असिस्टेंट के रूप में काम किया, अब गुजरात में सिविल जज
भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा शाहपुरा के यश मेहता का गुजरात में सिविल जज के रूप में चयन हुआ है। यश की गुजरात ज्यूडिशियल सर्विसेज में 7 वीं रैंक बनी है। उन्होंने राजस्थान ज्यूडिशियल सर्विसेज की भी तैयारी की थी, लेकिन दोनों की समान तारीखें होने से उन्होंने गुजरात में चयन को प्राथमिकता दी। यश मेहता ने गुजरात सिविल जज कैडर में 250 अंक के मुकाबले सामान्य वर्ग में 147.50 अंक हासिल कर 7 वीं रैंक बनाई। यश मेहता के पिता सुनील मेहता जहाजपुर न्यायालय में प्रोसेस सर्वर थे, जो वर्तमान में रीडर के पद पर कार्यरत हैं। स्कूली पढ़ाई शाहपुरा में की। न्यायालय के वातावरण और अपने पिता के संघर्षपूर्ण जीवन को देखते हुए यश के मन में बचपन से ही न्यायिक सेवा में जाने का सपना था। आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई और लक्ष्य के प्रति कभी समझौता नहीं किया। वकालत की शुरुआत उन्होंने भीलवाड़ा में वरिष्ठ अधिवक्ता ललित कुमावत और मनीष नागोरी के मार्गदर्शन में बतौर असिस्टेंट एडवोकेट के रूप में काम किया। यश मेहता के अनुसार सीनियर के मार्गदर्शन, अनुशासन और प्रेरणा ने ही उन्हें इस मुकाम तक पहुंचने की दिशा दिखाई। यश मेहता की ये उपलब्धि इस बात का उदाहरण है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत सच्ची हो और सही मार्गदर्शन मिले तो साधारण परिवार से आने वाला युवा भी न्यायपालिका में प्रतिष्ठित पद तक पहुंच सकता है। सीमित संसाधनों के बावजूद कठिन परिश्रम, दृढ़ संकल्प और सही मार्गदर्शन के बल पर उन्होंने यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उनकी सफलता न केवल युवा अधिवक्ताओं के लिए बल्कि उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का साहस रखते हैं। यश मेहता ने क्लैट में ऑल इंडिया 947 वीं रैंक हासिल करने के बाद नागपुर में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से एलएलबी कोर्स किया। दिल्ली में कॉर्पोरेट में सर्विस करने के बाद न्यायिक सेवा की तैयारी की। राजस्थान ज्यूडिशियल सर्विसेज में भी प्रि-लिम्स में चयन हो गया था। गुजरात और राजस्थान की समान तारीख थी, लेकिन उन्होंने गुजरात ज्यूडिशियल सर्विसेज में अच्छी रैंक बनने पर उन्होंने गुजरात को चुना है। क्लैट में ऑल इंडिया 947 रैंक आई थी
Aakash Chopra ने IPL 2026 के लिए चुनी Gujarat Titans की प्लेइंग XI, 21 साल के लड़के को भी दी जगह
Aakash Chopra PickGT Probable XI For IPL 2026: भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर आकाश चोपड़ा (Aakash Chopra) ने आईपीएल 2026 (IPL 2026) के लिए गुजरात टाइटंस (Gujarat Titans) टीम की संभावित इलेवन का चुनाव किया है। गौरतलब है कि ये टूर्नामेंट शनिवार, 28 मार्च से शुरू होने वाला है जिसमें शुभमन गिल (Shubman Gill) की कैप्टेंसी वाली गुजरात टाइटंस मंगलवार, 31 मार्च को अपना पहला मुकाबला पंजाब किंग्स के साथखेलेगी। 21 साल के खिलाड़ी को दी जगह: आकाश चोपड़ा ने गुजरात टाइटंस की XI में नंबर-4 की पॉजिशन के लिए 21 साल के विकेटकीपर बैटर कुमार कुशाग्र को चुना है जिन्हें GT ने ऑक्शन से पहले 65 लाख रुपये में रिटेन किया था। जान लें कि ये युवा खिलाड़ी 32 टी20 मैचों का अनुभव रखता है जिसमें उन्होंने लगभग 145 की स्ट्राइक रटे से 676 रन बनाए। उन्होंने आईपीएल में अब तक सिर्फ 4 मुकाबले खेले हैं। बताते चलें कि इससे पहले वो साल 2024 में दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा थे और तब उन्हें DC ने ऑक्शन में पूरे 7 करोड़ 20 लाख रुपये में खरीदा था। आकाश चोपड़ा ने कुमार कुशाग्र को शाहरुख खान और अनुज रावत जैसे अनुभवी खिलाड़ियों से ऊपर रखकर गुजरात टाइटंस की प्लेइंग इलेवन के लिए चुना है। 7 करोड़ के ऑलराउंडर को नहीं दी जगह: आईपीएल 2026 के ऑक्शन में गुजरात टाइटंस ने सबसे ज्यादा खर्चा करके वेस्टइंडीज के लंबे कद के बॉलिंग ऑलराउंडर जेसन होल्डर को खरीदा था, जिनके लिए उन्होंने पूरे सात करोड़ लुटा दिए थे। हालांकि आकाश चोपड़ा की गुजराज टाइटंस के लिए चुनी गई इलेवन में जेसन होल्डर को ही जगह नहीं मिली है। बता दें कि 34 साल के जेसन होल्डर अब तक 342 टी20 मैच खेल चुके हैं जिसमें उन्होंने कुल 365 विकेट चटकाए और 3,325 रन बनाए। आकाश चोपड़ा द्वारा चुनी गई आईपीएल 2026 के लिए गुजरात टाइटंस की प्लेइंग इलेवन: शुभमन गिल (कप्तान), साईं सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), कुमार कुशाग्र, ग्लेन फिलिप्स, वाशिंगटन सुंदर, राहुल तेवतिया, राशिद खान, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज, कगिसो रबाडा। Also Read: LIVE Cricket Score आईपीएल 2026 के लिए गुजरात टाइटंस का पूरा स्क्वाड: शुभमन गिल (कप्तान), अनुज रावत, अरशद खान, ग्लेन फिलिप्स, गुरनूर बरार, इशांत शर्मा, जयंत यादव, जोस बटलर, कुमार कुशाग्र, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, निशांत सिद्धू, प्रसिद्ध कृष्णा, राहुल तेवतिया, राशिद खान, साई किशोर, साई सुदर्शन, शाहरुख खान, वाशिंगटन सुंदर, कगिसो रबाडा, टॉम बैंटन, जेसन होल्डर, अशोक शर्मा, पृथ्वी राज यारा, ल्यूक वुड।
गुजरात ने अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में एक नई ऊंचाई हासिल की है। अहमदाबाद से लगभग 100 किलोमीटर दूर धोलेरा स्मार्ट सिटी के बावलियारी गांव से राज्य का पहला 'साउंडिंग रॉकेट' सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया है। इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने के लिए राज्य ...
जींद जिले के गांव गतौली निवासी और पूर्व मंत्री कुलबीर सिंह मलिक के पौत्र अमनदीप मलिक ने मात्र 24 वर्ष की आयु में गुजरात न्यायिक सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया में 57वां रैंक हासिल कर गुजरात कैडर में जज के पद पर नियुक्ति प्राप्त की। शनिवार को गांव गतौली में आयोजित सम्मान समारोह में अमनदीप मलिक को सम्मानित किया गया। अमनदीप मलिक के पिता जोगेंद्र सिंह मलिक और ताऊ रविंद्र सिंह मलिक भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में इंस्पेक्टर (टेलीकॉम) के पद पर कार्यरत हैं। उनके दादा सूबे सिंह मलिक गांव में जेबीटी अध्यापक रहे हैं। उन्होंने अपने पोते की इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि अमनदीप बचपन से ही मेधावी छात्र रहा है और हमेशा अध्ययन में रुचि रखता था। शिक्षा और सफलता की कहानी अमनदीप मलिक की प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले स्थित केंद्रीय विद्यालय से हुई। इसके बाद उन्होंने विशाखापट्टनम से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने न्यायिक सेवा में जाने का लक्ष्य तय किया और कड़ी मेहनत के दम पर पहले ही प्रयास में यह सफलता हासिल की। परिवार और गुरुजनों को दिया सफलता का श्रेय अमनदीप ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, ताऊ, दादा, गुरुजनों और मित्रों को दिया। उन्होंने कहा कि उनके दादा सूबे सिंह मलिक, पिता समान ताऊ रविंद्र सिंह मलिक, पिता जोगेंद्र सिंह मलिक और माता नीलम देवी के मार्गदर्शन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। उन्होंने बताया कि उनके पारिवारिक दादा और प्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री कुलबीर सिंह मलिक उनके प्रेरणास्त्रोत रहे हैं, जिनसे उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। गोल्ड मेडल छोड़ न्यायिक परीक्षा पर केंद्रित रहे एलएलबी की परीक्षा में अमनदीप को विश्वविद्यालय की ओर से गोल्ड मेडल के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन वे न्यायिक परीक्षा की तैयारी में इतने व्यस्त रहे कि उन्होंने यह अवसर छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि न्यायिक सेवा में चयन ही उनका जीवन लक्ष्य था और उसी पर उन्होंने पूरा ध्यान केंद्रित किया। गांव में हुआ जोरदार स्वागत गांव गतौली में अमनदीप मलिक के आगमन पर ग्रामीणों ने बड़े प्रवेश द्वार और होर्डिंग्स लगाकर उनका स्वागत किया। उन्हें गाजे-बाजे के साथ जुलूस के रूप में गांव में लाया गया। गांव की ओर से नव-नियुक्त जज अमनदीप मलिक को पगड़ी पूर्व मंत्री कुलबीर सिंह मलिक, सूबे सिंह मलिक और सरपंच हरिओम शर्मा ने पहनाई। सम्मान समारोह में जुटे गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर पूर्व मंत्री कुलबीर सिंह मलिक, सरपंच हरिओम शर्मा, ढांडा खाप के पूर्व प्रधान नरेश ढांडा, एनयूजे (आई) के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संदीप मलिक, पूर्व सरपंच सुरजीत मलिक, जिले सिंह मलिक, जितेंद्र मलिक, विजय मलिक, सोनू मलिक और रघुवेंद्र मलिक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। समारोह में क्षेत्रवासियों ने अमनदीप की सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
गुजरात राज्य में बढ़ते साइबर अपराधों को प्रभावी ढंग से रोकने और उनकी जांच अधिक सूक्ष्मता से करने के लिए पुलिस तंत्र के प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव किए गए हैं। इसके तहत अहमदाबाद ग्रामीण, सूरत ग्रामीण और राजकोट ग्रामीण सहित राज्य की कुल 9 रेंज के ...
रसोई गैस की किल्लत, कालाबाजारी रोकने के लिए गुजरात सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
LPG Helpline Number Gujarat: ईरान और इजराइल के बीच युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक अशांति का असर अब देश के अन्य राज्यों की तरह गुजरात के लोगों की रसोई तक भी पहुंच गया है। राज्य में घरेलू और कमर्शियल गैस की कमी की खबरों के बीच गैस एजेंसियों पर लंबी ...
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने जहानाबाद में बिहार सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि बिहार की सत्ता भले ही यहां के लोग चला रहे हों, लेकिन इसका नियंत्रण गुजरात के लोगों के हाथ में होगा। किशोर ने यह बात विधानसभा चुनाव के बाद कार्यकर्ताओं से मुलाकात और समीक्षा बैठक के लिए जिले में आने के दौरान कही। प्रशांत किशोर ने दोहराया कि उन्होंने पहले ही कहा था कि यदि एनडीए गठबंधन की सरकार बनती है, तो नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। नीतीश कुमार को सीएम पद से हटाया जा रहा उन्होंने आरोप लगाया कि 202 विधायक होने के बावजूद नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाया जा रहा है। उन्होंने विधानसभा चुनाव में पैसे के बल पर वोट खरीदने और चुनाव आयोग के दुरुपयोग का आरोप लगाया। किशोर के अनुसार, इसी वजह से एनडीए गठबंधन को 202 सीटें मिलीं, जबकि उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि जदयू 25 सीटों से अधिक नहीं जीत पाएगी, यदि पैसे का इस्तेमाल न होता। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने यह काम किया, वही अब नीतीश कुमार को हटा रहे हैं। गुजरात के हितों को प्राथमिकता दी जाएगीकिशोर ने आशंका जताई कि आने वाले समय में बिहार में सरकार भले ही बिहार के लोग चलाएं, लेकिन इसमें गुजरात के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव में पैसे और चुनाव आयोग के दुरुपयोग से बहुमत हासिल किया है, और इस सरकार का 'चाल और चरित्र' जल्द ही सामने आएगा। बिहार की व्यवस्था बदलने के संबंध में प्रशांत किशोर ने कहा कि केवल सांसद और विधायक बदलने से यह संभव नहीं होगा। उन्होंने जोर दिया कि पंचायती राज व्यवस्था में अच्छे मुखिया का चुनाव होने पर ही बिहार की व्यवस्था में सुधार आएगा। जहरीली शराब पीने से हजारों लोगों की मौत हुईशराबबंदी पर बोलते हुए उन्होंने इसे हटाने की वकालत की। किशोर ने तर्क दिया कि बिहार में शराब लगातार बिक रही है, जिससे सरकार को लगभग 20,000 करोड़ रुपए का राजस्व नुकसान हो रहा है। उन्होंने 2016 के बाद जहरीली शराब पीने से हजारों लोगों की मौत का भी जिक्र किया।
बाड़मेर की बहू गुजरात में जज बनी, बोली: ट्रेडिशनल ड्रेस व घूंघट पसंद
बाड़मेर | बाड़मेर की बहू दीपू कंवर का गुजरात न्यायिक सेवा में चयन हुआ है। खास बात ये है कि शादी होने के 7 साल बाद वो पढ़ती रही। वो एक बेटे की मां है, राजस्थानी ट्रेडिशनल ड्रेस, घूंघट और राजस्थानी रीति-रिवाज में रहते हुए पढ़ाई की। अब उसने इस सफलता का श्रेय सास-ससुर को दिया है। पीहर से ही पढ़ाई के लिए लॉ की किताबें साथ लेकर आई थी। जालीपा गांव निवासी लोकेंद्रसिंह के साथ 7 साल पहले दीपू कंवर की शादी हुई थी। दीपू कंवर मूलरूप से गुजरात के जामनगर की रहने वाली है। शादी के समय एलएलबी सेकंड ईयर की स्टूडेंट थीं। इसी वजह से ससुराल जाने के बाद भी उन्होंने न्यायिक अधिकारी बनने का सपना ठान रखा था। गुजरात में यह जरूरी है कि प्रैक्टिस एडवोकेट की होनी चाहिए। तभी आप एग्जाम दे सकते हैं। दीपू ने कंवर ने साल 2021 में कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू कर दी थी। 2022 में पहली बार एग्जाम दिया था। तब इंटरव्यू में रह गई थी। 2023 में मेन्स एग्जाम में पास नहीं हुई। इस बार 2025 में 79वीं रैंक से चयन हुआ। ^ससुराल में पढ़ाई के लिए कभी नहीं रोका। सास और ससुर हमेशा घर पर काम करने का विरोध करते थे। मैं ससुराल में एक रूम में हॉस्टल की तरह रहकर पढ़ाई करती थी। घूंघट निकालना पसंद हैं। - दीपू कंवर
1.8 करोड़ के 451 गुम मोबाइल मालिकों को वापस:बिहार, राजस्थान, गुजरात और यूपी से चोरी के फोन ढूंढे
राजगढ़ पुलिस ने 'ऑपरेशन ट्रेस एंड रिटर्न' अभियान के तहत 451 गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 1.8 करोड़ रुपये बताई जा रही है। तकनीकी जांच के बाद ये फोन अब उनके असली मालिकों को लौटाए जा रहे हैं, जिससे उन्हें काफी मदद मिली है। मोबाइल गुम होने की बढ़ती शिकायतों के मद्देनजर राजगढ़ पुलिस ने साइबर सेल और थानों की संयुक्त टीम के साथ यह विशेष अभियान शुरू किया था। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार तोलानी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के.एल. बंजारे के मार्गदर्शन में टीम ने तकनीकी विश्लेषण और सीईआईआर (CEIR) पोर्टल का उपयोग कर मोबाइल ट्रेसिंग का कार्य किया। बरामद किए गए मोबाइल राजगढ़ जिले के अलावा कई अन्य जिलों और राज्यों में उपयोग किए जा रहे थे। पुलिस ने तकनीकी ट्रैकिंग के माध्यम से देवास, इंदौर, उज्जैन, भोपाल, रतलाम, शाजापुर, आगर-मालवा, गुना, विदिशा, रायसेन, धार, खरगोन, ग्वालियर, रीवा, शिवपुरी और मंदसौर जैसे जिलों से फोन बरामद किए। इसके अतिरिक्त, बिहार, राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से भी गुम हुए मोबाइल ट्रेस कर वापस लाए गए। यह अभियान मोबाइल रिकवरी के क्षेत्र में लगातार सफल रहा है। पूर्व में 350 मोबाइल फोन बरामद किए गए थे, और अब यह संख्या बढ़कर 451 हो गई है। बरामद मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत 1.8 करोड़ रुपये है। इस पूरे अभियान में राजगढ़ साइबर सेल की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उपनिरीक्षक जितेंद्र अजनारे के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी ट्रैकिंग और विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर मोबाइलों की लोकेशन का पता लगाया और उन्हें बरामद किया।
जैसलमेर शहर में शादी से एक महीने पहले युवती ने सुसाइड कर जान दे दी। घटना के वक्त 25 साल की रेखा घर में अकेली थी। घटना शहर के आरपी कॉलोनी में शुक्रवार दोपहर तीन बजे की है। बताया जा रहा है कि रेखा की 15 दिन पहले ही गुजरात में सगाई हुई थी। अप्रैल महीने में ही रेखा की शादी थी। शहर कोतवाल सुरजाराम जाखड़ ने बताया- मृतका का पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सुपुर्द किया जाएगा। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर लिया है और आत्महत्या के कारणों की जांच कर रहे हैं। परिजनों के घर लौटते ही खुला मौत का राज शहर कोतवाल सुरजाराम जाखड़ ने बताया घटना के वक्त रेखा घर में अकेली थी। रेखा के पिता का किराणा का बिजनेस है। घटना के वक्त रेखा के दोनों भाई अपनी दुकान पर गए हुए थे। जबकि उसके माता-पिता किसी काम से बाड़मेर गए थे। दोपहर में जब माता-पिता बाड़मेर से वापस घर लौटे, तो उन्हें घर का दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक आवाज देने और फोन करने के बावजूद जब अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। दरवाजा तोड़ा तो फंदे से लटकी मिली रेखा आस-पड़ोस के लोगों की मदद से जब घर का दरवाजा तोड़ा। जब वे अंदर गए तो रेखा कमरे में पंखे के हुक से रस्सी के फंदे पर लटकी हुई मिली। आनन-फानन में पड़ोसियों के सहयोग से शव को नीचे उतारा गया और तुरंत जवाहिर हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 19 अप्रैल को होनी थी शादी पुलिस के अनुसार हाल ही में 15 दिन पहले रेखा की सगाई गुजरात के धानेरा में तय हुई थी। आगामी 19 अप्रैल को उसकी शादी होनी थी और घर में विवाह की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं। जिस घर में शहनाइयां बजने वाली थीं, वहां अचानक हुई इस घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने बताया कि अभी तक सुसाइड के कारणों का पता नहीं चल पाया है। इसके साथ ही कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है।
झाबुआ के पास नेशनल हाईवे 47 पर शुक्रवार दोपहर बड़ा हादसा होते-होते टल गया। इंदौर का एक परिवार उस वक्त मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकल आया जब उनकी चलती कार का टायर फट गया। गनीमत रही कि परिवार के सभी सदस्यों ने सीट बेल्ट लगा रखी थी, जिसने उनकी जान बचा ली। इंदौर की सिलिकॉन सिटी में रहने वाले संतोष सुकांत मोहंती अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ कार से गुजरात के भरूच जा रहे थे। वहां उन्हें एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होना था। सफर के दौरान झाबुआ के पास अचानक उनकी कार का टायर फट गया, जिससे गाड़ी बेकाबू होकर डिवाइडर से टकराई और सड़क पर ही पलट गई। सीट बेल्ट ने ढाल बनकर बचाई जान हादसा इतना खतरनाक था कि गाड़ी को काफी नुकसान पहुंचा, लेकिन सीट बेल्ट लगी होने के कारण परिवार का कोई भी सदस्य वाहन से बाहर नहीं फेंका गया। संतोष मोहंती के हाथ में हल्की चोट आई, जबकि उनकी पत्नी और डेढ़ और चार साल के दोनों बच्चों को खरोंच तक नहीं आई। सूचना मिलते ही ट्रैफिक सूबेदार कमल मिंदल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और संतोष को इलाज के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने पेश की मानवता की मिसाल अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद ट्रैफिक पुलिस ने इस परिवार की पूरी मदद की। सूबेदार कमल मिंदल और उनकी टीम ने न केवल हाईवे से दुर्घटनाग्रस्त कार को हटवाकर रास्ता साफ करवाया, बल्कि परिवार के लिए दूसरे वाहन का इंतजाम भी किया। पुलिस ने पूरे परिवार को सुरक्षित इंदौर के लिए रवाना किया और उनकी क्षतिग्रस्त कार को भी क्रेन की मदद से इंदौर भिजवा दिया।
रायसेन जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में गुरुवार रात एक सड़क हादसे में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घोघरी-सुल्तानगंज रोड पर गुजरात से मजदूरी कर लौट रहे इन युवकों की बाइक सड़क किनारे लगी रेलिंग से टकराकर करीब 15 फीट गहरी खाई में गिर गई। जानकारी के अनुसार, ग्राम केसलोन निवासी जयकुमार कुशवाहा (18) और शंकरलाल (22) गुजरात से मजदूरी कर अपने गांव लौट रहे थे। घोघरी-सुल्तानगंज रोड पर उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगी रेलिंग से टकरा गई। इसके बाद बाइक समेत तीनों युवक करीब 15 फीट गहरी खाई में जा गिरे। एक राहगीर ने घटना देखकर आसपास के लोगों को सूचना दी। इसके बाद 108 एम्बुलेंस और सुल्तानगंज थाना पुलिस को सूचित किया गया। एम्बुलेंस स्टाफ के डॉक्टर जयसिंह ठाकुर और पायलट मुकेश प्रजापति मौके पर पहुंचे। खाई में गिरे घायल जयकुमार को स्पाइन बोर्ड की मदद से सावधानीपूर्वक ऊपर लाकर एम्बुलेंस तक पहुंचाया गया। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुल्तानगंज ले जाया गया, जहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए सागर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। फिलहाल, तीनों युवकों का उपचार जारी है।
राजस्थान के जैसलमेर जिले के नाचना से अहमदाबाद जा रही एक प्राइवेट ट्रैवल बस में गुजरात के धानेरा के पास भीषण आग लग गई। हादसे में एक यात्री गंभीर रूप से झुलस गया, जिसे पालनपुर रेफर किया गया है। यात्रियों ने इमरजेंसी गेट से कूदकर जान बचाई। वहीं बस के साथ यात्रियों का सामान भी जल गया। AC में शॉर्ट सर्किट से लगी आग जानकारी के अनुसार, हादसा सुबह करीब 3:30 बजे हुआ, जब बस में सवार 16 यात्री गहरी नींद में थे। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण बस के एयर कंडीशनर (AC) में शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। इमरजेंसी से कूदकर बचाई जान आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। बस में अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों ने इमरजेंसी से कूदकर अपनी जान बचाई। इस दौरान एक यात्री आग की लपटों में बुरी तरह झुलस गया। गंभीर यात्री पालनपुर रेफर गंभीर रूप से झुलसे यात्री को धानेरा के हॉस्पिटल में प्राथमिक उपचार के बाद पालनपुर रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों के अनुसार यात्री की हालत चिंताजनक बनी हुई है। अन्य यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं, जिनका प्राथमिक उपचार किया गया है। सामान और मोबाइल जलकर राख स्वागत ट्रेवल्स के संचालक निर्मल रैयानी ने बताया - बस सेवा हाल ही में नाचना से अहमदाबाद के बीच शुरू की गई थी। उन्होंने बताया कि आग इतनी भीषण थी कि यात्रियों का सारा सामान, कीमती दस्तावेज और मोबाइल फोन जलकर राख हो गए, जिससे उनके परिजनों से संपर्क करना मुश्किल हो रहा है। निर्मल रैयानी ने कहा- हादसे की सूचना मिलते ही हमने अपनी टीम मौके पर भेजी है। हम यात्रियों और उनके परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं।
रेगिस्तानी जिले बाड़मेर की रहने वाली दीपू कंवर का गुजरात न्यायिक सेवा (GJS) में सिलेक्शन हुआ है। कंवर अपनी सक्सेस का पूरा क्रेडिट अपने सास-ससुर को देती हैं। शादी के बाद से वो उन्हें हमेशा पढ़ाई के लिए और घर के काम नहीं करने के लिए कहते रहे। अगर वे घर ससुराल में कभी काम करने लगतीं तो ससुर घर के बाकी लोगों को डांट देते थे कि बहू से काम मत करवाओ। उन्हें ससुराल में पढ़ने की हर सुविधा मिली है। इसलिए शादी के 7 साल बाद और एक बेटी की मां बनने के बाद भी वे जज बन गईं। पीहर से साथ लाई थी लॉ की किताबें जज बनीं दीपू कंवर की करीब 7 साल पहले बाड़मेर के जालीपा के रहने वाले लोकेंद्र सिंह के साथ शादी हुई थी। जामनगर (गुजरात) की रहने वालीं दीपू शादी के दौरान एलएलबी सेकंड ईयर की स्टूडेंट थीं। पीहर से ससुराल लॉ की किताबें और न्यायिक अधिकारी बनने का सपना लेकर आई थीं। कंवर ने बताया कि इस दौरान करीब 8 दिन ही जालीपा रही और फिर वापस जामनगर चली गई। क्योंकि मेरे एग्जाम थे। ज्यादातर समय में पीहर में रही। उस वक्त मेरी एलएलबी चल रही थी। तीसरे अटेम्प्ट में क्लियर किया गुजरात में यह कंपलसरी है कि आप प्रैक्टिस एडवोकेट ही होने चाहिए। तभी आप एग्जाम दे सकते हैं। हालांकि, ऐसा बाकी स्टेट में नहीं है। इसलिए दीप ने कंवर ने साल 2021 में कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू कर दी थी। जो अब तक कर रही थीं। साल 2022 में पहली बार एग्जाम दिया था। तब प्री और मेन्स दोनों क्लियर कर लिया था, लेकिन इंटरव्यू में रह गई थी। उसके बाद मैंने 2023 में फिर एग्जाम दिया उस समय में मेन्स एग्जाम में रह गई। इस बार 2025 में 79वीं रैंक के साथ सिलेक्शन हो गया। ससुराल में मिला पढ़ाई का माहौल दीपू कंवर का कहना है कि मेरे ड्रीम को ससुराल ने ड्रीम बनाया। पढ़ाई के साथ घर का काम करती थी। गाय का दूध निकालना, खाना बनाना और दूसरे पारिवारिक और सामाजिक काम में भी शामिल रहती थी। हालांकि, मेरी सास समद कंवर और ससुर थान सिंह हमेशा मेरे घर के काम करने का विरोध करते थे। ससुर जी कहते थे कि जवाबदारी बाद में पहले कुछ बन कर दिखा दो। पहले पढ़ाई करो उसके बाद समाज के फंक्शन में शामिल होना। मैं ससुराल में एक रूम में हॉस्टल की तरह रहकर पढ़ाई करती थी। पति ने ही एलएलबी करने के लिए सपोर्ट किया दीपू के पति लोकेंद्र सिंह भी एलएलबी कर रहे हैं। दीपू बताती हैं कि उन्हें पढ़ाई और कोर्ट में प्रैक्टिस के दौरान हमेशा पति का सपोर्ट मिला है। वे उन्हें गाइड भी करते हैं। सगाई के दौरान वे कॉमर्स से ग्रेजुएशन कर रही थी। जब वे फाइनल ईयर में थी तब लोकेंद्र ने ही उनको एलएलबी करने के लिए प्रोत्साहित किया था। इसके बाद के.पी. शाह लॉ कॉलेज जामनगर में एडमिशन लिया। लॉ कम्पलीट करने के बाद जामनगर में ही कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू कर दी थी। नाम आने पर विश्वास ही नहीं हुआ जज दीपू ने बताया कि दो एग्जाम में रिजल्ट दूसरों ने ही बताए थे। इस बार भी प्री और मेन्स में दूसरों का कॉल आया और बताया कि तुम्हारा जीजेएस में हो गया है। 10 मार्च की शाम को जब फाइनल रिजल्ट आया तब जामनगर में पीहर में थी। फोन मेरे हाथ में था मैंने देखा रिजल्ट आया है। रिजल्ट देखने से पहले मंदिर गई भगवान को हाथ जोड़े, मैंने प्रार्थना की रिजल्ट मैं मेरा नाम हो। जैसे ही रिजल्ट देखा तो मेरा नाम है मुझे विश्वास नहीं हुआ फिर दोबारा देखा। सच में मेरा नाम है। मैं कुछ भी विश्वास ही नहीं कर पा रही थी। फिर सबसे पहले पापा को बताया। उस समय यह खुशी सबको बताने की इच्छा हो रही थी। रात में ही जामनगर से बाड़मेर के लिए निकल गई। सुबह ससुराल पहुंचकर बताया तो पूरी फैमिली का रिएक्शन बहुत ही शानदार था। परम्पराएं अच्छी हैं, घूंघट कोई परेशानी नहीं दीपू कंवर ने बताया कि वे ससुराल में हमेशा ट्रेडिशनल ड्रेस पहनती हैं। उन्हें घूंघट निकालना काफी पसंद हैं। ये उनके संस्कार का हिस्सा है। इसके लिए उन पर कोई दबाव नहीं होता है, लेकिन ये सब उन्हें काफी पसंद है। संस्कार का पढ़ाई और करियर के साथ कुछ लेना-देना नहीं है।
आईपीएल 2026: गुजरात टाइटंस ने पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज को बनाया सहायक कोच
GT VS MI Eliminator Match: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 से पहले गुजरात टाइटंस (जीटी) अपनी कोचिंग टीम को मजबूत कर रही है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व धाकड़ सलामी बल्लेबाज मैथ्यू हेडन को बल्लेबाजी कोच बनाने के बाद फ्रेंचाइजी ने विजय दहिया को असिस्टेंट कोच के रूप में नियुक्त किया है। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज विजय दहिया लंबे समय से आईपीएल में बतौर कोच सक्रिय रहे हैं। उनके जुड़ने से निश्चित रूप से गुजरात टाइटन्स की कोचिंग टीम मजबूत हुई है। विजय दहिया आईपीएल में केकेआर, दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्सा रहे हैं। विजय दहिया घरेलू क्रिकेट में भी कोच के तौर पर सफल रहे हैं। उनकी कोचिंग में दिल्ली ने 2007-08 का रणजी ट्रॉफी खिताब जीता था। दहिया उत्तर प्रदेश क्रिकेट टीम के भी कोच रहे हैं। 52 साल के दहिया भारतीय टीम के लिए 2 टेस्ट और 19 वनडे खेल चुके हैं। विजय दहिया घरेलू क्रिकेट में भी कोच के तौर पर सफल रहे हैं। उनकी कोचिंग में दिल्ली ने 2007-08 का रणजी ट्रॉफी खिताब जीता था। दहिया उत्तर प्रदेश क्रिकेट टीम के भी कोच रहे हैं। Also Read: LIVE Cricket Score आईपीएल 2026 से पहले हुई नीलामी में कई बेहतरीन खिलाड़ियों को अपना हिस्सा बनाने के बाद टीम लगातार अपनी कोचिंग टीम मजबूत कर रही है। गुजरात टाइटंस का लक्ष्य अपना दूसरा खिताब जीतना है। जीटी की कोचिंग टीम में आशीष नेहरा, पार्थिव पटेल, मैथ्यू हेडन, मैथ्यू वेड और विजय दहिया जैसे नाम शामिल हैं। Article Source: IANS
हरियाणा के कुरुक्षेत्र की बेटी निधि बंसल गुजरात न्यायिक सेवा 2025 की परीक्षा पास कर सिविल जज बनी हैं। उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की। निधी बंसल मूल रूप से शाहाबाद के कुम्हारों वाली गली की रहने वाली हैं। शाहाबाद से ही उन्होंने अपने कॉलेज तक की पढ़ाई की। शाहाबाद के आर्य गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल से उन्होंने साल 2008 में 12वीं पास की। इसके बाद 2011 में आर्य कन्या कॉलेज शाहाबाद से बी.कॉम की डिग्री हासिल की। बी.कॉम के बाद उन्होंने न्यायिक सेवा में जाने का टारगेट रखा। साल 2014 में उन्होंने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से LLB और 2017 में LLM की डिग्री हासिल की। राजस्थान में हुई शादी निधि बंसल की शादी साल 2017 में राजस्थान के हनुमानगढ़ के रहने वाले कार्तिक बंसल के साथ हुई। उनके पति कार्तिक बंसल इनकम टैक्स विभाग में इंस्पेक्टर हैं। फिलहाल वे गुजरात में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनकी पोस्टिंग के चलते परिवार गुजरात के मेहसाणा में रह रहा है। गुजरात में करती रहीं वकालत परिवार गुजरात में होने के चलते निधि ने साल 2024 से मेहसाणा जिला कोर्ट में वकालत और प्रैक्टिस करती रहीं। इससे उनको न्यायिक प्रक्रिया का अच्छा खासा अनुभव भी मिल गया। इस अनुभव का फायदा उनको न्यायिक सेवा की परीक्षा में भी मिला। अब उनकी 10 साल की मेहनत रंग लाई। तीसरी बार में मिली सफलता- निधी बातचीत में निधि बंसल ने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं था। उनको 2 बार असफलता का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने तैयारी नहीं छोड़ी। वे लगातार 2017 से मेहनत कर रही थीं। अपने तीसरे प्रयास में उन्होंने यह परीक्षा पास कर लिया। पति और परिवार ने साथ दिया उन्होंने अपनी सफलता को अपने पति और परिवार को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि हर कदम पर उनके पति ने उनका साथ दिया। मुश्किल हालत में उनका हौसला नहीं टूटने दिया। उनका कई बार हार मानने का मन भी हुआ, लेकिन उनके पति और परिवार ने उनको आगे बढ़ने की ताकत दी। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता- निधी उन्होंने कहा कि कामयाबी का कोई शॉर्टकट नहीं फार्मूला नहीं होता। जीवन में उतार-चढ़ाव आते ही रहते हैं, लेकिन अपनी मेहनत और धैर्य से अपने टारगेट तक पहुंचा जा सकता है। हां, अपनी नाकामयाबी से घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि उससे सीख लेना जरूरी है।
'NDA में बढ़ रहा परिवारवाद का चेहरा':बक्सर में सुधाकर सिंह बोले- बिहार अब गुजरात का उपनिवेश बन जाएगा
बिहार की राजनीति में परिवारवाद को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के जदयू से जुड़ने की चर्चाओं के बीच बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि परिवारवाद का चेहरा दिन-प्रतिदिन NDA में ही बढ़ता जा रहा है, जबकि यही लोग लगातार राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर परिवारवाद का आरोप लगाते रहे हैं। सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि NDA की राजनीति की बुनियाद ही राजद पर परिवारवाद का आरोप लगाकर खड़ी की गई थी। वर्षों तक राजद और लालू परिवार को निशाना बनाकर यह कहा गया कि वहां केवल परिवार को ही बढ़ावा दिया जाता है। उन्होंने दावा किया कि आज वही तस्वीर NDA के भीतर भी साफ दिखाई दे रही है। ''ऐसे दर्जनों नाम हैं जिनकी पूरी राजनीतिक श्रृंखला परिवार से जुड़ी हुई'' उन्होंने NDA में परिवारवाद के कई उदाहरण दिए। इनमें भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारी नितिन नवीन, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान (दिवंगत रामविलास पासवान के पुत्र), पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बेटे, मंत्री अशोक चौधरी की पुत्री सांभवी चौधरी और उपेन्द्र कुशवाहा के पुत्र दीपक प्रसाद शामिल हैं। सांसद ने कहा कि ऐसे दर्जनों नाम हैं जिनकी पूरी राजनीतिक श्रृंखला परिवार से जुड़ी हुई है। सुधाकर सिंह ने कहा कि जब इतने बड़े पैमाने पर परिवार के लोग राजनीति में आगे बढ़ाए जा रहे हैं, तो फिर केवल राजद पर परिवारवाद का आरोप लगाना पूरी तरह से राजनीतिक दोहरापन है। उन्होंने आरोप लगाया कि NDA के नेता जनता को भ्रमित करने के लिए परिवारवाद का मुद्दा उठाते हैं, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। बिहार की राजनीति को लेकर भी चिंता जताई इसके साथ ही सांसद सुधाकर सिंह ने बिहार की राजनीति को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अब बिहार को गुजरात मॉडल बनाने की बात कही जा रही है। उनका कहना था कि 1990 से 2026 तक बिहार का फैसला यहां की जनता और लोग तय करते रहे हैं, लेकिन अब स्थिति बदलती नजर आ रही है। सांसद ने आरोप लगाया कि आने वाले समय में बिहार के फैसले बाहरी लोग तय करेंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह अन्य राज्यों में राजनीतिक नियंत्रण बाहर से होता है, उसी तरह बिहार भी गुजरात के प्रभाव में आ सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि अगर यही स्थिति रही तो बिहार एक तरह से गुजरात का उपनिवेश बनकर रह जाएगा। सुधाकर सिंह के इस बयान के बाद बिहार की सियासत में परिवारवाद और बाहरी प्रभाव को लेकर बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
आरा-सासाराम रेलखंड पर ट्रेन की चपेट में आने से एक शख्स की मौत हो गई। गुजरात जाने के लिए घर से निकला था। मृतक की पहचान रामपुर गांव निवासी मुलुकनाथ महतो के पुत्र बलिराम महतो(45) के तौर पर हुई है। मृतक के बेटे अंकित कुमार ने बताया कि पिताजी गुजरात में रहते थे। वहां एक प्राइवेट कंपनी में काम करते थे। ड्यूटी पर जाने के लिए घर से निकले थे। आशंका है कि ट्रेन में चढ़ने के दौरान बैलेंस बिगड़ने से हादसा हुआ है। हालांकि जांच के बाद ही मामला स्पष्ट हो पाएगा। घटना नवादा थाना क्षेत्र के लहठान भवन के पास की है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल सूचना मिलने के बाद परिवार के सदस्य अस्पताल पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव सौंप दिया। मामले की छानबीन की जी रही है। परिवार में पत्नी चंद्रावती देवी, दो पुत्री सुषमा, अंशु और एक पुत्र अंकित कुमार है। परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
केजरीवाल का गुजरात की जनता से अपील, जागो और झाड़ू चलाकर अपनी सरकार बनाओ
‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सूरत में आयोजित ‘‘आप’’ के क्षेत्रीय बूथ सम्मेलन में गुजरात की जनता की आवाज़ को मज़बूती देने का लिया संकल्प
Gujarat High Court ने आमिर खान के बेटे की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी रोक हटाई
गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को बॉलीवुड स्टार आमिर खान के बेटे जुनैद की पहली फिल्म महाराज की रिलीज पर लगी अंतरिम रोक हटाते हुए कहा कि फिल्म में कुछ भी अपमानजनक नहीं है और यह पुष्टिमार्ग संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है, जैसा कि याचिका में आरोप लगाया गया है। यह फिल्म 1862 के एक मानहानि मामले पर आधारित है, जिसमें वैष्णव धार्मिक नेता एवं समाज सुधारक करसनदास मुलजी शामिल थे। पुष्टिमार्ग संप्रदाय के कुछ सदस्यों ने नेटफ्लिक्स पर इस फिल्म की रिलीज के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसमें दावा किया गया था कि यह धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। न्यायमूर्ति संगीता विशेन ने 13 जून को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी थी।न्यायाधीश ने शुक्रवार को अपने आदेश में कहा कि फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) द्वारा प्रमाणित किया गया है और यह उक्त संप्रदाय को निशाना नहीं बनाती है।
Gujarat HC ने Netflix को Maharaj रिलीज करने की अनुमति दी, कहा- इससे भावनाएं आहत नहीं होतीं
गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को स्ट्रीमिंग दिग्गज नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘महाराज’ की रिलीज पर लगी अपनी अस्थायी रोक हटा ली, जिसमें कहा गया कि फिल्म महाराज 1862 के महाराज मानहानि मामले से जुड़ी घटनाओं पर आधारित है और इसका उद्देश्य किसी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। न्यायमूर्ति संगीता के. विशेन, जिन्होंने 13 जून को फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई थी, ने फिल्म देखने के बाद शुक्रवार को नेटफ्लिक्स को फिल्म स्ट्रीम करने की अनुमति देने का फैसला किया। इसे भी पढ़ें: Swara Bhasker के साथ कोई भी निर्माता-निर्देशक नहीं करना चाहता काम? एक्ट्रेस ने खुद किए चौंकाने वाले खुलासे अदालत ने कहा “यह अदालत प्रथम दृष्टया इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि फिल्म महाराज उन घटनाओं पर आधारित है, जिनके कारण मानहानि का मामला दायर किया गया और इसका उद्देश्य पुष्टिमार्गी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। फिल्म को संबंधित दिशा-निर्देशों पर विचार करने के बाद विशेषज्ञ निकाय केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा प्रमाणित किया गया था… 13 जून को दी गई अंतरिम राहत रद्द कर दी गई है। मूल रूप से 14 तारीख को रिलीज होने वाली इस फिल्म को हाईकोर्ट ने नेटफ्लिक्स पर रोक लगा दी थी, क्योंकि व्यापारियों के एक समूह ने इस आधार पर कोर्ट में याचिका दायर की थी कि इसमें वैष्णव समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की क्षमता है। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | नमक-मिर्च लगाकर कच्ची केरी के चटकारे ले रहीं परिणीति चोपड़ा, मिर्जापुर 3 का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज फिल्म महाराज गुजराती लेखक सौरभ शाह की 2013 की किताब पर आधारित है, जो 1862 के ऐतिहासिक मानहानि मामले पर आधारित है, जो एक प्रमुख वैष्णव व्यक्ति, जदुनाथजी द्वारा समाज सुधारक करसनदास मुलजी के खिलाफ दायर किया गया था, जिन्होंने सर्वशक्तिमान महाराज द्वारा यौन शोषण के खिलाफ लिखा था। मुलजी ने अपनी पत्रिका सत्यप्रकाश में शोषणकारी प्रथा का खुलासा किया, जिसके कारण मानहानि का मामला चला, जो प्रसिद्ध महाराज मानहानि मामला बन गया। न्यायमूर्ति विशन ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की प्राथमिक शिकायत कि फिल्म वैष्णव समुदाय को बदनाम करती है, बदनाम करती है और उसका अपमान करती है, में कोई दम नहीं है। “इस प्रकार उनकी अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए बाध्य है कि याचिकाकर्ताओं की आशंका अनुमानों पर आधारित है। चूंकि फिल्म को अभी सार्वजनिक रूप से देखने के लिए जारी नहीं किया गया है, इसलिए केवल अनुमान के आधार पर संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित नहीं किया जा सकता है, अदालत ने कहा। उन्होंने खुली अदालत में आदेश सुनाते हुए कहा फिल्म का मुख्य संदेश, जैसा कि प्रतिवादी ने सही कहा है, यह है कि फिल्म सामाजिक बुराई और करसनदास मुलजी द्वारा सामाजिक सुधार के लिए लड़ाई पर केंद्रित है, जो स्वयं वैष्णव समुदाय से थे। उन्होंने कहा, फिल्म किसी भी तरह से धार्मिक भावनाओं को प्रभावित या आहत नहीं करती है। फिल्म यह निष्कर्ष निकालती है कि संप्रदाय किसी भी व्यक्ति या घटना से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। इस घटना को अपवाद मानते हुए वैष्णव संप्रदाय और उसके अनुयायी बढ़ते रहे और भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक ताने-बाने का गौरवपूर्ण और अभिन्न अंग बने रहे। यह आशंका जताई जा रही है कि इससे सांप्रदायिक विद्वेष पैदा होने की संभावना है। हालांकि, उसी मानहानि मामले के आधार पर 2013 में पुस्तक प्रकाशित हुई थी और किसी घटना की सूचना नहीं दी गई है। उन्होंने कहा, यहां तक कि याचिकाकर्ताओं ने भी यह दावा नहीं किया है कि पुस्तक से सांप्रदायिक विद्वेष पैदा हुआ है।
Chandu Champion: कपिल देव ने कार्तिक आर्यन की फिल्म के लिए लिखा दिल को छू लेने वाला नोट
पूर्व भारतीय क्रिकेटर कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर कबीर खान के निर्देशन की प्रशंसा की और उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म ने उन्हें भावुक कर दिया। कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्टर शेयर किया और एक लंबा नोट लिखा, चंदू चैंपियन! निश्चित रूप से एक ऐसी फिल्म जिसे आप मिस नहीं कर सकते। मुझे खेल फिल्में देखना और उनकी सराहना करना वाकई पसंद है। लेकिन यह सिर्फ एक खेल फिल्म होने से कहीं बढ़कर है। यह इससे कहीं बढ़कर है। इसे देखते हुए मैं हंसा, रोया, गर्व महसूस किया और फिर से रोया। @kabirkhankk को सलाम। आपने फिर से कमाल कर दिया। इसे भी पढ़ें: Shraddha Kapoor In love | श्रद्धा कपूर ने राहुल मोदी के साथ अपने रिश्ते को किया कंफर्म, शेयर की क्यूट तस्वीर और इमोशनल पोस्ट उन्होंने आगे लिखा, एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या शानदार अभिनय किया, आपका प्रयास और प्रतिभा चमक रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या कमाल का अभिनय किया है, आपकी मेहनत और प्रतिभा जगमगा रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए आपका धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! इसे भी पढ़ें: Gujarat High Court ने फिल्म महाराज की ओटीटी रिलीज पर रोक एक दिन के लिए बढ़ाई कार्तिक और कबीर की फिल्म 'चंदू चैंपियन' 14 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। Sacnilk की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है और अब तक कुल कलेक्शन 29.75 करोड़ रुपये हो चुका है। इसमें कार्तिक मुरलीकांत पेटकर की भूमिका में नजर आ रहे हैं। यह फिल्म एक ऐसे एथलीट की असाधारण कहानी पर आधारित है जिसने कभी हार नहीं मानी। View this post on Instagram A post shared by Kapil Dev (@therealkapildev)
जेल से रिहा होने पर Elvish Yadav ने गुजरात में खेलीजबरदस्त होली, 'राव साहब' को अपने बीच देख क्रेजी हुए फैन्स

