झज्जर में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज सुबह करीब 10:00 बजे जिले के मुनीमपुर स्थित एक्सीलेंसी सेंटर ऑफ फ्लोरीकल्चर सहित विभिन्न परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को जिले के किसानों, विशेषकर फूलों की खेती और बागवानी से जुड़े किसानों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश के इस अत्याधुनिक केंद्र का उद्देश्य किसानों को फूलों की उन्नत किस्मों, आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक खेती के तरीकों से जोड़ना है। यहां किसानों को प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री और नई तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी केंद्र की विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन करेंगे और किसानों के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी लेंगे। माना जा रहा है कि इस अवसर पर बागवानी और फ्लोरीकल्चर क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं भी हो सकती हैं। फूलों की खेती किसानों के लिए पारंपरिक फसलों की तुलना में अधिक लाभदायक विकल्प बन सकती है। मुनीमपुर स्थित यह केंद्र किसानों को दिल्ली-एनसीआर सहित बड़े बाजारों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के कृषि मंत्री व पूर्व कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ भी मौजूद रहेंगे।
करनाल में 155.21 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की। सुबह करीब पांच बजे सेक्टर-13 स्थित एक कारोबारी के घर और लक्कड़ मार्केट में कार्यालय पर छापेमारी की गई। टीम ने कई घंटों तक दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की। कार्रवाई की सूचना मिलते ही शहर में हलचल मच गई और पूरे दिन चर्चा का माहौल बना रहा। सुबह 5 बजे पहुंची टीम, कई घंटों तक चली जांचप्रवर्तन निदेशालय की चंडीगढ़ जोनल यूनिट की टीम मंगलवार सुबह करीब पांच बजे सेक्टर-13 स्थित लकड़ कारोबारी अशोक मित्तल के आवास और लक्कड़ मार्केट स्थित उनके कार्यालय पहुंची। टीम के साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने परिसर में प्रवेश कर बैंकिंग दस्तावेज, कंपनी रिकॉर्ड और अन्य जरूरी कागजातों की गहन जांच शुरू की, जो कई घंटों तक चली। महेश टिंबर प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा मामलाबताया जा रहा है कि यह कार्रवाई महेश टिंबर प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग केस में की गई है। जांच एजेंसी के अनुसार यह मामला बैंकिंग प्रणाली में हेरफेर और विदेशी लेन-देन से जुड़ा हुआ है। इस केस में अशोक मित्तल के अलावा सौरभ ढींगरा, भारत भूषण मित्तल, रमन सिंघल और अन्य संबंधित लोग भी जांच के दायरे में हैं। हरियाणा, दिल्ली और गोवा में 11 ठिकानों पर रेडईडी ने केवल करनाल ही नहीं बल्कि हरियाणा, दिल्ली और गोवा में कुल 11 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। एजेंसी के मुताबिक यह सभी स्थान महेश टिंबर प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े व्यक्तियों और उनके कारोबारी नेटवर्क से संबंधित हैं। इस कार्रवाई को एक बड़े नेटवर्क की जांच के तौर पर देखा जा रहा है। बैंक रिकॉर्ड, मोबाइल और हार्ड डिस्क खंगालेसूत्रों के अनुसार करनाल स्थित परिसरों में बैंकिंग रिकॉर्ड, कंपनी दस्तावेज, संपत्तियों का ब्यौरा, डिजिटल डेटा, कंप्यूटर हार्ड डिस्क और मोबाइल फोन की जांच की गई। अधिकारियों ने वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई अहम दस्तावेज अपने कब्जे में भी लिए हैं। अब इन सभी साक्ष्यों का विस्तार से विश्लेषण किया जाएगा। सीबीआई की एफआईआर के बाद शुरू हुई जांचयह पूरा मामला सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के बाद सामने आया था। सीबीआई ने महेश टिंबर प्राइवेट लिमिटेड, उसके निदेशकों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। उसी आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर जांच शुरू की। विदेशी लेटर ऑफ क्रेडिट में हेरफेर का आरोपजांच एजेंसियों का आरोप है कि कंपनी से जुड़े लोगों ने बैंकिंग प्रणाली में गड़बड़ी कर विदेशी लेटर ऑफ क्रेडिट में अनधिकृत बदलाव करवाए। ये बदलाव बैंक के स्विफ्ट सिस्टम के माध्यम से किए गए, लेकिन बैंक के कोर बैंकिंग प्लेटफॉर्म फिनेकल में उनकी सही एंट्री नहीं की गई। इससे बैंक रिकॉर्ड में बड़ा अंतर पैदा हुआ। बैंकों को 155.21 करोड़ का नुकसानईडी के अनुसार इस कथित हेरफेर के जरिए लेटर ऑफ क्रेडिट की सीमा बढ़ाई गई, जिससे तत्कालीन ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और अन्य बैंकों के कंसोर्टियम को करीब 155.21 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। जांच में यह भी सामने आया है कि इस रकम को अलग-अलग खातों, कंपनियों और संपत्तियों में स्थानांतरित किया गया हो सकता है। फोरेंसिक जांच होगी, आगे कार्रवाई संभवतलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों का अब फोरेंसिक विश्लेषण कराया जाएगा। अगर जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित लोगों से पूछताछ, संपत्ति जब्ती और अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। एजेंसी अब पूरे वित्तीय नेटवर्क को समझने में जुटी है। पुराना जीएसटी मामला भी फिर चर्चा मेंमंगलवार की कार्रवाई के बाद अशोक मित्तल एक बार फिर जांच एजेंसियों के निशाने पर आ गए हैं। इसके साथ ही करीब दो साल पहले सामने आए 134 करोड़ रुपये के कथित जीएसटी चोरी मामले की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। उस मामले में भी उनकी गिरफ्तारी हुई थी और वे कुछ समय तक जेल में रहे थे। पंचकूला से गिरफ्तारी, बाद में मिली जमानतजानकारी के अनुसार जीएसटी चोरी मामले में कार्रवाई के दौरान अशोक मित्तल को पंचकूला से गिरफ्तार किया गया था। बाद में वे कई महीनों तक जेल में रहने के बाद जमानत पर बाहर आए। शिकायतकर्ता अनिल अरोड़ा का दावा है कि उस मामले में जीएसटी बकाया की रिकवरी के लिए उनकी संपत्तियों को भी नीलामी प्रक्रिया में शामिल किया गया था। नीलामी में रिश्तेदार ने खरीदा मकानआरोप है कि सेक्टर-13 स्थित जिस मकान की नीलामी हुई थी, उसे सौरभ ढींगरा ने करीब 1.89 करोड़ रुपये में खरीदा था। यह मामला उस समय भी शहर में काफी चर्चा में रहा था और अब एक बार फिर सामने आने से लोगों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। बाजारों में भी हलचल, दुकानों पर पहुंचे अधिकारीमंगलवार को हुई कार्रवाई के दौरान करनाल के व्यापारिक क्षेत्रों में भी हलचल देखने को मिली। शिकायतकर्ता अनिल अरोड़ा का दावा है कि जांच एजेंसियों के अधिकारी कर्ण गेट मार्केट और सराफा बाजार में स्थित कुछ दुकानों तक भी पहुंचे थे। सूचना मिलते ही संबंधित दुकानदार दुकानें बंद कर वहां से चले गए। कारोबारी नेटवर्क पर एजेंसियों का फोकससूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियां अब केवल बैंक घोटाले तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उससे जुड़े पूरे कारोबारी नेटवर्क, संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच कर रही हैं। करनाल के अलावा अन्य राज्यों में मौजूद संपर्कों और निवेश की भी पड़ताल की जा रही है। शहर में दिनभर चर्चा का माहौलसुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई की सूचना फैलते ही आसपास के क्षेत्रों में लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। दिनभर बाजारों और व्यापारिक हलकों में इस छापेमारी को लेकर चर्चाओं का दौर चलता रहा। आने वाले दिनों में जांच के नए खुलासों पर सबकी नजर बनी हुई है।
प्रयागराज में एक तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार ने सड़क पार कर रहे एक युवक को टक्कर मार दी। इस हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर मारने के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सिविल लाइंस क्षेत्र से सुलेम सराय स्थित अपने घर लौट रहे पंकज नामक युवक को सप्लाई डिपो के पास कार ने टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पंकज सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने चालक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं रुका। स्थानीय लोगों ने बताया कि चालक ने पहले वाहन को आगे बढ़ाया और फिर सप्लाई डिपो की ओर से मोड़कर तेजी से फरार हो गया। लोगों ने उसे रोकने के लिए शोर मचाया और कुछ ने वाहन पर पत्थर भी फेंके, लेकिन चालक भागने में सफल रहा। प्रत्यक्षदर्शियों ने कार का नंबर UP70CK8586 बताया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घायल पंकज को तुरंत स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से फरार चालक की जल्द पहचान और गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस ने वाहन नंबर के आधार पर चालक की तलाश शुरू कर दी है। हादसे के बाद क्षेत्र में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल देखा गया।
लखनऊ में अंतर्राष्ट्रीय घरेलू कामगार दिवस के अवसर पर मंगलवार को जिला श्रम कार्यालय के सभागार में एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में जुगौली, पलटन छावनी, श्रम विहार नगर, पारा और मड़ियांव सहित विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 70 घरेलू कामगार महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य घरेलू कामगार महिलाओं की समस्याओं, अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर चर्चा करना था। इस दौरान महिलाओं ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे को बढ़ाने की मांग करते हुए अपर श्रम आयुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा। श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अपर श्रम आयुक्त कल्पना श्रीवास्तव ने महिलाओं को श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने सभी घरेलू कामगारों को ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराने और प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना से जुड़ने की सलाह दी, ताकि उन्हें भविष्य में वृद्धावस्था पेंशन सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल सके। सहायक श्रम आयुक्त शिप्रा चतुर्वेदी ने बताया कि विभाग का लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर कार्यरत प्रत्येक श्रमिक तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि घरेलू कामगारों को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विभाग निरंतर प्रयासरत है। घरेलू कामगारों की समस्याओं के समाधान श्रम प्रवर्तन अधिकारी पल्लवी ने योजनाओं का लाभ लेने के लिए सही दस्तावेजीकरण और पात्रता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जागरूकता की कमी के कारण कई कामगार सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। श्रम प्रवर्तन अधिकारी शक्ति राय ने बताया कि घरेलू कामगारों की समस्याओं के समाधान और विभागीय सहायता के लिए जिला स्तर पर कार्यालय हमेशा उपलब्ध है। उन्होंने महिलाओं से जरूरत पड़ने पर सीधे विभाग या 'इंडिया लेबर लाइन' से संपर्क करने की अपील की।कार्यक्रम के दौरान एक घरेलू कामगार लक्ष्मी ने अटल आवासीय विद्यालय में घरेलू कामगारों के बच्चों को भी प्रवेश का अवसर देने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि निर्माण श्रमिकों के बच्चों की तरह घरेलू कामगारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलना चाहिए।
शहर के गलता गेट थाना क्षेत्र स्थित नाग तलाई इलाके में वन विभाग की सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर रविवार को दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और एक ही समुदाय के दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-भाटा चलने लगे। घटना का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में दो युवक लाठी डंडे से युवक को पिटते नजर आए। वहीं दुसरे पश्र के व्यक्ति ने पहले पत्थर उठाया फिर डंडा पकड़े व्यक्ति को मुक्के मारे। वीडियो में महिला भी झगड़े का हिस्स बनती नजर आई। वीडियों में एक व्यक्ति रेड टी शर्ट में पहने धोंस दिखाते हुए गाली बकता नजर आया। लाल टी शर्ट पहने युवक ने पीछे से आकर एक बच्चे का गला पकड़ा और उसे धकेलते हुए बोला तू हट जा। वीडियों में महिला चिल्लाते नजर आई की मेरा हाथ तोड़ दिया। तुमने मेरा हाथ तोड़ दिया, और गालियों देते हुए जेल में बंद करवाने की धमकी देते नजर आई। दोनों पक्षों की ओर से करीब 1 घंटे से ज्यादा इलाके में गाली गलौच मारपीट से तनाव हो गया। जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 12 बजे वन विभाग की सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद शुरू हुआ। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इमरान नामक युवक ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है, जिसे लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो गई। सूचना मिलने पर गलता गेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए दोनों पक्षों को शांत कराया। गलता गेट थानाधिकारी धर्म सिंह ने बताया कि नाग तलाई इलाके में झगड़े की सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस टीम भेजी गई थी। मामले में कार्रवाई करते हुए चार लोगों को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
ग्वालियर की गिरवाई थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में फरार चल रहे दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों पर पुलिस अधीक्षक ने 5-5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। आरोपी पिछले एक महीने से पुलिस को चकमा दे रहे थे, लेकिन मंगलवार रात शहर में एंट्री करते ही पुलिस के जाल में फंस गए। इस मामले में अब तक कुल 7 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस ने की घेराबंदी, भागने की कोशिश नाकाम गिरवाई थाना प्रभारी सुरेंद्र नाथ सिंह यादव को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जानलेवा हमले के बाद फरार आरोपी मंगलवार को ग्वालियर आने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने शहर के प्रवेश मार्गों पर नाकाबंदी कर दी। जैसे ही दोनों संदिग्ध वहां पहुंचे, पुलिस ने उन्हें घेर लिया। पुलिस को देखकर आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उन्हें दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बहोड़ापुर निवासी मोनू पिता सुरेश शर्मा और निम्बाजी की खोह, जनकगंज निवासी आकाश पिता रमेश कुशवाह के रूप में हुई है। पार्किंग को लेकर हुआ था विवाद यह विवाद कार पार्किंग को लेकर हुए मामूली झगड़े से शुरू हुआ था। निम्बाजी की खोह निवासी अखिलेश कुशवाह 12 मई को गिरवाई क्षेत्र में पुराने थाने के पास से गुजर रहा था। तभी आकाश कुशवाह, मोनू शर्मा और उनके अन्य साथी कारों और बाइकों से वहां पहुंचे और अखिलेश को घेर लिया। आरोप है कि बदमाशों ने जान से मारने की नीयत से उसके पेट में गोली मार दी और फरार हो गए। पुलिस जांच में सामने आया कि घटना से करीब तीन महीने पहले घायल अखिलेश का आरोपियों से कार पार्किंग को लेकर विवाद हुआ था। आरोपी इसी रंजिश का बदला लेने की फिराक में थे। वारदात के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने दोनों पर 5-5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। अब तक 7 आरोपी गिरफ्तार इस मामले में पुलिस पहले ही 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। मंगलवार को दो और इनामी बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद अब तक कुल 7 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। हालांकि, मामले का मुख्य नामजद आरोपी अनिल उर्फ अन्नू उर्फ बाला यादव निवासी निम्बाजी की खोह और दो अन्य अज्ञात आरोपी अभी भी फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। एएसपी ग्वालियर सुमन गुर्जर ने कहा हत्या के प्रयास के मामले में फरार चल रहे दो इनामी आरोपी मोनू शर्मा और आकाश कुशवाह को गिरवाई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है, ताकि उनके छिपने के ठिकानों और फरार मुख्य आरोपी अनिल उर्फ बाला यादव के बारे में जानकारी मिल सके। जल्द ही अन्य तीन फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
लखनऊ में बड़ा मंगल के पावन अवसर पर राष्ट्रीय हिन्दू रक्षा परिषद ने गोमतीनगर स्थित अपने प्रदेश कार्यालय पर सुंदरकांड पाठ और विशाल भंडारे का आयोजन किया। इस दौरान परिषद ने अपनी नई पहल 'सनातनी कवच' का विधिवत विमोचन भी किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय, प्रदेश, जिला एवं नगर स्तर के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। राष्ट्रीय हिन्दू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश सनातनी ने 'सनातनी कवच' के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह पहल समाज में नैतिकता, स्वच्छता, शुचिता और सांस्कृतिक अखंडता को मजबूत करने के लिए शुरू की गई है। इस अभियान से जुड़ने वाले सदस्य स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल प्रक्रियाओं को अपनाने तथा सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति प्रतिबद्ध रहेंगे। योजना का विस्तार उत्तर प्रदेश में किया जाएगा डॉ. राकेश सनातनी ने आगे कहा कि प्रारंभिक चरण में इस योजना का विस्तार उत्तर प्रदेश में किया जाएगा। इसके बाद इसे देश के अन्य राज्यों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। राष्ट्रीय महासचिव मुकेश सनातनी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वर्तमान समय में समाज के विभिन्न वर्गों के स्वास्थ्य, विश्वास और सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाली गतिविधियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि 'सनातनी कवच' का मुख्य उद्देश्य लोगों को जागरूक करना, सामाजिक सतर्कता को बढ़ावा देना और सुरक्षित एवं स्वच्छ सामाजिक वातावरण के निर्माण में योगदान देना है। तीन-स्तरीय समितियों का गठन किया गया है प्रदेश प्रभारी प्रवेश सनातनी ने जानकारी दी कि 'सनातनी कवच' की कार्यप्रणाली को तकनीकी और संगठनात्मक दृष्टि से सुदृढ़ बनाया गया है। इसके संचालन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के लिए तीन-स्तरीय समितियों का गठन किया गया है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश सनातनी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनीष सनातनी, राष्ट्रीय महासचिव मुकेश सनातनी, राष्ट्रीय युवा शक्ति रक्षा सहसंयोजक विवेक सनातनी, संरक्षक अंतर्राष्ट्रीय महामंडलेश्वर महादेव बाबा, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष साधना सनातनी, महंत दिव्या गिरी महाराज, महंत रमाकांत दास महाराज, प्रदेश प्रवक्ता दुर्गेश सनातनी और प्रदेश युवा शक्ति रक्षा संयोजक ओम सनातनी सहित कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण और विशाल भंडारे के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
लखनऊ में सार्वजनिक उपक्रमों पर विचार गोष्ठी:यूपी प्रेस क्लब में योगदान और संरक्षण पर चर्चा
लखनऊ के यूपी प्रेस क्लब में सार्वजनिक उपक्रमों के योगदान और संरक्षण पर एक विचार गोष्ठी आयोजित की गई। यह कार्यक्रम आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से जुड़े जनहित के मुद्दों की पड़ताल के लिए चल रही विमर्श श्रृंखला का हिस्सा था। इसमें विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए फरहत कासिम ने मूलभूत सेवाओं जैसे बिजली, पानी और दूरसंचार के तेजी से निजीकरण पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक और न्यायिक व्यवस्थाएं इसे रोकने में प्रभावी नहीं हो पा रही हैं। आगामी चुनावों में महत्वपूर्ण मुद्दा बनाने की अपील पौनी जनकल्याण महासभा के अध्यक्ष एस.एम विश्वकर्मा ने बताया कि 2014 के बाद कोई नया सार्वजनिक उपक्रम स्थापित नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि लाभ में चल रहे कई उपक्रमों को कमजोर करके निजीकरण की ओर धकेला गया है। कांग्रेस महिला दलित प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष विद्या गौतम ने कांग्रेस शासनकाल में स्थापित सार्वजनिक उपक्रमों के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस विषय को आगामी चुनावों में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनाने की अपील की। आयुष फार्मासिस्ट संघ के प्रदेश अध्यक्ष अम्मार जाफरी ने स्वास्थ्य सेवाओं में सरकारी संस्थानों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। इसके विपरीत, भाजपा नेता और उत्तर प्रदेश टिम्बर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मोहनीश त्रिवेदी ने तर्क दिया कि सभी सरकारों ने समय और परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लिए हैं। लोकतंत्र में सभी वर्गों की भागीदारी की आवश्यकता समाजसेवी अविनाश चंद्र जैन ने रेलवे में वरिष्ठ नागरिकों की यात्रा रियायतें समाप्त करने पर चिंता व्यक्त की। पीपुल्स जन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राशिद जमील खान ने मौजूदा राजनीतिक माहौल पर सवाल उठाए, जबकि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के नेता जी.एम सिंह ने आयुष्मान योजना की कार्यप्रणाली पर विचार-विमर्श किया। भागीदारी आंदोलन के अध्यक्ष पी.सी.कुरील ने लोकतंत्र में सभी वर्गों की भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।आजाद चालक यूनियन के अध्यक्ष प्रभुदीप सिंह सलूजा ने बताया कि लखनऊ एयरपोर्ट के निजीकरण के बाद पार्किंग शुल्क में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।कार्यक्रम के संयोजक जाहिद अली ने सूचित किया कि 'जयहिंद संवाद' का पांचवां चरण 25 से 30 जून के बीच आयोजित किया जाएगा।
लखनऊ में दिवंगत फोटोग्राफरों की याद में भंडारा:मीडिया फोटोग्राफर्स क्लब ने बड़े मंगल पर किया आयोजन
राजधानी लखनऊ में बड़े मंगल के अवसर पर मीडिया फोटोग्राफर्स क्लब ने दिवंगत प्रेस फोटोग्राफरों की स्मृति में एक विशाल हनुमान भंडारे का आयोजन किया। यह कार्यक्रम क्लब की संयोजक मंजू श्रीवास्तव की देखरेख में संपन्न हुआ। इसमें बड़ी संख्या में पत्रकार, प्रेस छायाकार, कैमरामैन और फोटोग्राफी से जुड़े लोग शामिल हुए। यह भंडारा दिवंगत फोटोग्राफर एस.एम. पारी द्वारा शुरू की गई परंपरा का एक हिस्सा है। इस सेवा कार्य को लगातार जारी रखा जा रहा है। क्लब की संयोजक मंजू श्रीवास्तव ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य दिवंगत साथियों की स्मृतियों को जीवित रखना और समाज सेवा की भावना को आगे बढ़ाना है। श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया भंडारे की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ हुई। पंडित कृष्ण देव ने विधिवत पूजा संपन्न कराई। इसके बाद रॉयल कैफे के चेयरमैन संजीव वर्मा, अखिल भारतीय कायस्थ सभा के अध्यक्ष मुरलीधर आहूजा और मनकामेश्वर मंदिर की महंत दिव्या गिरी ने संयुक्त रूप से भंडारे का शुभारंभ किया। इस दौरान श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें विधायक ओ.पी. श्रीवास्तव, पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया, विधायक रविदास मेहरोत्रा, राज्य मंत्री मनीष गुप्ता और जूही सिंह शामिल थे। इन अतिथियों ने आयोजन की सराहना की और दिवंगत फोटोग्राफरों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया।
लखनऊ में बड़े मंगल पर विशाल भंडारे का आयोजन:विश्व संवाद केंद्र में श्रद्धा और सेवा का संदेश
राजधानी लखनऊ में ज्येष्ठ माह के बड़े मंगल के अवसर पर जियामऊ स्थित विश्व संवाद केंद्र में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया, जो श्रद्धा, सेवा और सामाजिक समरसता का प्रतीक रहा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक कौशल जी ने प्रसाद वितरण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। भंडारे में प्रदेश के कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, जल संसाधन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह तथा वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण सक्सेना ने आयोजन की सराहना की। उन्होंने बड़े मंगल की परंपरा को समाज को जोड़ने वाला पर्व बताया। पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष और सामाजिक समरसता गतिविधि के प्रांत प्रमुख राजकिशोर ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। आयोजन की विशेष बात यह रही कि पूरे भंडारे में प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया गया। उपस्थित लोगों ने पर्यावरण अनुकूल इस व्यवस्था की सराहना की। भंडारे से पूर्व विश्व संवाद केंद्र परिसर स्थित श्री राम-जानकी मंदिर में सुंदरकांड पाठ का आयोजन हुआ। मुख्य यजमान एस.बी. पांडे ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई। धार्मिक अनुष्ठान के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया। ये मौजूद रहे कार्यक्रम में संघ के पश्चिम क्षेत्र के क्षेत्र प्रचारक महेंद्र जी, वरिष्ठ प्रचारक वीरेंद्र सिंह, संयुक्त क्षेत्र प्रचार प्रमुख कृपा शंकर, प्रांत संपर्क प्रमुख गंगा सिंह, भाजपा प्रदेश महामंत्री अनूप गुप्ता, प्रदेश प्रवक्ता अवनीश त्यागी, मनीष शुक्ला, आलोक अवस्थी, हिमांशु दुबे, संजय चौधरी, राज्य सूचना आयुक्त पी.एन. द्विवेदी, स्वतंत्र प्रकाश, विशेष संपर्क प्रमुख प्रशांत भाटिया, विश्व संवाद केंद्र प्रमुख डॉ. उमेश और कार्यालय प्रमुख सनी सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
लखनऊ के इंदिरा नगर सेक्टर-12 स्थित ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में सातवें बड़े मंगलवार के अवसर पर भंडारे का आयोजन किया गया। समाजसेवी प्रवीण कुमार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भगवान हनुमान का आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान से पूजा-अर्चना और हनुमान जी के स्मरण के साथ हुई। मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा। पूजा के बाद श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण आरंभ किया गया।भंडारा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे और देर तक प्रसाद ग्रहण करते रहे। भंडारे में पूरी, सब्जी, छोले, चावल और बूंदी का प्रसाद वितरित किया गया। बड़ा मंगल पर्व लखनऊ की धार्मिक पहचान का हिस्सा आयोजकों और स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं की सेवा में तत्परता दिखाई। भंडारे में आए लोगों ने व्यवस्था और सेवा भावना की सराहना की।आयोजक प्रवीण कुमार ने बताया कि बड़ा मंगल पर्व लखनऊ की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का हिस्सा है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए हर वर्ष श्रद्धालुओं की सेवा के उद्देश्य से भंडारे का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत करना है। इस अवसर पर सहयोग विकास समिति के प्रदेश अध्यक्ष धीरज गिहार, महेश गुप्ता, रामचन्द्र, अजय श्रीवास्तव, विनय कुमार, निश्चल सक्सेना सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे सामाजिक समरसता और जनसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
लखनऊ में सातवां बड़ा मंगल:पार्षद राघवराम तिवारी ने कराया सुंदरकांड पाठ और विशाल भंडारा
लखनऊ में ज्येष्ठ माह के सातवें बड़े मंगल पर धार्मिक आस्था और सेवा का संगम दिखा। लाला लाजपत राय वार्ड के पार्षद राघवराम तिवारी ने कुर्सी रोड पर संगीतमय सुंदरकांड पाठ, हनुमान चालीसा और विशाल भंडारे का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बन गया। सुंदरकांड पाठ और हनुमान चालीसा के दौरान श्रद्धालुओं ने बजरंगबली के जयकारे लगाए और भक्ति में लीन रहे। भजन-कीर्तन और संगीतमय प्रस्तुतियों ने आयोजन को और आकर्षक बनाया। भक्तों ने भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। भंडारे में पर्याप्त इंतजाम किए गए थे भंडारे में पूड़ी-सब्जी, छोला-चावल और बूंदी का प्रसाद वितरित किया गया, जिसे बड़ी संख्या में भक्तों ने ग्रहण किया। आयोजन स्थल पर स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी पर्याप्त इंतजाम किए गए थे। ये मौजूद रहे इस अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सदस्य एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, विधायक डॉ. नीरज बोरा, भाजपा एमएलसी संतोष सिंह और मुकेश शर्मा, महापौर सुषमा खर्कवाल सहित कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए बड़े मंगल की परंपरा को सामाजिक समरसता और जनसेवा का प्रतीक बताया।
ग्वालियर शहर के पड़ाव थाना क्षेत्र स्थित महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास बने फुट ओवरब्रिज पर मंगलवार रात हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। नशे में धुत एक युवक पुल के ऊपरी हिस्से पर चढ़ गया और नीचे गिरने का नाटक करते हुए उल्टा लटकने लगा। युवक की हरकत देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई और सड़क पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। घटना रात करीब 10:45 बजे की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक कभी पुल से कूदने की कोशिश करता तो कभी रेलिंग पकड़कर नीचे झूलने लगता। राहगीर और वाहन चालक रुककर तमाशा देखने लगे, जिससे कुछ देर के लिए ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ। नीचे खड़े लोग लगातार उसे समझाते रहे, लेकिन युवक किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था। सूचना मिलते ही पड़ाव थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थिति को गंभीर देखते हुए पुलिस ने सूझबूझ से कार्रवाई की। भीड़ का ध्यान दूसरी तरफ लगाए रखते हुए एक पुलिसकर्मी चुपचाप पुल के पीछे वाले हिस्से से ऊपर चढ़ गया। मौका मिलते ही उसने युवक को पीछे से पकड़ लिया और काफी मशक्कत के बाद सुरक्षित नीचे उतार लिया। युवक के नीचे आते ही लोगों ने राहत की सांस ली। पुलिस पूछताछ में युवक की पहचान मंगल सिंह पुत्र शेर सिंह निवासी कैंसर पहाड़िया के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह अत्यधिक नशे में था। पुलिस ने उसका मेडिकल परीक्षण कराया है और परिजनों को सूचना देकर समझाइश के बाद सुपुर्द करने की कार्रवाई की जा रही है। पड़ाव थाना टीआई शैलेन्द्र भार्गव ने बताया कि युवक नशे की हालत में पुल पर चढ़ गया था। पुलिस टीम ने समय रहते कार्रवाई करते हुए उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया। फिलहाल युवक के परिजनों को बुलाकर समझाइश दी जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी हरकत दोबारा न हो।
आगरा-ग्वालियर रोड स्थित श्री कैला देवी मंदिर ब्रज धाम इटोरा के प्रांगण में मंगलवार से मंगल बाजार का शुभारंभ हो गया। इस बाजार के शुरू होने से दुकानदारों और स्थानीय ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। दुकानदारों ने बताया कि आगरा के मधुनगर क्षेत्र में लगने वाला मंगल बाजार बंद होने के बाद उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया था। लंबे समय से दुकानें नहीं लगने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। श्री कैला देवी मंदिर ब्रज धाम इटोरा मैया परिसर में मंगल बाजार शुरू होने से उन्हें दोबारा रोजगार का अवसर मिला है। दुकानदारों ने मंदिर के अध्यक्ष और समस्त पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए इस पहल की सराहना की। मंगल बाजार की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाल रहे चौधरी सुरेश ने बताया कि मंदिर कमेटी से चर्चा के बाद दुकानदारों की समस्या को देखते हुए इस बाजार का आयोजन किया गया है। अब प्रत्येक मंगलवार को सुबह से शाम तक यह बाजार नियमित रूप से लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि देहात क्षेत्र के लोगों को अब खरीदारी के लिए शहर नहीं जाना पड़ेगा। उन्हें उचित दामों पर दैनिक उपयोग का सामान एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेगा। विशेष बात यह है कि यहां दुकानदारों से किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। बाजार परिसर में हरियाली और छाया की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है, जिससे दुकानदारों और ग्राहकों को सुविधा मिलेगी। इस अवसर पर सतीश बघेल, शैलेंद्र शर्मा, विजय पंडित, भोला भगत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और दुकानदार मौजूद रहे। सभी ने मिलकर फीता काटकर बाजार का उद्घाटन किया।
प्रयागराज में ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद सोमवार से परिषदीय विद्यालय बच्चों की चहल-पहल से गुलजार हो उठे। नए सत्र के पहले दिन विद्यालय पहुंचे छात्र-छात्राओं का शिक्षकों, शिक्षिकाओं और खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) ने चंदन लगाकर तथा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। विद्यालयों में उत्साह का माहौल देखा गया। जिले के विभिन्न विकास खंडों में विद्यालय खुलने के साथ ही स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए गए। धनूपुर ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी प्रभाशंकर पाण्डेय ने स्वयं कई विद्यालयों का दौरा किया। उन्होंने बच्चों का चंदन लगाकर और फूल बरसाकर अभिनंदन किया। साथ ही उन्हें नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर पढ़ाई करने और अनुशासन का पालन करने के लिए प्रेरित किया। इसी तरह जनपद के अन्य खंड शिक्षा अधिकारियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों के विद्यालयों का निरीक्षण किया और बच्चों के स्वागत कार्यक्रम में भाग लिया। शिक्षकों ने बच्चों के साथ संवाद स्थापित कर नए सत्र की शुरुआत उत्साहपूर्ण माहौल में कराई। कई विद्यालयों में छात्रों को प्रेरणादायक संदेश भी दिए गए। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अनिल कुमार ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जिले के सभी परिषदीय विद्यालय सोमवार से संचालित हो गए हैं। विद्यालय खुलने से पहले शिक्षकों और कर्मचारियों द्वारा परिसर की साफ-सफाई कराई गई थी। बच्चों के स्वागत के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं, जिसका उद्देश्य उन्हें विद्यालय से जोड़ना और सकारात्मक वातावरण विकसित करना था। बीएसए ने यह भी बताया कि प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए विद्यालयों के संचालन समय में जल्द ही बदलाव किया जा सकता है। इसका उद्देश्य बच्चों को गर्मी से राहत प्रदान करना है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों के निर्देशों की प्रतीक्षा की जा रही है। उल्लेखनीय है कि बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी द्वारा जारी निर्देश के अनुसार सोमवार से शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए विद्यालय खोल दिए गए हैं। विद्यालयों के खुलने के साथ ही शिक्षा व्यवस्था ने फिर से गति पकड़ ली है और बच्चों की उपस्थिति से स्कूलों में रौनक लौट आई है।
प्रयागराज के खिलाड़ियों ने जीते पदक:मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने विजयी खिलाड़ियों को किया सम्मानित
छत्तीसगढ़ में आयोजित 36वीं राष्ट्रीय कयाकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिताओं में प्रयागराज के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश और प्रयागराज मंडल का मान बढ़ाने वाले इन खिलाड़ियों को मंडलायुक्त और बोट क्लब समिति की अध्यक्षा सौम्या अग्रवाल ने मंगलवार को सम्मानित किया। 36वीं नेशनल सब-जूनियर/जूनियर चैंपियनशिप में उत्तर प्रदेश ने कुल 4 रजत और 2 कांस्य पदक जीते। इनमें से 2 रजत और 1 कांस्य पदक प्रयागराज के खिलाड़ियों ने हासिल किए, जिससे पदक तालिका में उनका दबदबा स्पष्ट हुआ। इसके अतिरिक्त, 9 और 10 जून, 2026 को आयोजित अस्मिता जोनल नेशनल (नॉर्थ जोन) महिला चैंपियनशिप में उत्तर प्रदेश की बालिकाओं ने कुल 3 स्वर्ण, 11 रजत और 5 कांस्य पदक जीते। इस प्रतियोगिता में प्रयागराज की बेटियों ने 2 स्वर्ण, 9 रजत और 5 कांस्य पदक जीतकर मंडल का नाम रोशन किया। मुलाकात के दौरान, खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों ने कयाकिंग एवं कैनोइंग खेल को और अधिक पेशेवर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने अभ्यास के लिए अर्गोमीटर, नैरो बोट और अन्य आधुनिक नौकाओं की आवश्यकता जताई। साथ ही, बोट क्लब परिसर में जिम, उचित बैठक व्यवस्था और बुनियादी ढांचे में सुधार की मांग की गई। खिलाड़ियों ने खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए एक वार्षिक खेल कैलेंडर तैयार करने और बाढ़ के मौसम से पहले राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन सुनिश्चित करने का भी सुझाव दिया। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने खिलाड़ियों की मांगों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि खेल अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण और आवश्यक उपकरणों की खरीद के लिए नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रयागराज की मिट्टी में छिपी खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
लखनऊ में बड़े मंगल पर भंडारा, सुंदरकांड पाठ:पार्षद शैलेन्द्र वर्मा ने गोमतीनगर में कराया आयोजन
लखनऊ के गोमतीनगर स्थित विभव खंड में ज्येष्ठ माह के सातवें बड़े मंगल के अवसर पर एक विशाल धार्मिक आयोजन किया गया। पार्षद शैलेन्द्र वर्मा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सुंदरकांड पाठ, भजन संध्या और विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत सुंदरकांड पाठ से हुई, जिसके बाद भक्तिमय भजन संध्या का आयोजन किया गया। देर रात तक चले भजनों का श्रद्धालुओं ने आनंद लिया। आयोजन स्थल 'जय श्रीराम' और 'जय बजरंगबली' के जयकारों से गूंज उठा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया आयोजन का मुख्य आकर्षण विशाल भंडारा रहा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। व्यवस्था और सेवा कार्यों में कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। पूरे आयोजन में अनुशासन, सेवा और समर्पण की भावना स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई। पार्षद शैलेन्द्र वर्मा ने सभी अतिथियों, कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बड़े मंगल की यह परंपरा समाज में समरसता, सेवा और जनकल्याण की भावना को मजबूत करती है। प्रभु श्री हनुमान की कृपा से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। ये मौजूद रहे इस अवसर पर अमरपाल मौर्य मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुकेश शर्मा, संतोष सिंह, अवनीश सिंह, प्रदेश महामंत्री अनूप गुप्ता, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी और प्रदेश उपाध्यक्ष बृज बहादुर सहित कई जनप्रतिनिधि और संगठन पदाधिकारी शामिल हुए। अन्य उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में वीरेंद्र सिंह, बृजेश सिंह, पार्षद मान सिंह यादव, हरीश स्वास्थ्य, रामकिशन यादव, मुकेश सिंह मोंटी और संतोष राय प्रमुख थे। सभी अतिथियों ने बड़े मंगल की परंपरा को सामाजिक एकता और सेवा भाव का प्रतीक बताते हुए आयोजन की सराहना की।
जालौन के कुठौंद कस्बे में पिछले 48 घंटों के भीतर चार जच्चा-बच्चों की मौत के मामले सामने आने से क्षेत्र में चिंता का माहौल है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला सिरसा कलार थाना क्षेत्र के गुपलापुर गांव की रिजवाना (30) का है। परिजनों के अनुसार प्रसव के लिए उन्हें कस्बे के एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया था। प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गई, जबकि अत्यधिक रक्तस्राव के कारण रिजवाना की हालत बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि हालत गंभीर होने पर क्लीनिक प्रबंधन ने उन्हें दूसरे अस्पतालों में भेज दिया। बाद में कानपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही रिजवाना ने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत न दिए जाने के कारण आगे की कानूनी कार्रवाई नहीं हो सकी। क्लीनिक में जच्चा-बच्चा की मौत गौरतलब है कि इससे पहले भी कुठौंद के एक निजी क्लीनिक में जच्चा-बच्चा की मौत का मामला सामने आया था। उस घटना के बाद परिजनों ने हंगामा किया था और पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। इसी तरह कुछ माह पूर्व इटाहा कालपी गांव निवासी ज्योति की भी एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया था, लेकिन छह माह बीत जाने के बावजूद मामले में अभी तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं हो सका है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। उनका कहना है कि निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली की गहन जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन मामलों की जांच और संभावित कार्रवाई को लेकर लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं।
धर्म परिवर्तन करने वाले युवक का AI वीडियो वायरल:सभासद की शिकायत पर चौथा मुकदमा, पुलिस जांच में जुटी
शामली में धर्म परिवर्तन के चर्चित मामले से जुड़े युवक आयुष मलिक का कथित एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) जनरेटेड वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद और गहरा गया है। मामले में स्थानीय सभासद ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। सदर कोतवाली क्षेत्र के निवासी और नगर पालिका सभासद अनिल उपाध्याय का आरोप है कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया जा रहा है, जिसे एआई तकनीक की मदद से तैयार किया गया है। वीडियो में आयुष मलिक जैसा दिखने वाला व्यक्ति भावुक अपील करता दिखाई दे रहा है। सभासद का कहना है कि यह वीडियो भ्रामक है और इससे सामाजिक एवं धार्मिक तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है। शिकायत के अनुसार, वीडियो कथित रूप से आसिफ खान एसडीपीआई नामक फेसबुक आईडी और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रसारित किया गया। वायरल वीडियो में दिख रहा व्यक्ति खुद को आयुष मलिक बताकर लोगों से समर्थन की अपील करता नजर आता है। 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गौरतलब है कि कुछ दिन पहले आयुष मलिक के पिता ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि उनके बेटे का जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया। इस मामले में चांदनी कुरैशी, उसके पिता इस्लाम कुरैशी समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस प्रकरण में अब तक अलग-अलग आरोपों के तहत कई मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। एक मुकदमा सोशल मीडिया पर कथित भ्रामक सामग्री प्रसारित करने को लेकर, जबकि दूसरा मुकदमा एक युवती द्वारा स्वयं को आयुष मलिक की बहन बताने संबंधी दावों को लेकर दर्ज कराया गया था। सभासद का कहना है कि एआई तकनीक से तैयार किए गए ऐसे वीडियो लोगों को गुमराह कर सकते हैं और कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है। वायरल वीडियो की तकनीकी जांच कराई जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बागपत में एसटीएफ मेरठ यूनिट और कोतवाली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में खनन की फर्जी रॉयल्टी तैयार कर सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस ने निवाड़ा गांव में छापेमारी कर गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और असली खनन रॉयल्टी की नकल कर फर्जी रॉयल्टी तैयार करता था। इन दस्तावेजों का उपयोग कर खनन और परिवहन से जुड़े कार्यों में सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नईम पुत्र इंतजार, तालिब पुत्र फारुख, फिरोज पुत्र अहमद, आरिफ पुत्र जाहिद (सभी निवासी निवाड़ा) तथा मंदीप पुत्र राजवीर निवासी लॉयन मलकपुर, जनपद बागपत के रूप में हुई है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, आठ मोबाइल फोन, एक चार्जर, एक कार, 2,950 रुपये नकद तथा अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। जांच में आरोपियों की व्हाट्सएप चैट भी मिली है, जिसमें करीब 30 संदिग्ध मोबाइल नंबर सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि इन नंबरों से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बरामद डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है ताकि गिरोह के नेटवर्क और गतिविधियों का पूरा पता लगाया जा सके। पुलिस अधीक्षक सूरज राय ने बताया कि यह एक संगठित गिरोह प्रतीत होता है। मामले की गहन जांच की जा रही है और इसमें शामिल अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फर्जी रॉयल्टी बनाकर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब गिरोह के वित्तीय लेन-देन, डिजिटल नेटवर्क और अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है।
योगी बोले- नीट अभ्यर्थियों को आधा बस किराया देना होगा:मोहर्रम में हथियार प्रदर्शन और डीजे पर रोक
सीएम योगी आदित्यनाथ ने नीट (NEET) परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को राहत दी है। अभ्यर्थियों को यूपी रोडवेज बसों के किराये में 50 प्रतिशत छूट मिलेगी। इसके लिए उन्हें प्रवेश पत्र दिखाना होगा। नीट परीक्षा 21 जून को आयोजित होगी। मंगलवार शाम सीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आगामी त्योहारों और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा की। सीएम ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को मोहर्रम को लेकर पहले से संवाद करने के निर्देश दिए। सीएम योगी ने कहा कि यह मातम का अवसर है, शक्ति प्रदर्शन का नहीं। मोहर्रम के दौरान हथियारों का प्रदर्शन, नई परंपरा शुरू करने, कानफोड़ू डीजे और तेज ढोल-ताशों पर रोक रहेगी। माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर प्रदेश की 57 हजार ग्राम पंचायतों और 762 नगरीय निकायों में योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सभी कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी रहेगी। 20 जून को विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। योग दिवस पर अमृत सरोवरों और ऐतिहासिक स्थलों पर सामूहिक योगाभ्यास होगा। मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन और जनसुनवाई को प्राथमिकता देने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में सीएमओ की तैनाती नहीं है, वहां तीन दिन के अंदर नियुक्ति की जाए। बैठक की बड़ी बातें जानिए- 1. मोहर्रम को लेकर अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश मोहर्रम के दौरान ताजियों की ऊंचाई तय मानकों के अनुसार ही रखनी होगी। 10 से 12 फीट से अधिक ऊंचे ताजियों की अनुमति नहीं दी जाएगी। सीएम ने कहा कि सभी धर्मों और लोगों की भावनाओं का सम्मान किया जाए, लेकिन कानून व्यवस्था से खिलवाड़ या किसी नई परंपरा को शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मोहर्रम के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को पहले से तैयारी करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को कहा कि स्थानीय लोगों से संवाद करें। जुलूसों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराएं। 2. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर प्रदेशभर में होंगे बड़े आयोजन सीएम ने योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति और ऋषि परंपरा की महत्वपूर्ण धरोहर है। इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ थीम पर मनाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम का प्रदेशभर में सीधा प्रसारण कराया जाएगा। सभी 58 हजार ग्राम पंचायतों और 762 नगरीय निकायों में योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अमृत सरोवरों, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों पर सामूहिक योगाभ्यास कराया जाएगा। इस कार्यक्रम में स्वयंसेवी संस्थाओं, योग संस्थानों, एनसीसी, स्काउट-गाइड और एनएसएस के स्वयंसेवकों को भी जोड़ा जाएगा। 20 जून को विशेष स्वच्छता अभियान चलाने और कार्यक्रम स्थलों पर साफ-सफाई के निर्देश दिए गए। 3. जनशिकायतों में लापरवाही पर अधिकारियों पर होगी कार्रवाई मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन, जनता दर्शन और आईजीआरएस पोर्टल पर आई शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कुछ जिलों में शिकायतों के निस्तारण की स्थिति संतोषजनक नहीं है। ऐसे जिले में जल्द सुधार किया जाए। शिकायतों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। जिन जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) की तैनाती नहीं है, वहां तीन दिन के अंदर नियुक्ति करने के निर्देश दिए गए। फील्ड में अधिकारियों की तैनाती योग्यता और मेरिट के आधार पर करने को कहा गया। ……………….. ये खबर भी पढ़िए… यूपी में अब 24 जून तक बंद रहेंगे प्राइमरी स्कूल:योगी सरकार ने बदली व्यवस्था; पहले 15 जून तक होती थी छुट्टी योगी सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में गर्मी की छुटि्टयों में बड़ा बदलाव कर दिया है। बेसिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया- अब परिषद और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में हर साल 20 मई से 24 जून तक गर्मी की छुटि्टयां रहेंगी। पहले यह अवकाश 15 जून तक निर्धारित था। पूरी खबर पढ़िए…
प्रयागराज से नेपाल तक जाने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। जौनपुर जिले के मुंगरा बादशाहपुर में निर्माणाधीन लगभग दो किलोमीटर लंबे बाईपास का कार्य तेजी से चल रहा है। निर्माण कार्य करीब 70 प्रतिशत पूरा हो चुका है और उम्मीद है कि अगले छह माह में यह परियोजना पूरी तरह तैयार हो जाएगी। बाईपास के चालू होने के बाद प्रयागराज-नेपाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुगम और तेज हो जाएगी। मुंगरा बादशाहपुर प्रयागराज-नेपाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित एक महत्वपूर्ण कस्बा है। यहां रेलवे की दो क्रॉसिंग होने के कारण अक्सर यातायात प्रभावित रहता है। हर आधे घंटे पर यात्री ट्रेन या मालगाड़ी गुजरने से फाटक बंद हो जाता है, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। कई बार लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है। इससे न केवल यात्रियों का समय बर्बाद होता है बल्कि ईंधन की भी भारी खपत होती है। बाईपास निर्माण पूरा होने के बाद वाहनों को मुंगरा बादशाहपुर नगर के भीतर से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। वाहन शहर से लगभग दो किलोमीटर पहले ही बाईपास मार्ग पर मुड़कर सीधे लखनऊ-वाराणसी हाईवे से जुड़ सकेंगे और अपने गंतव्य तक आसानी से पहुंच सकेंगे। इससे नगर के भीतर यातायात का दबाव भी कम होगा और स्थानीय लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी। राज्यसभा सांसद और भाजपा की वरिष्ठ नेता सीमा द्विवेदी ने बताया कि क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। उनके प्रयासों के बाद केंद्र सरकार ने बाईपास निर्माण को मंजूरी प्रदान की और अब परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। सांसद सीमा द्विवेदी ने कहा कि बाईपास के निर्माण से प्रतिदिन लाखों लोगों को लाभ मिलेगा। इससे यात्रा का समय कम होगा, ईंधन की बचत होगी और प्रयागराज, जौनपुर, वाराणसी तथा नेपाल की ओर जाने वाले यात्रियों को बेहतर यातायात सुविधा प्राप्त होगी
सीआईडी इंटेलिजेंस ने मंगलवार को एक पाकिस्तानी जासूस को जयपुर में पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पाकिस्तानी युवक चाय की दुकान चलाकर भारतीय सेना की जासूसी कर रहा था और इसका इनपुट पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजता था। आरोपी मुस्ताक अली (26) पिछले 2 साल से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के हैंडलर्स के सीधे संपर्क में था। वह भारत-पाकिस्तान बॉर्डर की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर चाय बेचता था, जिससे वहां से गुजरने वाले सेना और बीएसएफ (BSF) के काफिले पर आसानी से नजर रख सके। पूछताछ में सामने आया है कि वह सेना के मूवमेंट की गोपनीय तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान भेजकर रुपए वसूल रहा था। 16 जून को किया था गांव से डिटेनसुरक्षा एजेंसियों ने संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर जैसलमेर के नाचना थाना इलाके के खारिया से मुस्ताक को 11 जून को ही हिरासत में ले लिया था, जिसके बाद उसे जयपुर लाकर संयुक्त रूप से कड़ी पूछताछ की जा रही थी। हैंडलर्स ने दिया था सेना पर नजर रखने का टास्कएडीजी (पुलिस इंटेलिजेंस) प्रफुल्ल कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि राजस्थान में सक्रिय पाकिस्तानी खुफिया तंत्र पर सीआईडी इंटेलिजेंस लगातार निगरानी रख रही थी। इसी दौरान मुस्ताक अली की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। जब सुरक्षा एजेंसियों ने उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स और मोबाइल का तकनीकी विश्लेषण किया, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। आरोपी सोशल मीडिया के जरिए सीधे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के हैंडलर्स से जुड़ा हुआ था। पाकिस्तानी हैंडलर्स ने उसे भारत-पाकिस्तान बॉर्डर की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर सेना और बीएसएफ के मूवमेंट की निगरानी करने का विशेष टास्क सौंपा था। गोपनीय जानकारी भेजने के बदले मिलते थे पैसेपूछताछ में सामने आया कि मुस्ताक पिछले दो सालों से देश के खिलाफ इस साजिश में शामिल था। सेना की खुफिया जानकारी, वीडियो और तस्वीरें पाकिस्तान भेजने के बदले पाक हैंडलर्स द्वारा उसे बकायदा मोटी रकम दी जाती थी। इन पैसों को अलग-अलग माध्यमों से उसके पास पहुंचाया जाता था। फिलहाल, जयपुर में सुरक्षा एजेंसियां आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं, जिससे पता लगाया जा सके कि उसने अब तक कौन-कौन सी संवेदनशील जानकारियां सीमा पार भेजी हैं और इस नेटवर्क में उसके साथ और कौन लोग शामिल हैं।
सहारनपुर में पंजाबी समाज ने 'रिफ्यूजी', 'शरणार्थी' या 'पाकिस्तानी' जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई है। इस संबंध में पंजाबी संगठन उत्तर प्रदेश ने मंगलवार को जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। संगठन ने इन शब्दों के प्रयोग पर रोक लगाने और इसके लिए कानून बनाने की मांग की है। पंजाबी संगठन उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष और सहारनपुर जिलाध्यक्ष राधेश्याम नारंग के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल कलेक्ट्रेट पहुंचा। उन्होंने जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान को ज्ञापन सौंपा। संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पंजाबी समाज के लिए 'पाकिस्तान', 'रिफ्यूजी' और 'शरणार्थी' जैसे शब्दों का प्रयोग अपमानजनक है और इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। राधेश्याम नारंग ने बताया कि वर्ष 1947 के विभाजन के दौरान पश्चिमी पंजाब से लाखों परिवार भारत आए थे। इन परिवारों ने अपने घर, जमीन-जायदाद और कारोबार छोड़कर भारत को चुना था। समाज के लोगों ने उस समय कठिन परिस्थितियों का सामना किया और कई लोगों ने देश के लिए बलिदान भी दिए। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे शब्दों का प्रयोग उनके पूर्वजों के त्याग और संघर्ष का अपमान है। कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया जाना चाहिए नारंग ने यह भी कहा कि अरोड़ा-खत्री पंजाबी समाज हमेशा भारत के संविधान और देश की एकता में विश्वास रखता है। इस समाज ने देश के विकास, सुरक्षा और सेवा कार्यों में निरंतर योगदान दिया है। उन्होंने मांग की कि भविष्य में यदि कोई व्यक्ति ऐसे शब्दों का प्रयोग करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया जाना चाहिए। संगठन के पदाधिकारी प्रमोद आहुजा ने हाल ही में हरियाणा के हिसार में हुई एक घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वहां पंजाबी समाज के लोगों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी, जिस पर कार्रवाई भी हुई थी। आहुजा ने कहा कि ऐसी घटनाएं देशभर में दोबारा न हों, इसके लिए केंद्र सरकार को सख्त कानून बनाना चाहिए। समाज लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाता रहेगा ज्ञापन सौंपने वालों में सार्थक नारंग, खेरतीलाल, अशोक हब्बर सहित कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। संगठन ने दोहराया कि पंजाबी समाज देशभक्ति और सामाजिक सौहार्द को हमेशा प्राथमिकता देता है और अपने सम्मान की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाता रहेगा।
महावन में अज्ञात व्यक्ति का शव मिला:उप निबंधक कार्यालय के पास पड़ा था, पुलिस पहचान में जुटी
मथुरा के थाना महावन क्षेत्र में मंगलवार शाम एक अज्ञात वृद्ध का शव मिला। यह शव कस्बा महावन स्थित उप निबंधक (सब रजिस्ट्रार) कार्यालय के सामने व्यापारियन मोहल्ला जाने वाले मार्ग के किनारे पड़ा हुआ था। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई। जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब चार बजे स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे एक वृद्ध को अचेत अवस्था में देखा। काफी देर तक उसमें कोई हलचल न होने पर लोगों ने महावन पुलिस को सूचना दी। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और जांच के बाद वृद्ध को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। काले रंग का पाजामा और हल्के लाल रंग की चैकदार शर्ट पहन रखी पुलिस के मुताबिक, मृतक की उम्र लगभग 60 वर्ष है। उसने काले रंग का पाजामा और हल्के लाल रंग की चैकदार शर्ट पहन रखी थी। उसके पास से ऐसा कोई दस्तावेज या पहचान पत्र नहीं मिला, जिससे उसकी शिनाख्त हो सके। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद क्षेत्र में उत्सुकता का माहौल है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। मृतक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पड़ोसी थाना क्षेत्रों में भी सूचना भेजी गई है। क्षेत्राधिकारी महावन संजीव कुमार राय ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा गया है। मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। पुलिस फिलहाल मृतक की पहचान और मामले की जांच में जुटी हुई है।
नौबस्ता में दुधमुंहे बच्चे को गोद में लेकर बाइक में बैठी महिला और उसके पति को तेज रफ्तार डंपर ने टक्कर मार दी। जोरदार टक्कर से बच्चा उछलकर दूर जा गिरा, जबकि महिला और उसका पति बाइक समेत सड़क पर जा गिरे। इस दौरान डंपर के पहिए की चपेट में आने से महिला की मौके पर मौत हो गई। पति और उसके दूधमुंहे बेटे को चोटें आईं। हादसे के बाद चालक डंपर छोड़कर भाग निकला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को कांशीराम अस्पताल में भर्ती कराकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बच्चे के संग कल्याणपुर स्थित मायके गई थी बिधनू के रमईपुर निवासी सलमान सिलाई कारीगर हैं। वह सूरत में नौकरी करते है। परिवार में उनकी 26 वर्षीय पत्नी परवीन बानो और डेढ़ साल का बेटा है। परवीन के भाई अकील के मुताबिक सलमान के सूरत से आने के बाद परवीन बच्चे को लेकर कल्याणपुर स्थित मायके आई थी। मंगलवार को सलमान बाइक से परवीन और बेटे को लेकर घर लौट रहा था। गल्ला मंडी के पास पीछे से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने ओवरटेक करने के चक्कर में बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में परवीन की मौके पर मौत हो गई। सलमान और उसके बेटे को भी चोटे आईं हैं। वहीं राहगीरों के खदेड़ने पर चालक कुछ दूरी पर डंपर छोड़कर भाग निकला। कार्यवाहक नौबस्ता थाना विनोद कुमार यादव ने बताया कि परवीन के भाई अकील की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। चालक की तलाश की जा रही है।
पीलीभीत के सुनगढ़ी थाना क्षेत्र में दो दिन से लापता 9 वर्षीय बच्ची के बरामद होने के बाद गंभीर मामला सामने आया है। परिजनों ने एक बुजुर्ग पर बच्ची को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म की आशंका जताई है। मामले में पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। देर रात पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। परिजनों के अनुसार, रविवार को कक्षा चार में पढ़ने वाली बच्ची अपने पिता के साथ भिखारीपुर बाजार गई थी। पिता एक दुकान पर काम कर रहे थे, जबकि बच्ची पास की दुकान पर चप्पल लेने चली गई। आरोप है कि इसी दौरान गांव का एक बुजुर्ग उसे अपने साथ ले गया। जब बच्ची घर नहीं पहुंची तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन दो दिनों तक उसका कोई सुराग नहीं मिला। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे परिजनों को बच्ची के मिलने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही परिवार मौके पर पहुंचा और बच्ची को घर ले आया। बुजुर्ग बच्ची के साथ आपत्तिजनक स्थिति में परिजनों का कहना है कि बच्ची ने बताया कि आरोपी ने उसे खाने के लिए कुछ दिया था, जिसके बाद वह बेसुध हो गई थी। इसी बीच गांव के कुछ लोगों ने परिवार को एक वीडियो दिखाया, जिसमें आरोपी बुजुर्ग बच्ची के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दे रहा है। वीडियो देखने के बाद परिजनों ने आरोपी की तलाश की, लेकिन वह घर छोड़कर फरार हो चुका था। इसके बाद देर रात सुनगढ़ी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराकर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि की है। मामले की जांच शुरू कर दी है। बच्ची के बयान, वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। आरोपी की तलाश भी जारी है।
मथुरा में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने अस्वच्छ दशाओं में भंडारित 1155 किलोग्राम हरी मिर्च का अचार जब्त किया है। यह कार्रवाई मंगलवार को एक विशेष अभियान के तहत की गई, जिसमें दो खाद्य नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। सहायक आयुक्त (खाद्य) धीरेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में खाद्य सचल दल ने तहसील छाता क्षेत्र के कोसी-कोटवन इंडस्ट्रियल एरिया स्थित ट्रोम्स इंडस्ट्रीज का निरीक्षण किया। यहां हरी मिर्च के अचार का एक नमूना लिया गया और अचार निर्माण के लिए अस्वच्छ परिस्थितियों में भंडारित लगभग 1155 किलोग्राम हरी मिर्च का अचार जब्त कर खाद्य कारोबारकर्ता की अभिरक्षा में सौंपा गया। सोया सॉस का एक नमूना भी जांच के लिए संग्रहित इसके अतिरिक्त, टीम ने गोवर्धन क्षेत्र से सोया सॉस का एक नमूना भी जांच के लिए संग्रहित किया। इस प्रकार, कुल दो खाद्य नमूनों को परीक्षण हेतु राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित खाद्य कारोबारकर्ताओं के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। मथुरा में सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी के निर्देशों पर प्रसंस्कृत फल, सब्जी, जैम, जैली और अचार उत्पादों की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। अभियान में खाद्य सुरक्षा अधिकारी जितेंद्र सिंह, अरुण कुमार राणा, राम नरेश और मोहर सिंह भी शामिल रहे। विभाग ने खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता मानकों का पालन करने तथा गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों के उत्पादन और विक्रय के निर्देश दिए हैं। आमजन से भी अपील की गई है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार की शिकायत होने पर विभाग को तत्काल सूचित करें।
रतलाम के अरिहंत परिसर में रहने वाले पुलिसकर्मी अब्दुल हुसैन पठान की मंगलवार रात करंट लगने से मौत हो गई। अब्दुल हुसैन घर में कूलर में पानी भर रहे थे। इसी दौरान उन्हें करंट लगा। जिससे वह बेसुध हो गए, परिजन हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसा रात करीब 8.30 बजे का है। जानकारी सामने आई है कि पुलिसकर्मी चलते कुलर में पानी भर रहे थे। इसी दौरान उन्हें करंट लगा। अब्दुल हुसैन कार्यवाहक प्रधान आरक्षक थे। एसपी ऑफिस में डिस्ट्रिक क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो शाखा (DCRB) में पदस्थ थे। अस्पताल से शव को मेडिकल कॉलेज भेजा गया। कल (बुधवार) सुबह पीएम होगा। प्रधान आरक्षक के घर में पत्नी, दो बड़ी बेटी व एक बेटा है। घटनाक्रम के बाद परिवार अभी कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं है। अधिकारी पहुंचे घरसूचना मिलने पर रात में सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया समेत अन्य पुलिसकर्मी पहले अस्पताल पहुंचे। इसके बाद मृतक पुलिसकर्मी के घर घटनास्थल का मौका मुआयना करने भी पहुंचे।
जोधपुर में कल दो घंटे बिजली कटौती:कई बड़े इलाकों में पावरकट; जानें कौनसे इलाके होंगे प्रभावित
जोधपुर शहर में बिजली लाइनों के रखरखाव के चलते कई कॉलोनी में बुधवार को बिजली बंद रहेगी। कई इलाकों में दो घंटे तक बिजली नहीं आएगी। इसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। सुबह 8 से 10 बजे तक इन इलाकों में नहीं आएगी बिजली RTO कार्यालय, रूपनगर, विष्णु नगर, राजीव नगर, गुलाब नगर, गुलजार नगर, न्यू रूप नगर, सुलतान नगर, विद्या नगर, श्रीराम नगर, सरकारी बेरा, राम नगर, श्री राम नगर, नरसिंह नगर, पार्श्वनाथ नगर, गांधी नगर, प्रेम नगर, न्यू रूप नागर, मियों का बेरा, कुसुम विहार व 33/11 के वी RTO उपचौकी से संबंधित क्षेत्र की बिजली आपूर्ति रख-रखाव के कारण बंद रहेगी।
पुलिस पर तोड़फोड़ के आरोप, CCTV वायरल:307 के आरोपी की तलाश में घर पहुंची पुलिस पर लगा आरोप
मथुरा के थाना गोविंद नगर क्षेत्र की महाविद्या कॉलोनी में सोमवार रात पुलिस की दबिश के दौरान विवाद खड़ा हो गया है। हत्या के प्रयास (धारा 307) के एक मुकदमे में नामजद आरोपी की तलाश में पहुंची पुलिस पर घर में तोड़फोड़ करने और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगाए गए हैं। घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, सोमवार रात करीब 10 बजे गोविंद नगर पुलिस एक वांछित आरोपी की तलाश में महाविद्या कॉलोनी स्थित उसके घर पहुंची थी। परिवार का आरोप है कि आरोपी के घर पर नहीं मिलने से नाराज पुलिसकर्मियों ने घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे, पानी की टंकी, समरसेबल और अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया। परिजनों का कहना है कि दबिश के दौरान महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी भी दी गई। परिवार की महिलाओं ने बताया कि कुछ समय पूर्व उनके पति का क्षेत्र के एक पार्षद से विवाद हुआ था, जिसके बाद रंजिशन उनके पति के खिलाफ धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। उनका दावा है कि यह मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है और पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है। वायरल वीडियो में पुलिस कार्रवाई से जुड़े कुछ दृश्य दिखाई दे रहे हैं, जिसके बाद क्षेत्र में चर्चाओं का माहौल बना हुआ है। हालांकि, वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई गई घटनाओं की पुष्टि अभी तक किसी आधिकारिक जांच में नहीं हुई है। दूसरी ओर, थाना प्रभारी निरीक्षक रवि त्यागी ने आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम एक हिस्ट्रीशीटर और विभिन्न मामलों में लंबे समय से वांछित चल रहे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश देने गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित परिवार के कई सदस्य विभिन्न आपराधिक मामलों में नामजद हैं और पुलिस विधिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई कर रही थी।
रामपुर के ग्राम मंढोली में आयोजित रात्रि चौपाल में शहर विधायक आकाश सक्सेना ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही उनके निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता अंतिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और चौपाल इसी उद्देश्य को पूरा करने का प्रभावी माध्यम है। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए विधायक आकाश सक्सेना ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से गांव-गांव में चौपाल आयोजित कर जनता की समस्याएं सुनी जा रही हैं। उन्होंने ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत योजना और किसान सम्मान निधि समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। विधायक ने कहा कि पात्र लाभार्थियों को बिना किसी भेदभाव के योजनाओं का लाभ दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। आकाश सक्सेना ने कहा कि वर्तमान सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांत पर काम कर रही है। डिजिटल व्यवस्था लागू होने से भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगा है और योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के खातों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि रात्रि चौपाल केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी देने का मंच नहीं है, बल्कि जनता की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान का भी माध्यम है। विधायक ने ग्रामीणों से खुलकर अपनी समस्याएं रखने की अपील की और कहा कि जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। चौपाल के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से सुना और उनके शीघ्र निस्तारण का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में भाजपा जिला उपाध्यक्ष कुंवर बहादुर राजपूत, ग्राम प्रधान लवलेश लोधी, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
सहारनपुर में मानकमऊ स्थित गुग्घा म्हाड़ी तीर्थ स्थल पर बने सरोवर के नाम को लेकर विवाद गहरा गया है। मंगलवार को गुग्घा म्हाड़ी सुधार सभा और विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। संगठनों ने सरोवर का नाम पूर्ववत बहाल करने तथा तीर्थ स्थल की पवित्रता बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्था किए जाने की मांग की। गुग्घा म्हाड़ी सुधार सभा के चेयरमैन अनिल प्रताप सैनी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में तीर्थ स्थल का जीर्णोद्धार कराया गया था और यहां गौरक्ष गंगा घाट सरोवर का निर्माण किया गया था। उनका आरोप है कि नगर निगम ने सरोवर का नाम बदलकर 'कपिल फन प्वाइंट' कर दिया, जिससे हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक नाम परिवर्तन का मामला नहीं, बल्कि आस्था और धार्मिक पहचान से जुड़ा विषय है। इसलिए सरोवर का मूल नाम तत्काल बहाल किया जाना चाहिए। जूते-चप्पल पहनकर पहुंचने का आरोप संगठनों ने आरोप लगाया कि सरोवर परिसर में कुछ लोग जूते-चप्पल पहनकर देवी-देवताओं की प्रतिमाओं के पास पहुंच रहे हैं, जिससे स्थल की पवित्रता प्रभावित हो रही है। पदाधिकारियों का दावा है कि उनके पास इस संबंध में वीडियो साक्ष्य भी मौजूद हैं। दूसरे गेट को खोलने का भी विरोध ज्ञापन में मांग की गई कि सरोवर परिसर में केवल श्रद्धालुओं को ही प्रवेश दिया जाए। साथ ही दूसरे गेट को खोलने की प्रस्तावित योजना पर भी रोक लगाई जाए। संगठनों का कहना है कि इससे स्थल की धार्मिक मर्यादा प्रभावित हो सकती है। कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी अनिल प्रताप सैनी ने कहा कि इससे पहले भी प्रशासन को तीन दिन का समय दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो हिंदू संगठन बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर आगामी कार्यक्रम और विरोध प्रदर्शन मेला स्थल के बजाय नगर निगम कार्यालय पर आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान उन्होंने नगर निगम अधिकारियों और महापौर पर मामले को गंभीरता से न लेने का आरोप भी लगाया। डीएम ने दिया कार्रवाई का आश्वासन संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले से अवगत कराया। पदाधिकारियों के अनुसार, जिलाधिकारी ने उनकी बात गंभीरता से सुनी और संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। ज्ञापन देने वालों में ओमप्रकाश सैनी, विकास मेना, विनय सिंघल, विक्रम सागर, चेतन दास, विकास उपाध्याय, कमल कश्यप समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे।
दादानगर इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित फैक्ट्री में करंट की चपेट में आई महिलाकर्मी को बचाने के चक्कर में युवक की जान चली गई। गंभीर हालत में फैक्ट्री मालिक दोनों को लेकर रीजेंसी अस्पताल पहुंचे, जहां से हैलट रेफर कर दिया गया। हैलट में डॉक्टर ने युवक को मृत घोषित कर दिया, जबकि महिला की हालत सामान्य बताई गई है। युवकी की मौत के बाद परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर परिवार वाले पहले घर पहुंचे। इसके बाद वहां से शव लेकर दबौली निवासी फैक्ट्री मालिक के घर के बाहर पहुंच गए। परिवार वालों ने शव को रखकर फैक्ट्री मालिक को बुलाने की मांग की। हंगामे की सूचना पर गोविंदनगर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने परिवार वालों को समझाकर शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी मांग को लेकर अड़े रहे। जिस कारण देर रात तक हंगामा जारी रहा। इस दौरान परिजनों की पुलिसकर्मियों से नोकझोंक भी हुई। भाई-बहनों में सबसे बड़ा था देवेंद्रजे-ब्लाक गुजैनी निवासी सत्यम सोनी प्राइवेट नौकरी करते हैं। परिवार में पत्नी सीमा देवी, दो बेटियां मानसी, तन्नू और दो बेटे 26 वर्षीय देवेंद्र सोनी व अंकित हैं। देवेंद्र भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। वह दादा नगर स्थित महादेव इंजीनियरिंग फैक्ट्री में नौकरी करता था। जानकारी के मुताबिक मंगलवार सुबह 8 बजे देवेंद्र फैक्ट्री पहुंचा था, जहां उसके साथ ही दादा नगर में रहने वाली अर्चना शाह भी काम करती है। लाइट जलाने के लिए स्विच खोलने पर लगा करंटअर्चना अंधेरा होने पर लाइट जलाने के लिए जैसे ही स्विच खोलने के लिए बोर्ड पर हाथ रखा, तभी वह करंट की चपेट में आ गई। उसकी चीख सुनकर देवेंद्र पहुंचा और उसको धक्का देकर अलग कर दिया, लेकिन खुद करंट की चपेट में आ गया। साथी कर्मचारियों ने सप्लाई बंद करके फैक्ट्री मालिक आनंद लखवानी को सूचना दी। इसके बाद दोनों को लेकर रीजेंसी पहुंचे, लेकिन गंभीर रूप से झुलसे होने के कारण उन्हें हैलट रेफर कर दिया गया। गलत जानकारी देने का आरोप लगाकर हंगामावहां पहुंचने से पहले ही देवेंद्र की मौत हो गई। अर्चना को डाक्टर ने खतरे से बाहर बताया है। देवेंद्र की मौत के बाद परिजन पोस्टमार्टम के बाद शव को लेकर फैक्ट्री मालिक के घर पहुंचे और गलत सूचना देने का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने बताया कि फैक्ट्री मालिक ने हाथ में चोट लगने पर हैलट में भर्ती होने की जानकारी दी थी, जबकि उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक के चाचा संजय सोनी ने बताया कि फैक्ट्री मालिक ने झूठ बोलकर सूचना दी। आरोप लगाया कि उनकी ही लापरवाही से उनके भतीजे की जान गई है। हालांकि हंगामे के दौरान पुलिस भी फैक्ट्री मालिक को घर से बाहर निकलने के लिए कहती रही, लेकिन न तो उन्होंने दरवाजा खोला और न ही बाहर आए। वहीं, खबर लिखे जाने तक परिवार वाले शव लेकर फैक्ट्री मालिक के घर बाहर डटे रहे।
सम्भल बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव की प्रक्रिया तेज हो गई है। नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी के बाद वरिष्ठ उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष और उप सचिव (पब्लिकेशन) पदों पर तीन प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। वहीं, अध्यक्ष और सचिव सहित अन्य पदों के लिए 18 जून को मतदान होगा। एल्डर कमेटी के सदस्यों प्रकाश वीर सिंह, देवेंद्र पाल, सतवीर शर्मा, मुस्तकीम अहमद और विजय कुमार गुप्ता एडवोकेट की मौजूदगी में मंगलवार की शाम 06 बजे नामांकन पत्रों की जांच की गई। जांच और नाम वापसी के बाद वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर मोहम्मद रियाज एडवोकेट, कोषाध्यक्ष पद पर जितेंद्र कुमार मौर्य एडवोकेट और उप सचिव (पब्लिकेशन) पद पर मोहम्मद गुलज़ार इरशाद एडवोकेट निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। अध्यक्ष पद के लिए राजीव भटनागर एडवोकेट और फजले हक एडवोकेट के बीच सीधा मुकाबला होगा। इसी तरह, सचिव पद पर मनीष आर्य एडवोकेट और सचिन चौहान एडवोकेट आमने-सामने हैं। उपाध्यक्ष पद (10 वर्ष से अधिक अनुभव वर्ग) के लिए आदित्य रस्तोगी एडवोकेट, लल्लू सिंह एडवोकेट और पंचम सिंह एडवोकेट चुनाव मैदान में हैं। एल्डर कमेटी ने बताया कि शेष पदों के लिए मतदान 18 जून को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक कराया जाएगा। मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है और विभिन्न प्रत्याशी लगातार संपर्क अभियान चला रहे हैं। न्यायिक परिसर में बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर पूरे दिन चर्चाएं जारी रहीं। यह चुनाव संगठन की भावी दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में प्रसव के बाद गंभीर रूप से बीमार हुई प्रसुताओं की किडनी प्रभावित होने के मामले में अब देश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान एम्स, नई दिल्ली के विशेषज्ञ चिकित्सकों की एंट्री हो गई है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के हस्तक्षेप के बाद मंगलवार को एम्स के वरिष्ठ विशेषज्ञों और सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, बीकानेर के चिकित्सकों के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महत्वपूर्ण टेली-कंसल्टेशन बैठक आयोजित की गई। बैठक में भर्ती प्रसूताओं की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति, उपचार पद्धति और आगे की चिकित्सा रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने पीबीएम के डॉक्टरों को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए और इलाज संबंधी जरूरी मार्गदर्शन प्रदान किया। केंद्रीय मंत्री ने दिलाया था विशेषज्ञ सहयोग का भरोसा दरअसल, केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल हाल ही में पीबीएम अस्पताल पहुंचे थे, जहां उन्होंने भर्ती प्रसूताओं की स्थिति का जायजा लिया था। इसके बाद अस्पताल प्रशासन और वरिष्ठ चिकित्सकों के साथ बैठक कर उन्होंने एम्स के विशेषज्ञों से मार्गदर्शन उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया था। उनके निर्देशों के बाद एम्स, नई दिल्ली के निदेशक द्वारा एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया। समिति में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. नीना मल्होत्रा को अध्यक्ष बनाया गया। वहीं एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ प्रो. डॉ. विमी रेवारी, नेफ्रोलॉजी विशेषज्ञ प्रो. डॉ. संदीप महाजन और ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. हेम चंद्र पांडे को सदस्य के रूप में शामिल किया गया। केंद्रीय मंत्री भी वर्चुअल बैठक में जुड़े मंगलवार को हुई पहली टेली-कंसल्टेशन बैठक में केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल स्वयं भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े। उन्होंने मरीजों की स्थिति और उपचार व्यवस्था की जानकारी ली और विशेषज्ञ चिकित्सकों से चर्चा की। एम्स के विशेषज्ञों ने गंभीर प्रसूताओं के इलाज, चिकित्सा प्रबंधन और आवश्यक सावधानियों को लेकर पीबीएम के चिकित्सकों को सुझाव दिए। साथ ही मरीजों की निगरानी और उपचार को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी साझा किए। हाई रिस्क मरीजों के रूप में किया गया था रेफर बैठक के दौरान प्रो. डॉ. नीना मल्होत्रा ने पीबीएम अस्पताल द्वारा किए जा रहे उपचार और देखरेख पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि अधिकांश प्रसूताओं को हाई रिस्क स्थिति में पीबीएम अस्पताल रेफर किया गया था। मरीजों द्वारा प्रसव पूर्व नियमित जांच और आवश्यक दवाइयों का सेवन नहीं किया गया था। कई महिलाओं का हीमोग्लोबिन कम था और ब्लड प्रेशर भी बढ़ा हुआ था। उन्हें विभिन्न जटिलताओं के साथ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। दो प्रसूताओं की हालत में तेजी से सुधार सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि भर्ती प्रसूताओं में से दो की स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है और उन्हें आने वाले दिनों में अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि पीबीएम अस्पताल के वरिष्ठ और अनुभवी चिकित्सकों की टीम लगातार मरीजों की निगरानी कर रही है। इस दौरान एम्स विशेषज्ञों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और निचले स्तर की चिकित्सा संस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। क्षमता वृद्धि के लिए लिया जाएगा सहयोग केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि मरीजों का स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी एम्स सहित अन्य उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थानों का सहयोग लिया जाएगा। साथ ही पीबीएम अस्पताल की क्षमता वृद्धि के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। बैठक में डॉ. परमिंदर सिरोही, डॉ. जितेंद्र फलोदिया, डॉ. रवि चांडक, डॉ. जिनेश, डॉ. खेताराम, डॉ. सुमन बुडानिया सहित अन्य चिकित्सक भी मौजूद रहे। ये खबरें भी पढ़िए… चिकित्सा-मंत्री बोले- ‘पैदल नाचती हुई आईं थी या बीमार होकर’:कहा- 1000 में से 2 की डेथ हो जाती है, दुरुस्त लोगों को आप नहीं देख रहे सरकारी हॉस्पिटल में डिलीवरी, 6 महिलाओं की किडनी फेल:बीकानेर के PBM अस्पताल में लापरवाही, एक मरीज वेंटिलेटर पर; अधीक्षक बोले- जांच कमेटी बनाई बाजार से मंगवाकर लगाए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन:प्रसूताओं की किडनी फेल होती रही, हॉस्पिटल प्रशासन ने नहीं दिया ध्यान, 7 दिन बाद बनाई कमेटी प्रसूताओं की किडनी फेल मामले में डॉक्टर्स को क्लीन चिट!:जांच टीम ने इलाज में लापरवाही नहीं मानी; ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का रिकॉर्ड लिया कांग्रेस-पुलिसकर्मियों में धक्का-मुक्की, पूर्व सभापति ने उतारा शर्ट:सर्किट हाउस के गेट पर चिपकाया ज्ञापन, चूड़ियां रखीं
जोधपुर में ई-मित्र वाले ने नगर निगम के LDC के नाम से फर्जी साइन कर जन्म प्रमाण पत्र बनाने का प्रयास किया, लेकिन निगम की जन्म प्रमाण पत्र शाखा में जांच के दौरान अधिकारी दीपमाला ने उसकी कारस्तानी पकड़ ली। इसके बाद भगत की कोठी पुलिस को सूचना दी गई। बाद में पुलिस उसे अपने साथ लेकर थाने चली गई। वहीं अब उसके खिलाफ निगम की ओर से मामला भी दर्ज करवाया गया है। दरअसल जोधपुर के बंबा क्षेत्र में रहने वाला युवक राजा ई-मित्र का काम करता है। वह 15 जून को चार जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए फॉर्म लेकर आया था, इन फार्म पर निगम में काम करने वाले एलडीसी के हस्ताक्षर से ही आगे की प्रक्रिया पूरी होनी थी। यहां उस युवक ने एलडीसी पंकज की जगह पर खुद के ही साइन कर दिए। फॉर्म जमा करवाने के लिए निगम की जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र शाखा में मंगलवार को आया था। यहां जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र शाखा की अधिकारी दीपमाला भाटी ने फॉर्म को चेक किया तो उन्होंने एलडीसी पंकज से पूछा कि इस पर उन्होंने साइन किए हैं। क्या तब पंकज ने बताया कि उन्होंने इस पर साइन नहीं किया। इस तरह से ई-मित्र संचालक की कारगुजारी पकड़ में आ गई। इसके बाद उन्होंने तुरंत निगम के गार्ड को बुलाकर उसे आयुक्त के कक्ष में ले गई, जहां से बाद में भगत की कोठी थाना पुलिस को बुलाया गया। बाद में पुलिस उसे साथ लेकर थाने चली गई। इधर निगम प्रशासन की ओर से भी नगर निगम कर्मचारी के नाम से जाली साइन करने को लेकर मामला दर्ज करवाया गया है। नगर निगम के अधिकारी दीपमाला भाटी ने बताया- युवक जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए आया था। उसने हमारे यहां के कर्मचारी पंकज के नाम से फर्जी साइन कर दिए थे, लेकिन जांच में इसका पता चल गया था। इसके बाद उसे आयुक्त के पास ले जाया गया। बाद में भगत की कोठी थाने में मामला दर्ज करवाया गया है।
यूपीएसटीएफ मेरठ टीम ने बागपत से खनन विभाग की फर्जी रॉयल्टी बनाने वाले गैंग को पकड़ा है। गैंग पीडब्लूडी सहित तमाम विभागों के ठेकेदारों के लिए काम करता है। सरकारी राजस्व को चूना लगाने का काम कर रहा था। एसटीएफ मेरठ टीम ने मौके से 4 आरोपियों को अरेस्ट किया है। वहीं दो आरोपी हरियाणा का राहुल राजा और कानपुर के मिश्रा की तलाश एसटीएफ कर रही है। राजस्व को लगा रहे लाखों रुपयों का चूना ये गैंग खनन की असली रॉयल्टी में बदलाव कर गलत तरीके से फर्जी रॉयल्टी तैयार करके उसे लगाता था। गैंग PWD समेत कई विभागों के उन ठेकेदारों के काम आता है तो सरकारी राजस्व की चोरी करके अवैध खनन मोरंग का इस्तैमाल करते थे। बिल भुगतान के समय जिस रॉयल्टी की जरूरत होती है, यह गैंग वह रॉयल्टी तैयार कराता था और सरकारी बाबू उसे बिल में सबमिट करके चोर ठेकेदार का भुगतान करा देते थे। बागपत, मेरठ के रहने वाले हैं आरोपी मौके से एसटीएफ टीम ने नईम पुत्र इंतजार जो निवाडा बागपत निवासी है। तालिब पुत्र फारुख निवाड़ा बागपत, फिरोज पुत्र अहमद निवाड़ा बागपत और आरिफ पुत्र जाहिद जो सिवालखास जानी मेरठ का रहने वाला है इनको पकड़ा है। इनके पास लैपटाप, चार्जर, कार, मोबाइल और 2430 रुपए नकद बरामद हुए हैं। गैंग को टीम ने इंडियन नर्सिंग होम बागपत से अरेस्ट किया। इस तरह चल रहा था पूरा खेलगिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ पर बताया कि हम लोग अपने साथियों के साथ मिलकर खनन की असली रॉयलटी अपने सहयोगी राहुल उर्फ राजा व आशुतोष से व्हाटसप पर प्राप्त करते हैं। राहुल व आशुतोष इनको वह आईएसटीपी भेजते है जिनका किसी अन्य विभाग में प्रयोग न हुआ हो। पीडब्लूडी विभाग/नगर निगम विभाग, सम्भल, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, गौतमबुद्वनगर,गाजियाबाद के पीडब्लूडी विभाग के क्लर्क को असली रॉयलटी में क्लर्क के बताये अनुसार फर्जी तरीके ( आईएसटीपी) में बदलकर उनको वापस भेज देते है। जिसके एवज में विभाग के क्लर्क / ठेकेदार एक क्यूबिक मीटर खनन पर 20 रूपये के हिसाब से पैसा देते हैं। पिछले 10 सालों से हम लोग यही काम कर रहे हैं। सभी के खिलाफ कोतवाली थाना बागपत में मुकदमा लिखा गया है।
मुरैना के सिहोनिया थाना पुलिस ने मंगलवार को जुआ खेलने वाले फड़ पर छापामार कार्रवाई करते हुए 5 लाख 82 हजार रुपए का हुआ पकड़ा है। दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मौके से 17 बाइक 6 ताश की गड्डी भी जब्त की है। अन्य आरोपी मौके से भागने में सफल हो गए। पुलिस अब बाईकों के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की बात कह रही है। सिहोनिया थाना पुलिस ने इटौरा गांव सिद्ध बाबा मंदिर के पास संचालित जुआ फड़ पर छापा मारा। पुलिस को देख जुआ खेलने वाले इधर उधर पैसा छोड़ मौके से भाग खड़े हुए। पुलिस ने पीछा कर दो आरोपियों को पकड़ा है। भागने वाले अपनी अपनी बाइक छोड़ भाग गए। मौके से पुलिस को 5 लाख 82 हजार रुपए नकद, 17 बाइक, 6 ताश की गड्डी भी मिली है। सिहोनिया थाना प्रभारी एसआई अतुल परिहार के अनुसार, पुलिस अब जब्त वाहनों के मालिकों को उनके रजिस्ट्रेशन के आधार पर तलाश कर रही है।
लखनऊ के इकाना स्टेडियम में बुधवार को भारत और अफगानिस्तान के बीच वनडे मुकाबला खेला जाएगा। मैच के मद्देनजर सुबह 9 बजे से मैच समाप्त होने तक विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू रहेगी। शहीद पथ पर बड़े, व्यावसायिक वाहनों और रोडवेज बसों का संचालन प्रतिबंधित रहेगा। ट्रैफिक दबाव बढ़ने पर सामान्य वाहनों को भी वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा। डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी ने बताया कि इमरजेंसी सेवाओं, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और स्कूली वाहनों को जरूरत पड़ने पर प्रतिबंधित मार्गों से गुजरने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए ट्रैफिक कंट्रोल रूम के नंबर 9454405155 पर संपर्क किया जा सकता है। इन मार्गों पर रहेगा डायवर्जन कमता तिराहे से शहीद पथ होते हुए सुल्तानपुर, रायबरेली और कानपुर रोड जाने वाले वाहन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, समतामूलक, करियप्पा, तेलीबाग और बाराबिरवा चौराहे या किसान पथ होकर जाएंगे। कानपुर रोड तिराहे से अयोध्या, सुल्तानपुर और रायबरेली रोड की ओर जाने वाले वाहन बाराबिरवा, बंगला बाजार, तेलीबाग और 1090 चौराहा होकर गुजरेंगे। गोसाईंगंज और रायबरेली रोड से आने वाले भारी वाहन एवं बसें किसान पथ के जरिए अपने गंतव्य तक पहुंचेंगी। हुसड़िया अंडरपास से अहिमामऊ और शहीद पथ की ओर जाने वाले वाहनों को शहर के अंदरूनी मार्गों से भेजा जाएगा। अहिमामऊ चौराहे से प्लासियो मॉल के बीच यातायात प्रतिबंधित रहेगा। वाहनों को एचसीएल तिराहा, संस्कृत तिराहा और ओवरहेड गोलचक्कर होकर भेजा जाएगा। सुबह 10 से रात 10 बजे तक बढ़ सकता है ट्रैफिक दबाव ट्रैफिक पुलिस के अनुसार मैच के कारण शहीद पथ और इकाना स्टेडियम के आसपास सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना है। कानपुर रोड, अमौसी, एक्सप्रेस-वे और बाराबिरवा की ओर जाने वाले वाहन चालकों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की गई है। मैच शुरू होने से 3 घंटे पहले मिलेगा प्रवेश दर्शकों को मैच शुरू होने से तीन घंटे पहले स्टेडियम में प्रवेश दिया जाएगा। एक बार बाहर निकलने के बाद दोबारा प्रवेश नहीं मिलेगा। टिकट पर मौजूद क्यूआर कोड स्कैन करने पर पार्किंग की जानकारी मैप सहित उपलब्ध होगी। स्टेडियम में ये सामान ले जाने पर रोक स्टेडियम परिसर में सिक्के, ईयरफोन, ज्वलनशील पदार्थ और अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं ले जाने की अनुमति नहीं होगी। बिना टिकट या ड्यूटी कार्ड के पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। ऑटो-ई-रिक्शा और कैब के लिए भी नियम पार्किंग की व्यवस्था पासधारक वाहन चालक अहिमामऊ, एचसीएल और वाटर टैंक तिराहा होते हुए चिन्हित पार्किंग में वाहन खड़े करेंगे। बिना पास वाले वाहन पहले प्लासियो मॉल की पार्किंग में पार्क किए जाएंगे। दोपहिया वाहनों के लिए प्लासियो मॉल के पीछे पार्किंग की व्यवस्था की गई है। पुलिस ने इकाना स्टेडियम के आसपास रहने वाले लोगों और अन्य वाहन चालकों से मैच के दौरान शहीद पथ के बजाय अर्जुनगंज और कैंट मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भारतीय किसान संघ प्रदेश किसान मंच के बीच मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास में एक बैठक हुई। इस बैठक में प्रदेश के किसानों की समस्याओं को लेकर 41 बिंदुओं पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए 'ट्रैक्टर में ही डीजल देने' की अनिवार्य बाध्यता को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के निर्देश अधिकारियों को जारी कर दिए हैं। अब किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार कुप्पे में भी आसानी से डीजल मिल सकेगा। बैठक में भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री द्वारा भू-अधिग्रहण कानून के तहत 4 गुना मुआवजा अधिनियम को कैबिनेट में पास कराने के ऐतिहासिक फैसले की सराहना की और इसके लिए मुख्यमंत्री का विशेष आभार जताते हुए उन्हें बधाई दी। उपार्जन, भुगतान और खाद वितरण को लेकर बनी सहमति बैठक के दौरान ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की गिरदावरी पंजीयन की तिथि बढ़ाने तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अविलम्ब उपार्जन शुरू करने की मांग रखी गई। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने चना, मसूर, दलहन और गेहूं की सरकारी खरीदी के बाद प्रदेश के जिन किसानों का भुगतान अभी तक अटका हुआ है, उन्हें तत्काल राशि जारी करने के निर्देश दिए हैं। खाद वितरण व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई, जिसमें ई-टोकन प्रणाली को और सरल बनाने तथा किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की बात कही गई। बिजली सुधार और जल संरक्षण पर रहेगा विशेष फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट और अधोसंरचना को दुरुस्त करने के लिए बैठक में ओवरलोड ट्रांसफार्मर और सबस्टेशनों में अधिक क्षमता वाले पीटीआर (PTR) व 5 MVA की भार वृद्धि करने की मांग को स्वीकार किया गया। साथ ही बिजली कंपनियों के हर स्तर पर फोरम का गठन करने और बरसों पुराने जर्जर तारों को बदलने पर सहमति बनी। जल संरक्षण की दिशा में एक बेहतरीन सुझाव देते हुए नहरों को तालाबों से जोड़ने की रणनीति पर भी बात हुई, ताकि वर्षा काल के अतिरिक्त पानी को सहेज कर भविष्य में सिंचाई के लिए उपयोग किया जा सके। बैठक में यह प्रमुख पदाधिकारी रहे मौजूद इस उच्च स्तरीय बैठक में भारतीय किसान संघ महाकौशल प्रांत, मालवा प्रांत और मध्यभारत प्रांत के शीर्ष पदाधिकारियों सहित क्षेत्रीय संगठन मंत्री महेश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह अंजना, प्रदेश महामंत्री चंद्रकांत गौर, मालवा प्रांत अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पटेल, महामंत्री रमेश दांगी, संगठन मंत्री अतुल महेश्वरी, मध्यभारत प्रांत अध्यक्ष सर्वज्ञ दीवान, प्रांत महामंत्री शिवनंदन और महाकौशल प्रांत महामंत्री प्रहलाद सिंह पटेल सहित अन्य प्रमुख पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। गेहूं उपार्जन में देश में नंबर-1 सरकार ने बताया कि इस बार प्रदेश में 9 अप्रैल से 28 मई के बीच गेहूं की रिकॉर्ड खरीदी हुई है। मध्यप्रदेश ने समर्थन मूल्य पर 13.42 लाख किसानों से 104.36 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया है। किसान संख्या के मामले में मध्य प्रदेश पूरे देश में पहले स्थान पर और कुल उपार्जन के मामले में पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर आ गया है। 27 हजार करोड़ से ज्यादा का भुगतान किसानों को 2585 रुपए समर्थन मूल्य और 40 रुपए बोनस मिलाकर कुल 2625 रुपए प्रति क्विंटल के मान से भुगतान की व्यवस्था की गई। प्रदेश के किसानों को अब तक 27 हजार 196.48 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है। ऋण अदायगी की तारीख बढ़ी किसानों के लिए एक और बड़ी राहत की बात सामने आई है। सरकार ने फसल ऋण (लोन) अदायगी की अंतिम तिथि को 31 मार्च से बढ़ाकर 31 मई कर दिया था, जिसके लिए किसान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री का आभार जताया। विभिन्न सरकारी परियोजनाओं के लिए होने वाले भूमि अधिग्रहण में किसानों को 4 गुना मुआवजा देने के कैबिनेट के फैसले को सरकार ने अपनी बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश किया है।
जोधपुर में एक महिला के गायब होने के मामले में पूछताछ के लिए बुलाए गए युवक अमृत वैष्णव (30) ने थाने में जहर खा लिया। इसके चलते उसकी तबीयत बिगड़ गई। बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने इलाज के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया। यह मामला जोधपुर के बासनी थाने का है। यहां पर मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे पुलिस ने पूछताछ के लिए 31 वर्षीय युवक को थाने में बुलाया था। बताया जा रहा है कि महिला घर से गायब हो गई थी। उसकी कॉल डिटेल चेक करने पर युवक की सबसे ज्यादा बार उसके मोबाइल नंबर पर बात होना पाया गया था। इस आधार पर पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। पुलिस ने कहा- साथ लेकर आया था जहर बासनी थाना अधिकारी नितिन दवे ने बताया कि उसे दोपहर 2:30 बजे के करीब पूछताछ के लिए बुलाया गया था। उस दौरान वह अपने साथ जहर भी लेकर आया था। इस दौरान उसने नजर बचाकर जहरीली गोलियां खाली। शाम करीब 5 बजे के आसपास उसकी तबीयत बिगड़ गई। इस पर उसे लेकर तुरंत पुलिस एम्स अस्पताल पहुंची। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के काका दलपत वैष्णव ने बताया कि उनका भतीजा अमृत दास उनके साथ टिफिन का काम करता था। कुछ दिनों पूर्व एक लड़की के गायब होने के मामले में पुलिस से पूछताछ के लिए खाने बुला रही थी। घटना के दिन भी मुझसे पूछताछ के लिए खाने बुलाया गया था यहां पर गायब होने वाली लड़की की तरफ से कोई महिलाएं भी मौके पर आई हुई थी इस दौरान पुलिस उसे उनके भतीजे को अपने कक्ष में ले गए जबकि उसे बाहर जाने को कह दिया। इस पर वह अपने पास शिल्पग्राम स्थित घर की तरफ चला गया पीछे से पुलिस ने फोन किया जिसमें बताया कि अमृत ने जहर खा लिया है। दलपत ने आरोप लगाया कि थाने में उसके पास जहर कहां से आया जबकि पुलिस ने उसे कोर्ट में भी पेश कर दिया था। इस मामले में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मृतक अमृत अपने परिवार में इकलौता कमाने वाला था।
इंदौर में अंडरग्राउंड मेट्रो प्रोजेक्ट के काम पर फिलहाल कोई रोक नहीं लगेगी। इस प्रोजेक्ट को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर मंगलवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान शासन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि हाई कोर्ट के पूर्व आदेश के अनुसार याचिकाकर्ता किशोर कोडवानी के प्रतिवेदन पर सोमवार को कलेक्टर के समक्ष सुनवाई पूरी हो चुकी है और इस पर आदेश जारी किया जाना बाकी है। शासन ने आदेश जारी करने के लिए समय मांगा, जिस पर कोर्ट ने अगली सुनवाई 29 जून तय की है। याचिकाकर्ता ने उठाए कई सवाल याचिका में अंडरग्राउंड मेट्रो प्रोजेक्ट के निर्माण को लेकर कई आपत्तियां दर्ज की गई हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि प्रोजेक्ट के भूमिगत हिस्से में नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। उनका आरोप है कि पुरातात्विक महत्व की इमारतों के 200 मीटर दायरे के भीतर खुदाई और निर्माण कार्य किया जा रहा है, जबकि नियमानुसार इस क्षेत्र में किसी तरह की खुदाई या निर्माण की अनुमति नहीं है। याचिका में यह भी कहा गया है कि अंडरग्राउंड मेट्रो परियोजना से शहर के भूजल स्तर पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है और कई स्थानों पर बिना पर्याप्त कारण पेड़ों की कटाई की जा रही है। कलेक्टर को दिए गए थे निर्देश पिछली सुनवाई में हाई कोर्ट ने कलेक्टर को निर्देश दिए थे कि याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं पर बिंदुवार सुनवाई कर उनका निराकरण किया जाए और इस संबंध में आदेश जारी किया जाए। मंगलवार को शासन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि कलेक्टर ने याचिकाकर्ता की आपत्तियों पर सुनवाई पूरी कर ली है और अब सिर्फ आदेश जारी होना बाकी है। संभावना है कि यह आदेश एक सप्ताह के भीतर जारी कर दिया जाएगा। प्रदूषण एनओसी और हेरिटेज नियमों पर भी सवाल सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कोर्ट से यह भी कहा कि उनके द्वारा उठाए गए पांच अन्य बिंदुओं पर भी आदेश जारी किया जाए। इनमें प्रदूषण विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी), हेरिटेज संरक्षण नियमों के उल्लंघन और पर्यावरणीय प्रभाव जैसे मुद्दे शामिल हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 29 जून तक के लिए स्थगित कर दी।
जोधपुर में दर्ज गैंगरेप के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अपनी पहचान छुपाकर परिवार समेत गोवा में रह रहा था। तिरुपति बालाजी के दर्शन करने पहुंचा तो जोधपुर पुलिस की टीम ने पकड़ लिया। पुलिस उपायुक्त (पूर्व) मनीष चौधरी (IPS) ने बताया- गंभीर अपराधों में फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस कमिश्नर शरद कविराज के निर्देश और एसीपी (पूर्व) प्रतीक सिंह के सुपरविजन में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। थानाधिकारी के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी संसाधनों की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए मूल निवास स्थान छोड़कर परिवार सहित गोवा के पोंडा (शांति नगर) में रहने लगा था। लगातार बदल रहा था लोकेशन शातिर आरोपी लगातार अपने ठिकाने और मोबाइल लोकेशन बदल रहा था। पुलिस की टीम जब उसकी तलाश में गोवा के लिए रवाना हुई तो तकनीकी सर्विलांस से पता चला कि वह परिवार के साथ आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी दर्शन के लिए निकल चुका है। इसके बाद पुलिस टीम ने उसका पीछा किया और तिरुपति पहुंचकर वहां के होटलों में आरोपी की जानकारी जुटाई। पुख्ता जानकारी मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को तिरुपति से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को जोधपुर लाकर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
शुरुआती बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ECCE) को मजबूत बनाने की दिशा में रायपुर जिले में एक नई पहल की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग और ‘गढ़बो बचपन’ के संयुक्त सहयोग से जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में पहली बार जिला स्तरीय ‘सुविधादाता एवं पालक बैठक’ का आयोजन किया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में पालकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और समुदाय के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक की सबसे खास बात यह रही कि पहली बार 5 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के पालकों को ‘आकलन कार्ड’ प्रदान किए गए। इन कार्डों के माध्यम से अभिभावक अपने बच्चों के सीखने, विकास और तैयारियों का व्यवस्थित आकलन कर सकेंगे। इससे बच्चों की शैक्षणिक और व्यवहारिक प्रगति पर बेहतर निगरानी रखने में मदद मिलेगी। स्कूली शिक्षा के लिए बच्चों को मिला विद्यारंभ प्रमाण पत्र आगामी स्कूली शिक्षा के लिए बच्चों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पहली बार ‘विद्यारंभ प्रमाण पत्र’ भी प्रदान किए गए। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सरपंचों, पार्षदों, स्कूलों के प्राचार्यों और शिक्षकों ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया तथा इस नवाचार की सराहना की। बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए बना समन्वय का मंच आयोजन के माध्यम से पालकों, स्कूल प्रबंधन, समुदाय के प्रबुद्ध नागरिकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया गया। प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में इस पहल को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आयोजन की सफलता के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग, ‘गढ़बो बचपन’ तथा सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सराहना की गई।
बस्तर में नक्सल मोर्चे पर लंबे समय तक नेतृत्व करने वाले बस्तर IG सुंदरराज पी. को केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में बड़ी जिम्मेदारी दी है। गृह मंत्रालय ने उन्हें IG के पद पर प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर नियुक्त किया है। छत्तीसगढ़ सरकार से उन्हें तत्काल कार्यमुक्त करने को कहा है। गृह मंत्रालय की ओर से 16 जून 2026 को जारी आदेश में कहा गया है कि, 2003 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के IPS अधिकारी सुंदरराज पी. को NIA में रिक्त पद की नियुक्ति दी गई है। यह नियुक्ति केंद्र सरकार की सामान्य प्रतिनियुक्ति शर्तों के तहत होगी। आदेश में मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन को निर्देशित करते हुए कहा गया है कि सुंदरराज पी. को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त किया जाए, ताकि वे केंद्र में अपनी नई जिम्मेदारी संभाल सकें। कौन हैं सुंदरराज पी.? सुंदरराज पी. देश के उन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों में गिने जाते हैं, जिन्होंने बस्तर में नक्सल उन्मूलन अभियान को नई रणनीति और आक्रामक नेतृत्व दिया। बस्तर से नक्सलवाद का सफाया करने में इनकी बड़ी भूमिका रही। वे 2003 बैच के IPS अधिकारी हैं। मूल रूप से दक्षिण भारत से आने वाले सुंदरराज पी. लंबे समय से छत्तीसगढ़ कैडर में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने बस्तर में पुलिस महानिरीक्षक (IG Bastar Range) के रूप में काम करते हुए कई बड़े एंटी-नक्सल ऑपरेशन का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल में सुरक्षा बलों ने कई बड़े नक्सली कैडरों को ढेर किया और अंदरूनी इलाकों तक सुरक्षा कैंपों का विस्तार हुआ। बस्तर को नक्सलवाद मुक्त करने में बड़ी भूमिका रही। उन्होंने तकनीक आधारित ऑपरेशन, सड़क निर्माण सुरक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की पहुंच बढ़ाने पर काम किया था। NIA में क्यों अहम है यह नियुक्ति? राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) देश की प्रमुख केंद्रीय जांच एजेंसी है, जो आतंकवाद, संगठित अपराध, अंतरराज्यीय और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों की जांच करती है। बस्तर में सालों तक नक्सल मोर्चे पर काम करने का अनुभव अब राष्ट्रीय स्तर पर NIA के लिए उपयोगी माना जा रहा है। माना जा रहा है कि वामपंथी उग्रवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में उनकी विशेषज्ञता का लाभ एजेंसी को मिलेगा।
देवास में इंदौर रोड स्थित ब्रिज के नीचे एक निजी अस्पताल के सामने डिवाइडर के बीच मंगलवार रात एक युवक का शव मिला। सूचना मिलने पर डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और युवक को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया। जिला अस्पताल में रात करीब 9 बजे डॉक्टरों ने जांच के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान राहुल चौहान के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही राहुल के परिजन, पत्नी और बच्चे जिला अस्पताल पहुंच गए। परिजनों ने बताया कि राहुल एक कंपनी में काम करते थे। परिजनों को इस बात की जानकारी नहीं है कि यह घटना किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल युवक की मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत दुर्घटना, किसी अन्य कारण या संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है।
बिलासपुर नगर निगम की स्वच्छता सर्वेक्षण में नंबर-1 बनने की तैयारी अधूरी रह गई। सर्वेक्षण टीम ने शहर का दौरा कर लिया है, लेकिन चार तरह के कचरे को अलग-अलग इकट्ठा करने के लिए न तो पर्याप्त डस्टबिन उपलब्ध हैं और न ही चार कंपार्टमेंट वाले कचरा वाहन। इससे शहर में कचरा प्रबंधन की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। केंद्र सरकार के नए निर्देशों के तहत शहर में 1.29 लाख मकानों और दुकानों तक चार रंगों वाले डस्टबिन नहीं पहुंचे हैं। इसके अलावा, चार कंपार्टमेंट वाले कचरा वाहनों की संख्या भी पर्याप्त नहीं है। निगम के दावों के विपरीत, जमीनी हकीकत कमजोर नजर आ रही है। कचरे को 'गीला कचरा, सूखा कचरा, घरेलू खतरनाक कचरा और सैनिटरी वेस्ट' जैसी चार श्रेणियों में अलग-अलग रखना अनिवार्य किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य कचरे का वैज्ञानिक निपटान सुनिश्चित करना, रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देना और पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम करना है। प्रस्ताव को नहीं मिली स्वीकृति अधिकारिक जानकारी के अनुसार, 1.29 लाख डस्टबिन की खरीद के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रस्ताव तैयार किया गया है। चार कंपार्टमेंट वाले कचरा वाहनों की संख्या बढ़ाने के लिए भी एक अलग प्रस्ताव है। वर्तमान में, शहर में केवल 25 चार कंपार्टमेंट वाली कचरा गाड़ियां हैं, जबकि 70 वार्डों वाले नगर निगम के लिए इनकी संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है। इस प्रस्ताव को अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। हालांकि, डस्टबिन बांटने से पहले लोगों को कचरा अलग-अलग इकट्ठा करने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। नए नियमों के मुताबिक, कचरे का पृथक्करण घरों से ही शुरू होना चाहिए, लेकिन बिलासपुर में इसकी तैयारी अभी भी अधूरी है। अधिकांश वार्डों में अभी भी केवल गीला और सूखा कचरा ही एकत्र किया जा रहा है, जिससे पूर्ण पृथक्करण का लक्ष्य दूर है। संसाधन ही नहीं, नई योजना जमीन पर कैसे उतरेगी निगम लगातार लोगों से घरों में अलग-अलग डस्टबिन रखने और कचरा अलग कर देने की अपील कर रहा है। लेकिन जब तक चार श्रेणियों के अनुरूप डस्टबिन और जरूरी संसाधन ही उपलब्ध नहीं होंगे, तो नई व्यवस्था जमीन पर कैसे उतरेगी? संग्रहण की पूरी व्यवस्था ही बदलनी पड़ेगी वर्तमान में अधिकांश कचरा गाड़ियों में दो हिस्सों में ही कचरा संग्रहित किया जाता है। चार प्रकार के कचरे के पृथक संग्रहण के लिए वाहनों में अलग-अलग सेक्शन विकसित करने या नई व्यवस्था लागू करने की जरूरत होगी। इसके बाद ही कचरे को सही तरीके से प्रोसेसिंग यूनिट तक पहुंचाया जा सकेगा। शहर में फिलहाल अधिकांश घरों में दो डस्टबिन की ही व्यवस्था है और लोग उसी आधार पर कचरा अलग कर रहे हैं। अफसरों के घर में भी दो डस्टबिन स्थिति यह है कि नगर निगम के अफसरों और कर्मचारियों के घरों से भी अभी दो डस्टबिन के माध्यम से ही कचरा निकल रहा है। ऐसे में आम लोगों से चार प्रकार का कचरा अलग करने की अपेक्षा करने से पहले निगम को अपनी व्यवस्था मजबूत करनी होगी। खरीदी का प्लान बन रहा- मेयर महापौर पूजा विधानी ने कहा कि, डस्टबिन खरीदी का प्लान बन रहा है। एमआईसी में प्रस्ताव आने के बाद खरीदी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। निगम के स्वास्थ्य विभाग को सभी कचरा गाड़ियों में चार कंपार्टमेंट बनाने कहा गया है, ताकि लोग चार अलग-अलग तरह का कचरा उसमें डाल सकें। नंबर 1 के लिए दावा मजबूत- कश्यप नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी और डिप्टी कमिश्नर प्रवेश कश्यप के मुताबिक प्रथम चरण का स्वच्छता सर्वेक्षण कर टीम जा चुकी है। अगले चरण में ओडीएफ और बीएफसी के लिए सर्वे होगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण में नंबर 1 के लिए बिलासपुर का दावा मजबूत है और संसाधन के मुताबिक तैयारी पूरी की गई। उन्होंने बताया कि सिटी 2.0 के अंतर्गत कचरा इकट्ठा करने के लिए 60 से 90 गाड़ियों का प्रस्ताव भेजा गया है, इनके आने से और बेहतर सफाई होगी। नगर निगम स्वत: की टीम के जरिए चार तरह का कचरा अलग अलग इकट्ठा कर रही है।
राजस्थान पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर अभियान छेड़ते हुए 12 दिनों में एक लाख से अधिक वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की। प्रदेशभर में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत ब्लैक फिल्म, अवैध तरीके से लगाई नंबर प्लेट, अवैध मॉडिफिकेशन, अनाधिकृत लाल-नीली बत्ती और प्रेशर हॉर्न लगाने वाले वाहन ड्राइवरों पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार 4 जून से 15 जून तक 1,02,878 वाहनों के खिलाफ चालान और जब्ती की कार्रवाई की गई। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने बताया- अभियान के तहत कानून का उल्लंघन करने वाले वाहन ड्राइवरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। ब्लैक फिल्म लगने पर 39 हजार गाड़ियों पर कार्रवाई अभियान के दौरान सबसे अधिक 39 हजार 417 कार्रवाई वाहनों पर लगी ब्लैक फिल्म के खिलाफ की गई। इसके अलावा 26 हजार 545 नियम विरुद्ध नंबर प्लेट, 14 हजार 119 अनाधिकृत शब्द-चिन्ह, 9 हजार 870 अवैध मॉडिफिकेशन, 7 हजार 428 अनाधिकृत लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर और हूटर प्रेशर हॉर्न के 5,499 मामलों में कार्रवाई की गई। एक दिन में की इतनी कार्रवाई पुलिस ने 15 जून को प्रदेशभर में 7 हजार 208 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें ब्लैक फिल्म के 2 हजार 646, नियम विरुद्ध नंबर प्लेट के 1,926, अनाधिकृत शब्द और चिन्ह के 984, अवैध मॉडिफिकेशन के 654, अनाधिकृत लाल-नीली बत्ती और हूटर के 653 तथा प्रेशर हॉर्न के 345 मामले शामिल हैं। जिला स्तर पर जयपुर वेस्ट सबसे आगे रहा, जहां एक ही दिन में 470 वाहनों पर कार्रवाई की गई। इसके बाद धौलपुर में 321, जयपुर यातायात में 308, चित्तौड़गढ़ में 303, जयपुर ग्रामीण में 284 और बारां में 271 कार्रवाई दर्ज की गई। डीजी ट्रैफिक अनिल पालीवाल ने आमजन से अपील की है कि वाहनों में किसी भी प्रकार की अवैध मॉडिफिकेशन, ब्लैक फिल्म, अनाधिकृत लाल-नीली बत्ती, प्रेशर हॉर्न का उपयोग नहीं करें।
राजसमंद के मचीन्द गांव में राणा पूंजा पर्यटन स्थल पर दो दिवसीय मेला मंगलवार को पहाड़ चढ़ाई प्रतियोगिता के साथ संपन्न हुआ। महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर हुए इस मेले में भील आदिवासी समाज की गौरवशाली संस्कृति और शौर्य की झलक नजर आई मेले में तीरंदाजी, पहाड़ चढ़ाई, रस्साकसी, कबड्डी, वॉलीबॉल, कुर्सी रेस, गोला फेंक और मटकी दौड़ जैसी प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। शाम होते ही मेला स्थल सांस्कृतिक रंगों से सराबोर हो गया। भजन संध्या में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। वहीं चाट-पकौड़ी, चूड़ी-कंगन, श्रृंगार सामग्री, आइसक्रीम और जूस के स्टॉलों पर भी लोगों की भीड़ नजर आई। बच्चों के मनोरंजन के लिए चकरी, डॉलर और जंपिंग जैसी व्यवस्थाएं आकर्षण का केंद्र रहीं। राणा पूंजा की याद में मनाया जाता हैं समारोहराणा पूंजा पर्यटन स्थल का इतिहास मेवाड़ की वीर गाथाओं से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि हल्दीघाटी युद्ध के दौरान भील योद्धा राणा पूंजा और उनकी सेना ने महाराणा प्रताप का साथ देते हुए मुगल सेना के खिलाफ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जंगलों और पहाड़ियों से परिचित भील योद्धाओं की गुरिल्ला युद्ध नीति ने मेवाड़ के संघर्ष को मजबूती दी थी। मेले के माध्यम से आदिवासी समाज ने अपने वीर योद्धा राणा पूंजा के योगदान को याद किया और आने वाली पीढ़ियों तक अपनी संस्कृति एवं विरासत का संदेश पहुंचाया। अब देखिए- समारोह से जुड़ी PHOTOS
जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके को थप्पड़ पड़ने पर विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा है कि कांग्रेस किसी भी प्रकार की हिंसा का समर्थन नहीं करती है। आज अपनी बात कहने का अधिकार देश में हर नागरिक को है। लेकिन कल जो हुआ वह गलत था। टीकाराम जूली मंगलवार को शाम को कोटा पहुंचे। उन्होंने कहा- जिस प्रकार से युवकों ने उनके साथ मारपीट की। मारपीट करने वालों की जमानत हुई। ढोल नगाड़ों से उनका स्वागत हो रहा है। यह तो एक प्रकार से सिस्टम का फेल्योर है। आज नीट मामले में भी बच्चे आवाज उठा रहे हैं। कल को कोई इनको भी थप्पड़ मार देगा और थप्पड़ मारने वाले का महिमामंडन किया जाएगा। ये तो लोकतंत्र का अपमान हुआ। बाबा साहब आंबेडकर के बनाए हुए संविधान में जहां हर व्यक्ति को बोलने की आजादी है। उनके कर्तव्यों का अधिकार दिया गया है, उसे छीनने का काम यह सरकार कर रही है। ऐसा नहीं होना चाहिए। स्टूडेंट्स के बीच नुक्कड़ नाटक में पहुंचे टीकाराम जूली मंगलवार देर शाम को राजीव गांधी नगर में चल रहे नुक्कड़ नाटक में पहुंचे। यहां उन्होंने कोचिंग स्टूडेंट से मुलाकात कर चर्चा भी की। इस दौरान जूली ने कहा कि आज देश में लगातार पेपर लीक हो रहे हैं। ऐसा कोई भी राज्य नहीं है, जहां पर इस तरह की घटनाएं न हो रही हो। इसका जवाब देने वाला कोई नहीं है। ये सरकार की तानाशाही है। जनता की आवाज नहीं सुन रहे युवाओं की आवाज नहीं सुन रहे। आज बीजेपी के नेता कह रहे हैं कि कांग्रेस सरकार में भी पेपर लीक हुए थे तो हम तो विपक्ष में बैठ गए। अब आपके राज में पेपर लीक हो रहे है तो आप सत्ता में क्यों हो। बैठो विपक्ष में, लेकिन ये गलती नहीं मान रहे। आज ऊर्जा मंत्री के घर में लाइट नहीं है, जलदाय मंत्री के घर पानी नहीं आ रहा। सरकार में आज ये हालात हो रखे हैं।
बैतूल में कल भारी वाहनों पर रोक:राष्ट्रपति दौरे की एक बार और रिहर्सल होगी; कारकेड रूट रहेगा सैनिटाइज
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रस्तावित बैतूल दौरे की तैयारियों के तहत कल (17 जून) ट्रायल लैंडिंग और कारकेड रिहर्सल होगी। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने विशेष प्रबंध किए हैं। इस दौरान कई मार्गों को सैनिटाइज किया जाएगा और नगर सीमा में भारी व मध्यम वाहनों के प्रवेश पर अस्थायी प्रतिबंध रहेगा। यातायात पुलिस के अनुसार, ट्रायल लैंडिंग सुबह 10:50 बजे होगी। इसके बाद रिहर्सल कारकेड हेलीपैड मिलानपुर से सुबह 11:00 बजे कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना होगा और 11:18 बजे लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम पहुंचेगा। रिहर्सल के बाद कारकेड दोपहर 12:25 बजे कार्यक्रम स्थल से चलकर 12:43 बजे पुनः हेलीपैड पर लौटेगा। स्टेडियम तक का मार्ग खाली कराया जाएगारिहर्सल के दौरान, हेलीपैड मिलानपुर (राष्ट्रीय राजमार्ग-47) से भारत भारती, सोनाघाटी फॉरेस्ट बैरियर, चक्कर रोड, थाना कोतवाली चौक, गणेश मंदिर, कॉलेज चौक, पुलिस कंट्रोल रूम चौक और पुलिस पेट्रोल पंप होते हुए लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम तक का मार्ग सुरक्षा कारणों से पूरी तरह खाली कराया जाएगा। यातायात पुलिस ने बताया कि 17 जून को सुबह 7:00 बजे से दोपहर 12:43 बजे तक बैतूल नगर सीमा में भारी एवं मध्यम वाहनों, ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित अन्य बड़े वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयारमहाविद्यालयीन परीक्षार्थियों और अन्य यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। शाहपुर एवं सारणी क्षेत्र से आने वाले छात्र-छात्राएं पाथाखेड़ा जोड़, घोड़ाडोंगरी, रानीपुर, चिखलार, पहाड़ी अस्पताल मार्ग, खासी खदान, अवस्थी गोदाम, अखवाड़ा चौक, लिंक रोड और कारगिल चौक होकर अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। आमला मार्ग से आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए हमलापुर चौक, वन विद्यालय, तिवारी पेट्रोल पंप, काली चट्टान रोड, ग्रीन सिटी, भग्गूडाना और आबकारी तिराहा मार्ग निर्धारित किया गया है।
21 जून को आयोजित होने वाली नीट परीक्षा से पहले आज सीकर एसपी प्रवीण नायक नूनावत के साथ पुलिस अधिकारियों और जवानों ने सीकर में पिपराली रोड और नवलगढ़ रोड पर सड़कों पर गश्त की। जिन्होंने यहां संचालित हॉस्टल,पीजी में रहने वाले स्टूडेंट से भी बातचीत की। एसपी प्रवीण नायक ने स्टूडेंट्स पूछा कि क्या उनके पास कोई वायरल पेपर या परीक्षा से जुड़ी कोई भी अफवाह आई या नहीं। एसपी ने सभी स्टूडेंट्स से कहा कि यदि उनके पास व्हाट्सएप टेलीग्राम पर कोई भी वायरल पेपर या परीक्षा से जुड़ी कोई भी अफवाह आती है तो इसकी सूचना तुरंत सीकर पुलिस को दे। मीडिया से बातचीत में एसपी प्रवीण नायक ने कहा कि 21 जून को नीट 2026 का आयोजन होगा। इससे पहले आज पिपराली रोड और नवलगढ़ रोड पर स्टूडेंट्स से बातचीत की गई। फिलहाल 21 जून तक सीकर में यह अभियान लगातार जारी रहेगा। बता दें कि नीट परीक्षा 2026 का आयोजन पहले 3 मई को परीक्षा का आयोजन हुआ था। जिसका पेपरलीक हो गया था। तब सीकर से पेपरलीक का नाम जुड़ा था। लेकिन जांच एजेंसी की जांच में ऐसा कुछ भी सामने नहीं आया। बता दें कि परीक्षा को देखते हुए आज संभागीय आयुक्त वी सरवन कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक भी आयोजित हुई। जिसमें सीकर कलेक्टर आशीष मोदी, प्रवीण नायक सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। सीकर में नीट परीक्षा का आयोजन 91 परीक्षा केंद्रों पर होगा।
संभल में एकमात्र संचालित मीट प्लांट पर प्रदूषण विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने औचक छापामारी की है। इस दौरान फैक्ट्री के अंदर तालाब में भरे पानी सहित विभिन्न स्थानों से पानी के सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। प्रारंभिक निरीक्षण में कई खामियां सामने आई हैं। यह कार्रवाई डीएम अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर की गई। मंगलवार दोपहर लगभग 2 बजे सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार के नेतृत्व में 16 विभागों की एक टीम संभल कोतवाली क्षेत्र के गांव चिम्यावली स्थित इंडियन फ्रोजन फ्रूट (मीट प्लांट) पहुंची। टीम में मुरादाबाद का प्रदूषण विभाग, पशु चिकित्सा अधिकारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, तहसील प्रशासन, नगर पालिका परिषद संभल और संभल कोतवाली पुलिस के अधिकारी शामिल थे। टीम ने फैक्ट्री के अंदर करीब तीन घंटे तक निरीक्षण किया। इस दौरान किसी को भी फैक्ट्री से बाहर जाने या अंदर आने की अनुमति नहीं दी गई। फैक्ट्री में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की गई। निरीक्षण में शासन के नियमों के विपरीत कई खामियां पाई गईं। टीम ने तालाब सहित कई स्थानों पर जमा पानी के सैंपल लिए हैं। इसके अतिरिक्त कुछ अन्य सैंपल भी सील कर प्रयोगशाला भेजे गए हैं। तीन घंटे की कार्रवाई में सामने आई कमियों के आधार पर संयुक्त टीम एक रिपोर्ट तैयार कर तीन से चार दिन में जिलाधिकारी को सौंपेगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई पर उच्चाधिकारी निर्णय लेंगे। सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने बताया कि रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी और आगे का निर्णय उच्चाधिकारी लेंगे। उल्लेखनीय है कि संभल में तीन मीट प्लांट हैं, जिनमें से दो पिछले तीन साल से बंद पड़े हैं। केवल इंडियन फ्रोजन फ्रूट ही संचालित था, जिसके खिलाफ लगातार सरकारी नियमों का पालन न करने की शिकायतें मिल रही थीं। पूर्व में भी इन शिकायतों के आधार पर जांच हुई थी।
कोरबा जिले के पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नोनबिर्रा के खलारीपारा में वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि 13 जून 2026 को वन विभाग के अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ खसरा नंबर 597 पर बने 20 आदिवासी परिवारों के मकानों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। पीड़ितों का कहना है कि कार्रवाई से पहले उन्हें कोई नोटिस या सूचना नहीं दी गई। ग्रामीणों के अनुसार, मकान तोड़े जाने के दौरान घरों में मौजूद महिलाओं ने विरोध किया तो उनके साथ हाथापाई और दुर्व्यवहार किया गया। आरोप है कि महिलाओं को जबरन घसीटकर घरों से बाहर निकाला गया। लोगों को आई चोटें घटना में तीज कुंवर (65) के हाथ में गंभीर चोट आई, जबकि राम कुंवर (60) के सिर पर चोट लगी। वहीं, ललिता बाई (35) ने आरोप लगाया कि महिला पुलिसकर्मियों ने उनका हाथ पकड़कर उन्हें जबरन बाहर खींचा। कार्रवाई में कांति बाई, शिवकुमारी बाई, श्याम बाई, भवरमति, राधा बाई, कमला बाई समेत 20 परिवारों के मकान ध्वस्त हो गए। पीड़ितों का कहना है कि प्रत्येक परिवार का 10 से 15 हजार रुपये मूल्य का घरेलू सामान, राशन, कपड़े और बर्तन मलबे में दबकर नष्ट हो गया। 25 वर्षों से रह रहे थे परिवार ग्रामीणों का दावा है कि वे गोंड जनजाति से संबंधित हैं और पिछले करीब 25 वर्षों से उक्त भूमि पर निवास कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब उन्होंने वन विभाग के कर्मचारियों से बारिश के मौसम में रहने की व्यवस्था के बारे में पूछा तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बारिश के बीच मकान टूटने के बाद प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिना पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था किए इस तरह की कार्रवाई मानवाधिकारों और कानूनी प्रक्रियाओं के विपरीत है। थाना में शिकायत, कार्रवाई की मांग घटना के बाद सोमवार को पीड़ित ग्रामीणों ने पाली थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ताओं में तीज कुंवर, राम कुंवर, ललिता बाई, कांति बाई, शिवकुमारी बाई, श्याम बाई, भवरमति, राधा बाई, कमला बाई और कुलदीप सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि कथित मारपीट और दुर्व्यवहार में शामिल वन विभाग एवं पुलिस कर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो तथा प्रभावित परिवारों को तत्काल आवास, राहत सामग्री और उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। आंदोलन की चेतावनी पीड़ित परिवारों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन और चक्काजाम जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि न्याय नहीं मिलने की स्थिति में क्षेत्र में व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। फिलहाल मामले को लेकर वन विभाग और प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
वन बंधु परिषद महिला समिति की वार्षिक बैठक मंगलवार को मैग्नेटो मॉल स्थित संतोष हॉल में आयोजित हुई। बैठक में संस्था की तरफ से साल भर किए गए कार्यों और गतिविधियों की जानकारी सदस्यों के साथ साझा की गई। मीडिया प्रभारी कविता राठी ने बताया कि इस दौरान संस्था की उपलब्धियों पर भी चर्चा की गई। प्रदेश उपाध्यक्ष और महिला समिति प्रभारी अनिता खंडेलवाल ने संस्था के कई कार्यों और आने वाले समय की योजनाओं की जानकारी दी। बैठक में भविष्य की गतिविधियों को लेकर रूपरेखा तैयार की गई। साथ ही संस्था के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सदस्यों का सम्मान भी किया गया। बच्चों को मिलता है एजुकेशन अध्यक्ष कांता सिंघानिया और सचिव सरिता रेखानी ने बताया कि, वन बंधु परिषद देशभर में एकल विद्यालय संचालित करती है। इन विद्यालयों के माध्यम से वनांचल क्षेत्रों के बच्चों को एजुकेशन दी जाती है। संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्राम विकास, संस्कार और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है। इस बैठक में शशि सुरेंद्र दुबे, फूल नत्थानी, मनीषा सिंघानिया, अंजलि अग्रवाल, प्रेमलता अग्रवाल, मीणा अग्रवाल, अर्चना अग्रवाल, रंजना मित्तल, राजश्री गुप्ता, सविता सोनी, छाया राठौर, नंदिनी वर्मा, शैल यदु, सावित्री कश्यप, सुशीला अवधिया, मधु मित्तल, किरण अग्रवाल, उमा चंडीरमानी, पुष्पा साहू, संध्या गुप्ता, ऋतु खंडेलवाल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
कुंभलगढ़ राजस्थान का छठा टाइगर रिजर्व होगा:NTCA ने दी प्रस्ताव को मंजूरी, आगे निकलेगा गजट नोटिफिकेशन
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की टेक्निकल कमेटी ने राजसमंद जिले के कुंभलगढ़ वाइल्डलाइफ सेंचूरी को टाइगर रिजर्व घोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही कुंभलगढ़ अब राजस्थान का छठा और देश का 59वां टाइगर रिजर्व बनने की दहलीज पर पहुंच गया है। जल्द इसका आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन जारी होने की संभावना है। उदयपुर वन्यजीव विंग के CCF सेडूराम यादव ने बताया कि आज की बैठक में NTCA ने मंजूरी दे दी है और कुछ जानकारियां मांगी है जिसे हम जल्द भेज देंगे। यादव ने बताया कि NTCA से प्रोसेडिंग आने के बाद इसकी अधिसूचना जारी होने का प्रोसेस होगा। इस बैठक में सीसीएफ और राजसमंद डीएफओ वर्चुअली जुड़े थे। बैठक में मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक अरुण प्रसाद भी जुड़े। वैसे तकनीकी कमेटी ने पूर्व में सैद्वांतिक सहमति दे दी थी लेकिन आज की बैठक में अंतिम मुहर लगा दी है। टाइगर रिजर्व का दर्जा मिलने से अरावली क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण को मजबूती मिलेगी, जैव विविधता का संरक्षण बेहतर होगा और इको-टूरिज्म के नए अवसर विकसित होंगे। इसके साथ ही राजस्थान में सुरक्षित बाघ आवासों का नेटवर्क और विस्तृत हो जाएगा। राजसमंद, उदयपुर और पाली जिलों में फैला कुंभलगढ़ वाइल्डलाइफ सेंचूरी अरावली पर्वतमाला की दुर्गम पहाड़ियों, गहरी घाटियों और घने जंगलों के लिए प्रसिद्ध है। यहां धोक, खैर, महुआ, सालार और बेर जैसे वृक्षों से समृद्ध वन क्षेत्र अनेक वन्यजीवों को प्राकृतिक आवास प्रदान करते हैं। हालांकि वर्तमान में यहां बाघों की स्थायी मौजूदगी नहीं है, लेकिन लेपर्ड, भारतीय भेड़िया, स्लॉथ बियर, लकड़बग्घा, सियार, जंगली बिल्ली, सांभर, नीलगाय, चिंकारा और दुर्लभ चौसिंगा जैसे वन्यजीव बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। यह क्षेत्र भेड़ियों के सफल प्रजनन केंद्र के रूप में भी जाना जाता है। पक्षी प्रेमियों के लिए भी यह अभयारण्य स्वर्ग माना जाता है, जहां मोर, ग्रे जंगलफाउल, किंगफिशर, गोल्डन ओरिओल समेत कई प्रवासी और स्थानीय पक्षी देखे जा सकते हैं। रिटायर्ड सीसीएफ राहुल भटनागर ने बताया कि टाइगर रिजर्व बनने के बाद कुंभलगढ़ में आवास प्रबंधन, वन्यजीव निगरानी और संरक्षण गतिविधियों को नई गति मिलेगी, जिससे यह क्षेत्र राजस्थान के सबसे महत्वपूर्ण पारिस्थितिक और पर्यटन केंद्रों में शामिल हो जाएगा। वन्यजीव प्रेमी अनिल रोजर्स ने इसे मेवाड़ और मारवाड़ के जंगलों में बाघों की वापसी की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उनका कहना है कि करीब तीन दशक से चल रहे प्रयास अब साकार होने जा रहे हैं। यह देश का सबसे पश्चिमी टाइगर रिजर्व होगा, जिससे अरावली के पुराने टाइगर कॉरिडोर पुनर्जीवित होंगे और वन्यजीवों के लिए पारिस्थितिक जुड़ाव मजबूत होगा। कुंभलगढ़ की पहचान केवल वन्यजीवों तक सीमित नहीं है। यहां स्थित ऐतिहासिक फोर्ट यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल राजस्थान के पहाड़ी किलों का हिस्सा है। अपनी 36 किलोमीटर लंबी विशाल दीवार के कारण यह किला दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करता है। वर्तमान में राजस्थान में रणथंभौर, सरिस्का, मुकुंदरा हिल्स, रामगढ़ विषधारी और धौलपुर-करौली सहित पांच टाइगर रिजर्व हैं। कुंभलगढ़ के शामिल होने से राज्य की पहचान देश के प्रमुख बाघ संरक्षण क्षेत्रों में और मजबूत होगी।
देवतालाब में पार्किंग शुल्क वसूली को लेकर एक श्रद्धालु के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। पुलिस ने मंगलवार को पार्किंग कर्मचारियों जिनमें अशोक भारती (निवासी देवतालाब), कृष्णकुमार तिवारी उर्फ केके (निवासी आंटी) और सुल्तान खान (निवासी देवतालाब) पर FIR दर्ज की है। कुछ अन्य लोगों पर भी केस दर्ज किया गया है, लेकिन उनकी पहचान नहीं हो पाई है। जानकारी के मुताबिक, यह वारदात 15 जून को शिव मंदिर मेला परिसर के पास बने स्टेडियम पार्किंग में हुई। उस वक्त ड्यूटी पर तैनात आरक्षक रामकरण यादव यातायात (ट्रैफिक) व्यवस्था संभाल रहे थे। दोपहर के समय देवतालाब रोड पर एक ऑटो चालक ने गलत तरीके से वाहन खड़ा करने की वजह से जाम लग गया था। जब आरक्षक उस जाम को खुलवाने पहुंचे, तभी उन्हें पास की पार्किंग से जोर-जोर से गाली-गलौज और झगड़े की आवाजें सुनाई दीं। डंडे और लात-घूंसों से श्रद्धालु को पीटा आरक्षक ने जब मौके पर जाकर देखा तो पार्किंग व्यवस्था में लगे कुछ निजी कर्मचारी एक युवक को बीच सड़क पर गिराकर डंडों और लात-घूंसों से बेरहमी से पीट रहे थे। पुलिसकर्मी ने तुरंत आगे बढ़कर बीच-बचाव करने की कोशिश की। इसी बीच पुलिस की एफआरवी (डायल 100) गाड़ी भी वहां पहुंच गई, जिसके बाद आरक्षक धर्मेंद्र सिंह चौहान और पायलट नंदलाल साकेत ने मिलकर जैसे-तैसे मामले को शांत कराया। पुलिस ने शुरू की आरोपियों की तलाश मारपीट का शिकार हुआ युवक इतना डर गया था कि वह घटना के तुरंत बाद अपने साथियों के साथ बाइक पर बैठकर वहां से चला गया और डर के मारे उसने पुलिस को अपना नाम-पता भी नहीं बताया। पुलिस अब आरोपियों की तलाश कर रही है।
लखीमपुर में तालाब में मिला युवती की न्यूड बॉडी:पुलिस पहचान में जुटी, मौत के कारणों की जांच जारी
लखीमपुर खीरी शहर से सटे छाउछ चौराहा स्थित तालाब में मंगलवार सुबह एक युवती का नग्न शव मिला। लगभग 25 वर्षीय युवती का शव तालाब में तैरता देख स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से शव को तालाब से बाहर निकाला गया। प्रारंभिक जांच में शव बहुत पुराना नहीं लग रहा है। पुलिस आशंका जता रही है कि युवती की मौत सोमवार रात हुई होगी और उसके बाद शव को तालाब में फेंका गया। खबर लिखे जाने तक मृतका की पहचान नहीं हो सकी थी। शव के पास से ऐसा कोई सामान बरामद नहीं हुआ, जिससे उसकी शिनाख्त हो सके। आसपास के लोगों ने भी युवती को पहचानने से इनकार किया है। पुलिस युवती की पहचान सुनिश्चित करने के प्रयास कर रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही युवती की मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। पुलिस पहचान और घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाने में लगी हुई है। पुलिस ने बताया कि मामले का जल्द खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा।
राजस्थान में गर्मी के दौरान गौशालाओं में पेयजल को लेकर दायर अवमानना याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़े निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने सरकार की ओर से पेश रिपोर्ट को पर्याप्त नहीं मानते हुए कहा कि वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं हो रही है। कोर्ट ने सरकार को अंतिम मौका देते हुए डीटेल अनुपालन रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा है कि राज्य की किसी भी गौशाला में पानी की कमी न रहे। खंडपीठ में जस्टिस डॉ नूपुर भाटी व जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू ने गौशालाओं में पेयजल संकट को लेकर दायर अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार के दावों पर सवाल उठाए। सरकार ने बताया- एक्स्ट्रा पानी की मांग पेंडिंग नहीं सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि पूर्व आदेशों की पालना में रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है। राज्य के चिन्हित क्षेत्रों में गौशालाओं को नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार की तरफ से यह भी कहा गया कि अधिकांश गौशालाओं के पास स्वयं के जल स्रोत उपलब्ध हैं। वर्तमान में सरकार के पास अतिरिक्त जल आपूर्ति की कोई मांग लंबित नहीं है। याचिकाकर्ता ने सरकार के दावे को दी चुनौती सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि अजमेर, नागौर, चूरू, बाड़मेर, सिरोही और बांसवाड़ा जिलों की गौशालाओं में पानी की व्यवस्था की जा रही है। हालांकि याचिकाकर्ता संस्था ने इस दावे को चुनौती देते हुए कहा कि रिपोर्ट वास्तविक हालात को नहीं दर्शाती और केवल औपचारिक दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत की गई है। संस्था ने कोर्ट को बताया कि कई गौशालाओं में अब भी पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं है, जिससे पशुधन प्रभावित हो रहा है। याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि पूर्व आदेशों के बावजूद हालात में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने भी माना कि प्रस्तुत रिपोर्ट स्पष्ट और संतोषजनक नहीं है तथा प्रथम दृष्टया अवमानना कार्यवाही शुरू करने की स्थिति बनती है। 22 जून को होगी अगली सुनवाई हालांकि कोर्ट ने न्यायहित में राज्य सरकार को एक अंतिम अवसर देते हुए निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। रिपोर्ट में प्रत्येक चिन्हित गौशाला की जल उपलब्धता, सरकार द्वारा की गई आपूर्ति और यह प्रमाणित करना होगा कि किसी भी गौशाला को पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़ रहा है। कोर्ट ने पशुपालन विभाग के सचिव और गोपालन विभाग के निदेशक को अगली तारीख पर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 22 जून 2026 को होगी।
पाली के बांडी नदी में मंगलवार को एक पाइप लाइन मिली। एसआईटी, निगम और प्रदूषण नियंत्रण मंडल की टीम मौके पर पहुंची। पाइप लाइन के पानी के सैंपल लेने की कार्रवाई प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने की। ताकि पता चल सके कि इस पाइप लाइन से नदी में फैक्ट्रियों का दूषित पानी छोड़ा जा रहा था या यह लाइन सीवरेज की है। दरअसल किसान नेता वागाराम विश्नोई की सूचना पर एएसपी निशांत भारद्वाज, निगम और प्रदूषण नियंत्रण मंडल की टीम मंगलवार को ट्रीटमेंट प्लांट संख्या एक-दो के पीछे नदी में पहुंची। जहां नदी के दूसरे छोर पर किसानों ने उन्हें पाइप लाइन बताई। एएसपी भारद्वाज के निर्देश के बाद प्रदूषण नियंत्रण मंडल की टीम ने मौके से पाइप लाइन के पानी के सैंपल लिए ताकि इसकी जांच की जा सके कि इसमें बहने वाला पानी सीवरेज का है या फैक्ट्रियों का रंगीन पानी। इधर बांडी नदी में छोड़ा केमिकलयुक्त पानी, मामला दर्जइधर पाली शहर के पूनायता औद्योगिक क्षेत्र में बांडी में प्रदूषित पानी छोड़ने का मामला सामने आया है। इस पर सीईटीपी फाउंडेशन के मैनेजर दीपक परिहार ने सदर थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। जिसमें बताया कि 8 जून की रात को अज्ञात व्यक्ति ने बांडी नदी में दूषित केमिकलयुक्त पानी छोड़ा है। जिससे संक्रमण का खतरा रहता है। पुलिस ने मामला दर्जकर जांच शुरू की है।
NEET और CBSE परीक्षा में कथित घोटालों तथा पेपर लीक की घटनाओं के विरोध में मंगलवार देर शाम ग्वालियर में भारतीय युवा कांग्रेस ने मशाल जुलूस निकाला। गांधी क्लब, थाटीपुर से शुरू होकर यह जुलूस परशुराम चौराहा तक गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता और छात्र शामिल हुए। इस दौरान हाल ही में परीक्षा संबंधी विवादों के बीच जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि भी दी गई। इस मशाल जुलूस में भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भान चिब, पूर्व मंत्री सचिन यादव, पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह और प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम का नेतृत्व युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव मीतेन्द्र दर्शन सिंह ने किया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी जुलूस के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भान चिब ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि देशभर के युवा इस मुद्दे को लेकर आक्रोशित हैं और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। चिब ने आगे कहा कि पेपर लीक की घटनाएं केवल परीक्षा प्रणाली पर हमला नहीं हैं, बल्कि उन गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के सपनों पर भी चोट हैं, जिनके बच्चे कड़ी मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से युवाओं का विश्वास शिक्षा व्यवस्था से कम होता जा रहा है। युवा कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन देशभर में आंदोलन को और तेज करेगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में युवा कांग्रेस छात्रों के अधिकारों और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर लगातार संघर्ष करती रहेगी। मशाल जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।
दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने मंगलवार शाम नरसिंहगढ़ स्थित मायसेम सीमेंट फैक्ट्री का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें फैक्ट्री में कई कमियां मिलीं। कलेक्टर ने वहां काम कर रहे मजदूरों से सीधे बातचीत कर उनका हाल जाना, जिसके बाद उनके बयानों को आधार बनाकर श्रम विभाग को तत्काल केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान मजदूरों ने कलेक्टर को बताया कि कई सालों से फैक्ट्री में लगातार काम करने के बावजूद उन्हें अब तक नियमित नहीं किया गया है। इसके अलावा, ठेकेदार द्वारा उन्हें एकमुश्त पूरा वेतन देने के बजाय किस्तों में पैसे दिए जाते हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि कंपनी की ओर से मजदूरों को कोई सुरक्षा उपकरण (सेफ्टी गियर) नहीं दिए जाते, जिसे मजबूरन उन्हें अपने खुद के पैसों से खरीदना पड़ता है। ओवर टाइम का नहीं मिल रहा पैसा, सुविधाएं भी नहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि उन्हें लंबे समय से फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं। जांच में सामने आया कि मजदूरों से तय समय (8 घंटे) से ज्यादा काम तो कराया जा रहा है, लेकिन उन्हें उसका सही भुगतान नहीं मिल रहा और न ही नियमों के मुताबिक ओवर टाइम का दोगुना पैसा दिया जा रहा है। इसके साथ ही मजदूरों को कोई वेतन पर्ची (सैलरी स्लिप) नहीं दी जाती और न ही परिसर में उनके भोजन के लिए कोई व्यवस्थित जगह है। सड़क पर गाड़ियां खड़ी करने से चोरियों का डर मजदूरों ने एक और बड़ी समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि फैक्ट्री में उनके वाहनों को खड़ा करने के लिए पार्किंग की कोई जगह नहीं है। इस वजह से उन्हें अपनी गाड़ियां बाहर सड़क पर पार्क करनी पड़ती हैं, जहां से आए दिन वाहन चोरी होने की घटनाएं होती हैं। इस पर कलेक्टर ने कंपनी प्रबंधन को कड़े लहजे में हिदायत दी है कि वे फैक्ट्री के अंदर ही पार्किंग की व्यवस्था करें, क्योंकि यह संस्थान की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी साफ किया कि काम के दौरान यदि किसी कर्मचारी के साथ कोई हादसा होता है, तो उसका पूरा इलाज कराना कंपनी की जवाबदारी होगी। जांच के दौरान प्रशासनिक अमला रहा मौजूद इस औचक निरीक्षण और कार्रवाई के दौरान मौके पर पथरिया एसडीएम निकेत चौरसिया, नायब तहसीलदार वृदेश पांडे और श्रम अधिकारी सहित प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
ग्वालियर हाई कोर्ट परिसर स्थित स्टेट बार काउंसिल की बिल्डिंग में मंगलवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने बाथरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद वकीलों और लोगों ने समय रहते उसे फंदे से उतार लिया और इलाज के लिए जयारोग्य अस्पताल पहुंचाया। युवक की पहचान दतिया निवासी ऊधम उर्फ शंकर पुत्र अहिवरन वंशकार के रूप में हुई है, जो पॉक्सो एक्ट के मामले में सजायाफ्ता है। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने पत्नी और पारिवारिक तनाव से परेशान होने का जिक्र किया है। विश्वविद्यालय थाना पुलिस के मुताबिक ऊधम सिंह को दतिया की जिला अदालत ने नाबालिग के अपहरण और पॉक्सो एक्ट के मामले में दोषी ठहराते हुए 7 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ उसने ग्वालियर हाई कोर्ट में अपील दायर की थी। हाई कोर्ट ने 15 जून 2022 को उसे जमानत दे दी थी। बताया जा रहा है कि जमानत मिलने के बाद वह कई तारीखों पर कोर्ट में पेश नहीं हो पाया था। मंगलवार को वह अपने केस की अगली तारीख और कानूनी स्थिति जानने के लिए दतिया से ग्वालियर आया था। वह स्टेट बार काउंसिल की बिल्डिंग में अपने वकील से मिलने पहुंचा। इसके बाद शाम करीब 6 बजे वह सार्वजनिक बाथरूम में गया और गले में बंधी साफी का फंदा बनाकर आत्महत्या की कोशिश करने लगा। इसी दौरान वहां मौजूद लोगों को संदिग्ध हलचल महसूस हुई। जब उन्होंने अंदर झांककर देखा तो युवक फंदे पर लटका मिला। लोगों ने तुरंत दरवाजा खुलवाकर उसे नीचे उतारा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस को युवक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह पत्नी से चल रहे विवाद और मानसिक तनाव से परेशान था। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। सीएसपी विश्वविद्यालय हिना खान ने बताया कि युवक को समय रहते बचा लिया गया। वह दतिया का रहने वाला है और पॉक्सो मामले में सजायाफ्ता है। फिलहाल अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है और स्थिति सामान्य है।
श्रीगंगानगर में कोऑपरेटिव मिनी बैंक की डूंगरसिंहपुरा ब्रांच में दो भाईयों को सवा चार लाख रुपए जमा कराने के बाद फर्जी एफडीआर (Fixed Deposit Receipt) थमा दिए गए। जब दोनों भाई पैसों की जरूरत पड़ने पर एफडी भुनाने पहुंचे तो बैंक ने साफ मना कर दिया। अब बैंक मैनेजर विनोद कुमार समेत अन्य कर्मचारियों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। गांव गणेशगढ़ निवासी सुनील कुम्हार ने लालगढ़ जाटान पुलिस स्टेशन में दी गई शिकायत में बताया कि 13 मई 2025 को उन्होंने और उनके भाई ने मिनी बैंक डूंगरसिंहपुरा में कुल 4 लाख 24 हजार 72 रुपए की चार एफडीआर दो साल के लिए बनवाई थीं। बैंक मैनेजर विनोद कुमार ने भरोसा दिलाया था कि उनका बैंक अन्य बैंकों की तुलना में ज्यादा ब्याज देता है। सुनील ने तीन और उनके भाई ने एक एफडी बनवाई। मैनेजर ने बैंक की मोहर लगाकर और हस्ताक्षर करके सभी एफडीआर सौंप दीं। 4 मई को जरूरत पड़ने पर जब दोनों भाई एफडी तुड़वाने बैंक पहुंचे तो कर्मचारियों ने पहले टालमटोल किया। कभी कुछ दिन बाद आइए तो कभी दूसरे बहाने। आखिरकार बैंक ने कह दिया कि उनके यहां ऐसी कोई एफडीआर दर्ज ही नहीं है। जब सुनील कुम्हार और उनके भाई ने जांच कराई तो पता चला कि बैंक मैनेजर विनोद कुमार ने अन्य कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर उनके पैसे हड़प लिए और फर्जी एफडीआर बनाकर दे दिए। फिलहाल पुलिस ने शिकायत पर बैंक मैनेजर विनोद कुमार सहित अन्य कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच एएसआई चैन सिंह कर रहे हैं।
सीहोर के कुबेरेश्वरधाम में मंगलवार को कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का जन्मोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालु धाम पहुंचे और महादेव की आरती में शामिल हुए। पूरे परिसर में दिनभर भक्ति का माहौल बना रहा। जन्मोत्सव के मौके पर आयोजित प्रवचन में पंडित प्रदीप मिश्रा ने भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सच्चे मन से की गई शिव भक्ति कभी निष्फल नहीं जाती। महादेव अपने भक्तों के दुख, संकट और बाधाओं को दूर कर उन्हें सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। प्रदीप मिश्रा बोले- शिव भक्ति से जीवन होता है सकारात्मक प्रवचन के दौरान पंडित मिश्रा ने कहा कि भगवान शिव को भोलेनाथ इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे अपने भक्तों की छोटी-सी श्रद्धा से भी प्रसन्न हो जाते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से नियमित रूप से भगवान शिव का स्मरण करने और शिवलिंग पर जल अर्पित करने का आग्रह किया। भक्तों के लिए विशेष प्रसादी की व्यवस्था की गई जन्मोत्सव के अवसर पर विठलेश सेवा समिति की ओर से भव्य भोजनशाला में प्रसादी का वितरण किया गया। पंडित विनय मिश्रा और पंडित समीर शुक्ला के मार्गदर्शन में श्रद्धालुओं के लिए पांच क्विंटल से अधिक गुलाब जामुन, पांच क्विंटल से अधिक आमरस, आठ क्विंटल से अधिक मावे की बर्फी, नमकीन और 10 क्विंटल से अधिक खिचड़ी, रोटी व सब्जी की व्यवस्था की गई। हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा धाम प्रवचन के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से कथा सुनी। 'हर-हर महादेव' के जयघोष से पूरा कुबेरेश्वरधाम गूंज उठा। कथा के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का अभिषेक और पूजन-अर्चन कर परिवार की सुख-समृद्धि तथा विश्व कल्याण की कामना की।
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि को बढ़ाकर अब 10 जुलाई 2026 कर दिया है। अब तक किसी कारणवश आवेदन नहीं कर सके अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय देते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं प्रवेश प्रक्रिया में शामिल हो सकें। विश्वविद्यालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार, आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट अथवा एमपी ऑनलाइन पोर्टल के जरिए निर्धारित तिथि तक आवेदन कर सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि यह कदम विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, जिससे दूर-दराज के अभ्यर्थियों को भी आवेदन का पर्याप्त अवसर मिल सके और प्रवेश प्रक्रिया में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित हो। प्रवेश से जुड़ी अन्य जानकारी, पाठ्यक्रम विवरण और आवश्यक दिशा-निर्देश अभ्यर्थी वेबसाइट पर प्राप्त कर सकते हैं।
उदयपुर में ऋषभदेव थाना क्षेत्र के कानुवाड़ा पंचायत के बिलखाई गांव में सामूहिक धर्मांतरण मामले में मंगलवार को कोर्ट ने 2 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी। इससे पूर्व मामले में कोर्ट ने 11 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। जज जतिन परमार ने दोनों पक्षों द्वारा पेश किए गए तर्कों के आधार पर आदेश देते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद-21 में भारतीय नागरिक को आस्था चुनने का अधिकार है लेकिन प्रलोभन, बल, कपट, मिथ्या रूप से किसी अन्य नागरिक का धर्म परिवर्तन करने का अधिकार नहीं है। ईसा मसीह की प्रार्थना सभा में बुलाया थाबिलखाई निवासी पीड़ित नानालाल ने ऋषभदेव थाने में रिपोर्ट दी थी। जिसमें बताया कि 6 जून 20226 को आरोपियों ने उसे ईसा मसीह की प्रार्थना सभा के नाम पर बुलाया था। जहां पहले से करीब 150 से 200 लोग मौजूद थे। नानालाल को ईसाई धर्म अपनाने पर उसकी बीमारी ठीक करने, घर पर नया कुआं और हैंडपंप खुदवाने का लालच दिया। जब नानालाल ने धर्म बदलने से मना किया तो आरोपियों ने उससे गाली गलौच और धक्का मुक्की करते हुए मारपीट की। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें से 11 आरोपियों की जमानत 13 जून को खारिज कर दी थी। बाकी 2 आरोपी प्रभुलाल पुत्र जीवा मादडा और सोहन पुत्र रामलाल कलासुआ निवासी कानुवाड़ा की जमानत आज खारिज कर दी। बता दें, आरोपियों के पास से ईसाई धर्म का प्रचार प्रसार करने की कुल 17 पुस्तकें और धर्म परिवर्तन के लिए आयोजित समारोह में उपयोग में लिए टैंट संबंधित सामान की बरामदगी की है।
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को लेकर इंदौर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर परीक्षा की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि इंदौर जिले में नीट परीक्षा के लिए 57 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां लगभग 23 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। सभी केंद्रों पर सुरक्षा, पेयजल, बिजली, यातायात और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। कलेक्टर ने बताया कि दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने वाले विद्यार्थियों के लिए पिछले वर्षों की तरह परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। बसों के माध्यम से परीक्षार्थियों को आने-जाने में सहायता दी जाएगी, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी जाए और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस बल की मदद ली जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दिन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम भी आयोजित होंगे, इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि इन आयोजनों के कारण परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कोई बाधा न आए। मुख्यमंत्री से मिले निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने परीक्षा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
मुंगेली जिले में किसानों को खरीफ सीजन 2026 में उच्च गुणवत्ता वाले खाद और बीज उचित मूल्य पर मिलें, इसके लिए कृषि विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। इस बीच कलेक्टर कुंदन कुमार के निर्देश पर उप संचालक कृषि वीणा ठाकुर के नेतृत्व में एक विशेष जिला निरीक्षण दल ने लोरमी और पथरिया विकासखंड के दो कृषि केंद्रों पर छापा मारा। इस दौरान कई बड़ी अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण दल ने लोरमी के बिजराकापाकला स्थित किशन खाद भंडार और पथरिया के बेलखुरी में संदीप ट्रेडर्स पर डमी ग्राहक भेजकर उर्वरक खरीदवाई और विक्रय प्रक्रिया की जांच की। ओवररेट बिक रही थी खाद जांच में दोनों कृषि केंद्रों पर उर्वरक बिक्री से संबंधित गंभीर अनियमितताएं मिलीं। किशन खाद भंडार, बिजराकापाकला में एनपीके उर्वरक निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बेचा जा रहा था। साथ ही, यूरिया के साथ जिंक सल्फेट जैसी अन्य सामग्री अनिवार्य रूप से दी जा रही थी। ये शिकायतें सही पाई गईं। संदीप ट्रेडर्स, बेलखुरी में यूरिया निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बेचा जा रहा था। यहां भौतिक स्टॉक और पीओएस मशीन के स्टॉक में भी भारी अंतर मिला। इसके अलावा, एनपीके उर्वरक बिना स्रोत प्रमाण पत्र के बेचा जा रहा था। दस्तावेज और खाद जब्त किए गए ये सभी अनियमितताएं उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 का स्पष्ट उल्लंघन हैं। इन अनियमितताओं के बाद दोनों कृषि केंद्रों पर उपलब्ध उर्वरकों और आवश्यक दस्तावेजों को जब्त कर कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में कुल 15.48 टन यूरिया, 22.80 टन एसएसपी, एनपीके और एमओपी जब्त किए गए। संबंधित दस्तावेज और पीओएस मशीन भी जब्त की गईं। इस दौरान जिला उर्वरक निरीक्षक मनहरण कुर्रे, निरीक्षक संजय सोनवानी सहित कृषि विभाग के अधिकारी और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी मौजूद थे।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में मंगलवार रात CIA-1 और बदमाशों के बीच दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-44 (जीटी रोड) पर रतनगढ़ के पास मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में गांधी नगर निवासी रोहित और टोनी के पैरों में गोलियां लगीं। दोनों को घायल अवस्था में शाहाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया। वहीं, फायरिंग के दौरान CIA टीम में शामिल ASI राहुल भी बाल-बाल बच गया। बदमाशों की गोली उसकी बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। घायल बदमाशों को फर्स्ट ऐड के बाद LNJP अस्पताल में रेफर किया जाएगा। अभी शाहाबाद में उनका इलाज चल रहा है। रतनगढ़ एरिया में छुपे थे बदमाश पुलिस के अनुसार, CIA-1 को गुप्त सूचना मिली थी कि रविवार को गांधी नगर में हुई फायरिंग के आरोपी रतनगढ़ क्षेत्र में छिपे हुए हैं। सूचना के आधार पर टीम ने इलाके में घेराबंदी की। खुद को घिरता देख आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाश घायल हो गए और पुलिस ने उन्हें काबू कर लिया। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मुंगेली के लोरमी के ग्राम बिजराकछार स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में शाला प्रवेश उत्सव मनाया। उन्होंने हर्षोल्लास के साथ विद्यार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत किया। इस अवसर पर डिप्टी सीएम साव ने विद्यार्थियों को निःशुल्क शाला गणवेश और पाठ्य पुस्तकों का वितरण किया। मध्यान्ह भोजन के दौरान पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उन्हें थर्मस बोतलें भी प्रदान की गईं। उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि साय सरकार बच्चों के सर्वांगीण विकास और बेहतर शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर दिया कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पढ़ाई का बेहतर वातावरण बच्चों को अपने सपनों को साकार करने में मदद करेगा। डिप्टी सीएम अरुण साव ने बिजराकछार स्कूल में किचन शेड और रंगमंच के निर्माण के लिए 5 लाख रुपए की घोषणा भी की।
आगरा में सोमवार की शाम फतेहाबाद में हुए हादसे में युवक की मौत के बाद पुलिस पर पथराव करने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस गंभीर धारा में एफआईआर दर्ज की। 19 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस कार्रवाई के बाद बवाल करने वाले हाथ जोड़कर माफी मांगते नजर आए। हाथ जोड़कर कह रहे थे कि गलती हो गई, अब कभी जाम नहीं लगाएंगे। माफी मांगने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। आगरा के न्यू आगरा कोतवाली क्षेत्र के बहादुरपुर खास गांव निवासी मनीष (23) की फिरोजाबाद में गढ़ी तिवारी गांव में ससुराल है। 4 महीने पहले मनीष की आरती के साथ शादी हुई थी। सोमवार की दोपहर वह अपने गांव लौट रहा था। लेकिन फतेहाबाद थाना क्षेत्र के गांव पूठपुरा के पास शाम करीब 4:30 बजे तेज रफ्तार थार ने ट्रैक्टर ट्राली को टक्कर मार दी। इससे बाइक सवार मनीष और स्कूटी सवार तीन अन्य युवक चपेट में आ गए। हादसे में मनीष की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि स्कूटी सवार सुभाष निवासी पूठपुरा, विवेक निवासी डरुआ नगला और कालू निवासी बरना गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन तब तक मनीष दम तोड़ चुके थे। भीड़ ने युवक को कुचलने वाली थार में तोड़फोड़ की। रोड जाम कर दिया। पुलिस ने लोगों को समझाया बुझाया। मगर, भीड़ उग्र हो गई। पुलिसवालों को करीब आधा किलोमीटर तक दौड़ाया। जान बचाने के लिए पुलिसकर्मियों को पीछे हटना पड़ा। मौके पर फोर्स तैनात की गई है। अधिकारियों ने मोर्चा संभाला है। पुलिस ने दर्ज की एफआईआरपथराव में 11 पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस ने इस मामले में 35 नामजद लोगों के खिलाफ गंभीर धारा में मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने 19 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। जेल जाने से पहले सभी लोग हाथ जोड़कर माफी मांगते दिखे। वो कहते दिखे कि साहब गलती हो गई, अब कहीं जाम नहीं लगाएंगे।
छतरपुर के 21 वर्षीय अभिज्ञान गुप्ता की सोमवार को वृंदावन में करंट लगने से मौत हो गई। हादसे के एक दिन बाद मंगलवार को घटना का वीडियो सामने आया, जिसके बाद मामले की चर्चा तेज हो गई। युवक अपने परिवार के साथ धार्मिक यात्रा पर वृंदावन गया था। वीडियो में देखा जा सकता है युवक कूलर से चिपक गया था जिसे अलग करने की कोई हिम्मत नहीं कर रहा था इसके बाद युवक के पिता ने धक्का देकर कूलर को नीचे गिरा दिया। अभिज्ञान गुप्ता बस स्टैंड स्थित पत्रकार चौक निवासी और मोबाइल व्यवसायी अमित उर्फ मिंटू गुप्ता के पुत्र थे। परिवार ने पहले बांके बिहारी मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद सभी लोग रिक्शे से इस्कॉन मंदिर पहुंचे। तीन तस्वीरों में देखें घटनाक्रम… कूलर के संपर्क में आते ही चिपका रह गया बताया जा रहा है कि इस्कॉन मंदिर के पास रिक्शे से उतरने के बाद अभिज्ञान आगे बढ़े। इसी दौरान उनका हाथ वहां रखे एक कूलर से छू गया। कूलर में करंट होने के कारण उन्हें जोरदार झटका लगा और वे मौके पर ही गिर पड़े। हादसा इतना अचानक हुआ कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। पिता के सामने बेटे ने तोड़ा दम प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बेटे को आंखों के सामने गिरता देख पिता अमित उर्फ मिंटू गुप्ता बदहवास हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तत्काल मदद की कोशिश की, लेकिन अभिज्ञान को बचाया नहीं जा सका। वीडियो के सामने आने के बाद घटना को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों को कहना है धार्मिक स्थलों पर जहां हजारों लोग घूमने आते हैं वहां इस तरह की लापरवाही हो रही है। अभिज्ञान की मौत की खबर जैसे ही छतरपुर पहुंची, पत्रकार चौक और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर फैल गई। व्यापारिक और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
पलवल जिले में साइबर ठगों ने दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों के बैंक खातों से 5 लाख 24 हजार रुपए उड़ा लिए। साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहले मामले में, ओमैक्स सिटी निवासी राजदीप सिंह ने बताया कि 19 अप्रैल को उन्हें एक फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को मशहूर टायर कंपनी एमआरएफ का बड़ा अधिकारी बताया। शातिर ठग ने पीड़ित को झांसा दिया कि वह उसे कंपनी का माल बाजार से काफी सस्ते दामों पर दिलवा देगा। बैंक खाते से उड़ाए लाखों रुपए ठग के झांसे में आकर राजदीप ने बताए गए एक बैंक खाते में 2 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। जब उन्हें न तो माल मिला और न ही पैसे वापस आए, तो उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। दूसरे मामले में, पलवल निवासी प्रभु शंकर के खाते से लाखों रुपए उड़ा लिए गए। उन्हें इस धोखाधड़ी की भनक तक नहीं लगी। प्रभु शंकर ने बताया कि ठगों ने उन्हें एक फर्जी लिंक भेजा था। लिंक पर क्लिक करते हुए कटने लगे रुपए जैसे ही उन्होंने उस लिंक पर क्लिक किया, उनकी जानकारी के बिना उनके बैंक खाते से स्वचालित तरीके से पैसे कटने शुरू हो गए। साइबर ठगों ने उनके खाते से 3 लाख 23 हजार 900 रुपए निकाल लिए। पैसे कटने के मैसेज आने पर उन्हें ठगी का पता चला, जिसके बाद उन्होंने तुरंत एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर क्राइम थाना प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि दोनों मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि उनकी टीम साइबर अपराधियों की जांच करने में जुटी हुई है और जल्द ही आरोपियों का सुराग लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
संभल में मुहर्रम का चांद दिखा:17 जून से नए हिजरी साल की शुरुआत, शहर में गम का माहौल
संभल में मंगलवार शाम मुहर्रम का चांद दिखने के बाद नए हिजरी साल की शुरुआत की घोषणा कर दी गई है। इसके साथ ही शहर में कर्बला के शहीदों की याद में गम का माहौल छा गया है। इस संबंध में मरकज़ी रुयते हिलाल कमेटी की बैठक मरकज़ी मदरसा अहले सुन्नत अजमल उल उलूम में हुई। मुफ़्ती मेहबूब वास्ती ने इसकी अध्यक्षता की। बैठक में शहर के उलेमा और विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे। कमेटी ने चांद दिखने की पुष्टि के बाद बताया कि बुधवार, 17 जून को मुहर्रम की पहली तारीख होगी। इसके अनुसार, 10 मुहर्रम यानी यौमे आशूरा 26 जून को मनाया जाएगा। उलेमाओं ने लोगों से इन्हीं तारीखों के आधार पर इबादत, जिक्र की मजालिस और रोजों का एहतमाम करने की अपील की। मुहर्रम का चांद नजर आने के साथ ही शहर में शोक का माहौल गहरा गया है। विभिन्न मोहल्लों और इमामबाड़ों में फर्श-ए-अजा बिछा दी गई है। घरों और धार्मिक स्थलों पर काले परचम लगाए जा रहे हैं, जबकि अजाखानों में अलम सजाकर मातमी कार्यक्रमों की तैयारियां शुरू हो गई हैं। परंपरा के अनुसार, शोकाकुल महिलाओं ने भी सुहाग की निशानियां हटाकर गम का इजहार किया। शिया समुदाय द्वारा पहली मुहर्रम से नौ मुहर्रम तक शहर के विभिन्न इमामबाड़ों में मजलिसों का आयोजन किया जाएगा। अंजुमन-ए-पंजतनी और अंजुमन हाशमी की ओर से छोटे इमामबाड़े में प्रतिदिन सुबह और रात को मजलिसें होंगी। इसके अतिरिक्त, मोहल्ला सादात सिरसी, कर्बला और शर्की सादात स्थित इमामबाड़ों में भी अलग-अलग समय पर मजलिसों का सिलसिला चलेगा। वहीं, सुन्नी समुदाय भी कर्बला के शहीदों की याद में जलसों और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करेगा। बैठक में मौजूद शहर के प्रमुख उलेमा, कारी और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मुहर्रम के अवसर पर अमन, भाईचारे और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) ने सत्र 2026-27 में संचालित पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रवेश पंजीकरण एवं चेक-इन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अंतिम तिथि 22 जून निर्धारित की है। प्रवेश पंजीकरण और चेक इन सीमा का हुआ विस्तारकुलसचिव कार्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर एवं संबद्ध महाविद्यालयों में संचालित सभी पाठ्यक्रमों (प्रवेश परीक्षा वाले पाठ्यक्रमों को छोड़कर) में प्रवेश पंजीकरण और चेक-इन की प्रक्रिया अब 22 जून तक पूरी की जा सकेगी। केवल प्रवेश पंजीकरण और चेक-इन की समय-सीमा का विस्तार किया गया है। प्रवेश प्रक्रिया पूरी न कर पाने वालों को मिलेगा लाभकुलसचिव राकेश कुमार मिश्र ने बताया कि विश्वविद्यालय के इस निर्णय से उन विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा जो किसी कारणवश निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए थे। विवि व संबद्ध कालेजों में संचालित कोर्सेज के लिए छात्र विवि या कालेज की वेबसाइट में जाकर जानकारी ले सकते हैं।
राजस्थान क्रिकेट संघ (RCA) की एडहॉक कमेटी ने घरेलू क्रिकेट सत्र 2026-27 की तैयारियों को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए सीनियर और जूनियर पुरुष सिलेक्शन कमेटी का गठन कर दिया है। एडहॉक कमेटी के संयोजक डॉ. मोहित जसवंत यादव ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। एडहॉक कमेटी के सदस्य सुशील जैन ने बताया कि नई सिलेक्शन कमेटी बीसीसीआई द्वारा आयोजित विभिन्न घरेलू प्रतियोगिताओं के लिए राजस्थान की टीमों का सिलेक्शन करेंगी। आरसीए की ओर से गठित सीनियर पुरुष सिलेक्शन कमेटी का चेयरमैन पूर्व क्रिकेटर विजेंद्र यादव को बनाया गया है। जबकि कमेटी में जाकिर हुसैन, शमशेर सिंह, प्रणय शर्मा और अफरोज खान को सदस्य नियुक्त किया गया है। यह सिलेक्शन कमेटी रणजी ट्रॉफी, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी, सीके नायडू ट्रॉफी और अंडर-23 वर्ग की टीमों के संभावित खिलाड़ियों का चयन करेगी। यह खिलाड़ी बीसीसीआई की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगे। वहीं जूनियर पुरुष सिलेक्शन कमेटी की कमान अमर सिंह नेगी को सौंपी गई है। कमेटी में सिद्धार्थ जोशी, अंकित लाम्बा, मधुर खत्री और सिद्धार्थ सराफ को सदस्य बनाया गया है। यह समिति अंडर-19, अंडर-16 और अंडर-14 आयु वर्ग की राजस्थान टीमों के चयन की जिम्मेदारी संभालेगी। प्रदर्शन के आधार पर होगा खिलाड़ियों का सिलेक्शन एडहॉक कमेटी के संयोजक डॉ. मोहित जसवंत यादव ने कहा कि सिलेक्शन प्रोसेस का मुख्य आधार खिलाड़ियों का प्रदर्शन और प्रतिभा होगी। सिलेक्टर्स को खिलाड़ियों के प्रदर्शन की गहन समीक्षा कर सर्वश्रेष्ठ टीम तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। ऑनलाइन आवेदन और इंटरव्यू के बाद हुआ चयन आरसीए एडहॉक कमेटी के सदस्य धनंजय सिंह खींवसर ने बताया कि सिलेक्शन कमेटी के गठन के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे। निर्धारित मापदंडों को पूरा करने वाले आवेदकों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। इसके बाद सर्वसम्मति से दोनों सिलेक्शन कमेटी का गठन किया गया है। युवा खिलाड़ियों को मिलेगा पारदर्शी मंच एडहॉक कमेटी के सदस्य आशीष तिवाड़ी ने कहा कि सिलेटर्स की जिम्मेदारी होगी कि वे पूरे राज्य में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर रखें और केवल योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर टीमों का सिलेक्शन करें, ताकि राजस्थान की टीमें राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
बीकानेर में कार- पिकअप की भिड़ंत, एक की मौत:5 घायल हुए; श्रीडूंगरगढ़ में कालू रोड पर हुआ हादसा
बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में मंगलवार शाम कालू रोड पर कार और पिकअप की आमने-सामने टक्कर में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हो गए। घायलों को इलाज के बाद बीकानेर रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार, गुसाईंसर बड़ा में रिश्तेदारी से लौट रहे राजेरा निवासी रामकुमार(40) पुत्र बद्रीराम सारस्वत की हादसे में मौके पर ही मौत हो गई। वह कार में सवार होकर श्रीडूंगरगढ़ की ओर आ रहे थे। दुर्घटना में उनके छोटे भाई देवकरण सारस्वत(35) भी घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी तेज थी कि पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई। पिकअप में सवार गिरधारीलाल जाखड़, उनकी पत्नी शारदा जाखड़, संतोष जाखड़ और गौरव टाडा घायल हो गए। हादसे में कुल पांच लोग घायल हुए हैं। एंबुलेंस से पहुंचाया अस्पताल घटना की सूचना मिलते ही डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम वेलफेयर सोसायटी और आपणों गांव सेवा समिति की एंबुलेंस मौके पर पहुंची। सेवादारों ने सभी घायलों को श्रीडूंगरगढ़ उपजिला अस्पताल पहुंचाया। यहां प्राथमिक इलाज के बाद सभी पांच घायलों को बीकानेर रेफर कर दिया गया। हादसे की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। घटना की सूचना मिलते ही घायलों और मृतक के परिजन हॉस्पिटल पहुंचे।
आजमगढ़ में शासकीय भूमि, सार्वजनिक मार्गों, चकमार्गों पर अवैध अतिक्रमण तथा कूटरचित अभिलेखों के माध्यम से राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज कराने वालों के विरुद्ध जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के निर्देश पर तहसील प्रशासन द्वारा कठोर कार्रवाई की जा रही है। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सरकारी भूमि, सार्वजनिक उपयोग की संपत्तियों एवं मार्गों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा करने अथवा धोखाधड़ी और कूटरचना के माध्यम से राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज कराने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। डीएम के निर्देशों के क्रम में संबंधित तहसील प्रशासन एवं राजस्व विभाग द्वारा जांचोपरांत विभिन्न मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए विधिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। इसी क्रम में राजेन्द्र यादव पुत्र स्वर्गीय बालादीन, निवासी कोठिया, सरायमीर के विरुद्ध कार्रवाई की गई। राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा स्थलीय निरीक्षण के दौरान संबंधित व्यक्ति को चकमार्ग पर अतिक्रमण न करने की चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद राजेन्द्र यादव द्वारा रात्रि में बार्जा और पोर्च का निर्माण कर चकमार्ग पर अवैध अतिक्रमण कर लिया गया, जिससे सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंची तथा आमजन के आवागमन में बाधा उत्पन्न हुई। इस संबंध में तहसील प्रशासन द्वारा थाना सरायमीर में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए विधिक कार्रवाई की गई है। निजामाबाद थाना क्षेत्र में भी दर्ज हुआ मुकदमाएक अन्य प्रकरण में दयाराम यादव पुत्र स्वर्गीय चन्द्रधारी यादव, निवासी ग्राम अल्लीपुर, तहसील निजामाबाद द्वारा चकमार्ग पर मिट्टी डालकर ट्रैक्टर खड़ा कर दिया गया तथा पानी बहाकर मार्ग को अवरुद्ध कर आवागमन प्रभावित किया गया। मामले की जांच के उपरांत संबंधित लेखपाल द्वारा थाना रानी की सराय में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए विधिक कार्रवाई कराई गई है। इसके अतिरिक्त अभय यादव पुत्र सुदर्शन यादव, निवासी दवईत, तहसील मेंहनगर द्वारा सहखातेदार के रूप में अवैध एवं कूटरचित तरीके से अपना नाम दर्ज कराने का मामला प्रकाश में आया। जांच में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित राजस्व निरीक्षक द्वारा अभय यादव के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। डीएम रविन्द्र कुमार ने कहा है कि जनपद में शासकीय भूमि, सार्वजनिक मार्गों, चकमार्गों एवं अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
गुरुग्राम पुलिस ने 288 ग्राम अवैध गांजे के साथ एक पान विक्रेता को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान बिहार के सुपौल निवासी 32 वर्षीय प्रमोद के रूप में हुई है, जो गुरुग्राम में पान-बीड़ी की दुकान चलाता है। पुलिस ने उसे पटौदी रोड स्थित एक सीएनजी पंप के पास से पकड़ा गया। सेक्टर-10 थाना पुलिस के अनुसार, गश्त के दौरान टीम ने पटौदी रोड पर सीएनजी पंप के पास प्रमोद को संदिग्ध हालत में देखा। तलाशी लेने पर उसके पास से 288 ग्राम गांजा बरामद हुआ। इसके बाद आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया। ग्राहकों को बेचने के लिए खरीदा था गांजा पुलिस पूछताछ में प्रमोद ने बताया कि वह सेक्टर-89 क्षेत्र में पान-बीड़ी की दुकान चलाता है। उसने यह गांजा किसी अज्ञात व्यक्ति से खरीदा था। उसका मकसद इसे छोटी-छोटी मात्रा में बेचकर मुनाफा कमाना था। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब गांजा सप्लाई करने वाले व्यक्ति की पहचान करने और उसके नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
हरदोई पुलिस ने जुए के अड्डे पर मारा छापा:13 जुआरी गिरफ्तार, 43 हजार नकद और वाहन बरामद
हरदोई जिले के बिलग्राम थाना क्षेत्र में पुलिस ने जुए के एक अड्डे पर छापा मारकर 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मौके से 43,220 रुपये नकद, ताश के पत्ते और कई वाहन बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक हरदोई के निर्देश पर जिलेभर में चलाए जा रहे अपराधियों, वारंटियों और जुआ-सट्टा कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ अभियान का हिस्सा थी। बिलग्राम पुलिस को सूचना मिली थी कि क्षेत्र में अवैध रूप से जुए की फड़ संचालित की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल छापेमारी की और मौके से 13 लोगों को पकड़ लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कन्नौज, औरैया, फर्रुखाबाद, मैनपुरी और हरदोई जनपदों के निवासी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ये सभी जुए की खाईबाड़ी करते हुए पकड़े गए। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 43,220 रुपये नकद और जुए में इस्तेमाल होने वाले ताश के 52 पत्ते बरामद हुए। इसके अतिरिक्त, मौके पर खड़े आठ चार पहिया वाहन, दो मोटरसाइकिल और एक स्कूटी को भी पुलिस ने कब्जे में लिया है। इस संबंध में थाना बिलग्राम में मुकदमा अपराध संख्या 269/26, धारा 13 जुआ अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार सभी आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई को सफल बनाने में थाना बिलग्राम पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। टीम में प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार, उपनिरीक्षक विकास चौधरी, उपनिरीक्षक श्रीप्रकाश, हेड कांस्टेबल नन्दकिशोर तथा कांस्टेबल मनीष कुमार, अभिषेक पाल, अटल सिंह, आनन्द यादव, अमन सिंह, अतुल चौधरी और विशाल कुमार शामिल थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जनपद में जुआ, सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों में शामिल लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा का माहौल बना रहे।
बस्ती में मंगलवार शाम बच्चे को काला कहने पर महिलाओं में विवाद हो गया। पड़ोस में रहने वाली दो महिलाओं के बीच कहासुनी के बाद एक महिला ने दूसरी पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल महिला की अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। मामला रुधौली थाना क्षेत्र के बभनी मिश्रा गांव का है। महुआ बैरियहवा गांव निवासी मोहम्मद रईस की पत्नी खुशनुमा और मोहम्मद अयूब की पत्नी माजिदा आमने-सामने रहती थीं। मंगलवार शाम खुशनुमा अपने बच्चों को बुला रही थी। इसी दौरान उसने ‘काला’ शब्द का इस्तेमाल किया। माजिदा को लगा कि उसके बच्चों को ताना दिया जा रहा है। इसी बात पर दोनों महिलाओं के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों के बीच हाथापाई होने लगी। आरोप है कि इसी दौरान खुशनुमा घर से चाकू लेकर आई और माजिदा के पेट में वार कर दिया। चाकू लगने से माजिदा गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ी। घटना के बाद परिजन और ग्रामीण उसे तुरंत संतकबीरनगर जिले के सेमरियावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सीओ कुलदीप सिंह और प्रभारी निरीक्षक संजय दुबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आरोपी महिला खुशनुमा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आसाम से जयपुर पहुंचे 16 साल के हाथी 'मोहन' की कस्टडी सरकार के पास ही रहेगी। हाईकोर्ट ने सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाथी की कस्टडी महावत को देने के आदेश पर रोक लगा दी हैं। जस्टिस बिपिन गुप्ता ने अपने आदेश में सरकार को हाथी की समुचित देखभाल करने के निर्देश भी दिए। अदालत ने सरकार से कहा है कि वह हाथी के खानपान और स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखे। कोर्ट ने मामले में नोटिस जारी करते हुए सुनवाई चार सप्ताह के लिए टाल दी। दरअसल, हाथी मोहन को मार्च में आसाम से जयपुर लाया गया था। वन विभाग ने हाथी को फर्जी ट्रांजिट परमिट से जयपुर लाने पर कार्रवाई करते हुए उसे जब्त कर लिया था। एडीजे कोर्ट ने महावत के पक्ष में दिया था फैसलादरअसल, आसाम के रहने वाले लोकनाथ बोहरा हाथी को लेकर जयपुर लाए थे। इन्होने जयपुर में सलीम खान के यहां हाथी को रखा। जिसके बाद वन विभाग की टीम ने फर्जी ट्रांजिट परमिट के आरोप में हाथी को अपने कब्जे में ले लिया। सलीम खान ने मजिस्ट्रेट कोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर करके कहा कि हाथी मालिक ने उसे पावर ऑफ अर्टोनी दी हैं। ऐसे में उसे हाथी लौटाया जाए। लेकिन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उसके प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया। उसके बाद सलीम खान ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के खिलाफ अपील की। अपील पर सुनवाई करते हुए एडीजे-7 ने 29 अप्रेल को सलीम खान के पक्ष में फैसला देते हुए हाथी की कस्टडी उसे देने के आदेश दिए। हाथी का ट्रांसफर जैविक क्रूरताइस फैसले के खिलाफ वन विभाग के सहायक वन संरक्षक लेखराम ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जिस पर वन विभाग की ओर से बहस करते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश चौधरी और मानवेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि हाथी को असम से बिना वैध दस्तावेजों के राजस्थान लाया गया और अवैध रूप से रखा गया। जांच के दौरान प्रस्तुत ट्रांजिट परमिट फर्जी पाए गए तथा जिस वाहन संख्या से हाथी को लाने का दावा किया गया, वह परिवहन विभाग के रिकॉर्ड में अस्तित्व में ही नहीं मिला। सरकार ने दलील दी कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत हाथी सरकारी संपत्ति के रूप में निहित हो चुका है। वहीं असम की आर्द्र जलवायु से जयपुर के शुष्क वातावरण में हाथी का स्थानांतरण जैविक क्रूरता के समान है। ऐसे में हाथी की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए उसकी कस्टडी सरकार को दी जाए।
फलोदी पुलिस ने किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उस पर एक बालक से बाल श्रम करवाने और उसे शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप है। यह कार्रवाई नागौर चौराहे के पास एक वर्कशॉप पर की गई। पुलिस के अनुसार, वर्कशॉप मालिक फिरोज बालक से सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक लगातार काम करवाता था। बालक से वर्कशॉप की साफ-सफाई के अलावा वाहनों के पुर्जों की सफाई जैसे कठिन कार्य भी कराए जाते थे। बालक को उसके किए गए कार्य के अनुरूप वेतन भी नहीं दिया जा रहा था। उसे बाल श्रम करवाकर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। एएसआई बाबूलाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपी फिरोज को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
सेक्टर-151 ए में बन रहे एक मंदिर के ध्वस्तीकरण को लेकर प्राधिकरण के नोटिस जारी किया है। इसको लेकर मंदिर प्रबंधन ने नाराजगी जताई है। वहीं प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि बिना नक्शा पास डबल बेसमेंट का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा जिलाधिकारी से अनुमति भी नहीं ली गई है। जानकारी के मुताबिक सेक्टर-151ए स्थित कामबखशपुर गांव में पुराना इस्कॉन मंदिर बना हुआ था जो जर्जर हो चुका है। अब इसको तोड़कर बनाया जा रहा है। अब इसको डबल बेसमेंट तैयार कर बनाया जा रहा है। जबरन जारी किया गया नोटिस मंदिर से जुड़े प्रबंधन का कहना है कि कामबख्शपुर गांव की जमीन का प्राधिकरण ने अधिग्रहण नहीं किया है। इसके अलावा भूकंपविरोधी बिल्डिंग आर्किटेक्ट से डिजाइन कराकर इसको बनवाया जा रहा है। इसके बावजूद प्राधिकरण ने इसके ध्वस्तीकरण के लिए नोटिस जारी किया है। इस मामले में प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि इस निर्माण के लिए प्राधिकरण से नक्शा पास नहीं कराया गया है। इसके अलावा धार्मिक स्थल के निर्माण के लिए जिलाधिकारी की अनुमति जरूरी है।
हरदोई शहर की आवास विकास कॉलोनी में मंगलवार को एक महिला न्याय की मांग को लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गई। आत्महत्या की चेतावनी देने लगी। सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद महिला को सुरक्षित नीचे उतारा। महिला का आरोप है कि उसकी शिकायत पर पुलिस ने अब तक उचित कार्रवाई नहीं की। महिला ने आत्महत्या की चेतावनी देते हुए प्रशासन पर न्याय न मिलने का आरोप लगाया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। टंकी पर महिला के चढ़ने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। पुलिस और प्रशासन की टीम ने महिला को समझाने का प्रयास शुरू किया। करीब डेढ़ घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद अधिकारियों ने महिला के पति और बच्चों को मौके पर बुलाया और बातचीत के जरिए उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया। महिला का आरोप है कि 10 फरवरी को उसके बच्चों का हरपालपुर क्षेत्र के कुछ बच्चों से विवाद हुआ था। इसी मामले की शिकायत करने वह संबंधित लोगों के घर गई थी। उसका कहना है कि वहां उसके साथ दुर्व्यवहार और उत्पीड़न की घटना हुई, जिसकी शिकायत पुलिस से की गई थी। पीड़िता का आरोप है कि शिकायत के बावजूद उसे न्याय नहीं मिला। उल्टा शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका में उसका चालान कर दिया गया। महिला ने दावा किया कि शिकायत के बाद से उसे लगातार दबाव और धमकियां मिल रही थीं, जिसके चलते उसे परिवार सहित गांव छोड़कर हरदोई शहर में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा। महिला के पति ने बताया कि उन्होंने मामले में कई अधिकारियों से शिकायत की और मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी प्रार्थना पत्र भेजे, लेकिन उन्हें संतोषजनक कार्रवाई नहीं मिली। इसी नाराजगी और हताशा के चलते महिला ने यह कदम उठाया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने महिला को कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद वह टंकी से नीचे उतरने को तैयार हुई। सीओ सिटी अजीत चौहान ने बताया कि महिला द्वारा लगाए गए आरोपों और शिकायतों की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बेसिक स्कूलों में 24 जून तक ग्रीष्म कालीन अवकाश:हीट वेव के चलते अपर मुख्य सचिव ने बढ़ाईं छुट्टियां
यूपी के बेसिक स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश 24 जून तक बढ़ा दिए गए हैं।हालांकि पूर्व आदेशों के क्रम में 16 जून को पूरे प्रदेश में बेसिक स्कूलों को खोला गया था। लेकिन मंगलवार को देर शाम बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने एक आदेश जारी करके बेसिक स्कूलों को 24 जून तक बंद रखने का आदेश दिया है।
जोधपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में साहित्य एवं एंकरिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. मीनाक्षी राजपुरोहित मीनू को वर्ल्ड कल्चरल एंड एजुकेशनल ऑर्गेनाइजेशन की ओर से मानद डॉक्टरेट से सम्मानित किया गया है। उन्हें डॉक्टरेट इन लिटरेचर व एंकरिंग की उपाधि प्रदान की गई।इस सम्मान के माध्यम से संस्था ने साहित्य, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं एंकरिंग के क्षेत्र में डॉ. मीनाक्षी राजपुरोहित मीनू के उत्कृष्ट कार्यों, समर्पण और समाज के प्रति उनके योगदान को सराहा है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन की एक महत्वपूर्ण सफलता है, बल्कि क्षेत्र की अन्य प्रतिभाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।सम्मान प्राप्त करने पर डॉ. मीनाक्षी राजपुरोहित मीनू ने कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में और अधिक निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने परिवार, शुभचिंतकों और सहयोगियों को दिया। पढें ये खबर भी… साहित्यकार एवं लेखिका मीनाक्षी राजपुरोहित सम्मानित:दिल्ली में आयोजित हुआ राजपुरोहित गौरव अवार्ड, 51 प्रतिभाओं को नवाजा
जबलपुर जिले में अवैध खनन के खिलाफ पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। मंगलवार को चरगंवा थाना पुलिस ने अवैध रेत खनन माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाते हुए नर्मदा नदी किनारे खड़ी नावों को नष्ट किया और रेत उत्खनन में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जब्त किए। दैनिक भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद जिले में राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग की टीमें लगातार अवैध रेत खनन के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं। रेत खनन की लगातार मिल रही थीं शिकायतें एसपी सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर चरगंवा थाना प्रभारी सरोजनी चौकसे ने पुलिस टीम के साथ थाना क्षेत्र के धरती कछार, भड़पुरा और मूरकटिया में सर्चिंग अभियान चलाया। इन क्षेत्रों में अवैध रेत खनन की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। धरती कछार में पुलिस को नदी किनारे तीन नावें बंधी मिलीं, जिनमें रेत निकालने के लिए तसले, फावड़े और अन्य उपकरण रखे थे। पुलिस ने मौके पर ही तीनों नावों को लोहे की रॉड की मदद से क्षतिग्रस्त कर दिया और उन्हें नदी में बहा दिया। जनवरी 2026 से अब तक खनिज विभाग ने विभिन्न खनिजों के अवैध परिवहन के 61 मामलों में वाहन जब्त कर प्रकरण दर्ज किए हैं। इन मामलों में 92 लाख 47 हजार 696 रुपए का अर्थदंड लगाया है। इसके अलावा जिले में स्थापित ई-चेक गेट के माध्यम से चिन्हित 63 वाहनों के संचालकों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर ऑनलाइन नोटिस जारी किए हैं। 6 मामलों में 10 करोड़ का अर्थदंड लगाया अवैध उत्खनन के कुल 8 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें से 6 मामलों में 10 करोड़ 39 लाख 27 हजार 490 रुपए का अर्थदंड लगाया है, जबकि 2 मामलों में कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। इस दौरान अवैध उत्खनन में इस्तेमाल हो रही 2 पोकलेन मशीन, 4 जेसीबी, 4 ट्रैक्टर-ट्रॉली, 3 हाईवा और 3 डंपर जब्त किए गए हैं। वहीं, गिट्टी, फायरक्ले और मिट्टी के अवैध भंडारण के 3 मामलों में 3 करोड़ 28 लाख 59 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है।

