Asian Games में पदक जीतने वाले भारतीय एथलीटों को PM Narendra Modi ने सराहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जापान के नागोया में एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों को बधाई दी। इनमें रजत पदक विजेता एंसी सोजन, अनाहत सिंह और अभय सिंह शामिल हैं। एंसी ने महिलाओं की लंबी कूद में रजत पदक जीता जबकि हरिता भद्रा ने महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में कांस्य पदक अपने नाम किया। अनाहत और अभय ने क्रमश: महिला और पुरुष एकल स्क्वाश में रजत पदक जीते। सर्वेश कुशारे ने पुरुषों की ऊंची कूद में रजत जबकि तेजस्विन शंकर ने पुरुषों की डेकाथलन में कांस्य पदक जीता। एंसी के प्रदर्शन की सराहना करते हुए मोदी ने कहा कि उनके ‘मजबूत और जुझारू प्रदर्शन’ से देश को बेहद खुशी हुई है। मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘एशियाई खेलों में महिलाओं की लंबी कूद में रजत पदक जीतने पर एंसी सोजन को बधाई! उनका मजबूत और जुझारू प्रदर्शन देश के लिए बेहद खुशी लेकर आया है। वह आने वाले समय में भी इसी तरह बड़ी सफलताएं हासिल करती रहें।’’प्रधानमंत्री ने महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतने पर भद्रा को भी बधाई दी और कहा कि उनकी उपलब्धि पर भारत को गर्व है। उन्होंने कहा, ‘‘एशियाई खेलों में महिलाओं की 200 मीटर में हरिता भद्रा का शानदार कांस्य! अपने पहले एशियाई खेलों में हिस्सा लेते हुए उन्होंने आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ दौड़ लगाई और पोडियम पर स्थान हासिल किया। इस शानदार उपलब्धि के लिए उन्हें बधाई। भारत को उन पर गर्व है।’’प्रधानमंत्री ने अनाहत और अभय की भी सराहना की। मोदी ने अभय को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘एशियाई खेलों में पुरुष एकल स्क्वाश में रजत पदक जीतने पर अभय सिंह को बधाई! उनके कौशल और दृढ़ संकल्प ने भारत को गौरवान्वित किया है। यह उपलब्धि वर्षों से की गई उनकी कड़ी मेहनत को दर्शाती है। आगे के सफर के लिए उन्हें शुभकामनाएं।’’युवा खिलाड़ी अनाहत के बारे में प्रधानमंत्री ने पोस्ट किया, ‘‘अनाहत का शानदार रजत! एशियाई खेलों में महिला एकल स्क्वाश में उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। उन्होंने जबरदस्त कौशल का प्रदर्शन किया, खासकर कुछ बेहतरीन खिलाड़ियों के खिलाफ मुकाबले में। वह नई ऊंचाइयां हासिल करती रहें और भारत के लिए कई और गौरव हासिल करें।’’प्रधानमंत्री मोदी ने कुशारे और महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज में कांस्य पदक जीतने वाली पारुल चौधरी की भी सराहना की। मोदी ने कुशारे के बारे में कहा, ‘‘एशियाई खेलों में पुरुषों की ऊंची कूद में सर्वेश कुशारे का ऐतिहासिक रजत! शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने इस स्पर्धा में भारत के पांच दशक लंबे पदक के इंतजार को खत्म किया है। यह दृढ़ता और संकल्प से हासिल की गई बेहद यादगार उपलब्धि है।’’पारुल चौधरी के लिए उन्होंने कहा, ‘‘एशियाई खेलों में महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज में कांस्य पदक जीतने के लिए पारुल चौधरी का शानदार प्रदर्शन! उन्होंने अपनी उपलब्धि को और खास बनाते हुए पोडियम तक पहुंचने के दौरान अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उनके समर्पण और दृढ़ता ने भारत को गौरवान्वित किया है। उनके आगे के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।
Asian Games एथलेटिक्स में Sarvesh Kushare और Ancy Sojan को रजत, भारत ने 5 पदक जीते
भारत के सर्वेश कुशारे और एंसी सोजन ने रविवार को यहां एशियाई खेलों में क्रमश: पुरुष ऊंची कूद और महिला लंबी कूद फाइनल में स्वर्ण पदक की उम्मीद जगाईं लेकिन अंत में उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा जिससे देश ने एथलेटिक्स में पांच पदक अपनी झोली में डाले। डेकाथलीट तेजस्विन शंकर, पारुल चौधरी ने महिला 3000 मीटर स्टीपलचेज में और 200 मीटर की धाविका हरिता भद्रा ने कांस्य पदक जीता जिससे मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में भारत के एथलेटिक्स में कुल पदकों की संख्या 13 (छह रजत, सात कांस्य) हो गई। लगातार दूसरे दिन भी रुक-रुक कर बारिश होती रही। प्रतियोगिता खत्म होने में दो दिन बचे हैं लेकिन भारत की 75 सदस्यीय मजबूत एथलेटिक्स टीम को अब भी स्वर्ण की तलाश में है। ट्रैक एवं फील्ड में रविवार को पांच पदक के साथ भारत के कुल 37 पदक हो गए हैं जिसमें चार स्वर्ण, 16 रजत और 17 कांस्य पदक शामिल हैं। महिला लंबी कूद फाइनल में एंसी ने 6.53 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया और दूसरे स्थान पर रहीं। चीन की हुआंग यिंगयिंग ने आखिरी प्रयास में 6.55 मीटर की कूद लगाकर भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया। निराश एंसी ने कहा, ‘‘ दो सेंटीमीटर से चूकने का थोड़ा दुख है। आखिरी क्षण तक मैं स्वर्ण पदक जीतने की दौड़ में थी। लेकिन किस्मत कुछ और थी। आज मेरा दिन नहीं था। एंसी के नाम 6.88 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन एक बात के लिए मैं खुश हूं। यह मेरे दूसरे एशियाई खेल हैं और दोनों में मैं पदक विजेता हूं। यह मेरे लिए अंत नहीं है। मैं और मजबूत होकर वापसी करूंगी। ’’हालांकि एंसी की हमवतन शैली सिंह के लिए महिला लंबी कूद फाइनल में निराशा हाथ लगी। चीन की मेंगयी तान ने 6.46 मीटर की कूद लगाकर भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ दिया जिससे शैली कांस्य पदक से चूक गईं। एंसी ने पांचवें प्रयास में 6.53 मीटर की कूद लगाई थी लेकिन यिंगयिंग ने 6.55 मीटर की कूद के साथ अंतिम प्रयास में उन्हें पीछे छोड़ दिया। शैली का दिन का सर्वश्रेष्ठ प्रयास 6.42 मीटर रहा। सर्वेश स्पर्धा में काफी समय तक शीर्ष पर रहे लेकिन 2.25 मीटर की ऊंचाई को पहली कोशिश में पार नहीं कर पाने के बाद दूसरे स्थान पर खिसक गए। चीनी ताइपे के चाओ शुआन फू ने यह ऊंचाई अपनी पहली कोशिश में पार कर ली। हालांकि कुशारे ने दूसरी कोशिश में 2.25 मीटर की ऊंचाई पार कर ली। उन्होंने कहा, ‘‘यह पदक मेरे लिए बहुत मायने रखता है क्योंकि ऐसे खेल चार साल बाद आते हैं। आप कभी नहीं जानते कि चार साल में क्या होगा। ’’कुशारे चीन में हुए पिछले चरण में चौथे स्थान पर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भी रजत पदक जीता था, इसलिए मैं स्वर्ण जीतना चाहता था लेकिन ऐसा नहीं कर सका। लेकिन मैं संतुष्ट हूं कि पदक आया है। इससे आगे बढ़ने में मेरा आत्मविश्वास बढ़ेगा। ’’डेकाथलीट शंकर ने पिछले चरण में जीते रजत पदक में एक कांस्य पदक और जोड़ दिया। उन्होंने दो दिनों तक चली इस कठिन 10 खेलों की स्पर्धा में 7934 अंक जुटाए। जापान के मारुयामा ने 8123 अंकों के साथ स्वर्ण जीता जबकि चीन के चेन एक्स ने 8012 अंक जुटाकर रजत पदक जीता। शंकर ने कहा, ‘‘यह कांस्य जीतने से ज्यादा रजत हारने जैसा था। ’’उनका राष्ट्रीय रिकॉर्ड 8057 अंकों का है। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इस साल डेकाथलॉन की चार प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है। मैं 30 जनवरी से लगातार यही कर रहा हूं लेकिन किसी को दोष नहीं दे रहा। मुझे यह करना ही था और मुझे वह प्रदर्शन हासिल करना था। ’’पिछले एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली पारुल ने नौ मिनट 8.67 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ लगातार दूसरी बार कांस्य पदक अपने नाम किया। बहरीन की विनफ्रेड यावी ने नौ मिनट 4.36 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि कजाखस्तान की नोराह जेरुतो तनुई ने नौ मिनट 06.82 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक अपने नाम किया। स्पर्धा में हिस्सा लेने वाली एक अन्य भारतीय एथलीट अंकिता नौ मिनट 19.24 सेकेंड के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ चौथे स्थान पर रहीं। इससे पहले भारत की हरिता भद्रा ने महिला 200 मीटर में 23.20 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता। भद्रा तीसरे स्थान पर रहीं। वह जापान की इडो अबिगेइरुफुका से मामूली अंतर से आगे रहीं जिन्होंने 23.21 सेकेंड का समय निकाला। महिला 200 मीटर फाइनल में सिंगापुर की शांति परेरा ने सत्र का सर्वश्रेष्ठ 22.78 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता जबकि चीन की चेन युजी ने 22.93 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। फाइनल में शामिल एक अन्य भारतीय उन्नति अयप्पा बोलैंड 23.48 सेकेंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं। अन्य स्पर्धाओं में लंबी कूद के खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर और डेविड सोलोमन, 400 मीटर बाधा दौड़ के खिलाड़ी संतोष तमिलरसन, विथ्या रामराज और अनु राघवन ने अपनी-अपनी स्पर्धाओं के फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। श्रीशंकर ने 7.84 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर क्वालीफिकेशन में दूसरा स्थान हासिल किया जबकि सोलोमन की 7.62 मीटर की छलांग ने उन्हें सातवें स्थान पर रखा और दोनों ने पुरुषों की लंबी कूद के फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। पुरुषों की 400 मीटर बाधा दौड़ में संतोष ने 49.61 सेकंड के समय के साथ शुरुआती हीट में दूसरा स्थान हासिल कर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। हालांकि दूसरी हीट में प्रतिस्पर्धा कर रहे यशस पलाक्षा ने पहली बाधा पार करने से पहले ही दौड़ रोक दी और दौड़ पूरी नहीं कर सके। दोनों भारतीय महिलाएं अपनी-अपनी हीट में दूसरे स्थान पर रहने के बाद 400 मीटर बाधा दौड़ में स्वतः आगे बढ़ गईं। विथ्या ने 55.73 सेकेंड का समय दर्ज किया जबकि अनु ने 55.84 सेकेंड का समय लिया।
Asian Games: एंसी सोजन और सर्वेश कुशारे को मिला Silver, भारत के नाम 4 पदक
भारत एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने से बेहद मामूली अंतर से चूक गया जब रविवार को यहां एंसी सोजन और सर्वेश कुशारे को अपनी-अपनी फाइनल स्पर्धाओं में लंबे समय तक बढ़त बनाए रखने के बावजूद अंत में रजत पदक से संतोष करना पड़ा। वहीं पारुल चौधरी और हरिता भद्रा ने कांस्य पदक जीतकर ट्रैक एवं फील्ड में भारत के लिए शानदार दिन का अंत किया। महिला लंबी कूद फाइनल में एंसी ने 6.53 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया और दूसरे स्थान पर रहीं। चीन की हुआंग यिंगयिंग ने आखिरी प्रयास में 6.55 मीटर की कूद लगाकर भारतीय खिलाड़ी को सिर्फ दो सेंटीमीटर से पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया। एंसी की हमवतन शैली सिंह के लिए महिला लंबी कूद फाइनल में निराशा हाथ लगी। चीन की मेंगयी तान ने भी अपने अंतिम प्रयास में 6.46 मीटर की कूद लगाकर भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ दिया जिससे शैली कांस्य पदक से चूक गईं। शैली का दिन का सर्वश्रेष्ठ प्रयास 6.42 मीटर रहा। सर्वेश ऊंची कूद स्पर्धा में काफी समय तक शीर्ष पर रहे लेकिन 2.25 मीटर की ऊंचाई को पहली कोशिश में पार नहीं कर पाने के बाद दूसरे स्थान पर खिसक गए। चीनी ताइपे के चाओ शुआन फू ने यह ऊंचाई अपनी पहली कोशिश में पार कर ली और स्वर्ण पदक जीता। हालांकि कुशारे ने दूसरी कोशिश में 2.25 मीटर की ऊंचाई पार कर ली लेकिन उन्हें रज पदक से संतोष करना पड़ा। ट्रैक एवं फील्ड में रविवार को चार पदक के साथ भारत के कुल 37 पदक हो गए हैं जिसमें चार स्वर्ण, 16 रजत और 17 कांस्य पदक शामिल हैं। पिछले एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली पारुल चौधरी ने महिला 3000 मीटर स्टीचलचेज स्पर्धा में नौ मिनट 8.67 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ लगातार दूसरी बार कांस्य पदक अपने नाम किया। बहरीन की विनफ्रेड यावी ने नौ मिनट 4.36 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि कजाखस्तान की नोराह जेरुतो तनुई ने नौ मिनट 06.82 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक अपने नाम किया। इससे पहले भारत की हरिता भद्रा ने महिला 200 मीटर में 23.20 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता। भद्रा तीसरे स्थान पर रहीं। वह जापान की इडो अबिगेइरुफुका से मामूली अंतर से आगे रहीं जिन्होंने 23.21 सेकेंड का समय निकाला। सिंगापुर की शांति परेरा ने सत्र का सर्वश्रेष्ठ 22.78 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता जबकि चीन की चेन युजी ने 22.93 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। फाइनल में शामिल एक अन्य भारतीय उन्नति अयप्पा बोलैंड 23.48 सेकेंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं। भारत का स्क्वाश में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक का इंतजार जारी रहा जब अनाहत सिंह और अभय सिंह को फाइनल में अपने-अपने मलेशियाई प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ हार के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अभय पुरुष एकल फाइनल में ईन यो एनजी के खिलाफ कड़ी चुनौती पेश करने में नाकाम रहे और सीधे गेम में 44 मिनट में 9-11, 5-11, 5-11 से हार गए। अट्ठारह वर्षीय अनाहत को भी महिला एकल फाइनल में मलेशिया की शिवासांगरी सुब्रमण्यम ने आसानी से हराया। दुनिया की 17वें नंबर की भारतीय खिलाड़ी को पांचवीं रैंकिंग वाली शिवासांगरी के खिलाफ 4-11, 4-11, 7-11 से शिकस्त मिली। इस नतीजे का मतलब है कि अनाहत और अभय दोनों 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने से चूक गए जहां स्क्वाश पहली बार ओलंपिक खेलों का हिस्सा बनेगा। अब भारतीय खिलाड़ियों को क्वालीफाई करने के लिए दूसरे रास्ते तलाशने होंगे। स्क्वाश में किसी भी भारतीय ने अब तक व्यक्तिगत वर्ग में एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक नहीं जीता है। सौरव घोषाल भी दो बार इसके करीब पहुंचे थे लेकिन उन्हें भी 2014 के इंचियोन और 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। भारतीय मुक्केबाजों परवीन हुड्डा, अंकुश पंघाल और नरेंदर बेरवाल ने क्वार्टरफाइनल में शानदार जीत दर्ज कर देश के लिए तीन पदक पक्के किए जबकि सचिन सिवाच का अभियान अंतिम आठ चरण में समाप्त हो गया। पिछले महीने ग्लास्गो में राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण जीतने वाले अंकुश ने पुरुषों के 80 किग्रा क्वार्टर फाइनल में ताजिकिस्तान के नेकरूज सालिमोव के खिलाफ 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से जीत दर्ज कर शुरुआत की। नरेंदर (90 किग्रा से अधिक) ने पिछले चरण के अपने कांस्य पदक में एक और पदक जोड़ लिया। थाईलैंड के अद्थापोंग साएंगटेप के खिलाफ क्वार्टरफाइनल मुकाबले में दो मिनट से भी कम समय में रेफरी ने मुकाबला रोक (आरएससी) दिया। परवीन ने उज्बेकिस्तान की विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता नवबखोर खामिदोवा को इसी अंतर से हराकर महिलाओं के 65 किग्रा सेमीफाइनल में जगह बनाई। पिछले चरण में परवीन का कांस्य पदक उनसे छीन लिया गया था क्योंकि डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) ने ठिकाने की जानकारी देने में विफल रहने के कारण उन पर प्रतिबंध लगा दिया था। हरियाणा की मुक्केबाज का यह पहला मुकाबला था क्योंकि पिछले दौर में उन्हें वॉकओवर मिला था। लेकिन परवीन ने खामिदोवा पर मुक्कों की झड़ी लगाते हुए शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन सचिन का सफर खत्म हो गया। वह पुरुषों के 60 किग्रा क्वार्टरफाइनल में जापान के स्थानीय दावेदार शुनसुके कितामोटो से 0-5 से हार गए। पीवी सिंधू और उन्नति हुड्डा साहसिक प्रदर्शन के बावजूद महिला एकल क्वार्टर फाइनल में हार गई जिससे इन खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत की झोली खाली रही। भारत ने हांगझोउ में पिछली बार खेलों में तीन पदक जीते थे जिसमें पुरूष टीम ने रजत, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने पुरूष युगल में स्वर्ण और एचएस प्रणय ने पुरूष एकल में कांस्य पदक अपने नाम किया था। तीन साल बाद भारतीय पुरूष टीम ने कांस्य पदक जीता लेकिन कोई भी भारतीय खिलाड़ी विभिन्न वर्गों में सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सका। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू को 24 घंटे से भी कम समय में तीसरा मैच खेलना पड़ा जो तोक्यो ओलंपिक चैम्पियन चेन यूफेइ से 21 . 11, 18 . 21, 10 . 21 से हार गई। उन्नीस वर्ष की उन्नति को तीन बार की विश्व चैम्पियन जापान की अकाने यामागुची ने 21 . 16, 14 . 21, 21 . 17 से हराया। इससे पहले त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी महिला युगल क्वार्टर फाइनल में दुनिया की पांचवें नंबर की मलेशियाई जोड़ी पीयरली तान और तिनाह मुरलीधरन से सीधे गेम में हारकर बाहर हो गई। पिछले महीने दिल्ली में विश्व चैम्पियनशिप में पहली बार कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय जोड़ी को विश्व चैम्पियनशिप 2025 की रजत पदक विजेता जोड़ी से 18 . 21, 9 . 21 से पराजय का सामना करना पड़ा। वहीं मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो को दुनिया की नंबर एक जोड़ी चीन की फेंग यान झि और हुआंग डोंगपिंग ने 21 . 14, 18 . 21, 21 . 18 से हराया। भारतीय महिला हॉकी टीम ने भी अपना अजेय अभियान जारी रखते हुए सिंगापुर को 7-0 से करारी शिकस्त दी। टीम ने पांच जीत के साथ पूल बी में शीर्ष स्थान हासिल किया और सेमीफाइनल में कोरिया के खिलाफ जगह पक्की की।
Asian Games में Tejaswin Shankar ने जीता Decathlon Bronze, 1500m दौड़ में पहला स्थान
अयाची-नागोया एशियाई खेलों में भारतीय एथलेटिक्स के लिए रविवार का दिन कई उतार-चढ़ाव वाला रहा। तेजस्विन शंकर ने दो दिनों तक चले कठिन डेकाथलॉन मुकाबले का अंत 1500 मीटर दौड़ जीतकर किया और कुल 7,934 अंक के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। 1500 मीटर में उन्होंने 4:33.09 का समय निकाला और जापान के युमा मारुयामा को पीछे छोड़ा। हालांकि, अंतिम दौड़ जीतने के बावजूद तेजस्विन स्वर्ण पदक तक नहीं पहुंच सके। जापान के युमा मारुयामा ने पहले के मुकाबलों में हासिल बढ़त के दम पर कुल 8,123 अंक जुटाकर स्वर्ण पदक जीता। चीन के शिंगहुआ चेन ने अंतिम दौड़ में तीसरा स्थान हासिल किया और कुल अंकों के आधार पर रजत पदक अपने नाम किया। बता दें कि डेकाथलॉन में 10 अलग-अलग स्पर्धाएं होती हैं और खिलाड़ी के प्रदर्शन के आधार पर अंक दिए जाते हैं। तेजस्विन ने इनमें से 3 स्पर्धाओं में पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने लंबी कूद, ऊंची कूद और 1500 मीटर में जीत दर्ज की। दो दिन तक चले इस मुकाबले में लगातार अलग-अलग स्पर्धाओं में प्रदर्शन करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। तेजस्विन का कांस्य भारत के लिए इन एशियाई खेलों का 35वां पदक रहा। इसके साथ भारत की पदक संख्या 4 स्वर्ण, 15 रजत और 16 कांस्य तक पहुंच गई। एथलेटिक्स में यह भारत का 11वां पदक है। हालांकि, ट्रैक और फील्ड स्पर्धाओं में भारत अभी भी अपने पहले स्वर्ण पदक का इंतजार कर रहा है। गौरतलब है कि रविवार को एथलेटिक्स में भारत के लिए अंसी सोजन ने भी शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन वह स्वर्ण पदक से सिर्फ 2 सेंटीमीटर दूर रह गईं। महिलाओं की लंबी कूद में अंसी ने 5वें प्रयास में 6.53 मीटर की छलांग लगाकर बढ़त हासिल कर ली थी। लेकिन चीन की यिंगयिंग हुआंग ने अंतिम प्रयास में 6.55 मीटर की छलांग लगाकर उनसे स्वर्ण छीन लिया। अंसी की आखिरी छलांग 6.49 मीटर रही और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारत की शाइली सिंह भी पदक की दौड़ में थीं, लेकिन अंतिम प्रयास में चीन की मेंगयी तान ने 6.46 मीटर की छलांग लगाकर उन्हें पीछे कर दिया। शाइली का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6.42 मीटर रहा और वह चौथे स्थान पर रहीं। इससे पहले महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में हरिता भद्रा ने 23.20 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता। उन्होंने जापान की अबिगेइरुफुका इदो को सिर्फ 0.01 सेकंड के अंतर से पीछे छोड़ा। इंडोनेशिया की शांति परेरा ने 22.78 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि चीन की युजी चेन ने 22.93 सेकंड में दौड़ पूरी कर रजत पदक हासिल किया। भारत की उन्नति अयप्पा बोलैंड 23.46 सेकंड के समय के साथ 6वें स्थान पर रहीं। इस तरह एथलेटिक्स में एक ही दिन भारत को कई अहम पदक मिले, लेकिन स्वर्ण पदक की तलाश जारी रही। वहीं तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन की आखिरी स्पर्धा में जीत के साथ अपना अभियान पदक के साथ खत्म किया है।
Asian Games 2026 : अपने ही नेशनल रिकार्ड को तोड़ पारूल ने दिखाया दमखम, एशियन गेम्स में जीता कांस्य
मेरठ की पारूल चौधरी ने जापान के नागोया में एशियन गेम्स 2026 में 3000 मीटर स्टीपलचेज में कांस्य पदक जीता। उन्होंने 9 मिनट 8 सेकेंड 67 माइक्रो सेकेंड के साथ अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़कर नया कीर्तिमान स्थापित किया।
Asian Games में गोल्ड से बस एक छलांग दूर थीं Ancy Sojan, चीन की खिलाड़ी ने आखिरी दांव से मारी बाजी
एशियन गेम्स में भारत की एंसी सोजन रविवार को महिलाओं की लंबी कूद में स्वर्ण पदक के बेहद करीब पहुंचीं, लेकिन चीन की हुआंग यिंगयिंग ने अपने आखिरी शानदार प्रयास से उनसे सोना छीन लिया। सोजन को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। वहीं, शाइली सिंह चौथे स्थान पर रहीं। आखिरी प्रयास में बदला पूरा नतीजा एंसी सोजन ने फाइनल में लंबे समय तक बढ़त बनाए रखी। अपने पांचवें प्रयास में उन्होंने 6.53 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई। यह प्रदर्शन उन्हें स्वर्ण पदक दिलाने के लिए काफी मजबूत नजर आ रहा था। लेकिन चीन की हुआंग यिंगयिंग ने आखिरी प्रयास में 6.55 मीटर की छलांग लगाकर सोजन को पीछे छोड़ दिया और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस तरह सोजन की 6.53 मीटर की छलांग उन्हें रजत पदक दिलाने के लिए पर्याप्त रही। इसे भी पढ़ें: Asian Games 2026: एक दिन, दो फाइनल और दो सिल्वर! अभय-अनाहत ने रचा इतिहास शाइली सिंह पदक से चूकीं भारत की शाइली सिंह भी लंबी कूद के फाइनल में उतरीं, लेकिन वह पदक जीतने से मामूली अंतर से चूक गईं। उन्होंने 6.42 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई और चौथे स्थान पर रहीं। चीन की मेंगयी तान ने 6.46 मीटर की छलांग के साथ तीसरा स्थान हासिल किया और कांस्य पदक जीता। 200 मीटर में हरिता भद्रा ने जीता कांस्य महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में भी भारत को पदक मिला। हरिता भद्रा ने 23.20 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। हरिता ने जापान की इडो अबिगेइरुफुका को सिर्फ 0.01 सेकंड से पीछे छोड़ा। जापान की खिलाड़ी ने 23.21 सेकंड में दौड़ पूरी की। सिंगापुर की शांति परेरा ने 22.78 सेकंड के सत्र के सर्वश्रेष्ठ समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। चीन की चेन युजी ने 22.93 सेकंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। भारत की दूसरी फाइनलिस्ट उन्नति अयप्पा बोलैंड 23.48 सेकंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं। इसे भी पढ़ें: Asian Games में Ancy Sojan ने 6.53 मीटर कूद के साथ जीता सिल्वर, हरिता को 200m में ब्रॉन्ज दो स्पर्धाओं में भारत के खाते में दो पदक महिलाओं की लंबी कूद और 200 मीटर की इन दो स्पर्धाओं से भारत को एक रजत और एक कांस्य पदक मिला। लंबी कूद में एंसी सोजन ने रजत पदक जीता, जबकि हरिता भद्रा ने 200 मीटर में कांस्य अपने नाम किया।
Asian Games में भारत की झोली में आए दो सिल्वर और दो ब्रॉन्ज मेडल
भारत के सर्वेश कुशारे और एंसी सोजन ने रविवार को यहां एशियाई खेलों में क्रमश: पुरुष ऊंची कूद और महिला लंबी कूद फाइनल में अधिकांश समय बढ़त बनाए रखी लेकिन अंत में उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा जबकि पारुल चौधरी ने महिला 3000 मीटर स्टीपलचेज में कांस्य पदक जीता। सर्वेश स्पर्धा में काफी समय तक शीर्ष पर रहे लेकिन 2.25 मीटर की ऊंचाई को पहली कोशिश में पार नहीं कर पाने के बाद दूसरे स्थान पर खिसक गए। चीनी ताइपे के चाओ शुआन फू ने यह ऊंचाई अपनी पहली कोशिश में पार कर ली। हालांकि कुशारे ने दूसरी कोशिश में 2.25 मीटर की ऊंचाई पार कर ली। महिला लंबी कूद फाइनल में एंसी ने 6.53 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया और दूसरे स्थान पर रहीं। चीन की हुआंग यिंगयिंग ने आखिरी प्रयास में 6.55 मीटर की कूद लगाकर भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया। इससे पहले भारत की हरिता भद्रा ने महिला 200 मीटर में 23.20 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता। भद्रा तीसरे स्थान पर रहीं। वह जापान की इडो अबिगेइरुफुका से मामूली अंतर से आगे रहीं जिन्होंने 23.21 सेकेंड का समय निकाला। हालांकि एंसी की हमवतन शैली सिंह के लिए महिला लंबी कूद फाइनल में निराशा हाथ लगी। चीन की मेंगयी तान ने 6.46 मीटर की कूद लगाकर भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ दिया जिससे शैली कांस्य पदक से चूक गईं। एंसी ने पांचवें प्रयास में 6.53 मीटर की कूद लगाई थी लेकिन यिंगयिंग ने 6.55 मीटर की कूद के साथ अंतिम प्रयास में उन्हें पीछे छोड़ दिया। शैली का दिन का सर्वश्रेष्ठ प्रयास 6.42 मीटर रहा। महिला 200 मीटर फाइनल में सिंगापुर की शांति परेरा ने सत्र का सर्वश्रेष्ठ 22.78 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता जबकि चीन की चेन युजी ने 22.93 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। फाइनल में शामिल एक अन्य भारतीय उन्नति अयप्पा बोलैंड 23.48 सेकेंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं। पिछले एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली पारुल ने नौ मिनट 8.67 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ लगातार दूसरी बार कांस्य पदक अपने नाम किया। बहरीन की विनफ्रेड यावी ने नौ मिनट 4.36 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि कजाखस्तान की नोराह जेरुतो तनुई ने नौ मिनट 06.82 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक अपने नाम किया। स्पर्धा में हिस्सा लेने वाली एक अन्य भारतीय एथलीट अंकिता नौ मिनट 19.24 सेकेंड के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ चौथे स्थान पर रहीं।
Asian Games में Ancy Sojan ने 6.53 मीटर कूद के साथ जीता सिल्वर, हरिता को 200m में ब्रॉन्ज
भारत की एंसी सोजन ने रविवार को यहां एशियाई खेलों की महिला लंबी कूद स्पर्धा में अधिकांश समय बढ़त बनाए रखी लेकिन अंत में उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। एंसी 6.53 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास से दूसरे स्थान पर रहीं। चीन की हुआंग यिंगयिंग ने आखिरी प्रयास में 6.55 मीटर की कूद लगाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इससे पहले भारत की हरिता भद्रा ने महिलाओं की 200 मीटर दौड़ के फाइनल में 23.20 सेकेंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता। भद्रा जापान की इडो अबिगेइरुफुका से ठीक आगे तीसरे स्थान पर रहीं। इडो ने 23.21 सेकेंड का समय लिया। हालांकि एंसी की हमवतन शैली सिंह को महिला लंबी कूद फाइनल में निराशा हाथ लगी। चीन की मेंगयी तान ने 6.46 मीटर की कूद लगाकर भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ दिया जिससे शैली कांस्य पदक से चूक गईं। एंसी ने अपने पांचवें प्रयास में 6.53 मीटर की कूद लगाई थी लेकिन यिंगयिंग ने अंतिम प्रयास में 6.55 मीटर की कूद के साथ भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। शैली का दिन का सर्वश्रेष्ठ प्रयास 6.42 मीटर रहा। महिला 200 मीटर फाइनल में सिंगापुर की शांति परेरा ने सत्र के सर्वश्रेष्ठ 22.78 सेकेंड के समय से स्वर्ण पदक जीता जबकि चीन की चेन युजी ने 22.93 सेकेंड के समय से रजत पदक जीता। फाइनल में शामिल दूसरी भारतीय उन्नति अयप्पा बोलैंड 23.48 सेकेंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं।
Asian Games Squash: Anahat Singh और अभय सिंह फाइनल में हारे, भारत को मिला रजत
(अजय मसंद)नागोया, 27 सितंबर भारत का स्क्वाश में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक का इंतजार जारी रहा जब अनाहत सिंह और अभय सिंह को रविवार को यहां एशियाई खेलों के फाइनल में अपने-अपने मलेशियाई प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ हार के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अभय पुरुष एकल फाइनल में ईन यो एनजी के खिलाफ कड़ी चुनौती पेश करने में नाकाम रहे और सीधे गेम में 44 मिनट में 9-11, 5-11, 5-11 से हार गए। अट्ठारह वर्षीय अनाहत को भी महिला एकल फाइनल में मलेशिया की शिवासांगरी सुब्रमण्यम ने आसानी से हराया। दुनिया की 17वें नंबर की भारतीय खिलाड़ी को पांचवीं रैंकिंग वाली शिवासांगरी के खिलाफ 4-11, 4-11, 7-11 से शिकस्त मिली। इस नतीजे का मतलब है कि अनाहत और अभय दोनों 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने से चूक गए जहां स्क्वाश पहली बार ओलंपिक खेलों का हिस्सा बनेगा। अब भारतीय खिलाड़ियों को क्वालीफाई करने के लिए दूसरे रास्ते तलाशने होंगे। स्क्वाश में किसी भी भारतीय ने अब तक व्यक्तिगत वर्ग में एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक नहीं जीता है। सौरव घोषाल भी दो बार इसके करीब पहुंचे थे लेकिन उन्हें भी 2014 के इंचियोन और 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। यो और शिवासांगरी दोनों ने ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले शुरुआती दो खिलाड़ी बनकर इतिहास रचा। दोनों ने अपने एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक का भी सफलतापूर्वक बचाव किया। विश्व जूनियर खिताब जीतने वाली पहली भारतीय अनाहत शनिवार को जापान की दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी सातोमी वातानाबे के खिलाफ सेमीफाइनल में की गई वापसी को दोहरा नहीं सकीं। अनाहत-सातोमी सेमीफाइनल को करीब से देखने वाली शिवासांगरी स्पष्ट रणनीति के साथ उतरीं और उसे पूरी तरह से अमल में भी लाईं। मलेशियाई खिलाड़ी ने अनाहत को लगातार विनर्स लगाने का मौका नहीं दिया और लगातार आक्रमण के जरिए उन पर दबाव बनाए रखा। हालांकि अनाहत के लिए यह अभियान यादगार रहा। उन्होंने एशियाई खेलों के इतिहास में महिला एकल फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बनने का गौरव हासिल किया। इससे पहले 26वीं रैंकिंग वाले अभय भी दुनिया के 18वें नंबर के यो को कड़ी चुनौती नहीं दे सके। यो ने प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। यह अभय की मलेशियाई खिलाड़ी के खिलाफ आठवीं हार है। अभय ने कहा, ‘‘आज के प्रदर्शन से निराश हूं लेकिन अपने प्रतिद्वंद्वी का सम्मान करता हूं। आज वह मेरे से बेहतर था और जीत का हकदार था। उसने खेल के हर पहलू में अच्छा प्रदर्शन किया। उसका अनुभव काम आया। वह इससे पहले एशियाई खेलों के फाइनल में खेल चुका है इसलिए मुझे लगता है कि इससे थोड़ा फर्क पड़ा।’’अभय के लिए यह हार बड़े मुकाबलों में दबाव संभालने का सबक भी रही। उन्होंने कहा, ‘‘बड़े मुकाबलों में उसका संयम सीखने लायक है। हर जीत या हार एक सबक होती है जिसे घर वापस ले जाना होता है और मैं भी यही करूंगा।’’अभय के पास इस निराशा पर ज्यादा समय तक विचार करने का वक्त नहीं है क्योंकि उनकी नजरें लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने पर हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस समय ज्यादा कुछ कहना थोड़ा मुश्किल है लेकिन उस स्थान के लिए अभी एक और मौका है। उम्मीद है कि चीजें सही दिशा में जाएंगी और मैं उसे हासिल कर पाऊंगा।’’भारत को टीम स्पर्धाओं में भी पदक जीतने की उम्मीद है। पुरुष टीम मौजूदा चैंपियन के रूप में प्रतियोगिता में उतरेगी।
Asian Games में बाधा दौड़ धावक Yashas Palaksha चोट के कारण हीट से बाहर
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 27 सितंबर एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहे भारत के ट्रैक एवं फील्ड के चोटिल खिलाड़ियों की सूची रविवार को उस समय और लंबी हो गई जब 400 मीटर बाधा दौड़ के खिलाड़ी यशस पलाक्षा अपनी हीट (शुरुआती दौर) के बीच में ही हट गए। इससे इन खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया और इसके लिए जवाबदेही को लेकर सवाल उठने लगे हैं। यशस ने 10 सितंबर को नयी दिल्ली में हुई इंडियन एथलेटिक्स सीरीज फाइनल में हिस्सा नहीं लिया था जिसमें एशियाई खेलों के लिए चुने गए लगभग सभी खिलाड़ियों ने भाग लिया था। उस समय अटकलें थीं कि यशस चोट से जूझ रहे हैं। महिला 100 मीटर बाधा दौड़ की ज्योति याराजी और त्रिकूद खिलाड़ी प्रवीण चित्रावेल ने भी नयी दिल्ली में हुई प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया था। दोनों ने शनिवार को चोट के कारण एशियाई खेलों से हटने का फैसला किया। याराजी घुटने की समस्या से जूझ रही थीं जबकि चित्रावेल पिंडली की मांसपेशियों में खिंचाव से परेशान थे। हालांकि भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने उनके कोचों द्वारा फिटनेस का आश्वासन दिए जाने और चिकित्सा प्रमाणपत्र दिखाए जाने के बाद दोनों को खेलने की मंजूरी दे दी थी। रविवार को यशस 400 मीटर बाधा दौड़ की हीट में पहली बाधा पार करने से पहले ही पैर की मांसपेशियों में संभावित चोट के कारण दौड़ से हट गए जिसके कारण उनका परिणाम डीएनएफ (दौड़ पूरी नहीं की) रहा। भारतीय टीम के एक कोच ने पीटीआई से कहा, ‘‘टीम के डॉक्टरों ने उनकी चोट का आकलन किया है।’’शनिवार को याराजी 100 मीटर बाधा दौड़ की हीट से पहले वार्म अप के दौरान ‘दर्द महसूस होने’ के बाद हट गई थीं। चित्रावेल त्रिकूद में अपने पहले प्रयास के लिए तैयार हुए लेकिन इसे पूरा नहीं कर पाए और पिंडली पकड़कर बाहर आ गए। बाद में उन्हें व्हीलचेयर पर बाहर ले जाया गया और उनके नाम पर एनएम (कोई वैध दूरी नहीं) दर्ज हुआ। एएफआई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘आज (शनिवार) महिला 100 मीटर बाधा दौड़ के लिए वार्म अप के दौरान उन्हें असहजता महसूस हुई और कोचिंग टीम ने एहतियात के तौर पर उन्हें दौड़ से हटाने का फैसला किया। उनकी दीर्घकालिक फिटनेस हमारी पहली प्राथमिकता है।’’चित्रावेल के बारे में एएफआई ने कहा, ‘‘प्रवीण चित्रावेल ने पुरुष तिहरी कूद फाइनल में पहले दौर के बाद अपना नाम वापस ले लिया और कोई वैध दूरी दर्ज नहीं की गई।’’एएफआई ने कहा, ‘‘उन्होंने टीम के साथ अपना प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा किया था और प्रतियोगिता से पहले या उसके दौरान टीम प्रबंधन को किसी चोट या चिकित्सकीय समस्या की जानकारी नहीं दी थी। हटने का फैसला खिलाड़ी ने खुद लिया।’’एएफआई के एक शीर्ष अधिकारी ने पीटीआई को बताया था कि महासंघ उन निजी संस्थाओं से स्पष्टीकरण मांगेगा जिनके साथ याराजी और चित्रावेल प्रशिक्षण ले रहे थे।
Asian Games 2026: एक दिन, दो फाइनल और दो सिल्वर! अभय-अनाहत ने रचा इतिहास
एशियाई खेलों में सिंगल्स स्क्वैश में भारत का गोल्ड मेडल का इंतजार अभी जारी रहेगा। मेंस और विमेंस दोनों के फाइनल मुकाबलों में अभय सिंह और अनाहत सिंह को हार का सामना करना पड़ा। दोनों खिलाड़ियों को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। इसके साथ ही दोनों लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के क्वालिफिकेशन स्पॉट से भी चूक गए। स्क्वैश लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक में डेब्यू करेगा। अभय सिंह को मलेशियाई खिलाड़ी ने हराया दुनिया के 26वें नंबर के खिलाड़ी अभय सिंह गोल्ड मेडल के मुकाबले में दुनिया के 17वें नंबर के मलेशियाई खिलाड़ी एनग ईन यो से सीधे गेम में हार गए। ईन यो ने 11-9, 11-5, 11-5 से जीत दर्ज कर एशियाई खेलों का अपना खिताब बरकरार रखा। इस नतीजे के बाद अभय को सिल्वर मेडल मिला, लेकिन वह लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के क्वालिफिकेशन स्पॉट से भी चूक गए। पुरुष और महिला सिंगल्स के एशियाई खेलों के गोल्ड मेडल विजेताओं को लॉस एंजिल्स ओलंपिक का क्वालिफिकेशन स्पॉट मिला। इसे भी पढ़ें: Asian Games में 24 घंटे में तीन मैच खेलने पर PV Sindhu ने जताई नाराजगी सेमीफाइनल में पाकिस्तानी खिलाड़ी को दी थी मात 28 वर्षीय अभय ने सेमीफाइनल में पाकिस्तान के मुहम्मद इरफान को 11-3, 12-10, 11-6 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। वह सौरव घोषाल के बाद एशियाई खेलों के सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने। 2024 में अर्जुन पुरस्कार पाने वाले अभय अप्रैल 2026 में पीएसए रैंकिंग में करियर के सर्वश्रेष्ठ 22वें स्थान पर पहुंचे थे और वर्तमान में 26वें स्थान पर हैं। अनाहत सिंह को भी सिल्वर से करना पड़ा संतोष वहीं, विमेंस स्क्वैश सिंगल्स के फाइनल में अनाहत सिंह को भी हार का सामना करना पड़ा। 18 साल की अनाहत को मलेशिया की शिवसंगरी सुब्रमण्यम ने 11-4, 11-4, 11-7 से हराया। दुनिया की 17वें नंबर की अनाहत का सामना दुनिया की पांचवें नंबर की खिलाड़ी शिवसंगरी से था। वर्ल्ड जूनियर टाइटल जीतने वाली पहली भारतीय अनाहत शनिवार को जापान की दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी सतोमी वातानाबे के खिलाफ की गई वापसी जैसा प्रदर्शन फाइनल में नहीं कर पाईं। मलेशियाई खिलाड़ी ने अनाहत को लगातार विनर्स लगाने का मौका नहीं दिया और लगातार अटैक करके उन पर दबाव बनाए रखा। इसे भी पढ़ें: Asian Games में दो सिल्वर मेडल जीतकर लौटीं Elavenil Valarivan, अहमदाबाद में जोरदार स्वागत फिर भी अनाहत ने रचा इतिहास हार के बावजूद अनाहत के लिए यह एक यादगार टूर्नामेंट रहा। उन्होंने महान जोशना चिनप्पा और दीपिका पल्लीकल से आगे निकलकर एशियाई खेलों के इतिहास में महिलाओं के सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने का कारनामा किया। इसके साथ ही उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
Asian Games में 24 घंटे में तीन मैच खेलने पर PV Sindhu ने जताई नाराजगी
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 27 सितंबर भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधू ने रविवार को 24 घंटे के भीतर तीन एकल मुकाबले खेलने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि एशियाई खेलों का व्यस्त कार्यक्रम अच्छी तरह व्यवस्थित नहीं था और खिलाड़ियों को उरबने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला। सिंधू को शनिवार को दो मुकाबले खेलने थे जिसमें से दूसरा मैच आधी रात के बाद खत्म हुआ। इसके बाद उन्हें रविवार को चीन की चेन यूफेई के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबले के लिए कोर्ट पर उतरना पड़ा जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने इससे पहले किसी बड़े टूर्नामेंट में कभी एक दिन में दो मैच खेले हैं, सिंधू ने कहा, ‘‘वास्तव में नहीं क्योंकि मुझे लगता है कि कार्यक्रम वास्तव में अच्छी तरह व्यवस्थित नहीं था।’’उन्होंने कहा, ‘‘हम काफी देर से सोए और फिर रविवार सुबह वापस आए, एक दिन में दो मैच खेलने के बाद उबरने की प्रक्रिया सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता होती है।’’दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू ने शनिवार दोपहर अपना दूसरे दौर का मुकाबला खेला था। उनका तीसरे दौर का मैच रविवार को स्थानीय समयानुसार रात करीब एक बजे खत्म हुआ। इसके बाद क्वार्टर फाइनल मुकाबला रविवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब डेढ़ बजे शुरू हुआ। चौबीस घंटे में तीन मैच खेलने के लिए मानसिक रूप से खुद को तैयार करने के सवाल पर सिंधू ने कहा, ‘‘यह सिर्फ मानसिक रूप से तैयार होने की बात नहीं है, आपको उबरने की जरूरत होती है। भले ही आपको लगे कि आप अच्छा कर रहे हैं लेकिन शारीरिक रूप से शायद आप वहां जाने या खेलने की स्थिति में नहीं हो।’’उन्होंने कहा, ‘‘जब लंबी रैलियां होती हैं तो निश्चित रूप से रिकवरी जरूरी होती है। जब आप अच्छा कर रहे होते हैं तो आप स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ते हैं, लेकिन आपके पैर साथ नहीं देते।’’सिंधू ने कहा, ‘‘इसके अलावा कुल मिलाकर मैच अच्छा था, लेकिन कार्यक्रम थोड़ा बेहतर होना चाहिए था।’’एक अन्य भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी उन्नति हुड्डा भी कार्यक्रम से खुश नहीं थीं क्योंकि कई खिलाड़ियों को एक दिन में एक से अधिक मैच खेलने पड़े। उन्होंने कहा, ‘‘मैं क्वार्टर फाइनल में अपनी हार के लिए इसे जिम्मेदार नहीं ठहराऊंगी, लेकिन कार्यक्रम को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकता था।’’सिंधू के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में कुछ लाइन कॉल बेहद करीबी थे लेकिन वह उन्हें चुनौती नहीं दे सकीं क्योंकि हॉक-आई की सुविधा नहीं होने के कारण खिलाड़ियों के लिए चुनौती देने का प्रावधान नहीं था। इचिनोमिया जिम्नेजियम हॉल में हॉक-आई केवल कोर्ट एक और दो पर लगाया गया है जबकि सिंधू ने कोर्ट चार पर खेला। सिंधू ने कहा, ‘‘यहां कैमरे नहीं थे। यह वास्तव में निराशाजनक था। मुझे लगा कि दो-तीन शॉट लाइन पर गिरे थे। मुझे लगता है कि एशियाई खेलों के क्वार्टर फाइनल में कैमरा होना चाहिए था क्योंकि ये महत्वपूर्ण मुकाबले होते हैं।’’सिंधू ने अगले एशियाई खेलों में खेलने के सवाल पर अपना विकल्प खुला रखा। उन्होंने कहा, ‘‘अगर मेरे अंदर क्षमता रही तो निश्चित रूप से। मुझे बस चोटों से बचना है। अभी सवाल यह है कि आगे क्या है? यह बहुत महत्वपूर्ण है। कदम-दर-कदम आगे बढ़ना जरूरी है।’’उन्होंने कहा, ‘‘हां, निश्चित रूप से एक-एक साल के हिसाब से। यह महत्वपूर्ण है कि मैं आगे जो है, उस पर ध्यान दूं। क्योंकि अब आप 20 साल के नहीं हैं। आपको अपने शरीर और हर चीज का ख्याल रखना होता है। इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण है।’’सिंधू ने कहा, ‘‘हमें टूर्नामेंट चुनने होंगे। क्या करना है, क्या खेलना है और क्या नहीं खेलना है, यह तय करना होगा। क्योंकि अपने शरीर का ख्याल रखना भी महत्वपूर्ण है।
Asian Games: भारतीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल और परवीन हुड्डा सेमीफाइनल में पहुंचे, दो पदक किए पक्के
भारतीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल और परवीन हुड्डा ने रविवार को यहां जारी एशियाई खेलों में अपने-अपने भार वर्ग के सेमीफाइनल में प्रवेश कर देश के लिए दो पदक पक्के किए। पिछले महीने ग्लास्गो में राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण जीतने वाले अंकुश ने पुरुषों के 80 किग्रा क्वार्टरफाइनल में ताजिकिस्तान के नेकरूज सालिमोव के खिलाफ 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से जीत दर्ज कर शुरुआत की। इसके बाद परवीन ने उज्बेकिस्तान की विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता नवबखोर खामिदोवा को इसी अंतर से हराकर महिलाओं के 65 किग्रा सेमीफाइनल में जगह बनाई। पिछले चरण में परवीन का कांस्य पदक उनसे छीन लिया गया था क्योंकि डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) ने ठिकाने की जानकारी देने में विफल रहने के कारण उन पर प्रतिबंध लगा दिया था। हरियाणा की मुक्केबाज का यह पहला मुकाबला था क्योंकि पिछले दौर में उन्हें वॉकओवर मिला था। लेकिन परवीन ने खामिदोवा पर मुक्कों की झड़ी लगाते हुए शानदार प्रदर्शन किया। अंकुश ने सलीमोव को पूरी तरह पछाड़ते हुए दबदबे वाला प्रदर्शन किया और सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की। एशियाई खेलों में पदार्पण कर रहे अंकुश इस तरह अंतिम चार में पहुंच गए और कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया। एशियाई खेलों में पदार्पण कर रहे हरियाणा के इस मुक्केबाज ने मजबूत शुरूआत की और सीधे बायें और दायें हुक जैसे सटीक पंच लगाकर सालिमोव को दबाव में रखा। सालिमोव ने पलटवार की कोशिश की लेकिन उनके हमलों में दम नहीं था। पहले दौर में सभी पांच जज का फैसला अंकुश के पक्ष में रहा। दूसरे दौर में भी उन्होंने यही लय बनाये रखी और फिर पांचों जज के स्कोरकार्ड पर यह दौर भी अपने नाम किया। आखिरी दौर में भी सालिमोव पर दबाव बना रहा। ताजिकिस्तान के मुक्केबाज ने गति बढाकर कुछ पंच लगाये लेकिन अंकुश पहले ही अपनी स्थिति काफी मजबूत कर चुके थे। उन्होंने 5 . 0 से जीतकर इन खेलों में मुक्केबाजी में भारत का पहला पदक पक्का कर दिया।
Asian Games में गोल्ड जीतना हमारा लक्ष्य: श्रेयस अय्यर
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय क्रिकेट टीम को सोमवार को अफगानिस्तान के खिलाफ क्वार्टर फाइनल खेलना है। मैच निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में भारतीय समयानुसार सुबह 10:30 बजे से खेला जाएगा। रविवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा कि हम किसी भी टीम को कम नहीं आंक रहे। हमारा लक्ष्य गोल्ड जीतना है। अय्यर ने कहा, जापान में आकर हमें बहुत अच्छा लगा। यहां के लोगों में अनुशासन है। यहाँ लोग निर्देशों का सही तरीके से पालन करते हैं। हम जापान की टीम के साथ खेलने के लिए टोक्यो में थे, इसलिए हमें अभ्यास का ज्यादा मौका नहीं मिला। हमें एक्सप्लोर करने का ज्यादा अवसर नहीं मिला है। नागोया भी अच्छी सिटी है। एशियन गेम्स को देखते हुए जिस तरह की तैयारी यहाँ की गई, वो बेहतरीन है। भारतीय कप्तान ने कहा, हमें अभ्यास का मौका कम मिला है, लेकिन हम सभी पेशेवर क्रिकेटर हैं। हमने नागोया आने के बाद थोड़ा वॉर्म अप किया है। हमारा प्राथमिक लक्ष्य अब अच्छी क्रिकेट खेलना है, चाहे किसी भी तरह की स्थिति हो। हम किसी भी टीम को हल्के में नहीं ले सकते। आपने देखा होगा कि जापान ने हमें कड़ी चुनौती दी थी। यहाँ के विकेटों के साथ थोड़ा संतुलन बनाना मुश्किल है। लेकिन ये स्थिति हर टीम के साथ है और हम सामने वाली किसी भी टीम के खिलाफ मजबूती से उतरेंगे। अय्यर ने कहा, भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए आप पर शीर्ष पर रहने का हमेशा दबाव होता है। लेकिन ये अच्छा दबाव है। हम ज्यादा नहीं सोच रहे हैं। हमने एक टीम के तौर पर एक मानक निर्धारित किया है और हमेशा उसे छूने की कोशिश करते रहते हैं। एशियन गेम्स की अहमियत पर श्रेयस ने कहा, सारे मैच हमारे लिए अहम होते हैं। हर मैच से हमें अभ्यास मिलता है और नई टीमों के साथ खेलने का अवसर मिलता है। क्रिकेट का विकास हो रहा है, जो हमारे लिए अच्छा है। हमें खेलने के मौके मिल रहे हैं। अभी एशियन गेम्स हैं, आगे और भी मौके मिलेंगे। हमें अच्छी फिटनेस और मनोदशा बनाकर रखनी होगी। अय्यर ने कहा, भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए आप पर शीर्ष पर रहने का हमेशा दबाव होता है। लेकिन ये अच्छा दबाव है। हम ज्यादा नहीं सोच रहे हैं। हमने एक टीम के तौर पर एक मानक निर्धारित किया है और हमेशा उसे छूने की कोशिश करते रहते हैं। Also Read: LIVE Cricket Score उन्होंने कहा, मल्टीनेशनल टूर्नामेंट में खेलना और देश की कप्तानी करना सम्मान की बात है। हमारे साथ प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का समूह है। हमारी कोशिश गोल्ड जीतने की है। Article Source: IANS
Asian Games: Murali Sreeshankar और विथ्या रामराज समेत कई भारतीय एथलेटिक्स फाइनल में पहुंचे
लंबी कूद के खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर और डेविड पुत्तुराज सोलोमन, 400 मीटर बाधा दौड़ में संतोष तमिलरसन, विथ्या रामराज और अनु राघवन ने एशियाई खेलों में अपनी अपनी स्पर्धाओं के फाइनल में प्रवेश कर लिया। श्रीशंकर ने क्वालीफिकेशन में 7 . 84 मीटर की कूद लगाई और दूसरे स्थान पर रहे जबकि पुत्तुराज 7 . 62 मीटर के प्रयास के साथ सातवें स्थान पर रहे। दोनों ने पुरूषों की लंबी कूद के फाइनल में जगह बना ली। पुरूषों की 400 मीटर बाधा दौड़ में संतोष पहली हीट में 49 . 61 सेकंड का समय निकालकर दूसरे स्थान पर रहे और फाइनल में पहुंचे। यशास पालाक्षा दूसरी हीट में पहली बाधा पार करने से पहले ही रूक गए और रेस पूरी नहीं कर सके। भारतीय महिलायें अपनी अपनी हीट में दूसरे स्थान पर रहने के बाद 400 मीटर बाधा दौड़ फाइनल में पहुंच गई। विथ्या ने 55 . 73 सेकंड का समय निकाला जबकि अनु ने 55 . 84 सेकंड में दूरी तय की। पुरूषों के डेकाथलन में तेजस्विन शंकर 6571 अंक के साथ तीसरे स्थान पर हैं जबकि दो स्पर्धायें बाकी हैं। महिलाओं की 200 किलोमीटर पैदल चाल फाइनल में मंजू रानी एक घंटा 40 मिनट 17 सेकंड का समय निकालकर छठे स्थान पर रही जबकि प्रियंका अयोग्य करार दी गई।
Asian Games Badminton: PV Sindhu और उन्नति क्वार्टर फाइनल में हारीं, भारत की चुनौती खत्म
पी वी सिंधू और उन्नति हुड्डा साहसिक प्रदर्शन के बावजूद एशियाई खेल महिला एकल क्वार्टर फाइनल में हार गई जिससे इन खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत की झोली खाली रही। भारत ने हांगझोउ में पिछली बार खेलों में तीन पदक जीते थे जिसमें पुरूष टीम ने रजत, सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने पुरूष युगल में स्वर्ण और एच एस प्रणय ने पुरूष एकल में कांस्य पदक अपने नाम किया था। तीन साल बाद भारतीय पुरूष टीम ने कांस्य पदक जीता लेकिन कोई भी भारतीय खिलाड़ी विभिन्न वर्गों में सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सका। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू को 24 घंटे से भी कम समय में तीसरा मैच खेलना पड़ा जो तोक्यो ओलंपिक चैम्पियन चेन यू फेइ से 21 . 11, 18 . 21, 10 . 21 से हार गई। हार के बाद सिंधू ने कहा ,‘‘ मुझे दूसरे गेम में ही जीत जाना चाहिये था लेकिन ऐसा नहीं कर सकी। यह आसान गेम नहीं था और आसानी से अंक नहीं मिल रहे थे।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ यह दुखद है लेकिन इससे उबरना होगा। सेमीफाइनल में पहुंचना अच्छा रहता लेकिन यह सब होता रहता है। मजबूती से वापसी करना अहम है।’’ उन्नीस वर्ष की हुड्डा को तीन बार की विश्व चैम्पियन जापान की अकाने यामागुची ने 21 . 16, 14 . 21, 21 . 17 से हराया। इससे पहले त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी महिला युगल क्वार्टर फाइनल में दुनिया की पांचवें नंबर की मलेशियाई जोड़ी पीयरली तान और तिनाह मुरलीधरन से सीधे गेम में हारकर बाहर हो गई। पिछले महीने दिल्ली में विश्व चैम्पियनशिप में पहली बार कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय जोड़ी को विश्व चैम्पियनशिप 2025 की रजत पदक विजेता जोड़ी से 18 . 21, 9 . 21 से पराजय का सामना करना पड़ा। वहीं मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो को दुनिया की नंबर एक जोड़ी चीन की फेंग यान झि और हुआंग डोंगपिंग ने 21 . 14, 18 . 21, 21 . 18 से हराया। तनीषा ने मैच के बाद कहा ,‘‘यह निराशाजनक है कि हम पदक नहीं जीत सके लेकिन हमें अपने प्रयास पर गर्व है। हमने अंत तक जुझारूपन दिखाया।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ एशियाई खेलों से बहुत कुछ सीखा। हमने अच्छा बैडमिंटन खेला और चीन के खिलाफ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। हमने अपने खेल में काफी सुधार किया है। जीत की भूख काफी है और आत्मविश्वास बढा है।’’ ध्रुव ने कहा ,‘‘ हमने दूसरे गेम में उन पर काफी दबाव बनाया। तीसरे गेम में अंतर काफी था लेकिन हम करीब पहुंचे हालांकि बेहतर कर सकते थे। हम अब ब्रेक लेकर आगे के बारे में सोचेंगे।’’ सिंधू का चीनी खिलाड़ियों के खिलाफ इस मैच से पहले 7 . 9 का रिकॉर्ड था। उन्होंने जुलाई में जापान ओपन सुपर 750 खिताब जीतने के सफर में उसे हराया था। सिंधू 24 घंटे के भीतर तीसरा मैच खेल रही थी लेकिन शुरूआत में ही दबाव बना लिया। उन्होंने पहले गेम में 7 . 2 के बाद 11 . 8 की बढत बनाई। इसके बाद 21 . 11 से पहला गेम जीता। चेन ने हालांकि दमदार वापसी करते हुए 9 . 5 की बढत बनाई लेकिन सिंधू ने स्कोर 9 . 9 कर दिया। एक समय स्कोर 16 . 18 था लेकिन चेन ने दो गेम प्वाइंट और यह गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक खींचा। तीसरे गेम में शुरू ही में चेन ने बढत बना ली और सिंधू वापसी नहीं कर सकी। दूसरे मुकाबले में दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी यामागुची के स्ट्रोक्स में विविधता थी और उन्होंने काफी आक्रामक खेल दिखाया। ब्रेक के समय उनके पास 11 . 4 की बढत थी। उन्नति ने आक्रामक स्ट्रोक्स और स्मैश से वापसी की कोशिश की लेकिन 14 . 8 से आगे चल रही यामागुची ने लंबी रेली के बाद ड्रॉप शाट लगाया और चार गेम प्वाइंट बनाकर पहले को भुनाते हुए शुरूआती गेम जीत लिया। दूसरे गेम में उन्नति ने वापसी की और अच्छी रेलियां लगाते हुए जीत दर्ज करके मुकाबले को तीसरे गेम में पहुंचा दिया जिसमें यामागुची विजयी रही। वहीं त्रिसा और गायत्री अच्छे फॉर्म के साथ इन खेलों में आई थी और दुनिया की तीसरे नंबर की जोड़ी जापान की युकी फुकुशिमा और मायु मत्सुमोतो को हराया था। मलेशिया की आक्रामक जोड़ी के खिलाफ अब तक आठ में से वह छह मुकाबले हार चुके थे। शुरूआत में ही भारतीय जोड़ी 3 . 8 से पिछड़ गई लेकिन वापसी करते हुए स्कोर 10 . 10 किया। त्रिसा और गायत्री ने भी आक्रामक खेल दिखाते हुए हर शॉट का बराबरी से जवाब दिया और स्कोर 14.14 कर लिया। कुछ गलतियों के कारण हालांकि वे 14 . 17 से पीछे हो गए। मलेशियाई जोड़ी का एक शॉट बाहर जाने से भारतीय जोड़ी वापसी करती हुई दिखी लेकिन फिर पीयरली और तिनाह ने 19 . 16 से बढत बना ली। त्रिसा की शटल नेट में जाने से उन्हें चार गेम प्वाइंट मिले। भारतीय जोड़ी ने दो बचा लिये लेकिन एक स्मैश के साथ मलेशियाई जोड़ी ने गेम जीत लिया। दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी 3 . 0 से आगे थे लेकिन उनकी गलतियों का फायदा उठाते हुए मलेशियाई जोड़ी ने 7 . 3 से बढत बनाई। इसके बाद भारतीय जोड़ी 4 . 11 से पीछे हो गई। भारतीयों की गलतियों का सिलसिला जारी रहा और मलेशियाई खिलाड़ियों ने 12 मैच प्वाइंट बना लिये। इसके बाद त्रिसा और गायत्री के लिये वापसी असंभव हो गई।
Asian Games Archery: भारतीय पुरुष और महिला कंपाउंड टीमें सेमीफाइनल में पहुंचीं
भारत ने एशियाई खेलों की तीरंदाजी स्पर्धा में मजबूत शुरूआत की और पुरूष तथा महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीमें रविवार को सेमीफाइनल में पहुंच गई जबकि रिकर्व और मिश्रित टीमों ने भी जीत दर्ज की। पुरूष टीम में कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणिरत्नम ने यूएई को अंतिम 16 में 235 . 215 से हराया और क्वार्टर फाइनल में भूटान को 235 . 232 से मात दी। महिला टीम में ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तानीपर्थी और प्रिथिका प्रदीप ने मंगोलिया को अंतिम 16 में 238 . 223 से हराने के बाद क्वार्टर फाइनल में कजाखस्तान को 233 . 230 से मात दी। दोनों टीमें 30 सितंबर को सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया से खेलेंगी। पुरूष रिकर्व में धीरज बोम्मदेवरा और संजय भोगे ने फिलीपींस को 5 . 1 से हराया और एक और जीत के साथ सेमीफाइनल में जगह बनाई। महिला रिकर्व टीम की कीर्ति और कुमकुम ने मंगोलिया और चीनी ताइपै को 6 . 0 से मात देकर अंतिम चार में प्रवेश किया। बाद में धीरज और कुमकुम की रिकर्व मिश्रित टीम ने यूएई और वियतनाम को 6 . 0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। साहिल जाधव और चितिका की कंपाउंड मिश्रित टीम ने मंगोलिया को 160 . 146 और कजाखस्तान को 159 . 154 से हराया। हांगझोउ में पिछले एशियाई खेलों में भारत ने कंपाउंड तीरंदाजी में पांचों स्वर्ण पदक जीते थे।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय क्रिकेट टीम अपने अभियान की शुरुआत 28 सितंबर को क्वार्टर फाइनल मुकाबले के साथ करेगी जिसमें उसका सामना अफगानिस्तान की टीम से होगा।
एशियन गेम्स में मेरठ की धाविका पारुल चौधरी ने 1500 मीटर दौड़ में अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय 4:09.46 दर्ज करते हुए चौथा स्थान प्राप्त किया, हालांकि वह पदक से मामूली अंतर से चूक गईं। अब वह 27 सितंबर को 3000 मीटर स्टीपलचेज और 28 सितंबर को 5000 मीटर फाइनल में उतरेंगी, जहाँ उनका लक्ष्य अपने पिछले स्वर्ण पदक का बचाव करना है।
एशियन गेम्स में पुरुष मैराथन स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाले सावन बरवाल ने अपनी कड़ी मेहनत और कोच गोपाल ठाकुर के मार्गदर्शन से यह उपलब्धि हासिल की है।
Asian Games में दो सिल्वर मेडल जीतकर लौटीं Elavenil Valarivan, अहमदाबाद में जोरदार स्वागत
एशियाई खेलों में दो बार सिल्वर मेडल जीतने वाली भारतीय शूटर एलावेनिल वलारिवन का गुजरात के अहमदाबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। उनकी कामयाबी पर परिवार ने खुशी जताई और उनकी मेहनत के साथ सरकार और खेल संस्थाओं के सहयोग का भी जिक्र किया। #WATCH | Ahmedabad, Gujarat: Double Asian Games silver medallist Elavenil Valarivan receives a warm welcome upon her arrival at the Sardar Vallabhbhai Patel International Airport. pic.twitter.com/FU21UVO4tS — ANI (@ANI) September 27, 2026 इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों में Elavenil Valarivan ने जीता रजत, ओलंपिक चैम्पियन को हराकर बढ़ा आत्मविश्वास पिता बोले- सबसे पहली प्राथमिकता भारत है एलावेनिल वलारिवन की कामयाबी पर उनके पिता डॉ. आर. वलारिवन ने कहा, “सबसे पहली प्राथमिकता भारत है। भारत बहुत खुश है। उसने एशियाई खेलों के पहले ही दिन भारत के लिए मेडल का खाता खोला।” उन्होंने कहा कि अब भारत के लिए और भी कई मेडल आ रहे हैं। डॉ. वलारिवन ने कहा, “हमारे प्रधानमंत्री का सपना सच हो रहा है। अब इसके नतीजे मिल रहे हैं।” उन्होंने बताया कि बच्चों और खिलाड़ियों को बचपन से ही चुना जा रहा है और उन्हें प्रशिक्षण के साथ आर्थिक मदद भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को पढ़ाई में भी मदद मिल रही है। वलारिवन ने कहा, “अगले ओलंपिक और कॉमनवेल्थ में हमारे मेडलों की संख्या बहुत ज्यादा होगी।” इसे भी पढ़ें: Asian Games Badminton: पीवी सिंधू और Unnati Hooda क्वार्टर फाइनल में हारीं, पदक की उम्मीदें खत्म मां ने बेटी की मेहनत को दिया कामयाबी का श्रेय एलावेनिल की मां डॉ. सरोजा वलारिवन ने कहा, “यह उसकी कड़ी मेहनत है, हमारे देश के लिए यह अच्छी खबर है।” उन्होंने कहा कि सरकार उनकी बेटी का साथ दे रही है। डॉ. सरोजा वलारिवन ने कहा, “पीएम मोदी उसका साथ दे रहे हैं। एकेडमी ने उसका साथ दिया है और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ गुजरात ने भी।” एलावेनिल वलारिवन की एशियाई खेलों में कामयाबी के बाद उनके अहमदाबाद लौटने पर एयरपोर्ट पर लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया।
Asian Games Badminton: पीवी सिंधू और Unnati Hooda क्वार्टर फाइनल में हारीं, पदक की उम्मीदें खत्म
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 27 सितंबर पी वी सिंधू और उन्नति हुड्डा साहसिक प्रदर्शन के बावजूद एशियाई खेल महिला एकल क्वार्टर फाइनल में हार गई जिससे इन खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत की झोली खाली रही। भारत ने हांगझोउ में पिछली बार खेलों में तीन पदक जीते थे जिसमें पुरूष टीम ने रजत, सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने पुरूष युगल में स्वर्ण और एच एस प्रणय ने पुरूष एकल में कांस्य पदक अपने नाम किया था। तीन साल बाद भारतीय पुरूष टीम ने कांस्य पदक जीता लेकिन कोई भी भारतीय खिलाड़ी विभिन्न वर्गों में सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सका। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू को 24 घंटे से भी कम समय में तीसरा मैच खेलना पड़ा जो तोक्यो ओलंपिक चैम्पियन चेन यू फेइ से 21 . 11, 18 . 21, 10 . 21 से हार गई। उन्नीस वर्ष की हुड्डा को तीन बार की विश्व चैम्पियन जापान की अकाने यामागुची ने 21 . 16, 14 . 21, 21 . 17 से हराया। इससे पहले त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी महिला युगल क्वार्टर फाइनल में दुनिया की पांचवें नंबर की मलेशियाई जोड़ी पीयरली तान और तिनाह मुरलीधरन से सीधे गेम में हारकर बाहर हो गई। पिछले महीने दिल्ली में विश्व चैम्पियनशिप में पहली बार कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय जोड़ी को विश्व चैम्पियनशिप 2025 की रजत पदक विजेता जोड़ी से 18 . 21, 9 . 21 से पराजय का सामना करना पड़ा। वहीं मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो को दुनिया की नंबर एक जोड़ी चीन की फेंग यान झि और हुआंग डोंगपिंग ने 21 . 14, 18 . 21, 21 . 18 से हराया। तनीषा ने मैच के बाद कहा ,‘‘यह निराशाजनक है कि हम पदक नहीं जीत सके लेकिन हमें अपने प्रयास पर गर्व है। हमने अंत तक जुझारूपन दिखाया।’’उन्होंने कहा ,‘‘ एशियाई खेलों से बहुत कुछ सीखा। हमने अच्छा बैडमिंटन खेला और चीन के खिलाफ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। हमने अपने खेल में काफी सुधार किया है। जीत की भूख काफी है और आत्मविश्वास बढा है।’’ध्रुव ने कहा ,‘‘ हमने दूसरे गेम में उन पर काफी दबाव बनाया। तीसरे गेम में अंतर काफी था लेकिन हम करीब पहुंचे हालांकि बेहतर कर सकते थे। हम अब ब्रेक लेकर आगे के बारे में सोचेंगे।’’सिंधू का चीनी खिलाड़ियों के खिलाफ इस मैच से पहले 7 . 9 का रिकॉर्ड था। उन्होंने जुलाई में जापान ओपन सुपर 750 खिताब जीतने के सफर में उसे हराया था। सिंधू 24 घंटे के भीतर तीसरा मैच खेल रही थी लेकिन शुरूआत में ही दबाव बना लिया। उन्होंने पहले गेम में 7 . 2 के बाद 11 . 8 की बढत बनाई। इसके बाद 21 . 11 से पहला गेम जीता। चेन ने हालांकि दमदार वापसी करते हुए 9 . 5 की बढत बनाई लेकिन सिंधू ने स्कोर 9 . 9 कर दिया। एक समय स्कोर 16 . 18 था लेकिन चेन ने दो गेम प्वाइंट और यह गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक खींचा। तीसरे गेम में शुरू ही में चेन ने बढत बना ली और सिंधू वापसी नहीं कर सकी। दूसरे मुकाबले में दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी यामागुची के स्ट्रोक्स में विविधता थी और उन्होंने काफी आक्रामक खेल दिखाया। ब्रेक के समय उनके पास 11 . 4 की बढत थी। उन्नति ने आक्रामक स्ट्रोक्स और स्मैश से वापसी की कोशिश की लेकिन 14 . 8 से आगे चल रही यामागुची ने लंबी रेली के बाद ड्रॉप शाट लगाया और चार गेम प्वाइंट बनाकर पहले को भुनाते हुए शुरूआती गेम जीत लिया। दूसरे गेम में उन्नति ने वापसी की और अच्छी रेलियां लगाते हुए जीत दर्ज करके मुकाबले को तीसरे गेम में पहुंचा दिया जिसमें यामागुची विजयी रही। वहीं त्रिसा और गायत्री अच्छे फॉर्म के साथ इन खेलों में आई थी और दुनिया की तीसरे नंबर की जोड़ी जापान की युकी फुकुशिमा और मायु मत्सुमोतो को हराया था। मलेशिया की आक्रामक जोड़ी के खिलाफ अब तक आठ में से वह छह मुकाबले हार चुके थे। शुरूआत में ही भारतीय जोड़ी 3 . 8 से पिछड़ गई लेकिन वापसी करते हुए स्कोर 10 . 10 किया। त्रिसा और गायत्री ने भी आक्रामक खेल दिखाते हुए हर शॉट का बराबरी से जवाब दिया और स्कोर 14.14 कर लिया। कुछ गलतियों के कारण हालांकि वे 14 . 17 से पीछे हो गए। मलेशियाई जोड़ी का एक शॉट बाहर जाने से भारतीय जोड़ी वापसी करती हुई दिखी लेकिन फिर पीयरली और तिनाह ने 19 . 16 से बढत बना ली। त्रिसा की शटल नेट में जाने से उन्हें चार गेम प्वाइंट मिले। भारतीय जोड़ी ने दो बचा लिये लेकिन एक स्मैश के साथ मलेशियाई जोड़ी ने गेम जीत लिया। दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी 3 . 0 से आगे थे लेकिन उनकी गलतियों का फायदा उठाते हुए मलेशियाई जोड़ी ने 7 . 3 से बढत बनाई। इसके बाद भारतीय जोड़ी 4 . 11 से पीछे हो गई। भारतीयों की गलतियों का सिलसिला जारी रहा और मलेशियाई खिलाड़ियों ने 12 मैच प्वाइंट बना लिये। इसके बाद त्रिसा और गायत्री के लिये वापसी असंभव हो गई।
Asian Games: Ankush Panghal ने मुक्केबाजी में पक्का किया भारत का पहला पदक
भारत के अंकुश पंघाल ने एशियाई खेलों में मुक्केबाजी में भारत का पहला पदक पक्का करते हुए पुरूषों के 80 किलो क्वार्टर फाइनल में रविवार को ताजिकिस्तान के नेकरूज सालिमोव को 5 . 0 से हराया। ग्लास्गो में पिछले महीने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले अंकुश ने सालिमोव को हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की की। एशियाई खेलों में पदार्पण कर रहे हरियाणा के इस मुक्केबाज ने मजबूत शुरूआत की और सीधे बायें और दायें हुक जैसे सटीक पंच लगाकर सालिमोव को दबाव में रखा। सालिमोव ने पलटवार की कोशिश की लेकिन उनके हमलों में दम नहीं था। पहले दौर में सभी पांच जज का फैसला अंकुश के पक्ष में रहा। दूसरे दौर में भी उन्होंने यही लय बनाये रखी और फिर पांचों जज के स्कोरकार्ड पर यह दौर भी अपने नाम किया। आखिरी दौर में भी सालिमोव पर दबाव बना रहा। ताजिकिस्तान के मुक्केबाज ने गति बढाकर कुछ पंच लगाये लेकिन अंकुश पहले ही अपनी स्थिति काफी मजबूत कर चुके थे। उन्होंने 5 . 0 से जीतकर इन खेलों में मुक्केबाजी में भारत का पहला पदक पक्का कर दिया।
Ishan Kishan Record: एशियन गेम्स 2026 (Asian Games 2026) का दूसरा क्वार्टर-फाइनल सोमवार, 28 सितंबर को भारत और अफगानिस्तान (IND vs AFG) के बीच निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क खेला जाएगा। गौरतलब है कि इस मुकाबले में टीम इंडिया के स्टार विकेटकीपर ईशान किशन (Ishan Kishan) एक ऐसा रिकॉर्ड बना सकते हैं, जो कि T20I में विराट कोहली (Virat Kohli) और रोहित शर्मा (Rohit Sharma) तक नहीं बना पाए। ये रिकॉर्ड India केसिर्फ एक ही क्रिकेटर नेबनाया है। SKY के रिकॉर्ड की बराबरी करने का मौका: ईशान किशन निशिन के मैदान पर अपनी बैटिंग से तूफान उठाकर 95 रन बनाते हैं, तो वो साल 2026 के कैलेंडर ईयर में अपने 1000 टी20 इंटरनेशनल रन पूरे कर लेंगे। खास बात ये है कि इसी के साथ वो मिस्टर 360 यानी सूर्यकुमार यादव की बराबरी कर लेंगे और भारत के लिए एक कैलेंडर में हजार या उससे ज्यादा टी20 इंटरनेशनल रन बनाने वाले सिर्फ दूसरे खिलाड़ी बन जाएंगे। SKY ने साल 2022 में ये कारनामा किया था। उन्होंने 31 मैचों में 1164 रन बनाए थे। वो मोहम्मद रिज़वान के बाद एक कैलेंडर ईयर में दूसरे सर्वाधिक T20I रन बनाने वाले बल्लेबाज़ भी हैं। बात करें ईशान किशन की तो ICT फैंस के तौर पर आपको जानकार खुशी होगी कि ईशान 2026 में सर्वाधिक T20I रन बनाने वाले क्रिकेटर हैं। उन्होंने 27 मैचों में 34.80 की औसत और 171.07 की स्ट्राइक रेट से 905 रन बनाए हैं। भारत के लिए एक कैलेंडर ईयर में सर्वाधिक टी20 इंटरनेशनल रन सूर्यकुमार यादव - 31 मैचों में 1164 रन (साल 2022) ईशान किशन -27 मैचों में 905 रन* (साल 2026) अभिषेक शर्मा - 21 मैचों में 859 रन (साल 2025) विराट कोहली - 20 मैचों में 781 रन (साल 2020) अभिषेक शर्मा- 27 मैचों में 743 रन (साल 2026) छक्कों का अर्धशतक: ईशान किशन 2026 में अपनी T20I छक्कों की हाफ सेंचुरी पूरी करने के भी बेहद करीब हैं। वो 44 छक्के लगा चुके हैं और अफगानिस्तान के खिलाफ 6 छक्के लगाकर ये मुकाम हासिल कर सकते हैं। अगर ईशान ऐसा कर लेते हैं तो वो 2026 में ये कारनामा करने वाले दुनिया के सिर्फ तीसरे क्रिकेटर होंगे। अब तक सिर्फ ऑस्ट्रिया के करणवीर सिंह (24 मैचों में 78 छक्के) और भारत के अभिषेक शर्मा (27 मैचों में 53 छक्के) ने ये खास हाफ सेंचुरी बनाई है। Also Read: LIVE Cricket Score भारतीय टीम का पूरा स्क्वाड: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, संजू सैमसन (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, अभिषेक शर्मा, यश ठाकुर, अर्शदीप सिंह, विपराज निगम, वैभव सूर्यवंशी, रवि बिश्नोई।
Sawan Barwal Silver Medal Asian Games 2026 Jogindernagar Himachal Story: मंडी के जोगिंद्रनगर के सावन बरवाल ने एशियन गेम्स में मैराथन का रजत पदक जीतकर हिमाचल का मान बढ़ाया। सड़क और रेलवे ट्रैक पर अभ्यास से शुरू हुआ सफर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा।
एशियाई खेल में भारतीय सैनिक मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने भारत के लिए पदक पक्का कर लिया है।
Asian Games 2026: एशियन गेम्स-2026 में पुष्पा राणा की कप्तानी में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने ईरान को 37-34 से हराकर स्वर्ण जीता। हिमाचल की चार बेटियों ने जीत में अहम भूमिका निभाई।
Asian Games 2026 India Medals Tally LIVE: मुक्केबाजी में भारत का एक और पदक पक्का, अब तक जीते 30 मेडल
Asian Games 2026 India Medals Tally LIVE: एशियन गेम्स 2026 में भारत ने अभी तक 4 गोल्ड समेत 30 मेडल जीत लिए हैं। आज 27 सितंबर को मुक्केबाजी में अंकुश पंघाल ने एक मेडल पक्का कर लिया है।
India Probable XI Vs AFG 2nd Quarter-Final Asian Games 2026: श्रेयस अय्यर की कैप्टेंसी वाली भारतीय टी20 टीम सोमवार, 28 सितंबर को निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में अफगानिस्तान के साथ एशियन गेम्स 2026 का दूसरा क्वार्टर-फाइनल खेलेगी। तो आइए आज इस खास आर्टिकल के जरिए हम आपको बताते हैं कि इस रोमांचक मुकाबले के लिए भारतीय टीम की संभावित प्लेइंग इलेवन कैसी हो सकती है। यश ठाकुर की जगह जसप्रीत बुमराह: इंडिया की एशियन गेम्स स्क्वाड में 27 वर्षीय तेज गेंदबाज़ यश ठाकुर को चुना गया है, जिन्हें हाल ही में जापान के खिलाफ ऐतिहासिक टी20 मुकाबला खेलने का मौका मिला। उन्होंने IPL और दूसरे घरेलू टूर्नामेंट में अपनी गेंदबाज़ी से प्रभावित करके भारतीय टी20 टीम में जगह बनाई है। हालांकि उन्हें एशियन गेम्स के क्वार्टर-फाइनल में खेलने का मौका मिलेगा, इसके आसार बेहद कम हैं। यश ठाकुर को जसप्रीत बुमराह के लिए जगह बनानी पड़ सकती है, जो कि टीम इंडिया के सबसे बड़े गेंदबाज़ और मैच विनर्स में से एक हैं। उन्हें भारत-जापान टी20 में आराम दिया गया था। वो 98 टी20 इंटरनेशनल में 124 विकेट ले चुके हैं। बात करें यश ठाकुर की तो उन्होंने 4 टी20 इंटरनेशनल खेलकर 5 विकेट चटकाए हैं। स्पिनरों की तिकड़ी: निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क की पिच स्लो है जहां पर स्पिन गेंदबाज़ काफी कहर बरपाते हैं। ऐसे में टीम इंडिया भी अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर और रवि बिश्नोई की स्पिन तिकड़ी के साथ मैदान पर उतर सकती है। भारत-जापान टी20 में भी इन तीनों ने ही मिलकर 5 ओवर में 32 रन बचाए थे और टीम इंडिया को जीत दिलाई थी। बताते चलें टी20 इंटरनेशनल में अक्षर पटेल 105 विकेट, रवि बिश्नोई 71 विकेट और वाशिंगटन सुंदर 53 विकेट ले चुके हैं। भारतीय टीम की संभावित प्लेइंग इलेवन: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह। Also Read: LIVE Cricket Score भारतीय टीम का पूरा स्क्वाड: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, संजू सैमसन (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, अभिषेक शर्मा, यश ठाकुर, अर्शदीप सिंह, विपराज निगम, वैभव सूर्यवंशी, रवि बिश्नोई।
Top Cricket News: भारत-वेस्टइंडीज ODI, Asian Games क्वार्टर फाइनल, SA vs AUS, Josh Inglis की चोट और ENG vs SL ODI से जुड़ी आज की 5 बड़ी क्रिकेट खबरें पढ़ें। भारत-वेस्टइंडीज के बीच आज खेला जाएगा पहला ODI, तिरुवनंतपुरम में होगी दोनों टीमों की टक्कर Asian Games के क्वार्टर फाइनल मुकाबले की टीमें हुई तय, अफगानिस्तान से भिड़ेगी टीम इंडिया साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच दूसरा वनडे आज, जोहान्सबर्ग में होगी घमासान जंग ऑस्ट्रेलिया को लगा झटका, Injured होकर साउथ अफ्रीका ODI सीरीज से बाहर हुए Josh Inglis इंग्लैंड-श्रीलंका के बीच आज लंदन में खेला जाएगा निर्णायक वनडे मुकाबला, सीरीज जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी दोनों टीमें। Also Read: LIVE Cricket Score
Asian Games 2026 Live: मनु भाकर एक्शन में; बैडमिंटन में तनीषा-ध्रुव ने विश्व नंबर-1 जोड़ी को चौंकाया
नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है।एशियन गेम्स 2026 में 27 सितंबर को भारत के लिए कई अहम मुकाबले होंगे।
Asian Games 2026 Live Updates: अनाहत सिंह से गोल्ड की उम्मीद, एथलेटिक्स के इवेंट पर भी रहेंगी नजरें
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल के लिए 27 सितंबर का दिन काफी अहम रहने वाला है, जिसमें स्क्वैश के महिला और पुरुष दोनों ही गोल्ड मेडल मुकाबले पर नजरें रहेंगी, क्योंकि यदि भारतीय खिलाड़ी जीत हासिल करने में कामयाब होते हैं तो वह ओलंपिक 2028 के लिए क्वालीफाई कर जाएंगे।
Asian Games 2026 में भारत का आज का शेड्यूल, 27 सितंबर; कितने मेडल दांव पर
India Asian Games 2026 schedule today: एशियन गेम्स में भारत अभी तक 4 गोल्ड समेत 30 मेडल जीत चुका है। आज इन मेडल्स की संख्या को बढ़ाने का भारतीय एथलीट्स के पास शानदार मौका है। एक नजर शेड्यूल पर
Bhiwani News: एशियाई खेलों में प्रिया घणघस की शानदार जीत, क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं
एशियाई खेलों में प्रिया घणघस की शानदार जीत, क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं
नई दिल्ली, 27 सितंबर (आईएएनएस)। भारत के सावन बरवाल ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष मैराथन में सिल्वर मेडल जीता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियाई खेलों में पुरुषों की मैराथन में ऐतिहासिक सिल्वर मेडल जीतने पर सावन बरवाल को बधाई दी।
Asian Games के लिए बुलेट ट्रेन से नागोया पहुंची टीम इंडिया! GOLD पर नजर
भारतीय टीम एशियन गेम्स में अपने सफर की शुरुआत 28 सितंबर से करने वाली है. भारतीय टीम की पहली टक्कर अफगानिस्तान से होगी. इस मुकाबले में अपना दमखम दिखाने के लिए भारतीय खिलाड़ी पूरी तरह तैयार हैं.
Asian Games में Sawan Barwal ने मैराथन में 44 साल बाद जीता रजत पदक
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 26 सितंबर सावन बरवाल ने एशियाई खेलों में शनिवार को पुरूषों की मैराथन फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ समय निकालकर ऐतिहासिक रजत पदक जीता जो इस स्पर्धा में भारत का 44 साल बाद पहला पदक है, वहीं अनुभवी गोला फेंक एथलीट तजिंदरपाल सिंह तूर भी दूसरे स्थान पर रहे जिससे देश के ट्रैक एवं फील्ड खिलाड़ियों के लिए दिन मिला-जुला रहा। वहीं प्राची चौधरी ने 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर भारत के एथलेटिक्स पदकों की संख्या आठ कर दी। प्रतियोगिताओं के चौथे दिन मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में पूरे दिन लगातार हल्की बारिश होती रही जिससे मैदान गीला रहा। प्रतियोगिता के तीन दिन अभी बाकी हैं, लेकिन भारतीय एथलेटिक्स टीम को अब भी अपने पहले स्वर्ण पदक की तलाश है। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) को कम से कम 25 पदक जीतने की उम्मीद है। इस दिन दो मजबूत पदक दावेदार और पिछले चरण के पदक विजेता धाविका ज्योति याराजी (100 मीटर बाधा दौड़) और त्रिकूद एथलीट प्रवीण चित्रावेल चोटिल होने के कारण अपनी-अपनी स्पर्धाओं से हट गए। एएफआई के एक अधिकारी के अनुसार याराजी ने ‘वार्म-अप’ के दौरान दर्द महसूस होने के बाद स्पर्धा से नाम वापस ले लिया। वहीं चित्रावेल ने अपना पहला प्रयास पूरा नहीं कर पाने के बाद पैर में दर्द होने पर प्रतियोगिता से हटने का फैसला किया। दिन की शुरूआत शानदार रही। सेना के 28 वर्ष के खिलाड़ी बरवाल ने दो घंटे 11 मिनट 37 सेकंड में 42 . 195 किलोमीटर की मैराथन पूरी की। वह स्वर्ण पदक जीतने वाले जापान के इचिताका यामाशिता से 48 सेकंड पीछे रहे जिन्होंने दो घंटे 10 मिनट 49 सेकंड का समय निकाला। चीन के पेइयू फेंग दो घंटे 12 मिनट 13 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहे। एशियाई खेलों में मैराथन में इससे पहले 1982 में दिल्ली में होसुर कुक्काप्पा सीतारन ने भारत को कांस्य पदक दिलाया था। बरवाल एशियाई खेलों में मैराथन में पदक जीतने वाले चौथे भारतीय भी बन गए। दिल्ली में 1951 में पहले एशियाई खेलों में छोटा सिंह ने स्वर्ण और सूरत सिंह माथुर ने कांस्य पदक जीता था। बरवाल ने 5000 मीटर, 10000 मीटर और हाफ मैराथन दौड़ने के बाद इसी साल मैराथन में पदार्पण किया। अप्रैल में बरवाल ने रॉटरडम में एनएन मैराथन में शिवनाथ सिंह का 48 साल पुराना दो घंटे 11 मिनट 58 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था। उन्होंने रेस के बाद कहा ,‘‘ मेरा लक्ष्य पदक जीतना था, अपना रिकॉर्ड बेहतर करना नहीं। लेकिन यह भी राष्ट्रीय रिकॉर्ड है। मुझे खुशी है कि इतने लंबे समय बाद देश के लिये पदक जीत सका।’’बरवाल आधी रेस पूरी होने तक दूसरे स्थान पर चले गए थे। उन्होंने कहा ,‘‘ मेरा लक्ष्य 39 . 40 किमी तक पहले ग्रुप में रहना था। मैं पहले ग्रुप में रहा और आखिरी एक दो किमी में फिनिश करने का फैसला किया। आखिर में 38 . 37 किमी में तीन ही रनर थे। मैने एक सी रफ्तार बनाये रखने की कोशिश की।’’हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के बरवाल के पिता दिल्ली में ड्राइवर का काम करते थे और मां सुभद्रा देवी गृहिणी है। भारत के कार्तिक करकेरा दो घंटे 22 मिनट 41 सेकंड के समय के साथ 19 धावकों में 17वें स्थान पर रहे। तूर स्वर्णिम हैट्रिक से चूके :तूर की लगातार तीन स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश रजत पदक के साथ खत्म हुई। बारिश के कारण मुश्किल परिस्थितियों से जूझते हुए तूर ने 20.64 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया और दूसरे स्थान पर रहते हुए लगातार तीसरा एशियाई खेल पदक हासिल किया। ईरान के मोहम्मदरेजा तैयबीसे ने एशियाई खेलों का रिकॉर्ड तोड़ा और 20.81 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस तरह उन्होंने 2018 में तूर द्वारा बनाए गए 20.75 मीटर के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। सऊदी अरब के मोहम्मद टोलू ने 20.48 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। तूर ने 2018 में जकार्ता और 2022 में हांग्झोउ में स्वर्ण पदक जीते थे। लेकिन इसके साथ उनका खेल रिकॉर्ड भी टूट गया क्योंकि तैयबिसे ने आठ साल पहले उनके द्वारा बनाए 20.75 मीटर के थ्रो को बेहतर कर दिया। पंजाब के एथलीट तूर ने कहा, ‘‘मैं स्वर्ण पदकों की हैट्रिक का लक्ष्य लेकर चल रहा था। मेरा शरीर अच्छा महसूस कर रहा था, मैं अच्छी लय में था। मुझे विश्वास था कि मैं छठे प्रयास तक अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर सकता हूं और 21 मीटर हासिल कर सकता हूं। इसलिए मैं थोड़ा निराश हूं और अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं हूं। ’’उन्होंने कहा कि भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) को स्वर्ण पदक जीतने का भरोसा था, लेकिन फिर भी वह पदक के साथ लौटकर खुश हैं। तूर ने कहा, ‘‘एएफआई ने मुझ पर भरोसा जताया और कहा कि मेरे पास स्वर्ण जीतने की क्षमता है। मैं ऐसा नहीं कर सका लेकिन मैंने भारत के लिए रजत जीता और पदक तो पदक होता है। ’’वर्ष 2023 में 21.77 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ निशान बनाने वाले 31 वर्षीय तूर ने यह भी खुलासा किया कि खेलों से पहले की तैयारी के दौरान वह मामूली चोटों से जूझ रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले तीन महीनों से मैं मामूली चोटों की समस्याओं का सामना कर रहा था। बारिश के कारण सही पकड़ बनाना भी मुश्किल था और टर्न लेते समय फिसलने का डर रहता है।’’इस स्पर्धा में भारत के एक अन्य एथलीट करणवीर सिंह 10वें स्थान पर रहे। प्राची को कांस्य :उत्तर प्रदेश की प्राची ने महिला 400 मीटर दौड़ के फाइनल में 53.21 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक अपने नाम किया। बहरीन की सलवा नासेर ने 49.20 सेकंड के इन खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। ईरान की जहरा जारेई मनौजान ने 52.38 सेकंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। फाइनल में शामिल एक अन्य भारतीय धाविका किरण पहल 53.41 सेकंड के समय के साथ पांचवें स्थान पर रहीं। प्राची ने अब अपना ध्यान चार गुणा 400 मीटर रिले पर केंद्रित कर लिया है। उन्होंने कहा कि शनिवार को व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक जीतकर उन्होंने अपनी क्षमता साबित कर दी है। उन्होंने कहा, ‘‘यह पदक मेरे लिए बेहद खास है क्योंकि लोग लगातार मुझसे कहते रहे हैं कि मैं केवल रिले स्पर्धाओं में ही पदक जीत सकती हूं। आज मैंने साबित कर दिया है कि मैं व्यक्तिगत 400 मीटर स्पर्धा में भी पदक जीत सकती हूं, और वह भी एशियाई खेलों में। ’’पुरुषों की 400 मीटर फाइनल स्पर्धा में राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी विशाल टीके 45.48 सेकंड के समय के साथ पांचवें स्थान पर रहे। महिलाओं की 1500 मीटर फाइनल स्पर्धा में पारुल चौधरी और पूजा क्रमशः चौथे और छठे स्थान पर रहीं। पारुल ने चार मिनट 9.46 सेकंड जबकि पूजा ने 4:16.78 सेकंड का समय दर्ज किया। इस बीच राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी अनीमेश कुजूर ने सेमीफाइनल की तीसरी हीट में 20.81 सेकंड के समय के साथ दूसरा स्थान हासिल कर पुरुषों की 200 मीटर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। नंदिनी कोंगन ने भी महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में जगह बनाई। उन्होंने अपनी हीट में 13.48 सेकंड के समय के साथ चौथा स्थान हासिल किया।
Asian Games में छाए भारतीय जांबाज, झोली में आए इतने मेडल
एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का जलवा इन दिनों सातवें आसमान पर है. शनिवार को भारत की झोली में 7 मेडल आए. जिससे मेडलों की संख्या बढ़कर अब 30 हो गई है. आज का दिन पूरी तरह से कबड्डी के नाम रहा, जहां हमारी पुरुष और महिला दोनों टीमों ने गोल्ड पर कब्जा जमाया.
देश-विदेश की बड़ी खबरें: Asian Games कबड्डी में भारत को दोहरा स्वर्ण, निर्वाचन आयोग पर घमासान
नयी दिल्ली, 26 सितंबर की विभिन्न फाइल से शनिवार शाम छह बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार है: दि2 कांग्रेस निर्वाचन आयोगउच्चतम न्यायालय को तत्काल संज्ञान लेकर ज्ञानेश कुमार को जवाबदेह ठहराना चाहिए: कांग्रेसनयी दिल्ली, कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े विवाद के बीच शनिवार को कहा कि उच्चतम न्यायालय को इस मामले का तत्काल संज्ञान लेना चाहिए और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जवाबदेह ठहराना चाहिए। प्रादे87 केरलम शाह महिलासहकारिता के माध्यम से महिला सशक्तीकरण मोदी सरकार का प्रमुख उद्देश्य: अमित शाहकोल्लम (केरलम), केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि सहकारिता के माध्यम से महिला सशक्तीकरण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है। खेल49 खेल एशियाड कबड्डी संपूर्ण लीड भारतएशियाड कबड्डी में भारत का दबदबा कायम, पुरुष और महिला दोनों टीमों ने जीता स्वर्णनागोया, एशियाई खेलों की कबड्डी प्रतियोगिता में भारत का दबदबा बरकरार रहा जहां पुरुष और महिला दोनों टीमों ने शनिवार को खिताबी मुकाबलों में चिर-परिचित प्रतिद्वंद्वी ईरान को हराकर अपने स्वर्ण पदक का बचाव किया। प्रादे66 बंगाल ममतापार्टी नेताओं को ‘नजरबंद’ किया गया : ममता बनर्जीकोलकाता, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को आरोप लगाया कि उनके नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस के गुट के नेताओं को “नजरबंद” रखा गया है और श्रीरामपुर में एक रैली में शामिल होने से रोका गया है। प्रादे80 बिहार सीजेआई छात्रन्यायपालिका छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के अधिकार की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध : प्रधान न्यायाधीशपटना, प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने शनिवार को कहा कि न्यायपालिका छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के मौलिक अधिकार की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और जब इस अधिकार का उल्लंघन होगा तो अदालतें इससे नजर नहीं फेरेंगी। प्रादे95 महाराष्ट्र दूसरीलीड सूखामहाराष्ट्र सरकार ने 358 तालुकों में 265 को सूखा प्रभावित घोषित कियामुंबई, महाराष्ट्र सरकार ने शनिवार को राज्य के 358 तालुकों में से 265 को सूखा प्रभावित घोषित करते हुए राहत उपायों की घोषणा की, जिनमें फसल ऋण नियमों को आसान बनाने, भू-राजस्व में छूट और बिजली बिल में सब्सिडी शामिल है। प्रादे90 उत्तराखंड बारिशभारी बारिश के बीच चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित, पांच जिलों में स्कूल बंददेहरादून, उत्तराखंड में भारी बारिश के बीच मौसम विभाग के ‘रेड’ और ‘ऑरेंज अलर्ट’ को देखते हुए शनिवार को चारधाम यात्रा 27 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी गई जबकि एहतियातन पांच जिलों में स्कूल भी बंद कर दिये गये। प्रादे88 बंगाल नमो सेवा नाटक कॉलेजकोलकाता: कॉलेज छात्रों ने ‘नमो सेवा’ नाटक में भाग लेने के लिए दबाव बनाए जाने का आरोप लगायाकोलकाता, पश्चिम बंगाल की राजधानी स्थित स्कॉटिश चर्च कॉलेज के कुछ छात्रों ने आरोप लगाया है कि ‘नमो सेवा-अनटोल्ड स्टोरीज’ नामक नाटक में भाग लेने से इनकार करने पर उन्हें प्रतिकूल परिणाम भुगतने की धमकी दी गई, लेकिन संस्थान की प्राचार्य ने इस आरोप से इनकार किया है। प्रादे65 उप्र लीड दीवार मौतदीवार ढहने की अलग-अलग घटनाओं में पांच लोगों की मौतलखीमपुर खीरी/अमेठी/बाराबंकी(उप्र), उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी, अमेठी और बाराबंकी जिलों में दीवार ढह जाने की अलग-अलग घटनाओं में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गयी तथा पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की जान चली गयी। पुलिस ने इसकी जानकारी दी। वि6 संरा भारत पाकिस्तानभारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के ‘झूठ’ और ‘छल’ पर साधा निशानासंयुक्त राष्ट्र, भारत ने पाकिस्तान को एक ‘‘कठपुतली शासन’’ करार देते हुए संयुक्त राष्ट्र में उसके ‘‘झूठ’’ और ‘‘छल’’ पर तीखा प्रहार किया तथा चेतावनी दी कि इस्लामाबाद की ओर से लगातार जारी आतंकवाद के गंभीर परिणाम होंगे। अर्थ8 विनिर्माण सीतारमणसरकार निर्भरता खत्म करने के लिए विनिर्माण क्षेत्र को जरूरी समर्थन दे रही: सीतारमणपुडुचेरी, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश में विनिर्माण को बढ़ावा देने और दूसरे देशों पर निर्भरता कम करने के लिए उद्योगों को जरूरी समर्थन देने के मकसद से आम बजट में कई घोषणाएं की हैं। ‘द कन्वरसेशन’ से अनुबंध के तहत जारी खबरें : वि13 जेन जी कार्यस्थल संवादकार्यस्थल पर ‘जेन जी’ के संवाद करने का तरीका अलग होने के बावजूद वरिष्ठ सहकर्मी उन्हें समझ सकते हैंबोस्टन, कार्यस्थल पर पीढ़ियों के बीच अंतर को लेकर भले ही काफी चर्चा होती हो, लेकिन इनमें से कुछ सबसे बड़े अंतर बेहद सामान्य और रोजमर्रा के पलों में नजर आते हैं।
Asian Games Kabaddi में भारत का जलवा, पुरुष और महिला टीमों ने Iran को हराकर जीता Gold
... अजय मसंद ...नागोया, 26 सितंबर एशियाई खेलों की कबड्डी प्रतियोगिता में भारत का दबदबा बरकरार रहा जहां पुरुष और महिला दोनों टीमों ने शनिवार को खिताबी मुकाबलों में चिर-परिचित प्रतिद्वंद्वी ईरान को हराकर अपने स्वर्ण पदक का बचाव किया। पुरुष टीम ने 40-34 से जबकि महिला टीम ने रोमांचक मुकाबले में 37-34 से जीत दर्ज की। पुरुष टीम का यह एशियाई खेलों में नौवां और महिला टीम का चौथा स्वर्ण पदक है। पुरुष टीम की जीत की खास बात यह रही कि उसके सबसे अनुभवी खिलाड़ी पवन सहरावत को मैट पर उतरने की जरूरत ही नहीं पड़ी। मुकाबले के बीच में जब गत चैंपियन टीम नियंत्रण के लिए संघर्ष कर रही थी, तब रेडर अर्जुन देशवाल और देवांक ने निर्णायक क्षणों में संयम दिखाते हुए मुकाबले का रुख भारत के पक्ष में मोड़ दिया। ईरान ने हर अंक के लिए पूरी ताकत झोंकी और शारीरिक खेल में भारत को कड़ी चुनौती दी। उसने आखिरी के कुछ मिनटों को छोड़कर भारतीय टीम को लय में आने का मौका नहीं दिया। मध्यांतर तक ईरान 18-17 से आगे था और भारत पर दबाव साफ दिखाई दे रहा था। भारतीय खिलाड़ियों ने हालांकि धैर्य नहीं खोया। उन्होंने खेल की गति बदली, अपने रेडरों पर भरोसा जताया और अनुभव का इस्तेमाल किया। अर्जुन और देवांक बार-बार ईरान के पाले में ज्यादा अंदर तक जाने में सफल रहे और सही मौके चुने और अहम अंक लेकर लौटे। इससे धीरे-धीरे ईरान दबाव में आने लगा। सहरावत ने मैच के बाद कहा, ‘‘मध्यांतर में ईरान 18-17 से आगे था। हमने रणनीति बनाई कि केवल उन्हीं रेडरों को भेजा जाएगा जो विपक्षी खिलाड़ियों पर दबदबा बना सकें। देशवाल और देवांक ने यह काम बखूबी किया और उनकी रेड ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।’’रणनीति में बदलाव सिर्फ रेडरों तक सीमित नहीं रहा। शुरुआती दौर में जरूरत से ज्यादा आगे जाकर फंसने वाले असलम मुस्तफा को डिफेंस में भेजा गया, जहां उन्होंने अधिक प्रभावी भूमिका निभाई। भारत ने अपनी रक्षापंक्ति भी मजबूत की, जिससे ईरान के रेडरों के लिए आसान अंक हासिल करना मुश्किल हो गया। मुकाबले का निर्णायक मोड़ तब आया जब भारत ने ऑलआउट कर अपनी बढ़त 29-24 कर ली। स्वर्ण पदक करीब दिखने लगा तो भारतीयों ने जल्दबाजी के बजाय खेल की गति धीमी कर दी। रेडर मिडलाइन के आसपास रहे, मौके का इंतजार किया और बिना जोखिम उठाए सुरक्षित लौटते रहे। ईरान के पास अंक जुटाने के लिए जोखिम उठाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। उसके रेडर भारतीय पाले में ज्यादा गहराई तक आने लगे, लेकिन मजबूत होती भारतीय रक्षापंक्ति ने उन्हें अंक जुटाने के कम मौके दिये। हर नाकाम रेड के साथ ईरान पर दबाव बढ़ता गया और भारत अपनी बढ़त के सहारे धैर्य से खेलता रहा। महिला टीम ने भी दबाव भरे मुकाबले में संयम बनाए रखते हुए रिकॉर्ड चौथा स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारत की महिला कबड्डी टीम ने जकार्ता में 2018 में हुए खेलों के अलावा 2010 में ग्वांग्झू खेलों में महिला कबड्डी के पदार्पण के बाद से हर एशियाई खेल में स्वर्ण पदक जीता है। जकार्ता में उसे फाइनल में ईरान ने हराया था। ईरान इस खेल में भारत का कठिनतम प्रतिद्वंद्वी रहा है लेकिन मुकाबले में अनुभवहीनता उसके लिये नुकसानदेह साबित हुई। भारत ने ग्रुप चरण में ईरान को हराया था और उसकी कमजोरियों का एक बार फिर फायदा उठाया। ईरान के खिलाड़ियों के पास ऊंचा कद और तकनीक थी लेकिन अनुभव नहीं था। भारत ने हाफ टाइम तक 22-16 से बढत बना ली थी लेकिन दूसरे हाफ में ईरान ने वापसी करके स्कोर अंतर सिर्फ एक अंक का करके स्कोर 26-27 कर दिया। भारत एक समय 27-22 से आगे था लेकिन ईरान की एटेना मदादी ने चार अंक की रेड करके स्कोर 27-26 कर दिया। भारतीय डिफेंस ने इसके बाद संभलकर ईरान को मौके नहीं दिये। भारत की बढत एक बार फिर तीन अंक की ही रह गई जब पिंकी रेडर को पकड़ने में नाकाम रही लेकिन संजू ने रेड पर दो ईरानी खिलाड़ियों को पकड़कर दो अंक बनाये। पुष्पा राणा ने ईरान के अगले हमले पर जबर्दस्त टैकल के जरिये भारत को 34-28 से आगे कर दिया जिस समय चार मिनट का खेल बाकी था। ईरान ने आखिर में पूरा जोर लगाकर अंतर 37-34 का किया लेकिन भारत को जीत से नहीं रोक सके। इस जीत के बाद भारतीय टीम ने मैदान का चक्कर लगाते हुए ‘वंदे मातरम’ गीत गाया। महाराष्ट्र की दिग्गज कबड्डी खिलाड़ी सोनाली शिंगेत ने कहा ,‘‘ ईरान काफी कठिन प्रतिद्वंद्वी है और हमें पता था कि ग्रुप चरण का मुकाबला जीतने के बावजूद हमें कड़ी चुनौती मिलेगी। हमने उनके कमजोर बायें फ्लैंक का फायदा उठाया।
आइची-नागोया में चल रहे एशियाई खेलों में भारतीय कबड्डी ने एक बार फिर पूरी दुनिया में अपना लोहा मनवाया है। शनिवार का दिन भारतीय खेल इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया जब भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमों ने 'गोल्डन डबल' हासिल किया। महिला टीम द्वारा ईरान को रोमांचक मुकाबले में हराने के बाद, पुरुष टीम ने भी ईरान को 40-34 से हराकर एशियाई खेलों का अपना खिताब बरकरार रखा और देश की झोली में नौवां गोल्ड मेडल डाला। पुरुष टीम की जीत का आधार तनावपूर्ण पहले हाफ के बाद दिखाया गया संयम था। ब्रेक के समय 17-18 से पीछे रहने के बाद, सुनील कुमार की टीम ने खेल दोबारा शुरू होने पर अपनी तीव्रता बढ़ाई। उन्होंने डिफेंस को मजबूत किया और अटैक में बेहतर लय हासिल करते हुए ईरान की मजबूत टीम पर बढ़त बना ली। भारत बनाम ईरान, एशियाई खेल कबड्डी हाइलाइट्स ईरान ने भारत को हर पॉइंट के लिए कड़ी टक्कर दी और फ़ाइनल को एशियाई दिग्गजों के बीच एक और यादगार मुकाबले में बदलने की कोशिश की। लेकिन तीन साल पहले हांगझोऊ में हुए गोल्ड मेडल के हंगामेदार मुकाबले के उलट, भारत ने सबसे अहम मौकों पर अपना संयम बनाए रखा। छह पॉइंट के अंतर से मिली यह जीत एशियाई खेलों के पिछले तीन संस्करणों में ईरान के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी जीत थी। हांगझोऊ में, भारत 33-29 से जीता था, लेकिन उस फ़ाइनल पर रेफरी से जुड़े लंबे विवाद का साया पड़ा था। स्कोर 28-28 से बराबर था और खेल खत्म होने में एक मिनट से भी कम समय बचा था, तभी एक विवादित रेड को लेकर दोनों टीमों ने विरोध किया और खेल लगभग एक घंटे तक रुका रहा, जिसके बाद मुकाबला फिर से शुरू हुआ। आइची-नागोया में ऐसा कोई ड्रामा नहीं हुआ इसके बजाय, भारत ने दूसरे हाफ में धीरे-धीरे खेल पर पकड़ बनाई और यह सुनिश्चित किया कि ईरान हांगझोऊ की तरह आखिरी समय में वापसी न कर सके। खेल के आखिरी पलों में खिताब लगभग पक्का हो जाने के बाद, कप्तान सुनील ने आखिरी रेड के दौरान ईरानी खिलाड़ियों की ओर इशारा करते हुए संकेत दिया कि भारत का काम पूरा हो गया है। इस जीत ने एशियाई खेलों में पुरुषों की कबड्डी में भारत के शानदार दबदबे को और बढ़ाया। यह इस इवेंट में उनका नौवां गोल्ड मेडल है; एकमात्र हार 2018 में जकार्ता में मिली थी, जब ईरान ने सेमीफाइनल में भारत को हराकर उनका लंबा दबदबा खत्म कर दिया था। भारत ने हांगझोऊ में खिताब वापस हासिल किया और अब आइची-नागोया में सफलतापूर्वक इसका बचाव किया है। इससे पहले दिन में, महिला टीम ने ईरान को एक और रोमांचक फ़ाइनल में 37-34 से हराकर 'गोल्डन डबल' का पहला हिस्सा पूरा किया था। महिलाओं का प्रदर्शन काफ़ी शानदार रहा। पिछली बार की चैंपियन टीम ग्रुप स्टेज में बिना कोई मैच हारे आगे बढ़ी, जिसमें ईरान पर 37-23 की जीत भी शामिल थी। इसके बाद उन्होंने जापान को 50-25 से बुरी तरह हराया और फिर सेमीफ़ाइनल में नेपाल को 48-24 से मात दी। लेकिन फ़ाइनल का मुक़ाबला बिल्कुल भी आसान नहीं था। ईरान की टीम पूरे समय भारत को कड़ी टक्कर देती रही, जिससे भारत को मैच के आखिरी पलों में अपने अनुभव और मज़बूत डिफ़ेंस पर निर्भर रहना पड़ा। 37-34 की इस जीत के साथ भारत ने एशियाई खेलों में महिला कबड्डी का चौथा गोल्ड मेडल जीता और भारतीय कबड्डी के लिए एक यादगार दिन पूरा किया। दो फ़ाइनल, ईरान पर दो जीत और दो गोल्ड मेडल - भारत की कबड्डी टीमों ने एक बार फिर एशियाई मंच पर अपना दबदबा साबित कर दिया।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। 26 सितंबर, शनिवार को भारत को कबड्डी में दूसरा गोल्ड मिला है। पवन सेहरावत की कप्तानी में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। फाइनल में भारत ने ईरान को 40-34 से हराया। वहीं इससे पहले विमेंस कबड्डी टीम ने फाइनल में ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।फाइनल में भारत और ईरान के बीच मुकाबला काफी कड़ा रहा, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने आखिर तक बढ़त बनाए रखी और जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारत ने एशियन गेम्स के पुरुष कबड्डी इतिहास में अपना नौवां स्वर्ण पदक हासिल किया।भारत ने अबतक जीते 4 गोल्ड मेडलभारत ने एशियन गेम्स 2026 में अब तक चार गोल्ड मेडल जीत लिए हैं। एशियन गेम्स में भारत के लिए पहला गोल्ड महिला क्रिकेट टीम ने जीता था। वहीं इसके बाद शूटिंग मिक्स्ड टीम और कबड्डी की महिला व पुरुष टीमों ने गोल्ड जीता। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 28 हो गई है, जिसमें 4 गोल्ड, 11 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। पदक तालिका में भारत फिलहाल संयुक्त रूप से 10वें स्थान पर है। वहीं चीन सबसे ऊपर है, जबकि जापान दूसरे और दक्षिण कोरिया तीसरे स्थान पर है।एशियन गेंम्स में भारत का प्रदर्शनएशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने शुरुआत से ही शानदार खेल दिखाया। ग्रुप ए के पहले मुकाबले में भारत ने 21 सितंबर को जापान को 49-24 से हराया। इसके बाद टीम ने दक्षिण कोरिया के खिलाफ 63-31 से बड़ी जीत दर्ज की। भारत का शानदार प्रदर्शन आगे भी जारी रहा और उसने बांग्लादेश को 48-25 तथा चीनी ताइपे को 37-21 से हराकर ग्रुप चरण में अपना दबदबा बनाए रखा। एशियन गेम्स 2026 के पुरुष कबड्डी में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल का टिकट पक्का किया। शुक्रवार को खेले गए सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने थाईलैंड को 66-28 के बड़े अंतर से हराया। वहीं, दूसरे सेमीफाइनल में ईरान ने चीनी ताइपे को 59-21 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई।कबड्डी में भारत का इतिहासएशियन गेम्स में पुरुष कबड्डी की शुरुआत 1990 में हुई थी और तब से भारत का इस खेल में दबदबा रहा है। भारत ने 2018 को छोड़कर हर बार पुरुष कबड्डी में गोल्ड मेडल जीता है। 2018 के एशियन गेम्स में भारतीय टीम फाइनल तक नहीं पहुंच सकी थी और उसे चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा था। इसके बाद टीम ने फिर से मजबूत वापसी की और अब 2026 में एक बार फिर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।महिला कबड्डी टीम ने ईरान को दी मातइससे पहले भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल में भारत ने ईरान को 37-34 से हराकर खिताब जीत लिया। मुकाबला काफी रोमांचक रहा और आखिरी समय तक दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। इस जीत के साथ भारत ने महिला कबड्डी में अपना चौथा एशियन गेम्स गोल्ड मेडल हासिल किया।
Asian Games 2026: भारत ने जीते 2 गोल्ड, मेंस कबड्डी ने ईरान को हराकर फिर रचा इतिहास
एशियन गेम्स के सातवें दिन भारत को अब तक 2 गोल्ड, 2 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज समेत कुल पांच पदक मिलने की जानकारी है। कबड्डी के अलावा एथलेटिक्स और शूटिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पोडियम पर जगह बनाई।
BREAKING : Asian Games Kabaddi: भारत ने ईरान को हराकर जीते 2 गोल्ड मेडल! महिला और पुरुष दोनों टीमें बनीं चैंपियन!
Asian Games Men Hockey: भारत ने जापान को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह
गत चैंपियन भारत ने शनिवार को यहां पूल ए के कड़े मुकाबले में मेजबान जापान को 2-0 से हराकर एशियाई खेलों की पुरुष हॉकी प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। भारत ने इससे पहले अपने शुरुआती तीन पूल मुकाबलों में इंडोनेशिया को 13-1, श्रीलंका को 16-1 और दक्षिण कोरिया को 8-2 से करारी शिकस्त दी थी। यह भारत की लगातार चौथी जीत थी जिससे उनका अजेय अभियान जारी रहा। भारत 28 सितंबर को बांग्लादेश के खिलाफ अपना अंतिम पूल मैच खेलेगा, जिसमें उसके शानदार जीत दर्ज करने की उम्मीद है। जापान के खिलाफ अभिषेक (15वें मिनट) ने मैदानी प्रयास से गोल किया जबकि कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 40वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला। पहले दो क्वार्टर बेहद रोमांचक रहे जिसमें जापान ने अपने आक्रामक खेल से भारत को कड़ी टक्कर दीलेकिन गत चैंपियन ने ब्रेक तक एक गोल की मामूली बढ़त बनाई हुई थी। भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन नॉकआउट से पहले काफी चिंतित रहेंगे विशेषकर पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने के मामले में क्योंकि भारत ने शनिवार को 10 ‘सेट पीस’ हासिल किए लेकिन केवल एक को गोल में बदला। पहले क्वार्टर में जापान ने 60 प्रतिशत गेंद पर कब्जा बनाए रखा। भारत ने छठे मिनट में जल्दी ही एक पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन कप्तान हरमनप्रीत इसका ज्यादा फायदा नहीं उठा सके। 10वें मिनट में जापान को पेनल्टी कॉर्नर मिला और उसने इस पर गोल किया लेकिन गोल को अमान्य कर दिया गया क्योंकि अंपायरों ने माना कि गेंद पहले एक भारतीय खिलाड़ी के पैर से लगी थी। जापान को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन उससे भी कुछ हासिल नहीं हुआ। भारत ने आखिरकार अभिषेक के मैदानी गोल से बढ़त हासिल की। जापान ने 17वें मिनट में अपना दूसरा पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन भारत ने इसका अच्छी तरह बचाव किया। भारत ने अपने पांचवें पेनल्टी कॉर्नर से बढ़त बढ़ाई और कप्तान हरमनप्रीत ने जापानी गोलकीपर की दाईं ओर जोरदार नीची फ्लिक से गोल किया। चौथे क्वार्टर में भारतीयों का गेंद पर कब्जा रहा और उन्होंने तेजी से चार पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए लेकिन जापान की मजबूत रक्षात्मक पंक्ति के खिलाफ वे उन्हें गोल में बदलने में नाकाम रहे।
भारतीय स्क्वॉश की 18 वर्षीय उभरती सितारा अनाहत सिंह ने अपनी अद्भुत खेल भावना और जुझारूपन का परिचय देते हुए इतिहास रच दिया है। नागोया में आयोजित एशियन गेम्स के महिला सिंगल्स सेमी-फ़ाइनल में अनाहत ने दो गेम से पिछड़ने के बाद ज़बरदस्त वापसी करते हुए दुनिया की छठवें नंबर की जापानी खिलाड़ी सातोमी वातानाबे को हरा दिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ अनाहत सिंह एशियाई खेलों के महिला सिंगल्स फ़ाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। अब वे लॉस एंजिल्स (LA) ओलंपिक्स 2028 का टिकट हासिल करने से महज़ एक जीत दूर हैं। 9-11, 11-13, 12-10, 11-6, 11-3 से पिछड़ने के बाद मिली इस जीत के साथ, वह एशियन गेम्स के फ़ाइनल में पहुंचने वाली भारत की पहली महिला सिंगल्स खिलाड़ी बन गईं। वहीं, 28 साल के अभय सिंह ने पाकिस्तान के मुहम्मद इरफ़ान को हराकर पुरुष सिंगल्स फ़ाइनल में जगह बनाई। किसी भी भारतीय पुरुष ने एशियन गेम्स में पुरुष सिंगल्स स्क्वॉश में गोल्ड मेडल नहीं जीता है, और अभय के पास रविवार को इतिहास रचने का मौका है। गोल्ड मेडल जीतने पर उन्हें लॉस एंजिल्स ओलंपिक्स का टिकट भी मिल जाएगा। इसे भी पढ़ें: Anahat Singh और Abhay Singh एशियाई खेलों के फाइनल में, Olympic 2028 कोटा से एक कदम दूर अनाहत ने बचाए मैच पॉइंट अनाहत, जो इस साल की शुरुआत में एक और पांच-गेम वाले मुकाबले में वातानाबे से हार गई थीं, एक बार फिर हार की ओर बढ़ती दिख रही थीं जब घरेलू खिलाड़ी ने शुरुआती दो गेम जीत लिए। लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने हार नहीं मानी और तीसरे गेम में दो मैच पॉइंट बचाए। उन्होंने तनावपूर्ण तीसरा गेम 12-10 से जीतकर मुकाबले में वापसी की और फिर चौथा गेम 11-6 से जीतकर बराबरी कर ली। निर्णायक गेम तक, मोमेंटम पूरी तरह से बदल चुका था। अनाहत ने रैलियों पर नियंत्रण बना लिया और 11-3 से जीत हासिल की, जिससे उन्होंने शानदार वापसी करते हुए एशियन गेम्स के फ़ाइनल में जगह बनाई। वातानाबे के साथ एक टक्कर के बाद यह वापसी और भी प्रभावशाली थी। अनाहत का सिर जापानी खिलाड़ी के कंधे से टकरा गया था, जिससे खेल कुछ देर के लिए रोकना पड़ा और उन्हें मेडिकल मदद लेनी पड़ी। खेल फिर से शुरू होने पर उन्हें कोई खास परेशानी नहीं हुई। इसके बजाय, इस टीनएजर ने वह संयम दिखाया जो उनके शानदार साल के दौरान लगातार साफ़ तौर पर देखा गया है। अनाहत भारत की सबसे होनहार युवा स्क्वैश खिलाड़ी के तौर पर नागोया पहुंची थीं, लेकिन जुलाई में कनाडा में जीते वर्ल्ड जूनियर खिताब ने उनके करियर को एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया था। उन्होंने फ़ाइनल में मिस्र की रुकैया सलेम को 3-0 से हराकर प्रतिष्ठित जूनियर वर्ल्ड टाइटल जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने का कारनामा किया। इस जीत ने इस इवेंट पर मिस्र के लंबे दबदबे को भी खत्म कर दिया, क्योंकि 2010 के बाद से कोई भी गैर-मिस्र की महिला खिलाड़ी सिंगल्स चैंपियन नहीं बनी थी। इसे भी पढ़ें: Anahat Singh ने Satomi Watanabe को हराकर एशियाई खेलों के फाइनल में बनाई जगह इस खिताब का एक निजी महत्व भी था। अनाहत वर्ल्ड जूनियर्स में बार-बार चूक रही थीं, और पिछले टूर्नामेंट्स में क्वार्टर-फ़ाइनल और सेमी-फ़ाइनल से बाहर हो गई थीं। उनकी यह जीत जूनियर सर्किट में उनके आखिरी साल में मिली और आखिरकार उस चीज़ का अंत हुआ जिसे उन्होंने शाप कहा था। अब, वह एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने से बस एक जीत दूर हैं। एशियाई खेलों की महिला सिंगल्स चैंपियन लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए क्वालिफ़िकेशन जगह हासिल करती है, जहां स्क्वैश पहली बार शामिल होगा। अनाहत का मुकाबला मलेशिया की वर्ल्ड नंबर 5 सुब्रमण्यम शिवसंगरी और हांगकांग की चान सिन युक के बीच होने वाले दूसरे महिला सिंगल्स सेमी-फ़ाइनल के विजेता से होगा। चिनप्पा-वेलावन ने जीता ब्रॉन्ज़ इसे भी पढ़ें: Asian Games Squash: जोशना, अनाहत और अभय सेमीफाइनल में पहुंचे, भारत के 3 मेडल पक्के जहां अनाहत फ़ाइनल में पहुंचीं, वहीं भारत ने मिक्स्ड डबल्स में जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार के ज़रिए स्क्वैश में एक ब्रॉन्ज़ मेडल भी जीता। एक कड़े मुकाबले वाले सेमी-फ़ाइनल में भारतीय जोड़ी को हांगकांग के तांग मिंग होंग और ली का यी से 2-1 से हार का सामना करना पड़ा। पहला गेम 11-10 से हारने के बाद, जोशना और वेलावन ने वापसी करते हुए दूसरा गेम 11-2 से जीता। लेकिन हांगकांग की जोड़ी ने एक और कड़े तीसरे गेम में अपना संयम बनाए रखा और 11-10 से जीतकर फ़ाइनल में जगह बनाई। इसके बावजूद, यह मेडल जोशना के शानदार एशियाई खेलों के करियर में एक और उपलब्धि है। 40 वर्षीय खिलाड़ी ने अब इस कॉन्टिनेंटल इवेंट में छह मेडल जीत लिए हैं, जिसमें उनके दो सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल हैं। हालांकि, अनाहत का फ़ोकस अब फ़ाइनल पर होगा - और एक और जीत उन्हें एक युवा टैलेंट से ओलंपिक में डेब्यू करने वाली खिलाड़ी बना सकती है।
एशियाई खेलों में Dhiraj Bommadevara का नया रिकॉर्ड, भारत तीरंदाजी में शीर्ष पर
धीरज बोम्मादेवरा ने पुरुष रिकर्व और चीकिता तनिपर्थी ने महिला कंपाउंड व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल करने की बदौलत भारत ने शनिवार को यहां एशियाई खेलों की तीरंदाजी प्रतियोगिता में कंपाउंड मिश्रित टीम क्वालीफिकेशन में भी शीर्ष स्थान हासिल किया। हाल ही में विश्व कप फाइनल जीतने वाले विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर काबिज धीरज ने पुरुष रिकर्व क्वालीफिकेशन में 698 अंक जुटाकर नया एशियाई खेल क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने पहले 36 प्रयास में में 348 और अगले 36 तीरों में 350 अंक हासिल किए। इससे पहले यह रिकॉर्ड दक्षिण कोरिया के ली वू सियोग के नाम था , जिन्होंने 690 अंक बनाए थे। सियोग इस बार 690 अंक के साथ चौथे स्थान पर रहे। पेरिस ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता टीम के सदस्य दक्षिण कोरिया के किम जे दियोग 693 अंक के साथ दूसरे और चीनी ताइपे के चिन हुन तांग 692 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहे। धीरज को 64 तीरंदाजों के व्यक्तिगत एलिमिनेशन ड्रॉ के पहले दौर में बाय मिला है। भारत ने एशियाई खेलों में पुरुष रिकर्व व्यक्तिगत वर्ग में अब तक स्वर्ण पदक नहीं जीता है। तरुणदीप राय ने 2010 में रजत पदक हासिल किया था। दक्षिण कोरिया के दो बार के चैंपियन किम वूजिन भी व्यक्तिगत एलिमिनेशन दौर के लिए क्वालिफाई नहीं कर सके। भारत के नीरज चौहान और यशदीप भोगे क्रमश : 18 वें और 25 वें स्थान पर रहे। पुरुष रिकर्व टीम क्वालीफिकेशन में भारत दक्षिण कोरिया के बाद दूसरे स्थान पर रहा। टीम को प्री - क्वार्टर फाइनल में बाय मिला है , जहां उसका सामना फिलीपींस से होगा। भारतीय टीम को पदक पक्का करने के लिए तीन जीत दर्ज करनी होंगी। भारत ने हांगझोउ एशियाई खेलों में इस स्पर्धा का रजत पदक जीता था। धीरज और कुमकुम मोहोड ने मिलकर 1364 अंक जुटाए , जिससे भारत को रिकर्व मिश्रित टीम स्पर्धा में दक्षिण कोरिया के बाद दूसरी वरीयता मिली। भारतीय जोड़ी को सीधे प्री - क्वार्टर फाइनल में प्रवेश दिया गया है। महिला रिकर्व व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में किशोर तीरंदाज कुमकुम मोहोड और कीर्ति शर्मा ने नॉकआउट दौर में जगह बनाई। कुमकुम 666 अंक के साथ नौवें और कीर्ति 653 अंक के साथ 16 वें स्थान पर रहीं। अनुभवी अंकिता भकत भारतीय तीरंदाजों में तीसरे स्थान पर रहने के कारण व्यक्तिगत नॉकआउट दौर में जगह नहीं बना सकीं। महिला रिकर्व टीम छठी वरीयता के साथ नॉकआउट दौर में पहुंची है और अपने अभियान की शुरुआत मंगोलिया के खिलाफ करेगी। चीकिता तनिपर्थी ने अधिकतम 720 में से 705 अंक हासिल कर महिला कंपाउंड व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल किया। ईरान की बीता अशेघजादेह ओस्कोई 704 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहीं , जबकि दक्षिण कोरिया की पार्क जंगयून और कांग योनसेओ क्रमश : तीसरे और चौथे स्थान पर रहीं। तीन बार की एशियाई खेल स्वर्ण पदक विजेता ज्योति सुरेखा वेन्नम 13 वें स्थान पर रहते हुए दूसरी सर्वश्रेष्ठ भारतीय रहीं और व्यक्तिगत नॉकआउट दौर में जगह बनाई। इस साल मैड्रिड में अपना पहला विश्व कप कांस्य पदक जीतने वाली किशोर तीरंदाज पृथिका प्रदीप ने 695 अंक हासिल किए , लेकिन भारतीयों में तीसरे स्थान पर रहने के कारण वह व्यक्तिगत नॉकआउट दौर में जगह नहीं बना सकीं। प्रत्येक देश से शीर्ष दो तीरंदाज ही व्यक्तिगत फाइनल के लिए क्वालिफाई करते हैं। इक्कीस वर्षीय चीकिता के प्रदर्शन से भारत महिला कंपाउंड टीम क्वालीफिकेशन में चीन के बाद दूसरे स्थान पर रहा। भारतीय टीम 16 टीमों के ड्रॉ के पहले दौर में मंगोलिया से भिड़ेगी। हांगझोउ 2023 एशियाई खेलों में भारतीय कंपाउंड तीरंदाजों ने पांचों स्वर्ण पदक जीतकर क्लीन स्वीप किया था। भारत ने इन खेलों में कंपाउंड वर्ग में पांच स्वर्ण के अलावा एक रजत और एक कांस्य पदक भी जीता था। पुरुष कंपाउंड टीम क्वालीफिकेशन में भारत चीन और दक्षिण कोरिया के बाद तीसरे स्थान पर रहा। साहिल जाधव 709 अंक के साथ पांचवें स्थान पर रहते हुए सर्वश्रेष्ठ भारतीय रहे। गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु 14 वें स्थान पर रहे और व्यक्तिगत नॉकआउट दौर में जगह बनाई , जबकि दलाल व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में कट हासिल नहीं कर सके। भारतीय पुरुष कंपाउंड टीम 16 टीमों के ड्रॉ के पहले दौर में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का सामना करेगी। खिताब के बचाव के अभियान में भारत ने कंपाउंड मिश्रित टीम क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल किया है। शीर्ष वरीय भारतीय जोड़ी शुरुआती दौर में मंगोलिया से भिड़ेगी। तीरंदाजी के नॉकआउट मुकाबले रविवार से शुरू होंगे।
Asian Games 2026: तय हो गया क्वार्टरफाइनल का पूरा शेड्यूल, जानें किस टीम से भिड़ेगी टीम इंडिया
Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय टीम अपने अभियान का आगाज 28 सितंबर को क्वार्टर फाइनल मुकाबले से करेगी। वहीं नॉकआउट मैच में टीम इंडिया किस टीम से खेलेगी ये भी साफ हो गया है। एशियन गेम्स में नेपाल और जापान के बीच मुकाबला भी बारिश में रद्द होने के बाद टीम की पुष्टि हुई है। मैच रद्द होने के बाद एशियन गेम्स 2026 के पुरुष क्रिकेट के क्वार्टरफाइनल में पहुंचने वाली टीमों की तस्वीर साफ हो गई। वहीं टीम इंडिया 28 सितंबर को अपना क्वार्टर फाइनल मुकाबला अफगानिस्तान से खेलेगी। आइए जानते हैं कितने बजे से शुरू होगा मुकाबलाकब होगा भारत-अफगानिस्तान का मुकाबलाग्रुप ए से नेपाल और अफगानिस्तान ने अगले दौर में अपनी जगह पक्की कर ली है। ग्रुप बी से मलेशिया और हांगकांग, चीन ने भी क्वार्टरफाइनल में अपनी जगह बना ली है। अब क्वार्टरफाइनल मुकाबलों में अफगानिस्तान का सामना मौजूदा चैंपियन भारत से सोमवार सुबह 10 बजे IST पर होगा। वहीं, नेपाल की टीम मंगलवार सुबह 5:30 बजे IST पर श्रीलंका के खिलाफ मैदान में उतरेगी। दोनों टीमें की नजरें सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की करने पर होगी।हांगकांग से भिड़ेगी पाकिस्तानग्रुप स्टेज खत्म होने के बाद क्वार्टरफाइनल की तस्वीर साफ हो गई है। पहले क्वार्टरफाइनल में हांगकांग, चीन का मुकाबला पाकिस्तान से सोमवार सुबह 5:30 बजे IST पर होगा। वहीं, चौथे क्वार्टरफाइनल में मलेशिया और बांग्लादेश आमने-सामने होंगे। यह मैच मंगलवार सुबह 10 बजे IST से खेला जाएगा। दोनों मुकाबलों की विजेता टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।बारिश की वजह से रद्द हुए मुकाबलेएशियन गेम्स 2026 में शनिवार को बारिश के कारण पुरुष क्रिकेट के दो मैच पूरे नहीं हो सके। कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में मलेशिया और ओमान का मैच बारिश के चलते बिना टॉस के ही रद्द करना पड़ा। इससे पहले नेपाल और जापान के बीच मुकाबला भी बारिश की वजह से रोक दिया गया था और दोबारा शुरू नहीं हो सका। उस समय नेपाल ने 15 ओवर में 4 विकेट खोकर 149 रन बना लिए थे। मैच रद्द होने के साथ ही क्वार्टरफाइनल में पहुंचने वाली टीमों की स्थिति भी साफ हो गई।कब होगा फाइनल मुकाबलाएशियन गेम्स 2026 के पुरुष क्रिकेट में क्वार्टरफाइनल के बाद सेमीफाइनल की टीमें तय होंगी। पाकिस्तान और हांगकांग, चीन के मैच की विजेता टीम बांग्लादेश और मलेशिया के मुकाबले की विजेता से खेलेगी। वहीं, भारत और अफगानिस्तान के मैच की विजेता टीम श्रीलंका और नेपाल के मुकाबले की विजेता से भिड़ेगी। दोनों सेमीफाइनल 1 अक्टूबर को होंगे। इसके बाद 3 अक्टूबर को फाइनल और कांस्य पदक के लिए मुकाबला खेला जाएगा।Asian Games 2026: भारतीय महिला शूटर्स का शानदार प्रदर्शन, 50m राइफल में सिल्वर पर कब्जा, तिलोत्तमा और विदर्सा ने फाइनल में बनाई जगह
चंडीगढ़ बापूधाम कॉलोनी से निकलकर भारतीय महिला क्रिकेट टीम तक पहुंचना और एशियाई खेलों में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना नंदिनी शर्मा के लिए सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, संघर्ष और परिवार के त्याग की कहानी है। शनिवार को सेक्टर-16 क्रिकेट ग्राउंड में चंडीगढ़ क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से नंदिनी को एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में चंडीगढ़ क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष सारांश टंडन, पूर्व अध्यक्ष संजय टंडन और चंडीगढ़ प्रशासन के डायरेक्टर स्पोर्ट्स सौरव अरोड़ा समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे। सौरव अरोड़ा ने बताया कि चंडीगढ़ प्रशासन की 2023 की नई खेल नीति के तहत नंदिनी शर्मा को 3 करोड़ रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। सम्मान समारोह के दौरान नंदिनी ने अपनी क्रिकेट यात्रा, परिवार की आर्थिक मुश्किलों, बापूधाम कॉलोनी से भारतीय टीम तक के सफर और भविष्य के लक्ष्य के बारे में बात की। कई साल तक की मेहनत नंदिनी ने कहा कि एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने के बाद सम्मान मिलना उनके लिए बहुत भावुक पल है। जब वह पीछे मुड़कर देखती हैं तो लगता है कि इस एक मेडल के पीछे कई साल की मेहनत है। परिवार, कोच और चंडीगढ़ क्रिकेट एसोसिएशन ने लगातार उनका साथ दिया। चंडीगढ़ में सम्मान मिलने के बाद उन्हें लगा कि उनकी मेहनत सफल हुई है। बापूधाम कॉलोनी से भारतीय टीम तक के सफर को नंदिनी ने मुश्किल बताया। उन्होंने कहा कि वह सामान्य परिवार से आती हैं। कई बार आर्थिक परिस्थितियां बड़ी चुनौती बनीं। परिवार को उनके क्रिकेट के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। कई बार पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए परिवार को लोन तक लेना पड़ा। नंदिनी के मुताबिक, उनके पिता और भाइयों ने कभी उन्हें यह महसूस नहीं होने दिया कि उन्हें क्रिकेट छोड़ देना चाहिए। उन्होंने हमेशा कहा कि वह खेलें, मेहनत करें और आगे बढ़ें। मुश्किल आई क्रिकेट छोड़ने का नहीं सोचा नंदिनी ने कहा कि आर्थिक परेशानियां जरूर आईं, लेकिन उन्होंने कभी हार मानने के बारे में नहीं सोचा। उनके लिए क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं था। वह सुबह से शाम तक मेहनत करती थीं। मुश्किल समय में वह यही सोचती थीं कि एक दिन इसी मेहनत का परिणाम जरूर मिलेगा। नंदिनी ने बताया कि उन्होंने चंडीगढ़ में करीब 10-12 साल पहले क्रिकेट शुरू किया था। सेक्टर-26 स्थित गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के क्रिकेट ग्राउंड पर उन्होंने काफी अभ्यास किया। चंडीगढ़ क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से अलग-अलग आयु वर्गों में खेलते हुए उन्हें लगातार आगे बढ़ने का मौका मिला। फास्ट बॉलर के रूप में गति और लाइन-लेंथ पर फोकस नंदिनी ने बताया कि फास्ट बॉलर के तौर पर उनकी कोशिश अपनी गति और लाइन-लेंथ पर लगातार काम करने की रहती है। क्रिकेट में हर दिन कुछ नया सीखना पड़ता है। फिटनेस भी बेहद महत्वपूर्ण है। खासकर महिला क्रिकेट में लंबे समय तक खेलने के लिए फिटनेस पर काफी ध्यान देना जरूरी है। नंदिनी ने चंडीगढ़ की लड़कियों को संदेश देते हुए कहा कि आने वाले समय में खेल के क्षेत्र में उनके लिए अच्छे अवसर हैं। सिर्फ अवसर मिलना काफी नहीं है। लगातार मेहनत करनी होगी और प्रदर्शन को बेहतर बनाना होगा। फिटनेस को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। चंडीगढ़ के लिए गोल्ड जीतना गर्व की बात चंडीगढ़ के लिए एशियाई खेलों में गोल्ड जीतने को लेकर नंदिनी ने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है। वह खुश हैं कि चंडीगढ़ के लिए यह उपलब्धि हासिल कर पाईं। इससे उन्हें और बेहतर करने की प्रेरणा मिलेगी। वह चाहती हैं कि उनके बाद चंडीगढ़ की और भी लड़कियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और शहर का नाम रोशन करें। भविष्य के लक्ष्य के बारे में नंदिनी ने कहा कि फिलहाल उनका पूरा फोकस अपने खेल पर है। वह भारतीय महिला वनडे क्रिकेट टीम में खुद को मजबूती से स्थापित करना चाहती हैं। ओलंपिक के बारे में अभी ज्यादा नहीं सोच रही हैं। उनका काम है कि जिस भी मैच में खेलने का मौका मिले, उसमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें। क्रिकेट के अलावा पसंद के बारे में नंदिनी ने बताया कि उन्हें घर का बना कढ़ी-चावल बहुत पसंद है। उन्होंने हंसते हुए कहा कि बाहर कितना भी अच्छा खाना मिल जाए, घर की कढ़ी-चावल की बात अलग है। उन्हें परफ्यूम की कलेक्शन करने का भी शौक है।
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने 20वें एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया, जिसमें हिमाचल प्रदेश की चार बेटियों ने अहम भूमिका निभाई।
Anahat Singh और Abhay Singh एशियाई खेलों के फाइनल में, Olympic 2028 कोटा से एक कदम दूर
भारत ने शनिवार को यहां एशियाई खेलों की स्क्वाश प्रतियोगिता में अपना दबदबा बनाया जब युवा स्टार अनाहत सिंह ने महिला एकल में जापान की विश्व में छठे नंबर की खिलाड़ी सतोमी वातानाबे को 3-2 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया वहीं अभय सिंह भी पुरुष एकल के खिताबी मुकाबले में पहुंचने में सफल रहे। भारत की 18 वर्षीय खिलाड़ी अनाहत ने सेमीफाइनल में 0-2 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करके अपने करियर की सबसे बड़ी जीत हासिल की। अनाहत ने यह मैच 9-11, 11-13, 12-10, 11-6, 11-3 से जीता और इस तरह से इसी साल के शुरू में जापानी खिलाड़ी से मिली हार का बदला चुकता कर दिया। इसके बाद अभय ने पाकिस्तान के मोहम्मद इरफान को 3-0 (11-3 12-10 11-6) से हराकर पुरुष एकल के फाइनल में प्रवेश किया। अनाहत और अभय दोनों अब लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिये क्वालीफाई करने से एक जीत दूर हैं। एशियाई खेलों में महिला और पुरूष एकल चैम्पियन को 2028 ओलंपिक में सीधे प्रवेश मिलेगा। अभय ने सेमीफाइनल में शानदार शुरुआत करते हुए पहले ही गेम में 6-2 की बढ़त बना ली और 35 मिनट तक चले मैच में अपनी इस लय को बरकरार रखा। भारतीय खिलाड़ी खिलाड़ी ने शुरू से ही मैच पर नियंत्रण बनाए रखा। पाकिस्तान के खिलाड़ी ने दूसरे गेम में उन्हें कड़ी टक्कर दी, लेकिन भारतीय खिलाड़ी पर इसका कोई असर नहीं पड़ा और वह 2-0 की बढ़त हासिल करने में कामयाब रहे। अभय ने तीसरे गेम में भी लय बनाए रखी और फाइनल में अपनी जगह सुरक्षित की। अब उनका सामना मलेशिया के एंग ऐन योउ से होगा जिन्होंने पाकिस्तान के जमान नूर को हराया। अभय ने बाद में कहा ,‘‘ यह आसान नहीं था। मैने अच्छा खेलकर इसे आसान बनाया। एशियाई खेलों में कोई मैच आसान नहीं होता।’’उन्होंने कहा ,‘‘ लोगों को भारत पाकिस्तान प्रतिद्वंद्विता के बारे में सुनना अच्छा लगता है लेकिन हमारे लिये यह एक मैच ही है। बहुत लोगों ने आप पर मेहनत की होती है और अपेक्षाओं पर खरे उतरना जरूरी है।’इससे पहले जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार को मिश्रित युगल सेमीफाइनल में हांगकांग के तांग मिंग हांग और ली का यी से हारने के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। जोशना और सेंथिलकुमार की जोड़ी नागोया किंजो फुटो एरिना में खेले गए तीन गेम के रोमांचक मुकाबले में (1-2) 10-11, 11-2, 10-11 से हार गई। युवा सुपरस्टार अनाहत सेमीफाइनल मुकाबले में वातानाबे के खिलाफ 0-2 से पीछे चल रही थीं लेकिन उन्होंने धैर्य बनाए रखा। इस बीच गेंद लेने की कोशिश में भारतीय खिलाड़ी का सिर जापानी खिलाड़ी के कंधे से टकरा गया। इस टक्कर के बाद अनाहत को चिकित्सा सहायता प्रदान किए जाने के कारण मैच को थोड़ी देर के लिए रोक दिया गया था। अनाहत ने पहले दो गेम हारने के बाद किसी तरह का दबाव नहीं लिया तथा तीसरा और चौथा गेम जीत कर मैच को निर्णायक गेंद तक पहुंचा दिया। निर्णायक गेम में भारतीय खिलाड़ी ने अपनी प्रतिद्वंदी को हावी नहीं होने दिया। जीत के बाद उन्होंने कहा ,‘‘ पिछली बार जब वह जीती थी तो मैं 2 . 0 से आगे रहने के बाद हार गई थी। लेकिन इस बार ऐसा नहीं होने दिया। अभी एक मैच और बाकी है और अगर मेरा सामना शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी से होता है तो उसके खिलाफ मैं पहले भी कई बार खेल चुकी हूं। मैं फाइनल में कोर्ट पर उतरने को लेकर बेताब हूं।’’मिश्रित युगल के सेमीफाइनल में जोशना और सेंथिलकुमार की भारतीय जोड़ी ने पहले गेम में ली का यी और तांग मिंग हांग के सामने कड़ी चुनौती पेश की लेकिन उन्हें मामूली अंतर से हार झेलनी पड़ी। इसके बाद जोशना और सेंथिलकुमार ने शानदार वापसी करते हुए दूसरा गेम जीत लिया। तीसरे गेम में भी कड़ी टक्कर देखने को मिली लेकिन आखिर में हांगकांग के खिलाड़ियों ने अपना संयम बनाए रखा और विजेता बनकर फाइनल में प्रवेश किया। भारतीय जोड़ी ने शुक्रवार को फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो पर जीत हासिल करके सेमीफाइनल में पहुंचकर अपने नाम पर पदक पक्का कर दिया था। 40 वर्षीय जोशना का यह एशियाई खेलों में छठा पदक है। इससे पहले वह एशियाई खेलों में दो रजत और तीन कांस्य पदक जीत चुकी थी।
Asian Games Badminton: PV Sindhu और Ayush Shetty प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंचे
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू और युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने सीधे गेम में जीत दर्ज करके शनिवार को यहां एशियाई खेलों की बैडमिंटन प्रतियोगिता में क्रमशः महिला एवं पुरुष एकल के प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई, लेकिन लक्ष्य सेन दूसरे दौर में ही बाहर हो गए। विश्व में 11वें नंबर की खिलाड़ी और इस साल की जापान ओपन की विजेता सिंधू ने महिला एकल के दूसरे दौर में चीनी ताइपे की विश्व की 17वें नंबर की खिलाड़ी चियू पिन चियान को 21-19 21-14 से हराया। पहले दौर में बाय हासिल करने वाली सिंधू का अगला मुकाबला जापान की टोमोका मियाजाकी से होगा। पुरुष एकल में आयुष ने दूसरे दौर में कजाकिस्तान के मखसुत ताजिबुल्लायेव को 21-7 21-7 से हराया। उनका मुकाबला अब चीनी ताइपे के तीसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी चाउ तिएन चेन से होगा। महिला एकल में तीन बीडब्ल्यूएफ सुपर 100 खिताब जीतने वाली उन्नति हुडा ने मलेशिया की लिंग चिंग वोंग को 21-14, 20-22, 21-19 से हराकर तीसरे दौर में प्रवेश किया। अब उनका मुकाबला इंडोनेशिया की छठी वरीयता प्राप्त पुत्री कुसुमा वरदानी से होगा। इससे पहले लक्ष्य को सिंगापुर के पूर्व विश्व चैंपियन लोह कीन यू से तीन गेम में हार का सामना करना पड़ा। दुनिया के 14वें नंबर के खिलाड़ी सेन को 13वीं रैंकिंग वाले 2021 के विश्व चैम्पियन ने 21 . 12, 15 . 21, 21 . 14 से मात दी। इचिनोमोया सिटी म्युनिसिपल जिम्नेशियम में खेला गया यह मुकाबला एक घंटे से अधिक समय तक चला। इससे एक दिन पहले दुनिया की पूर्व नंबर एक जोड़ी सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी पुरूष युगल के पहले दौर में ही हार गए थे। सेन ने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था और पेरिस ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहे लेकिन एशियाई खेलों में एक बार फिर व्यक्तिगत पदक नहीं जीत पाये। उन्होंने हांगझोउ में टीम स्पर्धा का रजत और यहां कांस्य पदक जीता। सिंधू को लय हासिल करने में समय लगा क्योंकि चियु ने खेल पर नियंत्रण बनाए रखा और 6-2 से आगे बढ़ते हुए इंटरवल तक 11-10 की बढ़त हासिल कर ली। भारतीय खिलाड़ी ने लय हासिल करने बाद 19-16 की बढ़त बना ली। चियु के बैकहैंड शॉट में गलती के कारण सिंधू को तीन गेम प्वाइंट मिले। चियु ने दो प्वाइंट बचाए, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने एक जोरदार क्रॉस कोर्ट पुश शॉट से पहला गेम अपने नाम कर दिया। दूसरे गेम में सिंधू का दबदबा कायम रहा। उन्होंने शुरुआत में ही 8-4 की बढ़त बना ली और इंटरवल तक 11-8 से आगे रहीं। भारतीय खिलाड़ी ने इसके बाद छह मैच प्वाइंट हासिल किए और आसानी से अगले दौर में प्रवेश किया। इससे पहले सेन ने मजबूत शुरूआत करके पहले गेम में 5 . 1 की बढत बना ली लेकिन लोह ने लगातार दस अंक बनाकर उन्हें दबाव में ला दिया। दूसरे गेम में सेन ने अच्छी वापसी की और आक्रामक खेल से यह गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक तीसरे गेम तक खिंचा। तीसरे गेम में हालांकि लोह ने 11 . 6 की बढत बना ली। सेन ने वापसी करते हुए अंतर 13 . 14 कर दिया लेकिन सिंगापुर के दिग्गज खिलाड़ी ने 16 . 14 से बढत बनाई और तीन अंक लेकर स्कोर 19 . 14 कर दिया। इसके बाद दो अंक बनाकर मैच जीता और प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली।
Asian Games 2026: चारो क्वार्टर फाइनल की टीमें तय, भारत का अफगानिस्तान से होगा मुकाबला
एशियन गेम्स 2026 में पुरुष क्रिकेट के लीग मुकाबले समाप्त हो गए हैं। मलेशिया और ओमान के बीच ग्रुप बी का मुकाबला बारिश की वजह से धुल जाने के साथ ही लीग मुकाबले खत्म हो गए। लीग मुकाबलों के बाद अगला राउंड क्वार्टर फाइनल का है। चार क्वार्टर फाइनल मुकाबले होने हैं। क्वार्टर फाइनल का शेड्यूल सामने आ चुका है। लीग स्टेज में हुए मुकाबलों में 6 टीमों को 2 ग्रुप में बांटा गया था। ग्रुप ए में नेपाल, अफगानिस्तान और जापान शामिल थे, जबकि ग्रुप बी में मलेशिया, हांगकांग और ओमान शामिल थे। ग्रुप ए से नेपाल और अफगानिस्तान तथा ग्रुप बी से मलेशिया और हांगकांग ने क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया है। भारत, श्रीलंका, पाकिस्तान और अफगानिस्तान पहले से ही क्वार्टर फाइनल में हैं। क्वार्टर फाइनल के शेड्यूल पर गौर करें तो पहला क्वार्टर फाइनल मुकाबला पाकिस्तान और हांगकांग, चाइना के बीच 28 सितंबर को सुबह 5:30 बजे से खेला जाएगा। दूसरा क्वार्टर फाइनल मुकाबला भारत और अफगानिस्तान के बीच 28 सितंबर को सुबह 10:30 बजे से खेला जाएगा। तीसरा क्वार्टर फाइनल मुकाबला 29 सितंबर को सुबह 5:30 बजे से श्रीलंका और नेपाल के बीच खेला जाएगा। चौथा क्वार्टर फाइनल मुकाबला 29 सितंबर को सुबह 10:30 बजे से बांग्लादेश और मलेशिया के बीच खेला जाएगा। 1 अक्टूबर को पहला सेमीफाइनल सुबह 5:30 बजे से और दूसरा सेमीफाइनल सुबह 10:30 बजे से होगा। 3 अक्टूबर को तीसरे स्थान के लिए सुबह 5:30 बजे से मैच खेला जाएगा। फाइनल मुकाबला 3 अक्टूबर को ही सुबह 10:30 बजे से खेला जाएगा। 3 अक्टूबर को तीसरे स्थान के लिए सुबह 5:30 बजे से मैच खेला जाएगा। Also Read: LIVE Cricket Score सभी मैच निशिन, कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले जाएंगे। सभी मैचों का समय भारतीय समयानुसार दिया गया है। Article Source: IANS
Asian Games 2026: भारत ने जीते 27 मेडल, पाकिस्तान के खाते में सिर्फ 2 ब्रॉन्ज, जानिए दोनों की मेडल टैली
Sanju Samson Record: एशियन गेम्स 2026 (Asian Games 2026) का दूसरा क्वार्टर-फाइनल सोमवार, 28 सितंबर को भारत और अफगानिस्तान (India vs Afghanistan, 2nd Quarter-Final) के बीचनिशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेला जाएगा। गौरतलब है कि इस मुकाबले में भारतीय टीम के अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज़ संजू सैमसन (Sanju Samson) एक बेहद ही खास सेंचुरी पूरी करके इतिहास रच सकते हैं। जी हां, ऐसा ही हो सकता है। दरअसल, 31 वर्षीय संजू सैमसन टी20 इंटरनेशनल में अपनी छक्कों की सेंचुरी पूरी करने के बेहद करीब हैं। वो एशियन गेम्स के क्वार्टर-फाइनल में अफगानी गेंदबाजों को छह छक्के लगाकर ये मुकाम हासिल कर सकते हैं। खास बात तो ये है कि T20I में अब तक किसी भी भारतीय विकेटकीपर ने ये कारनामा नहीं किया है। मौजूदा समय में एक भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज़ के तौर पर सबसे ज्यादा T20I छक्के मारने वाले खिलाड़ी केएल राहुल हैं, जिन्होंने 72 मैचों में 99 छक्के लगाए हैं। इस लिस्ट में संजू सैमसन 70 मैचों में 94 छक्कों के साथ दूसरी पॉजिशन पर हैं। टी20 में भारत के लिए सर्वाधिक छक्के मारने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज़ केएल राहुल - 72 मैचों में 99 छक्के संजू सैमसन - 70 मैचों में 94 छक्के ईशान किशन - 59 मैचों में 80 छक्के महेंद्र सिंह धोनी - 98 मैचों में 52 छक्के ऋषभ पंत - 76 मैचों में 44 छक्के संजू सैमसन के टी20 आंकड़ें: संजू भारतीय टी20 टीम के एक अहम सदस्य हैं। वो 2026 वर्ल्ड कप के हीरो भी थे। उन्होंने टूर्नामेंट में 5 मैचों में 80.25 की औसत से 321 रन बनाए थे। उनके टी20 इंटरनेशनल रिकॉर्ड भी अच्छे हैं। संजू ने अब तक 70 मैचों की 62 पारियों में लगभग 28 की औसत और 158 की स्ट्राइक रेट से 1558 रन जोड़े हैं। वो इस फॉर्मेट में 3 सेंचुरी और 8 हाफ सेंचुरी लगा चुके हैं। Also Read: LIVE Cricket Score भारतीय टीम का पूरा स्क्वाड: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, तिलक वर्मा (उप-कप्तान), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वैभव सूर्यवंशी, यश ठाकुर।
Anahat Singh ने Satomi Watanabe को हराकर एशियाई खेलों के फाइनल में बनाई जगह
भारत की युवा सनसनी अनाहत सिंह ने शनिवार को यहां एशियाई खेलों की स्क्वाश प्रतियोगिता के महिला एकल में जापान की विश्व में छठे नंबर की खिलाड़ी सतोमी वातानाबे को 3-2 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। भारत की 18 वर्षीय खिलाड़ी ने सेमीफाइनल में 0-2 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करके अपने करियर की सबसे बड़ी जीत हासिल की। अनाहत ने यह मैच 9-11, 11-13, 12-10, 11-6, 11-3 से जीता और इस तरह से इसी साल के शुरू में जापानी खिलाड़ी से मिली हार का बदला चुकता कर दिया। इससे पहले जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार को मिश्रित युगल सेमीफाइनल में हांगकांग के तांग मिंग हांग और ली का यी से हारने के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। जोशना और सेंथिलकुमार की जोड़ी नागोया किंजो फुटो एरिना में खेले गए तीन गेम के रोमांचक मुकाबले में (1-2) 10-11, 11-2, 10-11 से हार गई। युवा सुपरस्टार अनाहत सेमीफाइनल मुकाबले में वातानाबे के खिलाफ 0-2 से पीछे चल रही थीं लेकिन उन्होंने धैर्य बनाए रखा। इस बीच गेंद लेने की कोशिश में भारतीय खिलाड़ी का सिर जापानी खिलाड़ी के कंधे से टकरा गया। इस टक्कर के बाद अनाहत को चिकित्सा सहायता प्रदान किए जाने के कारण मैच को थोड़ी देर के लिए रोक दिया गया था। अनाहत ने पहले दो गेम हारने के बाद किसी तरह का दबाव नहीं लिया तथा तीसरा और चौथा गेम जीत कर मैच को निर्णायक गेंद तक पहुंचा दिया। निर्णायक गेम में भारतीय खिलाड़ी ने अपनी प्रतिद्वंदी को हावी नहीं होने दिया। मिश्रित युगल के सेमीफाइनल में जोशना और सेंथिलकुमार की भारतीय जोड़ी ने पहले गेम में ली का यी और तांग मिंग हांग के सामने कड़ी चुनौती पेश की लेकिन उन्हें मामूली अंतर से हार झेलनी पड़ी। इसके बाद जोशना और सेंथिलकुमार ने शानदार वापसी करते हुए दूसरा गेम जीत लिया। तीसरे गेम में भी कड़ी टक्कर देखने को मिली लेकिन आखिर में हांगकांग के खिलाड़ियों ने अपना संयम बनाए रखा और विजेता बनकर फाइनल में प्रवेश किया। भारतीय जोड़ी ने शुक्रवार को फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो पर जीत हासिल करके सेमीफाइनल में पहुंचकर अपने नाम पर पदक पक्का कर दिया था। 40 वर्षीय जोशना का यह एशियाई खेलों में छठा पदक है। इससे पहले वह एशियाई खेलों में दो रजत और तीन कांस्य पदक जीत चुकी थी।
Asian Games Kabaddi: भारत ने Iran को 37-34 से हराकर जीता Gold
गत चैम्पियन भारत ने एशियाई खेलों की कबड्डी स्पर्धा में अपना दबदबा कायम रखते हुए ईरान को शनिवार को फाइनल में 37 . 34 से हराकर महिला वर्ग में चौथी बार स्वर्ण पदक जीत लिया। भारत की महिला कबड्डी टीम ने जकार्ता में 2018 में हुए खेलों के अलावा हर एशियाई खेल में स्वर्ण पदक जीता है। जकार्ता में उसे फाइनल में ईरान ने हराया था। भारत ने हाफ टाइम तक 22 . 16 से बढत बना ली थी लेकिन दूसरे हाफ में ईरान ने वापसी करके स्कोर अंतर सिर्फ एक अंक का करके स्कोर 26 . 27 कर दिया। भारत एक समय 27 . 22 से आगे था लेकिन ईरान की एटेना मदादी ने चार अंक की रेड करके स्कोर 27 . 26 कर दिया। भारतीय डिफेंस ने इसके बाद संभलकर ईरान को मौके नहीं दिये। भारत की बढत एक बार फिर तीन अंक की ही रह गई जब पिंकी रेडर को पकड़ने में नाकाम रही लेकिन संजू ने रेड पर दो ईरानी खिलाड़ियों को पकड़कर दो अंक बनाये। पुष्पा राणा ने ईरान के अगले हमले पर जबर्दस्त टैकल के जरिये भारत को 34 . 28 से आगे कर दिया जिस समय चार मिनट का खेल बाकी था। इस जीत के बाद भारतीय टीम ने मैदान का चक्कर लगाते हुए ‘वंदे मातरम’ गीत गाया। पुरूष टीम फाइनल में ईरान से ही खेलेगी। पुरूष और महिला की कबड्डी टीमों ने एक बार को छोड़कर हमेशा स्वर्ण पदक जीता है। पुरूष टीम भी जकार्ता में 2018 में फाइनल में ईरान से हारी थी लेकिन हांगझोउ में 2023 में खिताब फिर जीता।
Asian Games में भारत Canoeing में खाली हाथ, पदक स्पर्धाएं हटने और फाइनल में हार से झटका
भारत को एशियाई खेलों की कैनोइंग स्पर्धा से खाली हाथ लौटना पड़ेगा जबकि हांगझोउ खेलों में भारत को एक कांस्य पदक मिला था। भारत ने हांगझोउ एशियाई खेलों में पुरूष कैनो युगल 1000 मीटर में कांस्य पदक जीता था जब अर्जुन सिंह और सुनील सिंह तीसरे स्थान पर रहे थे। वह स्पर्धा इन एशियाई खेलों का हिस्सा नहीं है जिससे भारत की पदक उम्मीदों को झटका लगा। पुरूषों के कयाक एकल 500 मीटर में भारत के हर्षवर्धन सिंह शक्तावत अपने सेमीफाइनल में एक मिनट 50 . 543 सेकंड का समय निकालकर चौथे स्थान पर रहे। फाइनल बी में तीन प्रतियोगियों में वह शीर्ष रहे। मिश्रित कैनो युगल 500 मीटर में राजू रावत और नेहा देवी फाइनल ए में नौ जोड़ियों में आठवें स्थान पर रहे। उन्होंने दो मिनट 891 सेकंड का समय निकाला। मिश्रित कयाक युगल 500 मीटर में भारत की पार्वती गीता और प्रसन्ना कुमार फाइनल ए में नौवे और आखिरी स्थान पर रहे। इससे पहले वे सेमीफाइनल में चार जोड़ियों में दूसरे स्थान पर थे।
Skytrax Awards 2026: दुनिया की टॉप बजट एयरलाइंस में IndiGo की एंट्री, AirAsia फिर नंबर-1; Singapore Airlines को बड़ा खिताब
मध्य प्रदेश की बेटी और स्टार शूटर आशी चौकसे ने एशियाई खेलों (Asian Games) में देश का नाम रोशन करते हुए रजत पदक (Silver Medal) अपने नाम कर लिया है।
Asian Games में Sawan Barwal ने मैराथन में जीता रजत पदक, बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 26 सितंबर सावन बरवाल के लिए इस साल की शुरुआत में मैराथन में जाने का फैसला महत्वपूर्ण साबित हुआ क्योंकि उन्होंने शनिवार को यहां एशियाई खेलों में रजत पदक जीता और इसके बाद कहा कि अगर वह यह उपलब्धि हासिल नहीं करते तो यह ‘‘समय की बर्बादी’’ होती। बरवाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मैराथन में भारत को अप्रत्याशित रजत पदक दिलाया और इस दौरान अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा। उन्होंने 42.195 किलोमीटर की दूरी दो घंटे, 11 मिनट और 37 सेकंड में पूरी की। यह मैराथन में उनका लगातार दूसरा राष्ट्रीय रिकॉर्ड था। इसी साल अप्रैल में रॉटरडैम में उन्होंने अपने करियर की पहली मैराथन दौड़ में ही 2:11:58 के समय के साथ शिवनाथ सिंह का 48 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया था। सेना में कार्यरत इस 28 वर्षीय एथलीट ने पीटीआई से कहा, ‘‘यह पदक मेरे लिए बहुत मायने रखता है। मैं 15-16 साल से अभ्यास और प्रतिस्पर्धा कर रहा हूं। अगर मुझे यह पदक नहीं मिलता तो यह सब व्यर्थ जाता और समय की बर्बादी होती। यह मेरे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है।’’हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंदर नगर के रहने वाले बरवाल के पिता कुलदीप नयी दिल्ली में ड्राइवर के रूप में काम करते थे, जबकि उनकी मां सुभद्रा देवी गृहिणी हैं। बरवाल पिछले एक दशक से भी अधिक समय से लंबी दूरी की दौड़ में भाग ले रहे हैं। उन्हें अपने भाई से प्रेरणा मिली जो स्कूल की एथलेटिक्स टीम में शामिल थे। एक दिन वह अपने भाई के साथ गए और ट्रैक के किनारे दौड़ने लगे। इसके बाद उन्हें 14 साल की उम्र में 1500 मीटर की दौड़ के लिए स्कूल की टीम में शामिल कर लिया गया। राष्ट्रीय स्तर पर वह पहली बार 2015 में अंडर-18 वर्ग में 3000 मीटर की दौड़ में शामिल हुए। उनका पहला सीनियर स्तर का मुकाबला 2021 में फेडरेशन कप में 5000 मीटर की दौड़ थी। उन्होंने देहरादून में 2025 के राष्ट्रीय खेलों में 5,000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों में स्वर्ण पदक जीता। वह 2019 में खेल कोटा के तहत अपने बड़े भाई के साथ सेना में भर्ती हो गए थे। पुणे के सैन्य खेल संस्थान में यूनिस खान और रिलायंस फाउंडेशन में अजीत मार्कोस जैसे अपने कोच की सलाह पर उन्होंने मैराथन की ओर रुख किया। उनका वीओ2 मैक्स (अधिकतम ऑक्सीजन ग्रहण क्षमता) उच्च पाया गया था, जो उन्हें 42.195 किमी की दूरी के लिए बहुत अच्छा धावक बनाता है। बरवाल ने कहा, ‘‘मुझे मैराथन में अच्छा प्रदर्शन करने का पूरा भरोसा था। इसलिए यह सही फैसला था।’’बरवाल से जब पूछा गया कि क्या उन्हें लगता था कि वह अपनी पहली दो मैराथन दौड़ में ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाएंगे, उन्होंने कहा, ‘‘मैंने राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने के लक्ष्य के साथ ही मैराथन में भाग लिया था। मैराथन में भारतीय एथलीट दो घंटे 12 मिनट से कम समय नहीं निकाल पा रहे थे।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इसे चुनौती के रूप में लिया। मैंने स्वयं से कहा कि अगर मैं दो घंटे 12 मिनट से कम समय में दौड़ पूरी नहीं कर पाता, तो मैराथन दौड़ने का कोई मतलब नहीं है।’’एशियाई खेलों में हालांकि उनका पूरा ध्यान पदक जीतने पर था। उन्होंने कहा, ‘‘आज मैं राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने के लिए नहीं दौड़ा। मेरा लक्ष्य पदक जीतना था। जब मैंने अच्छी गति से दौड़ना शुरू किया तब मुझे लगा कि मैं राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ सकता हूं।
Asian Games 2026: भारत की महिला कबड्डी टीम ने जीता गोल्ड, फाइनल में ईरान को 37-34 से हराया
Asian Games 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने फाइनल में ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। यह एशियन गेम्स में भारत का महिला कबड्डी में चौथा स्वर्ण है।
Asian Games 2026: 44 साल बाद आया मेडल...सावन बारवाल ने रचा इतिहास! जानिए कौन हैं ये
Asian Games 2026 Sawan Barwal Silver Medal: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय धावक सावन बारवाल ने इतिहास रच दिया है। सावन ने पुरुषों की मैराथन स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही भारत का एशियन गेम्स की मैराथन स्पर्धा में मेडल का 44 साल का लंबा इंतजार खत्म हो गया है।सावन ने ना सिर्फ सिल्वर मेडल जीता, बल्कि 2:11:37 का समय निकालकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया और नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी कायम किया। रेस का स्वर्ण पदक जापान के यामाशिता ने जीता।रेस में सावन बारवाल का शानदार प्रदर्शन (स्टेप-बाय-स्टेप)शुरुआती बढ़त (10 किमी से 21 किमी): सावन शुरुआती 10 किलोमीटर के बाद से ही रेस के फ्रंट रनर्स में बने रहे। 21 किलोमीटर का हाफ-मैराथन मार्क पूरा करते ही (1:05:54 का समय) वह रेस में पहले स्थान पर आ गए।टॉप-3 में मुकाबला (30 किमी से 35 किमी): रेस जैसे-जैसे आगे बढ़ी, जापान के यामाशिता, चीन के हान और भारत के सावन बारवाल के बीच मुख्य मुकाबला देखने को मिला।36 किमी पर निर्णायक मोड़: 36 किलोमीटर के मार्क पर जापान के यामाशिता ने 20 से 30 मीटर की बढ़त बना ली। हालांकि, सावन ने धैर्य बनाए रखा और मजबूती से दूसरे स्थान पर टिके रहे।फिनिश लाइन: सावन ने अपनी गति बरकरार रखी और दूसरा स्थान हासिल करते हुए भारत के लिए ऐतिहासिक सिल्वर मेडल पक्का किया।इस स्पर्धा में हिस्सा ले रहे दूसरे भारतीय धावक कार्तिक करकरा शुरुआती चरण में आगे रहने के बाद पिछड़ गए और 19 धावकों के बीच 17वें स्थान पर रहे।कौन है सावन बारवाल?हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के रहने वाले सावन बारवाल भारतीय सेना के एथलीट हैं। एशियन गेम्स 2026 में 2:11:37 का समय निकालकर रजत पदक जीतने वाले सावन ने इससे पहले इसी साल अप्रैल में रोटरडैम की प्रतिष्ठित NN मैराथन में 48 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़कर सनसनी मचा दी थी। साल 2023 में आयोजित 'एशियन क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप' में भारत को कांस्य पदक दिलाने वाले सावन अब लंबी दूरी की दौड़ में देश के सबसे भरोसेमंद एथलीट बनकर उभरे हैं।एशियन गेम्स 2026 में आज ये है भारत के बड़े मुकाबलेकबड्डी में गोल्ड मेडल का मुकाबला: भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमें गोल्ड मेडल मैच में ईरान से भिड़ेंगी। भारतीय पुरुष टीम अपने 9वें गोल्ड और महिला टीम चौथे खिताब की तलाश में मैदान में उतरेगी।बैडमिंटन में पीवी सिंधु की शुरुआत: दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु बैडमिंटन महिला सिंगल्स में अपने अभियान की शुरुआत करेंगी, जहां उनसे भारत की अगुवाई करने और मेडल दिलाने की बड़ी उम्मीदें हैं।Asian Games 2026: भारतीय महिला शूटर्स का शानदार प्रदर्शन, 50m राइफल में सिल्वर पर कब्जा, तिलोत्तमा और विदर्सा ने फाइनल में बनाई जगह
धीरज बोम्मदेवरा ने एशियाई खेलों में बनाया रिकॉर्ड, रिकर्व क्वालीफिकेशन में 698 अंक लेकर शीर्ष पर
हाल ही में विश्व कप फाइनल जीतने वाले धीरज बोम्मदेवरा ने एशियाई खेलों में अपने अभियान की शानदार शुरूआत करते हुए पुरूष रिकर्व क्वालीफिकेशन दौर में रिकॉर्ड 698 अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर काबिज धीरज ने पहले 36 तीरों पर 348 स्कोर किया और आखिरी 36 में 350 स्कोर के साथ 720 में से 698 अंक बनाये। पिछला एशियाई क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड कोरिया के ली वू सियोग के नाम था जिन्होंने 690 अंक बनाये थे। सियोक चौथे स्थान पर रहे। पेरिस ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता टीम के सदस्य रहे कोरिया के किम जे दियोग 693 अंक के साथ दूसरे और चीनी ताइपै के चिन हुन तांग तीसरे स्थान पर रहे। धीरज को अब 64 तीरंदाजों के व्यक्तिगत एलिमिनेशन ड्रॉ में पहले दौर में बाय मिला है। भारत ने एशियाई खेलों में पुरूष रिकर्व व्यक्तिगत वर्ग में कभी स्वर्ण नहीं जीता है। तरूणदीप राय ने 2010 में रजत पदक जीता था। कोरियाई टीम से दो बार के चैम्पियन किम वूजिन व्यक्तिगत एलिमिनेशन दौर में जगह बनाने में नाकाम रहे। भारत के नीरज चौहान और यशदीप भोगे क्रमश: 18वें और 25वें स्थान पर रहे। टीम क्वालीफिकेशन में भारत कोरिया के बाद दूसरे स्थान पर रहा। भारत को प्री क्वार्टर फाइनल तक बाय मिला है जहां उसका सामना फिलीपींस से होगा। भारत को पदक पक्का करने के लिये तीन जीत दर्ज करनी होगी। भारतीय पुरूष टीम ने हांगझोउ में रजत पदक जीता था। महिला कंपाउंड वर्ग में 21 वर्ष की चितिका तानीपर्थी ने 720 में से 705 अंक लेकर व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल किया। हांगझोउ में भारतीय कंपाउंड टीम ने पांचों स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य जीता था। ज्योति सुरेखा वेन्नम क्वालीफिकेशन में 13वें स्थान पर रही लेकिन प्रिथिका प्रदीप व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सकी। वह भारतीय तीरंदाजों में तीसरे स्थान पर रही और हर देश से शीर्ष दो तीरंदाज ही फाइनल खेलेंगे। टीम वर्ग में भारत चीन के बाद दूसरे स्थान पर रहा और वह मंगोलिया के खिलाफ शुरूआत करेगा।
एशियन गेम्स में भारतीय महिला निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की झोली में एक और मेडल डाल दिया। 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन के टीम इवेंट में तिलोत्तमा सेन, विदर्सा विनोद और आशी चौकसे की तिकड़ी ने सिल्वर मेडल जीता। भारतीय टीम ने कड़े मुकाबले के बीच कुल 1763 अंक हासिल किए और दूसरे स्थान पर रही। चीन ने 1773 अंकों के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया, जबकि कजाकिस्तान को ब्रॉन्ज मिला।खास बात यह रही कि टीम मेडल के अलावा भारतीय निशानेबाजों ने व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन में भी अपनी छाप छोड़ी। तिलोत्तमा और आशी ने मजबूत प्रदर्शन किया, वहीं विदर्सा ने शानदार वापसी करते हुए फाइनल में जगह बनाई।चीन से बेहद करीबी मुकाबलाभारतीय टीम को गोल्ड के लिए चीन से कड़ी टक्कर मिली। चीन ने 1773 अंकों के साथ गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए पहला स्थान हासिल किया। वहीं कजाकिस्तान की टीम 1754 अंकों के साथ तीसरे नंबर पर रही। इस तरह भारत और चीन के बीच मुकाबला काफी रोमांचक रहा और आखिर में भारतीय टीम को सिल्वर से संतोष करना पड़ा।तिलोत्तमा और आशी ने व्यक्तिगत मुकाबले में भी दिखाया दमटीम इवेंट के साथ-साथ भारतीय निशानेबाजों ने व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। तिलोत्तमा सेन और आशी चौकसे ने शानदार निशाना लगाते हुए शुरुआती दौर में टॉप तीन में जगह बनाई। आशी ने 395-25x का स्कोर हासिल किया, जबकि तिलोत्तमा ने 395-23x के साथ क्वालिफिकेशन में मजबूत शुरुआत की । दोनों ने स्टैंडिंग स्टेज से पहले खुद को मजबूत स्थिति में रखा।विदर्सा ने शानदार वापसी से बनाई जगहविदर्सा विनोद की शुरुआत भले ही बाकी दोनों खिलाड़ियों जैसी मजबूत नहीं रही, लेकिन उन्होंने मुकाबले के दौरान शानदार वापसी की। उन्होंने तीनों स्टेज में कुल 588 अंक जुटाए और क्वालिफिकेशन में छठे स्थान पर रहीं।इस प्रदर्शन के साथ विदर्सा ने भी व्यक्तिगत मुकाबले के अगले चरण में अपनी जगह पक्की की और भारत की चुनौती को मजबूत बनाए रखा।तिलोत्तमा फाइनल में तीसरे स्थान परतीन पोजिशन यानी नीलिंग, प्रोन और स्टैंडिंग के क्वालिफिकेशन र ाउंड के बाद तिलोत्तमा सेन ने कुल 590 अंक हासिल किए। इस प्रदर्शन के दम पर उन्होंने आठ निशानेबाजों वाले व्यक्तिगत फाइनल में तीसरे स्थान के साथ प्रवेश किया । दुनिया में 107वें नंबर की तिलोत्तमा के लिए यह प्रदर्शन खास रहा। उन्होंने दबाव के बीच लगातार सटीक निशाने लगाए और खुद को पदक की दौड़ में बनाए रखा।आशी की शुरुआत शानदार, अंत में स्कोर थोड़ा गिरादुनिया की 18वें नंबर की निशानेबाज आशी चौकसे ने भी मुकाबले में अच्छी शुरुआत की। एक समय वह मजबूत स्थिति में नजर आ रही थीं, लेकिन क्वालिफिकेशन के अंत तक उनका कुल स्कोर 585 अंक रहा। इसके बावजूद टीम इवेंट में आशी, तिलोत्तमा और विदर्सा की संयुक्त मेहनत भारत को सिल्वर मेडल दिलाने में सफल रही। अब भारतीय निशानेबाजों की नजर व्यक्तिगत फाइनल में भी शानदार प्रदर्शन पर होगी।IND vs WI: शुभमन गिल हुए चोटिल, सिराज की खतरनाक गेंद पर घायल हुए भारतीय कप्तान
Asian Games: Manush Shah और Yashaswini Ghorpade प्री-क्वार्टर फाइनल में हारे
भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी मानुष शाह और यशस्विनी घोरपड़े को एशियाई खेलों में शनिवार को यहां क्रमशः पुरुष और महिला एकल के प्री-क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। इस तरह से भारत ने इस प्रतियोगिता में एक पदक के साथ अपने अभियान का समापन किया। मानुष को पुरुष एकल में चीन के विश्व में आठवें नंबर के खिलाड़ी लिन शिदोंग से 0-4 (4-11, 4-11, 9-11, 10-12) से हार का सामना करना पड़ा। घोरपड़े महिला एकल के तीसरे दौर में जापान की मिवा हारिमोतो से 1-4 (5-11, 11-4, 4-11, 5-11) से हार गईं। इस तरह से भारत का टेबल टेनिस में अभियान भी समाप्त हो गया। उसने इस प्रतियोगिता में एक पदक जीता। मानुष और दीया चिताले ने शुक्रवार को मिश्रित युगल में कांस्य पदक जीता था। एशियाई खेलों के इतिहास में यह भारत का मिश्रित युगल में दूसरा पदक था। इससे पहले अचंता शरत कमल और मनिका बत्रा ने जकार्ता एशियाई खेल 2018 में कांस्य पदक जीता था। भारत का एशियाई खेलों में यह टेबल टेनिस में कुल मिलाकर चौथा पदक था।
Asian Games 2026 Live Update: भारत की झोली में एक ही दिन 3 मेडल, मैराथन में 44 साल बाद सिल्वर समेत शूटिंग और स्क्वॉश में भी पदक
Asian Games Squash: Joshna Chinappa और सेंथिलकुमार को मिक्स्ड डबल्स में मिला कांस्य पदक
भारत की जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार को एशियाई खेलों में शनिवार को स्क्वाश प्रतियोगिता के मिश्रित युगल सेमीफाइनल में हांगकांग के तांग मिंग हांग और ली का यी से हारने के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। जोशना और सेंथिलकुमार की जोड़ी नागोया किंजो फुटो एरिना में खेले गए तीन गेम के रोमांचक मुकाबले में (1-2) 10-11, 11-2, 10-11 से हार गई। भारतीय जोड़ी ने पहले गेम में ली का यी और तांग मिंग हांग के सामने कड़ी चुनौती पेश की लेकिन उन्हें मामूली अंतर से हार झेलनी पड़ी। इसके बाद जोशना और सेंथिलकुमार ने शानदार वापसी करते हुए दूसरा गेम जीत लिया। तीसरे गेम में भी कड़ी टक्कर देखने को मिली लेकिन आखिर में हांगकांग के खिलाड़ियों ने अपना संयम बनाए रखा और विजेता बनकर फाइनल में प्रवेश किया। भारतीय जोड़ी ने शुक्रवार को फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो पर जीत हासिल करके सेमीफाइनल में पहुंचकर अपने नाम पर पदक पक्का कर दिया था। 40 वर्षीय जोशना का यह एशियाई खेलों में छठा पदक है। इससे पहले वह एशियाई खेलों में दो रजत और तीन कांस्य पदक जीत चुकी थी।
Asian Games: ग्रुप-ए से नेपाल और अफगानिस्तान क्वार्टर फाइनल में, जापान बाहर
कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में एशियन गेम्स 2026 में पुरुष क्रिकेट ग्रुप ए का आखिरी लीग मुकाबला बारिश की वजह से प्रभावित रहा। नेपाल और जापान के बीच खेला गया यह मुकाबला बारिश की वजह से ड्रॉ रहा और दोनों टीमों के बीच 1-1 अंक बाँट दिए गए। इसके साथ ही जापान एशियन गेम्स से बाहर हो गया। जापान और नेपाल के बीच खेला गया यह मुकाबला बारिश की वजह से बुरी तरह प्रभावित रहा था और इसी वजह से शुरुआत में मैच को 20-20 की जगह 15-15 ओवर का निर्धारित किया गया था, हालांकि इसके बावजूद मैच पूरा नहीं हो सका। मुकाबले की बात करें तो जापान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था। नेपाल ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट के नुकसान पर 149 रन बनाए। संदीप जोरा के 32 गेंदों पर 3 छक्के और 5 चौकों की मदद से नाबाद 57 रन और लोकेश बाम के 22 गेंदों पर 6 छक्कों और 1 चौके की मदद से बनाए गए 52 रन तथा दोनों के बीच 30 गेंदों पर हुई नाबाद 65 रन की साझेदारी का नेपाल को 149 तक पहुँचाने में अहम योगदान रहा। विकेटकीपर-बल्लेबाज आसिफ शेख ने 15 गेंदों पर 1 छक्का और 1 चौका लगाते हुए 21 रन बनाए थे। जापान और नेपाल के बीच खेला गया यह मुकाबला बारिश की वजह से बुरी तरह प्रभावित रहा था और इसी वजह से शुरुआत में मैच को 20-20 की जगह 15-15 ओवर का निर्धारित किया गया था, हालांकि इसके बावजूद मैच पूरा नहीं हो सका। Also Read: LIVE Cricket Score ग्रुप ए से शीर्ष पर रहते हुए नेपाल और दूसरे स्थान पर रहते हुए अफगानिस्तान ने क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया है। Article Source: IANS
Asian Games 2026 Day 8 Live Update: कबड्डी फाइनल में भारत-ईरान आमने-सामने, गोल्ड के लिए शुरू हुई जंग
Asian Games 2026 Day 8 Live Update: कबड्डी फाइनल में भारत-ईरान आमने-सामने, गोल्ड के लिए शुरू हुई जंग
Asian Games में ओमान टीम के अनोखे स्क्वॉड ने रचा इतिहास!
एशियन गेम्स 2026 में ओमान की क्रिकेट टीम हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ 41 रन से हार गई, लेकिन मुकाबले में एक अनोखी बात ने सबका ध्यान खींचा. ओमान की प्लेइंग इलेवन में एक ही सरनेम वाले सात खिलाड़ी शामिल थे. इतना ही नहीं, पूरे स्क्वॉड में इस सरनेम के नौ खिलाड़ी मौजूद रहे. अल बलूशी नाम वाले खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में टीम के लिए योगदान दिया.
इंटरनेट डेस्क। जापान के नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में आज भारत के सावन बरवाल ने मैराथन में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। इससे मैराथन में भारत का 44 साल का पदक का सूखा खत्म हो गया है। सावन ने आज तड़के 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड का समय निकालकर रजत पदक पर कब्जा किया। देश को 1982 के बाद पहली बार एशियन गेम्स मैराथन में पोडियम फिनिश मिली। इस इवेंट में 1982 के दिल्ली एशियन गेम्स में भारत को कांस्य पदक मिला था। वहीं शूटिंग में भारत को 11वां मेडल मिला है। महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन कैटेगरी में भारतीय टीम ने दूसरे स्थान पर रहकर रजत पदक जीता। इस टीम में आशी चौकसे, तिलोत्तमा सेन और विदार्शा विनोद के नाम शामिल रहे। शूटिंग में भारत को अब तक एक गोल्ड, छह सिल्वर और चार ब्रॉन्ज मिल चुके हैं। इससे भारत अब पदक तालिका में 12वें स्थान पर आ गया है। भारत के कुल 25 पदक हो चुके हैं। इसमें 2 गोल्ड, 11 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज शामिल हैं। कबड्डी से आज मिल सकते हैं दो स्वर्ण पदक आज भारत के खाते में कबड्डी से दो स्वर्ण पदक आ सकते हैं। आज महिला और पुरुष वर्ग के कबड्डी फाइनल खेले जाएंगे। भारत की महिला और पुरुष टीम का फाइनल मुकाबला ईरान से होगा। महिला टीम का मैच सुबह 9:30 बजे, जबकि पुरुष टीम का मुकाबला दोपहर 2:30 बजे से शुरु होगा। भारतीय टीमें कबड्डी में स्वर्ण पदक की मजबूत दावेदार हैं। वहीं कई अन्य एथलीटों से भी पदक की उम्मीद है। PC:indiatv अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
Asian Games में Tilottama Sen और भारतीय तिकड़ी ने 50m राइफल 3P में जीता सिल्वर
भारत की तिलोत्तमा सेन, विदर्सा विनोद और आशी चौकसी की तिकड़ी ने एशियाई खेलों में शनिवार को महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस में रजत पदक जीता और तिलोत्तमा तथा विदर्सा ने व्यक्तिगत फाइनल में भी जगह बना ली। भारतीय टीम ने 1763 अंक बनाकर दूसरा स्थान हासिल किया। चीन ने 1773 अंक लेकर खेलों के रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि कजाखस्तान को कांस्य पदक मिला। व्यक्तिगत वर्ग में आशी और तिलोत्तमा शीर्ष तीन में रहे जिन्होंने 395 . 25 एक्स और 395 . 23 एक्स स्कोर किया। विदर्सा ने 588 स्कोर करके क्वालीफिकेशन में छठा स्थान हासिल किया। विश्व में 107वीं रैंकिंग पर काबिज तिलोत्तमा नीलिंग, प्रोन और स्टैंडिंग में कुल 590 अंक लेकर तीसरे स्थान पर रही। वहीं आशी ने 585 अंक बनाये। आशी और तिलोत्तमा ने नीलिंग और प्रोन चरण में 395 स्कोर किया जिसमें आशी ने इनर 10 में 25 और तिलोत्तमा ने 23 निशाने लगाये। तिलोत्तमा ने स्टैंडिंग में बेहतर प्रदर्शन करके 590 स्कोर किया और शीर्ष तीन में पहुंच गई। विदर्सा ने भी फाइनल में जगह बनाई। 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस में निशानेबाज नीलिंग, प्रोन और स्टैंडिंग पोजिशन में निशाने लगाते हैं।
Asian Games: Loh Kean Yew से तीन गेम में हारे Lakshya Sen, दूसरे दौर से बाहर
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन एशियाई खेलों में दूसरे दौर से बाहर हो गए जिन्हें पुरूष एकल वर्ग में पूर्व विश्व चैम्पियन सिंगापुर के लोह कीन यू ने तीन गेम में हराया। दुनिया के 14वें नंबर के खिलाड़ी सेन को 13वीं रैंकिंग वाले 2021 विश्व चैम्पियन ने 21 . 12, 15 . 21, 21 . 14 से मात दी। इचिनोमोया सिटी म्युनिसिपल जिम्नेशियम में खेला गया यह मुकाबला एक घंटे से अधिक चला। इससे एक दिन पहले दुनिया की पूर्व नंबर एक जोड़ी सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी पुरूष युगल के पहले दौर में ही हार गए थे। सेन ने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था और पेरिस ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहे लेकिन एशियाई खेलों में एक बार फिर व्यक्तिगत पदक नहीं जीत पाये। उन्होंने हांगझोउ में टीम स्पर्धा का रजत और यहां कांस्य पदक जीता। उन्होंने मजबूत शुरूआत करके पहले गेम में 5 . 1 की बढत बना ली लेकिन लोह ने लगातार दस अंक बनाकर उन्हें दबाव में ला दिया। दूसरे गेम में सेन ने अच्छी वापसी की और आक्रामक खेल से यह गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक तीसरे गेम तक खिंचा। तीसरे गेम में हालांकि लोह ने 11 . 6 की बढत बना ली। सेन ने वापसी करते हुए अंतर 13 . 14 कर दिया लेकिन सिंगापुर के दिग्गज खिलाड़ी ने 16 . 14 से बढत बनाई और तीन अंक लेकर स्कोर 19 . 14 कर दिया। इसके बाद दो अंक बनाकर मैच जीता और प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली।
Asian Games मैराथन में Sawan Barwal ने 44 साल बाद भारत को दिलाया रजत पदक
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 26 सितंबर सावन बरवाल ने एशियाई खेलों में शनिवार को पुरूषों की मैराथन फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ समय निकालकर अप्रत्याशित रजत पदक जीता जो इस स्पर्धा 44 साल बाद भारत का पहला पदक है। भारत ने पिछली बार मैराथन में पदक 1982 के एशियाई खेलों में जीता था। सेना के 28 वर्ष के खिलाड़ी बरवाल ने दो घंटे 11 मिनट 37 सेकंड में 42 . 195 किलोमीटर की मैराथन पूरी की। वह स्वर्ण पदक जीतने वाले जापान के इचिताका यामाशिता से 48 सेकंड पीछे रहे जिन्होंने दो घंटे 10 मिनट 49 सेकंड का समय निकाला। चीन के पेइयू फेंग दो घंटे 12 मिनट 13 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहे। एशियाई खेलों में मैराथन में इससे पहले 1982 में दिल्ली में होसुर कुक्काप्पा सीतारन ने भारत को कांस्य पदक दिलाया था। बरवाल एशियाई खेलों में मैराथन में पदक जीतने वाले चौथे भारतीय भी बन गए। दिल्ली में 1951 में पहले एशियाई खेलों में छोटा सिंह ने स्वर्ण और सूरत सिंह माथुर ने कांस्य पदक जीता था। बरवाल ने 5000 मीटर, 10000 मीटर और हाफ मैराथन दौड़ने के बाद इसी साल मैराथन में पदार्पण किया। अप्रैल में बरवाल ने रॉटरडम में एनएन मैराथन में शिवनाथ सिंह का 48 साल पुराना दो घंटे 11 मिनट 58 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था। उन्होंने रेस के बाद कहा ,‘‘ मेरा लक्ष्य पदक जीतना था, अपना रिकॉर्ड बेहतर करना नहीं। लेकिन यह भी राष्ट्रीय रिकॉर्ड है। मुझे खुशी है कि इतने लंबे समय बाद देश के लिये पदक जीत सका।’’बरवाल आधी रेस पूरी होने तक दूसरे स्थान पर चले गए थे। उन्होंने कहा ,‘‘ मेरा लक्ष्य 39 . 40 किलोमीटर तक पहले ग्रुप में रहना था। मैं पहले ग्रुप में रहा और आखिरी एक दो किलोमीटर में फिनिश करने का फैसला किया। आखिर में 38 . 37 किलोमीटर में तीन ही रनर थे। मैने एक सी रफ्तार बनाये रखने की कोशिश की।’’हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के बरवाल के पिता दिल्ली में ड्राइवर का काम करते थे और मां सुभद्रा देवी गृहिणी है। घर के पास एक ट्रैक को देखने के बाद बरवाल की दौड़ में रूचि जगी। उनके बड़े भाई भी स्कूल की ट्रैक टीम में थे। बरवाल ने 14 वर्ष की उम्र में 1500 मीटर की तैयारी शुरू की। उन्होंने अंडर 18 आयुवर्ग में 2015 में 3000 मीटर रेस में भाग लिया। सीनियर स्तर पर उनकी पहली रेस 2021 में 5000 मीटर की थी। उन्होंने देहरादून में 2025 राष्ट्रीय खेलों में 5000 और 10000 मीटर में स्वर्ण पदक जीता था। वह 2019 में खेल कोटे से अपने भाई के साथ सेना में शामिल हुए। भारत के कार्तिक करकेरा दो घंटे 22 मिनट 41 सेकंड के समय के साथ 19 धावकों में 17वें स्थान पर रहे।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंद्रनगर से ताल्लुक रखने वाले धावक सावन बरवाल ने जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियाई खेलों में इतिहास रच दिया है।
एशियाई खेलों में Elavenil Valarivan ने जीता रजत, ओलंपिक चैम्पियन को हराकर बढ़ा आत्मविश्वास
राइफल निशानेबाज इलावेनिल वालारिवन ने कहा कि मौजूदा ओलंपिक और विश्व चैम्पियन दक्षिण कोरिया की बान योजिन को हराकर एशियाई खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा का रजत पदक जीतने से उन्हें महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल में आखिरी समय तक शीर्ष पर रहने के बाद स्वर्ण चूकने की निराशा दूर करने में मदद मिली। इलावेनिल समेत आठ भारतीय निशानेबाजों का शुक्रवार की देर रात जापान से भारत लौटने पर भव्य स्वागत किया गया। इलावेनिल ने कहा ,‘‘ मैं खुशकिस्मत हूं कि देश का प्रतिनिधित्व करने और पदक जीतने का मौका मिला। स्वर्ण नहीं जीत पाने की निराशा है लेकिन अभी यह शुरूआत है।’’उन्होंने कहा ,‘‘ मैंने विश्व चैम्पियन और ओलंपिक चैम्पियन को हराया जो तीसरे स्थान पर रही। मेरे पास शानदार टीम है और हमारी ट्रेनिंग सही थी। इस पदक से आत्मविश्वास बढा है और मुझे पता है कि मेरी तैयारी सही रास्ते पर है।’’भारतीय निशानेबाजी दल के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी 50 वर्ष के मैराज अहमद खान ने कहा ,‘‘ पिछले 25 साल से मैं काम कर रहा हूं। मैने 2006 एशियाई खेलों में पहला पदक जीता था और दो दशक बाद देश के लिये पदक जीता है।’’दो रजत पदक जीतने वाले अनंतजीत सिंह नरूका ने कहा ,‘‘ यह काफी मायने रखता है। मैने चीन में भी दो पदक जीते थे और इस बार भी। हम सभी के लिये यह गर्व का पल है। हमने इसके लिये काफी मेहनत की थी। पदक का रंग बेहतर होता तो और अच्छा लगता लेकिन खुशी है कि दो पदक जीते।
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एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलीट सावन बरवाल ने मैराथन में कमाल दिखाते हुए सिल्वर मेडल को अपने नाम किया है। साल 1982 के एशियाई खेलों में होसुर कुकप्पा सीताराम के ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने के बाद से मैराथन में भारत का यह पहला मेडल है।
Asian Games 2026 में भारत का आज का शेड्यूल, 26 सितंबर; कई गोल्ड मेडल दांव पर
India Asian Games 2026 schedule today: एशियन गेम्स में आज कबड्डी समेत कई इवेंट में भारत के पास गोल्ड मेडल जीतने का मौका होगा। भारत अभी तक 2 गोल्ड, 9 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज समेत 23 मेडल जीत चुका है।
नाओरेम रोशिबिना देवी ने एशियाई खेलों में लगातार तीसरी बार पदक जीतकर इतिहास रचा, चीन की खिलाड़ी से हारकर रजत पदक जीता। किसान परिवार से आने वाली रोशिबिना ने मुश्किल हालातों में तकिये से अभ्यास कर यह मुकाम हासिल किया।
Gorakhpur News: 92.5 किलो वजन उठाकर सेजल ने एशियाई बेंच प्रेस में जीता रजत
Sejal wins silver at Asian Bench Press by lifting 92.5 kg.
Asian Games 2026: शूटिंग से एथलेटिक्स तक खिलाड़ियों ने मचाया धमाल, भारत ने 6वें दिन जीते 6 मेडल
एशियन गेम्स 2026 भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। एशियन गेम्स के 6वें दिन भारत के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए छह मेडल अपने नाम किए। 25 सितंबर यानी शुक्रवार को आइची-नागोया में भारत को शूटिंग में दो, ट्रैक एंड फील्ड में तीन और टेबल टेनिस के मिक्स्ड डबल्स में एक ब्रॉन्ज मेडल मिला। एशियन गेम्स 2026 में 6वें दिन के मुकाबलों के बाद भारत के खाते में कुल 23 मेडल हो गए हैं। इनमें 2 गोल्ड, 9 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। पदक तालिका में भारत 12वें स्थान पर है।वहीं सातवें दिन के मुकाबलों के बाद चीन मेडल टेबल में सबसे आगे रहा और उसके खाते में अब तक 98 गोल्ड मेडल दर्ज हो चुके हैं। आइए जानते हैं आज किस-किस खिलाड़ी ने भारत के लिए मेडलएयर पिस्टल मिक्स्ड में मिला गोल्डसुरुचि सिंह और कमलजीत ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम मुकाबले में शानदार खेल दिखाते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में 484.6 अंक हासिल किए। वहीं, दक्षिण कोरिया की सुह्योन होंग और गेउन चू की जोड़ी 478.0 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही। वहीं ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रांक्श पाटिल और नीरज कुमार की भारतीय टीम ने पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम स्पर्धा में 1762 अंक हासिल कर सिल्वर मेडल जीता। इस मुकाबले में चीन की टीम 1766 अंक के साथ पहले स्थान पर रही और गोल्ड अपने नाम किया। वहीं, दक्षिण कोरिया ने 1751 अंक के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।टेबल टेनिस मिक्स्ड डबल्स में मिला ब्रॉन्जमानुष शाह और दिया चितले की भारतीय जोड़ी को एशियन गेम्स के टेबल टेनिस मिक्स्ड डबल्स में ब्रॉन्ज मेडल मिला। सेमीफाइनल में उन्हें चीन की वांग चुकिन और सुन यिंगशा की जोड़ी से 0-4 से हार का सामना करना पड़ा। वहीं, महिलाओं की शॉट पुट स्पर्धा में भारत की मनप्रीत कौर ने 17.17 मीटर का थ्रो करके ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। वहीं भारत के लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में 28:29.38 मिनट का समय दर्ज किया और सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इस पदक के साथ उन्होंने एशियन गेम्स में अपने पिछले ब्रॉन्ज मेडल को सिल्वर में बदल दिया और एक और बड़ा अंतरराष्ट्रीय पदक अपनी उपलब्धियों में जोड़ लिया।एशियन गेम्स 2026 में बारानिका एलंगोवन ने महिलाओं के पोल वॉल्ट में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत के लिए खास उपलब्धि हासिल की। 25 सितंबर को जीता ये पदक उनके करियर के साथ-साथ भारतीय एथलेटिक्स के लिए भी महत्वपूर्ण रहा।
जापान एशियाई खेलों में कमलजीत और सुरुचि सिंह की जोड़ी मिक्स्ड टीम 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के फ़ाइनल में पहुंची asiangames,japanजापान एशियाई खेलों में कमलजीत और सुरुचि सिंह की जोड़ी मिक्स्ड टीम 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के फ़ाइनल में पहुंची एशियाई खेलों में भारत की कमलजीत और सुरूचि सिंह की जोड़ी ने आज […]
Asian Games में Baranica Elangovan ने पोल वॉल्ट में कांस्य जीत रचा इतिहास
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 25 सितंबर बारानिका इलांगोवान एशियाई खेलों में पोल वॉल्ट का पदक जीतने वाली पहली भारतीय बन गई जिन्होंने कांस्य अपने नाम किया जबकि गुलवीर सिंह 10000 मीटर रेस में दो बाद पदक जीतने वाले पहले भारतीय ट्रैक और फील्ड एथलीट बन गए। शॉटपुट खिलाड़ी मनप्रीत कौर के कांस्य के साथ एथलेटिक्स में तीसरे दिन भारत ने तीन पदक जीते। उनतीस वर्षीय बारानिका ने कजाखस्तान की पोलिना इवानोवा के साथ संयुक्त कांस्य पदक जीता क्योंकि दोनों 4.15 मीटर के सर्वश्रेष्ठ ‘क्लियरेंस’ और 4.25 मीटर पर समान संख्या में असफल प्रयासों के साथ बराबरी पर रहीं। बारानिका का प्रयास उनके 4.23 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से कम था, लेकिन पोडियम स्थान हासिल करने के लिए काफी था। बारानिका ने कहा ,‘‘ यह शानदार है। मुझे खुशी है कि मैं देश के लिये पदक जीत सकी। मेरा सपना इतिहास रचने का था जो मैने आज पूरा किया।’वहीं गुलवीर सिंह ने एशियाई खेलों के अपने कांस्य को रजत पदक में बदला और पुरूषों की 10000 मीटर दौड़ में 28 मिनट 29.38 सेकेंड का समय निकालकर दूसरे स्थान पर रहे। हांगझोउ में पिछले एशियाई खेलों में कांस्य जीतने वाले गुलवीर बहरीन के बिरहानु बालेयू से पीछे रहे जिन्होंने 28 मिनट 27 . 51 सेकंड में स्वर्ण पदक जीता। बहरीन के अलबर्ट किप्टो को कांस्य पदक मिला जिन्होंने 28 मिनट 34 . 18 सेकंड का समय निकाला। गुलवीर ने इस साल की शुरुआत में ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भी रजत पदक और 5,000 मीटर में कांस्य पदक जीता था। गुलवीर ने कहा, ‘‘एशियाई खेलों में भारत के लिए रजत पदक जीतकर अच्छा लग रहा है। इस तरह की चैंपियनशिप में पोडियम पर खड़ा होना संतोषजनक है। ’’उन्होंने कहा, ‘‘हमने समय पर ध्यान देने के बजाय चैंपियनशिप रेस के लिए तैयारी की थी और मैं अपनी योजना पर कायम रहने में सक्षम रहा। यह पदक उत्साह बढ़ाने वाला है, लेकिन मैं जानता हूं कि अभी लंबा रास्ता तय करना है और आगे कई और रेस हैं। ’’गुलवीर ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में 10000 मीटर में रजत और 5000 मीटर में कांस्य पदक जीता था। मनप्रीत कौर ने महिलाओं की शॉटपुट स्पर्धा में 17 . 17 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। 36 वर्ष की मनप्रीत का पिछला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2023 एशियाई चैम्पियनशिप में कांस्य था। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 18 . 06 मीटर है जो उन्होंने 2022 में किया था। वह हांगझोउ में 2023 एशियाई खेलों में पांचवें स्थान पर रही थी और ग्लास्गो में पिछले महीने राष्ट्रमंडल खेलों में 17 . 49 मीटर के प्रयास के साथ चौथे स्थान पर थी। उन्होंने कहा ,‘‘ आखिरकार मैने पदक जीता। मैने काफी संघर्ष किया है। अगला लक्ष्य एशियाई चैम्पियनशिप और विश्व चैम्पियनशिप है। ओलंपिक भी है तो कदम दर कदम आगे बढना है।’’पुरूषों की 100 मीटर दौड़ में राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी गुरिंदर वीर सिंह और अनिमेष कुजूर फाइनल के लिये क्वालीफाई नहीं कर पाये। गुरिंदरवीर 10 . 32 सेकंड का समय निकालकर सेमीफाइनल हीट 2 में पांचवें और कुल 11वें स्थान पर रहे। कुजूर ने 10 . 38 सेकंड का समय लिया और सेमीफाइनल हीट 3 में सातवें और कुल 18वें स्थान पर रहे।
Asian Games में MMA पदक विजेता Suchika Tariyal ने सेमीफाइनल के फैसले पर उठाए सवाल
अइची-नागोया एशियाई खेलों में पहली बार मिक्स मार्शल आर्ट्स को शामिल किया गया है। भारत के लिए सुचिका तारियाल ने इस नई स्पर्धा में इतिहास रचते हुए कांस्य पदक जीता है। 36 वर्षीय सुचिका को सेमीफाइनल में सिंगापुर की टिया हुई हूं के खिलाफ मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वह कांस्य पदक लेकर लौटी हैं और एशियाई खेलों में इस खेल में भारत की पहली पदक विजेता बनी हैं। सुचिका के मुताबिक, सेमीफाइनल का मुकाबला बराबरी पर घोषित किया गया था, लेकिन इसके बाद सामान्य तरीके से एक और दौर कराने के बजाय वजन से जुड़े नियम के आधार पर विजेता तय किया गया। उन्होंने इस फैसले को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें एक और दौर खेलने का मौका मिलना चाहिए था। उन्होंने कहा कि अगर एक और दौर कराया जाता और उसमें वह हार जातीं, तो वह उस नतीजे को स्वीकार कर लेतीं। लेकिन मुकाबला बराबरी पर घोषित करने के बाद वजन के नियम से फैसला किए जाने को वह स्वीकार नहीं कर सकीं। सुचिका ने इसे बेहद खराब नियम बताया है। सुचिका ने कहा कि मुकाबले के दौरान उन्हें भरोसा था कि वह जीत की ओर बढ़ रही थीं। उनके अनुसार, यहां तक कि अतिरिक्त 1 मिनट के दौर में भी वह अपनी विरोधी पर दबाव बनाए हुए थीं। उन्होंने दावा किया कि टिया हुई हूं पीछे की ओर जा रही थीं, जबकि वह लगातार उन पर दबाव बनाए हुए थीं। मौजूद जानकारी के अनुसार, सुचिका ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि अधिकारियों ने ऐसा फैसला क्यों लिया। उन्होंने इसे सीधे तौर पर धोखाधड़ी नहीं बताया, लेकिन सवाल जरूर उठाया कि जब मुकाबला बराबरी का था तो जीत उन्हें भी दी जा सकती थी। उन्होंने कहा कि उन्हें यह समझ नहीं आया कि उनकी कमी क्या रही, जिसके आधार पर जीत उनकी विरोधी को दी गई। सुचिका ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिंगापुर से जुड़े मिक्स मार्शल आर्ट्स संगठन का जिक्र करते हुए यह भी आशंका जताई कि शायद उसकी वजह से उनकी विरोधी को फायदा मिला हो। उन्होंने कहा कि संभव है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले से कोई प्रतिबद्धता रही हो और बाद में उससे पीछे हटना मुश्किल रहा हो। हालांकि, सुचिका ने साफ किया कि वह इसे धोखाधड़ी नहीं कह रही हैं। उन्होंने कहा कि इस फैसले को खराब किस्मत भी माना जा सकता है। सुचिका ने यह भी बताया कि जब उन्होंने इस मुद्दे को महासंघ के सामने उठाया तो उन्हें बताया गया कि दोनों खिलाड़ी बराबरी पर थीं, लेकिन जीत टिया हुई हूं को दे दी गई। उनका कहना था कि ऐसी स्थिति में उन्हें भी विजेता घोषित किया जा सकता था। गौरतलब है कि 36 साल की सुचिका के लिए यह पदक बेहद खास है। उन्होंने कहा कि वह कांस्य पदक जीतकर भी बेहद खुश हैं और यह पदक उनके लिए जिंदगी से भी ज्यादा कीमती है। इसके पीछे उनकी लंबे समय की मेहनत रही है। बता दें कि मिक्स मार्शल आर्ट्स का एशियाई खेलों में पहली बार आयोजन होने के कारण सुचिका का कांस्य पदक भारतीय खेल इतिहास में खास जगह रखता है। सेमीफाइनल में मिली निराशा के बावजूद उन्होंने भारत को इस खेल में पहला एशियाई खेल पदक दिलाया है और नई स्पर्धा में देश की शुरुआत पदक के साथ हुई है।
Asian Games 10000m Race में Gulveer Singh ने जीता Silver Medal
भारत के लंबी दूसरी के धावक गुलवीर सिंह ने एशियाई खेलों के अपने कांस्य को रजत पदक में बदला और पुरूषों की 10000 मीटर दौड़ में 28 मिनट 29.38 सेकेंड का समय निकालकर दूसरे स्थान पर रहे। हांगझोउ में पिछले एशियाई खेलों में कांस्य जीतने वाले गुलवीर बहरीन के बिरहानु बालेयू से पीछे रहे जिन्होंने 28 मिनट 27 . 51 सेकंड में स्वर्ण पदक जीता। बहरीन के अलबर्ट किप्टो को कांस्य पदक मिला जिन्होंने 28 मिनट 34 . 18 सेकंड का समय निकाला। गुलवीर ने इस साल की शुरुआत में ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भी रजत पदक और 5,000 मीटर में कांस्य पदक जीता था। गुलवीर ने कहा, ‘‘एशियाई खेलों में भारत के लिए रजत पदक जीतकर अच्छा लग रहा है। इस तरह की चैंपियनशिप में पोडियम पर खड़ा होना संतोषजनक है। ’’उन्होंने कहा, ‘‘हमने समय पर ध्यान देने के बजाय चैंपियनशिप रेस के लिए तैयारी की थी और मैं अपनी योजना पर कायम रहने में सक्षम रहा। यह पदक उत्साह बढ़ाने वाला है, लेकिन मैं जानता हूं कि अभी लंबा रास्ता तय करना है और आगे कई और रेस हैं। ’’उन्होंने इस स्तर की रेस के लिए तैयारी करने में अपनी सहयोगी टीम की भूमिका को अहम बताते हुए कहा, ‘‘इस स्तर पर अक्सर छोटी-छोटी चीजें ही सबसे बड़ा अंतर पैदा करती हैं। कोच से लेकर फिजियो, विशेषज्ञों और अन्य स्टाफ तक, सही लोगों का आपके आसपास होना आपको पूरी तरह अपनी ट्रेनिंग पर ध्यान केंद्रित करने देता है। जब उन बारीकियों का लगातार ध्यान रखा जाता है, तो यह रेस के दिन बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करता है। ’’भारतीय सेना के इस 28 वर्षीय नायब सूबेदार ने दक्षिण कोरिया के गुमी में 2025 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5,000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों में स्वर्ण पदक जीते। वह पिछले दो वर्षों से शानदार फॉर्म में हैं। उनके नाम 5,000 मीटर, 10,000 मीटर, एक मील और हाफ मैराथन में भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड हैं। वह 2025 में चार मिनट से कम समय में एक मील दौड़ने वाले पहले भारतीय बने जिसमें उन्होंने 3:55.63 सेकेंड का समय दर्ज किया। वह 60 मिनट से कम समय में हाफ मैराथन पूरी करने वाले पहले भारतीय भी बने जिसमें उनका समय 59:42 मिनट रहा। वह इंडोर 5,000 मीटर में 13 मिनट का समय निकालने वाले पहले एशियाई एथलीट भी बने। उन्होंने 12:59.77 का समय दर्ज किया। गुलवीर प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए अमेरिका के कोलोराडो स्प्रिंग्स में ट्रेनिंग ले रहे थे।
Asian Games Archery: Dhiraj Bommadevara की अगुवाई में भारतीय दल करेगा अभियान का आगाज
अनुभव और युवा जोश से भरी भारतीय तीरंदाजी टीम एशियाई खेलों में अपने अभियान का शनिवार को आगाज करेगी तो नजरें हांगझोउ में नौ पदक के रिकॉर्ड को बेहतर करने पर लगी होंगी। भारतीय दल की अगुवाई धीरज बोम्मादेवरा करेंगे जो पिछले सप्ताह साल्टिलो में विश्व कप फाइनल जीतकर जापान पहुंचे हैं। वह सत्र का आखिरी यह खिताब जीतने वाले भारत के पहले पुरूष रिकर्व तीरंदाज हैं। एशियाई खेलों के जरिये लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के छह कोटा स्थान भी तय होंगे। पुरूष और महिला व्यक्तिगत रिकर्व में दो दो स्थान तय होंगे जबकि रिकर्व मिश्रित टीम और कंपाउंड मिश्रित टीम चैम्पियन को भी कोटा मिलेगा। कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा एशियाई खेलों में पदार्पण करने जा रही है। भारत के लिये धीरज पदक की सबसे बड़ी उम्मीद हैं जिन्होंने 2023 विश्व कप फाइनल में कोरिया के किम वूजिन को हराया था। वूजिन यहां कोरियाई चुनौती की अगुवाई करेंगे। पेरिस ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता किम जे दियोक और ली वू सियोग भी कोरियाई टीम में हैं। धीरज के साथ यशदीप भोगे और नीरज चौहान हैं। भारत ने हांगझोउ खेलों में पुरूष रिकर्व टीम में रजत पदक जीता था। महिला रिकर्व टीम भी पदक की दावेदार है जिसमें अंकिता भकत के साथ कुमकुम मोहोद और कीर्ति शर्मा हैं जिन्होंने शंघाई विश्व कप में कोरिया और चीन को हराकर स्वर्ण पदक जीता था। अनुभवी दीपिका कुमारी की कमी टीम को खल सकती है जो चयन ट्रायल में चौथे स्थान पर रहने के बाद टीम में जगह नहीं बना सकी। कंपाउंड वर्ग में भारत ने हांगझोउ में पांचों स्वर्ण पदक जीते थे और चुनौती की अगुवाई ओजस देवताले तथा ज्योति सुरेखा वेन्नम ने की थी। देवताले, अदिति स्वामी और अभिषेक वर्मा इस बार टीम में जगह नहीं बना सके। उनकी जगह ज्योति के साथ चितिका तानीपर्थी और प्रिथिका प्रदीप होंगे। पुरूष कंपाउंड टीम में साहिल जाधव, कुशल दलाल और गणेश तिरू मुरू हैं।
Asian Games Table Tennis: मानुष शाह और दीया चिताले ने जीता कांस्य पदक
भारत के मानुष शाह और दीया चिताले ने शुक्रवार को यहां एशियाई खेलों की टेबल टेनिस प्रतियोगिता के मिश्रित युगल स्पर्धा के सेमीफाइनल में चीन के वांग चुकिन और सुन यिंगशा से मिली हार के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। भारतीय जोड़ी को 8 . 11, 5 . 11, 8 . 11, 2 . 11 से पराजय मिली। सेमीफाइनल हारने के बावजूद उन्होंने इन खेलों में भारत को टेबल टेनिस में पहला पदक दिलाया। इससे पहले उन्होंने क्वार्टर फाइनल में हांगकांग की विश्व की चौथे नंबर की जोड़ी डू होई केम और वोंग चुन टिंग को हराकर पदक पक्का किया था। दीया और मानुष ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को 3-1 (11-6, 13-15, 11-9, 11-5) से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। एशियाई खेलों में मिश्रित युगल में यह भारत का दूसरा पदक है। इससे पहले शरत कमल और मनिका बत्रा ने आठ साल पहले जकार्ता एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था। शाह ने ईरान के बेन्यामिन फराजी को 4-0 से हराकर पुरुष एकल में भी अगले दौर में प्रवेश किया, जबकि यशस्विनी घोरपड़े ने सीरिया की हेंड ज़ाज़ा को 4-1 (11-5 11-5 11-8 8-11 11-4) से हराकर महिला एकल के राउंड ऑफ़ 16 में अपनी जगह पक्की कर ली। भारत के अन्य खिलाड़ियों का प्रदर्शन हालांकि निराशाजनक रहा। मानव ठक्कर राउंड ऑफ़ 32 में उत्तर कोरिया के यू ताए रयोंग से 2-4 (11-4 2-11 7-11 7-11 11-4 3-11) से हारने के बाद टूर्नामेंट से बाहर हो गए, जबकि श्रीजा अकुला भी इसी चरण में प्योन सोंग ग्योंग से 1-4 (7-11 8-11 13-11 7-11 7-11) से हारकर बाहर हो गईं। भारतीय पुरुष युगल की दोनों जोड़ियां भी टूर्नामेंट से बाहर हो गईं। हरमीत देसाई और जी साथियान ने राउंड ऑफ़ 32 के संघर्षपूर्ण मुकाबले में इंडोनेशिया के मुहम्मद नेगारा और अफ्फान प्रतामा को 3-2 (11-4 11-7 7-11 8-11 11-6) से हराया लेकिन अगले दौर में उन्हें जापान के सोरा मात्सुशिमा और शुनसुके तोगामी से 0-3 (5-11, 9-11, 9-11) से हार का सामना करना पड़ा। शाह और ठक्कर राउंड ऑफ 32 में जापान के टोमोकाज़ु हारिमोटो और हिरोटो शिनोज़ुका से 1-3 (7-11 9-11 11-7 6-11) से हार गए। श्रीजा और सिंड्रेला दास महिला युगल के प्री-क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़ पाई। उन्हें चीन की कुआई मान और वांग मान्यु से 0-3 (6-11 7-11 7-11) से हार का सामना करना पड़ा। यशस्विनी और चिताले भी इसी चरण में चीन की फैन शुहान और चेन यी से 0-3 (7-11 5-11 8-11) से हार गई। यशस्विनी का मिश्रित युगल अभियान भी क्वार्टर फाइनल से पहले ही समाप्त हो गया, जहां उनकी और हरमीत की जोड़ी चीन की लिन शिदोंग और कुआई मान से 0-3 (5-11 10-12 9-11) से हार गईं।
Asian Games टेबल टेनिस: Diya Chitale और Manush Shah ने सेमीफाइनल में पहुंचकर पक्का किया पदक
(भरत शर्मा)नयी दिल्ली, 24 सितंबर विश्व रैंकिंग में आठवें नंबर पर काबिज जोड़ी दीया चिताले और मानुष शाह को हाल के खराब प्रदर्शन के कारण एशियाई खेलों की टेबल टेनिस प्रतियोगिता में पदक का दावेदार नहीं माना जा रहा था लेकिन उन्होंने मिश्रित युगल के सेमीफाइनल में जगह बनाकर पदक पक्का करके अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया। यही नहीं एशियाई खेलों से पहले उन्हें भावनात्मक चोट भी पहुंची क्योंकि दीया की निजी कोच पीटर एंगेल का जर्मनी में असमय निधन हो गया। तब यह खिलाड़ी एशियाई खेलों के लिए नागोया पहुंची थीं। पूर्व भारतीय कोच रह चुकीं एंगेल ने 2015 में दीया को अपने संरक्षण में लिया और जर्मनी में कोचिंग देते हुए उनके खेल में काफी सुधार किया। दीया के पिता पराग चिताले का कहना है कि भारतीय मिश्रित युगल जोड़ी का यह प्रतिष्ठित पदक एंगेल को सच्ची श्रद्धांजलि है जो टेबल टेनिस की दुनिया में काफी लोकप्रिय थी। पेशे से शिक्षक पराग ने कहा, ‘‘ हम उसे पीटर की मौत के बारे में नहीं बता सके, यह घटना 10 दिन पहले हुई थी। जापान पहुंचने के बाद ही उसे टीम से पता चला। वह पीटर के बहुत करीब थी। पीटर के निधन और उनके हालिया प्रदर्शन को देखते हुए मुझे बहुत गर्व है कि उसने और मानुष ने पदक पक्का कर लिया।’’जहां मानुष और दीया ने साल के शुरू में दो डब्ल्यूटीटी खिताब जीते, वहीं जून के बाद से उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। ऐसे में चीन, जापान और दक्षिण कोरिया की मौजूदगी के बावजूद पदक हासिल करना बड़ी उपलब्धि है। जापान में पदक की सबसे बड़ी उम्मीद विश्व की नंबर तीन पुरुष युगल जोड़ी मानुष और मानव ठक्कर से थी, लेकिन कठिन ड्रॉ के कारण वे केवल दूसरे दौर तक ही पहुंच सके। मानुष और दीया की जोड़ी बाएं हाथ से दाएं हाथ से खेलने में माहिर है। बाएं हाथ से खेलने वाले मानुष दोनों तरफ से अपनी ताकत का इस्तेमाल करते हैं और दीया का मुख्य काम अपने साथी के लिए विजयी शॉट बनाने में मदद करना है। मानुष ने क्रिकेट के जरिए खेल जगत में कदम रखा, लेकिन नौ साल की उम्र में लगी चोट ने उन्हें रैकेट वाले खेल की ओर मोड़ दिया। उनके पिता उत्पल शाह स्वयं टेबल टेनिस खेलते थे, इसलिए इस खेल में में उनका प्रवेश काफी सहज रहा। उत्पल शाह ने कहा, ‘‘शुरुआत में वह क्रिकेट खेलता था, लेकिन चोट के बाद मुझे टेबल टेनिस खेलते देखकर उसने टेबल टेनिस खेलना शुरू कर दिया। हमें बेहद गर्व है कि मानुष और दीया ने देश के लिए पदक जीता है।
गुलवीर सिंह ने एशियाई खेलों में 10000 मीटर का रजत पदक जीता, भारत को मिला 9वां सिल्वर
भारत के गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में 28:29.38 के समय के साथ रजत पदक जीता। वह बहरीन के बिरहानु बालेव और अल्बर्ट किप्टू के बीच रहे।
एशियाई खेल: निशानेबाजी में भारत को मिला पहला Gold, गुलवीर सिंह ने 10000 मीटर में जीता रजत
सुरूचि सिंह और कमलजीत ने निशानेबाजी में स्वर्ण का लंबा इंतजार खत्म किया जबकि लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने 10000 मीटर में रजत पदक जीता लेकिन सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी के बैडमिंटन पुरूष युगल स्पर्धा के पहले दौर से ही बाहर होने से एशियाई खेलों में शुक्रवार को भारत को झटका लगा। कमलजीत और सुरुचि सिंह ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद जोरदार वापसी करते हुए 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत को पहला निशानेबाजी स्वर्ण पदक दिलाया। वहीं पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन टीम ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रांक्ष पाटिल और नीरज कुमार ने 1762 अंक के साथ रजत पदक जीता। कमलजीत और सुरुचि ने फाइनल में कुल 484.6 अंक हासिल किए। यह स्वर्ण ऐसे समय में मिला जब 10 मीटर एयर राइफल में पीला तमगा हाथ नहीं लगा और 10 मीटर एयर पिस्टल में व्यक्तिगत, पुरूष और महिला टीम वर्ग में झोली खाली रही। वहीं राइफल स्पर्धा में भारतीय तिकड़ी प्रतियोगिता में काफी समय चीन से आगे चल रही थी, लेकिन अंततः दूसरे स्थान पर रही। भारत ने कुल 1762 अंक बनाये जबकि चीन ने 1766 अंक हासिल किये। ट्रैक और फील्ड में गुलवीर सिंह ने एशियाई खेलों के अपने कांस्य को रजत में बदला और पुरूषों की 10000 मीटर दौड़ में 28 मिनट 29.38 सेकंड का समय निकालकर दूसरे स्थान पर रहे। हांगझोउ में पिछले एशियाई खेलों में कांस्य जीतने वाले गुलवीर बहरीन के बिरहानु बालेयू से पीछे रहे जिन्होंने 28 मिनट 27 . 51 सेकंड में स्वर्ण पदक जीता। शॉटपुट में मनप्रीत कौर और मिश्रित टेबल टेनिस टीम स्पर्धा में दीया चितले और मानुष शाह के कांस्य के साथ भारत के कुल 22 पदक हो गए हैं। मनप्रीत ने 17 . 17 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य जीता जो 2023 के बाद उनका पहला अंतरराष्ट्रीय पदक है। महिला हॉकी टीम ने जापान को 3 . 1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह लगभग पक्की कर ली। बैडमिंटन कोर्ट पर गत चैंपियन सात्विक और चिराग की जोड़ी की पहले दौर में हार चौंकाने वाली रही। मिश्रित युगल में तनिशा क्रास्टो और ध्रुव कपिला ने लगातार दो जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। पूर्व विश्व नंबर एक सात्विक और चिराग ने पहला गेम 21-12 से जीतकर अच्छी शुरुआत की, लेकिन थाईलैंड के पक्कापोन तीरारत्साकुल और पीराचाई सुकफुन ने वापसी करते हुए दूसरा गेम 21-19 से जीत लिया। थाईलैंड की जोड़ी ने निर्णायक गेम 21-14 से जीतकर एक घंटे आठ मिनट में भारतीय जोड़ी को बाहर कर दिया। महिला युगल में त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद को हांगकांग की हियू यान सांग और लोक लोक लुई को तीन गेम तक चले मुकाबले में 21-16 16-21 21-16 से हराने में मशक्कत करनी पड़ी। तनिशा और ध्रुव ने पहले दौर में मालदीव की निबाल अहमद और अमिनाथ नबीहा अब्दुल रज्जाक को 21-8, 21-7 से हराया। इसके बाद उन्होंने मलेशिया की शेवन जेनी लाई और सून हुआट गोह की जोड़ी को एक घंटे चले कड़े मुकाबले में 22-20, 24-22 से हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई। क्वार्टर फाइनल में उनका सामना चीन की यान झे फेंग और डोंगपिंग हुआंग की जोड़ी से होगा। इससे पहले महिला एकल में उन्नति हुड्डा ने भी दूसरे दौर में प्रवेश किया। उन्होंने उत्तर कोरिया की मी सोंग यू को 30 मिनट में 21-9, 21-10 से हराया। भारतीय स्क्वॉश खिलाड़ियों ने तीन पदक पक्के कर लिए। जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार ने मिश्रित युगल के सेमीफाइनल में जगह बनाई, जबकि अनाहत सिंह और अभय सिंह ने एकल स्पर्धाओं के अंतिम चार में प्रवेश किया। रिकॉर्ड सातवें एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहीं 40 वर्षीय जोशना और पहली बार इन खेलों में भाग ले रहे सेंथिलकुमार ने क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो की जोड़ी को 11-3, 11-5 से हराया। महिला एकल में जूनियर विश्व चैंपियन अनाहत सिंह ने क्वार्टर फाइनल में हमवतन तन्वी खन्ना को 11-2, 11-5, 11-3 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। अनाहत की नजर अब 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में जगह बनाने पर भी है। भारत की पुरुष और महिला कबड्डी टीम ने अपना प्रभावशाली प्रदर्शन जारी रखते हुए फाइनल में जगह बनाकर अपना स्वर्ण पदक बरकरार रखने की तरफ मजबूत कदम बढ़ाए। भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीम शनिवार को होने वाले फाइनल में ईरान से भिड़ेंगी। मौजूदा चैंपियन भारतीय महिला टीम ने नेपाल पर 48-24 से जीत हासिल की। वहीं मौजूदा चैम्पियन पुरूष टीम ने सेमीफाइनल में थाईलैंड के खिलाफ 66-28 से जीत दर्ज करके नौवां स्वर्ण पदक जीतने की अपनी उम्मीदें प्रबल कर ली। तैराकी में निराशाजनक प्रदर्शन जारी रहा जब अनुभवी साजन प्रकाश पुरुषों की 200 मीटर बटरफ्लाई फाइनल में निराशाजनक सातवें स्थान पर रहे जबकि ऋषभ दास और उत्कर्ष पाटिल ने पुरुषों की 200 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धाओं में क्रमशः छठा और सातवां स्थान हासिल किया जिससे भारत को तरणताल से कोई पदक नहीं मिला। मुक्केबाजी में भारत के सचिन सिवाच ने जॉर्डन के मोहम्मद अदनान अबू जाजेह पर कड़े मुकाबले में जीत हासिल करके पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। लेकिन पिछले सत्र की कांस्य पदक विजेता प्रीति पवार का सफर खत्म हो गया। तलवारबाजी में पुरुषों की फॉइल और महिलाओं की ईपी दोनों टीमें राउंड ऑफ 16 में ही बाहर हो गईं। पुरुषों की फॉइल टीम को हांगकांग से 27-45 से हार का सामना करना पड़ा, जबकि महिलाओं की ईपी टीम उज्बेकिस्तान से 29-45 से हार गई।
Asian Games में Seema ने 10,000 मीटर में जीता Bronze Medal, मां को बताए बिना पहुंची थीं जापान
इतिहास रचने वाली लंबी दूरी की धाविका सीमा नहीं चाहती थीं कि जब वह एशियाई खेलों के लिए जापान जाएं तो उनकी उम्रदराज मां उनकी चिंता करें कि वह कहां हैं, इसलिए उन्होंने एक सरल समाधान निकाला और वह उन्हें बिना बताए ही नागोया पहुंच गईं। सीमा ने अपने करियर के सबसे बड़े टूर्नामेंट के बारे में अपनी मां को नहीं बताया लेकिन महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में 32:50.05 सेकेंड के समय से अप्रत्याशित कांस्य पदक जीतने वाली इस एथलीट का कहना है कि उनकी मां बहुत चिंता करती हैं और जब भी वह यात्रा करती हैं तो बहुत चिंतित हो जाती हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से सीमा लंबे ट्रेनिंग सत्रों के लिए बेंगलुरु में रहती हैं तो उनकी मां को यही पता था कि वह वहीं हैं और सीमा ने नागोया जाते समय उन्हें यही मानने दिया। सीमा ने पदक जीतने के बाद कहा, ‘‘मेरे पिता नहीं हैं। मेरी मां काफी बुजुर्ग हैं, लगभग 78 साल की। मेरा जन्म बहुत देर से हुआ था, जब वह 45 साल की थीं। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेल: निशानेबाजी में भारत को मिला पहला Gold, गुलवीर सिंह ने 10000 मीटर में जीता रजत जब भी मैं बाहर जाती हूं तो वह बहुत तनाव में आ जाती हैं। इसलिए, मैंने उन्हें नहीं बताया कि मैं एशियाई खेलों के लिए जापान जा रही हूं। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन जब भी उन्हें पता चलेगा, वह एक दिन तक सो नहीं पाएंगी। इसे भी पढ़ें: Asian Games में भारत ने 4x400M Mixed Relay में रजत और 10,000M में सीमा ने कांस्य जीता उन्हें उच्च रक्तचाप की समस्या है इसलिए जब भी मैं ट्रेनिंग शिविर या प्रतियोगिताओं के लिए जाती हूं, मैं उन्हें ज्यादा नहीं बताती। मैं केवल अपनी बहन को बताती हूं। ’’ सीमा ने अपनी बड़ी बहन को जानकारी दी थी और अब पदक जीतने के बाद उन्होंने शायद यह खबर फैला दी होगी। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के रेटा गांव की रहने वाली 25 वर्षीय सीमा बृहस्पतिवार को महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में पदक जीतने वाली केवल तीसरी भारतीय बनीं। इससे पहले प्रीजा श्रीधरन और कविता राउत ने 2010 के एशियाई खेलों में क्रमशः स्वर्ण और रजत जीता था। यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी मां अब जानती हैं कि वह कहां हैं तो सीमा ने कहा, ‘‘उन्हें (मां को) अब तक मेरी बहन से पता चल गया होगा, वह मुझे टेलीविजन पर देख रही होंगी। इसे भी पढ़ें: Asian Games: भारत ने Mixed 4x400m Relay में जीता Silver Medal ’’ उन्होंने कहा, ‘‘नहीं तो वह (मां) यही सोच रही होंगी कि मैं इस समय बेंगलुरु (साइ सेंटर) में हूं। ’’ सीमा ने कहा, ‘‘मेरी एक बड़ी बहन है। वह लगभग 45 साल की हैं। हम परिवार में छह (सदस्य) हैं। मैं सबसे छोटी हूं। ’’ सीमा जब 12 साल की थी, उनके पिता का निधन हो गया था और उन्होंने अपना सारा बचपन नंगे पैर मवेशी चराते हुए बिताया। उसकी मां ने एथलेटिक्स अपनाने में उसका साथ दिया, भले ही गांव वाले इसे नापसंद करते थे। उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरे पहले एशियाई खेल हैं। मुझे गर्व है कि मैंने कांस्य पदक जीता और मैंने अपना सपना साकार कर लिया है।
Asian Games Men Hockey: सेमीफाइनल में प्रवेश पक्का करने जापान से भिड़ेगी भारतीय टीम
शानदार फॉर्म में चल रही मौजूदा चैंपियन भारतीय पुरुष हॉकी टीम शनिवार को एशियाई खेलों के पूल ए में मेजबान जापान के खिलाफ जीत दर्ज करके अपना अजेय अभियान जारी रखते हुए सेमीफाइनल में जगह पक्की करने की कोशिश करेगी। हाल ही में एफआईएच विश्व कप में आठवें स्थान पर रहने वाली भारतीय टीम ने सही समय पर अपनी लय हासिल कर ली है और तीन मैचों में तीन जीत दर्ज कर नौ अंकों के साथ बेहतर गोल अंतर के कारण जापान से आगे अपने ग्रुप में शीर्ष पर है। भारत ने अपने शुरुआती तीन मैचों में इंडोनेशिया को 13-1, श्रीलंका को 16-1 और दक्षिण कोरिया को 8-2 से हराया था। भारत 28 सितंबर को बांग्लादेश के खिलाफ पूल चरण का अपना अंतिम मैच खेलेगा जिसमें उसकी जीत तय मानी जा रही है। जापान भी तीन मैचों में तीन जीत के साथ अजेय है, लेकिन उसका गोल अंतर खराब है जिससे शनिवार का मुकाबला पूल में शीर्ष स्थान के लिए निर्णायक साबित होगा। दिलप्रीत सिंह शानदार फॉर्म में हैं और उन्होंने अब तक सर्वाधिक नौ गोल किए हैं। इसे भी पढ़ें: Asian Games: भारत ने Mixed 4x400m Relay में जीता Silver Medal उनके साथी फॉरवर्ड अभिषेक ने भी छह गोल करके अपने कौशल का अच्छा नमूना पेश किया है। ड्रैगफ्लिकर जुगराज सिंह ने पांच गोल किए हैं। उन्होंने तीन गोल पेनल्टी कॉर्नर से और दो पेनल्टी स्ट्रोक पर किए हैं। इसे भी पढ़ें: Asian Games 2026: Team India ने शुरू की तैयारी, BCCI ने शेयर किया इनडोर नेट्स सेशन भारतीय फॉरवर्ड लाइन बेहतरीन फॉर्म में नजर आ रही है, जिसमें सुखजीत (चार गोल), शिलाानंद लाकड़ा (तीन), राजिंदर सिंह (दो) और अनुभवी मनदीप सिंह (दो) भी अपनी तरफ से भरपूर योगदान दे रहे हैं। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने भी तीन मैचों में चार पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन इस विभाग में काफी सुधार की जरूरत है क्योंकि उन्होंने शुरुआती तीन मैचों में कई मौके गंवाए। भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन के लिए पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने की दर अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है और प्रतियोगिता के अंतिम चरण में किसी भी तरह की चूक भारी पड़ सकती है। फुल्टन ने कहा, ‘‘हम एक समय में एक ही मैच पर ध्यान दे रहे हैं। हमारी अपनी एक प्रक्रिया है जिसे हमें समझना होगा। मुझे लगता है कि हमारी टीम सही रास्ते पर आगे बढ़ रही है। हमारा पूरा ध्यान इस पर है कि हमें क्या करना है, हमें सुधार करना है और जितना संभव हो उतने गोल करने की कोशिश करनी है।
Asian Games में निशानेबाजों के शानदार प्रदर्शन पर President Droupadi Murmu ने दी बधाई
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को जापान में चल रहे एशियाई खेलों में स्वर्ण और रजत पदक जीतने वाले भारतीय निशानेबाजों को बधाई दी। भारतीय निशानेबाज कमलजीत और सुरुचि सिंह ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद जोरदार वापसी करते हुए शुक्रवार को 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में हुए स्वर्ण पदक जीता। राष्ट्रपति ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कमलजीत और सुरूची इंदर सिंह के लिए स्वर्णिम समापन। इस जोड़ी ने एशियाई खेल 2026 में 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता। ’’ कमलजीत और सुरुचि ने फाइनल में कुल 484.6 अंक बनाए। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘सटीकता और साझेदारी का शानदार प्रदर्शन। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेल: निशानेबाजी में भारत को मिला पहला Gold, गुलवीर सिंह ने 10000 मीटर में जीता रजत इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर आप दोनों को हार्दिक बधाई। ’’ एक अन्य पोस्ट में उन्होंने ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रांक्ष बालासाहेब पाटिल और नीरज कुमार की भारतीय तिकड़ी को पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशंस स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर बधाई दी। उन्होंने पोस्ट में कहा, ‘‘आपके सराहनीय प्रदर्शन और उत्कृष्ट टीमवर्क ने शूटिंग रेंज में भारत के लिए एक और पदक सुनिश्चित किया है। आप सभी को निरंतर सफलता के लिए मेरी शुभकामनाएं।
Asian Games Shot Put: भारत की Manpreet Kaur ने 17.17 मीटर थ्रो से जीता कांस्य पदक
भारत की मनप्रीत कौर ने एशियाई खेलों में महिलाओं की शॉटपुट स्पर्धा में 17 . 17 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। स्वर्ण पदक चीन की सोंग जियायुआन (19.40 मीटर) और रजत झांग लिनरू (18.14मीटर) ने जीता। 36 वर्ष की मनप्रीत का पिछला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2023 एशियाई चैम्पियनशिप में कांस्य था। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेल: निशानेबाजी में भारत को मिला पहला Gold, गुलवीर सिंह ने 10000 मीटर में जीता रजत उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 18 . 06 मीटर है जो उन्होंने 2022 में किया था। वह हांगझोउ में 2023 एशियाई खेलों में पांचवें स्थान पर रही थी और ग्लास्गो में पिछले महीने राष्ट्रमंडल खेलों में 17 . 49 मीटर के प्रयास के साथ चौथे स्थान पर थी। उन्होंने इस साल राष्ट्रीय अंतर प्रांत चैम्पियनशिप जीतकर एशियाई खेलों के लिये क्वालीफाई किया था।
Asian Games: Kamaljeet और Suruchi की जोड़ी ने शूटिंग में जीता Gold, कोरिया को दी मात
भारतीय निशानेबाजी टीम में समय सीमा से 48 घंटे पहले हुआ बदलाव ‘मास्टर स्ट्रोक’ साबित हुआ जब केदारलिंग उचागांवे के खराब फॉर्म के कारण 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में उतारे गए कमलजीत ने सुरूचि इंदर सिंह के साथ स्वर्ण पदक जीतकर एशियाई खेलों की निशानेबाजी रेंज पर पीले तमगे के लिये इंतजार खत्म किया। इस जोड़ी ने 484 . 6 अंक लेकर कोरिया को हराया और इन एशियाई खेलों में भारत को निशानेबाजी का पहला स्वर्ण दिलाया। भारतीय टीम में बदलाव की समय सीमा समाप्त होने से ठीक पहले यह फैसला किया गया था कि केदारलिंग की जगह सुरूचि के साथ कमलजीत उतरेंगे। सेना निशानेबाजी इकाई के केदारलिंग ने घरेलू ट्रायल और राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में अच्छे प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में जगह बनाई थी लेकिन चयन के बाद उनका फॉर्म खराब होने से चयनकर्ताओं को पुनर्विचार करना पड़ा। एक सीनियर कोच ने पीटीआई को बताया कि केदारलिंग के खराब फॉर्म के कारण बदलाव का फैसला एनआरएआई चयन समिति, अध्यक्ष , महासचिव और भारतीय खेल प्राधिकरण से सहमति के बाद लिया गया। यह स्वर्ण ऐसे समय में मिला जब दो ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर और ऐशा सिंह समेत भारतीय निशानेबाज अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेल: निशानेबाजी में भारत को मिला पहला Gold, गुलवीर सिंह ने 10000 मीटर में जीता रजत केदारलिंग पुरूषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में 35वें स्थान पर रहे।
जापान के आईची-नागोया में खेले जा रहे एशियाई खेल 2026 में भारतीय प्रशंसकों को उस वक्त गहरा झटका लगा जब बैडमिंटन में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी शुरुआती दौर में ही बाहर हो गई। डिफेंडिंग चैंपियन और दुनिया की नंबर-5 पुरुष डबल्स जोड़ी का इस तरह बाहर होना भारत के लिए एक बड़ा झटका है। इस करारी हार ने हांगझोऊ एशियाई खेलों (2022/23) में भारत द्वारा जीते गए रिकॉर्ड 28 गोल्ड मेडल के आंकड़े को दोहराने या उससे आगे निकलने की उम्मीदों को करारा झटका दिया है। डिफेंडिंग चैंपियन और दुनिया की नंबर 5 पुरुष डबल्स जोड़ी को शुक्रवार को शुरुआती दौर में ही बड़ा झटका लगा। वे थाईलैंड की दुनिया की नंबर 36 जोड़ी - पक्कापोन टीरारातसाकुल और पीराचाई सुखफुन - से एक घंटे से कुछ ज़्यादा समय में 21-12, 19-21, 14-21 से हार गए। यह हार इसलिए भी ज़्यादा चौंकाने वाली थी क्योंकि इससे पहले उनका प्रदर्शन शानदार रहा था। सात्विक और चिराग ने पुरुष टीम इवेंट में बेहतरीन खेल दिखाया था और इस हफ़्ते की शुरुआत में चीन के खिलाफ़ भारत के सेमीफ़ाइनल मैच में मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन लियांग वेई केंग और वांग चांग को 21-11, 22-20 से हराया था। उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप के क्वार्टर-फ़ाइनल से बाहर होने के बाद ज़बरदस्त वापसी करते हुए चाइना मास्टर्स भी जीता था। इस साल की शुरुआत में कंधे की चोट के कारण कुछ महीनों तक बाहर रहने के बाद उनके प्रदर्शन पर सबकी नज़रें टिकी थीं। एशियाई खेल 2026: मेडल टेबल इसे भी पढ़ें: Asian Games Canoeing में भारत पदक से चूका, Kayak Teams फाइनल में पिछड़ीं इसके उलट, हांगझोऊ में भारत के लिए एशियाई खेलों का पहला पुरुष डबल्स बैडमिंटन गोल्ड मेडल जीतने वाली यह जोड़ी अब बिना किसी मेडल के बाहर हो गई है। थाई जोड़ी ने तेज़ गति और नेट पर बेहतरीन कंट्रोल के साथ खेला। उन्होंने रैलियों को फ़्लैट रखा और भारतीय खिलाड़ियों को वह लंबाई (लेंथ) नहीं दी जिसकी उन्हें अपने ट्रेडमार्क स्मैश लगाने के लिए ज़रूरत थी। सात्विक और चिराग गलतियाँ करने पर मजबूर हो गए और निर्णायक गेम में लय खोने के बाद उनके पास कोई जवाब नहीं था। थाई जोड़ी के साथ तीन मुकाबलों में यह उनकी पहली हार थी, और तीनों ही मुकाबले निर्णायक गेम तक गए थे। यह चौंकाने वाली हार भारत के लिए हांगझोऊ में जीते गए कुछ गोल्ड मेडल को बचाने में आ रही मुश्किलों का ताज़ा और शायद सबसे बड़ा उदाहरण है। पिछले खेलों में भारत कुल 107 मेडल (जिनमें 28 गोल्ड मेडल शामिल थे) के साथ चौथे स्थान पर रहा था। आइची-नागोया में, भारत कई ऐसे खिताब गंवा चुका है जिन्हें उसने पहले जीता था; इनमें से कुछ हार उन इवेंट्स में मिलीं जिनमें भारत जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। अन्य गोल्ड मेडल जो हाथ से निकल गए घुड़सवारी, ड्रेसेज टीम: हांगझोऊ में गोल्ड जीतने वाली भारतीय टीम आइची-नागोया में चौथे स्थान पर रही। 2022 में गोल्ड जीतने वाली चार सदस्यीय टीम में से केवल हृदय छेदा ही इस बार टीम का हिस्सा थे; श्रुति वोरा, गौरव पुंडीर और जय सूद ने नई टीम को पूरा किया। इसे भी पढ़ें: Asian Games Squash: जोशना, अनाहत और अभय सेमीफाइनल में पहुंचे, भारत के 3 मेडल पक्के शूटिंग, महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल व्यक्तिगत स्पर्धा: हांगझोऊ में पलक गुलिया और ईशा सिंह ने भारत के लिए गोल्ड और सिल्वर मेडल जीते थे। आइची-नागोया में कोई मेडल नहीं मिला और मनु भाकर पांचवें स्थान पर रहीं। शूटिंग, महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल टीम: पिछली बार की चैंपियन टीम चौथे स्थान पर रही; वियतनाम के साथ 1719 अंकों पर बराबरी हुई, लेकिन 'इनर-10' (सटीक निशाने) के आधार पर ब्रॉन्ज मेडल हाथ से निकल गया। शूटिंग, पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल टीम: भारत गोल्ड से चौथे स्थान पर खिसक गया; कमलजीत, केदारलिंग बालकृष्ण उचागनवे और आकाश भारद्वाज फाइनल के लिए भी क्वालीफाई नहीं कर पाए। शूटिंग, पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम: भारत ने अपना खिताब गंवा दिया लेकिन पोडियम पर जगह बनाए रखी; हांगझोऊ में गोल्ड जीतने के बाद इस बार चीन के पीछे रहते हुए सिल्वर मेडल जीता। इसे भी पढ़ें: Asian Games Boxing: सचिन सिवाच 60 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में पहुंचे एथलेटिक्स, महिलाओं की जैवलिन थ्रो: हांगझोऊ चैंपियन अन्नू रानी क्वालीफाइंग मानक पूरा न कर पाने के कारण टीम में जगह नहीं बना सकीं और आइची-नागोया में हिस्सा नहीं ले रही हैं। इस इवेंट में कोई भी भारतीय खिलाड़ी शामिल नहीं है। एथलेटिक्स, पुरुषों की जैवलिन थ्रो: मौजूदा चैंपियन नीरज चोपड़ा भी इस बार नहीं खेल रहे हैं क्योंकि टखने की लिगामेंट चोट के कारण उनका 2026 का सीजन खत्म हो गया है। इस इवेंट में भारत की ओर से रोहित यादव और यशवीर सिंह हिस्सा ले रहे हैं, लेकिन गोल्ड मेडल भारत के हाथ से निकल सकता है। आइची-नागोया में भारत के गोल्ड मेडल की संख्या अभी केवल दो है; महिला क्रिकेट टीम और सुरुचि सिंह-कमलजीत की मिक्स्ड-टीम शूटिंग जोड़ी ने अब तक ये खिताब दिलाए हैं। कई बड़े टाइटल बचाने की चुनौतियां अभी भी बाकी हैं, जिनमें पुरुषों का क्रिकेट और पुरुषों व महिलाओं की कबड्डी शामिल हैं, इसलिए फाइनल टैली अभी तय नहीं हुई है। कई ट्रैक और फील्ड एथलीट हैं जो अच्छी फॉर्म के साथ एशियाई खेलों में उतरे हैं और चौंकाने वाले नतीजे दे सकते हैं। लेकिन शुरुआती संकेत ऐसे हैं जिन्हें नज़रअंदाज़ करना मुश्किल है। भारत जापान में हांगझू में जीते गए 28 गोल्ड मेडल की कामयाबी को आगे बढ़ाने के इरादे से पहुंचा था। कुछ जाने-माने चैंपियन पहले ही हार चुके हैं, और सात्विक व चिराग की सबसे चौंकाने वाली हार के बाद, उतने ही गोल्ड मेडल जीतने का रास्ता काफी मुश्किल हो गया है।
Asian Games Canoeing में भारत पदक से चूका, Kayak Teams फाइनल में पिछड़ीं
भारत का एशियाई खेलों में कैनोइंग प्रतियोगिता में शुक्रवार को प्रदर्शन निराशाजनक रहा तथा उसके खिलाड़ी पिछले खेलों का प्रदर्शन नहीं दोहरा पाए और पदक से चूक गए। पुरुषों की कयाक फोर टीम फाइनल ए के लिए क्वालीफाई तो कर गई लेकिन सातवें स्थान पर रही। पुरुषों की कयाक डबल टीम फाइनल बी में तीसरे स्थान पर रही। महिलाओं की कैनोइंग डबल टीम फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई। भारत शनिवार को कैनोइंग प्रतियोगिता में दो और स्पर्धाओं भाग लेगा, लेकिन दोनों में ही पदक जीतने की संभावना कम है। हांगझोऊ एशियाई खेलों में भारत ने पुरुषों की 1000 मीटर डोंगी स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था, जिसमें अर्जुन सिंह और सुनील सिंह तीसरे स्थान पर रहे थे। एशियाई खेलों के मौजूदा कार्यक्रम से इस स्पर्धा को हटा दिया गया है, जो भारत के लिए बड़ा झटका था। पुरुषों की कयाक डबल 500 मीटर में पुरोहित बरोई और प्रसन्ना कुमार चेम्पाडियिल सत्यप्रकाश की जोड़ी ने सेमीफाइनल एक में 1:40.308 के समय के साथ पांचवां स्थान हासिल किया। पदक की दौड़ से बाहर होने के बाद उन्होंने फाइनल बी में 1:40.411 के समय में चार जोड़ियों में तीसरा स्थान हासिल किया। महिलाओं की 500 मीटर कैनोइंग डबल स्पर्धा में मेघा प्रदीप और नेहा देवी लीचोनबम ने सेमीफाइनल एक में पांच जोड़ियों में चौथा स्थान हासिल किया। उन्होंने 2:08.306 का समय निकाला और फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाईं। धनमंजुरी देवी ख्वैराकपम, पूजा, सोनिया देवी फैरेम्बम और पार्वती गीता की महिला कयाक टीम ने फाइनल ए में 1:45.670 का समय निकालकर आठवां और अंतिम स्थान हासिल किया। भारत को पुरुषों की कयाक चार 500 मीटर में लैटोनजम नाओचा सिंह, वरिंदर सिंह, ओइनम अरुण सिंह और हर्षवर्द्धन सिंह शक्तावत से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी लेकिन नौ टीम के फाइनल ए में उन्होंने 1:28.982 के समय के साथ सातवां स्थान हासिल किया।
Asian Games 2026: नेपाल ने अफगानिस्तान को 16 गेंद पहले 5 विकेट से हराया
एशियन गेम्स 2026 में शुक्रवार को कोरोगी स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए ग्रुप ए के मुकाबले में नेपाल क्रिकेट टीम ने अफगानिस्तान को 5 विकेट से हरा दिया है। अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। टीम की शुरुआत खराब रही और टॉप-3 बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। पारी की शुरुआत करने आए मोहम्मद अकरम 2 रन और हसन ईसाखिल बिना खाता खोले आउट हो गए। करीम जन्नत 9 रन बनाकर आउट हो गए। चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए फैसल शिलोजादा और पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए नजबुल्ला जादरान ने टीम को संभाला। दोनों ने 30-30 रन की पारी खेली और टीम को 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 102 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। आठवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए नांगेयालिया खरोटी ने भी नाबाद 17 रन बनाए। नेपाल की तरफ से ललित राजवंशी ने 3 और कुशाल भुर्टेल ने 4 विकेट लिए। 103 रन का लक्ष्य हासिल करने उतरी नेपाल की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। टीम ने 12 के स्कोर पर 2 और 31 के स्कोर पर 3 विकेट गंवा दिए थे। लेकिन संदीप जोरा के 35 गेंदों पर बनाए 34 रन और पूर्व कप्तान रोहित पौडेल के 32 गेंदों पर बनाए नाबाद 33 रनों की बदौलत टीम ने 17.2 ओवर में 5 विकेट पर 103 रन बनाकर मैच 5 विकेट से जीत लिया। कप्तान दीपेंद्र सिंह ऐरी ने भी 15 रन बनाए। नेपाल की तरफ से ललित राजवंशी ने 3 और कुशाल भुर्टेल ने 4 विकेट लिए। Also Read: LIVE Cricket Score नेपाल और अफगानिस्तान के बीच यह पांचवां टी20 मैच था। पांच मैचों में नेपाल की यह दूसरी जीत थी। नेपाल ने अफगानिस्तान को पहली बार 2014 में चटगांव में हराया था। Article Source: IANS
Asian Games Squash: जोशना, अनाहत और अभय सेमीफाइनल में पहुंचे, भारत के 3 मेडल पक्के
भारतीय स्क्वॉश खिलाड़ियों ने शुक्रवार को एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन पदक पक्के कर लिए। जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार ने मिश्रित युगल के सेमीफाइनल में जगह बनाई, जबकि अनाहत सिंह और अभय सिंह ने एकल स्पर्धाओं के अंतिम चार में प्रवेश किया। रिकॉर्ड सातवें एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहीं 40 वर्षीय जोशना और पहली बार इन खेलों में भाग ले रहे सेंथिलकुमार ने क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो की जोड़ी को 11-3, 11-5 से हराया। महिला एकल में जूनियर विश्व चैंपियन अनाहत सिंह ने क्वार्टर फाइनल में हमवतन तन्वी खन्ना को 11-2, 11-5, 11-3 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। अनाहत की नजर अब 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में जगह बनाने पर भी है। पुरुष एकल में अभय सिंह ने स्थानीय खिलाड़ी रयोनोसुके त्सुकुए को 11-4, 11-3, 11-6 से हराया। सेमीफाइनल में उनका सामना पाकिस्तान के इरफान मुहम्मद से होगा। इरफान ने भारत के वीर चोटरानी को 41 मिनट में 6-11, 11-8, 11-3, 11-3 से हराया। एशियाई खेलों में पुरुष और महिला एकल के स्वर्ण पदक विजेता 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करेंगे, जहां स्क्वॉश पहली बार ओलंपिक खेलों का हिस्सा होगा। जोशना और सेंथिलकुमार की जोड़ी ने आधे घंटे से भी कम समय में जीत दर्ज की। भारतीय जोड़ी के सामने अब शनिवार को सेमीफाइनल में हांगकांग की यो का ली और मिंग हांग टैंग की चुनौती होगी। यह जोशना का एशियाई खेलों में छठा पदक होगा। वह इससे पहले दो रजत और तीन कांस्य पदक जीत चुकी हैं। उन्होंने 2018 में एकल में कांस्य, 2014 और 2018 में टीम स्पर्धा में रजत तथा 2010 और 2022 में टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीते थे। जोशना ने 2002 के बुसान एशियाई खेलों से लगातार सातवीं बार इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर भारतीय स्क्वॉश खिलाड़ी सौरव घोषाल का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। घोषाल ने पिछले साल संन्यास लेने से पहले छह एशियाई खेलों में हिस्सा लिया था। नागोया के किंजो फुतो परिसर में खेले गए क्वार्टर फाइनल में भारतीय जोड़ी ने शुरू से ही दबदबा बनाए रखा। जोशना और 28 वर्षीय सेंथिलकुमार दोनों तमिलनाडु से हैं और दोनों ने एक-दूसरे का बेहतरीन साथ दिया। भारतीय जोड़ी ने पहला गेम महज नौ मिनट में 11-3 से जीत लिया। दूसरे गेम में फिलीपींस की जोड़ी ने वापसी की कोशिश की, लेकिन जोशना और सेंथिलकुमार ने अपना स्तर बढ़ाते हुए इसे 11-5 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। मैच के बाद जोशना ने पीटीआई से कहा, ‘‘अपने देश के लिए पदक जीतना हमेशा बहुत खास होता है और यही मेरे पूरे करियर में मेरी प्रेरणा रही है।’’ एशियाई खेलों की तैयारियों के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘मैं काफी हद तक विदेश में प्रशिक्षण लेती हूं। एशियाई खेलों से पहले भी मैं अमेरिका में थी। मैं जब भी संभव होता है, विदेश में प्रशिक्षण लेने की कोशिश करती हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं चेन्नई स्थित भारतीय स्क्वॉश अकादमी में भी प्रशिक्षण लेती हूं और वहां सभी कोचों के साथ काम करती हूं। एशियाई खेलों से पहले मैंने अमेरिका में ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी डेविड पामर के साथ भी प्रशिक्षण लिया।’’ अपने पहले एशियाई खेल में हिस्सा ले रहे सेंथिलकुमार ने कहा कि उन्होंने और जोशना ने मैच से पहले बनाई गई रणनीति को पूरी तरह अमल में उतारा। उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत अच्छा मुकाबला था। हमने शुरुआत से अंत तक आक्रामक खेल दिखाया। हमने अपनी रणनीति को पूरी तरह लागू किया और हम दोनों ने वास्तव में अच्छा प्रदर्शन किया।’’ सेंथिलकुमार ने कहा, ‘‘हमने अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ पहले नहीं खेला था, इसलिए हमने उनके पिछले मुकाबलों के वीडियो देखे और उसी के आधार पर अपनी रणनीति तैयार की।
Asian Games Boxing: सचिन सिवाच 60 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में पहुंचे
भारत के सचिन सिवाच ने जॉर्डन के मोहम्मद अदनान अबू जाजेह पर कड़े मुकाबले में जीत हासिल करके एशियाई खेलों की मुक्केबाजी प्रतियोगिता के पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। सचिन को पहले दौर में बाई मिली थी। जाजेह के खिलाफ उन्होंने आक्रामक शुरुआत करते हुए कई पंच मारे। इसके बाद मुकाबला जल्द ही रणनीतिक हो गया, क्योंकि दोनों मुक्केबाज जवाबी हमले करना चाहते थे। भारतीय मुक्केबाज ने तीन अंक से पहला राउंड जीता। दूसरे राउंड में भी कमोबेश यही स्थिति बनी रही जिसमें दोनों मुक्केबाज मुक्के जड़ने के लिए इंतजार करते रहे। जाजेह ने पिछड़ने के बाद आक्रामक रवैया अपनाया लेकिन सचिन ने भी पलटवार करने में किसी तरह की कोताही नहीं बरती। राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता सचिन ने दूसरा राउंड 4-1 से जीता। जाजेह अंतिम राउंड में अधिक आक्रामक हो गए और ताबड़तोड़ मुक्के बरसाने लगे, लेकिन सचिन डटे रहे और मुक्कों का जवाब देते रहे। सचिन पर आखिर थकान हावी होती दिख रही थी। जाजेह ने इसका फायदा उठाने की पूरी कोशिश की लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने उनके प्रयासों को सफल नहीं होने दिया। सचिन अब पदक से सिर्फ एक जीत दूर हैं। वह क्वार्टरफाइनल में जापान के विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता शुनसुके कितामोतो से भिड़ेंगे। दिन में बाद में पिछले एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता प्रीति पवार महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग में अपना अभियान शुरू करेंगी।
Asian Games 2026: भारत को आज मिले एक गोल्ड और एक सिल्वर मेडल, दोनों शूटिंग में
इंटरनेट डेस्क। एशियन गेम्स में भारत के लिए आज दोहरी खुशी का दिन है। भारत ने एशियन गेम्स में शुक्रवार को 2 मिनट के अंदर 2 मेडल जीते। सुरुचि और कमलजीत की जोड़ी ने सुबह 9 बजे 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड इवेंट में गोल्ड दिलाया। इसके तुरंत बाद 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन इवेंट में भारतीय को सिल्वर मिला। जापान के नागोया में चल रहे गेम्स में भारत को दूसरा गोल्ड मिला है। इससे पहले महिला क्रिकेट टीम ने गेम्स का पहला गोल्ड मेडल दिलाया था। इसके अलावा, स्क्वॉश, कबड्डी और टेबल टेनिस जैसे खेलों में भी भारतीय खिलाड़ी मेडल पक्के कर चुके हैं। फिलहाल, मेडल टैली में भारत 2 स्वर्ण सहित 19 मेडल लेकर 12वें स्थान पर है। pc- aaj tak
Asian Games: नेपाल को 48-24 से हराकर भारतीय महिला कबड्डी टीम फाइनल में
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए शुक्रवार को यहां नेपाल पर 48-24 से जीत हासिल करके एशियाई खेलों के फाइनल में पहुंचकर लगातार चौथी बार स्वर्ण पदक जीतने की तरफ मजबूत कदम बढ़ाए। मौजूदा चैंपियन भारत ने इस तरह से प्रतियोगिता में अपना अजय अभियान जारी रखा है। भारत ने पहले हाफ में 31-17 की बड़ी बढ़त बना ली, जिसमें चार ऑल-आउट और चार बोनस अंक शामिल थे। नेपाल भारत को पर्याप्त चुनौती नहीं दे सका और दूसरे हाफ में केवल सात अंक ही जुटा सका। इससे पहले महिला टीम ने ग्रुप चरण में ईरान, बांग्लादेश और जापान को हराया था। महिला कबड्डी को 2010 में पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया था और तब से भारत ने इसमें अपना दबदबा बनाए रखा है। पुरुषों के वर्ग में भी भारत मौजूदा चैंपियन है। सेमीफाइनल में उसका सामना थाईलैंड से होगा। पुरुषों की कबड्डी 1990 से एशियाई खेलों का हिस्सा रही है और भारत ने अब तक आठ स्वर्ण पदक जीते हैं। इस प्रतियोगिता में भारत के अलावा स्वर्ण पदक जीतने वाला एकमात्र अन्य देश ईरान है, जो 2018 में चैंपियन बना था। भारतीय टीम को तब कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा था।
Asian Games 2026: भारत को दूसरा गोल्ड, 10 मीटर एयर पिस्टल में कमलजीत-सुरुचि ने खत्म किया सूखा
10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में कमलजीत और सुरुचि ने क्वालिफिकेशन राउंड से ही अपना दबदबा कायम रखा। भारतीय जोड़ी ने 587 अंक हासिल करते हुए फाइनल में जगह बनाई।
एशियाई खेलों में Indian Women Hockey Team का दबदबा, Japan को 3-1 से हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियाई खेलों में अपना विजय अभियान जारी रखते हुए शुक्रवार को यहां मेजबान जापान को 3-1 से हराकर लगातार चौथी जीत दर्ज की और इस तरह से सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। भारत की तरफ से लालरेम्सियामी (5वें मिनट), इशिका चौधरी (30वें मिनट) और नवनीत कौर (36वें मिनट) ने गोल किए। जापान की तरफ से एकमात्र गोल शिहो कोबायाकावा ने 46वें मिनट में किया। भारत रविवार को सिंगापुर के खिलाफ पूल बी में अपना आखिरी मैच खेलेगा। भारतीय टीम ने अभी तक शानदार प्रदर्शन किया है। उसने उज्बेकिस्तान पर 19-0 की जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की। इसके बाद उसने इंडोनेशिया को 17-1 से और फिर थाईलैंड को 20-1 से हराया। जापान के खिलाफ भारतीय टीम ने लालरेम्सियामी के फील्ड गोल की बदौलत पांचवें मिनट में ही बढ़त हासिल कर ली। भारतीय टीम ने खेल पर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार हमले किए लेकिन जापान की रक्षापंक्ति ने भी अच्छा खेल दिखाया। जापान को भी मौके मिले थे लेकिन वह भारतीय रक्षापंक्ति को भेदने में असफल रहा। हालांकि, भारत पेनल्टी कॉर्नर को लेकर थोड़ा लापरवाह रहा। उसने पहले हाफ में मिले पांच पेनल्टी कॉर्नर में से केवल एक का ही फायदा उठाया। उस पर भी उसने रिबाउंड से गोल किया। पहले हाफ के आखिरी दो मिनट में भारत ने तेजी से तीन पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, जिनमें से आखिरी पेनल्टी कॉर्नर पर नवनीत कौर के शुरुआती शॉट को जापानी गोलकीपर ने बचा दिया लेकिन रिबाउंड पर इशिका ने गोल कर दिया। दूसरे हाफ में भी भारतीय टीम ने अपनी लय को बरकरार रखा और तीसरे क्वार्टर के छठे मिनट में नवनीत के गोल से अपनी बढ़त को मजबूत कर दिया। नवनीत ने शानदार स्टिकवर्क का इस्तेमाल करते हुए बेहतरीन शॉट लगाकर गोल किया। जापानी टीम को भारतीय हाफ में प्रवेश करने में काफी संघर्ष करना पड़ा और जब वे ऐसा करने में कामयाब भी हुए, तो भारतीय रक्षापंक्ति को भेदने में असफल रहे। जापान ने हालांकि चौथे क्वार्टर में अच्छा प्रदर्शन किया। इस क्वार्टर के शुरू होने के तुरंत बाद ही कोबायाकावा ने सर्कल के शीर्ष से एक शानदार शॉट लगाकर गोल किया, जिसे अनुभवी भारतीय गोलकीपर सविता रोकने में नाकाम रहीं। भारत को 50वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन उसने इस मौके को गंवा दिया। जापान को भी अंतिम हूटर बजने से चार मिनट पहले पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारत उसे बचाने में सफल रहा।
एशियाई खेलों में कमलजीत और सुरुचि की जोड़ी ने 10m Air Pistol में जीता Gold
भारतीय निशानेबाज कमलजीत और सुरुचि सिंह ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद जोरदार वापसी करते हुए शुक्रवार को एशियाई खेलों की 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में हुए स्वर्ण पदक जीता। कमलजीत और सुरुचि ने फाइनल में कुल 484.6 अंक हासिल किए। दक्षिण कोरिया की सुह्योन होंग और गाउन चू की जोड़ी 478.0 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि ईरान ने 415.8 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। भारतीय जोड़ी ने रजत पदक विजेता जोड़ी से 6.6 अंक की बढ़त बनाई। इससे पहले कमलजीत और सुरुचि ने क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल कर फाइनल में प्रवेश किया था। उन्होंने पहली सीरीज में 196 अंक, दूसरी में 195 और तीसरी में 196 अंक जुटाकर कुल 587 अंक हासिल किए, जिसमें 29 इनर-10 शामिल थे। यह 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धाओं में भारत का पदक जीतने का आखिरी मौका था। कमलजीत व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में नौवें और सुरुचि 26वें स्थान पर रही थीं और दोनों व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सकी थीं। भारत पुरुष और महिला टीम स्पर्धाओं में भी पदक से चूक गया था। फाइनल में भारतीय जोड़ी ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। पहले 10 शॉट के बाद वे 202.4 अंक के साथ शीर्ष पर थीं। सुरुचि ने पहली कोशिश में 10.4 और कमलजीत ने 9.7 अंक हासिल किए, जबकि दूसरी कोशिश में सुरुचि ने 10.2 और कमलजीत ने 9.8 अंक जुटाए। इसके बाद 101.3 अंक की अगली सीरीज के साथ भी भारतीय जोड़ी ने अपनी बढ़त बरकरार रखी।
Joshna Chinappa और सेंथिलकुमार की जोड़ी Asian Games के सेमीफाइनल में, पदक किया पक्का
... फिलेम दीपक सिंह ...नागोया, 25 सितंबर अनुभवी जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार ने शुक्रवार को एशियाई खेलों की मिश्रित युगल स्क्वॉश स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर भारत का पदक पक्का किया। रिकॉर्ड सातवें एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहीं 40 वर्षीय जोशना और अपने पहली बार इन खेलों में भाग ले रहे सेंथिलकुमार ने फिलीपींस की जोड़ी को 30 मिनट से भी कम समय में 11-3, 11-5 से हराया। भारतीय जोड़ी के सामने अब शनिवार को सेमीफाइनल में हांगकांग की यो का ली और मिंग हांग टैंग की चुनौती होगी। यह जोशना का एशियाई खेलों में छठा पदक होगा। वह इससे पहले दो रजत और तीन कांस्य पदक जीत चुकी हैं। उन्होंने 2018 में एकल में कांस्य, 2014 और 2018 में टीम स्पर्धा में रजत तथा 2010 और 2022 में टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीते थे। जोशना ने 2002 के बुसान एशियाई खेलों से लगातार सातवीं बार इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर भारतीय स्क्वॉश खिलाड़ी सौरव घोषाल का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। घोषाल ने पिछले साल संन्यास लेने से पहले छह एशियाई खेलों में हिस्सा लिया था। नागोया के किंजो फुतो परिसर में खेले गए क्वार्टर फाइनल में भारतीय जोड़ी ने शुरू से ही दबदबा बनाए रखा। जोशना और 28 वर्षीय सेंथिलकुमार दोनों तमिलनाडु से हैं और दोनों ने एक-दूसरे का बेहतरीन साथ दिया। भारतीय जोड़ी ने पहला गेम महज नौ मिनट में 11-3 से जीत लिया। दूसरे गेम में फिलीपींस की जोड़ी ने वापसी की कोशिश की, लेकिन जोशना और सेंथिलकुमार ने अपना स्तर बढ़ाते हुए दूसरा गेम 11-5 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। मैच के बाद जोशना ने पीटीआई से कहा, ‘‘अपने देश के लिए पदक जीतना हमेशा बहुत खास होता है और यही मेरे पूरे करियर में मेरी प्रेरणा रही है।’’एशियाई खेलों की तैयारियों के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘मैं काफी हद तक विदेश में प्रशिक्षण लेती हूं। एशियाई खेलों से पहले भी मैं अमेरिका में थी। मैं जब भी संभव होता है, विदेश में प्रशिक्षण लेने की कोशिश करती हूं।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं चेन्नई स्थित भारतीय स्क्वॉश अकादमी में भी प्रशिक्षण लेती हूं और वहां सभी कोचों के साथ काम करती हूं। एशियाई खेलों से पहले मैंने अमेरिका में ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी डेविड पामर के साथ भी प्रशिक्षण लिया।’’अपने पहले एशियाई खेल में हिस्सा ले रहे सेंथिलकुमार ने कहा कि उन्होंने और जोशना ने मैच से पहले बनाई गई रणनीति को पूरी तरह अमल में उतारा। उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत अच्छा मुकाबला था। हमने शुरुआत से अंत तक आक्रामक खेल दिखाया। हमने अपनी रणनीति को पूरी तरह लागू किया और हम दोनों ने वास्तव में अच्छा प्रदर्शन किया।’’सेंथिलकुमार ने कहा, ‘‘हमने अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ पहले नहीं खेला था, इसलिए हमने उनके पिछले मुकाबलों के वीडियो देखे और उसी के आधार पर अपनी रणनीति तैयार की।
एशियाई खेलों में कमलजीत और सुरुचि की जोड़ी ने जीता 10m Air Pistol Mixed Team स्वर्ण
भारतीय निशानेबाज कमलजीत और सुरुचि सिंह ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद जोरदार वापसी करते हुए शुक्रवार को एशियाई खेलों की 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में हुए स्वर्ण पदक जीता। ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रांक्ष पाटिल और नीरज कुमार की भारतीय तिकड़ी ने पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन टीम स्पर्धा में 1762 अंक के साथ रजत पदक जीता। चीन ने 1766 अंक के साथ स्वर्ण, जबकि कोरिया ने 1751 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया। तोमर ने 589 और नीरज ने 588 अंक के साथ व्यक्तिगत 3पी स्पर्धा के फाइनल में भी जगह बनाई। दोनों क्रमश: तीसरे और चौथे स्थान पर रहे। रुद्रांक्ष हालांकि व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सके क्योंकि एक देश से अधिकतम दो निशानेबाज ही व्यक्तिगत फाइनल में प्रवेश कर सकते हैं। कमलजीत और सुरुचि ने फाइनल में कुल 484.6 अंक हासिल किए। दक्षिण कोरिया की सुह्योन होंग और गाउन चू की जोड़ी 478.0 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि ईरान ने 415.8 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। भारतीय जोड़ी ने रजत पदक विजेता जोड़ी से 6.6 अंक की बढ़त बनाई। इससे पहले कमलजीत और सुरुचि ने क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल कर फाइनल में प्रवेश किया था। उन्होंने पहली सीरीज में 196 अंक, दूसरी में 195 और तीसरी में 196 अंक जुटाकर कुल 587 अंक हासिल किए, जिसमें 29 इनर-10 शामिल थे। यह 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धाओं में भारत का पदक जीतने का आखिरी मौका था। कमलजीत व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में नौवें और सुरुचि 26वें स्थान पर रही थीं और दोनों व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सकी थीं। भारत पुरुष और महिला टीम स्पर्धाओं में भी पदक से चूक गया था। फाइनल में भारतीय जोड़ी ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। पहले 10 शॉट के बाद वे 202.4 अंक के साथ शीर्ष पर थीं। सुरुचि ने पहली कोशिश में 10.4 और कमलजीत ने 9.7 अंक हासिल किए, जबकि दूसरी कोशिश में सुरुचि ने 10.2 और कमलजीत ने 9.8 अंक जुटाए। इसके बाद 101.3 अंक की अगली सीरीज के साथ भी भारतीय जोड़ी ने अपनी बढ़त बरकरार रखी।
Asian Games 2026 Live Update: शूटिंग में भारत का पहला गोल्ड, सुरुचि-कमलजीत की जोड़ी ने रचा इतिहास
Asian Games 2026 Live Update: शूटिंग में भारत का पहला गोल्ड, सुरुचि-कमलजीत की जोड़ी ने रचा इतिहास
एशियाई खेल 2026 में भारतीय निशानेबाजों का दबदबा कायम है। भारत की होनहार निशानेबाज़ जोड़ी कमलजीत और सुरुचि ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम कर लिया है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही इस जोड़ी ने न केवल एशियाई रिकॉर्ड तोड़ा, बल्कि एशियाई खेल 2026 में भारत की झोली में दूसरा गोल्ड मेडल भी डाल दिया। एशियाई रिकॉर्ड के साथ जीता स्वर्ण पदक फ़ाइनल मुकाबले में कमलजीत और सुरुचि की जोड़ी ने शुरू से ही अपना दबदबा बनाए रखा। भारतीय जोड़ी ने कुल 484.6 पॉइंट का सर्वश्रेष्ठ स्कोर हासिल किया, जो एक नया एशियाई रिकॉर्ड है। यह प्रदर्शन कितना असाधारण था, इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनका स्कोर विश्व रिकॉर्ड से महज 3.8 पॉइंट ही कम रहा। मुकाबले के दौरान कोरियाई टीम ने भारतीय जोड़ी पर दबाव बनाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन कमलजीत और सुरुचि ने संयम और सटीक निशानेबाज़ी का परिचय देते हुए 6.6 पॉइंट के बड़े अंतर से कोरिया को पछाड़कर गोल्ड मेडल पर कब्ज़ा जमाया। इसे भी पढ़ें: राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग की, SIR विवाद के बीच कहा कि उन्हें 'सरकारी गवाह बनना चाहिए' फ़ाइनल मुकाबले का स्कोरबोर्ड: स्वर्ण पदक (Gold): भारत (कमलजीत और सुरुचि) — 484.6 पॉइंट (नया एशियाई रिकॉर्ड) रजत पदक (Silver): कोरिया — 478.0 पॉइंट कांस्य पदक (Bronze): ईरान — 415.8 पॉइंट क्वालिफ़िकेशन राउंड से ही दिखा भारतीय जोड़ी का जलवा फ़ाइनल में पहुँचने से पहले कमलजीत और सुरुचि ने क्वालिफ़िकेशन राउंड में भी अपना शानदार फ़ॉर्म जारी रखा था। शुरुआती सीरीज़: भारतीय जोड़ी ने बेहतरीन शुरुआत करते हुए पहली सीरीज़ में 196 पॉइंट बनाए। दूसरी सीरीज़: दूसरी सीरीज़ में अपने प्रदर्शन में और सुधार करते हुए उन्होंने कुल स्कोर को 391 पॉइंट तक पहुँचा दिया और तालिका में शीर्ष स्थान (Top Position) हासिल करते हुए फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की की। मजबूत पकड़: प्रतियोगिता में जब 20 शॉट बाकी थे, तभी से यह स्पष्ट हो गया था कि भारतीय जोड़ी फ़ाइनल की दौड़ में सबसे आगे है और उन्होंने अंत तक अपने इस निरंतर प्रदर्शन को गोल्ड मेडल में बदल दिया। भारतीय निशानेबाज़ों के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन से पूरे देश में खुशी की लहर है और एशियाई खेलों में भारत के पदक तालिका में सुधार की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं।
Asian Games 2026: हांगकांग ने ओमान को हराकर क्वार्टर फाइनल की उम्मीद बरकरार रखी
एशियन गेम्स 2026 में पुरुष क्रिकेट के ग्रुप बी का मुकाबला कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में हांगकांग और ओमान के बीच खेला गया। हांगकांग ने 41 रन से मुकाबला जीता। हांगकांग ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट पर 121 रन बनाए थे। हफीज खान ने 37 गेंदों पर 3 चौकों की मदद से 33 रन की पारी खेली। इसके अलावा बाबर हयात ने 25 गेंदों पर 23, कप्तान यसिम मुर्तजा ने 14 गेंदों पर 18 और एहसान खान ने 10 गेंदों पर 16 रन बनाए। शिव माथुर ने 12 रन की पारी खेली। ओमान के लिए मोहम्मद अल बलुशी ने 3, सुफयान मेहमूद, सुहेब अल बलुशी, नावेद अल बलुशी और समीर ओथमैन ने 1-1 विकेट लिए। 122 रन का लक्ष्य हासिल करने उतरी ओमान की बल्लेबाजी बेहद निराशाजनक रही। शीर्ष क्रम का कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिककर लक्ष्य का पीछा करने की हिम्मत नहीं कर सका। पारी की शुरुआत करने आए शुएब अल बलुशी ने 26 गेंदों पर 1 छक्का और 2 चौकों की मदद से 20 रन बनाए और छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए कप्तान सुफयान मेहमूद ने 35 गेंदों पर नाबाद 26 रन बनाए। अब्दुल जलील ने नाबाद 15 रन बनाए। इन तीन बल्लेबाजों के अलावा कोई भी बल्लेबाज हांगकांग के गेंदबाजों का सामना नहीं कर पाया। पूरी टीम 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 80 रन बना सकी और 41 रन से मैच हार गई। 122 रन का लक्ष्य हासिल करने उतरी ओमान की बल्लेबाजी बेहद निराशाजनक रही। शीर्ष क्रम का कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिककर लक्ष्य का पीछा करने की हिम्मत नहीं कर सका। Also Read: LIVE Cricket Score मलेशिया से मिली हार के बाद हांगकांग के लिए यह जीत बेहद अहम थी। हांगकांग का ग्रुप मैच समाप्त हो गया। ओमान अपना अगला मैच मलेशिया के साथ शनिवार को खेलेगा। हांगकांग क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के लिए मलेशिया पर निर्भर है। अगर मलेशिया ओमान को हरा देती है, तो हांगकांग और मलेशिया ग्रुप बी से क्वार्टर फाइनल में चले जाएंगे। Article Source: IANS
Asian Games India Medal tally LIVE: शूटिंग में आया भारत का दूसरा गोल्ड, कमलजीत और सुरुचि सिंह चमकें
India Asian Games Medal tally LIVE: एशियन गेम्स 2026 में भारत अभी तक 2 गोल्ड, 7 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल जीत चुका है। 25 सितंबर को भारत ने शूटिंग में गोल्ड जीता और दो और मेडल स्क्वॉश और टेबल टेनिस में कन्फर्म किए।
Asian Games 2026 में भारत के दो और मेडल हुए कन्फर्म, स्क्वॉश और टेबल टेनिस से आई खुशखबरी
Asian Games 2026 में भारत के दो और मेडल कन्फर्म हो गए हैं। स्क्वॉश और टेबल टेनिस से खुशखबरी आई है। जोशना-वेलावन की जोड़ी ने मिक्स्ड डबल्स स्क्वॉश स्पर्धा में पदक पक्का किया, जबकि दीया और मानुष ने टेबल टेनिस में मेडल कन्फर्म किया है।
Asian Games 2026 Live Update: भारत के खाते में 2 मेडल तय, स्क्वॉश और टेबल टेनिस में सेमीफाइनल में पहुंचीं जोड़ियां
एशियाई खेलों की 10m एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा के फाइनल में पहुंचे Kamaljeet और Suruchi
कमलजीत और सुरुचि सिंह की भारतीय निशानेबाजों की जोड़ी ने शुक्रवार को एशियाई खेलों में मिश्रित टीम 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के क्वालीफिकेशन में शानदार प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया और फाइनल में जगह बनाई। दोनों ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद जोरदार वापसी की। शुरुआती सीरीज में 196 अंक जुटाने के बाद भारतीय जोड़ी ने दूसरी सीरीज में 195 अंक के साथ अपना स्कोर 391 तक पहुंचाया और फाइनल में जगह बनाने की स्थिति मजबूत कर ली। तीसरी सीरीज में दोनों ने 196 अंक हासिल किए, जिससे उनका कुल स्कोर 587 हो गया। इसमें 29 इनर-10 शामिल रहे। क्वालीफिकेशन में शीर्ष चार जोड़ियां फाइनल के लिए जगह बनाती हैं। यह 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धाओं में भारत के लिए पदक जीतने का आखिरी मौका है। इससे पहले भारत का अभियान निराशाजनक रहा है। कमलजीत व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में नौवें और सुरुचि 26वें स्थान पर रहीं थीं और दोनों ही व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सकीं। भारत पुरुष और महिला टीम स्पर्धाओं में भी पदक हासिल करने से चूक गया था।
Asian Games में भारत का Surfing डेब्यू, पहले दौर की हीट में Sugar Shanti और Kamali Prakash पिछड़ीं
एशियाई खेलों में सर्फिंग के पदार्पण पर शुक्रवार को भारतीय सर्फर शुगर शांति गायेन और कमली प्रकाश महिला शॉर्टबोर्ड के पहले दौर की अपनी-अपनी हीट में आखिरी स्थान पर रहीं। ताहारा के ‘पैसिफिक लॉन्ग’ तट पर आयोजित स्पर्धा की तीसरी हीट में शुगर शांति ने 3.84 अंक हासिल किए और तीन प्रतिभागियों में तीसरे स्थान पर रहीं। पांचवीं हीट में कमली प्रकाश ने 3.74 अंक जुटाए। इस हीट में जापान की मिराई इकेदा समेत कुल तीन सर्फर शामिल थीं। दोनों भारतीय खिलाड़ियों का अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। शुगर शांति और कमली दूसरे दौर की हीट में फिर से चुनौती पेश करेंगी। भारत की चार सदस्यीय सर्फिंग टीम में महिला वर्ग में शुगर और कमली, जबकि पुरुष वर्ग में किशोर कुमार अनबराशु और सिवाराज बाबू शामिल हैं। सर्फिंग को ‘आइची-नागोया एशियाई खेलों’ में शामिल किए गए नए खेलों में जगह मिली है। सर्फिंग प्रतियोगिता 25 से 28 सितंबर तक आयोजित होगी, जबकि 29 सितंबर को रिजर्व डे के तौर पर रखा गया है।
Asian Games 2026 Live: आज निशानेबाजों से पदक की उम्मीद, टेबल टेनिस में क्वार्टर फाइनल मुकाबला जारी
नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है। एशियन गेम्स के छठे दिन यानी शुक्रवार को पदक मुकाबलों का रोमांच बढ़ने वाला है। भारत के लिए यह दिन काफी व्यस्त रहने वाला है और पदक तालिका में बढ़त बनाने के कई मौके होंगे।
एशियन गेम्स 2026 में अब तक भारतीय टीम के खाते में कुल 17 मेडल दर्ज हो चुके हैं, जिसमें 25 सितंबर को इनकी संख्या में बढ़ोतरी होना तय है। इसमें सबसे ज्यादा नजरें शूटिंग के अलग-अलग होने वाले इवेंट्स पर रहेंगी।
Asian Games 2026 भारत का आज का शेड्यूल, 25 सितंबर; शूटिंग-एथलेटिक्स समेत कबड्डी में आ सकते हैं मेडल
Asian Games 2026 India schedule today: एशियन गेम्स में आज भारत कई और मेडल अपने नाम कर सकता है। भारतीय एथलीट्स शूटिंग, एथलेटिक्स समेत कबड्डी में अपना जलवा बिखेर सकते हैं।
Asian Games 2026: 25 सितंबर को ट्रैक, कोर्ट और रिंग में उतरेगा भारत, देखें पूरा शेड्यूल
एशियाई खेलों में भारत का शुक्रवार 25 सितंबर का कार्यक्रम इस प्रकार है। सभी समय भारतीय समयानुसार हैं। एथलेटिक्स:महिला हेप्टाथलॉन - लंबी कूद: अनामिका केए, पूजा सुबह 6:30 बजे।महिला हेप्टाथलॉन - भाला फेंक: अनामिका केए, पूजा सुबह 7:55 बजे।महिला शॉट पुट: मनप्रीत कौर, कृष्णा मेनन दोपहर 3:35 बजे फाइनल में।पुरुषों की 100 मीटर दौड़: गुरविंदरवीर सिंह हीट 2 में शाम 4:11 बजे और अनिमेष कुजूर हीट 3 में शाम 4:19 बजे।महिला पोल वॉल्ट: सिंधुश्री गणेशा शाम 4:33 बजे फाइनल। कैनो स्प्रिंट:पुरुषों की कयाक डबल 500 मीटर: प्रसन्ना कुमार सीएस, प्रोहित बरोई सेमीफाइनल में सुबह 6:30 बजे।महिला कैनो डबल 500 मीटर: मेघा प्रदीप, एल नेहा देवी सुबह 6:50 बजे सेमीफाइनल में।पुरुषों की कयाक डबल 500 मीटर: प्रसन्ना कुमार सीएस, प्रोहित बरोई फाइनल में (क्वालीफाई करने पर) सुबह 8:00 बजे।महिला कयाक फोर 500 मीटर: धनमाजुरी देवी, सोनिया देवी, पूजा और पार्वती गीता सुबह 8:10 बजे।महिला कैनो डबल 500 मीटर: मेघा प्रदीप, एल नेहा देवी फाइनल में (क्वालीफाई करने पर) सुबह 8:30 बजे। बैडमिंटन:मिश्रित युगल राउंड 32: ध्रुव कपिला और तनीशा क्रास्टो बनाम अब्दुल रज्जाक और ए नबीहा, सुबह 6:10 बजे।पुरुष युगल राउंड 32: एस रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी बनाम पी टीरारत्सुकुल और पी सुकफुन दोपहर 12:30 बजे से।महिला युगल राउंड 32: त्रीसा जॉली और गायत्री पुलेला बनाम लुई लोक लोक और त्सांग हियू यान दोपहर 12:30 बजे से।महिला युगल राउंड 32: कविप्रिया सेल्वम और सिमरन सिंघी बनाम द्विपूजी और त्रियास, दोपहर 12:30 बजे से।पुरुष युगल राउंड 32: हरिहरन और एमआर अर्जुन बनाम मुह फिकरी और फजर अल्फियान, दोपहर 12:30 बजे से।महिला एकल राउंड 64: उन्नति हुडा बनाम यू एमआई सॉन्ग। मुक्केबाजी:पुरुषों का 60 किलोग्राम वर्ग, राउंड 16: सचिन बनाम एजे मोहम्मद, सुबह 10:15 बजे।महिला 54 किलोग्राम वर्ग का राउंड 16: प्रीति बनाम पैंग चोई मी, दोपहर 2:15 बजे। घुड़सवारी:ड्रेसेज व्यक्तिगत: श्रुति वोरा, गौरव पुंडीर, हृदय छेदा और जय सूद, पहले व्यक्तिगत क्वालिफायर में सुबह 6:00 बजे।.ड्रेसेज टीम: फाइनल सुबह 6:00 बजे। ईस्पोर्ट्स:पोकेमॉन यूनाइट: भारत बनाम दक्षिण कोरिया, सुबह 7:55 बजे। तलवारबाजी:पुरुष फ़ॉइल टीम (टेबल ऑफ़ 16): भारतीय टीम (सचिन, सनासम हेमाश सिंह, आदित्य, तेजस मनोज पाटिल) बनाम हांगकांग चीन, सुबह 6:00 बजे।महिला एपी टीम (टेबल ऑफ़ 16): भारतीय टीम (तनीषा खत्री, अनुप्रिया, मितवा चौधरी और यशकीरत कौर हायर) बनाम उज़्बेकिस्तान, सुबह 7:00 बजे।पुरुष फ़ॉइल टीम: क्वार्टरफ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर), सुबह 8:20 बजे।महिला एपी टीम: क्वार्टरफ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर), सुबह 8:20 बजे।पुरुष फ़ॉइल टीम: सेमीफ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर), सुबह 10:50 बजे।महिला एपी टीम: सेमीफ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर), दोपहर 12:50 बजे।पुरुष फ़ॉइल टीम: फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर), दोपहर 2:50 बजे।महिला एपी टीम: फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर), दोपहर 3:50 बजे। हॉकी:महिला वर्ग: भारत बनाम जापान, सुबह 7:30 बजे। कबड्डी:महिला सेमीफाइनल: भारत बनाम नेपाल, सुबह 9:30 बजे।पुरुष सेमीफाइनल: भारत बनाम थाईलैंड, सुबह 10:45 बजे। निशानेबाजी:10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम: कमलजीत और सुरुचि सिंह सुबह 6:15 बजे क्वालीफाइंग राउंड में।50 मीटर राइफल 3पी पुरुष (व्यक्तिगत): ऐश्वर्य तोमर, रुद्रांक्ष पाटिल और नीरज कुमार सुबह 7:15 बजे क्वालीफाइंग राउंड में।50 मीटर राइफल 3पी पुरुष (टीम) फाइनल: ऐश्वर्य तोमर, रुद्रांक्ष पाटिल, और नीरज कुमार (क्वालीफिकेशन के आधार पर) सुबह 7:15 बजे।10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम: कमलजीत और सुरुचि सिंह फाइनल में (क्वालीफिकेशन के आधार पर) सुबह 8:30 बजे।50 मीटर राइफल 3पी पुरुष (व्यक्तिगत) फाइनल: ऐश्वर्या तोमर, रुद्राक्ष पाटिल, और नीरज कुमार (क्वालीफिकेशन के आधार पर) सुबह 10:30 बजे। स्क्वाश:मिश्रित युगल क्वार्टरफ़ाइनल: जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार बनाम डेविड पेलिनो और जेमसिया अरीबाडो, सुबह 7:00 बजे।पुरुष एकल क्वार्टरफ़ाइनल: अभय सिंह बनाम त्सुकु रयुनोसुके, सुबह 9:15 बजे; वीर चोटरानी बनाम इरफान मुहम्मद सुबह 10:45 बजे।महिला एकल क्वार्टरफ़ाइनल: अनाहत सिंह बनाम तन्वी खन्ना सुबह 10:00 बजे। सर्फिंग:महिला शॉर्टबोर्ड: पहले राउंड में शुगर शांति (सुबह 4:16 बजे) और कमाली मूर्ति (सुबह 5:02 बजे); दूसरे राउंड में (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर) सुबह 9:38 बजे से।पुरुषों का शॉर्टबोर्ड: पहले राउंड में किशोर कुमार (सुबह 7:20 बजे) और शिवराज बाबू (सुबह 9:15 बजे)। तैराकी:पुरुषों की 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक: दानुश सुरेश हीट 3 में सुबह 6:40 बजे।पुरुषों की 200 मीटर बैकस्ट्रोक: हीट 1 में ऋषभ दास सुबह 6:58 बजे; हीट 3 में उत्कर्ष पाटिल सुबह 7:06 बजे।पुरुषों की 400 मीटर फ़्रीस्टाइल: धक्षन शशिकुमार सुबह 7:10 बजे हीट 1 में; अनीश एसके गौड़ा हीट 3 सुबह 7:22 बजे।पुरुषों की 200 मीटर बटरफ्लाई: साजन प्रकाश हीट 3 में सुबह 7:36 बजे।पुरुषों की 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक: धनुष सुरेश फाइनल में (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर) दोपहर 1:35 बजे।पुरुषों की 200 मीटर बैकस्ट्रोक: ऋषभ दास, उत्कर्ष पाटिल फाइनल में (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर) दोपहर 1:55 बजे।पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल: धक्षन शशिकुमार, अनीश एसके गौड़ा दोपहर 2:22 बजे फाइनल में (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)।पुरुषों की 200 मीटर बटरफ्लाई: साजन प्रकाश फाइनल में (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर) दोपहर 2:51 बजे। टेबल टेनिस:मिश्रित युगल क्वार्टरफाइनल: मानुष शाह और दिया चिताले बनाम वोंग चुन टिंग और डॉन होई किम, सुबह 6:30 बजे।मिश्रित युगल क्वार्टरफाइनल: हरमीत देसाई बनाम लिन शिदोंग, सुबह 6:30 बजे।पुरुष युगल राउंड 32: जी साथियान और हरमीत देसाई बनाम ए प्रतामा और एम नेगारा, सुबह 7:30 बजे।पुरुष युगल राउंड 32: मानव ठक्कर और मानुष शाह बनाम टी हारिमोटो और एस शिनोजुका, सुबह 8:15 बजे।महिला एकल राउंड 32: यशस्विनी घोरपड़े बनाम हेंड ज़ाज़ा, सुबह 9:00 बजे; श्रीजा अकुला बनाम सॉन्ग ग्योंग प्योन, सुबह 9:45 बजे।पुरुष एकल राउंड 32: मानव ठक्कर बनाम यू ताए रयोंग सुबह 10:30 बजे; मानुष शाह बनाम एफ बेन्यामिन सुबह 11:15 बजे।महिला युगल राउंड 16: श्रीजा अकुला और सिंड्रेला दास बनाम एम कुआई और एम वांग दोपहर 12:00 बजे।महिला युगल राउंड 16: दीया चिताले और यशस्विनी घोरपड़े बनाम चेन यी और फैन शुन दोपहर 12:45 बजे।मिश्रित युगल सेमीफाइनल: हरमीत देसाई और यशस्विनी घोरपड़े दोपहर 3:00 बजे; दोपहर 3:45 बजे मानुष शाह और दीया चिताले। भारोत्तोलन:महिला 61 किलोग्राम वर्ग: निरुपमा देवी दोपहर 1:30 बजे फाइनल में।
Kusal Mendis Century: इंग्लैंड के खिलाफ गुरुवार (24 सितंबर) को लीड्स के हेडिंग्ले क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे में श्रीलंका के कप्तान कुसल मेंडिस ने शानदार शतक जड़ा और इंग्लैंड की धरती पर एक खास उपलब्धि हासिल कर ली। उन्होंने ऐसा करते हुए एशिया के कई दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाजों की खास लिस्ट में अपना नाम दर्ज कर लिया। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे 31 वर्षीय विकेटकीपर बल्लेबाज कुसल मेंडिस ने 100 गेंदों में 121 रन की शानदार पारी खेली। उनकी इस पारी में 14 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। इस शतक के साथ उन्होंने इंग्लैंड की धरती पर वनडे में शतक लगाने वाले एशियाई विकेटकीपर बल्लेबाजों की खास लिस्ट में जगह बना ली। कुसल मेंडिस इंग्लैंड की धरती पर वनडे शतक लगाने वाले छठे एशियाई विकेटकीपर बन गए हैं। उनसे पहले भारत के राहुल द्रविड़, श्रीलंका के कुमार संगकारा, पाकिस्तान के सरफराज अहमद, बांग्लादेश के मुशफिकुर रहीम और भारत के ऋषभ पंत यह कारनामा कर चुके हैं। इस लिस्ट में सबसे पहले राहुल द्रविड़ का नाम आया था। द्रविड़ ने 1999 में टॉन्टन में श्रीलंका के खिलाफ खेले गए वनडे मुकाबले में 129 गेंदों पर 145 रन की शानदार पारी खेली थी। इसके बाद कुमार संगकारा ने इंग्लैंड की धरती पर दो शतक लगाए। संगकारा ने 2013 में द ओवल में इंग्लैंड के खिलाफ और फिर 2014 में लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ शतक जड़ा था। इसके बाद पाकिस्तान के सरफराज अहमद ने 2016 में लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की। बांग्लादेश के मुशफिकुर रहीम ने 2019 में नॉटिंघम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंग्लैंड की धरती पर वनडे शतक लगाया था। वहीं, भारत के ऋषभ पंत ने 2022 में मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ शतकीय पारी खेली थी। अब कुसल मेंडिस ने इस खास सूची में अपना नाम जोड़ लिया है। इंग्लैंड में वनडे शतक लगाने वाले एशियाई विकेटकीपर राहुल द्रविड़ — भारत, बनाम श्रीलंका, टॉन्टन, 1999 कुमार संगकारा — श्रीलंका, बनाम इंग्लैंड, द ओवल, 2013 कुमार संगकारा — श्रीलंका, बनाम इंग्लैंड, लॉर्ड्स, 2014 सरफराज अहमद — पाकिस्तान, बनाम इंग्लैंड, लॉर्ड्स, 2016 मुशफिकुर रहीम — बांग्लादेश, बनाम ऑस्ट्रेलिया, नॉटिंघम, 2019 ऋषभ पंत — भारत, बनाम इंग्लैंड, मैनचेस्टर, 2022 कुसल मेंडिस — श्रीलंका, बनाम इंग्लैंड, लीड्स, 2026 Also Read: LIVE Cricket Score कुसल मेंडिस के वनडे करियर की बात करें तो वह अब तक 156 मुकाबलों में 35.49 की औसत से 5004 रन बना चुके हैं। उनके नाम वनडे क्रिकेट में 6 शतक और 36 अर्धशतक दर्ज हैं।
Asian Games: एथलेटिक्स के पहले दिन भारत को दो पदक, रोइंग और वुशु में भी मिली सफलता
(फिलेम दीपक सिंह और अजय मसंद)नागोया, 24 सितंबर भारत ने एशियाई खेलों में बृहस्पतिवार को एथलेटिक्स प्रतियोगिता के पहले दिन एक रजत और एक कांस्य पदक जीतकर सकारात्मक शुरुआत की लेकिन निशानेबाजी रेंज से कोई उत्साहजनक परिणाम नहीं मिला हालांकि स्कीट निशानेबाजों ने कांसे का तमगा हासिल करके इस खेल में दिन में भारत की झोली खाली नहीं जाने दी। इसके अलावा रोवर्स ने कांस्य पदक और वुशु खिलाड़ी रोशिबीना देवी ने लगातार दूसरा रजत पदक जीतकर भारतीय खेमे में कुछ जोश भरा। एशियाई खेलों में अभी तक भारत का प्रदर्शन अपेक्षित नहीं रहा है। उसने भले ही 17 पदक हासिल कर लिए हैं लेकिन इसमें एक केवल एक स्वर्ण पदक दर्ज है जो महिला क्रिकेट टीम ने जीता था। भारत ने सात रजत और नौ कांस्य पदक भी जीते हैं तथा वह पदक तालिका में 15वें स्थान पर है। चीन 80 स्वर्ण, 30 रजत और 20 कांस्य सहित कुल 130 पदक लेकर शीर्ष पर है। एथलेटिक्स में पहले दिन भारत ने चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले में रजत पदक जीता जबकि सीमा कुमारी ने महिलाओं की 10 हजार मीटर दौड़ के फाइनल में देश को ऐतिहासिक कांस्य पदक दिलाया। पूवम्मा राजू, विशाल थेन्नारासु, विथ्या रामराज और मनु टीएस की चौकड़ी ने तीन मिनट 14.46 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। इसके साथ ही भारत ने 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में जीता अपना रजत पदक बरकरार रखा। विथ्या रामराज ने अंतिम चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को रजत पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। बहरीन ने तीन मिनट 12.87 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। महिलाओं की 10 हजार मीटर स्पर्धा में सीमा ने 32 मिनट 50.05 सेकेंड का समय निकाला। सीमा ने कड़े मुकाबले में 16 साल के अंतराल के बाद इस स्पर्धा में भारत को पदक दिलाया। एशियाई खेलों की इस स्पर्धा में यह भारत का अब तक का केवल तीसरा पदक है। महिलाओं की त्रिकूद में हालांकि आशा इलांगो मामूली अंतर से पदक से चूक गई और उन्हें चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा जबकि निहारिका वशिष्ठ दसवें स्थान पर रही। भारत को निशानेबाजी में बहुत उम्मीद थी लेकिन उसके खिलाड़ियों का प्रदर्शन अभी तक अपेक्षित नहीं रहा है। बुधवार को महिला एयर पिस्टल टीम को कोई सफलता नहीं मिली और बृहस्पतिवार को पुरुष टीम का भी प्रदर्शन निराशाजनक रहा। भारत टीम स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहा और तीनों निशानेबाजों में से कोई भी व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना पाया। अगर परिनाज धालीवाल और अनंतजीत सिंह नारुका ने मिश्रित टीम स्कीट में कांस्य पदक नहीं जीता होता तो बृहस्पतिवार को निशानेबाजी में भारत की झोली खाली जाती। पिछले कुछ दिनों में खिलाड़ियों में असंतोष के कारण रोइंग चर्चा में रहा था लेकिन बृहस्पतिवार को यह जगह उनके प्रदर्शन ने ले ली। सतनाम सिंह और सलमान खान की जोड़ी ने पुरुषों की डबल स्कल्स स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा। भारत का यह इस स्पर्धा में पहला पदक है। भारतीय जोड़ी 1,500 मीटर के निशान तक दूसरे स्थान पर बनी रही, लेकिन अंतिम 500 मीटर में फिसलकर तीसरे स्थान पर आ गई और नागरगावा इंटरनेशनल रेगाटा कोर्स पर 6:13.25 का समय निकालकर स्वर्ण पदक विजेता चीन से 3.88 सेकंड पीछे रही। सतनाम ने कहा, ‘‘हमने पांच दिन पहले ही पुरुषों की डबल स्कल्स स्पर्धा में जोड़ी बनाई थी। मुझे गर्व है कि केवल पांच दिनों के साथ के बाद ही हम इस स्पर्धा में एशियाई खेलों का पदक जीतने में कामयाब रहे हैं।’’वहीं, रोशिबीना ने लगातार दूसरी बार रजत पदक और कुल तीसरा पदक जीतकर एशियाई खेलों के इतिहास में भारत की सबसे सफल वुशु खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड बनाया। महिला वर्ग के 60 किलोग्राम फाइनल में उन्हें चीन की झांग शियाओयु से हार का सामना करना पड़ा। रोशिबीना दरअसल इस प्रतियोगिता के लिए ट्रायल में हार गई थीं और लेकिन उनकी जगह चुनी गई दिव्यांशी चौधरी के चोटिल होने से उनके लिए सफलता के द्वार खुल गए। भारत की पुरुष और महिला कबड्डी टीमों ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए अपने अपने ग्रुप में शीर्ष पर रहते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई। भारतीय पुरुष टीम ने ग्रुप के अपने अंतिम मुकाबले में चीनी ताइपे को 37-21 से जबकि महिलाओं ने जापान को 50-25 से हराकर अपने लिए कांस्य पदक सुनिश्चित किया। स्क्वाश में भी भारत के लिए एक शानदार दिन रहा। अनाहत सिंह, तन्वी खन्ना, अभय सिंह और वीर चोटरानी एकल के क्वार्टर फाइनल में पहुंचे जबकि जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार मिश्रित युगल के अंतिम आठ में जगह बनाने में कामयाब रहे। टेबल टेनिस प्रतियोगिता में भी भारतीय खिलाड़ियों ने आसान जीत हासिल की। महिला युगल में श्रीजा अकुला और सिंड्रेला दास तथा यशस्विनी घोरपड़े और दिया चिताले की जोड़ियां प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंच गईं। पुरुष एकल वर्ग में मानुष शाह और मानव ठक्कर भी अंतिम 32 में पहुंच गए हैं। हॉकी में भारत ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। बेहतरीन फॉर्म में चल रहे स्ट्राइकर दिलप्रीत सिंह ने हैट्रिक लगाकर भारतीय पुरुष हॉकी टीम को कोरिया पर 8-2 से आसान जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इस जीत ने भारतीय टीम की सेमीफाइनल में जगह लगभग सुनिश्चित कर दी। यह भारत की लगातार तीसरी जीत थी, जिससे वह पूल ए में शीर्ष पर बना हुआ है। भारत ने इससे पहले पूल के शुरुआती दो मैचों में इंडोनेशिया को 13-1 और श्रीलंका को 16-1 से हराया था। मुक्केबाजी में हालांकि भारत के लिए आज अच्छा दिन नहीं रहा। परवीन एकमात्र भारतीय मुक्केबाज थीं जो महिला 65 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में वॉकओवर मिलने के बाद अगले राउंड में पहुंचीं। उनकी साथी खिलाड़ी साक्षी चौधरी (51 किलोग्राम) और सुमित (70 किलोग्राम) बाहर हो गए। साक्षी महिला 51 किलोग्राम वर्ग में कजाकिस्तान की अलुआ बाल्किबेकोवा से 2-3 से हारने के बाद प्रतियोगिता से बाहर हो गईं। सुमित को घुटने की चोट के कारण बीच मुकाबले में ही हटना पड़ा। कलात्मक जिम्नास्टिक में आठ महिलाओं के वॉल्ट फाइनल में भारत की प्रणति नायक छठे स्थान पर रही। तलवारबाज़ी में भी कुछ खास प्रदर्शन नहीं रहा। महिला व्यक्तिगत साबरे स्पर्धा में सी ए भवानी देवी और श्रेया गुप्ता बाहर हो गईं। ओलंपिक में प्रतिस्पर्धा करने वाली भारत की पहली तलवारबाज़ भवानी ने राउंड ऑफ 32 में मंगोलिया की ओउलेन तुग्सजारगन को 15-8 से हराकर अगले दौर में जगह बनाई लेकिन इसके बाद वह चीन की राव ज़ुएयी से 5-15 से हार गई।
Asian Games में भारत ने 4x400M Mixed Relay में रजत और 10,000M में सीमा ने कांस्य जीता
भारत ने बृहस्पतिवार को यहां एशियाई खेलों की चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले में रजत पदक जीता जबकि सीमा कुमारी ने महिलाओं की 10 हजार मीटर दौड़ के फाइनल में देश को ऐतिहासिक कांस्य पदक दिलाया। पूवम्मा राजू, विशाल थेन्नारासु, विथ्या रामराज और मनु टीएस की चौकड़ी ने तीन मिनट 14.46 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। इसके साथ ही भारत ने 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में जीता अपना रजत पदक बरकरार रखा। विथ्या रामराज ने अंतिम चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को रजत पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। बहरीन ने तीन मिनट 12.87 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। महिलाओं की 10 हजार मीटर स्पर्धा में सीमा ने 32 मिनट 50.05 सेकेंड का समय निकाला। सीमा ने कड़े मुकाबले में 16 साल के अंतराल के बाद इस स्पर्धा में भारत को पदक दिलाया। एशियाई खेलों की इस स्पर्धा में यह भारत का अब तक का केवल तीसरा पदक है। हिमाचल प्रदेश की लंबी दूरी की धाविका सीमा को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘एशियाई खेलों में महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतने पर सीमा पर गर्व है! उन्हें बधाई।’’उन्होंने कहा, ‘‘उनके दृढ़ प्रदर्शन ने कई वर्षों बाद इस स्पर्धा में भारत को पदक दिलाया है। यह शानदार उपलब्धि उनकी सहनशक्ति, अनुशासन और वर्षों की कड़ी मेहनत को दर्शाती है। आने वाले समय में उन्हें ऐसी ही कई और सफलताएं मिलें।’’इस साल मार्च में सीमा ने कैलिफोर्निया में आयोजित ‘द टेन’ प्रतियोगिता में 10 हजार मीटर दौड़ में 32 मिनट 02.43 सेकेंड का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। उन्होंने शीर्ष स्तर के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के बीच पांचवां स्थान हासिल किया था। अप्रैल में उन्होंने पांच हजार मीटर में भी 15 मिनट 16.20 सेकेंड का अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय निकाला था। लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर सीमा भारत की लंबी दूरी की प्रमुख धाविकाओं में अपनी जगह बना चुकी हैं। उनके सीनियर करियर में 10 हजार मीटर और पांच हजार मीटर मुख्य स्पर्धाएं रही हैं। भारत को चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले में रजत पदक दिलाने में अंतिम चरण में शानदार प्रदर्शन करने वाली विथ्या रामराज भी देश की प्रमुख 400 मीटर धाविकाओं और 400 मीटर बाधा दौड़ की खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने रिले टीम में भी महत्वपूर्ण स्थान बनाया है। तमिलनाडु की रहने वाली विथ्या 400 मीटर बाधा दौड़ में अपनी व्यक्तिगत क्षमता के साथ चार गुणा 400 मीटर रिले का महत्वपूर्ण अनुभव भी रखती हैं। उन्होंने 2023 एशियाई खेलों में 400 मीटर बाधा दौड़ में 55.42 सेकेंड के समय के साथ भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड की बराबरी कर बड़ी उपलब्धि हासिल की थी। वह ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और पेरिस 2024 में चार गुणा 400 मीटर रिले टीम का हिस्सा थीं।
Asian Games: भारत ने Mixed 4x400m Relay में जीता Silver Medal
भारतीय टीम ने मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले रेस में दूसरा स्थान हासिल करके अपने पदकों की संख्या में एक और पदक जोड़ा। मचेत्तिरा पूवम्मा, विशाल थेन्नारासु, रामराज विथ्या और थेक्किनालिल की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया और एथलेटिक्स में भारत के लिए दूसरा पदक जीता। दिलचस्प बात यह है कि फाइनल में जगह बनाने से पहले, भारतीय टीम ने हीट्स में 3:16.23 का समय लिया था। इसके बाद, उन्होंने एक बार फिर बेहतरीन प्रदर्शन किया, दूसरा स्थान हासिल किया और भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता। इसे भी पढ़ें: Kerala Sports Council के 14 जिला दफ्तरों में VACB की जांच, वित्तीय गड़बड़ी और गायब फाइलें पकड़ीं एशियाई खेलों में भारतीय एथलीट सीमा कुमारी ने महिलाओं की 10,000 मीटर स्पर्धा में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। वहीं, महिलाओं की ट्रिपल जंप स्पर्धा में उनकी साथी खिलाड़ी आशा इलांगो बहुत कम अंतर से पोडियम पर जगह बनाने से चूक गईं और चौथे स्थान पर रहीं, जबकि निहारिका वशिष्ठ 10वें स्थान पर रहीं। सीमा आखिर तक मेडल की दौड़ में बनी रहीं, जबकि विनफ्रेड यावी और नोज़ोमी तनाका गोल्ड और सिल्वर मेडल के लिए स्प्रिंट फ़िनिश में मुकाबला कर रही थीं। सीमा ने आखिरी दौर में पीछे चल रहे ग्रुप से आगे निकलकर तीसरा स्थान हासिल किया और भारत के एथलेटिक्स मेडल टैली में एक और मेडल जोड़ा। इसे भी पढ़ें: IOA President PT Usha का बयान, Asian Games में खिलाड़ियों की रहने की दिक्कतें दूर हुईं विनफ्रेड यावी ने 32:39.18 के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि जापान की नोज़ोमी तनाका 32:41.54 के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहीं और सिल्वर मेडल हासिल किया। भारत की सीमा कुमारी ने महिलाओं की 10,000 मीटर फ़ाइनल में 32:50.05 का समय लेकर ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। इस बीच, आशा ने 13.83 मीटर की अपनी सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई, जो चीन की ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाली ली यी के स्कोर के बराबर थी। हालांकि, भारतीय एथलीट ब्रॉन्ज़ मेडल से चूक गईं क्योंकि उनका दूसरा सबसे अच्छा प्रयास 13.65 मीटर का था, जो ली यी के 13.79 मीटर के प्रयास से कम था। आशा का छठा और आखिरी प्रयास 13.59 मीटर का रहा, जिससे शानदार प्रदर्शन के बावजूद वह मेडल की दौड़ से बाहर रह गईं।
Thailand अधिकारियों ने Asian Games में जताई नाराजगी, खिलाड़ियों के लिए खुद करने पड़े इंतजाम
एशियाई खेलों के इस वर्जन में खेल मुकाबलों के साथ आयोजन व्यवस्था भी चर्चा का विषय बनी हुई है। थाईलैंड के दल ने खिलाड़ियों के लिए की गई व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा है कि पिछले छह दिनों से उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खिलाड़ियों की शिकायतों में रहने के लिए कमरे नहीं मिलना, हवाई अड्डों पर लंबे समय तक इंतजार, परिवहन में देरी और भोजन से जुड़ी दिक्कतें शामिल हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, कुछ खिलाड़ियों को रहने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे क्रूज जहाजों पर जगह मिलने में काफी समय लग रहा है। वहीं, कुछ दलों ने होटलों और दूसरे ठिकानों में कमरों की कमी की शिकायत की है। प्रशिक्षण केंद्रों और प्रतियोगिता स्थलों तक पहुंचने के लिए उपलब्ध बसों की व्यवस्था भी कई खिलाड़ियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। कई बार बसें देर से पहुंचीं, जबकि कुछ मौकों पर बसें आई ही नहीं। बता दें कि इस महाद्वीपीय खेल आयोजन में 17 हजार से ज्यादा खिलाड़ी और अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। आयोजन के पहले पूरे सप्ताह में ही अलग-अलग देशों के दलों की ओर से व्यवस्थाओं को लेकर कई शिकायतें सामने आई हैं। कुछ टीमों ने कमरों की कमी बताई है, जबकि कुछ ने आयोजकों की ओर से दिए गए रहने के स्थान की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। थाईलैंड की राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के उप महासचिव चालितरत चंद्रुबेक्षा ने समाचार एजेंसी एएफपी से बातचीत में कहा कि यह समस्या शुरुआत से लेकर अब तक बनी हुई है। उनके मुताबिक क्रूज जहाजों और होटलों में उपलब्ध कमरों की संख्या थाईलैंड के खिलाड़ियों की वास्तविक जरूरत के मुताबिक नहीं है। उन्होंने बताया कि एक दिन थाईलैंड को क्रूज जहाज पर 201 बिस्तरों की जरूरत थी, लेकिन आयोजकों की ओर से केवल 170 बिस्तर उपलब्ध कराए गए। ऐसे में जब खिलाड़ी पहुंचते थे तो कई बार उनका नाम रहने वालों की सूची में नहीं मिलता था। इसके बाद उन्हें किसी दूसरे स्थान पर भेजना पड़ता था। नए खिलाड़ियों के आने पर पहले से रह रहे खिलाड़ियों को अपना कमरा छोड़कर दूसरे होटल की तलाश करनी पड़ती थी। गौरतलब है कि कुछ खिलाड़ियों ने सामाजिक माध्यमों पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की है। इनमें भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें भी शामिल हैं। नागोया बंदरगाह पर खड़े एक क्रूज जहाज में चार हजार से ज्यादा लोग रह रहे हैं, जबकि करीब दो हजार लोगों को लकड़ी से बने छोटे-छोटे कमरों में ठहराया गया है। आयोजक इन स्थानों को गांव नाम से संबोधित कर रहे हैं। चंद्रुबेक्षा ने कहा कि समस्याओं का हल निकालने के लिए थाईलैंड को खुद भी वैकल्पिक रहने की जगह तलाशनी पड़ी है। उनके मुताबिक दल ने अपने स्तर पर कमरे बुक किए और भोजन के लिए पहले से भुगतान भी किया। उन्होंने यह भी बताया कि थाईलैंड की चिकित्सा टीम को नागोया से करीब डेढ़ घंटे की दूरी पर ठहरना पड़ा है। खिलाड़ियों की देखभाल के लिए चिकित्सा दल को आने-जाने में परेशानी न हो, इसके लिए थाईलैंड ने टोक्यो से अतिरिक्त वाहन किराये पर लिए हैं। बता दें कि इतने बड़े खेल आयोजन में हजारों खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए एक साथ रहने और परिवहन की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती होती है। हालांकि, अलग-अलग दलों की ओर से लगातार सामने आ रही शिकायतों ने आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा जरूर बढ़ा दी है।
Asian Games में Anantjeet Naruka और Parinaaz Dhaliwal ने जीता ऐतिहासिक कांस्य पदक
अनंतजीत सिंह नरूका और परिनाज धालीवाल की भारतीय स्कीट जोड़ी ने खराब शुरुआत के बावजूद दबाव के आगे घुटने नहीं टेके और एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते हुए अंतिम निशाने तक संघर्ष जारी रखा जिससे उन्होंने बृहस्पतिवार को यहां एशियाई खेलों की मिश्रित टीम स्पर्धा में ऐतिहासिक कांस्य पदक हासिल किया। यह एशियाई खेलों की स्कीट मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत का पहला पदक है। इस पदक के साथ भारतीय जोड़ी ने शानदार वापसी की क्योंकि क्वालीफिकेशन के शुरुआती दौर में नरूका और परिनाज ने 50 में से सिर्फ 44 निशाने साधे थे। नरूका ने कहा, ‘‘हमारी शुरुआत मुश्किल रही। हम दोनों ने पहले दौर में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया लेकिन फिर हमने एक-दूसरे से कहा कि हम अब भी वापसी कर सकते हैं। हमारे पास दो और दौर थे और हमने अंतिम निशाने तक लड़ने का फैसला किया।’’भारतीय जोड़ी ने इसके बाद अपने प्रदर्शन में सुधार किया। दूसरे दौर में उन्होंने 47 निशाने साधे और तीसरे दौर में भी इतने ही निशाने लगाकर क्वालीफिकेशन में कुल 138 अंक जुटाए और चार टीम वाले फाइनल में जगह बनाई। परिनाज ने कहा कि दोनों के बीच संदेश शुरू से अंत तक एक ही रहा कि अंतिम निशाने तक संघर्ष करते रहना है और नतीजे की चिंता बाद में करना। उन्होंने कहा, ‘‘यह अंत तक लड़ने के बारे में था। हम एक-दूसरे से कह रहे थे, ‘अपना सब कुछ झोंक देते हैं और तीसरे दौर के बाद देखते हैं कि क्या होता है।’ हमने वही किया।’’नरूका के लिए एक-दूसरे का समर्थन करना मिश्रित टीम स्पर्धा की असली भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा, ‘‘हम एक-दूसरे का समर्थन कर रहे थे और लगातार कहते रहे कि हमें लड़ना है। यही मिश्रित टीम का मतलब है और यही होना भी चाहिए।’’कोच फिलिपेली रिकार्डो के निर्देश भी बेहद सरल थे। परिनाज ने बताया, ‘‘उन्होंने बस कहा, ‘आगे बढ़ते रहो, आगे बढ़ते रहो।’’यह कांस्य पदक नरूका के करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनके नाम पहले ही दिल्ली में विश्व कप फाइनल का व्यक्तिगत कांस्य और ओलंपिक में चौथे स्थान का प्रदर्शन दर्ज है। हालांकि एशियाई खेलों का यह पदक उन्हें ओलंपिक के प्रदर्शन से अधिक संतोष दे रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह (एशियाई खेलों का पदक) ज्यादा खास है। ओलंपिक में आप चौथे स्थान पर आते हैं लेकिन अगर पोडियम पर नहीं खड़े होते तो उसका कोई मतलब नहीं रहता। आज हमने संघर्ष किया, अच्छा संघर्ष किया और कांस्य जीता।’’इस नतीजे के साथ भारतीय स्कीट टीम के लिए ये दो दिन यादगार रहे जिसमें भारत ने तीन पदक जीते। नरूका को उम्मीद है कि यह सफलता इस खेल में आने वाले युवा निशानेबाजों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। इस कांस्य के साथ नरूका और परिनाज दोनों के खाते में इन खेलों में दो-दो पदक हो गए हैं। नरूका इससे पहले पुरुष टीम स्पर्धा में कांस्य जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे जबकि परिनाज भी महिला टीम के साथ पदक जीत चुकी हैं। हांगझोउ एशियाई खेल 2023 में व्यक्तिगत रजत और टीम कांस्य पदक जीतने वाले नरूका ने कहा कि भारतीय निशानेबाजी दल पर पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद बने दबाव के बीच यह सफलता खास तौर पर संतोषजनक है। परिनाज के लिए यह पदक उस फैसले का परिणाम है जो उन्होंने स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद लिया था जब उन्होंने विदेश में पढ़ाई करने के बजाय निशानेबाजी को करियर के रूप में चुना था। मायो कॉलेज से स्नातक होने के बाद उनके सामने विदेश जाकर पढ़ाई करने या निशानेबाजी जारी रखने का विकल्प था। उन्होंने वह रास्ता चुना जिसे वह वास्तव में पसंद करती थीं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह इसलिए करती हूं क्योंकि मुझे यह बेहद पसंद है। मैं इस खेल को लेकर जुनूनी हूं। यह मेरा शौक है और मुझे इसे करना बहुत पसंद है।’’परिनाज ने कहा, ‘‘मायो से स्नातक होने के बाद मुझे विदेश जाकर पढ़ाई करने या निशानेबाजी अपनाने का विकल्प दिया गया था। मैं यही करना चाहती थी क्योंकि मैं अपने दिल की सुनना चाहती थी।’’शूटिंग रेंज पर उन्हें आमतौर पर ‘परी’ नाम से जाना जाता है। यह उपनाम उनके करीबी दोस्तों और परिवार दिया जो बाद में निशानेबाजी जगत में भी लोकप्रिय हो गया। उन्होंने कहा, ‘‘रेंज पर मेरे करीबी दोस्तों और परिवार ने मुझे परी कहना शुरू किया। धीरे-धीरे सभी लोग मुझे परी कहने लगे।’’उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए जब कोई मुझे परी कहकर बुलाता है तो मैं समझ जाती हूं कि वह मेरे करीब है।’’हालांकि इस पदक का जश्न मनाने के लिए नरूका के पास ज्यादा समय नहीं होगा। उनका अगला लक्ष्य दोहा में होने वाली विश्व चैंपियनशिप है जहां उनके पास भारत के लिए ओलंपिक कोटा हासिल करने का भी मौका होगा।
Asian Games: अबतक भारत को 15 Medals, कल इनसे होगी उम्मीदें
भारत के पदकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है - इसमें एक गोल्ड, छह सिल्वर और आठ ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल हैं। मेडल इवेंट्स के पांचवें दिन, भारत को अच्छी शुरुआत मिली जब रोशिबिना देवी ने महिलाओं के 60 किग्रा वुशु इवेंट में सिल्वर मेडल जीता - यह एशियाई खेलों में उनका लगातार तीसरा मेडल है। सफलता को आगे बढ़ाते हुए, सतनाम सिंह और सलमान खान ने पुरुषों के डबल स्कल्स में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता, जबकि अनंतजीत सिंह नरुका और परिनाज़ धालीवाल की मिक्स्ड टीम जोड़ी ने स्कीट शूटिंग में एक और ब्रॉन्ज़ मेडल अपने नाम किया। इसे भी पढ़ें: Kerala Sports Council के 14 जिला दफ्तरों में VACB की जांच, वित्तीय गड़बड़ी और गायब फाइलें पकड़ीं भारत ने महिला कबड्डी में जापान को 50-25 से हराया है। भारत सेमीफ़ाइनल में पहुँच गया है और उनका मेडल पक्का हो गया है। अनिमेश कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह भी पुरुषों की 100 मीटर दौड़ के सेमीफ़ाइनल में पहुँच गए हैं। पारितोष पूयो पूयो स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए हैं। भारतीय मुक्केबाज साक्षी चौधरी एशियाई खेलों में महिलाओं के 65 किलो वर्ग के प्री क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हो गई। दिलप्रीत सिंह की हैट्रिक के दम पर भारतीय पुरूष हॉकी टीम ने एशियाई खेलों में लगातार तीसरी जीत दर्ज करते हुए बृहस्पतिवार को दक्षिण कोरिया को 8 -2 से हराकर सेमीफाइनल में जगह लगभग पक्की कर ली। कल के मुकाबले 25 सितंबर को भारत के लिए मेडल जीतने के सात पक्के इवेंट होंगे। मेडल जीतने का पहला मौका शूटिंग में मिलेगा, जहाँ ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्राक्ष बालासाहेब पाटिल और नीरज कुमार पुरुषों के 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम फ़ाइनल में हिस्सा लेंगे। धनामनजुरी देवी, पूजा, सोनिया देवी फारेम्बम और पार्वती गीता कैनो स्प्रिंट में महिलाओं के कयाक फोर 500 मीटर फ़ाइनल A में हिस्सा लेंगी। सेरम निरुपमा देवी वेटलिफ्टिंग में महिलाओं के 61 किग्रा ग्रुप A फ़ाइनल में हिस्सा लेंगी। बाकी चार मेडल इवेंट एथलेटिक्स में होंगे, जिसमें मनप्रीत कौर और कृष्णा जयशंकर मेनन दोपहर 3:35 बजे महिलाओं के शॉट पुट फ़ाइनल में हिस्सा लेंगी, इसके बाद सिंधुश्री गणेशा और बारनिका एलंगोवन महिलाओं के पोल वॉल्ट फ़ाइनल में हिस्सा लेंगी। गुलवीर सिंह पुरुषों के 10,000 मीटर फ़ाइनल में हिस्सा लेंगे, जबकि दमनीत सिंह और प्रवीण कुमार पुरुषों के हैमर थ्रो फ़ाइनल में हिस्सा लेंगे।
Asian Games 2026 में बॉक्सर Parveen क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं, Sakshi Choudhary और Sumit Kundu बाहर
आइची-नागोया में 2026 एशियाई खेलों के महिलाओं के 51 किग्रा बॉक्सिंग इवेंट में, 24 सितंबर को भारतीय बॉक्सर साक्षी चौधरी को कजाकिस्तान की बाल्किबेकोवा ने 3-2 से करीबी मुकाबले में हरा दिया, जिससे वह प्रतियोगिता से बाहर हो गईं। बाल्किबेकोवा ने आखिरी राउंड में आक्रामक खेल दिखाया, जिससे साक्षी को डिफेंसिव होना पड़ा; अपनी बढ़त बढ़ाने की कोशिश में बाल्किबेकोवा ने साक्षी के जबड़े पर ज़ोरदार अंडरकट मारा। इसे भी पढ़ें: Kerala Sports Council के 14 जिला दफ्तरों में VACB की जांच, वित्तीय गड़बड़ी और गायब फाइलें पकड़ीं साक्षी ने रिंग में बाल्किबेकोवा का पीछा करते हुए और उनके चेहरे पर तेज़ी से हुक मारकर जवाब दिया। इसके बावजूद, बाल्किबेकोवा ने तुरंत सटीक जैब से पलटवार किया और दूरी बनाए रखी। कड़े मुकाबले वाला यह मैच आखिरी घंटी बजने तक बराबरी का रहा और बाल्किबेकोवा ने स्प्लिट-डिसीजन से जीत हासिल की। इस बीच, ताजिकिस्तान की मलिका नोज़िमोवा के वॉकओवर देने के बाद परवीन बिना किसी मुकाबले के क्वार्टर फाइनल में पहुँच गईं। अगले दौर में परवीन का मुक़ाबला उज़्बेकिस्तान की नवबखोर खमिदोवा से होगा। इसे भी पढ़ें: Hurun Rich List 2026: नेट वर्थ में गिरावट के बावजूद शाहरुख खान बने भारत के सबसे अमीर एक्टर, अमिताभ और ऋतिक भी सूची में शामिल इसी दिन, घुटने की चोट के कारण भारतीय बॉक्सर सुमित कुंडू का पुरुषों के 70 किग्रा वर्ग में सफ़र 'राउंड ऑफ़ 16' में ही खत्म हो गया। कुंडू ने इराक के अली अल-सराय के खिलाफ़ मज़बूत शुरुआत की और अपनी लंबाई और वज़न के फ़ायदे का इस्तेमाल करते हुए पहला राउंड जीता। कड़े मुक़ाबले के बावजूद उन्होंने दूसरा राउंड भी 3-2 के अंतर से अपने नाम किया। हालाँकि, तीसरे राउंड में फिसलने और घुटने में चोट लगने के कारण कुंडू को मुक़ाबला छोड़ना पड़ा, जिसके बाद रेफरी ने मैच रोक दिया।
Asian Games Men Hockey: भारत ने दक्षिण कोरिया को 8-2 से रौंदा, सेमीफाइनल में जगह लगभग पक्की
दिलप्रीत सिंह की हैट्रिक के दम पर भारतीय पुरूष हॉकी टीम ने एशियाई खेलों में लगातार तीसरी जीत दर्ज करते हुए बृहस्पतिवार को दक्षिण कोरिया को 8 -2 से हराकर सेमीफाइनल में जगह लगभग पक्की कर ली। पूल ए में शीर्ष पर काबिज भारत ने इससे पहले इंडोनेशिया को 13 . 1 और श्रीलंका को 16 . 1 से हराया था। अब भारत का सामना 26 सितंबर को जापान से होगा। भारत के लिये दिलप्रीत सिंह (10वां, 26वां और 32वां) ने तीन और फॉरवर्ड अभिषेक (15वां और 38वां मिनट) ने दो गोल किये जबकि शिलानंद लाकड़ा (चौथा), सुखजीत सिंह (दसवां), कप्तान हरमनप्रीत सिंह (11वां) और राजिंदर सिंह (60वां) ने एक एक गोल दागा। कोरिया के लिये किम जाएहो (42वां) और किम योंगबोक (52वां) ने गोल किये। भारत ने आक्रामक शुरूआत की और पहले ही क्वार्टर में चार गोल कर दिये। शिलानंद ने चौथे ही मिनट में उपकप्तान हार्दिक सिंह से बॉक्स के भीतर मिली गेंद पर यह गोल किया। शानदार फॉर्म में चल रहे दिलप्रीत ने दसवें मिनट मे बढत दुगुनी कर दी जब उन्होंने मनदीप सिंह से मिले पास पर गेंद को गोल के भीतर डाला। कप्तान हरमनप्रीत ने अगले मिनट पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके स्कोर 3 . 0 कर दिया। अभिषेक ने पहले क्वार्टर के आखिरी मिनट में शिलानंद के पास पर गोल किया। भारत ने दूसरे क्वार्टर में भी दबदबा बनाये रखा और मनदीप से बैकहैंड पर मिले क्रॉस पर दिलप्रीत ने गोल किया। ब्रेक के दो मिनट बाद दिलप्रीत ने मनदीप और हार्दिक के बीच बेहतरीन तालमेल से बने मूव को फिनिशिंग तक ले जाते हुए गोल दागा। भारत को कुछ मिनटों बाद लगातार चार पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन गोल नहीं हो सका। कोरिया को जल्दी ही पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर प्रयास नाकाम रहा। अभिषेक ने भारत की बढत 7 . 0 की करके सुखजीत सिंह का शुरूआती प्रयास नाकाम रहने के बाद रिबाउंड पर गोल दागा। कोरिया के लिये किम जाए हो ने तीसरा क्वार्टर खत्म होने में तीन मिनट बाकी रहते पहला गोल किया। चौथे और आखिरी क्वार्टर में कोरियाई खिलाड़ियों ने भारतीय डिफेंस पर लगातार हमले बोले और दो पेनल्टी कॉर्नर बनाये हालांकि गोल नहीं हो सका। आखिरी सीटी बजने से आठ मिनट पहले कोरिया के लिये किम योंग बोक ने तीन भारतीय डिफेंडरों को चकमा देकर गोल दागा। भारत के लिये आठवां गोल राजिंदर सिंह ने आखिरी मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर किया।
Asian Games 2026 Hockey में Indian Men Team की लगातार तीसरी जीत, South Korea को दी मात
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 24 सितंबर को जापान के आइची-नागोया में दक्षिण कोरिया को 8-2 से हराकर एशियाई खेल 2026 में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। भारत के दिलप्रीत सिंह सबसे बेहतरीन खिलाड़ी रहे; उन्होंने हैट्रिक लगाई और पूरे टूर्नामेंट में अपना शानदार फ़ॉर्म बनाए रखा। इससे पहले भारत ने इंडोनेशिया को 13-1 और श्रीलंका को 16-1 से हराकर बड़ी जीत हासिल की थी। टीम का अगला मुक़ाबला 26 सितंबर को जापान और 28 सितंबर को बांग्लादेश के साथ होना है। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों में Mirabai Chanu ने जीता रजत, दोपहर की प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर, भारत का लक्ष्य ग्रुप स्टेज में सभी मैच जीतकर अपना गोल्ड मेडल बचाए रखना और लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए सीधे क्वालिफिकेशन हासिल करना है। मैच की शुरुआत में ही भारत ने बढ़त बना ली। अभिषेक का पास ब्लॉक होने के बाद मिले रिबाउंड पर शैलाानंद लाकड़ा ने गोल करके टीम को आगे किया। इसके बाद दिलप्रीत सिंह ने एक ज़बरदस्त शॉट मारा जो गोलकीपर से टकराकर अंदर चला गया; दक्षिण कोरिया की डिफेंस में हुई गलतियों की वजह से नौवें मिनट में स्कोर 2-0 हो गया। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 11वें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर गोल में बदलकर स्कोर 3-0 कर दिया। इसके बाद अभिषेक ने शैलाानंद की मदद से एक शानदार गोल किया, जिससे पहला क्वार्टर 4-0 पर खत्म हुआ। दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में कोई गोल नहीं हुआ, हालांकि भारत ने एरियल प्ले (हवा में गेंद खेलकर) का इस्तेमाल किया। लेकिन 26वें मिनट में दिलप्रीत ने मनप्रीत के पास को डिफ्लेक्ट करके गोल किया और हाफ-टाइम तक स्कोर 5-0 हो गया। इस पूरे हाफ के दौरान दक्षिण कोरिया को कोई खास मौका बनाने में संघर्ष करना पड़ा। इसे भी पढ़ें: Asian Games Men’s Hockey: India ने Sri Lanka को 16-1 से रौंदा, Jugraj Singh ने दागे 4 गोल दिलप्रीत ने 32वें मिनट में अपनी हैट्रिक पूरी की; उन्हें राजिंदर से एक तेज़ पास मिला और उन्होंने टोमाहॉक शॉट से गोल किया। भारत को कई पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन वे उनमें से किसी को भी गोल में नहीं बदल पाए। हालांकि, अभिषेक ने टीम के कई पास और सुखजीत सिंह के शॉट के रिबाउंड के बाद बने एक बेहतरीन मूव में सातवां गोल किया। दक्षिण कोरिया ने 42वें मिनट में किम जेहो के गोल से जवाब दिया, जिससे तीसरा क्वार्टर भारत के पक्ष में 7-1 के स्कोर पर समाप्त हुआ।
Asian Games में Satnam Singh और Salman Khan ने नौकायन में जीता कांस्य पदक
... फिलेम दीपक सिंह ...नागोया, 24 सितंबर (भाषा)। सतनाम सिंह और सलमान खान ने पुरुष युगल स्कल्स में कांस्य पदक जीतकर भारत को एशियाई खेलों की रोइंग (नौकायन) स्पर्धा में पहला पदक दिलाया। भारतीय टीम का प्रदर्शन हालांकि महाद्वीपीय खेलों के इतिहास के सबसे खराब प्रदर्शनों में से एक रहा। इस बार भारत का प्रदर्शन 1982, 1994 और 2002 के एशियाई खेलों के बराबर रहा। हांगझोउ एशियाई खेलों में भारत ने रोइंग में पांच पदक जीते थे, जिनमें दो रजत और तीन कांस्य शामिल थे। भारत ने 2010 में चार पदक जीते थे, जिसमें एक स्वर्ण, जबकि 2018 में तीन पदक हासिल किए थे, जिनमें एक स्वर्ण शामिल था। सतनाम और सलमान की जोड़ी 1,500 मीटर तक दूसरे स्थान पर थी, लेकिन अंतिम 500 मीटर में तीसरे स्थान पर खिसक गई। उसने नागारागावा इंटरनेशनल रेगाटा कोर्स पर छह मिनट 13.25 सेकंड का समय निकाला। चीन के यी शूडी और यीदे नी ने छह मिनट 09.37 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। उज्बेकिस्तान के पावेल सोरिन और मेखरोजबेक मामातकुलोव ने छह मिनट 10.49 सेकंड में रेस पूरी कर रजत पदक हासिल किया। भारतीय जोड़ी स्वर्ण पदक विजेताओं से 3.88 सेकंड पीछे रही। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांस्य पदक जीतने पर दोनों खिलाड़ियों की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘पुरुष युगल स्कल्स में सतनाम सिंह और सलमान खान का शानदार प्रदर्शन कर भारत के लिए कांस्य पदक जीता। उनका संयम और तालमेल सराहनीय रहा। उम्मीद है कि यह उपलब्धि उन्हें आने वाले वर्षों में और बड़ी ऊंचाइयां हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी।’’सतनाम ने हांगझोउ एशियाई खेलों में पुरुष क्वाड्रपल स्कल्स में भी कांस्य पदक जीता था। इस पदक के साथ उनके एशियाई खेलों के पदकों की संख्या दो हो गई है। सतनाम ने कहा, ‘‘मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है, क्योंकि भारत ने पुरुष युगल स्कल्स में कभी एशियाई खेलों का पदक नहीं जीता था और अब मैं उस पहले पदक को जीतने वाली टीम का हिस्सा हूं।’’रोइंग टीम से जुड़े विवाद पर उन्होंने कहा, ‘‘मेरे साथियों के साथ जो हुआ उससे मैं दुखी हूं। हमारे पास बेहतर पदक जीतने का मौका था, लेकिन फैसला हो चुका है और अब इसे बदला नहीं जा सकता।’’उन्होंने कहा कि दोनों खिलाड़ी पुरुष युगल स्कल्स में सिर्फ पांच दिन पहले ही साथ आए थे। सतनाम ने कहा, ‘‘मुझे गर्व है कि केवल पांच दिन साथ रहने के बाद हम इस स्पर्धा में एशियाई खेलों का पदक जीतने में सफल रहे।’’बुधवार से शुरू हुई रोइंग प्रतियोगिताओं से दो दिन पहले भारतीय टीम में असंतोष के स्वर उठने लगे थे। कुछ खिलाड़ियों ने दावा किया था कि उन्हें उन स्पर्धाओं से हटा दिया गया, जिनमें उनका पहले चयन हुआ था, जबकि रिजर्व खिलाड़ियों को मुख्य टीम में शामिल कर लिया गया। ये बदलाव सोमवार को विभिन्न देशों के टीम मैनेजरों की बैठक के बाद किए गए थे। एक खिलाड़ी ने बताया कि टीम से बाहर किए गए या दूसरी स्पर्धाओं में भेजे गए खिलाड़ी ‘‘बहुत परेशान’’ हैं और दिन में हुए घटनाक्रम के बाद उन्होंने खाना तक नहीं खाया। कुछ खिलाड़ियों ने कहा कि वे खेल मंत्री के सामने अपनी शिकायत रखने पर विचार कर रहे हैं। भारतीय नौकायन महासंघ के अध्यक्ष बालाजी मरदापा ने एक पूर्व कोच पर खिलाड़ियों को ‘‘प्रभावित करने’’ का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तूफान के कारण मौसम खराब होने से रोइंग प्रतियोगिता की अवधि चार दिन से घटाकर दो दिन किए जाने के बाद कोचों ने टीम के हित में क्रू के सदस्यों में बदलाव किया था। भारत रोइंग में एक और पदक से मामूली अंतर से चूक गया। बलराज पंवार पुरुष एकल स्कल्स के फाइनल में छह मिनट 54.80 सेकंड के समय के साथ चौथे स्थान पर रहे। पंवार 500, 1,000 और 1,500 मीटर तक दूसरे स्थान पर थे, लेकिन अंतिम 500 मीटर में वह फिसलकर चौथे स्थान पर पहुंच गए। चीन के देंग झीवेई ने छह मिनट 38.98 सेकंड में स्वर्ण पदक जीता। पंवार उनसे 15.82 सेकंड पीछे रहे। लाइटवेट पुरुष युगल स्कल्स में रोहित और उज्ज्वल कुमार सिंह की जोड़ी भी चौथे स्थान पर रही, जबकि पुरुष क्वाड्रपल स्कल्स टीम ने पांचवां स्थान हासिल किया। पुरुष एकल स्कल्स में भारत का पिछला एशियाई खेल पदक 2014 के इंचियोन खेलों में आया था, जब सवर्ण सिंह ने कांस्य पदक जीता था। इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले बजरंग लाल ठक्कर अब तक के इकलौते भारतीय हैं। उन्होंने 2010 के ग्वांगझोउ एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। महिला फोर के फाइनल में भारत की गुरबानी कौर, अलीना एंटो, टेंडेंथोई देवी हाओबिजाम और पूनम की टीम छह मिनट 55.32 सेकंड के समय के साथ छठे स्थान पर रही। वह स्वर्ण पदक जीतने वाली चीन की टीम से 20.45 सेकंड पीछे रही। लाइटवेट पुरुष एकल स्कल्स के फाइनल बी में अजय त्यागी ने सातवें से 12वें स्थान के वर्गीकरण मुकाबले में सात मिनट 01.54 सेकंड के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया। छब्बीस वर्षीय सतनाम का एशियाई खेलों के पोडियम तक पहुंचने का सफर नौकायन से नहीं, बल्कि हैंडबॉल से शुरू हुआ था। वह पहले राष्ट्रीय स्तर के हैंडबॉल खिलाड़ी थे। करीब आठ साल पहले उन्होंने ओलंपियन स्वर्ण सिंह विर्क से प्रेरित होकर रोइंग शुरू की। विर्क ने 2018 के एशियाई खेलों में पुरुष लाइटवेट युगल स्कल्स में स्वर्ण पदक जीता था। पंजाब के मानसा जिले के रहने वाले सतनाम ने जल्द ही भारत के उभरते रोवर के रूप में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने 2018 युवा ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया और आठवें स्थान पर रहे। इसके बाद सतनाम ने 40वीं सीनियर राष्ट्रीय रोइंग चैंपियनशिप में पुरुष एकल स्कल्स का खिताब जीता। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले भारतीय नौसेना के पहले रोवर बने। सतनाम पिछले साल सीनियर एशियाई रोइंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पुरुष क्वाड्रपल स्कल्स टीम का भी हिस्सा थे। सलमान ने पहली बार एशियाई खेलों का पदक जीता है। 28 वर्षीय सलमान 2018 में भारतीय सेना के बॉम्बे इंजीनियरिंग ग्रुप में शामिल हुए और इसी दौरान रोइंग से जुड़े। कोच सत्यवान, सतीश सिराट और प्रभात मिश्रा की मदद से उनके खेल में सुधार आया और उन्हें केंद्र की टीम के लिए चुना गया। इसके बाद उन्होंने अपनी बटालियन का प्रतिनिधित्व किया और इंटर-सेंटर चैंपियनशिप में हिस्सा लिया। सलमान ने दो बार रोइंग छोड़ने के बारे में सोचा, लेकिन उनके कोचों ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने 2022 के गुजरात राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक जीता। इसी साल उन्होंने इंडोर राष्ट्रीय चैंपियनशिप का खिताब भी अपने नाम किया। इसके बाद उन्हें सेना रोइंग नोड (एआरएन) में शामिल किया गया, जहां उन्होंने वरिष्ठ कोच कुदरत अली के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लिया। सलमान ने 2023 में सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप और ओपन स्प्रिंट राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। उनके प्रदर्शन के आधार पर उन्हें टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना (टॉप्स) कार्यक्रम में जगह मिली।
एशियाई खेलों की Skeet Mixed Team में अनंतजीत और परिनाज ने जीता कांस्य पदक
(तस्वीरों के साथ)... अजय मसंद ...नागोया, 24 सितंबर अनंतजीत सिंह नरूका और परिनाज धालीवाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियाई खेलों की स्कीट मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत को ऐतिहासिक कांस्य पदक दिलाया। यह एशियाई खेलों की मिश्रित टीम स्कीट स्पर्धा में भारत का पहला पदक है। इस कांस्य के साथ भारतीय स्कीट टीम ने महज दो दिन में तीन पदक जीतने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इस पदक ने भारतीय निशानेबाजी दल को भी कुछ राहत दी क्योंकि इससे पहले दिन में पिस्टल स्पर्धा में एक बार फिर निराशा हाथ लगी। पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल टीम का एक भी निशानेबाज फाइनल में जगह नहीं बना सका और टीम स्पर्धा में भी निराशा हाथ लगी। तेज हवा के कारण मुश्किल परिस्थिति में अनंतजीत और परिनाज के लिए इस पदक की अहमियत उसके रंग से कहीं ज्यादा थी। अनंतजीत, भवतेग सिंह गिल और मिराज अहमद खान ने बुधवार को पुरुष टीम स्कीट में कांस्य जीता था। इसके बाद परिनाज, राइजा ढिल्लों और महेश्वरी चौहान की महिला तिकड़ी ने स्कीट में कांस्य पदक अपने नाम किया। अनंतजीत और परिनाज ने यह सुनिश्चित किया कि इन खेलों में स्कीट की तीनों टीम स्पर्धाओं में भारत पदक जीते। इस पदक के लिए दोनों को कड़ी मेहनत करनी पड़ी। दोनों ने क्वालीफिकेशन में 138 अंक हासिल कर चार टीमों के फाइनल में चौथे स्थान के साथ प्रवेश किया। अनंतजीत ने 75 में से 70 और परिनाज ने 68 निशाने साधे। कतर 145 अंकों के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि दक्षिण कोरिया 143 और चीन 140 अंकों के साथ क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर थे। फाइनल शुरू होते ही क्वालीफिकेशन के सारे आंकड़े पीछे छूट गए। क्वालीफिकेशन में शीर्ष पर रहने वाला कतर सबसे पहले बाहर हुआ। राशेद सालेह और रीमा घनेम अपने शुरुआती 12-12 निशानों में संघर्ष करते रहे। कतर के बाहर होते ही भारत का कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित हो गया और पदक का रंग बदलने की संभावना भी बनी रही। भारत ने शुरुआत अच्छी की और 24 में से 21 निशाने सही लगाए। चीन 23 के साथ आगे था, जबकि दक्षिण कोरिया के 22 निशाने सही रहे। अगले राउंड में दबाव और बढ़ गया। बीच-बीच में चल रही तेज हवाओं ने मुकाबले को और चुनौतीपूर्ण बना दिया। भारत ने इसका अच्छी तरह सामना किया। नरूका की केवल एक चूक के साथ भारत ने 24 में से 23 निशाने सही लगाए और उसका कुल स्कोर 44 हो गया। यह कांस्य पदक के लिए पर्याप्त था, लेकिन स्वर्ण की दौड़ में बने रहने के लिए नहीं। चीन और दक्षिण कोरिया अंतिम राउंड में पहुंचे। चीन ने 52 अंकों के साथ स्वर्ण, जबकि कोरिया ने 51 अंकों के साथ रजत पदक जीता। भारत 44 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। चौबीस वर्षीय परिनाज के लिए यह एशियाई खेलों का दूसरा कांस्य पदक है। उन्होंने बुधवार को महिला टीम स्पर्धा में भी कांस्य जीता था। पटियाला की इस निशानेबाज के लिए यह यादगार प्रदर्शन रहा। उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने के अवसर को छोड़कर स्कीट निशानेबाजी पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया था। परिनाज 2023 हांगझोउ एशियाई खेलों में महिला टीम पदक से चूक गई थीं। उन्होंने इस पदक का श्रेय अनंतजीत को देते हुए कहा, ‘‘हम आक्रामक थे। हम बस एक-दूसरे से मुकाबले में बने रहने के लिए कहते रहे। मिश्रित टीम स्पर्धा का मतलब ही यही है। जयपुर के 28 वर्षीय अनंतजीत के लिए भी इस कांस्य काफी महत्व है। उन्होंने इससे पहले दिल्ली में विश्व कप फाइनल में कांस्य पदक जीता है और पेरिस ओलंपिक 2024 में महेश्वरी चौहान के साथ मिश्रित टीम स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहकर पदक से महज एक स्थान दूर रह गए थे। उन्होंने कहा, ‘‘यह पदक सबसे ऊपर है। ओलंपिक में आप चौथे स्थान पर आते हैं, लेकिन अगर आप पोडियम पर नहीं खड़े हैं तो उसका कोई मतलब नहीं रह जाता। हमने आज अच्छा संघर्ष किया और कांस्य पदक जीता।
Asian Games Badminton: Lakshya Sen और PV Sindhu को मिला कठिन ड्रॉ
लक्ष्य सेन और पी वी सिंधू को एशियाई खेलों की बैडमिंटन स्पर्धा के व्यक्तिगत वर्ग में कठिन ड्रॉ मिले हैं जबकि गत चैम्पियन सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की सेमीफाइनल तक की राह आसान लग रही है। पिछली बार हांगझोउ में रजत पदक जीतने वाली भारतीय पुरूष टीम ने कांस्य पदक हासिल किया। सेमीफाइनल में भारत को चीन ने 3 . 1 से हराया। एकल वर्ग में लक्ष्य और आयुष शेट्टी अपने अपने मैच हार गए थे। महिला वर्ग में भारतीय टीम क्वार्टर फाइनल में जापान से हारकर पदक से चूक गई। पी वी सिंधू और उन्नति हुड्डा को जापानी प्रतिद्वंद्वियों ने हराया। इस निराशा से उबरकर भारतीय खिलाड़ियों को अब व्यक्तिगत स्पर्धा में भरपाई करनी होगी। दुनिया के 14वें नंबर के खिलाड़ी लक्ष्य को एशियाई खेलों से पहले लगातार कई मुकाबलों में पहले दौर में पराजय का सामना करना पड़ा है लेकिन जापान के कोडाइ नारोका के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया। वह हालांकि चीन के शि यू कि के खिलाफ सेमीफाइनल में वह लय कायम नहीं रख सके। पहले दौर में लक्ष्य को बाय मिला था और अब वह दूसरे दौर में सिंगापुर के पूर्व विश्व चैम्पियन लोह कीन यू से खेलेंगे। अगर वह लोह को हरा देते हैं तो दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी से सामना होगा। दिल्ली विश्व चैम्पियनशिप में शि यू कि को हराने वाले आयुष को भी पहले दौर में बाय मिला है लेकिन तीसरे दौर में चीनी ताइपै के चोउ तियेन चेन से सामना हो सकता है। दो बार की ओलंपिक चैम्पियन सिंधू पहले दौर में बाय मिलने के बाद दूसरे दौर में जापान की सातवीं वरीयता प्राप्त तोमोका मियाजाकी से खेलेंगी। उसमें जीतने पर तोक्यो ओलंपिक चैम्पियन चीन की चेन युफेइ से खेलना होगा। उन्नति का सामना पहले दौर में उत्तर कोरिया की यू मि सोंग से होगा जबकि तीसरे दौर में दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वरदानी से टक्कर हो सकती है। पुरूष युगल में गत चैम्पियन सात्विक और चिराग की सेमीफाइनल तक की राह आसान है। पहले दौर में उनका सामना थाईलैंड के पी सुकपुन और पक्कापोन तीरात्साकुल से होगा। इसके बाद इंडोनेशिया के लियो रोली कारर्नाडो और डेनियल मार्टिन से टक्कर हो सकती है। इसमें जीतने पर दक्षिण कोरिया के किम वोन हो और सियो सियुंग जाए से खेलना होगा। महिला युगल में त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद का सामना हांगकांग की लोक लोक लुइ और हियु यान सांग से होगा। विश्व चैम्पियनशिप कांस्य पदक विजेता इस जोड़ी की टक्कर दूसरे दौर में जापान की युकी फुकुशिमा और मायु मत्सुमोतो से हो सकती है जो विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर है। भारत को अब तक एकमात्र पदक पुरूष टीम ने कांसे के रूप में दिलाया है। हांगझोउ में 2023 में हुए खेलों में भारत ने तीन पदक जीते थे जब सात्विक और चिराग ने स्वर्ण, पुरूष टीम ने रजत और एच एस प्रणय ने पुरूष एकल कांस्य जीता था।
Asian Games Squash: Abhay Singh और Veer Chotrani पुरुष सिंगल्स के Quarter Final में पहुंचे
गुरुवार को आइची-नागोया में हो रहे एशियाई खेलों में भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी अभय सिंह और वीर छोटरानी पुरुषों के सिंगल्स इवेंट के क्वार्टर फाइनल में पहुँच गए। ESPN के अनुसार, अभय ने श्रीलंका के रविंदु लक्षिरी को सिर्फ़ 21 मिनट में 3-0 (11-3, 11-5, 11-6) से हराया। क्वार्टर फाइनल में उनका मुक़ाबला जापान के र्युनोसुके सुकुए से होगा। वीर ने दूसरे गेम में पिछड़ने के बावजूद मलेशिया के संजय जीवा को 2-1 (11-9, 8-11, 11-6) से हराया। पहले गेम में 7-7 की बराबरी के बाद, वीर ने 11-9 से करीबी जीत हासिल की और दूसरा गेम 8-11 से हार गए, लेकिन इसके बाद उन्होंने निर्णायक गेम आसानी से जीत लिया। इसे भी पढ़ें: Hurun Rich List 2026: नेट वर्थ में गिरावट के बावजूद शाहरुख खान बने भारत के सबसे अमीर एक्टर, अमिताभ और ऋतिक भी सूची में शामिल महिला सिंगल्स में, अनाहत सिंह ने सिंगापुर की औ योंग वाई लिन को 3-0 (11-4, 11-5, 11-7) से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। तीसरी सीड खिलाड़ी वर्ल्ड कप विजेता हैं और उन्होंने अगले दौर में अपनी जगह पक्की कर ली। तन्वी खन्ना ने भी सिंगापुर की औ योंग वाई यैन को 3-1 (5-11, 11-4, 11-5, 13-11) से हराकर अगले दौर में जगह बनाई और अनाहत सिंह के साथ क्वार्टर फाइनल मुकाबला तय किया। इसे भी पढ़ें: IOA President PT Usha का बयान, Asian Games में खिलाड़ियों की रहने की दिक्कतें दूर हुईं स्क्वैश 2028 लॉस एंजिल्स गेम्स में ओलंपिक में डेब्यू करेगा, जिसमें चैंपियन को सीधे क्वालिफिकेशन मिलेगा। ESPN की रिपोर्ट के अनुसार, मिक्स्ड डबल्स में भारतीय जोड़ी जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार ने अपने ही देश के खिलाड़ियों सूरज चंद और शमीना रियाज़ को 2-0 (11-7, 11-10) से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। पहला गेम जोशना और वेलवन ने 11-7 से जीता। दूसरा गेम काफी कड़ा मुकाबला वाला रहा, जिसमें सूरज और शमीना ने 7-9 से वापसी करते हुए स्कोर 9-9 कर दिया, लेकिन जोशना और वेलवन के अनुभव ने उन्हें 11-10 से जीत दिलाई।
Anantjeet Naruka और परिनाज़ धालीवाल का कमाल, Asian Games Mixed Skeet में भारत को दिलाया ब्रॉन्ज
एशियाई खेलों 2026 में भारतीय टीम ने एक और मेडल अपने नाम किया। अनंतजीत सिंह नरुका और परिनाज़ धालीवाल की जोड़ी ने मिक्स्ड स्कीट फ़ाइनल में भारत के लिए ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। शुरुआती दौर में कतर के बाहर होने के बाद, भारत और कोरिया के पॉइंट्स बराबर थे, लेकिन टाई-ब्रेकर हारने की वजह से नरुका और धालीवाल ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। इस जोड़ी ने फ़ाइनल में 44 हिट के साथ तीसरा स्थान हासिल किया; वे चीन (52 हिट) और रिपब्लिक ऑफ़ कोरिया (51 हिट के साथ सिल्वर मेडल जीतने वाली टीम) से पीछे रहे। ध्यान देने वाली बात यह है कि छह सीरीज़ के बाद भारत और कोरिया के पॉइंट्स बराबर थे; दोनों टीमों के नाम 44 हिट थे। इसे भी पढ़ें: Hurun Rich List 2026: नेट वर्थ में गिरावट के बावजूद शाहरुख खान बने भारत के सबसे अमीर एक्टर, अमिताभ और ऋतिक भी सूची में शामिल स्कोर बराबर होने के कारण मैच टाई-ब्रेकर में चला गया। गौरतलब है कि कोरिया ने क्वालिफाइंग राउंड में बेहतर रैंकिंग के साथ फाइनल में जगह बनाई थी, और इसी वजह से गोल्ड मेडल के मुकाबले में चीन के खिलाफ खेलने के लिए वे भारत से आगे रहे। दिलचस्प बात यह है कि नरुका और धालीवाल की जोड़ी क्वालिफाइंग राउंड में चौथे स्थान पर रहने के बाद फाइनल में पहुंची थी। उन्होंने कुल 150 टारगेट में से 138 पॉइंट हासिल किए। क्वालिफिकेशन राउंड में कतर 145 पॉइंट के साथ सबसे आगे रहा, जबकि दक्षिण कोरिया ने 143 और चीन ने 140 पॉइंट हासिल किए। यह ध्यान देने वाली बात है कि अनंतजीत सिंह नरुका ने इससे पहले पुरुषों की टीम स्कीट इवेंट में भारत को ब्रॉन्ज़ मेडल जिताने में भी मदद की थी। उन्होंने मैराज अहमद खान और भवतेघ सिंह गिल के साथ मिलकर मुकाबला किया था। इसके अलावा, इस इवेंट में अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए, अनंतजीत सिंह नरुका व्यक्तिगत स्कीट इवेंट में चौथे स्थान पर रहे। इसे भी पढ़ें: Asian Games Badminton 2026: बैडमिंटन में भारत को मिला कांस्य! लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी रहे फ्लॉप, चीन ने तोड़ा स्वर्ण पदक का सपना साथ ही, परिनाज़ धालीवाल ने भी राइज़ा ढिल्लों और माहेश्वरी चौहान के साथ मिलकर महिलाओं की टीम स्कीट इवेंट में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। इन तीनों ने मिलकर कुल 331 पॉइंट हासिल किए, जिससे भारत ने एशियाई खेलों में महिलाओं की स्कीट इवेंट में अपना पहला मेडल जीता। महिलाओं के इवेंट में चीन एक बार फिर पहले स्थान पर रहा, जबकि कज़ाखस्तान ने सिल्वर मेडल जीता।
Salman Khan Wins Bronze Medal:सेना में भर्ती होने के बाद शुरू हुआ सलमान खानकारोइंग का सफर अब उन्हें एशियाई खेलों का पदक विजेता बना चुका है।
चंबा के रेटा गांव की धाविका सीमा आज जापान में एशियाई खेलों की 10,000 मीटर दौड़ के फाइनल में भारत के लिए स्वर्ण पदक की उम्मीद के साथ ट्रैक पर उतरेंगी।
Asian Games में 10m एयर पिस्टल टीम पदक से चूकी, पांचवें दिन भी नहीं मिला Gold
... अजय मसंद ...नागोया, 24 सितंबर एशियाई खेलों में भारतीय निशानेबाजों का खराब प्रदर्शन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा जहां देश की पारंपरिक रूप से मजबूत स्पर्धाओं में शुमार पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल टीम भी पदक जीतने में नाकाम रही। कमलजीत 580 अंक के साथ नौवें स्थान पर रहे और फाइनल में जगह बनाने से सिर्फ एक अंक से चूक गए। आकाश भारद्वाज ने 579 अंक के साथ 11वां और केदारलिंग ने 568 अंक के साथ 35वां स्थान हासिल किया। भारतीय टीम ने कुल 1727 अंक जुटाए। जापान ने 1730 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया। चीन ने 1743 अंक के साथ स्वर्ण और इंडोनेशिया ने इतने ही अंक के साथ रजत पदक जीता। चीन ने अधिक इनर-10 के आधार पर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। केदारलिंग के प्रदर्शन में मुकाबले के दौरान लगातार गिरावट आई। वह अंक हासिल करने के लिए अपनी पिस्टल की सेटिंग भी बदलते नजर आए, लेकिन इसका खास फायदा नहीं हुआ। आखिरी चरण में उनके एक शॉट में आठ अंक आने के बाद भारत की टीम पदक की दौड़ से बाहर हो गई। निशानेबाजी में लगातार पांच दिन का खेल पूरा होने के बावजूद भारत के खाते में अब तक एक भी स्वर्ण पदक नहीं आया है। एशिया की इस मजबूत निशानेबाजी टीम के लिए यह असामान्य सूखा है, हालांकि उसने अब तक चार रजत और तीन कांस्य पदक जरूर जीते हैं। इससे पहले भारत की स्टार खिलाड़ियों से सजी महिला 10 मीटर एयर पिस्टल टीम भी फाइनल में जगह बनाने में नाकाम रही थी। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर तथा विश्व कप की स्वर्ण पदक विजेता ईशा सिंह और सुरूचि सिंह की तिकड़ी से काफी उम्मीदें थीं। लगातार दो दिनों की इन निराशाओं ने 2023 हांगझोउ एशियाई खेलों में निशानेबाजी के सात स्वर्ण समेत 22 पदकों के अपने रिकॉर्ड प्रदर्शन को दोहराने की भारत की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है। पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल की क्वालीफिकेशन में भी कोई खास राहत नहीं मिली। कमलजीत आखिरी दौर तक फाइनल की दौड़ में बने रहे, लेकिन एक अंक से चूक गये। भारद्वाज भी फाइनल में प्रवेश के बेहद करीब रहे, लेकिन कट में जगह नहीं बना पाए। केदारलिंग की मुश्किलें हलांकि कहीं अधिक गंभीर रहीं। भारतीय सेना के निशानेबाज केदारलिंग ने लगभग शुरुआत से ही संघर्ष किया। वह लगातार अंक गंवाते रहे और प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए जरूरी ऊंचे स्कोर हासिल करने में भी नाकाम रहे। प्रदर्शन बिगड़ता देख उन्होंने समाधान की तलाश में अपनी पिस्टल की सेटिंग बदलनी शुरू कर दी। दर्शक दीर्घा में मौजूद भारतीय कोच उन्हें लेकर स्पष्ट रूप से चिंतित नजर आए। इस बीच हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर पियरे ब्यूशां दर्शक दीर्घा में लगातार चहलकदमी करते रहे और केदारलिंग अपने खराब प्रदर्शन को थामने की कोशिश करते रहे। इन बदलावों का उनकी स्थिति पर कोई खास असर नहीं पड़ा। केदारलिंग की निशानेबाजी में लगातार अनिश्चितता बनी रही। उनके खाते में नौ अंक वाले शॉट ज्यादा आ रहे थे, जबकि ऊंचे स्कोर वाले निशाने बेहद कम थे। मुकाबला अंतिम चरण में पहुंचा तो भारत के लिए टीम कांस्य पदक बचाने की उम्मीद लगभग खत्म होने के कगार पर थी। मुकाबले में एक असाधारण मोड़ आया। टीम पदक की स्थिति बेहद करीबी होने के बीच जापानी कोचिंग स्टाफ के कुछ सदस्य दर्शक दीर्घा में केदारलिंग के पीछे आकर खड़े हो गए। वे उनके आखिरी शॉट देख रहे थे और उम्मीद कर रहे थे कि भारतीय निशानेबाज इतने अंक गंवा दें कि उनकी टीम कांस्य पदक की स्थिति में पहुंच जाए। अपने आखिरी 10 शॉटों के क्रम में आठ अंक का एक शॉट भारत की पदक उम्मीदों के लिए निर्णायक साबित हुआ और जापान के लिए पदक का रास्ता खोल गया। जापानी कोच वहां से स्पष्ट रूप से संतुष्ट नजर आए, क्योंकि केदारलिंग की आखिरी चूक ने उनकी टीम को पदक की स्थिति में पहुंचा दिया था। जापान ने 1730 अंकों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया और भारत से तीन अंक आगे रहा। चीन ने 1743 अंकों के साथ इनर-10 स्कोर से टीम स्वर्ण पदक जीता, जबकि इंडोनेशिया ने भी 1743 अंक हासिल कर रजत पदक अपने नाम किया। व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में शीर्ष पर इंडोनेशिया के मुहम्मद इकबाल राजा प्रबोवो रहे। उन्होंने 589 का शानदार स्कोर बनाया। वह दूसरे स्थान पर रहे चीन के निशानेबाज से छह अंक आगे रहे, जिसने 583 अंक हासिल किए। केदारलिंग गुस्से और निराशा में रेंज से बाहर निकले, जबकि भारतीय खेमे को एक और निराशाजनक नतीजे को स्वीकार करना पड़ा। भारत के डेटा-आधारित प्रदर्शन विश्लेषण की जिम्मेदारी संभालने वाले ब्यूशां ने तत्काल टीम के प्रदर्शन का विश्लेषण करने से इनकार कर दिया। वह निशानेबाजों के प्रदर्शन की बारीकी से निगरानी, वीडियो रिकॉर्डिंग और शारीरिक आंकड़ों के विश्लेषण के साथ-साथ खेल-विज्ञान के समन्वय, मानसिक नियंत्रण और व्यापक प्रदर्शन प्रणाली के निर्माण की देखरेख करते हैं। उन्होंने कहा कि एशियाई खेलों में निशानेबाजी की स्पर्धाएं समाप्त होने के बाद ही वह इस पर बात करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मैं अभी इस बारे में बात नहीं कर सकता। खेलों में भारत की प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद ही मैं इस पर बात करूंगा।
Asian Games में Gold जीतने के बाद Shafali Verma बोलीं, अधिक ट्रॉफियों से चमकेगा महिला क्रिकेट
भारत की स्टार सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा का मानना है कि देश में महिला क्रिकेट लगातार आगे बढ़ रहा है और अधिक पदक तथा ट्रॉफी जीतने से इसमें और सुधार होगा। शेफाली ने जापान में हुए आइची-नागोया एशियाई खेलों में भारतीय महिला टीम के स्वर्ण पदक बरकरार रखने में अहम भूमिका निभाई। वह टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। उन्होंने 188 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 200 से अधिक रहा। इसमें बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में 49 गेंद में लगाया गया शतक भी शामिल है। शेफाली ने क्वार्टर फाइनल में जापान के खिलाफ 40 रन की उपयोगी पारी खेली, जबकि श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में 48 रन बनाए। भारत ने फाइनल में श्रीलंका को 147 रन से हराकर अपना दबदबा बरकरार रखा। शेफाली ने जापान से लौटने के बाद बृहस्पतिवार तड़के ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘मैं बहुत खुश हूं कि भारत ने स्वर्ण पदक जीता और तिरंगा शान से लहराया। पूरी टीम बहुत खुश है। हम जितने अधिक पदक जीतेंगे और जितनी अधिक ट्रॉफियां अपने नाम करेंगे, भारतीय महिला क्रिकेट उतना ही आगे बढ़ेगा। इसलिए मैं बहुत खुश हूं।’’शेफाली के साथ टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर, हरफनमौला दीप्ति शर्मा, बाएं हाथ की स्पिनर राधा यादव और बल्लेबाज प्रतिका रावल भी भारत लौटीं। बीसीसीआई के कुछ प्रोटोकॉल के कारण हरमनप्रीत, दीप्ति और राधा ने मीडिया से बात नहीं की। वहीं, प्रतिका ने हवाई अड्डे पर इंतजार कर रहे पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत की। प्रतिका ने कहा, ‘‘मैं बहुत खुश हूं कि टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। हम यही करना चाहते थे। हमारा लक्ष्य स्वर्ण पदक जीतना था और टीम ने इसे अच्छी तरह से हासिल किया। पूरा देश खुश है और सभी को बधाई।’’प्रतिका ने टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं खेला था। प्रतिका से जब पूछा गया कि एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक बरकरार रखने से 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में भारत की पदक की संभावनाओं पर क्या असर पड़ेगा तो उन्होंने कहा, ‘‘हां, हम उसी दिशा में काम कर रहे हैं। 2028 ओलंपिक के लिए टीम जिस तरह तैयार हो रही है, उसे देखना शानदार है। हम सर्वश्रेष्ठ की उम्मीद कर रहे हैं।
एशियाई खेलों में रोइंग के डबल स्कल्स मुकाबले में कांस्य पदक जीतने वाले पंजाब के खिलाड़ी सतनाम सिंह को राज्य सरकार 50 लाख रुपये की नकद राशि से सम्मानित करेगी।
Asian Games में रजत जीतने के बाद Roshibina Devi ने चयन को सही ठहराया
(तस्वीरों के साथ)... फिलेम दीपक सिंह ...नागोया, 24 सितंबर अनुभवी वुशु खिलाड़ी रोशिबिना देवी ने बृहस्पतिवार को भारतीय वुशु संघ के उन्हें टीम में शामिल करने के फैसले को सही करार देते हुए कहा कि वह एशियाई खेलों की टीम में चयन को लेकर साथी खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी की ओर से लगाए गए मानसिक उत्पीड़न के आरोपों को नजरअंदाज करेंगी। पच्चीस वर्षीय रोशिबिना ने चीन की झांग शियाओयू के खिलाफ महिलाओं की 60 किग्रा स्पर्धा के फाइनल में 0-2 से हारकर रजत पदक जीता। इसके साथ ही उन्होंने एशियाई खेलों में लगातार तीसरा पदक अपने नाम किया। उन्होंने 2018 में कांस्य और पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था। रोशिबिना ने फाइनल के बाद कहा, ‘‘जो कुछ हुआ, वह मेरी वजह से नहीं हुआ। यह महासंघ का फैसला था कि मुझे एशियाई खेलों के लिए चुना जाए। भारतीय वुशु संघ ने जो भी फैसला लिया, मुझे लगता है कि वह सही था।’’उन्होंने दिव्यांशी के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘मैं इसे नजरअंदाज करूंगी। मैं सिर्फ अपने लक्ष्य पर ध्यान देना चाहती हूं।’’दिव्यांशी ने जून में श्रीनगर में हुए एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में रोशिबिना को हराया था लेकिन ‘एसीएल’ चोट के कारण बाद में उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। इसके बाद दिव्यांशी ने आरोप लगाया था कि रोशिबिना ने एशियाई खेलों की टीम में जगह बनाने के लिए उनके खिलाफ काम किया। दिव्यांशी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो में कहा था कि जून से सितंबर तक उन्हें मानसिक रूप से काफी परेशान किया गया और रोशिबिना एशियाई खेलों में जाना चाहती थीं। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्होंने चयन ट्रायल में रोशिबिना को हराया था, इसलिए उन्हें एशियाई खेलों में जाने का अधिकार था। भारतीय वुशु संघ ने कहा था कि अगस्त के अंतिम सप्ताह में कराई गई एमआरआई जांच में दिव्यांशी के घुटने में एसीएल के गंभीर चोट और काफी सूजन का पता चला था। इसी वजह से उनकी जगह रोशिबिना को टीम में शामिल किया गया। दिव्यांशी ने बाद में अपना गुस्सा कम करते हुए कहा था कि भारतीय वुशु संघ उनके मजबूत वापसी करने में पूरा समर्थन कर रहा है। उन्होंने हालांकि रोशिबिना पर उन्हें और उनके परिवार को परेशान करने के आरोप दोहराए थे। रोशिबिना ने कहा कि उन्हें एशियाई खेलों की टीम में शामिल किए जाने की जानकारी टीम के रवाना होने से कुछ दिन पहले ही मिली थी। उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं एशियाई खेलों के लिए यहां आई तो काफी परेशानियां थीं। मुझे तैयारी के लिए ज्यादा समय नहीं मिला। मुझे अगर ज्यादा समय मिलता तो मैं बेहतर प्रदर्शन कर सकती थी।’’जब उनसे पूछा गया कि परेशानी क्या थी तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं शुरुआत में टीम में नहीं थी। ट्रायल में हारने के बाद यही परेशानी थी।’’रोशिबिना ने कहा कि चीन की खिलाड़ियों को हराने के लिए भारतीय वुशु खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत होने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें अपनी मानसिक मजबूती पर काम करना होगा। हमारे पास दो बार के जूनियर विश्व चैंपियन आर्यन हैं, जिन्होंने चीन के खिलाड़ी को पहले ही हराया है। जूनियर खिलाड़ियों को लगता है कि उन पर दबाव है। हम जैसे अनुभवी खिलाड़ी उन्हें बतायेंगे कि हम चीन के खिलाड़ियों को हरा सकते हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘जूनियर खिलाड़ियों को भी विश्वास होगा कि वे ऐसा कर सकते हैं। वुशु में कई अच्छे खिलाड़ी हैं और मुझे यकीन है कि वे बेहतर प्रदर्शन करेंगे।’’मुकाबले के दौरान रोशिबिना के दाएं घुटने के पास चोट लगी और उनकी नाक पर भी हल्की चोट लगी। उन्होंने कहा, ‘‘यह सेमीफाइनल मुकाबले के दौरान लगी मामूली चोट है। मुझे नहीं पता कि नाक पर चोट कब लगी। मुझे मुकाबले के दौरान दर्द का एहसास नहीं होता।’’अपने रजत पदक के महत्व के बारे में रोशिबिना ने कहा, ‘‘यह एशियाई खेलों में मेरा तीसरा पदक है। सभी वुशु खिलाड़ी पदक जीतने की उम्मीद करते हैं। वे भी मेरी तरह पदक जीतना चाहते हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं सभी खिलाड़ियों को प्रेरित करना चाहती हूं। मैं भी उनसे प्रेरणा लेना चाहती हूं। आगामी खेलों में मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगी।
एशियाई खेलों में भारतीय एथलीटों का शानदार प्रदर्शन जारी है। गुरुवार का दिन भारत के लिए दोहरे पदक की खुशखबरी लेकर आया। स्टार वुशु खिलाड़ी रोशिबिना देवी ने महिलाओं के सांडा 60 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल हासिल किया, जबकि रोइंग (नौकायन) के पुरुषों के डबल स्कल्स इवेंट में सतनाम सिंह और सलमान खान की जोड़ी ने देश के लिए ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। रोशिबिना देवी ने लगातार दूसरा वुशु सिल्वर मेडल जीता भारत की एशियाई खेलों की टीम में शामिल होने को लेकर हुए विवाद को पीछे छोड़ते हुए, स्टार वुशु एथलीट रोशिबिना ने महिलाओं के 60 किग्रा सांडा इवेंट में सिल्वर मेडल जीतकर देश के लिए मेडल पक्का किया। रोशिबिना सिलेक्शन ट्रायल्स में युवा दिव्यांशी चौधरी से हार गई थीं, लेकिन बाद में अपनी प्रतिद्वंद्वी के चोटिल होने के कारण उन्हें टीम में शामिल किया गया। 2022 हांग्जो एशियाई खेलों में भी सिल्वर मेडल जीतने वालीं रोशिबिना, चीन की झांग ज़ियाओयू से अपने दोनों राउंड 0-5 के स्कोर से हार गईं और चीनी प्रतिद्वंद्वी ने मैच 2-0 से जीत लिया। यह 25 वर्षीय खिलाड़ी का तीसरा एशियाई खेल मेडल है; उन्होंने जकार्ता-पालेमबांग में 2018 के संस्करण में ब्रॉन्ज़ और 2023 के हांग्जो खेलों में सिल्वर मेडल जीता था। रोशिबिना एशियाई खेलों में वुशु में लगातार तीन मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। रोशिबिना का जापान में प्रदर्शन शानदार रहा, जिसमें वियतनाम की 2023 की वर्ल्ड चैंपियन गुयेन थी थू थुय पर जीत भी शामिल है। बुधवार को, रोशिबिना ने सेमीफाइनल में इंडोनेशिया की थानिया कुसुमानिंगत्यास को 2-0 से हराकर फाइनल मुकाबले में अपनी जगह पक्की की। सतनाम-सलमान की जोड़ी ने रोइंग में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता सतनाम सिंह और सलमान खान ने नागारागावा इंटरनेशनल रेगाटा कोर्स पर 6:13.25 का समय लेकर एशियाई खेलों में पुरुषों के डबल स्कल्स इवेंट में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। भारतीय जोड़ी 1,500 मीटर के निशान तक दूसरे स्थान पर रही, लेकिन आखिरी 500 मीटर में तीसरे स्थान पर खिसक गई। चीन के यी ज़ुदी और यिदे नी ने 6:09.37 के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि उज़्बेकिस्तान के पावेल सोरिन और मेखरोज़बेक ममतकुलोव ने 6:10.49 के समय के साथ सिल्वर मेडल जीता। भारतीय जोड़ी गोल्ड मेडल जीतने वालों से 3.88 सेकंड पीछे रही। सतनाम ने इससे पहले हांग्जो एशियाई खेलों में पुरुषों के क्वाड्रपल स्कल्स इवेंट में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था। इससे पहले, भारत रोइंग में एक और मेडल जीतने से मामूली अंतर से चूक गया, जब बलराज पंवार पुरुषों के सिंगल स्कल्स फ़ाइनल में 6:54.80 के समय के साथ चौथे स्थान पर रहे। पंवार 500 मीटर, 1,000 मीटर और 1,500 मीटर के निशान पर दूसरे स्थान पर थे, लेकिन आखिरी 500 मीटर में चौथे स्थान पर खिसक गए। चीन के डेंग झिवेई ने 6:38.98 के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि पंवार विजेता से 15.82 सेकंड पीछे रहे।
Asian Games 10m Air Pistol: भारतीय पुरुष टीम चौथे स्थान पर रहकर पदक से चूकी
भारत की पुरुष 10 मीटर एयर पिस्टल टीम एशियाई खेलों में कांस्य पदक से चूककर चौथे स्थान पर रही जबकि कोई भी भारतीय निशानेबाज व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सका। कमलजीत, बालकृष्ण केदारलिंग उचागनवे और आकाश भारद्वाज की तिकड़ी छह सीरीज में कुल 1727 अंक के साथ चौथे स्थान पर रही। चीन ने अधिक इनर-10 के आधार पर स्वर्ण पदक जीता। चीन और इंडोनेशिया दोनों के 1743 अंक थे, लेकिन चीन ने 70 इनर-10 के साथ पहला स्थान हासिल किया। इंडोनेशिया ने 57 इनर-10 के साथ रजत पदक जीता। जापान ने 1730 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया। भारत के लिए निराशा इस बात से भी बढ़ गई कि तीनों निशानेबाज व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सके। कमलजीत नौवें, आकाश 11वें और केदारलिंग 35वें स्थान पर रहे। इससे पहले बुधवार को महिला 10 मीटर एयर पिस्टल में भी भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। भारतीय टीम और किसी भी खिलाड़ी को व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक नहीं मिल सका था।
Asian Games Canoe Sprint: भारतीय खिलाड़ियों का निराशाजनक प्रदर्शन, चार स्पर्धाओं में नहीं मिला पदक
भारत के लिए एशियाई खेलों की कैनो स्प्रिंट स्पर्धा में बृहस्पतिवार का दिन निराशाजनक रहा जहां चार स्पर्धाओं में चुनौती पेश करने वाले भारतीय खिलाड़ी पदक जीतने में नाकाम रहे। ‘मियोशी लेक कैनो कोर्स’ में पुरुषों की कैनो युगल 500 मीटर स्पर्धा के फाइनल में राजू रावत और फिलेम ज्ञानेश्वर सिंह एक मिनट 56.121 सेकंड के समय के साथ नौवें और अंतिम स्थान पर रहे। भारतीय जोड़ी स्वर्ण पदक जीतने वाली चीन की वू शेंगयुए और जी बोवेन की जोड़ी से 15.380 सेकंड पीछे रही। उज्बेकिस्तान के आर्तुर गुलिएव और व्लादलेन डेनिसोव ने 1:42.878 के समय के साथ रजत, जबकि कजाकिस्तान के सर्गेई येमेल्यानोव और तिमोफेई येमेल्यानोव ने 1:44.972 के समय के साथ कांस्य पदक जीता। पुरुषों की कयाक ‘फोर’ 500 मीटर स्पर्धा के फाइनल में भारत की नाओचा सिंह लैटोनजाम, वरिंदर सिंह, ओइनाम अरुण सिंह और हर्षवर्धन सिंह शक्तावत की चौकड़ी एक मिनट 28.982 सेकंड के समय के साथ सातवें स्थान पर रही। भारतीय टीम स्वर्ण पदक जीतने वाली दक्षिण कोरिया की टीम से 6.395 सेकंड पीछे रही। चीन ने 1:22.842 के समय के साथ रजत और जापान ने 1:25.909 के समय के साथ कांस्य पदक जीता। महिलाओं की कयाक युगल 500 मीटर स्पर्धा में सोनिया देवी फाइरेम्बम और पार्वती गीता फाइनल में जगह नहीं बना सकीं। दोनों अपनी सेमीफाइनल हीट में दो मिनट 01.020 सेकंड के समय के साथ आखिरी स्थान पर रहीं। मेघा प्रदीप भी महिलाओं की कैनो एकल 200 मीटर स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं। पांच खिलाड़ियों की सेमीफाइनल हीट में वह 51.093 सेकंड के समय के साथ चौथे स्थान पर रहीं। ईरान की हिवा अफजली ने सेमीफाइनल जीता। केवल शीर्ष तीन खिलाड़ियों को फाइनल में जगह मिलनी थी। मेघा विजेता से 1.666 सेकंड पीछे रहीं।
Asian Games 2026: अफगानिस्तान ने जापान को 48 रन से हराया, अरब गुल मोमंद ने लिए 4 विकेट
कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में गुरुवार को खेले गए मुकाबले में अफगानिस्तान ने जापान को 48 रन से हरा दिया। जापान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 129 रन बनाए। अफगानिस्तान की तरफ से पारी की शुरुआत करने उतरे मोहम्मद अकरम ने 29 गेंदों पर 2 छक्के और 2 चौकों की मदद से 34 रन बनाए। करीम जनत ने 23 गेंदों पर 21 और कप्तान दरविश रसूली ने 27 गेंदों पर 4 चौकों की मदद से 29 रन की पारी खेली। आखिरी ओवरों में विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद इशाक ने 17 गेंदों पर 1 छक्का और 2 चौकों की मदद से 25 रन की पारी खेलकर टीम को एक मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। जापान के लिए शोमा सुगाया-स्लेटर और इब्राहिम ताकाहाशी ने 2-2 विकेट लिए। थॉमस और डेविस को 1-1 विकेट मिला। 130 रन का लक्ष्य हासिल करने उतरी जापान की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने अपना पहला विकेट शून्य के स्कोर पर खो दिया। दूसरे विकेट के लिए रियो सकुरानो-थॉमस और कप्तान फ्लेमिंग ने 31 रन की साझेदारी की। फ्लेमिंग 14 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद थॉमस और बेंजामिन डेविस के बीच तीसरे विकेट के लिए 22 रन की साझेदारी हुई। इस समय तक लग रहा था कि जापान अफगानिस्तान को टक्कर देने की स्थिति में है। लेकिन इसके बाद पूरी टीम बिखर गई। 53 रन पर तीसरा विकेट खोने वाली जापान 19.3 ओवर में 81 रन पर सिमट गई। अफगानिस्तान ने 48 रन से जीत हासिल की। 130 रन का लक्ष्य हासिल करने उतरी जापान की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने अपना पहला विकेट शून्य के स्कोर पर खो दिया। दूसरे विकेट के लिए रियो सकुरानो-थॉमस और कप्तान फ्लेमिंग ने 31 रन की साझेदारी की। फ्लेमिंग 14 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद थॉमस और बेंजामिन डेविस के बीच तीसरे विकेट के लिए 22 रन की साझेदारी हुई। इस समय तक लग रहा था कि जापान अफगानिस्तान को टक्कर देने की स्थिति में है। लेकिन इसके बाद पूरी टीम बिखर गई। 53 रन पर तीसरा विकेट खोने वाली जापान 19.3 ओवर में 81 रन पर सिमट गई। Also Read: LIVE Cricket Score जापान का अगला मैच 26 सितंबर को नेपाल से और अफगानिस्तान का 25 सितंबर को नेपाल से है। Article Source: IANS
Asian Games: 50 मीटर बटरफ्लाई में 12वें स्थान पर रहे Benedictine Rohit, फाइनल की दौड़ से चूके
तोक्यो 24 सितंबर भारत के बेनेडिक्टन रोहित ने बृहस्पतिवार को एशियाई खेलों की पुरुष 50 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा की हीट में संयुक्त रूप से 12वां स्थान हासिल किया। वह फाइनल के लिए दूसरे रिजर्व खिलाड़ी है। रोहित ने 23.87 सेकंड का समय निकाला और आठवें तथा अंतिम क्वालीफाइंग स्थान पर रहे सिंगापुर के त्जेन वेई तियोंग से सिर्फ 0.09 सेकंड पीछे रहे। तियोंग ने 23.78 सेकंड का समय निकाला। फाइनल के लिए क्वालीफाई करने वाले आठ में से दो तैराक अगर अपना नाम वापस लेते हैं, तो रोहित को फाइनल में उतरने का मौका मिल सकता है। फाइनल मुकाबला आज ही होगा। भारत पुरुषों की चार गुणा 100 मीटर फ्रीस्टाइल रिले टीम फाइनल में जगह नहीं बना सकी। अनीश गौड़ा, आकाश मणि, हीर शाह और बेनेडिक्टन रोहित की भारतीय चौकड़ी तीन मिनट 23.51 सेकंड के समय के साथ अपनी हीट में आखिरी स्थान पर रही। भारत 13 टीमों में कुल मिलाकर 12वें स्थान पर रहा। आठवें और अंतिम क्वालीफाइंग स्थान पर रहने वाली इंडोनेशियाई टीम ने भारत से दो सेकंड से अधिक तेज समय निकाला। आर्यन नेहरा ने पुरुषों की 800 मीटर फ्रीस्टाइल की बी फाइनल में आठ मिनट 02.52 सेकंड के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।
Asian Games Wushu: रोशिबिना देवी ने जीता 60 किग्रा सांडा में रजत पदक
(तस्वीरों के साथ)... फिलेम दीपक सिंह ...नागोया, 24 सितंबर भारतीय टीम में शुरुआती तौर पर जगह नहीं मिलने के बावजूद किस्मत ने रोशिबिना देवी का साथ दिया और मणिपुर की 25 वर्षीय वुशु खिलाड़ी ने बृहस्पतिवार को महिलाओं की 60 किग्रा ‘सांडा’ स्पर्धा में रजत पदक जीतकर लगातार तीसरे एशियाई खेलों में पदक हासिल किया। फाइनल में उन्हें चीन की झांग शियाओयू से हार का सामना करना पड़ा। ‘आइची प्रीफेक्चरल मार्शल आर्ट्स हॉल’ में हुए फाइनल में रोशिबिना को 0-2 से हार मिली। दोनों दो मिनट के राउंड में पांचों जज ने एकमत से चीनी खिलाड़ी के पक्ष में 5-0 का फैसला दिया। झांग ने पहले राउंड में दबदबा बनाया जिस पर पांचों जजों ने उन्हें क्रमश: 6-2, 6-3, 6-2, 6-2 और 8-2 से बढ़त दी। दूसरे और अंतिम राउंड में भी चीन की खिलाड़ी का प्रदर्शन बेहतर रहा। पांचों जजों ने उन्हें 10-2, 8-3, 7-3, 7-3 और 6-1 से विजेता माना। पिछले एशियाई खेलों में रजत और 2018 के खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली रोशिबिना इस मुकाबले में चीन की खिलाड़ी की आक्रामकता और तकनीकी दबदबे का जवाब नहीं दे सकीं। झांग के खासकर साइड किक से उन्हें परेशानी हुई। मुकाबले के अधिकांश समय भारतीय खिलाड़ी दबाव में नजर आईं। मुकाबले के बाद रोशिबिना ने कहा, ‘‘मैंने पहले भी रजत पदक जीता था और इस बार भी मुझे रजत ही मिला। मैं देशवासियों को स्वर्ण पदक नहीं दिला सकी। मैं वह नहीं दे सकी, जिसकी सभी को उम्मीद थी।’’उन्होंने कहा, ‘‘एशियाई खेलों में आने से पहले काफी परेशानियां थीं। मुझे तैयारी के लिए ज्यादा समय नहीं मिला। लेकिन मेरे कोच अमित पाल ने यहां तक पहुंचने में मेरी बहुत मदद की। मैं आगामी खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगी, अपनी गलतियों से सीखूंगी और वापसी करूंगी।’’रोशिबिना ने बताया कि उन्हें करीब 10 सितंबर को टीम में शामिल किए जाने की जानकारी मिली थी। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे टीम में शामिल किए जाने के बारे में करीब 10 सितंबर को पता चला और मैं मणिपुर स्थित अपने घर से बिना ज्यादा प्रशिक्षण के सीधे यहां आ गई।’’रोशिबिना को भारतीय टीम में देर से शामिल किया गया था। मूल रूप से चुनी गई दिव्यांशी चौधरी को ‘एसीएल’ चोट के कारण टीम से बाहर होना पड़ा था। जून में श्रीनगर में हुए चयन ट्रायल में रोशिबिना को दिव्यांशी ने हराया था। बाद में दिव्यांशी ने रोशिबिना पर मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के क्वासिफाई मायाई लीकाई की रहने वाली रोशिबिना के पिता नोरेम दामू सिंह किसान हैं। शुरुआत में वह बेटी को वुशु खेलने की अनुमति देने के पक्ष में नहीं थे, लेकिन खेल के प्रति उसकी लगन देखकर बाद में उन्होंने अपनी सहमति दे दी। रोशिबिना के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। उनके पिता ने करियर के शुरुआती वर्षों में बेटी के प्रशिक्षण और यात्रा का खर्च उठाने के लिए अपनी जमीन का एक हिस्सा तक बेच दिया था। अपनी प्रतिद्वंद्वी के बारे में रोशिबिना ने कहा, ‘‘वह नयी खिलाड़ी है और मैंने पहले उसके खिलाफ मुकाबला नहीं किया था। उसके साइड किक काफी अच्छे थे। मैंने भी बचाव करने की कोशिश की। मैंने उसे गिराने की कोशिश की, लेकिन वह बेहतर साबित हुई। आगामी खेलों में मैं भारत के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगी’’वुशु पारंपरिक चीनी मार्शल आर्ट से विकसित हुआ खेल है। रोशिबिना के कोच अमित पाल ने भी उनकी कम तैयारी का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘‘चीन की खिलाड़ी बहुत अच्छी थी और रोशिबिना में कुछ कमी रह गई। लेकिन रोशिबिना को तैयारी के लिए ज्यादा समय भी नहीं मिला। वह करीब डेढ़ महीने तक राष्ट्रीय शिविर से बाहर थीं।’’उन्होंने कहा, ‘‘जून में श्रीनगर में हुए ट्रायल में हार के बाद वह अपने घर चली गई थीं। दिव्यांशी के एसीएल चोटिल होने के बाद 10 सितंबर को रोशिबिना को टीम में शामिल किया गया। इसके बीच उन्हें बहुत कम प्रशिक्षण मिला और वह सीधे यहां आ गईं।’’अन्य भारतीय खिलाड़ियों के पदक नहीं जीत पाने के बीच रोशिबिना के रजत पदक ने भारतीय वुशु शिविर को जश्न मनाने का मौका दिया। ‘सांडा’ के अन्य खिलाड़ियों में पुरुषों के 56 किग्रा वर्ग में आर्यन क्वार्टर फाइनल में हार गए, जबकि महिलाओं के 52 किग्रा वर्ग में अपर्णा को प्री-क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। पुरुषों के 75 किग्रा वर्ग में विक्रांत बालियान अपने शुरुआती मुकाबले में ही हार गए। भारत के ‘ताओलू’ खिलाड़ी भी पदक दौर तक नहीं पहुंच सके। महिलाओं की ‘नानक्वान और नानदाओ’ स्पर्धाओं में लांगलेंतोम्बी देवी हंजाबाम ने कुल 18.839 अंक के साथ नौवां स्थान हासिल किया। नयेमान वांगसू ने महिलाओं की ‘चांगक्वान’ स्पर्धा में 9.573 अंक के साथ 15वां स्थान हासिल किया। पुरुषों की ‘चांगक्वान’ स्पर्धा के फाइनल में सूरज सिंह मायांगलामबाम कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच 11वें स्थान पर रहे।
यूपी: इज्जतनगर मंडल की प्रियंका गोस्वामी एशियाई खेलों में दिखाएंगी दम, रेलवे और बरेली का बढ़ा मान
एशियाई खेलों में रेलवे के इज्जतनगर मंडल की खिलाड़ी प्रियंका गोस्वामी देश का कर रहीं प्रतिनिधित्व
आगरा की बेटी और विश्व की बेहतरीन ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने अपने आप को एक बार फिर साबित कर दिया है। एशियाई खेल 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम की जीत में आगरा की बेटी का अहम योगदान रहा। जापान के निश्शिन में मंगलवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को 147 रन से हराकर एशियाई खेलों का पहला स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक जीत की हीरो रहीं दीप्ति शर्मा, जिन्होंने घातक गेंदबाजी करते हुए मात्र 6 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट झटके। उनकी गेंदबाजी के सामने श्रीलंकाई बल्लेबाज पूरी तरह बेबस नजर आए। 2 तस्वीरें देखिए… दीप्ति ने गेंदबाजी पर विशेष फोकस कियादीप्ति के भाई और कोच सुमित शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ समय से दीप्ति ने गेंदबाजी पर विशेष फोकस किया है। यही वजह है कि वह लगातार बड़ी प्रतियोगिताओं में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाजों में शामिल रहती हैं। उन्होंने कहा कि दीप्ति मैदान में उतरने से पहले प्रतिद्वंद्वी टीम के हर खिलाड़ी का वीडियो देखकर अध्ययन करती हैं। उनकी कमजोरियों को समझती हैं और उसी के अनुसार पिच पर गेंदबाजी करती हैं। फाइनल में भी इसी रणनीति का असर दिखा। दीप्ति ने श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू समेत तीन अहम विकेट लेकर मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया। दीप्ति पूरे शहर के लिए गर्वसुमित शर्मा आगरा में क्रिकेट अकादमी चलाते हैं और शुरुआत से ही दीप्ति के कोच रहे हैं। उन्होंने कहा कि दीप्ति अब सिर्फ ऑलराउंडर नहीं, बल्कि गेंदबाजी में भी विश्व स्तरीय पहचान बना चुकी हैं। शाहगंज-अवधपुरी से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंची दीप्ति पूरे शहर के लिए गर्व हैं। उनकी इस उपलब्धि पर शहर में खुशी की लहर है। मंधाना ने 79 रन की पारी खेलीभारत के लिए स्मृति मंधाना ने 79, ऋचा घोष ने नाबाद 49 और शेफाली वर्मा ने 48 रन की पारी खेली। मंधाना और शेफाली के बीच पहले विकेट के लिए 99 रन की साझेदारी हुई। मंधाना ने इस पारी के दौरान विमेंस इंटरनेशनल क्रिकेट में 11 हजार रन भी पूरे किए। श्रीलंका की ओर से सुगंधिका कुमारी, कविशा दिलहारी और चामुडी प्रभोदा ने एक-एक विकेट लिया। दीप्ति शर्मा ने 3 विकेट झटकेश्रीलंका की टीम 15.4 ओवर ही खेल सकी। चामरी अटापट्टू ने सबसे ज्यादा 29 रन बनाए, जबकि कौशिनी नुथ्यांगना ने 14 और कविशा दिलहारी ने 11 रन बनाए। भारत की ओर से दीप्ति शर्मा ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए। शेफाली वर्मा, श्रेयंका पाटिल और श्री चरणी को भी 2-2 विकेट मिले। श्रीलंका के 8 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। इस गोल्ड के साथ भारत टॉप-10 में पहुंचाइस गोल्ड मेडल के साथ भारत एशियन गेम्स-2026 की मेडल टैली में टॉप-10 में पहुंच गया है। भारत के खाते में अब तक 1 गोल्ड, 4 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल हैं। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 भारत : स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जी. कमालिनी, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), ऋचा घोष (विकेटकीपर), भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, श्रेयंका पाटिल, क्रांति गौड़, एन. श्री चरणी, नंदनी शर्मा। श्रीलंका: इमेशा दुलानी, चमारी अट्टापट्टू (कप्तान), हसीनी परेरा, कविशा दिलहारी, हर्षिता समरविक्रमा, हंसिमा करुणारत्ने, कौशिनी नुथ्यांगना (विकेटकीपर), काव्या काविंदी, मिथाली अयोध्या, चामुडी प्रभोदा, सुगंधिका कुमारी। अब पढ़िए दीप्ति शर्मा के बारे में... जिद करके स्टेडियम जाती थीं दीप्ति दीप्ति के बड़े भाई सुमित शर्मा क्रिकेट खेला करते थे और हर दिन स्टेडियम में नेट प्रैक्टिस के लिए जाते थे। उन्हें देखकर दीप्ति की भी क्रिकेट में रुचि बढ़ी। शुरुआत में वह घर पर ही भाई से ट्रेनिंग लेने लगीं। इसके बाद जब भाई स्टेडियम जाते, तो दीप्ति भी जिद करके उनके साथ जाने लगीं। हालांकि, स्टेडियम में उन्हें खेलने का मौका नहीं मिलता था। ऐसे में वह किनारे बैठकर घंटों नेट प्रैक्टिस देखती रहती थीं। जब बॉल सीधे स्टंप पर जा लगीएक दिन दीप्ति अपने भाई के साथ आगरा की एकलव्य स्पोर्ट्स एकेडमी पहुंचीं। वह किनारे बैठकर बाकी खिलाड़ियों को नेट प्रैक्टिस करते हुए देख रही थीं। तभी एक शॉट लगने के बाद गेंद दीप्ति के पास आकर गिरी। दीप्ति ने गेंद उठाई और करीब 50 मीटर दूर खड़े स्टंप की तरफ फेंकी। गेंद सीधे स्टंप पर लगी और गिल्ली उड़ गई। दूर खड़ी सिलेक्टर हेमलता काला ने यह पूरा नजारा देख लिया। काला समझ गईं कि इस लड़की में क्रिकेट की खास प्रतिभा है और इसे भारतीय टीम तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने दीप्ति का नाम रिकमेंड किया। हेमलता काला खुद भारतीय महिला क्रिकेट टीम का हिस्सा रह चुकी हैं। दीप्ति को यूपी पुलिस में डीएसपी पद मिला था2 साल पहले दीप्ति को यूपी पुलिस में डीएसपी पद मिला था। एशियन कप में शानदार जीत पर योगी सरकार ने तीन करोड़ की धनराशि भी दी थी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने दीप्ति को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में यह सम्मान दिया था। दीप्ति ने चीन में हुए एशियन गेम्स में महिला क्रिकेटर स्पर्धा में भारत को गोल्ड मेडल दिलवाया था। 2023 में बर्मिंघम में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भी इंडियन वूमेन क्रिकेट टीम के साथ रजत पदक जीता था।
पश्चिम एशियाई देशों के छात्रों के लिए सीबीएसई विशेष परीक्षा 2026 की एलओसी भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। छात्र 22 से LOC भर सकते हैं और एक या अधिक विषय चुन सकते हैं।
वुशु खिलाड़ी आर्यन ने एशियाई खेलों के 56 किलोग्राम सांडा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में अफगानिस्तान के शाहजादा सफी को हराकर पदक की उम्मीदें जगाई हैं।
Asian Games 2026: यूपी के 24 खिलाड़ी दिखाएंगे दमखम, इस बार नए रिकॉर्ड बनाने की उम्मीद
आईची-नागोया में एशियाई खेलों में उत्तर प्रदेश के लगभग दो दर्जन खिलाड़ी पिछले रिकॉर्ड को तोड़ने की उम्मीद के साथ पहुंचे हैं।
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई?
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई? Rahul Gandhi Anwar Ibrahim Meeting को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को मलेशिया के प्रधानमं
गन्तव्य देशों के हालात खराब होने से दक्षिण एशियाई प्रवासन में कमी
आशीष विश्वास अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है। हाल के दिनों में अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व में दक्षिण एशियाई लोगों के लिए प्रवासन और वहां जाकर नौकरी पाना मुश्किल होता जा रहा है, जो बड़े झगड़ों और लगातार सामाजिक उथल-पुथल और अशांति का सीधा नतीजा है। इस इलाके के बड़े देशों की तरह, भारत और बांग्लादेश पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। लंबे समय में दोनों देशों के सामने दोहरी चुनौती है: घरेलू श्रम बाजार में नौकरी के लिए बेचैनी और बढ़ जाएगी, क्योंकि वे बड़ी आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। साथ ही प्रवासी कामगारों द्वारा घर भेजे जाने वाली बड़ी राशि (रेमिटेंस) से होने वाली अच्छी-खासी आय भी समय के साथ कम हो जाएगी। खबरें हैं कि कम से कम 1500 और भारतीयों को अल्पावधि में अमेरिका से वापस भेजा जा रहा है और केनडा में भी हालात बेहतर नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि नौकरी के मौके कम हो रहे हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टियों पर गैर-कानूनी प्रवासन को बढ़ावा देने का आरोप लगता है। आरोप है कि पहले से ही स्थानीय संस्कृति के कमज़ोर होने और गंभीर सुरक्षा चिंताओं जैसी स्थानीय समस्याएं हैं। ज़्यादातर हाथ से काम करने वाले अस्थायी कामों में लगे, हज़ारों प्रवासी ऐसे कमज़ोर लक्ष्य बन गए हैं जिन्हें तुरंत और बिना किसी औपचारिकता के वापस भेजा जा सकता है। यह विकसित देशों में अपनी मौजूदा समस्याओं के समाधान के लिए शासन और नीतिगत कदमों का नतीजा है। यूनाइटेड किंगडम से लेकर अमेरिका तक, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों और प्रवासियों के लिए वीज़ा मिलना नए कड़े कानूनों से प्रभावित हुआ है, पढ़ाई की फीस बहुत ज़्यादा बढ़ा दी गई है और कानूनी तौर पर स्थायी रूप से रहने का अधिकार कम कर दिया गया है। प्रवासियों के खिलाफ नकारात्मक रूझान सिर्फ़ पश्चिमी देशों तक ही सीमित नहीं है। दिसंबर 2025 तक, सऊदी अरब से किसी न किसी वजह से करीब 11,000 से ज़्यादा भारतीयों को वापस उनके अपने देशों में भेजा जा चुका था, जो एक रिकॉर्ड है। अमेरिका ने उसी समय तक करीब 3800 भारतीयों को वापस भेजा था। साफ़ है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कही गई अच्छी दोस्ती का अमेरिका-भारत के आपसी रिश्तों के सभी मामलों में कोई खास फ़र्क नहीं पड़ा। दिलचस्प बात यह है कि म्यांमार ने करीब 1600 'गैर-कानूनीÓ रूप से वहां रह रहे भारतीयों को वापस भेजा, जबकि मलेशिया और यूएई ने 2025 में करीब 1600 लोगों को वापस भेजा। भारत सरकार और अन्य स्रोतों का दावा है कि कई भारतीय अपनी मज़ीर् से भी अपने गोद लिए हुए देशों को छोड़ रहे हैं। इसकी वजहें हैं बेकाबू महंगाई, जिससे रहने का खर्च बढ़ रहा है, मुश्किल समय में काम का बोझ बढ़ रहा है, अधिकारियों की तरफ़ से बढ़ती परेशानी और घर पैसे भेजने में भारी कमी का आना। इसका मतलब यह नहीं है कि वे भारत के बाहर मौके नहीं देख रहे हैं। दुबई एक पसंदीदा नई जगह है। केनडा से 2025 में लगभग 2830 भारतीय लौटे, जबकि पिछले साल यह संख्या 2000 थी। कुछ मामलों में केनाडाई अधिकारियों के तरीकों पर शक जताते हुए, भारत सरकार ने प्रवासियों को वापस भेजने के दौरान अपनाए गए तरीकों पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें वापस भेजे गए लोगों को वापस आने के दौरान कोई सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। यहां तक कि हमेशा मूलभूत मानवीय सुविधाएं भी नहीं दी जाती हैं, हालांकि लौटने वाला हर कोई घोषित अपराधी नहीं होता है। पड़ोसी बांग्लादेश की बात करें तो, इज़रायली हमलों के जारी रहने के कारण लेबनान में कम से कम 5000 लोगों की नौकरी चली गई। कम से कम 200 लोग स्वयं वापस चले गए क्योंकि प्रवासियों को जानलेवा काम के हालात में धकेला जा रहा था। यह स्थानीय श्रम कानूनों और नौकरी की शर्तों का खुला उल्लंघन था। साथ ही 'आपातकाल' के नाम पर अक्सर वेतन में कटौती भी की जाती थी। मध्य पूर्व में प्रवासी संगठनों के एच आर ग्रुपों और प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि लेबनान और आस-पास के इलाकों में 11 बांग्लादेशी कामगार मारे गए, जबकि कई घायल हुए, जिन पर स्थानीय अधिकारियों ने बहुत कम ध्यान दिया। अप्रशिक्षित कामगारों को सहयोगी, रेस्क्यू स्टाफ और दूसरे कामों के तौर पर समुद्री झड़पों में भी हिस्सा लेने के लिए मजबूर किया गया था। ऐसा लगता है कि ऐसे मामलों में कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं थी। सिर्फ़ एक मामले में फिलिपिनो कामगार के एक ग्रुप ने ऐसे आदेश मानने से मना कर दिया था। एचआर ग्रुपों का आरोप है कि कई बमबारी और मिसाइलों और ड्रोन हमलों के खतरनाक आदान-प्रदान के दौरान मरने वाले ज़्यादातर पीड़ित आर्थिक रूप से कमज़ोर प्रवासी कामगारों के असुरक्षित ग्रुप से थे। अलग-अलग अन्तरराष्ट्रीय प्राधिकारी, देश के प्रमुखों, संयुक्त और दूसरी संस्थाओं से बार-बार गुहार लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला। कामगारों के लिए एक और चिंता यह थी कि क्या प्रवासियों को रखने वाले देश उनके ज़िंदा रहते हुए उनकी बुरी हालत के प्रति लगभग पूरी तरह से बेपरवाह होने के मद्देनजर उनके बकाए का इंतज़ाम भी करेंगे। ऐसे डर से इन्कार नहीं किया जा सकता। न सिफ़र् आपूर्तिकर्ता देश को कानूनी तौर पर मिलने वाले पैसे के सवाल पर नुकसान होगा, बल्कि घर पर पीड़ितों के परिवारों को भी बहुत ज़्यादा तकलीफ़ होगी। कई परिवार विदेश में नौकरी करके पैसे कमाने के लिए किसी सदस्य को भेजने और सक्षम बनाने हेतु भारी-भरकम कर्ज भी लेते हैं।
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Cannes Film Festival 2024 : सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बनें संतोष सिवन
Cannes Film Festival 2024: बॉलीवुड के जानेमाने फिल्म सिनेमैटोग्राफर और निर्देशक कान फिल्म फेस्टिवल में सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बन गए हैं। संतोष सिवन को 77वें कान फिल्म फेस्टिवल 2024 में 'सिनेमैटोग्राफी' में प्रतिष्ठित ...

