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Sikkim Landslide: ग्यालशिंग में बेघर 54 परिवारों को नया मकान और जमीन देगी सरकार

गंगटोक, दो अक्टूबर सिक्किम के ग्यालशिंग जिले के रिंबी में 54 परिवारों के लिए भूस्खलन ने केवल उनके घर ही नहीं छीने, बल्कि उनकी आजीविका के साधन भी प्रभावित किये। अब ये परिवार अनिश्चित भविष्य का सामना कर रहे हैं। सरकार इन परिवारों को स्थायी रूप से एक नए स्थान पर बसाने की योजना बना रही है, लेकिन इसे पूरा होने में कुछ महीने लग सकते हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अगस्त और सितंबर में रिंबी में हुए भूस्खलनों से वहां स्थायी रूप से रह रहे 33 परिवार प्रभावित हुए। इसके अलावा किराये के मकानों में रहने वाले 14 परिवार भी प्रभावित हुए हैं। इन परिवारों के घरों के साथ-साथ कई मामलों में उनकी कृषि भूमि भी प्रभावित हुई है, जो उनकी आजीविका का मुख्य साधन थी। इस आपदा से सिंगलीटाम के सात परिवार भी प्रभावित हुए हैं। विस्थापित परिवार फिलहाल गांव के प्रशासनिक केंद्र में बनाए गए राहत शिविर में रह रहे हैं। रिंबी निवासी सोनम पिंचोन शेरपा ने परिवारों की अनिश्चित स्थिति को बयां करते हुए कहा, ‘‘घर चला गया, (कृषि) जमीन चली गई, अब कमाई का कोई जरिया नहीं है।’’शेरपा ने बताया कि क्षेत्र में 14 अगस्त से ही भूस्खलन हो रहे थे, लेकिन 24 सितंबर की रात के बाद स्थिति गंभीर हो गई। उन्होंने बताया कि उस रात बड़े पैमाने पर मिट्टी खिसकने के कारण गांव को खाली कराना पड़ा। शेरपा ने कहा कि प्रशासन राहत सामग्री और अन्य सहायता उपलब्ध करा रहा है, लेकिन इससे भविष्य को लेकर उनकी चिंताएं कम नहीं हुई हैं। शेरपा ने अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्र से बड़े-बड़े पत्थरों, उखड़े पेड़ों और मलबे को हटाने के लिए भारी मशीनरी तैनात करने का आग्रह किया। रोहित लिम्बू के लिए इस आपदा ने वर्षों की मेहनत से बनाए गए घर को छीन लिया है। रोहित ने बताया कि 11 साल की उम्र में ही उन्होंने अपने माता-पिता दोनों को खो दिया था और अपना घर बनाने के लिए 26 साल की उम्र तक मेहनत की। उन्होंने कहा कि अब भूस्खलन ने उस घर को मलबे में तब्दील कर दिया है। रोहित खेती, एक छोटी दुकान और छोटे-मोटे काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे, लेकिन अब घर एवं जमीन दोनों चले जाने के बाद उनके सामने न केवल घर दोबारा बनाने, बल्कि आजीविका फिर से खड़ी करने की भी चुनौती है। ग्यालशिंग के जिलाधिकारी तेनजिंग डी. डेंजोंगपा ने बताया कि 14 और 15 अगस्त की रात सिंगलीटाम में भारी भूस्खलन हुआ था, जबकि 24 सितंबर की रात रिंबी का बड़ा हिस्सा भूस्खलन की चपेट में आ गया। डेंजोंगपा ने कहा कि नुकसान काफी होने के बावजूद किसी की जान नहीं जाना बड़ी राहत की बात है। प्रशासन ने प्रभावित 33 स्थायी परिवारों में से प्रत्येक को 1.30 लाख रुपये की सहायता दी है, जबकि 14 किरायेदार परिवारों को तत्काल सहायता के रूप में 50-50 हजार रुपये दिए गए हैं। डेंजोंगपा ने बताया कि दीर्घकालिक पुनर्वास के लिए उद्योग एवं विद्युत विभाग की जमीन का निरीक्षण किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंजूरी मिलने के बाद प्रभावित परिवारों के लिए ‘सिक्किम गरीब आवास योजना’ के तहत मकान बनाने का प्रस्ताव है, जबकि ‘भूमि बैंक योजना’ के माध्यम से जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। गांव में भूस्खलन की आगे की घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से सुरक्षा दीवार के निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि प्रशासन का लक्ष्य अगले पांच से छह महीनों में ज्यादातर प्रभावित परिवारों का स्थायी पुनर्वास करना है।

प्रभासाक्षी 2 Oct 2026 8:33 pm

भीलवाड़ा: जयेश नागर का युवा संगम फेज़-7 के लिए चयन, सिक्किम में करेंगे राजस्थान का प्रतिनिधित्व

राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय के एकमात्र मेडिकल छात्र जयेश पूर्वोत्तर में राज्य की संस्कृति और विरासत को करेंगे साझा।

प्रातःकाल 2 Oct 2026 3:55 pm

भारत की इन 5 खूबसूरत जगहों पर मिलते हैं स्विट्जरलैंड जैसे बर्फीली चोटियों और झीलों के हसीन नजारे

जब भी शादी के बाद कपल्स अपने जीवन के सबसे खास पलों को बिताने यानी हनीमून (Honeymoon Destinations in India) पर जाने की योजना बनाते हैं, तो उनके जहन में सबसे पहला नाम स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रिया या यूरोप के किसी अन्य बर्फीले देश का आता है। लोग अक्सर यह सोचते हैं कि बर्फीली चोटियां, कांच जैसी साफ झीलें और स्विस आल्प्स जैसे खूबसूरत नजारे देखने के लिए उन्हें लाखों रुपए खर्च करके विदेश ही जाना पड़ेगा। लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि हमारी अपनी खूबसूरत मातृभूमि यानी भारत में ही ऐसी कई जादुई और जन्नत जैसी जगहें मौजूद हैं जहां के प्राकृतिक सौंदर्य, बर्फ से ढके पहाड़ और नीले पानी की झीलें विदेशी लोकेशंस को भी पीछे छोड़ देती हैं? इन भारतीय पर्यटन स्थलों पर न केवल आपका विदेशी यात्राओं के मुकाबले बहुत कम खर्च होता है, बल्कि यहां की मेहमाननवाज संस्कृति और स्थानीय आत्मीयता आपके सफर को जीवनभर के लिए यादगार बना देती है। आज के इस विस्तृत, पर्यटन-विश्लेषणात्मक और खूबसूरत आलेख में हम आपको भारत की ऐसी ही पांच चुनिंदा और बेहतरीन जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां आपको स्विट्जरलैंड जैसे अद्भुत नजारे देखने को मिलेंगे।कश्मीर का गुलमर्ग: जहां बादलों के नीचे बिछी होती है सफेद बर्फ की चादरयदि आप असली स्विट्जरलैंड की खूबसूरती को भारत की जमीन पर महसूस करना चाहते हैं, तो जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में स्थित गुलमर्ग (Gulmarg) से बेहतर विकल्प आपके लिए दूसरा कोई हो ही नहीं सकता। सर्दियों के मौसम में जब यहां भारी बर्फबारी होती है, तो पूरा का पूरा इलाका दूध जैसी सफेद चादर से ढक जाता है और चारों तरफ देवदार के ऊंचे-ऊंचे पेड़ इस खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं। दुनिया के सबसे ऊंचे गोंडोला (Gondola Cable Car) राइड का आनंद लेते हुए जब आप बादलों के ऊपर से गुजरते हैं, तो ऐसा लगता है कि आप किसी परियों की दुनिया में आ गए हों। नवविवाहित जोड़ों के लिए यहां का शांत वातावरण, स्कीइंग के रोमांचक अनुभव और लग्जरी अल्पाइन रिसॉर्ट्स एक परफेक्ट और रोमांटिक हनीमून डेस्टिनेशन बनाते हैं, जहां विदेशी आल्प्स जाने की कोई जरूरत महसूस नहीं होती।उत्तराखंड का औली: स्की प्रेमियों और बर्फीली चोटियों के दीवानों के लिए स्वर्गउत्तराखंड (Uttarakhand) की पहाड़ियों की गोद में बसा औली (Auli) भारत का विंटर स्पोर्ट्स कैपिटल माना जाता है और इसे भारत का मिनी स्विट्जरलैंड भी कहा जाता है। नंदा देवी और कामेट जैसी विशाल पर्वत श्रृंखलाओं से घिरे इस खूबसूरत हिल स्टेशन पर चारों तरफ फैली बर्फ की वादियां और कल-कल बहते झरने किसी का भी मन मोह लेने के लिए काफी हैं। औली में स्थित विशाल कृत्रिम झील और वहां से नंदा देवी चोटी का नजारा दुनिया के किसी भी यूरोपीय देश के प्राकृतिक सौंदर्य को टक्कर दे सकता है। यहां की शांत और प्रदूषण मुक्त हवा में अपने हमसफर का हाथ थामकर घूमना किसी फिल्मी अहसास से कम नहीं है, और यही वजह है कि हनीमून मनाने के लिए इन दिनों युवाओं की पहली पसंद औली बनता जा रहा है।हिमाचल प्रदेश का सांगला और छिटकुल घाटी: प्रकृति की गोद में बसा एक अनछुआ खजानाहिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) का किन्नौर जिला अपने भीतर एक ऐसी प्राकृतिक खूबसूरती समेटे हुए है जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं, और इसी का एक बेहद हसीन हिस्सा है सांगला घाटी (Sangla Valley) तथा भारत का अंतिम छोर कहा जाने वाला गांव छिटकुल (Chitkul)। बास्पा नदी के किनारे बसे इस शांत और खूबसूरत इलाके में सेब के बाग, लकड़ी के पारंपरिक घर और पृष्ठभूमि में खड़े बर्फ से ढके पहाड़ किसी पेंटिंग जैसे प्रतीत होते हैं। यहां की वादियों में आपको आधुनिक दुनिया की भीड़भाड़ और शोरगुल से दूर एक ऐसी शांति और सुकून मिलता है जो आपके हनीमून के पलों को और अधिक खास और रोमांटिक बना देता है। स्थानीय संस्कृति का सानिध्य और रात के समय आसमान में चमकते हुए तारों का अद्भुत नजारा इस जगह को कपल्स के लिए जन्नत बना देता है।लेह-लद्दाख की पैंगोंग झील: नीले पानी का समंदर और पहाड़ों का जादुई संगमयदि आपको और आपके पार्टनर को बर्फीले पहाड़ों के साथ-साथ नीले कांच जैसे पानी वाली झीलों का अद्भुत कॉम्बिनेशन पसंद है, तो लद्दाख (Ladakh) की पैंगोंग त्सो (Pangong Tso) झील आपकी यात्रा का सबसे बेहतरीन पड़ाव साबित होगी। समुद्र तल से हजारों फीट की ऊंचाई पर स्थित इस विशाल झील का रंग दिन में कई बार बदलता है, जो पर्यटकों को अपनी तरफ सम्मोहित कर लेता है। चारों तरफ बंजर और विशाल बर्फीले पहाड़ों के बीच फैली इस नीले पानी की झील का सौंदर्य इस धरती पर किसी चमत्कार से कम नहीं लगता है। हालांकि यहां की ऊंचाई के कारण ऑक्सीजन का स्तर थोड़ा कम होता है, लेकिन यहाँ बिताया गया हर एक पल आपके जीवन की सबसे खूबसूरत यादों में हमेशा के लिए दर्ज हो जाता है।सिक्किम का युमथांग वैली: फूलों की घाटी और बर्फीली झीलों का अनूठा संसारपूर्वोत्तर भारत (North-East India) की प्राकृतिक सुंदरता का जिक्र किए बिना भारत की खूबसूरती की कोई भी दास्तान पूरी नहीं हो सकती, और सिक्किम (Sikkim) में स्थित युमथांग वैली (Yumthang Valley) इसका सबसे बड़ा जीवंत उदाहरण है। इस घाटी को 'वैली ऑफ फ्लावर्स' भी कहा जाता है क्योंकि गर्मियों के दिनों में यहां लाखों रंग-बिरंगे अल्पाइन फूल पूरी वादियों को रंगीन बना देते हैं, जबकि सर्दियों में यह पूरी तरह बर्फ से ढकी होती है। यहां के गर्म पानी के प्राकृतिक सोते (Hot Springs), बहती नदियां और विशाल पहाड़ियां हनीमून कपल्स को एक बिल्कुल अलग और अनोखा अनुभव प्रदान करती हैं। तो फिर देर किस बात की, इस बार विदेश जाने के भारी-भरकम खर्च से बचने के बजाय अपने देश के इन खूबसूरत कोनों को चुनें और अपने सफर को यादगार बनाएं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Oct 2026 2:24 pm

Gangtok के रिज पार्क में 28 अक्टूबर से सजेगा सिक्किम कला और साहित्य महोत्सव

नयी दिल्ली, एक अक्टूबर सिक्किम कला और साहित्य महोत्सव के दूसरे संस्करण का आयोजन 28 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक गंगटोक के रिज पार्क में किया जाएगा जिसमें मामंग दाई, नवराज पराजुली, रंजीत होस्कोटे, विलियम डेलरिम्पल, युवन अवेश, गुरु टी लद्दाखी और स्टीफन ऑल्टर जैसे प्रमुख लेखक, विचारक और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल होंगे। तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव को सिक्किम सरकार के शिक्षा विभाग के छात्र कल्याण बोर्ड द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा और इसे टीमवर्क आर्ट्स ने तैयार किया है। आयोजकों ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। सिक्किम सरकार के शिक्षा विभाग के छात्र कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सोनम चोफेल शेरपा ने एक बयान में कहा सिक्किम कला और साहित्य महोत्सव, सिक्किम के युवाओं के लिए साहित्य, कला, संस्कृति और विचारों से जुड़ने के सार्थक अवसर पैदा करने की हमारी कोशिश का एक अहम हिस्सा है।’’उन्होंने कहा, इसका दूसरा संस्करण कुछ बेहतरीन लेखकों, कवियों और सांस्कृतिक क्षेत्र के लोगों को गंगटोक लाकर उस प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाएगा और साथ ही हमारी अपनी कहानियों, भाषाओं, परंपराओं और समकालीन अनुभवों के लिए भी जगह बनाएगा।’’सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग (गोले) की पहल पर आयोजित इस महोत्सव का मकसद बातचीत, रचनात्मकता और युवाओं की भागीदारी के लिए एक मंच बनाना है, जो सिक्किम की सांस्कृतिक आवाज़ों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोणों से जोड़े। शेरपा ने कहा, हम चाहते हैं कि हमारे छात्र और युवा दर्शक संस्कृति को केवल संरक्षित की जाने वाली चीज़ के रूप में न देखें, बल्कि ऐसी चीज़ के रूप में देखें जिसमें वे सक्रिय रूप से भाग ले सकें, सवाल पूछ सकें, नए सिरे से समझ सकें और आगे बढ़ा सकें।’’उन्होंने कहा, यह साहित्योत्सव सभी उम्र के दर्शकों के लिए वर्कशॉप, बातचीत और परफॉर्मेंस के साथ सिक्किम और हिमालय की शानदार सांस्कृतिक समृद्धि को एक साथ मिलकर जानने, सीखने और उसका जश्न मनाने का एक मौका है। यह उत्सव राज्य की साहित्यिक और सांस्कृतिक परंपराओं के साथ-साथ यहाँ के अलग-अलग समुदायों, भाषाओं, इतिहास और मौखिक परंपराओं को भी दिखाएगा। यह सिक्किम और व्यापक हिमालयी क्षेत्र के संगीत, कहानियों और अनुभवों को पहचान, यादों, परिवेश, अपनापन और समकालीन संस्कृति से जुड़ी बातचीत का हिस्सा भी बनाएगा। साहित्य उत्सव के प्रोड्यूसर और टीमवर्क आर्ट्स के वरिष्ठ वाइस प्रेजीडेंट सैयद शम्स जावेद ने कहा इस साल, हमने सिक्किम, व्यापक हिमालयी क्षेत्र, भारत और अन्य जगहों से लेखकों, कवियों, विचारकों और सांस्कृतिक कलाकारों को एक साथ लाने का फैसला किया है ताकि साहित्य, परिवेश, पहचान, यादों और समकालीन जीवन से जुड़ी बातचीत के लिए एक मंच तैयार किया जा सके। कार्यक्रम की खासियतों में इकोज़ ऑफ़ वर्स शामिल होगा, जिसमें मामंग दाई और रंजीत होस्कोटे, गुरु टी. लद्दाखी के साथ बातचीत करेंगे। साथ ही कविता कॉन्सर्ट: बीट्स ऑफ़ पोएट्री में मशहूर कवि नवराज पराजुली कविता की लय, ऊर्जा और जीवंतता को मंच पर पेश करेंगे। इसमें दीज़ हिल्स कॉल्ड होम का भी आयोजन होगा, जहाँ चुडेन कबीमो और स्टीफन ऑल्टर, शारदा छेत्री के साथ बातचीत करेंगे तथा पहचान, अपनापन, यादों और हिमालयी परिवेश से जुड़े विचारों पर चर्चा की जाएगी।

प्रभासाक्षी 1 Oct 2026 5:53 pm

DA Hike: इस राज्य के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी खुशखबरी! बढ़ा DA और DR! जानें किसे कितना होगा फायदा

Sikkim Government DA Hike: सिक्किम सरकार ने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है। वित्त विभाग द्वारा जारी एक आधिकारिक सर्कुलर के अनुसार, राज्य सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी का फैसला किया है। बढ़ा हुआ डीए और डीआर 1 जनवरी से लागू माना जाएगा।डीए और डीआर में बढ़ोतरी की मुख्य बातेंरिवाइज्ड पे स्केल वाले कर्मचारी व पेंशनर्स: जिन कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को संशोधित मूल वेतन ढांचे के तहत वेतन मिल रहा है, उनका डीए/डीआर 58% से बढ़ाकर 60% कर दिया गया है।प्री-रिवाइज्ड पे स्केल वाले कर्मचारी व पेंशनर्स: गैर-संशोधित बेसिक पे स्ट्रक्चर के तहत वेतन पाने वाले कर्मचारियों और पेंशनर्स का डीए/डीआर 257% से बढ़ाकर 262% कर दिया गया है।कॉन्ट्रैक्ट और वर्क-चार्ज्ड कर्मचारी: यह संशोधित डीए दरें राज्य सरकार के नियमित वेतनमान में काम कर रहे संविदा कर्मचारियों और वर्क-चार्ज्ड प्रतिष्ठानों के कर्मियों पर भी समान रूप से लागू होंगी।ऑल इंडिया सर्विस (AIS) अधिकारियों के लिए दरेंसातवें केंद्रीय वेतन आयोग (7th CPC) की सिफारिशों के आधार पर संशोधित बेसिक पे पाने वाले ऑल इंडिया सर्विस (AIS) अधिकारियों का डीए 58% से बढ़ाकर 60% कर दिया गया है। वहीं जो एआईएस अधिकारी छठे केंद्रीय वेतन आयोग (6th CPC) के प्री-रिवाइज्ड पे बैंड और ग्रेड पे स्ट्रक्चर के तहत वेतन उठा रहे हैं, उनका डीए 257% से बढ़ाकर 262% कर दिया गया है।राउंडिंग ऑफ का नियमसर्कुलर में यह भी स्पष्ट किया गया है कि डीए और डीआर की गणना करते समय अगर राशि में 50 पैसे या उससे अधिक का अंश आता है, तो उसे अगले पूरे रुपये में बदल दिया जाएगा। वहीं, 50 पैसे से कम के अंश को नजरअंदाज कर दिया जाएगा। बता दें कि सिक्किम सरकार के इस फैसले से राज्य के करीब 50,000 कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सीधा वित्तीय लाभ मिलेगा।

ज़ी न्यूज़ 1 Oct 2026 5:15 pm