Asian Games Table Tennis: मानुष शाह और दीया चिताले ने जीता कांस्य पदक
भारत के मानुष शाह और दीया चिताले ने शुक्रवार को यहां एशियाई खेलों की टेबल टेनिस प्रतियोगिता के मिश्रित युगल स्पर्धा के सेमीफाइनल में चीन के वांग चुकिन और सुन यिंगशा से मिली हार के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। भारतीय जोड़ी को 8 . 11, 5 . 11, 8 . 11, 2 . 11 से पराजय मिली। सेमीफाइनल हारने के बावजूद उन्होंने इन खेलों में भारत को टेबल टेनिस में पहला पदक दिलाया। इससे पहले उन्होंने क्वार्टर फाइनल में हांगकांग की विश्व की चौथे नंबर की जोड़ी डू होई केम और वोंग चुन टिंग को हराकर पदक पक्का किया था। दीया और मानुष ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को 3-1 (11-6, 13-15, 11-9, 11-5) से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। एशियाई खेलों में मिश्रित युगल में यह भारत का दूसरा पदक है। इससे पहले शरत कमल और मनिका बत्रा ने आठ साल पहले जकार्ता एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था। शाह ने ईरान के बेन्यामिन फराजी को 4-0 से हराकर पुरुष एकल में भी अगले दौर में प्रवेश किया, जबकि यशस्विनी घोरपड़े ने सीरिया की हेंड ज़ाज़ा को 4-1 (11-5 11-5 11-8 8-11 11-4) से हराकर महिला एकल के राउंड ऑफ़ 16 में अपनी जगह पक्की कर ली। भारत के अन्य खिलाड़ियों का प्रदर्शन हालांकि निराशाजनक रहा। मानव ठक्कर राउंड ऑफ़ 32 में उत्तर कोरिया के यू ताए रयोंग से 2-4 (11-4 2-11 7-11 7-11 11-4 3-11) से हारने के बाद टूर्नामेंट से बाहर हो गए, जबकि श्रीजा अकुला भी इसी चरण में प्योन सोंग ग्योंग से 1-4 (7-11 8-11 13-11 7-11 7-11) से हारकर बाहर हो गईं। भारतीय पुरुष युगल की दोनों जोड़ियां भी टूर्नामेंट से बाहर हो गईं। हरमीत देसाई और जी साथियान ने राउंड ऑफ़ 32 के संघर्षपूर्ण मुकाबले में इंडोनेशिया के मुहम्मद नेगारा और अफ्फान प्रतामा को 3-2 (11-4 11-7 7-11 8-11 11-6) से हराया लेकिन अगले दौर में उन्हें जापान के सोरा मात्सुशिमा और शुनसुके तोगामी से 0-3 (5-11, 9-11, 9-11) से हार का सामना करना पड़ा। शाह और ठक्कर राउंड ऑफ 32 में जापान के टोमोकाज़ु हारिमोटो और हिरोटो शिनोज़ुका से 1-3 (7-11 9-11 11-7 6-11) से हार गए। श्रीजा और सिंड्रेला दास महिला युगल के प्री-क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़ पाई। उन्हें चीन की कुआई मान और वांग मान्यु से 0-3 (6-11 7-11 7-11) से हार का सामना करना पड़ा। यशस्विनी और चिताले भी इसी चरण में चीन की फैन शुहान और चेन यी से 0-3 (7-11 5-11 8-11) से हार गई। यशस्विनी का मिश्रित युगल अभियान भी क्वार्टर फाइनल से पहले ही समाप्त हो गया, जहां उनकी और हरमीत की जोड़ी चीन की लिन शिदोंग और कुआई मान से 0-3 (5-11 10-12 9-11) से हार गईं।
Asian Games टेबल टेनिस: Diya Chitale और Manush Shah ने सेमीफाइनल में पहुंचकर पक्का किया पदक
(भरत शर्मा)नयी दिल्ली, 24 सितंबर विश्व रैंकिंग में आठवें नंबर पर काबिज जोड़ी दीया चिताले और मानुष शाह को हाल के खराब प्रदर्शन के कारण एशियाई खेलों की टेबल टेनिस प्रतियोगिता में पदक का दावेदार नहीं माना जा रहा था लेकिन उन्होंने मिश्रित युगल के सेमीफाइनल में जगह बनाकर पदक पक्का करके अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया। यही नहीं एशियाई खेलों से पहले उन्हें भावनात्मक चोट भी पहुंची क्योंकि दीया की निजी कोच पीटर एंगेल का जर्मनी में असमय निधन हो गया। तब यह खिलाड़ी एशियाई खेलों के लिए नागोया पहुंची थीं। पूर्व भारतीय कोच रह चुकीं एंगेल ने 2015 में दीया को अपने संरक्षण में लिया और जर्मनी में कोचिंग देते हुए उनके खेल में काफी सुधार किया। दीया के पिता पराग चिताले का कहना है कि भारतीय मिश्रित युगल जोड़ी का यह प्रतिष्ठित पदक एंगेल को सच्ची श्रद्धांजलि है जो टेबल टेनिस की दुनिया में काफी लोकप्रिय थी। पेशे से शिक्षक पराग ने कहा, ‘‘ हम उसे पीटर की मौत के बारे में नहीं बता सके, यह घटना 10 दिन पहले हुई थी। जापान पहुंचने के बाद ही उसे टीम से पता चला। वह पीटर के बहुत करीब थी। पीटर के निधन और उनके हालिया प्रदर्शन को देखते हुए मुझे बहुत गर्व है कि उसने और मानुष ने पदक पक्का कर लिया।’’जहां मानुष और दीया ने साल के शुरू में दो डब्ल्यूटीटी खिताब जीते, वहीं जून के बाद से उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। ऐसे में चीन, जापान और दक्षिण कोरिया की मौजूदगी के बावजूद पदक हासिल करना बड़ी उपलब्धि है। जापान में पदक की सबसे बड़ी उम्मीद विश्व की नंबर तीन पुरुष युगल जोड़ी मानुष और मानव ठक्कर से थी, लेकिन कठिन ड्रॉ के कारण वे केवल दूसरे दौर तक ही पहुंच सके। मानुष और दीया की जोड़ी बाएं हाथ से दाएं हाथ से खेलने में माहिर है। बाएं हाथ से खेलने वाले मानुष दोनों तरफ से अपनी ताकत का इस्तेमाल करते हैं और दीया का मुख्य काम अपने साथी के लिए विजयी शॉट बनाने में मदद करना है। मानुष ने क्रिकेट के जरिए खेल जगत में कदम रखा, लेकिन नौ साल की उम्र में लगी चोट ने उन्हें रैकेट वाले खेल की ओर मोड़ दिया। उनके पिता उत्पल शाह स्वयं टेबल टेनिस खेलते थे, इसलिए इस खेल में में उनका प्रवेश काफी सहज रहा। उत्पल शाह ने कहा, ‘‘शुरुआत में वह क्रिकेट खेलता था, लेकिन चोट के बाद मुझे टेबल टेनिस खेलते देखकर उसने टेबल टेनिस खेलना शुरू कर दिया। हमें बेहद गर्व है कि मानुष और दीया ने देश के लिए पदक जीता है।
गुलवीर सिंह ने एशियाई खेलों में 10000 मीटर का रजत पदक जीता, भारत को मिला 9वां सिल्वर
भारत के गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में 28:29.38 के समय के साथ रजत पदक जीता। वह बहरीन के बिरहानु बालेव और अल्बर्ट किप्टू के बीच रहे।
एशियाई खेल: निशानेबाजी में भारत को मिला पहला Gold, गुलवीर सिंह ने 10000 मीटर में जीता रजत
सुरूचि सिंह और कमलजीत ने निशानेबाजी में स्वर्ण का लंबा इंतजार खत्म किया जबकि लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने 10000 मीटर में रजत पदक जीता लेकिन सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी के बैडमिंटन पुरूष युगल स्पर्धा के पहले दौर से ही बाहर होने से एशियाई खेलों में शुक्रवार को भारत को झटका लगा। कमलजीत और सुरुचि सिंह ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद जोरदार वापसी करते हुए 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत को पहला निशानेबाजी स्वर्ण पदक दिलाया। वहीं पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन टीम ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रांक्ष पाटिल और नीरज कुमार ने 1762 अंक के साथ रजत पदक जीता। कमलजीत और सुरुचि ने फाइनल में कुल 484.6 अंक हासिल किए। यह स्वर्ण ऐसे समय में मिला जब 10 मीटर एयर राइफल में पीला तमगा हाथ नहीं लगा और 10 मीटर एयर पिस्टल में व्यक्तिगत, पुरूष और महिला टीम वर्ग में झोली खाली रही। वहीं राइफल स्पर्धा में भारतीय तिकड़ी प्रतियोगिता में काफी समय चीन से आगे चल रही थी, लेकिन अंततः दूसरे स्थान पर रही। भारत ने कुल 1762 अंक बनाये जबकि चीन ने 1766 अंक हासिल किये। ट्रैक और फील्ड में गुलवीर सिंह ने एशियाई खेलों के अपने कांस्य को रजत में बदला और पुरूषों की 10000 मीटर दौड़ में 28 मिनट 29.38 सेकंड का समय निकालकर दूसरे स्थान पर रहे। हांगझोउ में पिछले एशियाई खेलों में कांस्य जीतने वाले गुलवीर बहरीन के बिरहानु बालेयू से पीछे रहे जिन्होंने 28 मिनट 27 . 51 सेकंड में स्वर्ण पदक जीता। शॉटपुट में मनप्रीत कौर और मिश्रित टेबल टेनिस टीम स्पर्धा में दीया चितले और मानुष शाह के कांस्य के साथ भारत के कुल 22 पदक हो गए हैं। मनप्रीत ने 17 . 17 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य जीता जो 2023 के बाद उनका पहला अंतरराष्ट्रीय पदक है। महिला हॉकी टीम ने जापान को 3 . 1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह लगभग पक्की कर ली। बैडमिंटन कोर्ट पर गत चैंपियन सात्विक और चिराग की जोड़ी की पहले दौर में हार चौंकाने वाली रही। मिश्रित युगल में तनिशा क्रास्टो और ध्रुव कपिला ने लगातार दो जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। पूर्व विश्व नंबर एक सात्विक और चिराग ने पहला गेम 21-12 से जीतकर अच्छी शुरुआत की, लेकिन थाईलैंड के पक्कापोन तीरारत्साकुल और पीराचाई सुकफुन ने वापसी करते हुए दूसरा गेम 21-19 से जीत लिया। थाईलैंड की जोड़ी ने निर्णायक गेम 21-14 से जीतकर एक घंटे आठ मिनट में भारतीय जोड़ी को बाहर कर दिया। महिला युगल में त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद को हांगकांग की हियू यान सांग और लोक लोक लुई को तीन गेम तक चले मुकाबले में 21-16 16-21 21-16 से हराने में मशक्कत करनी पड़ी। तनिशा और ध्रुव ने पहले दौर में मालदीव की निबाल अहमद और अमिनाथ नबीहा अब्दुल रज्जाक को 21-8, 21-7 से हराया। इसके बाद उन्होंने मलेशिया की शेवन जेनी लाई और सून हुआट गोह की जोड़ी को एक घंटे चले कड़े मुकाबले में 22-20, 24-22 से हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई। क्वार्टर फाइनल में उनका सामना चीन की यान झे फेंग और डोंगपिंग हुआंग की जोड़ी से होगा। इससे पहले महिला एकल में उन्नति हुड्डा ने भी दूसरे दौर में प्रवेश किया। उन्होंने उत्तर कोरिया की मी सोंग यू को 30 मिनट में 21-9, 21-10 से हराया। भारतीय स्क्वॉश खिलाड़ियों ने तीन पदक पक्के कर लिए। जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार ने मिश्रित युगल के सेमीफाइनल में जगह बनाई, जबकि अनाहत सिंह और अभय सिंह ने एकल स्पर्धाओं के अंतिम चार में प्रवेश किया। रिकॉर्ड सातवें एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहीं 40 वर्षीय जोशना और पहली बार इन खेलों में भाग ले रहे सेंथिलकुमार ने क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो की जोड़ी को 11-3, 11-5 से हराया। महिला एकल में जूनियर विश्व चैंपियन अनाहत सिंह ने क्वार्टर फाइनल में हमवतन तन्वी खन्ना को 11-2, 11-5, 11-3 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। अनाहत की नजर अब 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में जगह बनाने पर भी है। भारत की पुरुष और महिला कबड्डी टीम ने अपना प्रभावशाली प्रदर्शन जारी रखते हुए फाइनल में जगह बनाकर अपना स्वर्ण पदक बरकरार रखने की तरफ मजबूत कदम बढ़ाए। भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीम शनिवार को होने वाले फाइनल में ईरान से भिड़ेंगी। मौजूदा चैंपियन भारतीय महिला टीम ने नेपाल पर 48-24 से जीत हासिल की। वहीं मौजूदा चैम्पियन पुरूष टीम ने सेमीफाइनल में थाईलैंड के खिलाफ 66-28 से जीत दर्ज करके नौवां स्वर्ण पदक जीतने की अपनी उम्मीदें प्रबल कर ली। तैराकी में निराशाजनक प्रदर्शन जारी रहा जब अनुभवी साजन प्रकाश पुरुषों की 200 मीटर बटरफ्लाई फाइनल में निराशाजनक सातवें स्थान पर रहे जबकि ऋषभ दास और उत्कर्ष पाटिल ने पुरुषों की 200 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धाओं में क्रमशः छठा और सातवां स्थान हासिल किया जिससे भारत को तरणताल से कोई पदक नहीं मिला। मुक्केबाजी में भारत के सचिन सिवाच ने जॉर्डन के मोहम्मद अदनान अबू जाजेह पर कड़े मुकाबले में जीत हासिल करके पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। लेकिन पिछले सत्र की कांस्य पदक विजेता प्रीति पवार का सफर खत्म हो गया। तलवारबाजी में पुरुषों की फॉइल और महिलाओं की ईपी दोनों टीमें राउंड ऑफ 16 में ही बाहर हो गईं। पुरुषों की फॉइल टीम को हांगकांग से 27-45 से हार का सामना करना पड़ा, जबकि महिलाओं की ईपी टीम उज्बेकिस्तान से 29-45 से हार गई।
Asian Games में Seema ने 10,000 मीटर में जीता Bronze Medal, मां को बताए बिना पहुंची थीं जापान
इतिहास रचने वाली लंबी दूरी की धाविका सीमा नहीं चाहती थीं कि जब वह एशियाई खेलों के लिए जापान जाएं तो उनकी उम्रदराज मां उनकी चिंता करें कि वह कहां हैं, इसलिए उन्होंने एक सरल समाधान निकाला और वह उन्हें बिना बताए ही नागोया पहुंच गईं। सीमा ने अपने करियर के सबसे बड़े टूर्नामेंट के बारे में अपनी मां को नहीं बताया लेकिन महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में 32:50.05 सेकेंड के समय से अप्रत्याशित कांस्य पदक जीतने वाली इस एथलीट का कहना है कि उनकी मां बहुत चिंता करती हैं और जब भी वह यात्रा करती हैं तो बहुत चिंतित हो जाती हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से सीमा लंबे ट्रेनिंग सत्रों के लिए बेंगलुरु में रहती हैं तो उनकी मां को यही पता था कि वह वहीं हैं और सीमा ने नागोया जाते समय उन्हें यही मानने दिया। सीमा ने पदक जीतने के बाद कहा, ‘‘मेरे पिता नहीं हैं। मेरी मां काफी बुजुर्ग हैं, लगभग 78 साल की। मेरा जन्म बहुत देर से हुआ था, जब वह 45 साल की थीं। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेल: निशानेबाजी में भारत को मिला पहला Gold, गुलवीर सिंह ने 10000 मीटर में जीता रजत जब भी मैं बाहर जाती हूं तो वह बहुत तनाव में आ जाती हैं। इसलिए, मैंने उन्हें नहीं बताया कि मैं एशियाई खेलों के लिए जापान जा रही हूं। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन जब भी उन्हें पता चलेगा, वह एक दिन तक सो नहीं पाएंगी। इसे भी पढ़ें: Asian Games में भारत ने 4x400M Mixed Relay में रजत और 10,000M में सीमा ने कांस्य जीता उन्हें उच्च रक्तचाप की समस्या है इसलिए जब भी मैं ट्रेनिंग शिविर या प्रतियोगिताओं के लिए जाती हूं, मैं उन्हें ज्यादा नहीं बताती। मैं केवल अपनी बहन को बताती हूं। ’’ सीमा ने अपनी बड़ी बहन को जानकारी दी थी और अब पदक जीतने के बाद उन्होंने शायद यह खबर फैला दी होगी। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के रेटा गांव की रहने वाली 25 वर्षीय सीमा बृहस्पतिवार को महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में पदक जीतने वाली केवल तीसरी भारतीय बनीं। इससे पहले प्रीजा श्रीधरन और कविता राउत ने 2010 के एशियाई खेलों में क्रमशः स्वर्ण और रजत जीता था। यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी मां अब जानती हैं कि वह कहां हैं तो सीमा ने कहा, ‘‘उन्हें (मां को) अब तक मेरी बहन से पता चल गया होगा, वह मुझे टेलीविजन पर देख रही होंगी। इसे भी पढ़ें: Asian Games: भारत ने Mixed 4x400m Relay में जीता Silver Medal ’’ उन्होंने कहा, ‘‘नहीं तो वह (मां) यही सोच रही होंगी कि मैं इस समय बेंगलुरु (साइ सेंटर) में हूं। ’’ सीमा ने कहा, ‘‘मेरी एक बड़ी बहन है। वह लगभग 45 साल की हैं। हम परिवार में छह (सदस्य) हैं। मैं सबसे छोटी हूं। ’’ सीमा जब 12 साल की थी, उनके पिता का निधन हो गया था और उन्होंने अपना सारा बचपन नंगे पैर मवेशी चराते हुए बिताया। उसकी मां ने एथलेटिक्स अपनाने में उसका साथ दिया, भले ही गांव वाले इसे नापसंद करते थे। उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरे पहले एशियाई खेल हैं। मुझे गर्व है कि मैंने कांस्य पदक जीता और मैंने अपना सपना साकार कर लिया है।
Asian Games Men Hockey: सेमीफाइनल में प्रवेश पक्का करने जापान से भिड़ेगी भारतीय टीम
शानदार फॉर्म में चल रही मौजूदा चैंपियन भारतीय पुरुष हॉकी टीम शनिवार को एशियाई खेलों के पूल ए में मेजबान जापान के खिलाफ जीत दर्ज करके अपना अजेय अभियान जारी रखते हुए सेमीफाइनल में जगह पक्की करने की कोशिश करेगी। हाल ही में एफआईएच विश्व कप में आठवें स्थान पर रहने वाली भारतीय टीम ने सही समय पर अपनी लय हासिल कर ली है और तीन मैचों में तीन जीत दर्ज कर नौ अंकों के साथ बेहतर गोल अंतर के कारण जापान से आगे अपने ग्रुप में शीर्ष पर है। भारत ने अपने शुरुआती तीन मैचों में इंडोनेशिया को 13-1, श्रीलंका को 16-1 और दक्षिण कोरिया को 8-2 से हराया था। भारत 28 सितंबर को बांग्लादेश के खिलाफ पूल चरण का अपना अंतिम मैच खेलेगा जिसमें उसकी जीत तय मानी जा रही है। जापान भी तीन मैचों में तीन जीत के साथ अजेय है, लेकिन उसका गोल अंतर खराब है जिससे शनिवार का मुकाबला पूल में शीर्ष स्थान के लिए निर्णायक साबित होगा। दिलप्रीत सिंह शानदार फॉर्म में हैं और उन्होंने अब तक सर्वाधिक नौ गोल किए हैं। इसे भी पढ़ें: Asian Games: भारत ने Mixed 4x400m Relay में जीता Silver Medal उनके साथी फॉरवर्ड अभिषेक ने भी छह गोल करके अपने कौशल का अच्छा नमूना पेश किया है। ड्रैगफ्लिकर जुगराज सिंह ने पांच गोल किए हैं। उन्होंने तीन गोल पेनल्टी कॉर्नर से और दो पेनल्टी स्ट्रोक पर किए हैं। इसे भी पढ़ें: Asian Games 2026: Team India ने शुरू की तैयारी, BCCI ने शेयर किया इनडोर नेट्स सेशन भारतीय फॉरवर्ड लाइन बेहतरीन फॉर्म में नजर आ रही है, जिसमें सुखजीत (चार गोल), शिलाानंद लाकड़ा (तीन), राजिंदर सिंह (दो) और अनुभवी मनदीप सिंह (दो) भी अपनी तरफ से भरपूर योगदान दे रहे हैं। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने भी तीन मैचों में चार पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन इस विभाग में काफी सुधार की जरूरत है क्योंकि उन्होंने शुरुआती तीन मैचों में कई मौके गंवाए। भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन के लिए पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने की दर अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है और प्रतियोगिता के अंतिम चरण में किसी भी तरह की चूक भारी पड़ सकती है। फुल्टन ने कहा, ‘‘हम एक समय में एक ही मैच पर ध्यान दे रहे हैं। हमारी अपनी एक प्रक्रिया है जिसे हमें समझना होगा। मुझे लगता है कि हमारी टीम सही रास्ते पर आगे बढ़ रही है। हमारा पूरा ध्यान इस पर है कि हमें क्या करना है, हमें सुधार करना है और जितना संभव हो उतने गोल करने की कोशिश करनी है।
Asian Games Shot Put: भारत की Manpreet Kaur ने 17.17 मीटर थ्रो से जीता कांस्य पदक
भारत की मनप्रीत कौर ने एशियाई खेलों में महिलाओं की शॉटपुट स्पर्धा में 17 . 17 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। स्वर्ण पदक चीन की सोंग जियायुआन (19.40 मीटर) और रजत झांग लिनरू (18.14मीटर) ने जीता। 36 वर्ष की मनप्रीत का पिछला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2023 एशियाई चैम्पियनशिप में कांस्य था। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेल: निशानेबाजी में भारत को मिला पहला Gold, गुलवीर सिंह ने 10000 मीटर में जीता रजत उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 18 . 06 मीटर है जो उन्होंने 2022 में किया था। वह हांगझोउ में 2023 एशियाई खेलों में पांचवें स्थान पर रही थी और ग्लास्गो में पिछले महीने राष्ट्रमंडल खेलों में 17 . 49 मीटर के प्रयास के साथ चौथे स्थान पर थी। उन्होंने इस साल राष्ट्रीय अंतर प्रांत चैम्पियनशिप जीतकर एशियाई खेलों के लिये क्वालीफाई किया था।
Asian Games: Kamaljeet और Suruchi की जोड़ी ने शूटिंग में जीता Gold, कोरिया को दी मात
भारतीय निशानेबाजी टीम में समय सीमा से 48 घंटे पहले हुआ बदलाव ‘मास्टर स्ट्रोक’ साबित हुआ जब केदारलिंग उचागांवे के खराब फॉर्म के कारण 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में उतारे गए कमलजीत ने सुरूचि इंदर सिंह के साथ स्वर्ण पदक जीतकर एशियाई खेलों की निशानेबाजी रेंज पर पीले तमगे के लिये इंतजार खत्म किया। इस जोड़ी ने 484 . 6 अंक लेकर कोरिया को हराया और इन एशियाई खेलों में भारत को निशानेबाजी का पहला स्वर्ण दिलाया। भारतीय टीम में बदलाव की समय सीमा समाप्त होने से ठीक पहले यह फैसला किया गया था कि केदारलिंग की जगह सुरूचि के साथ कमलजीत उतरेंगे। सेना निशानेबाजी इकाई के केदारलिंग ने घरेलू ट्रायल और राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में अच्छे प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में जगह बनाई थी लेकिन चयन के बाद उनका फॉर्म खराब होने से चयनकर्ताओं को पुनर्विचार करना पड़ा। एक सीनियर कोच ने पीटीआई को बताया कि केदारलिंग के खराब फॉर्म के कारण बदलाव का फैसला एनआरएआई चयन समिति, अध्यक्ष , महासचिव और भारतीय खेल प्राधिकरण से सहमति के बाद लिया गया। यह स्वर्ण ऐसे समय में मिला जब दो ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर और ऐशा सिंह समेत भारतीय निशानेबाज अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेल: निशानेबाजी में भारत को मिला पहला Gold, गुलवीर सिंह ने 10000 मीटर में जीता रजत केदारलिंग पुरूषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में 35वें स्थान पर रहे।
जापान के आईची-नागोया में खेले जा रहे एशियाई खेल 2026 में भारतीय प्रशंसकों को उस वक्त गहरा झटका लगा जब बैडमिंटन में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी शुरुआती दौर में ही बाहर हो गई। डिफेंडिंग चैंपियन और दुनिया की नंबर-5 पुरुष डबल्स जोड़ी का इस तरह बाहर होना भारत के लिए एक बड़ा झटका है। इस करारी हार ने हांगझोऊ एशियाई खेलों (2022/23) में भारत द्वारा जीते गए रिकॉर्ड 28 गोल्ड मेडल के आंकड़े को दोहराने या उससे आगे निकलने की उम्मीदों को करारा झटका दिया है। डिफेंडिंग चैंपियन और दुनिया की नंबर 5 पुरुष डबल्स जोड़ी को शुक्रवार को शुरुआती दौर में ही बड़ा झटका लगा। वे थाईलैंड की दुनिया की नंबर 36 जोड़ी - पक्कापोन टीरारातसाकुल और पीराचाई सुखफुन - से एक घंटे से कुछ ज़्यादा समय में 21-12, 19-21, 14-21 से हार गए। यह हार इसलिए भी ज़्यादा चौंकाने वाली थी क्योंकि इससे पहले उनका प्रदर्शन शानदार रहा था। सात्विक और चिराग ने पुरुष टीम इवेंट में बेहतरीन खेल दिखाया था और इस हफ़्ते की शुरुआत में चीन के खिलाफ़ भारत के सेमीफ़ाइनल मैच में मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन लियांग वेई केंग और वांग चांग को 21-11, 22-20 से हराया था। उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप के क्वार्टर-फ़ाइनल से बाहर होने के बाद ज़बरदस्त वापसी करते हुए चाइना मास्टर्स भी जीता था। इस साल की शुरुआत में कंधे की चोट के कारण कुछ महीनों तक बाहर रहने के बाद उनके प्रदर्शन पर सबकी नज़रें टिकी थीं। एशियाई खेल 2026: मेडल टेबल इसे भी पढ़ें: Asian Games Canoeing में भारत पदक से चूका, Kayak Teams फाइनल में पिछड़ीं इसके उलट, हांगझोऊ में भारत के लिए एशियाई खेलों का पहला पुरुष डबल्स बैडमिंटन गोल्ड मेडल जीतने वाली यह जोड़ी अब बिना किसी मेडल के बाहर हो गई है। थाई जोड़ी ने तेज़ गति और नेट पर बेहतरीन कंट्रोल के साथ खेला। उन्होंने रैलियों को फ़्लैट रखा और भारतीय खिलाड़ियों को वह लंबाई (लेंथ) नहीं दी जिसकी उन्हें अपने ट्रेडमार्क स्मैश लगाने के लिए ज़रूरत थी। सात्विक और चिराग गलतियाँ करने पर मजबूर हो गए और निर्णायक गेम में लय खोने के बाद उनके पास कोई जवाब नहीं था। थाई जोड़ी के साथ तीन मुकाबलों में यह उनकी पहली हार थी, और तीनों ही मुकाबले निर्णायक गेम तक गए थे। यह चौंकाने वाली हार भारत के लिए हांगझोऊ में जीते गए कुछ गोल्ड मेडल को बचाने में आ रही मुश्किलों का ताज़ा और शायद सबसे बड़ा उदाहरण है। पिछले खेलों में भारत कुल 107 मेडल (जिनमें 28 गोल्ड मेडल शामिल थे) के साथ चौथे स्थान पर रहा था। आइची-नागोया में, भारत कई ऐसे खिताब गंवा चुका है जिन्हें उसने पहले जीता था; इनमें से कुछ हार उन इवेंट्स में मिलीं जिनमें भारत जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। अन्य गोल्ड मेडल जो हाथ से निकल गए घुड़सवारी, ड्रेसेज टीम: हांगझोऊ में गोल्ड जीतने वाली भारतीय टीम आइची-नागोया में चौथे स्थान पर रही। 2022 में गोल्ड जीतने वाली चार सदस्यीय टीम में से केवल हृदय छेदा ही इस बार टीम का हिस्सा थे; श्रुति वोरा, गौरव पुंडीर और जय सूद ने नई टीम को पूरा किया। इसे भी पढ़ें: Asian Games Squash: जोशना, अनाहत और अभय सेमीफाइनल में पहुंचे, भारत के 3 मेडल पक्के शूटिंग, महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल व्यक्तिगत स्पर्धा: हांगझोऊ में पलक गुलिया और ईशा सिंह ने भारत के लिए गोल्ड और सिल्वर मेडल जीते थे। आइची-नागोया में कोई मेडल नहीं मिला और मनु भाकर पांचवें स्थान पर रहीं। शूटिंग, महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल टीम: पिछली बार की चैंपियन टीम चौथे स्थान पर रही; वियतनाम के साथ 1719 अंकों पर बराबरी हुई, लेकिन 'इनर-10' (सटीक निशाने) के आधार पर ब्रॉन्ज मेडल हाथ से निकल गया। शूटिंग, पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल टीम: भारत गोल्ड से चौथे स्थान पर खिसक गया; कमलजीत, केदारलिंग बालकृष्ण उचागनवे और आकाश भारद्वाज फाइनल के लिए भी क्वालीफाई नहीं कर पाए। शूटिंग, पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम: भारत ने अपना खिताब गंवा दिया लेकिन पोडियम पर जगह बनाए रखी; हांगझोऊ में गोल्ड जीतने के बाद इस बार चीन के पीछे रहते हुए सिल्वर मेडल जीता। इसे भी पढ़ें: Asian Games Boxing: सचिन सिवाच 60 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में पहुंचे एथलेटिक्स, महिलाओं की जैवलिन थ्रो: हांगझोऊ चैंपियन अन्नू रानी क्वालीफाइंग मानक पूरा न कर पाने के कारण टीम में जगह नहीं बना सकीं और आइची-नागोया में हिस्सा नहीं ले रही हैं। इस इवेंट में कोई भी भारतीय खिलाड़ी शामिल नहीं है। एथलेटिक्स, पुरुषों की जैवलिन थ्रो: मौजूदा चैंपियन नीरज चोपड़ा भी इस बार नहीं खेल रहे हैं क्योंकि टखने की लिगामेंट चोट के कारण उनका 2026 का सीजन खत्म हो गया है। इस इवेंट में भारत की ओर से रोहित यादव और यशवीर सिंह हिस्सा ले रहे हैं, लेकिन गोल्ड मेडल भारत के हाथ से निकल सकता है। आइची-नागोया में भारत के गोल्ड मेडल की संख्या अभी केवल दो है; महिला क्रिकेट टीम और सुरुचि सिंह-कमलजीत की मिक्स्ड-टीम शूटिंग जोड़ी ने अब तक ये खिताब दिलाए हैं। कई बड़े टाइटल बचाने की चुनौतियां अभी भी बाकी हैं, जिनमें पुरुषों का क्रिकेट और पुरुषों व महिलाओं की कबड्डी शामिल हैं, इसलिए फाइनल टैली अभी तय नहीं हुई है। कई ट्रैक और फील्ड एथलीट हैं जो अच्छी फॉर्म के साथ एशियाई खेलों में उतरे हैं और चौंकाने वाले नतीजे दे सकते हैं। लेकिन शुरुआती संकेत ऐसे हैं जिन्हें नज़रअंदाज़ करना मुश्किल है। भारत जापान में हांगझू में जीते गए 28 गोल्ड मेडल की कामयाबी को आगे बढ़ाने के इरादे से पहुंचा था। कुछ जाने-माने चैंपियन पहले ही हार चुके हैं, और सात्विक व चिराग की सबसे चौंकाने वाली हार के बाद, उतने ही गोल्ड मेडल जीतने का रास्ता काफी मुश्किल हो गया है।
Asian Games Canoeing में भारत पदक से चूका, Kayak Teams फाइनल में पिछड़ीं
भारत का एशियाई खेलों में कैनोइंग प्रतियोगिता में शुक्रवार को प्रदर्शन निराशाजनक रहा तथा उसके खिलाड़ी पिछले खेलों का प्रदर्शन नहीं दोहरा पाए और पदक से चूक गए। पुरुषों की कयाक फोर टीम फाइनल ए के लिए क्वालीफाई तो कर गई लेकिन सातवें स्थान पर रही। पुरुषों की कयाक डबल टीम फाइनल बी में तीसरे स्थान पर रही। महिलाओं की कैनोइंग डबल टीम फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई। भारत शनिवार को कैनोइंग प्रतियोगिता में दो और स्पर्धाओं भाग लेगा, लेकिन दोनों में ही पदक जीतने की संभावना कम है। हांगझोऊ एशियाई खेलों में भारत ने पुरुषों की 1000 मीटर डोंगी स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था, जिसमें अर्जुन सिंह और सुनील सिंह तीसरे स्थान पर रहे थे। एशियाई खेलों के मौजूदा कार्यक्रम से इस स्पर्धा को हटा दिया गया है, जो भारत के लिए बड़ा झटका था। पुरुषों की कयाक डबल 500 मीटर में पुरोहित बरोई और प्रसन्ना कुमार चेम्पाडियिल सत्यप्रकाश की जोड़ी ने सेमीफाइनल एक में 1:40.308 के समय के साथ पांचवां स्थान हासिल किया। पदक की दौड़ से बाहर होने के बाद उन्होंने फाइनल बी में 1:40.411 के समय में चार जोड़ियों में तीसरा स्थान हासिल किया। महिलाओं की 500 मीटर कैनोइंग डबल स्पर्धा में मेघा प्रदीप और नेहा देवी लीचोनबम ने सेमीफाइनल एक में पांच जोड़ियों में चौथा स्थान हासिल किया। उन्होंने 2:08.306 का समय निकाला और फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाईं। धनमंजुरी देवी ख्वैराकपम, पूजा, सोनिया देवी फैरेम्बम और पार्वती गीता की महिला कयाक टीम ने फाइनल ए में 1:45.670 का समय निकालकर आठवां और अंतिम स्थान हासिल किया। भारत को पुरुषों की कयाक चार 500 मीटर में लैटोनजम नाओचा सिंह, वरिंदर सिंह, ओइनम अरुण सिंह और हर्षवर्द्धन सिंह शक्तावत से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी लेकिन नौ टीम के फाइनल ए में उन्होंने 1:28.982 के समय के साथ सातवां स्थान हासिल किया।
Asian Games 2026: नेपाल ने अफगानिस्तान को 16 गेंद पहले 5 विकेट से हराया
एशियन गेम्स 2026 में शुक्रवार को कोरोगी स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए ग्रुप ए के मुकाबले में नेपाल क्रिकेट टीम ने अफगानिस्तान को 5 विकेट से हरा दिया है। अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। टीम की शुरुआत खराब रही और टॉप-3 बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। पारी की शुरुआत करने आए मोहम्मद अकरम 2 रन और हसन ईसाखिल बिना खाता खोले आउट हो गए। करीम जन्नत 9 रन बनाकर आउट हो गए। चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए फैसल शिलोजादा और पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए नजबुल्ला जादरान ने टीम को संभाला। दोनों ने 30-30 रन की पारी खेली और टीम को 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 102 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। आठवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए नांगेयालिया खरोटी ने भी नाबाद 17 रन बनाए। नेपाल की तरफ से ललित राजवंशी ने 3 और कुशाल भुर्टेल ने 4 विकेट लिए। 103 रन का लक्ष्य हासिल करने उतरी नेपाल की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। टीम ने 12 के स्कोर पर 2 और 31 के स्कोर पर 3 विकेट गंवा दिए थे। लेकिन संदीप जोरा के 35 गेंदों पर बनाए 34 रन और पूर्व कप्तान रोहित पौडेल के 32 गेंदों पर बनाए नाबाद 33 रनों की बदौलत टीम ने 17.2 ओवर में 5 विकेट पर 103 रन बनाकर मैच 5 विकेट से जीत लिया। कप्तान दीपेंद्र सिंह ऐरी ने भी 15 रन बनाए। नेपाल की तरफ से ललित राजवंशी ने 3 और कुशाल भुर्टेल ने 4 विकेट लिए। Also Read: LIVE Cricket Score नेपाल और अफगानिस्तान के बीच यह पांचवां टी20 मैच था। पांच मैचों में नेपाल की यह दूसरी जीत थी। नेपाल ने अफगानिस्तान को पहली बार 2014 में चटगांव में हराया था। Article Source: IANS
Asian Games Squash: जोशना, अनाहत और अभय सेमीफाइनल में पहुंचे, भारत के 3 मेडल पक्के
भारतीय स्क्वॉश खिलाड़ियों ने शुक्रवार को एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन पदक पक्के कर लिए। जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार ने मिश्रित युगल के सेमीफाइनल में जगह बनाई, जबकि अनाहत सिंह और अभय सिंह ने एकल स्पर्धाओं के अंतिम चार में प्रवेश किया। रिकॉर्ड सातवें एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहीं 40 वर्षीय जोशना और पहली बार इन खेलों में भाग ले रहे सेंथिलकुमार ने क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो की जोड़ी को 11-3, 11-5 से हराया। महिला एकल में जूनियर विश्व चैंपियन अनाहत सिंह ने क्वार्टर फाइनल में हमवतन तन्वी खन्ना को 11-2, 11-5, 11-3 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। अनाहत की नजर अब 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में जगह बनाने पर भी है। पुरुष एकल में अभय सिंह ने स्थानीय खिलाड़ी रयोनोसुके त्सुकुए को 11-4, 11-3, 11-6 से हराया। सेमीफाइनल में उनका सामना पाकिस्तान के इरफान मुहम्मद से होगा। इरफान ने भारत के वीर चोटरानी को 41 मिनट में 6-11, 11-8, 11-3, 11-3 से हराया। एशियाई खेलों में पुरुष और महिला एकल के स्वर्ण पदक विजेता 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करेंगे, जहां स्क्वॉश पहली बार ओलंपिक खेलों का हिस्सा होगा। जोशना और सेंथिलकुमार की जोड़ी ने आधे घंटे से भी कम समय में जीत दर्ज की। भारतीय जोड़ी के सामने अब शनिवार को सेमीफाइनल में हांगकांग की यो का ली और मिंग हांग टैंग की चुनौती होगी। यह जोशना का एशियाई खेलों में छठा पदक होगा। वह इससे पहले दो रजत और तीन कांस्य पदक जीत चुकी हैं। उन्होंने 2018 में एकल में कांस्य, 2014 और 2018 में टीम स्पर्धा में रजत तथा 2010 और 2022 में टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीते थे। जोशना ने 2002 के बुसान एशियाई खेलों से लगातार सातवीं बार इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर भारतीय स्क्वॉश खिलाड़ी सौरव घोषाल का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। घोषाल ने पिछले साल संन्यास लेने से पहले छह एशियाई खेलों में हिस्सा लिया था। नागोया के किंजो फुतो परिसर में खेले गए क्वार्टर फाइनल में भारतीय जोड़ी ने शुरू से ही दबदबा बनाए रखा। जोशना और 28 वर्षीय सेंथिलकुमार दोनों तमिलनाडु से हैं और दोनों ने एक-दूसरे का बेहतरीन साथ दिया। भारतीय जोड़ी ने पहला गेम महज नौ मिनट में 11-3 से जीत लिया। दूसरे गेम में फिलीपींस की जोड़ी ने वापसी की कोशिश की, लेकिन जोशना और सेंथिलकुमार ने अपना स्तर बढ़ाते हुए इसे 11-5 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। मैच के बाद जोशना ने पीटीआई से कहा, ‘‘अपने देश के लिए पदक जीतना हमेशा बहुत खास होता है और यही मेरे पूरे करियर में मेरी प्रेरणा रही है।’’ एशियाई खेलों की तैयारियों के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘मैं काफी हद तक विदेश में प्रशिक्षण लेती हूं। एशियाई खेलों से पहले भी मैं अमेरिका में थी। मैं जब भी संभव होता है, विदेश में प्रशिक्षण लेने की कोशिश करती हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं चेन्नई स्थित भारतीय स्क्वॉश अकादमी में भी प्रशिक्षण लेती हूं और वहां सभी कोचों के साथ काम करती हूं। एशियाई खेलों से पहले मैंने अमेरिका में ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी डेविड पामर के साथ भी प्रशिक्षण लिया।’’ अपने पहले एशियाई खेल में हिस्सा ले रहे सेंथिलकुमार ने कहा कि उन्होंने और जोशना ने मैच से पहले बनाई गई रणनीति को पूरी तरह अमल में उतारा। उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत अच्छा मुकाबला था। हमने शुरुआत से अंत तक आक्रामक खेल दिखाया। हमने अपनी रणनीति को पूरी तरह लागू किया और हम दोनों ने वास्तव में अच्छा प्रदर्शन किया।’’ सेंथिलकुमार ने कहा, ‘‘हमने अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ पहले नहीं खेला था, इसलिए हमने उनके पिछले मुकाबलों के वीडियो देखे और उसी के आधार पर अपनी रणनीति तैयार की।
Asian Games Boxing: सचिन सिवाच 60 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में पहुंचे
भारत के सचिन सिवाच ने जॉर्डन के मोहम्मद अदनान अबू जाजेह पर कड़े मुकाबले में जीत हासिल करके एशियाई खेलों की मुक्केबाजी प्रतियोगिता के पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। सचिन को पहले दौर में बाई मिली थी। जाजेह के खिलाफ उन्होंने आक्रामक शुरुआत करते हुए कई पंच मारे। इसके बाद मुकाबला जल्द ही रणनीतिक हो गया, क्योंकि दोनों मुक्केबाज जवाबी हमले करना चाहते थे। भारतीय मुक्केबाज ने तीन अंक से पहला राउंड जीता। दूसरे राउंड में भी कमोबेश यही स्थिति बनी रही जिसमें दोनों मुक्केबाज मुक्के जड़ने के लिए इंतजार करते रहे। जाजेह ने पिछड़ने के बाद आक्रामक रवैया अपनाया लेकिन सचिन ने भी पलटवार करने में किसी तरह की कोताही नहीं बरती। राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता सचिन ने दूसरा राउंड 4-1 से जीता। जाजेह अंतिम राउंड में अधिक आक्रामक हो गए और ताबड़तोड़ मुक्के बरसाने लगे, लेकिन सचिन डटे रहे और मुक्कों का जवाब देते रहे। सचिन पर आखिर थकान हावी होती दिख रही थी। जाजेह ने इसका फायदा उठाने की पूरी कोशिश की लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने उनके प्रयासों को सफल नहीं होने दिया। सचिन अब पदक से सिर्फ एक जीत दूर हैं। वह क्वार्टरफाइनल में जापान के विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता शुनसुके कितामोतो से भिड़ेंगे। दिन में बाद में पिछले एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता प्रीति पवार महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग में अपना अभियान शुरू करेंगी।
Asian Games 2026: भारत को आज मिले एक गोल्ड और एक सिल्वर मेडल, दोनों शूटिंग में
इंटरनेट डेस्क। एशियन गेम्स में भारत के लिए आज दोहरी खुशी का दिन है। भारत ने एशियन गेम्स में शुक्रवार को 2 मिनट के अंदर 2 मेडल जीते। सुरुचि और कमलजीत की जोड़ी ने सुबह 9 बजे 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड इवेंट में गोल्ड दिलाया। इसके तुरंत बाद 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन इवेंट में भारतीय को सिल्वर मिला। जापान के नागोया में चल रहे गेम्स में भारत को दूसरा गोल्ड मिला है। इससे पहले महिला क्रिकेट टीम ने गेम्स का पहला गोल्ड मेडल दिलाया था। इसके अलावा, स्क्वॉश, कबड्डी और टेबल टेनिस जैसे खेलों में भी भारतीय खिलाड़ी मेडल पक्के कर चुके हैं। फिलहाल, मेडल टैली में भारत 2 स्वर्ण सहित 19 मेडल लेकर 12वें स्थान पर है। pc- aaj tak
Asian Games 2026: भारत को दूसरा गोल्ड, 10 मीटर एयर पिस्टल में कमलजीत-सुरुचि ने खत्म किया सूखा
10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में कमलजीत और सुरुचि ने क्वालिफिकेशन राउंड से ही अपना दबदबा कायम रखा। भारतीय जोड़ी ने 587 अंक हासिल करते हुए फाइनल में जगह बनाई।
एशियाई खेलों में Indian Women Hockey Team का दबदबा, Japan को 3-1 से हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियाई खेलों में अपना विजय अभियान जारी रखते हुए शुक्रवार को यहां मेजबान जापान को 3-1 से हराकर लगातार चौथी जीत दर्ज की और इस तरह से सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। भारत की तरफ से लालरेम्सियामी (5वें मिनट), इशिका चौधरी (30वें मिनट) और नवनीत कौर (36वें मिनट) ने गोल किए। जापान की तरफ से एकमात्र गोल शिहो कोबायाकावा ने 46वें मिनट में किया। भारत रविवार को सिंगापुर के खिलाफ पूल बी में अपना आखिरी मैच खेलेगा। भारतीय टीम ने अभी तक शानदार प्रदर्शन किया है। उसने उज्बेकिस्तान पर 19-0 की जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की। इसके बाद उसने इंडोनेशिया को 17-1 से और फिर थाईलैंड को 20-1 से हराया। जापान के खिलाफ भारतीय टीम ने लालरेम्सियामी के फील्ड गोल की बदौलत पांचवें मिनट में ही बढ़त हासिल कर ली। भारतीय टीम ने खेल पर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार हमले किए लेकिन जापान की रक्षापंक्ति ने भी अच्छा खेल दिखाया। जापान को भी मौके मिले थे लेकिन वह भारतीय रक्षापंक्ति को भेदने में असफल रहा। हालांकि, भारत पेनल्टी कॉर्नर को लेकर थोड़ा लापरवाह रहा। उसने पहले हाफ में मिले पांच पेनल्टी कॉर्नर में से केवल एक का ही फायदा उठाया। उस पर भी उसने रिबाउंड से गोल किया। पहले हाफ के आखिरी दो मिनट में भारत ने तेजी से तीन पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, जिनमें से आखिरी पेनल्टी कॉर्नर पर नवनीत कौर के शुरुआती शॉट को जापानी गोलकीपर ने बचा दिया लेकिन रिबाउंड पर इशिका ने गोल कर दिया। दूसरे हाफ में भी भारतीय टीम ने अपनी लय को बरकरार रखा और तीसरे क्वार्टर के छठे मिनट में नवनीत के गोल से अपनी बढ़त को मजबूत कर दिया। नवनीत ने शानदार स्टिकवर्क का इस्तेमाल करते हुए बेहतरीन शॉट लगाकर गोल किया। जापानी टीम को भारतीय हाफ में प्रवेश करने में काफी संघर्ष करना पड़ा और जब वे ऐसा करने में कामयाब भी हुए, तो भारतीय रक्षापंक्ति को भेदने में असफल रहे। जापान ने हालांकि चौथे क्वार्टर में अच्छा प्रदर्शन किया। इस क्वार्टर के शुरू होने के तुरंत बाद ही कोबायाकावा ने सर्कल के शीर्ष से एक शानदार शॉट लगाकर गोल किया, जिसे अनुभवी भारतीय गोलकीपर सविता रोकने में नाकाम रहीं। भारत को 50वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन उसने इस मौके को गंवा दिया। जापान को भी अंतिम हूटर बजने से चार मिनट पहले पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारत उसे बचाने में सफल रहा।
एशियाई खेलों में कमलजीत और सुरुचि की जोड़ी ने 10m Air Pistol में जीता Gold
भारतीय निशानेबाज कमलजीत और सुरुचि सिंह ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद जोरदार वापसी करते हुए शुक्रवार को एशियाई खेलों की 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में हुए स्वर्ण पदक जीता। कमलजीत और सुरुचि ने फाइनल में कुल 484.6 अंक हासिल किए। दक्षिण कोरिया की सुह्योन होंग और गाउन चू की जोड़ी 478.0 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि ईरान ने 415.8 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। भारतीय जोड़ी ने रजत पदक विजेता जोड़ी से 6.6 अंक की बढ़त बनाई। इससे पहले कमलजीत और सुरुचि ने क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल कर फाइनल में प्रवेश किया था। उन्होंने पहली सीरीज में 196 अंक, दूसरी में 195 और तीसरी में 196 अंक जुटाकर कुल 587 अंक हासिल किए, जिसमें 29 इनर-10 शामिल थे। यह 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धाओं में भारत का पदक जीतने का आखिरी मौका था। कमलजीत व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में नौवें और सुरुचि 26वें स्थान पर रही थीं और दोनों व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सकी थीं। भारत पुरुष और महिला टीम स्पर्धाओं में भी पदक से चूक गया था। फाइनल में भारतीय जोड़ी ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। पहले 10 शॉट के बाद वे 202.4 अंक के साथ शीर्ष पर थीं। सुरुचि ने पहली कोशिश में 10.4 और कमलजीत ने 9.7 अंक हासिल किए, जबकि दूसरी कोशिश में सुरुचि ने 10.2 और कमलजीत ने 9.8 अंक जुटाए। इसके बाद 101.3 अंक की अगली सीरीज के साथ भी भारतीय जोड़ी ने अपनी बढ़त बरकरार रखी।
Joshna Chinappa और सेंथिलकुमार की जोड़ी Asian Games के सेमीफाइनल में, पदक किया पक्का
... फिलेम दीपक सिंह ...नागोया, 25 सितंबर अनुभवी जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार ने शुक्रवार को एशियाई खेलों की मिश्रित युगल स्क्वॉश स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर भारत का पदक पक्का किया। रिकॉर्ड सातवें एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहीं 40 वर्षीय जोशना और अपने पहली बार इन खेलों में भाग ले रहे सेंथिलकुमार ने फिलीपींस की जोड़ी को 30 मिनट से भी कम समय में 11-3, 11-5 से हराया। भारतीय जोड़ी के सामने अब शनिवार को सेमीफाइनल में हांगकांग की यो का ली और मिंग हांग टैंग की चुनौती होगी। यह जोशना का एशियाई खेलों में छठा पदक होगा। वह इससे पहले दो रजत और तीन कांस्य पदक जीत चुकी हैं। उन्होंने 2018 में एकल में कांस्य, 2014 और 2018 में टीम स्पर्धा में रजत तथा 2010 और 2022 में टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीते थे। जोशना ने 2002 के बुसान एशियाई खेलों से लगातार सातवीं बार इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर भारतीय स्क्वॉश खिलाड़ी सौरव घोषाल का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। घोषाल ने पिछले साल संन्यास लेने से पहले छह एशियाई खेलों में हिस्सा लिया था। नागोया के किंजो फुतो परिसर में खेले गए क्वार्टर फाइनल में भारतीय जोड़ी ने शुरू से ही दबदबा बनाए रखा। जोशना और 28 वर्षीय सेंथिलकुमार दोनों तमिलनाडु से हैं और दोनों ने एक-दूसरे का बेहतरीन साथ दिया। भारतीय जोड़ी ने पहला गेम महज नौ मिनट में 11-3 से जीत लिया। दूसरे गेम में फिलीपींस की जोड़ी ने वापसी की कोशिश की, लेकिन जोशना और सेंथिलकुमार ने अपना स्तर बढ़ाते हुए दूसरा गेम 11-5 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। मैच के बाद जोशना ने पीटीआई से कहा, ‘‘अपने देश के लिए पदक जीतना हमेशा बहुत खास होता है और यही मेरे पूरे करियर में मेरी प्रेरणा रही है।’’एशियाई खेलों की तैयारियों के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘मैं काफी हद तक विदेश में प्रशिक्षण लेती हूं। एशियाई खेलों से पहले भी मैं अमेरिका में थी। मैं जब भी संभव होता है, विदेश में प्रशिक्षण लेने की कोशिश करती हूं।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं चेन्नई स्थित भारतीय स्क्वॉश अकादमी में भी प्रशिक्षण लेती हूं और वहां सभी कोचों के साथ काम करती हूं। एशियाई खेलों से पहले मैंने अमेरिका में ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी डेविड पामर के साथ भी प्रशिक्षण लिया।’’अपने पहले एशियाई खेल में हिस्सा ले रहे सेंथिलकुमार ने कहा कि उन्होंने और जोशना ने मैच से पहले बनाई गई रणनीति को पूरी तरह अमल में उतारा। उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत अच्छा मुकाबला था। हमने शुरुआत से अंत तक आक्रामक खेल दिखाया। हमने अपनी रणनीति को पूरी तरह लागू किया और हम दोनों ने वास्तव में अच्छा प्रदर्शन किया।’’सेंथिलकुमार ने कहा, ‘‘हमने अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ पहले नहीं खेला था, इसलिए हमने उनके पिछले मुकाबलों के वीडियो देखे और उसी के आधार पर अपनी रणनीति तैयार की।
एशियाई खेलों में कमलजीत और सुरुचि की जोड़ी ने जीता 10m Air Pistol Mixed Team स्वर्ण
भारतीय निशानेबाज कमलजीत और सुरुचि सिंह ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद जोरदार वापसी करते हुए शुक्रवार को एशियाई खेलों की 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में हुए स्वर्ण पदक जीता। ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रांक्ष पाटिल और नीरज कुमार की भारतीय तिकड़ी ने पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन टीम स्पर्धा में 1762 अंक के साथ रजत पदक जीता। चीन ने 1766 अंक के साथ स्वर्ण, जबकि कोरिया ने 1751 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया। तोमर ने 589 और नीरज ने 588 अंक के साथ व्यक्तिगत 3पी स्पर्धा के फाइनल में भी जगह बनाई। दोनों क्रमश: तीसरे और चौथे स्थान पर रहे। रुद्रांक्ष हालांकि व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सके क्योंकि एक देश से अधिकतम दो निशानेबाज ही व्यक्तिगत फाइनल में प्रवेश कर सकते हैं। कमलजीत और सुरुचि ने फाइनल में कुल 484.6 अंक हासिल किए। दक्षिण कोरिया की सुह्योन होंग और गाउन चू की जोड़ी 478.0 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि ईरान ने 415.8 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। भारतीय जोड़ी ने रजत पदक विजेता जोड़ी से 6.6 अंक की बढ़त बनाई। इससे पहले कमलजीत और सुरुचि ने क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल कर फाइनल में प्रवेश किया था। उन्होंने पहली सीरीज में 196 अंक, दूसरी में 195 और तीसरी में 196 अंक जुटाकर कुल 587 अंक हासिल किए, जिसमें 29 इनर-10 शामिल थे। यह 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धाओं में भारत का पदक जीतने का आखिरी मौका था। कमलजीत व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में नौवें और सुरुचि 26वें स्थान पर रही थीं और दोनों व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सकी थीं। भारत पुरुष और महिला टीम स्पर्धाओं में भी पदक से चूक गया था। फाइनल में भारतीय जोड़ी ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। पहले 10 शॉट के बाद वे 202.4 अंक के साथ शीर्ष पर थीं। सुरुचि ने पहली कोशिश में 10.4 और कमलजीत ने 9.7 अंक हासिल किए, जबकि दूसरी कोशिश में सुरुचि ने 10.2 और कमलजीत ने 9.8 अंक जुटाए। इसके बाद 101.3 अंक की अगली सीरीज के साथ भी भारतीय जोड़ी ने अपनी बढ़त बरकरार रखी।
Asian Games 2026 Live Update: शूटिंग में भारत का पहला गोल्ड, सुरुचि-कमलजीत की जोड़ी ने रचा इतिहास
Asian Games 2026 Live Update: शूटिंग में भारत का पहला गोल्ड, सुरुचि-कमलजीत की जोड़ी ने रचा इतिहास
एशियाई खेल 2026 में भारतीय निशानेबाजों का दबदबा कायम है। भारत की होनहार निशानेबाज़ जोड़ी कमलजीत और सुरुचि ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम कर लिया है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही इस जोड़ी ने न केवल एशियाई रिकॉर्ड तोड़ा, बल्कि एशियाई खेल 2026 में भारत की झोली में दूसरा गोल्ड मेडल भी डाल दिया। एशियाई रिकॉर्ड के साथ जीता स्वर्ण पदक फ़ाइनल मुकाबले में कमलजीत और सुरुचि की जोड़ी ने शुरू से ही अपना दबदबा बनाए रखा। भारतीय जोड़ी ने कुल 484.6 पॉइंट का सर्वश्रेष्ठ स्कोर हासिल किया, जो एक नया एशियाई रिकॉर्ड है। यह प्रदर्शन कितना असाधारण था, इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनका स्कोर विश्व रिकॉर्ड से महज 3.8 पॉइंट ही कम रहा। मुकाबले के दौरान कोरियाई टीम ने भारतीय जोड़ी पर दबाव बनाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन कमलजीत और सुरुचि ने संयम और सटीक निशानेबाज़ी का परिचय देते हुए 6.6 पॉइंट के बड़े अंतर से कोरिया को पछाड़कर गोल्ड मेडल पर कब्ज़ा जमाया। इसे भी पढ़ें: राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग की, SIR विवाद के बीच कहा कि उन्हें 'सरकारी गवाह बनना चाहिए' फ़ाइनल मुकाबले का स्कोरबोर्ड: स्वर्ण पदक (Gold): भारत (कमलजीत और सुरुचि) — 484.6 पॉइंट (नया एशियाई रिकॉर्ड) रजत पदक (Silver): कोरिया — 478.0 पॉइंट कांस्य पदक (Bronze): ईरान — 415.8 पॉइंट क्वालिफ़िकेशन राउंड से ही दिखा भारतीय जोड़ी का जलवा फ़ाइनल में पहुँचने से पहले कमलजीत और सुरुचि ने क्वालिफ़िकेशन राउंड में भी अपना शानदार फ़ॉर्म जारी रखा था। शुरुआती सीरीज़: भारतीय जोड़ी ने बेहतरीन शुरुआत करते हुए पहली सीरीज़ में 196 पॉइंट बनाए। दूसरी सीरीज़: दूसरी सीरीज़ में अपने प्रदर्शन में और सुधार करते हुए उन्होंने कुल स्कोर को 391 पॉइंट तक पहुँचा दिया और तालिका में शीर्ष स्थान (Top Position) हासिल करते हुए फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की की। मजबूत पकड़: प्रतियोगिता में जब 20 शॉट बाकी थे, तभी से यह स्पष्ट हो गया था कि भारतीय जोड़ी फ़ाइनल की दौड़ में सबसे आगे है और उन्होंने अंत तक अपने इस निरंतर प्रदर्शन को गोल्ड मेडल में बदल दिया। भारतीय निशानेबाज़ों के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन से पूरे देश में खुशी की लहर है और एशियाई खेलों में भारत के पदक तालिका में सुधार की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं।
Asian Games 2026: हांगकांग ने ओमान को हराकर क्वार्टर फाइनल की उम्मीद बरकरार रखी
एशियन गेम्स 2026 में पुरुष क्रिकेट के ग्रुप बी का मुकाबला कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में हांगकांग और ओमान के बीच खेला गया। हांगकांग ने 41 रन से मुकाबला जीता। हांगकांग ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट पर 121 रन बनाए थे। हफीज खान ने 37 गेंदों पर 3 चौकों की मदद से 33 रन की पारी खेली। इसके अलावा बाबर हयात ने 25 गेंदों पर 23, कप्तान यसिम मुर्तजा ने 14 गेंदों पर 18 और एहसान खान ने 10 गेंदों पर 16 रन बनाए। शिव माथुर ने 12 रन की पारी खेली। ओमान के लिए मोहम्मद अल बलुशी ने 3, सुफयान मेहमूद, सुहेब अल बलुशी, नावेद अल बलुशी और समीर ओथमैन ने 1-1 विकेट लिए। 122 रन का लक्ष्य हासिल करने उतरी ओमान की बल्लेबाजी बेहद निराशाजनक रही। शीर्ष क्रम का कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिककर लक्ष्य का पीछा करने की हिम्मत नहीं कर सका। पारी की शुरुआत करने आए शुएब अल बलुशी ने 26 गेंदों पर 1 छक्का और 2 चौकों की मदद से 20 रन बनाए और छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए कप्तान सुफयान मेहमूद ने 35 गेंदों पर नाबाद 26 रन बनाए। अब्दुल जलील ने नाबाद 15 रन बनाए। इन तीन बल्लेबाजों के अलावा कोई भी बल्लेबाज हांगकांग के गेंदबाजों का सामना नहीं कर पाया। पूरी टीम 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 80 रन बना सकी और 41 रन से मैच हार गई। 122 रन का लक्ष्य हासिल करने उतरी ओमान की बल्लेबाजी बेहद निराशाजनक रही। शीर्ष क्रम का कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिककर लक्ष्य का पीछा करने की हिम्मत नहीं कर सका। Also Read: LIVE Cricket Score मलेशिया से मिली हार के बाद हांगकांग के लिए यह जीत बेहद अहम थी। हांगकांग का ग्रुप मैच समाप्त हो गया। ओमान अपना अगला मैच मलेशिया के साथ शनिवार को खेलेगा। हांगकांग क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के लिए मलेशिया पर निर्भर है। अगर मलेशिया ओमान को हरा देती है, तो हांगकांग और मलेशिया ग्रुप बी से क्वार्टर फाइनल में चले जाएंगे। Article Source: IANS
Asian Games 2026 में भारत के दो और मेडल हुए कन्फर्म, स्क्वॉश और टेबल टेनिस से आई खुशखबरी
Asian Games 2026 में भारत के दो और मेडल कन्फर्म हो गए हैं। स्क्वॉश और टेबल टेनिस से खुशखबरी आई है। जोशना-वेलावन की जोड़ी ने मिक्स्ड डबल्स स्क्वॉश स्पर्धा में पदक पक्का किया, जबकि दीया और मानुष ने टेबल टेनिस में मेडल कन्फर्म किया है।
Asian Games 2026 Live Update: भारत के खाते में 2 मेडल तय, स्क्वॉश और टेबल टेनिस में सेमीफाइनल में पहुंचीं जोड़ियां
एशियाई खेलों की 10m एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा के फाइनल में पहुंचे Kamaljeet और Suruchi
कमलजीत और सुरुचि सिंह की भारतीय निशानेबाजों की जोड़ी ने शुक्रवार को एशियाई खेलों में मिश्रित टीम 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के क्वालीफिकेशन में शानदार प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया और फाइनल में जगह बनाई। दोनों ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद जोरदार वापसी की। शुरुआती सीरीज में 196 अंक जुटाने के बाद भारतीय जोड़ी ने दूसरी सीरीज में 195 अंक के साथ अपना स्कोर 391 तक पहुंचाया और फाइनल में जगह बनाने की स्थिति मजबूत कर ली। तीसरी सीरीज में दोनों ने 196 अंक हासिल किए, जिससे उनका कुल स्कोर 587 हो गया। इसमें 29 इनर-10 शामिल रहे। क्वालीफिकेशन में शीर्ष चार जोड़ियां फाइनल के लिए जगह बनाती हैं। यह 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धाओं में भारत के लिए पदक जीतने का आखिरी मौका है। इससे पहले भारत का अभियान निराशाजनक रहा है। कमलजीत व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में नौवें और सुरुचि 26वें स्थान पर रहीं थीं और दोनों ही व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सकीं। भारत पुरुष और महिला टीम स्पर्धाओं में भी पदक हासिल करने से चूक गया था।
Asian Games में भारत का Surfing डेब्यू, पहले दौर की हीट में Sugar Shanti और Kamali Prakash पिछड़ीं
एशियाई खेलों में सर्फिंग के पदार्पण पर शुक्रवार को भारतीय सर्फर शुगर शांति गायेन और कमली प्रकाश महिला शॉर्टबोर्ड के पहले दौर की अपनी-अपनी हीट में आखिरी स्थान पर रहीं। ताहारा के ‘पैसिफिक लॉन्ग’ तट पर आयोजित स्पर्धा की तीसरी हीट में शुगर शांति ने 3.84 अंक हासिल किए और तीन प्रतिभागियों में तीसरे स्थान पर रहीं। पांचवीं हीट में कमली प्रकाश ने 3.74 अंक जुटाए। इस हीट में जापान की मिराई इकेदा समेत कुल तीन सर्फर शामिल थीं। दोनों भारतीय खिलाड़ियों का अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। शुगर शांति और कमली दूसरे दौर की हीट में फिर से चुनौती पेश करेंगी। भारत की चार सदस्यीय सर्फिंग टीम में महिला वर्ग में शुगर और कमली, जबकि पुरुष वर्ग में किशोर कुमार अनबराशु और सिवाराज बाबू शामिल हैं। सर्फिंग को ‘आइची-नागोया एशियाई खेलों’ में शामिल किए गए नए खेलों में जगह मिली है। सर्फिंग प्रतियोगिता 25 से 28 सितंबर तक आयोजित होगी, जबकि 29 सितंबर को रिजर्व डे के तौर पर रखा गया है।
Asian Games 2026 Live: आज निशानेबाजों से पदक की उम्मीद, टेबल टेनिस में क्वार्टर फाइनल मुकाबला जारी
नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है। एशियन गेम्स के छठे दिन यानी शुक्रवार को पदक मुकाबलों का रोमांच बढ़ने वाला है। भारत के लिए यह दिन काफी व्यस्त रहने वाला है और पदक तालिका में बढ़त बनाने के कई मौके होंगे।
एशियन गेम्स 2026 में अब तक भारतीय टीम के खाते में कुल 17 मेडल दर्ज हो चुके हैं, जिसमें 25 सितंबर को इनकी संख्या में बढ़ोतरी होना तय है। इसमें सबसे ज्यादा नजरें शूटिंग के अलग-अलग होने वाले इवेंट्स पर रहेंगी।
Asian Games 2026 भारत का आज का शेड्यूल, 25 सितंबर; शूटिंग-एथलेटिक्स समेत कबड्डी में आ सकते हैं मेडल
Asian Games 2026 India schedule today: एशियन गेम्स में आज भारत कई और मेडल अपने नाम कर सकता है। भारतीय एथलीट्स शूटिंग, एथलेटिक्स समेत कबड्डी में अपना जलवा बिखेर सकते हैं।
Asian Games 2026: 25 सितंबर को ट्रैक, कोर्ट और रिंग में उतरेगा भारत, देखें पूरा शेड्यूल
एशियाई खेलों में भारत का शुक्रवार 25 सितंबर का कार्यक्रम इस प्रकार है। सभी समय भारतीय समयानुसार हैं। एथलेटिक्स:महिला हेप्टाथलॉन - लंबी कूद: अनामिका केए, पूजा सुबह 6:30 बजे।महिला हेप्टाथलॉन - भाला फेंक: अनामिका केए, पूजा सुबह 7:55 बजे।महिला शॉट पुट: मनप्रीत कौर, कृष्णा मेनन दोपहर 3:35 बजे फाइनल में।पुरुषों की 100 मीटर दौड़: गुरविंदरवीर सिंह हीट 2 में शाम 4:11 बजे और अनिमेष कुजूर हीट 3 में शाम 4:19 बजे।महिला पोल वॉल्ट: सिंधुश्री गणेशा शाम 4:33 बजे फाइनल। कैनो स्प्रिंट:पुरुषों की कयाक डबल 500 मीटर: प्रसन्ना कुमार सीएस, प्रोहित बरोई सेमीफाइनल में सुबह 6:30 बजे।महिला कैनो डबल 500 मीटर: मेघा प्रदीप, एल नेहा देवी सुबह 6:50 बजे सेमीफाइनल में।पुरुषों की कयाक डबल 500 मीटर: प्रसन्ना कुमार सीएस, प्रोहित बरोई फाइनल में (क्वालीफाई करने पर) सुबह 8:00 बजे।महिला कयाक फोर 500 मीटर: धनमाजुरी देवी, सोनिया देवी, पूजा और पार्वती गीता सुबह 8:10 बजे।महिला कैनो डबल 500 मीटर: मेघा प्रदीप, एल नेहा देवी फाइनल में (क्वालीफाई करने पर) सुबह 8:30 बजे। बैडमिंटन:मिश्रित युगल राउंड 32: ध्रुव कपिला और तनीशा क्रास्टो बनाम अब्दुल रज्जाक और ए नबीहा, सुबह 6:10 बजे।पुरुष युगल राउंड 32: एस रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी बनाम पी टीरारत्सुकुल और पी सुकफुन दोपहर 12:30 बजे से।महिला युगल राउंड 32: त्रीसा जॉली और गायत्री पुलेला बनाम लुई लोक लोक और त्सांग हियू यान दोपहर 12:30 बजे से।महिला युगल राउंड 32: कविप्रिया सेल्वम और सिमरन सिंघी बनाम द्विपूजी और त्रियास, दोपहर 12:30 बजे से।पुरुष युगल राउंड 32: हरिहरन और एमआर अर्जुन बनाम मुह फिकरी और फजर अल्फियान, दोपहर 12:30 बजे से।महिला एकल राउंड 64: उन्नति हुडा बनाम यू एमआई सॉन्ग। मुक्केबाजी:पुरुषों का 60 किलोग्राम वर्ग, राउंड 16: सचिन बनाम एजे मोहम्मद, सुबह 10:15 बजे।महिला 54 किलोग्राम वर्ग का राउंड 16: प्रीति बनाम पैंग चोई मी, दोपहर 2:15 बजे। घुड़सवारी:ड्रेसेज व्यक्तिगत: श्रुति वोरा, गौरव पुंडीर, हृदय छेदा और जय सूद, पहले व्यक्तिगत क्वालिफायर में सुबह 6:00 बजे।.ड्रेसेज टीम: फाइनल सुबह 6:00 बजे। ईस्पोर्ट्स:पोकेमॉन यूनाइट: भारत बनाम दक्षिण कोरिया, सुबह 7:55 बजे। तलवारबाजी:पुरुष फ़ॉइल टीम (टेबल ऑफ़ 16): भारतीय टीम (सचिन, सनासम हेमाश सिंह, आदित्य, तेजस मनोज पाटिल) बनाम हांगकांग चीन, सुबह 6:00 बजे।महिला एपी टीम (टेबल ऑफ़ 16): भारतीय टीम (तनीषा खत्री, अनुप्रिया, मितवा चौधरी और यशकीरत कौर हायर) बनाम उज़्बेकिस्तान, सुबह 7:00 बजे।पुरुष फ़ॉइल टीम: क्वार्टरफ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर), सुबह 8:20 बजे।महिला एपी टीम: क्वार्टरफ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर), सुबह 8:20 बजे।पुरुष फ़ॉइल टीम: सेमीफ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर), सुबह 10:50 बजे।महिला एपी टीम: सेमीफ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर), दोपहर 12:50 बजे।पुरुष फ़ॉइल टीम: फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर), दोपहर 2:50 बजे।महिला एपी टीम: फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर), दोपहर 3:50 बजे। हॉकी:महिला वर्ग: भारत बनाम जापान, सुबह 7:30 बजे। कबड्डी:महिला सेमीफाइनल: भारत बनाम नेपाल, सुबह 9:30 बजे।पुरुष सेमीफाइनल: भारत बनाम थाईलैंड, सुबह 10:45 बजे। निशानेबाजी:10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम: कमलजीत और सुरुचि सिंह सुबह 6:15 बजे क्वालीफाइंग राउंड में।50 मीटर राइफल 3पी पुरुष (व्यक्तिगत): ऐश्वर्य तोमर, रुद्रांक्ष पाटिल और नीरज कुमार सुबह 7:15 बजे क्वालीफाइंग राउंड में।50 मीटर राइफल 3पी पुरुष (टीम) फाइनल: ऐश्वर्य तोमर, रुद्रांक्ष पाटिल, और नीरज कुमार (क्वालीफिकेशन के आधार पर) सुबह 7:15 बजे।10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम: कमलजीत और सुरुचि सिंह फाइनल में (क्वालीफिकेशन के आधार पर) सुबह 8:30 बजे।50 मीटर राइफल 3पी पुरुष (व्यक्तिगत) फाइनल: ऐश्वर्या तोमर, रुद्राक्ष पाटिल, और नीरज कुमार (क्वालीफिकेशन के आधार पर) सुबह 10:30 बजे। स्क्वाश:मिश्रित युगल क्वार्टरफ़ाइनल: जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार बनाम डेविड पेलिनो और जेमसिया अरीबाडो, सुबह 7:00 बजे।पुरुष एकल क्वार्टरफ़ाइनल: अभय सिंह बनाम त्सुकु रयुनोसुके, सुबह 9:15 बजे; वीर चोटरानी बनाम इरफान मुहम्मद सुबह 10:45 बजे।महिला एकल क्वार्टरफ़ाइनल: अनाहत सिंह बनाम तन्वी खन्ना सुबह 10:00 बजे। सर्फिंग:महिला शॉर्टबोर्ड: पहले राउंड में शुगर शांति (सुबह 4:16 बजे) और कमाली मूर्ति (सुबह 5:02 बजे); दूसरे राउंड में (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर) सुबह 9:38 बजे से।पुरुषों का शॉर्टबोर्ड: पहले राउंड में किशोर कुमार (सुबह 7:20 बजे) और शिवराज बाबू (सुबह 9:15 बजे)। तैराकी:पुरुषों की 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक: दानुश सुरेश हीट 3 में सुबह 6:40 बजे।पुरुषों की 200 मीटर बैकस्ट्रोक: हीट 1 में ऋषभ दास सुबह 6:58 बजे; हीट 3 में उत्कर्ष पाटिल सुबह 7:06 बजे।पुरुषों की 400 मीटर फ़्रीस्टाइल: धक्षन शशिकुमार सुबह 7:10 बजे हीट 1 में; अनीश एसके गौड़ा हीट 3 सुबह 7:22 बजे।पुरुषों की 200 मीटर बटरफ्लाई: साजन प्रकाश हीट 3 में सुबह 7:36 बजे।पुरुषों की 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक: धनुष सुरेश फाइनल में (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर) दोपहर 1:35 बजे।पुरुषों की 200 मीटर बैकस्ट्रोक: ऋषभ दास, उत्कर्ष पाटिल फाइनल में (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर) दोपहर 1:55 बजे।पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल: धक्षन शशिकुमार, अनीश एसके गौड़ा दोपहर 2:22 बजे फाइनल में (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)।पुरुषों की 200 मीटर बटरफ्लाई: साजन प्रकाश फाइनल में (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर) दोपहर 2:51 बजे। टेबल टेनिस:मिश्रित युगल क्वार्टरफाइनल: मानुष शाह और दिया चिताले बनाम वोंग चुन टिंग और डॉन होई किम, सुबह 6:30 बजे।मिश्रित युगल क्वार्टरफाइनल: हरमीत देसाई बनाम लिन शिदोंग, सुबह 6:30 बजे।पुरुष युगल राउंड 32: जी साथियान और हरमीत देसाई बनाम ए प्रतामा और एम नेगारा, सुबह 7:30 बजे।पुरुष युगल राउंड 32: मानव ठक्कर और मानुष शाह बनाम टी हारिमोटो और एस शिनोजुका, सुबह 8:15 बजे।महिला एकल राउंड 32: यशस्विनी घोरपड़े बनाम हेंड ज़ाज़ा, सुबह 9:00 बजे; श्रीजा अकुला बनाम सॉन्ग ग्योंग प्योन, सुबह 9:45 बजे।पुरुष एकल राउंड 32: मानव ठक्कर बनाम यू ताए रयोंग सुबह 10:30 बजे; मानुष शाह बनाम एफ बेन्यामिन सुबह 11:15 बजे।महिला युगल राउंड 16: श्रीजा अकुला और सिंड्रेला दास बनाम एम कुआई और एम वांग दोपहर 12:00 बजे।महिला युगल राउंड 16: दीया चिताले और यशस्विनी घोरपड़े बनाम चेन यी और फैन शुन दोपहर 12:45 बजे।मिश्रित युगल सेमीफाइनल: हरमीत देसाई और यशस्विनी घोरपड़े दोपहर 3:00 बजे; दोपहर 3:45 बजे मानुष शाह और दीया चिताले। भारोत्तोलन:महिला 61 किलोग्राम वर्ग: निरुपमा देवी दोपहर 1:30 बजे फाइनल में।
Asian Games: एथलेटिक्स के पहले दिन भारत को दो पदक, रोइंग और वुशु में भी मिली सफलता
(फिलेम दीपक सिंह और अजय मसंद)नागोया, 24 सितंबर भारत ने एशियाई खेलों में बृहस्पतिवार को एथलेटिक्स प्रतियोगिता के पहले दिन एक रजत और एक कांस्य पदक जीतकर सकारात्मक शुरुआत की लेकिन निशानेबाजी रेंज से कोई उत्साहजनक परिणाम नहीं मिला हालांकि स्कीट निशानेबाजों ने कांसे का तमगा हासिल करके इस खेल में दिन में भारत की झोली खाली नहीं जाने दी। इसके अलावा रोवर्स ने कांस्य पदक और वुशु खिलाड़ी रोशिबीना देवी ने लगातार दूसरा रजत पदक जीतकर भारतीय खेमे में कुछ जोश भरा। एशियाई खेलों में अभी तक भारत का प्रदर्शन अपेक्षित नहीं रहा है। उसने भले ही 17 पदक हासिल कर लिए हैं लेकिन इसमें एक केवल एक स्वर्ण पदक दर्ज है जो महिला क्रिकेट टीम ने जीता था। भारत ने सात रजत और नौ कांस्य पदक भी जीते हैं तथा वह पदक तालिका में 15वें स्थान पर है। चीन 80 स्वर्ण, 30 रजत और 20 कांस्य सहित कुल 130 पदक लेकर शीर्ष पर है। एथलेटिक्स में पहले दिन भारत ने चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले में रजत पदक जीता जबकि सीमा कुमारी ने महिलाओं की 10 हजार मीटर दौड़ के फाइनल में देश को ऐतिहासिक कांस्य पदक दिलाया। पूवम्मा राजू, विशाल थेन्नारासु, विथ्या रामराज और मनु टीएस की चौकड़ी ने तीन मिनट 14.46 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। इसके साथ ही भारत ने 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में जीता अपना रजत पदक बरकरार रखा। विथ्या रामराज ने अंतिम चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को रजत पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। बहरीन ने तीन मिनट 12.87 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। महिलाओं की 10 हजार मीटर स्पर्धा में सीमा ने 32 मिनट 50.05 सेकेंड का समय निकाला। सीमा ने कड़े मुकाबले में 16 साल के अंतराल के बाद इस स्पर्धा में भारत को पदक दिलाया। एशियाई खेलों की इस स्पर्धा में यह भारत का अब तक का केवल तीसरा पदक है। महिलाओं की त्रिकूद में हालांकि आशा इलांगो मामूली अंतर से पदक से चूक गई और उन्हें चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा जबकि निहारिका वशिष्ठ दसवें स्थान पर रही। भारत को निशानेबाजी में बहुत उम्मीद थी लेकिन उसके खिलाड़ियों का प्रदर्शन अभी तक अपेक्षित नहीं रहा है। बुधवार को महिला एयर पिस्टल टीम को कोई सफलता नहीं मिली और बृहस्पतिवार को पुरुष टीम का भी प्रदर्शन निराशाजनक रहा। भारत टीम स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहा और तीनों निशानेबाजों में से कोई भी व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना पाया। अगर परिनाज धालीवाल और अनंतजीत सिंह नारुका ने मिश्रित टीम स्कीट में कांस्य पदक नहीं जीता होता तो बृहस्पतिवार को निशानेबाजी में भारत की झोली खाली जाती। पिछले कुछ दिनों में खिलाड़ियों में असंतोष के कारण रोइंग चर्चा में रहा था लेकिन बृहस्पतिवार को यह जगह उनके प्रदर्शन ने ले ली। सतनाम सिंह और सलमान खान की जोड़ी ने पुरुषों की डबल स्कल्स स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा। भारत का यह इस स्पर्धा में पहला पदक है। भारतीय जोड़ी 1,500 मीटर के निशान तक दूसरे स्थान पर बनी रही, लेकिन अंतिम 500 मीटर में फिसलकर तीसरे स्थान पर आ गई और नागरगावा इंटरनेशनल रेगाटा कोर्स पर 6:13.25 का समय निकालकर स्वर्ण पदक विजेता चीन से 3.88 सेकंड पीछे रही। सतनाम ने कहा, ‘‘हमने पांच दिन पहले ही पुरुषों की डबल स्कल्स स्पर्धा में जोड़ी बनाई थी। मुझे गर्व है कि केवल पांच दिनों के साथ के बाद ही हम इस स्पर्धा में एशियाई खेलों का पदक जीतने में कामयाब रहे हैं।’’वहीं, रोशिबीना ने लगातार दूसरी बार रजत पदक और कुल तीसरा पदक जीतकर एशियाई खेलों के इतिहास में भारत की सबसे सफल वुशु खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड बनाया। महिला वर्ग के 60 किलोग्राम फाइनल में उन्हें चीन की झांग शियाओयु से हार का सामना करना पड़ा। रोशिबीना दरअसल इस प्रतियोगिता के लिए ट्रायल में हार गई थीं और लेकिन उनकी जगह चुनी गई दिव्यांशी चौधरी के चोटिल होने से उनके लिए सफलता के द्वार खुल गए। भारत की पुरुष और महिला कबड्डी टीमों ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए अपने अपने ग्रुप में शीर्ष पर रहते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई। भारतीय पुरुष टीम ने ग्रुप के अपने अंतिम मुकाबले में चीनी ताइपे को 37-21 से जबकि महिलाओं ने जापान को 50-25 से हराकर अपने लिए कांस्य पदक सुनिश्चित किया। स्क्वाश में भी भारत के लिए एक शानदार दिन रहा। अनाहत सिंह, तन्वी खन्ना, अभय सिंह और वीर चोटरानी एकल के क्वार्टर फाइनल में पहुंचे जबकि जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार मिश्रित युगल के अंतिम आठ में जगह बनाने में कामयाब रहे। टेबल टेनिस प्रतियोगिता में भी भारतीय खिलाड़ियों ने आसान जीत हासिल की। महिला युगल में श्रीजा अकुला और सिंड्रेला दास तथा यशस्विनी घोरपड़े और दिया चिताले की जोड़ियां प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंच गईं। पुरुष एकल वर्ग में मानुष शाह और मानव ठक्कर भी अंतिम 32 में पहुंच गए हैं। हॉकी में भारत ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। बेहतरीन फॉर्म में चल रहे स्ट्राइकर दिलप्रीत सिंह ने हैट्रिक लगाकर भारतीय पुरुष हॉकी टीम को कोरिया पर 8-2 से आसान जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इस जीत ने भारतीय टीम की सेमीफाइनल में जगह लगभग सुनिश्चित कर दी। यह भारत की लगातार तीसरी जीत थी, जिससे वह पूल ए में शीर्ष पर बना हुआ है। भारत ने इससे पहले पूल के शुरुआती दो मैचों में इंडोनेशिया को 13-1 और श्रीलंका को 16-1 से हराया था। मुक्केबाजी में हालांकि भारत के लिए आज अच्छा दिन नहीं रहा। परवीन एकमात्र भारतीय मुक्केबाज थीं जो महिला 65 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में वॉकओवर मिलने के बाद अगले राउंड में पहुंचीं। उनकी साथी खिलाड़ी साक्षी चौधरी (51 किलोग्राम) और सुमित (70 किलोग्राम) बाहर हो गए। साक्षी महिला 51 किलोग्राम वर्ग में कजाकिस्तान की अलुआ बाल्किबेकोवा से 2-3 से हारने के बाद प्रतियोगिता से बाहर हो गईं। सुमित को घुटने की चोट के कारण बीच मुकाबले में ही हटना पड़ा। कलात्मक जिम्नास्टिक में आठ महिलाओं के वॉल्ट फाइनल में भारत की प्रणति नायक छठे स्थान पर रही। तलवारबाज़ी में भी कुछ खास प्रदर्शन नहीं रहा। महिला व्यक्तिगत साबरे स्पर्धा में सी ए भवानी देवी और श्रेया गुप्ता बाहर हो गईं। ओलंपिक में प्रतिस्पर्धा करने वाली भारत की पहली तलवारबाज़ भवानी ने राउंड ऑफ 32 में मंगोलिया की ओउलेन तुग्सजारगन को 15-8 से हराकर अगले दौर में जगह बनाई लेकिन इसके बाद वह चीन की राव ज़ुएयी से 5-15 से हार गई।
Asian Games में भारत ने 4x400M Mixed Relay में रजत और 10,000M में सीमा ने कांस्य जीता
भारत ने बृहस्पतिवार को यहां एशियाई खेलों की चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले में रजत पदक जीता जबकि सीमा कुमारी ने महिलाओं की 10 हजार मीटर दौड़ के फाइनल में देश को ऐतिहासिक कांस्य पदक दिलाया। पूवम्मा राजू, विशाल थेन्नारासु, विथ्या रामराज और मनु टीएस की चौकड़ी ने तीन मिनट 14.46 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। इसके साथ ही भारत ने 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में जीता अपना रजत पदक बरकरार रखा। विथ्या रामराज ने अंतिम चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को रजत पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। बहरीन ने तीन मिनट 12.87 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। महिलाओं की 10 हजार मीटर स्पर्धा में सीमा ने 32 मिनट 50.05 सेकेंड का समय निकाला। सीमा ने कड़े मुकाबले में 16 साल के अंतराल के बाद इस स्पर्धा में भारत को पदक दिलाया। एशियाई खेलों की इस स्पर्धा में यह भारत का अब तक का केवल तीसरा पदक है। हिमाचल प्रदेश की लंबी दूरी की धाविका सीमा को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘एशियाई खेलों में महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतने पर सीमा पर गर्व है! उन्हें बधाई।’’उन्होंने कहा, ‘‘उनके दृढ़ प्रदर्शन ने कई वर्षों बाद इस स्पर्धा में भारत को पदक दिलाया है। यह शानदार उपलब्धि उनकी सहनशक्ति, अनुशासन और वर्षों की कड़ी मेहनत को दर्शाती है। आने वाले समय में उन्हें ऐसी ही कई और सफलताएं मिलें।’’इस साल मार्च में सीमा ने कैलिफोर्निया में आयोजित ‘द टेन’ प्रतियोगिता में 10 हजार मीटर दौड़ में 32 मिनट 02.43 सेकेंड का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। उन्होंने शीर्ष स्तर के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के बीच पांचवां स्थान हासिल किया था। अप्रैल में उन्होंने पांच हजार मीटर में भी 15 मिनट 16.20 सेकेंड का अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय निकाला था। लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर सीमा भारत की लंबी दूरी की प्रमुख धाविकाओं में अपनी जगह बना चुकी हैं। उनके सीनियर करियर में 10 हजार मीटर और पांच हजार मीटर मुख्य स्पर्धाएं रही हैं। भारत को चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले में रजत पदक दिलाने में अंतिम चरण में शानदार प्रदर्शन करने वाली विथ्या रामराज भी देश की प्रमुख 400 मीटर धाविकाओं और 400 मीटर बाधा दौड़ की खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने रिले टीम में भी महत्वपूर्ण स्थान बनाया है। तमिलनाडु की रहने वाली विथ्या 400 मीटर बाधा दौड़ में अपनी व्यक्तिगत क्षमता के साथ चार गुणा 400 मीटर रिले का महत्वपूर्ण अनुभव भी रखती हैं। उन्होंने 2023 एशियाई खेलों में 400 मीटर बाधा दौड़ में 55.42 सेकेंड के समय के साथ भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड की बराबरी कर बड़ी उपलब्धि हासिल की थी। वह ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और पेरिस 2024 में चार गुणा 400 मीटर रिले टीम का हिस्सा थीं।
Asian Games: भारत ने Mixed 4x400m Relay में जीता Silver Medal
भारतीय टीम ने मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले रेस में दूसरा स्थान हासिल करके अपने पदकों की संख्या में एक और पदक जोड़ा। मचेत्तिरा पूवम्मा, विशाल थेन्नारासु, रामराज विथ्या और थेक्किनालिल की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया और एथलेटिक्स में भारत के लिए दूसरा पदक जीता। दिलचस्प बात यह है कि फाइनल में जगह बनाने से पहले, भारतीय टीम ने हीट्स में 3:16.23 का समय लिया था। इसके बाद, उन्होंने एक बार फिर बेहतरीन प्रदर्शन किया, दूसरा स्थान हासिल किया और भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता। इसे भी पढ़ें: Kerala Sports Council के 14 जिला दफ्तरों में VACB की जांच, वित्तीय गड़बड़ी और गायब फाइलें पकड़ीं एशियाई खेलों में भारतीय एथलीट सीमा कुमारी ने महिलाओं की 10,000 मीटर स्पर्धा में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। वहीं, महिलाओं की ट्रिपल जंप स्पर्धा में उनकी साथी खिलाड़ी आशा इलांगो बहुत कम अंतर से पोडियम पर जगह बनाने से चूक गईं और चौथे स्थान पर रहीं, जबकि निहारिका वशिष्ठ 10वें स्थान पर रहीं। सीमा आखिर तक मेडल की दौड़ में बनी रहीं, जबकि विनफ्रेड यावी और नोज़ोमी तनाका गोल्ड और सिल्वर मेडल के लिए स्प्रिंट फ़िनिश में मुकाबला कर रही थीं। सीमा ने आखिरी दौर में पीछे चल रहे ग्रुप से आगे निकलकर तीसरा स्थान हासिल किया और भारत के एथलेटिक्स मेडल टैली में एक और मेडल जोड़ा। इसे भी पढ़ें: IOA President PT Usha का बयान, Asian Games में खिलाड़ियों की रहने की दिक्कतें दूर हुईं विनफ्रेड यावी ने 32:39.18 के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि जापान की नोज़ोमी तनाका 32:41.54 के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहीं और सिल्वर मेडल हासिल किया। भारत की सीमा कुमारी ने महिलाओं की 10,000 मीटर फ़ाइनल में 32:50.05 का समय लेकर ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। इस बीच, आशा ने 13.83 मीटर की अपनी सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई, जो चीन की ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाली ली यी के स्कोर के बराबर थी। हालांकि, भारतीय एथलीट ब्रॉन्ज़ मेडल से चूक गईं क्योंकि उनका दूसरा सबसे अच्छा प्रयास 13.65 मीटर का था, जो ली यी के 13.79 मीटर के प्रयास से कम था। आशा का छठा और आखिरी प्रयास 13.59 मीटर का रहा, जिससे शानदार प्रदर्शन के बावजूद वह मेडल की दौड़ से बाहर रह गईं।
Thailand अधिकारियों ने Asian Games में जताई नाराजगी, खिलाड़ियों के लिए खुद करने पड़े इंतजाम
एशियाई खेलों के इस वर्जन में खेल मुकाबलों के साथ आयोजन व्यवस्था भी चर्चा का विषय बनी हुई है। थाईलैंड के दल ने खिलाड़ियों के लिए की गई व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा है कि पिछले छह दिनों से उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खिलाड़ियों की शिकायतों में रहने के लिए कमरे नहीं मिलना, हवाई अड्डों पर लंबे समय तक इंतजार, परिवहन में देरी और भोजन से जुड़ी दिक्कतें शामिल हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, कुछ खिलाड़ियों को रहने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे क्रूज जहाजों पर जगह मिलने में काफी समय लग रहा है। वहीं, कुछ दलों ने होटलों और दूसरे ठिकानों में कमरों की कमी की शिकायत की है। प्रशिक्षण केंद्रों और प्रतियोगिता स्थलों तक पहुंचने के लिए उपलब्ध बसों की व्यवस्था भी कई खिलाड़ियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। कई बार बसें देर से पहुंचीं, जबकि कुछ मौकों पर बसें आई ही नहीं। बता दें कि इस महाद्वीपीय खेल आयोजन में 17 हजार से ज्यादा खिलाड़ी और अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। आयोजन के पहले पूरे सप्ताह में ही अलग-अलग देशों के दलों की ओर से व्यवस्थाओं को लेकर कई शिकायतें सामने आई हैं। कुछ टीमों ने कमरों की कमी बताई है, जबकि कुछ ने आयोजकों की ओर से दिए गए रहने के स्थान की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। थाईलैंड की राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के उप महासचिव चालितरत चंद्रुबेक्षा ने समाचार एजेंसी एएफपी से बातचीत में कहा कि यह समस्या शुरुआत से लेकर अब तक बनी हुई है। उनके मुताबिक क्रूज जहाजों और होटलों में उपलब्ध कमरों की संख्या थाईलैंड के खिलाड़ियों की वास्तविक जरूरत के मुताबिक नहीं है। उन्होंने बताया कि एक दिन थाईलैंड को क्रूज जहाज पर 201 बिस्तरों की जरूरत थी, लेकिन आयोजकों की ओर से केवल 170 बिस्तर उपलब्ध कराए गए। ऐसे में जब खिलाड़ी पहुंचते थे तो कई बार उनका नाम रहने वालों की सूची में नहीं मिलता था। इसके बाद उन्हें किसी दूसरे स्थान पर भेजना पड़ता था। नए खिलाड़ियों के आने पर पहले से रह रहे खिलाड़ियों को अपना कमरा छोड़कर दूसरे होटल की तलाश करनी पड़ती थी। गौरतलब है कि कुछ खिलाड़ियों ने सामाजिक माध्यमों पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की है। इनमें भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें भी शामिल हैं। नागोया बंदरगाह पर खड़े एक क्रूज जहाज में चार हजार से ज्यादा लोग रह रहे हैं, जबकि करीब दो हजार लोगों को लकड़ी से बने छोटे-छोटे कमरों में ठहराया गया है। आयोजक इन स्थानों को गांव नाम से संबोधित कर रहे हैं। चंद्रुबेक्षा ने कहा कि समस्याओं का हल निकालने के लिए थाईलैंड को खुद भी वैकल्पिक रहने की जगह तलाशनी पड़ी है। उनके मुताबिक दल ने अपने स्तर पर कमरे बुक किए और भोजन के लिए पहले से भुगतान भी किया। उन्होंने यह भी बताया कि थाईलैंड की चिकित्सा टीम को नागोया से करीब डेढ़ घंटे की दूरी पर ठहरना पड़ा है। खिलाड़ियों की देखभाल के लिए चिकित्सा दल को आने-जाने में परेशानी न हो, इसके लिए थाईलैंड ने टोक्यो से अतिरिक्त वाहन किराये पर लिए हैं। बता दें कि इतने बड़े खेल आयोजन में हजारों खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए एक साथ रहने और परिवहन की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती होती है। हालांकि, अलग-अलग दलों की ओर से लगातार सामने आ रही शिकायतों ने आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा जरूर बढ़ा दी है।
Asian Games में Anantjeet Naruka और Parinaaz Dhaliwal ने जीता ऐतिहासिक कांस्य पदक
अनंतजीत सिंह नरूका और परिनाज धालीवाल की भारतीय स्कीट जोड़ी ने खराब शुरुआत के बावजूद दबाव के आगे घुटने नहीं टेके और एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते हुए अंतिम निशाने तक संघर्ष जारी रखा जिससे उन्होंने बृहस्पतिवार को यहां एशियाई खेलों की मिश्रित टीम स्पर्धा में ऐतिहासिक कांस्य पदक हासिल किया। यह एशियाई खेलों की स्कीट मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत का पहला पदक है। इस पदक के साथ भारतीय जोड़ी ने शानदार वापसी की क्योंकि क्वालीफिकेशन के शुरुआती दौर में नरूका और परिनाज ने 50 में से सिर्फ 44 निशाने साधे थे। नरूका ने कहा, ‘‘हमारी शुरुआत मुश्किल रही। हम दोनों ने पहले दौर में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया लेकिन फिर हमने एक-दूसरे से कहा कि हम अब भी वापसी कर सकते हैं। हमारे पास दो और दौर थे और हमने अंतिम निशाने तक लड़ने का फैसला किया।’’भारतीय जोड़ी ने इसके बाद अपने प्रदर्शन में सुधार किया। दूसरे दौर में उन्होंने 47 निशाने साधे और तीसरे दौर में भी इतने ही निशाने लगाकर क्वालीफिकेशन में कुल 138 अंक जुटाए और चार टीम वाले फाइनल में जगह बनाई। परिनाज ने कहा कि दोनों के बीच संदेश शुरू से अंत तक एक ही रहा कि अंतिम निशाने तक संघर्ष करते रहना है और नतीजे की चिंता बाद में करना। उन्होंने कहा, ‘‘यह अंत तक लड़ने के बारे में था। हम एक-दूसरे से कह रहे थे, ‘अपना सब कुछ झोंक देते हैं और तीसरे दौर के बाद देखते हैं कि क्या होता है।’ हमने वही किया।’’नरूका के लिए एक-दूसरे का समर्थन करना मिश्रित टीम स्पर्धा की असली भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा, ‘‘हम एक-दूसरे का समर्थन कर रहे थे और लगातार कहते रहे कि हमें लड़ना है। यही मिश्रित टीम का मतलब है और यही होना भी चाहिए।’’कोच फिलिपेली रिकार्डो के निर्देश भी बेहद सरल थे। परिनाज ने बताया, ‘‘उन्होंने बस कहा, ‘आगे बढ़ते रहो, आगे बढ़ते रहो।’’यह कांस्य पदक नरूका के करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनके नाम पहले ही दिल्ली में विश्व कप फाइनल का व्यक्तिगत कांस्य और ओलंपिक में चौथे स्थान का प्रदर्शन दर्ज है। हालांकि एशियाई खेलों का यह पदक उन्हें ओलंपिक के प्रदर्शन से अधिक संतोष दे रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह (एशियाई खेलों का पदक) ज्यादा खास है। ओलंपिक में आप चौथे स्थान पर आते हैं लेकिन अगर पोडियम पर नहीं खड़े होते तो उसका कोई मतलब नहीं रहता। आज हमने संघर्ष किया, अच्छा संघर्ष किया और कांस्य जीता।’’इस नतीजे के साथ भारतीय स्कीट टीम के लिए ये दो दिन यादगार रहे जिसमें भारत ने तीन पदक जीते। नरूका को उम्मीद है कि यह सफलता इस खेल में आने वाले युवा निशानेबाजों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। इस कांस्य के साथ नरूका और परिनाज दोनों के खाते में इन खेलों में दो-दो पदक हो गए हैं। नरूका इससे पहले पुरुष टीम स्पर्धा में कांस्य जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे जबकि परिनाज भी महिला टीम के साथ पदक जीत चुकी हैं। हांगझोउ एशियाई खेल 2023 में व्यक्तिगत रजत और टीम कांस्य पदक जीतने वाले नरूका ने कहा कि भारतीय निशानेबाजी दल पर पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद बने दबाव के बीच यह सफलता खास तौर पर संतोषजनक है। परिनाज के लिए यह पदक उस फैसले का परिणाम है जो उन्होंने स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद लिया था जब उन्होंने विदेश में पढ़ाई करने के बजाय निशानेबाजी को करियर के रूप में चुना था। मायो कॉलेज से स्नातक होने के बाद उनके सामने विदेश जाकर पढ़ाई करने या निशानेबाजी जारी रखने का विकल्प था। उन्होंने वह रास्ता चुना जिसे वह वास्तव में पसंद करती थीं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह इसलिए करती हूं क्योंकि मुझे यह बेहद पसंद है। मैं इस खेल को लेकर जुनूनी हूं। यह मेरा शौक है और मुझे इसे करना बहुत पसंद है।’’परिनाज ने कहा, ‘‘मायो से स्नातक होने के बाद मुझे विदेश जाकर पढ़ाई करने या निशानेबाजी अपनाने का विकल्प दिया गया था। मैं यही करना चाहती थी क्योंकि मैं अपने दिल की सुनना चाहती थी।’’शूटिंग रेंज पर उन्हें आमतौर पर ‘परी’ नाम से जाना जाता है। यह उपनाम उनके करीबी दोस्तों और परिवार दिया जो बाद में निशानेबाजी जगत में भी लोकप्रिय हो गया। उन्होंने कहा, ‘‘रेंज पर मेरे करीबी दोस्तों और परिवार ने मुझे परी कहना शुरू किया। धीरे-धीरे सभी लोग मुझे परी कहने लगे।’’उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए जब कोई मुझे परी कहकर बुलाता है तो मैं समझ जाती हूं कि वह मेरे करीब है।’’हालांकि इस पदक का जश्न मनाने के लिए नरूका के पास ज्यादा समय नहीं होगा। उनका अगला लक्ष्य दोहा में होने वाली विश्व चैंपियनशिप है जहां उनके पास भारत के लिए ओलंपिक कोटा हासिल करने का भी मौका होगा।
Asian Games: अबतक भारत को 15 Medals, कल इनसे होगी उम्मीदें
भारत के पदकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है - इसमें एक गोल्ड, छह सिल्वर और आठ ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल हैं। मेडल इवेंट्स के पांचवें दिन, भारत को अच्छी शुरुआत मिली जब रोशिबिना देवी ने महिलाओं के 60 किग्रा वुशु इवेंट में सिल्वर मेडल जीता - यह एशियाई खेलों में उनका लगातार तीसरा मेडल है। सफलता को आगे बढ़ाते हुए, सतनाम सिंह और सलमान खान ने पुरुषों के डबल स्कल्स में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता, जबकि अनंतजीत सिंह नरुका और परिनाज़ धालीवाल की मिक्स्ड टीम जोड़ी ने स्कीट शूटिंग में एक और ब्रॉन्ज़ मेडल अपने नाम किया। इसे भी पढ़ें: Kerala Sports Council के 14 जिला दफ्तरों में VACB की जांच, वित्तीय गड़बड़ी और गायब फाइलें पकड़ीं भारत ने महिला कबड्डी में जापान को 50-25 से हराया है। भारत सेमीफ़ाइनल में पहुँच गया है और उनका मेडल पक्का हो गया है। अनिमेश कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह भी पुरुषों की 100 मीटर दौड़ के सेमीफ़ाइनल में पहुँच गए हैं। पारितोष पूयो पूयो स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए हैं। भारतीय मुक्केबाज साक्षी चौधरी एशियाई खेलों में महिलाओं के 65 किलो वर्ग के प्री क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हो गई। दिलप्रीत सिंह की हैट्रिक के दम पर भारतीय पुरूष हॉकी टीम ने एशियाई खेलों में लगातार तीसरी जीत दर्ज करते हुए बृहस्पतिवार को दक्षिण कोरिया को 8 -2 से हराकर सेमीफाइनल में जगह लगभग पक्की कर ली। कल के मुकाबले 25 सितंबर को भारत के लिए मेडल जीतने के सात पक्के इवेंट होंगे। मेडल जीतने का पहला मौका शूटिंग में मिलेगा, जहाँ ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्राक्ष बालासाहेब पाटिल और नीरज कुमार पुरुषों के 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम फ़ाइनल में हिस्सा लेंगे। धनामनजुरी देवी, पूजा, सोनिया देवी फारेम्बम और पार्वती गीता कैनो स्प्रिंट में महिलाओं के कयाक फोर 500 मीटर फ़ाइनल A में हिस्सा लेंगी। सेरम निरुपमा देवी वेटलिफ्टिंग में महिलाओं के 61 किग्रा ग्रुप A फ़ाइनल में हिस्सा लेंगी। बाकी चार मेडल इवेंट एथलेटिक्स में होंगे, जिसमें मनप्रीत कौर और कृष्णा जयशंकर मेनन दोपहर 3:35 बजे महिलाओं के शॉट पुट फ़ाइनल में हिस्सा लेंगी, इसके बाद सिंधुश्री गणेशा और बारनिका एलंगोवन महिलाओं के पोल वॉल्ट फ़ाइनल में हिस्सा लेंगी। गुलवीर सिंह पुरुषों के 10,000 मीटर फ़ाइनल में हिस्सा लेंगे, जबकि दमनीत सिंह और प्रवीण कुमार पुरुषों के हैमर थ्रो फ़ाइनल में हिस्सा लेंगे।
Asian Games 2026 में बॉक्सर Parveen क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं, Sakshi Choudhary और Sumit Kundu बाहर
आइची-नागोया में 2026 एशियाई खेलों के महिलाओं के 51 किग्रा बॉक्सिंग इवेंट में, 24 सितंबर को भारतीय बॉक्सर साक्षी चौधरी को कजाकिस्तान की बाल्किबेकोवा ने 3-2 से करीबी मुकाबले में हरा दिया, जिससे वह प्रतियोगिता से बाहर हो गईं। बाल्किबेकोवा ने आखिरी राउंड में आक्रामक खेल दिखाया, जिससे साक्षी को डिफेंसिव होना पड़ा; अपनी बढ़त बढ़ाने की कोशिश में बाल्किबेकोवा ने साक्षी के जबड़े पर ज़ोरदार अंडरकट मारा। इसे भी पढ़ें: Kerala Sports Council के 14 जिला दफ्तरों में VACB की जांच, वित्तीय गड़बड़ी और गायब फाइलें पकड़ीं साक्षी ने रिंग में बाल्किबेकोवा का पीछा करते हुए और उनके चेहरे पर तेज़ी से हुक मारकर जवाब दिया। इसके बावजूद, बाल्किबेकोवा ने तुरंत सटीक जैब से पलटवार किया और दूरी बनाए रखी। कड़े मुकाबले वाला यह मैच आखिरी घंटी बजने तक बराबरी का रहा और बाल्किबेकोवा ने स्प्लिट-डिसीजन से जीत हासिल की। इस बीच, ताजिकिस्तान की मलिका नोज़िमोवा के वॉकओवर देने के बाद परवीन बिना किसी मुकाबले के क्वार्टर फाइनल में पहुँच गईं। अगले दौर में परवीन का मुक़ाबला उज़्बेकिस्तान की नवबखोर खमिदोवा से होगा। इसे भी पढ़ें: Hurun Rich List 2026: नेट वर्थ में गिरावट के बावजूद शाहरुख खान बने भारत के सबसे अमीर एक्टर, अमिताभ और ऋतिक भी सूची में शामिल इसी दिन, घुटने की चोट के कारण भारतीय बॉक्सर सुमित कुंडू का पुरुषों के 70 किग्रा वर्ग में सफ़र 'राउंड ऑफ़ 16' में ही खत्म हो गया। कुंडू ने इराक के अली अल-सराय के खिलाफ़ मज़बूत शुरुआत की और अपनी लंबाई और वज़न के फ़ायदे का इस्तेमाल करते हुए पहला राउंड जीता। कड़े मुक़ाबले के बावजूद उन्होंने दूसरा राउंड भी 3-2 के अंतर से अपने नाम किया। हालाँकि, तीसरे राउंड में फिसलने और घुटने में चोट लगने के कारण कुंडू को मुक़ाबला छोड़ना पड़ा, जिसके बाद रेफरी ने मैच रोक दिया।
Asian Games Men Hockey: भारत ने दक्षिण कोरिया को 8-2 से रौंदा, सेमीफाइनल में जगह लगभग पक्की
दिलप्रीत सिंह की हैट्रिक के दम पर भारतीय पुरूष हॉकी टीम ने एशियाई खेलों में लगातार तीसरी जीत दर्ज करते हुए बृहस्पतिवार को दक्षिण कोरिया को 8 -2 से हराकर सेमीफाइनल में जगह लगभग पक्की कर ली। पूल ए में शीर्ष पर काबिज भारत ने इससे पहले इंडोनेशिया को 13 . 1 और श्रीलंका को 16 . 1 से हराया था। अब भारत का सामना 26 सितंबर को जापान से होगा। भारत के लिये दिलप्रीत सिंह (10वां, 26वां और 32वां) ने तीन और फॉरवर्ड अभिषेक (15वां और 38वां मिनट) ने दो गोल किये जबकि शिलानंद लाकड़ा (चौथा), सुखजीत सिंह (दसवां), कप्तान हरमनप्रीत सिंह (11वां) और राजिंदर सिंह (60वां) ने एक एक गोल दागा। कोरिया के लिये किम जाएहो (42वां) और किम योंगबोक (52वां) ने गोल किये। भारत ने आक्रामक शुरूआत की और पहले ही क्वार्टर में चार गोल कर दिये। शिलानंद ने चौथे ही मिनट में उपकप्तान हार्दिक सिंह से बॉक्स के भीतर मिली गेंद पर यह गोल किया। शानदार फॉर्म में चल रहे दिलप्रीत ने दसवें मिनट मे बढत दुगुनी कर दी जब उन्होंने मनदीप सिंह से मिले पास पर गेंद को गोल के भीतर डाला। कप्तान हरमनप्रीत ने अगले मिनट पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके स्कोर 3 . 0 कर दिया। अभिषेक ने पहले क्वार्टर के आखिरी मिनट में शिलानंद के पास पर गोल किया। भारत ने दूसरे क्वार्टर में भी दबदबा बनाये रखा और मनदीप से बैकहैंड पर मिले क्रॉस पर दिलप्रीत ने गोल किया। ब्रेक के दो मिनट बाद दिलप्रीत ने मनदीप और हार्दिक के बीच बेहतरीन तालमेल से बने मूव को फिनिशिंग तक ले जाते हुए गोल दागा। भारत को कुछ मिनटों बाद लगातार चार पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन गोल नहीं हो सका। कोरिया को जल्दी ही पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर प्रयास नाकाम रहा। अभिषेक ने भारत की बढत 7 . 0 की करके सुखजीत सिंह का शुरूआती प्रयास नाकाम रहने के बाद रिबाउंड पर गोल दागा। कोरिया के लिये किम जाए हो ने तीसरा क्वार्टर खत्म होने में तीन मिनट बाकी रहते पहला गोल किया। चौथे और आखिरी क्वार्टर में कोरियाई खिलाड़ियों ने भारतीय डिफेंस पर लगातार हमले बोले और दो पेनल्टी कॉर्नर बनाये हालांकि गोल नहीं हो सका। आखिरी सीटी बजने से आठ मिनट पहले कोरिया के लिये किम योंग बोक ने तीन भारतीय डिफेंडरों को चकमा देकर गोल दागा। भारत के लिये आठवां गोल राजिंदर सिंह ने आखिरी मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर किया।
Asian Games में Satnam Singh और Salman Khan ने नौकायन में जीता कांस्य पदक
... फिलेम दीपक सिंह ...नागोया, 24 सितंबर (भाषा)। सतनाम सिंह और सलमान खान ने पुरुष युगल स्कल्स में कांस्य पदक जीतकर भारत को एशियाई खेलों की रोइंग (नौकायन) स्पर्धा में पहला पदक दिलाया। भारतीय टीम का प्रदर्शन हालांकि महाद्वीपीय खेलों के इतिहास के सबसे खराब प्रदर्शनों में से एक रहा। इस बार भारत का प्रदर्शन 1982, 1994 और 2002 के एशियाई खेलों के बराबर रहा। हांगझोउ एशियाई खेलों में भारत ने रोइंग में पांच पदक जीते थे, जिनमें दो रजत और तीन कांस्य शामिल थे। भारत ने 2010 में चार पदक जीते थे, जिसमें एक स्वर्ण, जबकि 2018 में तीन पदक हासिल किए थे, जिनमें एक स्वर्ण शामिल था। सतनाम और सलमान की जोड़ी 1,500 मीटर तक दूसरे स्थान पर थी, लेकिन अंतिम 500 मीटर में तीसरे स्थान पर खिसक गई। उसने नागारागावा इंटरनेशनल रेगाटा कोर्स पर छह मिनट 13.25 सेकंड का समय निकाला। चीन के यी शूडी और यीदे नी ने छह मिनट 09.37 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। उज्बेकिस्तान के पावेल सोरिन और मेखरोजबेक मामातकुलोव ने छह मिनट 10.49 सेकंड में रेस पूरी कर रजत पदक हासिल किया। भारतीय जोड़ी स्वर्ण पदक विजेताओं से 3.88 सेकंड पीछे रही। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांस्य पदक जीतने पर दोनों खिलाड़ियों की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘पुरुष युगल स्कल्स में सतनाम सिंह और सलमान खान का शानदार प्रदर्शन कर भारत के लिए कांस्य पदक जीता। उनका संयम और तालमेल सराहनीय रहा। उम्मीद है कि यह उपलब्धि उन्हें आने वाले वर्षों में और बड़ी ऊंचाइयां हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी।’’सतनाम ने हांगझोउ एशियाई खेलों में पुरुष क्वाड्रपल स्कल्स में भी कांस्य पदक जीता था। इस पदक के साथ उनके एशियाई खेलों के पदकों की संख्या दो हो गई है। सतनाम ने कहा, ‘‘मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है, क्योंकि भारत ने पुरुष युगल स्कल्स में कभी एशियाई खेलों का पदक नहीं जीता था और अब मैं उस पहले पदक को जीतने वाली टीम का हिस्सा हूं।’’रोइंग टीम से जुड़े विवाद पर उन्होंने कहा, ‘‘मेरे साथियों के साथ जो हुआ उससे मैं दुखी हूं। हमारे पास बेहतर पदक जीतने का मौका था, लेकिन फैसला हो चुका है और अब इसे बदला नहीं जा सकता।’’उन्होंने कहा कि दोनों खिलाड़ी पुरुष युगल स्कल्स में सिर्फ पांच दिन पहले ही साथ आए थे। सतनाम ने कहा, ‘‘मुझे गर्व है कि केवल पांच दिन साथ रहने के बाद हम इस स्पर्धा में एशियाई खेलों का पदक जीतने में सफल रहे।’’बुधवार से शुरू हुई रोइंग प्रतियोगिताओं से दो दिन पहले भारतीय टीम में असंतोष के स्वर उठने लगे थे। कुछ खिलाड़ियों ने दावा किया था कि उन्हें उन स्पर्धाओं से हटा दिया गया, जिनमें उनका पहले चयन हुआ था, जबकि रिजर्व खिलाड़ियों को मुख्य टीम में शामिल कर लिया गया। ये बदलाव सोमवार को विभिन्न देशों के टीम मैनेजरों की बैठक के बाद किए गए थे। एक खिलाड़ी ने बताया कि टीम से बाहर किए गए या दूसरी स्पर्धाओं में भेजे गए खिलाड़ी ‘‘बहुत परेशान’’ हैं और दिन में हुए घटनाक्रम के बाद उन्होंने खाना तक नहीं खाया। कुछ खिलाड़ियों ने कहा कि वे खेल मंत्री के सामने अपनी शिकायत रखने पर विचार कर रहे हैं। भारतीय नौकायन महासंघ के अध्यक्ष बालाजी मरदापा ने एक पूर्व कोच पर खिलाड़ियों को ‘‘प्रभावित करने’’ का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तूफान के कारण मौसम खराब होने से रोइंग प्रतियोगिता की अवधि चार दिन से घटाकर दो दिन किए जाने के बाद कोचों ने टीम के हित में क्रू के सदस्यों में बदलाव किया था। भारत रोइंग में एक और पदक से मामूली अंतर से चूक गया। बलराज पंवार पुरुष एकल स्कल्स के फाइनल में छह मिनट 54.80 सेकंड के समय के साथ चौथे स्थान पर रहे। पंवार 500, 1,000 और 1,500 मीटर तक दूसरे स्थान पर थे, लेकिन अंतिम 500 मीटर में वह फिसलकर चौथे स्थान पर पहुंच गए। चीन के देंग झीवेई ने छह मिनट 38.98 सेकंड में स्वर्ण पदक जीता। पंवार उनसे 15.82 सेकंड पीछे रहे। लाइटवेट पुरुष युगल स्कल्स में रोहित और उज्ज्वल कुमार सिंह की जोड़ी भी चौथे स्थान पर रही, जबकि पुरुष क्वाड्रपल स्कल्स टीम ने पांचवां स्थान हासिल किया। पुरुष एकल स्कल्स में भारत का पिछला एशियाई खेल पदक 2014 के इंचियोन खेलों में आया था, जब सवर्ण सिंह ने कांस्य पदक जीता था। इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले बजरंग लाल ठक्कर अब तक के इकलौते भारतीय हैं। उन्होंने 2010 के ग्वांगझोउ एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। महिला फोर के फाइनल में भारत की गुरबानी कौर, अलीना एंटो, टेंडेंथोई देवी हाओबिजाम और पूनम की टीम छह मिनट 55.32 सेकंड के समय के साथ छठे स्थान पर रही। वह स्वर्ण पदक जीतने वाली चीन की टीम से 20.45 सेकंड पीछे रही। लाइटवेट पुरुष एकल स्कल्स के फाइनल बी में अजय त्यागी ने सातवें से 12वें स्थान के वर्गीकरण मुकाबले में सात मिनट 01.54 सेकंड के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया। छब्बीस वर्षीय सतनाम का एशियाई खेलों के पोडियम तक पहुंचने का सफर नौकायन से नहीं, बल्कि हैंडबॉल से शुरू हुआ था। वह पहले राष्ट्रीय स्तर के हैंडबॉल खिलाड़ी थे। करीब आठ साल पहले उन्होंने ओलंपियन स्वर्ण सिंह विर्क से प्रेरित होकर रोइंग शुरू की। विर्क ने 2018 के एशियाई खेलों में पुरुष लाइटवेट युगल स्कल्स में स्वर्ण पदक जीता था। पंजाब के मानसा जिले के रहने वाले सतनाम ने जल्द ही भारत के उभरते रोवर के रूप में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने 2018 युवा ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया और आठवें स्थान पर रहे। इसके बाद सतनाम ने 40वीं सीनियर राष्ट्रीय रोइंग चैंपियनशिप में पुरुष एकल स्कल्स का खिताब जीता। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले भारतीय नौसेना के पहले रोवर बने। सतनाम पिछले साल सीनियर एशियाई रोइंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पुरुष क्वाड्रपल स्कल्स टीम का भी हिस्सा थे। सलमान ने पहली बार एशियाई खेलों का पदक जीता है। 28 वर्षीय सलमान 2018 में भारतीय सेना के बॉम्बे इंजीनियरिंग ग्रुप में शामिल हुए और इसी दौरान रोइंग से जुड़े। कोच सत्यवान, सतीश सिराट और प्रभात मिश्रा की मदद से उनके खेल में सुधार आया और उन्हें केंद्र की टीम के लिए चुना गया। इसके बाद उन्होंने अपनी बटालियन का प्रतिनिधित्व किया और इंटर-सेंटर चैंपियनशिप में हिस्सा लिया। सलमान ने दो बार रोइंग छोड़ने के बारे में सोचा, लेकिन उनके कोचों ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने 2022 के गुजरात राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक जीता। इसी साल उन्होंने इंडोर राष्ट्रीय चैंपियनशिप का खिताब भी अपने नाम किया। इसके बाद उन्हें सेना रोइंग नोड (एआरएन) में शामिल किया गया, जहां उन्होंने वरिष्ठ कोच कुदरत अली के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लिया। सलमान ने 2023 में सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप और ओपन स्प्रिंट राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। उनके प्रदर्शन के आधार पर उन्हें टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना (टॉप्स) कार्यक्रम में जगह मिली।
एशियाई खेलों की Skeet Mixed Team में अनंतजीत और परिनाज ने जीता कांस्य पदक
(तस्वीरों के साथ)... अजय मसंद ...नागोया, 24 सितंबर अनंतजीत सिंह नरूका और परिनाज धालीवाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियाई खेलों की स्कीट मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत को ऐतिहासिक कांस्य पदक दिलाया। यह एशियाई खेलों की मिश्रित टीम स्कीट स्पर्धा में भारत का पहला पदक है। इस कांस्य के साथ भारतीय स्कीट टीम ने महज दो दिन में तीन पदक जीतने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इस पदक ने भारतीय निशानेबाजी दल को भी कुछ राहत दी क्योंकि इससे पहले दिन में पिस्टल स्पर्धा में एक बार फिर निराशा हाथ लगी। पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल टीम का एक भी निशानेबाज फाइनल में जगह नहीं बना सका और टीम स्पर्धा में भी निराशा हाथ लगी। तेज हवा के कारण मुश्किल परिस्थिति में अनंतजीत और परिनाज के लिए इस पदक की अहमियत उसके रंग से कहीं ज्यादा थी। अनंतजीत, भवतेग सिंह गिल और मिराज अहमद खान ने बुधवार को पुरुष टीम स्कीट में कांस्य जीता था। इसके बाद परिनाज, राइजा ढिल्लों और महेश्वरी चौहान की महिला तिकड़ी ने स्कीट में कांस्य पदक अपने नाम किया। अनंतजीत और परिनाज ने यह सुनिश्चित किया कि इन खेलों में स्कीट की तीनों टीम स्पर्धाओं में भारत पदक जीते। इस पदक के लिए दोनों को कड़ी मेहनत करनी पड़ी। दोनों ने क्वालीफिकेशन में 138 अंक हासिल कर चार टीमों के फाइनल में चौथे स्थान के साथ प्रवेश किया। अनंतजीत ने 75 में से 70 और परिनाज ने 68 निशाने साधे। कतर 145 अंकों के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि दक्षिण कोरिया 143 और चीन 140 अंकों के साथ क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर थे। फाइनल शुरू होते ही क्वालीफिकेशन के सारे आंकड़े पीछे छूट गए। क्वालीफिकेशन में शीर्ष पर रहने वाला कतर सबसे पहले बाहर हुआ। राशेद सालेह और रीमा घनेम अपने शुरुआती 12-12 निशानों में संघर्ष करते रहे। कतर के बाहर होते ही भारत का कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित हो गया और पदक का रंग बदलने की संभावना भी बनी रही। भारत ने शुरुआत अच्छी की और 24 में से 21 निशाने सही लगाए। चीन 23 के साथ आगे था, जबकि दक्षिण कोरिया के 22 निशाने सही रहे। अगले राउंड में दबाव और बढ़ गया। बीच-बीच में चल रही तेज हवाओं ने मुकाबले को और चुनौतीपूर्ण बना दिया। भारत ने इसका अच्छी तरह सामना किया। नरूका की केवल एक चूक के साथ भारत ने 24 में से 23 निशाने सही लगाए और उसका कुल स्कोर 44 हो गया। यह कांस्य पदक के लिए पर्याप्त था, लेकिन स्वर्ण की दौड़ में बने रहने के लिए नहीं। चीन और दक्षिण कोरिया अंतिम राउंड में पहुंचे। चीन ने 52 अंकों के साथ स्वर्ण, जबकि कोरिया ने 51 अंकों के साथ रजत पदक जीता। भारत 44 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। चौबीस वर्षीय परिनाज के लिए यह एशियाई खेलों का दूसरा कांस्य पदक है। उन्होंने बुधवार को महिला टीम स्पर्धा में भी कांस्य जीता था। पटियाला की इस निशानेबाज के लिए यह यादगार प्रदर्शन रहा। उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने के अवसर को छोड़कर स्कीट निशानेबाजी पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया था। परिनाज 2023 हांगझोउ एशियाई खेलों में महिला टीम पदक से चूक गई थीं। उन्होंने इस पदक का श्रेय अनंतजीत को देते हुए कहा, ‘‘हम आक्रामक थे। हम बस एक-दूसरे से मुकाबले में बने रहने के लिए कहते रहे। मिश्रित टीम स्पर्धा का मतलब ही यही है। जयपुर के 28 वर्षीय अनंतजीत के लिए भी इस कांस्य काफी महत्व है। उन्होंने इससे पहले दिल्ली में विश्व कप फाइनल में कांस्य पदक जीता है और पेरिस ओलंपिक 2024 में महेश्वरी चौहान के साथ मिश्रित टीम स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहकर पदक से महज एक स्थान दूर रह गए थे। उन्होंने कहा, ‘‘यह पदक सबसे ऊपर है। ओलंपिक में आप चौथे स्थान पर आते हैं, लेकिन अगर आप पोडियम पर नहीं खड़े हैं तो उसका कोई मतलब नहीं रह जाता। हमने आज अच्छा संघर्ष किया और कांस्य पदक जीता।
Asian Games Badminton: Lakshya Sen और PV Sindhu को मिला कठिन ड्रॉ
लक्ष्य सेन और पी वी सिंधू को एशियाई खेलों की बैडमिंटन स्पर्धा के व्यक्तिगत वर्ग में कठिन ड्रॉ मिले हैं जबकि गत चैम्पियन सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की सेमीफाइनल तक की राह आसान लग रही है। पिछली बार हांगझोउ में रजत पदक जीतने वाली भारतीय पुरूष टीम ने कांस्य पदक हासिल किया। सेमीफाइनल में भारत को चीन ने 3 . 1 से हराया। एकल वर्ग में लक्ष्य और आयुष शेट्टी अपने अपने मैच हार गए थे। महिला वर्ग में भारतीय टीम क्वार्टर फाइनल में जापान से हारकर पदक से चूक गई। पी वी सिंधू और उन्नति हुड्डा को जापानी प्रतिद्वंद्वियों ने हराया। इस निराशा से उबरकर भारतीय खिलाड़ियों को अब व्यक्तिगत स्पर्धा में भरपाई करनी होगी। दुनिया के 14वें नंबर के खिलाड़ी लक्ष्य को एशियाई खेलों से पहले लगातार कई मुकाबलों में पहले दौर में पराजय का सामना करना पड़ा है लेकिन जापान के कोडाइ नारोका के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया। वह हालांकि चीन के शि यू कि के खिलाफ सेमीफाइनल में वह लय कायम नहीं रख सके। पहले दौर में लक्ष्य को बाय मिला था और अब वह दूसरे दौर में सिंगापुर के पूर्व विश्व चैम्पियन लोह कीन यू से खेलेंगे। अगर वह लोह को हरा देते हैं तो दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी से सामना होगा। दिल्ली विश्व चैम्पियनशिप में शि यू कि को हराने वाले आयुष को भी पहले दौर में बाय मिला है लेकिन तीसरे दौर में चीनी ताइपै के चोउ तियेन चेन से सामना हो सकता है। दो बार की ओलंपिक चैम्पियन सिंधू पहले दौर में बाय मिलने के बाद दूसरे दौर में जापान की सातवीं वरीयता प्राप्त तोमोका मियाजाकी से खेलेंगी। उसमें जीतने पर तोक्यो ओलंपिक चैम्पियन चीन की चेन युफेइ से खेलना होगा। उन्नति का सामना पहले दौर में उत्तर कोरिया की यू मि सोंग से होगा जबकि तीसरे दौर में दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वरदानी से टक्कर हो सकती है। पुरूष युगल में गत चैम्पियन सात्विक और चिराग की सेमीफाइनल तक की राह आसान है। पहले दौर में उनका सामना थाईलैंड के पी सुकपुन और पक्कापोन तीरात्साकुल से होगा। इसके बाद इंडोनेशिया के लियो रोली कारर्नाडो और डेनियल मार्टिन से टक्कर हो सकती है। इसमें जीतने पर दक्षिण कोरिया के किम वोन हो और सियो सियुंग जाए से खेलना होगा। महिला युगल में त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद का सामना हांगकांग की लोक लोक लुइ और हियु यान सांग से होगा। विश्व चैम्पियनशिप कांस्य पदक विजेता इस जोड़ी की टक्कर दूसरे दौर में जापान की युकी फुकुशिमा और मायु मत्सुमोतो से हो सकती है जो विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर है। भारत को अब तक एकमात्र पदक पुरूष टीम ने कांसे के रूप में दिलाया है। हांगझोउ में 2023 में हुए खेलों में भारत ने तीन पदक जीते थे जब सात्विक और चिराग ने स्वर्ण, पुरूष टीम ने रजत और एच एस प्रणय ने पुरूष एकल कांस्य जीता था।
Asian Games: हॉकी में भारत का धमाका, साउथ कोरिया को 8-2 से रौंदा
भारत ने एशियन गेम्स 2026 के ग्रुप चरण में लगातार तीसरी जीत दर्ज करते हुए चार बार की चैम्पियन दक्षिण कोरिया को 8-2 से करारी शिकस्त दी. भारत के लिए अभिषेक और दिलप्रीत सिंह ने दो-दो गोल किए, जबकि शिलानंद लाकड़ा, सुखजीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह और राजिंदर सिंह ने एक-एक गोल दागा.
Asian Games Squash: Abhay Singh और Veer Chotrani पुरुष सिंगल्स के Quarter Final में पहुंचे
गुरुवार को आइची-नागोया में हो रहे एशियाई खेलों में भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी अभय सिंह और वीर छोटरानी पुरुषों के सिंगल्स इवेंट के क्वार्टर फाइनल में पहुँच गए। ESPN के अनुसार, अभय ने श्रीलंका के रविंदु लक्षिरी को सिर्फ़ 21 मिनट में 3-0 (11-3, 11-5, 11-6) से हराया। क्वार्टर फाइनल में उनका मुक़ाबला जापान के र्युनोसुके सुकुए से होगा। वीर ने दूसरे गेम में पिछड़ने के बावजूद मलेशिया के संजय जीवा को 2-1 (11-9, 8-11, 11-6) से हराया। पहले गेम में 7-7 की बराबरी के बाद, वीर ने 11-9 से करीबी जीत हासिल की और दूसरा गेम 8-11 से हार गए, लेकिन इसके बाद उन्होंने निर्णायक गेम आसानी से जीत लिया। इसे भी पढ़ें: Hurun Rich List 2026: नेट वर्थ में गिरावट के बावजूद शाहरुख खान बने भारत के सबसे अमीर एक्टर, अमिताभ और ऋतिक भी सूची में शामिल महिला सिंगल्स में, अनाहत सिंह ने सिंगापुर की औ योंग वाई लिन को 3-0 (11-4, 11-5, 11-7) से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। तीसरी सीड खिलाड़ी वर्ल्ड कप विजेता हैं और उन्होंने अगले दौर में अपनी जगह पक्की कर ली। तन्वी खन्ना ने भी सिंगापुर की औ योंग वाई यैन को 3-1 (5-11, 11-4, 11-5, 13-11) से हराकर अगले दौर में जगह बनाई और अनाहत सिंह के साथ क्वार्टर फाइनल मुकाबला तय किया। इसे भी पढ़ें: IOA President PT Usha का बयान, Asian Games में खिलाड़ियों की रहने की दिक्कतें दूर हुईं स्क्वैश 2028 लॉस एंजिल्स गेम्स में ओलंपिक में डेब्यू करेगा, जिसमें चैंपियन को सीधे क्वालिफिकेशन मिलेगा। ESPN की रिपोर्ट के अनुसार, मिक्स्ड डबल्स में भारतीय जोड़ी जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार ने अपने ही देश के खिलाड़ियों सूरज चंद और शमीना रियाज़ को 2-0 (11-7, 11-10) से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। पहला गेम जोशना और वेलवन ने 11-7 से जीता। दूसरा गेम काफी कड़ा मुकाबला वाला रहा, जिसमें सूरज और शमीना ने 7-9 से वापसी करते हुए स्कोर 9-9 कर दिया, लेकिन जोशना और वेलवन के अनुभव ने उन्हें 11-10 से जीत दिलाई।
Anantjeet Naruka और परिनाज़ धालीवाल का कमाल, Asian Games Mixed Skeet में भारत को दिलाया ब्रॉन्ज
एशियाई खेलों 2026 में भारतीय टीम ने एक और मेडल अपने नाम किया। अनंतजीत सिंह नरुका और परिनाज़ धालीवाल की जोड़ी ने मिक्स्ड स्कीट फ़ाइनल में भारत के लिए ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। शुरुआती दौर में कतर के बाहर होने के बाद, भारत और कोरिया के पॉइंट्स बराबर थे, लेकिन टाई-ब्रेकर हारने की वजह से नरुका और धालीवाल ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। इस जोड़ी ने फ़ाइनल में 44 हिट के साथ तीसरा स्थान हासिल किया; वे चीन (52 हिट) और रिपब्लिक ऑफ़ कोरिया (51 हिट के साथ सिल्वर मेडल जीतने वाली टीम) से पीछे रहे। ध्यान देने वाली बात यह है कि छह सीरीज़ के बाद भारत और कोरिया के पॉइंट्स बराबर थे; दोनों टीमों के नाम 44 हिट थे। इसे भी पढ़ें: Hurun Rich List 2026: नेट वर्थ में गिरावट के बावजूद शाहरुख खान बने भारत के सबसे अमीर एक्टर, अमिताभ और ऋतिक भी सूची में शामिल स्कोर बराबर होने के कारण मैच टाई-ब्रेकर में चला गया। गौरतलब है कि कोरिया ने क्वालिफाइंग राउंड में बेहतर रैंकिंग के साथ फाइनल में जगह बनाई थी, और इसी वजह से गोल्ड मेडल के मुकाबले में चीन के खिलाफ खेलने के लिए वे भारत से आगे रहे। दिलचस्प बात यह है कि नरुका और धालीवाल की जोड़ी क्वालिफाइंग राउंड में चौथे स्थान पर रहने के बाद फाइनल में पहुंची थी। उन्होंने कुल 150 टारगेट में से 138 पॉइंट हासिल किए। क्वालिफिकेशन राउंड में कतर 145 पॉइंट के साथ सबसे आगे रहा, जबकि दक्षिण कोरिया ने 143 और चीन ने 140 पॉइंट हासिल किए। यह ध्यान देने वाली बात है कि अनंतजीत सिंह नरुका ने इससे पहले पुरुषों की टीम स्कीट इवेंट में भारत को ब्रॉन्ज़ मेडल जिताने में भी मदद की थी। उन्होंने मैराज अहमद खान और भवतेघ सिंह गिल के साथ मिलकर मुकाबला किया था। इसके अलावा, इस इवेंट में अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए, अनंतजीत सिंह नरुका व्यक्तिगत स्कीट इवेंट में चौथे स्थान पर रहे। इसे भी पढ़ें: Asian Games Badminton 2026: बैडमिंटन में भारत को मिला कांस्य! लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी रहे फ्लॉप, चीन ने तोड़ा स्वर्ण पदक का सपना साथ ही, परिनाज़ धालीवाल ने भी राइज़ा ढिल्लों और माहेश्वरी चौहान के साथ मिलकर महिलाओं की टीम स्कीट इवेंट में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। इन तीनों ने मिलकर कुल 331 पॉइंट हासिल किए, जिससे भारत ने एशियाई खेलों में महिलाओं की स्कीट इवेंट में अपना पहला मेडल जीता। महिलाओं के इवेंट में चीन एक बार फिर पहले स्थान पर रहा, जबकि कज़ाखस्तान ने सिल्वर मेडल जीता।
Salman Khan Wins Bronze Medal:सेना में भर्ती होने के बाद शुरू हुआ सलमान खानकारोइंग का सफर अब उन्हें एशियाई खेलों का पदक विजेता बना चुका है।
Asian Games 2026 में Naorem Roshibina Devi ने जीता रजत पदक, मुख्यमंत्री ने दी बधाई
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने बृहस्पतिवार को जापान में जारी एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाली वुशु खिलाड़ी नाओरेम रोशिबिना देवी को बधाई दी और उन्हें ‘‘राज्य की खेल भावना की गौरवपूर्ण प्रतीक’’ बताया। 25 वर्षीय रोशिबिना ने बृहस्पतिवार को आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेल 2026 में महिलाओं की 60 किलोग्राम सांडा वुशु स्पर्धा में रजत पदक जीता। फाइनल में उन्हें चीन की झांग शियाओयू के हाथों 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ रोशिबिना लगातार तीन एशियाई खेलों में पदक जीतने वाली पहली भारतीय वुशु खिलाड़ी बन गई हैं। उन्होंने कहा कि उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि ने एक बार फिर मणिपुर और देश को गर्व और सम्मान दिलाया है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘रोशिबिना मणिपुर के युवाओं के लिए प्रेरणा की उज्ज्वल मिसाल और राज्य की खेल भावना की गौरवपूर्ण प्रतीक हैं।’’यह रोशिबिना का एशियाई खेलों में तीसरा पदक है। उन्होंने 2018 में जकार्ता एशियाई खेलों में कांस्य और 2023 में हांगझोउ एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था। मणिपुर भाजपा अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य ए शारदा देवी ने भी वुशु खिलाड़ी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि रोशिबिना का दृढ़ संकल्प, अनुशासन और संघर्ष की भावना मणिपुर तथा पूरे देश के युवा खिलाड़ियों के लिए उदाहरण है। बिष्णुपुर जिले के क्वासिफाई मयाई लीकाई की रहने वाली रोशिबिना के पिता नाओरेम दामू सिंह किसान हैं। वह शुरु में उनके वुशु खेलने के पक्ष में नहीं थे, लेकिन बाद में बेटी के खेल के प्रति जुनून को देखते हुए उन्होंने अनुमति दे दी। शुरुआती वर्षों में प्रशिक्षण और यात्रा का खर्च उठाने के लिए सीमित साधनों वाले उनके पिता को जमीन का एक टुकड़ा भी बेचना पड़ा था।
पंजाब के सतनाम ने एशियाई खेलों में जीता कांस्य: रोइंग में दिलाई जीत
एशियाई खेलों में रोइंग के डबल स्कल्स मुकाबले में कांस्य पदक जीतने वाले पंजाब के खिलाड़ी सतनाम सिंह को राज्य सरकार 50 लाख रुपये की नकद राशि से सम्मानित करेगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सतनाम सिंह और उनके साथी सलमान खान को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों खिलाड़ियों …
चंबा के रेटा गांव की धाविका सीमा आज जापान में एशियाई खेलों की 10,000 मीटर दौड़ के फाइनल में भारत के लिए स्वर्ण पदक की उम्मीद के साथ ट्रैक पर उतरेंगी।
Asian Games में 10m एयर पिस्टल टीम पदक से चूकी, पांचवें दिन भी नहीं मिला Gold
... अजय मसंद ...नागोया, 24 सितंबर एशियाई खेलों में भारतीय निशानेबाजों का खराब प्रदर्शन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा जहां देश की पारंपरिक रूप से मजबूत स्पर्धाओं में शुमार पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल टीम भी पदक जीतने में नाकाम रही। कमलजीत 580 अंक के साथ नौवें स्थान पर रहे और फाइनल में जगह बनाने से सिर्फ एक अंक से चूक गए। आकाश भारद्वाज ने 579 अंक के साथ 11वां और केदारलिंग ने 568 अंक के साथ 35वां स्थान हासिल किया। भारतीय टीम ने कुल 1727 अंक जुटाए। जापान ने 1730 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया। चीन ने 1743 अंक के साथ स्वर्ण और इंडोनेशिया ने इतने ही अंक के साथ रजत पदक जीता। चीन ने अधिक इनर-10 के आधार पर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। केदारलिंग के प्रदर्शन में मुकाबले के दौरान लगातार गिरावट आई। वह अंक हासिल करने के लिए अपनी पिस्टल की सेटिंग भी बदलते नजर आए, लेकिन इसका खास फायदा नहीं हुआ। आखिरी चरण में उनके एक शॉट में आठ अंक आने के बाद भारत की टीम पदक की दौड़ से बाहर हो गई। निशानेबाजी में लगातार पांच दिन का खेल पूरा होने के बावजूद भारत के खाते में अब तक एक भी स्वर्ण पदक नहीं आया है। एशिया की इस मजबूत निशानेबाजी टीम के लिए यह असामान्य सूखा है, हालांकि उसने अब तक चार रजत और तीन कांस्य पदक जरूर जीते हैं। इससे पहले भारत की स्टार खिलाड़ियों से सजी महिला 10 मीटर एयर पिस्टल टीम भी फाइनल में जगह बनाने में नाकाम रही थी। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर तथा विश्व कप की स्वर्ण पदक विजेता ईशा सिंह और सुरूचि सिंह की तिकड़ी से काफी उम्मीदें थीं। लगातार दो दिनों की इन निराशाओं ने 2023 हांगझोउ एशियाई खेलों में निशानेबाजी के सात स्वर्ण समेत 22 पदकों के अपने रिकॉर्ड प्रदर्शन को दोहराने की भारत की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है। पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल की क्वालीफिकेशन में भी कोई खास राहत नहीं मिली। कमलजीत आखिरी दौर तक फाइनल की दौड़ में बने रहे, लेकिन एक अंक से चूक गये। भारद्वाज भी फाइनल में प्रवेश के बेहद करीब रहे, लेकिन कट में जगह नहीं बना पाए। केदारलिंग की मुश्किलें हलांकि कहीं अधिक गंभीर रहीं। भारतीय सेना के निशानेबाज केदारलिंग ने लगभग शुरुआत से ही संघर्ष किया। वह लगातार अंक गंवाते रहे और प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए जरूरी ऊंचे स्कोर हासिल करने में भी नाकाम रहे। प्रदर्शन बिगड़ता देख उन्होंने समाधान की तलाश में अपनी पिस्टल की सेटिंग बदलनी शुरू कर दी। दर्शक दीर्घा में मौजूद भारतीय कोच उन्हें लेकर स्पष्ट रूप से चिंतित नजर आए। इस बीच हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर पियरे ब्यूशां दर्शक दीर्घा में लगातार चहलकदमी करते रहे और केदारलिंग अपने खराब प्रदर्शन को थामने की कोशिश करते रहे। इन बदलावों का उनकी स्थिति पर कोई खास असर नहीं पड़ा। केदारलिंग की निशानेबाजी में लगातार अनिश्चितता बनी रही। उनके खाते में नौ अंक वाले शॉट ज्यादा आ रहे थे, जबकि ऊंचे स्कोर वाले निशाने बेहद कम थे। मुकाबला अंतिम चरण में पहुंचा तो भारत के लिए टीम कांस्य पदक बचाने की उम्मीद लगभग खत्म होने के कगार पर थी। मुकाबले में एक असाधारण मोड़ आया। टीम पदक की स्थिति बेहद करीबी होने के बीच जापानी कोचिंग स्टाफ के कुछ सदस्य दर्शक दीर्घा में केदारलिंग के पीछे आकर खड़े हो गए। वे उनके आखिरी शॉट देख रहे थे और उम्मीद कर रहे थे कि भारतीय निशानेबाज इतने अंक गंवा दें कि उनकी टीम कांस्य पदक की स्थिति में पहुंच जाए। अपने आखिरी 10 शॉटों के क्रम में आठ अंक का एक शॉट भारत की पदक उम्मीदों के लिए निर्णायक साबित हुआ और जापान के लिए पदक का रास्ता खोल गया। जापानी कोच वहां से स्पष्ट रूप से संतुष्ट नजर आए, क्योंकि केदारलिंग की आखिरी चूक ने उनकी टीम को पदक की स्थिति में पहुंचा दिया था। जापान ने 1730 अंकों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया और भारत से तीन अंक आगे रहा। चीन ने 1743 अंकों के साथ इनर-10 स्कोर से टीम स्वर्ण पदक जीता, जबकि इंडोनेशिया ने भी 1743 अंक हासिल कर रजत पदक अपने नाम किया। व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में शीर्ष पर इंडोनेशिया के मुहम्मद इकबाल राजा प्रबोवो रहे। उन्होंने 589 का शानदार स्कोर बनाया। वह दूसरे स्थान पर रहे चीन के निशानेबाज से छह अंक आगे रहे, जिसने 583 अंक हासिल किए। केदारलिंग गुस्से और निराशा में रेंज से बाहर निकले, जबकि भारतीय खेमे को एक और निराशाजनक नतीजे को स्वीकार करना पड़ा। भारत के डेटा-आधारित प्रदर्शन विश्लेषण की जिम्मेदारी संभालने वाले ब्यूशां ने तत्काल टीम के प्रदर्शन का विश्लेषण करने से इनकार कर दिया। वह निशानेबाजों के प्रदर्शन की बारीकी से निगरानी, वीडियो रिकॉर्डिंग और शारीरिक आंकड़ों के विश्लेषण के साथ-साथ खेल-विज्ञान के समन्वय, मानसिक नियंत्रण और व्यापक प्रदर्शन प्रणाली के निर्माण की देखरेख करते हैं। उन्होंने कहा कि एशियाई खेलों में निशानेबाजी की स्पर्धाएं समाप्त होने के बाद ही वह इस पर बात करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मैं अभी इस बारे में बात नहीं कर सकता। खेलों में भारत की प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद ही मैं इस पर बात करूंगा।
Asian Games में Gold जीतने के बाद Shafali Verma बोलीं, अधिक ट्रॉफियों से चमकेगा महिला क्रिकेट
भारत की स्टार सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा का मानना है कि देश में महिला क्रिकेट लगातार आगे बढ़ रहा है और अधिक पदक तथा ट्रॉफी जीतने से इसमें और सुधार होगा। शेफाली ने जापान में हुए आइची-नागोया एशियाई खेलों में भारतीय महिला टीम के स्वर्ण पदक बरकरार रखने में अहम भूमिका निभाई। वह टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। उन्होंने 188 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 200 से अधिक रहा। इसमें बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में 49 गेंद में लगाया गया शतक भी शामिल है। शेफाली ने क्वार्टर फाइनल में जापान के खिलाफ 40 रन की उपयोगी पारी खेली, जबकि श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में 48 रन बनाए। भारत ने फाइनल में श्रीलंका को 147 रन से हराकर अपना दबदबा बरकरार रखा। शेफाली ने जापान से लौटने के बाद बृहस्पतिवार तड़के ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘मैं बहुत खुश हूं कि भारत ने स्वर्ण पदक जीता और तिरंगा शान से लहराया। पूरी टीम बहुत खुश है। हम जितने अधिक पदक जीतेंगे और जितनी अधिक ट्रॉफियां अपने नाम करेंगे, भारतीय महिला क्रिकेट उतना ही आगे बढ़ेगा। इसलिए मैं बहुत खुश हूं।’’शेफाली के साथ टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर, हरफनमौला दीप्ति शर्मा, बाएं हाथ की स्पिनर राधा यादव और बल्लेबाज प्रतिका रावल भी भारत लौटीं। बीसीसीआई के कुछ प्रोटोकॉल के कारण हरमनप्रीत, दीप्ति और राधा ने मीडिया से बात नहीं की। वहीं, प्रतिका ने हवाई अड्डे पर इंतजार कर रहे पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत की। प्रतिका ने कहा, ‘‘मैं बहुत खुश हूं कि टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। हम यही करना चाहते थे। हमारा लक्ष्य स्वर्ण पदक जीतना था और टीम ने इसे अच्छी तरह से हासिल किया। पूरा देश खुश है और सभी को बधाई।’’प्रतिका ने टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं खेला था। प्रतिका से जब पूछा गया कि एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक बरकरार रखने से 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में भारत की पदक की संभावनाओं पर क्या असर पड़ेगा तो उन्होंने कहा, ‘‘हां, हम उसी दिशा में काम कर रहे हैं। 2028 ओलंपिक के लिए टीम जिस तरह तैयार हो रही है, उसे देखना शानदार है। हम सर्वश्रेष्ठ की उम्मीद कर रहे हैं।
एशियाई खेलों में रोइंग के डबल स्कल्स मुकाबले में कांस्य पदक जीतने वाले पंजाब के खिलाड़ी सतनाम सिंह को राज्य सरकार 50 लाख रुपये की नकद राशि से सम्मानित करेगी।
Asian Games में रजत जीतने के बाद Roshibina Devi ने चयन को सही ठहराया
(तस्वीरों के साथ)... फिलेम दीपक सिंह ...नागोया, 24 सितंबर अनुभवी वुशु खिलाड़ी रोशिबिना देवी ने बृहस्पतिवार को भारतीय वुशु संघ के उन्हें टीम में शामिल करने के फैसले को सही करार देते हुए कहा कि वह एशियाई खेलों की टीम में चयन को लेकर साथी खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी की ओर से लगाए गए मानसिक उत्पीड़न के आरोपों को नजरअंदाज करेंगी। पच्चीस वर्षीय रोशिबिना ने चीन की झांग शियाओयू के खिलाफ महिलाओं की 60 किग्रा स्पर्धा के फाइनल में 0-2 से हारकर रजत पदक जीता। इसके साथ ही उन्होंने एशियाई खेलों में लगातार तीसरा पदक अपने नाम किया। उन्होंने 2018 में कांस्य और पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था। रोशिबिना ने फाइनल के बाद कहा, ‘‘जो कुछ हुआ, वह मेरी वजह से नहीं हुआ। यह महासंघ का फैसला था कि मुझे एशियाई खेलों के लिए चुना जाए। भारतीय वुशु संघ ने जो भी फैसला लिया, मुझे लगता है कि वह सही था।’’उन्होंने दिव्यांशी के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘मैं इसे नजरअंदाज करूंगी। मैं सिर्फ अपने लक्ष्य पर ध्यान देना चाहती हूं।’’दिव्यांशी ने जून में श्रीनगर में हुए एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में रोशिबिना को हराया था लेकिन ‘एसीएल’ चोट के कारण बाद में उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। इसके बाद दिव्यांशी ने आरोप लगाया था कि रोशिबिना ने एशियाई खेलों की टीम में जगह बनाने के लिए उनके खिलाफ काम किया। दिव्यांशी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो में कहा था कि जून से सितंबर तक उन्हें मानसिक रूप से काफी परेशान किया गया और रोशिबिना एशियाई खेलों में जाना चाहती थीं। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्होंने चयन ट्रायल में रोशिबिना को हराया था, इसलिए उन्हें एशियाई खेलों में जाने का अधिकार था। भारतीय वुशु संघ ने कहा था कि अगस्त के अंतिम सप्ताह में कराई गई एमआरआई जांच में दिव्यांशी के घुटने में एसीएल के गंभीर चोट और काफी सूजन का पता चला था। इसी वजह से उनकी जगह रोशिबिना को टीम में शामिल किया गया। दिव्यांशी ने बाद में अपना गुस्सा कम करते हुए कहा था कि भारतीय वुशु संघ उनके मजबूत वापसी करने में पूरा समर्थन कर रहा है। उन्होंने हालांकि रोशिबिना पर उन्हें और उनके परिवार को परेशान करने के आरोप दोहराए थे। रोशिबिना ने कहा कि उन्हें एशियाई खेलों की टीम में शामिल किए जाने की जानकारी टीम के रवाना होने से कुछ दिन पहले ही मिली थी। उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं एशियाई खेलों के लिए यहां आई तो काफी परेशानियां थीं। मुझे तैयारी के लिए ज्यादा समय नहीं मिला। मुझे अगर ज्यादा समय मिलता तो मैं बेहतर प्रदर्शन कर सकती थी।’’जब उनसे पूछा गया कि परेशानी क्या थी तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं शुरुआत में टीम में नहीं थी। ट्रायल में हारने के बाद यही परेशानी थी।’’रोशिबिना ने कहा कि चीन की खिलाड़ियों को हराने के लिए भारतीय वुशु खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत होने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें अपनी मानसिक मजबूती पर काम करना होगा। हमारे पास दो बार के जूनियर विश्व चैंपियन आर्यन हैं, जिन्होंने चीन के खिलाड़ी को पहले ही हराया है। जूनियर खिलाड़ियों को लगता है कि उन पर दबाव है। हम जैसे अनुभवी खिलाड़ी उन्हें बतायेंगे कि हम चीन के खिलाड़ियों को हरा सकते हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘जूनियर खिलाड़ियों को भी विश्वास होगा कि वे ऐसा कर सकते हैं। वुशु में कई अच्छे खिलाड़ी हैं और मुझे यकीन है कि वे बेहतर प्रदर्शन करेंगे।’’मुकाबले के दौरान रोशिबिना के दाएं घुटने के पास चोट लगी और उनकी नाक पर भी हल्की चोट लगी। उन्होंने कहा, ‘‘यह सेमीफाइनल मुकाबले के दौरान लगी मामूली चोट है। मुझे नहीं पता कि नाक पर चोट कब लगी। मुझे मुकाबले के दौरान दर्द का एहसास नहीं होता।’’अपने रजत पदक के महत्व के बारे में रोशिबिना ने कहा, ‘‘यह एशियाई खेलों में मेरा तीसरा पदक है। सभी वुशु खिलाड़ी पदक जीतने की उम्मीद करते हैं। वे भी मेरी तरह पदक जीतना चाहते हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं सभी खिलाड़ियों को प्रेरित करना चाहती हूं। मैं भी उनसे प्रेरणा लेना चाहती हूं। आगामी खेलों में मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगी।
एशियाई खेलों में भारतीय एथलीटों का शानदार प्रदर्शन जारी है। गुरुवार का दिन भारत के लिए दोहरे पदक की खुशखबरी लेकर आया। स्टार वुशु खिलाड़ी रोशिबिना देवी ने महिलाओं के सांडा 60 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल हासिल किया, जबकि रोइंग (नौकायन) के पुरुषों के डबल स्कल्स इवेंट में सतनाम सिंह और सलमान खान की जोड़ी ने देश के लिए ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। रोशिबिना देवी ने लगातार दूसरा वुशु सिल्वर मेडल जीता भारत की एशियाई खेलों की टीम में शामिल होने को लेकर हुए विवाद को पीछे छोड़ते हुए, स्टार वुशु एथलीट रोशिबिना ने महिलाओं के 60 किग्रा सांडा इवेंट में सिल्वर मेडल जीतकर देश के लिए मेडल पक्का किया। रोशिबिना सिलेक्शन ट्रायल्स में युवा दिव्यांशी चौधरी से हार गई थीं, लेकिन बाद में अपनी प्रतिद्वंद्वी के चोटिल होने के कारण उन्हें टीम में शामिल किया गया। 2022 हांग्जो एशियाई खेलों में भी सिल्वर मेडल जीतने वालीं रोशिबिना, चीन की झांग ज़ियाओयू से अपने दोनों राउंड 0-5 के स्कोर से हार गईं और चीनी प्रतिद्वंद्वी ने मैच 2-0 से जीत लिया। यह 25 वर्षीय खिलाड़ी का तीसरा एशियाई खेल मेडल है; उन्होंने जकार्ता-पालेमबांग में 2018 के संस्करण में ब्रॉन्ज़ और 2023 के हांग्जो खेलों में सिल्वर मेडल जीता था। रोशिबिना एशियाई खेलों में वुशु में लगातार तीन मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। रोशिबिना का जापान में प्रदर्शन शानदार रहा, जिसमें वियतनाम की 2023 की वर्ल्ड चैंपियन गुयेन थी थू थुय पर जीत भी शामिल है। बुधवार को, रोशिबिना ने सेमीफाइनल में इंडोनेशिया की थानिया कुसुमानिंगत्यास को 2-0 से हराकर फाइनल मुकाबले में अपनी जगह पक्की की। सतनाम-सलमान की जोड़ी ने रोइंग में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता सतनाम सिंह और सलमान खान ने नागारागावा इंटरनेशनल रेगाटा कोर्स पर 6:13.25 का समय लेकर एशियाई खेलों में पुरुषों के डबल स्कल्स इवेंट में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। भारतीय जोड़ी 1,500 मीटर के निशान तक दूसरे स्थान पर रही, लेकिन आखिरी 500 मीटर में तीसरे स्थान पर खिसक गई। चीन के यी ज़ुदी और यिदे नी ने 6:09.37 के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि उज़्बेकिस्तान के पावेल सोरिन और मेखरोज़बेक ममतकुलोव ने 6:10.49 के समय के साथ सिल्वर मेडल जीता। भारतीय जोड़ी गोल्ड मेडल जीतने वालों से 3.88 सेकंड पीछे रही। सतनाम ने इससे पहले हांग्जो एशियाई खेलों में पुरुषों के क्वाड्रपल स्कल्स इवेंट में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था। इससे पहले, भारत रोइंग में एक और मेडल जीतने से मामूली अंतर से चूक गया, जब बलराज पंवार पुरुषों के सिंगल स्कल्स फ़ाइनल में 6:54.80 के समय के साथ चौथे स्थान पर रहे। पंवार 500 मीटर, 1,000 मीटर और 1,500 मीटर के निशान पर दूसरे स्थान पर थे, लेकिन आखिरी 500 मीटर में चौथे स्थान पर खिसक गए। चीन के डेंग झिवेई ने 6:38.98 के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि पंवार विजेता से 15.82 सेकंड पीछे रहे।
Asian Games 10m Air Pistol: भारतीय पुरुष टीम चौथे स्थान पर रहकर पदक से चूकी
भारत की पुरुष 10 मीटर एयर पिस्टल टीम एशियाई खेलों में कांस्य पदक से चूककर चौथे स्थान पर रही जबकि कोई भी भारतीय निशानेबाज व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सका। कमलजीत, बालकृष्ण केदारलिंग उचागनवे और आकाश भारद्वाज की तिकड़ी छह सीरीज में कुल 1727 अंक के साथ चौथे स्थान पर रही। चीन ने अधिक इनर-10 के आधार पर स्वर्ण पदक जीता। चीन और इंडोनेशिया दोनों के 1743 अंक थे, लेकिन चीन ने 70 इनर-10 के साथ पहला स्थान हासिल किया। इंडोनेशिया ने 57 इनर-10 के साथ रजत पदक जीता। जापान ने 1730 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया। भारत के लिए निराशा इस बात से भी बढ़ गई कि तीनों निशानेबाज व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सके। कमलजीत नौवें, आकाश 11वें और केदारलिंग 35वें स्थान पर रहे। इससे पहले बुधवार को महिला 10 मीटर एयर पिस्टल में भी भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। भारतीय टीम और किसी भी खिलाड़ी को व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक नहीं मिल सका था।
Asian Games 2026: अफगानिस्तान ने जापान को 48 रन से हराया, अरब गुल मोमंद ने लिए 4 विकेट
कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में गुरुवार को खेले गए मुकाबले में अफगानिस्तान ने जापान को 48 रन से हरा दिया। जापान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 129 रन बनाए। अफगानिस्तान की तरफ से पारी की शुरुआत करने उतरे मोहम्मद अकरम ने 29 गेंदों पर 2 छक्के और 2 चौकों की मदद से 34 रन बनाए। करीम जनत ने 23 गेंदों पर 21 और कप्तान दरविश रसूली ने 27 गेंदों पर 4 चौकों की मदद से 29 रन की पारी खेली। आखिरी ओवरों में विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद इशाक ने 17 गेंदों पर 1 छक्का और 2 चौकों की मदद से 25 रन की पारी खेलकर टीम को एक मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। जापान के लिए शोमा सुगाया-स्लेटर और इब्राहिम ताकाहाशी ने 2-2 विकेट लिए। थॉमस और डेविस को 1-1 विकेट मिला। 130 रन का लक्ष्य हासिल करने उतरी जापान की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने अपना पहला विकेट शून्य के स्कोर पर खो दिया। दूसरे विकेट के लिए रियो सकुरानो-थॉमस और कप्तान फ्लेमिंग ने 31 रन की साझेदारी की। फ्लेमिंग 14 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद थॉमस और बेंजामिन डेविस के बीच तीसरे विकेट के लिए 22 रन की साझेदारी हुई। इस समय तक लग रहा था कि जापान अफगानिस्तान को टक्कर देने की स्थिति में है। लेकिन इसके बाद पूरी टीम बिखर गई। 53 रन पर तीसरा विकेट खोने वाली जापान 19.3 ओवर में 81 रन पर सिमट गई। अफगानिस्तान ने 48 रन से जीत हासिल की। 130 रन का लक्ष्य हासिल करने उतरी जापान की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने अपना पहला विकेट शून्य के स्कोर पर खो दिया। दूसरे विकेट के लिए रियो सकुरानो-थॉमस और कप्तान फ्लेमिंग ने 31 रन की साझेदारी की। फ्लेमिंग 14 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद थॉमस और बेंजामिन डेविस के बीच तीसरे विकेट के लिए 22 रन की साझेदारी हुई। इस समय तक लग रहा था कि जापान अफगानिस्तान को टक्कर देने की स्थिति में है। लेकिन इसके बाद पूरी टीम बिखर गई। 53 रन पर तीसरा विकेट खोने वाली जापान 19.3 ओवर में 81 रन पर सिमट गई। Also Read: LIVE Cricket Score जापान का अगला मैच 26 सितंबर को नेपाल से और अफगानिस्तान का 25 सितंबर को नेपाल से है। Article Source: IANS
Asian Games: 50 मीटर बटरफ्लाई में 12वें स्थान पर रहे Benedictine Rohit, फाइनल की दौड़ से चूके
तोक्यो 24 सितंबर भारत के बेनेडिक्टन रोहित ने बृहस्पतिवार को एशियाई खेलों की पुरुष 50 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा की हीट में संयुक्त रूप से 12वां स्थान हासिल किया। वह फाइनल के लिए दूसरे रिजर्व खिलाड़ी है। रोहित ने 23.87 सेकंड का समय निकाला और आठवें तथा अंतिम क्वालीफाइंग स्थान पर रहे सिंगापुर के त्जेन वेई तियोंग से सिर्फ 0.09 सेकंड पीछे रहे। तियोंग ने 23.78 सेकंड का समय निकाला। फाइनल के लिए क्वालीफाई करने वाले आठ में से दो तैराक अगर अपना नाम वापस लेते हैं, तो रोहित को फाइनल में उतरने का मौका मिल सकता है। फाइनल मुकाबला आज ही होगा। भारत पुरुषों की चार गुणा 100 मीटर फ्रीस्टाइल रिले टीम फाइनल में जगह नहीं बना सकी। अनीश गौड़ा, आकाश मणि, हीर शाह और बेनेडिक्टन रोहित की भारतीय चौकड़ी तीन मिनट 23.51 सेकंड के समय के साथ अपनी हीट में आखिरी स्थान पर रही। भारत 13 टीमों में कुल मिलाकर 12वें स्थान पर रहा। आठवें और अंतिम क्वालीफाइंग स्थान पर रहने वाली इंडोनेशियाई टीम ने भारत से दो सेकंड से अधिक तेज समय निकाला। आर्यन नेहरा ने पुरुषों की 800 मीटर फ्रीस्टाइल की बी फाइनल में आठ मिनट 02.52 सेकंड के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।
Asian Games Wushu: रोशिबिना देवी ने जीता 60 किग्रा सांडा में रजत पदक
(तस्वीरों के साथ)... फिलेम दीपक सिंह ...नागोया, 24 सितंबर भारतीय टीम में शुरुआती तौर पर जगह नहीं मिलने के बावजूद किस्मत ने रोशिबिना देवी का साथ दिया और मणिपुर की 25 वर्षीय वुशु खिलाड़ी ने बृहस्पतिवार को महिलाओं की 60 किग्रा ‘सांडा’ स्पर्धा में रजत पदक जीतकर लगातार तीसरे एशियाई खेलों में पदक हासिल किया। फाइनल में उन्हें चीन की झांग शियाओयू से हार का सामना करना पड़ा। ‘आइची प्रीफेक्चरल मार्शल आर्ट्स हॉल’ में हुए फाइनल में रोशिबिना को 0-2 से हार मिली। दोनों दो मिनट के राउंड में पांचों जज ने एकमत से चीनी खिलाड़ी के पक्ष में 5-0 का फैसला दिया। झांग ने पहले राउंड में दबदबा बनाया जिस पर पांचों जजों ने उन्हें क्रमश: 6-2, 6-3, 6-2, 6-2 और 8-2 से बढ़त दी। दूसरे और अंतिम राउंड में भी चीन की खिलाड़ी का प्रदर्शन बेहतर रहा। पांचों जजों ने उन्हें 10-2, 8-3, 7-3, 7-3 और 6-1 से विजेता माना। पिछले एशियाई खेलों में रजत और 2018 के खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली रोशिबिना इस मुकाबले में चीन की खिलाड़ी की आक्रामकता और तकनीकी दबदबे का जवाब नहीं दे सकीं। झांग के खासकर साइड किक से उन्हें परेशानी हुई। मुकाबले के अधिकांश समय भारतीय खिलाड़ी दबाव में नजर आईं। मुकाबले के बाद रोशिबिना ने कहा, ‘‘मैंने पहले भी रजत पदक जीता था और इस बार भी मुझे रजत ही मिला। मैं देशवासियों को स्वर्ण पदक नहीं दिला सकी। मैं वह नहीं दे सकी, जिसकी सभी को उम्मीद थी।’’उन्होंने कहा, ‘‘एशियाई खेलों में आने से पहले काफी परेशानियां थीं। मुझे तैयारी के लिए ज्यादा समय नहीं मिला। लेकिन मेरे कोच अमित पाल ने यहां तक पहुंचने में मेरी बहुत मदद की। मैं आगामी खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगी, अपनी गलतियों से सीखूंगी और वापसी करूंगी।’’रोशिबिना ने बताया कि उन्हें करीब 10 सितंबर को टीम में शामिल किए जाने की जानकारी मिली थी। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे टीम में शामिल किए जाने के बारे में करीब 10 सितंबर को पता चला और मैं मणिपुर स्थित अपने घर से बिना ज्यादा प्रशिक्षण के सीधे यहां आ गई।’’रोशिबिना को भारतीय टीम में देर से शामिल किया गया था। मूल रूप से चुनी गई दिव्यांशी चौधरी को ‘एसीएल’ चोट के कारण टीम से बाहर होना पड़ा था। जून में श्रीनगर में हुए चयन ट्रायल में रोशिबिना को दिव्यांशी ने हराया था। बाद में दिव्यांशी ने रोशिबिना पर मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के क्वासिफाई मायाई लीकाई की रहने वाली रोशिबिना के पिता नोरेम दामू सिंह किसान हैं। शुरुआत में वह बेटी को वुशु खेलने की अनुमति देने के पक्ष में नहीं थे, लेकिन खेल के प्रति उसकी लगन देखकर बाद में उन्होंने अपनी सहमति दे दी। रोशिबिना के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। उनके पिता ने करियर के शुरुआती वर्षों में बेटी के प्रशिक्षण और यात्रा का खर्च उठाने के लिए अपनी जमीन का एक हिस्सा तक बेच दिया था। अपनी प्रतिद्वंद्वी के बारे में रोशिबिना ने कहा, ‘‘वह नयी खिलाड़ी है और मैंने पहले उसके खिलाफ मुकाबला नहीं किया था। उसके साइड किक काफी अच्छे थे। मैंने भी बचाव करने की कोशिश की। मैंने उसे गिराने की कोशिश की, लेकिन वह बेहतर साबित हुई। आगामी खेलों में मैं भारत के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगी’’वुशु पारंपरिक चीनी मार्शल आर्ट से विकसित हुआ खेल है। रोशिबिना के कोच अमित पाल ने भी उनकी कम तैयारी का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘‘चीन की खिलाड़ी बहुत अच्छी थी और रोशिबिना में कुछ कमी रह गई। लेकिन रोशिबिना को तैयारी के लिए ज्यादा समय भी नहीं मिला। वह करीब डेढ़ महीने तक राष्ट्रीय शिविर से बाहर थीं।’’उन्होंने कहा, ‘‘जून में श्रीनगर में हुए ट्रायल में हार के बाद वह अपने घर चली गई थीं। दिव्यांशी के एसीएल चोटिल होने के बाद 10 सितंबर को रोशिबिना को टीम में शामिल किया गया। इसके बीच उन्हें बहुत कम प्रशिक्षण मिला और वह सीधे यहां आ गईं।’’अन्य भारतीय खिलाड़ियों के पदक नहीं जीत पाने के बीच रोशिबिना के रजत पदक ने भारतीय वुशु शिविर को जश्न मनाने का मौका दिया। ‘सांडा’ के अन्य खिलाड़ियों में पुरुषों के 56 किग्रा वर्ग में आर्यन क्वार्टर फाइनल में हार गए, जबकि महिलाओं के 52 किग्रा वर्ग में अपर्णा को प्री-क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। पुरुषों के 75 किग्रा वर्ग में विक्रांत बालियान अपने शुरुआती मुकाबले में ही हार गए। भारत के ‘ताओलू’ खिलाड़ी भी पदक दौर तक नहीं पहुंच सके। महिलाओं की ‘नानक्वान और नानदाओ’ स्पर्धाओं में लांगलेंतोम्बी देवी हंजाबाम ने कुल 18.839 अंक के साथ नौवां स्थान हासिल किया। नयेमान वांगसू ने महिलाओं की ‘चांगक्वान’ स्पर्धा में 9.573 अंक के साथ 15वां स्थान हासिल किया। पुरुषों की ‘चांगक्वान’ स्पर्धा के फाइनल में सूरज सिंह मायांगलामबाम कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच 11वें स्थान पर रहे।
मूल रूप से मणिपुर की रहने वाली नाओरेम रोशिबिना देवी देश की सबसे सफल और निरंतर प्रदर्शन करने वाली वुशु एथलीटों में शुमार हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाने और उनके उत्कृष्ट खेल योगदान के लिए भारत सरकार ने वर्ष 2023 में उन्हें प्रतिष्ठित 'अर्जुन पुरस्कार' से सम्मानित किया था। नागोया में उनके इस ऐतिहासिक प्रदर्शन पर पूरे खेल जगत और देशवासियों ने उन्हें बधाई दी है।
Asian Games 2026 Live Update : रोशिबिना देवी ने जीता सिल्वर, लगातार तीसरी बार पदक जीतकर रचा इतिहास
Asian Games 2026 Live Update : रोशिबिना देवी ने जीता सिल्वर, लगातार तीसरी बार पदक जीतकर रचा इतिहास
Asian Games में Mixed 4x400m Relay के फाइनल में पहुंचा भारत
भारत ने बृहस्पतिवार को एशियाई खेलों की मिश्रित चार गुणा 400 मीटर रिले स्पर्धा की अपनी हीट में दूसरे स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बना ली। एस मनु, एमआर पोवम्मा, जय कुमार और किरण की भारतीय चौकड़ी ने तीन मिनट 16.23 सेकंड का समय निकालकर चीन के बाद दूसरा स्थान हासिल किया। भारतीय टीम का यह समय दोनों हीट में चौथा सबसे तेज रहा। बहरीन ने तीन मिनट 15.73 सेकंड, चीन ने तीन मिनट 15.97 सेकंड और वियतनाम ने तीन मिनट 16.08 सेकंड का समय निकाला। आठ टीमों के बीच फाइनल मुकाबला आज शाम होगा। भारतीय टीम रेस के दूसरे और तीसरे चरण में आगे चल रही थी, लेकिन अंतिम चरण में दौड़ने वाली किरण को चीन की धावक ने आखिरी क्षणों में पीछे छोड़ दिया। चीन ने हीट में पहला स्थान हासिल किया, जबकि संयुक्त अरब अमीरात ने तीन मिनट 17.00 सेकंड के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। दक्षिण कोरिया ने तीन मिनट 18.66 सेकंड के समय के साथ हीट-2 से फाइनल में जगह बनाई। हीट एक से बहरीन, वियतनाम, मेजबान जापान और फिलीपींस ने फाइनल के लिए क्वालीफाई किया।
एशियाई खेलों में भारतीय Table Tennis जोड़ियों का दबदबा, श्रीजा और यशस्विनी प्री-क्वार्टर फाइनल में
श्रीजा अकुला और सिंड्रेला दास तथा यशस्विनी घोरपड़े और दीया चिताले की भारतीय महिला युगल जोड़ियों ने बृहस्पतिवार को एशियाई खेलों की टेबल टेनिस स्पर्धा में अपने-अपने मुकाबले आसानी से जीतकर प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। श्रीजा और सिंड्रेला ने दूसरे दौर के मुकाबले में मंगोलिया की बुरेनजारगल संजा और बोलोर-एरदेने बातमुंख को 3-0 से हराया। भारतीय जोड़ी ने यह मुकाबला 11-5, 11-4, 12-10 से अपने नाम किया। भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआती दोनों गेम आसानी से जीत लिए, लेकिन तीसरे गेम में उन्हें कड़ी चुनौती मिली। उन्होंने हालांकि संयम बनाए रखा और 12-10 से गेम जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। श्रीजा और सिंड्रेला का सामना अंतिम-16 के मुकाबले में चीन की कुआई मान और वांग मन्यु की मजबूत जोड़ी से होगा। यशस्विनी और दीया की दूसरी भारतीय जोड़ी ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने ईरान की सेतायेश इलूखानी और महशिद अश्तारी को 3-0 से हराया। भारतीय जोड़ी ने यह मुकाबला 11-2, 11-2, 11-4 से जीता। यशस्विनी और दीया ने शुरुआत से ही मुकाबले पर दबदबा बनाए रखा और एक भी गेम गंवाए बिना जीत दर्ज की। प्री-क्वार्टर फाइनल में यशस्विनी और दीया का सामना चीन की फैन शुहान और चेन यी की जोड़ी से होगा।
Asian Games India Medal Tally Today: आज यानी गुरुवार, 24 सितंबर को भारत ने एशियन गेम्स में एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल जीता है। भारत के कुल मेडल की संख्या 14 हो गई है।
एशियाई खेलों में 28 साल बाद वेटलिफ्टिंग का पदक
बुधवार का दिन भारत के खेल इतिहास में बहुत बड़ा दिन रहा।
नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है।एशियन गेम्स में भारत का पदक अभियान गुरुवार, 24 सितंबर को भी जारी रहेगा। रोइंग, वुशु, निशानेबाजी, कैनो स्प्रिंट, तैराकी और एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ी चुनौती पेश करेंगे
एशियन गेम्स 2026 में पांचवें दिन की शुरुआत भारत के लिए काफी अच्छी रही है, जिसमें रोइंग के डबल स्कल्स इवेंट में सतनाम-सलमान ने ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफलता हासिल की है, वहीं इसके अलावा वुशू में रोशिबिना देवी ने सिल्वर मेडल जीता है।
एशियाई खेलों में भारतीय रोवर्स Satnam Singh और Salman Khan ने जीता कांस्य पदक
भारतीय रोवर सतनाम सिंह और सलमान खान ने बृहस्पतिवार को यहां एशियाई खेलों की पुरुष युगल स्कल्स स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। भारतीय जोड़ी 1,500 मीटर तक दूसरे स्थान पर रही लेकिन आखिरी 500 मीटर में वह तीसरे स्थान पर खिसक गई। दोनों ने ‘नागरागावा इंटरनेशनल रेगाटा कोर्स’ पर छह मिनट 13.25 सेकंड का समय लिया। चीन के यी शूडी और यीदे नी ने छह मिनट 09.37 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। उज्बेकिस्तान के पावेल सोरिन और मेखरोजबेक मामातकुलोव ने छह मिनट 10.49 सेकंड में रेस पूरी कर रजत पदक हासिल किया। भारतीय जोड़ी स्वर्ण पदक विजेताओं से 3.88 सेकंड पीछे रही। सतनाम ने इससे पहले हांगझोउ एशियाई खेलों में पुरुष क्वाड्रपल स्कल्स स्पर्धा में भी कांस्य पदक जीता था। इससे पहले भारत रोइंग में एक और पदक से मामूली अंतर से चूक गया। बलराज पंवार पुरुष सिंगल स्कल्स के फाइनल में चौथे स्थान पर रहे। उन्होंने छह मिनट 54.80 सेकंड का समय लिया। पंवार 500, 1,000 और 1,500 मीटर तक दूसरे स्थान पर बने हुए थे लेकिन अंतिम 500 मीटर में वह फिसलकर चौथे स्थान पर पहुंच गए। चीन के देंग झीवेई ने छह मिनट 38.98 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। पंवार स्वर्ण पदक विजेता से 15.82 सेकंड पीछे रहे।
Asian Games 2026: भारत का आज का शेड्यूल 24 सितंबर; मेडल्स की हो सकती है बौछार
Asian Games 2026 India Full schedule: भारत रोइंग और कैनो स्प्रिंट में भी कई मेडल रेस में हिस्सा लेगा। शूटिंग में दो तरह से मेडल मिलते हैं, जिसमें पुरुषों की 10m एयर पिस्टल और स्कीट मिक्स्ड टीम इवेंट शामिल हैं।
Satnam Singh और Salman Khan ने Asian Games की Men Doubles Rowing Final में बनाई जगह
भारत के लिए एची-नागोया एशियाई खेलों में चौथा दिन कई अच्छी खबरें लेकर आया है। नौकायन में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने मुकाबलों के फाइनल में जगह बना ली है। सतनाम सिंह, सलमान खान और बलराज पंवार ने मजबूत प्रदर्शन के साथ पदक की रेस में अपनी जगह पक्की कर ली है। सतनाम सिंह और सलमान खान ने पुरुष युगल नौकायन में शानदार प्रदर्शन किया। दोनों खिलाड़ियों ने अपनी हीट में दूसरा स्थान हासिल करते हुए अंतिम मुकाबले में जगह बनाई। भारतीय जोड़ी ने 6 मिनट 15.63 सेकंड का समय निकाला। दोनों हीट के नतीजों को मिलाकर उनका प्रदर्शन चौथे स्थान पर रहा है। अब सतनाम और सलमान गुरुवार को होने वाले अंतिम मुकाबले में उतरेंगे, जहां उनके सामने पदक जीतने की चुनौती होगी। वहीं पुरुष एकल नौकायन में बलराज पंवार ने भी फाइनल में जगह बनाकर भारत की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। उन्होंने अपनी हीट में तीसरा स्थान हासिल किया और 6 मिनट 52.84 सेकंड का समय दर्ज किया। दोनों हीट के कुल प्रदर्शन में बलराज चौथे स्थान पर रहे हैं। अब वह अंतिम मुकाबले में पदक के लिए अपनी पूरी ताकत लगाएंगे। बता दें कि नौकायन में फाइनल तक पहुंचना अपने आप में अहम उपलब्धि मानी जाती है, क्योंकि इसमें खिलाड़ियों को अपनी गति के साथ-साथ लंबे समय तक लय और संतुलन बनाए रखना होता है। भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआती दौर में जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उससे अंतिम मुकाबलों में भी पदक की उम्मीद बनी हुई है। नौकायन के अलावा भारत की पुरुष कयाक चार सदस्यीय टीम ने भी 500 मीटर स्पर्धा के फाइनल में जगह बना ली है। हर्षवर्धन शक्तावत, वरिंदर सिंह, एल नाओचा सिंह ओइनाम और अरुण सिंह की भारतीय टीम ने अपनी हीट में तीसरा स्थान हासिल किया। टीम ने 1 मिनट 29.447 सेकंड का समय लिया। चीन की टीम इस रेस में सबसे आगे रही और भारतीय टीम उससे 5.594 सेकंड पीछे रही है। गौरतलब है कि एची-नागोया एशियाई खेलों में भारतीय दल का प्रदर्शन कई खेलों में लगातार चर्चा में है। चौथे दिन भारत के पास कई स्पर्धाओं में पदक जीतने के मौके हैं। ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू और मनु भाकर पर भी भारतीय खेल प्रेमियों की नजरें टिकी हुई हैं। दोनों खिलाड़ियों से उनके अनुभव और पिछले बड़े मुकाबलों के प्रदर्शन को देखते हुए अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। मौजूद जानकारी के अनुसार, एशियाई खेलों में अब तक भारत ने कुल सात पदक जीते हैं। इनमें एक स्वर्ण, चार रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं। भारतीय खिलाड़ी अब इस संख्या को और बढ़ाने के इरादे से अलग-अलग स्पर्धाओं में उतर रहे हैं। नौकायन में सतनाम सिंह, सलमान खान और बलराज पंवार के फाइनल में पहुंचने से भारत के पदक अभियान को एक और मजबूती मिली है और अब सभी की नजरें गुरुवार के अंतिम मुकाबलों पर टिकी है।
Jai Meena ने Philippines के खिलाड़ी को हराकर Asian Games Soft Tennis में रचा इतिहास
भारत के लिए एची-नागोया एशियाई खेलों से एक बड़ी खबर सामने आई है। सॉफ्ट टेनिस में जय मीणा ने पुरुष सिंगल्स के सेमीफाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया है। उनकी इस जीत के साथ ही एशियाई खेलों में सॉफ्ट टेनिस के इतिहास में भारत का पहला पदक भी पक्का हो गया है। जय मीणा ने बुधवार को खेले गए क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के शेरविन नुगुइट को कड़े मुकाबले में 4-3 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई है। मौजूद जानकारी के अनुसार, दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला करीब हर खेल में बराबरी का रहा। जय मीणा ने शुरुआत में काफी संघर्ष किया और पहला खेल 0-4 से गंवा दिया। इसके बाद उन्होंने वापसी करते हुए दूसरा खेल 4-2 से अपने नाम किया। तीसरे खेल में नुगुइट ने फिर 4-2 से बढ़त बना ली। हालांकि जय ने हार नहीं मानी और चौथे खेल में 5-3 से जीत दर्ज कर मुकाबले को फिर बराबरी पर ला दिया। इसके बाद पांचवें खेल में फिलीपींस के खिलाड़ी ने 4-2 से बढ़त बनाई, लेकिन जय मीणा ने दबाव के बीच शानदार खेल दिखाया। छठे खेल में उन्होंने 7-5 से जीत दर्ज की और मुकाबले को निर्णायक सातवें खेल तक पहुंचा दिया। आखिरी खेल में भी भारतीय खिलाड़ी ने संयम बनाए रखा और जीत हासिल करते हुए सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया। बता दें कि जय मीणा का यह तीसरा एशियाई खेल है। इससे पहले वह 2018 और 2022 के एशियाई खेलों में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इस बार उनका प्रदर्शन अब तक खासा प्रभावी रहा है। पुरुष सिंगल्स के ग्रुप डी में उन्होंने पाकिस्तान के अरैन हुसैन को सीधे चार खेलों में 4-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी। जय मीणा की सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही भारत ने सॉफ्ट टेनिस में अपना पहला एशियाई खेल पदक पक्का कर लिया है। अब उनके पास स्वर्ण पदक मुकाबले तक पहुंचने का मौका है। सेमीफाइनल में जीत मिलने पर वह सीधे स्वर्ण पदक के मुकाबले में पहुंच जाएंगे, जबकि हार की स्थिति में भी भारत के खाते में पदक रहेगा। एची-नागोया एशियाई खेलों में भारत के लिए निशानेबाजी में भी पदक आया है। राइजा और परीनााज ने 125 में से 111-111 अंक बनाए, जबकि माहेश्वरी ने 109 अंक जुटाकर भारतीय टीम के कुल स्कोर में योगदान दिया। भारत ने कुल 331 अंक हासिल किए। चीन ने 346 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि कजाकिस्तान ने रजत पदक अपने नाम किया है। गौरतलब है कि भारत की निशानेबाजी टीम में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने भी महिला 10 मीटर एयर पिस्टल के व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाई है। वहीं सुरूचि इंदर सिंह और ईशा सिंह फाइनल में पहुंचने से चूक गईं। इस तरह एची-नागोया एशियाई खेलों में भारत का अभियान लगातार कई खेलों में मजबूत प्रदर्शन के साथ आगे बढ़ रहा है।
Fariba Hashimi बनीं 2002 के बाद Asian Games में पदक जीतने वाली पहली अफगान महिला
कभी अफगानिस्तान की सड़कों पर साइकिल चलाने के लिए फरीबा हाशिमी को अपनी पहचान तक छिपानी पड़ती थी। आज वही फरीबा एशियाई खेलों के पदक मंच पर अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। 23 वर्षीय फरीबा ने जापान में आयोजित एशियाई खेलों की महिलाओं की सड़क दौड़ में रजत पदक जीतकर इतिहास रचा है। वह 2002 के बाद एशियाई खेलों में पदक जीतने वाली अफगानिस्तान की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं। फरीबा के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उनका खेल सफर काफी मुश्किल हालात से होकर गुजरा है। उन्होंने 15 साल की उम्र में साइकिल चलाना शुरू किया था। उनकी बहन युलदोज हाशिमी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की साइकिल खिलाड़ी हैं। दोनों बहनों ने पड़ोसी से साइकिल लेकर इसे चलाना सीखा था। वर्ष 2017 में पहली ही दौड़ में फरीबा पहले और युलदोज दूसरे स्थान पर रही थीं। हालांकि अफगानिस्तान के उत्तरी प्रांत फरीयाब में महिलाओं का इस तरह साइकिल चलाना सामान्य बात नहीं थी। दोनों बहनों को अभ्यास और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए कई बार अपनी पहचान छिपानी पड़ी। फरीबा सिर पर कपड़ा, चेहरा ढकने वाली चीज और चश्मा लगाकर पुरुषों की तरह कपड़े पहनकर प्रशिक्षण के लिए जाती थीं। कई मौकों पर उन्होंने अलग पहचान का भी इस्तेमाल किया था। समय के साथ उनकी पहचान लोगों के बीच होने लगी और मुश्किलें भी बढ़ती गईं। फरीबा ने बताया है कि साइकिल चलाते समय उन पर पत्थर और बोतलें फेंकी जाती थीं। उनकी बहन युलदोज को एक बार एक रिक्शा चालक ने साइकिल चलाते समय टक्कर मार दी थी, जिससे उनकी कलाई टूट गई थी। परिवार को उनकी सुरक्षा की चिंता रहती थी। गौरतलब है कि वर्ष 2021 में तालिबान के अफगानिस्तान में दोबारा सत्ता में आने के बाद फरीबा को देश छोड़ना पड़ा था। इसके बाद वह इटली में रहने लगीं और वहीं प्रशिक्षण जारी रखा। इटली की पूर्व विश्व चैंपियन साइकिल खिलाड़ी अलेसांद्रा कैपेलोत्तो ने उनके सफर में मदद की है। फरीबा और उनकी बहन युलदोज ने बाद में पेरिस ओलंपिक में भी अफगानिस्तान का प्रतिनिधित्व किया था। अफगानिस्तान में महिलाओं और लड़कियों की शिक्षा तथा सार्वजनिक जीवन में भागीदारी पर लगी पाबंदियों के बीच फरीबा की कहानी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यूनेस्को के अनुसार, 2026 में भी अफगानिस्तान दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जहां लड़कियों और महिलाओं को प्राथमिक स्तर के बाद की शिक्षा से औपचारिक रूप से बाहर रखा गया है। एशियाई खेलों में पदक जीतने से पहले फरीबा ने महिलाओं की व्यक्तिगत समय दौड़ में सातवां स्थान हासिल किया था। इसके बाद सड़क दौड़ में उन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया। चीन की ली गुओ ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि हांगकांग की लेउंग विंग यी को कांस्य पदक मिला है। फरीबा ने पदक जीतने के बाद कहा है कि वह एशियाई खेलों में पदक मंच पर खड़े होकर अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना लेकर आई थीं। उन्होंने इस पदक को अफगान महिलाओं के हौसले से जोड़ा है। उनका कहना है कि वह अकेली नहीं हैं और दुनिया के कई देशों की लाखों महिलाएं उनके साथ खड़ी हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, फरीबा की नजर अब आगे की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर है। वह 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में भी हिस्सा लेने की तैयारी कर रही हैं। उनका कहना है कि वह चाहती हैं कि आने वाली पीढ़ी की अफगान लड़कियों को अपने सपनों के लिए देश छोड़ने या अपनी पहचान छिपाने की जरूरत न पड़े। बता दें कि फरीबा की यह जीत सिर्फ पदक तक सीमित नहीं है। जिस लड़की को कभी अपने पसंदीदा खेल को जारी रखने के लिए रास्ते में पत्थरों से बचना पड़ता था, उसने अब एशिया के बड़े खेल मंच पर अपने देश के लिए पदक जीता है। फरीबा का यह सफर अफगानिस्तान की उन महिलाओं की कहानी भी सामने लाता है, जो मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को छोड़ना नहीं चाहती हैं।
एशियन गेम्स (Asian Games 2026) के लिए बांग्लादेश की टीम में बड़ा बदलाव हुआ है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने बुधवार (23 सितंबर) को चोटिल मोहम्मद सैफुद्दीन (Mohammad Saifuddin) की रिप्लेसमेंट का ऐलान कर दिया। सैफुद्दीन दाएं पैर की हैमस्ट्रिंग चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं, जिसके बाद टीम में एक अनकैप्ड खिलाड़ी की एंट्री हुई है। दरअसल, सैफुद्दीन को एक प्रैक्टिस सेशन के दौरान दाईं हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। इसके बाद उनकी चोट का आकलन किया गया और उन्हें एशियन गेम्स से बाहर कर दिया गया। उनकी जगह अब बांग्लादेश ने 29 वर्षीय ऑफ स्पिनर अलिस अल इस्लाम (Aliss Al Islam) को स्क्वाड में शामिल किया है। अलिस अल इस्लाम अभी तक बांग्लादेश के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेले हैं। वह मुख्य रूप से सीमित ओवर क्रिकेट के लिए जाने जाते हैं। 58 टी20 मुकाबलों में उनके नाम 59 विकेट हैं। इस दौरान उनका गेंदबाजी औसत 22.86 और इकॉनमी रेट 6.42 रहा है। हाल के समय में अलिस को बांग्लादेश ए टीम के लिए खेलने का मौका मिला था। उन्होंने साउथ अफ्रीका ए के खिलाफ वनडे सीरीज में हिस्सा लिया था। सीरीज के दूसरे मुकाबले में उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट हासिल किए थे। हालांकि, अलिस और सैफुद्दीन की भूमिका में काफी अंतर है। सैफुद्दीन तेज गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडर हैं, जबकि अलिस मुख्य रूप से ऑफ स्पिन गेंदबाजी करते हैं। उनके टीम में आने से बांग्लादेश के पास स्पिन विभाग में एक और विकल्प जुड़ गया है। बांग्लादेश के स्क्वाड में रिषद हुसैन, मेहदी हसन और नसुम अहमद जैसे स्पिन विकल्प पहले से मौजूद हैं। अब अलिस अल इस्लाम के जुड़ने से टीम का स्पिन अटैक और मजबूत हुआ है। एशियन गेम्स 2026 में बांग्लादेश को अपना क्वार्टर फाइनल मुकाबला 29 सितंबर को खेलना है। ऐसे में टूर्नामेंट शुरू होने से कुछ दिन पहले अलिस को टीम में शामिल किया गया है और अब उनके पास अपने पहले बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में टीम के लिए योगदान देने का मौका होगा। Also Read: LIVE Cricket Score एशियन गेम्स 2026 के लिए बांग्लादेश का अपडेटेड स्क्वाड लिटन दास (कप्तान), तंजीद हसन, परवेज हुसैन एमोन, सैफ हसन, नजमुल हुसैन शांतो, तौहीद हृदोय, मोसाद्देक हुसैन, यासिर अली, रिषद हुसैन, मेहदी हसन, नसुम अहमद, शोरिफुल इस्लाम, मुस्तफिजुर रहमान, हसन महमूद, अलिस अल इस्लाम।
ओलंपियन माहेश्वरी चौहान का मानना है कि यहां एशियाई खेलों में महिलाओं की स्कीट स्पर्धा में भारत का ऐतिहासिक कांस्य पदक इस खेल में बड़े उछाल की शुरुआत हो सकता है जिसमें अब प्रतिभा की गहराई, गुणवत्ता और सबसे महत्वपूर्ण रूप से युवा निशानेबाजों की नयी पीढ़ी उभर रही है। बुधवार से पहले भारत ने एशियाई खेलों में महिलाओं की स्कीट स्पर्धा में कभी कोई पदक नहीं जीता था। बुधवार को माहेश्वरी चौहान, रेजा ढिल्लों और परिनाज धालीवाल ने मिलकर 331 का स्कोर बनाया और कांस्य पदक हासिल किया। हालांकि माहेश्वरी के लिए इस पदक का महत्व पोडियम तक सीमित नहीं है। 30 वर्षीय निशानेबाज का मानना है कि युवा शॉटगन निशानेबाजों की बढ़ती संख्या के साथ-साथ बेहतर तकनीकी, पोषण संबंधी और मानसिक तैयारी ने भारत में इस खेल की बुनियाद को बदल दिया है और इसके परिणाम अब सामने आने शुरू ही हुए हैं। माहेश्वरी ने कहा, ‘‘मैं इस बात से थोड़ी निराश हूं कि (टीम पदक) का रंग और बेहतर नहीं रहा, लेकिन पोडियम पर जगह बनाना ही बेहतर है। ’’उन्होंने कहा, ‘‘एशियाई खेलों में स्कीट महिला में यह अब तक का पहला पदक है। ’’उन्हें इस कामयाबी के ऐतिहासिक महत्व का अहसास था, लेकिन साथ ही उन्हें यह भी लग रहा था कि भारत और बेहतर कर सकता था। ये तीनों खिलाड़ी अच्छी फॉर्म में थीं। माहेश्वरी और रेजा ओलंपियन हैं जबकि परिनाज देश के शॉटगन सेटअप में उभरते हुए युवा नामों में से एक हैं। माहेश्वरी ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हम शानदार फॉर्म में हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि हम (एशियाई खेलों में पुरुषों और महिलाओं की ट्रैप निशानेबाजी से) कुछ और पदक जीतेंगे। मुझे लगता है कि यह पोडियम पर बेहतर जगह बनाने और बेहतर मुकाबलों के लिए और अच्छे मौके पाने की दिशा में बस एक शुरुआती कदम है।
Asian Games में Mirabai Chanu ने जीता रजत पदक, 1998 के बाद भारोत्तोलन में मिला मेडल
(फिलेम दीपक सिंह और अजय मसंद)नागोया, 23 सितंबर दिग्गज भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने बुधवार को यहां एशियाई खेलों में रजत पदक जीतकर महाद्वीपीय लंबे समय से चले आ रहे पदक के सूखे को खत्म किया जबकि निशानेबाजी में स्कीट टीमों के दो कांस्य पदकों के बावजूद भारत का अभियान उतार-चढ़ाव भरा रहा। वर्ष 2014 से एशियाई खेलों में पदक का इंतजार कर रहीं मीराबाई ने महिला 49 किग्रा वर्ग में कुल 198 किग्रा (88 किग्रा स्नैच और 111 किग्रा क्लीन एवं जर्क) वजन उठाकर दूसरा स्थान हासिल किया। यह रजत एशियाई खेलों में 1998 में कर्णम मल्लेश्वरी के रजत पदक के बाद भारोत्तोलन में भारत का पहला पदक भी है। कुल मिलाकर भारत के लिए बुधवार को कांस्य पदकों की बारिश हुई। पुरुष बैडमिंटन टीम, सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी जय मीणा तथा पुरुष और महिला स्कीट टीम ने तीसरा स्थान हासिल किया। पिछले दो एशियाई खेलों में पदक से चूकने वाले मीणा ने तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की और इस खेल में एशियाई खेलों का पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने। सॉफ्ट टेनिस में पारंपरिक लॉन टेनिस की तुलना में नरम रबर की गेंद और काफी हल्के रैकेट इस्तेमाल होते हैं। मीणा ने तुकोया कुरोसाका से 2-4 से हारने के बावजूद कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा। मीणा को 45 मिनट तक चले मुकाबले में कुरोसाका के खिलाफ 3-5, 1-4, 1-4, 4-1, 6-4, 1-4 से हार गए। बत्तीस वर्षीय मीराबाई जब भी प्रतिस्पर्धा करती हैं तो सुर्खियों में रहती हैं। तोक्यो ओलंपिक 2021 की रजत पदक विजेता मीराबाई ने सहज मुस्कान के साथ भारी वजन उठाया और बाद में कहा कि उनका ‘जीवन अब पूरा हो गया है।’हालांकि निशानेबाजी रेंज में ऐसा संतोष नजर नहीं आया जहां दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर, सुरुचि सिंह और ईशा सिंह जैसी अधिक चर्चित भारतीय महिला पिस्टल निशानेबाजों के 10 मीटर एयर पिस्टल की टीम और व्यक्तिगत स्पर्धाओं में पदक जीतने में नाकाम रहने के बाद स्कीट निशानेबाजों ने भारत की लाज बचाई। मनु ही व्यक्तिगत फाइनल के लिए क्वालीफाई कर सकीं लेकिन वह पांचवें स्थान पर रहीं। पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता 24 वर्षीय मनु बाद में भावुक हो गईं और जून में अपने बचपन के कोच जसपाल राणा की अचानक हुई मौत से उन पर पड़े भावनात्मक असर के बारे में बताया। स्कीट में पुरुष और महिला टीम के कांस्य पदकों ने निशानेबाजी में भारत को पूरी तरह खाली हाथ रहने से बचाया। महिला टीम में रेजा ढिल्लों, माहेश्वरी चौहान और परिनाज धालीवाल शामिल थीं। तीनों ने 331 अंक जुटाकर तीसरा स्थान हासिल किया। चीन ने 357 अंक के साथ स्वर्ण और कजाखस्तान ने 336 अंक के साथ रजत पदक जीता। रेजा और परिनाज ने व्यक्तिगत फाइनल में भी जगह बनाई लेकिन पोडियम तक नहीं पहुंच सकीं। पुरुष स्पर्धा में अनंतजीत सिंह नरूका (119), अनुभवी मैराज अहमद खान (116) और भवतेग सिंह गिल (111) ने कुल 346 अंक के साथ टीम कांस्य पदक जीता। इनमें अनंतजीत व्यक्तिगत फाइनल में पहुंचे जहां वह चौथे स्थान पर रहे। इस बीच वुशु खिलाड़ी रोशिबिना देवी नाओरेम ने महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग के फाइनल में जगह बनाकर स्वर्ण पदक की उम्मीद कायम रखी। उन्होंने यहां आइची प्रांत मार्शल आर्ट्स हॉल में इंडोनेशिया की थानिया कुसुमनिंगतास को 2-0 से हराया। फाइनल में उनका सामना चीन की शियाओयू झांग से होगा। 25 वर्षीय रोशिबिना ने पिछली दो प्रतियोगिताओं में एक रजत और एक कांस्य पदक जीता था। लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी अपने से बेहतर रैंकिंग वाले प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके जिससे भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम को सेमीफाइनल में चीन के हाथों 1-3 से हार के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। भारत ने 2023 में हांगझोउ में हुए पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था। तब भी भारतीय टीम को फाइनल में चीन के खिलाफ ही हार का सामना करना पड़ा था। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ही भारत की ओर से एकमात्र जीत दर्ज कर सकी। भारत के सेमीफाइनल तक के सफर के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाले दुनिया के 14वें नंबर के खिलाड़ी लक्ष्य अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सके और पहले एकल मुकाबले में दुनिया के छठे नंबर के खिलाड़ी शी यू कि के खिलाफ 16-21, 18-21 से हार गए जिससे भारत 0-1 से पिछड़ गया। इसके बाद सात्विक और चिराग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पेरिस ओलंपिक के रजत पदक विजेता और मौजूदा विश्व चैंपियन लियांग वेई केंग और वांग चांग की जोड़ी को 21-11, 22-20 से हराया। भारत की उम्मीदें युवा आयुष शेट्टी पर टिकी थीं लेकिन दुनिया के 20वें नंबर के इस खिलाड़ी को दुनिया के 12वें नंबर के ली शी फेंग के खिलाफ दूसरे एकल मैच में 19-21, 13-21 से हार का सामना करना पड़ा जिससे भारत 1-2 से पीछे हो गया। इसके बाद भारत को मुकाबले में बनाए रखने की जिम्मेदारी हरिहरन अम्साकरुणन और एमआर अर्जुन की पुरुष युगल जोड़ी पर थी लेकिन उन्हें हे जी टिंग और लियू यी की जोड़ी ने 21-16, 17-21, 21-9 से हराकर चीन को मुकाबले में जीत दिलाई और फाइनल में जगह पक्की की। हालांकि भारतीय पुरुष टीम के लिए यह एक सराहनीय परिणाम रहा क्योंकि उसने 40 साल में पहली बार लगातार दो एशियाई खेलों में टीम स्पर्धा का पदक जीता है। इससे पहले भारत ने 1982 और 1986 के एशियाई खेलों में कांस्य पदक हासिल किया था। हरमीत देसाई और यशस्विनी घोरपड़े तथा मानुष शाह और दीया चितले की भारतीय जोड़ियों ने टेबल टेनिस की मिश्रित युगल स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। विश्व रैंकिंग में सातवें स्थान पर काबिज चितले और शाह की जोड़ी ने श्रीलंका और मालदीव की जोड़ियों के खिलाफ 3-0 की जीत दर्ज करते हुए अंतिम आठ में जगह बनाई। प्री क्वार्टर फाइनल में शाह और चितले ने मूसा अहमद और आइशत नजीम की मालदीव की जोड़ी को 11-0, 11-7, 11-6 से हराया। अब बृहस्पतिवार को क्वार्टर फाइनल में उनका सामना हांगकांग की डू होई किम और वोंग चुन टिंग की जोड़ी से होगा। यह मुकाबला जीतने पर भारतीय जोड़ी का पदक पक्का हो जाएगा। देसाई और घोरपड़े का सामना लिन शिदोंग और कुआई मैन की चीन की विश्व रैंकिंग में छठे स्थान पर काबिज जोड़ी से होगा। भारतीय जोड़ी को बुधवार को हांगकांग और मालदीव की जोड़ियों के खिलाफ कड़े मुकाबलों में जीत मिली। शुरुआती मुकाबले में देसाई और घोरपड़े को मालदीव के मोहम्मद इस्माइल और फातिमत अली ने निर्णायक गेम तक खींचा लेकिन भारतीय जोड़ी ने 9-11, 11-6, 11-7, 9-11, 11-6 से जीत दर्ज की। इसके बाद उन्हें हांगकांग की विंग लाम एनजी और क्वान तो यियू के खिलाफ चार गेम में 11-6, 11-5, 10-12, 11-7 से मुकाबला अपने नाम किया। अभय सिंह, वीर चोटरानी और तन्वी खन्ना ने स्क्वाश प्रतियोगिता में अपने-अपने एकल मुकाबलों में आसान जीत दर्ज करके अंतिम 16 में जगह बना ली। दूसरी वरीयता प्राप्त अभय ने पुरुष एकल के शुरुआती दौर के मुकाबले में थाईलैंड के अरकरादेत अरकराहिरुन्या के खिलाफ सिर्फ तीन अंक गंवाए। उन्होंने 11-1, 11-0, 11-2 से जीत दर्ज की। चोटरानी ने अंतिम 32 के मुकाबले में श्रीलंका के शामिल वकील को 11-8, 11-3, 11-3 से हराया। महिला एकल में तन्वी ने शुरुआती दौर में दक्षिण कोरिया की दामी किम को 11-5, 11-7, 11-5 से शिकस्त दी। ड्रैग फ्लिकर दीपिका के रिकॉर्ड नौ गोल की मदद से भारतीय महिला हॉकी टीम ने अपना अजेय अभियान जारी रखते हुए पूल बी के मैच में थाईलैंड को 20 . 1 से हराया। भारत के लिये दीपिका ने (दूसरा, आठवां, नौवां, 24वां, 33वां, 36वां, 39वां, 51वां और 57वां मिनट) ने पेनल्टी कॉर्नर पर नौ गोल दागे। अनुभवी फॉरवर्ड नवनीत कौर ने चार (चौथा मिनट, 29वां, 35वां और 51वां) और रूतुजा पिसाल ने तीन (10वां, 11वां और 47वां ) गोल किये। वहीं अनुभवी मिडफील्डर नेहा (19वां), लालरेम्सियामी (26वां), साक्षी राणा (29वां) और कप्तान सलीमा टेटे (45वां) ने एक एक गोल किये। भारत ने कबड्डी में भी अपना दबदबा जारी रखा। पुरुष और महिला दोनों टीम ने ग्रुप चरण के मुकाबलों में क्रमश: बांग्लादेश और ईरान के खिलाफ जीत दर्ज की।
एशियाई खेलों में Mirabai Chanu ने जीता 49 किग्रा भारोत्तोलन में रजत पदक
जापान ने मीराबाई चानू को पहले ही ओलंपिक रजत पदक दिया था और बुधवार को यहां ‘उगते सूरज की धरती’ ने उन्हें एक और बेशकीमती एशियाई खेलों का वह पदक दिया जिसे पाने के लिए वह 12 साल से कोशिश कर रही थीं जिसने इस स्टार भारतीय भारोत्तोलक पर से दबाव हटा दिया और उन्हें बहुत हल्का महसूस कराया। मीराबाई ने 49 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर एशियाई खेलों में पदक के 12 साल के लंबे इंतजार खत्म किया। उन्होंने स्नैच में 88 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम भार के साथ कुल 198 किलोग्राम वजन उठाया। यह 1998 में कर्णम मल्लेश्वरी के रजत पदक के बाद एशियाई खेलों में भारोत्तोलन में भारत का पहला पदक है। मणिपुर की इस खिलाड़ी ने 2021 में तोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीता था (जो 2000 सिडनी ओलंपिक में मल्लेश्वरी के कांस्य पदक से बेहतर था) और पांच साल बाद जापान लौटकर उस बड़े पदक को भी अपने पदकों की कैबिनेट में शामिल कर लिया जो अब तक उनके पास नहीं था। मीराबाई ने पदक जीतने के बाद कहा, ‘‘आखिरकार वो पदक मिल गया जो मैं चाहती थी। मैं पिछले 12 वर्षों से, 2014 के एशियाई खेलों से ही इस पदक के लिए कोशिश कर रही थी। इस पदक के साथ मेरा जीवन पूर्ण हो गया है। अब मैं बहुत हल्का महसूस कर रही हूं क्योंकि अब मुझ पर से दबाव पूरी तरह हट गया है। ये मेरे सपनों के एशियाई खेल हैं। ’’मीराबाई ने कहा, ‘‘मैंने तोक्यो (ओलंपिक) में रजत पदक जीता था और अब जापान में एशियाड में भी मेरे पास रजत पदक है। जब से मैंने ओलंपिक में कदम रखा, तभी से मेरा सपना एशियाड में पदक जीतने का था। ’’इस 32 साल की भारोत्तोलक ने कहा, ‘‘मैं हमेशा खुद से पूछती कि हर एशियाड के दौरान या इससे पहले मेरे साथ क्या होता है? लेकिन इस बार मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश की। मैं पक्के इरादे के साथ आई थी कि चाहे कुछ भी हो जाए, मैं पदक जीतकर ही रहूंगी। ’’उन्होंने कहा कि एशियाई खेलों का पदक ओलंपिक पदक के बराबर है क्योंकि दुनिया के शीर्ष भारोत्तोलक एशिया से ही आते हैं। जब उनसे पूछा गया कि बुधवार को क्या खास है तो उन्होंने कहा, ‘‘सब कुछ खास है। ओलंपिक रिंग्स, हेयरबैंड, नाखून। ’’उन्होंने कहा कि वह अपना सर्वश्रेष्ठ दिए बिना पदक नहीं जीतना चाहती थीं इसलिए उन्होंने क्लीन एंव जर्क में 111 किग्रा का वजन उठाने की कोशिश की जबकि कम वजन उठाने पर भी उन्हें रजत पदक मिल सकता था। मीराबाई ने कहा, ‘‘मैं (क्लीन एंड जर्क में) 110 किग्रा से ज्यादा वजन उठाना चाहती थी। मुझे नहीं पता था कि इंडोनेशियाई खिलाड़ी (कांस्य पदक जीतने वाली) कितना वजन उठाएगी। मुझे पता था कि स्वर्ण पदक मुझे नहीं मिलेगा। लेकिन मैं बस अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहती थी। मैं कम वजन उठाकर पदक नहीं जीतना चाहती थी।
Asian Games में देवास के जय मीणा ने सॉफ्ट टेनिस में कांस्य पदक जीतकर रचा इतिहास
भारत के जय मीणा ने एशियाई खेलों में बुधवार को पुरुषों की एकल सॉफ्ट टेनिस स्पर्धा के सेमीफाइनल में जापान के तुकोया कुरोसाका से 2-4 से हारने के बावजूद कांस्य पदक जीतकर नया इतिहास रचा।अपने तीसरे एशियाई खेलों में खेल रहे 26 वर्षीय मीणा ने तीन गेम से ...
एशियाई खेल: Manu Bhaker 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में पांचवें स्थान पर रहीं
(अजय मसंद)नागोया, 23 सितंबर भारत के लिए एशियाई खेलों की निशानेबाजी रेंज में जिस दिन से काफी उम्मीदें लगी हुई थीं, वह दिन बहुत कम उपलब्धियों के साथ खत्म हुआ। महिला 10 मीटर एयर पिस्टल की स्टार निशानेबाजों की तिकड़ी उम्मीदों को पदक में बदलने में नाकाम रही, हालांकि पुरुष और महिला स्कीट टीम ने बुधवार को कांस्य पदक जीतकर कुछ हद तक भारत की प्रतिष्ठा बचाई। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर, ईशा सिंह और सुरूचि इंदर सिंह तीनों दुनिया की शीर्ष निशानेबाजों में शुमार है। निशानेबाजी में इन तीनों से भारत को पदक की सबसे ज्यादा उम्मीदें थीं। लेकिन ईशा और सुरूचि फाइनल में जगह बनाने में असफल रहीं जबकि क्वालिफिकेशन दौर से आगे बढ़ने वाली एकमात्र भारतीय मनु भी उम्मीदों के भारी दबाव के बीच संघर्ष करती नजर आईं और पांचवें स्थान पर रहीं। पुरुष और महिला स्कीट स्पर्धाओं में मिले दो कांस्य पदकों के साथ भारत के निशानेबाजी में कुल पदकों की संख्या सात हो गई जिसमें चार रजत और तीन कांस्य पदक शामिल हैं। हालांकि इस दिन को जीते गए पदकों से अधिक उन मौकों के लिए याद किया जाएगा जो भारत के हाथ से निकल गए। ईशा क्वालीफिकेशन में 572 अंक से 15वें स्थान पर रहीं जो उनके स्तर की निशानेबाज से अपेक्षित प्रदर्शन से काफी कम था। वहीं कई विश्व कप स्वर्ण पदक जीत चुकीं सुरूचि ने 568 अंक हासिल किए और आठ निशानेबाजों वाले फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं। इन दोनों के शुरुआती दौर में बाहर होने के बाद भारत की पदक की उम्मीदों का पूरा भार अकेले मनु के कंधों पर आ गया। पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतने वाली मनु ने क्वालीफाइंग में 579 का स्कोर बनाकर तीसरा स्थान हासिल किया लेकिन फाइनल में वह 181.1 अंक ही बना पाई। यह 24 वर्षीय खिलाड़ी अब 25 मीटर एयर पिस्टल में भाग लेगी। टीम स्पर्धा ने एक बार फिर यह कड़वी याद दिलाई कि निशानेबाजी में जीत और हार के बीच का अंतर कितना मामूली हो सकता है। भारत इस स्पर्धा में वियतनाम से पदक से चूक गया। दोनों टीमों के समान 1719 अंक रहे लेकिन भारत ने 10 अंक पर कम शॉट लगाए थे जिससे उसे चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा। इतनी मजबूत व्यक्तिगत निशानेबाजी क्षमता के साथ आई भारतीय टीम के लिए टीम स्पर्धा में चौथा स्थान निश्चित रूप से अपेक्षाओं के अनुरूप परिणाम नहीं था। यह 2023 में हांग्झोउ में हुए पिछले एशियाड के प्रदर्शन से भी बिल्कुल उलट था। वहां भारत ने व्यक्तिगत स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला और दूसरा स्थान हासिल किया था। पलक गुलिया ने स्वर्ण पदक जबकि ईशा ने रजत पदक अपने नाम किया था। भारत ने टीम स्पर्धा में भी रजत पदक जीता था। इस अंतर को नजरअंदाज करना मुश्किल है और इससे भारत की निशानेबाजी व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठना स्वाभाविक है जिसमें तैयारी और कोचिंग से लेकर खिलाड़ियों के चयन की नीतियां तक शामिल हैं। हाल के समय में भारत ने अपने एशियाई खेलों के दलों से ऐसे निशानेबाजों को बाहर रखा है जिनका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार रिकॉर्ड रहा है। इन फैसलों के बाद बार-बार यह सवाल उठता रहा है कि क्या घरेलू चयन मानदंड अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन और मौजूदा फॉर्म को पर्याप्त महत्व दे रहे हैं। ईशा और सुरूचि ने सार्वजनिक रूप से इस बात पर ज्यादा चर्चा नहीं की कि आखिर क्या गलत हुआ। हालांकि, मनु स्पष्ट रूप से निराश नजर आईं और उन्होंने अपने प्रदर्शन के पीछे मौजूद व्यक्तिगत चुनौतियों की एक झलक साझा की। मनु ने कहा, ‘‘मैंने सच में अपनी पूरी कोशिश की और मुझे वाकई लगता है कि मेरा प्रदर्शन उन चुनौतियों के मुकाबले काफी बेहतर था, जिनका सामना मैं जापान में अपनी ट्रेनिंग के दौरान कर रही थी। ’’मनु ने खुद को संभाले रखा था लेकिन जैसे ही जसपाल राणा का नाम सामने आया, वह अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाई और उन्हें उस दिग्गज से मिली करियर और जिंदगी से जुड़ी सीखें याद आ गईं। राणा के कोच रहते मनु ने पेरिस ओलंपिक 2024 में दो कांस्य पदक जीते थे। महान निशानेबाज और कोच राणा का कुछ महीने पहले दिल की बीमारी से निधन हो गया था। हालांकि अभी वापसी का एक और मौका है। मनु, ईशा और 2018 एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता राही सरनोबत 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा के लिए रेंज में वापसी करेंगी। लेकिन बुधवार को हाथ से निकले मौके के बाद अब काम काफी मुश्किल हो गया है। भारत इन खेलों में हांग्झोउ के निशानेबाजी प्रदर्शन(सात स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य) से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद के साथ आया था। अगर वे नागोया में इसकी बराबरी कर पाते हैं, तो यह किसी चमत्कार से कम नहीं होगा।
एशियन गेम्स की पुरुष बैडमिंटन स्पर्धा में भारतीय टीम की स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीदों को करारा झटका लगा है। सेमीफाइनल मुकाबले में चीन के हाथों 1-3 से मिली हार के बाद भारत को कांस्य पदक (Bronze Medal) से ही संतोष करना पड़ा। लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी जैसे शीर्ष सिंगल्स खिलाड़ियों के निराशाजनक प्रदर्शन के कारण भारत खिताबी रेस से बाहर हो गया। हालांकि, इस हार के बावजूद भारतीय पुरुष टीम ने लगातार दूसरे एशियाई खेलों में पदक हासिल करने की उपलब्धि अपने नाम की। इससे पहले मंगलवार को भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर-फाइनल में मेजबान जापान को 3-0 से करारी शिकस्त देकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की थी। खास बात यह है कि चीन ने शुरुआती सिंगल्स मैच में शी युकी के ज़रिए बढ़त बना ली, जिन्होंने लक्ष्य सेन को 21-16, 21-18 से हराया। भारतीय शटलर ने अच्छी शुरुआत की लेकिन लय बनाए नहीं रख सके और 2025 के वर्ल्ड चैंपियन ने पहला गेम जीत लिया। लक्ष्य ने बाद में दूसरे गेम में 16-16 के स्कोर से वापसी की कोशिश की, लेकिन शी ने मैच जीत लिया। सात्विक-चिराग ने वर्ल्ड चैंपियंस को हराया भारत ने सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी के ज़रिए बराबरी की। एशियाई खेलों के मौजूदा पुरुष डबल्स चैंपियन ने वर्ल्ड चैंपियन लियांग वेइकेन्ग और वांग चांग को 21-11, 22-20 से हराया। भारतीय जोड़ी ने शुरुआती गेम में ज़्यादातर समय दबदबा बनाए रखा और दूसरे गेम के रोमांचक अंत में अपना संयम बनाए रखा। लियांग और वांग ने दो मैच पॉइंट बचाकर स्कोर 20-20 किया, लेकिन सात्विक और चिराग ने अपने तीसरे मौके को भुनाते हुए मुकाबला बराबर कर दिया। तीसरे रबर में चीन ने फिर से बढ़त बना ली जब ली शी फेंग ने आयुष शेट्टी को 21-19, 21-13 से हराया। आयुष, जो 2026 बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में सिल्वर मेडलिस्ट थे, ने पहले कॉन्टिनेंटल इवेंट में ली को हराया था। इस बार, शुरुआती गेम में इंटरवल के समय वे 11-10 से आगे थे लेकिन उस बढ़त को जीत में नहीं बदल सके। दूसरे गेम में, उन्होंने 16-13 के स्कोर पर अंतर को तीन पॉइंट तक कम किया, लेकिन ली ने मैच जीत लिया। हरिहरन और अर्जुन को हार का सामना करना पड़ा मुकाबले में बने रहने के लिए भारत को चौथे रबर में जीत की ज़रूरत थी, लेकिन हरिहरन अमसाकरुणन और एमआर अर्जुन को हे जी टिंग और लियू यी ने 21-16, 17-21, 21-9 से हरा दिया। इस नतीजे से चीन को फ़ाइनल में जगह मिल गई और भारत की उस सिल्वर मेडल से बेहतर करने की उम्मीदें खत्म हो गईं जो उन्हें हांगझू में मिला था, जहाँ भारतीय टीम गोल्ड-मेडल मैच में चीन से 3-2 से हार गई थी। इससे पहले, महिला टीम क्वार्टर फ़ाइनल में जापान से 3-1 से हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो चुकी थी। गौरतलब है कि व्यक्तिगत बैडमिंटन इवेंट्स 25 सितंबर से शुरू होंगे, जिसमें सिंगल्स और डबल्स प्रतियोगिताएं 29 सितंबर तक चलेंगी। नतीजे भारत 1-3 चीन MS1: लक्ष्य सेन, शी यू की से 16-21, 18-21 से हारे MD1: सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी/चिराग शेट्टी ने लियांग वेई केंग/वांग चांग को 21-11, 22-20 से हराया MS2: आयुष शेट्टी, ली शी फेंग से 19-21, 13-21 से हारे MD2: हरिहरन अमसाकरुणन/एमआर अर्जुन बनाम हे जी टिंग/लिउ यी 16-21, 21-17, 9-2 lakshya sen aur aayush shetty ke acha pradarshan na kar paane ke baad bharat ko
Mirabai Chanu ने Asian Games में जीता सिल्वर मेडल, 198 किग्रा वजन उठाकर रचा इतिहास
(दूसरे पैरा में सुधार के साथ)(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 23 सितंबर भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने बुधवार को यहां महिलाओं के 49 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर एशियाई खेलों में पदक के 12 साल के लंबे इंतजार खत्म किया। तोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता मीराबाई ने स्नैच में 88 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम भार के साथ कुल 198 किलोग्राम वजन उठाया। यह 1998 में कर्णम मल्लेश्वरी के रजत पदक के बाद एशियाई खेलों में भारोत्तोलन में भारत का पहला पदक है। मीराबाई ने बाद में कहा, ‘‘एशियाई खेलों में पदक जीतना सपना सच होने जैसा है। मैं पिछले 12 वर्षों से, 2014 के एशियाई खेलों से ही इस पदक के लिए कोशिश कर रही थी। इस पदक के साथ मेरा जीवन पूर्ण हो गया है। अब मैं बहुत हल्का महसूस कर रही हूं। ये मेरे सपनों के एशियाई खेल हैं।’’उत्तर कोरिया की दो बार की विश्व चैंपियन री सोंग गम ने उम्मीदों पर खरे उतरते हुए कुल 215 किलोग्राम (94 और 121 किलोग्राम) वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता और एशियाई खेलों में खिताबी हैट्रिक पूरी की। उन्होंने कुल वजन में विश्व रिकॉर्ड बनाया। इंडोनेशिया की लुलुक डायना त्रिविजयाना ने 191 किलोग्राम (88 और 103 किलोग्राम) भार के साथ कांस्य पदक हासिल किया। मीराबाई ने अभी तक ओलंपिक से लेकर विश्व चैंपियनशिप में भी पदक जीते थे लेकिन वह एशियाई खेलों में यह उपलब्धि हासिल नहीं कर पाई थी। मीराबाई ने ओलंपिक में रजत पदक, विश्व चैंपियनशिप में एक स्वर्ण सहित तीन पदक तथा राष्ट्रमंडल खेलों और राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक के अलावा एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक भी जीता है। मीराबाई ने 2014 में अपने पहले एशियाई खेलों में नौवां स्थान हासिल किया था। वह पीठ की चोट के कारण 2018 के एशियाई खेलों में भाग नहीं ले पाई थी जबकि पिछले एशियाई खेलों में वह चौथे स्थान पर रही थी। अपनी मां के उपहार में दिए गए ओलंपिक रिंग की तरह के सोने के झुमके पहने और बालों में तिरंगे का रिबन लगाए मीराबाई पदक जीतने के दृढ़ लक्ष्य के साथ मंच पर पहुंची। मीराबाई ने स्नैच में 83 किलोग्राम के साथ शुरुआत की और फिर अपने अगले दो प्रयासों में 85 किलोग्राम और 87 किलोग्राम वजन उठाकर प्रतियोगिता के पहले चरण में तीसरा स्थान हासिल किया। इसके बाद उन्होंने क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम का भार उठाकर एशियाई खेलों में अपना पहला पदक जीता। रजत पदक पक्का होने के बाद उन्होंने अपना आखिरी प्रयास नहीं लिया। उन्होंने कहा, ‘‘जब से मैंने भारोत्तोलन में कदम रखा तब से मेरा सपना एशियाई खेलों में पदक जीतना रहा है। एशियाई खेलों से पहले या उसके दौरान कुछ न कुछ होता रहा, लेकिन इस बार मैंने अपना सपना पूरा कर लिया।’’मीराबाई यह पदक जीतने के लिए इतनी प्रतिबद्ध थी कि पिछले महीने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के अगले दिन बाद ही वह अभ्यास में लग गई थी। अब उनका लक्ष्य 2028 में होने वाले ओलंपिक खेलों में पदक जीतना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अभी तक लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए अपनी रणनीति तय नहीं की है। क्वालिफिकेशन प्रक्रिया दिसंबर में शुरू होगी। मैं कुछ समय तक इस पदक का जश्न मनाऊंगी और फिर फैसला करूंगी।’’प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मीराबाई को उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि उनके ‘दृढ़ संकल्प और निरंतर अच्छा प्रदर्शन’ करने से देश की युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी। मोदी ने कहा, ‘‘मीराबाई चानू के लिए एक विशेष रजत पदक। भारोत्तोलन में महिला 49 किलोग्राम वर्ग में पदक जीतने पर उन्हें हार्दिक बधाई। उनका दृढ़ संकल्प और निरंतरता पूरे देश को प्रेरित करती है। भारत को उन पर गर्व है। उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं।
एशियाई खेलों में Mirabai Chanu ने जीता रजत, दोपहर की प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें
नयी दिल्ली, 23 सितंबर की विभिन्न फाइल से बुधवार को अपराह्न दो बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार है: खेल25 : खेल एशियाड भारोत्तोलन लीड भारतमीराबाई ने रजत जीतकर एशियाई खेलों में पदक का सूखा खत्म कियानागोया, भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने बुधवार को यहां महिलाओं के 49 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर एशियाई खेलों में पदक के 12 साल के लंबे इंतजार खत्म किया। दि14 : निर्वाचन आयोग राहुलभाजपा, आरएसएस और निर्वाचन आयोग ने वोट चोरी कर देशद्रोह किया, न्याय होगा: राहुल गांधीनयी दिल्ली, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर बुधवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और निर्वाचन आयोग का यह कृत्य ‘देशद्रोह’ है और इसमें न्याय होकर रहेगा। प्रादे24 : महाराष्ट्र आईआईटी आत्महत्या प्रोफेसरछात्र की मौत की निष्पक्ष जांच के लिए आईआईटी मुंबई के प्रोफेसर डूला छुट्टी पर भेजे गएमुंबई, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई के छात्र साहिल वाकोडे की कथित आत्महत्या के मामले में आरोपी प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए छुट्टी पर भेज दिया गया है। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। प्रादे31 : बिहार बाढ़बिहार में बाढ़ संकट गहराया, 15 जिलों के 50.49 लाख लोग प्रभावितपटना, बिहार में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है तथा राज्य के 15 जिलों में 50 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और 88 प्रखंडों की 576 ग्राम पंचायतें जलमग्न हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। खेल23 : खेल एशियाड हॉकी महिला भारतभारतीय महिला हॉकी टीम ने थाईलैंड को 20 . 1 से हराया, दीपिका के नौ गोलकाकामिगाहारा, ड्रैग फ्लिकर दीपिका के नौ गोल की मदद से भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियाई खेलों में अपना अजेय अभियान जारी रखते हुए बुधवार को पूल बी के मैच में थाईलैंड को 20 . 1 से हराया। दि1 : कांग्रेस यूसीसीयूसीसी भाजपा के राजनीतिक एजेंडे का हथियार, विभाजन और ध्रुवीकरण का साधन : कांग्रेसनयी दिल्ली, कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि नरेन्द्र मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कोई कानूनी सुधार नहीं है, बल्कि ‘‘विभाजन, व्यवधान और ध्यान भटकाने का एक हथियार’’ तथा समाज को स्थायी ध्रुवीकरण की स्थिति में बनाए रखने का एक साधन है। दि23 : दिल्ली उपराज्यपाल पार्क सुरक्षादिल्ली के उपराज्यपाल ने सभी पार्क का सुरक्षा ऑडिट, पिंक पुलिस की तैनाती का आदेश दियानयी दिल्ली, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने बुधवार को दक्षिणपूर्वी दिल्ली के कालकाजी इलाके के एक पार्क में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद शहर के सभी पार्क का सुरक्षा ऑडिट कराने और उनके आसपास पिंक पुलिसकर्मियों की तैनाती का निर्देश दिया। अर्थ16 : वित्त मंत्रालय बैंक हड़तालप्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए ग्राहकों की सुविधा के लिए रविवार को खुले रहेंगे बैंकनयी दिल्ली, वित्त मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि बैंक कर्मचारी संगठनों के संयुक्त मंच यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) की प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए ग्राहकों की सुविधा के लिए रविवार 27 सितंबर को क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक समेत सभी बैंक खुले रहेंगे। वि14 : संरा जयशंकर ग्लोबल साउथ‘ग्लोबल साउथ’ पर वैश्विक संकटों का सबसे अधिक असर लेकिन निर्णय लेने की प्रक्रिया में पीछे: जयशंकरसंयुक्त राष्ट्र, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि ‘ग्लोबल साउथ’ पर भले ही वैश्विक संकटों का सबसे अधिक असर पड़ता है, लेकिन इन संकटों से जुड़े निर्णय लेने की प्रक्रिया में वह ‘पीछे’ है। वि1 : अमेरिका नेपाल बाढ़अमेरिका ने बाढ़ प्रभावित नेपाल के लिए 3.1 करोड़ डॉलर की सहायता की घोषणा कीवाशिंगटन, अमेरिका ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में पुलों के निर्माण, प्रभावित समुदायों की बुनियादी नागरिक जरूरतों को पूरा करने और भविष्य में आपदा के बाद राहत एवं पुनर्बहाली प्रयासों में मदद के लिए ड्रोन की तैनाती में सहयोग के वास्ते नेपाल को 3.1 करोड़ अमेरिकी डॉलर की सहायता देने की घोषणा की है। अर्थ5 : एसएंडपी वृद्धिएसएंडपी ने भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर सात प्रतिशत कियानयी दिल्ली, वित्तीय शोध और साख निर्धारित करने वाली एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने बुधवार को चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर सात प्रतिशत कर दिया।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम के स्वर्ण पदक जीतने पर छतरपुर के घुवारा में जश्न का माहौल रहा।
मीराबाई चानू ने एशियाई खेलों की भारोत्तोलन प्रतियोगिता में जीता ऐतहासिक रजत पदक
आइची-नागोया। भारत की स्टार एथलीट मीराबाई चानू ने बुधवार को एशियाई खेलों में महिलाओं की 49 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 198 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीत लिया है। इसी के साथ उन्होंने इस स्पर्धा में पदक जीतने के 28 साल के सूखे को समाप्त कर दिया। इससे पहले 1998 में कर्णम मल्लेश्वरी ने […] The post मीराबाई चानू ने एशियाई खेलों की भारोत्तोलन प्रतियोगिता में जीता ऐतहासिक रजत पदक appeared first on Sabguru News .
मध्य प्रदेश राज्य के देवास के सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी जय मीणा ने एशियन गेम्स ने कांस्य पदक जीता है। उनकी उपलब्धि से देश-प्रदेश के साथ देवास का मान भी बढ़ा है।
Asian Games 2026: भारतीय पुरुष और महिला कबड्डी टीमों ने दर्ज की शानदार जीत
महिला टीम ने ईरान को 37-23 से हराया, जबकि पुरुष टीम ने बांग्लादेश को पछाड़कर सेमीफाइनल में जगह बनाते हुए पदक पक्का किया।
Asian Games 2026: जय मीणा ने रचा इतिहास, सॉफ्ट टेनिस में भारत को दिलाया पहला ब्रॉन्ज मेडल
एशियन गेम्स 2026 में जय मीणा ने इतिहास रच दिया है। उन्होने पुरुषों के सॉफ्ट टेनिस में भारत के लिए पहला मेडल जीता है। हालांकि, सेमीफाइनल में उन्हें जापान के ताकुया कुरोसाका से 2-4 से हार का सामना करना पड़ा। सेमीफाइनल में हार के बावजूद वह ब्रॉन्ज मेडल को अपने नाम करने में सफल रहे हैं। मीणा ने क्वार्टर फाइनल में शेरविन नुगुइट के खिलाफ शानदार वापसी करते हुए एशियन गेम्स में सॉफ्ट टेनिस में भारत का पहला मेडल पक्का किया था। उस मैच में वे आखिरी गेम में पीछे चल रहे थे, लेकिन फिर वापसी करते हुए लगातार चार प्वाइंट जीते और क्वार्टर फाइनल 4-3 से जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई, जहां वे कुरोसाका से हार गए और ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल के साथ अपना सफर खत्म किया। सॉफ्ट टेनिस में मीणा का सफर एक दिलचस्प संयोग से शुरू हुआ। शुरुआत में उनकी रुचि क्रिकेट में थी और वे क्रिकेटर बनना चाहते थे। मगर जब उन्होंने देवास के पायनियर पब्लिक स्कूल में दाखिला लिया, तो वहां बने सॉफ्ट टेनिस कोर्ट ने उनका ध्यान खींचा। पहले वे खिलाड़ियों को खेलते हुए देखते थे और बाद में बॉल बॉय के रूप में मदद करने लगे। धीरे-धीरे उनकी दिलचस्पी सॉफ्ट टेनिस में बढ़ी और उन्होंने खुद यह खेल खेलना शुरू कर दिया। स्कूल और जिला स्तर की प्रतियोगिताओं से शुरुआत करने के बाद वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे। सिर्फ 14 साल की उम्र में ही वे जापान में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने गए। मीणा ने 2022 में गुजरात में हुए 36वें नेशनल गेम्स में पुरुष सिंगल्स वर्ग का गोल्ड मेडल जीतकर अपनी पहचान बनाई। इसके अलावा उन्होंने पुरुष टीम और डबल्स स्पर्धा में भी मध्य प्रदेश के लिए पदक जीतने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद उनका प्रदर्शन लगातार बेहतर होता गया। 2025 में वे पुरुष सिंगल्स के नेशनल चैंपियन बने। एशियन गेम्स 2022 में भी उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया, जहां वे पुरुष सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे। साथ ही पुरुष टीम स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ी। धीरे-धीरे उनकी दिलचस्पी सॉफ्ट टेनिस में बढ़ी और उन्होंने खुद यह खेल खेलना शुरू कर दिया। स्कूल और जिला स्तर की प्रतियोगिताओं से शुरुआत करने के बाद वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे। सिर्फ 14 साल की उम्र में ही वे जापान में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने गए। मीणा ने 2022 में गुजरात में हुए 36वें नेशनल गेम्स में पुरुष सिंगल्स वर्ग का गोल्ड मेडल जीतकर अपनी पहचान बनाई। इसके अलावा उन्होंने पुरुष टीम और डबल्स स्पर्धा में भी मध्य प्रदेश के लिए पदक जीतने में अहम भूमिका निभाई। Also Read: LIVE Cricket Score इस महाद्वीपीय चैंपियनशिप में मीणा ने कुल चार मेडल जीते, जो उनकी बड़ी उपलब्धि रही। टारगेट एशियन गेम्स ग्रुप के एथलीट के रूप में यह उनका तीसरा एशियन गेम्स है। इससे पहले भी वे जकार्ता एशियन गेम्स 2018 और हांगझोऊ एशियन गेम्स 2022 में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। Article Source: IANS
PC: TV9 इंडियन विमेंस क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतने के बाद कुछ फोटो शेयर कीं, जो अब चर्चा का विषय बन गई हैं। महिला खिलाड़ियों ने ट्रॉफी सेलिब्रेशन की कुछ फोटो शेयर कीं, बस यही एक चीज है जिसने सबका ध्यान खींचा है। हरमनप्रीत कौर की लीडरशिप में इंडियन टीम ने फाइनल मैच में श्रीलंका को 147 रन से हराया। इस जीत के साथ ही इंडिया ने लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में विमेंस क्रिकेट में गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद इंडियन खिलाड़ियों को गोल्ड मेडल के साथ डॉल्स भी दी गईं। PC: TV9 गोल्ड मेडल जीतने के बाद इंडियन खिलाड़ियों ने पोडियम पर मेडल लिए। लेकिन इस बार मेडल के साथ जापानी कल्चर को दिखाने वाली खूबसूरत डॉल्स भी खिलाड़ियों को दी गईं। इन डॉल्स ने सोशल मीडिया पर भी कई लोगों का ध्यान खींचा। कई लोगों ने सोचा कि डॉल्स क्यों दी गईं? ये डॉल्स एशियन गेम्स के ऑफिशियल मैस्कॉट से जुड़ी यादगार चीजें हैं, और होस्ट देश के लिए इंटरनेशनल स्पोर्ट्स कॉम्पिटिशन में मेडल के साथ जीतने वाले खिलाड़ियों को ऐसी यादगार चीजें देना एक परंपरा है। PC: TV9 इसका मतलब है कि ये डॉल्स सिर्फ़ भारतीय एथलीटों के लिए एक गिफ़्ट ही नहीं होंगी, बल्कि जापान में उनके जीते हुए गोल्ड मेडल की एक खास याद भी होंगी।
भारत की स्टार भारोत्तोलक (वेटलिफ्टर) मीराबाई चानू ने अपने शानदार और ऐतिहासिक करियर में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ लिया है। जापान के नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में मीराबाई चानू ने महिलाओं की 49 किलोग्राम वर्ग स्पर्धा में रजत पदक (सिल्वर मेडल) अपने नाम किया। इसके साथ ही उन्होंने एशियाई खेलों की वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में भारत के 28 साल लंबे पदक के सूखे को समाप्त कर दिया। 1998 बैंकॉक एशियाई खेलों में दिग्गज कर्णम मल्लेश्वरी द्वारा जीते गए रजत पदक के बाद मीराबाई चानू एशियन गेम्स में वेटलिफ्टिंग पदक जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट बन गई हैं। नॉर्थ कोरिया की री सोंग-गम ने एशियाई खेलों के खिताब की हैट्रिक लगाते हुए गोल्ड मेडल जीता। इंडोनेशिया की विजयाना लुलुक डियानी ट्राई ने कुल 191 किग्रा वज़न उठाकर ब्रॉन्ज़ मेडल जीता - जिसमें स्नैच में 87 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 103 किग्रा शामिल था। इस बीच, चानू के सिल्वर मेडल ने एशियाई खेलों के मेडल के लिए लंबे इंतज़ार को भी खत्म कर दिया। इससे पहले वह हांग्जो में चौथे स्थान पर रही थीं और पोडियम तक नहीं पहुँच पाई थीं, जबकि उस इवेंट में उनके पास अपनी उपलब्धियों में कॉन्टिनेंटल खिताब जोड़ने का एक और मौका था। उनके इस नए नतीजे ने उस कलेक्शन को पूरा कर दिया है जिसमें पहले से ही ओलंपिक सिल्वर, वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताब और कॉमनवेल्थ गेम्स के गोल्ड मेडल शामिल हैं। चानू का अब तक का सफ़र एशियाई खेलों में सिल्वर मेडल तक पहुँचने के चानू के सफ़र में कई बड़ी चुनौतियाँ भी आईं। उन्होंने रियो में ओलंपिक में डेब्यू किया था, लेकिन कोई भी वैलिड लिफ़्ट न कर पाने के कारण वह मेडल की दौड़ से बाहर हो गईं। पाँच साल बाद, उन्होंने टोक्यो में वापसी की और ओलंपिक सिल्वर मेडल जीता, जिससे उनके करियर का एक मुश्किल दौर बदल गया। एशियाई खेलों में भी ऐसी ही चुनौती थी। हांग्जो में पोडियम तक पहुँचने से मामूली अंतर से चूकने के बाद, चानू ने जापान में कॉम्पिटिशन में वापसी की। उनके पास उस मेडल को जीतने का एक और मौका था जो उनके रिकॉर्ड में अब तक शामिल नहीं हो पाया था। इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: Election Commission में अंदरूनी घमासान! SIR और वोटर डेटा पर दो चुनाव आयुक्तों ने ही उठाए गंभीर सवाल, Indian Express Report से मचा बवाल एशियाई खेलों के सिल्वर मेडल का महत्व चानू का प्रदर्शन भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए ऐतिहासिक महत्व भी रखता है। उनके सिल्वर मेडल ने उन्हें 1998 में बैंकॉक में कर्णम मल्लेश्वरी के सिल्वर मेडल जीतने के बाद से इस खेल में देश की पहली एशियाई खेलों की मेडल विजेता बना दिया। 32 साल की उम्र में, चानू सात खिलाड़ियों के ग्रुप में सबसे उम्रदराज़ एथलीट थीं। नागोया में दूसरे स्थान पर रहने से अब उन्हें अपने करियर में पहले से हासिल ओलंपिक, वर्ल्ड और कॉमनवेल्थ सम्मानों के साथ-साथ एशियाई खेलों का मेडल भी मिल गया है। इस बीच, सिल्वर मेडल के साथ भारत मेडल टैली में 11वें स्थान पर पहुँच गया है। देश ने अब तक इस प्रतियोगिता में एक गोल्ड, पाँच सिल्वर और पाँच ब्रॉन्ज़ मेडल जीते हैं।
Asian Games 2026: मीराबाई चानू ने जीता सिल्वर, 28 साल बाद भारत को वेटलिफ्टिंग में मिला मेडल
Asian Games 2026 में मीराबाई चानू ने महिलाओं की 49kg वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल जीता। उनके पदक से भारत का 28 साल का वेटलिफ्टिंग मेडल सूखा खत्म हुआ।
Asian Games 2026: मनु भाकर का गोल्ड का सपना टूटा, 10 मीटर एयर पिस्टल में पांचवें स्थान पर रहीं
Asian Games 2026: मनु भाकर का गोल्ड का सपना टूटा, 10 मीटर एयर पिस्टल में पांचवें स्थान पर रहीं
एशियाई खेलों (Asian Games 2026) में बुधवार, 23 सितंबर का दिन भारत के लिहाज से बेहद अहम और व्यस्त रहने वाला है। इस दिन निशानेबाजी, भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग), बैडमिंटन, कबड्डी और हॉकी समेत कई स्पर्धाओं में भारतीय एथलीट पदक जीतने और अगले दौर में अपनी जगह पक्की करने के इरादे से मैदान में उतरेंगे। दिन की शुरुआत तड़के ई-स्पोर्ट्स, रोइंग और सेपकटकरा के मुकाबलों से होगी, जबकि पूरे दिन प्रशंसकों की निगाहें मनु भाकर, मीराबाई चानू और भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम पर टिकी रहेंगी। यहाँ प्रस्तुत है 23 सितंबर को होने वाले सभी भारतीय इवेंट्स और उनके समय (IST - भारतीय मानक समय) की पूरी सूची: शूटिंग (निशानेबाजी) सुबह 6:15 बजे: एयर पिस्टल महिला (व्यक्तिगत एवं टीम) क्वालिफिकेशन – सुरुचि इंदर सिंह, ईशा सिंह, मनु भाकर सुबह 6:30 बजे: स्कीट पुरुष (व्यक्तिगत एवं टीम) क्वालिफिकेशन दिन 3 – अनंतजीत सिंह नरूका, भवतेग सिंह गिल, मैराज अहमद खान सुबह 6:30 बजे: स्कीट महिला (व्यक्तिगत एवं टीम) क्वालिफिकेशन दिन 3 – परिनाज़ धालीवाल, रायज़ा ढिल्लों, माहेश्वरी चौहान सुबह 9:00 बजे: एयर पिस्टल महिला (व्यक्तिगत) फ़ाइनल – सुरुचि, ईशा सिंह, मनु भाकर (क्वालिफिकेशन पर निर्भर) सुबह 11:00 बजे: स्कीट महिला (व्यक्तिगत) फ़ाइनल – परिनाज़ धालीवाल, राइज़ा ढिल्लों, माहेश्वरी चौहान (क्वालिफिकेशन पर निर्भर) दोपहर 12:30 बजे: स्कीट पुरुष (व्यक्तिगत) फ़ाइनल – अनंतजीत सिंह नरुका, भवतेग सिंह गिल, मैराज अहमद खान (क्वालिफिकेशन पर निर्भर) भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग) सुबह 10:00 बजे: महिला 49 किग्रा फाइनल ग्रुप ए – मीराबाई चानू दोपहर 1:30 बजे: महिला 53 किग्रा फाइनल ग्रुप ए – ज्ञानेश्वरी यादव बैडमिंटन सुबह 11:30 बजे: पुरुषों की टीम सेमी-फ़ाइनल – भारत बनाम चीन कबड्डी सुबह 8:30 बजे: महिला टीम प्रारंभिक राउंड (ग्रुप ए) – भारत बनाम ईरान सुबह 9:45 बजे: पुरुष टीम प्रारंभिक राउंड (ग्रुप ए) – भारत बनाम बांग्लादेश हॉकी सुबह 11:30 बजे: महिला टीम (पूल बी) – भारत बनाम थाईलैंड बॉक्सिंग (मुक्केबाजी) सुबह 8:30 बजे से: पुरुषों का 80kg (राउंड ऑफ़ 16) – अंकुश बनाम हम्सा वोगेल (बहरीन) वुशु दोपहर 2:30 बजे से: महिला सांडा 60 किग्रा सेमीफाइनल – रोशिबिना देवी बनाम थानिया कुसुमानिंगत्यास (इंडोनेशिया) टेबल टेनिस सुबह 6:30 बजे: मिश्रित युगल (राउंड ऑफ़ 32) – हरमीत देसाई और यशस्विनी घोरपड़े बनाम इस्माइल मोहम्मद और अली फातिमाथ (मालदीव) सुबह 7:10 बजे: मिश्रित युगल (राउंड ऑफ़ 32) – मानुष शाह और दीया चितले बनाम चानुल कुलप्पुवाडु और बिमांडी स्वर्ण (श्रीलंका) सुबह 10:15 बजे: मिश्रित युगल (राउंड ऑफ़ 16) – मानुष शाह और दीया चितले (क्वालिफिकेशन पर निर्भर) सुबह 10:15 बजे: मिश्रित युगल (राउंड ऑफ़ 16) – हरमीत देसाई और यशस्विनी घोरपड़े (क्वालिफिकेशन पर निर्भर) रोइंग (नौकायन) सुबह 5:40 बजे: पुरुष सिंगल स्कल्स (हीट 2) – बलराज पंवार सुबह 6:00 बजे: पुरुष डबल स्कल्स (हीट 3) – सतनाम सिंह, सलमान खान सुबह 6:50 बजे: पुरुष जोड़ी (हीट 2) – जसविंदर सिंह, नितिन कुमार सुबह 7:10 बजे: महिला चार (हीट 1) – गुरबानी कौर, पूनम, तेंडेनथोई देवी हाओबिजम, अलीना एंटो सुबह 11:20 बजे: पुरुष लाइटवेट डबल स्कल्स (हीट 1) – रोहित, उज्ज्वल कुमार सिंह दोपहर 12:10 बजे: पुरुष क्वाड्रपल स्कल्स (हीट 2) – अरविंद सिंह, कुलविंदर सिंह, नवदीप सिंह, जकार खान दोपहर 12:20 बजे: पुरुष चार (हीट 1) – घुर्डे विपुल सतीश, सौरव कुमार, बाबू लाल यादव, योगेश कुमार स्विमिंग (तैरना) सुबह 6:42 बजे: पुरुषों की 100 मीटर बटरफ्लाई (हीट 2) – रोहित बेनेडिक्टॉन, साजन प्रकाश सुबह 7:03 बजे: पुरुषों की 200 मीटर फ़्रीस्टाइल (हीट 2) – अनीश सुनील कुमार गौड़ा, वेदांत माधवन दोपहर 1:38 बजे: पुरुषों की 100 मीटर बटरफ्लाई फ़ाइनल – रोहित बेनेडिक्टॉन, साजन प्रकाश (क्वालिफिकेशन पर निर्भर) दोपहर 1:54 बजे: पुरुषों की 200 मीटर फ़्रीस्टाइल फ़ाइनल – अनीश सुनील कुमार गौड़ा, वेदांत माधवन (क्वालिफिकेशन पर निर्भर) फ़ेंसिंग (तलवारबाजी) सुबह 6:30 बजे से: महिलाओं की फ़ॉइल इंडिविजुअल (पूल स्टेज) – नाओरेम मीना देवी, जॉइस अशिता स्टालिनराज सुबह 8:15 बजे से: पुरुषों की सेबर इंडिविजुअल (पूल स्टेज) – गिशो निधि के.पी., करण सिंह सुबह 9:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक: राउंड ऑफ़ 32, राउंड ऑफ़ 16, क्वार्टरफ़ाइनल, सेमी-फ़ाइनल और मेडल बाउट्स (क्वालिफिकेशन के आधार पर) कैनो स्प्रिंट सुबह 6:30 बजे: पुरुषों की कयाक फोर 500m (हीट 1) – हर्षवर्धन शक्तावत, वरिंदर सिंह, एल नाओचा सिंह ओइनम, अरुण सिंह सुबह 6:50 बजे: महिलाओं की कैनो सिंगल 200m (हीट 1) – मेघा प्रदीप सुबह 7:10 बजे: महिलाओं की कयाक डबल 500m (हीट 1) – पार्वती गीता, फेरेम्बम सोनिया देवी सुबह 10:40 बजे: पुरुषों की कयाक डबल 500m (हीट 2) – प्रसन्ना कुमार सीएस, प्रोहित बारोई सुबह 11:00 बजे: महिलाओं की कैनो डबल 500m (हीट 2) – मेघा प्रदीप, एल नेहा देवी स्क्वैश सुबह 10:30 बजे: पुरुष सिंगल्स (राउंड ऑफ़ 32) – अभय सिंह बनाम अरकराडेट अरकराहिरुन्या (थाईलैंड) सुबह 11:15 बजे: महिला सिंगल्स (राउंड ऑफ़ 32) – तन्वी खन्ना बनाम किम दामी (दक्षिण कोरिया) दोपहर 12:00 बजे: पुरुष सिंगल्स (राउंड ऑफ़ 32) – वीर चोटरानी बनाम मोहम्मद शामिल मुख्तार वकील (श्रीलंका) ई-स्पोर्ट्स सुबह 5:30 बजे: ई-फ़ुटबॉल क्वार्टरफ़ाइनल – डैनियल, चिन्मय साहू दोपहर 12:30 बजे: ई-फ़ुटबॉल सेमी-फ़ाइनल – डैनियल, चिन्मय साहू (क्वालिफिकेशन पर निर्भर) दोपहर 3:50 बजे: ई-फ़ुटबॉल फ़ाइनल – डैनियल, चिन्मय साहू (क्वालिफिकेशन पर निर्भर) सॉफ्ट टेनिस सुबह 5:30 बजे: पुरुष सिंगल्स क्वार्टरफ़ाइनल – जय मीणा बनाम शेरविन नुगुइट (फ़िलीपींस) सुबह 8:30 बजे: पुरुष सिंगल्स सेमीफ़ाइनल – जय मीणा (क्वालिफिकेशन पर निर्भर) दोपहर 12:15 बजे: पुरुष सिंगल्स गोल्ड मेडल मैच – जय मीणा (क्वालिफिकेशन पर निर्भर) घुड़सवारी & सेपकटकरा सुबह 5:30 बजे (सेपकटकरा): पुरुष टीम रेगु (प्रारंभिक ग्रुप बी) – भारत बनाम फिलीपींस सुबह 6:30 बजे (घुड़सवारी): इवेंटिंग इंडिविजुअल (क्रॉस कंट्री) फ़ाइनल डे 2 – आशीष लिमये, फुआद मिर्ज़ा
Asian Games में भारतीय Skeet टीमों का कमाल, पुरुष और महिला वर्ग में जीते कांस्य पदक
भारतीय पुरूष और महिला स्कीट टीमों ने बुधवार को यहां एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीते। तीन दिन के क्वालीफिकेशन दौर के बाद भारत की रायजा ढिल्लों, माहेश्वरी चौहान और परिनाज धालीवाल की महिला स्कीट टीम ने बुधवार को यहां 331 के संयुक्त स्कोर के साथ कांस्य पदक जीता। चीन (357) को स्वर्ण और कजाखस्तान (336) को रजत पदक मिला। स्कीट स्पर्धा में प्रत्येक निशानेबाज को 125 अंकों में से अधिकतम अंक हासिल करने होते हैं। परिनाज़ और रायजा दोनों ने 125 में से 111 अंक, जबकि माहेश्वरी ने 109 अंक हासिल करके पोडियम स्थान प्राप्त किया। रायजा और परिनाम ने व्यक्तिगत फाइनल में भी जगह बनाई। क्वालीफाइंग दौर में रायजा आठवें और परिनाज नौवे स्थान पर रही। अनंतजीत सिंह नरूका, मैराज अहमद खान और भवतेग सिंह गिल ने 346 के स्कोर के साथ कांस्य पदक जीता। अनंतजीत ने व्यक्तिगत फाइनल में भी जगह बनाई। उन्होंने 119 स्कोर किया जबकि मैराज ने 116 और भवतेग ने 111 स्कोर किया। भारत के अब निशानेबाजी में चार रजत और तीन कांस्य पदक हैं।
यूपी: इज्जतनगर मंडल की प्रियंका गोस्वामी एशियाई खेलों में दिखाएंगी दम, रेलवे और बरेली का बढ़ा मान
एशियाई खेलों में रेलवे के इज्जतनगर मंडल की खिलाड़ी प्रियंका गोस्वामी देश का कर रहीं प्रतिनिधित्व
Asian Games: Manu Bhaker 10 मीटर एयर पिस्टल के फाइनल में 5वें स्थान पर रहीं
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज मनु भाकर अपेक्षित प्रदर्शन करने में नाकाम रही और बुधवार को यहां एशियाई खेलों में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल के व्यक्तिगत वर्ग में पांचवें स्थान पर रही जबकि टीम स्पर्धा में मामूली अंतर से पदक से चूक गई। पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतने वाली भाकर ने क्वालीफाइंग 579 का स्कोर बनाकर तीसरा स्थान हासिल किया था लेकिन फाइनल में वह 181.1 अंक ही बना पाई। यह 24 वर्षीय खिलाड़ी अब 25 मीटर एयर पिस्टल में भाग लेगी। दस मीटर एयर पिस्टल में भाग लेने वाली अन्य भारतीय खिलाड़ियों में ईशा सिंह 572 के स्कोर के साथ 15वें स्थान पर रहीं और फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं। सुरुचि सिंह 568 के स्कोर के साथ 26वें स्थान पर रहीं। भारत इस स्पर्धा में वियतनाम से पदक से चूक गया। दोनों टीमों के समान 1719 अंक रहे लेकिन भारत ने 10 अंक पर कम शॉट लगाए थे जिससे उसे चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा। भारत ने अभी तक निशानेबाजी में सात पदक जीते हैं जिनमें चार रजत और तीन एक कांस्य पदक शामिल हैं।
Asian Games Day 5 LIVE Updates: भारत ने जीता आठवां मेडल, एक्शन में मीराबाई चानू
Asian Games 2026 Day 5 Live Updates: आज एशियन गेम्स में भारतीय एथलीट कई इवेंट में एक्शन में नजर आने वाले हैं। स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू पर भी सभी की निगाहें होंगी। भारत ने अब तक सात मेडल जीते हैं।
Asian Games में भारत का एथलेटिक्स अभियान शुरू, Tajinderpal Singh Toor पर टिकी निगाहें
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 23 सितंबर भारत एशियाई खेलों की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में बृहस्पतिवार से अपने अभियान की शुरुआत करेगा जिसमें शॉट पुट के स्टार खिलाड़ी तजिंदरपाल सिंह तूर स्वर्ण पदक की ऐतिहासिक हैट्रिक बनाने की कोशिश करेंगे, जबकि लंबी कूद के खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर और लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह पिछली बार जीते गए पदक के रंग को बेहतर करने का लक्ष्य रखेंगे। एशियाई खेलों में एथलेटिक्स में भारत अच्छा प्रदर्शन करता रहा है और उम्मीद है कि इस बार भी वह पदक बटोरने में किसी तरह की कोताही नहीं बरतेगा। उसे हालांकि भाला फेंक के सुपर स्टार नीरज चोपड़ा की कमी खलेगी जो चोट के कारण बाहर हो गए हैं। भारत की 75 सदस्यीय एथलेटिक्स टीम का लक्ष्य 25 से 30 पदक जीतना है। पिछली बार चीन के हांगझोऊ में टीम ने 29 पदक जीते थे, जिनमें छह स्वर्ण, 14 रजत और नौ कांस्य पदक शामिल थे। ट्रिपल जम्पर आशा इलांगो बृहस्पतिवार को भारतीय अभियान की शुरुआत करेंगी। उनके बाद सीमा 10,000 मीटर दौड़ में उतरेंगी। बृहस्पतिवार को ही होने वाली अन्य पदक स्पर्धा चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले में भारत पदक का प्रबल दावेदार है। स्प्रिंटर अनिमेष कुजुर और गुरिंदरवीर सिंह भी अपनी 100 मीटर हीट दौड़ में भाग लेंगे। अगर तूर स्वर्ण पदक जीतते हैं तो उनका नाम इतिहास की किताबों में दर्ज हो जाएगा क्योंकि वह एक ही स्पर्धा में लगातार तीन एशियाई खेलों में शीर्ष स्थान हासिल करने वाले पहले भारतीय ट्रैक एवं फील्ड एथलीट बन जाएंगे। महान थ्रोअर प्रद्युमन सिंह बराड़ ने 1954 और 1958 के एशियाई खेलों में शॉट पुट में दो स्वर्ण पदक जीते थे और अगर तूर जीत जाते हैं तो वह उनसे आगे निकल जाएंगे। हालांकि, बराड़ के नाम तीन स्वर्ण पदक हैं, जिनमें 1954 के खेलों में डिस्कस थ्रो में जीता गया एक और स्वर्ण पदक शामिल है। किसी भारतीय ट्रैक एवं फील्ड एथलीट द्वारा सबसे अधिक स्वर्ण और कुल पदक जीतने का रिकॉर्ड दिग्गज पीटी उषा के नाम है। उनके नाम पर चार स्वर्ण (सभी 1986 सियोल में) और सात रजत पदक दर्ज हैं। श्रीशंकर ने पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था और यह 27 वर्षीय खिलाड़ी इस बार स्वर्ण पदक जीतने का लक्ष्य रखेगा। इस सत्र में उन्होंने जिन सात प्रतियोगिताओं में भाग लिया है, उन सभी में उन्होंने आठ मीटर से अधिक की छलांग लगाई है। उन्होंने इस सत्र में 8.38 मीटर की छलांग लगाई है जो एशियाई खिलाड़ियों में सर्वश्रेष्ठ है। उन्हें चीन के युआन चेनलोंग और उज्बेकिस्तान के अनवर अनारोव से कड़ी चुनौती मिल सकती है। भारत ने डेविड सोलोमन को भी मैदान में उतारा है, जिन्हें चोटिल शाहनवाज खान की जगह अंतिम समय में टीम में शामिल किया गया है। गुलवीर तीन स्पर्धाओं 1500 मीटर, 5000 मीटर और 10,000 मीटर में भाग लेंगे और वह कम से कम दो पदक जीतने की कोशिश करेंगे। उन्होंने पिछले एशियाई खेलों में 10,000 मीटर में कांस्य पदक जीता था तथा 5,000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों में राष्ट्रीय रिकॉर्ड उनके नाम है। गुलवीर का 5000 मीटर दौड़ में मुकाबला इथियोपिया में जन्मे बहरीन के बिरहानु बलेव से होगा, जो मौजूदा चैंपियन हैं। गुलवीर को 10,000 मीटर दौड़ में भी कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि जापान के शीर्ष धावक मेबुकी सुजुकी भी मुकाबले में हैं। अविनाश साबले पर भी सबकी निगाहें टिकी रहेंगी, क्योंकि इस सत्र में एक ही प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की बावजूद वह पिछले एशियाई खेलों में जीता हुआ 3000 मीटर स्टीपलचेज़ का स्वर्ण पदक बरकरार रखने की कोशिश करेंगे। पिछले साल एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट की सर्जरी के बाद उन्हें चोट के चलते लंबे समय तक खेल से दूर रहना पड़ा था। उन्हें आखिरी समय में 5000 मीटर दौड़ में भी शामिल किया गया है, जिसमें उन्होंने पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था। पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाली लंबी कूद खिलाड़ी एंसी सोजन ने इस सत्र में एशियाई खिलाड़ियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है और वह स्वर्ण पदक की दावेदार हैं। पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में चोपड़ा की अनुपस्थिति के बावजूद भारत के रोहित यादव और यशवीर सिंह पदक के दावेदार हैं। स्वर्ण पदक जीतने के प्रबल दावेदार श्रीलंका के रुमेश पथिरागे हैं, जिन्होंने इस सत्र में तीन बार 90 मीटर से अधिक की दूरी तय की है और उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 92.62 मीटर रहा है। पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम भी दौड़ में हैं। राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक डेकाथलॉन खिलाड़ी तेजस्विन शंकर को जापान के युमा मारुयामा के खिलाफ कड़ी प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार रहना होगा, जो 10 स्पर्धाओं में 8321 अंकों के साथ एशियाई सत्र के चार्ट में शीर्ष पर हैं। राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदक विजेता ऊंची कूद के खिलाड़ी सर्वेश कुशारे भी पदक के दावेदार हैं हालांकि वह भी मामूली चोट से जूझ रहे हैं। उन्हें कई खिलाड़ियों की चुनौती का सामना करना पड़ेगा जिनमें कतर के कई ओलंपिक और विश्व पदक विजेता मुताज़ ईसा बरशिम भी शामिल हैं। ट्रिपल जम्पर प्रवीण चित्रवेल और 100 मीटर बाधा दौड़ की धाविका ज्योति याराजी ने पिछले एशियाई खेलों में क्रमशः कांस्य और रजत पदक जीते थे, लेकिन हाल ही में दोनों को मामूली चोटों से जूझना पड़ा था। विशाल टीके (400 मीटर), पारुल चौधरी (3000 मीटर स्टीपलचेज़), हरिता भद्रा (200 मीटर) और पूजा सिंह (ऊंची कूद) पदक जीतने के अन्य दावेदार हैं।
वैश्विक सकारात्मक संकेतों और टेक शेयरों में आई जोरदार खरीदारी के दम पर एशियाई शेयर बाजारों में बुधवार को लगातार छठे कारोबारी सत्र में तेजी का माहौल देखा गया। अमेरिकी बाजार वॉल स्ट्रीट, विशेष रूप से टेक-प्रधान नैस्डैक (Nasdaq 100) के रिकॉर्ड स्तर छूने का सीधा फायदा एशियाई इक्विटी बेंचमार्क को मिला है।निवेशकों की धारणा को सबसे ज्यादा मजबूती वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई लगातार गिरावट और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से मिली है। ऊर्जा लागत कम होने से मुद्रास्फीति (महंगाई) के मोर्चे पर राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है, जिससे जोखिम वाली संपत्तियों (Risk-on Assets) में संस्थागत निवेशकों की लिवाली लौटती नजर आ रही है।Major Asian Indices Performance: निक्केई, कोस्पी और हैंग सेंग में जोरदार बढ़तएशिया-प्रशांत क्षेत्र के प्रमुख शेयर बाजारों ने सुबह के सत्र में मजबूत शुरुआत की और बढ़त को बनाए रखा:जापान (Nikkei 225): टोक्यो का प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स निक्केई 225 करीब 1.38% की शानदार छलांग लगाकर मजबूत स्तर पर कारोबार कर रहा है। ऑटोमोबाइल और सेमीकंडक्टर इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में चौतरफा खरीदारी देखी गई।दक्षिण कोरिया (KOSPI): सियोल का कोस्पी इंडेक्स 1.15% उछल गया। चिपमेकर दिग्गज सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स के शेयरों में आई मजबूती ने इंडेक्स को रफ्तार दी।ऑस्ट्रेलिया (S&P/ASX 200): ऑस्ट्रेलियाई बाजार में भी 0.24% की सकारात्मक बढ़त दर्ज की गई, जहां माइनिंग और बैंकिंग शेयरों ने इंडेक्स को सहारा दिया।चीन और हांगकांग: हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स और शंघाई कंपोजिट इंडेक्स सीमित दायरे में हरे निशान के साथ स्थिर बने रहे।एशियाई इक्विटी बाजारों का यह संयुक्त प्रदर्शन बीते कई हफ्तों की सबसे लंबी विजयी रैली में से एक बन गया है।Tech & Semiconductor Rally: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और चिप शेयरों की नई उड़ानइस मौजूदा तेजी की धुरी टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर सेक्टर बना हुआ है। वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर पर तकनीकी कंपनियों द्वारा पूंजीगत व्यय (Capex) बढ़ाए जाने की खबरों ने टेक स्टॉक्स में दोबारा जान फूंक दी है।अमेरिकी शेयर बाजार में एएमडी (AMD), इंटेल, मेटा और आर्म होल्डिंग्स जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में आए दोहरे अंकों के उछाल ने दुनिया भर के तकनीकी शेयरों का माहौल बदल दिया है। इसका सीधा सकारात्मक असर ताइवान सेमीकंडक्टर (TSMC), सैमसंग और टोक्यो इलेक्ट्रॉन जैसी एशियाई चिप कंपनियों पर देखने को मिला है। इन कंपनियों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की आक्रामक खरीदारी ने पूरे एशियाई बेंचमार्क को ऊपर खींचने का काम किया है।Crude Oil Prices Soften: कच्चे तेल में गिरावट से एशियाई अर्थव्यवस्थाओं को बड़ी राहतएशियाई बाजारों के लिए दूसरा सबसे बड़ा गेमचेंजर कच्चा तेल साबित हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड लगातार छठे सत्र में फिसलकर $98 प्रति बैरल के स्तर के आसपास पहुंच गया है, जो इसकी लंबी गिरावट का दौर दर्शाता है। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी गिरकर $90 के दायरे में आ चुका है।कच्चे तेल में नरमी के दो मुख्य कारण सामने आए हैं:सप्लाई में सुधार की उम्मीद: प्रमुख तेल उत्पादक देशों द्वारा उत्पादन और पाइपलाइन नेटवर्क को फिर से सुचारू रूप से शुरू करने के संकेत मिले हैं।राजनयिक बातचीत में प्रगति: मध्य पूर्व में जारी तनाव को कम करने के लिए संयुक्त राष्ट्र (UN) स्तर पर कूटनीतिक वार्ताओं में प्रगति की खबरों से आपूर्ति बाधित होने का जोखिम कम हुआ है।चूंकि भारत, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे प्रमुख एशियाई देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का 80% से अधिक कच्चा तेल आयात करते हैं, इसलिए क्रूड का सस्ता होना चालू खाता घाटे (CAD) और मुद्रास्फीति के दबाव को कम करने में सीधा मददगार साबित होता है।Impact on Indian Market: सेंसेक्स और निफ्टी के लिए क्या हैं शुरुआती संकेतएशियाई बाजारों की लगातार छठे दिन की तेजी और कच्चे तेल की सुस्ती भारतीय घरेलू शेयर बाजार (Sensex और Nifty) के लिए भी काफी उत्साहजनक है। गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) के शुरुआती रुझान भारतीय बेंचमार्क सूचकांकों के लिए एक सकारात्मक और गैप-अप ओपनिंग का संकेत दे रहे हैं।भारतीय बाजारों के प्रमुख सेक्टर्स पर संभावित प्रभाव:पेंट, एविएशन और टायर कंपनियां: कच्चा तेल गिरने से इन कंपनियों की इनपुट लागत घटती है, जिससे एशियन पेंट्स, इंडिगो और एमआरएफ जैसे शेयरों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।आईटी सेक्टर (IT Stocks): अमेरिकी नैस्डैक की तेजी के बाद टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो और एचसीएल टेक जैसे घरेलू आईटी शेयरों में शॉर्ट कवरिंग देखने को मिल सकती है।ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs): इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल के रिफाइनिंग व मार्केटिंग मार्जिन में स्थिरता आने का अनुमान है।Market Outlook: आगे निवेशकों को किन प्रमुख कारकों पर रखनी होगी नजरभले ही बाजार में लगातार तेजी का रुझान बना हुआ है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि उच्च स्तरों पर मुनाफावसूली (Profit Booking) की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। आगे आने वाले दिनों में बाजारों की दिशा तय करने में ये कारक निर्णायक होंगे:अमेरिकी फेडरल रिजर्व का रुख: आने वाले दिनों में केंद्रीय बैंकों के नीति निर्माताओं के बयानों और ब्याज दरों में कटौती की गति पर नजरें टिकी रहेंगी।डॉलर इंडेक्स और यूएस 10-ईयर यील्ड: अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड का 5% के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे बना रहना उभरते बाजारों के लिए पूंजी प्रवाह बनाए रखने में मददगार साबित होगा।कंपनियों के आगामी तिमाही नतीजे: दूसरी तिमाही (Q2) के वित्तीय परिणाम आने वाले हफ्तों में सेक्टर-वार चाल तय करेंगे।
Team India ने जापान को हराया, भारत की बेटियों ने Asian Games में Gold जीता, Mark Wood ने संन्यास लिया और England ने Sri Lanka को पहले ODI में मात दी। Team India ने कांटो में लहराया तिरंगा, जापान को ऐतिहासिक टी20 में 2 रनों से दी मात भारत की बेटियों ने जीता गोल्ड मेडल, विमेंस एशियन गेम्स के फाइनल में श्रीलंका को 147 रनों से रौंदा श्रीलंका ने एशियन गेम्स 2026 के लिए घोषित की स्क्वाड, सहान अराचिगे को सौंपी कप्तानी Mark Wood ने इंटरनेशनल क्रिकेट से लिया संन्यास, 36 साल की उम्र में करियर पर लगाया ब्रेक इंग्लैंड ने पहले ODI में श्रीलंका को 89 रनों से हराया, विल जैक्स बने जीत के सबसे बड़े हीरो NZ vs IND: भारत के खिलाफ T20I सीरीज के लिए न्यूजीलैंड टीम की घोषणा, Rachin Ravindra हुए बाहर। Also Read: LIVE Cricket Score
Asian Games 2026 Medal Tally: चीन ने लगाया पदकों का अर्धशतक, जानिए भारत की क्या है स्थिति?
Asian Games 2026 Medal Tally: मंगलवार 22 सितंबर तक किस देश ने कितने पदक एशियाई खेलों में जीते हैं? वह जान लीजिए। चीन मेडल टैली में टॉप पर बना हुआ है, जबकि भारत का हाल क्या है? ये आप इस स्टोरी में जान जाएंगे।
Asian Games 2026: महिला 10 मीटर एयर पिस्टल में भारत को झटका, क्वालीफिकेशन में सातवें स्थान पर पहुंची टीम
एशियन गेम्स 2026: सीए का पेशा छोड़कर एशियाई खेलों में पहली भारतीय एमएमए रेफरी बन गईं प्राचीति
महाराष्ट्र की प्राचीति नागपुरकर ने एमएमए रेफरी बनने के अपने सपने के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंसी का पेशा छोड़ दिया। एशियाई खेलों में मुकाबले की रेफरी बनने वाली वह पहली भारतीय हैं।
Asian Market Today: बुधवार, 23 सितंबर को एशियाई शेयरों में लगातार छठे दिन तेजी देखने को मिली। एशिया बाजारों में आई यह तेजी वॉल स्ट्रीट पर AI चिप बनाने वाली कंपनियों की रैली और तेल की कीमतों में और गिरावट के कारण देखने को मिली है। इस बीच पश्चिम एशिया में युद्ध खत्म करने की कूटनीतिक कोशिशें तेज हो गई थीं।MSCI के एशिया पैसिफिक इंडेक्स में 0.4% की बढ़त हुई, जिसमें दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया सबसे आगे रहे। दक्षिण कोरिया के कोस्पी (Kospi) में 1.26% की ज़बरदस्त बढ़त हुई, जबकि हैंग सेंग फ्यूचर्स में 0.3% की शुरुआती बढ़त के संकेत मिले।जापान में तीन दिन की छुट्टियों (बुज़ुर्गों के सम्मान का दिन, नागरिकों की छुट्टी और शरद विषुव दिवस) के कारण ट्रेडिंग बंद रही। वहां बाजार गुरुवार को फिर से खुलेंगे।यह बढ़त अमेरिका में रात भर चले मजबूत सेशन के बाद हुई, जहां नैस्डैक 100 (Nasdaq 100) 0.8% चढ़कर जून के बाद पहली बार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। सेमीकंडक्टर इंडेक्स में 2% से ज़्यादा की उछाल आई, जिससे पूरे क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बना। मेटा प्लेटफॉर्म्स के साथ अपने 'म्यूज़ AI' (Muse AI) प्रोडक्ट को लेकर पार्टनरशिप की घोषणा के बाद शॉपिफ़ाई (Shopify) के शेयरों में 7.1% की तेज़ी आई।वहीं भारत में, GIFT निफ्टी (जो यह बताता है कि देश का शेयर बाज़ार दिन के लिए कैसे खुल सकता है ) ने गिरावट के साथ धीमी शुरुआत का संकेत दिया।जापानी येन 157.45 प्रति डॉलर पर स्थिर रहा, जबकि ऑफशोर युआन 6.6964 के आसपास लगभग अपरिवर्तित रहा।ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, तेल की कीमतों में नरमी शेयरों को सहारा देने में अहम भूमिका निभा रही है, क्योंकि सस्ता कच्चा तेल महंगाई की चिंताओं को कम करता है और बॉन्ड यील्ड पर दबाव घटाता है।रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रेड टेंशन (व्यापारिक तनाव) पर किसी भी हलचल के लिए ट्रेडर्स इस हफ़्ते डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच होने वाली बैठक पर भी नजर रखे हुए थे।बुधवार को ब्रेंट क्रूड में और गिरावट आई। यह $98 प्रति बैरल तक गिरा और फिर थोड़ी रिकवरी के साथ $99 के आसपास बंद हुआ। इससे इसकी गिरावट का सिलसिला छह सेशन तक खिंच गया और गिरावट 9% से ज़्यादा हो गई। यह अगस्त 2025 के बाद से गिरावट का सबसे लंबा दौर था, जब अमेरिका ईरान पर इज़राइली हमलों में शामिल हुआ था।नवंबर डिलीवरी के लिए US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) फ्यूचर्स 1.1% गिरकर $89.56 पर आ गया, जो $90 के स्तर से नीचे है। तेल की कीमतों में गिरावट तब आई जब ईरान ने एक हफ़्ते के भीतर होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने का प्रस्ताव दिया, और सऊदी अरब ने कहा कि उसे अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को कुछ ही दिनों में चालू करने की उम्मीद है। यह पाइपलाइन जलडमरूमध्य से होकर नहीं गुज़रती और इसकी क्षमता 7 मिलियन बैरल प्रतिदिन है। पहले हुए हमलों के कारण यह पाइपलाइन बंद हो गई थी।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उम्मीद जगाते हुए कहा कि अमेरिकी और ईरानी दूतों के बीच हुई बैठक बहुत फ़ायदेमंद रही और पुष्टि की कि आगे भी बातचीत होगी। यह सब तब हुआ जब इससे पहले संयुक्त राष्ट्र में अपने भाषण में उन्होंने ईरान को पूरी तरह नष्ट करने की धमकी दी थी।(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
एशियन गेम्स 2026 के पांचवें दिन भारत की नजर कई अहम मुकाबलों पर है। मनु भाकर निशानेबाजी में उतरेंगी, जबकि मीराबाई चानू वेटलिफ्टिंग में चुनौती पेश करेंगी।
Asian Games 2026 Live: मीराबाई चानू और मनु भाकर पर होंगी सभी की नजरें, भारत जीत चुका है 7 मेडल
भारतीय खिलाड़ी चौथे दिन भी कई मुकाबलों में भाग लेंगे और उनके पास कई मेडल जीतने का मौका होगा। आज सभी लोगों का ध्यान खासतौर पर ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू और मनु भाकर के प्रदर्शन पर रहेगा।
Asian Game 2026 में भारत की मेंस हॉकी टीम ने पूल ए मैच में कमजोर श्रीलंका को बुरी तरह हराया। इंडोनेशिया को 13-1 से हराने वाली टीम इंडिया ने 16-1 से श्रीलंका के खिलाफ जीत दर्ज की।
Asian Games 2026 में आज ऐसा है भारतीय टीमों और खिलाड़ियों का शेड्यूल, आप भी कर लीजिए नोट
Asian Games 2026 India Schedule Today: एशियन गेम्स 2026 में आज भारत के खिलाड़ियों का कार्यक्रम कैसा है? कौन कब मैदान पर उतरने वाला है? इसके बारे में जान लीजिए।
Women's Asian Games 2026 Top 3 Run Scorers: महिला एशियन गेम्स 2026 में क्रिकेट के मुकाबलों में बल्लेबाजों का खूब जलवा देखने को मिला। जापान में खेले गए इस टूर्नामेंट में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान कई बल्लेबाजों ने अपनी शानदार पारियों से सुर्खियां बटोरीं, तो आइए इस खास आर्टिकल के जरिए जानते हैं महिला एशियन गेम्स 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली टॉप-3 बल्लेबाजों के बारे में। 3. स्मृति मंधाना भारतीय महिलाक्रिकेट की स्टार स्मृति मंधाना इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर रहीं। उन्होंने टूर्नामेंट में दो पारियों में बल्लेबाजी करते हुए कुल 116 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 181.25 रहा। मंधाना ने जापान के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबले में बल्लेबाजी नहीं की थी। इसके बाद उन्होंने टूर्नामेंट में मिले दोनों मौकों पर शानदार बल्लेबाजी की। फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ उनकी 45 गेंदों में 79 रन की तूफानी पारी खास रही। 2. चमारी अटापट्टू श्रीलंका की स्टार ऑलराउंड और कप्तान चमारी अटापट्टू टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में दूसरे स्थान पर रहीं। उन्होंने तीन पारियों में 175 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 162.04 रहा। अटापट्टू ने ग्रुप स्टेज में मलेशिया के खिलाफ 37 गेंदों में 63 रन की शानदार पारी खेलकर टूर्नामेंट की शुरुआत की। इसके बाद पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने 50 गेंदों में नाबाद 83 रन ठोक दिए और श्रीलंका को फाइनल में पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई। फाइनल में भारत के खिलाफ भी अटापट्टू ने टीम की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाए। उन्होंने 21 गेंदों में 29 रन की पारी खेली, हालांकि श्रीलंका को इस मुकाबले में 147 रन से हार का सामना करना पड़ा। 1. शेफाली वर्मा महिला एशियन गेम्स 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज भारत की 22 वर्षीय युवा बल्लेबाज शेफाली वर्मा रहीं। उन्होंने तीन पारियों में 188 रन बनाए और 202.15 के शानदार स्ट्राइक रेट से गेंदबाजों पर अपना दबदबा बनाए रखा। Also Read: LIVE Cricket Score शेफाली ने जापान के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में सिर्फ 15 गेंदों में नाबाद 40 रन की तूफानी पारी खेली। इसके बाद बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने इतिहास रच दिया। शेफाली ने 49 गेंदों में नाबाद 100 रन बनाए और एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट का पहला शतक लगाने वाली बल्लेबाज बन गईं। फाइनल में भी शेफाली का बल्ला शांत नहीं रहा। श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने 29 गेंदों में 48 रन बनाए और भारत के बड़े स्कोर में अहम योगदान दिया।
Asian Games 2026: श्रीलंका की 15 सदस्यीय पुरुष क्रिकेट टीम घोषित, अराचिगे को मिली कमान
श्रीलंका क्रिकेट ने एशियन गेम्स 2026 के लिए 15 सदस्यीय पुरुष टीम घोषित कर दी है। सहन अराचिगे को टीम की कमान सौंपी गई है, जबकि निरोशन डिकवेला को विकेटकीपर के तौर पर बरकरार रखा गया। 10 टीमों के बीच टी20 प्रतियोगिता 24 सितंबर से 3 अक्टूबर तक आइची प्रान्त के निशिन में कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेली जाएगी। श्रीलंकाई टीम 24 सितंबर को जापान के लिए रवाना होगी। इस टीम के अभियान की शुरुआत 29 सितंबर से होगी। टीम में अनुभवी और नए खिलाड़ियों का मिश्रण है। सीनियर खिलाड़ियों में चमिका करुणारत्ने और नुवान तुषारा शामिल हैं। एशेन बंडारा, सोहन डी लिवेरा और लसिथ क्रूसपुले बल्लेबाजी के विकल्प देते हैं, जबकि विजयकांत व्यासकांत गेंदबाजी आक्रमण में एक विशेषज्ञ लेग-स्पिन विकल्प जोड़ते हैं। हाल ही में श्रीलंका को इंग्लैंड के हाथों टी20 सीरीज में 0-3 से हार का सामना करना पड़ा था। एशियन गेम्स के लिए उससे काफी अलग टीम को चुना गया है। दोनों टीमों में सिर्फ नुवान तुषारा और थरिंदु रत्नायके को शामिल किया गया है। कप्तान कुसल मेंडिस और बिनुरा फर्नांडो चोट के कारण इंग्लैंड दौरे से बाहर हो गए थे। ऐसे में चरित असलंका को टीम की कमान सौंपी गई थी, लेकिन अब फर्नांडो के फिट होने के बाद उन्हें एशियन गेम्स टीम में शामिल कर लिया गया है। 2010 में ग्वांगझू में पहली बार शामिल किए जाने के बाद से क्रिकेट तीन बार एशियाई खेलों का हिस्सा रहा है। श्रीलंका ने ग्वांगझू में कांस्य पदक जीता था और फिर 2014 में इंचियोन में स्वर्ण पदक जीता, जहां उन्होंने फाइनल में अफगानिस्तान को हराया था। कप्तान कुसल मेंडिस और बिनुरा फर्नांडो चोट के कारण इंग्लैंड दौरे से बाहर हो गए थे। ऐसे में चरित असलंका को टीम की कमान सौंपी गई थी, लेकिन अब फर्नांडो के फिट होने के बाद उन्हें एशियन गेम्स टीम में शामिल कर लिया गया है। Also Read: LIVE Cricket Score एशियन गेम्स 2026 के लिए श्रीलंकाई टीम: सहान अराचिगे (कप्तान), लसिथ क्रूसपुले, निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), सिनेथ जयवर्धने, नुवानिदु फर्नांडो, सोहन डी लिवरा, एशेन बंडारा, चमिका करुणारत्ने, थारिन्दु रत्नायके, वनुजा सहन, विजयकांत वियास्कंथ, दुशान हेमंथा, नुवान तुषारा, बिनुरा फर्नांडो, गरुका संकेथ। Article Source: IANS
Asian Games 2026 में पदक जीतने पर President Droupadi Murmu ने सुचिका को दी बधाई
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एशियाई खेल 2026 में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों को बधाई दी है। जापान के नागोया में हो रहे इन खेलों में सुचिका तारियाल ने मिक्स मार्शल आर्ट्स में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा है। वहीं निशानेबाजी में हिमांशु ढिल्लों ने रजत और रुद्रांक्ष बालासाहेब पाटिल ने कांस्य पदक अपने नाम किया है। जापान के नागोया में चल रहे एशियाई खेल 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मिक्स मार्शल आर्ट्स में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचने वाली सुचिका तारियाल समेत निशानेबाजी में पदक जीतने वाले हिमांशु ढिल्लों और रुद्रांक्ष बालासाहेब पाटिल को बधाई दी है। राष्ट्रपति मुर्मू ने सोशल मीडिया पर एक संदेश के जरिए सुचिका तारियाल की उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने कहा कि एशियाई खेलों में मिक्स मार्शल आर्ट्स की पहली बार शुरुआत हुई है और ऐसे में इस खेल में भारत के लिए पदक जीतना विशेष महत्व रखता है। सुचिका ने कांस्य पदक जीतकर इस नए खेल में भारत का नाम पदक तालिका में दर्ज कराया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, सुचिका तारियाल की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि एशियाई खेलों के इतिहास में मिक्समार्शल आर्ट्स को पहली बार शामिल किया गया है। ऐसे में प्रतियोगिता के शुरुआती संस्करण में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों का नाम इस खेल के एशियाई खेलों के सफर से जुड़ गया है। राष्ट्रपति ने पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाले हिमांशु ढिल्लों को भी बधाई दी। उन्होंने हिमांशु के प्रदर्शन को शानदार बताते हुए कहा कि उनकी मेहनत, एकाग्रता और खेल के प्रति समर्पण इस सफलता में दिखाई देता है। इसी स्पर्धा में रुद्रांक्ष बालासाहेब पाटिल ने कांस्य पदक हासिल किया। राष्ट्रपति मुर्मू ने उन्हें भी बधाई देते हुए उनके प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों निशानेबाजों का प्रदर्शन खेल के प्रति उनकी निरंतर मेहनत को दिखाता है। गौरतलब है कि एशियाई खेलों में निशानेबाजी भारत के लिए लगातार महत्वपूर्ण पदक देने वाली स्पर्धाओं में शामिल रही है। 10 मीटर एयर राइफल जैसी स्पर्धाओं में मामूली अंतर भी पदक का फैसला कर सकता है। ऐसे में व्यक्तिगत फाइनल में रजत और कांस्य पदक जीतना भारतीय निशानेबाजी दल के लिए अहम उपलब्धि है। राष्ट्रपति ने तीनों खिलाड़ियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे आने वाले वर्षों में भी इसी तरह सफलता हासिल करते रहेंगे और देश के लिए कई और उपलब्धियां हासिल करेंगे। बता दें कि नागोया और आसपास के शहरों में आयोजित हो रहे एशियाई खेल 2026 में भारत की नजर अलग-अलग खेलों में पदक जीतने पर है। शुरुआती मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने निशानेबाजी समेत कई खेलों में अच्छा प्रदर्शन किया है और प्रतियोगिता के आगे बढ़ने के साथ पदकों की संख्या बढ़ने की उम्मीदें बनी हुई हैं।
Asian Games 2026 के लिए श्रीलंका ने किया टीम का ऐलान, इस खिलाड़ी को सौंपी कप्तानी की जिम्मेदारी
Sri Lanka Announced Squad Asian Games 2026:एशियन गेम्स 2026 के लिए श्रीलंका क्रिकेट ने अपनी पुरुष क्रिकेट टीम का ऐलान कर दिया है। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने मंगलवार (22 सितंबर) को जापान में होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए 15 सदस्यीय स्क्वाड जारी किया। टीम की कप्तानी 30 वर्षीय बल्लेबाजी ऑलराउंडर सहान अराचिगे (Sahan Arachchige) को सौंपी गई है। एशियन गेम्स में पुरुष क्रिकेट के मुकाबले टी20 फॉर्मेट में खेले जाएंगे। श्रीलंका ने इस टूर्नामेंट के लिए ज्यादातर युवा और उभरते हुए खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया है। हालांकि, टीम को अनुभव देने के लिए कुछ सीनियर खिलाड़ियों को भी स्क्वाड का हिस्सा बनाया गया है। श्रीलंका की टीम में निरोशन डिकवेला, चमिका करुणारत्ने, नुवान तुषारा और बिनुरा फर्नांडो जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को जगह मिली है। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी निरोशन डिकवेला के पास होगी। वहीं युवा खिलाड़ियों में लसिथ क्रूसपुल्ले, सिनेथ जयवर्धने, नुवानिदु फर्नांडो और अशेन बंडारा जैसे नाम शामिल हैं। श्रीलंका एशियन गेम्स में टूर्नामेंट की शीर्ष वरीयता प्राप्त टीमों में शामिल है, इसलिए उसे सीधे क्वार्टर फाइनल से अपना अभियान शुरू करने का मौका मिलेगा। श्रीलंका की टीम 24 सितंबर को जापान के लिए रवाना होगी, जबकि टूर्नामेंट में उसका पहला मुकाबला 29 सितंबर को खेला जाएगा। Also Read: LIVE Cricket Score एशियन गेम्स 2026 के लिए श्रीलंका की 15 सदस्यीय टीम सहान अराचिगे (कप्तान), लसिथ क्रूसपुल्ले, निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), सिनेथ जयवर्धने, नुवानिदु फर्नांडो, सोहन डी लिवेरा, अशेन बंडारा, चमिका करुणारत्ने, थारिंदु रत्नायके, वानुजा सहान, विजयकांत वियास्कांत, दुशन हेमंथा, नुवान तुषारा, बिनुरा फर्नांडो और गरुका संकेत।
Asian Games 2026 Hockey में 18 सितंबर से शुरू होंगे मुकाबले, Japan में भिड़ेंगी 12 टीमें
जापान में होने वाले एशियाई खेल 2026 में हॉकी मुकाबलों को लेकर तस्वीर साफ हो गई है। हॉकी प्रतियोगिता 18 सितंबर से 3 अक्टूबर तक काकामिगहारा स्थित गिफू प्रीफेक्चरल ग्रीन स्टेडियम में खेली जाएगी। पुरुष और महिला दोनों वर्गों में 12-12 टीमें हिस्सा लेंगी और खिताब के लिए एशिया की प्रमुख हॉकी टीमें आमने-सामने होंगी। पुरुष वर्ग में भारतीय टीम मौजूदा चैंपियन के रूप में प्रतियोगिता में उतरेगी। भारत ने 2023 में हांगझोऊ एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। वहीं महिला वर्ग में चीन पिछली बार का स्वर्ण पदक विजेता है। इस बार भी दोनों वर्गों में शुरुआती चरण से ही टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलने की उम्मीद है। मौजूद जानकारी के अनुसार, पुरुष और महिला दोनों प्रतियोगिताओं की शुरुआत एक ही प्रारूप से होगी। 12-12 टीमों को दो समूहों में बांटा गया है और प्रत्येक समूह में छह टीमें होंगी। समूह चरण में हर टीम अपने समूह की बाकी पांच टीमों के खिलाफ एक-एक मुकाबला खेलेगी। सभी मैचों के बाद दोनों समूहों की शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। बाकी टीमों के लिए जगह तय करने वाले मुकाबले खेले जाएंगे। पुरुष वर्ग के पूल ए में भारत, जापान, दक्षिण कोरिया, बांग्लादेश, श्रीलंका और इंडोनेशिया को रखा गया है। वहीं पूल बी में पाकिस्तान, मलेशिया, चीन, ओमान, उज्बेकिस्तान और थाईलैंड शामिल हैं। पुरुषों के समूह चरण के मुकाबले 18 से 28 सितंबर तक होंगे। इसके बाद स्थान तय करने वाले मुकाबले और सेमीफाइनल 1 अक्टूबर को खेले जाएंगे। कांस्य पदक का मुकाबला और स्वर्ण पदक के लिए फाइनल 3 अक्टूबर को होगा। महिला वर्ग में पूल ए में चीन, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, कजाखस्तान, चीनी ताइपे और बांग्लादेश को जगह मिली है। पूल बी में भारत, जापान, थाईलैंड, सिंगापुर, इंडोनेशिया और उज्बेकिस्तान शामिल हैं। महिला वर्ग के समूह चरण के मुकाबले 18 से 27 सितंबर तक चलेंगे। इसके बाद 30 सितंबर को स्थान तय करने वाले मुकाबले और सेमीफाइनल होंगे। महिला हॉकी का कांस्य पदक मुकाबला और फाइनल 2 अक्टूबर को खेला जाएगा। गौरतलब है कि एशियाई खेलों की हॉकी प्रतियोगिता भारत के लिए खास महत्व रखती है। पुरुष टीम ने हांगझोऊ में स्वर्ण जीतकर अपनी मजबूत स्थिति कायम की थी। इस बार भी भारतीय टीम की नजर खिताब बचाने पर होगी। महिला टीम के लिए भी प्रतियोगिता महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि पूल बी में भारत के साथ मेजबान जापान, थाईलैंड, सिंगापुर, इंडोनेशिया और उज्बेकिस्तान की टीमें हैं। एशियाई खेलों की हॉकी प्रतियोगिता में पदक के लिए सबसे पहले समूह चरण से आगे निकलना जरूरी होगा। दोनों वर्गों में शीर्ष दो टीमों को सेमीफाइनल का टिकट मिलेगा, जिसके बाद खिताब की दौड़ सीधे अंतिम मुकाबलों तक पहुंचेगी। फिलहाल 2026 के पदक विजेताओं के नाम तय नहीं हैं और स्वर्ण, रजत तथा कांस्य पदक के लिए मुकाबले बाकी हैं।
Asian Games Men’s Hockey: India ने Sri Lanka को 16-1 से रौंदा, Jugraj Singh ने दागे 4 गोल
मंगलवार को आइची-नागोया में चल रहे एशियाई खेलों में भारत ने पुरुषों की हॉकी में शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को एकतरफा मुकाबले में 16-1 से बुरी तरह हराया। पूरे मैच में भारत का दबदबा रहा और उसने बड़ी जीत हासिल की; जुगराज सिंह ने चार गोल करके सबसे ज़्यादा गोल करने वालों की सूची में शीर्ष स्थान हासिल किया। अभिषेक और दिलप्रीत सिंह ने भी अहम योगदान दिया और हैट्रिक लगाई, जबकि हरमनप्रीत सिंह ने भारत के स्कोर में दो गोल जोड़े। इसे भी पढ़ें: IOA President PT Usha का बयान, Asian Games में खिलाड़ियों की रहने की दिक्कतें दूर हुईं मनप्रीत सिंह, मनदीप सिंह, विवेक सागर प्रसाद और सुखजीत सिंह ने एक-एक गोल किया और भारत ने श्रीलंका पर 16-1 से शानदार जीत दर्ज की। इस ज़बरदस्त जीत ने भारत की अटैकिंग क्षमता को साबित किया, क्योंकि टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए एशियाई खेलों में अपना अभियान जारी रखा। मनदीप सिंह ने पांचवें मिनट में पहला गोल किया और फिर जुगराज सिंह ने 10वें मिनट में भारत की बढ़त को दोगुना कर दिया। इसके बाद अभिषेक ने 11वें मिनट में गोल किया, और फिर हरमनप्रीत सिंह और अभिषेक ने भी गोल किए, जिससे भारत का दबदबा बना रहा। जुगराज सिंह ने 22वें मिनट में एक और गोल किया, जबकि सुखजीत सिंह और दिलप्रीत सिंह ने क्रमशः 29वें और 30वें मिनट में गोल किए। मनप्रीत सिंह और विवेक सागर प्रसाद ने भारत की बढ़त को और बढ़ाया, और फिर दिलप्रीत ने 38वें मिनट में एक और गोल किया। जुगराज ने 42वें मिनट में अपनी हैट्रिक पूरी की, जबकि हरमनप्रीत ने तीन मिनट बाद एक और गोल किया। भारत ने आखिरी क्वार्टर में भी लगातार हमले जारी रखे, जिसमें अभिषेक ने 49वें मिनट में गोल किया। इसे भी पढ़ें: Asian Games 2026: भारत को अब तक 6 Medals, 22 सितंबर को इनपर रहेगी नजर इसके बाद जुगराज सिंह ने 53वें मिनट में अपना चौथा गोल किया, और फिर दिलप्रीत सिंह ने 55वें मिनट में अपना तीसरा गोल किया। श्रीलंका का एकमात्र गोल 34वें मिनट में मदुशन हेराथ ने किया, लेकिन इससे नतीजे पर कोई खास असर नहीं पड़ा और भारत ने 16-1 से बड़ी जीत हासिल की।
Asian Games में महिला Cricket टीम ने जीता गोल्ड, पुरुष बैडमिंटन और वुशु में पदक पक्के
(तस्वीरों के साथ)... फिलेम दीपक सिंह और अजय मसंद ...नागोया / निशिन, 22 सितंबर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियाई खेलों में देश का पहला स्वर्ण पदक अपने नाम कर महाद्वीपीय दबदबा बरकरार रखा तो वहीं पुरुष बैडमिंटन टीम ने जापान को मात देकर महिला टीम के बाहर होने और निशानेबाजों के लिए मंगलवार को रहे फीके दिन की भरपाई की। हरमनप्रीत कौर अगुवाई में भारतीय टीम ने श्रीलंका को 147 रन से रौंदते हुए लगातार दूसरी बार खेलों की चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। इस जीत के साथ ही भारत का स्वर्ण पदक का खाता भी खुल गया। बैडमिंटन और वुशु में भी पदक पक्के हो गए जबकि पुरुष हॉकी टीम ने एक और शानदार जीत दर्ज करते हुए पूल मैच में श्रीलंका को 16-1 से रौंदा। लक्ष्य सेन की जीत से पुरुष बैडमिंटन टीम ने शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद जबरदस्त वापसी करते हुए जापान को मात दी और कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया। भारतीय पुरुष टीम ने पिछले चरण में रजत पदक जीता था। उसके लिए सेन ने वापसी करते हुए शानदार जीत हासिल की, उनके अलावा सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी, चिराग शेट्टी और आयुष शेट्टी की जीत ने टीम को सफलता दिलाई। एशियाड से पहले लगातार कुछ टूर्नामेंट में शुरूआती दौर से बाहर होने के कारण सेन का मनोबल थोड़ा गिरा हुआ था, उन्होंने पहला गेम गंवाकर शुरुआत की और निर्णायक गेम में 14-19 से पिछड़ने के बाद हार की कगार पर थे। लेकिन अल्मोड़ा के 25 वर्षीय खिलाड़ी ने अपनी काबिलियत के बूते लगातार सात अंक हासिल कर दुनिया के सातवें नंबर और दो बार के विश्व चैंपियनशिप रजत पदक विजेता कोडाई नाराओका को 11-21, 21-5, 21-19 से हराकर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। इस सत्र में दो खिताब जीतने वाली सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने पूर्व विश्व चैंपियन होकी ताकुरो और कोबायाशी युगो की जोड़ी को 21-18, 24-22 से हराकर भारत की बढ़त 2-0 कर दी। इसके बाद इस साल बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले आयुष शेट्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दुनिया के 16वें नंबर के कोकी वातानाबे को 21-10, 21-19 से हराने के साथ मुकाबला और भारत का पदक पक्का कर दिया। वुशु में रोशिबिना देवी नाओरेम ने महिला 60 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बनाकर भारत के लिए एक पदक पक्का कर लिया। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में मकाऊ की चू मैन सिन को हराया। इससे पहले इस प्रतियोगिता के पिछले दो चरण में रजत और कांस्य पदक जीत चुकीं रोशिबिना को ‘आइची प्रीफेक्चुरल मार्शल आर्ट्स हॉल’ में मकाऊ की अपनी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ अंकों के अंतर के आधार पर विजेता घोषित किया गया। बैडमिंटन में पुरुषों की सफलता से पहले महिला टीम को जापान के खिलाफ 1-3 से हार का समाना करना पड़ा था। विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी ने शानदार खेल दिखाया लेकिन एकल खिलाड़ियों के निराशाजनक प्रदर्शन के कारण भारतीय महिला टीम क्वार्टर फाइनल में जापान से 1-3 से हारकर बाहर हो गई। महिला वर्ग में भारत की तरफ से दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने मुकाबले की शुरुआत की। उन्होंने विश्व में तीसरे नंबर की खिलाड़ी अकाने यामागुची के सामने कड़ी चुनौती पेश की लेकिन निर्णायक गेम में उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और वह आखिर में 23-21, 18-21, 6-21 से हार गईं। उन्नति हुड्डा इसके बाद 2022 की विश्व जूनियर चैंपियन और विश्व में सातवें नंबर की खिलाड़ी टोमोका मियाजाकी से 16-21, 18-21 से हार गईं, जिससे जापान 2-0 से आगे हो गया। नयी दिल्ली में हाल ही में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली त्रीसा और गायत्री ने पहले युगल मैच में युकी फुकुशिमा और मायु मात्सुमोतो को 21-17, 21-16 से हराकर भारत को मुकाबले में बनाए रखा। लेकिन युवा शटलर तन्वी शर्मा तीसरे एकल मुकाबले में पूर्व विश्व चैंपियन नोजोमी ओकुहारा से 12-21, 10-21 से हार गईं और इस तरह से जापान ने 3-1 से जीत हासिल कर ली। मुक्केबाजी में भारतीय खिलाड़ियों का अजेय सफर जारी है। साक्षी चौधरी ने महिलाओं के 51 किलोग्राम वर्ग में पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता फिलीपींस की ऐरा विलेगास को 5-0 से हराकर बड़ा उलटफेर करते हुए प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया जबकि पुरुष वर्ग में जादुमणि सिंह (55 किलोग्राम) भी नेपाल के चंद्रा बहादुर थापा पर 5-0 की जीत के साथ आगे बढ़ने में सफल रहे। एशियाई खेलों में भाग ले रही भारत की एकमात्र जिमनास्ट प्रणति नायक ने कलात्मक जिमनास्टिक स्पर्धा में सातवां स्थान हासिल करके वॉल्ट फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। एशियाई जिमनास्टिक्स चैंपियनशिप में तीन बार कांस्य पदक जीतने वाली प्रणति 19 जिमनास्ट में सातवें स्थान पर रहीं जिससे उन्होंने वॉल्ट स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई। फाइनल 24 सितंबर को होगा। भारतीय महिला टीम ने एशियाई खेलों में टेबल टेनिस प्रतियोगिता में थाईलैंड को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की की लेकिन भारतीय पुरुष टीम मंगलवार को दक्षिण कोरिया से हारकर बाहर हो गई। भारतीय महिला टीम ने यहां स्काई हॉल में थाईलैंड को 3-2 से हराया, लेकिन पुरुष टीम 0-3 से हार गई। यह ग्रुप चरण में ईरान के खिलाफ हार के बाद टीम की दूसरी शिकस्त थी। निशानेबाजी में भारत का अभियान मंगलवार को थोड़ा फीका पड़ा जब इलावेनिल वलारिवान और किशोर निशानेबाज पार्थ माने अच्छी शुरुआत को पदक में नहीं बदल सके और यहां एशियाई खेलों की 10 मीटर एयर राइफल मिश्रित टीम स्पर्धा के फाइनल में चौथे और अंतिम स्थान पर रहे। यह निराशा इसलिए भी अधिक रही क्योंकि इलावेनिल और पार्थ ने 634.6 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहते हुए फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था और स्वर्ण पदक की चुनौती पेश करने के लिए मजबूत स्थिति में दिख रहे थे। भारतीय जोड़ी अपनी क्वालीफिकेशन वाली लय फाइनल में बरकरार नहीं रख सकी और 18वें शॉट के बाद पदक की दौड़ से बाहर हो गई। स्कीट निशानेबाजी में हालांकि अनंतजीत सिंह नारूका ने 100 में से 96 निशानों के साथ एशियाई खेलों के फाइनल में जगह बनाने की दौड़ में बने हुए है। वह 25-25 निशानों के चार दौर के बाद चार खिलाड़ियों के साथ तालिका में शीर्ष पर बने हुए हैं। ओलंपियन और विश्व कप फाइनल के कांस्य पदक विजेता ने पहले दिन 24 और 25 का स्कोर किया था। उन्होंने इसके बाद मंगलवार को 23 और 24 का स्कोर किया। क्वालीफिकेशन में बुधवार को होने वाला 25 निशानों के एक और दौर बचा हुआ है और नारूका आठ निशानेबाजों के फाइनल में जगह बनाने और पदक के लिए चुनौती पेश करने की मजबूत स्थिति में हैं। अनुभवी मैराज अहमद खान और भवतेग सिंह गिल फाइनल में जगह बनाने की दौड़ से लगभग बाहर हो गये है। मैराज ने दिन का समापन 91 (23, 22, 23, 23) के स्कोर के साथ किया जबकि गिल 86 (21, 23, 20, 22) के स्कोर पर रहे। भारत को टीम पदक की उम्मीदों को भी करारा झटका लगा है। भारतीय तिकड़ी 273 के कुल स्कोर के साथ संयुक्त रूप से पांचवें स्थान है। महिलाओं की स्कीट स्पर्धा में राइजा ढिल्लों चार दौर के बाद 92 (25, 21, 22, 24) के स्कोर के साथ पांचवें स्थान और परिनाज धालीवाल 89 (23, 21, 21, 24) के स्कोर के साथ संयुक्त रूप से नौवें स्थान के साथ फाइनल की दौड़ में बनी हुई हैं। ओलंपियन महेश्वरी चौहान 85 के स्कोर के साथ व्यक्तिगत स्पर्धा से लगभग बाहर हो चुकी हैं। भारतीय महिला टीम 266 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर बनी हुई है। टीम हालांकि चीन (287) और कजाखस्तान (274) से काफी पीछे हैं। तलवारबाजी और कराटे में जश्न मनाने लायक कुछ खास नहीं रहा। कराटे में चेतन भट्ट 84 किलोग्राम वर्ग के कांस्य पदक मुकाबले में हार गए। तैराकों का प्रदर्शन भी फीका रहा क्योंकि पुरुषों की चार गुणा 100 मीटर रिले टीम अंतिम स्थान पर रही।
Asian Games में भारतीय महिला टीम का Gold, देश दुनिया की प्रमुख खबरें
नयी दिल्ली, 22 सितंबर की विभिन्न फाइल से मंगलवार को शाम छह बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार हैं: खेल33 खेल एशियाड महिला दूसरी लीड फाइनलस्मृति के अर्धशतक से भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को हराकर स्वर्ण पदक जीतानिशिन (जापान), स्मृति मंधाना और ऋचा घोष की तूफानी पारियों के बाद स्पिनरों के फिरकी के जादू से गत चैंपियन भारत ने एशियाई खेलों की महिला टी20 क्रिकेट प्रतियोगिता के फाइनल में मंगलवार को यहां श्रीलंका को 147 रन से रौंदकर स्वर्ण पदक जीता जो मौजूदा खेलों में देश का सोने का पहला तमगा है। दि47 न्यायालय दिल्ली एसआईआरदिल्ली में एसआईआर के तहत लोगों को यांत्रिक रूप से दिये जा रहे नोटिस, ध्यान दे ईसी: न्यायालयनयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग से कहा कि दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत लोगों को “लगभग यांत्रिक तरीके” से नोटिस भेजे जा रहे हैं, लिहाजा उसे कुछ अतिरिक्त सुरक्षा उपाय तलाशने चाहिए। दि43 न्यायालय राष्ट्र गीत बहसवंदे मातरम् पर सुनवाई के दौरान नक्सली टिप्पणी को लेकर उच्चतम न्यायालय में हुई तीखी बहसनयी दिल्ली, वरिष्ठ अधिवक्ता एस. मुरलीधर ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय में राष्ट्र गीत वंदे मातरम् से जुड़ी सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा ‘‘नक्सलियों’’ शब्द का इस्तेमाल किये जाने पर कड़ी आपत्ति जताई और इसे तुरंत वापस लेने की मांग की। दि48 अदालत शरजील इमामअदालत ने शरजील इमाम को सात दिन की अंतरिम जमानत दीनयी दिल्ली, दिल्ली की एक अदालत ने 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों की बड़ी साजिश से जुड़े मामले में मंगलवार को आरोपी कार्यकर्ता शरजील इमाम को चार अक्टूबर से सात दिन के लिए अंतरिम जमानत दी। प्रादे135 बिहार दूसरी लीड जमुई छेड़छाड़ मुठभेड़जमुई छेड़छाड़ मामला: मुठभेड़ के बाद दो आरोपी समेत पांच लोग गिरफ्तारपटना/जमुई, बिहार के जमुई जिले में एक लड़के और लड़की से कथित तौर पर बदसलूकी करने के मामले में दो आरोपियों को पुलिस ने मंगलवार को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। प्रादे121 केरल सीएमआरएल विजयन लीड जांचविजयन के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाली ईडी रिपोर्ट पर केरलम सरकार ने पुलिस जांच के आदेश दिएतिरुवनंतपुरम, केरलम में कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की सरकार ने सीएमआरएल “रिश्वत” मामले में पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, उनकी बेटी वीणा टी. और उनके पति पी. ए. मोहम्मद रियास के खिलाफ कार्रवाई की मांग से जुड़ी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिपोर्ट के आधार पर जांच का आदेश दिया है। प्रादे88 महाराष्ट्र यूसीसी समिति दूसरी लीड इस्तीफापूर्व न्यायाधीश आर. सी. चव्हाण ने महाराष्ट्र की यूसीसी समिति से इस्तीफा दियामुंबई, मुंबई उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश आर. सी. चव्हाण ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के लिए मसौदा तैयार करने के वास्ते महाराष्ट्र सरकार द्वारा गठित समिति से इस्तीफा दे दिया है। प्रादे83 ईडी पंजाब तलाशीईडी ने ग्रेटर मोहाली विकास प्राधिकरण, अधिकारी के ठिकानों पर छापेमारी कीचंडीगढ़, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनशोधन जांच के तहत पंजाब के ग्रेटर मोहाली क्षेत्र विकास प्राधिकरण (जीएमएडीए) के कार्यालय और आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव विकास गर्ग के कार्यालय पर छापेमारी की। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। वि11 : अमेरिका जयशंकर लीड द्विपक्षीयजयशंकर ने विभिन्न देशों के विदेश मंत्रियों के साथ क्षेत्रीय, वैश्विक मुद्दों पर चर्चा कीन्यूयॉर्क, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सत्र के इतर यहां विभिन्न देशों के अपने समकक्षों के साथ कई द्विपक्षीय बैठकें कीं और क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। वि16 ब्रिटेन डायना पुस्तकडायना पर लिखी उनके भाई की किताब प्रकाशित, चार्ल्स तृतीय पर लगाए गए गंभीर आरोपलंदन, दिवंगत राजकुमारी डायना के भाई की मंगलवार को प्रकाशित हुई एक किताब ने दुनिया भर में सुर्खियां बटोरी हैं। किताब में डायना के पूर्व पति और ब्रिटेन के वर्तमान महाराज चार्ल्स तृतीय के बारे में गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिससे ब्रिटेन के शाही परिवार में दशकों पुराने विवाद फिर सामने आ गए हैं। खेल25 : खेल भारत परिणामभारत ने जापान को दो रन से हरायासानो (जापान), भारत ने कुछ विषम परिस्थितियों से गुजरने के बाद बारिश के कारण पांच पांच ओवर का कर दिए गए ऐतिहासिक टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में मंगलवार को यहां जापान को दो रन से हराया। अर्थ25 सीतारमण पूंजीगत व्ययसरकार के पूंजीगत व्यय से निजी निवेश को प्रोत्साहन, पूंजी निर्माण जीडीपी के 34 प्रतिशत पार: सीतारमणनयी दिल्ली, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि सरकार ने निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए सोच-समझकर सार्वजनिक पूंजीगत खर्च बढ़ाया है और अब इसका असर पूंजी निर्माण में वृद्धि, विनिर्माण क्षेत्र में उत्पादन क्षमता के बेहतर उपयोग तथा उद्योगों को बैंक कर्ज में वृद्धि के रूप में दिखाई दे रहा है। अर्थ27 स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टरस्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए एक अप्रैल से बीआईएस प्रमाणन हुआ अनिवार्यनयी दिल्ली, सरकार ने स्मार्टफोन की स्क्रीन को खरोंच और टूट-फूट से बचाने के लिए लगाए जाने वाले सुरक्षात्मक कवर ‘स्क्रीन प्रोटेक्टर’ के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) का प्रमाणन अनिवार्य कर दिया है। यह प्रावधान अगले साल एक अप्रैल से लागू हो जाएगा। खेल27 खेल लीड भारतजापान ने छुड़ाए भारत के पसीने, दो रन से जीती श्रेयस अय्यर की टीमसानो (जापान), बाएं हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल ने आखिरी ओवर में आठ रन का सफलतापूर्वक बचाव किया जिससे एक समय क्रिकेट जगत के सबसे बड़े उलटफेर का शिकार बनने की दहलीज पर खड़े भारत ने मंगलवार को यहां बारिश के कारण पांच पांच ओवर का कर दिए गए ऐतिहासिक टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में जापान को दो रन से हराया। ‘द करन्वरसेशन’ के साथ अनुबंध के तहत जारी समाचार; वि22 एआई वैश्विक नियमनएआई के वैश्विक नियमन की मांग तेज, कैसी हो सकती है व्यवस्थाक्वींसलैंड, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) विकसित करने वाली कंपनियों की ओर से इस तकनीक के खतरों को लेकर दी जा रही चेतावनियों पर ध्यान देते नजर आ रहे हैं। वि22 एआई वैश्विक नियमनएआई के वैश्विक नियमन की मांग तेज, कैसी हो सकती है व्यवस्था(स्टैन कैरेन्सियस, द यूनिवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड)क्वींसलैंड, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) विकसित करने वाली कंपनियों की ओर से इस तकनीक के खतरों को लेकर दी जा रही चेतावनियों पर ध्यान देते नजर आ रहे हैं।
Srihari Nataraj पहुंचे Asian Games फाइनल में, Sepaktakraw में Japan ने भारत को हराया
एशियाई खेलों में सोमवार को भारतीय तैराकी टीम के लिए दिन पूरी तरह उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। दो बार ओलंपिक में हिस्सा ले चुके श्रीहरि नटराज ने पुरुषों की 50 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा के फाइनल में जगह बना ली, लेकिन बाकी भारतीय तैराक अपनी-अपनी शुरुआती हीट से आगे नहीं बढ़ सके। दूसरी ओर, सेपकटकरॉ में भी भारत को मेजबान जापान के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। श्रीहरि नटराज ने 50 मीटर बैकस्ट्रोक की अपनी हीट में 25.37 सेकंड का समय निकाला। ईरान के होमर अब्बासी ने भी इतना ही समय लिया। श्रीहरि अपनी हीट में तीसरे स्थान पर रहे और सभी तैराकों में संयुक्त रूप से नौवें स्थान पर रहते हुए फाइनल में पहुंच गए। फाइनल में जगह बनाने के लिए शीर्ष आठ तैराकों या टीमों का चुना जाना था, लेकिन बराबर समय के कारण श्रीहरि को अंतिम सूची में जगह मिल गई। इसी प्रतियोगिता में भारत के ऋषभ दास 25.41 सेकंड के समय के साथ 11वें स्थान पर रहे। वह फाइनल में जगह बनाने से मामूली अंतर से चूक गए और रिजर्व तैराक के तौर पर रह गए। बता दें कि ऋषभ ने इससे पहले रविवार को पुरुषों की 100 मीटर बैकस्ट्रोक में छठा स्थान हासिल किया था। पुरुषों की 50 मीटर फ्रीस्टाइल में आकाश मणि और गीतश शाह भी फाइनल में नहीं पहुंच सके। आकाश 23.43 सेकंड के समय के साथ अपनी हीट में सबसे आगे रहे, लेकिन कुल परिणाम में 26वें स्थान पर रहे। गीतश ने 23.57 सेकंड का समय निकाला और अपनी हीट में आखिरी स्थान पर रहे। इस स्पर्धा में दक्षिण कोरिया के यंगबॉम किम ने 21.71 सेकंड का समय लेकर नया एशियाई खेल रिकॉर्ड बनाया। पुरुषों की 100 मीटर बैकस्ट्रोक में दानुश सुरेश भी आगे नहीं बढ़ सके। उन्होंने अपनी हीट में आठवां स्थान हासिल किया और 1 मिनट 3.46 सेकंड के समय के साथ कुल 22वें स्थान पर रहे। इसके अलावा साजन प्रकाश, दक्षन शशिकुमार, वेदांत माधवन और अनीश सुनील की भारतीय चौकड़ी भी पुरुषों की 4200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले के फाइनल में जगह नहीं बना सकी। भारतीय टीम ने 7 मिनट 24.32 सेकंड का समय लिया और 13 टीमों में नौवें स्थान पर रही। सेपक टकरॉ में भारत की शुरुआत अच्छी रही, लेकिन टीम इस बढ़त को बरकरार नहीं रख सकी। ग्रुप बी के रेगु मुकाबले में भारत ने पहला मैच 15-13, 15-9 से जीत लिया था। इसके बाद जापान ने वापसी की और दूसरा मैच 12-15, 15-17, 11-15 से अपने नाम कर मुकाबला बराबर कर दिया। निर्णायक तीसरे मैच में जापान ने भारत को 15-9, 15-12 से हराकर मुकाबला 2-1 से जीत लिया। भारत अब मंगलवार को अपने अगले ग्रुप मुकाबले में मलेशिया का सामना करेगा। गौरतलब है कि पिछले एशियाई खेलों में भारत ने महिला टीम रेगु स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। सेपक टकरॉ वर्ष 1990 से एशियाई खेलों का हिस्सा है और भारत ने 2006 में पहली बार इसमें भाग लिया था। दक्षिण-पूर्व एशिया में इस खेल की मजबूत पकड़ है और भारत भी पिछले कुछ वर्षों में इस खेल में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा हैं।
आगरा की बेटी और विश्व की बेहतरीन ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने अपने आप को एक बार फिर साबित कर दिया है। एशियाई खेल 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम की जीत में आगरा की बेटी का अहम योगदान रहा। जापान के निश्शिन में मंगलवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को 147 रन से हराकर एशियाई खेलों का पहला स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक जीत की हीरो रहीं दीप्ति शर्मा, जिन्होंने घातक गेंदबाजी करते हुए मात्र 6 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट झटके। उनकी गेंदबाजी के सामने श्रीलंकाई बल्लेबाज पूरी तरह बेबस नजर आए। 2 तस्वीरें देखिए… दीप्ति ने गेंदबाजी पर विशेष फोकस कियादीप्ति के भाई और कोच सुमित शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ समय से दीप्ति ने गेंदबाजी पर विशेष फोकस किया है। यही वजह है कि वह लगातार बड़ी प्रतियोगिताओं में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाजों में शामिल रहती हैं। उन्होंने कहा कि दीप्ति मैदान में उतरने से पहले प्रतिद्वंद्वी टीम के हर खिलाड़ी का वीडियो देखकर अध्ययन करती हैं। उनकी कमजोरियों को समझती हैं और उसी के अनुसार पिच पर गेंदबाजी करती हैं। फाइनल में भी इसी रणनीति का असर दिखा। दीप्ति ने श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू समेत तीन अहम विकेट लेकर मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया। दीप्ति पूरे शहर के लिए गर्वसुमित शर्मा आगरा में क्रिकेट अकादमी चलाते हैं और शुरुआत से ही दीप्ति के कोच रहे हैं। उन्होंने कहा कि दीप्ति अब सिर्फ ऑलराउंडर नहीं, बल्कि गेंदबाजी में भी विश्व स्तरीय पहचान बना चुकी हैं। शाहगंज-अवधपुरी से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंची दीप्ति पूरे शहर के लिए गर्व हैं। उनकी इस उपलब्धि पर शहर में खुशी की लहर है। मंधाना ने 79 रन की पारी खेलीभारत के लिए स्मृति मंधाना ने 79, ऋचा घोष ने नाबाद 49 और शेफाली वर्मा ने 48 रन की पारी खेली। मंधाना और शेफाली के बीच पहले विकेट के लिए 99 रन की साझेदारी हुई। मंधाना ने इस पारी के दौरान विमेंस इंटरनेशनल क्रिकेट में 11 हजार रन भी पूरे किए। श्रीलंका की ओर से सुगंधिका कुमारी, कविशा दिलहारी और चामुडी प्रभोदा ने एक-एक विकेट लिया। दीप्ति शर्मा ने 3 विकेट झटकेश्रीलंका की टीम 15.4 ओवर ही खेल सकी। चामरी अटापट्टू ने सबसे ज्यादा 29 रन बनाए, जबकि कौशिनी नुथ्यांगना ने 14 और कविशा दिलहारी ने 11 रन बनाए। भारत की ओर से दीप्ति शर्मा ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए। शेफाली वर्मा, श्रेयंका पाटिल और श्री चरणी को भी 2-2 विकेट मिले। श्रीलंका के 8 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। इस गोल्ड के साथ भारत टॉप-10 में पहुंचाइस गोल्ड मेडल के साथ भारत एशियन गेम्स-2026 की मेडल टैली में टॉप-10 में पहुंच गया है। भारत के खाते में अब तक 1 गोल्ड, 4 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल हैं। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 भारत : स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जी. कमालिनी, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), ऋचा घोष (विकेटकीपर), भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, श्रेयंका पाटिल, क्रांति गौड़, एन. श्री चरणी, नंदनी शर्मा। श्रीलंका: इमेशा दुलानी, चमारी अट्टापट्टू (कप्तान), हसीनी परेरा, कविशा दिलहारी, हर्षिता समरविक्रमा, हंसिमा करुणारत्ने, कौशिनी नुथ्यांगना (विकेटकीपर), काव्या काविंदी, मिथाली अयोध्या, चामुडी प्रभोदा, सुगंधिका कुमारी। अब पढ़िए दीप्ति शर्मा के बारे में... जिद करके स्टेडियम जाती थीं दीप्ति दीप्ति के बड़े भाई सुमित शर्मा क्रिकेट खेला करते थे और हर दिन स्टेडियम में नेट प्रैक्टिस के लिए जाते थे। उन्हें देखकर दीप्ति की भी क्रिकेट में रुचि बढ़ी। शुरुआत में वह घर पर ही भाई से ट्रेनिंग लेने लगीं। इसके बाद जब भाई स्टेडियम जाते, तो दीप्ति भी जिद करके उनके साथ जाने लगीं। हालांकि, स्टेडियम में उन्हें खेलने का मौका नहीं मिलता था। ऐसे में वह किनारे बैठकर घंटों नेट प्रैक्टिस देखती रहती थीं। जब बॉल सीधे स्टंप पर जा लगीएक दिन दीप्ति अपने भाई के साथ आगरा की एकलव्य स्पोर्ट्स एकेडमी पहुंचीं। वह किनारे बैठकर बाकी खिलाड़ियों को नेट प्रैक्टिस करते हुए देख रही थीं। तभी एक शॉट लगने के बाद गेंद दीप्ति के पास आकर गिरी। दीप्ति ने गेंद उठाई और करीब 50 मीटर दूर खड़े स्टंप की तरफ फेंकी। गेंद सीधे स्टंप पर लगी और गिल्ली उड़ गई। दूर खड़ी सिलेक्टर हेमलता काला ने यह पूरा नजारा देख लिया। काला समझ गईं कि इस लड़की में क्रिकेट की खास प्रतिभा है और इसे भारतीय टीम तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने दीप्ति का नाम रिकमेंड किया। हेमलता काला खुद भारतीय महिला क्रिकेट टीम का हिस्सा रह चुकी हैं। दीप्ति को यूपी पुलिस में डीएसपी पद मिला था2 साल पहले दीप्ति को यूपी पुलिस में डीएसपी पद मिला था। एशियन कप में शानदार जीत पर योगी सरकार ने तीन करोड़ की धनराशि भी दी थी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने दीप्ति को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में यह सम्मान दिया था। दीप्ति ने चीन में हुए एशियन गेम्स में महिला क्रिकेटर स्पर्धा में भारत को गोल्ड मेडल दिलवाया था। 2023 में बर्मिंघम में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भी इंडियन वूमेन क्रिकेट टीम के साथ रजत पदक जीता था।
Asian Games: Elavenil Valarivan और Parth Mane 10m Air Rifle फाइनल में चौथे स्थान पर रहे
भारत को एशियाई खेल 2026 में निशानेबाजी के 10 मीटर एयर राइफल मिक्स टीम मुकाबले में पदक से चूकना पड़ा है। मंगलवार को हुए फाइनल में इलावेनिल वलारिवन और पार्थ राकेश माने की भारतीय जोड़ी 376.3 अंक के साथ चौथे स्थान पर रही। चार टीमों के इस फाइनल में भारतीय जोड़ी ने शुरुआत में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन पदक तक पहुंचने के लिए जरूरी बढ़त नहीं बना सकी। चीन की वांग जिफेई और शेंग लिहाओ की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 507.1 अंक बनाए और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस दौरान दोनों ने नया विश्व रिकॉर्ड भी कायम किया। दक्षिण कोरिया की ह्योजिन बान और हाजुन पार्क की जोड़ी 502.9 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही और उसे रजत पदक मिला। जापान की मिसाकी नोबाता और नाओकी हानाकावा ने 439.7 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया। मौजूद जानकारी के अनुसार इलावेनिल और पार्थ ने क्वालीफिकेशन में 634.6 अंक जुटाकर दूसरे स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई थी। चीन की जोड़ी 638.9 अंक के विश्व रिकॉर्ड स्कोर के साथ क्वालीफिकेशन में पहले स्थान पर रही थी। दक्षिण कोरिया 633.2 अंक के साथ तीसरे स्थान पर था, जबकि जापान की जोड़ी चौथे स्थान पर रहते हुए फाइनल में पहुंची थी। इस मुकाबले में भारतीय जोड़ी से पदक की उम्मीद इसलिए भी थी क्योंकि दोनों निशानेबाज प्रतियोगिता में पहले ही पदक जीत चुके थे। इलावेनिल वलारिवन भारतीय महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम के साथ रजत पदक जीत चुकी थीं। उन्होंने व्यक्तिगत महिला 10 मीटर एयर राइफल मुकाबले में भी रजत पदक हासिल किया था। पार्थ राकेश माने भी पुरुष 10 मीटर एयर राइफल टीम का हिस्सा रहे थे, जिसने रजत पदक जीता था। गौरतलब है कि भारतीय निशानेबाजी टीम के लिए एशियाई खेलों का अब तक का सफर पदकों से भरा रहा है। सोमवार को हिमांशु ढिल्लों ने एशियाई खेलों में पदार्पण करते हुए पुरुष 10 मीटर एयर राइफल मुकाबले में रजत पदक जीता था। रुद्रांक्ष पाटील ने इसी मुकाबले में कांस्य पदक हासिल किया। इससे पहले हिमांशु, रुद्रांक्ष और पार्थ माने की तिकड़ी ने पुरुष 10 मीटर एयर राइफल टीम मुकाबले में भी रजत पदक जीता था। भारत को निशानेबाजी में शुरुआती सफलता इलावेनिल और भारतीय महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम ने रजत पदक के साथ दिलाई थी। सोमवार को तीन और पदक मिलने के बाद निशानेबाजी में भारत के पदकों की संख्या पांच हो गई थी, जिसमें चार रजत और एक कांस्य शामिल था। मंगलवार को मिक्स टीम मुकाबले में चौथे स्थान पर रहने के कारण भारत एक और पदक से चूक गया। हालांकि, निशानेबाजी में भारतीय खिलाड़ियों के लगातार अच्छे प्रदर्शन ने पदक की उम्मीदों को मजबूत रखा है। इसके अलावा महिला एमएमए में सुचिका तारियाल के ऐतिहासिक कांस्य पदक से भारत के कुल पदकों की संख्या छह हो गई है, जिसमें पांच रजत और एक कांस्य शामिल हैं।
Asian Games Badminton: भारतीय पुरुष टीम ने जापान को 3-0 से हराकर पदक किया पक्का
भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने मंगलवार को यहां क्वार्टरफाइनल में जापान को 3-0 से हराकर पदक पक्का कर दिया जबकि महिला टीम को मेजबान टीम से 1-3 से हारकर एशियाई खेलों से बाहर हो गई। भारतीय पुरुष टीम ने पिछले चरण में रजत पदक जीता था। उसके लिए लक्ष्य सेन ने वापसी करते हुए शानदार जीत हासिल की, उनके अलावा सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी, चिराग शेट्टी और आयुष शेट्टी की जीत ने टीम को सफलता दिलाई। अब बुधवार को सेमीफाइनल में भारत का सामना मौजूदा चैंपियन चीन और कोरिया के बीच होने वाले दूसरे क्वार्टर फाइनल के विजेता से होगा। एशियाड से पहले लगातार कुछ टूर्नामेंट में शुरूआती दौर से बाहर होने के कारण सेन का मनोबल थोड़ा गिरा हुआ था, उन्होंने पहला गेम गंवाकर शुरुआत की और निर्णायक गेम में 14-19 से पिछड़ने के बाद हार की कगार पर थे। लेकिन अल्मोड़ा के 25 वर्षीय खिलाड़ी ने अपनी काबिलियत के बूते लगातार सात अंक हासिल कर दुनिया के सातवें नंबर और दो बार के विश्व चैंपियनशिप रजत पदक विजेता कोडाई नाराओका को 11-21, 21-5, 21-19 से हराकर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। इस सत्र में दो खिताब जीतने वाली सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने पूर्व विश्व चैंपियन होकी ताकुरो और कोबायाशी युगो की जोड़ी को 21-18, 24-22 से हराकर भारत की बढ़त 2-0 कर दी। इसके बाद इस साल बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले आयुष शेट्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दुनिया के 16वें नंबर के कोकी वातानाबे को 21-10, 21-19 से हराने के साथ मुकाबला और भारत का पदक पक्का कर दिया। भारत के पूर्व कोच विमल कुमार ने कहा, ‘‘हमारी पुरुष टीम की जापान पर जीत बहुत शानदार रही। इससे 1986 के एशियाई खेलों की कुछ बहुत खास यादें ताज़ा हो गई हैं। ’’कुमार 1986 एशियाड में भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम का हिस्सा थे जिसमें उनके साथ प्रकाश पादुकोण, सैयद मोदी, उदय पवार, रवि कुंटे, लेरॉय डीसा और सनत मिश्रा भी शामिल थे। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे अभियान के सबसे यादगार पलों में से एक जापान पर हमारी जीत थी। प्रकाश और मैंने अपने-अपने एकल मैच जीते, और प्रकाश ने उदय पवार के साथ मिलकर पुरुष युगल जीता। यह हम सभी के लिए गर्व का पल था और भारतीय बैडमिंटन के लिए एक यादगार जीत थी। ’’इस जीत ने दिन में पहले महिला टीम की हार से छाई निराशा को कुछ हद तक कम कर दिया। विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी ने शानदार खेल दिखाया लेकिन एकल खिलाड़ियों के निराशाजनक प्रदर्शन के कारण भारतीय महिला टीम क्वार्टर फाइनल में जापान से 1-3 से हारकर बाहर हो गई। दुनिया के 14वें नंबर के खिलाड़ी सेन की तैयारी इतनी अच्छी नहीं रही। घरेलू सरजमीं पर हुई विश्व चैंपियनशिप में वह अमेरिका के गैरेट टैन से हारकर शुरुआती दौर में ही बाहर हो गए थे। बाद में उनके ‘मेंटोर’ विमल कुमार ने बताया था कि लक्ष्य पीठ की चोट से जूझ रहे थे। ऐसे प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ मुकाबला काफी दबाव वाला था जिसने पिछली पांच भिड़ंत में से चार में सेन को हराया था। सेन ने शुरुआत में संघर्ष किया जिससे वह पहला गेम गंवा बैठे। हालांकि मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद की प्रेरणादायक बातचीत और कोर्ट बदलने के बाद भारतीय खिलाड़ी ने जोरदार वापसी की। उन्होंने दूसरे गेम में प्रतिद्वंद्वी के बैकहैंड को निशाना बनाकर लगातार स्मैश लगाए और 11-2 की बढ़त हासिल कर ली। फिर उन्होंने लय बरकरार रखते हुए स्कोर 16-3 कर दिया। उन्होंने शॉट्स में अच्छी विविधता दिखाई जबकि नाराओका को शटल को कोर्ट के अंदर रखने में परेशानी हुई। जापानी खिलाड़ी का एक और शॉट बाहर चले जाने के बाद सेन ने गेम अपने नाम कर लिया। निर्णायक गेम में सेन ने शुरुआत में मुकाबले को करीबी बनाए रखा, लेकिन अंतिम छोर बदलने से पहले ब्रेक तक नाराओका ने 11-6 की बढ़त बना ली। सेन के लगातार संघर्ष के बाद जापानी खिलाड़ी 16-10 तक पहुंच गया। भारतीय खिलाड़ी रैलियों में अपने प्रतिद्वंद्वी को उलझाए रखते हुए सही मौके का इंतजार कर रहे थे। हालांकि सेन की दो ‘अनफोर्स्ड’ गलतियों का फायदा उठाकर नाराओका ने 19-14 की बढ़त बना ली। इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने जबरदस्त वापसी करते हुए लगातार चार अंक हासिल किए। नाराओका दबाव में बिखरने लगे और उन्होंने कई गलतियां कीं। सेन ने फिर बैक लाइन पर दो सटीक रिटर्न लगाकर मैच प्वाइंट हासिल किया और नाराओका के अगला शॉट नेट में मारते ही मुकाबला अपने नाम कर लिया। महिला वर्ग में भारत की तरफ से दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने मुकाबले की शुरुआत की। उन्होंने विश्व में तीसरे नंबर की खिलाड़ी अकाने यामागुची के सामने कड़ी चुनौती पेश की लेकिन निर्णायक गेम में उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और वह आखिर में 23-21, 18-21, 6-21 से हार गईं। उन्नति हुड्डा इसके बाद 2022 की विश्व जूनियर चैंपियन और विश्व में सातवें नंबर की खिलाड़ी टोमोका मियाजाकी से 16-21, 18-21 से हार गईं, जिससे जापान 2-0 से आगे हो गया। नयी दिल्ली में हाल ही में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली त्रीसा और गायत्री ने पहले युगल मैच में युकी फुकुशिमा और मायु मात्सुमोतो को 21-17, 21-16 से हराकर भारत को मुकाबले में बनाए रखा। लेकिन युवा शटलर तन्वी शर्मा तीसरे एकल मुकाबले में पूर्व विश्व चैंपियन नोजोमी ओकुहारा से 12-21, 10-21 से हार गईं और इस तरह से जापान ने 3-1 से जीत हासिल कर ली। सिंधू ने यामागुची के खिलाफ पहले गेम में 13-17 से वापसी करते हुए 23-21 से जीत हासिल की। इसके बाद वह अच्छी स्थिति में दिख रही थीं। दूसरे गेम में ब्रेक तक यामागुची दो अंकों की बढ़त बनाए हुए थीं। सिंधू ने 12-17 से पिछड़ने के बाद वापसी की कोशिश की, लेकिन जापानी खिलाड़ी ने संयम बनाए रखते हुए दूसरा गेम 21-18 से जीत लिया। निर्णायक गेम में सिंधू किसी भी समय लय में नहीं दिखी और जल्द ही 6-14 से पीछे हो गईं। यामागुची ने 10 मैच प्वाइंट हासिल किए और एक सटीक रिटर्न शॉट से मैच जीत लिया।
Asian Games 2026: भारत को अबतक 7 मेडल, बुधवार को इतिहास रचेंगी मीराबाई चानू!
मंगलवार को आइची-नागोया में हो रहे एशियन गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को गोल्ड मेडल मैच में 147 रनों से हराकर इस टूर्नामेंट में भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता और डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर अपना खिताब बरकरार रखा। क्रिकेट में मिले गोल्ड मेडल के साथ भारत के कुल मेडल की संख्या 7 हो गई, जिनमें से 5 मेडल (4 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज़) शूटिंग से मिले। लक्ष्य सेन ने वापसी करते हुए शानदार जीत हासिल की जिसकी मदद से भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने क्वार्टरफाइनल में मेजबान जापान को 3-0 से हराकर एशियाई खेलों में पदक पक्का कर दिया। भारतीय महिला टीम ने एशियाई खेलों में टेबल टेनिस प्रतियोगिता में थाईलैंड को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की की लेकिन भारतीय पुरुष टीम दक्षिण कोरिया से हारकर बाहर हो गई। इलावेनिल और पार्थ मिश्रित टीम स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहे जिससे निशानेबाजी में भारत को स्वर्ण का इंतजार लंबा हो रहा है। भारतीय मुक्केबाज साक्षी चौधरी ने प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। भारतीय मुक्केबाज जादुमणि सिंह ने मंगलवार को नेपाल के चंद्र बहादुर थापा को सर्वसम्मति से 5-0 के फैसले से हराकर एशियाई खेल 2026 के अगले दौर में प्रवेश किया। बुधवार के अहम मुकाबले बुधवार को भारत अपने एशियाई खेल 2026 के शेड्यूल में सात पक्के मेडल इवेंट्स के साथ उतरेगा और क्वालिफिकेशन के ज़रिए कई और इवेंट्स जुड़ने की संभावना भी है, लेकिन मेडल जीतने की कोशिशों के केंद्र में मीराबाई चानू होंगी। चानू ने दो बार एशियाई खेलों में हिस्सा लिया है, लेकिन कोई मेडल नहीं जीता। मनु भाकर, ईशा सिंह और सुरुचि इंदर सिंह महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल क्वालिफिकेशन में हिस्सा लेंगी। पुरुषों और महिलाओं की स्कीट टीमें क्वालिफ़िकेशन के तीसरे और आखिरी दिन को पूरा करेंगी। साथ ही, फ़ुआद मिर्ज़ा, अर्जन सिंह नागरा और आशीष लिमये इवेंटिंग क्रॉस-कंट्री फ़ेज़ में हिस्सा लेंगे।
Asian Games में Gold जीतने के बाद बोलीं Harmanpreet Kaur, अन्य खेलों के लिए खुला पदकों का रास्ता
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को उम्मीद जताई कि एशियाई खेलों में उनकी टीम की स्वर्ण पदक जीत देश के लिए इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में और अधिक स्वर्ण पदकों का रास्ता खोलेगी। भारतीय महिला टीम ने श्रीलंका को 147 रनों से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया और 2023 में चीन में हुए पिछले चरण में जीते खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। हरमनप्रीत ने पत्रकारों से कहा, ‘‘स्वर्ण पदक जीतकर बहुत अच्छा लग रहा है। हर खिलाड़ी का यह सपना होता है। हमारी टीम ने स्वर्ण पदकों का रास्ता खोल दिया है। भारत जितने अधिक स्वर्ण पदक जीतेगा, हमारे लिए उतना ही बेहतर होगा। ’’उन्होंने कहा, ‘‘हम कल (भारत) वापस जा रहे हैं। लेकिन हम निश्चित रूप से अन्य प्रतियोगिताओं पर नजर रखेंगे। ’’हरमनप्रीत ने कहा कि उनकी टीम का एकमात्र लक्ष्य स्वर्ण पदक बरकरार रखना था। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे लिए और पूरी टीम के लिए यह बहुत बड़ी बात है कि हमने स्वर्ण पदक जीता। जब से हम यहां आए थे, हमारा सिर्फ एक लक्ष्य था, यहां से स्वर्ण पदक लेकर जाना। हम अपने तिरंगे को ऊंचा लहराते और राष्ट्रगान को बजते हुए देखना चाहते थे। ’’उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन, हमें पता नहीं था कि स्वर्ण पदक जीतने वाले हम पहले होंगे। मुझे यकीन है कि दूसरे एथलीट भी बहुत सारे स्वर्ण पदक जीतेंगे। ’’सैंतीस साल की खिलाड़ी ने कहा कि टीम जापान में बिना किसी खास उम्मीद के आई थी क्योंकि उन्हें पता था कि यहां शायद अच्छी सुविधाएं नहीं मिलें। उन्होंने कहा, ‘‘हम बहुत खुले मन से आए थे। हमें नहीं पता था कि क्या होगा और क्या नहीं। जिस दिन हम यहां आए, हमने मैदान की सुविधाएँ देखीं। हमने ‘हाइब्रिड’ पिच देखी और सब लोग निश्चिंत हो गए। ’’यह अनुभवी बल्लेबाज मैदान और अन्य सुविधाओं से संतुष्ट थीं। उन्होंने कहा, ‘‘हमने खबरों में पढ़ा था कि मैदान का स्तर उतना अच्छा नहीं है। मुझे लगता है कि यह देखकर अच्छा लगा कि किसी को चोट नहीं लगी जिसका मतलब है कि हालात अच्छे थे। अगर आप देखें, तो एक बड़े स्कोर वाला मैच भी हो रहा था। साथ ही, इससे गेंदबाजों को भी मदद मिल रही थी। तो विकेट उसी हिसाब से बनाया गया था और मुझे लगता है कि उन्होंने अपनी तरफ से सबसे अच्छी सुविधाएं दीं। ’’वहीं भारत की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने कहा कि 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के लिए टीम को अगले दो साल तक अच्छा प्रदर्शन जारी रखना होगा क्योंकि वहां होने वाला टूर्नामेंट एशियाई खेलों की तुलना में कहीं ज्यादा मुश्किल होगा। मंधाना ने 45 गेंद में 79 रन बनाए। उन्होंने कहा, ‘‘देखिए, एशियाई खेलों की तुलना में, मुझे लगता है कि विश्व क्रिकेट में हमारे सामने और भी कड़े मुकाबले आने वाले हैं। इसलिए विश्व कप में जाना या ओलंपिक जीतना एक बड़ी चुनौती है। हमें लगातार बेहतर होते रहना होगा और मेहनत करते रहना होगा। हम इस जीत का जश्न मनाते हुए ज्यादा समय नहीं बिता सकते। ’’उन्होंने कहा, ‘‘हमें लगातार बेहतर होते रहना होगा और यह देखना होगा कि अगले डेढ़ दो साल में हम ओलंपिक पदक जीतने की सबसे अच्छी स्थिति में पहुंचने के लिए क्या कर सकते हैं। ’’उन्होंने कहा, ‘‘इस टूर्नामेंट में भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीतना अच्छी बात है। मुझे बहुत खुशी है कि हम सबने पदक जीते और हम इसी तरह आगे बढ़ते रहेंगे। ’’उन्होंने कहा कि जीत में टीम के सभी खिलाड़ियों का अच्छा योगदान रहा, लेकिन बेहतर टीमों के खिलाफ भी अच्छा क्रिकेट खेलना जारी रखना होगा।
Asian Games में महिला टीम ने जीता Gold Medal, राष्ट्रपति और गृह मंत्री ने दी बधाई
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम को बधाई दी और कहा कि उनका असाधारण प्रदर्शन, टीम भावना और दृढ़ संकल्प देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने मंगलवार को जापान के निशिन में एकतरफा खिताबी मुकाबले में चिर-प्रतिद्वंद्वी श्रीलंका को 147 रन से हराकर एशियाई खेलों में लगातार दूसरा स्वर्ण पदक जीता। मुर्मू ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, एशियाई खेल 2026 में महिला टी20 क्रिकेट में स्वर्ण पदक जीतने पर टीम इंडिया के सभी सदस्यों को मेरी हार्दिक बधाई। आपकी ऐतिहासिक जीत ने खेलों के इस संस्करण में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया और देश को गौरवान्वित किया। उन्होंने कहा, आपका असाधारण प्रदर्शन, टीम भावना और दृढ़ संकल्प हमारे युवाओं, खासकर हमारी बेटियों के लिए अत्यंत प्रेरणास्रोत हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी भारतीय महिला क्रिकेट टीम को बधाई दी। शाह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, भारतीय महिला क्रिकेटरों ने स्वर्ण पदक जीतकर समापन किया। पिच पर बेजोड़ कौशल और अदम्य प्रभुत्व के चकाचौंध भरे प्रदर्शन के साथ एशियाई खेलों में पहला स्वर्ण पदक लाने के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम को बधाई। आप हमेशा विजयी रहें। पूर्व केंद्रीय मंत्री और राकांपा (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने भी भारतीय महिला क्रिकेट टीम को बधाई दी और कहा कि इस उपलब्धि ने भारतीय खेल के इतिहास में एक और शानदार अध्याय जोड़ दिया है। पवार ने एक बयान में कहा, भारत की बेटियों ने दृढ़ संकल्प, लगन और शानदार टीम वर्क के साथ गौरवान्वित करने वाला और सराहनीय प्रदर्शन किया।
40 साल बाद Asian Games Badminton में भारत का लगातार मेडल पक्का, Japan को 3-0 से हराया
एशियन गेम्स 2026 में भारत ने मेज़बान जापान को क्वार्टर फ़ाइनल में 3-0 से हराकर पुरुषों की टीम बैडमिंटन प्रतियोगिता में मेडल पक्का कर लिया। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम सेमीफ़ाइनल में पहुँच गई और उसने 40 साल बाद एशियन गेम्स में लगातार टीम मेडल भी पक्का किया। सबसे पहले, लक्ष्य सेन ने कोडाई नारोका के खिलाफ़ शुरुआती सिंगल्स मैच में भारत को बढ़त दिलाई। जापानी खिलाड़ी ने पहला गेम 21-11 से जीता, लेकिन सेन ने ज़बरदस्त वापसी की और दूसरा गेम 21-5 से जीतने से पहले 19-4 की बढ़त बना ली। इसके बाद नारोका निर्णायक गेम में 14-8 से आगे हो गए, लेकिन सेन ने वापसी करते हुए स्कोर 19-19 कर दिया। आखिरकार उन्होंने 21-19 से मैच जीतकर भारत को बढ़त दिलाई। इसे भी पढ़ें: IOA President PT Usha का बयान, Asian Games में खिलाड़ियों की रहने की दिक्कतें दूर हुईं इसके बाद सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने जापान के होकी और कोबायाशी को सीधे गेम में हराया। कड़े मुकाबले के बाद भारत ने पहला गेम 21-18 से जीता और दूसरा गेम भी काफी रोमांचक रहा; दोनों टीमें 19-19 और फिर 20-20 पर बराबरी पर थीं, जिसके बाद भारतीय जोड़ी ने 24-22 से जीत हासिल की। आयुष शेट्टी ने तीसरे सिंगल्स मैच में जीत के साथ टाई पूरी की। उन्होंने अपने जापानी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ़ तेज़ी से बढ़त बनाई; 7-2 से आगे बढ़कर 16-5 की बढ़त हासिल की और फिर पहला गेम 21-10 से जीत लिया। दूसरे गेम में भी उन्होंने अपनी बढ़त बनाए रखी और 21-19 से जीत हासिल की, जिससे टीम ने 3-0 से जीत पक्की की। वहीं, इससे पहले दिन में, जापान से क्वार्टर फ़ाइनल में 3-1 से हारने के बाद भारत की महिला बैडमिंटन टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई। एशियाई खेलों में भारत ने अपना पहला स्वर्ण पदक तब जीता जब महिला क्रिकेट टीम ने फाइनल में श्रीलंका को 147 रनों से हराया। मुक्केबाजी में साक्षी चौधरी और जदुमणि सिंह ने जीत हासिल कर अगले दौर में प्रवेश किया। इसे भी पढ़ें: Asian Games 2026: भारत को अब तक 6 Medals, 22 सितंबर को इनपर रहेगी नजर महिला टेबल टेनिस टीम ने राउंड ऑफ 16 में थाईलैंड को 3-2 से हराकर अगले दौर में जगह बनाई, जबकि पुरुष टीम दक्षिण कोरिया से 0-3 से हार गई। शूटिंग में, एलावेनिल वलारिवन और पार्थ माने ने 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम फाइनल में चौथा स्थान प्राप्त किया। पुरुषों के स्कीट क्वालिफिकेशन के दूसरे दिन अनंतजीत सिंह नारुका दूसरे स्थान पर रहे, जबकि महिलाओं के इवेंट में रायज़ा ढिल्लों पांचवें स्थान पर रहीं। भारत ने पुरुषों के कबड्डी में दक्षिण कोरिया को 63-31 से हराया, लेकिन पुरुषों के सेपकटकराव में मलेशिया से 3-0 से हार गया। पुरुषों की 4x100 मीटर मेडले रिले टीम अगले दौर में पहुंच गई।
Boxing में Jadumani Singh और Sakshi Choudhary जीते, Asian Games में भारत का दबदबा
मंगलवार को एशियाई खेलों 2026 में भारतीय मुक्केबाज़ जादुमनी सिंह ने नेपाल के चंद्र बहादुर थापा को सर्वसम्मति से 5-0 के फ़ैसले से हराकर अगले दौर में जगह बनाई। जादुमनी ने मुक़ाबले की सधी हुई शुरुआत की, जबकि थापा ने कई पंचों के साथ हमला करने की कोशिश की, हालाँकि उनमें से कई ठीक से नहीं लग पाए। आक्रामक शुरुआती दौर में दोनों मुक्केबाज़ों के बीच पंचों का आदान-प्रदान हुआ और भारतीय मुक्केबाज़ ने अपने पंच बहुत सोच-समझकर लगाए। थापा का एक ज़ोरदार लेफ्ट हुक जादुमनी को लगा, जिससे शुरुआती दौर का मुक़ाबला काफ़ी कड़ा हो गया। हालाँकि, चार जजों ने यह राउंड भारतीय मुक्केबाज़ के पक्ष में दिया और जादुमनी ने इसे 4-1 से जीत लिया। दूसरे राउंड में जादुमनी और मज़बूत होकर उतरे और उन्होंने थापा पर कई ज़ोरदार पंच जड़े; थापा भारतीय मुक्केबाज़ के दबाव में संघर्ष करते हुए दिखे। इसे भी पढ़ें: IOA President PT Usha का बयान, Asian Games में खिलाड़ियों की रहने की दिक्कतें दूर हुईं जब जादुमनी ने अपनी तेज़ी बढ़ाई और लगातार अपने टारगेट पर वार किए, तो नेपाली बॉक्सर में थकान के लक्षण दिखने लगे। भारतीय बॉक्सर ने फिर से 4-1 से राउंड जीता और तीसरे राउंड से पहले मज़बूत बढ़त बना ली। जादुमनी ने आखिरी राउंड में भी दबाव बनाए रखा और एक ज़बरदस्त 'लेफ्ट हुक' मारा, जिससे थापा के लिए 'स्टैंडिंग काउंट' की स्थिति बन गई। भारतीय बॉक्सर ने संयम बनाए रखा, थापा के ज़ोरदार पंचों से बचते रहे और अपनी बढ़त को और मज़बूत करने के लिए एक और ज़बरदस्त 'काउंटर पंच' मारा। आखिरकार, जादुमनी ने सर्वसम्मति से 5-0 से जीत हासिल की और कॉन्टिनेंटल टूर्नामेंट के अगले राउंड में जगह बनाई। प्री-क्वार्टर फ़ाइनल में जगह पक्की करने के बाद, भारतीय बॉक्सर अब पुरुषों के बॉक्सिंग इवेंट में अपना अभियान जारी रखेंगे। इस बीच, भारत ने एशियन गेम्स 2026 में अपना पहला गोल्ड मेडल जीता, जब महिला क्रिकेट टीम ने फ़ाइनल में श्रीलंका को 147 रनों से हराकर खिताब अपने नाम किया। इसे भी पढ़ें: Mega DSC विरोध पर पुलिस लाठीचार्ज, YSRCP नेताओं ने की CBI जांच की मांग बॉक्सिंग में, साक्षी चौधरी ने महिलाओं के 51 किग्रा वर्ग के 'राउंड ऑफ़ 32' में फिलीपींस की आइरा विलेगास को हराया, जबकि जादुमनी सिंह ने नेपाल के चंद्र बहादुर थापा को 5-0 से हराकर 'राउंड ऑफ़ 16' में प्रवेश किया। शूटिंग में, इलावेनिल वलारिवन और पार्थ माने 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम फ़ाइनल में चौथे स्थान पर रहे। पुरुषों के स्कीट क्वालिफिकेशन के दूसरे दिन के बाद, अनंतजीत सिंह नारुका दूसरे, मैराज खान 23वें और भवतेघ सिंह गिल 35वें स्थान पर थे। महिलाओं के स्कीट में, राइज़ा ढिल्लों पांचवें, परिनाज़ धालीवाल नौवें और माहेश्वरी चौहान 16वें स्थान पर रहीं।
कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए इस खिताबी मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 216 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया।
IOA President PT Usha का बयान, Asian Games में खिलाड़ियों की रहने की दिक्कतें दूर हुईं
इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) की प्रेसिडेंट पीटी उषा ने मंगलवार को कहा कि नागोया में एशियन गेम्स 2026 के शुरुआती दिनों में भारतीय दल को रहने-सहने से जुड़ी जो दिक्कतें आ रही थीं, उन्हें सुलझा लिया गया है। उन्होंने कहा कि अब एथलीट आराम से हैं और गेम्स का मज़ा ले रहे हैं। जापान पहुँचने के बाद भारतीय दल को रहने-सहने में काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। खबरों के मुताबिक, कुछ एथलीट और अधिकारी कमरा मिलने के इंतज़ार में 14 घंटे से ज़्यादा समय तक बैठे रहे, जबकि कुछ अन्य घंटों तक एयरपोर्ट पर ही फँसे रहे। इसे भी पढ़ें: सानो में बारिश से बाधित T20 मैच में Japan के खिलाफ 2 रन से जीता India एशियाई खेलों में भारतीय महिला क्रिकेट टीम के स्वर्ण पदक जीतने के बाद, उषा ने कहा कि शुरुआती चुनौतियाँ समायोजन प्रक्रिया का हिस्सा थीं और उन्होंने आश्वासन दिया कि खिलाड़ियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ की गई हैं। पीटी उषा ने बताया कि हर जगह ऐसी समस्याएं होती हैं और उन्हें सुलझने में पहले दो दिन लग जाते हैं, है ना? यहाँ भी पहले दो दिन यही समस्या रही। लेकिन अब कोई समस्या नहीं है, और हमें पूरा भरोसा है कि खिलाड़ी सहज और आत्मविश्वासी महसूस करेंगे। टीम इंडिया ने भी रहने-सहने की पूरी व्यवस्था कर दी है, चाहे उन्हें यहाँ मिले या बाहर। यहाँ तक कि जब वे हवाई अड्डे पर पहुँचेंगे, हमने यह सुनिश्चित किया है कि खिलाड़ियों को नाश्ता और अन्य ज़रूरी चीज़ें मिलेंगी। उन्होंने आगे कहा कि हमारे खेल मंत्री स्वयं आए और दौरा किया, और उन्होंने यह आश्वासन भी दिया कि सब कुछ खिलाड़ियों के लिए ही होगा। इसलिए सब कुछ अच्छा चल रहा है, और खिलाड़ी भी खुश हैं। परसों मैं खिलाड़ियों से मिलने गई और उनसे पूछा कि क्या उन्हें कोई समस्या है। वे सभी खुश थे, और उन्होंने कहा, 'अब हम इसका आनंद ले रहे हैं।' और वे आत्मविश्वास से भरे हुए भी हैं। एशियाई खेल प्राधिकरण (आईओए) ने प्रभावित दल के सदस्यों के लिए अतिरिक्त होटल कमरों की व्यवस्था की थी, और भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) तथा भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्य भी स्थिति से निपटने के प्रयासों में शामिल थे। खिलाड़ियों को आवास, भोजन और परिवहन की सुविधा प्रदान करने के लिए व्यवस्था की गई थी। इसे भी पढ़ें: Asian Games Women T20: भारत ने Sri Lanka को 147 रन से हराकर जीता Gold Medal मंगलवार को महिला टी20 फाइनल में श्रीलंका को 147 रनों से हराकर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने मौजूदा खेलों में देश का पहला स्वर्ण पदक जीता, जिसके बाद उषा ने यह बात कही। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 216/3 का मजबूत स्कोर खड़ा किया, जिसमें स्मृति मंधाना ने 45 गेंदों में 79 रन, शेफाली वर्मा ने 29 गेंदों में 48 रन और ऋचा घोष ने 22 गेंदों में 49 रन बनाकर नाबाद रहीं।
Asian Games 2026: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जीता स्वर्ण, फाइनल में श्रीलंका को 147 रन से हराया
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स 2026 का स्वर्ण पदक जीत लिया है। फाइनल में भारतीय टीम ने श्रीलंका को 147 रन से हराकर लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। एशियन गेम्स 2026 में भारत का यह पहला स्वर्ण पदक है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने पहले विकेट के लिए 10 ओवर में 99 रन की विस्फोटक साझेदारी की। वर्मा 29 गेंदों पर 3 छक्कों और 3 चौकों की मदद से 48 रन बनाकर आउट हुईं। मंधाना नहीं रूकीं। बाएं हाथ की इस बल्लेबाज ने 45 गेंदों पर 7 छक्कों और 5 चौकों की मदद से 79 रन की पारी खेली। दूसरे विकेट के लिए उन्होंने हरमनप्रीत कौर के साथ 42 रन जोड़े। हरमन 19 रन बनाकर आउट हुईं। आखिरी ओवरों में विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष 22 गेंदों पर 3 छक्कों और 6 चौकों की मदद से नाबाद 49 रन बनाकर स्कोर 20 ओवर में 3 विकेट पर 216 तक पहुंचाया। उनके साथ भारती फूलमाली 7 रन बनाकर नाबाद रहीं। श्रीलंका के लिए सुगंधिका कुमारी, कविशा दिल्हारी और चामुंडी प्रबोदा 1-1 विकेट लिया। 217 रन का लक्ष्य हासिल करने उतरी श्रीलंका की टीम 15.4 ओवर में 69 रन पर सिमट गई। टीम के लिए कप्तानी चमारी अथापट्टू ने सर्वाधिक 29 रन बनाए। विकेटकीपर कौशिनी नुथ्यांगना ने 14 और कविशा दिल्हारी ने 11 रन बनाए। इसके अलावा कोई भी बल्लेबाज 2 अंकों में प्रवेश नहीं कर सकी। भारत ने 147 रन से बड़े अंतर से मैच जीता। भारत की तरफ से दीप्ति शर्मा ने 3, शेफाली वर्मा, श्रेयांका पाटिल और श्री चरणी ने 2-2 विकेट लिए। इसके अलावा कोई भी बल्लेबाज 2 अंकों में प्रवेश नहीं कर सकी। भारत ने 147 रन से बड़े अंतर से मैच जीता। Also Read: LIVE Cricket Score इससे पहले हुए मुकाबले में पाकिस्तान ने बांग्लादेश को हराकर कांस्य पदक जीता था। Article Source: IANS
Asian Games Fencing: विश्व चैंपियन से 9-15 से हारीं Taniksha Khatri, हेमाश और सचिन भी बाहर
भारत की तनिक्षा खत्री ने मंगलवार को यहां एशियाई खेलों की महिला व्यक्तिगत एपी स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन किया लेकिन प्रीक्वार्टर फाइनल में दक्षिण कोरिया की विश्व चैम्पियन सोंग सेरा से हार गईं। भारत की 22 वर्षीय तलवारबाज तनिक्षा को सोंग के खिलाफ 9-15 से हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने इससे पहले अंतिम 32 के मुकाबले में थाईलैंड की नत्पापत सांगनगियो को 15-10 से हराया था। इसी वर्ग में भारत की एक अन्य तलवारबाज मित्वा चौधरी को अंतिम 32 में चीन की यांग जिंगवेन ने 15-14 से हराया। इस साल की शुरुआत में नाइजीरिया में हुए राष्ट्रमंडल तलवारबाजी चैम्पियनशिप में सीनियर महिला एपी वर्ग का स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली तनिक्षा ने हालांकि अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया। भारत के हेमाश सिंह सनासाम और सचिन भी पुरुष व्यक्तिगत फॉइल स्पर्धा में अंतिम 32 के मुकाबलों में हारकर बाहर हो गए। हेमाश पहले पीरियड के बाद कजाखस्तान के गालिम नुरुमोव के खिलाफ 6-5 से आगे थे लेकिन नुरुमोव ने वापसी करते हुए मुकाबला 15-9 से जीत लिया और अंतिम 16 में जगह बनाई। इसी वर्ग में सचिन को कजाखस्तान के तिमोफे सेम्योनोव के खिलाफ 9-15 से हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले हेमाश और सचिन ने अपने-अपने पूल में तीन-तीन जीत और दो-दो हार के साथ अंतिम 32 दौर में जगह बनाई। दोनों भारतीयों के लिए दिन मिलाजुला रहा और वे अपने-अपने पूल में चौथे स्थान पर रहे। हेमाश को अपने शुरुआती मुकाबले में सिंगापुर के रफेल जुआन कांग टैन से 2-5 से हार मिली। इसके बाद उन्होंने जापान के ईमुरा काजुकी को 5-1 और फिलिपींस के सैमुएल ट्रैंक्विलान को 5-2 से हराया। इसके बाद उन्हें मकाऊ के चियोंग चोंग कियो के खिलाफ 2-5 से हार का सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने ओमान के सईद अल शुऐबी को 5-1 से हराकर पूल चरण का समापन किया। सचिन ने पाकिस्तान के बरयाल खान को 5-0 से हराकर शुरुआत की लेकिन चीनी ताइपे के चेन चिह चीह से 2-5 से हार गए। इसके बाद उन्होंने कजाखस्तान के गालिम नुरुमोव को 5-3 से हराया लेकिन दक्षिण कोरिया के यून जियोंगह्युन के खिलाफ 0-5 से हार गए। सचिन ने मंगोलिया के चिंगिस नारमंदाख को 5-1 से हराकर पूल चरण का समापन किया और तीन जीत तथा दो हार के साथ अंतिम 32 में जगह बनाई।
Asian Games: North Korea की री सोंग गम से होगा Mirabai Chanu का कड़ा मुकाबला
भारतीय भारोत्तोलक मीराबाई चानू के नाम पर एक ओलंपिक रजत पदक, एक विश्व खिताब और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक दर्ज हैं, लेकिन वह अभी तक एशियाई खेलों में पदक नहीं जीत पाई है। यह स्टार खिलाड़ी बुधवार को यहां होने वाली भारोत्तोलन प्रतियोगिता में इस इंतजार को खत्म करने की कोशिश करेगी। चानू महिलाओं के 49 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगी। इस भार वर्ग में चीन के भारोत्तोलक भाग नहीं ले रहे हैं जिससे मीराबाई के पास पदक जीतने का यह शानदार मौका है। लेकिन उनकी राह में उत्तर कोरिया की मौजूदा विश्व और एशियाई खेलों की चैंपियन री सोंग गम खड़ी हैं। वह चानू की स्वर्ण पदक की उम्मीदों के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। मीराबाई ने अभी तक एशियाई खेलों में दो बार भाग लिया है लेकिन दोनों अवसरों पर वह पोडियम तक नहीं पहुंच पाई थी। मणिपुर की रहने वाली यह खिलाड़ी 2014 में नौवें स्थान पर रही थी। पीठ की चोट के कारण वह 2018 के एशियाई खेलों में भाग नहीं ले पाई थी जबकि 2023 में चौथे स्थान पर रही। यह 32 वर्षीय खिलाड़ी तब से मुख्य कोच विजय शर्मा के साथ विशेष रूप से एशियाई खेलों की तैयारी में लगी हुई है। ग्लास्गो में हाल ही में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद भी मीराबाई अगले ही दिन से अभ्यास में लग गई थी। मीराबाई ने पीटीआई से कहा, ‘‘मेरा पूरा ध्यान एशियाई खेलों में पदक जीतने पर केंद्रित है। यही एकमात्र पदक है जो मेरे पास नहीं है।’’ मीराबाई की तैयारियों में प्रतियोगिता में अपनी सीमाओं को आगे बढ़ाने की योजना भी शामिल है। वह स्नैच में 90 किलोग्राम उठाने का लक्ष्य लेकर चल रही हैं। यह ऐसा वजन है जिसे वह पिछले छह वर्षों से हासिल करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा था, ‘‘आप वास्तव में यह अनुमान नहीं लगा सकते कि शरीर किसी खास दिन कैसा साथ देगा, लेकिन मैं एशियाई खेलों में 90 किलोग्राम भार उठाने की पूरी कोशिश करूंगी।’’ मीराबाई के लिए हालांकि काम आसान नहीं होगा। री सोंग गम पहले ही इस वर्ग में सर्वश्रेष्ठ भारोत्तोलक के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं, जबकि भारतीय खिलाड़ी को शारीरिक चुनौतियों का सामना करना होगा। मीराबाई के यह अंतिम एशियाई खेल भी हो सकते हैं।। दक्षिण कोरिया की जैग्योंग शिन, चीनी ताइपे की फांग वान-लिंग और थाईलैंड की सुथासिनी काओसिंगखोन जैसी खिलाड़ी भी इस वजन वर्ग में पदक की दावेदार हैं।
Asian Games 2026: Indian Women Cricket Team ने Sri Lanka को 147 रनों से हराकर जीता Gold Medal
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियाई खेल 2026 में देश के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता है। उन्होंने निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में हुए एशियाई खेलों के क्रिकेट फ़ाइनल में श्रीलंका को 147 रनों से हराकर यह मेडल हासिल किया। दिन की शुरुआत स्मृति मंधाना और शैफ़ाली वर्मा की ओपनिंग जोड़ी की शानदार बल्लेबाज़ी से हुई। उन्होंने ओपनिंग में 99 रनों की साझेदारी की, जिसमें शैफ़ाली ने 29 गेंदों पर 48 रन बनाए। उनके आउट होने के बाद स्मृति ने मोर्चा संभाला और 45 गेंदों पर 79 रन बनाए। तीसरे नंबर पर बल्लेबाज़ी करते हुए कप्तान हरमनप्रीत कौर कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ पाईं, और ऐसे में स्मृति ने ही स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाया। इसे भी पढ़ें: Asian Games में Smriti Mandhana के 79 रन, भारत ने जीता Cricket Gold पवेलियन लौटने के बाद, ऋचा घोष ने श्रीलंका के गेंदबाज़ों को हैरान कर दिया। सिलीगुड़ी में जन्मी इस खिलाड़ी ने मैच का रुख ही बदल दिया, जबकि श्रीलंका ने बीच के ओवरों में मैच को थोड़ा अपने पक्ष में कर लिया था। विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ने 22 गेंदों पर नाबाद 49 रन बनाए, जिससे भारत ने पहली पारी में 216 रन का स्कोर खड़ा किया। यह एशियाई खेलों के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। इस बीच, स्मृति ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 11,000 रन भी पूरे कर लिए। बल्ले से शानदार प्रदर्शन के बाद, शेफाली ने दूसरी पारी में गेंदबाज़ी में भी अपना दबदबा बनाए रखा। इस स्पिनर ने दो ओवर में सिर्फ़ तीन रन देकर दो विकेट लिए, जबकि दीप्ति शर्मा और श्री चरणी का प्रदर्शन भी उतना ही असरदार रहा। दोनों स्पिनरों ने तीन-तीन विकेट लिए, जबकि श्रेयंका पाटिल ने दो विकेट चटकाए। श्रीलंका की पूरी पारी कप्तान चमारी अथापथु पर टिकी थी, लेकिन फ़ाइनल मुकाबले में वह उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकीं। इस अनुभवी ऑलराउंडर ने 21 गेंदों में 29 रन बनाए, लेकिन पारी के सातवें ओवर में दीप्ति ने उन्हें आउट कर दिया। उनके आउट होने के बाद, भारत की जीत बस कुछ ही समय की बात थी और ठीक वैसा ही हुआ। इसे भी पढ़ें: Asian Games में Pakistan Women ने Bangladesh को 31 रन से हराकर जीता Bronze Medal पिछले कुछ सालों में, चमारी पर श्रीलंका की अत्यधिक निर्भरता ने उन्हें काफी नुकसान पहुँचाया है और भारत के खिलाफ़ फ़ाइनल में भी यही देखने को मिला। उनके अलावा, कोई भी खिलाड़ी 20 रन का आंकड़ा भी पार नहीं कर सका, जो उनकी बल्लेबाज़ी की क्षमता को दर्शाता है, खासकर ऐसे मैच में जहाँ टीम 217 रनों का पीछा कर रही थी। भारत के लिए यह जश्न मनाने की एक और रात है। उन्होंने 2022 एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीता था और शानदार प्रदर्शन करते हुए उसे बरकरार रखा।
Asian Games में Smriti Mandhana के 79 रन, भारत ने जीता Cricket Gold
स्मृति मंधाना और ऋचा घोष की तूफानी पारियों के बाद स्पिनरों के फिरकी के जादू से गत चैंपियन भारत ने एशियाई खेलों की महिला टी20 क्रिकेट प्रतियोगिता के फाइनल में मंगलवार को यहां श्रीलंका को 147 रन से रौंदकर स्वर्ण पदक जीता जो मौजूदा खेलों में देश का सोने का पहला तमगा है। भारत के 217 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की टीम दीप्ति शर्मा (छह रन पर तीन विकेट), शेफाली वर्मा (तीन रन पर दो विकेट), श्रेयंका पाटिल (नौ रन पर दो विकेट) और श्री चरणी (13 रन पर दो विकेट) की बलखाती गेंदों के सामने 15.4 ओवर में सिर्फ 69 रन पर ढेर हो गई। श्रीलंका की ओर से कप्तान चामरी अटापट्टूी ने सर्वाधिक 29 रन बनाए जबकि उनके अलावा सिर्फ कौशिनी नुथ्यांगना (14) और कविशा दिलहारी (11) ही दोहरे अंक में पहुंच सकी। भारत ने इसी महीने श्रीलंका को ही हराकर एशिया कप का खिताब भी जीता था। भारत ने इससे पहले स्मृति (45 गेंद में 79 रन, सात छक्के, पांच चौके) के अर्धशतक और शेफाली (48 रन, 29 गेंद, तीन छक्के, तीन चौके) के साथ उनकी पहले विकेट की 99 रन की तेजतर्रार साझेदारी की बदौलत तीन विकेट पर 216 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। ऋचा घोष (22 गेंद में नाबाद 49 रन, छह चौके, तीन छक्के) ने डेथ ओवरों में तूफानी बल्लेबाजी करते हुए भारत का स्कोर 200 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। श्रीलंका को रजत पदक मिला जबकि पाकिस्तान ने बांग्लादेश को 31 रन से हराकर कांस्य पदक जीता। लक्ष्य का पीछा करने उतरे श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम कभी लक्ष्य के करीब पहुंचने की स्थिति में भी नहीं दिखी। श्रीलंका ने पावर प्ले में दो विकेट खोकर 41 रन बनाए। क्रांति गौड़ के पहले ही ओवर में श्रेयंका पाटिल ने इमेशा दुलानी का आसान कैच टपकाया। कप्तान चामरी अटापट्टू ने नंदनी शर्मा पर दो चौके जड़े लेकिन शेफाली ने तीसरे ओवर में इमेशा (03) को ऋचा के हाथों स्टंप करा दिया। चामरी ने क्रांति पर भी दो चौके मारे लेकिन शेफाली ने हसिनी परेरा (00) को पवेलियन भेजकर श्रीलंका को दूसरा झटका दिया। चामरी भी इसके बाद रन गति बढ़ाने के दबाव में दीप्ति शर्मा की गेंद को हवा में खेलकर भारती फुलमाली को आसान कैच दे बैठीं। श्रेयंका ने हर्षिता समरविक्रम (00) को अपनी ही गेंद पर लपका जबकि श्री चरणी ने हंसिमा करुणारत्ने (01) को भारती के हाथों कैच कराके नौवें ओवर में श्रीलंका का स्कोर पांच विकेट पर 49 रन कर दिया। दीप्ति ने कविशा दिलहारी (11) को अपनी ही गेंद पर लपका जबकि श्री चरणी ने काव्या काविंदी (02) को ऋषा के हाथों कैच कराके श्रीलंका को सातवां झटका दिया। श्रेयंका ने कौशिनी को बोल्ड करके मौजूदा खेलों में भारत के स्वर्ण पदक का खाता खोला। इससे पहले गत चैम्पियन भारत ने टॉस जीतने के बाद पावरप्ले का पूरा फायदा उठाया। स्मृति और शेफाली ने छह ओवर में टीम का स्कोर बिना विकेट खोए 59 रन तक पहुंचाया। एशिया कप से ही शानदार फॉर्म में चल रहीं दोनों सलामी बल्लेबाजों ने 60 गेंद में 99 रन की साझेदारी करके फाइनल में टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। भारत को रोकने के लिए कुछ विशेष करने की जरूरत थी लेकिन श्रीलंकाई टीम की गेंदबाजी में साधारण नजर आई और उसने भारतीय सलामी बल्लेबाजों को अपनी शर्तों पर खेलने दिया। भारत ने अंततः एशियाई खेलों के इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया। शेफाली और स्मृति दोनों ने स्पिनरों की जमकर धुनाई की। स्मृति ने तीसरे ओवर में बाएं हाथ की स्पिनर सुगंधिका कुमारी की लगातार गेंदों पर दो छक्के जड़े। इनमें से पहला बैकफुट से सीधे मैदान के ऊपर से लगाया गया जबकि अगली गेंद पर उन्होंने स्लॉग स्वीप खेलकर गेंद को दर्शकों के बीच पहुंचाया। इसके बाद तेज गेंदबाज मिताली अयोध्या का ओवर और भी महंगा साबित हुआ। स्मृति ने एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से शानदार छक्का जड़कर पारी का अपना तीसरा छक्का लगाया। श्रीलंका की कप्तान चामरी अटापट्टू स्वयं पांचवां ओवर करने आईं और 19 रन लुटा बैठीं जिसमें तीन छक्के शामिल थे। इनमें से दो शेफाली के बल्ले से आए। उन्होंने पहले शॉर्ट गेंद को पुल करके सीमा के पार भेजा और अगली गेंद को मिडऑफ के ऊपर से छह रन के लिए भेजा। तीन गेंद बाद स्मृति ने श्रीलंकाई कप्तान तथा ऑफ स्पिनर की गेंद पर सीधा छक्का जड़ा। स्मृति ने कुल सात छक्के लगाए। एक और अर्धशतक के करीब पहुंच चुकी शेफाली ने बाएं हाथ की स्पिनर चामुडी प्रबोदा की गेंद पर रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश की लेकिन शॉट का सही संपर्क नहीं हुआ और वह कैच आउट हो गईं। भारत के लिए नंबर तीन का स्थान कुछ समय से परेशानी का सबब रहा है। इस मुकाबले में कप्तान हरमनप्रीत कौर (17 गेंद में 19 रन) तीसरे नंबर पर उतरीं और भारत की बढ़त को मजबूत करने की कोशिश की लेकिन एशिया कप के बाद से जारी उनका संघर्ष यहां भी दिखा और वह 15वें ओवर में लॉन्ग ऑफ पर कैच दे बैठीं। स्मृति शानदार शतक की ओर बढ़ रही थीं लेकिन सुगंधिका की गेंद पर एक और स्लॉग स्वीप खेलने की कोशिश में डीप में कैच आउट हो गईं। इसके बाद ऋचा ने डेथ ओवरों में एक और अहम पारी खेलते हुए भारत को 200 रन के पार पहुंचा दिया।
Asian Games फाइनल में Smriti Mandhana और Richa Ghosh की तूफानी बल्लेबाजी, भारत ने बनाए 216 रन
स्मृति मंधाना ने 45 गेंद में 79 रन की शानदार पारी खेली जबकि ऋचा घोष (22 गेंद में नाबाद 49 रन) ने डेथ ओवरों में तूफानी बल्लेबाजी की जिससे भारत ने मंगलवार को यहां एशियाई खेलों में महिला टी20 क्रिकेट के स्वर्ण पदक मुकाबले में श्रीलंका के खिलाफ तीन विकेट पर 216 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। गत चैम्पियन भारत ने टॉस जीतने के बाद पावरप्ले का पूरा फायदा उठाया। स्मृति (79 रन, 45 गेंद) और शेफाली वर्मा (48 रन, 29 गेंद) ने छह ओवर में टीम का स्कोर बिना विकेट खोए 59 रन तक पहुंचाया। एशिया कप से ही शानदार फॉर्म में चल रहीं दोनों सलामी बल्लेबाजों ने 60 गेंद में 99 रन की साझेदारी करके फाइनल में टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। भारत को रोकने के लिए कुछ विशेष करने की जरूरत थी लेकिन श्रीलंकाई टीम की गेंदबाजी में साधारण नजर आई और उसने भारतीय सलामी बल्लेबाजों को अपनी शर्तों पर खेलने दिया। भारत ने अंततः एशियाई खेलों के इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया। शेफाली और स्मृति दोनों ने स्पिनरों की जमकर धुनाई की। स्मृति ने तीसरे ओवर में बाएं हाथ की स्पिनर सुगंधिका कुमारी की लगातार गेंदों पर दो छक्के जड़े। इनमें से पहला बैकफुट से सीधे मैदान के ऊपर से लगाया गया जबकि अगली गेंद पर उन्होंने स्लॉग स्वीप खेलकर गेंद को दर्शकों के बीच पहुंचाया। इसके बाद तेज गेंदबाज मिताली अयोध्या का ओवर और भी महंगा साबित हुआ। स्मृति ने एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से शानदार छक्का जड़कर पारी का अपना तीसरा छक्का लगाया। श्रीलंका की कप्तान चामरी अटापट्टू स्वयं पांचवां ओवर करने आईं और 19 रन लुटा बैठीं जिसमें तीन छक्के शामिल थे। इनमें से दो शेफाली के बल्ले से आए। उन्होंने पहले शॉर्ट गेंद को पुल करके सीमा के पार भेजा और अगली गेंद को मिडऑफ के ऊपर से छह रन के लिए भेजा। तीन गेंद बाद स्मृति ने श्रीलंकाई कप्तान तथा ऑफ स्पिनर की गेंद पर सीधा छक्का जड़ा। स्मृति ने कुल सात छक्के लगाए। एक और अर्धशतक के करीब पहुंच चुकी शेफाली ने बाएं हाथ की स्पिनर चामुडी प्रबोदा की गेंद पर रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश की लेकिन शॉट का सही संपर्क नहीं हुआ और वह कैच आउट हो गईं। भारत के लिए नंबर तीन का स्थान कुछ समय से परेशानी का सबब रहा है। इस मुकाबले में कप्तान हरमनप्रीत कौर (17 गेंद में 19 रन) तीसरे नंबर पर उतरीं और भारत की बढ़त को मजबूत करने की कोशिश की लेकिन एशिया कप के बाद से जारी उनका संघर्ष यहां भी दिखा और वह 15वें ओवर में लॉन्ग ऑफ पर कैच दे बैठीं। स्मृति शानदार शतक की ओर बढ़ रही थीं लेकिन सुगंधिका की गेंद पर एक और स्लॉग स्वीप खेलने की कोशिश में डीप में कैच आउट हो गईं। इसके बाद ऋचा ने डेथ ओवरों में एक और अहम पारी खेलते हुए भारत को 200 रन के पार पहुंचा दिया।
Shafali Verma Record: विमेंस एशियन गेम्स 2026 का फाइनल (Women's Asian Games 2026) भा रत और श्रीलंका (IND-W vs SL-W) के बीच मंगलवार, 22 सितंबर को कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क, निसिन में खेला जा रहा है। गौरतलब है कि इस मुकाबले में भारतीय टीम की सलामी बल्लेबाज़ शेफाली वर्मा (Shafali Verma) ने 29 गेंदों पर 48 रनों की पारी खेलकर इतिहास रचा है। तोड़ा लौरा वोलवार्ड का महारिकॉर्ड: शेफाली वर्मा ने विमेंस एशियन कप के फाइनल में श्रीलंका के सामने 29 गेंदों पर 3 चौके 3 छक्के लगाकर 48 रन बनाए और टीम इंडिया को तूफानी शुरुआत दिलाई। खास बात ये है कि इसी के साथ शेफाली वर्मा ने साल 2026 में अपने 863 T20I रन पूरे किए और वो एक कलैंडर ईयर में विमेंस टी20 इंटरनेशनल में सर्वाधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी बन गईं। उन्होंने साउथ अफ्रीका की मौजूदा कैप्टन और दिग्गज बल्लेबाज़ लौरा वोलवार्ड को पछाड़कर ये रिकॉर्ड बनाया है। गौरतलब है कि लौरा भी साल 2026 में शानदार फॉर्म में दिखी हैं और अब तक 24 टी20 इंटरनेशनल खेलकर 824 रन बना चुकीं हैं। Women’s T20I में एक कैलेंडर ईयर में सर्वाधिक रन 863 रन – शेफाली वर्मा (भारत महिला), 2026 824 रन – लौरा वोलवार्ड(साउथअफ्रीका महिला), 2026 800 रन – नताशा माइल्स (हांगकांग महिला), 2026 779 रन – ईशा ओजा (यूएई महिला), 2025 779 रन – यास्मिन दासवानी (हांगकांग महिला), 2026 मैच का हाल: विमेंस एशियन गेम्स के फाइनल में टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी चुनी थी जिसके बाद उन्होंने अपनी पारी के 20 ओवर में 3 विकेट खोकर 216 रन स्कोर बोर्ड पर टांगे। उनके लिए स्मृति मंधाना (45 गेंदों पर 79 रन), ऋचा घोष (22 गेंदों पर नाबाद 49 रन) और शेफाली वर्मा (22 गेंदों पर 48 रन) ने शानदार पारी खेली। कुल मिलाकर अब टीम इंडिया को गोल्ड मेडल जीतने के लिए श्रीलंका के खिलाफ 216 रन डिफेंड करने हैं। खबर लिखे जाने तक श्रीलंकन टीम 3 ओवर में 1 विकेट खोकर 22 रन बना चुकी है। ऐसी है दोनों टीमें भारत महिला (प्लेइंग इलेवन): स्मृति मंधाना, शैफाली वर्मा, गुनालन कमलिनी, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), ऋचा घोष (विकेटकीपर), भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, श्रेयंका पाटिल, श्री चरणी, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़। Also Read: LIVE Cricket Score श्रीलंका महिला (प्लेइंग इलेवन): इमेशा दुलानी, चमारी अटापट्टू (कप्तान), हसिनी परेरा, हर्षिता समरविक्रमा, कविशा दिलहारी, हंसिमा करुणारत्ने, कौशानी नुथ्यांगना (विकेटकीपर), मिथाली अयोध्या, काव्या कविंदी, चमुदी प्रबोधा, सुगंधिका कुमारी।
Asian Games में Japan से 1-3 से हारी भारतीय महिला Badminton टीम, पदक की दौड़ से बाहर
विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी ने शानदार खेल दिखाया लेकिन एकल खिलाड़ियों के निराशाजनक प्रदर्शन के कारण भारतीय महिला बैडमिंटन टीम मंगलवार को यहां क्वार्टर फाइनल में जापान से 1-3 से हारकर एशियाई खेलों से बाहर हो गई। भारत की तरफ से दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने मुकाबले की शुरुआत की। उन्होंने विश्व में तीसरे नंबर की खिलाड़ी अकाने यामागुची के सामने कड़ी चुनौती पेश की लेकिन निर्णायक गेम में उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और वह आखिर में 23-21, 18-21, 6-21 से हार गईं। उन्नाति हुड्डा इसके बाद 2022 की विश्व जूनियर चैंपियन और विश्व में सातवें नंबर की खिलाड़ी टोमोका मियाजाकी से 16-21, 18-21 से हार गईं, जिससे जापान 2-0 से आगे हो गया। नयी दिल्ली में हाल ही में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली त्रीसा और गायत्री ने पहले युगल मैच में युकी फुकुशिमा और मायु मात्सुमोतो को 21-17, 21-16 से हराकर भारत को मुकाबले में बनाए रखा। लेकिन युवा शटलर तन्वी शर्मा तीसरे एकल मुकाबले में पूर्व विश्व चैंपियन नोजोमी ओकुहारा से 12-21, 10-21 से हार गईं और इस तरह से जापान ने 3-1 से जीत हासिल कर ली। सिंधू ने यामागुची के खिलाफ पहले गेम में 13-17 से वापसी करते हुए 23-21 से जीत हासिल की। इसके बाद वह अच्छी स्थिति में दिख रही थीं। दूसरे गेम में इंटरवल तक यामागुची दो अंकों की बढ़त बनाए हुए थीं। सिंधू ने 12-17 से पिछड़ने के बाद वापसी की कोशिश की, लेकिन जापानी खिलाड़ी ने संयम बनाए रखते हुए दूसरा गेम 21-18 से जीत लिया। निर्णायक गेम में सिंधू किसी भी समय लय में नहीं दिखी और जल्द ही 6-14 से पीछे हो गईं। यामागुची ने 10 मैच प्वाइंट हासिल किए और एक सटीक रिटर्न शॉट से मैच जीत लिया।
पश्चिम एशियाई देशों के छात्रों के लिए सीबीएसई विशेष परीक्षा 2026 की एलओसी भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। छात्र 22 से LOC भर सकते हैं और एक या अधिक विषय चुन सकते हैं।
Asian Games 2026 Medal Tally: भारत को पहले गोल्ड का इंतजार, महिला क्रिकेट टीम पर टिकी नजर; जानें पदक तालिका
Asian Games 2026 Final: भारत ने श्रीलंका के खिलाफ टॉस जीतकर चुनी बैटिंग, गोल्ड पर नजर; जानें दोनों टीमों की प्लेइंग-11
Asian Games: 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम में चूकी भारतीय जोड़ी, चौथे नंबर पर रहे
भारतीय निशानेबाज इलावेनिल वलारिवन और पार्थ माने की जोड़ी मंगलवार को यहां एशियाई खेलों की 10 मीटर एयर राइफल मिश्रित टीम स्पर्धा के फाइनल में क्वालीफिकेशन की शानदार लय को बरकरार नहीं रख सकी और चौथे स्थान पर रही। इलावेनिल और पार्थ इससे पहले अपनी टीम स्पर्धाओं में रजत पदक जीत चुके थे लेकिन मिश्रित फाइनल में चीन, दक्षिण कोरिया और जापान की जोड़ियों को चुनौती पेश नहीं कर सके। भारतीय जोड़ी पूरे फाइनल के दौरान पिछड़ती रही और अंतत: 376.3 अंक के साथ पदक की दौड़ से बाहर हो गई। चीन की वांग झिफेई और शेंग लिहाओ की जोड़ी ने 507.1 अंक के विश्व रिकॉर्ड स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता। दक्षिण कोरिया की बान ह्योजिन और पार्क हाजुन ने 502.9 अंक के साथ रजत पदक हासिल किया जबकि जापान के नाओकी हानाकावा और मिसाकिया नोबाटा ने 439.7 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। क्वालीफिकेशन में चौथे स्थान पर रहे वियतनाम को अयोग्य घोषित कर दिया गया। इलावेनिल व्यक्तिगत और महिला टीम स्पर्धाओं में अपने प्रदर्शन जैसी निरंतरता नहीं दिखा सकीं। उन्होंने इन दोनों स्पर्धाओं में रजत पदक जीते थे। भारत ने पहली सीरीज में 103.6 अंक हासिल किए और दूसरी सीरीज में अपना कुल स्कोर बढ़ाकर 207.9 कर लिया। तीसरी सीरीज के अंत में उसका स्कोर 312.3 था जबकि 15 शॉट के बाद दक्षिण कोरिया के 314.3 अंक थे। 18वें शॉट के बाद भारत पदक की दौड़ से बाहर हो गया। इलावेनिल और पार्थ ने 634.6 अंक के स्कोर से क्वालीफिकेशन में दूसरे स्थान पर रहते हुए फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। वांग और शेंग की जोड़ी 638.9 अंक के साथ क्वालीफिकेशन में शीर्ष पर रही। यह क्वालीफिकेशन में विश्व रिकॉर्ड स्कोर है। ह्योजिन और हाजुन 633.2 अंक के साथ क्वालीफिकेशन में तीसरे स्थान पर रहे। वियतनाम की थान थाओ फी और टैम क्वांग एनगुयेन ने 631 अंक के साथ चौथा स्थान हासिल किया था लेकिन बाद में डिस्क्वालीफाई हो गए। इलावेनिल और पार्थ इससे पहले मौजूदा एशियाई खेलों में क्रमश: भारतीय पुरुष और महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम का हिस्सा रहे थे जिन्होंने रजत पदक जीते थे। इलावेनिल ने महिला 10 मीटर एयर राइफल में भी रजत पदक अपने नाम किया था।
Asian Games में भारतीय पुरुष Kabaddi टीम का दबदबा, दक्षिण कोरिया को 63-31 से हराया
गत चैम्पियन भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने मंगलवार को यहां एशियाई खेलों के ग्रुप ए के मुकाबले में दक्षिण कोरिया को 63-31 से करारी शिकस्त देकर अपना दबदबा कायम रखा। यह भारत की लगातार दूसरी जीत है और टीम ग्रुप ए में शीर्ष पर बनी हुई है। भारत अब बुधवार को बांग्लादेश से भिड़ेगा जबकि ग्रुप ए के अपने अंतिम मुकाबले में बृहस्पतिवार को चीनी ताइपे का सामना करेगा। भारत ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और मध्यांतर तक 34-14 की बढ़त हासिल कर ली। दूसरे हाफ में भी भारत ने 29-17 से बढ़त बनाते हुए मैच अपने नाम किया। भारत ने सफल रेड से 38 अंक, 17 बोनस अंक, ऑलआउट से छह अंक और सुपर टैकल से दो अंक हासिल किए। कोरिया ने भारतीय खिलाड़ियों को आउट करके 23 अंक और बोनस से आठ अंक जुटाए। भारत ने खिताब की रक्षा के अपने अभियान की शुरुआत मेजबान जापान के खिलाफ 49-24 की शानदार जीत के साथ की थी। भारतीय महिला टीम बुधवार को ग्रुप ए के अपने दूसरे मुकाबले में ईरान का सामना करेगी। उसने सोमवार को अपने पहले मैच में बांग्लादेश को हराया था।
Women's Asian Games 2026: फातिमा सना चमकी, पाकिस्तानी टीम ने बांग्लादेश को हराकर जीता Bronze Medal
पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीत लिया है। कांस्य पदक के लिए हुए मुकाबले में पाकिस्तान ने बांग्लादेश को 31 रन से हराया। कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए मुकाबले में पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। पाकिस्तान ने 20 ओवर में 8 विकेट पर 145 रन बनाए थे। कप्तान फातिमा सना ने सर्वाधिक 45 रन की पारी खेली। 30 गेंदों की अपनी पारी में फातिमा ने 3 छक्के और 3 चौके लगाए। इसके अलावा, गुल फिरोजा ने 23 गेंदों पर 31, आलिया रियाज ने 22 गेंदों पर 25 रन की पारी खेली, और शावाल जुल्फिकार ने 17 रन बनाए। बांग्लादेश के लिए नाहिदा अख्तर, शोरना अख्तर और औप रितू मोनी ने 2-2 विकेट लिए। संजीदा को 1 विकेट मिला। 146 रन का लक्ष्य हासिल करने उतरी बांग्लादेश की टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर 114 रन बना सकी और 31 रन से मैच हार गई। इस हार के साथ ही बांग्लादेश कांस्य पदक जीतने का मौका चूक गई। बांग्लादेश के लिए शरमीन अख्तर सबसे सफल बल्लेबाज रहीं। उन्होंने 45 गेंदों पर 4 चौकों की मदद से 46 रन की नाबाद पारी खेली, लेकिन उनकी पारी टीम के काम नहीं आई। कप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज निगार सुल्ताना ने 25 रन बनाए। दिलारा अख्तर ने 12 और नाहिदा अख्तर ने 10 रन बनाए। इसके अलावा कोई भी बल्लेबाज 2 अंकों में नहीं पहुंच सकीं। 146 रन का लक्ष्य हासिल करने उतरी बांग्लादेश की टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर 114 रन बना सकी और 31 रन से मैच हार गई। इस हार के साथ ही बांग्लादेश कांस्य पदक जीतने का मौका चूक गई। Also Read: LIVE Cricket Score एशियन कप में पाकिस्तान का प्रदर्शन बहुत ही निराशाजनक रहा था। ऐसे में एशियन गेम्स में कांस्य पदक निश्चित रूप से टीम के आत्मनिश्वास को बढ़ावा देगा। Article Source: IANS
वुशु खिलाड़ी आर्यन ने एशियाई खेलों के 56 किलोग्राम सांडा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में अफगानिस्तान के शाहजादा सफी को हराकर पदक की उम्मीदें जगाई हैं।
Asian Games 2026: यूपी के 24 खिलाड़ी दिखाएंगे दमखम, इस बार नए रिकॉर्ड बनाने की उम्मीद
आईची-नागोया में एशियाई खेलों में उत्तर प्रदेश के लगभग दो दर्जन खिलाड़ी पिछले रिकॉर्ड को तोड़ने की उम्मीद के साथ पहुंचे हैं।
Jammu News: एशियाई खेलों में जम्मू-कश्मीर के दो फेंसिंग सितारे दिखाएंगे हुनर
एशियाई खेलों में जम्मू-कश्मीर केदो फेंसिंग सितारे दिखाएंगे हुनर
वाराणसी के दुर्गाकुंड क्षेत्र के मानस नगर एक्सटेंशन निवासी सुमेधा ने इसी सप्ताह कोरिया में आयोजित 10 मीटर पिस्टल की टीम स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया है।
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई?
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई? Rahul Gandhi Anwar Ibrahim Meeting को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को मलेशिया के प्रधानमं
गन्तव्य देशों के हालात खराब होने से दक्षिण एशियाई प्रवासन में कमी
आशीष विश्वास अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है। हाल के दिनों में अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व में दक्षिण एशियाई लोगों के लिए प्रवासन और वहां जाकर नौकरी पाना मुश्किल होता जा रहा है, जो बड़े झगड़ों और लगातार सामाजिक उथल-पुथल और अशांति का सीधा नतीजा है। इस इलाके के बड़े देशों की तरह, भारत और बांग्लादेश पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। लंबे समय में दोनों देशों के सामने दोहरी चुनौती है: घरेलू श्रम बाजार में नौकरी के लिए बेचैनी और बढ़ जाएगी, क्योंकि वे बड़ी आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। साथ ही प्रवासी कामगारों द्वारा घर भेजे जाने वाली बड़ी राशि (रेमिटेंस) से होने वाली अच्छी-खासी आय भी समय के साथ कम हो जाएगी। खबरें हैं कि कम से कम 1500 और भारतीयों को अल्पावधि में अमेरिका से वापस भेजा जा रहा है और केनडा में भी हालात बेहतर नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि नौकरी के मौके कम हो रहे हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टियों पर गैर-कानूनी प्रवासन को बढ़ावा देने का आरोप लगता है। आरोप है कि पहले से ही स्थानीय संस्कृति के कमज़ोर होने और गंभीर सुरक्षा चिंताओं जैसी स्थानीय समस्याएं हैं। ज़्यादातर हाथ से काम करने वाले अस्थायी कामों में लगे, हज़ारों प्रवासी ऐसे कमज़ोर लक्ष्य बन गए हैं जिन्हें तुरंत और बिना किसी औपचारिकता के वापस भेजा जा सकता है। यह विकसित देशों में अपनी मौजूदा समस्याओं के समाधान के लिए शासन और नीतिगत कदमों का नतीजा है। यूनाइटेड किंगडम से लेकर अमेरिका तक, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों और प्रवासियों के लिए वीज़ा मिलना नए कड़े कानूनों से प्रभावित हुआ है, पढ़ाई की फीस बहुत ज़्यादा बढ़ा दी गई है और कानूनी तौर पर स्थायी रूप से रहने का अधिकार कम कर दिया गया है। प्रवासियों के खिलाफ नकारात्मक रूझान सिर्फ़ पश्चिमी देशों तक ही सीमित नहीं है। दिसंबर 2025 तक, सऊदी अरब से किसी न किसी वजह से करीब 11,000 से ज़्यादा भारतीयों को वापस उनके अपने देशों में भेजा जा चुका था, जो एक रिकॉर्ड है। अमेरिका ने उसी समय तक करीब 3800 भारतीयों को वापस भेजा था। साफ़ है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कही गई अच्छी दोस्ती का अमेरिका-भारत के आपसी रिश्तों के सभी मामलों में कोई खास फ़र्क नहीं पड़ा। दिलचस्प बात यह है कि म्यांमार ने करीब 1600 'गैर-कानूनीÓ रूप से वहां रह रहे भारतीयों को वापस भेजा, जबकि मलेशिया और यूएई ने 2025 में करीब 1600 लोगों को वापस भेजा। भारत सरकार और अन्य स्रोतों का दावा है कि कई भारतीय अपनी मज़ीर् से भी अपने गोद लिए हुए देशों को छोड़ रहे हैं। इसकी वजहें हैं बेकाबू महंगाई, जिससे रहने का खर्च बढ़ रहा है, मुश्किल समय में काम का बोझ बढ़ रहा है, अधिकारियों की तरफ़ से बढ़ती परेशानी और घर पैसे भेजने में भारी कमी का आना। इसका मतलब यह नहीं है कि वे भारत के बाहर मौके नहीं देख रहे हैं। दुबई एक पसंदीदा नई जगह है। केनडा से 2025 में लगभग 2830 भारतीय लौटे, जबकि पिछले साल यह संख्या 2000 थी। कुछ मामलों में केनाडाई अधिकारियों के तरीकों पर शक जताते हुए, भारत सरकार ने प्रवासियों को वापस भेजने के दौरान अपनाए गए तरीकों पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें वापस भेजे गए लोगों को वापस आने के दौरान कोई सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। यहां तक कि हमेशा मूलभूत मानवीय सुविधाएं भी नहीं दी जाती हैं, हालांकि लौटने वाला हर कोई घोषित अपराधी नहीं होता है। पड़ोसी बांग्लादेश की बात करें तो, इज़रायली हमलों के जारी रहने के कारण लेबनान में कम से कम 5000 लोगों की नौकरी चली गई। कम से कम 200 लोग स्वयं वापस चले गए क्योंकि प्रवासियों को जानलेवा काम के हालात में धकेला जा रहा था। यह स्थानीय श्रम कानूनों और नौकरी की शर्तों का खुला उल्लंघन था। साथ ही 'आपातकाल' के नाम पर अक्सर वेतन में कटौती भी की जाती थी। मध्य पूर्व में प्रवासी संगठनों के एच आर ग्रुपों और प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि लेबनान और आस-पास के इलाकों में 11 बांग्लादेशी कामगार मारे गए, जबकि कई घायल हुए, जिन पर स्थानीय अधिकारियों ने बहुत कम ध्यान दिया। अप्रशिक्षित कामगारों को सहयोगी, रेस्क्यू स्टाफ और दूसरे कामों के तौर पर समुद्री झड़पों में भी हिस्सा लेने के लिए मजबूर किया गया था। ऐसा लगता है कि ऐसे मामलों में कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं थी। सिर्फ़ एक मामले में फिलिपिनो कामगार के एक ग्रुप ने ऐसे आदेश मानने से मना कर दिया था। एचआर ग्रुपों का आरोप है कि कई बमबारी और मिसाइलों और ड्रोन हमलों के खतरनाक आदान-प्रदान के दौरान मरने वाले ज़्यादातर पीड़ित आर्थिक रूप से कमज़ोर प्रवासी कामगारों के असुरक्षित ग्रुप से थे। अलग-अलग अन्तरराष्ट्रीय प्राधिकारी, देश के प्रमुखों, संयुक्त और दूसरी संस्थाओं से बार-बार गुहार लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला। कामगारों के लिए एक और चिंता यह थी कि क्या प्रवासियों को रखने वाले देश उनके ज़िंदा रहते हुए उनकी बुरी हालत के प्रति लगभग पूरी तरह से बेपरवाह होने के मद्देनजर उनके बकाए का इंतज़ाम भी करेंगे। ऐसे डर से इन्कार नहीं किया जा सकता। न सिफ़र् आपूर्तिकर्ता देश को कानूनी तौर पर मिलने वाले पैसे के सवाल पर नुकसान होगा, बल्कि घर पर पीड़ितों के परिवारों को भी बहुत ज़्यादा तकलीफ़ होगी। कई परिवार विदेश में नौकरी करके पैसे कमाने के लिए किसी सदस्य को भेजने और सक्षम बनाने हेतु भारी-भरकम कर्ज भी लेते हैं।
Asia: एशिया में बदल रहा शक्ति संतुलन, क्या अमेरिका के भरोसे से आगे बढ़कर अपनी सुरक्षा संभालेंगे भारत जैसे देश?
मनोरंजन जगत से सामने आई बेहद दुखद खबर! Asia की सबसे बड़ी फिल्म सिटीके संस्थापकRamoji Rao का हुआ निधन
Cannes Film Festival 2024 : सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बनें संतोष सिवन
Cannes Film Festival 2024: बॉलीवुड के जानेमाने फिल्म सिनेमैटोग्राफर और निर्देशक कान फिल्म फेस्टिवल में सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बन गए हैं। संतोष सिवन को 77वें कान फिल्म फेस्टिवल 2024 में 'सिनेमैटोग्राफी' में प्रतिष्ठित ...

