पटना से भागीं, खगड़िया में कर ली शादी… बिहार में दो लड़कियों की लव मैरिज से सनसनी, कोर्ट ने सुनाया ये फैसला
Bijendra Yadav ने फिजूलखर्ची रोकने पर दिया जोर, Bihar SDG Conclave में बताईं विकास की प्राथमिकताएं
बिहार के उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने शुक्रवार को कहा कि राज्य ने वित्तीय क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है, लेकिन विकास को गति देने के लिए संसाधनों के अपव्यय पर नियंत्रण और प्रत्येक व्यय को परिणामदायी बनाना आवश्यक है। यादव यहां ‘बिहार सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) कॉन्क्लेव-2026’ के दो दिवसीय समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि समय के साथ लोगों की आवश्यकताएं बदलती हैं, इसलिए तकनीक और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप कार्यप्रणाली में भी बदलाव जरूरी है। उन्होंने कहा कि विकास एक सतत प्रक्रिया है, जिसके लिए विवेकपूर्ण व्यय, नई तकनीक और प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार मौसम सेवा केंद्रों के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में है तथा पंचायत स्तर तक मौसम पूर्वानुमान उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से ज्ञान, विज्ञान और ईमानदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया। ‘विकसित बिहार-2047 की दिशा में तीव्र प्रगति’ विषय पर आयोजित कॉन्क्लेव में आर्थिक परिवर्तन, समावेशी विकास, जिला आधारित योजना, एसडीजी के स्थानीयकरण तथा विकसित बिहार-2047 की प्राथमिकताओं पर मंथन किया गया। नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि दुनिया की लगभग 55 प्रतिशत आबादी शहरों में रहती है और शहरी क्षेत्रों का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 80 प्रतिशत से अधिक योगदान है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार बिहार के 12 शहरों में आधुनिक टाउनशिप विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है, जहां बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, इंटरनेट, गुणवत्तापूर्ण सड़क, पार्क, शिक्षा, खेल और पर्यावरण संरक्षण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव एन. विजयलक्ष्मी ने कहा कि बिहार के विकास के बिना भारत का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि स्वच्छ जल एवं स्वच्छता श्रेणी में बिहार 98 अंकों के साथ देश में तीसरे स्थान पर है। इस क्षेत्र में सितंबर 2025 तक 26,960.3 करोड़ रुपये खर्च किए गए तथा 1.75 करोड़ ग्रामीणों को नल जल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया। उन्होंने कहा कि नीति आयोग के अनुसार वर्ष 2015-16 से 2019-21 के बीच बिहार में बहुआयामी गरीबी 51.8 प्रतिशत से घटकर 33.7 प्रतिशत रह गई और इस अवधि में लगभग 2.25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले। विजयलक्ष्मी ने बताया कि वर्ष 2024-25 में बिहार की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) वृद्धि दर 13.2 प्रतिशत रही, जो राष्ट्रीय औसत 9.8 प्रतिशत से अधिक है। नीति आयोग के सदस्य के. वी. राजू ने कहा कि कॉन्क्लेव के दौरान मिले सुझावों पर आयोग गंभीरता से विचार करेगा, बशर्ते उन्हें योजना एवं विकास विभाग के माध्यम से औपचारिक रूप से प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने डेटा संग्रहण तथा पंचायत स्तर पर सूचकांक विकसित कर योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने पर बल दिया।
कल का मौसम, 22 अगस्त: शनिवार को यूपी, बिहार समेत इन इलाकों में होगी भारी बारिश, IMD अलर्ट
22 अगस्त को उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 22 से 24 अगस्त के बीच कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। शनिवार को राज्य के पूर्वी हिस्सों मेंभारी बारिश हो सकती है।
'4 लाख तक की मदद...', स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड पर तेजस्वी ने घेरा तो बिहार सरकार ने दी सफाई
बिहार सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बदलाव किया है. इस पर तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरा था. इस पर सफाई देते हुए बिहार सरकार ने कहा कि अब छात्रों को 4 लाख रुपये तक की शिक्षा सहायता उपलब्ध रहेगी. 2 लाख रुपये तक का लोन बिहार स्टेट एजुकेशन फाइनेंस कॉरपोरेशन देगा और 2 लाख से ऊपर की राशि बैंकों से मिलेगी. सरकार ने स्पष्ट किया कि कुल लोन सीमा कम नहीं की गई है.
भारतीय रेलवे ने अहमदाबाद और भागलपुर के बीच नई वीकली अमृत भारत एक्सप्रेस की बुकिंग शुरू कर दी है। ट्रेन की टिकट पीआरएस काउंटर और आईआरसीटीसी वेबसाइट पर उपलब्ध हो गई है।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की राशि घटी, स्कॉलरशिप बंद हो रही, बिहार भारी कर्ज में: तेजस्वी यादव
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने एक बार फिर दावा किया है कि बिहार का सरकारी खजाना खाली है। राज्य भारी वित्तीय संकट से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की राशि घटा दी। छात्रवृति भी बंद की जा रही है।
बिहार में पहली बार AI से होगा खरीफ फसल सर्वे, मुजफ्फरपुर के 9 लाख प्लाट पर लगेगी फर्जीवाड़े पर रोक
AI Crop Survey Bihar: बिहार कृषि विभाग ने खरीफ फसल के सटीक आकलन और धोखाधड़ी रोकने के लिए पहली बार एआई आधारित ऐप से सर्वे शुरू किया है। मुजफ्फरपुर में 9.34 लाख प्लाटों का एक माह में सर्वे कर किसानों का पंजीकरण भी किया जाएगा।
निर्मला सीतारमण और जयशंकर से मिले सम्राट चौधरी, नेपाल के पानी और बिहार के बजट पर हुई बात
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की। उन्होंने बिहार के विकास से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की। भारत-नेपाल जल और बांध परियोजनाएं, बजट से जुड़े मामले और पर्यटन विकास आदि पर बात हुई।
सीएम सम्राट चौधरी ने वित्त मंत्री और विदेश मंत्री से की मुलाकात, बिहार के विकास पर हुई बात
कर्तव्य भवन में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। इस दौरान बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और जदयू के राज्यसभा सदस्य संजय झा भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें नेपाल से जुड़ी बाढ़ नियंत्रण, बिहार के विकास और वित्तीय जरूरतों पर चर्चा हुई। यह दौरा बांकीपुर उपचुनाव के बाद हुआ और इसमें बिहार के प्रशासनिक व राजनीतिक मुद्दों पर गहन मंथन किया गया।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में 2 लाख से ज्यादा एजुकेशन लोन भी मिलेगा, बिहार सरकार ने तरीका बदला
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम की ओर से अब 2 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन ही उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि, स्टूडेंट्स को अगर 2 लाख से ज्यादा का लोन चाहिए तो उन्हें दूसरा तरीका अपनाना होगा।
Bihar Student Credit Card Scheme:
बिहार, BSEFC के माध्यम से ₹2 लाख और बैंकों के माध्यम से ₹2-4 लाख, साथ ही विद्या लक्ष्मी के माध्यम से ₹10 लाख तक के अधिक ऋण विकल
मुजफ्फरपुर में मां ने बिस्किट में जहर देकर ली ढाई साल के बेटे की जान, पुलिस ने किया गिरफ्तार
Bihar Crime Incident: मुजफ्फरपुर में एक मां ने पारिवारिक विवाद के चलते अपने ढाई साल के बेटे को बिस्किट में जहर देकर मार डाला। पुलिस ने बच्चे के दादा की शिकायत पर आरोपी मां को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।
उत्तर बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राशि स्वीकृत की है। विभिन्न हाईवे परियोजनाओं के लिए कुल 13041 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसमें मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी फोरलेन परियोजना के लिए सर्वाधिक 3591 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस स्वीकृति पर सीतामढ़ी के सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के प्रति आभार व्यक्त किया है। सांसद ठाकुर ने बताया कि मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी फोरलेन सड़क के लिए वह सांसद बनने के बाद से लगातार प्रयासरत थे। उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर इस सड़क पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं से अवगत कराया था। सांसद ने कहा कि इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं, ऐसे में फोरलेन का निर्माण अत्यंत आवश्यक था। सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की संभावना लगभग 83 किलोमीटर लंबी मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी सड़क के फोरलेन बनने से यातायात सुगम होगा। उम्मीद है कि निर्माण कार्य लगभग छह महीने के भीतर शुरू हो जाएगा। फोरलेन बनने के बाद सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर के बीच यात्रा का समय कम होगा और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की संभावना है। सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार की इस पहल से उत्तर बिहार के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से व्यापार, आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। इसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
देशभर में अमृत भारत एक्सप्रेस का जाल मजबूती से फैल रहा है. दिल्ली से लेकर यूपी, मुंबई, गुजरात, बिहार तक ट्रेन सेवाएं शुरू होने जा रही हैं. इससे न सिर्फ रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी बल्कि यात्रियों को शानदार सफर का अनुभव भी मिलेगा.
बिहार में महंगाई की मार अब रसोई के मीठे स्वाद पर भी भारी पड़ने लगी है। एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की महंगाई से जूझ रही जनता के लिए चीनी के बढ़े दामों ने घरेलू बजट को पूरी तरह बिगाड़ दिया है। महज दो हफ्तों के भीतर चीनी की कीमतें करीब 48-50 रुपये प्रति किलो से उछलकर 65 रुपये के पार पहुंच गई हैं। बढ़ते दामों और जमाखोरी को रोकने के लिए सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। तय सीमा से अधिक चीनी का स्टॉक रखने वाले कारोबारियों पर मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। चीनी मिल मालिकों के लिए भी नियम कड़े कर दिए गए हैं। वे अपने गोदामों में एक हफ्ते से अधिक समय तक चीनी का स्टॉक जमा नहीं रख सकेंगे। गन्ना मंत्री संजय कुमार ने राज्य भर में चीनी के स्टॉक की सघन जांच करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसे भी पढ़ें: Samrat Choudhary की उपस्थिति में Bihar को मिला PMAY-G के तहत 11.18 लाख नए घरों का लक्ष्य मंत्री के बयान पर विवाद एक तरफ जहां लोग महंगाई से परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार का एक बयान चर्चा में आ गया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वे यह कहते नजर आ रहे हैं कि अधिकतर लोग डायबिटीज के शिकार हो रहे हैं, इसलिए चीनी की कीमतें बढ़ने से कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। जनता के बीच इस बयान की काफी आलोचना हो रही है। सोशल मीडिया पर बिहार के मंत्री का यह बयान वायरल है। दरअसल गुरुवार को पटना में मीडिया ने बिहार के मंत्री श्रवण कुमार से चीनी की बढ़ती कीमत को लेकर सवाल पूछा था। जिस पर उन्होंने कहा कि चीनी की कीमतों को लेकर कोई चिंता की बात नहीं है। ऐसे भी चीनी कम खा रहे हैं लोग, सबको आजकल बीमारी हो गया। मिठाई-ओठाई कौन खाता है, आजकल। इसे भी पढ़ें: Patna में BPSC TRE 4 अभ्यर्थियों और PhD धारकों का आंदोलन जारी, विभिन्न मांगों पर अड़े नोटिफिकेशन में क्या निर्देश कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री के डेटा के अनुसार, 18 अगस्त को खुदरा चीनी की कीमतें सालाना आधार पर लगभग 13 प्रतिशत बढ़कर 52.30 रुपये प्रति किलो हो गईं, जो एक साल पहले 46.34 रुपये थीं। आमतौर पर अगस्त और नवंबर के बीच चीनी की मांग बढ़ जाती है, क्योंकि इस दौरान देश में गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहार मनाए जाते हैं। नए आदेश के तहत, हर मिल से थोक खरीदार को बेची जाने वाली चीनी की मासिक मात्रा (चाहे सीधे बेची जाए या डीलरों के ज़रिए) की जांच की जाएगी। चीनी के लिए लागू HSN कोड का इस्तेमाल करते हुए, विक्रेताओं और/या खरीदारों द्वारा फाइल किए गए GST रिटर्न के आधार पर खपत तय की जाएगी। थोक खरीदार का मतलब है - कन्फेक्शनर (मिठाई/बेकरी उत्पाद बनाने वाला), सॉफ्ट ड्रिंक बनाने वाली कंपनी, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, मिठाई विक्रेता या कोई अन्य संस्थागत खरीदार, जिसकी पिछले एक साल (मौजूदा महीने को छोड़कर) में औसत मासिक खपत 10 टन से कम न रही हो। यह आदेश केंद्र या राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन या स्थानीय निकायों से जुड़ी संस्थाओं पर लागू नहीं होता है। स्टॉक रखने के कड़े नियम 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले 2026-27 सीज़न के लिए चीनी की उपलब्धता को लेकर चिंताओं के बीच लाए गए हैं। शुगर हो रहा है चीनी की कीमत बढ़ने से फर्क नहीं पड़ता.... कोलेस्ट्रॉल - फैट्स बढ़ रहा कुकिंग ऑयल की कीमत बढ़ने से फर्क नहीं पड़ता.... चावल - आटा खाने से भी बहुत कुछ बढ़ता है उसकी कीमत बढ़ने से भी फर्क नहीं पड़ता... लोग मोटे और अनफिट हो रहे हैं, डीजल - पेट्रोल की कीमत बढ़ने से फर्क… pic.twitter.com/A4WYhXWxid — Garima Bharti (@GarimaBharti19) August 20, 2026
CBSE Class 10 Compartment Result 2026: सीबीएसई बोर्ड के 10वीं कक्षा की कंपार्टमेंट परीक्षा दे चुके छात्र बेसब्री से अपने रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अभी तक सीबीएसई कक्षा 10 कंपार्टमेंट रिजल्ट 2026 की घोषणा नहीं की है। न ही बोर्ड ने के लिए कोई ऑफिशियल तारीख या समय जारी किया है। छात्र कक्षा 10 कंपार्टमेंट परीक्षा के रिजल्ट के लिए बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए हुए हैं।एक बार जारी होने के बाद छात्र यहां रिजल्ट देख सकते हैं और अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। ध्यान रहे, सीबीएसई रिजल्ट की तारीख पहले से घोषित नहीं करता है। रिजल्ट का लिंक सीधे पोर्टल पर एक्टिवेट किया जा सकता है। इसलिए छात्रों को ताजा अपडेट के लिए बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखनी चाहिए। लिंक एक्टिव होने के बाद छात्र और स्कूल अपने रोल नंबर और एडमिट कार्ड पर दी गई दूसरी जानकारी की मदद से सीबीएसई कक्षा 10 रिजल्ट 2026 ऑनलाइन चेक कर सकते हैं।परिणाम जारी होने की अनुमानित तारीख और समयज्यादा जानकारी के लिए नीचे दी गई टेबल देखें:इवेंट डिटेल्सअनुमानित तारीख : अगस्त 2026 के बीच से आखिर तकअनुमानित समय : घोषणा की जाएगीआधिकारिक वेबसाइट : cbse.gov.inआधिकारिक घोषणा : सीबीएसई रिजल्ट की तारीख पहले से घोषित नहीं करता है। रिजल्ट का लिंक सीधे पोर्टल पर एक्टिवेट किया जा सकता है।सीबीएसई कक्षा 10 कंपार्टमेंट रिजल्ट 2026 कैसे चेक करें?छात्र अपने रोल नंबर और अपने एडमिट कार्ड पर दी गई दूसरी जानकारी का इस्तेमाल करके सीबीएसई कक्षा 10 रिजल्ट 2026 ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें। ऑफिशियल सीबीएसई रिजल्ट्स पोर्टल या सीबीएसई ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं। कक्षा 10 कंपार्टमेंट या दूसरे बोर्ड एग्जाम रिजल्ट के लिए लिंक पर क्लिक करें। अपना रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड ID टाइप करें। अपनी डिजिटल मार्कशीट देखने और सेव करने के लिए सबमिट पर क्लिक करें। सीबीएसई क्लास 10 रिजल्ट 2026 चेक करने के दूसरे तरीकेसीबीएसई कक्षा 10th रिजल्ट के दिन, कैंडिडेट्स को ज्यादा ट्रैफिक के कारण ऑफिशियल वेबसाइट एक्सेस करने में दिक्कत हो सकती है। ऐसे में, ऑफिशियल रिजल्ट नीचे दिए गए तरीकों से चेक करेंडिजिलॉकर (results.digilocker.gov.in)UMANG ऐपसीबीएसई कक्षा 10 रिजल्ट 2026 पर दी गई डिटेल्सऑनलाइन जारी की गई सीबीएसई कक्षा 10 मार्कशीट में उम्मीदवारों के विषयवार मार्क्स के साथ क्वालिफाइंग स्टेटस पास या फेल दिखेगा। मार्कशीट पर प्रिंटेड नीचे दी गई डिटेल्स चेक करें। स्टूडेंट का नाम रोल नंबर जन्म तिथि स्कूल का नाम और कोड सब्जेक्ट के हिसाब से मिले मार्क्स मिले ग्रेड रिजल्ट स्टेटस (पास/कम्पार्टमेंट) CGPA/परसेंटेज इंटरनल असेसमेंट मार्क्स Bihar Board Class 10 Compartment: बिहार बोर्ड ने 10वीं कक्षा का कंपार्टमेंट की मार्कशीट जारी, छात्रों को स्कूल से मिलेंगे स्कोरकार्ड
मुजफ्फरपुर में स्कूल से पंखा व मोटर चोरी पर भड़कीं छात्राएं, सड़क जाम कर पुलिस के खिलाफ की नारेबाजी
Bihar School Theft Incident: मुजफ्फरपुर के महिला शिल्प कला मध्य विद्यालय की छात्राओं ने पंखे और पेयजल की किल्लत व लगातार चोरी से नाराज होकर सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस के त्वरित कार्रवाई के आश्वासन के बाद छात्राओं ने जाम हटाया।
पुंछ में बाबाबुड्ढाअमरनाथ यात्रा के दौरान बिहार के 68 वर्षीय तीर्थयात्री दिनेश प्रसाद की हार्ट अटैक से मौत हो गई। दशनामी अखाड़ा आवास केंद्र में तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका।
Bihar Government Scheme: वीडियो बनाने पर सम्राट सरकार देगी 1 लाख रुपये, जानें कैसे
बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। ये फैसला कैबिनेट बैठक में लिया गया है। जिसमें कहा गया है कि बिहार के कंटेंट क्रिएटर्स को सरकार 1 लाख रुपये तक देगी
Tejaswi Yadav: राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार के खजाना का मुद्दा फिर से उठाया है। उन्होंने कहा कि वित्तीय संकट का असर सरकारी विभागों के कर्मचारियों, पेंशनधारकों और विभिन्न योजनाओं पर पड़ रहा है।
Bihar News : बिहार पुलिस के खिलाफ अब स्कूली बच्चे सड़क पर उतरे; रोड जाम कर बोले- हम चोरों से परेशान
मुजफ्फरपुर के नगर थाना क्षेत्र स्थित राजकीय मध्य विद्यालय महिला शिल्प कला भवन में लगातार तीन दिनों से हो रही चोरी की घटनाओं से नाराज सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने शुक्रवार को बनारस बैंक रोड-गोला रोड को जाम कर प्रदर्शन किया।
मॉडल बनने निकली छात्रा शातिरों के चंगुल में फंसी, सड़क पर लाश मिली; बिहार से उत्तराखंड आया था परिवार
अपने परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक करने के लिए 19 साल की छात्रा मॉडल बनने का सपना लेकर कुछ शातिरों के चंगुल में फंस गई। अगले दिन उसकी सड़क पर लाश मिली है। परिवार बिहार से उत्तराखंड आकर बसा था।
Bihar Board Class 10 Compartment: बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) से बिहार बोर्ड कक्षा 10 कंपार्टमेंट परीक्षा और मध्यमा स्पेशल एग्जाम देने वाले छात्र अपने मार्कशीट और अन्य दस्तावेज जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। बीएसईबी ने मैट्रिक कंपार्टमेंट परीक्षा 2026 का रिजल्ट 23 मई 2026 को घोषित किया था।इसके बाद से छात्रों को मूल मार्कशीट नहीं मिली है। अब बीएसईबी ने मैट्रिक कंपार्टमेंट परीक्षा के छात्रों के लिए एक जरूरी नोटिस जारी किया है।नोटिस के अनुसार बीएसईबी मैट्रिक कंपार्टमेंट परीक्षा 2026 की मार्कशीट, प्रोविजनल सर्टिफिकेट और दूसरे संबंधित डॉक्यूमेंट अब लेने के लिए उपलब्ध हैं। स्कूल अधिकारी संबंधित डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर (DEO) के ऑफिस से डॉक्यूमेंट ले सकते हैं। इन्हें मिलने के बाद, स्कूल योग्य छात्रों को बिहार बोर्ड कक्षा 10 कंपार्टमेंट मार्कशीट और सर्टिफिकेट बांटेंगे। ऑफिशियल नोटिफिकेशन के अनुसार, डॉक्यूमेंट 20 अगस्त, 2026 से संबंधित डीईओ ऑफिस में उपलब्ध होंगे।बिहार बोर्ड 10वीं कंपार्टमेंट मार्कशीट 2026 कैसे लें?स्टूडेंट्स को सीधे डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर के ऑफिस जाने की जरूरत नहीं है। उन्हें यह जानने के लिए अपने संबंधित स्कूलों से संपर्क कर जानना होगा कि मार्कशीट और सर्टिफिकेट कब बांटे जाएंगे। इसकी प्रक्रिया यह है : स्कूल हेड संबंधित डीईओ ऑफिस से डॉक्यूमेंट लेंगे। स्कूलों को बिहार बोर्ड क्लास 10 कंपार्टमेंट मार्कशीट और प्रोविजनल सर्टिफिकेट मिलेंगे। इसके बाद स्टूडेंट्स अपने संबंधित स्कूलों से अपने डॉक्यूमेंट ले सकते हैं। बिहार बोर्ड मैट्रिक कम्पार्टमेंट एग्जाम 2026 रिजल्ट डिटेल्सबिहार बोर्ड ने उन विद्यार्थियों के लिए कक्षा 10 कम्पार्टमेंट और विशेष परीक्षा कराई थी, जिन्हें विषय क्लियर करने या अपना प्रदर्शन सुधारने के लिए एक और मौका चाहिए था। कम्पार्टमेंट परीक्षा में योग्य छात्र ज्यादा से ज्यादा दो विषयों की परीक्षा दे सकते थे। बीएसईबी मैट्रिक कम्पार्टमेंट रिजल्ट 2026, 23 मई, 2026 को घोषित किया गया था।बिहार बोर्ड कक्षा 10 की कम्पार्टमेंट परीक्षा 2 मई से 6 मई 2026 तक दो शिफ्ट में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थीं। 20 अगस्त 2026 से छात्रों के अंकपत्र उनके संबंधित स्कूलों में उपलब्ध करा दिए गए हैं।मौजूद डॉक्यूमेंट्स में बिहार बोर्ड कक्षा 10 कम्पार्टमेंट मार्कशीट, प्रोविजनल सर्टिफिकेट और दूसरे जरूरी रिकॉर्ड शामिल हैं। कुछ छात्रों के स्कोर भी स्क्रूटनी प्रक्रिया के बाद संशोधित किए गए थे। उनकी मार्कशीट भी कलेक्ट करने के लिए उपलब्ध हैं।MPPSC Manoj Pal success story: 12वीं में 50% और 40 प्रतियोगी परीक्षाओं की असफलता भी नहीं तोड़ पाई मनोज का हौसला, आखिर फतह किया एमपीपीएससी
रेल यात्रियों से लूटपाट और डकैती के मामलों में फरार चल रहे मो. एजाज उर्फ नाढ़ा मियां ने गुरुवार को भागलपुर रेलवे न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, उसके खिलाफ भागलपुर के कई थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं।
सावन के अंतिम दिनों में भी असरगंज के कच्ची कांवरिया पथ पर शिवभक्तों की आस्था चरम पर है। पश्चिम बंगाल से 22 श्रद्धालुओं का जत्था करीब 144 किलो की अनोखी रावण कांवड़ लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम जा रहा है।
बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर गांजा तस्करी के खिलाफ जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए एक महिला और पुरुष को गिरफ्तार किया है। दोनों के पास से दो बैग में 21.058 किलो गांजा बरामद हुआ है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख 50 हजार रुपए बताई गई है। जीआरपी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि प्लेटफार्म नंबर 4-5 के हावड़ा छोर स्थित ओवरब्रिज के नीचे एक महिला और पुरुष गांजे की खेप लेकर मौजूद हैं। सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। 2 बैग से मिले गांजे के 10 पैकेट पूछताछ में आरोपियों की पहचान संगीता मिश्रा (43) और सुशील मिश्रा (45) के रूप में हुई। दोनों बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस ने उनके पास मौजूद काले रंग के बैग और लाल रंग के ट्रॉली बैग की तलाशी ली। दोनों बैग से गांजे के 10 पैकेट बरामद हुए। इलेक्ट्रॉनिक तराजू से तौलने पर गांजे का कुल वजन 21.058 किलो निकला। एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई जीआरपी ने गांजा जब्त कर दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत केस दर्ज किया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस से पहुंचे थे शुरुआती पूछताछ में पता चला कि दोनों आरोपी हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस से गांजे की खेप लेकर बिलासपुर पहुंचे थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे बिलासपुर या आसपास के इलाकों में कहां सप्लाई किया जाना था। तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। जीआरपी-आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विष्णु प्रसाद यादव सहित जीआरपी और रेल सुरक्षा बल बिलासपुर की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। रेल पुलिस ने कहा कि ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों के जरिए गांजा व अन्य मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
टीआरई-4 अभ्यर्थी सम्राट सरकार से टकराव के मूड में , बिहार बंद की चेतावनी; क्या है उनकी मांगें?
एकल परीक्षा कराने और निगेटिव मार्किंग खत्म करने की मांग को लेकर जारी TRE-4 अभ्यर्थियों के आंदोलन को महिला अभ्यर्थियों का भी समर्थन मिलने लगा है। आंदोलनकारियों ने बिहार बंद की चेतावनी दी है।
Bihar News: बेटे पर शनि दोष का डर, फिर गहने उतरवाकर फरार, तांत्रिक बनकर महिला से ठगी
समस्तीपुर के गणेश चौक पर बाइक सवार दो युवकों ने खुद को तांत्रिक बताकर एक महिला को उसके बेटे पर ‘शनि दोष’ होने का डर दिखाया। पूजा-पाठ और मंत्र जाप के नाम पर महिला से मंगलसूत्र और कान की बालियां उतरवाकर झोले में रखवा लीं।
तकनीकी जांच के दौरान ट्रक के फास्टैग से जुड़े मोबाइल नंबर से मिले सुराग के आधार पर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मोहनपुर रोड स्थित एक प्लाईवुड कंपनी में कार्रवाई की गई।
बिहार सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए 551 अधिकारियों को एक-एक मॉडल स्कूल की जिम्मेदारी सौंपी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाओं और बेहतर शैक्षणिक परिणामों पर जोर दिया।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) पुलिस ने 11 साल से फरार चल रहे 50 हजार रुपए के इनामी अपहरण आरोपी को गिरफ्तार किया है। मुगलसराय पुलिस और सर्विलांस टीम ने आरोपी को बिहार के दानापुर, पटना से पकड़ा। आरोपी वर्ष 2015 में हुए पीयूष भारूका अपहरण और फिरौती मांगने के मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी दिलीप कुमार सिंह पर अपहरण और फिरौती मांगने के मामले में मुकदमा दर्ज था। मामले में पांच आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और उनके खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र भी दाखिल किया जा चुका है। फरार चल रहे दिलीप पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। मामला वर्ष 2015 का है। मैनाताली निवासी पवन कुमार भारूका ने मुगलसराय थाने में सूचना दी थी कि उनका 24 वर्षीय बेटा पीयूष भारूका घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। तलाश के दौरान उसकी स्कूटी केंद्रीय विद्यालय मानसनगर के गेट के पास चाबी लगी अवस्था में लावारिस मिली थी। इसके बाद परिजनों के मोबाइल पर पीयूष के नंबर से ही फिरौती के लिए फोन आया। फोन करने वाले ने पीयूष को सकुशल छोड़ने के बदले रुपए की मांग की थी। साथ ही रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। 364-ए और 506 में दर्ज हुआ था केस परिजनों की सूचना पर मुगलसराय थाने में मुकदमा अपराध संख्या 43/2015 दर्ज किया गया था। इसमें धारा 364-ए और 506 आईपीसी के तहत कार्रवाई की गई थी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर जांच आगे बढ़ाई और अपहृत पीयूष भारूका को सकुशल बरामद कर लिया था। मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना पूरी करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र भी दाखिल कर दिया गया था। हालांकि, आरोपी दिलीप कुमार सिंह लगातार फरार चल रहा था। दानापुर में छिपकर रह रहा था आरोपी फरार आरोपी दिलीप कुमार सिंह पुत्र नागेंद्र सिंह, ग्राम बनखारा, थाना राजापाकर, जिला वैशाली, बिहार का निवासी है। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में टीम ने 19 अगस्त 2026 को दानापुर, पटना में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। सर्विलांस टीम की मदद से गिरफ्तारी गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह, सर्विलांस प्रभारी उपनिरीक्षक आशीष मिश्रा, जलीलपुर चौकी प्रभारी अजय कुमार, उपनिरीक्षक बांकेलाल, कांस्टेबल अभिषेक दूबे और कांस्टेबल राकेश यादव शामिल रहे।
Bihar News Today Live: बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 21 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार
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Bihar News: रामनरेश राय हत्याकांड का खुलासा, 5 लाख में रची गई थी हत्या की साजिश, दो शूटर गिरफ्तार
एसपी शुभांक मिश्रा के मुताबिक, हत्या की साजिश मुजफ्फरपुर में रची गई थी और वारदात को अंजाम देने के लिए पांच लाख रुपये में सौदा तय हुआ था, जिसमें एक लाख रुपये एडवांस दिए गए थे।
सारण जिले के सोनपुर प्रखंड के शिकारपुर गांव निवासी सेना के जवान नवीन कुमार सिंह का आकस्मिक निधन हो गया। जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान सीने में तेज दर्द के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी।
बिहार के ग्रामीण इलाकों में पक्के मकान की उम्मीद लगाए बैठे लाखों गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा वित्तीय पैकेज जारी किया है। पटना में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिहार को 11 लाख 18 हजार 937 नए पक्के मकान बनाने की मंजूरी दे दी गई है। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से कुल ₹13,427 करोड़ की भारी-भरकम वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है। इस फैसले से राज्य के सुदूर गांवों में कच्चे और जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त सुरक्षित आशियाना मिलेगा।बिहार को मिला सबसे बड़ा आवास पैकेज: 2 वर्षों में 24.30 लाख मकान स्वीकृतराजधानी पटना में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार सरकार को इस योजना का आधिकारिक स्वीकृति पत्र सौंपा। मंच पर मौजूद गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में उन्होंने 2.35 लाख से अधिक नवनिर्मित मकानों के लाभार्थियों का गृह प्रवेश कराया और उन्हें चाबियां सौंपीं।केंद्रीय मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने पिछले दो वर्षों के दौरान अकेले बिहार के लिए कुल 24 लाख 30 हजार 327 मकानों की स्वीकृति दी है, जिस पर कुल ₹29,164 करोड़ की राशि आवंटित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि पक्का मकान केवल ईंट और सीमेंट से बना ढांचा नहीं होता, बल्कि यह किसी भी गरीब परिवार के आत्मसम्मान, सामाजिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की सबसे बड़ी नींव है।पात्रता नियमों में दी गई बड़ी छूट: अब इन्हें भी मिलेगा पक्का घरनए सर्वेक्षण के अंतर्गत केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्रता नियमों (Eligibility Criteria) में बड़ा संशोधन करते हुए कई पुरानी पाबंदियों को खत्म कर दिया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण परिवार इसका लाभ ले सकें:दोपहिया वाहन रखने वालों को राहत: नए नियमों के अनुसार, अब परिवार में टू-व्हीलर (मोटरसाइकिल या स्कूटर) होने पर उसे योजना से बाहर (Ineligible) नहीं किया जाएगा।मासिक आय सीमा में बढ़ोतरी: लाभार्थी परिवार की मासिक आय की अधिकतम सीमा को ₹10,000 से बढ़ाकर ₹15,000 प्रति माह कर दिया गया है।कृषि भूमि धारकों को भी मौका: 5 एकड़ तक असिंचित (Unirrigated) या 2.5 एकड़ तक सिंचित कृषि भूमि वाले किसान परिवार भी अब पक्के मकान के लिए पात्र माने जाएंगे।भूमिहीन और जर्जर मकानों के लिए अतिरिक्त सहायता: जिन लाभार्थियों के पास अपना घर बनाने के लिए जमीन नहीं है, उन्हें भूमि खरीदने के लिए ₹1 लाख की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। इसके अलावा पुराने और अत्यधिक जर्जर मकानों की मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए ₹80,000 तक की विशेष वित्तीय मदद का प्रावधान रखा गया है।वित्तीय मॉडल और लाभार्थी को मिलने वाली राशिप्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत मैदानी क्षेत्रों में प्रति मकान निर्माण के लिए ₹1.20 लाख की सीधी वित्तीय सहायता डीबीटी (DBT) के माध्यम से किस्तों में दी जाती है। इसके अलावा:मनरेगा के तहत मजदूरी: मकान निर्माण के दौरान लाभार्थी को मनरेगा (MGNREGS) योजना के तहत 90 से 95 दिनों की अकुशल मजदूरी राशि दी जाती है।शौचालय निर्माण अनुदान: स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत शौचालय निर्माण के लिए ₹12,000 की अतिरिक्त राशि अलग से प्रदान की जाती है।बुनियादी सुविधाएं: हर नए आवास को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (गैस कनेक्शन), सौभाग्य योजना (बिजली कनेक्शन) और जल जीवन मिशन (नल से जल) से सीधे जोड़ा जाता है।किसानों और ग्रामीण महिलाओं के लिए अन्य बड़े ऐलानइस कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों के सशक्तिकरण से जुड़े कई अन्य अहम मुद्दों पर भी बात की:पीएम फसल बीमा योजना: बिहार में किसानों को प्राकृतिक आपदाओं (बाढ़, सूखा और ओलावृष्टि) से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को पूरी मजबूती से लागू करने पर जोर दिया गया।'शी-मार्ट' (She-Marts) की स्थापना: ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और 'जीविका दीदियों' द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों को बड़ा बाजार दिलाने के लिए बिहार के प्रत्येक जिले में आधुनिक 'शी-मार्ट' खोले जाएंगे।डिजिटल फार्मर आईडी: कृषि योजनाओं में पूर्ण पारदर्शिता लाने के लिए बिहार में अब तक 53 लाख 83 हजार से अधिक किसानों की डिजिटल 'फार्मर आईडी' बनाई जा चुकी है।पारदर्शिता और आवेदन प्रक्रिया की निगरानीइस योजना के तहत सभी नए आवासों का आवंटन 'आवास+' (Awaas+) ऐप और आधुनिक जियो-टैगिंग (Geo-Tagging) तकनीक के माध्यम से किया जा रहा है, ताकि बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो सके और वास्तविक पात्र लाभार्थियों को ही सरकारी सहायता मिले। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस वित्तीय वर्ष के दौरान निर्माण कार्य को तेजी से पूरा कराने की दिशा में काम कर रही हैं।
1 लाख Views पर ₹10 हजार देगी बिहार सरकार? क्रिएटर्स के लिए नई नीति से मचेगा धमाल
1 लाख Views पर ₹10 हजार देगी बिहार सरकार? क्रिएटर्स के लिए नई नीति से मचेगा धमाल
मधुबनी के रामपट्टी मंडल कारा में परकौली निवासी रोशन यादव की मौत का मामला लगातार राजनीतिक तूल पकड़ रहा है। गुरुवार को बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने परकौली पहुंचकर मृतक के परिजनों से मुलाकात की और घटना की जानकारी ली।
गाड़ी संख्या 19423/19424 भागलपुर-अहमदाबाद-भागलपुर अमृत भारत एक्सप्रेस का परिचालन अहमदाबाद से 26 अगस्त 2026 से प्रत्येक बुधवार और भागलपुर से 28 अगस्त 2026 से प्रत्येक शुक्रवार को होगा।
Bihar Weather Update: 21 अगस्त को बिहार में बरसेंगे बदरा, 18 जिलों में बिजली गिरने का अलर्ट
बिहार में मौसम का मिजाज बदल गया है, जहां बादलों की आवाजाही और उमस के साथ अगले 24 घंटों में छिटपुट बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने 18 जिलों में मेघ गर्जन और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है, जबकि 22 से 26 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी भी दी गई है।
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुरुवार रात दरभंगा पहुंचे। शहर के वार्ड नंबर 25 स्थित पुरानी मुंशफी मोहल्ला में यामाहा शोरूम के मैनेजर मो. फैज के परिजनों से मुलाकात की। 2 महीने पहले लोहे की रॉड से पीट-पीटकर फैज की हत्या कर दी गई थी। तेजस्वी यादव ने परिवार से घटना की जानकारी ली और उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और राजद कार्यकर्ता उनके साथ मौजूद रहे। नेता प्रतिपक्ष ने मो. फैज हत्याकांड को लेकर बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस परिवार से उनका पुराना संबंध रहा है। जिस तरह हत्या की गई, उसका सीसीटीवी फुटेज बेहद दर्दनाक था। अभी तक सिर्फ एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन साजिश में शामिल एक-दो अन्य लोगों की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है। इस मामले को लेकर वह डीजीपी से बात करेंगे। मांग करेंगे कि हत्याकांड में शामिल कोई भी दोषी बचना नहीं चाहिए। इसके बाद तेजस्वी यादव स्वर्ण कारोबारी राहुल कुमार साह के परिजनों से मिलने पहुंचे। गोली मारकर राहुल की हत्या हुई थी। परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। उन्होंने लॉ एंड ऑर्डर के सवाल पर कहा कि बिहार में अपराध का रिकॉर्ड बन गया है। जब सीएम पर ही आपराधिक मामले चल रहे हों, तो उनसे क्या उम्मीद की जा सकती है। दावा किया कि बिहार में अपराध की स्थिति बेहद गंभीर है। आए दिन हत्या और गोलीबारी की घटनाएं हो रही हैं। अखबार खोलने पर ऐसा लगता है कि अखबारों का रंग लाल हो चुका है। पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं। आम लोग भय के माहौल में जी रहे हैं। मंत्री मदन सहनी के बयान पर सरकार को घेरा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मंत्री मदन सहनी के बयान पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राज्य के मंत्री ही सरकार और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं, तो फिर मंत्री पद पर रहने का क्या फायदा है। उन्हें यह बताना चाहिए कि कौन लोग अवैध वसूली कर रहे हैं और कौन घूस ले रहा है। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। केवल बैठकर झाल बजाने से काम नहीं चलेगा। वंदे मातरम के नाम पर हो रही राजनीति को लेकर भाजपा पर बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी, महंगाई और गरीबी से लोग परेशान हैं। पेपर लीक के मामलों को लेकर छात्र-छात्राएं परेशान हैं, लेकिन इन मुद्दों पर सभी लोग मौन हैं। बिहार में एके-47 से गोलियां चल रही हैं, लेकिन इस पर भी लोग चुप हैं। डस्टबिन घोटाले और 71 हजार करोड़ रुपए के कथित हिसाब-किताब का भी जिक्र करते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि सरकार की एजेंसियों के दुरुपयोग से जनता परेशान है और आने वाले दिनों में भाजपा के प्रति लोगों का गुस्सा दिखाई देगा। चीन के मुद्दे पर भी केंद्र को घेरा अरुणाचल प्रदेश में चीन के कथित कब्जे के मुद्दे पर भी तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि चीन हिंदुस्तान में घुसकर जमीन कब्जा कर रहा है, लेकिन इस मुद्दे पर कोई बात नहीं कर रहा है। देश के वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय भाजपा लोगों को बांटने की राजनीति कर रही है। तेजस्वी यादव का भव्य स्वागत दरभंगा पहुंचने पर नेता प्रतिपक्ष का पार्टी के नेताओं और कर्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। सिमरी में पूर्व विधायक डॉ. फराज फातमी सहित स्थानीय कार्यकर्ताओं ने मिथिला परंपरा के अनुसार पाग-चादर देकर स्वागत किया। केवटी प्रखंड के पाराडीह में स्वागत समारोह की अगुवाई पन्ना यादव कर रहे थे। इस दौरान राजद नेता सुवंश यादव, रवि यादव, जगदीर यादव, रामदेव पासवान सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। तेजस्वी यादव के काफिले के आगे बढ़ने के दौरान भी कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। उनके साथ राजद प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल, पूर्व विधायक ललित यादव, भोला यादव, राकेश नायक, पूर्व केंद्रीय मंत्री अली अशरफ फातमी, डॉ. फराज फातमी,धर्मवीर यादव, शक्ति यादव, गोपाल मंडल सहित कई नेता मौजूद थे।
BPSC TRE : बिहार शिक्षक भर्ती में चयनित 12 से अधिक महिला टीचरों की जाएगी नौकरी
आरक्षित पद पर भर्ती हुईं बिहार के बाहर की एक दर्जन से अधिक शिक्षकों की छुट्टी होगी। आरक्षित पद पर बिहार के बाहर की महिलाओं की नियुक्ति मामले में कार्रवाई शुरू की गई है। मुजफ्फरपुर जिले की एक दर्जन से अधिक महिला शिक्षकों की नौकरी जाएगी।
Bihar में विशेष TB अभियान के दौरान मिले 87,623 नए मरीज, 2.36 करोड़ की हुई जांच
बिहार में दो जुलाई से 14 अगस्त तक चलाए गए गहन राज्यव्यापी जांच अभियान के दौरान तपेदिक (टीबी) के 87,600 से अधिक नए मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अभियान के दौरान एक करोड़ लोगों की जांच के लक्ष्य के मुकाबले 2.36 करोड़ लोगों की जांच की गई। राज्य स्वास्थ्य सोसायटी की अतिरिक्त कार्यकारी निदेशक अनुपमा सिंह ने बृहस्पतिवार को जारी एक बयान में कहा, ‘‘जांच और परीक्षण अभियान के दौरान टीबी के 87,623 से अधिक मामले सामने आए। इनमें 21,550 ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनमें बीमारी के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं थे।’’उन्होंने बताया कि यह विशेष अभियान दो जुलाई से शुरू होकर 14 अगस्त तक चला। राज्य में टीबी की पहचान और निदान के लिए स्वास्थ्य ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है। सिंह ने बताया कि बिहार में वर्तमान में 491 डिजिटल एक्स-रे मशीनें उपलब्ध हैं, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित 140 पोर्टेबल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के जांच नेटवर्क में 768 बाइनोकुलर माइक्रोस्कोप, 89 कार्ट्रिज आधारित न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्ट (सीबीएनएएटी) मशीनें और 562 ट्रूनेट मशीनें शामिल हैं। इसके अलावा लाइन प्रोब एसे (एलपीए) और कल्चर ड्रग सेंसिटिविटी टेस्टिंग (सीडीएसटी) की प्रयोगशाला सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा, ‘‘टीबी की प्राथमिकता के आधार पर पहचान के लिए 11,055 उच्च जोखिम वाले गांवों की पहचान की गई है, जबकि 24 मार्च, 2026 से अब तक 5.4 लाख से अधिक शिविर आयोजित किए जा चुके हैं।’’सिंह ने कहा कि राज्यपाल के सहयोग और मार्गदर्शन में टीबी मुक्त पंचायतों और वार्डों के लक्ष्य को हासिल करने के लिए राजनीतिक एवं प्रशासनिक प्रतिबद्धता को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भी नियमित रूप से कार्यक्रम की समीक्षा करते हैं, जबकि मुख्य सचिव हर सप्ताह इसकी समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश देते हैं। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान सामने आए 87,623 टीबी मरीजों में से 74,871 यानी 85 प्रतिशत मरीजों का विभेदित टीबी देखभाल के लिए आकलन किया जा चुका है। सिंह ने कहा कि बिहार में वर्ष 2024 में टीबी उपचार की सफलता दर 88 प्रतिशत रही। वहीं, टीबी से अनुमानित मृत्यु दर वर्ष 2023 में प्रति लाख आबादी पर 21 से घटकर वर्ष 2024 में 20 रह गई। उन्होंने बताया कि ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत बिहार की 547 पंचायतों ने केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा निर्धारित सभी छह मानदंडों को पूरा करते हुए टीबी मुक्त पंचायत का दर्जा हासिल किया है। राज्य सरकार नए संक्रमण को रोकने के लिए टीबी निवारक उपचार (टीपीटी) पर भी विशेष ध्यान दे रही है। यह पहल बिहार के सभी 38 जिलों में लागू की जा रही है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बिहार पुलिस एसटीएफ और मुजफ्फरपुर जिला पुलिस के साथ मिलकर AK-47 राइफल-कारतूस बरामदगी मामले में फरार आरोपी भैरव त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में हुई। गिरफ्तार आरोपी मुजफ्फरपुर जिले के ब्रह्मपुरा थाना अंतर्गत अहियापुर का निवासी है। भैरव त्रिपाठी पर नागालैंड से आधुनिक हथियारों की तस्करी का आरोप है। यह मामला केस संख्या RC-11/2024/NIA/DLI के तहत दर्ज किया गया है। नागालैंड से बिहार में प्रतिबंधित बोर के हथियारों का लाने का आरोप जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी भैरव त्रिपाठी सह-अभियुक्तों के साथ मिलकर नागालैंड से बिहार में प्रतिबंधित बोर के हथियारों और राइफलों की तस्करी की साजिश में शामिल था। इस तस्करी का मुख्य उद्देश्य शांति-सुरक्षा को भंग करना और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालना था। आरोपी के खिलाफ NIA दिल्ली और बिहार के विभिन्न थानों में हत्या का प्रयास, एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) और आर्म्स एक्ट सहित कुल 8 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। मामला मूल रूप से 7 मई 2024 को मुजफ्फरपुर के फकुली थाना क्षेत्र स्थित मुरघटिया पुल से जुड़ा है। फकुली पुलिस ने मौके से लेंस लगी एक AK-47 राइफल और जिंदा कारतूस बरामद कर 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए NIA ने 5 अगस्त 2024 को केस दर्ज कर इसकी जांच अपने हाथ में ली थी। NIA इस मामले में अब तक तीन पूरक आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है पहला पूरक आरोप पत्र (8 मई 2025): 4 आरोपी विकास कुमार, सत्यम कुमार, देवमणि राय और अहमद अंसारी के खिलाफ IPC की धारा 120B और UA (P) एक्ट की धारा 13 व 18 के तहत दायर। दूसरा पूरक आरोप पत्र (20 फरवरी 2026): आरोपी मंजूर खान के खिलाफ IPC, आर्म्स एक्ट (धारा 25(1AA), 26, 35) और UA (P) एक्ट के तहत दायर। तीसरा पूरक आरोप पत्र (15 अप्रैल 2026): आरोपी कुंदन कुमार उर्फ कुंदन भगत के खिलाफ आर्म्स एक्ट और UA (P) एक्ट की धाराओं में दाखिल।
इस रिस्क को लेने बिहार के लोग सबसे आगे, यूपी वाले भी पीछे नहीं; नई रिपोर्ट में खुलासा
इक्विटी निवेश में बिहार के बाद पंजाब के निवेशक आगे हैं। पंजाब में म्युचुअल फंड की 80 फीसदी रकम इक्विटी योजनाओं में लगी है। राजस्थान और उत्तराखंड तीसरे नंबर पर हैं। रिपोर्ट में और क्या?
‘यहां नौकरी तो दे रहे हैं, लेकिन पैसा सही नहीं है। 15-16 हजार रुपए की सैलरी पर चेन्नई भेज रहे हैं। इतने में आदमी क्या खाएगा-क्या बचाएगा।’ यह कहना है कि पटना के ज्ञान भवन में आयोजित रोजगार मेला में आए मुन्ना का। उनके चेहरे पर नई नौकरी का उत्साह कम, मायूसी ज्यादा है। बताते हैं, ‘मैं यहां जॉब की तलाश में आया था। मेडिकल लाइन की कंपनी के लोगों ने कहा कि अगले महीने इंटरव्यू का डेट मिलेगा। क्या काम करना है यह नहीं बताया गया है।’ यह कहानी सिर्फ मुन्ना की नहीं। ज्ञान भवन में 19 से 23 अगस्त तक बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग की ओर से जॉब फेयर आयोजित किया जा रहा है। दो दिन में करीब 10 हजार युवाओं ने आवेदन किया है। दावा रोजगार उपलब्ध कराने का है, लेकिन कंपनियों की ओर से दिए जा रहे ऑफर ने मेले की व्यवस्था और रोजगार की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए हैं। जॉब फेयर में युवाओं को कितना वेतन ऑफर किया जा रहा है? किस तरह के काम मिल रहे है? पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट..। 10 से 15 हजार की नौकरी करने बाहर जाने की मजबूरी जॉब फेयर में 112 कंपनियां पहुंची हैं। इनमें बिहार की मात्र 6 हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के दावे पर सवाल उठ रहे हैं। अधिकांश कंपनियां युवाओं को बिहार से बाहर नौकरी का ऑफर दे रही हैं। मुंबई, चेन्नई, हरियाणा, कोलकाता और दिल्ली में काम करने के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं। जॉब फेयर में युवाओं को मिलने वाले ज्यादातर ऑफर 10 से 15 हजार रुपए मासिक वेतन के आसपास हैं। कुछ कंपनियां 25 से 30 हजार रुपए तक का पैकेज भी दे रही हैं, लेकिन इन नौकरियों के लिए भी युवाओं को दूसरे राज्यों में जाना होगा। युवाओं का कहना है कि दूसरे शहर में रहने, खाने और आने-जाने का खर्च निकालने के बाद इतनी कम आमदनी से परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल है। युवाओं का सवाल- नौकरी या मजदूरी? मेले में पहुंचे कई युवाओं का कहना है कि वे तकनीकी और अच्छी नौकरी की उम्मीद लेकर आए थे। यहां मिलने वाले अधिकांश ऑफर सामान्य मजदूरी, सेल्स, डिलीवरी और दूसरे कम वेतन वाले कामों से जुड़े हैं। अगर नौकरी के लिए बाहर जाना है और वेतन 10-15 हजार रुपए तो इसे कैसे रोजगार का बेहतर अवसर मानें? एक युवक ने कहा कि बिहार में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के बजाय युवाओं को दूसरे राज्यों में भेजने पर ज्यादा जोर दिख रहा है। कंपनियां बड़ी संख्या में आवेदन और बायोडाटा ले रही हैं, लेकिन असल में कितने लोगों को काम मिलेगा पता नहीं चल रहा है। नौकरी के नाम पर डाटा कलेक्शन का आरोप जॉब फेयर में पहुंचे कुछ युवाओं ने आरोप लगाया कि कंपनियां बड़ी संख्या में युवाओं का बायोडाटा जमा कर रही हैं। इनकी जानकारी जुटा रही है। आवेदन लेने और इंटरव्यू की प्रक्रिया तो हो रही है, लेकिन नौकरी की शर्तों, पोस्टिंग और वेतन को लेकर पूरी जानकारी नहीं दी जा रही। इससे आशंका पैदा हो रही है कि कहीं जॉब फेयर सिर्फ डाटा कलेक्शन तक सीमित न रह जाए। बिहार में रोजगार के अवसर पर उठे सवाल जॉब फेयर में बिहार की सिर्फ 6 कंपनियों की मौजूदगी की भी चर्चा है। बेरोजगार युवाओं की मांग है कि अगर सरकार रोजगार मेले का आयोजन कर रही है तो बिहार में ही पर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने वाली कंपनियों को प्राथमिकता दी जाए। दूसरे राज्यों में 10-15 हजार रुपए की नौकरी दिलाने के बजाय सरकार को बिहार में उद्योग और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर देना चाहिए। एयरटेल में 18 हजार की नौकरी, लेकिन टारगेट की परेशानी जमुई से आए जैनेंद्र कुमार ने बताया, ‘मेरी बात एयरटेल कंपनी के अधिकारी से हुई। जमुई में साउंड बॉक्स लगाने का ऑफर मिला। 18 हजार रुपए मासिक वेतन और लगाए गए प्रति साउंड बॉक्स 125 रुपए इंसेंटिव देने की बात कही गई है। कंपनी ने 30 दिन में कम से कम 20 साउंड बॉक्स लगाने का टारगेट दिया है। अभी जॉइनिंग लेटर नहीं मिला है।’ बता दें कि एयरटेल साउंड बॉक्स एयरटेल पेमेंट्स बैंक द्वारा दुकानदारों और व्यापारियों के लिए UPI QR कोड से होने वाले भुगतानों की तुरंत ऑडियो मैसेज देने वाला डिजिटल डिवाइस है। भीड़ के कारण नौकरी छोड़कर लौटे सत्यम, बी-फार्मा के बाद भी रोजगार की तलाश सत्यम कुमार ने कहा, ‘जॉब फेयर में बहुत भीड़ है। दोपहर तक केवल एक राउंड ही अंदर जा पाया। मेरा नंबर आने तक शाम हो जाता और परीक्षा छूट जाती, इसलिए लौट रहा हूं।’ ‘मैंने बी-फार्मा किया है। अस्पताल या फार्मेसी में नौकरी चाहता हूं। बिहार में नौकरी नहीं मिलने के कारण जॉब फेयर से काफी उम्मीद थी, लेकिन लंबी कतार के कारण आवेदन करना मुश्किल हो रहा है।’ TVS में 20 हजार की नौकरी, लेकिन बेंगलुरु में पोस्टिंग कुंदन कुमार ने बताया, ‘मेरी बात टीवीएस कंपनी के अधिकारी से हुई। 20 हजार रुपए महीना पर जॉब ऑफर किया गया, लेकिन काम करने बेंगलुरु जाना होगा। मैं बेंगलुरु नहीं जाना चाहता। बिहार में ही नौकरी तलाश रहा हूं। सैलरी उम्मीद के मुताबिक नहीं है। जॉइन करने से पहले घर के लोगों से बात करूंगा।’ निखिल ने कहा, ‘मैंने ब्लिंकिट में पैकेजिंग के काम के लिए आवेदन किया है। कंपनी की ओर से 18 हजार रुपए सीटीसी और 15,600 रुपए इन हैंड देने की बात कही गई है। काम मुंबई में करना है। 10 तारीख तक ऑफर लेटर मिलेगा। 15 हजार में मुंबई जैसे शहर में रहना मुश्किल होगा। इसलिए मैं दूसरी कंपनियों में भी नौकरी तलाश रहा हूं। टीसीआई में 14 हजार की नौकरी, अतुल ने कहा- इतनी सैलरी में क्या होगा अतुल ने बताया, ‘मुझे टीसीआई कंपनी ने जॉइनिंग लेटर देने की बात कही है। सभी डॉक्यूमेंट्स जमा कर लिए गए हैं। कंपनी में गाड़ी लोड-अनलोड करने की ड्यूटी दी जाएगी। फिलहाल जॉब लोकेशन नहीं बताई गई है। 14 हजार रुपए वेतन है। इतने कम पैसे में गुजारा करना मुश्किल है। जिस उम्मीद से जॉब फेयर में आया था वैसा रोजगार नहीं मिला।’ मो. फैजल अंसारी ने बताया, ‘मैंने एविएशन और दूसरे क्षेत्र की एक कंपनी में आवेदन किया है। कंपनी ने पूछा कि अंग्रेजी बोलना आता है। मैंने कहा कि हल्की-फुल्की अंग्रेजी आती है। कंपनी ने 9 महीने की ट्रेनिंग देने की बात कही है। कंपनी के अनुसार पहले से स्किल्ड उम्मीदवारों को 30 से 40 हजार रुपए तक की सैलरी मिल सकती है। फ्रेशर की जॉब 15 हजार रुपए से शुरू होगी।’ दिव्यांग युवाओं ने उठाए सवाल, सौरभ बोले- हर बार बाहर जाने को कहा जाता है जॉब फेयर में पहुंचे दिव्यांग पप्पू कुमार ने बताया, ‘मुझे कंपनी के लोगों ने कहा है कि थोड़ा इंतजार करना होगा। नौकरी का आश्वासन दिया है। बिहार से बाहर दूसरे राज्यों में नौकरी देने की बात कही जा रही है। मेरे जैसे दिव्यांग व्यक्ति के लिए दूसरे राज्य में जाकर नौकरी करना मुश्किल है। कंपनी 10 हजार रुपए वेतन ऑफर कर रही है। इतने में परिवार का खर्च कैसे चलेगा।’ दिव्यांग सौरभ कुमार ने कहा, ‘पटना में कई बार जॉब फेयर आयोजित हो चुके हैं। दिव्यांगों के लिए सीटें खाली रह जाती हैं। मैं पिछले 11 बार से जॉब फेयर में आ रहा हूं। दिव्यांग लोगों को अक्सर दूसरे राज्यों में जाकर नौकरी करने के लिए कहा जाता है।’ उन्होंने कहा, ‘कई बार ऑफर लेटर मिलने के बाद भी स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग नहीं होने पर वापस भेज दिया जाता है। जॉब फेयर में सिर्फ भीड़ दिखाई जाती है। युवाओं का डेटा जुटाया जाता है।’ सोनाटा माइक्रो क्रेडिट में बिहार के लिए 100 पद, 12वीं पास कर सकते हैं आवेदन बीएसएस सोनाटा माइक्रो क्रेडिट के एचआर मोहित कुमार सिंह ने बताया कि कंपनी बिहार में 100 पदों पर भर्ती कर रही है। इसके लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं पास है। पुरुष और महिला दोनों आवेदन कर सकते हैं। महिलाओं को स्थानीय स्तर पर नौकरी मिलेगी। पुरुषों को उनके घर से कम से कम 40 किलोमीटर की दूरी पर पोस्टिंग दी जा सकती है। कंपनी में ट्रेनी रिलेशनशिप ऑफिसर के पद पर भर्ती की जा रही है। इसके लिए 15 हजार रुपए सीटीसी पर नौकरी ऑफर की जा रही है। बिहार से बाहर नौकरी के लिए 10वीं से बीटेक तक के युवाओं की भर्ती, 29 हजार तक इन हैंड सैलरी डिजिटल लेबर मार्केटप्लेस और ब्लू-कॉलर जॉब मैच-मेकिंग प्लेटफॉर्म आमधनई प्राइवेट लिमिटेड के देवेश कुमार पांडेय ने कहा, ‘दिल्ली, हरियाणा, कोलकाता और गुजरात की कई कंपनियां युवाओं की भर्ती कर रही हैं।’ ‘मैन्युफैक्चरिंग और मेंटेनेंस के पदों पर 10वीं पास से लेकर बीटेक तक के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। कंपनी के अनुसार 12 घंटे काम करने पर उम्मीदवार को 29 हजार रुपए तक इन हैंड सैलरी मिल सकती है। उम्मीदवारों की काउंसलिंग के बाद ऑफर दिया जाएगा।’
साल 2024। वैज्ञानिकों की एक टीम सोशल मीडिया पर वीडियो स्क्रॉल कर रही थी कि अचानक टिकटॉक के एक शॉर्ट क्लिप ने उनकी नजरें अटका दीं। वीडियो भारत-नेपाल सीमा का था। एक बोरवेल से पानी बह रहा था और उसी धारा के साथ बाहर निकल आई एक बेहद अजीबोगरीब जीव। पतली, बिना रंग की और केंचुए जैसी बलखाती हुई, जिसकी आंखें नाममात्र की थीं। पहली नजर में वह कोई मामूली जलजीव लग सकती थी, लेकिन वैज्ञानिकों की आंखों ने ताड़ लिया कि यह प्रकृति का कोई गहरा रहस्य है। गंगा के विशाल मैदानी इलाकों के नीचे 30-35 फीट की अथाह गहराइयों में, जहां सूरज की एक किरण तक नहीं पहुंचती वहां एक गुमनाम दुनिया सांस ले रही है। उस एक वीडियो ने वैज्ञानिकों को लैब से निकालकर बिहार के सुदूर गांवों में पहुंचा दिया। बूझे की नाही में कहानी….गंगा की गहराइयों में मिली ऐसी मछली कि जिसकी आंखें नहीं, शरीर भी पारदर्शी। साल 2024 और 2025 के बीच ठाकरे वाइल्डलाइफ फाउंडेशन के शोधकर्ता अक्षय खांडेकर और उनकी टीम ने बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बालगंगवा गांव और नेपाल के नवलपरासी (त्रिवेणी) इलाके में डेरा डाल दिया। 11 किलोमीटर का यह इलाका उनका सर्च जोन था। मिशन आसान नहीं था। जमीन के नीचे छिपे इस जीव को बाहर लाने का एक ही तरीका था-बोरवेल। वैज्ञानिकों की टीम ने गांवों के 15 से भी ज्यादा हैंडपंपों और बोरवेलों को लगातार 7 दिनों तक चलाया। आखिरकार, दो बोरवेलों से 2,000 लीटर पानी निकालने के बाद जमीन की गहराई से दो जीव बाहर निकले। लेकिन दोनों मर गए। जिंदा जीव की तलाश में वैज्ञानिकों ने फिर से पानी निकालना शुरू किया। करीब 500 लीटर पानी और निकला तब तीसरा जीव मिला…वह जिंदा था। पानी के बर्तन में हल्के गुलाबी रंग की एक पतली सी ईल जैसी मछली तैर रही थी। वैज्ञानिकों ने नाम दिया 'गंगाचथिस इंडोनेपालिकस' लैब में जब इस जीव की जांच शुरू हुई तो वैज्ञानिक हैरान रह गए। हाई-रिजॉल्यूशन माइक्रो-CT स्कैन से हड्डियों का 3D एक्स-रे किया गया और DNA टेस्ट (माइटोकॉन्ड्रियल CO1 और RAG1 जीन) चलाए गए। अंधी, शरीर पारदर्शी और पसलियां भी नहीं लाखों सालों तक जमीन के नीचे 10 मीटर की गहराई में बिना धूप के रहने के कारण 40 मिलीमीटर यानी 1.6 इंच लंबी इस मछली का शरीर अनोखे रूप से ढल चुका था… जब इसके DNA की तुलना इसके परिवार की सबसे करीबी प्रजातियों (Chaudhuria caudata और Pillaia indica) से की गई, तो उसमें 20% से 22% से भी ज्यादा का अंतर मिला। जेनेटिक्स के इस बड़े अंतर के कारण वैज्ञानिकों ने इसे अर्थवर्म ईल परिवार का नया वंश माना। वैज्ञानिक बोले- हमारी आंखों से ओझल है एक विशाल जैव-विविधता अब तक भारत में जमीन के नीचे रहने वाली अंधी मछलियों का मुख्य केंद्र केवल दक्षिण भारत के केरलम को माना जाता था। लेकिन इस खोज ने 'चौधुरिडे' परिवार के भौगोलिक दायरे को 500 किलोमीटर पश्चिम की ओर खिसका दिया। और यह साबित कर दिया कि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों के नीचे भी जीवन का एक अनूठा 'पाताल लोक' बसा हुआ है। नीचे की दो ग्राफिक से जानिए, भारत की जमीन के अंदर का रहस्य
तेजस्वी यादव का सरकार पर निशाना, बोले- बिहार को पुलिस स्टेट नहीं बनने देंगे
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मौत भी हार गई! सांप के काटने से मरे लड़के के 12 साल बाद लौटने का दावा, बिहार की घटना ने चौंकाया
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने AK-47 राइफल बरामदगी मामले में फरार आरोपी भैरव त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है। उस परनगालैंड से बिहार हथियार लाने की साजिश रचने का आरोप है और मामले की जांच जारी है।
Muzaffarpur Weather Update : उत्तर बिहार पर फिर मेहरबान होंगे बादल, कई जिलों में बारिश के आसार
उत्तर बिहार को अगले दो दिनों में उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, जहां कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। कुछ स्थानों पर गरज के साथ बिजली चमकने और मध्यम से भारी वर्षा भी हो सकती है।
विद्यार्थियों की शैक्षणिक-संस्थागत समस्याओं के समाधान के लिए बिहार सरकार की ओर से ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ शुरू किया गया है। वहीं, संत रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर जिले में ‘श्री गुरु संत रविदास जी समरसता संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। दोनों पहलों को लेकर गुरुवार को जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित उनके कार्यालय कक्ष में पीसी की गई। डीएम कौशल कुमार ने बताया कि विद्यार्थी सहयोग पोर्टल का उद्देश्य राज्य के छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक समस्याओं का समाधान करना और शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार के लिए विद्यार्थियों से सुझाव प्राप्त करना है। पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थी अपनी समस्याओं और सुझावों को सीधे ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे। डीएम ने बताया कि कक्षाओं का समय पर संचालन नहीं होने, शिक्षकों या प्राध्यापकों के समय पर कक्षा में नहीं पहुंचने या अनुपस्थित रहने, परीक्षा समय पर नहीं होने, परीक्षा परिणाम समय पर जारी नहीं होने और अनधिकृत शुल्क वसूली जैसी शिकायतें पोर्टल पर दर्ज की जा सकेंगी।इसके अलावा कक्षा में बिजली और बैठने की व्यवस्था, प्रयोगशाला, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, कोचिंग व्यवस्था समेत अन्य शैक्षणिक और संस्थागत समस्याओं की भी शिकायत की जा सकेगी। विद्यार्थी अपनी शिकायत या सुझाव sahyog.bihar.gov.in पर दर्ज करा सकते हैं। पोर्टल के दायरे में ये संस्थान पोर्टल के दायरे में विश्वविद्यालय, अंगीभूत महाविद्यालय, अभियंत्रण एवं चिकित्सा महाविद्यालय, पॉलिटेक्निक, आईटीआई, पैरा मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग स्कूल, सिमुलतला आवासीय विद्यालय सहित विभिन्न सरकारी शैक्षणिक संस्थानों और छात्रावासों को शामिल किया गया है।इसके अलावा पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के छात्रावास, कस्तूरबा गांधी छात्रावास और समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित नेत्रहीन और मूकबधिर विद्यालय भी पोर्टल के दायरे में हैं। 27 अगस्त से हर गुरुवार लगेगा संत रविदास विकास शिविरडीएम ने बताया कि संत रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर जिले में सामाजिक समरसता, समानता, भाईचारा और जनकल्याण की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘समरसता संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है।इसके तहत अनुसूचित जाति बहुल टोलों में 27 अगस्त से 15 फरवरी 2027 तक हर गुरुवार ‘संत रविदास विकास शिविर’ का आयोजन किया जाएगा। शिविर में विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक पहुंचाने के साथ मौके पर लोगों की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। इन योजनाओं से जुड़े मामलों का होगा समाधानशिविर में राशन कार्ड, उज्ज्वला योजना, विद्यालयों में नामांकन, आंगनबाड़ी, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, कुशल युवा कार्यक्रम, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, पास भूमि, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और बुनियाद केंद्र से संबंधित मामलों का समाधान किया जाएगा।इसके अलावा हर घर नल का जल, मुख्यमंत्री ग्रामीण पक्की गली-नाली योजना, जॉब कार्ड, प्रधानमंत्री जन-धन योजना, बिजली कनेक्शन और जीविका समूह से संबंधित आवेदन भी प्राप्त किए जाएंगे।
राज्यपाल सचिवालय में चार स्टेनोग्राफरों राजेश कुमार, अखिलेश कुमार मिश्र, सुशील कुमार और संगीता कुमारी की सेवा समाप्त कर दी गई है।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव गुरुवार को मधुबनी पहुंचे। अतिथि गृह में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने जिला अधिकारी और जनप्रतिनिधियों के बीच फोन नहीं उठाने से जुड़े सवाल पर सरकार पर जमकर हमला बोला। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में न किसी मंत्री की कोई वैल्यू है और न ही किसी जनप्रतिनिधि की। उन्होंने कहा कि राज्य में पूरी तरह अफसरशाही हावी है। आरजेडी लंबे समय से बिहार में अफसरशाही बढ़ने का आरोप लगाती रही है। ‘कितने विधायक-सांसद पीड़ितों से मिलने जाते हैं?’ उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि कितने लोगों के फोन उठाते होंगे। राज्य में लगातार हादसे और अपराध हो रहे हैं, जिससे लोग परेशान हैं। इसके बावजूद कितने विधायक और सांसद पीड़ितों से मिलने तक जाते हैं। तेजस्वी ने कहा कि बिहार में अफसरशाही अपने चरम पर है। ‘क्या आरोपी को जेल में ही मरवा दिया जाएगा?’ पकरौली गांव निवासी रौशन यादव की मौत के मामले में वायरल वीडियो और आरजेडी नेताओं के उसके घर पहुंचने को लेकर पूछे गए सवाल पर तेजस्वी यादव ने कहा, “क्या किसी आरोपी को जेल में ही मरवा दिया जाएगा?” अपराधियों को संरक्षण के आरोप पर सीएम पर पलटवार विपक्ष द्वारा आरजेडी पर अपराधियों को संरक्षण देने के आरोप पर तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर पलटवार किया। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री पर ही हत्या के सात मामले दर्ज हैं। तेजस्वी ने कहा कि जब बिहार का मुख्यमंत्री ही ऐसा हो तो वे क्या कर सकते हैं।
चीनी के स्टॉक पर नजर, सरकार ने अपने नोटिफिकेशन में क्या निर्देश दिए हैं?
चीनी की कीमतें नई ऊंचाई पर पहुंचने के बाद, केंद्र सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए चीनी के बड़े उपभोक्ताओं पर स्टॉक रखने की सीमा तय कर दी है। इस सख़्त कार्रवाई के तहत सरकार ने सभी मिलों को यह आदेश भी दिया कि वे 17-19 अगस्त, 2026 के बीच बेची गई चीनी की मिल-वार और खरीदार-वार जानकारी दें। खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि जो बड़े उपभोक्ता महीने में 10 टन से ज़्यादा चीनी का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें 15 दिनों की खपत से ज़्यादा स्टॉक रखने की इजाज़त नहीं होगी। खाद्य मंत्रालय ने 'चीनी (बड़े उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक रखने की सीमा) आदेश, 2026' जारी किया है, जिसमें कन्फेक्शनर, सॉफ्ट ड्रिंक बनाने वाली कंपनियाँ, फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट, मिठाई विक्रेता और दूसरे संस्थागत खरीदार शामिल हैं। यह आदेश 1 सितंबर से लागू होगा और 30 नवंबर तक प्रभावी रहेगा। इसे भी पढ़ें: Bihar में फिर दौड़ेगी Sugar Mill की चाशनी, 'सुधा' की तर्ज पर Vegfed Booth भी खुलेंगे चीनी मिलों से मांगा बिक्री का पूरा ब्योरा चीनी कंपनियों के शेयरों में तेज़ी आई है। इसकी वजह है केंद्र सरकार का स्टॉक रखने की सीमा को सख्त करना और घरेलू व ग्लोबल मार्केट में चीनी की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी। गुरुवार का यह आदेश पहले के उस आदेश के बाद आया है, जो 1 अगस्त से 30 नवंबर तक लागू था। उस आदेश में चीनी डीलरों के लिए स्टॉक की सीमा 30 दिनों के लिए 4,000 क्विंटल तय की गई थी। ये पाबंदियां चीनी की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बीच लगाई गई हैं। 2026-27 सीज़न से पहले शुरुआती स्टॉक कम होने की वजह से मिल से निकलने वाली चीनी की कीमतें (एक्स-मिल रेट) रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। एक इंडस्ट्री बॉडी के अनुसार, मंगलवार को पूरे देश में चीनी की औसत एक्स-मिल कीमत बढ़कर 5,400-5,500 रुपये प्रति क्विंटल हो गई, जो एक साल पहले 3,900 रुपये थी। NCDEX के डेटा से पता चलता है कि 19 अगस्त, 2026 को भारत के प्रमुख बाजारों में चीनी की स्पॉट कीमतें 16 साल के उच्चतम स्तर 5,530 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गईं। इसे भी पढ़ें: क्या आप नहीं चाहते कि लोग स्वस्थ रहें? फूड पैकेट पर सुप्रीम कोर्ट से FSSAI को फटकार नोटिफिकेशन में क्या निर्देश कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री के डेटा के अनुसार, 18 अगस्त को खुदरा चीनी की कीमतें सालाना आधार पर लगभग 13 प्रतिशत बढ़कर 52.30 रुपये प्रति किलो हो गईं, जो एक साल पहले 46.34 रुपये थीं। आमतौर पर अगस्त और नवंबर के बीच चीनी की मांग बढ़ जाती है, क्योंकि इस दौरान देश में गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहार मनाए जाते हैं। नए आदेश के तहत, हर मिल से थोक खरीदार को बेची जाने वाली चीनी की मासिक मात्रा (चाहे सीधे बेची जाए या डीलरों के ज़रिए) की जांच की जाएगी। चीनी के लिए लागू HSN कोड का इस्तेमाल करते हुए, विक्रेताओं और/या खरीदारों द्वारा फाइल किए गए GST रिटर्न के आधार पर खपत तय की जाएगी। थोक खरीदार का मतलब है - कन्फेक्शनर (मिठाई/बेकरी उत्पाद बनाने वाला), सॉफ्ट ड्रिंक बनाने वाली कंपनी, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, मिठाई विक्रेता या कोई अन्य संस्थागत खरीदार, जिसकी पिछले एक साल (मौजूदा महीने को छोड़कर) में औसत मासिक खपत 10 टन से कम न रही हो। यह आदेश केंद्र या राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन या स्थानीय निकायों से जुड़ी संस्थाओं पर लागू नहीं होता है। स्टॉक रखने के कड़े नियम 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले 2026-27 सीज़न के लिए चीनी की उपलब्धता को लेकर चिंताओं के बीच लाए गए हैं। थर्ड-पार्टी के स्रोतों से इथेनॉल खरीदने पर साफ तौर पर रोक इंडस्ट्री का अनुमान है कि नए सीज़न के लिए शुरुआती स्टॉक 4-4.2 मिलियन टन होगा, जबकि कुछ रिसर्च करने वालों का अनुमान इससे कम, यानी 3.2-3.5 मिलियन टन है - ये दोनों ही अनुमानित घरेलू ज़रूरत (लगभग 5-6 मिलियन टन) से कम हैं। इसी से जुड़ी एक और बात यह है कि भारत की सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने एक कड़ा निर्देश जारी किया है। इसके तहत सभी इथेनॉल सप्लायर्स के लिए यह ज़रूरी कर दिया गया है कि वे खुद के रजिस्टर्ड डिस्टिलरी यूनिट चलाने वाले घरेलू निर्माता हों। IOCL, BPCL, HPCL, MRPL और NRL जैसी बड़ी सरकारी ईंधन रिटेल कंपनियों के समूह की ओर से भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) द्वारा जारी इस नोटिस में तीसरे पक्ष (थर्ड-पार्टी) के स्रोतों से इथेनॉल खरीदने पर साफ तौर पर रोक लगा दी गई है।
Gen Z के बदलते सोशल मीडिया ट्रेंड के कारण सरकारी कामकाज और संवाद का तरीका बदल रहा है। अब सरकार इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर रील और शॉर्ट वीडियो के जरिए युवाओं तक अपनी बात पहुंचाएगी।
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर एक बार फिर बिहार यात्रा पर निकलने वाले हैं। सितंबर महीने से वह पार्टी को मजबूत करने के लिए सभी जिलों का दौरा करेंगे। बांकीपुर उपचुनाव जीतकर विधायक बने पीके की आगामी चुनावों पर नजरें टिकी हुई हैं।
‘मिर्जापुर द मूवी’ के लिए कालीन भैया उर्फ पंकज त्रिपाठी जाएंगे पटना, बिहार में दिखाएंगे भौकाल
‘मिर्जापुर: द मूवी’ को लेकर फैंस के बीच एक्साइटमेंट लगातार बढ़ती जा रही है। 11 अगस्त को रिलीज हुए फिल्म के मच अवेटेड ट्रेलर को दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। ट्रेलर में बड़े भौकाल, गद्दी की जंग और ‘मिर्जापुर’ की दमदार दुनिया की झलक देखने के बाद अब फिल्म को लेकर बज और भी बढ़ गया है।ट्रेलर को मिले इस शानदार रिस्पॉन्स के बीच फिल्म की स्टारकास्ट 22 अगस्त को लखनऊ पहुंची। अली फजल, दिव्येंदु शर्मा और जितेंद्र कुमार ने शहर में फिल्म का प्रमोशन किया और मीडिया से बातचीत की।‘मिर्जापुर’ की कहानी और इसकी दुनिया का उत्तर प्रदेश से खास कनेक्शन रहा है। ऐसे में लखनऊ में फिल्म का प्रमोशन करना टीम के लिए भी खास रहा। जिसके बाद अब ‘मिर्जापुर: द मूवी’ के स्टार्स पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु शर्मा और जितेंद्र कुमार 22 अगस्त 2026 को पटना का दौरा करेंगे। ट्रेलर और पहले गाने ‘दो नंबरी’ को मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद अब फिल्म की रिलीज को लेकर दर्शकों की एक्साइटमेंट अपने चरम पर है।फिल्म की स्टारकास्ट में अली फज़ल, पंकज त्रिपाठी, दिव्येंदु शर्मा, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुगल, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, प्रमोद पाठक, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता शेखर गौर, श्वेता त्रिपाठी और सोनल एस. चौहान भी शामिल हैं।‘मिर्जापुर: द मूवी’ का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है और इसकी कहानी पुनीत कृष्णा ने लिखी है। फिल्म को अमेज़न MGM स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट प्रस्तुत कर रहे हैं। रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने इसे एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले प्रोड्यूस किया है। फिल्म 4 सितंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में हिंदी और तेलुगु में रिलीज होगी।
पटना में सहायक प्राध्यापक बहाली समेत विभिन्न मांगों को लेकर शोधार्थियों का अनिश्चितकालीन आमरण अनशन 17वें दिन भी जारी है। आंदोलनकारियों ने 22 अगस्त को लोकभवन मार्च का एलान किया है, जबकि उनके नेता कुमुद पटेल की तबीयत बिगड़ रही है।
जहानाबाद में बिहार ग्रामीण बैंक का जनप्रतिनिधि समन्वय सम्मेलन, पंचायत प्रतिनिधियों का किया सम्मान
जहानाबाद में बिहार ग्रामीण बैंक का जनप्रतिनिधि समन्वय सम्मेलन, पंचायत प्रतिनिधियों का किया सम्मान
मंत्री नीतीश मिश्रा के झंझारपुर विधानसभा से निर्वाचन को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। चुनावी हलफनामे में आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाने के आरोप पर हाईकोर्ट ने जवाब मांगा है।
जालंधर के CT इंस्टीट्यूट के शाहपुर कैंपस में बिहार और कश्मीर के छात्रों के बीच झगड़ा हो गया। जिसके बाद दोनों गुटों में जमकर डंडे-बैट चले। होस्टल में तोड़फोड़ की गई। जिससे कमरों में कांच फैल गया। जिसके वीडियो भी सामने आए हैं। झगड़े में बिहार के 5 से 6 स्टूडेंट घायल हुए हैं, जिसमें अधिकतर नाबालिग हैं। इनमें एक के सिर पर चोट लगी है, वह गमछा बांधकर सिर पकड़े दिखाई दिया, जबकि एक छात्र का पैर टूट गया। विवाद के बाद कैंपस में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसके बाद प्रबंधन ने गेट बंद कर पुलिस को सूचना दी। हालांकि थाना-5 पुलिस ने डंडे-बैट से हमले की बात से इनकार किया है। पुलिस ने कहा कि छात्रों में खाने में टेबलेट निकलने पर विवाद हुआ था, जिसे मौके पर पहुंचकर शांत करा दिया गया। एडीसीपी सिटी-2 माधवी शर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। थाना-5 के SHO यादविंदर सिंह ने बताया- विवाद कैंटीन में खाने को लेकर हुआ था। कुछ छात्रों ने मामले को धार्मिक रंग देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने समय रहते स्थिति संभाल ली। सभी फर्स्ट इयर के स्टूडेंट्स हैं। जिनकी 16-17 साल उम्र है। छात्रों के बीच हथियार नहीं चले हैं इधर, देर शाम झगड़े के बाद CT इंस्टीट्यूट में बजरंग दल और हिंदू नेता पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक लिया और अंदर नहीं जाने दिया। इसके बाद एक हिंदू नेता ने छात्र को कॉल किया, तो उसने बताया कि- अंदर बाउंसरों ने रोक लिया है। बाहर नहीं आने दे रहे हैं। वहीं, पंजाब बंद के चलते कल इंस्टीट्यूट बंद रहेगा। प्रबंधन की ओर से इस संबंध में एक मैसेज जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि जरूरी कामों के लिए केवल ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ही इंस्टीट्यूट में मौजूद रहेगा। झगड़े से जुड़े PHOTOS देखिए…. कश्मीरी छात्रों पर गोली देने का आरोप बिहार के छात्रों का आरोप है कि दो दिन पहले उनके खाने में टेबलेट और टेलबट का रैपर मिला था। उन्होंने इसकी शिकायत इंस्टीट्यूट प्रशासन और कैंटीन संचालक से की थी। इसके बाद छात्र दो दिन से प्रदर्शन कर रहे थे और उनकी मांग थी कि उन्हें सही खाना दिया जाए। झगड़े में घायल बिहार के छात्र ने कहा- पहले कश्मीरी छात्र ने गाली दी। इसके बाद सीनियर में झगड़ा शुरू हुआ। कश्मीरी छात्रों ने अल्लाह हू अकबर कहते हुए हमला करना शुरू कर दिया। झगड़े के दौरान मैं अंदर छिप गया था। सिर पर कपड़ा ले रखा था। इस दौरान एक हाथ में भी चोट लग गई। पुलिस के सामने पत्थर और ईंटें चले झगड़े का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिस बिहार के छात्रों को समझाती नजर आ रही है। इसी दौरान नीचे की तरफ से कश्मीरी छात्रों की ओर से पत्थर और ईंटें फेंकते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में एक बिहार का छात्र पुलिस से कहता सुनाई देता है कि, ‘देखो सर, आपके सामने ईंटें चला रहे हैं।’ इंस्टीट्यूट में टूटीं कांच की खिड़कियां वीडियो में इंस्टीट्यूट के अंदर छात्रों के बीच झगड़ा और कांच की खिड़कियां टूटी हुई दिखाई दे रही हैं। एक हॉस्टल रूम में भी चारों तरफ कांच बिखरा नजर आता है। वीडियो में एक छात्र यह कहते हुए दिखाई देता है कि ‘देखो, अब कश्मीरी भाग गए। वीडियो में छात्र बैट और रॉड लिए दिखे वीडियो में कुछ युवक बैट और लोहे की रॉड हाथ में लिए नजर आ रहे हैं। एक छात्र के मुताबिक, पुलिस की मौजूदगी में भी कश्मीरी छात्रों की ओर से झगड़ा किया गया। छात्र का दावा है कि जब पुलिस को बताया गया कि उनके सामने ईंटें फेंकी जा रही हैं, तो पुलिसकर्मियों ने कहा कि ‘हमारे हाथ बंधे हुए हैं।’ छात्रों के मुताबिक, झगड़े में 5 से 6 स्टूडेंट घायल हुए हैं। इनमें एक छात्र के सिर पर चोट लगी है। खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए..
Tata Power ने Bihar में शुरू किया 'हर घर सोलर' अभियान, 5 लाख छतों पर लगेंगे प्लांट
बिहार में रूफटॉप सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (टीपीआरईएल) ने बृहस्पतिवार को ‘हर घर सोलर’ कार्यक्रम की शुरुआत की। कंपनी ने अगले तीन वर्षों में राज्य के पांच लाख घरों में छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने में सहयोग करने का लक्ष्य रखा है। पटना में आयोजित कार्यक्रम में बिहार ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव, टाटा पावर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक (एमडी) प्रवीर सिन्हा तथा टीपीआरईएल के सीईओ एवं एमडी संजय बांगा की उपस्थिति में इसकी शुरुआत की। प्रवीर सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से शुरू की गई यह पहल बिहार में सौर ऊर्जा क्रांति लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि बिहार मंत्रिमंडल ने हाल ही में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत प्रति किलोवाट 10,000 रुपये की अतिरिक्त राज्य सब्सिडी को मंजूरी दी है। इसके बाद एक किलोवाट प्रणाली पर कुल केंद्रीय एवं राज्य सब्सिडी 40,000 रुपये, दो किलोवाट पर 80,000 रुपये तथा तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर 98,000 रुपये हो गई है। प्रवीर सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से शुरू की गई यह पहल बिहार में सौर ऊर्जा क्रांति लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि बिहार मंत्रिमंडल ने हाल ही में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत प्रति किलोवाट 10,000 रुपये की अतिरिक्त राज्य सब्सिडी को मंजूरी दी है। इसके बाद एक किलोवाट प्रणाली पर कुल केंद्रीय एवं राज्य सब्सिडी 40,000 रुपये, दो किलोवाट पर 80,000 रुपये तथा तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर 98,000 रुपये हो गई है। सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना शुरू होने के बावजूद बिहार अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पाया है और ‘हर घर सोलर’ अभियान इस अंतर को दूर करने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और उपभोक्ताओं के लिए दीर्घकालिक आर्थिक लाभ सुनिश्चित करने में भी सहायक होगी। टीपीआरईएल के प्रमुख संजय बांगा ने कहा कि महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की तुलना में बिहार सौर ऊर्जा अपनाने में पीछे है, जबकि यहां बिजली की दरें 7.5 से 8 रुपये प्रति यूनिट हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में मुख्य चुनौती वहनीयता नहीं, बल्कि जागरूकता की कमी है।
Weather Tomorrow: 21 अगस्त को कहां-कहां होगी बारिश? दिल्ली, यूपी और बिहार समेत इन राज्यों में अलर्ट जारी
मुजफ्फरपुर-सोनबरसा फोरलेन से उत्तर बिहार में सुगम होगा आवागमन, पर्यटन स्थलों को भी जोड़ेगा NH 22
NH 22 Highway Bihar: केंद्रीय कैबिनेट ने मुजफ्फरपुर से नेपाल सीमा पर सोनबरसा तक 83 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क परियोजना को मंजूरी दी है। करीब 3590 करोड़ की लागत से बनने वाली यह सड़क उत्तर बिहार में आवागमन को सुगम बनाएगी।
दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी की पूजा, चालीसा भी गाया; बिहार में मंदिर बनाने का पहले ही हो चुका ऐलान
विवाद होने पर प्रेस क्लब ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि इस कार्यक्रम का आयोजन प्रेस क्लब की तरफ से नहीं किया था। एक संगठन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के लिए हॉल किराए पर लिया था।
Samrat Choudhary की उपस्थिति में Bihar को मिला PMAY-G के तहत 11.18 लाख नए घरों का लक्ष्य
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज प्रधानमंत्री आवास पर योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में पूर्ण किए गए 2 लाख 35 हजार आवासों के गृह प्रवेश, लाभुकों के बीच आवास की चाबी एवं नए चयनित लाभुकों के बीच स्वीकृति पत्र वितरण तथा केंद्र सरकार द्वारा बिहार को आवंटित नए लक्ष्य से संबंधित कार्यक्रम में शामिल हुए। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र परिसर स्थित बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम का मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं पौधों में जल अर्पित कर विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की उपलब्धियों, प्रगति एवं प्रमुख पहलों पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। मुख्यमंत्री ने योजना के लाभुकों को आवास की चाबी एवं नए चयनित लाभुकों को स्वीकृति पत्र प्रदान किया। वहीं, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्र सरकार द्वारा बिहार को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आवंटित लक्ष्य का पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा। इसे भी पढ़ें: Nitish Mishra का बड़ा कदम, बिहार को AI में अग्रणी बनाने के लिए तायो एआई से MoU को मंजूरी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिहार के लिए गर्व और सम्मान का दिन है। राज्य के गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने का यह कार्यक्रम बिहार को आगे बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि इंदिरा आवास योजना के तहत वर्ष 1986 से 2014 तक बिहार में मात्र 30 लाख पक्के मकान गरीब परिवारों के लिए बनाए गए थे। प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से 2026 तक बिहार के गरीब परिवारों के लिए 50 लाख पक्के मकान बनाने का अलॉटमेंट किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2018 के सर्वे में चिन्हित 19 लाख परिवार पक्के मकान से वंचित रह गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के सहयोग से इन परिवारों को भी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का लाभ मिला है। योजना के तहत बनने वाले पक्के मकान में 40 प्रतिशत धनराशि बिहार सरकार द्वारा दी जाती है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत वर्ष 2026-27 के लिए बिहार को 11 लाख 18 हजार 937 पक्के मकान बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से बिहार को 13,427 करोड़ रूपये की सहायता मिलेगी। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी का आभार व्यक्त करता हूँ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत जिन परिवारों को आज आवास की चाबी प्रदान की गई है, उनके सिर पर छत होने से उनके सपनों को नई ऊंचाई मिलेगी। अपना घर सुरक्षा और सम्मान देने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ाता है। सभी जरूरतमंद लोगों तक विकास का लाभ पहुंचना चाहिए। सभी परिवारों का अपना पक्का मकान हो, तभी भारत विश्व में अग्रणी एवं विकसित बनेगा और बिहार समृद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'सहयोग कार्यक्रम' लोगों को न्याय देने तथा पदाधिकारियों को सही रास्ता दिखाने वाला कार्यक्रम है। इसके तहत 30 दिनों के अंदर हर हाल में आवेदन का निष्पादन सुनिश्चित किया गया है। ऐसा नहीं करने वाले दोषी पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है। 'सहयोग कार्यक्रम' के तहत अब तक 6 लाख 42 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 96 प्रतिशत आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। अब तक 9,500 पदाधिकारियों को प्रथम नोटिस, 950 पदाधिकारियों को द्वितीय नोटिस तथा 350 पदाधिकारियों को तृतीय नोटिस जारी किया गया है। इसे भी पढ़ें: AAP का आरोप: Delhi Voter List से बिहार-यूपी के प्रवासियों के नाम बड़े पैमाने पर हटाए गए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में स्वयं सहायता समूहों से 1 करोड़ 81 लाख जीविका दीदियां जुड़ी हैं, जिनमें 30 लाख से अधिक दीदियां लखपति दीदी बन चुकी हैं। केंद्र सरकार से आग्रह है कि विशेष अभियान चलाकर नालंदा, बक्सर, भागलपुर, मोतिहारी जैसे धार्मिक एवं ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों पर जीविका दीदियों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए हाट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बिहार को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से काफी मदद मिल रही है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी से आग्रह है कि आप निरंतर बिहार आते रहें और बिहार को समृद्ध बनाने में पूरा सहयोग करें, ताकि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों को और व्यवस्थित एवं विकसित किया जा सके। इस अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार सरकार द्वारा ग्रामीण विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की और 'सहयोग कार्यक्रम' की प्रशंसा करते हुए कहा कि अन्य राज्यों को भी इसका अनुसरण करना चाहिये। उन्होंने बिहार में महिला सशक्तिकरण की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि लाखों की संख्या में जीविका दीदियों की वार्षिक आमदनी एक लाख रुपये से अधिक हो चुकी है। ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एच०आर० श्रीनिवास ने मुख्यमंत्री को हरितगुच्छ एवं स्मृति चिह्न भेंटकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार तथा ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एच०आर० श्रीनिवास ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव, ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ० दिलीप कुमार जायसवाल, समाज कल्याण मंत्री डॉ श्वेता गुप्ता, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य व्यक्ति, वरीय अधिकारी, लाभुक एवं उनके परिजन उपस्थित थे।
Nitish Mishra का बड़ा कदम, बिहार को AI में अग्रणी बनाने के लिए तायो एआई से MoU को मंजूरी
सूचना प्रावैधिकी विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि बिहार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के उद्देश्य से राज्य में एक सशक्त एवं नवाचार-आधारित AI पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जाएगा। इस दिशा में टायो (Taiyo) एआई इंडिया प्राइवेट लिमिटेड एवं सूचना प्रावैधिकी विभाग, बिहार के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षरित करने की स्वीकृति मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदान की गई है। नीतीश मिश्रा ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी के विज़न के अनुरूप बिहार को तकनीक, नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाना हमारा संकल्प है। AI के प्रभावी उपयोग से सुशासन और विकास को नई गति देने के साथ युवाओं को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार किया जाएगा। इसे भी पढ़ें: AAP का आरोप: Delhi Voter List से बिहार-यूपी के प्रवासियों के नाम बड़े पैमाने पर हटाए गए मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाली परिवर्तनकारी तकनीक बन चुकी है। बिहार में AI की क्षमता का प्रभावी उपयोग करते हुए शासन, सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे, परियोजना प्रबंधन एवं मानव संसाधन विकास को अधिक स्मार्ट, डेटा-आधारित और परिणामोन्मुख बनाने का लक्ष्य है। मिश्रा ने कहा कि प्रस्तावित MoU के माध्यम से AI तकनीक का उपयोग कर विभिन्न क्षेत्रों में सार्वजनिक बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की पहचान, प्राथमिकता निर्धारण, योजना, अनुश्रवण एवं क्रियान्वयन में सरकार को तकनीकी सहयोग प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि AI आधारित सार्वजनिक अवसंरचना डैशबोर्ड”(AI Enabled Public Infrastructure Dashboard )के माध्यम से परियोजनाओं में संभावित विलंब एवं लागत वृद्धि की पहचान के लिए Early Warning Indicators विकसित किए जाएंगे। इससे परियोजनाओं की समयबद्ध निगरानी के साथ-साथ सार्वजनिक वित्तीय संसाधनों के अधिक कुशल उपयोग में मदद मिलेगी। इसे भी पढ़ें: Modi Cabinet Meeting: इधर विपक्ष बेवजह के मुद्दों पर राजनीति करता रहा, उधर मोदी मंत्रिमंडल ने बड़े फैसले कर सबको हैरान कर दिया मंत्री ने कहा कि भू-स्थानिक आँकड़ों का मानचित्रण ( Geospatial Data Mapping, Demographic Data) एवं अन्य उपलब्ध डेटासेट का AI Tools के माध्यम से विश्लेषण कर सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के नियोजन, निर्माण एवं अनुश्रवण” को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इससे परियोजनाओं के नियोजन और क्रियान्वयन में डेटा आधारित निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी। नीतीश मिश्रा ने कहा कि AI आधारित तकनीकों के उपयोग के साथ-साथ मानव संसाधन का क्षमता निर्माण भी सरकार की प्राथमिकता है। इसके तहत सरकारी अधिकारियों को डिजिटल गवर्नेंस एवं AI के प्रभावी उपयोग के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। वहीं, राज्य के छात्रों, युवाओं एवं महिलाओं के लिए AI एवं डेटा विश्लेषण”(Data Analytics) से संबंधित कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल बिहार में AI आधारित सुशासन, तकनीकी नवाचार, स्मार्ट सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे एवं रोजगारपरक कौशल विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा बिहार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
Bihar Police Havildar Instructor PET Admit Card 2026 जारी
बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (BPSSC) ने हवलदार इंस्ट्रक्टर के पद के लिए PET एडमिट कार्ड की तारीख की घोषणा की है। यह भर्ती 122 पदों के लिए की जा रही है, और आवेदन प्रक्रिया 01 मई से 01 जून 2026 तक चली। PET परीक्षा अक्टूबर 2026 के दूसरे सप्ताह में आयोजित की जाएगी। इस लेख में, हम महत्वपूर्ण तिथियों, आवेदन शुल्क, आयु सीमा, और शारीरिक मानक परीक्षण के बारे में जानकारी प्रदान कर रहे हैं। उम्मीदवार अपने एडमिट कार्ड को डाउनलोड करने के लिए आवश्यक विवरण भी जान सकते हैं।
'वो अरबों छाप रहे, हम मच्छर कटवा रहे' बिहार के छात्र का भाषण वायरल
लाठियाँ और जेल झेलकर शिक्षक भर्ती का विज्ञापन निकलवाने वाले बिहार के छात्र नेता दिलीप कुमार का दर्द आखिरकार छलक पड़ा. बीमार हालत में गर्दनीबाग के अंधेरे और मच्छरों के बीच से उन्होंने स्वार्थी युवाओं और अरबों का धंधा चलाने वाले कोचिंग माफिया को बेनकाब किया है. जानिए कौन हैं 11 सालों से छात्रों की आवाज बुलंद करने वाले दिलीप कुमार.
जेब में 999 रुपये हैं तो भी घर पर लग जाएगा सोलर पैनल, टाटा पावर की बिहार में आई नई स्कीम
टाटा पावर कंपनी बिहार में घर-घर सोलर योजना लेकर आई है। इसके तहत 5 लाख घरों में सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य है। किसी उपभोक्ता के पास जेब में सिर्फ 999 रुपये है, तो भी वे रूफटॉप सोलर अपने घर पर लगवा सकेंगे।
आज के डिजिटल और सोशल मीडिया के दौर में रील्स, शॉर्ट्स और वीडियो बनाना सिर्फ एक शौक नहीं बल्कि युवाओं के लिए करियर और कमाई का बड़ा जरिया बन चुका है। इसी बीच, बिहार सरकार ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक बहुत ही शानदार और ऐतिहासिक फैसला लिया है। राज्य कैबिनेट की बैठक में 'बिहार सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन मीडिया रूल्स' में संशोधन को मंजूरी दे दी गई है, जिसके तहत यदि कोई क्रिएटर सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों से जुड़े वीडियो बनाता है, तो उसे शानदार वित्तीय इंसेंटिव दिया जाएगा। इस नई नीति के मुताबिक, वीडियो के प्रदर्शन और व्यूज के आधार पर हर 1 लाख व्यूज पर 10,000 रुपये तक का अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा और एक सिंगल वीडियो पर अधिकतम 1 लाख रुपये तक की राशि मिल सकती है।बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला और नई सोशल मीडिया नीतिबिहार में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने यह कदम उठाया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखाई गई। इस संशोधन के तहत अब राज्य सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और नीतियों का प्रचार-प्रसार डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से करने वाले क्रिएटर्स को आर्थिक रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि आज की युवा पीढ़ी रील्स और शॉर्ट वीडियो के माध्यम से बहुत जल्दी जुड़ती है, इसलिए सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह आधुनिक रणनीति बेहद कारगर साबित होगी।कैसे मिलेगी राशि और क्या तय किए गए हैं नियमसरकार की इस नई योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें और प्रक्रियाएं भी तय की गई हैं। कोई भी क्रिएटर सीधे तौर पर इस योजना का पात्र नहीं बन जाएगा, बल्कि इसके लिए उसे सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से एम्पैनल (सूचीबद्ध) होना अनिवार्य होगा। नियमों के अनुसार, जब कोई सूचीबद्ध क्रिएटर सरकार की योजनाओं पर आधारित वीडियो या रील्स अपलोड करेगा, तो उसके प्रदर्शन की 30 दिनों के बाद समीक्षा की जाएगी। वीडियो पर मिलने वाले व्यूज का आधिकारिक सत्यापन होने के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। प्रावधान के मुताबिक 1 लाख व्यूज पर 10,000 रुपये और इसी अनुपात में 10 लाख व्यूज पूरे होने पर अधिकतम 1 लाख रुपये तक की राशि एक वीडियो के लिए मिल सकती है।युवाओं के लिए रोजगार और कमाई का नया अवसरबिहार के युवाओं के बीच वीडियो मेकिंग और रील्स बनाने का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में सरकार द्वारा लाई गई यह प्रोत्साहन नीति राज्य के स्थानीय क्रिएटर्स के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अब छोटे शहरों और गांवों के युवा भी मोबाइल के जरिए अपनी कला का प्रदर्शन करने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं की जानकारी रचनात्मक तरीके से फैलाकर अच्छी खासी कमाई कर सकेंगे। विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम से न केवल डिजिटल क्रिएटर्स को आर्थिक संबल मिलेगा, बल्कि सरकार की नीतियां भी पारदर्शी तरीके से आधुनिक तकनीक के जरिए आम जनता तक आसानी से पहुंच सकेंगी।आधिकारिक अधिसूचना और आगे की प्रक्रियाराज्य सरकार के इस बड़े फैसले के बाद सूचना विभाग जल्द ही एक विस्तृत अधिसूचना जारी करने जा रहा है, जिसमें पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया, पात्रता के मानदंड, मान्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य दिशा-निर्देशों को स्पष्ट रूप से साझा किया जाएगा। इसके साथ ही, सोशल मीडिया हैंडल्स और फॉलोअर्स की नियमित पारदर्शिता जांचने के भी नियम बनाए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचा जा सके। कुल मिलाकर, बिहार के टैलेंटेड युवाओं के लिए यह समय अपनी रचनात्मकता का इस्तेमाल करके डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी आमदनी का नया रास्ता खोलने का एक बेहतरीन अवसर लेकर आया है।
बरारी थाने में महेंद्र मंडल की मौत पर उनके भतीजे और बेटी ने गंभीर सवाल उठाए हैं, उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। बेटी ने दावा किया कि पिता ने मरने से पहले फोन पर बताया था कि पुलिस उन्हें मार डालेगी, जबकि पुलिस रिकॉर्ड में भी कई विसंगतियां सामने आई हैं।
पहले 1, फिर 2, अब 13 मांगें! बिहार आंदोलन में पल-पल बदल रहे हालात
शुरुआत में छात्रों का एक ही मुख्य नारा था कि शिक्षा विभाग TRE 4.0 का नोटिफिकेशन तुरंत जारी करे. जब छात्र आमरण अनशन पर बैठे, तो दबाव में आकर बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 32,388 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया. लेकिन नोटिफिकेशन आते ही विरोध का दायरा बढ़ गया. छात्र संगठनों ने 13 मांगें रखीं और उसमें 5 और जोड़ दीं.
1 लाख व्यूज पर ₹10000 देगी बिहार सरकार, एक वीडियो से ₹1 लाख तक होगी कमाई; सम्राट कैबिनेट का फैसला
Bihar Social Media Policy: बिहार सरकार ने अपनी योजनाओं और उपलब्धियों के प्रचार के लिए सोशल मीडिया नीति में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत कंटेंट क्रिएटर्स को वीडियो पर व्यूज के आधार पर 10 हजार से 1 लाख रुपये तक का भुगतान किया जाएगा।
छात्रों के गुस्से से हिली बिहार सरकार! TRE-4 पर बुलाई बड़ी बैठक
बिहार में BPSC TRE 4 परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी है. गर्दनीबाग में डटे अभ्यर्थी एकल परीक्षा और नेगेटिव मार्किंग हटाने की मांग कर रहे हैं. इस बीच सीएम सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग और आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक बुलाई है. बैठक में सीटों की संख्या बढ़ाने और अन्य मांगों पर चर्चा होगी.
Bihar News: ईओयू का बड़ा एक्शन, BBOSE के उप निदेशक अजय कुमार सिंह के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी
बिहार आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे बीबॉस के उप निदेशक और मुजफ्फरपुर के पूर्व जिला शिक्षा पदाधिकारी अजय कुमार सिंह के पैतृक आवास समेत उनके भाई के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की।
भागलपुर में खुद को सीआईडी का डीएसपी बताकर नौकरी दिलाने और सरकारी विभागों में पैरवी कराने का झांसा देकर दर्जनभर से अधिक लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने का आरोप मनोज वर्मा पर लगा है।
पटना के गर्दनीबाग का नाम कैसे पड़ा? जहां BPSC के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं बिहार के छात्र
Patna Gardani Bagh Name History: BPSC TRE-4 परीक्षा में बदलाव की मांग को लेकर पटना के गर्दनीबाग में छात्रों का धरना जारी है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस इलाके का नाम गर्दनीबाग कैसे पड़ा. जानिए इसके खौफनाक इतिहास और आज के हालात की पूरी कहानी.
भागलपुर समाहरणालय के मुख्य गेट के पास तातारपुर थाना पुलिस ने 13 साल से फरार चल रहे बताए जा रहे अधिवक्ता सुबोध कृष्ण दास को हिरासत में लिया। इस दौरान पुलिस द्वारा उन्हें कथित तौर पर घसीटकर ले जाने को लेकर जिला विधिक संघ ने नाराजगी जताई।
यूट्यूब और रील बनाने वालों की लॉटरी! बिहार सरकार 1 वीडियो के देगी ₹1 लाख, जानें पूरा प्लान
Bihar Social Media Scheme 2026: अगर आप यूट्यूब, इंस्टाग्राम या फेसबुक पर कंटेंट बनाते हैं, तो आपके पास हर महीने लाखों रुपये कमाने का शानदार मौका है। बिहार सरकार सोशल मीडिया क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स के लिए एक नया नियम लेकर आई है। इसके तहत अगर आप सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों पर वीडियो बनाते हैं, तो आपको एक सिंगल वीडियो के ₹1 लाख तक मिल सकते हैं।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में 'बिहार सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन मीडिया नियमावली, 2026' में संशोधनों को मंजूरी दे दी गई है।व्यूज के हिसाब से मिलेगा पैसाकैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए नए नियमों के अनुसार, राज्य सरकार के मीडिया गाइडलाइन्स के तहत रजिस्टर्ड क्रिएटर्स को उनके वीडियो के परफॉर्मेंस के आधार पर भुगतान किया जाएगा। वीडियो पब्लिश होने के 30 दिनों के भीतर जैसे ही 1 लाख व्यूज पूरे होंगे, आपको ₹10,000 एक्स्ट्रा मिलेंगे। किसी भी एक वीडियो के लिए अधिकतम भुगतान राशि ₹100000 तय की गई है। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) बहुत जल्द इसके विस्तृत दिशा-निर्देशों की आधिकारिक अधिसूचना जारी करेगा।फेक व्यूज और फॉलोअर्स पर लगेगी लगामपारदर्शिता और क्रेडिबिलिटी बनाए रखने के लिए सरकार ने इस पॉलिसी में सख्त नियम भी जोड़े हैं। इसके तहत रजिस्टर्ड सोशल मीडिया हैंडल्स, पेजों और चैनलों के फॉलोअर्स का समय-समय पर वेरिफिकेशन किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी क्रिएटर बॉट या फेक फॉलोअर्स के जरिए गलत फायदा न उठा सके।बिहार में एआई का महा-प्लान: Taiyo AI के साथ मिलाया हाथकैबिनेट बैठक में केवल क्रिएटर्स ही नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी को लेकर भी एक बड़ा फैसला लिया गया। बिहार के सूचना प्रौद्योगिकी (IT) विभाग ने Taiyo AI India Pvt Ltd के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं:सरकारी प्रोजेक्ट्स की निगरानी: राज्य में चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए AI-पावर्ड डैशबोर्ड बनाया जाएगा।लेट-लतीफी से बचाव: यह डैशबोर्ड प्रोजेक्ट्स में होने वाली देरी और बजट बढ़ने की शुरुआती चेतावनी देगा।युवाओं और महिलाओं के लिए AI ट्रेनिंग: राज्य के अधिकारियों, छात्रों और महिलाओं के लिए एआई व डेटा एनालिटिक्स के खास ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए जाएंगे।
Reels Creators के लिए बड़ी खुशखबरी! बिहार सरकार देगी 1 लाख रुपये तक, 1 लाख व्यूज पर मिलेंगे ₹10 हजार
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तेजस्वी का मार्च राजनीतिक फायदा के लिए, बिहार की जनता पहले ही कर चुकी है रिजेक्ट: संजय झा
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के मार्च पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मामला (छात्र आंदोलन) पहले ही सुलझ चुका है, लेकिन वे इसका इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए करने की कोशिश कर रहे हैं।
Weather Update: यूपी-मध्य प्रदेश और बिहार में झमाझम बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में Orange Alert; दिल्ली में भी बरसेंगे बादल
एमडीआर टीबी मरीज की पोषण राशि में सेंध, बिहार के युवक के खाते में पहुंचा पैसा
धनबाद में एक 21 वर्षीय एमडीआर टीबी मरीज युवती की पोषण राशि बिहार के एक युवक के खाते में चली गई, जिससे टीबी उन्मूलन अभियान पर सवाल उठ रहे हैं।
समस्तीपुर के शाहपुर पटोरी स्टेशन पर ट्रेन 1 घंटे 24 मिनट लेट होने से दलसिंहसराय के आरबी कॉलेज में परीक्षा देने जा रहे करीब 70-75 छात्रों की परीक्षा छूटने का संकट खड़ा हो गया।
Bihar News: PDS दुकान की आड़ में शराब का खेल! गोदाम से विदेशी शराब बरामद, कंटेनर समेत दो गिरफ्तार
बिहार के मुजफ्फरपुर में उत्पाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी जन वितरण प्रणाली (PDS) की दुकान की आड़ में चल रहे कथित शराब तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया है।
समस्तीपुर के विभूतिपुर थाना क्षेत्र के आलमपुर कोदरिया गांव निवासी मजदूर रवि शंकर गिरी की मुंबई में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिवार के भरण-पोषण के लिए करीब दो महीने पहले मुंबई गए रवि शंकर निर्माण स्थल पर शटरिंग का काम करते थे।
Patna, 20 अगस्त . बिहार में कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों को 11.18 लाख से अधिक आवासों के स्वीकृति पत्र सौंपे जाएंगे. Patna पहुंचे केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि Prime Minister मोदी और Chief Minister सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार के विकास और जनकल्याण का महायज्ञ निरंतर चलता ... Read more
पीएम आवास योजना के तहत लाभार्थियों को सौंपे जाएं स्वीकृति पत्र, शिवराज बोले- ' बिहार में चलता रहेगा विकास का महायज्ञ'

