुस्लिम और अति पिछड़ा वर्ग) अब तीसरे विकल्पों जैसे जन सुराज या एनडीए की ओर शिफ्ट हो रहा है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि लालू आवास के इशारों पर फैसले लेने की इस आत्मघाती नीति ने कांग्रेस के संगठन को बिहार में पूरी तरह से पंगु बना दिया है, और यदि अब भी केंद्रीय कमान ने कड़े फैसले नहीं लिए तो पार्टी का वजूद राज्य से हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा।#1 बिहार में नए राजनीतिक विकल्पों का उदय: जन सुराज की एंट्री और महागठबंधन के भविष्य पर मंडराता संकटइन चुनाव परिणामों का एक सबसे बड़ा संदेश यह भी है कि बिहार की प्रबुद्ध और शिक्षित जनता—चाहे वह शिक्षक हों या स्नातक—अब पारंपरिक गठबंधनों के बजाए नए विकल्पों को स्वीकार कर रही है। जन सुराज पार्टी द्वारा पहली ही बार में एमएलसी सीट जीतकर खाता खोलना यह साबित करता है कि जनता राजद-कांग्रेस के पुराने राजनीतिक ढर्रे से तंग आ चुकी है। आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आए ये परिणाम महागठबंधन के लिए भारी चेतावनी हैं। यदि कांग्रेस ने खुद को राजद के राजनीतिक दबदबे और लालू आवास के फरमानों से मुक्त करके अपनी स्वतंत्र रणनीति नहीं बनाई, तो बिहार के आगामी सियासी महासमर में कांग्रेस का सूपड़ा साफ होना तय माना जा रहा है।
अर्नब चक्रवात के प्रभाव से पटना समेत दक्षिण बिहार, कोसी-सीमांचल समेत अन्य इलाकों में गुरुवार सुबह से बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को उत्तर बिहार के दो जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटे में राज्य भर के कई इलाकों में बारिश, आंधी और वज्रपात की गतिविधियां तेज होने की आशंका है।
वैज्ञानिक नवाचार से बिहार के विकास को मिलेगी नई गति: सीएम सम्राट चौधरी
वैज्ञानिक नवाचार से बिहार के विकास को मिलेगी नई गति: सीएम सम्राट चौधरी
CM सम्राट चौधरी के प्रधान सचिव बन सकते हैं IAS संजय कुमार सिंह, बिहार वापसी की प्रक्रिया शुरू
1997 बैच के IAS अधिकारी संजय कुमार सिंह की बिहार वापसी की प्रक्रिया शुरू हो गई है. केंद्र ने उनकी विजिलेंस रिपोर्ट मांगी है. चर्चा है कि बिहार लौटने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का प्रधान सचिव बनाया जा सकता है, हालांकि अभी आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है.
Bihar MLC Election Result: कोई चेहरा बड़ा नहीं, 30 साल की कुर्सी गंवाकर और क्या बोले नवल किशोर यादव?
नवल किशोर यादव ने कहा कि लोकतंत्र में कोई चेहरा बड़ा नहीं होता है। सबसे ऊपर मतदाता होते हैं। जिसे चाहे जीत दिला दे या जिसे हार का मुंह दिखा दे।
बिहार में MLC को कितनी मिलती है Salary? पेंशन-ट्रैवल कूपन और कार लोन का भी समझिए हिसाब-किताब
Bihar MLC Salary Pension 2026: बिहार विधान परिषद के सदस्यों को मिलने वाले वेतन, भत्ते और सुविधाओं का विस्तृत विवरण दिया गया है। एक एमएलसी को मासिक ₹1.60 लाख से अधिक आय, सरकारी आवास, मुफ्त बिजली, चिकित्सा और आजीवन पेंशन मिलती है।
PM Kisan: बिहार के 73 लाख किसानों के खाते में आएंगे 1,476 करोड़ रुपये, कल जारी होगी किस्त
देश के हजारों किसान जिस किस्त का इंतजार कर रहे थे, वह इंतजार अब खत्म होने वाला है।
29 अक्टूबर, गुरुवार, मुजफ्फरपुर: तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय MLC बने बंशीधर ब्रजवासी ने जीत को संघर्ष करने वाले लोगों की जीत बताया। उन्होंने कहा कि वे सदन में सरकार से सवाल पूछेंगे और व्यक्तिगत व सामाजिक संबंधों को राजनीति से ऊपर मानते हैं।
29 अक्टूबर, गुरुवार, भागलपुर: बिहार की कोसी स्नातक निर्वाचन सीट पर भाजपा के डॉ. एनके यादव ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की है। 2002 से इस सीट पर भाजपा का कब्जा बरकरार है। इससे पहले बीरकेश्वर प्रसाद सिंह ने दो बार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था।
BRABU M.Ed Admission 2026: 6 तक करें आवेदन, 22 नवंबर को परीक्षा
Bihar education updates:बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में सत्र 2026-28 के एमएड कोर्स के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गए हैं, जिसकी अंतिम तिथि 6 नवंबर है।
Neeraj Kumar ने Nitish Kumar को बताया अभिभावक, MLC चुनाव जीतकर JD(U) नेताओं से मिले
निर्वाचित जनता दल (यूनाइटेड) के विधान परिषद सदस्य (MLC) नीरज कुमार ने गुरुवार को राज्य की राजधानी में पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और बिहार प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा से मुलाकात की। इस शिष्टाचार भेंट के दौरान, नीरज कुमार ने उन पर भरोसा जताने के लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपनी जीत का श्रेय पार्टी कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत और राज्य सरकार के शासन मॉडल में जनता के विश्वास को दिया। संजय झा और उमेश कुशवाहा ने नीरज कुमार को उनकी चुनावी जीत पर बधाई दी, उनका सम्मान किया और पार्टी संगठन के प्रति उनके समर्पण की सराहना की। वरिष्ठ नेताओं ने विश्वास जताया कि उच्च सदन (विधान परिषद) में उनकी मौजूदगी से जनहित के मुद्दों और विकास नीतियों पर पार्टी की आवाज़ और अधिक सशक्त होगी। इसे भी पढ़ें: Bihar Legislative Council की 8 सीटों पर मतगणना जारी, NDA और जन सुराज के बीच कड़ा मुकाबला, अनंत सिंह निष्कासन से गरमाई सियासत इससे पहले, नीरज कुमार ने बिहार MLC चुनाव में पटना ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र से जीत पर खुशी जताई और कहा कि इस मुकाबले में पैसे की ताकत की हार हुई है। पत्रकारों से बात करते हुए, JD(U) नेता ने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पार्टी में उनके अभिभावक (गार्जियन) हैं। कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार सिर्फ पार्टी के नेता ही नहीं, बल्कि मेरे अभिभावक भी हैं। मैंने नीतीश कुमार और उनके बड़े भाई से मुलाकात की... उनका आशीर्वाद ही मेरी असली पूंजी है... पैसे की ताकत हार गई है और कार्यकर्ताओं की ताकत की जीत हुई है। कुमार के अलावा, अन्य नेताओं ने भी MLC चुनावों में अपनी जीत का जश्न मनाया। तिरहुत ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र से जीतने के बाद, निर्दलीय उम्मीदवार बंशीधर ब्रजवासी ने कहा कि वह सत्ताधारी सरकार को जवाबदेह ठहराने का अपना कर्तव्य निभाएंगे। इसे भी पढ़ें: 'कहां है रे गुंजन, ले जो मिठइया', जीत तय देख नीरज कुमार का छोटे सरकार पर तंज, तीसरे नंबर पर रहे अनंत सिंह के अनुज ब्रजवासी ने पत्रकारों से कहा कि सभी को बधाई और धन्यवाद। यह जीत किसी एक व्यक्ति की नहीं है। संघर्ष को पसंद करने वाले सभी लोगों ने मुझे सरकार से सवाल पूछने के लिए सदन में भेजा है। मैं इस जिम्मेदारी को निभाने की पूरी कोशिश करूंगा... आगरा ब्लॉक ग्रेजुएट्स सीट जीतने के बाद, BJP उम्मीदवार मानवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवा पार्टी का पुरजोर समर्थन करते हैं। सिंह ने ANI को बताया PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, BJP विकास के लिए काम कर रही है। किए गए सभी कार्यों की वजह से, उत्तर प्रदेश के युवा मजबूती से BJP के साथ खड़े हैं। इस बीच, बिहार MLC चुनावों में, BJP ने तिरहुत टीचर्स सीट जीती, जबकि RJD ने पटना टीचर्स निर्वाचन क्षेत्र में पांच बार के BJP MLC नवल किशोर यादव को हरा दिया। सारण टीचर्स निर्वाचन क्षेत्र में निर्दलीय उम्मीदवार राहुल राज ने मौजूदा MLC अफाक अहमद को हराया। पटना ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र में JD(U) उम्मीदवार नीरज कुमार ने RJD उम्मीदवार को हराया, जबकि JSP उम्मीदवार अनुज सिंह तीसरे स्थान पर रहे।
Pune में IT कर्मचारी को ब्लैकमेल कर आत्महत्या के लिए उकसाने वाले दो आरोपी बिहार से गिरफ्तार
पुणे में एक नामी आईटी कंपनी में काम करने वाले 22 वर्षीय कर्मचारी को सोशल मीडिया पर फर्जी खाते बनाकर ब्लैकमेल करने और उससे 1.77 लाख रुपये वसूलने के आरोप में बिहार से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। कर्मचारी ने कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस के अनुसार, मृतक शिखर कुमार गौरव सक्सेना खराड़ी इलाके में एक पीजी में रहता था। उसने एक अक्टूबर को इलाके की रिवरडेल सुइट सोसाइटी की 27वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। उसके पिता कुमार गौरव ने 14 अक्टूबर को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि खुद को अजयकुमार भाटिया बताने वाले एक व्यक्ति ने उनके बेटे को मादक पदार्थों की तस्करी के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी थी। आरोपी बार-बार फोन कर उससे पैसे मांगता था और उसे मानसिक रूप से परेशान करता था। पुलिस ने जांच के दौरान 21 अक्टूबर को पटना से आकाशकुमार संजय सिंह (18) और राजकुमार संपूर्ण आनंद सिंह (22) को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के पास से सात मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और एक टैबलेट जब्त किए गए, जिनकी कुल कीमत 2.22 लाख रुपये है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने महिलाओं के नाम से फर्जी इंस्टाग्राम खाते बनाए और उनके जरिए सक्सेना से संपर्क किया। बाद में उसे टेलीग्राम पर बातचीत करने के लिए राजी किया गया। वीडियो कॉल के दौरान एक महिला का आपत्तिजनक वीडियो दिखाकर उसे रिकॉर्ड कर लिया गया। आरोप है कि इस रिकॉर्डिंग के जरिए सक्सेना को ब्लैकमेल किया गया और मादक पदार्थों की तस्करी के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई। पुलिस ने बताया कि उससे पांच अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1.77 लाख रुपये जमा कराए गए। इनमें से 1,14,498 रुपये की राशि के लेनदेन पर रोक लगा दी गई है। दोनों आरोपियों को पुणे की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 30 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस कथित तौर पर वसूली की रकम प्राप्त करने वाले पंजाब के लुधियाना निवासी अनिकेत गुप्ता और अरुणाचल प्रदेश के कृष्ण कुमार के साथ अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है। मामले की जांच खराड़ी थाने के वरिष्ठ निरीक्षक संजय चव्हाण कर रहे हैं।
जमुई की पूनम कुमारी आज पांच लाख गन्ने के पौधे तैयार कर किसानों की खेती बदलने की तैयारी में हैं। पौधों से लगाव ने उन्हें एक दिन सोशल मीडिया पर सरकारी योजनाएं तलाशने के लिए प्रेरित किया। इसी दौरान गन्ना नर्सरी योजना की जानकारी मिली। पूनम ने इसे मौका बनाया, प्रशिक्षण लिया और बिहार की पहली गन्ना नर्सरी शुरू कर उद्यमिता की नई कहानी लिख दी। बरहट प्रखंड की पूनम की यह पहल सिर्फ खेती तक सीमित नहीं है। उनका लक्ष्य किसानों को स्वस्थ पौधे उपलब्ध कराने के साथ ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना भी है। सोशल मीडिया से मिला आइडिया पूनम ने बताया कि उन्हें पेड़-पौधों से काफी लगाव था। वह कोई ऐसा काम करना चाहती थीं, जिसे बड़े स्तर पर शुरू किया जा सके। इसी तलाश में उन्हें गन्ना नर्सरी योजना की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने आवेदन किया और जमुई जिले से उनका चयन हुआ। फिर समस्तीपुर के पूसा में प्रशिक्षण लेकर नर्सरी शुरू की। पूनम ने इसके लिए मुख्यमंत्री, गन्ना विभाग के मंत्री और विभागीय अधिकारियों के सहयोग के प्रति आभार जताया। उन्होंने बताया कि फिलहाल पांच लाख पौधे तैयार करने का लक्ष्य है, जिसे बढ़ाकर छह से सात लाख तक ले जाने की क्षमता भी वह रखती हैं। नर्सरी में तैयार पौधे जमुई के अलावा मुंगेर, शेखपुरा और लखीसराय के किसानों तक पहुंचाए जाएंगे। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल पूनम की नर्सरी में अभी 10 से 15 लोगों को रोजगार मिला है। काम बढ़ने पर 20 से 25 लोगों को रोजगार देने की तैयारी है। वह चाहती हैं कि घरों तक सीमित रहने वाली महिलाएं आगे आएं और अपने हुनर से कमाई करें। पौधों की देखभाल जैसे कामों के साथ कठिन कामों के लिए पुरुषों को भी रखा गया है। मौके से आई तस्वारें… बीमारी से बचाव और वेस्टेज का भी इंतजामनर्सरी में स्वस्थ पौधे तैयार करने के लिए पूनम के पति प्रवीण कुमार ने कोयंबटूर से सीड ट्रीटमेंट डिवाइस मंगाने की जानकारी दी। इससे पौधों को रोगमुक्त रखने में मदद मिलेगी और किसानों को बीमारी तथा दवाओं पर होने वाले खर्च से राहत मिलने की उम्मीद है। गन्ने के अवशेष से विनेगर तैयार करने का प्रशिक्षण लेकर पूनम ने वेस्टेज मैनेजमेंट पर भी काम शुरू किया है।प्रवीण कहते हैं कि नर्सरी शुरू करने का विचार पत्नी पूनम का था और वह केवल सहयोग कर रहे हैं। विभाग का लक्ष्य पांच लाख पौधों का है, जबकि हमलोग इसे डेढ़ गुना तक पहुंचाना चाहता है।गन्ने के खेतों में हरियाली लौटाने का सपनाजमुई में गन्ने की खेती लगभग खत्म होने के बीच पूनम की पहल नई उम्मीद जगा रही है। पांच लाख स्वस्थ पौधों का लक्ष्य पूरा हुआ तो चार जिलों के किसानों को नई शुरुआत का मौका मिल सकता है। साथ ही गांव की महिलाओं को अपने पैरों पर खड़े होने का मौका भी मिलेगा। पूनम की कहानी बताती है कि सही जानकारी, प्रशिक्षण और मेहनत के सहारे एक महिला खेती को रोजगार देने वाले उद्यम में बदल सकती है।
29 अक्टूबर, गुरुवार, पटना: बिहार विधान परिषद चुनाव में पटना स्नातक सीट जीतने के बाद जेडीयू नेता नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों से बधाई लेने पर पाप चढ़ता है। नीरज कुमार को 19,930 वोट मिले, जबकि राजद के दिलीप कुमार को 15,275 वोट मिले।
छठ से पहले दिल्ली से बिहार के लिए चलेंगी 50+ AC बसें, किराया LG की मंजूरी के बाद तय होगा
नई दिल्ली/बिहार , 29 अक्टूबर 2026 | छठ महापर्व पर बिहार जाने की तैयारी कर रहे दिल्ली-NCR में रहने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। दिल्ली सरकार छठ से पहले बिहार के प्रमुख शहरों के लिए 50 से ज्यादा वातानुकूलित लग्जरी बसें चलाने की तैयारी कर रही है। दिल्ली परिवहन विभाग ने इस […] The post छठ से पहले दिल्ली से बिहार के लिए चलेंगी 50+ AC बसें, किराया LG की मंजूरी के बाद तय होगा appeared first on Rashtriya Ujala .
ऊपर अंडे के कैरेट, बीच में अंग्रेजी शराब! बिहार के बगहा में तस्करों का खेल
बिहार के बगहा में शराब तस्करी के लिए ऐसा तरीका अपनाया गया, जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया. एक पिकअप में अंडे के कैरेट के बीच अंग्रेजी शराब छिपाकर ले जाई जा रही थी. धनहा चेकपोस्ट पर वाहन की तलाशी हुई तो शराब की खेप बरामद हो गई. पुलिस ने पिकअप जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया है. शराब बेतिया की तरफ ले जाई जा रही थी.
बिहार के कैमूर जिले अंतर्गत भभुआ सदर प्रखंड के परसिया गांव में आयोजित भव्य चातुर्मास महायज्ञ के समापन समारोह एवं धर्म सम्मेलन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शामिल हुए। हेलीकॉप्टर द्वारा परसिया पहुंचे मुख्यमंत्री को प्रशासन द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके बाद उन्होंने प्रसिद्ध आध्यात्मिक संत श्रीलक्ष्मीप्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज से भेंट कर […]
बिहार में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से मौसम बदल गया है। कई जिलों में बारिश, वज्रपात और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने का अलर्ट है।
BIHAR NEWS: नाव दौड़ प्रतियोगिता में नावों की रफ्तार पर झूमे दर्शक, भद्दू महालदार बने विजेता
29 अक्टूबर, गुरुवार: नाव दौड़ प्रतियोगिता में नावों की तेज रफ्तार देख दर्शक झूम उठे, इस रोमांचक मुकाबले में भद्दू महालदार विजेता बने।
बिहार में करवा चौथ चांद कितने बजे दिखेगा? देखें पटना और दरभंगा समेत अपने शहर का मून टाइम
when will moon rise today in Bihar: आज करवा चौथ का चांद बिहार के तमाम शहरों में जल्दी नजर आएगा या व्रती महिलाओं को चांद के दीदार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। जानें बिहार के तमाम शहरों में चांद निकलने का समय।
BIHAR NEWS: सिंघिया-सरौरा जलकर में मछली मारने को लेकर विवाद, मारपीट में घायल महिला की मौत
29 अक्टूबर, गुरुवार: मछली मारने के विवाद में मारपीट के दौरान घायल महिला की मौत हो गई, सिंघिया-सरौरा जलकर में फायरिंग और लूटपाट का आरोप लगाते हुए 41 लोगों के खिलाफ आवेदन दिया गया है।
पटना में 1799 पदों वाली दरोगा भर्ती की मेंस परीक्षा रद्द किए जाने के विरोध में अभ्यर्थी आज गुरुवार को सड़क पर उतरे हैं। अभ्यर्थी गांधी मैदान से निकलकर जेपी गोलंबर पहुंचे तो प्रशासन ने बैरिकेड लगाकर रोकने की कोशिश की। कैंडिडेट्स ने बैरिकेडिंग तोड़ दी है और जेपी गोलंबर से डाकबंगला की ओर बढ़ गए। डाकबंगला चौराहे पर पुलिस ने इन्हें फिर रोकने की कोशिश की। कुछ कैंडिडेट्स सड़क पर लेट गए, जिन्हें पुलिस ने घसीटकर उठाया और डिटेन किया। बता दें, प्रदर्शन की शुरुआत गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से हुई। 10,789 सफल अभ्यर्थी लोक सेवक आवास घेरने निकले हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले 1 महीने से गर्दनीबाग धरना स्थल पर अपनी मांगों को लेकर बैठे हैं, लेकिन अब तक उनकी बात नहीं सुनी गई है। दरोगा अभ्यर्थियों के प्रदर्शन की 2 फोटोज
Bihar Farmers 2000 Rupees : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के लाखों किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त का तोहफा देंगे। इसके तहत किसानों के खातों में दो-दो हजार रुपये भेजे जाएंगे, जिसकी सूचना मोबाइल पर दी गई है।
एमएलसी चुनाव में कर्नाटक जैसे राज्य में कांग्रेस का खाता न खुलना, बैलेट पेपर से वोटिंग के बावजूद विपक्ष का नुकसान और जनसुराज पार्टी की तीन महीने के अंदर दूसरी जीत के क्या मायने हैं? जानिए यूपी, बिहार और कर्नाटक के नतीजों का पूरा राजनीतिक विश्लेषण।
तूफान अर्नब के बाद बदलेगा मौसम, इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD): देश के कई राज्यों में मौसम बदलने जा रहा साथ ही IMD की ओर से भारी बारिश का भी अलर्ट जारी हुआ है। 29 अक्टूबर को कई राज्यों में होगी बारिश | उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), बिहार (Bihar), झारखंड (Jharkhand) और छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में भारी बारिश हो सकती है। वहीं दिल्ली (Delhi), पंजाब (Punjab), हरियाणा (Haryana) और चंडीगढ़ (Chandigarh) में तेज आंधी चलने का अलर्ट है।CNBC-TV18 के अनुसार, यह चेतावनी चक्रवाती तूफान अर्नब (Cyclone Arnab) के कमजोर होने के बाद जारी की गई है। इस तूफान ने 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के तट पर दस्तक दी थी।इन राज्यों में होगी जोरदार बारिशमौसम विभाग के मुताबिक, 29 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश (East Uttar Pradesh), बिहार (Bihar) और झारखंड (Jharkhand) में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के उत्तरी इलाकों में भी तेज बारिश का अनुमान है।इसके अलावा ओडिशा (Odisha), विदर्भ (Vidarbha) और आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के तटीय इलाकों में भी भारी बारिश हो सकती है। पश्चिम बंगाल (West Bengal) और सिक्किम (Sikkim) में भी तेज बारिश की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश (East Madhya Pradesh) में भी बहुत भारी बारिश हो सकती है।दिल्ली समेत इन जगहों पर चलेगी तेज आंधीदिल्ली (Delhi), पंजाब (Punjab), हरियाणा (Haryana) और चंडीगढ़ (Chandigarh) में 29 और 30 अक्टूबर को तेज आंधी चलने की चेतावनी है। इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि झोंके 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), पूर्वी राजस्थान (East Rajasthan), पूर्वी मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) और छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में भी गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट है। यहां हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है।तट से टकराने के बाद कमजोर पड़ा तूफानचक्रवाती तूफान अर्नब (Cyclone Arnab) ने 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) और यानम (Yanam) के तट पर दस्तक दी थी। उस समय हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा थी और झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गए थे। तट से टकराने के बाद तूफान धीरे-धीरे कमजोर हो गया।मछुआरों के लिए जरूरी चेतावनीमौसम विभाग ने मछुआरों को 28 और 29 अक्टूबर को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी (Northwest Bay of Bengal) और पश्चिम बंगाल (West Bengal) के तट के पास मौसम खराब रह सकता है। साथ ही पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और आंध्र प्रदेश-ओडिशा (Andhra Pradesh-Odisha) के तटों के पास भी न जाने को कहा गया है।
Bihar MLC Election Result: सारण से राहुल राज, दरभंगा से सुरेश प्रसाद राय और पटना से डॉ. संजीव पहली बार पहुंचे विधान परिषद
दरभंगा में मतगणना केंद्र पर हंगामे के बाद तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि वहां राजद के प्रत्याशी को हराने की कोशिश की गई है और 10 फीसदी वोटों को अवैध घोषित कर दिया गया है। पुलिस ने फिलहाल 5 लोगों को हिरासत में लिया है।
Bihar MLC Chunav Results: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर कौन जीता, कौन हारा? देखें Winner List
बिहार में आठ सीटों पर हुए विधान परिषद चुनाव का रिजल्ट आ गया है। आठ सीटों में से चार पर एनडीए के कैंडिडेट ने जीत दर्ज की है, जबकि दो सीटों पर निर्दलीय जीते हैं। प्रशांत किशोर की जनसुराज का भी खाता खुला और राजद को भी एक सीट मिली है। देखें पूरी लिस्ट...

