आंखों में न्याय की उम्मीद। चेहरे पर तकलीफ और शिकन। हाथों में आवेदन जिसमें अपनी तकलीफों को दर्ज कर के इंदौर के कलेक्ट्रेट कार्यालय में हर मंगलवार को आम लोगों की भीड़ इस आस में पहुंचती है कि यहां उनकी सुनवाई होगी, उन्हें न्याय मिलेगा। सुबह 10 बजते ही यहां लोगों की कतार लगना शुरू हो जाती है। लेकिन ये भीड़ बहुत कुछ कह रही है। यह कह रही है कि या तो शहर में अन्याय बढ़ रहा है या फिर जिला प्रशासन के तमाम विभाग लोगों की समस्याएं हल नहीं कर पा रहे हैं और पीड़ितों को मजबूरन कलेक्टर कार्यालय का रुख करना पड़ रहा है। इंदौर कलेक्ट्रेट की मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई में लगातार बढ़ती भीड़ के पीछे कई प्रशासनिक , सामाजिक और जमीनी कारण हैं। 1. स्थानीय स्तर (निचले अधिकारियों) पर सुनवाई न होना भीड़ बढ़ने का सबसे बड़ा कारण यह है कि आम नागरिक जब अपनी समस्याओं को लेकर पटवारी, तहसीलदार, नगर निगम के जोन दफ्तरों या स्थानीय पुलिस थानों के चक्कर काटते हैं, तो वहां उनकी शिकायतों का समय पर निराकरण नहीं होता। जब नीचे के स्तर पर सुनवाई नहीं होती, तो थक-हारकर लोग सीधे कलेक्टर दरबार (जनसुनवाई) का रुख करते हैं। 2. तुरंत एक्शन और 'स्पॉट सेटलमेंट' की उम्मीद जनसुनवाई में कलेक्टर (जैसे वर्तमान में शिवम वर्मा) और एडीएम/एसडीएम स्तर के वरिष्ठ अधिकारी खुद बैठते हैं। कई गंभीर मामलों (जैसे स्वास्थ्य सहायता, आर्थिक मदद या वरिष्ठ नागरिकों के विवाद) में प्रशासन मौके पर ही फैसला लेता है या संबंधित विभाग को कड़े निर्देश देता है। इस त्वरित कार्रवाई (On-the-spot action) के भरोसे के कारण भी लोगों की उम्मीदें जनसुनवाई से ज्यादा जुड़ी हैं। 3. जमीन , मकान और धोखाधड़ी के बढ़ते मामले इंदौर में रियल एस्टेट और कॉलोनियों का जाल तेजी से फैला है। अवैध कॉलोनियों में प्लॉटों की हेराफेरी , भूमाफियाओं द्वारा धोखाधड़ी पुश्तैनी जमीन-जायदाद के आपसी विवाद नामांतरण ( Mutation) व सीमांकन (Demarcation) में हो रही देरी के कारण बड़ी संख्या में पीड़ित कलेक्ट्रेट पहुंच रहे हैं। 4. सरकारी योजनाओं और पेंशन से जुड़ी तकनीकी दिक्कतें वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड या हाल ही में मतदाता सूची (Voter List) में नाम कटने/जुड़वाने जैसी समस्याओं के कारण बड़ी संख्या में गरीब और मध्यम वर्ग के लोग परेशान रहते हैं। जब इन योजनाओं का लाभ मिलने में तकनीकी खराबी या कागजी अड़चनें आती हैं, तो लोग न्याय की गुहार लगाने कलेक्ट्रेट आते हैं। 5. बुजुर्गों और महिलाओं के लिए विशेष संवेदनशीलता कलेक्ट्रेट में वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं की समस्याओं को प्राथमिकता दी जाती है। भरण-पोषण और पारिवारिक विवादों के निपटारे के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाते हैं। इस संवेदनशीलता के कारण भी बुजुर्ग और असहाय लोग सीधे यहां आना सुरक्षित और बेहतर समझते हैं। कुन जमा कहें तो कलेक्ट्रेट में बढ़ती भीड़ इस बात का प्रमाण है कि एक तरफ जनता का भरोसा जिला प्रशासन और कलेक्टर पर बहुत मजबूत है, लेकिन दूसरी तरफ यह इस बात का भी संकेत है कि निचले स्तर के सरकारी दफ्तरों (थानों और तहसीलों) को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने की सख्त जरूरत है ताकि लोगों को इतनी दूर न भागना पड़े।
अयातुल्लाह अली खामेनेई को हत्या के 131 दिन बाद सुपुर्द-ए-खाक किया जाना है। 6 दिन के राजकीय जनाजे में ईरान दुनियाभर से नेताओं को बुला रहा है। 23 जून को राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने पीएम मोदी को भी न्योता दिया। ईरानी और भारतीय सूत्रों के मुताबिक भारत सरकार ने एक डेलीगेशन भेजने का फैसला किया, जिसमें न पीएम शामिल हैं और न विदेश मंत्री। आखिर न्योता मिलने के बावजूद पीएम मोदी खुद क्यों नहीं जा रहे, अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच भारत किस दुविधा में है और क्या संतुलन साध पाएगा; आज के एक्सप्लेनर में... सवाल-1: पीएम मोदी नहीं, तो ईरान कौन जा रहा है? जवाबः खामेनेई के जनाजे में शामिल होने के लिए भारतीय डेलीगेशन में दो प्रमुख शख्सियतें हैं… 1. ले. ज. (रि.) सैयद अता हसनैन, बिहार के राज्यपाल डेलिगेशन में क्यों चुना गया: ईरान शिया बहुल इस्लामिक देश है और अयातुल्ला खामेनेई शियाओं के सर्वोच्च धार्मिक और राजनीतिक नेता थे। सैयद अता हसनैन भी शिया हैं। रिटायर्ड आर्मी अफसर और राज्यपाल जैसा संवैधानिक ओहदा भी रखते हैं। 2. पबित्र मार्गरिटा, केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री डेलिगेशन में क्यों चुना गया: सीधे विदेश मंत्रालय का हिस्सा हैं। हाई प्रोफाइल भी नहीं हैं और न ज्यादा लो-प्रोफाइल। ईरान को लेकर भारत के मौजूदा स्टैंड पर फिट बैठते हैं। सवाल-2: पीएम मोदी का बुलावा था, फिर वो खुद क्यों नहीं गए? जवाबः पहले जाहिर वजहों की बात। पीएम मोदी का शेड्यूल पहले से तय है। 1 से 3 जुलाई तक जापान की पीएम सनाए ताकाइची भारत दौरे पर रहेंगी, जिनसे पीएम मोदी मुलाकात करेंगे। 4 जुलाई को पीएम मोदी राजस्थान के जोधपुर जाएंगे। फिर 6 से 11 जुलाई तक वे इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा करेंगे। हालांकि एक्सपर्ट्स पीएम मोदी के ईरान न जाने के पीछे 3 छिपी वजहें भी बताते हैं। JNU में मिडिल-ईस्ट स्टडीज के प्रोफेसर पीआर कुमारस्वामी और इंटरनेशनल स्टडीज के एसोसिएट प्रोफेसर राजन कुमार के मुताबिक… 1. खामेनेई का जनाजा बेहद उग्र हो सकता हैः खामेनेई की मौत एक हमले में हुई है। शिया परंपरा के मुताबिक उनका जनाजा सिर्फ एक शोक सभा नहीं, बल्कि न्याय और प्रतिरोध का धार्मिक और राजनीतिक रूप ले लेगा। 6 दिन के अंतिम संस्कार में लोग मुहर्रम की तरह विलाप करेंगे और खुद को पीटेंगे। ये बहुत ज्यादा उग्र होगा। इसमें शामिल होने का मतलब होता कि पीएम मोदी भी खुलकर ईरान के प्रतिरोध के साथ खड़े हैं। भारत इससे बचना चाहता है। 2. अचानक स्टैंड बदलने से आलोचना का खतरा: खामेनेई की मौत पर भारत ने चुप्पी साध रखी थी। 5 दिन बाद पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी, जब विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ईरानी दूतावास जाकर शोक जताया। अब 4 महीने बाद अचानक पीएम मोदी का खामेनेई के जनाजे में जाना पूरी तरह स्टैंड बदलना होगा। 3. साझेदार देशों को गलत मैसेज जाने की चिंता: खामेनेई के जनाजे में पीएम मोदी की मौजूदगी भारत के साझेदार और ईरान के विरोधी देशों को नाराज कर सकती है। इनमें अमेरिका, इजराइल के अलावा सऊदी अरब, यूएई जैसे सुन्नी बहुल देश भी हैं। सवाल-3: ईरान को लेकर भारत के सामने दुविधा क्या है? जवाबः ईरान से जुड़ा हर फैसला भारत के लिए तीन मोर्चों पर एक साथ संतुलन मांगता है... 1. आर्थिक दुविधा: ईरान की तरफ झुका, अमेरिका से खतरा होर्मुज स्ट्रेट पर अब भी ईरान का कब्जा है। भारत का 40% कच्चा तेल, 50% LNG और 90% LPG इसी रूट से आता है। यहां जरा सी रुकावट भारत में तेल संकट खड़ा कर सकती है। दूसरी तरफ अमेरिका भारत का बड़ा ट्रेड पार्टनर है, और जल्द ही दोनों देशों के बीच बड़ी ट्रेड डील होने वाली है। यानी, ईरान से नाता टूटा तो ऊर्जा संकट, अमेरिका से दूरी बढ़ी तो व्यापार को नुकसान। 2. सांस्कृतिक दुविधा: भारतीय लोगों की हमदर्दी ईरान के साथभारत और ईरान के रिश्ते सदियों पुराने हैं। भाषा, व्यापार और सभ्यता के स्तर पर गहरे जुड़े हैं। यही वजह है कि जंग के दौरान भी भारत ने ईरान की खुलकर निंदा नहीं की। खामेनेई की मौत पर भी भारत ने सीधी चुप्पी नहीं, बल्कि शालीन शोक जताया। 3. रक्षा दुविधा: इजराइल बड़ा डिफेंस पार्टनर, खाड़ी देशों में भारतीयइजराइल भारत का भरोसेमंद रक्षा साझेदार है, जो हर मुश्किल वक्त में खुलकर साथ खड़ा रहा है। वहीं खाड़ी देशों में रह रहे 1 करोड़ से ज्यादा भारतीयों की सुरक्षा भी उतनी ही अहम है। जंग के दौरान भारत ने इजराइल या अमेरिका की आलोचना नहीं की, लेकिन खाड़ी देशों पर हुए हमलों की निंदा जरूर की। पाकिस्तान के ईरान के प्रति सहानुभूति दिखाने के बाद UAE ने कई पाकिस्तानी वर्कर्स को डिपोर्ट कर दिया था। भारत ऐसी कोई गलती दोहराना नहीं चाहता। सवाल-4: क्या भारत अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच संतुलन बना पाएगा? जवाबः 1989 में जब ईरान के सुप्रीम लीडर अली खुमैनी की मृत्यु हुई थी, तो उनके अंतिम संस्कार में भारत ने विदेश मंत्री पी. वी. नरसिंहा राव को भेजा था। 2024 में जब ईरान के राष्ट्रपति अब्राहिम रइसी की हेलिकॉप्टर क्रैश में मौत हुई थी, तो भारत के उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे। लेकिन इस बार ईरान के सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार में किसी मंत्री स्तर के नेता को नहीं भेजा जा रहा है। सवाल-5: खामेनेई के अंतिम संस्कार में क्या-क्या होना है? जवाबः 28 फरवरी को खामेनेई की मौत के बाद, 4 मार्च को उनका अंतिम संस्कार होना था लेकिन लगातार होते हमलों की वजह से यह टल गया। अब 4 जुलाई को अंतिम संस्कार कार्यक्रम की शुरूआत होगी… --------- ये खबर भी पढ़िए… आज का एक्सप्लेनर: CM विजय, गृहमंत्री शाह से मुलाकात, सैन्य कमांड का दौरा; ट्रम्प के दूत सर्जियो गोर आखिर भारत में कर क्या रहे हैं अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर 22 जून को तमिलनाडु के सीएम विजय थलापति से मिलने चेन्नई पहुंच गए। उससे 4 दिन पहले, 18 जून को गृहमंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात की। 6 महीने में 6 मुख्यमंत्रियों से मिले। दिल्ली के उपराज्यपाल और राजस्थान की डिप्टी सीएम तक से मीटिंग की। भारतीय सेना के पश्चिमी कमान हेडक्वार्टर के दौरे पर तो हंगामा भी हुआ था। पूरी खबर पढ़िए
फिरोजाबाद में आंधी का कहर, ई-रिक्शा पर पेड़ गिरने से 5 की मौत
फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश में फिरोजाबाद जिले के फरिहा क्षेत्र में सोमवार शाम तेज आंधी में एक विशालकाय नीम का पेड़ ई रिक्शा के ऊपर गिर गया। इस हादसे में रिक्शा पर सवार पांच यात्रियों की मौत हो गयी जबकि मां बेटे घायल हो गए। मृतकों के परिवारों को देवी आपदा कोष से सभी को चार […] The post फिरोजाबाद में आंधी का कहर, ई-रिक्शा पर पेड़ गिरने से 5 की मौत appeared first on Sabguru News .
लायंस क्लब अजमेर आस्था की प्रेरणा से एक जोड़ी नेत्रदान
अजमेर। सेवा और मानवता के क्षेत्र में सक्रिय लायंस क्लब अजमेर आस्था की प्रेरणा से एक और प्रेरणादायक नेत्रदान संपन्न हुआ। शास्त्री नगर निवासी स्वर्गीय महेंद्र सेवदा के निधन के बाद उनके परिजनों ने सहमति देकर नेत्रदान कराया, जिससे दो नेत्रहीन व्यक्तियों के जीवन में नई रोशनी आने की उम्मीद जगी है। क्लब अध्यक्ष लायन […] The post लायंस क्लब अजमेर आस्था की प्रेरणा से एक जोड़ी नेत्रदान appeared first on Sabguru News .
मंगल का पुनर्वसु नक्षत्र में गोचर: इन राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा लाभ
वर्तमान में मंगल ग्रह वृषभ राशि में 2 अगस्त 2026 तक रहेंगे। 6 जुलाई 2026 सोमवार के दिन दोपहर 12 बजकर 09 मिनट पर मंगल ग्रह का बृहस्पति के पुनर्वसु नक्षत्र में होगा गोचर। मंगल (अग्नि तत्व और साहस) का गुरु (ज्ञान, विस्तार और धर्म) के नक्षत्र में जाना एक बेहद शुभ और संतुलित योग बनाता है। मंगल का यह नक्षत्र परिवर्तन मुख्य रूप से 5 राशियों के लिए बेहद भाग्यशाली और धन-लाभ कराने वाला साबित होगा। आइए जानते हैं किन राशियों की किस्मत चमकने वाली है। इन 5 राशियों को मिलेगा बंपर लाभ 1. मेष राशि (Aries): अटके काम होंगे पूरे, बढ़ेगा प्रभाव मेष राशि के स्वामी खुद मंगल देव हैं, इसलिए आपके लिए यह गोचर विशेष फलदायी है। क्या लाभ होगा: आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में आपकी लीडरशिप क्वालिटी की सराहना की जाएगी। विशेष: यदि प्रॉपर्टी या जमीन-जायदाद से जुड़ा कोई मामला लंबे समय से कोर्ट-कचहरी में अटका हुआ था, तो फैसला आपके पक्ष में आ सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। ALSO READ: शनि का रेवती नक्षत्र में प्रवेश: 3 राशियों के अटके काम होंगे पूरे, मिलेगा बड़ा लाभ 2. मिथुन राशि (Gemini): आर्थिक उन्नति और वाणी का जादू मिथुन राशि के जातकों के लिए मंगल का यह गोचर धन और संचित पूंजी के मामले में बेहतरीन परिणाम देगा। क्या लाभ होगा: आपकी आर्थिक परेशानियां दूर होंगी और अचानक धन लाभ के योग बनेंगे। आपकी वाणी में एक गजब का आकर्षण पैदा होगा, जिससे आप बिगड़े हुए काम भी बना लेंगे। विशेष: व्यापारियों के लिए यह समय कोई नया निवेश करने या बिजनेस का विस्तार करने के लिए उत्तम है। ALSO READ: राहु का धनिष्ठा नक्षत्र में गोचर: मेष से मीन तक 12 राशियों पर कैसा होगा असर 3. सिंह राशि (Leo): भाग्य का साथ और करियर में उछाल सिंह राशि वालों के लिए मंगल एक योगकारक ग्रह हैं। गुरु के नक्षत्र में मंगल का आना आपके भाग्य को मजबूत करेगा। क्या लाभ होगा: नौकरीपेशा लोगों को दफ्तर में नई और बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है, जिससे आपके प्रमोशन के रास्ते खुलेंगे। विशेष: जो लोग उच्च शिक्षा या सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। लंबी दूरी की यात्राएं सुखद और लाभदायक रहेंगी। 4. तुला राशि (Libra): पार्टनरशिप में मुनाफा और वैवाहिक सुख तुला राशि के जातकों के लिए मंगल का यह नक्षत्र परिवर्तन आपके व्यापार और साझेदारी (Partnership) के भाव को सकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा। क्या लाभ होगा: यदि आप पार्टनरशिप में कोई नया बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो यह समय सबसे बेस्ट है। पुराना डूबा हुआ पैसा वापस मिल सकता है। विशेष: वैवाहिक जीवन में यदि कोई तनाव चल रहा था, तो देवगुरु के प्रभाव से रिश्तों में मधुरता आएगी और जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा। ALSO READ: शुक्र का बुध के नक्षत्र में प्रवेश, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, तुरंत करें ये 3 उपाय 5. धनु राशि (Sagittarius): मान-सम्मान और पुराने निवेश से लाभ चूंकि पुनर्वसु नक्षत्र के स्वामी गुरु खुद आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए मंगल का यह गोचर आपके लिए अत्यंत शुभ है। क्या लाभ होगा: समाज और कार्यक्षेत्र में आपका रसूख और मान-सम्मान बढ़ेगा। पूर्व में किए गए किसी निवेश (जैसे शेयर मार्केट या म्यूचुअल फंड) से इस दौरान बड़ा रिटर्न मिल सकता है। विशेष: कार्यस्थल पर आपके विरोधी या गुप्त शत्रु इस समय शांत रहेंगे और आपका कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे। शेष राशियों के लिए 'क्विक टिप्स' बाकी राशियों (वृषभ, कर्क, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुंभ और मीन) के लिए यह गोचर सामान्य रहेगा। शुभ फलों को बढ़ाने और मंगल के किसी भी नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए इस दौरान हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करें और मंगलवार के दिन बंदरों को गुड़-चना खिलाएं। ALSO READ: गुरु का पुष्य नक्षत्र में गोचर: 3 राशियों के शुरू होंगे सुनहरे दिन, धन-सफलता के बनेंगे योग
चीन के नए ‘राष्ट्रीय एकता’ कानून की निंदा, मानवाधिकारों पर खतरे की जताई आशंका
अल्पसंख्यकों की भाषा, संस्कृति और धार्मिक स्वतंत्रता पर पड़ सकता है प्रतिकूल प्रभाव नई दिल्ली। चीन सरकार द्वारा लागू किए गए नए राष्ट्रीय एकता कानून को लेकर मानवाधिकार संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। संगठनों ने जारी बयान में कहा कि यह कानून राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के नाम पर जातीय अल्पसंख्यक समुदायों पर […] The post चीन के नए ‘राष्ट्रीय एकता’ कानून की निंदा, मानवाधिकारों पर खतरे की जताई आशंका appeared first on Sabguru News .
दो देशों के 5 शहरों से होकर गुजरेगा खामेनेई का जनाजा, छठे दिन पैतृक शहर में होंगे सुपुर्द-ए-खाक
तेहरान। ईरान इतिहास के सबसे बड़े राजकीय जनाजे की तैयारी कर रहा है। शनिवार से शुरू होने वाले छह दिवसीय अंतिम संस्कार कार्यक्रम ईरान और इराक के पांच शहरों में आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के दौरान 28 फ़रवरी को युद्ध की शुरुआत में अमेरिका-इजरायल के हमलों में मारे गए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला […] The post दो देशों के 5 शहरों से होकर गुजरेगा खामेनेई का जनाजा, छठे दिन पैतृक शहर में होंगे सुपुर्द-ए-खाक appeared first on Sabguru News .
नोएडा की रिहायशी सोसाइटी में 18वीं मंजिल से कूदकर महिला ने दी जान
नोएडा। उत्तर प्रदेश में नोएडा के सेक्टर 39 थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित लोटस स्पेसिया सोसाइटी में मंगलवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई। सोसाइटी की 18वीं मंजिल से छलांग लगाकर 46 वर्षीय महिला ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली। घटना के बाद सोसाइटी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने घटना की जानकारी […] The post नोएडा की रिहायशी सोसाइटी में 18वीं मंजिल से कूदकर महिला ने दी जान appeared first on Sabguru News .
त्रिपुरा में पत्नी की हत्या के दोषी पति को उम्रकैद की सजा
अगरतला। त्रिपुरा में खोवाई की जिला और सत्र अदालत ने पत्नी की हत्या के दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। खोवाई के जिला और सत्र न्यायाधीश ने कल्याणपुर थाना के अंतर्गत गौरांगटीला के निवासी प्रदीप नाथ चौधरी (40) को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 के उल्लंघन का दोषी पाया। यह घटना वर्ष […] The post त्रिपुरा में पत्नी की हत्या के दोषी पति को उम्रकैद की सजा appeared first on Sabguru News .
जनरल जनरल धीरज सेठ ने नए सेना प्रमुख का कार्यभार संभाला
नई दिल्ली। जनरल धीरज सेठ ने मंगलवार को 31वें सेना प्रमुख का कार्यभार संभाल लिया। उन्हें जनरल उपेंद्र द्विवेदी के स्थान पर यह जिम्मेदारी दी गई है जो चार दशक से भी लंबी सेवा के बाद आज सेवानिवृत हो गए। जनरल धीरज सेठ राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला के पूर्व छात्र हैं और दिसंबर 1986 में […] The post जनरल जनरल धीरज सेठ ने नए सेना प्रमुख का कार्यभार संभाला appeared first on Sabguru News .
शनि का रेवती नक्षत्र में प्रवेश: 3 राशियों के अटके काम होंगे पूरे, मिलेगा बड़ा लाभ
17 मई 2026 से शनि ग्रह रेवती नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं जहां वे 9 अक्टूबर 2026 तक रहेंगे। 2 जुलाई से शनि रेवती नक्षत्र के दूसरे चरण में प्रवेश करेंगे। रेवती नक्षत्र के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं और यह राशि चक्र का अंतिम (27वां) नक्षत्र है, जो मीन राशि के अंतर्गत आता है। शनि जब गुरु के नक्षत्र में आते हैं, तो यह कई राशियों के जीवन से संघर्ष को कम करके भाग्य का द्वार खोल देता है। इस गोचर से विशेष रूप से 3 राशियों के लंबे समय से अटके हुए काम पूरे होने वाले हैं और उन्हें बंपर लाभ मिलने जा रहा है। आइए जानते हैं वे भाग्यशाली राशियां कौन सी हैं। इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा लाभ 1. वृषभ राशि (Taurus): वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का रेवती नक्षत्र में जाना किसी वरदान से कम नहीं है। आपके ग्यारहवें (लाभ) भाव में शनि का यह प्रभाव आपके जीवन में तरक्की के नए रास्ते खोलेगा। अटके काम होंगे पूरे: यदि आपकी कोई संपत्ति (जमीन-मकान) का मामला कोर्ट में या कहीं अटका हुआ था, तो वह अब आपके पक्ष में सुलझ सकता है। बड़ा लाभ: नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन और सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी मिल सकती है। व्यापार में किया गया पुराना निवेश अब भारी मुनाफा देना शुरू करेगा। नए स्रोतों से धन का आगमन होगा। ALSO READ: राहु का धनिष्ठा नक्षत्र में गोचर: मेष से मीन तक 12 राशियों पर कैसा होगा असर 2. मिथुन राशि (Gemini): मिथुन राशि के जातकों के लिए शनि देव आपके दशम यानी कर्म भाव में गोचर कर रहे हैं। गुरु के नक्षत्र में आने से शनि अब आपके करियर को एक नई और सकारात्मक दिशा देंगे। अटके काम होंगे पूरे: अगर आप लंबे समय से नौकरी बदलने की कोशिश कर रहे थे या ट्रांसफर चाहते थे, तो आपकी यह इच्छा अब पूरी होगी। सरकारी विभागों में फंसे हुए आपके काम अब गति पकड़ेंगे। बड़ा लाभ: कार्यक्षेत्र में आपके काम की तारीफ होगी और सीनियर्स का पूरा सपोर्ट मिलेगा। समाज में आपका रसूख और मान-सम्मान बढ़ेगा। बिजनेस करने वालों को कोई बड़ी डील या विदेशी प्रोजेक्ट मिल सकता है। 3. वृश्चिक राशि (Scorpio): वृश्चिक राशि के जातकों के लिए शनि का यह नक्षत्र परिवर्तन पंचम भाव को प्रभावित करेगा। पिछले कुछ समय से आप जिस मानसिक तनाव या असमंजस से गुजर रहे थे, अब उससे राहत मिलने का समय आ गया है। अटके काम होंगे पूरे: यदि आपकी शिक्षा, संतान या प्रेम संबंधों में कोई रुकावट आ रही थी, तो वह दूर होगी। जो छात्र विदेश जाकर पढ़ाई करने का सपना देख रहे थे, उनका वीजा या एडमिशन से जुड़ा अटका काम अब पूरा हो जाएगा। बड़ा लाभ: आर्थिक स्थिति पहले से काफी मजबूत होगी। शेयर मार्केट या लॉटरी जैसे माध्यमों से अचानक धन लाभ के योग बनेंगे। पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई विवाद था, तो वह भी सुलझ जाएगा। ALSO READ: शुक्र का बुध के नक्षत्र में प्रवेश, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, तुरंत करें ये 3 उपाय बाकी राशियों के लिए एक संक्षिप्त सलाह: चूंकि रेवती नक्षत्र के स्वामी गुरु हैं, इसलिए अन्य सभी राशियों के लिए भी यह गोचर सामान्य तौर पर शुभ ही रहेगा। लेकिन इस दौरान शनि देव की कृपा बनाए रखने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखें: मेष, मकर और कुंभ राशि: इस दौरान अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें और स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें। कर्क, सिंह और मीन राशि: कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों (Colleagues) के साथ संबंध अच्छे रखें और किसी भी वाद-विवाद से दूर रहें। ALSO READ: गुरु का पुष्य नक्षत्र में गोचर: 3 राशियों के शुरू होंगे सुनहरे दिन, धन-सफलता के बनेंगे योग शनि देव को प्रसन्न करने के 2 सरल उपाय अगर आपकी राशि पर शनि की ढैय्या या साढ़ेसाती चल रही है, तो इस गोचर का शुभ फल पाने के लिए ये उपाय जरूर करें: शनिवार को दीपदान: हर शनिवार की शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। हनुमान चालीसा का पाठ: शनि देव हनुमान जी के भक्तों को कभी परेशान नहीं करते, इसलिए नियमित रूप से या हर शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ जरूर करें।
सहारनपुर में मेडिकल कारोबारी आयुष मलिक ने सनातन धर्म में की वापसी
सहारनपुर। सहारनपुर मंडल के शामली कस्बे के प्रमुख मेडिकल व्यवसायी और केमिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष देवराज मलिक के इकलौते बेटे आयुष मलिक ने सनातन धर्म में वापसी कर ली है। इससे उनके परिजन खासे खुश हैं। पुलिस अधीक्षक शामली एनपी सिंह ने बताया कि पुलिस आयुष मलिक के पिता देवराज मलिक के छह जून को […] The post सहारनपुर में मेडिकल कारोबारी आयुष मलिक ने सनातन धर्म में की वापसी appeared first on Sabguru News .
क्रॉस-वोटिंग और सदानंद गौड़ा के वायरल ऑडियो क्लिप से कर्नाटक भाजपा की बढ़ी परेशानी
बेंगलूरु। कर्नाटक विधान परिषद चुनावों में क्रॉस-वोटिंग को लेकर मंगलवार को संकट और गहरा गया, जब पूर्व मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने खुद से जोड़े जा रहे एक वायरल ऑडियो क्लिप को फर्जी बताकर खारिज कर दिया। वहीं भाजपा विधायक एचके सुरेश ने बेलूर चेन्नाकेशव मंदिर में सार्वजनिक रूप से शपथ ली। उन्होंने दावा किया […] The post क्रॉस-वोटिंग और सदानंद गौड़ा के वायरल ऑडियो क्लिप से कर्नाटक भाजपा की बढ़ी परेशानी appeared first on Sabguru News .
July 2026 Festival List: जुलाई 2026 के प्रमुख व्रत एवं त्योहारों की लिस्ट
July 2026 Vrat Tyohar List: हिंदू धर्म में प्रत्येक माह का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है और जुलाई 2026 का महीना इस दृष्टि से बेहद खास महीना है। जुलाई 2026 का महीना भी कई प्रमुख व्रत, पर्व और धार्मिक आयोजनों से भरपूर रहेगा। ALSO READ: July Astrology 2026: 4 बड़े ग्रह गोचर बदलेंगे किस्मत, करियर-प्रेम और धन पर पड़ेगा बड़ा असर इस माह में आषाढ़ और श्रावण जैसे अत्यंत पवित्र मास का संयोग बनने से भगवान विष्णु, शिव, जगन्नाथ, गुरु पूर्णिमा और देवशयनी एकादशी जैसे महत्वपूर्ण पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाए जाएंगे। यही समय चातुर्मास के आरंभ का भी होता है, जब साधु-संत एक स्थान पर रहकर साधना करते हैं और श्रद्धालु धर्म-कर्म, दान-पुण्य तथा पूजा-पाठ का विशेष महत्व मानते हैं। यदि आप जुलाई 2026 के सभी व्रत एवं त्योहारों की सही तिथियां, शुभ अवसर, धार्मिक महत्व और पूजा से जुड़ी जानकारी जानना चाहते हैं, तो यह मासिक धार्मिक कैलेंडर आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। यहां आपको जुलाई 2026 व्रत एवं त्योहारों की पूरी सूची, प्रमुख पर्वों की तिथियां और उनसे जुड़े धार्मिक महत्व की जानकारी एक ही स्थान पर मिलेगी। जुलाई 2026 के प्रमुख व्रत एवं त्योहारों की पूरी लिस्ट यहां पाठकों की सुविधा के लिएनीचे दी गई है: तारीख (2026): दिन: व्रत / त्योहार 03 जुलाई: शुक्रवार- कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी 07 जुलाई: मंगलवार- कालाष्टमी 10 जुलाई: शुक्रवार- योगिनी एकादशी व्रत, भगवान विष्णु की आराधना एवं पापों से मुक्ति का विशेष व्रत। अवतार मेहेर बाबा मौन पर्व 12 जुलाई: रविवार- रवि प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि, रोहिणी व्रत 14 जुलाई: मंगलवार- भौमवती अमावस्या, हलहारिणी आषाढ़ी अमावस्या, पितृ तर्पण, दान-पुण्य और स्नान का विशेष महत्व। 15 जुलाई: बुधवार- आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि प्रारंभ। मां दुर्गा की गुप्त साधना और तांत्रिक उपासना का विशेष समय। 16 जुलाई: गुरुवार- जगन्नाथ रथयात्रा, भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की विश्वप्रसिद्ध रथ यात्रा। 17 जुलाई: शुक्रवार- विनायक चतुर्थी, सूर्य कर्क संक्रांति (दक्षिणायन प्रारंभ) 21 जुलाई: मंगलवार- मासिक दुर्गाष्टमी, मां ताप्ती जयंती 23 जुलाई: गुरुवार- गुप्त नवरात्रि नवमी पूजन, भड़ली नवमी (शादी-विवाह, मांगलिक कार्यों का अबूझ मुहूर्त) 24 जुलाई: शुक्रवार- आशा दशमी व्रत 25 जुलाई: शनिवार- देवशयनी एकादशी व्रत, भगवान विष्णु की योगनिद्रा का समय और चातुर्मास का प्रारंभ 26 जुलाई: रविवार- रवि प्रदोष व्रत, वासुदेव, वामन द्वादशी 27 जुलाई: सोमवार- मंगला तेरस, विजया-पार्वती व्रत प्रारंभ 29 जुलाई: बुधवार- गुरु पूर्णिमा, आषाढ़ पूर्णिमा, व्यास पूजा का दिन। महर्षि वेदव्यास एवं गुरुजनों के सम्मान का पावन पर्व। 30 जुलाई: गुरुवार- श्रावण (सावन) मास प्रारंभ, कांवड़ यात्रा शुरू। इस महीने के कुछ खास आकर्षण: देवशयनी एकादशी (25 जुलाई): इस दिन से भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं, जिसके साथ ही सभी तरह के मांगलिक कार्यों (जैसे शादी-ब्याह) पर रोक लग जाती है। श्रावण मास (30 जुलाई): इस बार 30 जुलाई, गुरुवार से महादेव का प्रिय सावन का महीना शुरू हो रहा है, चारों तरफ बम-बम भोले की गूंज शुरू हो जाएगी। यह समय शिव भक्तों के लिए बेहद पवित्र माना जाता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Monthly Horoscope July 2026: 12 राशियों के लिए क्या सौगात लेकर आ रहा है जुलाई 2026, जानें मासिक राशिफल
भजनलाल का यमुना जल समझौते के बाद जयपुर पहुंचने पर किया गया भव्य स्वागत
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के यमुना जल परियोजना को लेकर हुए समझौते के बाद मंगलवार को जयपुर पहुंचने पर यहां भव्य स्वागत किया गया। शर्मा के जयपुर हवाई अड्डे पर पहुंचने पर भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद मदन राठौड़, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, भाजपा हरियाणा प्रभारी एवं सांसद डॉ. सतीश पूनियां, […] The post भजनलाल का यमुना जल समझौते के बाद जयपुर पहुंचने पर किया गया भव्य स्वागत appeared first on Sabguru News .
भरतपुर में अज्ञात वाहन से बस के टकराने से 15 लोग घायल
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर जिले के नदबई थाना क्षेत्र में आगरा-बीकानेर राष्ट्रीय राजमार्ग-21 पर मंगलवार तड़के एक स्लीपर बस के एक वाहन से टकराने से 15 यात्री घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जयपुर से आगरा जा रही एक निजी ट्रेवल्स की बस के चालक को झपकी आने से डहरामोड़ के समीप बस […] The post भरतपुर में अज्ञात वाहन से बस के टकराने से 15 लोग घायल appeared first on Sabguru News .
अलवर : जमीन के अभाव में अटका सरिस्का के 6 गांवों का विस्थापन
अलवर। राजस्थान में अलवर के सरिस्का बाघ अभयारण्य में बसे गांवों के विस्थापन की महत्वाकांक्षी योजना जमीन की कमी के कारण धीमी पड़ गई है। बाघों की सुरक्षा और वन क्षेत्र को मानव हस्तक्षेप से मुक्त करने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना में अब तक अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी है। 24 […] The post अलवर : जमीन के अभाव में अटका सरिस्का के 6 गांवों का विस्थापन appeared first on Sabguru News .
पासपोर्ट रिन्यूअल और वोटर लिस्ट विवाद: जॉन ब्रिटास का जयशंकर को पत्र
सीपीआई(एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर कहा कि वोटर लिस्ट से नाम हटना पासपोर्ट रिन्यूअल रोकने या नागरिकता पर सवाल उठाने का कानूनी आधार नहीं है
2,000 साल पुरानी कार्ला गुफाओं में बड़ा रहस्य, सिंह स्तंभ के नीचे मिली गुप्त गुफा
महाराष्ट्र के लोनावला (पुणे) के पास स्थित प्रसिद्ध कार्ला गुफाओं (Karla Caves) को लेकर हाल ही में एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम जब कार्ला गुफा परिसर में एक पुराने पानी के टैंक (cistern) की सफाई और वहां से अतिक्रमण हटाने का काम कर रही थी, तब उन्हें गुफा के मुख्य आकर्षण 'लायन पिलर' (Lion Pillar/सिंह स्तंभ) के बिल्कुल नीचे एक छिपी हुई गुप्त जगह (Cavity) मिली। खतरे की बात: इस खोखली जगह के कारण स्तंभ के नीचे की चट्टानें आपस में जुड़ी हुई नहीं थीं। मौसम के प्रभाव और पानी के रिसाव के कारण यह खोखलापन बढ़ गया था, जिससे इस 2,000 साल पुराने ऐतिहासिक स्तंभ के ढहने या उसमें दरारें आने का बड़ा खतरा पैदा हो सकता था। ASI की तुरंत कार्रवाई: गनीमत यह रही कि स्तंभ को कोई नुकसान पहुँचने से पहले ही पुरातत्व विभाग ने इसे ढूंढ निकाला। एएसआई (ASI) ने तुरंत कदम उठाते हुए स्तंभ के आधार को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त सपोर्ट (स्ट्रक्चरल स्टेबलाइजेशन) तैयार किया है, ताकि खंभे का वजन बराबर बंटा रहे और भविष्य में इसके गिरने का कोई खतरा न रहे। कार्ला गुफाओं के बारे में कुछ खास बातें: यह भारत के सबसे बड़े और सबसे सुरक्षित बौद्ध चैत्य गृह (प्रार्थना हॉल) के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इस गुफा के ठीक बाहर एक विशाल स्तंभ है, जिसके ऊपर चार सिंह (शेर) चारों दिशाओं में मुंह किए बैठे हैं (यह काफी हद तक हमारे राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ जैसा दिखता है)। इसी स्तंभ के नीचे यह खराबी पाई गई थी। इस गुफा परिसर के बाहर ही प्रसिद्ध एकवीरा देवी का मंदिर भी स्थित है। इनका निर्माण दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व से पांचवीं शताब्दी ईस्वी के बीच मुख्यतः मौर्य और उत्तर-मौर्य काल के दौरान हुआ था। यह मुंबई-पुणे मार्ग पर लोनावला के पास बनघटा पहाड़ियों पर स्थित है। इन्हें बौद्ध भिक्षुओं द्वारा सिर्फ छेनी और हथौड़े से पहाड़ी को तराश कर बनाया गया था। गुफा संख्या 8 में यहाँ भारत का सबसे बड़ा, भव्य और सबसे सुरक्षित रॉक-कट चैत्यगृह (प्रार्थना हॉल) स्थित है, जो 45 मीटर लंबा और 14 मीटर चौड़ा है। गुफाओं का प्रवेश द्वार एक विशाल मेहराब (Arch) से सुसज्जित है। हॉल के भीतर बौद्ध देवी-देवताओं और रूपांकनों की सुंदर नक्काशीदार मूर्तियां हैं। इस परिसर में भिक्षुओं के रहने और ध्यान लगाने के लिए कई आवासीय कक्ष (विहार) बने हैं। यह लगभग 2 वर्ग किलोमीटर में फैला 16 गुफाओं का समूह है, जिसकी देखरेख भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) करता है। बेडसे की गुफाएं: इन गुफाओं के पास ही बेडसे की गुफाएं भी हैं। ये पहली शताब्दी ईस्वी पूर्व (ईसा पूर्व) की हैं, जिनका निर्माण सातवाहन साम्राज्य के काल में हुआ था। यह पुणे (महाराष्ट्र) के पास कार्ला और भाजा गुफाओं के समीप स्थित है। यद्यपि ये कार्ला गुफाओं की तुलना में आकार में छोटी हैं, लेकिन बेहद कलात्मक हैं। दोनों ही गुफाएं भिक्षुओं के निवास (विहार) और पूजा स्थल (चैत्य) के रूप में विकसित की गई थीं। जहाँ कार्ला गुफाएं अपने विशालकाय चैत्य हॉल के लिए विख्यात हैं, वहीं बेडसे गुफाएं अपनी अनूठी स्तंभ कला और बारीक वेदिका अलंकरण के लिए जानी जाती हैं। ये स्थल प्राचीन भारत की धार्मिक प्रथाओं, व्यापारिक मार्गों और शिल्पकला के क्रमिक विकास का जीवंत प्रमाण हैं।
रंगदारी की साज़िश में उद्योगपति की पत्नी और गोगी गैंग का कथित साथी अरेस्ट
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लक्ष्मी नगर के एक व्यापारी से 50 लाख रुपए की रंगदारी वसूलने की साज़िश रचने के आरोप में व्यवसायी की पत्नी सपना जैन और गोगी गैंग के कथित साथी रजत को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस का […] The post रंगदारी की साज़िश में उद्योगपति की पत्नी और गोगी गैंग का कथित साथी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
मथुरा में बस ने ट्रेलर को मारी टक्कर, 4 की मौत, 19 गंभीर घायल
मथुरा। उत्तर प्रदेश में मथुरा जिले के राया क्षेत्र में मंगलवार तड़के एक यात्री बस के गिट्टी भरे ट्रेलर से टकराने के कारण बस में सवार चार लोगों की मृत्यु हो गई जबकि 19 अन्य गंभीर रुप से घायल हो गये। पुलिस सूत्रों ने बताया कि यमुना एक्सप्रेस वे पर तड़के करीब सवा तीन बजे […] The post मथुरा में बस ने ट्रेलर को मारी टक्कर, 4 की मौत, 19 गंभीर घायल appeared first on Sabguru News .
मणिपुर में सुरक्षा बलों ने हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया, ब्राउन शुगर के साथ दो अरेस्ट
इंफाल। मणिपुर में सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस ने सोमवार को अलग-अलग अभियानों में बिष्णुपुर और जिरीबाम जिलों से हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटकों का बड़ा जखीरा बरामद किया। इसके अलावा सेनापति जिले में संदिग्ध ब्राउन शुगर के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। मणिपुर पुलिस ने मंगलवार को बताया कि पहले अभियान में सुरक्षा […] The post मणिपुर में सुरक्षा बलों ने हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया, ब्राउन शुगर के साथ दो अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
महुआ मोइत्रा का बीजेपी पर बड़ा हमला: राम मंदिर, NEET पेपर लीक और बेरोज़गारी पर उठाए सवाल
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने बीजेपी सरकार पर रोजगार, राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय विवाद, NEET-TET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए
प्रो.ऋषभदेव शर्मा: अनामिका अनु को जितना मैं उनकी पिछली किताबों और इस पुस्तक ‘मैं दीवारों पर खिड़कियाँ लिख रही हूँ’ के माध्यम से जान सका हूँ, उससे यह बात स्पष्ट होती है कि वे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की घोर पैरोकार हैं। वे लोकतांत्रिक मूल्यों पर बल देती हैं। अपने वक्तव्यों में भी और अपने लेखन […]
भीषण गर्मी के चलते पेरिस के मुर्दाघरों में जगह कम पड़ी
पेरिस के एक शवगृह में लगातार फोन आ रहे हैं। फोन करने वाले यही पूछते हैं कि, क्या एक शव रखने की जगह मिलेगी? जौहर एर्टेली अफसोस भरी आवाज में जवाब देते हैं, नहीं। और ऐसा जवाब वह दिन में कई बार देते हैं।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (30 जून, 2026)
1. मेष (Aries) Today 30 June horoscope in Hindi 2026 : करियर: व्यापारिक यात्रा सफल रहेगी। लव: पार्टनर के साथ धार्मिक यात्रा पर जा सकते हैं। धन: आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। स्वास्थ्य: मानसिक शांति बनी रहेगी। उपाय: केले के वृक्ष में जल अर्पित करें। ALSO READ: Weekly Horoscope 29 June-5 July 2026: जुलाई का पहला हफ्ता इन राशियों के लिए लेकर आ रहा है छप्परफाड़ खुशियां 2. वृषभ (Taurus) करियर: रचनात्मक कार्यों में करियर बनाएंगे। लव: वैवाहिक जीवन में मधुरता बनी रहेगी। धन: पैतृक संपत्ति से लाभ होने के योग हैं। स्वास्थ्य: खान-पान पर नियंत्रण रखें। उपाय: माथे पर केसर का तिलक लगाएं। 3. मिथुन (Gemini) करियर: नए प्रोजेक्ट की शुरुआत के लिए दिन शुभ है। लव: पुराने मित्र से मुलाकात प्रेम संबंधों में बदल सकती है। धन: धन के लेन-देन में सावधानी बरतें। स्वास्थ्य: योग और ध्यान से लाभ होगा। उपाय: भगवान विष्णु को पीले फूल चढ़ाएं। 4. कर्क (Cancer) करियर: कार्यस्थल पर वाणी पर संयम रखें। लव: जीवनसाथी का भावनात्मक सहयोग मिलेगा। धन: अचानक खर्च बढ़ सकते हैं, बजट बिगड़ सकता है। स्वास्थ्य: सर्दी-जुकाम से बचें। उपाय: चने की दाल का दान करें। 5. सिंह (Leo) करियर: नौकरी में प्रमोशन के संकेत मिल रहे हैं। लव: प्रेमी के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। धन: निवेश के लिए समय उत्तम है। भाग्य का साथ मिलेगा। स्वास्थ्य: रीढ़ की हड्डी या पीठ में दर्द हो सकता है। उपाय: 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम:' मंत्र का जाप करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: अधूरे काम समय पर पूरे होंगे। लव: रिश्तों में गलतफहमियां दूर होंगी। धन: आर्थिक लाभ के अच्छे अवसर हाथ आएंगे। स्वास्थ्य: त्वचा संबंधी परेशानी हो सकती है। उपाय: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। 7. तुला (Libra) करियर: बैंकिंग और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों को सफलता मिलेगी। लव: पार्टनर के साथ भविष्य की प्लानिंग करेंगे। धन: पुराने कर्ज से मुक्ति मिल सकती है। स्वास्थ्य: भरपूर नींद लें, आंखों में जलन हो सकती है। उपाय: पीले वस्त्र धारण करें। ALSO READ: Vakri Budh Effect: बुध की कर्क राशि में वक्री चाल, इन 3 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें। काम पर फोकस करें। लव: परिवार के साथ सामंजस्य बना रहेगा। धन: संपत्ति खरीदने के लिए दिन अच्छा है। स्वास्थ्य: तनाव के कारण सिरदर्द हो सकता है। उपाय: किसी मंदिर में चने की दाल और गुड़ दान करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: आपके कार्यों की सराहना होगी। नई डील फाइनल हो सकती है। लव: प्रेम संबंधों में नयापन आएगा। धन: बैंक बैलेंस बढ़ेगा, बचत पर ध्यान दें। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। उपाय: गुरुजनों का आशीर्वाद लें। 10. मकर (Capricorn) करियर: आलस्य के कारण अवसर हाथ से निकल सकते हैं। सक्रिय रहें। लव: पार्टनर की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। धन: अनावश्यक खर्चों पर लगाम लगाएं। स्वास्थ्य: जोड़ों के दर्द से परेशानी हो सकती है। उपाय: शिवलिंग पर शहद चढ़ाएं। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: आज नई तकनीक सीखने का मौका मिलेगा। लव: सिंगल लोगों को प्रस्ताव मिल सकते हैं। धन: आमदनी में वृद्धि होगी, व्यापार में मुनाफा होगा। स्वास्थ्य: दिनभर ताजगी महसूस करेंगे। उपाय: हनुमानजी का पूजन करें। 12. मीन (Pisces) करियर: ज्ञान और बुद्धि से कठिन कार्यों को भी सरल बना लेंगे। लव: प्रेम में प्रगाढ़ता आएगी, दिन सुखद रहेगा। धन: उधार दिया हुआ धन वापस मिल सकता है। स्वास्थ्य: खान-पान में सात्विकता बनाए रखें। उपाय: मंदिर में हल्दी का दान करें। ALSO READ: शुक्र का सिंह राशि में गोचर, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जरूर करें ये 3 उपाय
क्या अरुणाचल में चीन ने बना लिया कैंप? घुसपैठ की खबरों पर भारतीय सेना का बड़ा बयान
भारतीय सेना ने अरुणाचल प्रदेश में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) द्वारा कथित घुसपैठ और कैंप स्थापित किए जाने की मीडिया रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया है। सेना ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि ये सभी दावे गलत हैं और इनका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है। सेना ने कहा कि हमने कुछ मीडिया रिपोर्टें देखी हैं, जिनमें अरुणाचल प्रदेश में चीनी पीएलए द्वारा हालिया घुसपैठ और कैंप स्थापित किए जाने का दावा किया गया है। ये रिपोर्टें पूरी तरह गलत और निराधार हैं। ALSO READ: क्या Pakistan के साथ Track 2 Dialogue करेगा भारत, विदेश सचिव का बड़ा बयान दरअसल, कई मीडिया संस्थानों ने अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले में रहने वाले नाह (Nah) जनजातीय समुदाय के हवाले से दावा किया था कि पिछले 6 वर्षों के दौरान चीनी सैनिकों ने सीमा से लगे कुछ क्षेत्रों में अतिक्रमण किया है। रिपोर्टों में कहा गया कि कथित अतिक्रमण के कारण स्थानीय लोगों के लिए अपने मवेशियों को चराना मुश्किल हो गया है। नाह वेलफेयर सोसाइटी (NWS) के अध्यक्ष केरू चाडर ने दावा किया कि चीनी पीएलए ने उनके पूर्वजों की जमीन और पारंपरिक शिकार क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया है। उनका कहना था कि इनमें से कई इलाके वर्ष 2020 से चीन के कब्जे में हैं। हालांकि, चाडर और उनकी संस्था ने यह भी कहा कि उन्हें भारतीय सेना पर पूरा भरोसा है, जिसने वर्षों से इस क्षेत्र और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की है। ALSO READ: Delhi EV Policy : ₹30 लाख तक की इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स-रजिस्ट्रेशन शुल्क माफ, ई-ऑटो होंगे अनिवार्य, क्या है दिल्ली ईवी पॉलिसी गलवान झड़प के बाद बदले हालात भारत और चीन के बीच वर्ष 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद सीमा पर तनाव काफी बढ़ गया था। इस संघर्ष में भारत के 20 सैनिक शहीद हुए थे। चीन के भी कई सैनिक मारे गए थे, लेकिन बीजिंग ने आज तक आधिकारिक संख्या सार्वजनिक नहीं की। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच सैन्य और राजनयिक स्तर पर लगातार बातचीत के चलते स्थिति में काफी सुधार आया है। ALSO READ: CBSE की नई भाषा नीति लागू, जानिए किन छात्रों पर नहीं होंगे नए नियम और किसे पढ़नी होगी अतिरिक्त भारतीय भाषा LAC पर स्थिति स्थिर, सेना पूरी तरह सतर्क भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सोमवार को कहा कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच अब तक 1,100 से अधिक ग्राउंड-लेवल इंटरैक्शन हो चुके हैं, ताकि किसी भी तरह की गलतफहमी से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर स्थिति फिलहाल स्थिर है और भारतीय सेना शांति बनाए रखने के साथ-साथ देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क और सक्षम है। ALSO READ: Bajaj Chetak, Ola S1 Pro, TVS iQube, Hero Vida V2 को टक्कर देने आ रहा है सस्ता विएतनामी इलेक्ट्रिक स्कूटर जनरल द्विवेदी ने कहा कि सैन्य स्तर पर लगातार संवाद ने सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है। लेकिन हमारी नीति 'शक्ति के साथ शांति' की है। एलएसी पर भारतीय सेना का रुख आगे भी मजबूत, विश्वसनीय, सतर्क और भारत की क्षेत्रीय अखंडता तथा राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम रहेगा। Edited by : Sudhir Sharma
कुख्यात दस्यु जगन गुर्जर की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या
अजमेर। कुख्यात दस्यु जगन गुर्जर की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में साथी कैदी द्वारा गला दबाकर हत्या कर दी। 11 लाख रुपए के इनामी रहे पूर्व दस्यु जगन गुर्जर का राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा में आतंक फैला हुआ था। जगन गुर्जर राजस्थान का खूंखार अपराधी रहा है। पुलिस ने बताया कि […] The post कुख्यात दस्यु जगन गुर्जर की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या appeared first on Sabguru News .
अजमेर की बेटी एवं 5 बार की गिनीज़ विश्व रिकॉर्ड धारक सूफिया सूफी का स्वागत
अजमेर। अजमेर की बेटी एवं भारत की प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय अल्ट्रा धाविका तथा पांच बार की गिनीज़ विश्व रिकॉर्ड धारक सूफिया सूफी का सोमवार सुबह पटेल स्टेडियम में उनके ऐतिहासिक 5,000 किलोमीटर रन अक्रॉस इंडिया (कन्याकुमारी से काराकोरम) अभियान के दौरान हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर हार्टफुलनेस संस्थान अजमेर एवं टीम ग्रीन […] The post अजमेर की बेटी एवं 5 बार की गिनीज़ विश्व रिकॉर्ड धारक सूफिया सूफी का स्वागत appeared first on Sabguru News .
अलवर : कछुए से करोड़ों रुपए कमाने का सपना दिखाकर मजदूर से 10 लाख की ठगी
अलवर। राजस्थान में अलवर के वैशाली नगर थाना क्षेत्र में करोड़ों रुपये कमाने का झांसा देकर एक फैक्ट्री मजदूर से 10 लाख रुपए की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस सूत्रों ने सोमवार को बताया कि ठगों ने पहले दुर्लभ कछुए की कीमत एक करोड़ रुपए बताकर उसे खरीदने का झांसा दिया। जब […] The post अलवर : कछुए से करोड़ों रुपए कमाने का सपना दिखाकर मजदूर से 10 लाख की ठगी appeared first on Sabguru News .
राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण : आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में सोमवार को मंडलीय कारागार से ही वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से सभी आठ आरोपियों को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, वीडियो कांफ्रेसिंग से सुनवाई के बाद सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में मंडल कारागार में पुनः निरुद्ध कर दिया गया। […] The post राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण : आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा appeared first on Sabguru News .
करौली : 11 केवी के बिजली की तार की चपेट में आने से 3 श्रमिकों की मौत
करौली। राजस्थान में करौली के टोडाभीम थाना क्षेत्र में भोपर नदी के पास सोमवार को 11 केवी की विद्युत लाइन की चपेट में आने से मोटर साइकिल पर सवार तीन श्रमिकों की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि रामबाबू, विष्णु और चौबे जाटव हिंडौन से मजदूरी करके मोटर साइकिल से गांव की ओर […] The post करौली : 11 केवी के बिजली की तार की चपेट में आने से 3 श्रमिकों की मौत appeared first on Sabguru News .
श्रीराम मंदिर की दानपेटी में चोरी मामले में दोषियों पर हो कठोर कार्रवाई : हिन्दू जनजागृति समिति
नई दिल्ली। अयोध्या का श्रीराम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यह दुनियाभर के करोड़ों हिन्दुओं के सदियों के बलिदान, दीर्घकालिक संघर्ष और श्रद्धा का प्रतीक है। मंदिर की दानपेटी के अर्पण में चोरी करना एक महापाप है और प्रभु श्रीराम उन्हें उनके कर्मों की सजा अवश्य देंगे। लेकिन सरकार को इस मामले […] The post श्रीराम मंदिर की दानपेटी में चोरी मामले में दोषियों पर हो कठोर कार्रवाई : हिन्दू जनजागृति समिति appeared first on Sabguru News .
नसरापुर रेप-मर्डर केस में पुणे की कोर्ट ने सुनाई मौत की सजा, राजनीतिक जगत ने किया स्वागत
मुंबई/पुणे। त्वरित न्याय की नई मिसाल पेश करने वाले ऐतिहासिक फैसले में पुणे जिला एवं सत्र न्यायालय ने आज पुणे जिले के नसरापुर में साढ़े तीन वर्ष की बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के मामले में भीमराव कांबले (65) को मौत की सजा सुनाई। इस अपराध को दुर्लभ से दुर्लभतम बताते हुए अदालत ने […] The post नसरापुर रेप-मर्डर केस में पुणे की कोर्ट ने सुनाई मौत की सजा, राजनीतिक जगत ने किया स्वागत appeared first on Sabguru News .
नगर निगम जयपुर के कनिष्ठ अभियंता संजय कुमार बैरवा रिश्वत लेते अरेस्ट
जयपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को जयपुर नगर निगम में सिविल लाइन जोन कार्यालय उपायुक्त एवं कनिष्ठ अभियंता संजय कुमार बैरवा को 80 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि इस मामले में निगम के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दीनदयाल को हिरासत […] The post नगर निगम जयपुर के कनिष्ठ अभियंता संजय कुमार बैरवा रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
1 जुलाई से पेट्रोल-डीजल बिक्री पर लागू अस्थायी प्रतिबंध हटेंगे, केंद्र ने 12 जून का आदेश लिया वापस
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति स्थिति सामान्य होने के बाद 12 जून 2026 को जारी अस्थायी नियंत्रण संबंधी आदेश को वापस लेने का निर्णय लिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगा। सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार 12 जून […] The post 1 जुलाई से पेट्रोल-डीजल बिक्री पर लागू अस्थायी प्रतिबंध हटेंगे, केंद्र ने 12 जून का आदेश लिया वापस appeared first on Sabguru News .
पंजीकृत न होने के बावजूद खरगे पर आरएसएस कर सकता है मानहानि का मुकदमा : न्यायालय
बेंगलूरु। बेंगलूरु की एक विशेष अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि पंजीकृत संगठन न होने के बावजूद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के व्यक्तिगत सदस्य मानहानि का मुकदमा कर सकते हैं। न्यायालय ने कहा कि केवल औपचारिक पंजीकरण या सदस्यता के दस्तावेजी सबूत न होने के आधार पर ऐसी शिकायतों को शुरुआत में […] The post पंजीकृत न होने के बावजूद खरगे पर आरएसएस कर सकता है मानहानि का मुकदमा : न्यायालय appeared first on Sabguru News .
बयाना के सरकारी अस्पताल में बोतल में सांप लेकर पहुंचा सर्पदंश पीड़ित
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के बयाना के राजकीय चिकित्सालय में सोमवार को सुबह एक मरीज के हाथ में प्लास्टिक की बोतल में बंद एक जिंदा सांप को देखकर अस्पताल में हड़कंप मच गया। अस्पताल सूत्रों ने बताया कि सालाबाद निवासी जोगेंद्र सिंह (40) को रविवार रात करीब दो बजे सांप ने डस लिया। उसने बिना […] The post बयाना के सरकारी अस्पताल में बोतल में सांप लेकर पहुंचा सर्पदंश पीड़ित appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ में सगे भाई ने किया नाबालिग बहन का रेप
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के फेफाना थाना क्षेत्र में एक किशोरी ने सगे भाई के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार यह घटना 26 जून की शाम की है। आरोपी भाई अपनी नाबालिग बहन को ननिहाल गांव से मोटरसाइकिल पर अपने गांव ला रहा था। गांव से करीब दो […] The post हनुमानगढ़ में सगे भाई ने किया नाबालिग बहन का रेप appeared first on Sabguru News .
श्रीगंगानगर में युवक की हत्या के आरोप में पिता-पुत्र समेत एक ही परिवार के 4 सदस्य अरेस्ट
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले में हिंदूमलकोट थाना क्षेत्र में सीमावर्ती खाट लबाना गांव में पिछले हफ्ते एक युवक की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने पिता पुत्र सहित एक ही परिवार के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक सुनील खोड ने सोमवार को बताया कि प्रेमसिंह, उसके पुत्र […] The post श्रीगंगानगर में युवक की हत्या के आरोप में पिता-पुत्र समेत एक ही परिवार के 4 सदस्य अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
बीकानेर : छुट्टियों के बाद स्कूल खुलते ही कक्षा की 10 पट्टियां गिरीं
बीकानेर। राजस्थान में बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में तोलियासर गांव स्थित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ग्रीष्मावकाश समाप्त होने के तुरंत बाद सोमवार को एक बड़ा हादसा टल गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार आज स्कूल खुलने के पहले दिन स्टाफ कक्षाओं के ताले खोल रहा था। इसी दौरान कक्षा संख्या सात में छत की […] The post बीकानेर : छुट्टियों के बाद स्कूल खुलते ही कक्षा की 10 पट्टियां गिरीं appeared first on Sabguru News .
यमुना जल परियोजना को लेकर राजस्थान और हरियाणा के बीच समझौता
नई दिल्ली/जयपुर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में सोमवार को नई दिल्ली में यमुना जल परियोजना को लेकर राजस्थान और हरियाणा के बीच समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। इस पत्र पर केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी […] The post यमुना जल परियोजना को लेकर राजस्थान और हरियाणा के बीच समझौता appeared first on Sabguru News .
कराची हमले के बाद पाकिस्तान ने पूर्वी अफगानिस्तान में किए हवाई हमले
इस्लामाबाद/काबुल। पाकिस्तान के कराची शहर में रेंजर्स के क्षेत्रीय मुख्यालय पर हुए हमले के बाद पाकिस्तानी सेना ने पूर्वी अफगानिस्तान में सैन्य कार्रवाई और हवाई हमले किए हैं। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने सोमवार को दावा किया कि इस अभियान में 25 आतंकवादी मारे गए है। अफगानिस्तान के अनुसार इन हमलों में 36 […] The post कराची हमले के बाद पाकिस्तान ने पूर्वी अफगानिस्तान में किए हवाई हमले appeared first on Sabguru News .
श्रीगंगानगर : सीमा क्षेत्र में एक और पाकिस्तानी ड्रोन नेटवर्क का खुलासा, 3 तस्कर अरेस्ट
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के समेजा कोठी थाना क्षेत्र पिछले लंबे समय से भारत-पाकिस्तान तस्करों का पसंदीदा स्थल बना हुआ है। यहां पाकिस्तानी तस्करों द्वारा ड्रोन से गिराये जाने वाले हेरोइन और हथियारों के पैकेटों को स्थानीय संपर्कों के जरिए पंजाब के तस्कर उठाते रहे हैं। अब इस पूरे नेटवर्क का एक और बड़ा […] The post श्रीगंगानगर : सीमा क्षेत्र में एक और पाकिस्तानी ड्रोन नेटवर्क का खुलासा, 3 तस्कर अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
चूरू के तारानगर में 1200 वर्ष पुराने जैन मंदिर में 13 अष्टधातु मूर्तियां चोरी
चूरू। राजस्थान में चूरू जिले के तारानगर थाना क्षेत्र में 1200 वर्ष पुराने जैन श्वेतांबर मंदिर में रविवार को रात चोरों ने मंदिर के गर्भगृह से 13 बेशकीमती अष्टधातु की प्राचीन मूर्तियां चुरा लीं। प्राप्त जानकारी के अनुसार मंदिर में कुल 17 अष्टधातु मूर्तियां थीं, जिनमें से 13 चोरी हो गयीं। आज सुबह जब पुजारी […] The post चूरू के तारानगर में 1200 वर्ष पुराने जैन मंदिर में 13 अष्टधातु मूर्तियां चोरी appeared first on Sabguru News .
स्विट्जरलैंड, फ्रांस, जर्मनी… ये नाम सुनते ही दिमाग में एक तस्वीर बनती है। उस तस्वीर में अकसर साफ-सुथरी सड़कें, बर्फीले पहाड़ और मौसम का लुत्फ उठाते लोग होते हैं। लेकिन इस वक्त हकीकत कुछ और है। यूरोप के ये देश रिकॉर्ड गर्मी में जल रहे हैं। सड़कें पिघल रहीं, पटरियां उखड़ रहीं। पिछले 7 दिनों में हीटवेव ने 1300 से ज्यादा लोगों की जान ले ली। गर्मी से बचने को लोग नदियों-तालाबों में कूद रहे, जिससे फ्रांस में 55 लोग डूब गए। आखिर यूरोप में ऐसा क्यों हो रहा और ये गर्मी भारत से अलग कैसे है, आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: यूरोप के देशों में कैसी गर्मी पड़ रही है? जवाबः पहले 3 तस्वीरों में हीटवेव का मंजर… यूरोप की कुल आबादी करीब 74 करोड़ है। इनमें से 19 करोड़ लोग 35 डिग्री से ज्यादा तापमान झेल रहे हैं। देखिए यूरोप के शहरों में गर्मी का हाल… सवाल-2: भारत में इतना तापमान सामान्य गर्मी माना जाता है, फिर यूरोप में हाहाकार क्यों? जवाबः यूरोप दुनिया के ठंडे रिहायशी महाद्वीप में से एक हैं। यहां पूरा सिस्टम ठंड के हिसाब से बना है, न कि जानलेवा गर्मी के लिए। यूरोप का मौजूदा ढांचा इतनी गर्मी झेलने के लिए तैयार नहीं है… 1. पुराने घर गर्मी अंदर सोख लेते हैं 2. एयर कंडीशनर की कमी 3. ज्यादा बुजुर्ग आबादी एनर्जी एंड क्लाइमेट पॉलिसी एक्सपर्ट सिद्धांत सिंह बताते हैं कि भारत की तुलना में यूरोप में सूरज की रोशनी ज्यादा देर तक रहती है। इससे गर्मी की तीव्रता बढ़ जाती है। इस वक्त यूरोप में 16 घंटे सूरज रहता है, जबकि भारत में 12-13 घंटे। यूरोप की मौजूदा गर्मी ज्यादा सूखी है और हवाएं भी नहीं चल रही। लोगों को ऐसी गर्मी की आदत भी नहीं है। इसलिए लोग ज्यादा घुटन महसूस कर रहे हैं। सवाल-3: यूरोप में इस रिकॉर्ड गर्मी की वजह क्या है? जवाबः 3 बड़ी वजहें हैं… 1. ओमेगा ब्लॉक से रुकी मौसमी हवाएं 2. हीट डोम से यूरोप में गर्मी का गुबार बना 3. ग्लोबल वॉर्मिंग से हालात और ज्यादा खराब सवाल-4: इस गर्मी से यूरोप को कब तक राहत मिलेगी? जवाब: मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक हीट डोम धीरे-धीरे पश्चिम यूरोप से पूर्व की तरफ खिसकेगा। अंटार्कटिक की तरफ से सर्द हवाएं आएंगी, जो राहत देंगी। फ्रांस के पश्चिमी हिस्से में इस हफ्ते से राहत मिलनी शुरू होगी। बाकी हिस्सों में 1 जुलाई तक मौसम गर्म ही रहेगा। जर्मनी, इटली और ब्रिटेन में भी 30 जून तक तापमान कम होगा। हालांकि यह राहत कुछ दिनों की ही रहेगी। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक जुलाई में यूरोप के ऊपर एक और हीट डोम एक्टिव हो सकता है। इसका असर पश्चिम और मध्य यूरोप में रहेगा। स्पेन, पुर्तगाल, फ्रांस, जर्मनी, दक्षिण इंग्लैंड, उत्तर इटली में 6 से 9 दिन ज्यादा गर्मी और हीटवेव पड़ेगी। 7 से 10 जुलाई के बीच यह हीट डोम एक्टिव हो सकता है। यह अभी की गर्मी से ज्यादा खतरनाक हो सकता है। पहली हीटवेव ने मिट्टी को सुखा दिया है। सड़कों और इमारतों को गर्म कर दिया है। शहरों में नमी वैसे ही कम हो गई है। ऐसे में लगातार दूसरी हीटवेव शहरों को और ज्यादा गर्म करेगी। अमेरिका की क्लाइमेट इम्पैक्ट कंपनी के मुताबिक अगस्त तक यूरोप में गर्म मौसम बना रहेगा। उस पर इस साल एल-नीनो की वजह से यूरोप में सूखा पड़ने की भी आशंका है। -------- ये खबर भी पढ़िए… आज का एक्सप्लेनर: 194 साल के ‘जोनाथन’ की कहानी, पीएम मोदी के दौरे से सुर्खियों में; 39 अमेरिकी राष्ट्रपति देख चुका, 140 साल छोटी गर्लफ्रेंड पीएम मोदी 27 जून को सेशेल्स दौरे पर गए। दर्जनों खबरें चलीं- ‘मोदी यहां दुनिया के सबसे बुजुर्ग जानवर जोनाथन से मिलेंगे।’ पीएम मोदी कछुओं से मिले भी, लेकिन उनमें जोनाथन नहीं था। दरअसल, जोनाथन सेशेल्स में है ही नहीं। वो तो 7 हजार किमी दूर एक ब्रिटिश टापू सेंट हेलेना में है। पूरी खबर पढ़िए…
कहते हैं कि जब इंसान के लिए अपने ही देश में हालात बद से बदतर हो जाते हैं, तो वह अपनी जिंदगी बदलने के लिए मौत से भी टकराने को तैयार हो जाता है. कुछ ऐसा ही रोंगटे खड़े कर देने वाला अंतरराष्ट्रीय मामला उत्तर कोरिया (North Korea) से सामने आया है, जहां तानाशाह किम जोंग उन की सेना के एक सैनिक ने ऐसी सीमा पार करने का दुस्साहसिक फैसला लिया, जिसे दुनिया की सबसे खतरनाक और अभेद्य सीमाओं में गिना जाता है.नॉर्थ और साउथ कोरिया के बीच बनी डिमिलिटराइज्ड जोन यानी डीएमजेड (DMZ) में कदम-कदम पर मौत का साया मौजूद है. जमीन के नीचे लाखों की संख्या में बिछीं लैंड माइंस (बारूदी सुरंगें), चारों तरफ दौड़ता हाई-वोल्टेज करंट, कंटीले तार और अत्याधुनिक हथियारों से लैस सैनिकों की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है. इसके बावजूद एक उत्तर कोरियाई सैनिक इस पूरे 'डेथ ट्रैप' को पार करके सफलतापूर्वक दक्षिण कोरिया पहुंच गया. इस सनसनीखेज घटना ने पूरी दुनिया के रक्षा विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है कि आखिर इतनी कड़ी सुरक्षा और खुफिया कैमरों की नजर के बीच कोई इंसान कैसे इस खतरनाक रास्ते को जिंदा पार कर सकता है.आधी रात को हुआ बड़ा सैन्य पलायन: साउथ कोरियाई सेना ने लिया कब्जे मेंअंतरराष्ट्रीय मीडिया हाउस 'डेली स्टार' की रिपोर्ट के अनुसार, यह हैरतअंगेज घटना मंगलवार रात की बताई जा रही है. दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि एक उत्तर कोरियाई सैनिक किसी तरह डीएमजेड (DMZ) की अग्रिम सीमा को पार करके दक्षिण कोरियाई क्षेत्र में दाखिल हो गया.जैसे ही वह सीमा के पास थर्मल ऑब्जर्वेशन डिवाइस (TOD) में नजर आया, साउथ कोरियाई सैनिकों ने तुरंत एक्शन लेते हुए उसे सुरक्षित रूप से अपने कब्जे में ले लिया. फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां और मिलिट्री इंटेलिजेंस उससे किसी गुप्त स्थान पर बेहद कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं, जिससे यह पता लगाया जा सके कि उसने अपनी जान का इतना बड़ा जोखिम क्यों उठाया और वह उत्तर कोरिया की बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था (Border Security Grid) को चकमा देने में कैसे कामयाब रहा.क्या है DMZ? जहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता, वहां लाखों लैंड माइंस के बीच से निकला रास्ताउत्तर और दक्षिण कोरिया को विभाजित करने वाला डिमिलिटराइज्ड जोन (DMZ) करीब 250 किलोमीटर लंबा और लगभग 4 किलोमीटर चौड़ा एक बफर जोन है. इसे दुनिया की सबसे ज्यादा सैन्यीकृत और खतरनाक सीमा माना जाता है. शीत युद्ध के समय से ही इस इलाके में दोनों देशों की तरफ से भारी संख्या में सेना, टैंक और तोपें तैनात रहती हैं.इस 4 किलोमीटर के दायरे में अनुमानित रूप से 10 लाख से अधिक लैंड माइंस बिछी हुई हैं. इसके अलावा कंक्रीट की ऊंची दीवारें, मोशन सेंसर, निगरानी कैमरे, ऑटोमैटिक गन टावर और सुरक्षा चौकियां बनाई गई हैं. ऐसे में इस इलाके को बिना गाइड के पार करना पूरी तरह नामुमकिन माना जाता है. यही वजह है कि जब भी कोई व्यक्ति इस रास्ते से भागने की कोशिश करता है, तो वह वैश्विक स्तर पर सुर्खियों में आ जाता है.साल 2017 का वो खौफनाक मंजर: जब गोलियों की बौछार के बीच भागा था सैनिकयह पहली बार नहीं है जब किसी उत्तर कोरियाई नागरिक या सैनिक ने डीएमजेड को पार करने का खौफनाक दुस्साहस किया हो. इससे पहले साल 2017 में भी जेएसए (Joint Security Area) से एक उत्तर कोरियाई सैनिक ने जीप दौड़कर भागने की कोशिश की थी. उस समय उसके अपने ही साथी सैनिकों ने उस पर एके-47 से ताबड़तोड़ गोलियों की बौछार कर दी थी.उस सैनिक को 5 से ज्यादा गोलियां लगी थीं, लेकिन गंभीर रूप से घायल और लहूलुहान होने के बावजूद वह घिसटते हुए दक्षिण कोरिया की सीमा में पहुंचने में कामयाब रहा था, जहां बाद में डॉक्टरों ने उसकी जान बचाई थी. वहीं, साल 2022 में एक और अनोखा मामला सामने आया था, जब एक जिम्नास्ट खिलाड़ी जो पहले नॉर्थ कोरिया से भागकर साउथ कोरिया आया था, वह वापस इसी खतरनाक डीएमजेड के रास्ते नॉर्थ कोरिया लौट गया था.चीन का रास्ता बंद होने के बाद अब सीधे 'मौत के कुएं' में कूद रहे लोगदक्षिण कोरिया के मानवाधिकार संगठनों और सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कुछ दशकों में भुखमरी और तानाशाही से तंग आकर हजारों उत्तर कोरियाई लोग भागकर सियोल (साउथ कोरिया) पहुंचे हैं. लेकिन अब सीधे DMZ पार करके भागना पहले के मुकाबले 10 गुना ज्यादा मुश्किल हो गया है क्योंकि किम जोंग उन ने हाल ही में सीमा पर दीवारों की ऊंचाई बढ़ाने और नए लैंड माइंस बिछाने के आदेश दिए थे.आमतौर पर अधिकांश लोग पहले चीन या रूस की सीमा पार करते हैं और वहां से थाईलैंड होते हुए दक्षिण कोरिया पहुंचते हैं. लेकिन कोविड-19 के बाद से चीन ने भी अपनी सीमाओं पर सख्ती बढ़ा दी है, जिससे वह रास्ता बंद हो गया है. ऐसे में लोग अब अपनी किस्मत बदलने और आजादी की हवा में सांस लेने की उम्मीद में सीधे इस 'मौत के कुएं' यानी डीएमजेड को पार करने का अंतिम और जानलेवा कदम उठा रहे हैं.
होम्बले फिल्म्स ने आधिकारिक तौर पर अपने अगले महत्वाकांक्षी सिनेमाई प्रोजेक्ट की घोषणा कर दी है। विजय किरागांदुर द्वारा प्रोड्यूस की जा रही इस फिल्म में बेहतरीन एक्टर सूर्या, एक्ट्रेस कायाडू लोहार और मशहूर फिल्म मेकर टी.जे. ज्ञानवेल एक साथ आ रहे हैं, जो एक दमदार कहानी और भव्य सिनेमाई विजन का एक बेहतरीन कॉम्बिनेशन होने का वादा करती है। भारतीय सिनेमा के सबसे चहेते और बड़े सितारों में से एक, सूर्या ने दो दशकों से भी ज्यादा समय से अपनी वर्सटैलिटी और दमदार परफॉर्मेंस से दर्शकों का दिल जीता है। दो नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स और सात फिल्मफेयर अवॉर्ड्स साउथ अपने नाम कर चुके सूर्या ने हमेशा कमर्शियल सक्सेस और क्रिटिकली अक्लेम्ड फिल्मों के बीच एक बेहतरीन बैलेंस बनाकर रखा है। इसके साथ ही, एक प्रोड्यूसर के तौर पर भी उन्होंने हमेशा सार्थक सिनेमा को बढ़ावा दिया है। A post shared by Hombale Films (@hombalefilms) वहीं, इस फिल्म के डायरेक्टर टी. जे. ज्ञानवेल हैं, जिन्होंने देश भर में तहलका मचाने वाली फिल्म 'जय भीम' बनाई थी। इस फिल्म को इसकी दमदार कहानी, इमोशनल गहराई और सामाजिक संदेश के लिए बहुत तारीफें मिली थीं। आपको बता दें कि 'जय भीम' IMDb इंडिया पर सबसे ज्यादा रेटिंग पाने वाली फिल्मों में से एक है। समाज को सोचने पर मजबूर करने वाली और इंसानी जज्बातों से जुड़ी कहानियाँ पर्दे पर दिखाने के लिए ज्ञानवेल ने आज के दौर के सिनेमा में अपनी एक अलग और खास पहचान बनाई है। दूसरी तरफ, होम्बले फिल्म्स आज भारत के सबसे बड़े प्रोडक्शन हाउसेस में से एक बन चुका है, जिसने 'KGF', 'कांतारा' और 'सालार' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देकर इंडस्ट्री में एक नया मुकाम हासिल किया है। ये मेकर्स हमेशा ऐसे डायरेक्टर्स का साथ देते हैं जिनकी सोच बड़ी होती है और जो ऐसी फिल्में बनाते हैं जिन्हें हर भाषा और संस्कृति के लोग पसंद करें। उन्होंने ऐसी शानदार फिल्में दी हैं जिन्होंने पैन-इंडिया लेवल पर सिनेमा को एक नए तरीके से परिभाषित किया है। ALSO READ: Awarapan 2 Teaser: दिशा पाटनी का सस्पेंस से भरा किरदार, फैंस की बढ़ी एक्साइटमेंट सही मायनों में, होम्बले फिल्म्स ऐसे प्रोड्यूसर्स हैं जिन्होंने अपनी हर फिल्म के साथ नए रिकॉर्ड बनाए हैं, चाहे वह बॉक्स ऑफिस पर सबसे ज्यादा कमाई करने वाली ब्लॉकबस्टर फिल्में देना हो, भारत की सबसे बड़ी एनिमेटेड फिल्म 'महावतार नरसिम्हा' को दर्शकों के सामने लाना हो, या फिर भारतीय संस्कृति से गहराई से जुड़ी कहानियों को बड़े पर्दे पर पेश करना हो। फिल्म को लेकर होम्बले फिल्म्स के फाउंडर विजय किरागांदुर ने कहा, हमारा हमेशा से मानना रहा है कि जब जुनूनी लोग एक जैसी सोच के साथ हाथ मिलाते हैं, तो एक बेहतरीन फिल्म बनती है। सूर्या और टी. जे. ज्ञानवेल के साथ काम करना हमारे लिए एक ऐसी सच्ची और खास कहानी को सामने लाने का जरिया है, जो दुनिया भर के दर्शकों के दिलों को छू लेगी। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इस फिल्म के पीछे एक बहुत ही टैलेंटेड टेक्निकल टीम काम कर रही है। फिल्म में साई अभ्यंकर का म्यूजिक होगा, एस. आर. काथिर सिनेमैटोग्राफी संभालेंगे, के. काथिर प्रोडक्शन डिजाइन करेंगे और एडिटिंग फिलोमिन राज की होगी। इस नए सफर की ऑफिशियल शुरुआत आज, 29 जून 2026 को चेन्नई के पार्क हयात होटल में एक भव्य मुहूर्त पूजा के साथ हुई। इस खास मौके पर फिल्म के एक्टर्स, क्रू मेंबर्स और फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े चेहरे शामिल हुए। इसके साथ ही भारतीय सिनेमा के इस सबसे बड़े और धमाकेदार प्रोजेक्ट का आगाज हो चुका है।
गुजरात के प्रमुख पर्यटन स्थल: प्राकृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक और समुद्री जगहों की पूरी जानकारी
गुजरात के प्रमुख पर्यटन स्थलों की संपूर्ण जानकारी पाएं। प्राकृतिक, धार्मिक, तीर्थ, ऐतिहासिक, पुरातात्विक और समुद्री पर्यटन स्थलों की खासियत, घूमने का सही समय और यात्रा से जुड़ी जरूरी जानकारी एक ही जगह। 1. प्रमुख प्राकृतिक एवं पर्यटन स्थल कच्छ का रण (सफेद रेगिस्तान): भुज के पास स्थित यह दुनिया का अनोखा रेगिस्तान है जो रेत का नहीं बल्कि नमक का है। यहाँ हमीरसार झील और अद्भुत वास्तुकला भी देखी जा सकती है। स्टेचू ऑफ़ यूनिटी: सरदार सरोवर बांध के पास नर्मदा नदी में स्थित विश्व की सबसे ऊंची सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा है, जहाँ कई तरह की वाटर एक्टिविटीज उपलब्ध हैं। गिर वन्यजीव अभयारण्य: जूनागढ़ के पास 1424 वर्ग किलोमीटर में फैला यह राष्ट्रीय उद्यान 'एशियाई शेरों' का अंतिम आश्रय स्थल है। यहाँ सांभर, तेंदुआ और जंगली सूअर भी पाए जाते हैं। सापुतारा हिल स्टेशन: वलसाड जिले में स्थित यह प्रकृति से भरपूर हिल स्टेशन ट्रेकिंग और एडवेंचर्स के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ से पहाड़ों, झरनों और समुद्र का सुंदर दृश्य दिखता है। 2. ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थल धोलावीरा और लोथल: ये सिंधु घाटी सभ्यता के प्राचीन और विशाल पुरातात्विक स्थल हैं। धोलावीरा कच्छ में और लोथल अहमदाबाद के पास स्थित है। जामनगर: वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध इस शहर में लखोटा किला, कोठा गढ़, जामसाहब महल, रनमल झील और बाल हनुमान मंदिर जैसे कई स्मारक हैं। जूनागढ़: यह एक प्राचीन और मनभावक शहर है, जो अपनी ऐतिहासिक इमारतों और गिरनार पहाड़ियों के भव्य मंदिरों के लिए जाना जाता है। पोरबंदर: महात्मा गांधी के स्मृति स्थल 'कीर्ति मंदिर' और सुंदर चौपाटी बीच के लिए प्रसिद्ध ऐतिहासिक शहर है। 3. खूबसूरत समुद्री तट (बीचेस) शिवराजपुर बीच: द्वारका के पास स्थित यह पर्यावरण-अनुकूल 'ब्लू फ्लैग' प्रमाणित बीच है, जहाँ का पानी बेहद साफ (क्रिस्टल-क्लियर) है। मांडवी बीच: कच्छ में स्थित एक बेहद शांत और साफ समुद्र तट, जो मुख्य रूप से अपने खूबसूरत सूर्यास्त के नजारों के लिए जाना जाता है। 4.प्रमुख हिंदू धार्मिक एवं तीर्थ स्थल सोमनाथ मंदिर: 12 ज्योतिर्लिंगों में से प्रथम माना जाने वाला यह पावन मंदिर प्रभास क्षेत्र में समुद्र किनारे स्थित है। द्वारिका धाम: चार धामों और सात पुरियों में से एक, जहाँ भगवान श्रीकृष्ण का प्राचीन मंदिर है। इसके दो भाग हैं—गोमती द्वारका और समुद्र मार्ग से जाने वाला बेट द्वारका। यहाँ पास में रुक्मिणी मंदिर भी है। नागेश्वर ज्योतिर्लिंग: द्वारकापुरी से 25 किमी दूर स्थित 10वां ज्योतिर्लिंग, जहाँ परिसर में भगवान शिव की 125 फीट ऊंची मनमोहक ध्यान मुद्रा वाली प्रतिमा है। भालका तीर्थ: सोमनाथ के प्रभास क्षेत्र में स्थित वह पवित्र स्थान जहाँ भगवान श्रीकृष्ण ने देह त्याग किया था। अंबाजी मंदिर: गुजरात-राजस्थान सीमा (बनासकांठा) पर स्थित माता दुर्गा के 51 शक्तिपीठों में से एक अत्यंत प्राचीन मंदिर, जहाँ श्रीयंत्र की पूजा होती है। पास ही गब्बर पहाड़ पर भी देवी का मंदिर है। चंद्रभागा शक्तिपीठ: सोमनाथ मंदिर और कपिला, हिरण्या व सरस्वती नदी के त्रिवेणी संगम के पास स्थित 52 शक्तिपीठों में से एक, जहाँ माता का उदर गिरा था। डाकोर का मंदिर : डाकोर शहर में स्थित भगवान श्रीकृष्ण (रणछोड़दास) का प्रसिद्ध मंदिर, जिसका महत्व द्वारकाधीश मंदिर जितना ही माना जाता है। यहाँ पूर्णिमा पर भारी मेला लगता है। नीलकंठ धाम: पोइचा (बड़ौदा के पास) में नर्मदा नदी के तट पर स्थित स्वामीनारायण संप्रदाय का विशाल और भव्य मंदिर परिसर। पावागढ़: बड़ौदा के पास स्थित एक छोटा हिल स्टेशन और विश्व विरासत स्थल (चंपानेर पावागढ़ पुरातत्व पार्क), जहाँ पहाड़ पर माता कालिका का प्राचीन मंदिर और सदन शाह पीर की दरगाह है। पालिताना: भावनगर जिले में शत्रुंजय नदी के तट पर शत्रुंजय पहाड़ी पर स्थित जैन धर्म का महापवित्र तीर्थ। यहाँ पहाड़ियों पर 900 से भी अधिक भव्य जैन मंदिर स्थापित हैं। नोट: गुजरात घूमने के लिए बड़ौदा, अहमदाबाद, राजकोट, गांधीनगर और सूरत से सभी ओर जाने वाली बस और ट्रेनें मिलती है। आप गुजरात टूरिज्म पोर्टल से इसकी जानकारी ले सकते हैं।
राज कुंद्रा को पांच साल से न्याय का इंतजार, बोले- हर बार अंतिम सुनवाई से पहले बदल जाता है जज
पोर्नोग्राफी मामले से जुड़ी कानूनी कार्यवाही में न्याय का इंतज़ार करते हुए राज कुंद्रा को अब पांच साल हो चुके हैं। अभिनेता और व्यवसायी राज कुंद्रा ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए न्याय मिलने में हो रही देरी पर अपनी निराशा जाहिर की। राज कुंद्रा ने कहा कि हर बार जब उनका मामला अंतिम सुनवाई या सुरक्षित आदेश की स्थिति तक पहुंचता है, तब संबंधित न्यायाधीश का तबादला या पदोन्नति हो जाती है, जिसके बाद पूरी प्रक्रिया नए न्यायाधीश के सामने फिर से शुरू करनी पड़ती है। ALSO READ: 'इस बार या तो ये आवारापन खत्म होगा, या मैं', दर्द और एक्शन से भरा इमरान हाशमी की 'आवारापन 2' का टीजर रिलीज अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर राज कुंद्रा ने लिखा, पांच साल हो गए। अब भी न्याय का इंतजार है। हर बार जब मेरा मामला अंतिम सुनवाई या सुरक्षित आदेश की स्थिति तक पहुंचता है, न्यायाधीश का तबादला या प्रमोशन हो जाता है और पूरा मामला नए न्यायाधीश के सामने फिर से शुरू करना पड़ता है। प्रक्रिया रीसेट हो जाती है, खर्च बढ़ता जाता है और समय लगातार निकलता जा रहा है। Five years. Still waiting for justice. Every time my case reaches the stage of a final hearing or a reserved order, the judge is transferred or promoted, and the matter starts all over again before a new Judge. The process resets. The costs keep rising. Time keeps passing. If… — Raj Kundra (@onlyrajkundra) June 28, 2026 राज कुंद्रा ने उन आम नागरिकों के प्रति भी अपनी संवेदना व्यक्त की, जो सीमित संसाधनों के बावजूद वर्षों तक न्याय के लिए संघर्ष करते रहते हैं। उन्होंने लिखा, अगर यह सब मेरे लिए इतना थकाने वाला है, तो सोचिए उन अनगिनत आम लोगों पर क्या बीतती होगी, जिनके पास लगातार लड़ते रहने के लिए पर्याप्त संसाधन भी नहीं हैं। न्याय में देरी केवल कानूनी समस्या नहीं रह जाती, बल्कि यह एक मानवीय समस्या बन जाती है। हालांकि, इन परिस्थितियों के बावजूद राज कुंद्रा ने भारतीय न्याय व्यवस्था पर अपना भरोसा कायम रखा है। उन्होंने कहा कि उन्हें कानून और न्याय प्रणाली पर पूरा विश्वास है, लेकिन व्यवस्था को ऐसा समाधान निकालना चाहिए जिससे न्यायिक तबादलों के कारण वर्षों से चल रही सुनवाई और कार्यवाही हर बार शून्य से शुरू न करनी पड़े। उन्होंने अपनी पोस्ट का समापन इन शब्दों के साथ किया, न्याय इस बात पर निर्भर नहीं होना चाहिए कि आपको कितनी बार फिर से शुरुआत करने के लिए मजबूर किया जाता है। #Sabr #Waheguru बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें गौरतलब है कि वर्ष 2021 में राज कुंद्रा पर मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से अश्लील सामग्री के वितरण का आरोप लगाया गया था। इस मामले में उन्हें गिरफ्तार कर 63 दिनों तक आर्थर रोड जेल में रखा गया था। राज कुंद्रा लगातार यह दावा करते रहे हैं कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया और अदालत में अब तक उनके खिलाफ कोई आरोप सिद्ध नहीं हुआ है। बाद में उन्हें जमानत मिल गई, लेकिन मामला अभी भी न्यायालय में लंबित है। इससे पहले भी राज कुंद्रा ने मीडिया की उन रिपोर्टों पर नाराजगी जताई थी, जिनमें उनकी पत्नी शिल्पा शेट्टी का नाम उनके कानूनी मामले से जोड़ा गया था। उन्होंने इसे अनुचित बताते हुए कहा था कि उनका परिवार हमेशा उनके साथ खड़ा रहा है और वे चाहते हैं कि ध्यान केवल अदालत के फैसले और कानूनी प्रक्रिया पर रहे, न कि बेबुनियाद अटकलों पर।
शर्मनाक हार के बाद भी वैभव सूर्यवंशी को करना पड़ेगा इंग्लैंड में इंतजार
भारतीय T-20I टीम के सहायक कोच रायन टेन डेशकाटे ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण के लिए शेष खिलाड़ियों की तरह ही तय प्रक्रिया से गुजरना और अपने समय का इंतजार करना होगा। आयरलैंड के खिलाफ दूसरी टी-20 में मिली हार के बाद टेन डेशकाटे से सूर्यवंशी के पदार्पण को लेकर किये गये सवाल के जवाब में कहा, “वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए पूरी तरह तैयार हैं, इसमें कोई दो राय नहीं है। लेकिन आप संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता जिन्होंने तीन महीने पहले भारत की विश्व कप जीत में अहम योगदान दिया था। उनका आईपीएल भी बेहतरीन रहा था। सैमसन ने चेन्नई सुपर किंग्स के लिए दो शतक लगाए थे।” Gambhir's mouthpiece, RTD's shocking comments post match: They are more worried about giving confidence to 30 yo Samson, instead of giving confidence to a 15 yo Vaibhav Now it is clear that Gambhir clearly doesn't like Vaibhav, similar to his hate towards Kohli being a star. pic.twitter.com/AIGklfTa9T — Gangadhar (@gangadhar_11) June 29, 2026 उन्होंने कहा, “खिलाड़ियों को आत्मविश्वास देना और उन्हें सही संदेश भेजना भी जरूरी है। हम खिलाड़ियों को टीम में लंबा अवसर देना चाहते हैं। इसलिए वैभव जितने भी तैयार हों और हम एवं आप उन्हें खेलते देखने के लिए जितने भी उत्साहित हों, उन्हें भी बाक़ी खिलाड़ियों की तरह प्रक्रिया से गुजरना होगा और अपने समय का इंतज़ार करना होगा। लेकिन उनकी प्रतिभा और तैयारी को लेकर कोई सवाल नहीं है।” टीम प्रबंधन की बातों से यही संकेत मिलता है कि सूर्यवंशी का पदार्पण उनके अपने प्रदर्शन से अधिक मौजूदा शीर्ष क्रम के बल्लेबाजो के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। पहले मैच में सीम गेंदबाजी ऑलराउंडर की कमी होने के बावजूद, भारत ने कोई अपवाद बनाने और बल्लेबाज़ी क्रम में सभी को एक स्थान नीचे खिसकाने पर विचार नहीं किया। पहले मैच में स्पिन ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर खेले थे। दूसरे मैच में सूर्यांश शेडगे ने पदार्पण किया। उल्लेखनीय है कि सूर्यवंशी केवल भारत की टी-20 टीम का हिस्सा हैं, वनडे टीम का नहीं। उन्हें इंग्लैंड में होने वाली पांच मैचों की टी-20 सीरीज के लिए चुना गया है, जो बुधवार से शुरू होगी। इसके बाद वह एशियाई खेलों में भी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
First Dinosaur Fossil of Antarctica Found in Drawer : सोचिए कि विज्ञान के इतिहास की सबसे हैरान करने वाली और पहली खोजों में से एक, किसी कबाड़ की तरह एक पुरानी दराज में 40 सालों तक धूल फांकती रहे! हां, यह कोई फिल्मी कहानी या साइंस फिक्शन नहीं बल्कि सौ फीसदी हकीकत है. साल 1985 में अंटार्कटिका के बर्फीले इलाके से एक अजीब सा जीवाश्म (Fossil) खोजा गया था, लेकिन उस दौर के वैज्ञानिक इसकी असलियत को समझ नहीं पाए और इसे कैंब्रिज की एक दराज में रखकर भूल गए. अब चार दशकों के बाद वैज्ञानिकों ने इस पर से रहस्य का पर्दा उठाया है और पुष्टि की है कि यह अंटार्कटिका महाद्वीप पर पाया गया इतिहास का सबसे पहला डायनासोर का जीवाश्म है. यह हड्डी दुनिया के सबसे विशालकाय जीवों में शुमार 'टाइटनोसॉर' (Titanosaur) की पूंछ की है, जिसने अब विज्ञान की दुनिया में हड़कंप मचा दिया है.दराज की सफाई के दौरान अचानक सामने आया करोड़ों साल पुराना इतिहासयह अनोखी और रोमांचक कहानी साल 1985 की है, जब अंटार्कटिका के जेम्स रॉस द्वीप (James Ross Island) से ब्रिटिश वैज्ञानिकों द्वारा एक रहस्यमयी जीवाश्म इकट्ठा किया गया था. उस समय के प्रसिद्ध भूवैज्ञानिक डॉ. माइक थॉमसन ने अपनी फील्ड नोटबुक में इसका एक छोटा सा स्केच भी बनाया था और इसे विशाल रेंगने वाले जीव की रीढ़ (Reptile Vertebrae) के रूप में दर्ज किया था. लेकिन तत्कालीन टीम के पास कोई सटीक जानकारी या आधुनिक तकनीक नहीं थी, जिसके चलते इसे ब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वे (BAS) के कैंब्रिज ऑफिस की एक पुरानी दराज में सुरक्षित रख दिया गया.हाल ही में, कलेक्शन मैनेजर डॉ. मार्क इवांस जब दराजों की सफाई और हजारों पुराने नमूनों की नियमित जांच कर रहे थे, तब अचानक उनकी नजर इस भूरी और भारी हड्डी पर पड़ी. उन्होंने इस अजीब हड्डी के आकार को गौर से देखा और तुरंत पहचान लिया कि इसका ढांचा आम प्राचीन समुद्री जीवों से बिल्कुल अलग और एक डायनासोर जैसा है.दुनिया के सबसे बड़े डायनासोर परिवार का सदस्य: 'बॉल-एंड-सॉकेट' बना बड़ा सबूतइस दुर्लभ खोज की अंतिम पुष्टि और वैज्ञानिक विश्लेषण के लिए लंदन के नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम के प्रोफेसर पॉल बैरेट को आमंत्रित किया गया. उन्होंने जैसे ही इस जीवाश्म को अपने हाथों में लिया, वे इसके ऐतिहासिक महत्व को समझ गए. इस हड्डी की शारीरिक बनावट 'बॉल-एंड-सॉकेट' (Ball-and-Socket Joint) जैसी थी, जो डायनासोर के पूरे इतिहास में केवल और केवल 'टाइटनोसॉर' (Titanosaur) प्रजाति में ही पाई जाती है.टाइटनोसॉर इस धरती पर चलने वाले अब तक के सबसे विशालकाय शाकाहारी जीव थे, जिनकी लंबाई 115 फीट तक और वजन करीब 60 टन तक हुआ करता था. हालांकि, अंटार्कटिका की दराज से मिली यह पूंछ की हड्डी जिस डायनासोर की थी, उसकी कुल लंबाई लगभग 23 फीट (7 मीटर) रही होगी. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह या तो टाइटनोसॉर प्रजाति का एक बच्चा (Juvenile) था या फिर अपने वर्ग का एक छोटा वयस्क डायनासोर.8 करोड़ साल पहले बर्फ का रेगिस्तान नहीं, बल्कि 'लिविंग पैराडाइज' था अंटार्कटिकाआज हम सब अंटार्कटिका को केवल मीलों दूर तक फैली बर्फ की चादर, बेहद सर्द हवाओं और एक सूनी जगह के रूप में जानते हैं जहां इंसानों का सामान्य रूप से रहना भी नामुमकिन है. लेकिन यह जीवाश्म करीब 8 करोड़ 20 लाख साल पुराना है, जिसे भूवैज्ञानिक भाषा में 'लेट क्रेटेशियस पीरियड' (Late Cretaceous Period) कहा जाता है.यह खोज साबित करती है कि करोड़ों साल पहले अंटार्कटिका का मौसम ऐसा बिल्कुल नहीं था. उस कालखंड में यह पूरा महाद्वीप बेहद गर्म, अनुकूल, हरे-भरे और घने जंगलों (Rainforests) से ढका हुआ था. यही कारण था कि इन विशालकाय शाकाहारी डायनासोरों को जीने के लिए भरपूर भोजन और एक आदर्श वातावरण आसानी से मिल जाता था.क्यों बेहद खास और ऐतिहासिक है दराज से निकली यह हड्डी?अंटार्कटिका की कई फीट मोटी बर्फ के नीचे छिपे प्राचीन इतिहास को ढूंढना दुनिया भर के जीवाश्म वैज्ञानिकों के लिए हमेशा से सबसे बड़ी और खतरनाक चुनौती रहा है. हालांकि 1985 के बाद के वर्षों में वहां कुछ और डायनासोर के अवशेष जरूर मिले, लेकिन उनकी संख्या बेहद कम है.प्रोफेसर पॉल बैरेट बताते हैं कि इस पुरानी खोज के दोबारा जिंदा होने से हमें यह समझने में मदद मिल रही है कि आज जो जगह पूरी तरह माइनस डिग्री तापमान के साथ रहने के लायक नहीं है, वहां कभी प्रागैतिहासिक जीवों का एक बहुत बड़ा और समृद्ध संसार फला-फूला करता था. कैंब्रिज की दराज से निकली यह एक छोटी सी हड्डी दुनिया के इस सबसे ठंडे छोर के प्राचीन इकोसिस्टम को री-क्रिएट करने का एक बहुत बड़ा जरिया बन गई है.
बहन और दृष्टिहीन भाई से धोखाधड़ी: सौतेले भाई पर पुश्तैनी जमीन बेचने का आरोप, पुलिस ने दर्ज किया केस
इंदौर। शहर के खुड़ैल थाना क्षेत्र से पारिवारिक विवाद और कथित धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने अपने दृष्टिहीन सौतेले भाई और बहन को बिना जानकारी दिए उनकी हिस्सेदारी वाली पुश्तैनी जमीन बेच दी। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। क्या है मामला : राजेंद्र नगर निवासी राजेश व्यास, जो दृष्टिहीन हैं, और उनकी बहन ज्योति शर्मा (55) का ग्राम बावल्या खुर्द स्थित पुश्तैनी कृषि भूमि में कानूनी हिस्सा है। यह भूमि खसरा नंबर 41/2 और 42/2 में दर्ज है, जिसका कुल रकबा 1.306 हेक्टेयर बताया गया है। शिकायत के अनुसार, उनके सौतेले भाई अरविंद व्यास, निवासी अमृत पैलेस, निपानिया, ने अन्य परिजनों के साथ मिलकर कथित रूप से दोनों को बिना जानकारी दिए पूरी जमीन विद्या सिंह के नाम विक्रय कर दी। आरोप है कि इस सौदे में राजेश व्यास और ज्योति शर्मा की सहमति नहीं ली गई और उन्हें उनके हिस्से से वंचित कर दिया गया। परिवार की पृष्ठभूमि : जानकारी के अनुसार, स्वर्गीय पुरुषोत्तम व्यास की पहली पत्नी पुष्पा व्यास से तीन संतानें थीं—संतोष व्यास (दिवंगत), राजेश व्यास और ज्योति शर्मा। पहली पत्नी के निधन के बाद पुरुषोत्तम व्यास ने दूसरी शादी की, जिससे अरविंद व्यास और अलका का जन्म हुआ। परिजनों का कहना है कि पुश्तैनी संपत्ति पर पहली और दूसरी पत्नी से हुई सभी संतानों का समान अधिकार है। इसके बावजूद कथित रूप से जमीन की बिक्री बिना सभी उत्तराधिकारियों की सहमति के कर दी गई। शिकायत के बाद खुला मामला : ज्योति शर्मा और राजेश व्यास को जब जमीन की बिक्री की जानकारी मिली, तो उन्होंने खुड़ैल थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस द्वारा प्रारंभिक जांच में शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर आरोपी अरविंद व्यास के खिलाफ धोखाधड़ी (BNS की संबंधित धारा/पूर्व आईपीसी धारा 420 के समकक्ष प्रावधान) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
'मैं टूट चुका था', बेन स्टोक्स ने संन्यास के कारण पर किया खुलासा
बेन स्टोक्स ने कहा है कि इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान के तौर पर बिताया गया उनका साढ़े चार साल का कार्यकाल उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान था, लेकिन इस जिम्मेदारी ने उन्हें भीतर तक थका दिया। पिछले ऐशेज दौरे में 4-1 की हार के बाद उन्हें महसूस हुआ कि अब उनके भीतर आगे लड़ते रहने की शक्ति नहीं बची है। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के निर्णायक टेस्ट के चौथे दिन अपने संन्यास की घोषणा के बाद स्काई स्पोर्ट्स से बातचीत में स्टोक्स ने कहा कि यह एहसास उन्हें लॉर्ड्स टेस्ट से पहले ही हो गया था। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसी एक घटना का नतीजा नहीं था, बल्कि लंबे समय से जमा हो रही मानसिक और शारीरिक थकान का परिणाम था। स्टोक्स ने कहा, “मैंने टीम की कप्तानी करते हुए मैदान पर बिताए हर पल का आनंद लिया। किसी खिलाड़ी के लिए अपने देश की कप्तानी करना सबसे बड़ा सम्मान होता है। लेकिन इसका एक दूसरा पहलू भी है जिसे लोग नहीं देख पाते। केवल आपके सबसे करीबी लोग ही समझ सकते हैं कि यह जिम्मेदारी आपको कितना थका देती है और कई बार नकारात्मक रूप से प्रभावित भी करती है। पिछले साढ़े चार सालों में मैंने हर पल का आनंद लिया, लेकिन कुछ पल दूसरों की तुलना में कहीं अधिक मुश्किल थे।” A guard of honour, for the man who has given everything pic.twitter.com/nfjLkLC7wO — England Cricket (@englandcricket) June 28, 2026 स्टोक्स ने स्वीकार किया कि इस पूरी गर्मियों में वह मानसिक रूप से संघर्ष कर रहे थे और लॉर्ड्स में मिली 115 रन की जीत के दौरान भी वह पूरी तरह सहज महसूस नहीं कर रहे थे।उन्होंने कहा, “लॉर्ड्स टेस्ट ने मेरे करियर से जुड़ी कई नकारात्मक यादें फिर से ताजा कर दीं। ऑस्ट्रेलिया से लौटने के बाद मैंने चीजों को सही करने के लिए बहुत मेहनत की। मुझे लगा कि मैं सही दिशा में जा रहा हूं, लेकिन शायद मैंने खुद को ही थका दिया। जब मैं लॉर्ड्स टेस्ट के सप्ताह में पहुंचा तो मेरे भीतर एक अजीब सा एहसास था। मैंने स्वयं को पूरा मौका दिया कि शायद यह केवल एक अस्थायी दौर हो, लेकिन कुछ ठीक नहीं लग रहा था। कल जब मैं बल्लेबाजी के लिए पैड पहन रहा था, तभी मुझे महसूस हो गया कि यह आखिरी संकेत है।” उन्होंने कहा, “मैंने कोशिश की लेकिन इस सप्ताह वैसा एहसास वापस नहीं आया। मैंने जीवन में कई कठिन दौर देखे हैं, लेकिन इस समय मुझे लगा कि मैं सिर्फ़ इसलिए खेल रहा हूं क्योंकि मुझे खेलना चाहिए। यह फै़सला शायद थोड़ा स्वार्थी लगे, लेकिन इस समय मेरे लिए यही सबसे सही फै़सला है। मैं इस खेल से प्यार करता हूं और चाहता हूं कि वह प्यार बना रहे।” अपने करियर में मैंने मैदान के भीतर और बाहर कई निराशाओं का सामना किया है और उनसे उबर भी गया हूं। लेकिन ऑस्ट्रेलिया में जो हुआ, उसके बाद भावनात्मक रूप से चीज़ें बदल गईं। मैंने अपनी पत्नी से कहा था कि मुझे नहीं लगता कि अब मेरे भीतर इससे उबरने की लड़ाई लड़ने की ताक़त बची है।” The last walk of Ben Stokes in international cricket. pic.twitter.com/NXvtb1mWo0 — Silme (@silme47) June 28, 2026 35 वर्षीय स्टोक्स ने कहा , “यह खेल बहुत कठोर है, शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से। मैं 35 साल का हूं और मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए मुझे लगातार बहुत मेहनत करनी पड़ती है। सवाल यह था कि क्या मेरे भीतर वह लड़ाई अभी भी बची है? क्या मैं आगे भी उसी स्तर की मेहनत कर सकता हूं। भावनात्मक, मानसिक और शारीरिक – हर पहलू ने मुझे इस फैसले की ओर धकेला।” उन्होंने कहा, “अगर वह सीरीज का आखिरी मैच होता और हम ऐशेज जीत जाते तो वह और भी खास होता। फिर भी वह मेरी पसंदीदा पारियों में से एक रहेगी। मैं अपने करियर से पूरी तरह संतुष्ट हूं। मैंने ऐशेज जीती है, वनडे विश्व कप और टी-20 विश्व कप जीता है, इंग्लैंड की कप्तानी की है और खेल के कुछ महान खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिला है। शिकायत करने के लिए मेरे पास बहुत कुछ नहीं है।”
मिथुन मिन्हास: घरेलू क्रिकेट के ‘अनसंग हीरो’से BCCI के शीर्ष तक का सफर
रविवार को मुंबई में हुई बीसीसीआई की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के बाद भारतीय क्रिकेट...
एसएस राजामौली ने रचा इतिहास, फ्रांस के शीर्ष फिल्म संस्थान में मिली परमानेंट जगह
भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े और सबसे प्रतिष्ठित फिल्म मेकर्स में से एक, एसएस राजामौली ने 'बाहुबली' फ्रेंचाइजी और 'आरआरआर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के साथ भारतीय फिल्मों को ग्लोबल स्टेज पर ले जाने में एक बेहद अहम भूमिका निभाई है। अपनी भव्य सोच, बड़े पैमाने पर कहानी कहने के अंदाज और भारतीय संस्कृति के गहरे जश्न के लिए मशहूर, राजामौली ने दुनिया भर के दर्शकों और फिल्म मेकर्स से अपार सम्मान कमाया है। हर एक मील के पत्थर के साथ, उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारतीय सिनेमा की पहचान को लगातार एक नए मुकाम पर पहुँचाया है। अब, इस मशहूर फिल्म मेकर ने अपने शानदार करियर में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ ली है। एसएस राजामौली को पेरिस के 'सिनेमाथेक फ्रैंकेस' में एक परमानेंट जगह देकर सम्मानित किया गया है, जो दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित और प्रभावशाली फिल्म संस्थानों में से एक है। ALSO READ: किसिंग सीन के दौरान बेकाबू हो गई थीं कंगना रनौट, काट लिए थे वीर दास के होंठ! पत्रकार के दावे पर एक्टर ने तोड़ी चुप्पी महान हेनरी लैंग्लॉइस द्वारा स्थापित इस संस्थान को सिनेमा के इतिहास को सुरक्षित रखने और उसका जश्न मनाने के लिए एक बेहद पवित्र जगह माना जाता है, जो इस सम्मान को राजामौली और भारतीय सिनेमा दोनों के लिए एक ऐतिहासिक पल बनाता है। इस मौके को और भी खास बनाते हुए, राजामौली ने ऑस्कर जीतने वाले दिग्गज ग्रीक-फ्रेंच फिल्म मेकर कोस्टा-गावरास के साथ भी एक यादगार पल साझा किया। राजामौली के काम के प्रति अपने गहरे सम्मान को दिखाते हुए, कोस्टा-गावरास ने उनकी मास्टरक्लास में शामिल होने और वहाँ पूरे समय रुकने से पहले, लगभग आठ घंटे तक राजामौली की फिल्में देखीं, जो इस भारतीय फिल्म मेकर के काम के गहरे प्रभाव को दिखाता है। Having me here in Paris and screening my films is itself an honour for me. But a sweet surprise I never saw coming. It is a feeling I cannot fully put into words. To have a permanent place in the halls of one of the world’s most legendary film institutions, named after the great… pic.twitter.com/XYrNWfm4BU — rajamouli ss (@ssrajamouli) June 28, 2026 तस्वीरों को शेयर करते हुए एसएस राजामौली ने लिखा, मुझे यहां पेरिस में बुलाना और मेरी फिल्मों की स्क्रीनिंग करना ही मेरे लिए अपने आप में एक बहुत बड़ा सम्मान है। लेकिन यह एक ऐसा प्यारा सरप्राइज है, जिसके बारे में मैंने कभी सोचा भी नहीं था। उन्होंने लिखा, यह एक ऐसा अहसास है जिसे मैं पूरी तरह से शब्दों में बयां नहीं कर सकता। महान हेनरी लैंग्लॉइस के नाम पर बने दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म संस्थानों में से एक की दीवारों पर हमेशा के लिए जगह पाना, कुछ ऐसा है जिसे मैं जिंदगी भर अपने साथ संजोकर रखूंगा। इस सम्मान के लिए और भारतीय सिनेमा को इतने प्यार व गर्मजोशी के साथ अपनाने के लिए मैं दिग्गज मिस्टर कोस्टा-गावरास और पूरी सिनेमाथेक फ्रैंकेस फैमिली का दिल से आभार व्यक्त करता हूँ। इस पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए हर्षा चुंदूरु ने लिखा, “सिनेमाथेक फ्रैंकेस ने पिछले कुछ सालों में मार्टिन स्कोर्सेसे, जेम्स कैमरून और डेविड फिन्चर जैसे दिग्गजों का सम्मान किया है... इस तरह के सम्मानों की खास बात यह होती है कि ये किसी एक ब्लॉकबस्टर या एक हिट फिल्म बनाने से नहीं मिलते। ये सालों तक ऐसी फिल्में बनाने से मिलते हैं जो लोगों के दिलों में बस जाती हैं, फिल्म मेकर्स को इंस्पायर (प्रेरित) करती हैं और वर्ल्ड सिनेमा पर अपनी एक अमिट छाप छोड़ जाती हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें उन्होंने आगे लिखा, यह कैसा अहसास है, इसे शब्दों में बयां कर पाना मुमकिन ही नहीं है। एसएसआर (SSR) को ऐसे बड़े नामों के साथ देखना सच में एक अलग ही लेवल की खुशी देता है। यह विजनरी फिल्म मेकर अब अगले साल रिलीज होने वाली अपनी अगली बड़ी फिल्म 'वाराणसी' के साथ एक बार फिर से कामयाबी के नए रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है। महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा और पृथ्वीराज सुकुमारन जैसे लीड स्टार्स से सजी यह फिल्म एक और ऐतिहासिक सिनेमाई अनुभव होने की उम्मीद जगाती है, जो ग्लोबल स्टेज पर भारतीय कहानी कहने के तरीके की सीमाओं को आगे बढ़ाने की एस.एस. राजामौली की इस असाधारण विरासत को और ज्यादा मजबूत करेगी।
इंदौर। मानसून की दस्तक के साथ ही इंदौर और उसके आसपास के खूबसूरत वॉटरफॉल्स पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है, लेकिन यह रोमांच जरा सी लापरवाही के चलते काल के गाल में समाने का सबब बन रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 5 वर्षों में इंदौर के आसपास के पिकनिक स्पॉट्स पर कुल 66 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें मरने वालों में सबसे ज्यादा तादाद नौजवानों की है। पुलिस और प्रशासन द्वारा की जा रही तमाम कोशिशों और सख्ती के बावजूद हादसों के इस सिलसिले पर लगाम नहीं लग पा रही है। चोरल फॉल में टला बड़ा हादसा : हालिया मामला इसी रविवार का है, जहां चोरल फॉल के झरने में नहाने गए तीन युवक अचानक डूबने लगे। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाई और सूझबूझ से तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। युवाओं में बढ़ता जानलेवा क्रेज : खतरनाक रास्तों और गहरे पानी के बावजूद युवा वर्ग इन वॉटरफॉल्स पर जोखिम उठाने से बाज नहीं आ रहा है। प्रशासन द्वारा बार-बार चेतावनी बोर्ड लगाने और पुलिस बल तैनात करने के बाद भी लोग सुरक्षा घेरा तोड़कर प्रतिबंधित और गहरे पानी वाले क्षेत्रों में उतर रहे हैं, जो सीधे तौर पर हादसों को आमंत्रण दे रहा है। ये आंकड़े डरावने हैं : इंदौर ग्रामीण पुलिस द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक साल 2022 से लेकर 23 जून 2026 के बीच ग्रामीण इलाकों में स्थित पिकनिक स्पॉट्स पर हादसों के चलते कुल 66 लोगों की मौत हो चुकी है। इन डराने वाले आंकड़ों के सामने आने के कुछ ही दिन पहले जिला प्रशासन ने मानसून के दौरान होने वाले हादसों को रोकने के लिए कई अत्यधिक जोखिम वाले और सुनसान पर्यटन स्थलों पर आम जनता के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। पिकनिक स्पॉट पर 5 साल में 66 मौतें 2022 में 9 लोगों की मौत 2023 में 17 लोगों ने गंवाई जान 2024 में 14 नौजवनों की मौत 2025 में भी 14 लोग हादसे का शिकार 2026 में अब तक 12 लोगों की मौत ऐसे साल दर साल हो रही मौतें : आंकड़ों का विश्लेषण करें तो इन पिकनिक स्थलों पर होने वाली मौतों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। साल 2022 में जहां हादसों में 9 लोगों की मौत हुई थी, वहीं 2023 में यह आंकड़ा लगभग दोगुना होकर 17 पर पहुंच गया। इसके बाद साल 2024 और 2025 में भी स्थिति गंभीर बनी रही और दोनों सालों में 14-14 लोगों ने अपनी जान गंवाई। चालू वर्ष 2026 में भी केवल 23 जून तक ही 12 लोगों की मौत पानी में डूबने या अन्य हादसों के कारण हो चुकी है। कौन कौन से इलाके हैं खतरनाक : पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, ग्रामीण इंदौर के बड़गोंदा और सिमरोल थाना क्षेत्र सबसे ज्यादा खतरनाक है, यहां कुल मौतों के आधे से अधिक मामले दर्ज किए गए। वहीं, बड़गोंदा का बामनिया कुंड सबसे खतरनाक माना जा रहा है, जहां सबसे ज्यादा मौतें हुईं। इसके बाद सिमरोल पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जैसे टिंचा फॉल्स, जूनापानी, लोधिया कुंड, चोरल और रोशियाबाबा दरगाह कुंड में सबसे ज्यादा हादसे दर्ज किए गए हैं। पिकनिक स्पॉट पर सुरक्षा के क्या साधन होना चाहिए / वॉटरफॉल्स और नदी-झरनों जैसे पिकनिक स्पॉट्स पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होना बेहद जरूरी है, ताकि लोग एडवेंचर का आनंद भी ले सकें और किसी की जान भी जोखिम में न पड़े। ऐसे स्थानों पर मुख्य रूप से निम्नलिखित सुरक्षा साधन और व्यवस्थाएं होनी चाहिए: 1. प्राथमिक और तात्कालिक सुरक्षा उपकरण ( Immediate Rescue Gear) लाइफ बॉय रिंग्स ( Lifebuoy Rings) और ट्यूब्स: पानी के किनारे निश्चित दूरी पर हवा भरे हुए लाइफ बॉय तैरते होने चाहिए, जिन्हें डूबते हुए व्यक्ति की तरफ तुरंत फेंका जा सके। लाइफ जैकेट्स ( Life Jackets): गहरे पानी या बोटिंग वाले क्षेत्रों में पर्यटकों के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य होनी चाहिए। लंबी और मजबूत रस्सियाँ ( Rescue Ropes): तेज बहाव में किसी को खींचने के लिए घाटों और किनारों पर भारी-भरकम रस्सियों की उपलब्धता जरूरी है। 2. मानव संसाधन और निगरानी ( Human Resource & Surveillance) सर्टिफाइड लाइफगार्ड्स ( Lifeguards): पानी के संवेदनशील और गहरे पॉइंट्स पर कुशल गोताखोरों और लाइफगार्ड्स की तैनाती 24 घंटे (विशेषकर मानसून में) होनी चाहिए। सुरक्षा गार्ड और पुलिस चौकी: हुड़दंग मचाने वाले, शराब पीकर पानी में उतरने वाले या प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने वाले लोगों को रोकने के लिए पुलिस या निजी गार्ड्स की गश्त जरूरी है। CCTV कैमरे: पूरे पिकनिक स्पॉट और मुख्य झरनों की निगरानी के लिए हाई-डेफिनिशन कैमरे होने चाहिए ताकि कंट्रोल रूम से नजर रखी जा सके। 3. चेतावनी और सूचना तंत्र ( Warning & Communication System) डेंजर साइन बोर्ड ( Danger/Caution Boards): गहरे पानी, फिसलन भरी चट्टानों और प्रतिबंधित क्षेत्रों (No Go Zones) के पास स्पष्ट अक्षरों और स्थानीय भाषा में 'खतरा' दर्शाने वाले बोर्ड होने चाहिए। लाउडस्पीकर/पब्लिक एड्रेस सिस्टम: अचानक पानी बढ़ने (फ्लैश फ्लड) या मौसम खराब होने पर पर्यटकों को तुरंत सतर्क करने के लिए अनाउंसमेंट सिस्टम होना चाहिए। रेड फ्लैग्स (लाल झंडे): जो हिस्से सबसे ज्यादा खतरनाक या गहरे हैं, उन्हें लाल झंडे या फ्लोटिंग बैरिकेड्स (रस्सी और ड्रम की मदद से) लगाकर अलग किया जाना चाहिए। 4. मेडिकल और आपातकालीन सुविधाएं ( Medical & Emergency Support) फर्स्ट-एड किट ( First-Aid Station): डूबने से बचे व्यक्ति को तुरंत सीपीआर (CPR) देने, ऑक्सीजन सपोर्ट और प्राथमिक उपचार के लिए एक मेडिकल बूथ होना चाहिए। इमरजेंसी एम्बुलेंस: किसी भी गंभीर स्थिति में मरीज को नजदीकी अस्पताल पहुंचाने के लिए मौके पर या बहुत पास में एक एम्बुलेंस तैनात होनी चाहिए। 5. बुनियादी ढांचागत सुरक्षा ( Infrastructure Safety) रेलिंग और बैरिकेडिंग: झरनों के व्यू-पॉइंट्स और ऊंचे पहाड़ी रास्तों पर मजबूत लोहे की रेलिंग होनी चाहिए ताकि कोई पैर फिसलने से सीधे नीचे न गिरे। एंटी-स्लिप वॉकवे: पानी के पास जाने वाले रास्तों पर ऐसी टाइल्स या खुरदरी सतह होनी चाहिए जिससे काई (Algae) जमने पर भी पैर न फिसले। रिपोर्ट : नवीन रांगियाल
शुक्र का सिंह राशि में गोचर, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जरूर करें ये 3 उपाय
venus effect in leo: ब्रह्मांड के वैभव और सौंदर्य के कारक, 'शुक्र देव' अपना नया पड़ाव तय करने जा रहे हैं। 4 जुलाई 2026 की शाम को शुक्र ग्रह चंद्रमा की राशि (कर्क) को अलविदा कहकर अपने मित्र सूर्य की राशि (सिंह) में प्रवेश करेंगे। शुक्र का यह शाही गोचर 1 अगस्त 2026 तक रहेगा। जब सौंदर्य और ऐश्वर्य के देवता सिंह राशि के ठाठ-बाठ में बैठेंगे, तो कई राशियों की किस्मत चमकने वाली है। आइए जानते हैं कि शुक्र का यह 'सिंह यूटी' अंदाज किन 5 राशियों के लिए भाग्य के नए द्वार खोलने जा रहा है। 1. मिथुन राशि: बढ़ेगा रसूख, बस अहंकार से बचें मिथुन राशि वालों के लिए शुक्र का यह गोचर आपके पराक्रम और संवाद के तीसरे भाव में होने जा रहा है। यह समय आपके भीतर एक गजब का आत्मविश्वास और ऊर्जा भरेगा। क्या मिलेगा खास: समाज और कार्यक्षेत्र में आपकी पूछ परख बढ़ेगी। नए लोगों से मुलाकात होगी जो आगे चलकर आपके अच्छे दोस्त और मददगार साबित होंगे। भाई-बहनों और पड़ोसियों के साथ अगर कोई अनबन थी, तो वह दूर होगी। कोई बड़ी खुशखबरी आपका दिन बना सकती है। सावधानी की घंटी: ग्रहों की स्थिति आपको 'ओवर-कॉन्फिडेंट' बना सकती है। खुद को शांत रखें और दूसरों की बात को भी तवज्जो दें, वरना करीबी लोग आपकी जिद से नाराज हो सकते हैं। 2. कर्क राशि: बरसेगी लक्ष्मी, घर आएगा आराम कर्क राशि वालों के लिए यह गोचर आपके धन और कुटुंब के दूसरे भाव को एक्टिवेट कर रहा है। पिछले कुछ समय से राहु-केतु के कारण जो तनाव चल रहा था, उस पर अब शुक्र मरहम लगाने आ गए हैं। क्या मिलेगा खास: आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। आपकी पॉकेट अब महंगी चीजें, नए कपड़े या मनपसंद आभूषण खरीदने की गवाही देगी। घर में कोई मांगलिक या उत्सव जैसा माहौल बन सकता है। संगीत, कला और साहित्य में आपकी दिलचस्पी बढ़ेगी और आप परिवार के साथ बेहतरीन क्वालिटी टाइम बिताएंगे। सरकारी काम अटके थे, तो वहां से भी राहत मिलेगी। 3. सिंह राशि: आप ही हैं महफिल की जान शुक्र देव आपकी ही राशि यानी आपके पहले भाव में आकर बैठ रहे हैं। यह गोचर आपके व्यक्तित्व में एक अलग ही आकर्षण और चमक पैदा करने वाला है। क्या मिलेगा खास: प्रेम संबंधों और वैवाहिक जीवन के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं है। रोमांस का ग्राफ ऊपर जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों को अच्छे नतीजे मिलेंगे। अगर आप किसी व्यापारिक या छोटी दूरी की यात्रा पर जाने की सोच रहे हैं, तो यह समय मुनाफा देने वाला रहेगा। सीनियर्स और अनुभवी लोगों का पूरा साथ मिलेगा। सावधानी की घंटी: महिलाओं और अपने से बड़े अधिकारियों के साथ बातचीत करते समय अपनी मर्यादा न भूलें। जरूरत से ज्यादा बेबाकी कभी-कभी भारी पड़ सकती है। 4. तुला राशि: छप्परफाड़ लाभ और तरक्की तुला राशि वालों के लिए तो शुक्र आपके खुद के राशि स्वामी हैं और इस बार वह आपके 'मुनाफे के घर' (11वें भाव) में गोचर कर रहे हैं। आपके लिए यह समय बेहद शानदार रहने वाला है। क्या मिलेगा खास: आप जिस भी काम में हाथ डालेंगे, वहां से लाभ खिंचा चला आएगा। नौकरीपेशा लोगों को दफ्तर में अनुकूल माहौल मिलेगा और बिजनेस करने वालों की दैनिक कमाई में बंपर इजाफा होगा। भौतिक सुख-सुविधाओं और ऐश्वर्य में वृद्धि होगी। मित्रों और भाई-बंधुओं का ऐसा सहयोग मिलेगा जो आपके काम को बेहद आसान बना देगा। 5. धनु राशि: भाग्य का साथ और नई नौकरी के योग धनु राशि वालों के लिए शुक्र का यह गोचर आपके भाग्य स्थान यानी नौवें भाव में होने जा रहा है। इसे कर्म और किस्मत का एक खूबसूरत मिलाजुला दौर कहा जा सकता है। क्या मिलेगा खास: अगर आप लंबे समय से नौकरी बदलने की सोच रहे थे, तो इस दौरान आपको बेहतर पैकेज और बड़ी कंपनी से ऑफर मिल सकता है। किस्मत के सहयोग से धन लाभ होगा। विदेश से जुड़े काम या दूर की यात्राएं आपके लिए फायदेमंद साबित होंगी। किसी धार्मिक या मांगलिक कार्य में शामिल होने का योग बनेगा। सावधानी की घंटी: यात्राओं के दौरान थोड़ी सावधानी बरतें। ग्रहों के मिले-जुले प्रभाव से छोटी-मोटी चोट या सामान खोने का डर रह सकता है, इसलिए सतर्क रहें। शुक्र को और मजबूत करने के 3 अचूक उपाय शुक्र देव की असीम कृपा पाने और इस गोचर का पूरा लाभ उठाने के लिए इन 3 सरल उपायों को करना न भूलें: सफेद वस्तुओं का दान: शुक्रवार के दिन किसी जरूरतमंद को या मंदिर में सफेद चीजें जैसे- चावल, दूध, चीनी या सफेद मिठाई का दान करें। इत्र और स्वच्छता का प्रयोग: शुक्र को साफ-सफाई और खुशबू बेहद पसंद है। रोज सुबह स्नान के बाद चंदन या अपनी पसंद का कोई अच्छा इत्र (Perfume) जरूर लगाएं। मंत्रों का जाप: नियमित रूप से या विशेषकर शुक्रवार के दिन शुक्र के बीज मंत्र ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः का 108 बार जाप करें।
बॉलीवुड के 'सीरियल किसर' और वर्सटाइल एक्टर इमरान हाशमी की साल 2007 में रिलीज हुई कल्ट क्लासिक फिल्म 'आवारापन' की रिलीज को पूरे 19 साल हो चुके हैं। इस खास मौके पर मेकर्स ने फैंस को एक बड़ा सरप्राइज देते हुए 'आवारापन 2' का पहला टीज़र आधिकारिक तौर पर ड्रॉप कर दिया है। 19 साल बाद बड़े पर्दे पर 'शिवम पंडित' की वापसी ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। फिल्म में इमरान हाशमी एक बार फिर उसी दमदार अंदाज में नजर आ रहे हैं। 'आवारापन' के सीक्वल में श्रिया सरन की जगह दिशा पाटनी ने ली है। ALSO READ: किसिंग सीन के दौरान बेकाबू हो गई थीं कंगना रनौट, काट लिए थे वीर दास के होंठ! पत्रकार के दावे पर एक्टर ने तोड़ी चुप्पी टीज़र सीधे दर्शकों के दिलों को छूता है। इसकी शुरुआत इमरान हाशमी के उसी जाने-पहचाने गहरे और दर्द भरे वॉयसओवर से होती है। टीज़र में इमरान कहते हैं— 'कुछ लोगों की कहानियां उनकी मर्जी से खत्म नहीं होतीं... उनकी कहानी दूसरों के लिए लिखी जाती है।' टीज़र को देखकर साफ है कि शिवम पंडित आज भी अपनी पुरानी जिंदगी और आलिया (श्रिया सरन) को खोने के गम से उबर नहीं पाया है। वह एक बार फिर बिना किसी मकसद के अपनी जिंदगी में भटक रहा है। शिवम को आलिया की कब्र पर जाते, बारिश में कीचड़ से सने खतरनाक और ताबड़तोड़ फाइट्स करते और अपनी जिंदगी के बिखराव से जूझते हुए दिखाया गया है। टीज़र का अंत इमरान हाशमी के एक बेहद दमदार और खौफनाक डायलॉग के साथ होता है, जहां उनके चेहरे पर खून और चोट के निशान हैं। वे सीधे कैमरे की तरफ देखते हुए कहते हैं— 'इस बार या तो ये आवारापन खत्म होगा, या मैं।' यह डायलॉग साफ इशारा करता है कि शिवम पंडित के इस सफर का अंत बेहद विनाशकारी और निर्णायक होने वाला है। टीजर में कोई चीज़ सबसे ज्यादा रोंगटे खड़े करने वाली है, तो वह है इसका बैकग्राउंड म्यूजिक। 'आवारापन' फिल्म की आत्मा उसका संगीत था, और मेकर्स ने इस बात का पूरा ख्याल रखा है। टीज़र के बैकग्राउंड में आइकॉनिक गाने 'तो फिर आओ' का नया वर्जन सुनाई देता है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें दिशा पाटनी और शबाना आजमी की एंट्री 'आवारापन 2' का कैनवास इस बार पहले से कहीं ज्यादा बड़ा और भव्य नजर आ रहा है। टीज़र में एक्ट्रेस दिशा पाटनी की एक बेहद खूबसूरत झलक देखने को मिली है, जो हार्प बजाती नजर आ रही हैं। इसके अलावा, दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी भी बेहद गंभीर और इंटेंस लुक में दिखाई दे रही हैं। साल 2007 में आई फिल्म 'आवारापन' का निर्देशन मोहित सूरी ने किया था, लेकिन इस बार 'आवारापन 2' की कमान नितिन कक्कड़ संभाल रहे हैं। वहीं, फिल्म की गहरी और डार्क स्टोरीलाइन को बिलाल सिद्दीकी ने लिखा है। विशेष फिल्म्स और मुकेश भट्ट के प्रोडक्शन में बन रही यह फिल्म इस बार न केवल इमोशन्स बल्कि हाई-ऑक्टेन एक्शन से भी लोडेड होने वाली है। इमरान हाशमी, दिशा पाटनी और शबाना आजमी स्टारर यह मच-अवेडेट रोमांटिक-एक्शन-थ्रिलर फिल्म 14 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के वीकेंड पर सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है। बॉक्स ऑफिस पर इसकी टक्कर सनी देओल की फिल्म 'बंटवारा 1947' से होने की उम्मीद है।
स्मृति और जेमीमा की धीमी पारी से कप्तान और फैंस नाराज, हारने की बड़ी वजह
स्मृति मंधाना और जेमीमा रॉड्रिगेस बहुत अच्छी सहेलियां है लेकिन इन दो सहलियों की धीमी पारी ने भारत को टी-20 विश्वकप से बाहर का रास्ता दिखाने में अहम भूमिका निभाई। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ स्मृति मंधाना ने 6 चौकों की मदद से 37 गेंदों में 38 रन बनाए। वहीं जेमीमा ने 28 गेंदों में एक चौका और छक्का लगाकर 34 रन बनाए। इसमें से एक चौका शुरुआत में और छक्का पारी के अंत में आया। इनकी धीमी बल्लेबाजी से ना केवल फैंस बल्कि कप्तान हरमनप्रीत कौर नाराज है जिन्होंने प्रेस वार्ता में यह स्पष्ट किया। 17 dot balls 14 single/double 103 strike rate 37 balls What an extraordinary TukTuk knock from Greatest of some times Queen Mandhana in virtual knockout match pic.twitter.com/3iBlNUkP1A — TukTuk Academy (@TukTuk_Academy) June 28, 2026 Smriti Mandhana and Jemimah Rodrigues are pain to watch in a T20 game, They just does not have that power hitting skills. Specially Smriti never performs in crucial matches; overrated tbh. Only Harman Preet Kaur and Deepti Sharma are big match player in this team. #INDWvsAUSW — Ezhil (@Ezhil_Goveas) June 28, 2026 Couple goals pic.twitter.com/VosIoVznnF — Gagan (@1no_aalsi_) June 28, 2026 31(20) & 25(23) in front of kohli pic.twitter.com/7leLEyjM0T — Rahul (@BeingTrickyy) June 28, 2026 Prime example of why you should never make someone a superstar just because of one innings. pic.twitter.com/N5Sr4wsaZr — Shah (@Shahhoon1) June 28, 2026 कप्तान हरमनप्रीत कौर ने आस्ट्रेलिया से मिली हार के बाद महिला टी20 विश्व कप से बाहर होने के बाद रविवार को कहा कि भारतीय टीम अपने स्तर की क्रिकेट नहीं खेल सकी और अब पुनर्विचार का समय आ गया है।हरमनप्रीत ने मैच के बाद कहा ,‘‘ हम कुछ समय तक मैच में थे लेकिन अपने स्तर का खेल नहीं दिखा सके। एक ईकाई के रूप में हमें कई चीजों पर विचार करना होगा।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ हमारा स्कोर ठीक ठाक था। एक समय हमें लगा कि हम कुछ पीछे रह गए हैं लेकिन आखिरी ओवर में मैने भरपाई की। लेकिन हम अच्छा नहीं खेले। आस्ट्रेलिया ने उम्दा गेंदबाजी की। पूरे टूर्नामेंट में अच्छी टीमों के खिलाफ हमारा प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा।’’ भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट पर 170 रन बनाए।ऑस्ट्रेलिया की फील्डिंग ने भी भारत का सहयोग किया वर्ना स्कोर 170 की जगह 155 के करीब रह सकता था।भारत ने आखिरी दो ओवरों में 36 रन ठोके और 170 रन का स्कोर खड़ा किया।हालांकि हरमनप्रीत कौर और शेफाली वर्मा के अलावा बाकी सारे बल्लेबाजों ने काफी धीमे खेला जो आगे जाकर काफी महंगा साबित हुआ।
'हमें Gautam Gambhir को कोच नहीं बना रहे!' Ireland से हार पर Iceland Cricket का जहरीला तंज
Ireland के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज में मिली शर्मनाक हार के बाद Team India की जमकर आलोचना हो रही है। इस हार के बाद सोशल मीडिया पर मीम्स और प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा Iceland Cricket के उस पोस्ट की हो रही है, जिसमें उसने भारत के हेड कोच Gautam Gambhir पर तंज कस उन्हें बुरी तरह ट्रोल किया। Iceland Cricket ने Gambhir पर कसा करारा तंज Ireland के खिलाफ 2-0 से सीरीज गंवाने के कुछ ही घंटों बाद Iceland Cricket ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर एक व्यंग्यात्मक पोस्ट किया। पोस्ट में लिखा गया कि, हम पुष्टि करते हैं कि हम Gautam Gambhir को अपने कोचिंग स्टाफ में शामिल नहीं करना चाहते। इतनी मजबूत भारतीय टीम के साथ Ireland में ऐसे नतीजे हासिल करना सचमुच एक 'असाधारण प्रतिभा' का काम है। ( We can confirm that we do not wish to add Gautam Gambhir to our coaching staff. He clearly has talent, though. To take those Indian players and deliver those results in Ireland takes truly remarkable gifts, ) We can confirm that we don't wish to add Gautam Gambhir to our coaching staff. He clearly has talent, though. To take those Indian players and deliver those results in Ireland takes truly remarkable gifts. — Iceland Cricket (@icelandcricket) June 28, 2026 यह पोस्ट कुछ ही देर में वायरल हो गया और हजारों क्रिकेट फैंस ने इस पर मजेदार प्रतिक्रियाएं दीं। Iceland Cricket पहले भी अपने मजाकिया और व्यंग्यात्मक पोस्ट्स के लिए दुनियाभर में चर्चा बटोर चुका है। तीन साल बाद टूटा Team India का विजयी सिलसिला Gautam Gambhir के कोच बनने के बाद Team India ने लगातार कई टी20 सीरीज अपने नाम की थीं। श्रीलंका, बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसी टीमों के खिलाफ भारत ने शानदार प्रदर्शन किया था। लेकिन Ireland दौरा भारतीय टीम के लिए पूरी तरह निराशाजनक साबित हुआ। कप्तान Shreyas Iyer की अगुआई में भारत दोनों मुकाबले हार गया और Ireland ने इतिहास रचते हुए पहली बार Team India के खिलाफ टी20 सीरीज जीत ली। पहले मुकाबले में Ireland ने 34 रन से जीत दर्ज की, जबकि दूसरा मैच बेहद रोमांचक रहा, जहां मेजबान टीम ने एक रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया। Relive the final moments as Ireland Men sealed the series against India #BackingGreen | #IREvIND | #FailteSolar pic.twitter.com/K8MUb2sb3O — Cricket Ireland (@cricketireland) June 28, 2026 बल्लेबाजों का फ्लॉप शो बना हार की सबसे बड़ी वजह इस सीरीज में भारतीय बल्लेबाजी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। कप्तान Shreyas Iyer, Sanju Samson, Ishan Kishan और Abhishek Sharma जैसे बड़े नाम लगातार रन बनाने में नाकाम रहे। गेंदबाजों ने दोनों मैचों में संघर्ष जरूर किया, लेकिन बल्लेबाज लक्ष्य का पीछा करने और बड़ी साझेदारियां बनाने में असफल रहे। यही वजह रही कि स्टार खिलाड़ियों से सजी भारतीय टीम सीरीज बचाने में भी नाकाम रही। Sanjay Manjrekar ने भी उठाए टीम चयन पर सवाल पूर्व भारतीय क्रिकेटर Sanjay Manjrekar ने भी टीम कॉम्बिनेशन पर सवाल उठाए। उनका मानना है कि Team India को जरूरत से ज्यादा ऑलराउंडर्स खिलाने के बजाय मिडिल ऑर्डर में एक विशेषज्ञ बल्लेबाज को मौका देना चाहिए। उन्होंने युवा बल्लेबाज Shubman Gill का नाम लेते हुए कहा कि विदेशी परिस्थितियों में उनकी तकनीक भारतीय टीम के काफी काम आ सकती है और भविष्य में उन्हें फिर से टी20 टीम में अहम भूमिका मिल सकती है। अब England दौरे पर होगी अग्निपरीक्षा Ireland में मिली हार के बाद अब Team India की नजर England के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज पर होगी। यह सीरीज 1 जुलाई से शुरू होगी और भारतीय टीम के लिए वापसी का बड़ा मौका होगी। साथ ही, 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज Vaibhav Sooryavanshi को भी इंग्लैंड दौरे पर डेब्यू का मौका मिलने की चर्चा तेज हो गई है। Ireland सीरीज में उन्हें मौका नहीं मिला था, लेकिन लगातार हार के बाद टीम प्रबंधन युवा खिलाड़ियों पर दांव लगा सकता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि Team India England के खिलाफ वापसी कर पाती है या आलोचनाओं का दौर और लंबा चलता है।
दिल्ली भाजपा के ओबीसी मोर्चा ने किया डॉ. अलका गुर्जर का स्वागत
नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी की सह प्रभारी डॉ. अल्का गुर्जर के राज्य सभा सदस्य चुने जाने पर रविवार को पार्टी के अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस मौके पर दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने डॉ. गुर्जर द्वारा विगत चार […] The post दिल्ली भाजपा के ओबीसी मोर्चा ने किया डॉ. अलका गुर्जर का स्वागत appeared first on Sabguru News .
2026 Vat Savitri Purnima: हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए वट सावित्री पूर्णिमा का व्रत बेहद खास और आस्था का प्रतीक माना जाता है। यह पावन पर्व विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना के लिए रखती हैं। साल 2026 में यह व्रत पूरे देश में पारंपरिक रीति-रिवाजों और आधुनिक उत्साह के साथ मनाया जाएगा।साल 2026 में वट सावित्री पूर्णिमा का व्रत 29 जून 2026, सोमवार को रखा जाएगा। ALSO READ: Vat Savitri Vrat Katha: वट सावित्री व्रत पर पढ़ें ये महत्वपूर्ण पौराणिक कथा अमावस्या और पूर्णिमा व्रत में क्या है अंतर? अक्सर महिलाओं में इस व्रत की तारीख को लेकर कन्फ्यूजन रहता है। दरअसल, वट सावित्री का व्रत दो अलग-अलग तिथियों पर रखा जाता है। उत्तर भारत में सुहागिनें ज्येष्ठ अमावस्या के दिन यह व्रत रखती हैं, जबकि महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत में इसे ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है, जिसे वट सावित्री पूर्णिमा कहते हैं। क्यों इतना खास है वट सावित्री पूर्णिमा का महत्व? यह सिर्फ एक व्रत नहीं, बल्कि अटूट प्रेम और दृढ़ संकल्प का उत्सव है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन सती सावित्री ने अपने पातिव्रत धर्म के बल पर मृत्यु के देवता यमराज को भी झुकने पर मजबूर कर दिया था और अपने मृत पति सत्यवान के प्राण वापस ले आई थीं। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, बरगद (वट) के पेड़ में त्रिदेव- ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। चूंकि यह वृक्ष सैकड़ों वर्षों तक जीवित रहता है, इसलिए सुहागिनें इसकी पूजा कर अपने पति के लिए भी दीर्घायु (लंबी उम्र) का वरदान मांगती हैं। ALSO READ: वट सावित्री व्रत: सुहागिनों के लिए महाव्रत, जानें पूजा से जुड़ी 10 अनसुनी और जरूरी बातें vat savitri vrat 2026 वट पूर्णिमा 2026: तिथि और पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त अगर आप भी इस साल यह व्रत रख रही हैं, तो उदयातिथि के अनुसार पूजा के सही समय और तारीख को डायरी में नोट कर लें: पूर्णिमा तिथि शुरू: 29 जून 2026 को तड़के/ सुबह 03:06 बजे से पूर्णिमा तिथि समाप्त: 30 जून 2026 को सुबह 05:26 बजे। व्रत की तारीख: उदयातिथि की मान्यता के अनुसार, व्रत और पूजन सोमवार, 29 जून को ही किया जाएगा। पूजा के लिए सबसे उत्तम समय: सुबह का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त: सुबह 08:55 AM से सुबह 10:40 AM तक अभिजीत मुहूर्त (महा शुभ): दोपहर 11:57 AM से दोपहर 12:52 PM तक स्टेप-बाय-स्टेप संपूर्ण पूजन विधि इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार कर पूरे विधि-विधान से पूजा करती हैं। आइए जानते हैं पूजा का सही तरीका: स्नान और संकल्प: सुबह जल्दी उठकर पवित्र स्नान करें। इस दिन लाल, पीले या हरे रंग के पारंपरिक वस्त्र पहनना बेहद शुभ माना जाता है। इसके बाद व्रत का संकल्प लें। पूजा की थाली: अपनी थाली में रोली, अक्षत/ चावल, धूप, दीपक, भीगे हुए चने, कलावा (कच्चा सूत), फल, मिठाई और जल का पात्र सजाएं। साथ ही माता सावित्री और सत्यवान की मूर्ति या तस्वीर साथ रखें। वट वृक्ष की पूजा: बरगद के पेड़ के पास जाकर सबसे पहले जल अर्पित करें। इसके बाद पेड़ को तिलक लगाएं, अक्षत, फूल और भीगे हुए चने चढ़ाएं। सूत लपेटना और परिक्रमा: हाथ में कलावा या कच्चा सूत लेकर बरगद के पेड़ की 7, 11, 21 या 108 बार परिक्रमा करें। परिक्रमा करते समय सूत को पेड़ के तने पर लपेटते जाएं और मन में पति की लंबी उम्र की प्रार्थना करें। कथा और आरती: पूजा स्थल पर बैठकर सावित्री-सत्यवान की पौराणिक व्रत कथा जरूर सुनें। इसके बाद धूप-दीप से आरती करें और बांस के पंखे से वट वृक्ष व मूर्तियों को हवा करें। बड़ों का आशीर्वाद: पूजा संपन्न होने के बाद घर के बुजुर्गों और सास के पैर छूकर आशीर्वाद लें। उन्हें 'बायना' में सुहाग सामग्री और मिठाई भेंट करें। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Vat Savitri Vrat: वट सावित्री व्रत का अर्थ, पूजा विधि, आरती, चालीसा और कथा
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (29 जून, 2026)
1. मेष (Aries) Today 29 June horoscope in Hindi 2026 : करियर: आज आप पर काम का दबाव बढ़ सकता है। लव: रिश्ते में छोटे-मोटे मतभेद हो सकते हैं। धन: आज बढ़ते अनावश्यक अचानक खर्चों से बचें। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से बचने के लिए प्रयास करेंगे। उपाय: मंदिर जाकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करें। ALSO READ: Weekly Horoscope 29 June to 05 July 2026: 29 जून से 05 जुलाई तक कैसा रहेगा आपका सप्ताह? शॉर्ट में पढ़ें साप्ताहिक राशिफल 2. वृष (Taurus) करियर: आज आपको परिश्रम का फल मिलेगा। लव: लव लाइफ में सामंजस्य बना रहेगा। धन: आप आज कुछ नए निवेश के बारे में सोच सकते हैं। स्वास्थ्य: माता की सेहत ठीक रहेगी। उपाय: गाय को ताजा घी खिलाएं और मंदिर में पूजा करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: आज करियर में आप अपनी समझदारी से स्थिति को संभाल सकते हैं। लव: लव लाइफ में थोड़ी दूरी महसूस हो सकती है। धन: आज फालतू के अनावश्यक खर्चों से बचें। स्वास्थ्य: मानसिक शांति के लिए ध्यान करेंगे। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: आज कार्यस्थल पर सफलता के योग हैं। लव: लव लाइफ में प्रेम बढ़ेगा। धन: आज आप धन को बचाने पर ध्यान देंगे। स्वास्थ्य: अच्छी सेहत हेतु समय निकालकर आराम करें। उपाय: मंदिर जाकर शिवलिंग पर जल अर्पित करें। 5. सिंह (Leo) करियर: कार्यस्थल पर आपके प्रयासों का फल मिलेगा। लव: प्रेमीसंग प्यार और विश्वास बढ़ेगा। धन: धन की स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य: सेहत में ताजगी हेतु थोड़ा समय खुद के लिए निकालें। उपाय: शनिवार को लाल वस्त्र पहनें और दान करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: कार्यक्षेत्र में अपने प्रयासों को बनाए रखें। लव: लव लाइफ में आपसी संवाद से स्थिति सुधर सकती है। धन: आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य: आज सेहत सामान्य रहेगी। उपाय: गणेश जी की पूजा करें। ALSO READ: Weekly Numerology Horoscope: 29 जून से 5 जुलाई 2026 का अंक राशिफल: जानें किस मूलांक की चमकेगी किस्मत 7. तुला (Libra) करियर: करियर का कोई नया अवसर आपके लिए लाभकारी रहेगा। लव: लव लाइफ में विश्वास और समझ बढ़ेगी। धन: आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य: सेहत में कोई बड़ी समस्या नहीं होगी। उपाय: आज माता दुर्गा की पूजा करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: कार्यस्थल पर सावधानी से काम करें। लव: प्रेम रिश्ते में थोड़ा तनाव हो सकता है। धन: कारोबार में धन की स्थिति स्थिर रहेगी। स्वास्थ्य: आज मानसिक शांति के लिए ध्यान करें। उपाय: लाल चंदन का तिलक करें और घर में साफ-सफाई रखें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: कार्यस्थल पर आपको नए अवसर मिल सकते हैं। लव: लव लाइफ में पार्टनर के साथ रोमांटिक पल बिताएंगे। धन: आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। स्वास्थ्य: शारीरिक रूप से अच्छा महसूस करेंगे। उपाय: आज ब्राह्मणों को भोजन कराएं। 10. मकर (Capricorn) करियर: आज कार्यस्थल पर बात करके समस्या का समाधान निकाले। लव: रिश्ते में थोड़ा तनाव हो सकता है। धन: आज खर्चों पर ध्यान दें और बचत को प्राथमिकता दें। स्वास्थ्य: सेहत ठीक न हो तो थोड़ी देर के लिए आराम करें। उपाय: खाने की चीजें किसी को दान करें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: नौकरीपेशा को कार्यस्थल पर मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। लव: लव लाइफ में आज पार्टनर के साथ समय बिताने का अच्छा अवसर है। धन: आज किसी भी बड़े खर्च से बचें। स्वास्थ्य: शारीरिक रूप से फिट महसूस करेंगे। उपाय: शनिवार को शनि मंदिर में तेल का दीपक जलाएं। 12. मीन (Pisces) करियर: कार्यस्थल पर कलीग्स से कहासुनी हो सकती है। लव: रिश्ते में थोड़ी सामंजस्य की आवश्यकता हो सकती है। धन: आज धन हानि के संकेत हैं। स्वास्थ्य: वाहन चलाते समय सतर्क रहें। उपाय: आज ताजे फलों का दान करें। ALSO READ: Vat Savitri Vrat 2026: ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा का क्या है महत्व, पढ़िए पौराणिक कथा
धर्मेंद्र प्रधान और हरदीप सिंह पुरी की मोदी कैबिनेट से छुट्टी हो सकती है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का मंत्रालय बदले जाने और RBI के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास को नया वित्तमंत्री बनाए जाने की सुगबुगाहट है। सूत्रों के मुताबिक, मोदी मंत्रिमंडल में ये बड़ा फेरबदल अगले कुछ हफ्ते में हो सकता है। 1. धर्मेंद्र प्रधान, शिक्षा मंत्री ये हैं कौनः संघ और विद्यार्थी परिषद के बैकग्राउंड वाले धर्मेंद्र प्रधान 2 बार राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। अभी ओडिशा के संबलपुर से लोकसभा सांसद और पिछले 12 साल से मोदी सरकार में मंत्री। जुलाई 2021 से शिक्षा मंत्री हैं। क्यों हटाए जा सकते हैं: धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षामंत्री रहते 5 बड़ी लापरवाहियां हुईं- 2026 में NEET पेपर लीक, CBSE बोर्ड की कॉपी चेकिंग में गड़बड़ी, UGC इक्विटी गाइडलाइन्स, 2024 में UGC-NET पेपर लीक और 2020 में आई नई शिक्षा नीति के लागू होने में देरी। इसके चलते केंद्र सरकार बार-बार बैकफुट पर दिखी। 2. हरदीप सिंह पुरी, पेट्रोलियम मंत्री ये हैं कौनः 1974 बैच के रिटायर्ड IFS अफसर हरदीप सिंह पुरी 2014 में बीजेपी से जुड़े। 2 बार राज्यसभा सांसद बने। सितंबर 2017 से केंद्रीय मंत्री हैं। अभी इनके पास पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय है। क्यों हटाए जा सकते हैं: सेक्स स्कैंडल 'एपस्टीन फाइल्स' में पुरी का नाम जुड़ा। फरवरी में कांग्रेस ने दावा किया कि 2014-17 के बीच पुरी ने जेफरी एपस्टीन से 62 ईमेल एक्सचेंज किए और 14 मीटिंग्स कीं। उन्हें हटाने की एक वजह उनकी उम्र भी हो सकती है। 74 साल के पुरी पिछले 9 साल से मंत्री हैं। 3. रवनीत सिंह बिट्टू, रेल राज्यमंत्री ये हैं कौनः पंजाब के पूर्व सीएम बेअंत सिंह के पोते रवनीत सिंह बिट्टू कांग्रेस में 3 बार लोकसभा सांसद बने। मार्च 2024 में बीजेपी से जुड़े। फिर राज्यमंत्री बने। अगस्त 2024 में राजस्थान से राज्यसभा पहुंचे। क्यों हटाए जा सकते हैं: 3 जून को बिट्टू ने अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव में उतरने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने कहा, 'मैंने लोकसभा और राज्यसभा में 17 साल पूरे कर लिए हैं। मैंने अपना सामान पैक कर लिया है और पंजाब जाने के लिए पूरी तरह तैयार हूं।' 4 जून को बीजेपी ने राज्यसभा के लिए 11 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की। इसमें बिट्टू का नाम नहीं था। 21 जून 2026 को उनका राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो गया। बिट्टू बीजेपी को पंजाब की सत्ता तक पहुंचने में मदद कर सकते हैं। लुधियाना की किसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। 4. पंकज चौधरी, वित्त राज्यमंत्री ये हैं कौनः उत्तर प्रदेश की महाराजगंज सीट से 7 बार के लोकसभा सांसद पंकज चौधरी जुलाई 2021 से वित्त राज्यमंत्री हैं। दिसंबर 2025 में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। क्यों हटाए जा सकते हैं: बीजेपी की इंटरनल पॉलिसी ‘एक व्यक्ति, एक पद’ के चलते चौधरी को मोदी कैबिनेट से मुक्त किया जा सकता है, ताकि 2027 यूपी विधानसभा और 2029 लोकसभा चुनाव के लिए उनका पूरा फोकस संगठन और इलेक्शन मैनेजमेंट पर रहे। 5. हर्ष मल्होत्रा, सहकारिता राज्यमंत्री ये हैं कौनः 2015-16 में पूर्वी दिल्ली नगर निगम के महापौर बने। 2024 में पूर्वी दिल्ली से सांसद और मोदी कैबिनेट में राज्यमंत्री बने। मई 2026 में दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष बने। क्यों हटाए जा सकते हैंः बीजेपी की 'एक व्यक्ति, एक पद' की नीति के तहत 62 साल के मल्होत्रा को कैबिनेट से हटाया जा सकता है। 6. जॉर्ज कुरियन, अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री ये हैं कौनः सुप्रीम कोर्ट में वकील रहे। जून 2024 में मोदी सरकार में राज्य मंत्री बने। अल्पसंख्यक कार्य और मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय का जिम्मा संभाला। अगस्त 2024 में मध्यप्रदेश से राज्यसभा पहुंचे। क्यों इस्तीफा दिया: 23 जून को मोदी कैबिनेट के इकलौते ईसाई मंत्री कुरियन ने इस्तीफा दे दिया। इसकी एक वजह अप्रैल-मई में हुआ केरलम विधानसभा चुनाव भी है। बीजेपी को उम्मीद से कमतर नतीजे मिले। 65 साल के कुरियन ने भी चुनाव लड़ा, लेकिन ‘कंजिराप्पल्ली’ सीट पर वे तीसरे नंबर पर रहे। 1. शक्तिकांत दास ये हैं कौनः तमिलनाडु कैडर के 1980 बैच के रिटायर्ड IAS अफसर शक्तिकांत दास पीएम मोदी के प्रधान सचिव-2 हैं। आर्थिक मामलों के सचिव, राजस्व सचिव, 15वें वित्त आयोग के सदस्य, G20 शेरपा और 2018 से 2024 तक RBI के गवर्नर रह चुके हैं। एंट्री क्यों हो सकती है: मोदी सरकार के बड़े आर्थिक फैसले- नोटबंदी और GST लागू करने में दास की अहम भूमिका रही। बतौर RBI गवर्नर 3 बार कार्यकाल विस्तार मिलना उन पर मोदी सरकार के भरोसे का सबूत है। इस दौरान दास ने भारतीय अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाए रखा, डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा दिया और बैंकिंग रेगुलेशन मजबूत किया। सरकार को उम्मीद है कि प्रशासनिक और आर्थिक समझ रखने वाले दास वित्तीय स्थिति को मजबूत करेंगे। 2. अनुराग ठाकुर ये हैं कौनः हिमाचल प्रदेश के पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल के बेटे हैं। BCCI के अध्यक्ष रहे। हमीरपुर लोकसभा सीट से लगातार 5वीं बार सांसद बने। एंट्री क्यों हो सकती है: मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में अनुराग राज्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। तब बतौर सूचना एवं प्रसारण मंत्री उनका रिपोर्ट कार्ड अच्छा था। अगले साल हिमाचल में विधानसभा चुनाव है। बीजेपी चाहती है कि अनुराग के बूते युवा वोटर्स को लामबंद करके मौजूदा कांग्रेस सरकार हटाए और सत्ता में आए। 3. वीडी शर्मा ये हैं कौनः मध्यप्रदेश से आने वाले वीडी शर्मा पुराने स्वयंसेवक माने जाते हैं। 3 दशकों तक RSS और ABVP में काम किया। 2013 में बीजेपी में एक्टिव हुए। 2020 से 2025 तक बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रहे। अभी खजुराहो से लगातार दूसरी बार सांसद हैं। एंट्री क्यों हो सकती है: मध्यप्रदेश के ज्यादातर राष्ट्रीय नेताओं को राज्य की राजनीति तक सीमित कर दिया गया है। जैसे- नरेंद्र सिंह तोमर, कैलाश विजयवर्गीय, प्रह्लाद सिंह पटेल। 55 साल के वीडी शर्मा को केंद्र में मंत्री पद देकर बीजेपी मध्यप्रदेश से अगली पीढ़ी के राष्ट्रीय नेता तैयार करना चाहती है। पार्टी में वीडी की छवि मजबूत संगठनकारी नेता की है। उनके अध्यक्ष रहते बीजेपी ने 2024 में मध्यप्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटें जीतीं। 4. तरुण चुग ये हैं कौनः पंजाब के अमृतसर से आते हैं। RSS का बैकग्राउंड है। 2 बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन जीते नहीं। 2018 से वे बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव हैं। एंट्री क्यों हो सकती है: हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में बीजेपी ने पंजाब के कोटे से चुग को मध्यप्रदेश से उतारा और वे जीते भी। चुग को रवनीत सिंह बिट्टू की जगह राज्यसभा सीट मिली और अब मंत्री पद भी मिल सकता है। 5. राघव चड्ढा ये हैं कौनः चार्टर्ड अकाउंटेंट से नेता बने। अरविंद केजरीवाल के करीबी रहे। 2020 में दिल्ली के राजेंद्र नगर से विधायक और दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष बने। 2022 में पंजाब से राज्यसभा पहुंचे। एंट्री क्यों हो सकती है: अप्रैल में राघव ने AAP के 6 अन्य राज्यसभा सांसदों के साथ बीजेपी जॉइन कर ली। बीजेपी की कोशिश है- अगले साल पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव में राघव के बूते AAP को हराना। दरअसल, पंजाब के पिछले विधानसभा चुनाव में राघव ने AAP के लिए ग्राउंड वर्किंग और इलेक्शन मैनेजमेंट किया था। उन्हें AAP की अंदरूनी बातें पता हैं। राघव बीजेपी के लिए पंजाब में एग्रेसिव कैम्पेन कर सकते हैं। शहरी इलाकों और जेन-G वोटर्स में बीजेपी के लिए पैठ बना सकते हैं। 6. श्रीकांत शिंदे ये हैं कौनः महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के बेटे हैं। कल्याण सीट से लगातार तीसरी बार सांसद। एंट्री क्यों हो सकती है: शिवसेना (उद्धव गुट) के 6 लोकसभा सांसदों तोड़ने के लिए हुए ‘ऑपरेशन टाइगर’ में श्रीकांत ने अहम भूमिका निभाई। इनाम के तौर पर मंत्री पद मिल सकता है। 7. संजय दीना पाटिल ये हैं कौनः NCP से राजनीति शुरू की। मुंबई की भांडुप से विधायक रहे। 2009 में उत्तर-पूर्वी मुंबई से लोकसभा सांसद बने। 2022 में शिवसेना (उद्धव) से जुड़े और 2024 में दोबारा लोकसभा सांसद बने। एंट्री क्यों हो सकती है: ‘ऑपरेशन टाइगर’ के चलते पाटिल शिवसेना (शिंदे) में आए हैं। बागी होने के इनाम के तौर पर संजय को भी मंत्री पद मिल सकता है। इसके पीछे स्ट्रैटजी है- शिवसेना (उद्धव) को और कमजोर करना, बीजेपी वाले ‘महायुति गठबंधन’ को मजबूत करना। 8. काकोली घोष दस्तीदार ये हैं कौनः डॉक्टर से नेता बनीं काकोली पश्चिम बंगाल की बारासात सीट से लगातार चौथी बार सांसद हैं। TMC की संस्थापक सदस्य और पूर्व सीएम ममता बनर्जी की करीबी रहीं। एंट्री क्यों हो सकती है: काकोली नेतृत्व में 20 TMC सांसद बागी हो गए। बाद में NCPI से जुड़े और बीजेपी को सपोर्ट दिया। इस टूट के इनाम के तौर पर काकोली को मंत्री बनाया जा सकता है। 9. अरुण गोविल ये हैं कौनः 'रामायण' सीरियल में भगवान राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल। 2021 में वे बीजेपी से जुड़े। 2024 में उत्तर प्रदेश की मेरठ लोकसभा सीट से सांसद बने। एंट्री क्यों हो सकती है: अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव हैं। सोशल इंजीनियरिंग के तहत गोविल को मंत्री बनाया जा सकता है। गोविल पश्चिमी यूपी के वैश्य समाज से आते हैं। उनके बूते बीजेपी हिंदुत्व और सांस्कृतिक मुद्दे को भुना सकती है। 1. निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्री ये हैं कौनः कर्नाटक से आने वाली निर्मला सीतारमण 2014 से राज्यसभा सांसद हैं। 2017 में वे रक्षा मंत्री बनीं। 2019 से वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री हैं। मंत्रालय क्यों बदल सकता है: सरकार और भारत की माली हालात कुछ महीनों से ठीक नहीं है। महंगाई पिछले 16 महीने के ऊंचे स्तर पर 3.9% पर पहुंच गई है। जबकि पीएम मोदी का लक्ष्य है- भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी और ग्लोबल मैन्युफेक्चरिंग हब बनाना। सरकार को लग रहा है कि किसी टेक्नोक्रेट को वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जाए। ऐसे में निर्मला की जगह RBI गवर्नर रहे शक्तिकांत दास को लाया जा सकता है। निर्मला को शिक्षा मंत्रालय मिल सकता है। 2. ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ये हैं कौनः मध्यप्रदेश के कद्दावर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया 2020 में कांग्रेस से बीजेपी में आए। जुलाई 2021 में मोदी सरकार में मंत्री बने। नागरिक उड्डयन और दूरसंचार जैसे मंत्रालय संभाले। अभी उनके पास पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास और संचार मंत्रालय का जिम्मा है। मंत्रालय क्यों बदल सकता है: सिंधिया 'हाई-परफॉर्मिंग' और डिलीवर करने वाले नेता माने जाते हैं। उनकी क्षमता और प्रभाव को देखते हुए उन्हें प्रमोट करने की तैयारी है। उन्हें रेल, वाणिज्य, उद्योग जैसा कोई अहम मंत्रालय मिल सकता है। 3. प्रह्लाद जोशी, नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री ये हैं कौनः कर्नाटक बीजेपी के अध्यक्ष रहे प्रहलाद जोशी धारवाड़ से लगातार 5वीं बार सांसद हैं। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में संसदीय कार्य, कोयला और खनन मंत्री रहे। अभी वे नवीकरणीय ऊर्जा और उपभोक्ता मामलों के मंत्री हैं। मंत्रालय क्यों बदल सकता है: जोशी के सांगठनिक और संसदीय अनुभव के मद्देनजर उन्हें किसी बड़े या ज्यादा राजनीतिक प्रभाव वाले मंत्रालय का जिम्मा मिल सकता है। 2028 में जोशी के गृह राज्य कर्नाटक में विधानसभा चुनाव हैं, जहां बीजेपी को उम्मीदें हैं। 2014 से केंद्र में काबिज बीजेपी की मोदी सरकार में अब तक 4 बड़े फेरबदल हो चुके हैं। मोदी कैबिनेट में हुए फेरबदल में कुछ ट्रेंड नजर आते हैं… 1. परफॉर्मेंस नहीं तो छुट्टी तय कॉर्पोरेट कंपनियों की तरह मोदी सरकार में भी अगर कोई मंत्री उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता या उसके मंत्रालय से जुड़ा कोई विवाद खड़ा हुआ, तो बिना किसी हिचकिचाहट के उसकी छुट्टी कर दी जाती है। #MeToo मामले में घिरे विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर ने 2018 में इस्तीफा दिया था। 2021 में कोरोना महामारी के मिस-मैनेजमेंट के बाद तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को हटाया गया था। बतौर आईटी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद, शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को अच्छा प्रदर्शन न होने के कारण कैबिनेट से बाहर कर दिया गया था। 2. नौकरशाहों और एक्सपर्ट्स पर भरोसा मोदी सरकार में सिर्फ पारंपरिक नेता ही मंत्री नहीं बनते, बल्कि जटिल और अहम मंत्रालयों का जिम्मा पूर्व IAS, IFS अफसर या डोमेन एक्सपर्ट्स (टेक्नोक्रेट्स) को देने का चलन भी है। जैसे- पूर्व विदेश सचिव एस. जयशंकर को विदेश मंत्री बनाना, पूर्व IAS अफसर अश्विनी वैष्णव को रेल और आईटी मंत्रालय सौंपना, पूर्व IAS अफसर अर्जुन राम मेघवाल और रिटायर्ड IFS अफसर हरदीप सिंह पुरी को केंद्रीय मंत्री बनाना। 3. चुनावी राज्यों की इंजीनियरिंग मोदी सरकार में ये पैटर्न रहा है कि हर कैबिनेट फेरबदल में अगले विधानसभा चुनावों की सोशल और इलेक्टोरल इंजीनियरिंग को सेट किया जाता है। जुलाई 2021 में मोदी कैबिनेट का सबसे बड़ा फेरबदल हुआ। तब उत्तर प्रदेश के पंकज चौधरी, अजय मिश्रा टेनी, अनुप्रिया सिंह पटेल, एसपी सिंह बघेल, भानु प्रताप सिंह वर्मा, कौशल किशोर; गुजरात के महेंद्र मुंजापारा, दर्शना जरदोश, देवूसिंह चौहान जैसे नेताओं को मंत्री बनाया गया था। इसके पीछे 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव थे। 4. ‘एक व्यक्ति, एक पद’ की पॉलिसी बीजेपी बार-बार ये बात दोहराती है कि वे ‘एक व्यक्ति, एक पद’ की नीति अपनाती है। यानी कोई नेता सरकार और संगठन दोनों में एक साथ बड़े पद नहीं पा सकता। जैसे- 2014 में राजनाथ सिंह गृहमंत्री बने, तो 2 महीने बाद बीजेपी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। 2019 में जब अमित शाह गृहमंत्री बने, तो अगले ही महीने जगत प्रकाश नड्डा को कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया गया और 8 महीने बाद शाह ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। जनवरी 2026 में जब नितिन नबीन पार्टी अध्यक्ष बने, तो उन्हें बिहार सरकार में मंत्री पद छोड़ना पड़ा। --------------------- ये भी खबर पढ़िए… मोदी सरकार को क्यों चाहिए 362 सांसद; TMC के 20, शिवसेना UBT के 6 सांसद टूटे; बाकी 44 कहां से जुटाएंगे 14 जून को TMC के 28 में से 20 लोकसभा सांसदों ने गुमनाम सी पार्टी NCPI में विलय कर लिया। आज शिवसेना (उद्धव गुट) के 9 से 6 लोकसभा सांसदों ने भी बगावत कर दी। इससे पहले 24 अप्रैल को आम आदमी पार्टी के 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों ने भी बगावत कर दी थी। ये सभी बागी BJP या NDA में शामिल हुए हैं। पूरी खबर पढ़िए…
चल रहे फीफा वर्ल्ड कप के 18 दिन हो चुके हैं। 48 टीमों के 72 मैच में 215 गोल हो चुके हैं। ईनाम की रकम है 8 हजार करोड़ रुपए। पर ये फुटबॉल बला है क्या जो इंसानी हाथों से ज्यादा कदमों को तरजीह देता है। कब पैदा हुआ, क्यों पैदा हुआ, कायदे-कानून कैसे और किसने बनाए, साथ में कुछ खास किस्से। 4 चैप्टर और 14 ग्राफिक्स में यही बातें हैं… ----------- **** ग्राफिक्स: द्रगचंद्र भुर्जी, अंकलेश विश्वकर्मा और अंकुर बंसल ---------- यह खबर भी पढ़िए… क्या IPL का डाउनफॉल शुरू:टीवी दर्शक 26% घटे, विदेशी खिलाड़ी आधा सीजन ही खेल रहे; टॉप एक्सपर्ट्स ने बताईं वजहें और समाधान इस साल IPL के फर्स्ट हाफ में टीवी व्यूअरशिप 26% गिरी है। स्पॉन्सर 65 से 45 रह गए हैं। ईडन गार्डन जैसे स्टेडियम भी कुछ मैचों में आधे ही भर पाए। कई विदेशी खिलाड़ियों ने भी आधे सीजन बाद टीम को जॉइन किया। पूरी खबर पढ़िए…
भारत की वॉलीबॉल टीम ने बहरीन को 3-1 से हराकर जीता एतिहासिक कांस्य पदक
भारत की वॉलीबॉल टीम ने रविवार को बहरीन के खिलाफ 3-1 से कांस्य पदक मैच जीतकर पहली बार एवीसी पुरुष कप का कांस्य पदक जीत लिया। शनिवार को टीम इंडोनेशिया से हारकर फाइनल में प्रवेश पाने से चूक गई थी। हालांकि टीम ने रविवार को कोई गलती नहीं की। अगर यह प्रदर्शन जारी रहा तो अगले टूर्नामेंट से भारतीय वॉलीबॉल टीम ओलंपिक का टिकट बुक कर सकती है। YESSESSSSSSSS, THE BOYS DID IT!!!! India Volleyball Team defeated Defending Champion Bahrain to win Bronze at AVC Men's Cup 2026 FIRST EVER MEDAL FOR INDIA, JUST WOW!! pic.twitter.com/QcF5JVVGsI — The Khel India (@TheKhelIndia) June 28, 2026
ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 6 विकेट से हराकर किया महिला T-20I विश्वकप से बाहर
AUSvsIND ऑस्ट्रेलिया की टीम ने भारत को लॉर्ड्स के मैदान पर महिला टी-20 विश्वकप के अहम मैच में 6 विकेट से हराकर सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर कर दिया। भारत के बाहर होने के बाद दक्षिण अफ्रीका की टीम को सेमीफाइनल का स्थान मिल गया। भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट पर 170 रन बनाए। Australia end India's #T20WorldCup hopes with a brilliant chase at Lord's : https://t.co/e07BKXcz3s pic.twitter.com/Hyds4GU0l0 — ICC (@ICC) June 28, 2026 हालांकि हरमनप्रीत कौर के अलावा बाकी सारे बल्लेबाजों ने काफी धीमे खेला जो आगे जाकर काफी महंगा साबित हुआ। ऑस्ट्रेलिया ने यह लक्ष्य 4 विकेट खोकर 1 ओवर पहले पा लिया। ऑस्ट्रेलिया की ओर से एलिस पेरी और एश्ले गार्डनर ने अर्धशतक लगाए। श्री चरनी ने सर्वाधिक 2 विकेट लिए। कप्तान हरमनप्रीत कौर (56) के अर्धशतक की बदौलत भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ महिला टी 20 विश्व कप ‘करो या मरो’ के ग्रुप एक मुकाबले में रविवार को चार विकेट पर 170 रन का सम्मानजनक स्कोर बना लिया। भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और उसके शीर्ष क्रम के चारों बल्लेबाजों ने रन बटोरे। भारत ने आखिरी दो ओवर में 36 और आखिरी पांच ओवरों में 59 रन बटोरते हुए खुद को अच्छी स्थिति में पहुंचा लिया। हरमनप्रीत ने अपना बेस्ट सबसे अहम मैच के लिए बचाकर रखा था। ऑस्ट्रेलिया की फील्डिंग ने भी भारत का सहयोग किया वर्ना स्कोर 170 की जगह 155 के करीब रह सकता था। भारत ने आखिरी दो ओवरों में 36 रन ठोके और 170 रन का स्कोर खड़ा किया। अहम मौके पर कप्तान ने ज़िम्मेदारी संभाली और अपनी टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला। हरमनप्रीत ने 27 गेंदों की अपनी आक्रामक अर्धशतकीय पारी में छह चौके और तीन छक्के मारे। उनके मैदान पर आने और कमान संभालने से पहले बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन काफ़ी सुस्त था। स्मृति मंधाना (38) ने आक्रामक खेलने की कोई खास कोशिश नहीं की, शेफाली वर्मा ने 34 रन बनाये। जेमिमा रोड्रिग्स (34) भी खुलकर नहीं खेल पा रही थीं और ऑस्ट्रेलियाई टीम खेल के मौजूदा हालात से खुश दिख रही थी। लेकिन आखिरी दो ओवर बहुत महंगे साबित हुए, क्योंकि हरमनप्रीत ने विपक्षी कप्तान की गेंदबाज़ी पर लगातार तीन छक्के जड़े। ऑस्ट्रेलिया से कुछ गलतियाँ भी हुईं; उन्होंने उन आखिरी पलों में कुछ कैच छोड़े, जब दर्शक कप्तान का हौसला बढ़ा रहे थे।
बेन स्टोक्स ने किया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा, मौजूदा टेस्ट होगा अंतिम
इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह देंगे ।इंग्लैंड टीम ने टेस्ट के चौथे दिन के खेल के बीच में यह जानकारी दी ।इसके साथ ही स्टोक्स के 15 साल के कैरियर पर विराम लग जायेगा Ben Stokes announcing his retirement during the ongoing Test. - One of the greatest ever all rounders! pic.twitter.com/W6NM1704rI — Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) June 28, 2026 जिसमें वह 2019 वनडे विश्व कप फाइनल में इंग्लैंड की न्यूजीलैंड पर जीत के नायक रहे ।वह टी20 विश्व कप 2022 जीतने वाली इंग्लैंड टीम के भी अहम सदस्य थे और उसी साल टेस्ट कप्तान बने थे ।वह टी20 विश्व कप 2022 जीतने वाली इंग्लैंड टीम के भी अहम सदस्य थे और उसी साल टेस्ट कप्तान बने थे।
भारत में बढ़ रही है खतरनाक उमस, जलवायु परिवर्तन ने बढ़ाया हीट स्ट्रेस का खतरा
क्या भारत में सिर्फ तापमान ही नहीं बल्कि उमस भी खतरनाक स्तर तक पहुंच रही है? नई रिपोर्ट बताती है कि जलवायु परिवर्तन ने जानलेवा हीट स्ट्रेस के दिनों को दोगुना कर दिया है।
22 से 26 जून 2026 तक बांग्लादेशी पीएम तारिक रहमान चीन में थे। इसी दौरान बांग्लादेश ने अपने मोंगला पोर्ट का प्रोजेक्ट भारत से छीनकर चीन को दे दिया। यानी हमारे तट से महज 80 किमी दूर मोंगला पोर्ट पर चीन बैठेगा। भारत की ‘चिकन नेक’ से 100 किमी दूर तीस्ता नदी को भी चीन मैनेज करेगा। आखिर चीन इन इलाकों में क्या करने वाला है और ये भारत की सुरक्षा के लिए कितना बड़ा खतरा; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: बांग्लादेश ने भारत से मोंगला प्रोजेक्ट छीनकर चीन को क्यों दिया? जवाब: 2015 में बांग्लादेश ने भारत से दो इकॉनमिक जोन बनाने के लिए समझौता किया था। इनमें एक मोंगला पोर्ट और दूसरा चटगांव का इलाका था। बांग्लादेशी अखबार द बिजनेस स्टैंडर्ड के मुताबिक, मोंगला प्रोजेक्ट की शुरुआत में भारत के पैसे से मोंगला पोर्ट से खुलना के बीच एक नई रेलवे लाइन बनी। 2018 में भारत सरकार ने मोंगला प्रोजेक्ट का थका हीरानंदानी ग्रुप को दिया। मार्च 2022 में बांग्लादेश इकॉनोमिक जोन अथॉरिटी यानी BEZA और हीरानंदानी ग्रुप की कंपनी एविटा कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता किया। हालांकि अगस्त 2024 में बांग्लादेश में शेख हसीना का तख्तापलट होने के चलते ये प्रोजेक्ट रुक गया। शेख हसीना भारत आ गईं। शेख हसीना तब भारत आ गई थीं और बांग्लादेश के अंतरिम राष्ट्रपति बने मुहम्मद यूनुस के दौर में इस प्रोजेक्ट पर बात आगे नहीं बढ़ी। हसीना के बाद एंटी इंडियन मानी जाने वाली खालिदा जिया की पार्टी BNP सत्ता में आई और फरवरी 2026 में उनके बेटे तारिक रहमान पीएम बने। BEZA के मुताबिक, भारतीय कंपनी तय शर्त के मुताबिक दो साल के भीतर काम शुरू नहीं कर पाई। इसी बीच जून 2025 में बांग्लादेश में तैनात चीनी दूतावास के ऑफिसर्स ने मोंगला पोर्ट पर एक चीनी इकॉनमिक जोन बनाने का प्रस्ताव दिया था। इसके बाद अक्टूबर 2025 में बांग्लादेश सरकार ने भारत के साथ प्रोजेक्ट रद्द कर दिया। 25 जून 2026 को तारिक रहमान के चीन दौरे के बीच BEZA और चीन की सरकारी कंपनी चाइना सिविल इंजीनियरिंग कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (CCECC) के बीच पोर्ट के डेवेलपमेंट के अलावा आसपास की 110 एकड़ जमीन पर इकनोमिक जोन बनाने का समझौता हुआ है। इसके अलावा 25 मार्च 2025 को मोंगला पोर्ट अथॉरिटी (MPA) और CCECC के बीच मोंगला पोर्ट के डेवेलपमेंट के लिए 370 मिलियन डॉलर के एक अलग प्रोजेक्ट पर भी समझौता हुआ था। हालांकि इस पर अब तक काम नहीं शुरू हुआ है। सवाल-2: अब चीन मोंगला पोर्ट पर क्या करने जा रहा है? जवाब: चीन मोंगला पोर्ट पर 2 काम करेगा... 1. पोर्ट का डेवेलपमेंट 2. पोर्ट के पास इकॉनोमिक जोन 26 जून को बांग्लादेश-चीन के जॉइंट स्टेटमेंट में 2 और प्रोजेक्ट चीन को देने की बात कही गई है। इसमें लिखा है कि दोनों देश चटगांव में चीन के इकॉनोमिक एंड इंडस्ट्रियल जोन को डेवेलपमेंट करेंगे। साथ ही चीन तीस्ता नदी के प्रबंधन में हर संभव मदद करेगा। सवाल-3: ये प्रोजेक्ट चीन को मिलना भारत के लिए चिंता की बात क्यों?जवाब: भारत के लिए 4 बड़ी दिक्कतें हैं... 1. चीन के मुकाबले में कूटनीतिक हार 2. बंगाल की खाड़ी में भारत के लिए नया खतरा 3. तीस्ता नदी प्रोजेक्ट से 'चिकन नेक' पर खतरा 4. भारत की बिजनेस कनेक्टिविटी को नुकसान सवाल-4: चीन के बढ़ते दबदबे से कैसे निपटेगा भारत?जवाब: हिंद महासागर को भारत का 'आंगन' कहा जाता है, लेकिन यहां चीन अपनी ‘स्ट्रिंग ऑफ पर्ल’ कही जाने वाली स्ट्रैटजी के तहत बंदरगाह, हवाई पट्टी और नेवल बेस बना रहा है। चीनी कंपनियां हिंद महासागर में 17 बंदरगाहों में से 13 का डेवेलपमेंट कर रही हैं, जबकि बाकी प्रोजेक्ट्स में उनकी हिस्सेदारी हैं। हिंद महासागर में चीन की हरकतें भारत के लिए बड़ी चुनौती हैं। इसके जवाब में भारत भी उल्टा जाल बुन रहा है। भारत की स्ट्रैटजी का नाम है- ‘नेकलेस ऑफ डायमंड’। हालांकि ये भारत सरकार का कोई घोषित प्रोजेक्ट या डॉक्ट्रिन नहीं है। ‘नेकलेस ऑफ डायमंड’ के तहत 4 बड़े काम हो रहे हैं… ---- ये खबर भी पढ़ें… भास्कर एक्सप्लेनर- शेख हसीना भारत से कहां जाएंगी:बांग्लादेश की सत्ता अब कौन संभालेगा; 8 सवालों में आगे की कहानी पड़ोसी देश बांग्लादेश की कहानी हर गुजरते घंटे के साथ बदल रही है। करीब 2 महीने से चल रहे आरक्षण विरोधी आंदोलन हिंसक होने के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना को बांग्लादेश छोड़ना पड़ा है। वो सेना के हेलिकॉप्टर से पहले अगरतला पहुंचीं और वहां से C-130J मिलिट्री विमान से गाजियाबाद के हिंडन मिलिट्री एयरबेस पर लैंड हुईं। पूरी खबर पढ़ें…
फ्रांस के नैन्सी शहर में विमान दुर्घटनाग्रस्त, 11 लोगों की मौत
पेरिस। फ्रांस के नैन्सी शहर के पास एक नागरिक विमान के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से उसमें सवार सभी 11 लोगों की मौत हो गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार टॉमब्लेन हवाई अड्डे के समीप यह विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें स्काईडाइवर सवार थे जो एक प्रशिक्षण उड़ान पर थे। यह विमान पहली बार पैराशूट जंप […] The post फ्रांस के नैन्सी शहर में विमान दुर्घटनाग्रस्त, 11 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
भजनलाल ने जोधपुर एयरपोर्ट के बन रहे नए टर्मिनल के उद्घाटन की तेयारियों का लिया जायजा
जोधपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को जोधपुर हवाई अड्डे का दौरा करके आगामी चार जुलाई को यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने वाले उद्घाटन कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान शर्मा ने नवीन टर्मिनल का जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने नवीन टर्मिनल का निरीक्षण […] The post भजनलाल ने जोधपुर एयरपोर्ट के बन रहे नए टर्मिनल के उद्घाटन की तेयारियों का लिया जायजा appeared first on Sabguru News .
महंगी शिक्षा, निजीकरण और पेपर लीक से छात्रों का भविष्य संकट में : नसीम अख्तर इंसाफ
भीलवाड़ा। भीलवाड़ा देहात कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में रेलवे स्टेशन के सामने स्थित अंबेडकर सर्किल पर छात्र समस्याओं को लेकर एक विशाल जनजागरण कार्यक्रम एवं नाट्य मंचन का आयोजन किया गया। हजारों छात्रों की उपस्थिति में कलाकारों ने महंगी शिक्षा, शिक्षा के निजीकरण, बढ़ते मानसिक तनाव, पेपर लीक और आत्महत्या जैसी गंभीर समस्याओं को प्रभावशाली […] The post महंगी शिक्षा, निजीकरण और पेपर लीक से छात्रों का भविष्य संकट में : नसीम अख्तर इंसाफ appeared first on Sabguru News .
उदयपुर : युवती ने गोवर्धन सागर तालाब में कूदकर की आत्महत्या
उदयपुर। राजस्थान में उदयपुर के गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र में रविवार को गोवर्धन सागर तालाब में कूदकर एक युवती ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बताया कि सुबह गोवर्धन सागर पाल से ग्रामीणों ने एक युवती को तालाब में छलांग लगाते हुए देखकर इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर नागरिक […] The post उदयपुर : युवती ने गोवर्धन सागर तालाब में कूदकर की आत्महत्या appeared first on Sabguru News .
Women World Cup में भारत ने टॉस जीतकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चुनी बल्लेबाजी
AUSvsIND भारत ने एक अहम मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लॉर्ड्स के मैदान पर टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। दोनों ही टीम में एक बदलाव है। भारत ने क्रांति गौड़ को मौका दिया और ऑस्ट्रेलिया की ओर से फीबी लिचफील़्ड की वापसी हुई है। #TeamIndia 's Playing XI that will be taking the field in Lord's Updates https://t.co/WlUV2rjwTj #T20WorldCup | #WomenInBlue | #AUSvIND pic.twitter.com/H6qCkdIqUC — BCCI Women (@BCCIWomen) June 28, 2026 भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), ऋचा घोष (विकेटकीपर), जेमिमा रोड्रिग्स, शेफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा, क्रांति गौड़, रेणुका सिंह ठाकुर, अरुंधति रेड्डी,श्री चरणी। ऑस्ट्रेलिया: सोफी मोलिनी (कप्तान), फीबी लिचफील्ड, बेथ मूनी (विकेटकीपर), जॉर्जिया वोल, ताहलिया मैकग्रा (उप-कप्तान), एशले गार्डनर, किम गार्थ, एलिसे पेरी, एनाबेल सदरलैंड, निकोला कैरी, मेगन शट, जॉर्जिया वेयरहैम।
भजनलाल ने सिविल सेवा परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों के साथ सुना ‘मन की बात’कार्यक्रम
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सिविल सेवा परीक्षा एवं भारतीय वन सेवा परीक्षा-2025 में चयनित राजस्थान के अभ्यर्थियों के साथ रविवार को यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के ‘135वें संस्करण’ को सुना। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में रक्षा के क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता, वैश्विक परिस्थितियों के बीच […] The post भजनलाल ने सिविल सेवा परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों के साथ सुना ‘मन की बात’ कार्यक्रम appeared first on Sabguru News .
ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमरीका के आठ सैन्य ठिकानों पर किया हमला
तेहरान। ईरान ने चेतावनी दी है कि भविष्य में अमरीका की किसी भी आक्रामक कार्रवाई का करारा जवाब दिया जाएगा तथा हाल में हुए युद्धविराम समझौते इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के तहत चल रही सभी कूटनीतिक प्रक्रियाएं स्थगित की जा सकती हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने रविवार को कहा कि उसने कुवैत और बहरीन […] The post ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमरीका के आठ सैन्य ठिकानों पर किया हमला appeared first on Sabguru News .
रियलिटी टीवी की दुनिया का सबसे चर्चित और विवादित शो 'लॉक अप' अपने नए सीजन 'लॉक अप: सच या सजा' के साथ वापस लौट आया है। नेटफ्लिक्स पर शुरू हुए इस शो ने आते ही सोशल मीडिया पर सनसनी मचा दी है। इस बार शो की कमान बॉलीवुड के दिग्गज निर्देशिका फराह खान और अभिनेता रितेश देशमुख के हाथों में है। सीजन 2 के पहले ही एपिसोड में जिस कंटेस्टेंट ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं, वह कोई और नहीं बल्कि बॉलीवुड के 'हीरो नंबर 1' यानी गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा हैं। सुनीता अपने बेबाक और अनफिल्टर्ड अंदाज के लिए जानी जाती हैं, और 'लॉक अप' के मंच पर भी उनका यही रूप देखने को मिला, जहां उन्होंने अपनी 40 साल पुरानी शादी के कई अनसुने और हैरान करने वाले पन्ने खोल दिए। A post shared by Netflix India Reality (@netflixindiareality) प्यार में सब बर्दाश्त करना पड़ता है जब होस्ट फराह खान ने सुनीता के पुराने बयानों की कुछ हेडलाइंस उनके सामने पढ़ीं, तो माहौल काफी दिलचस्प हो गया। फराह ने सुनीता से उनके उस बयान पर स्पष्टीकरण मांगा जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें गोविंदा जैसा बेटा चाहिए, पति नहीं। ALSO READ: 10 साल बाद टूटा आकांक्षा चमोला और गौरव खन्ना का रिश्ता, 'लॉक अप 2' में किया तलाक का ऐलान इस पर बात करते हुए सुनीता आहूजा ने कहा, प्यार में तो आपको हर चीज बर्दाश्त करनी चाहिए। चीची (गोविंदा) ने लाइफ में इतने अफेयर्स किए, चलो हीरो-हीरोइन में तो ये सब होते ही रहते हैं। तो मुझे लगता है कि इतने साल जो मैंने चीची के साथ निभाए हैं, उस हिसाब से मुझे लगता है कि अगले जन्म में मुझे उनके जैसा बेटा मिलना चाहिए, पति नहीं। सुनीता का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में स्वीकार किया कि गोविंदा के स्टारडम के दिनों में उनके कई अभिनेत्रियों के साथ संबंध रहे, लेकिन उन्होंने एक वफादार पत्नी की तरह हर परिस्थिति में अपने पति का साथ निभाया। गोविंदा को गोली लगने वाले हादसे पर कसा तंज शो के को-होस्ट रितेश देशमुख ने जब एक और हेडलाइन पढ़ी, जिसमें लिखा था— जब तक पति-पत्नी साथ हों तब तक अंखियों से गोली मारे, पर जब कोई थर्ड पार्टी आ जाए तो घुटनों पर गोली मारे। इस पर सुनीता ने हंसते हुए ऐसा जवाब दिया जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया। सुनीता ने मजाकिया और तीखे लहजे में कहा, सुन रहे हो चीची तो सुन लेना भैया, क्योंकि घुटनों पे गोली तभी लगती है जब लाइफ में कोई (थर्ड पार्टी) आ जाती है। और इसमें मैंने कुछ झूठ नहीं बोला। मैं तो उस समय बॉम्बे में थी भी नहीं, मैं खाटू श्याम जी के दर्शन करने गई हुई थी। लेकिन लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि मैंने ही गोली मार दी! वैसे मेरा निशाना कभी चूकता नहीं है। 1987 में हुई थी गोविंदा-सुनीता की सीक्रेट शादी गोविंदा और सुनीता की शादी साल 1987 में बेहद निजी तरीके से हुई थी। उस वक्त गोविंदा का करियर शुरुआती दौर में था, जिसके कारण उन्होंने अपनी शादी को लगभग दो साल तक दुनिया से छुपा कर रखा था। कपल ने अपनी बेटी टीना आहूजा के जन्म के बाद ही अपनी शादी की बात आधिकारिक रूप से स्वीकार की थी। दोनों का एक बेटा यशवर्धन आहूजा भी है।
राम मंदिर दान में कथित हेराफेरी: SIT जांच के बीच जस्टिस काटजू ने क्या कहा?
अयोध्या राम मंदिर में भक्तों के दान की कथित हेराफेरी की जांच SIT कर रही है। जानिए अब तक क्या सामने आया, पुलिस जांच की स्थिति और जस्टिस मार्कंडेय काटजू की प्रतिक्रिया
आयरलैंड की महिला टीम ने भी किया कमाल, इंडीज को हराकर पाई विश्वकप की पहली जीत
IREvsWI आयरलैंड की पुरुष टीम की विश्व चैम्पियन भारत पर जीत के बाद अब आयरलैंड की महिला टीम ने ओर्ला प्रेंडरगैस्ट ने शानदार ऑल-राउंड प्रदर्शन की बदौलत शनिवार को वेस्टइंडीज को छह विकेट से हराकर महिला टी 20 वर्ल्ड कप में अपनी पहली जीत दर्ज की। वेस्टइंडीज को 29 रन देकर 1 विकेट लेकर 7 विकेट पर 128 रन पर रोकने में मदद करने के बाद, प्रेंडरगैस्ट ने 44 गेंदों पर 63 रन की मैच जिताने वाली पारी खेली, जिससे आयरलैंड ने 11 गेंद बाकी रहते टारगेट हासिल कर लिया। इस नतीजे ने न्यूजीलैंड की सेमीफाइनल की उम्मीदों को भी जिंदा रखा और अगर वे अपने आखिरी ग्रुप गेम में इंग्लैंड को हरा देते हैं तो वे आगे बढ़ जाएंगे। इस बीच, वेस्टइंडीज के चांस सीधे इंग्लैंड की जीत से जुड़े हैं। पहले बैटिंग करने के लिए कहने पर, वेस्टइंडीज धीमी, दो-तरफ़ा पिच पर कभी भी आसानी से रन नहीं बना पाया। उन्होंने शेमेन कैम्पबेल को जल्दी खो दिया, जिसके बाद हेली मैथ्यूज (22), स्टेफनी टेलर (16) और डिएंड्रा डॉटिन (21) सभी ने शुरुआत की लेकिन जल्दी रन बनाने के लिए संघर्ष किया। आयरलैंड के बॉलर्स ने अपनी पेस को होशियारी से मिलाया और डिसिप्लिन्ड लाइन से बैट्समैन पर दबाव बनाया, जबकि स्पिनर खास तौर पर असरदार थे। चिनेल हेनरी के 21 गेंदों पर नाबाद 27 रन ने वेस्टइंडीज को आखिर में बढ़त दिलाई, लेकिन आखिरी आठ ओवर में चार विकेट गंवाने के बाद भी वे 7 विकेट पर 128 रन ही बना पाए। Their first and definitely not their last Ireland's maiden Women's #T20WorldCup win is set to leave a lasting impression https://t.co/pUnA9sdgbd — ICC (@ICC) June 28, 2026 पांचवें ओवर में कप्तान गैबी लुईस के आउट होने के बावजूद आयरलैंड ने लक्ष्य का पीछा करते हुए अच्छी शुरुआत की। प्रेंडरगैस्ट और एमी हंटर ने दूसरे विकेट के लिए 62 रन की तेज़ साझेदारी करके पारी को संभाला और ज़रूरी रन रेट को कंट्रोल में रखा। हंटर ने एफी फ्लेचर का शिकार होने से पहले 28 रन बनाए, लेकिन प्रेंडरगैस्ट ने बीच के ओवरों में अपनी रफ़्तार बदली, और शानदार अर्धशतक बनाने के लिए पूरे आत्मविश्वास के साथ स्वीप और पुल किया। वेस्ट इंडीज ने थोड़ी उम्मीद जगाई जब हेली मैथ्यूज ने प्रेंडरगैस्ट को 63 रन पर आउट किया, जब अभी भी 21 रन चाहिए थे, लेकिन रेबेका स्टोकेल शांत रहीं और नाबाद 16 रन बनाए और लुईस लिटिल ने विजयी बाउंड्री लगाई, जिससे आयरलैंड ने 18.1 ओवर में लक्ष्य का पीछा पूरा कर लिया।
'सत्यप्रेम की कथा' के 3 साल: कैसे कार्तिक आर्यन का सत्तू बना बॉलीवुड का सबसे बड़ा ग्रीन फ्लैग हीरो
रिलीज के तीन साल बाद भी 'सत्यप्रेम की कथा' एक ऐसी रोमांटिक फिल्म के रूप में याद की जाती है, जिसने भावनाओं से भरपूर कहानी के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश भी दिया। समीर विद्वांस के निर्देशन में बनी इस फिल्म में कार्तिक आर्यन और कियारा आडवाणी मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। फिल्म सत्तू और कथा की कहानी को दिखाती है, जिनका रिश्ता सहमति और यौन उत्पीड़न से जुड़े मानसिक आघात जैसे गंभीर मुद्दों के बीच आगे बढ़ता है। जहां फिल्म ने एक खूबसूरत प्रेम कहानी पेश की, वहीं उसने उन संवेदनशील विषयों को भी सामने रखा, जिन पर मुख्यधारा की बॉलीवुड फिल्मों में कम ही बात होती है। यही वजह है कि 'सत्यप्रेम की कथा' अपने समय की सबसे प्रभावशाली फिल्मों में गिनी जाती है। ALSO READ: कांटा लगा गाने के लिए शेफाली जरीवाला को मिले थे इतने रुपए, रातोरात बन गई थीं स्टार फिल्म की सबसे बड़ी ताकत थी कार्तिक आर्यन का किरदार 'सत्तू', जो देखते ही देखते बॉलीवुड के सबसे पसंदीदा 'ग्रीन फ्लैग हीरो' के रूप में उभरकर सामने आया। सत्तू की सबसे खास बात यह थी कि उसने कभी भी कथा को उसके अतीत या उसके दर्द के आधार पर नहीं परखा। जब कथा को सबसे ज्यादा सहारे की जरूरत थी, तब वह हर कदम पर उसके साथ खड़ा रहा। उसने बिना किसी पूर्वाग्रह के उसकी बातें सुनीं, उसकी भावनाओं और सीमाओं का सम्मान किया और हमेशा उसकी खुशियों और मानसिक सुकून को अपनी इच्छाओं से ऊपर रखा। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें फिल्म का एक बेहद यादगार दृश्य वह है, जब सत्तू कथा के साथ हुए अन्याय के जिम्मेदार व्यक्ति का पीछा करता है और उसे चप्पल से मारता है। यह सिर्फ गुस्से का इज़हार नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाने और चुप न रहने का प्रतीक है। पूरी फिल्म में सत्तू यह साबित करता है कि सच्चा प्यार अधिकार जताने या बड़े-बड़े वादों में नहीं, बल्कि भरोसे, समझदारी, सम्मान और मुश्किल वक्त में अपने साथी के साथ मजबूती से खड़े रहने में होता है। यही भावनात्मक परिपक्वता आज भी इस किरदार को दर्शकों के दिलों के बेहद करीब रखती है। जहां अक्सर रोमांटिक फिल्मों में प्रेमी पात्रों को बड़े-बड़े नाटकीय अंदाज़ में दिखाया जाता है, वहीं सत्तू एक सच्चा और वास्तविक इंसान लगता है। इस किरदार के जरिए कार्तिक आर्यन ने आधुनिक दौर के रोमांस की नई परिभाषा पेश की और यह दिखाया कि दयालुता के साथ संवेदनशीलता और सम्मान भी किसी हीरो की सबसे बड़ी पहचान हो सकते हैं। यही वजह है कि रिलीज़ के तीन साल बाद भी 'सत्तू' हालिया बॉलीवुड सिनेमा के सबसे पसंदीदा और प्रेरणादायक 'ग्रीन फ्लैग हीरो' के रूप में याद किया जाता है।
क्या भारतीय पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण है? विदेश मंत्रालय के हालिया बयान पर जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने पासपोर्ट एक्ट, 1967 और नागरिकता कानून के आधार पर उठाए गंभीर सवाल
महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का पेपर करीब 24 घंटे पहले लीक हो गया। एग्जाम रविवार को होना था। महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने इसके बाद परीक्षा स्थगित कर ... Read more
कहते हैं कि उम्र सिर्फ एक आंकड़ा होती है, अगर दिल में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता। सोशल मीडिया पर इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा एक वीडियो इस बात का सबसे बड़ा सबूत है। इस वीडियो में एक बुजुर्ग भारतीय दादाजी 18 हजार फीट की आसमानी ऊंचाई से बेखौफ होकर स्काईडाइविंग (Skydiving) करते नजर आ रहे हैं। जहां आम तौर पर इतनी ऊंचाई का नाम सुनते ही अच्छे-अच्छों के पसीने छूट जाते हैं, वहीं इन दादाजी ने गजब के आत्मविश्वास के साथ प्लेन से छलांग लगा दी। उनका यह साहसी अंदाज देखकर इंटरनेट यूजर्स उनकी जिंदादिली के मुरीद हो गए हैं।ऑस्ट्रेलिया में पोते ने कराया एडवेंचर, 15 हजार फीट के बाद अब बनाया नया रिकॉर्डयह रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो ऑस्ट्रेलिया का बताया जा रहा है, जिसे अंकित नाम के एक भारतीय युवक ने सोशल मीडिया पर साझा किया है। वीडियो की शुरुआत में अंकित अपने दादाजी को इस हैरतअंगेज स्काईडाइविंग के लिए तैयार करते हुए ले जाते दिखाई दे रहे हैं। अंकित ने बताया कि उनके बाबाजी की यह पहली स्काईडाइविंग नहीं है, बल्कि इससे पहले भी वह 15 हजार फीट की ऊंचाई से सफलतापूर्वक छलांग लगा चुके हैं। लेकिन इस बार अपने रोमांच के स्तर को एक कदम और आगे बढ़ाते हुए उन्होंने सीधे 18 हजार फीट की ऐतिहासिक ऊंचाई से कूदने का फैसला किया, जिसे देखकर हर कोई दंग है।'डरता कौन है मैं?' दादाजी के इस एक डायलॉग ने जीत लिया इंटरनेट का दिलइस वायरल वीडियो का सबसे खूबसूरत और दिल छू लेने वाला हिस्सा वह है, जब प्लेन में बैठने से पहले पोता अंकित अपने दादाजी से मुस्कुराते हुए एक सवाल पूछता है। अंकित कहता है, 'बाबा, डर तो नहीं लग रहा?' इस पर दादाजी बिना एक सेकंड गंवाए बेहद बेबाक अंदाज में हंसते हुए जवाब देते हैं— 'डरता कौन है मैं?' दादाजी की यही एक लाइन इस समय सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल चुकी है। उनका यह अद्भुत आत्मविश्वास देखकर लोग हैरान हैं और कमेंट कर रहे हैं कि इतनी ऊंचाई से कूदने के लिए सिर्फ मजबूत कलेजा ही नहीं, बल्कि जिंदगी को खुलकर जीने का एक अलग नजरिया चाहिए।हजारों फीट ऊपर हवा में लगाए 'जय हरियाणा, जय भारत' के नारे, रोंगटे खड़े कर देने वाला पलजैसे ही दादाजी ट्रेनर के साथ प्लेन से जंप लगाते हैं, आसमान में एक अलग ही नजारा देखने को मिलता है। तेज हवाओं के बीच तैरते हुए दादाजी का जोश बिल्कुल युवा जैसा नज़र आता है। वह पूरे उत्साह के साथ हवा में 'जय हिंद, जय भारत, जय हरियाणा' के नारे लगाते दिखाई देते हैं। हजारों फीट की ऊंचाई पर देश और अपने राज्य के प्रति ऐसा जज्बा देखकर सोशल मीडिया यूजर्स भावुक हो गए हैं। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक एडवेंचर स्पोर्ट्स का वीडियो नहीं है, बल्कि यह उम्र, हिम्मत और अदम्य साहस की एक जीती-जागती मिसाल है।सोशल मीडिया पर आई कमेंट्स की बाढ़, युवाओं के लिए बने सबसे बड़े इंस्पिरेशनवीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कमेंट्स और लाइक्स की बाढ़ आ गई है। एक यूजर ने लिखा, 'मुझे अपनी जिंदगी में बस ऐसा ही कॉन्फिडेंस चाहिए।' वहीं एक दूसरे यूजर ने कमेंट किया, 'इन दादाजी में आज के कई आलसी युवाओं से ज्यादा जोश और ऊर्जा भरी हुई है।' खासकर जय हिंद वाले मोमेंट को लोग बार-बार लूप पर देख रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि यह वीडियो हर उस इंसान के लिए एक बड़ा मोटिवेशन है जो एक उम्र के पड़ाव पर पहुंचने के बाद अपने सपनों और इच्छाओं को मार देता है।वीडियोउम्र को मात देकर दादाजी ने दिया दुनिया को बड़ा संदेश, हौसले से जीती बाजीआज के दौर में जहां लोग उम्र बढ़ने के साथ ही शारीरिक और मानसिक रूप से खुद को कमजोर मानने लगते हैं, वहीं इन बुजुर्ग ने साबित कर दिया कि मन अगर मजबूत हो तो कोई भी उम्र रुकावट नहीं बन सकती। स्काईडाइविंग जैसी खतरनाक एक्टिविटी के लिए शारीरिक क्षमता से ज्यादा मानसिक दृढ़ता की जरूरत होती है। हालांकि, यह पूरी रिपोर्ट सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो और दावों पर आधारित है, लेकिन दादाजी का यह जज्बा हर किसी को एक बड़ी सीख दे जाता है कि असली ताकत इंसान की सोच और उसके बुलंद हौसलों में होती है।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (28 जून, 2026)
मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 28 June 2026: करियर: आज नई जिम्मेदारियां आपको व्यस्त रखेंगी। टीमवर्क से सफलता मिलेगी। लव: साथी के साथ कुछ गंभीर चर्चाएं हो सकती हैं। धन: निवेश के लिए शुभ समय है। स्वास्थ्य: हल्का सिरदर्द हो सकता है, जल अधिक पिएं। उपाय: तांबे के लोटे में जल भरकर सूर्य को अर्घ्य दें। ALSO READ: Weekly Horoscope 29 June to 05 July 2026: 29 जून से 05 जुलाई तक कैसा रहेगा आपका सप्ताह? शॉर्ट में पढ़ें साप्ताहिक राशिफल वृषभ (Taurus) करियर: आज वरिष्ठों से तारीफ मिलेगी। लव: पार्टनर के साथ रोमांटिक समय बितेगा। धन: आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। स्वास्थ्य: पीठ या गर्दन में दर्द संभव। उपाय: सफेद चीज़ों का दान करें। मिथुन (Gemini) करियर: क्रिएटिव क्षेत्र में काम कर रहे लोगों को सफलता मिलेगी। लव: प्रेम संबंधों में पारदर्शिता रखें। धन: फिजूलखर्ची से बचें। स्वास्थ्य: नींद पूरी करें, माइग्रेन हो सकता है। उपाय: तुलसी के पौधे को जल दें। कर्क (Cancer) करियर: नौकरी बदलने का विचार आ सकता है। लव: परिवार के साथ समय बिताना सुकून देगा। धन: बचत के लिए दिन शुभ है। स्वास्थ्य: पेट संबंधित दिक्कतें हो सकती हैं। उपाय: दूध में केसर डालकर पिएं। सिंह (Leo) करियर: लीडरशिप रोल में सफलता मिलेगी। लव: पार्टनर की भावनाओं का सम्मान करें। धन: शेयर मार्केट में लाभ के संकेत हैं। स्वास्थ्य: आंखों की जांच करवाएं। उपाय: सूर्य को लाल फूल चढ़ाएं। ALSO READ: Weekly Numerology Horoscope: 29 जून से 5 जुलाई 2026 का अंक राशिफल: जानें किस मूलांक की चमकेगी किस्मत कन्या (Virgo) करियर: ऑफिस में काम का दबाव बढ़ेगा, धैर्य रखें। लव: पुराने रिश्ते फिर से जुड़ सकते हैं। धन: आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव रहेगा। स्वास्थ्य: कमर या रीढ़ में खिंचाव। उपाय: दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। तुला (Libra) करियर: नई साझेदारी से लाभ होगा। लव: रिश्तों में बैलेंस बनाकर चलें। धन: धन की स्थिति संतुलित रहेगी। स्वास्थ्य: नींद की कमी हो सकती है। उपाय: सफेद वस्त्र पहनें, चंदन का तिलक लगाएं। वृश्चिक (Scorpio) करियर: दिन रणनीतिक निर्णयों के लिए अच्छा है। लव: भावनात्मक समर्थन मिलेगा। धन: लॉटरी या आकस्मिक लाभ संभव है। स्वास्थ्य: थकावट या लो एनर्जी महसूस होगी। उपाय: शिवलिंग पर जल अर्पित करें। धनु (Sagittarius) करियर: विदेश यात्रा या नया कॉन्ट्रैक्ट संभव है। लव: नए प्रेम संबंधों की शुरुआत हो सकती है। धन: निवेश सोच-समझकर करें। स्वास्थ्य: भोजन समय पर लें, एसिडिटी से बचें। उपाय: केले के पेड़ की पूजा करें। मकर (Capricorn) करियर: प्रमोशन या पदोन्नति के योग हैं। लव: वैवाहिक जीवन में सुख बढ़ेगा। धन: रुका हुआ पैसा वापस आ सकता है। स्वास्थ्य: हड्डियों में दर्द हो सकता है। उपाय: शनिदेव को सरसों का तेल चढ़ाएं। कुंभ (Aquarius) करियर: नए प्रोजेक्ट्स शुरू करने का सही समय है। लव: साथी से मतभेद दूर होंगे। धन: खर्चों पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य: आंखों और त्वचा से संबंधित समस्या हो सकती है। उपाय: नीले वस्त्र पहनें और शनिदेव को तेल चढ़ाएं। मीन (Pisces) करियर: आपकी कल्पनाशक्ति कार्यक्षेत्र में लाभ दिलाएगी। लव: भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा। धन: अचानक से कोई आर्थिक लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य: एलर्जी या त्वचा रोग से सावधान रहें। उपाय: पीले फूलों का दान करें। ALSO READ: ज्येष्ठ पूर्णिमा 2026: व्रत का महत्व और 7 अचूक उपाय, जो बदल सकते हैं आपकी किस्मत
भास्कर सीरीज ‘स्पाई फाइल्स’ में आप पढ़ रहे हैं जासूस सहमत की कहानी। पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि कश्मीर के कपड़ा कारोबारी हिदायत खान भारत की खुफिया एजेंसी RAW के जासूस थे। पाकिस्तानी सेना के अफसरों में उनकी गहरी पैठ थी। उन्हें कैंसर हो गया। मौत से पहले उन्होंने RAW के कहने पर बेटी सहमत की शादी पाकिस्तानी सेना के कैप्टन इकबाल से करवा दी। सहमत के ससुर सईद पाक सेना में ब्रिगेडियर और जेठ महबूब मेजर थे। सहमत ने परिवार का इतना दिल जीत लिया कि ब्रिगेडियर सईद सेना के मामलों में भी उसकी सलाह लेने लगे। सहमत ने चालाकी से ब्रिगेडियर के बॉस लेफ्टिनेंट जनरल अमीर खान को भी अपने प्रभाव में ले लिया। इस तरह RAW को पाक सेना की गोपनीय खबरें मिलने लगीं। पार्ट-2 में आगे की कहानी… सहमत को पाकिस्तान में रहते हुए दो साल बीत गए थे। अभी तक कोई बड़ी जानकारी उसके हाथ नहीं लगी थी। वो समझ गई कि उसे कुछ बड़ा करना होगा। एक रोज उसने ससुर सईद से बताया कि वो स्कूल में संगीत सिखाना चाहती है। सईद नाराज हो गए। उन्होंने कहा- ‘हमारे घर की औरतें नौकरी नहीं करतीं। तुम्हें किसी चीज की कमी है क्या?’ सहमत धीरे से बोली- ‘किसी चीज की कमी नहीं है, पर खाली वक्त नहीं कटता। घर में बैठे-बैठे परेशान हो गई हूं।’ तभी इकबाल वहां आ गया। उसने कहा- 'सहमत ठीक कह रही है अब्बू। संगीत में इसकी दिलचस्पी है। स्कूल के बहाने इसका मन भी लगने लगेगा।' कुछ देर सोचने के बाद ब्रिगेडियर ने कहा- ‘जैसा तुम लोगों को ठीक लगे करो, पर खानदान का नाम खराब नहीं होना चाहिए।’ सहमत ने मुस्कुराते हुए कहा- 'जी अब्बू।' कुछ दिनों बाद सहमत ने एक स्कूल में संगीत सिखाना शुरू कर दिया। यह कोई आम स्कूल नहीं था, यहां पाकिस्तान के रईसों और सेना के आला अफसरों के बच्चे पढ़ते थे। जल्द ही सहमत की खोजी नजरों ने अपना शिकार ढूंढ निकाला- ‘अनवर खान।’ अनवर, पाकिस्तानी सेना के ताकतवर अफसर, लेफ्टिनेंट जनरल इम्तियाज खान का पोता था। संगीत में उसकी दिलचस्पी नहीं थी, लेकिन सहमत ने उसे म्यूजिक क्लास का ग्रुप लीडर बना दिया। खास तौर पर ट्रेनिंग की व्यवस्था की। हर दिन अलग से उसे घंटों रियाज कराती। धीरे-धीरे संगीत में अनवर की दिलचस्पी बढ़ने लगी। कुछ महीने बाद स्कूल का एनुअल फंक्शन होना तय हुआ। सहमत ने लेफ्टिनेंट जनरल इम्तियाज खान और उनकी बेगम को इनवाइट किया। दोनों शामिल भी हुए। अनवर की परफॉर्मेंस देखकर ऑडिटोरियम की अगली कतार में बैठे लेफ्टिनेंट जनरल इम्तियाज और उनकी बेगम बेहद खुश हुए। पोते की परफॉर्मेंस के पीछे उन्हें एक ही चेहरा नजर आ रहा था- लेडी टीचर सहमत। इस शाम ने सहमत के लिए जनरल इम्तियाज के आलीशान बंगले के दरवाजे खोल दिए। धीरे-धीरे वह जनरल के परिवार की इतनी करीबी बन गई कि उनका उठना-बैठना और पारिवारिक मशविरे सहमत के बिना अधूरे होने लगे। इसका फायदा सहमत के पाकिस्तानी परिवार को भी मिला। ब्रिगेडियर सईद पाकिस्तान की ताकतवर खुफिया एजेंसी ISI के डिप्टी चीफ बन गए। यानी अब सहमत, ससुर के बहाने ISI की देहरी तक पहुंच चुकी थी। सहमत की बायोग्राफी लिखने वाले पूर्व नेवी अफसर हरिंदर सिक्का बताते हैं- ‘एक शाम हवेली के स्टडी रूम में सन्नाटा पसरा था। सहमत, ब्रिगेडियर की फाइलें पलट रही थी। अचानक उसके माथे पर पसीने की बूंदें तैरने लगीं। एक पन्ने पर लिखा था- पाकिस्तानी पनडुब्बियां बंगाल की खाड़ी की तरफ कूच करने वाली हैं। INS विक्रांत को तबाह करना है। भारत के सबसे बड़े युद्धपोत INS विक्रांत की तस्वीरें वहां चस्पा थीं, जिसमें उसके क्रू मेंबर्स की तादाद से लेकर हथियारों की तैनाती तक का पूरा ब्योरा था। इत्तेफाक से उस वक्त सहमत की जेठानी मुनीरा मायके गई हुई थी। शौहर कैप्टन इकबाल और जेठ मेजर महबूब अपने कामों में मशरूफ थे। सहमत ने उस फाइल को कपड़ों में छुपाया और दबे पांव अपने वॉशरूम में चली गई।' अचानक... 'थाप! थाप! थाप!' वॉशरूम का दरवाजा जोर-जोर से बजा। बाहर नौकर अब्दुल खड़ा था, जो बुरी तरह किवाड़ पीट रहा था। सहमत घबरा गई। कुछ सेकेंड तक उसने अपनी सांसें रोकीं, खुद को संभाला और फिर रोबीली आवाज में चिल्लाई, ‘बाहर इंतजार करो अब्दुल, मैं आ ही रही हूं!’ अब्दुल बाहर चला गया। अब सहमत ने वॉशरूम में लगे खुफिया ट्रांसमीटर से RAW को मैसेज भेजा। फिर दबे पांव अपने कमरे में पहुंची। खुद को संभाला और चुपचाप स्टडी रूम जाकर अनगिनत फाइलों में उस सीक्रेट कागज को वापस रखा और बाहर निकल गई। गलियारे में ससुर ब्रिगेडियर सईद बदहवास से खड़े थे। ‘तुम कहां थी सहमत? मैं कब से एक फाइल ढूंढ रहा हूं…’ ‘अब्बू जान, परेशान मत होइए। आप कमरे में चलकर आराम कीजिए, मैं अभी ढूंढकर लाती हूं।’ सहमत जानती थी कि ब्रिगेडियर का ब्लड प्रेशर किस फाइल के लिए बढ़ा हुआ था। चंद मिनटों बाद, सहमत वही फाइल हाथ में लिए ब्रिगेडियर के सामने खड़ी थी। सईद ने बिना कुछ कहे फाइल ली और तेज कदमों से दफ्तर की तरफ चल पड़ा। ब्रिगेडियर के जाते ही सहमत अपने कमरे में लौटी। वॉशरूम का दरवाजा खुला हुआ था। मैसेज भेजने वाली खुफिया मशीन उखाड़ दी गई थी। ‘अब्दुल सब देख चुका है!’ मन में बुदबुदाते हुए सहमत उल्टे पैर बाहर की तरफ भागी। उसने देखा कि रसोई के पिछले रास्ते से एक जानी-पहचानी परछाई हवेली के गेट की तरफ जा रही थी। वह अब्दुल ही था। हवेली के दरवाजे पर सेना का राशन सप्लाई ट्रक खड़ा था, जिसका ड्राइवर कहीं आसपास गया हुआ था। सहमत बिजली की फुर्ती से ड्राइविंग सीट पर बैठी, चाबी घुमाई और एक्सीलेटर पर पैर रख दिया। कुछ ही दूरी पर उसे अब्दुल भागता हुआ मिल गया। वह ब्रिगेडियर सईद के दफ्तर की तरफ जा रहा था। सेना का ट्रक आता देख अब्दुल ने दोनों हाथ हवा में लहराए- ‘रोको! रोको!’ सहमत ने ब्रेक की जगह एक्सीलेटर को पूरी ताकत से दबा दिया। पलक झपकते ही... ट्रक के भारी-भरकम टायर अब्दुल को रौंदते हुए आगे निकल गए। सड़क किनारे ट्रक को छोड़ सहमत नीचे उतरी। एक घर के बाहर तार पर टंगे बुर्के को उसने झपटकर पहना और लगभग दौड़ती हुई हवेली पहुंची। सबसे पहले वॉशरूम का रूख किया। वहां मौजूद हर सबूत को मिटाया। उधर, लहूलुहान अब्दुल को किसी ने अस्पताल पहुंचा दिया था। खबर मिलते ही सहमत का जेठ, मेजर महबूब भी अस्पताल पहुंच गया। अब्दुल, महबूब को देखकर कुछ बोलना चाह रहा था, लेकिन हलक से सिर्फ घड़घड़ाहट की आवाज निकल रही थी। उसने भारी मशक्कत के साथ कंबल के नीचे से अपना हाथ बाहर निकाला और मेजर की हथेली पर मेटल के दो टुकड़े रख दिए। महबूब ने अब्दुल का चेहरा थामकर चीखते हुए पूछा, ‘बताओ अब्दुल! क्या हुआ है? किसने किया यह?’ उसने बस इतना ही कहा- ‘हहहह... मत... मत…’ और उसकी आंखें हमेशा के लिए बंद हो गईं। रात को मेजर महबूब घर लौटा, तो उसके चेहरे पर गहरा तनाव था। उसने परिवार को अब्दुल की मौत की खबर दी और जेब से मेटल के वे दो टुकड़े निकालकर मेज पर रख दिए। दूर कोने में खड़ी सहमत का दिल तेजी से धड़क रहा था। वह समझ चुकी थी कि महबूब शातिर फौजी अफसर है। वह इन दो टुकड़ों के पीछे छिपे राज को ढूंढने के लिए जमीन-आसमान एक कर देगा। सहमत को अब बहुत जल्द, कुछ और बड़ा करना था। एक रोज सहमत ने बुर्का पहना और कार में बैठकर नजदीक की एक मस्जिद के लिए निकल पड़ी। मस्जिद के बाहर चिलचिलाती धूप के बीच एक फटेहाल महिला छाते बेच रही थी। सहमत को देखते ही वह मिन्नतें करने लगी, ‘मेम साहब, खुदा के लिए एक छतरी खरीद लो। बच्चे सुबह से भूखे हैं, कुछ पैसे आ जाएंगे तो उनके निवाले का इंतजाम हो जाएगा।’ ड्राइवर चिढ़ गया, लेकिन सहमत ने सौ के दो नोट पर्स से निकाले और छाता ले लिया। घर लौटकर सहमत ने कमरे का दरवाजा बंद किया। छतरी के हैंडल को आहिस्ता से घुमाया। हैंडल से कांच की एक छोटी शीशी बाहर निकली। उस पर हाथ से लिखी एक पर्ची चिपकी थी- ‘इसके पीछे लगे बटन को दबाकर आप एक खास केमिकल की कुछ बूंदें सीधे इंसान के जिस्म में उतार सकती हैं। शिकार को दर्द का एहसास भी नहीं होगा और कुछ ही घंटों के भीतर वह दम तोड़ देगा।’ कुछ देर बाद सहमत ने उस छतरी को अपने पर्स में छिपाया और बाजार जाने का बहाना बनाकर पाकिस्तान सेना के 'ब्यूरो ऑफ इंस्पेक्शन' की तरफ निकल पड़ी। इसी दफ्तर में उसका जेठ महबूब काम करता था। वहां पहुंचने के बाद वो पहली मंजिल के एक कोने में खड़ी हो गई। करीब 20 मिनट तक इंतजार किया। नीचे एक फौजी गाड़ी आकर रुकी। गहरे हरे रंग की वर्दी पहने एक अफसर कार से निकला। सहमत ने पहचान लिया- ‘वो मेजर महबूब है।’ वो तेजी से सीढ़ियां चढ़ता हुआ ऊपर आ रहा था। तभी सहमत लड़खड़ाकर गिर पड़ी। ‘ओह! संभालिए…’ महबूब उसे बचाने के लिए तेजी से आगे बढ़ा। दोनों एक पल के लिए टकराए और उसी पल बुर्के के भीतर से सहमत ने छतरी का बटन दबा दिया। छतरी की नोक से वो केमिकल महबूब के शरीर में चला गया। सहमत संभलकर खड़ी हुई, उसने शुक्रिया कहा और आगे बढ़ गई। उसने पलटकर देखा कि मेजर सीढ़ियां चढ़ते हुए हल्के-हल्के अपनी बांह सहला रहा था। सहमत मन ही मन मुस्कुराई- ‘काम हो गया।’ कुछ ही घंटों बाद, ब्यूरो ऑफ इंस्पेक्शन के दफ्तर में तहलका मच गया। मेजर महबूब अपनी छाती थामकर फर्श पर गिर पड़ा था। उसे आनन-फानन में मिलिट्री अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की पर महबूब को बचा नहीं पाए। मौत की वजह हार्ट अटैक बताई गई। सहमत के घर में मातम पसर गया। हर कोई बिलख रहा था, लेकिन महबूब की बेवा मुनीरा की आंखों में एक गहरा शक तैर रहा था। पहले वफादार नौकर अब्दुल का कत्ल, उसका मरते-मरते महबूब के हाथ में मेटल के टुकड़े सौंपना और फिर महबूब का इस तरह अचानक दुनिया से चले जाना... मुनीरा समझ चुकी थी कि इन दोनों मौतों के पीछे कोई तो कड़ी है। इधर, ब्रिगेडियर की जिंदगी दो पाटों के बीच पिस रही थी। एक तरफ परिवार में हुई दो मौतों का मातम था, तो दूसरी तरफ जंग की तैयारियां। इसी आपाधापी के बीच, उन्हें प्रधानमंत्री से एक जरूरी मुलाकात करनी थी, जिसके लिए 'टॉप सीक्रेट' फाइलें तैयार की गई थीं। हमेशा की तरह, सहमत ने ब्रिगेडियर का ब्रीफकेस तैयार किया और मौका पाकर फाइलों के पन्ने भी याद कर ली। उन पन्नों में जंग की रणनीतियों के साथ-साथ दिल्ली में बैठे ISI के एजेंटों की फेहरिस्त थी। सहमत को यह पैगाम हर हाल में सरहद पार पहुंचाना था। सख्त पहरे के बीच बाहर निकलने के लिए सहमत ने जेठानी मुनीरा को अपने साथ मस्जिद चलने के लिए राजी कर लिया। जैसे ही दोनों मस्जिद पहुंचीं, सहमत बोल पड़ी, ‘आप यहीं मेरा इंतजार कीजिए, मैं मेजर साहब की मजार के लिए कुछ ताजे फूल लेकर आती हूं।’ सहमत ने एक बड़ी टोकरी फूलों का ऑर्डर दिया और नजरें बचाकर पास ही के एक फोन बूथ की तरफ भागी। फोन खराब था। आसपास कोई दूसरा बूथ नजर नहीं आ रहा था। अब उसकी नजर पान की दुकान पर पड़ी। सहमत ने पान वाले के फोन का इस्तेमाल किया और हांफती हुई आवाज में पूरा खुफिया मैसेज बता दिया। जब सहमत घर लौटी, तो हवेली के बाहर फौज की गाड़ियां खड़ी थीं। अंदर दो ISI के अफसर खड़े थे। कमरे की मेज पर खून से सने मेटल के वे टुकड़े रखे थे, जिन्हें देखकर सहमत के भीतर सिहरन दौड़ गई। ISI ने उस फूलवाले और पान वाले को धर-दबोचा था। अगले कई दिनों तक हवेली में ISI के अफसरों का आना-जाना लगा रहा। एक दोपहर, तंग आकर सहमत ने कड़े लहजे में अफसरों से कह दिया, ‘सईद साहब इस वक्त आराम कर रहे हैं। आप लोग या तो यहीं इंतजार कीजिए, या फिर बाद में तशरीफ लाइए।’ अफसरों ने एक-दूसरे को देखा और सहमत के हाथ में एक सीलबंद लिफाफा थमाते हुए कहा, ‘ठीक है बेगम साहिबा, यह फाइल ब्रिगेडियर साहब को दे दीजिएगा।’ जैसे ही अफसर बाहर गए, सहमत ने उस लिफाफे को खोला। लिखा था- ‘हवेली की सुरक्षा में बहुत बड़ी सेंध लगी है। हिंदुस्तान को खुफिया खबरें भेजी जा रही हैं। गद्दार घर के भीतर ही है।’ अपनी घबराहट छुपाने के लिए सहमत वॉशरूम चली गई। थोड़ी देर बाद जैसे ही उसने दरवाजा खोला सामने खड़े शख्स को देखकर वह ठिठक गई। उसका शौहर, कैप्टन इकबाल खड़ा था। उसने सहमत को घूरते हुए कहा, ‘क्या मैं तुम्हारे वॉशरूम का इस्तेमाल कर सकता हूं?’ सहमत समझ गई कि इकबाल को उस खुफिया ट्रांसमीटर का अंदाजा हो चुका है। उसने बस सिर हिलाया और एक तरफ हट गई। इकबाल अंदर दाखिल हुआ। सहमत ने मेज पर रखे इकबाल के बटुए को जल्दी से उठाकर देखा। करारे नोटों के बीच एक छोटा सा कागज रखा था। सहमत ने उसे पढ़ा और वापस रख दिया। 5 मिनट बाद इकबाल ने दरवाजा खोला, तो देखा सहमत एक चमचमाती हुई रिवॉल्वर लेकर खड़ी थी। उंगली ट्रिगर पर कसी हुई थी और निशाने पर इकबाल। सहमत ने सख्त लहजे में कहा- ‘इकबाल, मैं इस चौखट पर तुम्हारी सेज सजाने और तुम्हारी बीवी बनकर जिंदगी गुजारने नहीं आई हूं। मैं अपने मुल्क हिंदुस्तान के लिए आई हूं। कान खोलकर सुन लो, मेरे इस रास्ते में जो भी रोड़ा बनेगा, उसे कुचल दूंगी… फिर चाहे वो शख्स तुम ही क्यों न हो।’ इकबाल ने वॉशरूम में जो कुछ देखा और सहमत के मुंह से उसके कानों ने जो कुछ सुना…वह किसी सदमे से कम नहीं था। उसके दिल में अभी भी सहमत थी। उसने सहमत की तरफ बेबसी से देखते हुए कहा- ‘ये सब छोड़ दो, पकड़ी जाओगी। ISI वाले मुनीरा को पूछताछ के लिए ले गए हैं और अब्बा हुजूर को भी हेडक्वार्टर ना छोड़ने को कहा गया है।’ सहमत मुस्कुराती रही…हंसते हुए इकबाल से बोली- ‘मियां बहुत भोले हो आप… जो लड़की अपना मुल्क छोड़कर यहां तक आई है, उसे डराकर आप रोक लोगे? बेहतर होगा मैं जैसा कह रही हूं करो, इसी में आपका और परिवार का भला है। मुझे आपके खानदान से कोई दुश्मनी नहीं है।’ उसने पास पड़ी एक कुर्सी पर इकबाल को बैठाया और रस्सी से बांध दिया। काफी देर इकबाल छटपटाता रहा। फिर सहमत ने उसकी हथकड़ी खोली और धमकाते हुए कहा- ‘तुम हर पल मेरे निशाने पर हो। जरा भी चालाकी की, तो समझो तुम्हारे साथ तुम्हारा खानदान भी खत्म।’ अगले दिन छावनी के मेन गेट पर फौज के झंडे वाली एक चमचमाती कार आकर रुकी। गार्ड जैसे ही तलाशी और पहचान पत्र के लिए आगे बढ़ा, कार की पिछली खिड़की का शीशा सरसराता हुआ नीचे उतरा। अंदर से कड़क आवाज गूंजी- ‘मैं जीओसी बशीर हूं, जनरल सईद की हवेली के लिए कौन सा रास्ता जाता है?’ घबराए गार्ड ने बिना कोई सवाल किए हवेली की तरफ इशारा कर दिया- ‘जनाब, सीधे हाथ पर।’ गाड़ी आगे बढ़ गई। हवेली के बैठकखाने में कुछ देर इंतजार करने के बाद, जनरल बशीर के भेष में आए उस शख्स का सामना मेजर इकबाल से हुआ। जनरल ने कहा, ‘मेजर, तुम्हारी बेगम साहिबा इस शहर के सबसे बेहतरीन और ऊंचे रसूख वाले स्कूल में संगीत सिखाती हैं, उनकी बड़ी तारीफ सुनी है। मैंने सोचा क्यों न उनसे मिल लिया जाए।’ इकबाल ने कुछ नहीं कहा। उसी वक्त सहमत हॉल में दाखिल हुई। उसने अपने काले पर्स में एक लोडेड रिवॉल्वर छुपा रखी थी। औपचारिक बातचीत के बीच, जनरल ने जेब से मुड़ा हुआ कागज निकाला और सहमत की तरफ बढ़ाते हुए कहा, ‘बेगम साहिबा, इस खत में आपके परिवार के लिए ताजीयत (शोक संदेश) है।’ सहमत ने खत खोला। ऊपर सांत्वना के शब्द थे, लेकिन लाइनों के बीच छुपा असली संदेश था- 'ठीक तीन घंटे बाद, पुरानी वादियों के पास।' सहमत ने खत वापस जनरल को सौंपा और खुदाहाफिज कहकर अंदर चली गई। जनरल ने भी मेजर इकबाल से विदा लिया। उसी रोज रात करीब 8 बजे। स्थानीय पठानी लिबास में RAW का वो अफसर रावलपिंडी के एक मशहूर रेस्तरां के कोने वाली मेज पर बैठा चाय की चुस्कियां ले रहा था। तय वक्त पर, रेस्तरां के बाहर बुर्के में लिपटी एक औरत दाखिल हुई। उसके पीछे बेहद डरा और सहमा हुआ मेजर इकबाल चल रहा था। इसी बीच RAW अधिकारी को भनक लग गई कि बाहर गाड़ियों के पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के शार्पशूटर मुस्तैद हैं। उनकी उंगलियां ट्रिगर पर थीं और सीधा निशाना बुर्के वाली औरत और इकबाल पर। RAW अधिकारी के माथे पर पसीना छलक आया। 'सहमत पकड़ी जा चुकी है! अगर ISI ने उसे जिंदा दबोच लिया, तो टॉर्चर सेल में वह टूट सकती है। भारत का पूरा नेटवर्क, दर्जनों स्लीपर सेल और सालों की मेहनत तबाह हो जाएगी।' यहीं सोचते हुए उसने भारी मन से अपना दाहिना हाथ जैकेट की अंदरूनी जेब में डाला और एक छोटे से इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमीटर का बटन तीन बार दबाया। 'सूंss...!' सन्नाटे को चीरता हुआ एक जहरीला तीर बुर्के वाली औरत की गर्दन में जा धंसा। वह वहीं फर्श पर ढह गई। पाकिस्तानी एजेंट कुछ समझ पाते, रेस्तरां के पिछले हिस्से में एक जोरदार धमाका हुआ। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। भगदड़ का फायदा उठाकर RAW अधिकारी और उसके साथी वहां से फरार हो गए। वे शहर से दूर एक सुरक्षित और बंद कमरे में पहुंचे। सब खामोश थे। RAW अधिकारी अपनी हथेलियों में सिर छुपाए बैठा था। उसकी आत्मा कचोट रही थी-’भारत लौटकर वह सहमत की बूढ़ी मां को क्या जवाब देगा? कैसे कहेगा कि उसने देश को बचाने के लिए अपनी ही सबसे बेहतरीन एजेंट की जान ले ली?’ 'ट्रीन-ट्रीन...' अचानक सन्नाटे को चीरती हुई दरवाजे की घंटी बजी। कमरे में मौजूद एजेंटों के बदन में बिजली दौड़ गई। अधिकारी ने अपनी रिवॉल्वर का सेफ्टी कैच हटाते हुए बेहद सख्त लहजे में हुक्म दिया, कोई भी जिंदा हाथ नहीं आएगा। जितने दुश्मनों को मार सकते हो मारो, या खुद को गोली मार लो।’ घंटी दोबारा बजी। अधिकारी दरवाजे की तरफ बढ़ा और 'पीप-होल' से बाहर झांका। अब उसकी उंगलियां ढीली पड़ गईं और भारी पिस्तौल फर्श पर जा गिरी। उसकी आंखें फटी की फटी रह गईं। उसने कांपते हाथों से दरवाजे की कुंडी खोली। बाहर सहमत जिंदा सलामत खड़ी थी। कमरे में मौजूद हर शख्स मानो काठ का हो गया। किसी को अपनी आंखों पर यकीन नहीं हो रहा था। अधिकारी ने हैरान होकर पूछा- ‘जिंदा कैसे बच निकली?’ सहमत के चेहरे पर एक मुस्कान उभर आई। ‘रेस्तरां में इकबाल के साथ मैं नहीं थी। मैंने मुनीरा को अपनी जगह बुर्का पहनाकर इकबाल के साथ भेज दिया था।’ सहमत का मिशन अब मुकम्मल हो चुका था। RAW की टीम सहमत को गोपनीय तरीके से सरहद पार कराकर वापस भारत ले आई। अपनी सरजमीं पर कदम रखते ही सहमत को महसूस हुआ कि वह सिर्फ यादें लेकर नहीं लौटी है। मेडिकल चेकअप में पता चला कि उसके पेट में मेजर इकबाल का बच्चा पल रहा है। कुछ महीने बाद सहमत ने एक बेटे को जन्म दिया। आगे चलकर उस बच्चे ने इंडियन आर्मी की वर्दी पहनी और देश की हिफाजत की कसम खाई। सहमत के बेटे ने ही अपनी मां की कहानी लेखक हरिंदर सिंह सिक्का को बताई थी। हरिंदर सिक्का का दावा है कि वे सहमत से मिले हैं और कई बार पाकिस्तान भी गए हैं। 8 साल की रिसर्च के बाद उन्होंने ‘सहमत कॉलिंग’ किताब लिखी है।
जयपुर के पशुपालकों का एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति के खिलाफ अभियान का ऐलान
जयपुर। राजस्थान में जयपुर के पशुपालकों ने केंद्र सरकार की एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति के विरोध में अनोखे एम-20 आंदोलन की शुरुआत की है। जयपुर दुग्ध उत्पादक संघर्ष समिति ने शनिवार को प्रेस वार्ता में इसकी घोषणा की। समिति के अध्यक्ष रमन यादव ने बताया कि एम-20 आंदोलन उन दुग्ध उत्पादकों, युवाओं और नागरिकों के […] The post जयपुर के पशुपालकों का एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति के खिलाफ अभियान का ऐलान appeared first on Sabguru News .
हरिपुर रेलवे स्टेशन पर अजमेर-मैसूर एक्सप्रेस के ठहराव का शुभारंभ
पाली। हरिपुर व आसपास के क्षेत्रवासियों की मांग को पूरा करते हुए रेल मंत्रालय ने गाड़ी संख्या 16209/16210 अजमेर-मैसूर-अजमेर एक्सप्रेस का हरिपुर रेलवे स्टेशन पर ठहराव स्वीकृत किए जाने के पश्चात शनिवार को हरिपुर रेलवे स्टेशन पर कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अजमेर मिहिर देव व सहायक सुरक्षा आयुक्त रामेश्वर लाल मीणा […] The post हरिपुर रेलवे स्टेशन पर अजमेर-मैसूर एक्सप्रेस के ठहराव का शुभारंभ appeared first on Sabguru News .
अलवर में बिजली विभाग में कार्यरत निजी कर्मचारी की करंट लगने से मौत
अलवर। राजस्थान में अलवर के उद्योग नगर थाना क्षेत्र में ढाडोली गांव में शुक्रवार को एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद शनिवार को सुबह मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। सभी लोग जिला अस्पताल पहुंचे और बिजली विभाग के खिलाफ कार्रवाई, मुआवजा देने और सरकारी […] The post अलवर में बिजली विभाग में कार्यरत निजी कर्मचारी की करंट लगने से मौत appeared first on Sabguru News .

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