वडोदरा जमीन विवाद में यूसुफ पठान की याचिका गुजरात उच्च न्यायालय से खारिज
गुजरात उच्च न्यायालय ने वडोदरा में सरकारी जमीन पर दावे से संबंधित मामले में एकल न्यायाधीश के फैसले को चुनौती देने वाली पूर्व भारतीय क्रिकेटर और लोकसभा सदस्य यूसुफ पठान की याचिका सोमवार को खारिज कर दी। एकल न्यायाधीश ने पिछले साल अगस्त में पठान को वडोदरा में सरकारी जमीन के एक हिस्से पर अतिक्रमणकारी बताया था। पठान के वकील शालीन मेहता ने मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल और न्यायमूर्ति डीएन रे की खंडपीठ से याचिका वापस लेने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीति के तहत उनका दावा अब भी विचाराधीन है। खंडपीठ ने याचिका को वापस लिया हुआ मानकर खारिज कर दिया। पठान ने एकल न्यायाधीश के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें वडोदरा नगर निगम (वीएमसी) की 978 वर्ग मीटर जमीन के आवंटन के उनके अनुरोध को खारिज करने के गुजरात सरकार के फैसले को बरकरार रखा गया था। पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर ने राज्य सरकार की नीति के तहत इस जमीन पर अपना दावा किया था।
हेल्थ इंश्योरेंस, वाहन बीमा से संबंधित शिकायतें लगातार बढ़ती जा रहीं हैं। बीमा लोकपाल के पास पहुंचने वाली शिकायतें एमपी में पिछले पांच सालों में 631.71% बढ़ गई हैं। पॉलिसी बेचते समय 'कैशलेस' का वादा करने वाली कंपनियां क्लेम के वक्त नियम-शर्तों की ऐसी बारीक लाइनें सामने रख देती हैं कि उपभोक्ता खुद को ठगा सा महसूस करता है। अपनी ही गाढ़ी कमाई के पैसों के लिए दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर परेशान हो चुके उपभोक्ता अब हार मानकर लोकपाल और अदालतों की शरण ले रहे हैं। लोक सभा में पेश किए गए सरकारी आंकड़ों ने बीमा क्षेत्र की इस मनमानी की पोल खोलकर रख दी है। मप्र में 369 से बढ़कर सीधे 2,700 पर पहुंचीं शिकायतें मध्य प्रदेश में बीमा कंपनियों की तानाशाही साल-दर-साल बढ़ते आंकड़ों से साफ समझ आती हैं। साल 2021-22 में प्रदेश भर से बीमा लोकपाल के पास दावों की हेराफेरी और रिजेक्शन को लेकर महज 369 शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। इसके अगले ही साल 2022-23 में शिकायतों का यह ग्राफ करीब तीन गुना की छलांग लगाकर 913 पर जा पहुंचा। इसके बाद आम उपभोक्ताओं को परेशान करने का खेल और तेजी से बढ़ा। वर्ष 2023-24 में यह आंकड़ा सीधे 2,405 पर पहुंच गया और वर्ष 2024-25 में भी कुल 2,420 नए विवादित मामले सामने आए। हद तो तब हो गई जब वर्ष 2025-26 की ताजा रिपोर्ट में मध्य प्रदेश से रिकॉर्ड 2,700 शिकायतें लोकपाल के दफ्तर पहुंचीं। यह आंकड़ा साफ गवाही देता है कि पिछले 5 साल में कंपनियों ने प्रदेश के उपभोक्ताओं का जीना दूभर कर दिया है, जिसके चलते शिकायतों में 631.71% का यह खौफनाक उछाल आया है। जब कंपनियों ने बंद की फाइलें, तो कोर्ट पहुंचे पॉलिसी होल्डर जब बीमा कंपनियां 'नो-क्लेम' का ठप्पा लगाकर उपभोक्ताओं की फाइलें बंद कर देती हैं, तब मजबूरन लोगों को कोर्ट और उपभोक्ता फोरमों का दरवाजा खटखटाना पड़ता है। आंकड़ों के मुताबिक, नेशनल लेवल पर कोर्ट पहुंचने वाले इन विवादित मामलों की संख्या वर्ष 2021-22 में जहां 19,025 थी, वह अब (2025-26) में ढाई गुना बढ़कर 46,122 हो चुकी है। मध्य प्रदेश के संदर्भ में देखें तो इस साल अकेले लोकपाल ने रिकॉर्ड 1,745 मामलों का निपटारा सीधे तौर पर पीड़ित परिवारों के पक्ष में किया है। वहीं अदालतों में भी उपभोक्ताओं की जीत का सिलसिला लगातार मजबूत हुआ है। पिछले पांच सालों में क्रमशः 10,871, 13,442, 22,015, 23,765 और इस साल रिकॉर्ड 25,418 से अधिक फैसले सीधे तौर पर ग्राहकों के हक में आए हैं। यह साबित करता है कि कंपनियां जिन दावों को 'खारिज' कर रही थीं, उनका आधार कानूनी रूप से बिल्कुल गलत और मनमाना था। महाराष्ट्र और गुजरात के बाद मप्र तीसरे नंबर पर लोक सभा की रिपोर्ट में जो सबसे चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है, वह यह है कि क्लेम रिजेक्ट करने और उपभोक्ताओं को रुलाने में देश का सबसे बड़ा औद्योगिक राज्य महाराष्ट्र सबसे आगे है, जहां वर्ष 2025-26 में सबसे ज्यादा 7,333 क्लेम रिजेक्ट होने की शिकायतें दर्ज की गईं। इस सूची में गुजरात दूसरे स्थान पर है, जहां 4,181 मामले दर्ज किए गए। भारी भरकम प्रीमियम वसूलने के बाद भी क्लेम न देने की इस बीमारी से हमारा मध्य प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर (2,700 मामले) खड़ा है। वहीं देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में भी 2,587 शिकायतें सामने आई हैं। दक्षिण भारत का रुख करें तो साक्षर राज्य केरल में 2,561 और तमिलनाडु में 2,371 शिकायतें दर्ज की गईं, जो यह साफ दिखाती हैं कि पूरे देश में इस समय बीमा कराने वाले उपभोक्ता कंपनियों के शोषण चक्रव्यूह में फंसे हुए हैं। ये खबर भी पढ़ें… सिर्फ ‘बीमारी छिपाई’ कहकर नहीं बचेंगी बीमा कंपनियां अब बीमा कंपनियां केवल यह कहकर क्लेम खारिज नहीं कर सकेंगी कि बीमित व्यक्ति ने अपनी पुरानी बीमारी छिपाई है। उपभोक्ता आयोग ने साफ कर दिया है कि ऐसे मामलों में आरोप लगाने वाली बीमा कंपनी को ठोस सबूत भी पेश करने होंगे, अन्यथा क्लेम रोकना ‘सेवा में कमी’ माना जाएगा। उपभोक्ता कानून के तहत केवल आरोप लगाना पर्याप्त नहीं है। कंपनी को दस्तावेजी साक्ष्य के साथ यह साबित करना होता है कि बीमारी पहले से मौजूद थी और उसे जानबूझकर छिपाया गया।पूरी खबर पढ़ें
सरकारी जमीन पर अतिक्रमण मामला: गुजरात हाईकोर्ट में पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान की याचिका खारिज, पूरा मामला क्या?
Gorakhpur News: साइबर फ्रॉड के मामले में गोला के जनसेवा केंद्र संचालक को गुजरात पुलिस ने दबोचा
Gujarat Police nabbed the operator of a Jan Seva Kendra in Gola in a cyber fraud case.
हरित हाइड्रोजन समेत नए क्षेत्रों में निवेश करें, गुजरात में अपार संभावनाएं: मनसुख मांडविया
New Delhi, 31 अगस्त . Union Minister मनसुख मांडविया ने Monday को निवेशकों से Gujarat में हरित हाइड्रोजन, हाइड्रोजन भंडारण, डाटा सेंटर और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं तलाशने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि Gujarat की मजबूत कारोबारी संस्कृति और बदलती आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने की क्षमता ने ... Read more
निवेश आकर्षित करने के लिए नीतिगत स्थिरता, पारदर्शिता और गति महत्वपूर्ण: सीएम भूपेंद्र पटेल
New Delhi, 31 अगस्त . Gujarat के Chief Minister भूपेंद्र पटेल ने Monday को कहा कि पॉलिसी में स्थिरता, पारदर्शी तरीके से फैसले लेने और तेजी से काम करने की वजह से राज्य निवेश के लिए एक बेहतरीन जगह बन गया है. उन्होंने ग्लोबल निवेशकों को 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लिए ‘विकसित Gujarat’ बनाने ... Read more
Gujarati Family Indigo Flight Viral Video: परिवार के Home Cooked Meal परोसने के वीडियो पर छिड़ी बहस
इंडिगो फ्लाइट में एक गुजराती परिवार के घर से लाया खाना खाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो के बाद बहस सिर्फ खाना खाने को लेकर नहीं, बल्कि तेज smell वाले food और दूसरे यात्रियों की सुविधा को लेकर शुरू हुई।
गुजरात: कच्च के एक परिवार ने बेटे को वलीनाथ धाम में ईश्वर और धर्म सेवा के लिए किया समर्पित
मेहसाणा, 31 अगस्त . Gujarat के मेहसाणा जिले के सुप्रसिद्ध तीर्थस्थल तरभ में गुरु गद्दी वलीनाथ महादेव के दिव्य दरबार से समर्पण और अटूट आस्था की एक अद्भुत मिसाल सामने आई है. यहां कच्छ जिले के अंजार तहसील के मोखाना गांव के एक परिवार ने अपने कलेजे के टुकड़े यानी अपने छोटे बेटे को धर्म ... Read more
गुजरात में काफी ज्यादा गर्मी पड़ती है। वहीं 5 से 6 महीने तो यहां पर बेहद मुश्किल भरे होते हैं। इस दौरान आप छुट्टियों में बच्चों और परिवार के साथ गुजरात के आसपास की जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। इससे न सिर्फ आपको गर्मी से राहत मिलेगी, बल्कि आपका बजट भी नहीं बिगड़ेगा। आप गुजरात की आसपास की इन जगहों को एक्सप्लोर करने के लिए 2 दिन का ट्रिप प्लान कर सकती हैं और आराम से वापस भी आ सकती हैं। विल्सन हिल्स विल्सन हिल्स, गुजरात के वलसाड जिले में धरमपुर तहसील के पास स्थित है। यहां पर भी मौसम काफी अच्छा रहता है और यहां आपको काफी कुछ देखने को मिलेगा। आप यहां पर घूमने का प्लान आसानी से बना सकते हैं। लेकिन यह जगह सूरत, अहमदाबाद और वडोदरा से काफी दूर है। इसे भी पढ़ें: IRCTC Kedarnath-Badrinath Tour Package: दिल्ली से 8 दिनों की यात्रा का पूरा Plan, जानें खर्च और Booking Details सापुतारा सापुतारा एक बेहद खूबसूरत जगह है, जोकि महाराष्ट्र की सीमा पर मौजूद है। यह गुजरात का इकलौता पहाड़ी शहर है, जहां पर मौसम काफी अच्छा रहता है। जंगलों और पहाड़ियों से घिरे होने के कारण यहां पर दूर-दूर से लोग घूमने के लिए आते हैं। माउंट आबू राजस्थान के माउंट आबू में भी काफी अच्छा मौसम रहता है। इसलिए रेगिस्तान की गर्मी से बचने के लिए लोग इस जगह पर घूमने के लिए आते हैं। माउंट आबू शहर किसी जन्नत से कम नहीं है। हालांकि यह जगह सूरत से काफी दूर है। गिरनार गिरनार, गुजरात के जूनागढ़ में मौजूद है, इसको एक बेहद पवित्र तीर्थ स्थल माना जाता है। यह समुद्र तल से करीब 3,666 फीट ऊंचे पर्वत पर है। इस पर्वत पर कुल 9,999 सीढ़ियां हैं। इन सीढ़ियों को चढ़कर भक्त चोटियों तक पहुंचते हैं। माथेरान गुजरात के पास स्थित माथेरान को भी ठंडी जगह में गिना जाता है। गुजरात बॉर्डर से करीब 5 घंटे की दूरी पर माथेरान स्थित है और यहां का माहौल भी बेहद शांत है। इसलिए लाखों की संख्या में लोग इस जगह को एक्सप्लोर करने आते हैं और परिवार के साथ सुकून भरे पल बिताते हैं। पावागढ़ हिल्स पावागढ़ हिल्स गुजरात के पंचमहल जिले के पास है। जिसका काफी ज्यादा धार्मिक महत्व है। यह पर्वतमाला 1525 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां पर आपको कई प्राचीन मंदिर देखने को मिलेंगे। वहीं यह जगह भी ज्यादा दूर नहीं है।
भोजपुर में एक युवक ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली है। रेलवे स्टेशन परिसर में सल्फास की 5 गोलियां खाकर जान दे दी। मृतक की पहचान बिहिया के झौवां बेलवनिया गांव निवासी सुरेश पांडेय के पुत्र बलवंत पांडेय(24) के तौर पर हुई है। परिजन के मुताबिक घर से बैग लेकर गुजरात जाने के लिए निकला था। वहां प्राइवेट कंपनी में काम करता था। बाद में सूचना मिली कि बेहोशी के हालात में आरा स्टेशन के पोर्टिको में पड़ा हुआ है। रेल पुलिस ने इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। जानकारी मिलने पर परिवार के लोग भी पहुंचे। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद पुलसि ने शव सौंप दिया। अफेयर में जान देने की आशंका पुलिस की ओर से बनाए गए मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार मृतक युवक की मौत किसी नशीले पदार्थ के सेवन करने के चलते हुई है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा। ऐसी चर्चा है कि बलवंत किसी लड़की से प्यार करता था। किसी बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया। गुस्से में उसने जहर खा लिया। मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। घर के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गुजरात: सीडब्ल्यूजी और ओलंपिक से पहले जीआईपीसीए में आधुनिक स्पोर्ट्स सुविधाएं बनाने की योजना
Ahmedabad, 30 अगस्त . Police महानिदेशक (डीजीपी) (क्राइम) केएलएन राव ने Sunday को कहा कि Ahmedabad में प्रस्तावित ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले ट्रेनिंग की जरूरतों को पूरा करने के लिए, Ahmedabad स्थित Gujarat इंस्टीट्यूट ऑफ प्रिजन्स एंड करेक्शनल एडमिनिस्ट्रेशन (जीआईपीसीए) में आधुनिक स्पोर्ट्स सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. जीआईपीसीए में प्रिजन्स डिपार्टमेंट ... Read more
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, सात मामलों में वांछित बदमाश गिरफ्तार
Ahmedabad, 30 अगस्त . Gujarat Police की Ahmedabad सिटी क्राइम ब्रांच ने ‘छारा गैंग’ के कथित सदस्य और कई मामलों में वांछित 35 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है. आरोपी के खिलाफ लूट, चोरी और Gujarat कंट्रोल ऑफ टेररिज्म एंड ऑर्गनाइज्ड क्राइम कानून के तहत कुल सात मामले दर्ज हैं. Police ने उसके पास से ... Read more
स्टार्टअप और मैन्युफैक्चरिंग के जरिए युवा भारत के विकास को नई गति दे सकते हैं: जगदीश विश्वकर्मा
गांधीनगर, 30 अगस्त . Gujarat भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने Sunday को कहा कि India का तेजी से बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम और विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है. उन्होंने Prime Minister Narendra Modi के 137वें ‘मन की बात’ कार्यक्रम को गांधीनगर में युवाओं के साथ सुना. विश्वकर्मा ने कुदासन ... Read more
गुजरात के फोरेंसिक विशेषज्ञ नेपाल पहुंचे, बाढ़ पीड़ितों की डीएनए पहचान शुरू की
गांधीनगर, 30 अगस्त . Gujarat की नेशनल फोरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी की 10 सदस्यीय फोरेंसिक टीम, नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर आए भयानक बाढ़ और भूस्खलन के पीड़ितों की पहचान करने में नेपाली अधिकारियों की मदद कर रही है. मरने वालों और लापता लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए डीएनए एक्सपर्ट्स अब जमीनी स्तर पर काम कर ... Read more
किर्गिस्तान में पीएम मोदी को सर्व होगा थेपला, शाकाहारी ‘लघमन’ भी मेन्यू का हिस्सा
बिश्केक, 30 अगस्त . किर्गिस्तान Prime Minister Narendra Modi के स्वागत को तैयार है. पीएम मोदी को उनके मनपसंद Gujaratी पकवानों का भी स्वाद चखाया जाएगा. भारतीय मूल के बिश्केक स्थित गांधी रेस्तरां के हेड शेफ चिन्मय बडोदेकर की योजना क्या है, इसका खुलासा उन्होंने आईएएनस से बातचीत में किया. पीएम मोदी को अपने पकवान ... Read more
यूक्रेन जंग में गुजरात की इस रिफाइनरी की हुई चांदी, 2 महीने में सबसे ज्यादा गैसोलीन रूस भेजी
ऊर्जा विश्लेषक कंपनी वॉर्टेक्सा के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में रूस का समुद्री रास्ते से पेट्रोल आयात करीब 1,25,000 बैरल प्रतिदिन के रिकॉर्ड पर पहुंच गया। यह पूरे माह के लिए लगभग 4.7 लाख टन के बराबर है।
किसानों के लिए बड़ी राहत, गुजरात सरकार ने बढ़ाई कृषि उपकरण खरीद की समय सीमा, अब 15 दिन का और मौका
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण और किसान कल्याणकारी निर्णय लिया है। वर्ष 2026-27 के लिए 'मुख्यमंत्री यंत्रीकरण योजना' के तहत कृषि उपकरणों और ट्रैक्टर चालित साधनों की खरीद के लिए पात्र किसानों ...
8 सितंबर को गुजरात दौरे पर आ सकते हैं पीएम मोदी, वडोदरा और नवसारी में तैयारियां तेज
8 सितंबर को गुजरात दौरे पर आ सकते हैं पीएम मोदी, वडोदरा और नवसारी में तैयारियां तेज
नेपाल में बाढ़ पीड़ितों की पहचान के लिए गुजरात की एनएफएसयू ने भेजी 10 सदस्यीय फोरेंसिक टीम
नेपाल में बाढ़ पीड़ितों की पहचान के लिए गुजरात की एनएफएसयू ने भेजी 10 सदस्यीय फोरेंसिक टीम
Gujarat University में पूर्व VC Neerja Gupta पर जांच शुरू, पूर्व जज करेंगे पड़ताल
गुजरात विश्वविद्यालय ने पूर्व कुलपति डॉ. नीरजा गुप्ता के कार्यकाल के दौरान वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश डी. एम. व्यास की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच समिति का शनिवार को गठन किया। कार्यवाहक कुलपति जगदीश जोशी ने कहा कि समिति अनियमित नियुक्तियों, वित्तीय अनियमितताओं, धन के गबन और परिचितों को लाभ पहुंचाने के लिए अधिकारों के दुरुपयोग से जुड़ी शिकायतों की जांच करेगी। जोशी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि न्यायमूर्ति व्यास के साथ चर्चा की गई है और जांच प्रक्रिया अगले सप्ताह शुरू होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले अक्सर अंत में उच्च न्यायालय पहुंच जाते हैं, इसलिए विश्वविद्यालय ने सभी पहलुओं को शामिल करने और जांच को निष्पक्ष तरीके से सुनिश्चित करने के लिए पहले ही एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश को नियुक्त करने का फैसला किया है। यह घटनाक्रम नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) समेत छात्र संगठनों की ओर से लगाए गए आरोपों की पृष्ठभूमि में सामने आया है। इन संगठनों ने डॉ. गुप्ता पर वित्तीय अनियमितताओं, केंद्रीय अनुदान के दुरुपयोग और बहुत अधिक वेतन पर अस्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति कर विश्वविद्यालय को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया मंचों पर आरोपियों की ओर से दिए गए सार्वजनिक स्पष्टीकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए जोशी ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय को उनकी ओर से या उनके प्रतिनिधियों की ओर से कोई औपचारिक लिखित सूचना नहीं मिली है। इस महीने की शुरुआत में, विश्वविद्यालय ने तीन सदस्यीय तथ्यान्वेषण समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद गुजरात यूनिवर्सिटी स्टार्टअप एंड एंटरप्रेन्योरशिप काउंसिल के समूह मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और इंस्टीट्यूट ऑफ डिफेंस स्टडीज एंड रिसर्च फाउंडेशन (आईडीएसआरएफ) के सीईओ समेत 10 अस्थायी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था। एबीवीपी ने आरोप लगाया कि गुप्ता ने इन लोगों की नियुक्ति की और उन्हें अत्यधिक अधिक वेतन दिया, जिससे विश्वविद्यालय को आर्थिक नुकसान हुआ।
Nepal Flood में फंसे गुजरात के 26 NRI यात्रियों के परिजन सुरक्षित वापसी की कर रहे प्रार्थना
कैलास-मानसरोवर यात्रा पर गए गुजरात के कुछ अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) के परिजन के लिए आपदा प्रभावित नेपाल से उनके लौटने का इंतजार करना बहुत तकलीफदेह है और क्षेत्र में मची भीषण तबाही के भयानक दृश्य उनके लिए बेहद परेशान करने वाले हैं, लेकिन उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की ओर से शुक्रवार को जारी सूची के मुताबिक, तिब्बत-नेपाल सीमा के पास अचानक आई बाढ़ के कारण लापता कम से कम 26 लोग गुजरात से ताल्लुक रखते हैं, जिनमें कैलास-मानसरोवर यात्रा पर गए कई एनआरआई भी शामिल हैं। सूची के अनुसार, आपदा के कारण लापता अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के कई एनआरआई के अहमदाबाद, आणंद, राजकोट, वलसाड, सूरत, खेड़ा, अमरेली, गांधीनगर और वडोदरा से संबंध हैं। राजकोट निवासी विरल नाथवानी ने कहा, “नेपाल में अचानक आई बाढ़ का भयावह दृश्य देखना बेहद तकलीफदेह है, लेकिन हम उम्मीद नहीं छोड़ सकते।”नाथवानी के रिश्ते के भाई-बहन उन लोगों में शामिल हैं, जिनका फिलहाल कोई पता नहीं चल पाया है। उन्होंने बताया कि मुंबई में रहने वाले उनके रिश्ते के भाई जय कोटेचा और वलसाड निवासी उनकी रिश्ते की बहन रोमा ईंटवाला से आखिरी बार बुधवार को उनका संपर्क हुआ था, जब वे मैत्री पुल के पास थे और आव्रजन भवन की ओर जा रहे थे। नाथवानी ने बताया कि मुंबई स्थित ‘हिल्स एंड ट्रेल्स’ ट्रैवल एजेंसी के माध्यम से कैलास-मानसरोवर यात्रा पर गए करीब 56 लोगों से फिलहाल संपर्क नहीं हो पा रहा है। वडोदरा निवासी चिराग पटेल अपनी बहन किन्नरी पटेल और बहनोई मिहिर पटेल के बारे में खबर मिलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जो एनआरआई हैं और पिछले 25 वर्षों से न्यूजीलैंड में रह रहे हैं। चिराग के मुताबिक, किन्नरी और मिहिर कैलास-मानसरोवर यात्रा के लिए 23 अगस्त को काठमांडू पहुंचे थे। उन्होंने बताया, “कल रक्षाबंधन पर मैं अपनी बहन के बारे में कोई खबर मिलने का इंतजार कर रहा था। हमें राखी का त्योहार उनके (किन्नरी और मिहिर के) गुजरात लौटने के बाद मनाना था।”चिराग ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि वे ठीक होंगे और जल्द वापस आ जाएंगे। मैं बस भगवान शिव से प्रार्थना कर रहा हूं कि वे लौट आएं।”गीता पटेल के परिवार को अब बस इस उम्मीद का सहारा है कि उनके प्रियजनों से संपर्क बाढ़ के कारण नहीं, बल्कि खराब नेटवर्क के कारण टूटा है। गीता के अनुसार, उनके रिश्तेदार परेश पटेल, परेश की पत्नी ज्योति पटेल और बहन मीनाक्षी रमानी कैलास-मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गए थे। परेश और ज्योति जहां अमेरिका में रहते हैं, वहीं मीनाक्षी मुंबई की निवासी हैं। गीता ने बताया कि तीनों आव्रजन प्रक्रिया पूरी करने के बाद कैलास-मानसरोवर की ओर बढ़ रहे थे, तभी उनसे संपर्क टूट गया। उन्होंने बताया, “परेश ने अपनी मां सुशीलाबेन पटेल को फोन कर बताया था कि उन्होंने आव्रजन की प्रक्रिया पूरी कर ली है और अब वे कैलास-मानसरोवर की ओर जा रहे हैं, जहां नेटवर्क की समस्या हो सकती है।”गीता ने कहा कि परिवार को उम्मीद है कि यह सिर्फ नेटवर्क की समस्या है और तीनों जल्द ही उनसे संपर्क करेंगे, क्योंकि सुशीलाबेन बेसब्री से उनका इंतजार कर रही हैं।
प्रतापनगर से धार के टांडा रोड तक रोज दौड़ेगी मेमू ट्रेन, गुजरात से होगा सीधा संपर्क
छोटा उदयपुर–धार नई रेल लाइन परियोजना में लंबे इंतजार के बाद अब एक और महत्वपूर्ण कदम सामने आया है। डेकाकुंड से टांडा रोड के बीच नवनिर्मित रेलखंड का रेल संरक्षा निरीक्षण पूरा होने के बाद पश्चिम रेलवे ने प्रतापनगर से टांडा रोड के बीच प्रतिदिन नई मेमू ट्रेन चलाने का प्रस्ताव भेजा है।
Gujarat Ahmedabad में Malala Yousafzai की किताब पढ़ने पर बवाल, Bajrang Dal वालों ने किसे पीटा?
अहमदाबाद में मलाला यूसुफजई की किताब ‘I Am Malala’ को लेकर विवाद बढ़ गया है। अहमदाबाद के एक गार्डन में सिविल सोसाइटी के लोग मलाला की किताब पढ़ने के लिए जुटे थे, जहां बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया।
गुजरात के अहमदाबाद में नकली ब्लड प्रेशर की दवा के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और फूड एंड ड्रग्स विभाग की संयुक्त कार्रवाई में करीब 1200 स्ट्रिप नकली NICARDIA RETARD 10 बरामद की गई हैं। जांच में सामने आया कि करीब चार महीने में 1500 स्ट्रिप पहले ही बेची जा चुकी हैं। एक स्ट्रिप में 10 टैबलेट होने से करीब 15 हजार नकली गोलियां मरीजों तक पहुंचने की आशंका है। इस मामले में अहमदाबाद के एक मेडिकल कारोबारी समेत लखनऊ के दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तीनों को कोर्ट ने 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। असली कंपनी के नाम और बैच नंबर पर बनाई नकली दवा मामला तब सामने आया जब जेबी केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड ने 19 अगस्त को गुजरात फूड एंड ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन में शिकायत की। कंपनी ने बताया कि उसकी ब्लड प्रेशर की दवा NICARDIA RETARD 10 की नकली कॉपी बाजार में बेची जा रही है। नकली दवा पर वही नाम, लेबल और बैच नंबर ACG25007 इस्तेमाल किया गया था, जो असली दवा पर दर्ज था। इसकी मैन्युफैक्चरिंग जून 2025 और एक्सपायरी मई 2028 लिखी गई थी। पैकेजिंग इस तरह तैयार की गई थी कि मरीज और मेडिकल स्टोर संचालक के लिए असली-नकली की पहचान करना मुश्किल हो। लखनऊ की मेडिकल एजेंसी से गुजरात पहुंची सप्लाई जांच में नकली दवा की सप्लाई का कनेक्शन लखनऊ से सामने आया। पुलिस के मुताबिक अहमदाबाद के पालड़ी स्थित पार्श्व मेडिकल एजेंसी को यह स्टॉक लखनऊ की सेना मेडिकल एजेंसी से मिला था। इसके बाद गुजरात के अलग-अलग मेडिकल स्टोर तक दवा पहुंचाई गई। कच्छ में मिली दवा की सप्लाई का लिंक जयपुर की एवीआर मेडिकोज से भी सामने आया है। यानी नेटवर्क की कड़ियां उत्तर प्रदेश, गुजरात और राजस्थान तक जुड़ी मिली हैं। 3600 स्ट्रिप की खेप, अहमदाबाद भेजी गई थीं 2700 पुलिस की जांच के अनुसार करीब 3600 स्ट्रिप की एक खेप तैयार हुई थी। इसमें से 2700 स्ट्रिप अहमदाबाद और 900 स्ट्रिप मैसूर भेजी गई थीं। अहमदाबाद पहुंची 2700 स्ट्रिप में से 1200 बरामद कर ली गईं, जबकि 1500 स्ट्रिप पहले ही बाजार में खप चुकी थीं। पुलिस को आशंका है कि यह दवा अहमदाबाद के अलावा सूरत, भावनगर, नडियाद और भुज तक भी पहुंची। गुजरात में जांच के दौरान 30 से ज्यादा मेडिकल स्टोर और एजेंसियों की जांच की जा चुकी है। 18 प्रतिशत कमीशन के लालच में खरीदने का आरोप पुलिस के मुताबिक अहमदाबाद के मेडिकल कारोबारी दर्शील संघवी ने कथित तौर पर ज्यादा कमीशन के लालच में नकली दवा खरीदी और इसे आगे सब-डिस्ट्रीब्यूटर्स तक पहुंचाया। लखनऊ निवासी देवेंद्र यादव और उमंग रस्तोगी पर कम कीमत में नकली दवा खरीदकर गुजरात में सप्लाई कराने का आरोप है। दोनों पहले जून 2026 में पुणे में नकली दवा के एक अन्य मामले में पकड़े जा चुके हैं। रस्तोगी पर 2022 में जीएसटी एक्ट से जुड़ा मामला भी दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। लखनऊ और जयपुर में भी पहुंची क्राइम ब्रांच की टीमें अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने मामले में केस दर्ज कर चार टीमें अलग-अलग राज्यों में भेजी हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि नकली दवा बनाई और पैक कहां गई, असली कंपनी के नाम की पैकेजिंग किसने तैयार की और नेटवर्क का मास्टरमाइंड कौन है। पुलिस ने मेडिकल स्टोर, एजेंसी, अस्पताल और मरीजों से अपील की है कि अगर उनके पास इस बैच की संदिग्ध दवा पहुंची है तो क्राइम ब्रांच को इसकी जानकारी दें।
AC वेटिंग हॉल, पंखे लगे हुए, नीचे चमचमाते टाइल्स, पहली नजर में यह आपको कोई अच्छा एयरपोर्ट लग सकता है, लेकिन है गुजरात के अहमदाबाद का बस स्टैंड। जल्द ही बिहार में भी ऐसे बस स्टैंड बनाए जाएंगे। राज्य सरकार ने गुजरात मॉडल पर 31 बस स्टैंड को आधुनिक बनाने का फैसला किया है। यहां शॉर्पिंग मॉल, होटल, फूड कोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। कुछ बस स्टैंड के जगह बदले जा सकते हैं। पीपीपी मोड में इन्हें बनाने की तैयारी है। बस स्टैंड को आधुनिक बनाने के लिए सरकार क्या करने जा रही है? गुजरात मॉडल की क्या खासियत है? बिहार में इसे फॉलो करते हुए किस तरह काम होगा? पढ़िए रिपोर्ट…। बस स्टैंड में मिलेंगी एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं सरकार बिहार स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (BSRTC) को आर्थिक रूप से मजबूत करने की योजना पर काम कर रही है। इसके तहत बस स्टैंड में एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। राज्य सरकार का उद्देशय सिर्फ बस स्टैंड नहीं, बल्कि बेहतर रेवेन्यू जेनरेट करने वाला सेंटर बनाना है। इन्हें रोजगार पैदा करने वाले कॉमर्शियल हब के रूप में विकसित किया जाएगा। बिहार सरकार ने 31 एडवांस बस स्टैंड बनाने के लिए गुजरात मॉडल चुना है। गुजरात का GSRTC Bus Port मॉडल देश के सबसे सफल आधुनिक बस टर्मिनल मॉडलों में गिना जाता है। BSRTC के 31 बस डिपो का होगा विकास सरकार सार्वजनिक परिवहन सेवा को हाईटेक करने के लिए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के 31 बस डिपो का विकास करेगी। इसके लिए जी प्लस 4 से जी प्लस 6 भवन बनाए जाएंगे। बस टर्मिनलों को केवल बसों के संचालन तक सीमित न रखकर मल्टी-फंक्शनल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जाएगा। यात्रियों को एक ही परिसर में परिवहन के साथ आधुनिक नागरिक सुविधाएं भी मिलेंगी। इससे जुड़ा प्रस्ताव सम्राट चौधरी कैबिनेट से पास हो गया है। बस स्टैंड से हुई आमदनी बिहार राज्य पथ परिवहन निगम और निजी भागीदार के बीच शेयर की जाएगी। इस पैसे से बस स्टैंडों का संचालन और रखरखाव होगा। ई-बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन बनेंगे आधुनिक वर्कशॉप, बस पार्किंग, निरीक्षण पिट, स्टोर, टायर सेक्शन, ई-बस चार्जिंग स्टेशन, जल निकासी व्यवस्था, एसटीपी/ईटीपी तथा बैकअप पावर सिस्टम जैसी अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इससे भविष्य में संचालित होने वाली इलेक्ट्रिक बसों के संचालन और रखरखाव को सहूलियत होगी। आने वाले दिनों में 400 ई-बसें चलाने की योजना है। इन जिलों में विकसित होंगे आधुनिक बस स्टैंड 31 आधुनिक बस स्टैंड बनाने की योजना जिन जिलों में है उनमें पटना, भागलपुर, नालंदा, गयाजी, मुंगेर और सहरसा धार्मिक पर्यटन के लिहाज के महत्वपूर्ण है। बस स्टैंड अत्याधुनिक बनाने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पटना में बिहार का सबसे बड़ा बस स्टैंड तैयार होगा। मुजफ्फरपुर उत्तर बिहार का ट्रांजिट केन्द्र बनेगा। दरभंगा और नेपाल कनेक्टिविटी वाला बस स्टैंड होगा। भागलपुर का बस स्टैंड पूर्वी बिहार और झारखंड से जुड़ेगा। पूर्णिया, सीमांचल का प्रमुख बस स्टैंड होगा। एक बस स्टैड में 100 -150 दुकानें हो सकती हैं। 31 बस स्टैंडों में 70 से 80 हजार लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। 500 से 700 स्थायी रोजगार के अवसर बनेंगे। 31 स्टैंडों में 3000 से 5000 दुकानें खुलने की संभावना है। 186.67 करोड़ रुपए की लागत से अहमदाबाद में बना है बस स्टैंड गुजरात मॉडल के अनुसार बनने वाले बस स्टैंड कैसे होंगे इसे अहमदाबाद के गीता मंदिर ST बस टर्मिनल के उदाहरण से समझ सकते हैं। इस बस स्टैंड को 186.67 करोड़ रुपए की लागत से मेगा-मॉल की तरह अल्ट्रा-मॉडर्न रेनोवेशन के बाद तैयार किया गया है। 58,134 वर्ग मीटर में फैले इस टर्मिनल में 93 प्लेटफॉर्म, AC वेटिंग लाउंज और कमर्शियल जोन हैं। यहां से बसें गुजरात के अलग-अलग शहरों के लिए चलती हैं। हाल ही में नया टर्मिनल-2 शुरू हुआ है। यहां एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं दी गईं हैं। इसमें 39 प्लेटफॉर्म, 370 सीटों वाला बोर्डिंग कॉनकोर्स, आधुनिक वेटिंग हॉल और 130 सीटों वाली कैंटीन जैसी सुविधाएं हैं। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल से बने इस कॉम्प्लेक्स में राज्य परिवहन बस टर्मिनल के साथ-साथ कमर्शियल रिटेल स्पेस, ऑफिस और रिहायशी इलाके भी शामिल हैं। पैदल चलने वालों और गाड़ियों के लिए अलग-अलग रास्ते, दिव्यांगों के लिए खास टॉयलेट, पार्सल रूम और मल्टी-लेवल पार्किंग जैसी सुविधाएं मिलती हैं।
जैसलमेर समेत राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में 827 किमी नई रेल लाइन बिछाई जाएगी। इससे सेना के भारी टैंक, तोपखाने, सैन्य टुकड़ियों और जरूरी रसद को पाकिस्तान सीमा के नजदीक तक पहुंचाना आसान होगा। अभी इन इलाकों में सैन्य साजो-सामान की आवाजाही के लिए सड़क मार्ग पर काफी निर्भरता है, लेकिन नया रेल नेटवर्क तैयार होने के बाद आपात स्थिति में सेना की सप्लाई लाइन मजबूत होगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में पश्चिमी सीमा पर जम्मू-कश्मीर से गुजरात तक निरंतर रेल नेटवर्क तैयार करने की योजना की जानकारी दी है। इसका फायदा सीमावर्ती इलाकों के व्यापार, खनन और पर्यटन को भी मिलने की उम्मीद है। सड़क पर निर्भरता घटेगी, रसद पहुंचाना होगा आसान वर्तमान में सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में सैन्य रसद और भारी साजो-सामान पहुंचाने के लिए मुख्य रूप से सड़क परिवहन पर निर्भर रहना पड़ता है। तनाव या युद्ध की स्थिति में रेगिस्तानी सड़कें हवाई या मिसाइल हमलों से प्रभावित हो सकती हैं। नई रेल लाइनें तैयार होने के बाद सड़क मार्ग बाधित होने की स्थिति में भी सेना की सप्लाई लाइन को बनाए रखना आसान होगा। रेल की अधिक वहन क्षमता से सैनिकों के लिए भोजन, गोला-बारूद और ईंधन जैसी जरूरी सामग्री तेजी से पहुंचाई जा सकेगी। संसद में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में परियोजना की जानकारी देते हुए बताया कि पश्चिमी सीमा पर जम्मू-कश्मीर से गुजरात तक निरंतर रेल नेटवर्क तैयार करने की व्यापक कार्ययोजना पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि ये रेल लाइनें केवल परिवहन का साधन नहीं होंगी, बल्कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘डिफेंस लाइन्स’ के तौर पर भी काम करेंगी। इससे आपात स्थिति में सड़क नेटवर्क पर निर्भरता कम होगी और देश की रक्षा तैयारियों को मजबूती मिलेगी। जमीन अधिग्रहण और सर्वे का काम तेज परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए रेलवे और रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के बीच समन्वय बढ़ाया जा रहा है। जमीन अधिग्रहण और सर्वे के काम को गति दी जा रही है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और रेगिस्तान की गर्मी के बावजूद रेलवे प्रशासन योजना को तय समय सीमा में पूरा करने की तैयारी में जुटा है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों पर खाद्य सुरक्षा विभाग राज्य भर में दूध और मावा उत्पादों की सघन जांच कर रहा है। इसी क्रम में बुधवार, 26 अगस्त 2026 को मेघनगर और थांदला में खाद्य सुरक्षा एवं नापतौल विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान 2 क्विंटल से अधिक अमानक मिठाई जब्त की गई। जांच टीम ने मेघनगर बस स्टैंड पर बिक्री के लिए लाई गई मिठाइयों के संदिग्ध बॉक्स पाए। पड़ताल में पता चला कि ये मिठाइयां थांदला स्थित श्री कृष्णा नमकीन एवं मिष्ठान से भेजी गई थीं। इसके बाद टीम ने थांदला पहुंचकर संबंधित प्रतिष्ठान पर भी जांच की। कुल 2 क्विंटल 22 किलो 650 ग्राम मिठाई जब्त की गई, जिसका बाजार मूल्य 53 हजार 436 रुपये आंका गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी वेलसिंह मोरी ने बताया कि इन मिठाइयों को बनाने में इस्तेमाल किया गया मावा गुजरात से मंगाया गया था। यह प्रतिबंधात्मक आदेशों का सीधा उल्लंघन है, जिसके तहत राज्य में बाहरी मावा के उपयोग पर रोक है। संयुक्त कार्रवाई के दौरान मेघनगर के नवदुर्गा बीकानेर मिष्ठान, नवकार स्वीट्स और जैन स्वीट्स रेस्टोरेंट से भी नमूने लिए गए। इनमें बूंदी लड्डू, सोनपपड़ी, बेसन लड्डू और गुलाब जामुन जैसी विभिन्न मिठाइयों के नमूने शामिल हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। जिले में 20 जुलाई 2026 से यह जांच अभियान लगातार जारी है। अब तक कुल 94 खाद्य नमूने लिए जा चुके हैं। प्राप्त 17 रिपोर्टों में से 6 नमूने अमानक और मिथ्याछाप पाए गए हैं, जिन पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। नापतौल विभाग की टीम ने भी तौल उपकरणों की शुद्धता और उपभोक्ताओं को मिलने वाली सामग्री की मात्रा की बारीकी से जांच की। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों के स्वास्थ्य और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। इस संयुक्त कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी वेलसिंह मोरी, राहुल सिंह अलावा और नापतौल निरीक्षक सचिन चौहान तथा संजय पांचाल प्रमुख रूप से शामिल रहे।
भारत का गुजरात राज्य अपने आप में ही अनोखा और समृद्ध माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गुजरात के भावनगर जिले में शत्रुंजय पहाड़ियों की गोद में बसा पालिताणा एक ऐसी अनोखी जगह है। जिसको मंदिरों के शहर के नाम से जाना जाता है। पूर्व में यह स्थान पादलिप्तपुर नाम से फेमस था। यह शहर जैन धर्म के अनुयायियों के लिए अटूट आस्था का केंद्र माना जाता है। इस जगह की खासियत यह है कि यहां पर 800 से ज्यादा संगमरमर के मंदिर मौजूद हैं। इसी वजह से इसको मंदिरों का शहर कहा जाता है। तो आइए जानते हैं गुजरात के पालीताणा मंदिर की खासियत के बारे में... यहां हैं 800 से ज्यादा भव्य मंदिर माना जाता है कि जैन धर्म के लोगों में अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार इन मंदिरों के दर्शन करना निर्वाण या फिर मोक्ष के लिए जरूरी है। शत्रुंजय पहाड़ी पर स्थित यह स्थल इतना अधिक विशाल और भव्य है कि यहां पर करीब 836 संगमरमर से तराशे मंदिर हैं। इसे भी पढ़ें: Unique Temple: भगवान विष्णु के सहस्त्रबाहु मंदिर का 'सास-बहू' नाम पड़ने के पीछे क्या है Fact? जानें पूरा सच इन मंदिरों तक पहुंचने का सफर भी किसी तपस्या से कम नहीं माना जाता है। क्योंकि मुख्य मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को करीब 3500 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। यह जगह इसलिए भी खास है, क्योंकि मान्यता के हिसाब से 24 में से 23 तीर्थकरों ने यहां आकर इस अपनी उपस्थिति से इस पहाड़ी को पावन किया था। रात को रुकना है मना पालिताणा की सबसे अनोखी बात को जानकर आपको हैरानी होगी। दरअसल, यह स्थान पूरी तरह से देवताओं का निवास स्थान माना गया है। यही वजह है कि यहां पर सूर्यास्त के बाद किसी भी इंसान को रात गुजारने की अनुमति नहीं है। यहां तक कि मंदिर की सेवा करने वाले पुजारियों को भी यहां पर रात में रुकने की मनाही है। सदियों से यह परंपरा इस स्थान की दिव्यता और पवित्रता को बनाए रखने के लिए चली आ रही है। जानें धार्मिक महत्व बता दें कि पहाड़ी पर बना मुख्य मंदिर प्रथम तीर्थकर ऋषभदेव जी को समर्पित है। यह श्वेतांबर मूर्तिपूजक संप्रदाय के लिए सबसे अधिक पवित्र स्थान माना जाता है। हालांकि यहां पर दिगंबर जैन समुदाय का भी एक मंदिर है। यह पूरा क्षेत्र न सिर्फ धार्मिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है, बल्कि यह अपनी अद्भुत नक्काशी और वास्तुकला के लिए भी पूरी दुनिया में जाना जाता है। ऐसे पहुंचें पालिताणा अगर आप भी इस पावन नगरी की यात्रा करना चाहते हैं, तो बता दें कि यहां तक पहुंचना बेहद आसान है। यहां का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा भावनगर एयरपोर्ट है। जोकि पालिताणा से सिर्फ 55 किमी दूर पर स्थित है। वहीं अगर आप ट्रेन से आना चाहते हैं, तो ये शहर भावनगर और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों से रेल से अच्छे से जुड़ा है। वहीं गुजरात के सभी प्रमुख शहरों से पालिताणा के लिए बेहतरीन सड़क कनेक्टिविटी भी मौजूद है।
5 बच्चों में GBS 'गुइयां-बारे सिंड्रोम' से दहशत, देखें गुजरात आजतक
पंजाब के सरकारी स्कूल की बदहाल व्यवस्था का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ... वीडियो में शौचालयों की हालत दिखाते हुए दावा किया गया कि छात्राओं के लिए टॉयलेट नहीं है और जहां टॉयलेट है, वहां पानी तक नहीं है... लेकिन जब आजतक की टीम और शिक्षा मंत्री हरजौत सिंह बैंस ने फतेहगढ़ साहिब के झल्ला गांव के इसी सरकारी स्कूल में पहुंचकर वायरल दावों का रियलिटी चेक किया... तो तस्वीर कुछ अलग ही नजर आई... आखिर वायरल वीडियो का सच और स्कूल की ग्राउंड रियलिटी क्या है...हमारी इस रिपोर्ट में देखिए...
NEET UG Rank List: ACPUGMEC ने गुजरात नीट यूजी 2026 की मेरिट लिस्ट आधिकारिक वेबसाइट medadmgujarat.org पर जारी कर दी है। AIR 43 हासिल करने वाली हिया जैस्मिन वासवदा राज्य में टॉप पर रहीं हैं।
हल्की बारिश में ही क्यों डूब जाता है सूरत? देखें गुजरात आजतक
सूरत में बाढ़ का पानी आने से लोगों में काफी गुस्सा है. इलाकों से पानी भले ही अब पूरी तरह से खत्म हो चुका हो, स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है. लेकिन इस प्राकृतिक आपदा से हुई तबाही का खौफ आज भी लोगों के दिलों में बना हुआ है. हर साल दोहराई जाने वाली इस समस्या से तंग आकर शासन-प्रशासन को जमकर कोस रहे हैं. देखें गुजरात आजतक.
सूरत में रैगिंग से परेशान डॉक्टर ने दी जान, देखें गुजरात आजतक
गुजरात में सूरत के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे फर्स्ट ईयर के रेजिडेंट डॉक्टर हर्ष पंड्या ने रैगिंग से परेशान होकर सुसाइड कर लिया.. कॉलेज के सीनियर डॉक्टरों पर रैगिंग का आरोप लगा है.. कॉलेज प्रशासन ने आरोपी डॉक्टरों पर कार्रवाई की है... वहीं हर्ष के गांव में गम का माहौल बना हुआ है.. अंतिम संस्कार के वक्त बड़ी संख्या में परिवार के लोग, रिश्तेदार और समाज के लोग मौजूद थे..
Crime Katha: Ahmedabad PG Case में आरोपी धराया, Student से दुष्कर्म की पूरी कहानी | Gujarat
अहमदाबाद के आनंदनगर इलाके में स्थित एक पीजी (PG) हॉस्टल में इंटीरियर डिजाइनिंग की पढ़ाई कर रही छात्रा के साथ घिनौनी दरिंदगी की वारदात सामने आई है।
MBBS Seats: गुजरात में 7200 से 7500 हो गई एमबीबीएस की सीटें, कहां और कैसे बढ़ीं
MBBS Seats: गुजरात में एनएमसी की मंजूरी से 300 प्राइवेट एमबीबीएस सीटें बढ़ने से कुल संख्या 7200 से बढ़कर 7,500 हो गई है। क्वालीफाई छात्रों की संख्या कम होने से इस बार मेरिट कट-ऑफ में गिरावट की उम्मीद है।
फ्री फायर का खेल, किशोरी से दोस्ती और रेप; गेमिंग पार्टनर को MP से गिरफ्तार कर गुजरात ले गई पुलिस
मध्य प्रदेश में एक युवक द्वारा 'फ्री फायर' गेम के जरिये अहमदाबाद की एक नाबालिग लड़की को अपने जाल में फंसाकर अपने साथ भगा लाने और दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। गुजरात पुलिस ने 20 वर्षीय आरोपी को अमरपाटन से गिरफ्तार किया है।
'चांदीपुरा' वायरस के तेज रफ्तार से मचा हड़कंप, देखें गुजरात आजतक
गुजरात में चांदीपुरा वायरस से एक बार फिर हड़़कंप मच गया है. इस वायरस से अबतक 22 बच्चों की मौत हो गई. गुजरात में 184 संदिग्ध केस सामने आए हैं, जिनमें 35 मरीज चांदीपुरा वायरस से संक्रमित पाए गए हैं.. वहीं, चांदीपुरा वायरस को लेकर गुजरात स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है.
मांजलपुर सीट पर बीजेपी का दबदबा बरकरार, देखें गुजरात आजतक
गुजरात के मांजलपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी ने बड़ी और निर्णायक जीत दर्ज की है. बीजेपी उम्मीदवार सतेंद्रभाई पटेल ने कांग्रेस के भिखाभाई रबारी को 30 हजार 630 वोटों के बड़े अंतर से हराकर सीट बरकरार रखी. यह उपचुनाव बीजेपी के वरिष्ठ नेता और आठ बार के विधायक रहे योगेश पटेल के निधन के बाद हुआ था. कम मतदान के बावजूद बीजेपी ने अपने मजबूत जनाधार को कायम रखते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि मांजलपुर में उसका संगठन और सियासी पकड़ अब भी मजबूत है.
ललित सुरजन की कलम से - दिल्ली में गुजरात !
'यूं देखा जाए तो गुजराती भोजनालय भारत के कोने-कोने में मिल जाएंगे। देश में जो प्रमुख पर्यटन स्थल हैं, खासकर तीर्थस्थान, वहां गुजराती भोजनालय होना मानों अनिवार्य ही है।
Gujarat HC ने Netflix को Maharaj रिलीज करने की अनुमति दी, कहा- इससे भावनाएं आहत नहीं होतीं
गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को स्ट्रीमिंग दिग्गज नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘महाराज’ की रिलीज पर लगी अपनी अस्थायी रोक हटा ली, जिसमें कहा गया कि फिल्म महाराज 1862 के महाराज मानहानि मामले से जुड़ी घटनाओं पर आधारित है और इसका उद्देश्य किसी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। न्यायमूर्ति संगीता के. विशेन, जिन्होंने 13 जून को फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई थी, ने फिल्म देखने के बाद शुक्रवार को नेटफ्लिक्स को फिल्म स्ट्रीम करने की अनुमति देने का फैसला किया। इसे भी पढ़ें: Swara Bhasker के साथ कोई भी निर्माता-निर्देशक नहीं करना चाहता काम? एक्ट्रेस ने खुद किए चौंकाने वाले खुलासे अदालत ने कहा “यह अदालत प्रथम दृष्टया इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि फिल्म महाराज उन घटनाओं पर आधारित है, जिनके कारण मानहानि का मामला दायर किया गया और इसका उद्देश्य पुष्टिमार्गी समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं है। फिल्म को संबंधित दिशा-निर्देशों पर विचार करने के बाद विशेषज्ञ निकाय केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा प्रमाणित किया गया था… 13 जून को दी गई अंतरिम राहत रद्द कर दी गई है। मूल रूप से 14 तारीख को रिलीज होने वाली इस फिल्म को हाईकोर्ट ने नेटफ्लिक्स पर रोक लगा दी थी, क्योंकि व्यापारियों के एक समूह ने इस आधार पर कोर्ट में याचिका दायर की थी कि इसमें वैष्णव समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की क्षमता है। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | नमक-मिर्च लगाकर कच्ची केरी के चटकारे ले रहीं परिणीति चोपड़ा, मिर्जापुर 3 का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज फिल्म महाराज गुजराती लेखक सौरभ शाह की 2013 की किताब पर आधारित है, जो 1862 के ऐतिहासिक मानहानि मामले पर आधारित है, जो एक प्रमुख वैष्णव व्यक्ति, जदुनाथजी द्वारा समाज सुधारक करसनदास मुलजी के खिलाफ दायर किया गया था, जिन्होंने सर्वशक्तिमान महाराज द्वारा यौन शोषण के खिलाफ लिखा था। मुलजी ने अपनी पत्रिका सत्यप्रकाश में शोषणकारी प्रथा का खुलासा किया, जिसके कारण मानहानि का मामला चला, जो प्रसिद्ध महाराज मानहानि मामला बन गया। न्यायमूर्ति विशन ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की प्राथमिक शिकायत कि फिल्म वैष्णव समुदाय को बदनाम करती है, बदनाम करती है और उसका अपमान करती है, में कोई दम नहीं है। “इस प्रकार उनकी अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए बाध्य है कि याचिकाकर्ताओं की आशंका अनुमानों पर आधारित है। चूंकि फिल्म को अभी सार्वजनिक रूप से देखने के लिए जारी नहीं किया गया है, इसलिए केवल अनुमान के आधार पर संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित नहीं किया जा सकता है, अदालत ने कहा। उन्होंने खुली अदालत में आदेश सुनाते हुए कहा फिल्म का मुख्य संदेश, जैसा कि प्रतिवादी ने सही कहा है, यह है कि फिल्म सामाजिक बुराई और करसनदास मुलजी द्वारा सामाजिक सुधार के लिए लड़ाई पर केंद्रित है, जो स्वयं वैष्णव समुदाय से थे। उन्होंने कहा, फिल्म किसी भी तरह से धार्मिक भावनाओं को प्रभावित या आहत नहीं करती है। फिल्म यह निष्कर्ष निकालती है कि संप्रदाय किसी भी व्यक्ति या घटना से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। इस घटना को अपवाद मानते हुए वैष्णव संप्रदाय और उसके अनुयायी बढ़ते रहे और भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक ताने-बाने का गौरवपूर्ण और अभिन्न अंग बने रहे। यह आशंका जताई जा रही है कि इससे सांप्रदायिक विद्वेष पैदा होने की संभावना है। हालांकि, उसी मानहानि मामले के आधार पर 2013 में पुस्तक प्रकाशित हुई थी और किसी घटना की सूचना नहीं दी गई है। उन्होंने कहा, यहां तक कि याचिकाकर्ताओं ने भी यह दावा नहीं किया है कि पुस्तक से सांप्रदायिक विद्वेष पैदा हुआ है।
Chandu Champion: कपिल देव ने कार्तिक आर्यन की फिल्म के लिए लिखा दिल को छू लेने वाला नोट
पूर्व भारतीय क्रिकेटर कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर कबीर खान के निर्देशन की प्रशंसा की और उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म ने उन्हें भावुक कर दिया। कपिल देव ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्टर शेयर किया और एक लंबा नोट लिखा, चंदू चैंपियन! निश्चित रूप से एक ऐसी फिल्म जिसे आप मिस नहीं कर सकते। मुझे खेल फिल्में देखना और उनकी सराहना करना वाकई पसंद है। लेकिन यह सिर्फ एक खेल फिल्म होने से कहीं बढ़कर है। यह इससे कहीं बढ़कर है। इसे देखते हुए मैं हंसा, रोया, गर्व महसूस किया और फिर से रोया। @kabirkhankk को सलाम। आपने फिर से कमाल कर दिया। इसे भी पढ़ें: Shraddha Kapoor In love | श्रद्धा कपूर ने राहुल मोदी के साथ अपने रिश्ते को किया कंफर्म, शेयर की क्यूट तस्वीर और इमोशनल पोस्ट उन्होंने आगे लिखा, एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या शानदार अभिनय किया, आपका प्रयास और प्रतिभा चमक रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! एक और शानदार फिल्म बनाई। @kartikaaryan ने क्या कमाल का अभिनय किया है, आपकी मेहनत और प्रतिभा जगमगा रही है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई और हमें यह फिल्म देखने के लिए देने के लिए आपका धन्यवाद। आप सभी चैंपियन हैं! इसे भी पढ़ें: Gujarat High Court ने फिल्म महाराज की ओटीटी रिलीज पर रोक एक दिन के लिए बढ़ाई कार्तिक और कबीर की फिल्म 'चंदू चैंपियन' 14 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। Sacnilk की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है और अब तक कुल कलेक्शन 29.75 करोड़ रुपये हो चुका है। इसमें कार्तिक मुरलीकांत पेटकर की भूमिका में नजर आ रहे हैं। यह फिल्म एक ऐसे एथलीट की असाधारण कहानी पर आधारित है जिसने कभी हार नहीं मानी। View this post on Instagram A post shared by Kapil Dev (@therealkapildev)
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