ग्रेटर नोएडा में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने सड़क किनारे पैदल जा रहे 3 मजदूरों को कुचल दिया। हादसा इतना भीषण था कि तीनों युवक उछलकर सड़क किनारे दूर जा गिरे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीनों को जेवर के कैलाश अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। हादसा बुधवार देर रात करीब 10:30 बजे जेवर कोतवाली क्षेत्र में जेवर-खुर्जा मार्ग पर नीमका गांव के सामने हुआ। मृतकों की पहचान बिहार के अररिया निवासी करन (22), विश्वजीत (24) और मिथुन (25) के रूप में हुई है। तीनों धान की रोपाई का काम करने के लिए ग्रेटर नोएडा आए थे। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी चालक की तलाश के लिए टीम गठित कर दी है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला... धान की रोपाई के लिए आए थे ग्रेटर नोएडा पुलिस के मुताबिक, करन, विश्वजीत और मिथुन बिहार के अररिया जिले के रहने वाले थे। तीनों मजदूरी करने के लिए ग्रेटर नोएडा आए थे। बुधवार देर रात तीनों खेतों में धान की रोपाई का काम खत्म कर जेवर-खुर्जा मार्ग से पैदल नीमका गांव लौट रहे थे। इसी दौरान जेवर की ओर से आ रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने पीछे से तीनों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों सड़क किनारे दूर जाकर खेत में गिर पड़े। हादसे के बाद राहगीरों ने डायल-112 पर सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को कैलाश अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। स्कॉर्पियो की पहचान, चालक की तलाश जांच के दौरान पुलिस ने हादसे में शामिल स्कॉर्पियो की पहचान कर ली है। मृतकों के परिजनों की तहरीर पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी चालक की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वाहन की तलाश और अन्य साक्ष्य जुटाने का काम तेजी से किया जा रहा है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा।
पटना में अब लोग लग्जरी कैरावैन बस से शहर का दीदार कर सकते हैं। एक राइड में तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब गुरुद्वारा, बिहार म्यूजियम, बापू टावर, गोलघर, सभ्यता द्वार घूम सकते हैं। गंगा में स्पीड बोट राइड का भी आनंद ले सकते हैं। पर्यटन निगम की ओर से विशेष 'पटना दर्शन' पैकेज शुरू की जा रही है। सुबह 8 बजे से शाम के 8 बजे तक चलते-फिरते 5 स्टार होटल वाले बस में पटना दर्शन का आनंद ले सकते हैं। पर्यटन निगम के मुताबिक, लग्जरी कैरावैन में एक बार में 12 पर्यटक पटना दर्शन कर सकते हैं। दारोगा राय पथ स्थित निगम के कार्यालय में आकर ऑफलाइन बुकिंग करनी होगी। ड्राइवर, तेल, हेल्पर सब पर्यटन निगम की ओर से ही दिया जाएगा। अगर कोई गाइड लेना चाहता है तो उसके लिए 1500 रुपये अलग से देने होंगे। वहीं, स्पीड बोट राइड के लिए भी अलग से किराया लगेगा। अगर कोई स्पीड बोट राइड करना चाहते हैं, तो कुछ समय के लिए बस जेपी गंगा पथ स्थित दीघा घाट पर रुकेगी। इस पूरे पैकेज को अप्रूवल के लिए विभाग भेजा गया है, स्वीकृति मिलते ही किराया तय होने पर इसे चालू कर दिया जाएगा। देखें कुछ तस्वीरें… सिक्योरिटी के लिए 6 कैमरे इंस्टॉल यह बस पूरी तरीके से एयर कंडीशन्ड है, जिसमें सिक्योरिटी के लिहाज से 6 कैमरे को इंस्टॉल किया गया है। इसे बिहार सरकार के लिए बुलेट प्रूफ गाड़ियां बनाने वाली कंपनी ने डिजाइन किया है। इसे बनाने के 3 महीने के अंदर ही 2 गाड़ियों को बिहार डिलीवर किया गया है। हर सीट पर लगे हैं मोटराइज्ड पर्दे जानकारी के मुताबिक, कैरावैन में एंट्री के लिए ऑटोमेटिक फोल्डेबल फूट स्टेप्स की सुविधा दी गई है। इस बस में 4 रिक्लाइनर, 3 सीटर एक सोफा और 4 स्लीपर बर्थ की सुविधा है। ये रिक्लाइनर, पूरी तरह से ऑटोमेटेड है, जिसे अपने हिसाब से ऑपरेट किया जा सकता है। इस सीट को 360 डिग्री मूव भी कर सकते हैं। हर सीट के पास खाना खाने के लिए स्नेक्स टेबल की भी सुविधा है। सीट के बगल में पर्दे को भी मोटराइज्ड किया गया है, जो बटन से ऑपरेट होते हुए खुल और बंद हो सकते हैं। एयरक्राफ्ट जैसे हैटरैक केबिन की सुविधा जानकारी के मुताबिक, 43 इंच की एक स्मार्ट टीवी लगाई गई है। बेडरूम वाले एरिया में हर स्लीपर बर्थ में एक टीवी लगाई गई है। हर सीट के पास मोबाइल चार्जिंग पॉइंट है। किसी तरीके की समस्या होने पर या कोई इंस्ट्रक्शन देने के लिए ड्राइवर से डायरेक्ट को-ऑर्डिनेट किया जा सकता है। सामान रखने के लिए एयरक्राफ्ट जैसे हैटरैक केबिन की सुविधा दी गई है। वहीं, सोफे के नीचे स्टोरेज की सुविधा है। सेफ्टी के लिए इमरजेंसी एग्जिट भी दी गई है। किचन में चूल्हे के साथ फ्रिज, माइक्रोवेव, वाटर कूलर भी मौजूद गाड़ी के अंदर किचन एरिया में एक प्रॉपर स्लैब बनाया गया है, जिसमें इंडक्शन की सुविधा दी गई है। लोग इस पर खाना भी बना सकते हैं। इसके साथ ही फ्रिज, माइक्रोवेव, वाटर कूलर भी मौजूद है। किचन एरिया में करीब 4 से ज्यादा कंपार्टमेंट बनाए गए हैं, जिसमें बर्तन या फिर कोई भी किचन के समान को स्टोर करके रखा जा सकता है। बगल में ही वॉश बेसिन भी है, जिसमें खाना बनाने के बाद बर्तन को भी धो सकते हैं। यात्रा के दौरान लोगों को खाने के लिए होटल या रेस्टोरेंट की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्लीपर बेड पर रीडिंग लैंप, मोटराइज्ड कर्टन, चार्जिंग शॉकेट की सुविधा इस कैरावैन में जो बेडरूम एरिया बनाया गया है, वहां एक साथ चार लोग सो सकते हैं। हर सीट को भारत के अलग-अलग टूरिस्ट प्लेस के वॉलपेपर से सजाया गया। हर सीट के पास एसी वेंट, रीडिंग लैंप, मोटराइज्ड कर्टन के साथ मोबाइल चार्जिंग शॉकेट की सुविधा दी गई है। बेडरूम के दाहिने साइड वाले ऑर्थोपेडिक मेट्रेस है, जिसमें मेडिकल कंडीशन जैसे, कमर दर्द, पैर दर्द या फिर सर्वाइकल वाले बीमार मरीज आराम से सो सकते हैं। बेडरूम में ड्रेसिंग एरिया और मेकअप के लिए भी जगह बाथरूम में बेसिन के साथ-साथ शॉवर एरिया भी बनाया गया है, जहां पर लोग नहा भी सकते हैं। यहां गर्म और ठंडा दोनों तरह का पानी आएगा। इस कैरावैन में मरीन टॉयलेट लगाया गया है, जो कम पानी में भी एफिशिएंट तरीके से सफाई कर सकती है। बेडरूम में तैयार होने के लिए ड्रेसिंग एरिया दिया गया है। यहां मेकअप करने के लिए बड़ा सा आइना लगाया गया है और साथ ही अपने कॉस्मेटिक रखने के लिए सेल्फ भी दी गई है। 2 करोड़ 18 लाख रुपए में खरीदी गई 2 कैरावैन बसें पर्यटन निगम ने 2 आधुनिक कैरावैन बसें खरीदी हैं। इनकी लागत 2 करोड़ 18 लाख रुपए है। दोनों कैरावैनों को ऑल इंडिया परमिट भी मिली है। पर्यटक इन कैरावैन बसों को 75 रुपए प्रति किलोमीटर की दर से न्यूनतम 250 किलोमीटर के लिए बुक कर सकते हैं, जिसमें 5 प्रतिशत जीएसटी अतिरिक्त होगा। इसमें देशी-विदेशी पर्यटक पटना से गयाजी, जहानाबाद, बक्सर, नवादा, राजगीर, बांका, वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व सहित राज्य और देश के कई पर्यटन स्थलों की भी यात्रा कर सकेंगे।
बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी आज गोपालगंज पहुंचे। इस दौरान उन्होंने थावे मंदिर में पूजा-अर्चना की, समाहरणालय परिसर में विभागीय समीक्षा बैठक में शामिल हुए और भाजपा के जिला सम्मेलन को संबोधित किया। बाद में उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए शिक्षक स्थानांतरण, निजी कोचिंग संस्थानों पर सख्त कानून बनाने और भाजपा उम्मीदवार की जीत के दावों सहित कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि राज्य में नई शिक्षक स्थानांतरण नीति के तहत तबादले की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। विभाग अगले कुछ दिनों में स्थानांतरण का विस्तृत शेड्यूल जारी करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षक स्थानांतरण पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से होगा। TRE-4 की प्रक्रिया इसी महीने शुरू कर दी जाएगीमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पहले छात्र-शिक्षक अनुपात को संतुलित करना है। जब तक सभी विद्यालयों में आवश्यक संख्या में शिक्षक उपलब्ध नहीं हो जाते, तब तक स्थानांतरण प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक हो चुकी है और सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं। शेड्यूल जारी होने के बाद शिक्षक निर्धारित समय के भीतर ऑनलाइन आवेदन करेंगे और नियमों के अनुरूप उनका स्थानांतरण किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी ताकि किसी भी शिक्षक को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही, उन्होंने शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए बड़ी जानकारी देते हुए बताया कि TRE-4 की प्रक्रिया इसी महीने शुरू कर दी जाएगी और इसकी तैयारी अंतिम चरण में है। संबंधित अधिकारियों को अभ्यर्थियों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है। पारदर्शी बनाने के लिए सरकार व्यापक तैयारी कर रहीमंत्री के अनुसार, 25 जुलाई तक विभाग अपनी तैयारियां पूरी कर लेगा और TRE-4 की अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेज दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समयबद्ध तरीके से शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करना है, ताकि राज्य के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को जल्द दूर किया जा सके। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने प्राइवेट कोचिंग संस्थानों को लेकर बड़ा ऐलान किया है। गोपालगंज दौरे पर पहुंचे शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही एक नई और प्रभावी कोचिंग नीति लागू करने जा रही है। इसके तहत सभी निजी कोचिंग संस्थानों के लिए नियम तय होंगे और उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा। मंत्री ने कहा कि अगले एक से डेढ़ महीने के भीतर नई नीति लागू करने की दिशा में सरकार काम कर रही है। पारदर्शी बनाने के लिए सरकार व्यापक तैयारी कर रहीउन्होंने कहा कि बिहार में संचालित निजी कोचिंग संस्थानों के संचालन को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार व्यापक तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि इस दिशा में विभाग ने अध्ययन शुरू कर दिया है और विभिन्न राज्यों की कोचिंग नीतियों का भी गहन परीक्षण किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि विशेष रूप से राजस्थान सरकार द्वारा वर्ष 2025 में लागू की गई कोचिंग नीति का अध्ययन किया जा रहा है। उस नीति के बेहतर प्रावधानों को बिहार की जरूरतों के अनुसार शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। साथ ही शिक्षा विभाग ने भी अपने स्तर पर कई महत्वपूर्ण सुझाव और मसौदे तैयार किए हैं, जिन्हें नई नीति का हिस्सा बनाया जाएगा। आवश्यक सुविधाओं जैसे विषयों को भी शामिल किया जाएगाउन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ नियम बनाना नहीं, बल्कि एक ऐसी प्रभावी व्यवस्था लागू करना है जिससे छात्रों के हितों की रक्षा हो, कोचिंग संस्थानों की जवाबदेही तय हो और पूरे सिस्टम में पारदर्शिता आए। इसके लिए सभी निजी कोचिंग संस्थानों के लिए एक मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (आदर्श आचार संहिता) लागू किया जाएगा, जिसका पालन करना अनिवार्य होगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप कोचिंग संस्थानों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी सरकार गंभीरता से काम कर रही है। नई नीति में छात्रों की सुरक्षा, पढ़ाई का माहौल, संस्थानों की जवाबदेही और आवश्यक सुविधाओं जैसे विषयों को भी शामिल किया जाएगा। निजी कोचिंग संस्थानों को कानून के दायरे में लाया जाएगाउन्होंने स्पष्ट कहा कि बिहार में संचालित सभी निजी कोचिंग संस्थानों को कानून के दायरे में लाया जाएगा और भविष्य में निर्धारित नियमों के अनुरूप ही उनका संचालन होगा। सरकार की कोशिश है कि अगले एक से डेढ़ महीने के भीतर नई कोचिंग नीति लागू कर दी जाए। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा की जीत का दावा किया। उन्होंने पार्टी के उम्मीदवार की जमकर सराहना की और कहा कि भाजपा ने एक समर्पित कार्यकर्ता पर भरोसा जताया है। इस दौरान उन्होंने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर भी तंज कसा। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि भाजपा ने ऐसे कार्यकर्ता को उम्मीदवार बनाया है, जो पिछले करीब 16 वर्षों से युवा मोर्चा से लेकर संगठन के विभिन्न दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करता रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने हमेशा मेहनती और समर्पित कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने का काम किया है और इस बार भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाया गया है। इस बार भी नतीजा भाजपा के पक्ष में रहेगामंत्री ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी नेतृत्व और प्रदेश नेतृत्व ने एक जमीनी कार्यकर्ता पर विश्वास जताया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भाजपा प्रत्याशी भारी मतों से जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचेगा। वहीं जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले चुनाव में भी जनता ने उन्हें स्वीकार नहीं किया था और इस बार भी नतीजा भाजपा के पक्ष में रहेगा। उन्होंने दावा किया कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा बड़े बहुमत से जीत हासिल करेगी। निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों से की जा रही कथित अवैध वसूली पर उन्होंने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और जल्द ही सभी निजी स्कूलों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। सभी निजी विद्यालयों को एसओपी भेजी जाएगीशिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों से किसी भी प्रकार की अनुचित या अवैध वसूली सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में शिक्षा विभाग एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार कर रहा है। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस दिशा में पहले से कार्रवाई की जा रही है और अब सभी निजी विद्यालयों को एसओपी भेजी जाएगी। इसके तहत स्कूलों को निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कोई निजी विद्यालय तय नियमों का उल्लंघन करता है या अभिभावकों का आर्थिक शोषण करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सरकार की प्राथमिकता छात्रों और अभिभावकों के हितों की रक्षा करना है और किसी भी स्थिति में उनका आर्थिक दोहन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मोहनिया चेकपोस्ट पर वाहन जांच के दौरान पुलिस ने 282 लीटर विदेशी शराब जब्त की है। यह शराब उत्तर प्रदेश से बिहार लाई जा रही थी। मामले में एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है, जिसका पुराना आपराधिक इतिहास सामने आया है। उत्पाद विभाग के चेकपोस्ट मोहनिया प्रभारी गुंजेश कुमार ने बताया कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू करने के लिए प्रशासन द्वारा वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही थी। चेकिंग के दौरान, उत्तर प्रदेश की ओर से आ रही एक डस्टर कार को संदेह के आधार पर रोका गया। तलाशी लेने पर कार से भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब बरामद हुई। कुल 282 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई, जिसे तस्करी कर यूपी से डेहरी ले जाया जा रहा था। पुलिस ने मौके से ही कार चालक अमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया। अमित कुमार न्यू डेहरी के वार्ड नंबर 11 का निवासी है। उत्पाद प्रभारी गुंजेश कुमार ने बताया कि आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास है। एक्साइज विभाग के सासाराम सेक्शन के रिकॉर्ड्स के अनुसार, अमित कुमार पिछले दो-तीन सालों से शराब तस्करी में शामिल रहा है और उसे पहले भी सासाराम में पकड़ा जा चुका है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
PGI 2.0 रिपोर्ट के अनुसार, चंडीगढ़ ने 761 से 820 अंकों के दायरे में प्रदर्शन करते हुए ‘उत्तम-3’ ग्रेड प्राप्त किया। यह श्रेणी लगभग 61 से 70 प्रतिशत प्रदर्शन का प्रतिनिधित्व करती है। हालांकि चंडीगढ़ देश में शीर्ष पर रहा, लेकिन वह अब भी सर्वोच्च श्रेणियों से काफी पीछे है। इससे स्पष्ट होता है कि देश में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में अभी और सुधार की जरूरत है।
बिहार सरकार ने स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स को लेकर बड़ा यू टर्न लिया है। कैबिनेट की बैठक में स्टेट हाईवे और राज्य के पुलों पर सभी श्रेणी के वाहनों से यूजर फीस टोल वसूलने के नियमों को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद आम लोगों में यह संदेश गया कि अब निजी कार, जीप और अन्य प्राइवेट वाहनों को भी स्टेट हाईवे पर चलने के लिए टोल देना होगा। हालांकि, फैसले के 24 घंटे के भीतर सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि निजी वाहनों से कोई यूजर फीस नहीं ली जाएगी। अब यह शुल्क केवल व्यावसायिक वाहनों पर ही लागू होगा। प्राइवेट वाहनों को मिली पूरी छूट सरकार के स्पष्टीकरण के बाद लाखों निजी वाहन मालिकों को राहत मिली है। सरकार ने साफ किया है कि निजी उपयोग के लिए चलने वाली कार, जीप, बाइक और अन्य व्यक्तिगत वाहन इस व्यवस्था से पूरी तरह बाहर रहेंगे। यानी बिहार के किसी भी स्टेट हाईवे पर निजी वाहनों को टोल टैक्स नहीं देना होगा। बिना फास्टैग वाले वाहनों से अधिक शुल्क और ओवरलोड वाहनों पर अतिरिक्त जुर्माने का भी प्रावधान रखा गया था। अब इन दरों का प्रभाव केवल कॉमर्शियल वाहनों पर ही रहेगा। लाई गई नई व्यवस्था का बड़ा कारण सरकार का कहना है कि बिहार में स्टेट हाईवे, बड़े पुल, बाइपास और अन्य सड़क परियोजनाओं के रखरखाव, मरम्मत और भविष्य में नई सड़कों के निर्माण के लिए लगातार पैसे की जरूरत होती है। इसी उद्देश्य से व्यावसायिक वाहनों से यूजर फीस लेने का निर्णय लिया गया है। सरकार का दावा है कि इससे सड़कों की गुणवत्ता बेहतर होगी और रखरखाव के लिए स्थायी संसाधन उपलब्ध होंगे। किन सड़कों पर लगेगा टोल बाद में घोषणा सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य के सभी स्टेट हाईवे पर एक साथ टोल वसूली शुरू नहीं होगी। पहले ट्रैफिक सर्वे, सड़क की स्थिति और अन्य तकनीकी मानकों का आकलन किया जाएगा। इसके बाद अधिसूचना जारी कर उन स्टेट हाईवे और पुलों की सूची घोषित की जाएगी जहां व्यावसायिक वाहनों से यूजर फीस वसूली जाएगी। विपक्ष के सवालों के बीच सरकार का यू-टर्न कैबिनेट के फैसले के बाद विपक्ष ने आरोप लगाया था कि सरकार आम लोगों पर नया आर्थिक बोझ डाल रही है। सोशल मीडिया पर भी निजी वाहनों पर टोल लगाने को लेकर व्यापक चर्चा और आलोचना हुई। इसके बाद सरकार ने 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण जारी कर साफ कर दिया कि निजी वाहनों पर किसी तरह का टोल टैक्स नहीं लगाया जाएगा। सरकार के इस कदम को आम लोगों की चिंता और राजनीतिक प्रतिक्रिया के बाद लिया गया बड़ा निर्णय माना जा रहा है।
किशनगंज पुलिस ने बिहार और उत्तर प्रदेश में हुए साइबर फ्रॉड की रकम को अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर उपयोग करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। साइबर थाना पुलिस ने वैज्ञानिक, तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर यह कार्रवाई की। यह गिरफ्तारी पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हुई। साइबर थाना कांड संख्या 18/2026, दिनांक 5 जुलाई 2026 के अनुसंधान के दौरान आरोपी को पकड़ा गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(डी) के तहत केस दर्ज किया गया है। कानूनी प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार किया गया गिरफ्तार आरोपी की पहचान किशनगंज जिले के गलगलिया थाना अंतर्गत धमेलगाछ, वार्ड संख्या-09 निवासी चंदन कुमार मंडल (पिता- ललित मंडल) के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी के बैंक खाते का उपयोग बिहार और उत्तर प्रदेश में हुई विभिन्न साइबर ठगी से प्राप्त अवैध राशि के हस्तांतरण, उपयोग और निकासी के लिए किया जा रहा था। संभावित सहयोगियों की पहचान की जा रही पुलिस के अनुसार, डिजिटल साक्ष्यों, बैंकिंग लेनदेन, तकनीकी विश्लेषण और अन्य उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर आरोपी की संलिप्तता प्रथम दृष्टया स्थापित हुई। इसके बाद उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार किया गया। मामले की जांच अभी जारी है, जिसमें साइबर अपराधियों के नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन की श्रृंखला, अन्य लाभार्थी खातों और संभावित सहयोगियों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने बताया कि अनुसंधान में मिले साक्ष्यों के आधार पर इस संगठित साइबर अपराध से जुड़े अन्य व्यक्तियों की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार छापेमारी और कार्रवाई की जा रही है। आरोपी के पास से बरामद सामान - POCO कंपनी का मोबाइल फोन, IDBI बैंक का एटीएम कार्ड, SBI बैंक का एटीएम कार्ड IDBI बैंक की चेकबुक
बांका जिले ने सुशासन और जनसेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम (आरटीपीएस) के तहत जारी नवीनतम राज्य स्तरीय रैंकिंग में बांका पूरे बिहार में पहले स्थान पर रहा है। यह उपलब्धि जिले की प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था और समयबद्ध सेवा वितरण का परिणाम मानी जा रही है। अधिक पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध बनाया जिला प्रशासन ने इस सफलता का श्रेय जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल के कुशल नेतृत्व, नियमित समीक्षा और जवाबदेह कार्य संस्कृति को दिया है। उनके मार्गदर्शन में लोक सेवाओं के वितरण को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध बनाया गया है। प्रशासन की प्राथमिकता रही है कि प्रत्येक पात्र नागरिक को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिलें और अनावश्यक विलंब समाप्त हो। लंबित मामलों के त्वरित निपटान पर विशेष जोर जिलाधिकारी समय-समय पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ समीक्षा बैठकें करते हैं, ताकि सेवा वितरण की प्रगति का आकलन किया जा सके। इसके अतिरिक्त, लोक सेवा केंद्रों का नियमित निरीक्षण, प्राप्त आवेदनों की सतत निगरानी और लंबित मामलों के त्वरित निपटान पर विशेष जोर दिया जाता है। सेवा देने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई कर प्रशासनिक जवाबदेही भी सुनिश्चित की जा रही है। जनसेवा जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया इस उपलब्धि में अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, जिला आईटी प्रबंधक, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, आईटी सहायक, कार्यपालक सहायक और जिले के सभी लोक सेवा केंद्रों के कर्मियों की सक्रिय भूमिका रही है। जिला प्रशासन का कहना है कि राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त करना केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि आम नागरिकों के विश्वास और सुशासन के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। जिला प्रशासन ने भविष्य में भी इसी गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ जनसेवा जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया है।
सलवार-सूट पहनकर बिहार में घूम रही थी यूक्रेन की यह रहस्यमयी हसीना, SSB ने जब रोका तो उड़ गए होश
भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने एक बेहद ही चौंकाने वाले और रहस्यमयी मामले का खुलासा किया है। बिहार के सीमावर्ती इलाके में भारतीय परिधान यानी सलवार-सूट पहनकर घूम रही यूक्रेन की एक महिला को सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों ने संदिग्ध स्थिति में हिरासत में लिया है। महिला की अजीबोगरीब हरकतों को देखकर जब जवानों ने उससे पूछताछ की, तो जो सच्चाई सामने आई उसे सुनकर सुरक्षा अधिकारी भी दंग रह गए, जिसके बाद उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।भारतीय वेशभूषा में सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने की कोशिशसुरक्षा सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार विदेशी महिला की पहचान यूक्रेन की नागरिक के रूप में हुई है। वह पूरी तरह से भारतीय रंग-ढंग और सलवार-सूट पहने हुई थी ताकि सुरक्षा बलों या स्थानीय लोगों को उस पर कोई शक न हो। वह बेहद शातिर तरीके से भारत-नेपाल सीमा को पार कर भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश कर रही थी। एसएसबी की महिला विंग और खुफिया इकाई को उसकी चाल-ढाल पर संदेह हुआ, जिसके बाद उसे बैरिकेडिंग के पास रोककर सघन पूछताछ शुरू की गई।न पासपोर्ट, न वैलिड वीजा; पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला खुलासाजब एसएसबी के अधिकारियों ने महिला से भारत में रहने के वैध दस्तावेज, पासपोर्ट और वीजा की मांग की, तो वह कोई भी संतोषजनक कागज नहीं दिखा सकी। जांच में पता चला कि वह बिना किसी वैध दस्तावेज के अवैध तरीके से सीमा पार कर भारत में दाखिल हुई थी। उसके पास से कुछ संदिग्ध सामान और डिजिटल दस्तावेज भी बरामद होने की खबर है। सुरक्षा बलों के कड़े सवालों के सामने वह बार-बार अपना बयान बदल रही थी, जिससे मामला और गहरा गया है।स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां जांच में जुटींएसएसबी ने प्रारंभिक पूछताछ और कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद यूक्रेनी महिला को स्थानीय पुलिस स्टेशन के हवाले कर दिया है। महिला के खिलाफ फॉरेनर्स एक्ट (विदेशी अधिनियम) के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। देश की आंतरिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय खुफिया एजेंसियां भी इस मामले में एक्टिव हो गई हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस रहस्यमयी महिला के तार कहीं किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क या जासूसी सिंडिकेट से तो नहीं जुड़े हैं।
बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ ही मौसम का मिजाज बेहद आक्रामक हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कल यानी 8 जुलाई के लिए सूबे के कई हिस्सों में बहुत बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 24 घंटों में बिहार के कई जिलों में सामान्य बारिश नहीं, बल्कि तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली (वज्रपात) का तांडव देखने को मिल सकता है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।इन जिलों के लिए मौसम विभाग की गंभीर चेतावनीपटना मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, 8 जुलाई को उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व बिहार के जिलों में मौसम सबसे ज्यादा खतरनाक रहेगा। विशेष रूप से दरभंगा, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, शिवहर, सीतामढ़ी, कटिहार, मधेपुरा, पूर्णिया और सहरसा जिलों में मेघ गर्जन के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा दक्षिण बिहार के गया, भागलपुर, बांका, कैमूर और रोहतास में भी मूसलाधार बारिश को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है।50 किमी की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएंमौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बारिश के साथ-साथ इन प्रभावित इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने के आसार हैं। कुछ जगहों पर हवा की गति और भी अधिक हो सकती है, जिससे कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंच सकता है। उमस भरी गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन आंधी और पानी का यह गठजोड़ राहगीरों और किसानों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है।आपदा प्रबंधन और IMD की आम जनता को सलाहआकाशीय बिजली (वज्रपात) के बढ़ते खतरों को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और आईएमडी ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों या पक्के मकानों में शरण लें। खेतों में काम कर रहे किसान भाई पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें और बिजली के उपकरणों से दूरी बनाए रखें। अगले 4 से 5 दिनों तक राज्य भर में मौसम का यह अस्थिर रूप जारी रहने का अनुमान है।
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने मंगलवार को अपनी सुरक्षा को लेकर जताई जा रही चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें इससे कोई समस्या नहीं है और उन्होंने खुद को बिहार का शेर बताया।
किशनगंज जिले के मदरसा इत्तेहादुल मुस्लेमीन, बाभनगांव (मदरसा संख्या-369/609) में एक संदिग्ध नियुक्ति का मामला सामने आया है। इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) किशनगंज ने शिकायत को आगे की कार्रवाई के लिए बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड, पटना को भेज दिया है। कर्मचारी की नियुक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में होने का आरोप जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, किशनगंज की स्थापना शाखा से जारी आदेश के अनुसार, यह कार्रवाई एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली के माध्यम से प्राप्त आवेदन (पंजीकरण संख्या REF471233) पर की गई है। शिकायत में आरोप है कि मदरसा इत्तेहादुल मुस्लेमीन, बाभनगांव में एक कर्मचारी की नियुक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। आवेदक ने इस नियुक्ति प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच कराने, दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने और संबंधित नवनियुक्त कर्मचारी को तत्काल निलंबित करने की मांग की है। आवश्यक कार्रवाई के लिए बोर्ड के सचिव को भेजा आवेदन डीईओ कार्यालय द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि शिकायतकर्ता का मूल आवेदन बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष को संबोधित था। चूंकि मदरसों में नियुक्ति और प्रशासनिक मामलों पर निर्णय लेने का अधिकार मदरसा बोर्ड के पास है, इसलिए आवेदन को आवश्यक कार्रवाई के लिए बोर्ड के सचिव को भेजा गया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि मामले में आगे की जांच और आवश्यक निर्णय बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड स्तर से ही लिया जाएगा। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बोर्ड शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जांच समिति का गठन करता है या नहीं और आरोपों की सत्यता की जांच के बाद क्या कार्रवाई की जाती है। संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज है। शिकायतकर्ता ने निष्पक्ष जांच की मांग दोहराते हुए कहा है कि यदि नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय ने शिकायत को सक्षम प्राधिकार के पास भेजकर अपनी प्रशासनिक कार्रवाई पूरी कर ली है।
बिहार सरकार ने इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए 50 से अधिक नए स्पॉट्स चिन्हित किए हैं। अगले पांच सालों में राज्य में इको-टूरिज्म स्थलों की संख्या बढ़कर 60-70 पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। बिहार के प्रमुख इको-टूरिज्म स्थलों में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये राज्य का एकमात्र टाइगर रिजर्व है। यह तराई के घने जंगलों, बाघों, हाथियों और अन्य वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध है। नेपाल की सीमा से सटा होने के कारण बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। कैमूर बनेगा बिहार का दूसरा टाइगर रिजर्व इसके अलावा कैमूर को दूसरे टाइगर रिजर्व के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसे झरनों और ट्रैकिंग के लिए जाना जाता है। भीमबांध वन्यजीव सैंक्चुअरी, गौतम बुद्ध वन्यजीव सैंक्चुअरी, विक्रमशिला गंगा डॉल्फिन सैंक्चुअरी, कांवर झील पक्षी सैंक्चुअरी, राजगीर का पहाड़ी क्षेत्र, ककोलत वॉटरफल, घोड़ा कटोरा, बराबर-गुरुपा पहाड़ियां और सूरजपुर वेटलैंड भी राज्य के प्रमुख इको-टूरिज्म स्थलों में शामिल हैं। पर्यटन क्षेत्र से 20 लाख नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने बताया कि बिहार इको-टूरिज्म के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य स्थाई पर्यटन को बढ़ावा देना है, ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सके। पर्यटन विभाग ने अगले पांच वर्षों में पर्यटन क्षेत्र के माध्यम से 20 लाख रोजगार सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इन प्रयासों से न केवल देश-विदेश के पर्यटक आकर्षित होंगे, बल्कि बिहार की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर की भी रक्षा होगी। वाल्मीकिनगर में बनेगा आइकॉनिक टूरिज्म पार्क सहरसा स्थित मत्स्यगंधा झील पर सॉवेनियर शॉप, सुपर ट्री, ग्लास ब्रिज और एक्सपीरियंस सेंटर समेत अन्य सुविधाएं वर्ष 2026 तक पूरी कर ली जाएंगी। पश्चिम चंपारण के लव कुश पार्क और वाल्मीकिनगर में आइकॉनिक टूरिज्म पार्क का व्यापक विकास कार्य 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके अलावा मां मुंडेश्वरी धाम में धर्मशाला का अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित करने के लिए जंगल सफारी और इको-टूरिज्म गतिविधियों को विशेष बढ़ावा दिया जाएगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे पर्यटन स्थल पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने के लिए विकसित किए जा रहे सभी इको-टूरिज्म स्थलों पर नेचर ट्रेल्स, वॉच टावर, इको-कॉटेज, होमस्टे, डिजिटल साइनेज और इंटरप्रिटेशन सेंटर जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएगी हैं। बिहार में वर्तमान में 10 से 15 सक्रिय इको-टूरिज्म स्थल हैं, जबकि 24 से अधिक प्रमुख स्थलों को विकसित करने का काम तेजी से चल रहा है। इनमें वन्यजीव अभयारण्य, राष्ट्रीय उद्यान, झीलें, वॉटरफाॅल और पहाड़ियां शामिल हैं।
सदगुरु पटना आए तो कहा कि इस शहर को पटना नहीं ‘पाटलिपुत्र’ कहिए। 'पाटली' एक फूल का नाम है और पाटलिपुत्र का मतलब होता है 'पाटली फूल की संतान'। यह नाम सुनकर मन में सुंदर तस्वीर उभरती है। हमें ऐसे नामों का इस्तेमाल करना चाहिए जो गर्व महसूस कराएं और हमारी जड़ों से जोड़ें। 5 महीने पहले सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने राज्यसभा में पटना का नाम बदलकर पाटलिपुत्र करने की मांग रखी थी। सिर्फ पटना नहीं, बिहार के पांच शहरों के नाम बदले जाने की चर्चा तेज है। बख्तियारपुर को व्यासपुर और औरंगाबाद को आदित्य नगर नाम दिए जाने की मांग है। इसी तरह जहानाबाद और सुल्तानगंज के भी नाम बदलने की डिमांड है। मंडे स्पेशल में जानिए बिहार के किन शहरों के नाम बदलने की मांग की जा रही है? इनके नाम के पीछे क्या कहानी है? नाम बदलने पर कितना खर्च आता है? क्यों उठ रही शहरों के नाम बदलने की मांग? भाजपा नेता सम्राट चौधरी के सीएम बनने के बाद शहरों के नाम बदलने की मांग तेज हुई है। उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज और फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या रखा गया। अब इसी तरह की पहल की उम्मीद सीएम सम्राट से लगाई जा रही है। नाम बदलने की मांग की बड़ी वजह सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान के मुद्दे को प्रमुखता देना है। बीजेपी अपने राष्ट्रवाद के एजेंडे को ताकतवर बनाने के लिए कई राज्यों में यह प्रयोग पहले कर चुकी है। बिहार में भी ऐसे राष्ट्रवाद की नजीर रखी जा सकती है। बिहार के किन 5 शहरों के नाम बदलने की हो रही मांग? 1. पटना: अखंडित भारत की राजधानी था पाटलिपुत्र पटना इतिहास में पाटलिपुत्र के नाम से प्रसिद्ध था। गंगा किनारे बसे इस शहर का नाम पटना क्यों पड़ा? इसके अलग-अलग कारण बताए जाते हैं। कहा जाता है कि राजा पत्रक ने अपनी रानी पाटलि के लिए यह शहर बसाया था। 3 हजार साल पहले इस इलाके में पाटलि के बहुत से पेड़ थे। 2. बख्तियारपुर नहीं व्यासपुर रखा जाए नाम नालंदा जिले के बख्तियारपुर का नाम बदलकर ‘व्यासपुर’ या ‘मगध द्वार’ रखने की मांग हो रही है। दावा है कि यह क्षेत्र प्राचीन काल में महर्षि वेदव्यास से जुड़ा था। इसका पुराना नाम व्यासपुर था। बख्तियार खिलजी ने नालंदा विश्वविद्यालय नष्ट किया। उसके नाम पर बख्तियारपुर का नाम रखा गया था। 2025 के चुनाव में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह यहां आए थे। उन्होंने बख्तियार खिलजी को याद करते हुए कहा था कि उसने नालंदा महाविहार नष्ट किया था। छह माह तक यहां किताबें जलती रहीं थीं। बख्तियारपुर में 2018 से कला संस्कृति मंच नाम बदलने के लिए आंदोलन चला रही है। मंच के अजय कुमार सिंह ने कहा, ‘बख्तियार खिलजी ने प्राचीन संस्कृति और शिक्षा के बड़े केन्द्र नालंदा को खंडहर में बदल दिया था। उसने बिहार को भारी नुकसान पहुंचाया था।’ 3. औरंगाबाद नहीं, देव धाम या आदित्य नगर कहिएऔरंगाबाद शहर का नाम औरंगजेब से जुड़ा माना जाता है। यहां की बड़ी सांस्कृतिक पहचान देव सूर्य मंदिर से है। यही वजह है कि इसका नाम बदलकर ‘देव धाम’ या ‘आदित्य नगर’ करने की मांग की जा रही है। आदित्य, भगवान सूर्य का एक नाम है। जलेश्वर विकास केन्द्र नाम की संस्था 1992 से औरंगाबाद का नाम बदलकर देव धाम करने की मांग कर रही है। इसके महासचिव सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने कहा कि बिहार के आधे से अधिक स्थानों के नाम उनकी ऐतिहासिकता और धार्मिक पहचान की वजह से है। जैसे- रोहतास, कैमूर, भोजपुर, वैशाली, नालंदा, सारण। 4. त्रेता युग में मांडवी नगर था जहानाबाद कहा जाता है कि जहानाबाद नाम मुगल शासक शाहजहां की बेटी जहांआरा के नाम से जुड़ा है। जहांआरा के जहानाबाद आने के बाद यहां मंडियों का विकास किया गया। कहा जाता है कि त्रेता और द्वापर युग में इसे ‘मांडवी नगर’ के नाम से जाना जाता था। इसका संबंध भगवान श्रीराम के भाई भरत की पत्नी मांडवी से था। किंवदंती है कि महाभारत काल में यहां स्थित संगम घाट पर पांडवों ने माता मांडवेश्वरी की पूजा की थी। 5. सुल्तानगंज नहीं अजगैबीनाथ कहिए भागलपुर शहर के सुल्तानगंज शहर का नाम बदलकर अजगैबीनाथ करने की मांग हो रही है। पहले इस शहर का नाम हिरणीपुर और जहांगिरी था। मुगल काल में इसका नाम सुल्तानगंज रखा गया। जहांगिरी नाम के पीछे की पौराणिक कथा है कि जब गंगा के वेग से जह्नु मुनि की तपस्या भंग हुई तो उन्होंने गंगा को पी लिया। बाद में राजा भगीरथ की प्रार्थना पर उन्होंने अपनी जांघ चीरकर गंगा को फिर से बाहर निकाला , इससे गंगा का नाम जाह्नवी पड़ा। यहां बहने वाली उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर देवघर स्थित बैद्यनाथ धाम मंदिर में चढ़ाने की परंपरा रही है। सावन के समय सुल्तानगंज से लेकर देवघर तक मेला लगता है। लोग कांवर के साथ लगभग 120 किमी की यात्रा पैदल करते हैं। सुल्तानगंज में गंगा नदी के बीच एक चट्टान पर बाबा अजगैबीनाथ मंदिर है। यह यहां की मुख्य पहचान है। इसी कारण सुल्तानगंज का नाम बदल कर अजगैबीनाथ करने की मांग है। दो वर्ष पहले सुल्तानगंज स्टेशन का नाम अजगैबीनाथ धाम रखा गया था। क्या है नाम बदलने का नियम? किसी शहर का नाम बदलने के लिए सबसे पहले जन प्रतिनिधियों या राज्य सरकार की पहल पर प्रस्ताव तैयार होता है। इसे विधानसभा में बहुमत से पारित कराना होता है। विधानसभा से पारित होने के बाद केन्द्र सरकार की मंजूरी के लिए प्रस्ताव को गृह मंत्रालय भेजा जाता है। गृह मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद रेल मंत्रालय, डाक विभाग, इंटेलिजेंस ब्यूरो और सर्वे ऑफ इंडिया से हरी झंडी मिलने के बाद केन्द्र सरकार नाम बदलने की अधिसूचना जारी करती है। अंत में राज्य सरकार की ओर से आधिकारिक अधिसूचना यानी गजट में प्रकाशन किया जाता है। एक शहर का नाम बदलने में कितना खर्च शहर का नाम बदलने में कितना खर्च आएगा? इसका अनुमान इससे लगा सकते हैं कि इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने पर लगभग 300 करोड़ रुपए का खर्च आया था। 2018 में इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किया गया था। इस लिहाज से पटना या बिहार के अन्य किसी शहर का नाम बदले में अब के समय में 300 करोड़ के लगभग खर्च आएगा।
चंदौली में दो शराब तस्कर गिरफ्तार:20 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब बरामद, बिहार ले जा रहे थे
चंदौली जिले के मुगलसराय कोतवाली पुलिस और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने शनिवार देर रात जीटीआर ब्रिज के पास से दो शराब तस्करों को गिरफ्तार किया। उनके पास से विभिन्न ब्रांड की लगभग 20 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 55 हजार रुपये बताई जा रही है। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग ट्रेन से शराब की खेप लेकर बिहार राज्य की ओर जाने वाले हैं। इसी सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने जीटीआर ब्रिज के पास संदिग्धों की जांच शुरू की। जांच के दौरान पिट्ठू बैग लिए दो लोगों को रोका गया, जिनके बैग की तलाशी लेने पर अवैध शराब मिली। आरोपियों की पहचान बिहार के पटना जिले के दानापुर थाना क्षेत्र निवासी रवि कुमार साव और पंकज कुमार मिश्रा के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद से वे लगातार शराब तस्करी में लिप्त हैं। वे मुगलसराय से शराब खरीदकर बिहार ले जाते थे, जहां उसे अधिक कीमत पर बेचकर अवैध लाभ कमाते थे और उसी से अपना खर्च चलाते थे। फिलहाल पुलिस टीम तस्करों को हिरासत में लेकर उनके नेटवर्क को खंगाल रही है। इस संयुक्त कार्रवाई में मुगलसराय थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह और आरपीएफ के पंकज कुमार प्रसाद सहित संयुक्त टीम के सदस्य शामिल रहे।
लखनऊ में रविवार को दोपहर 12:30 बजे इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में लोक जनशक्ति पार्टी ( LJP ) का कार्यक्रम। रामविलास के 'नव संकल्प सभा' को लेकर पद्म भूषण रामविलास पासवान की जयंती महोत्सव मनाया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान शामिल हो रहे है। कार्यक्रम में बिहार समेत उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा। उत्तर प्रदेश के प्रभारी अरुण भारती ने कहा कि हमारी पार्टी आदर्शों पर चलने वाली है। रामविलास पासवान ने हमेशा गरीब पिछड़े लोगों की राजनीति किया। यूपी से लेकर बिहार तक आम आदमी के अधिकारों की लड़ाई लड़ी। विशेष रूप से मजदूर और किसान की आवाज बने, जो अशिक्षित वर्ग था उसे शिक्षित बनाने का काम किया। आज हम लोग अपने नेता के संकल्पों को आगे बढ़ने का काम कर रहे हैं। अपने नेता को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि उनके संकल्पों को आगे बढ़ाएं। प्रदेश अध्यक्ष राजीव पासी ने कहा की हमारा नेता ने हमेशा बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को अपना आदर्श माना। हम लोग अपने नेता को आदर्श मानते हैं और उनके अधूरे काम को पूरा करने का संकल्प लेते हैं। आज हमारी पार्टी केंद्र सरकार में मुख्य भूमिका में है। बिहार सरकार हो या उत्तर प्रदेश की राज्य सभी जगह हमारी पार्टी आम जनता के बीच दिन प्रतिदिन लोकप्रिय हो रही है।
बेगूसराय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी और जम्मू-कश्मीर के पुस्तकालय में बांटी गई एक आतंकी से जुड़ी किताब को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने वैभव सूर्यवंशी को सिर्फ बिहार का नहीं, बल्कि पूरे भारत का लाल बताया। वहीं, कश्मीर मामले को लेकर राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया। 'वैभव सूर्यवंशी अद्भुत क्षमता वाला क्रिकेटर' अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर गिरिराज सिंह ने जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि मैं ही नहीं, बल्कि देश के बड़े-बड़े क्रिकेट महारथी, चाहे सचिन तेंदुलकर हों, रवि शास्त्री या सुनील गावस्कर, सबने वैभव सूर्यवंशी को एक अद्भुत क्षमता वाला क्रिकेटर माना है। इन दिग्गजों का मानना है कि वैभव जैसा खिलाड़ी कभी-कभी ही पैदा होता है। वैभव ने बेगूसराय में करीब 5-6 साल तक क्रिकेट की प्रैक्टिस की है। वैभव सूर्यवंशी केवल बेगूसराय, समस्तीपुर या बिहार का बेटा नहीं है, वह भारत का लाल है। हमारी शुभकामनाएं उसके साथ हैं और वह पूरी दुनिया में क्रिकेट के क्षेत्र में भारत का नाम रोशन करेगा। कश्मीर में आतंकी की किताब पर विपक्ष को घेरा केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जम्मू-कश्मीर के लाइब्रेरी में कथित तौर पर हाफिज सईद जैसे आतंकी की गाथा से संबंधित किताबें बांटे जाने और बाद में विरोध के चलते सरकार द्वारा वापस लिए जाने पर विपक्ष पर हमलावर दिखे। दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि लोग सत्ता के लालच में तुष्टिकरण की पराकाष्ठा पर पहुंच गए हैं। अगर आज देश में कांग्रेस की सरकार होती, तो यह किताबें न सिर्फ लाइब्रेरी में बल्कि स्कूलों के मुख्य सिलेबस में भी चल रही होतीं। लेकिन जनता के भारी विरोध के कारण इन्हें वापस लेना पड़ा। उन्होंने साफ किया कि उनकी सरकार तुष्टिकरण की राजनीति में विश्वास नहीं रखती। राहुल और अखिलेश पर साधा निशाना केंद्रीय मंत्री ने आतंकी से जुड़ी किताबों के प्रचार-प्रसार की आलोचना करते हुए विपक्षी नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हाफिज सईद जैसे खूंखार आतंकवादी को अगर महान बताया जाए, तो इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण और कुछ नहीं हो सकता। लेकिन इस गंभीर मुद्दे पर भी अखिलेश यादव और राहुल गांधी जैसे नेताओं की जुबान पूरी तरह से बंद रहेगी।
रामविलास पासवान जयंती: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत बिहार के कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की जयंती पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले की साहेबगंज सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक राजू सिंह को दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 2018 में नए साल की पूर्व संध्या पर हुई जश्न में गोलीबारी की एक जानलेवा घटना के मामले में चार साल की सजा सुनाई है।
बठिंडा में युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या:भाभी के साथ सुबह हुआ था विवाद, मृतक बिहार का रहने वाला
बठिंडा के बाबा फरीद नगर स्थित गली नंबर 1/5 के एक किराए के क्वार्टर में एक व्यक्ति ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान बिहार के भवानीपुर निवासी अमरजीत पुत्र विजय कुमार के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही समाजसेवी संस्था नौजवान वेलफेयर सोसाइटी बठिंडा के स्वयंसेवक अंश मेहता, साहिब सिंह, अतुल जैन, भाविश गोयल और थाना कैंट पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की प्रारंभिक कार्यवाही के बाद संस्था सदस्यों ने शव को फंदे से नीचे उतारा। भाभी के साथ हुआ था विवाद अमरजीत अपनी भाभी के साथ रह रहा था। बताया जा रहा है कि सुबह उसका अपनी भाभी के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। संस्था सदस्यों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया। थाना कैंट के एसएचओ रघबीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है। एसएचओ ने बताया कि मृतक अकेला रहता था और मजदूरी का काम करता था। पुलिस ने उसके परिवार वालों को बुलाया है और उनके आने के बाद आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
25 हजार का इनामी गौ तस्कर गिरफ्तार:चंदौली पुलिस ने बिहार से विजय कुमार गुप्ता को दबोचा
चंदौली जिले की अलीनगर थाने की पुलिस टीम ने शनिवार को गौ तस्करी के एक मुकदमे में फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी तस्कर विजय कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी बिहार पुलिस के सहयोग से बिहार राज्य के भभुआ जिले के चैनपुर थानाक्षेत्र के हाटा बाजार के पास से हुई। आरोपी विजय कुमार गुप्ता लगभग दो साल पहले से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए इधर-उधर छिपकर रहता था। पुलिस टीम आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच-पड़ताल कर रही है। गौरतलब है कि करीब दो साल पहले अलीनगर थाने की पुलिस टीम हाईवे पर सिंघीताली गांव के पास वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान पुलिस की चेकिंग देखकर एक वाहन चालक वाहन को कुछ दूर पहले खड़ा करके मौके से फरार हो गया था। पुलिस टीम ने मालवाहक चार पहिया वाहन को जब्त करके मौके से छह गौवंश को अपने कब्जे में ले लिया था। इसके बाद चंदौली के एसपी द्वारा आरोपी की पहचान होने पर उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इसी मामले की जांच के दौरान शनिवार को सटीक सूचना के आधार पर अलीनगर के थानाध्यक्ष घनश्याम शुक्ला ने अपनी पुलिस टीम के साथ बिहार पुलिस के सहयोग से आरोपी विजय कुमार गुप्ता को दबोच लिया। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष घनश्याम शुक्ल के अलावा अनिल कुमार सिंह और अमित कुमार सिंह शामिल रहे।
श्रावणी मेला क्षेत्र में कांवरियों के लिए मोबाइल नंबर वाले साइनेज लगाए जाएंगे। ये साइनेजेज पूरे कांवरिया पथ पर लगेंगे। सुल्तानगंज में उद्घाटन के दिन बाबा अजगैबीनाथ मंदिर के निकट ड्रोन शो और लेजर शो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का खास केंद्र होगा। श्रावणी मेला के शुभारंभ और समापन के अवसर पर राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों की प्रस्तुति होगी। ये सभी बातें पर्यटन सचिव लोकेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को श्रावणी मेला की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए समीक्षा बैठक में कही। कांवरिया पथ में विभिन्न स्थानों पर टेंट सिटी का निर्माण किया जाएगा 30 जुलाई से 28 अगस्त के बीच आयोजित होने वाले श्रावणी मेला का आयोजन होगा। लोकेश कुमार सिंह ने गंगा घाट के पास कांवरियों की सुरक्षा के लिए विशेष बैरिकेडिंग करने के भी निर्देश दिए। पथ पर समय से बालू बिछाने का कार्य, सुरक्षा हेतु पुलिस पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने को कहा। कांवरिया पथ में विभिन्न स्थानों पर टेंट सिटी का निर्माण किया जाना है, जहां स्नानघर, शुद्ध पेयजल, शौचालय, निर्बाध बिजली जैसी सभी आवश्यक सुविधाओं को व्यवस्थित की जाए। शिवमंत्रों के जाप की ध्वनि की गूंज रहेगी उन्होंने जीविका के सीइओ को निर्देशित करते हुए कहा कि दीदी की रसोई के लिए स्थान विभाग द्वारा दिया जाएगा, वहां स्वच्छ और सुरुचिपूर्ण भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करें, भोजन का रेट चार्ट भी अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने बताया कि बाबा अजगैबीनाथ मंदिर, सुल्तानगंज से बिहार सीमा दुम्मा तक मेला पथ में जगह-जगह भव्य गेट, विशेष लाइटिंग, साज-सज्जा और शिवमंत्रों के जाप की ध्वनि की गूंज हो, इसे ध्यान में रखते हुए अजगैबीनाथ, सुल्तानगंज सहित सभी टेंट सिटी में व्यवस्थाएं की जा रही है।
पानीपत जिले में समालखा खंड के गांव भोड़वाल माजरी में धान रोपाई के दौरान खेत में करंट आने से एक मजदूर की मौत हो गई। इस घटना में दो अन्य मजदूर झुलस हो गए, जिन्हें समालखा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी मजदूर बिहार के सहरसा जिले के गांव पामा के रहने वाले हैं। मृतक की पहचान मनोज कामत (36) के रूप में हुई है, जबकि झुलसे लोगों में मुलायम और परमीत हैं। झुलसे लोगों ने बताया कि वे पंद्रह-बीस दिन पहले धान रोपाई के लिए अपने साथियों के साथ बिहार से भोड़वाल माजरी आए थे। वे वर्षों से धान की रोपाई और कटाई के मौसम में यहां काम करने आते हैं और गांव के सुशील के खेत में रहते हैं। खेत में भरे पानी में फैला करंट वीरवार की सुबह करीब साढ़े आठ बजे दस मजदूर किसान ईश्वर के खेत में धान की रोपाई कर रहे थे। इस दौरान हल्की बूंदाबांदी भी हो रही थी। खेत में लगे 11 हजार केवीए की बिजली लाइन के एक खंभे पर डिस्क पंक्चर होने से धमाका हुआ और फ्लैश हुआ। खंभे के माध्यम से बिजली का करंट खेत के पानी में फैल गया। मृतक मनोज कामत खंभे के पास काम कर रहा था, जिससे उसे तुरंत करंट लग गया और उसकी जान चली गई। मनोज के आसपास होने के कारण मुलायम और परमीत भी घायल हो गए। खेत में काम कर रहे सात अन्य मजदूर भी पानी में गिर गए, लेकिन गनीमत रही कि इस दौरान बिजली लाइन ट्रिप हो गई, जिससे उनकी जान बच गई। पुलिस कर रही मामले की जांच मनोज कामत अपने दो भाइयों में बड़ा था। उसके परिवार में तीन लड़कियां और एक लड़का है। स्थानीय पुलिस ने घटना का संज्ञान लिया है और मामले की छानबीन कर रही है।
लुधियाना के कस्बा जगराओं के गांव पब्बियां में आवारा कुत्तों के हमले से एक मजदूर की मौत हो गई। गुरुवार सुबह खेत में मजदूर का शव मिला। उसके शरीर पर कुत्तों के काटे जाने के निशान मिले। मृतक बिहार के पूर्णिया जिले का रहने वाला है और धान की रोपाई के लिए जगराओं आया था। मृतक की पहचान रमेश मंडल (पुत्र जागेश्वर), निवासी मख्खनाहा, जिला पूर्णिया, बिहार के रूप में हुई है। वह हर साल की तरह इस बार भी गांव पब्बियां के किसान हरबंस सिंह के खेतों में धान की रोपाई के लिए अपने साथियों के साथ आया था। मोटर के कमरे की छत्त पर सो रहा था पुलिस के अनुसार, बुधवार रात रमेश और उसके साथी खेत में बने मोटर कमरे की छत पर सो रहे थे। देर रात रमेश के मोबाइल पर फोन आया। वह बात करने के लिए नीचे उतरकर खेतों की ओर चला गया। इसी दौरान पास की हड्डा रोड़ी के आसपास घूम रहे करीब 12-13 आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रमेश ने खुद को बचाने का प्रयास किया और मदद के लिए चिल्लाया। हालांकि, दिनभर काम करने के कारण उसके साथी गहरी नींद में थे और उसकी आवाज नहीं सुन पाए। कुत्तों ने उसकी गर्दन सहित शरीर के कई हिस्सों को नोच डाला, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मजदूरों ने खेत में पड़ा देखा शव गुरुवार सुबह जब साथी मजदूर उठे, तो उन्होंने खेत में रमेश का शव पड़ा देखा। इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। चौकी चौकीमान के प्रभारी सुखमंदर सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर धारा 194 बीएनएस के तहत आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।इलाके के लोगों में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर गहरा गुस्सा है। पहले भी कई बार कर चुके लोगों पर हमला ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी कई बार आवारा कुत्तों के झुंड लोगों और पशुओं पर हमला कर चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। लोगों ने मांग की है कि आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।
1.5 करोड़ में बिक रहा था TET का पेपर! बिहार से हरियाणा तक फैला सॉल्वर गैंग का जाल
देश के लाखों युवाओं के भविष्य और शिक्षक बनने के सपने के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बहुत बड़े सॉल्वर गैंग और पेपर लीक माफिया का भंडाफोड़ हुआ है। साल 2026 की शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी (TET Paper Leak 2026) का प्रश्नपत्र परीक्षा से ठीक पहले लीक करने और उसे मोटी रकम में बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जांच एजेंसियों की शुरुआती कार्रवाई में यह खुलासा हुआ है कि इस बार के टीईटी पेपर को लीक करने के लिए माफियाओं के बीच पूरे 1.5 करोड़ रुपये की भारी-भरकम डील तय हुई थी। इस खुलासे के बाद शिक्षा जगत से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक में हड़कंप मच गया है।बिहार से हरियाणा तक फैला है माफियाओं का सिंडिकेट, हाई-टेक तरीके से लीक हुआ पेपरइस महा-घोटाले की जांच में जुटे अधिकारियों के मुताबिक, इस पेपर लीक नेटवर्क का मुख्य केंद्र बिंदु बिहार और हरियाणा राज्य बनकर उभरे हैं। बिहार के कूटनीतिक और शातिर सॉल्वर गैंग ने परीक्षा केंद्र के भीतर से पेपर को लीक करवाया और इसे तुरंत हरियाणा में बैठे अपने आकाओं और डीलरों तक डिजिटल माध्यम से पहुंचा दिया। इस रैकेट में कई बड़े कोचिंग संचालकों, प्रिंटिंग प्रेस के संदिग्ध कर्मचारियों और हाई-टेक हैकर्स के शामिल होने की बात सामने आ रही है। पुलिस ने बिहार के पटना, गया और हरियाणा के रोहतक, जींद जैसे प्रमुख शहरों में एक साथ छापेमारी कर कई मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है।आखिर कितने राज्यों में फैले हैं तार, जांच एजेंसियों की रडार पर देश भर के सेंटरसॉल्वर गैंग के पकड़े गए गुर्गों से की जा रही कड़े दौर की पूछताछ में जो बातें सामने आ रही हैं, उसने जांच एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए हैं। इस रैकेट के तार सिर्फ बिहार और हरियाणा तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश (UP), राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों में भी इसके फैले होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। इन राज्यों के कुछ चिन्हित परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों से एडवांस में मोटी रकम और उनके मूल दस्तावेज जमा करा लिए गए थे ताकि उन्हें पास कराने की 100% गारंटी दी जा सके। पुलिस अब इन सभी राज्यों की एसटीएफ (STF) टीमों के साथ मिलकर एक बड़ा ज्वाइंट ऑपरेशन चला रही है।एआई सर्च और लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य पर इस लीक का क्या होगा असरजियोपॉलिटिकल और लोकल (Geographical) ऑप्टिमाइजेशन के नजरिए से देखें तो इस पेपर लीक ने देश भर के लाखों योग्य और दिन-रात मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को गहरे सदमे और आक्रोश में डाल दिया है। छात्र सड़कों पर उतरकर इस परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने और मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग कर रहे हैं। एआई सर्च, आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) और शिक्षा क्षेत्र के विश्लेषकों का मानना है कि परीक्षा प्रणालियों में एआई और आधुनिक सुरक्षा तकनीकों की भारी कमी के कारण ही ये सिंडिकेट बार-बार देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं में सेंध लगाने में कामयाब हो रहे हैं। अब देखना यह होगा कि सरकार इस लीक के बाद क्या बड़ा फैसला लेती है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर बिहार में योग का उत्साह
पटना, 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बिहार के विभिन्न जिलों में बड़े उत्साह के साथ योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। नेताओं, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम लोगों ने योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और समग्र कल्याण का संदेश दिया।
फैक्ट चेक: ट्रेन के अंदर परीक्षार्थी की मौत के दावे का वीडियो बिहार का नहीं है
वायरल वीडियो को शूट करने वाले मुबारक हुसैन ने बूम को बताया कि घटना 11 जून को आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम स्टेशन के पास की है.
Fact Check: क्या बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा लड़कियों को शिक्षा की जरूरत नहीं? सच जानिए
बूम ने पाया कि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने Agitation शब्द का इस्तेमाल किया था जिसे एजुकेशन समझकर गलत दावा किया जा रहा है.
पश्चिमी विक्षोभ ला रहा आंधी-तूफान, दिल्ली से लेकर बिहार तक झमाझम बारिश
मई के महीन में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की वजह से मौसम ठंडा हो गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिन बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। तेज हवाओं के साथ रिमझिम बारिश से तापमान सामान्य से कम रहेगा।
पीएम उषा अभियान के तहत बिहार को 600 करोड़ रुपए देगी मोदी सरकार, नीतीश कैबिनेट ने खोला बंद रास्ता
बिहार में पीएम उषा अभियान को लागू करने के प्रस्ताव को नीतीश कुमार सरकार की मंजूरी के बाद राज्य में उच्च शिक्षा के विकास के लिए केंद्र से अगले दो साल में 600 करोड़ रुपए मिलने का रास्ता खुल गया है।
बॉलीवुड के मशहूर स्टार कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल 7 वर्ष की डेटिंग के बाद अब पति-पत्नी बन चुके हैं। दोनों की शादी इस वक़्त टॉक ऑफ द टाउन है। सोनाक्षी और जहीर अलग धर्म से हैं। ऐसे में ना उन्होंने निकाह किया तथा ना ही फेरे लिए, बल्कि सादगी से रजिस्टर मैरिज की एवं फिर रिसेप्शन पार्टी रखी। अलग धर्म में शादी करने पर सोनाक्षी एवं जहीर को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। ट्रोलिंग के कारण दोनों को अपने वेडिंग पोस्ट का कमेंट सेक्शन तक बंद करना पड़ा। मगर बात तब हद से ज्यादा तब बढ़ गई, जब इंटरफेथ मैरिज करने पर सोनाक्षी एवं जहीर के खिलाफ बिहार के गांव में प्रोटेस्ट मार्च निकाले गए। रिपोर्ट के अनुसार, सोनाक्षी के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन 'हिंदू शिव भवानी सेना' नाम की एक संगठन द्वारा आयोजित किया गया था। जहीर संग शादी पर बेटी सोनाक्षी की हो रही ट्रोलिंग पर अब शत्रुघ्न सिन्हा ने चुप्पी तोड़ी है तथा हेटर्स को जवाब दिया है। अपने एक इंटरव्यू के चलते शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- आनंद बक्शी साहब ने इस तरह के प्रोफेशनल प्रोटेस्टर्स के बारे में लिखा है- कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। इसमें आगे जोड़ना चाहूंगा कि कहने वाले अगर बेकार, बेकाम-काज के हों तो बोलना ही उनका काम बन जाता है। मेरी बेटी ने कुछ भी ऐसा नहीं किया जो गैरकानूनी एवं संविधान के खिलाफ है। सोनाक्षी-जहीर की शादी पर शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा- शादी दो लोगों के बीच का एक बहुत ही व्यक्तिगत फैसला है। इसमें किसी को भी बीच में दखल देने या कमेंट करने का हक नहीं होता। विरोध प्रदर्शन करने वालों को मैं यही बोलना चाहता हूं- अपनी जिंदगी पर ध्यान दो। जिंदगी में कुछ अच्छा करो। इससे ज्यादा और कुछ नहीं कहना। बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा ने खुशी-खुशी अपनी इकलौती बेटी की शादी की है। उन्होंने दामाद जहीर को भी अपना आशीर्वाद दिया है। रिलीज हुआ श्रद्धा कपूर-राजकुमार राव की स्त्री 2 का टीजर, इस अवतार में नजर आए स्टार्स किशोर कुमार के गानों पर बैन, मनोज कुमार-देव आनंद की फिल्मों पर रोक..! बॉलीवुड पर भी पड़ा था 'इमरजेंसी' का बुरा असर सामने आई कंगना रनौत की इमरजेंसी की रिलीज डेट, जानिए किस दिन आ रही है इंदिरा गांधी की बायोपिक?
फिल्म रैप में जानिए कि रविवार को एंटरटेनमेंट की दुनिया में क्या खास हुआ. 9 जून 2024 का दिन एतिहासिक रहा. पीएम नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार पीएम बनने की शपथ ली. इस दौरान शाहरुख खान से लेकर अक्षय कुमार भी मौजूद रहे.
परेशान होकर छोड़ी इंडस्ट्री, सालों बाद किया कमबैक, बिहार की लड़की कैसे बनी हीरोइन?
टेलीविजन के पॉपुलर शो उडारियां 15 साल का लीप लेने जा रहा है. लीप के बाद शो एक नई कहानी और स्टारकास्ट के साथ दर्शकों को एंटरटेन करने आ रहा है. लीप से पहले उडारियां में आशमा का रोल निभाने वाली अदिति भगत ने आजतक संग बातचीत की और शो को लेकर कई सारी बातें शेयर कीं.
बिहार सीईटी बीएड : पांच साल में सबसे ज्यादा आवेदन आए, इस तारीख से आएंगे एडमिट कार्ड
Bihar CET B.Ed:महिलाओं के लिए अलग एवं पुरुषों के लिए अलग परीक्षा केंद्र होंगे। अभ्यर्थी 17 जून से अपना एडमिट कार्ड वेबसाइटwww. biharcetbed- lnmu. inपर लॉगइन कर डाउनलोड कर सकेंगे।
बीएसईबी बिहार बोर्ड से संबद्ध और एनसीटीई से मान्यता प्राप्त डीएलएड संस्थानों की सूची जारी
Bihar D.El.Ed: बिहार बोर्ड ने डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2024 की आंसर की जारी करने के एक दिन बाद अब राज्य में मौजूद सरकारी व निजी डीएलएड प्रशिक्षण संस्थानों की सूची भी जारी कर दी है। डीएलएड में दाखिला लेने
Bihar DElEd Answer Key 2024: आंसर की जारी, ऐसे दर्ज करें ऑब्जेक्शन, देखें डायरेक्ट लिंक
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने बिहार डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (DElEd) परीक्षा 2024 की आंसर की जारी की। जो उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट- biharboardonline.b
Bihar STET: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने शनिवार को माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी)-2024 (प्रथम) परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। पेपर-1 के विभिन्न विषयों की परीक्षा 18 से 29 मई तक होगी।
CSBC Bihar Police Constable Exam: क्या जारी हो चुकी हैं रिवाइज्ड तारीखें, पढ़ें अपडेट
CSBC Bihar Police Constable exam dates: बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की नई तारीखों का इंतजार है। परीक्षाएं 1, 7 और 15 अक्टूबर को निर्धारित की गई थीं, जिन्हें रद्द व स्थगित कर दिया गया था। आइए
सलमान के घर फायरिंग से पहले शूटर्स ने बिहार में की हथियारों की प्रैक्टिस, फार्म हाउस की हुई थी रेकी
14 अप्रैल को, सुबह 4.50 बजे सलमान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर, अज्ञात हमलावरों ने पांच राउंड फायरिंग की थी. पुलिस ने सलमान के घर पर फायरिंग करने के मामले में विक्की गुप्ता (24 साल) और सागर पाल (21 साल) नाम के दो लड़कों को गिरफ्तार किया था. अब इससे जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है.
Manisha और Elvish के बीच लगी दुश्मनी की आग हुई और तेज, बिहार की बेटी नेसरेआम बना दिया'राव साहब' का मजाक ?
Bihar Board: जानें-10वीं की मार्कशीट में लिखी U/R,B और C जैसी शॉर्ट फॉर्म का क्या मतलब है?
बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं का रिजल्ट 31 मार्च को जारी कर दिया गया था। छात्र अपनी ओरिजनल मार्कशीट स्कूल से ले सकते हैं। आइए जानते हैं मार्कशीट में लिखी शॉर्ट फॉर्म की फुलफॉर्म क्या है।
बिहार में जेईई और नीट की फ्री कोचिंग, रहने-खाने की भी रहेगी मुफ्त व्यवस्था, ऐसे करें अप्लाई
Bihar Board Jee and Neet Free Coaching : विद्यार्थी समिति द्वारा संचालित engineering (jee) औरmedical (neet) की नि:शुल्क तैयारी हेतु BSEB SUPER-50 आवासीय शिक्षण में पढ़ने हेतु आवेदन कर सकत हैं।
Bihar 10th Board 2024: टॉप 5 में इन 10 छात्रों ने बनाई जगह, जानें नाम और मार्क्स
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने दसवी का रिजल्ट bsebmatric.org और results.biharboardonline.com पर जारी कर दिया है। इस साल टॉप 10 की लिस्ट ने 51 छात्रों ने अपनी जगह बनाई है। टॉप 5 की लिस्ट में 10 छ
Bihar Board BSEB 2024 Matrci Result Today:बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in व biharboardonline.com , onlinebseb.in पर जल्दजारी कर दिया जाएगा।
BSEB: क्लास 10वीं के रिजल्ट से पहले जानें ये 10 जरूरी बातें, मार्कशीट मिलने में मिलेगी मदद
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड अब कभी भी वेबसाइट biharboardonline.gov.in पर कक्षा 10वीं के रिजल्ट अपलोड कर सकता है। एक बार रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र यहां से डाउनलोड कर सकते हैं।
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) मैट्रिक यानी कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट अब कभी भी biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी हो सकता है, जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, रिजल्
बीएसईबी मैट्रिक रिजल्ट की घोषणा जल्द की जाएगी। हालांकि अभी तक रिजल्ट की टाइमिंग और तारीख के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद है नतीजे 31 मार्च तक आधिकारिक वेबसाइट biharboardonlin
BSEB Bihar 10th Board: प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेयर की जाएंगी ये 5 डिटेल्स, यहां पढ़ें
छात्र आधिकारिक वेबसाइट्स से बीएसईबी 10वीं स्कोरकार्ड 2024 डाउनलोड कर सकेंगे। रिजल्ट वाले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। जिसमें बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा से जुड़ी कई डिटेल्स शेयर की जाएगी। आइए ज
Bihar 12th Board: किसान की बेटी बनीं कॉमर्स की टॉपर, अब बनना चाहती हैं प्रोफेसर, करेंगी PhD
बिहार बोर्ड 12वीं की कॉमर्स स्ट्रीम में खुशी कुमारी को जिले में सेकंड रैंक मिली है। उनके पिता किसान हैं। उन्होंने कहा, मेरे पिता ने हमेशा शिक्षा को महत्व दिया है, इसलिए भविष्य में मैं शिक्षा के क्षेत
इस साल का रिजल्ट पिछले 5 साल की तुलना में सबसे बेहतर, 87.21 प्रतिशत विद्यार्थी हुए पास
BSEB Bihar Board 12th Result : हार बोर्ड ने आज 12वीं के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का रिजल्ट पिछले 5 सालों की तुलना में सबसे बेहतर रहा है। इस साल इंटर का रिजल्ट 87.21 फीसदी रहा।
बिहार बोर्ड ने 12वीं यानी इंटर परीक्षा का रिजल्ट अब जारी कर दिया है। टॉपर्स के नाम भी सामने आ गए हैं। आइए जानते हैं साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स स्ट्रीम के टॉपर्स ने किन स्कूलों से पढ़ाई की है। यहां देखें न
BSEB : बारहवीं कक्षा के छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी के लिए फ्री में कोचिंग देती है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) गरीब विद्यार्थियों को JEE और NEET की मुफ्त कोचिंग कराती है।
BSEB Bihar Board: बिहार बोर्ड इंटर छात्र जानें टॉप 10 इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज
NIRF यानी राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क। इस रैंकिंग को शिक्षा मंत्रालय जारी करता है। एनआईआरएफ रैंकिंग में देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी की रैंकिंग जारी की जाती है।
बीएसईबी 12वीं के परिणाम के साथ टॉपर्स की लिस्ट भी शेयर करेगा। जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, पिछले 7 सालों में आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम में किसने किया था टॉप। यहां पढ़ें पूरी

