मुख्य समाचार / चौथी दुनिया
माँ पर कविताएँ रचयिता: आशीष मोहन
1. माँ के हाथ उपजाऊ लगते हैं माँ के हाथों में पैसे आने के चंद अवसर होते हैं कभी-कभार बेटे रख देते हैं माँ के हाथों में कुछ पैसे— “माँ रख लीजिए इन पैसो
31 Oct 2026 12:06 pm

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