भारतीय सेना भर्ती कार्यालय, गयाजी ने अग्निवीर भर्ती वर्ष 2026 के लिए कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन (CEE) की तिथियों की घोषणा कर दी है। दक्षिण बिहार के 11 जिलों से कुल 38,040 अभ्यर्थियों ने इस भर्ती प्रक्रिया में पंजीकरण कराया है। परीक्षा 01 जून 2026 से 15 जून 2026 तक विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। भर्ती कार्यालय के अनुसार, अग्निवीर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी 2026 से 10 अप्रैल 2026 तक संचालित की गई थी। इसमें कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय और जमुई जिले के युवाओं ने आवेदन किया। जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जाएगा एडमिट कार्ड कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन (CEE) के एडमिट कार्ड जल्द ही भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट Join Indian Army पर जारी किए जाएंगे। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा तिथि, केंद्र और अन्य आवश्यक सूचनाओं के लिए नियमित रूप से वेबसाइट देखते रहें। परीक्षा के संबंध में भर्ती कार्यालय ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। सभी अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा केंद्र पर एडमिट कार्ड की प्रिंटेड प्रति और एक वैध फोटो पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। इनके बिना किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। भर्ती कार्यालय ने अभ्यर्थियों से निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने का आग्रह किया है, ताकि सुरक्षा जांच और अन्य औपचारिकताओं में कोई परेशानी न हो। एडमिट कार्ड पर दिए गए सभी निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।
Fact Check: क्या बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा लड़कियों को शिक्षा की जरूरत नहीं? सच जानिए
बूम ने पाया कि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने Agitation शब्द का इस्तेमाल किया था जिसे एजुकेशन समझकर गलत दावा किया जा रहा है.
दरभंगा में 'लोरिक मेला महोत्सव 2026' का आयोजन किया जा रहा है। 12 मई से 15 मई तक भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग और जिला प्रशासन की ओर से भव्य सांस्कृतिक और मनोरंजक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जिसमें राज्य और राष्ट्रीय स्तर के चर्चित कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पीएचईडी विभाग को समरसेबल लगाने का निर्देश दिया है। महोत्सव में मिथिला की समृद्ध लोक संस्कृति, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत की विशेष झलक देखने को मिलेगी। मंत्री और जनप्रतिनिधि होंगे शामिल महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल शामिल होंगे। इसके अलावा बिहार सरकार के मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री मदन सहनी, पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री रामचंद्र प्रसाद, सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर, डॉ. अशोक कुमार यादव, शांभवी चौधरी, राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा सहित कई विधायक और एमएलसी को भी आमंत्रित किया गया है। धार्मिक अनुष्ठान और मनोरंजन की विशेष व्यवस्था महोत्सव में धार्मिक अनुष्ठान, रुद्र महायज्ञ, शिव कथा और रामलीला का मंचन भी किया जाएगा। वीर लोरिक ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष यादव ने बताया कि संस्थापक-सह-महंत रामदयाल दास के नेतृत्व में हर वर्ष की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए व्यापक तैयारियां की गई हैं। सुरक्षा, पेयजल, शौचालय, प्रसाद वितरण, भोजन, अतिथि स्वागत, निगरानी और दान-कोष सहित अलग-अलग विभाग बनाकर उनके विभागाध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। सभी विभागों में स्वयंसेवकों की टीम लगाई गई है, ताकि कार्यक्रम सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो सके। श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए रामलीला, मीना बाजार, डिस्को झूला, राम झूला और ड्रैगन झूला जैसी विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं। जिला प्रशासन ने आमजनों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर लोरिक मेला महोत्सव को सफल बनाने की अपील की है। इन कलाकारों की होगी प्रस्तुति 12 मई (मंगलवार) को मास्टर विकास, दीपिका ओझा, जूली झा, माधव राय, विनोद साजन सहित स्थानीय कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। 13 मई (बुधवार) को जितेंद्र सिंह, अंशु, शिवानी सिंह, आलोक भारती, प्रिया प्रशांत एवं अन्य कलाकार मंच पर अपनी प्रस्तुति देंगे। 14 मई (गुरुवार) को खुशी कक्कर, आर्यन, विकास झा, पायल ठाकुर सहित अन्य कलाकारों की ओर से रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 15 मई (शुक्रवार) को विशाल गगन, काव्यिक मूर्ति, रामबाबू झा, अंजु झा सहित अन्य कलाकारों की प्रस्तुति के साथ महोत्सव का समापन होगा।
पूर्णिया की बेटी लेसी सिंह ने पटना में भवन निर्माण विभाग के मंत्री के रूप में विधिवत प्रभार ग्रहण किया है। उन्होंने विश्वेश्वरैया भवन में अपना पदभार संभाला। इसके साथ ही, वह आठवीं बार बिहार की एकमात्र महिला मंत्री बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी हैं। पदभार ग्रहण करने के बाद मंत्री लेसी सिंह ने विभागीय पदाधिकारियों के साथ भवन निर्माण विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभाग की योजनाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनमुखी बनाने पर विमर्श किया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभागीय योजनाओं का लाभ आम लोगों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचे। उन्होंने विकास कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया। लेसी सिंह की इस उपलब्धि को पूर्णिया सहित पूरे सीमांचल क्षेत्र में सराहा जा रहा है। स्थानीय लोगों ने इसे जिले के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण बताया है।
परीक्षा माफिया की तलाश में रांची पुलिस का बिहार में छापा; कार्रवाई शुरू होते ही मास्टरमाइंड हुआ फरार
एसएससी जीडी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में धांधली की जांच तेज एसएससी जीडी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में धांधली करने वाले माफियाओं की तलाश में रांची पुलिस की एक टीम बिहार में छापेमारी कर रही है। पुलिस यहां पांच आरोपियों की तलाश में जुटी है। सभी आरोपी पटना, हाजीपुर और जहानाबाद के रहने वाले हैं। पुलिस टीम ने पटना और हाजीपुर में छापेमारी भी की, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। नौ मई को रांची के पिस्कामोड़ स्थित फ्यूचरिस्टिक ऑनलाइन परीक्षा केंद्र में परीक्षा के दौरान छह अभ्यर्थियों को पकड़ा गया था। जांच में पता चला कि उनके कंप्यूटर सिस्टम का रिमोट एक्सेस लेकर दूर बैठे सॉल्वर प्रश्नपत्र हल कर रहे थे। जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, सेंटर अधीक्षक राकेश कुमार मौके से फरार हो गया। फ्यूचरिस्टिक ऑनलाइन परीक्षा केंद्र के दस्तावेजों में इसका मालिक सौरव आनंद है, जो पटना का रहने वाला है। यह भी पता चला है कि वह सरकारी नौकरी में है। राकेश की गिरफ्तारी के बाद खुलेगा राज, किस शहर में बैठे हुए थे सॉल्वर रांची पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रश्नपत्र कहां से हल किए जा रहे थे। जांच में पता चला है कि सॉल्वर ने सेटिंग वाले अभ्यर्थियों के कंप्यूटर का रिमोट एक्सेस लिया था। पुलिस का मानना है कि राकेश की गिरफ्तारी के बाद ही यह खुलासा हो सकेगा कि सॉल्वर किस शहर में बैठकर पेपर सॉल्व कर रहे थे। अब तक इस मामले में अभ्यर्थी ऋषिकेश कुमार यादव, आर्यन कुमार, राहुल कुमार, रवि रंजन कुजूर, राजकुमार और अनु कुमारी को जेल भेजा जा चुका है। सभी बिहार के रहने वाले हैं।
तमिलनाडु में राहुल गांधी के DMK का साथ छोड़कर फिल्मी सितारे विजय से गठजोड़ करने की घटना ने बिहार के राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। RJD-कांग्रेस के गठबंधन को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। इस बीच 8 मई को तेजस्वी यादव ने साफ शब्दों में कहा- भाजपा को क्षेत्रीय दल ही टक्कर दे सकते हैं। अब सवाल है- क्या कांग्रेस तमिलनाडु वाला साहस बिहार में भी दिखाएगी। थालापति विजय के फ्रेंड प्रशांत किशोर से हाथ तो नहीं मिला लेगी। अगर ऐसा होता है तो 2029 से पहले बिहार की राजनीति का पूरा समीकरण बदल सकता है। इन्हीं सवालों का जवाब आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में...। सवाल-1ः तमिलनाडु में राहुल गांधी ने विजय के साथ गठबंधन कर क्या मैसेज दिया? जवाबः 4 मई को आए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के रिजल्ट के बाद कांग्रेस ने दशकों पुराने साथी DMK (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) का साथ छोड़ दिया। राहुल गांधी ने अपने पांचों विधायकों का समर्थन अभिनेता से नेता बने थालापति विजय को दे दिया। राहुल गांधी का DMK जैसे पुराने और भरोसेमंद सहयोगी को छोड़ना एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। TVK (तमिलगा वेट्टी कड़गम) के साथ जाने का राहुल गांधी का यह फैसला बता रहा है कि वह अब घिसे-पीटे नारों और मॉडल के आधार पर चल रही पार्टियों से अलग नए और बढ़ते हुए राजनीतिक चेहरों के साथ कदमताल करना चाहते हैं। राहुल गांधी शायद अब क्षेत्रीय क्षत्रपों के दबाव से मुक्त होकर नई, युवा और भविष्य की राजनीति की ओर देख रहे हैं। सवाल-2ः राहुल के इस फैसले का बिहार में क्या असर पड़ेगा? जवाबः बिहार में कांग्रेस और RJD (लालू-तेजस्वी) का रिश्ता बहुत पुराना है, लेकिन तमिलनाडु के फैसले का गहरा असर इस गठबंधन पर पड़ सकता है। बिहार कांग्रेस के नेता अलग होने का सुझाव दे चुके हैं सवाल-3ः कांग्रेस तेजस्वी का साथ क्यों छोड़ सकती है? जवाबः तेजस्वी का साथ छोड़ने के 3 बड़े कारण हैं… 1. सामाजिक न्याय का पुराना मॉडल फेल तेजस्वी यादव बीते 4-5 सालों में लगातार तमिलनाडु के सामाजिक न्याय के मॉडल को अपनाने की बातें करते रहे हैं। जातीय गणना से लेकर रिजर्वेशन का दायरा बढ़ाने की जमकर वकालत करते रहे हैं। अगस्त 2022 से जनवरी 2024 तक तेजस्वी यादव जब नीतीश सरकार में आए तो बिहार में जातीय गणना भी हुई। रिजर्वेशन का दायरा भी बढ़ा, हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया। इतने प्रयास के बावजूद 2025 विधानसभा चुनाव में महागठबंधन 35 सीटों पर सिमट गया। वहीं, तेजस्वी यादव जिस तमिलनाडु मॉडल को बिहार में लागू करने की बातें करते हैं, वह मॉडल उसी राज्य में फेल हो गया। साथी स्टालिन की पार्टी DMK सत्ता से बाहर हो गई। एक्टर विजय ने स्टालिन से अलग सामाजिक न्याय का नया मॉडल पेश किया, जिसे लोगों ने स्वीकार किया है। तमिलनाडु: क्यों फेल हुआ 'सामाजिक न्याय' का पुराना मॉडल? 2. नहीं बढ़ रहा कांग्रेस का वोट बैंक 3. भ्रष्टाचार और जंगलराज का नैरेटिव सवाल-4: क्या 2029 से पहले कांग्रेस प्रशांत किशोर के साथ जाएगी? जवाबः हां, संभावना मजबूत है। कांग्रेस बिहार में अपनी ताकत बढ़ाना चाहती है और RJD की छाया से दूर जाना चाहती है। विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद दिसंबर 2025 में प्रशांत किशोर की कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी से दो घंटे तक मुलाकात हुई थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशांत किशोर की प्रियंका गांधी से बिहार और देश में विपक्ष की राजनीति पर बातें हुईं थी। मुद्दों पर भी बातें हुईं थी। कांग्रेस जानती है कि प्रशांत किशोर रणनीतिकार हैं, जो कांग्रेस को नई ऊर्जा दे सकते हैं। चुनाव में कांग्रेस को लेकर सॉफ्ट थे प्रशांत किशोर क्यों प्रशांत किशोर के साथ आने की संभावना मजबूत सवाल-5: बिहार में सत्ता चाहिए तो तेजस्वी को क्या करना होगा? जवाबः तेजस्वी यादव अभी भी बिहार के सबसे मजबूत विपक्षी चेहरा हैं। 2025 के विधानसभा चुनाव में RJD को सबसे ज्यादा वोट शेयर (करीब 23%) मिला, लेकिन सीटें सिर्फ 25 आईं। अगर उन्हें 2030 या उससे पहले सत्ता चाहिए तो पुरानी रणनीति से बाहर निकलना पड़ेगा। उनको 3 काम करने होंगे… 1. MY इक्वेशन से आगे निकलकर ब्रॉड कोएलिशन बनाना 2. जंगलराज के नैरेटिव को विकास की पॉलिटिक्स से खत्म करना होगा 3. मजबूत संगठन करना होगा
पटना के होटल मौर्या में आयोजित एक कार्यक्रम में खेल मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह ने ISPL से संबद्ध बिहार टी10 लीग का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य बिहार की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है। इस अवसर पर सांसद और प्रसिद्ध कलाकार श्री मनोज तिवारी भी विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि बिहार के खिलाड़ी आज विश्वभर में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि राज्य में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, उन्हें केवल उचित मंच और संसाधन उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। जनता की सेवा करने का अवसर मिलता रहाउन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 2036 ओलंपिक की मेजबानी के संकल्प का उल्लेख किया। श्रेयसी सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि उन्हें जनता की सेवा करने का अवसर मिलता रहा, तो वह सुनिश्चित करेंगी कि 2036 ओलंपिक के कुछ महत्वपूर्ण आयोजन बिहार में हों, और उस ओलंपिक में अधिकांश खिलाड़ी बिहार से ही होंगे। खेल मंत्री ने पारंपरिक सोच “पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे बनोगे खराब” का जिक्र करते हुए कहा कि अब समय बदल गया है। आज खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि सम्मान, करियर और राष्ट्र निर्माण का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। आधुनिक खेल अवसंरचनाओं का भी निर्माण किया जाएगाउन्होंने बताया कि राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की तर्ज पर राज्य में अन्य आधुनिक खेल अवसंरचनाओं का भी निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही, इन परिसंपत्तियों के बेहतर रख-रखाव के लिए राज्य सरकार एक मेंटेनेंस पॉलिसी तैयार कर रही है, ताकि खिलाड़ियों को लंबे समय तक विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें। सुश्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने बिहार में खेल और खिलाड़ियों को जो सम्मान दिया है, उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में भी खिलाड़ियों को हर संभव सहयोग और सम्मान प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर खेल जगत से जुड़े कई गणमान्य व्यक्ति, खिलाड़ी और खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
मुजफ्फरपुर न्यायमंडल ने राष्ट्रीय लोक अदालत में इस बार नया रिकॉर्ड कायम किया है। खासकर ट्रैफिक चालान मामलों के निष्पादन में जिला पूरे बिहार में अव्वल रहा। लोक अदालत के दौरान जिले में 9415 ट्रैफिक चालान मामलों का निपटारा किया गया। वहीं, वाद पूर्व और न्यायालयों में लंबित मामलों को मिलाकर कुल 16,190 मामलों का निष्पादन हुआ, जो पूरे बिहार में सबसे अधिक है। इस उपलब्धि पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार श्वेता कुमारी सिंह ने सभी न्यायिक अधिकारियों और सहयोगी विभागों को बधाई दी है। 2 दिनों तक चले ट्रैफिक चालान निपटारे की तस्वीरें… अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव तेज कुमार प्रसाद ने बताया कि 9 मई को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली के तत्वावधान में वर्ष की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया था। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए काफी पहले से तैयारी शुरू कर दी गई थी। विभिन्न विभागों के साथ लगातार समन्वय बैठकें आयोजित की गईं और न्यायिक पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। 6057 मामलों का निपटारा सामूहिक प्रयास का परिणाम रहा कि मुजफ्फरपुर ने मामलों के निष्पादन में पूरे बिहार में पहला स्थान हासिल किया। न्यायालयों में लंबित 6057 मामलों का निपटारा किया गया, जबकि ट्रैफिक चालान मामलों के निष्पादन में भी जिले ने राज्यभर में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय लोक अदालत के जरिए लोगों को त्वरित और सुलभ न्याय दिलाने के साथ-साथ सरकार को भी बड़ा राजस्व प्राप्त हुआ। विभिन्न मामलों के निष्पादन से करीब 13 करोड़ 97 हजार 871 रुपए की राशि राजस्व के रूप में जमा हुई है। इस उपलब्धि को लेकर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार सुश्री श्वेता कुमारी सिंह और सचिव तेज कुमार प्रसाद ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और अन्य विभागों के सहयोग की सराहना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भी मुजफ्फरपुर न्यायमंडल इसी तरह बेहतर प्रदर्शन करते हुए अधिक से अधिक मामलों का सौहार्दपूर्ण निष्पादन करेगा।
नमस्कार आज की सबसे बड़ी खबर पटना से है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पुलिस को कोई अपराधी चैलेंज करता है तो 48 घंटे में जवाब दें। बंगाल के सीएम सुवेंदु के PA हत्याकांड में STF ने बक्सर से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। नवादा में थाने के बाहर चौकीदार की हत्या कर दी गई। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, बिहार दिनभर में क्या कुछ खास रहा... टॉप 10 खबरें… 1. बंगाल CM सुवेंदु के PA हत्याकांड का बिहार कनेक्शन पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) हत्याकांड की जांच अब बिहार तक पहुंच गई है। मामले में बंगाल STF ने बक्सर से दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी को अयोध्या से पकड़ा गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को नॉर्थ 24 परगना के बारासात कोर्ट में पेश किया, जहां से अदालत ने उन्हें 13 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच के सिलसिले में बंगाल STF की टीम ने रविवार रात बक्सर के तीन थाना क्षेत्रों में छापेमारी की। पूरी खबर पढ़ें 2. CM बोले- चैलेंज करने वाले अपराधियों को 48 घंटे में जवाब दें CM सम्राट ने सोमवार को मंदिरी नाले पर बनी सड़क का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पुलिस को कोई चैलेंज करता है तो 48 घंटे में जवाब देंगे। कोई अपराधी बच नहीं सकता। हमें सुशासन चाहिए। इंडस्ट्री को लाना है तो सुशासन जरूरी है। कौन अपराधी है, किस जाति का है हमें फर्क नहीं पड़ता। हमें हर कीमत पर सुशासन चाहिए। नीतीश जी और मोदी जी के आशीर्वाद से देश के साथ बिहार भी आर्थिक रूप से मजबूत होगा। पूरी खबर पढ़ें 3. लव-मैरिज करने पर जिंदा बेटी का अंतिम संस्कार मुजफ्फरपुर में एक परिवार ने अपनी जिंदा बेटी को मृत मानकर उसका अंतिम संस्कार किया। इसके लिए युवती का पुतला बनाया गया, अर्थी सजाई गई। चार लोगों ने कंधा देकर अर्थी को श्मशान घाट पहुंचाया, जहां पूरे हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया गया। मामला जिले के मड़वन प्रखंड के जियन खुर्द गांव का है। दरअसल, गांव की युवती ने लव मैरिज की है। जिसके बाद पंचायत ने परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया। पूरी खबर पढ़ें 4. थाने के बाहर चौकीदार का मर्डर, चाकू से पेट गोद डाला नवादा में पुलिस थाने के बाहर चौकीदार का मर्डर कर दिया गया है। मृतक की पहचान जितेन्द्र पासवान के रूप में हुई है। रविवार की रात बदमाश ने जितेन्द्र के पेट में कई बार चाकू से वार किया। गंभीर हालत में जितेन्द्र को पीएमसीएच लाया गया, लेकिन इलाज क दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। वारदात को अंजाम धमौल थाना के बाहर दिया गया। मृतक की पत्नी रेणु देवी ने आरोप लगाया कि इस घटना में आनंदी यादव के बेटे रामपत यादव (22) और कुछ अन्य अज्ञात अपराधी शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें 5. ट्रेन से फिसली महिला, RPF कॉन्स्टेबल ने बचाई जान कटिहार रेलवे स्टेशन पर रविवार शाम एक बड़ा हादसा टल गया। चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश में एक महिला यात्री का पैर फिसल गया था, लेकिन ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ कॉन्स्टेबल अमित कुमार ने तत्परता दिखाते हुए उसकी जान बचा ली। यह पूरी घटना प्लेटफॉर्म पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पूरी खबर पढ़ें 6. गोपालगंज में कपल को पकड़ा, शादी करवाई गोपालगंज के भोरे थाना क्षेत्र में ग्रामीणों ने एक प्रेमी जोड़े को नहर किनारे पकड़ने के बाद पहले उनकी पिटाई की, फिर घंटों चले हंगामे और पंचायत के बाद बीच सड़क पर ही दोनों की शादी करा दी। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना बनकटा जगधारी गांव स्थित नहर के पास की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार महरादेउर गांव का एक युवक और बनकटा जागीरदारी गांव की युवती चोरी-छिपे मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान ग्रामीणों ने दोनों को पकड़ लिया और जबरन शादी करवा दी। पूरी खबर पढ़ें 7. एग्जाम देने आए स्टूडेंट का कॉलेज में मर्डर मोतिहारी में सोमवार को दिनदहाड़े एक छात्र की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान रितेश यादव (25) के रूप में हुई है, जो कल्याणपुर थाना क्षेत्र के देवपुर परसा गांव का रहने वाला था। रितेश एक यूट्यूबर भी था। परिजनों के मुताबिक, सोमवार को वह कोटवा कॉलेज में BA पार्ट-3 की परीक्षा देने पहुंचा था। परीक्षा खत्म होने के बाद सरोज नामक युवक ने कॉलेज परिसर में ही रितेश की गर्दन, पीठ और जांघ पर चाकू से कई वार किए। पूरी खबर पढ़ें 8. मरीन ड्राइव से गंगा नदी में लुढ़की कार, गाड़ी धोते समय हादसा पटना के दीघा थाना क्षेत्र स्थित पाटीपुल घाट पर रविवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। घाट पर धोने के लिए खड़ी की गई एक कार अचानक लुढ़ककर गंगा नदी में समा गई। घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। जानकारी के अनुसार, वाहन मालिक सुबह-सुबह अपनी स्कॉर्पियो लेकर घाट पर पहुंचा था। वह घाट पर गाड़ी खड़ी करके साफ करने के लिए पानी डाल रहा था। इसी दौरान फिसलन की वजह से वाहन धीरे-धीरे घाट की ओर खिसकने लगा। पूरी खबर पढ़ें 9. SBI सैलून वायरल, पैसे निकालने पहुंचे लोग कन्फ्यूज दानापुर में एक अनोखा नजारा लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां एक पूर्व एटीएम परिसर में अब नाई की दुकान संचालित हो रही है, जहां लोग पैसे निकालने की बजाय बाल और दाढ़ी बनवाने पहुंच रहे हैं। बाहर अभी भी भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) एटीएम का बोर्ड लगा हुआ है। जानकारी के अनुसार, यह स्थान पहले एसबीआई के एटीएम के रूप में कार्य करता था। किसी कारणवश एटीएम मशीन हटा दी गई, लेकिन उसका पूरा बाहरी ढांचा और बोर्ड वहीं छोड़ दिया गया। पूरी खबर पढ़ें 10. बिहार के सभी जिलों में आंधी बारिश का अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र ने कल यानी मंगलवार को बिहार के सभी 38 जिलों में आंधी-बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। इनमें 19 जिलों में ऑरेंज और 19 में यलो अलर्ट है। मौसम विज्ञान केंद्र की माने तो एक सप्ताह बाद मौसम सामान्य होगा।
बिहार सरकार ने आम लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं को जल्दी सुलझाने के लिए बड़ी पहल की है।सरकार ने सोमवार को सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100 और सहयोग पोर्टल का शुभारंभ किया। अब राज्य का कोई भी नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगा और सरकार का दावा है कि 30 दिनों के अंदर उसका समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद भवन में इसका उद्घाटन किया। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, विजेंद्र प्रसाद यादव समेत कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। सरकार के अनुसार, अब लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सड़क, बिजली, पानी, राशन, पेंशन, जमीन, सरकारी योजना या किसी विभाग से जुड़ी शिकायत सीधे सहयोग पोर्टल पर दर्ज की जा सकेगी। हेल्पलाइन सुबह 8 से शाम 8 बजे तक काम करेगी इसके अलावा 1100 नंबर पर कॉल करके भी लोग अपनी समस्या बता सकेंगे। यह हेल्पलाइन सुबह 8 से शाम 8 बजे तक काम करेगी। सरकार ने यह भी घोषणा की है कि हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को “सहयोग शिविर” लगाया जाएगा। इन शिविरों में अधिकारी मौके पर लोगों की शिकायत सुनेंगे और समाधान की कोशिश करेंगे। खास बात यह है कि शिकायत दर्ज होने के बाद 30 दिनों के अंदर उसका निपटारा करना अनिवार्य होगा।शिकायत का समाधान होने के बाद आवेदक को लिखित जानकारी भी दी जाएगी। सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य आम लोगों को तेज, आसान और पारदर्शी सरकारी सेवा देना है, ताकि लोगों की परेशानी कम हो और उन्हें समय पर न्याय मिल सके। ऐसे दर्ज कर सकेंगे अपनी शिकायत सबसे पहले मोबाइल या कंप्यूटर में sahyog.bihar.gov.in वेबसाइट खोलनी होगी, वेबसाइट पर जाकर अपना नाम, मोबाइल नंबर और जरूरी जानकारी भरनी होगी, इसके बाद जिस विभाग से शिकायत है, उसे चुनना होगा फिर अपनी समस्या लिखकर जरूरी दस्तावेज या फोटो अपलोड कर सकते हैं। शिकायत जमा करते ही एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा, इसी नंबर से लोग अपनी शिकायत का स्टेटस ऑनलाइन देख सकेंगे। हेल्पलाइन से भी कर सकेंगे शिकायत जिन लोगों को ऑनलाइन आवेदन करने में परेशानी होगी, वे 1100 नंबर पर कॉल कर सकेंगे। हेल्पलाइन सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक काम करेगी। कॉल पर अधिकारी शिकायत दर्ज करेंगे और जानकारी देंगे। 30 दिन के अंदर होगा समाधान सरकार के अनुसार शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग को भेजा जाएगा। 30 दिनों के अंदर समस्या का समाधान करना अनिवार्य होगा। शिकायत के निपटारे के बाद आवेदक को सूचना भी दी जाएगी। हर महीने लगेगा ‘सहयोग शिविर। हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को “सहयोग शिविर” लगाया जाएगा। शिविर में लोग सीधे अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रख सकेंगे। मौके पर ही समाधान की कोशिश की जाएगी।
बोकारो में 47 किलो गांजा बरामद:नया मोड़ बस स्टैंड से जब्त, बस से बिहार भेजने की थी तैयारी
बोकारो पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नया मोड़ बस स्टैंड से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर लगभग 47 किलोग्राम गांजा जब्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत 5 से 6 लाख रुपए है। इस मामले में शामिल तस्करों की तलाश जारी है। जानकारी के अनुसार, 9 मई की शाम पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा को सूचना मिली थी कि बीएस सिटी थाना क्षेत्र स्थित नया मोड़ बस स्टैंड से बस के जरिए गांजे की एक बड़ी खेप बिहार भेजी जाने वाली है। विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया सूचना मिलते ही एसपी के निर्देश पर सिटी डीएसपी आलोक रंजन के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। टीम ने नया मोड़ बस स्टैंड स्थित पवनसुत बस पड़ाव के चबूतरे पर संदिग्ध अवस्था में रखे दो प्लास्टिक के बोरों की तलाशी ली। सिटी डीएसपी आलोक रंजन ने बताया कि जांच के दौरान दोनों बोरों से 47 पैकेट में बंधा लगभग 47 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, तस्कर इसे बस के माध्यम से बिहार भेजने की तैयारी में थे। इस मामले में बीएस सिटी थाना में कांड संख्या 89/26 दर्ज करते हुए एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(b)(ii)(C) के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान दो संदिग्ध तस्करों के नाम सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
यूपी के वाराणसी में गया के युवक की ट्रेन में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। मृतक की पहचान दिनेश शाह के रूप में हुई है। दिनेश जम्मू तवी एक्सप्रेस से सफर कर रहे थे। रविवार रात 2 बजे बाथरूम से निकलते ही बदमाशों ने उसके सिर में गोली मार दी। गोली की आवाज सुनते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। यात्रियों ने तुरंत रेलवे पुलिस को सूचना दी। इसी बीच ट्रेन की रफ्तार धीमी हुई और हमलावर ट्रेन से कूदकर फरार हो गए। घटना मुगलसराय रेलवे स्टेशन से करीब 3 किमी पहले ब्लॉक हट-बी के पास हुई। मृतक दिनेश शाह (42) बिहार के गया जिले के रहने वाले थे। वह परिवार के साथ सीतापुर के नैमिषारण्य जा रहे थे। अब जानिए पूरा मामला यात्री के पास 15 हजार रुपए मिले, पत्नी के जेवर सुरक्षितपुलिस ने बताया कि दिनेश शाह के पास करीब 15 हजार रुपये नकद मिले हैं। उनकी पत्नी के जेवर सुरक्षित हैं। घटना के बाद रेलवे पुलिस की एक टीम ट्रेन के साथ आगे गई है, ताकि यात्रियों से पूछताछ कर हमलावरों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। वहीं दूसरी टीम दिनेश शाह के गांव भेजी गई है, जहां परिजनों से पूछताछ की जाएगी। रविवार को पैसेंजर ट्रेन में हुई थी हत्यासकलडीहा के सीओ कृष्णमुरारी शर्मा ने बताया कि गाजीपुर के रहने वाले मंगरू 26 अप्रैल को कर्नाटक गए थे। वहां से 8 मई को वह ट्रेन से घर जमानियां के लिए निकले थे। वह पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से दिलदारनगर होते हुए ताड़ीघाट जा रही पैसेंजर ट्रेन में सवार थे। रविवार सुबह बदमाशों ने उनकी कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मार दी। हत्या के बाद आरोपी बैग लेकर सकलडीहा रेलवे स्टेशन से पहले ट्रेन से उतरकर फरार हो गए। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें भास्कर एक्सक्लूसिव- 100 करोड़ की जमीन विवाद में अफसर की हत्या:डिप्टी चेयरमैन का पति चाहता था टेंडर, BJP चेयरमैन से बोला-क्या तुम ही राज करोगे, गोली चलाने लगा नगर परिषद के चेयरमैन राजकुमार गुड्डू के दफ्तर में तालाब और नगर परिषद एरिया में लगने वाले होर्ल्डिंग को लेकर बोली लग रही थी। इसको लेकर चेयरमैन के दफ्तर में 12 से 15 लोग थे। इसी दौरान सफेद शर्ट, खाकी रंग के हाफ पैंट में हरे रंग का झोला लिए नगर परिषद के उपसभापति का पति रामधनी यादव अपने दो साथियों के साथ घुसता है। राजकुमार गुड्डू के दफ्तर में घुसते ही हाफ पैंट पहने रामधनी यादव अपने झोला से कट्टा निकालता है। राजकुमार गुड्डू को धमकाते हुए कहता है कि सुल्तानगंज में सिर्फ तुम ही राज करोगे क्या। फिर कुछ कहता है और फायरिंग शुरू कर देता है। पूरी खबर पढ़ें
अंबिकापुर के कमोदा बिहार रिसॉर्ट में करीब 45 डिसमिल सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को प्रशासन ने हटा दिया है। सोमवार सुबह बुलडोजर लेकर पहुंची प्रशासनिक टीम ने विरोध के बीच कार्रवाई करते हुए बेजा कब्जा कर बनाए गए शेड और बाउंड्री को तोड़ दिया। कमोदा बिहार रिसार्ट से लगी सरकारी जमीन पर संचालक ने कब्जा कर शेड और बाउंड्री का निर्माण कराया था। जिसका वो इस्तेमाल कर रहे थे। नापजोख में 45 डिसमिल जमीन पर बेजा कब्जा पाया गया। शनिवार को प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करते हुए संचालकों ने दो दिन की मोहलत मांगी थी। हंगामे के बाद टीम लौट गई थी। सुबह 6 बजे शुरू हुई कार्रवाई, 4 घंटे में हटाया कब्जा प्रशासनिक टीम और पुलिस की टीम सोमवार सुबह 5.30 बजे ही कार्रवाई के लिए पहुंची। एसडीएम वन सिंह नेताम ने बताया कि, शनिवार को सरकारी जमीन की मार्किंग पूरी कर ली गई थी। संचालकों ने दो दिनों का समय कब्जा हटाने के लिए मांगा था, लेकिन उन्होंने खुद कब्जा नहीं हटाया। प्रशासनिक टीम ने बुलडोजर चलाकर कमोदा रिसार्ट के बड़े शेड को तोड़ दिया। इसके साथ ही दूसरे व्यक्ति द्वारा कब्जा कर बनाए गए कमरों को भी प्रशासनिक टीम ने तोड़कर कब्जा हटा दिया है। करीब 65 डिसमिल जमीन से अवैध कब्जा हटा दिया गया है। कब्जा हटाने के दौरान संचालकों ने फिर से प्रशासनिक टीम से विवाद की कोशिश की, लेकिन इस बार प्रशासनिक टीम पूरी तैयारी से पहुंची थी और उसने संचालकों की नहीं सुनीं। प्रशासनिक टीम ने करीब चार घंटे में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी की और मलबों को भी हटाया जा रहा है। सरकारी इस्तेमाल में लाई जाएगी जमीन- एसडीएम एसडीएम वन सिंह नेताम ने बताया कि, उक्त सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का मामला अंबिकापुर तहसीलदार न्यायालय में चला। जांच में अतिक्रमण सही पाया गया। इसके बाद धारा 248 के तहत रिसॉर्ट संचालक को बेदखली का नोटिस जारी किया गया था। साथ ही दो दिन पहले ही उसे कब्जा हटाने के लिए भी नोटिस दिया गया था। शनिवार को मार्किंग की कार्रवाई पूरी नहीं होने के कारण कार्रवाई रोकी गई थी। मार्किंग पूरी हो जाने के बाद आज कार्रवाई पूरी की गई। एसडीएम ने कहा कि सरकारी जमीन पर दोबारा कब्जा न हो, इसके लिए उक्त जमीन को सरकारी इस्तेमाल में लाया जाएगा। यहां आंगनबाड़ी सहित दूसरे सरकारी उपयोग के लिए जमीन को आबंटित की जाएगी। पुनर्वास की जमीन पर रिसार्ट कमोदा रिसॉर्ट पुनर्वास की जमीन पर बना हुआ है। इसके एक भू-स्वामी दीपक राय ने गलत तरीके से जमीन की रजिस्ट्री कराने की भी शिकायत कलेक्टर सरगुजा से की है। इसकी भी जांच की जा रही है। जांच में रिसार्ट और उसका लान सहित अधिकांश हिस्सा रजिस्ट्री की जमीन पर संचालित पाई गई है। शेड और वाउंड्री के जिस हिस्से में अतिक्रमण मिला है, उसे हटाया गया है।
हरियाणा से सरगना ने बिहार के सॉल्वर गैंग से किया संपर्क, आईटी मैनेजर ने सेंटर मालिक से की थी डील
पिस्का मोड़ स्थित फ्यूचरिस्टिक ऑनलाइन परीक्षा केंद्र पर एसएससी जीडी कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल करते हुए पकड़े गए छह अभ्यर्थियों को रविवार को जेल भेज दिया गया। जेल भेजे गए अभ्यर्थियों में ऋषिकेश कुमार यादव, आर्यन कुमार, राहुल कुमार, रवि रंजन कुजूर, राजकुमार और अनु कुमारी शामिल हैं। पुलिस जांच में इस बात की जानकारी मिली है कि हरियाणा के खरखौदा इलाके में बैठे सरगना दीपक शर्मा ने बिहार स्थित नालंदा के सॉल्वर गैंग से संपर्क किया। इसके बाद गैंग के सक्रिय सदस्य रमेश के माध्यम से फ्यूचरिस्टिक ऑनलाइन परीक्षा केंद्र को मैनेज करने का खेल शुरू हुआ। रमेश ने पहले सेंटर के आईटी मैनेजर सुजीत कुमार यादव से संपर्क साधा। मनचाहा पैसा दिए जाने का ऑफर मिलते ही सुजीत ने सेंटर अधीक्षक राकेश कुमार और इलेक्ट्रिशियन सोनू के माध्यम से सेंटर मालिक सौरभ आनंद को सिंडिकेट में शामिल किया। पैसे के बल पर सेंटर का मालिक सौरभ भी सॉल्वर गैंग को सहयोग करने के लिए तैयार हो गया।पूरी प्लानिंग के तहत सेंटर के सर्वर रूम में एक अतिरिक्त कम्प्यूटर लगाया गया, जिसे इंटरनेट के सहारे मास्टर कम्प्यूटर से जोड़ा गया। सॉल्वर गैंग में शामिल सदस्यों के इशारे पर सेंटर में चिह्नित कम्प्यूटर का रिमोट एक्सेस दिया गया। रिमोट एक्सेस से बाहर में बैठा सॉल्वर गैंग का सदस्य प्रश्न को हल कर रहा था। संदेह होने पर सेंटर से एक महिला समेत 6 अभ्यर्थियों को पकड़ा गया। एसएससी जीडी के लिए सीबीटी परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी अभी से ही शारीरिक परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं। अभ्यर्थी प्रतिदिन ग्राउंड पहुंच कर प्रैक्टिस कर रहे हैं। शॉल्वर गैंग के सदस्यों को भी इस बात की जानकारी है। ऐसे में सीबीटी परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को टारगेट करने के लिए गैंग का सदस्य ग्राउंड के आसपास सक्रिय हो गया। ग्राउंड में ही पहले वह सामान्य व्यक्ति बनकर अभ्यर्थी से दोस्ती करता है और फिर पूरी जानकारी लेने के बाद शारीरिक मेहनत बेकार नहीं जाने की दुहाई देते हुए सीबीटी परीक्षा पास कराने का विश्वास दिलाता है। अभ्यर्थी भी गैंग के झांसे में आकर तैयार हो जाते हैं, जिसके बाद 10 से 13 लाख में डील फाइनल की जाती है। जेल भेजे गए आर्यन कुमार ने यह जानकारी पुलिस को दी है। गिरोह का खुलासा जल्द इंटरनेट और लैन से कनेक्ट कर सेंटर के सर्वर रूम में एक अतिरिक्त कम्प्यूटर लगा रखा था। चिह्नित अभ्यर्थियों के सिस्टम को मास्टर कम्प्यूटर से कनेक्ट कर सॉल्वर गैंग के पास रिमोट एक्सेस दे रखा था। सेंटर के सीसीटीवी व मास्टर कम्प्यूटर समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए हैं। परीक्षा संचालित करने वाली एजेंसी के साथ मिलकर टेक्निकल टीम जांच कर रही है। जल्द ही गिरोह का भंडाफोड़ होगा। - पारस राणा, सिटी एसपी
गोपालगंज में पुलिस ने उत्तर प्रदेश से बिहार लाई जा रही देसी शराब की एक बड़ी खेप बरामद की है। यह शराब बाइक की डिक्की में छिपाकर लाई जा रही थी। वाहन जांच के दौरान कुचायकोट थाना क्षेत्र के कोटनरहवा गांव के पास एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार तस्कर की पहचान उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के गौरी इब्राहीम गांव निवासी 26 वर्षीय अनिल कुशवाहा के रूप में हुई है। उत्पाद पुलिस टीम यूपी-बिहार सीमावर्ती क्षेत्र में सघन वाहन जांच अभियान चला रही थी, तभी यह कार्रवाई की गई। पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कीजांच के दौरान, उत्तर प्रदेश की दिशा से आ रहे एक संदिग्ध बाइक सवार को देखा गया। पुलिस को देखकर चालक ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उसे चारों तरफ से घेरकर रोक लिया। शुरुआती जांच में बाइक सामान्य लग रही थी और चालक ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। हालांकि, जब पुलिस ने बाइक की डिक्की और सीटों के नीचे बने गुप्त तहखानों की तलाशी ली, तो उसमें देसी शराब के सैकड़ों पाउच बड़ी चालाकी से छिपाकर रखे मिले। उत्तर प्रदेश से सटे इलाकों पर पैनी नजर रखी जा रहीपुलिस ने तत्काल शराब जब्त कर ली और बाइक को अपने कब्जे में ले लिया। बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के कारण तस्कर अब तस्करी के लिए नए और अनोखे तरीके अपना रहे हैं, जिसमें दोपहिया वाहनों का उपयोग बढ़ गया है। पकड़े गए तस्कर के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि उत्तर प्रदेश से सटे इलाकों पर पैनी नजर रखी जा रही है और अवैध शराब की आवक को रोकने के लिए सीसीटीवी की मदद भी ली जा रही है।
अगर कहा जाए कि बिहार में डिप्टी सीएम का पद खत्म हो गया है। प्रदेश में सिर्फ मुख्यमंत्री हैं और मंत्री हैं तो शायद आप चौक जाएंगे। ये हम नहीं सरकारी दस्तावेज बता रहे हैं कि सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री और बाकी 34 मंत्री हैं। डिप्टी सीएम का दर्जा किसी के पास नहीं है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या भाजपा की सरकार ने जदयू के दोनों उप मुख्यमंत्री से उनका पद छीन लिया है। दरअसल, 7 मई को सम्राट कैबिनेट का विस्तार हुआ और मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग की जारी अधिसूचना में मुख्यमंत्री के साथ मंत्रियों के विभाग तो बताए गए, लेकिन विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव के नाम के आगे “उप मुख्यमंत्री” नहीं लिखा गया। इधर, रविवार सुबह जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, सीनियर लीडर ललन सिंह, लेसी सिंह और अशोक चौधरी नीतीश कुमार से मिलने 7 सर्कुलर रोड पहुंचे। जहां मंत्रियों के कामकाज को लेकर चर्चा हुई। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में जानिए ये पूरा मामला क्या है। किन-किन पॉइंट पर गड़बड़ी हुई। गवर्नर हाउस से लेकर कैबिनेट सचिवालय तक कैसे चुक हुई। 22 दिनों में डिप्टी सीएम का पद छीना क्या सम्राट चौधरी की सरकार ने क्या दोनों उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव से उप मुख्यमंत्री का पद हटा दिया। कैबिनेट सचिवालय का 15 अप्रैल 2025 का नोटिफिकेशन की माने तो विजय चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को उप मुख्यमंत्री का पद दिया गया था। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग का नोटिफिकेशन संख्या 01/2026 387 पटना-15, दिनांक 15 अप्रैल 2026 में स्पष्ट लिखा गया है कि सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री हैं। विजय चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव उप मुख्यमंत्री हैं। अब इस तारीख को जानिए--- 15 अप्रैल 2025- बिहार के राज्यपाल ने सम्राट चौधरी सरकार की शपथ दिलाई थी।बिहार में ड्राइविंग सीट पर बैठी बीजेपी सरकार में सिर्फ तीन नेताओं को मंत्री पद की गोपनीयता की शपथ दिलाई गई थी। सम्राट चौधरी को बतौर सीएम, विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव को बतौर डिप्यूटी सीएम कैबिनेट में शामिल कराया गया था। तब यह काफी छोटा मंत्रिमंडल था। बंगाल चुनाव की वजह से अन्य मंत्री को शपथ नहीं दिलाई गई। अब जानिए नए नोटिफिकेशन में क्या है 7 मई 2026- सम्राट चौधरी के CM बनने के 22 दिन बाद गुरुवार को कैबिनेट का विस्तार किया गया। मेगा इवेंट में नीतीश के बेटे निशांत कुमार समेत 32 मंत्री सम्राट कैबिनेट में शामिल हुए। नई कैबिनेट में बीजेपी से 15, जेडीयू से 13, LJP(R)-2, HAM और RLM से एक-एक मंत्री हैं। 25 मिनट चले इस कार्यक्रम में एक साथ 5-5 विधायकों ने शपथ ली थी। निशांत कुमार पहली बार मंत्री बने हैं। वो फिलहाल किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। वहीं उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश फिर से मंत्री बने हैं, वो न फिलहाल MLA हैं, न MLC। समारोह में PM मोदी भी मौजूद रहे। सम्राट चौधरी के मंत्रिपरिषद जंबो-जेट वाला बन गया। इसमें सीएम समेत कुल कुल 35 नेता शामिल हुए। कैबिनेट की अधिकत्तम सीमा 36 से एक मात्र कम संख्या रखी गई। बिहार में डिप्टी सीएम की कुर्सी नहीं? बिहार सरकार के कैबिनेट सचिवालय के सर्कूलर की माने तो यहां कोई उप मुख्यमंत्री नहीं है। राज्य सरकार का आदेश कहता है कि विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव बाकी मंत्रियों की तरह केवल मंत्री हैं। इ्न्हें कोई विशिष्ट पद (उपमुख्यंत्री) नहीं दिए गए हैं। अधिसूचना में पहले नंबर पर सम्राट चौधरी का नाम है। नाम के बाद मुख्यमंत्री लिखा गया है। दूसरे कॉलम मे उन्हें दिए गए विभाग को दर्शाया गया है। दूसरे नंबर पर विजय चौधरी का नाम है। लेकिन इनके नाम के बाद उप मुख्यमंत्री नहीं लिखा गया। तीसरे क्रम संख्या में बिजेंद्र प्रसाद यादव का नाम हैं। इनके साथ भी वहीं हुआ जो विजय चौधरी के साथ हुआ। विजेंद्र प्रसाद यादव नाम के बाद उप मुख्यमंत्री नही लिखा गया। अब नीतीश सरकार में जारी अधिसूचना को जानिए तारीख 21 नवंबर 2025 को मंत्रिमंडल संचिवालय ने अधिसूचना जारी की थी। जिसमें स्पष्ट तौर पर लिखा गया था कि मुख्यमंत्री कौन हैं और उप मुख्यमंत्री कौन-कौन रहेंगे। 21 नवंबर के नोटिफिकेशन में पहले नंबर पर नीतीश कुमार अंकित था। इसके बाद मुख्यमंत्री लिखा गया थ। इसके बाद दूसरे कॉलम में उनके पास विभाग की जानकारी दी गई थी। दूसरे नंबर संख्या पर सम्राट चौधरी के नाम के बाद कौमा फिर उप मुख्यमंत्री दर्शाया गया था। दूसरे कॉलम में उनके गृह विभाग के बारे में जानकारी डाली गई थी। तीसरे क्रम संख्या पर विजय कुमार सिन्हा लिखा गया था। उसके बगल में भी उप मुख्यमंत्री दर्शाया गया था। दूसरे कॉलम में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और खान एवं भूतत्व विभाग को दर्शाया गया था। क्या ये माइनर एरर है? नहीं, यह कॉमन एरर नहीं हो सकता।और ना ही स्लिप ऑफ पेन कहा जाएंगा। विभाग के सूत्र बताते हैं कि यह कॉमन एरर नहीं है। कैबिनेट सचिवालय के सूत्र बताते है कि लोक भवन सचिवालय के आदेश को कैबिनेट सचिवालय ने नोटिफाय किया है। यही आदेश नोटिफिकेशन के पूर्व फाइल कई स्तर पर गुजरती है। सचिवालय सहायक से लेकर मुख्य सचिव स्तर तक भेजने का प्रावधान है। इसके पूर्व लोक भवन में फाइल राज्यपाल तक जा चुकी है। 1.मुख्यमंत्री कार्यालय-मंत्रिमंडल विस्तार और मंत्रियों के नामों की सूची मुख्यमंत्री द्वारा अंतिम रूप दी जाती है। सहयोगी दलों के साथ चर्चा के बाद सूची तैयार होती है। 2.मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग -यह विभाग सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदित नामों की सूची के आधार पर फाइल यहाँ तैयार की जाती है। विधिवत प्रस्ताव (proposal) बनता है। सचिवालय सहायक प्रस्ताव बनातें हैं। 3.अपर मुख्य सचिव:- मंत्रिमंडल अपर मुख्य सचिव जो अक्सर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी होते हैं। डाउन से भेजी गई फाइल की जांच करते हैं। इसे राजभवन भेजने से पहले प्रक्रियात्मक औपचारिकताएं पूरी करते हैं। 4.राज्यपाल सचिवालय-अंतिम मंजूरी के लिए फाइल राज्यपाल के पास भेजी जाती है। शपथ ग्रहण का समय और तारीख राज्यपाल की स्वीकृति के बाद तय होती है। 5.अधिसूचना-राज्यपाल की मंजूरी के बाद, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग औपचारिक अधिसूचना जारी करता है, जिसमें मंत्रियों के नाम और विभागों का उल्लेख होता है। अब जानिए पूरे मामले पर सरकार ने क्या कहापूरे मामले पर अब सरकार की ओर से सफाई आई है कि “डिप्टी सीएम का पद खत्म नहीं हुआ है, सिर्फ नोटिफिकेशन में हर बार पदनाम लिखना जरूरी नहीं होता।” मामले पर उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि यह प्रिटिंग की भूल हो सकती है और विभाग इसे सुधार लेगा। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने जरूर स्पष्ट किया कि 15 अप्रैल की शपथ ग्रहण अधिसूचना ही मान्य है, जिसमें दोनों नेताओं को उप मुख्यमंत्री बताया गया था। वहीं लोगों का सवाल है कि अगर पुरानी अधिसूचना में पदनाम लिखा जा सकता था, तो अब इसे लिखना जरूरी क्यों नहीं है? ------------------------- ये खबर भी पढ़ें…. पिता नीतीश कुमार की तरह MLC बनेंगे निशांत:मंत्री बने दीपक प्रकाश भी जाएंगे विधान परिषद; खाली हो रहीं 10 सीटें, चुनाव जल्द बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। NDA की ओर से स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार अपने पिता नीतीश कुमार की तरह विधान परिषद जा सकते हैं। RLM नेता और उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश का भी विधान परिषद जाना तय माना जा रहा है। चुनाव आयोग जल्द ही 10 सीटों पर चुनाव की घोषणा कर सकता है। इसे लेकर सत्ता और विपक्ष दोनों खेमों में रणनीति बनाने का दौर शुरू हो गया है। सूत्रों के अनुसार, NDA इस बार संगठन से जुड़े कई नेताओं को विधान परिषद भेजने की तैयारी में है। इनमें निशांत कुमार और दीपक प्रकाश का नाम सबसे आगे है। पूरी खबर पढ़ें…
विधानसभा चुनाव में मिली बड़ी हार के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अब संगठन को नई ऊर्जा देने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए वे जल्द ही पूरे बिहार की यात्रा पर निकलने वाले हैं। इस यात्रा को आगामी चुनावों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। इस प्रस्तावित यात्रा की रूपरेखा तैयार करने की जिम्मेदारी प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल को दी गई है। यात्रा का उद्देश्य सिर्फ राजनीतिक कार्यक्रम करना नहीं बल्कि पार्टी की वास्तविक स्थिति को समझना और हर जिले में संगठन को सक्रिय करना है। सूत्रों के मुताबिक, यात्रा के दौरान तेजस्वी हर जिले में कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद करेंगे, स्थानीय मुद्दों को सुनेंगे और संगठन को मजबूत करने के लिए रणनीति तय करेंगे। यात्रा से पहले पटना में बड़ी बैठक बिहार यात्रा पर निकलने से पहले पटना स्थित प्रदेश कार्यालय में एक बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में पार्टी के संगठन से जुड़े प्रमुख पदाधिकारी और जमीनी कार्यकर्ता शामिल होंगे। खास तौर पर उन नेताओं को बुलाया जाएगा जो चुनाव लड़े, लेकिन जीत नहीं पाए। साथ ही वे कार्यकर्ता भी शामिल होंगे जो लगातार संगठन के विस्तार में सक्रिय रहे हैं। हर जिले का फीडबैक लेकर बनेगी रणनीति इस बैठक का मुख्य उद्देश्य हर जिले से फीडबैक लेना है। तेजस्वी यादव यह जानना चाहते हैं कि किन जिलों में पार्टी कमजोर है और किन क्षेत्रों में संगठन मजबूत है। बैठक के दौरान यह भी चर्चा होगी कि जिन जिलों में पार्टी की स्थिति कमजोर है, वहां संगठन को कैसे मजबूत किया जाए और किन नई रणनीतियों को अपनाया जाए। एक सप्ताह तक चलेगा मंथन माना जा रहा है कि यह बैठक चरणबद्ध तरीके से होगी और करीब एक सप्ताह तक अलग-अलग जिलों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया जाएगा। इस मंथन के जरिए पार्टी जमीनी हकीकत को समझने के साथ-साथ भविष्य की राजनीतिक रणनीति भी तय करेगी। अगस्त में शुरू हो सकती है बिहार यात्रा फीडबैक प्रक्रिया पूरी होने के बाद संभावना है कि अगस्त के दूसरे सप्ताह से तेजस्वी यादव अपनी बिहार यात्रा की शुरुआत करेंगे। यह यात्रा सिर्फ संगठनात्मक नहीं बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण होगी। इसके जरिए पार्टी जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करेगी। चुनावी हार के बाद संगठन को पुनर्जीवित करने की कोशिश विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल अब संगठन को फिर से खड़ा करने में जुट गई है। तेजस्वी यादव की यह पहल पार्टी के लिए नई शुरुआत मानी जा रही है, जहां पुराने अनुभव और नई रणनीति के साथ आगे बढ़ने की तैयारी है। युवाओं को जोड़ने पर विशेष जोर तेजस्वी यादव की रणनीति में युवाओं को जोड़ना सबसे अहम हिस्सा है। पार्टी आने वाले समय में ज्यादा से ज्यादा युवा चेहरों को संगठन में शामिल करने और उन्हें जिम्मेदारी देने की योजना बना रही है। युवाओं के जरिए पार्टी अपने आधार को मजबूत करने और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने की कोशिश करेगी। लोकसभा चुनाव 2029 की तैयारी अभी से यह पूरी कवायद सिर्फ संगठनात्मक मजबूती तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। तेजस्वी यादव अभी से राजनीतिक जमीन तैयार करने में जुट गए हैं, ताकि भविष्य के चुनावों में पार्टी बेहतर प्रदर्शन कर सके।
बिहार सरकार में पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी मिलने के बाद मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता पहली बार मुजफ्फरपुर पहुंचे, जहां उन्होंने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि बाबा गरीबनाथ धाम को कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसी संकल्प के साथ वे आगे काम करेंगे, ताकि बिहार पर्यटन के क्षेत्र में देश-दुनिया में नई पहचान बना सके। मुजफ्फरपुर पहुंचने पर शहर के अलग-अलग इलाकों में मंत्री का जोरदार स्वागत किया गया। समर्थकों और स्थानीय लोगों ने फूल-मालाओं के साथ उनका अभिनंदन किया। स्वागत कार्यक्रम के बाद मंत्री सीधे बाबा गरीबनाथ धाम मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने करीब आधे घंटे तक बाबा गरीबनाथ का दर्शन-पूजन और विशेष अनुष्ठान किया। मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने कहा कि बाबा गरीबनाथ और बाबा बैद्यनाथ की कृपा से उन्हें मंत्री बनने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आशीर्वाद से उन्हें पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसे वे पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे। उन्होंने कहा, “हम बाबा गरीबनाथ धाम को कॉरिडोर के रूप में विकसित करने का काम करेंगे और यह संकल्प लेकर चला हूं। बिहार में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। आने वाले समय में बिहार पर्यटन के क्षेत्र में देश-दुनिया में नई पहचान बनाएगा।” मंत्री ने यह भी कहा कि बिहार की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए सरकार विशेष योजनाओं पर काम करेगी। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। पूजन कार्यक्रम के दौरान बाबा गरीबनाथ धाम के प्रधान पुजारी पंडित विनय पाठक, पुजारी संतोष पाठक समेत कई अन्य पुजारी मौजूद रहे।
बिहार कैबिनेट विस्तार के बाद पहली बार गया पहुंचे लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के खिलाफ बयान दिया। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बारे में कहा कि जब से हाफ पैंट पहनना शुरू किया था, तब से हम जमीन से जुड़ कर राजनीति कर रहे हैं। वे जंगलराज 2 के युवराज हैं। गया पहुंचने पर हम के समर्थकों ने मंत्री का जोरदार स्वागत, फूल-माला और नारों के बीच किया। इसके बाद मंत्री संतोष सुमन सीधे सर्किट हाउस पहुंचे। यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने तेजस्वी यादव और राजद पर जमकर निशाना साधा। संतोष सुमन ने तेजस्वी यादव को “जंगलराज पार्ट-2 का युवराज” बताते हुए कहा कि बिहार की जनता अब सब समझ चुकी है। उन्होंने कहा कि जिनके शासनकाल में बिहार अपराध, भय और भ्रष्टाचार से कांपता था। वे अब फिर सत्ता का सपना देख रहे हैं। लेकिन जनता ने उन्हें पहले ही 25 सीटों पर समेटकर जवाब दे दिया है। राजनीति, प्रशासन और संविधान की समझ नहीं उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को राजनीति, प्रशासन और संविधान की समझ नहीं है। तंज कसते हुए बोले कि राबड़ी देवी को सीधे किचन से मुख्यमंत्री बना दिया गया और तेजस्वी यादव को भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कृपा से दो-दो बार उपमुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला। इसके बावजूद वे उन्हीं पर सवाल उठाते हैं, जिन्होंने उन्हें राजनीतिक पहचान दी। संतोष सुमन ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार को जंगलराज से निकालकर विकास की राह पर खड़ा किया। सड़क, शिक्षा, रोजगार और कानून व्यवस्था में बड़ा बदलाव हुआ। आज बिहार आगे बढ़ रहा है, लेकिन विपक्ष केवल भ्रम फैलाने और बयानबाजी की राजनीति कर रहा है। निशांत कुमार पर तेजस्वी की टिप्पणी को लेकर भी मंत्री ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि निशांत कुमार शांत, संस्कारी और सादगीपूर्ण व्यक्तित्व के धनी हैं। उनके अंदर भी नीतीश कुमार के संस्कार साफ दिखते हैं। बिना वजह निजी टिप्पणी करना विपक्ष की हताशा दिखाता है। परिवारवाद पर हमला बोलते हुए संतोष सुमन ने कहा कि जब तेजस्वी राजनीति सीख भी नहीं रहे थे, तब से वह सामाजिक और राजनीतिक जीवन में सक्रिय रहे हैं। भाजपा, एनसीसी और सामाजिक संगठनों के जरिए उन्होंने जमीन पर काम किया है। उन्होंने साफ कहा कि बिहार की जनता विकास चाहती है, वंशवाद नहीं चाहती। नीतीश कुमार, जीतन राम मांझी, चिराग पासवान और एनडीए के सभी सहयोगी मिलकर बिहार को नई ऊंचाई देने में जुटे हैं। जबकि विपक्ष के पास सिर्फ आरोप, भ्रम और कुर्सी की राजनीति बची है।
अंबिकापुर के कमोदा बिहार रिसार्ट में करीब 45 डिसमिल सरकारी जमीन पर कब्जा हटाने पहुंची टीम को हंगामें के बाद कार्रवाई रोकनी पड़ी। रिसार्ट के संचालकों ने कहा कि उन्हें नोटिस नहीं मिला है। रिसार्ट संचालक के समर्थन में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत भी मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने उनसे लिखित में आवेदन लिया है और कहा कि दो दिनों की मोहलत दी गई है। दो दिनों बाद कार्रवाई होगी। जानकारी के मुताबिक, अंबिकापुर के फुंदुरडिहारी में संचालित कमोदा बिहार रिसार्ट में शासकीय भूमि का अतिक्रमण किए जाने की शिकायत पर इसकी जांच की गई थी। अंबिकापुर तहसीलदार के न्यायालय में इसका प्रकरण चला। प्रकरण में अतिक्रमण पाते हुए धारा 248 के तहत बेदखली का नोटिस संचालक को जारी किया जा चुका है। संचालक को दो दिन पूर्व कब्जा हटाने का नोटिस भी दिया गया था। बुलडोजर लेकर पहुंची टीम, संचालकों का हंगामा शनिवार को एसडीएम वन सिंह नेताम के साथ राजस्व एवं नगर निगम की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची तो कमोदा बिहार के संचालकों ने हंगामा कर दिया। घंटों हंगामे के बाद भी कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी। संचालकों ने दावा किया कि उन्हें अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस नहीं दिया गया है। मौके पर पूर्व मंत्री अमरजीत भगत भी पहुंचे और दलील दी कि नियमों का पालन करते हुए अतिक्रमण हटाया जाना चाहिए। एसडीएम ने संचालकों से लिखित में अपना पक्ष रखने को कहा। संचालकों ने अतिक्रमण हटाने दो दिनों का समय मांगा है। एसडीएम बोले-अतिक्रमण हटाने होगी कार्रवाई एसडीएम वन सिंह नेताम ने कहा कि कमोदा विहार रिसार्ट के संचालकों को नोटिस दिया गया था। उनकी मांग पर दो दिनों का समय दिया जा रहा है। तहसील न्यायालय के आदेश पर कहीं से कोई स्टे नहीं है और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। सरकारी जमीन पर कब्जा होना पाया गया है। पुनर्वास की जमीन पर रिसार्ट, जमीन मालिक की भी शिकायत कमोदा रिसार्ट पुनर्वास की जमीन पर बना हुआ है। इसके भू-स्वामि दीपक राय ने गलत तरीके से जमीन की रजिस्ट्री कराने की भी शिकायत कलेक्टर सरगुजा से की है। इसकी भी जांच की जा रही है। दीपक राय ने आरोप लगाया है कि उनके पिता को 7 एकड़ जमीन मिली थी। इसमें दो भाईयों का हिस्सा था। एक रिश्तेदार ने गलत तरीके से जमीन की रजिस्ट्री कर दी है, जिसके लिए वे कई सालों से शिकायत कर रहे हैं और परेशान हो रहे हैं।
भिवानी जिले में सिवानी मंडी के गांव बड़वा बाइपास पर एक सड़क हादसे में प्रवासी मजदूर की मौत हो गई। 8 मई की रात अज्ञात वाहन की टक्कर से यह हादसा हुआ। वाहन ड्राइवर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान गणेशी सदा के रूप में हुई है। बिहार के बेगूसराय जिले के निवासी जितेंद्र कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह और मृतक गणेशी सदा पिछले करीब दो महीने से गांव बड़वा में मजदूरी कर रहे थे। गांव में पैदल जा रहा था जितेंद्र के अनुसार, 8 मई को गणेशी सदा किसी काम से पैदल गांव बड़वा की ओर जा रहा था। हिसार रोड स्थित बड़वा बाइपास के पास एक अज्ञात वाहन ड्राइवर ने तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाते हुए उसे टक्कर मार दी। हादसे में गणेशी सदा की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंची। थाना सिवानी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने जितेंद्र कुमार की शिकायत के आधार पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के तौर पर सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण को पूरे देश के भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ा दिन बताया। उन्होंने कहा कि बंगाल में 'जन-विरोधी' सरकार हार गई है।
पटना में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पीसी की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा, वे भाजपा के सिलेक्टेड मुख्यमंत्री हैं। कैबिनेट गठन में 3 पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे शामिल किए गए हैं। तेजस्वी ने ऑन कैमरा दावा किया कि आने वाले समय में दोनों उपमुख्यमंत्रियों के बच्चों को भी राजनीति में देखा जाएगा। बिहार में सत्ता अब पूरी तरह परिवारवाद के सहारे चल रही है। कहा- मंत्रिमंडल में मुसलमानों को जगह नहीं दी आगे कहा, क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व के सवाल पर भी तेजस्वी ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि एक-एक प्रखंड से दो-दो मंत्री बनाए गए हैं जबकि कई जातियों और वर्गों को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि मंत्रिमंडल में मुसलमानों को पर्याप्त जगह क्यों नहीं दी गई। तेजस्वी ने कहा कि जब लालू यादव की सरकार थी तब 7-8 मुस्लिम मंत्री हुआ करते थे, लेकिन आज उनकी संख्या काफी कम है। महिलाओं का 33 प्रतिशत भी प्रतिनिधित्व नहीं महिलाओं के प्रतिनिधित्व पर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार महिलाओं की बात करती है, लेकिन मंत्रिमंडल में 50 प्रतिशत तो दूर, 33 प्रतिशत का आधा भी प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। सरकार की कार्यशैली पर हमला बोलते हुए तेजस्वी ने कहा कि बिहार का खजाना खाली है, राज्य सबसे गरीब है और बेरोजगारी सबसे ज्यादा है। उन्होंने कहा कि बिहार पढ़ाई और दवाई के मामले में फिसड्डी बना हुआ है, मजदूर और किसान दोनों तबाह हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ इस बात में लगी है कि कौन मंत्री बनेगा और कौन उपमुख्यमंत्री। उन्होंने कहा कि जब 2015 में सरकार बनी थी तब “7 निश्चय” की बात हुई थी, लेकिन अब “7 निश्चय-2” का कोई जिक्र तक नहीं हो रहा। मंत्रिमंडल विस्तार पर सरकार को घेरा मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने हमला बोला। उन्होंने कहा, सरकार बनने के 6 महीने बाद जाकर मंत्रिमंडल का गठन हुआ। आधा समय सिर्फ सरकार बनाने और कुर्सी बचाने में निकल गया। तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि छह महीने में बिहार ने 2 मुख्यमंत्री देख लिए, शायद ही किसी राज्य में ऐसा हुआ होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी मंत्री को एक विभाग में 5 महीने तक भी नहीं रखा जाता, जिससे सरकार का कोई विजन नजर नहीं आता और विकास संभव नहीं हो पाता। परिवारवाद के मुद्दे पर भी तेजस्वी यादव ने भाजपा और एनडीए सरकार को घेरा। बिना चुनाव लड़े दो नेताओं के बेटे मंत्री बन गए उन्होंने आगे कहा कि अब भाजपा को परिवारवाद पर बोलने का कोई हक नहीं रह गया है। बिना चुनाव लड़े दो नेताओं के बेटे मंत्री बन गए हैं। उन्होंने कहा कि हम लोग चुनाव लड़कर आते हैं, जनता का जनादेश मिलता है तब कुछ बनते हैं। तेजस्वी ने याद दिलाया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कभी परिवारवाद के मुद्दे पर गठबंधन तोड़ा था, लेकिन आज उसी सरकार में परिवारवाद हावी है। उन्होंने दावा किया कि पूरे कैबिनेट में 17 ऐसे मंत्री हैं जिनका राजनीतिक बैकग्राउंड पारिवारिक है। सरकार के किए गए वादों पर बोला हमला शपथ ग्रहण समारोह और सरकार के वादों पर भी तेजस्वी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 1.90 लाख रुपये देने का वादा किया गया था, उसका क्या हुआ। फ्री बिजली देने की बात कही गई थी लेकिन बिजली महंगी कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं को कार्यक्रम में जबरन लाया गया। तेजस्वी ने पूछा कि छह महीने में सरकार ने ऐसा कौन सा काम किया है जिसे उपलब्धि कहा जा सके। कानून व्यवस्था और अपराध के मुद्दे पर भी नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में कई ऐसे लोग हैं जिन पर आपराधिक मामले हैं। NEET छात्रा कांड मामले का किया जिक्र तेजस्वी ने NEET छात्रा कांड मामले का जिक्र करते हुए कहा कि अगर उनकी सरकार होती और ऐसी घटना हुई होती तो विपक्ष क्या करता। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार में न इच्छाशक्ति है और न ही सच सुनने की क्षमता। इंडिया गठबंधन को मजबूत करने के सवाल पर तेजस्वी यादव ने कहा कि सबसे पहले क्षेत्रीय दलों को साथ बैठना होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा को अगर कोई रोक सकता है तो क्षेत्रीय दल ही रोक सकते हैं और सभी की राय लेकर आगे बढ़ना होगा। TRE-4 अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर भी तेजस्वी यादव ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज दबाई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी नेताओं और राजद कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बुलडोजर चलवाया जा रहा है, उनका सरकारी आवास खाली करवाया जा रहा है, राजद कार्यकर्ताओं पर केस किए जा रहे हैं और एनकाउंटर की राजनीति की जा रही है ताकि सरकार सुर्खियों में बनी रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “शहजादा” वाले बयान पर पलटवार करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि कुछ दिन पहले तक प्रधानमंत्री परिवारवाद पर हमला बोलते थे, लेकिन अब बिना चुनाव लड़े मंत्री बनने वाले “शहजादे” एनडीए में ही दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग अब बताएं कि परिवारवाद आखिर किसे कहते हैं।
गयाजी के मगध यूनिवर्सिटी कैंपस में में चल रहे चार दिवसीय धर्म संस्कृति संगम के तीसरे दिन शुक्रवार को भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन राज्यपाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार मुख्य वक्ता रहे। पूरे परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और धर्माचार्यों के संदेशों ने माहौल को देश भक्तिमय बना दिया। राष्ट्रहित में एकजुट रहना होगा राज्यपाल ने बिहार को धर्मों और संस्कृतियों के संगम की धरती बताया। उन्होंने कहा कि नालंदा, गयाजी, बोधगया पूरी दुनिया को एकता और सहअस्तित्व का संदेश देते हैं। जन्म से मुस्लिम होने के बावजूद मेरा हर धर्म से गहरा लगाव रहा। हिंदू, सिख, ईसाई और बौद्ध परंपराओं से भी प्रेरणा ली। भारत की असली ताकत विविधता में एकता है। देश की सुरक्षा केवल सीमाओं की नहीं, बल्कि समाज की आंतरिक एकता और जागरूकता से जुड़ी है। सभी धर्मों को राष्ट्रहित में एकजुट रहना होगा। विभाजन और विवाद का मतलब नहीं वहीं, इंद्रेश कुमार ने कहा कि बिहार से ऐसा संदेश उठना चाहिए, जो पूरे देश और पड़ोसी देशों तक शांति का स्वर पहुंचाए। भारत सभी धर्मों की मातृभूमि है। जब सभी को इसी भूमि ने ज्ञान दिया तो फिर विभाजन और विवाद का कोई अर्थ नहीं। मां को बांटा नहीं जाता, मां की सेवा की जाती है। धर्म, संस्कृति, राष्ट्रीय एकता पर मंथन आयोजन समिति ने बताया कि धर्म संस्कृति संगम का मकसद भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करना है। अलग-अलग सत्रों में धर्म, संस्कृति, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सौहार्द जैसे मुद्दों पर मंथन हो रहा है। इस मौके पर एमयू के कुलपति शशि प्रताप शाही, सामाजिक कार्यकर्ता और उद्योगपति संजय कुमार सिंह मौजूद रहे।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता सुधाकर सिंह ने शुक्रवार सुबह एक लाइव वीडियो जारी कर बिहार के किसानों की बदहाली पर चिंता जताई। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसलों की खरीद न होने को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों पर गंभीर सवाल उठाए। सिंह ने आरोप लगाया कि गेहूं और मक्का की सरकारी खरीद नहीं होने से किसानों को इस साल भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। सुधाकर सिंह ने याद दिलाया कि 2025 के विधानसभा चुनाव के समय भाजपा और एनडीए सहित लगभग सभी राजनीतिक दलों ने किसानों से वादा किया था। इन वादों में सरकार बनने पर गेहूं, मक्का, दलहन, धान और तिलहन जैसी फसलों पर एमएसपी की गारंटी देना शामिल था। किसानों को 6 माह बाद भी नहीं मिला लाभ हालांकि, उनके अनुसार, सरकार बने लगभग छह महीने बीत चुके हैं, लेकिन किसानों को इन वादों का लाभ नहीं मिला है। उन्होंने मौजूदा खरीद व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। सिंह ने कहा कि धान की खरीद भी इसी सरकार के कार्यकाल में हुई थी, और अब गेहूं व मक्का का सीजन चल रहा है, लेकिन खरीद प्रणाली पूरी तरह से अव्यवस्थित है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि पिछले छह महीनों से बिहार की राजनीति में उथल-पुथल जारी है, और भाजपा के मुख्यमंत्री बने भी 20-25 दिन हो चुके हैं, फिर भी किसानों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। 70 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उत्पाद सिंह ने बताया कि मौसम की चुनौतियों के बावजूद बिहार के किसानों ने इस साल लगभग 70 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 40 लाख मीट्रिक टन मक्का का उत्पादन किया। उन्होंने उल्लेख किया कि केंद्र सरकार ने गेहूं का एमएसपी 2585 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया था, लेकिन किसानों को खुले बाजार में इससे लगभग 300 रुपए प्रति क्विंटल कम कीमत मिली। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारत सरकार की अमेरिका और यूरोप के साथ हुई व्यापारिक डील के कारण बाजार में सस्ते विदेशी गेहूं आने की आशंका बढ़ गई है। इस वजह से स्थानीय व्यापारियों ने किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं दिया। सुधाकर सिंह के अनुसार, केवल इस वर्ष गेहूं की फसल में किसानों को लगभग 21 करोड़ रुपए और मक्का की फसल में 45 करोड़ रुपए का अनुमानित नुकसान हुआ है। डेढ़ लाख करोड़ रुपए का घाटा सांसद ने कहा कि MSP लागू नहीं होने से बिहार के किसानों को हर साल करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपए का घाटा हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने GDP के आंकड़ों में फसलों का मूल्य MSP के आधार पर जोड़ देती है, जबकि वास्तविकता में किसानों को वह कीमत नहीं मिलती। इससे बिहार की अर्थव्यवस्था की सही तस्वीर सामने नहीं आ पाती। उन्होंने कहा कि गेहूं, मक्का और धान की खरीद की जिम्मेदारी फूड मंत्रालय की होती है, लेकिन लंबे समय से यह विभाग एनडीए के पास रहने के बावजूद किसानों की स्थिति में सुधार नहीं हुआ। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों को MSP नहीं मिला तो खेती घाटे का सौदा बन जाएगी और पलायन और तेजी से बढ़ेगा। मंडी कानून और MSP व्यवस्था लागू सुधाकर सिंह ने दावा किया कि 2005 में बिहार से पलायन करने वालों की संख्या करीब सवा करोड़ थी, जब मंडी कानून और MSP व्यवस्था लागू थी। लेकिन 2006 में मंडी कानून समाप्त होने और MSP व्यवस्था कमजोर पड़ने के बाद पलायन बढ़कर लगभग तीन करोड़ तक पहुंच गया। उन्होंने कहा कि बिहार में मतदान प्रतिशत कम होने का एक बड़ा कारण भी पलायन है। अंत में उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत किए बिना पलायन नहीं रोका जा सकता और खरीद प्रणाली में पारदर्शिता लानी होगी। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में बिहार में जमीन से जुड़े “लैंड पूलिंग” मुद्दे पर भी विस्तार से चर्चा करेंगे।
राजगीर स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नामांकन प्रक्रिया में संशोधन किया गया है। पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स मैनेजमेंट (PGDSM) कोर्स के लिए आयु सीमा को 40 से बढ़ाकर अब 45 वर्ष कर दिया गया है। यह निर्णय विशेष रूप से उन खेल प्रेमियों और पेशेवरों के लिए लिया गया है जो बढ़ती उम्र के बावजूद खेल प्रबंधन के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करना चाहते हैं। इसके साथ ही विश्वविद्यालय ने कामकाजी लोगों की सुविधा के लिए पाठ्यक्रम के संचालन माध्यम में भी बड़ा बदलाव किया है। अब PGDSM पाठ्यक्रम हाइब्रिड यानी मिश्रित मोड में संचालित किया जाएगा, जिसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की शिक्षा का समावेश होगा। सेवारत कर्मियों के लिए विश्वविद्यालय ने विशेष रियायतें दी हैं। अब सरकारी, अर्ध-सरकारी, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU), स्वायत्तशासी निकायों और निजी क्षेत्रों में कार्यरत कर्मी भी इस पाठ्यक्रम में प्रवेश ले सकेंगे, बशर्ते वे अपने नियोक्ता से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त कर लें। हॉस्टल या मेस का पैसा नहीं लगेगा इन कर्मियों की नियमित दिनचर्या को प्रभावित किए बिना शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से कक्षाएं सप्ताहांत (Weekend) और राजपत्रित छुट्टियों के दिनों में आयोजित की जाएंगी। बुनियादी सुविधाओं के संदर्भ में विश्वविद्यालय ने यह स्पष्ट किया है कि यदि प्रवेश के समय छात्रावास की व्यवस्था पूरी नहीं होती है, तो BPES, PGDSC और PGDSM जैसे पाठ्यक्रमों को गैर-आवासीय रूप में चलाया जाएगा और ऐसी स्थिति में छात्रों से छात्रावास या मेस का शुल्क नहीं वसूला जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी 15 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। पात्रता मानदंड, शुल्क और चयन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट bsur.bihar.gov.in पर उपलब्ध है। आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को पोर्टल के 'एडमिशन' सेक्शन में जाकर 'ऑनलाइन अप्लाई' लिंक का उपयोग करना होगा। खिलाड़ियों के लिए मौका इस सत्र में मुख्य रूप से तीन पाठ्यक्रमों में नामांकन की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें शारीरिक शिक्षा एवं खेल में स्नातक (बीपीईएस) का चार वर्षीय पाठ्यक्रम शामिल है। जो नई शिक्षा नीति 2020 के मानकों के अनुरूप संचालित होगा। इसके लिए कुल 50 सीटें आवंटित की गई हैं। वहीं, खेल प्रशिक्षण में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए एक वर्षीय स्नातकोत्तर डिप्लोमा (पीजीडीएससी) पाठ्यक्रम भी उपलब्ध है, जिसमें एथलेटिक्स, क्रिकेट, कबड्डी, बास्केटबॉल और वॉलीबॉल जैसे खेलों के लिए कुल 100 सीटें निर्धारित की गई हैं।
उत्पाद सिपाही पेपर लीक ठगी कांड के तीन आरोपी बिहार से गिरफ्तार
उत्पाद सिपाही पेपर लीक ठगी कांड में शामिल तीन आरोपियों को रांची पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनकी गिरफ्तारी बिहार के अलग-अलग स्थानों से की गई है। हालांकि, रांची पुलिस ने अभी तक इन गिरफ्तारियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि इस मामले में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके। रांची पुलिस पिछले कई दिनों से बिहार में लगातार छापेमारी कर रही थी। पुलिस मालसलामी के अभिषेक छोटू, जहानाबाद के सोनू और मनीष, गयाजी के गौरव, पटना सिटी के अभिषेक सिन्हा, दानापुर के फिरोज व नवादा के कृष्णा को ढूंढ़ रही है। इससे पहले 12 अप्रैल को रांची पुलिस ने इस कांड के मास्टरमाइंड अतुल वत्स समेत कुल 164 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें 159 अभ्यर्थी शामिल थे। पुलिस ने उन्हें रांची के रड़गांव स्थित एक अर्धनिर्मित भवन से पकड़ा था, जहां उन्हें फर्जी प्रश्नपत्र रटवाया जा रहा था। इसके बाद 13 अप्रैल को पुलिस ने बिहार से दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब तक इस मामले में सिंडिकेट से जुड़े कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
बिहार में जमीन-जायदाद, दाखिल-खारिज और प्रमाण पत्र जैसे जरूरी कार्यों के लिए परेशान हो रहे आम लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। पिछले 86 दिनों से जारी राजस्व कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह और बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ (संयुक्त संघर्ष मोर्चा) के प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत के बाद कर्मचारियों ने काम पर लौटने का निर्णय लिया है। राज्यभर के अंचल कार्यालयों में लंबे समय से कामकाज प्रभावित होने के कारण लाखों आवेदन लंबित पड़े थे। अब सोमवार से राजस्व कर्मचारी अपने-अपने कार्यालयों में योगदान देंगे, जिससे दाखिल-खारिज, परिमार्जन, जाति-आय-निवास प्रमाण पत्र और भू-लगान वसूली जैसे कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। 9 फरवरी से हड़ताल पर थे कर्मचारी बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ के बैनर तले प्रदेशभर के हजारों राजस्व कर्मचारी 9 फरवरी 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे। कर्मचारियों का आरोप था कि सरकार उनकी लंबे समय से लंबित 17 सूत्री मांगों को नजरअंदाज कर रही है। कई दौर की बातचीत विफल रहने के बाद हड़ताल लगातार जारी रही, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ा। बैठक में कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के बीच लंबी चर्चा हुई, जिसके बाद गतिरोध समाप्त करने पर सहमति बनी। वार्ता में क्या-क्या हुआ तय सरकार और कर्मचारी संघ के बीच हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी। विभाग की ओर से आश्वासन दिया गया कि विभागीय स्तर पर लंबित मांगों का निष्पादन एक सप्ताह के भीतर किया जाएगा, जबकि सरकार स्तर की मांगों पर एक माह के भीतर निर्णय लिया जाएगा। हड़ताल के दौरान जिन कर्मचारियों पर निलंबन या विभागीय कार्रवाई की गई थी, उसे वापस लेने के लिए सभी जिलाधिकारियों और समाहर्ताओं को निर्देश जारी किए जाएंगे। इसके अलावा हड़ताल अवधि को अवकाश में समायोजित करने पर भी सहमति बनी, ताकि कर्मचारियों के वेतन पर प्रतिकूल असर न पड़े। संघ की ओर से यह भी निर्णय लिया गया कि सभी राजस्व कर्मचारी आगामी सोमवार से अपने-अपने अंचल कार्यालयों में अनिवार्य रूप से योगदान देंगे। आखिर क्यों नाराज थे राजस्व कर्मचारी? राजस्व कर्मचारियों का कहना था कि उन पर लगातार कार्यभार बढ़ता जा रहा है, लेकिन सुविधाएं और संसाधन पर्याप्त नहीं हैं। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में वेतन बढ़ाना, ग्रेड पे में सुधार, समयबद्ध प्रोन्नति और कार्यस्थल पर बेहतर संसाधनों की व्यवस्था शामिल थी। कर्मचारियों ने यह भी मांग रखी थी कि अंचल कार्यालयों में पर्याप्त संख्या में लैपटॉप, इंटरनेट सुविधा और डेटा एंट्री ऑपरेटर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि डिजिटल भूमि रिकॉर्ड से जुड़े कार्य सुचारू रूप से चल सकें। इसके अलावा फील्ड ड्यूटी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ते प्रशासनिक दबाव को कम करने की मांग भी लंबे समय से की जा रही थी। कर्मचारियों का कहना था कि राज्य में लगभग 4,325 नए राजस्व कर्मचारियों की नियुक्ति होने के बावजूद कार्य का बोझ कम नहीं हुआ है और पुराने तथा नए कैडर के बीच समन्वय की भी समस्या बनी हुई है। हड़ताल से आम जनता को हुई भारी परेशानी 86 दिनों तक चले इस आंदोलन का सीधा असर आम लोगों पर पड़ा। अंचल कार्यालयों में कामकाज लगभग ठप हो गया था, जिससे जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में भारी देरी हुई। दाखिल-खारिज के लाखों आवेदन लंबित हो गए, जिसके कारण जमीन खरीदने वाले लोगों को मालिकाना हक मिलने में परेशानी हुई। वहीं परिमार्जन और डिजिटल रिकॉर्ड सुधार का काम भी पूरी तरह प्रभावित रहा। जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र नहीं बनने से छात्रों, नौकरी अभ्यर्थियों और आम नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई छात्रों के कॉलेज एडमिशन और सरकारी योजनाओं से जुड़े आवेदन भी प्रभावित हुए। इसके अलावा भू-लगान वसूली और अन्य राजस्व कार्य बाधित होने से सरकारी राजस्व पर भी असर पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग छोटे-छोटे कामों के लिए लगातार अंचल कार्यालयों का चक्कर लगाते रहे। संघ के नेताओं ने कहा कि सरकार की ओर से सकारात्मक पहल और लिखित आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारियों ने जनहित को देखते हुए हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया है।
बिहार मंत्रिमंडल विस्तार में जमुई जिले के गिद्धौर गांव से दो नेताओं को मंत्री बनाया गया है। जदयू के वरिष्ठ नेता दामोदर रावत और भाजपा विधायक श्रेयसी सिंह दोनों एक ही गांव गिद्धौर के निवासी हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे बिहार की राजनीति के लिए एक ऐतिहासिक संयोग माना जा रहा है। दोनों विधायकों ने आज राजधानी पटना में मंत्री पद की शपथ ली है। बताया जा रहा है कि बिहार के राजनीतिक इतिहास में यह संभवतः पहला अवसर है, जब एक ही गांव के दो प्रतिनिधि एक साथ राज्य मंत्रिमंडल का हिस्सा बने हैं। गिद्धौर, जो कभी राजतंत्र में सत्ता का केंद्र था, अब लोकतांत्रिक राजनीति में भी अपनी मजबूत पहचान दर्ज करा रहा है। गांव के लोगों में इस उपलब्धि को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। दामोदर रावत वर्ष 2000 में पहली बार विधायक बने दामोदर रावत झाझा विधानसभा क्षेत्र से लंबे समय से सक्रिय राजनीति में हैं। वर्ष 2000 में पहली बार विधायक बनने के बाद उन्होंने लगातार अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की है। वर्ष 2015 को छोड़कर वे लगातार चुनाव जीतते रहे हैं। इससे पहले भी वर्ष 2007 और 2010 में वे नीतीश कुमार मंत्रिमंडल में मंत्री रह चुके हैं। हालिया विधानसभा चुनाव में उन्होंने राजद के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश नारायण यादव को कड़े मुकाबले में हराकर अपनी ताकत साबित की थी। यह उनकी राजनीतिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा है। वर्ष 2020 में पहली बार विधायक चुनी गई श्रेयसी सिंह वहीं, जमुई विधायक श्रेयसी सिंह दूसरी बार मंत्री पद की शपथ लेंगी। वे वर्ष 2020 में पहली बार भाजपा के टिकट पर विधायक चुनी गई थीं और 2025 के चुनाव में भी बड़े अंतर से जीत दर्ज की। श्रेयसी सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व सांसद पुतुल कुमारी की पुत्री हैं। उनके मंत्री बनने से महिला नेतृत्व को भी नई मजबूती मिलने की चर्चा है। नई कैबिनेट में बीजेपी से 15, जेडीयू से 13, LJP(R)-2, HAM और RLM से एक-एक मंत्री हैं। 25 मिनट चले इस कार्यक्रम में एक साथ 5-5 विधायकों ने शपथ ली है। पहली बार में निशांत कुमार, श्रवण कुमार, विजय सिन्हा, लेसी सिंह, और दिलीप जायसवाल ने शपथ ली। निशांत कुमार पहली बार मंत्री बने हैं।
बिहार खेल विश्वविद्यालय, राजगीर ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एडमिशन डेट को आगे बढ़ा दिया है। अब इच्छुक अभ्यर्थी आगामी 15 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। यह निर्णय उन छात्र-छात्राओं के लिए राहत भरा है जो किसी कारणवश अब तक आवेदन नहीं कर पाए थे। इस सत्र में मुख्य रूप से तीन पाठ्यक्रमों में नामांकन की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें शारीरिक शिक्षा एवं खेल में स्नातक (बीपीईएस) का चार वर्षीय पाठ्यक्रम शामिल है। जो नई शिक्षा नीति 2020 के मानकों के अनुरूप संचालित होगा। इसके लिए कुल 50 सीटें आवंटित की गई हैं। वहीं, खेल प्रशिक्षण में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए एक वर्षीय स्नातकोत्तर डिप्लोमा (पीजीडीएससी) पाठ्यक्रम भी उपलब्ध है, जिसमें एथलेटिक्स, क्रिकेट, कबड्डी, बास्केटबॉल और वॉलीबॉल जैसे खेलों के लिए कुल 100 सीटें निर्धारित की गई हैं। 15 मई तक कर सकते हैं आवेदन इस पाठ्यक्रम की विशेषता यह है कि इसे एनएसएनआईएस पटियाला और एलएनआईपीई ग्वालियर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के समकक्ष मान्यता प्राप्त है। इसके अतिरिक्त खेल प्रबंधन के क्षेत्र में भविष्य तलाश रहे अभ्यर्थियों के लिए पीजीडीएसएम की 20 सीटों पर भी आवेदन मांगे गए हैं। नामांकन प्रक्रिया के तहत 8 अप्रैल से ही आवेदन लिए जा रहे थे, जिसे अब बढ़ाकर 15 मई कर दिया गया है। पात्रता मानदंड, शुल्क और चयन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट bsur.bihar.gov.in पर उपलब्ध है। आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को पोर्टल के 'एडमिशन' सेक्शन में जाकर 'ऑनलाइन अप्लाई' लिंक का उपयोग करना होगा। राहत की बात यह भी है कि जो अभ्यर्थी अपनी अर्हता परीक्षा (Qualifying Exam) में शामिल हो रहे हैं, वे भी इस शर्त पर आवेदन दे सकते हैं कि उन्हें नियत समय तक अपना उत्तीर्णता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। किसी भी प्रकार की पूछताछ के लिए विश्वविद्यालय ने हेल्पलाइन नंबर 9691639627, 9102380222 और 8210015003 जारी किए हैं, जिस पर सुबह 10:30 से शाम 5:00 बजे के बीच संपर्क किया जा सकता है।
पीएम उषा अभियान के तहत बिहार को 600 करोड़ रुपए देगी मोदी सरकार, नीतीश कैबिनेट ने खोला बंद रास्ता
बिहार में पीएम उषा अभियान को लागू करने के प्रस्ताव को नीतीश कुमार सरकार की मंजूरी के बाद राज्य में उच्च शिक्षा के विकास के लिए केंद्र से अगले दो साल में 600 करोड़ रुपए मिलने का रास्ता खुल गया है।
बिहार के प्रिंस कुमार सिंह ने यूपीएससी आईएफएस परीक्षा में 15वीं रैंक प्राप्त की है। इसके अलावा उन्होंने और भी कई बड़े एग्जाम को पास किया हुआ है। जानिए जानते प्रिंस कुमार की कहानी जिन्होंने अपने आर्थिक
बॉलीवुड के मशहूर स्टार कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल 7 वर्ष की डेटिंग के बाद अब पति-पत्नी बन चुके हैं। दोनों की शादी इस वक़्त टॉक ऑफ द टाउन है। सोनाक्षी और जहीर अलग धर्म से हैं। ऐसे में ना उन्होंने निकाह किया तथा ना ही फेरे लिए, बल्कि सादगी से रजिस्टर मैरिज की एवं फिर रिसेप्शन पार्टी रखी। अलग धर्म में शादी करने पर सोनाक्षी एवं जहीर को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। ट्रोलिंग के कारण दोनों को अपने वेडिंग पोस्ट का कमेंट सेक्शन तक बंद करना पड़ा। मगर बात तब हद से ज्यादा तब बढ़ गई, जब इंटरफेथ मैरिज करने पर सोनाक्षी एवं जहीर के खिलाफ बिहार के गांव में प्रोटेस्ट मार्च निकाले गए। रिपोर्ट के अनुसार, सोनाक्षी के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन 'हिंदू शिव भवानी सेना' नाम की एक संगठन द्वारा आयोजित किया गया था। जहीर संग शादी पर बेटी सोनाक्षी की हो रही ट्रोलिंग पर अब शत्रुघ्न सिन्हा ने चुप्पी तोड़ी है तथा हेटर्स को जवाब दिया है। अपने एक इंटरव्यू के चलते शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- आनंद बक्शी साहब ने इस तरह के प्रोफेशनल प्रोटेस्टर्स के बारे में लिखा है- कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। इसमें आगे जोड़ना चाहूंगा कि कहने वाले अगर बेकार, बेकाम-काज के हों तो बोलना ही उनका काम बन जाता है। मेरी बेटी ने कुछ भी ऐसा नहीं किया जो गैरकानूनी एवं संविधान के खिलाफ है। सोनाक्षी-जहीर की शादी पर शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा- शादी दो लोगों के बीच का एक बहुत ही व्यक्तिगत फैसला है। इसमें किसी को भी बीच में दखल देने या कमेंट करने का हक नहीं होता। विरोध प्रदर्शन करने वालों को मैं यही बोलना चाहता हूं- अपनी जिंदगी पर ध्यान दो। जिंदगी में कुछ अच्छा करो। इससे ज्यादा और कुछ नहीं कहना। बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा ने खुशी-खुशी अपनी इकलौती बेटी की शादी की है। उन्होंने दामाद जहीर को भी अपना आशीर्वाद दिया है। रिलीज हुआ श्रद्धा कपूर-राजकुमार राव की स्त्री 2 का टीजर, इस अवतार में नजर आए स्टार्स किशोर कुमार के गानों पर बैन, मनोज कुमार-देव आनंद की फिल्मों पर रोक..! बॉलीवुड पर भी पड़ा था 'इमरजेंसी' का बुरा असर सामने आई कंगना रनौत की इमरजेंसी की रिलीज डेट, जानिए किस दिन आ रही है इंदिरा गांधी की बायोपिक?
फिल्म रैप में जानिए कि रविवार को एंटरटेनमेंट की दुनिया में क्या खास हुआ. 9 जून 2024 का दिन एतिहासिक रहा. पीएम नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार पीएम बनने की शपथ ली. इस दौरान शाहरुख खान से लेकर अक्षय कुमार भी मौजूद रहे.
परेशान होकर छोड़ी इंडस्ट्री, सालों बाद किया कमबैक, बिहार की लड़की कैसे बनी हीरोइन?
टेलीविजन के पॉपुलर शो उडारियां 15 साल का लीप लेने जा रहा है. लीप के बाद शो एक नई कहानी और स्टारकास्ट के साथ दर्शकों को एंटरटेन करने आ रहा है. लीप से पहले उडारियां में आशमा का रोल निभाने वाली अदिति भगत ने आजतक संग बातचीत की और शो को लेकर कई सारी बातें शेयर कीं.
बिहार सीईटी बीएड : पांच साल में सबसे ज्यादा आवेदन आए, इस तारीख से आएंगे एडमिट कार्ड
Bihar CET B.Ed:महिलाओं के लिए अलग एवं पुरुषों के लिए अलग परीक्षा केंद्र होंगे। अभ्यर्थी 17 जून से अपना एडमिट कार्ड वेबसाइटwww. biharcetbed- lnmu. inपर लॉगइन कर डाउनलोड कर सकेंगे।
बीएसईबी बिहार बोर्ड से संबद्ध और एनसीटीई से मान्यता प्राप्त डीएलएड संस्थानों की सूची जारी
Bihar D.El.Ed: बिहार बोर्ड ने डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2024 की आंसर की जारी करने के एक दिन बाद अब राज्य में मौजूद सरकारी व निजी डीएलएड प्रशिक्षण संस्थानों की सूची भी जारी कर दी है। डीएलएड में दाखिला लेने
Bihar DElEd Answer Key 2024: आंसर की जारी, ऐसे दर्ज करें ऑब्जेक्शन, देखें डायरेक्ट लिंक
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने बिहार डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (DElEd) परीक्षा 2024 की आंसर की जारी की। जो उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट- biharboardonline.b
CSBC Bihar Police Constable Exam: क्या जारी हो चुकी हैं रिवाइज्ड तारीखें, पढ़ें अपडेट
CSBC Bihar Police Constable exam dates: बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की नई तारीखों का इंतजार है। परीक्षाएं 1, 7 और 15 अक्टूबर को निर्धारित की गई थीं, जिन्हें रद्द व स्थगित कर दिया गया था। आइए
बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा शर्मा की हाल ही में बिहार में एक रोड शो में भागीदारी ने इंटरनेट पर तूफान ला दिया है। क्रुक और तुम बिन 2 जैसी फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए मशहूर सुश्री शर्मा को अपने पिता अजीत शर्मा का समर्थन करते देखा गया, जो कांग्रेस के टिकट पर भागलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। यह रोड शो उन अफवाहों के बीच हुआ कि अभिनेता राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं। हालाँकि, अब यह स्पष्ट हो गया है कि वह सिर्फ अपने पिता के लिए प्रचार कर रही थीं। नेहा शर्मा ने इंस्टाग्राम पर बांका, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया सहित बिहार के विभिन्न जिलों की अपनी यात्रा दिखाते हुए एक वीडियो साझा किया। वह पारंपरिक सलवार कमीज पहने हुए थीं और जनता का अभिवादन करती और उन्हें वोट डालने के लिए प्रोत्साहित करती नजर आईं। इसे भी पढ़ें: AR Rahman ने नए एल्बम के रिलीज पर Taylor Swift को बधाई दी, नेटिजन ने कहा 'महान कला, महान कला को पहचानती है' View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया रोड शो के दौरान पीरपैंती और कहलगांव में भारी भीड़ ने अभिनेता का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा “वे कहते हैं कि जब कोई आपको अपने दिल में जगह देता है, तो आप हमेशा के लिए वहीं रहते हैं। आपने मुझे जो प्यार और समर्थन दिया है, उससे मेरा दिल भर गया है। पीरपैंती और कहलगांव में गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद। आपका प्यार सारी आँखों पर। सदा आभारी। ऑनलाइन प्रसारित हो रहे एक अन्य वीडियो में अभिनेत्री को भागलपुर में अपने पिता के चुनाव अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए दिखाया गया है। भागलपुर लोकसभा सीट पर दूसरे चरण में 26 अप्रैल को चुनाव होना है। इस सीट पर कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने वाले अजीत शर्मा का मुकाबला जेडीयू के अजय कुमार मंडल से है। पहले ऐसी अफवाह थी कि सुश्री शर्मा राजनीति में प्रवेश कर सकती हैं। हालाँकि, कई रिपोर्टों ने स्पष्ट किया है कि वह अभी चुनावी शुरुआत नहीं कर रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पिता अजीत शर्मा ने उन्हें राजनीति में शामिल होने का अवसर दिया, शर्मा वर्तमान में अपने अभिनय करियर पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। Bihar, Bhagalpur: Bollywood actress Neha Sharma campaigns for Congress leader and father Ajeet Sharma in the Lok Sabha elections, participates in a roadshow. pic.twitter.com/yEhb4XoQQL — IANS (@ians_india) April 23, 2024 View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial)
सलमान के घर फायरिंग से पहले शूटर्स ने बिहार में की हथियारों की प्रैक्टिस, फार्म हाउस की हुई थी रेकी
14 अप्रैल को, सुबह 4.50 बजे सलमान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर, अज्ञात हमलावरों ने पांच राउंड फायरिंग की थी. पुलिस ने सलमान के घर पर फायरिंग करने के मामले में विक्की गुप्ता (24 साल) और सागर पाल (21 साल) नाम के दो लड़कों को गिरफ्तार किया था. अब इससे जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है.
Manisha और Elvish के बीच लगी दुश्मनी की आग हुई और तेज, बिहार की बेटी नेसरेआम बना दिया'राव साहब' का मजाक ?
Bihar Board: जानें-10वीं की मार्कशीट में लिखी U/R,B और C जैसी शॉर्ट फॉर्म का क्या मतलब है?
बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं का रिजल्ट 31 मार्च को जारी कर दिया गया था। छात्र अपनी ओरिजनल मार्कशीट स्कूल से ले सकते हैं। आइए जानते हैं मार्कशीट में लिखी शॉर्ट फॉर्म की फुलफॉर्म क्या है।
बिहार में जेईई और नीट की फ्री कोचिंग, रहने-खाने की भी रहेगी मुफ्त व्यवस्था, ऐसे करें अप्लाई
Bihar Board Jee and Neet Free Coaching : विद्यार्थी समिति द्वारा संचालित engineering (jee) औरmedical (neet) की नि:शुल्क तैयारी हेतु BSEB SUPER-50 आवासीय शिक्षण में पढ़ने हेतु आवेदन कर सकत हैं।
Bihar 10th Board 2024: टॉप 5 में इन 10 छात्रों ने बनाई जगह, जानें नाम और मार्क्स
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने दसवी का रिजल्ट bsebmatric.org और results.biharboardonline.com पर जारी कर दिया है। इस साल टॉप 10 की लिस्ट ने 51 छात्रों ने अपनी जगह बनाई है। टॉप 5 की लिस्ट में 10 छ
Bihar Board BSEB 2024 Matrci Result Today:बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in व biharboardonline.com , onlinebseb.in पर जल्दजारी कर दिया जाएगा।
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) मैट्रिक यानी कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट अब कभी भी biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी हो सकता है, जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, रिजल्
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटर में एडमिशन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। इस बाबत समिति ने सभी सरकारी, गैर सरकारी विद्यालय, इंटर कॉलेजों की सूची ofssbihar.in पर अपलोड कर दी है।
बीएसईबी मैट्रिक रिजल्ट की घोषणा जल्द की जाएगी। हालांकि अभी तक रिजल्ट की टाइमिंग और तारीख के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद है नतीजे 31 मार्च तक आधिकारिक वेबसाइट biharboardonlin
BSEB Bihar 10th Board: प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेयर की जाएंगी ये 5 डिटेल्स, यहां पढ़ें
छात्र आधिकारिक वेबसाइट्स से बीएसईबी 10वीं स्कोरकार्ड 2024 डाउनलोड कर सकेंगे। रिजल्ट वाले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। जिसमें बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा से जुड़ी कई डिटेल्स शेयर की जाएगी। आइए ज
Bihar 12th Board: किसान की बेटी बनीं कॉमर्स की टॉपर, अब बनना चाहती हैं प्रोफेसर, करेंगी PhD
बिहार बोर्ड 12वीं की कॉमर्स स्ट्रीम में खुशी कुमारी को जिले में सेकंड रैंक मिली है। उनके पिता किसान हैं। उन्होंने कहा, मेरे पिता ने हमेशा शिक्षा को महत्व दिया है, इसलिए भविष्य में मैं शिक्षा के क्षेत
इस साल का रिजल्ट पिछले 5 साल की तुलना में सबसे बेहतर, 87.21 प्रतिशत विद्यार्थी हुए पास
BSEB Bihar Board 12th Result : हार बोर्ड ने आज 12वीं के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का रिजल्ट पिछले 5 सालों की तुलना में सबसे बेहतर रहा है। इस साल इंटर का रिजल्ट 87.21 फीसदी रहा।
बिहार बोर्ड ने 12वीं यानी इंटर परीक्षा का रिजल्ट अब जारी कर दिया है। टॉपर्स के नाम भी सामने आ गए हैं। आइए जानते हैं साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स स्ट्रीम के टॉपर्स ने किन स्कूलों से पढ़ाई की है। यहां देखें न
BSEB : बारहवीं कक्षा के छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी के लिए फ्री में कोचिंग देती है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) गरीब विद्यार्थियों को JEE और NEET की मुफ्त कोचिंग कराती है।
बीएसईबी 12वीं के परिणाम के साथ टॉपर्स की लिस्ट भी शेयर करेगा। जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, पिछले 7 सालों में आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम में किसने किया था टॉप। यहां पढ़ें पूरी
Bihar 12th Board 2024: रिजल्ट जारी होने की तारीख और समय के बारे में यहां मिलेगी जानकारी
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) जल्द ही इंटरमीडिएट या कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2024 के परिणाम घोषित करेगा। वहीं बोर्ड परिणाम के समय की घोषणा पहले कर दी जाएगी। आइए जानते हैं, आप कहां कर सकें

