बांका जिले की कराटे खिलाड़ी नेहा ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में अपनी जगह सुनिश्चित की है। वह 26 से 28 जनवरी 2026 तक महाराष्ट्र के पुणे शहर में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तरीय कराटे प्रतियोगिता में भाग लेंगी। नेहा का चयन अंडर-19 आयु वर्ग के 36 किलोग्राम भार वर्ग में हुआ है, जहां वह बिहार राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगी। नेहा बांका शहर स्थित एसएस बालिका उच्च विद्यालय की छात्रा हैं और बांका इंडोर स्टेडियम में निःशुल्क कराटे प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगातार शानदार प्रदर्शन का परिणाम है। राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाईनेहा ने अपने कराटे सफर की शुरुआत जिला स्तरीय कराटे प्रतियोगिता से की थी, जहां उन्होंने स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद प्रमंडलीय स्तर पर भी उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी नेहा ने उत्कृष्ट खेल दिखाते हुए स्वर्ण पदक जीता और राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया। नेहा की इस सफलता पर जिला खेल पदाधिकारी ने खुशी व्यक्त करते हुए इसे बांका जिले के लिए गौरव बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि नेहा राष्ट्रीय मंच पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले और राज्य का नाम रोशन करेंगी। कराटे प्रशिक्षकों और अन्य खिलाड़ियों ने भी नेहा को शुभकामनाएं दी हैं। छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत बन रहीविद्यालय परिवार और खेल प्रेमियों में भी नेहा की उपलब्धि को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद नेहा ने अपनी लगन और आत्मविश्वास से यह मुकाम हासिल किया है। उनकी सफलता जिले की अन्य छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है। गौरतलब है कि नेहा 23 जनवरी को पटना के लिए रवाना हो चुकी है, जहां से वह बिहार कराटे टीम के साथ 24 जनवरी को पुणे के लिए प्रस्थान करेगी। अब सभी की निगाहें पुणे में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता पर टिकी हैं, जहां बांका की बेटी नेहा से स्वर्णिम प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर पटना के गांधी मैदान में बिहार सरकार के 12 विभागों की झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी। इन झांकियों के जरिए सरकार की विकास योजनाओं, महिला सशक्तिकरण, समाज सुधार और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को आम लोगों तक पहुंचाया जाएगा। सभी झांकियां आम जनता के लिए आकर्षण का केंद्र होंगी और समारोह को भव्य रूप देंगी। किन-किन विभागों की झांकियां होंगी शामिल, तैयारियों की निगरानी और प्रशासनिक व्यवस्था झांकियों की तैयारी तेज़ गति से चल रही है। उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति 247 निगरानी कर रही है। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. खुद पूरे कार्यक्रम की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। हर विभाग के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। गांधी मैदान में पंडाल निर्माण और झांकी की संरचना गांधी मैदान में झांकियों के लिए अलग से पंडाल बनाया जा रहा है। प्रशासन ने तय किया है कि किसी भी झांकी की ऊंचाई 15 फीट से अधिक नहीं होगी। झांकियों का डिजाइन सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था और पूर्वाभ्यास गांधी मैदान में एंट्री से पहले सभी झांकियों की एंटी-सबोटाज जांच होगी। सभी झांकियों का पूर्वाभ्यास आज फाइनल कराया जाएगा। किसी भी तरह की चूक न हो, इसके लिए प्रशासन हर स्तर पर निगरानी रखेगा। कलाकारों को लेकर सख्त निर्देश झांकी में शामिल किसी भी कलाकार की उम्र 15 साल से कम नहीं होनी चाहिए। सभी विभागों को इस निर्देश का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में परेड के साथ-साथ बिहार के विकास की कहानी भी दिखेगी। झांकियों के जरिए जनता को सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं की सीधी जानकारी मिलेगी।
विश्व की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल पत्रिका ‘द लैंसेट’ ने बिहार के लिए खतरे की सबसे बड़ी घंटी बजाई है। शुक्रवार को जारी एक डरावनी रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि बिहार की हवा अब ‘साइलेंट किलर’ बन चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार, बिहार के लोग आज जिस जहरीली हवा में सांस ले रहे हैं, उसका असली और घातक असर अगले 12 से 24 महीनों में ‘हार्ट अटैक’ और ’ब्रेन स्ट्रोक’ के रूप में सामने आएगा। लैंसेट के संपादकों और वैज्ञानिकों ने शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में उत्तर भारत, विशेषकर बिहार के भौगोलिक क्षेत्र को ‘पॉल्यूशन ट्रैप’ बताया है। गंगा के मैदानी इलाकों में स्थित पटना, मुजफ्फरपुर, गया और पूर्णिया जैसे जिलों में प्रदूषण के सूक्ष्म कण (पीएम2.5) हवा में स्थिर हो गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार बिहार की 100 प्रतिशत आबादी ऐसी हवा में सांस लेने को मजबूर है जो डब्ल्यूएचओ के मानकों से कई गुना ज्यादा जहरीली है। यह प्रदूषण एक ‘साइलेंट किलर’ की तरह काम कर रहा है, जो शरीर के अंगों को धीरे-धीरे अंदर से खोखला बना रहा है। द लैंसेट के प्रधान संपादक रिचर्ड हॉर्टन ने रिपोर्ट में बिहार समेत उतर भारत में वायु प्रदूषण के प्रति सार्वजनिक उदासीनता और राजनीतिक जवाबदेही की कमी पर सवाल उठाए हैं। असर... अगले दो साल में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ेगा- वो सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है लोग प्रदूषण को खांसी, जुकाम या आँखों की जलन से जोड़कर देखते हैं, लेकिन लैंसेट ने ‘लैग इफेक्ट’ का खुलासा किया है। तीन बड़े खतरे क्या... असर कैसे? बचाव कैसे? पीएमसीएच में हृदय रोग विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. वी. पी. सिन्हा ने बताया कि सुबह घर से निकलने से पहले एक्यूआई देखें। यदि यह 200 से ऊपर है, तो बाहर व्यायाम न करें। एन95 मास्क का प्रयोग करें। भास्कर एक्सपर्ट सरकार मेडिकल इमरजेंसी घोषित करे द लैंसेट के द्वारा जारी यह चेतावनी बेहद महत्वपूर्ण है। इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हमारे शहरों में पीएम 2.5 का स्तर बहुत अधिक है, जिससे हमारे शरीर में फ्री रैडिकल्स (ऑक्सीडेंट) बढ़ जाते हैं। यह हमारे विभिन्न अंगों पर बुरा प्रभाव डालता है। सबसे अधिक फेफड़े को, फिर हृदय को डैमेज करता है। इसे हर हाल में सुरक्षित मानक तक ले जाना होगा। ऐसे में, सरकार को इसे अब केवल ‘पर्यावरण का मुद्दा’ नहीं, बल्कि ‘मेडिकल इमरजेंसी’ मानना चाहिए। जब तक ठोस नीतिगत बदलाव नहीं होते, तब तक मास्क का नियमित उपयोग ही एकमात्र बचाव है। -प्रो. अजय कुमार सिन्हा, विभागाध्यक्ष, एनएमसीएच सह डीन, बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस
बिलासपुर-बक्सर ट्रेन के ट्राई विकली परिचालन और साउथ बिहार एक्सप्रेस के विस्तार की मांग
भास्कर न्यूज | बक्सर बक्सर रेलवे युवा संघर्ष समिति ने जनहित से जुड़ी दो महत्वपूर्ण रेल मांगे सामने रखी हैं। समिति ने बिलासपुर–बक्सर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22843/22844) की आवृत्ति बढ़ाकर इसे सप्ताह में तीन दिन (ट्राई-वीकली) चलाने तथा साउथ बिहार एक्सप्रेस (13287/13288) को आरा से आगे बक्सर तक विस्तारित करने की माँग की है। समिति का कहना है कि ये दोनों मांगे क्षेत्रीय संतुलन, यात्रियों की सुविधा और रेलवे के राजस्व हित में अत्यंत आवश्यक हैं। फिलहाल बिलासपुर बक्सर एक्सप्रेस हफ्ते में सिर्फ एक दिन चलती है। बिलासपुर से यह ट्रेन शुक्रवार और बक्सर से रविवार को इसका परिचालन होता है। हफ्ते में सिर्फ एक दिन परिचालन होने से छिटपुट यात्रियों को ही इसका लाभ मिलता है। समिति का मानना है कि अगर इसके परिचालन में विस्तार हुआ तो बक्सर स्टेशन की आय में भी उफान आयेगा। रेल कनेक्टिविटी से बढ़ेगा व्यापार, फायदा भी होगा युवा संघर्ष समिति का कहना है कि इस व्यस्त रूट पर प्रत्यक्ष सुपरफास्ट ट्रेन की भारी कमी है, जिसके कारण यात्रियों को लंबा समय और अतिरिक्त किराया खर्च करना पड़ता है। प्रस्तावित ट्रेन से यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और यात्रियों को अधिक सुविधाजनक विकल्प मिलेगा। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से पूरे क्षेत्र में व्यापार, उद्योग और वाणिज्य को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे आर्थिक गतिविधियां तेज़ होंगी। इसके साथ ही समिति ने साउथ बिहार एक्सप्रेस (13287/13288) को आरा से आगे बक्सर तक बढ़ाने की भी ज़ोरदार मांग की है। समिति का कहना है कि बक्सर बिहार का सीमावर्ती जिला है और इसका सीधा लाभ न केवल बक्सर बल्कि उत्तर प्रदेश के बलिया और गाजीपुर, तथा बिहार के रोहतास और कैमूर जिलों के कई प्रखंडों के यात्रियों को भी मिलेगा। नए रूट से चलाने की मांग समिति ने विशेष रूप से यह प्रस्ताव रखा है कि बिलासपुर बक्सर के ट्राई-वीकली संचालन में से सप्ताह में दो दिन यह ट्रेन एक नए और महत्वपूर्ण औद्योगिक व यात्री रूट से चलाई जाए। प्रस्तावित मार्ग के अनुसार ट्रेन बिलासपुर से चलकर झारसुगुड़ा, राउरकेला, हटिया, रांची, मुरी, कोटशिला, बोकारो स्टील सिटी, चंद्रपुरा, धनबाद, चितरंजन, झाझा, पटना होते हुए बक्सर तक पहुंचे। यह मार्ग छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार के लाखों यात्रियों के लिए सीधी और तेज़ कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। समिति के सदस्य राजा बाबू और तरुण कुमार ने बताया कि यह रेल सेवा और रूट कई कारणों से अत्यंत आवश्यक है। इस ट्रेन के पुराने रूट पर चक्रधरपुर मंडल में मालगाड़ियों के कारण यह हमेशा लेट रहती है। वहीं नया रूट प्रमुख औद्योगिक केंद्रों जैसे राउरकेला, बोकारो, धनबाद और आसनसोल को राज्य राजधानियों रांची और पटना से सीधे जोड़ती है। चार राज्यों के छात्र, दैनिक यात्री, व्यापारी, नौकरीपेशा लोग और पारिवारिक यात्रियों को इससे सीधा फायदा होगा।
वसंत पंचमी पर बिहार सेंट्रल स्कूल में सरस्वती पूजा, बच्चों ने किया समूह गान
भास्कर न्यूज | बक्सर वसंत पंचमी के पावन अवसर पर शुक्रवार को शहर के बाइपास रोड स्थित बिहार सेंट्रल स्कूल के प्रांगण में विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती का विधिवत पूजन एवं वंदन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना के मधुर समूह गान से हुई। विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से मां सरस्वती की आराधना की। पूजा के उपरांत बच्चों द्वारा मंगला आरती प्रस्तुत की गई, जिससे वातावरण और भी आध्यात्मिक हो गया। विद्यालय के सचिव सरोज सिंह ने कहा कि विद्यालय परिवार स्वयं को सौभाग्यशाली मानता है कि विद्या के मंदिर में विद्या की देवी मां सरस्वती का पूजन-अर्चन करने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि मानव जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि ज्ञान की प्राप्ति है और उसके परिमार्जन से ही एक सभ्य और सुसंस्कृत समाज की स्थापना संभव है। कार्यक्रम में कक्षा दसवीं की छात्रा आस्था एवं रक्षा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बल और धन से भी बड़ा विद्या का महत्व है। विद्या हमें स्वस्थ और सुंदर मस्तिष्क प्रदान करती है, जो आगे चलकर एक सशक्त व्यक्ति और मोहक समाज की नींव रखती है। अंत में सभी बच्चों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य और मंगल कामनाओं के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
बिहार की बिजली व्यवस्था को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य की दोनों बिजली वितरण कंपनियों- नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने देशभर में शानदार प्रदर्शन किया है। केंद्र सरकार के बिजली मंत्रालय की ओर से जारी पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन की ताजा रेटिंग रिपोर्ट में दोनों कंपनियों को ‘A’ ग्रेड मिला है। इस रिपोर्ट में देश की 65 बिजली वितरण कंपनियों का आकलन किया गया था। इसमें देखा गया कि कौन सी कंपनी कितनी अच्छी तरह से बिलिंग कर रही है, कितनी वसूली हो रही है, लाइन लॉस कितना है, खर्च और कमाई में कितना फर्क है और सिस्टम कितना पारदर्शी है। इन्हीं सब पैमानों पर बिहार की दोनों कंपनियां खरी उतरीं। ऊर्जा मंत्री बोले- अब A+ की तैयारी इस उपलब्धि पर ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने खुशी जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिजली व्यवस्था लगातार बेहतर हो रही है। लोगों को पहले से ज्यादा बेहतर और लगातार बिजली मिल रही है। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य है कि आने वाले समय में बिहार की दोनों कंपनियां A+ रेटिंग हासिल करें। ऊर्जा सचिव ने बताया- मेहनत का नतीजा ऊर्जा सचिव और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के CMD मनोज कुमार सिंह ने कहा कि ये रेटिंग अचानक नहीं मिली है। इसके पीछे लगातार मेहनत, सिस्टम में सुधार, ऑनलाइन व्यवस्था, बेहतर बिलिंग और उपभोक्ताओं की शिकायतों पर तेजी से काम करने का नतीजा है। उन्होंने कहा कि आगे भी बिजली सप्लाई को और भरोसेमंद बनाने और सिस्टम को और दुरुस्त करने पर काम चलता रहेगा। नॉर्थ बिहार कंपनी ने मारी बाजी नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने 100 में से 82 नंबर हासिल किए हैं। पूरे देश में इसका 13वां स्थान आया है और सरकारी कंपनियों में 7वां स्थान मिला है। खास बात ये है कि पिछली बार इस कंपनी को ‘B’ ग्रेड मिला था, और इस बार सीधे ‘A’ ग्रेड में पहुंच गई। बिलिंग और वसूली में सुधार, लाइन लॉस कम करना और खर्च पर कंट्रोल इसका बड़ा कारण रहा। साउथ बिहार कंपनी ने भी लगाई छलांग साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है। इसे 67 नंबर मिले हैं और देशभर में इसका 20वां स्थान रहा है। सरकारी कंपनियों में यह 12वें नंबर पर रही। पिछली बार इसे ‘B-’ ग्रेड मिला था, लेकिन इस बार यह भी ‘A’ ग्रेड में पहुंच गई। वसूली बेहतर हुई, सिस्टम में कसावट आई और खर्च-कमाई का फर्क भी काफी कम हुआ। 65 कंपनियों में हुआ मुकाबला पीएफसी की इस रिपोर्ट में पूरे देश की 65 बिजली कंपनियों को परखा गया था। इस आधार पर बिहार की दोनों कंपनियों को “बहुत अच्छा वित्तीय और कामकाज का प्रदर्शन” वाली कैटेगरी में रखा गया है।
साइना शानदार करियर के लिए बधाई, आप भारत का गर्व हैं: विराट कोहली
Nasha Mukt Bihar: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली और दो बार बैडमिंटन में ओलंपिक पदक जीतने वाली स्टार शटलर पीवी सिंधु ने दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल को बैडमिंटन से संन्यास लेने पर उनके बेहतरीन करियर के लिए बधाई दी। विराट कोहली ने एक्स पर लिखा, साइना नेहवाल, आपके शानदार करियर के लिए बधाई। आपने भारतीय बैडमिंटन को दुनिया भर में पहचान दिलाई। आपको एक खुशहाल, संतोषजनक और अच्छे संन्यास की शुभकामनाएं। भारत को आप पर गर्व है। पीवी सिंधु ने एक्स पर लिखा, सायना, आपको संन्यास की शुभकामनाएं। इंडियन बैडमिंटन में आपने जो कुछ भी दिया है, उसके लिए धन्यवाद। जिंदगी के इस अगले पड़ाव के लिए आपको शांति, खुशी और ढेर सारी शुभकामनाएं। पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह ने भी साइना नेहवाल को उनके संन्यास पर बधाई देते हुए लिखा था, बहुत बढ़िया खेला, साइना। शानदार करियर के लिए बधाई। आपने भारतीय बैडमिंटन को आगे बढ़ाया और एक पीढ़ी को प्रेरित किया। आगे जो भी हो, उसके लिए आपको शुभकामनाएं। इंजरी की वजह से लंबे समय तक बैडमिंटन से दूर रहने के बाद साइना ने बैडमिंटन को अलविदा कह दिया है। संन्यास की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा, आप दुनिया में बेस्ट बनने के लिए आठ से नौ घंटे ट्रेनिंग करते हैं। अब, मेरे घुटने एक या दो घंटे में ही जवाब दे जाते थे। सूजन आ गई थी, और उसके बाद जोर लगाना बहुत मुश्किल हो गया था। इसलिए मुझे लगा कि बस बहुत हो गया। मैं अब और जोर नहीं लगा सकती। मेरा कार्टिलेज पूरी तरह से खराब हो गया है। आर्थराइटिस है, और वापसी बेहद मुश्किल है। इसलिए अपने परिवार और कोच से बात करने के बाद मुझे यह मुश्किल फैसला लेना पड़ा। साइना ओलंपिक में बैडमिंटन में भारत को पदक दिलाने वाली पहली खिलाड़ी हैं। 2012 में उन्होंने लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। हिसार की इस बैडमिंटन खिलाड़ी ने 2008 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतकर और बीजिंग 2008 ओलंपिक्स में एकल क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रचा था और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई थी। 2009 में, उन्होंने इंडोनेशिया ओपन जीतकर बीडब्ल्यूएफ सुपर सीरीज टूर्नामेंट जीतने वाली पहली भारतीय बनकर इतिहास रच दिया। एक साल बाद, उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन का दर्जा हासिल किया। संन्यास की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा, आप दुनिया में बेस्ट बनने के लिए आठ से नौ घंटे ट्रेनिंग करते हैं। अब, मेरे घुटने एक या दो घंटे में ही जवाब दे जाते थे। सूजन आ गई थी, और उसके बाद जोर लगाना बहुत मुश्किल हो गया था। इसलिए मुझे लगा कि बस बहुत हो गया। मैं अब और जोर नहीं लगा सकती। मेरा कार्टिलेज पूरी तरह से खराब हो गया है। आर्थराइटिस है, और वापसी बेहद मुश्किल है। इसलिए अपने परिवार और कोच से बात करने के बाद मुझे यह मुश्किल फैसला लेना पड़ा। Also Read: LIVE Cricket Score भारतीय बैडमिंटन को मजबूती से अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने में अहम भूमिका निभाने वाली साइना को पद्मश्री, पद्मभूषण, खेल रत्न और अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। Article Source: IANS
दरभंगा राज परिवार की अंतिम महारानी काम सुंदरी देवी के निधन के बाद आयोजित श्राद्धकर्म और श्रद्धांजलि कार्यक्रम शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो गया 12वीं पर गुरुवार को महाभोज का आयोजन किया गया। ब्राह्मणों को चांदी की थाली, ग्लास, कटोरी, चम्मच और बिस्किट दान में दिए गए। साथ ही AC-कूलर, फ्रिज-वॉशिंग मशीन जैसी चीजें भी दान में दी गईं है। इस अवसर पर राज परिवार की ओर से समस्त मिथिलावासियों को सहयोग, स्नेह और सहभागिता के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया गया। श्राद्धकर्म के दौरान विशाल भोज और प्रसाद वितरण कार्यक्रम में हजारों लोग पहुंचे। कल्याणी निवास में दिवंगत महारानी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए और उन्हें नमन किया। राज परिवार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, दो दिनों में करीब एक लाख लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी। भोज में 56 भोग, पारंपरिक मिथिला व्यंजन, मिठाइयां और राजसी खान-पान शामिल रहा। इस विशाल आयोजन के लिए करीब 300 कारीगरों की टीम तैनात रही। श्रद्धांजलि देने राज्यपाल भी पहुंचे मंगलवार को बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान दरभंगा पहुंचे। कल्याणी निवास में दिवंगत महारानी काम सुंदरी देवी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि दरभंगा राज परिवार का देश, समाज और विशेषकर शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान रहा है। गुरुवार देर रात बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय सरावगी भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे। महारानी के पौत्र कुमार कपिलेश्वर सिंह और कुमार राजेश्वर सिंह ने कहा कि राज्यपाल का श्रद्धांजलि कार्यक्रम में आना राज परिवार के लिए गौरव और संतोष का विषय है। महामहिम ने राजघराने के सामाजिक एवं शैक्षणिक योगदान को स्मरण करते हुए भविष्य में भी शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया है। देशभर के विभिन्न राजघरानों से जो किसी कारणवश दरभंगा नहीं पहुंच सके, उन्होंने शोक संदेश भेजकर दिवंगत महारानी को श्रद्धांजलि अर्पित की। अलग-अलग राजघरानों से शोक संदेश भेजा गया शोक संदेश भेजने वालों में पद्म विभूषण डॉ. महाराजा करण सिंह, डॉ. राजा मानवेन्द्र सिंह, महाराजा ऐश्वर्य चंद्र कटोच, महाराजा शिवेन्द्र पाल, युवराज प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, महाराजा इजीयराज सिंह(कोटा), महाराजा जयेंद्र प्रताप सिंह (बलरामपुर), प्रोफेसर राजेन्द्र चोपड़ा (लंदन), महारानी दिया कुमारी (जयपुर), महारानी राधिका रानी गायकवाड़ (बड़ौदा), महाराजा हर्षवर्धन सिंह (डूंगरपुर), महाराजा वनस्वर्धन सिंह (बूंदी), महाराजा कनक वर्धन सिंह देव (ओडिसा), महाराजा कीर्ति वर्धन सिंह और महाराजा उदयभान नारायण सिंह (हजारीबाग) प्रमुख रूप से शामिल हैं।
दरभंगा जिले के पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग की छात्राओं के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक सुनहरा अवसर सामने आया है। कन्या आवासीय +2 उच्च विद्यालय, केवटी में शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए कक्षा 6 से 9 तक नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला कल्याण पदाधिकारी अनिल कुमार सिन्हा ने बताया कि इच्छुक और पात्र छात्राएं ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम डेट 9 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है। राज्य के प्रत्येक जिले में संचालित ये आवासीय विद्यालय पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग की बालिकाओं को सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से बिहार सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। 45 सीटों पर होगा नामांकन अनुमंडल पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी अंबिका रानी ने बताया कि कुल 45 सीटों पर नामांकन किया जाएगा। इस विद्यालय में छात्राओं को निशुल्क शिक्षा के साथ सुरक्षित एवं स्वच्छ आवास, पौष्टिक भोजन, वस्त्र, किताब और अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। छात्राओं को पढ़ाई में किसी प्रकार की आर्थिक परेशानी न हो, इसके लिए डीबीटी के माध्यम से प्रति वर्ष 10,800 रुपए की सहायता राशि भी दी जाती है। आवेदन इस लिंक पर https://bcebeonline-bihar.gov.in कर सकते हैं।नामांकन पूरी तरह से प्रवेश परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की गई मेधा सूची के अनुसार किया जाएगा, ताकि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनी रहे। विभाग की ओर से अभिभावकों से अपील की गई है कि वे इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं और निर्धारित समय सीमा के अंदर ऑनलाइन आवेदन अवश्य करें। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी ऑनलाइन पोर्टल, अपने पंचायत के विकास मित्र या जिला कल्याण कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
अगले महीने विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है, उससे पहले कांग्रेस ने अपने विधायकों को दिल्ली तलब किया। आज दिल्ली में बिहार कांग्रेस की बड़ी बैठक है। इंदिरा भवन में 4:30 बजे राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी में यह बैठक शुरू होगी। इस बैठक में सभी विधायक, सांसद, एमएलसी सहित प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष भी मौजूद रहेंगे। इस बैठक में संगठन को मजबूत करने को लेकर चर्चा होगी। इसके साथ ही विधायक दल के नेता की भी घोषणा हो सकती है। विधायक दल के नेता पर लगा सकती है अंतिम मुहर विधानसभा चुनाव परिणाम के दो महीने बाद भी कांग्रेस प्रदेश में विधायक दल का नेता नहीं चुन पाई है। इस बीच विधानसभा का एक सत्र बीत चुका है और अब अगला बजट सत्र भी सामने है। ऐसे में दिल्ली तलब किए गए विधायकों की मौजूदगी में आलाकमान बिहार में विधायक दल के नेता पर अंतिम मुहर लगा सकती है। पार्टी के 6 विधायकों के बीच इस पर आपस में सहमति नहीं बन पाने के कारण अब तक यह मामला अटका हुआ है। बैठक में नहीं मौजूद रहने पर पार्टी छोड़ने की अफवाह प्रदेश नेतृत्व की ओर से सदाकत आश्रम में बुलाई गई बैठकों में कई विधायक मौजूद नहीं रहे थे। उनकी गैरमौजूदगी के बाद अब दिल्ली में क्राइसिस मैनेजमेंट की कवायद की गई है। मनरेगा आंदोलन के लिए बुलाई गई बैठक में कांग्रेस के दो विधायक मौजूद नहीं थे। इस बैठक में चनपटिया के अभिषेक रंजन और वाल्मीकिनगर के सुरेंद्र प्रसाद नहीं आए थे। वहीं, सोमवार को प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरू की बुलाई बैठक में भी मनिहारी के विधायक मनोहर सिंह मौजूद नहीं थे। इसके बाद से ही कांग्रेस में टूट की कयास लगाई जा रही थी। दो विधायकों पर विचार कर रहा कांग्रेस कांग्रेस विधायकी या सांगठनिक वरीयता के आधार पर विधायक दल का नेता चुन सकती है। इसमें मनिहारी से विधायक मनोहर प्रसाद सिंह और चनपटिया से अभिषेक रंजन का नाम सामने आ रहा है। मनोहर प्रसाद सिंह चौथी बार विधायक चुने गए हैं। वे आदिवासी समुदाय से आते हैं। वहीं, अभिषेक रंजन पहली बार विधायक बने हैं, लेकिन युवा कांग्रेस में प्रदेश स्तर पर वह महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। आज की बैठक में सभी विधायकों से आलाकमान वन-टू-वन बात कर उनकी नाराजगी का कारण जानने की भी कोशिश करेगी। उनसे बातचीत के आधार पर पार्टी संगठन में उनकी भूमिका बढ़ाने की भी कवायद करेगी।
पटना में मैच के पहले दिन बिहार के कप्तान साकिबूल का शतक
बिहार में पहली बार खेले गए रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप के फाइनल का पहला दिन दिलचस्प रहा। बिना दर्शकों के इस मैच में बिहार ने पहले दिन के खेल में 7 विकेट पर 328 रन बनाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। पटना के मोईनुउलह स्टेडियम में खेले जा रहे इस ख़िताबी मुकाबले में पहले दिन बिहार के कप्तान सकीबुल गनी ने शतक जमाया। टॉस हारने के बाद बल्लेबाजी करने उतरी बिहार टीम की शुरुआत संयमित रही। हिमांशु सिंह और पीयूष कुमार सिंह जल्दी पवेलियन लौट गए। मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने पारी संभालने का प्रयास किया। मंगल महरौर ने 43 रनों की उपयोगी पारी खेली, जबकि आकाश राज ने 101 गेंदों पर 50 रन बनाकर पारी को स्थिरता प्रदान की। कप्तान साकिबूल गनी और विकेटकीपर बल्लेबाज बिपिन सौरभ ने बिहार की पारी को मजबूती दी। कप्तान साकिबूल गनी ने 155 गेंदों पर 108 रन बनाए। इसमें 11 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। उनके आउट होने के बाद बिपिन सौरभ ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 75 रन बनाकर नाबाद लौटे।
बिहार में 1004 बालू घाट हैं। इनमें 191 घाटों पर बालू खनन हो रहा है। जबकि 189 बालू घाटों पर खनन के लिए एनओसी नहीं मिला है। यह एनओसी प्रदूषण, पर्यावरण सहित अन्य विभागों से नहीं मिला है। इस कारण बिहार को आर्थिक नुकसान हो रहा है। यह बात उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (एसईआईएए) और बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (बीएसपीसीबी) के साथ बैठक के दौरान कही। उन्होंने कहा कि बालू घाटों की बंदोबस्ती एवं संचालन प्रक्रिया में जानबूझकर बाधा उत्पन्न करने वाले संगठित लोगों की पहचान की जा रही है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। तीन वित्तीय वर्षों में बालू से प्राप्त राजस्व की भी समीक्षा की गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 21 जनवरी 2026 तक बालू से प्राप्त राजस्व लक्ष्य का 60 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। बैठक में लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए नियमित बैठक का निर्णय लिया गया। इस मौके पर आलोक कुमार, चंदन कुमार, मनोरंजन कुमार, एके गुप्ता, मनेश कुमार मीणा आदि मौजूद रहे।
मसौढ़ी में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का बिहार इंचार्ज मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार हुआ
मसौढ़ी में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बिहार प्रभारी परमानंद यादव और एसटीएफ व पटना पुलिस के बीच गुरुवार सुबह मुठभेड़ हो गई। मसौढ़ी थाना क्षेत्र के सगुनी गांव के पास पटना–गया राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुलिस ने उसे घेर लिया। अपने को घिरता देख परमानंद यादव ने पुलिस पर दो राउंड फायरिंग की। पुलिस ने आत्मरक्षा में एक गोली चलाई। गोली उसके दाहिने पैर में लगी। पुलिस ने परमानंद के पास से 9 एमएम का एक यूएस मेड पिस्टल, दो खोखा, दो मोबाइल, एक फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बरामद किया है। परमानंद यादव झारखंड के लातेहर जिले के चंदवा गांव का रहने वाला है। वह पटना के जक्कनपुर में किराए के मकान में रह रहा था। वहीं से बिहार और झारखंड के कारोबारियों से लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर रंगदारी मांगता था। गिरफ्तारी के बाद उसे पीएमसीएच में भर्ती कराया गया। पटना सिटी के फर्जी पते पर बनवाया पासपोर्टपरमानंद यादव ने पटना सिटी के फर्जी पते पर आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट बनवाया था। इसी पासपोर्ट से वह 11 दिसंबर 2025 को राहुल सिंह से मिलने मलेशिया गया था। इससे पहले वह कनाडा भी जा चुका है। पुलिस उसका पासपोर्ट, पैन कार्ड और आधार कार्ड रद्द कराने की प्रक्रिया में जुटी है। पासपोर्ट ऑफिस से यह भी जांच की जा रही है कि किसके पते पर पासपोर्ट बनवाया गया और उस व्यक्ति का परमानंद से क्या कनेक्शन है। एसटीएफ और पटना पुलिस को सूचना मिली थी कि परमानंद यादव अपने तीन सहयोगियों के साथ बेऊर इलाके में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने आया है। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी की। जहानाबाद के विक्की कुमार, चंदन कुमार और लखीसराय के शिवम आनंद को गिरफ्तार किया गया।
पूर्णिया में बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन के चुनाव के नतीजों का ऐलान हो गया है। पुलिस लाइन परिसर में हुए इस चुनाव में सभी पदों के उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, मंत्री और संयुक्त मंत्री जैसे सभी पदों पर नए कैंडिडेट इलेक्ट हुए हैं। इस नतीजे के बाद से जीते हुए कैंडिडेट को बधाई देने का सिलसिला जारी है। जवानों ने फूलों की माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर जीत की बधाई दी। नीतीश कुमार यादव को बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन पूर्णिया शाखा का नया अध्यक्ष चुना गया है। वे नए प्रेसिडेंट होंगे। उपाध्यक्ष प्रथम की जिम्मेदारी सोनू कुमार को मिली है, जबकि उपाध्यक्ष द्वितीय पद पर मोहम्मद मुनतसिर उर्फ छोटू निर्वाचित हुए हैं। मंत्री पद पर अशोक कुमार हिंदुस्तानी, कोषाध्यक्ष पद पर कुंदन कुमार और संयुक्त मंत्री पद पर रोशन कुमार का चयन किया गया है। इसके अलावा केंद्रीय सदस्य के रूप में राजीव कुमार, अंकेक्षक पद पर अंकित कुमार, सहायक सचिव पद पर करण कुमार और सहायक सचिव द्वितीय पद पर रंजना कुमारी पचौरी निर्विरोध चुनी गईं। बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन के सीनियर पदाधिकारियों की निगरानी में कराया ये चुनाव बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारियों की निगरानी में कराया गया। मुख्य चुनाव पदाधिकारी शाखा सिवान रहे, जबकि पटना से आए बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन के उपाध्यक्ष भरत प्रसाद यादव, प्रदेश कोषाध्यक्ष बृजेश कुमार और संयुक्त महामंत्री रूपेश कुमार ने पूरी चुनाव प्रक्रिया की निगरानी की। नवनिर्वाचित अध्यक्ष नीतीश कुमार यादव ने बताया कि हम सभी पुलिसकर्मियों के हित में मिलकर काम करेंगे। उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाएगा और संगठन को और मजबूत बनाया जाएगा। बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन पटना के उपाध्यक्ष भरत प्रसाद यादव पूर्णिया शाखा का चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुआ है। सभी पदों पर निर्विरोध चयन संगठन की एकता को दर्शाता है। चुनाव के बाद पुलिस लाइन में उत्साह का माहौल है। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को सहयोगियों ने बधाई दी और संगठन को और सक्रिय बनाने की उम्मीद जताई है।
अंबाला कैंट में 1.90 करोड़ की ठगी मामले में कार्रवाई में लगी रेलवे पुलिस (GRP) ने ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। अंबाला जीआरपी और बिहार एसटीएफ (STF) की संयुक्त टीम ने बिहार के समस्तीपुर में छापेमारी की। टीम ने भाजपा के पूर्व जिला प्रवक्ता पंकज कुमार लाल समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। छानबीन के दौरान पुलिस टीम आलीशान कोठी और लग्जरी गाड़ियां देख दंग रह गई। जाने क्या था पूरा मामला पंजाब के रहने वाले जोशी नाम के एक व्यक्ति ने अंबाला कैंट जीआरपी थाना में शिकायत में आरोप लगाया गया था कि रुपए डबल करने और कर्ज की राशि पर भारी मुनाफा दिलाने के नाम पर उनसे 1 करोड़ 90 लाख रुपए लिए गए। बाद में रकम को डबल दिखाकर झांसा दिया गया और पूरी राशि की लूट कर ली गई। जीआरपी की जांच के दौरान समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय थाना क्षेत्र निवासी पंकज कुमार लाल व अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आई। एसपी रेलवे नितिका गहलोत के निर्देश पर जीआरपी प्रभारी हरीश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। तकनीकी इनपुट के आधार पर टीम ने मंगलवार रात बिहार के दलसिंह सराय (अजनौल) में दबिश दी। इस ऑपरेशन में मुख्य आरोपी पंकज कुमार लाल के साथ उसके दो सहयोगियों, कौशल और रजनीश को भी काबू किया गया। पुलिस के अनुसार, कौशल और रजनीश भोले-भले लोगों को अपने जाल में फंसाने का काम करते थे, जबकि पंकज मास्टरमाइंड की भूमिका निभाता था। 30 लाख के जेवर, नकदी और लग्जरी कार बरामद पुलिस ने छापेमारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में कीमती सामान बरामद किया है। पुलिस ने रेड के दौरान 6 लाख रुपए कैश, लगभग 30 लाख रुपए के सोने के जेवर और एक आलीशान सफेद रंग की लग्जरी इनोवा कार बरामद की है। पुलिस को पता चला है कि आरोपी पंकज समस्तीपुर में 'रेल नीर' की आपूर्ति और रिक्शा एजेंसी का संचालन करता है। वह भाजपा का जिला प्रवक्ता भी रह चुका है। उसने ठगी की रकम से अजनौल में 3 करोड़ रुपए की लागत से एक बेहद आलीशान मकान का निर्माण भी शुरू करवाया है। अब अंबाला लाए जा रहे आरोपी जीआरपी ने बरामद की गई संपत्ति को जब्त कर लिया है। पकड़े गए तीनों आरोपियों को स्थानीय अदालत से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर अंबाला लाया जा रहा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के दौरान इस गिरोह से जुड़े कई अन्य बड़े नामों और अन्य ठगी की वारदातों का खुलासा होने की पूरी संभावना है।
मुंबई में बिहार भवन के निर्माण को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। महाराष्ट्र की क्षेत्रीय पार्टियां महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) और शिवसेना ने विरोध जताया है। इन पार्टियों का कहना है कि मुंबई में बिहार भवन नहीं बनने देंगे। जवाब में जदयू और भाजपा ने दोनों पार्टियों को चेताया। कहा-’’हुल्लड़बाजी छोड़ें। शांत रहें। मुंबई में बिहार भवन बनेगा ही। बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने मनसे और शिवसेना के नेताओं के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि 'किसी के बाप में दम नहीं है जो बिहार भवन को बनने से रोक दे। ये लोग वहां के राजा हैं क्या? क्या यह राजतंत्र है?' अशोक चौधरी ने राज ठाकरे को फालतू आदमी बताया। अब क्या है मामला वो समझिए दरअसल बिहार सरकार ने मुंबई में बिहार भवन बनाने का फैसला किया है। इसके लिए कैबिनेट की मीटिंग में 314.20 करोड़ रूपए भी स्वीकृति भी दे दी गई है। इसके बाद राज ठाकरे की पार्टी मनसे ने इसका कड़ा विरोध किया। पार्टी नेता यशवंत किल्लेदार ने कहा कि हम बिहार भवन नहीं बनने देंगे। वहीं उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने, बिहार भवन को स्थानीय संसाधनों पर बोझ और क्षेत्रीय राजनीति से प्रेरित बताया। पार्टी नेता विनायक राउत ने कहा कि,मुंबई की जमीन को हड़पने का सिलसिला शुरू है। कल को ये लोग बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में गुजरात भवन भी बना सकते हैं।’’ वहीं, शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब जो शिवसेना बीएमसी में सत्ता में आएगी, उसकी जिम्मेदारी बनती है कि वह इस पर अपना पक्ष रखे. शिंदे गुट खुद को शिवसेना कहता है, तो उनकी भी जिम्मेदारी है कि वे इस पर बोलें और जरूरत पड़े तो विरोध करें शिंदे गुट ने कहा- राजनीतिक रंग देना गलत शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता संजय निरुपम ने कहा कि,मनसे का विरोध करना गलत है। यह भवन कैंसर मरीजों और उनके रिश्तेदारों के रहने के लिए है भवन पर्यावरण के अनुकूल होगा इस बीच, बिहार फाउंडेशन (मुंबई) के अध्यक्ष कैसर खालिद ने कहा कि बिहार भवन के जरिए मुंबई से बिहार में उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने की रणनीति भी तय की जाएगी। भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने बताया कि यह भवन पर्यावरण के अनुकूल होगा। 30 मंजिला होगा बिहार भवन नीतीश सरकार दक्षिण मुंबई के एल्फिंस्टन इस्टेट में बननी है। यह मुंबई पोर्ट ट्रस्ट की जमीन है। 30 मंजिला इमारत के लिए नीतीश सरकार ने 314.20 करोड़ रुपए की प्रशासनिक मंजूरी भी दे दी है। इमारत बेसमेंट के साथ 30 मंजिला होगी। इसकी ऊंचाई लगभग 69 मीटर होगी। इसमें कुल 178 कमरे होंगे, जिनका उपयोग सरकारी अधिकारियों, मेहमानों और जरूरतमंद नागरिकों के ठहरने के लिए किया जाएगा। 240 बेड वाला विशेष छात्रावास मुंबई में इलाज कराने आने वाले बिहार के मरीजों और उनके परिजनों के लिए यहां 240 बेड की क्षमता वाला एक विशेष छात्रावास बनाया जाएगा। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आने वाले लोगों को इससे बड़ी राहत मिलेगी नवी मुंबई में इन प्रदेशों के भवन उपलब्ध नवी मुंबई में उत्तर प्रदेश भवन, मध्यप्रदेश भवन, राजस्थान भवन, कर्नाटक भवन, असम भवन, मेघालय भवन, केरल भवन, उत्तराखंड, समेत कई राज्यों के भवन पहले से उपलब्ध हैं। यहां पर संबंधित राज्यों से आने वाले लोगों को रहने के लिए सुविधाएं हैं।
रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप का मुकाबला जीतने के लिए आज से बिहार टीम मैदान में उतरेगी। आज से फाइनल मुकाबला बिहार और मणिपुर के बीच मोईन-उल-हक स्टेडियम में खेला जाएगा। इस मैच को जीतने के बाद बिहार एलीट ग्रुप में पहुंच जाएगा। एलीट का मतलब अगले सत्र में उन मजबूत टीमों से मुकाबला, जिनमें भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य भी खेलते नजर आएंगे। यानी कि बिहार के खिलाड़ियों का सामना रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या जैसे दिग्गज खिलाड़ियों से होगा। इस फाइनल मुकाबले को लेकर बिहार क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मैदान की पिच, आउटफील्ड और अभ्यास सुविधाओं पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया है। हालांकि, बिहार क्रिकेट एसोसिएशन ने दर्शक दीर्घा की जर्जर स्थिति और सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए दर्शकों को मैच देखने के लिए स्टेडियम में प्रवेश की अनुमति नहीं दी है। मैच से संबंधित जानकारी और अपडेट्स BCCI TV के माध्यम से उपलब्ध रहेंगे। 3 साल पहले बिहार एलीट ग्रुप में था 3 साल पहले मोइनुल हक स्टेडियम में मणिपुर को ही हराकर बिहार एलीट ग्रुप में पहुंचा था। 2022-23 से लगातार 2 वर्ष टीम एलीट ग्रुप का हिस्सा रही। पिछले सत्र में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसी टीमों के सामने हार हुई। कुछ मुकाबले खराब मौसम के कारण ड्रॉ भी रहे। कम अंक की वजह से बिहार टीम प्लेट ग्रुप में आ गई। इस बार एलीट में वापसी का बेहतर अवसर है। इस सत्र में बिहार के बल्लेबाजों का प्रदर्शन शानदार रहा है। 2 मैच में जीत मिली, 3 मैच ड्रॉ बिहार ने पहले ही मुकाबले में जीत का खाता खोला था। अरुणाचल को एक पारी और 165 रनों से पराजित किया था। इसके बाद गुजरात नाडियाड में बिना टॉस के हुआ मैच ड्रा रहा था। मोइनुल हक स्टेडियम में 2 दिन का ही खेल हो सका था, जो बराबरी पर रहा। सिक्किम के खिलाफ भी मैच ड्रा हुआ था। उसके 429 रनों के जवाब में बिहार ने पहली पारी में 265 और दूसरी पारी में 115.1 ओवर में छह विकेट 392 रन बनाए।
अंबाला शहर के सेक्टर 8 में काम के दौरान व्यक्ति की छत पर से गिरने के चलते मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि व्यक्ति को जब सिविल अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया तो उसकी सांसें चल रही थी। वहीं डॉक्टरों ने बताया मरीज की मौत पहले ही हो चुकी थी। जिसको लेकर घटों अस्पताल मर जमकर हंगामा हुआ और पुलिस को मामला शांत करवाना पड़ा। शहर के सेक्टर 8 में मकान निर्माण का काम चल रहा रहा था। इस दौरान वहां काम कर रहे व्यक्ति को दौरा पड़ने से वह छत से गिर गया और उसकी मौत हो गयी। मृतक की पहचान बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले हरी लाल के रूप में हुई है। परिजन बोले- अस्पताल में नहीं था डॉक्टर परिजनों का आरोप है कि जब हरी लाल को अस्पताल लाया गया तो उसकी सांस चल रही थी और डॉक्टर वहां मौजूद नहीं था, जिसके चलते उन्हें इलाज नहीं मिला। इसी को लेकर अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ। इसके बाद पुलिस को मामला शांत करवाना पड़ा। मृतक के बेटे ने बताया वे बिहार के रहने वाले है उसके पिता को घायल अवस्था मे अस्पताल लाया गया था यहां डॉक्टर न मिलने से उसके पिता को इलाज नही मिल पाया और उसकी मौत हो गई। पुलिस ने कराया मामला शांत इस दौरान नागरिक अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ और पुलिस व डॉक्टर परिजनों को समझाने में लगे रहे। डॉक्टरों ने बताया हरी लाल को जब अस्पताल लाया गया तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। लेकिन परिजनों यह मानने को तैयार नही थे और उन्होंने हंगामा किया। जिससे अन्य मरीज भी परेशान हुए। हंगामा बढ़ता देख पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा और परिजनों को समझा बुझाकर मामला शांत करवाना पड़ा। मौके पर पहुंची सेक्टर 9 थाना प्रभारी सुनीता ढाका ने बताया परिजनों को शांत कर दिया गया है। शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जा रहा है।
26 जनवरी को गणतंत्र दिवस अवसर पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाले राष्ट्रीय समारोह में इस बार बिहार की झांकी शामिल नहीं होगी। इसके चलते बिहार के लोगों को इस बार अपने राज्य की झांकी का दीदार नहीं होगा। 9 साल बाद पिछले साल 2025 में झांकी के रूप में बिहार की विरासत की झलक देखने को मिली थी, लेकिन इस बार फिर राज्य को झांकियों की सूची से बाहर रखा गया है। हालांकि, पिछले वर्ष लंबे अंतराल के बाद बिहार को मौका मिलने से उम्मीद जगी थी कि इस बार भी राज्य की झांकी कर्तव्य पथ पर नजर आएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। बिहार की झांकी क्यों नहीं की गई शामिल? पिछले कुछ समय में झांकियों के चयन को लेकर विवाद होता रहा है, जिसके बाद रक्षा मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एक रोटेशन नीति (बारी-बारी से मौका देने की नीति) लागू कर दी है। इसके तहत हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को तीन वर्षों के दौरान कम से कम एक बार अपनी झांकी प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा। बिहार के सूचना विभाग के एक आला अधिकारी ने बताया कि इसी नीति के तहत इस बार बिहार को झांकियों की सूची से बाहर रखा गया है। आत्मनिर्भर भारत की थीम पर 30 झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने और आत्मनिर्भर भारत पर केंद्रित मुख्य विषय के साथ राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और मंत्रालयों की 30 झांकियां एकता, आत्मनिर्भरता और समावेशी राष्ट्रीय प्रगति को प्रदर्शित करेंगी। अपनी झांकी प्रस्तुत करने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, केरल, महाराष्ट्र, मणिपुर, नगालैंड, ओडिशा, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और पंजाब शामिल हैं। सेनाओं के साथ ही कई विभागों की दिखेंगी झांकियां वायु सेना मुख्यालय, नौसेना मुख्यालय, सैन्य मामलों के विभाग, संस्कृति मंत्रालय, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, आयुष मंत्रालय, गृह मंत्रालय (NDMA और NDRF), गृह मंत्रालय (BPRD), आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (CPWD), सूचना और प्रसारण मंत्रालय, पंचायती राज मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय भी अपनी झांकियां प्रस्तुत करेंगे। पिछले साल नालंदा की दिखी थी विरासत 2025 में गणतंत्र दिवस की झांकी में कर्तव्य पथ पर बिहार की झांकी के माध्यम से नालंदा की प्राचीन विरासत, उसके संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों और नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना को दर्शाया गया था। इसमें शिक्षा के केंद्र के रूप में बिहार को वैश्विक मानचित्र पर फिर से स्थापित करने के प्रयास को दिखाया गया था। इसके अलावा झांकी में भगवान बुद्ध की दिव्य और भव्य प्रतिमा के साथ-साथ घोड़ा कटोरा झील को इको-टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित करने की पहल को भी दर्शाया गया था।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि राज्य की सभी बंद पड़ी चीनी मिलों को चरणबद्ध तरीके से चालू किया जाएगा। साथ ही बिहार में बड़े पैमाने पर उद्योगों का जाल बिछाया जा रहा है, ताकि राज्य के युवाओं को रोजगार के लिए बाहर न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि अब बिहार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली के साथ-साथ उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में बिछ रहा उद्योगों का जाल, युवाओं को मिलेगा यहीं रोजगार सम्राट चौधरी ने आगे कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि बिहार के युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार मिले। इसके लिए उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है और बिहार में देश की सबसे बेहतर औद्योगिक नीति लागू की गई है। बिहार में उद्योग लगाने के लिए सरकार मात्र एक रुपए में जमीन उपलब्ध करा रही है और 15 दिनों के भीतर लोन स्वीकृत किया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि अब बिहार में सेमीकंडक्टर जैसी अत्याधुनिक फैक्ट्रियां भी लग रही हैं। मुख्यमंत्री की यात्राओं से पड़ी विकास की मजबूत नींव उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार यात्राओं के लिए जाने जाते हैं। न्याय यात्रा, प्रगति यात्रा और समृद्धि यात्रा के माध्यम से उन्होंने जनता से सीधा संवाद स्थापित कर बिहार के विकास की मजबूत नींव रखी है। इन यात्राओं के दौरान जनता की जरूरतों को समझते हुए सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसे बुनियादी क्षेत्रों में ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। घर-घर पहुंची बिजली, 1.70 करोड़ परिवारों का बिल हुआ शून्य उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में घर-घर बिजली पहुंचाने का सपना साकार हुआ है। एक समय था जब बिहार के शहरों में भी मुश्किल से पांच घंटे बिजली मिलती थी, लेकिन आज गांवों में भी 24 घंटे बिजली की आपूर्ति हो रही है। वर्तमान में राज्य के करीब एक करोड़ 90 लाख परिवारों को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है, जिससे लगभग एक करोड़ 70 लाख परिवारों का बिजली बिल शून्य हो गया है। गली-गली तक बनी सड़कें, जल्द बनेगा छपरा एयरपोर्ट उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सड़कों का अभूतपूर्व विकास हुआ है। गांव-गांव ही नहीं, बल्कि गली-गली तक सड़कों का निर्माण कराया गया है। जल्द ही छपरा में एयरपोर्ट का निर्माण कराया जाएगा, जिससे सारण और आसपास के जिलों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और व्यापार तथा पर्यटन को नई गति मिलेगी। युवाओं के लिए कौशल विकास, 5 साल में मिले 50 लाख रोजगार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार ने युवा कौशल विकास विभाग का गठन किया है। बिहार के युवाओं को कौशल युक्त बनाया जा रहा है ताकि वे नए उद्योगों में बेहतर अवसर पा सकें। पिछले पांच वर्षों में राज्य में 50 लाख सरकारी नौकरी और रोजगार दिए गए हैं, जबकि अगले पांच वर्षों में एक करोड़ नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य तय किया गया है।
संघर्ष से शिखर तक: नितिन नबीन की राजनीतिक यात्रा पर बिहार भाजपा का वीडियो
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर नितिन नबीन ने पदभार ग्रहण किया। नितिन नबीन को लेकर बिहार भाजपा ने 2.30 मिनट का वीडियो शेयर कर उनके राजनीतिक सफर के बारे में बताया
बिहार पुलिस एसआई भर्ती परिखा के लिए सेंटर्स पर एंट्री शुरू है। 3 लेयर्स में जांच कर कैंडिडेट्स को अंदर एंट्री दी जा रही है। पहली पाली के लिए 9.30 बजे एंट्री बंद कर दी जाएगी। आज परीक्षा का आयोजन राज्य में बनाये गए 498 केंद्रों पर किया जा रहा है। यह परीक्षा राज्य के सभी 38 जिलों में बनाए गए कुल 498 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न कराई जा रही है। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए बिहार पुलिस में लंबे समय से खाली पड़े सब-इंस्पेक्टर के पदों को भरा जाएगा। आयोग के अनुसार परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी, जबकि दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक चलेगी। परीक्षार्थियों को एडमिट कार्ड पर अंकित समय के अनुसार ही परीक्षा केंद्र पर रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय के बाद गेट बंद कर दिए जाएंगे और किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं मिलेगा। इससे पहले 18 जनवरी को आयोजित परीक्षा में करीब 70 प्रतिशत अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई थी। आयोग से मिली जानकारी के अनुसार, परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष और कदाचारमुक्त रखने के लिए सभी केंद्रों पर जैमर, सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट सत्यापन, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई थी। चूंकि अभ्यर्थियों की संख्या 10 लाख से अधिक है, इसलिए प्रारंभिक लिखित परीक्षा दो दिनों में आयोजित की जा रही है। परीक्षा शिफ्ट और रिपोर्टिंग समय पहली शिफ्ट की रिपोर्टिंग सुबह 8:30 बजे होगी और परीक्षा 10:00 बजे से 12:00 बजे तक चलेगी। वहीं दूसरी शिफ्ट की रिपोर्टिंग दोपहर 1:00 बजे होगी और परीक्षा 2:30 बजे से 4:30 बजे तक आयोजित की जाएगी। परीक्षार्थियों के लिए जरूरी निर्देश आयोग ने परीक्षार्थियों को एडमिट कार्ड के साथ वैध फोटो पहचान पत्र- आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी-लाना अनिवार्य बताया है। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर सहित किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट परीक्षा केंद्र में पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। OMR शीट पर सभी विवरण सावधानीपूर्वक भरने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि किसी भी गलती की स्थिति में उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम BPSSC ने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की है। उड़न दस्ते लगातार औचक निरीक्षण कर रहे हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि नकल या अनुचित साधनों का प्रयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
‘नितिन की जिम्मेदारी सिर्फ पार्टी नहीं, बल्कि NDA के सहयोगियों को भी साथ लेकर चलना है।’ बीजेपी हेडक्वार्टर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नितिन नबीन की ताजपोशी के दौरान ये बातें कहीं। बीजेपी के सबसे बड़े नेता नितिन नबीन के लिए ये केवल एक सलाह नहीं, सबसे बड़ी चुनौती भी है। पहली बार बिहार का कोई बेटा बीजेपी में इस पद तक पहुंचा है। 2005 से लगातार नीतीश कुमार के चेहरे पर बिहार में सरकार चला रही बीजेपी 2025 के चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनी। इसके पास अपना सीएम बनाने का मौका है। अब जब बांकीपुर के विधायक बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं तो तात्कालिक तौर पर उनके सामने बंगाल चुनाव एक बड़ी चुनौती तो है ही, लेकिन बिहार की राह भी आसान नहीं है। ये 3 बड़ी चुनौती सीधे तौर पर दिखाई दे रही है... आइए अब विस्तार से इन पॉइंट्स को समझते हैं। 1- क्या नितिन बिहार में अपना सीएम बना पाएंगे? आधिकारिक तौर पर बीजेपी के सभी नेता इस बात पर कुछ भी बोलने से बचते रहे हैं। NDA के सभी घटक दल एकजुट होकर नीतीश कुमार को अपना नेता बता रहे हैं। हालांकि, नीतीश कुमार की बढ़ती उम्र और गिरती सेहत के कारण लगातार इस बात की चर्चा बनी हुई है कि बंगाल चुनाव के बाद बिहार में मुख्यमंत्री पद को लेकर बड़ा उलटफेर हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इसकी तैयारी केवल बीजेपी के तरफ से नहीं हो रही है। जदयू भी इसकी तैयारी में जुटी है। यही कारण है कि नीतीश के बेटे निशांत की पॉलिटिकल डेब्यू किस रूप में कराई जाए, इसकी प्लानिंग भीतरखाने तैयार हो रही है। ये तय है कि अंतिम फैसला नीतीश कुमार ही लेंगे। सीएम पद पर दावा बरकरार रहे, इसके लिए छोटी पार्टियों को तोड़ने का विकल्प भी खुला है। इस पर सत्ता पक्ष की दोनों पार्टियों का ऑपरेशन जारी है। सीनियर जर्नलिस्ट अरुण कुमार पांडेय बताते हैं, ’बीजेपी मौजूदा समय में विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन अभी तक उनका अपना सीएम नहीं हुआ है। कभी अकेले बहुमत में पार्टी नहीं आई है। लालू के विरोध में नीतीश की अगुआई में बीजेपी उनके साथ आई और अभी तक उनके साथ ही है। देर-सबेर बीजेपी अपनी ताकत से सत्ता में आने की कोशिश करेगी।’ अगर आंकड़ों की बात करें तो भाजपा के भरोसेमंद सहयोगी चिराग पासवान की पार्टी LJP(R) 19, जीतन राम मांझी की पार्टी HAM 5 और उपेंद्र कुशवाहा के RLM को 4 सीटों पर जीत मिली है। चारों पार्टियों (BJP, LJP R, HAM, RLM) के विधायकों को जोड़ दें तो (89+19+5+4) आंकड़ा 117 तक पहुंचता है। बहुमत के लिए जरूरी 122 से सिर्फ 5 कम। 2- धड़ों में बंटती बीजेपी को एकजुट कैसे करेंगे नितिन नबीन? बिहार बीजेपी बाहर से भले एकजुट दिखाई दे, लेकिन पार्टी भीतर से कई धड़ों में बंटी हुई है। इसकी बानगी कई बार खुलकर सामने आई है। नाराजगी का ही नतीजा है कि एक प्रदेश अध्यक्ष का जितना कार्यकाल होना चाहिए उतने समय में बिहार में बीजेपी तीन प्रदेश अध्यक्ष बदल चुकी है। पार्टी की तरफ से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल का कार्यकाल पूरा होने के बाद मार्च 2023 में सम्राट चौधरी को प्रदेश की कमान दी गई थी, लेकिन मात्र 15 महीने के भीतर ही इन्हें बदलना पड़ा गया। इसके बाद जुलाई 2024 में दिलीप जायसवाल को पार्टी की कमान दी गई। ये भी मात्र 17 महीने तक ही चले। अब इन्हें भी बदल दिया गया। पार्टी के प्रदेश स्तर के एक बड़े नेता ने भास्कर को बताया कि स्थिति यह है कि नेता एक-दूसरे से सार्वजनिक तौर पर मिलने से भी परहेज करते हैं ताकि उनपर किसी धड़े का ठप्पा न लग जाए। पार्टी के सीनियर लीडर अश्विनी चौबे ने तो खुलेआम ऐलान कर दिया था कि आयातित माल पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनेगा। डैमेज कंट्रोल के लिए दिलीप जायसवाल प्रदेश अध्यक्ष जरूर बने लेकिन संगठन में सम्राट चौधरी का दबदबा बरकरार रहा। दिलीप जायसवाल ने 35 लोगों की अपनी स्टेट लेवल की टीम बनाई थी। इसमें करीब 60 फीसदी यानी 20 लोग सम्राट चौधरी के रिपीट किए गए। मतलब जायसवाल सिर्फ 15 नए लोगों को कार्यसमिति में शामिल कर सके थे। इसके अलावा पार्टी में नित्यानंद राय की अपनी पकड़ बनी हुई है। कभी बीजेपी की तरफ से सीएम पद के दावेदार रहे नित्यानंद प्रदेश की सियासत में अपनी पकड़ ढीली नहीं होने दे रहे हैं। पॉलिटिकल एनालिस्ट भोलानाथ बताते हैं, ’संगठन में बीजेपी का ये एक रिवाज सा रहा है कि मजबूत लोग अपने लोगों को विभिन्न पदों पर सेट करने में जुट जाते हैं। ऐसे में नितिन नबीन की ये कोशिश होगी कि वे प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के साथ मिलकर बिहार में एक ऐसा संगठन खड़ा करें, जिसकी लोग मिसाल दें।’ वहीं, सीनियर जर्नलिस्ट अरुण कुमार पांडेय बताते हैं, ’पिछले 2 दशक से बीजेपी में बहुत गुटबाजी है। नित्यानंद राय, सम्राट चौधरी हर नेता का अपना-अपना गुट बन गया है। इसे कम करना उनकी बड़ी चुनौती बन गई है।’ 3- क्या बिहार में पार्टी को गठबंधन से मुक्त करा पाएंगे नबीन? बिहार में 2005 से NDA की सरकार है। तब से लगातार नीतीश कुमार बिहार के सीएम हैं। 2005 के बाद से 2026 तक बीजेपी दो बार सबसे बड़ी पार्टी बनी। आलम ये रहा कि 2020 में संख्या के आधार पर जदयू बीजेपी के आधे नंबर पर थी, लेकिन इसके बाद भी सीएम नीतीश कुमार ही बने। इसके दो कारण हैं। सीनियर जर्नलिस्ट अरुण पांडेय ने कहा, ‘मौजूदा समय में बीजेपी विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन अभी सेकंड सीट पर है। इसका कारण लालू के विरोध की राजनीति है। इसी के कारण नीतीश की अगुआई में बीजेपी उनके साथ आई और अभी तक उनके साथ ही है। अब इसका खामियाजा समझिए। 2025 के विधानसभा चुनाव के नतीजों में 8 ऐसे जिले हैं, जहां बीजेपी के एक भी विधायक नहीं हैं। 8 ऐसे जिले हैं, जहां बीजेपी के मात्र 1 विधायक हैं। चुनाव से पहले सभी पार्टियों की कोशिश थी कि हर जिले में कम से कम उनके एक विधायक हों। पॉलिटिकल एक्सपर्ट की मानें तो गठबंधन की सियासत के कारण बीजेपी अभी तक पूरे बिहार की पार्टी नहीं बन पाई है। कई ऐसे जिले हैं, जहां बीजेपी संगठन के तौर पर बहुत मजबूत है, लेकिन सीटें गठबंधन के लिए छोड़नी पड़ जाती हैं, जबकि कई जिले ऐसे हैं जहां चुनाव नहीं लड़ने के कारण पार्टी संगठन नहीं खड़ा कर पा रही है। हालात ये हैं कि विश्व की सबसे बड़ी पार्टी का दावा करने वाली बीजेपी राज्य की सभी विधानसभा सीटों पर अपने दम पर कैंडिडेट उतारने की स्थिति में नहीं है। अब नितिन नबीन के सामने चुनौती ये होगी कि सभी जिलों में अपना संगठन इतना मजबूत करें कि अपने दम पर चुनाव लड़ सकें।
बिहार में उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली ठंडी हवाएं कमजोर पड़ गई हैं, जिससे लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिली है। दिन में तेज धूप निकलने से अधिकतम तापमान बढ़ा है। हालांकि सुबह-शाम कनकनी बरकरार है। मौसम विभाग ने आज अररिया, पूर्णिया सहित 5 जिलों में कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में सुबह और रात के समय लोगों को ठंड ज्यादा महसूस होगी। सुबह-देर रात धुंध भी दिखेगी। अगले 24 घंटों में बिहार में रात का न्यूनतम तापमान 8 से 14 डिग्री के बीच रहने की संभावना है, जबकि दिन का अधिकतम तापमान 22 से 29 डिग्री के बीच रह सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दो दिनों में तापमान में 1 से 2 डिग्री की और गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे सुबह और रात के समय हल्की ठंड बढ़ेगी। पटना समेत कई जिलों में बादल छाए रह सकते हैं। बीते 24 घंटे में 12 जिलों का तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा है। कैमूर में 8.4 डिग्री, जमुई में 8.3 डिग्री, जहानाबाद में 8.2 डिग्री, अरवल में 9.1 डिग्री, जबकि लखीसराय में न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री दर्ज किया गया। 7 दिनों तक शुष्क रहेगा मौसम पटना मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, अगले 7 दिनों तक राज्य का मौसम शुष्क रहेगा। बारिश की कोई संभावना नहीं है। आने वाले 2 दिनों तक सुबह में कोहरा छाए रहने की आशंका जताई गई है। खासकर उत्तर-पूर्वी और सीमावर्ती जिलों में असर रहेगा। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे दिन और रात के तापमान में इजाफा होगा। सर्दी का असर धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगेगा। राजधानी में अगले कुछ दिनों तक हल्की ठंड रहेगी। सुबह में हल्का कोहरा और ठंडी हवा चल सकती है। जबकि दिन में धूप निकलने से मौसम नॉर्मल रहेगा। पटना में न्यूनतम तापमान 10 से 13 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। जनवरी लास्ट, फरवरी की शुरुआत में बढ़ेगी ठंड मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर जनवरी के अंत या फरवरी की शुरुआत में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता है, तो बिहार में एक बार फिर ठंड बढ़ सकती है। हालांकि फिलहाल तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं। कुल मिलाकर, बिहार में अभी हल्की ठंड का दौर जारी है, लेकिन आने वाले दिनों में सर्दी का असर धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है। मौसम ऐसा क्यों बना हुआ है? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में फिलहाल कोई मजबूत पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव नहीं है। उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली ठंडी हवाएं भी कमजोर पड़ी हैं। इसी कारण से तापमान में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। शुष्क मौसम और साफ आसमान की वजह से रात में तापमान गिर रहा है, जबकि दिन में धूप निकलने से तापमान बढ़ जा रहा है।
प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों में बढ़ती चोरी और अवैध तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने दो शराब तस्करों को भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जीआरपी प्रभारी निरीक्षक अकलेश कुमार सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक राजेश कुमार वर्मा और आरपीएफ की टीम ने प्लेटफॉर्म नंबर 4/5 स्थित एफओबी-01 के पास यह कार्रवाई की। सुबह करीब 11:35 बजे संदिग्ध अवस्था में घूम रहे दो युवकों की तलाशी ली गई। उनकी पहचान अजय कुमार (22 वर्ष) और आकाश कुमार (22 वर्ष) के रूप में हुई, जो गोविंदपुर नया टोला, थाना फातूहा, जिला पटना (बिहार) के निवासी हैं। तलाशी के दौरान अजय कुमार के बैग से 750 एमएल की 19 बोतल रॉयल स्टेज अंग्रेजी शराब बरामद हुई, जबकि आकाश कुमार के पास से 18 बोतल रॉयल स्टेज अंग्रेजी शराब मिली। कुल 37 बोतल अंग्रेजी शराब के साथ 330 रुपये नकद भी बरामद किए गए। बरामद शराब की कुल अनुमानित कीमत लगभग 60 हजार रुपये बताई जा रही है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे ट्रेनों के माध्यम से शराब की तस्करी कर बिहार ले जाते थे और वहां ऊंचे दामों पर बेचकर अवैध धन कमाते थे। गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर थाना जीआरपी प्रयागराज में मुकदमा संख्या 025/2026 आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। रेलवे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए स्टेशन परिसर और ट्रेनों में लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
फतेहाबाद जिले के भूना क्षेत्र के गांव नहला में नहर में डूबने से दो प्रवासी बच्चों की मौत हो गई। बच्चे नहर में बह रहा नारियल निकालने के लिए उतरे थे। मगर वापस बाहर नहीं निकल सके। हालांकि, परिजन पहले बच्चों को सीधा दफनाना चाह रहे थे। मगर बाद में उन्हें समझाया गया तो वह बच्चों का पोस्टमॉर्टम करवाने को राजी हुए। इसके बाद मंगलवार को पोस्टमॉर्टम कार्रवाई की गई। पुलिस ने परिजनों के बयान पर इत्फाकिया कार्रवाई की है। नहर के पास ही खेल रहे थे बच्चे जानकारी के अनुसार, गांव नहला में स्थापित ईंट भट्टे पर प्रवासी मजदूर बिहार के नालंदा जिला निवासी मिथिलेश व उसकी पत्नी वीना देवी का परिवार रह रहा है। मिथिलेश के आठ बच्चे हैं। जिनमें तीन बेटियां और पांच बेटे हैं। दो बच्चे लव (10) और कुश (8) सोमवार शाम को नहला से गुजरने वाली किरमारा माइनर के पास खेल रहे थे। इसी दौरान नहर में नारियल बहता हुआ दिखाई दिया, जिसे निकालने के लिए पहले कुश नहर में उतर गया। वह डूबने लगा तो उसको बचाने के प्रयास में लव भी नहर में कूद गया। मगर इसके बाद दोनों गहरे पानी में चले गए और बाहर नहीं आ सके। बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजनों ने की तलाश शाम होने पर जब बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजनों ने तलाश शुरू की। आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर पता चला कि बच्चों को नहर में उतरते देखा गया था। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से नहर में खोजबीन शुरू की गई। कुछ समय बाद दोनों बच्चों को नहर से बाहर निकाला गया। मगर तब तक दोनों दम तोड़ चुके थे। भूना थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि सूचना मिलने पर भूना पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवाया गया।
यमुनानगर में एक प्लाइवुड फैक्ट्री में काम करते हुए एक मजदूर की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने मामले में फैक्ट्री संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए करंट लगना मौत की वजह बताई है।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए पहुंचाया। मृतक की पहचान बिहार के गया निवासी 35 वर्षीय अमित के रूप में हुई है। अमित चार बच्चों का पिता था और पिछले आठ साल से जोड़ियो गुरुद्वारे के पास एक प्लाइवुड फैक्ट्री में काम करता था और फिलहाल नवाब कॉलोनी में किराए के मकान में रहता था। मशीन के पास मिला था शव मृतक के रिश्तेदार सुनील ने बताया कि अमित उसके साथ ही फैक्ट्री में सिलाई मशीन पर काम किया करता था। सोमवार की शाम को फैक्ट्री में एक मशीन खराब हो गई, जिसे तीन चार लोगों ने मिलकर ठीक किया। मशीन ठीक करने के बाद देखा तो अमित वहां पर नहीं था। उन्होंने जब फैक्ट्री में अमित की तलाश तो वह जमीन पर पड़ा हुआ था। वह उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर गए जहां पर डॉक्टर ने उसे मृ़त घोषित कर दिया। सुनील का आरोप है कि अमित की मौत फैक्ट्री में करंट लगने से हुई है। गमछा मशीन में फंसने से हुई मौत अमित की मौत पर परिजनों ने फैक्ट्री जमकर हंगामा किया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल यमुनानगर की मॉर्च्युरी में रखवाया। मामले में जांच अधिकारी लाभ सिंह का कहना है कि फिलहाल उन्हें प्राप्त जानकारी के अनुसार अमित गले में गमछा डालकर ग्रेडर मशीन के पास काम कर रहा था। इसी दौरान उसका गमछा मशीन में फंस गया, जिससे उसकी मौत हुई है। शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है, जिसमें मौत का कारण स्पष्ट हो जाएगा। मृतक के रिश्तेदार सुनील ने कहा कि अमित के पास चार बच्चे हैं जिनमें तीन लड़कियां व एक लड़का शामिल है। अमित परिवार का सहारा था। वे सरकार व प्रशासन से परिवार को मुआवजा देने की मांग करते हैं। सुनील ने यह आरोप भी लगाया कि फैक्ट्री संचालक उनके ऊपर रूपए देकर मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है।
नीतीश सरकार 2021 में अपनी इथेनॉल नीति लेकर आई थी। मकसद था बिहार को इथेनॉल उत्पादन में अव्वल राज्य बनाना। इसके लिए 100 से ज्यादा प्लांट लगाने की तैयारी थी। 2017 में इसकी मंजूरी मिली, लेकिन अब 4 साल के भीतर ही इनमें से 10 प्लांट बंदी के कगार पर हैं। नतीजा, सीधे तौर पर बिहार में 5 हजार से ज्यादा लोग बेरोजगार हो जाएंगे। 70 हजार से ज्यादा लोगों पर प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से सीधा असर पड़ेगा। उनकी नौकरी जाएगी। 15 लाख मक्का किसानों की आमदनी घटेगी। आखिर क्यों बिहार में इथेनॉल प्लांट अपने शुरुआती दौर में ही संकट में घिर गए हैं? क्या इसके लिए बिहार सरकार जिम्मेदार है? क्या सरकार ने उद्यमियों के साथ धोखा किया है? इससे बिहार सरकार को कितना नुकसान हो सकता है? इसका समाधान क्या होगा? 8 पॉइंट में पूरा मामला समझिए… 1. इथेनॉल प्लांट पर अचानक संकट क्यों आया है? क्या प्लांट संचालकों को इसकी जानकारी नहीं थी? देश में फिलहाल इथेनॉल के खरीदार केवल तेल वितरण कंपनियां (इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम) हैं। उनके अलावा इथेनॉल किसी और को नहीं बेचा जा सकता। बिक्री करने वाले इथेनॉल प्लांट के संचालक हैं। बिहार इथेनॉल एसोसिएशन के सचिव कुणाल किशोर ने बताया कि तेल कंपनियां दो तरह के इसकी खरीदारी करती है। उन्होंने कहा, 'इसके साथ तेल कंपनियों ने एग्रीमेंट के दौरान प्लांट संचालकों से एक और बात की रजामंदी दी थी कि अगर करार की मात्रा से अधिक इथेनॉल की जरूरत होगी तो इसे खरीदने के लिए प्राथमिकता उस प्लांट को देंगे, जिसके साथ पहले से करार है। अगर इनके पास पर्याप्त मात्रा में इथेनॉल नहीं होगा तब बिना एग्रीमेंट वाले प्लांट से संपर्क करेंगे।' 2. जब कंपनी तेल खरीद रही है तो प्लांट बंद होने की बात कहां से आ रही? किशोर कुणाल ने बताया कि बिहार के 17 लोगों ने प्लांट में निवेश कर लाइसेंस लिया है। कंपनियों ने 10 साल का एग्रीमेंट किया है। एग्रीमेंट में इथेनॉल खरीद की मात्रा को दो हिस्से में बांटा गया है। 50 प्रतिशत एग्रीमेंट के तहत और 50 प्रतिशत दूसरे से पहले। उन्होंने कहा, 'समस्या ये है कि अभी तक कंपनी एग्रीमेंट से ज्यादा मात्रा में इथेनॉल इन प्लांटों से ले रही थी। ऐसे में बिहार के जितने भी प्लांट हैं, उन्होंने अपने तय एग्रीमेंट से दोगुनी क्षमता का प्लांट बना लिया है। अभी तक जितना उत्पादन हो रहा था, सब बिक भी जा रहा था।' अब समझिए क्या है परेशानी... 3. ऑयल कंपनी के इस फैसले का प्लांट संचालकों पर क्या असर पड़ेगा? प्लांट संचालक बताते हैं, 'समस्या ये है कि इथेनॉल को दूसरी जगह बेचा नहीं जा सकता। इसे 30 दिन से ज्यादा स्टोर नहीं कर सकते। प्लांट आधी क्षमता पर नहीं चला सकते। जितनी डिमांड तेल कंपनियों की तरफ से की गई है। अपनी क्षमता के मुताबिक ये प्लांट 3-4 महीने में उतना उत्पादन कर देंगी। ऐसे में 8 महीने तक प्लांट बंद रखना पड़ेगा। ऐसे में एक प्लांट को चलाने के लिए जो फाइनांशियल सपोर्ट की जरूरत है वो हासिल नहीं हो पाएगी। ओवरऑल साल भर में जितना कमाएंगे बैंक का ईएमआई भी नहीं दे पाएंगे। न ही अपने कर्मचारी को सैलरी दे सकेंगे। 4. प्लांट बंद होने का असर कितने लोगों पर पड़ेगा? बिहार इथेनॉल एसोसिएशन के सचिव किशोर कुणाल ने कहा, ‘औसतन 100 किलो लीटर के एक प्लांट में 250 हाइली ट्रेंड एंप्लॉइज होते हैं। केमिकल इंजीनियर से लेकर टेक्निकल इंजीनियर तक, जिनकी सैलरी लाखों में रहती है। इनके अलावा प्रत्यक्ष तौर पर सैकड़ों लोगों को काम मिलता है। अप्रत्यक्ष तौर लाखों लोगों का इकोसिस्टम जुड़ा होता है। इसमें किसान से लेकर ट्रैक्टर ड्राइवर तक शामिल होते हैं। ये प्लांट सरकार को सालाना लगभग 20 करोड़ रुपए का टैक्स देते हैं।' बिहार में देशभर का 25% मक्का उत्पादन होता है। बिहार में ज्यादातर प्लांट मक्का से इथेनॉल बनाते हैं। इससे मक्का की कीमत में लगभग डेढ़ गुणा तक का इजाफा हुआ था। ये प्लांट अगर अपने फुल फोर्स के साथ चलते रहे तो मक्का किसानों को इससे काफी लाभ हो सकता है। 5. प्लांट संचालकों की क्या डिमांड है? इसके लिए उन्होंने क्या किया है? प्लांट संचालक ने बताया कि बिहार के प्लांट फुल फ्लैज्ड चालू रहने पर 47.64 करोड़ लीटर इथेनॉल उत्पादन करते हैं। इस वित्तीय वर्ष में तेल कंपनियों ने 23.82 करोड़ लीटर इथेनॉल खरीदने का अलॉटमेंट दिया है। अगर 24 करोड़ लीटर इथेनॉल और खरीदने का आश्वासन मिल जाता है तो बिहार के प्लांट के संचालन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। बिहार इथेनॉल एसोसिएशन ने इसके लिए बिहार के उद्योग विभाग के सचिव, मुख्य सचिव से लेकर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय तक अपनी समस्या पहुंचाई है। सभी जगह से आश्वासन मिला है, लेकिन प्लांट संचालकों को अभी तक कोई समाधान मिलता नहीं दिख रहा है। 6. केंद्र सरकार इथेनॉल का क्या कर रही है? अभी देश में कितनी जरूरत है? केंद्र सरकार ने साल 2006 में पेट्रोल में इथेनॉल मिलाकर बेचने का निर्णय लिया। 2018 से पहले बिहार में मिलावट बेहद कम स्तर पर हो रही थी। 2018 में मोदी सरकार ने इसके लिए एक नीति बनाई और पेट्रोल में इथेनॉल की मिलावट बढ़ाकर 20 फीसदी करने का निर्णय लिया। इसके बाद देश में इथेनॉल की डिमांड 1350 करोड़ लीटर तक पहुंच गई। नतीजा सभी राज्यों को अपनी अलग इथेनॉल नीति बनानी पड़ी। हर राज्य में इथेनॉल के प्लांट लगने लगे। इसके उत्पादन में तेजी आई। नतीजा डिमांड से ज्यादा सप्लाई होने लगी। मौजूदा समय में तेल कंपनियों को 1350 करोड़ लीटर इथेनॉल की जरूरत है, जबकि देश भर में 1700 करोड़ लीटर इथेनॉल का उत्पादन हो रहा है। इथेनॉल के प्लांट दो प्रकार के होते हैं ग्रेन सेक्टर के प्लांट- मक्का, ब्रोकन राइस और एफसीआई के सरप्लस चावल का इस्तेमाल इसमें किया जाता है। शुगर सेक्टर के प्लांट- गन्ना, मोलासे और चीनी, शुगर सीरप से इथेनॉल बनाया जा सकता है। 7. क्या बिहार सरकार की इसमें कोई भूमिका है? बिल्कुल नहीं, बिहार सरकार की भूमिका बस प्लांट के चालू होने तक है। जमीन की लीज से लेकर बैंक से लोन दिलाने तक में बिहार सरकार मदद करती है। इसके बाद ये सीधे तौर पर केंद्र का मामला होता है। पेट्रोलियम मिनिस्ट्री के अधीन ही तेल कंपनियां आती हैं। सब कुछ वहीं से कंट्रोल किया जाता है। प्लांट संचालकों के आरोप पर तेल कंपनियों ने क्या कहा? तेल कंपनियों का पक्ष जानने के लिए हमने इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम के बिहार-झारखंड के अधिकारी से लेकर दिल्ली और मुंबई तक के अधिकारियों को फोन किया। पटना के अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली वाले बताएंगे और दिल्ली के अधिकारियों का कहना है कि हम इसके लिए अधिकृत नहीं हैं। मुंबई के अधिकारियों ने कहा कि हम फिलहाल इस पर कुछ नहीं बोल सकते हैं। अभी तक तेल कपंनियों की ओर से कोई स्पष्ट पक्ष नहीं आया है। जैसे ही उनका पक्ष आता है, हम उसे भी अपनी खबर में जगह देंगे। 8. बिहार के उद्योग मंत्री प्लांट को बचाने के लिए क्या कर रहे हैं? बिहार के उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने इस संबंध में कहा, 'इथेनॉल प्लांट में जो प्रोडक्शन होता था, केंद्र सरकार उसकी पूरी खरीदारी करती थी। अभी केंद्र सरकार उत्पादन के हिसाब से खरीदारी नहीं कर रही है। इसके कारण परेशानी हो रही है। हम लोग केंद्र सरकार से इस मामले पर बात कर रहे हैं। हम लोगों ने अनुरोध किया है कि इथेनॉल की मिक्सिंग की मात्रा बढ़ाई जाए तो यह समस्या दूर हो जाएगी। केंद्र सरकार इस पर लगातार विचार कर रही है।' इथेनॉल प्लांट बंद हुए तो 15 लाख किसानों की घटेगी कमाई बिहार मक्का उत्पादन में देश के शीर्ष राज्यों में स्थान रखता है। 2024-25 में यहां 9.55 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का की खेती की गई। 66.03 लाख मीट्रिक टन उत्पादन हुआ। बिहार में मक्के का इस्तेमाल सबसे अधिक इथेनॉल बनाने में होता है। इसके बाद मुर्गी दाना और पशु आहार तैयार करने में होता है। इथेनॉल प्लांट लगने के बाद पिछले कुछ वर्षों में मक्के की मांग और कीमत बढ़ी थी। मक्का जो कभी 12-15 रुपए प्रति किलो बिकता था, 20 रुपए प्रति किलो से अधिक रेट पर बिकने लगा। इथेनॉल प्लांट बंद होने की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बिहार के 15-17 लाख किसान मक्का की खेती करते हैं। कीमत गिरने से उनकी कमाई घटेगी। वैशाली जिले के किसान प्रमोद सिंह ने बताया, 'मक्का हमारे लिए आमदनी का बड़ा स्रोत है। आलू की फसल के बाद हमलोग मक्का लगाते हैं। कम लागत में मक्का प्रति कट्ठा एक क्विंटल से ज्यादा उपज देता है। कीमत भी करीब 2000 रुपए प्रति क्विंटल मिल जाती है। इथेनॉल प्लांट बंद होने से मक्के की कीमत गिरने का डर है।'
नेशनल परमिट जारी करने में बिहार 13वें स्थान पर, यहां 31,750 जारी; पहले नंबर पर हरियाणा
नेशनल परमिट जारी करने के मामले में बिहार 28 राज्यों में 13वें स्थान पर है। राज्य में लगातार नेशनल परमिट की संख्या बढ़ रही है। इससे माल ढुलाई और अंतरराज्यीय आवागमन आसान हुआ है। माल ढुलाई के लिए रेल पर निर्भरता कम हुई है। परिवहन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को इससे मजबूती मिली है। 1 अप्रैल 2025 से 15 जनवरी 2026 तक देश के 15 राज्यों में अधिक परमिट जारी किए गए। बिहार में 31,750 परमिट जारी हुए। बिहार देश में 13वें स्थान पर रहा। हरियाणा ने 1,69,821 परमिट जारी कर पहला स्थान हासिल किया। नेशनल परमिट जारी करने वाले टॉप-14 राज्य क्या है नेशनल परमिट : नेशनल परमिट वह व्यवस्था है, जिसके तहत मालवाहक वाहन एक राज्य से दूसरे राज्य में बिना अलग-अलग परमिट लिए आवागमन कर सकते हैं। राज्य में लगातार नेशनल परमिट की संख्या बढ़ रही, माल ढुलाई आसान हुई नेशनल परमिट के फायदे राजस्व में वृद्धि : परमिट फीस, टैक्स और अन्य शुल्क से सरकारी आय बढ़ती है। व्यापार और उद्योग को बढ़ावा : माल ढुलाई आसान होने से उद्योग और सप्लाई चेन मजबूत होती है। कीमतें नियंत्रित रहती हैं: अनाज, सब्जी, फल, दवाइयां और जरूरी सामान समय पर बाजार तक पहुंचते हैं। इससे कीमतें नियंत्रित रहती हैं। परिवहन व्यवस्था में सुधार: वाहनों की उपलब्धता बढ़ने से माल और यात्रियों का परिवहन सुचारु होता है।
पंडित की सलाह पर 27 साल पहले नौकर को रखा, 52.50 लाख रुपए चुराए, बिहार से गिरफ्तार
टोंक रोड स्थित देव नगर निवासी एक व्यापारी के घर से 27 साल से काम कर रहे नौकर ने 52.50 लाख रुपए चोरी किए। आरोपी 3 जनवरी को भी 22 लाख रुपए चोरी कर बिहार स्थित गांव बेलहर भाग गया। नौकर यहां से रुपए चोरी करता और गांव में रह रही दो प|ियों को बराबर बांट देता था। बजाज नगर थाना पुलिस ने 1500 किमी दूर बिहार स्थित बेलहर गांव से आरोपी नौकर मंटू उर्फ रामू उर्फ मनोज ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही दोनों पत्नियों की ओर से जमीन में गाडकर रखे 52.50 लाख रुपए बरामद किए है। व्यापारी को 27 साल पहले पंडित ने सलाह दी कि तुम्हारी और नौकर मनोज की राशि एक है। यह साथ रहेगा तो तुम्हारी तरक्की होगी। इसके बाद से नौकर व्यापारी के घर पर काम कर रहा था। आरोपी घर से रुपए चुराता रहा और किसी को पता ही नहीं चला। बजाज नगर थाना अधिकारी पूनम चौधरी ने बताया कि निखिल फतेहपुरिया निवासी फतेहपुरिया एन्क्लेव देव नगर टोंक रोड ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह परिवार के साथ विदेश घूमने गया था। 8 जनवरी को जयपुर लौटने पर घर से 22 लाख रुपए गायब मिले। मनोज भी गायब था। पुलिस ने मोबाइल नंबरों के आधार पर ट्रेस करने के बाद बिहार में उसके गांव जाकर पकड़ लिया। पूछताछ में मनोज ने कबूल किया कि उसने कई बार रुपए चोरी किए। मामले के खुलासे में थाना स्पेशल के रामवतार की अहम भूमिका रही। मनोज का सोशल मीडिया के जरिए नेपाल की एक युवती से संपर्क हुआ। भाषा की समस्या दूर करने के लिए युवती ने ट्रांसलेटर रखा। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी तो युवती मनोज के बिहार स्थित गांव आकर पत्नी की तरह साथ ही रहने लगी। युवती ने मनोज पर जयपुर छोड़कर गांव में ही रहने का दबाव बनाया। 3 जनवरी को जब व्यापारी विदेश यात्रा पर था तो मनोज ने घर से करीब 22 लाख रुपए चोरी किए और ट्रेन से गांव पहुंच गया। मनोज ने पहली पत्नी को 25 लाख और दूसरी पत्नी को 27.50 लाख रुपए दे रखे थे। नेपाल की युवती से दोस्ती हुई, गांव आकर पत्नी की तरह रहने लगी
सोमवार को राजगीर परिसदन (सर्किट हाउस) में क्रीड़ा भारती दक्षिण बिहार की परिचयात्मक बैठक आयोजित की गई। जिला अध्यक्ष मनीष कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में संगठन के विस्तार और खेलों को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। बैठक में मुख्य रूप से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व अर्जुन अवार्डी भानु सचदेवा और प्रदेश अध्यक्ष राजेश्वर राज उपस्थित रहे। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भानु सचदेवा (अर्जुन अवार्डी-1998) ने कहा कि राजगीर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का हॉकी टर्फ और मैच का आयोजन देखना सुखद आश्चर्य है। उन्होंने कहा कि मैंने कभी सोचा नहीं था कि बिहार में ऐसी विश्व स्तरीय सुविधाएं होंगी। जिस रफ्तार से यहां इम्प्रूवमेंट हो रहा है, आने वाले समय में बिहार खेलों का बहुत बड़ा हब बन जाएगा। उन्होंने कहा कि क्रीड़ा भारती का उद्देश्य केवल मेडल जीतना नहीं, बल्कि हर व्यक्ति को खेल के मैदान तक लाना है। जब हजारों बच्चे खेलना शुरू करेंगे, तो उन्हीं में से देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ी निकलेंगे। खेल को मिले 'राइट टू स्पोर्ट्स' का दर्जा बिहार प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व विधायक राजेश्वर राज ने कहा कि क्रीड़ा भारती का मूल मंत्र है- 'खेल से चरित्र निर्माण और चरित्र से राष्ट्र निर्माण'। उन्होंने मांग की कि जैसे देश में 'राइट टू एजुकेशन' और 'राइट टू फूड' है, वैसे ही भारत सरकार खेल को भी 'मौलिक अधिकार' का दर्जा दे। उन्होंने तर्क दिया कि मौलिक अधिकार का दर्जा मिलते ही सरकार हर गांव में खेल के लिए मूलभूत सुविधाएं (मैदान और संसाधन) उपलब्ध कराने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि महामना मदन मोहन मालवीय की सोच थी कि खेल में प्रतिस्पर्धा हो, लेकिन प्रतिद्वंद्विता नहीं। इसी उद्देश्य के साथ हम चाहते हैं कि देश का हर नागरिक प्रतिदिन कम से कम एक घंटा खेल के मैदान में बिताए, तभी 'स्वस्थ भारत, समृद्ध भारत' का सपना पूरा होगा। ये रहे मौजूद इस अवसर पर प्रांत अध्यक्ष रविरंजन कुमार, प्रांत मंत्री डॉ. रमेश कुमार, संगठन मंत्री उमेश कुमार, प्रांत उपाध्यक्ष उदय कुमार, प्रांत कोषाध्यक्ष अमित कुमार, आईटी प्रमुख सुमन कुमार, पटना महानगर अध्यक्ष अंजनी श्रीवास्तव, सह मंत्री साधना, प्रचार प्रमुख दिनेश सिंह, रेंसी राकेश राज, लक्ष्मी भारती, रिंटू कुमार और संजीव कुमार समेत कई लोग उपस्थित थे।
राज्यसभा सांसद और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन मिश्र गोपालगंज पहुंचे। उन्होंने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए 'जी राम जी बिल' पर विपक्ष के सवालों का जवाब दिया। मिश्र ने कहा कि यह विधेयक विकास और सुशासन से जुड़ा है, जिससे समाज और देश के विकास को गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस योजना का उद्देश्य 2047 तक भारत को पूरी तरह से विकसित और विश्वगुरु बनाना है। मिश्र ने कहा कि केंद्र सरकार का इसके पीछे एक बड़ा मिशन और मकसद है, और योजना को लोगों तक पहुंचाने के लिए इसका नाम बदलना आवश्यक था। गोपालगंजवासियों को बड़ी सौगात मिलेगीसीएम नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा पर टिप्पणी करते हुए मनन मिश्र ने कहा कि इस यात्रा से गोपालगंजवासियों को बड़ी सौगात मिलेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री जब भी यात्रा पर निकलते हैं, संबंधित क्षेत्र का बहुमुखी विकास होता है। NEET छात्रा मामले में उच्च स्तरीय एसआईटी का गठनपटना में जहानाबाद की एक छात्रा की मौत की घटना को दुखद बताते हुए मिश्र ने कहा कि गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने उच्च स्तरीय जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार दोषियों को बख्शेगी नहीं और विपक्षी पार्टियों को इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। सरकार वकीलों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजगउत्तर प्रदेश के बाराबंकी में टोल प्लाजा पर वकील की पिटाई के मामले पर मनन मिश्र ने कहा कि केंद्र सरकार वकीलों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजग है। उन्होंने बताया कि एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट पर गंभीरता से काम चल रहा है। मिश्र ने वकीलों को न्याय व्यवस्था की अहम कड़ी बताते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। रेल परियोजनाओं को लेकर बड़े ऐलान की उम्मीदउन्होंने बाराबंकी की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि ऐसी घटनाओं से वकील समाज में आक्रोश स्वाभाविक है। मिश्र ने भरोसा दिलाया कि सरकार वकीलों के सम्मान और सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाएगी। उन्होंने आगामी आम बजट को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इस बार केंद्र सरकार के बजट में बिहार को विशेष सौगात मिलने वाली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, दोनों का ही बिहार के विकास पर विशेष फोकस है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रेल परियोजनाओं को लेकर बजट में बड़े ऐलान की उम्मीद है। मनन मिश्र ने विश्वास बताया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से बिहार विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।
बरनाला-बाजाखाना रोड पर आज सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक 31 वर्षीय प्रवासी मजदूर की जान चली गई। एक निजी बस के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में मोटरसाइकिल चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। मृतक की पहचान कपिल यादव (31) पुत्र देव नारायण यादव के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के जिला अररिया के गांव कोसकापुर के रहने वाले थे। कपिल पिछले कई वर्षों से पंजाब में मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पाल रहे थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी, दो छोटे बेटे (उम्र 3 और 6 साल), एक 8 साल की बेटी और बुजुर्ग माता-पिता हैं। इस हादसे ने तीन मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया छीन लिया है। हादसे में साथी का टूटा पैर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि मोटरसाइकिल सवार दोनों व्यक्ति दूर जा गिरे। हादसे में कपिल के साथ सवार दूसरे व्यक्ति का पैर बुरी तरह टूट गया है। उसे तुरंत बरनाला के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका उपचार चल रहा है। घटना के तुरंत बाद निजी बस का चालक मौके पर बस छोड़कर फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस ने बस को लिया कब्जे में बरनाला पुलिस चौकी इंचार्ज ने बताया कि पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को अपने कब्जे में ले लिया है। मृतक के परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार बस चालक की पहचान कर ली गई है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिवार का इकलौता सहारा था मृतक के भतीजे सौरव यादव और मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने गहरा रोष व्यक्त करते हुए बस चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि कपिल की मौत से पूरा परिवार सड़क पर आ गया है, क्योंकि वही घर में कमाने वाला एकमात्र सदस्य था।
बिहार सरकार ने प्रभारी मंत्रियों की नई सूची जारी की है। इसमें अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. जमा खान को एक बार फिर किशनगंज जिले का प्रभारी मंत्री नियुक्त किया गया है। कैबिनेट सचिवालय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह निर्णय जिले में विकास कार्यों की बेहतर निगरानी और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लिया गया है। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के नेता मो. जमा खान पहले भी किशनगंज के प्रभारी मंत्री रह चुके हैं। चैनपुर विधानसभा से विधायक जमा खान बिहार कैबिनेट में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का प्रभार संभाल रहे हैं। वह नीतीश कुमार सरकार में एकमात्र मुस्लिम मंत्री भी हैं। लोग बोले- जमा खान के नेतृत्व में जिले का विकास होगाजेडीयू के स्थानीय नेताओं ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि जमा खान के पिछले कार्यकाल में किशनगंज में अल्पसंख्यक कल्याण से जुड़ी कई योजनाओं को गति मिली थी। इनमें अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों का संचालन, पालना घरों का उद्घाटन और जिला स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठकें शामिल हैं। इस नई सूची में अन्य मंत्रियों को भी विभिन्न जिलों का प्रभार सौंपा गया है। किशनगंज जिले के लोग और जेडीयू समर्थक उम्मीद कर रहे हैं कि मो. जमा खान के नेतृत्व में जिले का विकास तेजी से होगा।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय कार्यकारिणी अध्यक्ष बनने के सवाल पर भाजपा नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है। भाजपा विधान पार्षद जीवन कुमार ने तेजस्वी यादव को 'विजिटिंग पॉलिटिशियन' करार देते हुए कहा कि बिहार में ऐसे नेताओं के लिए कोई जगह नहीं है। बिहार की राजनीति फुल टाइम राजनीति की मांग करती है और जो नेता लगातार जनता के बीच रहते हैं, वही जनता का विश्वास जीतते हैं। एमएलसी जीवन कुमार ने कहा कि बिहार की जनता ने यह साबित कर दिया है कि जो नेता फुल टाइम राजनीति करते हैं, उन्हें ही समर्थन मिलता है। इसी का परिणाम है कि भारतीय जनता पार्टी और एनडीए गठबंधन भारी मतों से जीत हासिल करता रहा है। उन्होंने दावा किया कि इससे यह भी स्पष्ट हो गया है कि राजद की बिहार में कोई मजबूत राजनीतिक जमीन नहीं बची है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि तेजस्वी यादव का कार्यकारिणी अध्यक्ष बनना राजद का आंतरिक मामला है और राजद को विपक्ष में रहकर अपनी भूमिका निभानी चाहिए। चुनाव के बाद जनता को भूल जाना उचित नहीं तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए जीवन कुमार ने कहा कि केवल बिहार से बाहर जाकर विदेश भ्रमण करना और बीच-बीच में बयान देकर लौट आना राजनीति नहीं है। यदि तेजस्वी यादव को बिहार में राजनीति करनी है तो उन्हें लगातार जनता के बीच रहना होगा। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय वोट मांगने के लिए जनता के पास जाना और हार के बाद जनता को भूल जाना उचित नहीं है। साथ ही उन्होंने प्रशांत किशोर का उदाहरण देते हुए कहा कि बिहार की जनता उन्हें पूरी तरह नकार चुकी है, क्योंकि उन्होंने भी बिहार की राजनीति को सही तरीके से समझने का प्रयास नहीं किया। NEET छात्रा मामले में सरकार गंभीर है NEET छात्रा से जुड़े दुष्कर्म मामले पर एमएलसी जीवन कुमार ने कहा कि बिहार सरकार इस मामले में पूरी तरह गंभीर है। सरकार ने एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है और सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी और सरकार पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि इस तरह के संवेदनशील मामलों पर गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी से बचें। राजद अपनी हालत के लिए खुद जिम्मेदार है इधर, बड़हरा के भाजपा विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने भी तेजस्वी यादव और राजद पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मैं खुद कभी राजद से जुड़ा था, लेकिन जब लगा कि देश, राज्य और भोजपुर के विकास के लिए वहां रहना उचित नहीं है, तो भाजपा का दामन थाम लिया। राजद की मौजूदा स्थिति देखकर दुख होता है, लेकिन यह उनकी अपनी नीतियों और फैसलों का परिणाम है। राजद में जो हालात बने हैं, उसके लिए वही जिम्मेदार हैं।
दतिया जिले की भांडेर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया एक विवादित बयान को लेकर गंभीर राजनीतिक और सामाजिक विवादों में घिर गए हैं। एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग की महिलाओं और बच्चियों के साथ बलात्कार को लेकर दी गई उनकी तथाकथित “थ्योरी” पर चौतरफा निंदा हो रही है। कांग्रेस पार्टी ने भी उनके बयान से दूरी बना ली है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने फूल सिंह बरैया से लिखित स्पष्टीकरण तलब किया है। वहीं, बढ़ते विरोध के बाद खुद बरैया ने अपने बयान से किनारा कर लिया है। बरैया बोले: “मैं उस बयान से खुद सहमत नहीं हूं” फूल सिंह बरैया ने एक वीडियो जारी कर कहा- “जिस बयान को लेकर मेरे ऊपर आरोप लगाए जा रहे हैं, वह मेरा मौलिक बयान नहीं है। वह बयान बिहार में दर्शनशास्त्र के एचओडी रहे हरिमोहन झा द्वारा लिखा गया है। मैंने उसे एक संदर्भ में कोट किया है। मैं उस बयान से भी सहमत नहीं हूं। मैं स्वयं ऐसा नहीं मानता, लेकिन संदर्भ के तौर पर उसे उद्धृत किया गया था।” मंत्री प्रतिमा बागरी ने भी साधा बरैया पर निशाना मध्यप्रदेश सरकार की नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने इस बयान को “निशाचरों की भाषा” करार दिया। प्रतिमा बागरी ने एससी-एसटी-ओबीसी महिलाओं को धर्म से जोड़कर दुष्कर्म को कथित रूप से “पुण्य” बताने की थ्योरी को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह न धर्म है, न पुण्य—यह सीधा-सीधा पाप है। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक ग्रंथ में इस तरह की बातों का कोई उल्लेख नहीं है। यह सोच धर्मग्रंथों की नहीं, बल्कि निशाचारी और तांत्रिक प्रवृत्तियों की देन है, जहां मनुष्य को मनुष्य नहीं समझा जाता। तांत्रिक क्रियाओं में अमरत्व जैसी बातें होतीं हैं राज्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत पीड़ादायक है कि एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि ऐसे ग्रंथों और विचारों का उल्लेख कर रहा है, जिनमें तांत्रिक क्रियाओं और अमरत्व जैसे विकृत प्रयासों की बात होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे विचार समाज, महिलाओं और मानवीय जीवन के लिए घातक हैं। प्रतिमा बागरी ने कहा कि भारतीय समाज में महिलाओं ने त्याग, बलिदान, वीरता, शौर्य, बुद्धिमत्ता, उद्यमिता और कार्यकुशलता के असंख्य उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने बरैया को सलाह दी कि वे ऐसे विचारों का प्रचार करने के बजाय उन पुस्तकों और उदाहरणों का अध्ययन करें, जो महिलाओं के सम्मान और योगदान को रेखांकित करते हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराधों को धर्म से जोड़कर प्रोत्साहित करना खतरनाकप्रतिमा ने कहा कि बरैया का बयान समाज को यह संदेश देता है कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों को धर्म से जोड़कर प्रोत्साहित किया जाए, जो बेहद खतरनाक है। यह सोच उन बच्चियों के दर्द और पीड़ा को समझने में पूरी तरह असफल है, जिनके साथ तीन-तीन साल की उम्र में जघन्य अपराध होते हैं—जब वे न जाति जानती हैं, न समाज, न धर्म। दुष्कर्म को धर्म से जोड़ना पीड़िताओं का अपमानराज्यमंत्री ने भावुक शब्दों में कहा कि दुष्कर्म करने वाला व्यक्ति अपराध कर सम्मान के साथ चला जाता है और उसे धर्म से जोड़ना पीडि़ताओं का अपमान है। उन्होंने कहा कि हमारा धर्म कहीं भी ऐसे कृत्यों का समर्थन नहीं करता। भारतीय संस्कृति त्याग, तपस्या और नारी सम्मान पर आधारित है। नारी को जन्म देने वाली माता के रूप में पूजा गया है, जिनके पुण्य से पृथ्वी टिकी है। प्रतिमा बागरी ने अंत में फूल सिंह बरैया के बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि समाज, महिलाओं और पुरुषों को मिलकर ऐसी सोच का विरोध करना होगा। उन्होंने कहा कि इस तरह की मानसिकता को बढ़ावा देने वालों को अपने कर्मों का फल अवश्य मिलेगा और उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि समाज इस बुराई के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा हो। अब वो बयान पढ़िए.. जिस पर मचा बवाल कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था जिसमें बरैया ने कहा था- “इंडिया में सबसे ज्यादा रेप शेड्यूल कास्ट, शेड्यूल ट्राइब और मोस्ट ओबीसी में होते हैं।मेरा कहने का मतलब यह है कि रेप की थ्योरी यह है कि कोई भी, कैसे भी दिमाग का व्यक्ति रास्ते में जा रहा है, उसे कोई खूबसूरत, अति सुंदर लड़की यदि दिखी तो उसका ब्रेन विचलित हो सकता है, तो रेप हो सकता है। एससी,एसटी, ओबीसी की महिलाओं से रेप पर तीर्थ का फल मिलेगाआदिवासियों में, एससी में कौन-सी अति सुंदर स्त्री है? मोस्ट ओबीसी में ऐसी स्त्रियां, सुंदरियां हैं? क्यों होता है बलात्कार? क्योंकि उनके धर्मग्रंथों में इस तरह के निर्देश दिए गए हैं। अब हिंदू हैं या नहीं, उस पर कुछ नहीं कहना, लेकिन मेरा तात्पर्य यह है कि धर्मग्रंथों में लिखा है कि इस जाति के साथ सहवास करने से यह तीर्थ का फल मिलेगा। छोटी बच्चियों के साथ रेप क्यों होते हैं..बरैया ने आगे कहा- अब वह तीर्थ करने नहीं जा पाता, तो घर बैठे विकल्प क्या दिया गया है? कि इन वर्ग की औरतों को घर बैठे पकड़कर सहवास कर दो तो वह फल मिल जाएगा। क्या कोई इसके लिए तैयार हो जाएगा? तो फिर अंधेरे, उजाले में पकड़ने की कोशिश करेगा।एक व्यक्ति एक महिला का कभी रेप नहीं कर सकता, यदि वह सहमत नहीं है तो नहीं करेगा। इसलिए चार महीने, दस महीने और एक साल की बच्चियों के साथ रेप क्यों होते हैं? उसके ऑर्गेन्स रेप के लिए तैयार हैं क्या? नहीं… उसे दिखाई देता है कि इस जाति की महिला, लड़की के साथ रेप करूंगा तो मुझे वह फल मिलेगा। बसपा नेता के पास जा रहे बरैया के कॉलइधर, भिंड से बसपा के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी देवाशीष जरारिया ने फेसबुक पर लिखा- कांग्रेस द्वारा किसी त्रुटिवश भांडेर विधायक बरैया जी के नाम के साथ मेरा मोबाइल नंबर संलग्न कर दिया है। इस वजह से उनके नाम से मुझे काफी गलत नम्बरों से कॉल आ रहे है। मेरा कांग्रेस पार्टी से गुजारिश है कृपया अपनी गलती को सही करें। साथ ही मेरे नम्बर पर कॉल करने वालो को यही संदेश है, कि आपको उनके बयान के संदर्भ में जो भी बात करनी हो उनसे करें कृपया मुझे तंग न करें। ये खबर भी पढ़ें... कांग्रेस विधायक ने रेप को धर्मग्रंथों से जोड़ा, कहा-तीर्थफल मिलेगा दतिया जिले की भांडेर सीट से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे कह रहे हैं कि धर्मग्रंथों में लिखा है कि यदि कोई तीर्थ पर नहीं जा पा रहा है तो वह दलित आदिवासी वर्ग की महिला या बच्ची के साथ रेप करेगा तो उसे वही फल मिलेगा जो तीर्थ करने से मिलता है।पूरी खबर पढ़ेुं
पिछड़ा व अति पिछड़ा वर्ग की बेटियों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ी पहल के तहत पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय प्लस टू विद्यालय, सीवान में सत्र 2026-27 के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इच्छुक छात्राएं 10 जनवरी से 9 फरवरी 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। आवेदन की सुविधा bcebconline.bihar.gov.in के माध्यम से उपलब्ध होगी। छात्राओं को निःशुल्क शिक्षा, भोजनअनुमंडल पिछड़ा एवं अति पिछड़ा कल्याण पदाधिकारी फरहीन मुमताज ने बताया कि यह विद्यालय अब जिले का मॉडल विद्यालय बन चुका है, जहां बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण में उत्कृष्ट शिक्षा, आवासीय सुविधा तथा व्यक्तित्व विकास के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लासरूम, विषय आधारित प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय और खेल के लिए बड़ा मैदान इस विद्यालय की विशेष पहचान है। विद्यालय परिसर में योग, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी नियमित रूप से कराई जाती है। यहां पढ़ने वाली छात्राओं को निःशुल्क शिक्षा, भोजन, वस्त्र, वस्र्त, आवास और आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं। कक्षा 8 में 11 और कक्षा 9 में 10 सीटें शामिलविद्यालय प्राचार्य के अनुसार कक्षा 6 से 9 तक कुल 75 सीटें रिक्त हैं। जिसमें कक्षा 6 में 40, कक्षा 7 में 14, कक्षा 8 में 11 और कक्षा 9 में 10 सीटें शामिल हैं। आयु सीमा 1 अप्रैल 2026 के आधार पर निर्धारित की गई है, जो कक्षा 6 के लिए 10-13 वर्ष से शुरू होकर कक्षा 9 के लिए 13-16 वर्ष तक है। चयन प्रक्रिया वस्तुनिष्ठ परीक्षा (MCQ आधारित) होगी, जो 100 अंकों की होगी। इसमें हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान व सामाजिक विज्ञान से 20-20 अंकों के प्रश्न पूछे जाएंगे। अभ्यर्थी की पारिवारिक वार्षिक आय अधिकतम 3 लाख रुपये निर्धारित की गई है। परीक्षा का आयोजन 1 मार्च 2026 को होगाआवेदन के लिए अभ्यर्थियों को जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो तथा विद्यालय प्रधान द्वारा जारी जन्मतिथि एवं वर्तमान कक्षा का प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा। आवेदन की प्रक्रिया 10 जनवरी से 9 फरवरी 2026 तक चलेगी, जबकि एडमिट कार्ड 15 से 22 फरवरी के बीच डाउनलोड किए जा सकेंगे। परीक्षा का आयोजन 1 मार्च 2026 को होगा, परिणाम 13 मार्च को घोषित किया जाएगा, इसके बाद 16 से 23 मार्च तक नामांकन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और कक्षाएं 1 अप्रैल 2026 से प्रारंभ होंगी। फरहीन मुमताज़ ने अभिभावकों से अपील की कि योग्य छात्राओं को इस सुनहरे अवसर का लाभ अवश्य दिलाएं क्योंकि प्रवेश प्रक्रिया और परीक्षा दोनों पूरी तरह निःशुल्क हैं।
जरूरतमंद गरीबों को 2 लाख की मदद देगी बिहार सरकार; सीएम नीतीश का बड़ा ऐलान
सीएम नीतीश ने मोतिहारी में समृद्धि यात्रा के दौरान घोषणा की कि राज्य के 94 लाख चिह्नित गरीब परिवारों को रोजगार के लिए अब दो लाख रुपये से अधिक की सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सभी को सम्मानजनक जीवन देना है।
हिमाचल प्रदेश में ताबो 24 घंटे में सबसे सर्द रहा, यहां का तापमान माइनस 2.6 रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने 22 और 23 जनवरी को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी, मध्य और निचले इलाकों में बारिश की संभावना जताई है। वहीं, उत्तराखंड के चमोली और पिथौरागढ़ के ऊंचे इलाकों में शनिवार को बर्फबारी हुई। उत्तर प्रदेश के 50 से ज्यादा जिलों में कोहरे के वजह से विजिबिलिटी 50 मीटर से कम रही। लखनऊ एयरपोर्ट पर दुबई से आई फ्लाइट लैंड नहीं कर सकी, जिसे दिल्ली डायवर्ट किया गया। बिहार के 18 जिलों में कोहरे को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। 15 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड हुआ है। इस दौरान सबसे भागलपुर के साबौर का न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। उधर, राजस्थान में मौसम विभाग ने 22 जनवरी से एक नया स्ट्रॉन्ग वेदर सिस्टम राजस्थान में एक्टिव होने की आशंका जताई है। इसके प्रभाव से आधे से ज्यादा राजस्थान में बारिश होने की संभावना है। वहीं, दिल्ली में रविवार सुबह घना कोहरा छाया रहा, न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो मौसम के औसत से 2.3 डिग्री कम है। इसी के साथ केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 444 रहा। राज्यों से मौसम की 4 तस्वीरें 19 जनवरी का मौसम देखें राज्यों के मौसम का हाल… बिहार: 18 जिलों में आज कोहरे का यलो अलर्ट, 15 जिलों का तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंचा बिहार के कई हिस्सों में सुबह और रात के वक्त घना कोहरा बरकरार है। मौसम विभाग ने रविवार को बिहार के 18 जिलों में कोहरे को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। 15 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड हुआ है। इस दौरान सबसे ठंडा सबौर (भागलपुर) रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री दर्ज किया गया। पूरी खबर पढ़ें… उत्तराखंड: चमोली और पिथौरागढ़ में बर्फबारी, 6 जिलों में कोहरा छाया उत्तराखंड के चमोली स्थित हेमकुंड साहिब और बद्रीनाथ धाम में बर्फबारी हुई है। इसके साथ ही पिथौरागढ़ में हल्का हिमपात हुआ है। मौसम विभाग ने 18 जनवरी को उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश के साथ बर्फबारी होने की संभावना है। हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, चम्पावत, पौड़ी और देहरादून में कहीं-कहीं घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। पूरी खबर पढ़ें… पंजाब: 6 जिलों में आज घना कोहरा, अमृतसर में सबसे कम 4.4 डिग्री तापमान, 24 घंटों में सड़क हादसों में 6 की मौत पंजाब में 22 जनवरी तक सुबह और रात के समय घनी धुंध रहने का अनुमान जताया गया है। अमृतसर का तापमान 4.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। चंडीगढ़ मौसम विभाग के अनुसार, आज पंजाब के 6 जिलों में घना कोहरा छाएगा। इसका असर जालंधर में देखने को मिला। यहां देर रात करीब 9 बजे ही घना कोहरा छाने से डीएवी कॉलेज के पास एक कार अनियंत्रित होकर गंदे नाले में जा गिरी। वहीं, शनिवार को कोहरे के कारण हुए सड़क हादसों में गुजरात की लेडी कॉन्स्टेबल सहित छह लोगों की मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें… हरियाणा: 7 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट:वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से कम हुआ ठंड का असर हरियाणा में मौसम विभाग ने 7 जिलों में घने कोहरे की चेतावनी दी है। खासकर उत्तर और उत्तर-पूर्वी जिलों में सुबह के समय विजिबिलिटी कम रहने की आशंका है। हालांकि वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव और हवा बदलने से तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली। अधिकतम व न्यूनतम तापमान दोनों में बीते दिन के मुकाबले हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पूरी खबर पढ़ें… राजस्थान: बारिश का अलर्ट, बर्फीली हवा रुकी, जयपुर सहित कई जिलों में बादल छाए राजस्थान में बर्फीली हवा का दौर कमजोर पड़ा है। इससे तापमान में बढ़ोतरी हुई, जिससे सुबह-शाम की तेज सर्दी से थोड़ी राहत मिली। दिन और रात का तापमान भी बढ़ा है। मौसम विभाग के अनुसार 22 जनवरी से एक नया स्ट्रॉन्ग वेदर सिस्टम राजस्थान में एक्टिव होगा, जिसके प्रभाव से आधे से ज्यादा राजस्थान में मावठ होने की संभावना है। वहीं, पिछले 24 घंटों में, बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़,सीकर, चूरू और झुंझुनूं के कुछ इलाकों में आसमान में ऊंचाई पर बादल छाए रहे। पूरी खबर पढ़ें… हिमाचल प्रदेश: आज रात से बदलेगा मौसम, पश्चिमी विक्षोभ होगा सक्रिय, दो दिन बारिश-बर्फबारी का अनुमान हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से जारी शुष्क मौसम का दौर अब समाप्त होने वाला है। मौसम विभाग ने 22 और 23 जनवरी को हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और मध्य व निचले इलाकों में बारिश की संभावना जताई है। इससे प्रदेश को सूखे जैसी स्थिति से राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले 24 घंटे में ताबो सबसे सर्द रहा। यहां का तापमान -2.6 रिकॉर्ड किया गया। पूरी खबर पढ़ें… उत्तर प्रदेश: लखनऊ से 6 चक्कर लगाकर UAE की फ्लाइट लौटी:यूपी में कोहरे से 15 हादसे; शीतलहर से कांपे लोग, पारा 3.5C यूपी में रविवार सुबह लखनऊ, बाराबंकी, प्रयागराज, अयोध्या समेत 50 ज्यादा जिलों में घना कोहरा छाया है। कई जिलों में विजिबिलिटी शून्य से 50 मीटर तक रह गई है। विजिबिलिटी कम होने से रेलवे और हवाई सफर बुरी तरह प्रभावित है। गोरखपुर, वाराणसी समेत तमाम स्टेशनों पर 100 से ज्यादा ट्रेनें लेट हैं। लखनऊ एयरपोर्ट्स पर रसअल खैमा UAE से लखनऊ आई फ्लाइट आधे घंटे तक आसमान में चक्कर लगाती रही। लैंडिंग की इजाजत न मिलने पर इसे दिल्ली डायवर्ट कर दिया गया। पूरी खबर पढ़ें… छत्तीसगढ़: उत्तर-मध्य क्षेत्र में शीतलहर का अलर्ट, अंबिकापुर में 4.7C पहुंचा पारा छत्तीसगढ़ के उत्तर और मध्य क्षेत्र में अगले 24 घंटे तक शीतलहर चलने की संभावना है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान 31.7C जगदलपुर में दर्ज किया गया। सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.7C अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया। पूरी खबर पढ़ें… मध्य प्रदेश: शहडोल सबसे सर्द, 25 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे, उत्तरी हिस्से में कोहरा पहाड़ों में बर्फबारी और उत्तर से सर्द हवा आने से मध्यप्रदेश में भी ठंड बढ़ गई है। उत्तरी हिस्से में कोहरा छा रहा है। भोपाल, शहडोल-रीवा संभाग में तेज ठंड है। शहडोल के कल्याणपुर में पारा 3 डिग्री तक पहुंच गया है। वहीं, 25 शहरों में 10 डिग्री के नीचे टेम्परेचर है। वहीं, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर में सर्द हवाएं भी चली। शुक्रवार-शनिवार की रात में शहडोल के बाद उमरिया प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री पहुंच गया। पूरी खबर पढें…
ललित सुरजन की कलम से - बिहार के बाद क्या?
पहले तो लोग इस बात पर माथापच्ची करते रहे कि बिहार में विधानसभा चुनावों के नतीजे क्या होंगे। जिस दिन मतदान का आखिरी चरण सम्पन्न हुआ उस दिन तमाम विशेषज्ञ एक्जिट पोलों की चीर-फाड़ में लग गए
अगर बिहार नहीं जीतते तो क्या दूसरे राज्यों में एसआईआर होता?
एसआईआर ( मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण) से अगर बिहार में सफलता नहीं मिलती तो क्या उसे दूसरे राज्यों में लागू किया जाता
ललित सुरजन की कलम से - बिहार चुनाव : कुछ अन्य बातें
'बिहार में महागठबंधन की अभूतपूर्व जीत के बारे में टीकाकारों के अपने-अपने विश्लेषण हैं
Fact check: क्या कन्हैया कुमार ने दिल्ली और बिहार में 'डबल वोटिंग' की? नहीं
बूम ने पाया कि वायरल तस्वीर कन्हैया कुमार के दिल्ली में एक मतदान केंद्र विजिट करने की है. वह 2024 में उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट से लोकसभा चुनाव लड़ रहे थे जबकि उन्होंने अपना मतदान अपने होम टाउन बेगूसराय में ही किया था.
आसान नहीं बिहार का मैदान भाजपा के लिए
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए प्रचार खत्म हो गया है और गुरुवार, 6 नवंबर को 121 सीटों पर मतदान होगा
क्या बिहार से लेफ्ट एकता की राह पकड़ेगा?
बिहार के विधानसभा चुनाव के बहुत सारे पहलू हैं। और इनमें से ज्यादातर पर लिखा जा रहा है
2015 की तरह इस बार भी बिहार में आरक्षण सबसे बड़ा मुद्दा
बिहार चुनाव की घोषणा होने वाली है। वहां यह मुद्दा सबसे बड़ा बनने जा रहा है। सोशल मीडिया पर इसकी शुरुआत हो गई है
बिहार के प्रिंस कुमार सिंह ने यूपीएससी आईएफएस परीक्षा में 15वीं रैंक प्राप्त की है। इसके अलावा उन्होंने और भी कई बड़े एग्जाम को पास किया हुआ है। जानिए जानते प्रिंस कुमार की कहानी जिन्होंने अपने आर्थिक
बॉलीवुड के मशहूर स्टार कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल 7 वर्ष की डेटिंग के बाद अब पति-पत्नी बन चुके हैं। दोनों की शादी इस वक़्त टॉक ऑफ द टाउन है। सोनाक्षी और जहीर अलग धर्म से हैं। ऐसे में ना उन्होंने निकाह किया तथा ना ही फेरे लिए, बल्कि सादगी से रजिस्टर मैरिज की एवं फिर रिसेप्शन पार्टी रखी। अलग धर्म में शादी करने पर सोनाक्षी एवं जहीर को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। ट्रोलिंग के कारण दोनों को अपने वेडिंग पोस्ट का कमेंट सेक्शन तक बंद करना पड़ा। मगर बात तब हद से ज्यादा तब बढ़ गई, जब इंटरफेथ मैरिज करने पर सोनाक्षी एवं जहीर के खिलाफ बिहार के गांव में प्रोटेस्ट मार्च निकाले गए। रिपोर्ट के अनुसार, सोनाक्षी के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन 'हिंदू शिव भवानी सेना' नाम की एक संगठन द्वारा आयोजित किया गया था। जहीर संग शादी पर बेटी सोनाक्षी की हो रही ट्रोलिंग पर अब शत्रुघ्न सिन्हा ने चुप्पी तोड़ी है तथा हेटर्स को जवाब दिया है। अपने एक इंटरव्यू के चलते शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- आनंद बक्शी साहब ने इस तरह के प्रोफेशनल प्रोटेस्टर्स के बारे में लिखा है- कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। इसमें आगे जोड़ना चाहूंगा कि कहने वाले अगर बेकार, बेकाम-काज के हों तो बोलना ही उनका काम बन जाता है। मेरी बेटी ने कुछ भी ऐसा नहीं किया जो गैरकानूनी एवं संविधान के खिलाफ है। सोनाक्षी-जहीर की शादी पर शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा- शादी दो लोगों के बीच का एक बहुत ही व्यक्तिगत फैसला है। इसमें किसी को भी बीच में दखल देने या कमेंट करने का हक नहीं होता। विरोध प्रदर्शन करने वालों को मैं यही बोलना चाहता हूं- अपनी जिंदगी पर ध्यान दो। जिंदगी में कुछ अच्छा करो। इससे ज्यादा और कुछ नहीं कहना। बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा ने खुशी-खुशी अपनी इकलौती बेटी की शादी की है। उन्होंने दामाद जहीर को भी अपना आशीर्वाद दिया है। रिलीज हुआ श्रद्धा कपूर-राजकुमार राव की स्त्री 2 का टीजर, इस अवतार में नजर आए स्टार्स किशोर कुमार के गानों पर बैन, मनोज कुमार-देव आनंद की फिल्मों पर रोक..! बॉलीवुड पर भी पड़ा था 'इमरजेंसी' का बुरा असर सामने आई कंगना रनौत की इमरजेंसी की रिलीज डेट, जानिए किस दिन आ रही है इंदिरा गांधी की बायोपिक?
फिल्म रैप में जानिए कि रविवार को एंटरटेनमेंट की दुनिया में क्या खास हुआ. 9 जून 2024 का दिन एतिहासिक रहा. पीएम नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार पीएम बनने की शपथ ली. इस दौरान शाहरुख खान से लेकर अक्षय कुमार भी मौजूद रहे.
परेशान होकर छोड़ी इंडस्ट्री, सालों बाद किया कमबैक, बिहार की लड़की कैसे बनी हीरोइन?
टेलीविजन के पॉपुलर शो उडारियां 15 साल का लीप लेने जा रहा है. लीप के बाद शो एक नई कहानी और स्टारकास्ट के साथ दर्शकों को एंटरटेन करने आ रहा है. लीप से पहले उडारियां में आशमा का रोल निभाने वाली अदिति भगत ने आजतक संग बातचीत की और शो को लेकर कई सारी बातें शेयर कीं.
बिहार सीईटी बीएड : पांच साल में सबसे ज्यादा आवेदन आए, इस तारीख से आएंगे एडमिट कार्ड
Bihar CET B.Ed:महिलाओं के लिए अलग एवं पुरुषों के लिए अलग परीक्षा केंद्र होंगे। अभ्यर्थी 17 जून से अपना एडमिट कार्ड वेबसाइटwww. biharcetbed- lnmu. inपर लॉगइन कर डाउनलोड कर सकेंगे।
बीएसईबी बिहार बोर्ड से संबद्ध और एनसीटीई से मान्यता प्राप्त डीएलएड संस्थानों की सूची जारी
Bihar D.El.Ed: बिहार बोर्ड ने डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2024 की आंसर की जारी करने के एक दिन बाद अब राज्य में मौजूद सरकारी व निजी डीएलएड प्रशिक्षण संस्थानों की सूची भी जारी कर दी है। डीएलएड में दाखिला लेने
Bihar DElEd Answer Key 2024: आंसर की जारी, ऐसे दर्ज करें ऑब्जेक्शन, देखें डायरेक्ट लिंक
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने बिहार डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (DElEd) परीक्षा 2024 की आंसर की जारी की। जो उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट- biharboardonline.b
Bihar STET: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने शनिवार को माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी)-2024 (प्रथम) परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। पेपर-1 के विभिन्न विषयों की परीक्षा 18 से 29 मई तक होगी।
बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा शर्मा की हाल ही में बिहार में एक रोड शो में भागीदारी ने इंटरनेट पर तूफान ला दिया है। क्रुक और तुम बिन 2 जैसी फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए मशहूर सुश्री शर्मा को अपने पिता अजीत शर्मा का समर्थन करते देखा गया, जो कांग्रेस के टिकट पर भागलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। यह रोड शो उन अफवाहों के बीच हुआ कि अभिनेता राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं। हालाँकि, अब यह स्पष्ट हो गया है कि वह सिर्फ अपने पिता के लिए प्रचार कर रही थीं। नेहा शर्मा ने इंस्टाग्राम पर बांका, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया सहित बिहार के विभिन्न जिलों की अपनी यात्रा दिखाते हुए एक वीडियो साझा किया। वह पारंपरिक सलवार कमीज पहने हुए थीं और जनता का अभिवादन करती और उन्हें वोट डालने के लिए प्रोत्साहित करती नजर आईं। इसे भी पढ़ें: AR Rahman ने नए एल्बम के रिलीज पर Taylor Swift को बधाई दी, नेटिजन ने कहा 'महान कला, महान कला को पहचानती है' View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया रोड शो के दौरान पीरपैंती और कहलगांव में भारी भीड़ ने अभिनेता का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा “वे कहते हैं कि जब कोई आपको अपने दिल में जगह देता है, तो आप हमेशा के लिए वहीं रहते हैं। आपने मुझे जो प्यार और समर्थन दिया है, उससे मेरा दिल भर गया है। पीरपैंती और कहलगांव में गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद। आपका प्यार सारी आँखों पर। सदा आभारी। ऑनलाइन प्रसारित हो रहे एक अन्य वीडियो में अभिनेत्री को भागलपुर में अपने पिता के चुनाव अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए दिखाया गया है। भागलपुर लोकसभा सीट पर दूसरे चरण में 26 अप्रैल को चुनाव होना है। इस सीट पर कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने वाले अजीत शर्मा का मुकाबला जेडीयू के अजय कुमार मंडल से है। पहले ऐसी अफवाह थी कि सुश्री शर्मा राजनीति में प्रवेश कर सकती हैं। हालाँकि, कई रिपोर्टों ने स्पष्ट किया है कि वह अभी चुनावी शुरुआत नहीं कर रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पिता अजीत शर्मा ने उन्हें राजनीति में शामिल होने का अवसर दिया, शर्मा वर्तमान में अपने अभिनय करियर पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। Bihar, Bhagalpur: Bollywood actress Neha Sharma campaigns for Congress leader and father Ajeet Sharma in the Lok Sabha elections, participates in a roadshow. pic.twitter.com/yEhb4XoQQL — IANS (@ians_india) April 23, 2024 View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial)
सलमान के घर फायरिंग से पहले शूटर्स ने बिहार में की हथियारों की प्रैक्टिस, फार्म हाउस की हुई थी रेकी
14 अप्रैल को, सुबह 4.50 बजे सलमान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर, अज्ञात हमलावरों ने पांच राउंड फायरिंग की थी. पुलिस ने सलमान के घर पर फायरिंग करने के मामले में विक्की गुप्ता (24 साल) और सागर पाल (21 साल) नाम के दो लड़कों को गिरफ्तार किया था. अब इससे जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है.
Manisha और Elvish के बीच लगी दुश्मनी की आग हुई और तेज, बिहार की बेटी नेसरेआम बना दिया'राव साहब' का मजाक ?
Bihar Board: जानें-10वीं की मार्कशीट में लिखी U/R,B और C जैसी शॉर्ट फॉर्म का क्या मतलब है?
बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं का रिजल्ट 31 मार्च को जारी कर दिया गया था। छात्र अपनी ओरिजनल मार्कशीट स्कूल से ले सकते हैं। आइए जानते हैं मार्कशीट में लिखी शॉर्ट फॉर्म की फुलफॉर्म क्या है।
बिहार में जेईई और नीट की फ्री कोचिंग, रहने-खाने की भी रहेगी मुफ्त व्यवस्था, ऐसे करें अप्लाई
Bihar Board Jee and Neet Free Coaching : विद्यार्थी समिति द्वारा संचालित engineering (jee) औरmedical (neet) की नि:शुल्क तैयारी हेतु BSEB SUPER-50 आवासीय शिक्षण में पढ़ने हेतु आवेदन कर सकत हैं।
Bihar 10th Board 2024: टॉप 5 में इन 10 छात्रों ने बनाई जगह, जानें नाम और मार्क्स
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने दसवी का रिजल्ट bsebmatric.org और results.biharboardonline.com पर जारी कर दिया है। इस साल टॉप 10 की लिस्ट ने 51 छात्रों ने अपनी जगह बनाई है। टॉप 5 की लिस्ट में 10 छ
Bihar Board BSEB 2024 Matrci Result Today:बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in व biharboardonline.com , onlinebseb.in पर जल्दजारी कर दिया जाएगा।
BSEB: क्लास 10वीं के रिजल्ट से पहले जानें ये 10 जरूरी बातें, मार्कशीट मिलने में मिलेगी मदद
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड अब कभी भी वेबसाइट biharboardonline.gov.in पर कक्षा 10वीं के रिजल्ट अपलोड कर सकता है। एक बार रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र यहां से डाउनलोड कर सकते हैं।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटर में एडमिशन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। इस बाबत समिति ने सभी सरकारी, गैर सरकारी विद्यालय, इंटर कॉलेजों की सूची ofssbihar.in पर अपलोड कर दी है।
बीएसईबी मैट्रिक रिजल्ट की घोषणा जल्द की जाएगी। हालांकि अभी तक रिजल्ट की टाइमिंग और तारीख के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद है नतीजे 31 मार्च तक आधिकारिक वेबसाइट biharboardonlin
BSEB Bihar 10th Board: प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेयर की जाएंगी ये 5 डिटेल्स, यहां पढ़ें
छात्र आधिकारिक वेबसाइट्स से बीएसईबी 10वीं स्कोरकार्ड 2024 डाउनलोड कर सकेंगे। रिजल्ट वाले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। जिसमें बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा से जुड़ी कई डिटेल्स शेयर की जाएगी। आइए ज
Bihar 12th Board: किसान की बेटी बनीं कॉमर्स की टॉपर, अब बनना चाहती हैं प्रोफेसर, करेंगी PhD
बिहार बोर्ड 12वीं की कॉमर्स स्ट्रीम में खुशी कुमारी को जिले में सेकंड रैंक मिली है। उनके पिता किसान हैं। उन्होंने कहा, मेरे पिता ने हमेशा शिक्षा को महत्व दिया है, इसलिए भविष्य में मैं शिक्षा के क्षेत
इस साल का रिजल्ट पिछले 5 साल की तुलना में सबसे बेहतर, 87.21 प्रतिशत विद्यार्थी हुए पास
BSEB Bihar Board 12th Result : हार बोर्ड ने आज 12वीं के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का रिजल्ट पिछले 5 सालों की तुलना में सबसे बेहतर रहा है। इस साल इंटर का रिजल्ट 87.21 फीसदी रहा।
बिहार बोर्ड ने 12वीं यानी इंटर परीक्षा का रिजल्ट अब जारी कर दिया है। टॉपर्स के नाम भी सामने आ गए हैं। आइए जानते हैं साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स स्ट्रीम के टॉपर्स ने किन स्कूलों से पढ़ाई की है। यहां देखें न
BSEB : बारहवीं कक्षा के छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी के लिए फ्री में कोचिंग देती है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) गरीब विद्यार्थियों को JEE और NEET की मुफ्त कोचिंग कराती है।
BSEB Bihar Board: बिहार बोर्ड इंटर छात्र जानें टॉप 10 इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज
NIRF यानी राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क। इस रैंकिंग को शिक्षा मंत्रालय जारी करता है। एनआईआरएफ रैंकिंग में देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी की रैंकिंग जारी की जाती है।
Bihar 12th Board 2024: रिजल्ट जारी होने की तारीख और समय के बारे में यहां मिलेगी जानकारी
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) जल्द ही इंटरमीडिएट या कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2024 के परिणाम घोषित करेगा। वहीं बोर्ड परिणाम के समय की घोषणा पहले कर दी जाएगी। आइए जानते हैं, आप कहां कर सकें

