लखनऊ विश्वविद्यालय कैंपस में 1M1B (वन मिलियन फॉर वन बिलियन) फाउंडेशन, माइक्रोसॉफ्ट और मेट वाई स्टार्टअप हब के संयुक्त सहयोग से यूपी की पहली ग्रीन स्किल्स एवं एप्लाइड AI सेंटर की शुरुआत हुई है। यह सेंटर स्टूडेंट्स युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, जलवायु परिवर्तन, कृषि, विनिर्माण तथा सर्कुलर इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगा। यहां उद्योग आधारित परियोजनाओं, नवाचार कार्यक्रमों, इंटर्नशिप, स्टार्टअप एवं उद्यमिता सहायता के साथ-साथ रोजगार के अवसरों से जोड़ने की भी व्यवस्था की जाएगी। 50 हजार जॉब क्रिएशन का लक्ष्य लखनऊ में स्थापित यह सेंटर देशभर में विकसित किए जा रहे पांच ग्रीन स्किल्स और एप्लाइड AI सेंटरों में तीसरा है। इससे पहले बेंगलुरु और हैदराबाद में ऐसे केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि नोएडा और शिलांग में भी शीघ्र ही इनकी स्थापना की जाएगी। इन सभी केंद्रों के माध्यम से वर्ष 2030 तक एक लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने और 50 हजार से अधिक रोजगार, इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप, उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पहले साल 5 हजार को मिलेगी ट्रेनिंग पहले वर्ष में इस राष्ट्रीय पहल के अंतर्गत 20 हजार युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिनमें से 10 हजार युवाओं को रोजगार एवं करियर के अवसरों से जोड़ा जाएगा। वहीं लखनऊ स्थित केंद्र अकेले पहले वर्ष में ही 5,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करेगा। स्थानीय स्तर पर यूज करने पर फोकस लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी ने कहा कि यह केंद्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों में दक्ष बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। वहीं, माइक्रोसॉफ्ट की वरिष्ठ निदेशक (ऐलीवेट सीएसआर) मंजू धस्माना ने कहा कि यह पहल उत्तर प्रदेश में AI आधारित प्रतिभाओं के विकास के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर जलवायु संबंधी चुनौतियों के समाधान विकसित करने में भी अहम भूमिका निभाएगी। मंत्री ने दी बधाई उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने वीडियो संदेश के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और उन्हें रोजगारोन्मुख बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। एप्लाइड एआई एवं ग्रीन स्किल्स सेंटर युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाएगा तथा उत्तर प्रदेश को एआई आधारित नवाचार और हरित विकास के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगा। वास्तविक क्षमता सामने आना बाकी 1M1B फाउंडेशन के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मानव सुबोध ने कहा कि भारत की वास्तविक AI क्षमता तब विकसित होगी जब देश का युवा AI का प्रभावी उपयोग करना सीखेगा।
मथुरा के थाना फरह क्षेत्र में सांध्य दैनिक अखबार के एक पत्रकार पर जानलेवा हमला किया गया। शुक्रवार की रात करीब 10 बजे हुए इस हमले में पत्रकार गंभीर रूप से घायल हो गया। हमलावर पीड़ित को मृत समझ कर सड़क पर पड़ा हुआ छोड़कर मौके से भाग खड़े हुए। पत्रकार पर हुए हमले की जानकारी मिलते ही परिजन और स्थानीय साथी मौके पर पहुंचे। जहां से पुलिस को सूचना दी गई। घायल पत्रकार को इलाज के लिए पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया जहां हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल के लिए रैफर कर दिया गया। फरह क्षेत्र का मामला थाना फरह क्षेत्र के गांव कवायला के रहने वाले गिरधारी लाल शर्मा एक सांध्य दैनिक अखबार में क्षेत्रीय संवाददाता के रूप में काम करते हैं। गिरधारी लाल RTI कार्यकर्ता भी हैं। शुक्रवार की देर शाम करीब दस बजे गिरधारी लाल शर्मा फरह कस्बे से अपने गांव लौट रहे थे। वह परखम रोड पर पहुंचे तभी स्विफ्ट कार सवार लोगों ने उनकी बाइक को रुकवाने का प्रयास किया। गिरधारी ने जब बाइक नहीं रोकी तो कार सवारों ने उनका पीछा शुरू कर दिया। 3 किलोमीटर किया पीछा कार सवार गिरधारी लाल को रुकवाने का प्रयास करने लगे। उन्होंने 3 किलोमीटर तक गिरधारी का पीछा किया। इसके बाद कार सवारों ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। जिससे गिरधारी बाइक सहित सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद कार सवारों ने लाठी डंडों से गिरधारी पर हमला बोल दिया। काफी देर तक मारपीट करने के बाद हमलावर गिरधारी को मृत समझ कर मौके पर ही छोड़कर भाग खड़े हुए। अस्पताल में कराया भर्ती हमलावरों के जाने के बाद गिरधारी ने किसी तरह अपने फोन से परिवार और साथियों को सूचना दी। जिसके बाद मौके पर पहुंचे परिजन और साथी उनको लेकर फरह के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। जहां हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रैफर कर दिया गया। हमले में गिरधारी के गंभीर चोट आई हैं। गिरधारी ने बताया कि करीब एक महीने पहले इलाके में खनन की किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी। जिसके बाद एसडीएम ने कार्यवाही करते हुए दो ट्रेक्टर ट्रॉली सीज कर दिए थे। आरोपियों ने समझा यह वीडियो गिरधारी ने बनाई है जिसकी बजह से उन पर हमला किया गया। स्थानीय पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल जिला अस्पताल में इलाज के लिए लाए गए गिरधारी ने बताया हमलावर कह रहे थे कि अधिकारी ने बताया है कि वीडियो तुमने ही बनाई थी,अधिकारी झूठ नहीं बोलते। वहीं गिरधारी ने बताया हमले की सूचना परखम पुलिस चौकी प्रभारी को दी गई तो उन्होंने कहा मुझे क्यों PRV 112 को सूचना दो। इसके बाद स्थानीय पत्रकारों ने इसकी जानकारी थाना प्रभारी छोटे लाल और एसपी सिटी राजीव कुमार को दी। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कार्यवाही में जुट गई।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के एक बहुचर्चित नाबालिग लड़की से दुष्कर्म मामले में सुनाई गई उम्रकैद की सजा को घटाकर जेल में बिताई गई अवधि तक सीमित कर दिया है। न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने सजा के खिलाफ अपील को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए दोषी सुनील को भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं में दी गई सजा से बरी कर दिया, लेकिन उसे पोक्सो एक्ट की धारा 7/9(एम )/9(एन)/10 (गंभीर लैंगिक उत्पीड़न, बिना प्रवेशन के) के तहत दोषी करार दिया। जानिये क्या है पूरा मामला 7 सितंबर 2017 को वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र में एक पांच वर्षीय बच्ची के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी उसे छत पर ले गया और उसके साथ गलत हरकत की। बच्ची के अंतःवस्त्रों पर खून के धब्बे होने और उसके रोते हुए नीचे आने की बात सामने आई थी। विशेष सत्र न्यायालय ने 17 जून 2022 को आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 50,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। आरोप साबित नहीं हो रहा हाईकोर्ट ने पाया कि अभियोजन प्रवेशन (पेनिट्रेशन) का आरोप संदेह से परे साबित नहीं कर सका। अदालत ने कई विसंगतियों को रेखांकित किया: घटना के करीब 10-12 घंटे के भीतर हुई मेडिकल जांच में बच्ची के शरीर पर कोई बाहरी या आंतरिक चोट नहीं मिली और हाइमन भी सुरक्षित पाया गया। बच्ची के शुरुआती बयान (महिला उपनिरीक्षक के समक्ष) में रक्तस्राव का कोई उल्लेख नहीं था; यह बात केवल दो महीने बाद दर्ज धारा 164 सीआरपीसी के बयान में जोड़ी गई, जिसे अदालत ने विलंबित और सुधार-युक्त माना। अभियोजन ने बच्ची के कपड़ों की फॉरेंसिक रिपोर्ट अदालत में पेश नहीं की। आरोपी की मेडिकल जांच में भी कोई चोट नहीं पाई गई।परिवार द्वारा कथित रक्तस्राव के बावजूद तुरंत डॉक्टर के पास न ले जाना और पहले ग्राम प्रधान के पास जाना, अदालत को स्वाभाविक आचरण नहीं लगा। यौन आशय का आपराध साबित नहीं खंडपीठ ने यह भी कहा कि पोक्सो एक्ट की धारा 29 के तहत लगने वाली विधिक उपधारणा तभी लागू होती है जब अभियोजन पहले मूल तथ्य ठोस साक्ष्यों से साबित करे। ट्रायल कोर्ट ने बिना यह जांचे उपधारणा का यंत्रवत उपयोग किया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि पोक्सो एक्ट की यह उपधारणा आईपीसी की धाराओं (जैसे 376) पर लागू नहीं होती। हाईकोर्ट ने माना कि बच्ची को छत पर ले जाकर लिटाना और उसके गुप्तांग पर हाथ मारना/छूना, यौन आशय से किया गया कृत्य साबित होता है, भले ही प्रवेशन साबित न हो सका हो। इस आधार पर आरोपी को पोक्सो एक्ट की धारा 10 के तहत दोषी ठहराया गया, जिसमें न्यूनतम पांच और अधिकतम सात वर्ष कारावास का प्रावधान है। चूंकि आरोपी पहले ही पांच वर्ष आठ माह जेल में बिता चुका है, अदालत ने उसे उतनी ही सजा (काटी गई अवधि) सुनाई और 50,000 रुपये का जुर्माना बरकरार रखा। आरोपी को तत्काल जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया गया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोनभद्र के चर्चित दोहरे हत्याकांड में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी अशोक शर्मा को सभी आरोपों से बरी कर दिया। ट्रायल कोर्ट ने उसे गर्भवती महिला सुनीता शर्मा और उसकी तीन वर्षीय पुत्री झलक की हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी, हाईकोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। सजा के विरूद्ध अशोक शर्मा की अपील पर न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने सुनवाई की। आरोपी का पक्ष रखने के लिए अदालत ने वरिष्ठ अधिवक्ता विनय सरण और अतुल कुमार पांडे को न्याय मित्र नियुक्त किया था। जानिये क्या था मामला मामला सोनभद्र जिले के चोपन थाना क्षेत्र का है। 21 दिसंबर 2010 की सुबह मृतका सुनीता के पिता सतीश कुमार शर्मा को सूचना मिली कि उनकी पुत्री सुनीता और तीन वर्षीय नातिन झलक की हत्या कर दी गई है। दोनों के गले में साड़ी का फंदा बंधा हुआ था और शवों को जलाने का भी प्रयास किया गया था। एफआईआर में आरोप लगाया गया कि सुनीता की सास गीता देवी और अशोक शर्मा के बीच कथित अवैध संबंध थे तथा सुनीता इस संबंध में बाधक बन रही थी, इसलिए उसकी और उसकी बेटी की हत्या कर दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की मौत का कारण गला दबाकर हत्या बताया गया। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि सुनीता लगभग 26 से 30 सप्ताह की गर्भवती थी। बचाव पक्ष की दलीलें आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विनय सरन और अतुल कुमार पांडे (दोनों न्याय मित्र)सहित अन्य अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि अशोक शर्मा को केवल संदेह और सुनी-सुनाई बातों के आधार पर फंसाया गया है। कथित प्रत्यक्षदर्शी गवाह दो रीता देवी और गवाह चार सुनील शर्मा की गवाही विरोधाभासों से भरी हुई है तथा उनका आचरण पूरी तरह अप्राकृतिक है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि चिकित्सीय साक्ष्य प्रत्यक्षदर्शियों के बयान का समर्थन नहीं करते और अभियोजन आरोपी की घटनास्थल पर मौजूदगी तक साबित नहीं कर सका। राज्य सरकार का पक्ष सरकारी अधिवक्ता एजीए अमित सिन्हा ने दलील दी कि एफआईआर तत्काल दर्ज हुई थी और अभियोजन का मामला दो प्रत्यक्षदर्शी गवाहों की विश्वसनीय गवाही से समर्थित है। घटनास्थल से बरामद सामग्री भी अभियोजन की कहानी की पुष्टि करती है। राज्य ने यह भी कहा कि गर्भवती महिला और मासूम बच्ची की हत्या दुर्लभतम से दुर्लभ श्रेणी का अपराध है, इसलिए फांसी की सजा उचित थी। हाईकोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणियां न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने कहा कि कथित प्रत्यक्षदर्शी गवाहों का व्यवहार सामान्य मानवीय आचरण के विपरीत था। अदालत ने पाया कि दोनों गवाहों ने हत्या होते देखने का दावा किया, लेकिन न तो शोर मचाया, न पड़ोसियों को बुलाया और न ही तत्काल पुलिस को सूचना दी। कोर्ट ने यह भी कहा कि दोनों गवाहों के बयानों में गंभीर विरोधाभास हैं और चिकित्सीय साक्ष्य भी उनके कथन का समर्थन नहीं करते। गवाहों ने दावा किया था कि हत्या साड़ी से गला कसकर की गई, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फंदे के निशान नहीं पाए गए और मृत्यु का कारण हाथों से गला दबाना बताया गया। खंडपीठ ने स्पष्ट कहा कि प्रत्यक्षदर्शी गवाह दो और चार की गवाही पूरी तरह अविश्वसनीय है और उन्हें प्रत्यक्षदर्शी नहीं माना जा सकता। इनके बयान हट जाने के बाद आरोपी अशोक शर्मा की घटनास्थल पर मौजूदगी या अपराध में संलिप्तता साबित करने वाला कोई स्वतंत्र साक्ष्य रिकॉर्ड पर नहीं बचता। फैसला हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को कानून और तथ्यों दोनों के आधार पर त्रुटिपूर्ण बताते हुए निरस्त कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी अशोक शर्मा के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप संदेह से परे साबित नहीं कर पाया है। परिणामस्वरूप आरोपी को बरी करते हुए तत्काल रिहा करने का आदेश दिया गया। दंड अपील स्वीकार कर ली गई।
लंबित भुगतान और निर्माण विभागों में कथित अनियमितताओं को लेकर छत्तीसगढ़ के ठेकेदारों ने अर्धनग्न प्रदर्शन किया,छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन के बैनर तले शुक्रवार को प्रदेशभर के ठेकेदार नवा रायपुर में जुटे। विधानसभा घेराव के लिए निकले ठेकेदारों को पुलिस ने विधानसभा से करीब 200 मीटर पहले ही बैरिकेडिंग कर रोक दिया। इस दौरान ठेकेदारों ने अर्धनग्न प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे ठेकेदार तूता स्थित धरना स्थल पर एकत्र हुए थे। यहां से विधानसभा की ओर कूच शुरू करते ही पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। प्रदर्शन के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने आरोप लगाया कि लंबित भुगतान नहीं होने से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और ठेकेदार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन की ओर से कई बार ज्ञापन सौंपे गए और जल जीवन मिशन कार्यालय का घेराव भी किया गया, लेकिन अब तक भुगतान की प्रक्रिया में तेजी नहीं आई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पुलिस बल के जरिए विधानसभा घेराव रोक दिया, लेकिन ठेकेदार अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखेंगे। उनका कहना है कि जब तक समस्याओं का समाधान नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा। दो दिन बाद तय होगी अगली रणनीति बीरेश शुक्ला ने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन समेत कई निर्माण विभागों में भ्रष्टाचार, अफसरशाही और मनमानी का माहौल है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी ठेकेदार डेढ़ से दो साल तक भुगतान के लिए भटक रहे हैं। साथ ही एग्रीमेंट की शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दो दिन बाद एसोसिएशन की बैठक में आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी। ठेकेदारों की प्रमुख मांगें 2200 करोड़ रुपए के लंबित बिलों का तत्काल भुगतान। करीब 3000 करोड़ रुपए के आगामी बिलों के भुगतान के लिए अग्रिम बजट। एग्रीमेंट के अनुसार रनिंग और पार्ट पेमेंट तत्काल शुरू किया जाए। 100% कार्य पूरा होने पर पूरा भुगतान किया जाए। एग्रीमेंट के बाद लागू अतिरिक्त नियम समाप्त किए जाएं। अगले छह महीने के कार्यों के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जाए। फंड की कमी से विकास कार्य प्रभावित न हों। भ्रष्ट अधिकारियों की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए। ठेकेदारों के साथ अनुबंध के अनुसार न्यायपूर्ण व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।
प्रयागराज में एक वाटर प्लांट संचालक ने फूलपुर के भाजपा ब्लॉक प्रमुख विपेंद्र सिंह पटेल समेत 7 पर एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि रंगदारी न देने पर उसे पहले अगवा कर फॉर्म हाउस में ले जाकर बंधक बनाया गया और फिर पिटाई की गई। आई फोन छीन लिया गया और धमकी दी गई। घटना 14 जुलाई की है जिसकी एफआईआर 16 जुलाई की रात 11 बजे दर्ज हुई। 10 हजार रुपये हर महीने की मांगसरायइनायत के बनी गांव निवासी हिमांशू सिंह नेता चौराहा, अल्लापुर स्थित एक मकान में किराये पर रवि वाटर प्लांट के नाम से पानी सप्लाई का काम करता है। उसका आरोप है कि सीएमपी डिग्री कॉलेज के पीछे रहने वाले भाजपा ब्लॉक प्रमुख विपेंद्र सिंह पटेल कई बार उनसे जार्जटाउन क्षेत्र में कारोबार करने के एवज में हर महीने 10 हजार रुपये रंगदारी मांग चुके थे। रुपये देने से इनकार करने पर उसे लगातार धमकियां मिल रही थीं।पहले ऑफिस बुलाकर मोबाइल छीना, पासवर्ड भी लियाहिमांशू का आरोप है कि 14 जुलाई की दोपहर करीब एक बजे विपेंद्र सिंह ने फोन कर बातचीत के बहाने अपने कार्यालय बुलाया। वहां पहुंचते ही कमरे का दरवाजा बंद कर दिया गया। आरोप है कि उनका आईफोन-13 छीन लिया गया, जान से मारने की धमकी देकर मोबाइल का पासवर्ड भी ले लिया गया। बाद में दो घंटे में रुपये लेकर आने पर मोबाइल लौटाने की बात कही गई। कर्मचारी शिवम मोबाइल लेने पहुंचा तो उसे भी धमकाकर लौटा दिया गया।शाम को वाटर प्लांट से किया अपहरणपीड़ित के मुताबिक, उसी दिन शाम करीब 7:15 बजे वह अपने कर्मचारियों शिवम, शिवा और डीके के साथ वाटर प्लांट पर मौजूद था। तभी एक ब्लैक पल्सर और बिना नंबर की एक्टिवा स्कूटी से साहिल सिंह, शैलेश भारतीय और दो अन्य लोग पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने पिस्टल दिखाकर जबरन स्कूटी पर बैठाया और कहा कि विपेंद्र सिंह फार्महाउस पर बुला रहे हैं, नहीं चले तो गोली मार देंगे।फार्महाउस में बंधक बनाकर बेरहमी से पीटाआरोप है कि लीलापुर रोड स्थित फार्महाउस ले जाकर हिमांशू को बंधक बनाया गया। वहां विपेंद्र सिंह, साहिल सिंह, शैलेश भारतीय और दो अन्य लोगों ने रंगदारी नहीं देने की बात कहते हुए पिस्टल की बट, लात, घूंसों और डंडों से बेरहमी से पीटा। हमलावर गोली मारने ही वाले थे, तभी बाहर किसी के दरवाजा खटखटाने पर आरोपी घबरा गए।त्रिवेणीपुरम गेट के पास फेंककर फरारपीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने अपने साथियों से उसे त्रिवेणीपुरम गेट के पास छोड़ आने को कहा। वहां से उसने एक राहगीर के मोबाइल से अपने पिता को फोन किया। परिजन उसे पहले टैगोर टाउन स्थित एक निजी क्लीनिक ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। एफआईआर के समय तक वह अस्पताल में भर्ती था।कर्मचारियों ने किया पीछा, 112 पर भी दी गई सूचनाएफआईआर के मुताबिक, अपहरण के दौरान कर्मचारियों ने पीछा करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें गोली मारने की धमकी देकर भगा दिया गया। कर्मचारी शिवम ने हिमांशू के पिता को सूचना दी, जिसके बाद उन्होंने 112 पर कॉल किया। बाद में जार्जटाउन थाने जाने की सलाह दी गई।इन लोगों को बनाया गया आरोपीपुलिस ने भाजपा ब्लॉक प्रमुख विपेंद्र सिंह पटेल, साहिल सिंह, शैलेश भारतीय और दो अज्ञात समेत कुल सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दूसरे पक्ष ने भी लिखाई एफआईआर उधर पुलिस ने बताया कि दूसरे पक्ष ने भी हिमांशु पर एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें मारपीट, धमकी और ब्लैकमेलिंग समेत अन्य आरोप हैं। जार्जटाउन के प्रभारी थानाध्यक्ष ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जांच की जा रही है।
नाबालिग को अश्लील वीडियो दिखा ब्लैकमेल का मामला:हाईकोर्ट नाराज, विवेचना अधिकारी स्पष्टीकरण सहित तलब
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक ब्लैकमेलिंग और यौन उत्पीड़न के मामले में विवेचना में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए संबंधित जांच अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। प्रयागराज के सोरांव थाना क्षेत्र में दर्ज मामले में आरोपी रविशंकर उर्फ रवि कुमार पर बी.एन.एस.एस. की धारा 87 और 64(1) के तहत आरोप है। जानिये क्या है मामला पीड़िता के अनुसार आरोपी, जो उसका रिश्ते में चचेरा भाई बताया गया है, उसके घर आया और उसे नशीला पदार्थ मिला हुआ कोल्ड ड्रिंक पिला दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। होश में आने पर उसने खुद को निर्वस्त्र पाया। इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर उसे फोन कर एक अश्लील वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल करना शुरू किया और उस पर दबाव बनाकर अपनी मां के गहने लेकर इंदौर रेलवे स्टेशन बुलाया। वहां पहुंचने पर जी.आर.पी. ने पीड़िता को हिरासत में लिया। बयान वाला वीडियो है ही नहीं आरोपी का यह भी कहना है कि वह मूल एफ.आई.आर. में नामजद नहीं था, और बाद में पीड़िता की बरामदगी पर उसके बयान दर्ज किए जाने पर उसका नाम सामने आया। बचाव पक्ष के वकील ने यह भी दलील दी कि पीड़िता के बयान में जिस वीडियो का जिक्र है, वैसा कोई वीडियो मौजूद ही नहीं है। केस डायरी में साक्ष्य ही नहीं राज्य सरकार की ओर से स्वीकार किया गया कि केस डायरी में ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है जिससे यह पता चले कि जांच अधिकारी ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर यह जांचा हो कि उसमें वह कथित अश्लील वीडियो मौजूद था या नहीं। इस पर नाराजगी जताते हुए न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ ने कहा कि पूरा मामला ही पीड़िता के अश्लील/न्यूड वीडियो पर आधारित है, बावजूद इसके जांच अधिकारी ने आरोपी का मोबाइल फोन जांच के लिए जब्त तक नहीं किया ।यह जांच अधिकारी की घोर लापरवाही है। कोर्ट ने जांच अधिकारी को 23 जुलाई 2026 को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होकर इस लापरवाही के संबंध में स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। और यह आदेश पालन हेतु पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट प्रयागराज को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई भी 23 जुलाई 2026 को नियत की गई है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्राथमिक शिक्षक एवं प्राथमिक शिक्षक (विशेष शिक्षा) -2026 के चयनित उम्मीदवारों के लिए दस्तावेज अपलोड एवं सत्यापन की कार्यवाही शनिवार से शुरू होगी। कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित वर्ष 2025 की परीक्षा के परिणाम के आधार पर चयनित उम्मीदवारों के लिए यह प्रक्रिया 18 जुलाई 2026 से शुरू होगी।लोक शिक्षण संचालनालय ने इस परीक्षा के रिजल्ट घोषित होने के तीन दिन बाद वेरिफिकेशन के लिए सूचना जारी कर दी है। चयनित प्रतिभागियों को 18 से 20 जुलाई 2026 तक एमपी ऑनलाइन पोर्टल trc.mponline.gov.in पर प्रोफाइल पंजीयन, दस्तावेज अपलोड तथा जिला विकल्प का चयन करना होगा। इसके बाद 19 से 21 जुलाई 2026 तक जिला स्तर पर दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि उम्मीदवारों को दस्तावेज अपलोड करने के अगले दिन स्वयं चयनित दस्तावेज सत्यापन केंद्र पर उपस्थित होकर सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। तय समय-सीमा में प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाले प्रतिभागियों को चयन प्रक्रिया से बाहर माना जाएगा तथा उनकी नियुक्ति पर विचार नहीं किया जाएगा। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध सूचनाओं पर नजर बनाए रखें।
चर्चित दिनेश मकवाना आत्महत्या प्रकरण में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने शुक्रवार को सिंगल बेंच द्वारा दिए गए सीबीआई जांच के आदेश को निरस्त कर दिया। इसके साथ ही सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर भी रद्द कर दी गई। मामला शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना की आत्महत्या से जुड़ा है, जो उस समय काफी चर्चाओं में रहा था। आत्महत्या के पीछे प्रशासनिक दबाव और अधिकारियों की भूमिका को लेकर उठे सवालों के बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा था। सुनवाई के दौरान सिंगल बेंच ने उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित की भूमिका की जांच सीबीआई से कराने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इस आदेश को चुनौती देते हुए दायर अपील पर सुनवाई के बाद डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के फैसले को पलट दिया। अदालत ने माना कि मामले में सीबीआई जांच जारी रखने के लिए पर्याप्त आधार नहीं हैं। इसी के चलते जांच के आदेश निरस्त कर दिए गए और सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर भी रद्द कर दी गई। कानूनी स्थिति में आया बड़ा बदलाव डिवीजन बेंच के फैसले के बाद मंदाकिनी दीक्षित के खिलाफ सीबीआई जांच की प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त हो गई है। कोर्ट के आदेश के बाद अब इस प्रकरण में सीबीआई की कोई जांच नहीं होगी।
ग्वालियर के हजीरा थाना क्षेत्र में 9 वर्षीय मासूम बच्ची से दुष्कर्म और उसकी बेरहमी से हत्या करने वाले दरिंदे कल्लू राठौड़ उर्फ कल्ला की फांसी की सजा को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की डबल बेंच ने उम्रकैद में तब्दील कर दिया है। हालांकि, यह सामान्य उम्रकैद नहीं है। आरोपी को अंतिम सांस तक जेल में ही रहना होगा। कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए यह सजा सुनाई है। इससे पहले विशेष पॉक्सो कोर्ट (11वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश) ने 12 दिसंबर 2023 को इस जघन्य हत्याकांड को अत्यंत क्रूर मानते हुए कल्लू को फांसी की सजा सुनाई थी। नियम के मुताबिक, मृत्युदंड की पुष्टि (कन्फर्मेशन) के लिए मामला हाईकोर्ट भेजा गया था। वहीं, दोषी ने भी अपनी सजा के खिलाफ अपील दायर की थी। आइसक्रीम का लालच देकर किया दुष्कर्म यह रूह कंपा देने वाली वारदात हजीरा थाना क्षेत्र की है। 9 साल की एक मासूम बच्ची अपने घर के पास स्थित मंदिर परिसर में खेल रही थी। तभी वहां रहने वाले कल्लू राठौड़ की नीयत खराब हो गई। उसने बच्ची को आइसक्रीम खिलाने का लालच दिया और बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। जब बच्ची काफी देर तक घर नहीं लौटी, तो परेशान परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। रास्ते में परिजनों को कल्लू मिला तो उसने झूठ बोलकर उन्हें गुमराह किया। उसने कहा कि बच्ची आइसक्रीम खाकर घर के लिए निकल गई है। काफी तलाश के बाद मासूम का लहूलुहान शव मां वैष्णोपुरम पोहा मिल के पास रेलवे क्रॉसिंग के नजदीक झाड़ियों में छिपा मिला। दरिंदे ने पहले बच्ची से दुष्कर्म किया और फिर पकड़े जाने के डर से भारी पत्थर से उसका सिर कुचलकर बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया था। जानिए क्यों टली फांसी की सजाहाईकोर्ट की डबल बेंच ने मामले के सभी कानूनी और तकनीकी पहलुओं की समीक्षा करने के बाद फांसी की सजा को खारिज कर दिया। अदालत ने पाया कि आरोपी का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और न ही इस बात के ठोस प्रमाण हैं कि वह भविष्य में समाज के लिए स्थायी खतरा साबित होगा। इन्हीं कानूनी पहलुओं के आधार पर न्यायालय ने इस मामले को 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' (दुर्लभ से दुर्लभतम) की श्रेणी में नहीं माना। हालांकि, अपराध की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने आदेश दिया कि दोषी अपनी अंतिम सांस तक जेल में ही रहेगा।
मध्यप्रदेश में निजी कोचिंग संस्थानों पर पहली बार व्यापक नियमन लागू करने की तैयारी है। सरकार मानसून सत्र में निजी कोचिंग संस्थान (पंजीयन एवं विनियमन) विधेयक, 2026 पेश कर सकती है। प्रस्तावित कानून के तहत यदि कोई छात्र बीच में कोचिंग छोड़ता है तो संस्थान को 10 दिन के भीतर शेष फीस वापस करनी होगी। इसके साथ ही पंजीयन, प्रवेश, विज्ञापन और संचालन से जुड़े कई नए नियम लागू होंगे। उद्योगों को मिलेगी सिंगल विंडो मंजूरी सरकार 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' विधेयक, 2026 लाने की तैयारी में है। इसके तहत उद्योग लगाने के लिए अलग-अलग विभागों से अनुमति लेने की व्यवस्था समाप्त कर एकीकृत प्रणाली बनाई जाएगी। सभी मंजूरियां एक ही प्लेटफॉर्म से मिलेंगी और निवेशकों को विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे परियोजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। निजी विश्वविद्यालय खोलने के नियम होंगे आसान निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक, 2026 में भूमि सहित कई शर्तों में बदलाव का प्रस्ताव है। नई शिक्षा नीति के अनुरूप आधारभूत ढांचे, शैक्षणिक गुणवत्ता और अन्य मानकों को सरल बनाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य निजी क्षेत्र में उच्च शिक्षा के नए निवेश को बढ़ावा देना है। ऊंची इमारतों में फायर सेफ्टी अनिवार्य अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विधेयक, 2026 के तहत 15 मीटर से अधिक ऊंची इमारतों, बड़े स्कूलों, छात्रावासों, अस्पतालों, मॉल और व्यावसायिक परिसरों में फायर सेफ्टी के कड़े मानक लागू किए जाएंगे। नियमों का पालन नहीं करने पर दंड का प्रावधान रहेगा। इसके साथ ही फायर सेफ्टी टैक्स लगाने का भी प्रस्ताव है। श्रम कानूनों का होगा एकीकरण मध्यप्रदेश श्रम संहिता, 2026 के जरिए विभिन्न श्रम कानूनों को एकीकृत किया जाएगा। उद्योगों के लिए अनुपालन प्रक्रिया सरल बनाने के साथ श्रमिकों के अधिकारों और कार्यस्थल की व्यवस्थाओं को नए प्रावधानों के अनुसार व्यवस्थित किया जाएगा। नागरिक सुरक्षा कानून में डिजिटल व्यवस्था मध्यप्रदेश नागरिक सुरक्षा संहिता (संशोधन) विधेयक, 2026 में बीएनएसएस के अनुरूप न्यायिक और पुलिस प्रक्रियाओं को अधिक डिजिटल बनाने का प्रस्ताव है। इससे जांच और प्रशासनिक प्रक्रिया को तकनीक आधारित और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा। समान नागरिक संहिता पर भी आएगा विधेयक सरकार मानसून सत्र में मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक, 2026 भी पेश कर सकती है। प्रस्तावित कानून में विवाह, तलाक, गोद लेने और उत्तराधिकार जैसे मामलों में सभी धर्मों के लिए समान कानूनी व्यवस्था लागू करने का प्रावधान रखा गया है। महिलाओं और बच्चों के अधिकारों को लेकर भी विशेष प्रावधान शामिल किए जाने की तैयारी है।
प्रयागराज के झूंसी थाना क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर सर्विस रोड पर खेल रहे बच्चे को कार सवार कुचलता हुआ फरार हो गया जिसमें तीन वर्षीय मासूम अभिषेक की मौत हो गई। बताया गया कि बच्चा रोड पर खेल रहा था, तभी तेज रफ्तार कार पीछे से आई बिना ब्रेक लगाए बच्चे को कुचलते हुए निकल गयी। हादसे में मासूम की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे परिजनों में कोहराम मच गया। देखें तस्वीर.. घटना शुक्रवार दोपहर की है जिसका CCTV विडियो सामने आया है VIDEO के अनुसार झूंसी के सर्विस रोड पर दो तीन बच्चे जा रहे थे और आपस में खेलने के दौरान एक बच्चा जिद करके रोड पर लेट गया इस दौरान पीछे से आ रही कार ने सीधा बिना ब्रेक लगाए बच्चे को कुचलते हुए निकल गया और रुका भी नहीं। जिसके बाद पीछे से एक मासूम दौड़ कर आया और गोद में उठाकर ले गया। बाद में आस पास लोग इकट्ठा हो गए हॉस्पिटल लेकर गए जहां डाक्टरों ने मृत्यु घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार घटना के संबंध में प्राप्त तहरीर के आधार पर झूंसी थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हादसे में शामिल कार और उसके चालक की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। घटना के बाद पुलिस ने आवश्यक पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर मासूम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौके पर कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य रही। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और फरार चालक की तलाश के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है।
मुरादाबाद। जौहर विश्वविद्यालय के स्नातक और परास्नातक प्रथम सेमेस्टर के छात्रों को बड़ी राहत मिली है। विश्वविद्यालय की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) ने ऐसे विद्यार्थियों को अपने संबद्ध महाविद्यालयों में प्रवेश देने का निर्णय लिया है। इसके लिए 20 जुलाई से विशेष पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। रामपुर के जिलाधिकारी ने जौहर विश्वविद्यालय की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कुलपति प्रो. सचिन माहेश्वरी से छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने का अनुरोध किया था। इस पर विचार करने के बाद जीजेयू प्रशासन ने यह विशेष व्यवस्था करने का फैसला किया है। जीजेयू में नए सत्र के लिए सामान्य पंजीकरण 15 जुलाई को समाप्त हो चुके हैं और महाविद्यालयों में सीट लॉक करने की प्रक्रिया जारी है। इसके बावजूद, जौहर विश्वविद्यालय के छात्रों का शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो, इसके लिए प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश ले चुके विद्यार्थियों के लिए अलग से पंजीकरण खोले जाएंगे। पंजीकरण पूरा करने के बाद छात्र जीजेयू से संबद्ध किसी भी महाविद्यालय में निर्धारित नियमों के तहत प्रवेश ले सकेंगे। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि जौहर विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने वाले प्रथम सेमेस्टर के छात्रों की पढ़ाई आगे नहीं चल पाती है, तो उनकी जमा फीस वापस कराने की प्रक्रिया रामपुर प्रशासन द्वारा कराई जाएगी। हालांकि, जीजेयू में प्रवेश लेने के लिए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की निर्धारित पंजीकरण और प्रवेश शुल्क अलग से जमा करना होगा। वहीं, जौहर विश्वविद्यालय के द्वितीय, तृतीय और अन्य सेमेस्टर के विद्यार्थियों को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इन छात्रों के स्थानांतरण और आगे की पढ़ाई की व्यवस्था पर प्रवेश काउंसिलिंग समिति अलग से फैसला करेगी। गौरतलब है कि जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को अवैध घोषित किए जाने के बाद उन्हें ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। विकास प्राधिकरण ने विश्वविद्यालय प्रबंधन को भवन हटाने के लिए 20 दिन का समय दिया है। इसी कारण वहां अध्ययनरत हजारों विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई थी, जिसके समाधान के लिए प्रथम सेमेस्टर के छात्रों के लिए यह विशेष व्यवस्था की गई है।
सोनभद्र के विंढमगंज थाना क्षेत्र में गुरुवार की देर रात ग्राम हीराचक बैगा धाम के समीप एनएच-39 पर अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हीराचक बस्ती से अपने गांव लौट रहे बाइक सवार युवकों को विपरीत दिशा से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। राहगीरों ने तत्काल डायल-112 पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही विंढमगंज थाना प्रभारी निरीक्षक रविकांत मिश्रा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मृतकों की पहचान अखिलेश कुमार (35) पुत्र शिवप्रसाद और अंकुर (25) पुत्र छट्ठू, दोनों निवासी देवड़ी के रूप में की और दोनो एक ही गाँव के रहने वाले थे। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि अखिलेश कुमार अपने ससुराल आए हुए थे और वहीं से वापस लौटते समय यह हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजनों में शोक छा गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि बैगा धाम के आगे मुख्य सड़क किनारे लगे महुआ के पेड़ों वाले क्षेत्र में पहले भी कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। उनका कहना है कि यह स्थान दुर्घटना संभावित क्षेत्र बन चुका है, जहां अक्सर हादसे होते रहते हैं। पुलिस ने अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है। इस असामयिक घटना से पूरे क्षेत्र में गम का माहौल है।
मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र में प्रेम संबंध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक शादीशुदा युवक ने दूसरी शादी का दबाव बनाने के लिए अपनी प्रेमिका को सड़क पर रोककर पहले मारपीट की और फिर गोली मार दी। युवती के कान के पास सिर में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसे पुलिस 24 घंटे बाद भी गिरफ्तार नहीं कर पाई है। पुलिस के अनुसार, गड्ढे वाली मस्जिद निवासी कैफ उर्फ बल्लू की शादी लगभग दस महीने पहले उसकी मामा की बेटी से हुई थी। शादी के बावजूद उसका एक युवती से प्रेम संबंध बना रहा। आरोप है कि कैफ लगातार अपनी प्रेमिका पर दूसरी शादी करने का दबाव बना रहा था, जिसे युवती ने मानने से इनकार कर दिया था। गुरुवार रात आरोपी कैफ ने दिल्ली रोड पर युवती का पीछा करना शुरू किया। अंजुम पैलेस के पास उसने युवती की बाइक रुकवाई और गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। युवती के विरोध करने पर कैफ ने तमंचा निकालकर दो गोलियां चलाईं। पहली गोली चूक गई, लेकिन दूसरी गोली युवती के सिर के पास कान के नजदीक जा लगी। गोली लगते ही युवती सड़क पर गिर पड़ी। उसके साथ मौजूद सहेली और उसके पति ने किसी तरह अपनी जान बचाई। राहगीरों की मदद से घायल युवती को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। घटना के बाद अस्पताल में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। घायल युवती का उपचार जारी है और उसकी हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। परिजनों की मुलाकात भी सीमित कर दी गई है। पुलिस अस्पताल आने-जाने वाले लोगों पर भी कड़ी नजर रख रही है। सीओ कोतवाली संग्राम सिंह ने बताया कि युवती के पिता की तहरीर पर आरोपी कैफ के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। चिकित्सकों की निगरानी में युवती का इलाज चल रहा है, जबकि आरोपी अभी भी फरार है। 24 घंटे बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर आरोपीदिनदहाड़े जैसी दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी कैफ फरार है। उसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।थाना प्रभारी दलवीर सिंह ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
पांच साल पुराने राजस्व मुकदमों को इसी माह निपटाएं अफसर:प्रयागराज डीएम ने अफसरों को दिए सख्त निर्देश
प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने शुक्रवार शाम संगम सभागार में राजस्व कार्यों और आईजीआरएस (IGRS) मामलों की समीक्षा की। इस दौरान यह सामने आया कि तहसील स्तर पर राजस्व वादों के निस्तारण में देरी के कारण जिले की प्रदेश में रैंकिंग लगातार गिर रही है। इस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पांच वर्ष से अधिक पुराने सभी राजस्व वादों का निस्तारण इसी महीने किया जाए। जिलाधिकारी वर्मा ने स्पष्ट किया कि जुलाई माह के बाद जिले के किसी भी न्यायालय में पांच वर्ष से अधिक पुराना कोई भी मामला लंबित नहीं मिलना चाहिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने तीन साल से अधिक पुराने मुकदमों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए उन्हें अभियान के रूप में निपटाने के निर्देश दिए। बैठक में नामांतरण (म्यूटेशन) के मामलों को लेकर जिलाधिकारी विशेष रूप से सख्त दिखे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी तहसील में निर्धारित समय-सीमा के एक सप्ताह बाद भी म्यूटेशन से संबंधित कोई फाइल लंबित पाई जाती है, तो संबंधित तहसीलदार या उपजिलाधिकारी के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अंश निर्धारण से संबंधित सभी लंबित मामलों को 30 जुलाई तक पूरी तरह समाप्त करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने धारा-34, धारा-80 और धारा-116 के अंतर्गत आने वाले प्रकरणों की विशेष समीक्षा की। उन्होंने उन तहसीलों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए जिनकी रैंकिंग इन धाराओं के निस्तारण में संतोषजनक नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि रैंकिंग सुधारने का एकमात्र तरीका समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण है। अधिकारियों को यह भी हिदायत दी गई कि वे जमीन के विवादों के मामलों को केवल फाइलों में ही न सुलझाएं, बल्कि स्वयं मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच करें और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। सभी उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को अपने न्यायालयों में नियमित रूप से उपस्थित होकर मुकदमों की निरंतर सुनवाई करने के निर्देश दिए गए। अभिलेखों में त्रुटि सुधार से संबंधित एक वर्ष से लंबित प्रकरणों की संख्या को इसी माह शून्य करना अनिवार्य बताया गया। इसके अतिरिक्त, कृषक दुर्घटना से संबंधित समय-सीमा से अधिक लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण कर पीड़ितों को राहत पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए। राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली 'फार्मर रजिस्ट्री' के कार्यों में गति लाते हुए इसे समयबद्ध पूरा किया जाए। डीएम ने बैठक में अनुपस्थित रहने या कार्य में उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों को फटकार लगाई।
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) की ओर से विकसित किए जा रहे खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना में फ्लैटों एवं भूखंडों का कब्जा नवरात्रि तक मिल जाएगा। शुक्रवार को GDA उपाध्यक्ष ने इस योजना का औचक निरीक्षण किया और जल्द से जल्द काम पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सड़क, नाली, सीवर, बिजली आपूर्ति सहित सभी इंफ्रास्ट्रक्चर के काम समय से पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि कब्जा देने में विलंब नहीं होना चाहिए क्योंकि नवरात्रि के शुभ समय में अधिकतर लोग अपने घरों में प्रवेश करना चाहेंगे।प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने कहा कि रेरा से जुड़ी जो भी औपचारिकताएं बाकी रह गई हैं, उसे भी समय रहते पूरा कर लिया जाए। खोराबार टाउनशिप में लगभग 2000 फ्लैट और 312 आवासीय भूखंड विकसित किए जा रहे हैं। मेडिसिटी योजना में क्लीनिक लेन में 46 बड़े भूखंड विकसित किए गए हैं। यहां अस्पताल, नर्सिंग होम, डायग्नोस्टिक सेंटर तथा स्वास्थ्य से जुड़े अन्य संस्थान बनाएजा सकेंगे। परियोजना के अंतर्गत ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, मिनी एमआईजी एवं एमआईजी भवनों का निर्माण तेजी से पूरा किया जा रहा है। मिनी एमआईजी श्रेणी के तहत दो ब्लाकों में 420 आवास बनाए जा रहे हैं। एक ब्लाक का निर्माण पूरा हो चुका है। दूसरे में अंतिम फिनिशिंग का काम चल रहा है। एलआईजी श्रेणी के 480 फ्लैटों में एक ब्लाक पूरी तरह तैयार है। दूसरे में निर्माण व फिनिशिंग का काम तेजी से चल रहा है। ईडब्ल्यूएस श्रेणी के सात ब्लाकों में से पांच अगले माह तक तैयार हो जाएंगे, जहां लगभग 400 आवासों का कब्जा देने की तैयारी है। एमआइजी श्रेणी के 10 ब्लाकों में निर्माण कार्य प्रगति पर है और 560 फ्लैट अगस्त-सितंबर तक तैयार होने की संभावना है। हाल ही में जीडीए ने टाउनशिप तक पहुंचने वाले 18 मीटर चौड़े मुख्य मार्ग से अतिक्रमण भी हटाया है, जिससे परियोजना तक आवागमन सुगम हो सके।निरीक्षण के दौरान विशेष कार्याधिकारी प्रखर उत्तम, प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह, अधिशासी अभियंता राकेश प्रताप, संजय सिंह, सहायक अभियंता एके तायल, आज्ञाराम वर्मा आदि उपस्थित रहे। GDA उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने कहा कि तय समय से काम पूरा कर नवरात्रि तक आवासों का कब्जा आवंटियों को दे दिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान सभी कार्यों को समय से पूरा करने को कहा गया है।
चलती कार में हथियार लहराने का आरोपी अरेस्ट:मेरठ में पुलिस फरार साथियों को ढूंढ रही
मेरठ में चलती कार में हथियार लहराने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस वीडियो में दिख रहे अन्य फरार युवकों की तलाश कर रही है। शुक्रवार को पुलिस ने दावा किया कि सभी आरोपियों की पहचान हो चुकी है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह मामला तब सामने आया जब गुरुवार को सोशल मीडिया पर लगभग 16 सेकंड का एक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में तेज रफ्तार कार के भीतर बैठे पांच युवक खुलेआम पिस्टल, चाकू और अन्य धारदार हथियार लहराते हुए दिखाई दे रहे थे। वीडियो के वायरल होते ही लोगों में भय फैल गया, जिसके बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस ने वीडियो में दिख रहे मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी एक पुलिस इंस्पेक्टर का बेटा है। उसकी तलाशी में एक चाकू भी बरामद हुआ। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया। अब पुलिस का ध्यान वीडियो में मौजूद अन्य युवकों की गिरफ्तारी पर है। पुलिस टीमों ने उनकी पहचान कर ली है, लेकिन कार्रवाई की भनक लगते ही सभी आरोपी अपने घरों से फरार हो गए। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। इसके साथ ही, घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि के लिए वायरल वीडियो की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है। लालकुर्ती थाना प्रभारी हरेंद्रपाल सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य आरोपियों की भी पहचान हो गई है और उनकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि शादी का वादा पूरा नहीं होना या बाद में विवाह से इनकार कर देना मात्र किसी व्यक्ति को दुष्कर्म और आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दुष्कर्म का अपराध तभी बनता है, जब यह साबित हो कि आरोपी ने शुरू से ही शादी करने की मंशा नहीं रखी और केवल शारीरिक संबंध बनाने के उद्देश्य से झूठा वादा किया था। जस्टिस राजेंद्र कुमार वानी की सिंगल बेंच ने शुक्रवार को ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा को निरस्त करते हुए आरोपी को सभी आरोपों से बरी कर दिया। दरअसल एक मामले में आरोपी और युवती के बीच प्रेम संबंध थे। आरोप था कि युवक ने शादी का भरोसा देकर युवती से शारीरिक संबंध बनाए, जिससे वह गर्भवती हो गई। बाद में विवाह से इनकार करने पर युवती ने आत्महत्या कर ली। डीएनए जांच में आरोपी को गर्भस्थ शिशु का जैविक पिता पाया गया था। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पाया कि दोनों के संबंधों की जानकारी युवती के परिवार को भी थी और उन्होंने कभी इसका विरोध नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि आरोपी ने शुरुआत से ही धोखा देने की नीयत से विवाह का वादा किया था। ऐसे में दोनों के बीच बने संबंधों को सहमति से स्थापित संबंध माना जाएगा, न कि दुष्कर्म। आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप पर भी कोर्ट ने कहा कि केवल शादी से इनकार करना या विवाह के लिए शर्त रखना, आत्महत्या के लिए उकसाने की श्रेणी में नहीं आता। अभियोजन यह साबित नहीं कर सका कि आरोपी ने ऐसा कोई प्रत्यक्ष कृत्य किया, जिसने युवती को आत्महत्या के लिए उकसाया हो। कोर्ट ने निष्कर्ष निकाला कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। इसी आधार पर ट्रायल कोर्ट का फैसला रद्द करते हुए आरोपी को बरी कर दिया गया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने प्रदेश में निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों के संचालन को लेकर राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। न्यायालय ने वर्ष 2019 की सरकारी नीति पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब गोवंश आश्रय स्थलों की स्थापना, संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी स्थानीय निकायों की है, तो पशुपालन विभाग सीधे स्वयंसेवी संस्थाओं (एनजीओ) से आवेदन क्यों ले रहा है? न्यायालय ने अपर मुख्य सचिव, पशुपालन विभाग को इस पूरे मामले की समीक्षा कर रिपोर्ट मुख्य सचिव के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा है कि सरकार स्पष्ट करे कि मौजूदा नीति का पालन किस प्राधिकरण के माध्यम से और किस प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने यह आदेश राजेश कुमार की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। याचिका में कहा गया था कि पशुपालन निदेशक ने प्रदेश के सभी मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों को सीधे एनजीओ से प्राप्त आवेदनों के आधार पर गोवंश आश्रय स्थलों के संचालन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इससे ग्राम पंचायतों, नगर पंचायतों, नगर पालिकाओं और नगर निगमों की वैधानिक भूमिका समाप्त हो रही है। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने 2 जनवरी और 28 जनवरी 2019 के शासनादेशों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन आदेशों में स्थानीय निकायों को ही गोवंश आश्रय स्थलों की स्थापना, संचालन और प्रबंधन का अधिकार दिया गया है। यदि आवश्यकता हो तो वे एनजीओ या सीएसआर के तहत कार्य करने वाली कंपनियों का सहयोग ले सकते हैं, लेकिन पूरी प्रक्रिया स्थानीय निकायों की देखरेख में ही होनी चाहिए। न्यायालय ने राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत निर्देशों का परीक्षण करने के बाद प्रथम दृष्टया पाया कि हाल ही में अपर मुख्य सचिव, पशुपालन विभाग द्वारा जारी आदेश भी वर्ष 2019 की मूल नीति से मेल नहीं खाता। कोर्ट ने कहा कि चूंकि मूल नीति मुख्य सचिव के स्तर से जारी की गई थी, इसलिए उसके क्रियान्वयन को लेकर पैदा हुए भ्रम और विसंगतियों का समाधान भी मुख्य सचिव के स्तर पर ही किया जाना चाहिए।
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा 19 जुलाई को होगी। प्रयागराज में इस परीक्षा के लिए 18 केंद्र बनाए गए हैं, जहां कुल 7510 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। परीक्षा की तैयारियों को लेकर प्रयागराज जिला प्रशासन ने सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। एडीएम सिटी सत्यम मिश्र की अध्यक्षता में शुक्रवार को संगम सभागार में हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए। एडीएम सिटी सत्यम मिश्र ने स्पष्ट किया कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापकों और सह-केंद्र व्यवस्थापकों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी संवेदनशीलता के साथ करने का निर्देश दिया। एडीएम ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी स्तर पर परीक्षा की पवित्रता और शुचिता को प्रभावित करने का प्रयास किया गया, तो दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि अभ्यर्थी बिना किसी व्यवधान के अपनी परीक्षा दे सकें। इसके साथ ही, केंद्र के भीतर और बाहर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने शुक्रवार को अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पारा और बीकेटी क्षेत्र में 8 अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाया। करीब 40 बीघा जमीन पर बिना स्वीकृति विकसित की जा रही प्लॉटिंग में बनाई गई सड़कें, बाउंड्री और अन्य निर्माण ध्वस्त कर दिए गए। कार्रवाई एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर प्रवर्तन जोन-3 और जोन-4 की टीम ने की। पारा क्षेत्र के ग्राम हंसखेड़ा और सदरौना में करीब 15 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही 3 अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। यहां विक्कू सिंह, योगेंद्र, सतीश, अजय कुमार, चंद्रभान, गुड्डू समेत अन्य लोगों द्वारा बिना स्वीकृत लेआउट के प्लॉट काटे जा रहे थे। वहीं बीकेटी के ग्राम राजपुर इंदौर में करीब 25 बीघा क्षेत्र में विकसित की जा रही 5 अवैध प्लॉटिंग पर भी कार्रवाई की गई। यहां किशन गुप्ता, अभय सिंह, सुरेंद्र कुमार, अनुज, सचिन यादव, नरेंद्र पाठक समेत अन्य लोगों द्वारा अवैध रूप से कॉलोनी विकसित की जा रही थी। एलडीए अधिकारियों ने बताया कि बिना प्राधिकरण की अनुमति के विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। लोगों से अपील की गई है कि किसी भी प्लॉट की खरीद से पहले उसकी एलडीए से स्वीकृति जरूर जांच लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
आगरा रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त राजमोहन पिचाई की जगह अब पूर्वोत्तर रेलवे के BSB मंडल के एस. रामकृष्णन आगरा मंडल के नए Sr DSC होंगे। वहीं रामकृष्णन की जगह पंकज चुग को BSB भेजा गया है। पंकज चुग अभी स्टडी लीव पर हैं, छुट्टी से लौटने पर वे 29 जुलाई से चार्ज संभालेंगे। रेलवे बोर्ड ने मंडल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त Sr DSC राजमोहन पिचाई का तबादला कर उन्हें पूर्वोत्तर रेलवे में उप मुख्य सुरक्षा आयुक्त निर्माण के पद पर तैनात कर दिया है। अब नए Sr DSC करेंगे डिप्टी एसएस केस की जांचगौरतलब है कि रविवार को आगरा कैंट स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान DSS नरेंद्र सिंह चाहर के साथ RPF जवानों ने मारपीट कर उन्हें घसीटते हुए थाने ले गए थे। इस मामले में रेलवे ने स्टेशन डायरेक्टर, ASC और AOM की 3 सदस्यीय जांच कमेटी बनाई थी, जिसमें पूर्व Sr DSC पी. राजमोहन भी शामिल थे। अब तबादले के बाद इस पूरे मामले की जांच की कमान नए Sr DSC एस. रामकृष्णन के पास होगी। चरित्र खोकर पैसा मत कमाना कहकर विदा हुए राजमोहन तबादले के बाद पी. राजमोहन ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों और जवानों को भावुक विदाई संदेश भेजा। संदेश में उन्होंने लिखा - दुखी होने की जरूरत नहीं, जो होता है अच्छे के लिए होता है। ईश्वर पर भरोसा रखें, काम पूरी लगन और ईमानदारी से करें। पैसों के लिए अपनों को मत खोइए और चरित्र खोकर कभी पैसा मत कमाइए। उन्होंने कहा कि आगरा में सभी के साथ काम करने का अनुभव उनके लिए यादगार रहा। यहां की यादें हमेशा उनके दिल में रहेंगी। साथ ही उन्होंने सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। रेलवे प्रशासन ने नए Sr DSC को जल्द से जल्द चार्ज लेकर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
रायपुर के टिकरापारा इलाके में शुक्रवार देर रात एक ही घर से 5 लोगों के शव मिले हैं। मृतकों में साजिद अली (50), उनकी पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा शामिल हैं। बेटे की उम्र 19 साल, बेटियों की उम्र 16 और 17 साल बताई जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक पति ने फांसी लगाई है और पत्नी-बच्चों ने जहर खाया है। हालांकि, मौत के सही कारणों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी। घटना संजय नगर इलाके के मदनी चौक की है। पड़ोसियों से सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार परिवार करीब 8 महीने पहले ही इस मकान में रहने आया था। पहले देखिए ये तस्वीरें- कल शाम से नहीं खुला घर का गेट टिकरापारा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पड़ोसियों ने बताया कि कल शाम से घर का दरवाजा नहीं खुला था। लोगों को शक हुआ तो वहां जाकर देखा, कमरे में 5 लोगों की लाश पड़ी हुई थी। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। परिवार मूल रूप से शीतला मंदिर के पास, मतपुर का रहने वाला था। पिछले करीब 8 महीने से सैयद जहीर के मकान में किराए पर रह रहा था। मृतकों के नाम-
मध्यप्रदेश का ग्वालियर इस समय बिलौआ और रफादपुर क्षेत्र में चल रही अवैध खदानों के लिए चर्चा में है। शुक्रवार को हाईकोर्ट की डबल बेंच ने इस मामले में सुनवाई करते हुए 83 खदानों का रिकॉर्ड तलब किया है। इनमें से 57 खदान अभी संचालित हैं। अब इन पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की डबल बेंच ने एक रेनडम एक खदान की रिन्युअल की फाइल को उठाकर चेक किया तो फाइल में न तो मैपिंग मिली है न ही खदान सीमा (सीमांकन) का जिक्र है। साफ तौर पर दिख रहा था लीज कहीं और की है और खनन कहीं और हुआ है। इस पर कोर्ट ने काफी नाराजगी जाहिर की है। इतना ही नहीं कोर्ट ने साफ कहा है कि जो फाइलें भोपाल मुख्यालय में हैं, उन्हें भी अगली सुनवाई पर कोर्ट के समक्ष पेश किया जाए। बता दें कि हाईकोर्ट में यह पूरा एक्शन याचिकाकर्ता वकील अकरम खान की एक याचिका पर सुनवाई के दौरान हुआ है। 16 खदानों के खनन पर रोक, संचालकों को नोटिस पूर्व में हाईकोर्ट के आदेश पर जब खनिज विभाग ने 16 खदानों का रिकॉर्ड कोर्ट में पेश किया, तो उसमें कई चौंकाने वाली कड़ियां और संदिग्ध दस्तावेज सामने आए। बिना किसी मैपिंग और नियम-कायदों के धड़ल्ले से चल रहे इस खेल को देखते हुए हाईकोर्ट ने इन सभी 16 खदान संचालकों को मामले में सीधे पक्षकार बनाते हुए नोटिस जारी कर दिया है और उनसे इस घपले पर जवाब मांगा है। नौ साल तक फाइल को दबाए रहे अधिकारी सुनवाई के दौरान प्रशासनिक शिथिलता और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का एक बड़ा उदाहरण सामने आया। दरअसल, जब इन खदान संचालकों पर करोड़ों रुपए का जुर्माना लगाया गया था, तो उन्होंने इसके खिलाफ राजस्व न्यायालय की शरण ली थी। ग्वालियर से ये सभी केस 9 साल पहले डबरा एसडीएम कोर्ट में ट्रांसफर किए गए थे। हैरानी की बात यह है कि डबरा एसडीएम ने 9 साल तक इन मामलों की न तो समय पर सुनवाई की और न ही जुर्माने की वसूली पर कोई अंतिम फैसला लिया। कोर्ट की सख्ती के बीच बदले केस प्रभारी हाईकोर्ट के तल्ख तेवरों को देखते हुए शासन स्तर पर हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में डबरा एसडीएम रुपेश सिंघई का ट्रांसफर कर दिया गया है। डबरा एसडीएम जूही गर्ग को बनाया गया है। शुक्रवार को हुई सुनवाई में नई डबरा एसडीएम पूरे रिकॉर्ड के साथ कोर्ट पहुंची है। इसके साथ ही, बिलौआ क्षेत्र में पत्थरों के अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग वाहनों की आवाजाही को ट्रैक करने के लिए लगाए गए ई-चेकगेट (जिसका संचालन सीधे भोपाल मुख्यालय से होता है) के फुटेज भी कोर्ट के आदेश पर जब्त किए गए हैं, ताकि अवैध परिवहन के असली आंकड़ों का पता लगाया जा सके।
हरदोई रोडवेज डिपो में 2.10 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। निगम कोष में कम धनराशि जमा करने के आरोप में क्षेत्रीय प्रबंधक गौरव वर्मा ने 3 कैशियरों को निलंबित कर दिया है। इसके अतिरिक्त, 14 परिचालकों (कंडक्टरों) को कार्य से विरत (डायल ऑफ) किया गया है और मुख्य कैशियर के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। यह कार्रवाई 16 जुलाई की शाम की गई है। यह मामला जून के आखिरी सप्ताह में उस समय उजागर हुआ, जब परिचालकों ने त्योहारों के दौरान मिलने वाली प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) के संबंध में वित्तीय लेनदेन कार्यालय से संपर्क किया। जांच के दौरान पता चला कि परिचालकों की ओर सें निगम की कुल कमाई में से 2.10 लाख रुपये सरकारी खजाने में जमा नहीं किए गए थे। विभिन्न परिचालकों पर 80,000 रुपये, 50,000 रुपये और 39,000 रुपये जैसी बड़ी रकमें कम जमा करने के गंभीर आरोप लगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच कराई गई, जिसमें कार्यालय में तैनात कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। सहायक कैशियर नवलेश कुमार, सुनील श्रीवास्तव और बुकिंग लिपिक शरद कुमार को 16 जुलाई को निलंबित कर दिया गया। मुख्य कैशियर हरीनाम के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शासन को सिफारिशी पत्र भेजा गया है। जिन 14 परिचालकों को ड्यूटी से हटाया गया है, उनमें सात महिला परिचालक शामिल हैं। इन सभी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। हटाए गए परिचालकों में आशीष त्रिवेदी, इशिता सिंह, ओम प्रकाश, उमा देवी, मोनू गुप्ता, रोमी मिश्रा, अर्चना कुशवाहा, प्रतीक्षा देवी, पूनम देवी, अभिषेक बाजपेई, प्रिया गौतम, कौशल शुक्ला, बृजेश कुमार और अरविंद कुमार शामिल हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक गौरव वर्मा ने बताया कि कम जमा की गई पूरी धनराशि को वसूल कर लिया गया है। परिचालकों को दोबारा काम पर रखने का फैसला उनके स्पष्टीकरण का जवाब आने के बाद ही लिया जाएगा। 80,000 रुपये की अनियमितता करने वाले एक परिचालक को हरदोई डिपो से हटाकर दूसरे डिपो में स्थानांतरित करने की तैयारी की गई है।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल से संबद्ध पडरौना उद्योग व्यापार मंडल का 54वां स्थापना दिवस शुक्रवार देर शाम नगर में मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सदर विधायक मनीष जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था व्यापारियों के योगदान से कुशलतापूर्वक चल रही है। कार्यक्रम में कई व्यापारियों को भामाशाह पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया। पडरौना नगर के एक होटल में हुए इस आयोजन में विधायक मनीष जायसवाल ने आगे कहा कि प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार व्यापारियों की हर समस्या का समाधान करने के लिए तत्पर है। उन्होंने बताया कि सरकार व्यापारियों के कर प्रावधानों को सरल बनाने और सुरक्षा व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर है। प्रदेश में सजग व्यवस्था के कारण व्यापारी स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कार्यक्रम में जीएसटी विभाग के उपायुक्त राज्यकर राजेश यादव, श्रम प्रवर्तन अधिकारी अलंकृता उपाध्याय और यातायात निरीक्षक अश्वनी कुमार राय ने भी अपने-अपने विभाग से जुड़े कार्यों और योजनाओं की जानकारी दी। व्यापार मंडल के संरक्षक दीप नारायण अग्रवाल ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने व्यापारी हितों से जुड़े सरकार के कार्यों की सराहना की। संगठन के प्रदेश मंत्री जगदंबा अग्रवाल ने व्यापारी हित में संगठन द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर नगर के व्यापारी प्रदीप चहाड़िया, अजय गुप्ता, संजय मारोदिया, सतीश जिंदल, संजय बंका सहित संगठन से जुड़े कई व्यापारी उपस्थित रहे।
'मम्मी-पापा मुझे माफ करना' लिखकर युवक ने किया सुसाइड:ऑफिस में फंदा लगाया; मामा के पास काम करता था
शहर के शास्त्री नगर कॉलोनी स्थित एक अकाउंटेंट ऑफिस में शुक्रवार को एक युवक ने पंखे से लटककर सुसाइड कर लिया। घटना की सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से नीचे उतारा। पुलिस ने जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर उसे परिजनों को सौंप दिया है। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें उसने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा 'मम्मी-पापा मुझे माफ करना।'। मामा के ऑफिस में काम करता थापुलिस के अनुसार, जालोर की रामदेव कॉलोनी निवासी राहुल कुमार (25) पुत्र चोपा राम माली पिछले लंबे समय से शास्त्री नगर में अपने मामा बंशीलाल माली के अकाउंटेंट ऑफिस में काम करता था। रोज की तरह राहुल शुक्रवार सुबह भी काम के लिए ऑफिस पहुंचा था। कुछ देर बाद उसके मामा बंशीलाल किसी काम से बाहर चले गए और ऑफिस में राहुल अकेला रह गया। इसी दौरान दोपहर में राहुल ने अंदर से मुख्य दरवाजा बंद कर लिया और पंखे से फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। काफी देर तक जब अंदर से कोई हलचल नहीं हुई, तो ऑफिस के पास रहने वाले लोगों ने दरवाजा खटखटाया। अंदर से कोई जवाब न मिलने पर पड़ोसियों ने तुरंत इसके मालिक बंशीलाल को फोन कर मौके पर बुलाया। जब लोगों ने छत के रास्ते अंदर झांककर देखा, तो राहुल पंखे पर फंदे से लटका हुआ मिला। सूचना पर पहुंची कोतवाली थाना पुलिस ने कटर से दरवाजा काटकर शव को बाहर निकाला और जिला अस्पताल भिजवाया। कोतवाली थानाधिकारी राजेश्वर लाल भाटी ने बताया कि मृतक युवक की जेब से एक पर्ची (सुसाइड नोट) बरामद हुई है। इस सुसाइड नोट में राहुल ने लिखा है, 'मम्मी-पापा मुझे माफ करना।' फिलहाल पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है और आत्महत्या के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
सहरसा में व्यापार संघ अध्यक्ष के स्टाफ के साथ लूट:बदमाशों ने हवाई फायरिंग कर फैलाई दहशत, जांच जारी
सहरसा के सदर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को जिला व्यापार संघ के अध्यक्ष अर्जुन चौधरी के स्टाफ से मोबाइल छीनने की वारदात हुई। बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों ने मोबाइल झपटने के बाद दहशत फैलाने के उद्देश्य से हवा में दो राउंड फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। नकदी लूटने का प्रयास, विरोध पर छीना मोबाइल जानकारी के अनुसार, जिला व्यापार संघ अध्यक्ष अर्जुन चौधरी के स्टाफ श्याम कुमार बटराहा की ओर जा रहे थे। रास्ते में बाइक सवार दो बदमाशों ने उन्हें रोककर पहले नकदी छीनने का प्रयास किया। विरोध करने पर बदमाश नकदी नहीं ले सके और उनका मोबाइल फोन छीनकर भाग निकले। फायरिंग से मची दहशत भागते समय बदमाशों ने लोगों में दहशत फैलाने के लिए हवा में दो राउंड फायरिंग की। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों आरोपी फरार हो चुके थे। घटना के बाद इलाके के व्यवसायियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है तथा स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है। सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने बताया कि घटना की सूचना मिली है, लेकिन पीड़ित की ओर से अभी तक लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस बदमाशों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में इलाज पर सवाल:2-3 दिन तक मरीजों को नहीं देखते सीनियर डॉक्टर
लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था सवालों के घेरे में है। यहां मरीज भर्ती तो हो रहे हैं, लेकिन इलाज समय पर नहीं मिल रहा। तीमारदारों का आरोप है कि कई मरीजों को दो से तीन दिन तक वरिष्ठ डॉक्टर देखने नहीं पहुंचते। जूनियर डॉक्टर ही इलाज की औपचारिकता निभा रहे हैं। इससे गंभीर मरीजों की हालत बिगड़ रही है। आरोप है कि भर्ती मरीजों की सूचना संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टरों तक भी समय पर नहीं पहुंच रही, जिससे इलाज में देरी हो रही है। करीब 800 बेड क्षमता वाले इस अस्पताल में लखनऊ ही नहीं, बल्कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से गंभीर मरीज इलाज के लिए आते हैं। केजीएमयू, एसजीपीजीआई और डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान से भी बेड न मिलने पर बड़ी संख्या में मरीज यहां रेफर किए जाते हैं। बावजूद इसके, इमरजेंसी की बदहाल व्यवस्था मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी बढ़ा रही है। ऑपरेशन के बाद संक्रमण, फिर भी नहीं पहुंचे वरिष्ठ डॉक्टर काकोरी के नौबस्ता निवासी अनिल कुमार मौर्य सीढ़ी से गिरने के बाद बाएं पैर का ऑपरेशन एक निजी अस्पताल में कराकर घर लौटे थे। उनकी पत्नी ज्ञानवती के अनुसार ऑपरेशन के बाद संक्रमण फैल गया और पूरे शरीर में फफोले पड़ गए। गंभीर हालत में गुरुवार को उन्हें बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया, लेकिन आरोप है कि शुक्रवार दोपहर तक कोई वरिष्ठ चिकित्सक देखने नहीं आया। इलाज के नाम पर केवल एक ग्लूकोज की बोतल चढ़ाई गई, जबकि मरीज की हालत लगातार बिगड़ती रही। रेफर होकर पहुंची महिला, विशेषज्ञ डॉक्टर के इंतजार में माल क्षेत्र की रहने वाली कुंती को लूज मोशन की गंभीर शिकायत के बाद सीएचसी से रेफर कर गुरुवार शाम बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि न तो कोई वरिष्ठ चिकित्सक मरीज को देखने आया और न ही यह बताया गया कि उनका इलाज किस डॉक्टर की देखरेख में चल रहा है। इस दौरान मरीज की हालत लगातार बिगड़ती रही। शिकायत के बाद पहुंचे डॉक्टर, तब हुई डायलिसिस माल निवासी रामलखन अवस्थी को किडनी संबंधी गंभीर बीमारी के चलते बुधवार को इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि गुरुवार दोपहर तक संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टर मरीज को देखने नहीं पहुंचे। अस्पताल प्रशासन से शिकायत के बाद चिकित्सक पहुंचे और डायलिसिस कराई गई, जिससे मरीज को राहत मिली। बाद में पता चला कि संबंधित विशेषज्ञ को मरीज के भर्ती होने की सूचना ही नहीं दी गई थी। हार्ट मरीज की रेफरल फाइल बनाने में सवा दो घंटे उन्नाव निवासी 57 वर्षीय रानी को शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे गंभीर हालत में इमरजेंसी लाया गया। जांच में उनका शुगर लेवल बेहद कम मिला, जिसके बाद प्राथमिक उपचार दिया गया। करीब 10:30 बजे चिकित्सक ने परीक्षण कर ईसीजी कराने के बाद लारी कार्डियोलॉजी रेफर कर दिया। आरोप है कि रेफरल फाइल तैयार करने में अस्पताल स्टाफ ने करीब सवा दो घंटे लगा दिए। इसके बाद परिजनों से 108 एंबुलेंस की व्यवस्था करने को कहा गया। इस पूरी प्रक्रिया में मरीज के उपचार का 'गोल्डन पीरियड' निकल गया।
सगोत्र विवाह के बाद सामाजिक बहिष्कार और आर्थिक दंड से जुड़े मामले में मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने राज्य शासन सहित सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। कोर्ट ने अपने 17 जुलाई के आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि याचिकाकर्ताओं या उनके परिवार को किसी प्रकार की धमकी, दबाव या सुरक्षा संबंधी खतरा उत्पन्न होता है, तो पुलिस तत्काल हस्तक्षेप कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर व न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की डबल बेंच ने बड़वानी, धार और खरगोन क्षेत्र से जुड़े इस मामले की सुनवाई करते हुए यह अंतरिम निर्देश दिए। मामला क्षत्रिय कुशवाह समाज संगठन के कुछ पदाधिकारियों द्वारा रूप से लिए गए उन निर्णयों से जुड़ा है, जिनमें सगोत्र विवाह करने वाले दंपती और उनके परिवार का सामाजिक बहिष्कार, समाज से निष्कासन तथा विवाह में शामिल लोगों पर आर्थिक दंड लगाने जैसी कार्रवाई की गई थी। सामाजिक दबाव और धमकियों का आरोप याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि विवाह के बाद उनके परिवार को लगातार सामाजिक दबाव, बहिष्कार और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि समाज संगठन के कुछ पदाधिकारियों ने ऐसे फैसले लिए, जो संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करते हैं। याचिका में कहा गया है कि सुरक्षा और कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस और जिला प्रशासन के समक्ष कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन पर्याप्त और प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। इसके कारण परिवार की सुरक्षा, स्वतंत्रता और सम्मान पर खतरा बना हुआ है। बालिगों के विवाह में हस्तक्षेप नहीं कर सकता कोई संगठन याचिकाकर्ताओं ने अपनी अपील में सुप्रीम कोर्ट के चर्चित ‘शक्ति वाहिनी बनाम भारत संघ’ फैसले सहित अन्य न्यायिक निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि दो बालिग व्यक्तियों के वैध विवाह में किसी भी जातीय संगठन, खाप पंचायत या निजी संस्था को हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। न ही ऐसे संगठन सामाजिक बहिष्कार, आर्थिक दंड या समानांतर न्याय व्यवस्था लागू कर सकते हैं। सभी पक्षों से मांगा जवाब हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य शासन समेत सभी शासकीय और निजी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। प्रतिवादियों के जवाब प्राप्त होने के बाद मामले की अगली सुनवाई की जाएगी। याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट अभिनव पी. धनोडकर ने पैरवी की।
बाड़मेर में MD फैक्ट्री पकड़ी, एक करोड़ का माल जब्त:24 लाख कैश बरामद; महिला गिरफ्तार, पति की तलाश जारी
बाड़मेर में भारत- पाकिस्तान बॉर्डर से करीब 50 किलोमीटर पहले एमडी फैक्ट्री को पकड़ा है। एमडी घर पर ही तैयार की जा रही थी। पुलिस ने 920 ग्राम तैयार एमडी, 40 किलो केमिकल, 24 लाख रुपए से ज्यादा कैश बरामद किया। मामले में एक महिला को गिरफ्तार किया है। वहीं एक आरोपी मौके से भाग गया। वहीं एमडी बनाने वाली सामान को भी जब्त किया है। फिलहाल पुलिस महिला से पूछताछ करने के साथ उसके पति की तलाश कर रही है। घर की छत पर और पीछे रूम में एमडी बनाने का सामान भी मिला है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में करीब एक करोड़ रुपए से ज्यादा का माल बरामद किया है। एसपी चूनाराम जाट ने बताया- सेड़वा पुलिस को सूचना मिली थी कि थाना इलाके के गौड़ा गांव में अवैध मादक-पदार्थ बनाए जा रहे है। इस पर सेड़वा थानाधिकारी प्रभुराम के नेतृत्व में टीम ने गौड़ा गांव निवासी मुकेश कुमार के घर पर दबिश दी। तलाशी के दौरान घर के पीछे के रूम में एमडी बनाने की कैमिकल, पाउडर के अलावा तैयार एमडी मिली। वहीं एमडी बनाने के लिए मशीनें भी बरामद की। मुकेश को भनक लगने पर पहले से ही मौके से भाग गया। घर पर उसकी पत्नी अंजु को डिटेन किया गया। एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने घर से सबूत जुटाए। यह माल किया जब्त पुलिस ने घर से 920 ग्राम तैयार एमडी, 40 किलो कैमिकल और पाउडर, छाछ बनाने वाली मशीन समेत अन्य सामान को जब्त किया है। तलाशी के दौरान एमडी की खरीद-फरोख्त में अर्जित 24 लाख रुपए बरामद किए है। एक महिला को किया गिरफ्तार सेड़वा थानाधिकारी प्रभुराम ने बताया- एमडी फैक्ट्री को पकड़कर महिला अंजु पत्नी मुकेश निवास गौड़ा को गिरफ्तार किया है। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।
'बरेली के बच्चन' की स्टारकास्ट लखनऊ पहुंची:बोली- यूपी के दर्शकों का प्यार सबसे बड़ा सम्मान
कलर्स के लोकप्रिय शो 'बरेली के बच्चन' की स्टारकास्ट शुक्रवार को लखनऊ पहुंची। कलाकारों ने उत्तर प्रदेश के दर्शकों का आभार जताया और कहा कि शो को जिस तरह का प्यार मिल रहा है, वह उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है। इस दौरान प्रविष्ट मिश्रा, रमनीक कटारिया, अंश मनुजा और सचिन जीत सिंह ने शो से जुड़े अनुभव भी साझा किए। कलाकारों ने बताया कि 'बरेली के बच्चन' की कहानी उत्तर प्रदेश की संस्कृति, पारिवारिक रिश्तों और देसी अंदाज से प्रेरित है। यही वजह है कि दर्शक खुद को इस परिवार से जुड़ा हुआ महसूस करते हैं। उनका कहना था कि लखनऊ आना उनके लिए किसी होमकमिंग से कम नहीं रहा। नकली शादी से शुरू हुआ मजेदार सफर शो की कहानी बच्चन परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। इसमें कृष्णा गलती से संगम को अपनी बहू बनाकर घर ले आता है। शुरुआत में यह सिर्फ एक अस्थायी इंतजाम होता है, लेकिन धीरे-धीरे यही फैसला पूरे परिवार और मोहल्ले में नई उलझनें और हास्यपूर्ण घटनाएं पैदा कर देता है। अब परिवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती नकली शादी को समाज के सामने निभाने की है। कलाकारों ने साझा किए अपने अनुभव प्रविष्ट मिश्रा ने कहा कि दर्शकों के प्यार ने पूरी टीम की मेहनत को सफल बना दिया है। उन्होंने बताया कि आने वाले एपिसोड में गलतफहमियां टूटेंगी और कहानी नए मोड़ पर पहुंचेगी। रमनीक कटारिया ने कहा कि शो में हंसी-ठिठोली के साथ रिश्तों की गर्माहट भी दिखाई गई है। यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है और दर्शकों को कहानी से जोड़ती है। अंश मनुजा ने बताया कि उनके किरदार सतलुज और कृष्णा के बीच की नोकझोंक दर्शकों को खूब पसंद आ रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में शो का जश्न मनाना उनके लिए भावुक पल रहा। प्रसारण हर सोमवार से शुक्रवार रात 9 बजे से लखनऊ के रहने वाले सचिन जीत सिंह ने कहा कि अपने शहर में शो को मिल रहा प्यार उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि माही का किरदार आज की युवा पीढ़ी से जुड़ता है और उन्हें खुशी है कि यह कहानी लोगों के दिलों तक पहुंच रही है। 'बरेली के बच्चन' का प्रसारण हर सोमवार से शुक्रवार रात 9 बजे कलर्स चैनल और जियोहॉटस्टार पर किया जा रहा है। शो में पारिवारिक रिश्तों, हास्य और भावनाओं का अनोखा मेल दर्शकों को लगातार पसंद आ रहा है।
ललितपुर एसपी मो. मुश्ताक का ट्रांसफर:3 साल से तैनात थे, संजीव कुमार बाजपेयी बने जिले के नए कप्तान
ललितपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मो. मुश्ताक का तबादला कर दिया गया है। उन्हें लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में डीसीपी के पद पर भेजा गया है। शुक्रवार शाम शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 2018 बैच के प्रमोटी आईपीएस अधिकारी संजीव कुमार बाजपेयी ललितपुर के नए एसपी होंगे। वे इससे पहले एटा में 43वीं पीएसी में सेनानायक के पद पर तैनात थे। मो. मुश्ताक का तबादला एक जिले में तीन वर्ष पूरे होने के कारण हुआ है। पुलिस अधीक्षक मो. मुश्ताक 1अगस्त 2023 में ललितपुर में आए थे। एसपी मो. मुश्ताक ललितपुर जिले में 1082 दिनों तक तैनात रहे। इस दौरान वे हाफ एनकाउंटर और माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए जाने जाते थे। उनके कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण अभियान चलाए गए। उनके द्वारा की गई सबसे बड़ी कार्रवाई चिट फंड कंपनी एलयूसीसी से जुड़े घोटालेबाजों के खिलाफ थी। इस कंपनी ने लगभग 16 हजार करोड़ रुपये का घोटाला किया था, जिसमें लोगों का पैसा दोगुना करने का लालच देकर हड़पा गया था। इस मामले में 35 से अधिक लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिसमें 25 से अधिक पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उनकी संपत्ति कुर्क की गई। इसके अतिरिक्त, एसपी मुश्ताक ने साइबर अपराधियों, लुटेरों, बलात्कारियों, भू-माफियाओं और चावल माफियाओं के खिलाफ भी कड़े कदम उठाए। इन अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई के साथ-साथ हाफ एनकाउंटर की कार्रवाई भी की गई। अपने कार्यकाल के दौरान, एसपी मो. मुश्ताक धार्मिक कार्यक्रमों में भी सपरिवार शामिल होते रहे, जहां वे भगवान की आरती और हवन-पूजन करते थे।
गोरखपुर परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) एस. चन्नप्पा ने शुक्रवार शाम पांच बजे देवरिया का दौरा किया। उन्होंने आगामी श्रावण मास और कांवड़ यात्रा की तैयारियों के साथ-साथ अपराध नियंत्रण, साइबर अपराध, मिशन शक्ति और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। डीआईजी ने सदर कोतवाली का भी निरीक्षण किया और पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर के साथ शहर के प्रमुख बाजारों में पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस लाइन सभागार में हुई समीक्षा बैठक में डीआईजी ने लंबित विवेचनाओं, वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी, निरोधात्मक कार्रवाई और अपराध नियंत्रण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने तथा कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए। डीआईजी ने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से जुड़े मामलों में त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई करने तथा जनजागरूकता अभियान तेज करने पर जोर दिया। उन्होंने पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर संचालित ऑपरेशन Cy-Vajra के तहत साइबर थाना और थानों की साइबर टीमों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की और साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्रावण मास और कांवड़ यात्रा की तैयारियों के संबंध में, डीआईजी ने कांवड़ मार्गों, नदी घाटों, जल पुलिस, नावों और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने इन आयोजनों के दौरान पुख्ता सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद, डीआईजी ने सदर कोतवाली का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मिशन शक्ति केंद्र, थाना कार्यालय, मालखाना, शस्त्रागार, सीसीटीएनएस, विवेचना कक्ष और अन्य अभिलेखों का गहनता से जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के उपरांत, डीआईजी ने पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर और अन्य अधिकारियों के साथ प्रमुख बाजारों तथा मार्गों पर पैदल गश्त की। उन्होंने स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों से संवाद भी किया। डीआईजी ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो टीमों को सक्रिय रखने, रात्रि गश्त बढ़ाने तथा संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की सघन जांच के निर्देश दिए। इस बैठक और निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) आनंद कुमार पांडेय, अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) सुनील कुमार सिंह, सभी क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी और शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।
कैमूर में महिला की डूबने से मौत:खेत में भरे पानी में गिरने से गई जान
मोहनिया थाना क्षेत्र के पंसेरवां गांव में खेत के पानी में डूबने से एक महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान पंसेरवां निवासी रमेश कुमार की पत्नी सुनीता देवी के रूप में हुई है। इस घटना से परिवार और गांव में मातम छा गया है। मृतका के पति रमेश कुमार ने बताया कि सुनीता देवी प्रतिदिन की तरह खेत की ओर गई थीं। खेत में अत्यधिक पानी भरा हुआ था। वह अचानक पानी में गिर गईं। पानी गहरा होने के कारण वह खुद को संभाल नहीं पाईं और डूब गईं। पानी में लगभग आधे घंटे तक रही घटना के लगभग आधे घंटे बाद ग्रामीणों और परिजनों को इसकी जानकारी हुई। वे तुरंत मौके पर पहुंचे और सुनीता देवी को पानी से बाहर निकाला। उन्हें तत्काल सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पति रमेश कुमार ने बताया कि पानी में लगभग आधे घंटे तक रहने के कारण उनकी पत्नी की सांसें थम चुकी थीं। स्थानीय पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है और मामले की जांच की जा रही है।
गोंडा में कोबरा डसने से मासूम की मौत:झाड़-फूंक की आस में मऊ लेकर गए थे परिजन
गोंडा के नवाबगंज थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव के ठाकुरदीन पुरवा में शुक्रवार सुबह 7 बजे एक तीन साल के मासूम आयुष की कोबरा के डसने से मौत हो गई। बच्चे को शौच के लिए घर के बाहर जाने के दौरान झाड़ियों में छिपे सांप ने काट लिया था। बच्चे की बिगड़ती हालत देखकर उसे तत्काल अयोध्या के श्रीराम हॉस्पिटल रेफर किया। हालांकि, अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इसके बावजूद, अंधविश्वास के चलते परिवार के लोग झाड़-फूंक की उम्मीद में शव को मऊ जिले ले गए। मऊ में झाड़-फूंक कराने के बाद भी बच्चे की जान नहीं बची, क्योंकि उसकी मौत पहले ही हो चुकी थी। शुक्रवार देर रात 8 बजे पिता अमरजीत बच्चे को वापस अपने घर रघुनाथपुर लेकर पहुंचे, जहां वे अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे हैं। इसी घटना के बाद, सुबह 7 बजे सांप को पकड़ने पहुंचे एक सपेरे को भी उसी जहरीले कोबरा ने डस लिया। हालांकि, उसके साथी सपेरे ने तुरंत सांप को पकड़ लिया और घायल साथी को नवाबगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उसका इलाज किया गया। इस पूरी घटना के बाद रघुनाथपुर गांव के ठाकुरदीन पुरवा में लोग सतर्क हैं और अपने बच्चों को घरों से बाहर निकलने नहीं दे रहे हैं। मृतक बच्चे की पहचान अमरजीत के तीन वर्षीय पुत्र आयुष के रूप में हुई है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने 16.91 करोड़ की लागत से तैयार बाड़मेर रेलवे स्टेशन का वर्जुअल लोकार्पण किया। वहीं पूर्व मंत्री कैलाश चौधरी ने अनावरण पटि्टका का लोकार्पण किया। पूर्व मंत्री ने कहा कि जल्द जैसलमेर भाभर रेलवे लाइन की डीपीआर बनकर काम शुरू होगा। इसको लेकर मंत्री से मैंने कुछ दिन पहले दिल्ली में मुलाकात की थी। दरअसल, अमृत भारत स्टेशन स्कीम के तहत बाड़मेर रेलवे स्टेशन समेत देश भर में रेलवे स्टेशन जीर्णोद्वार काम शुरू किया गया था। बाड़मेर रेलवे स्टेशन का जीर्णोद्वार 16.91 करोड़ की लागत से 35 माह पहले शुरू हुआ था। दो साल में बनकर तैयार हो गया था। लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को इसका उद्घाटन किया गया। इस दौरान सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, पूर्व मंत्री कैलाश चौधरी, चौहटन विधायक आदूराम मेघवाल, बाड़मेर विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष अनंतराम विश्नोई समेत बीजेपी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहें। उद़्घाटन समारोह रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर रखा गया था। वहां पर पीएम नरेंद्र मोदी ने वर्जुअली रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया। पूर्व मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा- मेरे सांसद रहते हुए बाड़मेर रेलवे स्टेशन के जीर्णोद्वार का काम शुरू हुआ था। बाड़मेर के साथ बालोतरा और जैसलमेर रेलवे स्टेशन का एक साथ जीर्णोद्वार काम शुरू हुआ था। मैं रेल मंत्री जी से मिलकर आया हूं वंदे भारत ट्रेन भी बाड़मेर को मिले इसको लेकर मैंने बात की है। यहां पर वांशिग का काम चल रहा है। बहुत ही जल्द यार्ड बन रहा है। जो ट्रेन जोधपुर में रुकती है। वहां पर उनके रुकने की व्यवस्था भी नहीं है। उन ट्रेनों को जल्द ही बाड़मेर तक विस्तार किया जाएगा। आने वाले समय में बाड़मेर में बहुत अधिक संख्या ट्रेनों की हो जाएगी। सांसद बेनीवाल ने बताया कि बाड़मेर में लगभग ₹250 करोड़ की लागत से वाशिंग लाइन एवं मेंटेनेंस यार्ड का निर्माण कार्य प्रगतिरत है। टेंडर प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में भी कार्य जारी है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद बाड़मेर रेलवे स्टेशन आधुनिक सुविधाओं, बेहतर कनेक्टिविटी, सुगम आवागमन तथा स्थानीय संस्कृति एवं विरासत से प्रेरित आकर्षक स्वरूप के साथ क्षेत्र की नई पहचान बनेगा। विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी- पीएम मोदी जी ने आजादी के समय में बना रेलवे स्टेशन पर वो सारी सुविधाओं को विकसित किया है। जो एयरपोर्ट पर मिलती है। मंत्री अश्विनी वैष्णव से मांग करती हूं कि यहां से यहां से साउथ की ट्रेनों में बढ़ोतरी करें। चौहटन विधायक आदूराम मेघवाल ने बताया- आज बॉर्डर के लोगो के लिए बहुत ही बड़ा दिन है। बॉर्डर पर भारत माला के साथ अब रेलवे स्टेशन को भी विकसित किया गया है।
उदयपुर बार एसोसिएशन की ओर से शुक्रवार को पुलिस आईजी के ऑफिस के बाहर वकीलों ने धरना-प्रदर्शन किया। गुस्साए वकील नारेबाजी करते हुए आईजी गौरव श्रीवास्तव के ऑफिस पहुंचे। वकीलों ने 'खाकी चोर है' और 'पुलिस प्रशासन हाय-हाय' के नारे लगाए। वकील आईजी को बाहर बुलाकर ज्ञापन लेने की मांग पर अड़ गई। इस दौरान आक्रोशित वकीलों की भीड़ को पुलिस ने रोकने और समझाइश की कोशिश की। कुछ देर तक वकीलों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की जैसे हालत बन गए। बाद में पुलिस ने समझाइश करते हुए वकीलों के प्रतिनिधिमंडल को आईजी से मिलवाया। तब जाकर मामला शांत हुआ। इस दौरान बार एसोसिएशन अध्यक्ष जितेंद्र जैन, उपाध्यक्ष महेंद्र मेनारिया, वित्त सचिव धर्मेन्द्र सोनी, पूर्व अध्यक्ष मनीष शर्मा, पूर्व महासचिव चेतनपुरी गोस्वामी, पूर्व अध्यक्ष राकेश मोगरा आदि मौजूद थे। रास्ते के विवाद को लेकर अधिवक्ता पर हुई थी एफआईआर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र जैन ने बताया- मकान के आगे रास्ते के विवाद को लेकर अधिवक्ता राजेंद्र सिंह राणावत के खिलाफ खेरोदा थाने में जो एफआईआर दर्ज की गई है। उससे पूरे अधिवक्ता संगठन में आक्रोश है। पुलिस ने अधिवक्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी। जबकि अधिवक्ता की ओर से एफआईआर नहीं ली गई। अध्यक्ष ने बताया- हमने पूरा मामला आईजी को बताया है और मामले में अधिवक्ता राणावत की ओर से एफआईआर दर्ज करने की मांग की। आईजी ने इस संबंध में फाइल मंगवाकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
भागलपुर शहर में पहली बार बड़े स्तर पर ‘आर्टिफॉर्म डांस चैंपियनशिप 2026’ का आयोजन शनिवार को टाउन हॉल में किया जाएगा। इस भव्य डांस प्रतियोगिता में भागलपुर समेत आसपास के विभिन्न जिलों से करीब 300 प्रतिभागियों के हिस्सा लेने की संभावना है। आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और प्रतिभागियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता के लिए प्रतिभागियों की एंट्री सुबह 10 बजे से शुरू होगी, जबकि मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर 12 बजे किया जाएगा। कार्यक्रम में विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागी अपनी नृत्य कला का प्रदर्शन करेंगे। प्रतियोगिता का उद्देश्य क्षेत्र के उभरते कलाकारों को एक बेहतर मंच प्रदान करना और उनकी प्रतिभा को नई पहचान दिलाना है। इस प्रतियोगिता में प्रसिद्ध डांसर-कोरियोग्राफर दीपिका सोनी और अमन साह निर्णायक की भूमिका निभाएंगे। दोनों जज प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन कर विजेताओं का चयन करेंगे। वहीं कार्यक्रम का संचालन बिष्णु प्रसाद उर्फ ओगी करेंगे, जो अपने विशेष अंदाज से कार्यक्रम को रोचक बनाएंगे। युवाओं को प्रतिभा दिखाने का मिलेगा अवसर आयोजन की जिम्मेदारी अमर अंजलि और अन्वेशा चटर्जी ने संभाली है। आयोजकों ने बताया कि भागलपुर में पहली बार इस स्तर की डांस चैंपियनशिप आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देना और कला एवं संस्कृति के प्रति लोगों को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन मिलेगा और उन्हें आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भागलपुर की मेयर डॉ. वसुंधरा लाल और भागलपुर विधायक रोहित पांडेय के शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा शहर के कई गणमान्य नागरिक, कला प्रेमी और सामाजिक कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। प्रतियोगिता के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार और सम्मान प्रदान किया जाएगा। आयोजकों ने भागलपुर और आसपास के जिलों के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में पहुंचने और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है।
ज्वेलर से कैश-ज्वेलरी से भरा बैग लूटकर भागे बदमाश:स्कॉर्पियो में आए थे; CCTV से तलाश में जुटी पुलिस
सवाई माधोपुर के मानटाउन थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम एक सर्राफा व्यापारी के साथ लूट की वारदात सामने आई। चार बदमाश व्यापारी से मारपीट कर करीब 26 ग्राम सोना और एक लाख रुपए नकद से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। घटना के बाद व्यापारी ने मानटाउन थाने पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने जिलेभर में नाकाबंदी करवाई, लेकिन देर शाम तक आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर रहे। बैग लेकर हुए फरार पीड़ित सर्राफा व्यापारी दिनेश कुमार ने बताया कि वह रोजाना की तरह आज शाम साढ़े सात बजे दुकान बंद कर बाइक से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान गर्ल्स मानटाउन स्कूल के पास पहले से घात लगाए बैठे चार बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और सोना व नकदी से भरा बैग छीन लिया। व्यापारी के शोर मचाने पर आसपास की कॉलोनी के लोग मौके पर पहुंचे और बदमाशों का पीछा किया। हालांकि आरोपी भागते हुए सिविल लाइन क्षेत्र पहुंचे, जहां पहले से खड़ी एक स्कार्पियो में सवार होकर फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की। साथ ही घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
मधुबनी में 1188 लीटर नेपाली शराब जब्त:उत्पाद विभाग की टीम ने दो स्कॉर्पियो से बरामद की, तस्कर फरार
मधुबनी उत्पाद विभाग ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को लौकही थाना क्षेत्र के मनसापुर-नरहिया के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो स्कॉर्पियो वाहनों से 1,188 लीटर नेपाली देसी शराब बरामद की। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में दोनों वाहन जब्त कर लिए गए, जबकि तस्कर मौके से फरार हो गए। दो स्कॉर्पियो से भारी मात्रा में शराब बरामद उत्पाद अधीक्षक विजयकांत ठाकुर ने बताया कि विशेष अभियान के तहत पहले स्कॉर्पियो से 80 कार्टन में 720 लीटर और दूसरे स्कॉर्पियो से 52 कार्टन में 468 लीटर नेपाली देसी शराब बरामद हुई। दोनों वाहनों को जब्त कर लिया गया है। फरार तस्करों की तलाश जारी छापेमारी के दौरान तस्कर मौके से भागने में सफल रहे। उत्पाद विभाग ने उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों की पहचान की जा रही है और संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। अवैध शराब के खिलाफ अभियान रहेगा जारी उत्पाद अधीक्षक ने कहा कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विभाग पूरी सतर्कता के साथ अभियान चला रहा है। जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और तस्करी के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि अवैध शराब से जुड़ी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।
राजस्थान हाईकोर्ट ने निजी आवासीय टाउनशिप में बुनियादी सुविधाएं डवलप किए बिना पट्टे जारी किए जाने के आरोपों पर जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) से एक सप्ताह में विस्तृत जवाब तलब किया है। कोर्ट ने कहा कि वर्ष 2010 की नीति के तहत सड़क, पानी और बिजली जैसी न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध कराए बिना सभी पट्टे जारी नहीं किए जा सकते। कोर्ट ने कहा- यदि जवाब समय पर दाखिल नहीं किया तो जेडीए सचिव को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होना होगा। जस्टिस मुन्नुरी लक्ष्मण और जस्टिस अनुरूप सिंघी की खंडपीठ में नवल किशोर शर्मा और अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई हुई। मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी। आरोप- बिना डवलपमेंट के पट्टे किए जारी याचिकाओं में आरोप लगाया गया कि संबंधित टाउनशिप के डवलपर ने वर्ष 2010 की आवासीय योजना नीति के अनुरूप आंतरिक विकास कार्य पूरे नहीं किए, फिर भी भूखंडों के पट्टे जारी किए जा रहे हैं। खंडपीठ ने कहा- नीति के अनुसार विक्रय योग्य 87.5 प्रतिशत भूखंडों के पट्टे तभी जारी किए जा सकते हैं, जब सड़क, पेयजल और बिजली जैसी न्यूनतम आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। शेष 12.5 प्रतिशत भूखंडों की बिक्री और पट्टे आंतरिक विकास कार्य पूरी तरह पूरा होने के बाद ही संभव है। कोर्ट ने जेडीए को निर्देश दिए कि वह बताए कि अब तक कितने प्रतिशत पट्टे जारी किए जा चुके हैं, कितने लंबित हैं, टाउनशिप में विकास कार्य की वर्तमान स्थिति क्या है। डवलपर ने नीति के तहत निर्धारित सभी शुल्क जमा किए हैं या नहीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत लगभग 13 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित खैरथल रेलवे स्टेशन का वर्चुअल लोकार्पण किया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री एवं अलवर सांसद भूपेंद्र यादव ने कहा कि केंद्र सरकार खैरथल के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और क्षेत्र की सभी महत्वपूर्ण मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विकास कार्यों की पट्टिका का उद्घाटन किया लोकार्पण समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री एवं अन्य अतिथियों ने स्टेशन पर हुए विकास कार्यों की उद्घाटन पट्टिका का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि स्टेशन के आधुनिकीकरण से खैरथल, किशनगढ़बास, तिजारा तथा आसपास के क्षेत्रों के हजारों यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही क्षेत्र की प्रमुख अनाज एवं सब्जी मंडी से जुड़े किसानों और व्यापारियों के आवागमन को भी नई गति मिलेगी। दिल्ली-अहमदाबाद मेल का ठहराव होगा शुरू भूपेंद्र यादव ने कहा कि उनके राज्यसभा सांसद रहते हुए खैरथल स्टेशन पर दिल्ली-अहमदाबाद मेल का ठहराव शुरू हुआ था। पिछले दो वर्षों में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के सहयोग से गरीब रथ एक्सप्रेस, मालानी एक्सप्रेस, मंडोर एक्सप्रेस और स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस सहित चार महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव भी सुनिश्चित कराया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में अन्य आवश्यक ट्रेनों के ठहराव के लिए भी प्रयास जारी रहेंगे। स्टेशन पर मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन पर आकर्षक पोर्च, दो नए प्रवेश द्वार, विस्तारित पार्किंग, नया फुटओवर ब्रिज, रैंप, आधुनिक प्रतीक्षालय, हेल्प डेस्क, वाटर बूथ, बेहतर टिकट विंडो तथा स्थानीय कला से सुसज्जित स्टेशन भवन विकसित किया गया है। स्टेशन परिसर का सर्कुलेटिंग एरिया 1200 वर्गमीटर से बढ़ाकर 3600 वर्गमीटर किया गया है। करीब 4.19 करोड़ रुपये की लागत से 12 मीटर चौड़ा फुटओवर ब्रिज भी बनाया गया है। इसके अलावा दिव्यांगजनों के लिए हेल्प बूथ, विशेष शौचालय, रैंप और सुलभ टिकट विंडो जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। जल योजनाओं, बाईपास और विकास प्राधिकरण पर जोर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि क्षेत्र में बेड़ा का बास, रैईयन और छीन-छीन सहित विभिन्न पेयजल एवं जल संरक्षण योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से बेहतर संपर्क, खैरथल बाईपास के शीघ्र निर्माण तथा भिवाड़ी विकास प्राधिकरण के माध्यम से क्षेत्र के सुनियोजित विकास को गति देने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज और स्टेडियम की भी उठी मांग पूर्व विधायक रामहेत यादव ने कहा कि खैरथल रेलवे स्टेशन क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। स्टेशन के पुनर्विकास से यात्रियों के साथ व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने भविष्य में खैरथल में मेडिकल कॉलेज और स्टेडियम जैसी बड़ी विकास परियोजनाएं शुरू करने की आवश्यकता भी जताई। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक रहे मौजूद कार्यक्रम में पद्मश्री सूर्यदेव बारैठ एवं ऊषा चौमर, जिला प्रमुख बलबीर छिल्लर, जिला कलेक्टर अतुल प्रकाश, भाजपा जिलाध्यक्ष महासिंह चौधरी, पूर्व विधायक बनवारी लाल सिंघल, सरस डेयरी चेयरमैन नितिन सांगवान, पूर्व सभापति अशोक डाटा सहित रेलवे अधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्कूली बच्चे और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
झुंझुनूं की गुढ़ागौड़जी थाना पुलिस और डीएसटी (DST) की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 21 आपराधिक मामलों में नामजद कुख्यात हिस्ट्रीशीटर रोहित महला को गिरफ्तार किया है। आरोपी जानलेवा हमला और फायरिंग के मामले में वांछित चल रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी का गुढ़ा बाजार में पैदल जुलूस निकालकर अपराधियों को सख्त संदेश दिया। एसपी कावेंद्र सिंह सागर के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत गुढ़ागौड़जी थाना पुलिस को सूचना मिली कि वांछित आरोपी रोहित महला किशोरपुरा की पहाड़ियों स्थित भैरूजी मंदिर के पास अवैध हथियारों की डील करने की फिराक में है। सूचना मिलते ही थानाधिकारी इन्द्रप्रकाश के नेतृत्व में पुलिस और डीएसटी की टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगा, लेकिन टीम ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से दो अवैध जिंदा कारतूस बरामद हुए। 21 मामलों में दर्ज है नामगिरफ्तार आरोपी रोहित महला (24) निवासी बड़ की ढाणी, गुढ़ागौड़जी, पुलिस का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, फायरिंग सहित विभिन्न धाराओं में कुल 21 आपराधिक मामले दर्ज हैं। हाल ही में हुए जानलेवा हमला और फायरिंग के मामले में भी वह मुख्य आरोपी के रूप में वांछित था। बाजार में निकाला पैदल जुलूसगिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को गुढ़ा बाजार में पैदल घुमाया। इस दौरान उसके एक पैर में पट्टा बंधा हुआ था। पुलिस की इस कार्रवाई को देखने के लिए बाजार में लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य अपराधियों में कानून का डर पैदा करना और आमजन में सुरक्षा का विश्वास मजबूत करना है। इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिकाइस कार्रवाई में थानाधिकारी इन्द्रप्रकाश, उपनिरीक्षक सुभाषचंद, डीएसटी प्रभारी उपनिरीक्षक हेमराज, हेड कॉन्स्टेबल बुलेश और दिनेश, कॉन्स्टेबल सुनील कुमार, अमित मोडसरा, गौतम झाझड़िया, संजय सिंह, संतोष कुमार, जितेंद्र कुमार और मुकेश कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दंत चिकित्सा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसंऔर डिजिटल तकनीकें नई संभावनाओं के द्वार खोल रही हैं। अब जबड़े की हड्डी कम होने पर भी मरीजों को स्थायी दांत लगाने की प्रक्रिया पहले से अधिक सुरक्षित, सटीक और सफल हो गई है। इंदौर में शुक्रवार से शुरू हुई ISOI मिड टर्म कॉन्फ्रेंस एवं प्रथम पीजी कन्वेंशन में एक्सपर्ट्स ने इंप्लांटोलॉजी के क्षेत्र में हो रहे इन आधुनिक बदलावों पर विस्तार से चर्चा की। होटल एसेंशियल में आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन में देशभर से करीब 500 डेंटल विशेषज्ञ, चिकित्सक और पोस्ट ग्रेजुएट विद्यार्थी शामिल हुए। कॉन्फ्रेंस के पहले दिन आयोजित वर्कशॉप में विशेषज्ञों ने बताया कि डिजिटल प्लानिंग, एआई आधारित विश्लेषण और सर्जिकल गाइड जैसी तकनीकों ने इंप्लांट उपचार की सफलता दर को काफी बढ़ा दिया है। 40 वर्षों के शोध ने इंप्लांट को बनाया अधिक भरोसेमंद इंप्लांटोलॉजी एक्सपर्ट डॉ. मयूर खेरनार और डॉ. अभिषेक कुमार दुबे ने बताया कि इंप्लांटोलॉजी कोई नई चिकित्सा पद्धति नहीं है, बल्कि चार दशकों से अधिक समय से विकसित और प्रमाणित विज्ञान है। आधुनिक शोध और तकनीकी नवाचारों के चलते अब कम हड्डी वाले मरीजों में भी उपलब्ध हड्डी का प्रभावी उपयोग कर सफलतापूर्वक इंप्लांट लगाए जा रहे हैं। डायबिटीज और बीपी मरीज भी करा सकते हैं इंप्लांट एक्सपर्टस के अनुसार, बढ़ती उम्र के साथ जबड़े की हड्डी का कम होना सामान्य प्रक्रिया है, न कि कोई बीमारी। नई तकनीकों की मदद से ऐसी स्थिति में भी इंप्लांट संभव है। उन्होंने बताया कि यदि डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर नियंत्रित स्थिति में हों, तो ऐसे मरीज भी सुरक्षित रूप से इंप्लांट उपचार करा सकते हैं। बेहतर चबाने की क्षमता और संतुलित पोषण के लिए स्वस्थ दांत विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। युवा मरीजों के लिए भी कारगर विकल्प डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि इंप्लांट केवल बुजुर्गों के लिए नहीं हैं। 16 से 18 वर्ष की आयु के बाद किसी दुर्घटना या अन्य कारण से स्थायी दांत खोने वाले युवाओं के लिए भी इंप्लांट एक प्रभावी और दीर्घकालिक समाधान है। हालांकि दूध के दांतों की जगह इंप्लांट नहीं लगाए जाते। AI बताएगा इंप्लांट के लिए सबसे उपयुक्त स्थान डिजिटल इंप्लांट एक्सपर्च सुदीप पॉल ने बताया कि आधुनिक एआई टूल्स और कंप्यूटर आधारित प्लानिंग अब जबड़े की हड्डी का विस्तृत विश्लेषण कर यह निर्धारित कर सकते हैं कि इंप्लांट लगाने के लिए कौन-सा स्थान सबसे उपयुक्त और मजबूत है। इसके आधार पर तैयार सर्जिकल गाइड डॉक्टरों को इंप्लांट को बिल्कुल सही स्थान पर लगाने में मदद करती है, जिससे उपचार की सटीकता और सुरक्षा दोनों बढ़ती हैं। दो दिन तक होंगे वैज्ञानिक सत्र और लाइव डेमोंस्ट्रेशन ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. गगन जायसवाल ने बताया कि क़ॉन्फ्रेंस के आगामी सत्रों में अत्याधुनिक इंप्लांट तकनीकों पर वैज्ञानिक व्याख्यान, केस स्टडी चर्चा, लाइव डेमोंस्ट्रेशन और पोस्टर प्रेजेंटेशन आयोजित किए जाएंगे। ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ. मनीष वर्मा के अनुसार आयोजन का उद्देश्य दंत चिकित्सकों को नवीनतम तकनीकों और वैश्विक मानकों से जोड़ना है। कॉन्फ्रेंस में ISOI के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शरद शेट्टी, इंटरनेशनल स्पीकप डॉ. कोमल मजूमदार सहित 14 एक्सपर्ट्स अपने अनुभव साझा करेंगे। आयोजन से प्रदेश के दंत चिकित्सकों और पीजी विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों से सीखने और नई तकनीकों को समझने का अवसर मिलेगा।
टीकमगढ़ जिले में शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे तेज हवा और बादलों की गड़गड़ाहट के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई। पिछले सात दिनों से जारी सूखे के बाद हुई इस बारिश से स्थानीय लोगों को भीषण उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है। वहीं, खेतों में सूख रही फसलों को भी इस बारिश से नया जीवनदान मिला है। उमस के बाद बदला मौसम का मिजाज बारिश से पहले शुक्रवार सुबह से शाम तक क्षेत्र में उमस भरी गर्मी का प्रकोप बना रहा। दिन का अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले गुरुवार को अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस रहा था। रात को हुई तेज बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में महज 20 मिनट के भीतर ही नालियां ओवरफ्लो हो गईं। पिछले साल की तुलना में 24 इंच कम बरसे बादल भू-अभिलेख कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में इस सीजन में अब तक केवल 6.8 इंच औसत बारिश दर्ज की गई है। वहीं, पिछले साल आज की तारीख (17 जुलाई) तक जिले में 32.9 इंच औसत बारिश हो चुकी थी, जो इस साल की तुलना में 24 इंच अधिक थी। बारिश की इस कमी से किसान चिंतित थे। सूखती फसलों को मिला पानी, आगे भी उम्मीद स्थानीय किसान भागीरथ यादव ने बताया कि पिछले एक हफ्ते से पानी न गिरने के कारण खेतों में खड़ी फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई थीं। शुक्रवार रात हुई इस बारिश से फसलों को बहुत फायदा होगा। इस बीच मौसम विभाग ने राहत की खबर देते हुए अनुमान जताया है कि जिले में अगले तीन से चार दिनों तक अच्छी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
ग्वालियर के सिरोल थाना क्षेत्र में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात कर्ज वसूली को लेकर सरेराह खूनी संघर्ष और अपहरण का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। डेढ़ साल पहले सड़क हादसे में मर चुके एक दोस्त के ₹40,000 के कर्ज को चुकाने के लिए चार बदमाशों ने ढाबे पर खाना खाने आए युवकों पर जानलेवा हमला कर दिया। बदमाशों ने दो सगे भाइयों सहित तीन लोगों को बेरहमी से पीटा और एक को जबरन कार में डालकर अगवा कर ले गए। वारदात के बाद हरकत में आई सिरोल पुलिस ने आधी रात को ही पूरे शहर में नाकेबंदी कराई। कंट्रोल रूम की मुस्तैदी और महज 1 घंटे की तगड़ी घेराबंदी के बाद रात 3 बजे पुलिस ने अपहृत युवक को सुरक्षित छुड़ाकर मुख्य आरोपियों को दबोच लिया। मृत दोस्त के कर्ज के बदले रख ली थी बुलेट, फिर मांग रहे थे पैसे मूल रूप से पोरसा (मुरैना) निवासी 22 वर्षीय विवेक किरार वर्तमान में सिरोल की फूटी कॉलोनी में रहता है। विवेक ने बताया कि लगभग दो साल पहले उसका साथी यश सोलंकी उसके साथ मऊ स्थित एक किराए के होटल में काम करता था। यश ने तब सुनारपुरा निवासी शिवम गुर्जर से ₹40,000 उधार लिए थे। करीब डेढ़ साल पहले एक सड़क दुर्घटना में यश की मौत हो गई। यश की मौत के बाद से ही शिवम गुर्जर उस कर्ज की रकम विवेक से वसूलने के लिए दबाव बना रहा था। इस एवज में शिवम ने जबरन विवेक की रॉयल एनफील्ड (बुलेट) मोटरसाइकिल भी अपने पास रख ली थी, जिसे विवेक ने बड़ी मुश्किल से वापस लिया। तब से शिवम उसे आए दिन गाली-गलौज कर धमकी दे रहा था। ढाबे के बाहर घेरकर की मारपीट, सरेराह किया अपहरण 16 जुलाई की रात करीब 11 बजे विवेक अपने साथी धीरज गौड़ और नीरज गौड़ के साथ अपनी हुंडई औरा कार से सिरोल हाईवे स्थित ज्योति ढाबे पर खाना खाने गया था। रात करीब 12:30 से 1:00 बजे के बीच जब वे खाना खाकर पीतांबरा ढाबे के पास सिगरेट लेने पहुंचे और वापस अपनी गाड़ी की तरफ आ रहे थे। तभी शिवम गुर्जर अपने तीन साथियों अभिषेक जाट, राजू उर्फ अंशू गुर्जर और एक नाबालिग के साथ वहां आ धमका। शिवम ने आते ही विवेक का रास्ता रोका और ₹40,000 की मांग करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। विवेक ने जब मना किया, तो शिवम ने पास पड़ी लकड़ी उठाकर विवेक के सिर पर दे मारी। विवेक को बचाने आए धीरज गौड़ के सिर पर अभिषेक जाट ने डंडे से हमला कर दिया, जिससे धीरज का सिर फट गया और खून बहने लगा। बाकी दो साथियों ने उन्हें दबोच लिया और जान से मारने की धमकी देने लगे। जान बचाने के लिए जब विवेक और धीरज वहां से भागे, तो चारों बदमाशों ने धीरज के भाई नीरज गौड़ जबरन अपनी कार में डाला और अपहरण कर ले गए। नाकेबंदी के बाद रात 3 बजे गोविंदपुरी से पकड़े गए आरोपी इसी बीच हाईवे पर मौजूद किसी राहगीर ने सिरोल थाने को सूचना दे दी। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घायल विवेक व धीरज को मुरार के सरकारी अस्पताल ले जाकर उनका मेडिकल कराया। आधी रात को सरेराह अपहरण की खबर मिलते ही सिरोल थाना पुलिस ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को अलर्ट किया। कंट्रोल रूम के निर्देश पर पूरे ग्वालियर शहर में नाकेबंदी कर दी गई और बिना नंबर की बलेनो कार की तलाश शुरू हुई। पुलिस की मुस्तैदी रंग लाई और वारदात के महज एक घंटे बाद, रात करीब 3 बजे पुलिस टीम ने गोविंदपुरी इलाके से घेराबंदी करके आरोपियों को दबोच लिया और अपहृत नीरज गौड़ को सकुशल मुक्त करा लिया। सिरोल थाना प्रभारी गोविंद बागोली ने बताया- आधी रात सिरोल में हाईवे से लेनदेन को लेकर हुए विवाद में कार सवार बदमाशों ने मारपीट की थी। मारपीट के बाद बदमाश एक युवक को जबरन कार में डालकर ले गए थे। जिसे घेराबंदी की छुड़ा लिया गया है। सभी चार आरोपी पकड़े गए हैं। जिनमें से एक आरोपी नाबालिग है।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी में संदिग्ध परिस्थितियों में जान गंवाने वाले झुंझुनूं जिले के मंड्रेला क्षेत्र (बेगूं का बास) निवासी राकेश कुमार (30) का पार्थिव शरीर करीब 3 महीने बाद एम्बुलेंस से शुक्रवार को उनके पैतृक गांव पहुंचा। घर की आर्थिक हालत सुधारने की उम्मीद में राकेश पिछले साल 6 अक्टूबर 2025 को कर्ज लेकर विदेश गए थे। अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए। वे परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनके निधन की खबर से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। शव के घर पहुंचते ही बिलख पड़े परिजनपरिजनों के अनुसार, राकेश की मौत 22 अप्रैल 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। परिजनों का आरोप है कि संबंधित कंपनी और भारतीय दूतावास ने महीनों तक मौत के स्पष्ट कारणों की कोई जानकारी नहीं दी। शुक्रवार को शव के घर पहुंचते ही राकेश की मां बेटे के शव से लिपटकर फूट-फूटकर रो पड़ीं, वहीं उनकी बुजुर्ग दादी बार-बार अपने पोते की मौत का कारण पूछती रहीं। दादी शव को देख बिलख पड़ी और पूछती रही कि 'राकेश, तन्ने के होग्यो... मेरो राकेश ने कुण मार्यो'। इसे देखकर ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। पूछने पर कंपनी बोली- यहां 20 हजार कर्मचारी हैं, किस-किस का ध्यान रखें?राकेश के साथ काम करने वाले कपिल ने बताया कि जब राकेश दो दिन तक कमरे पर नहीं लौटे, तो कंपनी को सूचना दी गई। इस पर अधिकारियों ने बेहद संवेदनहीन जवाब देते हुए कहा कि 'यहां 20 हजार कर्मचारी हैं, किस-किस का ध्यान रखें?' इसके अलावा, मृतक के मामा सुरेंद्र कुमार न्योला ने आरोप लगाया कि पहले से ही कर्ज में डूबे इस बेहद गरीब परिवार से शव को भारत लाने का खर्च भी वसूला गया, जो कि शर्मनाक है। परिजन बोले- घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिएपरिजनों ने इस संकट की घड़ी में विदेश मंत्रालय, केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाई, लेकिन उन्हें कोई ठोस मदद नहीं मिली। राकेश के अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों और परिजनों ने सरकार से इस घटना की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित कंपनी से उचित मुआवजा दिलवाने और विदेशों में कार्यरत भारतीय श्रमिकों की सुरक्षा के लिए कड़े कानून बनाने की मांग की है, जिससे भविष्य में किसी और बेबस परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े।
जोधपुर में जिला प्रशासन ने स्टूडेंट्स को करियर के अवसरों की जानकारी देने और रुचि के अनुसार विकल्प चुनने की पहल की है। इसे लेकर विशेषज्ञ समिति (रिसोर्स टीम) का भी गठन किया गया है। समिति में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, जो कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने और इसके संचालन में सहयोग करेंगे। इसे लेकर जिला कलेक्टर आलोक रंजन की अध्यक्षता में शुक्रवार को बैठक हुई। बैठक में प्रस्तावित करियर परामर्श और मार्गदर्शन सेमीनार की रूपरेखा, कार्ययोजना एवं क्रियान्वयन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। जानकारी के अभाव में अवसरों का नहीं मिलता लाभ जिला कलेक्टर रंजन ने कहा- आज के प्रतिस्पर्धी दौर में विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक करियर विकल्पों तक सीमित रखने के बजाय उनकी रुचि, योग्यता और क्षमता के अनुरूप उपलब्ध विभिन्न अवसरों की जानकारी देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के अनेक प्रतिभावान विद्यार्थी सूचना और मार्गदर्शन के अभाव में अपनी क्षमताओं के अनुरूप अवसरों का लाभ नहीं उठा पाते। ऐसे विद्यार्थियों तक विशेषज्ञों का मार्गदर्शन पहुंचाने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सेमीनारों में विषय विशेषज्ञ विद्यार्थियों को एक ही स्ट्रीम से जुड़े विभिन्न करियर विकल्पों, उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, कौशल विकास, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी देंगे। इससे वे किसी एक विकल्प तक सीमित न रहकर अपने लिए उपलब्ध अनेक संभावनाओं को समझ सकें और भविष्य के संबंध में अधिक जागरूक होकर आत्मविश्वास से निर्णय ले सकें। क्रियान्वयन के लिए विशेषज्ञ समिति गठित जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार मिश्रा के निर्देशन में कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेषज्ञ समिति (रिसोर्स टीम) का गठन किया गया है। समिति में सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार, महिला अधिकारिता, रोजगार, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। ये कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर इसके प्रभावी संचालन में सहयोग करेंगे। यूपीएससी से लेकर कौशल विकास तक मिलेगा मार्गदर्शन मिश्रा ने बताया कि प्रस्तावित सेमीनारों में विद्यार्थियों एवं युवाओं को यूपीएससी, आरपीएससी, एसएससी, बैंकिंग, एनडीए, सीडीएस, रीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी संबंधी मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही नीट, जेईई, सीयूईटी, क्लैट एवं अन्य प्रवेश परीक्षाओं, कौशल विकास, डिजिटल साक्षरता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वरोजगार, उद्यमिता विकास, रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों तथा मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी जाएगी बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार मिश्रा, संभागीय रोजगार कार्यालय जोधपुर के उप निदेशक आनंद कुमार सुथार, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी मंजू शर्मा, महिला अधिकारिता विभाग के उप निदेशक फरसा राम बिश्नोई शामिल हुए। इनके अलावा आईआईटी जोधपुर के प्रतिनिधियों, विभिन्न कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों एवं विषय विशेषज्ञों ने सहभागिता करते हुए अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
जोधपुर में एसीबी की स्पेशल यूनिट ने एक पटवारी को रिश्वत लेते ट्रैप किया है। आरोपी ने म्यूटेशन भरने की एवज में रिश्वत राशि की मांग की थी। जैसे ही परिवादी शुक्रवार को रिश्वत राशि देने पहुंचा ACB ने पटवारी को ट्रैप कर दिया। ACB के एडिशनल SP ओमप्रकाश चौधरी की मॉनिटरिंग में ACB के इंस्पेक्टर मनीष चौधरी की टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने करीब रात 8 बजे पटवारी अंकुश बाघेला को ट्रैप किया। दरअसल पटवारी ने परिवादी से उसकी बंबोर में 25 दुकानों की जमीन का म्यूटेशन भरने की एवज में प्रति दुकान 5000 रुपए की मांग रखी थी। इसे लेकर परिवादी की ओर से ACB में शिकायत दी गई थी। शिकायत का सत्यापन होने के बाद एसीबी ने ट्रैप का जाल बिछाया। शाम को पटवारी ने परिवादी को पैसे देने के लिए बुलाया। वह परिवादी की कार में हेलमेट लेकर बैठा, परिवादी से पैसे मांगे। परिवादी जब पैसे देने लगा तो उसने कहा कि हेलमेट में पैसे रख दो, जैसे ही उसने हेलमेट में पैसे रखे। इधर से ACB ने उसे पकड़ लिया। धुलाई में हेलमेट से कलर भी निकलने लगा। बाद में ACB टीम ने आगे की कार्रवाई शुरू की। डेढ़ लाख में हुआ सौदा दरअसल परिवादी ने बम्बोर में साल 2022 में कृषि भूमि खरीदी थी। यहां परिवादी की जमीन का म्यूटेशन भरवाने के नाम पर पटवारी 2025 से चक्कर कटवा रहा था। बाद में उसने डेढ़ लाख रुपए रिश्वत राशि की डिमांड की। इसके बाद 1 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। इसमें 75 हजार रुपए पहले मांगे, बाकी के रुपए बाद में देना तय किया गया।
रोटरी क्लब ऑफ जोधपुर गरिमा के रोटरी वर्ष 2026-27 का इंस्टॉलेशन समारोह एक होटल में आयोजित हुआ। 55 महिला सदस्यों वाले इस क्लब की नई कार्यकारिणी ने सहायक प्रांतपाल रोटेरियन रीता स्वामी की मौजूदगी में पदभार ग्रहण किया। समारोह में रोटेरियन सुमन सिंघवी ने क्लब अध्यक्ष, डोलिन जैन ने सचिव और आशा पारख ने कोषाध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला। नवगठित कार्यकारिणी ने सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता के साथ समाज में सकारात्मक एवं स्थायी परिवर्तन लाने का संकल्प व्यक्त किया। निवर्तमान अध्यक्ष कावेरी बजाज ने अध्यक्षीय कॉलर पहनाकर सुमन सिंघवी को औपचारिक रूप से नेतृत्व सौंपा। इस अवसर पर वर्ष 2025-26 की कार्यकारिणी और सहयोगी टीम को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। महिलाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण होगा शुरू रोटरी वर्ष की शुरुआत क्लब ने नई सेवा परियोजना की घोषणा के साथ की। इसके तहत महिलाओं के लिए मासिक आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जिसका संचालन पुलिस अधिकारी शारदा पूनिया के मार्गदर्शन में होगा। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक कौशल प्रदान करना, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना और सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना है। नई कार्यकारिणी ने रोटरी की वर्ष 2026-27 की थीम क्रिएट लास्टिंग इम्पैक्ट (स्थायी प्रभाव का सृजन) को साकार करते हुए समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण और रोटरी फेलोशिप को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया। ईमानदारी और समर्पण से कार्य करते रहने का दिया संदेश समारोह के मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने रोटरी के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए समाज के प्रति निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण से कार्य करते रहने का संदेश दिया। विशिष्ट अतिथि के रूप में वरुण धनाड़िया भी मौजूद थे। इंस्टॉलेशन समारोह का संचालन पीडीजी रोटेरियन विनोद भाटिया, अनिल बेनीवाल, प्रीयेश भंडारी एवं संजय मालवीय ने किया। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न रोटरी क्लबों के अध्यक्ष, सचिव एवं पदाधिकारियों की उपस्थिति रही।
वाराणसी में तेज रफ्तार हाईवा ने मासूम को रौंदा:सिर से गुजरा पहिया, परिजनों का हंगामा नोकझोंक
वाराणसी के में शुक्रवार की रात 9 बजे तेज रफ्तार हाईवा ने सड़क पार करते मासूम को रौंद दिया। भदऊ चुंगी के पास हादसे में हाईवा का पहिया पांच साल के कल्लू के सिर से गुजर गया। उसे रौंदते हुए चालक वाहन लेकर फरार होने लगा लेकिन भीड़ ने रोक लिया। इसके बाद पहुंचे परिजनों ने हंगामा काटा, सूचना पर आदमपुर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। आनन फानन शव को सड़क से हटाने का प्रयास किया तो मृतक के पिता की पुलिस से नोकझोंक हो गई। काफी समझाने बुझाने पर परिजनों शांत हुए। पूछताछ में पता चला कि हाइवा रेलवे यानि आरवीएनएल के पुल निर्माण कार्य में लगा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा है। बच्चे का शव देखकर मासूम की मांग रोते रोते बेहोश हो जा रही है। घटनास्थल पर काफी देर तक भीड़ जुटी रही। 3 तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए पूरा मामलाभदऊ चुंगी निवासी गोलू विश्वकर्मा अपनी पत्नी रिंकी विश्वकर्मा के साथ चाकू छुरी तेज करने का काम करते हैं। दोनों सड़क किनारे एक पुराने मकान में रहकर अपना जीवन यापन करते हैं। उनके साथ पांच वर्षीय बेटा धनराज उर्फ कल्लू भी रहता था। शुक्रवार की रात को कल्लू बाहर खेल रहा था, अचानक वह सड़क पार करके जाने लगा। इसी दौरान एक तेज रफ्तार हाईवा चौकाघाट से राजघाट पुल की तरफ जा रहा था। कल्लू हाइवा को नहीं देख सका और उसके नीचे आ गया। वाहन का पहिया के नीचे रौंद गया और अगला पहिया उसके सिर के ऊपर से गुजर गया। जानकारी पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव हटवाने का प्रयास किया।
कटनी की कुठला थाना पुलिस ने 48 घंटे में ट्रैक्टर चोरी की वारदात का खुलासा किया है। एक युवक ने अपनी प्रेमिका की 50 हजार रुपए के महंगे मोबाइल फोन की मांग को पूरा करने के लिए दुकान के बाहर खड़ा ट्रैक्टर चुरा लिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी का ट्रैक्टर बरामद कर लिया है। दुकान के बाहर से गायब हुआ था 4.5 लाख का ट्रैक्टर पहरुआ निवासी नवनीत गुप्ता (45) की कृषि यंत्र की दुकान है। उन्होंने 14 जुलाई की रात अपनी दुकान के बाहर पुराना सोनालिका कंपनी का ट्रैक्टर (क्रमांक MP34A1943, जिसमें हाइड्रा लगा था) खड़ा किया था। इस ट्रैक्टर की अनुमानित कीमत करीब 4.5 लाख रुपए थी। रात के अंधेरे में अज्ञात चोर इसे चुरा ले गए। सुबह ट्रैक्टर गायब मिलने पर पीड़ित ने कुठला थाने में मामला दर्ज कराया। सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर से मिला सुराग मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने केस दर्ज कर एक विशेष टीम बनाई। जांच टीम ने घटनास्थल के आसपास और संभावित रास्तों पर लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके बाद संदिग्ध आरोपी प्रिंस सिंह सोमवंशी (20) निवासी समोघर, सतना तक पहुंच गई। पूछताछ में उगला सच, मैहर से हुई जब्ती पुलिस ने जब संदेही प्रिंस सिंह को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने ट्रैक्टर चोरी की बात कबूल कर ली। आरोपी ने बताया कि उसकी प्रेमिका ने उससे 50 हजार रुपये का मोबाइल दिलाने की मांग की थी। पैसे न होने के कारण उसने चोरी का रास्ता चुना। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मैहर स्थित सोनालिका एजेंसी के पास से ट्रैक्टर बरामद कर लिया है। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने अमरकंटक स्थित मां नर्मदा मंदिर ट्रस्ट के कामकाज और उसकी संपत्तियों को लेकर जानकारी मांगी है। उन्होंने 18 जुलाई को होने वाली मंदिर ट्रस्ट की प्रस्तावित बैठक से पहले ट्रस्ट की आय-व्यय, चढ़ावा और कुल संपत्तियों का सार्वजनिक लेखा-जोखा मांगा। विधायक ने एक पत्र और वीडियो संदेश जारी कर मांग की है कि ट्रस्ट के बनने से लेकर अब तक का पूरा वित्तीय रिकॉर्ड जनता और मीडिया के सामने रखा जाए। विधायक मार्को ने कहा कि मां नर्मदा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं और इस आस्था को बनाए रखने की जिम्मेदारी मंदिर ट्रस्ट की है। उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर चंदा चोरी विवाद का हवाला देते हुए कहा कि ट्रस्टों की कार्यप्रणाली पहले भी चर्चा और विवादों में रही है, इसलिए यहां पूरी पारदर्शिता होना बेहद जरूरी है। उन्होंने सालों से आ रहे चढ़ावे, सोने-चांदी, नगद दान और चल-अचल संपत्तियों के साथ-साथ विकास कार्यों पर हुए खर्च का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की है। बैठक की तारीख बदलने की मांग यह बैठक पहले 15 जुलाई को होनी थी, जिसे बदलकर 18 जुलाई तय किया गया है। विधायक मार्को ने कलेक्टर को पत्र लिखकर इस तारीख को एक बार फिर आगे बढ़ाने की मांग की है। उनका तर्क है कि विधानसभा और लोकसभा के मानसून सत्र शुरू होने के कारण सभी जनप्रतिनिधि व्यस्त रहेंगे। इसलिए ऐसी तारीख तय की जाए जिससे सभी सदस्य शामिल होकर इन गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा कर सकें। विधायक ने साफ कहा कि यदि वे किसी कारण से बैठक में शामिल नहीं भी हो पाते हैं, तो भी बैठक के तुरंत बाद ट्रस्ट को सारा विवरण सार्वजनिक करना चाहिए ताकि जनता के बीच का भ्रम दूर हो और ट्रस्ट की विश्वसनीयता मजबूत हो। जब ट्रस्ट के पास पैसा है, तो सुविधाएं क्यों नहीं? विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने अमरकंटक के विकास को लेकर भी ट्रस्ट पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यदि मंदिर ट्रस्ट आर्थिक रूप से इतना मजबूत और सक्षम है, तो अमरकंटक आने वाले श्रद्धालुओं को आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए क्यों तरसना पड़ता है? यहां साफ-सफाई, पीने का पानी, पार्किंग, यातायात व्यवस्था और यात्रियों के ठहरने के इंतजाम अब तक सुधरे क्यों नहीं हैं और ये अभी भी बेहद खराब स्तर पर क्यों हैं?
राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने पूर्व आईएएस संजय दीक्षित और रणजीत सिंह के खिलाफ दर्ज करीब 17 साल पुरानी एफआईआर को रद्द कर दिया है। यह आदेश जस्टिस अनूप ढंढ की अदालत ने संजय दीक्षित और रणजीत सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। दीक्षित ने रणजीत सिंह के पासपोर्ट के लिए उनका चरित्र सत्यापन किया था। इस मामले में प्रहलाद गुर्जर ने साल 2009 में पासपोर्ट कार्यालय में शिकायत की थी कि रणजीत सिंह को जारी पासपोर्ट अवैध है, उसके खिलाफ कई केस दर्ज हैं। हाईकोर्ट के आदेश से दर्ज हुई थी एफआईआर पासपोर्ट कार्यालय ने प्रहलाद गुर्जर के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया था। इस पर गुर्जर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इसके आधार पर हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 13 जनवरी 2010 में सीबीआई को मामला सौंप दिया था। सीबीआई ने 29 जनवरी 2010 को एफआईआर दर्ज की। खंडपीठ ने 10 नवंबर 2010 को एकलपीठ का आदेश रद्द कर मामले पर पुन: सुनवाई का आदेश दिया। सत्यापन वापस लेने की सूचना दे दी थी दीक्षित की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता माधव मित्र और अधिवक्ता जया मित्र ने कोर्ट को बताया कि जैसे ही प्रार्थी को रणजीत सिंह के आपराधिक रिकॉर्ड और उसकी गिरफ्तारी की जानकारी मिली, उसने सत्यापन वापस लेने की पुलिस को सूचना दे दी। वहीं रणजीत सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुराग शर्मा ने कोर्ट को बताया- प्रहलाद गुर्जर की जिस याचिका के आधार पर सीबीआई को जांच सौंपी गई, वह बिना आदेश के ही समाप्त हो चुकी है। ऐसे में एफआईआर को रद्द किया जाए। सीबीआई की ओर से अधिवक्ता जगमोहन शर्मा ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि दीक्षित ने हिस्ट्रीशीटर रहे व्यक्ति के चरित्र का सत्यापन किया और रणजीत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया। सीबीआई ने इस मामले में जांच कर ली, लेकिन कोर्ट ने चार्जशीट को अंतिम रूप देने से इनकार कर दिया गया था।
रतलाम में दूषित पानी से 80 बीमार:20 अस्पताल पहुंचे, कुएं का पानी सील कर जांच के लिए सैंपल भेजा गया
रतलाम जिले के पिपलौदा तहसील के गांव आजमपुर डोडिया में कुएं के दूषित पानी पीने से लोगों की तबीयत खराब हो गई। उल्टी दस्त व पेट दर्द से करीब 80 लोग बीमार हो गए। 20 को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। एक साथ ग्रामीणों के बीमार होने की जानकारी मिलने पर प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। पीएचई के अधिकारियों ने पहुंचकर पानी का सैंपल लिया। अस्पताल में भर्ती करने के अलावा गांव में लोगों के उपचार को लेकर स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। ग्रामीणों की माने तो पिछले दो दिन से गांव में कई लोगों को उल्टी, दस्त व पेट दर्द की शिकायत हो रही थी। शुक्रवार दोपहर इस बात की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को मिली। बीएमओ डॉ. पवन पाटीदार, तहसीलदार पिंकी साठे व अन्य अधिकारी गांव पहुंचे, स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। 80 लोग बीमार पाए गए। इनमें से करीब 20 लोगों को पिपलौदा अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। हालांकि सभी को ड्रिप चढ़ाने के बाद हालात सामान्य होने पर सभी को डिस्चार्ज कर दिया। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के अमले ने घर-घर जाकर लोगों को स्वास्थ्य जांचा। आवश्यक दवाईयां दी। गांव के कुएं से पीते हैं पानीगांव की आबादी करीब 650 लोगों की है। गांव में दो कुएं हैं। इनमें से एक मीठा पानी का है जो कि लोग पीते हैं। ग्रामीणों के अनुसार कुएं का पानी दूषित होने व पीने से बीमार होने की आशंका जताई है। पीएचई ने कुएं के पानी का सैंपल लिया है। कुएं को सील कर दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पानी के दुषित होने व बीमारी का कारण सामने आ पाएगा। गांव में नज-जल योजना में भी नल लगे हैं। लेकिन उसकी आपूर्ति पर्याप्त नहीं होने के कारण ग्रामीण अधिकतर कुएं के पानी पर निर्भर रहते हैं। हर घर में बीमारग्रामीण उषा चौहान ने बताया कि मेरे घर में 13 से 14 लोग हैं, जिनमें से केवल दो से तीन का स्वास्थ्य ठीक है। बाकि सब बीमार हैं। पूरे गांव में हर घर में एक-एक व्यक्ति बीमार है। दीपक मालवीय ने बताया तीन-चार दिन से तबीयत खराब हो रही है। अलग-अलग जगह दिखाया। उल्पाटी दस्त व पेट दर्द हो रहा है। गांव में कुएं का पानी दूषित हो गया है। काफी दिन से उसकी सफाई नहीं हुई है। मेरे घर में 9 लोग हैं, जिनमें से 7 बीमार हैं। कैंप लगाकर जांचा स्वास्थ्यबीएमओ डॉ. पवन पाटीदार ने बताया ग्रामीणों को उल्टी दस्त व पेट दर्द की शिकायत हुई है। गांव में कैंप लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। कुछ लोगों को स्वास्थ्य केंद्र पिपलौदा में भर्ती कराया था। स्वास्थ्य ठीक होने पर डिस्चार्ज कर दिया है। पीएचई ने कुएं के पानी का सैंपल लिया है।
अरवल सदर अस्पताल में शुक्रवार देर शाम एक गर्भवती महिला की ऑपरेशन के बाद मौत हो गई। 24 वर्षीय महिला को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने चिकित्सीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को शांत कराया और जांच का आश्वासन दिया। मृतका की पहचान अरवल जिले के सदर थाना अंतर्गत फखरपुर गांव निवासी 24 वर्षीय रागिनी कुमारी के रूप में हुई है। उन्हें प्रसव के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक, डॉक्टरों ने ऑपरेशन से प्रसव कराया, लेकिन ऑपरेशन के कुछ ही देर बाद रागिनी की तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। चिकित्सीय लापरवाही का आरोप, परिजनों का हंगामा मृतका के पति आकाश कुमार ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के दौरान गंभीर चिकित्सीय लापरवाही बरती गई, जिसके कारण उनकी पत्नी की जान चली गई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग सदर अस्पताल पहुंचे और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने दोषी डॉक्टरों और संबंधित कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। घटना की सूचना पर सदर थाना अध्यक्ष दरबारी चौधरी, सिविल सर्जन, पूर्व विधायक महानंद सिंह सहित भारी संख्या में पुलिस और अस्पताल प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को शांत करते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और यदि जांच में चिकित्सीय लापरवाही पाई जाती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। त्रिस्तरीय जांच कमेटी गठित, नवजात शिशु सुरक्षित परिजनों को सौंपा गया फिलहाल, पुलिस और अस्पताल प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के कारणों और चिकित्सीय लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस मामले में एक त्रिस्तरीय जांच कमेटी का गठन किया गया है और शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। नवजात शिशु को अस्पताल प्रशासन द्वारा परिजनों को सुरक्षित सौंप दिया गया है।
बक्सर में शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की रथयात्रा निकाली गई। इस्कॉन बक्सर के तत्वावधान में आयोजित इस यात्रा में शहर और आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे मार्ग में 'हरे कृष्ण-हरे राम' के जयघोष और भजन-कीर्तन से वातावरण भक्तिमय बना रहा। रथयात्रा की शुरुआत इस्कॉन मंदिर में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की विशेष पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद तीनों देवताओं को सुसज्जित रथ पर विराजमान कराया गया। गोलंबर स्थित हनुमान मंदिर के समीप दीप प्रज्वलित कर यात्रा का विधिवत शुभारंभ किया गया। श्रद्धालुओं ने रथ की रस्सी खींचकर भगवान के दर्शन किए। श्रद्धालुओं के सुख, समृद्धि व शांति की कामना की रथयात्रा में बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह भी शामिल हुए। उन्होंने यात्रा मार्ग में झाड़ू लगाकर सफाई की और भगवान जगन्नाथ की आरती उतारी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बक्सर में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गई। उन्होंने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा से प्रदेशवासियों और सभी श्रद्धालुओं के सुख, समृद्धि, शांति और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। रथयात्रा के शुभारंभ अवसर पर रोहतास गोयल, राजा गोविंद दास, डॉ. रमेश कुमार, शशिकांत सिंह, हरि प्रेम जी और जिउतमुनि उपाध्याय ने दीप प्रज्वलित कर रथ को रवाना किया। यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। मार्ग में कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर रथयात्रा का स्वागत किया। यात्रा गोयल धर्मशाला पहुंची, जहां महाप्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस्कॉन बक्सर के संस्थापक राजा गोविंद दास ने बताया कि भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचना अत्यंत पुण्य का कार्य माना जाता है। इस्कॉन के भक्तों ने संकीर्तन और भजन प्रस्तुत किए उन्होंने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य समाज में प्रेम, भाईचारा, आध्यात्मिक चेतना और भगवान के प्रति भक्ति का संदेश पहुंचाना है। वहीं डॉ. रमेश कुमार ने कहा कि रथ यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और सद्भाव का भी प्रतीक है। कार्यक्रम के दौरान इस्कॉन के भक्तों ने संकीर्तन और भजन प्रस्तुत किए, जबकि गंगापुत्र वृंदावन ने भगवान जगन्नाथ की महिमा पर प्रवचन दिया। पटना इस्कॉन के कृष्ण कृपा दास सहित कई वरिष्ठ भक्त भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।रथ यात्रा में महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। उन्होंने रथ खींचने, भजन-कीर्तन, प्रसाद वितरण और सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूरे आयोजन में श्रद्धा, अनुशासन और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला।इस भव्य रथ यात्रा ने बक्सर में धार्मिक समरसता, सामाजिक सौहार्द और आध्यात्मिक एकता का संदेश दिया। श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की और पूरे आयोजन को सफल बनाने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई।
उमरिया जिले के विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक बाघ शावक का शव मिला। शुक्रवार को धमोखर परिक्षेत्र से जुड़े चापर राजस्व क्षेत्र में करीब पांच महीने की एक मादा बाघ शावक का शव बरामद किया गया। घटना की सूचना मिलते ही टाइगर रिजर्व के अधिकारी, वन्यजीव चिकित्सकों की टीम, डॉग स्क्वाड और मेटल डिटेक्टर टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। सिर की हड्डी में मिला फ्रैक्चर वन्यजीव चिकित्सकों की प्रारंभिक जांच में शावक के सिर की हड्डी में फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई है। हालांकि, शावक की मौत के वास्तविक और सटीक कारणों का खुलासा अभी नहीं हो सका है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, शनिवार को शावक का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह साफ होगी। इसके बाद नियमानुसार शावक का अंतिम संस्कार किया जाएगा। बाघों की गणना के बीच हुई घटना बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में इन दिनों बाघों की गणना और उनकी मॉनिटरिंग का काम चल रहा है। इसी सिलसिले में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) समिता राजोरा और अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एल. कृष्णमूर्ति भी बांधवगढ़ में ही मौजूद हैं। शावक का शव मिलने की जानकारी मिलते ही इन वरिष्ठ अधिकारियों ने भी घटनाक्रम और अब तक की जांच की विस्तृत जानकारी ली है। वन विभाग मामले की हर पहलू से जांच कर रहा है।
दमोह जिले के मडियादो में शुक्रवार को पन्ना टाइगर रिजर्व के बफरजोन प्रबंधन की मनमानी और कार्यप्रणाली के खिलाफ 12 से अधिक गांवों के आदिवासियों ने प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं की अगुवाई में हजारों की संख्या में जुटे ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ मोर्चा खोला और जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेता प्रदीप खटीक और योगेश सराफ के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कलकुआं से मडियादो तक 12 किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकाली। मडियादो पहुंचने पर गुस्साए ग्रामीणों और महिलाओं ने वन परिक्षेत्र कार्यालय का घेराव कर दिया और मुख्य सड़क पर चक्काजाम कर दिया। हंगामा बढ़ता देख मडियादो थाना प्रभारी प्रीति पांडे ने सूझबूझ से जाम खुलवाया। इस गहमागहमी के बीच कुछ लोग वन विभाग के दफ्तर से गमले और पौधे भी उठाकर ले गए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने बाजार परिसर में दूसरा चक्काजाम किया। आदिवासियों ने लगाए गंभीर आरोप बाजार परिसर में आयोजित सभा में ग्रामीणों ने बफरक्षेत्र प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि वन कर्मी उनके साथ बदसलूकी करते हैं, झूठे केस लगाने की धमकी देते हैं और राजस्व भूमि पर भी अपना हक जताते हैं। इसके अलावा वर्षों से काबिज जमीनों से जबरन बेदखल कर मकानों में तोड़फोड़ की जा रही है और घर का सामान तक जब्त कर लिया जाता है। ग्रामीणों ने तहसीलदार उमेश तिवारी को 13 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्रमुख मांगें ये थीं- निरस्त किए गए भू-अधिकार पत्रों को बहाल किया जाए और वर्षों से रह रहे लोगों को नए पट्टे दिए जाएं। गांवों को जोड़ने वाले जो जंगली रास्ते और जलस्रोत वन विभाग ने बंद कर दिए हैं, उन्हें तुरंत खोला जाए। आदिवासियों को दैनिक उपयोग के लिए सूखी लकड़ी बीनने, विनोला पत्थर और मिट्टी लाने की छूट दी जाए। मडियादो में दाह संस्कार के लिए लकड़ी का एक सरकारी डिपो खोला जाए। सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए क्षेत्र में विशेष शिविर लगाए जाएं। नेता बोले- विधायक को 15-20% कमीशन चाहिए कांग्रेस नेता प्रदीप खटीक ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा, जिन्हें आपने 50 हजार वोटों से जिताया है, उन्होंने हर ग्राम पंचायत में अपने दलाल बैठा रखे हैं। यहां विधायक को 15 से 20 प्रतिशत कमीशन चाहिए। जंगल के लोग प्रताड़ित होकर मर रहे हैं, लेकिन विधायक और सांसद को जनता की सुध लेने की फुर्सत नहीं है। तहसीलदार ने दिया आश्वासन ज्ञापन लेने पहुंचे तहसीलदार उमेश तिवारी ने मंच से ही ग्रामीणों को संबोधित किया। उन्होंने स्थानीय स्तर की कुछ मांगों पर सहमति जताई और बाकी गंभीर मुद्दों पर शासन के पास उचित प्रस्ताव भेजने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही ग्रामीणों ने बाजार परिसर से चक्काजाम हटाया।
बेतिया रेलवे स्टेशन पर मोबाइल छीनने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति दावा कर रहा है कि एक महिला ने एक यात्री का मोबाइल छीनने का प्रयास किया। इसी दौरान कथित तौर पर मोबाइल रेलवे ट्रैक पर गिर गया। वीडियो में स्टेशन पर मौजूद कुछ लोगों ने महिला को पकड़ लिया। स्थानीय लोगों ने ट्रैक पर गिरे मोबाइल को उठाकर संबंधित यात्री को वापस सौंप दिया। वीडियो में एक व्यक्ति महिला के हाथ से मोबाइल लेकर ट्रेन में चढ़ता हुआ भी दिखाई दे रहा है। सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच जारी इस घटना के बाद रेलवे थाना पुलिस जांच में जुट गई है। पुलिस महिला की पहचान और स्टेशन पर उसकी मौजूदगी के उद्देश्य का पता लगाने का प्रयास कर रही है। पुलिस स्टेशन परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की भी जांच कर रही है ताकि घटना की सच्चाई सामने आ सके। इस घटना ने रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों ने स्टेशन परिसर में सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। हालांकि, यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकती है। मामले की वास्तविक स्थिति रेलवे पुलिस की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
सिवनी जिले में एक आईटीआई छात्र के साथ बेरहमी से मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में पांच बालिग आरोपियों को गिरफ्तार कर चार नाबालिगों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया डंडा और क्लच वायर भी बरामद कर लिया है। कॉलेज कैंटीन से छात्र का किया अपहरण पुलिस अधीक्षक कृष्ण लाल चंदानी ने बताया कि पीड़ित सोहेल खान निवासी भोमा, कान्हीवाड़ा आईटीआई चूनाभट्टी का छात्र है। 7 जून की दोपहर जब वह आईटीआई राहंगडाले की कैंटीन में मौजूद था, तभी तीन मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए कुछ युवक उसे जबरन खैरीटेक के पास एक सुनसान जगह पर ले गए। बर्बरता की हदें पार, घावों पर लगाया नमक-मिर्च सुनसान जगह पर पहले से मौजूद अन्य युवकों ने छात्र पर अपनी बहन से बातचीत करने का आरोप लगाते हुए उसे घेर लिया। इसके बाद आरोपियों ने उसे लात-घूंसों, लोहे के पाइप, डंडे, रस्सी और क्लच वायर से बेरहमी से पीटा। बर्बरता की हदें पार करते हुए आरोपियों ने पीड़ित की पीठ पर बने घावों पर तेल में नमक और मिर्च मिलाकर लगा दिया। आरोपियों ने इस पूरी क्रूरता का वीडियो भी बनाया। पैर पकड़वाकर मंगवाई माफी, पुलिस ने भेजा जेल मारपीट के बाद आरोपी पीड़ित को वापस आईटीआई लेकर आए और वहाँ एक युवती से उसके पैर पकड़वाकर जबरन माफी मंगवाई। इसके बाद उसे जान से मारने की धमकी देकर छोड़ दिया गया। डर के कारण पीड़ित ने शुरू में शिकायत नहीं की थी, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने संज्ञान लिया। कोतवाली थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी ईश्वर उर्फ अस्मित मानाठाकुर, मंजीत रैकवार, भूपेंद्र उर्फ लकी विश्वकर्मा, जीतू उर्फ अभय उइके और अभिषेक उइके सहित चार नाबालिगों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी पर पहले से कईं केस मुख्य आरोपी अस्मित के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
दरभंगा के जाले थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक पागल कुत्ते ने दिनभर आतंक मचाते हुए चार गांवों और जाले बाजार में 10 मासूम बच्चों समेत कुल 16 लोगों को काटकर घायल कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई। सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जाले में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद एंटी-रेबीज वैक्सीन दी गई। सुबह से शाम तक चार गांवों में करता रहा हमला प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब आठ बजे पागल कुत्ता सबसे पहले मलिकपुर गांव पहुंचा और बच्चों पर हमला किया। इसके बाद वह पकटोला, दोघरा और जाले बाजार पहुंचकर राह चलते लोगों पर झपटता रहा। ग्रामीणों ने लाठी-डंडे से उसे खदेड़ने की कोशिश की, लेकिन वह गलियों के रास्ते दूसरे गांवों में भागकर लगातार लोगों को काटता रहा। 10 बच्चे समेत 16 लोग घायल सीएचसी के अनुसार, घायलों में मलिकपुर की चार वर्षीय अनुष्का कुमारी, सात वर्षीय शबनम प्रवीण, तीन वर्षीय दिव्यांशी कुमारी, तीन वर्षीय अश्रिस्टि कुमारी और देवेंद्र सहनी शामिल हैं। दोघरा के हबीबा नाज, उमैर, अब्दुल मननान, हफीक नईम, मोहम्मद आहिल और अर्चना देवी भी घायल हुए। वहीं पकटोला के इंद्रनाथ ठाकुर और हसीन तथा जाले बाजार की संतोष कुमारी और हिमांशु कुमार भी कुत्ते के हमले का शिकार बने। अस्पताल में मची अफरा-तफरी एक साथ 16 घायलों के सीएचसी पहुंचने से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। स्वास्थ्यकर्मियों ने सभी का तत्काल उपचार शुरू किया। सीएचसी प्रभारी ने बताया कि सभी घायलों को एंटी-रेबीज वैक्सीन की पहली डोज दे दी गई है। उन्हें 28 दिनों तक निर्धारित शेड्यूल के अनुसार टीके लेने होंगे। फिलहाल सभी की हालत खतरे से बाहर है। रेबीज से बचाव के लिए चिकित्सकों की सलाह चिकित्सकों ने बताया कि कुत्ते के काटने पर रेबीज का खतरा रहता है, जो जानलेवा संक्रमण है। ऐसे में घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से कम से कम 15 मिनट तक धोना चाहिए और बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल में जाकर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवानी चाहिए। ग्रामीणों ने विशेष अभियान चलाने की मांग की घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से पागल कुत्ते को जल्द पकड़ने, आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे प्रखंड कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन करेंगे। प्रशासन ने पशुपालन विभाग की टीम को सूचना देकर डॉग स्क्वॉड भेजने की बात कही है। फिलहाल पागल कुत्ता पकड़ में नहीं आया है।
जमुई में भूमि विवाद को लेकर मारपीट, 8 घायल:पेड़ काटने और डाल छांटने पर दोनों पक्षों ने लगाए आरोप
जमुई के टाउन थाना क्षेत्र के इंदपे गांव में शुक्रवार को भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई। इस घटना में दोनों पक्षों के कुल आठ लोग घायल हो गए। सूचना मिलने पर डायल 112 की पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। उनका उपचार जारी है। घायलों में एक पक्ष से सुरेश पंडित की पत्नी सरोजनी देवी, उनके पुत्र बिक्की कुमार, पुत्री जुली कुमारी और घनश्याम पंडित की पत्नी फूल कुमारी शामिल हैं। दूसरे पक्ष से गोपाल पंडित, विकास कुमार, अनिता देवी और सरस्वती देवी घायल हुए हैं। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाया है। घायल सुरेश पंडित ने बताया कि उनके पड़ोसी गोपाल पंडित और नीरज पंडित उनकी निजी जमीन पर लगे पेड़ को काट रहे थे। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके परिवार के साथ मारपीट की। वहीं, दूसरे पक्ष के घायल गोपाल पंडित का कहना है कि विवाद पेड़ की डाल छांटने को लेकर शुरू हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी पक्ष ने पहले उनके साथ मारपीट की, जिससे उनके परिवार के लोग घायल हो गए। दोनों पक्षों ने बताया कि इलाज के बाद वे टाउन थाना में आवेदन देकर एक-दूसरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएंगे। इधर, घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों से आवेदन मिलने के बाद पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संभावित बाढ़ और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की तैयारियों को लेकर प्रशासन सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में शुक्रवार को अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) सदर आनंद कुमार ने परिहार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं, दवा भंडारण, साफ-सफाई और आपातकालीन तैयारियों की गहन समीक्षा की गई। इस दौरान स्वास्थ्य केंद्र में कई अनियमितताएं सामने आईं, जिस पर संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं मिलने पर SDM ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने नियमित रूप से परिसर की समुचित सफाई सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सर्पदंश की घटनाओं में वृद्धि की आशंका है। इसे देखते हुए SDM ने अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में एंटी-स्नेक वेनम (ASV) और अन्य आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं का भंडारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को बिना किसी देरी के उपचार मिलना चाहिए। निरीक्षण के दौरान आवश्यक दवाओं, चिकित्सा उपकरणों और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि किसी भी परिस्थिति में मरीजों को इलाज के लिए भटकना न पड़े और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। SDM ने स्पष्ट किया कि परिहार PHC जिला स्वास्थ्य व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने सभी स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने, स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने और बाढ़ के दौरान संभावित स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए।
सीतामढ़ी के बैरगनिया थाना क्षेत्र के सिंदुरिया गांव में रिंग बांध के पास पानी में एक अज्ञात युवक का शव मिला है। शुक्रवार को स्थानीय लोगों ने शव को पानी में तैरते देखा, जिसके बाद उन्होंने बैरगनिया थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पानी गहरा होने के कारण शव को बाहर निकालने में कठिनाई हुई, जिसके बाद गोताखोरों को बुलाया गया। गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद शव को पानी से बाहर निकाला जा सका। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। गुमशुदगी रिपोर्टों की जांच कर रही पुलिस पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। शव की शिनाख्त के लिए आसपास के थाना क्षेत्रों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों की जांच की जा रही है। पुलिस मृतक की तस्वीर और हुलिए के आधार पर भी पहचान कराने का प्रयास कर रही है। प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि युवक की मौत डूबने से हुई है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।
सीवान के गोरेयाकोठी थाना पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए एक संभावित बड़ी आपराधिक घटना को टाल दिया। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर अपराध की योजना बना रहे दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों के पास से एक देसी कट्टा, एक चाकू, दो मोबाइल फोन तथा तीन मोटरसाइकिल बरामद की गई हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता एवं आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गोरेयाकोठी थाना को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि थाना क्षेत्र के सिसई मीठा मोड़ से पश्चिम रामजानकी पथ के समीप कुछ संदिग्ध युवक किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया और तत्काल बताए गए स्थान पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी की गई। पुलिस टीम को देखते ही वहां मौजूद कुछ लोग भागने लगे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उनका पीछा किया और दो युवकों को पकड़ने में सफलता हासिल की,जबकि अन्य लोग मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए। फरार आरोपितों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। तीन मोटरसाइकिल भी बरामद की गिरफ्तार आरोपितों की पहचान महाराजगंज थाना क्षेत्र के बलिया टोला निवासी राजन कुमार राम तथा अभिषेक कुमार उर्फ भोला के रूप में हुई है।पुलिस द्वारा ली गई तलाशी में दोनों के कब्जे से एक देसी कट्टा, एक धारदार चाकू, दो मोबाइल फोन तथा तीन मोटरसाइकिल बरामद की गईं। बरामद हथियार और वाहनों के संबंध में भी जांच की जा रही है कि उनका इस्तेमाल किसी पूर्व आपराधिक घटना में हुआ है या नहीं। गोरेयाकोठी थाना पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता एवं आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस दोनों आरोपितों से पूछताछ कर उनके आपराधिक नेटवर्क, साथियों और संभावित वारदात की योजना के संबंध में जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और मामले की हर पहलू से जांच जारी है।
सिरसा जिले में रानियां क्षेत्र के गांव थेड़ी मौहर सिंह में एक 30 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान डीसी पुत्र बलदेव सिंह फौजी के रूप में हुई है। वह शादीशुदा था और उसकी तीन साल की एक बेटी है। परिजनों ने उसकी मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है। रानियां थाना प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि उन्हें थेड़ी मौहर सिंह में एक युवक की मौत की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया गया। परिजनों के अनुसार, मृतक उनके पास ही बैठा था। अचानक उसके सीने में दर्द उठा। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां पहुंचने पर उसने दम तोड़ दिया। दो साल पहले हुई भाई की मौत ग्रामीणों द्वारा युवक के नशे का आदी होने की बात कहे जाने पर थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों का कहना है कि मृतक ने करीब एक साल पहले नशा छोड़ दिया था और अब वह किसी तरह का नशा नहीं करता था। परिजनों ने हार्ट अटैक को ही मौत का कारण बताया है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि करीब दो वर्ष पहले उसके बड़े भाई मेजर की भी कथित रूप से नशे के कारण ही मौत हुई थी। इस मामले में थेड़ी मौहर सिंह के सरपंच निरंजन सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया।
सुपौल की संजू को NEET में AIR 2685:किसान की बेटी ने बिना कोचिंग पाई सफलता, PWBD कैटेगरी में चयन
सुपौल के निर्मली प्रखंड के बेलासिंगारमोती गांव की रहने वाली संजू कुमारी ने कठिन परिस्थितियों में अपनी मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर NEET-UG 2026 में PWBD (Persons with Benchmark Disabilities) श्रेणी में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 2685 हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता से पूरे गांव और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। नियमित पढ़ाई-सही रणनीति से पाई सफलता संजू के पिता पृथ्वी यादव किसान हैं। सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटी की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। संजू ने बताया कि उन्होंने NEET की तैयारी पूरी तरह सेल्फ स्टडी से की और किसी भी प्रकार की ट्यूशन या महंगे कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। उनका मानना है कि नियमित पढ़ाई, सही रणनीति और दृढ़ संकल्प से सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने अपनी मैट्रिक की पढ़ाई गांव स्थित मिथिला कोचिंग सेंटर, दिघिया से पूरी की। इसके बाद इंटरमीडिएट की शिक्षा निर्मली से प्राप्त की। वर्तमान में वह पटना में जीएनएम (GNM) की पढ़ाई भी कर रही हैं। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने समय का बेहतर प्रबंधन करते हुए NEET की तैयारी जारी रखी और उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। माता-पिता, शिक्षकों को सफलता का श्रेय संजू ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और परिवार के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि कठिनाइयां हर किसी के जीवन में आती हैं, लेकिन यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो सफलता जरूर मिलती है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों से भी आत्मविश्वास के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने की अपील की। संजू की उपलब्धि पर गांव के लोगों, शिक्षकों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी है। लोगों का कहना है कि किसान परिवार की बेटी ने यह साबित कर दिया कि संसाधनों की कमी कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती। उनकी यह उपलब्धि न केवल सुपौल बल्कि पूरे मिथिलांचल के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
मधेपुरा के बीएन मंडल विश्वविद्यालय परिसर में शुक्रवार को एक पूर्व महिला संविदाकर्मी ने आत्मदाह का प्रयास किया। हालांकि, विश्वविद्यालय परिसर में पहले से तैनात सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता से बड़ी घटना टल गई। महिला को मौके पर ही रोक लिया गया, जिसके बाद सदर थाना पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। कुलपति और निजी सहायक पर गंभीर आरोप लगाए थे घटना से एक दिन पहले महिला ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश, केंद्रीय गृह मंत्री, बिहार के राज्यपाल-सह-कुलाधिपति समेत देश और राज्य के कई संवैधानिक पदाधिकारियों को ई-मेल भेजकर न्याय की गुहार लगाई थी। अपने पत्र में उसने बीएनएमयू के कुलपति प्रो. बीएस झा और उनके निजी सहायक राहुल रंजन पर गंभीर आरोप लगाए थे। महिला का आरोप था कि पिछले दो वर्षों से दोनों ने शारीरिक शोषण के उद्देश्य से उसके साथ अनुचित व्यवहार (बैड टच) किया तथा विरोध करने पर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। 8 अप्रैल को संविदा सेवा समाप्त कर दी महिला ने पत्र में यह भी दावा किया कि वह अत्यंत गरीब परिवार से आती है और परिवार की बड़ी बेटी होने के कारण पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसी पर है। आरोपितों की बात नहीं मानने पर 8 अप्रैल 2026 को उसकी संविदा सेवा समाप्त कर दी गई। उसने राज्यपाल, महिला आयोग, जिला प्रशासन सहित विभिन्न अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन सौ दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। पत्र में महिला ने यह आरोप भी लगाया कि कुलपति के निर्देश पर 60-70 असामाजिक तत्व उसके घर पहुंचे और उसके अपहरण का प्रयास किया। सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची इस संबंध में ग्वालपाड़ा थाना में आवेदन देने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। उसने लिखा कि कानून और प्रशासन से लगातार न्याय की उम्मीद रखने के बावजूद उसे राहत नहीं मिली, जिसके कारण वह यह कदम उठाने को मजबूर हुई। शुक्रवार सुबह करीब 10.40 बजे महिला पेट्रोल और माचिस लेकर विश्वविद्यालय परिसर पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह आत्मदाह की तैयारी कर रही थी, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उसके शरीर पर पेट्रोल छिड़कने से पहले ही उसे पकड़ लिया। इसके बाद सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और उसे थाना ले गई। सदर थानाध्यक्ष विमलेंदु कुमार ने बताया कि महिला को आत्महत्या के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। न्यायालय के निर्देश पर उसे न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
जोधपुर के उम्मेद असपताल में एक 24 साल की प्रसूता धापू भील को गलत खून चढ़ाने के मामले में कमेटी ने रिपोर्ट सौंप दी है। मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल को सौंपी इस रिपोर्ट में माना है कि बिना जांच किए गलत खून चढ़ाया गया। हालांकि 24 घंटे में दी इस रिपोर्ट को प्रिंसिपल ने अधूरा माना, क्योंकि इनमें लापरवाही बरतने वालों के नाम नहीं थे। ऐसे में मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने सभी के नाम मांगें हैं। डॉ. बीएस जोधा ने बताया कि इसमें रेजिडेंट डॉक्टर से लेकर लैब टेक्नीशियन और नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही सामने आई है। इन सभी को नोटिस जारी किए जाएंगे। 11 को प्रसूता को किया था उम्मेद हॉस्पिटल में रेफर, 12 को चढ़ाया गलत खून जोधपुर जिले के डावरा बावड़ी निवासी धापू भील (24) का 11 जुलाई को बावड़ी हॉस्पिटल में नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। लेकिन, खून की कमी के चलते उसे 11 जुलाई को उम्मेद हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया गया था। प्रसूता की सास पप्पू देवी ने बताया कि 11 जुलाई को ओ पॉजिटिव ब्लड चढ़ाया गया था। इसके बाद 12 जुलाई की रात दोबारा जो ब्लड चढ़ाया वो गलत था। ब्लड चढ़ाते ही धापू को कंपकपी छूटने लगी। इसके साथ की यूरिन के लिए लगाई थैली में ब्लड आने लगा था। 13 जुलाई को उसे महात्मा गांधी हॉस्पिटल रेफर किया गया। हालांकि अभी प्रसूता का इलाज महात्मा गांधी हॉस्पिटल के आईसीयू में चल रहा है। इसके साथ ही उसे लगातार डायलासिस किया जा रहा है। मामला सामने आने के बाद बनाई थी जांच कमेटी इधर, ये मामला सामने आने के बाद उम्मेद हॉस्पिटल के सुप्रीडेंट डॉ. मोहन मकवाना की ओर से पांच डॉक्टर्स की टीम बनाई गई थी। इस टीम में डॉ. रिजवाना शाहीन, डॉ. नीलम मीणा, डॉ. हर गोविंद मीणा, डॉ. सुरेंद्र सिंह राठौड़ और डॉ. गोविंद पटेल शामिल थे। उन्होंने बताया कि इस टीम की ओर से शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल को रिपोर्ट सौंप दी गई थी। लेकिन, कुछ कमियां है, जिसे पूरी कर दोबारा रिपोर्ट सौंपी जाएगी। जांच कमेटी ने माना, बिना क्रॉस चेक किए खून चढ़ाया गया, अब होगा एक्शन इस मामले को लेकर शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल को सौंपी रिपोर्ट में सामने आया कि बिना क्रॉस चेक किए प्रसूता को खून चढ़ाया गया। ये लापरवाही इसलिए हुई क्योंकि प्रसूता और दूसरी महिला का नाम और उनके पति का नाम एक सा था। जिस महिला का बी पॉजिटिव ब्लड ग्रुप था, वह बेहोशी की हालत में थी। ऐसे में जब नाम पुकारा गया तो ये गफलत हुई। प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने बताया- इस मामले में जो रिपोर्ट मिली है, उनमें नाम नहीं थे। सैंपल कलेक्शन करने वाले, उसे रिलीज करने वाले और ब्लड देने वालों की इसमें गलती रही है। इस मामले को लेकर रेजिडेंट डॉक्टर से लेकर लैब टेक्नीशियन और नर्सिंग स्टाफ तक पर एक्शन होगा। रिपोर्ट में इनके नाम नहीं थे। किन-किन लोगों ने लापरवाही बरती है, उन सभी के नाम मांगें गए है। इन सभी को नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वैसे महिला के बैड लगाते है लेकिन एक जैसे नाम होने की स्थिति में ज्यादा सावधानी बरतते हुए इसे क्रॉस चैक करना था, जो नहीं किया गया। यूरिन आना बंद हो गया था महात्मा गांधी हॉस्पिटल के सुप्रीडेंट फतेह सिंह ने बताया कि गलत ब्लड की वजह से यूरीन आना बंद हो गया था और उसकी किडनी पर इफेक्ट हुआ। महिला का लगातार डायलिसिस चल रहा है और हालत में सुधार है। वहीं परिजनों ने बताया था- गलत खून चढ़ाने की वजह से यूरिन के लिए लगाई थैली में ब्लड आने लगा था। 13 जुलाई को उसे महात्मा गांधी हॉस्पिटल रेफर किया गया। ये खबर भी पढ़ें… गलत ब्लड से यूरिन बंद हुआ,प्रसूता की किडनी में इन्फेक्शन:उम्मेद हॉस्पिटल में O+ की जगह B+ ब्लड चढ़ाया; परिजन बोले-खून चढ़ाते ही कंपकपी छूटने लगी जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में एक प्रसूता को गलत ब्लड चढ़ाने का मामला सामने आया है। जोधपुर जिले के डावरा बावड़ी निवासी धापू भील (24) को सामान्य प्रसव के बाद एनीमिया व अन्य कारणों से उम्मेद अस्पताल रेफर किया गया था। (यहां पढ़ें पूरी खबर)
मेरठ में किराए के कमरे में वकील का शव मिला:बदबू आने पर दरवाजा तोड़ा गया, बेड पर बॉडी पड़ी थी
मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र के कुंज विहार में किराए के मकान से अधिवक्ता राजीव एरेन का कई दिन पुराना शव मिलने से सनसनी फैल गई। कमरे से तेज दुर्गंध आने पर मकान मालकिन ने परिजनों को सूचना दी। दरवाजा तोड़ने पर शव बिस्तर पर मिला। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया शरीर पर चोट के निशान नहीं हैं, जबकि मौत के कारण का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगा। कमरे से दुर्गंध आने पर हुआ खुलासा शुक्रवार को कुंज विहार स्थित मकान से तेज बदबू आने पर मकान मालकिन को संदेह हुआ। उन्होंने मृतक के परिजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे भाई ने दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन अंदर से बंद होने के कारण उसे तोड़ना पड़ा। कमरे के भीतर अधिवक्ता राजीव एरेन का शव बिस्तर पर पड़ा मिला। सूचना पर नौचंदी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। चार से पांच दिन पुराना बताया जा रहा शव पुलिस के अनुसार, शव की स्थिति देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि मौत चार से पांच दिन पहले हुई होगी। राजीव एरेन कुंज विहार में किराए के मकान में अकेले रहते थे, जबकि उनकी पत्नी और बेटा मंगलपांडे नगर में रहते हैं। परिजनों ने बताया कि पिछले कई दिनों से उनका फोन नहीं उठ रहा था, हालांकि मोबाइल चालू था। संघर्ष के निशान नहीं मिले घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को कमरे में किसी तरह के संघर्ष के संकेत या शव पर चोट के निशान नहीं मिले। प्रारंभिक जांच में मामला सामान्य मौत का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने मौके से आवश्यक साक्ष्य भी जुटाए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार थाना प्रभारी अनुप कुमार ने बताया कि अभी तक परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि राजीव लंबे समय से शराब का सेवन करते थे और कई बीमारियों से भी ग्रस्त थे। मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ के कैसरबाग क्षेत्र में गुरुवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में चौथी मंजिल से गिरने पर निजी अस्पताल के ओटी टेक्नीशियन की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के अनुसार बहराइच के नानपारा निवासी मोहम्मद अनस (28) कैसरबाग के खंदारी बाजार स्थित शुजा रोड अपार्टमेंट की चौथी मंजिल पर पत्नी फातिमा के साथ किराये पर रहते थे। वह शहर के एक निजी अस्पताल में ओटी टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत थे। पत्नी फातिमा ने पुलिस को बताया कि अनस को नींद में चलने की आदत थी। गुरुवार देर रात भी वह नींद की हालत में बालकनी की ओर चले गए। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह चौथी मंजिल से नीचे गिर पड़े। गिरने की तेज आवाज सुनकर फातिमा नीचे पहुंचीं और आसपास के लोगों की मदद से अनस को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला हादसे का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अंबिकापुर के गंगापुर में स्थित 10 डिसमिल जमीन का सौदा कर तीन युवकों ने 52 डिसमिल की पावर ऑफ अटार्नी भूमि स्वामी वृद्ध से तैयार करा ली। इसमें से 10 डिसमिल जमीन को युवकों ने बेचकर एक महिला के नाम पर रजिस्ट्री करा दी, लेकिन भू-स्वामि को पैसा नहीं दिया। मामले में शिकायत पर पुलिस ने तीन युवकों के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया है। जानकारी के मुताबिक, गंगापुर निवासी रामरतन मुण्डा (75 वर्ष) ने शिकायत में बताया है कि उसकी भूमि खसरा नंबर 188/3 रकबा में 10 डिसमिल जमीन का सौदा उसके पड़ोसी युवक हर्ष तिर्की ने 30 लाख रुपये में किया। उसने अपने दो साथियों अवधेश तिर्की एवं तरबिनुस एक्का को बुलाकर एग्रीमेंट उनके नाम पर कराया। एक माह में पूरा पैसा देने का वादा किया। फर्जी तरीके से तैयार की पावर ऑफ अटार्नी शिकायत में रामरतन मुंडा ने बताया कि अवधेश तिर्की एवं तरबिनुस एक्का द्वारा अपने नाम पर 10 डिसमिल के स्थान पर पावर आफ एटर्नी 52 डिसमील जमीन का करा लिया गया। उसे बतौर एडवासं एक लाख रुपये दिए गए। आवेकद को 52 डिसमील जमीन का पावर आफ एटर्नी तैयार कराने की जानकारी मिली तो उन्होंने इसे 22 अप्रैल 2025 को निरस्त करा दिया। 28 अप्रैल 2025 को 10 डिसमील जमीन को अवधेश तिर्की, तरबिनुस एक्का तथा हर्ष तिर्की ने एक महिला सविता मिंज के नाम पर रजिस्ट्री कर दी गई। जमीन का तय राशि मुताबिक 29 लाख रूपये अभी तक उसे नहीं दिए गए। मामले की शिकायत पर मणिपुर पुलिस ने मामले की जांच की और जांच के बाद पुलिस ने आरोपी हर्ष तिर्की, अवधेश तिर्की एवं तरबिनुस एक्का के खिलाफ धारा 318(4) व 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बांका जिले के धोरैया थाना क्षेत्र के ताहीरपुर और हसाय गांव के समीप स्थित गड़िया पोखर से एक महिला का शव बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान हसाय गांव निवासी मोहम्मद आलमगीर की पत्नी 35 वर्षीय बीबी फातिमा के रूप में हुई है। स्नान के दौरान डूबने की आशंका पुलिस ने शुक्रवार को शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बांका सदर अस्पताल भेज दिया है। मृतका के भाई मुस्तफा ने ससुराल वालों पर साजिश के तहत हत्या करने का आरोप लगाया है। दूसरी और स्नान करने के दौरान डूबने से भी मौत की आशंका व्यक्त की जा रही है। पति ने पहचानी पत्नि की चप्पल जानकारी के अनुसार, गुरुवार को पोखर के किनारे एक महिला की चप्पल और ओढ़नी मिलने के बाद ग्रामीणों को किसी महिला के डूबने की आशंका हुई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग पोखर पर जुट गए। ग्रामीण जाल लेकर महिला की तलाश में जुटे, लेकिन पोखर की गहराई 25 से 30 फीट होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। इसी दौरान हसाय गांव के मोहम्मद आलमगीर भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने चप्पल व ओढ़नी को अपनी पत्नी बीबी फातिमा का बताया। ग्रामीणों ने पुलिस को दी सूचना शुक्रवार को पोखर में महिला का शव पानी के ऊपर तैरता दिखाई दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने शव को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही धोरैया थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर अमित कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष बोले-मामले की जांच की जा रही थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि अभी तक परिजनों की ओर से कोई लिखित आवेदन नहीं दिया गया है। आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत डूबने से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
पाली के पूनायता औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री में शुक्रवार को हुए दर्दनाक हादसे में गेटमैन भेराराम जाट की लिफ्ट से गिरने से मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने फैक्ट्री प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए उचित कानूनी कार्रवाई और मृतक परिवार को मुआवजा देने की मांग की है। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम करवाने से इनकार कर दिया और मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए। जानकारी के अनुसार, रोहट क्षेत्र के काला पीपल की ढाणी निवासी और वर्तमान में शहर के महाराणा प्रताप सर्किल के निकट रहने वाले भेराराम(52) पुत्र मगाराम जाट पूनायता औद्योगिक क्षेत्र स्थित प्रांजुल फैक्ट्री में गेटमैन के पद पर कार्यरत थे। शुक्रवार दोपहर किसी कार्य से फैक्ट्री की लिफ्ट में चढ़ने के दौरान वे अचानक गिर गए। हादसे में उनके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। सहकर्मी उन्हें तत्काल बांगड़ अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री मालिक ने हादसे से जुड़े सबूत मिटाने का प्रयास किया। हालांकि, इस संबंध में पुलिस या प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पोस्टमॉर्टम करवाने से किया इनकारहादसे की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन और समाज के लोग अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने मृतक परिवार को उचित मुआवजा, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की। मांगें पूरी होने तक परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया और मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए। तीन बच्चों और 90 वर्षीय मां का था एकमात्र सहाराभेराराम की पत्नी का करीब छह वर्ष पहले निधन हो चुका था। परिवार में 12वीं कक्षा में पढ़ रहे दो बेटे अंकित और नरेंद्र के अलावा एक बेटी पूजा है, जो फिलहाल अपने ननिहाल में पढ़ाई कर रही है। घर की जिम्मेदारी संभालने वाले भेराराम ही परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। घर में 90 वर्षीय बुजुर्ग मां झमकूदेवी भी हैं, जो बच्चों की देखभाल करती हैं। बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद उनका रो-रोकर बुरा हाल है।
दुनियाभर के अलग-अलग देशों के बड़े सोशल मीडिया स्टार्स और कंटेंट क्रिएटर्स अगले महीने राजस्थान के रंग देखने आ रहे हैं। विदेश मंत्रालय के पब्लिक डिप्लोमेसी प्रोग्राम के तहत 18 देशों के 36 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स 9 से 16 अगस्त तक राजस्थान के दौरे पर रहेंगे। अतिरिक्त जिला कलेक्टर (सिटी) जितेन्द्र ओझा ने आदेश जारी कर पर्यटन विभाग की उपनिदेशक शिखा सक्सेना को इस पूरे दौरे के लिए नोडल अधिकारी बनाया है। ये सभी लोग बहामास, बारबाडोस, बोलिविया, कोस्टा रिका, क्यूबा, मैक्सिको, पनामा और पेरू जैसे देशों से भारत आ रहे हैं। इस यात्रा का मकसद इन विदेशी क्रिएटर्स को भारत की संस्कृति, विरासत और विकास से रूबरू कराना है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में जयपुर, उदयपुर और चित्तौड़गढ़ के जिला कलेक्टरों को तैयारी के निर्देश दिए हैं। 9 अगस्त को उदयपुर पहुंचेंगे विदेशी मेहमानपर्यटन विभाग की उपनिदेशक शिखा सक्सेना ने बताया कि सभी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स 9 अगस्त को दिल्ली से हवाई जहाज के जरिए उदयपुर पहुंचेंगे। उदयपुर जिला प्रशासन ने मेहमानों की अगवानी और सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं। पर्यटन विभाग उदयपुर में इन मेहमानों के ठहरने, घूमने और प्रोटोकॉल की सभी व्यवस्थाएं संभालेंगा। विदेश मंत्रालय की तरफ से दो मीडिया लाइजनिंग अधिकारी भी इस दल के साथ रहेंगे। लेक सिटी में बोट राइड और बहूबली हिल्स का ट्रैकतय कार्यक्रम के अनुसाा 10 अगस्त को यह दल उदयपुर के किले का दीदार करेगा। इसके बाद पिछोला झील में बोट राइड का आनंद लेंगे और दोपहर बाद बहूबली हिल्स पर ट्रैकिंग के लिए जाएंगे। अगले दिन 11 अगस्त को विदेशी मेहमान करणी माता मंदिर जाएंगे और वहां रोपवे (गंडोला राइड) का लुत्फ उठाएंगे। इसके बाद बागोर की हवेली में लेकसाइड हेरिटेज वॉक, सहेलियों की बाड़ी और विंटेज कार म्यूजियम का दौरा करेंगे। चित्तौड़गढ़ दुर्ग देखकर करेंगे स्थानीय बाजारों में शॉपिंग12 अगस्त को यह पूरा दल सड़क मार्ग से चित्तौड़गढ़ के लिए रवाना होगा। वहां वे राजस्थान के सबसे बड़े ऐतिहासिक चित्तौड़गढ़ किले और म्यूजियम को देखेंगे। दोपहर के भोजन के बाद सभी लोग वापस उदयपुर लौट आएंगे और शाम को उदयपुर के पारंपरिक स्थानीय बाजारों में शॉपिंग का अनुभव लेंगे। जयपुर में मनाएंगे स्वतंत्रता दिवस, आमेर किला और हवामहल देखेंगेउदयपुर का दौरा पूरा करने के बाद यह दल 13 अगस्त को हवाई जहाज से जयपुर पहुंचेगा। जयपुर में 14 अगस्त को ये लोग हवामहल, जंतर-मंतर और सिटी पैलेस देखने जाएंगे। सबसे खास बात यह है कि 15 अगस्त को ये विदेशी मेहमान जयपुर में भारत के स्वतंत्रता दिवस समारोह के गवाह बनेंगे। इसके बाद वे आमेर किला, जलमहल और अल्बर्ट हॉल घूमेंगे और गुलाबी नगरी के बाजारों का रुख करेंगे। 16 अगस्त को सभी इन्फ्लुएंसर्स जयपुर से ही अपने-अपने देशों के लिए रवाना हो जाएंगे। राज्य सरकार ने इन सभी जगहों पर अंग्रेजी बोलने वाले गाइड और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा है।
सीवान नगर थाना क्षेत्र के राजेंद्र पथ स्थित वी मार्ट के समीप शुक्रवार की शाम झोला काटकर एक लाख रुपये की चोरी की सनसनीखेज घटना सामने आई। वारदात उस समय हुई जब बैंक से रुपये निकालकर लौट रहे एक व्यक्ति आम खरीदने के लिए सड़क किनारे रुके थे। इसी दौरान उचक्के ने ब्लेड से झोला काटकर उसमें रखी नकदी, चेकबुक, पासबुक और अन्य जरूरी कागजात लेकर फरार हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। वी मार्ट के पास एक ठेले पर आम खरीदने के लिए रुके थे पीड़ित की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के छोटपुर गांव निवासी अमल किशोर यादव के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को बबुनिया मोड़ स्थित केनरा बैंक से एक लाख रुपये की निकासी की थी। रुपये झोले में रखकर वह अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में राजेंद्र पथ स्थित वी मार्ट के पास एक ठेले पर आम खरीदने के लिए रुक गए। आम खरीदने में व्यस्त रहने के दौरान किसी उचक्के ने उनके झोले को ब्लेड से काट दिया और उसमें रखी पूरी नकदी के साथ चेकबुक, पासबुक तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज लेकर फरार हो गया। रुपये और कागजात गायब थे कुछ देर बाद जब अमल किशोर यादव की नजर अपने झोले पर पड़ी तो वह कटा हुआ था। झोले के भीतर रखे रुपये और कागजात गायब थे। इसके बाद उन्होंने शोर मचाया, जिससे आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने आसपास के इलाकों में उचक्के की तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि घटना के दौरान एक संदिग्ध युवक सफेद रंग की शर्ट पहने हुए दिखाई दिया था। पुलिस उसी आधार पर उसकी पहचान करने में जुटी है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार ने बताया कि पीड़ित के आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपी की पहचान कर जल्द गिरफ्तार किया जा सके। पुलिस का कहना है कि तकनीकी और स्थानीय स्तर पर जांच जारी है।
आशा सहयोगिनियों ने अपनी मांगों के लेकर जोधपुर शहर में रैली निकालकर विरोध जताया। आशा सहयोगिनी एकता संगठन के बैनर तले सीएमएचओ कार्यालय पर इकट्ठा हुईं। यहां नारेबाजी करते हुए रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। रैली में शामिल आशा सहयोगिनी ने कहा कि उनकी समस्या कई वर्षों से चली आ रही हैं। लेकिन उनका अभी तक समाधान नहीं हो पाया है। उन्हें न तो स्थाई कर्मचारी का दर्जा दिया गया है और न ही मेहनत का उचित पारिश्रमिक मिलता है। ये रखी मांगे
मोगा के बधनी कलां पुलिस ने गांव दौधर शर्की निवासी निर्मल सिंह की गोली मारकर हत्या करने के मामले में मुख्य आरोपी गुरप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, यह खूनी वारदात दोनों पक्षों के बीच मोटरसाइकिल साइड करने को लेकर हुए एक मामूली विवाद के बाद अंजाम दी गई थी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मोटरसाइकिल साइड करने को लेकर हुआ था विवाद थाना बधनी कलां के प्रभारी इंस्पेक्टर जसविंदर सिंह ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि मृतक निर्मल सिंह अपने मोटरसाइकिल पर सवार होकर बस स्टैंड की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आरोपी गुरप्रीत सिंह अपने बुलेट मोटरसाइकिल पर आया। रास्ते में दोनों के मोटरसाइकिल आमने-सामने आ गए, जिसके बाद मोटरसाइकिल साइड करने की बात को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। गाली-गलौज के बाद आरोपी ने चलाईं दो गोलियां पुलिस जांच में सामने आया है कि विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी गुरप्रीत सिंह ने पहले तो निर्मल सिंह के साथ बेरहमी से गाली-गलौज की और फिर तैश में आकर अपनी कमर से रिवॉल्वर निकाल ली। आरोपी ने सीधे निर्मल सिंह पर निशाना साधते हुए दो गोलियां चला दीं। गोलियां लगने से निर्मल सिंह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े। उन्हें तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन जख्मों के ताव न सहते हुए उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस रिमांड लेकर होगी आगे की पूछताछ थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जसविंदर सिंह ने बताया कि वारदात के बाद मुस्तैदी दिखाते हुए पुलिस टीम ने आरोपी गुरप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने कहा कि आरोपी से शुरुआती पूछताछ की जा चुकी है और अब उसे अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस माननीय अदालत से आरोपी का पुलिस रिमांड हासिल करेगी, ताकि वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार की बरामदगी और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की गहनता से जांच की जा सके।
सहरसा के सलखुआ प्रखंड मुख्यालय सभागार में शुक्रवार को पंचायत समिति की बैठक हंगामेदार रही। विकास योजनाओं में पक्षपात, कमीशनखोरी और भुगतान में अनियमितता के आरोपों को लेकर सदस्यों ने प्रखंड प्रमुख पर गंभीर आरोप लगाए। प्रमुख ने इन आरोपों को निराधार बताया। उपप्रमुख बाबूलाल यादव ने योजनाओं के आवंटन में भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सभी पंचायत समिति सदस्यों को समान रूप से योजनाएं मिलनी चाहिए थीं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यादव ने आरोप लगाया कि योजनाओं के चयन में जातिवाद और पक्षपात किया गया। उन्होंने बताया कि एक सदस्य को पूरे वर्ष में केवल साढ़े चार लाख रुपये की योजना मिली, जबकि अन्य सदस्यों के हिस्से की योजनाएं काटकर प्रमुख के पंचायत समिति क्षेत्र उटेशरा में सर्वाधिक योजनाएं संचालित की गईं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। पंचायत समिति सदस्य मेराज आलम ने बैठक में आरोप लगाया कि प्रत्येक योजना के भुगतान के लिए 50 प्रतिशत कमीशन की मांग की जाती है। उन्होंने कहा कि कमीशन न देने पर योजनाओं का भुगतान रोक दिया जाता है, जिससे विकास कार्य बाधित हो रहे हैं। पंचायत समिति सदस्य दीपक दास ने सदन में तंज कसते हुए कहा, दुविधा में दोनों गए, माया मिली न राम। उन्होंने टिप्पणी की कि पूर्व प्रखंड प्रमुख के कार्यकाल में भी मेराज आलम अपनी समस्याओं को लेकर परेशान थे और वर्तमान कार्यकाल में भी उनकी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। प्रखंड प्रमुख सरिता संगम ने आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सभी योजनाओं का संचालन सरकारी नियमों और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है। उन्होंने पक्षपात, जातिवाद और कमीशनखोरी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि किसी भी सदस्य के साथ कोई भेदभाव नहीं किया गया है। बैठक में सड़क, प्रधानमंत्री आवास, नल-जल, स्वास्थ्य, कृषि और खाद-बीज की कीमत सहित विभिन्न जनहित के मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सदस्यों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से जवाब-तलब किया। अधिकारियों ने शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बिहार के लखीसराय जिले में टाउन थाना पुलिस ने खगड़िया के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (बीएसओ) दीपक कुमार भारद्वाज और उनके चालक दीपक कुमार को गिरफ्तार किया है। दोनों को पूर्वी कार्यानंद नगर मोहल्ले से हिरासत में लिया गया। पुलिस ने उनकी सरकारी क्रेटा वाहन से विदेशी शराब और बीयर की बोतलें बरामद की हैं। दोनों को नशे की हालत में हिरासत में लिया गया अपर थानाध्यक्ष ज्योतिष प्रकाश ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पूर्वी कार्यानंद नगर में एक व्यक्ति शराब के नशे में हंगामा कर रहा है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और उनके चालक कथित रूप से नशे की हालत में पाए गए। इसके बाद दोनों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने मौके पर खड़ी जिला प्रशासन लिखी सरकारी क्रेटा वाहन की तलाशी ली। वाहन की पिछली सीट से 600 एमएल की पांच बीयर की बोतलें और 750 एमएल की पांच अंग्रेजी शराब की बोतलें बरामद हुईं। बिहार उत्पाद एवं मद्य निषेध अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज बरामदगी के बाद वाहन को भी जब्त कर लिया गया। दोनों आरोपियों की मेडिकल जांच उत्पाद विभाग की टीम से कराई गई, जिसमें शराब सेवन की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट के आधार पर उनके खिलाफ बिहार उत्पाद एवं मद्य निषेध अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई नियमानुसार जारी अपर थानाध्यक्ष ने यह भी बताया कि दीपक कुमार भारद्वाज के खिलाफ लखीसराय थाना में कांड संख्या 185/26 पहले से दर्ज है और पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। इस कार्रवाई के बाद उस पुराने मामले को भी जांच से जोड़ा गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दीपक कुमार भारद्वाज मूल रूप से बेगूसराय जिले के शाम्हो क्षेत्र के निवासी हैं। वह पहले बेगूसराय में पदस्थापित रह चुके हैं और वर्तमान में लखीसराय के पूर्वी कार्यानंद नगर में रहते हैं। पुलिस ने कहा है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई नियमानुसार जारी रहेगी।
जयपुर में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की ओर से एक स्कूल के निरीक्षण के दौरान महिला शिक्षक का मोबाइल देखने पर सियासी विवाद हो गया। कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री पर महिला शिक्षक के मोबाइल देखने को निजता के अधिकार का हनन बताते हुए सवाल उठाए हैं। उधर, कांग्रेस की आपत्ति पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पलटवार करते हुए दावा किया कि महिला शिक्षक मोबाइल में विभागीय आदेश देखने को मोबाइल चेक करना बताना विपक्ष का दिवालियापन है। बता दें कि शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने गुरुवार को जयपुर की तीन स्कूलों का निरीक्षण किया था। इस दौरान महात्मा गांधी सीनियर सेकेंडरी स्कूल जेदिया कॉलोनी राज भवन में एक महिला शिक्षिका का मोबाइल देखने पर यह विवाद हुआ। शिक्षा मंत्री अपनी नाकामियों की फाइल चैक करें कांग्रेस ने दिलावर पर सवाल उठाते हुए एक्स पर लिखा- शिक्षा मंत्री मानसिक दिवालियापन के शिकार हैं। इसका एक और रूप देखिए। आखिर शिक्षा मंत्री को किसी भी शिक्षिका का मोबाइल चैक करने का अधिकार किसने दिया? ये केवल निजता का सवाल नहीं, बल्कि सम्मान और गरिमा का भी प्रश्न है। कांग्रेस ने आगे लिखा- शिक्षा मंत्री को शिक्षकों के मोबाइल नहीं, अपनी नाकामियों की फाइल चैक करनी चाहिए। असली सच्चाई वहीं मिलेगी। दिलावर बोले- मोबाइल में विभागीय आदेश देख रहा था मदन दिलावर ने एक्स पर कांग्रेस को जवाब देते हुए पलटवार किया। दिलावर ने कांग्रेस के एक्स हैंडल पर जवाब में लिखा- शिक्षिका के मोबाइल में विभागीय आदेश देखने को विपक्ष ने मोबाइल चेक करना बता दिया। यह विपक्ष की राजनीतिक दिवालियापन का प्रमाण है। सत्य को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत करना विपक्ष की राजनीति हो सकती है, लेकिन इससे तथ्य कभी नहीं बदलते। महिला शिक्षक ने मोबाइल में विभागीय आदेश दिखाए थे दिलावर ने लिखा- विद्यालय निरीक्षण के दौरान शिक्षकों से विभागीय कार्यों, ऑनलाइन पोर्टल, आदेशों, एप और अन्य डिजिटल प्रक्रियाओं की जानकारी लेना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। इसी क्रम में शिक्षिका ने मोबाइल पर विभागीय आदेश दिखाए थे। इसे शिक्षिका का मोबाइल चेक करना बताकर भ्रामक और तथ्यहीन प्रचार करना केवल जनता को गुमराह करने का प्रयास है। यह किसी भी प्रकार से निजी मोबाइल की जांच, निजता में हस्तक्षेप या सम्मान को ठेस पहुंचाने का मामला नहीं था। शिक्षा में सकारात्मक बदलाव विपक्ष को हजम नहीं हो रहा दिलावर ने लिखा- राजस्थान आज शिक्षा क्षेत्र में निरंतर नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। विद्यालयों में गुणवत्ता, नवाचार, जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर किए जा रहे प्रयासों की चर्चा पूरे देश में हो रही है। यही सकारात्मक परिवर्तन विपक्ष को असहज कर रहा है। झूठ और भ्रम फैलाकर विकास की गति नहीं रोकी जा सकती। जनता सच्चाई जानती है और शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने के हर प्रयास के साथ मजबूती से खड़ी है।
एमपी कैडर के सात एसपीएस बने आईपीएस:निमिषा पांडे, मनीषा पाठक सोनी, सुमन गुर्जर को आईपीएस अवार्ड
मध्य प्रदेश राज्य पुलिस सेवा के सात अधिकारियों को आईपीएस अवार्ड हुआ है। नौ पदों के लिए हुई डीपीसी के बाद सात अधिकारी ही आईपीएस अवार्ड के लिए फिट पाए गए हैं। इसके लिए यूपीएससी और राज्य सरकार के अफसरों की कमेटी ने पिछले माह ही पदोन्नति समिति की बैठक ली थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मध्य प्रदेश पुलिस सेवा के इन सात अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में पदोन्नति का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह आईपीएस अवार्ड 2025 के लिए हुई डीपीसी के आधार पर हुआ है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकशन के अनुसार भारतीय पुलिस सेवा (भर्ती) नियम 1954 तथा भारतीय पुलिस सेवा (पदोन्नति द्वारा नियुक्ति) विनियम, 1955 के प्रावधानों के अनुसार राज्य पुलिस से के अफसरों को अखिल भारतीय सेवा में पदोन्नत किया जाता है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रपति ने इन अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा में एक वर्ष की परिवीक्षा (प्रोबेशन) पर नियुक्त करने की स्वीकृति प्रदान की है। साथ ही इन्हें मध्य प्रदेश कैडर आवंटित किया गया है। परिवीक्षा अवधि के दौरान अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (प्रोबेशन) नियम, 1954 के अंतर्गत इंडक्शन ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इन एसपीएस को बनाया आईपीएस दो पदों के लिए नहीं मिले फिट अफसर राज्य पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा के लिए डीपीसी पिछले माह 25 जून को हुई थी। इसमें मध्य प्रदेश के 9 राज्य पुलिस सेवा के अफसरों को आईपीएस अवार्ड करने के लिए मंथन हुआ था। गृह विभाग के प्रस्ताव पर संघ लोक सेवा आयोग के सदस्य संजय वर्मा की मौजूदगी में डीपीसी बैठक में नौ पदों में से सात पदों के लिए फिट पाए गए नामों के सिलेक्शन को मंजूरी दी गई है। इस डीपीसी में वर्ष 1997 और 1998 बैच के राज्य पुलिस सेवा के जिन अधिकारियों के नामों पर विचार किया गया था उसमें 1997 बैच के सीताराम ससत्या, अमृत मीणा, वर्ष 1998 बैच के निमिषा पांडेय, राजेश मिश्रा, मलय जैन, अमित सक्सेना, मनीषा सोनी, सुमन गुर्जर, संदीप मिश्रा, सब्यसाची सर्राफ, समर वर्मा, सत्येंद्र सिंह तोमर के नाम शामिल थे।
दरभंगा के कुशेश्वरस्थान स्थित श्री श्री 108 बाबा कुशेश्वरनाथ महादेव मंदिर के गर्भगृह में चढ़ावा संग्रह और पंडाओं की बैठक की व्यवस्था को लेकर विवाद एक बार फिर सामने आ गया है। शुक्रवार को पंडा समाज के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी के जनता दरबार में आवेदन देकर पटना हाई कोर्ट के आदेशों के अनुरूप व्यवस्था लागू कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। पंडा दीपक झा की ओर से दिए गए आवेदन पर मनोज झा, विकास झा, रंजीत झा, संतोष झा, जगर्नाथ झा, पंकज झा सहित अन्य पंडाओं के हस्ताक्षर हैं। आवेदन में कहा गया है कि पटना हाई कोर्ट के सिविल रिट ज्यूरिस्डिक्शन केस संख्या 17322/2022 और अपील सिविल वाद संख्या 270/1922 के निर्णय के आलोक में संबंधित वंशजों के पंडाओं को गर्भगृह में बैठाकर चढ़ावा संग्रह की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। चढ़ावा की राशि को लेकर भी लगाए आरोप आवेदन में आरोप लगाया गया है कि वर्तमान में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाई जाने वाली राशि के संग्रह और वितरण में पारदर्शिता नहीं है। पंडा समाज का कहना है कि राग-भोग का खर्च काटने के बाद चढ़ावे की राशि सभी पंडाओं के बीच उनके निर्धारित हिस्से के अनुसार वितरित नहीं की जाती। कुछ लोगों पर अपने चहेते व्यक्तियों के बीच राशि बांटने का भी आरोप लगाया गया है, जिससे पंडा समाज में असंतोष व्याप्त है। पंडाओं ने यह भी आरोप लगाया कि गर्भगृह में रखी दानपेटी पर ताला लगे रहने के बावजूद कुछ लोग श्रद्धालुओं से हासिल चढ़ावे की राशि दानपेटी में जमा करने के बजाय अपने पास रख लेते हैं। उनका कहना है कि इससे मंदिर की राग-भोग व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। इस संबंध में पूर्व में भी न्यास समिति के अध्यक्ष को लिखित शिकायत देने का दावा किया गया है। आवेदन में जिलाधिकारी से हाई कोर्ट के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित कराने, संबंधित वंशजों के पंडाओं को गर्भगृह में बैठने और चढ़ावा संग्रह की अनुमति देने, चढ़ावे की राशि का नियमानुसार वितरण कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की गई है। आवेदन के साथ न्यायालय के आदेश की प्रति भी संलग्न की गई है। इसकी प्रतिलिपि आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल, अनुमंडल पदाधिकारी बिरौल और कुशेश्वरस्थान थानाध्यक्ष को भी भेजी गई है। 30 जून को धार्मिक न्यास परिषद ने भी मांगी थी रिपोर्ट इस विवाद को लेकर बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद भी पहले ही सक्रिय हो चुका है। परिषद के अध्यक्ष प्रो. रणवीर नंदन ने 30 जून 2026 को जिलाधिकारी, दरभंगा को पत्र भेजकर पूरे मामले की जांच रिपोर्ट मांगी थी। परिषद ने वर्तमान में गर्भगृह में कार्यरत पंडाओं और रोटेशन प्रणाली का विवरण, राग-भोग पर होने वाले दैनिक खर्च का ब्यौरा व पिछले एक महीने के रोजाना प्राप्त चढ़ावे का पूरा विवरण उपलब्ध कराने को कहा था। इसकी प्रति अनुमंडल पदाधिकारी बिरौल सह अध्यक्ष, श्री बाबा कुशेश्वरनाथ महादेव मंदिर न्यास समिति को भी भेजी गई थी। पूर्व में सदस्यता समाप्त करने का आदेश भी हुआ था जारी बता दें कि इससे पहले बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद ने न्यास समिति के सदस्य बाबू कांत झा की सदस्यता समाप्त करने का आदेश भी जारी किया था। परिषद ने लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी सामने आने के बाद उनकी नियुक्ति को नियमों एवं न्यायालय के आदेशों के अनुरूप नहीं मानते हुए नियुक्ति की तिथि से शून्य घोषित कर सदस्यता समाप्त कर दी थी। अब पंडा समाज की ओर से जनता दरबार में दिए गए नए आवेदन के बाद चढ़ावा व्यवस्था और गर्भगृह में पंडाओं की बैठकी का विवाद एक बार फिर प्रशासन के समक्ष पहुंच गया है। सभी आरोप आवेदनकर्ताओं के हैं, जिनकी जांच और निर्णय प्रशासन की ओर से किया जाना शेष है।
शामली के मुजफ्फरनगर-थानाभवन मार्ग पर शुक्रवार शाम 6 बजे कॉपर से लदे एक ट्रक में आग लग गई। एक्सप्रेसवे के निकट ख्यावड़ी तालाब के पास हुई इस घटना में चालक समेत चार लोगों ने कूदकर अपनी जान बचाई। सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं की सूझबूझ से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। ट्रक चालक तेजपाल ने बताया कि वह कॉपर से भरा ट्रक लेकर थानाभवन से मेरठ जा रहा था। ख्यावड़ी तालाब के पास सड़क किनारे बैठे ग्रामीणों ने ट्रक से धुआं और आग की लपटें उठती देखीं। उन्होंने तुरंत चालक को इशारा कर वाहन रोकने को कहा। चालक ने तत्काल ट्रक रोका और अपने साथ मौजूद अन्य लोगों के साथ सुरक्षित नीचे उतर गया। इसी दौरान, पास में सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं ने ट्रक में आग लगी देखी। उन्होंने बिना समय गंवाए ख्यावड़ी तालाब से पानी लाना शुरू कर दिया। युवाओं ने बाल्टियों और अन्य उपलब्ध साधनों की मदद से लगातार पानी डालकर आग को फैलने से रोका और काफी प्रयासों के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। प्रत्यक्षदर्शी राजा और अमित ने बताया कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो ट्रक में लदा लाखों रुपये का कॉपर जल सकता था। इसके अलावा, आग आसपास के क्षेत्र में फैलकर एक बड़े हादसे का कारण बन सकती थी। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय ग्रामीणों ने आग बुझाने में साहस और तत्परता दिखाने वाले युवाओं की सराहना की।
मोगा की दाना मंडी में आढ़त का कारोबार करने वाले एक आढ़ती से उसके ही मुनीम द्वारा अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर 1 करोड़ 20 लाख 68 हजार रुपये की बड़ी धोखाधड़ी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस संबंध में थाना सिटी मोगा पुलिस ने जिला पुलिस प्रमुख के निर्देश पर मुनीम, उसकी पत्नी और दो बेटों समेत परिवार के सदस्यों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने शिकायत की गहन जांच के बाद मुख्य आरोपी मुनीम हरमिंदर सिंह उर्फ राजू, उसकी पत्नी जसविंदर कौर, और उसके दो बेटों लखपत राय व गुरमुख सिंह (सभी निवासी गांव दुन्नेके, मोगा) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई गांव डूगरी (लुधियाना) निवासी आढ़ती सुखवंत सिंह द्वारा जिला पुलिस प्रमुख मोगा को दी गई लिखित शिकायत के आधार पर की गई है। किसानों को भुगतान के नाम पर अपने खातों में मंगवाए पैसे शिकायतकर्ता सुखवंत सिंह ने बताया कि वह मोगा में 'डूगरी ट्रेडिंग कंपनी' के प्रोपराइटर हैं। उनका मुनीम हरमिंदर सिंह उर्फ राजू दाना मंडी मोगा स्थित दुकान नंबर-175 (मैसर्स रोडू शाह कमीशन एजेंट) पर बैठता था और बलखंडी मंडी स्थित आढ़त के काम सहित पूरी कंपनी का कामकाज संभालता था। सुखवंत सिंह खुद लुधियाना में रहते थे और केवल फसल सीजन के दौरान ही मंडी आते थे। इसी का फायदा उठाकर मुनीम हरमिंदर सिंह किसानों को फसल का भुगतान करने का बहाना बनाता था और सुखवंत सिंह से अपने तथा अपने बेटे लखपत राय के बैंक खातों में मोटी रकम ट्रांसफर करवा लेता था। परिवार और रिश्तेदारों के साथ मिलकर रची साजिश आरोप है कि मुनीम हरमिंदर सिंह ने अपने परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर एक सोची-समझी साजिश रची थी। वह पहले डूगरी ट्रेडिंग कंपनी के खाते से पैसे किसानों के खातों में भिजवाता था और बाद में दबाव या मिलीभगत के जरिए उस राशि को अपने और अपने परिजनों के खातों में ट्रांसफर करवा लेता था। इसके अलावा कई मामलों में किसानों से सीधे नकद राशि भी वसूल की गई। बही-खातों की हेराफेरी में लखवीर सिंह नाम के व्यक्ति पर भी मुनीम का साथ देने का आरोप है, जो खातों का रख-रखाव देखता था। पुलिस जांच में किसानों के बयानों से हुआ खुलासा एसएसपी मोगा के आदेश पर आर्थिक अपराध शाखा द्वारा मामले की बारीकी से जांच की गई। इस दौरान पुलिस टीमों ने उन किसानों के बयान भी दर्ज किए, जिनके खातों में आढ़ती द्वारा पैसे भेजे गए थे। जांच में यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि किसानों के खातों में आई राशि को बाद में योजनाबद्ध तरीके से आरोपियों के निजी बैंक खातों में ही ट्रांसफर कराया गया था और कई जगह कैश लेन-देन हुआ था। पुलिस अब आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में ला रही है।
सीकर में लंबे समय बाद एकबार अतिक्रमण को लेकर नगर परिषद और ट्रैफिक पुलिस हरकत में आई है। जिन्होंने आज शाम को शहर के परकोटे में दुकानों के बाहर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की। साथ ही नो पार्किंग एरिया में खड़े वाहनों के चालान किए गए। अब पूरे शहर में यह अभियान जारी रहेगा। सीकर के ट्रैफिक इंचार्ज मनोज कुमार भाटीवाड़ ने बताया कि शहर के परकोटे एरिया फतेहपुरी गेट,सुभाष चौक और आसपास के एरिया में अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थी। ऐसे में आज लोगों से समझाइश करके अतिक्रमण हटवाया गया है। यदि समझाइश के बाद भी लोग नहीं मानते तो सामान जप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। मनोज कुमार ने कहा कि शहर में नो पार्किंग एरिया में खड़े वाहनों पर चालान की कार्रवाई भी लगातार जारी रहेगी। अब पूरे शहरी एरिया में यह अभियान चलाया जाएगा। मार्केट में आने वाले लोगों से अपील है कि वह अपना वाहन लेकर आए तो पार्किंग एरिया में ही उसे खड़ा करें जिससे कि ट्रैफिक व्यवस्था न बिगड़े। प्लॉट दिलवाने के नाम पर 10 लाख ठगे, रजिस्ट्री भी करवाई सीकर के उद्योग नगर थाना इलाके में प्लॉट दिलवाने के नाम पर 10 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। इस संबंध में उदयलाल की ढाणी निवासी महेंद्र कुमार ने हरियाणा निवासी महेंद्र कुमार नायक और दांतारामगढ़ निवासी अश्विनी कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है कि दोनों ने मिलकर एक विवाद वाला प्लॉट उन्हें दिखाया और कहा कि प्लॉट पर कोई भी विवाद नहीं चल रहा है। दोनों ने 10 लाख रुपए लेकर रजिस्ट्री भी कार्रवाई। लेकिन जब परिवादी के द्वारा मूल डॉक्यूमेंट्स मांगे गए तो दोनों आरोपियों ने देने से मना कर दिया। फिलहाल उद्योग नगर पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। विदेश भेजने के नाम पर 11 लाख ठगे सीकर के बलारां थाना इलाके में विदेश में नौकरी दिलवाने के नाम पर 11 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। इस संबंध में सुधीश कुमार निवासी चूड़िमियान ने मुकदमा दर्ज करवाया कि नागौर के छोटी खाटू निवासी एजेंट गोपाल जाट के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है कि उसे विदेश में भेजने के नाम पर 11 लाख रुपए ठग लिए। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अररिया जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आरएस थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। वाहन जांच के दौरान पुलिस ने एक स्कॉर्पियो से 1180 बोतल कोडीनयुक्त कफ सिरप बरामद किया है। इस मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है, जबकि वाहन में सवार अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में विशेष समकालीन अभियान के तहत विभिन्न स्थानों पर सघन वाहन जांच चल रही थी। इसी क्रम में आरएस थाना क्षेत्र के चंद्रदेई बाजार के पास पुलिस वाहनों की जांच कर रही थी। तभी चंद्रदेई हाट की ओर से तेज गति से आ रही एक संदिग्ध स्कॉर्पियो को रोकने का प्रयास किया गया। आरोपी भीड़ का फायदा उठाकर फरार पुलिस को देखते ही स्कॉर्पियो चालक समेत अन्य लोग गाड़ी छोड़कर भागने लगे। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए भाग रहे संदिग्धों का पीछा किया और एक युवक को पकड़ने में सफलता हासिल की। अन्य आरोपी भीड़ का फायदा उठाकर फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने स्कॉर्पियो की तलाशी ली, जिसमें से कुल 1180 बोतल कोडीनयुक्त कफ सिरप बरामद हुआ। बरामद कफ सिरप की कुल मात्रा 118 लीटर बताई गई है। पुलिस ने कफ सिरप और स्कॉर्पियो वाहन को जब्त कर लिया है। बैकवर्ड एवं फॉरवर्ड लिंक की जांच में जुटी पुलिस गिरफ्तार आरोपी की पहचान अररिया जिले के बांसवाड़ी वार्ड संख्या-8 निवासी आशिक के रूप में हुई है। इस संबंध में आरएस थाना कांड संख्या-162/26 दर्ज कर लिया गया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है और इस अवैध कारोबार से जुड़े बैकवर्ड एवं फॉरवर्ड लिंक की जांच में जुटी है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। एसपी जितेंद्र कुमार ने कहा कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।

