5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। शिक्षक दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 48 स्कूल टीचर्स को राष्ट्रीय पुरस्कार देंगी। इन टीचर्स में केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, आदर्श जनजातीय स्कूल और पीएम श्री स्कूलों समेत कई संस्थानों के शिक्षक शामिल हैं। इनमें 26 पुरुष और 22 महिला टीचर हैं। उत्तर प्रदेश से तीन, बिहार और एमपी से दो-दो टीचर्स चुने गए हैं। इन्हीं टीचर्स में लातूर के नवोदय विद्यालय में गणित के टीचर वैभव वसंतराव कुलकर्णी को नेशनल टीचर्स अवॉर्ड 2026 के लिए चुना गया है। कुलकर्णी को तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने गणित के कॉन्सेप्ट समझने में मदद करने के लिए पढ़ाने के नए तरीके और कम लागत वाले लर्निंग एड्स विकसित किए हैं। 27 राज्यों, 7 केंद्र शासित प्रदेशों से टीचर्स चुने गए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर हुआ चयन मंत्रालय के अनुसार, 48 शिक्षकों का चयन स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने तीन चरणों में किया है। यह प्रक्रिया जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पूरी की गई। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कारों का उद्देश्य देश के कुछ बेहतरीन शिक्षकों के विशेष योगदान को सामने लाना है। इसके साथ ही उन शिक्षकों को सम्मानित करना है, जिन्होंने अपनी प्रतिबद्धता और मेहनत से स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर की और छात्रों का जीवन समृद्ध बनाया। 1958 में शुरू हुआ था यह अवॉर्ड नेशनल टीचर्स अवॉर्ड की शुरुआत 1958 में हुई थी। इसका उद्देश्य बेहतरीन और समर्पित शिक्षकों को सार्वजनिक रूप से सम्मान देना और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को पहचानना था। यह अवॉर्ड किन टीचर्स को दिया जाता है- पीएम चयनित टीचर्स से बातचीत करते हैं, पिछली 2 मुलाकातें साल 2024: मोदी तमिलनाडु टीचर से बोले- सभी को भ्रम है, वहां सब इंग्लिश जानते हैं पीएम मोदी ने 2024 में नेशनल टीचर्स अवॉर्ड विनर्स से मुलाकात की थी। तब 82 शिक्षकों को यह अवॉर्ड दिया गया था। इस दौरान तमिलनाडु से आई एक टीचर ने बताया कि, उनके इलाके में कई लोग लोकल लैंग्वेज में पढ़ना चाहते हैं। इस पर पीएम ने कहा- हमारे बीच तो यही भ्रम है कि तमिलनाडु में सब इंग्लिश जानते होंगे। इसीलिए नई शिक्षा नीति में मातृ भाषा पर जोर दिया गया है। साल 2025: मोदी बोले-कांग्रेस बच्चों की टॉफी पर भी टैक्स लेती थी पीएम मोदी ने पिछले साल टीचर्स डे से एक दिन पहले दिल्ली में राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले 45 शिक्षकों से मुलाकात की थी। मोदी ने करीब 35 मिनट तक संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने जीएसटी में सुधार, ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े कानून और आत्मनिर्भर भारत पर चर्चा की।
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
मध्य प्रदेश में शुक्रवार को भी बारिश का दौर जारी है। भोपाल में इस सीजन में पहली बार भदभदा डैम का एक गेट खोला गया है। कई जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं। सतना के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बिहार के 16 जिलों में बाढ़ से करीब 5 लाख लोग प्रभावित हैं। गंगा समेत 8 प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। आपदा विभाग के मुताबिक, पटना में गंगा का जलस्तर अब तक के हाइएस्ट फ्लड लेवल को पार कर सकता है। यूपी में गंगा-यमुना समेत 10 से ज्यादा नदियां उफान पर हैं। 26 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। कानपुर में पांडु नदी का पानी कई बस्तियों में घुस गया। यहां 150 से ज्यादा घरों में 6 से 7 फीट तक पानी भर गया है। उत्तराखंड के केदारनाथ में भारी बारिश हो रही है, जिसके चलते यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है। वहीं, चमोली में लगातार हो रही बारिश के कारण बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवाजाही प्रभावित हो गई है। सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति देशभर से मौसम की तस्वीरें
Mirzapur News: 154 बोतल शराब के साथ बिहार के चार आरोपी गिरफ्तार
Four accused arrested in Bihar with 154 bottles of liquor.
Ballia News: सुरेमनपुर स्टेशन पर शराब की खेप के साथ बिहार के चार युवक गिरफ्तार
Four youths from Bihar arrested with a consignment of liquor at Suremanpur station.
Ghazipur News: बिहार और प. बंगाल भेजे रहे 4 पशु बरामद, 4 तस्कर गिरफ्तार
4 animals being transported to Bihar and West Bengal recovered; 4 smugglers arrested.
Flood News:बिहार में शुक्रवार को भी हाई अलर्ट जारी रहा क्योंकि नेपाल और पड़ोसी राज्य झारखंड में हुई भारी बारिश के बाद गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसके कारण राज्य के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और बचाव, राहत और तटबंधों की सुरक्षा के इंतजामों का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है।जल संसाधन विभाग के मुताबिक, गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, बागमती, पुनपुन और घाघरा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। वहीं, पटना में दीघा घाट, गांधी घाट, हथिदह और मनेर के अलावा बक्सर, मुंगेर, भागलपुर और कहलगांव में गंगा का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 1 सितंबर की सुबह 49.40 मीटर था, जो 2 सितंबर की शाम बढ़कर 49.98 मीटर और 3 सितंबर की सुबह 50.18 मीटर हो गया। गुरुवार दोपहर तक जलस्तर 50.25 मीटर पहुंच गया था, जो खतरे के निशान से करीब 1.65 मीटर ऊपर है। विभाग ने अनुमान जताया था कि गुरुवार रात गांधी घाट पर गंगा का पानी सबसे ऊंचे बाढ़ स्तर (HFL) को पार कर सकता है। वहीं, मोकामा के हथिदह में शुक्रवार दोपहर तक यह स्तर पार होने की आशंका जताई गई थी।News 18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ जैसे हालात ने पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, भोजपुर, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा और कटिहार के निचले इलाकों को प्रभावित किया है। इसके अलावा, आठ जिलों - भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद - को हाई अलर्ट पर रखा गया है और अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को चेतावनी देने का निर्देश दिया गया है।मुंगेर में, गंगा का जलस्तर 39.33 मीटर के चेतावनी स्तर को पार करते हुए 39.36 मीटर (खतरे का निशान) तक पहुंच गया, जिससे सात पंचायतें जलमग्न हो गईं और घरों में पानी घुस गया। News 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, समस्तीपुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 1.95 मीटर ऊपर पहुंचने के बाद 15 पंचायतों में बाढ़ का पानी घुस गया।अरवल में भी हालात गंभीर बताए गए, जहां पुनपुन नदी के पानी से कुर्था और बंसी ब्लॉक के लगभग 30 गांव डूब गए, जिससे सड़क संपर्क टूट गया और बंसी पुलिस स्टेशन में भी पानी भर गया। सारण में सोनपुर, छपरा सदर, दिघा और रेवेलगंज को संवेदनशील इलाकों के तौर पर चिह्नित किया गया।अमर उजाला के अनुसार, बेगूसराय के मटिहानी ब्लॉक में बाढ़ का पानी 17 सरकारी स्कूलों तक पहुंच गया, जबकि गया के मानपुर ब्लॉक में पेमार नदी के पानी ने अमरी और बरसाना गांवों तक जाने वाली सड़क को डुबो दिया।अधिकारियों ने प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर, मेडिकल सुविधाएं, पीने का पानी, भोजन और दूसरी जरूरी चीजों की व्यवस्था की है। बचाव कार्य के लिए SDRF और NDRF की टीमें, गोताखोर और नावें तैनात की गई हैं। विस्थापित परिवारों के लिए सामुदायिक रसोई भी शुरू की जा रही हैं।सोनपुर में 25 नावें चल रही हैं। इसके अलावा वहां 1,000 पॉलीथिन शीट भेजी गई हैं, जबकि 500 पॉलीथिन शीट दीघा भेजी गई हैं।पटना में, शहर की सुरक्षा दीवार के पास 108 जगहों को सील किया गया, 13 स्लुइस-गेट के लीकेज को ठीक किया गया और पंपिंग स्टेशनों को तैयार रखा गया। पुनपुन नदी पर बना एक रिंग तटबंध भी टूट गया, जिससे मुख्य बांध को खतरा पैदा हो गया।आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों को सलाह दी कि वे नदियों, घाटों, तटबंधों और पानी से भरे इलाकों में बेवजह न जाएं। साथ ही, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों को ऐसी जगहों से दूर रखने की अपील की। विभाग ने नदियों के पास तैरने, बेवजह नाव की सवारी करने और सेल्फी लेने के खिलाफ भी चेतावनी दी।विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने NDA सरकार पर बाढ़ से निपटने की अपर्याप्त तैयारी और राहत कार्यों में कमी का आरोप लगाया और कहा कि 15 से ज्यादा जिले प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कटाव और बाढ़ से मक्का और सब्जियों की फसलें बर्बाद हो गईं, जबकि बिजली कटौती, पीने के पानी की कमी और कनेक्टिविटी बाधित होने से ग्रामीणों को जरूरी चीजों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने दियारा इलाकों को बाढ़ प्रभावित घोषित करने की भी मांग की।केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश यात्रा से लौटने के बाद चौधरी के साथ हालात का जायजा लिया और केंद्र व बिहार सरकार युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं।भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में और बारिश व गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है। इससे नदियों का जलस्तर और बढ़ने की चिंता बढ़ गई है। बिहार के पटना, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन इलाकों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। वहीं, गुरुवार को देश के करीब 20 राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान को लेकर चेतावनी जारी की गई थी।यह भी पढ़ें:Viral Video: मानसिक रूप से बीमार महिला के साथ गलत हरकत करने पहुंचा था शख्स फिर स्ट्रीट डॉग्स ने उसे खदेड़ा!
नेपाल से बाढ़ के बाद बिहार पहुंची ये विचित्र मछलियां
जानकारों ने भी चेतावनी दी है कि इन मछलियों का सेवन जानलेवा भी साबित हो सकता है.
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अररिया ने ₹1,594.60 करोड़ का निर्यात किया है। जिला-वार निर्यात आंकड़ों के अनुसार, अररिया बिहार में तीसरे स्थान पर है। इस उपलब्धि पर सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने जिले के किसानों, उद्यमियों, व्यापारियों और आम लोगों को बधाई दी है। सांसद प्रदीप सिंह ने कहा कि यह आंकड़ा दिखाता है कि अररिया अब सिर्फ एक सीमावर्ती जिला नहीं है। यह कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात के क्षेत्र में तेजी से उभरता आर्थिक केंद्र बन रहा है। उन्होंने बताया कि अररिया की पहचान खास तौर पर मखाना जैसे कृषि उत्पादों से जुड़ रही है। मेहनत का नतीजा है यह आंकड़ा - सांसद सांसद ने यह भी कहा कि चावल, मक्का और अन्य कृषि एवं खाद्य प्रसंस्कृत उत्पादों में भी जिले में बड़ी संभावनाएं हैं। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण जोगबनी-नेपाल व्यापार मार्ग अररिया की निर्यात क्षमता को नई दिशा दे सकता है। नेपाल समेत पड़ोसी बाजारों तक अच्छी कनेक्टिविटी का फायदा स्थानीय उत्पादकों और व्यापारियों को मिल सकता है। सांसद के अनुसार, ₹1,594.60 करोड़ का निर्यात सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है। यह जिले के किसानों, छोटे-बड़े उद्यमियों और व्यापारिक समुदाय की मेहनत का नतीजा है। स्थानीय स्तर पर भी बढ़ेंगे रोजगार के मौके अब जरूरत है कि स्थानीय उत्पादों को बेहतर प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, कोल्ड चेन और स्टोरेज की सुविधाएं मिलें। इससे उन्हें देश और विदेश के बड़े बाजारों तक पहुंचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि मखाना समेत अन्य कृषि उत्पादों की गुणवत्ता और उपयोगिता बढ़ाने पर खास ध्यान देना चाहिए। उनके निर्यात को बढ़ावा देने से किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार के मौके भी बढ़ेंगे। उपलब्धि नई संभावनाओं की शुरुआत सांसद ने बताया कि वे अररिया को सीमांचल का प्रमुख निर्यात केंद्र और फूड प्रोसेसिंग हब बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर कोशिशें जारी रखेंगे। आधुनिक प्रसंस्करण इकाइयां, निर्यात सुविधाएं, अच्छी लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी और व्यापारिक ढांचे को मजबूत करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने आखिर में कहा कि अररिया की यह उपलब्धि नई संभावनाओं की शुरुआत है। आने वाले वर्षों में लक्ष्य केवल निर्यात बढ़ाना नहीं, बल्कि जिले के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत ब्रांड पहचान दिलाना होना चाहिए।
हम बिहार के हैं, यह हमारी जन्मभूमि है और हम यहीं मरेंगे: तेजस्वी यादव
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद संजय झा के एनआरआई नेता वाले बयान पर पलटवार किया...
बिहार में कुल 13 आईपीएस एवं बीपीएस अधिकारियों का ट्रांसफर हुआ है। पटना ग्रामीण एसपी बदल दिया गया है। सीवान एसपी पद से हटाए गए पूरन झा को नई पोस्टिंग मिल गई है। मुजफ्फरपुर, भागलपुर, जहानाबाद समेत अन्य कई जिलों में नए एसडीपीओ (अनुमंडलीय पुलिस पदाधिकारी) की तैनाती हुई है।
डीएमआइ पटना के छात्र अभिजीत पांडेय के हेल्थकेयर स्टार्टअप 'वैद्य' को उद्योग विभाग से 25 लाख रुपये का सीड फंड मिला है। यह स्टार्टअप बुजुर्गों और जरूरतमंदों को घर बैठे 30 मिनट में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है, साथ ही युवाओं को रोजगार भी दे रहा है।
देवेश कुमार ने बिहार राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष का पदभार संभाला
Patna, 4 सितंबर . बिहार स्टेट प्लानिंग बोर्ड के नवनियुक्त उपाध्यक्ष देवेश कुमार ने Friday को अपना पदभार संभाला. इस मौके पर योजना एवं विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, भाजपा नेता, परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में समर्थक व शुभचिंतक मौजूद थे. देवेश कुमार अपनी पत्नी वीरा शर्मा के साथ सूचना भवन की पांचवीं ... Read more
भारतीय सिनेमा और देश के पारंपरिक त्योहारों का रिश्ता हमेशा से बेहद गहरा और भावनात्मक रहा है। अगर हम बॉलीवुड के दशकों पुराने इतिहास पर नजर डालें, तो फिल्मों में होली की मस्ती, दिवाली की जगमगाहट, ईद की सेवइयां और लोहड़ी की रौनक को हमेशा से ही बहुत ही भव्य और विशाल पैमाने पर परदे पर उकेरा जाता रहा है। लेकिन इन सबके बावजूद, हिंदी फिल्म जगत के इतिहास में आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ था कि बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र के सबसे बड़े, पवित्र और लोकआस्था के महापर्व 'छठ पूजा' की अलौकिक भव्यता, उसकी कठिन मान्यताओं और पारंपरिक अनुष्ठानों को इतने बड़े स्तर पर बड़े पर्दे पर दिखाया गया हो। अब जाकर यह सूखा खत्म होने जा रहा है और सिनेमाप्रेमियों को एक बिलकुल नया और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध अनुभव मिलने वाला है। बहुप्रतीक्षित सुपरनैचुरल थ्रिलर फिल्म 'द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' के मेकर्स ने अपनी इस फिल्म में छठी मैया की पूजा-अर्चना और इसके सख्त नियमों को बेहद खूबसूरती के साथ फिल्माया है। फिल्म के टीजर और गानों में जब से छठ पूजा के दृश्यों की झलक सामने आई है, तब से न सिर्फ बिहार और पूर्वांचल के दर्शकों में, बल्कि पूरे देश के सिनेप्रेमियों में इसे लेकर जबरदस्त उत्साह और उत्सुकता देखी जा रही है। यह पहली बार होगा जब वैश्विक मंच पर भारतीय लोक संस्कृति के इस सबसे पावन पर्व का ऐसा विहंगम दृश्य देखने को मिलेगा।सुपरनैचुरल थ्रिलर फिल्म 'द वन' और पटना के ऐतिहासिक 'वन देवी मंदिर' से क्या है गहरा कनेक्शनफिल्मों में किसी भी त्योहार या विशेष अनुष्ठान को यूँ ही नहीं जोड़ा जाता है, और यही बात सिद्धार्थ मल्होत्रा (Sidharth Malhotra) और ग्लैमरस अभिनेत्री तमन्ना भाटिया (Tamannaah Bhatia) की आगामी बहुचर्चित सुपरनैचुरल थ्रिलर फिल्म 'द वन' पर भी पूरी तरह लागू होती है। इस फिल्म में छठ पूजा के दृश्यों को शामिल करने के पीछे कोई दिखावा नहीं, बल्कि फिल्म की पटकथा और उसकी मूल कहानी का एक बहुत ही गहरा और अटूट ताना-बाना जुड़ा हुआ है। आपको बता दें कि इस रोमांचक और रहस्य से भरी फिल्म की पूरी की पूरी कहानी बिहार की राजधानी पटना के पास स्थित एक बेहद प्राचीन और ऐतिहासिक 'वन देवी मंदिर' तथा उसके आसपास के रहस्यमयी जंगलों के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म के निर्माताओं ने इसके टीजर में ही उन घने जंगलों के भीतर छिपे कई डरावने और अनसुलझे रहस्यों की एक छोटी सी रोमांचक झलक दुनिया के सामने पेश कर दी थी। यह पूरी मूवी बिहार की माटी से जुड़ी लोककथाओं, पीढ़ियों से चली आ रही पौराणिक मान्यताओं, और वहां की विशिष्ट संस्कृति में पूरी तरह से रची-बसी हुई है। यही एक मुख्य वजह है कि निर्देशक ने इस फिक्शनल थ्रिलर में भी बिहार की सांस्कृतिक पहचान और मान्यताओं को बहुत ही प्रामाणिक तरीके से पिरोया है, जिससे दर्शकों को हॉरर और थ्रिल के साथ-साथ अपनी संस्कृति से जुड़ाव का भी एक अनूठा अहसास हो सके।टीजर में तमन्ना भाटिया के लाल साड़ी और सिंदूर वाले लुक ने खींचा सबका ध्यान, नदी घाट पर दिखा छठी मैया का अद्भुत नजाराजब से फिल्म 'द वन' का टीजर रिलीज हुआ है, तब से सोशल मीडिया पर इसके कई सींस चर्चा का विषय बने हुए हैं, जिनमें विशेष तौर पर अभिनेत्री तमन्ना भाटिया के लुक ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। टीजर के कुछ पलों में साउथ और बॉलीवुड की जानी-मानो अभिनेत्री तमन्ना भाटिया पारंपरिक लाल रंग की साड़ी पहने हुए, मांग में लंबा संतरी सिंदूर सजाए और हाथ में सूप लिए हुए एक नदी के पावन घाट पर खड़ी नजर आ रही हैं। वह पूरी निष्ठा और श्रद्धा के साथ छठी मैया और भगवान सूर्य नारायण को अर्घ्य देती हुई दिखाई दे रही हैं, जो दृश्य वाकई में आंखों को शीतलता और मन को शांति देने वाला है। हालांकि, इस धार्मिक और शांतनुमा माहौल के तुरंत बाद टीजर में एक बेहद खौफनाक और रहस्यमयी घटना को भी अंजाम देते हुए दिखाया गया है, जो इस बात का संकेत देता है कि यह फिल्म सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे कोई गहरा और खौफनाक सुपरनैचुरल रहस्य छिपा हुआ है। दर्शकों के लिए यह देखना बेहद दिलचस्प होने वाला है कि कैसे एक तरफ लोकआस्था और पवित्रता का महापर्व चल रहा है, और दूसरी तरफ फिल्म की कहानी में कोई अदृश्य शक्ति तांडव मचा रही है। तमन्ना भाटिया का यह देसी और पारंपरिक अंदाज उनके फैंस को बेहद पसंद आ रहा है और वे इस फिल्म के सिनेमाघरों में आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा और अरुणाभ कुमार की जोड़ी ने अपनी जड़ों को दिया सम्मान, 25 सितंबर को सिनेमाघरों में देगी दस्तकइस फिल्म में बिहार की लोककथाओं और छठ जैसे महान पर्व को इतने बड़े पैमाने पर दर्शाने के पीछे एक और बहुत बड़ा और व्यक्तिगत कारण भी जुड़ा हुआ है। इस बहुचर्चित फिल्म के निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा और अरुणाभ कुमार हैं, और ये दोनों ही अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं यानी मूल रूप से बिहार के ही रहने वाले हैं। ऐसे में वे अपनी माटी की खुशबू, वहां के रीति-रिवाजों और लोकसंस्कृति से भली-भांति परिचित हैं। वे चाहते थे कि जब दर्शक देश-विदेश के सिनेमाघरों में उनकी इस फिल्म को देखने के लिए आएं, तो उन्हें केवल एक डरावनी थ्रिलर कहानी ही न मिले, बल्कि उन्हें अपनी संस्कृति और मिट्टी के सबसे खूबसूरत, पवित्र और जीवंत पलों का भी भरपूर आनंद उठाने का मौका मिले। अपनी कला के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक विरासत को ग्लोबल मंच पर सम्मान देने का यह प्रयास वाकई सराहनीय है। आपको बता दें कि तमाम रोमांच, रहस्य और लोकआस्था के अनूठे संगम से सजी यह बहुप्रतीक्षित फिल्म 'द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' इसी महीने की 25 तारीख यानी 25 सितंबर 2026 को देश भर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। अब यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि बड़े पर्दे पर यह सुपरनैचुरल और सांस्कृतिक प्रयोग दर्शकों की कसौटी पर कितना खरा उतरता है और बॉक्स ऑफिस पर कैसा कमाल दिखाता है।
मुजफ्फरपुर में चांदी के झूले में झूलेंगे नंदलाल, जन्माष्टमी पर शहर में भक्तिमय माहौल
Bihar Janmashtami News: मुजफ्फरपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर भक्तिमय माहौल है, जहां शहर के प्रमुख देवालयों को भव्य रूप से सजाया गया है। नंदलाल को चांदी के झूले में झुलाया जाएगा और बाजारों में भी उत्सव की रौनक बढ़ गई है।
भारतीय राजनीतिक के गलियारों में इस समय दक्षिण के राज्यों से लेकर उत्तर के राजनीतिक केंद्र तक भूचाल सा आया हुआ है जहां कर्नाटक, बिहार और देश की राजधानी दिल्ली में एक साथ चल रहे अलग-अलग घटनाक्रमों ने राष्ट्रीय सियासत को पूरी तरह से गरमा दिया है। जनरेटिव एआई सर्च, गूगल डिस्कवर, बिंग एईओ और आधुनिक एसईओ एल्गोरिदम की गाइडलाइन्स के मुताबिक यह पूरा परिदृश्य देश के अलग-अलग हिस्सों में बदलते राजनीतिक समीकरणों, अंतर्द्वंदों और सत्ता की रस्साकशी को स्पष्ट रूप से उजागर करता है, जिस पर हर राजनीतिक विश्लेषक की पैनी नजर टिकी हुई है।कर्नाटक मंत्रिमंडल में महिलाओं को जगह न मिलने पर कांग्रेस के भीतर आंतरिक कलह और मंथन तेजदक्षिण भारत के सियासी केंद्र कर्नाटक राज्य से एक बहुत बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है जहां डीके शिवकुमार के नेतृत्व और पार्टी की तमाम रणनीतियों के बाद जब 33 सदस्यीय नए मंत्रिमंडल का गठन किया गया, तो उसमें एक भी महिला चेहरे को शामिल नहीं किए जाने पर बवाल मच गया है। इस गंभीर चूक और सामाजिक समीकरणों के अनदेखे होने के कारण राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टियों के साथ-साथ खुद कांग्रेस पार्टी के भीतर भी हाईकमान पर चौतरफा सवाल उठने लगे हैं। अब स्थिति यह बन चुकी है कि पार्टी के भीतर एक महिला विधायक या विधान पार्षद को मंत्री पद की शपथ दिलाने के लिए नए सिरे से माथापच्ची शुरू हो चुकी है, लेकिन क्षेत्रीय संतुलन, जातीय व सामाजिक समीकरण और पहले से ही प्रतिनिधित्व कर रहे जिलों के पेच इसमें सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आ रहे हैं।बिहार के एक दिग्गज मंत्री से जुड़ा विवादित मामला और कानूनी नोटिस का नया बवंडरदूसरी तरफ यदि बात बिहार की राजनीति की की जाए तो वहां की आबोहवा में भी सियासी गर्माहट कम होने का नाम नहीं ले रही है। बिहार की राजनीति से जुड़े एक रसूखदार मंत्री उस वक्त भयंकर विवादों के घेरे में आ गए जब एक अन्य राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले नेता ने दिल्ली के एक प्रतिष्ठित होटल में उनके द्वारा कथित तौर पर एक महिला कर्मचारी के साथ अश्लील हरकत किए जाने और फिर भारी-भरकम रकम देकर मामले को रफा-दफा करने का सनसनीखेज आरोप लगा दिया। हालांकि, इन तमाम गंभीर और सनसनीखेज आरोपों को सीधे तौर पर खारिज करते हुए संबंधित मंत्री ने इसे पूरी तरह से झूठा, मनगढ़ंत और अपनी राजनीतिक छवि को धूमिल करने की एक सोची-समझक्की साजिश करार दिया है। इसके साथ ही मानहानि का कड़ा कानूनी कदम उठाते हुए उन्होंने आरोपी नेता को पचास करोड़ रुपये के हर्जाने का औपचारिक कानूनी नोटिस भी थमा दिया है, जिससे बिहार का राजनीतिक पारा अपने चरम पर पहुंच गया है।दिल्ली के सियासी गलियारों में नई नियुक्तियों और मंत्रियों के संभावित फेरबदल की सुगबुगाहटदेश की राजधानी दिल्ली में भी इन दिनों राजनीतिक गतिविधियों की रफ्तार काफी तेज बनी हुई है जहां एक तरफ केंद्रीय मंत्रिमंडल में रिक्तियों और फेरबदल को लेकर तरह-तरह के कयासों का बाजार गर्म है। पूर्वी दिल्ली से सांसद और कद्दावर नेता हर्ष मल्होत्रा के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद से ही दिल्ली के कोटे से केंद्र सरकार में किसी नए चेहरे की एंट्री को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में क्षेत्रीय संतुलन और आगामी चुनावी राज्यों की रणनीतियों को साधने के लिए सत्ता के गलियारों में कुछ बड़े और चौंकाने वाले संगठनात्मक फैसले लिए जा सकते हैं, जिसका सीधा असर देश की राष्ट्रीय राजनीति पर पड़ना तय माना जा रहा है।
पटना सहित बिहार के कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ा, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
बिहार में शुक्रवार को बाढ़ की स्थिति और बिगड़ गई, क्योंकि गंगा, गंडक, पुनपुन और दरधा सहित प्रमुख नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे राज्य भर में नए इलाके जलमग्न हो गए हैं। जल संसाधन विभाग के अनुसार, शुक्रवार रात तक पटना के गांधी घाट और मोकामा के हथीडा में गंगा के अपने उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) को पार करने की आशंका है।
कस्बे के रेलवे स्टेशन पर बृहस्पतिवार सुबह एक नवविवाहिता को लेकर हंगामा हो गया।
सहरसा में 5 सितंबर को लगेगा रोजगार मेला:5000 पदों पर भर्ती, 30 से ज्यादा निजी कंपनियां होंगी शामिल
सहरसा के बेरोजगार युवक-युवतियों के लिए अच्छी खबर है। आगामी 5 सितंबर (शनिवार) को जिला स्कूल, सहरसा के परिसर में एक दिवसीय जिला स्तरीय नियोजन-सह-व्यावसायिक मार्गदर्शन मेले का आयोजन किया जा रहा है। इसको लेकर कोशी प्रमंडल सहरसा के सहायक निदेशक अमित कुमार ने जानकारी दी। दरअसल, श्रम संसाधन विभाग के नियोजन एवं प्रशिक्षण निदेशालय (बिहार, पटना) के निर्देश पर आयोजित होने वाले इस मेले में 5000 से अधिक रिक्तियों पर भर्ती की जाएगी। सहायक निदेशक (नियोजन), कोशी प्रमंडल अमित कुमार ने बताया कि इस रोजगार मेले में देश व राज्य की 30 से अधिक नामी निजी क्षेत्र की कंपनियां शिरकत करेंगी और विभिन्न पदों के लिए युवाओं का चयन करेंगी। रोजगार सेतु पोर्टल पर निबंधन अनिवार्य नियोजन मेले में भाग लेने के इच्छुक शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों का श्रम संसाधन विभाग के 'बिहार रोजगार सेतु पोर्टल' (detjob.bihar.gov.in) पर जॉबसीकर (Job Seeker) के रूप में पंजीकृत होना जरूरी है। जो अभ्यर्थी पहले से पंजीकृत नहीं हैं, वे पोर्टल पर अपना निबंधन कराकर मेले में भाग ले सकते हैं। सरकारी योजनाओं की भी मिलेगी जानकारी निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ मेले में विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा स्टॉल भी लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों के माध्यम से युवाओं को बिहार सरकार की कल्याणकारी योजनाओं, स्वरोजगार के अवसरों और कौशल विकास कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।
बेंगलुरु में बिहार का डंका; 4 दिवसीय महोत्सव में जुटेंगे 1 लाख लोग, सीएम सम्राट ने किया उद्घाटन
बेंगलुरु में द आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 4 दिवसीय बिहार महोत्सव का आयोजन किया गया है। श्री श्री रवि शंकर की उपस्थिति में सीएम सम्राट चौधरी ने उद्घाटन किया।
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 4 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
Bihar Weather Today: बाढ़ के बीच मानसून की भारी बारिश, पटना समेत 24 जिलों के लिए अलर्ट जारी
Bihar Weather Today: बाढ़ की तबाही से जूझ रहे बिहार में मानसून कड़े में है। आज 4 सितम्बर शुक्रवार को राज्य के 24 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है इनमें चार जिलों में भारी वर्षा हो सकती है।
Bihar News: DSP रंजीत रजक की बढ़ेंगी मुश्किलें, आय से अधिक संपत्ति केस में हाई कोर्ट फिर जाएगी EOU
डीएसपी रंजीत कुमार रजक की मुश्किलें बढ़ सकती हैं क्योंकि आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) पटना हाई कोर्ट द्वारा उनके विरुद्ध दर्ज आय से अधिक संपत्ति के मामले को रद्द करने के फैसले को चुनौती देने की तैयारी में है।
बिहार में मानसून सक्रिय है, अगले 24 घंटों में पटना सहित सभी जिलों में छिटपुट वर्षा और उमस रहेगी। गोपालगंज, सिवान, पूर्वी व पश्चिमी चंपारण में भारी वर्षा की चेतावनी है, जबकि उत्तर बिहार में वर्षा जारी रहेगी।
National Wildlife Day 2026:भागलपुर में पहली बार एक ऐतिहासिक 'बर्ड एटलस' तैयार किया जा रहा है, जिसमें गंगा किनारे 105 दुर्लभ पक्षी प्रजातियों की पहचान की गई है। यह सर्वेक्षण शहर को प्रदूषण के बीच पक्षियों के लिए स्वर्ग बना रहा है और उनके संरक्षण की रणनीति तय करेगा।
भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय रेल नेटवर्क पर यात्रियों की निगरानी और जांच के लिए बिहार सीमा पर इमिग्रेशन पोस्ट बनाया जाएगा। यह चौकी जयनगर-इनरवा रेलखंड पर आईबी के नेतृत्व में बनेगी, जिससे अवैध घुसपैठ और तस्करी पर रोक लगेगी।
Bihar Floods: गंगा समेत 10 नदियों में बाढ़ से बिहार में तबाही, नालंदा और पटना में तटबंध टूटे
गंगा, पुनपुन, गंडक और कोसी समेत दस नदियों में आई बाढ़ ने निचले इलाके और दियारा क्षेत्रों में कहर बरपाना शुरू किया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने पटना, नालंदा, भोजपुर, वैशाली, सारण, बेगूसराय, लखीसराय एवं जहानाबाद के डीएम को संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी इंतजाम करने को कहा है।
Tejashwi Yadav ने Bihar में बाढ़ संकट पर NDA सरकार को घेरा, उठाए सवाल
पटना, तीन सितंबर राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि केंद्र और बिहार सरकार राज्य में हर वर्ष आने वाली बाढ़ की समस्या का कोई ‘‘स्थायी समाधान’’ निकालने में विफल रही है। तेजस्वी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘केंद्र में 12 वर्षों और बिहार में 20 वर्षों से सत्ता में रही भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकारें बाढ़ जैसी समस्या और उससे होने वाली तबाही का स्थायी समाधान नहीं खोज सकीं।’’उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि जन-धन और पशुधन की हानि रोकने के लिए जमीनी स्तर पर विशेष ध्यान दिया जाए, क्योंकि ‘‘आगे और बड़ा खतरा मंडरा सकता है।’’बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने कहा कि वह शुक्रवार को अपने विधानसभा क्षेत्र राघोपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लेंगे। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की शनिवार से प्रस्तावित ‘नीतीश संवाद यात्रा’ पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में तेजस्वी ने आरोप लगाया कि जदयू के कई नेता, जिनमें उसके राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष भी शामिल हैं, भाजपा के इशारे पर अपनी ही पार्टी को कमजोर करने में लगे हैं। उन्होंने दावा किया, ‘‘मुख्यमंत्री पद से हटाने के बाद नीतीश को राज्यसभा भेज दिया गया। जदयू को खत्म कर दिया गया है। संजय कुमार झा जैसे नेता वास्तव में भाजपा के व्यक्ति हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह की चापलूसी में लगे हैं। अंततः वे भाजपा में ही लौट जाएंगे।’’तेजस्वी ने देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की और प्रधानमंत्री मोदी से रील बनाने के बजाय जमीनी हकीकत पर ध्यान देने की अपील की। राजद नेता ने कहा, ‘‘मोदी जी रील बनाते हैं, लेकिन हकीकत नहीं देखते। प्रति व्यक्ति आय के मामले में भूटान और श्रीलंका जैसे छोटे देश भारत से आगे निकल गए हैं। रोजाना 26 स्कूल बंद हो रहे हैं, महंगाई चरम पर है, बेरोजगारी व्यापक है और सरकार भारतीय रिजर्व बैंक से भारी कर्ज ले रही है।
बिहार के 13 जिले में कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। गंगा, सोन, पुनपुन समेत 8 नदियां उफान पर हैं। पटना और आसपास के इलाके फतुहा, दानापुर, पुनपुन के घाटों पर पानी खतरे के निशान के पार बह रहा है। कई प्रखंड के गांवों में पानी घुस गया है। लाखों की आबादी प्रभावित है। कहीं सड़कों पर घुटनों तक पानी भरा है, तो कहीं नाव ही लोगों का एकमात्र सहारा है। भास्कर के ड्रोन कैमरे से देखिए बिहार की नदियों में बढ़े जलस्तर के बाद का मंजर…ऊपर क्लिक कर देखें वीडियो…
मध्य प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात:यूपी में जंगल से बाहर आए बाघ, बिहार में 8 नदियां उफान पर
मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की वजह से बाढ़ जैसे हालात हैं। मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। सीधी के कैमूर पहाड़ की मूड़ा घाटी में लैंडस्लाइड से सीधी-UP मार्ग बंद है। टीकमगढ़ और दमोह में भारी बारिश का रेड और 13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट है। यूपी में लगातार बारिश से 23 जिलों में बाढ़ की चपेट में हैं। अब तक 16 हजार से अधिक लोगों का रेस्क्यू किया गया है। पीलीभीत में 35 गांव बाढ़ में डूबे हैं। वन्यजीव जंगलों से बाहर आ रहे हैं। कोन गांव में गुरुवार को एक बाघ घूमता नजर आया। मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान में 4 सितंबर से बारिश की गतिविधियां तेज होंगी। जयपुर, भरतपुर के साथ कोटा, अजमेर संभाग में बरसात का यलो अलर्ट है। कहीं-कहीं भारी बारिश की भी आशंका है। उत्तराखंड में पिछले चार दिनों से रुक-रुककर तेज बारिश हो रहा है। चमोली में लैंडस्लाइड के बाद बद्रीनाथ हाईवे बंद हो गया। देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली समेत 7 जिलों भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति देशभर से मौसम की तस्वीरें
भारत और बांग्लादेश के बीच 30 साल पहले हुई फरक्का जल संधि दिसंबर में खत्म होने वाली है. इससे पहले बिहार ने सरकार से एक मांग की है. इस पर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा है कि सभी चिंताओं को ध्यान में रखा जाएगा.
बेंगलुरु में श्रीश्री रविशंकर संग CM सम्राट, बिहारियों से बोले- कमाई जहां से हो; बिहार को भी न भूलें
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और श्रीश्री रविशंकर ने बेंगलुरु में चार दिवसीय बिहार महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया। सीएम ने प्रवासी बिहारियों से अपनी जन्मभूमि बिहार के विकास में योगदान देने की अपील की और 2028 तक मां सीता के भव्य मंदिर निर्माण की घोषणा की।
नदियों के बढ़ते जलस्तर से बिहार में बढ़ीं मुश्किलें, कटाव प्रभावित इलाकों पर नजर
Patna, 3 सितंबर . बिहार में गंगा समेत कई प्रमुख नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि और तेज कटाव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. राज्य के कई जिलों में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है. पश्चिम चंपारण, भोजपुर, खगड़िया, भागलपुर, रोहतास सहित ... Read more
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में वोकेशनल व प्रोफेशनल कोर्स की प्रायोगिक परीक्षा 7 सितंबर से
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में सेल्फ फाइनेंस स्कीम के तहत वोकेशनल और प्रोफेशनल कोर्स की प्रायोगिक व वाइवा परीक्षा 7 से 18 सितंबर तक होगी। विश्वविद्यालय ने सभी संबद्ध कॉलेजों को निर्धारित समय में परीक्षा संपन्न कराकर मार्क्स फाइल जमा करने का निर्देश दिया है।
Bihar का ये Bamboo Bridge देखकर कांप जाएंगे पैर, वीडियो वायरल
Bihar का ये Bamboo Bridge देखकर कांप जाएंगे पैर,वीडियो वायरल
बिहार में मानसून सक्रिय है, मौसम विभाग ने 9 सितंबर तक भारी बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
Bihar: विजय कुमार चौधरी ने लिया फ्लड फाइटिंग का जायजा, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
माननीय उपमुख्य (जल संसाधन) मंत्री विजय कुमार चौधरी ने आज सिंचाई भवन स्थित जल संसाधन विभाग के कंट्रोल कमांड सेंटर (Control Command Centre) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुनपुन एवं दरधा नदियों के जलस्तर में वृद्धि, भागलपुर के खरीक प्रखंड में स्थित काजीकोरैया-राघोपुर बांध तथा कटाव प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे फ्लड फाइटिंग कार्यों की स्थिति की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। इसे भी पढ़ें: Bihar में शुरू हुआ 'आपके दरवाजे पर दवा' अभियान, 6 करोड़ लोगों की होगी Health Screening राज्य के संवेदनशील एवं कटाव प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर चल रहे फ्लड फाइटिंग कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पूरी तत्परता एवं मुस्तैदी के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। साथ ही, फ्लड फाइटिंग कार्यों की सतत निगरानी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया, ताकि संभावित क्षति को समय रहते नियंत्रित किया जा सके और प्रभावित क्षेत्रों में आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो। इसे भी पढ़ें: बिहार में खुलेगा राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय का परिसर, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी उन्होंने विभाग के सचिव एवं अभियंताओं की पूरी टीम द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं तथा उनका उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सभी संबंधित अधिकारी क्षेत्र में चल रहे फ्लड फाइटिंग कार्यों पर लगातार नजर बनाए रखें तथा आवश्यकता के अनुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कंट्रोल कमांड सेंटर के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों की स्थिति की नियमित निगरानी करने तथा स्थानीय स्तर से प्राप्त सूचनाओं पर त्वरित संज्ञान लेने का भी निर्देश दिया।
बिहार में बिजली कटने के क्या हैं नियम? Smart Meter का बैलेंस माइनस में हो तो क्या करें
Bihar Electricity Rules: बिहार में स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नियमों को लेकर उपभोक्ताओं के मन में कई सवाल होते हैं। ऊर्जा विभाग ने बैलेंस कटौती, ग्रेस पीरियड, बिजली कटने के समय और रिचार्ज छूट जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर स्थिति साफ की है।
‘मैं इन युवाओं के साथ खड़ा हूं’, बिहार छात्र आंदोलन के घायलों से मिले राहुल गांधी
New Delhi, 3 सितंबर . कांग्रेस सांसद और Lok Sabha में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने Thursday को बिहार छात्र आंदोलन में घायल हुए युवाओं से मुलाकात की. इस दौरान राहुल गांधी ने युवाओं के साथ खड़े रहने और उनकी हर संभव मदद करने का आश्वसन भी दिया. राहुल गांधी ने social media प्लेटफॉर्म एक्स ... Read more
'मैं इन युवाओं के साथ खड़ा हूं', बिहार छात्र आंदोलन के घायलों से मिले राहुल गांधी
'मैं इन युवाओं के साथ खड़ा हूं', बिहार छात्र आंदोलन के घायलों से मिले राहुल गांधी
औरंगाबाद में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सह कुटुंबा के पूर्व विधायक राजेश कुमार गुरुवार को औरंगाबाद पहुंचे और रेप पीड़िता के घर जाकर उससे मुलाकात की। उन्होंने पीड़िता और उसके परिजनों से घटना की जानकारी ली और हरसंभव मदद के साथ न्याय दिलाने का भरोसा दिया। इस दौरान उन्होंने औरंगाबाद एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा से फोन पर बात कर मामले में आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की। राजेश कुमार ने बताया कि एसपी ने उन्हें जानकारी दी है कि मामले के तीसरे आरोपी ने भी कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। एसपी ने भरोसा दिया है कि मामले में स्पीडी ट्रायल चलाकर आरोपियों को जल्द सजा दिलाने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। बोले- रेप शब्द सुनना भी अपराध जैसा लगता है, फिर भी घटनाएं बढ़ रहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि रेप ऐसा शब्द है, जिसका नाम लेना भी अपराध जैसा लगता है। इसके बावजूद बिहार में महिलाओं के खिलाफ ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि अपराधियों की कोई जाति नहीं होती। अपराधी किसी भी जाति या समुदाय का हो, उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस हरसंभव प्रयास करेगी। किसी भी आरोपी को उसके प्रभाव या पहचान के आधार पर संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। गांव के ही तीन युवकों पर आरोप, सामाजिक व्यवस्था पर उठाए सवाल राजेश कुमार ने कहा कि इस घटना की सबसे चिंताजनक बात यह है कि मामले में आरोपित तीनों युवक उसी गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने कहा कि गांव में लोग एक-दूसरे से सामाजिक और पारिवारिक रिश्तों से जुड़े होते हैं। ऐसे में गांव के ही युवकों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगना समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज के सामने बड़ा सवाल खड़ा करती हैं कि आखिर समाज किस दिशा में जा रहा है। महिलाओं और बेटियों के प्रति सम्मान और सुरक्षा की भावना को मजबूत करने की जरूरत है। अपराधियों पर कार्रवाई के साथ समाज को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बिहार सरकार को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर घेरा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बिहार में सुशासन का दावा करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। राज्य में लूट, हत्या और दुष्कर्म जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि अपराध के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो बिहार की स्थिति उत्तर प्रदेश से भी खराब है। उन्होंने कहा कि राज्य में बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है। सरकार को अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के साथ पुलिस-प्रशासन की जवाबदेही भी तय करनी चाहिए। सड़क से सदन तक आंदोलन की चेतावनी राजेश कुमार ने कहा कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी। जरूरत पड़ी तो पार्टी इस मामले को लेकर सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून से ऊपर कोई नहीं है। दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
चोरी के डर से घर की छत पर ही चढ़ा दी Scorpio! बिहार के शख्स का अनोखा जुगाड़, वीडियो वायरल
बिहार में Mahindra Scorpio को क्रेन से घर की छत पर रखने का वीडियो वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि Scorpio मालिक विदेश जाने से पहले SUV को सुरक्षित रखना चाहता था.
राजकीय शिक्षक पुरस्कार में शमा परवीन का चयन, बिहार के 38 शिक्षकों में बनाई जगह
सीतामढ़ी, 03 सितंबर2026 । बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने की तैयारी है। राजकीय शिक्षक पुरस्कार के लिए राज्य के 38 शिक्षकों का चयन किया गया है। इनमें शमा परवीन का नाम भी शामिल है। पुरस्कार मिलने की खबर के बाद उनके योगदान और उपलब्धियों को लेकर […] The post राजकीय शिक्षक पुरस्कार में शमा परवीन का चयन, बिहार के 38 शिक्षकों में बनाई जगह appeared first on Rashtriya Ujala .
Bhagalpur Municipal Corporation:भागलपुर नगर निगम ने सितंबर को 'राजस्व वसूली माह' घोषित किया है, जिसमें होल्डिंग टैक्स और अन्य शुल्कों की वसूली तेज की जा रही है। सितंबर तक भुगतान करने पर ब्याज से छूट मिलेगी, जबकि 1 अक्टूबर से बकाया राशि पर 1.5% प्रतिमाह चक्रवृद्धि ब्याज लगेगा।
बिहार की सियासत में बयानों के तीर और राजनीतिक उठापटक का सिलसिला कभी थमता नहीं है, और जब बात परिवारवाद, चुनावी सरगर्मी या जनता से जुड़े मुद्दों की हो, तो जुबानी जंग अपने चरम पर पहुंच जाती है। इन दिनों राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के गलियारों से लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एनडीए गठबंधन के खेमे तक एक ऐसा ही सियासी तूफान खड़ा हो गया है, जिसने राज्य की हवा को पूरी तरह गर्म कर दिया है। इस बार इस राजनीतिक हलचल के केंद्र में कोई और नहीं बल्कि पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की पुत्री और राजनीति में अपने बेबाक अंदाज के लिए पहचानी जाने वाली रोहिणी आचार्य हैं। देश से कोसों दूर सिंगापुर में रहने के बावजूद रोहिणी आचार्य सोशल मीडिया और अपने तीखे बयानों के जरिए लगातार बिहार की राजनीति के हर एक पहलू पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं और सरकार पर लगातार कड़े हमले कर रही हैं। हाल ही में उन्होंने सरकार की भूमि अधिग्रहण और विकास नीतियों को लेकर एक ऐसा विस्फोटक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर यह आरोप लगाया है कि सरकार 'किसानों की उपजाऊ जमीन छीनने की गहरी साजिश' रच रही है। आज के इस विस्तृत और गहराई से विश्लेषण वाले लेख में हम रोहिणी आचार्य के इस सनसनीखेज बयान, बिहार की गरमाती राजनीति, भूमि अधिग्रहण के विवाद और इसके राजनीतिक प्रभावों के हर एक पहलू पर विस्तार से चर्चा करेंगे ताकि आप इस बड़ी प्रांतीय खबर से पूरी तरह वाकिफ हो सकें।क्या है पूरा मामला और क्यों सिंगापुर से सियासी खेत जोत रही हैं रोहिणी आचार्यबिहार की राजनीति में पिछले कुछ वर्षों से लालू परिवार के सदस्यों की भूमिका और उनकी सक्रियता पर लगातार बहस होती रही है। खासकर रोहिणी आचार्य ने जिस तरह से अपनी किडनी डोपा करके अपने पिता लालू यादव को नया जीवनदान दिया है, उसके बाद से राजनीतिक गलियारों में उनकी एक अलग और मजबूत छवि बनकर उभरी है। हालांकि वे व्यक्तिगत रूप से सिंगापुर में अपने परिवार के साथ निवास करती हैं, लेकिन आधुनिक संचार माध्यमों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) और डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए वे बिहार की हर छोटी-बड़ी राजनीतिक घटना पर त्वरित प्रतिक्रिया देती रहती हैं। राजनीतिक विश्लेषक अक्सर यह कहते नजर आते हैं कि रोहिणी आचार्य भले ही भौगोलिक रूप से देश से बाहर हैं, लेकिन वे अपने शब्दों के जरिए बिहार के सियासी खेत को लगातार जोत रही हैं और विपक्षी दलों को रक्षात्मक होने पर मजबूर कर रही हैं। उनका यह ताजा बयान भी उसी राजनीतिक रणनीति का एक हिस्सा माना जा रहा है, जिसके जरिए वे सीधे तौर पर सत्ता पक्ष के फैसलों को जनता की अदालत में चुनौती दे रही हैं।रोहिणी आचार्य का तीखा हमला: 'गरीब किसानों और अन्नदाताओं को उजाड़ने की हो रही है नापाक कोशिश'अपने ताजा राजनीतिक बयान में रोहिणी आचार्य ने राज्य सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि तथाकथित विकास के नाम पर गरीबों, मजदूरों और किसानों की पुश्तैनी जमीनों को जबरन अधिग्रहित करने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने अपने संदेश में यह आरोप लगाया कि सरकार पूंजीपतियों और चुनिंदा उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए उन किसानों की जमीनों को छीनने की साजिश रच रही है, जिनका एकमात्र सहारा उनकी यही उपजाऊ मिट्टी है। रोहिणी ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग एसी कमरों में बैठकर बड़े-बड़े फैसले ले रहे हैं, उन्हें इस बात का कोई अंदाजा नहीं है कि जब एक किसान से उसकी जमीन छिन जाती है, तो उसकी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य कैसे अंधकारमय हो जाता है। उनके इस आक्रामक बयान के सामने आने के बाद से ही राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है और विपक्षी दल इस मुद्दे को लपककर सरकार के खिलाफ एक बड़ा जन आंदोलन खड़ा करने की तैयारियों में जुट गए हैं।सत्ता पक्ष का कड़ा पलटवार: विपक्ष पर फैलाए जा रहे भ्रम और राजनीतिक रोटियां सेकने का आरोपरोहिणी आचार्य के इस तीखे हमले के बाद सत्ता पक्ष यानी जनता दल यूनाइटेड (JDU) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने भी बिना देर किए जोरदार पलटवार करना शुरू कर दिया है। सरकार के प्रवक्ताओं और वरिष्ठ मंत्रियों ने स्पष्ट शब्दों में यह कहा है कि रोहिणी आचार्य को बिहार की जमीनी हकीकत का कोई ज्ञान नहीं है और वे विदेश में बैठकर केवल सोशल मीडिया पर झूठे और भ्रामक बयानबाजी कर रही हैं। सत्ता पक्ष का यह तर्क है कि सरकार द्वारा जो भी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, एक्सप्रेसवे या औद्योगिक गलियारे बनाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह पारदर्शी हैं और किसानों को उनकी जमीन का बाजार भाव से कई गुना अधिक मुआवजा दिया जा रहा है। नेताओं का यह भी कहना है कि विपक्ष के पास राज्य के विकास को रोकने के अलावा और कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे ऐसे बयानों के जरिए केवल अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।बिहार की राजनीति और आगामी चुनावों पर इस बयान का क्या पड़ेगा गहरा असरबिहार का राजनीतिक इतिहास इस बात का गवाह रहा है कि भूमि अधिग्रहण, किसान के अधिकार और रोजगार जैसे मुद्दे हमेशा से यहां के चुनावों की दिशा तय करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाते आए हैं। रोहिणी आचार्य द्वारा इस संवेदनशील मुद्दे को इस तरह आक्रामक तरीके से उठाने का मुख्य उद्देश्य आरजेडी के पारंपरिक वोट बैंक यानी किसानों, पिछड़ों और वंचितों को यह संदेश देना है कि उनकी पार्टी हर परिस्थिति में उनके अधिकारों के लिए लड़ने को तैयार बैठी है। जैसे-जैसे राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज होती जा रही हैं, यह साफ नजर आ रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ेगा। जनता अब यह भली-भांति समझ रही है कि विकास और किसान के हक की इस लड़ाई में कौन सच बोल रहा है और कौन सिर्फ राजनीति कर रहा है। हम उम्मीद करते हैं कि यह विस्तृत रिपोर्ट आपको बिहार की राजनीति से जुड़ी इस ताजा और महत्वपूर्ण खबर से पूरी तरह अवगत कराने में सफल रही होगी और आप राज्य के हर राजनीतिक अपडेट से लगातार जुड़े रहेंगे।
Bihar Flood Situation : हिमनद के कारण आई नेपाल बाढ़ का प्रभाव अब वैसा नहीं, लेकिन पड़ोसी देश और आसपास के राज्यों में लगातार बारिश के कारण बिहार की नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। कहीं रोज घर-मकान डूब रहे, तो कहीं अंधेरा छा गया। पढ़ें अपडेट।
MP से छोड़ा गया पानी, बिहार में बढ़ी टेंशन : सोन नदी में 5.25 लाख क्यूसेक का रिकॉर्ड बहाव
मध्य प्रदेश के बाणसागर बांध से छोड़ा गया पानी बिहार पहुंचने के बाद सोन नदी में इस साल का सबसे बड़ा, 5.25 लाख क्यूसेक जलप्रवाह दर्ज हुआ. बढ़ते दबाव के कारण इंद्रपुरी बैराज के 69 गेट खोलने पड़े. रोहतास, भोजपुर, औरंगाबाद और पटना समेत कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है.
Bihar में BPSC TRE 4.0 शिक्षक भर्ती 2026: आवेदन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण जानकारी
Bihar में BPSC TRE 4.0 शिक्षक भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 21 सितंबर से शुरू होने की संभावना है। इस बार कुल 33,385 पदों की संख्या बढ़ाई गई है। जानें आवेदन की प्रक्रिया, योग्यता मानदंड और परीक्षा की तिथियाँ। यह जानकारी उन सभी के लिए महत्वपूर्ण है जो सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं।
Bihar में BPSC TRE-4 परीक्षा अब एकल चरण में होगी
Bihar में BPSC TRE-4 परीक्षा को एकल चरण में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, जो लाखों उम्मीदवारों के लिए राहत की खबर है। यह बदलाव सरकार द्वारा लंबे समय से चल रही मांगों के बाद किया गया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि यह निर्णय छात्रों की मांगों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। आवेदन प्रक्रिया 21 सितंबर से शुरू होने की संभावना है। जानें इस बदलाव के पीछे की वजह और आगे की प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी।
बिहार के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में बीपीएससी टीआरई 2 व 3 की भर्ती में दिव्यांग आरक्षण पर बिहार से बाहर के अभ्यर्थियों की नियुक्ति में गड़बड़ी सामने आई है। सूबे के बाहर के निवासी दिव्यांग अभ्यर्थी 82 अंक में ही विद्यालय अध्यापक बन गए।
सितंबर शुरू होते ही लोगों को एक बार फिर मौसम की मार झेलनी पड़ सकती है। कभी तेज धूप तो कभी अचानक बारिश से आम जनजीवन पहले ही प्रभावित है। अब बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के कारण देश के कई हिस्सों में मौसम फिर करवट लेने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान […]
विदेश मंत्री ने कहा है कि फरक्का जल संधि में बिहार की जरुरतों का ख्याल रखा जाएगा। बता दें कि संजय झा ने 6 अगस्त को राज्यसभा में विशेष उल्लेख के तहत बिहार के हित में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने फरक्का जल संधि का नवीनीकरण नहीं करने और बिहार के जल हितों की रक्षा करने का अनुरोध किया था।
प्रशांत किशोर को बिहार विधानसभा में मिली जिम्मेदारी, बनाए गए पर्यटन उद्योग समिति के सदस्य
जन सुराज पार्टी के सूत्रधार और बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर को बिहार विधानसभा की पर्यटन उद्योग समिति का सदस्य बनाया गया है। यह नियुक्ति चालू वित्तीय वर्ष की शेष सात माह की अवधि के लिए है, जिसकी अध्यक्षता जदयू विधायक मनोरंजन सिंह कर रहे हैं।
IMD Heavy Rain Alert: देश भर में मानसून एक बार फिर अपने प्रचंड रूप में आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 सितंबर के लिए मौसम की एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। समें देश के कई हिस्सों में आफत की बारिश का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बहुत ज्यादा मूसलाधार बारिश को लेकर रेड अलर्ट जैसी स्थिति बनी हुई है।पूर्वी मध्य प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी, पश्चिमी यूपी, विदर्भ और बंगाल भी प्रभावितमध्य भारत के इलाकों में आज बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है। इसके अलावा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, विदर्भ और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के दूर-दराज के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इन क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा गहरा गया है।दिल्ली-एनसीआर, बिहार, पंजाब और पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश का अलर्टदेश की राजधानी दिल्ली और आसपास के राज्यों में भी आज मौसम के कड़े तेवर देखने को मिल सकते हैं। IMD के मुताबिक हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही पूर्वी भारत के राज्य बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी तेज बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई जगहों पर मध्यम से भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।गरज-चमक के साथ तेज आंधी और आकाशीय बिजली का खतरामौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने को लेकर भी लोगों को सतर्क किया है। आंध्र प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज झोंकेदार हवाओं के साथ आंधी और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है। आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फरबाद के क्षेत्रों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल व सिक्किम और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आकाशीय बिजली गिरने को लेकर चेतावनी जारी की गई है। आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में मजबूत सतही हवाएं भी चल सकती हैं।तटीय इलाकों और समुद्र में मौसम रहेगा खतरनाक, मछुआरों के लिए अलर्टसमुद्री इलाकों में भी हवा का रुख बेहद उग्र रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर में सोमालिया तट के पास और उससे सटे पश्चिम-मध्य व दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इनकी गति बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बंगाल की खाड़ी में मन्नार की खाड़ी से सटे दक्षिण तमिलनाडु तट और दक्षिण श्रीलंका तट से लगे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के इलाकों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंके आने की आशंका है। IMD ने मछुआरों को इन खतरनाक समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है।यह भी पढ़ें:Delhi Weather Today: दिल्ली में आज फिर बरसेंगे बादल! हल्की से मध्यम बारिश के आसार, 5 सितंबर से बदलेगा मौसम
'इसमें तो कोई जांच ही नहीं हुई', बिहार के 25 साल पुराने मर्डर केस को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने 2001 के एक हत्या मामले में बिहार पुलिस के सबूतों को खारिज करते हुए छह आरोपियों को बरी कर दिया।
Bihar Sand Mining: बिहार में बालू माफिया अत्याधुनिक हथियारों से लैस हैं, जबकि खनन विभाग के पास सीमित होमगार्ड और सैप जवान हैं, जिससे अवैध खनन पर रोक लगाना मुश्किल है।
Bihar Weather Today 03 September: बिहार के अलग-अलग जिलों में अभी बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने गुरुवार को पांच जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। पूर्णिया जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
ड्रोन खरीदने पर ₹5 लाख तक सब्सिडी, एग्रीकल्चर ग्रेजुएट के लिए बिहार सरकार की योजना
बिहार सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 तक 480 किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करेगी, जिसमें कृषि स्नातकों को ड्रोन खरीद पर ₹5 लाख तक की सब्सिडी मिलेगी।
मानसून का कहर : बिहार के 13 जिलों में बाढ़, काशी में 400 से ज्यादा परिवारों का पलायन
वाराणसी में वरुणा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण तटीय बस्तियों में पानी भर गया है। प्रशासन ने अब तक 407 परिवारों के 1,768 सदस्यों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। कुल विस्थापितों का आंकड़ा 2,910 तक पहुंच चुका है। राहत और बचाव कार्य के लिए 36 नावें तैनात की गई हैं।
सस्ती होगी चीनी: सितंबर के पहले पखवाड़े में बिहार को मिलेगी 25,665 टन चीनी, बदली आपूर्ति व्यवस्था
केंद्र सरकार ने चीनी की कीमतों पर नियंत्रण और बाजार में आपूर्ति बेहतर बनाने के लिए चीनी मिलों को मासिक की जगह पाक्षिक कोटा देना शुरू किया है। नई व्यवस्था के तहत सितंबर के पहले पखवाड़े में बिहार को 25,665 टन चीनी मिलेगी, जिसे मिलों को 7 दिन के भीतर डिस्पैच करना होगा।
बिजली क्षेत्र में बिहार बनेगा आत्मनिर्भर, अगले 5 साल में 1,38,541 करोड़ रुपये का होगा निवेश
बिहार में अगले पांच वर्षों में बिजली क्षेत्र में 1,38,541 करोड़ रुपये का निवेश होगा, जिसका प्रस्ताव भारत इलेक्ट्रिसिटी-2026 के बिहार फोकस स्टेट सेशन में रखा गया।
Railway Apprentice 2026: रेलवे के साथ काम करते हुए अनुभव पाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए सदर्न रेलवे ने अप्रेंटिस भर्ती की घोषणा की है। दक्षिण रेलवे ने इस भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। खास बात यह कि दक्षिण रेलवे अप्रेंटिस भर्ती के लिए उम्मीदवारों के चयन के लिए कोई लिखित परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। योग्य उम्मीदवारों का चयन संबंधित ट्रेड में उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर होगा।इस भर्ती अभियान के तहत कुल 4471 अप्रेंटिस पदों को भरा जाएगा। इसमें 163 पद फ्रेशर उम्मीदवारों के लिए और 4308 पद पूर्व आईटीआई उम्मीदवारों के लिए निर्धारित किए गए हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 28 अगस्त 2026 से 27 सितंबर 2026 शाम 5:00 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती में फिटर, इलेक्ट्रिशियन, वेल्डर, COPA, पेंटर और अन्य संबंधित ट्रेडों में अप्रेंटिसशिप का अवसर दिया जाएगा।प्रशिक्षण के दौरान चयनित उम्मीदवारों को 8,200 रुपये से 9,600 रुपये प्रति माह तक स्टाइपेंड मिल सकता है। यह युवाओं के लिए दक्षिण रेलवे की विभिन्न कार्यशालाओं में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करने का अच्छा अवसर है।दक्षिण रेलवे अप्रेंटिस भर्ती 2026: कौन कर सकता है आवेदन?शैक्षणिक योग्यता : फ्रेशर कैटेगरी में फिटर, पेंटर और वेल्डर ट्रेड के लिए उम्मीदवार का 10वीं कक्षा में कम से कम 50% अंक होना आवश्यक है। मेडिकल लैबरोटरी टेक्नीशियन (MLT) पद के लिए 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी विषयों के साथ न्यूनतम 50% अंक जरूरी हैं।पूर्व आईटीआई श्रेणी के उम्मीदवारों के पास 10वीं में कम से कम 50% अंक के साथ संबंधित ट्रेड में NCVT/SCVT मान्यता प्राप्त संस्थान से आईटीआई प्रमाणपत्र होना चाहिए। इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स और डिप्लोमा होल्डर्स इस भर्ती के लिए पात्र नहीं हैं।आयु सीमा : फ्रेशर श्रेणी के लिए न्यूनतम आयु 15 वर्ष और अधिकतम आयु 22 वर्ष निर्धारित है। वहीं पूर्व आईटीआई और एमएलटी श्रेणी के लिए अधिकतम आयु सीमा 24 वर्ष है। उम्र की गणना 27 सितंबर 2026 के आधार पर की जाएगी। एससी/एसटी, ओबीसी, दिव्यांग और एक्स सर्विसमैन उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट मिलेगी।दक्षिण रेलवे अप्रेंटिस भर्ती 2026: आवेदन प्रक्रिया और शुल्कउम्मीदवार दक्षिण रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय व्यक्तिगत, शैक्षणिक और ट्रेड संबंधी जानकारी भरनी होगी तथा फोटो, हस्ताक्षर और आवश्यक प्रमाणपत्र अपलोड करने होंगे। जनरल/UR उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 100 रुपये है, जबकि SC/ST/PwD उम्मीदवारों को शुल्क में छूट दी गई है।दक्षिण रेलवे अप्रेंटिस भर्ती 2026: चयन प्रक्रियाइस भर्ती में कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी। उम्मीदवारों का चयन 10वीं, 12वीं और ITI में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार मेरिट लिस्ट से किया जाएगा। इसके बाद डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन होगा और अंतिम चयन मेडिकल फिटनेस के आधार पर किया जाएगा।Bihar Teacher Recruitment 4.0: 21 सितंबर से शुरू होंगे बिहार टीआरई 4 के लिए आवेदन? सरकार ने बढ़ाए म्यूजिक टीचर के पद
Bihar Flood: बिहार में गंगा, कोसी, पुनपुन, सोन, गंडक सहित राज्य की सभी प्रमुख नदियां उफान पर हैं। निचले इलाकों के स्कूलों में पानी घुस गया है और कई जगहों पर पढ़ाई बंद कर दिया गया है। समस्तीपुर में गंगा खतरे के निशान से 1.45 मीटर ऊपर बह रही है। कई दियारा इलाकों में सड़क संपर्क टूट गया है।
बता दें कि पहले चरण में पीएम किसान सम्मान निधि के 85.53 लाख लाभुकों का पहचान पत्र बनाया जाना है। इसमें से 53.45 लाख का पहचान पत्र बन चुका है। यानी करीब 32 लाख का पहचान पत्र नहीं बना है।
Bihar Flood: सड़क बह गई और सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद, पटना में गंगा-पुनपुन लाल निशान के पार; बढ़ी आफत
गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर से पटना से सटे बख्तियारपुर के दियारा इलाके में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। पांच पंचायतों के कई गांवों के निचले इलाकों में गंगा का पानी प्रवेश कर गया है। पानी भरने के कारण दियारा क्षेत्र के स्कूलों को बंद कर दिया गया है।
बिहार में मानसून काफी मजबूत स्थिति में है। प्रदेश के कई जिलों में बीते दो दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने आज भी 12 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पटना समेत बाकी 26 जिलों में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। कई जिलों में बादल छाए रह सकते हैं। इस दौरान 50Kmph की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी। इधर, बिहार की कई नदियां उफान पर हैं। पटना में गंगा खतरे के निशान से करीब 2 फीट ऊपर बह रही है। पटना सिटी के भद्रघाट और महावीर घाट की सर्विस लेन पर घुटनों तक गंगा का पानी पहुंच गया है। सोन नदी पर स्थित रोहतास के इंद्रपुरी बैराज के सभी 69 गेट खोल दिए गए हैं। बैराज से सोन नदी में 6 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनने की आशंका है। बक्सर में नेशनल हाईवे पानी में डूब गया है। बेतिया में गंडक नदी के कटाव के कारण एक पक्का घर नदी में समा गया। वहीं, कैमूर में तेलहाड़ कुंड, करकटगढ़ और बंसी खोह जलप्रपात उफान पर हैं। बिहार के 13 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। 8 नदियां उफान पर हैं। बिहार में बाढ़ की कुछ तस्वीरें देखिए…. बाढ़ की चपेट में बिहार के 13 जिले पड़ोसी राज्यों में भारी बारिश के बाद इंद्रपुरी बराज से 5.63 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण पटना में गंगा, सोन और पुनपुन नदियां उफान पर आ गई हैं। बिहार में बाढ़ का संकट गहरा गया है। राज्य की 8 नदियां-गंगा, सोन, पुनपुन, कोसी, गंडक, बुढ़ी गंडक, बागमती और घघरा खतरे के निशान से ऊपर हैं। 13 जिले इस आपदा की चपेट में हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। पटना जिला प्रशासन पूरी तरह हाई अलर्ट पर है क्योंकि जिले में गंगा, सोन और पुनपुन नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। पटना के गांधी घाट पर गंगा खतरे के निशान से 127 सेमी, दीघा घाट पर 61 सेमी और श्रीपालपुर में पुनपुन नदी 2.01 मीटर ऊपर बह रही है। इसके अलावा, इंद्रपुरी बराज से सोन नदी में 5.54 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण मनेर, दानापुर, बख्तियारपुर और मोकामा के दियारा इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है। फंसे लोगों को निकालने के लिए 12 सरकारी नावें तैनात हैं। गंगा नदी समस्तीपुर के मोहिउद्दीननगर में खतरे के निशान से 1.50 मीटर ऊपर बह रही है। भागलपुर में राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध पर तेज कटाव से रेलवे के टैगिंग बांध की गंभीर खतरा है, जिसे बचाने के लिए दिन-रात 200 ट्रैक्टर और 3 स्टीमर बालु की बोरियां गिराने में जुटे हैं। सोन नदी का जलस्तर बढ़ने से रोहतास के नौहट्टा में नदी के टीलों पर खेती करने वाले करीब सौ लोग फंसें हैं। अफसरों को 24 घंटे मुस्तैद रहने का निर्देश बाढ़ में घर, फसल, जनहानि पर अनुदान राज्य में बाढ़ प्रभावित परिवारों को त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने सूबी तैयार करने के निर्देश दिए हैं ताकि फसल, पशु और मकानों के नुकसान का अनुदान तत्काल मिल सके। बिहार में बाढ़ से जुड़े कुछ प्रमुख अपडेट्स अगले 2-3 दिन तापमान में बड़ा बदलाव नहीं पटना में आज आसमान में बादल छाए रहने और बारिश या गरज के साथ हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। 5 और 6 सितंबर को भी बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश या गरज-चमक होने के आसार हैं। बारिश के बावजूद बिहार के अधिकतर हिस्सों में अधिकतम तापमान में बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है। अगले 2 से 3 दिनों तक अधिकतम तापमान 34 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है। इसकी वजह बारिश के साथ वातावरण में बनी रहने वाली नमी है। बादल और नमी के कारण उमस बनी रहेगी, जबकि बारिश वाले इलाकों में तापमान कुछ कम महसूस हो सकता है। क्यों बना ऐसा मौसम मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और उससे सटे क्षेत्रों में बने कम दबाव के क्षेत्र का असर बिहार समेत पूर्वी भारत के कई राज्यों पर पड़ रहा है। यह मौसम प्रणाली पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रही है। इसके अलावा झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण बिहार में नमी वाली हवाओं का प्रवाह बढ़ गया है। इसी वजह से एक ओर दक्षिण बिहार के कुछ जिलों में तेज बारिश हो रही है, जबकि दूसरी ओर उत्तर-पूर्वी बिहार में भी भारी बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। मौसम से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….
केंद्र सरकार ने भारत-बांग्लादेश गंगा जल बंटवारा संधि और फरक्का बांध को लेकर बिहार की चिंताओं का संज्ञान लिया है।
'राहुल गांधी ने बिहार में भी एसआईआर का विरोध किया, क्या नतीजा निकला?' उपेंद्र कुशवाहा का तंज
'राहुल गांधी ने बिहार में भी एसआईआर का विरोध किया, क्या नतीजा निकला?' उपेंद्र कुशवाहा का तंज
बिहार की राजनीति से इस वक्त एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों और राजनीतिक दलों के कान खड़े कर दिए हैं। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्र सरकार में मंत्री चिराग पासवान को अज्ञात लोगों द्वारा जान से मारने की धमकी दी गई है। यह धमकी किसी सामान्य संदेश के जरिए नहीं, बल्कि डाक के माध्यम से आए एक अनाम पत्र के जरिए दी गई है। पत्र में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया है और आतंकवादियों का हवाला देते हुए जल्द ही खत्म करने की बात कही गई है, उसने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। घटना के सामने आते ही पटना से लेकर दिल्ली तक प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय हो गया है और इस बात की गहनता से जांच की जा रही है कि आखिर इस खतरनाक साजिश के पीछे किसका हाथ हो सकता है।डाक से आए खत में लिखा था गंभीर संदेश, मंत्रालय से लेकर गृह सचिव तक तक पहुंची बातप्राप्त जानकारी के अनुसार, केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान के आधिकारिक पते पर एक गुमनाम पत्र प्राप्त हुआ था। जब इस पत्र को खोला गया तो उसमें अंग्रेजी में सीधे तौर पर जान से मारने की धमकी लिखी हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत उनके कार्यालय और मंत्रालय स्तर पर सख्त कदम उठाए गए। मंत्री के अतिरिक्त निजी सचिव की तरफ से केंद्रीय गृह सचिव को आधिकारिक पत्र लिखकर इस पूरे मामले की विस्तृत और उच्चस्तरीय जांच कराने का अनुरोध किया गया। इसके साथ ही इस गंभीर सुरक्षा खतरे की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, दिल्ली पुलिस कमिश्नर, सीआरपीएफ के महानिदेशक और बिहार के पुलिस महानिदेशक को भी आधिकारिक तौर पर दी गई ताकि समय रहते सभी जरूरी और एहतियाती कदम उठाए जा सकें।लोजपा (रामविलास) का सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बिहार डीजीपी से मिलाइस पूरी घटना के बाद से बिहार में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी रोष और चिंता का माहौल है। इसी कड़ी में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का एक सात सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में बिहार के पुलिस महानिदेशक यानी डीजीपी से मिलने पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा और मांग की कि केंद्रीय मंत्री की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की नए सिरे से समीक्षा की जाए और उसमें तुरंत बढ़ोतरी की जाए। नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि चिराग पासवान लगातार जनता के बीच रहकर जनसंपर्क और राजनीतिक दौरे करते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही या चूक बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। पार्टी ने पुलिस प्रशासन से यह भी मांग की कि पत्र में जिन मोबाइल नंबरों का जिक्र किया गया है या जहां से यह पत्र भेजा गया है, उसका जल्द से जल्द पर्दाफाश किया जाए।पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और सर्विलांस पर रखे गए संदिग्ध मोबाइल नंबरलोजपा नेताओं के साथ हुई इस उच्चस्तरीय बैठक के बाद पुलिस महकमे ने भी स्पष्ट कर दिया है कि वे इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं। बिहार के डीजीपी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि राज्य पुलिस इस मामले पर पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रही है। शुरुआती तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को धमकी भरे पत्र में कुछ मोबाइल नंबर हाथ लगे हैं, जिन्हें तुरंत प्रभाव से सर्विलांस पर डाल दिया गया है। साइबर सेल और स्थानीय खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर इस खत को भेजने वाला मुख्य शख्स कौन है और क्या इसके पीछे कोई सोची-समझी राजनीतिक या आपराधिक साजिश काम कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बहुत जल्द आरोपियों की पहचान कर ली जाएगी और कानून के मुताबिक उनके खिलाफ सबसे कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।सुरक्षा घेरे और आगामी राजनीतिक दौरों को लेकर बढ़ाई गई चौकसीवर्तमान में चिराग पासवान को देश में वीआईपी सुरक्षा का एक मजबूत दायरा मिला हुआ है, लेकिन इस ताजा धमकी के सामने आने के बाद उनके सुरक्षा इंतजामों को और अधिक चाक-चौबंद करने की मांग जोर पकड़ चुकी है। चूंकि उनकी पार्टी आगामी समय में विभिन्न राज्यों में अपने सांगठनिक विस्तार और चुनावी रणनीतियों पर काम कर रही है, इसलिए उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों और दौरों के दौरान सुरक्षा के अति-रिक्त प्रोटोकॉल लागू करने पर विचार किया जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर नेताओं की सुरक्षा और खुफिया तंत्र की सक्रियता को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। बहरहाल, पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक अपने नेता की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं और प्रशासन से यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि इस धमकी के पीछे छिपे असली चेहरे जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे।
भारी बारिश के बाद बिहार में कई नदियों का बढ़ा जलस्तर, सोन बराज के 69 गेट खुले
बिहार में बीते 24 घंटों की मूसलाधार बारिश से कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिससे बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
एलजेपी का प्रतिनिधिमंडल बिहार के डीजीपी से मिला, चिराग पासवान की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की
Patna, 2 सितंबर . Union Minister और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद उनकी सुरक्षा बढ़ाने की मांग तेज हो गई है. एलजेपी (रामविलास) के सात सदस्यों वाले एक प्रतिनिधिमंडल ने Wednesday को बिहार के Police महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार से मुलाकात की और ... Read more
‘कुछ दिनों तक मछली खाने में सावधानी बरतें’, नेपाल में आई त्रासदी के बाद बिहार सरकार की लोगों से अपील
Patna, 2 सितंबर . नेपाल में आई बाढ़ और भारी तबाही के बीच बिहार की नदियों में असामान्य और विशाल आकार की मछलियां बहकर पहुंचने की खबरों को लेकर राज्य Government ने लोगों से कुछ दिनों तक मछली का सेवन नहीं करने या सावधानी बरतने की अपील की है. Government की ओर से लोगों को ... Read more
'कुछ दिनों तक मछली खाने में सावधानी बरतें', नेपाल में आई त्रासदी के बाद बिहार सरकार की लोगों से अपील
'कुछ दिनों तक मछली खाने में सावधानी बरतें', नेपाल में आई त्रासदी के बाद बिहार सरकार की लोगों से अपील
HUDCO Share:सरकारी कंपनी Housing and Urban Development Corporation Ltd (HUDCO) ने बिहार सरकार के साथ एक बड़ा समझौता किया है। इसके तहत HUDCO राज्य में इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए ₹25,000 करोड़ तक की फाइनेंशियल मदद देगी।पांच साल में मिलेगी फंडिंगयह रकम एक साथ जारी नहीं होगी। अगले पांच साल में जरूरत के हिसाब से अलग-अलग चरणों में फंड दिया जाएगा।इस पैसे का इस्तेमाल बिहार में इंडस्ट्रियल पार्क बनाने में होगा। इसमें जमीन खरीदना और उद्योगों के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना शामिल है।25 साल तक के लिए मिल सकता है लोनHUDCO राज्य सरकार की ओर से तय की गई एक संस्था को ₹25,000 करोड़ तक के टर्म लोन देगी। फंडिंग अलग-अलग चरणों में होगी।लोन की शर्तें भी लचीली होंगी। मोरेटोरियम की सुविधा मिल सकती है। लोन चुकाने के लिए 25 साल तक का समय दिया जा सकता है। समय से पहले लोन चुकाने का विकल्प भी होगा।IDA को जिम्मेदारी मिलीबिहार सरकार ने राज्य के Infrastructure Development Authority को इन प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी दी है। यह संस्था इंडस्ट्रियल पार्क के लिए जमीन खरीद और डेवलप कर सकती है।यहां उद्योगों के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया जाएगा। हर प्रोजेक्ट के लिए अलग समझौता होगा। उसमें फंडिंग की शर्तें और प्रोजेक्ट का दायरा तय किया जाएगा।तुरंत नहीं मिलेंगे ₹25,000 करोड़यह MoU ₹25,000 करोड़ तुरंत जारी करने का करार नहीं है। यह सिर्फ फंडिंग के लिए एक फ्रेमवर्क है। जरूरत के हिसाब से पांच साल में फंड जारी होगा। MoU तीन साल तक वैध रहेगा। इसकी हर साल समीक्षा की जाएगी।बुधवार को HUDCO का शेयर 0.11% की मामूली गिरावट के साथ ₹178.38 पर बंद हुआ।GDP Growth: सरकार ने 2.6% GDP ग्रोथ के दावे को खारिज किया, 7.8% को सटीक बतायाDisclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
फुलवारी शरीफ में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां पत्नियों की पढ़ाई और नौकरी में पति के सहयोग के बाद रिश्ते में दूरी बढ़ गई, जिससे विवाद पंचायत और शरिया अदालत तक पहुंच गए।
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार 3 सितंबर को मुजफ्फरपुर के श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (SKMCH) का दौरा करेंगे। उनका कार्यक्रम दोपहर करीब 2 बजे शुरू होगा। इस दौरे के लिए जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंत्री अस्पताल परिसर में लगभग 2 घंटे रुकेंगे और शाम 4 बजे तक कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे। SKMCH के अधीक्षक डॉ. महेश प्रसाद ने स्वास्थ्य मंत्री के दौरे की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि उनके आने का पूरा कार्यक्रम तय हो चुका है। मंत्री के दौरे को देखते हुए अस्पताल परिसर में तेजी से रंग-रोगन, मरम्मत और साफ-सफाई का काम किया जा रहा है। अतिक्रमण को भी हटाया गया। स्वास्थ्य मंत्री SKMCH में बने 30 बेड वाले नए ICU का उद्घाटन करेंगे। इस नई सुविधा से उत्तर बिहार के गंभीर मरीजों को फायदा मिलने की उम्मीद है। उद्घाटन के बाद वे परिसर में ही 'टाटा मेमोरियल' की ओर से चलाए जा रहे कैंसर अस्पताल का जायजा लेंगे। वे वहां इलाज की सुविधाओं और व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। इमरजेंसी वार्ड से लेकर सामान्य वार्डों का भी निरीक्षण करेंगे मंत्री इमरजेंसी वार्ड से लेकर सामान्य वार्डों का भी निरीक्षण करेंगे। इसका मकसद मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं का सीधा आकलन करना है। निरीक्षण के आखिर में स्वास्थ्य मंत्री SKMCH के लेक्चर थिएटर में डॉक्टरों, मेडिकल कॉलेज के शिक्षकों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ बातचीत करेंगे। स्वास्थ्य मंत्री के आगमन पर मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। बुधवार को SKMCH परिसर और उसके आसपास की मुख्य सड़कों से अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की गई। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए एसडीओ (पूर्वी) आनंद उत्सव ने बताया कि वीआईपी दौरे और आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अतिक्रमण रोधी अभियान चलाया गया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। साथ ही, मेडिकल कॉलेज मार्ग पर यातायात बाधित न हो, इसके लिए पुलिस बल की तैनाती के साथ ट्रैफिक व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
अगस्त में GST से बिहार ने की बंपर कमाई, तिजोरी में आए ₹13870 करोड़, 8% बढ़ा रेवेन्यू
चालू वित्तीय वर्ष में अप्रैल से अगस्त तक बिहार को जीएसटी से 13870 करोड़ रुपये मिले हैं, जो पिछले साल की समान अवधि से 8% अधिक है।
फरक्का जल संधि पर बिहार के हितों की गारंटी, एस जयशंकर ने संजय झा को दिया क्या भरोसा?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जदयू नेता संजय झा को आश्वासन दिया है कि फरक्का जल संधि के भविष्य पर फैसले लेते समय बिहार के पेयजल और औद्योगिक हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
Ram Mandir CEO: 'ऑपरेशन सिंदूर' में अपनी भूमिका के लिए 'सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल' पाने वाले रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को श्री राम जन्मभूमि मंदिर का चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) चुना गया है। यह फैसला तब लिया गया जब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बुधवार को अयोध्या में हुई एक बैठक में CEO की नियुक्ति पर विचार विमर्श किया।इसके अलावा, ट्रस्ट ने तीन नए ट्रस्टी भी नियुक्त किए: दिल्ली के महेश भागचंदका (जो VHP के दिवंगत नेता अशोक सिंघल के रिश्तेदार हैं), अयोध्या के मदन मोहन पांडे और शिकोहाबाद की निर्मला यादव।भारतीय वायु सेना के सम्मानित पूर्व कमांडर अप्रैल 2026 में रिटायर हुए थे और अब वे मंदिर ट्रस्ट के कामकाज के विस्तार के साथ एक अहम प्रशासनिक भूमिका संभालेंगे।बता दें कि मिश्रा उन सीनियर मिलिट्री कमांडरों में शामिल थे जिन्हें 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान उनकी लीडरशिप के लिए सम्मानित किया गया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनकी शानदार सेवाओं और महत्वपूर्ण योगदान के लिए उन्हें 'सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल' से सम्मानित किया था।यह मेडल युद्ध, संघर्ष या सैन्य कार्रवाई के दौरान सबसे बेहतरीन सेवा के लिए दिया जाता है और यह भारत के सबसे बड़े युद्ध-कालीन मिलिट्री सम्मानों में से एक है।जितेंद्र मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर के हवाई हमलों के बारे में बतायाहाल ही में एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में, मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चलाए गए हवाई अभियान के बारे में बात की और बताया कि कैसे भारतीय सेना ने पाकिस्तान के अंदर काफी दूर मौजूद ठिकानों की पहचान की और उन पर हमला किया।उन्होंने एक ऑपरेशन का जिक्र करते हुए बताया कि करीब 314 किलोमीटर दूर स्थित एक टारगेट को नष्ट किया गया था। मिश्रा के मुताबिक, इस कार्रवाई के दौरान सिर्फ एक छोटा सा ऑपरेशनल निर्देश दिया गया और इसके बाद टारगेट को सफलतापूर्वक तबाह कर दिया गया।ऑपरेशन के बारे में बात करते हुए, मिश्रा ने प्लानिंग, सटीकता, टेक्नोलॉजी और सशस्त्र बलों की अलग-अलग शाखाओं के बीच तालमेल के महत्व पर जोर दिया। हालांकि, ऑपरेशन से जुड़ी कई बातें अभी भी गोपनीय रखी गई हैं।उनकी बातों से एयर कैंपेन की प्लानिंग और उसे अंजाम देने के बारे में कुछ खास जानकारी मिली, हालांकि, उन्होंने ऐसी कोई संवेदनशील जानकारी साझा नहीं की, जिसका सार्वजनिक किया जाना सुरक्षा के लिहाज से ठीक न हो।जितेंद्र मिश्रा का उत्तर प्रदेश से है खास कनेक्शनमिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भोपतपुरा के रहने वाले हैं, जो अयोध्या से सड़क मार्ग से लगभग तीन घंटे की दूरी पर है। वे एक मध्यम-वर्गीय परिवार से आते हैं और उनके पिता बतौर लेक्चरर काम करते थे।अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर में एक अहम प्रशासनिक पद संभालने के बाद अब उनका उत्तर प्रदेश से और खास जुड़ाव हो गया है।राम मंदिर ट्रस्ट के CEO के तौर पर जीतेंद्र मिश्रा क्या करेंगे?CEO के तौर पर, मिश्रा से उम्मीद है कि वे मंदिर ट्रस्ट के रोजमर्रा के कामकाज को संभालेंगे और इसके बढ़ते हुए ऑपरेशन्स में तालमेल बिठाएंगे।उनकी जिम्मेदारियों में तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाएं, वित्तीय इंतजाम, स्टाफ के बीच तालमेल, सुरक्षा से जुड़ा तालमेल और बड़े धार्मिक आयोजनों का प्रबंधन शामिल हो सकता है।अपने मिलिट्री करियर के दौरान बड़े संगठनों को संभालने, ऑपरेशनल प्लानिंग और तालमेल बिठाने का उनका अनुभव इस भूमिका के लिए काम का साबित हो सकता है।रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा कौन हैं?रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (SYSM, AVSM, VSM) भारतीय वायु सेना के पूर्व अधिकारी हैं, जिन्होंने वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के तौर पर काम किया है।रिटायरमेंट से पहले, मिश्रा ने इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशन्स) के डिप्टी चीफ के तौर पर काम किया। इससे पहले, उन्होंने इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में डिप्टी चीफ (डॉक्ट्रिन, ऑर्गनाइज़ेशन और ट्रेनिंग) के तौर पर भी काम किया था।मिश्रा को 6 दिसंबर, 1986 को एयर फोर्स एकेडमी से ट्रेनिंग पूरी करने के बाद भारतीय वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन किया गया था।जीतेंद्र मिश्रा का 38 साल का IAF करियरमिश्रा का मिलिट्री करियर 38 साल से ज्यादा का रहा, जिसमें उन्होंने 3,000 घंटे से ज्यादा की फ्लाइंग का अनुभव हासिल किया।उन्होंने 18 से ज्यादा तरह के फाइटर और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर उड़ाए और फाइटर पायलट, फाइटर कॉम्बैट लीडर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट के तौर पर काम किया। उन्होंने कई इंस्ट्रक्शनल और स्टाफ पद भी संभाले।स्क्वाड्रन लीडर के तौर पर, मिश्रा उस टीम का हिस्सा थे जिसने कारगिल युद्ध की शुरुआत में मिराज 2000 एयरक्राफ्ट पर लेजर-गाइडेड बमों को ऑपरेशनल किया था। इन हथियारों का इस्तेमाल बाद में ऑपरेशन सफेद सागर के दौरान टाइगर हिल और मुंथो ढालो पर हमलों में किया गया था।कारगिल युद्ध में जीतेंद्र मिश्रा की भूमिकाIAF में अपने करियर के दौरान मिश्रा ने कई अहम ऑपरेशनल जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने ईस्टर्न सेक्टर में एक फाइटर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर के तौर पर काम किया और बाद में विंग कमांडर के पद पर रहते हुए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के नासिक डिवीन में चीफ टेस्ट पायलट बने।ग्रुप कैप्टन के तौर पर, उन्होंने एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टेब्लिशमेंट में चीफ टेस्ट पायलट और नई दिल्ली में एयर हेडक्वार्टर में ऑपरेशनल प्लानिंग एंड असेसमेंट ग्रुप के डायरेक्टर के तौर पर काम किया।जून 2010 में, फ्रांस में होने वाली मल्टीनेशनल एयर एक्सरसाइज 'गरुड़ IV' में भारतीय वायु सेना की टुकड़ी का नेतृत्व करने के लिए मिश्रा को चुना गया।जीतेंद्र मिश्रा की सीनियर IAF पोस्टिंगएयर कमोडोर के तौर पर, मिश्रा ने एयर फोर्स स्टेशन बरेली में 15 विंग और एयर फोर्स स्टेशन पठानकोट में 18 विंग की कमान संभाली।बाद में उन्होंने एयर हेडक्वार्टर में एयर कमोडोर (एयर स्टाफ रिक्वायरमेंट्स) के तौर पर काम किया।एयर वाइस मार्शल के पद पर प्रमोट होने के बाद, मिश्रा ने एयर हेडक्वार्टर में असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (प्रोजेक्ट्स) और एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टेब्लिशमेंट के कमांडेंट के तौर पर काम किया।ऑपरेशन सिंदूर में जीतेंद्र मिश्रा की भूमिकामिश्रा को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनकी भूमिका के लिए 2025 में स्वतंत्रता दिवस पर 'सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल' से सम्मानित किया गया था।उन्हें मिले अन्य सम्मानों में 2024 में मिला 'अति विशिष्ट सेवा मेडल' (AVSM) और 2013 में मिला 'विशिष्ट सेवा मेडल' (VSM) शामिल हैं।'सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल' ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनकी बेहतरीन सेवा को मान्यता दी और उनके करियर में मिले सैन्य सम्मानों की लंबी सूची में एक और सम्मान जोड़ा।जीतेंद्र मिश्रा वेस्टर्न एयर कमांड के प्रमुख कब बने?मिश्रा को एयर मार्शल के पद पर प्रमोट किया गया और उन्होंने 9 जनवरी, 2023 को इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (डॉक्ट्रिन, ऑर्गनाइज़ेशन और ट्रेनिंग) के डिप्टी चीफ के तौर पर कार्यभार संभाला।इसके बाद, 5 दिसंबर, 2023 को वे इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशन्स) के डिप्टी चीफ बने।1 जनवरी, 2025 को मिश्रा ने वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पद संभाला। उन्होंने एयर मार्शल पंकज मोहन सिन्हा की जगह ली, जो 31 दिसंबर, 2024 को रिटायर हुए थे।बता दें कि 38 साल से ज्यादा के करियर के बाद, मिश्रा अप्रैल 2026 में इंडियन एयर फोर्स से रिटायर हुए।यह भी पढ़ें:Bihar Mystery Fish: नेपाल की बाढ़ के साथ बिहार पहुंची अजीब मछलियां, इनको खाते ही हो रहीं बड़ी दिक्कतें! सरकार ने अब ये बताया
Bihar में शुरू हुआ 'आपके दरवाजे पर दवा' अभियान, 6 करोड़ लोगों की होगी Health Screening
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 2 सितंबर को जांच और इलाज – आपके दरवाजे पर दवा अभियान की शुरुआत की। इस अभियान का मकसद लगभग छह करोड़ लोगों की जांच करना और हर नागरिक का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड बनाना है। यह अभियान 30 नवंबर तक चलेगा और इसका उद्घाटन पटना के राजवंशी नगर स्थित एनर्जी ऑडिटोरियम में किया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, इस अभियान के तहत सभी 38 जिलों में जागरूकता रथ भेजे गए। इसे भी पढ़ें: राहुल गांधी के खिलाफ FIR लोकतंत्र पर हमला: DK Shivakumar बोले- LoP को दलितों के लिए आवाज उठाने का हक मुख्यमंत्री चौधरी ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस अभियान पर बारीकी से नज़र रखें और इसे सफलतापूर्वक लागू करना सुनिश्चित करें। उन्होंने समय पर जांच के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा कि समय पर जांच से बीमारी का पता लगाना और बेहतर इलाज संभव हो पाता है; स्वस्थ परिवार ही समृद्ध बिहार की नींव हैं। CMO ने बताया कि ज़िला अस्पतालों में 45 तरह की सर्जरी शुरू हो गई हैं, जिससे ज़िला अस्पतालों से बड़े अस्पतालों में मरीज़ों को रेफर करने की संख्या में कमी आई है। सर्जरी की संख्या में काफ़ी बढ़ोतरी हुई है; जून में यह संख्या 2,428 थी, जो इस महीने बढ़कर 8,000 से ज़्यादा हो गई है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने मिशन कायाकल्प शुरू करने की घोषणा की। यह प्रोग्राम राज्य भर में स्वास्थ्य संस्थानों को बेहतर और मज़बूत बनाने के लिए बनाया गया है। इस अभियान का मकसद लोगों के घर के पास स्वास्थ्य जांच और इलाज की सुविधाएँ पहुँचाना और बिहार की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को मज़बूत करना है। 1 सितंबर को चौधरी ने घोषणा की कि मोतिहारी में बंद पड़ी चीनी मिल को फिर से शुरू करने का काम जल्द ही शुरू होगा, साथ ही पूर्वी चंपारण ज़िले के लिए कई विकास परियोजनाएँ भी शुरू की जाएँगी। मोतिहारी में बापूधाम महोत्सव के दौरान, उन्होंने ज़िले के लिए 285 करोड़ रुपये की लागत वाली 145 विकास योजनाओं का शिलान्यास या उद्घाटन किया। इसे भी पढ़ें: Mehbooba Mufti ने प्रशासन पर साधा निशाना, NC और BJP के प्रदर्शनों पर उठाए सवाल CMO के अनुसार, योजनाओं में बरियारपुर में एक मेडिकल कॉलेज बनाना और मोतिहारी में एक तारामंडल (प्लेनेटेरियम) का काम शुरू करना शामिल है। इसके अलावा, लोगों की मांग को देखते हुए, पिपराकोठी के लिए पहले प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालय को अब बरियारपुर में स्थापित किया जाएगा। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Bihar Mystery Fish: नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद बिहार की नदियों में सीमा पार से बहकर आ रही अज्ञात और अजीब किस्म की मछलियों ने हड़कंप मचा दिया है। बाढ़ के पानी के साथ आई इन मछलियों को खाने के बाद लोगों के बीमार पड़ने की खबरें सामने आ रही हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने अडवाइजरी जारी कर लोगों को ऐसी मछलियों को खाने से से बचने की सख्त हिदायत दी है।मछलियां क्यों बन रही हैं खतरनाक और बीमारी की क्या है वजह?मत्स्य विभाग के मुताबिक बाढ़ के दौरान मछलियां तालाबों, झीलों, नदियों और जलाशयों से निकलकर पानी के तेज बहाव के साथ लंबी दूरी तय करती हैं। इस दौरान ये मछलियां कीचड़, गंदे नाले, सड़े-गले शवों और दूसरे हानिकारक प्रदूषकों के लगातार संपर्क में रहती हैं। इस वजह से ये मछलियां हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस, फंगी और खतरनाक केमिकल से संक्रमित हो जाती हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक पर्यावरण सामान्य न हो जाए और साफ मछलियां उपलब्ध न हों, तब तक बाढ़ के पानी से पकड़ी गई मछलियों का सेवन बिल्कुल नहीं किया जाना चाहिए।सरकार की अपील और लक्षण दिखने पर क्या करें?बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने नागरिकों से सुरक्षा के मद्देनजर कई दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। कहा गया है कि किसी भी अनजानी या अजीब दिखने वाली मछली को खाने के लिए इस्तेमाल न करें। बाढ़ के पानी से पकड़ी गई मछलियों को न खरीदें, न बेचें और न ही भोजन के रूप में इस्तेमाल करें। बिना विभागीय जांच और वेरिफिकेशन के किसी भी अनजान मछली को खाने लायक न समझें।अगर ऐसी मछली खाने के बाद उल्टी, दस्त/डायरिया, पेट दर्, चक्कर आना या सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो रही हैं तो तुरंत अस्पताल जाएं या डॉक्टर की सलाह लें। साथ ही ये भी कहा गया है कि ऐसी असामान्य मछलियां दिखने पर तुरंत जिला मत्स्य अधिकारी या स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दें और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।पश्चिमी चंपारण में जागरूकता अभियानअनजान मछलियों के खतरे को देखते हुए प्रशासन सक्रिय हो गया है। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिमी चंपारण की जिला मत्स्य अधिकारी नूतन ने बताया कि क्षेत्र में व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि नेपाल की बाढ़ से आ रही मछलियां अत्यधिक संक्रामक हैं और इनमें कई बीमारियां फैली हुई हैं। इनको खाने से पेट में तेज दर्द, उल्टी और पेचिश जैसे गंभीर लक्षण उभर रहे हैं। प्रशासन की ओर से विक्रेताओं को ऐसी मछलियां न बेचने और आम जनता को इन्हें न खरीदने व न खाने की सलाह दी जा रही है।उधर नेपाल पुलिस ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आधिकारिक निर्देश जारी कर अपने नागरिकों से बाढ़ के पानी में बहकर आई मछलियों और अन्य नदी आधारित खाद्य पदार्थों का सेवन न करने का अनुरोध किया है।नेपाल में बाढ़ से 1127 लोगों की मौत, बिहार में अलर्टनेपाल पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ की वजह से नेपाल में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1127 हो गई है। शवों के बरामद होने का सिलसिला अभी भी जारी है। नेपाल की नदियों में जलस्तर बढ़ने की वजह से निचले इलाकों में स्थित बिहार में हाई अलर्ट जारी है।यह भी पढ़ें:राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, ऑपरेशन सिंदूर से भी रहा है नाता
Bihar Politics : प्रशांत किशोर ने भाजपा को दिया झटका, डा. सुरेंद्र राय जन सुराज में शामिल
भाजपा के पूर्व नेता और दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से रनर-अप रहे डॉ. सुरेंद्र प्रसाद राय जन सुराज में शामिल हो गए हैं। प्रशांत किशोर ने दरभंगा में पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर आगामी विधान परिषद चुनावों की रणनीति पर चर्चा की।
देश के कई राज्यों में मानसून एक बार फिर आफत बन गया है। उत्तराखंड से लेकर बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। कहीं नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं तो कहीं सड़कें और बाजार पानी में डूब गए हैं। उत्तराखंड में 12 लोगों की मौत, 172 सड़कें बंद। बिहार में गंगा उफान पर, पटना में बाढ़ का खतरा। यूपी में गंगा एक्सप्रेसवे पर 7 फीट गहरा गड्ढा। चित्रकूट में मंदाकिनी का रौद्र रूप, 400 दुकानें डूबीं।
उत्तर भारत में बारिश का कहर: उत्तराखंड में 12 मौतें, वीडियो में जाने बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ा; यूपी-एमपी में भी हालात बिगड़े
Bihar Teacher Recruitment 4.0: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने जल्द ही स्कूल शिक्षक भर्ती परीक्षा के चौथे चरण (TRE-4.0) की शुरुआत कर सकता है। आयोग ने मंगलवार शाम को बताया कि चौथे चरण की स्कूल शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन 21 सितंबर से शुरू हो सकता है। बिहार टीआरई 4.0 के लिए आवेदन की शुरुआत एक औपचारिक संशोधित विज्ञापन जारी होने और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में जरूरी बदलावों के बाद हो सकता है।यह अपडेट बीपीएससी के आधिकारिक एक्स हैंडल पर उपलब्ध था। ट्वीट में लिखा है, एडवरटाइजमेंट नंबर-14/2026, चौथे फेज के स्कूल टीचर रिक्रूटमेंट एग्जामिनेशन (TRE-4.0) के तहत, स्कूल टीचर के पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया, संशोधित विज्ञापन और ऑनलाइन आवेदन में जरूरी बदलावों के बाद, तारीख-21.09.2026 से शुरू होने की संभावना है।बीपीएससी टीआरई भर्ती प्रक्रिया में अलग-अलग स्कूल स्तर पर 32388 टीचिंग पद शामिल होंगे। कुल वैकेंसी में से, क्लास 1 से 5 के लिए 3,847 पोस्ट, क्लास 6 से 8 के लिए 8,563, क्लास 9 और 10 के लिए 3,877, और क्लास 11 और 12 के लिए 16,101 पोस्ट तय की गई हैं। विज्ञापन संख्या-14/2026, चतुर्थ चरण के विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा (TRE-4.0) के तहत विद्यालय अध्यापक के पदों पर नियुक्ति हेतु संशोधित विज्ञापन एवं ऑनलाइन आवेदन में आवश्यक संशोधनोपरान्त विद्यालय अध्यापक के पदों पर नियुक्ति हेतु आवेदन प्रक्रिया दिनांक-21.09.2026 से प्रारंभ होने… pic.twitter.com/5eEoBGjVBj— Bihar Public Service Commission (@BPSCOffice) September 1, 2026 राज्य भर के सरकारी स्कूलों में 32,388 टीचर पदों को भरने के उद्देश्य से बीपीएससी टीआरई 4.0 आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। इससे पहले, 31 अगस्त को, बीपीएससी ने टीआरई 4.0 के लिए आवेदन प्रक्रिया को टालने का ऐलान किया था। जबकि आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होने वाला था।आधिकारिक रिलीज में कहा गया था, शिक्षा विभाग, बिहार के अंतर्गत 1 सितंबर से शुरू होने वाले चौथे चरण के स्कूल शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4.0) के तहत स्कूल शिक्षकों के कुल 32,388 खाली पदों पर नियुक्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रोसेस में बदलाव की वजह से टाल दिए गए हैं। इस विज्ञापन से जुड़ी तारीख की घोषणा जल्द ही की जाएगी। शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक राज्य के ढेरों उम्मीदवार कई मुख्य मांगों को लेकर विरोध कर रहे थे। इसमें एग्जाम पैटर्न में बदलाव और नेगेटिव मार्किंग लागू करना शामिल था। विरोध कर रहे उम्मीदवारों से बातचीत के बाद, राज्य सरकार ने हाल ही में घोषणा की कि टीआरई 4.0 एक ही चरण में आयोजित किया जाएगा।टीआरई 4.0 की वैकेंसी बढ़ाई गईराज्य सरकार ने उम्मीदवारों की म्यूजिक टीचर के पदों की संख्या बढ़ाने की मांग के बाद, पदों की संख्या 111 बढ़ा दी।IBPS RRB Recruitment 2026: 13000 से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए आईबीपीएस ने जारी किया नोटिफिकेशन, आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन शुरू
Bihar no eating fish alert: नेपाल में हाल ही में आई प्रलयंकारी बाढ़ और लैंडस्लाइड के बाद इसका सीधा असर भारत के सीमावर्ती राज्य बिहार पर दिखाई दे रहा है। नेपाल की नदियों से बहकर विशालकाय और असामान्य वजन वाली मछलियां उत्तर बिहार की गंडक (Gandak River) ...
26 अगस्त को इलाके में आई भयानक बाढ़ से बच निकले एक वर्कर के मुताबिक, नेपाल के त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाला एक चीनी सुपरवाइज़र टनल के अंदर मिली अचानक चेतावनी की जांच करने के लिए बाहर गया था, लेकिन कभी वापस नहीं लौटा। टनल नंबर 3 से बच निकलने वाले कर्मचारियों में से एक, राज छेत्री ने बताया कि जब यह हादसा हुआ, तो अंदर करीब 265 लोग काम कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ज़बरदस्त बाढ़ आने से कुछ देर पहले ही कर्मचारियों को कुछ गड़बड़ होने का एहसास हो गया था। इसे भी पढ़ें: UNGA जाएंगे PM Balen Shah: विनाशकारी बाढ़ के लिए भारत-चीन से मांगा Climate Damages छेत्री ने बताया कि अचानक टनल के अंदर ज़ोरदार आवाज़ हुई, जिससे ऐसा माहौल बन गया जैसे कोई बहुत तेज़ तूफ़ान आ गया हो। उन्होंने तुरंत चीनी सुपरवाइज़र को आगाह किया और बाहर जाने की इजाज़त मांगी। छेत्री के मुताबिक, सुपरवाइज़र ने कर्मचारियों से काम जारी रखने को कहा और कहा कि वह बाहर जाकर देखेंगे कि क्या हो रहा है। इसके बाद सुपरवाइज़र टनल से बाहर चले गए और, जैसा कि छेत्री ने आरोप लगाया, वे कभी वापस नहीं लौटे। इसे भी पढ़ें: Nepal से Bihar पहुंची 'Viral Fish', खाने से खतरा! Health Alert जारी त्रिशूली टनल में आई आफ़त से मची तबाही छेत्री ने बताया कि कुछ देर बाद ही टनल के ऊपर से पानी और मलबे का ज़बरदस्त बहाव नीचे आने लगा। खतरा भांपते ही, वे और उनके साथी बचने के लिए टनल के एंट्री गेट की तरफ़ भागे। चार वर्कर उनके साथ एंट्री गेट तक पहुँच पाए, लेकिन छेत्री ने बताया कि उनमें से दो अभी भी लापता हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर खतरे का पता चलते ही वर्करों को बाहर निकलने का आदेश दिया गया होता, तो कई जानें बचाई जा सकती थीं। छेत्री ने बताया कि बाढ़ के बाद टनल के अंदर कई लाशें पड़ी थीं, जबकि बाहर मौजूद वर्करों को कुछ आवाज़ें भी सुनाई दे रही थीं, जिनसे लग रहा था कि कुछ लोग अभी भी ज़िंदा हैं। उन्होंने हालात को बेहद दुखद बताया और कहा कि जो लोग बच पाए, उनके सामने एक मुश्किल चुनाव था - या तो वे दूसरों को बचाने की कोशिश करते या फिर अपनी जान बचाते।
सिक्किम पर मंडराया GLOF का खतरा, 40 झीलें चिह्नित, 7 हाई रिस्क पर अलर्ट
नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने सिक्किम में 40 ऐसी ग्लेशियल झीलों की पहचान की है जिनसे बाढ़ का खतरा हो सकता है; इनमें से सात को ज़्यादा जोखिम वाली श्रेणी में रखा गया है। यह अलर्ट पड़ोसी देश नेपाल में ग्लेशियर से जुड़ी विनाशकारी बाढ़ के कुछ दिनों बाद जारी किया गया है, जिसमें 1,000 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई थी और हज़ारों लोग लापता हो गए थे। सिक्किम में पहचानी गई 40 खतरनाक झीलों में से 16 का वर्गीकरण किया गया है, जबकि 13 का वर्गीकरण अभी बाकी है। वर्गीकृत झीलों में से सात को ज़्यादा जोखिम वाला माना गया है। इसे भी पढ़ें: Nepal से Bihar पहुंची 'Viral Fish', खाने से खतरा! Health Alert जारी अधिकारियों ने बताया कि ज़्यादा जोखिम वाली 16 झीलों में से 13 का विस्तृत वैज्ञानिक मूल्यांकन किया गया है, और इनमें से ज़्यादातर झीलें लगभग 17,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित हैं। सिक्किम के साइंस और टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी संदीप ताम्बे ने बताया कि इन असेसमेंट में झील की गहराई, पानी की मात्रा, मोरेन की स्थिरता और एवलांच (बर्फ़ खिसकने) व लैंडस्लाइड (भूस्खलन) से होने वाले खतरों की जांच की गई। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood: भारत ने भेजी 5.5 टन दवाओं की पांचवीं खेप और बचाव दल सिक्किम ने सबसे ज़्यादा खतरे वाली कुछ झील प्रणालियों से होने वाले जोखिम को कम करने के लिए तीन बड़े उपाय सुझाए हैं। शाको चू (Shako Chu) में, जहाँ एक कमज़ोर टर्मिनल मोरेन के पीछे लगभग 27 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी जमा है, अधिकारियों ने झील के जलस्तर को 20 से 40 मीटर तक कम करने के लिए सोलर-पावर्ड पंपों का इस्तेमाल करने का प्रस्ताव दिया है। इस योजना से झील से लगभग 8 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी निकाला जाएगा, जिससे उस पानी की मात्रा कम हो जाएगी जो मोरेन के टूटने की स्थिति में नीचे की ओर बह सकता था। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
pc: kalinga tv बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) ने राज्य भर के सरकारी स्कूलों में 32,388 खाली टीचरों की भर्ती की घोषणा की है, एप्लीकेशन प्रोसेस 21 सितंबर से शुरू हो चुका है। यह भर्ती बिहार के एजुकेशन डिपार्टमेंट के तहत चौथा फेज़ है क्योंकि म्यूज़िक टीचर की खाली सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग की जा रही थी। खास टीचर की पोस्ट बढ़कर 111 हो गई है। पहले यह भर्ती 1 सितंबर को होनी थी, लेकिन बाद में यह घोषणा की गई कि भर्ती का एप्लीकेशन प्रोसेस टाल दिया जाएगा। भर्ती का एडवर्टाइजमेंट अभी जारी नहीं हुआ है, कहा जा रहा है कि यह जल्द ही आ जाएगा। एग्जाम पैटर्न में बदलाव और नेगेटिव मार्किंग शुरू करने जैसी कई खास मांगों को लेकर टीचर बनने के इच्छुक उम्मीदवारों के विरोध के कारण रजिस्ट्रेशन प्रोसेस टाल दिया गया था।
UNGA जाएंगे PM Balen Shah: विनाशकारी बाढ़ के लिए भारत-चीन से मांगा Climate Damages
नेपाल ने चीन, भारत और अमेरिका को दुनिया में ग्रीनहाउस गैसें सबसे ज़्यादा उत्सर्जित करने वाले देशों में शामिल किया है। साथ ही, उसने बागमती प्रांत के कई ज़िलों में भारी तबाही मचाने वाली भोटकोशी की हालिया जानलेवा बाढ़ के लिए जलवायु मुआवज़े की मांग की है। नेपाल-चीन सीमा के पास चट्टान और बर्फ़ के बड़े हिमस्खलन से आई इस बाढ़ में कम से कम 1,127 लोगों की मौत हो गई है और लगभग 3,900 लोग लापता हैं। काठमांडू इस मामले में इतना दृढ़ है कि वह मुआवज़े की मांग को ज़ोर-शोर से उठाने के लिए प्रधानमंत्री बालेन्द्र 'बालेन' शाह को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) भेजने की योजना बना रहा है। इसे भी पढ़ें: Nepal से Bihar पहुंची 'Viral Fish', खाने से खतरा! Health Alert जारी नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा कि तीनों देशों की यह ज़िम्मेदारी है कि वे उन कमज़ोर देशों को मुआवज़ा दें जो ऐसे उत्सर्जन का नतीजा भुगत रहे हैं, जिसमें उनका योगदान बहुत कम रहा है। काठमांडू ने तुरंत आर्थिक मदद के लिए UN के 'लॉस एंड डैमेज फंड' (नुकसान और क्षति से निपटने के लिए फंड) से औपचारिक रूप से संपर्क किया है। खबरों के मुताबिक, वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस आपदा और जलवायु न्याय की अपनी मांग को उठाने की तैयारी भी कर रहे हैं। कांतिपुर टीवी को दिए एक इंटरव्यू में खनाल ने कहा, हम अपने कूटनीतिक ढांचे को मदद से बदलकर न्याय और मुआवज़े की ओर ले जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Bihar के MP Devesh Thakur ने फडणवीस से मराठी में बात कर जीता दिल, Viral हुआ वीडियो हालांकि पश्चिमी देश कुल कार्बन उत्सर्जन के लिए भारत को दोषी ठहराना पसंद करते हैं, लेकिन विकसित देशों की तुलना में भारत का प्रति व्यक्ति और ऐतिहासिक योगदान बहुत कम है। 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी बेसिन में आई विनाशकारी बाढ़ ने नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग ज़िलों के कुछ हिस्सों को तबाह कर दिया। नेपाल ने इसे हिमालयी सुनामी कहा है; इसमें घर, सड़कें, पुल और पनबिजली परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं और हज़ारों लोग विस्थापित हो गए हैं। वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने पिछले हफ़्ते समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि बाढ़ से हुई तबाही की भरपाई के लिए नेपाल को शायद 4-5 अरब डॉलर की ज़रूरत पड़ सकती है, जो उसकी अर्थव्यवस्था का लगभग 10% है।

