चीनी के स्टॉक पर नजर, सरकार ने अपने नोटिफिकेशन में क्या निर्देश दिए हैं?
चीनी की कीमतें नई ऊंचाई पर पहुंचने के बाद, केंद्र सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए चीनी के बड़े उपभोक्ताओं पर स्टॉक रखने की सीमा तय कर दी है। इस सख़्त कार्रवाई के तहत सरकार ने सभी मिलों को यह आदेश भी दिया कि वे 17-19 अगस्त, 2026 के बीच बेची गई चीनी की मिल-वार और खरीदार-वार जानकारी दें। खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि जो बड़े उपभोक्ता महीने में 10 टन से ज़्यादा चीनी का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें 15 दिनों की खपत से ज़्यादा स्टॉक रखने की इजाज़त नहीं होगी। खाद्य मंत्रालय ने 'चीनी (बड़े उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक रखने की सीमा) आदेश, 2026' जारी किया है, जिसमें कन्फेक्शनर, सॉफ्ट ड्रिंक बनाने वाली कंपनियाँ, फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट, मिठाई विक्रेता और दूसरे संस्थागत खरीदार शामिल हैं। यह आदेश 1 सितंबर से लागू होगा और 30 नवंबर तक प्रभावी रहेगा। इसे भी पढ़ें: Bihar में फिर दौड़ेगी Sugar Mill की चाशनी, 'सुधा' की तर्ज पर Vegfed Booth भी खुलेंगे चीनी मिलों से मांगा बिक्री का पूरा ब्योरा चीनी कंपनियों के शेयरों में तेज़ी आई है। इसकी वजह है केंद्र सरकार का स्टॉक रखने की सीमा को सख्त करना और घरेलू व ग्लोबल मार्केट में चीनी की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी। गुरुवार का यह आदेश पहले के उस आदेश के बाद आया है, जो 1 अगस्त से 30 नवंबर तक लागू था। उस आदेश में चीनी डीलरों के लिए स्टॉक की सीमा 30 दिनों के लिए 4,000 क्विंटल तय की गई थी। ये पाबंदियां चीनी की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बीच लगाई गई हैं। 2026-27 सीज़न से पहले शुरुआती स्टॉक कम होने की वजह से मिल से निकलने वाली चीनी की कीमतें (एक्स-मिल रेट) रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। एक इंडस्ट्री बॉडी के अनुसार, मंगलवार को पूरे देश में चीनी की औसत एक्स-मिल कीमत बढ़कर 5,400-5,500 रुपये प्रति क्विंटल हो गई, जो एक साल पहले 3,900 रुपये थी। NCDEX के डेटा से पता चलता है कि 19 अगस्त, 2026 को भारत के प्रमुख बाजारों में चीनी की स्पॉट कीमतें 16 साल के उच्चतम स्तर 5,530 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गईं। इसे भी पढ़ें: क्या आप नहीं चाहते कि लोग स्वस्थ रहें? फूड पैकेट पर सुप्रीम कोर्ट से FSSAI को फटकार नोटिफिकेशन में क्या निर्देश कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री के डेटा के अनुसार, 18 अगस्त को खुदरा चीनी की कीमतें सालाना आधार पर लगभग 13 प्रतिशत बढ़कर 52.30 रुपये प्रति किलो हो गईं, जो एक साल पहले 46.34 रुपये थीं। आमतौर पर अगस्त और नवंबर के बीच चीनी की मांग बढ़ जाती है, क्योंकि इस दौरान देश में गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहार मनाए जाते हैं। नए आदेश के तहत, हर मिल से थोक खरीदार को बेची जाने वाली चीनी की मासिक मात्रा (चाहे सीधे बेची जाए या डीलरों के ज़रिए) की जांच की जाएगी। चीनी के लिए लागू HSN कोड का इस्तेमाल करते हुए, विक्रेताओं और/या खरीदारों द्वारा फाइल किए गए GST रिटर्न के आधार पर खपत तय की जाएगी। थोक खरीदार का मतलब है - कन्फेक्शनर (मिठाई/बेकरी उत्पाद बनाने वाला), सॉफ्ट ड्रिंक बनाने वाली कंपनी, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, मिठाई विक्रेता या कोई अन्य संस्थागत खरीदार, जिसकी पिछले एक साल (मौजूदा महीने को छोड़कर) में औसत मासिक खपत 10 टन से कम न रही हो। यह आदेश केंद्र या राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन या स्थानीय निकायों से जुड़ी संस्थाओं पर लागू नहीं होता है। स्टॉक रखने के कड़े नियम 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले 2026-27 सीज़न के लिए चीनी की उपलब्धता को लेकर चिंताओं के बीच लाए गए हैं। थर्ड-पार्टी के स्रोतों से इथेनॉल खरीदने पर साफ तौर पर रोक इंडस्ट्री का अनुमान है कि नए सीज़न के लिए शुरुआती स्टॉक 4-4.2 मिलियन टन होगा, जबकि कुछ रिसर्च करने वालों का अनुमान इससे कम, यानी 3.2-3.5 मिलियन टन है - ये दोनों ही अनुमानित घरेलू ज़रूरत (लगभग 5-6 मिलियन टन) से कम हैं। इसी से जुड़ी एक और बात यह है कि भारत की सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने एक कड़ा निर्देश जारी किया है। इसके तहत सभी इथेनॉल सप्लायर्स के लिए यह ज़रूरी कर दिया गया है कि वे खुद के रजिस्टर्ड डिस्टिलरी यूनिट चलाने वाले घरेलू निर्माता हों। IOCL, BPCL, HPCL, MRPL और NRL जैसी बड़ी सरकारी ईंधन रिटेल कंपनियों के समूह की ओर से भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) द्वारा जारी इस नोटिस में तीसरे पक्ष (थर्ड-पार्टी) के स्रोतों से इथेनॉल खरीदने पर साफ तौर पर रोक लगा दी गई है।
‘मिर्जापुर द मूवी’ के लिए कालीन भैया उर्फ पंकज त्रिपाठी जाएंगे पटना, बिहार में दिखाएंगे भौकाल
‘मिर्जापुर: द मूवी’ को लेकर फैंस के बीच एक्साइटमेंट लगातार बढ़ती जा रही है। 11 अगस्त को रिलीज हुए फिल्म के मच अवेटेड ट्रेलर को दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। ट्रेलर में बड़े भौकाल, गद्दी की जंग और ‘मिर्जापुर’ की दमदार दुनिया की झलक देखने के बाद अब फिल्म को लेकर बज और भी बढ़ गया है।ट्रेलर को मिले इस शानदार रिस्पॉन्स के बीच फिल्म की स्टारकास्ट 22 अगस्त को लखनऊ पहुंची। अली फजल, दिव्येंदु शर्मा और जितेंद्र कुमार ने शहर में फिल्म का प्रमोशन किया और मीडिया से बातचीत की।‘मिर्जापुर’ की कहानी और इसकी दुनिया का उत्तर प्रदेश से खास कनेक्शन रहा है। ऐसे में लखनऊ में फिल्म का प्रमोशन करना टीम के लिए भी खास रहा। जिसके बाद अब ‘मिर्जापुर: द मूवी’ के स्टार्स पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु शर्मा और जितेंद्र कुमार 22 अगस्त 2026 को पटना का दौरा करेंगे। ट्रेलर और पहले गाने ‘दो नंबरी’ को मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद अब फिल्म की रिलीज को लेकर दर्शकों की एक्साइटमेंट अपने चरम पर है।फिल्म की स्टारकास्ट में अली फज़ल, पंकज त्रिपाठी, दिव्येंदु शर्मा, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुगल, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, प्रमोद पाठक, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता शेखर गौर, श्वेता त्रिपाठी और सोनल एस. चौहान भी शामिल हैं।‘मिर्जापुर: द मूवी’ का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है और इसकी कहानी पुनीत कृष्णा ने लिखी है। फिल्म को अमेज़न MGM स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट प्रस्तुत कर रहे हैं। रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने इसे एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले प्रोड्यूस किया है। फिल्म 4 सितंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में हिंदी और तेलुगु में रिलीज होगी।
जहानाबाद में बिहार ग्रामीण बैंक का जनप्रतिनिधि समन्वय सम्मेलन, पंचायत प्रतिनिधियों का किया सम्मान
जहानाबाद में बिहार ग्रामीण बैंक का जनप्रतिनिधि समन्वय सम्मेलन, पंचायत प्रतिनिधियों का किया सम्मान
बिहार में जन्मे एक एंटरप्रेन्योर की कहानी इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गई है। उनकी कहानी उनके जीजाजी ने X (पहले ट्विटर) पर शेयर की है। इस कहानी में IIT दिल्ली से पढ़ाई और टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में 10 साल के करियर के बाद मेक्सिको में चार बिजनेस चलाने तक का सफर शामिल है।पटना के रहने वाले 33 साल के विजीत सुमन ने Uber में अपनी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ने के बाद फ़ूड, वेलनेस, सॉफ़्टवेयर और फ़्रॉड प्रिवेंशन (धोखाधड़ी रोकने) के क्षेत्र में बिजनेस शुरू किए। हाल ही में उनके जीजाजी राहुल राज ने X पर उनकी उपलब्धियों के बारे में पोस्ट किया, जिससे उनका यह अनोखा करियर सफर वायरल हो गया और लोगों का ध्यान इस ओर गया।IIT दिल्ली से लेकर टेक्नोलॉजी सेक्टर में 10 साल का सफरटेक्नोलॉजी सेक्टर में अपना करियर शुरू करने से पहले सुमन ने IIT दिल्ली से टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी की पढ़ाई की थी। उन्होंने पेमेंट और फ़्रॉड प्रिवेंशन के क्षेत्र में 10 साल से ज़्यादा समय तक काम किया और कंपनियों को अरबों डॉलर से जुड़े फाइनेंशियल क्राइम से निपटने में मदद की। उनके प्रोफेशनल सफर में ऐसी कंपनियों में काम करना भी शामिल है, जिन्हें बाद में दूसरी कंपनियों ने खरीद लिया था, जैसे Falabella द्वारा Linio और Uber द्वारा Cornershop का अधिग्रहण।लेकिन कॉर्पोरेट दुनिया में कई साल बिताने के बाद, सुमन ने एक अलग रास्ता चुनने का फ़ैसला किया। उन्होंने एंटरप्रेन्योरशिप की दुनिया में पहला कदम तब रखा जब वे टेक सेक्टर में काम कर रहे थे। Brother-in-law is a serial entrepreneur. After graduating from IIT D, he shifted to Mexico to join Uber. He left UBER to start a fin-tech business.Apart from this he launched a restaurant chain which serves Indian food. Yesterday, the current Ambassador of India to Mexico and… pic.twitter.com/7SUKDDi1qu— Rahul Raj (@x_rahulraj) August 13, 2026 इसकी शुरुआत मैक्सिको में भारतीय खाने से हुई2023 में, सुमन और उनके बिज़नेस पार्टनर अर्पित खुराना ने मैक्सिको सिटी में 'अरोमा करी' (Aroma Curry) शुरू किया। यह आइडिया विदेश में रहने वाले भारतीयों की एक आम समस्या से आया: घर जैसा स्वाद वाला खाना मिलना। न तो सुमन और न ही खुराना को रेस्टोरेंट चलाने का कोई अनुभव था, लेकिन जल्द ही उनके बिज़नेस को शादियों और दूसरे इवेंट्स में कैटरिंग के लिए रिक्वेस्ट मिलने लगीं।जो एक रेस्टोरेंट के तौर पर शुरू हुआ था, वह आगे चलकर कई बिज़नेस में से पहला बिज़नेस बन गया। 2024 तक, सुमन ने पूरी तरह से एंटरप्रेन्योरशिप पर ध्यान देने के लिए उबर (Uber) छोड़ दिया। वे एक बिज़नेस से चार बिज़नेस तक पहुंचे।कॉर्पोरेट दुनिया छोड़ने के बाद, सुमन ने मैक्सिको सिटी में 'संतुलन' (Santulan) नाम का एक योग स्टूडियो शुरू किया।शुरुआत में यह स्टूडियो एक छोटा सा वेंचर था, लेकिन जल्द ही कस्टमर्स ने पिलेट्स रिफॉर्मर क्लास की मांग की। बिज़नेस का विस्तार हुआ और सुमन के अनुसार, दो साल के भीतर यह मैक्सिको सिटी के सबसे ज़्यादा रेटिंग वाले स्टूडियो में से एक बन गया। उनकी तीसरी कंपनी एक और समस्या के समाधान के तौर पर शुरू हुई, जिसका सामना उन्हें स्टूडियो चलाते समय करना पड़ा था।बिज़नेस को मैनेज करने के लिए सही सॉफ़्टवेयर न मिलने पर, सुमन ने अपना खुद का सॉफ़्टवेयर बनाया। बाद में दूसरे स्टूडियो मालिकों ने भी इस सिस्टम में दिलचस्पी दिखाई, जिससे 'क्लासियस' (Klasius) बना - यह स्टूडियो मैनेजमेंट पर केंद्रित एक सॉफ़्टवेयर बिज़नेस है।अपने चौथे वेंचर के साथ वे उस फील्ड में वापस लौटे जिसे वे सबसे अच्छी तरह जानते थे।सुमन और उनके तीन दोस्तों ने 'फोर्टिफाई' (Fortify) नाम का एक प्लेटफ़ॉर्म शुरू किया, जो धोखाधड़ी रोकने पर केंद्रित था। एंटरप्रेन्योर के अनुसार, कंपनी अब मेक्सिको की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों में से एक के साथ पायलट प्रोग्राम चला रही है। इस तरह सुमन अलग-अलग इंडस्ट्रीज़ — इंडियन फ़ूड, वेलनेस, सॉफ़्टवेयर और फ़ाइनेंशियल टेक्नोलॉजी — में चार बिज़नेस चला रहे थे।300 मेहमानों वाली शादी एक टर्निंग पॉइंट साबित हुईइस सफ़र के सबसे यादगार पलों में से एक तब आया जब 'अरोमा करी' (Aroma Curry) ने 300 से ज़्यादा मेहमानों वाली एक शादी में कैटरिंग की। उस स्तर पर यह टीम का पहला बड़ा इवेंट था। कैटरिंग के इस सफल काम से बिज़नेस का कॉन्फिडेंस काफ़ी बढ़ा, खासकर तब जब मेहमानों ने टीम से कहा कि खाने ने उन्हें दिल्ली की याद दिला दी।भारत से हज़ारों किलोमीटर दूर शुरू किए गए बिज़नेस के लिए, लोगों की इस प्रतिक्रिया ने 'अरोमा करी' को शुरू करने के मूल मकसद को और मज़बूत किया। फिर उनके जीजाजी ने उनके बारे में पोस्ट किया। जब सुमन के जीजा राहुल राज ने X पर उनकी कहानी शेयर की, तो यह बहुत से लोगों तक पहुंची।इस पोस्ट में बताया गया कि कैसे वे IIT दिल्ली के पूर्व छात्र और टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल से मैक्सिको में कई बिज़नेस चलाने वाले एंटरप्रेन्योर बने। सुमन के अनुसार, इस पोस्ट ने तेज़ी से लोगों का ध्यान खींचा और इसे 1,00,000 से ज़्यादा बार देखा गया। उन्होंने बताया कि इस अचानक मिली चर्चा की वजह से उन्हें ऐसे लोगों के मैसेज भी मिले जिनसे उन्होंने कॉलेज के बाद से बात नहीं की थी। इस अप्रत्याशित वायरल मोमेंट ने परिवार के एक सदस्य की पोस्ट को उनके अनोखे करियर सफ़र के बारे में एक बड़ी चर्चा में बदल दिया।
Tata Power ने Bihar में शुरू किया 'हर घर सोलर' अभियान, 5 लाख छतों पर लगेंगे प्लांट
बिहार में रूफटॉप सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (टीपीआरईएल) ने बृहस्पतिवार को ‘हर घर सोलर’ कार्यक्रम की शुरुआत की। कंपनी ने अगले तीन वर्षों में राज्य के पांच लाख घरों में छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने में सहयोग करने का लक्ष्य रखा है। पटना में आयोजित कार्यक्रम में बिहार ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव, टाटा पावर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक (एमडी) प्रवीर सिन्हा तथा टीपीआरईएल के सीईओ एवं एमडी संजय बांगा की उपस्थिति में इसकी शुरुआत की। प्रवीर सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से शुरू की गई यह पहल बिहार में सौर ऊर्जा क्रांति लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि बिहार मंत्रिमंडल ने हाल ही में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत प्रति किलोवाट 10,000 रुपये की अतिरिक्त राज्य सब्सिडी को मंजूरी दी है। इसके बाद एक किलोवाट प्रणाली पर कुल केंद्रीय एवं राज्य सब्सिडी 40,000 रुपये, दो किलोवाट पर 80,000 रुपये तथा तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर 98,000 रुपये हो गई है। प्रवीर सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से शुरू की गई यह पहल बिहार में सौर ऊर्जा क्रांति लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि बिहार मंत्रिमंडल ने हाल ही में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत प्रति किलोवाट 10,000 रुपये की अतिरिक्त राज्य सब्सिडी को मंजूरी दी है। इसके बाद एक किलोवाट प्रणाली पर कुल केंद्रीय एवं राज्य सब्सिडी 40,000 रुपये, दो किलोवाट पर 80,000 रुपये तथा तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर 98,000 रुपये हो गई है। सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना शुरू होने के बावजूद बिहार अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पाया है और ‘हर घर सोलर’ अभियान इस अंतर को दूर करने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और उपभोक्ताओं के लिए दीर्घकालिक आर्थिक लाभ सुनिश्चित करने में भी सहायक होगी। टीपीआरईएल के प्रमुख संजय बांगा ने कहा कि महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की तुलना में बिहार सौर ऊर्जा अपनाने में पीछे है, जबकि यहां बिजली की दरें 7.5 से 8 रुपये प्रति यूनिट हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में मुख्य चुनौती वहनीयता नहीं, बल्कि जागरूकता की कमी है।
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दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी की पूजा, चालीसा भी गाया; बिहार में मंदिर बनाने का पहले ही हो चुका ऐलान
विवाद होने पर प्रेस क्लब ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि इस कार्यक्रम का आयोजन प्रेस क्लब की तरफ से नहीं किया था। एक संगठन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के लिए हॉल किराए पर लिया था।
Samrat Choudhary की उपस्थिति में Bihar को मिला PMAY-G के तहत 11.18 लाख नए घरों का लक्ष्य
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज प्रधानमंत्री आवास पर योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में पूर्ण किए गए 2 लाख 35 हजार आवासों के गृह प्रवेश, लाभुकों के बीच आवास की चाबी एवं नए चयनित लाभुकों के बीच स्वीकृति पत्र वितरण तथा केंद्र सरकार द्वारा बिहार को आवंटित नए लक्ष्य से संबंधित कार्यक्रम में शामिल हुए। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र परिसर स्थित बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम का मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं पौधों में जल अर्पित कर विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की उपलब्धियों, प्रगति एवं प्रमुख पहलों पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। मुख्यमंत्री ने योजना के लाभुकों को आवास की चाबी एवं नए चयनित लाभुकों को स्वीकृति पत्र प्रदान किया। वहीं, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्र सरकार द्वारा बिहार को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आवंटित लक्ष्य का पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा। इसे भी पढ़ें: Nitish Mishra का बड़ा कदम, बिहार को AI में अग्रणी बनाने के लिए तायो एआई से MoU को मंजूरी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिहार के लिए गर्व और सम्मान का दिन है। राज्य के गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने का यह कार्यक्रम बिहार को आगे बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि इंदिरा आवास योजना के तहत वर्ष 1986 से 2014 तक बिहार में मात्र 30 लाख पक्के मकान गरीब परिवारों के लिए बनाए गए थे। प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से 2026 तक बिहार के गरीब परिवारों के लिए 50 लाख पक्के मकान बनाने का अलॉटमेंट किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2018 के सर्वे में चिन्हित 19 लाख परिवार पक्के मकान से वंचित रह गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के सहयोग से इन परिवारों को भी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का लाभ मिला है। योजना के तहत बनने वाले पक्के मकान में 40 प्रतिशत धनराशि बिहार सरकार द्वारा दी जाती है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत वर्ष 2026-27 के लिए बिहार को 11 लाख 18 हजार 937 पक्के मकान बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से बिहार को 13,427 करोड़ रूपये की सहायता मिलेगी। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी का आभार व्यक्त करता हूँ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत जिन परिवारों को आज आवास की चाबी प्रदान की गई है, उनके सिर पर छत होने से उनके सपनों को नई ऊंचाई मिलेगी। अपना घर सुरक्षा और सम्मान देने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ाता है। सभी जरूरतमंद लोगों तक विकास का लाभ पहुंचना चाहिए। सभी परिवारों का अपना पक्का मकान हो, तभी भारत विश्व में अग्रणी एवं विकसित बनेगा और बिहार समृद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'सहयोग कार्यक्रम' लोगों को न्याय देने तथा पदाधिकारियों को सही रास्ता दिखाने वाला कार्यक्रम है। इसके तहत 30 दिनों के अंदर हर हाल में आवेदन का निष्पादन सुनिश्चित किया गया है। ऐसा नहीं करने वाले दोषी पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है। 'सहयोग कार्यक्रम' के तहत अब तक 6 लाख 42 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 96 प्रतिशत आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। अब तक 9,500 पदाधिकारियों को प्रथम नोटिस, 950 पदाधिकारियों को द्वितीय नोटिस तथा 350 पदाधिकारियों को तृतीय नोटिस जारी किया गया है। इसे भी पढ़ें: AAP का आरोप: Delhi Voter List से बिहार-यूपी के प्रवासियों के नाम बड़े पैमाने पर हटाए गए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में स्वयं सहायता समूहों से 1 करोड़ 81 लाख जीविका दीदियां जुड़ी हैं, जिनमें 30 लाख से अधिक दीदियां लखपति दीदी बन चुकी हैं। केंद्र सरकार से आग्रह है कि विशेष अभियान चलाकर नालंदा, बक्सर, भागलपुर, मोतिहारी जैसे धार्मिक एवं ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों पर जीविका दीदियों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए हाट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बिहार को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से काफी मदद मिल रही है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी से आग्रह है कि आप निरंतर बिहार आते रहें और बिहार को समृद्ध बनाने में पूरा सहयोग करें, ताकि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों को और व्यवस्थित एवं विकसित किया जा सके। इस अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार सरकार द्वारा ग्रामीण विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की और 'सहयोग कार्यक्रम' की प्रशंसा करते हुए कहा कि अन्य राज्यों को भी इसका अनुसरण करना चाहिये। उन्होंने बिहार में महिला सशक्तिकरण की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि लाखों की संख्या में जीविका दीदियों की वार्षिक आमदनी एक लाख रुपये से अधिक हो चुकी है। ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एच०आर० श्रीनिवास ने मुख्यमंत्री को हरितगुच्छ एवं स्मृति चिह्न भेंटकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार तथा ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एच०आर० श्रीनिवास ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव, ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ० दिलीप कुमार जायसवाल, समाज कल्याण मंत्री डॉ श्वेता गुप्ता, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य व्यक्ति, वरीय अधिकारी, लाभुक एवं उनके परिजन उपस्थित थे।
Nitish Mishra का बड़ा कदम, बिहार को AI में अग्रणी बनाने के लिए तायो एआई से MoU को मंजूरी
सूचना प्रावैधिकी विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि बिहार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के उद्देश्य से राज्य में एक सशक्त एवं नवाचार-आधारित AI पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जाएगा। इस दिशा में टायो (Taiyo) एआई इंडिया प्राइवेट लिमिटेड एवं सूचना प्रावैधिकी विभाग, बिहार के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षरित करने की स्वीकृति मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदान की गई है। नीतीश मिश्रा ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी के विज़न के अनुरूप बिहार को तकनीक, नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाना हमारा संकल्प है। AI के प्रभावी उपयोग से सुशासन और विकास को नई गति देने के साथ युवाओं को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार किया जाएगा। इसे भी पढ़ें: AAP का आरोप: Delhi Voter List से बिहार-यूपी के प्रवासियों के नाम बड़े पैमाने पर हटाए गए मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाली परिवर्तनकारी तकनीक बन चुकी है। बिहार में AI की क्षमता का प्रभावी उपयोग करते हुए शासन, सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे, परियोजना प्रबंधन एवं मानव संसाधन विकास को अधिक स्मार्ट, डेटा-आधारित और परिणामोन्मुख बनाने का लक्ष्य है। मिश्रा ने कहा कि प्रस्तावित MoU के माध्यम से AI तकनीक का उपयोग कर विभिन्न क्षेत्रों में सार्वजनिक बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की पहचान, प्राथमिकता निर्धारण, योजना, अनुश्रवण एवं क्रियान्वयन में सरकार को तकनीकी सहयोग प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि AI आधारित सार्वजनिक अवसंरचना डैशबोर्ड”(AI Enabled Public Infrastructure Dashboard )के माध्यम से परियोजनाओं में संभावित विलंब एवं लागत वृद्धि की पहचान के लिए Early Warning Indicators विकसित किए जाएंगे। इससे परियोजनाओं की समयबद्ध निगरानी के साथ-साथ सार्वजनिक वित्तीय संसाधनों के अधिक कुशल उपयोग में मदद मिलेगी। इसे भी पढ़ें: Modi Cabinet Meeting: इधर विपक्ष बेवजह के मुद्दों पर राजनीति करता रहा, उधर मोदी मंत्रिमंडल ने बड़े फैसले कर सबको हैरान कर दिया मंत्री ने कहा कि भू-स्थानिक आँकड़ों का मानचित्रण ( Geospatial Data Mapping, Demographic Data) एवं अन्य उपलब्ध डेटासेट का AI Tools के माध्यम से विश्लेषण कर सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के नियोजन, निर्माण एवं अनुश्रवण” को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इससे परियोजनाओं के नियोजन और क्रियान्वयन में डेटा आधारित निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी। नीतीश मिश्रा ने कहा कि AI आधारित तकनीकों के उपयोग के साथ-साथ मानव संसाधन का क्षमता निर्माण भी सरकार की प्राथमिकता है। इसके तहत सरकारी अधिकारियों को डिजिटल गवर्नेंस एवं AI के प्रभावी उपयोग के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। वहीं, राज्य के छात्रों, युवाओं एवं महिलाओं के लिए AI एवं डेटा विश्लेषण”(Data Analytics) से संबंधित कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल बिहार में AI आधारित सुशासन, तकनीकी नवाचार, स्मार्ट सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे एवं रोजगारपरक कौशल विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा बिहार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
Bihar Police Havildar Instructor PET Admit Card 2026 जारी
बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (BPSSC) ने हवलदार इंस्ट्रक्टर के पद के लिए PET एडमिट कार्ड की तारीख की घोषणा की है। यह भर्ती 122 पदों के लिए की जा रही है, और आवेदन प्रक्रिया 01 मई से 01 जून 2026 तक चली। PET परीक्षा अक्टूबर 2026 के दूसरे सप्ताह में आयोजित की जाएगी। इस लेख में, हम महत्वपूर्ण तिथियों, आवेदन शुल्क, आयु सीमा, और शारीरिक मानक परीक्षण के बारे में जानकारी प्रदान कर रहे हैं। उम्मीदवार अपने एडमिट कार्ड को डाउनलोड करने के लिए आवश्यक विवरण भी जान सकते हैं।
'वो अरबों छाप रहे, हम मच्छर कटवा रहे' बिहार के छात्र का भाषण वायरल
लाठियाँ और जेल झेलकर शिक्षक भर्ती का विज्ञापन निकलवाने वाले बिहार के छात्र नेता दिलीप कुमार का दर्द आखिरकार छलक पड़ा. बीमार हालत में गर्दनीबाग के अंधेरे और मच्छरों के बीच से उन्होंने स्वार्थी युवाओं और अरबों का धंधा चलाने वाले कोचिंग माफिया को बेनकाब किया है. जानिए कौन हैं 11 सालों से छात्रों की आवाज बुलंद करने वाले दिलीप कुमार.
20 अगस्त, गुरुवार: पटना में तेजस्वी यादव ने मधुबनी जेल में 19 वर्षीय युवक की मौत को लेकर सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि युवक को पुलिस ने जबरन उठाकर कई दिनों तक परिजनों को जानकारी दिए बिना जेल में रखा और अमानवीय तरीके से पीटा गया।
जेब में 999 रुपये हैं तो भी घर पर लग जाएगा सोलर पैनल, टाटा पावर की बिहार में आई नई स्कीम
टाटा पावर कंपनी बिहार में घर-घर सोलर योजना लेकर आई है। इसके तहत 5 लाख घरों में सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य है। किसी उपभोक्ता के पास जेब में सिर्फ 999 रुपये है, तो भी वे रूफटॉप सोलर अपने घर पर लगवा सकेंगे।
आज के डिजिटल और सोशल मीडिया के दौर में रील्स, शॉर्ट्स और वीडियो बनाना सिर्फ एक शौक नहीं बल्कि युवाओं के लिए करियर और कमाई का बड़ा जरिया बन चुका है। इसी बीच, बिहार सरकार ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक बहुत ही शानदार और ऐतिहासिक फैसला लिया है। राज्य कैबिनेट की बैठक में 'बिहार सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन मीडिया रूल्स' में संशोधन को मंजूरी दे दी गई है, जिसके तहत यदि कोई क्रिएटर सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों से जुड़े वीडियो बनाता है, तो उसे शानदार वित्तीय इंसेंटिव दिया जाएगा। इस नई नीति के मुताबिक, वीडियो के प्रदर्शन और व्यूज के आधार पर हर 1 लाख व्यूज पर 10,000 रुपये तक का अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा और एक सिंगल वीडियो पर अधिकतम 1 लाख रुपये तक की राशि मिल सकती है।बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला और नई सोशल मीडिया नीतिबिहार में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने यह कदम उठाया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखाई गई। इस संशोधन के तहत अब राज्य सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और नीतियों का प्रचार-प्रसार डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से करने वाले क्रिएटर्स को आर्थिक रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि आज की युवा पीढ़ी रील्स और शॉर्ट वीडियो के माध्यम से बहुत जल्दी जुड़ती है, इसलिए सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह आधुनिक रणनीति बेहद कारगर साबित होगी।कैसे मिलेगी राशि और क्या तय किए गए हैं नियमसरकार की इस नई योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें और प्रक्रियाएं भी तय की गई हैं। कोई भी क्रिएटर सीधे तौर पर इस योजना का पात्र नहीं बन जाएगा, बल्कि इसके लिए उसे सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से एम्पैनल (सूचीबद्ध) होना अनिवार्य होगा। नियमों के अनुसार, जब कोई सूचीबद्ध क्रिएटर सरकार की योजनाओं पर आधारित वीडियो या रील्स अपलोड करेगा, तो उसके प्रदर्शन की 30 दिनों के बाद समीक्षा की जाएगी। वीडियो पर मिलने वाले व्यूज का आधिकारिक सत्यापन होने के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। प्रावधान के मुताबिक 1 लाख व्यूज पर 10,000 रुपये और इसी अनुपात में 10 लाख व्यूज पूरे होने पर अधिकतम 1 लाख रुपये तक की राशि एक वीडियो के लिए मिल सकती है।युवाओं के लिए रोजगार और कमाई का नया अवसरबिहार के युवाओं के बीच वीडियो मेकिंग और रील्स बनाने का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में सरकार द्वारा लाई गई यह प्रोत्साहन नीति राज्य के स्थानीय क्रिएटर्स के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अब छोटे शहरों और गांवों के युवा भी मोबाइल के जरिए अपनी कला का प्रदर्शन करने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं की जानकारी रचनात्मक तरीके से फैलाकर अच्छी खासी कमाई कर सकेंगे। विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम से न केवल डिजिटल क्रिएटर्स को आर्थिक संबल मिलेगा, बल्कि सरकार की नीतियां भी पारदर्शी तरीके से आधुनिक तकनीक के जरिए आम जनता तक आसानी से पहुंच सकेंगी।आधिकारिक अधिसूचना और आगे की प्रक्रियाराज्य सरकार के इस बड़े फैसले के बाद सूचना विभाग जल्द ही एक विस्तृत अधिसूचना जारी करने जा रहा है, जिसमें पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया, पात्रता के मानदंड, मान्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य दिशा-निर्देशों को स्पष्ट रूप से साझा किया जाएगा। इसके साथ ही, सोशल मीडिया हैंडल्स और फॉलोअर्स की नियमित पारदर्शिता जांचने के भी नियम बनाए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचा जा सके। कुल मिलाकर, बिहार के टैलेंटेड युवाओं के लिए यह समय अपनी रचनात्मकता का इस्तेमाल करके डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी आमदनी का नया रास्ता खोलने का एक बेहतरीन अवसर लेकर आया है।
पहले 1, फिर 2, अब 13 मांगें! बिहार आंदोलन में पल-पल बदल रहे हालात
शुरुआत में छात्रों का एक ही मुख्य नारा था कि शिक्षा विभाग TRE 4.0 का नोटिफिकेशन तुरंत जारी करे. जब छात्र आमरण अनशन पर बैठे, तो दबाव में आकर बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 32,388 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया. लेकिन नोटिफिकेशन आते ही विरोध का दायरा बढ़ गया. छात्र संगठनों ने 13 मांगें रखीं और उसमें 5 और जोड़ दीं.
1 लाख व्यूज पर ₹10000 देगी बिहार सरकार, एक वीडियो से ₹1 लाख तक होगी कमाई; सम्राट कैबिनेट का फैसला
Bihar Social Media Policy: बिहार सरकार ने अपनी योजनाओं और उपलब्धियों के प्रचार के लिए सोशल मीडिया नीति में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत कंटेंट क्रिएटर्स को वीडियो पर व्यूज के आधार पर 10 हजार से 1 लाख रुपये तक का भुगतान किया जाएगा।
छात्रों के गुस्से से हिली बिहार सरकार! TRE-4 पर बुलाई बड़ी बैठक
बिहार में BPSC TRE 4 परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी है. गर्दनीबाग में डटे अभ्यर्थी एकल परीक्षा और नेगेटिव मार्किंग हटाने की मांग कर रहे हैं. इस बीच सीएम सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग और आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक बुलाई है. बैठक में सीटों की संख्या बढ़ाने और अन्य मांगों पर चर्चा होगी.
Bihar News: ईओयू का बड़ा एक्शन, BBOSE के उप निदेशक अजय कुमार सिंह के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी
बिहार आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे बीबॉस के उप निदेशक और मुजफ्फरपुर के पूर्व जिला शिक्षा पदाधिकारी अजय कुमार सिंह के पैतृक आवास समेत उनके भाई के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की।
भागलपुर में खुद को सीआईडी का डीएसपी बताकर नौकरी दिलाने और सरकारी विभागों में पैरवी कराने का झांसा देकर दर्जनभर से अधिक लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने का आरोप मनोज वर्मा पर लगा है।
Bihar Politics: राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव लगातार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार पर हमलावर हैं ।
पटना के गर्दनीबाग का नाम कैसे पड़ा? जहां BPSC के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं बिहार के छात्र
Patna Gardani Bagh Name History: BPSC TRE-4 परीक्षा में बदलाव की मांग को लेकर पटना के गर्दनीबाग में छात्रों का धरना जारी है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस इलाके का नाम गर्दनीबाग कैसे पड़ा. जानिए इसके खौफनाक इतिहास और आज के हालात की पूरी कहानी.
भागलपुर समाहरणालय के मुख्य गेट के पास तातारपुर थाना पुलिस ने 13 साल से फरार चल रहे बताए जा रहे अधिवक्ता सुबोध कृष्ण दास को हिरासत में लिया। इस दौरान पुलिस द्वारा उन्हें कथित तौर पर घसीटकर ले जाने को लेकर जिला विधिक संघ ने नाराजगी जताई।
Reels Creators के लिए बड़ी खुशखबरी! बिहार सरकार देगी 1 लाख रुपये तक, 1 लाख व्यूज पर मिलेंगे ₹10 हजार
Reels Creators के लिए बड़ी खुशखबरी! बिहार सरकार देगी 1 लाख रुपये तक, 1 लाख व्यूज पर मिलेंगे ₹10 हजार
तेजस्वी का मार्च राजनीतिक फायदा के लिए, बिहार की जनता पहले ही कर चुकी है रिजेक्ट: संजय झा
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के मार्च पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मामला (छात्र आंदोलन) पहले ही सुलझ चुका है, लेकिन वे इसका इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए करने की कोशिश कर रहे हैं।
Weather Update: यूपी-मध्य प्रदेश और बिहार में झमाझम बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में Orange Alert; दिल्ली में भी बरसेंगे बादल
एमडीआर टीबी मरीज की पोषण राशि में सेंध, बिहार के युवक के खाते में पहुंचा पैसा
धनबाद में एक 21 वर्षीय एमडीआर टीबी मरीज युवती की पोषण राशि बिहार के एक युवक के खाते में चली गई, जिससे टीबी उन्मूलन अभियान पर सवाल उठ रहे हैं।
समस्तीपुर के शाहपुर पटोरी स्टेशन पर ट्रेन 1 घंटे 24 मिनट लेट होने से दलसिंहसराय के आरबी कॉलेज में परीक्षा देने जा रहे करीब 70-75 छात्रों की परीक्षा छूटने का संकट खड़ा हो गया।
Bihar News: PDS दुकान की आड़ में शराब का खेल! गोदाम से विदेशी शराब बरामद, कंटेनर समेत दो गिरफ्तार
बिहार के मुजफ्फरपुर में उत्पाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी जन वितरण प्रणाली (PDS) की दुकान की आड़ में चल रहे कथित शराब तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया है।
समस्तीपुर के विभूतिपुर थाना क्षेत्र के आलमपुर कोदरिया गांव निवासी मजदूर रवि शंकर गिरी की मुंबई में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिवार के भरण-पोषण के लिए करीब दो महीने पहले मुंबई गए रवि शंकर निर्माण स्थल पर शटरिंग का काम करते थे।
Patna, 20 अगस्त . बिहार में कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों को 11.18 लाख से अधिक आवासों के स्वीकृति पत्र सौंपे जाएंगे. Patna पहुंचे केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि Prime Minister मोदी और Chief Minister सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार के विकास और जनकल्याण का महायज्ञ निरंतर चलता ... Read more
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 20 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार
Bihar Breaking News Today Live - Read latest and breaking news today in hindi at Amarujala. यहां पढ़ें, बिहार की ताजा खबरें, राजनीति, खेल, मनोरंजन, धर्म, क्राइम और शिक्षा की खबरों का लाइव अपडेशन
पटना के दियारा इलाके में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए यहां लोग सुरक्षित ठिकाने की तलाश में घर से निकल कर जाने लगे हैं। यहां गंगा नदी उफान पर है।
Bihar News: पहले बेरहमी से पीटा, फिर झाड़ियों में फेंका शव... 13 साल के दिलशाद की हत्या से सनसनी
बेगूसराय के फुलवड़िया थाना क्षेत्र में बुधवार रात 13 वर्षीय किशोर मो. दिलशाद की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। न्यू अजीत पत्रकार रोड, बरौनी तारीखाना के पास उसका शव सड़क किनारे झाड़ियों में मिला।
Congress Party : इंदिरा भवन में जो सार्वजनिक रूप से हुआ, उसके बारे में सभी को पता है। लेकिन, कुछ बातें अलग से भी हुईं। यह बता रहा है कि कांग्रेस बिहार विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त को भूली नहीं। नौ महीने के मंथन का परिणाम बाहर आएगा?
मुजफ्फरपुर के कांटी थाना क्षेत्र के नरसंडा में एक युवती ने इंस्टाग्राम के जरिए शुरू हुई दोस्ती के बाद प्रेम संबंध और राम जानकी मंदिर में शादी करने का दावा किया है।
गोरखपुर में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय (KGBV) से मंगलवार रात करीब 8:30 बजे तीन छात्राएं हॉस्टल से भाग गईं। नाबालिग छात्राओं के लापता होने की सूचना मिलते ही राजघाट, कोतवाली और तिवारीपुर थानों की पांच पुलिस टीमें जांच में जुट गईं। पुलिस ने 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस ने बुधवार शाम करीब 6 बजे तक तीनों छात्राओं को बिहार से बरामद कर लिया। तीनों छात्राओं को वन स्टॉप सेंटर में रखकर काउंसिलिंग की जा रही है। पढ़ें पूरी खबर… सहारनपुर में दो गोतस्करों से मुठभेड़, एक अरेस्ट:पुलिस को देखते ही बदमाशों ने गोलियां चलाई सहारनपुर के देवबंद क्षेत्र में बुधवार रात गोकशी की कोशिश कर रहे दो आरोपियों की पुलिस से मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक आरोपी के पैर में गोली लगी। उसे गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि उसका साथी फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक, मुखबिर की सूचना पर सांपलाखत्री गांव के जंगल में टीम पहुंची थी। वहां दोनों आरोपी गोवंश के पास गोकशी की तैयारी कर रहे थे। मौके से जिंदा गोवंश, तमंचा, कारतूस, बाइक और उपकरण बरामद हुए। पढ़ें पूरी खबर… नोएडा में 1.13 करोड़ की ठगी:निवेश के नाम पर लगाया पैसा, निकालने के कहने पर ठगों ने संपर्क तोड़ा नोएडा में शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर साइबर जालसाजों ने कारोबारी से 1.13 करोड़ रुपए ठग लिए। जालसाजों ने वॉट्सऐप पर संपर्क कर उन्हें निवेश पर दोगुना मुनाफा देने का भरोसा दिलाया। शुरुआत में 50 हजार रुपए निवेश कराने के बाद 9 हजार रुपए का रिटर्न देकर उनका भरोसा जीत लिया। इसके बाद कारोबारी ने अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए जालसाजों के खातों में 1.13 करोड़ रुपए जमा कर दिए। रकम निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने संपर्क तोड़ दिया। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर….
गया के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मनसा गांव में 18 वर्षीय नवविवाहिता पुतुल कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। उसका शव गांव के बाहर बरगद के पेड़ से लटका मिला। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है।
मुजफ्फरपुर में मशरूम क्लस्टर के नाम पर लिए गए कर्ज और कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला एसडीओ पूर्वी के न्यायालय पहुंच गया है। 19 अगस्त को हुई पहली सुनवाई में छह जीविका दीदियों समेत दोनों पक्षों ने अपना पक्ष रखा।
नालंदा के दीपनगर थाना क्षेत्र स्थित केके यूनिवर्सिटी के कमला गर्ल्स हॉस्टल में एग्रीकल्चर की 18 वर्षीय छात्रा महक का शव उसके कमरे से संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ। सहरसा निवासी महक पांचवें सेमेस्टर में पढ़ रही थी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को अपने कार्यकाल में पहली बार सुपौल का दौरा किया। उन्होंने छातापुर के बलुआ पंचायत में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र की पुण्यतिथि कार्यक्रम में शामिल होकर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया।
किसानों को अब सिर्फ 3 प्रतिशत ब्याज पर मिलेगा लोन, बिहार सरकार का नाबार्ड के साथ हुआ करार
केंद्र सरकार, कृषि विभाग और नाबार्ड मिलकर बिहार के किसानों को मात्र तीन प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण उपलब्ध कराएंगे। इस योजना के तहत तीन लाख रुपये तक के फसल ऋण, केसीसी ऋण और अल्पावधि कृषि उत्पादन ऋण पर ब्याज अनुदान मिलेगा।
Bihar Weather Update: बिहार में मौसम विभाग का नया अपडेट, सभी जिलों में बारिश की चेतावनी
Bihar Weather News: अगले 24 घंटों के दौरान सभी जिलों में बादल छाए रहने के साथ छिटपुट वर्षा और मेघ गर्जन की संभावना है। मौसम विभाग ने अररिया, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण और किशनगंज में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जबकि तापमान में वृद्धि दर्ज की गई है।
गोरखपुर के राजघाट इलाके के नार्मल स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय (KGBV) से मंगलवार रात करीब 8:30 बजे तीन छात्राएं हॉस्टल से भाग गईं। नाबालिग छात्राओं के लापता होने की सूचना मिलते ही ढूंढने के लिए राजघाट, कोतवाली और तिवारीपुर थानों की पांच पुलिस टीमें लगाईं गईं। 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस ने बुधवार शाम करीब 6 बजे तक तीनों छात्राओं को बिहार से बरामद कर लिया। तीनों छात्राओं को वन स्टॉप सेंटर में रखकर काउंसिलिंग की जा रही है। छात्राओं ने पूछताछ में बताया कि वे हाई-फाई जीवन जीना चाहती हैं। सपना है कि एक दिन उनके पास भी कार और बंगला हो। इसलिए तीनों ने बाहर जाकर नौकरी करने का प्लान बनाया था। पकड़े जाने पर छात्राएं बोलीं कि उनका सपना टूट गया। पॉकेट मनी खर्च कर बिहार पहुंच गईं तीनों छात्राओं की उम्र 13, 16 और 17 वर्ष है। पुलिस के मुताबिक, हॉस्टल से निकलते समय छात्राओं के पास उनकी पॉकेट मनी थी। पूछताछ में उन्होंने बताया कि पहले तीनों रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के आसपास घूमती रहीं। इसके बाद एक छात्रा के रिश्तेदार सिंघड़िया में रहते हैं, तीनों वहां चली गईं। वहां सुबह एक छात्रा रुक गई जबकि दो अन्य नंदानगर बस स्टैंड पहुंचीं। बस से बिहार के गोपालगंज चली गईं। छात्राओं के लापता होने की सूचना के बाद पुलिस शहर के अलग-अलग स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही थी। शहर के 150 से अधिक कैमरों की जांच में दोनों छात्राएं नंदानगर के पास दिखाई दीं। इसके आधार पर पुलिस की एक टीम वहां पहुंची और पूछताछ में उनके गोपालगंज जाने की जानकारी मिली। टीम गोपालगंज पहुंची तो पता चला कि छात्राएं वहां से गोरखपुर जाने वाली बस में सवार होकर निकल चुकी हैं। इसके बाद पुलिस ने बस स्टैंड पर टीम तैनात कर दी। बुधवार शाम करीब 6 बजे दानों छात्राओं को वहीं से बरामद कर लिया गया। वहीं, एक छात्रा को सुबह ही रिश्तेदार के घर पर मिल गई थी। हॉस्टल से आजाद होना चाहती थींपुलिस की पूछताछ में छात्राओं ने बताया कि वे हॉस्टल की जिंदगी से ऊब गई थीं और बाहर घूमना चाहती थीं। उन्हें नौकरी करके जल्दी अमीर बनना था। इसी वजह से उन्होंने हॉस्टल से निकलने का फैसला किया। करीब एक दिन बाद उन्हें अपने फैसले पर पछतावा हुआ और वे वापस लौट आईं। जांच में यह भी सामने आया कि इनमें से एक छात्रा पहले भी हॉस्टल से भाग चुकी थी। इस संबंध में एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि छात्राओं के लापता होने की सूचना के बाद जांच के लिए पांच टीमें लगाई गई थीं। तीनों को बरामद कर लिया गया है। वन स्टॉप सेंटर में उनकी काउंसिलिंग की जा रही है।
Sonebhadra News: शराब बनाने की सामग्री लेकर बिहार जा रहे तीन अंतरराज्यीय तस्कर दबोचे गए
शराब बनाने की सामग्री लेकर बिहार जा रहे तीन अंतरराज्यीय तस्कर दबोचे गए
Mirzapur News: बिहार में मवेशी बेचने का इनामी तस्कर मुठभेड़ में गिरफ्तार
Wanted cattle smuggler arrested in Bihar encounter
बिहार के सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस सिपाही द्वारा एके-47 से फायरिंग की बात राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्वीकार की है। सरकार ने यह भी बताया कि किन परिस्थितियों में सिपाही ने एके-47 से गोलियां चलाई थी।
सड़क पर क्यों उतरे तेजस्वी यादव? बिहार में AK-47 वाला प्रदर्शन दिखा
गांधी मैदान में हजारों कार्यकर्ता जमा हुए और RJD के कार्यकर्ताओं को गांधी मैदान से इनकम टैक्स चौराहे तक जाने दिया गया लेकिन इसके आगे जब उन्हें रोका गया तो बवाल हो गया।
कटिहार के मनिहारी गंगा तट पर नमामि गंगे परियोजना के तहत बन रहा करीब 9 करोड़ रुपये का रिवर फ्रंट बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ के पानी से घिर गया है.
विदेश भेजे गए 500 करोड़ पर आयकर विभाग की नजर, बिहार के CA के 15CB प्रमाणपत्रों की जांच से मचा हड़कंप
आयकर विभाग बिहार के एक सीए से जुड़े 400-500 करोड़ रुपये के संदिग्ध विदेशी लेनदेन की जांच कर रहा है। यह जांच फॉर्म 15सीबी प्रमाणपत्रों की सत्यता पर केंद्रित है, जिसमें कई शहरों में 394 इकाइयों की पड़ताल की जा रही है।
3 प्रतिशत ब्याज पर मिलेगा 3 लाख तक लोन, बिहार सरकार का नाबार्ड से करार; किसानों को फायदा
बिहार के किसानों को 3 लाख रुपये तक का लोन 3 प्रतिशत ब्याज पर मिलेगा। इसके लिए कृषि विभाग ने नाबार्ड से करार किया है। केंद्रीय अनुदान के अतिरिक्त राज्य सरकार 1 प्रतिशत अनुदान ब्याज दर पर देगी।
Tejashwi Yadav Raj Bhawan March: RJD कार्यकर्ता 'AK-47' लेकर पहुंचे, सरकार के खिलाफ प्रदर्शन | Bihar
बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को RJD ने सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस फायरिंग के विरोध में लोकभवन मार्च निकाला। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में निकले इस मार्च में बड़ी संख्या में RJD कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ता डमी AK-47 लेकर पहुंचे, सरकार के खिलाफ नारेबाजी की
बिहार सरकार ने 336 किलोमीटर लंबे बक्सर-भागलपुर 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को मंजूरी दे दी है. यह करीब 3700 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा.
हल्ला बोल: छात्रों के मुद्दे पर अब बिहार में आर-पार की लड़ाई शुरू हो गई?
छात्रों के असंतोष की आंच अब बिहार तक पहुंच गई है. आज पटना में शिक्षक भर्ती को लेकर धरने पर बैठ गए छात्रों के समर्थन और जुलाई में छात्र प्रदर्शन के दौरान सीवान में एके 47 से हवा में फायरिंग के खिलाफ तेजस्वी यादव ने शक्ति प्रदर्शन किया. RJD के इस विरोध प्रदर्शन में AK-47 के कटआउट्स के साथ प्रदर्शन किया गया. तेजस्वी यादव के नेतृत्व में RJD के कार्यकर्ताओं ने आज लोकभवन मार्च निकाला. देखें हल्ला बोल.
स्कूल बिल्डिंग तो बन गई, लेकिन बच्चे कहां हैं? बिहार के 5 जिलों से आजतक की ग्राउंड रिपोर्ट
बिहार के कई सरकारी स्कूलों में भवनों की जर्जर स्थिति, रास्तों की कमी और पढ़ाई न होने जैसी गंभीर समस्याएं सामने आई हैं. सुपौल, बेगूसराय, मुंगेर, वैशाली और सीतामढ़ी जिलों की आजतक की ग्राउंड रिपोर्ट में स्कूल भवनों के खंडहर बनने, रास्तों के अभाव और प्रशासनिक लापरवाही की पोल खुली है.
क्या तेजस्वी बिहार में पीते हैं? मांझी के आरोप से सदन में राजद नेता की शपथ पर भी सवाल
लगता है बाबू साहब का रात वाला उतरा नहीं था, इसलिए मुझे श्रद्धांजलि दे रहें हैं- केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी के इस एक बयान ने राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव के बिहार में पीने पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कल फिर बरसेगा पानी! दिल्ली, यूपी, बिहार समेत 15 राज्यों में बारिश की चेतावनी, पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा
India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश ने विकराल रूप धारण कर रखा है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 अगस्त के लिए मौसम का डिटेल्ड पूर्वानुमान जारी कर दिया है। IMD के मुताबिक 15 से भी अधिक राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और आंधी-तूफान की आशंका है। उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों से लेकर मध्य भारत के मैदानी इलाकों और पूर्वोत्तर राज्यों तक बारिश का दौर बेहद आक्रामक रहने वाला है। कई राज्यों में मूसलाधार बारिश के चलते आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। इसे लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 20 अगस्त को देश के तीन प्रमुख राज्यों में मौसम का सबसे ज्यादा रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से, छत्तीसगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्टउत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम के तल्ख तेवर जारी रहेंगे। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के अलग-अलग इलाकों में 20 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पहाड़ों पर होने वाली इस बारिश से भूस्खलन और चट्टानें खिसकने का खतरा बना रहेगा। इसके अलावा पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मानसूनी बारिश कहर बरपाने को तैयार है। मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 20 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है। इन राज्यों में बारिश के साथ-साथ कई जगहों पर बिजली चमकने और बादलों की तेज गड़गड़ाहट भी देखने को मिलेगी।बिहार, झारखंड और दक्षिण भारत में आंधी-तूफान और कड़कती बिजली का साया20 अगस्त को देश के बड़े हिस्से में आंधी-तूफान और बिजली कड़कने का गखतरा मंडरा रहा है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, केरल व माहे, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तेलंगाना के अलग-अलग हिस्सों में बिजली कड़कने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में मौसम और भी ज्यादा उग्र रह सकता है। इन क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाओं के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और नागालैंड-मणिपुर के विभिन्न इलाकों में भी सिर्फ बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।तेज हवाओं का प्रकोप और समुद्र में मछुआरों के लिए चेतावनीमैदानी और तटीय इलाकों में तेज हवाओं का जोर देखने को मिलेगा। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कई स्थानों पर दिनभर तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है। समुद्र में बन रहे मौसमी दबाव के कारण मछुआरों को गहरे पानी में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिमी-मध्य, उत्तर-पश्चिम और पूर्व-मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। इनकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं बंगाल की खाड़ी के क्षेत्र में मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र और दक्षिण श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और 65 किमी प्रति घंटे तक झोंके आने की आशंका जताई गई है।ये भी पढ़ें- Bihar Highway Project: बिहार में ₹3,591 करोड़ से बनेगा फोरलेन हाईवे, 9,450 करोड़ रुपये की 4 रेल प्रोजेक्ट को कैबिनेट की मंजूरी
देश के बुनियादी ढांचे और परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश के विकास को गति देने वाले पांच बड़े और महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है। इन सभी परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 13,041 करोड़ रुपये है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के इन फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि इन प्रोजेक्ट्स से न केवल कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि व्यापार और आवागमन के साधनों में भी क्रांतिकारी सुधार आएगा।रेलवे और सड़क परिवहन को मिली नई रफ्तारबुधवार को मोदी कैबिनेट द्वारा स्वीकृत किए गए इन पांच प्रमुख प्रोजेक्ट्स में चार परियोजनाएं भारतीय रेलवे के विस्तार से जुड़ी हैं, जबकि एक महत्वपूर्ण परियोजना सड़क परिवहन और राजमार्ग से संबंधित है। सरकार का मुख्य उद्देश्य देश के प्रमुख रेल मार्गों पर भीड़भाड़ को कम करना और औद्योगिक तथा यात्री परिवहन को तेज करना है। स्वीकृत किए गए प्रमुख प्रोजेक्ट्स इस प्रकार हैं:हावड़ा-चेन्नई मुख्य मार्ग का चौहरीकरण: देश के इस व्यस्त और रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण मुख्य रेल कॉरिडोर पर ट्रेनों के संचालन को सुगम और तेज बनाने के लिए रेलवे लाइन के चौहरीकरण के कार्य को मंजूरी दी गई है।कटक से पारादीप रेल लाइन विस्तार: इस महत्वपूर्ण मार्ग पर माल ढुलाई और यात्री ट्रेनों की आवाजाही की क्षमता में भारी बढ़ोतरी करने के लिए तीसरी और चौथी रेलवे लाइन बिछाई जाएगी।अन्य रेलवे नेटवर्क प्रोजेक्ट्स: इसके अलावा, देश के विभिन्न हिस्सों में रेल संपर्क को मजबूत करने के लिए दो अन्य बहु-ट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को भी हरी झंडी दी गई है।बिहार को मिला खास तोहफा: मुजफ्फरपुर-सोनबरसा फोर लेन हाईवेबिहार के बुनियादी ढांचे और सड़क कनेक्टिविटी को पंख लगाते हुए पांचवें प्रोजेक्ट के तहत सड़क परिवहन क्षेत्र में बड़ा निर्णय लिया गया है। इस परियोजना के अंतर्गत बिहार में मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए नेपाल सीमा तक जाने वाले सोनबरसा मार्ग को आधुनिक फोर लेन हाईवे में तब्दील किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 3,591 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस सड़क के बन जाने से न केवल उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों के बीच यातायात सुगम होगा, बल्कि नेपाल के साथ व्यापारिक गतिविधियों और आवागमन को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।देश के आर्थिक विकास को मिलेगी मजबूतीसरकार का मानना है कि इन ढांचागत परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से देश के कई राज्यों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। बेहतर सड़कों और मजबूत रेल नेटवर्क के जरिए किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को कम समय में बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। मोदी सरकार के इस फैसले को देश के समग्र विकास और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण की दिशा में एक और मील का पत्थर माना जा रहा है।
बेगूसराय में हथियार और कारतूस के साथ अपराधियों ने 3 वीडियो बनाए हैं। पहले वीडियो में जिसमें देखा जा सकता है कि जमीन पर चादर बिछी है। जिसपर कट्टा- राइफल और कारतूसें रखी हुई है। दूसरे बगल में बैठे बदमाश सिगरेट का धुआं उड़ा रहे हैं। वीडियो पर कैप्सन लिखा है ‘King of Bihar boos’। वहीं, तीसरे वीडियो में भी हथियार दिख रहा है और बदमाश चिकन पार्टी कर रहे हैं। मामला बलिया थाना क्षेत्र नौरंगा दियारा इलाके का है। बदमाशों की कुछ तस्वीरें… गंगा वाले इलाके में शरण लेते हैं अपराधी बलिया थाना का नौरंगा दियारा क्षेत्र भौगोलिक रूप से दुर्गम इलाका माना जाता है। गंगा के कछार वाले इस इलाके में अपराधी अक्सर शरण लेते हैं। सोशल मीडिया पर इस तरह के हथियारों से लैस वीडियो डालकर बदमाश आम लोगों और विरोधी गुटों में अपनी दहशत कायम करने की कोशिश कर रहे हैं। यह कोई पहला मामला नहीं है। पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद युवाओं में सोशल मीडिया पर लाइक्स और फॉलोअर्स बटोरने का सनक सिर चढ़कर बोल रहा है। पुलिस ने शुरू की छापेमारी वीडियो वायरल होने के बाद बेगूसराय पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल बलिया थानाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने दियारा के संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। डीएसपी बोले- मुख्य आरोपी सुदामा चौधरी की हुई पहचान मुख्यालय डीएसपी (DSP HQ) निखिल कुमार ने बताया कि अवैध हथियार के साथ सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने का मामला पुलिस के संज्ञान में आया है। इस संबंध में बलिया थाना पुलिस की ओर से सत्यापन कराया गया है। जांच के दौरान वायरल वीडियो में दिख रहे एक मुख्य व्यक्ति की पहचान नौरंगा निवासी सुदामा चौधरी के रूप में हुई है। डीएसपी ने बताया कि FIR दर्ज की जा रही है। एक आरोपी की पहचान कर उसके गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। वीडियो में शामिल अन्य सभी आरोपियों की भी पहचान की जा रही है। जल्द ही सभी की गिरफ्तारी होगी।
देश में इस साल मानसूनी बारिश की शुरुआती सुस्ती के बाद अब खेती-किसानी के मोर्चे पर राहत भरी खबर सामने आ रही है। जून के महीने में बीते 12 सालों की सबसे कम बारिश (40 फीसदी घाटा) दर्ज की गई थी, लेकिन जुलाई में हुई सामान्य बारिश ने खरीफ फसलों की बुआई की रफ्तार को दोबारा पटरी पर ला दिया है। Bloomberg की एक रिपोर्ट के मुताबिक मानसूनी फसलों के रकबे में जून के मुकाबले बड़ा सुधार देखने को मिला है। अगर आने वाले दिनों में बारिश का यह सिलसिला यूं ही जारी रहता है तो इससे देश में खाद्यान्न की महंगाई को कंट्रोल करने में बड़ी मदद मिल सकती है।बुआई का अंतर घटकर 2% पर आया, 101.7 मिलियन हेक्टेयर में हुई बुआईकृषि मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 14 अगस्त तक देशभर के किसानों ने 101.7 मिलियन हेक्टेयर (लगभग 251 मिलियन एकड़) में मानसूनी फसलों की बुआई पूरी कर ली है। यह आंकड़ा पिछले साल की समान अवधि में हुई बुआई के मुकाबले महज 2 फीसदी कम है। जून के महीने में अल नीनो के असर की वजह से यह अंतर काफी ज्यादा था।ब्लूमबर्ग को दिए इंटरव्यू में कृषि सचिव आतिश चंद्रा ने बताया कि जून के बाद से बुआई की गति में काफी सुधार देखने को मिला है। दलहन, तिलहन और कपास जैसी प्रमुख फसलों की बुआई संतोषजनक दिख रही है। हालांकि कुछ फसलों का रकबा पिछले साल से थोड़ा कम है तो कुछ दूसरी फसलों के क्षेत्रफल में बढ़ोतरी भी देखी गई है।अगस्त और सितंबर की बारिश होगी बेहद अहमभारत की कुल वार्षिक बारिश का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा दक्षिण-पश्चिम मानसून से ही मिलता है। यह मानसून न सिर्फ फसलों की सिंचाई के लिए बल्कि भूजल स्तर को रिचार्ज करने के लिए भी बहुत जरूरी है। जून से सितंबर तक चलने वाले इस सीजन में उगाई जाने वाली फसलें देश के कुल वार्षिक खाद्यान्न उत्पादन का लगभग आधा हिस्सा होती हैं।भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक 17 अगस्त तक देश में क्यूमेलेटिव बारिश सामान्य से 13 प्रतिशत कम रही है। कृषि सचिव ने स्पष्ट किया कि फसलों की पैदावार और अंतिम उत्पादन के लिए अगस्त और सितंबर महीनों की बारिश बेहद निर्णायक साबित होगी। इसके लिए कृषि मंत्रालय लगातार राज्य सरकारों के साथ मिलकर स्थिति की निगरानी कर रहा है। आतिश चंद्रा ने कहा कि हम राज्यों से आग्रह कर रहे हैं कि वे किसानों को इस सीजन में उपलब्ध सभी भूमि पर खेती करने के लिए प्रोत्साहित करें, भले ही बुआई में थोड़ी देरी ही क्यों न हो रही हो।धान की बुआई पिछड़ी, लेकिन अभी भी उम्मीद बरकरारखरीफ सीजन की सबसे प्रमुख फसल यानी धान का रकबा अभी भी पिछले आंकड़ों से पीछे चल रहा है। ये चिंता का विषय बना हुआ है। वैसे कृषि सचिव का कहना है कि किसानों के पास अगस्त के अंत तक और कुछ राज्यों/क्षेत्रों में सितंबर के महीने तक भी धान की रोपाई करने का समय उपलब्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी फसलों के अंतिम उत्पादन का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी क्योंकि राज्यों के साथ समय-समय पर समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं।इसका सप्लाई और महंगाई पर क्या पड़ेगा असर?अगर मानसूनी बारिश और फसलों की बुआई में यह रिकवरी नहीं होती तो देश में खाद्यान्न की सप्लाई प्रभावित हो सकती थी। सप्लाई घटने से खाने के सामान की कीमतें बढ़तीं और महंगाई पर काबू पाने की सरकारी को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता था। कृषि और खाद्य बाजार पर दबाव के संकेत पहले से ही दिखने लगे हैं। उदाहरण के तौर पर देखें तो भारत लगभग एक दशक में पहली बार चीनी के आयात शुल्क में कटौती करने पर विचार कर रहा है ताकि घरेलू स्तर पर कीमतों और आपूर्ति को संतुलित रखा जा सके।यह भी पढ़ें:Bihar Highway Project: बिहार में ₹3,591 करोड़ से बनेगा फोरलेन हाईवे, 9,450 करोड़ रुपये की 4 रेल प्रोजेक्ट को कैबिनेट की मंजूरी
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NEET UG : बिहार के शिक्षक के 4 बेटों का कमाल, क्रैक की नीट परीक्षा
बिहार में बेगूसराय जिले के साहेबपुरकमाल प्रखंड के समस्तीपुर गांव में चार सगे भाइयों ने नीट परीक्षा क्रैक कर शानदार मिसाल कायम की है। इन भाइयों के पिता विनोद कुमार पेशे से शिक्षक हैं।
Bihar Highway Project: केंद्र सरकार ने देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए चार प्रमुख रेलवे मल्टी-ट्रैकिंगप्रोजेक्ट और बिहार की एक बड़ी हाईवे परियोजना को मंजूरी दी है। इन पांचोंप्रोजेक्टकी कुल अनुमानित लागत करीब 13,041 करोड़ रुपये है। सरकार के मुताबिक, इन परियोजनाओं से रेल और सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होगी। यात्री ट्रेनों के साथ-साथ माल ढुलाई की क्षमता बढ़ेगी। इससे महत्वपूर्ण इलाकों में आवागमन आसान होगा।केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जिन चार रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी है, उनकी कुल अनुमानित लागत करीब 9,450 करोड़ रुपये है। ये परियोजनाएं पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के आठ जिलों से होकर गुजरेंगी। इनके तहत भारतीय रेलवे नेटवर्क में करीब 410 किलोमीटर का इजाफा होगा। परियोजनाओं को 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।हावड़ा-चेन्नई रेल रूट होगा और मजबूतरेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि स्वीकृत चार रेलवे परियोजनाओं में से तीन हावड़ा-चेन्नई मुख्य रेल मार्ग से संबंधित हैं। जबकि चौथी परियोजना कटक-पारादीप रेल सेक्शन से जुड़ी है। इन परियोजनाओं में हावड़ा-चेन्नई मुख्य रेलवे लाइन के महत्वपूर्ण हिस्सों का क्वाड्रपलिंग यानी चार लाइन में विस्तार किया जाएगा। वहीं कटक-पारादीप मार्ग पर तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण किया जाएगा।रेल मंत्री ने हावड़ा-चेन्नई रूट को देश की बेहद महत्वपूर्ण रेलवे लाइनों में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस पूरे कॉरिडोर को चार लाइन वाला बनाया जाएगा। इससे इस मार्ग पर एक साथ ज्यादा ट्रेनों का संचालन संभव होगा।रेल मंत्री ने दी पूरी डिटेल्सकेंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव नेबुधवार को राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, बिहार में बहुत इंपॉर्टेंट आज हाईवे का प्रोजेक्ट माननीय प्रधानमंत्री जी ने अप्रूव किया है। यह प्रोजेक्ट एक तरीके से पूरे बिहार के लिए बहुत मेजर लाइफलाइन बन रहा है। यह प्रोजेक्ट नेपाल के बॉर्डर से लेके स्टार्ट होता है।रेल मंत्री ने आगे कहा, कम्प्लीट एक बड़ी आर्टरी बनेगा, ट्रांसपोर्ट की बहुत बड़ी यह मेन लाइन, मेन रोड बनेगी जो कि बिहार के लिए कई वर्षों तक इसका बेनिफिट मिलेगा। 83 किलोमीटर का ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट है। एगजिस्टिंग लाइन को अपग्रेड किया जाएगा 4 लेन हाईवे में और ₹3,591 करोड़ का इन्वेस्टमेंट इसमें होगा। 30 महीने में कंस्ट्रक्शन रहेगा। फ्लैक्सिबल पेवमेंट, यानी ब्लैकटॉप पेवमेंट रहेगा इसमें...।अश्विनी वैष्णव ने इस दौरान आगे कहा, पहले चार प्रोजेक्ट में जो हावड़ा से चेन्नई की रूट है, मेन लाइन है, इस मेन लाइन के क्वाड्रपलिंग के डिसीजंस हैं। और एक है कटक से पारादीप रेलवे लाइन का क्वाड्रपलिंग का, थर्ड एंड फोर्थ लाइन। और पांचवा प्रोजेक्ट है मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए सोनबरसा, एकदम नेपाल के बॉर्डर तक। यह फोर लेन हाईवे बनाने का टोटल 13,041 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स आज कैबिनेट में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अप्रूव किए हैं...।यात्रियों के साथ माल ढुलाई को भी मिलेगा फायदाचार लाइन वाला रेल कॉरिडोर बनने से सबसे बड़ा फायदा ट्रेनों के संचालन में होने की उम्मीद है। एक ही मार्ग पर ज्यादा ट्रेनों को चलाने की क्षमता बढ़ेगी और मालगाड़ियों के लिए भी अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी। रेलवे के लिए यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि व्यस्त रूट पर यात्री और मालगाड़ियों के बीच संचालन को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकेगा। इसके अलावा, लाइन के रखरखाव के दौरान भी ट्रेनों के संचालन पर कम असर पड़ने की संभावना है। सरकार का जोर ऐसे महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर की क्षमता बढ़ाने पर है, ताकि आने वाले वर्षों में बढ़ती यात्री और माल ढुलाई की जरूरतों को पूरा किया जा सके।बिहार में 82.5 किलोमीटर लंबा हाईवे होगा फोरलेनकैबिनेट ने बिहार के लिए भी एक महत्वपूर्ण सड़क परियोजना को मंजूरी दी है। इसके तहत मुजफ्फरपुर-सितामढ़ी-सोनबरसा सेक्शन को चार लेन में अपग्रेड किया जाएगा। यह सड़क NH-22 का हिस्सा है और इसकी लंबाई करीब 82.578 किलोमीटर है।इस प्रोजेक्ट पर कुल 3,590.73 करोड़ रुपये की पूंजीगत लागत आएगी।इस हाईवे के जरिए मुजफ्फरपुर को सितामढ़ी होते हुए नेपाल सीमा के पास स्थित सोनबरसा से जोड़ा जाएगा। चार लेन बनने के बाद इस मार्ग पर यातायात क्षमता बढ़ने के साथ सफर को भी अधिक सुगम बनाने में मदद मिलेगी।हाइब्रिड एन्युटी मोड पर होगा कामबिहार की इस सड़क परियोजना को हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) के तहत लागू किया जाएगा। यह परियोजना बिहार के लिए रणनीतिक और आर्थिक दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि यह उत्तर बिहार को नेपाल सीमा के नजदीकी क्षेत्र से बेहतर सड़क कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। बेहतर हाईवे से स्थानीय लोगों के आवागमन के अलावा व्यापार, परिवहन और माल ढुलाई को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।पांच बड़े फैसलों का कुल असर 13,041 करोड़ रुपयेकेंद्रीय मंत्री ने कहा कि कैबिनेट की बैठक में देश की इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरतों से जुड़े पांच बड़े फैसले लिए गए हैं। इनमें पहले चार फैसले रेलवे से संबंधित हैं, जबकि पांचवां फैसला हाईवे सेक्टर से जुड़ा है। चार रेलवे परियोजनाओं की अनुमानित लागत करीब 9,450 करोड़ रुपये और बिहार हाईवे परियोजना की लागत 3,590.73 करोड़ रुपये है। इस तरह सभी स्वीकृत परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 13,041 करोड़ रुपये बैठती है। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से न केवल रेल और सड़क नेटवर्क का विस्तार होगा, बल्कि देश के प्रमुख आर्थिक और परिवहन कॉरिडोर की क्षमता भी बढ़ेगी।2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्यरेलवे की चारों परियोजनाओं को 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।प्रोजेक्ट पूरी होने के बाद हावड़ा-चेन्नई जैसे महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर पर ट्रेनों की क्षमता बढ़ेगी। साथ ही कटक-पारादीप सेक्शन में भी रेल नेटवर्क मजबूत होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिए गए इन फैसलों को केंद्र सरकार ने देश की फाउंडेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरतों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।ये भी पढ़ें-BBA स्टूडेंट ने 3 महीने तक रोज 8.5 घंटे Rapido चलाया, एक दिन में 1200 रुपये तक कमाए फिर अपना एक्सपीरियंस डिटेल में बताया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने बुधवार को बिहार को भी एक बड़ा बुनियादी ढांचा उपहार दिया है। कैबिनेट ने मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड के 82.578 किलोमीटर हिस्से को चार-लेन हाईवे में अपग्रेड करने को मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 3,591 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
रेलवे से हाईवे तक... मोदी कैबिनेट ने लगाई 5 फैसलों पर मुहर, बिहार समेत इन राज्यों को तोहफा
केंद्रीय कैबिनेट ने देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पांच महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
SAV बिहार कक्षा 6 प्री प्रवेश 2027-28 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू
बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड (BSEB) ने सिमुलतला आवासीय विद्यालय (SAV) में कक्षा 6 के लिए प्री प्रवेश 2027-28 की अधिसूचना जारी की है। आवेदन प्रक्रिया 03 अगस्त 2026 से शुरू हो चुकी है और अंतिम तिथि 28 अगस्त 2026 है। इस प्रक्रिया में आवेदन शुल्क, आयु सीमा, और चयन प्रक्रिया के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी शामिल है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक अधिसूचना को ध्यान से पढ़ें और समय पर आवेदन करें।
₹21 किराया, 8x9 का कमरा और खाली जेब... अनिल अग्रवाल ने बताया 19 की उम्र में कैसे शुरू हुई वेदांता!
Anil Agarwal Success Story: वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर अपने शुरुआती संघर्षों के दिनों को याद करते हुए एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक किस्सा साझा किया है। आज दुनिया भर में फैले मल्टीनेशनल ग्रुप के मालिक अनिल अग्रवाल ने बताया कि कैसे उन्होंने मुंबई के कालबादेवी इलाके में महज 8x9 फीट के एक छोटे से कमरे से अपने बिजनेस साम्राज्य की नींव रखी थी।बिहार के पटना से निकलकर अरबों डॉलर का ग्रुप खड़ा करने तक का उनका यह सफर किसी भी नए उद्यमी के लिए एक मिसाल है।19 साल की उम्र में खाली जेब पहुंचे थे मुंबईअनिल अग्रवाल ने अपनी पोस्ट में बताया कि वे जब महज 19 साल के थे, तब बिहार से अपने बड़े सपनों को पूरा करने के लिए मुंबई आए थे। उनके पास जेब में बहुत कम पैसे थे, लेकिन कुछ बड़ा करने का पक्का इरादा था।कई दिनों तक मुंबई की गलियों में भटकने के बाद उनकी मुलाकात कालबादेवी के 'रसिकभाई' नाम के एक व्यक्ति से हुई। रसिकभाई ने युवाओं के इस जुनून को पहचाना और उन्हें एक पुरानी इमारत की चौथी मंजिल पर 8 फीट लंबी और 9 फीट चौड़ी एक छोटी सी दुकान/कमरा दिखाया।1 शेयरिंग फोन और ₹21 का किरायाअनिल अग्रवाल ने उस दौर के संघर्ष की कुछ दिलचस्प बातें साझा कीं। साल 1975-76 में अपना खुद का टेलीफोन होना बहुत दुर्लभ बात थी। उस 8x9 फीट के कमरे में 3 लोग बैठते थे और अनिल अग्रवाल के नाम आने वाले फोन पड़ोस के 'राजकुमार जी' के टेलीफोन पर आते थे।दफ्तर ही नहीं, उनका रहने का ठिकाना भी बेहद मामूली था। कालबादेवी के कॉटन एक्सचेंज के पास वे एक कमरा किराए पर लेकर रहते थे, जिसका महीना किराया ₹21 था और उसमें उनके साथ 7 अन्य लोग भी रहते थे। आज Vedanta Group के कई बड़े offices दुनिया के कई देशों में हैं।मगर सच कहूँ, आज भी अगर आँखें बंद करूँ, तो Mumbai के Kalbadevi वाले मेरे पहले office की तस्वीर साफ़-साफ़ नज़र आती है।19 साल की उम्र में जब Bihar से Mumbai आया, जेब में पैसे कम थे, मगर मन में एक ज़िद थी कि कुछ बड़ा… pic.twitter.com/D3cRpxD3aC— Anil Agarwal (@AnilAgarwal_Ved) August 19, 2026 'जो किसी MBA की किताब में नहीं लिखा...'वेदांता चेयरमैन ने लिखा कि उसी छोटे और तंग कमरे में बैठकर उन्होंने केबल कंपनियों के साथ बड़ी-बड़ी डील्स पूरी कीं, बड़े व्यापारियों से मुलाकात की और बिजनेस के ऐसे कड़े सबक सीखे, जो दुनिया की कोई भी MBA की टेक्स्टबुक नहीं सिखा सकती। उन्होंने कहा कि चाहे कितनी भी परेशानियां या उतार-चढ़ाव आए हों, वे रोज सुबह उसी उत्साह और गर्व के साथ अपने पहले ऑफिस का ताला खोलते थे।सफलता के 2 मूल मंत्र: 'Think Big, Work Hard'अनिल अग्रवाल ने अपनी सफलता का श्रेय उसी 8x9 फीट के कमरे को दिया, जिसने उन्हें ज़िंदगी के दो सबसे बड़े नियम सिखाए- 'बड़ा सोचो और कड़ी मेहनत करो'।आज वेदांता ग्रुप का कारोबार दुनिया भर के कई देशों में फैला हुआ है। लेकिन अनिल अग्रवाल का कहना है कि जब भी वे अपनी आँखें बंद करते हैं, तो उन्हें आज भी कालबादेवी की वह छोटी सी दुकान याद आती है जो उन्हें हमेशा जमीन से जोड़े रखती है।
RJD राजभवन मार्च रोका: बिहार में छात्रों का महासंग्राम, हिरासत में फिर रिहा !
बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी और बेहद उत्साहजनक खबर सामने आ रही है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने बहुप्रतीक्षित शिक्षक नियुक्ति के चौथे चरण यानी BPSC TRE 4.0 के तहत आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। राज्य के शिक्षा विभाग के अंतर्गत विभिन्न कक्षाओं के लिए कुल 32,388 पदों पर योग्य उम्मीदवारों की भर्तियां की जाएंगी। इस भर्ती के आने से पूरे राज्य में शिक्षण क्षेत्र के उम्मीदवारों के बीच जबरदस्त तैयारी का माहौल बन गया है। इस बार की चयन प्रक्रिया और नियमों में कुछ अहम बदलाव भी किए गए हैं, जिन्हें जानना हर आवेदक के लिए बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं इस पूरी भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात।कितने पदों पर और किस वर्ग के लिए होगी भर्ती?बिहार शिक्षक भर्ती के इस चौथे चरण में प्राइमरी से लेकर उच्च माध्यमिक कक्षाओं तक के लिए रिक्तियां निकाली गई हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस बार कुल 32,388 पदों पर नियुक्तियां होनी हैं। इसमें कक्षा 1 से 5 यानी प्राइमरी शिक्षकों के लिए 3,847 पद, कक्षा 6 से 8 यानी मिडिल स्कूल के लिए 8,563 पद, कक्षा 9 से 10 यानी सेकेंडरी स्कूलों के लिए 3,877 पद और कक्षा 11 से 12 यानी सीनियर सेकेंडरी या उच्च माध्यमिक स्कूलों के लिए सबसे अधिक 16,101 पद शामिल किए गए हैं। विभिन्न श्रेणियों और विषयों के हिसाब से इन पदों का वर्गीकरण किया गया है ताकि हर वर्ग के योग्य युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार उचित अवसर मिल सके।आवेदन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियांइस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत आगामी 1 सितंबर से होने जा रही है। जो भी उम्मीदवार इन पदों के लिए पात्रता रखते हैं, वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना आवेदन पूरा कर सकते हैं। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 29 सितंबर तय की गई है, जबकि ऑनलाइन फॉर्म पूरी तरह से सबमिट करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर निर्धारित की गई है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि अंतिम समय की तकनीकी परेशानियों से बचने के लिए उम्मीदवारों को समय रहते अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर लेना चाहिए। आवेदन से जुड़ी विस्तृत जानकारी और आधिकारिक निर्देश प्राप्त करने के लिए उम्मीदवार BPSC Official Portal पर विजिट कर सकते हैं।शैक्षणिक योग्यता और पात्रता के जरूरी मानकविभिन्न चरणों के इन शिक्षक पदों के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यताएं निर्धारित की गई हैं। प्राइमरी शिक्षकों के लिए इंटरमीडिएट के साथ डी.एल.एड. और सीटीईटी (CTET) या बीटीईटी पेपर-1 उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। वहीं, उच्च कक्षाओं के लिए स्नातक या स्नातकोत्तर के साथ बी.एड. और संबंधित विषयों में एसटेट (STET) पास होना जरूरी है। इसके अलावा, आरक्षित श्रेणियों और महिलाओं के लिए आयु सीमा तथा अंकों में सरकार के नियमों के अनुसार विशेष छूट का प्रावधान किया गया है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे फॉर्म भरने से पहले Election Commission of India या अन्य आधिकारिक प्रशासनिक पोर्टल्स पर उपलब्ध दिशा-निर्देशों के साथ-साथ आयोग की विज्ञप्ति को ध्यान से पढ़ लें।चयन प्रक्रिया और परीक्षा को लेकर क्या है तैयारी?बिहार में शिक्षकों के चयन के लिए पारदर्शी और सख्त परीक्षा प्रणाली अपनाई जाती है। इस बार भी लिखित परीक्षा और दस्तावेजों के सत्यापन (Document Verification) के आधार पर अंतिम मेरिट सूची तैयार की जाएगी। परीक्षा की तिथि और एडमिट कार्ड से जुड़े अपडेट्स आयोग द्वारा आधिकारिक वेबसाइट पर समय-समय पर जारी किए जाएंगे। राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने की दिशा में इस बड़े पैमाने पर होने वाली शिक्षक भर्ती को एक अहम कदम माना जा रहा है।
Bihar Politics: छात्रों के हक में सड़क पर उतरे तेजस्वी यादव हिरासत में लिए गए, RJD कार्यकर्ताओं ने किया बड़ा प्रदर्शन
Bihar Police Prohibition Constable Result 2026: Complete Details
The Bihar Police has announced the results for the Prohibition Constable recruitment for 2026. Candidates who applied for the 4236 available positions can now check their results online. The recruitment process included a written examination held on June 14 and 17, 2026. This article provides essential details such as important dates, eligibility criteria, and instructions on how to download the results. Stay informed about your application status and ensure you meet the necessary requirements for this government job opportunity.
Bihar Mid-Day Meal: मंगलवार को बिहार के नालंदा जिले के नूरसराय ब्लॉक के एक सरकारी स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद 34 बच्चे बीमार पड़ गए। स्कूल के हेडमास्टर ने बताया कि यह घटना तब हुई जब रसोइए ने गलती से उन छात्रों को डिटर्जेंट पाउडर दे दिया, जिन्होंने और नमक मांगा था।नालंदा जिले के एक अधिकारी के मुताबिक, खाना खाने के बाद तबीयत बिगड़ने पर पारसी मिडिल स्कूल की 17 लड़कियों और उतने ही लड़कों को बिहारशरीफ सदर अस्पताल ले जाया गया। जिला प्रशासन ने बताया कि इलाज के बाद सभी बच्चे स्वस्थ हैं और खतरे से बाहर हैं।एक वीडियो में स्कूल के हेडमास्टर शैलेंद्र कुमार सिंह स्थानीय पत्रकारों को घटना के बारे में जानकारी देते नजर आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक NGO की ओर से स्कूल में मिड-डे मील उपलब्ध कराया गया था। तय मेन्यू के मुताबिक बच्चों को चावल और सोयाबीन-आलू की सब्जी परोसी गई थी।यह सब कैसे शुरू हुआ?हेडमास्टर ने बताया कि स्कूल में कई बार में खाना परोसा जाता है। एक वीडियो में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है, दूसरी बार खाना परोसने के दौरान, स्कूल के एक रसोइए की पोती ने और नमक मांगा। रसोइए ने गलती से नमक की जगह डिटर्जेंट पाउडर उठा लिया और उसे लड़की के खाने में मिला दिया। उन्होंने आगे कहा, रसोइए को सिर्फ अपनी पोती को खाना परोसते देख, दूसरे छात्रों ने भी और नमक मांगा और उन्हें भी वही डिटर्जेंट पाउडर मिल गया। जल्द ही, कुछ छात्रों ने गले और पेट में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद हमें इस समस्या के बारे में पता चला।हालांकि, स्कूल मैनेजमेंट ने शुरुआत में प्रभावित बच्चों को लक्षणों से राहत देने के लिए गुनगुना नमक का पानी पिलाया। इसके बाद बच्चों को इलाज के लिए सबसे पहले भागन बिगहा स्थित डेंटल कॉलेज भेजा गया, जहां से बाद में उन्हें आगे के इलाज के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।इस बीच, जिले के अधिकारी ने बताया कि डॉक्टरों ने बच्चों की जांच की और उनकी हालत स्थिर है।अधिकारी के मुताबिक, स्कूल में मिड-डे मील एकता शक्ति फाउंडेशन की ओर से नगरनौसा के रामघाट स्थित सेंट्रलाइज्ड किचन से भेजा गया था। एक अधिकारी ने कहाखाना परोसने से पहले, स्कूल के दो रसोइयों और दो शिक्षकों ने खाना खाया था। इसके बाद दोपहर 12:30 बजे सभी 132 छात्रों को खाना परोसा गया। उनमें से 34 बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने के बाद दोपहर करीब 2:15 बजे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।जिला अधिकारी ने बताया कि फाउंडेशन की सेंट्रलाइज्ड किचन चंडी, नगरनौसा और नूरसराय ब्लॉक के 206 स्कूलों में रोजाना लगभग 23,000 बच्चों को मिड-डे मील सप्लाई करती है।खाने की जांच के लिए लिए जाएंगे सैंपलअधिकारियों ने कहा कि वे खाने के सैंपल की जांच करवाएंगे। इस बीच, शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी उस अस्पताल पहुंचे जहां बच्चों को भर्ती कराया गया था। बिहार के मंत्री श्रवण कुमार ने भी सदर अस्पताल का दौरा किया, बच्चों से मुलाकात की और डॉक्टरों को सही इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।जिला प्रशासन ने बताया कि डॉक्टरों ने सभी बच्चों को स्वस्थ और खतरे से बाहर पाया है। जांच के समय बच्चों के स्वास्थ्य पर कोई बुरा असर नहीं दिखा।फिलहाल, इस मामले में अभी तक कोई FIR या शिकायत दर्ज नहीं की गई है।यह भी पढ़ें:झारखंड में 2014 के बाद से अबतक की ये 44 भर्ती परीक्षाएं एक झटके में रद्द! जज-साइंटिस्ट, लेक्चरर तक की नौकरी गई! पूरी लिस्ट यहां देखिए
SLAT 2027 Exam Date: इंटरमीडिए या 12वीं कक्षा के बाद कानूनी के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए 5 साल का लॉ कोर्स काफी अहम माना जाता है। देश में कई लॉ यूनिवर्सिटी ऐसे कोर्स ऑफर करती हैं, जिनमें कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) के जरिए प्रवेश होता है। इस परीक्षा के स्कोर के आधार पर देश के कई प्रमुख संस्थान और यूनिवर्सिटी लॉ पाठ्यक्रम में प्रवेश देती हैं। इसके अलावा सिम्बायोसिस इंटरनेशनल के जरिए भी कानून की पढ़ाई का अच्छा विकल्प है।सिम्बायोसिस इंटरनेशनल एक डीम्ड यूनिवर्सिटी है, जो सिम्बायोसिस लॉ एडमिशन टेस्ट (SLAT) के जरिए अपने लॉ कोर्स में प्रवेश देती है। जल्द ही यह संस्थान अंडरग्रेजुएट लॉ प्रोग्राम में प्रवेश चाहने वाले उम्मीदवारों के लिए एसलैट 2027 आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत करने जा रहा है। डीम्ड यूनिवर्सिटी ने आवेदन फॉर्म से लेकर परीक्षा तक का पूरा शेड्यूल घोषित कर दिया है। शेड्यूल के मुताबिक, रजिस्ट्रेशन विंडो 4 दिसंबर, 2026 तक खुली रहेगी।सिम्बायोसिस लॉ एडमिशन टेस्ट (SLAT) 2027, 19 दिसंबर और 26 दिसंबर, 2026 को ऑनलाइन मोड में होगा। यह एग्जाम लगभग 68 टेस्ट शहरों में होगा। सिम्बायोसिस लॉ स्कूल्स के लॉ कार्यक्रम में प्रवेश के इच्छुक छात्रों को आवेदन और परीक्षा की तारीखों का ध्यान रखना चाहिए।एसलैट 2027: जरूरी तारीखेंइवेंट की तारीखएप्लीकेशन फॉर्म की घोषणा जल्द होगीआवेदन करने की आखिरी तारीख : 4 दिसंबर, 2026एसलैट टेस्ट 1 एडमिट कार्ड : 11 दिसंबर, 2026एसलैट टेस्ट 2 एडमिट कार्ड : 18 दिसंबर, 2026एसलैट टेस्ट 1: 19 दिसंबर, 2026एसलैट टेस्ट 2: 26 दिसंबर, 2026एसलैट 2027: योग्यता नियमइस प्रवेश में शामिल होने के इच्छुक छात्रों को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कम से कम 45 परसेंट मार्क्स के साथ क्लास 12 पास होना चाहिए। 2027 में क्लास 12 की परीक्षा देने वाले स्टूडेंट्स भी अप्लाई कर सकते हैं। एसलैट में हिस्स लेने के लिए कोई ऊपरी उम्र सीमा नहीं है।एसलैट 2027 के लिए आवेदन कैसे करें?रजिस्ट्रेशन खुलने के बाद, उम्मीदवार आधिकारिक एसलैट वेबसाइट के जरिए अप्लाई कर सकते हैं। उन्हें ये करना होगा : अपना नाम, ईमेल ID, मोबाइल नंबर और दूसरी डिटेल्स का इस्तेमाल करके रजिस्टर करें। आवेदन फॉर्म भरें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें, जिसमें एक फोटो और सिग्नेचर शामिल हैं। हर टेस्ट के लिए 2,250 रुपये की एप्लीकेशन फीस ऑनलाइन पेमेंट मोड से पे करें। फॉर्म सबमिट करें और कन्फर्मेशन को भविष्य के लिए सेव कर लें। एसलैट 2027 एग्जाम पैटर्नएसलैट एक कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) के तौर पर होगा जिसमें 60 अंकों के लिए 60 मल्टीपल-चॉइस सवाल होंगे।प्रश्न पत्र में पांच हिस्से होंगे : लॉजिकल रीजनिंग एनालिटिकल रीजनिंग रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन जनरल नॉलेज लीगल रीजनिंग कैंडिडेट्स को हर सही जवाब के लिए एक नंबर मिलेगा, और कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी।Bihar Board Registration 2027: 10वीं-12वीं के छात्रों के लिए फाइनल रजिस्ट्रेशन विंडो आज से खुली, डमी कार्ड में 22 अगस्त तक कर सकते हैं सुधार
मुजफ्फरपुर पुलिस का ऑपरेशन मुस्कान अभियान लोगों के खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन वापस दिलाने में लगातार सफलता हासिल कर रहा है।
Bihar News: सोशल मीडिया पोस्ट बनी मुसीबत! शिक्षा मंत्री पर टिप्पणी करने वाला शिक्षक निलंबित
मुजफ्फरपुर में सोशल मीडिया पर बिहार सरकार और शिक्षा मंत्री के खिलाफ कथित तौर पर अमर्यादित और राजनीतिक टिप्पणी करना विशिष्ट शिक्षक राजेश कुमार को भारी पड़ गया।
बिहार में पेपर लीक, बेरोजगारी और छात्र आंदोलनों के मुद्दे पर तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आरजेडी के राजभवन मार्च के दौरान पटना में हंगामा हो गया। जेपी गोलंबर से मार्च शुरू होने के बाद डाकबंगला चौराहे पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर मार्च रोकने की कोशिश की।
Weather Today: उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, बंगाल से लेकर पूर्वोत्तर राज्यों में आज भारी बारिश की चेतावनी है. हालांकि दिल्ली एनसीआर रीजन में नोएडा गाजियाबाद जैसे इलाकों में आज बादल छाये रहेंगे, हल्की फुहारें पड़ सकती हैं.
पूर्णिया के रौटा थाना क्षेत्र के मीरगंज गांव निवासी 24 वर्षीय मोहम्मद जफर को यूपी एटीएस ने मेरठ से कथित आतंकी नेटवर्क से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया है।
बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने शिक्षा विभाग के अंतर्गत बहुप्रतीक्षित शिक्षक भर्ती परीक्षा यानी BPSC TRE 4.0 का आधिकारिक नोटिफिकेशन (विज्ञापन संख्या 14/2026) जारी कर दिया है। इस भर्ती अभियान के जरिए राज्य के प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कुल 32,388 शिक्षक पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। आयोग द्वारा जारी सूचना के अनुसार, आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से ऑनलाइन माध्यम से शुरू होगी।BPSC TRE 4.0 भर्ती 2026: वर्गवार रिक्तियों का पूरा विवरणबीपीएससी द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार, विभिन्न श्रेणियों के स्कूलों में पदों का विभाजन इस प्रकार किया गया है:प्राथमिक शिक्षक (कक्षा 1 से 5 - PRT): 3,847 पदमध्य विद्यालय शिक्षक (कक्षा 6 से 8 - Middle): 8,563 पदमाध्यमिक शिक्षक (कक्षा 9 से 10 - TGT): 3,877 पदउच्च माध्यमिक शिक्षक (कक्षा 11 से 12 - PGT): 16,101 पदकुल पदों की संख्या: 32,388 पदउच्च माध्यमिक विद्यालयों (कक्षा 11वीं और 12वीं) में सबसे अधिक 16,101 रिक्तियां निकाली गई हैं, जिससे विज्ञान, कला और भाषा विषयों के स्नातकोत्तर पास युवाओं को बड़ा अवसर मिलेगा। इसके साथ ही राज्य सरकार के नियमानुसार महिला अभ्यर्थियों और आरक्षित श्रेणियों के लिए आरक्षण का लाभ भी नियमानुसार देय होगा।महत्वपूर्ण तिथियां (Important Dates)अभ्यर्थियों को तय समय सीमा के भीतर अपना पंजीकरण, शुल्क भुगतान और आवेदन फॉर्म पूरा करना होगा:नोटिफिकेशन जारी होने की तिथि: 18 अगस्त 2026ऑनलाइन आवेदन व शुल्क भुगतान प्रारंभ: 01 सितंबर 2026आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि: 29 सितंबर 2026ऑनलाइन आवेदन फॉर्म सबमिट करने की अंतिम तिथि: 30 सितंबर 2026परीक्षा और एडमिट कार्ड की तिथि: आयोग द्वारा अलग से सूचित की जाएगी।पदवार शैक्षणिक योग्यता और पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)BPSC TRE 4.0 के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को एनसीटीई (NCTE) द्वारा निर्धारित नियमों के तहत न्यूनतम शैक्षणिक एवं प्रशैक्षणिक योग्यता पूरी करनी होगी:कक्षा 1 से 5 (PRT): न्यूनतम 50% अंकों के साथ 12वीं उत्तीर्ण, 2 वर्षीय D.El.Ed (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) और साथ में CTET Paper-1 या BTET Paper-1 उत्तीर्ण होना आवश्यक है।कक्षा 6 से 8 (Middle): संबंधित विषय में स्नातक की डिग्री के साथ D.El.Ed या B.Ed और CTET Paper-2 या BTET Paper-2 उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।कक्षा 9 से 10 (Secondary/TGT): संबंधित विषय में 50% अंकों के साथ स्नातक या स्नातकोत्तर + B.Ed और बिहार STET Paper-1 उत्तीर्ण होना जरूरी है।कक्षा 11 से 12 (Higher Secondary/PGT): संबंधित विषय में कम से कम 50% अंकों के साथ पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) + B.Ed और बिहार STET Paper-2 उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।आयु सीमा और छूट के नियम (Age Limit)आवेदन करने के लिए न्यूनतम आयु सीमा प्राथमिक व मध्य विद्यालय के लिए 18 वर्ष और माध्यमिक/उच्च माध्यमिक के लिए 21 वर्ष तय की गई है। अधिकतम आयु सीमा इस प्रकार है:अनारक्षित (पुरुष): 37 वर्षअनारक्षित (महिला), पिछड़ा वर्ग (BC) व अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC): 40 वर्षअनुसूचित जाति (SC) व अनुसूचित जनजाति (ST): 42 वर्षबिहार सरकार के कार्मिक नियमों के अनुसार आरक्षित और दिव्यांग वर्गों को ऊपरी आयु सीमा में अतिरिक्त छूट दी जाएगी।चयन प्रक्रिया और परीक्षा का पैटर्न (Selection Process)BPSC TRE 4.0 के तहत चयन पूरी तरह से लिखित परीक्षा (Objective Multiple Choice Questions) और उसके बाद दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) के आधार पर होगा। इस भर्ती में कोई साक्षात्कार (Interview) नहीं लिया जाएगा। लिखित परीक्षा में मुख्य रूप से भाषा अहर्ता (Language Qualifying), सामान्य अध्ययन (General Studies) और संबंधित विषय (Subject Paper) से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे।BPSC TRE 4.0 के लिए आवेदन कैसे करें? (How to Apply)इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 1 सितंबर 2026 से नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके अपना फॉर्म भर सकेंगे:सबसे पहले बीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाएं।होमपेज पर दिए गए 'Apply Online' टैब पर क्लिक करें।BPSC TRE 4.0 Recruitment (Advt No. 14/2026) लिंक पर जाकर वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) और प्रोफाइल पूरा करें।अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण, CTET/STET रोल नंबर और अन्य जरूरी जानकारियां भरें।स्कैन किए गए फोटोग्राफ, हस्ताक्षर और जरूरी प्रमाण पत्र अपलोड करें।निर्धारित आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें और फॉर्म को फाइनल सबमिट करें।भविष्य के संदर्भ के लिए आवेदन पत्र का प्रिंटआउट और कन्फर्मेशन पेज अपने पास सुरक्षित रख लें।अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि आवेदन विंडो खुलने के बाद अंतिम तिथि (30 सितंबर) का इंतजार न करें और शुरुआती दिनों में ही अपना फॉर्म सफलतापूर्वक सबमिट कर लें।
Bihar Weather Today 19 August: मौसम विभाग ने बताया है कि बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर यानी कम दबाव का क्षेत्र बना है। इसी वजह से पूर्वी भारत के कई राज्यों में झमाझम बारिश हो रही है। बिहार में भी इसका असर दिखाई देगा।
बिहार में सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं और शिक्षक अभ्यर्थियों का बहुप्रतीक्षित इंतजार आखिरकार समाप्त हो गया है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने शिक्षा विभाग और अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के अंतर्गत चौथे चरण की विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा (TRE 4.0) का आधिकारिक विज्ञापन संख्या 14/2026 जारी कर दिया है। इस भर्ती अभियान के माध्यम से राज्य भर के प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कुल 32,388 रिक्त पदों पर योग्य शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। राज्य सरकार के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के संकल्प के तहत जारी इस अधिसूचना के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां और समय-सारिणीआयोग द्वारा जारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा (TRE 4.0) के लिए ऑनलाइन आवेदन और परीक्षा शुल्क भुगतान की प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से आधिकारिक पोर्टल पर शुरू होगी। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 29 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है, जबकि उम्मीदवार अपना पूर्ण रूप से भरा हुआ ऑनलाइन आवेदन पत्र 30 सितंबर 2026 की मध्यरात्रि तक अंतिम रूप से सबमिट कर सकेंगे। आयोग ने सभी अभ्यर्थियों को स्पष्ट सलाह दी है कि वे सर्वर पर अंतिम समय के दबाव और तकनीकी बाधाओं से बचने के लिए समय रहते अपना पंजीकरण और फॉर्म सबमिशन पूरा कर लें।कक्षा 1 से 12 तक पदवार रिक्तियों का विस्तृत वर्गीकरणबीपीएससी टीआरई 4.0 के अंतर्गत विभिन्न शिक्षण स्तरों के आधार पर रिक्तियों का स्पष्ट विभाजन किया गया है। प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 1 से 5 (PRT) के लिए 3,847 पद निर्धारित किए गए हैं। मध्य विद्यालय स्तर यानी कक्षा 6 से 8 के अध्यापकों के लिए कुल 8,563 रिक्तियां विज्ञापित की गई हैं। माध्यमिक स्तर पर कक्षा 9 और 10 (TGT) तथा विशेष विद्यालय अध्यापकों के लिए 3,877 पदों पर भर्ती की जाएगी। सबसे अधिक रिक्तियां उच्च माध्यमिक स्तर यानी कक्षा 11 और 12 (PGT) के लिए रखी गई हैं, जहां कुल 16,101 शिक्षक पदों पर बहाली की जानी है। इसके अतिरिक्त मगही, मैथिली, ललित कला और कृषि जैसे विशिष्ट विषयों के अध्यापकों के पद भी इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल किए गए हैं।पदवार अनिवार्य शैक्षणिक और शिक्षक पात्रता योग्यताप्राथमिक शिक्षक (कक्षा 1 से 5) पद के लिए आवेदक का न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं उत्तीर्ण होना और प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में द्विवर्षीय डिप्लोमा (D.El.Ed) तथा सीटीईटी (CTET) पेपर-1 अथवा बीटीईटी (BTET) पेपर-1 उत्तीर्ण होना आवश्यक है। मध्य विद्यालय शिक्षक (कक्षा 6 से 8) के लिए संबंधित विषय में स्नातक उपाधि के साथ डी.एल.एड या बी.एड और सीटीईटी पेपर-2 या बीटीईटी पेपर-2 उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। माध्यमिक शिक्षक (कक्षा 9 और 10) के पदों के लिए संबंधित विषय में स्नातक के साथ बी.एड और बिहार राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) पेपर-1 उत्तीर्ण अभ्यर्थी ही पात्र होंगे। वहीं उच्च माध्यमिक शिक्षक (कक्षा 11 और 12) के लिए संबंधित विषय में 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर (Post Graduation), बी.एड और एसटीईटी पेपर-2 उत्तीर्ण होना अनिवार्य रखा गया है।आयु सीमा और राज्य सरकार के आरक्षण नियमआवेदकों की न्यूनतम आयु सीमा 1 अगस्त 2026 को आधार मानकर प्राथमिक व मध्य विद्यालय के लिए न्यूनतम 18 वर्ष तथा माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षकों के लिए 21 वर्ष निर्धारित की गई है। अनारक्षित पुरुष वर्ग के लिए अधिकतम आयु सीमा 37 वर्ष तय है। पिछड़ा वर्ग (OBC), अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के पुरुष व महिला उम्मीदवारों तथा सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष रखी गई है। अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के पुरुष व महिला अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष तय है। बिहार के मूल निवासी अभ्यर्थियों को राज्य सरकार के आरक्षण रोस्टर का पूरा लाभ मिलेगा, जिसमें महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण भी सम्मिलित है।परीक्षा प्रणाली और चयन प्रक्रिया का प्रारूपचयन प्रक्रिया को पारदर्शी और उच्च गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से आयोग ने लिखित परीक्षा के माध्यम से चयन का मानक तय किया है। परीक्षा बहुविकल्पीय वस्तुनिष्ठ (MCQ) प्रारूप में ओएमआर (OMR) शीट पर ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। प्रश्नपत्र में भाषा अर्हता, सामान्य अध्ययन और उम्मीदवार के चयनित मुख्य विषय से संबंधित प्रश्न शामिल होंगे। परीक्षा में गलत उत्तरों के लिए आयोग द्वारा निर्धारित नियमानुसार नेगेटिव मार्किंग की व्यवस्था रहेगी। लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर ही अंतिम राज्यस्तरीय मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी, जिसमें किसी प्रकार का व्यक्तिगत साक्षात्कार (Interview) नहीं होगा।ऑनलाइन आवेदन करने की चरणबद्ध प्रक्रियापात्र अभ्यर्थी 1 सितंबर 2026 से बिहार लोक सेवा आयोग के आधिकारिक पोर्टल (bpsc.bihar.gov.in) पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट के 'Apply Online' टैब पर क्लिक करके BPSC Online Application Portal पर जाएं।TRE 4.0 भर्ती लिंक पर जाकर वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) की प्रक्रिया पूरी करें और यूजर आईडी व पासवर्ड जनरेट करें।क्रेडेंशियल्स की मदद से लॉगिन करके विस्तृत आवेदन फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, पता, शैक्षणिक योग्यता और शिक्षक पात्रता परीक्षा के विवरण दर्ज करें।निर्धारित प्रारूप और साइज में अपनी फोटो, हस्ताक्षर तथा आवश्यक शैक्षणिक व आरक्षण प्रमाण पत्रों की डिजिटल प्रतियां अपलोड करें।अपनी श्रेणी के अनुसार निर्धारित परीक्षा शुल्क का ऑनलाइन नेट बैंकिंग, यूपीआई या कार्ड के माध्यम से भुगतान करें।फॉर्म का फाइनल प्रीव्यू जांचने के बाद 'Submit' बटन पर क्लिक करें और भरे हुए फॉर्म की हार्ड कॉपी व फीस रसीद भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित डाउनलोड कर लें।बिहार के युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा अवसरराज्य सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में बुनियादी सुधारों और स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए लगातार यह चौथा बड़ा भर्ती चरण शुरू किया गया है। पिछले तीन चरणों (TRE 1, TRE 2 और TRE 3) में लाखों शिक्षकों की पारदर्शी बहाली के बाद इस चौथे चरण से प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर के विद्यालयों में शिक्षण की गुणवत्ता को नई मजबूती मिलेगी। इच्छुक अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे विस्तृत विज्ञापन और विषयवार पाठ्यक्रम को आयोग की वेबसाइट से डाउनलोड कर अपनी तैयारी को समयबद्ध रणनीति के साथ आगे बढ़ाएं।
Bihar: अंडरपास के नीचे लावारिस कार में अचानक भड़की आग, धू-धूकर जली गाड़ी; मालिक की तलाश में पुलिस
वैशाली के नगर थाना क्षेत्र स्थित अनजानपीर चौक अंडरपास के पास मंगलवार शाम करीब दो घंटे से लावारिस खड़ी एक कार में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई।
Bihar News: न गैस, न बिजली... फिर भी गरम चाय-कॉफी! बिहार के सागर का कमाल, डेढ़ साल में बनाया सिपजो
बिहार के औरंगाबाद जिले के हसपुरा के इंटर छात्र और युवा उद्यमी सागर कुमार ने बिना गैस, बिजली या लकड़ी के खाना और गर्म पेय तैयार करने वाला अनोखा उपकरण बनाया है। टिफिन के आकार के इस उपकरण को ‘सिपजो’ नाम दिया गया है।
Bihar Aaj Ka Mausam: बिहार में मानसून सक्रिय है, जिससे राजधानी पटना सहित पूरे प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां बनी हुई हैं।
BPSC TRE 4 Vacancy: बिहार लोक सेवा आयोग ने शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में कई बदलाव किये हैं। पहली बार टीआरई-4.0 की प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में निगेटिव मार्किंग का प्रावधान लागू किया गया है।
पटना में आज से बिहार का सबसे बड़ा रोजगार मेला, रिलायंस-HDFC समेत 80 कंपनियों में नौकरी का मौका
पटना में सबसे बड़ा रोजगार मेला लग रहा है। खास बात यह भी है कि बिना पंजीकरण के आयोजन में बेरोजगारों को भी प्रवेश नहीं मिलेगा। रोजगार मेले से संबंधित अधिक जानकारी के लिए विभाग की तरफ से 18002965656 टोल फ्री नंबर जारी किया गया है।
बिहार सरकार ने TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, लेकिन इसके बावजूद पटना के गर्दनीबाग में छात्रों का आंदोलन जारी है। छात्रों की मांग है कि TRE-4 में सिर्फ एक ही परीक्षा होनी चाहिए। वे PT और Mains परीक्षा नहीं देना चाहते हैं। उनका कहना है कि सरकार को जो भी नया प्रयोग करना है, वह TRE-5 से करे। इसके अलावा अभ्यर्थी TRE-4 में डोमिसाइल पॉलिसी लागू करने की भी मांग कर रहे हैं। इस बीच बिहार स्टूडेंट यूनियन की ओर से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखा गया है। इसमें TRE-4 में एकल परीक्षा कराने समेत कई मांगें रखी गई हैं। स्टूडेंट यूनियन ने CM को लिखे पत्र में कहा है- TRE-4 के विज्ञापन को लेकर पिछले दो साल से शिक्षा विभाग और बिहार सरकार की ओर से आश्वासन दिया जा रहा है। 15 लाख से अधिक अभ्यर्थी काफी हताश, परेशान और निराश हैं। उनकी मांगें पूरी की जाएं। सैकड़ो की संख्या में अभ्यर्थी रात भर गर्दनीबाग धरना स्थल पर बैठे TRE-4 और अन्य लंबित परीक्षाओं की मांग को लेकर छात्र कई दिनों से पटना के गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन ‘छात्र न्याय सत्याग्रह’ पर बैठे हैं। छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र सत्याग्रह कर रहे हैं। छात्र नेता दिलीप के साथ सैकड़ो की संख्या में अभ्यर्थी रात भर गर्दनीबाग धरना स्थल पर ही रहेंगे। छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि जैसे ही आज हम लोगों ने प्रदर्शन की शुरुआत की तो TRE 4 का विज्ञापन जारी कर दिया गया। इस विज्ञापन को लेकर मैं जेल भी गया, मेरे साथ वहां मारपीट की गई हमारी मांग अभी पूरी नहीं हुई है। विज्ञापन जारी हो गया है, लेकिन दो परीक्षा की बात कही गई है। TRE 4 में PT और MAINS की बात कही गई है। नेगेटिव मार्किंग कर दी गई है। जबकि TRE 1, 2 और 3 में ऐसा नहीं था। जो भी एक्सपेरिमेंट करना है वो TRE-5 से कीजिए। PT और MAINS के नाम पर इसको 4 साल लटका दिया जायेगा। TRE-5 में जो भी बदलाव करना है, इसका नोटिस अभी जारी करिए, ताकि अभ्यर्थी उस तरह से उसकी तैयारी करें। BSSC की ओर से एग्जाम का डेट जल्द जारी होना चाहिए। प्रदर्शन की कुछ तस्वीरें देखिए… आज तेजस्वी का राजभवन मार्च वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव आज गांधी मैदान से राजभवन तक पैदल मार्च करेंगे। तेजस्वी मंगलवार को धरने पर बैठे छात्रों से मिलने गर्दनीबाग पहुंचे। छात्रों से मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव ने कहा, “कल राजभवन मार्च में आप लोगों का भी मुद्दा हम उठाएंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक के खिलाफ हुए आंदोलन के दौरान बिहार के कई जिलों में छात्रों पर लाठीचार्ज और गोलीबारी की गई, लेकिन अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई है। TRE-4 से PT-MAINS हटाने की मांग छात्रों की सबसे बड़ी मांग TRE-4 में सिर्फ एक परीक्षा कराने की है। बिहार स्टूडेंट यूनियन ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि TRE-4 में पहले की तरह एक ही परीक्षा हो और निगेटिव मार्किंग को हटाया जाए। छात्रों का कहना है कि TRE-4 पहले ही काफी देर से हो रही है, ऐसे में इसमें PT और MAINS जैसी दो स्टेप पर परीक्षा कराना करना उचित नहीं होगा। सरकार कोई नया प्रयोग करना चाहती है तो उसे TRE-5 से लागू किया जाए। छात्र नेताओं का आरोप है कि पेपर लीक रोकने के नाम पर PT और MAINS की व्यवस्था की बात कही जा रही है, लेकिन इससे पहले भी PT, MAINS और इंटरव्यू वाली परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 66वीं, 67वीं और 70वीं में भी पेपर लीक हुआ' आंदोलन कर रहे छात्रों का कहना है कि BPSC की 66वीं, 67वीं और 70वीं जैसी परीक्षाओं में PT और Mains की व्यवस्था होने के बावजूद पेपर लीक के मामले सामने आए। ऐसे में सिर्फ परीक्षा के चरण बढ़ाने से पेपर लीक की समस्या का समाधान नहीं होगा। छात्रों का कहना है कि TRE-4 में एकल परीक्षा होनी चाहिए और नए प्रयोग TRE-5 से किए जाएं। 32,388 पदों पर होगी शिक्षक भर्ती TRE-4 के तहत 32,388 पदों पर शिक्षकों की भर्ती की जानी है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होगी और अभ्यर्थी 30 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे। हालांकि, अभी परीक्षा की तारीख घोषित नहीं की गई है। छात्रों का कहना है कि विज्ञापन जारी होने के बावजूद उनकी मुख्य मांगों का समाधान नहीं हुआ है। गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन छात्र न्याय सत्याग्रह TRE-4 और अन्य लंबित परीक्षाओं की मांग को लेकर छात्र मंगलवार से पटना के गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन 'छात्र न्याय सत्याग्रह' पर बैठे हैं। छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी धरना दे रहे हैं। छात्रों का कहना है कि नोटिफिकेशन जारी होने के बाद भी आंदोलन समाप्त नहीं होगा, क्योंकि उनकी प्रमुख मांगें अभी पूरी नहीं हुई हैं।
Muzaffarpur Weather : उत्तर बिहार में 19 से 22 अगस्त तक गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जिससे गर्मी से कुछ राहत मिलेगी। सीवान, सारण, वैशाली और चंपारण जैसे कुछ जिलों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।
Rojgar Mela : 5 दिवसीय रोजगार मेला आज से, 20 हजार नौकरियां, 80 नामी कंपनियां करेंगी जॉब ऑफर
Bihar Patna Rojgar Mela : युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग ने पटना जॉब फेयर में 20 हजार को रोजगार देने का लक्ष्य तय किया है। विभागीय मंत्री अरुण शंकर प्रसाद उद्घाटन करेंगे।
Namo Bharat Train Bihar:मुजफ्फरपुर और पटना के बीच नमो भारत रैपिड रेल सेवा की तैयारी तेज हो गई है, जो 160 किमी/घंटा की रफ्तार से मात्र 60 मिनट में सफर पूरा करेगी। यह हाई-स्पीड ट्रेन यात्रियों को आरामदायक और तेज यात्रा का अनुभव प्रदान करेगी, जिससे समय की बचत होगी।

