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LIVE: एशियाई पैरा खेलों में भारत का शानदार प्रदर्शन, सुवर्णा राज ने जीता गोल्ड

Latest News Today Live Updates in Hindi : एशियाई पैरा खेलों में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी। गुरुवार को भारत की सुवर्णा राज ने महिलाओं की F54 डिस्कस थ्रो स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। पल पल की जानकारी...

वेब दुनिया 22 Oct 2026 9:11 am

Asian Para Games 2026 | भारत की सुवर्णा राज ने महिलाओं की चक्का फेंक (Discus Throw) एफ54 स्पर्धा में रचा इतिहास, जीता स्वर्णिम पदक

एशियाई पैरा खेलों में भारतीय एथलीटों का शानदार और प्रेरणादायक प्रदर्शन लगातार जारी है। भारत की दिग्गज पैरा एथलीट सुवर्णा राज ने खेल प्रेमियों को गौरवान्वित करते हुए बृहस्पतिवार को एशियाई पैरा खेलों की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में महिलाओं की चक्का फेंक (Discus Throw) एफ54 (F54) श्रेणी में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। सुवर्णा ने प्रतियोगिता में अपने असाधारण कौशल, अटूट मानसिक मजबूती और बेहतरीन तकनीक का परिचय देते हुए 15.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया और पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल किया। सुवर्णा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने छह प्रयासों में से चार में 15 मीटर से अधिक का थ्रो किया। उन्होंने अपने पांचवें प्रयास में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल किया। ईरान की शाहला हदीदी 15.45 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि वियतनाम की थी न्गोक थुई गुयेन ने 14.65 मीटर के साथ कांस्य पदक जीता। एफ54 श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके धड़ और निचले अंग सक्षम नहीं होते हैं और वह व्हीलचेयर पर बैठकर थ्रो करते हैं। एथलीट अपने शरीर के ऊपरी हिस्से की ताकत और बांहों की गति का उपयोग करके शक्ति पैदा करते हैं। समझें क्या है एफ54 (F54) श्रेणी? पैरा एथलेटिक्स में खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमताओं के आधार पर विभिन्न श्रेणियां निर्धारित की जाती हैं ताकि मुकाबला निष्पक्ष हो सके। एफ54 (F54) श्रेणी का विवरण:- शारीरिक स्थिति: यह श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिए निर्धारित होती है जिनके धड़ (Torso) और निचले अंगों (Lower Limbs) की कार्यक्षमता सीमित या पूरी तरह प्रभावित होती है। तकनीक: खिलाड़ी व्हीलचेयर पर एक विशेष थ्रोइंग फ्रेम में बैठकर थ्रो करते हैं। शारीरिक शक्ति: चूंकि पैर और धड़ का सहारा नहीं मिलता, इसलिए एथलीट केवल अपने शरीर के ऊपरी हिस्से (Upper Body) की ताकत, कंधों के लचीलेपन और बांहों की तेज गति (Arm Speed) का उपयोग करके गेंद या चक्के में शक्ति पैदा करते हैं। दृढ़ संकल्प और प्रेरणा की अनूठी मिसाल सुवर्णा राज की यह सफलता केवल एक खेल पदक नहीं है, बल्कि यह उन लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो विपरीत परिस्थितियों से जूझ रहे हैं। व्हीलचेयर पर बैठकर केवल शरीर के ऊपरी हिस्से के बल पर 15 मीटर से अधिक दूर भारी चक्का फेंकना अत्यधिक अभ्यास, अनुशासन और मानसिक दृढ़ता की मांग करता है। सुवर्णा की इस स्वर्णिम उपलब्धि से भारत में पैरा-खेलों और पैरा-एथलीटों के प्रति सम्मान और उत्साह में और अधिक बढ़ोतरी होगी। उनकी इस ऐतिहासिक जीत पर देशभर से खेल प्रेमियों, एथलीटों और अधिकारियों द्वारा बधाइयों का तांता लगा हुआ है।

प्रभासाक्षी 22 Oct 2026 8:50 am

Asian Para Games: थुलासिमथी और नितेश पैरा बैडमिंटन के फाइनल में पहुंचे

थुलासिमथी मुरुगेसन और नितेश कुमार की भारतीय जोड़ी ने बृहस्पतिवार को यहां चीन के ली मिंगपान और शियाओ ज़ुक्सियन को हराकर एशियाई पैरा खेलों की बैडमिंटन प्रतियोगिता के मिश्रित युगल एसएल3-एसयू5 फाइनल में प्रवेश किया, जबकि देश की दो अन्य जोड़ियों को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। थुलासिमथी और नितेश ने इचिनोमिया सिटी म्युनिसिपल जिम्नेजियम में खेले गए रोमांचक सेमीफाइनल में चीनी जोड़ी को 21-19, 14-21, 21-17 से पराजित किया। यह मैच 42 मिनट तक चला। थुलासिमथी ने मैच के बाद कहा, ‘‘हम बहुत खुश हैं। अब हमें अपना पूरा ध्यान फाइनल पर केंद्रित करना होगा।’’नितेश ने कहा, ‘‘हम इनमें से अधिकतर खिलाड़ियों के खिलाफ पहले कई बार खेल चुके हैं और उनके मजबूत पक्ष को जानते हैं। इसलिए हमें यह पता था कि हमें प्रत्येक प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ कैसे खेलना है। बीच में हमारा ध्यान थोड़ा भटक गया और हमने कुछ गलतियां कर दीं, लेकिन अच्छी बात यह थी कि तीसरे सेट की शुरुआत में हमने अपनी लय वापस पा ली।’’फाइनल दो भारतीय जोड़ियों के बीच हो सकता था लेकिन मनीषा रामदास और प्रमोद भगत इंडोनेशिया की लीनी रात्रि ओक्टिला और हिकमत रामदानी से 21-16, 13-21, 17-21 से हार गए और उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। भारत के कृष्णा नागर और नित्या श्री सुमति सिवान ने भी मिश्रित युगल एसएच6 सेमीफाइनल में इंडोनेशिया की रीना मर्लिना और सुभान से 14-21, 18-21 से हारने के बाद कांस्य पदक के साथ अपने अभियान का समापन किया। थुलासिमथी महिला युगल एसएल3-एसयू5 स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक की दावेदार हैं। शुक्रवार को स्वर्ण पदक के लिए होने वाले मुकाबले में उनका और मानसी जोशी का सामना चीन की यांग किउक्सिया और शियाओ ज़ुक्सियन से होगा। नितेश पुरुष एकल एसएल3 सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के मुह अल इमरान का सामना करेंगे। पैरा बैडमिंटन में एसएल3 श्रेणी में वह खिलाड़ी भाग लेते हैं जिनके जो निचले अंगों से दिव्यांग होते हैं और आधे कोर्ट पर प्रतिस्पर्धा करते हैं। एसयू श्रेणी के खिलाड़ी ऊपरी अंगों से दिव्यांग होते हैं। इन दोनों श्रेणियां के खिलाड़ियों को एक साथ उतारा जाता है।

प्रभासाक्षी 22 Oct 2026 8:33 am

एशियाई पैरा खेलों में Swati Choudhary ने रचा इतिहास, तीरंदाजी में जीता रजत पदक

स्वाति चौधरी ने एशियाई पैरा खेलों में तीरंदाजी की महिला डब्ल्यू1 श्रेणी में भारत का पहला पदक जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने बृहस्पतिवार को यहां महिला व्यक्तिगत फाइनल में चीन की सेन मेंगकन से हारने के बाद रजत पदक हासिल किया। मेरठ की गुरुकुल तीरंदाजी अकादमी में एथेंस ओलंपिक खेलों में भाग ले चुके सत्यदेव प्रसाद के मार्गदर्शन में अभ्यास करने वाली शीर्ष वरीयता प्राप्त भारतीय खिलाड़ी ने उतार-चढ़ाव भरे फाइनल में 4-2 की बढ़त गंवा दी और 4-6 से हार गई। चीन की तीरंदाज ने शानदार वापसी की और स्वाति को 25-17, 21-22, 22-21, 20-30, 21-28 से हार का सामना करना पड़ा। पिछले महीने अहमदाबाद में विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज में कांस्य पदक जीतने वाली स्वाति ने शानदार शुरुआत करते हुए पहला सेट 25-17 से जीत लिया। चीन की खिलाड़ी ने दूसरा सेट जीता लेकिन स्वाति ने तीसरा सेट जीत कर वापसी की। चीन की खिलाड़ी ने चौथे सेट में तीन परफेक्ट 10 के साथ 30 का स्कोर बनाकर सेट 30-20 से जीत लिया और मैच को 4-4 से बराबर कर दिया। सेन ने निर्णायक सेट में अपना धैर्य बनाए रखा तथा स्वाति के 21 अंकों के मुकाबले 28 अंक बनाकर एशियाई पैरा खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। मेरठ की 37 वर्षीय स्वाति को भले ही स्वर्ण पदक नहीं मिला लेकिन वह इस वर्ग में पदक जीतने वाली पहली भारतीय तीरंदाज बन गई। डब्ल्यू1 श्रेणी में गंभीर शारीरिक अक्षमता वाले खिलाड़ी भाग लेते हैं। इस वर्ग में टेट्राप्लेजिया जैसी स्थितियों से ग्रस्त एथलीट शामिल हैं, जिनमें मांसपेशियों की शक्ति और अंगों के कार्य में समान रूप से कमी होती है।

प्रभासाक्षी 22 Oct 2026 8:13 am

पंजाब को मिली एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी, ‘आप’ ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि और गर्व का क्षण

चंडीगढ़, 21 अक्टूबर . आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के नेता और मोहाली के मेयर सरबजीत सिंह ने Wednesday को कहा कि पंजाब में पहली बार ‘एशियन हॉकी…

डेली किरण 22 Oct 2026 12:08 am

पंजाब को मिली एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी, 'आप' ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि और गर्व का क्षण

पंजाब को मिली एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी, 'आप' ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि और गर्व का क्षण

समाचार नामा 21 Oct 2026 11:57 pm

एशियाई पैरा खेलों में पैरा एथलेटिक्स में सोने की बौछार, भारत पांचवें स्थान पर पहुंचा

भारत बुधवार को कुल 5 गोल्ड मेडल जीतकर पांचवें स्थान पर पहुंचा। एशियाई पैरा खेलों में भारत के लिए अब तक मिले 14 में से 13 स्वर्ण पैरा एथलेटिक्स दल ने जीते हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 21 Oct 2026 8:34 pm

Asian Para Games: एथलेटिक्स में भारत का गोल्डन धमाका, सिमरन का डबल गोल्ड

एशियन पैरा गेम्स में भारत ने ट्रैक एंड फील्ड में पांच गोल्ड समेत 18 मेडल जीते. सिमरन ने 100 मीटर और 200 मीटर में गोल्ड डबल पूरा किया, जबकि प्रवीण कुमार और सचिन खिलारी ने गेम्स रिकॉर्ड बनाए. भारत अब तक 14 गोल्ड समेत 62 मेडल जीतकर पांचवें स्थान पर है.

आज तक 21 Oct 2026 6:33 pm

एशियाई पैरा खेल: Krishna Nagar और Sivarajan ने जीता युगल में रजत पदक

भारत के कृष्णा नागर और सिवाराजन सोलाइमलाइ ने एशियाई पैरा खेलों की पुरूष युगल एसएच6 बैडमिंटन स्पर्धा में रजत पदक जीता जबकि एसएल4 वर्ग में भारत के तीन पदक पक्के हो गए। कृष्णा और सिवाराजन तीन मैचों में एक जीत और दो हार के बाद दूसरे स्थान पर रहे। सिर्फ चार टीमें होने के कारण ग्रुप में स्थिति के आधार पर पदक तय किये गए। चीन के लिन नेइली और किंगताओ जेंग ने तीनों मैच जीतकर स्वर्ण पदक जीता। इंडोनेशिया के अजी दिमास त्रि और सुभांतुक ने दो मैच गंवाने के बाद कांस्य पदक हासिल किया। एसएच6 श्रेणी पैरा बैडमिंटन में कम कद के खिलाड़ियों के लिये है। इससे पहले मौजूदा चैंपियन सुहास एलवाई और दो अन्य खिलाड़ियों के सेमीफाइनल में पहुंचने से भारत ने पुरुषों के एकल एसएल4 बैडमिंटन प्रतियोगिता में तीन पदक पक्के कर दिए। वर्तमान में विश्व के नंबर एक खिलाड़ी और आईएएस अधिकारी सुहास ने कोरिया के चो नादान को 21-12 21-16 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई जहां उनका सामना इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान से होगा। सेतियावान ने क्वार्टरफाइनल के एक अन्य मैच में भारत के सुकांत कदम को 21-17, 18-21, 21-15 से हराया। दूसरा सेमीफाइनल दो अन्य भारतीय खिलाड़ियों नवीन शिवकुमार और अभिजीत सखूजा के बीच खेला जाएगा। नवीन ने क्वार्टरफाइनल में कोरिया के शिन क्युंग ह्वान को 21-14 21-4 से जबकि अभिजीत ने हमवतन सूर्यकांत यादव को 21-16 21-12 से हराया। एसएल4 श्रेणी में ऐसे खिलाड़ी भाग लेते हैं जिनके निचले अंग दिव्यांग होते हैं लेकिन दौड़ने में उनका संतुलन एसएल3 श्रेणी के खिलाड़ियों से बेहतर होता है।

प्रभासाक्षी 21 Oct 2026 5:53 pm

Asian Para Games में Ravi Budigina ने जीता रजत, हिमांशु और रोहित को कांस्य

भारतीय तैराक रवि बुदिगिना ने एशियाई पैरा खेलों में बुधवार को पुरूषों के 100 मीटर बैकस्ट्रोक एस13 वर्ग में रजत पदक जीता जबकि हिमांशु नंदल और रोहित कुमार ने कांस्य पदक हासिल किये। रवि ने एक मिनट 10 . 10 सेकंड का समय निकालकर चार तैराकों में दूसरा स्थान हासिल किया। उजबेकिस्तान के इगोर बोलोतोव ने 58 . 43 सेकंड के एशियाई रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि चीनी ताइपै के फेंग युआन येह ने एक मिनट 12 . 05 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक हासिल किया। एस 13 श्रेणी उन एथलीटों के लिए है जिनकी दृष्टि संबंधी अक्षमता पात्र प्रतिभागियों में सबसे कम गंभीर है। रवि ने सोमवार को पुरूषों की 100 मीटर एस13 फ्रीस्टाइल स्पर्धा में भी रजत पदक जीता था। आंध्र प्रदेश के रहने वाले 18 वर्ष के रवि दुबई में 2025 एशियाई युवा पैरा खेलों में तीन स्वर्ण और तीन रजत जीत चुके हैं। इससे पहले नंदल ने पुरुष 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एस11 स्पर्धा में तीसरे स्थान पर रहते हुए एशियाई पैरा खेलों में अपना दूसरा कांस्य पदक जीता। हरियाणा के रोहतक के इस 22 वर्षीय खिलाड़ी ने एक मिनट 20.72 सेकेंड का समय निकाला। ऑप्टिक नर्व में खराबी के कारण वह जन्म से ही पूरी तरह दृष्टिबाधित हैं। चीन के यांग बोझुन ने एक मिनट 12.69 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि जापान के केइची किमुरा ने एक मिनट 12.72 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। हिमांशु ने मंगलवार को पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में चार तैराकों के बीच पांच मिनट 10.91 सेकेंड का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया और अपना पहला पदक जीता। खेल पृष्ठभूमि वाले परिवार से आने वाले हिमांशु को उनके पिता से प्रेरणा मिली जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर हॉकी खेली थी। वह चार साल की उम्र में दिल्ली आ गए थे और यहां ‘नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड’ से जुड़े जहां उन्होंने ब्रेल लिपि सीखी। दिल्ली विश्वविद्यालय के आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक हिमांशु ने शुरुआत में जूडो खेलना शुरू किया था। उन्होंने इस खेल में राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते लेकिन 2021 में तैराकी को अपना लिया। वर्ष 2024 में वह पेरिस पैरालंपिक के लिए न्यूनतम क्वालीफाइंग मानक हासिल करने वाले भारत के पहले पूर्ण दृष्टिबाधित तैराक बने। पैरा तैराकी में एस11 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए है जिन्हें गंभीर दृष्टिबाधिता होती है। इसमें बेहद कम दृष्टि वाले या प्रकाश का बिल्कुल भी आभास नहीं कर पाने वाले खिलाड़ी शामिल हैं। पुरूषों के 100 मीटर ब्रीस्टस्ट्रोक एसबी4 वर्ग में रोहित ने एक मिनट 57 . 25 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक हासिल किया। मलेशिया के मुहम्मद जुल्काफली बिन ने स्वर्ण और कजाखस्तान के अली तुरगानबेकोव ने रजत पदक जीता। एसबी4 श्रेणी उन ब्रीस्टस्ट्रोक तैराकों के लिए है जिन्हें शारीरिक अक्षमताएं हैं। इसमें कम कद के साथ अन्य अक्षमताओं का होना, या पूरे शरीर में समन्वय संबंधी दिक्कतें शामिल है।

प्रभासाक्षी 21 Oct 2026 5:43 pm

Asian Para Games 2026: प्रीति पाल ने 100 मीटर दौड़ में भी जीता सिल्वर, एशियन पैरा गेम्स में दो पदकों के साथ लौटेंगी मेरठ की बेटी

Asian Para Games 2026: भारतीय पैरा एथलीट प्रीति पाल ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में महिलाओं की 100 मीटर टी35 स्पर्धा में रजत पदक जीता, यह उनका प्रतियोगिता में दूसरा रजत है। उन्होंने 13.98 सेकंड का समय निकालकर अपनी पिछली उपलब्धि में सुधार किया।

जागरण 21 Oct 2026 5:07 pm

Asian Para Games में Sheetal Devi और पायल नाग ने जीता तीरंदाजी में रजत पदक

शीतल देवी और पायल नाग की भारतीय महिला युगल जोड़ी ने बुधवार को यहां एशियाई पैरा खेलों में फाइनल में हारने के कारण रजत पदक हासिल किया जबकि स्वाति चौधरी और आदिल मुहम्मद नजीर अंसारी ने मिश्रित टीम डब्ल्यू1 रिकर्व में कांस्य पदक जीता। जन्म से ही बिना हाथों वाली शीतल तथा हाथ और पांव से दिव्यांग पायल स्वर्ण पदक के मुकाबले में चीन की जू ज़ुएक़िंग और झाओ जिंग से 141-150 से हार गईं। भारतीय खिलाड़ी शुरू से ही चीन की खिलाड़ियों के सामने संघर्ष करती हुई दिखी। शीतल ने बेहतर खेल दिखाया और उन्होंने चार 10 अंक हासिल किए लेकिन पायल उनकी तरह प्रदर्शन नहीं कर पाई। उन्होंने अपने अंतिम तीर पर सात अंक बनाए। इससे पहले वह केवल नौ और आठ अंक ही हासिल कर पाईं थी। शीतल ने इस स्पर्धा में लगातार दूसरा रजत पदक जीता है। पिछले एशियाई पैरा खेलों में उन्होंने सरिता देवी के साथ जोड़ी बनाकर दूसरा स्थान हासिल किया था। व्यक्तिगत स्पर्धा में भी वह स्वर्ण पदक की दावेदार हैं। जम्मू और कश्मीर के किश्तवार जिले में बसे लॉइधर गांव की रहने वाली शीतल फोकोमेलिया नामक एक दुर्लभ जन्मजात स्थिति के कारण भुजाहीन पैदा हुई थी। आठ साल की उम्र में पायल 11,000 वोल्ट की हाई-टेंशन बिजली की लाइन के संपर्क में आ गई जिससे उनके हाथ और पांवों को काटना पड़ा था। इस बीच तोमन कुमार और श्याम सुंदर स्वामी की पुरुष युगल जोड़ी कांस्य पदक से चूक गई। उन्हें चीन के ऐ शिनलियांग और झांग यिचेंग से 153-154 से हार का सामना करना पड़ा। इस बीच स्वाति और आदिल की जोड़ी ने मिश्रित टीम डब्ल्यू1 रिकर्व में कांस्य पदक जीता। दूसरी वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी कोरिया की किम ओक गियुम और पार्क होंग जो से 2 . 6 से हार गई। ड्रॉ में तीन ही टीमें होने के कारण कांस्य पदक का मुकाबला नहीं खेला गया। कोरिया ने चीन को शूटआफ में 5 . 4 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।

प्रभासाक्षी 21 Oct 2026 4:33 pm

Preeti Pal ने Asian Para Games में रचा इतिहास, भारत की झोली में डाला दूसरा Silver

भारतीय पैरालंपिक पदक विजेता प्रीति पाल ने बुधवार को चल रहे एशियाई पैरा खेलों में महिलाओं की 100 मीटर T35 श्रेणी में रजत पदक जीता। ईएसपीएन के अनुसार, प्रीति ने 13.98 सेकंड का समय लिया। वह चीनी स्वर्ण पदक विजेता और विश्व रिकॉर्ड धारक झोउ ज़िया से केवल 0.41 सेकंड पीछे रहीं। झोउ ज़िया ने इस दौरान एशियाई पैरा खेलों का एक नया रिकॉर्ड भी बनाया। इससे पहले, बुधवार को उन्होंने महिलाओं की 200 मीटर T35 फाइनल स्पर्धा में रजत पदक जीता। इसे भी पढ़ें: Noida Sports City में 70 प्रतिशत जमीन पर खेल सुविधाएं, संशोधित मास्टर लेआउट को मंजूरी पैरालंपिक कमिटी ऑफ इंडिया (PCI) के अनुसार, प्रीति ने 29.53 सेकंड का शानदार समय निकाला। वह चीन की स्वर्ण पदक विजेता झोउ एक्स (28.03 सेकंड) के बाद रहीं, जबकि इराक की फा सुवेद 30.82 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। इसके साथ ही, इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में भारत के पदकों की कुल संख्या 48 हो गई है, जिसमें 12 स्वर्ण, 18 रजत और 18 कांस्य पदक शामिल हैं। कस्तूरी राजामणि ने एशियन पैरा गेम्स में भारत के लिए पदकों की झड़ी जारी रखी। बुधवार को उन्होंने पैरा-पावरलिफ्टिंग के महिलाओं के 67 किलोग्राम तक के इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। कस्तूरी ने तीन में से दो लिफ्ट सफलतापूर्वक पूरी कीं: उन्होंने 103 किलोग्राम का वजन सफलतापूर्वक उठाया, फिर 106 किलोग्राम उठाने की कोशिश में असफल रहीं, और उसके बाद 108 किलोग्राम का वजन सफलतापूर्वक उठा लिया। उनकी सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी, दक्षिण कोरिया की किम ह्योंगहुई ने 107 किलोग्राम का वजन सफलतापूर्वक उठाया। ईएसपीएन (ESPN) के अनुसार, उज्बेकिस्तान की रुखशोना उक्तामोवा ने 127 किलोग्राम का सर्वश्रेष्ठ प्रयास करते हुए गोल्ड मेडल जीता। इसे भी पढ़ें: Asian Para Games: भारत ने नागोया में एथलेटिक्स के पहले दिन जीते 6 पदक इसके साथ ही, भारत के पदकों की कुल संख्या 47 हो गई है, जिसमें 12 गोल्ड, 17 ​​सिल्वर और 18 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। इससे पहले, बुधवार को भारतीय पैरा-एथलीट मंजीत ने पुरुषों की F13 जैवलिन थ्रो (भाला फेंक) स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता। मंजीत ने पुरुषों की F12/13 जैवलिन थ्रो प्रतियोगिता में अपने दूसरे प्रयास में करियर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया और F13 कैटेगरी में पदक हासिल किया।

प्रभासाक्षी 21 Oct 2026 3:33 pm

Asian Para Games में Praveen Kumar ने जीता Gold Medal, Bunty को मिला Silver

बुधवार को एशियन पैरा गेम्स 2026 में, भारतीय पैरा-एथलीट प्रवीण कुमार और बंटी ने पुरुषों की हाई जंप T64 स्पर्धा में पहला और दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि राकेशभाई भट्ट ने पुरुषों की 100 मीटर T37 फाइनल में कांस्य पदक जीता। दो बार के पैरालंपिक पदक विजेता प्रवीण ने 2.05 मीटर की छलांग लगाकर एशियन पैरा गेम्स का नया रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक जीता। वहीं, बंटी ने 1.92 मीटर की अपनी अब तक की सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ रजत पदक हासिल किया। इस तरह भारत के लिए यह एक यादगार उपलब्धि रही, जिसमें देश के दो एथलीट पोडियम पर एक साथ नजर आए। इसे भी पढ़ें: Noida Sports City में 70 प्रतिशत जमीन पर खेल सुविधाएं, संशोधित मास्टर लेआउट को मंजूरी प्रवीण ने शुरुआत में 1.95 मीटर की ऊंचाई पार करके स्वर्ण पदक पक्का किया और गेम्स रिकॉर्ड की बराबरी की। इसके बाद, उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में 2.00 मीटर की ऊंचाई पार की, और फिर अपने तीसरे प्रयास में 2.05 मीटर की ऊंचाई पार करके एक नया गेम्स रिकॉर्ड कायम किया। बंटी ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 1.92 मीटर की ऊंचाई पार कर रजत पदक जीता और इस स्पर्धा में भारत का दबदबा सुनिश्चित किया। ट्रैक पर भारत को एक और मेडल मिला। राकेशभाई भट्ट ने पुरुषों की 100 मीटर T37 फाइनल में 11.50 सेकंड का अपना सर्वश्रेष्ठ समय निकालते हुए तीसरा स्थान हासिल किया। सऊदी अरब के अली अलनाखली ने 11.31 सेकंड में गोल्ड मेडल जीता, जबकि इंडोनेशिया के सैप्टोयोगो पूर्णोमो ने 11.35 सेकंड में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। पैरा-तैराकी में, हिमांशु नंदन ने हीट में 1:21.52 का समय निकालकर पुरुषों की 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक SB11 फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। वह चौथे सबसे तेज़ तैराक के रूप में आगे बढ़े; इससे पहले उन्होंने पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल S11 इवेंट में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था। पुरुषों की लॉन्ग जंप T13 फाइनल में भारत के सुजीत एमएस 5.74 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ छठे स्थान पर रहे। इसे भी पढ़ें: अहमदाबाद Commonwealth Games 2030 के लिए केंद्र देगा 2000 करोड़ रुपये की मदद पैरा-बैडमिंटन में, नवीन शिवकुमार ने दक्षिण कोरिया के क्युंग ह्वान शिन को 26 मिनट में 21-14, 21-4 से हराकर पुरुषों की सिंगल्स SL4 के सेमीफाइनल में जगह बनाई। उनके आगे बढ़ने से इस इवेंट में भारत का एक और मेडल पक्का हो गया है, क्योंकि पैरालंपिक मेडलिस्ट सुहास यथिराज भी पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुके हैं। हालांकि, पुरुषों की सिंगल्स SU5 कैटेगरी में रुथिक रघुपति का सफर क्वार्टर फाइनल में खत्म हो गया, जहां वे चीन के मिंगपान ली से 37 मिनट में 19-21, 14-21 से हार गए।

प्रभासाक्षी 21 Oct 2026 12:45 pm

Asian Para Games में Ayush Verma ने Shot Put में जीता Gold, भारत के कुल 38 पदक हुए

भारतीय पैरा-एथलीट आयुष वर्मा ने 21 अक्टूबर को एशियन पैरा गेम्स 2026 में पुरुषों के शॉट पुट F53 इवेंट में स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ ही भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या 10 और कुल पदकों की संख्या 38 हो गई है। वर्मा ने 'सीटेड थ्रोइंग' इवेंट में अपने पांचवें प्रयास में 8.16 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करके पहला स्थान हासिल किया। इससे पहले, 20 अक्टूबर को उन्होंने पुरुषों के जैवलिन (भाला फेंक) F53/54 इवेंट में कांस्य पदक जीता था। इसे भी पढ़ें: Noida Sports City में 70 प्रतिशत जमीन पर खेल सुविधाएं, संशोधित मास्टर लेआउट को मंजूरी जापान के नागोया में आयोजित महाद्वीपीय पैरा-स्पोर्ट इवेंट में, वर्मा के स्वर्ण पदक के साथ भारत पदक तालिका में छठे स्थान पर बना हुआ है। पैरा-बैडमिंटन में, पैरालंपिक पदक विजेता सुहास यथिराज ने दक्षिण कोरिया के एन. चो को सीधे गेमों में 21-12, 21-16 से हराकर पुरुष एकल SL4 के सेमीफाइनल में प्रवेश किया और कम से कम एक कांस्य पदक पक्का कर लिया। वहीं, सुकांत कदम को इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान के खिलाफ कड़े मुकाबले में 17-21, 21-18, 15-21 से हार का सामना करना पड़ा और वे क्वार्टर फाइनल से बाहर हो गए। पुरुष एकल WH1 क्वार्टर फाइनल में प्रेम कुमार आले भी बाहर हो गए; उन्हें दक्षिण कोरिया के हेसोंग पार्क ने 13-21, 12-21 से हराया। इसे भी पढ़ें: अहमदाबाद Commonwealth Games 2030 के लिए केंद्र देगा 2000 करोड़ रुपये की मदद महिला एकल WH1 इवेंट में, पल्लवी कलुवेहल्ली का सफर लगातार तीसरी हार के साथ ग्रुप स्टेज में ही समाप्त हो गया। उन्हें जापान की सेना टोमोयोसे ने 4-21, 4-21 से हराया, जिसके बाद वे आगे नहीं बढ़ सकीं। पैरा-आर्चरी में भारत पदक जीतने से मामूली अंतर से चूक गया, क्योंकि पुरुष कंपाउंड डबल्स इवेंट में टोमन कुमार और श्याम सुंदर स्वामी चौथे स्थान पर रहे। इस जोड़ी को कांस्य पदक के मुकाबले में चीन के हाथों 153-154 से हार मिली। कुमार के आखिरी शॉट में 8 अंक मिले, जबकि शूट-ऑफ के लिए 9 अंकों की और जीत के लिए 10 अंकों की जरूरत थी। नागोया में वर्मा के स्वर्ण पदक ने भारत के अभियान को मजबूती दी, जबकि सुहास के सेमीफाइनल में पहुंचने से एक और पैरा-बैडमिंटन पदक जीतने की उम्मीदें बनी रहीं।

प्रभासाक्षी 21 Oct 2026 12:42 pm

Para Asian Games: मेरठ के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन, आयुष ने जीता गोल्ड, अनुभव ने कांस्य पर जमाया कब्जा

मेरठ के आयुष वर्मा ने पैरा एशियन गेम्स में जीता शॉटपुट गोल्ड, अनुभव चौधरी को 100 मीटर में कांस्य

अमर उजाला 21 Oct 2026 11:00 am

Asian Para Games 2026 Day 3: भारत का शानदार प्रदर्शन, एक इवेंट में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज जीतने का दावा

Asian Para Games 2026 Day 3: भारत का शानदार प्रदर्शन, एक इवेंट में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज जीतने का दावा

समाचार नामा 21 Oct 2026 9:58 am

Asian Para Games 2026: निषाद कुमार ने रचा इतिहास, गोल्ड किया अपने नाम, भारत के खाते में हुए 35 मेडल

इंटरनेट डेस्क। एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। अनुभवी खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन और नए खिलाड़ियों की चमक के बीच भारत ने मंगलवार को पांच गोल्ड मेडल अपने नाम किए, एथलेटिक्स भारतीय दल के लिए स्वर्णिम सफलता का सबसे बड़ा केंद्र रहा, जहां निषाद कुमार और दीप्ति जीवनजी ने अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा। प्रतियोगिता के दूसरे दिन के अंत तक भारत के खाते में 35 मेडल हो चुके हैं। इनमें 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज शामिल हैं। निषाद कुमार ने रचा इतिहास निषाद कुमार मंगलवार को भारत के सबसे चमकदार सितारे बनकर उभरे, उन्होंने पुरुषों की हाई जंप टी47 स्पर्धा में 2.04 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता और गेम्स रिकॉर्ड भी अपने नाम किया, इससे पहले उन्होंने सोमवार को लॉन्ग जंप टी47 में भी गोल्ड जीता था। इस उपलब्धि के साथ निषाद एक ही एशियन पैरा गेम्स में दो अलग-अलग स्पर्धाओं में गोल्ड जीतने वाले तीसरे भारतीय बन गए। निषाद की लगातार दूसरे दिन स्वर्णिम सफलता भारत के लिए बड़ी उपलब्धि रही। pc- india tv hindi

राजस्थान खबरे 21 Oct 2026 9:58 am

Asian Para Games 2026: मां को खोया, नाना ने संभाला; अब देश के लिए दौड़कर मेरठ के अनुभव चौधरी ने जीता पदक

मेरठ के अनुभव चौधरी ने एशियन पैरा गेम्स की पुरुषों की 100 मीटर टी-35 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता, 12.72 सेकंड में दौड़ पूरी कर तीसरा स्थान हासिल किया। कंकरखेड़ा निवासी अनुभव ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद यह उपलब्धि हासिल की, अपनी मां को खोने के बाद नाना ने उनका पालन-पोषण किया।

जागरण 21 Oct 2026 9:23 am

एशियाई पैरा गेम्स: भारत को शॉटपुट में तीनों पदक; सचिन ने गेम्स रिकॉर्ड के साथ जीता स्वर्ण; यासिर-परवीन का कमाल

सचिन खिलारी ने एशियाई पैरा गेम्स 2026 की पुरुषों की एफ46 शॉटपुट स्पर्धा में आखिरी प्रयास में 15.87 मीटर का थ्रो करके गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता।

अमर उजाला 21 Oct 2026 9:07 am

Sachin Khilari ने Asian Para Games में नया रिकॉर्ड बनाकर जीता Gold, भारत का क्लीन स्वीप

सचिन सरजेराव खिलारी ने बुधवार को यहां एशियाई पैरा खेलों की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में पुरुषों के शॉट पुट एफ46 स्पर्धा में खेलों के नए रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि भारतीय खिलाड़ियों ने इस स्पर्धा में क्लीन स्वीप किया। पेरिस पैरालंपिक में रजत पदक जीतने वाले सचिन ने इस तरह से पिछले एशियाई पैरा खेलों में जीते गए अपने स्वर्ण पदक का अच्छी तरह से बचाव किया। उन्होंने अपने छठे और अंतिम थ्रो में 15.87 मीटर फेंककर पहला स्थान हासिल किया और 15.67 मीटर के खेलों के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया। भारत के ही मोहम्मद यासर ने तीसरे प्रयास में 15.06 मीटर का थ्रो करके रजत पदक जीता, जबकि परवीन 14.94 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे। एफ46 श्रेणी उन एथलीटों के लिए है जिनका कोहनी के ऊपर या नीचे एक हाथ कटा होता है, या वे ऊपरी अंग से दिव्यांग होते हैं। वे खड़े होकर प्रतिस्पर्धा करते हैं और अपने कूल्हों और पैरों का उपयोग करके गोला फेंकने के लिए शक्ति लगाते हैं।

प्रभासाक्षी 21 Oct 2026 8:53 am

एशियाई पैरा गेम्स: कौन हैं आयुष वर्मा? फाइनल में पांचवें प्रयास में पलटी बाजी, भारत को शॉटपुट में दिलाया गोल्ड

आयुष वर्मा ने एशियाई पैरा गेम्स 2026 में पुरुषों की एफ53 शॉटपुट स्पर्धा में 8.16 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने ईरान के अलीरेजा हेमामी को सात सेंटीमीटर से पछाड़ा।

अमर उजाला 21 Oct 2026 8:41 am

Asian Para Games: प्रवीण कुमार ने हाई जंप में रिकॉर्ड के साथ जीता गोल्ड

भारत के प्रवीण कुमार ने बुधवार को यहां एशियाई पैरा खेलों की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में पुरुषों की ऊंची कूद टी44/64 स्पर्धा में खेलों के नए रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि बंटी ने इसी स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। प्रवीण ने 2.05 मीटर की कूद लगाकर स्वर्ण पदक, जबकि बंटी ने 1.92 मीटर की कूद के साथ रजत पदक हासिल किया। उज्बेकिस्तान के तेमुरबेक गियाज़ोव 1.86 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे। टी64 और टी44 वर्ग के एथलीट अक्सर संयुक्त स्पर्धा में एक साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं क्योंकि विश्व पैरा एथलेटिक्स पर्याप्त प्रतियोगियों और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए निचले अंगों के वर्गों को एक समूह में रखता है। टी64 उन एथलीटों के लिए है जो कृत्रिम निचले अंगों का उपयोग करते हैं, जबकि टी44 उन एथलीटों के लिए है जो निचले अंगों से दिव्यांग होते हैं लेकिन वह कृत्रिम अंगों का उपयोग नहीं करते हैं।

प्रभासाक्षी 21 Oct 2026 8:23 am

Asian Para Games: शीतल देवी और पायल नाग ने जीता कंपाउंड तीरंदाजी में रजत पदक

शीतल देवी और पायल नाग की भारतीय महिला युगल जोड़ी ने बुधवार को यहां एशियाई पैरा खेलों में फाइनल में हारने के कारण रजत पदक हासिल किया। जन्म से ही बिना हाथों वाली शीतल तथा हाथ और पांव से दिव्यांग पायल स्वर्ण पदक के मुकाबले में चीन की जू ज़ुएक़िंग और झाओ जिंग से 141-150 से हार गईं। भारतीय खिलाड़ी शुरू से ही चीन की खिलाड़ियों के सामने संघर्ष करती हुई दिखी। शीतल ने बेहतर खेल दिखाया और उन्होंने चार 10 अंक हासिल किए लेकिन पायल उनकी तरह प्रदर्शन नहीं कर पाई। उन्होंने अपने अंतिम तीर पर सात अंक बनाए। इससे पहले वह केवल नौ और आठ अंक ही हासिल कर पाईं थी। शीतल ने इस स्पर्धा में लगातार दूसरा रजत पदक जीता है। पिछले एशियाई पैरा खेलों में उन्होंने सरिता देवी के साथ जोड़ी बनाकर दूसरा स्थान हासिल किया था। व्यक्तिगत स्पर्धा में भी वह स्वर्ण पदक की दावेदार हैं। जम्मू और कश्मीर के किश्तवार जिले में बसे लॉइधर गांव की रहने वाली शीतल फोकोमेलिया नामक एक दुर्लभ जन्मजात स्थिति के कारण भुजाहीन पैदा हुई थी। आठ साल की उम्र में पायल 11,000 वोल्ट की हाई-टेंशन बिजली की लाइन के संपर्क में आ गई जिससे उनके हाथ और पांवों को काटना पड़ा था। इस बीच तोमन कुमार और श्याम सुंदर स्वामी की पुरुष युगल जोड़ी कांस्य पदक से चूक गई। उन्हें चीन के ऐ शिनलियांग और झांग यिचेंग से 153-154 से हार का सामना करना पड़ा।

प्रभासाक्षी 21 Oct 2026 8:13 am

Asian Market Today: अमेरिकी AI कंपनियों की शानदार कमाई से एशियाई बाजारों में तेजी,Kospi 3.6% तक उछला

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिली। अमेरिकी इक्विटी-इंडेक्स फ्यूचर्स में आई बढ़त का असर एशियाई बाजारों पर दिखा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर से सबसे ज्यादा फायदा उठाने वाली कुछ बड़ी कंपनियों की शानदार कमाई ने निवेशकों का टेक्नोलॉजी शेयरों के प्रति उत्साह फिर से जगा दिया है।MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.6% ऊपर चढ़ा, जिसमें दक्षिण कोरिया और जापान सबसे आगे रहे। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) इंडेक्स 3.62% उछल गया। इससे पहले, दक्षिण कोरिया के बाजार में हाल ही में एक IPO की शुरुआत बेहद खराब रही थी, जिससे अब बाजार ने जोरदार वापसी की है। जापान में, निक्केई 225 (Nikkei 225) में 1.76% और व्यापक टॉपिक्स (Topix) इंडेक्स में 1.12% की बढ़त दर्ज की गई। हैंग सेंग फ्यूचर्स भी 0.5% ऊपर रहा।भारत में, GIFT निफ्टी (जो यह संकेत देता है कि दिन की शुरुआत में शेयर बाजार कैसा रहेगा) ने सूचकांकों के लिए एक सकारात्मक (हरे निशान में) शुरुआत का अनुमान जताया है।इसके अलावा, बुधवार को जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए सब्सक्रिप्शन भी शुरू होने जा रहा है। बाजार के जानकारों ने इसे 'सभी IPO की जननी' (Mother of all IPOs) करार दिया है, क्योंकि उम्मीद है कि यह देश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा IPO होगा। करेंसी मार्केट में, जापानी येन 158.29 प्रति डॉलर के स्तर पर लगभग स्थिर रहा, जबकि ऑफशोर युआन 6.6746 प्रति डॉलर पर बना रहा।अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में भी तेजी दिखी। नैस्डैक 100 (Nasdaq 100) फ्यूचर्स 0.7% ऊपर चढ़े। वहीं, स्पेसएक्स (SpaceX) के शेयरों में एक्सटेंडेड ट्रेडिंग के दौरान करीब 7% की उछाल आई, क्योंकि कंपनी ने अपने तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं।सुपर माइक्रो कंप्यूटर (Super Micro Computer) ने भी उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया और पोस्ट-मार्केट ट्रेडिंग में 15% की तेजी दर्ज की, जिससे AI-इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े शेयरों को बढ़ावा मिला। दूसरी ओर, नेटफ्लिक्स (Netflix) के शेयरों में गिरावट आई, क्योंकि कंपनी ने भविष्य के लिए निराशाजनक अनुमान (forecast) जारी किया है।स्पेसएक्स (SpaceX) की इस तेजी के पीछे एलन मस्क की सैटेलाइट, रॉकेट और AI कंपनी का शानदार प्रदर्शन रहा। सितंबर में समाप्त तिमाही के लिए कंपनी ने 4.4 अरब डॉलर की नेट इनकम दर्ज की, जबकि इसका रेवेन्यू एक साल पहले की तुलना में 161% बढ़ गया है।इसके अलावा, मस्क ने बताया कि स्पेसएक्स और टेस्ला ने संभावित विलय (merger) की संभावना तलाशने के लिए विशेष कमेटियां बनाई हैं। यह कदम अब तक के सबसे बड़े कॉर्पोरेट गठबंधन की दिशा में एक शुरुआती पहल है।पिछले हफ्ते AI वैल्यूएशन और फाइनेंसिंग को लेकर चिंताओं के कारण टेक्नोलॉजी शेयरों में काफी उतार-चढ़ाव आया था, लेकिन हालिया नतीजों ने निवेशकों को कुछ राहत दी है। अब निवेशकों की नज़र कंपनियों के आने वाले नतीजों पर है। वे यह देखना चाहेंगे कि क्या विकास के आंकड़े AI इंफ्रास्ट्रक्चर में लगाए जा रहे अरबों डॉलर के निवेश को सही ठहराते हैं।इस बीच, मंगलवार को उतार-चढ़ाव भरे सत्र के बाद, एशियाई बाज़ार की शुरुआती ट्रेडिंग में तेल की कीमतों में आई तेज़ी बनी रही। मंगलवार को ट्रेडर्स अमेरिका-ईरान युद्ध को खत्म करने की कोशिशों से जुड़ी अलग-अलग खबरों का आकलन कर रहे थे। एशियाई बाज़ार की शुरुआत में ब्रेंट क्रूड 109.52 डॉलर पर कारोबार कर रहा था, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 0.7% की बढ़त के साथ 98.48 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।बॉन्ड बाजार में, न्यूयॉर्क सत्र के दौरान लॉन्ग-टर्म US ट्रेज़री का प्रदर्शन बेहतर रहा, जिसका असर डॉलर पर पड़ा। इस साल अब तक US ट्रेज़री यील्ड पर तेल की कीमतों का काफी असर रहा है, लेकिन पिछले हफ्ते बॉन्ड निवेशकों ने कच्चे तेल की कीमतों पर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया, क्योंकि AI निवेश से जुड़े शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली।(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ज़ी न्यूज़ 21 Oct 2026 7:26 am

Asian Para Games: Discus Throw में Devendra Kumar ने पक्का किया Gold Medal

जापान के नागोया में चल रहे एशियाई पैरा खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। पुरुषों की चक्का फेंक स्पर्धा में देवेंद्र कुमार, राकेश और प्रदीप कुमार ने क्रमशः स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतकर भारत को तीनों पदक दिलाए हैं। इस प्रदर्शन के साथ भारतीय खिलाड़ियों ने पैरा एथलेटिक्स में अपनी ताकत दिखाई और देश के पदक खाते में अहम योगदान दिया है। नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक्स स्टेडियम में आयोजित पुरुषों की चक्का फेंक स्पर्धा में अलग-अलग दिव्यांगता वर्गों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। देवेंद्र कुमार ने एफ44 वर्ग में 49.71 मीटर की दूरी तक चक्का फेंककर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्हें इसके लिए 781 रजा अंक मिले। इसी वर्ग में मुकाबला कर रहे राकेश ने 49.45 मीटर का प्रदर्शन किया और 771 रजा अंकों के साथ रजत पदक जीता। वहीं, प्रदीप कुमार ने एफ64 वर्ग में 51.15 मीटर की दूरी दर्ज की। उन्हें 669 रजा अंक मिले और उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया। बता दें कि पैरा खेलों में खिलाड़ियों की अलग-अलग शारीरिक स्थितियों और दिव्यांगता के आधार पर वर्ग तय किए जाते हैं। ऐसे में प्रदर्शन का आकलन केवल फेंक की दूरी से नहीं, बल्कि संबंधित वर्ग और निर्धारित अंक प्रणाली के आधार पर भी किया जाता है। भारतीय खिलाड़ियों का तीनों पदक जीतना इस स्पर्धा में देश के मजबूत प्रदर्शन को दिखाता है। भारतीय दल ने अन्य खेलों में भी कई पदक जीते हैं। पैरा एथलेटिक्स में दीप्ति जीवनजी ने महिलाओं की 400 मीटर टी20 दौड़ में स्वर्ण पदक हासिल किया। पुरुषों की चक्का फेंक एफ51, एफ52 और एफ53 स्पर्धा में प्रणव सूरमा ने स्वर्ण, जबकि राम रतन सिंह ने रजत पदक जीता। सिमरन ने महिलाओं की 200 मीटर टी12 दौड़ में स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि तेजलबेन डामोर को कांस्य मिला। प्रीति पाल ने महिलाओं की 200 मीटर टी35 दौड़ में रजत पदक जीता। भाला फेंक में प्रदीप कुमार ने रजत और आयुष वर्मा ने कांस्य पदक हासिल किया। वहीं, पुरुषों की गोला फेंक एफ11 स्पर्धा में प्रवीण शर्मा ने कांस्य पदक जीता। पैरा पावरलिफ्टिंग में अशोक ने 65 किलोग्राम तक के भार वर्ग में रजत पदक हासिल किया। निशानेबाजी में मनीष नरवाल ने पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में रजत और सृष्टि अरोड़ा ने महिलाओं की इसी स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। पैरा टेबल टेनिस में सोनलबेन पटेल, भाविना पटेल, प्राची पांडे, सहाना रवि और जेहान मदान ने कांस्य पदक हासिल किए। तैराकी में हिमांशु नंदल ने पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में और निरंजन मुकुंदन ने 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले एसएम7 स्पर्धा में कांस्य पदक जीते। इसके अलावा, पैरा बैडमिंटन में नितेश कुमार, प्रमोद भगत और संजना कुमारी ने अपने-अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले जीतकर आगे का रास्ता तय किया। तीरंदाजी में शीतल देवी ने महिलाओं की व्यक्तिगत कंपाउंड स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई। भारतीय खिलाड़ी कई अन्य मुकाबलों में भी अंतिम चरण तक पहुंचे हैं। गौरतलब है कि इन उपलब्धियों से एशियाई स्तर पर भारतीय पैरा खिलाड़ियों का प्रदर्शन मजबूत हुआ है और वे अलग-अलग खेलों में देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

प्रभासाक्षी 20 Oct 2026 10:20 pm

FIFA चुनाव से पहले एशियाई देशों का समर्थन जुटाने Japan दौरे पर जाएंगे Gianni Infantino

फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो एक बार फिर अपने पद पर बने रहने की तैयारी में जुटे हैं। इसी सिलसिले में उनका चुनावी अभियान इस सप्ताह जापान पहुंचेगा, जहां बुधवार को टोक्यो में एशियाई फुटबॉल परिसंघ के अधिकारियों के साथ उनकी बैठक होनी है। मार्च में होने वाले अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले एशियाई देशों का समर्थन उनके लिए काफी अहम माना जा रहा है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा में इन्फेंटिनो के फैसलों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पिछले सप्ताह स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में उन्होंने फीफा की 37 सदस्यीय परिषद के सामने अपनी गलतियों के लिए माफी मांगी थी। यह विवाद विश्व कप से जुड़े 4.2 अरब डॉलर के एक प्रस्ताव को लेकर था, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया। इस योजना के तहत विश्व कप से जुड़े कारोबार को बेचने और उसके संचालन के लिए अलग कंपनी बनाने की तैयारी थी। फीफा परिषद संस्था का प्रमुख फैसला लेने वाला निकाय है, जिसमें दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों के फुटबॉल अधिकारी शामिल हैं। जापान में होने वाली बैठक टोक्यो के एक पांच सितारा होटल में रखी गई है। इसमें मीडिया की पहुंच काफी सीमित रहने की संभावना है। बताया जा रहा है कि एशियाई फुटबॉल परिसंघ के अध्यक्ष शेख सलमान बिन इब्राहिम अल खलीफा ने शुरुआत में इन्फेंटिनो की योजना का विरोध किया था। हालांकि, द एथलेटिक की रिपोर्ट के अनुसार, अब उनके और इन्फेंटिनो के बीच दूरी कुछ कम हो सकती है। विवाद के बाद इन्फेंटिनो ने फीफा के फैसले लेने की प्रक्रिया की खुली और समीक्षा कराने की पेशकश भी की है। लेकिन इस प्रस्ताव से आलोचकों की चिंताएं कितनी दूर होंगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। एसोसिएटेड प्रेस की ओर से जुटाए गए समर्थन के आंकड़ों के मुताबिक, इन्फेंटिनो मार्च में होने वाले चुनाव में जीत के लिए जरूरी समर्थन के करीब पहुंच चुके हैं। फीफा के कुल 211 सदस्य देशों में से 87 ने सार्वजनिक बयानों या अपने क्षेत्रीय फुटबॉल संगठनों के समर्थन के जरिए उनके पक्ष में संकेत दिए हैं। हालांकि, उन्हें जीत के लिए साधारण बहुमत हासिल करना होगा। एशिया के कुछ देशों के वोट इस मुकाबले में निर्णायक हो सकते हैं। एशियाई फुटबॉल परिसंघ ने विश्व कप से जुड़े प्रस्ताव पर पहले आलोचना जताई थी, लेकिन उसके सदस्य देशों की राय एक जैसी नहीं है। 2022 विश्व कप की मेजबानी करने वाले कतर ने इन्फेंटिनो का समर्थन किया है, जबकि जॉर्डन ने उनके विरोध का रुख अपनाया है। फीफा परिषद की अगली बैठक 16 दिसंबर को कतर की राजधानी दोहा में होनी है। गौरतलब है कि 1974 के बाद से फीफा का कोई भी मौजूदा अध्यक्ष चुनाव हारकर पद से नहीं हटा है। इन्फेंटिनो के खिलाफ चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों को 18 नवंबर तक अपना नाम देना होगा। नियमों के मुताबिक, उम्मीदवार को पिछले 5 वर्षों में कम से कम 2 वर्ष फुटबॉल से सक्रिय रूप से जुड़ा होना चाहिए और कम से कम 5 सदस्य देशों का समर्थन भी हासिल करना होगा। पैसिफिक यूनिवर्सिटी के राजनीतिक विशेषज्ञ और पूर्व पेशेवर फुटबॉल खिलाड़ी जूल्स बॉयकॉफ ने एसोसिएटेड प्रेस से कहा कि फीफा दुनिया भर के फुटबॉल संगठनों को बड़ी रकम बांटता है, जिससे उसके नेतृत्व को समर्थन मिल सकता है। उनके मुताबिक, इन पैसों का मकसद फुटबॉल का विकास होना चाहिए, लेकिन खर्च की निगरानी सीमित है। ऐसे में फीफा के कामकाज में बड़े बदलाव की जरूरत है और अध्यक्ष चुनाव के साथ संस्था की पारदर्शिता का सवाल भी अहम बना हुआ है।

प्रभासाक्षी 20 Oct 2026 9:38 pm

Asian Para Games में भारत का दबदबा, Nishad Kumar ने रिकॉर्ड के साथ जीता दूसरा गोल्ड

भारतीय पैरा ट्रैक एंड फील्ड एथलीटों ने मंगलवार को यहां एशियाई पैरा खेलों में पांच स्वर्ण सहित 14 पदक अपने नाम किए, जिसमें निषाद कुमार एक ही संस्करण में दो स्वर्ण पदक जीतने वाले देश के तीसरे खिलाड़ी बन गए। मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारत ने पांच स्वर्ण, चार रजत और पांच कांस्य पदक अपने नाम किए, जिससे पैरा एथलेटिक्स में उसके पदकों की संख्या 20 हो गई। वह चीन के 23 पदक (13 स्वर्ण, पांच रजत, पांच कांस्य) के बाद दूसरे स्थान पर है। निषाद ने सोमवार को लंबी कूद टी47 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने ऊंची कूद में 2.04 मीटर से अधिक की दूरी तय करके खेलों का नया रिकॉर्ड बनाकर स्वर्ण पदक जीता। अंकुर धामा (पुरुषों की 5000 मीटर टी11 और 1500 मीटर टी11) और भुजाहीन तीरंदाज शीतल देवी (महिलाओं की व्यक्तिगत कंपाउंड ओपन और मिश्रित टीम कंपाउंड ओपन) ने चीन के हांगझोउ में पिछले एशियाई पैरा खेलो में दो-दो स्वर्ण पदक जीते थे। टी47 श्रेणी ऊपरी अंगों की अक्षमता वाले एथलीटों के लिए है। निषाद का दाहिना हाथ उस समय कट गया था जब वह महज छह साल के थे। दीप्ति जीवनजी ने एशियाई पैरा खेलों के रिकॉर्ड के साथ महिलाओं की 400 मीटर टी20 स्पर्धा में 56 . 36 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता। तेलंगाना की 23 वर्ष की दीप्ति दो बार पैरा विश्व चैम्पियनशिप में पदक जीत चुकी है और 2024 में स्वर्ण जीता था। उन्होंने पैरालम्पिक में भी इसी स्पर्धा में कांस्य पदक जीता है। जापान की नीना कान्नो ने 58 . 92 सेकंड का समय निकालकर रजत और अकाने कातो ने एक मिनट 00.26 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता। टी20 श्रेणी में बौद्धिक अक्षमता वाले खिलाड़ी भाग लेते हैं जिन्हें सूचना समझने, एकाग्रता बनाने और तकनीकी रणनीति पर अमल करने में दिक्कत होती है। भारतीय खिलाड़ियों ने पुरुषों की चक्का फेंक एफ44/64 स्पर्धा में तीनों पदक अपने नाम किए, जिसमें देवेंद्र कुमार ने स्वर्ण पदक जीता। इस स्पर्धा में केवल चार खिलाड़ियों ने भाग लिया था। देवेंद्र ने 49.71 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि राकेश और प्रदीप कुमार ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक हासिल किए। एफ44 और एफ64 में वह खिलाड़ी आते हैं जिनके निचले हिस्से के अंगों में विकार हो। अनुभवी फर्राटा धाविका सिमरन ने नये रिकॉर्ड के साथ महिलाओं की 200 मीटर टी12 स्पर्धा में पहला स्वर्ण पदक जीता जबकि हमवतन तेजलबेन दामोर ने कांस्य पदक हासिल किया। सिमरन ने 24 . 80 सेकंड का समय निकाला और ईरान की हजर सफरजादेह को पछाड़ा जिन्होंने 25 . 02 सेकंड का समय लिया। पहली बार इन खेलों में उतरी तेजलबेन ने 25 . 23 सेकंड का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया। सिमरन ने स्वर्ण जीतने के बाद कहा ,‘‘ एशियाई रिकॉर्ड (24.46 सेकंड) भी मेरे नाम है और मेरा लक्ष्य वहां तक पहुंचना था लेकिन शरीर ने साथ नहीं दिया। मुझे जकड़न लग रही थी क्योंकि रिकवरी अच्छी नहीं थी। अपनी हीट रेस के बाद मैं काफी थक गई थी।’’अब वह 100 मीटर में उतरेंगी जिसमें पिछले खेलों में रजत पदक जीता था। तेजलबेन 400 मीटर में भाग लेंगी। प्रणव सूरमा ने एशियाई पैरा रिकॉर्ड के साथ पुरूषों की चक्का फेंक एफ51/52/53 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता जबकि राम रतन सिंह को रजत पदक मिला। 32 वर्ष के सूरमा ने चीन में पिछले एशियाई पैरा खेलों में क्लब थ्रो एफ51 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने चौथे प्रयास में 11 . 66 मीटर थ्रो फेंककर नये एशियाई रिकॉर्ड के साथ पहला स्थान हासिल किया। 31 वर्ष के सिंह ने दूसरे प्रयास में 10 . 35 मीटर का थ्रो फेंककर रजत पदक जीता। ईरान के अलीरजा हेमामी को कांस्य पदक मिला। प्रदीप कुमार ने पुरूषों की भालाफेंक स्पर्धा में एफ53/54 श्रेणी में लगातार दूसरा रजत पदक जीता जबकि आयुष वर्मा ने कांस्य पदक हासिल किया। प्रदीप ने एफ54 में 27 . 45 मीटर का सर्वश्रेष्ठ निजी प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। आयुष ने एफ53 वर्ग में कांस्य पदक जीता। वह थाईलैंड के सहर दाम याएना से आगे रहे जिन्होंने एफ54 वर्ग में 23 . 13 मीटर का थ्रो फेंका लेकिन शारीरिक अक्षमता का स्तर अधिक होने से आयुष को अधिक रजा अंक मिले। रजा अंक एक ऐसी पद्धति है जिसके जरिये जब किसी प्रतियोगिता में अलग-अलग वर्गीकरणों को एक ही स्पर्धा में शामिल किया जाता है तो विकलांगता के स्तर को ध्यान में रखते हुए प्रदर्शन को अंकों में बदला जाता है। ईरान के इरफान बंदोरी को 30 . 24 मीटर के रिकॉर्ड के साथ फिर स्वर्ण पदक मिला। प्रवीण कुमार ने पुरूषों के शॉटपुट एफ11 वर्ग में सर्वश्रेष्ठ निजी प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक जीता। 19 वर्ष के प्रवीण ने 13 . 86 मीटर का थ्रो फेंककर छह खिलाड़ियों में दूसरा स्थान हासिल किया। ईरान के आमिर हुसैन अलीपोर ने एशियाई रिकॉर्ड के साथ 14 . 99 मीटर का थ्रो फेंककर स्वर्ण पदक जीता जबकि उनके हमवतन माहदी ओलाद को रजत पदक मिला। एफ11 वर्ग में लगभग पूर्ण दृष्टिबाधित खिलाड़ी भाग लेते हैं।

प्रभासाक्षी 20 Oct 2026 8:23 pm

Asian Para Games में भारत की शानदार बढ़त, Nishad Kumar और दीप्ति के दम पर जीते 35 पदक

निषाद कुमार और दीप्ति जीवनजी जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की अगुवाई में भारत ने एशियाई पैरा खेलों की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में मंगलवार को यहां पांच स्वर्ण पदक जीते जिससे देश के कुल पदकों की संख्या 35 पर पहुंच गई। भारत ने दिन के पांचों स्वर्ण पदक एथलेटिक्स में जीते जिसमें निषाद कुमार का मौजूदा खेलों में दूसरा स्वर्ण पदक भी शामिल है। निषाद ने सोमवार को लंबी कूद टी47 में स्वर्ण पदक जीतने के बाद मंगलवार को ऊंची कूद में भी शीर्ष स्थान हासिल किया। इस तरह से वह एक ही पैरा एशियाई खेलों की दो स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतने वाले केवल तीसरे भारतीय बन गए। उन्होंने 2.04 मीटर की छलांग लगाकर खेलों का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। दूसरे दिन के अंत में भारत 35 पदकों के साथ तालिका में छठे स्थान पर था, जिनमें नौ स्वर्ण, 11 रजत और 15 कांस्य पदक शामिल थे। इस कुल पदकों में एथलेटिक्स का योगदान फिलहाल 20 है। दीप्ति ने 56.36 सेकंड के खेलों के नए रिकॉर्ड के साथ महिलाओं की 400 मीटर टी20 स्पर्धा में लगातार दूसरा स्वर्ण पदक जीतकर महाद्वीपीय स्तर पर अपनी श्रेष्ठता फिर से साबित की। तेलंगाना की 23 वर्षीय यह खिलाड़ी पूर्व विश्व चैंपियन हैं और उन्होंने 2024 पैरालंपिक खेलों में कांस्य पदक जीता था। दृष्टिबाधित सिमरन (महिलाओं की 200 मीटर टी12), व्हीलचेयर पर निर्भर प्रणव सूरमा (एफ51/52/53 चक्का फेंक) और देवेंद्र कुमार (एफ44/64 चक्का फेंक) ने भी स्वर्ण पदक जीते। पैरालिंपिक कांस्य पदक विजेता सिमरन ने 24.80 सेकंड के समय के साथ खेलों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। खेलों में पहली बार भाग ले रही तेजलबेन दामोर ने मध्यम दृष्टिबाधित एथलीटों की इस स्पर्धा में 25.23 सेकंड के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ कांस्य पदक जीता। भारत ने इसके अलावा निशानेबाजी, टेबल टेनिस, तैराकी और पावरलिफ्टिंग में भी पदक जीते। मनीष नरवाल ने रजत पदक जीतकर भारत के लिए 2028 लॉस एंजिलिस पैरालंपिक का कोटा सुरक्षित किया, जबकि सृष्टि अरोड़ा ने कांस्य पदक जीता। इस तरह से भारतीय निशानेबाजों ने पुरुषों और महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धाओं में दो पदक हासिल किए। पावरलिफ्टिंग में अशोक कुमार मलिक ने पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग की प्रतियोगिता में रजत पदक जीता। सोनीपत जिले के गोहाना के रहने वाले 37 वर्षीय मलिक ने 192 किलोग्राम का सर्वश्रेष्ठ भार उठाया। भारतीय तैराक हिमांशु नंदाल और निरंजन मुकुंदन ने देश के खाते में दो कांस्य पदक जोड़े। ऑप्टिक नर्व की खराबी के कारण जन्म से ही दृष्टिहीन 22 वर्षीय हिमांशु ने पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में चार तैराकों के बीच 5:10.91 का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया। इसके बाद निरंजन ने पुरुषों की 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले एसएम7 स्पर्धा को 2:57.01 के समय में पूरा करके कांस्य पदक हासिल किया। टेबल टेनिस में रवि बेबी सहाना और प्राची पांडे ने स्टैंडिंग कैटेगरी में पोडियम पर पहुंचने वाले भारत के पहले खिलाड़ी बनकर इतिहास रच दिया। भारत ने इस प्रतियोगिता में चार कांस्य पदक हासिल किए। पैरालिंपिक पदक विजेता भाविना पटेल, सोनलबेन पटेल, प्राची और सहाना सभी अपने-अपने महिला एकल सेमीफाइनल में से हार गईं। तीरंदाजी में मौजूदा चैंपियन शीतल देवी और खेलों में पहली बार भाग ले रही स्वाति चौधरी ने अपनी व्यक्तिगत स्पर्धाओं के फाइनल में जगह बनाई। इस तरह से भारत के पैरा तीरंदाजों ने पांच पदक पक्के कर लिए। भारत की रिकर्व और कंपाउंड महिला युगल जोड़ियों ने भी सेमीफाइनल में जीत हासिल करके अपने-अपने स्वर्ण पदक मुकाबले में जगह बना ली है। भारत की रिकर्व और कंपाउंड मिश्रित टीम ने क्रमशः थाईलैंड और जापान पर जीत हासिल करके सेमीफाइनल में जगह बनाई। बैडमिंटन में विश्व चैंपियन प्रमोद भगत और पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता कुमार नितेश ने पुरुष एकल एसएल3 सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्के किए।

प्रभासाक्षी 20 Oct 2026 7:23 pm

Para Asian Games के दूसरे दिन निषाद ने जीता दूसरा गोल्ड और दीप्ति का रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन, भारत के खाते में 9 गोल्ड

एशियन पैरा गेम्स के दूसरे दिन हमारे देश के खिलाड़ियों ने दौड़, शूटिंग, तैराकी, टेबल टेनिस, वेटलिफ्टिंग और बैडमिंटन जैसे खेलों में बहुत ही शानदार खेल दिखाया। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक भारत के पास कुल 35 पदक हो चुके हैं, जिनमें 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं।

खबर इंडिया टीवी 20 Oct 2026 7:13 pm

Asian Para Games 2026: मुश्किलों को पीछे छोड़ चमकीं मेरठ की प्रीति पाल: एशियन पैरा गेम्स में देश के लिए जीता सिल्वर

एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय पैरा एथलीट प्रीति पाल ने महिलाओं की 200 मीटर टी-35 स्पर्धा में रजत पदक जीता। उन्होंने पिछले प्रदर्शन में 2.66 सेकंड का सुधार कर यह उपलब्धि हासिल की।

जागरण 20 Oct 2026 6:58 pm

‘ऐसा कोई दिन नहीं जब मैं रोया न होऊं’, एशियाई पैरा गेम्स में स्वर्ण जीतने के बाद मां को याद कर भावुक हुए रिंकू हुड्डा

नागोया, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी रिंकू हुड्डा ने सोमवार को नागोया में एशियाई पैरा गेम्स में पुरुषों की एफ46 स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता। हरियाणा के 27 वर्षीय खिलाड़ी ने अपने आखिरी प्रयास में 65.11 मीटर भाला फेंककर हमवतन अजीत सिंह को महज नौ सेंटीमीटर से पीछे छोड़ दिया। हालांकि, इस शानदार जीत के पीछे रिंकू के जीवन का गहरा भावनात्मक दर्द छिपा है। मां के निधन और कंधे की चोट से जूझते हुए उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की।

समाचार नामा 20 Oct 2026 6:24 pm

Asian Para Games में Himanshu Nandal और निरंजन मुकुंदन ने जीते कांस्य पदक

भारतीय तैराक हिमांशु नंदल और निरंजन मुकुंदन ने एशियाई पैरा खेलों में अपने अपने वर्ग में मंगलवार को कांस्य पदक जीते। रोहतक के 22 वर्ष के नंदल ने पांच मिनट 10 . 91 सेकंड का समय निकालकर पुरूषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में तीसरा स्थान हासिल किया। निरंजन ने पुरूषों की 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले एसएम7 स्पर्धा में दो मिनट 57 . 01 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता। इस बीच चैतन्य कुलकर्णी ने पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस6 फाइनल में 1:12.35 के समय के साथ पांचवां स्थान हासिल किया। पैरा-तैराकी में एस6 श्रेणी में वह खिलाड़ी शामिल होते हैं जिन्हें मध्यम शारीरिक अक्षमता, कम कद, अंग विच्छेदन या समन्वय संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। एसएम7 मेडली उन तैराकों के लिए है जिनकी बांहों, धड़ और पैरों की मूवमेंट कम से मध्यम स्तर तक प्रभावित होती है या शरीर के एक तरफ मध्यम स्तर की दिक्कत होती है। इसमें कम कद वाले लोग या ऐसे लोग भी शामिल हैं जिनके अंग नहीं हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी के आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज से स्नातक हिमांशु ने जूडो में राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के बाद 2021 में तैराकी शुरू की। वह 2024 में पेरिस पैरालम्पिक में न्यूनतम क्वालीफिकेशन स्तर हासिल करने वाले भारत के पहले नेत्रहीन तैराक बने थे। वह पुरूषों के 100 मीटर बैकस्ट्रोक एस11 वर्ग में चौथे स्थान पर रहे थे। एस11 श्रेणी लगभग पूरी तरह से दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिये है। रवि कार्तिक बुदिगिना पुरूषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस13 स्पर्धा में पांचवें स्थान पर रहे। जहांगीर मिला आठवें और आखिरी स्थान पर रहे। एस 13 श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिए है जिन्हें दृष्टि संबंधी दोष है, लेकिन पैरालंपिक खेलों में शामिल होने के योग्य एथलीटों में से इनकी दृष्टि हानि सबसे कम होती है। अब्दुल कादिर इंदौरी पुरूषों की 50 मीटर बटरफ्लाइ एस5 स्पर्ध में सातवें स्थान पर रहे।

प्रभासाक्षी 20 Oct 2026 6:23 pm

Asian Para Games: Pramod Bhagat और नितेश कुमार पुरुष एकल सेमीफाइनल में पहुंचे

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा तथा विश्व चैंपियन प्रमोद भगत और पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता कुमार नितेश ने मंगलवार को एशियाई पैरा खेलों में पुरुष एकल एसएल3 सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्के कर दिए। भगत ने क्वार्टरफाइनल में जापान के डाइसुके फुजिहारा को 21-12 21-10 से हराया। सेमीफाइनल में उनका मुकाबला बृहस्पतिवार को कोरिया के ली सेउंघू से होगा। नितेश ने अपने हमवतन विक्रम कुमार को 21-8 21-8 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई, जहां उनका मुकाबला इंडोनेशिया के अल मुह इमरान से होगा। अगर यह दोनों खिलाड़ी सेमीफाइनल में जीत हासिल करते हैं तो फिर फाइनल में आमने-सामने होंगे। इससे पहले प्रमोद भगत और मनीषा रामदास तथा कृष्णा नागर और नित्याश्री सुमति सिवन की मिश्रित युगल टीमों ने सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्के कर लिये। नागर और नित्या ने चीनी ताइपै के वू यू येन और जिन जिया सियांग को 21 . 15, 21 . 10 से हराकर ग्रुप ए में दूसरा स्थान हासिल किया और एसएच6 श्रेणी के सेमीफाइनल में जगह बनाई। यह श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिए है जिनका कद कम है, और ऐसा ‘एकोंड्रोप्लेसिया’ या अन्य आनुवंशिक बदलावों जैसी स्थितियों के कारण होता है। भगत और रामदास ने थाईलैंड के सिरिपोंग टीमारोम और चानिदा श्रीनावाकुल को 21 . 15, 21 . 14 से हराकर एसएल3 . एसयू5 वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बनाई। पैरा बैडमिंटन में एसएल3 उन खिलाड़ियों के लिये हैं जिनके शरीर के निचले अंगों में विकार है और जो आधे कोर्ट पर ही खेलते हैं जबकि एसयू5 ऊपर के अंगों में अक्षमता वाले खिलाड़ियों के लिये है। मिश्रित युगल में दोनों श्रेणी के खिलाड़ियों की जोड़ी होती है। इस बीच महिला एकल एसएल3 में संजना कुमारी ने चीन की लियू युमेई को 21-19 21-12 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। पुरुष एकल में थाईलैंड के मीचाई नत्थापोंग ने पूर्व पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता नागर को 21-15, 19-21, 21-17 से हराया। पुरुष एकल एसएल4 में अभिजीत सखूजा ने चीन के चेन पेंगफेई को 21-8 21-12 से हराकर क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया। सखूजा का मुकाबला अब हमवतन सूर्यकांत यादव से होगा, जिन्हें पहले दौर में बाई मिली थी। मौजूदा चैंपियन सुहास एलवाई ने थाईलैंड के टीमारोम सिरिपोंग को 21-5 21-7 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। दो बार के पैरालंपिक रजत पदक विजेता भारतीय खिलाड़ी का सामना अब कोरिया की चो नादान से होगा। हार्दिक मक्कड़ ने पुरुष एकल एसयू5 के राउंड ऑफ 16 में इंडोनेशिया के नुग्रोहो सूर्यो को 21-18, 21-12 से हराया।

प्रभासाक्षी 20 Oct 2026 5:53 pm

Asian Para Games में Simran ने 200m T12 में जीता Gold, Tejalben को Bronze

अनुभवी फर्राटा धाविका सिमरन ने एशियाई पैरा खेलों में नये रिकॉर्ड के साथ महिलाओं की 200 मीटर टी12 स्पर्धा में पहला स्वर्ण पदक जीता जबकि हमवतन तेजलबेन दामोर ने कांस्य पदक हासिल किया। सिमरन ने 24 . 80 सेकंड का समय निकाला और ईरान की हजर सफरजादेह को पछाड़ा जिन्होंने 25 . 02 सेकंड का समय लिया। पहली बार इन खेलों में उतरी तेजलबेन ने 25 . 23 सेकंड का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया। टी12 श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिये हैं जो काफी हद तक दृष्टिबाधित होते हैं। पेरिस पैरालम्पिक 2024 में कांस्य जीतने वाली सिमरन ने नये गाइड शिवम के साथ खेला है क्योंकि डोपिंग उल्लंघन के आरोप में उनके पूर्व गाइड उमर सैफी प्रतिबंधित हैं। सिमरन ने हांगझोउ पैरा एशियाई खेल 2023 में रजत पदक जीता था। उन्होंने स्वर्ण जीतने के बाद कहा ,‘‘ एशियाई रिकॉर्ड (24.46 सेकंड) भी मेरे नाम है और मेरा लक्ष्य वहां तक पहुंचना था लेकिन शरीर ने साथ नहीं दिया। मुझे जकड़न लग रही थी क्योंकि रिकवरी अच्छी नहीं थी। अपनी हीट रेस के बाद मैं काफी थक गई थी।’’उन्होंने कहा ,‘‘ दिक्कत यह है कि मैं शाकाहारी हूं और यहां ज्यादातर समुद्री भोजन मिल रहा है। शाकाहारी खाने के नाम पर सिर्फ दाल चावल मिलते हैं। यह दिक्कत है जिससे पार पाने की कोशिश कर रही हूं वरना तो हम भारतीय इच्छाशक्तिपर भी दौड़ सकते हैं।’’अब वह 100 मीटर में उतरेंगी जिसमें पिछले खेलों में रजत पदक जीता था। तेजलबेन 400 मीटर में भाग लेंगी।

प्रभासाक्षी 20 Oct 2026 5:13 pm

Asian Para Games: पावरलिफ्टर अशोक ने 65 किग्रा वर्ग में 192 किलो उठाकर जीता रजत पदक

भारत के अशोक ने एशियाई पैरा खेलों में पुरूषों की 65 किलो पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीता। पिछली बार कांस्य जीतने वाले 37 वर्ष के अशोक ने 192 किलो वजन उठाया। चीन के पैरालम्पिक चैम्पियन जोउ यि ने 216 किलो वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता। इंडोनेशिया के मारगोनो को कांस्य पदक मिला। अशोक ने 187 किलो के साथ शुरूआत की जबकि दूसरे प्रयास में 192 किलो वजन उठाया। वह अंतिम प्रयास में 201 किलो नहीं उठा सके। सोनीपत जिले के गोहाना के रहने वाले अशोक को बचपन में पोलियो हो गया था। पैरा पावरलिफ्टिंग एक बेंच प्रेस प्रतियोगिता है जिसमें शरीर के ऊपरी हिस्से की ताकत की परीक्षा ली जाती है। इसमें केवल एक ही स्पर्धा होती है लेकिन खिलाड़ी अलग-अलग वजन श्रेणियों में हिस्सा लेते हैं। पावरलिफ्टिंग में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के कूल्हों या पैरों में कोई शारीरिक अक्षमता होती है। राष्ट्रमंडल खेलों के कांस्य पदक विजेता झंडू कुमार आठ प्रतियोगियों में पांचवें स्थान पर रहे। उन्होंने 190 किलो वजन उठाया। वह अगले दो प्रयास में 195 किलो वजन नहीं उठा सके। मलेशिया के अनक गस्टिन ने 225 किलो वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता। महिलाआं के 61 किलो तक के वर्ग में सुमन देवी छठे और सीमा रानी सातवें स्थान पर रहीं। सुमन का सर्वश्रेष्ठ प्रयास 101 किलो रहा जबकि सीमा के दो प्रयास नाकाम रहे और एकमात्र वैध प्रयास में उन्होंने 96 किलो वजन उठाया।

प्रभासाक्षी 20 Oct 2026 4:13 pm

Asian Para Games: Himanshu Nandal ने तैराकी में जीता Bronze, Sheetal Devi फाइनल में पहुंची

मंगलवार को चल रहे एशियाई खेलों में, पैरा-तैराक हिमांशु नांदल ने पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल S11 श्रेणी में भारत के लिए कांस्य पदक जीता। ईएसपीएन के अनुसार, हिमांशु ने इस संस्करण में पैरा-तैराकी में भारत के लिए दूसरा पदक जीता। चार तैराकों के फाइनल में उन्होंने 5:10.91 के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। वे रजत पदक विजेता उचु तोमिता (जापान) से 32 सेकंड पीछे रहे, और स्वर्ण पदक विजेता चुआनझेन सन (चीन) से 45 सेकंड पीछे रहे; चुआनझेन सन ने इस दौरान एक एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया। इसे भी पढ़ें: Rajnath Singh ने SCO बैठक में उठाया आतंकवाद का मुद्दा, देश-विदेश की प्रमुख खबरें रवि कार्तिक बुडिगिना, जिन्होंने इससे पहले पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल S13 स्पर्धा में रजत पदक जीता था, पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल S13 स्पर्धा में 5:41.70 के समय के साथ छठे स्थान पर रहे। इसके साथ ही, एशियाई पैरा खेलों में भारत के पदकों की कुल संख्या 24 हो गई है, जिसमें पांच स्वर्ण, आठ रजत और 11 कांस्य पदक शामिल हैं। इसके अलावा, पैरा कंपाउंड तीरंदाजी युगल स्पर्धा में शीतल देवी और पायल नाग की जोड़ी ने भारत के लिए एक और स्वर्ण पदक मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली है। उन्होंने थाईलैंड की फानिभा स्राथोंगमाएव और वासाना खुथाविसाप को 151–135 से हराया, और अब वे फाइनल में चीन का सामना करेंगी। इसे भी पढ़ें: Asian Para Games 2026 के लिए 168 सदस्यीय भारतीय दल तैयार, SAI केंद्रों में विशेष कैंप इससे पहले, भारतीय शूटर सृष्टि अरोड़ा ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता। ESPN के अनुसार, सृष्टि ने 214.7 के स्कोर के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने अपनी पहली दो सीरीज में 96.3 का स्कोर बनाया था। इसके बाद वह तीसरे स्थान पर आ गईं और अंत तक अपनी जगह बनाए रखीं। वह ईरान की सारेह जवानमर्दी (237.0) और फ़ैज़ेह अहमदी (237.3) के पीछे रहीं, जिन्होंने क्रमशः सिल्वर और गोल्ड मेडल जीते। इससे पहले, पैरालंपिक में हिस्सा ले चुके पैरा-शूटर मनीष नरवाल ने चल रहे इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट में पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता।

प्रभासाक्षी 20 Oct 2026 4:05 pm

Asian Para Games: मनीष नरवाल को Silver Medal, सृष्टि अरोड़ा ने जीता कांस्य

मनीष नरवाल ने एशियाई पैरा खेलों में मंगलवार को पुरूषों की दस मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में रजत पदक जीतकर लॉस एंजिलिस पैरालम्पिक 2028 का कोटा भी हासिल कर लिया जबकि सृष्टि अरोड़ा ने महिला वर्ग में कांस्य पदक जीता। इस तरह से भारत निशानेबाजी में अब चार पदक जीत चुका है जिसमें एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक शामिल हैं। बल्लभगढ के अर्जुन पुरस्कार प्राप्त निशानेबाज ने आठ खिलाड़ियों के फाइनल में 233 . 7 अंक लेकर दूसरा स्थान हासिल किया। वह लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 का कोटा हासिल करने वाले तीसरे भारतीय पैरा निशानेबाज बने। इससे पहलने मोना अग्रवाल और अवनि लेखरा ने सोमवार को महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल एसएच1 स्पर्धा में स्वर्ण और रजत पदक जीतकर कोटा हासिल किया था। दक्षिण कोरिया के जो जियोंगडू ने एशियाई पैरा खेलों का रिकॉर्ड तोड़कर 241.3 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि चीन के यांग चाओ को कांस्य पदक मिला। भारत के रूद्रांक्ष खंडेलवाल 127 . 3 के स्कोर के साथ सातवें स्थान पर रहे। नरवाल ने पेरिस पैरालम्पिक 2024 में इसी स्पर्धा में रजत पदक जीता था जबकि हांगझोउ में 2023 एशियाई पैरा खेलों में कांस्य पदक हासिल किया था। नरवाल ने 570 के स्कोर के साथ पांचवें स्थान पर रहकर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था, जबकि खंडेलवाल 571 के स्कोर के साथ क्वालीफाइंग में दूसरे स्थान पर रहे थे। नारवाल ने फाइनल में शानदार शुरुआत की, लेकिन जो जियोंगडू ने पहले पांच शॉट के बाद 4.3 अंक की बढ़त बना ली। उन्होंने आखिर तक अपनी बढ़त बरकरार रखते हुए स्वर्ण पदक जीता। नरवाल शुरुआत में वे पेशेवर फुटबॉलर बनना चाहते थे, लेकिन शारीरिक अक्षमता के कारण उन्होंने निशानेबाजी को अपनाया। सृष्टि ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में तीसरा स्थान हासिल करके भारत के खाते में एक और कांस्य पदक जोड़ा। आठ निशानेबाजों के फाइनल में सृष्टि ने 214.7 अंक बनाए तथा वह ईरान की फ़ैज़ेह अहमदी (237.3) और सारेह जवानमर्दी (237.0) के के बाद तीसरे स्थान पर रही। दूसरी भारतीय खिलाड़ी सुमेधा पाठक (111.4) फाइनल में बाहर होने वाली पहली खिलाड़ी थीं। एसएच1 श्रेणी उन निशानेबाजों के लिए है जो निचले या ऊपरी अंगों से दिव्यांग होते हैं लेकिन वह बिना किसी मदद के बंदूक पकड़ सकते हैं।

प्रभासाक्षी 20 Oct 2026 2:34 pm

8 साल की उम्र में हादसे में गंवाई बाजू, निषाद ने एक हाथ से ही छू लिया आसमान; एशियाई पैरा खेलों में जीता गोल्ड

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के निषाद कुमार ने जापान में एशियाई पैरा खेलों में लंबी कूद में स्वर्ण पदक जीता। आठ साल की उम्र में हाथ गंवाने के बावजूद, उन्होंने संघर्ष कर अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई और देश को गौरवान्वित किया।

जागरण 20 Oct 2026 12:43 pm

Asian Champions Trophy 2026 में दर्शकों को मिलेगी फ्री एंट्री, बस अपनाना होगा ये तरीका

Asian Champions Trophy 2026: जालंधर और मोहाली में 27 अक्टूबर से पांच नवंबर तक होने वाली पुरुष एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के सभी मैचों में दर्शकों को मुफ्त प्रवेश मिलेगा। हॉकी इंडिया ने मंगलवार को यह घोषणा की।

लाइव हिन्दुस्तान 20 Oct 2026 12:36 pm

Asian Para Games: 6 साल के संघर्ष के बाद मेरठ के लाल आयुष वर्मा ने जैवलिन थ्रो में देश को दिलाया ब्रॉन्‍ज

Asian Para Games 2026: मेरठ के पैरा एथलीट आयुष वर्मा ने एशियन पैरा गेम्स में भाला फेंक स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। छह साल की कड़ी मेहनत और व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के दम पर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की।

जागरण 20 Oct 2026 12:00 pm

Asian Para Games में Srishti Arora ने 10m Air Pistol में Bronze Medal जीता

20 अक्टूबर को जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में, भारतीय निशानेबाज सृष्टि अरोड़ा ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 कैटेगरी में कांस्य पदक जीता। अरोड़ा ने कुल 214.7 के स्कोर के साथ तीसरा स्थान हासिल किया; उन्होंने अपनी पहली दो सीरीज में 96.3 का स्कोर किया था। ESPN के अनुसार, पूरे इवेंट के दौरान वह तीसरे स्थान पर बनी रहीं। उनसे आगे ईरान की फ़ैज़ेह अहमदी रहीं, जिन्होंने 237.3 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि सारेह जवानमर्दी ने 237.0 के स्कोर के साथ रजत पदक हासिल किया। इसे भी पढ़ें: Asian Para Games: भारत ने नागोया में एथलेटिक्स के पहले दिन जीते 6 पदक इस पदक के साथ, एशियाई पैरा खेलों में भारत के कुल पदकों की संख्या 23 हो गई है, जिसमें पांच स्वर्ण, आठ रजत और दस कांस्य पदक शामिल हैं। इससे पहले, भारतीय पैरा-शूटर मनीष नरवाल ने पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता। नरवाल ने 233.7 का स्कोर किया। वह दक्षिण कोरिया के जो जियोंगडू (जिन्होंने 241.3 के स्कोर के साथ गोल्ड जीता) के पीछे रहे, जबकि चीन के यांग चाओ उनसे पीछे रहे। पांचवें स्थान पर क्वालीफाई करने के बावजूद, फाइनल की दूसरी सीरीज में 49.8 के शानदार स्कोर की बदौलत नरवाल पोडियम तक पहुंचने में सफल रहे। वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर जो जियोंगडू का इस इवेंट में दबदबा रहा। इसी इवेंट में एक और भारतीय फाइनलिस्ट रुद्रांश खंडेलवाल सातवें स्थान पर रहे। क्वालीफिकेशन राउंड में वह दूसरे स्थान पर थे, लेकिन फाइनल में जल्दी बाहर हो गए। खंडेलवाल ने लॉस एंजिल्स पैरालंपिक 2028 के लिए क्वालीफाई कर लिया है। पैरा-टेबल टेनिस में, जहान मदान ने पुरुषों की सिंगल्स क्लास 1 इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। पांच खिलाड़ियों के मुकाबले में वह चौथे स्थान पर रहे, लेकिन साथी भारतीय खिलाड़ी संदीप डांगी से बेहतर प्रदर्शन करके मेडल हासिल करने में कामयाब रहे। इसे भी पढ़ें: PM Modi ने Ladakh के युवाओं को दी सौगात, Leh में बनेगा बड़ा Center of Excellence पैरा-पावरलिफ्टिंग में, अशोक ने पुरुषों की 65 किलोग्राम कैटेगरी में 192 किलोग्राम का सर्वश्रेष्ठ लिफ्ट लगाकर सिल्वर मेडल जीता। वह चीन के ज़ू यी के पीछे रहे, जिन्होंने 216 किलोग्राम वजन उठाकर गोल्ड मेडल जीता। भारत ने प्रतियोगिता के पहले दिन कुल 11 मेडल जीते - चार गोल्ड, पांच सिल्वर और दो ब्रॉन्ज।

प्रभासाक्षी 20 Oct 2026 11:49 am

यूपी की बेटी प्राची पांडे ने छड़ी के सहारे जापान में लहराया तिरंगा, Asian Para Games में जीता कांस्य पदक

पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी प्राची ने टोक्यो में आयोजित पैरा एशियन चैंपियनशिप 2026 में भारत के लिए कांस्य पदक जीता है।

जागरण 20 Oct 2026 11:28 am

Asian Para Games में Baby Sahana Ravi और Prachi Pandey ने जीते Bronze Medal

20 अक्टूबर को 2026 एशियाई पैरा खेलों में, भारतीय पैरा-टेबल टेनिस खिलाड़ी बेबी सहाना रवि और प्राची पांडे ने क्रमशः महिला एकल क्लास 9 और क्लास 6 स्पर्धाओं में कांस्य पदक जीते। महिला एकल क्लास 9 प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में, बेबी सहाना को चीन की माओ जिंगडियन ने 0-3 (8-11, 2-11, 4-11) से हराया, जिसके चलते उन्हें कांस्य पदक मिला। एशियाई पैरा खेलों में पैरा टेबल टेनिस की 'स्टैंडिंग' श्रेणी में यह भारत का पहला पदक था। इसे भी पढ़ें: देश और दुनिया की दोपहर की बड़ी खबरें, पढ़ें प्रमुख राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम प्राची पांडे ने महिला सिंगल्स क्लास 6 इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता। सेमीफाइनल मैच में उन्हें इराक की नजला अल-दयेनी से 9-11, 2-11, 8-11 से हार का सामना करना पड़ा। बेबी सहाना रवि और प्राची पांडे के ब्रॉन्ज मेडल के साथ, भारत ने एक ही दिन पैरा टेबल टेनिस में चार पदक हासिल किए। इससे पहले, महिला सिंगल्स क्लास 4-5 के सेमीफाइनल में चीन की झांग बियान से 0-3 से हारने के बाद भाविना पटेल ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। 2020 पैरालंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वालीं पटेल को सेमीफाइनल मैच में 7-11, 5-11, 7-11 से हार मिली। इसे भी पढ़ें: CRPF Recruitment: CRPF ने Head Constable और GD Constable के 521 पदों पर मांगे आवेदन, ऐसे करें अप्लाई सोनलबेन पटेल ने भी महिला सिंगल्स क्लास 3 कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता। वह अपना सेमीफाइनल मुकाबला दक्षिण कोरिया की यूं जियू से 7-11, 5-11, 6-11 से हार गईं। 2026 एशियन पैरा गेम्स के दूसरे दिन भारत ने कुल आठ मेडल जीते। पैरा टेबल टेनिस में मिले चार पदकों के अलावा, पुरुषों के जैवलिन थ्रो F53/F54 इवेंट में प्रदीप कुमार ने सिल्वर और आयुष वर्मा ने ब्रॉन्ज मेडल जीता, जबकि पुरुषों के शॉट पुट F11 इवेंट में प्रवीण शर्मा ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। सबसे शानदार प्रदर्शन भारतीय पैरा-एथलीट दीप्ति जीवनजी का रहा, जिन्होंने महिलाओं की 400 मीटर T20 स्पर्धा में 56.36 सेकंड के गेम्स-रिकॉर्ड समय के साथ गोल्ड मेडल जीता।

प्रभासाक्षी 20 Oct 2026 10:34 am

BREAKING:Para Asian Games: दीप्ति जीवनजी ने 400 मीटर दौड़ में जीता गोल्ड, गेम्स रिकॉर्ड के साथ रचा इतिहास

BREAKING:Para Asian Games: दीप्ति जीवनजी ने 400 मीटर दौड़ में जीता गोल्ड, गेम्स रिकॉर्ड के साथ रचा इतिहास

समाचार नामा 20 Oct 2026 10:01 am

Asian Para Games: Pramod Bhagat और Krishna Nagar की जोड़ियां सेमीफाइनल में, दो पदक पक्के

भारत के प्रमोद भगत और मनीषा रामदास और कृष्णा नागर और नित्याश्री सुमति सिवन की मिश्रित युगल टीमों ने एशियाई पैरा खेलों में अपनी अपनी स्पर्धा के सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्के कर लिये। नागर और नित्या ने चीनी ताइपै के वू यू येन और जिन जिया सियांग को 21 . 15, 21 . 10 से हराकर ग्रुप ए में दूसरा स्थान हासिल किया और एसएच6 श्रेणी के सेमीफाइनल में जगह बनाई। यह श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिए है जिनका कद कम है, और ऐसा ‘एकोंड्रोप्लेसिया’ या अन्य आनुवंशिक बदलावों जैसी स्थितियों के कारण होता है। भगत और रामदास ने थाईलैंड के सिरिपोंग टीमारोम और चानिदा श्रीनावाकुल को 21 . 15, 21 . 14 से हराकर एसएल3 . एसयू5 वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बनाई। पैरा बैडमिंटन में एसएल3 उन खिलाड़ियों के लिये हैं जिनके शरीर के निचले अंगों में विकार है और जो आधे कोर्ट पर ही खेलते हैं जबकि एसयू5 ऊपर के अंगों में अक्षमता वाले खिलाड़ियों के लिये है। मिश्रित युगल में दोनों श्रेणी के खिलाड़ियों की जोड़ी होती है।

प्रभासाक्षी 20 Oct 2026 9:53 am

Manish Narwal ने एशियाई पैरा खेलों में जीता रजत, पक्का किया लॉस एंजिलिस कोटा

मनीष नरवाल ने एशियाई पैरा खेलों में मंगलवार को पुरूषों की दस मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में रजत पदक जीतकर लॉस एंजिलिस पैरालम्पिक 2028 का कोटा भी हासिल कर लिया। बल्लभगढ के अर्जुन पुरस्कार प्राप्त निशानेबाज ने आठ खिलाड़ियों के फाइनल में 233 . 7 अंक लेकर दूसरा स्थान हासिल किया। वह लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 का कोटा हासिल करने वाले तीसरे भारतीय पैरा निशानेबाज बने। इससे पहलने मोना अग्रवाल और अवनि लेखरा ने सोमवार को महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल एसएच1 स्पर्धा में स्वर्ण और रजत पदक जीतकर कोटा हासिल किया था। दक्षिण कोरिया के जो जियोंगडू ने एशियाई पैरा खेलों का रिकॉर्ड तोड़कर 241.3 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि चीन के यांग चाओ को कांस्य पदक मिला। भारत के रूद्रांक्ष खंडेलवाल 127 . 3 के स्कोर के साथ सातवें स्थान पर रहे। नरवाल ने पेरिस पैरालम्पिक 2024 में इसी स्पर्धा में रजत पदक जीता था जबकि हांगझोउ में 2023 एशियाई पैरा खेलों में कांस्य पदक हासिल किया था।

प्रभासाक्षी 20 Oct 2026 9:43 am

Silver Gold Price Today: एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार में फिसले सोना-चांदी, जानिए आगे कैसी रहेगी कीमती धातुओं की चाल

वैश्विक कमोडिटी बाजारों में कारोबारी हफ्ते के दूसरे दिन मंगलवार को कीमती धातुओं के भाव में सुस्ती और मुनाफावसूली का रुख देखने को मिला है। एशियाई बाजारों के शुरुआती सत्र में हाजिर सोना (Spot Gold) और चांदी (Silver) दोनों ही लाल निशान में फिसलते नजर आए। अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स (COMEX) पर सोना दबाव में आकर 4,135 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि चांदी भी फिसलकर 56.50 से 57.10 डॉलर प्रति औंस के दायरे में आ गई है। सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग बने रहने के बावजूद अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में आई तेजी और अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मजबूती ने सर्राफा बाजार पर तात्कालिक दबाव बनाया है।भारतीय बाजारों के लिहाज से आज विजयादशमी (दशहरा) के सार्वजनिक अवकाश के चलते मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) का सुबह का कारोबारी सत्र बंद है, जबकि शाम का सत्र शाम 5:00 बजे खुलेगा। ऐसे में घरेलू बाजार के सराफा व्यापारियों और खुदरा खरीदारों की नजरें वैश्विक संकेतों पर टिकी हुई हैं। त्योहारी सीजन—विशेषकर धनतेरस और दिवाली—के मुहाने पर खड़े भारतीय ग्राहकों के लिए यह जानना बेहद जरूरी हो गया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आई यह नरमी क्या खरीदारी का सुनहरा मौका है या आने वाले दिनों में कीमतें और नीचे फिसल सकती हैं।एशियाई बाजारों में गिरावट की मुख्य वजह: अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और डॉलर का दबावअंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में आई हालिया नरमी के पीछे सबसे बड़ा ट्रिगर अमेरिकी डेट मार्केट से आ रहा है। अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 5.14% के उच्च स्तर पर टिकी हुई है, जबकि 2-वर्षीय यील्ड भी 4.77% के पार बनी हुई है। जब बॉन्ड यील्ड में उछाल आता है, तो निवेशकों का रुझान बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों (Non-Yielding Assets) जैसे सोने और चांदी से हटकर फिक्स्ड यील्ड बॉन्ड्स की ओर बढ़ता है।इसके साथ ही, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी नीतिगत बैठक से पहले बाजार में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ऊर्जा कीमतों में आई स्थिरता के बावजूद अमेरिका में महंगाई के आंकड़े अभी भी नीति निर्माताओं को सतर्क रखे हुए हैं। डॉलर इंडेक्स (DXY) 101.80 से 102 के मजबूत दायरे में टिके रहने के कारण अन्य मुद्राओं वाले देशों के खरीदारों के लिए डॉलर में बिकने वाला सोना महंगा पड़ता है, जिसके चलते एशियाई बाजारों (हांगकांग, शंघाई और टोक्यो) में सुबह के समय बड़े हेज फंड्स ने हल्की मुनाफावसूली की है।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख कमोडिटी के ताजा भावमंगलवार के शुरुआती एशियाई और विदेशी सत्र में कीमती और औद्योगिक धातुओं के ताजा संकेत इस प्रकार दर्ज किए गए:धातु / कमोडिटीअंतरराष्ट्रीय हाजिर भाव (Spot/Comex)दैनिक बदलाव (%)भारतीय बाजार (MCX) पर अनुमानित संकेतसोना (Gold XAU/USD)$4,134 - $4,136 / औंस-0.15% से -0.20%शाम 5 बजे सत्र में मामूली सुस्ती के आसारचांदी (Silver XAG/USD)$56.55 - $57.10 / औंस-0.10% से -0.50%औद्योगिक मांग के चलते निचला सपोर्ट मजबूतप्लैटिनम (Platinum)$1,637 - $1,650 / औंस-0.65%रेंजबाउंड ट्रेंडडॉलर इंडेक्स (DXY)101.87+0.12%बुलियन पर दबाव का मुख्य कारकअमेरिकी 10-वर्षीय यील्ड5.144%+4 बेसिस प्वाइंट्सबॉन्ड बाजार में मजबूतीघरेलू बाजार में आज क्या स्थिति: दशहरा अवकाश और MCX का शाम का सत्रभारतीय वायदा बाजार यानी एमसीएक्स (MCX) पर आज मंगलवार को दिन के पहले सत्र (सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक) में कारोबार पूरी तरह स्थगित है। हालांकि, विदेशी बाजारों से तालमेल बनाए रखने के लिए कमोडिटी एक्सचेंज शाम को 5:00 बजे से रात 11:30/11:55 बजे तक ट्रेडिंग के लिए खुलेगा।घरेलू सराफा मंडियों (जैसे दिल्ली, मुंबई के जवेरी बाजार, लखनऊ और अहमदाबाद) में स्थानीय खुदरा व्यापारी अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आधार पर ही आज के भाव तय करेंगे। आमतौर पर जब डॉलर मजबूत होता है और भारतीय रुपया कमजोर रहता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार की पूरी गिरावट घरेलू कीमतों में नहीं झलकती। वर्तमान में घरेलू बाजार में 24 कैरेट सोना ऊपरी स्तरों से थोड़ा शांत होकर ₹1,44,000 से ₹1,45,500 प्रति 10 ग्राम के बीच स्थिर होने की कोशिश कर रहा है, जबकि चांदी ₹1.70 लाख से ₹1.75 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास सपोर्ट तलाश रही है।आगे कैसी रह सकती है चाल: सपोर्ट लेवल्स और टेक्निकल आउटलुककमोडिटी विश्लेषकों का मानना है कि सोने में आई यह गिरावट किसी बड़ी मंदी का संकेत नहीं है, बल्कि यह हालिया तेजी के बाद आने वाला एक स्वस्थ करेक्शन (Healthy Correction) है। तकनीकी चार्ट्स पर नजर डालें तो:सोने का अहम सपोर्ट जोन: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के लिए पहला बड़ा सपोर्ट $4,100 से $4,110 प्रति औंस पर है। यदि कीमतें इस स्तर से नीचे फिसलती हैं, तो अगला मजबूत तकनीकी आधार $4,050 के आसपास देखने को मिलेगा। ऊपरी स्तर पर $4,200 का दायरा एक मजबूत रेसिस्टेंस (Resistance) बना हुआ है। जब तक सोना $4,100 के ऊपर बना रहता है, मध्यम अवधि का रुझान सकारात्मक बना रहेगा।चांदी की चाल: चांदी में सोलर पैनल मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स की तरफ से मजबूत ढांचागत औद्योगिक मांग बनी हुई है। विश्लेषकों के अनुसार, $55.00 प्रति औंस का स्तर चांदी के लिए एक मजबूत सुरक्षा दीवार (Rock-bottom Support) का काम करेगा।सेंट्रल बैंकों की निरंतर खरीद: भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक डी-डॉलराइजेशन के दौर में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना और अन्य वैश्विक केंद्रीय बैंक लगातार अपने फॉरेक्स रिजर्व में सोना जोड़ रहे हैं। यह संस्थागत मांग सोने को किसी भी बड़ी गिरावट से सुरक्षा देती है।त्योहारी सीजन में खरीदारों और निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?दीपावली और धनतेरस के पावन अवसर पर सोने-चांदी की खरीदारी को भारतीय संस्कृति में अत्यंत शुभ माना जाता है। इस समय बाजार में मौजूद नरमी खुदरा खरीदारों के लिए एक बेहतर अवसर साबित हो सकती है:शादी-ब्याह और आभूषण खरीदार: जो परिवार आगामी वैवाहिक सीजन के लिए गहने बनवाना चाहते हैं, उनके लिए भावों में हर 1,000 से 1,500 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट एक बेहतरीन मौका है। सारा बजट एक साथ खर्च करने के बजाय टुकड़ों में (Staggered Buying) खरीदारी करें। हमेशा केवल बीआईएस हॉलमार्क (BIS Hallmark 6 Digit HUID) वाले प्रमाणित गहने ही खरीदें।शुद्ध निवेशक (डिजिटल गोल्ड व गोल्ड ETF): यदि आप केवल रिटर्न और वेल्थ प्रोटेक्शन के लिए निवेश कर रहे हैं, तो फिजिकल ज्वैलरी में मेकिंग चार्ज और जीएसटी (GST) का अतिरिक्त बोझ उठाने के बजाय गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB - सेकेंडरी मार्केट) को प्राथमिकता दें। इसमें 3% जीएसटी और 15-20% मेकिंग चार्ज की सीधी बचत होती है।फ्यूचर्स ट्रेडर्स के लिए सलाह: जब तक अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में स्थिरता नहीं आती और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर तस्वीर साफ नहीं होती, तब तक बड़े आक्रामक लॉन्ग सौदों से बचें। गिरावट पर स्टॉप-लॉस के साथ बाय-ऑन-डिप्स की रणनीति ही मौजूदा बाजार में सबसे सुरक्षित रास्ता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 20 Oct 2026 9:14 am

Asian Para Games: भाविना पटेल और Sonal Patel ने टेबल टेनिस में जीता कांस्य

भारत की भाविना पटेल और सोनल पटेल ने एशियाई पैरा खेलों की टेबल टेनिस महिला एकल स्पर्धा में अपने अपने वर्ग के सेमीफाइनल हारने के बाद मंगलवार को कांस्य पदक जीता। पैरालम्पिक की पूर्व रजत पदक विजेता भाविना को महिलाओं के एकल 4 - 5 वर्ग के सेमीफाइनल में चीन की आठ बार की पैरालम्पिक चैम्पियन झांग बियान के हाथों 7 . 11, 5 . 11, 7 . 11 से पराजय का सामना करना पड़ा। वहीं सोनलबेन को तीन बार की पैरालम्पिक पदक विजेता दक्षिण कोरिया की जियू यूनप ने क्लास 3 सेमीफाइनल में सीधे गेम में हराया। पिछली बार कांस्य जीतने वाली भाविना ने 2018 खेलों में रजत पदक जीता था। 40 वर्ष की बियान ने पिछले पैरा एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था। गुजरात की 39 वर्ष की भाविना राष्ट्रमंडल खेलों की पूर्व स्वर्ण पदक विजेता रह चुकी हैं। 4 - 5 वर्ग में वे खिलाड़ी आते हैं जिनका शरीर के ऊपरी हिस्से पर पूरा नियंत्रण हैं लेकिन पैरों या निचले हिस्से में विकार के कारण व्हीलचेयर पर हैं। जकार्ता में 2018 खेलों में युगल रजत पदक जीतने वाली सोनलबेन को गत चैम्पियन यून ने 11 . 7, 11 . 5, 11 . 6 से मात दी। क्लास3 व्हीलचेयर श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिए है जिनका बैठने का संतुलन कमजोर होता है और धड़ पर नियंत्रण सीमित होता है, लेकिन उनके हाथ और बाजू की कार्यक्षमता सामान्य या लगभग सामान्य होती है।

प्रभासाक्षी 20 Oct 2026 8:53 am

Silver Gold Price Today : एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार में सोने-चांदी के भाव में नरमी, जानिए आगे कैसी रह सकती है इनकी चाल

Silver Gold Price Today : मंगलवार को एशियाई बाजारों के शुरुआती कारोबार में सोने की कीमतों में गिरावट आई है। निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी नीति और रिटेल महंगाई के आंकड़ों पर नजर रखे हुए हैं। इससे ब्याज दरों की आगे की दिशा के बारे में संकेत मिल सकते हैं। फिलहाल हाजिर सोना (स्पॉट गोल्ड) 0.3% गिरकर 4,126.84 डॉलर प्रति औंस पर दिख रहा है। वहीं, दिसंबर की डिलीवरी वाला अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.3% गिरकर 4,146.00 डॉलर पर दिख रहा है।निवेशकों का फोकस अब यूएस फेड की 27-28 अक्टूबर की नीति बैठक और अगले हफ्ते आने वाले अमेरिकी 'पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर्स' (PCE) डेटा पर है। यूएस फेड 2% महंगाई दर का लक्ष्य लेकर चल रहा है, इसलिए वह इस डेटा पर बहुत बारीकी से नजर रखे हुए है।यूएस फेड ने सितंबर में अपनी बेंचमार्क ब्याज दरों को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 3.75%-4.00% की रेंज में कर दिया था। CME के ​​'फेडवॉच टूल' के मुताबिक ट्रेडर्स का मानना ​​है कि इस बात की 83% संभावना है कि केंद्रीय बैंक अगले हफ्ते दरों में कोई खास बदलाव नहीं करेगा,जबकि दिसंबर में दरों के बढ़ने की उम्मीद 94% बनी हुई है।इस बीच बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काज़ुओ उएदा ने कहा है कि रिटेल महंगाई दर केंद्रीय बैंक के 2% के लक्ष्य के काफी करीब है। ग्लोबल स्तर पर AI की भारी मांग और टाइट जॉब मार्केट के कारण महंगाई का दबाव बढ़ रहा है, जिससे ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना के संकेत मिलते हैं।आमतौर पर, ऊंची ब्याज दरों का असर सोने की कीमतों पर पड़ता है क्योंकि इससे सोना (बुलियन) अपने पास रखने की 'अपॉर्चुनिटी कॉस्ट' बढ़ जाती है, जबकि सोने पर कोई ब्याज नहीं मिलता।जियोपोलिटिकल फ्रंट की बात करें तो यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने सोमवार को कहा कि उन्होंने सऊदी अरब के एनर्जी इंफ्रा, हवाई अड्डों और सैन्य ठिकानों पर कई हमले किए हैं।दूसरी कीमती धातुओं की बात करें तो, स्पॉट सिल्वर 0.7% गिरकर 56.69 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है। वहीं, प्लैटिनम 1,639.65 डॉलर पर सपाट दिख रहा है। जबकि, पैलेडियम 0.7% गिरकर 1,112.08 डॉलर पर आ गया है।एक्सपर्ट्स की रायस्मॉलकेस मैनेजर और ओमनीसाइंस कैपिटल के सीईओ विकास गुप्ता का कहना है कि अगले 2-3 के नजरिए से सोने को लेकर आम राय यही है कि इसकी कीमतें बढ़ेंगी। इस अवधि के दौरान महंगाई और ब्याज दरों में भी बढ़ोतरी होगी। हालांकि,ये दोनों चीजें एक साथ नहीं हो सकतीं।विकास गुप्ता का मानना है कि केंद्रीय बैंक सोने के बड़े खरीदार हो सकते हैं,लेकिन साथ ही ऐसे बड़े विक्रेता भी हो सकते हैं जो उसी समय सोना बेचें,जिससे सोने की कीमतें नियंत्रण में बनी रह सकती है।भारत में त्योहारों और शादियों का सीजन आने वाला है। आमतौर पर इससे सोने की कीमतें बढ़ती हैं। हालांकि,फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना को देखते हुए,ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतें दबाव में रह सकती हैं। भारत में त्योहारों के दौरान सोने की कीमतों में थोड़ी तेजी आ सकती है,लेकिन उसके बाद कीमतें स्थिर रहने की संभावना है।ब्रिकवर्क रेटिंग्स में हेड ऑफ रिसर्च,राजीव शरण का कहना है कि भारत में दशहरा मनाया जा रहा है और इस समय 24-कैरेट सोना लगभग 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है। पिछले महीने यह अपने रिकॉर्ड हाई से 6% से ज्यादा नीचे आया है। इस त्योहारी सीजन में जो बदलाव आया है वह सोने के प्रति भारतीय परिवारों के लगाव में नहीं,बल्कि इसे खरीदने के तरीके में है। भारतीय अपने त्योहारी बजट को तो स्टेबल रख रहे हैं,भले ही इसके लिए उन्हें कम वजन वाले आभूषण खरीदने पड़ें।साथ ही लोग सोने के सिक्कों,बार और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) में अधिक निवेश कर रहे हैं। यह बदलाव महत्वपूर्ण है क्योंकि त्योहारी खरीदारी अब केवल गहने खरीदने तक सीमित न रहकर, संपत्ति को सुरक्षित रखने के एक व्यवस्थित तरीके में बदल रही है। आगे चलकर, अमेरिका में ऊंची ब्याज दरें सोने की कीमतों में बहुत तेज उछाल नहीं आने देंगी,जिससे निकट भविष्य में सोने की कीमत में 5% तक की उतार-चढ़ाव वाली रेंज बनी रहने की संभावना है। इस दशहरे पर,खरीदार कीमतों में आई हालिया गिरावट को किसी चेतावनी के रूप में नहीं, बल्कि खरीदारी शुरू करने के एक अच्छे मौके के तौर पर देख रहे हैं।Gold Price Today: सोने में गिरावट पर लगा ब्रेक, दशहरा पर 24 और 22 कैरेट दोनों का भाव चढ़ाडिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ज़ी न्यूज़ 20 Oct 2026 8:47 am

Asian Para Games में भारत का दबदबा, भालाफेंक में Pradeep Kumar को मिला सिल्वर

भारत के प्रदीप कुमार ने एशियाई पैरा खेलों में पुरूषों की भालाफेंक स्पर्धा में एफ53/54 श्रेणी में लगातार दूसरा रजत पदक जीता जबकि आयुष वर्मा ने कांस्य पदक हासिल किया। प्रदीप ने एफ54 में 27 . 45 मीटर का सर्वश्रेष्ठ निजी प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। आयुष ने एफ53 वर्ग में कांस्य पदक जीता। थाईलैंड के सहर दाम याएना ने एफ54 वर्ग में 23 . 13 मीटर के साथ स्वर्ण पदक जीता। शारीरिक अक्षमता का स्तर अधिक होने से उन्हें अधिक रजा अंक मिले। रजा अंक एक ऐसी पद्धति है जिसके जरिये जब किसी प्रतियोगिता में अलग-अलग वर्गीकरणों को एक ही स्पर्धा में शामिल किया जाता है तो विकलांगता के स्तर को ध्यान में रखते हुए प्रदर्शन को अंकों में बदला जाता है। ईरान के इरफान बंदोरी को 30 . 24 मीटर के रिकॉर्ड के साथ फिर स्वर्ण पदक मिला। एफ 53 एथलीटों की बाजुओं और हाथों में आमतौर पर पूरी कार्यक्षमता होती है लेकिन उनके पेट की मांसपेशियों और रीढ़ के निचले हिस्से की मांसपेशियों में कोई गतिविधि नहीं होती जिसके कारण वे बिना सहारे के बैठ नहीं पाते। एफ 54 एथलीटों की बाजुओं की मांसपेशियां पूरी तरह से ताकतवर होती हैं और धड़ की मांसपेशियों में भी आंशिक से लेकर पूरी ताकत होती है हालांकि धड़ के बीच के हिस्से और पैरों की मूवमेंट काफी हद तक प्रभावित रहती है।

प्रभासाक्षी 20 Oct 2026 8:33 am

प्राची पांडेय ने दिव्यांगता को मात देकर पैरा एशियाई खेल सेमीफाइनल में बनाई जगह, थाईलैंड की खिलाड़ी को 3-1 से हराया

प्राची पांडेय ने जापान में चल रहे पैरा एशियाई खेल 2026 में महिला एकल क्लास-6 के सेमीफाइनल में जगह बनाई। उन्होंने थाईलैंड की खिलाड़ी को 3-1 से हराकर यह उपलब्धि हासिल की और अब 20 अक्टूबर को इराक की खिलाड़ी से भिड़ेंगी।

जागरण 19 Oct 2026 10:06 pm

Asian Para Games 2026: रिंकू ने जीता गोल्ड, अजीत सिंह को सिल्वर

नागोया में जारी एशियन पैरा गेम्स के पहले दिन भारतीय खिलाड़ियों ने F46 भाला फेंक स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण और एक रजत पदक अपने नाम किया।

प्रातःकाल 19 Oct 2026 7:58 pm

Asian Para Games: भारत ने नागोया में एथलेटिक्स के पहले दिन जीते 6 पदक

भारत के पैरा एथलीटों ने सोमवार को यहां आईची-नागोया एशियाई पैरा खेलों की एथलेटिक्स स्पर्धाओं के पहले दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन स्वर्ण सहित छह पदक जीते। लंबी कूद में निषाद कुमार, भाला फेंक में रिंकू और दृष्टिबाधित मध्य दूरी की धाविका सौम्या ने अपनी-अपनी स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक हासिल किए। भारत ने एथलेटिक्स तीन स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक जीता। जापान ने मिजुहो पार्क एथलेटिक्स स्टेडियम में एथलेटिक्स स्पर्धाओं के पहले दिन तीन स्वर्ण, तीन रजत और दो कांस्य सहित कुल आठ पदक जीते। निषाद ने पुरुषों की लंबी कूद टी47 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का एथलेटिक्स में स्वर्ण पदकों का खाता खोला। इस 27 वर्षीय खिलाड़ी ने पिछले एशियाई पैरा खेलों में भी ऊंची कूद की टी47 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने लंबी कूद में अपने तीसरे और पांचवें दोनों प्रयासों में 7.11 मीटर की छलांग लगाई। दिलचस्प बात यह है कि वह पहली बार लंबी कूद में प्रतिस्पर्धा कर रहे थे। दो बार के पैरालंपिक रजत पदक विजेता निषाद मौजूदा खेलों में अपनी पसंदीदा स्पर्धा ऊंची कूद टी47 में भी भाग लेंगे। उज्बेकिस्तान के ओमादबेक खासानोव और श्रीलंका के मोहम्मदु सफरान ने क्रमशः 6.99 मीटर और 6.55 मीटर के प्रयास से रजत और कांस्य पदक जीते। टी47 श्रेणी में वह खिलाड़ी भाग लेते हैं जिनके शरीर के ऊपरी अंगों में अक्षमता होती है। निषाद जब छह साल के थे तब हिमाचल प्रदेश में अपने खेत में घास काटने वाली मशीन से उनका दाहिना हाथ कट गया था। सौम्या ने महिलाओं की 1500 मीटर टी12-टी13 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता जबकि हमवतन राधा वेंकटेश ने रजत पदक अपने नाम किया। सौम्या ने पांच मिनट 12.39 सेकेंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता जबकि राधा ने पांच मिनट 30.90 सेकेंड में दौड़ पूरी करके रजत पदक हासिल किया। दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए आयोजित इस स्पर्धा में सौम्या के गाइड कुमार भरत थे जबकि राधा के साथ गोविंद सोलंकी ने गाइड की भूमिका निभाई। जापान की माना सासाकी तीसरे स्थान पर रहीं। टी11 से टी13 तक की स्पर्धाएं दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए होती हैं। टी11 वर्ग में ऐसे खिलाड़ी भाग लेते हैं जिन्हें बिलकुल दिखाई नहीं देता या वे लगभग पूरी तरह दृष्टिहीन होते हैं जबकि टी13 वर्ग में गंभीर दृष्टिबाधिता होती है। टी12 वर्ग के खिलाड़ियों की दृष्टिबाधिता इन दोनों वर्गों के बीच होती है। दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के सबसे गंभीर टी11 वर्ग में भारत की रवन्नी वलसानैनी ने कांस्य पदक जीता। इस स्पर्धा में मूल रूप से तीसरे स्थान पर रहने वाली रक्षिता राजू को तकनीकी उल्लंघन के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया था। यह उल्लंघन कपड़ों, जूतों और प्रतियोगिता में इस्तेमाल होने वाले बिब नंबर से संबंधित नियमों का पालन नहीं करने के कारण हुआ। भारत के लिए तीसरा स्वर्ण रिंकू ने पुरुषों की भाला फेंक एफ46 स्पर्धा में जीता जबकि उनके हमवतन अजीत सिंह ने रजत पदक हासिल किया। रिंकू ने 65.11 मीटर भाला फेंककर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने अजीत को महज नौ सेंटीमीटर के अंतर से पीछे छोड़ा। अजीत ने 65.02 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक जीता। तीन खिलाड़ियों की इस स्पर्धा में इंडोनेशिया के आर सत्योनो ने 55.30 मीटर के थ्रो के साथ कांस्य पदक हासिल किया। एफ46 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके हाथ में कोहनी के ऊपर या नीचे विच्छेदन हुआ हो या उन्हें इसी तरह की शारीरिक अक्षमता हो।

प्रभासाक्षी 19 Oct 2026 6:33 pm

Asian Para Games में भारत का दमदार आगाज, पहले दिन 4 स्वर्ण समेत 11 पदक जीते

भारत ने सोमवार को यहां निशानेबाज मोना अग्रवाल और लंबी कूद के एथलीट निषाद कुमार जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन से एशियाई पैरा खेलों में शानदार शुरुआत करते हुए चार स्वर्ण सहित कुल 11 पदक जीते। भुजाहीन तीरंदाज शीतल देवी ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की कंपाउंड स्पर्धा के क्वालीफिकेशन दौर में विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। इसके बाद उन्होंने तोमन कुमार के साथ मिलकर मिश्रित टीम स्पर्धा में नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। भारत ने इस तरह पहले दिन कुल 11 पदक जीते जिनमें चार स्वर्ण, पांच रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं। इसके साथ ही देश पदक तालिका में चौथे स्थान पर है। दिन की शुरुआत में ही मोना ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल एसएच1 स्पर्धा के फाइनल में शानदार वापसी करते हुए हमवतन अवनि लेखरा को पछाड़कर स्वर्ण पदक जीता। पेरिस पैरालंपिक 2024 की कांस्य पदक विजेता मोना ने छठे स्थान से वापसी करते हुए 250.0 अंक के एशियाई पैरा खेलों के रिकॉर्ड के साथ पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने दो बार की पैरालंपिक चैंपियन अवनि को महज 0.4 अंक से पीछे छोड़ा। गत चैंपियन के तौर पर उतरीं 24 वर्षीय अवनि को 249.6 अंकों के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अवनि के इस पदक से भारत ने 2028 लॉस एंजिलिस पैरालंपिक के लिए दूसरा कोटा स्थान भी हासिल कर लिया। मोना ने पिछले महीने विश्व निशानेबाजी पैरा स्पोर्ट (डब्ल्यूएसपीएस) चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर पहले ही एक कोटा स्थान हासिल कर लिया था। शाम का सत्र पैरा एथलेटिक्स खिलाड़ियों के नाम रहा। दो बार के पैरालंपिक रजत पदक विजेता निषाद कुमार, मध्यम दूरी की धाविका सौम्या और भाला फेंक खिलाड़ी रिंकू ने अपनी-अपनी स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते। निषाद के लिए यह प्रदर्शन बेहद खास रहा क्योंकि वह अपने करियर में पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय लंबी कूद स्पर्धा में हिस्सा ले रहे थे। छह साल की उम्र में घास काटने वाली मशीन से हुए हादसे में अपना दायां हाथ गंवाने वाले निषाद ने 7.11 मीटर की छलांग लगाकर पहला स्थान हासिल किया। महिलाओं की 1500 मीटर टी12-टी13 स्पर्धा में दृष्टिबाधित सौम्या ने पांच मिनट 12.39 सेकेंड का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता। हमवतन राधा वेंकटेश ने पांच मिनट 30.90 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। दृष्टिबाधिता की सबसे गंभीर श्रेणी टी11 में भारत की रवन्नी वलासनैनी ने कांस्य पदक जीता। इस स्पर्धा में मूल रूप से तीसरे स्थान पर रहने वाली रक्षिता राजू को कपड़ों, जूतों और बिब से जुड़े तकनीकी नियमों का पालन नहीं करने के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया था। पुरुषों की भाला फेंक एफ46 स्पर्धा में भारत का दबदबा रहा। रिंकू ने 65.11 मीटर और अजीत सिंह ने 65.02 मीटर भाला फेंककर क्रमश: स्वर्ण और रजत पदक जीते। दोनों भारतीय खिलाड़ियों का यह इस सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। एफ46 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके हाथ में कोहनी के ऊपर या नीचे विच्छेदन हुआ हो या उन्हें इसी तरह की शारीरिक अक्षमता हो। जूडो खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन :भारत के दृष्टिबाधित जूडो खिलाड़ियों ने दो पदक जीते जिसमें कोकिला ने महिलाओं के जे2-52 किग्रा वर्ग में रजत पदक जबकि कपिल परमार ने पुरुषों के जे1-70 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया। हांगझोउ एशियाई पैरा खेलों की कांस्य पदक विजेता कोकिला को फाइनल में किर्गिस्तान की ऐबिके उलानबेक काइजी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। काइजी ने महज 21 सेकेंड में इप्पोन हासिल करके स्वर्ण पदक जीत लिया। जूडो में इप्पोन सबसे अधिक अंक देने वाला मूव है, जिससे मुकाबला तुरंत जीत लिया जाता है। पिछले एशियाई पैरा खेलों में रजत पदक जीतने वाले कपिल को सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के जुनेदी के खिलाफ 0-1 से हार का सामना करना पड़ा था जिसके बाद उन्होंने कांस्य पदक के मुकाबले में जगह बनाई। एक अन्य इंडोनेशियाई खिलाड़ी अहनाफ रफली शिदकी के खिलाफ कांस्य पदक के मुकाबले में कपिल ने एक इप्पोन हासिल करके 1-0 से जीत दर्ज की। यह मुकाबला एक मिनट से कुछ अधिक समय तक चला। दृष्टिबाधित खिलाड़ियों की जूडो स्पर्धाएं जे1 और जे2 वर्गों में आयोजित होती हैं। जे2 वर्ग के खिलाड़ियों में दृष्टिबाधिता होती है, लेकिन आमतौर पर उनकी देखने की क्षमता जे1 वर्ग के खिलाड़ियों से बेहतर होती है। जे1 वर्ग में पूरी तरह दृष्टिहीन खिलाड़ी भी शामिल होते हैं। तैराकी में रजत पदक :भारत के रवि कार्तिक बुडिगिना ने पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस13 स्पर्धा में 56.68 सेकेंड का समय निकालकर रजत पदक जीता। एस13 वर्ग में कम दृष्टिबाधिता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। टेबल टेनिस और बैडमिंटन में पदक पक्के :पैरालंपिक रजत पदक विजेता भाविना पटेल सहित भारत के कई टेबल टेनिस खिलाड़ियों ने सेमीफाइनल में जगह बनाकर देश के लिए तीन अलग-अलग वर्गों में पदक पक्के किए। प्राची पांडे ने महिला वर्ग छह के मुकाबले में थाईलैंड की कानोकपॉर्न फाथुमचाई को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई सोनलबेन ने वर्ग तीन में थाईलैंड की दरारत असायुत को शिकस्त दी। भाविना ने वर्ग चार-पांच में चीन की झांग मियाओ को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। प्राची न्यूरो-डिजेनेरेटिव बीमारी से पीड़ित हैं। उन्होंने ग्रुप चरण के अपने दूसरे मुकाबले में फाथुमचाई को 11-5, 11-4, 11-13, 12-10 से हराया। इस जीत के साथ वह एक जीत और एक हार के रिकॉर्ड के साथ ग्रुप ए में दूसरे स्थान पर रहीं। प्राची के सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही एशियाई पैरा खेलों की इस स्पर्धा में भारत का पहला पदक सुनिश्चित हो गया। वर्ग छह में ऐसे खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करते हैं जिनके दोनों हाथों और पैरों में गंभीर शारीरिक अक्षमता होती है और जो खड़े होकर खेलते हैं। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से एमटेक की पढ़ाई पूरी कर चुकीं प्राची फाइनल में जगह बनाने के लिए मंगलवार को इराक की नजला अल-दय्येनी से भिड़ेंगी। सोनलबेन ने महिला एकल वर्ग तीन के क्वार्टर फाइनल में दरारत को 3-1 (11-7, 8-11, 11-5, 11-5) से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। वर्ग तीन में व्हीलचेयर पर बैठकर खेलने वाले ऐसे खिलाड़ी शामिल होते हैं जिनका बैठने के दौरान संतुलन कमजोर होता है और धड़ पर नियंत्रण सीमित होता है जबकि बांह और हाथों की कार्यक्षमता सामान्य या लगभग सामान्य रहती है। राष्ट्रमंडल खेलों की पूर्व स्वर्ण पदक विजेता भाविना ने भी वर्ग चार-पांच के क्वार्टर फाइनल में चीन की झांग मियाओ को 3-1 (8-11, 11-6, 11-1, 11-6) से हराकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। वर्ग चार-पांच में शारीरिक अक्षमता वाले वे खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करते हैं जो बैठकर खेलते हैं। तीनों भारतीय खिलाड़ियों का कम से कम कांस्य पदक जीतना सुनिश्चित हो गया है। बैडमिंटन में नितेश कुमार और थुलासिमथी मुरुगेसन की भारतीय जोड़ी ने मिश्रित युगल में एसएल3-एसयू5 ग्रुप बी में सेमीफाइनल में प्रवेश करके पदक पक्का किया। भारतीय जोड़ी को अपने पहले मैच में चीन की यांग जियानयुआन और यांग किउक्सिया से वॉकओवर मिला। इसके बाद उन्होंने चीन के चेन पेंगफेई और हुआंग ज़िक्सुआन को सिर्फ 23 मिनट में 21-4, 21-18 से हराकर ग्रुप रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया। पेरिस पैरालंपिक के चैंपियन नितेश ने पुरुष एकल एसएल3 श्रेणी के ग्रुप ए में दक्षिण कोरिया के जू डोंगजे को 21-13, 21-15 से हराकर आसान जीत दर्ज की। रुथिक रघुपाथी ने पुरुष एकल एसयू5 ग्रुप सी मैच में थाईलैंड के सोमसिरी प्रिचा पर 21-12, 21-12 से जीत हासिल करके भारत की जीत का सिलसिला जारी रखा। पैरा बैडमिंटन में एसएल3 उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके निचले अंगों में गंभीर विकलांगता है और जो आधे कोर्ट पर प्रतिस्पर्धा करते हैं, जबकि एसयू5 उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके ऊपरी अंगों में विकलांगता है। मिश्रित युगल में जोड़ियां इन दोनों श्रेणियों के खिलाड़ियों को मिलाकर बनाई जाती हैं।

प्रभासाक्षी 19 Oct 2026 6:03 pm

Asian Para Games: पहले ही दिन भारत का धमाका, 4 गोल्ड समेत जीते 11 मेडल

एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत ने पहले दिन चार गोल्ड, पांच सिल्वर और दो ब्रॉन्ज समेत 11 पदक जीते. मोना अग्रवाल, निषाद कुमार, सौम्या और रिंकू ने गोल्ड मेडल अपने नाम किए. शीतल देवी ने तीरंदाजी में विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की, जबकि जूडो, स्विमिंग, टेबल टेनिस और बैडमिंटन में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया.

आज तक 19 Oct 2026 5:43 pm

नागोया में 5वें एशियाई पैरा गेम्स का उद्घाटन: जापान

बीजिंग, जापान के आइची प्रांत के नागोया में 5वें एशियाई पैरा गेम्स का उद्घाटन 18 अक्टूबर की शाम को हुआ।

देशबन्धु 19 Oct 2026 5:41 pm

Asian Para Games: सौम्या ने 1500 मीटर दौड़ में जीता Gold Medal, राधा को मिला रजत

भारत की सौम्या ने सोमवार को यहां एशियाई पैरा खेलों की महिलाओं की 1500 मीटर टी12-टी13 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता जबकि हमवतन राधा वेंकटेश ने रजत पदक अपने नाम किया। सौम्या ने पांच मिनट 12.39 सेकेंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि राधा ने पांच मिनट 30.90 सेकेंड में दौड़ पूरी करके रजत पदक हासिल किया। दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए आयोजित इस स्पर्धा में सौम्या के गाइड कुमार भरत थे जबकि राधा के साथ गोविंद सोलंकी ने गाइड की भूमिका निभाई। जापान की माना सासाकी तीसरे स्थान पर रहीं। टी11 से टी13 तक की स्पर्धाएं दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए होती हैं। टी11 वर्ग में ऐसे खिलाड़ी भाग लेते हैं जिन्हें बिलकुल दिखाई नहीं देता या वे लगभग पूरी तरह दृष्टिहीन होते हैं जबकि टी13 वर्ग में गंभीर दृष्टिबाधिता होती है। टी12 वर्ग के खिलाड़ियों की दृष्टिबाधिता इन दोनों वर्गों के बीच होती है।

प्रभासाक्षी 19 Oct 2026 5:28 pm

जापान के नागोया में 5वें एशियाई पैरा गेम्स का उद्घाटन

बीजिंग, 19 अक्टूबर . जापान के आइची प्रांत के नागोया में 5वें एशियाई पैरा गेम्स का उद्घाटन 18 अक्टूबर की शाम को हुआ. शाम 6 बजे उद्घाटन समारोह…

डेली किरण 19 Oct 2026 5:28 pm

Asian Para Games 2026 में Nishad Kumar ने Long Jump T47 में जीता Gold Medal

सोमवार (19 अक्टूबर) को चल रहे एशियाई पैरा गेम्स 2026 में, निषाद कुमार ने पुरुषों की लॉन्ग जंप T47 स्पर्धा में भारत के लिए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता। हिमाचल प्रदेश के 27 वर्षीय एथलीट, जो पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में दो बार पैरालंपिक पदक जीत चुके हैं, ने सोमवार को अपनी दूसरी स्पर्धा में हिस्सा लिया और उसमें भी पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने अपनी स्पर्धा की शुरुआत 6.95 मीटर की छलांग के साथ की। इसके बाद, अपने दूसरे प्रयास में उन्होंने 7.09 मीटर और तीसरे प्रयास में 7.11 मीटर की दूरी तय की। चौथे प्रयास में वे एक सफल छलांग नहीं लगा सके, और पांचवें प्रयास में उन्होंने फिर से 7.11 मीटर की दूरी तय की। इसे भी पढ़ें: देश और दुनिया की दोपहर की बड़ी खबरें, पढ़ें प्रमुख राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम उज्बेकिस्तान के ओमादबेक खासानोव को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। उन्होंने अपने पांचवें प्रयास में 6.99 मीटर की दूरी तय करके पोडियम पर जगह बनाई। 6.99 मीटर की यह छलांग उनके इस सीज़न का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी रही। इससे पहले उन्होंने 6.71 मीटर, 6.88 मीटर, 6.81 मीटर और 6.76 मीटर की दूरियां तय की थीं। एशियाई पैरा खेलों में पुरुषों की लॉन्ग जंप T47 स्पर्धा में सबसे बेहतरीन छलांग का रिकॉर्ड चीन के हाओ वांग के नाम है। वांग ने 7 अक्टूबर 2018 को जकार्ता में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में 7.53 मीटर की दूरी तक छलांग लगाई थी। मोना अग्रवाल ने फाइनल में शानदार वापसी करते हुए अपनी ही देश की अवनि लेखरा को हराकर स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ ही, एशियाई पैरा खेलों में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल (SH1) स्पर्धा में भारत ने पहले और दूसरे स्थान पर रहते हुए अपने पदकों का खाता खोला। 2024 पेरिस पैरालंपिक में कांस्य पदक जीतने वालीं मोना छठे स्थान से ऊपर उठीं और 250.0 के स्कोर के साथ एशियाई पैरा खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने दो बार की पैरालंपिक चैंपियन अवनि को महज 0.4 अंकों से पीछे छोड़ दिया। इसे भी पढ़ें: FIFA सदस्य देशों को देगा 25 मिलियन डॉलर, 2027 से 2030 के लिए तैयार किया फंड प्लान डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर उतरीं 24 वर्षीय अवनि ने 249.6 के स्कोर के साथ रजत पदक हासिल किया। उनके इस पदक से भारत को 2028 लॉस एंजिल्स पैरालंपिक के लिए दूसरा कोटा स्थान भी मिल गया है। इससे पहले, मोना ने पिछले महीने दक्षिण कोरिया के चांगवोन में आयोजित 'वर्ल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट (WSPS) वर्ल्ड चैंपियनशिप' में रजत पदक जीतकर भारत के लिए एक कोटा स्थान हासिल कर लिया था।

प्रभासाक्षी 19 Oct 2026 3:51 pm

Asian Para Games: कोकिला ने जूडो में जीता सिल्वर, कपिल परमार को ब्रॉन्ज

एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत के दृष्टिबाधित जूडो खिलाड़ियों ने दो पदक जीते. कोकिला ने महिलाओं के जे2 कैटेगरी के 52 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल अपने नाम किया, जबकि कपिल परमार ने पुरुषों के जे1 कैटेगरी के 70 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया

आज तक 19 Oct 2026 3:07 pm

शीतल देवी ने वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की, एशियाई रिकॉर्ड तोड़ा

एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत की स्टार तीरंदाज शीतल देवी ने महिलाओं की कंपाउंड क्वालिफिकेशन स्पर्धा में 720 में से 704 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की और नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया.

आज तक 19 Oct 2026 2:04 pm

Asian Para Games में Kapil Parmar ने जीता कांस्य, इंडोनेशियाई खिलाड़ी को दी मात

भारतीय जूडो खिलाड़ी कपिल परमार ने सोमवार को यहां इंडोनेशिया के अहनाफ रफली शिदकी को हराकर एशियाई पैरा खेलों की पुरुषों की जे1-70 किग्रा स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। पिछले एशियाई पैरा खेलों में रजत पदक जीतने वाले कपिल को सेमीफाइनल में एक अन्य इंडोनेशियाई खिलाड़ी जुनेदी के खिलाफ 0-1 से हार का सामना करना पड़ा था जिसके बाद उन्होंने कांस्य पदक के मुकाबले में जगह बनाई। प्लेऑफ मुकाबले में कपिल ने एक इप्पोन हासिल करके 1-0 से जीत दर्ज की। जूडो में इप्पोन सबसे अधिक अंक देने वाला मूव है जिससे मुकाबला तुरंत जीत लिया जाता है। यह मुकाबला एक मिनट से कुछ अधिक समय तक चला। कपिल की मां की तबीयत पिछले कुछ समय से ठीक नहीं चल रही है। भावुक कपिल ने कहा, ‘‘मैं यहां स्वर्ण पदक जीतने के इरादे से आया था, लेकिन कांस्य पदक ही जीत सका। स्वर्ण पदक के मामले में आज किस्मत ने मेरा साथ नहीं दिया, लेकिन मैं इस कांस्य पदक के लिए आभारी हूं। मैंने बहुत मेहनत की है और लंबे समय बाद यह मेरा पहला पदक है।’’जे1 वर्ग में गंभीर दृष्टिबाधिता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। इसमें पूरी तरह दृष्टिहीन खिलाड़ियों से लेकर ऐसे खिलाड़ी शामिल होते हैं, जिन्हें रोशनी का बहुत कम आभास होता है। कपिल ने 2024 पैरालंपिक में भी कांस्य पदक जीता था। इसके अलावा वह 2019 राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक विजेता रहे थे।

प्रभासाक्षी 19 Oct 2026 1:33 pm

Para Asian Games:

इंटरनेट डेस्क। पैरा एशियन गेम्स में राजस्थान की बेटियों ने देश का नाम रोशन किया है। जापान में शुरू हुए पैरा एशियन गेम्स में भारतीय निशानेबाज मोना अग्रवाल और अवनि लेखरा ने पैरा एशियन गेम्स में देश को पहले दिन आज 2 पदक दिलाए। खबरों के अनुसार, आर2 विमेंस 10 मीटर राइफल शूटिंग की एसएच1 कैटेगरी में मोना ने गोल्ड और अवनि ने सिल्वर पर निशाना साधा है। एसएच1 कैटेगरी में निचले अंगों में दिव्यांगता वाले शूटर हिस्सा लेते हैं। इस इवेंट के क्वालिफिकेशन राउंड में अवनी दूसरे स्थान पर रहीं। मोना उनसे आगे थीं। उन्होंने क्वालिफिकेशन में 629.1 स्कोर किया। यह एशियन पैरा गेम्स क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड है। पेरिस पैरालंपिक्स की कांस्य पदक विजेता मोना ने फाइनल में दमदार वापसी की। एक समय वे 5वें स्थान पर चल रही मोना ने 250.0 अंक के एशियन पैरा गेम्स रिकॉर्ड के साथ अवनि को शिकस्त दी। 2 बार की पैरालंपिक चैंपियन अवनी 249.6 अंक के साथ दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। मोना उनसे केवल 0.4 अंक आगे रहीं। कोरिया की युनरी ली ने 227.9 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। PC:jagran

समाचार जगत 19 Oct 2026 1:15 pm

Mona Agarwal ने Asian Para Games में जीता गोल्ड, हमवतन अवनि को पछाड़कर बनाया रिकॉर्ड

मोना अग्रवाल ने सोमवार को यहां फाइनल में शानदार वापसी करते हुए अपनी हमवतन अवनि लेखरा को पछाड़कर महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल (एसएच1) स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीत लिया जिससे भारत ने एशियाई पैरा खेलों में पहला-दूसरा स्थान हासिल कर पदक तालिका में अपना खाता खोला। पेरिस पैरालंपिक 2024 की कांस्य पदक विजेता मोना ने छठे स्थान से वापसी करते हुए 250.0 अंक के साथ एशियाई पैरा खेलों का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने दो बार की पैरालंपिक चैंपियन अवनि को महज 0.4 अंक से पछाड़ा। गत चैंपियन के तौर पर उतरीं 24 वर्षीय अवनि को 249.6 अंकों के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अवनि के इस पदक से भारत ने 2028 लॉस एंजिलिस पैरालंपिक के लिए दूसरा कोटा स्थान भी हासिल कर लिया। मोना ने पिछले महीने विश्व निशानेबाजी पैरा स्पोर्ट (डब्ल्यूएसपीएस) चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर पहले ही एक कोटा स्थान हासिल कर लिया था। इस स्पर्धा में दक्षिण कोरिया की युनरी ली ने 227.9 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। एसएच1 वर्ग निचले अंगों में विकलांगता वाले निशानेबाजों के लिए है। जयपुर की इन दोनों निशानेबाजों के बीच मुकाबला 24 शॉट के फाइनल के आखिरी शॉट तक चला। निर्णायक शॉट से पहले मोना के 239.1 अंक थे जबकि अवनि 239.2 अंक के साथ उनसे 0.1 अंक आगे थीं। मोना ने आखिरी शॉट में शानदार 10.8 अंक हासिल किए जबकि अवनि 10.5 अंक ही जुटा सकीं। इस तरह 38 वर्षीय दो बच्चों की मां मोना ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मोना ने क्वालीफिकेशन में भी शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने आठ निशानेबाजों के बीच 629.1 अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल करते हुए एशियाई पैरा खेलों का क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड बनाया था। कार दुर्घटना के बाद व्हीलचेयर पर बैठकर निशाना लगाने वाली अवनि 626.4 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही थीं। हालांकि फाइनल की शुरुआत में तस्वीर अलग थी। हांगझोउ एशियाई पैरा खेलों के स्वर्ण पदक का बचाव करने उतरी अवनि ने 10.8 अंक के साथ शुरुआत की जबकि मोना ने 10.1 अंक हासिल किए। पहले पांच शॉट के बाद अवनि 53.2 अंक के साथ आगे थीं। अगले पांच शॉट के बाद भी उन्होंने अपनी बढ़त बनाए रखी और 104.8 अंक तक पहुंच गईं। उस समय मोना 102.9 अंक के साथ छठे स्थान पर थीं। इसके बाद एलिमिनेशन चरण में मुकाबले का रुख बदल गया। अवनि लगातार कुछ कम स्कोर वाले शॉट लगाने लगीं जबकि मोना ने धीरे-धीरे अपनी स्थिति में सुधार किया। इससे मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया। मोना के लिए यह स्वर्ण पदक धीमी शुरुआत के बाद शानदार वापसी का परिणाम रहा। अवनि के लिए यह रजत पदक उनके शानदार करियर में एक और बड़ी उपलब्धि है।

प्रभासाक्षी 19 Oct 2026 1:03 pm

Asian Para Games 2026: 10m Air Rifle में Mona Agarwal ने जीता Gold, Avani को Silver

19 अक्टूबर को आइची-नागोया में आयोजित 2026 एशियाई पैरा खेलों में, भारतीय पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल और अवनि लेखरा ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा के फाइनल में क्रमशः पहला और दूसरा स्थान हासिल किया। इसके साथ ही उन्होंने इन खेलों में भारत के लिए पहले पदक पक्के किए। सातवीं सीरीज के बाद 250 के स्कोर के साथ मोना अग्रवाल ने स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 249.6 के पिछले एशियाई पैरा गेम्स रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए एक नया रिकॉर्ड कायम किया; यह पिछला रिकॉर्ड 2023 के हांगझोऊ खेलों में अवनि लेखरा ने बनाया था। इसे भी पढ़ें: अहमदाबाद Commonwealth Games 2030 के लिए केंद्र देगा 2000 करोड़ रुपये की मदद अवनि लेखरा ने सातवीं सीरीज के बाद 249.6 के स्कोर के साथ रजत पदक हासिल किया। इससे पहले दिन में, मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा के क्वालिफिकेशन राउंड में 629.1 के स्कोर के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त कर एक नया रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने चीन की झांग कुइपिंग के नाम दर्ज पिछले एशियाई पैरा गेम्स क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड को तोड़ दिया। मोना अग्रवाल 629.4 के विश्व रिकॉर्ड को तोड़ने से बहुत कम अंतर से चूक गईं; यह विश्व रिकॉर्ड संयुक्त रूप से अवनि लेखरा और स्लोवाकिया की वेरोनिका वाडोविकोवा के नाम है। अवनि लेखरा ने क्वालिफिकेशन राउंड में 626.4 के कुल स्कोर के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। इसे भी पढ़ें: Elon Musk ने दिखाई नई Tesla Roadster, SpaceX तकनीक से हवा में लगाई शानदार फ्लिप, देखें Video पुरुषों की 10m एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 फाइनल में, भारत कोई पदक नहीं जीत सका। महावीर स्वरूप उन्हाल्कर 205.9 के स्कोर के साथ चौथे स्थान पर रहे और पांचवीं सीरीज के बाद प्रतियोगिता से बाहर हो गए, जबकि पहली बार हिस्सा ले रहे राकेश निदागुंडी 141.5 अंकों के साथ सातवें स्थान पर रहे। निदागुंडी और उन्हाल्कर दोनों ने फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था; पुरुषों के क्वालीफिकेशन इवेंट में 6 सीरीज के बाद, निदागुंडी 619.3 के स्कोर के साथ सातवें और उन्हाल्कर 617.4 के स्कोर के साथ आठवें स्थान पर रहे थे। आनंदा कृष्णन क्वालीफाई नहीं कर सके और 605.2 अंकों के साथ 13वें स्थान पर रहे।

प्रभासाक्षी 19 Oct 2026 12:29 pm

Asian Para Games 2026 Live:

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गूगल न्यूज़ 19 Oct 2026 12:25 pm

शीतल देवी ने एशियन पैरा गेम्स में की वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी, एशियाई रिकॉर्ड भी किया ध्वस्त

भारतीय तीरंदाज शीतल देवी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में महिला कंपाउंड क्वालीफाइंग राउंड में शानदार प्रदर्शन करते हुए वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की।

खबर इंडिया टीवी 19 Oct 2026 11:53 am

Asian Para Games में 100 पदक जीतने का लक्ष्य, कोच Satyanarayana को एथलीटों पर पूरा भरोसा

पैरा एथलेटिक्स के मुख्य कोच सत्यनारायण ने खिलाड़ियों की तैयारियों और उनके जज्बे पर भरोसा जताते हुए कहा कि भारत का लक्ष्य यहां एशियाई पैरा खेलों में 100 पदक जीतना है। खेलों का आधिकारिक आगाज रविवार को हुआ लेकिन बैडमिंटन, टेबल टेनिस और बोकिया सहित कुछ स्पर्धाएं कुछ दिन पहले ही शुरू हो गई हैं। भारत ने 2023 में हांगझोउ में हुए पिछले एशियाई पैरा खेलों में रिकॉर्ड 111 पदक जीते थे। जापान में 18 से 24 अक्टूबर तक होने वाले इन खेलों के पांचवें आयोजन में भारत ने 168 खिलाड़ियों का दल उतारा है। पिछली बार भारत के दल में 300 से अधिक खिलाड़ी शामिल थे। सत्यनारायण ने कहा कि खिलाड़ी उत्साहित हैं और अपनी तैयारियों को पदकों में बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ हम भारत के लिए लगभग 100 पदक जीतने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं और हमें विश्वास है कि हमारे खिलाड़ियों में इसे हासिल करने की क्षमता और दृढ़ संकल्प है। पदक अभियान में पैरा एथलेटिक्स की अहम भूमिका होगी। हमें कल एथलेटिक्स में छह पदक जीतने की उम्मीद है, जिनमें दो से तीन स्वर्ण पदक हो सकते हैं।’’पैरा ऊंची कूद के खिलाड़ी और दो बार के पैरालंपिक रजत पदक विजेता निषाद कुमार की तैयारियों पर भी कोच ने भरोसा जताया। सत्यनारायण ने कहा, ‘‘निषाद कुमार भी अच्छी लय में दिख रहे हैं। हमें उम्मीद है कि वह अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे और संभव है कि खेलों का रिकॉर्ड भी तोड़ दें। हमारे अभियान की मजबूत शुरुआत के लिए ये अहम अवसर हैं।’’उन्होंने कहा कि सभी खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं। कोच ने कहा, ‘‘प्रतियोगिता कड़ी होगी, क्योंकि पूरे एशिया के कुछ सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी इसमें हिस्सा ले रहे हैं। लेकिन हमारे खिलाड़ी अच्छी तरह तैयार हैं और अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन करने, पदक जीतने तथा देश को गौरवान्वित करने पर ध्यान दे रहे हैं।’’सत्यनारायण ने नागोया में खिलाड़ियों के लिए की गई व्यवस्थाओं पर भी संतोष जताया। उन्होंने कहा कि सुविधाओं, आवास और अन्य सहयोग से टीम को सकारात्मक माहौल मिला है। उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय दल के खिलाड़ी यहां की व्यवस्थाओं से बेहद खुश हैं। सुविधाओं, रहने की व्यवस्था और यहां मिल रहे सहयोग से टीम के लिए अच्छा माहौल बना है। खिलाड़ी सहज महसूस कर रहे हैं, उनका मनोबल ऊंचा है और वे अपनी स्पर्धाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।’’भारतीय दल में भाला फेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल, पैरा बैडमिंटन चैंपियन प्रमोद भगत, पैरा निशानेबाज अवनि लेखरा, पैरा तीरंदाज शीतल देवी और धाविका सिमरन शर्मा सहित कई प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं।

प्रभासाक्षी 18 Oct 2026 3:53 pm

Solo International Trip: Solo Trip के लिए Asia के ये 3 देश हैं बेस्ट, कम बजट में घूमें Vietnam और Malaysia

अगर आपका भी अकेले घूमने का मन है, लेकिन पहली सोलो इंटरनेशनल ट्रिप के लिए किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं, जहां पर ज्यादा पैसे न खर्च करने पड़े। तो आप एशिया के कुछ खूबसूरत देश आपकी लिस्ट में शामिल कर सकती हैं। सोलो ट्रिप का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको किसी दूसरे के हिसाब से अपना प्लान नहीं बनाना पड़ता है। सोलो ट्रिप में जब मन करे, जहां मन करे वहां जाएं, रुकें और अपनी पसंद का खाना खाएं। वहीं अगर आपको बजट को ध्यान में रखना है, तो आप वियतनाम और थाईलैंड जैसे ऑप्शन देख सकती हैं। इन जगहों पर आप खूबसूरत बीच, स्वादिष्ट लोकल फूड्स, शानदार मार्केट और एक अलग ही कल्चर देखने को मिलेगा। वहीं अगर आप भी इस बार अकेले विदेश घूमने का प्लान कर रही हैं, तो आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको 3 ऐसे खूबसूरत देशों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पर आप सोलो ट्रिप के लिए जा सकती हैं। इसे भी पढ़ें: Travel Tips: Vrindavan के Chhatikara में स्थित Char Dham Mandir में करें चार धामों के दर्शन मलेश‍िया सोलो ट्रिप के लिए मलेशिया भी एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। खासकर अगर आप शहर, फूड, शॉपिंग और घूमने के साथ-साथ थोड़ा नेचर भी देखना चाहती हैं, तो आपको Kuala Lumpur जैसे शहर से लेकर कई दूसरी खूबसूरत जगहों को एक्सप्लोर करने का मौका मिलेगा। वहीं अच्छी बात यह है कि मलेशिया में बस और ट्रेन जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करके अपना अपने खर्च को थोड़ा मैनेज कर सकती हैं। आप मलेशिया में Kuala Lumpur में घूमने के साथ-साथ शॉपिंग भी कर सकती हैं। यहां के लोकल फूड को एंजॉय कर सकती हैं। थाईलैंड वहीं फॉरेन ट्रिप के लिए आप थाईलैंड भी जा सकती हैं। अगर आपको शॉपिंग, स्ट्रीट फूड और घूमने-फिरने के साथ बीच का मजा चाहिए, तो आपको थाईलैंड जा सकती हैं। यहां पर आप सोलो ट्रिप कर सकती हैं। थाईलैंड का बैंकॉक शहर सबसे फेमस है। आप यहां पर लोकल मार्केट्स में घूमने के साथ-साथ स्ट्रीट फूड ट्राई कर सकती हैं। अगर आपका बजट कम है, तो आप महंगे होटल्स की जगह हॉस्टल्स या अफॉर्डेबल स्टे देख सकती हैं। आप बैंकॉक के अलावा फुकेट या पटाया भी घूमने के लिए जा सकती हैं। आप थाईलैंड में बीचेस और आइलैंड का मजा ले सकती हैं और लोकल मार्केट्स को एक्सप्लोर कर सकती हैं। इसके अलावा स्ट्रीट फूड ट्राई करना न भूलें। व‍ियतनाम आप कम बजट में वियतनाम भी जा सकती हैं। यहां पर आपको बीच के साथ, लोकल मार्केट्स, पहाड़ और अलग-अलग कल्चरल एक्सपीरियंस कर सकेंगी। वियतनाम में आपको एक शहर से दूसरे शहर जाने के लिए ट्रेन, बस और फ्लाइट आदि के ऑप्शंस मिल जाएंगे। आप हनोई, दा नांग और होई आन जैसी जगहों को एक्सप्लोर कर सकती हैं। इसके अलावा आप यहां पर खूबसूरत बीच पर समय बिता सकती हैं। पहाड़ों और नेचर की खूबसूरती को निहारने के साथ लोकल फूड का स्वाद ले सकती हैं और यहां आपको लोकल लाइफ देखने का मौका मिलेगा। इन बातों का रखें ध्यान अगर आप भी पहली बार अकेले विदेश घूमने का प्लान कर रही हैं, तो इस दौरान आपको कुछ बातों का ध्यान रख सकती हैं। 2-3 महीने पहले से प्लानिंग कर लें। होटल और फ्लाइट की कीमत पहले से देखें। पहले से ही पूरे ट्रिप का बजट प्लान कर लें। हॉस्टल या होटल की लोकेशन आदि पहले से पता रखें। लोकल ट्रांसपोर्ट के ऑप्शन को पहले से समझ लें। अपने साथ जरूरी डॉक्यूमेंट्स रख लें। ट्रिप से पहले उस देश के लेटेस्ट एंट्री रूल्स को जरूर चेक करें।

प्रभासाक्षी 12 Oct 2026 12:33 pm

बेटियों का जलवा: एशियाई खेलों में भारत की स्वर्णिम कहानी, 10 में से 8 स्वर्ण महिला खिलाड़ियों के नाम

बेटियों का जलवा: एशियाई खेलों में भारत की स्वर्णिम कहानी, 10 में से 8 स्वर्ण महिला खिलाड़ियों के नाम asian-games-indian-women-athletes-eight-gold-medals-neeru-dhanda-trap-shooting-archery-kabaddi

अमर उजाला 2 Oct 2026 6:40 am

Asian Games 2026: एश‍ियन गेम्स में भारत ने जीते हैं अब तक कुल 60 मेडल

Asian Games 2026 Day 12 Live Updates: एश‍ियन गेम्स का आज 12वां द‍िन है. कई खेलों में आज भारत को मेडल की उम्मीदें रहेंगी. वहीं कुछ खेल ऐसे हैं, जहां से मेडल पक्का हो सकता है, ऐसे में इस पेज को र‍िफ्रेश करते रहें.

आज तक 1 Oct 2026 7:07 am

सीबीएसई विशेष परीक्षा 2026: पश्चिम एशियाई देशों के छात्रों के लिए एलओसी प्रक्रिया शुरू, कैसे भरें फॉर्म? जानें

पश्चिम एशियाई देशों के छात्रों के लिए सीबीएसई विशेष परीक्षा 2026 की एलओसी भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। छात्र 22 से LOC भर सकते हैं और एक या अधिक विषय चुन सकते हैं।

अमर उजाला 22 Sep 2026 11:47 am

Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई?

Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई? Rahul Gandhi Anwar Ibrahim Meeting को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को मलेशिया के प्रधानमं

लाइव हिन्दुस्तान 13 Sep 2026 5:21 pm

गन्तव्य देशों के हालात खराब होने से दक्षिण एशियाई प्रवासन में कमी

आशीष विश्वास अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है। हाल के दिनों में अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व में दक्षिण एशियाई लोगों के लिए प्रवासन और वहां जाकर नौकरी पाना मुश्किल होता जा रहा है, जो बड़े झगड़ों और लगातार सामाजिक उथल-पुथल और अशांति का सीधा नतीजा है। इस इलाके के बड़े देशों की तरह, भारत और बांग्लादेश पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। लंबे समय में दोनों देशों के सामने दोहरी चुनौती है: घरेलू श्रम बाजार में नौकरी के लिए बेचैनी और बढ़ जाएगी, क्योंकि वे बड़ी आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। साथ ही प्रवासी कामगारों द्वारा घर भेजे जाने वाली बड़ी राशि (रेमिटेंस) से होने वाली अच्छी-खासी आय भी समय के साथ कम हो जाएगी। खबरें हैं कि कम से कम 1500 और भारतीयों को अल्पावधि में अमेरिका से वापस भेजा जा रहा है और केनडा में भी हालात बेहतर नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि नौकरी के मौके कम हो रहे हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टियों पर गैर-कानूनी प्रवासन को बढ़ावा देने का आरोप लगता है। आरोप है कि पहले से ही स्थानीय संस्कृति के कमज़ोर होने और गंभीर सुरक्षा चिंताओं जैसी स्थानीय समस्याएं हैं। ज़्यादातर हाथ से काम करने वाले अस्थायी कामों में लगे, हज़ारों प्रवासी ऐसे कमज़ोर लक्ष्य बन गए हैं जिन्हें तुरंत और बिना किसी औपचारिकता के वापस भेजा जा सकता है। यह विकसित देशों में अपनी मौजूदा समस्याओं के समाधान के लिए शासन और नीतिगत कदमों का नतीजा है। यूनाइटेड किंगडम से लेकर अमेरिका तक, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों और प्रवासियों के लिए वीज़ा मिलना नए कड़े कानूनों से प्रभावित हुआ है, पढ़ाई की फीस बहुत ज़्यादा बढ़ा दी गई है और कानूनी तौर पर स्थायी रूप से रहने का अधिकार कम कर दिया गया है। प्रवासियों के खिलाफ नकारात्मक रूझान सिर्फ़ पश्चिमी देशों तक ही सीमित नहीं है। दिसंबर 2025 तक, सऊदी अरब से किसी न किसी वजह से करीब 11,000 से ज़्यादा भारतीयों को वापस उनके अपने देशों में भेजा जा चुका था, जो एक रिकॉर्ड है। अमेरिका ने उसी समय तक करीब 3800 भारतीयों को वापस भेजा था। साफ़ है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कही गई अच्छी दोस्ती का अमेरिका-भारत के आपसी रिश्तों के सभी मामलों में कोई खास फ़र्क नहीं पड़ा। दिलचस्प बात यह है कि म्यांमार ने करीब 1600 'गैर-कानूनीÓ रूप से वहां रह रहे भारतीयों को वापस भेजा, जबकि मलेशिया और यूएई ने 2025 में करीब 1600 लोगों को वापस भेजा। भारत सरकार और अन्य स्रोतों का दावा है कि कई भारतीय अपनी मज़ीर् से भी अपने गोद लिए हुए देशों को छोड़ रहे हैं। इसकी वजहें हैं बेकाबू महंगाई, जिससे रहने का खर्च बढ़ रहा है, मुश्किल समय में काम का बोझ बढ़ रहा है, अधिकारियों की तरफ़ से बढ़ती परेशानी और घर पैसे भेजने में भारी कमी का आना। इसका मतलब यह नहीं है कि वे भारत के बाहर मौके नहीं देख रहे हैं। दुबई एक पसंदीदा नई जगह है। केनडा से 2025 में लगभग 2830 भारतीय लौटे, जबकि पिछले साल यह संख्या 2000 थी। कुछ मामलों में केनाडाई अधिकारियों के तरीकों पर शक जताते हुए, भारत सरकार ने प्रवासियों को वापस भेजने के दौरान अपनाए गए तरीकों पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें वापस भेजे गए लोगों को वापस आने के दौरान कोई सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। यहां तक कि हमेशा मूलभूत मानवीय सुविधाएं भी नहीं दी जाती हैं, हालांकि लौटने वाला हर कोई घोषित अपराधी नहीं होता है। पड़ोसी बांग्लादेश की बात करें तो, इज़रायली हमलों के जारी रहने के कारण लेबनान में कम से कम 5000 लोगों की नौकरी चली गई। कम से कम 200 लोग स्वयं वापस चले गए क्योंकि प्रवासियों को जानलेवा काम के हालात में धकेला जा रहा था। यह स्थानीय श्रम कानूनों और नौकरी की शर्तों का खुला उल्लंघन था। साथ ही 'आपातकाल' के नाम पर अक्सर वेतन में कटौती भी की जाती थी। मध्य पूर्व में प्रवासी संगठनों के एच आर ग्रुपों और प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि लेबनान और आस-पास के इलाकों में 11 बांग्लादेशी कामगार मारे गए, जबकि कई घायल हुए, जिन पर स्थानीय अधिकारियों ने बहुत कम ध्यान दिया। अप्रशिक्षित कामगारों को सहयोगी, रेस्क्यू स्टाफ और दूसरे कामों के तौर पर समुद्री झड़पों में भी हिस्सा लेने के लिए मजबूर किया गया था। ऐसा लगता है कि ऐसे मामलों में कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं थी। सिर्फ़ एक मामले में फिलिपिनो कामगार के एक ग्रुप ने ऐसे आदेश मानने से मना कर दिया था। एचआर ग्रुपों का आरोप है कि कई बमबारी और मिसाइलों और ड्रोन हमलों के खतरनाक आदान-प्रदान के दौरान मरने वाले ज़्यादातर पीड़ित आर्थिक रूप से कमज़ोर प्रवासी कामगारों के असुरक्षित ग्रुप से थे। अलग-अलग अन्तरराष्ट्रीय प्राधिकारी, देश के प्रमुखों, संयुक्त और दूसरी संस्थाओं से बार-बार गुहार लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला। कामगारों के लिए एक और चिंता यह थी कि क्या प्रवासियों को रखने वाले देश उनके ज़िंदा रहते हुए उनकी बुरी हालत के प्रति लगभग पूरी तरह से बेपरवाह होने के मद्देनजर उनके बकाए का इंतज़ाम भी करेंगे। ऐसे डर से इन्कार नहीं किया जा सकता। न सिफ़र् आपूर्तिकर्ता देश को कानूनी तौर पर मिलने वाले पैसे के सवाल पर नुकसान होगा, बल्कि घर पर पीड़ितों के परिवारों को भी बहुत ज़्यादा तकलीफ़ होगी। कई परिवार विदेश में नौकरी करके पैसे कमाने के लिए किसी सदस्य को भेजने और सक्षम बनाने हेतु भारी-भरकम कर्ज भी लेते हैं।

देशबन्धु 18 Aug 2026 2:39 am

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वेब दुनिया 26 May 2024 2:39 pm