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Global Market Update: एशियाई बाजारों में भारी गिरावट, सैमसंग के रिकॉर्ड मुनाफे के बाद भी क्यों टूटे टेक्नोलॉजी स्टॉक्स?

ग्लोबल स्टॉक मार्केट से आज कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं। टेक्नोलॉजी स्टॉक्स (Tech Stocks) में बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली और बिकवाली के चलते आज एशियाई बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा असर दक्षिण कोरिया के बाजार पर देखने को मिला है। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने अपने तिमाही मुनाफे में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है, लेकिन फिर भी निवेशक एआई (AI) रैली के ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।सैमसंग के रिकॉर्ड मुनाफे के बावजूद कोस्पी 4% टूटाएशियाई बाजारों में आज दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क इंडेक्स कोस्पी (KOSPI) करीब 4% तक टूट गया। वहीं, स्मॉल-कैप इंडेक्स कोस्डैक (Kosdaq) में भी 0.72% की गिरावट देखी गई। टेक जायंट सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर तिमाही ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 19 गुना की भारी बढ़ोतरी की रिपोर्ट के बाद भी 5% से ज्यादा फिसल गए। दरअसल, मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इतनी शानदार ग्रोथ के बावजूद यह नतीजा बेहद ऊंची बाजार उम्मीदों से थोड़ा पीछे रह गया। इसके अलावा, एसके हाइनिक्स (SK Hynix) के शेयर भी 1% से ज्यादा गिरे हैं, जिसने हाल ही में अपनी अमेरिकी लिस्टिंग के लिए आधिकारिक प्रक्रिया शुरू की है।जापान और ऑस्ट्रेलिया के बाजारों का हालजापान के शेयर बाजार में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। निक्केई 225 (Nikkei 225) मामूली गिरावट के साथ ट्रेड करता नजर आया, जबकि व्यापक टॉपिक्स (Topix) इंडेक्स में 0.60% की बढ़त दर्ज की गई। उधर, ऑस्ट्रेलिया का बेंचमार्क इंडेक्स S&P/ASX 200 भी आज 0.12% की कमजोरी के साथ बंद हुआ। हॉन्गकॉन्ग के हैंगसेंग इंडेक्स (Hang Seng Index) का फ्यूचर्स 23,571 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो इसके पिछले क्लोजिंग स्तर 23,616.32 से नीचे है।कच्चे तेल में नरमी और जापानी येन की स्थितिकमोडिटी मार्केट की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल की कीमतें $69 प्रति बैरल से नीचे आ गई हैं। बाजार में कच्चे तेल की ओवरसप्लाई बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं, क्योंकि सऊदी अरब ने हाल ही में तेल की कीमतों में कटौती की है। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते शिपिंग गतिविधियों में सुधार होने से भी सप्लाई की चिंता कम हुई है। दूसरी ओर, फॉरेक्स मार्केट में जापानी येन डॉलर के मुकाबले 162.08 के स्तर पर बना हुआ है, जो कि करीब चार दशकों का सबसे निचला स्तर है।अमेरिकी शेयर बाजार में दिखी थी तेजीएशियाई बाजारों के विपरीत, अमेरिकी शेयर बाजार सोमवार को मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए थे। यूएस मार्केट्स में ब्रॉडकॉम जैसी बड़ी चिपमेकर कंपनियों में तेजी के कारण रौनक रही, क्योंकि निवेशकों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों पर अपना भरोसा बनाए रखा है। S&P 500 इंडेक्स 0.72% बढ़कर 7,537.43 पर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 1.12% की उछाल के साथ 26,121.16 पर रहा। इसके अलावा, डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.29% की बढ़त के साथ 53,055.91 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ था। अमेरिका में शॉर्ट-टर्म ट्रेजरी बॉन्ड्स में भी तेजी देखी गई, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि फेडरल रिजर्व आने वाले समय में ब्याज दरों में बढ़ोतरी से बच सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 8:28 am

क्या सच में 'चीन का पिछलग्गू' बन चुका है पाकिस्तान? अमेरिकी रिपोर्ट और वैश्विक मंच पर बदलती पहचान की इनसाइड स्टोरी

वैश्विक कूटनीति के मंच से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। एक समय पर आतंकवाद और अपनी रणनीतिक स्थिति के दम पर अमेरिका से भारी फंड वसूलने वाले पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय साख अब पूरी तरह खत्म होने के कगार पर पहुंच गई है। वाशिंगटन और बीजिंग के बीच चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के बीच अब सुपरपावर अमेरिका ने भी मान लिया है कि इस्लामाबाद पूरी तरह से चीनी इशारों पर नाचने को मजबूर है। विशेषज्ञों का कहना है कि बीजिंग के भारी-भरकम कर्ज के जाल में फंसकर पाकिस्तान अब एक स्वतंत्र देश के बजाय सिर्फ चीन के रणनीतिक हितों को साधने वाला जरिया बनकर रह गया है।ड्रैगन के 'कर्ज जाल' में दफन हुई संप्रभुता और आर्थिक आजादीपाकिस्तान की मौजूदा आर्थिक बदहाली किसी से छिपी नहीं है। देश को दिवालिया होने से बचाने के लिए शहबाज शरीफ सरकार लगातार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और दोस्त देशों के सामने हाथ फैला रही है। लेकिन इस कहानी का सबसे स्याह पहलू चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) है। इस प्रोजेक्ट के नाम पर बीजिंग ने इस्लामाबाद पर अरबों डॉलर का ऐसा कर्ज लाद दिया है, जिसे चुका पाना अब उसके बस की बात नहीं है। इसके एवज में चीन अब पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट से लेकर उसके आंतरिक नीतिगत फैसलों तक को नियंत्रित कर रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर उसकी पहचान एक संप्रभु राष्ट्र के बजाय चीन के आर्थिक गुलाम जैसी हो गई है।वाशिंगटन का बड़ा दावा और भारत समेत दक्षिण एशिया पर इसका सीधा असरअमेरिकी विदेश मंत्रालय और थिंक-टैंक की ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान अब चाहकर भी चीन के प्रभाव से बाहर नहीं निकल सकता। संयुक्त राष्ट्र (UN) से लेकर तमाम अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान अब वही भाषा बोलता है जो बीजिंग उसे सिखाता है। अमेरिका का मानना है कि यह स्थिति न केवल भारत के लिए बल्कि पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र (South Asia Security) की स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा है। नई दिल्ली इस स्थिति पर लगातार कड़ी नजर बनाए हुए है, क्योंकि चीन अब पाकिस्तान की धरती और उसकी सेना का इस्तेमाल भारत को दोनों मोर्चों पर घेरने (Two-Front Threat) के लिए और अधिक आक्रामक तरीके से कर सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Jul 2026 3:32 pm

मनोरंजन जगत से सामने आई बेहद दुखद खबर! Asia की सबसे बड़ी फिल्म सिटी के संस्थापक Ramoji Rao का हुआ निधन

मनोरंजन जगत से सामने आई बेहद दुखद खबर! Asia की सबसे बड़ी फिल्म सिटीके संस्थापकRamoji Rao का हुआ निधन

समाचार नामा 8 Jun 2024 8:15 am

Cannes Film Festival 2024 : सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बनें संतोष सिवन

Cannes Film Festival 2024: बॉलीवुड के जानेमाने फिल्म सिनेमैटोग्राफर और निर्देशक कान फिल्म फेस्टिवल में सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बन गए हैं। संतोष सिवन को 77वें कान फिल्म फेस्टिवल 2024 में 'सिनेमैटोग्राफी' में प्रतिष्ठित ...

वेब दुनिया 26 May 2024 2:39 pm