Lakshya Sen और Kidambi Srikanth की बदौलत Asian Games में जीता भारत, बांग्लादेश को दी 3-0 से मात
सोमवार को आइची-नागोया 2026 में हो रहे 20वें एशियाई खेलों में भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने शानदार शुरुआत की। टीम ने बांग्लादेश को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। भारतीय टीम ने बिना कोई मैच हारे यह मुकाबला अपने नाम किया; लक्ष्य सेन, आयुष शेट्टी और किदांबी श्रीकांत ने तीनों सिंगल्स मैचों में आसानी से जीत हासिल की। लक्ष्य सेन ने जमन अयमन इब्न के खिलाफ़ भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। इसे भी पढ़ें: Asian Games 2026 | Suchika Tariyal ने रचा इतिहास, एशियन गेम्स में भारत के लिए पहला MMA ब्रॉन्ज़ मेडल जीता भारतीय शटलर ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और पहला गेम 21-4 से आसानी से जीत लिया। दूसरे गेम में भी उन्होंने अपना नियंत्रण बनाए रखा और 21-4, 21-12 से जीत हासिल कर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद आयुष शेट्टी ने गौरव सिंघा के खिलाफ़ भारत की बढ़त को और बढ़ाया। आयुष ने पहले गेम में पूरी तरह दबदबा बनाए रखा और सिर्फ़ चार पॉइंट गंवाकर 21-4 से जीत हासिल की। सिंघा ने दूसरे गेम में कुछ टक्कर दी, लेकिन आयुष ने संयम बनाए रखा और 21-4, 21-13 से मैच जीतकर भारत को क्वार्टर फ़ाइनल के बेहद करीब पहुँचा दिया। भारत के 2-0 से आगे होने पर, किदांबी श्रीकांत ने जुमार अल-अमीन के खिलाफ़ मैच खेला और उन पर टाई जीतने की ज़िम्मेदारी थी। श्रीकांत को पहले गेम में थोड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने इसे 21-15 से जीत लिया। इसके बाद, पूर्व वर्ल्ड नंबर 1 खिलाड़ी ने दूसरे गेम में दबाव बढ़ाया और 21-9 से जीत हासिल कर भारत की 3-0 से जीत पक्की कर दी। इस नतीजे का मतलब था कि भारत को अपने डबल्स मैच खेलने की ज़रूरत नहीं पड़ी, क्योंकि टाई जीतने के लिए तीन सिंगल्स जीत ही काफी थीं। इसे भी पढ़ें: Asian Games में नीली किट के वादे के उलट भगवा जर्सी में खेले Indian Hockey खिलाड़ी भारत का सामना 22 सितंबर को इचिनोमिया सिटी म्युनिसिपल जिम्नेजियम में बैडमिंटन टीम क्वार्टर फ़ाइनल में जापान से होगा। महिला टीम सुबह 6:00 बजे (IST) जापान के खिलाफ़ खेलेगी, और इसके बाद पुरुष टीम का क्वार्टर फ़ाइनल सुबह 11:30 बजे (IST) होगा; दोनों मुक़ाबले कोर्ट 2 पर खेले जाएँगे।
Asian Games 2026: भारत-पाकिस्तान महिला टेबल टेनिस में हाथ न मिलाने का चलन खत्म
PC: dnaindia एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के टेबल टेनिस में भारत ने पाकिस्तान को 3-0 से हराया, और हाथ मिलाने में कोई दिक्कत नहीं हुई क्योंकि दोनों टीमों ने हर मैच के बाद खेल भावना दिखाई। यह टाई सोमवार को आइची-नागोया में खेला गया था। भारत ने अपने पहले मैच में सिंगापुर को 3-2 से हराकर इस मुकाबले में एंट्री की और अब राउंड ऑफ़ 16 में पहुँच गया है। भारतीय महिलाओं की ज़बरदस्त जीत सुतीर्था मुखर्जी ने अलीना खान को 3-0 से हराकर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। वह 11-3, 11-3, और 11-4 से जीतीं। गेम के बाद दोनों खिलाड़ियों ने कैमरे के सामने हाथ मिलाया। सिंड्रेला दास ने फिर स्कोर 2-0 कर दिया। उन्होंने कलसूम खान को 11-6, 11-7, 11-5 से हराया और मैच के बाद भी हाथ मिलाया। श्रीजा अकुला ने फातिमा खान को 11-4, 11-4, 11-5 से हराकर टाई पक्का कर दिया। पूरे मैच में उसने सिर्फ़ 13 पॉइंट गंवाए और हाथ भी मिलाया। इस बार हाथ मिलाने पर कोई विवाद नहीं पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से, भारत ने क्रिकेट में पाकिस्तान के साथ हाथ न मिलाने की पॉलिसी अपनाई है, इसीलिए हाथ मिलाना ज़रूरी था। गेम से पहले या बाद में, भारतीय और पाकिस्तानी क्रिकेट खिलाड़ियों ने हाथ नहीं मिलाया है। दूसरे खेलों में हालात अलग रहे हैं। हाल ही में हुए हॉकी वर्ल्ड कप से पहले भारतीय और पाकिस्तानी खिलाड़ी एक-दूसरे को हाई फाइव देते दिखे थे। टेबल टेनिस में भी यही खेल भावना दिखाई गई। अगला मैच पुरुषों की टीम का इस जीत के साथ, भारतीय महिला टीम राउंड ऑफ़ 16 में पहुँच गई, जहाँ उनका सामना एक आसान विरोधी से होगा। बाद में सोमवार को, भारतीय पुरुष टेबल टेनिस टीम भी पाकिस्तान से खेलेगी। दोनों टीमों ने मुकाबले से ऊपर उठकर गेम को बनाए रखा, और महिलाओं का मुकाबला अच्छे से खत्म हुआ।
एशियन गेम्स में सुचिका तारियाल ने भारत के लिए एक बड़ी जीत हासिल की है। 36 साल की सुचिका ने महिलाओं के ट्रेडिशनल MMA 60 किलो वर्ग में कांस्य पदक जीता है। इसके साथ ही वह एशियन गेम्स में MMA में भारत के लिए मेडल जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन गई हैं। MMA से पहले वह जूडो और जिउ-जित्सु में भी भारत को रिप्रेजेंट कर चुकी हैं।क्वार्टर फाइनल में मिली शानदार जीतसोमवार, 21 सितंबर को आइची-नागोया में हुए मैच में सुचिका ने क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की अल्तानचिमेग बैगलमा को 2-0 से हराया। इस जीत के बाद उन्होंने सेमीफाइनल में जगह बनाई। यहां उनका मुकाबला सिंगापुर की टेओ हुई हून से हुआ, जिसमें सुचिका को 3-0 से हार मिली। लेकिन सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को कांस्य पदक दिया जाता है।जूडो से शुरू हुआ खेल का सफरसुचिका ने सिर्फ 12 साल की उम्र में जूडो खेलना शुरू कर दिया था। उन्होंने इस खेल में खूब मेहनत की और आठ बार नेशनल चैंपियन बनीं। इसके अलावा 2019 कॉमनवेल्थ जूडो चैंपियनशिप और 2019 साउथ एशियन गेम्स में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने महिलाओं के 57 किलो वर्ग में भारत को रिप्रेजेंट किया।इस तरह कॉम्बैट स्पोर्ट्स में बनाया अपना नाम जिउ-जित्सु में मिली सफलता: जूडो के बाद सुचिका ने जिउ-जित्सु में भी हाथ आजमाया। 2024 जिउ-जित्सु वर्ल्ड चैंपियनशिप में उन्होंने महिलाओं की 63 किलो कॉन्टैक्ट कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता। MMA में शुरुआत: सुचिका ने 2017 में पहली बार MMA में कदम रखा था। लेकिन इसके बाद वह करीब सात साल तक इस खेल से दूर रहीं। 2024 में फिर की वापसी: लंबे ब्रेक के बाद उन्होंने 2024 में MMA में वापसी की। बहरीन में वापसी में उन्होंने मैच जीतकर अच्छी शुरुआत की। BRAVE से जुड़ीं: MMA में वापसी के बाद सुचिका ने BRAVE Combat Federation के साथ कॉन्ट्रैक्ट भी साइन किया। पहले भी खेल चुकी हैं एशियन गेम्स 2023 में पार्टिसिपेट किया: सुचिका ने 2023 के हांग्जो एशियन गेम्स में भारत को रिप्रेजेंट किया था। उस समय उन्होंने कुराश में हिस्सा लिया था। टारगेट ग्रुप से जुड़ी: आइची-नागोया एशियन गेम्स की तैयारी के लिए उन्हें खेल मंत्रालय के टारगेट एशियन गेम्स ग्रुप में शामिल किया गया। 2026 में भी जीता मेडल: एशियन गेम्स से पहले 2026 की शुरुआत में सुचिका ने एशियन मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। टीवी शो में भी आईं नजर: खेल के अलावा सुचिका MTV Roadies और India's Ultimate Warrior जैसे टीवी रियलिटी शो में काम कर चुकी हैं। सुचिका तारियाल की जीत भारतीय खेलों में नया मुकाम बनाती है। जिस तरह कॉम्बैट स्पोर्ट्स में महिला खिलाड़ी लगातार अपनी जगह बना रही हैं, उससे आने वाली जनरेशन को भी इससे आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सकती है। सुचिका की जीत इसी बदलती तस्वीर की एक खास मिसाल है।
Asian Games से पहले इस टीम के खिलाफ एक्शन में होंगे वैभव सूर्यवंशी! जानें कब और कहां पर होगा मुकाबला
IND vs JAP: श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम एशियन गेम्स से पहले जापान के खिलाफ एक टी20 मैच खेलेने उतरेगी। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला 22 सितंबर को खेला जाएगा। एशियन गेंम्स से पहले भारतीय खिलाड़ियों के लिए जापान के मौसम और पिच के हालात को समझने के लिए ये अच्छा मौका होगा। वहीं इस मुकाबले में भारत के 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौका मिल सकता है। इससे पहले अफगानिस्तान के खिलाफ 3 मैचों की टी20 सीरीज में वैभव को मौका नहीं मिला था। आइए जानते हैं कब और कहां पर देखें ये मुकाबलाक्यों खास है ये मुकाबलाभारत और जापान के बीच ये एकमात्र टी20 मुकाबला एशियन गेम्स से पहले आइची-नागोया में खेला जाएगा। इस मैच के जरिए दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने का जश्न भी मनाया जाएगा। भारत मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप चैंपियन है वहीं जापान की रैंकिंग 41वीं है। भारत और जापान के बीच होने वाला ये मुकाबला जापानी खिलाड़ियों के लिए बेहद खास है, क्योंकि उन्हें भारतीय टीम के बड़े खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने का मौका मिलेगा। वहीं इस मैच पर तूफान का खतरा भी बना हुआ है। इसके बावजूद इस मुकाबले ने जापान में क्रिकेट को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ाई है।टीम उठाना चाहेगी फायदाजापान के कप्तान केंडल कडोवाकी-फ्लेमिंग ने कहा कि उनकी टीम भारत के खिलाफ मुकाबले को सिर्फ एक मैच के तौर पर नहीं देख रही है। टीम इस मौके का फायदा उठाकर अपने खिलाड़ियों की क्षमता दिखाना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना चाहती है।कहां पर खेला जाएगा मुकाबलाभारत और जापान के बीच एकमात्र टी20 मुकाबला मंगलवार को कांटो के सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा। मैच की शुरुआत भारतीय समय के अनुसार सुबह 9:30 बजे होगी। ये मुकाबला एशियन गेम्स से पहले भारतीय टीम की तैयारियों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।कहां पर देखें पाएंगे ये मुकाबलाभारत और जापान के बीच होने वाले एकमात्र टी20 मुकाबले को भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर लाइव देखा जा सकेगा। वहीं, जो दर्शक मैच ऑनलाइन देखना चाहते हैं, वे FanCode ऐप और वेबसाइट के जरिए इसकी लाइव स्ट्रीमिंग देख सकते हैं।
हरमनप्रीत कौर की टीम दिलाएगी भारत को Asian Games 2026 का पहला गोल्ड? श्रीलंका से फाइनल
IND vs SL Gold Medal Match: भारत-श्रीलंका के बीच एशियन गेम्स विमेंस क्रिकेट का गोल्ड मैच खेला जाना है। हरमनप्रीत कौर की टीम की नजरें लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीतने पर होगी।
Asian Games 2026: शेफाली वर्मा के नाम दर्ज हुई ये बड़ी उपलब्धि, कर डाला ये बड़ा कारनामा
इंटरनेट डेस्क। शेफाली वर्मा महिला टी20 क्रिकेट में भारत के लिए सबसे तेज शतक लगाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। उन्होंने एशियन गेम्स के सेमीफाइनल मुकाबले में बांग्लादेश के खिलाफ 49 गेंद में सेंचुरी पूरी की। यह टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में संयुक्त रूप से भारत के लिए सबसे तेज सेंचुरी है। शेफाली ने बांग्लादेश के खिलाफ मैच में 49 गेंद खेलकर 100 रन बनाए। 204.08 के तूफानी स्ट्राइक रेट से खेली इस पारी में उन्होंने 3 चौके और 9 छक्के लगाए। शेफाली वर्मा ने इस शतकीय पारी के दौरान कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ डाले हैं। इसी मुकाबले में उन्होंने महिला टी20 क्रिकेट में 100 छक्के लगाने वाली बल्लेबाजों की लिस्ट में भी जगह बना ली है। भारत के लिए सबसे तेज शतक (टी20)- शेफाली वर्मा ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत के लिए सबसे तेज शतक लगाने के मामले में हरमनप्रीत कौर की बराबरी की। शेफाली और हरमनप्रीत ने 49 बॉल में शतक लगाया है। pc- hindustan
एशियन गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। एशियन गेम्स 2026 में भारत के निशानेबाजों ने सोमवार को शानदार प्रदर्शन किया। सोमवार को पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में हिमांशु ढिल्लों ने सिल्वर और रुद्रांकक्ष पाटिल ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल फाइनल में हिमांशु ढिल्लों ने 252.4 अंक हासिल कर सिल्वर मेडल जीता। चीन के लिहाओ शेंग 254.2 अंक के साथ पहले स्थान पर रहे और उन्होंने नया एशियन रिकॉर्ड बनाया। वहीं, रुद्रांकक्ष पाटिल ने 230.9 अंक के साथ ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। आइए जानते हैं भारत ने अब तक कितने मेडल अपने नाम किया है।पदक तालिका में कौन स्थान पर भारतइस जीत के साथ भारत के पास एशियन गेम्स में भारत के कुल 6 मेडल हो गए। इसमें 4 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल है। वहीं पदक तालिका में भारत का स्थान 10वें स्थान पर है। पदक तालिका में चीन पहले, जापान दूसरे और साउथ कोरिया तीसरा स्थान पर है। चीन ने अब तक 23 मेडल, जिसमें 14 गोल्ड, 6 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज मेडल है। वहीं जापान ने अबतक 21 मेडल जीते हैं। वहीं साउथ कोरिया ने 16 मेडल अपने नाम किया है।कैसा था भारत का प्रदर्शनरुद्रांकक्ष पाटिल ने फाइनल की शुरुआत अच्छी की और चीन के लिहाओ शेंग को कड़ी टक्कर दी। दूसरी सीरीज के बाद रुद्रांकक्ष 106.0 अंक के साथ आगे चल रहे थे, जबकि लिहाओ के 104.9 और हिमांशु ढिल्लों के 104.8 अंक थे। हालांकि, छठी सीरीज में रुद्रांकक्ष 9.7 अंक ही बना सके, जबकि हिमांशु ने 10.6 अंक हासिल कर दूसरा स्थान हासिल कर लिया।इन खिलाड़ियों ने जीते हैं मेडलभारत ने शूटिंग में एक ही दिन में शानदार प्रदर्शन किया। पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतने के करीब एक घंटे बाद हिमांशु ढिल्लों और रुद्रांकक्ष पाटिल ने व्यक्तिगत स्पर्धा में भी सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीत लिए। इससे पहले एक दिन पहले एलावेनिल वलारिवन, सोनम मस्कर और विदरसा विनोद ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में सिल्वर जीता था। इसके बाद एलावेनिल ने व्यक्तिगत मुकाबले में भी सिल्वर मेडल अपने नाम किया।'वर्ल्ड कप से पहले मैं इस खिलाड़ी पर लगाउंगा दांव...', इस दिग्गज क्रिकेटर ने बढ़ाई हिटमैन के फैंस की धड़कन
PISA 2025 रिपोर्ट: वैश्विक शिक्षा में एशियाई छात्रों का दबदबा
PISA 2025 रिपोर्ट ने 15 वर्षीय छात्रों की शैक्षणिक क्षमताओं का वैश्विक मूल्यांकन प्रस्तुत किया है। इस रिपोर्ट में गणित, विज्ञान, पढ़ाई और डिजिटल समस्या समाधान क्षमताओं का आकलन किया गया है। B-S-J-Z (चीन) ने गणित में सबसे अधिक स्कोर किया, जबकि अमेरिका का स्कोर OECD औसत के बराबर रहा। रिपोर्ट में शिक्षा प्रदर्शन में गिरावट और डिजिटल उपकरणों के प्रभाव पर भी चर्चा की गई है। यह रिपोर्ट शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक प्रवृत्तियों को समझने में मदद करती है।
PISA 2025 Results: गणित में एशियाई देशों का दबदबा, अमेरिका का स्कोर 463; जानें दुनिया की शिक्षा का हाल
Asian Games Men's Hockey: इंडोनेशिया के बाद अब Sri Lanka से भिड़ेगा भारत
शानदार शुरुआत करने वाली गत चैंपियन भारतीय टीम मंगलवार को एशियाई खेलों की पुरुष हॉकी स्पर्धा के पूल ए के अपने दूसरे मुकाबले में निचली रैंकिंग वाली श्रीलंका के खिलाफ एक और दमदार प्रदर्शन के साथ बड़ी जीत दर्ज करने के इरादे से उतरेगी। गत चैंपियन भारत ने रविवार को कमजोर मानी जा रही इंडोनेशियाई टीम को 13-1 से हराकर अपने अभियान की शानदार शुरुआत की थी। ऐसे में मंगलवार को श्रीलंका के खिलाफ भी भारतीय टीम से एकतरफा जीत की उम्मीद है। इंडोनेशिया के खिलाफ भारत की जीत में आठ खिलाड़ियों ने गोल किए थे। इनमें फारवर्ड दिलप्रीत सिंह चार मैदानी गोल के साथ सबसे आगे रहे। भारत की 13-1 की जीत में सबसे सकारात्मक पहलू यह रहा कि उसने 10 मैदानी गोल दागे। दिलप्रीत, सुखजीत, अनुभवी मनदीप सिंह, अभिषेक, शिलानंद लाकड़ा और राजिंदर सिंह ने तालमेल के साथ मौके बनाए और उन्हें गोल में तब्दील कर भारतीय आक्रमण को बेहद प्रभावी साबित किया। पेनल्टी कॉर्नर पर कप्तान हरमनप्रीत सिंह और जुगराज सिंह ने जिम्मेदारी संभाली। प्रतियोगिता के आगे बढ़ने के साथ दोनों से इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद होगी। श्रीलंका के खिलाफ मुकाबला भारतीय टीम के लिए अपेक्षाकृत आसान माना जा रहा है और मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन इस मैच में अपने सभी खिलाड़ियों को आजमाना चाहेंगे। इसके बाद पूल चरण में दक्षिण कोरिया और जापान के खिलाफ भारत को कड़ी चुनौती का सामना करना है। हालांकि फुल्टोन के लिए एक चिंता का विषय यह हो सकता है कि इंडोनेशिया के खिलाफ भारतीय डिफेंस की ज्यादा परीक्षा नहीं हुई थी। श्रीलंका के खिलाफ भी ऐसा ही होने की संभावना है। कोच इस बात से पूरी तरह वाकिफ होंगे और जापान तथा दक्षिण कोरिया के खिलाफ मुकाबलों से पहले डिफेंस की तैयारियों को परखना चाहेंगे। लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने के बड़े लक्ष्य के अलावा एशियाई खेल भारतीय टीम के लिए हालिया विश्व कप के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद आलोचकों को जवाब देने का भी अवसर हैं। विश्व कप में भारत आठवें स्थान पर रहा था। फुल्टोन एशियाई खेलों में टीम की शुरुआत से खुश हैं लेकिन उन्होंने कहा कि आगे सुधार की गुंजाइश है। इंडोनेशिया के खिलाफ जीत के बाद इस दक्षिण अफ्रीकी कोच ने कहा, ‘‘पहले मैच से खुश हूं। मुझे लगता है कि लड़कों ने चारों क्वार्टर में अच्छा प्रदर्शन किया। यह आसान मैच नहीं था। हमारे लिए कुछ चरण अच्छे रहे लेकिन निश्चित रूप से सुधार की गुंजाइश है और हम श्रीलंका के खिलाफ मैच में इसी पर ध्यान देंगे।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं खुश हूं कि तीन अंक मिले और अच्छी शुरुआत हुई लेकिन जाहिर तौर पर कुछ क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है।’’श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले के बाद भारत की असली परीक्षा शुरू होगी। हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई वाली टीम को 24 सितंबर को दक्षिण कोरिया और 26 सितंबर को मेजबान जापान का सामना करना है। इन दोनों अहम मुकाबलों से पहले भारतीय टीम अपनी कमियों को दूर करना चाहेगी।
Asian Games 2026: सुचीका तरियाल ने MMA में जीता ऐतिहासिक कांस्य, सेमीफाइनल हार के बाद छलके आंसू|
हरियाणा की सुचीका तरियाल ने एशियन गेम्स 2026 के मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स इवेंट में देश के लिए पहला कांस्य पदक हासिल किया।
जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में सोमवार का दिन भारतीय खेल इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। भारतीय मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) एथलीट सुचिका तारियाल ने इतिहास रचते हुए इस खेल में देश को पहला पदक दिलाया। 36 वर्षीय सुचिका ने महिलाओं के ट्रेडिशनल 60kg वर्ग में कांस्य पदक (Bronze Medal) हासिल किया। इस ऐतिहासिक ब्रॉन्ज़ मेडल के साथ ही एशियन गेम्स 2026 में भारत के कुल पदकों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है, जिनमें शूटिंग से आए तीन सिल्वर मेडल और MMA का एक ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल है। फाइनल में जगह न बना पाने के बावजूद, तारियाल की यह उपलब्धि भारतीय खेलों के लिए एक मील का पत्थर साबित हुई, क्योंकि MMA ने एशियन गेम्स में पहली बार हिस्सा लिया था। उनका ब्रॉन्ज़ मेडल मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में भारत का पहला मेडल है, जिसे इन एशियन गेम्स में शामिल किया गया था। तारियाल ने क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की अल्तानचिमेग बैगलमा को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल (अंतिम चार) में जगह बनाई और अपने लिए मेडल पक्का किया। 36 साल की सुचिका ने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो और 2023 एशियन गेम्स में कुराश में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। भारत के मेडल की संख्या 4 हुई इस ब्रॉन्ज़ मेडल के साथ ही इस बड़े कॉन्टिनेंटल इवेंट में भारत के मेडल की संख्या चार हो गई है; इससे पहले शूटिंग रेंज से तीन सिल्वर मेडल मिले थे। इससे पहले आज, आइची-नागोया में एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों के 10m एयर राइफल टीम इवेंट में रुद्राक्ष पाटिल, हिमांशु ढिल्लों और पार्थ माने ने मिलकर सिल्वर मेडल जीता। भारतीय तिकड़ी ने आइची प्रीफेक्चुरल जनरल शूटिंग गैलरी में कुल 1890.1 पॉइंट्स हासिल किए। वे चीन के शेंग लिहाओ, मा सिहान और झांग चांगहोंग से पीछे रहे, जिन्होंने क्वालिफिकेशन राउंड में 1899.0 पॉइंट्स के साथ टॉप किया था। चीनी तिकड़ी का स्कोर एक क्वालिफिकेशन वर्ल्ड रिकॉर्ड था। इस बीच, भारत ने पोडियम पर जगह बनाई और आगे और सफलता की उम्मीदें बनाए रखीं; पाटिल और ढिल्लों ने दिन में बाद में होने वाले इंडिविजुअल फाइनल के लिए भी क्वालिफाई किया। पाटिल ने भारत के इंडिविजुअल क्वालिफिकेशन प्रयास में लीड किया और 631.8 पॉइंट्स के साथ तीसरे स्थान पर रहे। ढिल्लों 630.0 पॉइंट्स के साथ सातवें स्थान पर रहे, जबकि माने 628.3 पॉइंट्स के साथ 10वें स्थान पर रहे। इस सिल्वर मेडल से शूटिंग में भारत के मेडल की संख्या बढ़ गई; इसकी शुरुआत महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम इवेंट में दूसरे स्थान पर रहने से हुई थी। टॉप आठ क्वालिफिकेशन स्थानों में तीन चीनी शूटर शामिल थे, लेकिन एक ही देश के केवल दो कॉम्पिटिटर ही इंडिविजुअल फ़ाइनल में आगे बढ़ सकते थे। नतीजतन, 630.6 पॉइंट्स के साथ पांचवें स्थान पर रहने वाले झांग चांगहोंग टॉप आठ में होने के बावजूद आगे नहीं बढ़ पाए। शेंग लिहाओ ने 635.4 पॉइंट्स के साथ इंडिविजुअल क्वालिफिकेशन स्टैंडिंग में टॉप किया, जो एक एशियन गेम्स क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड है। उनके हमवतन मा सिहान 633.0 पॉइंट्स के साथ दूसरे स्थान पर रहे। For the latest scores, match updates, and in-depth coverage, explore Live Cricket Updates in Hindi on Prabhasakshi
Asian Games में Himanshu Dhillon ने जीता 10m एयर राइफल में रजत पदक
किशोर निशानेबाज हिमांशु ढिल्लों ने अंतिम चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए सोमवार को यहां एशियाई खेलों की पुरुष 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक जीता जबकि पूर्व विश्व चैंपियन रुद्रांक्ष पाटिल ने कांस्य पदक अपने नाम किया। दोनों व्यक्तिगत पदक भारत के टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतने के करीब एक घंटे बाद आए। रुद्रांक्ष, ढिल्लों और पार्थ माने की तिकड़ी ने 1890.1 अंक जुटाकर दूसरा स्थान हासिल किया था। चीन ने इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। निशानेबाजी में भारत ने दूसरे दिन तीन पदक जीते जिससे इस खेल में देश के पदकों की संख्या पांच हो गई है। भारतीय निशानेबाजों ने रविवार को महिला 10 मीटर एयर राइफल में दो रजत पदक जीतकर अभियान की शुरुआत की थी। महाद्वीपीय खेलों में भारत के कुल पदकों की संख्या अब छह हो गई है। इनमें महिला पारंपरिक 60 किग्रा मिश्रित मार्शल आर्ट स्पर्धा में सुचिका तरियाल का कांस्य पदक भी शामिल है। बीस वर्षीय ढिल्लों ने 252.4 अंक जुटाकर दूसरा स्थान हासिल किया। चीन के लिहाओ शेंग ने 254.2 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता। फाइनल में कई मौकों पर शीर्ष में जगह बनाने वाले रुद्रांक्ष 230.9 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहे। रुद्रांक्ष ने मजबूत शुरुआत की और फाइनल के शुरुआती दौर में लिहाओ के साथ कड़ा मुकाबला किया। उन्होंने दूसरी सीरीज 106.0 के कुल स्कोर के साथ समाप्त की जबकि लिहाओ के 104.9 और ढिल्लों के 104.8 अंक थे। हालांकि दूसरे चरण की छठी सीरीज में रुद्रांक्ष ने 9.7 का निशाना लगाया जबकि ढिल्लों ने 10.6 अंक हासिल कर उन्हें पीछे छोड़ते हुए दूसरा स्थान हासिल कर लिया। इसके साथ ही ढिल्लों ने मौजूदा एशियाई खेलों में अपना दूसरा रजत पदक पक्का किया।
IND-W vs SL-W Final, Women's Asian Games 2026: महिला एशियन गेम्स 2026 का फाइनल भारत और श्रीलंका के बीच मंगलवार, 22 सितंबर को कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क, निसिन में खेला जाएगा। ये मुकाबला भारतीय समय अनुसार सुबह 10:30 बजे से शुरू होगा। गौरतलब है कि इन दोनों टीमों के बीच आखिरी टी20 इंटरनेशनल हाल ही में एशिया कप 2026 में खेला गया था जो कि टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला भी था। ये दुबई के मैदान पर हुआ था जहां टीम इंडिया ने 183 रन डिफेंड करके श्रीलंका को 72 रनों से मात दी थी। इस मुकाबले की स्टार प्लेयर शेफाली वर्मा थी, जिन्होंने 39 गेंदों पर 68 रन बनाए और 4 ओवर में 23 देकर 1 विकेट झटका। IND-W vs SL-W T20: मैच से जुड़ी जानकारी दिन - मंगलवार, 22 सितंबर 2026 समय - 10:30 AM IST वेन्यू - कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क, निसिन Korogi Sports Park, Nisshin Pitch Report कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क एक नया बना हुआ स्टेडियम है, जिसे फिलहाल इस टूर्नामेंट के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। अब तक यहां की पिच गेंदबाजों के पक्ष में रही है। पिच पर उछाल अच्छा है, जिसने हाल के मुकाबलों में बल्लेबाजों को काफी परेशान किया है। बताते चलें कि इस मैदान पर अब तक 11 टी20 इंटरनेशनल खेले गए हैं जिसमें से 6 रन डिफेंड करने वाली टीमों ने जीते हैं। यहां T20I में पहली इनिंग का औसत स्कोर 135 रन रहा है। IND-W vs SL-W T20 Head To Head Record कुल - 32 भारत - 26 श्रीलंका - 05 बेनतीजा - 01 IND-W vs SL-W T20 : Where to Watch? महिला एशियन गेम्स 2026 के सभी मुकाबले भारतीय क्रिकेट फैंस टीवी पर Sony Sports Network और OTT प्लेटफॉर्म SonyLiv App पर इन्जॉय कर सकते हैं। IND-W vs SL-W T20: Player to Watch Out For भारतीय टीम से स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा स्टार प्लेयर्स हो सकते हैं जिन पर सभी की निगाहें रहेंगी। वहीं बात करें अगर श्रीलंका टीम की तो चमारी अट्टापट्टू, हसीनी परेरा और कविशा दिलहारी अपने प्रदर्शन से कमाल कर सकते हैं। India Women vs Sri Lanka Women T20 Probable Playing XI India Women T20 Probable Playing XI: स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जी कमलिनी, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, श्री चरणी, श्रेयंका पाटिल, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़। Sri Lanka Women T20 Probable Playing XI: इमेशा दुलानी, चमारी अटापट्टु (कप्तान), हसीनी परेरा, कविशा दिलहारी, हर्षिता समरविक्रमा, हंसिमा करुणारत्ने, कौशानी नुथ्यांगना (विकेटकीपर), मिथाली अयोध्या, काव्या कविंदी, चमुदी प्रबोधा, सुगंधिका कुमारी। India Women vs Sri Lanka Women Today's Match Prediction महिला एशियन गेम्स 2026 के फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम जीत हासिल करने के लिए फेवरेट रहेगी। IND-W vs SL-W T20 Match Prediction, Pitch Report, Today Match Prediction, IND-W vs SL-W Predicted XIs, Playing XI, Cricket Tips, Injury Update, India Women vs Sri Lanka Women Match Preview, Women's Asian Games 2026 Also Read: LIVE Cricket Score Disclaimer: यह आर्टिकल लेखक की समझ और विश्लेषण पर आधारित है।
Asian Games 2026: यूपी के 24 खिलाड़ी दिखाएंगे दमखम, इस बार नए रिकॉर्ड बनाने की उम्मीद
आईची-नागोया में एशियाई खेलों में उत्तर प्रदेश के लगभग दो दर्जन खिलाड़ी पिछले रिकॉर्ड को तोड़ने की उम्मीद के साथ पहुंचे हैं।
Asian Games 2026: भारत को तीसरा पदक, पुरुष 10 मीटर एयर राइफल टीम ने जीता सिल्वर
Asian Games 2026 में भारत ने तीसरा पदक जीता। पुरुष 10 मीटर एयर राइफल टीम ने सिल्वर जीता, जबकि महिला टेबल टेनिस टीम क्वार्टर फाइनल में पहुंची।
जापान के आइची-नागोया में खेले जा रहे एशियाई खेल 2026 में भारतीय निशानेबाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। सोमवार को पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में भारत की त्रिमूर्ति—रुद्राक्ष पाटिल, हिमांशु ढिल्लों और पार्थ माने ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए देश के लिए सिल्वर (रजत) मेडल अपने नाम किया। भारतीय तिकड़ी ने आइची प्रीफेक्चुरल जनरल शूटिंग गैलरी में कुल 1890.1 पॉइंट हासिल किए। वे चीन के शेंग लिहाओ, मा सिहान और झांग चांगहोंग से पीछे रहे, जिन्होंने 1899.0 पॉइंट के साथ क्वालिफिकेशन राउंड में टॉप किया। चीनी तिकड़ी का स्कोर क्वालिफिकेशन वर्ल्ड रिकॉर्ड था। इस बीच, भारत ने पोडियम पर जगह बनाई और आगे और सफलता की उम्मीदें बनाए रखीं; पाटिल और ढिल्लों भी दिन में बाद में होने वाले व्यक्तिगत फ़ाइनल में पहुँच गए। इसे भी पढ़ें: Congress का Election Commission पर हमला, SIR प्रक्रिया को बताया मतदाताओं के नाम हटाने की साजिश रुद्राक्ष और ढिल्लों व्यक्तिगत फ़ाइनल के लिए क्वालिफ़ाई हुए पाटिल ने भारत के व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन प्रयास का नेतृत्व किया और 631.8 पॉइंट के साथ तीसरे स्थान पर रहे। ढिल्लों 630.0 पॉइंट के साथ सातवें स्थान पर रहे, जबकि माने ने 628.3 पॉइंट के साथ राउंड का समापन 10वें स्थान पर किया। इस सिल्वर मेडल से शूटिंग में भारत की मेडल टैली में इजाफा हुआ; इससे पहले महिलाओं की 10m एयर राइफल टीम ने भी दूसरा स्थान हासिल किया था। क्वालिफिकेशन में टॉप आठ स्थानों में तीन चीनी शूटर शामिल थे, लेकिन एक ही देश के केवल दो प्रतियोगी व्यक्तिगत फ़ाइनल में आगे बढ़ सकते थे। नतीजतन, 630.6 पॉइंट के साथ पाँचवें स्थान पर रहने वाले झांग चांगहोंग टॉप आठ में होने के बावजूद बाहर हो गए। शेंग लिहाओ ने 635.4 पॉइंट के साथ व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन स्टैंडिंग में टॉप किया, जो एशियाई खेलों का क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड है। उनके साथी मा सिहान 633.0 पॉइंट के साथ दूसरे स्थान पर रहे। इसे भी पढ़ें: European Football Round-Up | Atletico Madrid ने Real Madrid को डर्बी में हराया, Manchester City ने गोलों की बारिश के साथ दर्ज की रोमांचक जीत रिकॉर्ड बनाने वाले चीन से पीछे रहा भारत भारतीय टीम ने कुल 1890.1 पॉइंट का स्कोर बनाया, लेकिन चीन का 1899.0 का स्कोर गोल्ड मेडल जीतने के लिए काफी था। चीनी शूटर्स के रिकॉर्ड-तोड़ क्वालिफिकेशन टोटल ने उन्हें टीम प्रतियोगिता में बढ़त दिलाई। भारत के लिए, सिल्वर मेडल ने पाटिल और ढिल्लों के लिए व्यक्तिगत सम्मान के लिए चुनौती पेश करने का मौका भी बनाया। क्वालिफ़िकेशन राउंड में उनके अच्छे प्रदर्शन की वजह से वे फ़ाइनल में हिस्सा लेने वाले आठ शूटर्स में शामिल हो पाए। पुरुष टीम के सिल्वर मेडल ने एशियन गेम्स में शूटिंग में भारत के बढ़ते मेडल की संख्या में और इजाफ़ा किया। इस अभियान की शुरुआत महिलाओं के 10 मीटर एयर राइफल टीम इवेंट में सिल्वर मेडल के साथ हुई थी। इलावेनिल वलारिवन, सोनम मस्कर और विदर्शा विनोद ने मिलकर महिलाओं की टीम प्रतियोगिता में भारत के लिए दूसरा स्थान हासिल किया। इसके बाद इलावेनिल ने व्यक्तिगत इवेंट में भी एक और मेडल जीता। हांगझोऊ एशियन गेम्स में भारत की शूटिंग टीम ने रिकॉर्ड 22 मेडल जीते, जिनमें सात गोल्ड, नौ सिल्वर और छह ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल थे। For the latest scores, match updates, and in-depth coverage, explore Live Cricket Updates in Hindi on Prabhasakshi
Asian Games में Indian Women Table Tennis Team का दबदबा, पाकिस्तान को हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई
भारतीय महिला टेबल टेनिस टीम ने सोमवार को यहां एकतरफा मुकाबले में पाकिस्तान को 3-0 से हराकर एशियाई खेलों के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। स्काई हॉल में भारत ने ग्रुप एफ में लगातार तीसरी जीत दर्ज कर शीर्ष स्थान हासिल किया। भारत ने रविवार को अपने शुरुआती मुकाबलों में इंडोनेशिया और सिंगापुर को हराया था और इसके बाद चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ भी अपना दबदबा कायम रखा। हांगझोउ एशियाई खेलों में महिला युगल का कांस्य पदक जीतने वाली सुतीर्था मुखर्जी ने अलीना खान को केवल 10 मिनट में 11-3, 11-3, 11-4 से हराकर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। इसके बाद 17 वर्षीय सिंड्रेला दास ने कलसूम खान को 11-6, 11-7, 11-5 से हराकर भारत की बढ़त 2-0 कर दी। आईटीटीएफ महिला एकल रैंकिंग में फिलहाल 99वें स्थान पर काबिज सिंड्रेला को घरेलू सर्किट में शानदार प्रदर्शन का इनाम एशियाई खेलों के लिए सीनियर टीम में चयन के रूप में मिला है। श्रीजा अकुला ने फातिमा खान को महज 11 मिनट में 11-4, 11-4, 11-5 से हराकर मुकाबला भारत के नाम किया और टीम को अंतिम आठ में पहुंचाया।
एशियन गेम्स 2026 के फाइनल मुकाबले में मंगलवार को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की भिड़ंत श्रीलंका से होगी। कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में होने वाले इस मुकाबले को जीतकर भारतीय टीम लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल को अपने नाम करने के इरादे से उतरेगी। वहीं, श्रीलंकाई टीम एशिया कप 2026 के फाइनल में मिली हार का हिसाब चुकता करना चाहेगी। भारतीय टीम का प्रदर्शन अब तक टूर्नामेंट में कमाल का रहा है। सेमीफाइनल मुकाबले में हरमनप्रीत एंड कंपनी ने बांग्लादेश को 114 रनों से रौंदने के साथ फाइनल में प्रवेश किया है। शेफाली वर्मा एशिया कप की बेहतरीन फॉर्म को एशियन गेम्स में भी बरकरार रखने में सफल रही हैं। बांग्लादेश के खिलाफ उन्होंने 49 गेंदों में 100 रनों की धमाकेदार पारी खेली थी। वहीं, स्मृति मंधाना का भी बल्ला खूब गरजा है। बांग्लादेश के खिलाफ कप्तान हरमनप्रीत कौर भी अच्छी लय में दिखाई दी थीं और उन्होंने 33 गेंदों में 40 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली थी। गेंदबाजी में श्री चरणी और दीप्ति शर्मा की जोड़ी उम्मीदों पर पूरी तरह से खरी उतरी है। वहीं, तेज गेंदबाजी में नंदिनी शर्मा और क्रांति गौड़ भी अच्छी लय में दिखाई दी हैं। भारतीय टीम का प्रदर्शन अब तक टूर्नामेंट में कमाल का रहा है। सेमीफाइनल मुकाबले में हरमनप्रीत एंड कंपनी ने बांग्लादेश को 114 रनों से रौंदने के साथ फाइनल में प्रवेश किया है। शेफाली वर्मा एशिया कप की बेहतरीन फॉर्म को एशियन गेम्स में भी बरकरार रखने में सफल रही हैं। बांग्लादेश के खिलाफ उन्होंने 49 गेंदों में 100 रनों की धमाकेदार पारी खेली थी। Also Read: LIVE Cricket Score कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क की पिच अब तक बल्लेबाजी के लिए शानदार नजर आई है। पिच में अच्छा बाउंस नजर आया है, जिसके चलते बल्लेबाजों को रन बनाने में आसानी रही है। भारत और श्रीलंका के बीच अब तक कुल 31 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं, जिसमें से भारत ने 25 में जीत दर्ज की है, जबकि 5 मुकाबलों में श्रीलंका ने बाजी मारी है। वहीं, एक मैच बेनतीजा रहा है। Article Source: IANS
Asian Games: 10m Air Rifle टीम स्पर्धा में भारत को रजत पदक
भारत ने सोमवार को यहां एशियाई खेलों की पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता जबकि रुद्रांक्ष पाटिल और हिमांशु ढिल्लों ने व्यक्तिगत स्पर्धा के फाइनल में भी जगह बनाई। रुद्रांक्ष, हिमांशु और पार्थ माने की भारतीय टीम ने कुल 1890.1 अंक जुटाए। चीन ने 1899.0 अंक के विश्व रिकॉर्ड स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता। चीन ने अपने पिछले विश्व रिकॉर्ड में 0.6 अंक का सुधार किया। दक्षिण कोरिया ने मजबूत वापसी की लेकिन 1884.2 अंक के साथ उसे कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। रुद्रांक्ष ने 631.8 अंक के साथ व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में तीसरा स्थान हासिल किया जबकि हिमांशु 630.0 अंक के साथ सातवें स्थान पर रहे। पार्थ 628.3 अंक के साथ 10वें स्थान पर रहे और व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाने से चूक गए। इस तरह निशानेबाजी में भारत का अच्छा प्रदर्शन जारी रहा। भारत ने निशानेबाजी में अपने अभियान की शुरुआत महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतकर की थी। इलावेनिल वलारिवन, सोनम मस्कर और विदरसा विनोद ने महिला टीम स्पर्धा में भारत को रजत पदक दिलाया था। इसके बाद इलावेनिल ने व्यक्तिगत स्पर्धा में भी रजत पदक जीता। भारत के निशानेबाजी दल ने पिछले हांगझोउ एशियाई खेलों में रिकॉर्ड 22 पदक जीते थे जिसमें सात स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य पदक शामिल थे।
Asian Games 2026: हिमांशु, पार्थ और रुद्रांकक्ष ने 10m एयर राइफल टीम इवेंट में जीता सिल्वर
Asian Games 2026 India Medal: एशियन गेम्स के दूसरे दिन भारत को शूटिंग में एक और सिल्वर मेडल मिला। इस बार हिमांशु, पार्थ और रुद्रांकक्ष ने 10m एयर राइफल टीम इवेंट में सिल्वर जीता।
Asian Market Today: एशिया बाजारों में तेजी, इस हफ्ते होने वाली US-चीन ट्रेड पर बाजार की नजर
Asian Market Today: एशिया बाजार 21 सितंबर को बढ़त देखने को मिल रही है। निवेशक इस हफ़्ते होने वाली US-चीन समिट से पहले अपनी स्थिति बना रहे थे। वहीं, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सिलसिला चौथे सेशन में भी जारी रहा।दक्षिण कोरिया के Kospi इंडेक्स में प्रमुख टेक्नोलॉजी शेयरों में बढ़त के कारण तेजी के साथ शुरुआत हुई, हालांकि तेल की ऊंची कीमतों और मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण निवेशक सतर्क रहे। बेंचमार्क Kospi 21 सितंबर को शुरुआती कारोबार में 1% से ज़्यादा बढ़कर 6,963 पर पहुंच गया।शुक्रवार को पिछले सेशन में कोरियाई शेयरों में 2.66% की बढ़त हुई थी, क्योंकि महंगाई को लेकर चिंताएं कम होने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा था।जापान के Nikkei इंडेक्स का प्रदर्शनछुट्टी के कारण सोमवार को जापान का शेयर बाज़ार बंद है। जापान के वित्तीय बाज़ार 21 से 23 सितंबर तक तीन दिन की छुट्टी के लिए बंद हैं। सोमवार को 'रिस्पेक्ट फ़ॉर द एज्ड डे' (बुज़ुर्गों के सम्मान का दिन) है, इसके बाद मंगलवार को 'सिटिज़न्स हॉलिडे' और बुधवार को 'ऑटमनल इक्विनॉक्स डे' है; ये सभी राष्ट्रीय छुट्टियां हैं।गुरुवार, 24 सितंबर को नियमित कारोबार फिर से शुरू होने की उम्मीद है। बाज़ार के लंबे समय तक बंद रहने के कारण पूरे हफ़्ते क्षेत्रीय बाज़ारों में लिक्विडिटी (नकदी का प्रवाह) के कम रहने की संभावना है।ताइवान शेयर बाज़ारताइवान के शेयर बाज़ार में तेज़ी का दौर जारी रहा और 21 सितंबर को TAIEX इंडेक्स 0.54% बढ़कर 47,435 पर कारोबार कर रहा था।US बाज़ार का प्रदर्शनरविवार शाम को US स्टॉक फ़्यूचर्स में थोड़ी बढ़त देखी गई, जबकि इससे पहले Dow Jones Industrial Average में लगातार तीसरे हफ़्ते गिरावट दर्ज की गई थी। S&P 500 फ़्यूचर्स में 0.23% की बढ़त हुई, जबकि Nasdaq-100 फ़्यूचर्स 0.27% ऊपर चढ़े। Dow फ़्यूचर्स में भी 0.25% की बढ़त हुई।पिछले हफ़्ते Dow में 1.7% की गिरावट आई, जो मार्च के बाद से सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट थी। S&P 500 में लगभग 0.1% की गिरावट आई, जबकि टेक्नोलॉजी सेक्टर की बड़ी कंपनियों वाले Nasdaq ने इस ट्रेंड के उलट प्रदर्शन किया और हफ़्ते के दौरान 0.7% की बढ़त हासिल की।कच्चे तेल की कीमतेंसोमवार को तेल की कीमतों में गिरावट आई क्योंकि निवेशकों का ध्यान सऊदी अरब से होने वाले शिपमेंट में संभावित सुधार पर था, भले ही यमन स्थित हूथी विद्रोहियों के लगातार हमलों से मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है। इस बीच, US और ईरान के बीच गतिरोध बना हुआ है।ब्रेंट क्रूड फ़्यूचर्स 81 सेंट या 0.78% गिरकर $103.06 प्रति बैरल पर आ गए, जिससे शुक्रवार को 0.91% की गिरावट के बाद यह सिलसिला जारी रहा। US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 89 सेंट या 0.89% गिरकर $99.41 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि पिछले सेशन में इसमें 1.58% की गिरावट आई थी।
एशियन गेम्स में 21 सितंबर के दिन भी भारतीय खिलाड़ी अपनी चुनौती पेश करेंगे। पहले दिन भारत ने दो सिल्वर मेडल हासिल किए और कई मुकाबलों के फाइनल में प्रवेश किया। आज भी भारतीय एथलीटों से कई पदक जीतने की उम्मीद है।
Asian Games Live: पहले दिन भारत ने जीते दो मेडल, दूसरे दिन IND vs PAK मुकाबले पर नजर
एशियन गेम्स में 21 सितंबर के दिन भी भारतीय खिलाड़ी अपनी चुनौती पेश करेंगे। पहले दिन भारत ने दो सिल्वर मेडल हासिल किए और कई मुकाबलों के फाइनल में प्रवेश किया। आज भी भारतीय एथलीटों से कई पदक जीतने की उम्मीद है।
Asian Games में नीली किट के वादे के उलट भगवा जर्सी में खेले Indian Hockey खिलाड़ी
काकामिगहारा (जापान) 20 सितंबर भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें रविवार को एशियाई खेलों में अपने-अपने शुरुआती मुकाबलों में केसरिया रंग की जर्सी पहनकर मैदान पर उतरीं जबकि खेलों से पहले हॉकी इंडिया ने कहा था कि टीम की पारंपरिक नीली जर्सी वापस लाई जाएगी। भारत की दोनों टीमों ने पिछले महीने बेल्जियम और नीदरलैंड में हुए विश्व कप के दौरान पहली बार केसरिया रंग की जर्सी पहनी थी, जिसके बाद इस पर काफी विवाद हुआ था। जर्सी के रंग में बदलाव को लेकर हॉकी इंडिया के भीतर भी मतभेद सामने आए थे। महासंघ के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा था कि यह फैसला निर्वाचित नेतृत्व और कार्यकारी बोर्ड की जानकारी या मंजूरी के बिना किया गया। इसके बाद महासंघ में जर्सी के रंग को लेकर विवाद और गहरा गया तथा टिर्की और हॉकी इंडिया के सचिव भोला नाथ सिंह के बीच मतभेद की खबरें सामने आईं। माना जाता है कि जर्सी के रंग में बदलाव के पीछे भोला नाथ सिंह की भूमिका थी। विश्व कप के बाद और एशियाई खेलों से ठीक पहले टिर्की ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि महाद्वीपीय खेलों में भारत की प्राथमिक किट नीली होगी और उसके साथ केसरिया रंग की किट विकल्प के तौर पर रहेगी। एशियाई खेलों के लिए भारतीय दल के विदाई समारोह में टिर्की ने कहा था, “भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने टीम की किट के रंगों को लेकर हमें विकल्प दिए थे और हॉकी इंडिया ने भारतीय टीम की किट के लिए नीले रंग को पहली पसंद चुना था। केसरिया दूसरी पसंद होगी।”जापान के काकामिगहारा में रविवार को पुरुष और महिला दोनों टीमें क्रमशः इंडोनेशिया और उज्बेकिस्तान के खिलाफ अपने शुरुआती मुकाबलों में केसरिया जर्सी में ही मैदान पर उतरीं। हॉकी इंडिया के एक सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर बताया कि टीम की दूसरी किट भी पूरी तरह नीली नहीं होगी, बल्कि उसमें सफेद और आसमानी नीले रंग के साथ केसरिया किट का विकल्प होगा। सूत्र ने कहा, “2026 एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीमों की खेलने वाली किट में हमेशा केसरिया और सफेद तथा आसमानी नीले रंग का संयोजन शामिल था, जिसे खुद हॉकी इंडिया के अध्यक्ष ने मंजूरी दी थी।”सूत्र ने आगे कहा, “अध्यक्ष ने फिर एशियाई खेलों में भारत के पूरी तरह नीली जर्सी पहनने की बात क्यों कही, यह सवाल उन्हीं से पूछा जाना चाहिए।”जर्सी का रंग बदलने के पीछे यह तर्क दिया गया था कि नीली टर्फ पर नीली जर्सी पहनने से खिलाड़ियों को देखने में परेशानी हो सकती है और भगवा रंग अधिक स्पष्ट दिखाई देता है। भारत ने 1928 में ओलंपिक पदार्पण के बाद से अधिकांश मौकों पर नीली जर्सी पहनी है। हालांकि, बीच-बीच में कुछ मौकों पर टीम की पोशाक में बदलाव भी देखने को मिला है।
एशियाई खेलों में Lovlina Borgohain और नरेंद्र बेरवाल को क्वार्टर फाइनल में सीधी एंट्री
भारतीय मुक्केबाजों को रविवार को यहां एशियाई खेलों में चुनौतीपूर्ण ड्रॉ मिला जबकि लवलीना बोरगोहेन और नरेंद्र बेरवाल अपने अभियान की शुरुआत सीधे क्वार्टर फाइनल से करेंगे। हाल में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन के बाद भारतीय दल से उम्मीदें बढ़ गई हैं, लेकिन एशियाई खेलों में चुनौती काफी कठिन है। एशियाई खेलों में पुरुषों की छह और महिलाओं की पांच भार वर्ग की स्पर्धाएं हैं। पिछले चरण में भारत ने चार पदक जीते थे जिनमें एक रजत और तीन कांस्य पदक शामिल थे। तोक्यो ओलंपिक की पदक विजेता लवलीना ने 2023 चरण में रजत पदक जीता था और वह 75 किग्रा वर्ग में पदक से सिर्फ एक जीत दूर हैं। इस वर्ग में केवल आठ मुक्केबाज हिस्सा ले रही हैं। लवलीना अपने अभियान की शुरुआत दक्षिण कोरिया की सुयोन सेओंग के खिलाफ करेंगी। इसके बाद सेमीफाइनल में उनका सामना 70 किग्रा वर्ग की मौजूदा विश्व चैंपियन कजाखस्तान की नताल्या बोगदानोवा या उज्बेकिस्तान की विश्व कांस्य पदक विजेता अजीजा जोकिरोवा से हो सकता है। राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता साक्षी चौधरी (51 किग्रा) का शुरुआती मुकाबला काफी कठिन होगा जिसमें उनका सामना फिलीपींस की पेरिस ओलंपिक कांस्य पदक विजेता आइरा विलागास से होगा। वहीं मौजूदा एशियाई चैंपियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता प्रीति पवार (54 किग्रा) को पहले दौर में बाई मिली है। अगले दौर में उनके उत्तर कोरिया की पांग चोल-मी के भिड़ने की उम्मीद है। पांग चोल-मी मौजूदा एशियाई खेलों की चैंपियन, ओलंपिक कांस्य पदक विजेता और दो बार की विश्व चैंपियन हैं। इस साल एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली प्रिया घंघास (60 किग्रा) अपने अभियान की शुरुआत दक्षिण कोरिया की ओह येओन-जी के खिलाफ करेंगी। ओह येओन-जी दो बार की विश्व कांस्य पदक विजेता, पूर्व एशियाई खेल चैंपियन और तीन बार की एशियाई चैंपियन हैं। विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता परवीन हुड्डा (65 किग्रा) अंतिम 16 में ताजिकिस्तान की होजिमोवा के खिलाफ अपना पहला मुकाबला खेलेंगी। परवीन से पिछले चरण में निलंबित होने के बाद कांस्य पदक वापस ले लिया गया था। इसके बाद उनका सामना उज्बेकिस्तान की नवबहोर खामिदोवा से हो सकता है। पुरुष वर्ग में राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदक विजेता जादूमणि सिंह (55 किग्रा) अपने अभियान की शुरुआत नेपाल के चंद्र थापा के खिलाफ करेंगे। प्री-क्वार्टर फाइनल में उनका सामना फिलीपींस के तोक्यो ओलंपिक रजत पदक विजेता कार्लो पालाम से हो सकता है। राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता सचिन सिवाच (60 किग्रा) को पहले दौर में बाई मिली है। प्री-क्वार्टर फाइनल में उनका सामना जोर्डन के विश्व चैंपियनशिप कांस्य पदक विजेता मोहम्मद अबू जाजेह से हो सकता है। सुमित कुंडू (75 किग्रा) सोमवार को रिंग में उतरने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज होंगे। क्वार्टर फाइनल में उनका सामना कजाखस्तान के 20 वर्षीय मौजूदा विश्व चैंपियन तोरेखान साबिरखान से हो सकता है। राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता अंकुश पंघाल (80 किग्रा) का सेमीफाइनल में मौजूदा 75 किग्रा विश्व चैंपियन फज्लिद्दीन एर्किनबोएव से सामना होने की संभावना है। नरेंद्र (+90 किग्रा) पिछले चरण में पदक जीतने वाले एकमात्र भारतीय पुरुष मुक्केबाज थे। उन्हें पहले दौर में बाई मिली है। वह क्वार्टर फाइनल में थाईलैंड के अदथापोंग सेंगटेप के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेंगे। इसके बाद सेमीफाइनल में उनका सामना कजाकिस्तान के मौजूदा विश्व चैंपियन आइबेक ओरालबे से हो सकता है। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ की चयन नीति के अनुसार एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले मुक्केबाज अगले साल कजाखस्तान में होने वाली विश्व चैंपियनशिप के लिए सीधे क्वालीफाई करेंगे। यह 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए पहला ओलंपिक क्वालीफाइंग टूर्नामेंट होगा। इससे भारतीय मुक्केबाजों को यहां पोडियम तक पहुंचने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की अतिरिक्त प्रेरणा मिलेगी। टीम इस प्रकार है :महिला: साक्षी चौधरी (51 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), प्रिया घंघास (60 किग्रा), परवीन हुड्डा (65 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा)। पुरुष: जादूमणि सिंह (55 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा), सुमित कुंडू (70 किग्रा), अंकुश पंघाल (80 किग्रा), कपिल पोखरिया (90 किग्रा), नरेंद्र बेरवाल (+90 किग्रा)।
Asian Games: निशानेबाज Elavenil Valarivan ने जीते दो रजत पदक, महिला क्रिकेट टीम फाइनल में
(अजय मसंद और फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 20 सितंबर इलावेनिल वलारिवान के शानदार व्यक्तिगत प्रदर्शन की बदौलत भारत ने रविवार को यहां एशियाई खेलों में अपने पदकों का खाता निशानेबाजी में दो रजत के साथ खोला जबकि ‘मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स’ में अप्रत्याशित रूप से पदक पक्का किया और लगातार दूसरी बार महिला क्रिकेट में स्वर्ण पदक जीतने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया। दिन के कुछ अन्य उल्लेखनीय प्रदर्शनों में पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीम की शुरुआती मुकाबले में बड़ी जीत के साथ-साथ बैडमिंटन और टेबल टेनिस की टीम स्पर्धाओं में शानदार शुरुआत शामिल रही। हालांकि 27 वर्षीय वलारिवान दिन की स्टार रहीं। अपने पिछले दो एशियाई खेलों में पदक से चूकने वाली वलारिवान ने इस बार शानदार प्रदर्शन किया। 2025 विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता वलारिवान ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में 252.4 अंक हासिल कर रजत पदक जीता। वह स्वर्ण पदक जीतने वाली जापान की हिनाता ताइची से महज 0.6 अंक पीछे रहीं। ताइची ने 253.0 अंक के साथ एशियाई खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले वलारिवान ने सोनम उत्तम मस्कर और एशियाई खेलों में पदार्पण कर रहीं विदर्सा विनोद के साथ मिलकर टीम स्पर्धा में भी दूसरा स्थान हासिल किया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी उनके शानदार प्रदर्शन का जिक्र करते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘एशियाई खेलों में 10 मीटर एयर राइफल महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर इलावेनिल वलारिवान को बधाई। यह दिन का उनका दूसरा पदक था, जिससे यह उपलब्धि और भी खास हो जाती है। उनके आगामी प्रयासों के लिए मेरी शुभकामनाएं। ’’उन्होंने कहा, ‘‘कड़ी मेहनत और ‘टीमवर्क’ शानदार नतीजे देते हैं। एशियाई खेल 2026 की महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली सोनम उत्तम मस्कर, इलावेनिल वलारिवान और विदर्सा के विनोद पर गर्व है। ’’वलारिवन का शानदार प्रदर्शन 36 वर्षीय सुचिका तारियाल के महिला 60 किग्रा वर्ग के ‘मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स’ (एमएमए) सेमीफाइनल में पहुंचने के कुछ ही घंटों बाद आया। इस खेल विधा को पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया है। तारियाल ने क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की अल्तानचिमेग बैगलमा को 2-0 से हराकर कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया। तारियाल ने जूडो में भी हाथ आजमाया है और भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय पदक जीते हैं। उन्होंने 12 साल की उम्र में सड़क पर होने वाली छेड़छाड़ के सदमे से निपटने के लिए इस मार्शल आर्ट को सीखना शुरू किया था। वहीं निशिन शहर में गत चैंपियन भारत ने महिला टी20 क्रिकेट प्रतियोगिता के फाइनल में लगातार दूसरी बार जगह बनाकर पदक पक्का किया। टीम ने बांग्लादेश को 114 रन से करारी शिकस्त देकर स्वर्ण पदक के मुकाबले में जगह बनाकर भारत के लिए एक और पदक सुनिश्चित किया। शेफाली वर्मा ने 49 गेंद में नाबाद 100 रन की पारी खेलकर टी20 अंतरराष्ट्रीय में अपना पहला शतक जड़ा जिससे भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट पर 195 रन का मजबूत स्कोर बनाया। इसके जवाब में बांग्लादेश ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए और पूरी टीम 15.4 ओवर में 81 रन पर आउट हो गई। बांग्लादेश के खिलाफ रन के लिहाज से यह भारत की दूसरी सबसे बड़ी जीत है। भारत अब मंगलवार को स्वर्ण पदक के मुकाबले में श्रीलंका से भिड़ेगा। पिछले एशियाई खेलों में भी फाइनल इन्हीं दोनों टीम के बीच हुआ था। वहीं काकामिगाहारा मेंभारत की पुरुष और महिला हॉकी टीम ने पूल के शुरूआती मैच में बड़ी जीत दर्ज की। दीपिका ने शानदार खेल का नमूना पेश करते हुए आठ गोल दागे जिससे भारतीय महिला हॉकी टीम ने पूल बी में अपने पहले मैच में कमजोर उज्बेकिस्तान को 19-0 से करारी शिकस्त दी जबकि पुरुष टीम ने दिलप्रीत सिंह के चार गोल की मदद से इंडोनेशिया को 13-1 से शिकस्त दी। टेबल टेनिस में भारतीय महिला टीम ने ग्रुप एफ के अपने दूसरे मुकाबले में शानदार वापसी करते हुए सिंगापुर को 3-2 से हराया जबकि पुरुष टीम को ग्रुप एफ के अपने दूसरे मुकाबले में ईरान के हाथों 0-3 से हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले भारत की पुरुष और महिला टीम ने अपने अभियान की शुरुआत अपने-अपने ग्रुप एफ मुकाबलों में इंडोनेशिया पर 3-0 की समान जीत के साथ की। अब भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीम का सामना सोमवार को पाकिस्तान से होगा। भारत ने बैडमिंटन की महिला टीम स्पर्धा में निचली रैंकिंग पर काबिज कजाखस्तान को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली जहां उसके सामने मेजबान जापान की कड़ी चुनौती होगी जिसमें पीवी सिंधू, उन्नति हुड्डा और तन्वी शर्मा ने एक भी गेम गंवाए बिना अपने मुकाबले जीते। वहीं भारत की क्विम्सी डिसूजा को टेकबॉल में दोहरा झटका लगा जब वह महिला एकल में कांस्य पदक से चूक गईं और कुछ ही मिनटों बाद मोहम्मद अनस बेग के साथ मिश्रित युगल में तीसरे स्थान के मुकाबले में भी हार गईं। क्विम्सी ने महिला एकल के कांस्य पदक के मैच में कड़ी चुनौती पेश की लेकिन आखिर में वह स्थानीय खिलाड़ी युइना सकामोटो से 0-2 (11-12 11-12) से हार गईं। इसके बाद मिश्रित युगल मुकाबले में भारतीय जोड़ी को वियतनाम के होआंग मिन्ह टैन गुयेन और जिया न्गिह ट्रिन्ह से 0-2 (9-12 6-12) से हार का सामना करना पड़ा। भारत को एक और निराशा मिली जब एमएमए फाइटर वरुण सान्याल को प्रतिस्पर्धा किए बिना ही एशियाई खेलों से हटने के लिए बाध्य होना पड़ा क्योंकि वह क्रूज जहाज पर ‘सौना बाथ’ सत्र के दौरान अत्यधिक थकान और ‘डिहाइड्रेशन’ (शरीर में पानी की कमी) के कारण बेहोश हो गए। तैराक ऋषभ दास ने पुरुषों की 100 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा के फाइनल में 54.77 सेकेंड का समय निकालकर छठा स्थान हासिल किया। ऋषभ स्वर्ण पदक विजेता चीन के शू जियायु से 2.79 सेकेंड पीछे रहे। शू ने 51.98 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। सूरज सिंह मयांगलांबम पुरुषों के चांगक्वान वुशु फाइनल में 11वें स्थान पर रहे। सूरज ने ऐची प्रीफेक्चरल मार्शल आर्ट्स हॉल में 21 प्रतिभागियों के बीच प्रतिस्पर्धा करते हुए कुल 9.683 अंक हासिल किए।
एशियाई खेलों के इतर भारत-भूटान के बीच खेल सहयोग मजबूत करने पर चर्चा
नागोया, 20 सितंबर . India और भूटान ने Sunday को दोनों देशों के बीच खेल सहयोग को और मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा की. यह बातचीत जापान के नागोया में आयोजित 20वें एशियाई खेलों के इतर केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया और भूटान ओलंपिक समिति (बीओसी) के ... Read more
Asian Games से बाहर हुए MMA फाइटर Varun Sanyal, वजन घटाते समय बिगड़ी तबीयत
भारतीय मिक्स मार्शल आर्ट खिलाड़ी वरुण सान्याल एशियाई खेलों में 77 किलोग्राम वर्ग की प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। वजन कम करने की प्रक्रिया के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद चिकित्सकीय जांच में उन्हें प्रतियोगिता के लिए फिट नहीं पाया गया। वरुण को सॉना में वजन कम करने के दौरान चक्कर आया और वह कुछ समय के लिए बेहोश हो गए थे। मौजूद जानकारी के अनुसार, वजन कम करने के लिए वरुण भोजन और पानी की मात्रा सीमित कर रहे थे। इसके बाद करीब 30 मिनट तक सॉना में रहने के दौरान उन्हें चक्कर, कमजोरी और मांसपेशियों में ऐंठन की शिकायत हुई। हालत बिगड़ने पर साथी खिलाड़ी और भारतीय मिक्स मार्शल आर्ट संघ के अध्यक्ष निखिल कुंदर ने उनकी मदद की। इसके बाद उन्हें डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां जांच के बाद उन्हें प्रतियोगिता के लिए चिकित्सकीय रूप से अयोग्य घोषित कर दिया गया। भारतीय ओलंपिक संघ ने भी वरुण की स्थिति को लेकर जानकारी दी है। संघ के मुताबिक, वरुण को सॉना में रहने के दौरान पूरे शरीर में ऐंठन और दर्द हुआ था। उनका चिकित्सकीय परीक्षण किया गया और एहतियात के तौर पर खून की जांच भी कराई गई, जिसमें किसी गंभीर समस्या की बात सामने नहीं आई। हालांकि आराम करने के बाद भी अगली सुबह वरुण खुद को मुकाबले जैसे कठिन खेल के लिए पूरी तरह तैयार महसूस नहीं कर रहे थे। इसके बाद कोच से सलाह लेने के बाद उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से प्रतियोगिता से हटने का फैसला किया। बता दें कि वरुण भारतीय दल में शामिल दो मिक्स मार्शल आर्ट खिलाड़ियों में से एक थे। इस बार एशियाई खेलों में पहली बार मिक्स मार्शल आर्ट को शामिल किया गया है, इसलिए इस खेल के लिए यह प्रतियोगिता भारत में भी खास मानी जा रही थी। वहीं भारतीय महिला खिलाड़ी सुचिका तारियाल ने 60 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में जीत दर्ज कर पदक पक्का कर लिया है। वह अब सेमीफाइनल मुकाबले में उतरेंगी। वरुण के लिए एशियाई खेलों तक पहुंचने का सफर भी आसान नहीं रहा। उन्होंने जनवरी 2026 में चीन में हुई एशियाई मिक्स मार्शल आर्ट चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। इससे उन्हें एशियाई स्तर पर पहचान मिली और वह खेलों के लिए गंभीर पदक दावेदारों में गिने जाने लगे थे। हालांकि एशियाई खेलों के लिए चयन प्रक्रिया को लेकर लंबे समय तक स्पष्टता नहीं थी। वरुण को खेलों में हिस्सा लेने की अंतिम पुष्टि प्रतियोगिता शुरू होने से सिर्फ दो सप्ताह पहले मिली थी। वरुण ने बताया था कि इतने बड़े मुकाबले के लिए मानसिक और शारीरिक तैयारी करने के लिए दो सप्ताह का समय काफी चुनौतीपूर्ण था। इससे पहले उन्होंने 2025 की राष्ट्रीय प्रतियोगिता जीती थी, जिसके आधार पर उन्हें चीन में एशियाई चैंपियनशिप में खेलने का मौका मिला था। वरुण सान्याल का बचपन सिंगापुर में बीता है। उन्होंने क्रिकेट, फुटबॉल, एथलेटिक्स, स्क्वैश और पावरलिफ्टिंग जैसे खेलों में हिस्सा लिया। बाद में उनकी रुचि कुश्ती, जिउ-जित्सु और मुए थाई से होते हुए मिश्रित मार्शल आर्ट तक पहुंची। उनके पिता संजीव सान्याल जाने-माने अर्थशास्त्री, लेखक और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य हैं। वरुण के परिवार का स्वतंत्रता आंदोलन से भी जुड़ा इतिहास रहा है। उनके बड़े परदादा के भाई सचिंद्रनाथ सान्याल हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के संस्थापकों में शामिल थे। गौरतलब है कि वरुण ने बताया था कि उन्हें बचपन में अपने पिता से खेलों के प्रति काफी प्रोत्साहन मिला। उन्होंने कहा था कि मिक्स मार्शल आर्ट ने उन्हें दबाव में शांत रहना और मुश्किल परिस्थितियों में तेजी से फैसला लेना सिखाया है। हालांकि इस बार स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण उनका एशियाई खेलों का अभियान मुकाबले से पहले ही खत्म हो गया है।
Asian Games TT: भारतीय महिला टीम ने Singapore को रोमांचक मुकाबले में 3-2 से दी मात
भारतीय महिला टीम ने रविवार को यहां आइची-नागोया एशियाई खेलों की टेबल टेनिस प्रतियोगिता के ग्रुप एफ के अपने दूसरे मुकाबले में शानदार वापसी करते हुए सिंगापुर को 3-2 से हराया। भारत एक समय 1-2 से पिछड़ रहा था, लेकिन श्रीजा अकुला और यशस्विनी घोरपड़े ने अहम मुकाबले जीतकर टीम को यादगार जीत दिलाई। भारत की ओर से मुकाबले की शुरुआत यशस्विनी ने की। उन्होंने जियान जेंग को 11-7, 11-3, 8-11, 11-9 से हराकर भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई। दूसरे मुकाबले में श्रीजा को लॉय मिंग के खिलाफ कड़े संघर्ष में 8-11, 11-4, 9-11, 11-4, 6-11 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद दीया चितले भी तान झाओ से 7-11, 4-11, 11-7, 5-11 से हार गईं और सिंगापुर ने 2-1 की बढ़त बना ली। भारत के लिए चौथा मुकाबला करो या मरो का था। श्रीजा ने पहले मैच की हार से उबरते हुए जियान जेंग को 6-11, 11-3, 11-7, 11-4 से शिकस्त दी और मुकाबला 2-2 से बराबर कर दिया। निर्णायक मुकाबले में यशस्विनी ने लॉय मिंग को 5-11, 11-8, 12-10, 4-11, 11-9 से हराकर भारत की जीत पक्की कर दी। इस तरह भारतीय टीम ने पिछड़ने के बाद शानदार जुझारूपन दिखाते हुए 3-2 से मुकाबला अपने नाम किया। इससे पहले भारत की पुरुष और महिला टीम ने अपने अभियान की शुरुआत अपने-अपने ग्रुप एफ मुकाबलों में इंडोनेशिया पर 3-0 की समान जीत के साथ की। महिला टीम के लिए श्रीजा, दीया और यशस्विनी ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। श्रीजा ने पहले मैच में नी महारानी को 3-1 से हराकर भारत को बढ़त दिलाई। श्रीजा ने पहला गेम जीतने के बाद दूसरा गेम 8-11 से गंवाया लेकिन इसके बाद वापसी करते हुए अगले दोनों गेम 11-4, 11-4 से जीत लिए। दीया ने इसके बाद अल्माइरा नेबुचदनेज्जर को 3-0 से हराकर भारत की बढ़त दोगुनी कर दी। दीया ने 11-9, 11-8, 11-5 से जीत दर्ज की और भारत को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। यशस्विनी ने तीसरे मैच में चित्रा रस्मी को 3-0 से हराकर भारत की जीत सुनिश्चित की। यशस्विनी ने 12-10, 11-4, 11-4 से जीत दर्ज की। पुरुष टीम ने भी 3-0 की शानदार जीत दर्ज की। हालांकि दूसरे मुकाबले में उसे कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। जी साथियान ने मुहम्मद नेगारा को 11-8, 11-7, 11-9 से हराकर भारत को बढ़त दिलाई। इसके बाद मानव ठक्कर ने मुहम्मद जुनिंद्रा के खिलाफ पांच गेम तक चले मुकाबले में 3-2 से जीत दर्ज की। मानव ने पहला गेम 11-7 से जीता लेकिन दूसरा गेम 8-11 से गंवा दिया। उन्होंने तीसरा गेम 11-6 से जीतकर फिर बढ़त हासिल की। जुनिंद्रा ने चौथा गेम 11-6 से जीतकर मुकाबला निर्णायक गेम तक पहुंचाया लेकिन मानव ने धैर्य बनाए रखते हुए पांचवां गेम 11-9 से जीत लिया। मानुष शाह ने इसके बाद अफान प्रतामा को 11-9, 11-9, 12-10 से हराकर पुरुष टीम को जीत दिलाई। महिला ग्रुप एफ में भारत के साथ इंडोनेशिया, पाकिस्तान और सिंगापुर हैं। पुरुष टीम को ईरान, पाकिस्तान और इंडोनेशिया के साथ ग्रुप एफ में रखा गया है।
एशियाई खेलों में Elavenil Valarivan ने जीता व्यक्तिगत और टीम स्पर्धा में 10m एयर राइफल रजत
(अजय मसंद)नागोया (जापान), 20 सितंबर इलावेनिल वलारिवन की मुस्कान कभी उनके गले में पड़े पदक के रंग पर निर्भर नहीं करती। रविवार को भी जब उनके हाथ से लगभग पक्का लग रहा स्वर्ण पदक फिसल गया तब यह 27 वर्षीय भारतीय एयर राइफल निशानेबाज एशियाई खेलों की रेंज से उसी सहज मुस्कान के साथ बाहर निकलीं- शांत, संयमित और आश्चर्यजनक रूप से संतुष्ट। महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल फाइनल के अधिकांश हिस्से में इलावेनिल पूरी तरह नियंत्रण में नजर आईं। उन्होंने करीब 1.5 अंक की बढ़त बनाई और लंबे समय तक इसे बरकरार रखा। लेकिन अंत में उनके तीन ढीले शॉट ने मुकाबले का रुख बदल दिया और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। उनके चेहरे पर ना निराशा थी और ना ही जो हुआ उसे छिपाने की कोई कोशिश। इलावेनिल ने कहा, ‘‘मैं थोड़ी रिलैक्स हो गई थी। मुझे लगता है कि मुझे फाइनल पर थोड़ा और काम करने की जरूरत है।’’उन्होंने कहा, “मुझे पता था कि मैं शीर्ष तीन में हूं। हालांकि मैं अपना ध्यान फिर से प्रक्रिया और अपनी तकनीक पर लगाने की कोशिश कर रही थी लेकिन मैं थोड़ी रिलैक्स हो गई।’’उन्होंने कहा, “जैसे ही पदक पक्का हुआ तो दबाव कम हो गया। इसके बाद मैंने अपनी प्रक्रिया को लेकर थोड़ी ढील बरती।”शायद यही स्वीकारोक्ति बताती है कि वह ऐसे नतीजे के साथ भी सहज क्यों थीं जिसे कई खिलाड़ियों के लिए स्वीकार करना मुश्किल होता। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। मुझे लगता है कि यह पूरी प्रक्रिया सीखने की है।’’रविवार का रजत पदक प्रमुख एशियाई प्रतियोगिताओं में उनका लगातार तीसरा व्यक्तिगत रजत था। इससे पहले वह शिमकेंट और दिल्ली में एशियाई चैंपियनशिप में भी पोडियम पर पहुंची थीं। हालांकि एक बार फिर मामूली अंतर से स्वर्ण से चूकने पर ध्यान देने के बजाय इलावेनिल पहले ही एक बेहद साधारण चीज के बारे में सोच रही हैं। उन्होंने हंसते हुए कहा, ‘‘अब शायद आराम और उबरने की प्रक्रिया होगी। मुझे अपने बिस्तर की बहुत याद आ रही है। मैं बस वापस जाकर अपने कोच और टीम साथियों के साथ इसका जश्न मनाना चाहती हूं।’’इस साल के अंत में होने वाली विश्व चैंपियनशिप की तैयारियां अब कुछ दिन इंतजार कर सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘उबरने और खुद को तरोताजा करने के बाद मैं उस लक्ष्य पर काम शुरू करूंगी।’’यह पदक भारत के लिए दोहरी खुशी का हिस्सा भी रहा। इलावेनिल, सोनम उत्तम मस्कर और विदरसा विनोद ने इससे पहले टीम स्पर्धा में भी भारत को रजत पदक दिलाया। इलावेनिल के लिए यह उपलब्धि व्यक्तिगत सफलता से ज्यादा इन तीनों निशानेबाजों के बीच विकसित हुए रिश्ते और टीम भावना के बारे में थी। उन्होंने कहा, ‘‘यह टीम के सामूहिक प्रयास के बारे में अधिक है। हमारे में से हर एक ने ट्रेनिंग सत्र के दौरान एक-दूसरे की मदद की और अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की।’’टीम की सबसे अनुभवी सदस्य होने के नाते इलावेनिल यह भी समझती थीं कि इन दो पदकों का भारत के बाकी निशानेबाजों पर क्या असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इससे पूरी टीम का मनोबल बढ़ेगा। पहले ही दिन हमने दो पदक जीते हैं इसलिए यहां से आगे मुझे लगता है कि अब बस आगे बढ़ते जाना है।’’लेकिन इस पदक का व्यक्तिगत महत्व इससे कहीं अधिक था। इलावेनिल को एशियाई खेलों में पदक जीतने में आठ साल लग गए। उन्होंने 2018 में जकार्ता में अपने पहले एशियाई खेलों में हिस्सा लिया था। इस बार वह एक अनुभवी ओलंपियन के तौर पर यहां पहुंची थीं लेकिन उनके पदकों के संग्रह में एक बड़ी कमी थी- एशियाई खेलों का पदक। इलावेनिल चाहतीं थी कि उनकी कोच नेहा चव्हाण इस पल को व्यक्तिगत रूप से देख पातीं लेकिन वह नागोया में मौजूद नहीं थीं। उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने मेरे से कहा, ‘तुमने अपनी तरफ से पूरी मेहनत की है। इस दिन तुम इससे अधिक कुछ नहीं कर सकतीं। मैं बस यही चाहूंगी कि तुम तकनीक का पालन करो, खुद पर भरोसा रखो और हमेशा की तरह साहस के साथ खेलो’।’’इलावेनिल ने कहा, ‘‘मैं बहुत आभारी हूं कि वह हर समय मेरे साथ हैं, भले ही वह यहां मौजूद ना हों।’’नेहा की गैरमौजूदगी इस मौके पर और अधिक महसूस हुई क्योंकि यह इलावेनिल का एशियाई खेलों का पहला पदक था। उन्होंने कहा, ‘‘इस समय मुझे उनकी बहुत याद आ रही है क्योंकि यह मेरा एशियाई खेल का पहला पदक है। वह इसे देखने के लिए यहां व्यक्तिगत रूप से मौजूद नहीं हैं। अगर वह यहां होतीं तो मुझे बहुत, बहुत अच्छा लगता।
Asian Games: सिल्वर को गोल्ड में बदलने उतरेगी हरमनप्रीत की सेना, उधर बदला लेने को बेताब श्रीलंका
IND vs SL: हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय टीम लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स के महिला टी20 फाइनल में पहुंच गई है। भारत ने सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 114 रन से हराकर फाइनल में अपनी जगह बनाई है। अब गोल्ड मेडल के लिए भारत का मुकाबला 22 सितंबर को श्रीलंका से होगा। जो भी टीम ये मुकाबला हारेगी उससे सिल्वर मेडल दिया जाएगा। इससे पहले 13 सितंबर को एशिया कप 2026 के फाइनल में दोनों टीमों का आमना-सामना हुआ था। इस मैच में भारत ने श्रीलंका को 72 रनों से मात दी थी। अब श्रीलंका की टीम भारत से इस हार का बदला लेने के इरादे से उतरेगी।वहीं दूसरी ओर सेमीफाइनल में पाकिस्तान और बांग्लादेश को हार का सामना करना पड़ा है। अब इन दोनों टीमों के बीच ब्रॉन्ज मेडल के लिए मुकाबला खेला जाएगा। आइए जानते हैं कब और कितने बजे से शुरू होगा मुकाबलाकब-कब होंगे मुकाबलेएशियन गेम्स में महिला क्रिकेट के गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल के दोनों मुकाबले एक ही दिन खेले जाएंगे। एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट के मेडल मुकाबले 22 सितंबर को खेले जाएंगे। ब्रॉन्ज मेडल के मैच में पाकिस्तान और बांग्लादेश की टीमें सुबह 5:30 बजे आमने-सामने होंगी। इसके बाद गोल्ड मेडल के लिए भारत और श्रीलंका के बीच मुकाबला सुबह 10:30 बजे से खेला जाएगा। भारतीय टीम की नजर अब गोल्ड मेडल जीतने पर होगी।कैसा था भारत-बांग्लादेश का मुकाबलाशैफाली वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 49 गेंदों में नाबाद 100 रन बनाए और अपना पहला टी20 इंटरनेशनल शतक पूरा किया। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट पर 195 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी बांग्लादेश की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और लगातार अंतराल पर उसके विकेट गिरते रहे। पूरी टीम 15.4 ओवर में सिर्फ 81 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह भारत ने बांग्लादेश को 114 रन से हराया, जो रनों के हिसाब से बांग्लादेश के खिलाफ भारत की दूसरी सबसे बड़ी जीत है। वहीं, श्रीलंका ने रविवार को पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 8 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई।Asian Games 2026: एशियाई खेलों में भारत को दूसरा मेडल, शूटिंग क्वीन इलावेनिल वलारिवन ने जीता सिल्वर
Asian Games में Elavenil Valarivan का कमाल, भारत को निशानेबाजी में मिले 2 रजत पदक
(अजय मसंद)नागोया, 20 सितंबर एलावेनिल वलारिवन के महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत ने एशियाई खेलों की निशानेबाजी प्रतियोगिता के पहले दिन दो रजत पदक जीतकर अपने अभियान की बेहतरीन शुरुआत की। भारत की सबसे कुशल राइफल निशानेबाजों में से एक एलावेनिल ने टीम स्पर्धा में देश को रजत पदक दिलाने में मदद की और फिर व्यक्तिगत स्पर्धा में भी रजत पदक जीता। तमिलनाडु में जन्मी यह निशानेबाज फाइनल के अधिकतर समय तक स्वर्ण पदक जीतने की स्थिति में दिख रही थी लेकिन अंतिम क्षणों में जापान की हिनाता ताइची ने उन्हें पीछे छोड़कर सोने का तमगा हासिल किया। विश्व चैंपियनशिप 2025 की कांस्य पदक विजेता एलावेनिल ने 252.4 अंक हासिल किए, जो ताइची से सिर्फ 0.6 अंक कम थे। ताइची ने 253.0 अंक हासिल करके एशियाई खेलों के रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। मौजूदा विश्व चैंपियन और पेरिस ओलंपिक की स्वर्ण पदक विजेता दक्षिण कोरिया की बान ह्योजिन ने 230.4 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता। एलावेनिल का यह एशियाई खेलों में पहला व्यक्तिगत पदक है। इससे पहले उन्होंने 2018 जकार्ता और 2022 हांगझोऊ खेलों में भाग लिया था लेकिन पोडियम पर जगह बनाने में असफल रही थीं। फाइनल के अधिकांश समय तक स्वर्ण पदक उनकी मुट्ठी में लग रहा था। वह 17वें शॉट के बाद बान से 1.4 अंकों से आगे थीं, जबकि ताइची तीसरे स्थान पर थीं। एलावेनिल 21वें शॉट के बाद भी जापानी निशानेबाज से 0.2 अंकों से आगे थीं। लेकिन इसके बाद ताइची आगे हो गई। एलावेनिल अंतिम दो शॉट्स से पहले ताइची से केवल 0.3 अंक पीछे थीं। उन्होंने 10.4 अंक बनाए, लेकिन जापानी निशानेबाज ने 10.6 अंक बनाकर अपनी बढ़त 0.5 अंक कर दी। भारतीय खिलाड़ी को पदक का रंग बदलने के लिए अंतिम शॉट में अच्छे प्रदर्शन की जरूरत थी लेकिन उन्होंने 10.1 का स्कोर बनाया। ताइची ने संयम बनाए रखते हुए 10.2 का स्कोर करके स्वर्ण पदक अपने नाम किया और एशियाई खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया। यह रजत पदक एलावेनिल का दिन का दूसरा पदक था। इससे पहले उन्होंने सोनम मस्कर और विदरसा विनोद के साथ मिलकर महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता था। सोनम ने भी फाइनल में जगह बनाई थी जहां वह 167 अंकों के साथ छठे स्थान पर रही। एलावेनिल ने बाद में कहा, ‘‘मैं जानती थी कि मैं शीर्ष तीन में शामिल हूं। मैं अपनी प्रक्रिया और तकनीक पर ध्यान केंद्रित कर रही थी, फिर भी मैं थोड़ी लापरवाह हो गई। मुझे अपने फाइनल पर और काम करने की ज़रूरत है। बस इतना ही। मुझे लगा कि मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और मुझे खुशी है कि मैंने रजत पदक जीता।’’इससे पहले एलावेनिल, सोनम और विदरसा की भारतीय तिकड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1898.0 के कुल स्कोर के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। चीन की टीम ने 1904.2 अंकों के साथ क्वालीफाइंग में नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। चीन ने पिछले साल अगस्त में शिमकेंट में एशियाई चैंपियनशिप में बनाए गए अपने ही 1902.0 के पिछले रिकॉर्ड को बेहतर किया। भारत और जापान के बीच रजत पदक के लिए कड़ा मुकाबला हुआ लेकिन आखिर में भारतीय खिलाड़ियों ने संयम बनाए रखते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। जापान 1897.1 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा, जो भारत से केवल 0.9 अंक कम रहा। टीम पदक तीनों निशानेबाजों के क्वालीफाइंग स्कोर के आधार पर तय किए जाते हैं और कुल स्कोर अंतिम रैंकिंग निर्धारित करता है। क्वालीफाइंग राउंड में तीसरे स्थान पर रहीं सोनम ने 634.1 के प्रभावशाली स्कोर के साथ भारत की तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। अपने तीसरे एशियाई खेलों में भाग ले रही ओलंपियन एलावेनिल ने 633.5 का स्कोर बनाकर सातवां, जबकि एशियाई खेलों में पदार्पण कर रही विदरसा ने 630.4 का स्कोर बनाकर 12वां स्थान हासिल किया। विदरसा व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं, लेकिन भारत को रजत पदक दिलाने में उनका योगदान महत्वपूर्ण साबित हुआ। विदरसा ने कहा, ‘‘यह एक बड़ी उपलब्धि है। यह निराशाजनक है कि मैं फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी, लेकिन टीम स्पर्धा के रजत पदक ने हमें अच्छी शुरुआत दी है।’’विदरसा का प्रदर्शन इसलिए भी अधिक सराहनीय है क्योंकि उन्होंने केवल दो महीने पहले ही 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में भाग लेना शुरू किया था। उनकी मुख्य स्पर्धा 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन स्पर्धा है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरा भरोसा है कि मैं 50 मीटर थ्री पोजिशन स्पर्धा में मैं बेहतर प्रदर्शन करूंगी। यह मेरी मुख्य स्पर्धा है।‘‘इस बीच चीन ने इस खेल में अपनी मजबूती का परिचय दिया। जूनियर विश्व चैंपियन वांग ज़िफेई ने शानदार 638.8 अंकों के साथ क्वालीफाइंग राउंड में शीर्ष स्थान हासिल करके नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया। हान जियान ने भी 633.8 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहकर फाइनल में जगह बनाई। चीन के तीन निशानेबाज फाइनल के लिए क्वालीफाई करने की स्थिति में थे, लेकिन प्रत्येक देश से केवल दो खिलाड़ी ही व्यक्तिगत पदक दौर में जगह बना सकते हैं। भारत के निशानेबाजों ने हांगझोउ एशियाई खेलों में रिकॉर्ड 22 पदक (सात स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य) जीते थे और अब यह रजत पदक भारत के निशानेबाजी अभियान के लिए एक उत्साहजनक शुरुआत है।
Asian Games Hockey: भारतीय पुरुष टीम ने Indonesia को 13-1 से रौंदा, Dilpreet Singh ने दागे 4 गोल
स्ट्राइकर दिलप्रीत सिंह ने चार गोल करके अपनी प्रतिभा की झलक दिखाई, जिससे मौजूदा चैंपियन भारत ने रविवार को यहां एशियाई खेलों की पुरुष हॉकी प्रतियोगिता के पूल ए के अपने पहले मैच में इंडोनेशिया को 13-1 से हरा दिया। दिलप्रीत (18वें, 19वें, 37वें और 49वें मिनट) ने चार फील्ड गोल किए, जबकि शिलानंद लाकड़ा (6वें और 35वें मिनट) और सुखजीत सिंह (38वें और 48वें मिनट) ने दो-दो गोल दागे। गोल करने वाले अन्य भारतीय खिलाड़ियों में अभिषेक (12वें मिनट), राजिंदर सिंह (19वें मिनट), मनदीप सिंह (21वें मिनट), कप्तान हरमनप्रीत सिंह (28वें मिनट) और जुगराज सिंह (47वें मिनट) शामिल थे। इंडोनेशिया की तरफ से एकमात्र गोल औलिया अल अर्द्ध ने 33वें मिनट में किया। भारत मंगलवार को श्रीलंका के खिलाफ अपना अगला मैच खेलेगा। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा था कि भारतीय टीमें एशियाई खेलों में अपनी पारंपरिक नीली पोशाक पहनेंगी, लेकिन पुरुष और महिला दोनों टीमों ने केसरिया रंग की पोशाक ही पहनी, जिसे उन्होंने हाल ही में नीदरलैंड और बेल्जियम में हुए विश्व कप के दौरान पहली बार पहना था। भारत ने आक्रामक शुरुआत की। खेल के छठे मिनट में कप्तान हरमनप्रीत के ड्रैग फ्लिक को इंडोनेशिया के गोलकीपर आलम फजर ने बचा दिया लेकिन लाकड़ा ने रिबाउंड पर गोल कर दिया। भारत ने गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा और खेल के अधिकांश हिस्से में दबदबा कायम रखा। अभिषेक ने 12वें मिनट में शुरुआती शॉट को इंडोनेशियाई गोलकीपर द्वारा बचाए जाने के बाद रिबाउंड पर गोल करके बढ़त को दोगुना कर दिया। दिलप्रीत ने 18वें मिनट में अभिषेक की मदद से गोल दागकर स्कोर 3-0 कर दिया। इसके एक मिनट बाद दिलप्रीत ने सुखजीत सिंह के दूर वाले पोस्ट से दिए गए पास को गोल में बदला। कुछ ही सेकंड बाद राजिंदर ने सुखजीत की मदद से गोल करके स्कोरशीट में अपना नाम दर्ज कराया। इसके महज दो मिनट बाद मनदीप ने एक और फील्ड गोल दाग दिया। भारत ने इंडोनेशियाई रक्षापंक्ति पर दबाव बनाए रखा और 27वें मिनट में पेनल्टी हासिल की जब रिबाउंड पर स्कोर करने की कोशिश करते समय मनप्रीत सिंह को ‘डी’ के अंदर फाउल किया गया। लेकिन हरमनप्रीत का प्रयास इंडोनेशियाई गोलकीपर फजर ने नाकाम कर दिया। लेकिन हरमनप्रीत ने अगले ही मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को हाफ-टाइम तक 7-0 की बढ़त दिला दी। दूसरे हाफ के शुरू में इंडोनेशिया ने पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया जिसे अल अर्द्ध ने गोल में बदला। लेकिन भारत ने अपना दबदबा बरकरार रखा और राजिंदर से मिले सटीक पास पर शिलानंद ने अपना दूसरा गोल दागा। दिलप्रीत एक बार फिर सही समय पर सही जगह पर मौजूद थे। इंडोनेशिया के गोलकीपर के शुरुआती शॉट को रोके जाने के बाद उन्होंने गेंद को गोल में धकेलकर अपने नाम हैट्रिक दर्ज की। कुछ ही सेकंड बाद सुखजीत ने भी फील्ड गोल कर दिया। इसके बाद 47वें मिनट में जुगराज ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला और एक मिनट बाद ही सुखजीत ने अपना दूसरा फील्ड गोल किया। दिलप्रीत ने एक मिनट बाद अपना चौथा गोल दागकर भारत की बड़ी जीत सुनिश्चित की।
जापान के नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया है। एलावेनिल वलारिवन, सोनम म्हास्कर और विनोद विदर्सा की भारतीय टीम ने महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता। मेडल जीतने के बाद सोनम म्हास्कर ने अपनी खुशी जाहिर की और अपनी सफलता का श्रेय परिवार के साथ उन सभी लोगों को दिया, जिन्होंने उनके सफर में उनका साथ दिया। मेरे लिए और भारत के लिए गर्व का पल सोनम म्हास्कर ने कहा, सबसे पहले तो यह बहुत अच्छा लग रहा है। यह मेरे, मेरे परिवार और भारत के लिए गर्व का पल है। उन्होंने अपनी सफलता में साथ देने वाले प्रायोजकों, महासंघ, भारतीय खेल प्राधिकरण और अन्य लोगों का भी धन्यवाद किया। सोनम ने कहा, मैं अपने सभी प्रायोजकों, महासंघ, भारतीय खेल प्राधिकरण और उन सभी लोगों का धन्यवाद करना चाहती हूं, जिन्होंने यह पदक जीतने में मेरा साथ दिया। #WATCH | Aichi-Nagoya Asian Games 2026: On winning the Silver medal, Indian shooter Sonam Mhaskar says, First of all, it feels great. It is a proud moment for me, my family, and India. I want to thank everyone—my sponsors, the federation, SAI, and all those who supported me in… https://t.co/Hylvg015qE pic.twitter.com/VcSzRxrIWT — ANI (@ANI) September 20, 2026 इसे भी पढ़ें: 8 साल, कई हार, लेकिन फिर भी नहीं मानी हार... Asian Games 2026 में Vidarsa ने भारत के लिए जीता सिल्वर 2019 में कॉलेज से शुरू हुआ सफर सोनम ने बताया कि उन्होंने 2019 में कॉलेज के दौरान खेल की शुरुआत की थी। उस समय उनके कॉलेज में केवल चार खेलों का विकल्प था, राइफल शूटिंग, तीरंदाजी, मुक्केबाजी और जूडो। उन्होंने बताया कि वह मुक्केबाजी या जूडो में नहीं जाना चाहती थीं। इसके बाद उन्होंने कुछ दिनों तक तीरंदाजी आजमाई, लेकिन बाद में राइफल शूटिंग में उनकी रुचि बढ़ गई। सोनम ने कहा, मैंने कुछ दिनों तक तीरंदाजी आजमाई, लेकिन फिर मेरी रुचि राइफल शूटिंग में हो गई। मैंने इसमें जिला स्कूल खेल स्तर पर एक पदक भी जीता। इस सफलता के बाद उनका भरोसा बढ़ा और उन्हें लगा कि वह इस खेल में आगे कुछ हासिल कर सकती हैं। उन्होंने कहा, उस पदक से मेरी रुचि और बढ़ी और मुझे लगा कि मैं इस खेल में सच में कुछ हासिल कर सकती हूं। यहीं से मेरा सफर शुरू हुआ। इसे भी पढ़ें: Asian Games: Vidarsa Vinod ने 10m Air Rifle टीम स्पर्धा में जीता Silver Medal माता-पिता को समर्पित किया पदक सोनम ने एशियन गेम्स का सिल्वर मेडल अपने माता-पिता को समर्पित किया। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता ने मुश्किल हालात के बावजूद हमेशा उनका साथ दिया। उन्होंने कहा, मैं यह पदक अपने माता-पिता को समर्पित करना चाहती हूं, क्योंकि मुश्किलों के बावजूद उन्होंने मेरा बहुत साथ दिया। अगर उन्होंने मेरा साथ नहीं दिया होता, तो मुझे नहीं लगता कि मैं आज यहां होती।
8 साल, कई हार, लेकिन फिर भी नहीं मानी हार... Asian Games 2026 में Vidarsa ने भारत के लिए जीता सिल्वर
जापान के नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया है। एलावेनिल वलारिवन, सोनम म्हास्कर और विनोद विदर्सा की भारतीय टीम ने महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता। इस पदक के साथ भारतीय टीम ने एशियन गेम्स में अपने प्रदर्शन को और मजबूत किया है। 8 साल की मेहनत के बाद मिला पदक सिल्वर मेडल जीतने के बाद भारतीय निशानेबाज विदर्सा के. विनोद ने अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, सबसे पहले मैं बहुत खुश और आभारी हूं कि हमें यह पदक मिला। हमने यह पदक भारत और अपने देश के लिए जीता है, इसलिए मुझे बहुत गर्व है। विनोद ने बताया कि इस स्तर तक पहुंचने के लिए उन्हें करीब 8 साल का लंबा इंतजार और कड़ी मेहनत करनी पड़ी। उन्होंने कहा, यहां तक पहुंचने और इस स्तर पर मुकाबला करने में लगभग 8 साल लग गए। सफर बहुत मुश्किल था। मुझे बहुत सारे त्याग करने पड़े और कई असफलताओं का सामना करना पड़ा। #WATCH | Aichi-Nagoya Asian Games 2026: On winning the Silver medal, Indian shooter Vidarsa K Vinod says, First of all, I am so happy and so grateful that we have this medal. We got this medal for India, for our country, so I am so proud. It took almost 8 years to come here, to… https://t.co/Hylvg015qE pic.twitter.com/Aq2YygGbDK — ANI (@ANI) September 20, 2026 इसे भी पढ़ें: Asian Games: Vidarsa Vinod ने 10m Air Rifle टीम स्पर्धा में जीता Silver Medal हार के बाद भी नहीं मानी हार विनोद ने अपनी सफलता का श्रेय लगातार मेहनत और हार न मानने के जज्बे को दिया। उन्होंने कहा कि मुश्किलों के बावजूद उन्होंने कभी पीछे हटने का फैसला नहीं किया। उन्होंने कहा, सफर मेरे लिए बहुत कठिन था, लेकिन मैं हार मानने के लिए तैयार नहीं थी और इसी वजह से आज यहां हूं। इसे भी पढ़ें: Asian Games Table Tennis: भारतीय पुरुष और महिला टीम ने Indonesia को 3-0 से हराया कोच और परिवार को दिया पदक का श्रेय विनोद ने अपने पदक को सबसे पहले अपने कोच मनोज कुमार को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि उनकी सफलता के पीछे कोच की सबसे बड़ी भूमिका रही है। उन्होंने कहा, मैं अपना पदक सबसे पहले अपने कोच मनोज कुमार को समर्पित कर रही हूं। मेरी सफलता के पीछे सबसे अहम व्यक्ति वही हैं। इसके बाद उन्होंने अपने माता-पिता, परिवार, पति और भाई को भी अपनी सफलता का श्रेय दिया।
Asian Games: Vidarsa Vinod ने 10m Air Rifle टीम स्पर्धा में जीता Silver Medal
कुछ खिलाड़ियों के लिए एशियाई खेल पूरी तरह अलग दुनिया जैसे हो सकते हैं- बड़ी भीड़, बड़े नाम, अधिक उम्मीदें और महाद्वीपीय स्तर की प्रतियोगिता का दबाव लेकिन विदरसा विनोद के लिए यह महज एक और निशानेबाजी प्रतियोगिता थी। केरलम की इस निशानेबाज ने भले ही भारत की कुछ अन्य स्टार निशानेबाजों की तुलना में देर से एशियाई खेलों में कदम रखा और 27 साल की उम्र में महाद्वीपीय खेलों में पदार्पण किया लेकिन रविवार को उन्होंने दिखाया कि बड़े मंच की चमक में भी वह सहज रह सकती हैं। विदरसा ने इलावेनिल वलारिवन और सोनम उत्तम मस्कर के साथ मिलकर महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता। इसके साथ ही भारत ने आइची-नागोया एशियाई खेलों में निशानेबाजी अभियान की शुरुआत पदक के साथ की। खेलों में पहली बार हिस्सा ले रही विदरसा के लिए यह प्रभावशाली आगाज था। हालांकि, क्वालीफिकेशन में 12वें स्थान पर रहने के कारण वह व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि उन्हें इस बड़ी प्रतियोगिता का कोई अतिरिक्त दबाव महसूस नहीं हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा नहीं था कि मुझ पर बहुत उम्मीदें थीं या मैं सोच रही थी कि एशियाई खेल बहुत बड़ी प्रतियोगिता है। मुझे कुछ अलग महसूस नहीं हुआ। यह सामान्य प्रतियोगिता जैसी ही लगी, बस लोग अलग थे।’’ विदरसा ने कहा, ‘‘सिर्फ नाम एशियाई खेल है, बाकी सब कुछ वैसा ही लगा।’’ शायद यही सहजता उन्हें व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना पाने की निराशा से उबरने में मदद कर पाई। विदरसा ने माना कि क्वालीफिकेशन के दौरान कुछ समय के लिए उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं कह सकती हूं कि मैं थोड़ी निराश थी। दो सीरीज में मेरा प्रदर्शन थोड़ा खराब रहा। उन दोनों सीरीज में स्कोर काफी नीचे चला गया और मैं निराश थी।’’ लेकिन हार मानना उनके लिए विकल्प नहीं था। विदरसा ने कहा, ‘‘मैं खुश हूं क्योंकि मैं हार मानने के लिए तैयार नहीं थी।’’ निशानेबाजी में विदरसा का सफर भी संयोग से शुरू हुआ था। केरल के सेंट मैरी कॉलेज में पढ़ाई के दौरान वह एनसीसी कैडेट थीं और 2018 में उन्हें पहली बार निशानेबाजी आजमाने का मौका मिला। उन्होंने याद करते हुए कहा, ‘‘यहीं से मैंने निशानेबाजी शुरू की।’’ एक साल बाद उन्हें विश्वास होने लगा कि यह खेल उन्हें आगे ले जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘फिर 2019 में मुझे महसूस हुआ कि निशानेबाजी के लिए मेरे अंदर प्रतिभा है। मैंने पेशेवर तौर पर निशानेबाजी शुरू की।’’ हालांकि उनका आगे बढ़ना रातोंरात नहीं हुआ। वह प्रशिक्षण के लिए 2022 में दिल्ली गईं और 2025 में कजाखस्तान में एशियाई चैंपियनशिप में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया जहां उन्होंने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय पदक जीता। इसके बाद उन्होंने लगातार खुद को स्थापित किया और केवल रैंकिंग अंक (आरपीओ) के लिए खेलने वाली निशानेबाज के तौर पर क्वालीफिकेशन में सर्वाधिक स्कोर भी बनाया। अंतरराष्ट्रीय करियर के बमुश्किल एक साल बाद विदरसा ने अब अपने पदकों की सूची में एशियाई खेलों का पदक भी जोड़ लिया है। उनकी उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि 10 मीटर एयर राइफल उनके लिए अभी अपेक्षाकृत नई स्पर्धा है। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने 10 मीटर एयर राइफल का प्रशिक्षण केवल दो महीने पहले शुरू किया। इस 10 मीटर राइफल के साथ मेरी पहली प्रतियोगिता हाल में चीन में विश्व कप थी।’’ हालांकि उनकी मुख्य स्पर्धा 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन है जिसमें उन्हें कहीं अधिक अनुभव है। उन्होंने कहा, ‘‘थ्री पोजीशन मेरी मुख्य स्पर्धा है। इसलिए मुझे प्रतियोगिता को लेकर कोई संदेह नहीं है। मैं इसके लिए पूरी तरह तैयार हूं।’’ विदरसा ने एशियाई खेलों से पहले 10 मीटर की ट्रेनिंग को प्राथमिकता दी थी और 50 मीटर राइफल के साथ ज्यादा अभ्यास नहीं किया था। उन्होंने कहा, ‘‘मैं कल से प्रशिक्षण शुरू करूंगी। कोई घबराहट नहीं है, कुछ नहीं। मेरे लिए 50 मीटर करना ज्यादा आसान है। सभी पोजीशन और बाकी चीजें व्यवस्थित हैं क्योंकि इस नई राइफल का इस्तेमाल करते हुए मुझे लगभग एक साल हो गया है।’’ विदरसा के लिए एशियाई खेलों का अनुभव बड़े लक्ष्य की की दिशा में एक और कदम है जो ओलंपिक क्वालीफिकेशन चक्र है। विश्व चैंपियनशिप में दुनिया के शीर्ष निशानेबाजों के खिलाफ खुद को परखने का एक और मौका मिलेगा और वह नागोया से मिली सीख को आगे ले जाने की योजना बना रही हैं।
Asian Games Table Tennis: भारतीय पुरुष और महिला टीम ने Indonesia को 3-0 से हराया
भारत की पुरुष और महिला टीम ने रविवार को यहां आइची-नागोया एशियाई खेलों की टेबल टेनिस प्रतियोगिता में अपने अभियान की शुरुआत अपने-अपने ग्रुप एफ मुकाबलों में इंडोनेशिया पर 3-0 की समान जीत के साथ की। महिला टीम के लिए श्रीजा अकुला, दीया चितले और यशस्विनी घोरपड़े ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। श्रीजा ने पहले मैच में नी महारानी को 3-1 से हराकर भारत को बढ़त दिलाई। श्रीजा ने पहला गेम जीतने के बाद दूसरा गेम 8-11 से गंवाया लेकिन इसके बाद वापसी करते हुए अगले दोनों गेम 11-4, 11-4 से जीत लिए। दीया चितले ने इसके बाद अल्माइरा नेबुचदनेज्जर को 3-0 से हराकर भारत की बढ़त दोगुनी कर दी। दीया ने 11-9, 11-8, 11-5 से जीत दर्ज की और भारत को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। यशस्विनी घोरपड़े ने तीसरे मैच में चित्रा रस्मी को 3-0 से हराकर भारत की जीत सुनिश्चित की। यशस्विनी ने 12-10, 11-4, 11-4 से जीत दर्ज की। पुरुष टीम ने भी 3-0 की शानदार जीत दर्ज की। हालांकि दूसरे मुकाबले में उसे कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। जी साथियान ने मुहम्मद नेगारा को 11-8, 11-7, 11-9 से हराकर भारत को बढ़त दिलाई। इसके बाद मानव ठक्कर ने मुहम्मद जुनिंद्रा के खिलाफ पांच गेम तक चले मुकाबले में 3-2 से जीत दर्ज की। मानव ने पहला गेम 11-7 से जीता लेकिन दूसरा गेम 8-11 से गंवा दिया। उन्होंने तीसरा गेम 11-6 से जीतकर फिर बढ़त हासिल की। जुनिंद्रा ने चौथा गेम 11-6 से जीतकर मुकाबला निर्णायक गेम तक पहुंचाया लेकिन मानव ने धैर्य बनाए रखते हुए पांचवां गेम 11-9 से जीत लिया। मानुष शाह ने इसके बाद अफान प्रतामा को 11-9, 11-9, 12-10 से हराकर पुरुष टीम को जीत दिलाई। महिला ग्रुप एफ में भारत के साथ इंडोनेशिया, पाकिस्तान और सिंगापुर हैं। पुरुष टीम को ईरान, पाकिस्तान और इंडोनेशिया के साथ ग्रुप एफ में रखा गया है।
शेफाली वर्मा के नाबाद शतक के दम पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बांग्लादेश को हराकर एशियाई खेलों के फाइनल में प्रवेश किया, जहां मुकाबला श्रीलंका से होगा।
Suchika Tariyal ने Asian Games MMA के सेमीफाइनल में बनाई जगह, पदक किया पक्का
सुचिका तारियाल जब 12 साल की थी तब छेड़छाड़ की एक घटना ने उनको व्यथित कर दिया और उन्होंने उसी समय प्रण लिया कि उन्हें लड़ना सीखना होगा। इस घटना के 24 साल बाद इस 36 वर्षीय खिलाड़ी ने हरियाणा के जूडो मैट से एशियाई खेलों के पोडियम तक सफर तय किया। उन्होंने रविवार को यहां मंगोलिया की अल्तांचिमेग बैगलमा को 2-0 से हराकर महिलाओं के पारंपरिक मिक्स्ड मार्शल आर्ट (एमएमए) के 60 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में प्रवेश करके भारत के लिए पदक पक्का किया। नागोया सिटी इनाए स्पोर्ट्स सेंटर में सोमवार को होने वाले सेमीफाइनल मुकाबले में सुचिका स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश करेगी। इस प्रतियोगिता में अंतिम चार में पहुंचने पर पदक पक्का हो जाता है। सेमीफाइनल में हारने वाली दोनों खिलाड़ियों को कांस्य पदक मिलता है। सुचिका ने कहा, ‘‘देश के लिए एक पदक पक्का करना बहुत बड़ी बात है। अब मैं स्वर्ण पदक हासिल करने के लिए किसी तरह की कसर नहीं छोडूंगी।’’महिला पारंपरिक एमएमए 60 किलोग्राम वर्ग में स्ट्राइकिंग, टेकडाउन, ग्रैपलिंग और ग्राउंड फाइटिंग का संयोजन होता है, जिसमें अंडर-60 किलोग्राम वर्ग के खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करते हैं। एमएमए को पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया है। सुचिका जूडो, जिउ-जित्सु और एमएमए जैसे खेलों की अनुभवी खिलाड़ी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘बचपन से ही मेरा सपना था कि मैं ऐसा खेल सीखूं जिसमें लड़ना पड़े, इसलिए मैंने जूडो को चुना। उसी सफर ने मुझे यहां तक पहुंचाया है। यह अगले स्तर पर जाने के लिए आधार को मजबूत करने जैसा है, और जूडो ने इसमें मेरी बहुत मदद की है।’’उनका यह सफर हरियाणा के रोहतक से शुरू हुआ जहां वह एक साधारण और रूढ़िवादी परिवार में पली-बढ़ीं। जब वह 12 साल की थी तब छेड़छाड़ की एक घटना ने उन्हें झकझोर दिया और उन्होंने आत्मरक्षा के लिए जूडो सीखना शुरू किया। उन्होंने सबसे पहले जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में और बाद में पालम के दादा देव मंदिर केंद्र में प्रशिक्षण लिया जिसके बाद उन्होंने भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) भोपाल में अपने कौशल को निखारा। सुचिका ने इसके बाद जूडो में प्रभावशाली करियर बनाया। उन्होंने 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया और आठ बार राष्ट्रीय चैंपियन बनी। उन्होंने 2019 राष्ट्रमंडल जूडो चैंपियनशिप और 2019 दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता। सुचिका ने इसके अलावा 2018 राष्ट्रमंडल जूडो चैंपियनशिप में रजत पदक भी जीता। सुचिका ने जिउ-जित्सु में भी हाथ आजमाए और इस खेल में भी अपनी विशेष छाप छोड़ी। उन्होंने 2024 जेजेआईएफ जिउ-जित्सु विश्व चैंपियनशिप में महिलाओं के 63 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। एमएमए में उनका सफर काफी पहले 2017 में शुरू हो गया था, लेकिन उसके बाद उन्होंने सात साल का ब्रेक लिया और इस दौरान जूडो और जिउ-जित्सु में प्रतिस्पर्धा करना जारी रखा। उन्होंने 2024 में पेशेवर एमएमए में वापसी की और महिला स्ट्रॉवेट डिवीजन में ब्रेव कॉम्बैट फेडरेशन के साथ कई मुकाबलों का अनुबंध किया। उन्होंने दिसंबर 2024 में बहरीन में ब्रेव सीएफ 92 में जीत हासिल की। एमएमए में कदम रखना उनके लिए एक चुनौती भरा सफर रहा है। उन्होंने पहले और दूसरे एमएमए-एसएफआई राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता और उसके बाद जनवरी और मई 2026 में तीसरे और चौथे एशियाई मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल किए। एशियाई खेलों की तैयारी के लिए उन्होंने मुंबई में कोच निखिल और सुशोभन के मार्गदर्शन में छह सप्ताह के शिविर में भाग लिया। उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं मुंबई के ट्रैफिक में फंस जाती थी तो मेरे कोच मेरा इंतज़ार करते थे ताकि मैं आकर अपना प्रशिक्षण पूरा कर सकूं। वे मुझ पर पूरा ध्यान देते थे और मेरी तकनीक को निखारने में लगे रहते थे।’’सुचिका ने कहा, ‘‘यहां तक पहुंचने में मुझे बहुत समय लगा। इसमें बहुत मेहनत लगी। पहले जूडो, फिर अन्य खेल और अब एमएमए। यह एक नया खेल है, बिल्कुल नया मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स।
टीम इंडिया Women's Asian Games 2026 Final में पहुंची, गोल्ड मेडल के लिए श्रीलंका से होगी टक्कर
India Women vs Bangladesh Women, 2nd Semi Final Women's Asian Games 2026: शेफाली वर्मा (Shafali Verma) के तूफानी शतक और गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रविवार (20 सितंबर) को निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए महिला एशियन गेम्स 2026 के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में बांग्लादेश को 114 रनों के विशाल अंतर से हराकर फाइनल में एंट्री कर ली है। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम का मेडल पक्का हो गया है और गोल्ड के लिए फाइनल में उसकी भिड़त श्रीलंका से होगी 22 सितंबर को होगी। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 195 रन का विशाल स्कोर बनाया। ओपनिंग बैटर ने 49 गेंदों में नाबाद 100 रन की तूफानी पारी खेली, जिसमें 3 चौके और 9 छक्के जड़े। जिसके चलते वह एशियन गेम्स में शतक लगानी वाली पहली क्रिकेटर बनीं। उनके अलावा कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 33 गेंदों में 40 रन और स्मृति मंधाना ने 19 गेंदों में 37 रन बनाए। इस दौरान मंधाना ने महिला टी-20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। बांग्लादेश के लिए मारूफ़ा अख्तर, शांजिदा एक्टर मेघला, राबेया खान, नाहिदा अख्तर ने 1-1 विकेट हासिल किया। A dominant -run victory for #TeamIndia They are all set to face Sri Lanka next in the Gold Medal match Scorecard https://t.co/zMJKYRAVhE #AsianGames pic.twitter.com/ZIi2hTFv3A — BCCI Women (@BCCIWomen) September 20, 2026 जवाब में बांग्लादेश की टीम 15.4 ओवरों में 81 रनों पर ढेर हो गई। ओपनिंग बैटर दिलारा अख्तर ने 23 गेंदों में 27 रन बनाए, लेकिन उनके अलावा कोई और बैटर क्रीज पर नहीं टिकी। टीम की 9 खिलाड़ी दहाईं के आंकड़े तक नहीं पहुंच सकीं। Also Read: LIVE Cricket Score भारत के लिए शानदार गेंदबाजी करते हुए दीप्ति शर्मा और नंदनी शर्मा ने 3-3 विकेट, श्री चरणी ने 2 विकेट, क्रांति गौड़ और श्रेयंका पाटिल ने 1-1 विकेट अपने खाते में डाला।
Shafali Verma Record: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार सलामी बल्लेबाज़ शेफाली वर्मा (Shafali Verma) ने रविवार, 20 सितंबर को विमेंस एशियन गेम्स (Women's Asian Games 2026) के सेमीफाइनल में बांग्लादेश (IND-W vs BAN-W) के खिलाफ शतकीय पारी खेलकर इतिहास रचा। 22 साल की शेफाली ने 49 गेंदों पर 3 चौके 9 छक्के लगाकर नाबाद 100 रन बनाए और एक साथ तीन खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए। उन्होंने स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) और हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) जैसी दिग्गजों के रिकॉर्ड की भी बराबरी की है। शेफाली वर्मा ने निस्सिन के कोरोना स्पोर्ट्स पार्क स्टेडियम में बांग्लादेशी गेंदबाज़ों की जमकर कुटाई की और 49 गेंदों पर शतक ठोक दिया। खास बात ये है कि शेफाली का ये शतक भारतीय महिला टीम के लिए टी20 फॉर्मेट में सबसे तेज शतक है। उन्होंने हरमनप्रीत कौर की बराबरी की है। हरमन ने साल 2018 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 49 गेंदों पर शतक लगाने का कारनामा किया था। T20I में IND-W के लिए सबसे तेज शतक 49 रन* – शेफाली वर्मा (IND-W) बनाम बांग्लादेश महिला टीम, निस्शिन, 2026 49 रन – हरमनप्रीत कौर (IND-W) बनाम न्यूजीलैंड महिला टीम, प्रोविडेंस, 2018 बताते चलें कि शेफाली वर्मा भारतीय महिला टीम के लिए टी20 इंटरनेशनल में सेंचुरी बनाने वाली सिर्फ तीसरी खिलाड़ी भी बन गईं हैं। उनसे पहले कैप्टन हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना ही ये कारनामा कर पाईं थीं। T20I में IND-W के लिए शतक 124 रन – स्मृति मंधाना बनाम हांगकांग महिला टीम, दुबई, 2026 112 रन – स्मृति मंधाना बनाम इंग्लैंड महिला टीम, ट्रेंट ब्रिज, 2025 103 रन – हरमनप्रीत कौर बनाम न्यूजीलैंड महिला टीम, प्रोविडेंस, 2018 100 रन* – शेफाली वर्मा बनाम बांग्लादेश महिला टीम, निस्शिन, 2026 इतना ही नहीं, ये भी जान लीजिए कि शेफाली वर्मा विमेंस टी20 इंटरनेशनल में एक फुल मेंबर टीम की खिलाड़ी के तौर पर हरमनप्रीत कौर की बराबरी करकेसंयुक्त रूप से सबसे तेज शतक लगाने की रिकॉर्ड लिस्ट में चौथे पायदान पर काबिज हो गई हैं। इस लिस्ट में नंबर-1 की पॉजिशन पर वेस्टइंडीज की डिएंड्रा डॉटिन हैं, जिन्होंने साल 2010 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 38 गेंदों पर शतक लगाया था। महिला T20I में सबसे तेज शतक (गेंदों के हिसाब से) 38 गेंद – डियांड्रा डॉटिन (WI-W) बनाम साउथ अफ्रीका महिला टीम, सेंट किट्स, 2010 46 गेंद – एलिसा हीली (AUS-W) बनाम श्रीलंका महिला टीम, नॉर्थ सिडनी, 2019 47 गेंद – टैमी ब्यूमोंट (ENG-W) बनाम साउथ अफ्रीका महिला टीम, टॉन्टन, 2018 47 गेंद – लौरा वोलवार्ड (SA-W) बनाम भारत महिला टीम, जोहान्सबर्ग, 2026 47 गेंद – आयशा जफर (PAK-W) बनाम जिम्बाब्वे महिला टीम, कराची, 2026 49 गेंद – शेफाली वर्मा (IND-W) बनाम बांग्लादेश महिला टीम, निस्शिन, 2026 49 गेंद – हरमनप्रीत कौर (IND-W) बनाम न्यूजीलैंड महिला टीम, प्रोविडेंस, 2018 Also Read: LIVE Cricket Score गौरतलब है कि शेफाली वर्मा विमेंस इंडियन टी20 टीम के लिए एक कलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा 50 प्लस स्कोर बनाने वाली खिलाड़ियों की लिस्ट में भी टॉप पर पहुंच गईं हैं। उन्होंने साल 2026 में आठवीं बार ये कारनामा किया और स्मृति मंधाना की बराबरी की। स्मृति ने साल 2024 में IND-W के लिए टी20 में 8 पचास प्लस स्कोर बनाए थे।
Asian Games 2026: एशियाई खेलों में भारत को दूसरा मेडल, शूटिंग क्वीन इलावेनिल वलारिवन ने जीता सिल्वर
Asian Games 2026: एशियाई खेलों में भारत के खाते में दूसरा मेडल आ गया है। 2019 वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की इलावेनिल वलारिवन (252.4) ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीत लिया है। इससे पहले दिन में उन्होंने टीम इवेंट में भी सिल्वर मेडल जीता था। एशियाई खेलों में भारत का यह दूसरा मेडल है। इलावेनिल वलारिवन ने एशियाई खेलों में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफलइवेंट में सिल्वर मेडल जीता है। 2025 वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली एलावेनिल ने फाइनल में 252.4 पॉइंट हासिल किए।जापान की हिनाता ने जीता गोल्डजापान की हिनाता ताइची (253.0) ने गोल्ड मेडल हासिल किया। जबकि दक्षिण कोरिया की ह्योजिन बान (230.4) ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। वहीं, सोनम उत्तम मस्कर (167.0) फाइनल में छठे स्थान पर रहीं।इससे पहले, भारत की सोनम उत्तम मस्कर, एलावेनिल वलारिवन और विदरसा विनोद ने रविवार को महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में पहला सिल्वर मेडलजीतकर निशानेबाजी में देश के अभियान की शानदार शुरुआत की।भारतीय तिकड़ीका शानदार प्रदर्शनभारतीय तिकड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1898.0 के कुल स्कोर के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। चीन की टीम ने 1904.2 अंकों के साथ क्वालीफाइंग में नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। चीन ने पिछले साल अगस्त में शिमकेंट में एशियाई चैंपियनशिप में बनाए गए अपने ही 1902.0 के पिछले रिकॉर्ड को बेहतर किया।भारत और जापान के बीच रजत पदक के लिए कड़ा मुकाबला हुआ। लेकिन आखिर में भारतीय खिलाड़ियों ने संयम बनाए रखते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। जापान 1897.1 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा, जो भारत से केवल 0.9 अंक कम रहा। टीम पदक तीनों निशानेबाजों के क्वालीफाइंग स्कोर के आधार पर तय किए जाते हैं और कुल स्कोर अंतिम रैंकिंग निर्धारित करता है।क्वालीफाइंग राउंड में तीसरे स्थान पर रहीं सोनम ने 634.1 के प्रभावशाली स्कोर के साथ भारत की तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। अपने तीसरे एशियाई खेलों में भाग ले रही ओलंपियन एलावेनिल ने 633.5 का स्कोर बनाकर सातवां, जबकि एशियाई खेलों में पदार्पण कर रही विदरसा ने 630.4 का स्कोर बनाकर 12वां स्थान हासिल किया।विदरसा गोल्ड से चुकींविदरसा व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं। लेकिन भारत को रजत पदक दिलाने में उनका योगदान महत्वपूर्ण साबित हुआ। विदरसा ने कहा, ‘‘यह एक बड़ी उपलब्धि है। यह निराशाजनक है कि मैं फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी, लेकिन टीम स्पर्धा के रजत पदक ने हमें अच्छी शुरुआत दी है।’’विदरसा का प्रदर्शन इसलिए भी अधिक सराहनीय है क्योंकि उन्होंने केवल दो महीने पहले ही 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में भाग लेना शुरू किया था। उनकी मुख्य स्पर्धा 50 मीटर राइफल 3-पोजिशन स्पर्धा है। उन्होंने कहा, मुझे पूरा भरोसा है कि मैं 50 मीटर 3-पोजिशनइवेंट में मैं बेहतर प्रदर्शन करूंगी। यह मेरी मुख्य स्पर्धा है। सोनम और एलावेनिल ने व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाई। वह दिन में बाद में होने वाले आठ महिलाओं के व्यक्तिगत फाइनल में दोहरी सफलता हासिल करने की कोशिश करेंगी।चीन का ऐतिहासिक प्रदर्शनइस बीच चीन ने इस खेल में अपनी मजबूती का परिचय दिया। जूनियर विश्व चैंपियन वांग जिफेई ने शानदार 638.8 अंकों के साथ क्वालीफाइंग राउंड में शीर्ष स्थान हासिल करके नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया। हान जियान ने भी 633.8 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहकर फाइनल में जगह बनाई।ये भी पढ़ें- Asian Games 2026: सुचिका तरियाल ने वर्ल्ड चैंपियन को दी मात, एशियन गेम्स में भारत का पहला MMA मेडल किया पक्काचीन के तीन निशानेबाज फाइनल के लिए क्वालीफाई करने की स्थिति में थे। लेकिन प्रत्येक देश से केवल दो खिलाड़ी ही व्यक्तिगत पदक दौर में जगह बना सकते हैं। भारतीय महिला तिकड़ी का रजत पदक 20वें एशियाई खेलों में भारत का पहला पुष्ट पदक है। Aichi-Nagoya Asian Games 2026 | Elavenil Valarivan clinches Silver in the Women’s 10m Air Rifle Individual Final at the Asian Games.This is the second medal for India in the Asian Games. pic.twitter.com/7NT1o2O8Ag— ANI (@ANI) September 20, 2026 एमएमए फाइटर सुचिका तारियाल महिलाओं के पारंपरिक एमएमए 60 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्का करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी थी। भारत के निशानेबाजों ने हांगझोउ एशियाई खेलों में रिकॉर्ड 22 पदक (सात स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य) जीते थे और अब यह रजत पदक भारत के निशानेबाजी अभियान के लिए एक उत्साहजनक शुरुआत है।
नागोया, 20 सितंबर . एशियाई खेलों में India की महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम के सिल्वर मेडल जीतने के बाद शूटिंग हाई परफॉर्मेंस मैनेजर रौनक पंडित ने से बातचीत करते हुए प्रतिक्रिया दी है. से बातचीत करते हुए भारतीय शूटिंग के हाई परफॉर्मेंस मैनेजर रौनक पंडित ने कहा, “यह परफॉर्मेंस संतोषजनक है, मुझे लगता ... Read more
नागोया, 20 सितंबर (आईएएनएस)। एशियाई खेलों में भारत की महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम के सिल्वर मेडल जीतने के बाद शूटिंग हाई परफॉर्मेंस मैनेजर रौनक पंडित ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए प्रतिक्रिया दी है।
Asian Games Shooting: सोनम, एलावेनिल और विदरसा की तिकड़ी ने 10m एयर राइफल में जीता सिल्वर मेडल
(अजय मसंद)नागोया, 20 सितंबर भारत की सोनम उत्तम मस्कर, एलावेनिल वलारिवन और विदरसा विनोद ने रविवार को यहां महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतकर निशानेबाजी में देश के अभियान की शानदार शुरुआत की। भारतीय तिकड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1898.0 के कुल स्कोर के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। चीन की टीम ने 1904.2 अंकों के साथ क्वालीफाइंग में नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। चीन ने पिछले साल अगस्त में शिमकेंट में एशियाई चैंपियनशिप में बनाए गए अपने ही 1902.0 के पिछले रिकॉर्ड को बेहतर किया। भारत और जापान के बीच रजत पदक के लिए कड़ा मुकाबला हुआ लेकिन आखिर में भारतीय खिलाड़ियों ने संयम बनाए रखते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। जापान 1897.1 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा, जो भारत से केवल 0.9 अंक कम रहा। टीम पदक तीनों निशानेबाजों के क्वालीफाइंग स्कोर के आधार पर तय किए जाते हैं और कुल स्कोर अंतिम रैंकिंग निर्धारित करता है। क्वालीफाइंग राउंड में तीसरे स्थान पर रहीं सोनम ने 634.1 के प्रभावशाली स्कोर के साथ भारत की तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। अपने तीसरे एशियाई खेलों में भाग ले रही ओलंपियन एलावेनिल ने 633.5 का स्कोर बनाकर सातवां, जबकि एशियाई खेलों में पदार्पण कर रही विदरसा ने 630.4 का स्कोर बनाकर 12वां स्थान हासिल किया। विदरसा व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं, लेकिन भारत को रजत पदक दिलाने में उनका योगदान महत्वपूर्ण साबित हुआ। विदरसा ने कहा, ‘‘यह एक बड़ी उपलब्धि है। यह निराशाजनक है कि मैं फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी, लेकिन टीम स्पर्धा के रजत पदक ने हमें अच्छी शुरुआत दी है।’’विदरसा का प्रदर्शन इसलिए भी अधिक सराहनीय है क्योंकि उन्होंने केवल दो महीने पहले ही 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में भाग लेना शुरू किया था। उनकी मुख्य स्पर्धा 50 मीटर राइफल 3-पोजिशन स्पर्धा है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरा भरोसा है कि मैं 50 मीटर 3-पोजिशन स्पर्धा में मैं बेहतर प्रदर्शन करूंगी। यह मेरी मुख्य स्पर्धा है।‘‘सोनम और एलावेनिल ने व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाई। वह दिन में बाद में होने वाले आठ महिलाओं के व्यक्तिगत फाइनल में दोहरी सफलता हासिल करने की कोशिश करेंगी। इस बीच चीन ने इस खेल में अपनी मजबूती का परिचय दिया। जूनियर विश्व चैंपियन वांग ज़िफेई ने शानदार 638.8 अंकों के साथ क्वालीफाइंग राउंड में शीर्ष स्थान हासिल करके नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया। हान जियान ने भी 633.8 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहकर फाइनल में जगह बनाई। चीन के तीन निशानेबाज फाइनल के लिए क्वालीफाई करने की स्थिति में थे, लेकिन प्रत्येक देश से केवल दो खिलाड़ी ही व्यक्तिगत पदक दौर में जगह बना सकते हैं। भारतीय महिला तिकड़ी का रजत पदक 20वें एशियाई खेलों में भारत का पहला पुष्ट पदक है। एमएमए फाइटर सुचिका तारियाल महिलाओं के पारंपरिक एमएमए 60 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्का करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी थी। भारत के निशानेबाजों ने हांगझोउ एशियाई खेलों में रिकॉर्ड 22 पदक (सात स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य) जीते थे और अब यह रजत पदक भारत के निशानेबाजी अभियान के लिए एक उत्साहजनक शुरुआत है।
एशियाई खेलों में भारतीय महिला हॉकी टीम का दबदबा, Deepika के 8 गोल से उज्बेकिस्तान को 19-0 से हराया
दीपिका ने शानदार खेल का नमूना पेश करते हुए आठ गोल दागे, जिससे भारतीय महिला हॉकी टीम ने रविवार को यहां एशियाई खेलों के पूल बी में अपने पहले मैच में कमजोर उज्बेकिस्तान को 19-0 से करारी शिकस्त दी। यह एकतरफा मुकाबला होने की उम्मीद थी और ठीक वैसा ही हुआ क्योंकि उज्बेकिस्तान की रक्षापंक्ति भारत के लगातार हमलों का कोई जवाब नहीं दे पाई। दोनों टीमों के बीच का अंतर मैदान पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था क्योंकि शुरुआत से ही भारत ने गोल वर्षा शुरू कर दी थी। भारत के लिए दीपिका (8वें, 22वें, 25वें, 33वें, 36वें, 38वें, 41वें, 54वें मिनट) ने गोल की झड़ी लगा दी, जबकि लालरेम्सियामी (7वें), इशिका (11वें, 42वें, 54वें), बलजीत कौर (12वें), नेहा (18वें), नवनीत कौर (23वें, 45वें), लथंतलुआंगी (43वें, 51वें) और साक्षी राणा (43वें) ने भी गोल किए। भारत सोमवार को अपने अगले मैच में इंडोनेशिया से भिड़ेगा। प्रतियोगिता में दूसरी सबसे ऊंची रैंकिंग वाली टीम भारत ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाते हुए पहले हाफ में ही आठ गोल दाग दिए। यह मैच पूरी तरह से एकतरफा मुकाबला था और दोनों टीमों के बीच कौशल का स्तर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था। इसकी शुरुआत तब हुई जब लालरेम्सियामी ने करीब से एक फील्ड गोल किया। दीपिका ने इसके एक मिनट बाद ही बढ़त को दोगुना कर दिया। इसके बाद सुनेलिता टोप्पो के पास पर इशिका ने सर्कल के बाईं ओर से शानदार गोल दाग दिया। एक मिनट बाद बलजीत ने स्कोर 4-0 कर दिया, जिसके बाद नेहा ने एक और फील्ड गोल करके स्कोरशीट में अपना नाम दर्ज कराया। इसके बाद दीपिका ने पेनल्टी कॉर्नर से मिले मौके पर जोरदार ड्रैगफ्लिक शॉट लगाकर अपना दूसरा गोल किया और स्कोर 6-0 कर दिया। नवनीत ने भी फील्ड गोल करके स्कोरशीट में अपना नाम दर्ज कराया, जिसके बाद दीपिका ने एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को पहले हाफ में 8-0 की बढ़त दिला दी। उज्बेकिस्तान के लिए स्थिति बद से बदतर हो गई क्योंकि भारतीय टीम ने आखिरी दो क्वार्टर में 11 गोल दाग दिए। अनुभवी भारतीय गोलकीपर सविता पूनिया ने अपना 320वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेला और वह वंदना कटारिया के साथ संयुक्त रूप से सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गईं। सविता को हालांकि खेल में दखल देने की खास जरूरत नहीं पड़ी क्योंकि उज़्बेकिस्तान की टीम गेंद पर कब्जा रखने के लिए संघर्ष कर रही थी।
Asian Games 2026: 10m Air Rifle टीम स्पर्धा में भारत ने जीता रजत पदक
भारत ने रविवार को यहां महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतकर आइची-नागोया एशियाई खेलों में अपने निशानेबाजी अभियान की शानदार शुरुआत की। एलावेनिल वलारिवन, सोनम मस्कर और विदरसा विनोद की भारतीय तिकड़ी ने संयुक्त रूप से 1898.0 अंक हासिल किए और चीन के बाद दूसरे स्थान पर रही। चीन की टीम ने 1904.2 के विश्व-रिकॉर्ड स्कोर के साथ तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। मेजबान जापान 1897.1 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। यह आइची-नागोया में 20वें एशियाई खेलों में भारत का पहला पुष्ट पदक है। एमएमए फाइटर सुचिका तारियाल महिलाओं के पारंपरिक एमएमए 60 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्का करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी थी। सोनम 634.1 अंकों के साथ भारत की शीर्ष स्कोरर रहीं। उनके बाद एलावेनिल 633.5 अंकों के साथ और विदरसा 630.4 अंकों के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं। एलावेनिल और सोनम ने व्यक्तिगत फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। वह दिन में बाद में होने वाले आठ महिलाओं के व्यक्तिगत फाइनल में दोहरी सफलता हासिल करने की कोशिश करेंगी। हांगझोऊ एशियाई खेलों में भारत के निशानेबाजों ने रिकॉर्ड 22 पदक (सात स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य) जीते थे और अब यह रजत पदक भारत के निशानेबाजी अभियान के लिए एक उत्साहजनक शुरुआत है।
कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए एशियन गेम्स 2026 के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में श्रीलंका महिला क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान को 8 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बना ली। श्रीलंकी कप्तान चमारी अथापट्टू जीत की हीरो रहीं। श्रीलंका ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया था। पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान ने 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 177 रन बनाए थे। पाकिस्तान के लिए सलामी बल्लेबाज शावाल जुल्फिकार ने 50 गेंदों पर 2 छक्कों और 3 चौकों की मदद से 54 रन की पारी खेली। चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरी आयशा जफर ने तूफानी अर्धशतक लगाया। आयशा 40 गेंदों पर 2 छक्कों और 9 चौकों की मदद से 71 रन बनाकर रन आउट हुईं। आयशा के रन आउट होने से पाकिस्तान का निश्चित रूप से कुछ रन पीछे रह गया। कप्तान फातिमा सना ने 12 गेंदों पर नाबाद 20 और सायरा जबीन ने 14 गेंदों पर 17 रन बनाए थे। श्रीलंका के लिए सुगंदिका कुमारी, कप्तान अथापट्टू और काव्या काविंदी ने 1-1 विकेट लिए। श्रीलंका ने 178 रन का लक्ष्य 17.5 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया और 8 विकेट से जीत दर्ज करते हुए फाइनल में जगह बनाई। श्रीलंका को इमेशा दुलानी और कप्तान चमारी अथापट्टू ने मजबूत शुरुआत दी। दोनों ने पहले विकेट के लिए 4.4 ओवर में 36 रन जोड़े। दुलानी 21 गेंदों पर 27 रन बनाकर आउट हुईं। चमारी ने दूसरे विकेट के लिए हसीनी परेरा के साथ 95 रन की साझेदारी की। इस साझेदारी ने ही पाकिस्तान की जीत की मंसूबों पर पारी फेर दी। 131 के स्कोर पर परेरा 42 रन बनाकर आउट हुईं। 26 गेंदों की पारी में परेरा ने 3 चौके और 3 छक्के लगाए। कप्तान चमारी ने एक छोड़ संभाले रखा और 50 गेंदों पर 6 छक्कों और 7 चौकों की मदद से नाबाद 83 रन बनाकर टीम को जीत दिला दी। उनके साथ हर्षिता 17 रन बनाकर नाबाद रहीं। श्रीलंका के लिए सुगंदिका कुमारी, कप्तान अथापट्टू और काव्या काविंदी ने 1-1 विकेट लिए। Also Read: LIVE Cricket Score श्रीलंका का फाइनल मुकाबला भारत या बांग्लादेश के बीच होने वाले फाइनल के विजेता से होगा। Article Source: IANS
Asian games 2026 Live Updates: एशियन गेम्स में भारतीय एथलीट 20 सितंबर को कई अलग-अलग इवेंट्स में एक्शन में हैं, जिसमें महिला हॉकी टीम ने काफी अच्छी शुरुआत की है।
Asian Games Teqball में चूकीं Quimcy Dsouza, एकल और मिश्रित युगल दोनों में कांस्य गंवाया
भारत की क्विम्सी डिसूजा को रविवार को यहां एशियाई खेलों की टेकबॉल प्रतियोगिता में दोहरा झटका लगा जब वह महिला एकल में कांस्य पदक से चूक गईं और कुछ ही मिनटों बाद मोहम्मद अनस बेग के साथ मिश्रित युगल में तीसरे स्थान के मुकाबले में भी हार गईं। क्विम्सी ने महिला एकल के कांस्य पदक के मैच में कड़ी चुनौती पेश की लेकिन आखिर में वह स्थानीय खिलाड़ी युइना सकामोटो से 0-2 (11-12 11-12) से हार गईं। इसके बाद मिश्रित युगल मुकाबले में भारतीय जोड़ी को वियतनाम के होआंग मिन्ह टैन गुयेन और जिया न्गिह ट्रिन्ह से 0-2 (9-12 6-12) से हार का सामना करना पड़ा। जापान की विश्व में सातवें नंबर की खिलाड़ी सकामोटो ने दर्शकों के अपार समर्थन के बीच भले ही सीधे गेम में जीत हासिल की लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने अपनी तरफ से हर संभव प्रयास किया। यह मैच तीन गेम के प्रारूप में खेला जाता है और पहले दो गेम जीतने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। मुंबई की रहने वाली क्विम्सी के पास पहले गेम में गेम प्वाइंट था लेकिन वह इसका फायदा नहीं उठा पाई। दूसरे गेम में भी वह एक समय 10-8 से आगे थी लेकिन फाउल करके मैच गंवा बैठी। एकल मुकाबले में हार के तुरंत बाद ही क्विम्सी को संभलने का मुश्किल से ही समय मिला, क्योंकि वियतनामी जोड़ी के खिलाफ मिश्रित युगल में कांस्य पदक के मुकाबले के लिए उन्हें अनस के साथ कोर्ट पर वापसी करनी पड़ी। लगातार दो मैच खेलने का असर उन पर साफ दिख रहा था। दूसरे गेम में 5-9 से पिछड़ने के बाद पीठ के निचले हिस्से में दर्द के कारण उन्होंने 10 मिनट का मेडिकल ब्रेक लिया। वह कमर पर पट्टी बांधकर लौटी लेकिन गति को बरकरार नहीं रख सकी, जिसके चलते भारतीय जोड़ी को आखिर में हार का सामना करना पड़ा। क्विम्सी हालांकि अपने शानदार प्रदर्शन से भारत का इस खेल से परिचय कराने में सफल रही। टेकबॉल को पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया है। टेकबॉल फुटबॉल और टेबल टेनिस का मिश्रण है। इस खेल का आविष्कार 2014 में हंगरी में फुटबॉल के शौकीन गैबोर बोरसानी, ग्योरगी गैटियन और विक्टर हुस्ज़ार ने किया था। पहली आधिकारिक टेकबॉल विश्व चैंपियनशिप 2017 में बुडापेस्ट में आयोजित की गई थी। टेकबॉल में खिलाड़ी हाथों और बाजुओं को छोड़कर अपने शरीर के लगभग हर हिस्से का उपयोग करते हुए एक मानक आकार की फुटबॉल को एक पारदर्शी प्लेक्सीग्लास से विभाजित घुमावदार टेबल पर उछालते हैं।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलीट हिस्सा लेने के लिए जापान पहुंच गए हैं, जिसमें 19 सितंबर को ओपनिंग सेरेमनी होने के बाद अब 20 सितंबर से टूर्नामेंट का आधिकारिक आगाज हो गया है। इसमें आज के दिन भारतीय एथलीट कई अलग-अलग खेलों के इवेंट में एक्शन में दिखाई देंगे।
नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है। एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए पहला दिन बेहद व्यस्त रहने वाला है। कई खेलों में पदक मुकाबले होंगे।
Jammu News: एशियाई खेलों में जम्मू-कश्मीर के दो फेंसिंग सितारे दिखाएंगे हुनर
एशियाई खेलों में जम्मू-कश्मीर केदो फेंसिंग सितारे दिखाएंगे हुनर
जापान के खिलाफ T20I मैच में Asian Games किट नहीं, BCCI की आधिकारिक जर्सी पहनेगी Team India: सूत्र
New Delhi: टीम इंडिया मंगलवार को जापान के साथ होने वाले एकमात्र टी20 इंटरनेशनल मैच में अपनी राष्ट्रीय जर्सी पहनकर खेलेगी। यह मैच जापान के साथ राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में खेला जा रहा है। सूत्रों ने 'आईएएनएस' को बताया कि श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर होने वाले इस एकमात्र मैच के लिए एशियन गेम्स वाली किट की बजाय भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की आधिकारिक जर्सी पहनेगी। यह मैच आइची-नागोया एशियन गेम्स में पुरुषों की क्रिकेट प्रतियोगिता शुरू होने से दो दिन पहले खेला जाएगा, जिसमें भारत, जापान और आठ अन्य टीमें हिस्सा लेंगी। एशियन गेम्स के क्रिकेट इवेंट के लिए किट अलग होगी, जैसा कि भारतीय महिला टीम के मामले में देखा गया था। यह एकमात्र मैच दोनों टीमों के बीच पहला इंटरनेशनल क्रिकेट मैच है और यह दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के जश्न की शुरुआत करने वाला एक खास आयोजन है। यह मैच 'स्पोर्ट 75' की शुरुआत करने वाला मुख्य कार्यक्रम है। यह एक व्यापक द्विपक्षीय पहल है जो जापानी प्रधानमंत्री सनाए तकाइची और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच शिखर सम्मेलन में हुए समझौते से शुरू हुई थी, जिसका मकसद खेल के क्षेत्र में आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ावा देना है। सूत्रों ने 'आईएएनएस' को बताया कि श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर होने वाले इस एकमात्र मैच के लिए एशियन गेम्स वाली किट की बजाय भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की आधिकारिक जर्सी पहनेगी। यह मैच आइची-नागोया एशियन गेम्स में पुरुषों की क्रिकेट प्रतियोगिता शुरू होने से दो दिन पहले खेला जाएगा, जिसमें भारत, जापान और आठ अन्य टीमें हिस्सा लेंगी। एशियन गेम्स के क्रिकेट इवेंट के लिए किट अलग होगी, जैसा कि भारतीय महिला टीम के मामले में देखा गया था। Also Read: LIVE Cricket Score उन्होंने आगे कहा, भारत और जापान के बीच मजबूत और लंबे समय से चले आ रहे संबंध और दोस्ती है। हमें खुशी है कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के 75 साल पूरे होने के जश्न में क्रिकेट भी शामिल होगा। हम इस मैच को संभव बनाने के लिए जापान क्रिकेट एसोसिएशन (जेसीए) के प्रयासों के लिए उन्हें धन्यवाद देते हैं। Article Source: IANS
Asian Games 2026 में 503 भारतीय एथलीट्स को PM Modi ने दी बधाई, कहा- देश को आप पर गर्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा ले रहे भारतीय दल को शुभकामनाएं दीं और कहा कि खिलाड़ियों ने ज़बरदस्त लगन और संकल्प दिखाया है। सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'X' पर प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि आइची-नागोया में एशियन गेम्स की शुरुआत के साथ ही, भारतीय दल को मेरी शुभकामनाएं। हर खिलाड़ी ने बहुत मेहनत की है और ज़बरदस्त लगन और संकल्प दिखाया है। भारत को उन पर गर्व है। वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें, अच्छा खेलें और शानदार सफलता हासिल करें! इसे भी पढ़ें: Muscle Gain के लिए रोज कितनी चाहिए डाइट, समझें Calorie Surplus का सही नियम शनिवार को आइची-नागोया में 2026 एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह में कबड्डी स्टार पवन सहरावत और ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने भारतीय दल का नेतृत्व किया। पालोमा मिज़ुहो स्टेडियम में हुए समारोह के साथ 20वें एशियाई खेलों की औपचारिक शुरुआत हुई। इन खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व 36 खेलों में 503 खिलाड़ियों का दल कर रहा है। पिछले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के सदस्य सहरावत को अब भाकर के साथ उद्घाटन समारोह में तिरंगा थामने का सम्मान मिला है। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता भाकर इन खेलों में भारत के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं। पेरिस 2024 ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतने वाली भाकर महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल, महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगी। उन्होंने पेरिस में इतिहास रचते हुए स्वतंत्र भारत की पहली ऐसी खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया, जिन्होंने ओलंपिक खेलों के एक ही संस्करण में दो पदक जीते। समारोह से पहले एक वीडियो मैसेज में भाकर ने कहा कि जब उन्हें पता चला कि उन्हें फ़्लैग-बेयरर (झंडा उठाने वाला) चुना गया है, तो उन्हें बहुत अच्छा महसूस हुआ। उन्हें खेल में अपने शुरुआती दिनों की यादें ताज़ा हो आईं और उन्होंने सोचा कि वह अब कितनी आगे आ गई हैं। इसे भी पढ़ें: Asian Games: नागोया में भारतीय खिलाड़ियों के आवास संकट पर मदद को आगे आए प्रवासी उन्होंने कहा कि सच कहूँ तो, जब मुझे कल पता चला, तो मुझे अपने शुरुआती दिनों की यादें आ गईं। और, आपको पता है, जब मैंने शुरुआत की थी, तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं अपने खेल में एक दिन यहाँ तक पहुँच पाऊँगी। इसलिए, यह सच में बहुत अच्छा एहसास है। अपने देश के लिए फ़्लैग-बेयरर चुने जाने पर मुझे बहुत गर्व, सम्मान और बहुत ज़्यादा खुशी महसूस हो रही है। मैं बस भगवान और उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहती हूँ जिन्होंने मुझे इतना प्यार और सपोर्ट दिया है। भारत का लक्ष्य 2022 के संस्करण से बेहतर प्रदर्शन करना होगा, जिसमें उन्होंने रिकॉर्ड 107 मेडल जीते थे - जिनमें 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 41 ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल थे।
Asian Games 2026 Opening Ceremony: आइची-नागोया में आज सजेगा एशिया का सबसे बड़ा खेल मंच
एशियाई महाद्वीप के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित खेल महोत्सव यानी 20वें एशियन गेम्स 2026 का आज आधिकारिक और भव्य आगाज होने जा रहा है। जापान के खूबसूरत प्रांत आइची और उसके प्रमुख शहर नागोया के मुख्य स्टेडियम में आयोजित होने वाली शानदार ओपनिंग सेरेमनी के साथ ही अगले पखवाड़े तक चलने वाले इस महाकुंभ की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी। इस उद्घाटन समारोह में एशिया के सभी 45 देशों और क्षेत्रों के शीर्ष एथलीट पारंपरिक परिधानों में मार्च पास्ट करेंगे, जिसमें जापानी संस्कृति, अत्याधुनिक तकनीक, लेजर शो और पारंपरिक संगीत का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। उद्घाटन समारोह के साथ ही एशिया के दिग्गजों के बीच पदकों की ऐतिहासिक जंग शुरू हो जाएगी, जिस पर पूरी दुनिया के खेल प्रेमियों की निगाहें टिकी हुई हैं।भारतीय दल की ताकत: 35 खेलों में 500 से अधिक खिलाड़ी तिरंगा लहराने को तैयारइस बार के एशियाई खेलों में भारत अपना अब तक का सबसे मजबूत और संतुलित दल मैदान में उतार रहा है। भारत के लगभग 500 एथलीट 35 अलग-अलग खेल विधाओं में देश की चुनौती पेश करेंगे। भारतीय प्रशंसकों की उम्मीदें इस बार पदकों के पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ने पर टिकी हुई हैं। एथलेटिक्स, शूटिंग, बॉक्सिंग, कुश्ती, बैडमिंटन, टेबल टेनिस और तीरंदाजी जैसे पारंपरिक मजबूत खेलों में भारत के पास विश्वस्तरीय खिलाड़ियों की फौज मौजूद है। इसके अलावा पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमें पेरिस ओलंपिक के शानदार अनुभव के बाद यहां सीधे स्वर्ण पदक जीतकर 2028 ओलंपिक का सीधा टिकट हासिल करने के इरादे से मैदान में उतर रही हैं।क्रिकेट में गोल्ड मेडल बचाने उतरेगी टीम इंडिया: पुरुष और महिला टीमों पर सबकी नजरेंएशियन गेम्स 2026 में भारतीय प्रशंसकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण क्रिकेट का टी20 प्रारूप रहने वाला है। वर्ष 2023 के पिछले एशियाई खेलों में भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीमों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। इस बार भी भारतीय क्रिकेट टीमें खिताब की प्रबल दावेदार के रूप में नागोया पहुंची हैं। महिला क्रिकेट टीम जहां अपनी स्टार खिलाड़ियों के दम पर स्वर्ण पदक का बचाव करने उतरेगी, वहीं भारतीय पुरुष टीम भी युवाओं और अनुभवी टी20 विशेषज्ञों के संयोजन के साथ फिर से एशियाई क्रिकेट में अपना दबदबा साबित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह टूर्नामेंट किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय कप से कम रोमांचक नहीं होने वाला है।टीवी पर कहां और कैसे देखें ओपनिंग सेरेमनी का सीधा प्रसारणभारत में मौजूद करोड़ों खेल प्रेमियों के लिए एशियाई खेलों का सीधा प्रसारण देखना बेहद सुलभ बनाया गया है। यदि आप अपने घर पर टेलीविजन स्क्रीन पर ओपनिंग सेरेमनी और भारतीय मुकाबलों का आनंद लेना चाहते हैं, तो इसका आधिकारिक प्रसारण अधिकार सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क (Sony Sports Network) के पास है। दर्शक सोनी स्पोर्ट्स टेन 1, सोनी स्पोर्ट्स टेन 2, सोनी स्पोर्ट्स टेन 3 (हिंदी) और सोनी स्पोर्ट्स टेन 5 जैसे चैनलों पर विभिन्न भारतीय भाषाओं में कमेंट्री के साथ इस भव्य उद्घाटन समारोह का लाइव टेलीकास्ट देख सकेंगे। उच्च गुणवत्ता वाले एचडी प्रसारण के जरिए दर्शक स्टेडियम जैसा रोमांच घर बैठे महसूस कर सकते हैं।मोबाइल और स्मार्ट टीवी पर लाइव स्ट्रीमिंग: सोनी लिव (Sony LIV) पर हर पल का एक्शनडिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल फोन पर खेलों का लुत्फ उठाने वाले दर्शकों के लिए एशियन गेम्स 2026 की ओपनिंग सेरेमनी और सभी खेल स्पर्धाओं की लाइव स्ट्रीमिंग सोनी लिव (Sony LIV) ऐप और उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी। यूजर्स अपने स्मार्टफोन, टैबलेट, लैपटॉप या कनेक्टेड स्मार्ट टीवी पर सोनी लिव ऐप डाउनलोड करके लॉगिन कर सकते हैं। इसके अलावा विभिन्न टेलीकॉम कंपनियों के विशेष डेटा प्लान और ओटीटी बंडल्स के जरिए भी दर्शक बिना किसी रुकावट के लाइव स्ट्रीमिंग का आनंद उठा सकते हैं, ताकि मैदान पर होने वाले किसी भी भारतीय मुकाबले का एक भी रोमांचक पल छूट न पाए।प्रमुख सवालों के सीधे जवाब: तारीख, समय और वेन्यू का पूरा विवरणखेल प्रशंसकों की सुविधा के लिए ओपनिंग सेरेमनी से जुड़े सभी मुख्य तथ्य बिल्कुल स्पष्ट हैं। 20वें एशियन गेम्स की आधिकारिक ओपनिंग सेरेमनी शनिवार, 19 सितंबर 2026 को आयोजित हो रही है। इस समारोह की मेजबानी जापान का आइची-नागोया शहर कर रहा है। भारतीय समयानुसार दोपहर बाद शुरू होने वाले इस कार्यक्रम को भारत में टीवी पर सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के सभी प्रमुख चैनलों पर लाइव दिखाया जाएगा, जबकि ऑनलाइन स्ट्रीमिंग के लिए सोनी लिव ऐप प्रमुख मंच रहेगा, जहां सेरेमनी के हर सांस्कृतिक प्रदर्शन और भारतीय दल के मार्च पास्ट को लाइव देखा जा सकता है।
डेविस कप में दुनिया के नंबर 2 अलेक्जेंडर ज्वेरेव का क्रोएशियाई खिलाड़ी से मुकाबला
डेविस कप में दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव का सामना क्रोएशिया के खिलाड़ी से हो रहा है। ज्वेरेव अपनी टीम को जीत दिलाने के इरादे से मैदान में उतरे हैं। फैंस को इस मैच में एक रोमांचक और कड़ा मुकाबला मिलने की उम्मीद है।
एशियाई खेलों में भारतीय ध्वज थामकर भावुक हुईं Manu Bhaker, दिवंगत कोच Jaspal Rana को किया याद
ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने शनिवार को कहा कि एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह के दौरान उन्हें अपने दिवंगत कोच जसपाल राणा की बहुत याद आई। कबड्डी स्टार पवन सहरावत के साथ भारतीय ध्वज थामकर समारोह में हिस्सा लेना मनु के लिए यह मौका और भावुक बन गया। मनु ने यहां उद्घाटन समारोह के बाद कहा, ‘‘आज जसपाल सर की बहुत याद आई। उनके साथ नहीं होने से यह दिन वाकई भावुक कर देने वाला था। ’’प्रसिद्ध निशानेबाज और कोच राणा का 11 जून को 49 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। उन्होंने मनु के करियर में अहम भूमिका निभाई थी और 2024 पेरिस ओलंपिक में उन्हें दो कांस्य पदक दिलाने में मार्गदर्शन किया था। चौबीस वर्षीय निशानेबाज इससे पहले भी बता चुकी हैं कि बहु-खेल प्रतियोगिताओं के उद्घाटन समारोहों को लेकर राणा की सलाह ने उनकी सोच को किस तरह प्रभावित किया था। राणा ने एक बार मनु से कहा था कि वह ऐसे समारोहों में तभी शामिल हो सकती हैं, जब वह ध्वजवाहक हों, वर्ना उन्हें समारोह टीवी पर देखना चाहिए क्योंकि आमतौर पर उद्घाटन समारोह के तुरंत बाद उनकी स्पर्धाएं शुरू हो जाती थीं। मनु अपने तीसरे एशियाई खेलों में हिस्सा ले रही हैं। उन्होंने 2018 के अपने पहले एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह हिस्सा नहीं लिया था क्योंकि वह जकार्ता में मुख्य खिलाड़ियों के गांव से दूर पालेमबांग में थीं। बाद में उन्होंने 2018 राष्ट्रमंडल खेलों के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया और राणा की उस सलाह को याद किया जिसमें उन्होंने प्रतियोगिता को प्राथमिकता देने की बात कही थी। राणा की वही सलाह शनिवार को मनु को और भावुक बना गई, जब वह खुद मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में भारत की ध्वजवाहकों में से एक बनकर मैदान में उतरीं। स्वतंत्र भारत की ओर से ओलंपिक के एक ही चरण में दो पदक जीतने वाली एकमात्र खिलाड़ी मनु अब निशानेबाजी स्पर्धाओं पर ध्यान केंद्रित करेंगी। वह महिला 10 मीटर एयर पिस्टल, महिला 25 मीटर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में हिस्सा लेंगी।
Asian Games 2026 में चोट के कारण बाहर Neeraj Chopra ने Team India का बढ़ाया हौसला
ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने 2026 एशियाई खेलों में हिस्सा लेने की तैयारी कर रही भारतीय टीम को शुभकामनाएं दी हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर चोपड़ा ने लिखा कि 2026 एशियाई खेलों में Team India को मेरी ढेर सारी शुभकामनाएं! मुझे यकीन है कि वे सभी हमें गौरवान्वित करेंगे। एशियाई खेल जापान के नागोया और आइची में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले हैं। भारत कई खेलों में हिस्सा लेने की योजना बना रहा है और खिलाड़ी इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता के पिछले संस्करणों में देश के प्रदर्शन को और बेहतर बनाने का लक्ष्य रखेंगे। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों में भारतीय ध्वज थामकर भावुक हुईं Manu Bhaker, दिवंगत कोच Jaspal Rana को किया याद टोक्यो 2020 ओलंपिक में पुरुषों की जैवलिन थ्रो में गोल्ड और पेरिस 2024 ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वाले चोपड़ा, ट्रेनिंग के दौरान टखने के लिगामेंट में चोट लगने के कारण एशियाई खेलों में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। इस चोट की वजह से वह इस सीज़न के बाकी मैचों से भी बाहर हो गए हैं। 19 सितंबर को आइची-नागोया में ओपनिंग सेरेमनी में भारतीय दल की अगुवाई कबड्डी स्टार पवन सहरावत और ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर ने की। पालोमा मिज़ुहो स्टेडियम में हुई इस सेरेमनी के साथ ही 20वें एशियाई खेलों की औपचारिक शुरुआत हुई, जिसमें भारत के 503 एथलीटों का दल 36 खेलों में हिस्सा ले रहा है। पिछले एशियाई खेलों में भारत की गोल्ड मेडल जीतने वाली पुरुष कबड्डी टीम के सदस्य सहरावत और दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट भाकर ने ओपनिंग सेरेमनी में भारतीय झंडा उठाया। भाकर ने पेरिस 2024 में दो ब्रॉन्ज़ मेडल जीते और वह महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल, महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में हिस्सा लेंगी। वह आज़ाद भारत की पहली ऐसी एथलीट हैं जिन्होंने एक ही ओलंपिक में दो मेडल जीते हैं। इसे भी पढ़ें: Asian Games 2026 का आगाज, Women Cricket T20 और Hockey में कल से उतरेगा भारत सेरेमनी से पहले एक वीडियो मैसेज में भाकर ने कहा कि सच कहूँ तो, जब मुझे कल इसके बारे में पता चला, तो मुझे अपने शुरुआती दिनों की यादें ताज़ा हो गईं। और, आप जानते हैं, जब मैंने शुरुआत की थी, तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं अपने खेल में एक दिन इस मुकाम तक पहुँच पाऊँगी। इसलिए, यह वाकई दिल को छू लेने वाला एहसास है। अपने देश के लिए फ़्लैग बियरर (ध्वजवाहक) चुने जाने पर मुझे बहुत गर्व, सम्मान और खुशी महसूस हो रही है। मैं बस भगवान और उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहती हूँ जिन्होंने मुझे इतना प्यार और सपोर्ट दिया है। भारत का लक्ष्य 2022 एशियाई खेलों के अपने प्रदर्शन से बेहतर करना होगा, जहाँ देश ने रिकॉर्ड 107 मेडल जीते थे - जिसमें 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 41 ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल थे।
Asian Games Opening Ceremony: एशियन गेम्स में मनु भाकर और पवन सहरावत बने भारत के ध्वजवाहक, जानें डिटेल्स
Nagoya में 20वें Asian Games का आगाज, मनु भाकर और पवन सहरावत ने की भारतीय दल की अगुवाई
(फोटो के साथ)नागोया, 19 सितंबर बीसवें एशियाई खेलों का शनिवार को यहां मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में रंगारंग और ‘हाई-टेक’ उद्घाटन समारोह के साथ आधिकारिक आगाज हुआ जिससे अव्यवस्थित तैयारियों के बाद इस बड़ी खेल प्रतियोगिता की शुरुआत हो गई। जापान के सम्राट नारुहितो ने महारानी मासाको, शाही परिवार के सदस्यों, एशियाई ओलंपिक परिषद के अध्यक्ष शेख जोआन बिन हमद अल थानी और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की अध्यक्ष कर्स्टी कोवेंट्री की मौजूदगी में खेलों के शुरू होने की घोषणा की। दो घंटे के उद्घाटन समारोह की शुरुआत जापान के राष्ट्रगान से हुई जिसके बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। जापान के आत्मरक्षा बल के नौ सदस्यों ने ध्वज को मंच तक पहुंचाया जिसके बाद उसे फहराया गया। इसके बाद स्टेडियम की रोशनी बुझा दी गई और एक ‘स्पॉटलाइट’ से राष्ट्रीय ध्वज को रोशन किया गया। उद्घाटन समारोह में आमतौर पर दिखने वाली भव्यता नजर नहीं आई और स्टेडियम में कई सीटें खाली दिखीं। इसके बाद खिलाड़ियों की परेड हुई जिसमें 45 देशों और ओलंपिक परिषद एशिया की शरणार्थी टीम ने हिस्सा लिया। इस तरह कुल 46 दलों ने परेड में भाग लिया। खिलाड़ियों की परेड की शुरुआत अफगानिस्तान के दल से हुई जबकि महाद्वीप की खेल महाशक्ति माने जाने वाले चीन ने 800 से अधिक खिलाड़ियों के बड़े दल के साथ सबका ध्यान खींचा। पेरिस ओलंपिक 2024 की दो पदक विजेता भारतीय निशानेबाज मनु भाकर और कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत परेड में भारतीय दल की अगुवाई की। दोनों ने पारंपरिक गहरे नीले (नेवी ब्लू) रंग की पोशाक पहनी हुई थी। गोला फेंक खिलाड़ी तजिंदरपाल सिंह तूर को समय पर समारोह की किट नहीं मिलने के कारण सहरावत को ध्वजवाहक बनाया गया। भारत के 501 सदस्यीय दल की नजरें 2023 के हांग्झोउ एशियाई खेलों में किए गए अपने अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को दोहराने पर हैं जिसमें देश ने 28 स्वर्ण सहित कुल 106 पदक जीते थे और पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा था। उद्घाटन समारोह से पहले ही कुछ स्पर्धाएं शुरू हो गई थीं। महिला क्रिकेट में हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने शुक्रवार को मेजबान जापान को आठ विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। भारत टेगबॉल में भी पदक की दौड़ में है जो पहली बार एशियाई खेलों का हिस्सा बना है। क्विम्सी डिसूजा शनिवार को महिला एकल के सेमीफाइनल में हार गईं और अब कांस्य पदक के लिए मुकाबला करेंगी। एशियाई खेल 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक आयोजित किए जाएंगे। नागोया शहर का मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम उद्घाटन और समापन समारोहों की मेजबानी करेगा। इस बार एशियाई खेलों में 45 देशों के करीब 11,000 खिलाड़ी और ओलंपिक परिषद एशिया की शरणार्थी टीम हिस्सा ले रही है। खिलाड़ी 43 स्पर्धाओं में 469 स्वर्ण पदकों के लिए मुकाबला करेंगे।
नागोया में एशियाई खेलों का हुआ आगाज, मनु भाकर और पवन सहरावत बने ध्वजवाहक
एशियाई खेल 2026 आधिकारिक तौर पर शनिवार को मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में उद्घाटन समारोह के साथ शुरू हो गया है।
Asian Games 2026 का आगाज, Women Cricket T20 और Hockey में कल से उतरेगा भारत
20वें एशियाई खेलों का शनिवार को यहां मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में ‘हाई-टेक’ उद्घाटन समारोह के साथ आधिकारिक आगाज हुआ जिससे अव्यवस्थित तैयारियों के बाद इस बड़ी खेल प्रतियोगिता की शुरुआत हो गई। दो घंटे तक चले उद्घाटन समारोह में जापान के सम्राट नारुहितो, महारानी मासाको, एशियाई खेलों के अध्यक्ष युवराज अकिशिनो और राजकुमारी किको के साथ एशियाई ओलंपिक परिषद के अध्यक्ष शेख जोआन बिन हमद अल थानी उपस्थित थे। पेरिस ओलंपिक 2024 की दो पदक विजेता भारतीय निशानेबाज मनु भाकर और कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत खिलाड़ियों की परेड में 501 सदस्यीय भारतीय दल की अगुवाई की। भारत ने 2023 में हांग्झोउ एशियाई खेलों में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। भारतीय दल ने 28 स्वर्ण सहित कुल 106 पदक जीते थे और पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा था। इसे भी पढ़ें: Asian Games से पहले Team India की किट और Hotel पर बवाल, BCCI को खुद संभालनी पड़ी व्यवस्था कल के मुकाबले 20वें एशियाई खेल आइची-नागोया 2026 में भारत का अभियान रविवार, 20 सितंबर को तेकबॉल, शूटिंग, क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन और टेबल टेनिस जैसे कई खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों के साथ ज़ोर पकड़ेगा। रविवार को भारत का ध्यान कई मेडल इवेंट्स पर होगा, जिसमें क्विंसी जोआकिम डिसूज़ा टेकबॉल में दो ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने की होड़ में होंगे। भारत महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल प्रतियोगिता में भी हिस्सा लेगा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम सुबह 10:30 बजे महिला T20 प्रतियोगिता के दूसरे सेमीफ़ाइनल में बांग्लादेश का सामना करेगी। भारत फ़ाइनल में जगह बनाने और 2022 एशियाई खेलों में जीते गए गोल्ड मेडल को बचाने की अपनी कोशिश जारी रखने की कोशिश करेगा। इसे भी पढ़ें: T20 World Cup से Bangladesh टीम के हटने के लिए Asif Nazrul जिम्मेदार, जांच में खुलासा भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीमें भी रविवार को एशियाई खेलों में अपने अभियान की शुरुआत करेंगी। टेबल टेनिस में, भारत की महिला और पुरुष टीमें ग्रुप-स्टेज के मैचों में हिस्सा लेंगी। महिला टीम का मुकाबला इंडोनेशिया और सिंगापुर से होगा, जबकि पुरुष टीम इंडोनेशिया और ईरान के खिलाफ खेलेगी। वुशु में, अपर्णा महिलाओं के 52 किग्रा वर्ग के 'राउंड ऑफ़ 16' में हिस्सा लेंगी, जबकि विक्रांत बालियान पुरुषों के 75 किग्रा वर्ग के 'राउंड ऑफ़ 16' में मुकाबला करेंगे।
Team India का मिशन Aichi-Nagoya: Asian Games 2026 में इन 10 स्टार खिलाड़ियों पर टिकी निगाहें
1951 में शुरू होने के बाद से, एशियाई खेल दुनिया के सबसे बड़े स्पोर्ट्स इवेंट्स में से एक रहे हैं। यहाँ खेल की दुनिया के कई महान खिलाड़ियों ने अपनी पहचान बनाई है और कई उभरते हुए टैलेंट ने इस मंच का इस्तेमाल कुछ बहुत बड़े और शानदार मुकाम तक पहुँचने के लिए किया है। भारत के बदलते स्पोर्ट्स माहौल में मेडल जीतने की चाहत और भूख पहले से कहीं ज़्यादा बढ़ गई है। ऐसे में, जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेल 2026, लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 और भारतीयों के लिए 2030 में घरेलू कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले बहुत अहम इवेंट हैं। इस बड़े टूर्नामेंट से पहले, आइए भारत के कुछ ऐसे खिलाड़ियों पर नज़र डालते हैं जिनसे मेडल जीतने की सबसे ज़्यादा उम्मीदें हैं। -ईशा सिंह (शूटिंग) यह बेहतरीन शूटर ज़बरदस्त फ़ॉर्म के साथ एशियाई खेलों में हिस्सा ले रही हैं। वह महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल शूटिंग में नंबर वन और महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग में दुनिया की नंबर दो खिलाड़ी हैं। उन्होंने इस साल म्यूनिख और हांग्जो में हुए ISSF वर्ल्ड कप में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल इवेंट में गोल्ड मेडल जीते। म्यूनिख में, उन्होंने फ़ाइनल में 43/50 का वर्ल्ड रिकॉर्ड स्कोर बनाया, जो यह साबित करता है कि वह बड़े मैचों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करती हैं। इस साल राजधानी में हुई एशियाई चैंपियनशिप में, ईशा ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड और 25 मीटर पिस्टल सिंगल्स मुक़ाबले में सिल्वर मेडल जीता। साथ ही, उन्होंने मनु भाकर और रिदम सांगवान के साथ मिलकर 25 मीटर पिस्टल टीम इवेंट में भी गोल्ड मेडल जीता। 10 मीटर एयर पिस्टल टीम इवेंट में भी उन्होंने मनु और सुरुचि फोगाट के साथ मिलकर गोल्ड मेडल हासिल किया। मिक्स्ड टीम इवेंट में वर्ल्ड चैंपियनशिप गोल्ड मेडलिस्ट (2023) और वर्ल्ड मीट में दो बार सिल्वर मेडलिस्ट रह चुकीं ईशा, निस्संदेह शूटिंग में मेडल जीतने की सबसे बड़ी दावेदारों में से एक हैं। -मीराबाई चानू (वेटलिफ्टिंग) कॉमनवेल्थ गेम्स में कई गोल्ड मेडल, टोक्यो में 2021 ओलंपिक में सिल्वर मेडल और कई वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल (जिसमें 2017 में 48kg कैटेगरी में गोल्ड भी शामिल है) जीतने के बाद, भारत की अनुभवी वेटलिफ्टर अब एशियन गेम्स में अपना पहला मेडल—खासकर गोल्ड—जीतकर अपना मेडल कलेक्शन पूरा करने की कोशिश करेंगी। ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 48 kg कैटेगरी में गोल्ड पक्का करने के बाद, मीराबाई का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है। -सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी (बैडमिंटन) भारत की यह मशहूर बैडमिंटन जोड़ी ज़बरदस्त फ़ॉर्म में है; उन्होंने इस साल सिंगापुर ओपन और चाइना मास्टर्स के टाइटल जीते हैं और थाईलैंड में रनर-अप रहे हैं। फ़ाइनल में दक्षिण कोरिया के चोई सोल-ग्यू और किम वॉन-हो को हराकर, चिराग-सात्विकसाईराज ने इतिहास रच दिया और एशियन गेम्स में भारत के लिए बैडमिंटन का पहला गोल्ड मेडल जीता। कई मुश्किलों और चोटों के बाद धीरे-धीरे अपनी बेहतरीन फ़ॉर्म में लौट रही इस जोड़ी का नाम, इस साल के एशियन गेम्स में संभावित मेडल विजेताओं की बात करते ही सबसे पहले ज़हन में आएगा। इसे भी पढ़ें: Asian Games: Teqball फाइनल की दौड़ से बाहर हुईं Quimcy D'Souza, अब Bronze Medal पर नजर -भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम अभी ज़बरदस्त फ़ॉर्म में है। इस साल घरेलू मैदान पर T20 वर्ल्ड कप का सफल बचाव करने के बाद, 2024 में अपनी जीत का सूखा खत्म करने के बाद से टीम इंडिया T20I में लगभग अजेय रही है। वैभव सूर्यवंशी (15 साल के प्रतिभाशाली खिलाड़ी), रिकॉर्ड तोड़ने वाले शतकवीर अभिषेक शर्मा, ज़बरदस्त फ़ॉर्म में चल रहे ईशान किशन और तेज़ गेंदबाज़ी के दिग्गज जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ियों के साथ, भारत निश्चित रूप से गोल्ड मेडल का सबसे बड़ा दावेदार है। -भारतीय पुरुष हॉकी टीम भले ही टीम इंडिया FIH पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप में आठवें स्थान पर रही हो, लेकिन एशियन गेम्स में भारतीय टीम का प्रदर्शन बिल्कुल अलग रहा है; वे अब तक सिर्फ़ एक बार ही पोडियम (मेडल जीतने वालों की सूची) से बाहर रहे हैं। भारतीय पुरुष हॉकी टीम इतिहास रच सकती है क्योंकि उनके पास पहली बार अपना गोल्ड मेडल सफलतापूर्वक बचाने का मौका है, और इससे उन्हें लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफ़िकेशन का रास्ता मिल जाएगा। -लवलीना बोरगोहेन (बॉक्सिंग) 28 साल की इस बॉक्सिंग स्टार ने हर जगह मेडल जीते हैं - चाहे वह ओलंपिक में ब्रॉन्ज़ हो, एशियन गेम्स में सिल्वर हो, ग्लासगो में इस साल हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर हो या कई वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल (जिसमें 2023 का गोल्ड भी शामिल है)। हालांकि खेल में कुछ भी निश्चित नहीं होता, लेकिन बड़े मैचों में अच्छा प्रदर्शन करने की लवलीना की क्षमता और उनका शानदार रिकॉर्ड उन्हें मेडल का पक्का दावेदार बनाता है। -तजिंदरपाल सिंह तूर (शॉट पुट) 2018 और 2022 के संस्करणों में गोल्ड मेडल जीतने के बाद, तजिंदरपाल सिंह तूर 2026 के संस्करण में गोल्ड मेडल की हैट्रिक लगाकर अपने लिए एक बड़ी विरासत बना सकते हैं। नेशनल रिकॉर्ड होल्डर ने एशियन स्तर पर खुद को साबित कर दिया है, और एक मेडल उन्हें लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 से पहले ज़रूरी बूस्ट दे सकता है। -गुरिंदरवीर सिंह (एथलेटिक्स) पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में मौजूदा नेशनल रिकॉर्ड (10.09 सेकंड) होल्डर की तुलना अपने करियर की शुरुआत में ही 'फ्लाइंग सिख' और एथलेटिक्स के दिग्गज, स्वर्गीय मिल्खा सिंह से होने लगी है। कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) में चोट से जूझने के बावजूद 10.39 सेकंड का समय निकालने के बाद भी मेडल राउंड में जगह न बना पाने जैसी मुश्किलों के बावजूद, पंजाब के इस उभरते हुए स्प्रिंटिंग स्टार को नज़रअंदाज़ करना मुश्किल होगा। खासकर यह देखते हुए कि इतिहास में कई बेहतरीन स्पोर्ट्स कमबैक के पीछे ऐसी ही मुश्किलें प्रेरणा का काम करती रही हैं। अपने साथी एथलीट अनिमेष कुजूर के साथ कड़े मुकाबले की उम्मीद की जा सकती है, जिनके साथ उन्होंने काफी समय ट्रेनिंग और कॉम्पिटिशन में बिताया है और नेशनल रिकॉर्ड्स की अदला-बदली भी की है! -सुजीत कलकल (रेसलिंग) हरियाणा में न सिर्फ़ भारत, बल्कि दुनिया के कुछ बेहतरीन रेसलर तैयार करने की परंपरा रही है। प्रोटीन पाउडर और फैंसी डाइट के दौर में भी 'देसी घी और चूरमा' ने कई बार ग्लोबल स्टेज पर तिरंगा लहराया है। उम्मीद की जा सकती है कि 23 साल के सुजीत इस परंपरा को आगे बढ़ाएंगे। इस साल बिश्केक में एशियन चैंपियनशिप में 65 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीतने और पिछले साल अंडर-23 गोल्ड व 2022 में अंडर-20 ब्रॉन्ज़ मेडल के साथ एज-ग्रुप रेसलिंग में सफलता हासिल करने के बाद, सुजीत निश्चित रूप से बड़ी उपलब्धियों के लिए बने हैं। अगर एशियन गेम्स 2026 उनके करियर को एक नए मुकाम पर ले जाता है, तो इसमें कोई हैरानी की बात नहीं होगी। -अनाहत सिंह (स्क्वैश) यह टीनएज स्क्वैश स्टार सभी खेलों में सबसे रोमांचक भारतीय टैलेंट में से एक के तौर पर उभर रही हैं। 2022 एशियन गेम्स में दो बार ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाली अनाहत शानदार फ़ॉर्म में चल रही हैं।
Asian Games: Teqball फाइनल की दौड़ से बाहर हुईं Quimcy D'Souza, अब Bronze Medal पर नजर
भारत की क्विम्सी डिसूजा एशियाई खेलों की टेकबॉल महिला एकल सेमीफाइनल स्पर्धा में इंडोनेशिया की सुमाया के खिलाफ जुझारू प्रदर्शन करने के बावजूद हार गई और अब कांस्य पदक के लिये खेलेंगी। क्विम्सी ने शुरूआती बढत बनाई लेकिन लय कायम नहीं रख पाई और 12-7, 9-12, 7-12 से हार गई। इससे पहले प्रदेश स्तर पर फुटबॉल और 1500 मीटर दौड़ में भाग लेने वाली मुंबई की इस खिलाड़ी ने ब्राजील के महान फुटबॉलर रोनाल्डिन्हो को इंस्टाग्राम पर अपना कौशल दिखाते हुए देखने के बाद टेकबॉल खेलना शुरू किया। क्विम्सी अब रविवार को कांस्य पदक का प्लेआफ खेलेगी। क्विम्सी ने अपनी लंबे कद का पूरा फायदा उठाते हुए बार-बार सटीक स्मैश लगाए। घुमावदार टेबल से उनकी नीची और स्लाइडिंग सर्व ने सुमाया को दबाव में रखा। उन्होंने पहला गेम 12-7 से आसानी से जीत लिया लेकिन दूसरे गेम में कहानी एकदम से बदल गई। यह खेल सेपक टकरा (पांव से वॉलीबॉल खेलने जैसा) से मिलता है और सुमाया सेपक टकरा की खिलाड़ी रही है जिसका उन्हें फायदा मिला। सुमाया ने तेजी दिखाई और क्विम्सी को हर अंक के लिए कड़ी टक्कर दी। उन्होंने भारतीय खिलाड़ी को रैलियों में उलझाया। एक समय स्कोर 9-9 से बराबरी पर था। इंडोनेशियाई खिलाड़ी के दो शानदार ड्रॉप शॉट्स ने क्विम्सी को दबाव में डाल दिया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने एक स्मैश शॉट बाहर मार दिया और सुमाया ने मैच को बराबरी पर ला दिया। भारतीय खिलाड़ी ने निर्णायक गेम में शानदार ड्रॉप शॉट्स और दमदार स्मैश के दम पर 3-0 की बढ़त बना ली। इसके बाद वह 5-2 और फिर 6-3 से आगे थी लेकिन इंडोनेशिया की खिलाड़ी ने लगातार नौ अंक बनाकर जीत हासिल कर ली। क्विम्सी मैच समाप्त होने के बाद अपने आंसू नहीं रोक पाई क्योंकि वह जीत के बेहद करीब थी। उन्होंने कहा, ‘‘उसे सेपक टकरा की पृष्ठभूमि के कारण फायदा मिला, लेकिन यह एक अच्छा मैच था जिसमें बेहतर खिलाड़ी की जीत हुई।’’ टेकबॉल को पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया है। टेकबॉल फुटबॉल और टेबल टेनिस का मिश्रण है। इस खेल का आविष्कार 2014 में हंगरी में फुटबॉल के शौकीन गैबोर बोरसानी, ग्योरगी गैटियन और विक्टर हुस्ज़ार ने किया था। पहली आधिकारिक टेकबॉल विश्व चैंपियनशिप 2017 में बुडापेस्ट में आयोजित की गई थी। टेकबॉल में खिलाड़ी हाथों और बाजुओं को छोड़कर अपने शरीर के लगभग हर हिस्से का उपयोग करते हुए एक मानक आकार की फुटबॉल को एक पारदर्शी प्लेक्सीग्लास से विभाजित घुमावदार टेबल पर उछालते हैं।
Asian Games से पहले Team India की किट और Hotel पर बवाल, BCCI को खुद संभालनी पड़ी व्यवस्था
भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के खिलाड़ी रविवार तड़के एशियाई खेलों के लिए रवाना होने से पहले सही साइज़ की किट का इंतज़ार कर रहे हैं। खिलाड़ियों की जर्सी को लेकर BCCI और इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन की किट सप्लायर कंपनी JSW इंस्पायर के बीच काफी बातचीत हुई है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम रविवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी से रवाना होगी। 28 सितंबर से शुरू होने वाले एशियाई खेलों के लिए आधिकारिक जर्सी पहनने से पहले, भारतीय खिलाड़ी 22 सितंबर को जापान के खिलाफ होने वाले एकमात्र T20I मैच में अपनी रेगुलर किट पहनेंगे। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में Bangladesh से भिड़ेगा भारत, आक्रामक शुरुआत पर नजर इसके बाद वे 28 सितंबर से शुरू होने वाली क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए एशियाई खेलों की आधिकारिक पोशाक पहनेंगे। आईओए के एक सूत्र ने बताया कि क्रिकेटरों की पोशाक के साइज में कुछ समस्या थी, जिसे काफी हद तक ठीक कर लिया गया है। कुछ किटें बची हैं और उन्हें जल्द ही टीम को भेज दिया जाएगा। खिलाड़ियों को दो अलग-अलग पोशाक की जरूरत है (एक द्विपक्षीय मैचों के लिए और दूसरी एशियाई खेलों के लिए), इसलिए ऐसा हुआ होगा। BCCI ने होटल को लेकर भी लिया अपना फैसला इस बीच नागोया में अन्य भारतीय खिलाड़ियों को आवास मिलने में हो रही देरी को देखते हुए बीसीसीआई ने स्वयं होटल की व्यवस्था करने का फैसला किया है। भारतीय महिला टीम हालांकि आईओए द्वारा उपलब्ध कराए गए आवास में रह रही है। एक सूत्र ने बताया कि महिला टीम के ठहरने की व्यवस्था में किसी तरह की समस्या नहीं आई। आयोजकों ने पुरुष टीम के लिए जो कमरे उपलब्ध कराए उनमें किट बैग रखने की भी जगह नहीं थी। वहां ज्यादा बड़े होटल नहीं हैं, लेकिन बीसीसीआई ने जापान रवाना होने से कुछ समय पहले ही अपने स्तर पर व्यवस्था कर ली थी। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में Bangladesh से भिड़ेगा भारत, आक्रामक शुरुआत पर नजर सुविधाओं पर सवाल एशियाई खेलों में भाग लेने वाले कुछ खिलाड़ियों को अपने आवास में पहुंचने से पहले घंटों इंतजार करना पड़ा। इस बार एशियाई खेलों ने किसी तरह के खेल गांव की व्यवस्था नहीं है और खिलाड़ियों को क्रूज जहाजों, कंटेनरों और होटलों में ठहराया जा रहा है।
Asian Games Hockey में भारतीय टीमों का लक्ष्य Gold Medal और सीधा Olympic कोटा
भारतीय पुरुष हॉकी टीम हाल ही में विश्व कप में मिली निराशा को भुलाकर एशियाई खेलों में रविवार से शुरू होने वाली हॉकी प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल करने में किसी तरह की कसर नहीं छोड़ेगी जबकि महिला टीम भी स्वर्ण पदक जीतकर ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने के लक्ष्य के साथ मैदान पर उतरेगी। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर दोनों भारतीय टीमों को लॉस एंजिलिस ओलंपिक खेलों के लिए सीधा टिकट मिल जाएगा, इसलिए दोनों टीमों के लिए बहुत कुछ दांव पर लगा है। भारतीय पुरुष टीम को नीदरलैंड और बेल्जियम में हाल ही में समाप्त हुए एफआईएच विश्व कप में आठवें स्थान पर रहने के बाद अपना मनोबल बढ़ाना होगा। पिछले दो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता भारत को मेजबान जापान, कोरिया, बांग्लादेश, श्रीलंका और इंडोनेशिया के साथ पूल ए में रखा गया है, जबकि पूल बी में पाकिस्तान, मलेशिया, चीन, ओमान, उज्बेकिस्तान और थाईलैंड शामिल हैं। भारत अपने अभियान की शुरुआत इंडोनेशिया के खिलाफ करेगा। वह इस मैच में बड़ी जीत हासिल करने की कोशिश करेगा। भारत विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर है लेकिन यहां वह शीर्ष रैंकिंग वाली टीम है और इसलिए वह स्वर्ण पदक की प्रबल दावेदार है, लेकिन इसे हासिल करने के लिए उसे उन कमियों को दूर करना होगा जिन्होंने विश्व कप जीतने की उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया था। भारत 2016 से लेकर अब तक किसी भी प्रतियोगिता में पाकिस्तान से नहीं हारा है। पिछले 16 मुकाबलों में से 14 में भारत ने जीत हासिल की है, जिसमें हांगझोऊ एशियाई खेलों में 10-2 से और इस साल के विश्व कप में 5-3 से जीत शामिल है। जापान (97 मुकाबलों में 86 जीत) और मलेशिया (127 मुकाबलों में 89 जीत) के खिलाफ भी भारत का रिकॉर्ड शानदार है। लेकिन टीम की असली परीक्षा पूल चरण में जापान और कोरिया के खिलाफ होगी। अनुभवी मनप्रीत सिंह, कप्तान हरमनप्रीत सिंह, डिफेंडर अमित रोहिदास और स्ट्राइकर मनदीप सिंह जैसे कुछ भारतीय खिलाड़ियों का यह संभवतः आखिरी एशियाई खेल होगा और वे स्वर्ण पदक के साथ इसका समापन करने के लिए बेताब होंगे। इंडोनेशिया के बाद भारतीय पुरुष टीम 22 सितंबर को श्रीलंका, 24 सितंबर को दक्षिण कोरिया, 26 सितंबर को जापान और 28 सितंबर को बांग्लादेश का सामना करेगी। जहां तक भारतीय महिला टीम का सवाल है तो उसने विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल करके 52 वर्षों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है, जिससे वे आत्मविश्वास से भरी होंगी। एशियाई खेलों के लिए भारतीय महिला टीम को पूल बी में उज्बेकिस्तान, इंडोनेशिया, थाईलैंड, जापान और सिंगापुर के साथ रखा गया है। भारतीय टीम उज्बेकिस्तान के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी, जिसमें वह बड़ी जीत हासिल करना चाहेगी। लेकिन प्रतियोगिता में भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा चीन ही बना हुआ है। पेरिस ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली और विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर काबिज चीन इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक का प्रबल दावेदार है। लेकिन भारतीय महिला टीम विश्व कप में चीन के खिलाफ अपने प्रदर्शन से प्रेरणा लेने की कोशिश करेगी, जहां उन्होंने चीन की टीम को 2-2 से बराबरी पर रोक दिया था। कप्तान सलीमा टेटे की अगुवाई में भारतीय महिला टीम हांगझोऊ एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने से बेहतर प्रदर्शन करके एशियाई खेलों का अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीतने का लक्ष्य रखेगी। भारतीय महिला टीम ने 1982 में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। उज्बेकिस्तान के बाद भारतीय महिला टीम 21 सितंबर को इंडोनेशिया, 23 सितंबर को थाईलैंड, 25 सितंबर को जापान और 27 सितंबर को सिंगापुर के खिलाफ खेलेगी।
एशियाई खेलों में Manu Bhakar की अगुवाई में उतरेगा 30 सदस्यीय भारतीय शूटिंग दल
(अजय मसंद)नागोया, 19 सितंबर ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली मनु भाकर की अगुवाई में भारतीय निशानेबाज रविवार को यहां एशियाई खेलों में अपने अभियान की शुरुआत करेंगे जिसमें उन्हें चीन से कड़ी चुनौती मिलने की संभावना है। निशानेबाजी में भारत का 30 सदस्यीय दल भाग ले रहा है और उनसे पिछले एशियाई खेलों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद जा रही है। हांगझोऊ एशियाई खेलों में भारतीय निशानेबाजों ने रिकॉर्ड 22 पदक (सात स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य) जीते थे। भारतीय टीम में कई ओलंपियन और विश्व स्तरीय खिलाड़ी शामिल हैं जिनमें से कुछ को बड़ी प्रतियोगिताओं में खेलने का अनुभव है। लेकिन सबकी निगाहें निश्चित रूप से मनु पर होंगी, जो पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक हासिल करने के बाद एशियाई खेलों में अपना पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश करेंगी। ओलंपिक में उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल में कांस्य पदक जीता और फिर सरबजोत सिंह के साथ मिलकर मिश्रित टीम स्पर्धा में एक और कांस्य पदक हासिल किया। मनु तीसरी बार एशियाई खेलों में भाग ले रही है। उन्होंने 2018 के जकार्ता में इन खेलों में पदार्पण किया था, जहां उनके साथ एयर पिस्टल निशानेबाज सौरभ चौधरी भी थे और उन्हें जूनियर राष्ट्रीय कोच जसपाल राणा का मार्गदर्शन मिल रहा था। तब से बहुत कुछ बदल चुका है। राणा का इसी साल निधन हो गया और उनकी कमी बहुत खलेगी। मनु के लिए एशियाई खेलों में वापसी का एक विशेष भावनात्मक महत्व है, क्योंकि वह उस प्रतियोगिता में वापसी करेंगी जिसमें उनका सफर राणा के सानिध्य में शुरू हुआ था। मनु और ईशा सिंह 10 मीटर एयर पिस्टल और 25 मीटर पिस्टल दोनों स्पर्धाओं में भाग लेंगी। 10 मीटर एयर पिस्टल में मनु, ईशा और सुरुचि इंदर सिंह की तिकड़ी अपनी किस्मत आजमाएंगी। 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में मनु और ईशा के साथ बेहद अनुभवी राही सरनोबत भी शामिल होंगी, जिन्होंने 2018 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। पिस्टल स्पर्धा से पहले प्रतियोगिता की शुरुआत महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा से होगी, जहां एलावेनिल वलारिवन, सोनम उत्तम मस्कर और विदरसा के विनोद भारत की तरफ से चुनौती पेश करेंगी। ओलंपियन ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, पूर्व विश्व चैंपियन रुद्रांक्ष पाटिल, नीरज कुमार पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन स्पर्धा में हिस्सा लेंगे। अनीश भानवाला शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने पिछले साल काहिरा में विश्व चैंपियनशिप और विश्व कप फाइनल में रजत पदक जीते थे। पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल टीम में अनुभव की कमी है। इसमें केदार्लिंग उचागनवे, कमलजीत और आकाश भारद्वाज भारत की चुनौती पेश करेंगे। कमलजीत जूनियर विश्व चैंपियन हैं, जबकि उचागनवे और भारद्वाज ने अभी तक कोई अंतरराष्ट्रीय पदक नहीं जीता है। विश्व चैंपियन सम्राट राणा और विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता वरुण तोमर की अनुपस्थिति ने नई तिकड़ी के लिए रास्ता खोल दिया है। शॉटगन स्पर्धा में नीरू ढांडा पर सबकी नजर रहेगी। इटली के लोनाटो में हाल ही में हुए विश्व कप में उनकी जीत भारतीय निशानेबाजी के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था। उन्होंने इस प्रतियोगिता की ट्रैप स्पर्धा में व्यक्तिगत विश्व कप स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रचा था। पुरुषों और महिलाओं की स्कीट टीमों से भी काफी उम्मीद है। ओलंपियन मैराज अहमद खान के पास कई विश्व कप में खेलने का अनुभव है और उन्होंने व्यक्तिगत, टीम और मिश्रित स्पर्धाओं में तीन विश्व कप पदक जीते हैं। एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक विजेता अनंतजीत सिंह नारुका ने भी दबाव में अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता दिखाई है।
Women's Asian Games 2026: महिला एशियन गेम्स 2026 का दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला भारत और बांग्लादेश के बीच रविवार, 20 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। ये मुकाबला भारतीय समय अनुसार सुबह 10:30 बजे से शुरू होगा। गौरतलब है कि इन दोनों टीमों के बीच आखिरी टी20 इंटरनेशनल हाल ही में एशिया कप 2026 में खेला गया था जो कि टूर्नामेंट का सेमीफाइनल मुकाबला भी था। ये दुबई के मैदान पर हुआ था जहां टीम इंडिया ने 149 रन डिफेंड करके बांग्लादेश को 40 रनों से मात दी थी। इस मुकाबले की स्टार प्लेयर शेफाली वर्मा थी, जिन्होंने 40 गेंदों पर 64 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली थी। IND-W vs BAN-W T20: मैच से जुड़ी जानकारी दिन - रविवार, 20 सितंबर 2026 समय - 10:30 AM IST वेन्यू - कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क, निसिन Korogi Sports Park, Nisshin Pitch Report कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क एक नया बना हुआ स्टेडियम है, जिसे फिलहाल इस टूर्नामेंट के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। अब तक यहां की पिच गेंदबाजों के पक्ष में रही है। पिच पर उछाल अच्छा है, जिसने हाल के मुकाबलों में बल्लेबाजों को काफी परेशान किया है। बताते चलें कि इस मैदान पर अब तक 9 टी20 इंटरनेशनल खेले गए हैं जिसमें से 5 रन डिफेंड करने वाली टीमों ने जीते हैं। यहां T20I में पहली इनिंग का औसत स्कोर 124 रन रहा है। IND-W vs BAN-W T20 Head To Head Record कुल - 25 भारत - 22 बांग्लादेश - 03 IND-W vs BAN-W T20 : Where to Watch? महिला एशियन गेम्स 2026 के सभी मुकाबले भारतीय क्रिकेट फैंस टीवी पर Sony Sports Network और OTT प्लेटफॉर्म SonyLiv App पर इन्जॉय कर सकते हैं। IND-W vs BAN-W T20: Player to Watch Out For भारतीय टीम से स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा स्टार प्लेयर्स हो सकते हैं जिन पर सभी की निगाहें रहेंगी। वहीं बात करें अगर बांग्लादेश टीम की तो निगर सुल्ताना, मारूफा अख्तर और सुल्ताना खातून अपने प्रदर्शन से कमाल कर सकते हैं। India Women vs Bangladesh Women T20 Probable Playing XI India Women T20 Probable Playing XI: स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जी कमलिनी, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, श्री चरणी, श्रेयंका पाटिल, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़। Bangladesh Women T20 Probable Playing XI: दिलारा अख्तर, जुएरिया फरदौस, सोभना मोस्तारी, निगार सुल्ताना (विकेटकीपर/कप्तान), शर्मिन अख्तर, शोर्ना अख्तर, फाहिमा खातून, नाहिदा अख्तर, राबेया खान, सुल्ताना खातून, मारूफा अख्तर। India Women vs Bangladesh Women Today's Match Prediction महिला एशियन गेम्स 2026 के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम जीत हासिल करने के लिए फेवरेट रहेगी। IND-W vs BAN-W T20 Match Prediction, Pitch Report, Today Match Prediction, IND-W vs BAN-W Predicted XIs, Playing XI, Cricket Tips, Injury Update, India Women vs Bangladesh Women Match Preview, Women's Asian Games 2026 Also Read: LIVE Cricket Score Disclaimer: यह आर्टिकल लेखक की समझ और विश्लेषण पर आधारित है।
वाराणसी के दुर्गाकुंड क्षेत्र के मानस नगर एक्सटेंशन निवासी सुमेधा ने इसी सप्ताह कोरिया में आयोजित 10 मीटर पिस्टल की टीम स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया है।
Asian Games Badminton: भारतीय टीम के सामने Japan की कड़ी चुनौती
पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम रविवार को यहां अपने अभियान की शुरुआत बांग्लादेश की खिलाफ करेगी जबकि महिला टीम कजाकिस्तान से भिड़ेगी। टीम प्रतियोगिता के बाद 25 सितंबर से व्यक्तिगत स्पर्धाएं होंगी। भारत को 2023 में हांगझोऊ में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने पुरुष युगल में स्वर्ण पदक दिलाया था। इसके अलावा भारत ने पुरुष टीम स्पर्धा में रजत और पुरुष एकल में एचएस प्रणय के शानदार प्रदर्शन से कांस्य पदक भी जीता था। भारतीय पुरुष टीम रजत पदक को स्वर्ण पदक में बदलने का लक्ष्य रखेगी, जबकि महिला टीम 2014 में इंचियोन में कांस्य पदक जीतने के बाद दूसरा टीम पदक हासिल करने की कोशिश करेगी। भारत को बांग्लादेश के खिलाफ जीत हासिल करने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए, लेकिन क्वार्टरफाइनल में उसका सामना जापान से हो सकता है। इस दौर में लक्ष्य सेन का सामना कोडाई नाराओका से हो सकता है, जिन्होंने पिछले महीने नयी दिल्ली में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में अपना दूसरा रजत पदक जीता था। विश्व के 20वें नंबर के खिलाड़ी आयुष शेट्टी का सामना स्विस ओपन विजेता और विश्व के 18वें नंबर के खिलाड़ी युशी तनाका से हो सकता है, जबकि सात्विक-चिराग का सामना ताकुरो होकी और युगो कोबायाशी से हो सकता है। भारत के लिए इस चुनौती से पार पाना आसान नहीं होगा। लक्ष्य अभी भी भारत के सर्वोच्च रैंकिंग वाले पुरुष एकल खिलाड़ी हैं, लेकिन मार्च में ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में उपविजेता रहने के बाद से उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। उन्हें विश्व चैंपियनशिप और चीन मास्टर्स के पहले ही दौर में हार का सामना करना पड़ा। भारत के ड्रॉ वाले हिस्से में चीन और कोरिया भी शामिल हैं, जिसका मतलब है कि सेमीफाइनल में उसका इनमें से किसी भी टीम से मुकाबला हो सकता है। दूसरे हिस्से में मलेशिया, इंडोनेशिया, थाईलैंड और चीनी ताइपे हैं। भारत की तरफ से तीसरे एकल की जिम्मेदारी किदाम्बी श्रीकांत पर आ सकती है। प्रणय भी हाल में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने के बावजूद भारत के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बने हुए हैं। महिलाओं के वर्ग में भारत का पहला मुकाबला कजाकिस्तान से होगा और क्वार्टरफाइनल में उसका सामना दूसरी वरीयता प्राप्त जापान से हो सकता है। उस मुकाबले में पीवी सिंधू का सामना तीन बार की विश्व चैंपियन अकाने यामागुची से जबकि उन्नति हुडा का सामना 20 वर्षीय टोमोका मियाजाकी से हो सकता है। पिछले महीने विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की महिला युगल जोड़ी का सामना जापान की युकी फुकुशिमा और मायु मात्सुमोतो से हो सकता है। विश्व चैंपियनशिप में मिली शानदार सफलता के बाद यह भारतीय जोड़ी व्यक्तिगत स्पर्धा में भी पदक की प्रबल दावेदार बनकर उभरी है। सभी की निगाहें सिंधू के प्रदर्शन पर टिकी रहेगी। वह जुलाई में जापान ओपन सुपर 750 में अपने शानदार प्रदर्शन को बरकरार रखने की कोशिश करेंगी। अगर महिला टीम जापान को हराने में सफल रहती है, तो सेमीफाइनल में उसका सामना कोरिया से हो सकता है।
Asian Games से पहले भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को सही साइज की किट का इंतजार
(भरत शर्मा)नयी दिल्ली, 19 सितंबर भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के सदस्य एशियाई खेलों के लिए अब भी सही साइज की किट का इंतजार कर रहे हैं जबकि उन्हें रविवार तड़के जापान रवाना होना है। पीटीआई को पता चला है कि खिलाड़ियों की जर्सी को लेकर भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के किट उपलब्ध कराने वाले जेएसडब्ल्यू इंस्पायर के बीच बातचीत हुई है। श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली टीम रविवार तड़के राष्ट्रीय राजधानी से रवाना होने वाली है। भारतीय खिलाड़ी 22 सितंबर को जापान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में अपनी मानक पोशाक पहनेंगे। इसके बाद वे 28 सितंबर से शुरू होने वाली क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए एशियाई खेलों की आधिकारिक पोशाक पहनेंगे। आईओए के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया, ‘‘क्रिकेटरों की पोशाक के साइज में कुछ समस्या थी, जिसे काफी हद तक ठीक कर लिया गया है। कुछ किटें बची हैं और उन्हें जल्द ही टीम को भेज दिया जाएगा। खिलाड़ियों को दो अलग-अलग पोशाक की जरूरत है (एक द्विपक्षीय मैचों के लिए और दूसरी एशियाई खेलों के लिए), इसलिए ऐसा हुआ होगा।’’इस बीच नागोया में अन्य भारतीय खिलाड़ियों को आवास मिलने में हो रही देरी को देखते हुए बीसीसीआई ने स्वयं होटल की व्यवस्था करने का फैसला किया है। भारतीय महिला टीम हालांकि आईओए द्वारा उपलब्ध कराए गए आवास में रह रही है। एक सूत्र ने बताया, ‘‘महिला टीम के ठहरने की व्यवस्था में किसी तरह की समस्या नहीं आई। आयोजकों ने पुरुष टीम के लिए जो कमरे उपलब्ध कराए उनमें किट बैग रखने की भी जगह नहीं थी। वहां ज्यादा बड़े होटल नहीं हैं, लेकिन बीसीसीआई ने जापान रवाना होने से कुछ समय पहले ही अपने स्तर पर व्यवस्था कर ली थी।’’एशियाई खेलों में भाग लेने वाले कुछ खिलाड़ियों को अपने आवास में पहुंचने से पहले घंटों इंतजार करना पड़ा। इस बार एशियाई खेलों ने किसी तरह के खेल गांव की व्यवस्था नहीं है और खिलाड़ियों को क्रूज जहाजों, कंटेनरों और होटलों में ठहराया जा रहा है।
एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में Bangladesh से भिड़ेगा भारत, आक्रामक शुरुआत पर नजर
मौजूदा चैंपियन भारत रविवार को यहां बांग्लादेश के खिलाफ होने वाले एशियाई खेलों के सेमीफाइनल मैच में अपने आक्रामक तेवर बरकरार रखकर दबाव बनाने की कोशिश करेगा। भारतीय टीम ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत की। उसने क्वार्टर फाइनल में जापान को आठ विकेट से करारी शिकस्त दी और इस बीच 15 ओवर शेष रहते हुए ही मैच जीत लिया। दूसरी ओर बांग्लादेश ने चीन के खिलाफ क्वार्टरफाइनल मैच गीले मैदान के कारण रद्द होने के बाद अपनी बेहतर आईसीसी रैंकिंग के आधार पर सेमीफाइनल में जगह बनाई। भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ इस प्रारूप में अपना दबदबा बनाए रखा है और उसने पिछले नौ मुकाबलों में जीत हासिल की है, जिसमें पिछले सप्ताह एशिया कप में 40 रन की जीत भी शामिल है। बांग्लादेश के हाथों उसे टी20 में आखिरी बार तीन साल पहले हार का सामना करना पड़ा था। भारत ने जापान के खिलाफ टर्न और उछाल वाली पिच का भरपूर फायदा उठाया, जिसमें बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने अपना प्रभावशाली प्रदर्शन जारी रखा। उन्हें कामचलाऊ गेंदबाज शेफाली वर्मा, अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा और श्रेयांका पाटिल का भरपूर सहयोग मिला। श्रेयांका ने तीन महीने के बाद वापसी की है। जापान के खिलाफ सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और कप्तान हरमनप्रीत कौर बल्लेबाजी करने नहीं आई थीं। शेफाली ने अकेले दम पर भारत को 58 रन के लक्ष्य तक पहुंचा दिया। उम्मीद है कि ये दोनों सीनियर बल्लेबाज बांग्लादेश के खिलाफ मैदान पर वापसी करेंगी। बांग्लादेश की टीम भारत पर दबाव बनाने के लिए अपने स्पिनरों पर निर्भर रहेगी। बांग्लादेश को अगर भारत के बल्लेबाजों पर दबाव बनाना है तो नाहिदा अख्तर और रबिया खान जैसी गेंदबाजों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा। वे पिच से मिलने वाली किसी भी मदद का फायदा उठाने और भारत के आक्रामक शीर्ष क्रम को नियंत्रण में रखने की कोशिश करेंगी। टीम इस प्रकार हैं:भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), शेफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), जी कमलिनी (विकेटकीपर), श्रेयांका पाटिल, भारती फुलमाली, श्री चरणी, रेणुका ठाकुर, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, राधा यादव, नंदनी शर्मा। बांग्लादेश: निगार सुल्ताना (कप्तान), नाहिदा अख्तर (उप-कप्तान), दिलारा अख्तर, फाहिमा खातून, फरिहा त्रिस्ना, जुएरिया फिरदौस, मारुफा अख्तर, सोभना मोस्टोरी, रबिया खान, रितु मोनी, संजीदा अख्तर मेघला, सरमिन सुल्ताना, शर्मिन अख्तर, शोर्ना अख्तर, सुल्ताना खातून। मैच भारतीय समयानुसार सुबह 10:30 बजे शुरू होगा।
Asian Games Opening Ceremony में Pawan Sehrawat बने भारत के ध्वजवाहक, Tajinderpal Toor की जगह ली
हांगझोऊ एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाले कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत, शनिवार, 19 सितंबर को होने वाली ओपनिंग सेरेमनी के लिए भारत के दूसरे ध्वजवाहक के तौर पर तेजिंदरपाल सिंह तूर की जगह लेंगे। तूर अभी अपने बेस पर ट्रेनिंग कर रहे हैं और अभी तक नागोया नहीं पहुंचे हैं। खास बात यह है कि तेजिंदरपाल को अभी तक अपनी किट नहीं मिली है, इसलिए वह ओपनिंग सेरेमनी में शामिल नहीं हो पाएंगे। इसे भी पढ़ें: Asian Games: नागोया में भारतीय खिलाड़ियों के आवास संकट पर मदद को आगे आए प्रवासी तूर, पेरिस ओलंपिक में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाली शूटर मनु भाकर के साथ ओपनिंग सेरेमनी में भारत के ध्वजवाहक बनने के लिए पूरी तरह तैयार थे। लेकिन शेफ़ डी मिशन सहदेव यादव ने PTI से बात करते हुए बताया कि अब सेहरावत, जो पिछले एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की पुरुष कबड्डी टीम के सदस्य थे, सेरेमनी में तूर की जगह लेंगे। तूर ने कहा कि मुझे बताया गया है कि मेरी किट दोपहर 3 बजे (नागोया) एयरपोर्ट पर पहुंचेगी। एयरपोर्ट से समय पर अपनी किट लेकर ओपनिंग सेरेमनी वाली जगह तक पहुंचना बहुत मुश्किल होगा। तूर ने आगे कहा कि तो, मैंने IOA को बता दिया है कि मैं ओपनिंग सेरेमनी में नहीं आ रहा हूँ। मेरी किट भारत में ही पड़ी है। एथलेटिक्स टीम में किसी को भी अभी तक अपनी किट नहीं मिली है। एथलेटिक्स टीम, माहौल के हिसाब से ढलने के लिए कैंप के तहत रविवार, 13 सितंबर से टोक्यो के पास सुकुबा यूनिवर्सिटी में ट्रेनिंग कर रही है। टीम को सोमवार को नागोया पहुँचना है, जो एथलेटिक्स इवेंट्स शुरू होने से दो दिन पहले का समय है। इसे भी पढ़ें: Indian Surfing Team Coach Samai Reboul Eyes 2028 Los Angeles Olympics टूर ने कहा कि अगर उन्हें शुक्रवार से पहले ओपनिंग सेरेमनी में अपनी भूमिका के बारे में बताया गया होता, तो वे समय पर किट पाने का इंतज़ाम कर सकते थे। तूर ने आगे कहा कि IOA ने मुझे कल ही बताया कि मैं फ़्लैग-बेयरर (झंडा उठाने वाला) बनूँगा। वरना, मेरे कोच, जो कल यहाँ पहुँचे थे, मेरे लिए उसे (किट को) ले आ सकते थे। एशियन गेम्स में देरी एक आम बात हो गई है। नागोया में भारत और दूसरी टीमों के साथ होने वाली पारंपरिक झंडा फहराने की सेरेमनी में शुक्रवार को देरी हुई और फिर उसमें रुकावट भी आई। आयोजकों द्वारा किसी अज्ञात 'समस्या' को सुलझाने के बाद यह सेरेमनी हो पाई, जिससे गेम्स से जुड़ी लॉजिस्टिक्स की अव्यवस्था को लेकर आलोचना और बढ़ गई।
Asian Games 2026: टेबल टेनिस में भारत की चुनौती आज से, मानुष-मानव की जोड़ी पर निगाहें; पहली बार गोल्ड की उम्मीद
Asian Games 2026: आईओए अध्यक्ष पीटी उषा ने ओसीए प्रमुख और सदस्यों से मुलाकात की
इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने आइची-नागोया में एशियन गेम्स के आधिकारिक स्वागत समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (ओसीए) के अध्यक्ष शेख जोआन बिन हमद अल थानी और एशियन स्पोर्टिंग फ्रेटरनिटी के दूसरे सदस्यों से मुलाकात की। पीटी उषा मुलाकात की तस्वीर को एक्स पर साझा करते हुए लिखा, ओसीए अध्यक्ष शेख जोआन बिन हमद अल थानी और ओसीए के सदस्यों से आधिकारिक स्वागत समारोह में मिलना शानदार था हम सब मिलकर पूरे एशिया में खेल के विकास का रास्ता बना रहे हैं। यह समारोह एशियन गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी से पहले रखा गया था। ओपनिंग सेरेमनी शनिवार को पालोमा मिजुहो स्टेडियम में होनी है। आइची-नागोया एशियन गेम्स में पूरे कॉन्टिनेंट के एथलीट एक साथ आएंगे। ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के अध्यक्ष शेख जोआन बिन हमद अल थानी ने एशियन गेम्स से पहले जापान के नागोया में 110वीं ओसीए एग्जीक्यूटिव बोर्ड मीटिंग का भी नेतृत्व किया। मीटिंग में आने वाले ओसीए कार्यक्रमों की तैयारियों पर बात हुई, जिसमें एशियन इंडोर और मार्शल आर्ट्स गेम्स रियाद 2026, एशियन बीच गेम्स इन सेबू 2028, और एशियन विंटर गेम्स इन अल्माटी 2029 शामिल हैं। शनिवार की ओपनिंग सेरेमनी से पहले ही एशियाड में भारत का कैंपेन शुरू हो गया, जिसमें टेकबॉल और क्रिकेट में पहले से ही एक्शन चल रहा है। टेकबॉल के महिला एकल सेमीफाइनल में क्विम्सी जोआकिम डिसूजा को हार का सामना करना पड़ा है। वह कांस्य पदक के लिए मुकाबला करेंगी। वहीं, भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने भी क्वार्टर फाइनल में मेजबान जापान पर बड़ी जीत हासिल कर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। सेमीफाइनल में भारतीय टीम का मुकाबला बांंग्लादेश से होना है। मीटिंग में आने वाले ओसीए कार्यक्रमों की तैयारियों पर बात हुई, जिसमें एशियन इंडोर और मार्शल आर्ट्स गेम्स रियाद 2026, एशियन बीच गेम्स इन सेबू 2028, और एशियन विंटर गेम्स इन अल्माटी 2029 शामिल हैं। Also Read: LIVE Cricket Score --आईएएनएस Article Source: IANS
बेसबॉल ग्राउंड से बना जापान का नया क्रिकेट वेन्यू, Asian Games से बदलेगी तस्वीर
आईची-नागोया (Aichi-Nagoya) में एशियन गेम्स की बदौलत क्रिकेट को एक नया वेन्यू मिल रहा है और इस वेन्यू की स्टोरी उतनी ही दिलचस्प है जितना वहां होने वाला क्रिकेट। Also Read: LIVE Cricket Score नागोया के ईस्ट में है निशिन शहर (Nisshin City) जहां के कोरोगी एथलेटिक पार्क (Korogi Athletic Park) में अभी कुछ साल पहले तक, बेसबॉल खेलते थे। इसे क्रिकेट के लिए नए सिरे से तैयार किया और नतीजा: जापान को इंटरनेशनल स्तर का एक नया क्रिकेट ग्राउंड मिल गया। जिस देश में बेसबॉल सबसे लोकप्रिय खेल है, वहां क्रिकेट के लिए अलग से एक ग्राउंड, बहुत बड़ी बात है। आइची-नागोया गेम्स की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार, ये जापान का दूसरा ऐसा क्रिकेट ग्राउंड है जहां इंटरनेशनल टूर्नामेंट की जरूरतों को पूरा करने वाली प्राकृतिक ग्रास पिच है। ये बदलाव जरूरत का नतीजा है। जब ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया और मेजबान आइची-नागोया ने एशियन गेम्स में क्रिकेट को शामिल करने को मंजूरी दी तो सामने सबसे बड़ी अड़चन थी, वहां आस-पास भी कोई सही क्रिकेट ग्राउंड न होना। टोक्यो के नार्थ में तोचिगी के सानो में एक इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड है (जहां भारत-जापान टी20 इंटरनेशनल है) लेकिन ये नागोया से बहुत दूर है। तो समाधान था नया क्रिकेट स्टेडियम बनाएं या किसी मौजूदा स्पोर्ट्स फैसिलिटी को क्रिकेट ग्राउंड में बदल दें। खर्चा बचाने के लिए दूसरा रास्ता चुना जिसने कोरोगी को एशियन गेम्स में इस्तेमाल हो रहे एक और ग्राउंड से, क्रिकेट ग्राउंड में बदल दिया। ये प्रयोग सस्ते में इंटरनेशनल क्रिकेट को लाने के लिए, उन देश के लिए एक सबक की तरह से है जहां क्रिकेट स्टेडियम का कोई स्थापित नेटवर्क नहीं। कोरोगी एथलेटिक पार्क, सेंट्रल नागोया से लगभग 20 किमी दूर है और यहां तीन बेसबॉल फील्ड हैं। क्रिकेट ग्राउंड का काम मार्च 2026 के आखिर में पूरा हुआ और आख़िरी सबसे बड़ा बदलाव था हाइब्रिड पिच स्क्वायर को बनाना। ग्राउंड का टेस्ट हुआ जब यहां आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप ईस्ट एशिया-पैसिफिक क्वालिफायर के 6 मैच खेले। ये 2028 टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफायर टूर्नामेंट है। क्वालिफायर के दौरान ग्राउंड में लगभग 1000 दर्शक मौजूद थे और एशियन गेम्स के लिए ग्राउंड की क्षमता बढ़ाकर लगभग 2000 करने के लिए अस्थायी स्टैंड लगा दिए हैं। पिच बनाने के लिए प्राकृतिक घास के साथ पॉलीइथिलीन फाइबर का इस्तेमाल किया है। इसी टेक्नोलॉजी का वानुअतु के पोर्ट विला में हाइब्रिड सतह बनाने के लिए इस्तेमाल हुआ है। क्वालिफायर के दौरान, पापुआ न्यू गिनी और कुक आइलैंड्स के बीच मैच में तो 359 रन भी बने और हर मैच में पिच से बाउंस और टर्न दोनों मिले। कोरोगी एथलेटिक पार्क में ही अब एशियन गेम्स में सभी टी20 क्रिकेट मैच खेलेंगे (मैच 17 सितंबर से शुरू हैं)। कोई भी बड़ा स्पोर्ट्स इवेंट कुछ दिन के लिए तो हर चर्चा में रहता है लेकिन असली इम्तिहान होता है इवेंट खत्म होने के बाद। जापान क्रिकेट एसोसिएशन के लिए एशियन गेम्स में क्रिकेट, महज एक शुरुआत नहीं है। वे अब चाहते हैं कि सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड के साथ-साथ कोरोगी एथलेटिक पार्क भी जापान के क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर का स्थाई हिस्सा बने। ये सोच गलत नहीं पर आसान भी नहीं। अभी जो एग्रीमेंट हुआ है उसके अनुसार एसोसिएशन को साल में सिर्फ 20 दिन के लिए ये ग्राउंड क्रिकेट पिच के रखरखाव और इस्तेमाल के लिए मिलेगा। इसलिए साथ-साथ एक और सिंथेटिक-पिच फैसिलिटी बनाने का काम शुरू कर दिया रही है। इससे सितंबर के बाद भी ये वेन्यू चर्चा में रहेगा। जापान, इंटरनेशनल टूर्नामेंट के लिए किसी उधार की फैसिलिटी के इस्तेमाल के बजाय क्रिकेट को अपने स्पोर्ट्स कल्चर का हिस्सा बनाने की कोशिश कर रहा है। मल्टी-स्पोर्ट इवेंट्स में क्रिकेट की एंट्री अब लगातार बढ़ रही है। 128 साल के बाद लॉस एंजिल्स 2028 में क्रिकेट, ओलंपिक प्रोग्राम में भी वापसी कर रहा है। जो सस्ता लेकिन बेहतर इंतजाम जापान ने किया, वह इस कड़ी में बड़ा मदगार साबित होगा। जापान के लिए, कोरोगी एथलेटिक पार्क, क्रिकेट को उन लोगों तक पहुंचाने का जरिया है जो शायद क्रिकेट के बारे में बहुत कम जानते हों। निसिन प्रोजेक्ट वहां क्रिकेट के विकास के प्रोजेक्ट का एक खास हिस्सा है। मेजबान होने के नाते, जापान की पुरुष और महिला टीम ने अपने-आप क्वालीफाई कर लिया जिससे स्थानीय दर्शकों को अपने देश की टीमों से जुड़ने का मौका मिल रहा है तो साथ ही वे एशिया की बेहतरीन टीमों और खिलाड़ियों को करीब से देख रहे हैं। इसलिए, इस वेन्यू के दो काम हैं: एक हाई-लेवल इंटरनेशनल टूर्नामेंट की मेजबानी करना और क्रिकेट के लिए नए दर्शक तैयार करने के प्रोजेक्ट में मदद। अमेरिका ने भी 2024 टी20 वर्ल्ड कप के दौरान ऐसी ही मुश्किल का सामना किया था पर वहां, बड़े भारी खर्चे पर, उस अस्थाई स्टेडियम इंफ्रास्ट्रक्चर और ड्रॉप-इन पिचों का इस्तेमाल किया था, जो पारंपरिक तौर पर क्रिकेट से जुड़े नहीं थे। बाद में सब तोड़ दिए गए और सारा इनवेस्टमेंट बेकार गया। जापान ने एक अलग रास्ता अपनाया- एक नया क्रिकेट स्टेडियम बनाने के बजाय मौजूदा बेसबॉल फ़ैसिलिटी को ही क्रिकेट की जरूरत पूरा करने में बदल दिया। अगर कोरोगी एक नियमित क्रिकेट वेन्यू बना रहा तो ये एशियन गेम्स, मेडल और यादों से कहीं ज़्यादा कीमती चीज जापान के लिए पीछे छोड़ जाएंगे: वह क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर जो वहां क्रिकेट को बढ़ावा देगा। यही बात कोरोगी एथलेटिक पार्क की चर्चा में सबसे ख़ास है।
Asian Games 2026: शैफाली वर्मा के नाम दर्ज हुआ ये बड़ा रिकॉर्ड, कर दिया ये बड़ा कारनामा
इंटरनेट डेस्क। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स 2026 में जापान को आठ विकेट से शिकस्त दी। मैच में शैफाली वर्मा ने (दो विकेट और नाबाद 40 रन) ने ऑलराउंड प्रदर्शन किया। इस पारी में उन्होंने छह चौके और दो छक्के लगाए। इस पारी के दौरान उन्होंने एक भारतीय रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। शैफाली अब अन्तरराष्ट्रीय महिला टी20 क्रिकेट में एक कैलेंडर ईयर में दूसरी सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। भारतीय बल्लेबाजों की इस लिस्ट में वह शीर्ष पर पहुंच गई हैं। उन्होंने इस मामले में भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। हरमनप्रीत ने साल 2018 में 25 छक्के लगाए थे, जबकि शैफाली इस साल अभी तक 26 छक्के लगा चुकी हैं। दुनिया में उनसे आगे केवल श्रीलंका की चमारी अट्टापट्टू हैं जिन्होंने 2024 में 32 छक्के लगाए थे। pc- aaj tak
Asian Games में Manush Shah और Manav Thakkar की जोड़ी से पदक की आस
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 19 सितंबर मानुष शाह और मानव ठक्कर की विश्व में तीसरे नंबर की पुरुष युगल जोड़ी के नेतृत्व में आत्मविश्वास से भरी भारतीय टेबल टेनिस टीम रविवार को यहां एशियाई खेलों में अपना अभियान शुरू करेगी और उसका लक्ष्य कम से कम एक पदक जीतना है। भारतीय पुरुष टीम ग्रुप एफ के अपने पहले मैच में इंडोनेशिया का सामना करेगी और रविवार को अपने दूसरे मैच में ईरान के खिलाफ खेलेगी। महिला टीम को भी ग्रुप एफ में रखा गया है और वह इंडोनेशिया के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। दिन के दूसरे मैच में उसका सामना सिंगापुर से होगा। पिछले एशियाई खेलों में भारत ने महिला युगल जोड़ी सुतीर्थ मुखर्जी और आयिका मुखर्जी के दम पर कांस्य पदक जीता था। मानुष-मानव की जोड़ी वर्तमान में विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर है और दोनों ही बेहतरीन फॉर्म में हैं। इसलिए भारत को उनसे पदक की उम्मीद है। मानुष और दीया चिताले की मिश्रित युगल जोड़ी भी शानदार फॉर्म में है। सिंड्रेला दास ने लगातार अच्छा प्रदर्शन करके एशियाई खेलों के लिए सीनियर टीम में जगह बनाई है। वर्तमान में आईटीटीएफ महिला एकल रैंकिंग में 99वें स्थान पर काबिज 17 वर्षीय सिंड्रेला ने घरेलू सर्किट में शानदार प्रदर्शन किया। भारत की 10 सदस्यीय टीम (पांच पुरुष और पांच महिला) के अन्य सदस्यों में जी साथियान, श्रीजा अकुला, वाई डी घोरपड़े, सुतीर्थ, पायस जैन और हरमीत देसाई शामिल हैं। सथियान टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं, और उन्होंने 2018 एशियाई खेलों के पुरुष टीम स्पर्धा में कांस्य पदक और राष्ट्रमंडल खेलों में कई पदक जीते हैं। टेबल टेनिस टीम 16 सितंबर को यहां पहुंची और खिलाड़ी यहां की परिस्थितियों, विशेष रूप से एशियाई खेलों में इस्तेमाल होने वाली टेबल और गेंदों के अभ्यस्त हो गए हैं। मानव ने कहा, ‘‘मैं तीसरी बार एशियाई खेलों में भाग ले रहा हूं और तैयारियां बहुत अच्छी चल रही हैं। पूरी टीम पिछले एक महीने से बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही है। उम्मीद है कि हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे और पदक जीतने में सफल रहेंगे।
एशियाई खेलों का महाकुंभ आज से, इंदौर के युवाओं पर टिकीं देश की उम्मीदें
मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों का चयन एथलेटिक्स, क्रिकेट, कैनो स्लालम, कैनो स्प्रिंट, हाकी, जूडो, रोइंग, सेलिंग, शूटिंग और साफ्ट टेनिस सहित 10 खेल विधाओं में हुआ है।
एशियाई खेलों में Quimcy Dsouza टेकबॉल सेमीफाइनल हारीं, अब खेलेंगी Bronze Medal मैच
(अजय मसंद)नागोया, 19 सितंबर भारत की क्विम्सी डिसूजा एशियाई खेलों की टेकबॉल महिला एकल सेमीफाइनल स्पर्धा में इंडोनेशिया की सुमाया के खिलाफ जुझारू प्रदर्शन करने के बावजूद हार गई और अब कांस्य पदक के लिये खेलेंगी। डिसूजा ने शुरूआती बढत बनाई लेकिन लय कायम नहीं रख पाई और 12 . 7, 9 . 12, 7 . 12 से हार गई। इससे पहले प्रदेश स्तर पर फुटबॉल और 1500 मीटर दौड़ में भाग लेने वाली मुंबई की इस खिलाड़ी ने ब्राजील के महान फुटबॉलर रोनाल्डिन्हो को इंस्टाग्राम पर अपना कौशल दिखाते हुए देखने के बाद टेकबॉल खेलना शुरू किया। पहले गेम में पूरी तरह नियंत्रण में दिखी डिसूजा ने 12 . 7 से बढत बना ली थी। लेकिन दूसरे गेम में सुमाया ने वापसी की और मुकाबले को निर्णायक गेम तक ले गई। इसमें लगातार नौ अंक बनाकर उन्होंने डिसूजा को मुकाबले से बाहर कर दिया। डिसूजा अब रविवार को कांस्य पदक का प्लेआफ खेलेगी। टेकबॉल को पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया है। टेकबॉल फुटबॉल और टेबल टेनिस का मिश्रण है। इस खेल का आविष्कार 2014 में हंगरी में फुटबॉल के शौकीन गैबोर बोरसानी, ग्योरगी गैटियन और विक्टर हुस्ज़ार ने किया था। पहली आधिकारिक टेकबॉल विश्व चैंपियनशिप 2017 में बुडापेस्ट में आयोजित की गई थी। टेकबॉल में खिलाड़ी हाथों और बाजुओं को छोड़कर अपने शरीर के लगभग हर हिस्से का उपयोग करते हुए एक मानक आकार की फुटबॉल को एक पारदर्शी प्लेक्सीग्लास से विभाजित घुमावदार टेबल पर उछालते हैं।
Asian Games में भारत के ध्वजवाहक बने Pawan Sehrawat, किट न मिलने से हटे तूर
अनुभवी कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह में तजिंदरपाल सिंह तूर की जगह भारत के ध्वजवाहक होंगे। शॉट पुट के एथलीट तूर के पास इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए औपचारिक किट नहीं है जिसके कारण उनकी जगह सहरावत को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। इस समारोह के दौरान राष्ट्रीय दल का नेतृत्व करने में तूर को निशानेबाज मनु भाकर का साथ देना था। भारत के दल प्रमुख सहदेव यादव ने पीटीआई को बताया कि पिछले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के सदस्य रहे 30 वर्षीय सहरावत अब तूर की जगह लेंगे। तूर ने पीटीआई को बताया, ‘‘मुझे बताया गया है कि मेरी औपचारिक किट दोपहर तीन बजे (नागोया) हवाई अड्डे पर पहुंचेगी। हवाई अड्डे से अपनी किट लेने के बाद समय पर उद्घाटन समारोह स्थल पर पहुंचना बहुत मुश्किल होगा। इसलिए, मैंने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को बता दिया है कि मैं उद्घाटन समारोह में नहीं आ रहा हूं।
जापान के आइची-नागोया (Aichi-Nagoya) में आयोजित 20वें एशियन गेम्स 2026 के औपचारिक आगाज के साथ ही खिलाड़ियों के ठहरने (Accommodation) को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी चुनौतियां सामने आई हैं। पारंपरिक एशियन गेम्स या ओलंपिक की तरह इस बार आयोजकों ने कोई केंद्रीकृत 'एथलीट्स विलेज' (Central Athletes' Village) नहीं बनाया है। इसके बजाय लगभग 4,000 से 5,000 एथलीट्स और अधिकारियों को नागोया बंदरगाह पर खड़े एक विशाल क्रूज शिप (Costa Serena), अस्थायी कंटेनर-स्टाइल कमरों और शहर भर में बिखरे छोटे होटलों में ठहराया जा रहा है।शुरुआती दौर में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आयोजकों द्वारा तय किए गए होटलों के कमरों के बेहद छोटे आकार और किटबैग रखने तक की जगह न होने पर आपत्ति जताई थी। अब जैसे ही श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली भारतीय पुरुष टीम जापान दौरे के लिए तैयार हुई, बीसीसीआई ने खिलाड़ियों की सुविधा, रिकवरी और बड़े दल को एकजुट रखने के लिए खुद आगे आकर बड़ा रणनीतिक कदम उठा लिया है।बीसीसीआई का अहम फैसला: पूरी पुरुष टीम के लिए अलग प्राइवेट होटलबीसीसीआई सचिव देवाजीत सैकिया के अनुसार, भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने पुरुष क्रिकेट दल के लिए आयोजकों की मानक व्यवस्था से इतर अपना खुद का अलग होटल बुक करने का फैसला किया है।बोर्ड के इस फैसले के पीछे 3 मुख्य कारण रहे:सपोर्ट स्टाफ और दल का बड़ा आकार: एशियन गेम्स आयोजकों द्वारा प्रति खेल दल के लिए कमरे और अधिकारियों की संख्या की एक सख्त सीमा तय की गई थी। भारतीय पुरुष टीम के साथ मुख्य कोच, बॉलिंग-फील्डिंग कोच, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग ट्रेनर्स, फिजियो और वीडियो एनालिस्ट समेत बड़ा सपोर्ट स्टाफ जा रहा है।टुकड़ों में बंटने से बचाना: आयोजकों के नियमों के तहत कुछ सपोर्ट स्टाफ को खिलाड़ियों से मीलों दूर किसी दूसरे होटल या क्रूज शिप पर रुकना पड़ता। बीसीसीआई किसी भी हाल में खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को अलग-अलग (Segregate) नहीं करना चाहता था।कमरों का स्पेस और प्राइवेसी: क्रिकेटरों के भारी-भरकम किटबैग, मेडिकल और रिहैब उपकरणों को रखने के लिए पर्याप्त जगह और टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों की निजता व सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।महिला टीम का क्या होगा? वे कहां ठहरेंगी?बीसीसीआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह विशेष व्यवस्था केवल पुरुष क्रिकेट दल के लिए की गई है। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम आयोजकों द्वारा आवंटित आधिकारिक खेल सुविधाओं में ही ठहरी हुई है।महिला दल में खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ की कुल संख्या केवल 20 सदस्यों की है, जो एशियन गेम्स आयोजकों के आधिकारिक कोटा और कमरे के आवंटन के बिल्कुल भीतर आती है। महिला टीम ने 18 सितंबर को जापान के खिलाफ अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में 8 विकेट से एकतरफा जीत दर्ज कर अपने अभियान का शानदार आगाज भी कर दिया है।एशियन गेम्स में टीम इंडिया का शेड्यूल और पहला मैचभारतीय पुरुष टीम 20 सितंबर को भारत से रवाना होकर 21 सितंबर को जापान पहुंचेगी:22 सितंबर (स्पेशल T20I मैच): एशियन गेम्स के मुख्य मुकाबलों से पहले भारत और जापान के बीच कूटनीतिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर एक दोस्ताना टी20 मैच खेला जाएगा।28 सितंबर (क्वार्टर फाइनल): भारतीय पुरुष टीम सीधे क्वार्टर फाइनल चरण से अपने एशियन गेम्स अभियान की शुरुआत करेगी। यह मुकाबला निशिन स्थित आइची प्रीफेक्चुरल कोरोकी स्पोर्ट्स पार्क (Korogi Sports Park) में खेला जाएगा।भारतीय टीम 2023 हांगझोउ एशियन गेम्स में जीते अपने गोल्ड मेडल का बचाव करने के इरादे से मैदान में उतरेगी।बोर्ड का कड़ा संदेश: खिलाड़ियों की फिटनेस और कम्फर्ट से समझौता नहींदुनिया के सबसे धनी और प्रभावशाली क्रिकेट बोर्ड ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब बात खिलाड़ियों की सुविधा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन की आती है, तो बजट उसके आड़े नहीं आता। कई अन्य देशों के एथलीट जहां दूरदराज के ठिकानों और क्रूज शिप पर ठहरने के कारण यात्रा और थकान से जूझ रहे हैं, वहीं भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को मैच वेन्यू के नजदीक एक ही छत के नीचे रखकर बीसीसीआई ने टीम के मनोबल और तैयारियों को शीर्ष स्तर पर बनाए रखने का पुख्ता इंतजाम कर दिया है।
एशियाई खेल: कबड्डी खिलाड़ी पवन सेहरावत भारतीय ध्वजवाहक होंगे, उद्घाटन समारोह में तजिंदरपाल तूर की जगह चुना गया
Asian Games: नागोया में भारतीय खिलाड़ियों के आवास संकट पर मदद को आगे आए प्रवासी
(अजय मसंद)नागोया, 18 सितंबर एशियाई खेलों में आवास संकट से चिंतित खेल मंत्रालय ने यहां रहने वाले प्रवासी भारतीय लोगों से अपील की है कि अगर शनिवार से शुरू होने वाले महाद्वीपीय खेलों के दौरान कमरों की कमी का समाधान नहीं होता है तो वे खिलाड़ियों के ‘‘आवास प्रदान करने में मदद करें।’’भारत सहित कई अन्य देशों के खिलाड़ियों ने अपने आवास की व्यवस्था में देरी की शिकायत की है। लागत कम करने के लिए इस बार खेल गांव जैसी व्यवस्था नहीं है तथा खिलाड़ियों को कंटेनर की तरह की झोपड़ियों, पानी के एक जहाज और होटलों में ठहराया जा रहा है। भारत के मिशन प्रमुख सहदेव यादव ने शुक्रवार को खुलासा किया कि आयोजकों द्वारा निर्धारित आवास न मिलने के कारण लगभग 35 भारतीय खिलाड़ियों को होटलों में स्थानांतरित करना पड़ा। प्रतियोगिता कार्यक्रम के अनुसार और भी खिलाड़ियों के आने की उम्मीद है, जिससे स्थिति और भी बिगड़ सकती है। खेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने यहां बताया, ‘‘खेल मंत्रालय ने प्रवासी भारतीयों से संपर्क किया है और उनसे एशियाई खेलों के दौरान कमरों की कमी होने पर खिलाड़ियों के आवास की व्यवस्था में मदद करने के लिए तैयार रहने को कहा है।’’खेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर पीटीआई को बताया कि नागोया में लगभग 2000 परिवारों से संपर्क करने में भारतीय दूतावास ने बड़ी भूमिका निभाई है और आवास की कमी होने पर उनमें से कई परिवार आगे आए हैं। अधिकारी ने कहा, ‘‘पहली प्राथमिकता खिलाड़ियों को अच्छे होटलों में ठहराना होगी, लेकिन अगर फिर भी और कमरों की जरूरत पड़ती है तो प्रवासी भारतीय समुदाय की मदद ली जा सकती है।’’खेल मंत्री मनसुख मांडविया भी यहां पहुंच चुके हैं और शुक्रवार को ध्वजारोहण समारोह में थोड़ी देर के लिए उपस्थित रहे, जो एशियाई ओलंपिक परिषद और स्थानीय आयोजन समिति के बीच ‘‘गलतफहमी’’ के कारण एक घंटे से अधिक देरी से शुरू हुआ था। मंत्रालय को भरोसा है कि प्रवासी भारतीयों के सहयोग से स्थिति को संभाला जा सकता है। आवास मिलने में देरी के बाद बैडमिंटन खिलाड़ियों को होटलों में स्थानांतरित कर दिया गया है और वे फिलहाल वहीं ठहरेंगे। अधिकारी ने कहा, ‘‘प्रवासी भारतीय समुदाय बहुत सहयोगी रहा है और वे हर संभव तरीके से मदद कर रहे हैं, जिसमें हवाई अड्डे पर खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करना भी शामिल है।’’उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा शेफ डे मिशन के दो सदस्य हवाई अड्डे पर खिलाड़ियों का स्वागत करने के लिए हमेशा मौजूद रहेंगे। खिलाड़ियों को हवाई अड्डे पर भारतीय जर्सी पहने अधिकारियों को देखकर सहज महसूस होगा।’’अधिकारी ने कहा, ‘‘मंत्रालय भारतीय खिलाड़ियों के साथ में ऐसी स्थिति पैदा नहीं होने देना चाहता जैसा कि अन्य देशों के खिलाड़ियों के साथ हो रहा है, जिन्हें आवास के लिए नौ से दस घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसीलिए मंत्रालय ये सभी कदम उठा रहा है ताकि भारतीय खिलाड़ियों को दूसरों की तरह परेशानी नहीं उठानी पड़े।
Asian Games में चौथी बार उतरेंगी Pranati Nayak, पहले पदक पर टिकी निगाहें
एशियाई खेलों में चौथी बार उतरने जा रहीं भारत की जिम्नास्ट प्रणति नायक इस बार अपने प्रदर्शन को लेकर ज्यादा संभलकर आगे बढ़ रही हैं। 31 साल की प्रणति के लिए यह मुकाबला इसलिए भी खास है, क्योंकि एशियाई खेलों में अब तक उनके खाते में पदक नहीं आया है। चोट और उससे उबरने की लंबी प्रक्रिया के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी है और अब जापान के आइची-नागोया में अपने पहले एशियाई खेल पदक के लिए चुनौती पेश करने को तैयार हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, प्रणति बुधवार रात जापान के लिए रवाना हुई। इस बार वह भारतीय दल की एकमात्र जिम्नास्ट हैं। एशियाई खेलों की शुरुआत 19 सितंबर से हो रही है। प्रतियोगिता से पहले प्रणति को पैर के तलवे में होने वाली सूजन की परेशानी से गुजरना पड़ा था। इसी वजह से वह राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं की वॉल्ट फाइनल में भी हिस्सा नहीं ले सकी थीं। प्रणति का कहना है कि अब वह पूरी तरह फिट हैं और चोट जिम्नास्ट के जीवन का हिस्सा है। उनके मुताबिक, जिम्नास्टिक में लगातार शरीर पर काफी दबाव पड़ता है और छोटी-बड़ी चोटों से निपटना इस खेल का हिस्सा है। राष्ट्रमंडल खेलों में अपनी परेशानी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय दौड़ के दौरान उनसे गलती हुई थी और वह गलती चोट की वजह से नहीं हुई थी। राष्ट्रमंडल खेलों के बाद प्रणति ने तुरंत कठिन अभ्यास शुरू करने के बजाय खुद को पूरी तरह आराम दिया। उनके प्रशिक्षक अशोक मिश्रा ने बताया कि पैर में हल्की चोट को देखते हुए उन्हें करीब तीन सप्ताह का पूरा आराम दिया गया। इस दौरान वह घर जाकर परिवार के साथ भी रहीं। इसके बाद उन्हें सीधे वॉल्ट का अभ्यास कराने के बजाय बुनियादी और तैयारी वाले अभ्यासों पर ध्यान दिया गया। जब पैर ठीक होने लगा और प्रणति शरीर के घूमने तथा मोड़ लेने वाले अभ्यासों के साथ सहज होने लगीं, तब धीरे-धीरे वॉल्ट का अभ्यास दोबारा शुरू कराया गया। यह तरीका इसलिए भी जरूरी था, क्योंकि प्रणति पहले 2025 में टखने के दूसरे स्तर के लिगामेंट में चोट का सामना कर चुकी थीं। इसके बावजूद उन्होंने वापसी करते हुए इस साल मई में ताशकंद में अंतरराष्ट्रीय जिम्नास्टिक महासंघ की विश्व चुनौती कप प्रतियोगिता में रजत पदक जीता था। चोट से वापसी केवल शारीरिक नहीं होती। प्रणति के लिए अपने शरीर की गतिविधियों पर दोबारा पूरा भरोसा हासिल करना भी बड़ी चुनौती रहा है। उन्होंने बताया कि चोट के बाद वापसी का दौर काफी मुश्किल था, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। इस दौरान उन्होंने मन को मजबूत रखने के लिए मनोवैज्ञानिकों से भी सलाह ली है। प्रणति के मुताबिक, उन्हें यह समझने में मदद मिली कि प्रतियोगिता के दबाव के बारे में सोचने के बजाय उस समय किए जा रहे अभ्यास पर ध्यान देना चाहिए। अगर शारीरिक अभ्यास किसी दिन कम भी हो पाए तो वह मन में उसी अभ्यास को दोहराने की कोशिश करती हैं। उनका मानना है कि इस तरह मानसिक तैयारी भी प्रदर्शन का हिस्सा बनती है। आइची-नागोया में हालांकि प्रणति के सामने आसान चुनौती नहीं होगी। उनके मुताबिक, एशियाई खेलों में एशिया की शीर्ष जिम्नास्ट हिस्सा लेने वाली हैं और इनमें कई ओलंपिक पदक विजेता भी शामिल होंगी। ऐसे मजबूत खिलाड़ियों के बीच एक छोटी गलती भी परिणाम पर असर डाल सकती है। प्रणति के पास ऊंची कठिनाई वाला त्सुकाहारा 720 वॉल्ट भी है, लेकिन कोच अशोक मिश्रा इसे शुरुआत से ही आजमाने के पक्ष में नहीं हैं। उनका पहला टारगेट प्रणति को क्वालीफिकेशन के जरिए फाइनल तक पहुंचाना है। इसके लिए साफ और सही उतरने वाले वॉल्ट को प्राथमिकता दी जाएगी। बता दें कि प्रणति नायक एशियाई कलात्मक जिम्नास्टिक चैंपियनशिप में तीन पदक जीतने वाली पहली भारतीय जिम्नास्ट हैं। उन्होंने 2019 में उलानबटोर, 2022 में दोहा और 2025 में दक्षिण कोरिया के जेचॉन में पदक जीते हैं। इसके अलावा वह 2024 में काहिरा और 2025 में अंताल्या में विश्व कप की कांस्य पदक विजेता भी रह चुकी हैं। हालांकि, एशियाई खेलों का पदक अभी उनकी उपलब्धियों में शामिल नहीं है। प्रणति इस बार किसी दूसरी खिलाड़ी से तुलना करने के बजाय खुद के प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहती हैं। उनका कहना है कि प्रतियोगिता में उतरने के बाद वह अपने उतरने, छलांग और शरीर के संतुलन को देखकर तय करेंगी कि किस स्तर का वॉल्ट करना सही रहेगा। ओलंपिक भी प्रणति के लिए खास महत्व रखता है। 2020 के ओलंपिक में हिस्सा लेना उनके करियर का भावनात्मक पड़ाव रहा है। उन्होंने ओलंपिक के छल्लों का निशान अपने दाहिने हाथ पर गुदवाया हुआ है। 31 साल की उम्र में वह जानती हैं कि जिम्नास्टिक में शीर्ष स्तर पर करियर का समय सीमित होता है, लेकिन उनका लक्ष्य अभी खत्म नहीं हुआ है। प्रणति लॉस एंजिल्स ओलंपिक में एक और बार भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहती हैं और उनका कहना है कि जब तक वह फिट रहेंगी, तब तक कोशिश छोड़ने वाली नहीं हैं।
MMA Fighter Varun Sanyal और भारतीय निशानेबाजों को Asian Games में आवास के लिए परेशानी हुई
एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह में अब सिर्फ दो दिन बाकी हैं, लेकिन जापान के आइची-नागोया पहुंचा भारतीय दल शुरुआत से ही व्यवस्थाओं से जुड़ी परेशानी का सामना कर रहा है। मौजूद जानकारी के अनुसार, कई भारतीय खिलाड़ियों को उनके लिए तय कमरों के आवंटन के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। निशानेबाजी दल को भी इस समस्या के कारण परेशानी हुई है। भारतीय निशानेबाजों का अभियान 20 सितंबर से शुरू होना है और ऐसे समय में खिलाड़ियों को आराम और अभ्यास के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाना चिंता की वजह बना हुआ है। बता दें कि बाद में कमरों से जुड़ी समस्या को सुलझा लिया गया, लेकिन इस पूरी व्यवस्था से सभी खिलाड़ी संतुष्ट नजर नहीं आए। भारतीय दल के एक खिलाड़ी वरुण सन्याल ने अपनी परेशानी का जिक्र सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में किया था। हालांकि, उनका लंबा वीडियो और बाद की एक पोस्ट अब हटा दी गई है। वरुण सन्याल जनवरी 2026 में चीन में हुई एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुके हैं। वह मिक्स मार्शल आर्ट्स के भारतीय खिलाड़ी हैं। इस बार आइची-नागोया एशियाई खेलों में मिक्स मार्शल आर्ट्स पहली बार पदक खेल के तौर पर शामिल हो रहा है। ऐसे में इस प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों की तैयारी पर भी खास नजर है। वरुण ने अपने वीडियो में बताया था कि उन्होंने लंदन से मुंबई और सिंगापुर होते हुए नागोया तक का सफर किया। नागोया पहुंचने के बाद हवाई अड्डे से खिलाड़ियों को बस के जरिए आयोजन से जुड़ी जगह पर ले जाया गया। उनके मुताबिक, वहां पहुंचने के बाद कमरा आवंटित कराने में काफी परेशानी हुई। उन्होंने दावा किया था कि उनके पास वैध पहचान पत्र और मान्यता कार्ड होने के बावजूद अधिकारियों को व्यवस्था में उनका नाम नहीं मिल रहा था। वरुण के अनुसार, अधिकारी करीब दो घंटे तक उनका नाम तलाशते रहे। उनका कहना था कि इस वजह से उन्हें वहां करीब तीन घंटे तक रुकना पड़ा और उस समय तक उनकी समस्या का समाधान भी नहीं हुआ था। वरुण ने वीडियो में आयोजन स्थल की स्थिति को लेकर भी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि खिलाड़ियों के कमरों के आवंटन को लेकर काफी अव्यवस्था दिखाई दे रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसी स्थिति भारत में हुई होती तो इसे लेकर काफी ज्यादा चर्चा होती और मीडिया में भी इसे प्रमुखता से उठाया जाता। गौरतलब है कि खिलाड़ियों के लिए किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन से पहले रहने की व्यवस्था बेहद अहम होती है। लंबे सफर के बाद खिलाड़ियों को आराम करने, अपनी दिनचर्या सामान्य करने और प्रतियोगिता के लिए मानसिक रूप से तैयार होने का समय चाहिए होता है। खासकर निशानेबाजी जैसे खेलों में प्रतियोगिता से पहले एकाग्रता और नियमित तैयारी काफी मायने रखती है। वरुण की परेशानी केवल पहचान और कमरे के आवंटन तक सीमित नहीं रही। बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक और घटना का जिक्र किया था। उनके अनुसार, कमरे में दो भारतीय खिलाड़ी अचानक पहुंच गए। कुछ देर बाद पता चला कि तीनों खिलाड़ियों को एक ही कमरा आवंटित कर दिया गया था। वरुण ने अपनी पोस्ट में बताया था कि दो दिन तक जागने और करीब 10 घंटे इंतजार करने के बाद उन्हें आखिरकार एक कमरा मिला। लेकिन वह केवल करीब 30 मिनट ही सो पाए थे। इसके बाद दो भारतीय खिलाड़ी कमरे में पहुंचे और उन्हें देखकर हैरान रह गए। बाद में पता चला कि उन दोनों को भी उसी कमरे में रहने के लिए भेजा गया था। उनकी यह पोस्ट भी बाद में हटा दी गई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कमरे और आवंटन से जुड़ी शुरुआती दिक्कतों को बाद में दूर कर लिया गया है। फिर भी इस घटना ने बड़े खेल आयोजन में खिलाड़ियों के रहने और पहुंचने से जुड़ी व्यवस्थाओं पर सवाल जरूर खड़े किए हैं। आइची-नागोया एशियाई खेलों का उद्घाटन समारोह 19 सितंबर को होना है। भारत बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के साथ इन खेलों में हिस्सा ले रहा है और कई खेलों में उससे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। निशानेबाजी भारतीय दल के महत्वपूर्ण खेलों में शामिल है, जहां खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद रहती है। ऐसे में प्रतियोगिताएं शुरू होने से ठीक पहले आवास और कमरा आवंटन जैसी समस्याएं खिलाड़ियों की तैयारी के लिए परेशानी खड़ी कर सकती हैं। फिलहाल शुरुआती दिक्कतें दूर हो चुकी हैं, लेकिन वरुण सन्याल के अनुभव ने एशियाई खेलों की शुरुआत से पहले भारतीय दल के सामने आई व्यवस्थागत चुनौतियों को सामने ला दिया है। भारतीय खिलाड़ियों का ध्यान अब इन शुरुआती परेशानियों से आगे बढ़कर प्रतियोगिताओं में अपने प्रदर्शन पर लगाने की कोशिश में है।
Asian Games 2026 के लिए Lakshya Sen और Kidambi Srikanth तैयार, मेडल जीतने पर फोकस
2026 एशियाई खेलों से पहले, भारतीय बैडमिंटन स्टार लक्ष्य सेन और किदांबी श्रीकांत ने अपनी तैयारियों पर भरोसा जताया है, साथ ही उन्होंने जापान के आइची-नागोया में जिन प्रतिद्वंद्वियों का सामना करना है, उनकी मज़बूती को भी स्वीकार किया है। भारत ने 2026 एशियाई खेलों के लिए 20 सदस्यीय बैडमिंटन टीम की घोषणा की है। जापान जाने वाली इस टीम में लक्ष्य सेन, एचएस प्रणय और पूर्व वर्ल्ड नंबर 1 किदांबी श्रीकांत शामिल हैं, जो हांगझोऊ 2023 में सिल्वर मेडल जीतने वाली पुरुष टीम का हिस्सा थे। इसे भी पढ़ें: Indian Surfing Team Coach Samai Reboul Eyes 2028 Los Angeles Olympics पुरुष टीम में आयुष शेट्टी, थारुन मन्नेपल्ली, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी, चिराग शेट्टी, हरिहरन अम्साकरुनन, एमआर अर्जुन और ध्रुव कपिला भी शामिल हैं। इंडिविजुअल इवेंट्स में लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी पुरुष सिंगल्स में हिस्सा लेंगे, जबकि सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी, हरिहरन अम्साकरुनन और एमआर अर्जुन के साथ पुरुष डबल्स में खेलेंगे। भारत की पुरुष टीम में ज़्यादातर वही खिलाड़ी शामिल हैं जिन्होंने इस साल की शुरुआत में थॉमस कप में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था। एशियाई खेलों में भारत के बैडमिंटन अभियान से पहले ANI से बात करते हुए, लक्ष्य सेन ने कहा कि वह एशियाई खेलों को लेकर उत्साहित और पूरी तरह तैयार हैं; वह इसे एशिया के सबसे बड़े टूर्नामेंटों में से एक मानते हैं। उन्होंने टीम के पिछले प्रदर्शन को देखते हुए भारत पर मौजूद दबाव और उम्मीदों को स्वीकार किया, लेकिन इस बात पर ज़ोर दिया कि उनका ध्यान हर मैच जीतने, अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने और देश के लिए मेडल जीतने पर है। उन्होंने आगे कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से बहुत प्रेरित हैं और अपना अभियान शुरू करने के लिए उत्सुक हैं। इसे भी पढ़ें: T20 World Cup से Bangladesh टीम के हटने के लिए Asif Nazrul जिम्मेदार, जांच में खुलासा उन्होंने कहा कि मैं इस टूर्नामेंट को लेकर बहुत उत्साहित हूँ, और यह एशिया के सबसे बड़े टूर्नामेंटों में से एक है। मैं अब मैचों का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा हूँ, और तैयारी भी अच्छी रही है। मैं अपने मैच खेलने के लिए बहुत उत्सुक हूँ। हमने अतीत में अच्छा प्रदर्शन किया है। उच्चतम स्तर पर प्रदर्शन करने का बहुत दबाव होता है, और हाँ, भारत को ऐसे टूर्नामेंटों से उम्मीदें होती हैं, और एक टीम के तौर पर हम अपना सर्वश्रेष्ठ देने और देश के लिए मेडल जीतने पर केंद्रित हैं। लेकिन हाँ, साथ ही, जब भी हम खेलते हैं, तो हमारा ध्यान सिर्फ़ मैच जीतने और देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने पर होता है; और जहाँ तक मेरी बात है, मैं सच में बहुत प्रेरित हूँ और मैच खेलने तथा भारत के लिए मेडल जीतने के लिए बहुत उत्सुक हूँ।
Quincy Dsouza ने रचा इतिहास, Asian Games 2026 के Teqball में दो मेडल की बढ़ी उम्मीद
आइची-नागोया एशियाई खेलों में टेकबॉल में भारत की ओर से एक चौंकाने वाला मेडल दावेदार सामने आ सकता है; क्विंसी जोआकिम डिसूज़ा महिला सिंगल्स और मिक्स्ड डबल्स, दोनों इवेंट्स में मेडल की दौड़ में बनी हुई हैं। एशियाई खेलों में अपना डेब्यू कर रहीं 24 साल की डिसूज़ा ग्रुप A में टॉप करने के बाद महिला सिंगल्स के सेमीफ़ाइनल में पहुँच गईं। वहीं, क्वार्टरफ़ाइनल में हारने के बाद उन्होंने और मोहम्मद अनस इमरान बेग ने रेपेशाज मुक़ाबला जीतकर मिक्स्ड डबल्स में मेडल की दौड़ में अपनी उम्मीदें ज़िंदा रखीं। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेल Teqball मिक्स्ड डबल्स में भारत हारा, वियतनाम ने डिसूज़ा और बेग को दी मात सिंगल्स मुक़ाबलों में शानदार प्रदर्शन की बदौलत डिसूज़ा अब भारत के लिए एक ऐतिहासिक मेडल जीतने से बस एक जीत दूर हैं। यह खेल पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया है। शनिवार को होने वाले सेमीफ़ाइनल में उनका मुक़ाबला इंडोनेशिया की सुमाया से होगा। जीत मिलने पर कम से कम सिल्वर मेडल पक्का हो जाएगा, जबकि हारने पर भी उनके पास रविवार को ब्रॉन्ज़ मेडल के लिए खेलने का मौका होगा। भारतीय खिलाड़ी ने अपने अभियान की शुरुआत एक बड़े उलटफेर के साथ की। उन्होंने नागोया सिटी हिगाशी स्पोर्ट्स सेंटर में ग्रुप A के 43 मिनट चले मुक़ाबले में जापान की टॉप सीड खिलाड़ी युइना साकामोटो को 2-1 (10-12, 12-11, 13-11) से हराया। इसके बाद उन्होंने कंबोडिया की कोएमियन डीवाई को 24 मिनट में 2-0 (12-9, 12-7) से आसानी से हराकर ग्रुप में टॉप किया। इससे उन्हें सीधे सेमीफाइनल में जगह मिल गई, जबकि डिसूजा को क्वार्टर फाइनल में 'बाय' मिला। इसे भी पढ़ें: Nagoya Asian Games: 501 भारतीय खिलाड़ियों की नजर Hangzhou का रिकॉर्ड तोड़ने पर डीसूज़ा और बेग के लिए मिक्स्ड डबल्स का सफ़र थोड़ा मुश्किल रहा है, लेकिन भारतीय जोड़ी अभी भी पोडियम फ़िनिश की दौड़ में बनी हुई है। क्वार्टर फ़ाइनल में पहुँचने के बाद, यह जोड़ी वियतनाम के होआंग मिन्ह टैन गुयेन और जिया नघी ट्रिन्ह से 0-2 (7-12, 10-12) से हार गई। हालाँकि, उन्होंने रेपचेज में वापसी की और फ़िलीपींस की जोआना अबुलेंसिया और प्रिंस ऑगस्टिन को 2-0 (12-3, 12-6) से हराकर अपनी मेडल की उम्मीदें ज़िंदा रखीं। इससे पहले भारतीयों ने ग्रुप स्टेज में इसी फ़िलिपिनो जोड़ी को 2-0 (12-10, 12-3) से हराया था। ग्रुप स्टेज के दौरान कंबोडिया और थाईलैंड से हारने के बावजूद, उन्होंने क्वार्टर फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की करने के लिए कुवैत के सलमान एलेब्राहिम और हेसाह अलफ़ैलाकावी पर भी 2-0 (12-1, 12-6) से जीत हासिल की। मिक्स्ड डबल्स के मेडल राउंड रविवार को होंगे।
एशियाई खेल Teqball मिक्स्ड डबल्स में भारत हारा, वियतनाम ने डिसूज़ा और बेग को दी मात
18 सितंबर को जापान के नागोया में हो रहे 2026 एशियाई खेलों के मिक्स्ड डबल्स क्वार्टर-फ़ाइनल में, भारत के क्विंसी जोआकिम डिसूज़ा और मोहम्मद अनस इमरान बेग को वियतनाम के जियान न्घी ट्रिन्ह और होआंग मिन्ह टैन गुयेन ने हरा दिया। भारतीय जोड़ी सीधे सेटों में 7-12 और 10-12 से हार गई। उन्हें पहले सेट में अपनी लय पाने में संघर्ष करना पड़ा और दूसरे सेट में बेहतर प्रदर्शन के बावजूद, वे निर्णायक गेम तक नहीं पहुँच पाए। इसे भी पढ़ें: Asian Games 2026 में Soft Tennis Team Event से बाहर हुआ India, अब Singles में चुनौती इस हार के साथ ही मेन चैंपियनशिप ब्रैकेट में उनका सफ़र खत्म हो गया और वे गोल्ड और सिल्वर मेडल की दौड़ से बाहर हो गईं। हालांकि, डिसूज़ा और बेग रेपेशाज राउंड में पहुंच गईं, जहां उनका मुकाबला क्वार्टर-फ़ाइनल में हारने वाली एक और जोड़ी से होगा। रेपेशाज में जीत उन्हें ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने का मौका दिला सकती है। इसके अलावा, डिसूज़ा महिला सिंगल्स इवेंट में भी हिस्सा लेंगी; उन्होंने जापान और कंबोडिया की खिलाड़ियों को हराकर ग्रुप A में टॉप किया था। 19 सितंबर को सेमी-फ़ाइनल में उनका मुकाबला इंडोनेशिया की सुमाया से होगा। डिसूज़ा और बेग एक मुश्किल शुरुआती राउंड-रॉबिन स्टेज के बाद क्वार्टर-फ़ाइनल में पहुंचीं; उन्होंने चार ग्रुप मैचों में दो जीत और दो हार हासिल कीं। ग्रुप के अपने आखिरी मैच में कुवैत पर शानदार जीत के साथ नॉकआउट स्टेज में उनकी जगह पक्की हो गई। भारतीय जोड़ी ने फिलीपींस की अबुएंशिया जोआना और अगस्टिन प्रिंस के खिलाफ़ 2-0 की शानदार जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की। उनका अगला मुक़ाबला कंबोडिया के बुन थुओनविरेक और योर्न सोफोर्नराक्समी के साथ हुआ, जिसमें तीन सेट के कड़े मुक़ाबले के बाद उन्हें 1-2 से हार का सामना करना पड़ा। इसे भी पढ़ें: Asian Games में भारतीय गेंदबाजों का कहर, Japan की टीम 57 रन पर ढेर अपने तीसरे ग्रुप मैच में भी उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा और वे थाईलैंड के देजारोएन फाकपोंग और वोंगखामचन सुफावाड़ी से 0-2 से हार गए। ग्रुप के आखिरी मुक़ाबले में, जहाँ क्वालिफिकेशन दांव पर था, डिसूज़ा और बेग ने कुवैत के अलेब्राहिम सलमान और अलफाइलाकावी हेसाह पर दबदबा बनाया और 12-1 व 12-6 से जीत हासिल करते हुए मैच 2-0 से अपने नाम किया। इस जीत के साथ उनका ग्रुप रिकॉर्ड 2-2 हो गया और उन्होंने क्वार्टर-फ़ाइनल नॉकआउट स्टेज में अपनी जगह पक्की कर ली, जहाँ बाद में उन्हें वियतनाम से हार का सामना करना पड़ा।
India Women vs Japan Women: भारतीय महिला टीम की गेंदबाज श्री चरणी (Shree Charani) ने शुक्रवार (18 सितंबर) को निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए एशियन गेम्स 2026 (Women's Asian Games 2026) के क्वार्टरफाइनल मुकाबले में जापान महिला टीम के खिलाफ अपनी शानदार गेंदबाजी से इतिहास रच दिया। चरणी अपने कोटे के चार ओवर में सिर्फ 10 रन देकर 4 विकेट हासिल किए। महिला टी-20 इंटरनेशनल (पूर्ण सदस्य देश) में लगातार दो पारियों में चार या उससे ज्यादा विकेट लेने के मामले में संयुक्त रूप से पहले नंबर पर आ गई है। उन्होंने इस फॉर्मेट में लगातार दूसरी पारी में चार विकेट लेकर अनिसा मोहम्मद, निदा डार, पूनम यादव, मेगन शट, जेस जॉनसन और एनाबेल सदरलैंड ने यह कारनामा किया था। इसके अलावा महिला टी-20 इंटरनेशनल में एक साल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाजों में चरणी संयुक्त रूप से तीसरे नंबर पर आ गई है। इस साल डेब्यू करने वाली चरणी ने अभी तक 43 विकेट हासिल किए हैं। उन्होंने मैरी बिमेन्यिमाना की बराबरी की, जिन्होंने 2024 में 43 विकेट लिए थे। महिला T20I में एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज़्यादा विकेट 56 - थिपचा पुट्टावोंग (THA-W) 2025 में 50 - हेनरीट इशिमवे (RWA-W) 2024 में 43 - श्री चरणी (IND-W) 2026 में 43 - मैरी बिमेन्यिमाना (RWA-W) 2024 में 42 - थिपचा पुट्टावोंग (THA-W) 2026 में साल 2026 में चरणी ने शानदार प्रदर्शन किया है और 21 टी-20 इंटरनेशनल में 10.93 की औसत और 5.92 की इकॉनमी रेट से 43 विकेट लिए हैं। जिसमें उन्होंने तीन बार पारी में चार विकेट अपने खाते में डाले हैं। गौरतलब है कि इस मुकाबले में भारत ने जापान को 8 विकेट से हरा दिया। धमाकेदार जीत के साथ भारतीय टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई है, जहां मुकाबला रविवार को बांग्लादेश से होगा। Also Read: LIVE Cricket Score पहले बल्लेबाजी का न्यौता मिलने के बाद जापान 19.5 ओवर में 57 रनों पर ऑलआउट हो गई। जिसके जवाब में भारतीय टीम ने सिर्फ 5 ओवर में 2 विकेट गवाकर ही जीत हासिल कर ली।
Asian Games 2026 में Soft Tennis Team Event से बाहर हुआ India, अब Singles में चुनौती
शुक्रवार को क्वार्टर फ़ाइनल में इंडोनेशिया से 0-2 से हारने के बाद 2026 एशियाई खेलों में भारतीय पुरुष सॉफ्ट टेनिस टीम का सफ़र खत्म हो गया। भारत को शुरुआती डबल्स मैच में हार का सामना करना पड़ा, जिसमें जय मीना और योगेश चौधरी को इंडोनेशिया के टियो हुटौरुक और फर्नांडो सेंगर से 2-5 से हार मिली। इसके बाद हुए सिंगल्स मैच में आर्यन ठाकुर ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन बागुस प्रादेवा से 3-4 से हार गए, जिससे इंडोनेशिया ने 2-0 से क्वार्टरफ़ाइनल मुकाबला जीत लिया। इसे भी पढ़ें: Nagoya Asian Games: 501 भारतीय खिलाड़ियों की नजर Hangzhou का रिकॉर्ड तोड़ने पर टीम के बाहर होने के बावजूद, सॉफ्ट टेनिस में भारत का अभियान जारी है; जय मीना और आर्यन ठाकुर 22 सितंबर को मेन्स सिंगल्स में हिस्सा लेंगे। मीना 21 सितंबर को मिक्स्ड डबल्स इवेंट में भी हिस्सा लेंगी। इससे पहले, शुक्रवार को एशियाई खेल 2026 में पुरुषों की टीम सॉफ्ट टेनिस प्रतियोगिता के ग्रुप C में तीन में से दो मैच जीतकर भारत क्वार्टर-फ़ाइनल में पहुँच गया। इसे भी पढ़ें: Japan को 8 विकेट से रौंदकर Asian Games के Semifinal में पहुंचा भारत, Bangladesh से होगी भिड़ंत जय मीना, योगेश चौधरी, आर्यन ठाकुर, अनिकेत पटेल और ओम यादव की भारतीय टीम ने लाओस पर 3-0 की शानदार जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की, लेकिन इसके बाद उन्हें चीनी ताइपे से 0-3 से हार का सामना करना पड़ा। भारत ने अपने आखिरी ग्रुप मैच में ज़बरदस्त वापसी करते हुए मंगोलिया को 3-0 से हराया और नॉकआउट स्टेज में अपनी जगह पक्की की। चीनी ताइपे ग्रुप में शीर्ष पर रहा, जबकि भारत चार अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
जापान में आयोजित एशियन गेम्स से कई टीमों द्वारा व्यवस्था में कमी की खबरें सोशल मीडिया के माध्यम से आई हैं। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने कहा कि हमें जापान में रहने की कोई दिक्कत नहीं हुई। भारत ने शुक्रवार को जापान को हराकर एशियन गेम्स 2026 के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। जापान के खिलाफ मैच में जीत के बाद ऋचा घोष ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, हमें अभी तक किसी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा। यह एक नया अनुभव है क्योंकि आप दूसरे खिलाड़ियों से भी मिल सकते हैं। मैच भी होते हैं। हमें एशियन गेम्स पसंद हैं क्योंकि सभी मैच एक साथ होते हैं। इसलिए हम दूसरे खेलों के प्रतिभागियों से मिल सकते हैं और उनके अनुभव साझा कर सकते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि यह एक अच्छी बात है। विकेटकीपर-बल्लेबाज ने जापान में टीम के लिए चीयर कर रहे भारतीय फैंस का भी शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, वे हमें सपोर्ट करने के लिए हर जगह आते हैं। इसलिए मैं उन्हें सलाम करती हूं। उनका सपोर्ट करना और यहां आकर चीयर करना, सच में बहुत अच्छा लगता है। जापान के खिलाफ मैच में जीत के बाद ऋचा घोष ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, हमें अभी तक किसी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा। यह एक नया अनुभव है क्योंकि आप दूसरे खिलाड़ियों से भी मिल सकते हैं। मैच भी होते हैं। हमें एशियन गेम्स पसंद हैं क्योंकि सभी मैच एक साथ होते हैं। इसलिए हम दूसरे खेलों के प्रतिभागियों से मिल सकते हैं और उनके अनुभव साझा कर सकते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि यह एक अच्छी बात है। Also Read: LIVE Cricket Score भारतीय टीम सेमीफाइनल में बांग्लादेश से भिड़ेगी। इस अहम मैच के लिए टीम की तैयारी के बारे में ऋचा ने कहा, हम पहले एशिया कप में भी खेले हैं, इसलिए हमारे लिए ये सामान्य है। हम अपनी ताकत जानते हैं। हम उसी पर भरोसा करेंगे। हम यह नहीं सोच रहे हैं कि अगला मैच किससे होगा। हम बस खुद को इस बात के लिए तैयार कर रहे हैं कि मैच के दिन हम सबसे अच्छा क्या कर सकते हैं। Article Source: IANS
Asian Games: जापान को हरा भारत सेमीफाइनल में, 5 ओवर में जीता भारत ने मैच
इंटरनेट डेस्क। एशियन गेम्स में भारत ने सेमीफाइनल का टिकट कटा लिया है। निस्शिन में शुक्रवार को भारतीय स्पिनरों ने ऐसा जाल बुना कि मेजबान जापान की बल्लेबाजों को रन बनाने का रास्ता ही नहीं मिला। नतीजा- पूरी टीम सिर्फ 57 रनों पर ढेर और भारत ने महज 5 ओवरों में 59 रन बनाकर 8 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया। अब सेमीफाइनल में भारत का मुकाबला बांग्लादेश से 20 सितंबर को होगा। भारत ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी और शुरुआत से ही जापान पर शिकंजा कस दिया। जापानी बल्लेबाजों के पास भारतीय गेंदबाजी का जवाब नहीं था। पावरप्ले के छह ओवर में ही तस्वीर साफ हो गई थी। जापान के खाते में सिर्फ 24 रन आए और इस दौरान सिर्फ दो चौके लगे। इनमें भी एक चौका बल्ले के बीच से नहीं, बल्कि स्लिप के पास से निकले किनारे की वजह से आया। भारत की अनुभवी स्पिन गेंदबाजी के सामने जापान की बल्लेबाजी पूरी तरह जकड़ी नजर आई, सबसे बड़ा वार किया बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने, उन्होंने सातवें ओवर में लगातार दो गेंदों पर ओपनर हारुना इवासाकी और कप्तान माई यानागिदा को पवेलियन भेजकर जापान की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया। pc- aaj tak
Asian Games में भारत की पुरुष Soft Tennis टीम Mongolia को 3-0 से हराकर Quarter Final में पहुंची
18 सितंबर को एशियाई खेलों में भारत की पुरुष सॉफ्ट टेनिस टीम ने ग्रुप C में तीन मैचों में से दो जीत के साथ दूसरा स्थान हासिल करके क्वार्टर फ़ाइनल में जगह बनाई। भारतीय टीम में जय मीना, योगेश चौधरी, आर्यन ठाकुर, अनिकेत पटेल और ओम यादव शामिल थे। उन्होंने लाओस पर 3-0 की शानदार जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की, लेकिन इसके बाद उन्हें चीनी ताइपे से 0-3 से हार का सामना करना पड़ा। इसे भी पढ़ें: Indian Surfing Team Coach Samai Reboul Eyes 2028 Los Angeles Olympics भारत ने अपने आखिरी ग्रुप मैच में मंगोलिया को 3-0 से हराकर नॉकआउट स्टेज में अपनी जगह पक्की की। चीनी ताइपे ग्रुप में टॉप पर रहा, जबकि भारत चार अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। लाओस के खिलाफ, मीना और चौधरी ने शुरुआती डबल्स मैच 5-0 से जीता। इसके बाद आर्यन ठाकुर ने सिंगल्स मैच में सीधे 4-0 से जीत हासिल की, और पटेल व यादव ने एक और डबल्स मैच 5-0 से जीतकर 3-0 से क्लीन स्वीप पूरा किया। इसे भी पढ़ें: T20 World Cup से Bangladesh टीम के हटने के लिए Asif Nazrul जिम्मेदार, जांच में खुलासा चीनी ताइपे के खिलाफ मुकाबले में भारत को संघर्ष करना पड़ा; मीना और चौधरी पहला डबल्स मैच 0-5 से हार गए। सिंगल्स में ठाकुर 1-4 से हारे और पटेल व यादव दूसरा डबल्स मैच 1-5 से हार गए, जिससे चीनी ताइपे को 3-0 से जीत मिली। मंगोलिया के खिलाफ बाहर होने के खतरे का सामना करते हुए, भारत ने शानदार वापसी की और 3-0 से जीत दर्ज करके ग्रुप में दूसरा स्थान हासिल किया। टीम में अनुभवी खिलाड़ियों और पहली बार एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों का मिश्रण है; ठाकुर, यादव और चौधरी इस महाद्वीपीय मल्टी-स्पोर्ट इवेंट में अपना डेब्यू कर रहे हैं।
Nagoya Asian Games: 501 भारतीय खिलाड़ियों की नजर Hangzhou का रिकॉर्ड तोड़ने पर
खेलों में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे भारत के लिये यहां शनिवार से शुरू हो रहे 20वें एशियाई खेलों में कामयाबी की एक नयी कहानी लिखने की चुनौती होगी और अगले एक दशक में देश को शीर्ष दस देशों में लाने की भारत की आकांक्षा के लिये नींव का पत्थर रखने का दारोमदार खिलाड़ियों पर रहेगा। एशियाई खेलों में 43 खेलों में 11000 के करीब खिलाड़ी भाग लेंगे और 45 देश कम होने के बावजूद यहां प्रतिस्पर्धा का स्तर ओलंपिक से बड़ा होने वाला है। भारत ने 501 खिलाड़ियों का दल भेजा है जो यहां कदम रखने के बाद से रहने और आवागमन की लचर व्यवस्था से जूझ रहे हैं। कइयों को कमरों के लिये घंटो इंतजार करना पड़ा और कमरे भी काफी छोटे हैं जिनमें एक खिलाड़ी की जरूरत के सामान भी नहीं हैं। नागोया जापान के निर्माण क्षेत्र का औद्योगिक केंद्र है और इसे अपनी इस पहचान पर गर्व है। शहर के आसमान में दिखती चिमनियां इसकी औद्योगिक ताकत की बानगी पेश करती हैं लेकिन इसके बावजूद सड़कें और आस-पास के इलाके बहुत साफ-सुथरे और व्यवस्थित हैं। यहां का माहौल उस अफरातफरी से बिल्कुल अलग है जिसमें लंबी उड़ानों के बाद शहर में कदम रखने वाले खिलाड़ियों को आराम करने के लिये कमरों का घंटों तक इंतजार करना पड़ा। जापान उम्मीद कर रहा होगा कि शनिवार को उद्घाटन समारोह के बाद चीजें व्यवस्थित हो जायेंगी। भारतीय टीम हांगझोउ में 2022 में हुए खेलों में रिकॉर्ड प्रदर्शन (106 पदक) को बेहतर करने के इरादे से यहां पहुंची है। पिछली बार भारत ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके यह दिखा दिया था कि वह पारंपरिक रूप से पदक उम्मीद माने जाने वाले खेलों पर ही निर्भर नहीं है बल्कि उसके पास काफी गहराई है। भारत की आकांक्षा 2036 तक शीर्ष दस खेल देशों और 2047 तक शीर्ष पांच में शामिल होने की है। ये सभी दीर्धकालिन लक्ष्य है लेकिन बहु खेल आयोजनों से इसकी झलक मिल जाती है कि देश उस आकांक्षा को यथार्थ में बदलने की दिशा में किस गति से आगे बढ रहा है। इसलिये ये खेल सिर्फ पदक जीतने के बारे में नहीं है बल्कि भारतीय खेलों की गहराई की भी इसमें परख होगी। उदीयमान प्रतिभाओं की क्षमता और संभावना को दबाव के पलों में प्रदर्शन में बदलने की काबिलियत भी कसौटी पर होगी। इसमें भारत के अभियान की अगुवाई ट्रैक और फील्ड एथलीट और निशानेबाज करेंगे। निशानेबाजी दल में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण है जिनकी अगुवाई दो ओलंपिक पदक विजेता पिस्टल निशानेबाज मनु भाकर करेंगी। भारतीय दल में 30 निशानेबाज हैं जिनमें राइफल, पिस्टल और शॉटगन के धुरंधर शामिल हैं। एथलेटिक्स में दो बार के एशियाई खेल चैम्पियन और भारतीय एथलेटिक्स के सबसे बड़े सितारे नीरज चोपड़ा नहीं हैं। चोट के कारण वह इन खेलों में भाग नहीं ले पायेंगे लेकिन भारत के 74 सदस्यीय दल में पदक के कई दावेदार हैं। उद्घाटन समारोह में मनु भाकर के साथ भारत के ध्वजवाहक शॉटपुट खिलाड़ी तेजिंदर पाल सिंह तूर की नजरें लगातार तीसरे स्वर्ण पद होंगी। लंबी कूद में मुरली श्रीशंकर, लंबी दूरी की दौड़ में गुलवीर सिंह, भालाफेंक में रोहित यादव, डेकाथलन में तेजस्विन शंकर और महिलाओं की लंबी कूद में एंसी सोजन पर नजरें रहेंगी। ऊंची कूद में सर्वेश कुशारे, बाधा दौड़ में ज्योति याराजी और त्रिकूद में प्रवीण चित्रावेल से भी उम्मीदें रहेंगी जो चोटों के बाद वापसी कर रहे हैं। भारत ने हांगझोउ में एथलेटिक्स में 29 पदक जीते थे जिनमें छह स्वर्ण, 14 रजत और नौ कांस्य शामिल हैं। क्रिकेट में हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारतीय टीम खिताब बरकरार रखने उतरेंगी। लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 में क्रिकेट के पदार्पण के कारण एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतना काफी अहम होगा। पुरूष टीम ने हांगझोउ में स्वर्ण पदक जीता था लेकिन अफगानिस्तान के खिलाफ फाइनल बारिश की वजह से नहीं हो सका था और ऊंची रैंकिंग के कारण भारत को खिताब मिला। अब भारतीय टीम मैदान पर जीतकर लगातार दूसरा खिताब अपने नाम करना चाहेगी। बैडमिंटन में सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी सबसे प्रबल दावेदार है जिन्होंने पिछली बार स्वर्ण जीता था। पी वी सिंधू के पास अनुभव है जबकि उन्नति हुड्डा और आयुष शेट्टी भी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहेंगे। हॉकी में हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली पुरूष टीम विश्व कप और प्रो लीग की निराशा को भुलाकर एशियाई खेलों में लगातार दूसरा स्वर्ण जीतना चाहेगी। वहीं महिला टीम पिछली बार जापान से हारकर कांस्य पदक के साथ लौटी थी लेकिन विश्व कप में पांचवें स्थान पर रहने के बाद टीम आत्मविश्वास से भरी है और पदक का रंग बेहतर करना चाहेगी। तीरंदाजी, मुक्केबाजी और कबड्डी में भी पदक की प्रबल संभावनायें हैं। महिला मुक्केबाजों ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन किया है। कबड्डी में एशिया में भारत का दबदबा हमेशा से रहा है। हांगझोउ ने भारतीय खेलों के लिये नये मानक तय किये। अब नागोया अगली चुनौती है। 2036 तक का सफर लंबा है लेकिन नागोया में भारत उसकी दिशा में एक और कदम रखने जा रहा है।
Asian Games में भारतीय गेंदबाजों का कहर, Japan की टीम 57 रन पर ढेर
श्री चरणी की अगुवाई में भारत के अनुभवी स्पिनरों ने जापानी बल्लेबाजों की अनुभवहीनता का पूरा फायदा उठाते हुए एशियाई खेलों की महिला क्रिकेट स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में शुक्रवार को मेजबान टीम को 57 रन पर आउट कर दिया। पहले गेंदबाजी का फैसला करने वाली भारतीय टीम ने जापान के बल्लेबाजों को हाथ खोलने ही नहीं दिये और पूरी पारी में सिर्फ तीन चौके लगे। जापान के बल्लेबाजों को शीर्ष टीमों से खेलने या नियमित अभ्यास का मौका नहीं मिलता है और उनके लिये टर्न और उछाल लेती पिच पर भारत के गेंदबाजों का सामना कर पाना काफी मुश्किल था। पावरप्ले में 24 रन ही बने जिसमें दो चौके लगे। भारत के लिये बायें हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने 10 रन देकर चार विकेट लिये जो टी20 क्रिकेट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।उन्होंने सलामी बल्लेबाज हारूना इवासाकी (10) और कप्तान माइ यानागिडा को लगातार दो गेंदों पर पवेलियन भेजा। शेफाली वर्मा ने 13 रन देकर दो विकेट चटकाये। उन्होंने 15वें ओवर में अयाका कातो और 17वें ओवर में शिमाको कातो के विकेट लिये। कुछ बल्लेबाज रन आउट भी हुए जिससे जापान की मुश्किलें और बढ गई।
Japan Women vs India Women, 4th Quarter Final: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने शुक्रवार को खेलेगए महिला एशियन गेम्स 2026 के पहलेक्वार्टर फाइनल मुकाबले में जापान को हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। भारतीय टीम ने उम्मीद के मुताबिक जापान पर एकतरफा जीत हासिल की। कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया था। टीम के गेंदबाजों ने कप्तान हरमनप्रीत कौर के फैसले को सही साबित किया और जापान को 19.5 ओवर में मात्र 57 रन पर समेट दिया। जापान की तरफ से सलामी बल्लेबाजों हारुना इवासाकी और अयाका काटो स्टेफॉर्ड को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के सामने खड़ी नहीं हो सकी। इवासाकी ने 22 गेंदों पर 10 और अयाका ने 47 गेंदों पर 25 रन बनाए। इन दोनों के अलावा कोई भी बल्लेबाज दो अंकों में प्रवेश नहीं कर सकीं। भारत की तरफ से श्री चरणी ने एक बार फिर बेहतरीन गेंदबाजी की और 4 ओवर में मात्र 10 रन देकर 4 विकेट हासिल किया। शेफाली वर्मा ने 2 विकेट लिए। श्रेयांका पाटिल और दीप्ति शर्मा को 1-1 विकेट मिला। 58 रन का स्कोर भारतीय टीम ने मात्र 5 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर 59 रन बनाकर हासिल कर लिया। ओपनर शेफाली वर्मा मात्र 15 गेंदों पर 2 छक्के और 6 चौकों की मदद से 40 रन बनाकर रहीं। उनके साथ ऋचा घोष 6 गेंदों पर 12 रन बनाकर नाबाद रहीं। जी कामालिनी शून्य और भारती फूलमाली 6 रन बनाकर आउट हुईं। भारत ने 5 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर 59 रन बनाकर मैच 8 विकेट से जीता। 58 रन का स्कोर भारतीय टीम ने मात्र 5 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर 59 रन बनाकर हासिल कर लिया। ओपनर शेफाली वर्मा मात्र 15 गेंदों पर 2 छक्के और 6 चौकों की मदद से 40 रन बनाकर रहीं। उनके साथ ऋचा घोष 6 गेंदों पर 12 रन बनाकर नाबाद रहीं। जी कामालिनी शून्य और भारती फूलमाली 6 रन बनाकर आउट हुईं। Also Read: LIVE Cricket Score भारत और बांग्लादेश की टीम हाल ही में एशिया कप 2026 के सेमीफाइनल में दुबई में आमने-सामने थीं। भारतीय टीम ने बांग्लादेश को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी और फाइनल में श्रीलंका को हराकर खिताब जीता था। टीमें: जापान महिला (प्लेइंग इलेवन): हारुना इवासाकी, अकारी निशिमुरा कानो (डब्ल्यू), माई यानागिडा (सी), एरिका ओडा, अहिल्या चंदेल, शिमाको काटो, अयाका काटो-स्टैफ़ोर्ड, अयुमी फुजिकावा, हिनासे गोटो, एरिका तोगुची क्विन, नोनोहा यासुमोतो भारत महिला (प्लेइंग इलेवन): स्मृति मंधाना, शैफाली वर्मा, गुनालन कमलिनी, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), भारती फुलमाली, ऋचा घोष (डब्ल्यू), दीप्ति शर्मा, श्री चरणी, श्रेयंका पाटिल, क्रांति गौड़, नंदनी शर्मा Article Source: IANS
Sahdev Yadav ने की पुष्टि, Manu Bhaker और Tajinderpal Singh Asian Games में संभालेंगे तिरंगा
शुक्रवार को, दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर और शॉट पुट के मौजूदा चैंपियन तेजिंदरपाल सिंह तूर को एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह के लिए भारत का ध्वजवाहक चुना गया। यह समारोह शनिवार को यहाँ आयोजित होने वाला है। भारत के शेफ-डी-मिशन सहदेव यादव ने कहा कि मनु भाकर ध्वजवाहकों में से एक होंगी। बाद में, एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने पुष्टि की कि तूर दूसरे ध्वजवाहक होंगे। इसे भी पढ़ें: Indian Surfing Team Coach Samai Reboul Eyes 2028 Los Angeles Olympics भाकर ने 2024 पेरिस ओलंपिक में इतिहास रचा; वह स्वतंत्र भारत की पहली ऐसी एथलीट बनीं जिन्होंने ओलंपिक खेलों के एक ही संस्करण में दो पदक जीते। तूर ने एशियाई खेलों के पिछले दो संस्करणों में स्वर्ण पदक जीते हैं। एशियाई खेलों में अव्यवस्था के कारण हो रही आलोचना के बीच पारंपरिक ध्वजारोहण समारोह शुक्रवार को पहले तो देर से शुरू हुआ और फिर अज्ञात कारणों से उसमें बाधा आ गई जिससे भारत समेत कई देशों को आयोजकों से स्पष्ट जानकारी का इंतजार करना पड़ा। भारत के चार अभियान उप प्रमुख अचंता शरत कमल, लिजो डेविड टी, अलकनंदा अशोक और अंजलि भागवत गार्डन पियर पर समारोह के लिये मौजूद थे। यह स्थान खिलाड़ियों के लिये बने कंटेनरनुमा आवास के करीब है। स्थानीय आयोजकों ने एक बयान में कहा कि विलंब के लिये हम क्षमाप्रार्थी हैं। एक टीम के साथ कुछ दिक्कत है। हम 15 मिनट बाद फिर बहाल करने की कोशिश करेंगे। समारोह में यमन, उत्तर कोरिया , फलस्तीन, भारत और तिमोर लेस्टे को भाग लेना था। पहले यह 20 मिनट विलंब से शुरू हुआ और फिर अचानक रोक दिया गया जिसका कोई स्पष्टीकरण भी नहीं दिया गया। इसे भी पढ़ें: Pakistan Court ने KP सीएम सोहेल अफरीदी और 24 PTI सांसदों के पासपोर्ट ब्लॉक करने का दिया आदेश शरत और अंजलि समारोह मंच की ओर बढ रहे थे लेकिन फिर आयोजकों की ओर से विलंब की घोषणा के बाद उन्हें वापिस आना पड़ा। ध्वजारोहण समारोह बहु खेल आयोजनों में भाग ले रहे दल का आधिकारिक स्वागत समारोह होता है और खेलों के उद्घाटन से एक दिन पहले आयोजित किया जाता है। इससे पहले खिलाड़ियों ने यहां कमरे मिलने में देरी और उनका आकार काफी छोटा होने को लेकर शिकायत की थी।
Nagoya Asian Games में अव्यवस्था, India समेत कई देशों का ध्वजारोहण समारोह रुका
एशियाई खेलों में अव्यवस्था के कारण हो रही आलोचना के बीच पारंपरिक ध्वजारोहण समारोह शुक्रवार को पहले तो देर से शुरू हुआ और फिर अज्ञात कारणों से उसमें बाधा आ गई जिससे भारत समेत कई देशों को आयोजकों से स्पष्ट जानकारी का इंतजार करना पड़ा। भारत के चार अभियान उप प्रमुख अचंता शरत कमल, लिजो डेविड टी, अलकनंदा अशोक और अंजलि भागवत गार्डन पियर पर समारोह के लिये मौजूद थे। यह स्थान खिलाड़ियों के लिये बने कंटेनरनुमा आवास के करीब है। स्थानीय आयोजकों ने एक बयान में कहा ,‘‘ विलंब के लिये हम क्षमाप्रार्थी हैं। एक टीम के साथ कुछ दिक्कत है। हम 15 मिनट बाद फिर बहाल करने की कोशिश करेंगे।’’समारोह में यमन, उत्तर कोरिया , फलस्तीन, भारत और तिमोर लेस्टे को भाग लेना था। पहले यह 20 मिनट विलंब से शुरू हुआ और फिर अचानक रोक दिया गया जिसका कोई स्पष्टीकरण भी नहीं दिया गया। शरत और अंजलि समारोह मंच की ओर बढ रहे थे लेकिन फिर आयोजकों की ओर से विलंब की घोषणा के बाद उन्हें वापिस आना पड़ा। ध्वजारोहण समारोह बहु खेल आयोजनों में भाग ले रहे दल का आधिकारिक स्वागत समारोह होता है और खेलों के उद्घाटन से एक दिन पहले आयोजित किया जाता है। इससे पहले खिलाड़ियों ने यहां कमरे मिलने में देरी और उनका आकार काफी छोटा होने को लेकर शिकायत की थी। आयोजकों ने कंटेनर की तरह ‘हट्स’ में, क्रूज जहाज में और होटलों में खिलाड़ियों के रहने का इंतजाम किया है। लागत में कटौती के लिये कोई खेलगांव नहीं बनाया गया है।
एशियाई खेलों में राजस्थान के सितारे, पदकों की उम्मीदें परवान पर
जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियाई खेलों में राजस्थान के कई खिलाड़ी भारतीय दल का हिस्सा बनकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। निशानेबाजी, एथलेटिक्स, रोइंग और क्रिकेट में प्रदेश के खिलाड़ियों से पदक की उम्मीदें जुड़ी हैं। इनमें जयपुर के आकाश भारद्वाज, जोधपुर के रवि बिश्नोई, यशवीर सिंह, अनंतजीत सिंह नरूका, माहेश्वरी चौहान, बाबूलाल यादव, जाकर खान और हैमर थ्रोअर प्रवीण कुमार प्रमुख हैं। भाला फेंक में यशवीर सिंह को बड़ा मौका मिला है। चोटिल नीरज चोपड़ा के बाहर होने के बाद यशवीर को भारतीय एथलेटिक्स दल में शामिल किया गया। ग्लासगो में उन्होंने 85.41 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था और राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीत चुके हैं। अब एशियाई खेलों में उनका लक्ष्य इस प्रदर्शन को पदक में बदलना होगा। शूटिंग में अनंतजीत सिंह नरूका और माहेश्वरी चौहान पर नजर रहेगी। नरूका एशियाई चैंपियनशिप में तीन स्वर्ण पदक जीत चुके हैं और एशियाई खेलों में रजत व कांस्य पदक भी उनके नाम हैं। वहीं माहेश्वरी पेरिस ओलंपिक में पदक से मामूली अंतर से चूकने के बाद अब अपने अनुभव को एशियाई खेलों में इस्तेमाल करना चाहती हैं। जयपुर के आकाश भारद्वाज की कहानी भी खास है। 21 वर्ष की उम्र में पिस्टल थामने वाले आकाश ने आर्थिक चुनौतियों, लंबी यात्राओं और स्व-अभ्यास के बावजूद भारतीय टीम में जगह बनाई।
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Agra News: राष्ट्रीय तैराकी में आगरा के सितारे चमके, दो पदक और पांच को एशियाई टिकट
ताजनगरी के तैराकों ने राष्ट्रीय पूल में अपनी रफ्तार का दम दिखाते हुए दो पदकों के साथ एशियाई मंच का टिकट भी हासिल कर लिया।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी ऊषा को अवमानना याचिका पर नोटिस जारी किया है। चंडीगढ़ निवासी ताइक्वांडो खिलाड़ी ने एशियाई खेलों में नाम भेजने का विश्वास दिलाकर पलटने का आरोप लगाया है।
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई?
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई? Rahul Gandhi Anwar Ibrahim Meeting को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को मलेशिया के प्रधानमं
गन्तव्य देशों के हालात खराब होने से दक्षिण एशियाई प्रवासन में कमी
आशीष विश्वास अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है। हाल के दिनों में अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व में दक्षिण एशियाई लोगों के लिए प्रवासन और वहां जाकर नौकरी पाना मुश्किल होता जा रहा है, जो बड़े झगड़ों और लगातार सामाजिक उथल-पुथल और अशांति का सीधा नतीजा है। इस इलाके के बड़े देशों की तरह, भारत और बांग्लादेश पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। लंबे समय में दोनों देशों के सामने दोहरी चुनौती है: घरेलू श्रम बाजार में नौकरी के लिए बेचैनी और बढ़ जाएगी, क्योंकि वे बड़ी आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। साथ ही प्रवासी कामगारों द्वारा घर भेजे जाने वाली बड़ी राशि (रेमिटेंस) से होने वाली अच्छी-खासी आय भी समय के साथ कम हो जाएगी। खबरें हैं कि कम से कम 1500 और भारतीयों को अल्पावधि में अमेरिका से वापस भेजा जा रहा है और केनडा में भी हालात बेहतर नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि नौकरी के मौके कम हो रहे हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टियों पर गैर-कानूनी प्रवासन को बढ़ावा देने का आरोप लगता है। आरोप है कि पहले से ही स्थानीय संस्कृति के कमज़ोर होने और गंभीर सुरक्षा चिंताओं जैसी स्थानीय समस्याएं हैं। ज़्यादातर हाथ से काम करने वाले अस्थायी कामों में लगे, हज़ारों प्रवासी ऐसे कमज़ोर लक्ष्य बन गए हैं जिन्हें तुरंत और बिना किसी औपचारिकता के वापस भेजा जा सकता है। यह विकसित देशों में अपनी मौजूदा समस्याओं के समाधान के लिए शासन और नीतिगत कदमों का नतीजा है। यूनाइटेड किंगडम से लेकर अमेरिका तक, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों और प्रवासियों के लिए वीज़ा मिलना नए कड़े कानूनों से प्रभावित हुआ है, पढ़ाई की फीस बहुत ज़्यादा बढ़ा दी गई है और कानूनी तौर पर स्थायी रूप से रहने का अधिकार कम कर दिया गया है। प्रवासियों के खिलाफ नकारात्मक रूझान सिर्फ़ पश्चिमी देशों तक ही सीमित नहीं है। दिसंबर 2025 तक, सऊदी अरब से किसी न किसी वजह से करीब 11,000 से ज़्यादा भारतीयों को वापस उनके अपने देशों में भेजा जा चुका था, जो एक रिकॉर्ड है। अमेरिका ने उसी समय तक करीब 3800 भारतीयों को वापस भेजा था। साफ़ है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कही गई अच्छी दोस्ती का अमेरिका-भारत के आपसी रिश्तों के सभी मामलों में कोई खास फ़र्क नहीं पड़ा। दिलचस्प बात यह है कि म्यांमार ने करीब 1600 'गैर-कानूनीÓ रूप से वहां रह रहे भारतीयों को वापस भेजा, जबकि मलेशिया और यूएई ने 2025 में करीब 1600 लोगों को वापस भेजा। भारत सरकार और अन्य स्रोतों का दावा है कि कई भारतीय अपनी मज़ीर् से भी अपने गोद लिए हुए देशों को छोड़ रहे हैं। इसकी वजहें हैं बेकाबू महंगाई, जिससे रहने का खर्च बढ़ रहा है, मुश्किल समय में काम का बोझ बढ़ रहा है, अधिकारियों की तरफ़ से बढ़ती परेशानी और घर पैसे भेजने में भारी कमी का आना। इसका मतलब यह नहीं है कि वे भारत के बाहर मौके नहीं देख रहे हैं। दुबई एक पसंदीदा नई जगह है। केनडा से 2025 में लगभग 2830 भारतीय लौटे, जबकि पिछले साल यह संख्या 2000 थी। कुछ मामलों में केनाडाई अधिकारियों के तरीकों पर शक जताते हुए, भारत सरकार ने प्रवासियों को वापस भेजने के दौरान अपनाए गए तरीकों पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें वापस भेजे गए लोगों को वापस आने के दौरान कोई सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। यहां तक कि हमेशा मूलभूत मानवीय सुविधाएं भी नहीं दी जाती हैं, हालांकि लौटने वाला हर कोई घोषित अपराधी नहीं होता है। पड़ोसी बांग्लादेश की बात करें तो, इज़रायली हमलों के जारी रहने के कारण लेबनान में कम से कम 5000 लोगों की नौकरी चली गई। कम से कम 200 लोग स्वयं वापस चले गए क्योंकि प्रवासियों को जानलेवा काम के हालात में धकेला जा रहा था। यह स्थानीय श्रम कानूनों और नौकरी की शर्तों का खुला उल्लंघन था। साथ ही 'आपातकाल' के नाम पर अक्सर वेतन में कटौती भी की जाती थी। मध्य पूर्व में प्रवासी संगठनों के एच आर ग्रुपों और प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि लेबनान और आस-पास के इलाकों में 11 बांग्लादेशी कामगार मारे गए, जबकि कई घायल हुए, जिन पर स्थानीय अधिकारियों ने बहुत कम ध्यान दिया। अप्रशिक्षित कामगारों को सहयोगी, रेस्क्यू स्टाफ और दूसरे कामों के तौर पर समुद्री झड़पों में भी हिस्सा लेने के लिए मजबूर किया गया था। ऐसा लगता है कि ऐसे मामलों में कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं थी। सिर्फ़ एक मामले में फिलिपिनो कामगार के एक ग्रुप ने ऐसे आदेश मानने से मना कर दिया था। एचआर ग्रुपों का आरोप है कि कई बमबारी और मिसाइलों और ड्रोन हमलों के खतरनाक आदान-प्रदान के दौरान मरने वाले ज़्यादातर पीड़ित आर्थिक रूप से कमज़ोर प्रवासी कामगारों के असुरक्षित ग्रुप से थे। अलग-अलग अन्तरराष्ट्रीय प्राधिकारी, देश के प्रमुखों, संयुक्त और दूसरी संस्थाओं से बार-बार गुहार लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला। कामगारों के लिए एक और चिंता यह थी कि क्या प्रवासियों को रखने वाले देश उनके ज़िंदा रहते हुए उनकी बुरी हालत के प्रति लगभग पूरी तरह से बेपरवाह होने के मद्देनजर उनके बकाए का इंतज़ाम भी करेंगे। ऐसे डर से इन्कार नहीं किया जा सकता। न सिफ़र् आपूर्तिकर्ता देश को कानूनी तौर पर मिलने वाले पैसे के सवाल पर नुकसान होगा, बल्कि घर पर पीड़ितों के परिवारों को भी बहुत ज़्यादा तकलीफ़ होगी। कई परिवार विदेश में नौकरी करके पैसे कमाने के लिए किसी सदस्य को भेजने और सक्षम बनाने हेतु भारी-भरकम कर्ज भी लेते हैं।
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