Purnima Spiritual Remedies: सनातन धर्म में ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा का बहुत अधिक धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। जब ज्येष्ठ पूर्णिमा सोमवार के दिन पड़ती है, तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है, क्योंकि सोमवार का दिन स्वयं देवों के देव महादेव और चंद्र देव को समर्पित है। इस शुभ संयोग पर लक्ष्मी-नारायण के साथ-साथ भगवान शिव और चंद्र देव की पूजा करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं। ALSO READ: Vat Savitri Purnima Puja Samagri: अखंड सौभाग्य के लिए बरगद पूजा में बेहद जरूरी हैं ये चीजें, देखें फुल चेकलिस्ट ज्येष्ठ महीने की पूर्णिमा का ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व माना जाता है। जब पूर्णिमा का संयोग सोमवार के साथ बनता है, तब इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। इस शुभ अवसर पर भगवान शिव और चंद्रदेव की पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होने, मानसिक शांति मिलने और जीवन में सुख-समृद्धि आने की मान्यता है। अपनी राशि के अनुसार यहां ज्येष्ठ पूर्णिमा पर नीचे दिए गए विशेष उपाय करने से सुख, समृद्धि और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है: * मेष राशि (Aries) उपाय: इस दिन भगवान शिव का कच्चे दूध और शहद से अभिषेक करें। लाभ: ऐसा करने से आपके साहस में वृद्धि होगी और कार्यक्षेत्र में आ रही बाधाएं दूर होंगी। * वृषभ राशि (Taurus) उपाय: चंद्र देव को प्रसन्न करने के लिए दूध, दही, सफेद चंदन या मिश्री का दान करें। शाम के समय चांदी के पात्र से चंद्रमा को अर्घ्य दें। लाभ: आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी। * मिथुन राशि (Gemini) उपाय: पूर्णिमा के दिन भगवान सत्यनारायण की कथा सुनें या पढ़ें और उन्हें पीले फल व तुलसी दल अर्पित करें। लाभ: व्यापार में उन्नति होगी और रुके हुए काम तेजी से पूरे होंगे। * कर्क राशि (Cancer) उपाय: कर्क राशि के स्वामी स्वयं चंद्र देव हैं। इस दिन शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर अक्षत (साबुत चावल) चढ़ाएं और 'ॐ नमः शिवाय' का जप करें। लाभ: स्वास्थ्य में सुधार होगा और भावनाओं पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी। * सिंह राशि (Leo) उपाय: जल में गंगाजल और लाल चंदन मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें। इसके बाद गरीब या जरूरतमंद लोगों को गेहूं या गुड़ का दान करें। लाभ: मान-सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा में भारी वृद्धि होगी। ALSO READ: Vat Savitri Vrat 2026: ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा का क्या है महत्व, पढ़िए पौराणिक कथा * कन्या राशि (Virgo) उपाय: मां लक्ष्मी को खीर का भोग लगाएं और उसमें तुलसी का पत्ता जरूर डालें। कन्याओं को दूध से बनी मिठाई खिलाएं। लाभ: घर में सुख-समृद्धि का वास होगा और धन से जुड़ी समस्याएं समाप्त होंगी। * तुला राशि (Libra) उपाय: पूर्णिमा की रात को चंद्रमा की रोशनी में बैठकर 'ॐ सों सोमाय नमः'मंत्र का 108 बार जप करें। शिव जी को सफेद फूल चढ़ाएं। लाभ: वैवाहिक जीवन में मधुरता आएगी और मानसिक शांति का अनुभव होगा। * वृश्चिक राशि (Scorpio) उपाय: शिवलिंग पर दूध, दही, घी, शहद, चीनी से तैयार किया गया पंचामृत चढ़ाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें। लाभ: अज्ञात भय, शत्रु बाधा और कर्ज से मुक्ति मिलेगी। * धनु राशि (Sagittarius) उपाय: शिव मंदिर में एक घी का दीपक जलाएं और चने की दाल या बेसन के लड्डुओं का दान करें। लाभ: भाग्य का पूरा साथ मिलेगा और उच्च शिक्षा व करियर में सफलता प्राप्त होगी। * मकर राशि (Capricorn) उपाय: काले तिल पानी में मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें और बहते जल में सूखे नारियल प्रवाहित करें। लाभ: शनि जनित दोषों (साढ़ेसाती या ढैय्या) का प्रभाव कम होगा और कार्यों में आ रही अड़चनें दूर होंगी। * कुंभ राशि (Aquarius) उपाय: पीपल के वृक्ष के नीचे घी का दीपक जलाएं और शिवलिंग पर गन्ने का रस या शुद्ध जल अर्पित करें। लाभ: आर्थिक तंगी से राहत मिलेगी और पारिवारिक क्लेश समाप्त होंगे। * मीन राशि (Pisces) उपाय: भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त पूजा करें। शिव जी को पीले चंदन का तिलक लगाएं और स्वयं भी धारण करें। लाभ: ज्ञान और अध्यात्म में रुचि बढ़ेगी, साथ ही घर में मांगलिक कार्यों के योग बनेंगे। सभी राशियों के लिए 1 महा-उपाय: चूंकि पूर्णिमा सोमवार को है, इसलिए इस रात चांदी के बर्तन में गंगाजल, कच्चा दूध और चावल मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य देना हर राशि के जातक के लिए अत्यंत कल्याणकारी रहेगा। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: ज्येष्ठ पूर्णिमा 2026: व्रत का महत्व और 7 अचूक उपाय, जो बदल सकते हैं आपकी किस्मत
मिनी ड्रेस में दिशा पाटनी ने बढ़ाया इंटरनेट का तापमान, सिजलिंग अदाओं से जीता फैंस का दिल
बॉलीवुड की सबसे फिट और ग्लैमरस अभिनेत्रियों में शुमार दिशा पाटनी अपने बोल्ड फैशन चॉइस के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ तस्वीरें साझा की हैं, जिन्होंने इंटरनेट पर आते ही तहलका मचा दिया है। ALSO READ: 'कावाला' से लेकर वायरल रील्स तक: तमन्ना भाटिया, जाह्नवी कपूर और रेवती महुरकर डांस फ्लोर पर मचा रही हैं धूम इन तस्वीरों में दिशा ने एक बेहद अट्रैक्टिव रॉयल ब्लू कलर की शॉर्ट ड्रेस पहनी हुई है। यह एक स्ट्रैपलेस कॉर्सेट स्टाइल मिनी ड्रेस है, जिस पर चमकीले बीड्स और सेक्विन का हैवी वर्क किया गया है। डीप प्लंजिंग नेकलाइन वाली यह ड्रेस दिशा के टोंड फिगर और कर्व्स को पूरी तरह से कॉम्प्लीमेंट कर रही है, जो उनके सिजलिंग अवतार में चार चांद लगा रही है। तस्वीरों में दिशा एक से बढ़कर एक सिजलिंग अंदाज में पोज देती नजर आ रही हैं। वह अपना परफेक्ट फिगर और क्लीवेज फ्लॉन्ट करती दिख रही हैं। मेकअप की बात करें तो दिशा ने अपनी आंखों पर ड्रेस से मैच करता हुआ ग्लिटरी ब्लू आईशैडो और विंग्ड आईलाइनर लगाया है, जो उनकी आंखों को बेहद नशीला और अट्रैक्टिव लुक दे रहा है। इसके साथ ही न्यूड लिपस्टिक और सटल ब्लश के साथ उनका ओवरऑल फेस मेकअप फ्लॉलेस लग रहा है। दिशा ने अपने लॉन्ग डार्क हेयर्स को मिडिल पार्टिंग के साथ सॉफ्ट वेव्स में खुला छोड़ रखा है, जो उनके कंधों पर बिखर कर उनके लुक को और भी ज्यादा ग्रेसफुल और सिडक्टिव बना रहे हैं। दिशा पाटनी का यह लेटेस्ट लुक इंटरनेट पर तेजी से ट्रेंड कर रहा है। फैंस कमेंट सेक्शन में फायर और हार्ट इमोजीस की बौछार कर रहे हैं। दिशा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब बात मॉडर्न और बोल्ड फैशन की आती है, तो उनका कोई मुकाबला नहीं है।
बॉलीवुड और भारतीय सिनेमा ने हमेशा ऐसे कलाकारों को सराहा है जो अपने डांस मूव्स से स्क्रीन पर जान डाल देते हैं, और आजकल कुछ प्रमुख अभिनेत्रियाँ ठीक यही कर रही हैं। अपनी ज़बरदस्त परफॉर्मेंस, सहज ग्लैमर और स्क्रीन पर अपनी शानदार मौजूदगी से तमन्ना भाटिया, जाह्नवी कपूर और रेवती महुरकर यह साबित कर रही हैं कि डांस आज भी मनोरंजन की दुनिया में दर्शकों को खींचने का सबसे बड़ा ज़रिया है। तमन्ना भाटिया , जिन्होंने ब्लॉकबस्टर गाने 'कावाला' से पूरे देश में धूम मचा दी थी, जब भी डांस फ्लोर पर उतरती हैं, तो चर्चा का केंद्र बन जाती हैं। उनकी ऊर्जा, आत्मविश्वास और हर फ्रेम में अपनी छाप छोड़ने की काबिलियत ने उन्हें आज इंडस्ट्री की सबसे पसंदीदा कलाकारों में से एक बना दिया है। चाहे कोई चार्टबस्टर गाना हो या स्टेज पर कोई शानदार परफॉर्मेंस, तमन्ना जानती हैं कि दर्शकों को और ज़्यादा देखने के लिए कैसे उत्साहित किया जाए। ALSO READ: गोल्डन और व्हाइट फोटोशूट में अमीई मिसोबाह का शानदार अंदाज़, फैंस हुए मंत्रमुग्ध जाह्नवी कपूर भी अपने दम पर एक डांस सेंसेशन बनकर उभरी हैं। अपने शानदार मूव्स, भावपूर्ण परफॉर्मेंस और वायरल गानों की बढ़ती लिस्ट के साथ, इस अभिनेत्री ने एलिगेंस और मॉडर्न अपील का ऐसा मेल दिखाया है जो युवा दर्शकों को बहुत पसंद आता है। जाह्नवी का हर नया डांस नंबर सोशल मीडिया पर तुरंत चर्चा का विषय बन जाता है, जिससे बॉलीवुड के सबसे रोमांचक कलाकारों में उनकी जगह और मज़बूत होती है। इस लिस्ट में नई ऊर्जा जोड़ने वाली कलाकार हैं रेवती महुरकर , जिनकी बढ़ती लोकप्रियता और स्क्रीन पर शानदार मौजूदगी ने दर्शकों और इंडस्ट्री के लोगों का ध्यान खींचा है। कैमरे के सामने अपनी भावपूर्ण परफॉर्मेंस और स्वाभाविक अंदाज़ के लिए जानी जाने वाली रेवती, टैलेंट की एक नई और होनहार लहर का प्रतिनिधित्व करती हैं। अपने हाव-भाव और परफॉर्मेंस से दर्शकों से जुड़ने की उनकी काबिलियत ने उन्हें मनोरंजन की दुनिया में एक ऐसा नाम बना दिया है जिस पर सबकी नज़र है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इन तीनों कलाकारों की खासियत यह है कि वे किसी गाने को एक यादगार इवेंट में बदल देती हैं। वे सिर्फ़ कोरियोग्राफी नहीं करतीं—वे अपना एटीट्यूड, पर्सनैलिटी और स्टार पावर भी दिखाती हैं, जिससे वे जिस भी फ्रेम में नज़र आती हैं, वह और भी शानदार हो जाता है। जैसे-जैसे डांस-बेस्ड कंटेंट स्क्रीन और सोशल मीडिया ट्रेंड्स पर छा रहा है, तमन्ना भाटिया, जाह्नवी कपूर और रेवती महुरकर निस्संदेह उन नामों में शामिल हैं जो अपनी शानदार परफॉर्मेंस से दर्शकों को बांधे हुए हैं।
I received the notice last week. It arrived in a plain brown envelope from the local electoral office, part of the ongoing special revision of voter rolls. My name, my father’s name, my address — all correct. But attached was a demand: produce documents proving my citizenship, or risk removal from the list that has […]
पासपोर्ट नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं?
कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने सरकार के उस स्पष्टीकरण पर चिंता जताई है, जिसमें कहा गया है कि भारतीय पासपोर्ट नागरिकता का अंतिम और निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि आम नागरिकों के लिए इसका व्यावहारिक अर्थ क्या होगा। थरूर का कहना है कि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन, […]
राजस्थान के कोटा में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद अब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में छात्र सम्मेलन करने जा रहे हैं। यह कार्यक्रम जुलाई के दूसरे सप्ताह में प्रस्तावित है। इसके लिए कांग्रेस ने गुरुवार से व्यापक जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है। कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश […]
गाजा पर भारत क्यों चुप है? सोनिया गांधी ने मोदी सरकार से पूछे बड़े सवाल
सोनिया गांधी के गाजा पर प्रकाशित लेख का विश्लेषण। जानिए UN रिपोर्ट, भारत की विदेश नीति, मोदी सरकार की चुप्पी और फिलिस्तीन-इजरायल विवाद पर उठे सवाल
लगातार दूसरे हफ्ते 'राख' ने दिखाया दम, दुनियाभर में बनी प्राइम वीडियो की नंबर 1 नॉन-इंग्लिश सीरीज
प्राइम वीडियो पर ग्लोबल प्रीमियर के कुछ ही दिनों में 'राख' सबसे ज़्यादा पसंद की जाने वाली और चर्चा में रहने वाली प्राइम ओरिजिनल सीरीज़ बन गई है। 12 जून को दुनियाभर में रिलीज़ हुई यह 8 एपिसोड की फिक्शनल क्राइम ड्रामा सीरीज़ नैतिकता, अपराध और न्याय के बीच के जटिल रिश्तों के साथ-साथ अपनों को खोने के दर्द को बेहद संवेदनशील तरीके से दिखाती है। एंडेमोल शाइन इंडिया ने भाडीपा के साथ मिलकर इस सीरीज़ का निर्माण किया है। राख को दुनिया भर के दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स मिला है और यह प्राइम वीडियो की दुनिया की नंबर 1 गैर-अंग्रेज़ी सीरीज़ बन गई है। यह 23 देशों में नंबर 1 पर ट्रेंड कर रही है, जबकि 60 देशों की टॉप 10 लिस्ट में भी अपनी जगह बना चुकी है। रिलीज़ के सिर्फ दो हफ्तों के भीतर राख पिछले दो साल में प्राइम वीडियो इंडिया पर सबसे बड़ी भारतीय ओरिजिनल डेब्यू सीरीज़ भी बन गई है। ALSO READ: सलमान खान छोड़ेंगे गैलेक्सी अपार्टमेंट, परिवार संग 6 मंजिला सी-फेसिंग लग्जरी टावर में होंगे शिफ्ट! राख को क्रिटिक्स, दर्शकों और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने जमकर सराहा है। इस सीरीज़ को एक ऐसी दमदार और लंबे समय तक याद रहने वाली कहानी बताया जा रहा है, जिसने क्राइम थ्रिलर के लिए एक नया बेंचमार्क सेट किया है। सीरीज़ में कलाकारों की परफॉर्मेंस की भी खूब तारीफ हो रही है। अली फजल के शानदार और करियर की सबसे बेहतरीन मानी जा रही परफॉर्मेंस से लेकर सोनाली बेंद्रे के एक दुखी मां के किरदार, आमिर बशीर के टूटे हुए पिता के इमोशनल रोल और आकाश मखीजा व रामदीप यादव द्वारा बाबू और रज्जो के किरदारों को बेहद खौफनाक अंदाज़ में निभाने तक, हर कलाकार ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी है। पूरी स्टारकास्ट ने मिलकर इस कहानी को इतनी गहराई और असरदार तरीके से पेश किया है कि क्रेडिट्स खत्म होने के बाद भी इसकी चर्चा लगातार जारी है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें प्राइम वीडियो इंडिया में ओरिजिनल्स के डायरेक्टर और हेड निखिल माधोक ने कहा, राख को जिस तरह का शानदार रिस्पॉन्स मिला है, वह सच में बेहद खास है। हमें शुरू से ही भरोसा था कि इस कहानी में कुछ अलग है, लेकिन डायरेक्टर प्रोसित रॉय, हमारी कास्ट, क्रू और प्रोड्यूसर्स एंडेमोल शाइन इंडिया और भाडीपा ने इसे जिस तरह स्क्रीन पर उतारा है, उसने हमारी हर उम्मीद से बढ़कर काम किया है। लॉन्च के सिर्फ दो हफ्तों में राख का प्राइम वीडियो की दुनिया भर में नंबर 1 गैर-अंग्रेज़ी सीरीज़ बनना और पिछले दो साल में हमारी सबसे ज़्यादा देखी जाने वाली नई भारतीय ओरिजिनल सीरीज़ बनना हमारे लिए बेहद खुशी की बात है। राख के डायरेक्टर प्रोसित रॉय ने कहा, राख बनाना शुरू करते समय हमें पूरा भरोसा था कि दर्शक ऐसी कहानी देखने के लिए तैयार हैं, जो किसी दर्दनाक घटना की सच्चाई से पीछे न हटे। हम ऐसी कहानी कहना चाहते थे, जो न्याय और दुख के बीच की भावनाओं को ईमानदारी से दिखाए और यह बताए कि किसी अपने को खोने के बाद इंसान किन भावनाओं और नैतिक सवालों से गुजरता है। यह देखकर बेहद खुशी और गर्व होता है कि यह कहानी सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के दर्शकों के दिलों तक पहुंची। प्रोसित रॉय के निर्देशन में बनी 'राख' का निर्माण एंडेमोल शाइन इंडिया ने भाडीपा के सहयोग से किया है। इसके प्रोड्यूसर्स दीपक धर, ऋषि नेगी, मृणालिनी जैन और श्याम राठी हैं। सीरीज़ को अनुशा नंदकुमार और संदीप साकेत ने क्रिएट, लिखा और को-डायरेक्ट किया है, जबकि इसके डायलॉग्स आयुष त्रिवेदी ने लिखे हैं। सीरीज़ में सोनाली बेंद्रे, अली फ़ज़ल और आमिर बशीर मुख्य भूमिकाओं में हैं। इनके साथ आकाश मखीजा, रामदीप यादव, दिव्या शर्मा, विवान शर्मा, अंशुल चौहान, राकेश बेदी और दिव्येंदु भट्टाचार्य भी अहम किरदारों में नज़र आ रहे हैं।
शालिनी ताई मोघे की 15वीं पुण्यतिथि पर बाल निकेतन संघ में दो दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला
कुछ व्यक्तित्व अपने जीवनकाल से कहीं आगे तक समाज को दिशा देते हैं। बाल शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली पद्मश्री स्वर्गीय शालिनी ताई मोघे ऐसी ही विभूतियों में शामिल हैं। उनकी शिक्षण पद्धति और सामाजिक सरोकारों से जुड़ा दृष्टिकोण आज भी अनेक संस्थाओं और कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। उनकी 15वीं पुण्यतिथि के अवसर पर पागनीस पागा स्थित बाल निकेतन संघ द्वारा 30 जून और 1 जुलाई को 2 दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया जाएगा। संस्था द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य शालिनी ताई मोघे के सेवा, शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। आयोजन के तहत समाजसेवा, शिक्षा और मानवीय सरोकारों से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए जाएंगे। कार्यक्रम बाल निकेतन संघ परिसर, 62 पागनीस पागा, इंदौर में आयोजित होगा। व्याख्यान श्रृंखला के पहले दिन 30 जून को प्रातः 11:30 बजे नर्मदालय, मंडलेश्वर की संस्थापक भारती ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। जनजातीय समुदायों के बीच शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास के क्षेत्र में उनके कार्यों को व्यापक पहचान मिली है। उन्होंने अपना जीवन नर्मदा घाटी के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया है। वहीं दूसरे दिन 1 जुलाई को प्रातः 10:30 बजे लक्ष्य फाउंडेशन, पुणे की संस्थापक अनुराधा प्रभुदेसाई मुख्य अतिथि होंगी। वे भारतीय सैनिकों, वीर नारियों और शहीद परिवारों के सम्मान एवं सहयोग के लिए लंबे समय से कार्य कर रही हैं। उनकी संस्था नागरिकों और सशस्त्र बलों के बीच संवाद और संवेदनशीलता का सेतु बनाने के साथ ही युवाओं में राष्ट्रसेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को प्रोत्साहित करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रही है। बाल निकेतन संघ की सचिव डॉ. नीलिमा अदमणे ने कहा, शालिनी ताई मोघे ने ऐसे समय में बाल शिक्षा और महिला विकास के क्षेत्र में कार्य प्रारंभ किया था, जब इन विषयों पर व्यापक स्तर पर चर्चा भी नहीं होती थी। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि शिक्षा केवल ज्ञान देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन का सबसे प्रभावी साधन भी है। उनकी पुण्यतिथि पर आयोजित यह व्याख्यान श्रृंखला उनके विचारों और मूल्यों को समाज के बीच जीवित रखने का एक प्रयास है। हमें विश्वास है कि दोनों दिनों के सत्र प्रतिभागियों को प्रेरित करने के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित करने में भी सहायक होंगे। Edited By: Naveen R Rangiyal
सलमान खान छोड़ेंगे गैलेक्सी अपार्टमेंट, परिवार संग 6 मंजिला सी-फेसिंग लग्जरी टावर में होंगे शिफ्ट!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान जितने फेमस हैं उनका ही मशहूर बांद्रा स्थित उनका घर गैलेक्सी अपार्टमेंट भी हैं। सलमान खान इस अपार्टमेंट में अपने परिवार के साथ साल 1974 से रह रहे हैं। लेकिन अब सलमान खान बहुत जल्द अपने नए घर में शिफ्ट हो सकते हैं। हाल ही में महाराष्ट्र कोस्टल ज़ोन मैनेजमेंट अथॉरिटी ने सलमान खान और उनके परिवार को बांद्रा के चिंबई इलाके में एक आलीशान, सी-फेसिंग रेजिडेंशियल टावर बनाने की अंतिम मंजूरी दे दी है। यह नया प्लॉट उनके मौजूदा घर 'गैलेक्सी अपार्टमेंट' से महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर स्थित है। ALSO READ: Welcome To The Jungle Box Office: अक्षय कुमार की फिल्म ने 'भूत बंगला' को पहले दिन के कलेक्शन में छोड़ा पीछे क्यों छोड़ना पड़ रहा है आइकॉनिक 'गैलेक्सी अपार्टमेंट'? बॉलीवुड गलियारों और फैंस के बीच 'गैलेक्सी अपार्टमेंट' की पहचान शाहरुख खान के 'मन्नत' जितनी ही मशहूर है। ईद का त्योहार हो या भाईजान का जन्मदिन, हजारों फैंस गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर उनकी एक झलक पाने के लिए इकट्ठा होते हैं। लेकिन साल 2024 में इस परंपरा को तब गहरा झटका लगा, जब बिश्नोई गैंग से जुड़े बदमाशों ने सलमान खान के इस घर पर ताबड़तोड़ चार गोलियां चला दी थीं। जिस बालकनी से सलमान फैंस का अभिवादन करते थे, उसे सुरक्षा कारणों से बुलेट-प्रूफ ग्लास से कवर करना पड़ा और पर्दों से ढक दिया गया। लगातार मिल रही धमकियों और 'Y प्लस' सिक्योरिटी के कड़े घेरे के बीच, अब मुख्य सड़क पर स्थित इस फ्लैट के बजाय एक अधिक सुरक्षित और निजी जगह की जरूरत महसूस की जा रही थी। खबरों के अनुसार चिंबई के एक शांत बाय-लेन में बनने वाली यह नई इमारत हर मायने में खास और बेहद सुरक्षित होगी। सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, यहाँ ग्राउंड फ्लोर + स्टिल्ट पार्किंग + 6 मंजिला आवासीय इमारत का निर्माण किया जाएगा। यह आलीशान टावर कुल 1014.11 वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैला होगा। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की जिम्मेदारी 'सच डेवलपर्स' (Sach Developers) को सौंपी गई है। मुख्य नगरपालिका सड़क से इस इमारत तक पहुंचने के लिए 6.01 मीटर चौड़ी एक निजी अप्रोच रोड बनाई जाएगी, जो सुरक्षा के लिहाज से बेहद मुफीद है। मां सलमा खान के नाम पर है यह प्लॉट खबरों के अनुसार यह जमीन सलमान खान की मां सलमा खान के नाम पर दर्ज है। इस जगह पर साल 1956 से पहले की एक दो-मंजिला पुरानी इमारत हुआ करती थी, जिसकी मूल मालकिन मैरी क्लोटिल्डा बैप्टिस्टा थीं। कई बार रीसेल होने के बाद, खान परिवार ने साल 2011 में इस संपत्ति को खरीदा था। पुरानी इमारत के जर्जर होने के कारण उसे ढहा दिया गया था।
श्रेयस अय्यर ने कप्तानी डेब्यू पर बनाए कुछ शर्मनाक रिकॉर्ड्स, फिर भी कहा 'शानदार'
श्रेयस अय्यर टी-20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू पर आयरलैंड के विरुद्ध जैसी शुरुआत चाहते थे वैसी उन्हें नहीं मिली। बेलफास्ट में खेले गए पहले मैच में श्रेयस अय्यर कुछ अनचाहे रिकॉर्ड्स बना गए। वह बतौर कप्तान पहला टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच हारने वाले चौथे खिलाड़ी बन गए। इससे पहले विराट कोहली, ऋषभ पंत और शुभमन गिल भी अपना पहला मैच बतौर कप्तान हारे थे। आयरलैंड के खिलाफ ना केवल पहला बल्कि किसी भी प्रारुप में पहला मैच हारने वाले श्रेयस अय्यर पहले कप्तान बन गए। इसके अलावा बल्लेबाजी में भी उन्होंने अनचाहा रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने 7 गेंदों में महज 3 रन बनाए। यह टी-20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू पर किसी भी भारतीय कप्तान का सबसे न्यूनतम स्कोर है। इससे पहले यह रिकॉर्ड रोहित शर्मा के पास था। We have a great captaincy option like Rajat Patidar in limited over formats, but Gambhir and Arshdeep Singh discriminated against him and he's not even in the team. They chose Shreyas Iyer and Tilak Varma They picked Prasidh Krishna and Sundar over Rajat Patidar and… pic.twitter.com/s57z58zOna — Manjesh Jangirहिन्दू (@manjesh_jangir) June 26, 2026 आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की श्रृंखला के पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय में 34 रन की चौकाने वाली हार का सामना करने के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने शुक्रवार को यहां कहा कि टीम इस मैच को भूलकर इससे सीख लेगी और अगले मुकाबले में पूरी तैयारी के साथ उतरेगी। अय्यर ने मैच के बाद पुरस्कार समारोह में कहा कि गेंदबाज बीच के ओवरों में लय बरकरार रखने में विफल रहे।उन्होंने कहा, ‘‘शुरुआत में हमारे गेंदबाज काफी धारदार गेंदबाजी कर रहे थे, लेकिन बीच के ओवरों में हम अपनी योजनाओं पर अमल नहीं कर सके।’’उन्होंने कहा, ‘‘ हमने आयरलैंड के बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने का मौका दिया। उस समय मुझे लगा था कि 140 रन का लक्ष्य ही बनेगा और उसे हासिल करना आसान होगा।’उन्होंने चुटिले अंदाज में हुए कहा, ‘‘कप्तान के तौर पर शानदार शुरुआत रही।’’ अय्यर ने इसके बाद गंभीर होते हुए कहा, ‘‘इस मैच को भूलकर, इससे सीख लेंगे और अगले मुकाबले में पूरी तैयारी के साथ उतरेंगे।’’उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी चीज को हल्के में नहीं लिया जा सकता। आपको हर मैच में पूरी मेहनत करनी होती है। वर्तमान में रहना जरूरी है और जब भी प्रतिद्वंद्वी टीम पर दबाव बनाने का मौका मिले, उसे हाथ से नहीं जाने देना चाहिए।’’
पुणे केतन अग्रवाल हत्याकांड : आखिर क्यों जानलेवा बन रहे हैं प्रेम संबंध?
जालंधर। महाराष्ट्र के पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड के बाद प्रेम संबंधों में बढ़ते हिंसक अपराधों को लेकर उठ रहे गंभीर सवालों के बीच राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की सलाहकार एवं आपदा मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. नरेश पुरोहित का कहना है कि ऐसे मामलों की जड़ केवल प्रेम नहीं, बल्कि सामाजिक दबाव, असुरक्षा, अस्वीकृति […] The post पुणे केतन अग्रवाल हत्याकांड : आखिर क्यों जानलेवा बन रहे हैं प्रेम संबंध? appeared first on Sabguru News .
'मोदी जी, मोदी जी' कहती है सुनील शेट्टी की 15 महीने की नातिन, हर सुबह तस्वीर को खिलाती है लड्डू
बॉलीवुड के 'अन्ना' यानी सुनील शेट्टी इन दिनों अपनी हालिया रिलीज फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' को लेकर सुर्खियों में हैं। इसके अलावा वह अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी चर्चा में हैं। सुनील शेट्टी नाना बनने के फेज को एन्जॉय कर रहे हैं। वह अपनी नातिन इवारा (Evaarah) से कितना प्यार करते हैं, यह किसी से छिपा नहीं है। सुनील शेट्टी अक्सर इंटरव्यूज में अपनी नन्ही नातिन का जिक्र करते हैं। हाल ही में एक बातचीत के दौरान अभिनेता ने इवारा की एक ऐसी आदत का खुलासा किया है, जिसने सोशल मीडिया पर हर किसी का ध्यान खींच लिया है। सुनील शेट्टी ने बताया कि उनकी 15 महीने की नातिन हर सुबह देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर को लड्डू का भोग लगाती है। My 15-month-old granddaughter worships Modi along with Ganesh ji, feeds him laddus & we have no problem with it because this is the magic of that man,there is something special about Modi Imagine worshipping Modi as God, What a brain-rotting embarrassment these celebrities are pic.twitter.com/zh76YmF8S7 — Nehr_who? (@Nher_who) June 27, 2026 ALSO READ: 'कल्कि 2898 एडी' के 2 साल: प्रभास के 'भैरव' के किरदार के बारे में 5 अनसुनी बातें एक मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में सुनील शेट्टी ने इस पूरे वाकये को साझा किया। उन्होंने बताया कि यह सब तब शुरू हुआ जब इवारा अपनी नैनी के साथ एयरपोर्ट पर थी। वहां नैनी ने उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ इशारा करते हुए 'मोदी जी' के बारे में बताया था। 15 महीने की बच्ची के दिमाग पर वह नाम और चेहरा इस कदर छप गया कि उसने घर आकर इसे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बना लिया। सुनील शेट्टी ने कहा, आप मानेंगे नहीं, मेरी नातिन अभी सिर्फ 15 महीने की है। एयरपोर्ट पर नैनी ने उसे मोदी जी के बारे में बताया था। अब उसके बाद से हर सुबह, वह घर में रखी साईं बाबा की एक किताब खोलती है, जिसमें पीएम मोदी की भी एक तस्वीर है। वह उस तस्वीर को देखकर बड़े प्यार से 'मोदी जी, मोदी जी' कहती है। सुनील शेट्टी ने आगे बताया, वह तस्वीर खोलने के बाद घर में बने मंदिर में जाती है और गणपति जी की मूर्ति के पास रखा हुआ लड्डू (मीठाई) उठाती है। फिर वह दौड़कर आती है और उस लड्डू को पीएम मोदी की तस्वीर को खिलाती है। न तो मैंने उसे ऐसा करने के लिए कहा और न ही उसकी मां ने। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी दीवानगी को जाहिर करते हुए सुनील शेट्टी ने कहा कि वह हमेशा से उनके बड़े प्रशंसक रहे हैं। उन्होंने कहा, मैं यहां किसी राजनीतिक पार्टी की बात नहीं कर रहा हूं, मैं एक लीडर की बात कर रहा हूं। अगर कोई लीडर मुझे प्रभावित करता है, तो वो करता है। जितना प्यार मैं अपने देश से करता हूं, उतना ही सम्मान मैं उनके लिए रखता हूं। उनके व्यक्तित्व में कुछ तो बात है। सुनील शेट्टी ने आगे कहा कि अगर 15 महीने की एक मासूम बच्ची, जिसे राजनीति या दुनियादारी की कोई समझ नहीं है, वह खुद से हर सुबह उठकर किसी इंसान को इतना सम्मान दे रही है, तो यकीनन उस लीडर के भीतर कोई 'जादुई' आकर्षण है। 'अथिया 2.0' है इवारा सुनील शेट्टी ने बताया कि इवारा बिल्कुल अपनी मां अथिया शेट्टी की तरह दिखती है, वह उसका '2.0 वर्जन' है। नातिन के साथ वक्त बिताने के लिए 64 वर्ष की उम्र में भी फिट रहने वाले सुनील शेट्टी ने अपना रूटीन बदल लिया है। वह सुबह 5:30 बजे से 7:00 बजे तक जिम में कड़ा पसीना बहाते हैं। उसके बाद वह तुरंत नहाकर अपना पूरा वक्त इवारा के साथ बिताने के लिए पहुंच जाते हैं।
बंगाल : तारातला माल गोदाम हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16, बचाव कार्य जारी
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि शहर के पुलिस आयुक्त अजय नंद तारातला माल गोदाम हादसे के जांच की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं। घटनास्थल पर बचाव कार्य जारी है और मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। कोलकाता पुलिस के सूत्रों ने बताया कि […] The post बंगाल : तारातला माल गोदाम हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16, बचाव कार्य जारी appeared first on Sabguru News .
चंद्रबाबू नायडू का खतरनाक खेल: कांग्रेस मुख्यमंत्रियों की तारीफ के क्या हैं मायने? | hastakshep
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले, चंपत राय पर उठते सवाल, दक्षिण भारत की बदलती राजनीति, चंद्रबाबू नायडू की भूमिका, परिसीमन विवाद और NEET पेपर लीक पर अमलेंदु उपाध्याय व समीरात्मज मिश्र की विस्तृत चर्चा। जानिए एनडीए सरकार के सामने उभरती राजनीतिक चुनौतियां
'कल्कि 2898 एडी' के 2 साल: प्रभास के 'भैरव' के किरदार के बारे में 5 अनसुनी बातें
'कल्कि 2898 एडी' द्वारा भारतीय साइंस-फिक्शन के स्केल को एक नई पहचान देने के दो साल बाद भी, प्रभास का 'भैरव' का कैरेक्टर इस फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी में से एक बना हुआ है। अपने कमाल के ह्यूमर, एक्शन से भरपूर मोमेंट्स और एक गहरे व्यक्तित्व के साथ, इस कैरेक्टर ने देश भर के दर्शकों के दिलों को छू लिया। फिल्म के दो साल पूरे होने और 'कल्कि 2' को लेकर बढ़ते एक्साइटमेंट के बीच, यहाँ भैरव के बारे में पांच ऐसी बातें दी गई हैं जो बहुत कम लोग जानते हैं। ALSO READ: 'खतरों के खिलाड़ी 15' प्रोमो: ओरी का खतरनाक स्टंट, चीते के साथ लगाई दौड़ भैरव को एक टिपिकल हीरो की तरह नहीं लिखा गया था भैरव की कहानी में एंट्री एक ऐसे बाउंटी हंटर (इनाम के लिए काम करने वाले) के रूप में होती है जिसका पूरा ध्यान सही काम करने के बजाय सिर्फ अपनी सर्वाइवल और इनामों पर होता है। उसका यह कमियों से भरा और खुद के बारे में सोचने वाला अंदाज़ उसे उन पारंपरिक और हमेशा सही करने वाले बड़े हीरोज से बिल्कुल अलग बनाता है, जिन्हें देखने की दर्शकों को आदत रही है। बुज्जी प्रभास की सबसे खास को-स्टार थी फिल्म की रिलीज से पहले, प्रभास ने बुज्जी को इंट्रोड्यूस करते हुए इस एआई-पावर्ड गाड़ी को अपनी सबसे खास को-स्टार कहा था। पर्दे पर उनकी नोकझोंक और दोस्ती फिल्म के सबसे पसंदीदा हिस्सों में से एक बन गई, जिससे बुज्जी खुद अपने आप में फैंस की चहेती बनकर उभरी। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें एक प्राचीन नियति वाला मॉडर्न लड़का फिल्म के प्रमोशन के दौरान, प्रभास ने भैरव को एक प्राचीन नियति वाला मॉडर्न लड़का बताया था। इस एक लाइन ने उस बड़ी भूमिका की शुरुआती झलक दे दी थी जो यह कैरेक्टर आगे चलकर कल्कि सिनेमैटिक यूनिवर्स में निभाने वाला है। भैरव का लुक खास तौर पर 'कल्कि' की दुनिया के लिए तैयार किया गया था उनके कपड़ों और हथियारों से लेकर उनकी एक्सेसरीज तक, सब कुछ फिल्म के डिस्टोपियन (भविष्य की उजड़ी हुई दुनिया) माहौल को ध्यान में रखकर बनाया गया था। इस रफ-एंड-टफ स्टाइलिंग ने भैरव की दुनिया को पर्दे पर जीवंत करने में एक बेहद जरूरी रोल निभाया और प्रभास को उनके अब तक के सबसे अलग स्क्रीन लुक्स में से एक दिया। उसकी कहानी अभी खत्म नहीं हुई है भले ही 'कल्कि 2898 एडी' ने कई सवालों के जवाब दिए, लेकिन इसने भैरव के सफर को आगे बढ़ाने के लिए भी काफी गुंजाइश छोड़ दी है। 'कल्कि 2' के पहले से ही सबसे बेसब्री से इंतजार की जाने वाली भारतीय फिल्मों में से एक होने के साथ, फैंस यह देखने के लिए बेहद एक्साइटेड हैं कि इस कैरेक्टर के लिए आगे क्या होने वाला है। अपनी रिलीज के दो साल बाद भी, 'कल्कि 2898 एडी' को इसकी शानदार स्टोरीटेलिंग और यादगार कैरेक्टर्स के लिए पसंद किया जा रहा है, जिसमें भैरव आज भी चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं। आगे की बात करें, तो अनडिस्प्यूटेड पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास के पास 'स्पिरिट', 'फौजी' और सबसे ज्यादा इंतजार की जाने वाली 'कल्कि 2' के साथ एक बेहद एक्साइटिंग लाइनअप है।
Bada Mahadev 2026: क्यों मनाया जाता है बड़ा महादेव पूजन, जानें रहस्य और विधि
Bada Mahadev Pujan 2026: हिंदू धर्म में भगवान शिव की आराधना के लिए कई विशेष दिन और त्योहार बताए गए हैं, जिनमें से एक है 'बड़ा महादेव पूजन'। अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब यह पर्व ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन, यानी आज 27 जून 2026, दिन शनिवार पड़ रहा है। इस दिन मध्य भारत और विशेषकर मध्य प्रदेश के पचमढ़ी स्थित 'बड़ा महादेव' गुफा मंदिर में एक विशाल मेले और पूजन का आयोजन होता है। भगवान शिव का यह रूप संकटों को हरने वाला और भक्तों की हर मनोकामना पूरी करने वाला माना जाता है। ALSO READ: ज्येष्ठ पूर्णिमा 2026: व्रत का महत्व और 7 अचूक उपाय, जो बदल सकते हैं आपकी किस्मत आइए जानते हैं आखिर यह पूजन क्यों मनाया जाता है, इसके पीछे का पौराणिक रहस्य क्या है और इसकी सही विधि क्या है। क्यों मनाया जाता है बड़ा महादेव पूजन? जानें पौराणिक रहस्य बड़ा महादेव पूजन और इस स्थान का संबंध द्वापर युग की एक बेहद प्रसिद्ध और रोमांचक कथा से जुड़ा है, जो भस्मासुर और भगवान शिव के बीच घटी थी। भस्मासुर का वरदान और शिव पर संकट पौराणिक कथा के अनुसार, भस्मासुर नाम के एक राक्षस ने भगवान शिव की घोर तपस्या की। भोलेनाथ ने प्रसन्न होकर उसे वरदान मांगने को कहा। भस्मासुर ने वरदान मांगा कि-'मैं जिसके भी सिर पर हाथ रखूं, वह तुरंत भस्म (राख) हो जाए।' शिवजी ने 'तथास्तु' कह दिया। वरदान मिलते ही भस्मासुर के मन में पाप आ गया और वह खुद भगवान शिव को भस्म करके माता पार्वती को हासिल करने के लिए शिवजी के पीछे दौड़ पड़ा। गुफा में महादेव का छिपना भस्मासुर से बचने के लिए भगवान शिव को वहां से भागना पड़ा। वे जंगलों और पहाड़ों को पार करते हुए सतपुड़ा (पचमढ़ी) की पहाड़ियों में आए और एक विशाल, अंधेरी प्राकृतिक गुफा में जाकर छिप गए। भगवान शिव के लंबे समय तक इस गुफा में रहने के कारण ही इस स्थान और पूजन का नाम 'बड़ा महादेव' पड़ा। भगवान विष्णु का 'मोहिनी' अवतार जब शिवजी गुफा में थे, तब भगवान विष्णु ने उनकी मदद के लिए 'मोहिनी' नाम की एक अत्यंत सुंदर नर्तकी का रूप धारण किया और भस्मासुर के सामने आ गए। भस्मासुर मोहिनी के रूप पर मोहित हो गया। मोहिनी ने उसे अपने साथ नृत्य करने की शर्त रखी। नृत्य करते-करते मोहिनी ने चालाकी से अपना हाथ अपने सिर पर रखा। भस्मासुर भी नृत्य की धुन में इतना अंधा हो चुका था कि उसने बिना सोचे-समझे अपना ही हाथ अपने सिर पर रख लिया और अपने ही वरदान से जलकर भस्म हो गया। भस्मासुर के अंत के बाद शिवजी सुरक्षित गुफा से बाहर आए। इसी जीत और संकट टलने की खुशी में बड़ा महादेव का पूजन किया जाता है। ALSO READ: Shani: शनि त्रयोदशी पर करें 5 उपाय, शनि दोष और साढ़ेसाती से मिलेगगा छुटकारा बड़ा महादेव पूजन की विधि इस दिन भक्त उपवास रखते हैं और महादेव के संकट मोचन रूप की पूजा करते हैं। यदि आप मंदिर नहीं जा पा रहे हैं, तो घर पर भी इस विधि से पूजा कर सकते हैं: स्नान और संकल्प: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद हाथ में जल लेकर व्रत या शिव पूजन का संकल्प लें। शिवलिंग का अभिषेक: सबसे पहले जल से शिवलिंग को स्नान कराएं। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शक्कर (पंचामृत) से अभिषेक करें। अंत में दोबारा शुद्ध जल या गंगाजल चढ़ाएं। प्रिय वस्तुएं अर्पित करें: महादेव को चंदन का तिलक लगाएं। इसके बाद उनके सबसे प्रिय बेलपत्र (कम से कम 3), धतूरा, आक के फूल, शमी पत्र और भांग अर्पित करें। धूप-दीप और नैवेद्य: शिवलिंग के सामने शुद्ध घी का दीपक और धूप जलाएं। भगवान को मौसमी फल (जैसे आम) या सफेद मिठाई का भोग लगाएं। मंत्र जाप और आरती: पूजा के दौरान 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करते रहें। इसके बाद शिव चालीसा का पाठ करें और अंत में कपूर जलाकर आरती करें। विशेष महत्व: बड़ा महादेव के पूजन से जीवन में आने वाले बड़े से बड़े संकट, अकाल मृत्यु का भय और शत्रुओं का नाश होता है। पचमढ़ी के बड़ा महादेव मंदिर में इस दिन श्रद्धालु दूर-दूर से आकर गुफा के पवित्र झरने के पानी से शिवलिंग का अभिषेक करते हैं और मनचाहा वरदान पाते हैं। कुछ स्थानों पर यह पूजन वर्षा, अच्छी फसल, परिवार की सुख-शांति और समाज की समृद्धि की कामना के लिए भी किया जाता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Weekly Numerology Horoscope: 29 जून से 5 जुलाई 2026 का अंक राशिफल: जानें किस मूलांक की चमकेगी किस्मत
जब भी हम किसी होटल में ठहरने जाते हैं, तो हमारा पूरा ध्यान कमरे की लग्जरी सुविधाओं, बालकनी से दिखने वाले व्यू या वहां की सर्विस पर होता है। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि दुनिया के कई बड़े और आलीशान होटलों से कमरा नंबर 13 या सीधे 13वीं मंजिल (13th Floor) ही गायब रहती है? पहली नजर में यह किसी आर्किटेक्ट की तकनीकी गलती या नंबरिंग की चूक लग सकती है, लेकिन इसके पीछे एक बेहद दिलचस्प सोच, गहरा मनोविज्ञान और सदियों पुरानी परंपरा छिपी है।दुनिया भर के होटल ग्रुप्स अपने मेहमानों की मानसिक सहजता, उनकी पसंद और सांस्कृतिक मान्यताओं को ध्यान में रखते हुए ही कमरों और मंजिलों का निर्धारण करते हैं। यही वजह है कि कुछ नंबर तो आपको हर जगह दिखाई देंगे, लेकिन नंबर 13 को जानबूझकर नक्शे से ही साफ कर दिया जाता है। आइए जानते हैं कि आखिर इस एक नंबर से होटल इंडस्ट्री को इतना परहेज क्यों है।क्या है 'ट्रिस्काइडेकाफोबिया', जिसने दुनिया भर में 13 नंबर का खौफ फैलाया है?दुनिया के एक बहुत बड़े हिस्से में, विशेषकर पश्चिमी देशों में, 13 अंक को अत्यधिक अशुभ और दुर्भाग्य लाने वाला माना जाता है। इस नंबर को लेकर लोगों के मन में जो डर और घबराहट होती है, उसे चिकित्सा और विज्ञान की भाषा में 'ट्रिस्काइडेकाफोबिया' (Triskaidekaphobia) कहा जाता है।होटल इंडस्ट्री पूरी तरह से हॉस्पिटैलिटी यानी मेहमाननवाज़ी पर टिकी है, जहां उनका एकमात्र मूलमंत्र होता है कि गेस्ट को घर जैसा सुरक्षित और सहज माहौल मिले। होटल मालिकों को अच्छी तरह पता है कि अगर कोई मेहमान मानसिक रूप से असहज हो, तो उसका पूरा स्टे (Stay Experience) खराब हो जाएगा। इसी डर के चलते होटल व्यवसाय इस नंबर से एक सुरक्षित दूरी बनाकर रखता है।होटलों का सीधा बिजनेस गणित: खाली कमरों का नुकसान क्यों उठाना?इस अजीबो-गरीब परंपरा के पीछे सिर्फ अंधविश्वास नहीं, बल्कि एक बहुत बड़ा कमर्शियल और बिजनेस का गणित भी काम करता है। वैश्विक स्तर पर हुए कई सर्वे में यह बात सामने आई है कि बहुत से यात्री रूम नंबर 13 में ठहरने से साफ इनकार कर देते हैं या वहां सोने में कतराते हैं। अगर कोई होटल जबरदस्ती रूम नंबर 13 रखता भी है, तो उस कमरे की बुकिंग दरें काफी गिर जाती हैं, जिससे होटल को सीधे तौर पर राजस्व (Revenue) का नुकसान होता है।इस घाटे से बचने के लिए होटलों ने एक स्मार्ट तरीका निकाला है। वे अपने बिल्डिंग प्लान से 13वीं मंजिल को हटाकर सीधे 12वीं के बाद 14वीं मंजिल घोषित कर देते हैं। कुछ होटलों में 13 नंबर के कमरे को 12A लिख दिया जाता है, जबकि कई जगहों पर 13वीं मंजिल का नाम 'M Floor' (मैजनाइन) रख दिया जाता है या उसे केवल स्टाफ, मेंटेनेंस और तकनीकी सामान रखने के लिए आरक्षित कर दिया जाता है।इंसानी दिमाग का खेल: अनजाने में पैदा होने वाली झिझक से बचावमनोवैज्ञानिकों के अनुसार, इंसान का दिमाग उन जगहों पर सबसे ज्यादा सुकून महसूस करता है जो पूरी तरह से सामान्य, जानी-पहचानी और समाज द्वारा सुरक्षित मानी गई हों। भले ही आज का आधुनिक इंसान खुद को कितना भी तार्किक और अंधविश्वास से दूर माने, लेकिन जब वह किसी होटल के सुनसान कॉरिडोर में 'Room 13' लिखा हुआ देखता है, तो उसके अवचेतन मन (Subconscious Mind) में एक हल्की सी झिझक या नकारात्मक विचार अनजाने में ही सही, लेकिन पैदा हो ही जाता है। होटल प्रबंधन अपने ग्राहकों के दिमाग में इस तरह की किसी भी असहजता या डर को पनपने ही नहीं देना चाहता।सदियों पुरानी पौराणिक कहानियों ने बनाया नंबर 13 को 'विलेन'13 नंबर को लेकर समाज में फैली यह नफरत कोई नई नहीं है, बल्कि इसका इतिहास सदियों पुराना है और यह मुख्य रूप से दो बड़ी ऐतिहासिक कहानियों से जुड़ा है:नॉर्स पौराणिक कथा (Norse Mythology): स्कैंडिनेवियाई देशों की प्राचीन कथाओं के अनुसार, एक बार स्वर्ग में देवताओं के लिए एक भव्य भोज का आयोजन किया गया था, जिसमें 12 देवता आमंत्रित थे। लेकिन तभी वहां बिना बुलाए छल के देवता 'लोकी' (Loki) की 13वें मेहमान के रूप में एंट्री हुई। उनके आते ही देवताओं के बीच भयंकर झगड़ा शुरू हो गया और अंततः सबके चहेते देवता बाल्डर की मृत्यु हो गई। तब से 13 नंबर को विनाशकारी माना जाने लगा।ईसाई धर्म की मान्यता (The Last Supper): ईसाई परंपरा के अनुसार, भगवान ईसा मसीह (Jesus Christ) ने सूली पर चढ़ाई जाने से ठीक एक रात पहले अपने शिष्यों के साथ आखिरी भोजन (Last Supper) किया था। उस टेबल पर बैठने वाला 13वां व्यक्ति 'जूडास इस्करियोती' (Judas Iscariot) था, जिसने चंद सिक्कों के लालच में ईसा मसीह के साथ विश्वासघात किया था। इसी घटना के बाद से पूरी पश्चिमी संस्कृति में 13 नंबर को धोखे और मौत का प्रतीक माना जाने लगा।हर देश की अपनी कहानी: चीन में 4 तो कहीं 420 नंबर से बचती है दुनियादिलचस्प बात यह है कि हर देश या संस्कृति में सिर्फ 13 नंबर ही अनलकी नहीं होते। उदाहरण के लिए, चीन, जापान और वियतनाम जैसे कई एशियाई देशों में नंबर 4 और 9 को सबसे ज्यादा अशुभ माना जाता है। चीनी भाषा में नंबर 4 का उच्चारण 'मौत' (Death) शब्द से काफी मिलता-जुलता है, इसलिए वहां के होटलों और लिफ्ट से 4 नंबर गायब रहता है, जिसे 'टेट्राफोबिया' कहते हैं।वहीं, भारत और कुछ अन्य एशियाई देशों के होटलों में आपको कभी भी कमरा नंबर 420 देखने को नहीं मिलेगा, क्योंकि भारतीय कानून (IPC) के तहत 420 नंबर जालसाजी और धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ है, जिससे मेहमानों के बीच इसका मजाकिया या नकारात्मक संदेश जा सकता है। इसी तरह, कुछ अंतरराष्ट्रीय होटलों में शैतानी शक्तियों से जुड़े 666 या आपातकालीन हादसों से जुड़े 911 जैसे नंबरों के रूम रखने से भी कड़ा परहेज किया जाता है।आधुनिकता और एआई (AI) के इस 2026 के दौर में भी, जहां विज्ञान हर रोज नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है, होटल इंडस्ट्री का सदियों पुराने इन नंबरों के अंधविश्वास और मान्यताओं को मानना यह साबित करता है कि बिजनेस की दुनिया में आज भी कस्टमर साइकोलॉजी (ग्राहक का मनोविज्ञान) और उनके सांस्कृतिक विश्वास ही सबसे बड़े मार्गदर्शक होते हैं।
UNODC World Drug Report 2025 के अनुसार दुनिया में 33.1 करोड़ लोग किसी न किसी मादक पदार्थ का सेवन कर रहे हैं। जानिए सिंथेटिक ड्रग्स, कोकीन, अफीम, गांजा, मेथाम्फेटामाइन और वैश्विक तस्करी के नए रुझानों पर पूरी रिपोर्ट
इंसाफ मांगता अमेरिकी हमले में मारे गए भारतीय नाविक का परिवार
ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हमले में मारे गए एक भारतीय नाविक के मामले से नाविकों की सुरक्षा, जवाबदेही और भारत की प्रतिक्रिया को लेकर जरूरी सवाल उठ रहे हैं। डीडब्ल्यू ने इस हादसे का शिकार हुए नाविक के परिवार से भी बात की।
पासपोर्ट, आधार या वोटर आईडी नहीं... आखिर भारतीय नागरिकता का अंतिम प्रमाण क्या है?
पासपोर्ट भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं, तो फिर भारतीय नागरिक अपनी नागरिकता साबित कैसे करेगा? यह सवाल अचानक पैदा नहीं हुआ, लेकिन हाल के दिनों में यह राष्ट्रीय बहस का विषय जरूर बन गया है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) प्रक्रिया के दौरान नागरिकता और पहचान से जुड़े मुद्दे राजनीतिक और कानूनी चर्चा के केंद्र में आ गए। इसी बीच भारत के विदेश मंत्रालय ने एक ऐसा बयान दिया जिसने इस बहस को और तेज कर दिया। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारतीय पासपोर्ट एक यात्रा दस्तावेज़ (Travel Document) है, नागरिकता का अंतिम और निर्णायक प्रमाण नहीं। पहली नजर में यह बयान चौंकाने वाला लग सकता है, क्योंकि आम धारणा यही रही है कि पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है। लेकिन कानूनी दृष्टि से स्थिति थोड़ी अलग और कहीं अधिक जटिल है। पासपोर्ट नागरिकता का अंतिम प्रमाण क्यों नहीं माना जाता? कानूनी रूप से यह कोई नई बात नहीं है। भारत के पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 20 के तहत केंद्र सरकार विशेष परिस्थितियों में गैर-नागरिकों को भी भारतीय पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेज़ जारी कर सकती है। यही कारण है कि कानून पासपोर्ट को नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं मानता। हालांकि व्यावहारिक रूप से पासपोर्ट को नागरिकता का एक अत्यंत मजबूत संकेत माना जाता है, क्योंकि इसे जारी करने से पहले सरकार द्वारा पहचान और दस्तावेज़ों का विस्तृत सत्यापन किया जाता है और अधिकांश मामलों में यह केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी होता है। भारत में नागरिकता की शुरुआत : संविधान से कानून तक जब भारतीय संविधान का लागू होना हुआ, तब नागरिकता का प्रश्न संविधान के अनुच्छेद 5, 6 और 7 के माध्यम से तय किया गया। ये प्रावधान उस समय बनाए गए थे जब देश विभाजन के बाद बड़े पैमाने पर जनसंख्या का भारत और पाकिस्तान के बीच पलायन हुआ था। हालांकि संविधान निर्माताओं ने इन्हें स्थायी व्यवस्था के रूप में नहीं बनाया था। बाद में नागरिकता से जुड़ा पूरा ढांचा नागरिकता अधिनियम, 1955 के अंतर्गत लाया गया और संसद ने समय-समय पर इसमें कई संशोधन किए। भारत में जन्म से नागरिकता पाने के नियम कैसे बदले? पहला चरण: 1950 से 1987 तक — जन्म लिया, तो नागरिक बने इस अवधि में भारत में जन्म लेने वाला हर व्यक्ति स्वतः भारतीय नागरिक माना जाता था। माता-पिता की नागरिकता, राष्ट्रीयता या कानूनी स्थिति का कोई महत्व नहीं था। इसे अंतरराष्ट्रीय कानून की भाषा में जस सोली (Jus Soli) कहा जाता है। दूसरा चरण: 1987 से 2004 तक — कम से कम एक माता-पिता भारतीय होना जरूरी 1986 में नागरिकता कानून में संशोधन किया गया और 1 जुलाई 1987 से नए नियम लागू हुए। अब भारत में जन्म लेने वाला बच्चा तभी भारतीय नागरिक माना जाएगा जब उसके माता-पिता में से कम से कम एक भारतीय नागरिक हो। इस बदलाव के पीछे मुख्य कारण था: असम आंदोलन, अवैध प्रवासन को लेकर बढ़ती चिंताएं, तथा असम समझौता के बाद बनी राजनीतिक सहमति। तीसरा चरण: 2004 से अब तक — नियम और सख्त हुए 3 दिसंबर 2004 से लागू संशोधन ने नागरिकता के नियमों को और कठोर बना दिया। अब भारत में जन्म लेने वाला बच्चा तभी भारतीय नागरिक माना जाएगा यदि: ✔ दोनों माता-पिता भारतीय नागरिक हों, या ✔ एक माता या पिता भारतीय नागरिक हो और दूसरा अवैध प्रवासी न हो। यदि माता-पिता में से कोई एक अवैध प्रवासी है, तो भारत में जन्म लेने के बावजूद बच्चे को स्वतः भारतीय नागरिकता नहीं मिलेगी। क्या इससे नागरिकताविहीन होने का खतरा पैदा हो सकता है? यहीं से एक गंभीर मानवीय और कानूनी प्रश्न सामने आता है। मान लीजिए किसी बच्चे का पिता भारतीय नागरिक है लेकिन उसकी मां को अवैध प्रवासी घोषित कर दिया जाता है। ऐसी स्थिति में बच्चे को भारत में जन्म लेने के बावजूद नागरिकता नहीं मिल सकती। यदि दूसरा देश भी उसे अपना नागरिक स्वीकार न करे, तो बच्चा नागरिकताविहीन (Stateless) हो सकता है। सीमावर्ती राज्यों जैसे: पंजाब राजस्थान पश्चिम बंगाल असम में प्रशासन को समय-समय पर ऐसे मामलों का सामना करना पड़ा है। तिब्बती शरणार्थियों के मामलों ने क्या सिखाया? भारतीय नागरिकता कानून की सबसे चर्चित न्यायिक व्याख्याओं में तिब्बती शरणार्थियों के मामले शामिल हैं। 2010 और 2016 में दिल्ली उच्च न्यायालय ने अपने महत्वपूर्ण फैसलों में कहा कि 30 जून 1987 से पहले भारत में जन्मे तिब्बती नागरिक भारतीय नागरिकता के पात्र हैं। कारण साफ था। उस समय तक भारत में जन्म आधारित नागरिकता का सिद्धांत लागू था। इन फैसलों के बाद चुनाव आयोग और विदेश मंत्रालय ने भी ऐसे तिब्बतियों के अधिकारों को मान्यता दी। इन मामलों ने यह दिखाया कि नागरिकता कानून में केवल एक दिन का अंतर भी किसी व्यक्ति की कानूनी स्थिति को पूरी तरह बदल सकता है। बिहार की SIR प्रक्रिया ने क्या उजागर किया? बिहार की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया ने पहली बार बड़े पैमाने पर यह सवाल खड़ा किया कि आखिर भारतीय नागरिक अपनी नागरिकता साबित कैसे करे। चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची में केवल भारतीय नागरिकों के नाम ही शामिल होने चाहिए। लेकिन इस प्रक्रिया ने यह भी उजागर किया कि अधिकांश भारतीयों के पास ऐसा कोई एक दस्तावेज़ नहीं है जिसे हर परिस्थिति में नागरिकता का अंतिम प्रमाण माना जा सके। क्या चुनाव आयोग नागरिकता तय कर सकता है? नहीं। हाल ही में भारत का सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग का अधिकार केवल मतदाता सूची की पात्रता तक सीमित है। किसी व्यक्ति की नागरिकता निर्धारित करना उसका अधिकार क्षेत्र नहीं है। नागरिकता से जुड़े विवादों का निर्णय केवल कानून द्वारा अधिकृत सक्षम प्राधिकारी ही कर सकता है। आधार, वोटर आईडी और पासपोर्ट की कानूनी सीमाएं आधार कार्ड आधार केवल पहचान और निवास का प्रमाण है। यह नागरिकता का प्रमाण नहीं है। वोटर आईडी यह केवल यह दर्शाती है कि व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में दर्ज है। यह भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं है। पासपोर्ट यह अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए जारी दस्तावेज़ है। हालांकि व्यवहारिक रूप से इसे नागरिकता का मजबूत संकेत माना जाता है, लेकिन कानून इसे अंतिम प्रमाण नहीं मानता। तो आखिर भारतीय नागरिकता साबित कौन करता है? यही वह प्रश्न है जिसका कोई एक सार्वभौमिक उत्तर आज भी उपलब्ध नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार सबसे मजबूत दस्तावेज़ हैं: नागरिकता पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राकृतिककरण (Naturalization) प्रमाणपत्र, लेकिन ये केवल सीमित संख्या में लोगों के पास उपलब्ध होते हैं। अधिकांश भारतीयों के लिए नागरिकता सिद्ध करने में निम्न दस्तावेज़ महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं: जन्म प्रमाणपत्र माता-पिता के दस्तावेज़ स्कूल रिकॉर्ड भूमि अभिलेख पुराने मतदाता रिकॉर्ड पारिवारिक दस्तावेज़ सरकारी रजिस्टर में दर्ज पुराने रिकॉर्ड NRC के दौरान 'लीगेसी दस्तावेज़' क्यों महत्वपूर्ण बने? असम में हुई राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) प्रक्रिया के दौरान नागरिकता सिद्ध करने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने तथाकथित लीगेसी डॉक्यूमेंट्स का उपयोग किया। इनमें दशकों पुराने भूमि रिकॉर्ड, मतदाता सूचियां, राजस्व दस्तावेज़ और पारिवारिक रिकॉर्ड शामिल थे। इस अनुभव ने दिखाया कि नागरिकता का प्रश्न अक्सर केवल एक पहचान पत्र से कहीं अधिक जटिल होता है। दुनिया में क्या हो रहा है? भारत अकेला देश नहीं है जिसने जन्म आधारित नागरिकता के नियमों को सीमित किया है। संयुक्त राज्य अमेरिका आज भी व्यापक रूप से जन्म आधारित नागरिकता को मान्यता देता है, हालांकि वहां भी समय-समय पर इसे सीमित करने की राजनीतिक मांग उठती रही है। भारत में नागरिकता कानून संसद के माध्यम से संशोधित किया जा सकता है और इसी कारण पिछले सात दशकों में इसके स्वरूप में कई बदलाव हुए हैं। आगे की सबसे बड़ी चुनौतियां यह पूरा विवाद तीन महत्वपूर्ण सवाल छोड़ जाता है: 1. नागरिकताविहीन बच्चों के लिए भारत की नीति क्या होगी? 2. क्या भारत को एक सार्वभौमिक नागरिकता दस्तावेज़ की आवश्यकता है? 3. भविष्य में नागरिकता कानून और नागरिक रजिस्टर किस दिशा में जाएंगे? विदेश मंत्रालय के बयान का वास्तविक अर्थ क्या है? विदेश मंत्रालय ने कोई नया कानून नहीं बनाया और न ही किसी नई व्याख्या की घोषणा की। उसने केवल उस कानूनी स्थिति को दोहराया है जो दशकों से भारतीय कानून का हिस्सा रही है। लेकिन इस बयान ने एक पुराने प्रश्न को फिर से राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है— अगर पासपोर्ट, आधार और वोटर आईडी भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं हैं, तो एक आम भारतीय नागरिक अपनी नागरिकता किस दस्तावेज़ से साबित करेगा? शायद आने वाले वर्षों में भारत को इसी प्रश्न का स्पष्ट, सरल और सार्वभौमिक उत्तर तलाशना होगा। क्योंकि पहचान और नागरिकता के बीच का यह अंतर केवल कानूनी बहस नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के अधिकारों, अवसरों और लोकतांत्रिक भागीदारी से जुड़ा प्रश्न है।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (27 जून, 2026)
1. मेष (Aries) Today 27 June horoscope in Hindi 2026 : करियर: कारोबार में नए अवसर मिल सकते हैं, धैर्य से निर्णय लें। लव: साथी के साथ संबंध मधुर रहेंगे, विश्वास बढ़ेगा। धन: आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी, अनावश्यक खर्च से बचें। स्वास्थ्य: हल्की थकान या तनाव संभव। उपाय: हनुमान जी को गुड़ और चने अर्पित करें। ALSO READ: Vat Savitri Purnima Puja Samagri: अखंड सौभाग्य के लिए बरगद पूजा में बेहद जरूरी हैं ये चीजें, देखें फुल चेकलिस्ट 2. वृष (Taurus) करियर: आज कार्यक्षेत्र में टीमवर्क से सफलता मिलेगी। लव: रिश्तों में स्थिरता और भरोसा बढ़ेगा। धन: निवेश के लिए समय अनुकूल है। स्वास्थ्य: नींद पूरी करें। उपाय: पीले वस्त्र धारण अथवा दान करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: बाहरी क्षेत्र के नए प्रोजेक्ट में सफलता मिल सकती है। लव: प्रेमीसंग संवाद से रिश्ते मजबूत होंगे। धन: खर्च बढ़ सकते हैं, सावधानी रखें। स्वास्थ्य: सिरदर्द या आंखों की समस्या संभव। उपाय: भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: कार्यस्थल पर सहयोग मिलेगा। लव: परिवार का साथ मिलेगा। धन: निवेश सोच-समझकर करें। स्वास्थ्य: मानसिक शांति बनाए रखें। उपाय: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। 5. सिंह (Leo) करियर: नौकरी में आपकी नेतृत्व क्षमता उभरकर आएगी। लव: प्रेमी तथा परिवारसंग संबंध मजबूत होंगे। धन: कारोबार के आय में वृद्धि संभव। स्वास्थ्य: हृदय का ध्यान रखें। उपाय: गुरुवार को हल्दी और चने का दान करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: नौकरी कर रहे जातकों को मेहनत का फल मिलेगा। लव: प्रेमसंग संबंधों में मधुरता रहेगी। धन: कारोबार में आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। स्वास्थ्य: आज थकान महसूस हो सकती है। उपाय: पीले रंग का उपयोग बढ़ाएं। ALSO READ: राहु-गुरु का षडाष्टक योग बना, जानें 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा असर 7. तुला (Libra) करियर: बेरोजगारों को नए अवसर मिलेंगे। लव: प्रेम जीवन में सुधार होगा। धन: व्यापार से लाभ के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य: आज तनाव से बचें। उपाय: किसी जरूरतमंद को भोजन कराएं। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: कार्यक्षेत्र में चुनौतियां आएंगी लेकिन सफलता मिलेगी। लव: रिश्ते में भावनात्मक मजबूती आएगी। धन: कारोबार में निवेश से लाभ संभव। स्वास्थ्य: आज अचानक थकान हो सकती है। उपाय: शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: कार्यस्थल पर आपके नए विचार लाभकारी होंगे। लव: पारिवारिक रिश्तों में मधुरता रहेगी। धन: अचानक घरेलू खर्च बढ़ सकते हैं। स्वास्थ्य: अपने पाचन का ध्यान रखें। उपाय: सफेद वस्तु या दूध का दान करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: ऑफिस में कार्यरत लोगों को मेहनत से सफलता मिलेगी। लव: समझदारी से घर तथा प्रेमी के संबंध बेहतर होंगे। धन: व्यापार से लाभ के अवसर मिलेंगे। स्वास्थ्य: आज कमर दर्द संभव है। उपाय: काले तिल का दान करें। 11. कुम्भ (Aquarius) करियर: ऑफिस के कार्य में स्थिरता रहेगी। लव: रिश्तों में सुधार होगा। धन: आय बढ़ सकती है। स्वास्थ्य: मानसिक शांति बनाए रखें। उपाय: शनिदेव पर तेल अर्पित करें। 12. मीन (Pisces) करियर: कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं। लव: पारिवारिक तथा प्रेम रिश्तों में विश्वास बढ़ेगा। धन: धन के निवेश से लाभ के योग बनेंगे। स्वास्थ्य: पेट संबंधी समस्या का ध्यान रखें। उपाय: पीपल के वृक्ष की पूजा करें। ALSO READ: राहु-गुरु का षडाष्टक योग बना, जानें 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा असर
दिल्ली से हरियाणा में जींद के बीच देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का अंतिम परीक्षण
नई दिल्ली। भारतीय रेल के इतिहास में जल्द ही एक नई और हरित क्रांति की शुरुआत होने जा रही है। इसे लेकर शुक्रवार को दिल्ली और हरियाणा के जींद के बीच हाइड्रोजन ट्रेन का अंतिम परीक्षण किया गया। यह ट्रेन न धुआं छोड़ेगी, न प्रदूषण फैलाएगी, बल्कि अपनी ताकत के सबूत में सिर्फ पानी की […] The post दिल्ली से हरियाणा में जींद के बीच देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का अंतिम परीक्षण appeared first on Sabguru News .
बाराबंकी में मौलवी तांत्रिक ने युवक की जीभ काटी, मौत
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश में बाराबंकी जिले के टिकैतनगर क्षेत्र में गुरुवार और शुक्रवार की मध्यरात्रि काे एक मौलवी तांत्रिक ने एक व्यक्ति की जीभ काटकर हत्या कर दी। परिवारजन ने तंत्र-मंत्र करने वाले मौलवी पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर […] The post बाराबंकी में मौलवी तांत्रिक ने युवक की जीभ काटी, मौत appeared first on Sabguru News .
अलवर के टहला में बालिका से रेप करने का आरोपी टैक्सी चालक अरेस्ट
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के टहला थाना क्षेत्र में एक बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने 25 हजार रुपए के इनामी मुख्य आरोपी को गिरफ्तार लिया है। पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने शुक्रवार को अलवर में पत्रकार वार्ता में बताया कि 24 जून को बालिका के अपहरण और दुष्कर्म […] The post अलवर के टहला में बालिका से रेप करने का आरोपी टैक्सी चालक अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
झुंझुनूं : खेतड़ी में बेटे ने ट्रैक्टर से कुचलकर पिता की हत्या कर दी
झुंझुनूं। खेतड़ी में एक युवक ने जमीन विवाद को लेकर अपने पिता की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि महावीर प्रसाद (65) की हत्या की गई है। उसके पुत्र शमशेर सिंह (38) को पकड़ लिया गया है। उन्होंने बताया कि रात करीब साढ़े दस 10 बजे महावीर प्रसाद […] The post झुंझुनूं : खेतड़ी में बेटे ने ट्रैक्टर से कुचलकर पिता की हत्या कर दी appeared first on Sabguru News .
राम मंदिर चढ़ावा मामले में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का ट्रस्ट से इस्तीफा
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। विश्व हिंदू परिषद के सूत्रों के अनुसार राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। दोनों ने अपना इस्तीफा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को सौंप दिया है। […] The post राम मंदिर चढ़ावा मामले में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का ट्रस्ट से इस्तीफा appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ : पिकअप सहित 36 लाख की अवैध अंग्रेजी शराब जप्त
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के संगरिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने गुरुवार देर रात एक पिकअप वाहन से चंडीगढ़ निर्मित करीब 36 लाख रुपए मूल्य की अंग्रेजी शराब बरामद की। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीणा ने शुक्रवार को बताया कि भारतमाला मार्ग पर नगराना टोल नाका के नजदीक पुलिस दल ने पिकअप वाहन को […] The post हनुमानगढ़ : पिकअप सहित 36 लाख की अवैध अंग्रेजी शराब जप्त appeared first on Sabguru News .
झुंझुनूं के उरीका गांव में शराब की दुकान पर युवक की संदिग्ध मौत से बवाल
झुंझुनूं। राजस्थान में झुंझुनूं जिले के उरीका गांव में संचालित अवैध शराब की दुकान पर युवक की संदिग्ध मौत के बाद शुक्रवार को पूरे क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने उरीका से हरियाणा के सतनाली जाने वाले मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी […] The post झुंझुनूं के उरीका गांव में शराब की दुकान पर युवक की संदिग्ध मौत से बवाल appeared first on Sabguru News .
कांग्रेस ने हरियाणा, ओडिशा उत्तर प्रदेश के लिए नियुक्त किए नए प्रभारी
नई दिल्ली। कांग्रेस ने पार्टी पदाधिकारियों की नियुक्ति में बड़े फेरबदल करते हुए हरियाणा, ओडिशा और उत्तर प्रदेश के लिए नए प्रभारी नियुक्ति किए है। पार्टी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इन नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि […] The post कांग्रेस ने हरियाणा, ओडिशा उत्तर प्रदेश के लिए नियुक्त किए नए प्रभारी appeared first on Sabguru News .
भारत विकास परिषद राजस्थान मध्य प्रांत की पर्यावरण कार्यशाला ‘पुनर्नवा’ 28 जून को
राजस्थान में पर्यावरण का महाअभियान अजमेर। पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा जल संकट, प्लास्टिक प्रदूषण एवं घटते हरित क्षेत्र जैसी गंभीर चुनौतियों के प्रभावी समाधान के उद्देश्य से भारत विकास परिषद, राजस्थान मध्य प्रांत द्वारा एक व्यापक पर्यावरण कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसके अंतर्गत वर्ष 2026-27 में प्रदेशभर में 1 लाख […] The post भारत विकास परिषद राजस्थान मध्य प्रांत की पर्यावरण कार्यशाला ‘पुनर्नवा’ 28 जून को appeared first on Sabguru News .
MDSU में रोजगारोन्मुख डिजिटल मार्केटिंग प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम आरंभ
उद्योगों की मांग के अनुरूप मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण अजमेर। डिजिटल अर्थव्यवस्था के तेजी से विस्तार और उद्योग जगत में बढ़ती डिजिटल विशेषज्ञों की मांग को ध्यान में रखते हुए महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय प्रबंधन केंद्र (CESBM) द्वारा युवाओं, विद्यार्थियों, उद्यमियों एवं कार्यरत पेशेवरों के लिए अल्पकालीन, रोजगारोन्मुख डिजिटल मार्केटिंग प्रमाणपत्र […] The post MDSU में रोजगारोन्मुख डिजिटल मार्केटिंग प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम आरंभ appeared first on Sabguru News .
‘पासपोर्ट एक यात्रा दस्तावेज है, न कि नागरिकता का प्रमाणपत्र।’ विदेश मंत्रालय के अधिकारी का ये बयान सुर्खियों में है। सवाल उठ रहे हैं कि अगर पासपोर्ट नहीं, तो भारत के नागरिक होने का सबूत क्या है? क्या सरकार नागरिकता के लिए कुछ नया करने जा रही है; इसी पर आज का एक्सप्लेनर… सवाल-1: क्या आधार, पैन, जन्म प्रमाणपत्र भी नागरिकता साबित नहीं करते?जवाबः पासपोर्ट की तरह ये सरकारी दस्तावेज भी नागरिकता के सबूत नहीं हैं… आधार कार्ड: आधार एक्ट, 2016 के सेक्शन 9 में कहा गया है कि आधार नंबर नागरिकता और निवास का सबूत नहीं है। आधार जारी करने वाली यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने भी बार-बार कहा है कि आधार सिर्फ पहचान पत्र है। इलेक्शन कमीशन, कलकत्ता और बॉम्बे हाईकोर्ट का भी यही रुख है। मतदाता पहचानपत्र: जनवरी 2026 में इलेक्शन कमीशन ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वोटर आईडी नागरिकता साबित नहीं करता, यह सिर्फ वोट देने के लिए है। अगस्त 2025 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी कहा कि वोटर आईडी कार्ड पहचान दस्तावेज है, न कि नागरिकता के सबूत। पैन कार्ड: आयकर अधिनियम, 2025 के तहत कोई भी विदेशी नागरिक या कंपनी, जिनका भारत में कारोबार है या जो यहां टैक्स के दायरे में हैं, वह पैन कार्ड बनवा सकते हैं। यह सिर्फ वित्तीय लेन-देन और टैक्स ट्रैकिंग के लिए है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी साफ किया कि पैन कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं है। राशन कार्ड: 2019 में गुवाहाटी हाईकोर्ट और 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि राशन कार्ड को नागरिकता का सबूत नहीं माना जा सकता। यह सिर्फ पते और वित्तीय स्थिति का प्रमाण है। जुलाई 2025 में इलेक्शन कमीशन ने भी सुप्रीम कोर्ट में दलील दी थी कि वोटर लिस्ट में शामिल होने के लिए राशन कार्ड को सबूत नहीं माना जा सकता और नागरिकता साबित करने के लिए पुख्ता सबूत मांगे। ड्राइविंग लाइसेंस: ड्राइविंग लाइसेंस केवल पहचान पत्र है, जो वाहन चलाने की इजाजत देता है। मोटर व्हीकल्स एक्ट, 1988 के तहत, भारत में वीजा पर आए विदेशियों को भी ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाता है। इसका नागरिकता से कोई लेना-देना नहीं। जन्म प्रमाण-पत्र: 2013 में बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा कि केवल जन्म प्रमाण पत्र नागरिकता के लिए पर्याप्त नहीं है। ये सिर्फ जन्म की तारीख और जगह का सबूत है। नागरिकता कानून के मुताबिक भी सिर्फ इसे नागरिकता का आखिरी सबूत नहीं माना जा सकता। हालांकि जन्म प्रमाण पत्र और पासपोर्ट को लेकर दो विरोधाभासी बातें भी हैं… सवाल-2: तो फिर कैसे साबित होगा कि आप भारत के नागरिक हैं?जवाबः अगस्त 2025 में यही सवाल लोकसभा में CPI (ML) के सांसद सुदामा प्रसाद ने पूछा था। तब गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने लिखित जवाब दिया कि 1955 के नागरिकता अधिनियम के हिसाब से भारतीय नागरिकता तय होती है। दरअसल, भारत में नागरिकता साबित करने के लिए कोई सिंगल यूनिवर्सल डॉक्यूमेंट जारी नहीं किया जाता। नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2003 के मुताबिक, जन्मतिथि के हिसाब से नागरिकता अलग-अलग दस्तावेजों से तय होती है… हालांकि 1955 के नागरिकता कानून के तहत विदेशी लोगों से जुड़े मामलों में कुछ खास नियमों से नागरिकता दी जाती है… धारा 5, रजिस्ट्रेशन: उन्हें जिनका भारत से कोई जुड़ाव हो। जैसे- कोई विदेशी महिला या पुरुष जो किसी भारतीय से शादी करे।धारा 6, नेचुरलाइजेशन: विदेशी नागरिकों के लिए, जो तय वक्त तक भारत में रहे हों। जैसे- पाकिस्तानी मूल के गायक अदनान सामी को भारतीय नागरिकता मिली। सवाल-3: क्या सरकार नागरिकता का कोई रजिस्टर बनाने वाली है? जवाबः नहीं। फिलहाल ऐसी कोई कवायद शुरू होने की जानकारी नहीं है। हालांकि सरकार काफी समय से पूरे देश में ‘नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजनशिप’ यानी NRC लागू करना चाहती है, लेकिन ये अभी सिर्फ असम में लागू हुआ है। इसे समझने के लिए पहले दो चीजें समझिए…पहला, CAA: 2019 में संसद से सिटिजनशिप एमेंडमेंट एक्ट, यानी CAA पास हुआ। इसके तहत 1955 के नागरिकता कानून में ये प्रावधान शामिल हुआ कि 31 दिसंबर 2014 से पहले पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आने वाले गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यक, यानी हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई भारत के नागरिक बन सकते हैं। इसमें मुस्लिम प्रवासी शामिल नहीं थे। 11 मार्च 2024 को ये कानून लागू हो गया है। दूसरा, NRC: CAA बिल के साथ ही NRC, यानी ‘नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजनशिप’ की चर्चा शुरू हुई थी। यानी एक ऐसा रजिस्टर, जिसमें देश के सारे नागरिकों का लेखा-जोखा हो। केंद्र सरकार का प्लान था कि पहले CAA लागू होगा, उसके बाद पूरे देश में NRC लागू किया जाएगा। 20 नवंबर 2019 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में कहा, ‘मान के चलिए NRC आने वाला है। हम पूरे देश में NRC पेश करेंगे, इस पर सदन में चर्चा कर सकते हैं। नागरिकता बिल को NRC से जोड़ने की कोशिश न करें।’ बीजेपी के 2019 के घोषणापत्र में भी कहा गया था घुसपैठ से प्रभावित राज्यों और फिर चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में NRC लागू किया जाएगा। हालांकि अब तक ऐसा नहीं हुआ है। 2019 में सिर्फ असम में NRC के तहत नागरिकता रजिस्टर बनाया गया। इसके चलते असम में 31 अगस्त 2019 को जारी हुई नागरिकता की लिस्ट में से 19 लाख लोग बाहर हो गए। सवाल-4: सरकार ने अभी तक नागरिकता का रजिस्टर क्यों नहीं बनाया?जवाबः इसकी 3 बड़ी वजहें हैं… 1. NRC का विरोध, सरकार ने अपना एजेंडा बदला 2. असम की NRC लिस्ट वैध नहीं, कई गलतियां निकलीं 3. नागरिकता के रजिस्टर के लिए जनसंख्या का रजिस्टर बनना जरूरी 30 मार्च 2026 को भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त, मृत्युंजय कुमार नारायण ने साफ कहा है कि जनगणना के दौरान NPR का कोई फैसला नहीं लिया गया है, और न ही आगे जनगणना का NPR से कोई लेना-देना होगा। सवाल-5: दुनिया के दूसरे देशों में नागरिकता कैसे तय होती है?जवाबः दुनिया में नागरिकता तय करने के दो ही प्रमुख सिद्धांत हैं… 1. Jus Soli यानी मिट्टी का अधिकार: जहां पैदा हुए, उसी देश की नागरिकता। माता-पिता की नागरिकता से कोई फर्क नहीं पड़ता। जैसे- अमेरिका, कनाडा, मेक्सिको।2. Jus Sanguinis यानी खून का अधिकार: माता-पिता की नागरिकता से नागरिकता तय होती है, चाहे जन्म कहीं भी हो। जैसे- सऊदी अरब, जापान और चीन। हालांकि भारत समेत तमाम देशों में दोनों सिद्धांतों का मिला-जुला सिस्टम अपनाया जाता है, यानी जन्म के साथ-साथ माता-पिता की नागरिकता भी देखी जाती है। नागरिकता साबित करने वाले दस्तावेज भी दुनिया में अलग-अलग हैं। जैसे- ---- ये खबर भी पढ़ें… भास्कर एक्सप्लेनर- 4 साल, 8 एक्सटेंशन बाद CAA लागू:3-4 करोड़ आबादी पर असर; मुसलमान क्यों डरे हैं, क्या फिर विरोध होगा पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता देने वाला कानून आज से पूरे देश में लागू हो गया। 12 दिसंबर 2019 को राष्ट्रपति ने नागरिकता संशोधन कानून को मंजूरी दी थी। पूरी खबर पढ़ें…
क्या बनने जा रही है 'बाहुबली 3'? प्रभास और राणा दग्गुबाती ने दिया हिंट
एसएस राजामौली की साल 2015 में रिलीज 'बाहुबली' और 2017 में रिलीज 'बाहुबली 2: द कन्क्लूजन' ने ने भारतीय सिनेमा की परिभाषा को इस कदर बदला कि आज एक दशक बाद भी बॉक्स ऑफिस पर इसके बनाए रिकॉर्ड्स को छू पाना नई फिल्मों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। 'बाहुबली' फ्रैंचाइजी ने न केवल फिल्ममेकिंग के स्केल को ऊंचा किया, बल्कि सुपरस्टार प्रभास को देश का पहला असली पैन-इंडिया स्टार बना दिया। फिल्म की इसी लेगेसी के कारण फैंस के मन में हमेशा एक सवाल गूंजता रहा है— क्या कभी 'बाहुबली 3' आएगी? ALSO READ: 'खतरों के खिलाड़ी 15' प्रोमो: ओरी का खतरनाक स्टंट, चीते के साथ लगाई दौड़ अब इस सवाल का ऐसा जवाब मिला है जिसने सिनेमा प्रेमियों के बीच हलचल तेज कर दी है। हाल ही में ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर इस फ्रेंचाइजी के 10 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में एक खास डॉक्यूमेंट्री सीरीज 'बाहुबली: द टॉर्चबेयरर' रिलीज की गई है। इस डॉक्यूमेंट्री में फिल्म की मेकिंग, वित्तीय संकट और शूटिंग के अनसुने किस्सों के बीच प्रभास और राणा दग्गुबाती ने कुछ ऐसा इशारा किया है, जिसे फैंस 'बाहुबली 3' का ग्रीन सिग्नल मान रहे हैं। A post shared by Netflix India (@netflix_in) प्रभास का 'तीन उंगलियों' का इशारा 'बाहुबली: द टॉर्चबेयरर' के एक एपिसोड में जब पूरी स्टारकास्ट एक साथ बैठी थी, तब भल्लालदेव का किरदार निभाने वाले राणा दग्गुबाती ने मुस्कुराते हुए कैमरे के सामने कहा, मुझे नहीं पता कि मुझे यह बात सार्वजनिक रूप से कहनी चाहिए या नहीं, लेकिन चूंकि राजामौली और प्रोड्यूसर शोबू यार्लागड्डा यहां मौजूद नहीं हैं, इसलिए मैं अपने दिल की बात कह देता हूं। शायद दुनिया अभी इसके लिए पूरी तरह तैयार न हो, लेकिन बाहुबली में अभी बहुत कुछ आने वाला है। राणा ने जैसे ही अपनी बात अधूरी छोड़ी, उनके बगल में बैठे प्रभास ने मुस्कुराते हुए कैमरे की तरफ देखा और अपनी तीन उंगलियां हवा में उठा दीं। प्रभास के इस जेस्चर को देखकर सोफे पर बैठीं देवसेना यानी अनुष्का शेट्टी भी हंसने लगीं। इतना ही नहीं, डॉक्यूमेंट्री के अंत में 'एंड द लेगेसी कंटीन्यूज' लिखा आता है। सोशल मीडिया पर इस क्लिप के वायरल होते ही फैंस ने इसे 'बाहुबली 3 ऑफिशियली कंफर्म' मान लिया है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें फिलहाल निर्देशक एसएस राजामौली अपने अगले मेगा-प्रोजेक्ट में व्यस्त हैं, जिसमें वह सुपरस्टार महेश बाबू के साथ एक बड़े स्तर की एडवेंचर फिल्म बना रहे हैं। ऐसे में तुरंत किसी लाइव-एक्शन फिल्म की शूटिंग शुरू होना थोड़ा मुश्किल दिखाई देता है। मेकर्स की तरफ से भी अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। एसएस राजामौली पहले भी कई मौकों पर कह चुके हैं कि वह बाहुबली को केवल दो फिल्मों तक सीमित नहीं रखना चाहते थे। हॉलीवुड की तर्ज पर वह इसे एक बड़ी मल्टीमीडिया फ्रेंचाइजी में बदलना चाहते हैं। इसी कड़ी में मेकर्स ने 'बाहुबली: क्राउन ऑफ ब्लड' जैसी एनिमेटेड सीरीज और शानदार एनीमे प्रोजेक्ट 'बाहुबली: द एटर्नल वॉर - पार्ट 1' का टीज़र भी पेश किया है।
सेन फ्रांसिस्को की टीम से एक साथ नहीं खेले यह भारत पाक खिलाड़ी
मेजर क्रिकेट लीग में सेन फ्रांसिस्को की टीम में भारत के रविचंद्रन अश्विन और पाकिस्तान के हारिस राउफ शामिल है। लेकिन अभी तक एक बार भी सेन फ्रांसिस्को की टीम में दोनों एक साथ नहीं खेलने उतरे। टूर्नामेंट के पहले मैच में रविचंद्रन अश्विन ने मैच नहीं खेला था लेकिन हारिस राउफ अंतिम ग्यारह में थे। ऐसे ही दूसरे मैच में रविचंद्रन अश्विन को टीम में मौका दिया लेकिन हारिस राउफ मैदान पर नहीं दिखे। ऐसे में तीसरे मैच में एक बार वही स्थिति सामने आई रविचंद्रन अश्विन बाहर बैठे थे और हारिस राउफ मैदान पर थे। इस वाक्ये से कई फैंस ने अंदाजा लगाना शुरु कर दिया कि कहीं रविचंद्रन अश्विन ने तो यह फ्रैंचाइजी को नहीं बताया कि उन्हें किसी भी पाकिस्तानी खिलाड़ी के साथ नहीं खेलना। अगर ऐसा होता है तो भारत में इस बात पर विवाद शुरु हो सकता है। गौरतलब है कि रविचंद्रन अश्विन उस मैच का हिस्सा थे जिसमें विराट कोहली ने हारिस राउफ को लगातार 2 छक्के मारकर भारत को टी-20 विश्वकप में अविश्वसनीय जीत दिलाई थी। इस मैच को रविचंद्रन अश्विन ने चौका मारकर खत्म किया था। Laanat pic.twitter.com/rRy7nPRzOo — Charvi Vyas (@4Vvyas) June 26, 2026 भारत पाकिस्तान के भू राजनैतिक संबंध पिछले साल से ठीक नहीं रहे है। पहलगाम हमले के बाद औपरेशन सिंदूर के बाद दोनों ही देश में खेल के मैदान पर दूरी हो चली है। यही कारण है कि किसी भी टूर्नामेंट में जब यह दोनों देश आपस में भिड़ते हैं तो कप्तान एक दूसरे से हाथ नहीं मिलाते।
कर्नाटक हाईकोर्ट ने पॉक्सो मामले में वचनानंद स्वामी की अग्रिम जमानत रद्द की
बेंगलूरु। कर्नाटक हाईकोर्ट ने शुक्रवार को वचनानंद स्वामी को सत्र अदालत से मिली अग्रिम ज़मानत रद्द कर दी। स्वामी के खिलाफ पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था। न्यायालय ने कहा कि जिस तरह से गिरफ्तारी से पहले ज़मानत दी गई, वह परेशान करने वाली कार्रवाई है। यह सुनवाई शिकायतकर्ता की उस याचिका […] The post कर्नाटक हाईकोर्ट ने पॉक्सो मामले में वचनानंद स्वामी की अग्रिम जमानत रद्द की appeared first on Sabguru News .
होर्मुज जलडमरूमध्य में हमला : ईरान ने जहाज पर दागी मिसाइल, संयुक्त राष्ट्र का निकासी अभियान निलंबित
वॉशिंगटन/तेहरान। संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) ने होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे 11,000 से अधिक नाविकों के लिए तत्काल निकासी अभियान रोक दिया है। यह फैसला ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के सिंगापुर ध्वज वाले मालवाहक पोत एवर लवली पर किए गए हमले के बाद लिया गया है। यह घटना इस महत्वपूर्ण […] The post होर्मुज जलडमरूमध्य में हमला : ईरान ने जहाज पर दागी मिसाइल, संयुक्त राष्ट्र का निकासी अभियान निलंबित appeared first on Sabguru News .
वॉलीबॉल में ऑस्ट्रेलिया को अहमदाबद में 3-0 से हराकर भारत पहुंचा सेमीफाइनल में
पुरुषों की AVC वॉलीबॉल कप 2026 में भारत ने ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम को हराकर ना केवल अपने घरेलू दर्शकों को चौंकाया बल्कि सेमीफाइनल में भी जगह बना ली। हैरत की बात है कि यह जीत बिना एक सेट गंवाए आई और ऑस्ट्रेलिया को 3-0 से मैच गंवाना पड़ा। Volleyball India defeats Australia यह सब क्या हो रहा है pic.twitter.com/vN3thXc8m8 — Kreately.in (@KreatelyMedia) June 26, 2026 यह इस एवीसी वॉलीबॉल कप 2026 में भारत की पांचवी जीत है। भारत के खेल का स्तर इस टूर्नामेंट में इतना उच्च कोटी का रहा है इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि भारत ने जो पांच मैच जीते हैं उनमें से सिर्फ एक सेट में गंवाया है। यह सेट भारत ने चाइनीज ताईपे के हाथों गंवाया था लेकिन मैच जीतने में सफल रहे थे। JUST DROPPED A SINGLE SET IN 5 MATCHES Defeated New Zealand 3-0 Defeated Kazakhstan 3-0 Defeated Taiwan 3-1 Defeated Bahrain 3-0 Defeated Australia 3-0 5 MATCHES | 5 WINS | TABLE TOPPER pic.twitter.com/fquD5ikuIh — The Khel India (@TheKhelIndia) June 25, 2026 इससे पहले भारत ने न्यूजीलैंड और कजाकिस्तान को 0-3 से हराया। उसके बाद बहरीन और अब ऑस्ट्रेलिया को भी इस ही अंतर से हराया है। भारत यह कप को अपने नाम करने से अब सिर्फ 2 कदम दूर है।
प्रवर्तन निदेशालय ने कर्नाटक में बेनामी शराब लाइसेंस रैकेट का भंडाफोड़ किया
बेंगलूरु। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कर्नाटक के आबकारी विभाग के भीतर चल रहे एक व्यापक और कथित बेनामी शराब लाइसेंस रैकेट का पर्दाफाश करने का दावा किया है। एजेंसी ने अधिकारियों, बिचौलियों और उनके सहयोगियों के एक ऐसे संगठित नेटवर्क की ओर इशारा किया है जो कथित तौर पर अवैध लाइसेंसिंग और रिश्वतखोरी की गतिविधियों […] The post प्रवर्तन निदेशालय ने कर्नाटक में बेनामी शराब लाइसेंस रैकेट का भंडाफोड़ किया appeared first on Sabguru News .
इंदौर में लॉ, इंजीनियरिंग स्टूडेंट और एमपी ऑनलाइन संचालक ने की आत्महत्या, लोन और डिप्रेशन बनी वजह
इंदौर से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने युवाओं के भविष्य और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। शहर में पिछले कुछ ही समय में एक लॉ स्टूडेंट, एक इंजीनियरिंग छात्र और एक एमपी ऑनलाइन संचालक ने मौत को गले लगा लिया। हंसती-खेलती इन तीन जिंदगियों के खौफनाक कदम के पीछे की जो वजह सामने आई है, वह बेहद डरावनी है—लोन का बढ़ता बोझ, करियर का डिप्रेशन और गहराता मानसिक तनाव। गुरुवार को अलग-अलग थाना क्षेत्रों से आत्महत्या के तीन मामले सामने आए। इनमें एक लॉ स्टूडेंट, एक इंजीनियरिंग छात्र और एक एमपी ऑनलाइन संचालक शामिल हैं। तीनों मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में अलग-अलग कारणों से मानसिक तनाव की बात सामने आई है। लॉ के प्रैक्टिसनर ने की आत्महत्या : पलासिया थाना क्षेत्र की बड़ी ग्वालटोली में रहने वाले 27 साल के आदर्श सोलंकी ने गुरुवार को घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आदर्श ने इसी साल एलएलबी की पढ़ाई पूरी की थी और कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहा था। उसकी सनद (लाइसेंस) अभी जारी नहीं हुई थी। घटना के समय वह घर पर अकेला था। उसकी मां निजी स्कूल में शिक्षिका हैं और स्कूल गई हुई थीं। शाम को लौटने पर उन्होंने आदर्श को फंदे पर लटका देखा। आदर्श के माता-पिता का काफी समय पहले तलाक हो चुका था। इसके बाद वह मामा के परिवार के साथ रह रहा था और किराए के कमरे में रहता था। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। इंजीनियरिंग छात्र ने की आत्महत्या : हीरानगर थाना क्षेत्र के गौरी नगर निवासी 20 साल के राजकुमार कुशवाह ने भी गुरुवार को फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों के अनुसार राजकुमार हैदराबाद स्थित एनआईटी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। पढ़ाई के लिए उसने करीब छह लाख रुपए का एजुकेशन लोन लिया था। फर्स्ट ईयर में पढ़ाई ठीक से नहीं होने के कारण वह अपने गांव चंपारण (बिहार) लौट गया था। पढ़ाई और कर्ज के दबाव के चलते वह लगातार मानसिक तनाव में रहने लगा। कुछ दिन पहले उसका परिचित हरपाल उसे इंदौर लेकर आया था, लेकिन यहां भी वह पढ़ाई और कर्ज को लेकर परेशान रहता था। गुरुवार को हरपाल काम पर गया था, इसी दौरान राजकुमार ने आत्महत्या कर ली। एमपी ऑनलाइन संचालक ने की आत्महत्या : आजाद नगर थाना क्षेत्र के मूसाखेड़ी निवासी 45 साल के गजेंद्र पुत्र माधवलाल ने गुरुवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार रात में उसके भाई ने गजेंद्र का शव फंदे पर लटका देखा। गजेंद्र एमपी ऑनलाइन सेंटर संचालित करता था। परिजनों ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले उसकी पत्नी की बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद से वह मानसिक तनाव में रहने लगा था। घटना के समय उसके माता-पिता घर पर नहीं थे। Edited By: Naveen R Rangiyal
क्या धरती से टकराएगा विशालकाय उल्कापिंड? जानें कब सच हो सकती है यह भविष्यवाणी
Asteroid 1997 NC1 : 750 से 1,650 मीटर चौड़ा एक एस्टेरॉयड 27 जून 2026 शनिवार को शाम 4:44 मिनट पर पृथ्वी के बेहद करीब से गुजरने वाला है। बताया जा रहा है कि इस एस्टेरॉयड के पृथ्वी से टकराने की कोई संभावना नहीं है। इससे पृथ्वी को कोई खतरा नहीं होगा। इस पर भारत की ISRO, चीन की CNSA, अमेरिका की NASA समेत कई अंतरिक्ष एजेंसियों की नजर हैं। चलिए इसी संदर्भ में जानते हैं कि धरती पर एस्टेरॉयड का कितना खतरा है। एस्टेरॉयड क्या हैं और इनकी संख्या? परिभाषा: एस्टेरॉयड (क्षुद्रग्रह या उल्कापिंड) किसी ग्रह या तारे के टूटे हुए हिस्से होते हैं। ये पत्थर या धातु के टुकड़े होते हैं, जिनका आकार एक छोटे कंकड़ से लेकर माउंट एवरेस्ट जैसी विशाल चट्टान तक हो सकता है। टूटता तारा: जब ये पिंड अत्यंत तीव्र गति से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते हैं, तो घर्षण के कारण जलने लगते हैं। आम बोलचाल में इन्हें ही 'टूटता तारा' कहा जाता है। छोटे पिंड हवा में ही जलकर राख हो जाते हैं, जबकि बड़े पिंड धरती पर गिरते हैं। अंतरिक्ष में मौजूदगी: खगोलविदों के अनुसार, हमारे सौरमंडल में ऐसे लाखों पिंड सूर्य की परिक्रमा कर रहे हैं। इनमें से करीब 20 लाख एस्टेरॉयड पृथ्वी के निकटवर्ती अंतरिक्ष में घूम रहे हैं। हर हफ्ते औसतन एक क्षुद्रग्रह पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी से होकर गुजरता है। ALSO READ: Asteroid 1997 NC1 : पृथ्वी के करीब से गुजरेगा विशाल एस्टेरॉयड, क्या होगी रफ्तार, जानें कितना सुरक्षित? अतीत का महाविनाश (इतिहास) डायनासोर का अंत: पृथ्वी अतीत में भी कई बार इन आकाशीय पिंडों का प्रहार झेल चुकी है। हारवर्ड-स्मिथसोनियन सेंटर के डॉ. अर्विंग शापिरो के अनुसार, लगभग साढ़े छह करोड़ साल पहले सैन फ्रांसिस्को की खाड़ी जितना बड़ा एक लघु ग्रह मेक्सिको में गिरा था। इस टक्कर से 10 करोड़ मेगाटन टीएनटी के बराबर विस्फोट हुआ, जिससे डायनासोर समेत कई प्रजातियां हमेशा के लिए लुप्त हो गईं और पृथ्वी पर वर्षों तक अंधेरा छाया रहा। बृहस्पति ग्रह की घटना (1994): वर्ष 1994 में पृथ्वी के आकार के 10-12 उल्कापिंड बृहस्पति (Jupiter) ग्रह से टकराए थे। वह नजारा महाप्रलय जैसा था और उस टक्कर की आग और तबाही का असर आज तक वहां शांत नहीं हुआ है। चेलियाबिंस्क हादसा (2013): नासा (NASA) के पूर्व प्रमुख जिम ब्रेडेस्टाइन के अनुसार, साल 2013 में रूस के चेलियाबिंस्क में एक एस्टेरॉयड टकराया था, जिससे 66 फुट गहरा गड्ढा हो गया था। इस घटना में भारी संपत्ति का नुकसान हुआ था और करीब 1500 लोग घायल हुए थे। उराल हादसा (2013): रूस के उराल पर्वतीय क्षेत्र के ऊपर आसमान में शुक्रवार को एक विशाल उल्का के विस्फोट में करीब 1,000 लोग घायल हो गए। यह विस्फोट इतना भीषण था कि इसके वेग से खिड़कियां टूट गईं और इमारतें हिल उठीं तथा लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। रूसी विज्ञान अकादमी का कहना है कि इस उल्का का वजन करीब 10 टन था और इसने पृथ्वी के क्षेत्र में कम से कम 54 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से प्रवेश किया। वर्तमान और भविष्य के बड़े खतरे 1. उल्कापिंड '2005 वाय-यू 55' (2005 YU55) उज्जैन के खगोल विज्ञानी संजय केथवास के अनुसार, यह 'नियोज' (NEOs - Near Earth Objects) यानी पृथ्वी के पास मंडराने वाली वस्तुओं में सबसे विशाल है। आकार और क्षमता: यह पहाड़ी आलू जैसी 1,300 फुट लंबी एक ठोस चट्टान है। यदि यह पृथ्वी से टकरा जाए, तो 50 अरब टन टीएनटी के बराबर विनाशकारी ऊर्जा पैदा होगी, जो आधी धरती को तबाह करने के लिए काफी है। ट्रैक रिकॉर्ड: वर्ष 1981 में यह चंद्रमा के उस पार से निकला था। साल 2011 में यह पृथ्वी और चंद्रमा के बीच से गुजरा, तब धरती बाल-बाल बची थी। वर्तमान में यह सूर्य के गुरुत्वाकर्षण में बंधा हुआ है और टेलीस्कोप के जरिए इस पर नजर रखी जा रही है। 2. एस्टेरॉयड 'एपोफिस' (Apophis) 2029 का संकट: अमेरिकी वैज्ञानिकों के अनुसार, 13 अप्रैल 2029 (शुक्रवार) को करीब 250 मीटर बड़ा यह क्षुद्रग्रह 37,014 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से पृथ्वी के बेहद करीब (मात्र 36 हजार किलोमीटर की दूरी) से गुजरेगा। यदि इसने थोड़ी भी दिशा बदली, तो यह धरती और हमारे सैटेलाइट्स से टकरा सकता है। 2036 का महासंकट: यदि 2029 में टक्कर नहीं भी हुई, तो लौटते समय वर्ष 2036 में इसका पृथ्वी से टकराना लगभग तय माना जा रहा है। इसकी विस्फोटक क्षमता हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम से 10 लाख गुना अधिक होगी। 3. अन्य हालिया एस्टेरॉयड (ARIS की रिपोर्ट) नैनीताल के आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (ARIS) के डॉ. वीरेंद्र यादव के अनुसार, हाल ही में तीन और एस्टेरॉयड पृथ्वी के करीब से गुजरे हैं (जैसे- 2023 MT-1, ME-4 और यूक्यू 3)। इनमें से एक का आकार इंडिया गेट जितना बड़ा था, हालांकि इनसे धरती को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। भविष्यवाणियां और वैज्ञानिक सुरक्षा कवच नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी: प्रसिद्ध भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस के अनुसार, तीसरे विश्व युद्ध के दौरान अंतरिक्ष से एक मील व्यास वाला गोलाकार पर्वत जैसा उल्कापिंड हिंद महासागर में गिरेगा। इससे आए महाविनाशकारी सैलाब के कारण मालदीव, भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश और पाकिस्तान समेत कई तटवर्ती देश जलमग्न हो जाएंगे और पृथ्वी अपनी धुरी से भी हिल सकती है। विज्ञान की ढाल: जहां नासा अब 140 मीटर या उससे बड़े 90% एस्टेरॉयड को ट्रैक करने में सक्षम है, वहीं वैज्ञानिकों का मानना है कि आज हमारे पास इतनी उन्नत तकनीक है कि किसी खतरनाक उल्कापिंड की दिशा को मिसाइल दागकर बदला जा सकता है। हालांकि, वैज्ञानिक यह भी चेतावनी देते हैं कि पृथ्वी के संपूर्ण विनाश के लिए सिर्फ उल्कापिंड, सूर्य की हलचल या सुपर वॉल्कैनो (महाज्वालामुखी) ही जिम्मेदार हो सकते हैं। - अनिरुद्ध जोशी
'द इंडिया स्टोरी' का टीजर रिलीज, काजल अग्रवाल-श्रेयस तलपड़े ने खोली कीटनाशक खेती की डरावनी सच्चाई
बहुप्रतीक्षित फिल्म 'द इंडिया स्टोरी: स्लो पॉइजन इन प्रोग्रेस' का टीज़र रिलीज कर दिया गया है, जो देश में बढ़ती कीटनाशक खेती (पेस्टिसाइड फार्मिंग) और उसके समाज पर पड़ रहे गंभीर प्रभावों को उजागर करती है। अभिनेत्री काजल अग्रवाल और अभिनेता श्रेयस तलपड़े अभिनीत यह फिल्म एक ऐसे बढ़ते खतरे पर प्रकाश डालती है, जो हर दिन करोड़ों लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है। ज़ी स्टूडियोज़ और एमआईजी प्रोडक्शन एंड स्टूडियोज़ के सहयोग से प्रस्तुत इस फिल्म का निर्देशन चेतन डीके ने किया है, जबकि इसकी कहानी, लेखन और निर्माण सागर बी. शिंदे ने किया है। यह फिल्म 24 जुलाई 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी और हिंदी, तेलुगु तथा तमिल भाषाओं में दर्शकों के सामने आएगी। ALSO READ: 'वाराणसी' ने रिलीज से पहले मचाया तहलका, एनेसी फिल्म फेस्टिवल में पहली झलक पर गूंजीं तालियां गौरतलब है कि फिल्म के प्रभावशाली टीज़र में काजल अग्रवाल और श्रेयस तलपड़े के संघर्ष को बेहद मार्मिकता से दर्शाया गया है, जो न्याय की लड़ाई लड़ते हुए कीटनाशक खेती की भयावह सच्चाई को उजागर करने का प्रयास करते हैं। टीज़र यह दिखाता है कि किस तरह जहरीले रसायन धीरे-धीरे हमारी रोज़मर्रा की खाद्य सामग्री में शामिल हो रहे हैं और विशेष रूप से युवा पीढ़ी के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। A post shared by Zee Studios (@zeestudiosofficial) भावनात्मक और सामाजिक रूप से प्रासंगिक कहानी के माध्यम से फिल्म एक ऐसे मुद्दे पर लोगों का ध्यान आकर्षित करती है, जो अपनी व्यापकता के बावजूद अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। फिल्म के बारे में बात करते हुए निर्देशक चेतन डीके ने कहा, द इंडिया स्टोरी सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक ऐसी बातचीत है, जिसे समाज में हमें शुरू करने की जरूरत है। इस कहानी के माध्यम से हम कीटनाशक खेती की चिंताजनक वास्तविकता और उससे पैदा हो रहे मौन स्वास्थ्य संकट को सामने लाना चाहते थे। टीज़र केवल उस बड़े मुद्दे की एक झलक है, जो हर दिन लाखों परिवारों को प्रभावित कर रही है। हमारा उद्देश्य जागरूकता पैदा करना, लोगों को सोचने पर मजबूर करना और उन्हें यह सवाल पूछने के लिए प्रेरित करना है कि आखिर उनकी थाली में क्या परोसा जा रहा है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इस विषय में श्रेयस तलपड़े कहते हैं, द इंडिया स्टोरी की सबसे बड़ी खासियत इसका प्रासंगिक विषय है। आज कीटनाशक खेती ऐसा मुद्दा बन चुका है, जो हर घर से जुड़ा हुआ है, लेकिन हम अक्सर इसके लंबे परिणामों पर ध्यान नहीं देते। मेरे किरदार की यात्रा एक आम पिता के संघर्ष को दर्शाती है, जो खुद से कहीं ज़्यादा बड़े व्यवस्था के खिलाफ एक लड़ाई लड़ता है। यह फिल्म मनोरंजन के साथ-साथ एक बेहद जरूरी चर्चा की शुरुआत भी करती है। वहीं काजल अग्रवाल ने कहा, द इंडिया स्टोरी एक मजबूत सामाजिक संदेश वाली फिल्म है। एक मां होने के नाते यह कहानी मुझे व्यक्तिगत स्तर पर बेहद करीब लगी, क्योंकि यह उन चिंताओं और डर को दर्शाती है जिनका सामना आज कई माता-पिता कर रहे हैं। इस टीज़र के माध्यम से ऐसी वास्तविकता दिखाई गई है, जो अक्सर लोगों की नजरों से ओझल रहती है। मुझे उम्मीद है कि यह फिल्म जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ लोगों को अपने भोजन तथा आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य के प्रति अधिक सजग बनाएगी। फिल्म के सह-निर्माताओं में स्वाति विनायक सैंदाने, अनीता जाधव, विनायक सैंदाने, कल्पेश शाह, देवयानी खोराटे और प्रेम जोशी शामिल हैं। फिल्म की तकनीकी टीम में सिनेमैटोग्राफर निशांत भागवत, संगीतकार मंगेश धाकड़े, संपादक आशीष म्हात्रे, गीतकार शकील आज़मी और साउंड डिज़ाइनर अनमोल भावे शामिल हैं।
महिला की पिटाई का वीडियो वायरल होने पर नूराबाद थाने प्रधान आरक्षक निलंबित
मुरैना। मध्यप्रदेश में मुरैना जिले के नूराबाद थाना में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक द्वारा महिला की कथित पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने संबंधित प्रधान आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार नूराबाद थाना क्षेत्र के खरगपुर गांव निवासी उषा […] The post महिला की पिटाई का वीडियो वायरल होने पर नूराबाद थाने प्रधान आरक्षक निलंबित appeared first on Sabguru News .
'राव बहादुर' का दमदार टीज़र रिलीज़, महेश बाबू बोले- यह फिल्म दिल और दिमाग पर छा जाएगी
महेश बाबू प्रेजेंट्स राव बहादुर की शानदार पहली झलक के बाद, मेकर्स ने इसका टीज़र रिलीज़ कर दिया है, जिसने यह पक्का कर दिया है कि यह आने वाले समय के सबसे अलग और दिलचस्प प्रोजेक्ट्स में से एक है। फिल्म को लेकर बढ़ते क्रेज़ के बीच, मेकर्स ने अब यह दिखा दिया है कि इसकी कहानी कितनी दमदार है और यह 3 जुलाई को रिलीज़ होने पर दर्शकों का एंटरटेनमेंट एक अलग ही लेवल पर करने का वादा करती है। महेश बाबू ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा, राव बहादुर... यह सिर्फ एक ऐसी फिल्म नहीं है जो आपका ध्यान खींचती है, बल्कि यह एक ऐसी फिल्म है जो सीधे आपके दिलो-दिमाग पर छा जाती है!!! अजीब, खूबसूरत और बेहद ड्रामेटिक। वेंकटेश महा ने एक शानदार दुनिया बनाई है... सत्यदेव ने उस दुनिया को कुछ इस तरह संभाला है जैसा सिर्फ वही कर सकते हैं!!! RAO BAHADUR...It isn’t just a film that grabs you by the collar but one that gets under your skin!!! Strange, beautiful & intensely dramatic. @mahaisnotanoun builds a stunning world... @ActorSatyaDev takes over that world like only he can!!! @DeepaThomasss shines with a… — Mahesh Babu (@urstrulyMahesh) June 25, 2026 उन्होंने आगे लिखा, दीपा थॉमस ने एक बहुत ही बारीकी से भरी शानदार परफॉर्मेंस दी है... बेहतरीन स्टार कास्ट और कमाल की टेक्निकल टीम ने फिल्म का बहुत ही शानदार साथ दिया है!!! पूरी टीम पर बेहद गर्व है... 3 जुलाई से बड़े पर्दे पर आप सभी को #RaoBahadur और उनके इस पागलपन को देखने का अब और इंतज़ार नहीं हो रहा है!!! ALSO READ: 'वाराणसी' ने रिलीज से पहले मचाया तहलका, एनेसी फिल्म फेस्टिवल में पहली झलक पर गूंजीं तालियां डर, गलतफहमियों, भ्रम और अनोखे मनोरंजन से भरपूर यह फिल्म वाकई एक बिल्कुल अलग और अनोखा सिनेमाई अनुभव देने की गारंटी देती है। इसकी झलक से एक ऐसी दुनिया का पता चलता है जिसका तेलुगु सिनेमा ने पहले कभी अनुभव नहीं किया है और यह दर्शकों के बीच उत्साह पैदा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। सत्य देव को एक असाधारण बदलाव से गुजरते हुए दिखाया गया है, जबकि फिल्म का ओवरऑल लुक जादुई, शानदार और विजुअली काफी अट्रैक्टिव लग रहा है। एक लीक से हटकर सामने आई पहली झलक के बाद, फिल्म का पहला सिंगल 'ओ सुंदरी' एक चार्टबस्टर बन गया, जिसे इसके सुरीले कंपोज़ीशन और खूबसूरत प्रेजेंटेशन के लिए काफी पसंद किया गया। सत्य देव और दीपा थॉमस पर फिल्माया गया यह रोमांटिक ट्रैक बीते ज़माने को खूबसूरती से दिखाता है, जो अपने पीरियड सेटअप और विजुअल भव्यता के साथ फिल्म के आकर्षण को और बढ़ा देता है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें 'राव बहादुर' एक साइकोलॉजिकल ड्रामा और एक पुराने राजशाही अतीत की धुंधली यादों का मिश्रण है। वेंकटेश महा, जो इसके राइटर, डायरेक्टर और एडिटर हैं, एक ऐसी कहानी गढ़ते दिख रहे हैं जो पूरी तरह से लोकल टच से जुड़ी है और साथ ही इसमें हर किसी को छू लेने वाले जज्बात भी हैं। फिल्म को एक मजबूत टेक्निकल टीम का साथ मिला है, जिसमें कार्तिक परमार सिनेमैटोग्राफी संभाल रहे हैं, स्मरण साई ने म्यूज़िक कंपोज़ किया है, और रोहन सिंह ने फिल्म का शानदार प्रोडक्शन डिज़ाइन तैयार किया है। शाही विजुअल्स और रहस्यमयी अंदाज़ के अपने अनोखे मेल के साथ, 'राव बहादुर' एक ऐसी फिल्म के रूप में सामने आ रही है जो दर्शकों को एक ऐसी दुनिया में ले जाती है जहाँ हर एक छोटी सी डिटेल के पीछे कोई गहरा मतलब छिपा हो सकता है।
लखनऊ। अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले में गठित एसआईटी की रिपोर्ट सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि जनआस्था से जुड़े इस प्रकरण में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है और […] The post राम मंदिर चढ़ावा मामले में दोषियों को नहीं मिलेगी राहत, दूध का दूध, पानी का पानी होगा : योगी आदित्यनाथ appeared first on Sabguru News .
भुवनेश्वर। ओडिशा में कटक जिले की एक फास्ट ट्रैक विशेष अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसले में एक शिक्षक को नाबालिग लड़की का यौन उत्पीड़न करने का दोषी करार देते हुए यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनायी है। कटक की अपर जिला एवं सत्र […] The post नाबालिग लड़की का यौन उत्पीड़न करने के दोषी मदरसा सुल्तानिया के उर्दू शिक्षक को 20 साल का सश्रम कारावास appeared first on Sabguru News .
झारखंड के रामगढ़ में भीषण सड़क हादसा, ताशा पार्टी के 7 सदस्यों की मौत, ग्रामीणों का प्रदर्शन
रामगढ़। झारखंड के रामगढ़-बोकारो मुख्य मार्ग पर रजरप्पा थाना क्षेत्र के लारी गांव स्थित बुध बाजार के समीप कल देर रात करीब साढ़े 11 बजे ट्रक और पिकअप वाहन की आमने-सामने की भीषण टक्कर में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को पहले रामगढ़ सदर […] The post झारखंड के रामगढ़ में भीषण सड़क हादसा, ताशा पार्टी के 7 सदस्यों की मौत, ग्रामीणों का प्रदर्शन appeared first on Sabguru News .
ग्लैमर, नाम, शोहरत और बॉलीवुड के बड़े स्टार्स के साथ काम करने का मौका—यह एक ऐसा सपना है जिसे पाने के लिए लोग सालों संघर्ष करते हैं। लेकिन कुछ ऐसी शख्सियतें भी रही हैं, जिन्होंने सफलता के शिखर पर होने के बावजूद अपनी जड़ों और अपने असली सपनों की ओर लौटने का हौसला दिखाया। ऐसी ही एक मिसाल हैं बॉलीवुड की जानी-मानी एक्ट्रेस पेरिजाद जोराबियन। 2000 के दशक में अपनी शानदार एक्टिंग और नेचुरल चार्म से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली पेरिज़ाद आज भारतीय बिजनेस जगत में 'चिकन क्वीन' के नाम से अपनी पहचान बना चुकी हैं। ALSO READ: टीवी और OTT पर लौट रहा 'खतरों के खिलाड़ी 15', जानें कब और कहां देख सकते हैं शो पेरिज़ाद जोराबियन का जन्म मुंबई के एक पारसी-इरानी परिवार में हुआ था। वह बचपन से ही पढ़ाकू और होनहार थीं। वह मुंबई यूनिवर्सिटी की गोल्ड मेडलिस्ट होने के साथ-साथ एक ट्रेन्ड वेस्टर्न क्लासिकल बैले डांसर भी हैं। पेरिजाद ने अपना फिल्मी करियर 2001 में शुरू किया था, फिर 2003 में सुभाष घई की फिल्म 'जॉगर्स पार्क' में भी नजर आई थीं। हाल ही में एक इंटरव्यू में अपने दिल की बात साझा करते हुए पेरिज़ाद ने बताया, जब मैं सिर्फ 8 साल की थी, तब मुझे 'एंटरप्रेन्योर' शब्द का सही उच्चारण करना भी नहीं आता था, लेकिन मुझे यह बखूबी पता था कि मुझे बड़े होकर यही बनना है। अपने इसी सपने को पूरा करने के लिए वह भारत में शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद न्यूयॉर्क चली गईं, जहां उन्होंने न्यूयोर्क के बारूक कॉलेज से मार्केटिंग में एमबीए की डिग्री हासिल की। न्यूयॉर्क में पढ़ाई के दौरान एक दोस्त के कहने पर पेरिज़ाद ने प्रसिद्ध 'ली स्ट्रासबर्ग थिएटर एंड फिल्म इंस्टीट्यूट' से एक साल एक्टिंग की ट्रेनिंग ली। उनके पिता ने हमेशा उनके हर फैसले का समर्थन किया। जब वह एमबीए पूरी कर भारत लौटीं, तो उनका इरादा पिता के पोल्ट्री बिजनेस को संभालने का ही था। लेकिन किस्मत ने उनके लिए कुछ और ही तय कर रखा था। एक फैमिली फंक्शन में एक मॉडलिंग कोऑर्डिनेटर की नजर उन पर पड़ी और उन्हें 'फेयर एंड लवली' ब्रांड का पहला विज्ञापन मिला। इसके बाद उनके पास ऑफर्स की लाइन लग गई। डायरेक्टर नागेश कुकुनूर ने उन्हें अपनी फिल्म 'बॉलीवुड कॉलिंग' में लीड एक्ट्रेस का रोल दिया। फिल्म हिट रही और पेरिज़ाद रातों-रात चर्चा में आ गईं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इसके बाद उन्होंने 'जॉगर्स पार्क', 'मॉर्निंग रागा', 'मुंबई मैटिनी' जैसी समीक्षकों द्वारा सराही गई फिल्मों में काम किया। फिल्म 'एक अजनबी' में वह महानायक अमिताभ बच्चन के अपोजिट भी नजर आईं। हालांकि, पेरिज़ाद खुद को हमेशा एक 'एक्सीडेंटल एक्ट्रेस' मानती थीं, जिनका पहला प्यार हमेशा से बिजनेस ही था। शादी, परिवार और सिनेमा को अलविदा साल 2006 में पेरिज़ाद ने मशहूर कंस्ट्रक्शन टाइकून बोमन रुस्तम ईरानी से शादी कर ली। शादी के बाद उनके जीवन की प्राथमिकताएं बदलने लगीं। सुभाष घई की 'ब्लैक एंड व्हाइट' और निखिल आडवाणी की 'सलामे-इश्क' जैसी बड़ी फिल्मों के ऑफर्स को ठुकराते हुए उन्होंने अपनी मर्जी से शोबिज की चकाचौंध को अलविदा कह दिया। वह एक मां के रूप में अपने परिवार को वक्त देना चाहती थीं। जब पेरिज़ाद ने अपने पारिवारिक बिजनेस 'जोराबियन चिकन' में दोबारा कदम रखा, तब कंपनी कर्ज और आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रही थी। उन्होंने अपनी एमबीए की पढ़ाई और ब्रांडिंग की समझ का पूरा इस्तेमाल किया। गर्भावस्था के दौरान भी उन्होंने आराम करने के बजाय पोल्ट्री फार्म्स का दौरा किया, पैकेजिंग बदली और लॉजिस्टिक्स को मजबूत किया। उन्होंने पारंपरिक थोक पोल्ट्री बिजनेस को एक मॉडर्न, रेडी-टू-कुक और प्रीमियम रिटेल ब्रांड में बदल दिया। 'जोराबियन चिकन' आज भारत के 15 से अधिक राज्यों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है। कंपनी का सालाना टर्नओवर 120 करोड़ रुपए के पार पहुंच चुका है।
तुर्किए ने अमेरिका को घरेलू दर्शकों के सामने 3-2 से हराकर विश्वकप की पहली जीत पाई (Video)
कान आयहान ने मैच की आखिरी किक पर गोल किया और तुर्किए ने गुरूवार को अमेरिका को 3-2 से हराकर विश्व कप में अपनी एकमात्र जीत दर्ज की।ऑस्टन ट्रस्टी ने तीसरे मिनट में गोल करके अमेरिका को बढ़त दिलाई लेकिन तुर्किए ने आर्डा गुलेर (10वें मिनट) और बारिस अल्पर यिलमाज (31वें मिनट) के गोल की बदौलत स्कोर 2-1 कर दिया। अमेरिका ने 49वें मिनट में सबेस्टियन बरहाल्टर के गोल से बराबरी हासिल की लेकिन आयहान ने अंतिम लम्हों में गोल दागकर तुर्किए की जीत सुनिश्चित कर दी।अमेरिकी टीम पहले ही पैराग्वे और ऑस्ट्रेलिया को हराकर ग्रुप डी जीतकर नॉकआउट में जगह बना चुकी थी। कोच मौरिसियो पोचेटिनो की टीम बुधवार को राउंड ऑफ 32 में बोस्निया और हर्जेगोविना से भिड़ेगी। पोचेटिनो ने इस कम अहमियत वाले मैच के लिए नौ नए खिलाड़ियों को शुरुआती एकादश में शामिल किया लेकिन क्रिश्चियन पुलिसिक 58वें मिनट में मैदान पर उतरे। पिंडली की चोट के कारण वह अमेरिकी टीम के पहले मैच के पहले हाफ के बाद से नहीं खेले थे।तुर्किए ने शानदार खेल दिखाते हुए पहले हाफ में दो गोल की बदौलत दबदबा बनाया और अंतत: रोमांचक जीत दर्ज करने में सफल रहा। Trkiye beating the USA with its B squad The USA are so overhyped and were lucky we had two bad games otherwise they would’ve finished under us. pic.twitter.com/zhuROl3bFh — Turk Scout (@ScouTurk) June 26, 2026 तुर्किए अपने पहले दो मैच हारने के बाद पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुका था जबकि आंकड़ों के लिहाज से उसने दोनों मैचों में काफी हद तक दबदबा बनाए रखा था।इंजरी टाइम के आठवें मिनट में तुर्किए ने अप्रत्याशित जीत हासिल की। कैन उज़ुन को बैक पोस्ट पर खाली जगह में गेंद मिली और उन्होंने उसे गोलकीपर मैट टर्नर के पास से आयहान की ओर धकेल दिया जिन्होंने स्लाइड करते हुए गेंद को गोल में पहुंचा दिया। खचाखच भरे सोफी स्टेडियम में दर्शकों के लिए मैच के नतीजे का कोई खास महत्व नहीं था। घरेलू मैदान पर हो रहे इस विश्व कप में अमेरिकी टीम की शानदार शुरुआत ने प्रशंसकों में जोश भर दिया था लेकिन टीम को अंतत: हार झेलनी पड़ी।
कच्चा तेल 70 डॉलर प्रति बैरल, जानें आपके शहर में आज का गोल्ड-सिल्वर रेट
Gold Silver Rates 26 June : अमेरिका ईरान युद्ध थमने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बाद भी सोने चांदी के दाम स्थिर बने हुए हैं। वैश्विक बुलियन बाजारों से मिले कमजोर संकेतों से आज भी सोने चांदी की कीमतों में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका ईरान युद्ध के बाद से पहले बाद क्रूड की कीमतें 70 डॉलर तक पहुंच गई। WTI क्रूड 70.66 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 74.05 डॉलर प्रति बैरल हुआ। इंडियन बास्केट पर भी कच्चे तेल के दाम 6.07 फीसदी गिरकर 70.71 डॉलर प्रति बैरल हो गए। 26 जून को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर दोनों कीमती धातुओं में ज्यादा उतार चढ़ाव नहीं दिखाई दिया। दोपहर 12:00 बजे MCX पर सोना 73 रुपए बढ़कर 1,43,200 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था। इस समय चांदी 1,268 रुपए की बढ़त के साथ 2,20,940 पर थी। स्पॉट गोल्ड और स्पॉट सिल्वर में भी आज बढ़त दिखाई दी। यहां सोने की कीमत 4034.611 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। वहीं स्पॉट सिल्वर की कीमत 58.179 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। गुडरिटर्न्स डॉट कॉम के अनुसार, देश में 24 कैरेट गोल्ड के दाम 1,41,600 रुपए प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट गोल्ड 1,29,800 रुपए प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट गोल्ड 1,02,200 रुपए प्रति 10 ग्राम है। चांदी की कीमत 2,40,000 रुपए प्रति किलो थी। आपके शहर में क्या है सोने के दाम? आपके शहर में क्या है चांदी के दाम? अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। जीएसटी और अन्य कारणों से सोने चांदी के दाम यहां दिए गए दाम से अलग भी हो सकते हैं। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें। edited by : Nrapendra Gupta
टेक इंडस्ट्री में अपनी अनोखी पहचान बनाने वाली कंपनी Nothing अपने अगले फ्लैगशिप स्मार्टफोन Nothing Phone (3) को भारत में लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है। अगर आप भी नथिंग के सिग्नेचर ट्रांसपेरेंट डिजाइन और नए ग्लिफ इंटरफेस (Glyph Interface) के दीवाने हैं, तो आपके लिए बड़ी खबर है। ALSO READ: जून 2026 के 3 सस्ते स्मार्टफोन्स, 7000mAh बैटरी और गेमिंग परफॉर्मेंस का जबरदस्त कॉम्बो प्रसिद्ध टेक टिपस्टर्स और इंडस्ट्री लीक्स के जरिए इस फोन की प्री-बुकिंग डेट, संभावित कीमत और सभी बड़े स्पेसिफिकेशन्स सामने आ चुके हैं। आइए जानते हैं कि यह नया स्मार्टफोन भारतीय बाजार में पहले से मौजूद दिग्गजों को कितनी कड़ी टक्कर देने वाला है। 'Nothing OS 3.0' और धांसू AI फीचर्स का कॉम्बिनेशन लीक्स की मानें तो Nothing Phone (3) आउट-ऑफ-द-बॉक्स Nothing OS 3.0 पर काम करेगा, जो पूरी तरह से पर्सनलाइज्ड एआई (AI) फीचर्स से लैस होगा। इसमें एक नया AI Glyph Composer मिल सकता है, जो आपके मूड और नोटिफिकेशन के हिसाब से खुद ब खुद बैक पैनल की लाइट्स को कस्टमाइज कर देगा। इसके अलावा, फोटो एडिटिंग के लिए 'AI ऑब्जेक्ट इरेज़र' और रियल-टाइम वॉयस ट्रांसलेशन जैसे फीचर्स भी शामिल किए जा रहे हैं। ALSO READ: 15,000 रुपए में कौन सा फोन है बेस्ट? जानिए टॉप 5 5G स्मार्टफोन कड़ा मुकाबला: Nothing Phone (3) vs OnePlus 12R भारतीय प्रीमियम मिड-रेंज मार्केट में इस समय OnePlus 12R का दबदबा है। ऐसे में नथिंग अपने नए फोन को सीधे वनप्लस के खिलाफ उतार रहा है। विश्वसनीय टिपस्टर्स के अनुसार दोनों फोन्स की सटीक तुलना नीचे दी गई है: भारत में क्या होगी कीमत और कब शुरू होगी प्री-बुकिंग? संभावित कीमत: टेक एक्सपर्ट्स और मुकुल शर्मा जैसे बड़े टिपस्टर्स के अनुसार, भारत में Nothing Phone (3) के बेस वेरिएंट (8GB RAM + 128GB) की शुरुआती कीमत 42,999 से 44,999 रुपए के बीच हो सकती है। बैंक ऑफर्स के साथ यह और भी कम में मिल सकता है। प्री-बुकिंग और लॉन्च डेट: लीक रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्लिपकार्ट (Flipkart) पर इस फोन का प्री-बुकिंग पेज अगले महीने के पहले हफ्ते में लाइव हो सकता है, जबकि फोन की ऑफिशियल लॉन्चिंग जुलाई 2026 के मध्य में होने की पूरी उम्मीद है। फर्स्ट लुक ओपिनियन (Experience Note): अगर हम लीक हुए रेंडर्स और फर्स्ट लुक को देखें, तो इस बार नथिंग ने इन-हाथ फील (In-hand feel) को बेहतर करने के लिए किनारों को थोड़ा और बेवल (Beveled) किया है। इसके अलावा, कैमरा मॉड्यूल के चारों ओर ग्लिफ एलईडी लाइट्स की संख्या बढ़ाई गई है, जो चार्जिंग प्रोग्रेस को और अधिक बारीकी से दर्शाती है। ALSO READ: Honor करने वाला है धमाका, आने वाला है 10,000mAh बैटरी और 10,000 Nits ब्राइटनेस वाला सस्ता स्मार्टफोन निष्कर्ष: यदि आप एक ऐसा स्मार्टफोन चाहते हैं जो भीड़ से अलग दिखे और जिसमें लेटेस्ट एआई फीचर्स के साथ क्लीन एंड्रॉइड एक्सपीरियंस (No Bloatware) मिले, तो आपको कुछ दिन रुककर Nothing Phone (3) की प्री-बुकिंग का इंतजार जरूर करना चाहिए।
दो कीवी ओपनर्स के टेस्ट शतक, 317 रनों की साझेदारी में पिसा इंग्लैंड
ENGvsNZ कप्तान टॉम लैथम और डेवॉन कॉन्वे के शतक की बदौलत न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट के पहले दिन 4 विकेट पर 361 रन बना लिए। हालांकि दोनों सलामी बल्लेबाजों के शतकों के कारण इंग्लैंड को विकेट के लिए तीसरे सत्र में शाम 5.30 बजे और 72 ओवर तक इंतजार करना पड़ा। What a knock. Tom Latham's 17th Test century brings him level with the late great Martin Crowe to be third equal on the list of BLACKCAPS century-makers. Name the top two? #ENGvNZ pic.twitter.com/dWsPW8GxMs — BLACKCAPS (@BLACKCAPS) June 25, 2026 317 रनों के बाद इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने यह साझेदारी तोड़ी। ऐसा दूसरी बार हुआ है जब इन दोनों कीवी ओपनर्स के बीच 300 रनों की सलामी साझेदारी हुई हो। डेवॉन कॉन्वे ने अपने करियर का आठवां टेस्ट शतक जड़ा और कप्तान टॉम लेथम भी तिहरे आंकड़े तक गए। Devon Conway take a bow. The left hander brings up his 8th Test century and third in his last 5 tests. #ENGvNZ pic.twitter.com/IhVqtNj7Y2 — BLACKCAPS (@BLACKCAPS) June 25, 2026 दोनों ही बल्लेबाज 150 के आंकड़े के पार गए। टॉम लेथम ने 214 गेंदों में 14 चौकों की मदद से 151 रन बनाए। वहीं डेवॉन कॉन्वे ने 224 गेंदों में 22 चौके और 3 छक्के लगाकर 157 रन बनाए।
टीवी और OTT पर लौट रहा 'खतरों के खिलाड़ी 15', जानें कब और कहां देख सकते हैं शो
रोहित शेट्टी का एडवेंचर रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी 15' अपनी पूरी ताकत के साथ छोटे पर्दे पर लौटने के लिए तैयार है। साल 2025 में कुछ अंदरूनी विवादों के कारण यह शो प्रसारित नहीं हो सका था, जिसके चलते दर्शकों को दो साल का लंबा इंतजार करना पड़ा। लेकिन अब फैंस का यह इंतजार खत्म होने जा रहा है। होस्ट रोहित शेट्टी ने साउथ अफ्रीका के केपटाउन में इस सीजन की 40 दिनों की बेहद कठिन और थका देने वाली शूटिंग को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। रोहित शेट्टी ने खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर वादा किया है कि यह सीजन अब तक का सबसे खतरनाक और अनोखा होने वाला है। ALSO READ: ईशा देओल ने दिया मां हेमा मालिनी के बंगले 'अद्वितीय' का टूर, संजोकर रखीं धर्मेंद्र की यादें कब और कहां प्रसारित होगा खतरों के खिलाड़ी 15? मेकर्स ने एक धमाकेदार प्रोमो जारी करते हुए 'खतरों के खिलाड़ी 15' के प्रीमियर की तारीख साफ कर दी है। प्रोमो के अनुसार, 'खतरों के खिलाड़ी 15' का ग्रैंड प्रीमियर 25 जुलाई से होने जा रहा है। टीवी पर चल रहे कॉमेडी कुकिंग शो 'लाफ्टर शेफ्स सीजन 3' के समाप्त होते ही यह शो वीकेंड स्लॉट को अपने नाम कर लेगा। 'खतरों के खिलाड़ी 15 एक बाई-वीकली शो होगा, जिसका प्रसारण हर शनिवार और रविवार रात 9 बजे कलर्स टीवी पर किया जाएगा। इसके साथ ही डिजिटल दर्शक इसे जियो हॉटस्टार ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी स्ट्रीम कर सकेंगे। A post shared by ColorsTV (@colorstv) क्या था चैनल और प्रोडक्शन हाउस का विवाद? साल 2025 के मध्य में शो की प्लानिंग की गई थी, लेकिन अप्रैल 2025 में अचानक 'बनिजय एशिया' और 'एंडेमॉल' के बीच हुए अंदरूनी मतभेदों के कारण प्रोडक्शन का काम रुक गया था। खबरें तो यहां तक थीं कि 'बिग बॉस 19' और 'खतरों के खिलाड़ी 15' कलर्स टीवी को छोड़कर 'सोनी टीवी' पर शिफ्ट हो सकते हैं। हालांकि, कलर्स चैनल ने समय रहते नए प्रोडक्शन हाउस के साथ इस गुत्थी को सुलझा लिया और शो अपने मूल चैनल पर ही वापस लौट आया। इस बार का अनोखा फॉर्मेट और कंटेस्टेंट्स लिस्ट शो के इतिहास में पहली बार एक बिल्कुल नया और अनूठा फॉर्मेट पेश किया जा रहा है। इस सीजन की थीम 'डर का नया दौर' रखी गई है, जिसमें टीवी के कुछ नए चेहरों का मुकाबला उन पुराने कंटेस्टेंट्स से कराया जा रहा है जो पहले ट्रॉफी जीतने से चूक गए थे। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें शो के कन्फर्म कंटेस्टेंट्स की लिस्ट: पुराने खिलाड़ी - रुबीना दिलैक, करण वाही, ऋत्विक धनजानी, जैस्मीन भसीन और विशाल आदित्य सिंह। नए जांबाज खिलाड़ी - गौरव खन्ना, अविनाश मिश्रा, फरहाना भट्ट, हर्ष गुजराल, शगुन शर्मा, अविका गोर, रुहानिका धवन और ओरहान अवत्रामणि उर्फ 'ओरी'।
रीवा/भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मध्य प्रदेश में दो बड़े वित्तीय अनियमितता मामलों में कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की संपत्ति, नकदी और दस्तावेज जब्त किए हैं। एक कार्रवाई रीवा ... Read more
भरत तख्तानी से तलाक के बाद ईशा देओल को खल रही है इस चीज़ की कमी
बॉलीवुड गलियारे में रिश्तों का बनना और बिगड़ना कोई नई बात नहीं है, लेकिन कुछ सितारे अपने अलगाव को भी बेहद गरिमा और परिपक्वता के साथ संभालते हैं। दिवंगत एक्टर धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की बेटी ईशा देओल भी इन्हीं में से एक हैं। साल 2012 में बिजनेसमैन भरत तख्तानी के साथ शादी के बंधन में बंधीं ईशा ने 2024 में अपनी 11 साल पुरानी शादी को आपसी सहमति से खत्म करने का फैसला किया था। अब, तलाक के बाद अपनी पर्सनल लाइफ, सिंगलहुड और प्यार को लेकर ईशा देओल ने कुछ ऐसे खुलासे किए हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। हाल ही में ईशा देओल मशहूर टॉक शो 'कर्ली टेल्स' के पॉडकास्ट में नजर आईं। इस इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपने और भरत के अलगाव पर दिल खोलकर बात की। ALSO READ: अक्षय कुमार की सादगी पर फिदा हुईं अक्षरा सिंह, 'वेलकम टू द जंगल' में करेंगी धमाकेदार डांस ईशा ने बेहद बेबाकी से स्वीकार किया कि आज वह अपनी जिंदगी में एक खास चीज की कमी महसूस कर रही हैं और वह चीज कुछ और नहीं बल्कि 'प्यार और रोमांस' है। इंटरव्यू के दौरान जब ईशा से उनकी मौजूदा जिंदगी और भावनाओं के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि किसी भी इंसान की जिंदगी में प्यार और रोमांस सबसे महत्वपूर्ण चीजें होती हैं, जिन्हें मैं फिलहाल अपनी लाइफ में मिस कर रही हूं। मुझे रोमांटिक होना पसंद है। मैं पूरी तरह से एक 'रॉम-कॉम' पर्सन हूं। मुझे लव सॉन्ग्स बेहद पसंद हैं और मैं प्यार की कहानियां देखना-सुनना पसंद करती हूं। क्या तलाक के बाद बदल गया प्यार का नजरिया? जब ईशा देओल से पूछा गया कि क्या पति से अलग होने के बाद प्यार के लिए उनका नजरिया बदला। इस पर उन्होंने कहा, नहीं, ये चीजें बदलती नहीं है। ब्रेकअप होते रहते हैं। मेरे भी पहले बॉयफ्रेंड रहे हैं जिनसे मैं अलग हुई। ऐसी चीजें होती हैं, पर इससे प्यार के प्रति मेरा नजरिया नहीं बदला है। ना ही इसमें कोई कमी आई है। हम सबने हेमाजी और धर्मेंद्रजी के बीच के निस्वार्थ प्यार को देखा है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें ईशा ने इस बात पर भी जोर दिया कि किसी भी कपल के लिए अलग होने का फैसला बेहद निजी और संवेदनशील होता है, खासकर तब जब उस रिश्ते से बच्चे जुड़े हों। ईशा और भरत की दो बेटियां हैं- राध्या और मिराया। ईशा ने बताया कि वह कभी नहीं चाहती थीं कि उनका सेपरेशन मीडिया की हेडलाइंस बने, लेकिन पब्लिक फिगर होने के नाते वे जानते थे कि इसे छुपाया नहीं जा सकता। इसलिए उन्होंने और भरत ने इस स्थिति को बेहद समझदारी, देखभाल और संवेदनशीलता के साथ हैंडल किया। बता दें कि साल 2024 में एक संयुक्त बयान जारी कर ईशा और भरत ने अलग होने की घोषणा की थी। उस समय उन्होंने कहा था कि उनकी बेटियों की भलाई और परवरिश उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। अपने इसी वादे को निभाते हुए आज भी दोनों एक बेहतरीन को-पैरेंट्स की भूमिका निभा रहे हैं।
Vat Savitri Purnima 2026: ज्येष्ठ पूर्णिमा का दिन शादीशुदा महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इस दिन वट पूर्णिमा (वट सावित्री) का व्रत रखकर महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करती हैं। मान्यताओं के अनुसार, बरगद के पेड़ के नीचे बैठकर ही सावित्री ने यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस मांग लिए थे। ALSO READ: Vat Savitri Vrat 2026: ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा का क्या है महत्व, पढ़िए पौराणिक कथा इस महापर्व की पूजा तभी पूरी मानी जाती है, जब आपकी थाली में हर जरूरी चीज मौजूद हो। पूजा के दिन ऐन वक्त पर कोई हड़बड़ी न हो, इसलिए हम आपके लिए लेकर आए हैं जरूरी पूजन सामग्रियों की पूरी चेकलिस्ट। वट सावित्री पूर्णिमा: पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट अपनी थाली सजाने से पहले इन चीजों को एक बार जरूर चेक कर लें: मुख्य तस्वीरें और पात्र: 1. सावित्री-सत्यवान की मूर्ति या सुंदर तस्वीर 2. दो बांस की टोकरी 3. स्टील या कांसे की साफ थाली सुहाग और वस्त्र: 4. सुहाग का पूरा सामान (चूड़ी, बिंदी, आदि) 5. लाल कलावा (रक्षासूत्र) 6. लाल कपड़ा और 1.25 मीटर का अलग से वस्त्र 7. सिंदूर और रोली (कुमकुम) पेड़ की परिक्रमा और विशेष सामग्री: 8. बांस का पंखा (सत्यवान को हवा झलने के प्रतीक के रूप में) 9. कच्चा सूत (बरगद के पेड़ पर लपेटने के लिए) 10. जल से भरा एक सुंदर कलश 11. भीगा हुआ चना (व्रत खोलने और पूजा के लिए बेहद जरूरी) फल, फूल और नैवेद्य (प्रसाद): 12. बरगद का फल 13. ताजे फल (विशेषकर आम, लीची और मौसमी फल) 14. घर में बना पकवान और शुद्ध घी की पूड़ियाँ 15. मिठाई और बताशे 16. ताजा फूल और दूर्वा घास 17. पान के पत्ते और साबुत सुपारी 18. पानी वाला नारियल पूजा-आरती का सामान: 19. मिट्टी का दीपक और शुद्ध घी 20. धूपबत्ती और इत्र (खुशबू के लिए) 21. अक्षत (बिना टूटे हुए चावल) 22. नकद रुपए (दक्षिणा के लिए) खास टिप: पूजा से एक दिन पहले ही इन सभी सामग्रियों को एक जगह इकट्ठा करके रख लें। बांस के पंखे और भीगे चने का इस पूजा में सबसे विशेष महत्व होता है, इसलिए इन्हें भूलना बिल्कुल न भूलें। आपकी पूजा मंगलमय हो! वट सावित्री पूर्णिमा की पूजा केवल एक परंपरा नहीं बल्कि श्रद्धा और सुहाग के अटूट बंधन का प्रतीक है। सही सामग्री के साथ की गई पूजा अधिक फलदायी मानी जाती है और इससे वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Vat Savitri Purnima 2026: सुहागिनें नोट कर लें तारीख और शुभ मुहूर्त, इस दिन बरगद पूजा से मिलेगा अखंड सौभाग्य का वरदान!
नाटो प्रमुख से खुश लेकिन यूरोपीय साझेदारों से चिढ़े ट्रंप
नीदरलैंड्स के पूर्व प्रधानमंत्री और नाटो के महासचिव मार्क रुटे को डोनाल्ड ट्रंप ने अपना दोस्त बताया है। लेकिन उनके देश समेत नाटो के यूरोपीय साझेदारों को अमेरिकी राष्ट्रपति ने फिर से तीखे ताने सुनाए हैं।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (26 जून, 2026)
1. मेष (Aries) Today 26 June horoscope in Hindi 2026 : करियर : कार्यक्षेत्र में नए विचार आपके लिए लाभकारी साबित होंगे। लव : लव पार्टनर से अच्छे संबंध बनाए रखें। धन : आज किसी अप्रत्याशित खर्च से बचें। स्वास्थ्य : आप शारीरिक रूप से फिट रहेंगे। उपाय : आज तांबे की धातु का उपयोग करें। ALSO READ: LIVE: भूकंप से वेनेजुएला में भारी तबाही, ट्रंप बोले- अमेरिका मदद के लिए तैयार 2. वृष (Taurus) करियर : कार्यक्षेत्र में सकारात्मक बदलाव हो सकते हैं। लव : प्रेम संबंधों में समझदारी बढ़ेगी। धन : कोई नया निवेश लाभकारी हो सकता है। स्वास्थ्य : शारीरिक रूप से सामान्य रहेंगे। उपाय : गाय को हरा चारा खिलाएं। 3. मिथुन (Gemini) करियर : कार्यक्षेत्र में सफलता मिल सकती है। लव : प्रेम संबंधों में छोटे-मोटे मतभेद हो सकते हैं। धन : पुराने निवेश से लाभ प्राप्त हो सकता है। स्वास्थ्य : मानसिक शांति बनाए रखने के लिए ध्यान करें। उपाय : केले के पेड़ की पूजा करें। 4. कर्क (Cancer) करियर : कार्यक्षेत्र में धैर्य रखें, धीरे-धीरे सफलता मिलेगी। लव : प्रेम संबंधों में थोड़ी दूरियां हो सकती हैं। धन : आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य : मानसिक शांति के लिए समय निकालें। उपाय : चांदी के सिक्के का उपयोग करें। 5. सिंह (Leo) करियर : कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का अच्छा फल मिलेगा। लव : प्रेम संबंधों में सामंजस्य रहेगा। धन : आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। स्वास्थ्य : शारीरिक रूप से अच्छा महसूस करेंगे। उपाय : सूर्य देव को जल अर्पित करें। 6. कन्या (Virgo) करियर : कार्यक्षेत्र में मेहनत से सफलता मिलेगी। लव : पार्टनर के साथ अच्छे पल बिताएंगे। धन : किसी अप्रत्याशित खर्च से बचने के लिए सतर्क रहें। स्वास्थ्य : आज आप शारीरिक रूप से स्वस्थ रहेंगे। उपाय : सफेद फूलों की पूजा करें। ALSO READ: Flat Vastu Tips: फ्लैट में रह रहे लोगों के लिए वास्तु के 5 टिप्स 7. तुला (Libra) करियर : कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और समर्पण से अच्छे परिणाम मिलेंगे। लव : पार्टनर के साथ रिश्ते मजबूत होंगे। धन : किसी पुराने निवेश से लाभ मिलने के संकेत हैं। स्वास्थ्य : मानसिक शांति के लिए थोड़ा आराम करें। उपाय : तांबे के बर्तन का उपयोग करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर : आपको किसी बड़े प्रोजेक्ट पर काम करने का अवसर मिल सकता है। लव : समझदारी से आपसी मतभेद दूर हो सकते हैं। धन : आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। कोई बड़ा खर्च करने से बचें। स्वास्थ्य : आज शारीरिक रूप से थोड़ा आराम करें। उपाय : सरसों के तेल का दीपक जलाएं। 9. धनु (Sagittarius) करियर : कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी। लव : पार्टनर के साथ समय बिताएं, आपसी समझ बढ़ेगी। धन : किसी पुराने निवेश से लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य : मानसिक शांति के लिए ध्यान करें। उपाय : तुलसी के पौधे की पूजा करें। 10. मकर (Capricorn) करियर : कार्यक्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। लव : प्रेम संबंधों में सामंजस्य रहेगा। पार्टनर से बातचीत बढ़ाएं। धन : आज आपकी आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। स्वास्थ्य : शारीरिक रूप से फिट रहेंगे। उपाय : लोहे का टुकड़ा पानी में डालकर पेड़ के नीचे रखें। 11. कुम्भ (Aquarius) करियर : कार्यक्षेत्र में कुछ नए विचारों से सफलता मिल सकती है। लव : प्रेम संबंधों में आपसी विश्वास बढ़ेगा। धन : किसी अप्रत्याशित खर्च से बचने की कोशिश करें। स्वास्थ्य : मानसिक शांति बनाए रखने हेतु योग का सहारा लें। उपाय : शहद का सेवन करें। 12. मीन (Pisces) करियर : कार्यक्षेत्र में सफलता के अच्छे संकेत हैं। लव : प्रेम संबंधों में आपसी समझ से रिश्ते मजबूत होंगे। धन : आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। स्वास्थ्य : शारीरिक रूप से अच्छा महसूस करेंगे। उपाय : सफेद फूलों की पूजा करें और जल अर्पित करें। ALSO READ: बुध का गुरु के नक्षत्र में गोचर: 8 अगस्त तक इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत
कमरे के फर्श पर एक बच्ची बेजान सी पड़ी है। उम्र 13 साल। वो न सुन सकती है, न बोल सकती है और न देख सकती है। आंखों में कोई चाकू भी घोंप दे, तो पलकें नहीं झपकेंगी। दरअसल, उसकी आंखों में किसी के छूने, कुछ चुभने या जख्म का कोई अहसास नहीं होता। बस, कुछ देर आंसू बहते हैं। ये बच्ची रह-रहकर कराहती है, छटपटाती है। सिर घुमाती है और अपने बाल खींचती है। दोनों हाथों से अपना चेहरा टटोलती है। फिर पूरी ताकत से फर्श पर हाथ-पैर पटकने लगती है। अजीब सी आवाज में चीखती है फिर कुछ देर के लिए एकदम चुप हो जाती है। दिन हो या रात, जानवी ऐसे ही छटपटाती रहती है। दरअसल, जानवी के दिमाग, कान और आंखों की नसें आपस में उलझी हुई हैं। या यूं कहें कि गलत जगह जुड़ी हैं। इसका दुनिया में कोई इलाज नहीं है। जानवी की छोटी बहन यानसी को भी यही बीमारी है। दुर्लभ बीमारियों की सीरीज- ‘ऐ जिंदगी’ में मैं नीरज झा पहुंचा हूं राजस्थान के उदयपुर से 90 किमी दूर वीरवा खुर्द गांव। आज कहानी वहीं से… अरावली की पहाड़ियों के बीच बसे गांव में 2 किलोमीटर चलने पर एक घर नजर आया। दरवाजे पर दस्तक देते ही एक बच्ची सामने आई। चेहरा आम लोगों से काफी अलग, हाथ-पैर सूखी टहनी की तरह। सिर का पिछला हिस्सा चपटा। चेहरे पर आंखें दिखती तो हैं, खुलती हैं या नहीं, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। वह बार-बार कमरे में इधर-से-उधर चक्कर काट रही है। अपने दोनों हाथों को जांघों पर जोर-जोर से मार रही है। वो कब, कहां टकरा जाए, गिर जाए, पता नहीं लगता। अपनी भौहों को जोर देकर ऐसे सिकोड़ती है, जैसे कुछ देखने की कोशिश कर रही हो। तभी नरेश चौबीसा आते हैं। ये बच्चियों के पिता हैं। आते ही बोले- ‘ये मेरी छोटी बेटी यानसी है। बोल नहीं सकती है, सुन नहीं सकती। आंखों में भी थोड़ी सी रोशनी है। डॉक्टर कहते हैं कि दिन के उजाले में 20 परसेंट देख पाती है। बड़ी बेटी जानवी तो बस जिंदा लाश है।’ अभी उनकी बात पूरी भी नहीं हुई थी कि पास के एक कमरे से किसी के कराहने की आवाज आने लगी। नरेश बोले- ‘बड़ी बेटी जानवी की आवाज है। चौबीसों घंटे ऐसे ही तड़पती है।’ फिर वो मुझे उस कमरे की ओर ले गए। कमरे में बेड तो है, लेकिन जानवी फर्श पर बेसुध पड़ी है। नरेश आगे बढ़कर उसके दोनों हाथ पकड़ते हैं और गोद में उठाकर आंगन में ले आते हैं। जैसे-तैसे उसे खाट पर बैठाते हैं, लेकिन जानवी चिढ़कर हाथ-पैर झटक देती है। कुछ पल बैठी रहती है और फिर बेसुध होकर खाट पर लुढ़क जाती है। नरेश कहते हैं- ‘छोटी बेटी यानसी को तो फिर भी थोड़ी समझ है। वह हमारे आसपास खेलती-कूदती है। हमें महसूस करती है, लेकिन जानवी पूरी तरह से बेसुध है। उसकी दोनों आंखों को लकवा मार चुका है।' वो अपनी उंगली से बेटी जानवी की आंखें दबाते हुए कहते हैं- ‘देखिए, इसको कुछ महसूस ही नहीं होता है। पलक भी नहीं झपकाती। ऐसे लगता है जैसे पत्थर हो गई हो। इस दौरान, जानवी को अहसास होता है कि कोई अनजान उसके करीब खड़ा है। वह अचानक पूरी ताकत से हवा में हाथ चलाती है और हमें खुद से दूर धकेलने की कोशिश करती है। उसकी आवाज तो नहीं निकल रही है, लेकिन झल्लाहट में आंसू निकल आते हैं। नरेश भावुक हो जाते हैं। कहते हैं- ‘जानवी 13 साल की है और यानसी 10 की। दोनों में से किसी ने आज तक मुझे पापा या मां को मम्मी नहीं कहा। ये सुनने के लिए हमारे कान तरस गए हैं।' 'काश! ये कभी दूसरे बच्चों की तरह जिद करतीं। कहतीं कि पापा मुझे खिलौने चाहिए, मुझे यह खाना है, लेकिन इनके हिस्से में तो कोई जिद नहीं है। जो खिला दो, खा लेती हैं। जो पहना दो, पहन लेती हैं।’ इतने में किचन में काम कर रही उनकी पत्नी अंजना भी आ जाती हैं। नरेश बताते हैं- ‘जून 2012 में हमारी शादी हुई, लव-मैरिज थी। उन दिनों मैं फोटोग्राफी करता था।' 9 नवंबर 2013 को जानवी का जन्म हुआ। तब वो स्वस्थ थी। वजन भी 3 किलो था। 'जब अंजना ने पहली बार उसे दूध पिलाना चाहा, तो नहीं पिया। डॉक्टरों ने सलाह दी कि अभी चम्मच से दूध पिलाओ, एक-दो महीने बाद वह खुद पीने लगेगी। शुरुआती दिनों में वह बिल्कुल आम बच्चों की तरह हाथ-पैर चलाती और हरकतें करती थी।’ जैसे ही एक महीने की हुई, छह-सात घंटे रोने लगी। उदयपुर में डॉक्टरों को दिखाया, लेकिन उसका रोना बंद नहीं हुआ। ‘घरवाले कहते कि बच्चे तो रोते ही हैं, धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा। हालांकि, उसका रोना आम बच्चों जैसा नहीं था। पेट भरकर दूध पिलाने के बाद भी चीख-चीखकर रोती। किसी तरह थपकियां दे-देकर उसे सुलाते थे। जैसे ही उसकी आंख खुलती, फिर रोने लगती।’ ‘ऐसा करते-करते छह महीने बीत गए। अचानक जानवी की दोनों आंखें सुर्ख लाल रहने लगीं। अंदर की ओर धंसने लगीं, गड्ढे पड़ने लगे। हम दोनों डर गए, क्योंकि ऐसा हमने पहले कभी किसी बच्चे के साथ होते हुए नहीं देखा। उसे लेकर उदयपुर भागे। वहां डॉक्टरों ने अहमदाबाद रेफर कर दिया।’ ‘अहमदाबाद में डॉक्टर ने जब उसे देखा, तो एमआरआई करवाया। पता चला कि हमारी बच्ची न सुन सकती है, न बोल सकती है। तब तक यह अंदाजा नहीं था कि वह देख भी नहीं सकती। डॉक्टरों ने उसकी आंखों का इलाज शुरू किया। पहले दोनों आंखों में टांके लगाए और हर 15 दिन में उसकी सर्जरी की।’ ‘इसी जद्दोजहद में दो महीने और बीत गए। अब डॉक्टर कहने लगे- इसकी आंखों की नसें पूरी तरह पैरालाइज्ड हैं, यह कभी नहीं देख पाएगी। इसे क्रेनियल डिसइनरवेशन सिंड्रोम नाम की बीमारी है। यह दुर्लभ बीमारी है, जिसका दुनिया में कोई इलाज नहीं है।’ 'अस्पताल से लौटने के बाद, डॉक्टरों ने हमें जानवी की आंखों में डालने के लिए एक दवा दी थी। कहा था- इसे रोजाना तय समय पर दिन में दो-चार बार डालना, ताकि आंखों में नमी बनी रहे। लेकिन एक दिन हमसे चूक हो गई और वक्त पर ड्रॉप डालना भूल गए।’ 'इसी दौरान जानवी की आंखों में तेज खुजली उठी। वह अपनी उंगलियों से आंखों को ऐसे नोंच रही थी, जैसे उसे खोदकर बाहर निकाल फेंकेगी। शुक्र है, समय रहते हमने उसे देख लिया नहीं तो वह अपनी आंखें निकाल लेती। उस दिन के बाद चाहे जो हो जाए, उसकी आंखों में दवाई डालना नहीं भूलते।' नरेश कहते हैं- 'एक रोज शाम का वक्त था। जानवी बाहर जमीन पर लेटी हुई थी। तभी हवा के तेज झोंके के साथ उड़कर आई ढेर सारी धूल-मिट्टी उसकी आंखों में चली गई, लेकिन उसने पलकें झपकाई तक नहीं। मैंने अपनी उंगलियों से उसकी आंखों को छूकर देखा। उसके चेहरे पर न कोई दर्द था, न कोई हलचल। उस दिन हमें पहली बार अहसास हुआ कि उसकी दोनों आंखें पूरी तरह बेजान हैं।' मैं एक बड़ी कंपनी में सेल्स मैनेजर था। परिवार के साथ विदेश में रहने का सपना था। मेरे कई दोस्त गए हैं, लेकिन मुझे तो बेटियों की वजह से नौकरी छोड़नी पड़ी। हर हफ्ते इन्हें डॉक्टर के पास ले जाना पड़ता है। मन में बस एक आस रहती थी कि काश, कहीं कोई चमत्कार हो जाए। रिश्तेदार और आसपास के लोग कहते थे- ऐसे बच्चों का इलाज करवाकर क्या फायदा, पैसे बहा रहे हो। आप ही बताइए, अपनी औलाद को कैसे तड़पते हुए छोड़ दूं?’ 2016 की बात है। जानवी 3 साल की हो चुकी थी, लेकिन उसकी जिंदगी एक बिस्तर तक सिमटी हुई थी। जहां इस उम्र के बच्चे दौड़ लगाते हैं, वहीं जानवी के पैरों ने जमीन को छुआ तक नहीं था। हम दूसरे बच्चे के बारे में सोचने लगे। कुछ दिनों बाद अंजना गर्भवती हो गई। सब बहुत खुश थे, लेकिन तभी मेरे बड़े भाई का एक्सीडेंट हो गया। वे दो महीनों तक जिंदगी और मौत के बीच झूलते रहे। परिवार अस्पताल के चक्कर काटता रहा। जब गर्भ चार-साढ़े चार महीने का हो गया, तब हमें होश आया कि पहली संतान इस हाल में है, तो कहीं दूसरी के साथ भी ऐसा न हो जाए। तब दोनों जेनेटिक टेस्ट कराने अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने कहा कि रिपोर्ट आने में कम से कम आठ महीने लगेंगे। सोचा कि जब तक रिपोर्ट आएगी, तब तक तो बच्चा दुनिया में आ चुका होगा। और इतने दिनों बाद गर्भ को गिराना भी संभव नहीं था। हम कोख में पल रहे बच्चे को मार नहीं सकते थे। सब ऊपर वाले पर छोड़ दिया कि जो होगा, देखा जाएगा। फिर दूसरी बेटी यानसी का जन्म हुआ। यानसी भी 5-6 महीने ठीक रही, लेकिन बाद में उसकी आंखें भी लाल हो गईं। आंखों के नीचे गड्ढे हो गए। कॉर्निया सूखने लगा। हालांकि यानसी को थोड़ा जल्दी इलाज मिल गया, इसलिए वह 20 प्रतिशत देख पाती है। कमजोर है, इसकी भी पूरी देखभाल बड़ी बेटी की तरह करनी पड़ती है। बच्चे एक-डेढ़ साल में चलना सीख जाते हैं। इसने 8 साल की उम्र में चलना शुरू किया।’ नरेश रुआंसी आवाज में कहते हैं- ‘पहले हमारा घर यहां से 500 मीटर दूर, बीच गांव में था। वहां गांववालों ने हमें बीमारी से भी गहरे जख्म दिए। कोई कहता- तुम्हारे घर पर बुरा साया है। कोई कहता- यह तुम्हारे पिछले जन्मों को पाप है। ओझा-फकीरों के पास भी बच्चों को लेकर गए, लेकिन कुछ नहीं हुआ।’ आखिर, वहां का घर छोड़कर यहां घर बनाया। बैंक से लोन लेना पड़ा। इसी दौरान, दरवाजे की घंटी बजती है। सामने खड़े दो शख्स नरेश को किसी फंक्शन में चलने के लिए कहते हैं। नरेश जवाब देते हैं- नहीं चल पाऊंगा, कुछ काम है, आप चले जाइए। अंदर आकर नरेश बताते हैं- ‘24 घंटे हम दोनों में से किसी एक को घर पर पहरा देना पड़ता है। जब बच्चे छोटे थे, तो गोद में उठाकर कभी-कभी किसी फंक्शन में चले जाते थे। लेकिन अब चौखट पार करने में भी सोचना पड़ता है।' बेटियों को क्या बीमारी है? कहां इलाज करवा रहे हैं? कितनों को इसका जवाब दें। सो जाना ही छोड़ दिया। मेरी बहन की बेटी, जानवी से 2 महीने बड़ी है। वह घर का काम करती है, लेकिन ये अपने हाथ से खाना भी नहीं खा पाती। हाथ चलते नहीं, निगल पाती नहीं, इसलिए पेस्ट बनाकर खिलाना पड़ता है। हम दोनों ने इनके खाने-पानी का समय तय कर रखा है, क्योंकि दोनों तो भूख लगने पर खाना भी नहीं मांग सकतीं। जब भी घर के सामने से स्कूल बस गुजरती है, तो एक आस जागती है कि काश! मैं भी अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने जाता।’ बोलते-बोलते नरेश की आंखें भर आती हैं। वे कहते हैं- ‘जानवी सुन सके इसलिए कॉकलियर इम्प्लांट के लिए सोचा, लेकिन डॉक्टरों ने मना कर दिया। यानसी के लिए भी कोशिश की तो डॉक्टर ने कहा कि 10-15 लाख रुपए खर्च होंगे, कोई भी NGO करवा देगा। जब उसके कान का चेकअप हुआ, तो पता चला कि इम्प्लांट नहीं हो सकता।’ डॉक्टरों ने साफ कह दिया- दो ही रास्ते हैं। इन बच्चियों को ऐसे ही स्वीकार कर लें या 'ब्रेन इम्प्लांट' करा लें। लेकिन ऐसे बच्चों में ब्रेन इम्प्लांट का सक्सेस रेट शून्य है। जान का भी खतरा है। 'हमने यह सोचकर मना कर दिया कि कम से कम बेटियां जिंदा तो रहेंगी। वैसे भी 50 लाख का खर्च उठाने की हैसियत कहां है। इलाज में अब तक 10 लाख से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर जैसे-तैसे दिव्यांग कार्ड बनवाया, लेकिन पेंशन के नाम पर महीने के सिर्फ 2400 रुपए मिलते हैं।’ तभी खाट पर लेटी जानवी उठने की कोशिश करती है। अंजना, उसे संभालती हैं और वॉशरूम ले जाती हैं। थोड़ी देर बाद वह लौटती हैं। नरेश कहते हैं- ‘कभी-कभी जब सब सो जाते हैं, तो मैं बेटियों के पास बैठ जाता हूं। सोचता हूं कि ये दोनों क्या सोचती होंगी। क्या कहना चाहती होंगी।’ मेरी पत्नी अंजना तीसरी बार गर्भवती है, सात महीने हो चुके हैं। दो बेटियों की हालत देखने के बाद अब यही उम्मीद है कि आने वाली संतान ठीक हो। इसी आस में हर महीने डॉक्टरों के चक्कर काटते हैं, सारे टेस्ट और चेकअप भी करवा रहे हैं। तीसरे बच्चे को इस दुनिया में लाने का फैसला भी सिर्फ इसलिए लिया कि हमारे जाने के बाद कोई हो, जो इन दोनों का ख्याल रख सके। डॉक्टर का कहना है, इस बार 99% उम्मीद है कि बच्चा बिल्कुल ठीक और सामान्य होगा, लेकिन सच कहूं तो बेटियों को देखकर रूह कांप जाती है- अगर इस बार भी पहले जैसा कुछ हुआ तो…!’ जानवी और यानसी को देखने के बाद बतौर रिपोर्टर मेरे मन में कई सवाल उठने लगे। जवाब पाने के लिए अहमदाबाद स्थित ‘इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन जेनेटिक्स’ पहुंचा। यहां असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. हर्ष शेठ से मुलाकात हुई। उनसे जानवी और यानसी की बीमारी का जिक्र किया। डॉ. हर्ष बताते हैं- 'दोनों बच्चियां क्रेनियल डिसइनरवेंशन सिंड्रोम से पीड़ित हैं। यह भारत का पहला और दुनिया का चौथा मामला है। इसमें बच्चे के दिमाग से चेहरे, आंख, कान और गले तक जाने वाली नस ठीक से विकसित नहीं हो पातीं या गलत जुड़ जाती हैं। GJB2 नाम के जीन की खराबी से ये बीमारी होती है। इसका कोई इलाज नहीं है।' बच्चा जन्म से ही सुन और बोल नहीं पाता। दिमाग का विकास रुक जाता है। चेहरे की नसें इतनी कमजोर होती हैं खाने का पेस्ट बनाकर देना पड़ता है। आंखें अंदर धंस जाती हैं और बच्चा सिर झुकाकर या चीजों को आंख के बेहद करीब लाकर देखता है। लेकिन जानवी-यानसी का केस इससे भी एक स्टेप आगे है। वो तो देख भी नहीं सकती। क्या गर्भ के समय ही इस बीमारी का पता लगाया जा सकता है? डॉ. हर्ष कहते हैं- ‘गर्भावस्था में इसका पता लगाया जा सकता है। यह जेनेटिक और नसों की बीमारी है। इसके लिए एडवांस जेनेटिक टेस्ट कराना पड़ता है। इसे CVS या एमिनियोसेंटेसिस टेस्ट के नाम से जाना जाता है। इससे GJB2 जीन की खराबी को पकड़ा जा सकता है।’ इसके अलावा, गर्भावस्था के दौरान हाई-रिजोल्यूशन फीटल MRI से गर्भ में शिशु की क्रेनियल नसों की गलत बनावट का पता चल सकता है। ------------------------------------- ऐ जिंदगी सीरीज की यह खबर भी पड़ें… 1- उम्र-29, हाइट 3 फीट, खांसने से टूटती हैं हड्डियां:भगवान से हर रोज कहती हूं- मुझसे पहले मेरी बेटी को उठा लेना तखत पर एक लड़की करवट लिए लेटी है। बाल छोटे-छोटे। लंबाई बमुश्किल 3 फीट, लेकिन उम्र 29 बरस। इस लड़की ने आज तक आइसक्रीम नहीं खाई। जानते हैं क्यों? पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- 14 की उम्र में शरीर बना 'पेड़ की छाल’: उठो या बैठो फटने लगती है चमड़ी, मन करता है छीलकर फेंक दूं; देश का अकेला केस दोपहर के 1 बजे हैं। जंगल के ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर कार हिचकोले खा रही है। तेज गर्मी से गला लगातार सूख रहा है। करीब 2 घंटे बाद जंगलों में कुछ झोपड़ियां नजर आती हैं। इन्हीं झोपड़ियों में से एक के सामने हमारी कार रुकी। झोपड़ी के बाहर एक लड़की बेजान सी खड़ी नजर आई। उसकी मटमैली शर्ट और हाफ पैंट के बाहर जितना भी शरीर दिख रहा है, वह बेहद डरावना है। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें…
शेफाली वर्मा की आतिशी पारी ने भारत को दिलाई बांग्लादेश पर 5 विकेट से जीत
BANvsIND सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा की 34 गेंदों में 53 रन की विस्फोटक पारी की बदौलत भारत ने महिला टी20 विश्व कप में गुरूवार को बांग्लादेश को पांच विकेट से हराकर सेमीफाइनल की अपनी उम्मीदें बरकरार रखीं।भारतीय टीम की क्षेत्ररक्षण एक बार फिर निराशाजनक रही और खिलाड़ियों ने कई आसान मौके गंवाए, लेकिन बल्लेबाजों ने 137 रन के लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करते हुए 16.5 ओवर में जीत हासिल कर ली।बांग्लादेश को आठ विकेट पर 136 रन पर रोकने के बाद भारत ने 16.5 ओवर में पांच विकेट पर 139 रन बनाकर आसान जीत दर्ज की। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार के बाद दबाव में उतरी भारतीय टीम को लक्ष्य का पीछा करते हुए शेफाली ने तेज शुरुआत दिलाई। उन्होंने स्पिन और तेज गेंदबाजों दोनों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए पावरप्ले में भारत का स्कोर एक विकेट पर 63 रन तक पहुंचा दिया। शेफाली ने महज 29 गेंद में इस विश्व कप का अपना दूसरा अर्धशतक पूरा किया। वह हालांकि नौवें ओवर में असामान्य तरीके से स्टंप आउट हो गई। नाहिदा अख्तर की गेंद पर अंदरूनी किनारा लगने के बाद उन्होंने एक रन लेने की कोशिश की, लेकिन विकेटकीपर ने गेंद पकड़कर गिल्लियां बिखेर दी।बीच के ओवरों में रनगति कुछ धीमी पड़ी, लेकिन जेमिमा रोड्रिग्स ने 15 गेंदों पर 26 रन की तेज पारी खेलकर भारत को जीत के करीब पहुंचा दिया।इस जीत के बावजूद भारत के लिए सेमीफाइनल की राह अभी आसान नहीं है। अंतिम चार में जगह बनाने के लिए उसे 28 जून को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाला मुकाबला जीतना होगा। Continuing her fiery form Player of the Match Shafali Verma with yet another impactful performance in the #T20WorldCup Scorecard https://t.co/mWgNXcEkp0 #TeamIndia | #WomenInBlue | #INDvBAN | @TheShafaliVerma pic.twitter.com/jgwPZjSIZN — BCCI Women (@BCCIWomen) June 25, 2026 इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार में भी खराब क्षेत्ररक्षण भारत के लिए महंगा साबित हुआ और इस मुकाबले में स्थिति और चिंताजनक दिखी।भारतीय खिलाड़ियों ने पावरप्ले में ही चार आसान कैच टपका दिए। कैच छोड़ने वालों में नंदनी शर्मा (दो कैच), यास्तिका भाटिया और राधा यादव शामिल रहीं। राधा ने पिछले मैच में भी दो कैच छोड़े थे।भारतीय क्षेत्ररक्षकों की गलतियों का सबसे अधिक फायदा सलामी बल्लेबाज जुयैरिया फिरदौस को मिला, जिन्हें पांचवें ओवर तक तीन जीवनदान मिले। हालांकि वह इन मौकों का पूरी तरह फायदा नहीं उठा सकीं और 31 गेंदों पर 33 रन बनाकर आउट हो गईं। पिच पर दौड़ने को लेकर दो बार चेतावनी झेलने वाली नंदनी ने बाद में शानदार कैच लेकर फिरदौस को पवेलियन भेजा। फिरदौस और शोभना मोस्तारी (26 गेंद में 22 रन) के बीच दूसरे विकेट के लिए 51 रन की उपयोगी साझेदारी हुई थी।गेंदबाजी में भारत ने इस मैच में रेणुका सिंह ठाकुर को मौका दिया और उन्होंने अपने पहले ही ओवर में सफलता दिलाई। सलामी बल्लेबाज दिलारा अख्तर (चार) पुल शॉट खेलने के प्रयास में आउट हो गईं। भारत ने स्पिनरों की मददगार परिस्थितियों का भरपूर उपयोग किया। राधा यादव ने गेंद से शानदार वापसी करते हुए 28 रन देकर तीन विकेट लिए। उन्होंने कप्तान निगार सुल्ताना (27 गेंदों पर 32 रन) और शोभना को जल्दी-जल्दी आउट किया।अंतिम ओवर में श्री चरणी ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए सिर्फ तीन रन दिए और दो विकेट भी झटके। ब्रिटेन में इस समय पड़ रही असामान्य गर्मी के कारण स्पिन गेंदबाजों को अपेक्षाकृत अधिक मदद मिल रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत ने भी बांग्लादेश की पारी के दौरान मुख्य रूप से स्पिन गेंदबाजों पर भरोसा किया।क्षेत्ररक्षकों के चार कैच छोड़ने के अलावा भारतीय गेंदबाजों ने सात वाइड और तीन नो-बॉल भी फेंकीं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में एफआईआर दर्ज, आठ आरोपी
अयोध्या/लखनऊ। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में गुरुवार को आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। एसआईटी जांच के बीच ट्रस्ट ने खुद रिपोर्ट लिखवाई है। ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है। एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट […] The post राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में एफआईआर दर्ज, आठ आरोपी appeared first on Sabguru News .
बारां में ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से बाइक सवार युवक की मौत
बारां। राजस्थान में बारां जिले के जलवाड़ा थाना क्षेत्र में गुरुवार को खलदा मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से मोटर साइकल पर सवार एक युवक की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार जलवाड़ा-खलदा रोड पर पुरुषोत्तम बंजारा मोटर साइकिल से जा रहा था। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से […] The post बारां में ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से बाइक सवार युवक की मौत appeared first on Sabguru News .
मुंबई। महाराष्ट्र में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के सांसद संजय दीना पाटिल के पत्रकारों के लिए कथित तौर पर अपशब्दों का प्रयोग करने और धमकी देने के बाद एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस घटना से सत्ताधारी शिवसेना को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा है, जिसके बाद गठबंधन […] The post शिंदे सेना सांसद संजय दीना पाटिल के पत्रकारों को धमकी देने पर विवाद; डैमेज कंट्रोल में जुटा सत्ताधारी गठबंधन appeared first on Sabguru News .
अलवर में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने किया अस्पतालों का औचक निरीक्षण
अलवर। राजस्थान के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने गुरुवार को अलवर में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेने के लिए तीन प्रमुख अस्पतालों सहित विभिन्न चिकित्सा संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। जयपुर से अलवर आते समय श्री खींवसर ने अचानक बगड़ तिराहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का निरीक्षण किया, जहां स्वास्थ्य विभाग की […] The post अलवर में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने किया अस्पतालों का औचक निरीक्षण appeared first on Sabguru News .
लोहागढ़ किला हादसा : मंगेतर और उसके प्रेमी ने रची थी युवा व्यवसायी केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश
पुणे। महाराष्ट्र की पुणे ग्रामीण पुलिस ने गुरुवार को यहां बताया कि युवा व्यवसायी केतन अग्रवाल की मृत्यु कोई अचानक हुआ हादसा नहीं थी, बल्कि उनकी मंगेतर की रची एक सुनियोजित और गंभीर साजिश का परिणाम थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार सिया गोयल (20) का क्रिकेटर चेतन चौधरी (23) के साथ प्रेम संबंध था। दोनों […] The post लोहागढ़ किला हादसा : मंगेतर और उसके प्रेमी ने रची थी युवा व्यवसायी केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश appeared first on Sabguru News .
26 June Birthday: आपको 26 जून, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!
26 June Janmdin: जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ आपका स्वागत है वेबदुनिया की विशेष प्रस्तुति में। यह कॉलम नियमित रूप से उन पाठकों के व्यक्तित्व और भविष्य के बारे में जानकारी देगा जिनका उस दिनांक को जन्मदिन होगा। पेश है दिनांक 26 को जन्मे व्यक्तियों के बारे में जानकारी : ALSO READ: July Astrology 2026: 4 बड़े ग्रह गोचर बदलेंगे किस्मत, करियर-प्रेम और धन पर पड़ेगा बड़ा असर आपका जन्मदिन: 26 जून 26 को जन्मे व्यक्ति धीर गंभीर, परोपकारी, कर्मठ होते हैं। दिनांक 26 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 8 होगा। यह ग्रह सूर्यपुत्र शनि से संचालित होता है। आप भौतिकतावादी है। आप अद्भुत शक्तियों के मालिक हैं। आप अपने जीवन में जो कुछ भी करते हैं उसका एक मतलब होता है। आपकी वाणी कठोर तथा स्वर उग्र है। आपके मन की थाह पाना मुश्किल है। आपको सफलता अत्यंत संघर्ष के बाद हासिल होती है। कई बार आपके कार्यों का श्रेय दूसरे ले जाते हैं। आपके लिए खास शुभ दिनांक : 8, 17, 26 शुभ अंक : 8, 17, 26, 35, 44 शुभ वर्ष :2024, 2042 ईष्टदेव : हनुमानजी, शनि देवता शुभ रंग : काला, गहरा नीला, जामुनी आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल व्यापार: व्यापार-व्यवसाय की स्थिति उत्तम रहेगी। करियर: नौकरीपेशा व्यक्ति प्रगति पाएंगे। सभी कार्यों में सफलता मिलेगी। जो अभी तक बाधित रहे है वे भी सफल होंगे। बेरोजगार प्रयास करें, तो रोजगार पाने में सफल होंगे। परिवार और सेहत: राजनैतिक व्यक्ति भी समय का सदुपयोग कर लाभान्वित होंगे। शत्रु वर्ग प्रभावहीन होंगे, स्वास्थ्य की दृष्टि से समय अनुकूल ही रहेगा। आज के दिन जन्में कुछ प्रसिद्ध व्यक्ति अर्जुन कपूर (Arjun Kapoor): फिल्म निर्माता बोनी कपूर के बेटे हैं। धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan): एक भारतीय राजनीतिज्ञ तथा कैबिनेट मंत्री हैं। रामा राघोबा राणे (Rama Raghoba Rane): भारतीय सैनिक सेकेंड लेफ्टिनेंट तथा परमवीर चक्र से सम्मानित। गौहर जान (Gauhar Jaan): भारतीय गायिका और नर्तकी। बंकिमचंद्र चटर्जी (Bankim Chandra Chatterjee): बंगाली उपन्यासकार। आपको इस खास दिन पर जीवन की सभी खुशियां मिलें। जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं! ALSO READ: Flat Vastu Tips: फ्लैट में रह रहे लोगों के लिए वास्तु के 5 टिप्स
24 जून की शाम 6 बजकर 4 मिनट। वेनेजुएला की धरती अचानक जोर से कांप उठी। ये रिक्टर स्केल पर 7.2 तीव्रता का भूकंप था। लोग संभलते, तब तक महज 38 सेकेंड बाद 7.5 तीव्रता का एक और भूकंप आ गया। ये Earthquake Doublet यानी जुड़वा भूकंप था। 26 मिनट बाद 15 हजार किमी दूर जापान में भी 6.9 तीव्रता का भूकंप आया। आखिर वेनेजुएला में क्यों आया ‘जुड़वा भूकंप’, क्या धरती के नीचे कोई चेन रिएक्शन चल रही और आगे क्या होगा; आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: ‘जुड़वा भूकंप’ क्या है और ये ज्यादा घातक क्यों होता है?जवाबः पहले जानिए कि भूकंप क्या है… अब बात Earthquake Doublet यानी जुड़वा भूकंप की… कभी-कभी एक ही फॉल्ट लाइन पर दो बार प्लेटों के टूटने से एनर्जी निकलती है और दोनों बार बड़े भूकंप आते हैं। इनका एपिसेंटर यानी उद्गम केंद्र एक-दूसरे के बहुत करीब होता है। किसी बड़े भूकंप के बाद एनर्जी की छोटी-छोटी लहरें उठना, यानी आफ्टरशॉक सामान्य है, लेकिन जुड़वा भूकंप कम देखने को मिलते हैं। क्योंकि एक बार एक फॉल्ट लाइन से एनर्जी रिलीज होने के बाद वहां दबाव कम हो जाता है। दोबारा उसी फॉल्ट लाइन से इतनी तेज एनर्जी नहीं निकलती। जुड़वा भूकंपों के बीच कुछ सेकेंड से लेकर कई सालों का अंतर हो सकता है। वेनेजुएला में ये महज 38 सेकेंड के भीतर आ गया। जुड़वा भूकंपों की रिक्टर स्केल पर तीव्रता लगभग बराबर होती है। आमतौर पर दोनों भूकंपों के बीच 0.2 से 0.5 पॉइंट्स का अंतर होता है। भूकंप वैज्ञानिक जूडिथ हबर्ड और काइल ब्रैडली कहते हैं कि 7.5 तीव्रता का भूकंप 7.2 तीव्रता के भूकंप की तुलना में लगभग तीन गुना ज्यादा एनर्जी रिलीज करता है। सवाल-2: वेनेजुएला में जुड़वा भूकंप क्यों आया? जवाबः वेनेजुएला के नीचे की बनावट समझिए... 25 जून को जो दोहरा भूकंप आया, उसका सेंटर ठीक उसी जगह था जहां वेनेजुएला की तीन बड़ी फॉल्ट लाइनें- ओका-अनकोन, एल पिलार और बोकोनो फॉल्ट आपस में मिलती हैं। भूकंप वैज्ञानिक जूडिथ हबर्ड और काइल ब्रैडली के मुताबिक, पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था। इसका झटका पूरी तरह खत्म होने में ही कई सेकेंड लग गए। इस दौरान फॉल्ट लाइन के साथ-साथ दरार दो डायरेक्शन में फैलती चली गई। पहले भूकंप की एनर्जी ने आसपास की चट्टानों में दबाव को फैलाया, जिससे फॉल्ट सिस्टम का एक और हिस्सा टूट गया और महज 38 सेकेंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा भूकंप आ गया। दोनों वैज्ञानिकों का कहना है कि इन दो भूकंपों को एक ही बड़े भूकंप के दो 'पल्स' यानी झटकों की तरह भी देखा जा सकता है, जिनकी कुल एनर्जी मिलाकर करीब 7.6 तीव्रता के एक भूकंप के बराबर थी। सवाल-3: क्या वेनेजुएला में ये सदी का सबसे ताकतवर भूकंप है? जवाबः हां। अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण संस्था USGS के मुताबिक, 1900 के बाद से वेनेजुएला में आया यह सबसे ताकतवर भूकंप है। 29 अक्टूबर 1900 की सुबह वेनेजुएला के तट के पास 7.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। चूंकि उस दौर में आधुनिक उपकरण मौजूद नहीं थे, इसलिए यह तीव्रता नुकसान और असर की रिपोर्टों के आधार पर आंकी गई है। USGS की इम्पैक्ट रिपोर्ट के अनुसार, तब 21 लोगों की मौत हुई, 50 घायल हुए और पूरे शहर में गिरजाघर, विश्वविद्यालय, मीनारें और घर समेत ३०० इमारतें ढह गईं। 126 साल बाद आया भूकंप रिक्टर स्केल पर भले कुछ कम (7.2 और 7.5) लगे, लेकिन जान और माल का कई गुना ज्यादा नुकसान होने की आशंका है। सवाल-4: इस बार वेनेजुएला भूकंप में कितनी मौतों की आशंका है? जवाबः अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण यानी USGS का शुरुआती अनुमान है कि वेनेजुएला में 10 हजार से 1 लाख मौतों हो सकती हैं। हालांकि यह कोई पक्का आंकड़ा नहीं है। सूचनाओं के आधार पर ये अपडेट होता रहेगा। इस अनुमान के लिए USGS ने PAGER नाम के एक खास सिस्टम का इस्तेमाल किया। यह सिस्टम कई चीजें देखता है- भूकंप की तीव्रता, भूकंप के केंद्र की गहराई, उस इलाके की आबादी और पहले आ चुके ऐसे ही भूकंपों से तुलना करके यह अनुमान तैयार करता है। वेनेजुएला की ही तरह 6 फरवरी 2023 को तुर्किए में सीरियाई सीमा के पास जुड़वा भूकंप आया था। पहला सुबह करीब 4:17 बजे और फिर दूसरा भूकंप पहले एपिसेंटर से करीब 100 किमी दूर करीब 9 घंटे बाद आया। इसमें 60 हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे। अगस्त 2021 में दक्षिण अटलांटिक महासागर के साउथ सैंडविच आइलैंड में भी जुड़वा भूकंप आया था। तब 7.5 तीव्रता के भूकंप के करीब ढाई मिनट बाद 8.1 तीव्रता का दूसरा भूकंप आया था। हालांकि वो आबादी वाला इलाका नहीं था, इसलिए जान-माल का नुकसान कम हुआ। सवाल-5: क्या जापान में आए भूकंप का वेनेजुएला से कोई कनेक्शन है?जवाबः वेनेजुएला के तुरंत बाद करीब 15 हजार किमी दूर जापान में आए भूकंप का कोई सीधा संबंध नहीं है। इंडोनेशियन डिजास्टर एक्सपर्ट्स एसोसिएशन के मेंबर डॉ. डारियोनो के मुताबिक, धरती के भीतर रोजाना हजारों भूकंप आते हैं, जिनमें से कुछ ही महसूस होते हैं। खास बात ये है कि हर भूकंप का स्रोत अलग और दूर होता है। कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की रिसर्च एसोसिएट और भूकंपविज्ञानी डॉ. लूसी जोन्स मानती हैं कि वेनेजुएला और जापान में आए भूकंपों के पीछे कोई 'चेन रिएक्शन' या एक-दूसरे को ट्रिगर करने वाली वजह नहीं है। ऐसा न होने के दो और फैक्टर जानिए… सवाल-6: वेनेजुएला में आगे क्या हो सकता है? जवाबः वेनेजुएला में लगातार 2 भूकंप आने के बाद 20 से ज्यादा आफ्टरशॉक्स दर्ज किए गए हैं। USGS ने आशंका जताई है कि वेनेजुएला में २५ जून की शाम ६.३० बजे तक 4 या उससे ज्यादा तीव्रता के करीब 26 भूकंप आ सकते हैं। इनमें से कम से कम एक की तीव्रता 5 या उससे ज्यादा होने की 89% संभावना है। भूकंपविज्ञान के 'ओमोरी लॉ' के मुताबिक, शुरुआती 24 से 48 घंटों में आफ्टरशॉक्स की संख्या और उनकी तीव्रता सबसे ज्यादा होती हैं। हां, एक आशंका है। लगातार 2 बड़े भूकंप झेलने के बाद जमीन के नीचे की टेक्टोनिक प्लेटों को पूरी तरह शांत और सेट होने में हफ्तों से लेकर कई महीनों तक का समय लग सकता है। अगर इस दौरान 5 तीव्रता के अफ्टरशॉक्स आए, तो वेनेजुएला को और ज्यादा तबाही झेलनी पड़ सकती है। क्योंकि वहां की इमारतें, इंफ्रास्ट्रक्चर पहले से ही कमजोर हो चुके हैं।------------- भूकंप से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… वेनेजुएला में 39 सेकेंड में भूकंप के 2 बड़े झटके: 60 सेकेंड तक शहर हिलता रहा, अब तक 164 की मौत, 971 घायल वेनेजुएला में 39 सेकेंड में दो ताकतवर भूकंप से तबाही मच गई है। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में बुधवार शाम 6.04 बजे 7.2 और 6.05 बजे 7.5 तीव्रता के दो झटके आए। उस समय भारत में गुरुवार तड़के 3.34 और 3.35 बजे थे। भूकंप के बाद 60 सेकेंड तक शहर हिलता रहा। पूरी खबर पढ़िए…
त्रिग्रही योग योग से 3 राशियों को होगा लाभ ही लाभ, मौका न चुकें 3 उपाय करें
22 जून 2026 को बुध ग्रह ने कर्क राशि में प्रवेश करके त्रिग्रही योग बनाया है, क्योंकि यहां पर पहले से ही शुक्र और बृहस्पति ग्रह मौजूद हैं। इस युति से एक अत्यंत प्रभावशाली सरस्वती राजयोग का निर्माण भी हुआ है। इस योग के चलते 3 राशियों को बहुत लाभ होगा। जल्दी से 3 उपाय करके इस लाभ को दोगुना करें। 1. कर्क राशि (Cancer)- चूंकि यह त्रिग्रही युति और राजयोग आपकी ही राशि के प्रथम (लग्न) भाव में बन रहा है, इसलिए सबसे ज्यादा सकारात्मक बदलाव आपमें ही देखने को मिलेंगे। आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा और समाज में आपका प्रभाव बढ़ेगा। निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी। गुरु और शुक्र की कृपा से आपके अटके हुए काम पूरे होंगे और दांपत्य जीवन (वैवाहिक जीवन) में मधुरता आएगी। 2. मिथुन राशि (Gemini)- आपकी राशि के द्वितीय (धन और वाणी) भाव में यह युति होने जा रही है। बुध आपकी राशि के स्वामी भी हैं, इसलिए यह समय आपके लिए लॉटरी जैसा साबित हो सकता है। अचानक कहीं से फंसा हुआ धन वापस मिल सकता है। जो लोग कूरियर, मीडिया, मार्केटिंग, शिक्षा या बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े हैं, उनकी वाणी का जादू चलेगा और बड़ी डील्स फाइनल होंगी। बैंक बैलेंस में भारी बढ़ोतरी के योग हैं। 3. कन्या राशि (Virgo)- आपकी राशि के एकादश (आय और लाभ) भाव में सरस्वती राजयोग का निर्माण हो रहा है। आपके राशि स्वामी बुध का इस भाव में आना बेहद शुभ है। आपकी आमदनी के नए रास्ते खुलेंगे। अगर आप नौकरीपेशा हैं, तो प्रमोशन और सैलरी में बढ़ोतरी (Increment) की पूरी संभावना है। व्यापारियों को कोई बड़ा मुनाफा हाथ लग सकता है। निवेश (Investment) से भी अच्छा रिटर्न मिलने के संकेत हैं। मौका न चुकें 3 उपाय करें 1. शिवजी का पंचामृत से अभिषेक करें और अंत में जलाभिषेक करके उनकी पूजा करें। 2. गुरुवार के दिन पीली वस्तुओं को मंदिर में दान करें। 3. माता दुर्गा को हरी चुनरी अर्पित करें।
2026 Vat Savitri Purnima: हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए वट सावित्री पूर्णिमा का व्रत बेहद खास और आस्था का प्रतीक माना जाता है। यह पावन पर्व विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना के लिए रखती हैं। साल 2026 में यह व्रत पूरे देश में पारंपरिक रीति-रिवाजों और आधुनिक उत्साह के साथ मनाया जाएगा।साल 2026 में वट सावित्री पूर्णिमा का व्रत 29 जून 2026, सोमवार को रखा जाएगा। ALSO READ: Vat Savitri Vrat Katha: वट सावित्री व्रत पर पढ़ें ये महत्वपूर्ण पौराणिक कथा अमावस्या और पूर्णिमा व्रत में क्या है अंतर? अक्सर महिलाओं में इस व्रत की तारीख को लेकर कन्फ्यूजन रहता है। दरअसल, वट सावित्री का व्रत दो अलग-अलग तिथियों पर रखा जाता है। उत्तर भारत में सुहागिनें ज्येष्ठ अमावस्या के दिन यह व्रत रखती हैं, जबकि महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत में इसे ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है, जिसे वट सावित्री पूर्णिमा कहते हैं। क्यों इतना खास है वट सावित्री पूर्णिमा का महत्व? यह सिर्फ एक व्रत नहीं, बल्कि अटूट प्रेम और दृढ़ संकल्प का उत्सव है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन सती सावित्री ने अपने पातिव्रत धर्म के बल पर मृत्यु के देवता यमराज को भी झुकने पर मजबूर कर दिया था और अपने मृत पति सत्यवान के प्राण वापस ले आई थीं। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, बरगद (वट) के पेड़ में त्रिदेव- ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। चूंकि यह वृक्ष सैकड़ों वर्षों तक जीवित रहता है, इसलिए सुहागिनें इसकी पूजा कर अपने पति के लिए भी दीर्घायु (लंबी उम्र) का वरदान मांगती हैं। ALSO READ: वट सावित्री व्रत: सुहागिनों के लिए महाव्रत, जानें पूजा से जुड़ी 10 अनसुनी और जरूरी बातें vat savitri vrat 2026 वट पूर्णिमा 2026: तिथि और पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त अगर आप भी इस साल यह व्रत रख रही हैं, तो उदयातिथि के अनुसार पूजा के सही समय और तारीख को डायरी में नोट कर लें: पूर्णिमा तिथि शुरू: 29 जून 2026 को तड़के/ सुबह 03:06 बजे से पूर्णिमा तिथि समाप्त: 30 जून 2026 को सुबह 05:26 बजे। व्रत की तारीख: उदयातिथि की मान्यता के अनुसार, व्रत और पूजन सोमवार, 29 जून को ही किया जाएगा। पूजा के लिए सबसे उत्तम समय: सुबह का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त: सुबह 08:55 AM से सुबह 10:40 AM तक अभिजीत मुहूर्त (महा शुभ): दोपहर 11:57 AM से दोपहर 12:52 PM तक स्टेप-बाय-स्टेप संपूर्ण पूजन विधि इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार कर पूरे विधि-विधान से पूजा करती हैं। आइए जानते हैं पूजा का सही तरीका: स्नान और संकल्प: सुबह जल्दी उठकर पवित्र स्नान करें। इस दिन लाल, पीले या हरे रंग के पारंपरिक वस्त्र पहनना बेहद शुभ माना जाता है। इसके बाद व्रत का संकल्प लें। पूजा की थाली: अपनी थाली में रोली, अक्षत/ चावल, धूप, दीपक, भीगे हुए चने, कलावा (कच्चा सूत), फल, मिठाई और जल का पात्र सजाएं। साथ ही माता सावित्री और सत्यवान की मूर्ति या तस्वीर साथ रखें। वट वृक्ष की पूजा: बरगद के पेड़ के पास जाकर सबसे पहले जल अर्पित करें। इसके बाद पेड़ को तिलक लगाएं, अक्षत, फूल और भीगे हुए चने चढ़ाएं। सूत लपेटना और परिक्रमा: हाथ में कलावा या कच्चा सूत लेकर बरगद के पेड़ की 7, 11, 21 या 108 बार परिक्रमा करें। परिक्रमा करते समय सूत को पेड़ के तने पर लपेटते जाएं और मन में पति की लंबी उम्र की प्रार्थना करें। कथा और आरती: पूजा स्थल पर बैठकर सावित्री-सत्यवान की पौराणिक व्रत कथा जरूर सुनें। इसके बाद धूप-दीप से आरती करें और बांस के पंखे से वट वृक्ष व मूर्तियों को हवा करें। बड़ों का आशीर्वाद: पूजा संपन्न होने के बाद घर के बुजुर्गों और सास के पैर छूकर आशीर्वाद लें। उन्हें 'बायना' में सुहाग सामग्री और मिठाई भेंट करें। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Vat Savitri Vrat: वट सावित्री व्रत का अर्थ, पूजा विधि, आरती, चालीसा और कथा
फीफा ने कतर के आसिम मादिबो को पांच मैचों के लिए सस्पेंड किया
ज़्यूरिख। फीफा ने कतर के मिडफील्डर आसिम मादिबो को पांच मैचों के लिए सस्पेंड कर दिया है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दौरान कनाडा के इस्माइल कोने के पैर में गंभीर चोट लगने वाले उनके लापरवाह चैलेंज के कारण यह कार्रवाई की गई है, जिससे सह-मेजबान टीम के शानदार अभियान पर संकट के बादल मंडराने […] The post फीफा ने कतर के आसिम मादिबो को पांच मैचों के लिए सस्पेंड किया appeared first on Sabguru News .
सबगुरु न्यूज- सिरोही। सिरोही के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में आबूरोड में अनियमित तौर पर कार्मिक की स्थाई नियुक्ति करने और तनख्वाह जारी होने के प्रकरण की पत्रावली आरटीआई में मांगने की बात कही थी, वो पत्रावली ही आबूरोड नगर पालिका से गायब है। जिला कांग्रेस के सचिव और आबूरोड […] The post पत्रकार वार्ता में संयम लोढ़ा ने जिस पत्रावली को RTI में मांगने की जानकारी दी थी, आबूरोड से वो ही गायब appeared first on Sabguru News .
पति की प्रॉपर्टी नहीं है पत्नी : उड़ीसा हाईकोर्ट
भुवनेश्वर। उड़ीसा उच्च न्यायालय ने गुरुवार को अपने एक फैसले में स्पष्ट करते हुए कहा कि पत्नी पति की प्रॉपर्टी नहीं है और बालिग महिलाएं यह तय करने के लिए पूरी तरह आजाद हैं कि उन्हें कहां रहना है। मुख्य न्यायाधीश हरीश टंडन और न्यायमूर्ति मुरारी रमन की पीठ ने कहा कि उसे उसके पति […] The post पति की प्रॉपर्टी नहीं है पत्नी : उड़ीसा हाईकोर्ट appeared first on Sabguru News .
संविधान हत्या दिवस बनाम इतिहास: RSS की आपातकाल विरोधी कथा पर सवाल क्यों उठते हैं?
1975 की इमरजेंसी में RSS की भूमिका क्या थी? बालासाहेब देवरस के इंदिरा गांधी को लिखे पत्र, ऐतिहासिक दस्तावेज़, और आज के ‘अघोषित आपातकाल’ पर विश्लेषण
जगन्नाथ रथ यात्रा 2026: पुरी जाने से पहले जान लें ये 5 जरूरी नियम
जगन्नाथ रथयात्रा में शामिल होने जा रहे हैं तो जान लें कि वहां पर किन नियमों का आपको करना होगा पालन। इसके पहले यह भी जानना जरूरी है कि रथ निर्माण, ओसर घर, छर पहनरा, गुंडीचा मार्जन, रथयात्रा का आरंभ, गुंडिचा मंदिर आगमन, हेरा पंचमी, बहुड़ा यात्रा और पुन: मंदिर आगमन कब होता है और कब किस रस्म में शामिल हों। ALSO READ: जगन्नाथ रथ यात्रा: आखिर क्यों बीमार पड़ते हैं भगवान जगन्नाथ? जानें ज्वरलीला का अद्भुत रहस्य जगन्नाथ रथ यात्रा: पुण्य, रथों का रहस्य और नियम पुरी की विश्वप्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा आस्था का एक ऐसा समंदर है, जहाँ भगवान खुद अपने गर्भगृह से निकलकर भक्तों के बीच आते हैं। आइए इस पावन यात्रा से जुड़ी खास बातों को नए अंदाज़ में समझते हैं। यात्रा में शामिल होने का महापुण्य इस अलौकिक यात्रा का हिस्सा बनने के लिए किसी विशेष पात्रता की आवश्यकता नहीं है। कोई भी साधारण व्यक्ति इसमें शामिल हो सकता है। मान्यता: जो भी भक्त इस पावन रथयात्रा में सम्मिलित होता है, उसे 100 यज्ञों के समान पुण्य फल की प्राप्ति होती है। ALSO READ: जगन्नाथ मंदिर के आसपास आसमान हुआ गुलाबी, चमत्कार, विज्ञान या भविष्य का संकेत? तीनों रथों की अनूठी संरचना (एक नज़र में) नंदीघोष (या गरुड़ध्वज): ऊँचाई 45 फीट, पहियों की संख्या 16, पवित्र रस्सी का नाम शंखाचुड़ा नाड़ी। तालध्वज: ऊँचाई 43 फीट, पहियों की संख्या 14, पवित्र रस्सी का नाम बासुकी। दर्पदलन (या पद्म रथ): ऊँचाई 42 फीट, पहियों की संख्या 14 और पवित्र रस्सी का नाम स्वर्णचूड़ा नाड़ी। यात्रा का मार्ग और अवधि दूरी: इन तीनों विशाल रथों को भक्तों द्वारा खींचकर 3 किलोमीटर दूर स्थित 'गुंडिचा मंदिर' ले जाया जाता है। विश्राम: गुंडिचा मंदिर में भगवान 10 दिनों तक आराम करते हैं। वापसी: यात्रा के 11वें दिन महाप्रभु पुनः अपने मुख्य जगन्नाथ मंदिर लौट आते हैं। रथ खींचने के नियम: जहाँ भक्ति में कोई भेद नहीं भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचने के लिए किसी भी प्रकार का कठोर नियम या सामाजिक बंधन नहीं है: सबके नाथ जगन्नाथ: यहाँ जाति, धर्म, प्रांत या देश की कोई सीमा नहीं है। दुनिया का कोई भी व्यक्ति या भक्त इन रथों को खींच सकता है। खींचने का क्रम: भक्तगण एक निश्चित क्रम से तीनों रथों की रस्सियों को श्रद्धापूर्वक खींचते हैं। मोक्ष की प्राप्ति: ऐसी अटूट धार्मिक मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से भगवान जगन्नाथ का रथ खींचता है, वह जीवन-मरण के चक्र (आवागमन) से हमेशा के लिए मुक्त हो जाता है। रथ खींचने के दौरान धोती पहना जरूरी है। रथ खींचने के दौरान पवित्रता का ध्यान रखें। तीनों रथ को क्रमवार खींचे। कम से कम तीन कदम और आप जितनी देर आसानी से और सुरक्षित रहकर रस्सी खींच सकें, खींचें। गुंडिचा मंदिर में दर्शन जरूर करें। कैसे करें जाने की तैयारी: 1. यदि आप उड़ीसा से बाहर रहते हैं तो आपको अभी से वहां पर ठहरने का इंतजाम करना होगा। अन्यथा आप परेशान हो जाएंगे क्योंकि वहां पर रहने के सीमित साधन है। 2. आपको पुरी के बाहर में कहीं ठहने का स्थान मिलता है तो उसे हायर कर सकते हैं। 3. जगन्नाथ पुरी में मंदिर के सामने ही समुद्र है इस संपूर्ण क्षेत्र में घुमने के लिए आपको कम से कम 3 दिन का प्लान करना चाहिए। 4. तीन दिन का खर्च कम से कम 4 से 5 हजार का आ सकता हैं। 5. जगन्नाथ मंदिर दर्शन, चिलका वन्यजीव अभयारण्य, अथरनाला ब्रिज, पुरी का गुंडिचा मंदिर और समुद्री तट पर आप जा सकते हैं। 6. यदि आप पुरी से कुछ किलोमीटर दूर कोणार्क मंदिर को देखने का प्लान भी कर रहे हैं तो 1 दिन और आपको रुकना होगा। 7. रथ यात्रा के दौरान बहुत भीड़ होती है। ऐसे में आप यदि अपने परिवार के साथ जा रहे हैं तो सुरक्षा का भी ध्यान रखें। 8. बच्चों के साथ जा रहे हैं तो हमारी सलाह है कि आप यात्रा के दर्शन दूर से ही करें बाद में मंदिर में भगवान जगन्नाथ के दर्शन करें। 9. पूरी में आप पहले दिन जगन्नाथ मंदिर के दर्शन करें और रथयात्रा का आनंद लें। दूसरे दिन गुंडिचा मंदिर जा सकते हैं। तीसरे दिन समुद्र का आनंद ले सकते हैं।
कन्नड़ एक्ट्रेस के फ्लैट में मिली दोस्त की लाश, जांच में जुटी पुलिस
मनोरंजन जगत से एक बेहद चौंकाने वाली और दुखद खबर सामने आई है। कन्नड़ एक्ट्रेस और मॉडल कृषि थापंडा के बेंगलुरु के आरआर नगर स्थित 'एलीगेंट्स अपार्टमेंट' में एक 33 वर्षीय व्यक्ति का शव बरामद हुआ है। मृतक की पहचान वैशाख के रूप में हुई है, जो कृषि थापंडा का करीबी दोस्त बताया जा रहा है। घटना के वक्त अभिनेत्री कृषि खुद फ्लैट में मौजूद नहीं थीं। इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद आरआर नगर पुलिस ने 'अप्राकृतिक मौत' का मामला दर्ज कर बारीकी से जांच शुरू कर दी है। ALSO READ: अक्षय कुमार की सादगी पर फिदा हुईं अक्षरा सिंह, 'वेलकम टू द जंगल' में करेंगी धमाकेदार डांस शुरुआती पुलिस जांच के मुताबिक, वैशाख बुधवार रात को कृषि थापंडा के फ्लैट पर आया था। देर रात वैशाख ने कृषि तापंडा को फोन किया और मानसिक तनाव में होने की बात कहते हुए अपनी जीवनलीला समाप्त करने की चेतावनी दी। फोन कॉल से घबराकर अभिनेत्री ने तुरंत अपने परिवार के सदस्यों और करीबियों को अलर्ट किया। जब लोग फ्लैट पर पहुंचे, तो वैशाख का शव सीलिंग फैन से लटका हुआ मिला। पुलिस को घटनास्थल से फिलहाल कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब यह दुखद घटना घटी, तब एक्ट्रेस कृषि थापंडा अपने फ्लैट पर नहीं थीं, बल्कि किसी काम से बाहर गई हुई थीं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें आरआर नगर पुलिस इस मामले को महज एक सामान्य आत्महत्या के रूप में नहीं देख रही है, बल्कि मृतक वैशाख के बैकग्राउंड को भी खंगाला जा रहा है। जांच में सामने आया है कि वैशाख का अपनी पत्नी के साथ गंभीर घरेलू विवाद चल रहा था, जिसके कारण वह मानसिक रूप से काफी परेशान था और अक्सर एक्ट्रेस के यहां आता-जाता रहता था। बता दें कि कृषि थापंडा कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री का एक जाना-माना नाम हैं। साल 2014 में 'मिस कर्नाटक' का खिताब जीतने के बाद उन्होंने कॉर्पोरेट की नौकरी छोड़ अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। 'अकीरा', 'काही' जैसी फिल्मों और 'बिग बॉस कन्नड़ सीजन 5' से उन्हें काफी लोकप्रियता मिली।
महाराष्ट्र : किडनी बिक्री मामले में फरार दिल्ली के डॉक्टर ने किया आत्मसमर्पण
चंद्रपुर। महाराष्ट्र के चर्चित किसान किडनी बिक्री मामले में वांछित दिल्ली के डॉक्टर रविंद्र पाल सिंह ने बुधवार को ब्रह्मपुरी अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया।अदालत ने सुनवाई के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। डॉ. सिंह इस मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल हैं और स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) उनकी तलाश कर रही थी। […] The post महाराष्ट्र : किडनी बिक्री मामले में फरार दिल्ली के डॉक्टर ने किया आत्मसमर्पण appeared first on Sabguru News .
आपातकाल संविधान पर सीधा आघात था : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपातकाल को संविधान पर सीधा हमला बताते हुए उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि दी है जिन्होंने उस समय लोकतांत्रिक मूल्यों की दृढ़तापूर्वक रक्षा की थी। मोदी ने गुरुवार को देशभर में मनाए जाने वाले संविधान हत्या दिवस का उल्लेख करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा कि आज, […] The post आपातकाल संविधान पर सीधा आघात था : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी appeared first on Sabguru News .
काशी में क्रिकेटर आकाशदीप ने अक्षिता राज संग लिए सात फेरे
वाराणसी। भारतीय क्रिकेटर आकाशदीप का विवाह अक्षिता राज के साथ बुधवार रात धार्मिक नगरी काशी में नदेसर स्थित ताज होटल में संपन्न हुआ। विवाह समारोह में भोजपुरी स्टार पवन सिंह भी शामिल होने पहुंचे। होटल के गुलाबबाड़ी परिसर में मंडप एवं आसपास के क्षेत्र को काशी और महादेव थीम पर सजाया गया था। महादेव के […] The post काशी में क्रिकेटर आकाशदीप ने अक्षिता राज संग लिए सात फेरे appeared first on Sabguru News .
अक्षय कुमार की सादगी पर फिदा हुईं अक्षरा सिंह, 'वेलकम टू द जंगल' में करेंगी धमाकेदार डांस
भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी बेहतरीन अदाकारी और सुरीली आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली एक्ट्रेस अक्षरा सिंह अब बॉलीवुड में अपना जलवा बिखेरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अक्षरा सिंह बहुत जल्द बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार की मोस्ट अवेटेड मल्टीस्टारर फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ में एक बेहद खास भूमिका में नजर आएंगी। इस फिल्म में अक्षरा सिंह अक्षय कुमार के साथ धमाकेदार डांस नंबर ‘घिस घिस घिस’ में थिरकती हुई दिखाई देंगी। हाल ही में एक इवेंट के दौरान अक्षरा सिंह को अक्षय कुमार के साथ मंच साझा करने का मौका मिला। इस ऐतिहासिक पल की कुछ बेहद खूबसूरत तस्वीरें अक्षरा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की हैं। A post shared by Akshara singh (@singhakshara) इन तस्वीरों के साथ अक्षरा ने 'खिलाड़ी कुमार' के लिए एक बेहद भावुक और दिल छू लेने वाला संदेश लिखा है। एक्ट्रेस ने अक्षय कुमार के प्रति अपना आभार और सम्मान व्यक्त करते हुए लिखा, खिलाड़ी कुमार के साथ यादगार मुरादाबाद। कभी अक्षय कुमार सर को स्क्रीन पर देखकर तालियां बजाती थी, आज उनके साथ मंच साझा कर रही हूं। ALSO READ: 'वेलकम टू द जंगल' की स्टार कास्ट ने सुनाए मजेदार किस्से, निर्देशक ने बताया 10 साल बाद क्यों आई 'वेलकम' फ्रेंचाइजी की नई फिल्म अक्षरा ने आगे लिखा कि अक्षय कुमार का स्टारडम पूरी दुनिया देखती है, लेकिन जिस चीज ने उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित किया, वह है अक्षय कुमार की सादगी और उनकी विनम्रता। अक्षय कुमार की स्क्रीन और रीयल लाइफ मौजूदगी बेहद प्रभावशाली है, लेकिन एक इंसान के रूप में उनकी इंसानियत उससे भी कहीं ज्यादा खूबसूरत है। उन्होंने इस सुनहरे मौके के लिए अपने परिवार और फैंस के प्यार, समर्थन और आशीर्वाद का दिल से धन्यवाद किया। 'घिस घिस घिस' गाना और सेट का अनुभव एक हालिया इंटरव्यू में अक्षरा सिंह ने फिल्म की शूटिंग के अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि जब वह पहली बार सेट पर गई थीं, तो वह बॉलीवुड के इतने बड़े सितारों को देखकर काफी घबरा रही थीं। उनके मन में कई तरह के संशय थे। लेकिन जैसे ही अक्षय कुमार सेट पर आए, माहौल बेहद सहज और शांत हो गया। अक्षय कुमार ने उन्हें बहुत कम्फर्टेबल महसूस कराया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें अक्षरा सिंह ने कोरियोग्राफर गणेश आचार्य, डायरेक्टर अहमद खान और खुद अक्षय कुमार का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि इस फिल्म का हिस्सा बनना उनके करियर का एक 'लाइफ-चेंजिंग' टर्निंग पॉइंट है। अहमद खान के निर्देशन और ए. ए. नडियादवाला के प्रोडक्शन में बनी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ मशहूर 'वेलकम' फ्रैंचाइज़ी की तीसरी किस्त है। यह फिल्म 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। इस फिल्म की सबसे खास बात इसकी विशाल और दिग्गज स्टारकास्ट है, जिसमें करीब 30 से अधिक नामी कलाकार एक साथ कॉमेडी का तड़का लगाते नजर आएंगे।
कर्नाटक में पकड़ा गया संदिग्ध आतंकी, अयोध्या के राम मंदिर पर हमले की बना रहा था योजना
बेंगलूरु। कर्नाटक के दावणगेरे ज़िले में उत्तर प्रदेश के एक 20 वर्षीय युवक की गिरफ़्तारी के साथ ही अयोध्या के राम मंदिर पर हमले की एक कथित साज़िश को नाकाम कर दिया गया। पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी। आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के रहने वाले सुहैल के तौर पर हुई […] The post कर्नाटक में पकड़ा गया संदिग्ध आतंकी, अयोध्या के राम मंदिर पर हमले की बना रहा था योजना appeared first on Sabguru News .
जामताड़ा : शादी समारोह में वज्रपात का कहर, 2 की मौत, 2 की हालत गंभीर
जामताड़ा। झारखंड के जामताड़ा जिले के बिंदापाथर थाना क्षेत्र के चरकादाह गांव में शाम शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। शादी समारोह के दौरान हुए वज्रपात की चपेट में आने से 49 वर्षीय विनय सोरेन और 38 वर्षीय विश्वकर्मा टुडू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 17 वर्षीय शिवशन टूटू और 19 […] The post जामताड़ा : शादी समारोह में वज्रपात का कहर, 2 की मौत, 2 की हालत गंभीर appeared first on Sabguru News .
मांड्या में कावेरी नदी के किनारे सेल्फी खींचने के दौरान 5 लोगों की डूबने से मौत
मांड्या। कर्नाटक के मांड्या जिले में एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मुत्तथी पर कावेरी नदी के किनारे अपनी तस्वीरें (सेल्फी) खींचने के प्रयास में एक ही परिवार की चार महिलाओं और उनके कार चालक सहित पांच लोगों की नदी में डूबने से मृत्यु हो गई है। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि मृतकों की पहचान विजयम्मा, […] The post मांड्या में कावेरी नदी के किनारे सेल्फी खींचने के दौरान 5 लोगों की डूबने से मौत appeared first on Sabguru News .
वेनेजुएला में भूंकप के तेज झटके, 32 लोगों की मौत और चार घायल, आपातकाल घोषित
काराकास। वेनेजुएला में एक मिनट से भी कम समय के अंतर पर भूकंप के दो तेज झटके महसूस किए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 7.2 और 7.5 मापी गयी। अमरीकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) ने यह जानकारी दी।प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार भूकंप के जोरदार झटकों से 32 लोगों की मौत हो गई और चार घायल […] The post वेनेजुएला में भूंकप के तेज झटके, 32 लोगों की मौत और चार घायल, आपातकाल घोषित appeared first on Sabguru News .
52 वर्ष की हुईं करिश्मा कपूर, फिल्मों से ओटीटी तक बरकरार है जलवा
मुंबई। बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्री करिश्मा कपूर आज आज 52 वर्ष की हो गई। करिश्मा कपूर ने 1990 के दशक में अपनी खूबसूरती, दमदार अभिनय और लगातार सफल फिल्मों के दम पर उन्होंने हिंदी सिनेमा में एक खास पहचान बनाई। 25 जून 1974 को मुंबई में जन्मीं करिश्मा कपूर फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। […] The post 52 वर्ष की हुईं करिश्मा कपूर, फिल्मों से ओटीटी तक बरकरार है जलवा appeared first on Sabguru News .
कन्नड़ अभिनेत्री कृषि थपंडा के आवास में मिला पुरुष का शव
बेंगलूरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलूरु में कन्नड़ अभिनेत्री कृषि थपंडा के फ्लैट में एक पुरुष का शव संदेहास्पद परिस्थितियों में पाया गया है। पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना तब सामने आई, जब उस व्यक्ति को आवासीय परिसर के भीतर अचेत अवस्था में पाया गया। प्रारंभिक सूचनाओं से […] The post कन्नड़ अभिनेत्री कृषि थपंडा के आवास में मिला पुरुष का शव appeared first on Sabguru News .
अलवर के टहला में 5 वर्षीय बालिका को जंगल में ले जाकर रेप
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के टहला थाना क्षेत्र में बुधवार को एक पांच वर्ष की बालिका से दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि आरोपी एक मोटर साइकिल पर आया और उस बालिका को अपने साथ ले गया। उसने जंगल में जाकर बालिका से दुष्कर्म किया। इसकी जानकारी […] The post अलवर के टहला में 5 वर्षीय बालिका को जंगल में ले जाकर रेप appeared first on Sabguru News .
अलवर : भागवत कथा में मामूली कहासुनी ने लिया हिंसक रूप, कई घायल
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र में तिलकपुर गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान बुधवार को दो पक्षों के बीच मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया, जिससे कई महिला और पुरुष घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार तिलकपुर गांव स्थित हरचंद दास बाबा मंदिर परिसर में 22 जून […] The post अलवर : भागवत कथा में मामूली कहासुनी ने लिया हिंसक रूप, कई घायल appeared first on Sabguru News .
ऋषभ पंत का 1 IPL रन संजीव गोयनका को पड़ा 9 लाख रुपए का, जानिए कैसे
ऋषभ पंत को जब लखनऊ सुपर जाएंट्स के संजीव गोयनका ने 27 करोड़ रुपए में खरीदा था तो लगा था वह लखनऊ को नई ऊचाइंयों तक पहुंचाएंग लेकिन उनका खुदका बल्ला इतना शांत रहा कि लखनऊ गहराई में पहुंच गई। लखनऊ सुपर जाएंट्स से अब ऋषभ पंत की दिल्ली घर वापसी हो गई है। लेकिन जब साल 2024 में मेगा नीलामी के बाद ऋषभ पंत लखनऊ आए थे तब से उनका सफर खासा अच्छा नहीं रहा। हालांकि इन 2 सालों में उनको संजीव गोयनका से 54 लाख रुपए मिले। हालांकि इन रुपयों को ऋषभ पंत प्रदर्शन में तब्दील नहीं कर पाए। उन्होंने इन दो सालों में महज 24 की औसत और 135 की स्ट्राइक रेट के साथ 581 रन बनाए। इसमें से वह 2 बार अर्धशतक और एक शतक आया है। यह 28 मैचों का प्रदर्शन काफी शर्मनाक रहा। लेकिन उनके प्रदर्शन से असली नुकसान राजीव गोयनका का हुआ जिनको ऋषभ पंत का एक आईपीएल रन 9 लाख का पड़ा। Well done Pant pic.twitter.com/bqNyDljbyM — Shivani (@meme_ki_diwani) June 19, 2026 लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ एक ऐतिहासिक ट्रेड के बाद पंत आईपीएल 2027 में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलने को तैयार हैं। बाएं हाथ के इस खिलाड़ी को एलएसजी ने आईपीएल 2025 से पहले रिकॉर्ड 27 करोड़ रुपये में खरीदा था, लेकिन अब वे 15 करोड़ रुपये में डीसी में वापस आ रहे हैं, जबकि स्पिनर कुलदीप यादव अपनी मौजूदा 13.5 करोड़ रुपये की फ़ीस पर लखनऊ चले जाएंगे।
बुध का गुरु के नक्षत्र में गोचर: 8 अगस्त तक इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत
पंडित उमाशंकर शर्मा के अनुसार 11 जून को बुध ग्रह ने बृहस्पति के नक्षत्र पुनर्वसु में प्रवेश किया था जहां वे 8 अगस्त तक रहेंगे। वर्तमान में बुध ग्रह कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं, वहां वे 7 जुलाई तक रहेंगे। फिर 5 अगस्त से पुन: कर्क में गोचर करेंगे। बुध के पुनर्वसु नक्षत्र में गोचर से 4 राशियों की किस्मत के दरवाजे खुल गए हैं और अब जरूरत है इस अवसर का लाभ लेने की। इन 4 राशियों को मिलेगा बंपर लाभ 1. मेष राशि (Aries) पंडितजी के अनुसार मेष राशि के जातकों के लिए यह समय बेहद सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहेगा। लाभ: आपके अटके हुए काम तेजी से पूरे होंगे। बिजनेस और नौकरीपेशा जातकों को कार्यक्षेत्र में बड़ी सफलता या कोई अच्छी खबर मिल सकती है। आर्थिक स्थिति: आय के नए स्रोत खुलेंगे, जिससे वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। ALSO READ: बुध का कर्क राशि में गोचर: 4 राशियों की खुलेगी किस्मत, 3 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क 2. कन्या राशि (Virgo) पंडितजी के अनुसार बुध आपकी ही राशि के स्वामी हैं, इसलिए गुरु के नक्षत्र में उनका जाना आपके लिए अत्यंत शुभ है। लाभ: विद्यार्थियों, लेखकों और रिसर्च स्कॉलर्स के लिए यह समय स्वर्ण काल की तरह रहेगा। ज्ञानार्जन के लिए स्थितियां बेहद अनुकूल हैं। आर्थिक स्थिति: यदि आप शेयर मार्केट, ट्रेडिंग या किसी नए बिजनेस में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो 8 अगस्त तक का समय आपको बड़ा मुनाफा दे सकता है। ALSO READ: गुरु का पुष्य नक्षत्र में गोचर: 3 राशियों के शुरू होंगे सुनहरे दिन, धन-सफलता के बनेंगे योग 3. तुला राशि (Libra) पंडितजी के अनुसार तुला राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर मानसिक शांति और धन लाभ लेकर आया है। लाभ: नौकरी में आपके काम की तारीफ होगी और अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलेगा। व्यापार में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है। आर्थिक स्थिति: सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ेगा, लेकिन साथ ही धन का आगमन भी लगातार बना रहेगा, जिससे आपका बैंक बैलेंस सुधरेगा। ALSO READ: राहु के नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश: 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, इन राशियों को रहना होगा सावधान 4. मकर राशि (Capricorn) पंडितजी के अनुसार मकर राशि के जातकों को इस अवधि में किस्मत का पूरा साथ मिलने वाला है। लाभ: यदि आप नया व्यापार शुरू करना चाहते हैं, तो यह सही समय है। आपको कोई बड़ी व्यावसायिक सफलता मिल सकती है। आर्थिक स्थिति: कर्ज से मुक्ति मिल सकती है और लंबे समय से फंसा हुआ पैसा वापस मिलने के प्रबल योग हैं। बुध ग्रह को और मजबूत करने के अचूक उपाय पंडितजी के अनुसार यदि आप इस गोचर काल का पूरा लाभ उठाना चाहते हैं और बुध देव की विशेष कृपा पाना चाहते हैं, तो 8 अगस्त तक ये आसान उपाय जरूर करें: मंत्र जाप: नियमित रूप से ॐ बुं बुधाय नमः मंत्र का जाप करें। दान: बुधवार के दिन हरी मूंग की दाल, हरी सब्जियां या किसी जरूरतमंद को हरे वस्त्रों का दान करें। पूजा: भगवान गणेश को बुधवार के दिन दूर्वा (हरी घास) अर्पित करें, इससे बुद्धि और व्यापार में उन्नति होती है। पशु सेवा: गायों को हरा चारा खिलाना इस दौरान बेहद शुभ और पुण्यदायी माना जाता है। ALSO READ: मंगल का वृषभ राशि में प्रवेश: 4 राशियों की खुलेगी किस्मत, 3 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
Teaser Review: भौकाल मचाने आ रही है मिर्जापुर द मूवी, क्या धुरंधर को पटकनी दे पाएगी?
'मिर्जापुर' की आइकॉनिक दुनिया ओटीटी से थिएटर्स का रुख कर रही है, जो अपने सिग्नेचर इंटेंसिटी, दमदार स्टोरीटेलिंग और बड़े पैमाने के साथ सिनेमाघरों में आ रही है। 2018 में सीजन 1 से शुरू हुई टाइमलाइन से जुड़े रहते हुए, यह फिल्म बड़े पर्दे के लिए तैयार की गई एक कमाल की अनसुनी कहानी के साथ इस सागा को और आगे बढ़ाती है। 4 सितंबर 2026 को रिलीज होने वाली 'मिर्जापुर: द मूवी' फैन्स की इस पसंदीदा फ्रेंचाइजी को एक बिल्कुल नए थिएट्रिकल अवतार में पेश करने का वादा करती है। वहीं अब मेकर्स ने इस फिल्म का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज कर दिया है। यह टीज़र अली फज़ल, पंकज त्रिपाठी और दिव्येंदु के साथ दर्शकों का मिर्जापुर की दुनिया में वापस स्वागत करता है, वहीं जितेंद्र कुमार 'बबलू पंडित' के रोल में कदम रख रहे हैं, जिससे फैन्स का यह फेवरेट किरदार स्क्रीन पर वापस लौट आया है। ALSO READ: जब ‘दीवाना’ में बाइक पर एंट्री करते ही छा गए थे शाहरुख खान, 34 साल बाद भी कायम है बादशाहत इस सागा में रवि किशन भी शामिल हो रहे हैं, जिनकी दमदार नई प्रेजेंस मिर्जापुर यूनिवर्स में एक और दिलचस्प एंगल जोड़ती है। पूर्वांचल की गलियों से लेकर राजस्थान के रेगिस्तानों तक, यह सागा पहले से कहीं ज्यादा बड़ा रूप ले रहा है, जो अपनी इस ग्रिपिंग दुनिया और लार्जर-देन-लाइफ स्टोरीटेलिंग को हर रीजन के सिनेमाघरों में लेकर आ रहा है। इस स्टार-कास्ट को और बड़ा करते हुए, फिल्म में अभिषेक बनर्जी, रसिका दुगल, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, प्रमोद पाठक, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता शेखर गौर, श्वेता त्रिपाठी और सोनल एस चौहान शामिल हैं, जो मिर्जापुर की दुनिया के एक शानदार अनसुने चैप्टर को जीने के लिए एक साथ आए हैं। 'मिर्जापुर: द मूवी' अमेज़न एमजीएम स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट द्वारा प्रेजेंटेड है। गुरमीत सिंह द्वारा डायरेक्टेड, पुनीत कृष्णा द्वारा रिटेन, और एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर द्वारा प्रोड्यूस्ड और कासिम जगमागिया और विशाल रामचंद्रनी द्वारा को-प्रोड्यूस्ड, यह फिल्म 4 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में एक भव्य रिलीज के लिए तैयार है।

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