प्रयागराज पुलिस ने नकली नोटों के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में भदोही के सराय कंसराय निवासी राहुल यादव भी शामिल है, जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पहले थाना कर्नलगंज, प्रयागराज में दर्ज कराई गई थी। राहुल यादव पुत्र राजकुमार यादव, निवासी सराय कंसराय, थाना दुर्गागंज, जनपद भदोही, प्रयागराज के छोटा बघाड़ा क्षेत्र में किराए के कमरे में रहता था। वह वैगनआर गाड़ी चलाता था। वह 28 मार्च 2026 को सुबह लगभग 10:20 बजे अचानक लापता हो गया था। परिजनों ने काफी तलाश के बाद थाना कर्नलगंज में उसकी गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कराया था। इसी क्रम में, 30 मार्च की रात थाना सरायइनायत और एसओजी/सर्विलांस सेल गंगानगर की संयुक्त पुलिस टीम ने हबूसा मोड़ के पास घेराबंदी कर चार आरोपियों को नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों में राहुल यादव के अतिरिक्त भदोही के सुरियावां थाना क्षेत्र के गोकूलपट्टी निवासी विवेक कुमार यादव, देवरिया निवासी नरेंद्र यादव उर्फ विराट और धर्मेंद्र कुमार शामिल हैं। नकली नोट छापने के उपकरण बरामद पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से 1 लाख 18 हजार 300 रुपये के नकली नोट बरामद किए। इनमें 500 रुपये के 200 नोट और 100 रुपये के 183 नोट शामिल हैं। इसके अलावा, एक वैगनआर कार, एक पल्सर मोटरसाइकिल, एक लैपटॉप, दो प्रिंटर, पांच मोबाइल फोन और नकली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण भी जब्त किए गए हैं। पूछताछ में पता चला कि यह गिरोह नकली नोट बनाकर छोटे ग्रामीण बाजारों में खपाने की तैयारी में था। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का संचालन देवरिया निवासी विवेक यादव पुत्र अवध बिहारी यादव के निर्देश पर किया जा रहा था, जिसकी तलाश अभी जारी है। इस मामले में थाना सरायइनायत में मुकदमा संख्या 71/2026 धारा 178, 179 और 180 भारतीय न्याय संहिता के तहत दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
अजमेर के अलवर गेट थाना क्षेत्र स्थित कालू की ढाणी में गुरुवार को एक निर्माणाधीन मकान में अचानक छत गिरने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में ठेकेदार सहित तीन लोग घायल हो गए। छत गिरने के साथ तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग और मकान मालिक मौके पर एकत्र हो गए। हादसे में घायल संजय पुत्र लक्ष्मी नारायण, मुकेश पुत्र कन्हैयालाल और विजय पुत्र हरजी को तुरंत जेएलएन अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। इनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। मकान मालिक इंदिरा देवी ने बताया कि मकान का निर्माण कार्य पिछले करीब दो महीने से चल रहा था। गुरुवार को अचानक कमरे की छत भरभराकर गिर गई, जिससे वहां काम कर रहे लोग उसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाने में मदद की। फिलहाल हादसे के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
सिरोही के नए कलेक्टर बने रोहिताश्व सिंह तोमर:बारां से ट्रांसफर होकर संभालेंगे सिरोही की कमान
राजस्थान सरकार ने सिरोही जिले के लिए नए जिला कलेक्टर की नियुक्ति की है। बारां जिले के कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर को अब सिरोही का कलेक्टर बनाया गया है। संयुक्त शासन सचिव डॉ. धीरज कुमार सिंह के कार्यालय से जारी सूची में यह जानकारी दी गई है। रोहिताश्व सिंह तोमर वर्तमान कलेक्टर अल्का चौधरी का स्थान लेंगे।अल्का चौधरी की नियुक्ति 9 सितंबर 2024 को हुई थी और वे तब से सिरोही में कार्यरत थीं। अब सिरोही जिले की प्रशासनिक बागडोर रोहिताश्व सिंह तोमर संभालेंगे।
बेमेतरा के ग्राम चेचानमेटा में अवैध तरीके से मुरूम खनन का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार की जा रही खुदाई के कारण जमीन में करीब 25 फीट गहरा और चौड़ा गड्ढा बन गया है। आसपास खेत और रास्ता होने के कारण लोगों और मवेशियों की आवाजाही लगातार बनी रहती है, जिससे खतरा और भी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द गड्ढे को भरने और अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग की है। मामले में स्थानीय विधायक ईश्वर साहू का कहना है कि अगर ग्रामीणों की शिकायत रही पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हाइवा से मुरूम परिवहन ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से मुरूम का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। खनन स्थल से 20 से 24 किलोमीटर दूर तक मुरूम का परिवहन किया जा रहा है। इसके लिए 10 चक्का हाइवा से लगभग 6,500 रुपए और 12 चक्का हाइवा से करीब 8,000 रुपए तक किराया लिया जा रहा है। आरोप है कि इसी मुरूम का उपयोग साजा में बन रहे नए न्यायालय भवन और ठेलका के आत्मानंद स्कूल के निर्माण कार्य में किया गया है। पंचायत से नहीं ली गई अनुमति ग्राम पंचायत बिरनपुर की सरपंच कैलाश बाई लोधी के अनुसार, मुरूम खनन के लिए पंचायत से किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई है। उनका कहना है कि यह अवैध खनन कई सालों से जारी है, जिसके कारण बना गड्ढा अब खतरनाक रूप ले चुका है। उन्होंने बताया कि इस मामले की जानकारी कलेक्टर और खनिज विभाग को दे दी गई है। वहीं, साजा एसडीएम पिंकी मनहर ने कहा कि चेचानमेटा में अवैध खनन की सूचना मिली है और इस संबंध में खनिज विभाग को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक क्या कार्रवाई हुई है, इसकी जानकारी ली जाएगी। विधायक बोले- दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी विधायक ईश्वर साहू ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि यदि ग्रामीणों की शिकायत सही पाई जाती है, तो जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्रशासन से भी आवश्यक कार्रवाई की मांग की जाएगी।
रायसेन में बुधवार दोपहर गेहूं की खड़ी फसल में भीषण आग लग गई। आग में करीब 50 एकड़ में लगी फसल जलकर राख हो गई। आग इतनी तेजी से फैली कि किसानों को संभलने का मौका नहीं मिला। आग की लपटों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए किसानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रैक्टर और पेड़ों की टहनियों का उपयोग कर आग बुझाने का प्रयास किया। देखें तीन तस्वीरें फायर ब्रिगेड का पानी खत्म हुआघटना की सूचना मिलते ही प्रशासन के अधिकारी सहित सांची नगर पालिका की दमकल टीमें मौके पर पहुंची लगातार आग बुझाने में जुटी रहीं। इसी बीच फायर ब्रिगेड का पानी भी खत्म हो गया। अभी आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट और नरवाई से आग लगा बताया जा रहा है हालांकि किसानों ने बिजली कंपनी पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। इन किसानों के खेतों की फसल जलीइस भीषण आग में दीवान सिंह, अवतार सिंह, बदन सिंह, सुरेंद्र पटेल, रामबाबू पटेल, बहादुर सिंह, संदीप ठाकुर, अतर ठाकुर, गोलू ठाकुर, संजू ठाकुर और ओंकार सिंह सहित कई किसानों की फसलें जलकर खाक हो गईं। कटाई से ठीक पहले हुई इस घटना से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। महीनों की मेहनत कुछ ही मिनटों में राख में बदल गई, जिससे उनके सामने अब आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है।
चित्रकूट को विकास कार्यों के लिए 14 करोड़ मिले:वित्तीय वर्ष के समापन पर डीएम की पहल से मिली सौगात
चित्रकूट जिले को वित्तीय वर्ष के समापन पर विकास कार्यों के लिए लगभग 14 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। उत्तर प्रदेश शासन ने यह सौगात जिलाधिकारी पुलकित गर्ग की पहल पर दी है। इस धनराशि में त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत लगभग 10 करोड़ रुपये और संतुलित क्षेत्रीय विकास (बुन्देलखण्ड) निधि योजना के तहत प्रथम किस्त के रूप में 353 लाख रुपये शामिल हैं। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने कार्यभार संभालने के बाद से ही जिले की बुनियादी समस्याओं के निराकरण और पर्यटन विकास को गति देने के लिए लगातार उत्तर प्रदेश शासन से धनराशि स्वीकृत कराई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप यह प्रयास किए जा रहे हैं। यह नई धनराशि आगामी वित्तीय वर्ष में विकास कार्यों को गति प्रदान करेगी। इस योजना के तहत सदर ब्लॉक के खम्हरिया और बगलई गांवों में संपर्क मार्गों का निर्माण किया जाएगा। इसी प्रकार, मानिकपुर ब्लॉक के गढ़चपा, मऊ ब्लॉक के तिलौली और कोटवामाफी और रामनगर ब्लॉक के पिपरौंद गांव में भी संपर्क मार्ग बनाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, मानिकपुर ब्लॉक के चंद्रामारा में एक चेकडैम का निर्माण प्रस्तावित है। मऊ ब्लॉक के सिकरौं, मंडौर, सेसासुबकरा और रामनगर ब्लॉक के बांधी, कटैया खादर, अमवा सहित अन्य ग्राम पंचायतों में भी संपर्क मार्ग बनवाए जाएंगे।
पानीपत के थाना चांदनीबाग के अंतर्गत आने वाले एक इलाके में 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ पिछले कई महीनों से डरा-धमाका कर दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच शुरू कर दी है। चार महीनों से चल रहा था शोषण का सिलसिला पुलिस को दी गई लिखित शिकायत के अनुसार, यह घिनौना अपराध नवंबर 2025 से लगातार जारी था। 14 वर्षीय पीड़िता ने अपनी मां को बताया कि आरोपी अनिकेत, जो कि सैनी मेडिकल स्टोर वाली गली का निवासी है, उसे बहला-फुसलाकर और जबरदस्ती अपने घर ले जाता था। वहां उसने नाबालिग के साथ कई बार गलत काम (बलात्कार) किया। भाई-बहन को जान से मारने की धमकी देकर रखा चुप हैरानी की बात यह है कि आरोपी पिछले तीन-चार महीनों से इस कृत्य को अंजाम दे रमहा था, लेकिन पीड़िता डर के कारण चुप रही। आरोपी ने नाबालिग को धमकी दी थी कि यदि उसने इस बारे में किसी को भी बताया, तो वह उसके भाई और बहन को जान से मार देगा। इसी खौफ के साये में जी रही पीड़िता ने आखिरकार हिम्मत जुटाकर 31 मार्च 2026 को अपने परिवार को पूरी आपबीती सुनाई। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और कानूनी धाराएं घटना की सूचना मिलते ही चांदनी बाग थाना पुलिस ने मंगलवार रात केस दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी अनिकेत के खिलाफ इन धाराओं में केस दर्ज किया है। जांच और आगामी कदम मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का जिम्मा ASI संतोष को सौंपा गया है। पुलिस ने FIR की प्रतियां संबंधित उच्चाधिकारियों और इलाका मजिस्ट्रेट को भेज दी हैं। पुलिस टीम अब आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है और पीड़िता का मेडिकल परीक्षण व अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
डूंगरपुर में हनुमान जन्मोत्सव पर खड़गदा में क्षेत्रपाल जी के वार्षिक मेले का शुभारंभ बुधवार को हुआ। गुरुवार को मुख्य मेला भरेगा, जिसमें भगवान श्री क्षेत्रपालजी की पालकी यात्रा मुख्य आकर्षण रहेगी। जिले के कई हनुमान मंदिरों में अखंड हनुमान चालीसा पाठ और अन्य धार्मिक आयोजन भी होंगे। बुधवार सुबह लक्ष्मण मंदिर परिसर से संतों के सान्निध्य में एक शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा होली चौक, नवरात्र चौक और ग्वाल चौक से होते हुए क्षेत्रपाल मंदिर पहुंची। इस दौरान श्री प्रभुदास धाम रामद्वारा सागवाड़ा के महंत उदयराम जी महाराज, रामकथा वाचक कमलेश भाई शास्त्री और भागवताचार्य हरीश पंड्या उपस्थित रहे। संतों की मौजूदगी में हुआ मेले का उद्घाटनमंदिर परिसर में संतों की उपस्थिति में मेले का विधिवत उद्घाटन किया गया। मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अशोक भट्ट और मंत्री जनार्दन द्विवेदी ने संतों का स्वागत किया। सभा अध्यक्ष चंद्रेश व्यास ने बताया कि दिनभर हनुमान यज्ञ का आयोजन हुआ, जिसके बाद शाम को श्रीफल होम और आरती के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। सुबह हनुमान चालीसा पाठ और शाम को संगीतमय सुंदरकांड पाठ भी आयोजित किए गए। मेला संयोजक हरीश रोत के अनुसार गुरुवार दोपहर में भगवान श्री क्षेत्रपाल जी की पालकी यात्रा मंदिर से निकल रही है। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे है। इस आयोजन को सफल बनाने में बदामीलाल टेलर, जगदीशचंद्र दवे, चिंतन द्विवेदी, पंकज जैन, सुशील मेहता, ईश्वर पाटीदार, कचरा खांट, रतिलाल बामणिया, पराग कलाल और भरतलाल सोनी सहित कई कार्यकर्ता सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। अखंड हनुमान चालीसा व महाआरती कलइधर तहसील चौराहा स्थित राजाजी की छतरी में विराजित श्रीजगदीश मंदिर में 2 अप्रैल गुरुवार को अखंड हनुमान चालीसा पाठ और महाआरती का आयोजन होगा। यह आयोजन शाम 5:30 बजे श्रीनाथजी मंदिर से होगी। इसके बाद श्रद्धालु सामूहिक रूप से भक्तिभाव के साथ शोभायात्रा के रूप में तहसील चौराहा स्थित राजाजी की छत्री में स्थित श्रीजगदीश मंदिर के लिए रवाना होगी। मंदिर परिसर में पहुंचने के बाद निर्धारित समय पर शाम 6 बजे से अखंड हनुमान चालीसा पाठ प्रारंभ होगा, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु एक साथ हनुमान जी की स्तुति करेंगे। इसके उपरांत विधि-विधान के साथ महाआरती का आयोजन किया जाएगा, जिसमें वातावरण भक्तिमय हो उठेगा। आयोजन के दौरान भजन-कीर्तन एवं धार्मिक अनुष्ठानों का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होगा। शाम 5:30 बजे तक श्रीनाथजी मंदिर पहुंचें, ताकि शोभायात्रा एवं कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
गोरखपुर में वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे के मौके पर रोटरी यूफोरिया की तरफ से एक नेक पहल की गई। संस्था ने बड़गो स्थित गोकुलधाम वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों के लिए फ्री ओरल और डेंटल हेल्थ चेकअप कैंप लगाया। कैंप के दौरान डॉक्टर ने आश्रम में रह रहे सभी बुजुर्गों के दांतों और मुंह की बारीकी से जांच की। बढ़ती उम्र में बुजुर्गों को दांतों और मसूड़ों की समस्या को देखते हुए यह कैंप काफी मददगार साबित हुआ। 'डेंटल किट' भी बांटी गईजांच के बाद उन्हें दांतों की देखभाल करने के जरूरी टिप्स दिए गए। साथ ही उन्हें समझाया कि कैसे वे अपने दांतों को लंबे समय तक ठीक रख सकते हैं। चेकअप के साथ-साथ संस्था की ओर से सभी बुजुर्गों को 'डेंटल किट' भी बांटी गई, ताकि वे अपनी सफाई का ख्याल रख सकें। संस्था के सदस्यों का कहना है कि बुजुर्गों की मुस्कान और उनकी सेहत का ख्याल रखना ही इस प्रोग्राम का असली मकसद था। कैंप में मौजूद बुजुर्गों ने भी इस पहल की काफी तारीफ की और डॉक्टर को धन्यवाद दिया। क्लब की अध्यक्ष शालिनी पांडेय ने बताया कि डॉ. अर्पिता सिंह ने विशेष सहयोग दिया। इस प्रोग्राम में अंजलि विनय गुप्ता, रुचि केडिया और अन्य शामिल रहें।
रोहतक के महम ब्लॉक के फरमाणा गांव में युवक की सिर कटी लाश मिलने के मामले में परिजन पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। परिजन हत्या करने वाले सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के लिए आज SP सुरेंद्र सिंह भौरिया से मिलेंगे। परिजनों का कहना है कि अगर जल्द आरोपी नहीं पकड़े गए तो वह आंदोलन करने पर विवश हो जाएंगे। गांव फरमाणा निवासी मोहित का सिर कटा शव 28 मार्च को सुबह खेत के बीच पड़ा मिला था, जिसकी गर्दन काटकर साइड में फेंकी हुई थी। गर्दन को तेजधार हथियार से काटा गया था, जबकि गर्दन काटने से पहले सिर में पत्थर मारकर घायल किया गया था। वहीं, शॉल से गला घोंटकर मार दिया था, जिसका बाद में गला काटा गया। 26 मार्च को लापता मोहित की दर्ज करवाई थी रिपोर्ट मोहित 26 मार्च को शाम करीब 6 बजे घर से निकला था, जो वापस नहीं लौटा। 27 मार्च को मोहित की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई और 28 मार्च को सुबह मोहित का शव खेत में पड़ा मिला। मोहित की गर्दन को काटकर अलग किया गया था, जिसे देखकर लोग सहम गए थे। पुलिस आरोपियों को पकड़ने में बरत रही ढिलाई मृतक मोहित के परिजनों ने कहा कि मोहित की हत्या करने वाले लोगों में से मात्र एक आरोपी की पुलिस गिरफ्तारी दिखा रही है, जबकि अन्य 3 आरोपी अभी भी फरार बता रहे है। चारों आरोपी गांव के ही रहने वाले है और पुलिस उन्हें अब तक पकड़ नहीं पाई। पुलिस आरोपियों को पकड़ने में ढिलाई बरत रही है, जिससे परिजनों में रोष बढ़ रहा है। पुलिस मामले में कर रही जांच महम थाना एसएचओ रविंद्र ने बताया कि युवक की गर्दन काटकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी पकड़ा हुआ है। रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ की गई है और अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए टीम बनाई हुई है। जल्द ही सभी आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा।
उन्नाव के कानपुर-लखनऊ रेलखंड पर स्थित गंगापुल के डाउन ट्रैक पर बड़े पैमाने पर मरम्मत और ट्रैक सुधार कार्य तेजी से जारी है। बुधवार को लगभग 100 मजदूरों ने पुरानी गिट्टी हटाने और ट्रैक को दुरुस्त करने का काम किया। मजदूरों की टीम मशीनों और उपकरणों की सहायता से ट्रैक की सफाई और उसके आधार को मजबूत करने में जुटी है। इसका उद्देश्य आगामी कार्यों को सुचारु रूप से पूरा करना है। वहीं, अप लाइन पर रेलवे कर्मचारी नट-बोल्ट कसने और ट्रैक की तकनीकी जांच कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान ट्रैक की सुरक्षा और ट्रेनों के सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है। रेलवे इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारी लगातार ट्रैक की स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कर रहे हैं। रेलवे प्रशासन ने बताया कि 2 अप्रैल से गंगापुल पर एचएमबी (HMB) स्लीपर लगाने का कार्य ब्लॉक लेकर शुरू किया जाएगा। इस दौरान पुराने स्लीपर हटाकर नए और मजबूत स्लीपर लगाए जाएंगे, जिससे ट्रैक की क्षमता और सुरक्षा दोनों में सुधार होगा। मरम्मत कार्य के चलते इस रूट से गुजरने वाली कई ट्रेनों को अस्थायी रूप से निरस्त किया गया है, जबकि कुछ ट्रेनों के समय और संचालन मार्ग में भी बदलाव किया गया है। रेलवे ने यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है, ताकि उन्हें असुविधा का सामना न करना पड़े। लखनऊ मंडल के वरिष्ठ अधिकारी इस पूरे कार्य की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि गंगापुल रेलवे ट्रैक एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग पर स्थित है, इसलिए कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। नियमित मॉनिटरिंग के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा हो और रेल यातायात जल्द सामान्य रूप से संचालित हो सके।
शहर के स्वरुप नगर इलाके में बुधवार को एक तेज रफ्तार कार ने बचकर भागने के चलते कई लोगों को टक्कर मार दी, जिसके बाद वह एक कार में जाकर टकरा गई और गाड़ी रुक गई। टक्कर के बाद हुई तेज आवाज से इलाकाई लोग सड़क पर आ गए और ड्राइवर को पकड़ लिया। मकड़ीखेड़ा निवासी ड्राइवर विशाल निषाद ने नशे में होने की बात स्वीकार की है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दो कार के एयरबैग तक खुल गए। घटना की जानकारी पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है। द चाट चौराहे पर मारी टक्कर स्वरुप नगर के द चाट चौराहे के पास किरन गुप्ता शापिंग करके इनोवा गाड़ी से अपने घर जा रहीं थी। तभी उनके ड्राइवर इंद्रजीत पांडेय को एक कार ने टक्कर मार दी और घटना के बाद भागने लगा। इसी दौरान तेज रफ्तार में गाड़ी भगाने के दौरान डॉ. अवध दुबे वाली गली में कार अनियंत्रित हो गई और कई लोगों को टक्कर मारते हुए सामने से आ रही एक कार में जा लड़ी। इसके बाद भी रफ्तार कम नहीं हुई और सड़क किनारे खड़ी एक कार में जा लड़ी और रुक गई। रफ्तार इतनी तेज की नंबर तक नहीं पढ़ पाए प्रत्यक्षदर्शी किरन गुप्ता ने बताया कि वह अपने ड्राइवर इंद्रजीत के साथ एक निजी काम से स्वरुप नगर आई थी। तभी गाड़ी में बैठते समय ड्राइवर को एक नीले रंग की कार ने टक्कर मार दी, जिसमें उसके पैर में गंभीर चोट आई है। बताया कि रफ्तार इतनी तेज थी कि वह गाड़ी का नंबर तक नहीं पढ़ पाईं। इसके बाद कार ने कई लोगों व वाहनों में टक्कर मारी है। एक कान से सुनाई नहीं दे रहा ड्राइवर इंद्रजीत ने बताया कि मैं पनीर लेकर मैडम को दे रहा था। तभी तेज रफ्तार में नीले रंग की बलेनो आई और मुझको उड़ा दिया। मेरे पैर में चोट आई है। सूजन आनी शुरु हो गई है। वहीं, एक दूसरे कार के ड्राइवर सुनील यादव ने बताया कि वह अपनी कार से जा रहे थे। तभी सामने से नीले रंग की तेज रफ्तार कार को आता देख उन्होंने कार को रोक दिया। देखते ही देखते वह कार मेरी कार में आ लड़ी और ड्राइवर साइड का शीशा टूटकर मेरे कान में जा लड़ा और एयरबैग खुल गए। मुझे एक कान से सुनाई नहीं दे रहा है। आरोपी बोला शराब पी रखी तेज रफ्तार कार के ड्राइवर विशाल निषाद ने बताया कि एक महिला को बचाने के चक्कर में मैंने चौराहे पर टक्कर मारी है। उसको बचाने के चक्कर में मैने गाड़ी में लडाया। शराब पीने के सवाल पर बताया कि उसने थोड़ी शराब पी रखी है।
मुजफ्फरपुर में एक आशिक 120 मीटर ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया है। उसका कहना है कि उसकी गर्लफ्रेंड को बुलाया जाए। मोबाइल टावर पर चढ़ने के बाद उसने डायल 112 को फोन किया। उसने पुलिस को बताया कि, उसकी गर्लफ्रेंड की शादी कहीं और तय हो रही है। पुलिस मेरी गर्लफ्रेंड को लेकर आए और उससे मेरी शादी तय करवाए तभी मैं यहां से नीचे उतरूंगा नहीं तो कूद कर जान दे दूंगा। मामला मुजफ्फरपुर जंक्शन इलाके का है। घटनास्थल से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए लड़का बोला- लड़की ने मुझे धोखा दिया टावर पर चढ़े अनमोल ने भास्कर रिपोर्टर से फोन पर कहा कि, मेरी गर्लफ्रेंड को बुला दो। हम 6 महीने से एक दूसरे से प्यार करते हैं। हम एक ही गांव के हैं। मैं छठ पर अपने गांव गया था, वहां मेरी उससे मुलाकात हुई। इसके बाद हमारी बातचीत होने लगी। उसने मुझसे शादी का वादा किया था। अब मुकर रही है। उसने मुझसे झूठा वादा किया अब उसकी बहन बोल रही है वो दूसरी जगह शादी कर रही है। सुबह हमारी बात हुई थी। वो नहीं मान रही थी। उसे बुलाने के लिए मैं टावर पर चढ़ा हूं। वो जब तक नहीं आएगी मैं नहीं उतरूंगा। मेरी सभी जगह बदनामी हो चुकी है। आसपास के लोग बताते हैं 11 बजे के करीब कुछ लोगों ने लड़को को मोबाइल टावर पर चढ़ते देखा। लोग समझ नहीं पाए की आखिर वो लड़का करना क्या चाहता है। कुछ देर में वो मोबाइल टावर के सबसे ऊपरी हिस्से पर पहुंच गया। वो ऊपर से ही बार बार अपनी मांग दोहरा रहा है। वो मोबाइल टावर से चिल्ला रहा है कि मेरी गर्लफ्रेंड को यहां बुलाया जाए और मेरी शादी तय की जाए। पुलिस ने युवक के परिजनों को भी बुलाया है और उसे सुरक्षित नीचे उतारने के लिए लगातार समझाने की कोशिश कर रही है। रेक्क्यू के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलाई गई है।
जौनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार को सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों ने अपनी पंद्रह सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र को सौंपा। कर्मचारियों ने नियोक्ताओं पर अनुचित श्रम प्रथाओं का आरोप लगाते हुए सरकार से कार्रवाई की अपील की है। कर्मचारियों का आरोप है कि नियोक्ता विभिन्न अनुचित श्रम प्रथाओं का पालन कर रहे हैं, जिसके कारण उन्हें अवैध स्थानांतरण, काम रोकने और नौकरी से बर्खास्तगी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वे फर्जी मुद्दे बनाकर वेतन और यात्रा खर्च का भुगतान करने से भी इनकार कर रहे हैं। इन प्रथाओं से सेल्स प्रमोशन कर्मचारी अधिनियम और अन्य श्रम कानूनों का उल्लंघन हो रहा है। कर्मचारियों ने यह भी बताया कि नियोक्ता नियमित रूप से उन्हें धमकाते और अपमानित करते हैं। इसके अलावा, वे यूनियन नेताओं और श्रमिकों के लोकतांत्रिक तथा कानूनी विरोध के अधिकार को दबाने के लिए उनके खिलाफ झूठी पुलिस शिकायतें भी दर्ज करा रहे हैं। सरकार के समक्ष रखी गई प्रमुख मांगों में चार श्रम संहिताओं को निरस्त करना और बिक्री संवर्धन कर्मचारी (सेवा की शर्तें) अधिनियम, 1976 सहित मौजूदा श्रम कानूनों को जारी रखना शामिल है। कर्मचारियों ने सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों की निश्चित अवधि के रोजगार पर नियुक्ति की अनुमति न देने और नियोक्ताओं द्वारा उनकी छंटनी या स्थानांतरण न करने की भी मांग की है। अन्य मांगों में यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाना शामिल है कि नियोक्ता सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों को नौकरी से न निकालें और सभी कर्मचारियों को समय पर वेतन का पूरा भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बिक्री संवर्धन कर्मचारी (सेवा की शर्तें) अधिनियम, 1976 और बिक्री संवर्धन कर्मचारी (सेवा की शर्तें) नियम, 1976 का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित करने और चर्चा के बाद अधिनियम के प्रावधानों के तहत सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों के लिए वैधानिक कार्य नियम बनाने की भी अपील की है।
भोपाल में हत्या के आरोपी आसिफ उर्फ बम का शॉर्ट एनकाउंटर कर दिया गया है। रविवार रात अशोका गार्डन इलाके में मामूली विवाद के बाद आरोपियों ने 35 साल के चाय कारोबारी की चाकू घोंपकर हत्या कर दी थी। पुलिस के मुताबिक, मृतक विजय मेवाड़ा सुभाष कॉलोनी का रहने वाला था। वह अशोका गार्डन और कोलार इलाके में चाय की दो होटल चलाता था। रविवार देर रात करीब 1:30 बजे वह होटल बंद कर कर्मचारियों को छोड़ने प्रगति नगर गया था। यहां मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम अपने साथियों फरमान, कालू और इमरान के साथ बैठा था। सभी मृतक के कर्मचारियों के पुराने दोस्त बताए जा रहे हैं। कर्मचारियों से बदसलूकी, विरोध करने पर हमला आरोपियों ने कर्मचारियों को अपने साथ चलने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने सुबह जल्दी काम होने का हवाला देकर मना कर दिया। इस पर आरोपियों ने उनसे अभद्रता शुरू कर दी। विजय ने इसका विरोध किया। उसने आसिफ को ‘बेटा’ कहकर समझाने की कोशिश की। इसी बात पर विवाद बढ़ गया। पुलिस के अनुसार, गुस्साए आसिफ ने चाकू निकालकर विजय के पेट में घोंप दिया। उसके साथियों ने भी मारपीट की। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल विजय को कर्मचारी और स्थानीय लोग फौरन निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गुस्साए परिजनों ने किया चक्काजाम इधर, हत्या के विरोध में बुधवार को ही सकल हिंदू समाज के आह्वान पर हिंदू उत्सव समिति, बजरंग दल सहित विभिन्न संगठनों के प्रदर्शनकारियों ने रोशनपुरा चौराहे पर बैरिकेडिंग तोड़ दी और मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच करने लगे। वे मुख्यमंत्री निवास से महज 100 मीटर दूर पॉलिटेक्निक चौराहे तक पहुंच गए। भारी पुलिस बल ने यहां मोर्चा संभाल रखा है और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया है। ऐसे में प्रदर्शकारियों ने चक्काजाम कर दिया। इससे पहले, सोमवार सुबह भी गुस्साए परिजन और स्थानीय लोगों ने सुभाष कॉलोनी में चक्काजाम कर दिया था। पुलिस की समझाइश के बाद करीब आधे घंटे में जाम खुल सका। इस दौरान परिजन का पुलिस से विवाद भी हुआ। परिजन हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ थाना परिसर में प्रदर्शन किया। इधर, हमीदिया अस्पताल की मॉर्चुरी के सामने भी मृतक के परिजन ने हंगामा किया था। यहां पुलिस बल तैनात किया गया है।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर ने मंगलवार को 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया। इस बार भी विज्ञान, कला और वाणिज्य तीनों संकायों में छात्राओं का दबदबा कायम रहा। परीक्षा परिणामों में बूंदी जिला प्रदेश में विज्ञान वर्ग में 27वें, वाणिज्य वर्ग में 29वें और कला वर्ग में 20वें स्थान पर रहा। कला वर्ग में जिले से कुल 10,685 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें 5,180 छात्र और 5,505 छात्राएं शामिल थीं। छात्रों का उत्तीर्ण प्रतिशत 96.74 रहा, जबकि छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 98.55 दर्ज किया गया। कुल 10,436 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए, जिनमें 7,219 प्रथम श्रेणी में, 2,989 द्वितीय श्रेणी में और 228 तृतीय श्रेणी में पास हुए। जिले का कला संकाय में कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 97.67 रहा, जो पिछले वर्ष के 96.99 प्रतिशत से अधिक है। वाणिज्य वर्ग में जिले के कुल 90 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें 63 छात्र और 27 छात्राएं थीं। इनमें से 82 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। छात्रों का उत्तीर्ण प्रतिशत 88.89 और छात्राओं का 96.30 प्रतिशत रहा। कुल 57 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में, 24 द्वितीय श्रेणी में और एक तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। जिले का वाणिज्य संकाय में कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 91.11 रहा, जबकि पिछले वर्ष यह 98.87 प्रतिशत था। विज्ञान वर्ग में जिले के कुल 2361 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। 1586 छात्र एवं 775 छात्राएं शामिल रही। छात्रों का परीक्षा परिणाम 96.66 और छात्राओं का 98.19 प्रतिशत रहा। जिसमें प्रथम श्रेणी से 1918, द्वितीय श्रेणी से 300 एवं तृतीय श्रेणी से एक विद्यार्थी पास हुआ। इस प्रकार कुल 2294 विद्यार्थी परीक्षा में पास हुए एवं जिले का परीक्षा परिणाम कुल 97.16 प्रतिशत रहा। गत वर्ष विज्ञान वर्ग का परीक्षा परिणाम 97.63 फीसदी रहा था।बिंदिया नागर ने लक्ष्य तय कर कला वर्ग में किया टॉपकला वर्ग में बिंदिया नागर ने 98.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में अव्वल रही। बिंदिया ने बताया कि वह प्रतिदिन आठ से दस घंटे तक पढ़ाई करती है और मोबाइल पर सोशल मीडिया से दूर रहती है। बिंदिया ने बताया कि स्कूल में ठीक ढंग से पढ़ाई करने पर ट्यूशन की आवश्यकता नहीं होती है। बिंदिया ने बताया कि परीक्षा से दो माह पहले उसके चाचा की शादी थी, लेकिन परीक्षा तैयारी प्रभावित नहीं हो इसके चलते वह शादी में भी शामि नहीं हुई। आगे जाकर वह भारत प्रशासनिक सेवा की अधिकारी बना बाहती है।किसान की बेटी ने किया नाम रोशनविज्ञान वर्ग राधिका पुत्री रमेश चंद सैनी ने बताया वह प्रतिदिन सात से आ घंटे रोजाना पढ़ती थी। कक्षा दस में उसके 95.33 प्रतिशत अंक आए इसके बाद उसने अधिक मेहेनत की, इसके चलते उसने 97.40 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। आगे जाकर राधिका शिक्षा के क्षेत्र में जाना चाहती है। राधिका के पिता किसान है। राधिका ने बताया कि पढ़ाई के दौरान नियमित अध्यर के साथ सोशल मीडिया से दूर रहना आवश्यक है। विद्यार्थियों की तस्वीरें भास्कर एप पर 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की तस्वीरें भास्कर एप पर प्रकाशित की जाएंगी। इसके लिए छात्रों को अपनी फोटो, मार्कशीट की कॉपी के साथ माता-पिता, स्कूल, गांव-शहर का नाम संबंधित जिले के रिपोर्टर के मोबाइल नंबर- 9982266926 पर भेजना होगा।
करनाल जिला के नीलोखेड़ी क्षेत्र में सड़क हादसे का शिकार हुए एक बाइक चालक की इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे के बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। बाद में शव परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं मृतक के दो बेटे बताए जा रहे है जो अभी कनाडा में है। उनके आने के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। 30 मार्च की शाम को हुआ हादसाजानकारी के अनुसार बैडसाल निवासी 53 वर्षीय रामपाल 30 मार्च की शाम को किसी काम से घर से निकला था। रास्ते में अचानक उसकी बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिर गया। हादसे में उसे गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उसे करनाल के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सरकारी प्रिंटिंग प्रेस में करता था कामरामपाल सरकारी प्रिंटिंग प्रेस में कार्यरत था। वह दो बेटों का पिता था और दोनों बेटे कनाडा में रहते हैं। हादसे के बाद से ही परिवार में चिंता का माहौल था, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हेलमेट नहीं पहनने से बढ़ी गंभीरताजांच अधिकारी देवेंद्र ने बताया कि हादसे के समय रामपाल ने हेलमेट नहीं पहना हुआ था। गिरने के दौरान उसके मुंह पर गंभीर चोट लगी। उनका कहना है कि अगर हेलमेट पहना होता तो उसकी जान बच सकती थी। उन्होंने बताया कि आज उनके शव का पोस्टमॉर्टम करवाया गया है। वहीं परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्जकर कर लिया है। पुलिस इस मामले में हर पहलू पर गहनता से जांच कर रही है।
उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के विरोध में सरस्वती नगर के रहवासियों ने नगर निगम पहुंचकर प्रदर्शन किया। एम.आर. 4 रोड स्थित कॉलोनी के बड़ी संख्या में लोग, जिनमें महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल थे। बुधवार को निगम गेट सभी इकट्ठा हुए फिर रहवासियों ने हाथों में तख्तियां लेकर ‘हमारे घर मत तोड़ो, न्याय करो’ की मांग उठाई और नगर निगम में आवेदन भी सौंपा। 2018 में टीएंडसीपी एनओसी से हुआ था नियमितीकरण रहवासियों ने बताया कि 2018 में कॉलोनी का नियमितीकरण टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की एनओसी के आधार पर किया गया था। उस समय 45 मीटर चौड़ी सड़क का प्रावधान रखा गया था, साथ ही कॉलोनी की सीमा सुरक्षित रखने की बात कही गई थी। रहवासियों के अनुसार, अब विकास योजना 2035 के तहत सड़क चौड़ीकरण में कुछ मकानों को बाधक बताया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सेंटर लाइन के आधार पर असंतुलित तरीके से कार्रवाई की जा रही है। करीब 50 मकानों पर असर की आशंका रहवासी वर्षा रामगोपाल पथरिया ने बताया कि नोटिस मिलने के बाद परिवारों में तनाव बढ़ गया है। करीब 50 मकान इस योजना से प्रभावित हो सकते हैं और लोगों के सामने रहने का संकट खड़ा हो सकता है। दिलीप सिंह जादौन ने कहा कि क्षेत्र में वर्षों से खाली पड़ी जमीन को छोड़कर उनके मकानों को तोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे मजदूरी करने वाले लोग हैं और बेघर होने पर जीवन यापन मुश्किल हो जाएगा। डॉ. एम.एस. पंवार ने मांग की कि सड़क चौड़ीकरण के लिए सामने की खाली जमीन का उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आगे आंदोलन किया जाएगा।
सोनभद्र के चोपन थाना पुलिस ने साइबर ठगी का शिकार हुए एक व्यक्ति को उसकी पूरी रकम वापस दिलाई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 1,22,631रू (एक लाख बाइस हजार छह सौ इकतीस रुपये) की धोखाधड़ी वाली राशि पीड़ित के खाते में सफलतापूर्वक लौटा दी। यह घटना सोनभद्र के ग्राम जमुअल, थाना जुगैल निवासी संत कुमार पुत्र ईश्वर प्रसाद के साथ हुई थी। अज्ञात साइबर अपराधियों ने छलपूर्वक उनके बैंक खाते से 1,22,631 रूपये निकाल लिए थे। पीड़ित ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा द्वारा साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। प्रभारी निरीक्षक थाना चोपन के नेतृत्व में टीम ने तत्काल कार्यवाही शुरू की। चोपन थाना की साइबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण का उपयोग किया और संबंधित बैंक/संस्थाओं से तुरंत ई-मेल के माध्यम से पत्राचार किया। इस त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप, धोखाधड़ी की गई पूरी धनराशि 1,22,631 रूपये पीड़ित के मूल खाते में वापस आ गई। इस सफल अभियान में शामिल साइबर टीम के सदस्यों में प्रभारी निरीक्षक थाना चोपन अखिलेश कुमार मिश्रा, साइबर हेल्प डेस्क थाना चोपन से महिला कास्टेबल प्राची शुक्ला और महिला कास्टेबल शैलजा सिंह शामिल थीं। ट्रांजेक्शन अलर्ट को नियमित रूप से जांचते रहें साइबर अपराधों से बचाव के लिए पुलिस ने कुछ उपाय सुझाए हैं। किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर स्वयं को बैंक अधिकारी बताने वाले व्यक्ति पर तुरंत विश्वास न करें। अज्ञात लिंक या ऐप को डाउनलोड करने या क्लिक करने से बचें। बैंक से संबंधित कार्य केवल आधिकारिक वेबसाइट, ऐप या शाखा के माध्यम से ही करें। अपने मोबाइल/ईमेल पर आने वाले ट्रांजेक्शन अलर्ट को नियमित रूप से जांचते रहें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें और www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
गुरुग्राम में साइबर पुलिस की तमाम कोशिशों के बाद भी ऑनलाइन ठगी का खेल चल रहा है। मानेसर के साइबर थाने में हाल ही में तीन अलग-अलग शिकायतकर्ताओं द्वारा ऑनलाइन ठगी की शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। तीनों मामलों में कुल 2,27,000 रुपये की धोखाधड़ी हुई है। सभी मामलों में शिकायतकर्ताओं ने बताया कि अनजान लिंक पर क्लिक करने या अपडेट लेने के बाद फोन अनियंत्रित हो गया और पैसे कट गए। जांच अधिकारी पीड़ितों के बैंक विवरण, ट्रांजेक्शन आईडी और IP एड्रेस की जांच कर रहे हैं। पहली घटना: गांव कांकरोला निवासी संजय कुमार ने बताया कि 15 मार्च को वह यूट्यूब पर एक विज्ञापन देख रहा था। लिंक पर क्लिक करते ही उनका फोन हैक हो गया। इसके बाद उनके बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से 44,000 रुपये कट गए। दूसरी घटना: पातली मानेसर में रहने वाले राहुल कुमार ने बताया कि वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हमीरपुर का रहने वाला है। दो मार्च को Facebook और Instagram चलाते समय उसके पास एंड्रायड अपडेट आने के बाद फोन हैक हो गया। इसके बाद उनके पंजाब नेशनल बैंक के खाते से सुपर मनी एप के माध्यम से 83,000 रुपये की फ्रॉड ट्रांजेक्शन हुई। तीसरी घटना: बांस गांव मानेसर के किरायेदार धर्मसिंह ने बताया कि वह मूल रूप से बिजनौर, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। 16 मार्च को उसके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से लिंक आया। लिंक पर क्लिक करते ही फोन हैक हो गया और उनके बैंक खाते से 85,000 और 15,000 कट गए। पुलिस जांच कर रही पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार का कहना है कि आम नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, संदिग्ध अपडेट न लें, OTP किसी से शेयर न करें और संदिग्ध ट्रांजेक्शन तुरंत बैंक व पुलिस को सूचित करें। साइबर क्राइम की घटनाओं को रोकने के लिए साइबर थानों द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
सुल्तानपुर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 'स्कूल चलो अभियान' का शुभारंभ हो गया है। प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा की मुख्यधारा से वंचित न रहे। इस वर्ष अभियान में पहली बार 3 साल के बच्चों को भी बालवाटिका के माध्यम से स्कूलों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम का उद्घाटन भाजपा एमएलसी शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने किया। बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि यह अभियान 1 अप्रैल से शुरू हो रहा है। इस साल 6 से 14 वर्ष के बच्चों के साथ-साथ बालवाटिका के माध्यम से 3 साल के नन्हें बच्चों को भी स्कूलों से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों के 'ड्रॉपआउट' को रोकना है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और बाल विकास पुष्टाहार विभाग के साथ समन्वय स्थापित किया गया है, ताकि बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने में कोई बाधा न आए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि परिषदीय विद्यालयों का स्वरूप अब बदल रहा है। 'कायाकल्प योजना' के तहत स्कूलों को स्मार्ट बनाया गया है। सरकारी स्कूलों में अब स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और पीएम श्री जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो अभिभावकों को निजी स्कूलों की बजाय सरकारी स्कूलों की ओर आकर्षित कर रही हैं। बीएसए उपेंद्र गुप्ता ने यह भी बताया कि दिव्यांग बच्चों और कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्राओं सहित हर वर्ग के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। 'मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल' और 'अभ्युदय' जैसे नए प्रोजेक्ट्स भी तैयार हो रहे हैं, जिससे इस बार बच्चों का नामांकन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
महोबा के आल्हा चौक स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में बुधवार को वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। विद्यालय का कुल परीक्षा परिणाम 98.6 प्रतिशत रहा। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) बलराम की उपस्थिति में मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। कक्षा छह के मृत्युंजय राज श्रीमाली ने विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सीडीओ बलराम और विशिष्ट अतिथि समाजसेवी शिवकुमार गोस्वामी ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। प्रधानाचार्य कमलेश सिंह ने अतिथियों का परिचय कराते हुए उनका अभिनंदन किया। परीक्षा प्रमुख रविन्द्र द्वारा परिणाम की घोषणा होते ही पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कक्षावार परिणामों में सचिन, आदित्य साहू, सक्षम, अमित, आनंद कुमार तिवारी, नितेश कुशवाहा, अजय, शौर्य सोनी और वीर पुरवार ने अपनी-अपनी कक्षाओं में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर ओजस मिश्रा को आदर्श छात्र और पारुल को आदर्श छात्रा के रूप में सम्मानित किया गया। इसी प्रांगण में अंग्रेजी माध्यम और शिशु वाटिका के छात्रों का भी परिणाम घोषित हुआ, जहाँ आचार्या कृतिका और शिवी सिंह ने बच्चों को अंक पत्र वितरित किए। अपने संबोधन में सीडीओ बलराम ने छात्रों को कहानियों के माध्यम से प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि निरंतर मेहनत करने वाले छात्रों को सफलता अवश्य मिलती है। यदि परिणाम अपेक्षा के अनुरूप न हो, तो कमियों को पहचान कर दोगुनी ऊर्जा से प्रयास करना चाहिए। प्रधानाचार्य कमलेश सिंह ने छात्रों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि निराश होने के बजाय और बेहतर करने का संकल्प लें। संगीताचार्य पं. जगप्रसाद तिवारी के प्रभावी संचालन और शिक्षकों के सामूहिक सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का समापन सा-परीक्षा प्रभारी के आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। इस दौरान पूर्व डीआईओएस गिरधारी लाल जी सहित भारी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।
संभल में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य 91.26 प्रतिशत पूरा हो गया है। 11 दिनों में कुल 2,26,405 कॉपियों का मूल्यांकन किया जा चुका है, जबकि 21,684 कॉपियां शेष बची हैं। आज मूल्यांकन का अंतिम दिन है।जनपद में कुल 2,48,089 उत्तर पुस्तिकाएं थीं। मूल्यांकन के 11वें दिन 12,279 कॉपियां जांची गईं। जनपद के पांच मूल्यांकन केंद्रों में से एसएम इंटर कॉलेज और हीरा देवी इंटर कॉलेज बहजोई में मूल्यांकन कार्य शत-प्रतिशत पूरा हो गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) सर्वेश कुमार ने बताया कि आज इंटरमीडिएट की 8,079 और हाईस्कूल की 10,383 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया गया। इस कार्य में 343 अध्यापक शामिल थे। कुल मिलाकर, 11 दिनों में इंटरमीडिएट की 1,22,725 और हाईस्कूल की 1,03,680 कॉपियां जांची जा चुकी हैं।अन्य केंद्रों में एसएमई इंटर कॉलेज चंदौसी में 95 प्रतिशत, शंकर भूषण शरण जनता इंटर कॉलेज संभल में 96.30 प्रतिशत और आचार्य मुक्तेश हकीम रईस इंटर कॉलेज संभल में 93.05 प्रतिशत मूल्यांकन कार्य संपन्न हुआ है। सभी पांचों मूल्यांकन केंद्रों पर 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में पारदर्शी तरीके से कॉपियों की जांच कराई जा रही है। सुरक्षा के लिए सभी केंद्रों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट और पुलिस बल तैनात किया गया है। कंट्रोल रूम से भी लगातार निगरानी रखी जा रही है। सभी परीक्षकों को पहचान पत्र जारी किए गए हैं और बिना आईडी के किसी को भी केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। केंद्रों के खुलने और बंद होने की जानकारी रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य है। मूल्यांकन केंद्रों के बाहर गेट पर लगी सूची में हर अध्यापक के नाम के आगे उनका फोटो भी लगा है। गौरतलब है कि इस वर्ष 18 फरवरी से 12 मार्च तक आयोजित यूपी बोर्ड परीक्षाओं में संभल जनपद से कुल 51,432 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। इनमें 27,786 इंटरमीडिएट और 23,646 हाईस्कूल के छात्र-छात्राएं शामिल हैं। जिला प्रशासन का दावा है कि मूल्यांकन कार्य को जल्द गति दी जाएगी, ताकि तय समय सीमा के भीतर परिणाम घोषित किए जा सकें।
धौलपुर नगर परिषद में एक सफाई कर्मी के साथ कथित जातिगत भेदभाव और उपेक्षा का मामला सामने आया है। 35 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुईं उषा पत्नी महेश को सम्मानजनक विदाई नहीं दी गई, जिसके बाद जिला कलेक्टर से शिकायत की गई है। शिकायत पत्र के अनुसार, सफाई कर्मी उषा पत्नी महेश 31 मार्च 2026 को नगर परिषद से सेवानिवृत्त हुईं। आरोप है कि इस अवसर पर न तो कोई अधिकारी उपस्थित रहा और न ही उन्हें उचित सम्मान दिया गया। सफाई कर्मियों ने बताया कि उषा को सेवानिवृत्ति प्रमाण-पत्र भी नहीं दिया गया। शिकायत में कहा गया है कि यह व्यवहार सफाई कर्मियों, विशेषकर वाल्मीकि समाज से जुड़े कर्मचारियों के प्रति भेदभावपूर्ण रवैये को दर्शाता है। इससे कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित होता है और समाज में भी गलत संदेश जाता है।शिकायतकर्ता ने जिला प्रशासन से इस मामले की गंभीरता से जांच करने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी कदम उठाने का आग्रह किया है।
सिरसा जिले में बारिश एवं ओलावृष्टि से गेहूं फसल में भारी नुकसान हुआ है। ऐसे में किसानों में काफी हताशा है। मंगलवार को जिले में कई जगह पर बारिश व ओलावृष्टि हुई है। इस कारण भरोखा, बरुवाली, पन्नीवाला रलदू, अलीपुरा, डबवाली गांव, मसीतां, गदराना, झिड़ी, बनवाला, कालावाली ओर बड़ागुढ़ा क्षेत्र व रानियां के कुछ एरिया में ज्यादा नुकसान हुआ है। फूलों की खेती में भी काफी नुकसान हुआ है। इसको लेकर गदराना के किसान आज बुधवार को एकजुट हुए और रोष जताया। किसान बोले, मंगलवार को हुई बरसात व ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। किसानों ने सरकार से खराब हुई फसल की गिरदावरी करवा कर मुआवजे की मांग की है। क्षेत्र के गांव गदराना ख्योवाली, तारु आना, तिलोकेवाला आदि गांवो में ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इसे लेकर किसानों से बातचीत की गई तो कहा, सरकार एवं कृषि विभाग की ओर से स्पेशल गिरदावरी करवाई जाए और जल्द ही नुकसाान का आंकलन कराकर मुआवजा दिया जाए। किसान बोले, अभी तक कृषि विभाग एवं सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। वहीं, कृषि विभाग के अनुसार, नुकसान का आंकलन कराया जा रहा है और टीमें फील्ड में उतार दी है। जानिएं जिले में कहां-कहां नुकसान नुकसान का पोर्टल पर कराना होगा पंजीकरण : डीडीए कृषि विभाग से डीडीए सुखबीर सिंह ने दैनिक भास्कर एप की टीम से बातचीत में बताया, बारिश व ओलावृष्टि से फसलों में कई जगह नुकसान हुआ है। जिन किसानों ने बीमा करवाया हुआ है, वे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एप एवं विभाग के टाेल फ्री नंबर पर रजिस्ट्रेशन या अपडेट से अवगत करवाए। बारिश के 72 घंटों में शिकायत दर्ज करवाने होंगी। इसके बाद विभाग की टीम किसान के खेत में जाकर सर्वे करेगी। उस आंकलन के अनुसार ही मुआवजा मिलेगा। जिन किसानों ने बीमा नहीं करवाया, वे क्षतिपूर्ति पोर्टल पर पंजीकरण करवाए। शर्त ये है कि संबंधित गांव में क्षतिपूर्ति पोर्टल शुरू हो।
यूपी में उठक-बैठक को लेकर चर्चा में आए IAS अधिकारी रिंकू सिंह राही एक बार फिर सुर्खियों में हैं। 26 मार्च को उन्होंने राष्ट्रपति को लेटर लिखा। इसके बाद से उनके इस्तीफे की अटकलें तेज हो गई हैं। पूरे मामले पर दैनिक भास्कर ने रिंकू सिंह से बात की। रिंकू सिंह राही ने कहा- मैंने राष्ट्रपति को कोई इस्तीफा (Resignation) नहीं दिया है। यह टेक्निकल रेजिगनेशन है। इसे आप एक विकल्प या अनुरोध के रूप में समझिए। अगर मुझसे इस पद पर काम नहीं लिया जा पा रहा है, तो मुझे मेरी मूल सेवा में वापस भेज दिया जाए।” उन्होंने आगे कहा-कई अधिकारी सरकारी सिस्टम से समझ नहीं पाते और नौकरी छोड़ देते हैं, लेकिन मैं इसे नहीं छोड़ना चाहता। सिस्टम में कुछ कमियां हैं, जिन्हें सुधारा जा सकता है।” दरअसल, रिंकू सिंह राही IAS बनने से पहले PCS अधिकारी थे। अब वह फिर से PCS कैडर में लौटकर काम करना चाहते हैं। इसी उद्देश्य से उन्होंने राष्ट्रपति को लेटर लिखा है। सवाल. क्या पोस्टिंग के लिए आपको प्रताड़ित किया गया? रिंकू. मुझे प्रताड़ित नहीं किया गया। मैं पर्सनली बहुत खुश हूं, घूमने फिरने का समय मिल रहा है। मैं जॉब में व्यक्तिगत सुविधा के लिए नहीं आया हूं, मैं लोगों की सेवा के लिए जॉब में आया हूं। जैसा और लोगों के साथ होता है, वैसा नहीं है। यह नैतिक मामला है। मेरे आदर्श और सिद्धांत आड़े आ रहे हैं। सवाल. आपने कभी मुख्य सचिव या राजस्व परिषद के अध्यक्ष से संपर्क किया? रिंकू. मैंने उन्हें पहले भी नो वर्क-नो पे वाला लेटर लिखा था। इसके बाद उनसे मुलाकात का क्या मतलब है। सवाल. आपने कभी पोस्टिंग के लिए मुख्य सचिव से संपर्क किया? रिंकू. जिन्हें पोस्टिंग की चाहत होती है, वह अधिकारी से मिलते हैं। मुझे पोस्टिंग की चाहत नहीं है, कोई भी काम दें, मुझे तो सिर्फ काम करना है। उनकी ड्यूटी है कि देखें कि मेरी पोस्टिंग कहां करनी है। मैं उन्हें क्यों बताने जाऊं कि पोस्टिंग कहां करें? सवाल. फिर आपने त्यागपत्र क्यों दिया? रिंकू. मीडिया में यह गलत आ गया है कि मैंने पोस्टिंग नहीं मिलने के कारण त्याग पत्र दिया है। मुझे पोस्टिंग की चिंता नहीं हैं, जहां रखेंगे वहीं काम करेंगे। यह मैं डिसाइड नहीं करुंगा कि कहां काम करना है, जिसकी जो ड्यूटी है, वह करेगा। मैं उनसे बताने क्यों जाऊं कि आपकी ड्यूटी यह है कि मुझे पोस्ट करें। सवाल. क्या आप अनुसूचित जाति से आते हैं, इस कारण ऐसा हुआ है? रिंकू. मुझे नहीं पता है। मैंने इस बारे में तो कभी सोचा नहीं है, इसलिए मैं उत्तर नहीं दे सकता हूं। मैं तो यह कहता हूं कि मेरी जगह कोई और अधिकारी होता तो उसे भी यह भुगतना पड़ेगा। मैं आपको बता दूं कि एससी जाति से अलग एक जाति और भी होती है, ईमानदारी वाली जाति। ईमानदारी भी दो तरह की होती है- एक खाली ईमानदार होते हैं कि हम पैसा नहीं लेंगे। दूसरे ईमानदारी के साथ काम करने वाले होते हैं। मैं ईमानदारी के साथ काम करना वाला हूं। सवाल. आपने लिखा है कि भ्रष्टाचार का समानांतर तंत्र चल रहा है, इस बात का क्या आधार है? रिंकू. हां…बिल्कुल सही कहा है, आप देखते होंगे कि आप कहीं जाते हैं, तो वहां सड़क नहीं होती है, लेकिन कागजों में सड़क बन चुकी होती है। यह भ्रष्टाचार का तंत्र ही है, इससे राजनीतिक लोग भी परेशान है। सवाल. भ्रष्टाचार के इस तंत्र को कौन चला रहा है? रिंकू. ब्यूरोक्रेसी ही इस भ्रष्टाचार का तंत्र चला रही है। ब्यूरोक्रेसी ने तंत्र बना रखा है कि बिना पैसा यह तंत्र चल ही नहीं सकता है। कागजों में काम हो जा रहा है, तो इसके क्या मतलब हैं? सवाल. आपको चार-पांच महीने से पोस्टिंग नहीं मिली है, इस पर क्या कहेंगे? रिंकू. आजादी के बाद पहला मौका होगा जब जूनियर IAS के साथ ऐसा व्यवहार हुआ होगा। मैंने कह दिया था कि अगर काम नहीं मिलेगा, तो वेतन भी नहीं लूंगा। अगर जूनियर IAS के साथ ऐसा व्यवहार होगा, तो उसका क्या संदेश जाएगा। मैं तो पका हुआ हूं, पहले ही पनिशमेंट, पोस्टिंग सब झेल चुका हूं। किसी नए अधिकारी के साथ ऐसा होगा, तो वह हमेशा के लिए नेगेटिव हो जाएगा। सभी अधिकारियों को करप्ट बनाने का तरीका है, मैंने इसका खुलासा किया है। भास्कर - क्या आपसे किसी शासन के अधिकारी ने संपर्क किया? रिंकू. मेरी काफी लोगों से बात हो रही है, अब शासन तो लिखित में मुझे नोटिस या चार्जशीट ही देगा। पढ़िए, SDM से क्यों हटाए गए थे रिंकू सिंह 8 महीने पहले रिंकू सिंह राही मथुरा में जॉइंट मजिस्ट्रेट थे। वहां से ट्रांसफर होकर 24 जुलाई, 2025 को दोपहर 2 बजे पुवायां SDM का चार्ज संभाला था। इसी दौरान उनकी नजर परिसर के अंदर ही दीवार के पास टॉयलेट कर रहे वकील आज्ञाराम के मुंशी विजय (38) पर पड़ी। उन्होंने उसे टोक दिया और शौचालय का इस्तेमाल करने के लिए कहा। मुंशी ने रिंकू सिंह को जवाब दिया कि शौचालय गंदे हैं। इस पर एसडीएम बिफर गए थे। कहने लगे थे कि ये गलती तहसील कर्मचारियों की है। उन्होंने मौके पर ही मुंशी से उठक-बैठक लगवा दी थी। तहसील परिसर में वकील अपनी कुछ मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। तभी उनको मंशी से उठक-बैठक लगवाने की बात पता चल गई। इस पर वकील भड़क गए थे। उन्होंने एसडीएम को मौके पर बुलवा लिया था। एसडीएम ने वकीलों से कहा था कि मुंशी ने गलती की है। इस पर वकीलों ने कहा था कि गलती है, तो उठक-बैठक लगवाना सही नहीं है। क्या आप उठक-बैठक लगा सकते हैं? इस पर रिंकू सिंह ने कहा था कि इसमें कोई शर्म नहीं है। मैं उठक-बैठक लगा सकता हूं। इसके बाद उन्होंने 5 बार उठक-बैठक लगाई थी। हाथरस के रहने वाले, पहले PCS फिर IAS बनेरिंकू सिंह राही का जन्म 20 मई, 1982 को हाथरस में एक दलित परिवार में हुआ था। वह थाना सासनी के गांव ऊसवा के रहने वाले हैं। दो भाइयों में बड़े रिंक के पिता सौदान सिंह राही आटा चक्की चलाकर परिवार का पालन करते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से उन्होंने सरकारी स्कूल से पढ़ाई की थी। अच्छे नंबरों से 12वीं पास करने पर उन्हें स्कॉलरशिप मिली थी। इसकी मदद से उन्होंने जमशेदपुर के टाटा इंस्टीट्यूट से बीटेक किया था। 2004 में रिंकू सिंह ने पीसीएस परीक्षा पास की थी। नौकरी के दौरान उन्होंने दिव्यांग कोटे से यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा दी। 2021 में उन्हें 683वीं रैंक मिली और वे आईएएस बने थे। परिवार में पत्नी सुलेखा योगा टीचर रही हैं। 10 साल का एक बेटा ध्रुव राही है। ताऊ रघुवीर सिंह राही बसपा शासनकाल में जिलाध्यक्ष रहे हैं। भ्रष्टाचार का खुलासा करने पर 7 गोलियां मारी गई थीं पीसीएस बनने के बाद 2008 में रिंकू सिंह की पहली पोस्टिंग मुजफ्फरनगर में जिला समाज कल्याण अधिकारी के रूप में हुई थी। वहां उन्होंने छात्रवृत्ति और पेंशन में हो रहे भ्रष्टाचार का खुलासा किया था। रिंकू ने दैनिक भास्कर को बताया था- जांच में मुझे पता चला था कि 100 करोड़ रुपए गबन हुआ। इसके पीछे राजनीतिक पार्टी के अलावा पूरा गैंग था। उस समय बसपा सरकार थी। 26 मार्च, 2009 को रिंकू एक सहकर्मी के साथ बैडमिंटन खेल रहे थे। तभी उन पर दो हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं। इसमें रिंकू राही को सात गोलियां लगी थी। इनमें से दो उनके चेहरे पर लगी थीं। उनका जबड़ा तक बाहर आ गया और चेहरा बिगड़ गया था। साथ ही एक कान खराब हो गया और एक आंख की रोशनी चली गई थी। एक महीने अस्पताल में भर्ती रहे, धरना दिया थाइस हमले के बाद रिंकू को हायर सेंटर मेरठ ले जाया गया था। करीब एक महीने मेरठ के सुभारती मेडिकल कॉलेज में भर्ती रहे थे। ऑपरेशन के बाद वह ठीक होकर लौटे थे। इसके बाद घोटाला के खुलासे के लिए रिंकू ने RTI के तहत विभाग से कुछ सूचनाएं मांगी थीं। लेकिन, एक साल बाद भी उन्हें सूचनाएं नहीं दी गईं। इसके बाद 26 मार्च, 2012 को रिंकू राही ने लखनऊ निदेशालय के बाहर अनशन शुरू कर दिया था। पुलिस ने रिंकू राही को वहां से उठाकर मेंटल हॉस्पिटल लखनऊ भेज दिया था।……….ये पढ़ें - कान पकड़कर उठक-बैठक करने वाले IAS का इस्तीफा:यूपी में रिंकू सिंह 8 महीने से साइडलाइन थे; कहा- सैलरी मिली, लेकिन काम नहीं यूपी के IAS अफसर रिंकू सिंह राही ने मंगलवार को नौकरी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने लेटर में आरोप लगाया कि संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर (पैरलल) एक अलग सिस्टम चल रहा है। उन्हें वेतन मिल रहा था, लेकिन जनसेवा का मौका नहीं मिल रहा था। पढ़िए पूरी खबर...
छिंदवाड़ा जिले में इन दिनों इंस्टाग्राम रील बनाने के लिए युवक-युवतियां यातायात नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में शहर और आसपास के इलाकों से कई ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जिनमें युवक तेज रफ्तार में खतरनाक स्टंट करते नजर आ रहे हैं। ताजा मामला नागपुर रोड का है, जहां एक युवक का स्टंट करते हुए वीडियो सामने आया है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक-युवती नजर आए वीडियो में शुरुआत में एक युवक और एक युवती नजर आते हैं। इसके बाद वहीं युवक हेलमेट पहनकर बाइक चलाते हुए दिखाई देता है। वीडियो में युवक तेज रफ्तार में बाइक दौड़ाते हुए अंडरपास और मुख्य सड़क पर खतरनाक स्टंट करता नजर आ रहा है। उसका यह अंदाज सड़क पर चल रहे अन्य लोगों के लिए भी खतरा बन सकता है। इंस्टाग्राम आईडी से हुआ अपलोड बताया जा रहा है कि यह वीडियो ‘कैलाश’ नाम की आईडी से इंस्टाग्राम पर अपलोड किया गया है, जिससे यह मामला और चर्चा में आ गया है। वीडियो में युवक की बाइक का नंबर (MP 28 ZL 8594) भी साफ नजर आ रहा है, जिससे उसकी पहचान करना आसान हो सकता है। फॉलोवर्स बढ़ाने के लिए जोखिम जानकारी के अनुसार, युवक सोशल मीडिया पर फॉलोवर्स बढ़ाने के लिए इस तरह के खतरनाक स्टंट कर रहा था, लेकिन इस दौरान उसने अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डाल दी। इधर, यातायात विभाग लगातार जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को ऐसे स्टंट से बचने की सलाह दे रहा है और कार्रवाई की चेतावनी भी दे चुका है। इसके बावजूद लोग नियमों को नजरअंदाज कर रहे हैं। पुलिस ने लिया संज्ञान यातायात थाना प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है और वाहन चालक की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि इस तरह के स्टंट न सिर्फ करने वाले की जान के लिए खतरा हैं, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों के लिए भी बड़ा जोखिम बन सकते हैं।
जमुई जिले के सदर अस्पताल में रसोई गैस के गंभीर संकट के बावजूद मरीजों के भोजन की व्यवस्था सुचारु रूप से चल रही है। 'जीविका रसोई' से जुड़ी महिलाएं, जिन्हें जीविका दीदी के नाम से जाना जाता है, पारंपरिक लकड़ी और कोयले के चूल्हों का उपयोग करके मरीजों के लिए भोजन तैयार कर रही हैं। यह पहल जिले में पिछले एक महीने से जारी गैस आपूर्ति की कमी के बीच की गई है। जिले में बढ़ती गैस की कीमतें और आपूर्ति संकट आम जनजीवन के साथ-साथ अस्पतालों, होटलों और विभिन्न सरकारी योजनाओं को भी प्रभावित कर रहा है। सदर अस्पताल में संचालित 'जीविका रसोई' भी इस संकट से अछूती नहीं रही, जहां भर्ती मरीजों के लिए नियमित भोजन तैयार किया जाता है। गैस की अनुपलब्धता के कारण रसोई के संचालन में गंभीर बाधाएं उत्पन्न हो गई थीं, जिससे मरीजों के भोजन पर संकट मंडरा रहा था। महिलाओं ने वैकल्पिक व्यवस्था अपनाई इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में जीविका समूह से जुड़ी महिलाओं ने वैकल्पिक व्यवस्था अपनाई। बसंती देवी, सीमा देवी, गुड़िया देवी, मीरा देवी, पुतुल देवी, संजू देवी सहित अन्य जीविका दीदियों ने पारंपरिक चूल्हों का सहारा लिया। उन्होंने लकड़ी और कोयले पर खाना बनाना शुरू किया, ताकि मरीजों को समय पर भोजन उपलब्ध कराया जा सके। जीविका दीदियों ने बताया कि शुरुआत में उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। गैस की कमी के कारण 15 मार्च से 18 मार्च तक तीन दिनों के लिए रसोई को बंद रखना पड़ा था। इसके बाद, लकड़ी और कोयले पर बड़ी मात्रा में भोजन तैयार करना और उसे समय पर मरीजों तक पहुंचाना भी एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। सैकड़ों मरीजों के लिए बनता है खाना हालांकि, उन्होंने इस व्यवस्था को सफलतापूर्वक लागू किया है और अब रोजाना चूल्हे पर खाना बनाकर मरीजों तक पहुंचा रही हैं। इस रसोई में आधा दर्जन से अधिक महिलाएं मिलकर कार्य कर रही हैं और हर दिन सैकड़ों मरीजों के लिए पौष्टिक भोजन तैयार किया जा रहा है। सीमित संसाधनों के बावजूद गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है, ताकि मरीजों के स्वास्थ्य पर कोई असर न पड़े। अस्पताल प्रशासन ने भी जीविका दीदियों के इस प्रयास की सराहना की है। स्थानीय स्तर पर दिखा असर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉक्टर थनीश कुमार ने बताया कि वैश्विक स्तर पर गैस और तेल आपूर्ति में आई बाधाओं का असर स्थानीय स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। ऐसे समय में जीविका दीदियों द्वारा पारंपरिक तरीके से रसोई संचालन करना न केवल सराहनीय है, बल्कि प्रेरणादायक भी है। उन्होंने कहा कि यह पहल दिखाती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद इच्छाशक्ति और समर्पण से बड़ी चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। जीविका समूह की यह कार्यशैली अन्य संस्थानों के लिए भी उदाहरण बन सकती है। गैस आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग गौरतलब है कि सदर अस्पताल में प्रतिदिन गर्भवती महिलाएं के अलावे बड़ी संख्या में मरीज भर्ती होते हैं, जिनके लिए भोजन की नियमित व्यवस्था बेहद आवश्यक होती है। ऐसे में ‘जीविका रसोई’ का सुचारू संचालन मरीजों के लिए राहत का कारण बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने भी जीविका दीदियों के इस जज्बे की सराहना की है और प्रशासन से गैस आपूर्ति व्यवस्था को जल्द से जल्द दुरुस्त करने की मांग की है। कुल मिलाकर, गैस संकट के इस दौर में जीविका दीदियों ने जिस समर्पण और आत्मनिर्भरता का परिचय दिया है, वह समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत बनकर उभरा है।
लंबे इंतजार के बाद सहकारिता विभाग की संस्थाओं में खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अगले छह महीनों में सहकारिता की मुख्य संस्थाओं के साथ ही मल्टीपर्पस प्राइमरी एग्रीकल्चर क्रेडिट सोसाइटी (एम-पैक्स) कमेटियों में करीब 20 हजार पदों पर भर्तियां की जाएंगी। सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने उत्तर प्रदेश सहकारी संस्थागत सेवा मंडल को छह महीने के अंदर सभी खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। सेवा मंडल ने अभी जिला सहकारी बैंकों में प्रबंधक, कनिष्ठ प्रबंधक, सहायक असिस्टेंट, सहायक के साथ ही उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड में सहायक अभियंता (सिविल) के कुल 116 पदों पर भर्ती के लिए प्रदेश के अनुसूचित जाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। इन पदों के लिए अभ्यर्थी 15 अप्रैल तक आवेदन कर सकते हैं। तैयारी पूरी जल्द मांगे जाएंगे आवेदन सेवा मंडल अध्यक्ष के मुताबिक सहकारिता की शीर्ष संस्थाओं- उत्तर प्रदेश स्टेट कोआपरेटिव बैंक लि. (UPSCB), उ.प्र. सहकारी ग्राम विकास बैंक लि. (UPSGVB), 50 जिला सहकारी बैंक (DCB), उ.प्र. कोआपरेटिव फेडरेशन लि. (UPPCF), उ.प्र. उपभोक्ता सहकारी संघ (UPSS), उ.प्र. राज्य निर्माण सहकारी संघ लि. (UPRNSS) तथा उ.प्र. राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लि. (UPCLDF) में 2500 से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए जल्द ही आवेदन मांगे जाएंगे। इसकी तैयारी कर ली गई है। सहकारिता की शीर्ष संस्थाओं में करीब 5000 पद खाली हैं। इनमें से जिला सहकारी बैंकों में ही 1751 पद खाली हैं। एम पैक्स में सचिव के लगभग 5000 तथा लेखाकार के 3000 पदों पर भर्तियां की जाएंगी। एम-पैक्स पर ही 5000 से ज्यादा कंप्यूटर सहायक आउटसोर्स के माध्यम से रखे जाएंगे। जिन एम-पैक्स में चौकीदार नहीं हैं, वहां चौकीदारों की भर्ती भी की जाएगी। एम-पैक्स की भर्तियां जिला स्तर पर गठित चयन समिति करेगी।
एक अप्रैल से शुरू हुए नवीन शिक्षण सत्र 2026-27 के तहत उज्जैन जिले के स्कूलों में प्रवेश उत्सव मनाया गया। बुधवार को विद्यार्थियों को तिलक लगाकर स्कूलों में प्रवेश दिलाया गया। दशहरा मैदान स्कूल और शास्त्री नगर स्थित उत्कृष्ट स्कूल में मुख्य कार्यक्रम आयोजित हुए, जिसमें जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल हुए। जिले का मुख्य कार्यक्रम शासकीय उत्कृष्ट उमावि माधवनगर में आयोजित किया गया। इसमें कलेक्टर रौशन सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष कलावती यादव, सीईओ श्रेयांश कुमुट और शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राज्य स्तरीय संबोधन का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। चार अप्रैल तक चलेंगे दैनिक आयोजन एडीपीसी गिरीश तिवारी ने बताया कि स्कूल चलें हम अभियान एक से चार अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान प्रतिदिन स्कूलों में अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। ब्लॉक स्तर पर भी उत्कृष्ट स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों को पुस्तक और साइकिल वितरण अभियान के तहत विद्यार्थियों का स्वागत कर उन्हें पाठ्यपुस्तकें वितरित की गईं। पात्र विद्यार्थियों को साइकिल भी दी गई। सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए कि कोई भी बच्चा प्रवेश से वंचित न रहे। दो अप्रैल को शाला स्तर पर पालकों के साथ पीटीएम, सांस्कृतिक और खेलकूद गतिविधियां आयोजित होंगी। इसमें अभिभावकों को शासकीय योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और 85% से अधिक उपस्थिति वाले विद्यार्थियों के पालकों का सम्मान किया जाएगा। चार अप्रैल को ‘भविष्य से भेंट’ कार्यक्रम चार अप्रैल को “भविष्य से भेंट” कार्यक्रम आयोजित होगा। इसके तहत कलेक्टर सहित 91 अधिकारी विभिन्न स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों से संवाद करेंगे और उन्हें पढ़ाई के महत्व के बारे में बताएंगे।
छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर देश को नक्सलवाद से मुक्त कराने के लिए धन्यवाद दिया है। उन्होंने इसे देश की आंतरिक सुरक्षा के इतिहास की बड़ी उपलब्धि बताया। डॉ. रमन सिंह ने अपने पत्र में अमित शाह की तुलना देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल से की। उन्होंने कहा कि जैसे सरदार पटेल ने रियासतों को जोड़कर देश को एक किया, वैसे ही अमित शाह ने नक्सलवाद खत्म कर देश को मजबूत और सुरक्षित बनाया है। रमन सिंह ने 31 मार्च 2026 को एक “नई सुबह” बताया। उनका कहना है कि अब देश माओवादी और लेनिनवादी जैसी हिंसक विचारधाराओं से मुक्त हो गया है। यूपीए सरकार पर साधा निशाना उन्होंने पहले की यूपीए सरकार पर भी निशाना साधा। उनका कहना है कि उस समय नक्सलवाद को सिर्फ राज्यों की समस्या माना गया, जिससे बस्तर जैसे इलाकों में विकास रुक गया और आदिवासी लोग पीछे रह गए। रमन सिंह ने यह भी कहा कि जब 24 अगस्त 2024 को अमित शाह ने नक्सलवाद खत्म करने की बात कही थी, तब उन्हें थोड़ा संदेह हुआ था। लेकिन 5 अगस्त 2019 को कश्मीर से धारा 370 हटाने के फैसले को याद किया। आदिवासी लोगों को मिलेंगी रोजगार के अवसर उन्होंने छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से आभार जताते हुए कहा कि अब बस्तर में बंदूक की जगह विकास की आवाज सुनाई देगी। आदिवासी लोगों को रोजगार के बेहतर मौके मिलेंगे। युवाओं को शिक्षा और कौशल से जोड़ा जाएगा। बस्तर आत्मनिर्भर बनकर आगे बढ़ेगा।
चंडीगढ़ को 'ई-सिटी' बनाने की दिशा में प्रशासन ने एक और बड़ा कदम उठाया है। शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने 15 नए हाई-ट्रैफिक पॉइंट्स की पहचान की है, जहां जल्द ही नए चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। क्रेस्ट (CREST) द्वारा तैयार इस प्रस्ताव पर अब नगर निगम (MC) अंतिम मुहर लगाने की तैयारी में है। अगर इन 15 साइट्स को मंजूरी मिलती है, तो शहर में चार्जिंग स्टेशंस का नेटवर्क 36 से बढ़कर 51 हो जाएगा। यानी शहर के लगभग हर प्रमुख कमर्शियल सेक्टर में अब चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। हालांकि ज्यादातर चुनी गई जगहें पेड पार्किंग एरिया में हैं। ऐसे में पार्किंग स्पेस कम होने और रेवेन्यू शेयरिंग के एंगल से बारीकी से जांच की जा रही है। ग्राउंड सर्वे के बाद चुनी गई जगहें क्रेस्ट ने शहर में सर्वे करने के बाद उन कमर्शियल जोन और भीड़भाड़ वाले इलाकों की सिफारिश की है, जहां ईवी चार्जिंग की डिमांड सबसे ज्यादा है। हालांकि, नगर निगम अभी इन साइट्स की व्यवहार्यता (Feasibility) की जांच कर रहा है। तीन पॉइंट में समझें पूरा मॉडल 1. नगर निगम का रोल: निगम सिर्फ खाली जमीन उपलब्ध कराएगा। 2. प्राइवेट कंपनी का काम: चार्जिंग मशीन लगाना और 24 घंटे मेंटेनेंस का जिम्मा कंपनी का होगा। 3. कमाई: कंपनी निगम को तय किराया (फिक्स रेंट) देगी, जबकि सर्विस फीस से होने वाली बाकी कमाई कंपनी की होगी। ई-कारों की बिक्री दोपहिया वाहनों से ज्यादा चंडीगढ़ में ईवी को लेकर लोगों का नजरिया तेजी से बदल रहा है। पिछले तीन सालों से शहर में हर साल औसतन 3,000 से ज्यादा नए इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्टर हो रहे हैं। 2025 में पहली बार ऐसा हुआ जब इलेक्ट्रिक कारों (LMV) के रजिस्ट्रेशन दोपहिया वाहनों से ज्यादा हो गया। कारों की संख्या बढ़ने से अब कमर्शियल इलाकों में फास्ट चार्जिंग की मांग बढ़ गई है। बिना खर्च निगम को मिले 26 लाख ईवी चार्जिंग स्टेशन न केवल पर्यावरण के लिए अच्छे हैं, बल्कि निगम के लिए कमाई का जरिया भी बन गए हैं। पिछले एक साल में मौजूदा 36 स्टेशनों से कुल रेवेन्यू लगभग ₹1 करोड़ मिला था। जिसमें से निगम का हिस्सा 26 लाख रुपये था। बाकी ₹74 लाख प्राइवेट कंपनियों के पास गए, जिससे उन्होंने बिना टैक्सपेयर्स के पैसे के इंफ्रास्ट्रक्चर को मेंटेन रखा।
करीब ढाई साल पहले मात्र 11 महीने में 4 बार अलवर कलेक्टर को बदला गया। लेकिन अब ढाई साल से डॉ अर्तिका शुक्ला कुर्सी पर काबिज हैं। हाल में सरकार की ओर से प्रदेश भर में किए गए IAS के ट्रांसफर में अलवर कलेक्टर का नाम नहीं आया। जबकि अलवर से अलग होकर बने नए दोनों जिलों खैरथल-तिजारा और अन्य में नए कलेक्टर लगा दिए हैं। खास बात यह है कि 2023-24 के दौरान सिर्फ 11 महीने में 4 बार अलवर कलेक्टर बदले गए थे। डॉ. अर्तिका शुक्ला के पद संभालने के बाद यह क्रम टूट गया है। इस बार उनके तबादले की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन सरकार ने इसे उचित नहीं समझा। इससे साफ है कि अलवर कलेक्टर डॉ अर्तिका शुक्ला का काम सरकार को अच्छा खासा रास आया है। 2000 बीघा जमीन का आवंटन खारिज करके गए थे कलेक्टर सोनी तीन साल पहले अलवर कलेक्टर रह कर गए डॉ. जितेंद्र सोनी को जयपुर कलेक्टर से मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया है। अलवर में अपने कार्यकाल के दौरान डॉ. सोनी ने थानागाजी और टहला-राजगढ़ क्षेत्र में करीब 2000 बीघा जमीन के आवंटन को खारिज कर दिया था। उस समय कांग्रेस की सरकार थी। इस फैसले के बाद उन्हें अलवर कलेक्टर पद से हटा दिया गया था। बाद में यह राजनतीक मुद्दा भी बन गया था। अलवर कलेक्टर डॉ सोनी की कार्यशैली को जनता ने खासा पसंद किया था। पहले 11 महीने में ये चार कलेक्टर बने मई 2023 तक अलवर कलेक्टर डॉ जितेंद्र सोनी थे। अलवर में मई 2023 में पुखराज सेन को अलवर कलेक्टर लगाया गया था। अक्टूबर 2024 में चुनाव आयोग ने उनको हटा दिया और अविचल चतुर्वेदी को जिम्मेदारी है। विधानसभा चुनाव 2024 खत्म होने के बाद 8 जनवरी 2024 को आशीष गुप्ता को अलवर कलेक्टर लगा दिया। जिन्होंने करीब 8 महीने तक काम किया। उनके बाद अर्तिका शुक्ला को अलवर कलेक्टर की जिम्मेदारी मिली थी। इस तरह पिछले 11 महीने में अलवर में 4 कलेक्टर आ चुके हैं। खैरथल-तिजारा में 3 कलेक्टर बदल चुके फरवरी 2024 में खैरथल-तिजारा जिले की पहली कलेक्टर के रूप में डॉ अर्तिका शुक्ला को लगाया गया था। उससे पहले अर्तिका शुक्ला अलवर जिला परिषद सीईओ भी रही हैं। अलवर यूआईटी में भी रह चुकी थी। डॉ अर्तिका को अलवर कलेक्टर लगाने पर खैरथल-तिजारा कलेक्टर किशोर कुमार को लगाया गया। पिछले करीब 5 महीने से खैरथल-तिजारा का भी अतिरिक्त चार्ज अर्तिका शुक्ला को दिया गया। लेकिन अब IAS की नई तबादला सूची में खैरथल-तिजारा कलेक्टर अतुल प्रकाश को लगा दिया है। --- ये खबर भी पढ़ें राजस्थान में शिकायतों वाले कलेक्टर बदले, एक का कद बढ़ा:विवादित आदेश देने वाले IAS को जिला मिला, पढ़िए-65 आईएएस के तबादलों का एनालिसिस भजनलाल सरकार ने 12 दिन में दूसरी बार ब्यूरोक्रेसी में फेरबदल किया है। मंगलवार (31 मार्च) रात को 65 और आईएएस के तबादले किए गए हैं। इस तबादला सूची से दो संकेत मिल रहे हैं। पहला- नेताओं- जनप्रतिनिधियों से उलझने वाले अफसरों को इधर उधर किया गया है। दूसरा- काम करने वाले अफसरों को प्राइम पोस्टिंग दी गई है। (पूरी खबर पढ़ें) ---- IAS डाबी बहनों का ट्रांसफर, मुख्यमंत्री ऑफिस में बड़ा फेरबदल:रातों-रात बदले 25 जिलों के कलेक्टर, मंत्री से उलझने वाले आईएएस को हटाया राजस्थान सरकार ने मंगलवार रात 65 IAS अफसरों के तबादले कर दिए। मुख्यमंत्री कार्यालय में बड़ा फेरबदल हुआ। कई नए अफसरों की एंट्री हुई। वहीं, 25 जिलों के कलेक्टर भी बदले गए हैं। वन मंत्री से उलझने वाले सीकर कलेक्टर मुकुल शर्मा का भी नाम ट्रांसफर लिस्ट में है। जयपुर कलेक्टर जितेंद्र सोनी अब सीएम सचिव होंगे। आईएएस बहनें टीना और रिया डाबी का भी तबादला हुआ है। (पूरी खबर पढ़ें)
सहरसा जिले में मंगलवार देर रात तेज आंधी और बारिश हुई। इसके कारण आम जनजीवन के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था भी प्रभावित हुई। शहर और आसपास के इलाकों में कई स्थानों पर पेड़ गिरे, बिजली आपूर्ति बाधित हुई और आवासीय परिसरों को भी नुकसान पहुंचा। जानकारी के अनुसार, तेज हवाओं के कारण एसडीपीओ आवास परिसर स्थित गैरेज की दीवार गिर गई। दीवार गिरने से गैरेज का ऊपरी हिस्सा वहां खड़ी दो चारपहिया वाहनों पर आ गिरा। इससे दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। आवास परिसर की पिछली दीवार भी ढह गई आंधी की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आवास परिसर की पिछली दीवार भी ढह गई, जिससे परिसर का पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, घटना के समय आसपास कोई मौजूद नहीं था, इसलिए किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। बड़े पेड़ गिरने से बिजली के तार टूट गए सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल क्षेत्र में भी आंधी का व्यापक असर देखा गया। कई स्थानों पर बड़े पेड़ गिरने से बिजली के तार टूट गए, जिसके कारण कई इलाकों में रातभर बिजली आपूर्ति बाधित रही। कुछ जगहों पर बिजली के खंभे भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। आंधी और बारिश के कारण लोगों को रातभर असुविधा का सामना करना पड़ा। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है, क्षति का आकलन किया जा रहा है और राहत एवं मरम्मत कार्य में जुटा हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को असम पहुंचे। उन्होंने डिब्रूगढ़ में चाय बागान दौरा किया। वहां काम करने वाली महिलाओं से साथ बातचीत, उनसे चाय की पत्नी तोड़ना सीखा, साथ ही महिलाओं ने बिहू नृत्य भी किया। पीएम ने उनके साथ सेल्फी भी ली। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 31 मार्च को केरलम का दौरा किया। उन्होंने कोझिकोड के बालुसेरी से नानमंडा तक बस में आम लोगों के साथ सफर किया। इस दौरान उन्होंने कई महिलाओं, युवाओं से बातचीत की। मोदी के चाय बगान दौरे की फोटोज… राहुल के केरलम दौरे की तस्वीरें…
सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली ओपी क्षेत्र अंतर्गत कांदरबेड़ा-डोबो मार्ग पर बुधवार को एक सड़क हादसा हो गया। इस दुर्घटना में हाइवा चालक रोशन सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक जमशेदपुर के सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के सुखिया बस्ती का निवासी था। पुलिस के अनुसार, रोशन सिंह हाइवा लेकर जमशेदपुर से चांडिल की ओर जा रहा था। इसी दौरान सामने से आ रहे एक ट्रक से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रोशन सिंह हाइवा के केबिन में ही फंस गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से केबिन में फंसे चालक को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। वहीं, ट्रक चालक अमित यादव गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
12वीं बोर्ड के होशियारों ने दिखाया दम:किसी को IAS बनना है तो किसी के आर्मी में जाने का है सपना
चित्तौड़गढ़ में मंगलवार को 12वीं बोर्ड का रिजल्ट जारी होते ही पूरे जिले में खुशी का माहौल देखने को मिला। साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स तीनों स्ट्रीम के स्टूडेंट्स ने इस बार शानदार प्रदर्शन किया है और कई होनहार छात्रों ने अपने मेहनत के दम पर अच्छे अंक हासिल किए हैं। खास बात यह रही कि अधिकतर स्टूडेंट्स ने केवल परीक्षा पास करने के लिए नहीं, बल्कि अपने भविष्य के लक्ष्य को ध्यान में रखकर पढ़ाई की। कुछ स्टूडेंट्स भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में जाकर देश की सेवा करना चाहते हैं, तो कुछ का सपना आर्मी में भर्ती होकर देश की रक्षा करना है। वहीं कई छात्र-छात्राएं ऐसे भी हैं जो आगे चलकर शिक्षक बनना चाहते हैं, ताकि वे बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर उनका भविष्य संवार सकें। इन विद्यार्थियों की सफलता के पीछे उनकी मेहनत, परिवार का सहयोग और शिक्षकों का मार्गदर्शन साफ नजर आता है। देश की सेवा करने का लक्ष्य, आर्मी में जाने की तैयारी 12वीं साइंस स्ट्रीम में 98 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली गौरी सिंह का सपना भारतीय सेना में जाकर देश की सेवा करना है। 12वीं की परीक्षा खत्म होते ही उसने अपने इस लक्ष्य के लिए तैयारी शुरू कर दी और फिलहाल वह सीकर में NDA की कोचिंग कर रही है। गौरी की राह शुरुआत से आसान नहीं रही। जब वह महज एक साल की थी, तभी उसके पिता सुरेंद्र सिंह का निधन हो गया। सुरेंद्र सिंह अपने गांव के सरपंच थे, लेकिन पीलिया की बीमारी के कारण उनका देहांत हो गया। इसके बाद गौरी की मां वंदना सिंह अपने दोनों बच्चों के साथ अलवर स्थित मायके आ गईं। वंदना सिंह आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रूप में काम करती हैं और परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। गौरी के मामा कौशल किशोर ने इस मुश्किल समय में बड़ी भूमिका निभाई। उन्होंने अपनी बहन और भांजी का सहारा बनते हुए गौरी की पढ़ाई की जिम्मेदारी उठाई। खुद चित्तौड़गढ़ के चंदेरिया के एक सरकारी स्कूल में शिक्षक होने के कारण वे शिक्षा का महत्व अच्छी तरह समझते हैं। जहां-जहां उनका ट्रांसफर हुआ, वे गौरी को भी अपने साथ ले गए, ताकि उसकी पढ़ाई प्रभावित न हो। गौरी ने चित्तौड़गढ़ के सिटी गर्ल्स गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल से साइंस स्ट्रीम में पढ़ाई की और 98 प्रतिशत अंक हासिल किए। इससे पहले 10वीं बोर्ड में भी उसने 96.67 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रही गौरी ने इस बार मैथ्स और केमिस्ट्री में 100 में से 100 अंक हासिल कर अपनी काबिलियत साबित की। गौरी को खास तौर पर गणित विषय पसंद है और इसी जुनून के साथ उसने आगे बढ़ते हुए सेना में जाने का लक्ष्य तय किया है। उसने अपने टीचर महिपाल चौधरी को भी धन्यवाद दिया। आयुष ने टीचर्स को कहा - व्हाट्सएप पर करें मेसेज, फोन ऑन करते ही करूंगा कॉल राउमावि सतपुड़ा के मेधावी छात्र आयुष रैगर ने 12वीं आर्ट्स स्ट्रीम में 97 प्रतिशत अंक हासिल कर शानदार सफलता प्राप्त की है। शुरू से ही भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में जाने का सपना देखने वाले आयुष ने अपनी पढ़ाई पूरे फोकस और अनुशासन के साथ की। खास बात यह रही कि इंग्लिश विषय में उसने शत-प्रतिशत अंक हासिल किए, जबकि हिंदी अनिवार्य में 90, भूगोल में 99, अर्थशास्त्र में 98 और हिंदी साहित्य में 98 अंक प्राप्त किए। आयुष इससे पहले भी 10वीं बोर्ड में 96 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा साबित कर चुका है। उसने बताया कि 11वीं की परीक्षा खत्म होते ही उसने 12वीं की तैयारी शुरू कर दी थी। वर्तमान में वह CUET की तैयारी कर रहा है, ताकि उसे एक अच्छी यूनिवर्सिटी में प्रवेश मिल सके। आयुष की सफलता में उसके परिवार का बड़ा योगदान रहा है। उसके पिता गोवर्धन लाल रैगर चित्तौड़गढ़ पंचायत समिति में एलडीसी के पद पर कार्यरत हैं, जबकि मां सीमा देवी हाउस वाइफ हैं। आयुष बताता है कि उसके माता-पिता ने हर परिस्थिति में उसका पूरा साथ दिया और उसे कभी किसी काम में नहीं लगाया, ताकि वह पूरी तरह पढ़ाई पर ध्यान दे सके। कई अच्छे निजी स्कूलों से ऑफर मिलने के बावजूद आयुष ने राउमावि सतपुड़ा को चुना। वह कहता है कि उसे इस स्कूल का माहौल बेहतर लगा और यहां के टीचर्स स्टूडेंट्स को हर संभव मदद करते हैं। यही कारण रहा कि उसने सरकारी स्कूल में पढ़ाई करने का फैसला लिया। आयुष ने बताया कि उसके पिता का सपना था कि वह IAS अधिकारी बने, और धीरे-धीरे यही सपना उसका भी लक्ष्य बन गया। अच्छे अंक आने के बावजूद उसका मन कभी साइंस में नहीं लगा। वह शुरू से ही जानता था कि उसे प्रशासनिक सेवा में जाना है, इसलिए उसने आर्ट्स विषय का चयन किया। हिंदी लिटरेचर सब्जेक्ट लेने के पीछे आयुष की खास रुचि रही है। वह अलग-अलग कवियों और लेखकों की रचनाएं पढ़ना पसंद करता है और नए विषयों को समझने में उसकी दिलचस्पी है। आयुष का मानना है कि सोशल मीडिया पढ़ाई में बाधा बन सकता है, इसलिए उसने उससे दूरी बनाए रखी। वह बताता है कि उसके पास ऑफलाइन अच्छे स्रोत थे, जिनकी मदद से उसने बेहतर तैयारी की और उसे ऑनलाइन साधनों की ज्यादा जरूरत महसूस नहीं हुई। स्कूल के प्राचार्य डॉ. विकास अग्रवाल और शिक्षकों के अनुसार आयुष शुरू से ही पढ़ाई को लेकर बेहद गंभीर और फोकस्ड छात्र रहा है। वह दिन में सीमित समय के लिए ही मोबाइल का उपयोग करता था और बाकी समय पढ़ाई में लगाता था। उसने अपने टीचर्स से भी कह रखा था कि जरूरी होने पर व्हाट्सएप पर मैसेज कर दें, वह खुद समय मिलने पर संपर्क कर लेगा। शुरुआत में उसका यह तरीका अलग जरूर लगा, लेकिन बाद में उसकी दिनचर्या और मेहनत को देखकर सभी उसकी लगन के कायल हो गए। पढ़ाई के साथ-साथ घर के कामों में भी मां की करती है मदद कैलिबर एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा हितांशी सिंह सांखला ने 12वीं आर्ट्स स्ट्रीम में 97.20 प्रतिशत अंक हासिल कर शानदार सफलता प्राप्त की है। हितांशी ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने पिता देवेंद्र सिंह सांखला, मां पूनम और अपने शिक्षकों को दिया है, जिन्होंने हर कदम पर उसका मार्गदर्शन और हौसला बढ़ाया। हितांशी पढ़ाई के साथ-साथ घर की जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभाती है। वह अपनी मां का घर के कामों में हाथ बंटाती है, लेकिन इसके बावजूद रोजाना 7 से 8 घंटे पढ़ाई के लिए निकालती है। उसके पिता निंबाहेड़ा में शिक्षक हैं, जबकि मां सरस डेयरी के मार्केटिंग विभाग में कार्यरत हैं। हितांशी की मां के अनुसार उसे कभी पढ़ाई के लिए कहना नहीं पड़ा। वह खुद ही अनुशासन के साथ पढ़ाई करती है और घर के कामों में भी पूरी जिम्मेदारी से सहयोग करती है। यही संतुलन उसकी सफलता का प्रमुख कारण रहा। पढ़ाई के प्रति उसकी रुचि सभी विषयों में है, हालांकि वह मानती है कि हिंदी विषय में उसे थोड़ा डर लगता है, क्योंकि इसमें मार्किंग काफी टफ होती है। इसके बावजूद उसने मेहनत के दम पर अच्छा प्रदर्शन किया है। इससे पहले 10वीं बोर्ड परीक्षा में भी हितांशी ने 93.70 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। अब उसका लक्ष्य आगे चलकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में जाना है। स्कूल में नहीं थे टीचर्स बावजूद इसके 97 प्रतिशत लाई भाग्यश्री गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, भदेसर की छात्रा भाग्यश्री ने 12वीं आर्ट्स स्ट्रीम में 97.40 प्रतिशत अंक हासिल कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। अपनी इस सफलता का श्रेय उसने अपने माता-पिता हेमलता और श्रवण कुमार को दिया है, जिन्होंने हर कदम पर उसका हौसला बढ़ाया। भाग्यश्री ने बताया कि रिजल्ट देखकर वह बेहद खुश और उत्साहित है। उसे भरोसा था कि वह अच्छा प्रदर्शन करेगी, लेकिन इतने शानदार अंक आएंगे, इसकी उसे भी उम्मीद नहीं थी। उसकी इस सफलता के पीछे उसकी मेहनत के साथ-साथ शिक्षकों का विशेष योगदान रहा। भाग्यश्री ने बताया कि स्कूल में सब्जेक्ट के टीचर्स भी नहीं थे और परीक्षा से पहले इंग्लिश टीचर का भी ट्रांसफर हो गया था। इसके बावजूद अन्य टीचर्स ने अपने विषयों के साथ-साथ बाकी सब्जेक्ट की भी पढ़ाई करवाई और कभी यह महसूस नहीं होने दिया कि किसी सब्जेक्ट के टीचर्स की कमी है। पढ़ाई के लिए भाग्यश्री ने आधुनिक माध्यमों का भी सहारा लिया। वह यूट्यूब पर उपलब्ध रिकॉर्डेड क्लासेस देखकर रोज पढ़ाई करती थी। साथ ही उसने सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी और व्हाट्सएप का उपयोग भी केवल 15 से 20 मिनट तक ही सीमित रखा, ताकि पढ़ाई में कोई व्यवधान न आए। भाग्यश्री का लक्ष्य आगे चलकर सरकारी शिक्षक बनना है।
नरसिंहपुर में बुधवार को नए शिक्षण सत्र की शुरुआत हो गई है। बुधवार को छात्र-छात्राओं को साइकिल और पुस्तकों बांटी गई। शिक्षा विभाग ने पहले ही दिन से इनका वितरण शुरू कर दिया है, ताकि बच्चों की पढ़ाई बिना किसी बाधा के शुरू हो सके। अप्रैल तक सभी को साइकिल देने का लक्ष्य जिले में साइकिलों की खेप पहुंच चुकी है और उन्हें तैयार किया जा रहा है। करीब 37 विषयों की किताबों के सेट बनाकर स्कूलों तक भेजने का काम अंतिम चरण में है। विभाग का लक्ष्य है कि अप्रैल के भीतर सभी पात्र छात्रों को साइकिल मिल जाए। प्रवेशोत्सव में बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत नए सत्र के पहले दिन जिला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम स्टेशनगंज स्थित सांदिपनी विद्यालय, सीएम राइज स्कूल में आयोजित हुआ। इस मौके पर बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया, जिससे स्कूल में उत्सव जैसा माहौल बन गया। मंत्री पटेल बोले-शिक्षा जीवन को सही दिशा देने का जरिया कार्यक्रम में प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन को सही दिशा देने का जरिया है। उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूल का पहला दिन उत्सव की तरह मनाया जाए, जिसमें समाज की भागीदारी भी हो। जैसे भजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामूहिक भोजन जैसे आयोजन किए जा सकते हैं। बच्चों से कहा-गुरु के मार्गदर्शन से बनता है भविष्य मंत्री पटेल ने अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि शिक्षक बच्चों को सही दिशा दिखाते हैं और उनके भविष्य की नींव मजबूत करते हैं। उन्होंने अभिभावकों और समाज से अपील की कि वे बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। अंत में उन्होंने बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस साल को वे अपनी सफलता की मजबूत शुरुआत बनाएं और अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ें।
मधुबनी (36) के विधायक श्री माधव आनंद को बिहार विधानसभा की शून्यकाल समिति का सभापति नियुक्त किया गया है। बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। इसके अतिरिक्त, उन्हें सामान्य प्रयोजन समिति का सदस्य भी बनाया गया है। शून्यकाल समिति बिहार विधानसभा की एक महत्वपूर्ण समिति है, जहाँ जनहित से जुड़े तात्कालिक एवं महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया जाता है। इस समिति का सभापति नियुक्त होना विधानसभा में उनकी सक्रिय उपस्थिति और विश्वास का प्रतीक है। सामान्य प्रयोजन समिति विधानसभा के कार्य संचालन और प्रशासनिक विषयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इन नियुक्तियों से विधानसभा के भीतर श्री माधव आनंद की भूमिका और सशक्त हुई है। यह नियुक्तियाँ श्री माधव आनंद की सक्रियता, नेतृत्व क्षमता और जनहित के मुद्दों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। वे न केवल अपने विधानसभा क्षेत्र मधुबनी (36) के विकास के लिए प्रयासरत हैं, बल्कि बिहार के व्यापक जनहित के मुद्दों को भी मजबूती से उठाते रहे हैं। इन महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से श्री माधव आनंद के समर्थकों और कार्यकर्ताओं में हर्ष का माहौल है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के कार्यकर्ताओं ने इसे गौरव का विषय बताते हुए उनके नेतृत्व में पूर्ण विश्वास व्यक्त किया है। श्री आनंद का मानना है कि क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए दरभंगा या पटना न भागना पड़े, इसके लिए स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य ढांचे को आधुनिक बनाना उनकी प्राथमिकता है। एक उद्यमी और टेक-सॉल्यूशन्स के संस्थापक के रूप में उनकी पृष्ठभूमि को देखते हुए, वे स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल हेल्थ और स्मार्ट गवर्नेंस के प्रबल समर्थक रहे हैं। उनका उद्देश्य है कि आम आदमी को आसानी से अपॉइंटमेंट और दवाइयां मिल सकें। मधुबनी जैसे क्षेत्र में, जहाँ पूर्व में डॉक्टरों की कमी या जर्जर भवनों जैसी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर शिकायतें रही हैं, माधव आनंद ने इन पुरानी समस्याओं को अपनी कार्यसूची में शीर्ष पर रखा है।
बीएसए ने घर-घर जाकर कराया नामांकन:जौनपुर में 'स्कूल चलो अभियान' के तहत 25 बच्चों का किया दाखिला
जौनपुर के प्राथमिक विद्यालय सदरूद्दीनपुर, विकासखंड बक्सा में 'स्कूल चलो अभियान' के तहत नामांकन अभियान चलाया गया। इस दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. गोरखनाथ पटेल ने स्वयं गांव पहुंचकर घर-घर जाकर बच्चों का दाखिला कराया। डॉ. पटेल ने अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूक किया। इस अभियान के तहत कुल 25 बच्चों का नामांकन किया गया। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और अध्यापकों ने नए नामांकित बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया। उन्हें किताबें, कॉपियां और पेसिंल वितरित कर पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी, ग्राम प्रधान विंध्यवासिनी उपाध्याय, सभी अध्यापक, गांव के सम्मानित नागरिक और अभिभावक उपस्थित थे। सभी ने मिलकर इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग दिया। उपस्थित लोगों ने अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालय से जोड़ने का संकल्प लिया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
इटावा में खेत में काम कर रहे एक युवक की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। बढ़पुरा थाना क्षेत्र के असवा गांव में युवक खेत में ट्रैक्टर निकालने के लिए रास्ता साफ कर रहा था। इस दौरान वह करंट की चपेट में आ गया। परिजनों ने इस घटना के लिए हाईटेंशन लाइन में अवैध रूप से डाली गई कटिया को जिम्मेदार ठहराया है। युवक को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। खेत में काम के दौरान हुआ हादसा मंगलवार की शाम असवा गांव के नवमी लाल का बेटा संदीप (28) अपने खेत में गेहूं की फसल कटने के बाद ट्रैक्टर निकालने के लिए रास्ता साफ कर रहा था। वह खेत में पड़ी लकड़ियों को हटाकर रास्ता बनाने में जुटा था, ताकि ट्रैक्टर आसानी से निकल सके। मृतक के चाचा प्रमोद सिंह के अनुसार गांव के कुछ लोगों ने 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन में अवैध रूप से कटिया डाल रखी थी। यह बिजली का तार नीचे खेतों में लगे लोहे के तार से जुड़ा हुआ था। जैसे ही संदीप ने रास्ते में पड़ी लकड़ी हटाई, वह लोहे के उसी तार की चपेट में आ गया और तेज करंट लगने से मौके पर गिर पड़ा। अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित घटना के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने किसी तरह उसे बिजली के संपर्क से अलग किया और तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां मौजूद डॉक्टर ओम कांत राजपूत ने जांच के बाद संदीप को मृत घोषित कर दिया। संदीप की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। वह खेती-बाड़ी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। परिवार में पत्नी निशा और दो मासूम बेटियां हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलने के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम जिला अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध कटिया पर रोक लगाई जाती, तो यह हादसा टल सकता था।
वाराणसी के UP (उदय प्रताप) कॉलेज में धरनस्थल पर आज बुधवार को कई छात्रों ने अपना मुंडन कराया। कालेज के प्रिंसिपल के खिलाफ आक्रोशित छात्रों ने यह अनूठे अंदाज में विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया था। वहीं, कैंपस में धरना स्थल पर 200 से ज्यादा पुलिस फ़ोर्स तैनात है। ADCP नीतू कात्यायन खुद मौके पर पंहुच गईं। बीते 20 मार्च को कालेज कैंपस में दिनदहाड़े छात्र सूर्य प्रताप सिंह की हत्या कर दी गई थी। जिसमें मुख्य आरोपी मंजीत चौहान को पुलिस ने उसी दिन गिरफ्तार कर लिया था। जबकि दूसरा आरोपी अनुज ने मंगलवार को कोर्ट में समर्पण किया था। छात्र लगातार प्रिंसिपल के खिलाफ भी मोर्चा खोले हुए हैं। यह छात्र प्रिंसिपल पर मुकदमा दर्ज किए जाने और कॉलेज से कार्य मुक्त करने के लिए अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे हुए हैं। ‘हत्या करने वाले मंजीत को मिले फांसी की सजा’ मुंडन कराने वाले छात्रों का कहना है कि 20 मार्च को 5000 छात्रों के बीच में सूर्य प्रताप की हत्या की गई। पूरी घटना का वीडियो सीसीटीवी में दर्ज है। इसके बावजूद अभी तक कोई विशेष कार्रवाई नहीं की गई। छात्रों की मांग है कि कि आरोपी छात्र मनजीत की फांसी होनी चाहिए इसके साथ-साथ कॉलेज के प्राचार्य जिनकी भूमिका संदिग्ध है उनके खिलाफ भी एक्शन हो। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और उन्हें कॉलेज से तत्काल हटाया जाए। विरोध करने वाले छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती है तब तक वह धरना प्रदर्शन पर बैठे रहेंगे। तीन तस्वीरों में देखिए छात्रों का अनूठा विरोध प्रदर्शन
बक्सर में भाकपा माले (लिबरेशन) का 11वां जिला सम्मेलन संपन्न हो गया है। इस दौरान नवीन कुमार को एक बार फिर जिला सचिव चुना गया। सम्मेलन के दूसरे दिन की शुरुआत शहीद कॉमरेड चंद्रशेखर (चंदू) की शहादत दिवस पर उनके तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर पार्टी के बिहार राज्य सचिव कॉमरेड कुणाल, पोलित ब्यूरो सदस्य कॉमरेड अमर, वरिष्ठ नेता कॉमरेड मनोहर, जिला सचिव कॉमरेड नवीन कुमार, पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह तथा कॉमरेड अलख नारायण चौधरी सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि दी। सम्मेलन के पहले दिन निवर्तमान जिला सचिव नवीन कुमार ने संगठन की कार्य रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस रिपोर्ट पर कुल 21 प्रतिनिधियों ने विस्तार से चर्चा की और अपने विचार रखे। केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर हमला बोला दूसरे दिन भी बहस का सिलसिला जारी रहा, जिसमें सात प्रतिनिधियों ने संगठन को मजबूत करने के लिए विभिन्न सुझाव दिए। दूसरे दिन के सत्र को संबोधित करते हुए राज्य सचिव कॉमरेड कुणाल, पोलित ब्यूरो सदस्य कॉमरेड अमर, वरिष्ठ नेता कॉमरेड मनोहर और पर्यवेक्षक कॉमरेड राजू यादव ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर हमला बोला। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लगातार जन अधिकारों को कमजोर कर रही है। उन्होंने गरीबों, किसानों, मजदूरों और युवाओं के हितों के खिलाफ नीतियां लागू करने का दावा किया। श्रम कानूनों में बदलाव, सरकारी नौकरियों में कटौती और मनरेगा को कमजोर करना आम जनता के लिए गंभीर संकट पैदा कर रहा है। ''गरीबों और दलितों के घरों पर बुलडोजर चलाया'' वक्ताओं ने देश में नफरत की राजनीति को बढ़ावा दिए जाने पर भी चिंता व्यक्त की और इसका मुकाबला जन एकता के माध्यम से करने का आह्वान किया। बिहार सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि बिना नोटिस के गरीबों और दलितों के घरों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। इसे बुलडोजर राज करार देते हुए, नेताओं ने इसके खिलाफ व्यापक आंदोलन खड़ा करने का आह्वान किया। सम्मेलन को सफल बनाने के लिए चार सदस्यीय टेक्निकल टीम का गठन किया गया था। इस टीम में बीरबहादुर पासवान, संध्या पाल, सर्वेश कुमार पांडेय और शिवजी राम शामिल थे, जिन्होंने आयोजन को सुचारु रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 37 सदस्यीय नई जिला कमिटी का चुनाव किया गया सम्मेलन के अंत में 37 सदस्यीय नई जिला कमिटी का चुनाव किया गया। इस कमिटी में कई पुराने और नए चेहरों को शामिल किया गया। नई कमिटी ने सर्वसम्मति से कॉमरेड नवीन कुमार को पुनः जिला सचिव चुना। सम्मेलन के समापन के साथ ही संगठन को और मजबूत बनाने तथा जन मुद्दों पर संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया गया।
कानपुर-लखनऊ रेलमार्ग पर यात्रियों को अगले डेढ़ महीने तक परेशानी का सामना करना पड़ेगा। रेलवे ने शुक्लागंज गंगा पुल की डाउन लाइन पर ट्रैक मरम्मत के लिए 2 अप्रैल से 13 मई तक मेगा ब्लॉक लेने का फैसला किया है। इस दौरान रोजाना सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक काम किया जाएगा। मेगा ब्लॉक के चलते कानपुर-लखनऊ मेमू सहित 17 ट्रेनें पूरी तरह निरस्त रहेंगी। वहीं स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस, अयोध्या वंदे भारत समेत 29 से अधिक ट्रेनें बदले हुए मार्ग से चलेंगी या बीच के स्टेशनों से ही टर्मिनेट होकर वापस लौटेंगी। इनमें से कानपुर होकर गुजरने वाली तीन ट्रेनें 1 अप्रैल से ही निरस्त कर दी गई हैं। इन ट्रेनों पर असरट्रेन संख्या 55346 कासगंज-लखनऊ पैसेंजर64214 कानपुर सेंट्रल-लखनऊ मेमू54325 सीतापुर सिटी-कानपुर सेंट्रल पैसेंजर ये सभी ट्रेनें 1 अप्रैल से 13 मई तक निरस्त रहेंगी लेट चलेगी सुपरफास्ट ट्रेन 12107 लोकमान्य तिलक टर्मिनल-सीतापुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस कई तारीखों में 3 घंटे 30 मिनट की देरी से चलेगी। यह ट्रेन 1 से 4 अप्रैल, 6, 8, 11, 13, 15, 18, 20, 22, 25, 27, 29 अप्रैल और 2, 4, 6, 9, 11 मई को प्रभावित रहेगी। मंगलवार को गंगाघाट रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर-1 के पास पेड़ काटे गए। रेलवे कॉलोनी के पास पड़े पत्थर के स्लीपर भी मशीन से हटाए गए। पुराने स्लीपर हटाकर लगाए जाएंगे स्टील बीम कानपुर और उन्नाव की सीमा पर स्थित शुक्लागंज गंगा पुल की डाउन लाइन पर पुराने स्लीपर हटाकर स्टील के एच-बीम स्लीपर लगाए जाएंगे, जिससे ट्रैक की मजबूती और सुरक्षा बढ़ेगी। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक कर लें, ताकि असुविधा से बचा जा सके।
राज्य सरकार ने मंगलवार देर शाम एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए प्रदेश के 65 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस सूची में प्रतापगढ़ जिला कलेक्टर डॉ. अंजलि राजोरिया का नाम भी शामिल है। सरकार ने उन्हें जयपुर में गृह विभाग में संयुक्त शासन सचिव पद पर नियुक्त किया है। शुभम चौधरी को मिली प्रतापगढ़ की जिम्मेदारी उनकी जगह अब वर्ष 2014 बैच की आईएएस अधिकारी शुभम चौधरी को प्रतापगढ़ का नया जिला कलेक्टर बनाया गया है। डॉ. अंजलि राजोरिया ने 8 जनवरी 2024 को प्रतापगढ़ कलेक्टर का पद संभाला था। अपने कार्यकाल के दौरान, वह कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णयों और सख्ती के लिए जानी गईं। राजोरिया विशेष रूप से नगर परिषद क्षेत्र में अवैध कब्जों के खिलाफ अपनी सख्त कार्रवाई को लेकर सुर्खियों में रहीं। उन्होंने शहर में नदी-नालों के किनारे बने अवैध पक्के निर्माणों पर कड़ी कार्रवाई की, जिससे भूमाफियाओं में हड़कंप मच गया था। राजोरिया ने 100 से ज्यादा '69ई' पट्टों पर कार्रवाई की उनके कार्यकाल में करीब 100 से ज्यादा '69ई' पट्टों पर संज्ञान लेकर कार्रवाई की गई। इसके अलावा, एक सेवानिवृत्त आर्मी जवान पर आर्म्स एक्ट के कथित फर्जी मुकदमे और मुस्तफा सुसाइड केस की फाइल को दोबारा खोलने के मामलों को लेकर भी वे चर्चा में रहीं। इन मामलों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव की स्थिति पैदा की थी। अब नई कलेक्टर शुभम चौधरी के सामने जिले की प्रशासनिक बागडोर संभालने के साथ-साथ इन लंबित मुद्दों को सुलझाने की चुनौती होगी। राजोरिया का जयपुर ट्रांसफर उनके कार्यकाल की उपलब्धियों और जनप्रतिनिधियों के साथ हुए टकराव दोनों को यादगार बना गया है।
हाथरस में ईको वैन रजवाह में गिरी:नगला भोजा के पास हादसा, फंसे लोगों को बाहर निकाला गया
हाथरस के सदर कोतवाली क्षेत्र में नगला भोजा के पास नवीपुर बंबे में एक ईको वैन अनियंत्रित होकर पलट गई। यह हादसा उस समय हुआ जब सवारियों से भरी वैन नहर में जा गिरी। वैन में 4 से 5 बच्चों सहित कुछ अन्य लोग भी सवार थे। घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। उन्होंने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और वैन में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। सभी को निकाला सुरक्षित बाहर... सूचना मिलते ही कोतवाली निरीक्षक सत्येंद्र सिंह राघव पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। सभी लोगों को सुरक्षित निकालने के बाद, क्रेन की सहायता से वैन को भी नहर से बाहर निकाला गया। यह घटना कोतवाली सदर क्षेत्र के गांव नगला भोजा के पास हुई। बचाव कार्य के दौरान काफी देर तक मौके पर लोगों की भीड़ लगी रही।
बेगूसराय में 8 महीने की प्रेग्नेंट पत्नी की हत्या कर दी। पति ने ईंट से सिर कुच दिया। घर में 10 दिन पहले गैस खत्म हो गई थी। घर में खाना लकड़ी के चूल्हे पर बन रहा था, इस वजह से काफी परेशानी हो रही थी। पत्नी ने पति को परेशानी बताई और कहा कि गैस सिलेंडर भरवा दीजिए। गैस के लिए मृतका के पिता ने दामाद को 1 हजार रुपए भी दिए थे। जिसे आरोपी पति ने जुए में उड़ा दिया। पत्नी ने फिर से गैस के लिए बोला तो उसकी हत्या कर दी। मृतका मुजफरा गारा गांव की रहने वाली लक्ष्मी कुमारी 21 है। मामला मंगलवार रात करीब साढ़े 9 बजे की है। घटना वीरपुर थाना क्षेत्र की है। ढाई साल के मासूम के सिर से उठा मां का साया लक्ष्मी की शादी 2021 में राज चौधरी (25) के साथ हुई थी। दोनों का ढाई साल का बेटा ऋषि भी है। पति अपनी पत्नी को अक्सर प्रताड़िता करता था। लक्ष्मी के पिता ने उसे दूसरी शादी करने की सलाह भी दी थी, लेकिन लक्ष्मी अपने बच्चे के फ्यूचर और सामाजिक लोकलाज के कारण राज से अलग नहीं हो रही थी। बहन का आरोप, अस्पताल लेट से ले जाया गया ईंट से हमला करने के बाद आरोपी पति राज पत्नी को अस्पताल ले गया था, हालांकि लक्ष्मी की बहन का आरोप है कि पति उसे अस्पताल ले जाने की जगह रास्ते में घुमाता रहा। जिससे उसकी मौत हो जाए और वो हत्या को दुर्घटना का रूप दे सके। जब लक्ष्मी अस्पताल में पहुंची तो डॉक्टरों ने लक्ष्मी को मृत घोषित कर दिया है। आरोपी राज चौधरी का कहना है कि रात में बिजली नहीं थी। मैं बेटे को घूमाने घर से बाहर गया था, उधर से लौटा तो पत्नी सीढ़ी के नजदीक गिरी हुई थी। मैंने मारपीट नहीं की है, पोस्टमॉर्टम में खुलासा हो जाएगा। पति को पुलिस में हिरासत में लिया घटना की सूचना मिलते ही वीरपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। थानाध्यक्ष रविन्द्र कुमार ने बताया कि पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है, आवेदन के आधार पर कार्रवाई होगी। मृतका के शरीब पर चोट के निशान मिले है। पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है
करनाल जिले की मंडियों में गेहूं और सरसों की सरकारी खरीद बुधवार से शुरू हो गई। इसे लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जिला उपायुक्त उत्तम सिंह अनाज मंडी पहुंचे। उन्होंने मौके पर पहुंचकर इंतजामों की समीक्षा की और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए, ताकि किसानों को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े। खरीद प्रक्रिया में किए नए बदलाव डीसी उत्तम सिंह ने बताया कि इस बार खरीद प्रक्रिया में कई बदलाव किए गए हैं। मंडी में किसानों की बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज की जाएगी। साथ ही एग्जिट गेट पर कैमरे लगाए गए हैं। फसलों की नीलामी के लिए एक एप भी लॉन्च की गई है। इस सिस्टम को पहले अधिकारियों के साथ चलाकर देखा गया, जिसमें कोई समस्या सामने नहीं आई। ट्रैक्टर रजिस्ट्रेशन और सत्यापन जरूरी उन्होंने किसानों से अपील की कि वे जिस ट्रैक्टर से गेहूं लेकर आए, वह रजिस्टर होना चाहिए और उस पर नंबर प्लेट भी होनी चाहिए। यदि किसी कारण ऐसा संभव नहीं है, तो एसडीएम से अनुमति लेनी होगी। मंडी के गेट पर ही सत्यापन किया जाएगा और जरूरत के अनुसार मशीनों की संख्या बढ़ाई जाएगी, ताकि लाइन न लगे। किसानों को नहीं होगी कोई परेशानी डीसी ने कहा कि किसानों को सिर्फ मंडी में आकर बॉयोमेट्रिक करानी होगी। बाकी प्रक्रिया प्रशासन संभालेगा। जाम की स्थिति से निपटने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं, जिससे आवाजाही सुचारू बनी रहे। बाहरी गेहूं पर नजर रखने के लिए नाके प्रशासन ने बाहर से आने वाली गेहूं को रोकने के लिए दो नाके भी लगाए हैं। यहां चेक पोस्ट बनाए जाएंगे, ताकि पहले हरियाणा के किसानों की फसल की खरीद सुनिश्चित की जा सके। धान घोटाले की फाइल पर दी सफाई धान घोटाले से जुड़ी फाइल के गुम होने के सवाल पर डीसी उत्तम सिंह ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। दो प्रतियों में से एक कॉपी कुछ समय के लिए इधर-उधर हो गई थी, लेकिन अब वह मिल चुकी है और सुरक्षित है।
वेयरहाउस के डीएम गगनदीप सिंह रंधावा की आत्मत्या से जुड़े मामले में आज लालजीत भुल्लर को फिर अदालत में पेश किया जाएगा। तीन दिन का पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद उनकी दोबारा पेशी होगी। इससे पहले, 24 मार्च को अदालत ने उन्हें पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा था। यह मामला डीएम गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या से जुड़ा हुआ है । पहले 5 दिन और बाद में 3 दिन का मिला रिमांड डीएम रंधावा ने 21 मार्च तड़के सल्फाश निगला और वीडियो बनाकर अपनी मौत का जिम्मेदार लालजीत भुल्लर को बताया। 21-22 मार्च की मध्यरात्रि में लालजीत सिंह भुल्लर, उसके पिता सुखदेव सिंह, पीए दिलबाग सिंह और दो अन्य पर पर्चा दर्ज हुआ। पुलिस ने 23 मार्च को लालजीत भुल्लर मंडी गोबिंदगढ़ से गिरफ्तार किया। 24 मार्च को उसे कोर्ट में पेश किया और 5 दिन के पुलिस रिमांड लिया। रविवार को पुलिस ने फिर से कोर्ट में पेश किया और 3 दिन का रिमांड मिला। 21 मार्च को रंधावा ने सल्फास खाकर की थी आत्महत्या बता दें 21 मार्च की सुबह रंधावा ने सल्फास निगल ली थी। इसके बाद अमृतसर के अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी। उन्होंने मरने से पहले एक वीडियो बनाकर लालजीत भुल्लर को मौत का जिम्मेदार ठहराया था।
लखीमपुर खीरी में बुधवार को संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ हुआ। जिलाधिकारी (डीएम) दुर्गा शक्ति नागपाल ने कलेक्ट्रेट से अभियान की शुरुआत की। उन्होंने प्रशिक्षु एएनएम शिल्पी से फीता कटवाकर इस पहल का आगाज किया। इसके बाद, डीएम नागपाल ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संतोष गुप्ता और अपर जिलाधिकारी (एडीएम) नरेंद्र बहादुर सिंह की उपस्थिति में जन जागरूकता रैली और वेक्टर कंट्रोल वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि संचारी रोगों और दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण और त्वरित उपचार राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने जिले में स्वास्थ्य से जुड़े इन अभियानों के सफल क्रियान्वयन और भविष्य में अच्छे परिणामों की उम्मीद जताई। डीएम ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। उन्होंने सरकार द्वारा किए गए प्रयासों और उनके सकारात्मक परिणामों का भी उल्लेख किया। सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने इस अभियान को जनस्वास्थ्य के लिए एक जन जागरूकता की लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। डॉ. गुप्ता ने माहभर चलने वाले इस महत्वाकांक्षी संचारी रोग नियंत्रण अभियान की योजना और रूपरेखा पर प्रकाश डाला, साथ ही इसकी आवश्यकता और प्रासंगिकता भी समझाई। अभियान के तहत 10 से 30 अप्रैल तक 'दस्तक अभियान' भी चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर संचारी रोगों से बचाव, उनके लक्षण और उपचार के बारे में जानकारी देंगी। आशा कार्यकर्ता डेंगू, मलेरिया, दिमागी बुखार सहित अन्य संचारी रोगों के लक्षण वाले मरीजों की पहचान कर उनकी सूची तैयार करेंगी। बच्चों में बुखार होने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में दिखाने की सलाह दी गई है। अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1800-180-5145 जारी किया गया है।
शाजापुर में 10 साल के बच्चे की करंट से मौत:घर के बाहर पानी की मोटर का वायर निकालते समय हादसा
शाजापुर के जलोदा गांव में बुधवार दोपहर एक 10 साल के बच्चे की करंट लगने से मौत हो गई। जलोदा निवासी अखिलेश (10 साल), पिता शंकर, अपने घर के बाहर लगी पानी की मोटर का वायर निकालने गया था। इसी दौरान वह अचानक करंट की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के दौरान हुई मौत घटना के बाद परिजन तुरंत बालक को शाजापुर जिला अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया, लेकिन गंभीर हालत के कारण उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पीएम के लिए रखवाया गया शव बच्चे का शव जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए रखा गया है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। अस्पताल द्वारा मामले की जानकारी पुलिस को दे दी गई है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
लुधियाना जिले के जमालपुर थाना क्षेत्र के मुंडियां इलाके में एक 21 वर्षीय युवक ने संदिग्ध परिस्थितियों में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान पवन कुमार के रूप में हुई है, जो अपने परिवार का इकलौता बेटा था और उसकी पांच बहनें है। युवक ने अपने घर के अंदर ही फंदा लगाकर जान दे दी। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचित किए बिना ही अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी थी। हालांकि, किसी ने पुलिस को इसकी सूचना दे दी, जिसके बाद मुंडियां चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। परिवार के सदस्यों से की पूछताछ पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या के कारणों का अभी तक स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है, ताकि वास्तविक वजह सामने आ सके। सुसाइड के कारणों का नहीं खुलासा मुंडियां चौकी इंचार्ज एएसआई परमजीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है। परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और यदि जांच में कोई संदिग्ध तथ्य सामने आता है, तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फिलहाल मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को लेकर भी विचार किया जा रहा है।
किशनगंज जिले में बीती रात हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिसके बाद बुधवार सुबह मौसम में अचानक बदलाव देखा गया। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में घना कोहरा छा गया, जिससे सुबह की ठंडक बढ़ गई और दृश्यता काफी प्रभावित हुई। रात भर हुई बारिश ने गर्मी से राहत प्रदान की, लेकिन सुबह नमी और ठंडी हवाओं के कारण घना कोहरा छा गया। सड़कों पर वाहनों की आवाजाही धीमी हो गई। ग्रामीण इलाकों में किसानों को सुबह के कामकाज शुरू करने में परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश से फसलों को लाभ स्थानीय निवासी सुमित कुमार ने बताया कि बारिश से फसलों को लाभ हुआ है, लेकिन कोहरे के कारण सुबह की सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। यातायात चालकों और स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, हालांकि नमी के कारण हल्का कोहरा या धुंध बनी रह सकती है। किसानों को अपनी फसलों की उचित देखभाल करने और मौसम के बदलते मिजाज पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।
लखनऊ के प्राइमरी और माध्यमिक स्कूलों में आज यानी बुधवार से नये सत्र का आगाज हुआ। माध्यमिक स्कूल सुबह 7:30 से और प्राइमरी स्कूल सुबह आठ बजे से खुले। माध्यमिक स्कूलों में वार्षिक परीक्षाओं के परिणाम पहले ही जारी कर दिये गए थे जबकि प्राइमरी स्कूलों में बुधवार को वार्षिकोत्सव आयोजित कर बच्चों को रिपोर्ट कार्ड दिया गया। इस दौरान स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने अभिभावकों को भी आमंत्रित किया था। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट को छोड़कर अन्य सभी कक्षाओं के बच्चे बुधवार से अगली कक्षा में नामांकन के साथ पढ़ाई शुरू करेंगे। परिषदीय स्कूलों में मिलेगी निशुल्क किताबें डीआईओएस राकेश कुमार ने माध्यमिक स्कूलों में नियमित कक्षा संचालन के निर्देश दिए हैं। वहीं दूसरी तरफ बीएसए विपिन कुमार ने प्राइमरी स्कूलों को रिपोर्ट कार्ड देकर नया सत्र बुधवार से शुरू करने को कहा हैं। प्राइमरी स्कूलों में बच्चों को निशुल्क किताबें मुहैया करायी जाएंगी। बीएसए कार्यालय की ओर से बीआरसी को किताबें मुहैया करायी जा चुकी हैं।
ग्वालियर में घर के सामने बाइक खड़ी करने को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति के सिर में गंभीर चोट आई हैं, जबकि दूसरे के हाथ और सीने में चोट हैं। फरियादी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मारपीट का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिससे पुलिस आरोपियों की पहचान कर रही है। घटना मंगलवार रात की है। फरियादी मनोज कुशवाह ने बताया कि वे रात में काम से घर लौटकर अपने मकान के सामने गाड़ी खड़ी कर रहे थे। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले लाखन सिंह कुशवाह और पंकज कुशवाह वहां पहुंचे। उन्होंने पुरानी रंजिश के चलते गाड़ी खड़ी करने से मना किया। आरोपियों ने जमीन पर पटककर डंडों से पीटा जब मनोज ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उसे गालियां देना शुरू कर दिया। विवाद बढ़ने पर दोनों आरोपियों ने फरियादी को जमीन पर पटककर डंडों से मारपीट की। इस मारपीट में मनोज के दोनों हाथों, सीने और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं। इसी दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे उसके भाई देवेंद्र कुशवाह पर भी आरोपियों ने पत्थर से हमला कर दिया। इस हमले से देवेंद्र के सिर में गंभीर चोट आई और खून बहने लगा। पड़ोसियों ने शांत कराया मामला घटना के दौरान शोर सुनकर परिवार के अन्य सदस्य और पड़ोसी आशा कुशवाह, नीरज कुशवाह, सौमिल एवं अमन कुशवाह मौके पर पहुंचे और किसी तरह बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। इस झगड़े में अन्य लोगों को भी मामूली चोटें आई हैं। पुलिस ने फरियादी की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रतनगढ़ में युवक ने किया सुसाइड:घर में ही फंदा लगाकर दे दी जान, भाई ने दी रिपोर्ट
चूरू जिले के रतनगढ़ में एक 33 वर्षीय युवक ने अपने घर के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलने पर रतनगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से नीचे उतरवाया। पुलिस ने परिजनों की सहायता से शव को जालान अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को मॉर्च्युरी में रखवाया गया। मृतक की पहचान भागीरथमल (33) के रूप में हुई है। उसके बड़े भाई बीरबल जाट (35) निवासी गांव बछरारा, रतनगढ़ ने पुलिस को बताया कि भागीरथमल रात को कमरे में सोया था और सुबह फंदे पर लटका मिला। बीरबल जाट की रिपोर्ट पर पुलिस ने मर्ग दर्ज कर ली है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। रतनगढ़ थानाधिकारी गौरव खिड़िया मामले की जांच कर रहे हैं।
मुजफ्फरनगर में बारात के दौरान सड़कों पर स्टंटबाजी के तीन वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। यह मामला नई मंडी थाना क्षेत्र के गांव पचेड़ा कलां का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार दोपहर गांव में आई एक बारात में दर्जनों गाड़ियों का काफिला सड़कों पर निकला। इस दौरान कुछ युवक गाड़ियों से बाहर लटककर खतरनाक स्टंट करते देखे गए। तेज रफ्तार में वाहन चलाकर सड़कों पर नियमों का उल्लंघन किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बारात के काफिले में शामिल कई वाहन चालक लगातार हॉर्न बजाते हुए पूरे गांव में घूमते रहे। इस पूरी घटना का वीडियो किसी स्थानीय व्यक्ति ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में युवक यातायात नियमों का उल्लंघन करते साफ दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर युवकों की पहचान की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह की स्टंटबाजी से बचें और यातायात नियमों का पालन करें, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।
मुजफ्फरनगर में एक पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। एक विवाहिता ने अपने मायके पक्ष के लोगों के साथ मिलकर ससुराल में घुसकर हमला कर दिया। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है।पीड़ित रईस पुत्र इस्लामुद्दीन ने मीडिया को बताया कि उनके बेटे अरशद का निकाह वर्ष 2023 में आसमा से हुआ था। आरोप है कि शादी के बाद से ही पारिवारिक विवाद चल रहे थे, जिसके कारण आसमा करीब डेढ़ साल से अपने मायके में रह रही थी। यह मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है। आरोप के अनुसार, 28 मार्च को दोपहर करीब तीन बजे आसमा अपने भाइयों शौकीन, आबाद, शाहरुख (पुत्र अख्तर) और 7-8 अन्य लोगों के साथ ससुराल पहुंची। बताया गया है कि हमलावरों के हाथों में डंडे और उस्तरा (ब्लेड) जैसे हथियार थे। पीड़ित पक्ष के अनुसार, दरवाजा खुलते ही सभी लोग जबरन घर में घुस आए। उन्होंने गाली-गलौच करते हुए हमला शुरू कर दिया। हमले में कई लोग हुए घायल विरोध करने पर परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की गई। आरोप है कि इसी दौरान अरशद के भाई शाहरुख को निशाना बनाकर उस पर हमला किया गया। परिजनों का आरोप है कि आसमा ने शाहरुख की गर्दन पर ब्लेड से वार किया। जिससे वह घायल हो गया। शोर सुनकर जब अन्य लोग बचाने पहुंचे, तो उन पर भी हमला किया गया और इस दौरान कई लोग घायल हो गए। घटना के दौरान इलाके में हड़कंप मच गया। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उन्होंने पीड़ित परिवार को हमलावरों से बचाया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि हमलावरों ने जाते-जाते उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने और जान से मारने की धमकी भी दी। फिलहाल, पीड़ित पक्ष ने मीडिया के माध्यम से पुलिस प्रशासन और प्रदेश सरकार से सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि उन्हें अपनी जान का खतरा है और किसी भी समय कोई बड़ी घटना हो सकती है।
रीवा जिले के पनवार थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात गढ़ पटैती उपरवार के पास यादव परिवार के तीन लोगों पर 8 से 10 नकाबपोश बदमाशों ने गड़ासे से जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। बता दें कि यादव परिवार के तीन लोग ड्यूटी से देर रात अपने घर लौट रहे थे। रास्ता सुनसान था और उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि आगे क्या होने वाला है। इसी दौरान लटियार और पनवार के आसपास पहले से घात लगाए बैठे 8 से 10 नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। बदमाशों ने अपने चेहरे पर काली पट्टी बांध रखी थी, जिससे उनकी पहचान छिपी रहे। बदमाशों ने बिना कुछ कहे अचानक गड़ासे से हमला कर दिया। हमला इतना तेज और अचानक था कि तीनों संभल नहीं पाए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। तीन लोग गंभीर रूप से घायल इस हमले में राजपाल यादव और अक्षयलाल यादव को गंभीर चोटें आई हैं। वहीं एक अन्य व्यक्ति को इतनी ज्यादा चोटें लगीं कि वह मौके पर ही बेहोश हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पनवार पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जवा लेकर गई। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद एक घायल के हाथ और पैर टूटने की पुष्टि की है। हमलावरों की पहचान सामने आई इस मामले में हमलावरों के नाम आशु सिंह, राजबहादुर सिंह और अमरबहादुर सिंह बताए जा रहे हैं। हालांकि, सभी आरोपी घटना के बाद से फरार बताए जा रहे हैं। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि आरोपी किस मकसद से आए थे और उन्होंने हमला क्यों किया। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है। इलाके में फैली दहशत इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में डर का माहौल है। लोग रात में बाहर निकलने से भी घबरा रहे हैं। लगातार हो रही घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर आक्रोश है। लोगों ने पुलिस से मांग की है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाए और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
रायबरेली के जगतपुर थाना क्षेत्र के छिछोरा गांव में सूदखोरों और पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के एक मैनेजर से कथित उत्पीड़न के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस मामले में न्याय की मांग को लेकर ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पीएनबी की जगतपुर शाखा के मैनेजर और कुछ सूदखोरों ने मिलकर उनके पति के नाम पर 5 लाख रुपये का फर्जी लोन करा दिया था। यह लोन राशि किसी और के खाते में चली गई, लेकिन इसकी वसूली पीड़ित परिवार से की जा रही थी। परिवार को लगातार घर आकर धमकाया जा रहा था, जेल भेजने और जमीन नीलाम करने की धमकियां दी जा रही थीं। इसी उत्पीड़न से परेशान होकर 20 मार्च 2026 को पीड़िता के पति की मौत हो गई। मृतक का पूरा परिवार न्याय की उम्मीद में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा। पुलिस अधीक्षक ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और पूरे मामले में गंभीर जांच का आश्वासन दिया है।
अमेठी एसपी का ऑपरेशन चक्रव्यूह सफल:210 अपराधी जेल भेजे गए, 45 वाहन सीज, 30 लाख से अधिक स्मैक बरामद
अमेठी एसपी सरवनन टी के निर्देश पर जिले में चलाया जा रहा 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' सफल साबित हो रहा है। इस अभियान के तहत पिछले एक महीने में 210 अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, जबकि 45 वाहनों को सीज किया गया है। पुलिस ने 30 लाख रुपये से अधिक मूल्य की स्मैक भी बरामद की है। इस ऑपरेशन के दौरान, पुलिस ने 324 ग्राम स्मैक, 218 लीटर अवैध कच्ची शराब और ढाई किलोग्राम गांजा बरामद किया है। इसके अतिरिक्त, 9 तमंचे और कई जिंदा कारतूस भी जब्त किए गए हैं। 3 तस्वीरें देखिए… 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' का उद्देश्य जिले में अपराधों पर अंकुश लगाना है। इस अभियान के परिणामस्वरूप, पिछले एक महीने में लूट और डकैती जैसे गंभीर अपराधों में 100 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। चोरी की घटनाओं में भी 52 प्रतिशत की कमी आई है। पुलिस ने इस ऑपरेशन के तहत एक महीने में लापता हुए 21 लोगों को भी सकुशल बरामद किया है। यह अभियान रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक चलाया जाता है, जिससे रात के समय होने वाले अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।
पटना विश्वविद्यालय परिसर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यक्रम के दौरान छात्रों के हंगामे को लेकर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। पीरबहोर थाना में आवेदन देने के बाद पीयू छात्र संघ अध्यक्ष समेत 6 छात्रों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज कर लिया गया है। यह आवेदन ड्यूटी पर तैनात प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी विरेन्द्र चौधरी ने दिया है। उन्होंने अपने आवेदन में नामजद छात्रों और 30-35 अज्ञात छात्रों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, हंगामा और विधि-व्यवस्था भंग करने के आरोप में कार्रवाई की मांग की है। CM के आने से पहले शुरू हुआ हंगामा आवेदन के मुताबिक, 30 मार्च को नए भवनों के उद्घाटन कार्यक्रम में विरेन्द्र चौधरी की ड्यूटी लगाई गई थी। मुख्यमंत्री के आने से पहले करीब 15-20 छात्र कार्यक्रम स्थल के पास पहुंचे और हंगामा करने लगे। छात्रों का आरोप था कि उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया और शिलापट्ट पर कुलपति का नाम भी नहीं लिखा गया है। कुछ ही देर में अन्य छात्र भी वहां पहुंच गए और 30-35 छात्रों की भीड़ जमा हो गई। मौके से आई कुछ तस्वीरें देखिए… पुलिस और मजिस्ट्रेट से धक्का-मुक्की के आरोप हंगामा कर रहे छात्रों को पुलिस बल और मजिस्ट्रेट ने समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। छात्र नारेबाजी करते हुए कार्यक्रम में बाधा डालने लगे और धक्का-मुक्की करने लगे। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों को चोट भी आई। घटना की वीडियोग्राफी कराई गई है, जिसके आधार पर कुछ छात्रों की पहचान की गई है। इनमें छात्र संघ अध्यक्ष शांतनु शेखर समेत कई छात्र शामिल हैं। कुलपति की भूमिका पर भी सवाल आवेदन में यह भी कहा गया है कि पटना विश्वविद्यालय के कुलपति अजय कुमार मौके पर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने छात्रों को न तो रोका और न ही समझाने का प्रयास किया। पदाधिकारी ने आशंका जताई है कि छात्रों को कुलपति का समर्थन मिल रहा था। ताला लेकर पहुंचे थे छात्र संघ अध्यक्ष पटना स्टूडेंट छात्र संघ के अध्यक्ष शांतनु कॉलेज गेट पर ताला लगाने के लिए पहुंचे थे, लेकिन उन्हें ताला लगाने से रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि मैं विश्वविद्यालय का अध्यक्ष चुनकर आया हूं और मैं छात्रों के हित में अपनी बातें आज यहां पर रखूंगा। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने भी छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वो नहीं माने। डीएम त्यागराजन ने भी उन्हें समझाने की कोशिश की है। छात्रों ने उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा और शिक्षा मंत्री को भी घेर लिय। नीतीश कुमार के समर्थन में भी नारेबाजी कुछ छात्र नीतीश कुमार के समर्थन में भी नारेबाजी करते दिखे। देखो-देखो कौन आया, शेर आया-शेर आया के नारे लगे। बिहार का मुख्यमंत्री कैसा हो नीतीश कुमार जैसा हो के भी नारे लगे। कुछ छात्र हाथ में पोस्टर लिए खड़े दिखे। इस पर लिखा था- हम छात्रों का अभिमान। इस पर नीतीश की फोटो लगी थी। 147.29 करोड़ की योजना का उद्घाटन बता दें कि पटना यूनिवर्सिटी के नए प्रशासनिक और एकेडमिक भवन (कला संकाय) का CM ने आज उद्घाटन किया है। यह दोनों भवन 147.29 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुए हैं। प्रशासनिक भवन G+8 और एकेडमिक भवन G+9 है। इसके उद्घाटन के बाद नए प्रशासनिक ब्लॉक में पटना यूनिवर्सिटी का मुख्यालय शिफ्ट हो जाएगा। यहीं पीयू के मौजूदा कार्यालय की जगह लेगा। वहीं, एकेडमिक भवन में दरभंगा हाउस में चल रहे सभी पीजी विभाग शिफ्ट होंगे। इसके साथ ही वाणिज्य कॉलेज को दरभंगा हाउस में फिलहाल शिफ्ट किया जाएगा।
मोतिहारी के बलुआ बाजार में एक सनकी चाचा ने अपनी भतीजी पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। यह घटना नगर थाना क्षेत्र में हुई। पीड़िता नेहा प्रकाश ने बताया कि उनके चाचा राम प्रकाश सिन्हा ने पहले भी उन पर कई बार हमला किया है। घटना के दिन नेहा अपने घर के दरवाजे पर बैठी थीं। तभी उनके चाचा अचानक वहां पहुंचे और बिना किसी बात के उन पर हमला कर दिया। नेहा ने खुद को बचाने का प्रयास किया, लेकिन हमलावर ने उनके सिर पर वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे नेहा के चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया। इसी दौरान किसी ने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस के समय पर पहुंचने से स्थिति संभल गई और नेहा की जान बच गई। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति एक महिला के साथ मारपीट कर रहा है और उसके सिर पर गंभीर चोट लग रही है। इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया घटना के बाद नेहा प्रकाश को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। उन्होंने नगर थाना में आवेदन देकर न्याय और अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है। नगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन ने बताया कि पीड़िता की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ है। मामले की जांच की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जल्द ही सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
सरस्वती विद्या मंदिर का 22वां वार्षिक उत्सव:विधायक ने वाटर कूलर और आरओ प्लांट का किया उद्घाटन
उन्नाव के सिकंदरपुर चौरासी ब्लॉक स्थित आदर्श सरस्वती विद्या मंदिर में 22वां वार्षिक उत्सव संपन्न हुआ। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम, सम्मान समारोह और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ शिक्षक विधायक राज बहादुर सिंह चंदेल ने दीप प्रज्वलित कर किया। विद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किए। वार्षिक उत्सव में छात्र-छात्राओं ने दो दर्जन से अधिक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इनमें देशभक्ति, सामाजिक संदेश और भारतीय संस्कृति पर आधारित नृत्य, नाटक और समूह गीत शामिल थे। सदर विधायक पंकज गुप्ता भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे। उन्होंने अपनी विधायक निधि से विद्यालय परिसर में स्थापित वाटर कूलर और आरओ प्लांट का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में विधायक ने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने को अपनी प्राथमिकता बताया। उन्होंने सरोसी-कारवां मार्ग के सुधार के लिए प्रस्ताव पास होने की जानकारी भी दी। सीनियर इंस्पेक्टर अनूप कुमार ने छात्र-छात्राओं को अनुशासन, मेहनत और लक्ष्य निर्धारण का महत्व समझाया। कार्यक्रम में विद्यालय के पूर्व छात्रों आकाश चौधरी, अंबुज मिश्रा, विवेक और दुर्गेश सहित अन्य को सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं और उनके मार्गदर्शक अध्यापकों को भी पुरस्कार दिए गए। अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य विष्णु प्रकाश बाजपेई ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और सहयोगियों का धन्यवाद किया। विद्यालय अध्यक्ष पूर्वी दीक्षित ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया, जबकि प्रबंधक मनोज कुमारी वाजपेई ने सभी का स्वागत किया।
उलीडीह के बाद बेखौफ बदमाशों ने शहर में लगातार दूसरे दिन भी फायरिंग की घटना को अंजाम दिया। मंगलवार रात करीब साढ़े नौ बजे सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के छायानगर डब्बा लाइन सामुदायिक भवन के सामने वर्चस्व और रामनवमी के दौरान हुई छेड़खानी को लेकर दो गुटों के बीच विवाद में ताबड़तोड़ फायरिंग और चापड़बाजी हुई। इस घटना में चंडीनगर निवासी नंदू लोहार (25) और उसका दोस्त सन्नी पुष्टि उर्फ जगन्नाथ पुष्टि (22) गंभीर रूप से घायल हो गए। सन्नी को एक आंख में गोली लगी है, साथ ही सिर और हाथ में चापड़ से गहरे जख्म हैं। नंदू के सिर, हाथ और छाती पर भी चापड़ से हमला किया गया है। सन्नी की स्थिति गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद दोनों घायलों को इलाज के लिए टीएमएच में भर्ती कराया गया। पुलिस ने घटनास्थल से दो पिलेट, दो खोखा, तीन जोड़ी चप्पल और खून से सना कपड़ा बरामद किया है। बहन से छेड़खानी का विरोध करने पर आरोपियों ने नंदू से मारपीट की थीचंडीनगर निवासी मुस्कान ने बताया कि उसका भाई नंदू लोहार शादी-पार्टी में नान-रोटी बनाने का काम करता है और दो बहनों में सबसे छोटा है। रामनवमी के दिन वह जयगुरु स्टोर से सामान लेने गई थी, जहां उसके साथ छेड़खानी की गई। मुस्कान के अनुसार, नंदू और उसके दोस्त सन्नी ने विरोध किया, तो आरोपियों ने नंदू के गले में गमछा डालकर उसे खींचने की कोशिश की। विरोध करने पर मारपीट शुरू हो गई। शोर मचने पर लोग जुटे, जिसके बाद आरोपी भाग गए। इसकी शिकायत सीतारामडेरा थाना में की गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसी कारण आरोपियों का मनोबल बढ़ा और उन्होंने बाद में फायरिंग व चापड़बाजी की। लहूलुहान नंदू 50 मीटर भागकर घर पहुंचाजानकारी के अनुसार, नंदू शाम करीब पांच बजे अपनी मां से 400 रुपए लेकर दोस्त का जन्मदिन मनाने के लिए घर से निकला था। रात में सामुदायिक भवन के पास फायरिंग और चापड़बाजी की घटना हुई। घटनास्थल पर सन्नी गंभीर हालत में गिरा हुआ था, जबकि नंदू लहूलुहान अवस्था में करीब 50 मीटर भागकर अपने घर के दरवाजे तक पहुंचा और वहीं गिर गया। उसकी बहन बाहर आई और शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग जुटे। आपसी रंजिश में घटना हुई है। घायलों की स्थिति गंभीर है। तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। - भोला प्रसाद सिंह, डीएसपी (हेडक्वार्टर-1)
बीकानेर मंडल में ट्रैक डबलिंग और आरयूबी (रोड अंडरब्रिज) कंस्ट्रक्शन के चलते 15 से 30 अप्रैल के बीच 10 से ज्यादा ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। चूरू-सादुलपुर रेलखंड पर दुधवाखारा, हड़याल, डोकवा और सादुलपुर स्टेशनों के बीच डबल लाइन बिछाने का काम किया जाएगा। इसके साथ ही चूरू यार्ड में रेलवे क्रॉसिंग संख्या 167 पर आरयूबी निर्माण के लिए ब्लॉक लिया जाएगा, जिससे कई ट्रेनों के संचालन में बदलाव रहेगा। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि इस अवधि में हनुमानगढ़-जयपुर स्पेशल समेत 3 ट्रेनों को कैंसिल किया गया हैं। इसके अलावा 5 ट्रेनें आंशिक रद्द रहेंगी। लालगढ़ प्रयागराज और हिसार-काकिनाडा टाउन स्पेशल के रूट को डायवर्ट किया गया है। वहीं चूरू-रतनगढ़ और बीकानेर-चूरू 15 अप्रैल को री-शेड्यूल रहेंगी। यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति जांचने की सलाह दी गई है। इन ट्रेनों को किया गया कैंसिल ये ट्रेनें आंशिक रद्द इन ट्रेनों का बदला रूट ये ट्रेनें की गई री-शेड्यूल
कासगंज के गंगेश्वर कॉलोनी क्षेत्र में बुधवार को सरस्वती शिशु मंदिर रोड पर प्रस्तावित देशी शराब की दुकान के विरोध में बड़ी संख्या में महिलाओं ने प्रदर्शन किया। रिहायशी इलाके में ठेका खोले जाने की सूचना पर महिलाओं ने मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना था कि घनी आबादी वाले क्षेत्र और स्कूल जाने वाले रास्ते पर शराब की दुकान खोलना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे क्षेत्र का सामाजिक माहौल खराब होगा और असामाजिक तत्वों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे अपराध की आशंका भी बढ़ सकती है। महिलाओं ने विशेष रूप से बहू-बेटियों और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि जिस मार्ग से रोजाना छात्राएं और महिलाएं गुजरती हैं, वहीं शराब का ठेका खुलने से उनका आना-जाना असुरक्षित हो जाएगा। साथ ही, स्कूल के पास ऐसी दुकान खुलने से बच्चों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। आक्रोशित महिलाओं ने चेतावनी दी कि मोहल्ले में किसी भी स्थिति में शराब का ठेका नहीं खुलने दिया जाएगा। इस प्रदर्शन के कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया, जिससे यातायात बाधित हुआ और राहगीरों को परेशानी हुई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
बुलंदशहर में एक सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे इलाके को हिला दिया। पहली नजर में गुमशुदगी लग रही यह घटना धीरे-धीरे इश्क, शक और साजिश की परतें खोलती चली गई। पुलिस की जांच में जो सच सामने आया, वह चौंकाने वाला था, दोस्ती के भरोसे घर से निकला युवक, उसी दोस्त के साथियों के हाथों मौत के घाट उतार दिया गया। इस पूरे मामले में ट्रांसजेंडर से जुड़े रिश्तों का एंगल सामने आने के बाद केस और भी चर्चा में आ गया है। मामला 30 मार्च का है, जब साक्षर कौशिक को उसका दोस्त देवेश घर से बुलाकर अपने साथ ले गया। देवीपुरा इलाके में लगे एक CCTV कैमरे में रात करीब 10:48 बजे दोनों साथ जाते हुए दिखाई दिए। इसके बाद साक्षर घर नहीं लौटा। परिजनों ने जब देवेश से पूछताछ की, तो उसने दावा किया कि साक्षर रात में ही वापस लौट गया था। लेकिन उसकी मां ने बताया कि देवेश खुद सुबह घर आया। यही विरोधाभास इस केस का पहला बड़ा सुराग बना और परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मां के बयान से टूटी कहानी, खुली हत्या की परतें पुलिस ने जब देवेश और उसके परिवार से सख्ती से पूछताछ की, तो मां के बयान और बेटे की कहानी में फर्क सामने आया। यहीं से जांच की दिशा बदल गई। गहराई से पूछताछ करने पर सामने आया कि साक्षर की हत्या पहले ही कर दी गई थी। पुलिस ने शक के आधार पर देवेश समेत अन्य साथियों को हिरासत में लिया और पूछताछ में पूरी साजिश का खुलासा हो गया। इश्क बना हत्या की वजह जांच में सामने आया कि इस पूरे मर्डर की जड़ एक ट्रांसजेंडर अमन से जुड़े रिश्ते थे। साक्षर और उसके दोस्तों के बीच इसको लेकर विवाद और तनाव चल रहा था। इसी इश्क और आपसी रंजिश के चलते देवेश, दीपक, शुभम और ट्रांसजेंडर अमन ने मिलकर साक्षर की हत्या की साजिश रची। चारों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया और सबूत मिटाने की कोशिश की। सभी आरोपी गिरफ्तार एसपी सिटी शंकर प्रसाद के अनुसार, इस मामले में चारों आरोपियों,अमन, देवेश, दीपक और शुभम को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें जेल भेजा जा रहा है। पुलिस का दावा है कि उत्तर प्रदेश में ट्रांसजेंडर से जुड़े प्रेम संबंधों में हत्या का यह पहला मामला है, जबकि देश में इस तरह की यह छठी घटना बताई जा रही है।
देवास में ऑनलाइन ग्रॉसरी डिलीवरी सेवा Blinkit के डिलीवरी पार्टनर्स ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। बुधवार को कम भुगतान और खराब कार्य व्यवस्था के विरोध में बड़ी संख्या में कर्मचारी स्टेशन रोड स्थित कंपनी कार्यालय के बाहर एकत्र होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। डिलीवरी पार्टनर्स का कहना है कि उन्हें प्रति किलोमीटर केवल 7 से 8 रुपए का भुगतान किया जा रहा है। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई और पेट्रोल खर्च के हिसाब से यह राशि बहुत कम है। कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें अन्य जिलों की तरह 12 से 15 रुपए प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान किया जाए। कर्मचारियों ने बताया कि 3 से 4 किलोमीटर की डिलीवरी पर भी उन्हें पर्याप्त भुगतान नहीं मिल रहा है, जिससे उनकी आमदनी प्रभावित हो रही है। ऑर्डर कैंसिल होने पर नहीं मिलता पेमेंटडिलीवरी पार्टनर्स की एक बड़ी शिकायत यह भी है कि ऑर्डर कैंसिल होने पर उन्हें कोई भुगतान नहीं दिया जाता, जबकि उनका समय और ईंधन खर्च हो चुका होता है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कैश ऑर्डर जमा करते समय कंपनी ऑफिस में छुट्टे नोट और सिक्के स्वीकार नहीं किए जाते, जिससे उन्हें अतिरिक्त परेशानी होती है। मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज करने की दी चेतावनीडिलीवरी पार्टनर्स ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। हड़ताल का असर शहर में Blinkit की डिलीवरी सेवाओं पर साफ तौर पर देखा जा रहा है, जिससे ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हनुमानगढ़ में गेहूं खरीद पर संकट:स्लॉट सिस्टम, बारदाने की कमी से व्यवस्था बिगड़ने की आशंका
हनुमानगढ़ जिले में समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद से पहले नियमों में लगातार बदलाव हो रहे हैं। इससे खरीद व्यवस्था को लेकर व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। व्यापारियों का मानना है कि इस बार लागू किया गया स्लॉट सिस्टम और बारदाने की भारी कमी खरीद प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। इस वर्ष मंडी यार्ड को ब्लॉकों में विभाजित कर लॉटरी के माध्यम से खरीद एजेंसियों का आवंटन किया गया है। हालांकि, जमीनी स्तर पर कई आवश्यक व्यवस्थाएं अभी भी अधूरी हैं।सबसे बड़ी समस्या स्लॉट सिस्टम को लेकर है। इसके तहत किसानों को अपनी उपज एक निर्धारित समय पर ही मंडी लानी होगी, जिससे देरी और भीड़ बढ़ने की आशंका है। बाधित हो सकता है खरीद कार्यबारदाने की कमी एक और प्रमुख चिंता का विषय है। व्यापारियों के अनुसार, वर्तमान में बारदाने की उपलब्धता केवल 12 से 15 प्रतिशत है। यदि समय पर पर्याप्त बारदाना उपलब्ध नहीं कराया गया, तो खरीद कार्य बाधित हो सकता है।इसके अलावा हैंडलिंग और ट्रांसपोर्ट के टेंडर अभी तक पूरे नहीं हुए हैं, और मंडियों में पर्याप्त स्टाफ की कमी है। गेहूं की आवक बढ़ने पर ये कमियां व्यवस्थाओं को चरमरा सकती हैं। हनुमानगढ़ में होती है प्रदेश की सबसे ज्यादा गेहूं खरीदपिछले वर्षों में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा समय पर बारदाना उपलब्ध कराने, उपज के उठाव और परिवहन की बेहतर व्यवस्था के कारण खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती थी। इससे किसानों को भी समय पर भुगतान मिलता था। हनुमानगढ़ जिले में प्रदेश की सबसे ज्यादा गेहूं खरीद होती है। यदि प्रशासन ने इन समस्याओं पर तत्काल ध्यान नहीं दिया, तो बड़े पैमाने पर होने वाली इस खरीद प्रक्रिया में गंभीर बाधा आ सकती है, जिससे किसानों और व्यापारियों दोनों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। प्रदेश भर में सबसे ज्यादा गेहूं खरीद हनुमानगढ़ जिले से ही होती है। पिछले साल जिले में 46 हजार 718 किसानों से 8.62 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई थी। इसके एवज में 2219 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। इस बार भी हनुमानगढ़ से ही सर्वाधिक खरीद का लक्ष्य है। सरकार 7 लाख 95 हजार 800 मीट्रिक टन गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदेगी। कृषि विभाग के अनुसार जिले में करीब 2 लाख 39 हजार 400 हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई हुई है।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड आरबीएसई ने मंगलवार को 12वीं कक्षा का आट्र्स, कॉमर्स, विज्ञान संकाय का परिणाम जारी कर दिया। जयपुर जिले में साइंस का 97,82%, आट्र्स का 97.15% और कॉमर्स का 94.99% रिजल्ट रहा। साइंस और आट्र्स में लड़कियों ने बाजी मारी, जबकि कॉमर्स में लड़के आगे रहे। पिछले साल के मुकाबले इस बार तीन संकाय का रिजल्ट कम रहा। 12वीं बोर्ड में जयपुर की जिलेवार स्थिति देखे तो जयपुर जिला साइंस में 26वें से 19वें और कॉमर्स में 17वें 27वें नम्बर पर आया, हालांकि आट्र्स का रिजल्ट वहीं का वहीं रहाय़ जयपुर का एक मामला ऐसा भी सामने आया कि साइंस के स्टूडेंट अर्पित अग्रवाल जो की ब्लाइंड है उनका कहना है कि सभी पेपर दिए थे इसके बावजूद से अनुपस्थित दिखा दिया इसकी वजह से सप्लीमेंट्री रिजल्ट आया है। यह भी पढ़े: दिहाड़ी मजदूर का बेटा 12वीं साइंस में राजस्थान टॉपर:प्राइवेट स्कूल छोड़कर सरकारी में पढ़ा; फॉर्च्युनर सॉन्ग पर नाचे स्टूडेंट्स 12वीं रिजल्ट के होनहारों की जानकारी के लिए ब्लॉग पढ़िए
ट्रांसजेंडर बिल 2026 के विरोध में प्रदर्शन:कलेक्ट्रेट पहुंचे ट्रांसजेंडर, बिल वापस लेने के नारे लगाए
मऊ में बुधवार को सतरंगी फाउंडेशन के बैनर तले ट्रांसजेंडर समुदाय के दर्जनों सदस्यों ने जिला कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर 'ट्रांसजेंडर बिल 2026 वापस लो' के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उन्हें प्रस्तावित ट्रांसजेंडर बिल 2026 के कई प्रावधानों पर गंभीर आपत्ति है। उनका कहना है कि वर्ष 2019 में लागू कानून के तहत ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को स्वयं घोषणा (Self Declaration) के आधार पर पहचान पत्र प्राप्त करने का अधिकार मिला था। यह व्यवस्था उनकी गरिमा, निजता और आत्म-पहचान के अनुरूप थी। समुदाय के सदस्यों ने आरोप लगाया कि नए प्रस्तावित बिल 2026 में स्वयं घोषणा की इस व्यवस्था को समाप्त किया जा रहा है। इसके बजाय, पहचान के लिए चिकित्सीय परीक्षण (Medical Examination) अनिवार्य किया जा रहा है, जिसे वे अपने सम्मान और निजी अधिकारों का उल्लंघन मानते हैं। इस बदलाव से ट्रांसजेंडर समाज में व्यापक असंतोष है। संगठन के पदाधिकारियों ने मांग की है कि ट्रांसजेंडर बिल 2026 की पुनः समीक्षा की जाए। उन्होंने 2019 की स्वयं घोषणा आधारित पहचान प्रणाली को फिर से लागू करने की अपील की। इस प्रदर्शन में सतरंगी फाउंडेशन मऊ के सदस्य और अन्य ट्रांसजेंडर समुदाय के लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे।
धौलपुर के बाड़ी में जमीनी विवाद में झगड़ा और पथराव की घटना हुई है। मौके पर पहुंची पुलिस पर भी एक पक्ष ने पत्थर फेंके, जिसके बाद पुलिस को वापस लौटना पड़ा। पथराव में एक गाड़ी के शीशे भी टूट गए। यह जमीन एक महीने पहले कोर्ट के आदेश पर पत्थर फेंकने वाले पक्ष से खाली कराई थी थी। दूसरा पक्ष इसपर नींव खोद रहा था, इसी दौरान पथराव की घटना हुई है। मामला शहर के कायस्थ पाड़ा पुलिया का बुधवार दोपहर का है। जमीन पर नींव खोदते समय आए दूसरे पक्ष के लोग कायस्थ पाड़ा निवासी अनिल शर्मा पक्ष के संतोषी लाल ने बताया- कोर्ट ने एक महीने पहले उनकी विवादित भूमि खाली कराई थी। मंगलवार को जब वे उस जमीन पर नींव खोद रहे थे, तभी दूसरे पक्ष के लोगों ने उन पर पथराव किया, साथ ही झगड़ा-मारपीट भी की। बड़ी संख्या लोगों ने पत्थरबाजी की-पुलिस कोतवाली थाना अधिकारी देवेंद्र शर्मा ने बताया- घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया। इस दौरान बघेल पक्ष के लोगों ने पुलिस पर भी पत्थरबाजी शुरू कर दी। बघेल पक्ष के लोगों की संख्या अधिक थी और महिलाएं भी पथराव कर रही थीं, कुछ लोग छतों से भी पत्थर फेंक रहे थे। स्थिति को नियंत्रित करना मुश्किल होने पर उच्च अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस को वापस लौटना पड़ा। अनिल शर्मा पक्ष ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने भी पथराव के संबंध में रिपोर्ट दर्ज की है। 9 मार्च को खाली कराई थी भूमि कोतवाली थाना अधिकारी देवेंद्र शर्मा ने बताया कि 9 मार्च को कोर्ट के आदेश पर करीब डेढ़ बीघा भूमि को प्रशासन की मौजूदगी में खाली कराया था। इस भूमि पर किशन लाल बघेला के पांच बेटों के परिवार रहते हैं।
भिवानी जिले के लोहारू नगर में पुराना शहर स्थित झुप्पा रोड पर सड़क निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने से स्थानीय निवासियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुरानी सड़क को तोड़ने के बाद नई सड़क का निर्माण कार्य बीच में ही रोक दिया गया है, जिससे यह मार्ग उबड़-खाबड़ हो गया है और जगह-जगह गड्ढों में बरसात का पानी जमा हो रहा है। यह मार्ग क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी रास्ते से झुप्पा, दादरी और सतनाली की ओर आवागमन होता है। इसके अतिरिक्त मार्ग पर दो श्मशान भूमि भी स्थित हैं, जिससे अंतिम संस्कार के लिए जाने वाले लोगों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। नगर पालिका की लापरवाही स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर पालिका की मनमानी और लापरवाही के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। सड़क की दुर्दशा के चलते यहां रहने वाले लोगों के साथ-साथ राहगीरों और स्कूल जाने वाले बच्चों को भी खराब रास्ते से गुजरना पड़ता है, जिससे उनके लिए खतरा बना रहता है। SDM को भी दे चुके शिकायत लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर एसडीएम तक शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं, नगर पालिका के प्रधान सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मामले में चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। सड़क निर्माण का टेंडर जारी- सचिव इस संबंध में नगरपालिका सचिव तेजपाल ने बताया कि सड़क निर्माण का टेंडर जारी किया जा चुका है और जल्द ही कार्य शुरू करवाया जाएगा। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस सड़क का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा कराया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके और दुर्घटनाओं से बचाव हो सके।
सीतापुर में ट्रक ने बाइक सवार युवक को कुचला:मौके पर मौत, ट्रक चालक फरार; मजदूर लेने जा रहा था युवक
सीतापुर के महोली कोतवाली इलाके में एक दर्दनाक सड़क हादसे में युवक की मौत हो गई। थाना क्षेत्र के कारीपाकर गांव के पास नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार युवक को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही गंभीर हालत हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। मृतक की पहचान 28 वर्षीय प्रियांशु पाण्डेय पुत्र प्रकाशनाथ पांडे निवासी कारीपाकर गांव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि प्रियांशु घर पर हो रहे निर्माण कार्य के चलते चौराहे पर मजदूर को लेने के लिए बाइक से जा रहा था। तभी पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी और रौंदते हुए निकल गया। हादसा इतना भीषण था कि युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों और परिजनों ने आनन-फानन में घायल युवक को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही महोली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फरार चालक की तलाश में जुट गई है।
अवधेश मीणा बने डीडवाना-कुचामन के नए कलेक्टर:महेन्द्र खड़गावत का हुआ ट्रांसफर
राज्य सरकार ने 65 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के तबादले किए हैं। इन आदेशों के तहत डीडवाना-कुचामन जिले को नया कलेक्टर मिला है। सलूम्बर जिले के कलेक्टर अवधेश मीणा को डीडवाना-कुचामन जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वे जल्द ही यहां अपना कार्यभार संभालेंगे। वर्तमान जिला कलेक्टर डॉ. महेन्द्र खड़गावत का तबादला कर दिया गया है। उन्हें अब संयुक्त शासन सचिव, श्रम, कारखाना एवं बॉयलर निरीक्षण तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं (ESI) विभाग में नियुक्त किया गया है। इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद जिले में नई कार्यशैली और विकास कार्यों को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं। अधिकारियों और आमजन को नए कलेक्टर से बेहतर प्रशासनिक संचालन और जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की आशा है। सरकार के इस निर्णय को प्रशासनिक मजबूती और कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
बागपत की महिला से मुजफ्फरनगर में मारपीट:दहेज के लिए पीटकर घर से निकाला, 2 साल की बेटी को भी छीना
बागपत के बडौली गांव की एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न और मारपीट का आरोप लगाया है। पीड़िता ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है। विवाहिता ने बताया कि उसकी शादी 3 साल पहले मुजफ्फरनगर में हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज के लिए उसे प्रताड़ित करने लगे थे। पीड़िता की एक 2 साल की बेटी भी है, जिसका और उसका लगातार उत्पीड़न किया जा रहा था। आरोप है कि उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया गया। जब पीड़िता ने मारपीट की शिकायत अपने पिता से की, तो वे उसे लेने के लिए मुजफ्फरनगर पहुंचे। वहां ससुराल वालों ने उनके साथ भी मारपीट की। पीड़िता ने इस घटना का एक वीडियो भी पुलिस को सौंपा है। बडौली गांव की रहने वाली वर्षा ने पुलिस से ससुराल वालों पर सख्त कार्रवाई करने और अपनी बेटी को वापस दिलाए जाने की मांग की है। पुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के बाद उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।
नालंदा में मंगलवार को मघड़ा शीतला मंदिर में भगदड़ मची थी। 9 की मौत हुई थी। इसके बाद बुधवार को बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष प्रो. रणवीर नंदन ने मंदिर का दौरा किया। अध्यक्ष ने कहा कि कहीं न कहीं प्रबंधन स्तर से चूक हुई है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मंदिर का पंजीकरण और बेहतर प्रबंधन अनिवार्य है। मघड़ा मंदिर के वर्तमान प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए अध्यक्ष ने कहा कि आयोजकों को अपना 'आईक्यू' (प्रबंधन क्षमता) प्रदर्शित करना चाहिए था। युवाओं और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है उन्होंने तर्क दिया कि देश और राज्य में बदले हुए धार्मिक वातावरण के कारण मंदिरों में युवाओं और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की ओर से किए गए मंदिर जीर्णोद्धार कार्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि आज युवा पिकनिक मनाने के बजाय मंदिरों में दर्शन करना पसंद कर रहे हैं। जब भीड़ बढ़ रही है, तो प्रबंधन को यह योजना बनानी होगी कि 200, 500 या 1000 की भीड़ को कैसे नियंत्रित किया जाए। दोबारा घटना न हो, इसके लिए कुछ करना होगा प्रो. नंदन ने कहा कि हालांकि मघड़ा शीतला मंदिर वर्तमान में धार्मिक न्यास बोर्ड के तहत पंजीकृत नहीं है, लेकिन कानूनन बिहार के सभी मठों और देवालयों की सुरक्षा और व्यवस्था की जिम्मेदारी बोर्ड की है। उन्होंने घोषणा की कि इस हादसे के बाद अब मंदिर को सुचारू ढंग से चलाने के लिए ठोस निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि चूक हुई है, इसे नकारा नहीं जा सकता। अब स्थानीय लोगों और बोर्ड के सहयोग से भविष्य के लिए ऐसा प्रबंध किया जाएगा कि दोबारा किसी श्रद्धालु को अपनी जान न गंवानी पड़े। दिवंगत आत्माओं को दी श्रद्धांजलि मंदिर पहुंचने के बाद प्रो. नंदन ने सबसे पहले हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने आध्यात्मिक लहजे में कहा कि जिन लोगों के प्राण मां शीतला के दरबार में गए हैं, माता उन्हें मोक्ष प्रदान करें। सनातन धर्म प्रतिशोध में नहीं बल्कि क्षमा में विश्वास करता है। मेरी मां से प्रार्थना है कि जिन लोगों की लापरवाही से यह हुआ, माता उन्हें क्षमा करें और सद्बुद्धि दें।
उन्नाव के सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित शुक्लागंज इंडियन गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं ने गैस वितरण में अनियमितता और मनमानी का आरोप लगाया है। बुधवार को बड़ी संख्या में पहुंचे उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्हें कई दिनों से गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि सुबह से लाइन में लगने के बावजूद उन्हें गैस नहीं मिलती, जबकि एजेंसी परिसर में सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। उन्होंने एजेंसी प्रबंधन पर मनमाने ढंग से वितरण करने और कुछ लोगों को प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर देने का आरोप लगाया। उपभोक्ताओं ने यह भी कहा कि गैस की कालाबाजारी की जा रही है, जिससे आम लोगों को समय पर गैस नहीं मिल पा रही है। गैस लेने पहुंचे कई मजदूरों ने बताया कि उन्हें रोजाना अपना काम छोड़कर एजेंसी आना पड़ता है। जिससे उनकी दिहाड़ी प्रभावित हो रही है और आर्थिक नुकसान हो रहा है। गैस न मिलने के कारण घरों में खाना बनाना भी मुश्किल हो गया है। महिलाओं ने भी एजेंसी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग की है। मौके पर मौजूद उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से मामले की तत्काल जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि एजेंसी में पर्याप्त गैस उपलब्ध है, तो उसका वितरण पारदर्शी तरीके से किया जाए। उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे सामूहिक प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। इस संबंध में एजेंसी प्रबंधन से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं मिली। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा है कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
लखनऊ के गोमती नगर स्थित फूड वाली में मंगलवार रात एक युवक को जबरन चार लोगों ने पकड़ लिया। युवक अपने परिवार के साथ डिनर करने आया था। इस दौरान सादे कपड़ों में आए लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए उसे अपने साथ लेकर चले गए। फूड वाली पर चला हाई वोल्टेज ड्रामा सिविल ड्रेस में कुछ लोग पहुंचे और खुद को पुलिसकर्मी बताकर युवक को पकड़ने लगे। जिसका युवक विरोध करते हुए शोर शराबा करने लगा। साथ में मौजूद उसकी पत्नी और बच्चे भी छोड़ देने की अपील करते रहे। इस दौरान मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई और वहां मौजूद लोग वीडियो बनाने लगे। भीड़ लगातार जबरदस्ती पकड़ने की वजह पूछता रहे लेकिन किसी ने वजह नहीं बताई। जमीनी मामले में वांछित था मामले में एसीपी गोमतीनगर बृज नारायण सिंह में बताया युवक को ठाकुरगंज पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वह एक मामले में वांछित था। वहीं ठाकुरगंज इंस्पेक्टर ओमवीर सिंह ने बताया जनवरी महीने में एक जमीनी विवाद में ओलू नाम के व्यक्ति का नाम सामने आया था। जिस पर नामजद मुकदमा भी दर्ज हुआ था। उसके बाद से पुलिस तलाश कर रही थी। मंगलवार को गोमती नगर से पकड़ा गया।
देवरिया में AGTA भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगतियों को लेकर कृषि छात्रों ने सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी से मुलाकात की। छात्रों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए इन विसंगतियों को दूर करने की मांग की। उत्तर प्रदेश कृषि छात्र संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिलाष पांडे की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल ने विधायक त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपा। छात्रों का आरोप है कि वर्तमान व्यवस्था में आरक्षण नियमों का उचित पालन नहीं हो रहा है, जिससे कृषि वर्ग के अभ्यर्थियों को नुकसान हो रहा है। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है। उनके अनुसार, निर्धारित मानकों के अनुरूप सीटों का वितरण नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण योग्य उम्मीदवारों के चयन में असमानता पैदा हो रही है। सरकार जल्द ही सकारात्मक कदम उठाएगी विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को शासन स्तर पर उठाया जाएगा और अभ्यर्थियों के साथ न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। कृषि छात्रों ने उम्मीद जताई है कि सरकार इस मामले में जल्द ही सकारात्मक कदम उठाएगी। उनका मानना है कि आरक्षण संबंधी विसंगतियों को दूर कर भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाया जाएगा।
हरदोई में 'स्कूल चलो अभियान' रैली का आयोजन:जिला पंचायत अध्यक्ष ने हरी झंडी दिखाया
हरदोई के कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार की सुबह बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा 'स्कूल चलो अभियान' के तहत जनपद स्तरीय रैली का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाना है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती पीके वर्मा ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली कलेक्ट्रेट से शुरू होकर सिनेमा चौराहा, बड़ा चौराहा, अटल चौराहा आदि स्थान से गुजरी। बच्चों ने शिक्षा से जुड़े हुए नारे लगाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। जिला पंचायत अध्यक्ष ने 'स्कूल चलो अभियान' के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने और समाज में शिक्षा के महत्व का संदेश दिया। कहा कि जीवन में शिक्षा का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। शिक्षा से ही घर, समाज और देश का नाम रोशन किया जा सकता है। इसलिए सभी लोग अपने बच्चों को स्कूल जरूर भेजें। कहा कि यह अभियान प्रत्येक बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। जिला पंचायत अध्यक्ष सभी से हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने में अपना योगदान करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी सान्या छाबड़ा, प्राचार्य/उप शिक्षा निदेशक रमेंद्र कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अजित सिंह सहित शिक्षा विभाग के सदस्य और मेधावी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कानपुर में किडनी रैकेट की सरगना डॉक्टर प्रीति आहूजा और उसके पति का रसूख लगातार बढ़ता गया। वैसे ही डॉक्टर प्रीति आहूजा की पास पद-प्रतिष्ठा बढ़ती गई। इस समय प्रीति आहूजा हेल्थ के मुख्य 4 संगठनों में जुड़ी हुई है। जिससे छोटे डॉक्टर उसके झांसे में आसानी से आ जाते और अधिकारी उसके काले कारनामों पर ध्यान नहीं देते या तो कार्यवाही करने में बचते थे। इसी वजह से पुलिस को किडनी रैकेट एक्सपोज करने के लिए LIU, क्राइम ब्रांच और मुखबिर तंत्र और साइवर सेल को एक्टिव करना पडा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार इन टीमों में करीब 1 महीने तक काम किया था। जिसके बाद पूरे रैकेट को एक्सपोज कर पाए। अब जानिए किं संगठनों में काम कर रही है प्रीति आहूजा किडनी रैकेट की सरगना डॉक्टर प्रीति आहूजा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में मेडिकल ऑफिसर के पद पर तैनात है। ये यहां के कर्मचारियों का इलाज और छुट्टी देने के लिए काम मेडिकल एफ़िडेविट भी बनाती थी। इसके साथ ही शहर के विभिन्न संगठनों में से जुड़ी हुई है। इसके साथ ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) में शहर की कमेटी में उपाध्यक्ष है। डायबिटीज रोग विशेषज्ञ के संगठन कानपुर डायबिटीज एसोशिएशन (KDA) में सचिव भी है। इसके साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टरों के संगठन फिजीशयन फोरम की भी सदस्य है। इसके साथ शहर भर में डॉक्टर कम्युनिटी के अलग- अलग सामाजिक और मेडिकल कार्यक्रमों में सम्मिलित होती थी। हालांकि कानपुर की IMA टीम डॉक्टर प्रीति आहूजा पर कुछ भी बात करने में बच रही है। IMA के सूत्रों की माने तो जब तक कोर्ट से प्रीति आहूजा को किडनी रैकेट में दोषी नहीं पाया जाएगा, तब तक IMA कार्यवाही करने से बचेगा। अब जानिए किडनी ट्रांसप्लांट करवाने वाली महिला पारुल के बारे में पारुल तोमर मुजफ्फरनगर के नॉर्थ सिविल लाइंस की निवासी है। पारुल तोमर के पति विकास मेरठ में कक्षा 8 तक स्कूल चलाते हैं। पारुल का एक 19 वर्षीय बेटा है। वही एक छोटी बेटी है। बच्चों की पढ़ाई के लिए परिवार मेरठ शिफ्ट हो गया था। सूत्रों की माने तो किडनी ट्रांसप्लांट का सौदा 80 लाख में तय हुआ था। ट्रांसप्लांट के दौरान पारुल का भाई मौजूद था। हालांकि पुलिस ने उससे भी पूंछताछ की है। पारुल के पति से अभी बात नहीं हो पाई है। किडनी रैकेट में डॉक्टर प्रीति का नाम आने के बाद अब ये संगठन कोई भी प्रतिक्रिया देने से बच रहे हैं।
मंदसौर जिले के अरनिया निजामुद्दीन क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना सामने आई है, जिसमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा उस समय हुआ जब रमेश धनगर (50) पिता भुवान धनगर मोटरसाइकिल से ग्राम डिगाव से अपने गांव अरनिया निजामुद्दीन लौट रहे थे। रास्ते में अचानक उनकी बाइक एक ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि रमेश धनगर सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। मुंह, सिर, हाथ और कंधे में आई गंभीर चोटें हादसे में रमेश धनगर के मुंह, सिर, हाथ और कंधे में गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद करते हुए उन्हें उठाया और जिला चिकित्सालय पहुंचाया। स्थानीय लोगों की तत्परता से बची जान प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि समय पर मदद नहीं मिलती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। लोगों की सूझबूझ और तत्परता से घायल को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सका। घायल रमेश धनगर का जिला चिकित्सालय में इलाज जारी है। डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
दिल्ली में बढ़े प्रीमियम पेट्रोल-डीजल के दाम, इतनी हुई एक लीटर की कीमत
दिल्ली में इंडियन ऑयल के प्रीमियम पेट्रोल XP100 की कीमत में बड़ा इजाफा हुआ है। पहले यह 149 रुपये प्रति लीटर में मिल रहा था, जिसे अब बढ़ाकर 160 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। यानी इसमें 11 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर पाकुड़ जिले के सभी चेक पोस्टों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिला और पुलिस प्रशासन ने सभी चेक पोस्टों पर दंडाधिकारी, पुलिस अधिकारी और जवानों को तैनात किया है। इन चेक पोस्टों पर पश्चिम बंगाल की ओर से बंगाल पुलिस और बीएसएफ के जवान हर वाहन की जांच कर रहे हैं। बुधवार को मुर्शिदाबाद जिले से सटे चांदपुर चेक पोस्ट पर बीएसएफ और स्थानीय पश्चिम बंगाल पुलिस वाहनों की सघन जांच करती देखी गई। वहीं, राज्य की सीमा पर पाकुड़ जिला मुख्यालय थाना की पुलिस आने-जाने वाले वाहनों पर नजर रख रही है और चेक पोस्ट पर रखे रजिस्टर में नंबर अंकित कर रही है। उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव होने हैं। मुर्शिदाबाद जिले में 23 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि बीरभूम जिले में 29 अप्रैल को मतदान निर्धारित है। पाकुड़ जिले से पश्चिम बंगाल के दो जिले, मुर्शिदाबाद और बीरभूम की सीमा सटी हुई है। पाकुड़ जिला मुख्यालय से करीब 20-30 किलोमीटर की दूरी पर मुर्शिदाबाद जिले का धूलियान और बीरभूम जिले के राजग्राम, मुरारई, नलहटी जैसे प्रमुख शहर स्थित हैं। पाकुड़ प्रखंड के कुछ पंचायत तो बिल्कुल ही पश्चिम बंगाल से सटे हुए हैं। इन सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में भी बंगाल पुलिस पूरी तरह सक्रिय है। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जिला की अंतरराज्यीय सीमा पर सुरक्षा के कड़े इंतजामों के कारण लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है। अक्सर लोग इलाज या व्यापार के उद्देश्य से पश्चिम बंगाल आते-जाते रहते हैं, जिससे उन्हें अब अधिक समय लग रहा है।
छतरपुर जिले के ओरछा रोड थाना क्षेत्र के गांव से नवविवाहिता के लापता होने का मामला सामने आया है। घटना उस समय हुई, जब परिवार के सभी सदस्य खेत पर फसल काटने गए हुए थे। जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर जब परिजन खेत से वापस घर पहुंचे तो महिला घर पर नहीं मिली। आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद देर शाम परिजन थाने पहुंचे और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पति ने जताया प्रेम प्रसंग का शकमहिला के पति ने पुलिस को बताया कि उनकी शादी को करीब दो साल हो चुके हैं और अभी तक उनकी कोई संतान नहीं है। उसने आशंका जताई कि उसकी पत्नी का किसी अन्य व्यक्ति से प्रेम संबंध हो सकता है। पति का कहना है कि उसकी पत्नी अक्सर कमरे में बंद होकर मोबाइल पर किसी से बात करती रहती थी, जिससे उसे पहले से शक था। मायके पक्ष पर भी जताया संदेहपति ने बताया कि उसने इस संबंध में पत्नी के मायके वालों से भी बात की, लेकिन वहां से भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। उसे संदेह है कि इस मामले में उनका भी हाथ हो सकता है। पति ने कहा कि अगर उसकी पत्नी वापस लौट आती है, तो वह उसे अपने साथ रखने को तैयार है। हालांकि, अगर वह उसके साथ नहीं रहना चाहती, तो कम से कम अपने जेवर और नकदी वापस कर दे, इसके बाद वह जहां चाहे जा सकती है। पुलिस कर रही तलाशपुलिस का कहना है कि महिला की गुमशुदगी दर्ज कर ली गई है और उसकी तलाश की जा रही है। अगर जल्द पता नहीं चलता है, तो आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। वहीं परिजन महिला की सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहे हैं।
मैनपुरी के श्री देवी ग्राम सुधार प्रदर्शनी मेले में मंगलवार देर रात आई तेज आंधी और बारिश ने मेले की रौनक को प्रभावित किया। इस प्राकृतिक आपदा के कारण व्यापारियों को हजारों रुपये का नुकसान हुआ है। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से मेले में घूमने आए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, दुकानदारों को भी भारी क्षति हुई। बारिश के कारण दुकानों के बाहर पानी भर गया, और कई टेंट हाउस को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है। व्यापारी राजेश कुमार ने बताया कि पहले तेज हवाएं चलती रहीं, जिससे इतना डर नहीं था, लेकिन बारिश होने के बाद दुकानों के सामान को भारी नुकसान हुआ है। उनके पास ही खिलौने की दुकान लगाने वाले रमेश सिंह ने बताया कि हर साल श्रीदेवी ग्राम सुधार प्रदर्शनी मेले में बारिश के कारण हजारों रुपये का नुकसान होता है। सदर एसडीएम अभिषेक कुमार सिंह ने जानकारी दी कि देर रात अचानक हुई बारिश से व्यापारियों की दुकानों के बाहर जो पानी भरा है, उसकी निकासी के लिए नगर पालिका को दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि मेले परिसर के अंदर व्यापारियों को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
एसएसपी श्लोक कुमार ने किया प्रशासनिक फेरबदल:पीआरओ अजय किशोर बने शेरगढ़ के नए थाना प्रभारी
मथुरा में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने पुलिस विभाग में आंशिक फेरबदल किया है। कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से दो निरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है। जारी आदेश के तहत, थाना शेरगढ़ के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार का तबादला कर उन्हें मेला सेल/वीआईपी सेल में भेजा गया है। प्रदीप कुमार लंबे समय से शेरगढ़ थाने की कमान संभाल रहे थे। अब उन्हें मेला और वीआईपी ड्यूटी की जिम्मेदारी दी गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार के पीआरओ अजय किशोर को थाना शेरगढ़ का नया प्रभारी निरीक्षक नियुक्त किया गया है। अजय किशोर अब शेरगढ़ थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की जिम्मेदारी संभालेंगे। पुलिस विभाग के अनुसार, यह फेरबदल प्रशासनिक आवश्यकता और कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का कहना है कि ऐसे बदलावों से पुलिसिंग में नई ऊर्जा आती है और कार्यप्रणाली में सुधार होता है।

