मोतिहारी में बेअसर रहा बिहार बंद:बाजार खुले, यातायात सामान्य रहा; 5 हजार पुलिस बल तैनात
नीट पेपर लीक मामले और छात्रों पर पुलिस की कथित बर्बरता के विरोध में बुलाए गए बिहार बंद का मोतिहारी जिले में प्रभाव नहीं दिखा। जिले में दिनभर सामान्य जनजीवन जारी रहा और बंद का कोई व्यापक असर देखने को नहीं मिला। जिला और पुलिस प्रशासन की सतर्कता के कारण पूरे दिन शांति व्यवस्था बनी रही। प्रशासन पहले से अलर्ट बंद के आह्वान को देखते हुए प्रशासन पहले से ही अलर्ट पर था। सदर एसडीओ अरुण कुमार और एसडीपीओ दिलीप कुमार ने शहर के विभिन्न हॉस्टल और लॉज का लगातार निरीक्षण किया। उन्होंने छात्रों से शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराने की अपील की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना अधिकार है, लेकिन कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस अपील का असर दिखा और छात्र उग्र प्रदर्शन से दूर रहे। बंद को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि बंद के मद्देनजर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। जिले भर में पाँच हजार से अधिक पुलिस बल तैनात किया गया था, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। प्रमुख चौक-चौराहों, शैक्षणिक संस्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पूरे दिन प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर कड़ी नजर बनाए रहे। मोतिहारी में बंद का आह्वान होने के बावजूद, इसका कोई खास असर नहीं दिखा। बाजार खुले रहे, यातायात सामान्य रहा और लोग अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त दिखे। प्रशासन की सतर्कता और छात्रों की समझदारी के कारण जिले में शांति और व्यवस्था कायम रही।
पठानकोट पुलिस ने ₹3.20 लाख की ऑनलाइन साइबर ठगी के मामले में एक आरोपी को बिहार से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ऑनलाइन साइबर अपराधों के खिलाफ पुलिस की निरंतर मुहिम का हिस्सा है। पुलिस ने वर्ष 2024 में दर्ज एफआईआर संख्या 21/2024, धारा 420 आईपीसी के तहत त्वरित कार्रवाई की। शिकायतकर्ता शिमला देवी ने 18 जनवरी, 2024 को शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात साइबर अपराधियों ने फोन कॉल के माध्यम से उन्हें झांसे में लेकर गूगल पे के जरिए ₹3,20,000/- की ऑनलाइन ठगी की थी। इस मामले में अब तक 2 ठगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। साइबर सेल ने बनाई थी टीम मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक ने प्रभारी पुलिस चौकी सदवां की अगुवाई में साइबर सेल के प्रभारी को शामिल कर एक विशेष टीम का गठन किया। टीम ने तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल ट्रैकिंग, बैंक खातों, सीडीआर, वित्तीय लेनदेन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। विभिन्न राज्यों में लगातार दबिश देते हुए पुलिस ने इस अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया और आरोपी महाबीर कुमार को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। जांच के दौरान, नूर आलम निवासी दक्षिण तेलुआ, थाना नौतन, पश्चिम चंपारण, जिला बेतिया, बिहार की संलिप्तता भी सामने आई। तकनीकी जांच और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पर्याप्त सबूत मिलने के बाद, पुलिस ने नूर आलम को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की अपील-ऑनलाइन लेनदेन के दौरान सतर्क रहें पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात कॉल, ओटीपी, क्यूआर कोड, लिंक या ऑनलाइन लेनदेन के दौरान सतर्क रहें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करवाएं।
समस्तीपुर में नई सरकार के गठन के 100 दिन पूरे होने पर शनिवार को राज्यस्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। यह प्रसारण जिला मुख्यालय सहित जिले के सभी प्रखंडों, अंचलों और पंचायत स्तर पर देखा गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से सरकार ने अपनी 100 दिनों की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाया। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में समस्तीपुर सदर की विधायक श्रीमती अश्वमेघ देवी उपस्थित रहीं। उनके साथ जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा, उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह, अपर समाहर्ता ब्रजेश कुमार, जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के उपाध्यक्ष दुर्गेश राय और उपेंद्र कुमार कुशवाहा भी मौजूद थे। इस अवसर पर सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने 100 दिनों में किए काम को जाना कार्यक्रम के दौरान, उपस्थित अतिथियों और अधिकारियों ने राज्य सरकार की ओर से बीते 100 दिनों में किए गए काम का सजीव प्रसारण देखा। इसमें सुशासन, आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, कृषि, रोजगार सृजन और जनकल्याण जैसे क्षेत्रों की उपलब्धियां शामिल थीं। सरकार की अलग-अलग योजनाओं और विकासात्मक पहलों की विस्तृत जानकारी भी इस अवसर पर साझा की गई। अब जानिए 100 दिन के काम के बारे में… मुख्यमंत्री के तौर पर सीएम सम्राट चौधरी के 100 दिन पूरे हो गए हैं। इसका नेतृत्व देश के प्रधानमंत्री कर रहे हैं। कार्यक्रम में कहा गया है कि उनके दिखाएं रास्ते पर आज बिहार आगे बढ़ रहा है। परिवहन उद्योग विभाग सूचना एवं जनसंपर्क मध्य निषेध उत्पाद गन्ना उद्योग विभाग में भी बदलाव हुआ । बिहार के युवाओं को रोजगार के बड़े अवसर मिल रहे हैं । राज्य सरकार गन्ना किसानों को जीवन मे खुशहाली वापस लाने के लिए 25 चीनी मिलों की स्थापना और नौ बंद परे चीनी मिलों को 45 दिनों में मूर्त रूप दे दिया है। शिक्षा स्वास्थ्य उद्योग में बिहार आगे बढ़ा। महिलाओं की समान सशक्तिकरण सरकार की प्रतिबद्धता अटूट है ।बिहार एक दिन विकसित बिहार एक रहेगा। राज्य सरकार आधारभूत संरचना शिक्षा स्वास्थ्य ग्रामीण विकास राजस्व सामाजिक सुरक्षा कृषि रोजगार सृजन तथा जन कल्याण के क्षेत्र में किए गए उपलब्धियां के बारे में जानकारी दी गई है। सराहनीय काम करने वाले शिक्षकों को मिला सम्मान कार्यक्रम खत्म होने के बाद जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा और उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने अलग-अलग विभागों में उत्कृष्ट और सराहनीय काम करने वाले शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। जिलाधिकारी ने सम्मानित कर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी कार्यनिष्ठा, ईमानदारी और समर्पण अन्य कर्मचारियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि बेहतर काम संस्कृति विकसित करने और कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए इस प्रकार के सम्मान अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इस अवसर पर सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत 12 भूमिहीन परिवारों को बासगीत पर्चा भी वितरित किया गया। बासगीत पर्चा प्राप्त करने वाले लाभार्थियों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। जिलाधिकारी ने कहा कि भूमिहीन परिवारों को भूमि संबंधी अधिकार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है, ताकि वे सम्मानपूर्वक और सुरक्षित जीवन जी सकें। जिले के सभी प्रखंडों, अंचलों और पंचायतों में भी इस कार्यक्रम का सफलतापूर्वक सीधा प्रसारण किया गया।
कांग्रेस आज बिहार के सभी जिलों में कैंडल मार्च निकालेगी। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम ने सभी जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों को निर्देश जारी किया है। उन्होंने शनिवार की शाम सभी जिला मुख्यालयों में NEET-CBSE परीक्षा में अनियमितताओं और आंदोलित छात्रों के दमन के खिलाफ विशाल कैंडल मार्च और श्रद्धांजलि सभा आयोजन करने का निर्देश दिया है। यह कैंडल मार्च संबंधित जिलों में महात्मा गांधी या डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा तक निकाला जाएगा। पटना में सदाकत आश्रम से निकलेगा मार्च दिल्ली में छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई कार्रवाई और छात्रों पर किए गए अलोकतांत्रिक दमन के विरोध में पटना महानगर कांग्रेस कमिटी द्वारा सदाकत आश्रम से शाम 5 बजे एक शांतिपूर्ण कैंडल मार्च का आयोजन किया गया है। सभी छात्र, युवा और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपनी एकजुटता दर्ज कराने की अपील की है। युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं- कांग्रेस कांग्रेस पार्टी इस आयोजन के माध्यम से देश के विद्यार्थियों और युवाओं के साथ अपनी पूर्ण एकजुटता व्यक्त करेगी तथा उनके लोकतांत्रिक अधिकारों, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण की मांग को उठाएगी। कांग्रेस का मानना है कि देश के युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों के सम्मान की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी निरंतर संघर्ष करती रहेगी।
मधुबनी में बिहार बंद के दौरान फ्लैग मार्च:एसएसपी ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया
मधुबनी जिला पुलिस बिहार बंद के दौरान संभावित उपद्रव को देखते हुए पूरी तरह सतर्क रही। पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) योगेंद्र कुमार के नेतृत्व में शनिवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला गया। इसका उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और विधि-व्यवस्था बनाए रखना था। फ्लैग मार्च में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक शिवम धाकड़, सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमित कुमार, नगर थाना प्रभारी मनोज कुमार, क्यूआरटी टीम, ट्रैफिक थाना पुलिस और अन्य पुलिस बल के जवान शामिल थे। इस दौरान एसएसपी योगेंद्र कुमार ने पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। एसएसपी ने बताया कि पूरे शहर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और अन्य तकनीकी माध्यमों से की जा रही है। सादे लिबास में भी पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और कंट्रोल रूम से जिले के हर कोने पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून व्यवस्था भंग करने या उपद्रव करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शनिवार दोपहर करीब 1 बजे तक मधुबनी शहर में बिहार बंद का विशेष प्रभाव नहीं दिखा। शहर की अधिकांश दुकानें खुली रहीं और सड़कों पर वाहनों का परिचालन सामान्य रहा। मधुबनी रेलवे स्टेशन पर भी पर्याप्त पुलिस बल तैनात था, जहाँ ट्रेनों का परिचालन सामान्य रूप से जारी रहा और यात्रियों को कोई असुविधा नहीं हुई। विभिन्न संगठनों द्वारा शनिवार शाम को प्रदर्शन और पुतला दहन कार्यक्रम की घोषणा के मद्देनजर, जिले के प्रमुख चौक-चौराहों, सरकारी प्रतिष्ठानों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। ट्रैफिक इंस्पेक्टर नीलमणिरंजन के नेतृत्व में ट्रैफिक पुलिस ने शहर में सघन वाहन जांच अभियान भी चलाया। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है।
बिहार की राजधानी पटना से लेकर पूरे राज्य के राजनीतिक गलियारों में उस समय सनसनी फैल गई जब प्रदर्शन के दौरान आरजेडी के वरिष्ठ नेता और विधायक तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) को पुलिस ने डिटेन कर लिया। हालांकि पुलिस की हिरासत में जाने के बावजूद तेज प्रताप के तेवर जरा भी ठंडे नहीं पड़े, बल्कि उन्होंने पूरी ताकत के साथ हुंकार भरते हुए कहा कि वे हर हाल में छात्रों के साथ खड़े हैं और उनके अधिकारों के लिए अपनी जान तक देने को तैयार हैं। उनके इस तीखे और आक्रामक तेवर के बाद राज्य का राजनीतिक तापमान सातवें आसमान पर पहुंच गया है और विपक्षी खेमे में हलचल तेज हो गई है।आखिर पूरा मामला क्या है और क्यों सड़क पर उतरे थे तेज प्रताप?प्राप्त जानकारी के अनुसार, विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्र समूहों के समर्थन में तेज प्रताप यादव खुद सड़क पर उतरे थे। छात्रों की समस्याओं और उनकी मांगों को लेकर जब विरोध प्रदर्शन उग्र होने लगा, तो कानून-व्यवस्था की स्थिति को संभालने के लिए पुलिस प्रशासन को बीच में दखल देना पड़ा। इसी दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने तेज प्रताप यादव और उनके समर्थकों को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने के बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया और राजनीतिक माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया।हिरासत से ही सरकार पर साधा निशाना, छात्रों के हक की उठाई आवाजपुलिस हिरासत के दौरान मीडिया से बात करते हुए तेज प्रताप यादव ने सरकार और प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने की जितनी भी कोशिश कर ली जाए, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा, मैं हमेशा से युवाओं और छात्रों के साथ खड़ा रहा हूं, उनके हक और अधिकार की इस लड़ाई में अगर मुझे अपनी जान भी देनी पड़े, तो मैं पीछे नहीं हटूंगा। उनके इस बयान के बाद उनके समर्थकों में भारी जोश देखने को मिला और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी तेज हो गई।बिहार की राजनीति पर पड़ेगा इसका क्या असर?तेज प्रताप यादव के इस आक्रामक रुख और डिटेन किए जाने की घटना ने राज्य की राजनीति को एक नया मोड़ दे दिया है। आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से इस घटना को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विपक्षी दल और छात्र संगठन इस कार्रवाई के खिलाफ सरकार को घेरने की रणनीति बना रहे हैं। पुलिस और प्रशासन द्वारा स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके, लेकिन फिलहाल इस हाई-वोल्टेज ड्रामे ने सूबे की सियासत को पूरी तरह से गरमा दिया है।
अररिया में शनिवार को बिहार बंद का खास असर नहीं दिखा, जनजीवन सामान्य रहा। इसी बीच, पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर समाहरणालय परिसर में तीसरे दिन भी धरना जारी रहा। 'अररिया का मुद्दा' नामक सामाजिक संगठन के बैनर तले स्टूडेंट फ्रंट के दर्जनों कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन धरने पर डटे रहे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने की मांग दोहराई। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग धरना स्थल पर कई छात्रों और कुछ स्कूलों के विद्यार्थियों ने भी पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से मेहनती छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है, और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। 'अररिया का मुद्दा' सामाजिक संगठन के फैसल जावेद यासीन ने बताया कि उनका अनिश्चितकालीन धरना तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आंदोलन शुरू होने के बाद से उनके समर्थकों को डराने और दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। पेपर लीक से कमजोर परिवार के छात्रों को दिक्कत यासीन ने कहा कि अररिया में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं घंटों लाइब्रेरी में बैठकर मेहनत से पढ़ाई करते हैं, लेकिन पेपर लीक उनकी मेहनत पर पानी फेर देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आर्थिक रूप से संपन्न और प्रभावशाली लोगों को इसका अनुचित लाभ मिलता है, जबकि गरीब परिवारों के प्रतिभाशाली छात्र पीछे रह जाते हैं। उन्होंने मांग की कि परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जाना चाहिए, ताकि मेहनत करने वाले विद्यार्थियों को न्याय मिल सके। स्टूडेंट फ्रंट के अध्यक्ष शाहजहां आलम ने कहा कि उनके आंदोलन का यह तीसरा दिन है और यदि जरूरत पड़ी तो यह धरना 30 दिन या उससे अधिक समय तक भी जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। कोर्ट और रेलवे स्टेशन पर भी सुरक्षा व्यवस्था उधर, बिहार बंद के मद्देनजर अररिया कोर्ट रेलवे स्टेशन पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जीआरपी एवं आरपीएफ के जवान लगातार गश्त करते रहे। स्टेशन परिसर में आने-जाने वाले लोगों पर निगरानी रखी गई ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।अररिया कोर्ट रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी में तैनात एसआई विजय कुमार विश्वास ने बताया कि बिहार बंद को लेकर रेलवे स्टेशन पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस और सुरक्षा बल लगातार निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्टेशन पर स्थिति पूरी तरह सामान्य है और यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। कुल मिलाकर बिहार बंद का अररिया में व्यापक असर देखने को नहीं मिला। एक ओर जहां जिले में जनजीवन सामान्य रहा, वहीं दूसरी ओर पेपर लीक के विरोध में चल रहा आंदोलन तीसरे दिन भी जारी रहा। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए, जिससे पूरे दिन जिले में शांति और सामान्य स्थिति बनी रही।
NEET पेपर लीक और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों ने आज बिहार बंद बुलाया है। इस दौरान बिहार के 11 जिलों में हिंसक प्रदर्शन हुआ। सीवान में सबसे ज्यादा असर रहा। पुलिस को 10 राउंड फायरिंग करनी पड़ी। SP तक घायल हुए हैं। दरभंगा, पटना, छपरा में भी जमकर बवाल हुआ। प्रदर्शनकारियों ने छपरा में पुलिस की गाड़ी फूंक दी। आरा में छात्र रेलवे ट्रैक पर उतर गए। सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कई जगहों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो पुलिस की गाड़ियां भी फोड़ी गईं। बिहार बंद के 10 VIDEO.... 1. छपरा में पुलिस की गाड़ी में आग लगाई 2. सीवान में पुलिस ने फायरिंग की 3. पटना में मोबाइल टावर पर चढ़े छात्र 4. छपरा में प्रदर्शन में फंसी जज की गाड़ी 5. भागलपुर में वज्र वाहन पर पथराव 6. कॉकरोच के गेट अप में छात्र का प्रदर्शन 7. औरंगाबाद में पुलिस और छात्र भिड़े 8. छपरा में प्रदर्शनकारियों ने पोस्टर फाड़े 9. बैरिकेडिंग उठाकर ले गए प्रदर्शनकारी 10. औरंगाबाद में पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा
जहानाबाद में छात्र संगठनों का प्रोटेस्ट:पेपर लीक और पुलिस कार्रवाई के विरोध में बिहार बंद का समर्थन
जहानाबाद में शुक्रवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और ऑल इंडिया यूथ एसोसिएशन (एआईवाईए) के कार्यकर्ताओं ने बिहार बंद के समर्थन में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पेपर लीक मामलों और छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में किया गया, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई गई। प्रदर्शन की शुरुआत भाकपा (माले) कार्यालय से हुई। कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए अंबेडकर चौक पहुंचे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए और पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर झूठे मुकदमे दर्ज - छात्र आइसा के जिला अध्यक्ष धनंजय कुमार ने आरोप लगाया कि पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र आंदोलन पर पुलिस ने बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया। उन्होंने बताया कि इस दौरान कई छात्रों और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं। कुमार ने आगे कहा कि शिक्षा व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है और पेपर लीक की घटनाओं से छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि जब तक वे अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। बाजारों में लोगों की आवाजाही भी जारी रही जहानाबाद में बिहार बंद का असर आंशिक रूप से ही देखने को मिला। शहर की अधिकांश दुकानें सामान्य रूप से खुली रहीं और बाजारों में लोगों की आवाजाही भी जारी रही। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। अनुमंडल पदाधिकारी राजीव रंजन ने बताया कि शहर में सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई थी। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह का उपद्रव होने पर पुलिस कार्रवाई के लिए तत्पर है। विभिन्न चौक-चौराहों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, और पूरे शहर में आम दिनों की तरह दुकानें खुली रहीं तथा लोग अपना कार्य करते रहे।
छात्र आंदोलन के समर्थन में बिहार बंद विफल:शेखपुरा में पुलिस बल तैनात, बंद का कोई खास असर नहीं
शेखपुरा में विभिन्न संगठनों द्वारा छात्र आंदोलन के समर्थन में बुलाए गए बिहार बंद का कोई खास असर देखने को नहीं मिला। जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। रेलवे स्टेशन, बस पड़ाव और जिला मुख्यालय के सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर दंडाधिकारियों के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। यह तैनाती शनिवार सुबह से ही देखी जा रही थी। हालांकि, अभी तक जिला मुख्यालय या किसी भी नगर या ग्रामीण क्षेत्र से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। बाजार आम दिनों की तरह खुले रहे और रेलवे स्टेशन पर लोगों की आवाजाही सामान्य दिखी। सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होने से लोगों को थोड़ी असुविधा का सामना करना पड़ा। पेपर लीक के विरोध में दिल्ली से पटना होते हुए शेखपुरा तक आंदोलन की गूँज पहुँची है। दो दिन पहले भी छात्र राजद और आइसा सहित अन्य छात्र संगठनों ने जिला मुख्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया था। कलेक्ट्रेट में पुलिस और दंडाधिकारियों के साथ बैठक छात्रों के इस उग्र प्रदर्शन के माहौल को देखते हुए जिला प्रशासन ने सरकार के निर्देशों के आलोक में सभी सुरक्षा इंतजाम पूरे कर लिए थे। जिलाधिकारी शेखर आनंद और एसपी हिमांशु ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में पुलिस पदाधिकारियों और दंडाधिकारियों के साथ बैठक कर निरोधात्मक उपायों पर चर्चा की थी। इसके बाद, डीएम और एसपी ने नगर क्षेत्र के संवेदनशील चौक-चौराहों पर फ्लैग मार्च कर लोगों से गैर-कानूनी गतिविधियों से दूर रहने की अपील की। जिलेवासियों को किसी भी अप्रिय घटना में शामिल होने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी। छात्रों के आंदोलन को लेकर सरकार ने सभी पुलिस पदाधिकारियों और जवानों की छुट्टियाँ तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक रद्द कर दी हैं। उन्हें दंगा निरोधक पोशाक के साथ विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है।
सहरसा में शनिवार को नीट (NEET) सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और आंदोलनकारी छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में बुलाए गए बिहार बंद का मिलाजुला असर दिखा। छात्र-युवा संघर्ष मोर्चा समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र-युवा सड़कों पर उतरे और जिला परिषद प्रांगण से समाहरणालय तक विरोध मार्च निकाला। यह विरोध मार्च जिला परिषद प्रांगण से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए समाहरणालय पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य खतरे में - छात्र छात्रों ने आरोप लगाया कि बार-बार पेपर लीक होने से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर और बिहार में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज का भी विरोध किया। छात्र नेताओं ने बल प्रयोग को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। उन्होंने निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया, समय पर परीक्षाओं के आयोजन और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग भी दोहराई। छात्र नेता कुंदन यादव ने कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते और पेपर लीक मामलों में शामिल दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, सरकारी कार्यालयों और संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। सहरसा रेलवे स्टेशन पर भी किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) के जवान मुस्तैद रहे। सहरसा हेडक्वार्टर डीएसपी कमलेश्वर प्रसाद सिंह ने बताया कि पूरे प्रदर्शन के दौरान विधि-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य रही। उन्होंने पुष्टि की कि पुलिस द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। यातायात व्यवस्था सुचारु रही और प्रदर्शनकारियों से संवाद स्थापित कर उनकी मांगों को शांतिपूर्वक सुना गया।
बक्सर में वामपंथी छात्र संगठनों का बिहार बंद मार्च:कड़ी सुरक्षा में निकला जुलूस, जनजीवन सामान्य रहा
बक्सर में शुक्रवार को बिहार बंद के आह्वान का असर देखने को मिला। वामपंथी छात्र एवं युवा संगठनों ने किला मैदान से विरोध मार्च निकाला, जिसमें हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए। हालांकि, बंद का शहर के जनजीवन पर व्यापक प्रभाव नहीं पड़ा और बाजार सामान्य रूप से खुले रहे। इस विरोध प्रदर्शन में एआईएसए, आरवाईए, एआईवाईएफ, एआईएसएफ, एसएफआई और डीवाईएफआई जैसे कई संगठन शामिल थे। शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर केंद्र सरकार तथा शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मार्च किला मैदान से शुरू होकर पिपरपाती रोड, पुलिस चौकी के रास्ते ज्योति चौक की ओर बढ़ा। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो, पेपर लीक बंद करो, और नीट है कि चीट जैसे नारे लिखे पोस्टर लिए हुए थे। छात्र संगठनों के अनुसार, यह बिहार बंद पटना में छात्रों के प्रदर्शन पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में आयोजित किया गया था। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास किया गया, जिसका पूरे राज्य में विरोध हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने लगातार हो रहे परीक्षा विवादों और पेपर लीक की घटनाओं के लिए जिम्मेदारी तय करने की बात कही। इसके अतिरिक्त, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को समाप्त करने, परीक्षा प्रणाली में सुधार करने और आंदोलन के दौरान गिरफ्तार छात्रों की बिना शर्त रिहाई की भी मांग की गई। जिला प्रशासन का पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर जिला प्रशासन ने मार्च को देखते हुए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। जुलूस के आगे-पीछे बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था, और सदर एसडीपीओ तथा सदर एसडीएम स्वयं निगरानी कर रहे थे। ड्रोन कैमरे से भी पूरे मार्च पर नजर रखी गई, जिससे किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सका। शहर में वाहनों का आवागमन सामान्य रहा और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। फिलहाल छात्र संगठनों का मार्च निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ रहा है और जिला प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले में बड़ी सफलता, मुख्य आरोपी वीरेंद्र कुमार गुप्ता बिहार से गिरफ्तार
मुंबई महाराष्ट्र के चर्चित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों ने मुख्य आरोपियों में शामिल वीरेंद्र कुमार गुप्ता को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी तलाश के लिए महाराष्ट्र पुलिस की विशेष टीम लगातार कई राज्यों में छापेमारी कर रही थी। आखिरकार भिवंडी पुलिस की विशेष टीम ने बिहार में अभियान चलाकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
NEET पेपर लीक और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आज छात्रों ने बिहार बंद बुलाया है। 22 जुलाई को हुए बवाल के बाद पुलिस पुलिस की सख्ती दिखाई दे रही है। सड़कों पर भारी संख्या में पुलिस तैनात है। सीवान में छात्र कॉकरोच बनकर प्रदर्शन करने पहुंचा। छपरा में जज की गाड़ी प्रदर्शन में फंस गई। छात्रों ने सरकारी योजनाओं के पोस्टर फाड़े। मधेपुरा में पुलिस मे प्रदर्शन कर रहे लोगों को डिटेन किया। देखिए बिहार बंद की 20 तस्वीरें... सबसे पहले प्रदर्शन की तस्वीरें पोस्टर लेकर पहुंचे छात्र छात्र बैरिकेडिंग लेकर भागने लगे प्रदर्शन पर पुलिस का एक्शन
महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली। कथित मुख्य आरोपी बिरेंद्र कुमार गुप्ता को बिहार से गिरफ्तार किया गया। अब पुलिस उससे पूछताछ कर पेपर लीक नेटवर्क की जांच आगे बढ़ाएगी।
महाराष्ट्र TET (टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) पेपर लीक के मुख्य आरोपी बिजेंद्र कुमार गुप्ता को भिवंडी पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। उसे पुणे एयरपोर्ट लाया गया है, जहां से उसे भिवंडी ले जाया जाएगा। इससे पहले महाराष्ट्र की ठाणे पुलिस ने बिहार STF की मदद से मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता की पत्नी सुमन गुप्ता को पटना के अगमकुआं (गांधी नगर) स्थित किराए के फ्लैट से गिरफ्तार किया था। सुमन को ठाणे पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर महाराष्ट्र ले गई थी। इस अंतरराज्यीय रैकेट में अब तक बिजेंद्र के साथ 5 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इससे पहले 27 जून को ठाणे के भिवंडी से पटना के राजीव शाह, आकाश कुमार और हरियाणा के धीरज सिंह को दबोचा गया था। 6 महीने से पेपर लीक की रच रहे थे साजिश सूत्रों के मुताबिक, मास्टरमाइंड बिजेंद्र पिछले 6 महीने से इस पेपर लीक की साजिश रच रहा था। इसके लिए पटना के पश्चिमी बोरिंग कैनाल रोड स्थित आरोपी राजीव शाह के अपार्टमेंट में माफियाओं की कई दौर की गोपनीय बैठकें हुई थीं। जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि बिजेंद्र ने इस बार महाराष्ट्र TET का प्रश्नपत्र सीधे आगरा के प्रिंटिंग प्रेस से उड़वाया था। प्रश्नपत्र के चारों सेट उसे यूपी के सोनू और अनूप ने सौंपे थे, जो उसी प्रिंटिंग प्रेस के स्टाफ बताए जाते हैं। अब पुलिस उसके खास सहयोगी सोनीपत के कपिल दहिया की तलाश में है। ब्यूटी स्टूडियो में लाखों निवेश, 1 जुलाई को आना था पति को पुलिस के मुताबिक, सुमन को बिजेंद्र के काले कारनामों की पूरी जानकारी थी और वह गिरोह को वित्तीय मदद भी पहुंचाती थी। पुलिस को शक है कि बिजेंद्र के करोड़ों के अवैध ट्रांजेक्शन की राजदार सुमन ही है। बिजेंद्र ने पेपर लीक की कमाई से दिल्ली में फ्लैट और पटना में आलीशान मकान खरीदा है। वहीं, भूतनाथ रोड में सुमन के वीवीआईपी ब्यूटी स्टूडियो में भी लाखों रुपये इन्वेस्ट किए गए हैं। जिस कार से मुंबई पहुंचे, उस पर पटना की बाइक का नंबर पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के पास से 4 सेट प्रश्नपत्रों के अलावा 25.50 लाख रुपए के कई चेक और एक मारुति अर्टिगा कार जब्त की है। जांच में पता चला कि आरोपी इसी कार से दिल्ली से आगरा (पेपर लेने) गए और फिर वहीं से मुंबई पहुंचे थे। चौंकाने वाली बात यह है कि कार पर जो नंबर प्लेट लगी है, वह पटना की एक हंटर बाइक की है। मुंबई पुलिस ने पटना पुलिस से इस बाइक की डिटेल मांगी है। भिवंडी के होटल में छापेमारी के वक्त हरियाणा का कपिल दहिया बाहर था। पुलिसिया कार्रवाई की भनक लगते ही वह वहीं से भाग निकला और मुंबई से फ्लाइट पकड़कर दिल्ली फरार हो गया। उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने की तैयारी है। 25 साल से इस गोरखधंधे में है बिजेंद्र बिजेंद्र गुप्ता 25 साल से अंतरराज्यीय परीक्षा माफिया के तौर पर सक्रिय है। इस पेपर को बेचने के लिए उसने 1.50 करोड़ की डील की थी। साल 2023 के ओडिशा JEE पेपर लीक में भी यह मुख्य आरोपी था, जिसमें इसका साला 2025 में समस्तीपुर से पकड़ा गया। इसके खिलाफ बिहार, यूपी, एमपी और ओडिशा में केस दर्ज हैं। पटना पुलिस की फाइलों में भी वह 4 साल से फरार है। राजीव लड़ चुका है विधानसभा चुनाव भोजपुर का रहने वाला राजीव पहले बैंकों में और फिर पटना आकर जमीन की दलाली करने लगा। इसी दौरान वह बिजेंद्र के संपर्क में आया। बोरिंग रोड में उसके दो फ्लैट हैं। वह साल 2010 में भोजपुर के संदेश विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुका है। जांच में सामने आया है कि सुमन लगातार फरार पति बिजेंद्र के संपर्क में थी। 27 जून को महाराष्ट्र में गिरोह के तीन सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद सुमन ने ही बिजेंद्र को फोन कर अलर्ट किया था और कहा था-अभी पटना मत आना। पत्नी ने कहा था...अभी पटना मत आना मूल रूप से समस्तीपुर (विद्यापतिनगर के शेरपुर) के रहने वाले बिजेंद्र का परिवार गांधी नगर में रहता है। 1 जुलाई को छोटी बेटी का जन्मदिन था। बिजेंद्र ने पटना आने का वादा किया था और फ्लैट के बाहर टेंट लग चुका था। मंगलवार सुबह जब हलवाई पहुंचे तो फ्लैट में ताला बंद देख केटरर ने टेंट-शामियाना उखाड़ लिया।
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में बिहार के पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने पुरुष हेवीवेट वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता है। नालंदा जिले के रहने वाले 28 साल के झंडू कुमार ने 190 किलोग्राम की बेस्ट लिफ्ट के साथ 130.9 अंक हासिल किए। मेन्स हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग में दुनिया भर के शीर्ष और दिग्गज खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कड़े संघर्ष और कांटे की टक्कर वाले इस मुकाबले में नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस ने 132.8 पॉइंट्स के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग ने 131.0 पॉइंट्स के साथ रजत पदक हासिल किया। ग्रुप-बी से खेलते हुए पहले प्रयास में 181 किलोग्राम और दूसरे प्रयास में 190 किलोग्राम वजन उठाया। इससे उन्हें 130.9 अंक मिले। तीसरे प्रयास में उन्होंने 196 किलोग्राम उठाकर बर्मिंघम 2022 का गेम्स रिकॉर्ड तोड़ने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। इसके बावजूद उनका स्कोर ब्रॉन्ज मेडल के लिए पर्याप्त रहा। मामूली अंतर से स्वर्ण या रजत से चूके झंडू का यह कांस्य पदक किसी ऐतिहासिक स्वर्ण से कम नहीं आंका जा रहा है। परिवार में जश्न का माहौल झंडू कुमार की इस गौरवशाली सफलता पर उनके पैतृक आवास पर खुशियों का सैलाब उमड़ पड़ा है। ग्रामीण और शुभचिंतक लगातार उनके घर पहुंचकर बधाई दे रहे हैं। हालांकि, इस चमकते हुए मेडल के पीछे संघर्ष और रातों के लंबे इंतजार कहानी भी है। रातभर पिता सो नहीं पाए झंडू के पिता रामानंद पासवान ने अत्यंत गर्व और भावुकता के साथ बताया कि वे रातभर सो नहीं पाए। मोबाइल स्क्रीन पर टकटकी लगाए अपने बेटे की हर एक गतिविधि और प्रतियोगिता के लाइव परिणाम को देख रहे थे। बेटे की जीत पर उन्हें अपार और अकल्पनीय खुशी महसूस हो रही है। भाई कुंदन कुमार ने बताया कि तनाव और रोमांच के बीच उनका दिल धुकुर-धुकुर कर रहा था। मोबाइल में बैटरी भी मात्र 19 प्रतिशत ही बची थी, लेकिन उनके भाई ने मेडल जीत ही लिया। उन्होंने भगवान से प्रार्थना करते हुए कहा कि देश को एक होनहार बेटा मिला है। अन्य दिव्यांग युवा भी इसी मुकाम को हासिल करें। 'बेटे को हमेशा जीत का आशीर्वाद दिया था' माता कमला देवी की खुशी का भी कोई ठिकाना नहीं है। उन्होंने गर्व से कहा कि हमेशा अपने बेटे को मैदान में तिरंगा फहराकर विजयी होने का आशीर्वाद दिया था। आज उनका सपना सच हो गया है। 'सरकारी मदद नहीं मिली' पिता रामानंद पासवान ने खुलकर बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उनके बेटे और परिवार को किसी भी प्रकार की सरकारी सहायता या स्थानीय प्रशासन का सहयोग नहीं मिला। घर के दरवाजे, इंदिरा आवास योजना या प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी बुनियादी योजनाओं का लाभ भी उन्हें आज तक नहीं मिल सका है। नगर पंचायत स्तर पर विशेष अनुशंसा की बातें कहने के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई मदद नहीं पहुंची है। इसके बावजूद झंडू ने अपनी व्यक्तिगत मेहनत, परिवार के संबल और अदम्य साहस के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। पढ़ाई के साथ मां-पिता की मदद भी करते थे झंडू झंडू हरनौत के सबनौह डीह गांव के रहने वाले हैं। 4 भाइयों और 3 बहनों में सबसे छोटे हैं और दिव्यांग हैं। 4 साल की उम्र में झंडू को पोलियो मारा था। कमर के नीचे का एक साइड का अंग काम करना बंद कर दिया था। परिवार की आर्थित स्थिति ठीक नहीं थी। मां-पिता हरनौत बाजार में सड़क किनारे आलू-प्याज बेचकर घर चलाते हैं। पूरा परिवार एक किराए के कमरे में रहता है। झंडू पढ़ाई भी करते थे और मां-पिता की काम में मदद भी करते थे। इसी बीच वे खेलने के लिए समय भी निकाला करते थे। मां-पिता और दुकान की तस्वीरें… झंडू को पैरालंपिक पदक विजेता ने ट्रेनिंग दी एक साधारण परिवार के लड़के को अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनाने के पीछे कई लोगों का योगदान रहा है। मागदर्शक के रूप में कुंदन कुमार पांडे 2019 से लगातार जुड़े हुए हैं। इसके अलावा रॉकस्टार जिम के संचालक और ट्रेनर की भी भूमिका रही, जिन्होंने तकनीकी ट्रेनिंग दी। इसके बाद उनकी प्रतिभा को पहचान मिली और उनका चयन स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI), राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र, गांधीनगर (गुजरात) में हुआ। वहां उन्हें पैरालंपिक पदक विजेता राजेंद्र सिंह रहेलू का सानिध्य मिला। राजेंद्र ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग दी। बिहार पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सचिव संदीप कुमार ने भी झंडू कुमार को हर स्तर पर सहयोग दिया। बधाई देने वालों का लगा तांता झंडू कुमार की इस अंतरराष्ट्रीय सफलता पर खेल संगठनों और प्रशासनिक हलकों में हर्ष की लहर दौड़ गई है। नालंदा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सचिव एवं कोच कुंदन कुमार पांडे, बिहार पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सचिव संदीप कुमार, नालंदा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन परिवार, हरनौत के समस्त खेल प्रेमियों,ने झंडू कुमार को हार्दिक बधाई दी है। सभी ने एक स्वर में ईश्वर से प्रार्थना की है कि झंडू भविष्य में भी इसी प्रकार देश के लिए स्वर्णिम सफलताएं अर्जित करते रहे और भारत का गौरवशाली तिरंगा विश्व मंच पर निरंतर ऊंचा लहराता रहे।
नीट (NEET) परीक्षा लीक के विरोध में चल रहे आंदोलन और शनिवार को आहूत 'बिहार बंद' व धरना-प्रदर्शन को लेकर नालंदा जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। शहर में संभावित विधि-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। जिला प्रशासन के संयुक्तादेश के तहत शहर के संवेदनशील और प्रमुख 88 स्थानों पर दंडाधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। दो शिफ्टों में संभालेंगे मोर्चा सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए कर्मियों की ड्यूटी दो शिफ्टों में बांटी गई है, जो 24 जुलाई से स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक लगातार जारी रहेगी। प्रथम शिफ्ट सुबह 09:00 बजे से रात्रि 09:00 बजे तक। द्वितीय शिफ्ट रात्रि 09:00 बजे से सुबह 09:00 बजे तक है। इसके अलावा, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए वरीय अधिकारियों को विशेष वाहन गश्ती दल के साथ तैनात किया गया है। साथ ही, शहर में आवागमन और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 40 से अधिक स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है। प्रशासन की ओर से जिन संवेदनशील और प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है, उनमें डीएम आवास के पीछे, सदर अस्पताल गेट, सर्किट हाउस, कलेक्ट्रेट गेट, टावर मोड़, रामचंद्रपुर बस स्टैंड, अंबेर चौक, भैंसासुर मोड़, कागजी मोहल्ला, सोगरा कॉलेज मोड़, करगिल बस स्टैंड, पुलपर, भरावपर, कमरूद्दीनगंज, सोहडीह मैदान, और सुभाष पार्क समेत कुल 88 स्थल शामिल हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों और उपद्रवियों से सख्ती से निपटा जाएगा। आम नागरिकों की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल लगातार चौकस है।
नीट पेपर लीक मामले के विरोध में एआईएसए (AISA), आरवाईए (RYA) सहित विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा कल बिहार बंद का ऐलान किया गया है। इसे लेकर सीवान के गांधी मैदान में प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए शुक्रवार को शहर में प्रशासन और पुलिस ने भारी सुरक्षा बल के साथ फ्लैग मार्च निकाला। फ्लैग मार्च समाहरणालय परिसर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए बबुनिया मोड़ तक निकाला गया। दंगा निरोधी उपकरणों से लैस जवान मौजूद मार्च का नेतृत्व जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय और पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने किया। इस दौरान सदर एसडीओ आशुतोष गुप्ता, सदर-1 एसडीपीओ अजय कुमार सिंह, सदर-2 एसडीपीओ गौरी कुमारी, नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार, मुफ्फसिल थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी एवं दंगा निरोधी उपकरणों से लैस जवान मौजूद रहे। फ्लैग मार्च को लेकर जब जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से सवाल किया गया तो दोनों अधिकारियों ने इसे बिहार बंद की तैयारी से जोड़ने से इनकार किया। आपात परिस्थितियों से निपटने का ट्रेनिंग उन्होंने कहा कि इस प्रकार का फ्लैग मार्च समय-समय पर प्रशिक्षु सिपाहियों के प्रशिक्षण के उद्देश्य से निकाला जाता है और यह उसी कार्यक्रम का हिस्सा है। अधिकारियों के अनुसार जवानों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपात परिस्थितियों से निपटने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हालांकि शहर में लोगों के बीच इसे लेकर अलग-अलग चर्चाएं होती रहीं। कई लोगों का कहना था कि बिहार बंद की पूर्व संध्या पर फ्लैग मार्च निकाला जाना महज संयोग नहीं हो सकता। लोगों का मानना है कि प्रशासन संभावित स्थिति को देखते हुए अपनी तैयारियों का संदेश देना चाहता था। शांतिपूर्ण कार्यक्रम सुनिश्चित करने का प्रयास वहीं पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने कहा कि किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि बंद और धरना-प्रदर्शन को लेकर विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत की गई है तथा शांतिपूर्ण कार्यक्रम सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। एहतियातन अन्य जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है।
पटना में राजभवन मार्च के दौरान छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज, गिरफ्तारी और मुकदमा दर्ज किए जाने के विरोध में अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा) और रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (आरवाईए) ने शनिवार 25 जुलाई को बिहार बंद का आह्वान किया है। इसको लेकर शुक्रवार को भाकपा-माले जिला कार्यालय में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आरवाईए के राज्य सचिव शिवप्रकाश रंजन, आइसा के जिला सचिव जयशंकर प्रसाद, जिला अध्यक्ष विकास कुमार, आरवाईए के जिला अध्यक्ष विशाल कुमार, जिला सचिव निरंजन केसरी, आइसा की जिला उपाध्यक्ष नीतू कुमारी सहित अन्य नेताओं ने कहा कि राजभवन मार्च के दौरान छात्रों पर बर्बर लाठीचार्ज किया गया, जिसमें सैकड़ों छात्र घायल हुए। एक ओर छात्रों पर बल प्रयोग किया गया, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन में शामिल छात्रों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमे भी दर्ज किए गए। बंद के समर्थन में मार्च निकाला जाएगा संगठनों ने कहा कि बिहार बंद के माध्यम से वे शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दों को उठाएंगे। इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को समाप्त करने, नई शिक्षा नीति-2020 वापस लेने, गिरफ्तार छात्रों की तत्काल रिहाई, पुलिस कार्रवाई पर रोक, 7.5 सीजीपीए की अनिवार्यता समाप्त करने, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता बनाए रखने, बिहार विश्वविद्यालय अधिनियम-1976 को निरस्त करने के प्रस्ताव को वापस लेने, फीस वृद्धि पर रोक लगाने तथा निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी देने के फैसले पर जवाब देने की मांग शामिल है। आइसा और आरवाईए ने छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों से अपील की कि वे शनिवार सुबह 9 बजे रमना मैदान स्थित वीर कुंअर सिंह स्टेडियम पहुंचें, जहां से बंद के समर्थन में मार्च निकाला जाएगा। संगठनों ने दावा किया कि आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण रहेगा।
NEET पेपर लीक और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 22 जुलाई को पटना में स्टूडेंट्स ने गांधी मैदान से राजभवन तक मार्च निकाला। इस दौरान 2 बार पुलिस ने कैंडिडेट्स पर लाठीचार्ज किया। पुलिस वालों पर भी पथराव हुआ। इसके बाद से पटना समेत पूरे बिहार में छात्र 2 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। बिहार के स्टूडेंट्स के प्रदर्शन के वीडियो पूरे देश में वायरल हो रहे हैं। छात्र वाटर कैनन में रेन डांस कर रहे हैं। पुलिस वालों से पूछ रहे हैं आंसू गैस नहीं है क्या। पत्रकार को पैसे ऑफिर कर रहे हैं। बैरिकेडिंग के साथ स्केटिंग कर रहे हैं। देखिए बिहार में स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट के 10 REELS 1. पुलिस से पूछा- वाटर कैनन नहीं लाए 2. बैरिकेडिंग से स्केटिंग करने लगे स्टूडेंट्स 3. बैरिकेडिंग से खेलने लगे स्टूडेंट्स 4. PU के गेट को खिलौना बना लिया 5. पत्रकार को पैसे का ऑफर देने लगे 6. पुलिस फायरिंग से भी पीछे नहीं हटे 7. गांधी मैदान का गेट तोड़ दिया 8. लाठी के जवाब में पत्थर बरसाए 9. पुलिस के कहा- वापस जाओ 10. पुल पर चढ़कर बरसाए पत्थर
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बिहार में आज भी प्रदर्शन जारी है। पटना में छात्र संगठन AISA एक बार फिर सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगा। इस दौरान धर्मेंद्र प्रधान का पुतला भी फूंका जाएगा। छात्र संगठन AISA ने 25 जुलाई को बिहार बंद का ऐलान किया है। छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए बिहार में सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टी रद्द कर दी गई है। वहीं, AISA ने 22 जुलाई को 'ब्लैक डे' मनाने का ऐलान किया है। AISA का कहना है, 22 जुलाई को 'ब्लैक डे' के रूप में देखते हुए 23 और 24 जुलाई को 'प्रतिरोध दिवस' मनाया जाएगा। इसके तहत सभी जिलों में विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।' संगठन ने बिहार के छात्रों और न्यायप्रिय नागरिकों से 25 जुलाई के बिहार बंद को सफल बनाने की अपील की है। बिहार में दूसरे दिन भी जारी रहा प्रदर्शन गुरुवार (23 जुलाई) को भी बिहार में छात्रों का प्रदर्शन जारी रहा। पटना कॉलेज के पास छात्र फिर सड़कों पर उतरे। अशोक राजपथ पर जाम लगा दिया। छात्रों का कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही होगा। थोड़ी देर बाद पुलिस ने छात्रों को डिटेन किया। उन्हें बस में भरकर ले जाया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्र ने कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे, हम लोग पीछे हटने वाले नहीं हैं। पुलिस लोकतंत्र को कुचलना चाहती है। केंद्र सरकार तानाशाही हो गई है, हम लोगों के अधिकारों का दमन कर रही है। पटना के अलावा दरभंगा, बेगूसराय, जहानाबाद और कटिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की ओर से भी जमकर ईंट-पत्थर चलाए गए। जहानाबाद में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया। इसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इससे छात्र उग्र होकर रेलवे ट्रैक पर पहुंचकर पत्थरबाजी शुरू कर दी। रेलवे ट्रैक से प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए फायरिंग करनी पड़ी। इस दौरान पुलिस ने 30 राउंड हवाई फायरिंग की। बेगूसराय में प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। छात्र गेट पर चढ़ गए थे। पुलिस सभी छात्रों से पीछे हटने की अपील की। लेकिन छात्र मानने को तैयार नहीं थे। छात्रों को कंट्रोल करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान छात्रों ने जिला प्रशासन की गाड़ी क्षतिग्रस्त कर दी। वहीं, कटिहार में डीएम ऑफिस के बाहर तैनात मजिस्ट्रेट की पत्थरबाजी में आंख फूट गई। छात्रों के प्रदर्शन की तस्वीरें देखिए… 22 जुलाई- पटना में छात्रों का प्रदर्शन, CM हाउस-राजभवन तक पहुंचे छात्र बुधवार को डाकबंगला पर यहां छात्रों ने जमकर पत्थरबाजी की। कई पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई है। पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मी के सिर फट गए। भीड़ को कंट्रोल करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। पुलिस ने एक शख्स को भी हिरासत में लिया है। इससे पहले पुलिस ने छात्रों को डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग कर के रोका था। यहां करीब 1 घंटे तक छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बैरिकेंडिंग पर चढ़ गए। पुलिस ने कई बार उन्हें हटने को कहा, लेकिन वो पीछे नहीं हटे। CISF और CRPF को छात्रों को हटाने के लिए बुलाया गया। छात्र बैरिकेडिंग तोड़कर यहां से सीएम हाउस और राजभवन की ओर निकल गए। वहां पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। कई छात्रों पर लाठीचार्ज भी किया।
पूरे देश में मानसून की बारिश जारी है। इसकी सबसे बड़ी वजह पश्चिम भारत से लेकर हिमालय और चीन से लेकर दक्षिण कोरिया तक 7 से 10 हजार किलोमीटर में फैले बादल हैं। बादल जहां-जहां भी हैं, वहां इस समय अच्छी बारिश हो रही है। गुजरात के दक्षिण गुजरात में भारी बारिश से कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। उमरगाम तालुका में 16 घंटों में 43 इंच बारिश हुई, जिससे निचले इलाके डूब गए हैं। शुक्रवार को राज्य के 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मध्य प्रदेश के कई जिलों में बीते 24 घंटे से रुक-रुककर कहीं धीमी, कहीं तेज बारिश जारी है। शिवपुरी के विजयपुरा गांव में गुरुवार को आकाशीय बिजली की चपेट में आकर दो लोगों की मौत हो गई। यूपी में पिछले 10 दिनों से हो रही बारिश के चलते गंगा, यमुना समेत 10 नदियां उफान पर हैं। शुक्रवार को 54 जिलों में हल्की बारिश का अनुमान है। उधर, असम में बाढ़ से 6.53 लाख लोग प्रभावित हैं। मौसम विभाग ने अगले 2 दिनों तक पूरे राजस्थान में बारिश का अलर्ट जारी किया है। बिहार के कई जिलों का मौसम बदला हुआ है। मौसम विभाग ने 9 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 23 जुलाई को देश के ऊपर छाए बादलों की सैटेलाइट इमेज… देशभर के मौसम से जुड़ी तस्वीरें… अगले 2 दिन के मौसम का हाल… 25 जुलाई: 26 जुलाई:
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को पटना में गंगा नदी के किनारे नौजर घाट से नूरपुर घाट तक हुए सभी गैरकानूनी कब्जों और अतिक्रमण को हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को यह कार्रवाई छह हफ्तों के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की सुनवाई पटना हाईकोर्ट में हुई। कोर्ट ने बिहार सरकार को तीन सप्ताह के भीतर अपना पक्ष दाखिल करने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि सरकार तय समय सीमा के अंदर अपना जवाब प्रस्तुत करें, ताकि मामले की सुनवाई आगे बढ़ाई जा सके। इस आदेश के बाद अब सभी की निगाहें राज्य सरकार के जवाब पर टिकी हैं। अब अगली सुनवाई 28 अगस्त को होगी। सभी अहम रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले में सबूतों के संरक्षण को बेहद महत्वपूर्ण मानते हुए सभी अहम रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि निष्पक्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के लिए जरूरी है कि किसी भी प्रकार का सबूत नष्ट या प्रभावित न हो। कोर्ट ने विशेष रूप से घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), स्टेशन डायरी, वायरलेस लॉग, पुलिसकर्मियों के बॉडी कैमरा फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध दस्तावेज को सुरक्षित रखने को कहा है। सभी इलेक्ट्रॉनिक सबूत को सुरक्षित रखने का आदेश है। 28 अगस्त को होगी अगली सुनवाई हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 28 अगस्त 2026 की तारीख निर्धारित की है। भरत तिवारी की ओर से पैरवी कर रहीं सुप्रीम कोर्ट और पटना हाईकोर्ट की वरिष्ठ वकील वर्षा सिंह ने भी इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि यह मामले की पहली सुनवाई थी, जिसमें अदालत ने सरकार से जवाब मांगने के साथ-साथ सभी महत्वपूर्ण सबूत को संरक्षित रखने का स्पष्ट निर्देश दिया है। वर्षा सिंह ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो करते हुए कहा कि अदालत ने मामले को गंभीरता से लिया है। निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उनके अनुसार, किसी भी संवेदनशील मामले में सबूत का सुरक्षित रहना न्यायिक प्रक्रिया की सबसे अहम कड़ी होती है और हाईकोर्ट का आदेश इसी सिद्धांत को मजबूत करता है।
रायगढ़ जिले में युवती इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती के बाद साइबर ठगी का शिकार हो गई। आरोपी ने पहले उसे अपने प्रेमजाल में फंसाया, फिर उसकी निजी फोटो और वीडियो लेकर वायरल करने की धमकी दी। डराकर उसने युवती से 13 हजार रुपए ले लिए। परेशान होकर युवती ने साइबर थाना में शिकायत की। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को बिहार के मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार कर लिया है। लैलूंगा थाना क्षेत्र की 23 साल की युवती ने 12 जून को साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि करीब 6 साल पहले इंस्टाग्राम पर उसकी पहचान मुजफ्फरपुर (बिहार) के रहने वाले अविनाश उर्फ राजा से हुई थी। दोनों की बातचीत बढ़ी तो आरोपी ने भरोसा जीतकर युवती से निजी फोटो और वीडियो मंगवा लिए। कुछ समय बाद आरोपी ने युवती को एक APK फाइल भेजी और उसे डाउनलोड करने के लिए कहा। युवती ने फाइल डाउनलोड कर दी और एक्सेस कोड भी बता दिया। इसके बाद आरोपी ने मोबाइल से फोटो, वीडियो, निजी जानकारी और कॉन्टैक्ट नंबर अपने पास ले लिए। फोटो वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगे इसके बाद आरोपी ने युवती को फोटो और वीडियो सोशल मीडिया, उसके परिवार वालों को भेजने की धमकी दी। डर के कारण युवती ने आरोपी के पेटीएम खाते में अलग-अलग बार में 13 हजार रुपए भेज दिए। पैसे मिलने के बाद भी आरोपी उसे लगातार ब्लैकमेल करता रहा। तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी जांच के जरिए आरोपी की जानकारी जुटाई गई। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम बिहार पहुंची और मुजफ्फरपुर के बेला थाना क्षेत्र से अविनाश चौधरी (20) को गिरफ्तार कर लिया। यूट्यूब देखकर सीखा था तरीका पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि उसने यूट्यूब देखकर हैकिंग के तरीके सीखे थे और उसी का इस्तेमाल कर युवती को ब्लैकमेल किया। पुलिस ने आरोपी को रायगढ़ लाकर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस की सलाह एसएसपी शशि मोहन सिंह ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती न करें। किसी के कहने पर APK फाइल या संदिग्ध लिंक डाउनलोड न करें और अपनी निजी फोटो या जानकारी किसी के साथ साझा न करें। अगर कोई ब्लैकमेल कर पैसे मांगे, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाना में शिकायत करें। साइबर सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां
बुधवार को पटना में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए हंगामा और तोड़ फोड़ के बाद अब पूरे बिहार में चौकसी बढ़ा दी गई है। सभी जिलों के एसपी को अलर्ट रहने को कहा गया है। छात्र संगठन AISA आज से गांधी मैदान में अनिश्चितकालीन धरना देने वाले थे, लेकिन उन्होंने इसे कैंसिल कर दिया है। पुलिस ने पटना यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष शांतनु शेखर को हिरासत में लिया गया है। हाई जोन सिक्योरिटी में पहुंचे प्रदर्शनकारी छात्र बुधवार को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी छात्र गांधी मैदान से राजभवन का घेराव करने निकले। जेपी गोलंबर, डाकबंगला चौराहा पर बैरिकेडिंग करने के बावजूद छात्र सीएम आवास और राजभवन के पास पहुंच गए। छात्रों के हाई जोन सिक्योरिटी में पहुंचने के बाद पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की, लेकिन छात्र नहीं हटे। जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। कई छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस दौरान कई छात्र सड़क पर लेट गए। पुलिस घसीटकर उन्हें अपने साथ ले गई। प्रदर्शनकारी एक बार फिर डाकबंगला पहुंचे हैं। यहां छात्रों ने जमकर पत्थरबाजी की। कई पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई है। पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मी के सिर फट गए। भीड़ को कंट्रोल करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। पुलिस ने एक शख्स को भी हिरासत में लिया है। इस प्रदर्शन में 11 पुलिसकर्मी और अधिकारी घायल हुए हैं। छात्रों के प्रदर्शन की कुछ तस्वीरें… बाल-बाल बचे BJP नेता, IG की एस्कॉर्ट गाड़ी को भी नहीं छोड़ा इससे पहले पुलिस ने छात्रों को जेपी गोलंबर पर रोका था, लेकिन वो वहां से भी बैरिकेडिंग तोड़कर डाकबंगला पहुंचे गए। जेपी गोलंबर पर पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। आंसू गैस से के गोले दागे। लाठीचार्ज भी किया, लेकिन इसके बाद भी वो सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। पुलिस से झड़प के बाद छात्र डाकबंगला पहुंचे। पुलिस ने छात्रों को डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग कर रोक दिया। यहां करीब 1 घंटे तक छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बैरिकेंडिंग पर चढ़ गए। पुलिस ने कई बार उन्हें हटने को कहा, लेकिन वो पीछे नहीं हटे। इसके बाद CISF और CRPF को छात्रों को हटाने के लिए बुलाया गया। छात्र बैरिकेडिंग तोड़कर यहां से राजभवन की ओर निकल गए। प्रदर्शन के दौरान पटना IG की एस्कॉर्ट गाड़ी पर हमला हुआ। प्रदर्शनकारियों के पथराव में कई पुलिसकर्मी और अधिकारी भी घायल हुए हैं। डाकबंगला चौराहे से निकलने वाली बीजेपी नेताओं की गाड़ियों पर भी प्रदर्शनकारियों ने हमले किए थे। एक विधायक को जान बचाकर भागना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने भागलपुर से BJP विधायक रोहित पांडे के काफिले पर हमला किया। छात्रों ने विधायक की गाड़ी पलटने की कोशिश की। मंत्री राम कृपाल यादव, भाजपा विधायक विनय बिहारी के काफिले पर हमला किया गया। प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने क्या कहा छात्रा मनीषा ने कहा कि NEET पेपर लीक के खिलाफ, बिहार में AEDO की पेपर लीक, TRE 4 की नोटिफिकेशन को लेकर हम अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। ये सरकार किसी की बात नहीं सुनती है। तानाशाह हो गई है। हमें धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहिए। पटना यूनिवर्सिटी की छात्रा सबा अफरीन ने कहा कि दिल्ली में 21 दिनों से जंतर मंतर पर क्या चल रहा है, यह हम सभी लोग जानते हैं। सभी यही मांग कर रहे हैं कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, एनटीए को खारिज किया जाए और आत्महत्या करने वाले छात्रों के प्रति थोड़ी संवेदना जाहिर करें। जानिए जिन बीजेपी नेताओं पर हमले की कोशिश हुई, उन्होंने क्या कहा--
गोरखपुर के भाजपा नेता के भाई की स्कार्पियो से शराब तस्करी की जा रही थी। शाहपुर क्षेत्र से 11 जुलाई को गाड़ी चोरी हुई थी। इस मामले में बुधवार को पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर बिहार के गोपालगंज जिले से चोरी की गई स्कार्पियो और घटना में इस्तेमाल हुई कार बरामद कर लिया। आरोपियों से पूछताछ में तस्करी करने की बात सामने आई। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने साफ्टवेयर की मदद से कुछ ही मिनटों में स्कार्पियो का लॉक खोलकर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और वाहन चोरी की अन्य घटनाओं में उनकी संलिप्तता की जांच कर रही है। आरोपियों की पहचान बिहार सिवान के बडहरिया थाना क्षेत्र के दिलीप कुमार चौहान, सिवान के दरौदा थाना के भीखा बांद निवासी मुन्ना हाशमी और जामो बाजार थाना क्षेत्र के दीपक यादव के रूप में हुई। इसमे मुख्य आरोपी दिलीप कुमार चौहान पर 19 मुकदमे गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर और बलरामपुर के थानों में दर्ज हैं। दिलीप ने ही चोरी की योजना बनाई थी। 11 जुलाई को चोरी स्कॉर्पियो बिहार से बरामद पुलिस लाइन के व्हाइट हाउस में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि शाहपुर थाना क्षेत्र के घोसीपुरवा निवासी भाजपा नेता एवं पूर्व पार्षद मंतालाल यादव के भाई अभयनंदन यादव की स्कार्पियो 11 जुलाई की भोर में उनके घर के बाहर से चोरी हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने 12 जुलाई काे अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से पता चला कि बदमाश एक कार से आए थे और स्कार्पियो का लॉक खोलने के बाद उसे भटहट, कुशीनगर होते हुए बिहार की ओर लेकर फरार हो गए थे। घटना का पर्दाफाश करने के लिए शाहपुर पुलिस, क्राइम ब्रांच और सर्विलांस की पांच टीमें लगाई गई थीं। पुलिस ने गोरखपुर, कुशीनगर और बिहार तक के मार्ग पर लगे करीब 2 हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही मोबाइल फोन की लोकेशन, टोल प्लाजा के रिकार्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान मिले इनपुट और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान पता चला कि आरोपी गोरखपुर से चोरी की गई स्कॉर्पियो से बिहार में शराब तस्करी कर रहे थे। उनकी निशानदेही पर गोपालगंज (बिहार) से चोरी की गई स्कार्पियो बरामद कर ली गई है। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने विशेष साफ्टवेयर की मदद से स्कार्पियो का लाॅक खोला था और कुछ ही मिनटों में वाहन लेकर फरार हो गए। पुलिस अब ये पता लगा रही है कि गिरोह ने प्रदेश और आसपास के जिलों में वाहन चोरी की अन्य कितनी घटनाओं को अंजाम दिया है।
दरभंगा समाहरणालय स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में मंगलवार को उत्पाद विभाग की ओर से जब्त किए गए वाहनों की नीलामी आयोजित की गई। देर शाम तक चली इस प्रक्रिया में बिहार के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और वाहनों पर बढ़-चढ़कर बोली लगाई। नीलामी के दौरान दोपहिया, तीनपहिया, ऑटो रिक्शा, पिकअप, चारपहिया वाहन और ट्रक समेत कुल 57 वाहनों की बोली लगाई गई। निर्धारित नियमों के तहत इच्छुक लोगों ने प्रतिस्पर्धात्मक तरीके से भाग लेकर वाहनों की खरीद के लिए बोली लगाई। दरभंगा, समस्तीपुर समेत कई जिले के लोग हुए शामिल उत्पाद विभाग के पदाधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया, ‘पूरी नीलामी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई गई। दरभंगा, समस्तीपुर, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, पटना समेत बिहार के कई जिलों से लोग नीलामी में शामिल होने पहुंचे थे।’ उन्होंने बताया कि सफल बोलीदाताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर नीलामी की राशि जमा करनी होगी। राशि जमा होने के बाद सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर संबंधित वाहनों का हस्तांतरण उनके नाम किया जाएगा। 30 जुलाई को होगी अगली नीलामी प्रदीप कुमार ने जानकारी दी कि जब्त वाहनों की अगली नीलामी 30 जुलाई को आयोजित की जाएगी। उन्होंने इच्छुक लोगों से निर्धारित नियमों का पालन करते हुए समय पर पहुंचकर नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की।
धौलपुर के सैपऊ थाना क्षेत्र के रजौरा कला गांव में बिहार पुलिस ने एक 19 वर्षीय युवती को बरामद किया है। युवती अपने प्रेमी युवक से शादी कर पिछले 9 दिनों से यहां रह रही थी। उसके परिजनों ने बिहार में किडनैप का मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद भागलपुर जिले की सुल्तानगंज थाना पुलिस स्थानीय पुलिस की मदद से धौलपुर पहुंची। पुलिस के अनुसार रजौरा कला निवासी युवक लगभग 1 साल पहले मजदूरी के लिए महाराष्ट्र के पुणे गया था। वहीं उसकी इंस्टाग्राम के माध्यम से बिहार के भागलपुर जिले की एक युवती से दोस्ती हुई। यह दोस्ती धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। शादी के बाद रजौरा कला में रहने लगेकुछ समय बाद युवती अपने परिजनों को बिना बताए पुणे पहुंच गई, जहां उसने युवक से विवाह कर लिया। शादी के बाद दोनों करीब 9 दिन पहले युवक के गांव रजौरा कला आकर रहने लगे थे। युवती के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने भागलपुर जिले के सुल्तानगंज थाने में किडनैप का मामला दर्ज कराया था। मामले की जांच के दौरान बिहार पुलिस ने युवक का पता लगाया और सोमवार को सैपऊ थाना पहुंचकर स्थानीय पुलिस का सहयोग लिया। सुल्तानगंज थाना के उप निरीक्षक रुपेश एक महिला पुलिसकर्मी के साथ रजौरा कला गांव पहुंचे और युवती को सकुशल बरामद कर लिया। सैपऊ थाने में युवती की बिगड़ी तबीयतसैपऊ थाने में युवती की तबीयत अचानक बिगड़ गई। पुलिस के अनुसार बाथरूम में उसे मिर्गी का दौरा पड़ा, जिससे वह बेहोश होकर गिर गई। पुलिस ने तुरंत दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला और सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ। पुलिस ने यह भी बताया कि युवती करीब 2 महीने की गर्भवती है। कोर्ट में होंगे युवती के बयानसैपऊ थाने के सहायक उप निरीक्षक अजय सिंह ने बताया कि आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद युवती को बिहार पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। उसे भागलपुर में कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा, जहां उसके बयान और कोर्ट के आदेश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बिहार की राजनीति में अक्सर अपने बयानों और तीखे तेवरों के चलते सुर्खियों में रहने वाले राजनेता एक बार फिर एक नए और बड़े विवाद के केंद्र में आ गए हैं। राज्य के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता नीरज कुमार सिंह उर्फ नीरज बबलू ने शिक्षा व्यवस्था और शिक्षण संस्थानों से जुड़े एक गंभीर मुद्दे पर ऐसा आक्रामक बयान दिया है, जिसने पूरे बिहार के राजनीतिक गलियारों और शैक्षणिक जगत में हड़कंप मचा दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर 'खनवा' नामक एक शख्स या प्लेटफॉर्म को बड़ा फ्रॉड करार देते हुए उसे बिहार की धरती पर न घुसने देने की अपील की है। इसके साथ ही उन्होंने इस पूरे मामले को 'शिक्षा जिहाद' जैसे संवेदनशील शब्दों से जोड़ते हुए युवा छात्र-छात्राओं को इसके खिलाफ पूरी तरह सतर्क और सावधान रहने की सख्त चेतावनी दी है। पूर्व मंत्री के इस सनसनीखेज बयान और इसके पीछे की पूरी सच्चाई के बारे में आइए विस्तार से जानते हैं।क्या है पूरा मामला और क्यों भड़के पूर्व मंत्री नीरज बबलूबिहार में शैक्षणिक माहौल, कोचिंग संस्थानों और डिजिटल एजुकेशन के नाम पर युवाओं को अपने जाल में फंसाने वाले कई मामलों पर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। पूर्व मंत्री नीरज बबलू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस या सार्वजनिक मंच के दौरान आरोप लगाया कि किस तरह कुछ लोग या बाहरी तत्व शिक्षा के पवित्र मंदिर को अपनी साजिशों का अड्डा बना रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि 'खनवा' जैसी चीजें पूरी तरह से धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का प्रतीक हैं, जिनका मकसद मासूम छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना और उन्हें गलत दिशा में धकेलना है। उनके इस बयान के सामने आने के बाद से ही सोशल मीडिया से लेकर शैक्षणिक संस्थानों तक में इस पर पक्ष और विपक्ष की तीखी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं।'शिक्षा जिहाद' के गंभीर आरोप से गरमाई बिहार की सियासतनीरज बबलू द्वारा इस पूरे घटनाक्रम को 'शिक्षा जिहाद' नाम दिए जाने के बाद से राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। उनका तर्क है कि संगठित तरीके से शिक्षा के क्षेत्र में कुछ खास एजेंडों के तहत घुसपैठ की जा रही है, जो राज्य के युवाओं के भविष्य और सामाजिक सौहार्द के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। राजनेताओं और विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयानों से आगामी दिनों में राजनीतिक पारा और अधिक चढ़ने वाला है। एक तरफ जहां उनके समर्थक इस चेतावनी को छात्रों के हित में उठाया गया कदम बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दल इसे समाज में ध्रुवीकरण फैलाने का एक राजनीतिक हथकंडा करार दे रहे हैं।छात्रों और युवाओं के लिए क्या है बड़ी सीख और चेतावनीइस पूरे विवाद के बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आज के दौर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले और उच्च शिक्षा ले रहे छात्र कैसे इन तथाकथित फ्रॉड और जालसाजों से अपना बचाव करें। शिक्षाविदों का भी मानना है कि छात्रों को किसी भी अनजान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, कोचिंग या संस्था से जुड़ने से पहले उसकी प्रमाणिकता की पूरी जांच-पड़ताल कर लेनी चाहिए ताकि उनके कीमती समय और पैसे की बर्बादी न हो। पूर्व मंत्री की इस चेतावनी ने भले ही राजनीतिक रंग ले लिया हो, लेकिन इसने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि शिक्षा के बाजार में फल-फूल रहे फर्जीवाड़े पर लगाम कसना कितना जरूरी हो गया है।
मैं जा तो रही हूं मां, लेकिन मुझे लग रहा है कि शायद अब कभी आपके पास वापस नहीं आ पाऊंगी। बिहार की भागलपुर की रितु के वे आखिरी शब्द थे, जो उसने 13 जुलाई को फरीदाबाद के लिए रवाना होते समय अपनी मां से कहे थे। चार दिन बाद, 17 जुलाई को फरीदाबाद के सेक्टर-9 स्थित ससुराल की तीसरी मंजिल से गिरने से उसकी मौत हो गई। रितु के भाई संदीप ने दैनिक भास्कर से बातचीत में आरोप लगाए कि यह हादसा नहीं, बल्कि ससुराल पक्ष ने धक्का देकर उसकी हत्या की है। रितु बिहार में सरकारी टीचर थी, जबकि उसका पति पंकज भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट है। पंकज ने ही चाइल्ड केयर लीव दिलवाकर रितु को फरीदाबाद बुलाया था, जिसके बाद यह घटना हुई। सिलसिलेवार ढंग से पूरा मामला जानिए… साल 2017 में हुई थी शादी बिहार के भागलपुर जिले की रहने वाली रितु (37) की शादी साल 2017 में भागलपुर के मकनपुर गांव निवासी पंकज शर्मा से हुई थी। दोनों की अरेंज मैरिज परिवारों की रजामंदी से हुई थी। रितु के परिजनों का आरोप है कि शादी में उन्होंने 15 लाख रुपए नकद दिए थे। रितु ने इंग्लिश में एमए की थी और शादी से पहले ही वह सरकारी स्कूल में टीचर के पद पर नियुक्त हो गई थी। शादी के बाद वह कुछ समय तक बिहार स्थित अपनी ससुराल में रही। पति 3 साल पहले बना लेफ्टिनेंट रितु के भाई संदीप ने बताया कि करीब तीन साल पहले पंकज भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त हुआ था। फिलहाल उसकी तैनाती लद्दाख में है। दंपती के दो बच्चे हैं, जिनमें साढ़े सात साल की बेटी चेतन्या और साढ़े तीन साल का बेटा लक्ष्य है। दोनों बच्चों की देखभाल रितु ही कर रही थी। वह बिहार में अपनी ससुराल के पास किराए पर अलग कमरा लेकर दोनों बच्चों के साथ रहती थी। 5 महीने पहले बेटी को फरीदाबाद ले गया था पति संदीप के अनुसार, करीब पांच महीने पहले पंकज बिहार से अपनी बेटी चेतन्या को फरीदाबाद ले आया था, जबकि बेटा लक्ष्य रितु के पास ही रहा। पंकज ने शिक्षा विभाग से बात कर रितु को 90 दिन की चाइल्ड केयर लीव दिलवाई और उसे फरीदाबाद बुलाया। रितु फरीदाबाद नहीं आना चाहती थी, लेकिन बेटी के मोह में वह वहां चली गई। शादी के बाद से ससुराल पक्ष से था विवाद रितु के भाई का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसकी बहन की अपने जेठ-जेठानी और अन्य ससुराल वालों से अनबन रहती थी। रितु को किसी भी पारिवारिक समारोह में अपने शादी के जेवर पहनने नहीं दिए जाते थे। जब वह इसकी शिकायत अपने पति पंकज से करती थी तो वह भी परिवार वालों का ही पक्ष लेता था। इसी वजह से रितु ससुराल छोड़कर बिहार में रहने लगी थी। 13 जुलाई को घर से निकली, 17 जुलाई को हुई मौत संदीप ने बताया कि रितु 13 जुलाई को बिहार से ट्रेन के जरिए दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। 14 जुलाई को वह फरीदाबाद के सेक्टर-9 स्थित अपनी ससुराल पहुंची। 17 जुलाई को करीब तीन बजे उसके साथ यह घटना हुई। हालांकि परिवार को उसकी मौत की सूचना रात करीब आठ बजे दी गई। भाई ने धक्का देकर हत्या करने का लगाया आरोप रितु के भाई संदीप ने आरोप लगाया कि उसके जेठ राजीव और संजीव और उनकी पत्नियां पूनम और रीना उसे लगातार प्रताड़ित करते थे। इन्हीं लोगों ने रितु को धक्का देकर नीचे गिराया। उन्होंने दावा किया कि घटना का एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें रितु नीचे गिरती हुई दिखाई दे रही है। वीडियो से स्पष्ट होता है कि उसे धक्का देकर नीचे गिराया गया। पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप संदीप का आरोप है कि पुलिस इस मामले में निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि शिकायत में सभी तथ्यों का उल्लेख करने के बावजूद पुलिस ने अब तक ससुराल पक्ष के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। पुलिस बोली- मामले की जांच जारी सेक्टर-8 थाना प्रभारी राजबीर ने बताया कि मामले में फिलहाल धारा 174 सीआरपीसी (इनक्वेस्ट) के तहत कार्रवाई की गई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
यमुनानगर की रामपुरा कॉलोनी स्थित सभरवाल टायर्स शोरूम पर हुई फायरिंग और रंगदारी प्रकरण में पुलिस की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। बिहार और राजस्थान से गिरफ्तार किए गए दोनों शूटरों से पूछताछ के बाद जांच एजेंसियों का पूरा फोकस उस व्यक्ति की पहचान पर है, जिसने उन्हें इस वारदात को अंजाम देने का निर्देश दिया था। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि दोनों आरोपी खालिस्तानी आतंकी कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू के सीधे संपर्क में थे। ऐसे में पुलिस अब उस मध्यस्थ की भूमिका खंगाल रही है, जिसके जरिए पूरी साजिश को अंजाम तक पहुंचाया गया। बिहार-राजस्थान के शूटरों से चल रही पूछताछ सीआईए-2 की जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों को वारदात के लिए सीधे नहीं, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से निर्देश मिले थे। जांच अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि यह हैंडलर किस नेटवर्क से जुड़ा है, उसका संचालन कहां से हो रहा था और क्या उसके तार किसी संगठित अपराध या आतंकी मॉड्यूल से जुड़े हैं। पुलिस का मानना है कि इस कड़ी तक पहुंचना पूरे मामले की सबसे अहम चुनौती है। अब तक की कार्रवाई में पुलिस ने बिहार के मधुबनी जिले के ठाकुर किशनपुर निवासी राजेश कुमार और राजस्थान के खैरथल-कोटपूतली जिले के खालवाड़ निवासी सरजीत को गिरफ्तार किया है। दोनों से लगातार पूछताछ की जा रही है। उनके मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, इंटरनेट कॉलिंग, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य डिजिटल डाटा को खंगाला जा रहा है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि वारदात से पहले और बाद में दोनों किन-किन लोगों के संपर्क में थे। फायरिंग कर आतंकी सिद्धू के पोस्टर लगाए थे गौरतलब है कि 11 जुलाई की देर रात रामपुरा कॉलोनी स्थित सभरवाल टायर्स शोरूम पर बाइक सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ छह राउंड फायरिंग की थी। वारदात के बाद मौके पर कुलबीर सिद्धू के नाम से धमकी भरा पर्चा छोड़ दिया गया था। वहीं कारोबारी ईशान सभरवाल के व्हाट्सएप पर विदेशी नंबर से पहले कॉल और बाद में दो वॉइस मैसेज भेजकर रंगदारी भी मांगी गई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु आरोपियों तक निर्देश पहुंचाने वाले व्यक्ति की पहचान करना है। तकनीकी साक्ष्यों, डिजिटल ट्रेल, पूछताछ और दूसरे राज्यों से जुटाई जा रही सूचनाओं को जोड़कर पूरे नेटवर्क की परतें खोली जा रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वारदात के पीछे किस स्तर का संगठित गिरोह सक्रिय था।
बाइक-स्कूटी पर 150 की जगह 600 रुपए ट्रेड शुल्क लगेगा बिहार में नया वाहन खरीदने वाले लोगों की जेब पर अब आर्थिक बोझ पड़ने वाला है। परिवहन विभाग 23 जुलाई से सभी प्रकार के वाहनों पर लगने वाले ट्रेड टैक्स को चार गुना बढ़ाने जा रहा है। बाइक, स्कूटी, ऑटो, कार, बस और ट्रक जैसे सभी श्रेणी के वाहनों की खरीद पर अब 600 रुपए से लेकर 1000 रुपए तक का बढ़ा हुआ ट्रेड टैक्स चुकाना होगा। पहले यह महज 150 रुपए से 250 रुपए के बीच था। इसके अलावा दो पहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन शुल्क में 1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। यह अतिरिक्त टैक्स सीधे तौर पर डीलरों और वाहन निर्माता कंपनियों पर लागू होगा, लेकिन बाजार विशेषज्ञों के अनुसार डीलर इस बढ़े हुए खर्च का स्थानांतरण ग्राहकों पर करेंगे, जिससे वाहनों की ऑन-रोड कीमतें बढ़ेंगी। दोपहिया और चार पहिया वाहनों की नई दरें तयपरिवहन विभाग ने नई दरों की सूची जारी की है। इसके अनुसार, बाइक और स्कूटी का ट्रेड शुल्क 150 रुपए से बढ़ाकर 600 रुपए कर दिया गया है। वहीं, कार और ऑटो के लिए ट्रेड शुल्क को 200 रुपए से बढ़ाकर 800 रुपए किया गया है। भारी कॉमर्शियल वाहनों जैसे बस और ट्रक के लिए यह शुल्क 1000 रुपए तक पहुंचेगा। साथ ही, दोपहिया वाहनों के एक्स-शोरूम मूल्य पर रजिस्ट्रेशन शुल्क जो पहले 8 से 12 प्रतिशत लगता था, वह अब बढ़कर 9 से 13 प्रतिशत हो जाएगा। ऐसे समझें...आपकी जेब पर कैसे बढ़ेगा बोझ यदि कोई ग्राहक शोरूम से 90 हजार रुपए एक्स-शोरूम कीमत वाली बाइक खरीदता है, तो पुरानी 8 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन दर के हिसाब से उसे 7200 रुपए शुल्क देना पड़ता था। इस तरह बाइक की कुल कीमत 97,200 रुपए आती थी। अब 1 प्रतिशत वृद्धि के बाद 9 प्रतिशत निबंधन शुल्क के तहत 8100 रुपए चुकाने होंगे, जिससे बाइक की कीमत 98,100 रुपए हो जाएगी। वहीं, यदि 1 लाख रुपए एक्स-शोरूम कीमत वाली बाइक पर ट्रेड टैक्स की गणना करें, तो पहले 150 रुपए शुल्क मिलाकर कुल 1,00,150 रुपए देने पड़ते थे। नई दरों के लागू होने के बाद 600 रुपए ट्रेड शुल्क मिलाकर कुल कीमत 1,00,600 रुपए होगी। आपके डेटा के आधार पर तैयार की गई टेबल निम्नलिखित हैं: 1. ट्रेड टैक्स (रुपए में) 2. बाइक पर लगने वाला रजिस्ट्रेशन शुल्क 3. किस वर्ष में कितने वाहनों की बिक्री
मुंगेर में चल रहे 65वें राज्य सुब्रतो मुखर्जी राज्य स्तरीय फुटबॉल कप 2026 (अंडर-15) का सोमवार को समापन हो गया। फाइनल मुकाबले में पश्चिमी चंपारण की टीम ने मुंगेर को 3-0 से हराकर नेशनल टीम में जगह बनाई। अब यह टीम बिहार का प्रतिनिधित्व करते हुए बेंगलुरु में मैच खेलेगी। पोलो मैदान में खेले गए इस निर्णायक मैच में मुंगेर और पश्चिमी चंपारण के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। 60 मिनट के इस खेल में पश्चिमी चंपारण ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुंगेर पर तीन गोल की बढ़त बनाई और जीत हासिल की। खेल से जुड़ी PHOTOS उपविजेता टीमों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया खेल समापन के बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों और जिला खेल पदाधिकारी कमल किशोर सहित अन्य अतिथियों ने विजेता और उपविजेता टीमों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। जिला खेल पदाधिकारी ने बताया कि इस चार दिवसीय टूर्नामेंट की शुरुआत 17 जुलाई को हुई थी, जिसका उद्घाटन डीएम निखिल धनराज ने किया था। रविवार को हुए सेमीफाइनल मैचों में मुंगेर और पश्चिमी चंपारण की टीमों ने फाइनल में अपनी जगह पक्की की थी। पश्चिमी चंपारण की टीम ने सभी बाधाओं को पार करते हुए नेशनल टीम में स्थान बनाया है। इस राज्य स्तरीय टूर्नामेंट में बिहार के लगभग 20 जिलों से खिलाड़ियों ने मुंगेर आकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया था।
उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र को विकास की एक नई रफ्तार देने और बिहार के साथ कनेक्टिविटी को बेहद मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) जल्द ही महत्वाकांक्षी 'गाजीपुर-बलिया-मांझीघाट एक्सप्रेसवे' (Ghazipur-Ballia-Manjhighat Expressway) का निर्माण शुरू करने जा रहा है। यह नया ग्रीनफील्ड कॉरिडोर न केवल पूर्वांचल के सुदूर इलाकों को सीधे जोड़कर व्यापार के नए रास्ते खोलेगा, बल्कि यूपी और बिहार सीमा पर स्थित मांझीघाट तक का सफर बेहद आसान और आरामदायक बना देगा। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट आने वाले समय में पूर्वी उत्तर प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य को पूरी तरह से बदलने की क्षमता रखता है।यूपी से बिहार का सफर अब मिनटों में होगा पूराइस नए एक्सप्रेसवे के निर्माण का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यह गाजीपुर में पहले से मौजूद पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (Purvanchal Expressway) को सीधे बिहार की सीमा से जोड़ देगा। पंचांग की तरह तय समय सीमा में काम पूरा करने के लक्ष्य के साथ:दूरी और समय की बचत: वर्तमान में गाजीपुर से बलिया होते हुए बिहार सीमा तक जाने वाले पारंपरिक रास्तों पर भारी ट्रैफिक जाम और खराब सड़कों के कारण घंटों का समय बर्बाद होता है। इस नए फोर-लेन (भविष्य में सिक्स-लेन) एक्सप्रेसवे के बनने से यात्रा का समय आधा से भी कम रह जाएगा।बिहार से सीधा जुड़ाव: मांझीघाट पहुंचने के बाद यह एक्सप्रेसवे बिहार के छपरा, हाजीपुर और राजधानी पटना जाने वाले वाहनों को एक निर्बाध और बिना रुकावट वाला मार्ग प्रदान करेगा।इन प्रमुख क्षेत्रों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे का रूटएनएचएआई (NHAI) के डिजाइन और सर्वे मैप के अनुसार, इस ग्रीनफील्ड कॉरिडोर को इस तरह प्लान किया गया है कि यह कम से कम कृषि भूमि को प्रभावित करते हुए अधिक से अधिक आबादी को लाभ पहुंचा सके:प्रारंभिक बिंदु: यह एक्सप्रेसवे गाजीपुर जिले के जंगीपुर या उसके पास से शुरू होकर सीधे बलिया जिले के मुख्य रिहायशी और औद्योगिक क्षेत्रों के समानांतर आगे बढ़ेगा।मुख्य जंक्शन: बलिया शहर के पास एक बड़ा इंटरचेंज बनाया जाएगा, जिससे स्थानीय लोग भी आसानी से एक्सप्रेसवे पर चढ़ और उतर सकें।अंतिम छोर: यह मार्ग सीधे बलिया के मांझीघाट पर समाप्त होगा, जहां घाघरा नदी पर बने मौजूदा पुल के पास इसे बिहार के सड़क नेटवर्क से लिंक कर दिया जाएगा।पूर्वांचल के किसानों और व्यापारियों को मिलेगा बड़ा बाजारइस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य सिर्फ यात्रा सुगम बनाना नहीं, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बूस्ट देना है। एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ औद्योगिक गलियारे (Industrial Corridors) विकसित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।बलिया और गाजीपुर के सब्जी उत्पादक किसानों को अपनी उपज चंद घंटों के भीतर पटना, वाराणसी या लखनऊ की बड़ी मंडियों तक पहुंचाने की सुविधा मिलेगी, जिससे उनकी आय में भारी बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा, लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई की लागत कम होने से पूर्वांचल में नए उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा, जो अब तक बेहतर ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी न होने के कारण पिछड़े हुए थे। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर स्थानीय प्रशासन और एनएचएआई के अधिकारी तेजी से काम कर रहे हैं।
श्रावणी मेला को देखते हुए भारतीय रेलवे ने यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनों के संचालन की घोषणा की है। पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए 05028 बरहनी-देवघर अनारक्षित विशेष ट्रेन 28 जुलाई से 29 अगस्त तक प्रतिदिन चलाई जाएगी। यह ट्रेन कुल 33 फेरे लगाएगी। बरहनी से दोपहर 3:20 बजे प्रस्थान कर अगले दिन दोपहर 1:00 बजे देवघर पहुंचेगी। पूर्व रेलवे क्षेत्र में यह ट्रेन मुंगेर, सुल्तानगंज, भागलपुर, बाराहाट और बांका स्टेशनों पर रुकेगी, जिससे बिहार और झारखंड के श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा। वापसी में 05027 देवघर-बरहनी श्रावणी मेला विशेष ट्रेन 29 जुलाई से 30 अगस्त तक प्रतिदिन चलेगी। यह देवघर से शाम 6:45 बजे खुलकर अगले दिन दोपहर 3:15 बजे बरहनी पहुंचेगी। कानपुर-कोलकाता के बीच भी विशेष ट्रेन यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने 04157/04158 कानपुर सेंट्रल-कोलकाता विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। 04157 ट्रेन प्रत्येक मंगलवार 21 जुलाई से 29 सितंबर तक (कुल 13 फेरे) संचालित होगी। ट्रेन कानपुर से सुबह 8:00 बजे चलकर अगले दिन सुबह 4:05 बजे कोलकाता पहुंचेगी। वहीं, 04158 कोलकाता-कानपुर सेंट्रल विशेष ट्रेन प्रत्येक बुधवार 22 जुलाई से 30 सितंबर तक चलेगी। कोलकाता से सुबह 7:25 बजे रवाना होकर अगले दिन रात 1:25 बजे कानपुर पहुंचेगी। इन ट्रेनों का ठहराव नैहाटी, बंडेल, बर्द्धमान, दुर्गापुर और आसनसोल स्टेशनों पर होगा। ट्रेन में सामान्य द्वितीय श्रेणी, स्लीपर और वातानुकूलित कोच उपलब्ध रहेंगे। आगरा कैंट-कोलकाता स्पेशल भी चलेगी रेलवे ने आगरा कैंट-कोलकाता के बीच 01911/01912 विशेष ट्रेन के संचालन की भी घोषणा की है। 01911 आगरा कैंट-कोलकाता ट्रेन प्रत्येक गुरुवार 23 जुलाई से 24 सितंबर तक (कुल 10 फेरे) चलेगी, जो आगरा से सुबह 3:40 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 4:05 बजे कोलकाता पहुंचेगी। वापसी में 01912 कोलकाता-आगरा कैंट विशेष ट्रेन प्रत्येक शुक्रवार 24 जुलाई से 25 सितंबर तक संचालित होगी। ट्रेन कोलकाता से सुबह 7:25 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 8:00 बजे आगरा पहुंचेगी। इस ट्रेन का ठहराव भी नैहाटी, बंडेल, बर्द्धमान, दुर्गापुर और आसनसोल में रहेगा। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले समय, आरक्षण और अन्य जानकारी की पुष्टि अवश्य कर लें। इन विशेष ट्रेनों से श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं और लंबी दूरी के यात्रियों को काफी सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
बिहार विधान मंडल का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। ये सत्र 24 जुलाई तक चलेगा। पांच दिवसीय सत्र सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार का पहला मानसून सत्र होगा। सुबह 11 बजे से विधान सभा की बैठक शुरू होगी। सत्र में मुख्य रुप से वित्त मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश करेंगे। विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों और विधायी कार्यों पर भी चर्चा होगी। सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं। हालांकि शुरू होने से पहले विधान सभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने सर्वदलीय बैठक कर प्रश्न काल को बाधित नहीं करने की अपील सदस्यों से की है। सत्र में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव शामिल होंगे या नहीं इसको लेकर काफी चर्चा है। आरजेडी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, तेजस्वी यादव मानसून सत्र में उपस्थित रहेंगे। सभी दिन उपस्थित रहेंगे कि नहीं इस पर जरूर संशय है। सत्र के दौरान पूरे हो रहे सम्राट सरकार के 100 दिन सम्राट सरकार के 100 दिन इसी मानसून सत्र के समय पूरे हो रहे हैं। 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने शपथ ली थी। विपक्ष की तैयारी विभिन्न मुद्दों पर सम्राट सरकार को घेरने की है। खास तौर से लॉ एंड ऑर्डर, भरत तिवारी एनकाउटर, बेरोजगारी, विकास योजनाओं, रिशु श्री मामले को विपक्ष ताकतवर तरीके से उठा सकता है। सरकार के पास गिनाने के लिए कई विकासपरक योजनाएं हैं, जिसे गिना सकती है। महालेखापरीक्षक से प्राप्त रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखा जाएगा। 50 हजार करोड़ का पहला अनुपूरक बजट होगा पेश चालू वित्तीय वर्ष में पहला अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। इसके जरिए सरकार विभिन्न विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त फंड की मंजूरी देगी। वित्त विभाग के सूत्रों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट करीब 50 हजार करोड़ रुपए का हो सकता है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेक्टर पर विशेष राशि दी जाएगी। मानसून सत्र के दौरान क्या होगा? 20 जुलाई 2026: बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के पहले दिन दिवंगत सदस्यों (MLA/MLC) को श्रद्धांजलि दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, पहले दिन वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रथम अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा जा सकता है। 21-22 जुलाई: इन दो दिनों में राजकीय कार्य निपटाए जा सकते हैं। विधेयकों पर चर्चा होगी। 23 जुलाई: प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी पर चर्चा होगी। सरकार की ओर से जवाब आएगा। विनियोग विधेयक पेश किया जाएगा। 24 जुलाई (अंतिम दिन): सत्र के अंतिम दिन गैर-सरकारी संकल्पों पर चर्चा होगी। अन्य विधायी कार्य निपटाए जाएंगे।
1.5 करोड़ में बिक रहा था TET का पेपर! बिहार से हरियाणा तक फैला सॉल्वर गैंग का जाल
देश के लाखों युवाओं के भविष्य और शिक्षक बनने के सपने के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बहुत बड़े सॉल्वर गैंग और पेपर लीक माफिया का भंडाफोड़ हुआ है। साल 2026 की शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी (TET Paper Leak 2026) का प्रश्नपत्र परीक्षा से ठीक पहले लीक करने और उसे मोटी रकम में बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जांच एजेंसियों की शुरुआती कार्रवाई में यह खुलासा हुआ है कि इस बार के टीईटी पेपर को लीक करने के लिए माफियाओं के बीच पूरे 1.5 करोड़ रुपये की भारी-भरकम डील तय हुई थी। इस खुलासे के बाद शिक्षा जगत से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक में हड़कंप मच गया है।बिहार से हरियाणा तक फैला है माफियाओं का सिंडिकेट, हाई-टेक तरीके से लीक हुआ पेपरइस महा-घोटाले की जांच में जुटे अधिकारियों के मुताबिक, इस पेपर लीक नेटवर्क का मुख्य केंद्र बिंदु बिहार और हरियाणा राज्य बनकर उभरे हैं। बिहार के कूटनीतिक और शातिर सॉल्वर गैंग ने परीक्षा केंद्र के भीतर से पेपर को लीक करवाया और इसे तुरंत हरियाणा में बैठे अपने आकाओं और डीलरों तक डिजिटल माध्यम से पहुंचा दिया। इस रैकेट में कई बड़े कोचिंग संचालकों, प्रिंटिंग प्रेस के संदिग्ध कर्मचारियों और हाई-टेक हैकर्स के शामिल होने की बात सामने आ रही है। पुलिस ने बिहार के पटना, गया और हरियाणा के रोहतक, जींद जैसे प्रमुख शहरों में एक साथ छापेमारी कर कई मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है।आखिर कितने राज्यों में फैले हैं तार, जांच एजेंसियों की रडार पर देश भर के सेंटरसॉल्वर गैंग के पकड़े गए गुर्गों से की जा रही कड़े दौर की पूछताछ में जो बातें सामने आ रही हैं, उसने जांच एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए हैं। इस रैकेट के तार सिर्फ बिहार और हरियाणा तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश (UP), राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों में भी इसके फैले होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। इन राज्यों के कुछ चिन्हित परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों से एडवांस में मोटी रकम और उनके मूल दस्तावेज जमा करा लिए गए थे ताकि उन्हें पास कराने की 100% गारंटी दी जा सके। पुलिस अब इन सभी राज्यों की एसटीएफ (STF) टीमों के साथ मिलकर एक बड़ा ज्वाइंट ऑपरेशन चला रही है।एआई सर्च और लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य पर इस लीक का क्या होगा असरजियोपॉलिटिकल और लोकल (Geographical) ऑप्टिमाइजेशन के नजरिए से देखें तो इस पेपर लीक ने देश भर के लाखों योग्य और दिन-रात मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को गहरे सदमे और आक्रोश में डाल दिया है। छात्र सड़कों पर उतरकर इस परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने और मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग कर रहे हैं। एआई सर्च, आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) और शिक्षा क्षेत्र के विश्लेषकों का मानना है कि परीक्षा प्रणालियों में एआई और आधुनिक सुरक्षा तकनीकों की भारी कमी के कारण ही ये सिंडिकेट बार-बार देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं में सेंध लगाने में कामयाब हो रहे हैं। अब देखना यह होगा कि सरकार इस लीक के बाद क्या बड़ा फैसला लेती है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर बिहार में योग का उत्साह
पटना, 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बिहार के विभिन्न जिलों में बड़े उत्साह के साथ योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। नेताओं, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम लोगों ने योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और समग्र कल्याण का संदेश दिया।
फैक्ट चेक: ट्रेन के अंदर परीक्षार्थी की मौत के दावे का वीडियो बिहार का नहीं है
वायरल वीडियो को शूट करने वाले मुबारक हुसैन ने बूम को बताया कि घटना 11 जून को आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम स्टेशन के पास की है.
Fact Check: क्या बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा लड़कियों को शिक्षा की जरूरत नहीं? सच जानिए
बूम ने पाया कि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने Agitation शब्द का इस्तेमाल किया था जिसे एजुकेशन समझकर गलत दावा किया जा रहा है.
पश्चिमी विक्षोभ ला रहा आंधी-तूफान, दिल्ली से लेकर बिहार तक झमाझम बारिश
मई के महीन में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की वजह से मौसम ठंडा हो गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिन बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। तेज हवाओं के साथ रिमझिम बारिश से तापमान सामान्य से कम रहेगा।
पीएम उषा अभियान के तहत बिहार को 600 करोड़ रुपए देगी मोदी सरकार, नीतीश कैबिनेट ने खोला बंद रास्ता
बिहार में पीएम उषा अभियान को लागू करने के प्रस्ताव को नीतीश कुमार सरकार की मंजूरी के बाद राज्य में उच्च शिक्षा के विकास के लिए केंद्र से अगले दो साल में 600 करोड़ रुपए मिलने का रास्ता खुल गया है।
बिहार के प्रिंस कुमार सिंह ने यूपीएससी आईएफएस परीक्षा में 15वीं रैंक प्राप्त की है। इसके अलावा उन्होंने और भी कई बड़े एग्जाम को पास किया हुआ है। जानिए जानते प्रिंस कुमार की कहानी जिन्होंने अपने आर्थिक
बॉलीवुड के मशहूर स्टार कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल 7 वर्ष की डेटिंग के बाद अब पति-पत्नी बन चुके हैं। दोनों की शादी इस वक़्त टॉक ऑफ द टाउन है। सोनाक्षी और जहीर अलग धर्म से हैं। ऐसे में ना उन्होंने निकाह किया तथा ना ही फेरे लिए, बल्कि सादगी से रजिस्टर मैरिज की एवं फिर रिसेप्शन पार्टी रखी। अलग धर्म में शादी करने पर सोनाक्षी एवं जहीर को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। ट्रोलिंग के कारण दोनों को अपने वेडिंग पोस्ट का कमेंट सेक्शन तक बंद करना पड़ा। मगर बात तब हद से ज्यादा तब बढ़ गई, जब इंटरफेथ मैरिज करने पर सोनाक्षी एवं जहीर के खिलाफ बिहार के गांव में प्रोटेस्ट मार्च निकाले गए। रिपोर्ट के अनुसार, सोनाक्षी के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन 'हिंदू शिव भवानी सेना' नाम की एक संगठन द्वारा आयोजित किया गया था। जहीर संग शादी पर बेटी सोनाक्षी की हो रही ट्रोलिंग पर अब शत्रुघ्न सिन्हा ने चुप्पी तोड़ी है तथा हेटर्स को जवाब दिया है। अपने एक इंटरव्यू के चलते शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- आनंद बक्शी साहब ने इस तरह के प्रोफेशनल प्रोटेस्टर्स के बारे में लिखा है- कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। इसमें आगे जोड़ना चाहूंगा कि कहने वाले अगर बेकार, बेकाम-काज के हों तो बोलना ही उनका काम बन जाता है। मेरी बेटी ने कुछ भी ऐसा नहीं किया जो गैरकानूनी एवं संविधान के खिलाफ है। सोनाक्षी-जहीर की शादी पर शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा- शादी दो लोगों के बीच का एक बहुत ही व्यक्तिगत फैसला है। इसमें किसी को भी बीच में दखल देने या कमेंट करने का हक नहीं होता। विरोध प्रदर्शन करने वालों को मैं यही बोलना चाहता हूं- अपनी जिंदगी पर ध्यान दो। जिंदगी में कुछ अच्छा करो। इससे ज्यादा और कुछ नहीं कहना। बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा ने खुशी-खुशी अपनी इकलौती बेटी की शादी की है। उन्होंने दामाद जहीर को भी अपना आशीर्वाद दिया है। रिलीज हुआ श्रद्धा कपूर-राजकुमार राव की स्त्री 2 का टीजर, इस अवतार में नजर आए स्टार्स किशोर कुमार के गानों पर बैन, मनोज कुमार-देव आनंद की फिल्मों पर रोक..! बॉलीवुड पर भी पड़ा था 'इमरजेंसी' का बुरा असर सामने आई कंगना रनौत की इमरजेंसी की रिलीज डेट, जानिए किस दिन आ रही है इंदिरा गांधी की बायोपिक?
परेशान होकर छोड़ी इंडस्ट्री, सालों बाद किया कमबैक, बिहार की लड़की कैसे बनी हीरोइन?
टेलीविजन के पॉपुलर शो उडारियां 15 साल का लीप लेने जा रहा है. लीप के बाद शो एक नई कहानी और स्टारकास्ट के साथ दर्शकों को एंटरटेन करने आ रहा है. लीप से पहले उडारियां में आशमा का रोल निभाने वाली अदिति भगत ने आजतक संग बातचीत की और शो को लेकर कई सारी बातें शेयर कीं.
बिहार सीईटी बीएड : पांच साल में सबसे ज्यादा आवेदन आए, इस तारीख से आएंगे एडमिट कार्ड
Bihar CET B.Ed:महिलाओं के लिए अलग एवं पुरुषों के लिए अलग परीक्षा केंद्र होंगे। अभ्यर्थी 17 जून से अपना एडमिट कार्ड वेबसाइटwww. biharcetbed- lnmu. inपर लॉगइन कर डाउनलोड कर सकेंगे।
बीएसईबी बिहार बोर्ड से संबद्ध और एनसीटीई से मान्यता प्राप्त डीएलएड संस्थानों की सूची जारी
Bihar D.El.Ed: बिहार बोर्ड ने डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2024 की आंसर की जारी करने के एक दिन बाद अब राज्य में मौजूद सरकारी व निजी डीएलएड प्रशिक्षण संस्थानों की सूची भी जारी कर दी है। डीएलएड में दाखिला लेने
Bihar DElEd Answer Key 2024: आंसर की जारी, ऐसे दर्ज करें ऑब्जेक्शन, देखें डायरेक्ट लिंक
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने बिहार डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (DElEd) परीक्षा 2024 की आंसर की जारी की। जो उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट- biharboardonline.b
Bihar STET: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने शनिवार को माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी)-2024 (प्रथम) परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। पेपर-1 के विभिन्न विषयों की परीक्षा 18 से 29 मई तक होगी।
CSBC Bihar Police Constable Exam: क्या जारी हो चुकी हैं रिवाइज्ड तारीखें, पढ़ें अपडेट
CSBC Bihar Police Constable exam dates: बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की नई तारीखों का इंतजार है। परीक्षाएं 1, 7 और 15 अक्टूबर को निर्धारित की गई थीं, जिन्हें रद्द व स्थगित कर दिया गया था। आइए
बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा शर्मा की हाल ही में बिहार में एक रोड शो में भागीदारी ने इंटरनेट पर तूफान ला दिया है। क्रुक और तुम बिन 2 जैसी फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए मशहूर सुश्री शर्मा को अपने पिता अजीत शर्मा का समर्थन करते देखा गया, जो कांग्रेस के टिकट पर भागलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। यह रोड शो उन अफवाहों के बीच हुआ कि अभिनेता राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं। हालाँकि, अब यह स्पष्ट हो गया है कि वह सिर्फ अपने पिता के लिए प्रचार कर रही थीं। नेहा शर्मा ने इंस्टाग्राम पर बांका, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया सहित बिहार के विभिन्न जिलों की अपनी यात्रा दिखाते हुए एक वीडियो साझा किया। वह पारंपरिक सलवार कमीज पहने हुए थीं और जनता का अभिवादन करती और उन्हें वोट डालने के लिए प्रोत्साहित करती नजर आईं। इसे भी पढ़ें: AR Rahman ने नए एल्बम के रिलीज पर Taylor Swift को बधाई दी, नेटिजन ने कहा 'महान कला, महान कला को पहचानती है' View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया रोड शो के दौरान पीरपैंती और कहलगांव में भारी भीड़ ने अभिनेता का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा “वे कहते हैं कि जब कोई आपको अपने दिल में जगह देता है, तो आप हमेशा के लिए वहीं रहते हैं। आपने मुझे जो प्यार और समर्थन दिया है, उससे मेरा दिल भर गया है। पीरपैंती और कहलगांव में गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद। आपका प्यार सारी आँखों पर। सदा आभारी। ऑनलाइन प्रसारित हो रहे एक अन्य वीडियो में अभिनेत्री को भागलपुर में अपने पिता के चुनाव अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए दिखाया गया है। भागलपुर लोकसभा सीट पर दूसरे चरण में 26 अप्रैल को चुनाव होना है। इस सीट पर कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने वाले अजीत शर्मा का मुकाबला जेडीयू के अजय कुमार मंडल से है। पहले ऐसी अफवाह थी कि सुश्री शर्मा राजनीति में प्रवेश कर सकती हैं। हालाँकि, कई रिपोर्टों ने स्पष्ट किया है कि वह अभी चुनावी शुरुआत नहीं कर रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पिता अजीत शर्मा ने उन्हें राजनीति में शामिल होने का अवसर दिया, शर्मा वर्तमान में अपने अभिनय करियर पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। Bihar, Bhagalpur: Bollywood actress Neha Sharma campaigns for Congress leader and father Ajeet Sharma in the Lok Sabha elections, participates in a roadshow. pic.twitter.com/yEhb4XoQQL — IANS (@ians_india) April 23, 2024 View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial) View this post on Instagram A post shared by Neha Sharma (@nehasharmaofficial)
सलमान के घर फायरिंग से पहले शूटर्स ने बिहार में की हथियारों की प्रैक्टिस, फार्म हाउस की हुई थी रेकी
14 अप्रैल को, सुबह 4.50 बजे सलमान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर, अज्ञात हमलावरों ने पांच राउंड फायरिंग की थी. पुलिस ने सलमान के घर पर फायरिंग करने के मामले में विक्की गुप्ता (24 साल) और सागर पाल (21 साल) नाम के दो लड़कों को गिरफ्तार किया था. अब इससे जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है.
Bihar Board: जानें-10वीं की मार्कशीट में लिखी U/R,B और C जैसी शॉर्ट फॉर्म का क्या मतलब है?
बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं का रिजल्ट 31 मार्च को जारी कर दिया गया था। छात्र अपनी ओरिजनल मार्कशीट स्कूल से ले सकते हैं। आइए जानते हैं मार्कशीट में लिखी शॉर्ट फॉर्म की फुलफॉर्म क्या है।
बिहार में जेईई और नीट की फ्री कोचिंग, रहने-खाने की भी रहेगी मुफ्त व्यवस्था, ऐसे करें अप्लाई
Bihar Board Jee and Neet Free Coaching : विद्यार्थी समिति द्वारा संचालित engineering (jee) औरmedical (neet) की नि:शुल्क तैयारी हेतु BSEB SUPER-50 आवासीय शिक्षण में पढ़ने हेतु आवेदन कर सकत हैं।
Bihar 10th Board 2024: टॉप 5 में इन 10 छात्रों ने बनाई जगह, जानें नाम और मार्क्स
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने दसवी का रिजल्ट bsebmatric.org और results.biharboardonline.com पर जारी कर दिया है। इस साल टॉप 10 की लिस्ट ने 51 छात्रों ने अपनी जगह बनाई है। टॉप 5 की लिस्ट में 10 छ
Bihar Board BSEB 2024 Matrci Result Today:बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in व biharboardonline.com , onlinebseb.in पर जल्दजारी कर दिया जाएगा।
BSEB: क्लास 10वीं के रिजल्ट से पहले जानें ये 10 जरूरी बातें, मार्कशीट मिलने में मिलेगी मदद
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड अब कभी भी वेबसाइट biharboardonline.gov.in पर कक्षा 10वीं के रिजल्ट अपलोड कर सकता है। एक बार रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र यहां से डाउनलोड कर सकते हैं।
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) मैट्रिक यानी कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट अब कभी भी biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी हो सकता है, जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, रिजल्
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटर में एडमिशन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। इस बाबत समिति ने सभी सरकारी, गैर सरकारी विद्यालय, इंटर कॉलेजों की सूची ofssbihar.in पर अपलोड कर दी है।
बीएसईबी मैट्रिक रिजल्ट की घोषणा जल्द की जाएगी। हालांकि अभी तक रिजल्ट की टाइमिंग और तारीख के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद है नतीजे 31 मार्च तक आधिकारिक वेबसाइट biharboardonlin
Bihar 12th Board: किसान की बेटी बनीं कॉमर्स की टॉपर, अब बनना चाहती हैं प्रोफेसर, करेंगी PhD
बिहार बोर्ड 12वीं की कॉमर्स स्ट्रीम में खुशी कुमारी को जिले में सेकंड रैंक मिली है। उनके पिता किसान हैं। उन्होंने कहा, मेरे पिता ने हमेशा शिक्षा को महत्व दिया है, इसलिए भविष्य में मैं शिक्षा के क्षेत
इस साल का रिजल्ट पिछले 5 साल की तुलना में सबसे बेहतर, 87.21 प्रतिशत विद्यार्थी हुए पास
BSEB Bihar Board 12th Result : हार बोर्ड ने आज 12वीं के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का रिजल्ट पिछले 5 सालों की तुलना में सबसे बेहतर रहा है। इस साल इंटर का रिजल्ट 87.21 फीसदी रहा।
बिहार बोर्ड ने 12वीं यानी इंटर परीक्षा का रिजल्ट अब जारी कर दिया है। टॉपर्स के नाम भी सामने आ गए हैं। आइए जानते हैं साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स स्ट्रीम के टॉपर्स ने किन स्कूलों से पढ़ाई की है। यहां देखें न
BSEB : बारहवीं कक्षा के छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी के लिए फ्री में कोचिंग देती है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) गरीब विद्यार्थियों को JEE और NEET की मुफ्त कोचिंग कराती है।
BSEB Bihar Board: बिहार बोर्ड इंटर छात्र जानें टॉप 10 इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज
NIRF यानी राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क। इस रैंकिंग को शिक्षा मंत्रालय जारी करता है। एनआईआरएफ रैंकिंग में देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी की रैंकिंग जारी की जाती है।
बीएसईबी 12वीं के परिणाम के साथ टॉपर्स की लिस्ट भी शेयर करेगा। जो छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे जान लें, पिछले 7 सालों में आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम में किसने किया था टॉप। यहां पढ़ें पूरी
Bihar 12th Board 2024: रिजल्ट जारी होने की तारीख और समय के बारे में यहां मिलेगी जानकारी
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) जल्द ही इंटरमीडिएट या कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2024 के परिणाम घोषित करेगा। वहीं बोर्ड परिणाम के समय की घोषणा पहले कर दी जाएगी। आइए जानते हैं, आप कहां कर सकें

