बिहार में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में गोंडा जिले में भी प्रदर्शन हुआ यहां कटरा बाजार से पूर्व सपा विधायक बैजनाथ दुबे के नेतृत्व में बालपुर में एक कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने बिहार सरकार के खिलाफ नारे लगाए और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। यह कैंडल मार्च कल शनिवार देर शाम 7:30 बजे गोंडा-लखनऊ मार्ग पर बालपुर बाजार से शुरू हुआ जो रात 8:30 बजे समाप्त हो गया है। लोगों ने अपने हाथों में मोमबत्तियां और बैनर-पोस्टर लेकर मार्च किया। इस दौरान 'बिहार सरकार मुर्दाबाद', 'सम्राट चौधरी मुर्दाबाद' और 'जो निर्दोषों की हत्या करवाए वह सरकार निकम्मी है' जैसे नारे लगाए गए है। प्रदर्शनकारियों ने बिहार सरकार से दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करने तथा भरत तिवारी के हत्यारों को फांसी दिए जाने की मांग की। पूर्व सपा विधायक बैजनाथ दुबे ने आरोप लगाया कि भरत तिवारी जनता के लिए काम करते थे। उनका गांव बाढ़ में बह गया था और उन्होंने व्यवस्था के लिए हर जगह गुहार लगाई, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। दुबे ने दावा किया कि इसी कारण वहां का प्रशासन लगातार भरत तिवारी को निशाना बना रहा था और फिर उनका गलत तरीके से एनकाउंटर कर दिया गया। कैंडल मार्च में उमड़ी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। कैंडल मार्च के कारण गोंडा से लखनऊ और लखनऊ से गोंडा आने-जाने वाले लोगों को भी यातायात में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कैंडल मार्च बालपुर पुल से शहीद सुनील तिवारी की प्रतिमा तक निकाला गया। बैजनाथ दुबे ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 'ऑपरेशन लंगड़ा' चल रहा है, लेकिन बिहार में लोगों को मारा जा रहा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यूपी सरकार ने जो माहौल पैदा किया है, वह अब पूरे भारत में फैलेगा।
पहली बार बिहार से झारखंड व यूपी को 4 लाख क्यूबिक फीट तक बालू जाएगा
बिहार की जरूरत पूरी होने के बाद दूसरे राज्यों में बिक्री की अनुमतिनिर्माण कार्यों के लिए अपेक्षित बालू न मिल पाने अथवा महंगी कीमत पर खरीदने को मजबूर झारखंड के लोगों के लिए राहत की खबर है। बारिश में भी बिहार से दूसरे राज्यों में 4 लाख क्यूबिक फीट बालू की बिक्री होगी। लाइसेंसधारी कारोबारी यूपी व झारखंड के सीमावर्ती जिलों में बालू भेज सकेंगे। पहले 15 जून से 15 अक्टूबर तक बालू निर्यात पर रोक रहती थी। इस बार बिहार में पर्याप्त स्टॉक होने के कारण यह फैसला लिया गया है। लाइसेंसधारी विक्रेताओं ने रोक हटाने की मांग की थी। खान एवं भूतत्व विभाग ने समीक्षा के बाद दूसरे राज्यों में बिक्री की अनुमति दी। हर 15-20 दिन पर होगी समीक्षा दूसरे राज्यों में बालू बिक्री की समीक्षा हर 15 से 20 दिन में होगी। बिहार में मांग और उपलब्धता का आकलन किया जाएगा। पर्याप्त भंडारण रहने पर ही निर्यात जारी रहेगा। 15 अक्टूबर 2026 के बाद इस व्यवस्था को जारी रखने या बंद करने पर अलग से निर्णय लिया जाएगा। बारिश के दौरान दूसरे राज्यों में भी बालू की बिक्री की जाएगी। हालांकि, राज्य की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। बालू की उपलब्धता, आपूर्ति और मांग पर लगातार निगरानी होगी। - डॉ. प्रमोद कुमार, मंत्री, खान एवं भूतत्व विभाग बिहार, 35 लाख क्यूबिक फीट बालू का स्टॉक बारिश के मौसम को देखते हुए बिहार में पहले से बालू का भंडारण किया गया था। विभिन्न घाटों पर 35 लाख क्यूबिक फीट बालू स्टॉक किया गया। विभाग ने भवन, सड़क और निजी निर्माण के लिए 28 लाख क्यूबिक फीट खपत का अनुमान लगाया है। बचा हुआ बालू दूसरे राज्यों में बेचा जाएगा।
बिहार के प्रशासनिक और कारागार महकमे से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार ने कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा जेलों के भीतर सुरक्षा तंत्र को चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से एक बहुत बड़ा प्रशासनिक फेरबदल (Administrative Reshuffle in Bihar) कर दिया है। गृह विभाग (Home Department Bihar) ने एक साथ ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए सूबे के 30 जेल उपाधीक्षकों (Deputy Superintendents of Jails) का तबादला कर दिया है। सरकार के इस अचानक और कड़े फैसले से राज्य की केंद्रीय और जिला जेलों के भीतर हड़कंप मच गया है। विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के तहत सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से अपने नए कप्तानी वाले पदभार को संभालने का सख्त निर्देश दिया गया है।सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की बड़ी कवायद: कई संवेदनशील जेलों के प्रभारी बदले गएगृह विभाग से जारी ट्रांसफर लिस्ट के मुताबिक, इस फेरबदल में राज्य की कई अति-संवेदनशील जेलों के प्रभारियों को इधर से उधर किया गया है। पटना की बेउर जेल, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया और आरा जैसी बड़ी केंद्रीय तथा जिला कारागारों के उपाधीक्षकों के नाम इस सूची में प्रमुखता से शामिल हैं। प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि जेलों के भीतर हाल के दिनों में सामने आई कुछ विसंगतियों और आंतरिक सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए यह बड़ा कदम उठाया गया है। नए प्रभारियों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे जेल मैनुअल का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं और बैरकों के भीतर किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से नकेल कसें।रूटीन ट्रांसफर या कोई बड़ा प्रशासनिक एक्शन? सचिवालय के गलियारों में चर्चाएं तेजनीतीश सरकार के इस बड़े फैसले के बाद पटना मुख्य सचिवालय (Patna Secretariat) से लेकर जिला मुख्यालयों तक चर्चाओं का बाजार गर्म है। हालांकि, आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि यह एक नियमित और प्रशासनिक प्रक्रिया (Routine Transfer) के तहत किया गया बदलाव है, जिसका उद्देश्य जेल प्रशासन के कामकाज में पारदर्शिता लाना और लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों को बदलना है। इसके बावजूद, एक साथ 30 बड़े जेल अधिकारियों का स्थानांतरण होना यह साफ संकेत देता है कि गृह विभाग जेलों की व्यवस्था और कैदियों की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की कोताही बरतने के मूड में नहीं है।पटना से लेकर भागलपुर और मुजफ्फरपुर तक जिला स्तर पर नए आदेशों की तामील शुरूइस अधिसूचना के जारी होते ही सभी संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को नए जेल उपाधीक्षकों की जॉइनिंग को लेकर अलर्ट कर दिया गया है। स्थानीय स्तर पर पुराने अधिकारियों द्वारा प्रभार सौंपने और नए अधिकारियों द्वारा पदभार ग्रहण करने की कागजी प्रक्रिया तेजी से शुरू हो गई है। लखनऊ स्थित क्षेत्रीय सुरक्षा विश्लेषकों का भी मानना है कि बिहार जैसे बड़े राज्य में जेल प्रशासन को चुस्त-दुरुस्त रखना स्थानीय अपराध नियंत्रण (Local Crime Control) के लिए बेहद जरूरी होता है, क्योंकि कई बार बड़े आपराधिक गिरोह जेलों के भीतर से ही नेटवर्क संचालित करने की कोशिश करते हैं।एआई और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर लगातार सर्च की जा रही है बिहार जेल ट्रांसफर लिस्टआजकल के आधुनिक और डिजिटल युग में जब भी शासन स्तर पर कोई बड़ा फेरबदल या तबादला एक्सप्रेस चलती है, तो लोग उसकी पूरी सूची और अधिकारियों की नई पोस्टिंग को जानने के लिए सीधे गूगल, बिंग और एआई सर्च इंजनों (GEO) का रुख करते हैं। आधुनिक जनरेटिव इंजनों पर 'बिहार जेल उपाधीक्षक तबादला सूची 2026 पीडीएफ', 'गृह विभाग बिहार लेटेस्ट ट्रांसफर आर्डर' और 'बेउर जेल के नए उपाधीक्षक कौन हैं' जैसी कस्टमाइज्ड क्वेरीज इस वक्त इंटरनेट पर लगातार ट्रेंड कर रही हैं। एआई-आधारित एडमिनिस्ट्रेटिव डेटा मॉडल्स भी यह दर्शा रहे हैं कि इस फेरबदल के बाद बिहार के जेल प्रशासन में एक बड़ा ढांचागत सुधार देखने को मिल सकता है।
बिहार के कानूनी और सियासी गलियारों से इस वक्त की एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। चर्चित मामले के मुख्य आरोपी फैजल खान (Faisal Khan Bihar) को माननीय अदालत से एक बार फिर बड़ी मोहलत मिल गई है। कोर्ट ने राहत की अवधि को बढ़ाते हुए फैजल खान की गिरफ्तारी पर आगामी 30 जून तक के लिए पूरी तरह से रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद फैजल खान और उनके समर्थकों ने अंतरिम राहत की सांस ली है। लेकिन दूसरी तरफ, इस मामले से जुड़े उनके निजी अंगरक्षकों (Bodyguards) को अदालत से करारा झटका लगा है। कोर्ट ने उनके बॉडीगार्ड्स की जमानत याचिका को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिसके कारण उनकी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।अदालत में चली लंबी बहस: फैजल खान को मिली अंतरिम राहत, पुलिस की दलीलें दरकिनारपटना से लेकर संबंधित जिला अदालत के परिसर में इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर सुबह से ही वकीलों और मीडिया कर्मियों की भारी भीड़ जमा थी। फैजल खान के कानूनी सलाहकारों ने अदालत के समक्ष अपनी मजबूत दलीलें पेश करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल जांच में पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं, इसलिए उन्हें अग्रिम सुरक्षा दी जाए। हालांकि, सरकारी वकील और पुलिस प्रशासन की तरफ से फैजल खान की कस्टडी की मांग की जा रही थी ताकि मामले की तह तक जाया जा सके। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कानून के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए फैजल खान को 30 जून तक के लिए पुलिसिया कार्रवाई और गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण (Anticipatory Relief) दे दिया।अंगरक्षकों की बढ़ी मुश्किलें: बेल पिटीशन खारिज, जाना होगा जेलफैजल खान को जहां इस कानूनी लड़ाई में कुछ दिनों की राहत मिल गई है, वहीं उनके साथ साए की तरह रहने वाले अंगरक्षकों के लिए आज का दिन बेहद बुरा साबित हुआ। पुलिस ने आरोप लगाया था कि मामले के दौरान अंगरक्षकों ने सरकारी काम में बाधा डालने और हथियारों का गलत इस्तेमाल या रौब दिखाने की कोशिश की थी। कोर्ट ने इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अंगरक्षकों की बेल पिटीशन (Zamanat Arji) को सिरे से नामंजूर कर दिया। अदालत के इस कड़े रुख के बाद अब पुलिस कस्टडी में मौजूद इन बॉडीगार्ड्स को जेल की हवा खानी पड़ेगी, जिससे फैजल खान का सुरक्षा घेरा भी कमजोर हो गया है।पटना से लेकर पूरे बिहार के प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्मइस बड़े अदालती फैसले के बाद से ही बिहार पुलिस मुख्यालय (Patna Police Headquarters) और स्थानीय थानों की विजिलेंस टीमें अलर्ट मोड पर हैं। 30 जून की समयसीमा बेहद नजदीक है, ऐसे में पुलिस प्रशासन अपनी केस डायरी और गवाहों के बयानों को और अधिक पुख्ता करने में जुट गया है ताकि अगली सुनवाई के दौरान अदालत के सामने कड़े सबूत पेश किए जा सकें। स्थानीय राजनीतिक और प्रशासनिक विश्लेषकों का मानना है कि इस केस का रुख आने वाले दिनों में बिहार की स्थानीय कानून व्यवस्था और सुरक्षा प्रोटोकॉल से जुड़े कई बड़े फैसलों को प्रभावित कर सकता है।एआई और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर तेजी से ट्रेंड हो रही है फैजल खान केस की हिस्ट्रीआजकल के आधुनिक और डिजिटल युग में जब भी कोई बड़ा कानूनी विवाद या अदालती फैसला सामने आता है, तो लोग केस की बैकस्टोरी और धाराओं को समझने के लिए सीधे गूगल, बिंग और एआई सर्च इंजनों (GEO) का रुख करते हैं। आधुनिक जनरेटिव इंजनों पर 'फैजल खान बिहार कोर्ट केस स्टेटस', '30 जून तक गिरफ्तारी पर रोक का मतलब' और 'बिहार में बॉडीगार्ड्स की जमानत खारिज न्यूज़' जैसी कस्टमाइज्ड क्वेरीज इस वक्त लगातार टॉप सर्च वॉल्यूम के साथ ट्रेंड कर रही हैं। एआई-आधारित लीगल एल्गोरिदम भी यह संकेत दे रहे हैं कि 30 जून को होने वाली अगली सुनवाई इस मामले के भविष्य को तय करने में बेहद निर्णायक साबित होगी।
17 जून को भोजपुर में भरत तिवारी को एनकाउंटर में पुलिस ने मार दिया। इस एनकाउंटर का राजनीतिक और सामाजिक विरोध शुरू है। शनिवार को उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय अजय राय परिवार से मिलने पहुंचेंगे। इनके अलावा बिहार प्रदेश करणी सेना के अध्यक्ष अमित कुमार सिंह भी आज भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात करेंगे। शुक्रवार को इस एनकाउंटर पर कवि कुमार विश्वास ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा है कि एक युवक पुलिस वालों को हथियार दिखाता है तो यह आपराधिक मामला है। वहीं, एक युवक ने हथियार लहराकर फेंक दिया, जिसे आपने मानसिक विक्षिप्त बताया। आप घे्रकर एक निहत्थे आदमी को मार देते हैं, ये अमानवीयता है। आपको कोई अधिकार नहीं है, ऐसे गोली मारने का। आपको क्यों ट्रेनिंग मिली है। वहीं, भोजपुरी सिंगर रितेश पांडेय ने शुक्रवार को भरत तिवारी की मां और अन्य परिजन से मुलाकात की। मुलाकात के बाद रितेश पांडे ने कहा कि ये एनकाउंटर नहीं, बल्कि हत्या है। मैं केवल संवेदना व्यक्त करने नहीं आया हूं। यह भरोसा दिलाने आए हैं कि न्याय की लड़ाई में परिवार अकेला नहीं है। हमारी जितनी भी क्षमता होगी, हम उसके अनुसार योगदान देंगे, ताकि शहीद भरत तिवारी और उनके परिवार को न्याय मिल सके। भरत के भाई ने भोजपुर SP पर धमकाने का आरोप लगाया इधर, भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने भोजपुर के एसपी राज पर धमकाने, केस उठाने की धमकी देने का आरोप लगाया है। चंदन तिवारी ने कहा है कि बुधवार (24 जून) की रात एसपी अपनी पूरी टीम के साथ अचानक मेरे घर आए और अंदर घुस गए, वे किसके परमिशन से अंदर घुसे? जब एसपी राज अपनी पूरी टीम के साथ मेरे घर आए थे, तो घर पर मात्र चार लोग थे। मैं, मेरी पत्नी और मेरे माता-पिता थे। इसके अलावा अंदर कोई नहीं था, किसी भी गांववाले को अंदर घुसने नहीं दिया जा रहा था, मतलब एसपी अपनी पूरी टीम के साथ क्या करने आए थे। पुलिस वालों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई चंदन ने ये भी कहा कि शाहपुर थाना के एसएचओ, जगदीशपुर के एसडीपीओ समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज हो चुकी है, लेकिन किस कानून के तहत अब तक उन दोनों की गिरफ्तारी नहीं हुई, उन्हें अब तक जेल में क्यों नहीं डाला गया। एक आम जनता के खिलाफ एफआईआर दर्ज होती है, उसे आधे घंटे में गिरफ्तार कर लिया जाता है, लेकिन इन दोनों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज की गई है, उन्हें अब तक अंदर नहीं डाला गया, क्यों नहीं अंदर डाला गया, प्रशासन इसका जवाब दे। रिटायर्ड जज नहीं, HC के वर्तमान जज से जांच कराई जाए एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी चंदन ने कहा, भरत एनकाउंटर की जांच रिटायर्ड जज नहीं बल्कि पटना हाई कोर्ट के वर्तमान जज से कराई जाए। एनकाउंटर मामले को दबाने को कोशिश की जा रही है, लेकिन मैं पुलिस के प्रभाव में आकर दबने वाला नहीं हूं, जनता भी सारी सच्चाई जान चुकी है। पुलिस को इस एनकाउंटर का रिजल्ट देना पड़ेगा। प्रशासन की ओर से परिवार को धमकाना गलत: रितेश पांडेय रितेश पांडेय ने कहा कि भरत के छोटे भाई से मेरी बात हुई। उसने कहा कि प्रशासन की ओर से धमकियां दी जा रही है। अगल ऐसा हो रहा है तो गलत है। जिस परिवार ने अपना बेटा खोया है, उसे डराने-धमकाने के बजाय न्याय दिया जाना चाहिए। उन्होंने परिवार की सीबीआई जांच की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि परिवार की स्पष्ट मांग है कि इस पूरे मामले की सीबीआई से जांच हो। परिवार के साथ इतना बड़ा अन्याय हुआ है। सरकार को उनकी मांग मान लेनी चाहिए। जल्द से जल्द सीबीआई जांच होनी चाहिए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। देवकीनंदन महाराज बोले- गरीबों की आवाज उठा रहे थे भरत तिवारी देवकीनंदन महाराज ने भरत तिवारी के एनकाउंटर पर कहा है कि इस घटना से मन बहुत दुखी है। समाज में संवेदना खत्म होते जा रही है। समाज अपने हिसाब से जी रहा है। भरत तिवारी गांव के लोगों की आवाज उठा रहे थे। गरीबों को कहीं न्याय नहीं मिलता है। क्या एसपी-डीएम उस गांव में एक महीने रहने के बाद कह सकते हैं कि भरत गलत आवाज उठा रहा था? अगर आप वहां नहीं रह सकते है तो भरत ने गलत नहीं किया है। उसकी मां का बेटा क्या वापस आ सकता है? भरत तिवारी को न्याय मिलना चाहिए। पुलिस ने FIR से पिता-भाई का नाम हटाया भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस ने भाई चंदन तिवारी और पिता काशीनाथ तिवारी के खिलाफ केस दर्ज किया था, लेकिन गुरुवार को पुलिस ने दोनों का नाम FIR से हटा दिया है। पुलिस ने उन्हें हथियार रखने और भरत तिवारी को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए धारा-132/109(1)/351(2)/352,3(5)BNS 2023 और 25(9)/27/35 आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। वहीं, एनकाउंटर के 8वें दिन गुरुवार को सीएम सम्राट चौधरी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा है कि समस्या यदि सामने आती है तो सरकार तुरंत चिंतित होकर आगे बढ़ेगी। सरकार ने सबसे ऊपर के आयोग का गठन किया है। जो गलत होगा उस पर कार्रवाई होगी। इधर, भरत तिवारी मुठभेड़ की न्यायिक जांच शुरू हो गई है। गुरुवार सुबह रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा अपनी टीम के साथ भरत तिवारी के गांव बिलौटी पहुंचे। उनके साथ शाहबाद रेंज के DIG सत्य प्रकाश, भोजपुर के DM तनय सुल्तानिया, भोजपुर के SP राज समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद रहे। रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा ने भरत तिवारी के माता-पिता और भाई से भी मुलाकात की है। साथ ही वारदात से जुड़े जगहों का निरीक्षण किया। रिटायर्ड जज के पहुंचने की कुछ तस्वीरें देखिए… भरत की मां बोलीः पुलिस वालों को फांसी हो विनोद कुमार सिन्हा से मुलाकात के बाद भरत तिवारी की मां आशा देवी ने बताया, उन्होंने मुझसे कहा कि आप लिखकर दीजिए क्या चाहती हैं। मैंने जज साहब से कहा कि मेरे बेटे को को जिस-जिस ने मारा है, उसे फांसी होनी चाहिए।जिस SDM का मेरे बेटे की हत्या में हाथ था वो भी उनके साथ आया था। मैंने उनके सामने कहा कि इसे फांसी दो। प्रशासन गुंडा है, गुंडे का एक ही इलाज है फांसी। मुझे कोर्ट पर विश्वास है। CBI जांच होनी चाहिए। 17 जून को भरत तिवारी का एनकाउंटर हुआ था। परिवार ने हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस वालों पर FIR दर्ज कराई है। इसके बाद CM ने इस मामले में न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। अब भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर की कहानी जानिए भरत भूषण तिवारी 17 जून को फेसबुक लाइव आया था कि वो सुनसान इलाके में खड़ा है। उसके सामने पुलिस और एसटीएफ की टीम खड़ी है। भरत के दोनों ओर बुलेट प्रूफ जैकेट पहने भोजपुर पुलिस के जवान हथियार लेकर खड़े हैं। खुद भरत इस बात का जिक्र करता है। वो खुद को निर्दोष बताते हुए कहता है कि मैं कोई मुजरिम नहीं हूं, इसके बावजूद एसटीएफ के साथ भोजपुर पुलिस टीम मुझे पकड़ने आई है। वीडियो के आखिर में भरत भूषण पुलिस की ओर हथियार फेंकता है और खुद को सरेंडर कर फेसबुक लाइव बंद कर देता है। पुलिस का दावा है कि इसके बाद उसने दोबारा पिस्टल उठाकर फायरिंग की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैरों में गोली मारी गई। भरत तिवारी एनकाउंटर केस में अबतक क्या-क्या हुआ ये खबरें भी पढ़िए…
जैकेट बनाने के नाम पर कारोबारी से 5 लाख रुपए की ठगी, बिहार के 4 पर केस
लुधियाना| जैकेट तैयार करवा कर देने के नाम पर लुधियाना के एक कारोबारी से 5 लाख रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। थाना डिवीजन नंबर 2 की पुलिस ने पीड़ित कारोबारी की शिकायत पर बिहार के रहने वाले चार आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। दिलचस्प बात यह है कि यह मामला पहले बिहार के पटना (दानापुर) में जीरो एफआईआर के रूप में दर्ज हुआ था, जिसे अब जांच के बाद लुधियाना ट्रांसफर किया गया है। शिकायतकर्ता इकबाल करनजीत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आरोपी जाबिर हुसैन, साबिर, मोहम्मद साबिर और रकीब उल अंसारी ने मिलकर उनसे संपर्क किया था। आरोपियों ने पीड़ित से जैकेट बनाने के नाम पर 5 लाख रुपए एडवांस ले लिए और तय समय पर माल डिलीवर करने का वादा किया। आरोप है कि पैसे लेने के बाद आरोपियों ने न तो इकबाल करनजीत सिंह को जैकेट बनाकर दी और न ही उनके 5 लाख रुपए वापस किए। बार-बार मांगने पर भी जब रकम नहीं लौटी, तो पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। पुलिस ने शिकायत और शुरुआती जांच के आधार पर जिन चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, वे सभी जाबिर हुसैन ,साबिर ,मोहम्मद साबिर,रकीब उल अंसारी,बिहार के रहने वाले हैं। पुलिस ने बताया कि पटना के दानापुर थाने में दर्ज हुई टेंपरेरी जीरो एफआईआर के लुधियाना पहुंचने के बाद यह मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
थर्ड बिहार मॉडर्न पेंटाथलॉन लेजर रन चैंपियनशिप:शेखपुरा में 4 और 5 जुलाई को होगा स्टेट लेवल प्रोग्राम
शेखपुरा में तीसरी बिहार मॉडर्न पेंटाथलॉन लेज़र रन राज्य चैंपियनशिप का आयोजन 4 और 5 जुलाई को किया जाएगा। यह प्रतियोगिता बिहार मॉडर्न पेंटाथलॉन एसोसिएशन के तत्वावधान में शेखपुरा शहर के त्रिमुहानी में आयोजित होगी। प्रतियोगिता को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में आयोजन समिति ने तैयारियों और इसके महत्व की जानकारी दी। एसोसिएशन के अध्यक्ष यशपाल कुमार ने बताया कि यह राज्य स्तरीय प्रतियोगिता बिहार में मॉडर्न पेंटाथलॉन खेल के विकास में महत्वपूर्ण कदम है। इससे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। खिलाड़ियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही एसोसिएशन के सचिव बबलू कुमार के अनुसार, प्रतियोगिता में बिहार के विभिन्न जिलों के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। इसमें अंडर-09, अंडर-11, अंडर-13, अंडर-15, अंडर-17, अंडर-19, अंडर-21 और सीनियर वर्ग शामिल होंगे। प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं और खिलाड़ियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि इस प्रतियोगिता में प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ी आगामी बिहार राज्य ओलंपिक खेल में अपने जिले का प्रतिनिधित्व करने के पात्र होंगे। पंजीकरण कर प्रतियोगिता में भाग लेने की अपील की राहुल कुमार ने सभी खिलाड़ियों से समय पर पंजीकरण कर प्रतियोगिता में भाग लेने की अपील की। वहीं, एसोसिएशन के उपाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि आयोजन समिति खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, अभिभावकों और अतिथियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी खेल प्रेमियों और नागरिकों से प्रतियोगिता में उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने का आग्रह किया। प्रेस वार्ता में यह भी बताया गया कि प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा। आयोजन समिति ने सभी जिलों के खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर प्रतियोगिता को सफल बनाने की अपील की। इस प्रेस वार्ता में एसोसिएशन के पदाधिकारी और आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
बिहार की माटी के लाल और अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान से राज्य का नाम रोशन करने वाली प्रतिभाओं को दैनिक भास्कर बिहार के गौरव अवॉर्ड से नवाजा गया। शुक्रवार को यह आयोजन होटल मौर्या में हुआ। समारोह में उन 35 चुनिंदा विभूतियों को सम्मानित किया गया। इन लोगों ने अपने दृढ़ संकल्प और कड़ी परिश्रम से अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्टता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव, कला संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी भी शामिल हुए। देखें कार्यक्रम की कुछ तस्वीरें… रामकृपाल यादव बोले- बिहार के गौरवशाली इतिहास में नाम दर्ज हो सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा, मैं दैनिक भास्कर परिवार के प्रति आभार व्यक्त करना चाहता हूं कि बिहार का नाम विभिन्न क्षेत्रों में ऊंचा करने वाले बिहार के गौरवों को सम्मानित करने का काम किया है। आगे कहा कि मेरी उन सभी लोगों को शुभकामनाएं हैं। वह इसी तरह काम करते रहे और बिहार का नाम ऊंचा करते रहे। बिहार के गौरवशाली इतिहास में इनका नाम दर्ज हो। उन्होंने यह भी घोषणा की है कि सुधा दूध के तर्ज पर सब्जी आउटलेट की शुरुआत बिहार में जल्द ही होगी। इस तरह के आयोजन से पॉजिटिव वाइब्स मिलती हास्य कवि शंभू शिखर ने अवार्ड पाने के बाद अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा, मुझे दैनिक भास्कर की ओर से आज बिहार गौरव अवार्ड मिला है। मैं बहुत ही सम्मानित महसूस कर रहा हूं। इस दौरान उन्होंने एक कविता भी सुनाई। वहीं, पलंग जी इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर उत्तम केसरी ने कहा कि दैनिक भास्कर की यह बहुत अच्छी पहल है, यह काम होते रहने चाहिए। इससे पॉजिटिव वाइब्स मिलती है। छोटी जगह से निकलकर आज लोग जब इस मंच पर बोलते हैं, तो उन्हें काफी खुशी महसूस होती है। जो लोग अच्छा कर सकते हैं, मगर उनमें कॉन्फिडेंस की कमी है तो इस तरह के आयोजन से उनका मोरल अप होता है।
दरभंगा में लाठी-डंडे से पीट-पीटकर एक युवक की हत्या कर दी गई। घर से 100 मीटर की दूरी पर खून से लथपथ बॉडी मिली है। वहीं, घटनास्थल के पास से ही गंभीर हालत में एक युवक मिला है। जिसके पेट में गोली लगी है। घायल युवक मोबिन बिहार पुलिस में है। जिसका प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है। मृतक की पहचान सुनील सहनी(25) के तौर पर हुई है। घटना बहादुरपुर थाना क्षेत्र के ओझौल गांव की है। परिजन के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब चार बजे किसी ने फोन करके सुनील को घर से बुलाया था। कुछ देर बाद गांव में शिव मंदिर के पास उसका शव मिला। घटनास्थल पर उसकी बाइक भी खड़ी मिली। सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं। सुनील ने गांव में 2 साल पहले एक मुस्लिम लड़की के साथ लव मैरिज की थी। लड़की फिलहाल अपने मायके में है। 'गांव में मिली थी धमकी' पिता दिलीप सहनी ने सोनू, मोनू, राहुल समेत करीब 10 लोगों पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बेटे का पहले से गांव के कुछ युवकों से दुश्मनी चल रही थी। चार-पांच दिन पहले भी इन लोगों ने धमकी दी थी, लेकिन उस समय थाना में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई थी। बेटा भी कबाड़ी का काम करता था। हमलावर पहले से लाठी, डंडा और धारदार हथियार लेकर घात लगाए बैठे थे। सुनील के पहुंचते ही उस पर हमला कर दिया। मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है जानकारी के अनुसार घायल मोबिन बिहार पुलिस कार्यरत है। दूसरे जिले में पोस्टिंग है। छुट्टी पर गांव आया था। इस संबंध में एसडीपीओ सदर राजीव कुमार ने कड़ी कार्रवाई की बात कही है। छानबीन में जुटी पुलिस सूत्रों के मुताबिक मोबिन पर गोली सुनील ने ही चलाई थी। हालंकि इसकी अभी पुष्टि नहीं है। वो मंदिर के पास कैसे पहुंचा, इसको लेकर अभी कुछ स्पष्ट नहीं है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
सवाई माधोपुर में रणथंभौर नेशनल पार्क के झूमर बावड़ी वन क्षेत्र में गुरुवार शाम एक युवक का शव पेड़ से फंदे पर लटका मिला। वनकर्मियों ने शव देखकर तत्काल कोतवाली थाना पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। घटना की जानकारी युवक के परिजनों को भी दे दी गई है। मोबाइल से हुई पहचान, नालंदा (बिहार) का था युवक कोतवाली थानाधिकारी मदनलाल मीणा ने बताया कि मृतक की पहचान दीनबंधु पासवान पुत्र विजय पासवान निवासी नालंदा (बिहार) के रूप में हुई है। युवक की जेब से मिले मोबाइल के आधार पर उसके परिजनों से संपर्क कर घटना की सूचना दी गई। पुलिस के अनुसार युवक ने काली टी-शर्ट और जींस पहन रखी थी। उसके हाथ में कलावा और कड़ा था, गले में रुद्राक्ष युक्त तुलसी की माला थी। चेहरे पर हल्की दाढ़ी-मूंछ थी, जबकि वह नंगे पैर था और उसने जूते-चप्पल नहीं पहन रखे थे। वन क्षेत्र में कैसे पहुंचा, पुलिस कर रही जांच पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि युवक झूमर बावड़ी वन क्षेत्र तक कैसे पहुंचा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार झूमर बावड़ी गेट पर हमेशा वनकर्मी तैनात रहते हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि युवक दीवार फांदकर जंगल में दाखिल हुआ होगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
राजस्थान में मानसून के इंतजार के बीच गुरुवार को जयपुर में तेज बारिश हुई। करीब आधे घंटे में 2 इंच बरसात से सड़कें पानी से डूब गईं। जगह-जगह गाड़ियां पानी में बंद हो गईं। दुकानों में पानी घुस गया। कोलकाता में भी कुछ ऐसा ही हाल रहा। दोपहर में करीब एक घंटे की बारिश से शहर की मुख्य सड़कों पर एक फीट तक पानी भर गया। कोलकाता के SSKM अस्पताल के अंदर तक पानी घुस गया। इससे मरीज और उनकी देखभाल करने वाले लोगों को काफी परेशानी हुई। बारिश से हादसों की आशंका को देखते हुए मध्य प्रदेश के इंदौर में 15 पर्यटन स्थलों में 22 अगस्त तक एंट्री बंद कर दी गई है। राज्य के शाजापुर में गुरुवार को बिजली गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। मौसम विभाग ने कहा है कि अगले 2 से 4 दिनों में मानसून पूरे राज्य को कवर कर सकता है। इधर, यूपी में मानसून 8 दिन लेट है। यह आमतौर पर 20 जून तक आ जाता है लेकिन इस बार 15 दिनों से बिहार बॉर्डर पर रुका है। राज्य के 8 जिलों में गुरुवार को हीटवेव के हालात रहे। बिहार के 13 जिलों में तेज धूप के साथ गर्म हवा चली। पहले मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून… देशभर से बारिश की 5 तस्वीरें… अगले 2 दिन के मौसम का हाल 27 जून: 28 जून:
पटना के ज्ञान भवन में भाजपा द्वारा आयोजित ‘संविधान हत्या दिवस’ कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शामिल हुए। कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता राधामोहन सिंह समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में जेपी नड्डा ने कहा, आपातकाल के दौरान लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया था। नड्डा ने कहा कि उस दौर में बड़े पैमाने पर जबरन नसबंदी अभियान चलाया गया और लाखों लोगों को इसके लिए मजबूर किया गया। सम्राट चौधरी बोले- लोकतंत्र को मजबूत करने का संकल्प मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, आज देश और बिहार में विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। लोकतंत्र को व्यवस्थित और मजबूत बनाने का काम किया गया है। इस बात की चिंता की गई है कि भविष्य में लोकतंत्र पर कभी कोई काला अध्याय न आए। देखें कार्यक्रम की तस्वीरें… भोजपुर घटना पर क्या बोले मुख्यमंत्री भोजपुर की हालिया घटना पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई समस्या सामने आती है तो सरकार तत्काल गंभीरता से कार्रवाई करती है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए सर्वोच्च स्तर का आयोग गठित किया गया है ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और दोषियों पर कार्रवाई हो। छूटे हुए पेंशनधारियों को जोड़ा जाएगा सम्राट चौधरी ने कहा कि जेपी नड्डा के बिहार आगमन के अवसर पर वह आश्वस्त करते हैं कि एक कमेटी बनाई जाएगी, जो पेंशन योजना से छूटे हुए लोगों को जोड़ने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष 25 जून को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में आपातकाल के खिलाफ संघर्ष करने वाले लोगों को सम्मानित किया जाएगा। ‘सहयोग’ कार्यक्रम पर सरकार का दावा मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सहयोग’ कार्यक्रम के तहत करीब 3.50 लाख आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से लगभग 9,500 लोगों को पहला नोटिस, 3,500 लोगों को दूसरा नोटिस और केवल एक व्यक्ति को तीसरा नोटिस जारी किया गया। नड्डा ने कहा- जेपी आंदोलन की धरती है पटना केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि संविधान हत्या दिवस के अवसर पर पटना आना उनके लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि देशभर में यह दिवस मनाया जा रहा है, लेकिन पटना का इससे खास ऐतिहासिक संबंध है क्योंकि जेपी आंदोलन का बीज बिहार और पटना की धरती पर ही बोया गया था। नड्डा ने कहा, “5 जून 1974 को जयप्रकाश नारायण ने संपूर्ण क्रांति का नारा दिया था। उस समय मैं मैट्रिक का छात्र था और उस आंदोलन का साक्षी रहा हूं। गफूर सरकार को बर्खास्त करने की मांग को लेकर राज्यपाल आर.डी. भंडारे को ज्ञापन सौंपने के लिए लोग गए थे। उस लोकतांत्रिक संघर्ष में शामिल होने का अवसर मुझे भी मिला था।” इमरजेंसी को बताया लोकतंत्र का काला अध्याय जेपी नड्डा ने कहा, जेपी आंदोलन के तीन सप्ताह बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लागू कर दिया। उन्होंने दावा किया कि इमरजेंसी के दौरान 1 लाख 31 हजार से अधिक लोगों को बिना कारण जेल भेजा गया, जबकि अंग्रेजी शासन में भी इतनी बड़ी संख्या में लोगों को जेल में नहीं डाला गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया था। नड्डा ने कहा कि उस दौर में बड़े पैमाने पर जबरन नसबंदी अभियान चलाया गया और लाखों लोगों को इसके लिए मजबूर किया गया। कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर साधा निशाना कांग्रेस और विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए नड्डा ने कहा कि आज जो दल इंडी गठबंधन के रूप में एकजुट हैं, उनकी सोच लोकतंत्र के प्रति ईमानदार नहीं रही है। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। ‘हमारी सरकार ने राष्ट्रपति शासन से परहेज किया’ नड्डा ने कहा कि वर्तमान सरकार ने जम्मू-कश्मीर और कुछ समय के लिए मणिपुर को छोड़कर कहीं भी राष्ट्रपति शासन लगाने की जरूरत नहीं समझी। उन्होंने इसे लोकतंत्र और जनादेश के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।
भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज आकाशदीप बुधवार को काशी में शादी के बंधन में बंध गए। कार्यक्रम ताज गंगेज होटल में हुआ। आकाशदीप ने अपनी बारात में जमकर डांस किया। इस दौरान उनके दोस्त रिश्तेदार भी बैंड और डीजे पर नाचते दिखे। काशी के पंडितों ने द्वार पूजा कराई। इसके बाद आकाशदीप को अक्षिता ने वरमाला पहनाई। सिंगर पवन सिंह भी दोनों को बधाई देने पहुंचे। बिहार के एमएलसी पवन सिंह ने शादी की स्टेज पर भगवान बड़ी फुर्सत से आकाशदीप के बनवले बाड़ें। आकशदीप की पत्नी अक्षिता ने पवन सिंह का पैर छूकर आशीर्वाद लिया। आज आकाशदीप अपनी पत्नी को लेकर यूपी से अपने घर सासाराम आएंगे। शादी में बनारसी के साथ इंटरनेशनल डिशेज का इंतजाम शादी के मंडप को शिव मंदिर की थीम पर सजाया गय। आकाशदीप और अक्षिता की शादी में करीब 300 से ज्यादा मेहमान पहुंचे। सभी की होटल में एंट्री QR कोड स्कैन करने के बाद हुई। इससे पहले आकाशदीप बुधवार को शाम 7 बजकर 30 मिनट पर परिवार के साथ बिहार से होटल पहुंचे थे। शादी में मेहमानों को परोसी जाने वाली थाली की कीमत करीब 4500 रुपए बताई गई। इसमें बनारसी के साथ इंटरनेशनल डिशेज भी थीं। वहीं, दूल्हा-दुल्हन को सजाने के लिए दिल्ली से मेकअप आर्टिस्ट बुलाए गए थे। आकाशदीप ने शादी से पहले पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से वीडियो कॉल पर बात की। इससे पहले उन्होंने जगद्गुरु रामभद्राचार्य से भी वीडियो कॉल पर बात की थी। आकाशदीप और उनकी दुल्हन अक्षिता दोनों ही बिहार के सासाराम (रोहतास) के रहने वाले हैं। बिहार सरकार ने 4 दिन पहले ही आकाशदीप को DSP बनाया था। आकाशदीप की शादी से जुड़ी तस्वीरें देखिए…
बिहार में जमीनी स्तर पर खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए विभाग ने मेगा प्लान बनाया है। इसके तहत 2 अक्टूबर से दिसंबर तक राज्यभर में कई खेल प्रतियोगिताएं होंगी। यह अभियान पंचायत स्तर से शुरू होकर प्रखंड, जिला होते हुए राज्य स्तर तक पहुंचेगा। इसकी तैयारियों को लेकर विकास भवन में खेल निदेशक आरिफ अहसन ने बुधवार को सभी जिला खेल पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। खिलाड़ियों को खेल के अनुसार आवश्यक खेल सामग्री मिलेगी खेल निदेशक आरिफ अहसन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्र में नियमित फील्ड विजिट करें। पंचायत और प्रखंड स्तर पर मैदानों की वास्तविक स्थिति देखें। जहां भी खेल गतिविधियां चल रही हैं, वहां स्थानीय युवाओं को प्रोत्साहित करें। विभाग खिलाड़ियों को खेल के अनुसार आवश्यक खेल सामग्री और उचित प्रशिक्षण देकर आगे बढ़ाएगा। इन आयोजन का उद्देश्य केवल प्रतियोगिताएं कराना नहीं, बल्कि राज्य के प्रत्येक क्षेत्र में खेल वातावरण तैयार करना, स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान देना और खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए मंच उपलब्ध कराना है। 1 जुलाई से फिर खुलेगा स्पोर्ट्स क्लब पोर्टल खेलों को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए विभाग स्पोर्ट्स क्लब पोर्टल को 1 जुलाई से 15 अगस्त तक के लिए दोबारा खोलने जा रहा है। इसके जरिए ग्राम और नगर पंचायत स्तर पर खेल क्लबों के गठन के लिए नए आवेदन लिए जाएंगे। स्पोर्ट्स क्लब के लिए 21,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। इस साल की शुरुआत में चुनाव प्रक्रिया भी संपन्न कराई गई थी। अब पोर्टल को दोबारा खोलने का उद्देश्य उन क्षेत्रों और खिलाड़ियों को भी अवसर प्रदान करना है जो पहले चरण में इससे जुड़ नहीं पाए थे।
9 से ज्यादा टॉप सीनियर IAS ऑफिसरों ने बिहार का पैसा दुबई और यूरोपियन देशों में खपाया है। ये वो IAS अफसर हैं जो पिछले 20 सालों में बिहार सरकार में बड़ी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ये जहां जिस भी विभाग में तैनात हुए हैं, वहां से ब्लैक मनी के लिए पैरलल सिस्टम तैयार कर लिया। अफसरों के इस सिस्टम को एजेंट्स हैंडल करते थे। एजेंट्स ही तय करते थे कि बिहार में किस विभाग में कौन सा काम कौन करेगा? ब्लैक मनी के लिए अफसरों ने एजेंट्स के हाथ कार्यालय का पूरा सिस्टम दे दिया था..। इतना ही नहीं एजेंट्स पर अफसरों की गर्लफ्रेंड्स के गिफ्ट की भी जिम्मेदारी थी। फ्लैट से लेकर गाड़ियां भी एजेंट्स गिफ्ट करते थे। जो पैसा बिहार के विकास में लगना था, उससे दुबई में रिसॉर्ट और बिजनेंस में लगा दिया गया। पढ़िए और देखिए बिहार सरकार को कर्ज में डालकर विकास के पैसों को ब्लैक मनी में कनवर्ट कर दुबई और यूरोपियन देशों में निवेश करने वाले बिहार के सीनियर IAS अफसराें की ब्लैक मनी की कहानी..। IAS अफसरों की ब्लैक मनी का किंगपिन रिशुश्री बिहार के दर्जनों सीनियर IAS अफसरों की ब्लैक मनी विदेशों में एडजेस्ट कराने वाला किंगपिन रिशुश्री है। एसयूवी ने 27 मई को रिशुश्री के कई ठिकानों पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया था। रिशुश्री की गिरफ्तारी के बाद बिहार में विकास के पैसों को ब्लैेकमनी में कनवर्ट कर विदेशों में खपाने वाले अफसरों के नाम का खुलासा हुआ। रिशुश्री के ठिकानों से कई ऐसे डिजिटल गैजेट्स मिले, जिससे बिहार के पैसों को विदेशों में खपाने वाला कनेक्शन सामने आया है। रिपोर्ट जिसने खोला IAS अफसरों का दुबई कनेक्शन 30 अप्रैल 2025 को एसवीयू के डीएसपी लव कुमार की स्पेशल विजलेंस युनिट के एसपी को भेजी गई रिपोर्ट में कई खुलासे किए हैं। इसी रिपोर्ट के बाद रिशुश्री पर जांच एजेंसियों को शिकंजा कसा और अब बिहार के कई सीनियर IAS अधिकारियों के फॉरेन में निवेश की फंडिंग की पोल खुली। रिपोर्ट में डीएसपी लव कुमार ने लिखा है, सीनियर ऑफिसर के निर्देश पर मैंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) पटना की रिपोर्ट का सत्यापन किया, जो प्रवर्तन निदेशालय पटना के संयुक्त निदेशक सत्यकाम दत्ता द्वारा ECIR/PTZO/04/2024, दिनांक 25 फरवरी 2025 के माध्यम से पेश की गई थी। रिपोर्ट में बिहार सरकार के विभिन्न विभागों के सरकारी टेंडरों में हेरफेर किए जाने का मामला है। संबंधित विभागों के कर्मचारियों और अधिकारियों को लाभ पहुंचाने के साथ टेंडरों से जुड़ी अहम जानकारी पहले से लीक हो जाती थी। इसके बाद रिशुश्री अपने नेटवर्क से जुड़ी कंपनियों के लिए सरकारी ठेके दिलाता था। यह पूरा खेल बिहार कैडर और जल संसाधन विभाग के तत्कालीन सचिव IAS संजीव हंस के साथ बिहार सरकार के अन्य सीनियर ऑफिसर्स की मिलीभगत से किया जाता था। अफसरों की सेटिंग से टेंडर मैनेज का खेल रिशुश्री टेंडरों में हेरफेर करता था। अपनी कंपनी और सहयोगी संस्थाओं के पक्ष में टेंडर मैनेज कराने के लिए वह अपने हिसाब से पूरा प्लान तैयार कराता था। इस तरह जब बिहार सरकार के विभाग टेंडर जारी करते थे, तो रिशुश्री के माध्यम से आने वाली कंपनियां पात्र घोषित हो जाती थीं और ठेका हासिल कर लेती थीं। ठेका मैनेज कराने के नाम पर रिशुश्री को ठेके की कुल राशि का लगभग 8 से 10 प्रतिशत कमीशन फिक्स होता था। इस कमीशन का एक बड़ा हिस्सा संबंधित विभागों के सीनियर अफसरों को भी जाता था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिपोर्ट में इसका खुलासा किया गया है। टेंडर पास कराकर खुद बन जाता था सब कॉन्ट्रैक्टर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिपोर्ट में यह भी है कि पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी दिखाने के लिए रिशुश्री अपनी कंपनियों को टेंडर में पास होने वाली कंपनियों का उप-ठेकेदार (सब-कॉन्ट्रैक्टर) बना लेता था। इसके बाद समय-समय पर बढ़े हुए बिल जारी करवाता था, ताकि कमीशन और रिश्वत की राशि सामान्य लेन-देन में मिल जाए और अलग से दिखाई न दे। रिशुश्री की उंगली पर नाचते थे अफसर रिशुश्री अपनी सेटिंग और अफसरों को इतना लाभ पहुंचाता था कि वह उसकी उंगलियों में नाचते थे।ED की रिपोर्ट में इसका भी खुलासा किया गया है कि वह अफसरों को कमीशन का खुला ऑफर देता था, इसलिए वह जिस कंपनी को चाहता था उसको टेंडर मिलता था। जल संसाधन विभाग द्वारा सुपौल के बीरपुर में एक फिजिकल मॉडलिंग सेंटर बनाने के लिए लगभग 125 करोड़ रुपए की लागत वाला टेंडर जारी किया गया था। छापेमारी में हुआ था बड़ा खुलासा जांच के दौरान ED ने 16 जुलाई 2024 को पटना के एस.के. विहार स्थित शांति कुंज में मातृस्वा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय पर छापेमारी की थी जिसमें कंपनी बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग की एक उप-ठेकेदार (सब-कॉन्ट्रैक्टर) कंपनी बताई गई है। छापेमारी के दौरान ED को पवन कुमार नामक व्यक्ति मिला, जो मातृस्वा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड में निदेशक के रूप में काम कर रहा था। तलाशी के दौरान कंपनी के कार्यालय से कई दस्तावेज और कागजात जब्त किए गए थे। मातृस्वा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय से बरामद दस्तावेजों में कथित कमीशन (किकबैक) से जुड़े लेन-देन का लेखा जोखा पाया गया। मातृस्वा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पवन कुमार से उन दस्तावेजों में दर्ज “S Sir” नाम के सामने लेन-देन की डिटेल दर्ज की गई है। अफसरों की महिला मित्रों को गिफ्ट में फ्लैट और गाड़ी जांच में यह भी सामने आया कि रिशु श्री कथित तौर पर IAS अधिकारियों को प्रभावित करने के लिए उनकी महिला मित्रों को फ्लैट और गाड़ियां तक उपहार में देता था। ED की जांच के अनुसार, IAS अधिकारी संजीव हंस की कथित महिला मित्र गायत्री कुमारी को भी रिशु श्री की ओर से उपहार दिए गए थे। ED ने जब गायत्री कुमारी और सुनील सिन्हा के बैंक खातों की जांच की, तो पाया कि सुनील सिन्हा और उससे संबंधित संस्थाओं के खातों में जमा 90 लाख रुपये में से 20 लाख रुपये 19 फरवरी 2022 को रिलायबल इंफ्रा सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के खाते से ट्रांसफर किए गए थे। जांच एजेंसी के अनुसार, यह खाता रिशु श्री का था, जो केनरा बैंक में संचालित होता था। ED की जांच में यह भी सामने आया कि रिशु श्री अपनी विभिन्न कंपनियों के माध्यम से बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग (WRD) में सरकारी ठेकों का काम कर रहा था। यह उस अवधि की बात है, जब संजीव हंस विभाग के सचिव थे। जांच में यह भी आरोप सामने आया कि जिन विभागों में रिशु श्री की कंपनियां कार्य कर रही थीं, वहां के कुछ अधिकारियों को कथित तौर पर मोटा कमीशन दिया जाता था। जांच के दौरान रिशु श्री के ठिकानों पर छापेमारी में कई अहम दस्तावेज बरामद हुए थे। इनमें विभिन्न परियोजनाओं से संबंधित वित्तीय लेनदेन और आर्थिक लेखा-जोखा दर्ज था। दस्तावेजों में प्रतिशत के आधार पर दर्शाए गए कुछ भुगतानों को जांच रिपोर्ट में कथित रिश्वत के रूप में उल्लेखित किया गया है। इसके अलावा, रिलायबल इंफ्रा सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय से जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों से प्राप्त डेटा में भी प्रतिशत के आधार पर दर्ज कुछ राशियों का उल्लेख मिला। जांच एजेंसी ने इन्हें कथित रिश्वत संबंधी भुगतान से जोड़कर देखा है। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और अदालत के फैसले के बाद ही होगी। अफसरों को कमीशन देने का खुलासा रिपोर्ट में रिशुश्री ने डिजिटल उपकरणों से प्राप्त दस्तावेजों और कागजात के हवाले से बताया गया है कि उसने बिहार सरकार के शहरी विकास एवं आवास विभाग के विभिन्न अधिकारियों को कमीशन का भुगतान किया था। इसमें भवन निर्माण विभाग के अधिकारी भी शामिल बताए गए हैं, जो शहरी विकास मंत्रालय के अधीन आता है। 33 ड्रेन बायो-रिमेडिएशन परियोजना, बिहारशरीफ STFएवं सीवरेज नेटवर्क परियोजना, मुजफ्फरपुर STF एवं सीवरेज नेटवर्क परियोजना और बिहारशरीफ स्मार्ट रोड परियोजना में बड़ी गड़बड़ी की आशंका बताई गई है। रिपोर्ट में एडवांस और अन्य व्यय में शीर्षक के अंतर्गत बड़ी रकम का उल्लेख किया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि बिलों के समय दिखाए गए ये खर्च वास्तव में सीनियर और जूनियर अधिकारियों को दिए जाने वाले कथित रिश्वत भुगतान की प्रकृति के थे। तलाशी अभियान के दौरान मातृस्वा कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों में से एक तथा रिशु श्री के करीबी सहयोगी संतोष कुमार ने 28 जनवरी 2025 को दिए गए अपने बयान में फर्जी अथवा बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए खर्चों के माध्यम से कैश की व्यवस्था करने की बात स्वीकार किया है। कैश की व्यवस्था रिश्वत के लिए ही की जाती थी। कैश का इस्तेमाल अचल संपत्तियों की खरीद के लिए भी किया जाता था। मोबाइल और गैजेट्स से बड़ा खुलासा 16 जुलाई 2024 को रिशुश्री के ठिकानों से जब्त किए गए मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच में विभिन्न दस्तावेजों की तस्वीरें प्राप्त हुईं। इनमें नोटशीटें और ऐसे दस्तावेज शामिल थे, जिनमें सरकारी निर्णयों तथा सरकारी टेंडरों से संबंधित गोपनीय जानकारी दर्ज थी। रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे दस्तावेजों को कानूनी रूप से अपने पास रखने का अधिकार रिशुश्री को नहीं था। इन दस्तावेजों को ED की रिपोर्ट में एक्ज़िबिट-बी के रूप में शामिल किया गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उसके डिजिटल उपकरणों से ऐसे सरकारी दस्तावेजों की बरामदगी न केवल आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 के उल्लंघन का मामला बनती है, बल्कि यह सीनियर सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलीभगत का खुलासा करती है। 8 साल में ब्लैक मनी से बनाई संपत्ति, दिल्ली एनसीआर में निवेश रिपोर्ट के मुताबिक भ्रष्ट एवं अवैध गतिविधियों में शामिल होकर और अत्यधिक लाभ लेकर रिशुश्री ने पिछले 7 से 8 सालों में बड़ी संपत्ति बनाई है। ED की कार्रवाई के दौरान 16 जुलाई 2024 को रिशुश्री के ठिकानों से बरामद 61 सेल डीड को इसका आधार बताया गया है, जिनका सर्किल रेट के अनुसार कुल मूल्य लगभग 58.58 करोड़ रुपए है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रिशुश्री ने दिल्ली-एनसीआर में रियल एस्टेट में बड़े निवेश किए हैं। हाजीपुर और पटना में दो पेट्रोल पंप भी लगाए हैं। ब्लैक मनी से करोड़ों की गाड़ियां अधिकारियों की सेटिंग से रिशुश्री ने बड़ी सम्पत्ति बनाई है। देश विदेश में इन्वेस्ट करने के साथ ही उसने मंहगी गाड़ियां भी खरीदी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक दो साल में उसने कई महंगी गाड़ियां खरीदी हैं। इसमें पोर्शे मैकन, BMW, डिस्कवरी स्पोर्ट 2.0, टोयोटा लैंड क्रूजर, बीएमडब्ल्यू आर नाइन टी स्क्रैम्बलर के साथ अन्य कई महंगी गाड़ियां शामिल हैं। बिहार के सीनियर IAS की ब्लैक मनी को एडजेस्ट कराता था रिशु बिहार के सीनियर आईएएस अफसरों की ब्लैक मनी को एडजेस्ट कराने में रिशुश्री का बड़ा रोल था। जांच रिपोर्ट में ED का दावा है कि उसे ऐसी खुफिया जानकारी प्राप्त हुई है, जिससे संकेत मिलता है कि रिशुश्री बिहार सरकार के अलग-अलग सीनियर अधिकारियों की ओर से भारत और विदेशों में संपत्तियों की व्यवस्था करता था और उसकी देखरेख भी करता था। यह भी सामने आया कि वह रियल एस्टेट में निवेश के माध्यम से भ्रष्टाचार से प्राप्त कैश ब्लैक मनी को को छिपाने से लेकर उसे निवेश कराने का भी काम करता था। रिशुश्री के मोबाइल और गैजेट्स के साथ अन्य सोर्स से मिली जानकारी के हवाले से कहा गया है कि ED को पता चला कि पिछले 5 सालों में उसकी विदेश यात्राओं की संख्या में असामान्य रूप से वृद्धि हुई है। हाल के वर्षों में दुबई तथा अन्य यूरोपीय देशों में उसकी बार-बार यात्राएं और लंबे समय तक वहां रहना संदिग्ध है। इससे यह आशंका जताई गई है कि रिशुश्री बिहार सरकार के विभिन्न सीनियर अधिकारियों की ब्लैक मनी को बड़े पैमाने पर विदेशों में एडजेस्ट कराता था। इसी रिपोर्ट के आधार पर बीएनएस की धाराओं में केस करने की बात कही गई थी, जिसके बाद रिशुश्री के साथ बिहार के 9 सीनियर आईएएस अफसरों की मुश्किलें बढ गईं। संजीव हंस ने खोला मुंह - 4 पेज का सफाईनामा टेंडर घोटाला मामले में विशेष निगरानी इकाई (SVU) की कार्रवाई के बीच फरार चल रहे पूर्व IAS अधिकारी संजीव हंस का चार पन्नों का पत्र सामने आया है। पहली बार आरोपों पर उन्होंने अपनी सफाई दी है। हालांकि यह पत्र उन्होंने तब दिया है जब SVU उनकी तलाश कर रही है, वह फरार बताए जा रहे हैं। दो डीएसपी समेत पांच सदस्यीय टीम लगातार दो दिनों तक उनके आवास पर पहुंची, लेकिन वे नहीं मिले। इसी बीच संजीव हंस ने SVU के ADG पंकज दराद को पत्र लिखकर अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पहली बार संजीव हंस ने दावा किया है कि उन्हें बिना पर्याप्त साक्ष्य और बिना किसी प्रारंभिक जांच के आरोपी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज SVU थाना कांड संख्या 05/2025 उन्हीं तथ्यों पर आधारित है, जिनसे जुड़े रूपसपुर थाना कांड संख्या 18/2023 को पटना हाईकोर्ट पहले ही रद्द कर चुका है। बाद में इस मामले से संबंधित अपील को भी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। संजीव हंस ने कहा पुराने आरोपों को दोहराकर एफआईआर दर्ज कर दी गई है। टेंडर प्रक्रिया से लेकर रिशुश्री से संबंधों को भी उन्होंने खारिज किया है। उन्होंने जांच एजेंसियों के हर आरोपों को खारिज किया है जिसमें साक्ष्य के आधार पर जांच रिपोर्ट दी गई है। IAS संजीव हंस पर दोहरा शिकंजा कसा सीनियर आईएएस संजीव हंस पर दोहर शिकंजा कसता जा रहा है। एक तरफ जहां SVU संजीव हंस की तलाश कर रही है वहीं संजीव हंस की लिव इन पार्टनर गायत्री कुमारी ने नवंबर 2025 में प्रयागराज फेमिलीकोर्ट में मेंटिनेंस केस किया है। भास्कर की इन्वेस्टिवेशन में पता चला कि कोर्ट से प्रापर्टी की जांच की मांग की हैं, उन्होंने कहा है कि देश विदेश में प्रापर्टी है, इसकी जांच कराकर उस हिसाब से मेंटिनेंस दिया जाए। गायत्री का कहना है कि उनके बेटे आर्यन और उन्हें मेंटिनेंस चाहिए। इस लिए लड़ रही हैं, भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में पता चला कि गायत्री के मेंटिनेंस केस में लगातार कोर्ट नोटिस दे रहा है लेकिन संजीव हंस कोर्ट में पेश नहीं हो रहे हैं। जब इस मामले में एडवोकेट गायत्री से बात की गई तो पता चला कि संजीव हंस बीमारी और सर्जरी का बहाना कर कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे। अब उनके वकील ने अपना पक्ष रखा है। गायत्री ने बताया कि संजीव हंस के बेटे आर्यन के मेंटिनेंस मामले में इलाहाबाद व्यवहार न्यायालय ने संजीव हंस के गंभीर नहीं होने समस्या आ रही है। लिव इन पार्टनर रही गायत्री कुमारी ने बताया कि अब वह कोर्ट को संजीव हंस से जड़े सारे एविडेंस देंगी। जैसे संजीव हंस ने उन्हें घर दिलाया और अपना आधार कार्ड देकर बर्थ सर्टिफिकेट बनवाया। इसके साथ ही मंथली खर्चे का भी वादा किया था जिसका ऑडियो वीडियाे कोर्ट को देंगी। कोर्ट में वह घर का कागजात भी जमा करेंगी। गायत्री का कहना है कि वह अपना केस खुद लड़ रही हैं। हर माह में डेट पड़ रही थी, लेकिन संजीव हंस के वकील ने 16 जून को पक्ष रखा। इसके पूर्व गायत्री से भीED और SVUपूछताछ कर चुकी है।
री-नीट फर्जीवाड़े की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, एक ऐसे सॉल्वर सिंडिकेट का चेहरा सामने आ रहा है, जिसे MBBS के छात्र चला रहे थे। केंद्र सरकार ने सख्ती बरतकर पेपर लीक तो रोक दिया, लेकिन बिहार में मेडिकल के छात्रों ने NTA के सुरक्षा चक्र में सेंध लगा दी। सॉल्वर गैंग का सरगना मुजफ्फरपुर का अर्पित यादव है। उसने कोटा में पढ़ाई के दौरान तीन दोस्तों के साथ मिलकर गिरोह बनाया था। री-नीट-यूजी 2026 में बिहार में करीब 200 फर्जी परीक्षार्थियों के बैठाने की प्लानिंग थी। ये मेडिकल स्टूडेंट्स 8 राज्यों से बिहार बुलाए गए। जिनकी जगह पर पेपर देना था उन कैंडिडेट्स से करीब 50 करोड़ रुपए तक की डील हुई। औसतन हर कैंडिडेट से 40 लाख रुपए लेना था। ये चौंकाने तथ्य लोकल पुलिस, EOU और अन्य जांच एजेंसियों की रिपोर्ट से सामने आए हैं। री-नीट-यूजी 2026 में सॉल्वर गैंग ने कैसे फर्जीवाड़ा किया? किस तरह फर्जी परीक्षार्थी बैठाए? गैंग में कौन से लोग शामिल हैं? पढ़िए स्पेशल रिपोर्ट मेडिकल की तैयारी करने कोटा गया, बनाया सॉल्वर गैंग अर्पित ने राजस्थान के कोटा में सॉल्वर गैंग शुरू किया था। वह मेडिकल की तैयारी करने गया था। कोचिंग में उसकी दोस्ती, मयंक कुमार (अश्विनी कुमार), रंजीत कुमार और रवि शंकर से हुई। चारों ने मिलकर फर्जी परीक्षार्थी बैठाने का खेल शुरू किया। अपने गिरोह से कोटा में कई कोचिंग में पढ़ने वाले छात्रों को जोड़ लिया। खुद मेडिकल की तैयारी करने और MBBS का छात्र होने के चलते इन्हें आसानी से सॉल्वर मिल गए। फर्जी निकला अर्पित यादव का पता अर्पित यादव ने खुद को भगवानपुर थाना क्षेत्र के यादव नगर के पवन कुमार सिंह का बेटा बताया है। हालांकि, पुलिस जांच में उसका पता और पिता का नाम दस्तावेजों से मेल नहीं खाया। पता फर्जी निकला है। री-नीट-यूजी 2026, गिरोह ने बुलाए 200 फर्जी परीक्षार्थी री-नीट फर्जीवाड़ा की जांच आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) और पुलिस कर रही है। सूत्रों के अनुसार पता चला है कि सॉल्वर गैंग ने बिहार में करीब 200 फर्जी परीक्षार्थियों को बुलाया था। इनमें से 9 परीक्षा के दौरान लखीसराय में पकड़े गए। एक हाजीपुर में पकड़ा गया। मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले कुल 12 छात्र पकड़े गए हैं। नालंदा मेडिकल कॉलेज से दो छात्र गायब, अन्य की भी तलाश जांच में सामने आया है कि बिहार के नालंदा मेडिकल कॉलेज से दो छात्र गायब हैं। इसके अलावा अन्य मेडिकल कॉलेज से भी कुछ छात्रों के भी पेपर के दिन से अनुपस्थित होने की सूचना मिल रही है। पुलिस उनको तलाश रही है। उनसे पूछताछ करेगी। 8 राज्यों में फैला है गिरोह का नेटवर्क अब तक की जांच से पता चला है कि सॉल्वर गैंग का नेटवर्क आठ राज्यों में फैला है। बिहार, मध्य प्रदेश, ओडिशा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और झारखंड में पढ़ रहे मेडिकल के छात्रों से इस गिरोह के शातिर संपर्क में हैं। इसमें अधिकतर बिहार के छात्र हैं। कुछ सॉल्वर दूसरे राज्यों के भी हैं। पुलिस को शक है कि यह गिरोह बीते तीन साल से मेडिकल की परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थी बैठा रहा है। 50 करोड़ से अधिक की डील, सॉल्वर को देते थे 15-20 लाख जांच के क्रम में पता चला है कि सॉल्वर गैंग ने परीक्षार्थियों से नीट-यूजी 2026 की परीक्षा पास कराने के लिए 30-40 लाख रुपए लिए। पैसे छात्र की आर्थिक क्षमता के अनुसार कम या अधिक भी होते थे। गिरोह ऐसे परीक्षार्थियों को टारगेट करता है जो पैसे वाले घर से हैं। एक दो बार खुद परीक्षा दे चुके हैं, लेकिन एडमिशन नहीं मिला। गिरोह के लोग असली परीक्षार्थी की जगह फर्जी परीक्षार्थी या सॉल्वर को बैठाते थे। उन्हें एक बार परीक्षा में बैठने पर 15-20 लाख रुपए मिलते थे। सूत्रों के अनुसार इस बार की परीक्षा में बिहार में सॉल्वर गैंग ने 50 करोड़ रुपए से अधिक का खेल किया था। क्यों दूसरे की जगह परीक्षा देने को तैयार हो गए MBBS के छात्र? पकड़े गए फर्जी परीक्षार्थियों में से ज्यादातर सरकारी मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले MBBS छात्र हैं। अब इनके डॉक्टर बनने का सपना टूटता दिख रहा है। ऐसे में सवाल है कि MBBS के छात्र गिरोह के जाल में कैसे फंस जाते हैं? इन चारों ने बनाया सॉल्वर गैंग 1- अर्पित सिंह: मुजफ्फरपुर का अर्पित सिंह पूरा नेटवर्क संभाल रहा था। असली परीक्षार्थियों से संपर्क करने, पैसे लेने, सॉल्वर चुनने और बायोमेट्रिक जांच एजेंसी को सेट करने में इसकी बड़ी भूमिका है। पुलिस ने मगध मेडिकल कॉलेज स्थिति हॉस्टल में अर्पित के रूम में छापेमारी की है। यहां से एक टैब मिला है। इसकी जांच की जा रही है। 2- अश्विनी कुमार उर्फ मयंक: अश्विनी पीएमसीएच में MBBS का छात्र है। पता चला है कि इसने गिरोह को कुछ अभ्यर्थी भी लाकर दिए थे। इसके लिए प्रति अभ्यर्थी 60 लाख रुपए में डील की थी। 25 लाख रुपए खुद लिए थे। अश्विनी लखीसराय के एक सेंटर में बायोमेट्रिक कर्मी बनकर घुसा था। फर्जी अभ्यर्थियों को प्रवेश दिलाने में अहम भूमिका निभाई। अंदर बैठे परीक्षार्थियों की मदद कर रहा था। 3. रविशंकर: अर्पित के कहने पर काम करता था। इसने 2025 में नीट में अपनी पत्नी की जगह सॉल्वर को बैठाया, लेकिन वह पकड़ी गई। इस साल भी रविशंकर ने पत्नी की जगह सॉल्वर के रूप में पूनम को परीक्षा देने भेजा, लेकिन वह पकड़ी गई। 4. रंजीत कुमार: सॉल्वर गैंग के शुरुआती लोगों में से एक है। इसने अपने भाई संजीत कुमार की जगह मंतोष को सॉल्वर के रूप में परीक्षा केंद्र भेजा। पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाला मंतोष 21 जून को लखीसराय में परीक्षा केंद्र से गिरफ्तार हुआ। 20-20 हजार में बिक गए बायोमेट्रिक एजेंसी के लोग सॉल्वर गैंग ने बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन में सेंध लगाकर असली अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों को बैठाने की कोशिश की। लखीसराय में 18 बायोमेट्रिक कर्मी गिरफ्तार किए गए हैं। छात्रों के बायोमेट्रिक जांच के लिए लगाए गए कई कर्मी 400 रुपए रोज के भुगतान पर रखे गए थे। सॉल्वर गैंग ने इन्हें प्रति फर्जी परीक्षार्थी 20-20 हजार रुपए दिए। ब्लैकलिस्ट कंपनी को मिला ठेका एनटीए ने री-नीट परीक्षा के लिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का ठेका ईडीसीआईएल को दिया था। ईडीसीआईएल ने यह काम ‘इनोवेटिव व्यू’ कंपनी को सौंप दिया। झारखंड और तमिलनाडु सरकार ने 2025 में और यूपी सरकार ने 2022 में ‘इनोवेटिव व्यू’ को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए ब्लैकलिस्ट किया था। इसके बाद भी बिहार में इस कंपनी को काम मिला। जांच के क्रम में पता चला है कि गिरोह ने बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन एजेंसी को ही सेट कर लिया था। जांच में नालंदा के प्रमोद कुमार की भूमिका सामने आई है। उसने ‘इनोवेटिव व्यू’ एजेंसी के माध्यम से लखीसराय के तीनों परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन का टेंडर लिया था। लखीसराय पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। पुलिस के अनुसार रविशंकर ने प्रमोद यादव से संपर्क कर पूरी व्यवस्था तैयार की थी। प्रमोद यादव ने अपने भरोसेमंद लोगों को बायोमेट्रिक कर्मी और सुपरवाइजर के रूप में तैनात किया था। रविशंकर ने मूल परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड पर तस्वीरों में छेड़छाड़ की थी। गिरफ्तार सुपरवाइजर विशाल कुमार और बादल कुमार ने पूछताछ में बताया कि प्रमोद यादव ने पहले ही निर्देश दिया था कि यदि किसी सॉल्वर का फिंगरप्रिंट या डेटा मूल परीक्षार्थी से मेल नहीं खाए, तब भी उसे सत्यापित दिखाकर परीक्षा कक्ष में प्रवेश दे दिया जाए। ऐसे रची गई बायोमेट्रिक हैक की साजिश
दिबियापुर नगर में बुधवार देर शाम भरत भूषण तिवारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला गया। बिहार के भोजपुर निवासी तिवारी के एनकाउंटर के विरोध में नगरवासियों ने यह मार्च निकाला। यह मार्च बाबा परमहंस बगिया से शुरू होकर फफूंद चौराहे तक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने बिहार सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस कैंडल मार्च में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव अंशू तिवारी, अरुण त्रिपाठी, सभासद राहुल दीक्षित, गिरीश तिवारी, ब्रज नारायण अवस्थी और गोविंद द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में नगरवासी शामिल हुए। उपस्थित लोगों ने आरोप लगाया कि भरत भूषण तिवारी का एनकाउंटर नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या की गई है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। मार्च के समापन पर प्रदर्शनकारियों ने थाना प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में भरत भूषण तिवारी की मौत की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही, दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर उन्हें कठोर सजा देने की भी मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने भरत भूषण तिवारी के माता-पिता को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, उनके भाई को सरकारी नौकरी और उनके गांव में उनके नाम पर एक स्मारक बनवाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल थी। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक भरत भूषण तिवारी को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।
बेगूसराय में महिला के साथ हुए गैंगरेप को लेकर राजनीतिक सरगर्मी लगातार तेज हो रही है। बुधवार को मुकेश सहनी पीड़िता से मिलने पहुंचे। इनसे पहले आज राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल सदर अस्पताल पहुंचा। जहां उन्होंने पीड़िता से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। मुकेश सहनी ने कहा है कि पुलिस प्रशासन की लापरवाही इस घटना में स्पष्ट दिख रही है। पहली बार जब इसके साथ घटना हुई और अपराधी पर कड़ी कार्रवाई की जाती, तो आज ऐसी घटना नहीं होती। इलाज में भी लापरवाही बरती गई। अस्पताल में एडमिट होना, सही से जानकारी नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। सहनी बोले- बिहार का स्वास्थ्य विभाग भगवान भरोसे अस्पताल के सभी लोगों की जानकारी में है कि हम आ रहे हैं, लेकिन डॉक्टर और कोई वरीय अधिकारियों उपस्थित नहीं होना, अपने आप में दर्शाता है कि बिहार का स्वास्थ्य विभाग भगवान भरोसे चल रहा है। पीड़िता का सही से इलाज नहीं हो रहा है । सरकार और जिला प्रशासन से आग्रह करता हूं कि पांच डॉक्टरों का बोर्ड बनाकर इस गरीब परिवार का सही से इलाज कराया जाए। यदि सही से इलाज नहीं कर सकते हैं, तो फिर परिवार को हम लोगों के हवाले कर दिया जाए, हम लोग प्राइवेट हॉस्पिटल में उसका इलाज कराएंगे। प्रशासन से अनुरोध है कि जिन लोगों ने ये किया है, उन लोगों को कड़ी सजा दिलाया जाए। उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करें, जो पुलिसकर्मी ने लापरवाही दिखाई, उनको सस्पेंड कर दिया गया है। लेकिन, उन पर कार्रवाई हो, जिससे कि भविष्य में इस तरह की किसी भी घटना को कोई पदाधिकारी हल्के में नहीं ले। सही से जांच करें, कार्रवाई करें। मुकेश सहनी ने कहा कि भरत तिवारी का जो एनकाउंटर हुआ, उसमें भी सरकार के लोग अलग-अलग स्टेटमेंट देकर भटका रहे हैं। फर्जी एनकाउंटर बिहार में हो रहा है। 3 महीने पहले मुजफ्फरपुर में पप्पू सहनी का फर्जी एनकाउंटर किया गया। हम लोग सड़क पर उतरे थे, कमेटी बनाकर अगर सही तरीके से कार्रवाई होती, तो आज भरत तिवारी की हत्या नहीं होती। सामान्य वर्ग के लोग बधाई के पात्र हैं कि वह जिंदा हैं और अपने अधिकार के लिए बिहार में हड़कंप मचा दिया है। जाति देख कर गोली मारी जा रही सरकार और विपक्ष सब लोग देख रहे हैं। यहां पर जाति देखकर गोली मारी जा रही है, फेक एनकाउंटर हो रहा है। एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक समाज को टारगेट किया जा रहा है। सभी लोगों को जागने की आवश्यकता है। भरत तिवारी की हत्या के लिए आर्डर देने वाला दोषी है, सरकार और प्रशासन सामने आए और बताए, अगर पिस्तौल फेंक दिया, समर्पण कर दिया, तो फिर उनका हत्या कैसे हो गई। मुकेश सहनी ने राजगीर में दो लोगों की पीट पर हत्या पर कहा कि 2000 साल से दलित के साथ ऐसा हो रहा है। सामने आ गया, तो सवाल कर रहे हैं। पूरे बिहार में ऐसा हो रहा है, कोई ऐसा पंचायत और ब्लॉक नहीं है, जहां एससी, एसटी, ओबीसी के साथ अन्याय नहीं हो रहा है। समाज को अपने अधिकार के लिए लड़ने की जरूरत है राजद की टीम पीड़िता के घर भी गई मुकेश सहनी से पहले राजद की 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पीड़िता से मिलने पहुंचा। इसमें बिहार सरकार के पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता, राजद पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद कुमार सहनी और राजद महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष अनीता भारती सहित कई स्थानीय नेता शामिल थे। सदर अस्पताल आने से पहले टीम पीड़िता के घर भी गई थी। पत्रकारों से बातचीत करते हुए आलोक कुमार मेहता ने कहा कि सूबे में शासन नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। ऐसा लगता है कि वर्तमान सरकार में न तो अति पिछड़ों के प्रति कोई संवेदनशीलता बची है और न ही महिलाओं के प्रति। मुख्यमंत्री बार-बार सुशासन का दावा करते हैं, लेकिन राज्य के हालात कुछ और ही बयां कर रहे हैं। पुलिस-प्रशासन और सरकार की नियत ठीक नहीं भोजपुर में भरत तिवारी का एनकाउंटर बिगड़ती कानून व्यवस्था का उदाहरण है। राजगीर में एक मंदिर के महाभोज (भंडारे) में दलित समाज के दो बच्चे खाना खाने बैठ गए, तो उन्हें पीट-पीटकर मार डाला गया। इन घटनाओं से साफ है कि पुलिस-प्रशासन और सरकार की नियत ठीक नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस पीड़ित महिला को जल्द से जल्द बड़ी से बड़ी राशि मुआवजे और आर्थिक सहायता के तौर पर दी जाए। यह परिवार अत्यंत गरीब और मजदूर वर्ग से आता है, जिसके साथ यह घोर अत्याचार हुआ है। प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करे और पीड़िता को न्याय दिलाए। बिहार में सुशासन नहीं, राक्षस राज है- अनीता भारती राजद महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष अनीता भारती ने घटना पर दुख और रोष व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार में प्रतिदिन महिलाओं के साथ अमानवीय व्यवहार और इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। सरकार और प्रशासन का कोई भी नुमाइंदा इन पीड़ितों से मिलने या सुध लेने तक नहीं आता। इस गरीब और मजदूर परिवार की महिला के साथ यह वारदात पहली बार नहीं, बल्कि दूसरी बार की गई है, जो बेहद शर्मनाक और असहनीय है। बिहार के जो हालात आज बन चुके हैं, उसे देखकर ऐसा लगता है जैसे राज्य में सुशासन नहीं, बल्कि राक्षस राज' आ गया है। राजद इस पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। इलाजरत गैंगरेप पीड़िता से मिलने आज प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष ऋषिकांत पहुंचे। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव-सह-अवर न्यायाधीश करुणानिधि प्रसाद आर्य अस्पताल पहुंचे। जज ने पीड़िता और उसके परिजनों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना। राहत- 3 लाख का वाउचर परिजनों को सौंपा जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) की ओर से कार्रवाई करते हुए पीड़िता के खाते में 3 लाख रुपए की अंतरिम राहत (इंटरिम रिलीफ) राशि ट्रांसफर की। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इस राशि का वाउचर पीड़िता के परिजनों को सौंपा। परिजनों से बात करते हुए जज ऋषिकांत ने विशेष हिदायत दी है। गैंगरेप पीड़िता की तबीयत फिर से बिगड़ गई है। उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसस पहले सदर अस्पताल से डॉक्टर दो बार घर भेज चुके थे, लेकिन उसकी तबीयत ठीक नहीं हुई। बताया जा रहा कि मंगलवार को उसे काफी ब्लीडिंग होने लगी थी। जिसके बाद परिजन ने चकिया थाने को सूचना दी। रात करीब 9 बजे केस की आईओ और चकिया थाने की पुलिस पीड़िता के घर पहुंची और पीड़िता को सदर अस्पताल में भर्ती कराया। डीएसपी ने अस्पताल पहुंचकर हालचाल पूछा मामले की जानकारी मिलते ही सदर-टू डीएसपी कुमारी दुर्गा शक्ति भी सदर अस्पताल पहुंची और पीड़िता-डॉक्टर से बात कर हालात की जानकारी ली। अब एक बार फिर पीड़िता के हालत बिगड़ने पर लोग सदर अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
बहुचर्चित रूपम गोल्ड ज्वेलर्स लूटकांड के मास्टरमाइंड सूरज कुमार सिंह उर्फ सन्नी सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने लूट के माल में से 30 लाख रुपए बरामद किए हैं। मामले में अब तक कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जानकारी के अनुसार, 23 अगस्त 2023 की सुबह कांकरोली निवासी आर्यन सोनी की रूपम गोल्ड ज्वेलर्स शोरूम पर दो बाइक पर सवार हथियारबंद बदमाशों ने फिल्मी स्टाइल में लूट की वारदात को अंजाम दिया था। बदमाशों ने हथियार दिखाकर दुकान से करीब डेढ़ किलो सोना, डेढ़ किलो चांदी और 18 लाख रुपए नकद लूट लिए थे। इसके बाद मौके से फरार हो गए थे। घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच में बिहार के वैशाली जिले से जुड़े एक संगठित गिरोह का खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार यह गिरोह देशभर में इसी तरह से लूट की वारदातों को अंजाम देता था। अब पढ़िए... कैसे हुई आरोपियों की गिरफ्तारी 1500 किलोमीटर दूर से बरामद किया लूट का सामानपुलिस के अनुसार, मुख्य सरगना सूरज उर्फ सन्नी सिंह की निशानदेही पर बिहार से लूट का माल बरामद किया गया है। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि आरोपी राजसमंद से करीब 1500 से 1600 किलोमीटर दूर बिहार के रहने वाले थे और वारदात के बाद झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में छिपते रहे। आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस टीम को कई बार दूसरे राज्यों में जाना पड़ा। थानाप्रभारी और डीएसपी का रहा खास योगदानमामले के खुलासे में कांकरोली थाना प्रभारी सरोज बैरवा, साइबर सेल के डीएसपी दुर्गाप्रसाद दाधीच, नाथद्वारा एवं श्रीनाथजी थाना पुलिस, साइबर टीम के अधिकारियों और जवानों की खास भूमिका रही।
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्रा की 89वीं जयंती के अवसर पर मुजफ्फरपुर शहर के एलेन मिश्रा कॉलेज ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट में बुधवार को “ ट्रांसफॉर्मिंग बिहार थ्रू AI: ड्राइविंग सस्टेनेबल डेवलपमेंट एंड इनोवेशन” विषय पर विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नीतीश मिश्रा ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बिहार के विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। सेमिनार का उद्घाटन करते हुए मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज दुनिया की सबसे चर्चित और प्रभावशाली तकनीकों में से एक है। यह केवल सरकारी कार्यप्रणाली तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोगों के जीवन में भी तेजी से प्रवेश कर चुकी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासनिक क्षेत्रों में एआई के प्रभावी उपयोग से बिहार को नई दिशा और नई गति मिल सकती है। बिहार सरकार ला रही AI पॉलिसी नीतीश मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक एआई पॉलिसी तैयार कर रही है। सरकार की कोशिश है कि बिहार की पहचान केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एआई, रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में स्थापित हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। आने वाले समय में पॉलिटेक्निक संस्थानों, सरकारी कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों के छात्रों को एआई आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे आधुनिक तकनीक के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें। टेक स्टार्टअप्स को मिलेगा बढ़ावा मंत्री ने कहा कि देश में स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है और तकनीक आधारित स्टार्टअप्स इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। बिहार के युवाओं को भी टेक्नोलॉजी आधारित नवाचार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है। सरकार ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि एआई के क्षेत्र में स्किल डेवलपमेंट और नवाचार को बढ़ावा देकर बिहार के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। विशेषज्ञों ने बताई AI की संभावनाएं कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में वित्ती रिसर्च फाउंडेशन, नवी मुंबई के संस्थापक निदेशक और अध्यक्ष कुन्दन के लाल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की संभावनाओं, चुनौतियों और इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि एआई आने वाले वर्षों में विकास की दिशा और गति दोनों को बदलने की क्षमता रखता है। डॉ. जगन्नाथ मिश्रा को दी श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्रा के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा और विकास के क्षेत्र में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक, छात्र-छात्राएं, शिक्षाविद् और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सेमिनार में बिहार के सतत विकास, तकनीकी नवाचार और युवाओं की भूमिका पर सार्थक चर्चा हुई।
स्थानीय पुलिस केंद्र, सीवान के परेड मैदान में बुधवार को भोजपुर जिला बल के 255 प्रशिक्षु सिपाहियों का दीक्षांत पारण परेड समारोह पूरे अनुशासन, गरिमा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। महीनों तक चले कठिन शारीरिक, मानसिक एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद नवप्रशिक्षित जवानों ने शानदार कदमताल, आकर्षक परेड और अनुशासित प्रदर्शन से उपस्थित अधिकारियों, अभिभावकों तथा अतिथियों का मन मोह लिया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… अधिकारियों ने परेड का निरीक्षण किया समारोह के मुख्य अतिथि सारण क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक नीलेश कुमार रहे। उनके साथ जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रये तथा पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा भी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने खुली जीप में सवार होकर परेड की विभिन्न टुकड़ियों का निरीक्षण किया और प्रशिक्षुओं की तैयारी, अनुशासन तथा कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। इसके बाद जवानों ने सलामी देकर राष्ट्रसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। निष्पक्ष-सम्मानजनक व्यवहार रखने का आह्वान अपने संबोधन में एसपी पूरन कुमार झा ने कहा कि पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज में न्याय, सुरक्षा और विश्वास की सबसे मजबूत कड़ी है। उन्होंने नवप्रशिक्षित सिपाहियों से आम जनता के प्रति संवेदनशील, निष्पक्ष और सम्मानजनक व्यवहार रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्दी का सम्मान तभी कायम रहेगा जब पुलिसकर्मी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ करेंगे। पुलिस की वर्दी समाज के प्रति जिम्मेदारी मुख्य अतिथि डीआईजी नीलेश कुमार ने सभी प्रशिक्षुओं को राष्ट्रहित, कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी को सर्वोपरि रखते हुए सेवा करने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। उन्होंने जवानों से संविधान और कानून की मर्यादा के भीतर रहकर सत्य, न्याय और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। समारोह के दौरान प्रशिक्षण अवधि में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को सम्मानित भी किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने वाले जवानों के चेहरे पर सफलता की चमक साफ दिखाई दे रही थी। वहीं बड़ी संख्या में पहुंचे अभिभावकों ने अपने बेटों को वर्दी में देखकर गर्व महसूस किया। पूरे पुलिस लाइन परिसर में उत्साह, गौरव और राष्ट्रभक्ति का माहौल देखने को मिला। गूंजते कदमों की थाप और देशभक्ति के नारों के बीच संपन्न यह भव्य पासिंग आउट परेड न केवल 255 युवाओं के कठिन प्रशिक्षण की सफल पूर्णता का प्रतीक बनी, बल्कि बिहार पुलिस को नई ऊर्जा, नई जिम्मेदारी और नए जोश से लैस जवानों की एक सशक्त टोली भी सौंप गई।
सहरसा में बुधवार को अपने भाई की तेरहवीं पर रोशन आनंद पैतृक गांव धमसेना पहुंचे। यहां उन्होंने अपने छोटे भाई प्रिंस यादव के श्राद्ध-संपिंडन कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए बिहार पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए और आरा के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर भी प्रतिक्रिया दी। रोशन आनंद ने आरोप लगाया कि उनके और फैजल खान उर्फ खान सर के बीच हुए विवाद में पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की। उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जबकि उनकी ओर से दर्ज कराए गए आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि पुलिस की इस कार्रवाई और निष्क्रियता के कारण उनके छोटे भाई प्रिंस यादव पर मानसिक दबाव बढ़ा, जिसके बाद नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी मौत हो गई। पुलिस पर FIR दर्ज नहीं करने का लगाया आरोप उन्होंने बताया कि 2 जून की घटना के कुछ ही घंटों में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि, उनकी ओर से दिए गए आवेदन पर अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। रोशन आनंद ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों ने उनके साथ निष्पक्ष व्यवहार नहीं किया और मामले की जांच सही तरीके से नहीं की गई। रोशन आनंद ने आरा के भरत तिवारी एनकाउंटर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति आत्मसमर्पण कर रहा था, तो पुलिस द्वारा उस पर गोली चलाना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने जोर दिया कि पुलिस का दायित्व जनता की सुरक्षा करना है और ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। बिहार सरकार से की निष्पक्ष जांच की मांग प्रिंस यादव की मौत के मामले में रोशन आनंद ने बताया कि नेपाल से अभी तक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं मिली है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। उन्होंने इस मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की मांग की ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने का आग्रह किया। रोशन आनंद ने कहा कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। रोशन आनंद ने कहा कि उन्हें अब भी न्याय व्यवस्था पर भरोसा है और उम्मीद है कि जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने बिहार सरकार और प्रशासन से अपनी शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपी-पीएससी) की परीक्षाओं में फर्जी अभ्यर्थियों को रोकने के लिए जिस एजेंसी को बायोमेट्रिक सत्यापन व थ्री-लेयर सिक्योरिटी का जिम्मा दिया गया है, वह सवालों के घेरे में है। इनोवेटिव व्यू कंपनी यूपी, तमिलनाडु और झारखंड में ब्लैकलिस्ट हो चुकी है। हाल ही में बिहार में री-नीट परीक्षा के दौरान पकड़े गए सॉल्वर गैंग मामले में भी बायोमेट्रिक सत्यापन से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका सामने आने के बाद कंपनी पर नए सवाल खड़े हो गए हैं। दरअसल, 21 जून को हुई री-नीट के दौरान बिहार के लखीसराय में एक अंतरराज्यीय सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ हुआ था। जांच में बायोमेट्रिक सत्यापन से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आई। री-नीट में बायोमेट्रिक सत्यापन का ठेका ईडीसीआईएल के पास था, जिसने यह काम इनोवेटिव व्यू कंपनी को सौंपा था। इधर, पीएससी प्रशासन का कहना है कि एजेंसी का चयन पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए किया गया है। कोई नई जानकारी सामने आती है तो जरूरी कदम उठाए जाएंगे। 14 परीक्षाएं सामने, अगले 4 साल तक परीक्षा सुरक्षा इसी एजेंसी के जिम्मे Q. थ्री-लेयर सिक्योरिटी क्या है?- एमपीपीएससी ने इस साल से नई सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। इसमें अभ्यर्थी की पहचान तीन स्तरों पर सत्यापित की जाती है। प्रवेश पत्र पर मौजूद क्यूआर कोड को बायोमेट्रिक सिस्टम से जोड़ा गया है। परीक्षा केंद्र पर फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैनिंग के जरिए यह सुनिश्चित किया जाता है कि परीक्षा वही व्यक्ति दे रहा है, जिसने आवेदन किया है। Q. इसमें सुरक्षा एजेंसी क्या करती है?- एजेंसी ही परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन, फिंगरप्रिंट मिलान, आइरिस स्कैनिंग और अभ्यर्थियों की पहचान से जुड़ी व्यवस्था संचालित करती है। Q. यह मामला महत्वपूर्ण क्यों है?- एमपीपीएससी ने 26 अप्रैल को हुई राज्य सेवा एवं वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 से इसी व्यवस्था को लागू किया है। 156 पदों के लिए हुई इस परीक्षा में एक लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। यही एजेंसी चार वर्षों तक आयोग की परीक्षाएं देखेगी। Q. आगे की परीक्षाओं पर कितना असर?- 12 जुलाई, 2 अगस्त और 30 अगस्त को सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा व अक्टूबर में एडीपीओ सहित कुल 14 बड़ी परीक्षाएं इसी साल हैं। एमपीपीएससी हर वर्ष औसतन 25 परीक्षाएं आयोजित करता है।
देश के मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली में प्री-मानसून बारिश हो रही है। मध्य प्रदेश के 17 जिलों में मंगलवार को प्री-मानसून बारिश हो रही है। बिहार में बिजली गिरने से 3 लोगों की मौत हो गई। राजस्थान में 1 से 21 जून तक राज्य में सामान्य से 41 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है। इस दौरान सामान्य बारिश 28MM होती है, जबकि इस सीजन में अब तक 39.3MM औसत बारिश हो चुकी है। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में मंगलवार दोपहर को धूल भरी आंधी चली। इससे कुछ देर के लिए दिन में ही अंधेरा छा गया। यूपी के 6 शहरों में 60kmph की रफ्तार से धूर भरी आंधी चली। हालांकि पूर्वी यूपी में तेज धूप है और उमस हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण पश्चिम मानसून तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ इलाकों में आगे बढ़ गया है। अगले 2-3 दिनों में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और गुजरात में पहुंच सकता है। मानसून 13 दिन की देरी के बाद मंगलवार को मुबंई पहुंच गया है। आमतौर पर मानसून 10 जून तक मुंबई पहुंच जाता है। मानसून के पहुंचते ही शहर के कई इलाकों में झमाझम बारिश हो रही है। पहले मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून… देशभर से मौसम की तस्वीरें… 7 राज्यों में गर्मी का असर, पारा 40C पार मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, बिहार और गुजरात के कई शहरों में बुधवार को पारा 40C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा उत्तर प्रदेश के बांदा में 43.3C दर्ज किया गया। वहीं बिहार के बौधगया में 40.8C, राजस्थान के बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर में 40.8C, झारखंड के डाल्टनगंज में 41.2C, गुजरात के राजकोट में 40.5C और एमपी के खजुराहो 40.4C रहा। अगले 2 दिन के मौसम का हाल25 जून: 26 जून:
बेगूसराय के चकिया थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ हुए गैंगरेप को लेकर राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज है। घटना के विरोध में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जिला मुख्यालय में कैंडल मार्च निकाला। राजद जिलाध्यक्ष मोहित यादव के नेतृत्व में आयोजित इस मार्च में बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। कैंडल मार्च जिला मुख्यालय के कैंटीन चौक से शुरू हुआ। इसके बाद कार्यकर्ता सरकार विरोधी नारे लगाते हुए नवाब चौक, नगर निगम चौक, हड़ताली चौक, थाना चौक और कचहरी चौक से होते हुए कैंटीन चौक पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बोले- बेगूसराय की घटना ने पूरे बिहार को शर्मसार किया प्रदर्शनकारियों ने बलात्कारियों को संरक्षण देने वाली सरकार इस्तीफा दो, गैंग रेप पीड़िता को न्याय दो, दुष्कर्मियों को फांसी दो जैसे नारे बुलंद किए। मौके पर जिलाध्यक्ष मोहित यादव ने कहा कि इस घटना ने बेगूसराय सहित पूरे बिहार को शर्मसार कर दिया। वर्तमान सरकार में बहू-बेटियों को सुरक्षित बचाना मुश्किल हो गया है। बिहार में इस समय अपराधियों का शासन चल रहा है। दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए राजद लगातार आंदोलन चलाएगा। स्पीडी ट्रायल कराकर दोषियों को फांसी की सजा देने तक राजद का प्रदर्शन रुकने वाला नहीं है। राजद नेता बोलीं- एनडीए सरकार में महिलाएं असुरक्षित राजद नेत्री रानी राउत ने कहा कि वर्तमान सरकार में महिलाएं बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस राज्य के मुख्यमंत्री स्वयं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल हों, वहां महिलाओं का सुरक्षित रहना असंभव है। सरस्वती देवी ने कहा कि बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ का नारा पूरी तरह से झूठा साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान के लिए पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने हमेशा लड़ाई लड़ी है। उन्हीं के आह्वान पर सभी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे हैं। महिलाओं के सम्मान की यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। कैंडल मार्च में किसान सेल के जिलाध्यक्ष त्रिभुवन कुमार पिंटू, प्रखंड अध्यक्ष कैलाश यादव एवं प्रखंड अध्यक्ष सहजानंद यादव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
प्रतापगढ़ में लालगंज के युवा इंजीनियर अभिनव मिश्रा ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षा में सफलता हासिल कर डीएसपी पद पर चयन प्राप्त किया है। आयोग द्वारा जारी परिणाम में उन्हें 17वीं रैंक मिली है। सोमवार को घर पहुंचने पर अभिनव का स्वागत किया गया। पिता प्रधानाध्यापक, मां भी शिक्षा विभाग से जुड़ीं अभिनव मिश्रा लालगंज नगर पंचायत में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सामने रहते हैं। उनके पिता सुधीर कुमार मिश्रा बेसिक शिक्षा विभाग में प्रधानाध्यापक हैं, जबकि माता कविता मिश्रा शिक्षा से जुड़े कार्यों का प्रबंधन करती हैं। यह परिवार मूल रूप से लक्ष्मणपुर ब्लॉक के चंदापुर गांव का निवासी है। अभिनव ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा लालगंज से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने कानपुर के सीएम इंटर कॉलेज, काकादेव से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने एमएनआईटी इलाहाबाद से बीटेक की डिग्री हासिल की। इंजीनियरिंग के बाद अभिनव ने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की और निरंतर प्रयास से यह मुकाम पाया। परिवार सहित गांव के लोगों ने दी बधाई अभिनव की इस उपलब्धि पर परिवार के साथ-साथ क्षेत्र के गणमान्य लोगों और मित्रों ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं। उनके चयन से लालगंज और प्रतापगढ़ का गौरव बढ़ा है। यह सफलता प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है। अभिनव ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के आशीर्वाद, समयबद्ध अध्ययन और निरंतर परिश्रम को दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी लक्ष्य कठिन हो सकता है, लेकिन असंभव नहीं। नियमित पढ़ाई और धैर्य के साथ किया गया प्रयास सफलता तक जरूर पहुंचाता है। अभिनव की सफलता पर परिवार के साथ-साथ क्षेत्र के लोगों ने भी खुशी जाहिर की। इस अवसर पर उनके चाचा अवनींद्र कुमार मिश्रा, ज्ञानेंद्र कुमार मिश्रा, जितेंद्र कुमार मिश्रा, चाची नीलम मिश्रा, संगीता मिश्रा, बड़े भाई इंजीनियर संदीप कुमार मिश्रा, भाभी डॉ. प्रतिमा मिश्रा, बहन डॉ. प्रिया मिश्रा, तनीषी मिश्रा, शुभम मिश्रा, सौरभ मिश्रा, डॉ. जातिन मिश्रा, ज्योति मिश्रा, शालिनी मिश्रा, मुकुंद मिश्रा एवं अर्चना शुक्ला उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त शुभकामनाएं देने वालों में अजीत शुक्ला, अभिषेक पांडेय, पंकज मिश्रा एडवोकेट, सोमनाथ मिश्रा एडवोकेट, अंजनी कुमार मिश्रा एडवोकेट, सुधाकर शुक्ला, चंद्र प्रकाश मिश्रा, राजकुमार सिंह, राजेश मिश्रा, सूर्य प्रकाश मिश्रा, अभिषेक शुक्ला, अभिषेक सिंह, मनोज तिवारी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, शुभचिंतक एवं मित्रगण मौजूद रहे।
जयपुर में रोड किनारे पड़ा मिला शव:25 फीट की ऊंचाई से गिरने से मौत की आशंका, बिहार का रहने वाला था
जयपुर में सोमवार सुबह एक व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई। 25 फीट ऊंची दीवार के पास सड़क किनारे उसका शव पड़ा मिला। जयसिंहपुरा खोर थाना पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए शव को एसएमएस (SMS) हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि करीब 25 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरने के कारण उसकी मौत हुई है। थानाधिकारी (SHO) मुकेश कुमार ने बताया कि मृतक की पहचान बिहार के वैशाली निवासी अरविंद कुमार ठाकुर (45) के रूप में हुई है। वह ब्रह्मपुरी इलाके में रहकर मजदूरी करता था और नशा करने का आदी था। रविवार को वह मजदूरी करने गया था, जिसके बाद वापस घर नहीं लौटा। सोमवार सुबह करीब 7 बजे मानबाग चौराहा स्थित सुंदर नर्सरी के पास सड़क किनारे उसका शव मिला। एक राहगीर से सूचना मिलने पर जयसिंहपुरा खोर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौका-मुआयना कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। पुलिस का अनुमान है कि मानबाग चौराहे से ऊपर चढ़ते समय रात के अंधेरे में अरविंद को रास्ता नजर नहीं आया और वह 25 फीट ऊंची दीवार से नीचे गिर गया। नीचे पड़े पत्थरों पर गिरने से आई गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर बिहार में योग का उत्साह
पटना, 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बिहार के विभिन्न जिलों में बड़े उत्साह के साथ योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। नेताओं, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम लोगों ने योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और समग्र कल्याण का संदेश दिया।
फैक्ट चेक: ट्रेन के अंदर परीक्षार्थी की मौत के दावे का वीडियो बिहार का नहीं है
वायरल वीडियो को शूट करने वाले मुबारक हुसैन ने बूम को बताया कि घटना 11 जून को आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम स्टेशन के पास की है.
Fact Check: क्या बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा लड़कियों को शिक्षा की जरूरत नहीं? सच जानिए
बूम ने पाया कि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने Agitation शब्द का इस्तेमाल किया था जिसे एजुकेशन समझकर गलत दावा किया जा रहा है.
पीएम उषा अभियान के तहत बिहार को 600 करोड़ रुपए देगी मोदी सरकार, नीतीश कैबिनेट ने खोला बंद रास्ता
बिहार में पीएम उषा अभियान को लागू करने के प्रस्ताव को नीतीश कुमार सरकार की मंजूरी के बाद राज्य में उच्च शिक्षा के विकास के लिए केंद्र से अगले दो साल में 600 करोड़ रुपए मिलने का रास्ता खुल गया है।
बिहार के प्रिंस कुमार सिंह ने यूपीएससी आईएफएस परीक्षा में 15वीं रैंक प्राप्त की है। इसके अलावा उन्होंने और भी कई बड़े एग्जाम को पास किया हुआ है। जानिए जानते प्रिंस कुमार की कहानी जिन्होंने अपने आर्थिक
बॉलीवुड के मशहूर स्टार कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल 7 वर्ष की डेटिंग के बाद अब पति-पत्नी बन चुके हैं। दोनों की शादी इस वक़्त टॉक ऑफ द टाउन है। सोनाक्षी और जहीर अलग धर्म से हैं। ऐसे में ना उन्होंने निकाह किया तथा ना ही फेरे लिए, बल्कि सादगी से रजिस्टर मैरिज की एवं फिर रिसेप्शन पार्टी रखी। अलग धर्म में शादी करने पर सोनाक्षी एवं जहीर को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। ट्रोलिंग के कारण दोनों को अपने वेडिंग पोस्ट का कमेंट सेक्शन तक बंद करना पड़ा। मगर बात तब हद से ज्यादा तब बढ़ गई, जब इंटरफेथ मैरिज करने पर सोनाक्षी एवं जहीर के खिलाफ बिहार के गांव में प्रोटेस्ट मार्च निकाले गए। रिपोर्ट के अनुसार, सोनाक्षी के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन 'हिंदू शिव भवानी सेना' नाम की एक संगठन द्वारा आयोजित किया गया था। जहीर संग शादी पर बेटी सोनाक्षी की हो रही ट्रोलिंग पर अब शत्रुघ्न सिन्हा ने चुप्पी तोड़ी है तथा हेटर्स को जवाब दिया है। अपने एक इंटरव्यू के चलते शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- आनंद बक्शी साहब ने इस तरह के प्रोफेशनल प्रोटेस्टर्स के बारे में लिखा है- कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। इसमें आगे जोड़ना चाहूंगा कि कहने वाले अगर बेकार, बेकाम-काज के हों तो बोलना ही उनका काम बन जाता है। मेरी बेटी ने कुछ भी ऐसा नहीं किया जो गैरकानूनी एवं संविधान के खिलाफ है। सोनाक्षी-जहीर की शादी पर शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा- शादी दो लोगों के बीच का एक बहुत ही व्यक्तिगत फैसला है। इसमें किसी को भी बीच में दखल देने या कमेंट करने का हक नहीं होता। विरोध प्रदर्शन करने वालों को मैं यही बोलना चाहता हूं- अपनी जिंदगी पर ध्यान दो। जिंदगी में कुछ अच्छा करो। इससे ज्यादा और कुछ नहीं कहना। बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा ने खुशी-खुशी अपनी इकलौती बेटी की शादी की है। उन्होंने दामाद जहीर को भी अपना आशीर्वाद दिया है। रिलीज हुआ श्रद्धा कपूर-राजकुमार राव की स्त्री 2 का टीजर, इस अवतार में नजर आए स्टार्स किशोर कुमार के गानों पर बैन, मनोज कुमार-देव आनंद की फिल्मों पर रोक..! बॉलीवुड पर भी पड़ा था 'इमरजेंसी' का बुरा असर सामने आई कंगना रनौत की इमरजेंसी की रिलीज डेट, जानिए किस दिन आ रही है इंदिरा गांधी की बायोपिक?
फिल्म रैप में जानिए कि रविवार को एंटरटेनमेंट की दुनिया में क्या खास हुआ. 9 जून 2024 का दिन एतिहासिक रहा. पीएम नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार पीएम बनने की शपथ ली. इस दौरान शाहरुख खान से लेकर अक्षय कुमार भी मौजूद रहे.
परेशान होकर छोड़ी इंडस्ट्री, सालों बाद किया कमबैक, बिहार की लड़की कैसे बनी हीरोइन?
टेलीविजन के पॉपुलर शो उडारियां 15 साल का लीप लेने जा रहा है. लीप के बाद शो एक नई कहानी और स्टारकास्ट के साथ दर्शकों को एंटरटेन करने आ रहा है. लीप से पहले उडारियां में आशमा का रोल निभाने वाली अदिति भगत ने आजतक संग बातचीत की और शो को लेकर कई सारी बातें शेयर कीं.
बिहार सीईटी बीएड : पांच साल में सबसे ज्यादा आवेदन आए, इस तारीख से आएंगे एडमिट कार्ड
Bihar CET B.Ed:महिलाओं के लिए अलग एवं पुरुषों के लिए अलग परीक्षा केंद्र होंगे। अभ्यर्थी 17 जून से अपना एडमिट कार्ड वेबसाइटwww. biharcetbed- lnmu. inपर लॉगइन कर डाउनलोड कर सकेंगे।
बीएसईबी बिहार बोर्ड से संबद्ध और एनसीटीई से मान्यता प्राप्त डीएलएड संस्थानों की सूची जारी
Bihar D.El.Ed: बिहार बोर्ड ने डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2024 की आंसर की जारी करने के एक दिन बाद अब राज्य में मौजूद सरकारी व निजी डीएलएड प्रशिक्षण संस्थानों की सूची भी जारी कर दी है। डीएलएड में दाखिला लेने
Bihar DElEd Answer Key 2024: आंसर की जारी, ऐसे दर्ज करें ऑब्जेक्शन, देखें डायरेक्ट लिंक
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने बिहार डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (DElEd) परीक्षा 2024 की आंसर की जारी की। जो उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट- biharboardonline.b
CSBC Bihar Police Constable Exam: क्या जारी हो चुकी हैं रिवाइज्ड तारीखें, पढ़ें अपडेट
CSBC Bihar Police Constable exam dates: बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की नई तारीखों का इंतजार है। परीक्षाएं 1, 7 और 15 अक्टूबर को निर्धारित की गई थीं, जिन्हें रद्द व स्थगित कर दिया गया था। आइए
बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा शर्मा की हाल ही में बिहार में एक रोड शो में भागीदारी ने इंटरनेट पर तूफान ला दिया है। क्रुक और तुम बिन 2 जैसी फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए मशहूर सुश्री शर्मा को अपने पिता अजीत शर्मा का समर्थन करते देखा गया, जो कांग्रेस के टिकट पर भागलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। यह रोड शो उन अफवाहों के बीच हुआ कि अभिनेता राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं। हालाँकि, अब यह स्पष्ट हो गया है कि वह सिर्फ अपने पिता के लिए प्रचार कर रही थीं। नेहा शर्मा ने इंस्टाग्राम पर बांका, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया सहित बिहार के विभिन्न जिलों की अपनी यात्रा दिखाते हुए एक वीडियो साझा किया। वह पारंपरिक सलवार कमीज पहने हुए थीं और जनता का अभिवादन करती और उन्हें वोट डालने के लिए प्रोत्साहित करती नजर आईं। इसे भी पढ़ें: AR Rahman ने नए एल्बम के रिलीज पर Taylor Swift को बधाई दी, नेटिजन ने कहा 'महान कला, महान कला को पहचानती है' View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया रोड शो के दौरान पीरपैंती और कहलगांव में भारी भीड़ ने अभिनेता का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा “वे कहते हैं कि जब कोई आपको अपने दिल में जगह देता है, तो आप हमेशा के लिए वहीं रहते हैं। आपने मुझे जो प्यार और समर्थन दिया है, उससे मेरा दिल भर गया है। पीरपैंती और कहलगांव में गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद। आपका प्यार सारी आँखों पर। सदा आभारी। ऑनलाइन प्रसारित हो रहे एक अन्य वीडियो में अभिनेत्री को भागलपुर में अपने पिता के चुनाव अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए दिखाया गया है। भागलपुर लोकसभा सीट पर दूसरे चरण में 26 अप्रैल को चुनाव होना है। इस सीट पर कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने वाले अजीत शर्मा का मुकाबला जेडीयू के अजय कुमार मंडल से है। पहले ऐसी अफवाह थी कि सुश्री शर्मा राजनीति में प्रवेश कर सकती हैं। हालाँकि, कई रिपोर्टों ने स्पष्ट किया है कि वह अभी चुनावी शुरुआत नहीं कर रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पिता अजीत शर्मा ने उन्हें राजनीति में शामिल होने का अवसर दिया, शर्मा वर्तमान में अपने अभिनय करियर पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। Bihar, Bhagalpur: Bollywood actress Neha Sharma campaigns for Congress leader and father Ajeet Sharma in the Lok Sabha elections, participates in a roadshow. pic.twitter.com/yEhb4XoQQL — IANS (@ians_india) April 23, 2024 View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial)
सलमान के घर फायरिंग से पहले शूटर्स ने बिहार में की हथियारों की प्रैक्टिस, फार्म हाउस की हुई थी रेकी
14 अप्रैल को, सुबह 4.50 बजे सलमान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर, अज्ञात हमलावरों ने पांच राउंड फायरिंग की थी. पुलिस ने सलमान के घर पर फायरिंग करने के मामले में विक्की गुप्ता (24 साल) और सागर पाल (21 साल) नाम के दो लड़कों को गिरफ्तार किया था. अब इससे जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है.
Manisha और Elvish के बीच लगी दुश्मनी की आग हुई और तेज, बिहार की बेटी नेसरेआम बना दिया'राव साहब' का मजाक ?
Bihar Board: जानें-10वीं की मार्कशीट में लिखी U/R,B और C जैसी शॉर्ट फॉर्म का क्या मतलब है?
बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं का रिजल्ट 31 मार्च को जारी कर दिया गया था। छात्र अपनी ओरिजनल मार्कशीट स्कूल से ले सकते हैं। आइए जानते हैं मार्कशीट में लिखी शॉर्ट फॉर्म की फुलफॉर्म क्या है।
बिहार में जेईई और नीट की फ्री कोचिंग, रहने-खाने की भी रहेगी मुफ्त व्यवस्था, ऐसे करें अप्लाई
Bihar Board Jee and Neet Free Coaching : विद्यार्थी समिति द्वारा संचालित engineering (jee) औरmedical (neet) की नि:शुल्क तैयारी हेतु BSEB SUPER-50 आवासीय शिक्षण में पढ़ने हेतु आवेदन कर सकत हैं।
Bihar 10th Board 2024: टॉप 5 में इन 10 छात्रों ने बनाई जगह, जानें नाम और मार्क्स
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने दसवी का रिजल्ट bsebmatric.org और results.biharboardonline.com पर जारी कर दिया है। इस साल टॉप 10 की लिस्ट ने 51 छात्रों ने अपनी जगह बनाई है। टॉप 5 की लिस्ट में 10 छ
Bihar Board BSEB 2024 Matrci Result Today:बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in व biharboardonline.com , onlinebseb.in पर जल्दजारी कर दिया जाएगा।
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) मैट्रिक यानी कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट अब कभी भी biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी हो सकता है, जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, रिजल्
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटर में एडमिशन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। इस बाबत समिति ने सभी सरकारी, गैर सरकारी विद्यालय, इंटर कॉलेजों की सूची ofssbihar.in पर अपलोड कर दी है।
बीएसईबी मैट्रिक रिजल्ट की घोषणा जल्द की जाएगी। हालांकि अभी तक रिजल्ट की टाइमिंग और तारीख के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद है नतीजे 31 मार्च तक आधिकारिक वेबसाइट biharboardonlin
BSEB Bihar 10th Board: प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेयर की जाएंगी ये 5 डिटेल्स, यहां पढ़ें
छात्र आधिकारिक वेबसाइट्स से बीएसईबी 10वीं स्कोरकार्ड 2024 डाउनलोड कर सकेंगे। रिजल्ट वाले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। जिसमें बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा से जुड़ी कई डिटेल्स शेयर की जाएगी। आइए ज
Bihar 12th Board: किसान की बेटी बनीं कॉमर्स की टॉपर, अब बनना चाहती हैं प्रोफेसर, करेंगी PhD
बिहार बोर्ड 12वीं की कॉमर्स स्ट्रीम में खुशी कुमारी को जिले में सेकंड रैंक मिली है। उनके पिता किसान हैं। उन्होंने कहा, मेरे पिता ने हमेशा शिक्षा को महत्व दिया है, इसलिए भविष्य में मैं शिक्षा के क्षेत
इस साल का रिजल्ट पिछले 5 साल की तुलना में सबसे बेहतर, 87.21 प्रतिशत विद्यार्थी हुए पास
BSEB Bihar Board 12th Result : हार बोर्ड ने आज 12वीं के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का रिजल्ट पिछले 5 सालों की तुलना में सबसे बेहतर रहा है। इस साल इंटर का रिजल्ट 87.21 फीसदी रहा।
बिहार बोर्ड ने 12वीं यानी इंटर परीक्षा का रिजल्ट अब जारी कर दिया है। टॉपर्स के नाम भी सामने आ गए हैं। आइए जानते हैं साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स स्ट्रीम के टॉपर्स ने किन स्कूलों से पढ़ाई की है। यहां देखें न
BSEB : बारहवीं कक्षा के छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी के लिए फ्री में कोचिंग देती है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) गरीब विद्यार्थियों को JEE और NEET की मुफ्त कोचिंग कराती है।
बीएसईबी 12वीं के परिणाम के साथ टॉपर्स की लिस्ट भी शेयर करेगा। जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, पिछले 7 सालों में आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम में किसने किया था टॉप। यहां पढ़ें पूरी
Bihar 12th Board 2024: रिजल्ट जारी होने की तारीख और समय के बारे में यहां मिलेगी जानकारी
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) जल्द ही इंटरमीडिएट या कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2024 के परिणाम घोषित करेगा। वहीं बोर्ड परिणाम के समय की घोषणा पहले कर दी जाएगी। आइए जानते हैं, आप कहां कर सकें

