Asian Market Today: एशिया बाजारों में रौनक, चिप शेयरों में तेजी से कोस्पी 4% उछला
Asian Market Today: एशियन मार्केट में 28 अक्टूबर को जोरदार उछाल देखने को मिल रहा है । वॉल स्ट्रीट में आई तेजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शेयरों को लेकर बढ़े उत्साह ने बाजार का मूड बेहतर कर दिया। यह तेजी ऐसे समय में आई है जब बड़ी टेक कंपनियों के नतीजे आने वाले हैं और US फेडरल रिजर्व ब्याज दरों पर अपना फैसला लेने वाला है।MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स में 0.6% की बढ़त दर्ज की गई, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, जापान और दक्षिण कोरिया के प्रमुख सूचकांक ऊपर चढ़े। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) सबसे आगे रहा, जिसमें 3.99% की उछाल आई। चिप बनाने वाली कंपनी SK Hynix के मजबूत ऑपरेटिंग प्रॉफिट की घोषणा के बाद इसके शेयरों में तेजी आई। कंपनी ने 2026 तक शेयरधारकों को कुल 100 ट्रिलियन वॉन (75.4 अरब डॉलर) का रिटर्न देने की योजना भी बनाई है।टोक्यो में, निक्केई 225 (Nikkei 225) में 1.31% और टॉपिक्स (Topix) में 0.50% की बढ़त रही। हांगकांग के हैंग सेंग फ्यूचर्स में 0.3% की तेजी के संकेत मिले।भारत में, GIFT निफ्टी (जो यह बताता है कि दिन के कारोबार में भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कैसी होगी) ने गिरावट के साथ खुलने के संकेत दिए।इसके अलावा, बुधवार को जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) ने बाजार में कदम रखा। इससे पहले कंपनी ने 3.1 अरब डॉलर का रिकॉर्ड इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) पेश किया था, जिसे हर तरह के निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला।अन्य बाजारों की बात करें तो, न्यूयॉर्क में US ट्रेजरी में कोई खास बदलाव नहीं दिखा, जबकि डॉलर में थोड़ी मजबूती आई। जापानी येन 157.94 प्रति डॉलर के स्तर पर लगभग स्थिर रहा, और ऑफशोर युआन 6.6651 पर बना रहा।यूएस मार्केट में उछालएशियाई बाजारों में यह तेजी मंगलवार को US में आए अच्छे नतीजों के बाद देखने को मिली। वहां, अमेरिकी चिप निर्माताओं के प्रदर्शन को दर्शाने वाला एक प्रमुख सूचकांक 3.6% उछल गया, जिससे वॉल स्ट्रीट के मुख्य सूचकांकों को ऊपर जाने में मदद मिली।निवेशकों ने मेटा प्लेटफॉर्म्स (Meta Platforms) के 25 अरब डॉलर के शेयर सेल का भी स्वागत किया, जिसमें पेश किए गए शेयरों की तुलना में पांच गुना ज्यादा मांग देखी गई। वहीं, ओरेकल (Oracle) ने OpenAI के साथ अपनी साझेदारी का विस्तार किया है।कई बड़े सौदों और फंड जुटाने की घटनाओं ने AI सेक्टर में निवेशकों का भरोसा फिर से जगा दिया है। मेटा द्वारा 98 अरब डॉलर की पूंजी जुटाने, स्पेसएक्स द्वारा 40 अरब डॉलर की इक्विपमेंट फाइनेंस लीज लेने और एंथ्रोपिक की S-1 फाइलिंग ने उन चिंताओं को कम कर दिया है, जिनकी वजह से इस महीने की शुरुआत में चिप शेयरों में भारी बिकवाली हुई थी।इन अहम इवेंट्स पर बाजार की नजरअब सबकी नजरें कंपनियों की कमाई (अर्निंग्स) पर टिकी हैं; बुधवार को अल्फाबेट और माइक्रोसॉफ्ट अपनी रिपोर्ट पेश करेंगी, और गुरुवार को अमेज़न.कॉम की रिपोर्ट आएगी।इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व का फैसला भी एक अहम घटना है। उम्मीद है कि बुधवार को नीति-निर्माता ब्याज दरों को स्थिर रखेंगे, जिससे उन्हें दरों में संभावित बढ़ोतरी से पहले कुछ और समय मिल जाएगा। फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने भविष्य के आउटलुक के बारे में कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिए हैं, जिससे दरों में बढ़ोतरी को लेकर बाजार की उम्मीदें अभी भी बनी हुई हैं।इस हफ्ते के आखिर में, यूरोपियन सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ जापान भी ब्याज दरों को लेकर अपने फैसलों की घोषणा करेंगे।क्रूड में तेजी बरकरारकमोडिटी मार्केट में, ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमतें पिछले सत्र के नुकसान के स्तर के आसपास ही बनी रहीं। एशियाई कारोबार की शुरुआत में यह लगभग 114.36 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था, क्योंकि ट्रेडर्स अरब खाड़ी में तनाव कम करने की कोशिशों का आकलन कर रहे थे। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 0.3% बढ़कर 100.24 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Bareilly News: भगवान बंसल ने तोड़े चार एशियाई रिकॉर्ड, आठ स्वर्ण पदक झटके
कजाकिस्तान में 17-18 अक्तूबर को हुई एशियाई पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में भगवान बंसल ने आठ स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं।
Karnal News: एशियाई खेलों में दम दिखाने वाले खिलाड़ी होंगे सम्मानित
एशियाई खेलों में दम दिखाने वाले खिलाड़ी होंगे सम्मानित
Faridabad News: एशियाई पैरा खेलों के स्वर्ण पदक विजेता प्रणव सूरमा का घर पहुंचने पर हुआ स्वागत
Asian Para Games gold medalist Pranav Soorma received a welcome upon reaching home.
US Elections: ट्रंप को चुनने वाले 25% दक्षिण एशियाई अमेरिकी अब Democrats के साथ, सर्वे में खुलासा
(सागर कुलकर्णी)वाशिंगटन, 27 अक्टूबर अमेरिका में 2024 के राष्ट्रपति पद के चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को वोट देने वाले कम से कम 25 प्रतिशत दक्षिण एशियाई अमेरिकी मतदाता तीन नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों का समर्थन करने की योजना बना रहे हैं। एक सर्वेक्षण में यह जानकारी दी गई। लोगों के अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन ‘इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट’ द्वारा कराए गए इस सर्वेक्षण में जीवनयापन की लागत (65 प्रतिशत), स्वास्थ्य सेवा (53 प्रतिशत), रोजगार और वेतन (33 प्रतिशत) तथा शिक्षा (28 प्रतिशत) को मध्यावधि चुनावों के प्रमुख मुद्दों के रूप में पहचाना गया है। सर्वेक्षण में शामिल 800 पंजीकृत दक्षिण एशियाई मतदाताओं में से 87 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकी हैं जबकि शेष 13 प्रतिशत पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान, मालदीव, अफगानिस्तान और म्यांमा के अलावा कंबोडिया के खमेर समुदाय से संबंधित हैं। वर्ष 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में कमला हैरिस को वोट देने वालों में से 96 प्रतिशत आगामी चुनावों में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के पक्ष में अपना वोट डालने की योजना बना रहे हैं। सर्वेक्षण में पाया गया कि ट्रंप को वोट देने वाले 67 प्रतिशत दक्षिण एशियाई अमेरिकी अब भी रिपब्लिकन पार्टी का समर्थन करते हैं, लेकिन 25 प्रतिशत ने कहा कि वे डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों का समर्थन करेंगे। सर्वेक्षण के ये नतीजे ऐसे समय में आए हैं जब टेक्सास सहित कई राज्यों में समय से पहले मतदान शुरू हो चुका है, जहां डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स टालारिको का मुकाबला ट्रंप समर्थित रिपब्लिकन केन पैक्सटन से है और दोनों के बीच कड़ी टक्कर है। रिपब्लिकन नेता सीनेटर टेड क्रूज के 2024 के चुनाव प्रचार अभियान में प्रशिक्षु के रूप में काम कर चुके 21 वर्षीय भारतीय-अमेरिकी वसंत भट्ट ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने टालारिको को वोट दिया है। भट्ट ने लिखा, ‘‘मैंने अभी जेम्स टालारिको के लिए अपना वोट डाला है। दूसरी पीढ़ी का भारतीय-अमेरिकी होने के नाते, मैं विदेशी मूल के लोगों के प्रति नफरत, नस्ली द्वेष और अपनी पहचान पर लगातार बढ़ते खुले हमलों से बेहद दुखी हूं।’’सर्वेक्षण में भेदभाव को लेकर चिंताएं भी सामने आईं। इसमें 90 प्रतिशत पंजीकृत मतदाताओं ने कहा कि उन्होंने भेदभाव का सामना किया है या वे किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जिसे भेदभाव का सामना करना पड़ा है। इनमें 48 प्रतिशत ने कहा कि उन्होंने खुद भेदभाव का सामना किया है। ‘इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट’ के कार्यकारी निदेशक चिंतन पटेल ने एक बयान में कहा, ‘‘इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है कि हमारे समुदाय के जिन लोगों ने 2024 में ट्रंप को वोट दिया था, उनमें से एक-चौथाई अब डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों को वोट देने की योजना बना रहे हैं। यह समुदाय चुनाव में हार-जीत का अंतर तय कर सकता है और हम ऐसे हर मतदाता तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।’’
Asian Market Today: अमेरिका और एशिया में रौनक देखने को मिली। एंथ्रोपिक के IPO की अर्जी देने से AI और चिप शेयरों में जोश देखने को मिला। नैस्डैक करीब एक परसेंट चढ़ा। इधर कोरिया का बाजार कॉस्पी 4% से ज्यादा चढ़ा है जबकि निक्केई भी 2% ऊपर है।ट्रेडर्स बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के नतीजों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर फैसले से पहले अपनी स्थिति तैयार करते दिखे। जापान और दक्षिण कोरिया के बाजारों में सबसे ज्यादा तेजी रही। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) 3.82% उछला, जबकि जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) 1.94% और टॉपिक्स (Topix) 0.58% ऊपर चढ़ा। MSCI का एशिया पैसिफिक इक्विटी इंडेक्स 0.6% बढ़ा, जबकि हैंग सेंग फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं दिखा।भारत में, GIFT निफ्टी - जो यह संकेत देता है कि घरेलू बाजार की शुरुआत कैसी हो सकती है - ने बाजार के लाल निशान (गिरावट) के साथ खुलने का इशारा किया।जापानी येन 157.53 प्रति डॉलर पर स्थिर रहा, और ऑफशोर युआन 6.6676 प्रति डॉलर पर बना रहा।शुरुआती कारोबार में अमेरिकी इक्विटी इंडेक्स के फ्यूचर्स में भी तेजी दिखी। वॉल स्ट्रीट पर, S&P 500 इंडेक्स 0.7% की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि नैस्डैक 100 (Nasdaq 100) 1.1% ऊपर चढ़ा। फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स 2.8% उछला, जो 21 सितंबर के बाद से इसकी सबसे बड़ी एक-दिवसीय बढ़त है।गुरुवार को नैस्डैक 100 में 2.9% की गिरावट आई थी। यह गिरावट मेटा (Meta) द्वारा अपने कैपिटल-स्पेंडिंग (पूंजीगत खर्च) गाइडेंस को ऑपरेटिंग कैश फ्लो से ऊपर बताए जाने के एक दिन बाद हुई थी।कई बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों ने फंडिंग योजनाओं की घोषणा की, जिससे बाजार का उत्साह बढ़ा। मेटा प्लेटफॉर्म्स (Meta Platforms) ने कहा कि वह कॉमन और प्रेफर्ड शेयर बेचकर 95 अरब डॉलर तक जुटाना चाहती है। यह अब तक की सबसे बड़ी इक्विटी पेशकशों में से एक हो सकती है। कंपनी ने यह घोषणा एंथ्रोपिक की फाइलिंग से दो घंटे पहले की।ब्रॉडकॉम (Broadcom) ने एंथ्रोपिक के लिए चिप्स खरीदने के वास्ते बैंक ऑफ अमेरिका, ब्लैकस्टोन, सिटीग्रुप और मॉर्गन स्टेनली के साथ 63 अरब डॉलर की फाइनेंसिंग डील की। इसके अलावा, स्पेसएक्स (SpaceX) ने भी अपने AI प्लान के लिए जरूरी चिप्स खरीदने के वास्ते अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट के साथ लगभग 40 अरब डॉलर की इक्विपमेंट-फाइनेंस लीज (उपकरण-वित्त पट्टा) पर हस्ताक्षर किए। अल्फाबेट और माइक्रोसॉफ्ट बुधवार को अपनी कमाई की रिपोर्ट जारी करेंगे, जिसके बाद गुरुवार को अमेज़न डॉट कॉम और इंटेल अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे। निवेशकों का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि क्या खर्च से पर्याप्त रिटर्न मिल रहा है।बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक भी होने वाली है। माना जा रहा है कि सितंबर में दरों में बढ़ोतरी के बाद, नीति-निर्माता इस बार दरों को स्थिर ही रखेंगे। चेयरमैन केविन वॉर्श को महंगाई पर काबू पाने के लिए बैंक की प्रतिबद्धता को फिर से दोहराना होगा और यह स्पष्ट करना होगा कि अधिकारियों ने दरों को दोबारा न बढ़ाने का फैसला क्यों लिया।कमोडिटी मार्केट में, सोमवार को 115 डॉलर प्रति बैरल के करीब बंद होने के बाद, ब्रेंट क्रूड की कीमतों में और गिरावट आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ने से रोकने के लिए बातचीत को फिर से शुरू करने की कोशिश में, कई देशों के वरिष्ठ अधिकारी तेहरान पहुंचे हैं।(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
चीनी टीम ने एशियाई टेबल टेनिस चैंपियनशिप में चार स्वर्ण पदक जीते
बीजिंग, 26 अक्टूबर . वर्ष 2026 की एशियाई टेबल टेनिस चैंपियनशिप उज्बेकिस्तान के ताशकंद में संपन्न हुई. इस चैंपियनशिप में चीनी टीम ने चार स्वर्ण और चार रजत…
एशियाई पैरा खेलों में चमकने के बाद Sheetal Devi बोलीं, खेल पर ध्यान रखने को सोशल मीडिया से बनाई दूरी
भारत की स्टार पैरा तीरंदाज शीतल देवी सोशल मीडिया की चर्चाओं से दूर रहकर अपना पूरा ध्यान खेल पर केंद्रित करना चाहती हैं क्योंकि लगातार पदक जीतने से उनसे उम्मीदें बढ़ती जा रही हैं। शीतल जापान में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में शानदार प्रदर्शन के बाद रविवार को अपने साथी भारतीय तीरंदाजों के साथ स्वदेश लौटीं, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। उन्होंने कंपाउंड व्यक्तिगत, मिश्रित टीम और महिला टीम स्पर्धाओं में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता। शीतल ने पीटीआई से कहा, ‘‘मैं अपने खेल पर ध्यान देती हूं। सोशल मीडिया ज्यादा नहीं देखती। लेकिन जब मैं पदक जीतती हूं और लोग मुझसे मिलने आते हैं, तो मुझे बहुत खुशी होती है। यहां तक कि बहुत छोटे बच्चे भी मुझे देखते हैं, इसलिए यह बहुत अच्छा लगता है। ’’जम्मू की 19 वर्षीय शीतल ने अपने तीन पदकों में व्यक्तिगत स्पर्धा के स्वर्ण को सबसे खास बताया। उन्होंने कहा, ‘‘व्यक्तिगत स्पर्धा मेरे लिए सबसे खास थी। बाकी पदक भी विशेष हैं, लेकिन चैंपियन बनकर लौटने के लिए मेरा ध्यान व्यक्तिगत स्पर्धा पर अधिक था जिसमें मैंने जीत हासिल की। ’’पेरिस पैरालंपिक के स्वर्ण पदक विजेता हरविंदर सिंह ने कहा कि भारत की रिकर्व टीम ने बढ़ी हुई उम्मीदों के दबाव को अच्छी तरह संभाला और महाद्वीपीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। हरविंदर ने कहा, ‘‘अधिक उम्मीदों के कारण दबाव निश्चित रूप से बढ़ता है, लेकिन मुझे खुशी है कि हमने उस दबाव को अच्छी तरह संभाला। हमारा अभ्यास शानदार था, महासंघ का समर्थन बेहतरीन रहा और वहां हमें एक सप्ताह तक प्रशिक्षण लेने का मौका मिला। इन सभी चीजों से तीरंदाजी में हमें फायदा हुआ। ’’एशियाई पैरा खेलों में भारत का तीरंदाजी अभियान अब तक का सर्वश्रेष्ठ रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने तीन स्वर्ण और इतने ही रजत पदक जीते। हरविंदर ने कहा, ‘‘जब पूरी टीम पदक जीतती है, तो बहुत अच्छा लगता है। 2018 में केवल मैंने व्यक्तिगत पदक जीता था, लेकिन इस बार मुझे खुशी है कि कई और पदक आए हैं। जो कुछ खिलाड़ी पदक नहीं जीत सके, हमें उम्मीद है कि अगली बार हमारी पूरी टीम पदक लेकर लौटेगी। ’’वहीं पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल ने एशियाई पैरा खेलों में अपने अभियान को सपने के सच होने जैसा बताया। उन्होंने दो स्वर्ण पदक जीतने के साथ पांच रिकॉर्ड बनाए, जिनमें एक विश्व रिकॉर्ड भी शामिल है। नागोया में आयोजित समापन समारोह के लिए भारत की ध्वजवाहक चुनी गईं मोना भारत के 114 पदकों के अभियान की सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक बनकर उभरीं। स्वदेश लौटने पर उन्होंने कहा, ‘‘मैं कहना चाहूंगी कि बहुत कम समय में मैं जापान से ढेर सारी खुशियां लेकर लौटी हूं। मुझे पदक जीतने की उम्मीद थी, लेकिन जब एक साथ पांच रिकॉर्ड बने और मुझे ध्वजवाहक बनने का अवसर मिला, तो यह मेरे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। ’’उन्होंने कहा, ‘‘पदक जीतना, रिकॉर्ड बनाना और ध्वजवाहक बनना, ये सभी एक-दूसरे से जुड़े हैं। इन्हें अलग नहीं किया जा सकता। यह किसी सपने जैसा लगता है। जब मैं जापान के लिए रवाना हुई थी, तब मैंने सोचा था कि दो पदक लेकर लौटूंगी। लेकिन मैंने यह नहीं सोचा था कि दो स्वर्ण पदक, पांच रिकॉर्ड और ध्वजवाहक बनने की उपलब्धि के साथ वापस आऊंगी। ’’भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी नितेश कुमार ने पुरुष एकल एसएल3 वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने फाइनल में हमवतन और अनुभवी खिलाड़ी प्रमोद भगत को हराया। पेरिस पैरालंपिक के स्वर्ण पदक विजेता नितेश ने कहा, ‘‘प्रमोद को दो गेम में हराना निश्चित रूप से बहुत खास है। उनके खिलाफ फाइनल जीतना बहुत बड़ी बात है। फाइनल मुकाबला काफी दिलचस्प रहा। ’’नितेश ने कहा कि उनका अंतिम लक्ष्य 2028 में लॉस एंजिलिस में होने वाले पैरालंपिक खेलों में अपने खिताब का बचाव करना है। उन्होंने कहा, ‘‘हम उसी लक्ष्य (पैरालंपिक स्वर्ण) को हासिल करने की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन दो साल का सफर लंबा होता है। सबसे पहले हमें क्वालीफिकेशन की प्रक्रिया से गुजरना होगा। लॉस एंजिलिस में अपने खिताब का बचाव करना ही हमारा लक्ष्य रहेगा।
सऊदी अरब में मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद अमेरिका ने अपने गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और उनके पात्र परिवार के सदस्यों को देश छोड़ने का आदेश दिया है।
Asian Market Today: सोमवार को एशिया बाजारों की सतर्क शुरुआत रही। निवेशक एक तरफ AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़ी नई बिकवाली पर विचार कर रहे थे। तो दूसरी तरफ कंपनियों के नतीजों और सेंट्रल बैंक की बैठकों पर भी उनकी नजर थी। सप्ताह की शुरुआत में MSCI का एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.2% गिर गया, जबकि हैंग सेंग फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं दिखा। दक्षिण कोरिया में कोस्पी (Kospi) 0.21% नीचे आया, जबकि जापान में निक्केई 225 (Nikkei 225) में 0.23% और व्यापक टॉपिक्स (Topix) इंडेक्स में 0.65% की बढ़त दर्ज की गई।भारत में GIFT निफ्टी (जो यह संकेत देता है कि दिन की शुरुआत कैसी होगी )ने बाजार के लाल निशान (गिरावट) के साथ सुस्त शुरुआत का अनुमान जताया।करेंसी मार्केट में, जापानी येन 156.94 प्रति डॉलर पर स्थिर रहा, जबकि ऑफशोर युआन 6.6686 पर बना रहा।यूएस मार्केट का हालअमेरिकी इक्विटी फ्यूचर्स ने अपनी शुरुआती बढ़त गंवा दी और लगभग सपाट (बिना किसी बड़े बदलाव के) रहे। SK हाइनिक्स (SK Hynix) के शेयरों में तेजी आई; एक रिपोर्ट के अनुसार, यह चिप निर्माता कंपनी अपने 'किओक्सिया' (Kioxia) स्टेक का एक अहम हिस्सा बेचकर मिलने वाली रकम का लगभग 80% हिस्सा 'स्पेशल डिविडेंड' के रूप में अपने शेयरधारकों को देने की योजना बना रही है।यह सुस्त शुरुआत वॉल स्ट्रीट पर बीते शुक्रवार को आए उतार-चढ़ाव के बाद हुई है, जहां AI से जुड़े शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। साथ ही, अमेरिकी चिप इंडेक्स में भी लगातार गिरावट जारी रही, जो नवंबर के बाद से सबसे लंबी गिरावट है।इस गिरावट के कारण इस महीने क्षेत्रीय बेंचमार्क इंडेक्स 6% से ज्यादा नीचे आ गया है। इससे निवेशकों के बीच फिर से वही सवाल उठने लगा है जो पूरे साल पूछा जाता रहा है, क्या AI के क्षेत्र में कंपनियों द्वारा किया जा रहा भारी निवेश, उनके मुनाफे से सही साबित होता है? चिप शेयरों में हालिया बिकवाली के कारण निवेशकों ने अपना पैसा बॉन्ड में लगाना शुरू कर दिया है, जिससे AI पर किए जा रहे खर्च से रिटर्न देने का दबाव और बढ़ गया है।इस हफ्ते कंपनियों के नतीजे निवेशकों के भरोसे की और परीक्षा लेंगे। माइक्रोसॉफ्ट, अल्फाबेट और अमेज़न अपने नतीजे जारी करने वाले हैं। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, एशिया में अब नतीजों का सबसे व्यस्त दौर शुरू हो रहा है। MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स में शामिल लगभग 1,200 कंपनियों में से करीब 550 कंपनियां इस दौरान अपने नतीजे घोषित करेंगी।इनमें SK हाइनिक्स और सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी कंपनियां भी शामिल हैं, जो AI के इस दौर में प्रमुख खिलाड़ी हैं। अगर AI की रफ़्तार और धीमी होती है, तो निवेशकों को ग्रोथ के लिए कंज्यूमर डिमांड और अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों की ओर देखना होगा।US फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ जापान और यूरो ज़ोन के सेंट्रल बैंक द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने की उम्मीद है। फेड की बैठक बुधवार से शुरू होकर तीन दिनों तक चलेगी। फेड ने 2023 के बाद पहली बार सितंबर में ब्याज दरें बढ़ाई थीं और इस साल एक और बढ़ोतरी का संकेत दिया था।क्रूड में नरमीइस बीच, तेल की कीमतों में कुछ राहत देखने को मिली। एशियाई बाज़ार की शुरुआत में ब्रेंट क्रूड अपने छह महीने के उच्च स्तर से लगभग 1% गिरकर 115.35 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 1.1% गिरकर 102.10 डॉलर पर आ गया।इसके बावजूद, पश्चिम एशिया की स्थिति ने ट्रेडर्स की चिंताएं बढ़ा रखी हैं। US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अब यह तय करने का समय आ गया है कि तेहरान के साथ कोई समझौता किया जाए या फिर हमले फिर से शुरू किए जाएं। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस क्षेत्र में ईरान और हूतियों की ओर से अमेरिकियों के लिए ख़तरा बढ़ता जा रहा है।वाशिंगटन मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में अपने राजनयिक और सैन्य कर्मचारियों की संख्या कम कर रहा है। वहीं, हूतियों ने कई बार रियाद एयरपोर्ट को निशाना बनाया है, जिसे रविवार को कमर्शियल उड़ानों के लिए फिर से खोल दिया गया था।(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
जापान में 5वें एशियाई पैरा गेम्स का समापन
बीजिंग, 5वें एशियाई पैरा गेम्स का समापन 24 अक्टूबर को जापान के नागोया स्थित मिज़ुहो पार्क एथलेटिक्स स्टेडियम में हुआ।
जापान के नागोया में 5वें एशियाई पैरा गेम्स का समापन
जापान के नागोया में 5वें एशियाई पैरा गेम्स का समापन
West Asia में तनाव से कच्चा तेल 120 डॉलर प्रति बैरल तक जाने के आसार
पश्चिम एशिया में बढ़ते वैश्विक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौर अगले सप्ताह भी जारी रहने की आशंका है। इससे आपूर्ति बाधित होने की चिंताएं बनी हुई हैं। वहीं, अमेरिकी फेडरल रिजर्व का मौद्रिक नीति संबंधी फैसला बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। विश्लेषकों ने यह राय जताई है। ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 117 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने के बीच निवेशकों की नजर होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रम, ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले की आशंकाओं और अमेरिका के साप्ताहिक भंडार आंकड़ों पर रहेगी। विश्लेषकों ने कहा कि अमेरिकी पेट्रोलियम संस्थान और अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन अपने साप्ताहिक भंडार के अनुमान जारी करेंगे। इसके अलावा, कुशिंग में कच्चे तेल का भंडार और 27-28 अक्टूबर को होने वाली अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की बैठक भी बाजार के लिए अहम रहेगी। रेलिगेयर ब्रोकिंग में वरिष्ठ उपाध्यक्ष-शोध अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘निकट अवधि में कीमतों का रुख तेजी का है, लेकिन यह काफी हद तक खबरों से प्रभावित होगा। कारोबारियों को कीमतों में तेज उछाल के पीछे भागने से बचना चाहिए और आगे की दिशा की पुष्टि के लिए वैश्विक घटनाक्रम, फेडरल रिजर्व के संकेतों तथा साप्ताहिक भंडार आंकड़ों पर नजर रखनी चाहिए।’’उन्होंने कहा कि ऊर्जा बुनियादी ढांचे या होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले समुद्री परिवहन में किसी भी तरह की बाधा से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। वहीं, तनाव कम करने की दिशा में ठोस प्रगति होने पर कीमतों में तेज गिरावट आ सकती है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड में जिंस शोध प्रमुख नवनीत दमानी ने कहा, ‘‘होर्मुज जलडमरूमध्य और सऊदी अरब के आसपास हमलों में तेजी आने से बाजार का ध्यान ऊर्जा बुनियादी ढांचे और निर्यात की सुरक्षा को लेकर चिंताओं पर फिर केंद्रित हो गया है।’’उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजराइल द्वारा तीन नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे, जिसमें नतांज के पास स्थित परमाणु प्रतिष्ठान भी शामिल हैं, को निशाना बनाने की योजना तैयार किए जाने संबंधी खबरों ने भी चिंता बढ़ाई है।
Asian Champions Trophy: दक्षिण कोरियाई हॉकी टीम पहुंची मोहाली, एयरपोर्ट पर ढोल-भंगड़े से स्वागत
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी-2026 में हिस्सा लेने दक्षिण कोरिया की पुरुष हॉकी टीम मोहाली पहुंची, जहां शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनका पंजाबी अंदाज में ढोल-भंगड़े से भव्य स्वागत किया गया।
Asian Para Games: एथलेटिक्स में भारत का गोल्डन धमाका, सिमरन का डबल गोल्ड
एशियन पैरा गेम्स में भारत ने ट्रैक एंड फील्ड में पांच गोल्ड समेत 18 मेडल जीते. सिमरन ने 100 मीटर और 200 मीटर में गोल्ड डबल पूरा किया, जबकि प्रवीण कुमार और सचिन खिलारी ने गेम्स रिकॉर्ड बनाए. भारत अब तक 14 गोल्ड समेत 62 मेडल जीतकर पांचवें स्थान पर है.
शीतल देवी ने वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की, एशियाई रिकॉर्ड तोड़ा
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत की स्टार तीरंदाज शीतल देवी ने महिलाओं की कंपाउंड क्वालिफिकेशन स्पर्धा में 720 में से 704 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की और नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया.
अगर आपका भी अकेले घूमने का मन है, लेकिन पहली सोलो इंटरनेशनल ट्रिप के लिए किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं, जहां पर ज्यादा पैसे न खर्च करने पड़े। तो आप एशिया के कुछ खूबसूरत देश आपकी लिस्ट में शामिल कर सकती हैं। सोलो ट्रिप का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको किसी दूसरे के हिसाब से अपना प्लान नहीं बनाना पड़ता है। सोलो ट्रिप में जब मन करे, जहां मन करे वहां जाएं, रुकें और अपनी पसंद का खाना खाएं। वहीं अगर आपको बजट को ध्यान में रखना है, तो आप वियतनाम और थाईलैंड जैसे ऑप्शन देख सकती हैं। इन जगहों पर आप खूबसूरत बीच, स्वादिष्ट लोकल फूड्स, शानदार मार्केट और एक अलग ही कल्चर देखने को मिलेगा। वहीं अगर आप भी इस बार अकेले विदेश घूमने का प्लान कर रही हैं, तो आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको 3 ऐसे खूबसूरत देशों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पर आप सोलो ट्रिप के लिए जा सकती हैं। इसे भी पढ़ें: Travel Tips: Vrindavan के Chhatikara में स्थित Char Dham Mandir में करें चार धामों के दर्शन मलेशिया सोलो ट्रिप के लिए मलेशिया भी एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। खासकर अगर आप शहर, फूड, शॉपिंग और घूमने के साथ-साथ थोड़ा नेचर भी देखना चाहती हैं, तो आपको Kuala Lumpur जैसे शहर से लेकर कई दूसरी खूबसूरत जगहों को एक्सप्लोर करने का मौका मिलेगा। वहीं अच्छी बात यह है कि मलेशिया में बस और ट्रेन जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करके अपना अपने खर्च को थोड़ा मैनेज कर सकती हैं। आप मलेशिया में Kuala Lumpur में घूमने के साथ-साथ शॉपिंग भी कर सकती हैं। यहां के लोकल फूड को एंजॉय कर सकती हैं। थाईलैंड वहीं फॉरेन ट्रिप के लिए आप थाईलैंड भी जा सकती हैं। अगर आपको शॉपिंग, स्ट्रीट फूड और घूमने-फिरने के साथ बीच का मजा चाहिए, तो आपको थाईलैंड जा सकती हैं। यहां पर आप सोलो ट्रिप कर सकती हैं। थाईलैंड का बैंकॉक शहर सबसे फेमस है। आप यहां पर लोकल मार्केट्स में घूमने के साथ-साथ स्ट्रीट फूड ट्राई कर सकती हैं। अगर आपका बजट कम है, तो आप महंगे होटल्स की जगह हॉस्टल्स या अफॉर्डेबल स्टे देख सकती हैं। आप बैंकॉक के अलावा फुकेट या पटाया भी घूमने के लिए जा सकती हैं। आप थाईलैंड में बीचेस और आइलैंड का मजा ले सकती हैं और लोकल मार्केट्स को एक्सप्लोर कर सकती हैं। इसके अलावा स्ट्रीट फूड ट्राई करना न भूलें। वियतनाम आप कम बजट में वियतनाम भी जा सकती हैं। यहां पर आपको बीच के साथ, लोकल मार्केट्स, पहाड़ और अलग-अलग कल्चरल एक्सपीरियंस कर सकेंगी। वियतनाम में आपको एक शहर से दूसरे शहर जाने के लिए ट्रेन, बस और फ्लाइट आदि के ऑप्शंस मिल जाएंगे। आप हनोई, दा नांग और होई आन जैसी जगहों को एक्सप्लोर कर सकती हैं। इसके अलावा आप यहां पर खूबसूरत बीच पर समय बिता सकती हैं। पहाड़ों और नेचर की खूबसूरती को निहारने के साथ लोकल फूड का स्वाद ले सकती हैं और यहां आपको लोकल लाइफ देखने का मौका मिलेगा। इन बातों का रखें ध्यान अगर आप भी पहली बार अकेले विदेश घूमने का प्लान कर रही हैं, तो इस दौरान आपको कुछ बातों का ध्यान रख सकती हैं। 2-3 महीने पहले से प्लानिंग कर लें। होटल और फ्लाइट की कीमत पहले से देखें। पहले से ही पूरे ट्रिप का बजट प्लान कर लें। हॉस्टल या होटल की लोकेशन आदि पहले से पता रखें। लोकल ट्रांसपोर्ट के ऑप्शन को पहले से समझ लें। अपने साथ जरूरी डॉक्यूमेंट्स रख लें। ट्रिप से पहले उस देश के लेटेस्ट एंट्री रूल्स को जरूर चेक करें।
बेटियों का जलवा: एशियाई खेलों में भारत की स्वर्णिम कहानी, 10 में से 8 स्वर्ण महिला खिलाड़ियों के नाम
बेटियों का जलवा: एशियाई खेलों में भारत की स्वर्णिम कहानी, 10 में से 8 स्वर्ण महिला खिलाड़ियों के नाम asian-games-indian-women-athletes-eight-gold-medals-neeru-dhanda-trap-shooting-archery-kabaddi
Asian Games 2026: एशियन गेम्स में भारत ने जीते हैं अब तक कुल 60 मेडल
Asian Games 2026 Day 12 Live Updates: एशियन गेम्स का आज 12वां दिन है. कई खेलों में आज भारत को मेडल की उम्मीदें रहेंगी. वहीं कुछ खेल ऐसे हैं, जहां से मेडल पक्का हो सकता है, ऐसे में इस पेज को रिफ्रेश करते रहें.
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई?
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई? Rahul Gandhi Anwar Ibrahim Meeting को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को मलेशिया के प्रधानमं
गन्तव्य देशों के हालात खराब होने से दक्षिण एशियाई प्रवासन में कमी
आशीष विश्वास अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है। हाल के दिनों में अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व में दक्षिण एशियाई लोगों के लिए प्रवासन और वहां जाकर नौकरी पाना मुश्किल होता जा रहा है, जो बड़े झगड़ों और लगातार सामाजिक उथल-पुथल और अशांति का सीधा नतीजा है। इस इलाके के बड़े देशों की तरह, भारत और बांग्लादेश पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। लंबे समय में दोनों देशों के सामने दोहरी चुनौती है: घरेलू श्रम बाजार में नौकरी के लिए बेचैनी और बढ़ जाएगी, क्योंकि वे बड़ी आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। साथ ही प्रवासी कामगारों द्वारा घर भेजे जाने वाली बड़ी राशि (रेमिटेंस) से होने वाली अच्छी-खासी आय भी समय के साथ कम हो जाएगी। खबरें हैं कि कम से कम 1500 और भारतीयों को अल्पावधि में अमेरिका से वापस भेजा जा रहा है और केनडा में भी हालात बेहतर नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि नौकरी के मौके कम हो रहे हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टियों पर गैर-कानूनी प्रवासन को बढ़ावा देने का आरोप लगता है। आरोप है कि पहले से ही स्थानीय संस्कृति के कमज़ोर होने और गंभीर सुरक्षा चिंताओं जैसी स्थानीय समस्याएं हैं। ज़्यादातर हाथ से काम करने वाले अस्थायी कामों में लगे, हज़ारों प्रवासी ऐसे कमज़ोर लक्ष्य बन गए हैं जिन्हें तुरंत और बिना किसी औपचारिकता के वापस भेजा जा सकता है। यह विकसित देशों में अपनी मौजूदा समस्याओं के समाधान के लिए शासन और नीतिगत कदमों का नतीजा है। यूनाइटेड किंगडम से लेकर अमेरिका तक, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों और प्रवासियों के लिए वीज़ा मिलना नए कड़े कानूनों से प्रभावित हुआ है, पढ़ाई की फीस बहुत ज़्यादा बढ़ा दी गई है और कानूनी तौर पर स्थायी रूप से रहने का अधिकार कम कर दिया गया है। प्रवासियों के खिलाफ नकारात्मक रूझान सिर्फ़ पश्चिमी देशों तक ही सीमित नहीं है। दिसंबर 2025 तक, सऊदी अरब से किसी न किसी वजह से करीब 11,000 से ज़्यादा भारतीयों को वापस उनके अपने देशों में भेजा जा चुका था, जो एक रिकॉर्ड है। अमेरिका ने उसी समय तक करीब 3800 भारतीयों को वापस भेजा था। साफ़ है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कही गई अच्छी दोस्ती का अमेरिका-भारत के आपसी रिश्तों के सभी मामलों में कोई खास फ़र्क नहीं पड़ा। दिलचस्प बात यह है कि म्यांमार ने करीब 1600 'गैर-कानूनीÓ रूप से वहां रह रहे भारतीयों को वापस भेजा, जबकि मलेशिया और यूएई ने 2025 में करीब 1600 लोगों को वापस भेजा। भारत सरकार और अन्य स्रोतों का दावा है कि कई भारतीय अपनी मज़ीर् से भी अपने गोद लिए हुए देशों को छोड़ रहे हैं। इसकी वजहें हैं बेकाबू महंगाई, जिससे रहने का खर्च बढ़ रहा है, मुश्किल समय में काम का बोझ बढ़ रहा है, अधिकारियों की तरफ़ से बढ़ती परेशानी और घर पैसे भेजने में भारी कमी का आना। इसका मतलब यह नहीं है कि वे भारत के बाहर मौके नहीं देख रहे हैं। दुबई एक पसंदीदा नई जगह है। केनडा से 2025 में लगभग 2830 भारतीय लौटे, जबकि पिछले साल यह संख्या 2000 थी। कुछ मामलों में केनाडाई अधिकारियों के तरीकों पर शक जताते हुए, भारत सरकार ने प्रवासियों को वापस भेजने के दौरान अपनाए गए तरीकों पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें वापस भेजे गए लोगों को वापस आने के दौरान कोई सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। यहां तक कि हमेशा मूलभूत मानवीय सुविधाएं भी नहीं दी जाती हैं, हालांकि लौटने वाला हर कोई घोषित अपराधी नहीं होता है। पड़ोसी बांग्लादेश की बात करें तो, इज़रायली हमलों के जारी रहने के कारण लेबनान में कम से कम 5000 लोगों की नौकरी चली गई। कम से कम 200 लोग स्वयं वापस चले गए क्योंकि प्रवासियों को जानलेवा काम के हालात में धकेला जा रहा था। यह स्थानीय श्रम कानूनों और नौकरी की शर्तों का खुला उल्लंघन था। साथ ही 'आपातकाल' के नाम पर अक्सर वेतन में कटौती भी की जाती थी। मध्य पूर्व में प्रवासी संगठनों के एच आर ग्रुपों और प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि लेबनान और आस-पास के इलाकों में 11 बांग्लादेशी कामगार मारे गए, जबकि कई घायल हुए, जिन पर स्थानीय अधिकारियों ने बहुत कम ध्यान दिया। अप्रशिक्षित कामगारों को सहयोगी, रेस्क्यू स्टाफ और दूसरे कामों के तौर पर समुद्री झड़पों में भी हिस्सा लेने के लिए मजबूर किया गया था। ऐसा लगता है कि ऐसे मामलों में कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं थी। सिर्फ़ एक मामले में फिलिपिनो कामगार के एक ग्रुप ने ऐसे आदेश मानने से मना कर दिया था। एचआर ग्रुपों का आरोप है कि कई बमबारी और मिसाइलों और ड्रोन हमलों के खतरनाक आदान-प्रदान के दौरान मरने वाले ज़्यादातर पीड़ित आर्थिक रूप से कमज़ोर प्रवासी कामगारों के असुरक्षित ग्रुप से थे। अलग-अलग अन्तरराष्ट्रीय प्राधिकारी, देश के प्रमुखों, संयुक्त और दूसरी संस्थाओं से बार-बार गुहार लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला। कामगारों के लिए एक और चिंता यह थी कि क्या प्रवासियों को रखने वाले देश उनके ज़िंदा रहते हुए उनकी बुरी हालत के प्रति लगभग पूरी तरह से बेपरवाह होने के मद्देनजर उनके बकाए का इंतज़ाम भी करेंगे। ऐसे डर से इन्कार नहीं किया जा सकता। न सिफ़र् आपूर्तिकर्ता देश को कानूनी तौर पर मिलने वाले पैसे के सवाल पर नुकसान होगा, बल्कि घर पर पीड़ितों के परिवारों को भी बहुत ज़्यादा तकलीफ़ होगी। कई परिवार विदेश में नौकरी करके पैसे कमाने के लिए किसी सदस्य को भेजने और सक्षम बनाने हेतु भारी-भरकम कर्ज भी लेते हैं।
Asia: एशिया में बदल रहा शक्ति संतुलन, क्या अमेरिका के भरोसे से आगे बढ़कर अपनी सुरक्षा संभालेंगे भारत जैसे देश?
Cannes Film Festival 2024 : सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बनें संतोष सिवन
Cannes Film Festival 2024: बॉलीवुड के जानेमाने फिल्म सिनेमैटोग्राफर और निर्देशक कान फिल्म फेस्टिवल में सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बन गए हैं। संतोष सिवन को 77वें कान फिल्म फेस्टिवल 2024 में 'सिनेमैटोग्राफी' में प्रतिष्ठित ...

